महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है जिन राजनीतिक दलों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को पारित नहीं होने दिया और महिलाओं को उनका अधिकार देने से रोकने का काम किया है, देश की नारी उन दलों को कभी माफ नहीं करेंगी। मोदी ने शनिवार को कहा कि जिन दलों ने यह अपराध […] The post महिला आरक्षण में रुकावट पैदा करने वालों को माफ नहीं करेंगी देश की महिलाएं : मोदी appeared first on Sabguru News .
सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग
तेहरान। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले सेना दिवस संबोधन में ईरानी सेना की प्रशंसा करते हुए अमरीका-इज़राइल की कथित आक्रामकता के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने फरवर्दिन की 29 तारीख (18 अप्रैल) को मनाए जाने वाले सेना दिवस के अवसर पर कहा कि इस्लामिक गणराज्य […] The post सेना दिवस पर बोले मोजतबा खामेनेई, जारी रहेगी अमरीकी-इजराइली आक्रमण के खिलाफ जंग appeared first on Sabguru News .
गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात
कलक्टर लोक बन्धु ने बूबानिया व नांदला गांव में किया निरीक्षण अजमेर/नसीराबाद। राज्य सरकार के निर्देश पर गर्मी के मौसम में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कलक्टर लोक बन्धु के नेतृत्व में शनिवार को जिले में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। कलक्टर सहित सभी उपखण्ड अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में हैण्डपम्पों, पाइपलाइन, परियोजना […] The post गर्मियों में सुचारू पेयजल आपूर्ति के लिए प्रशासन ने जाने जमीनी हालात appeared first on Sabguru News .
बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या
बारां। राजस्थान में बारां के कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात बदमाशों ने एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया कि लालबाई चौक के पास घात लगाए बैठे हमलावरों ने मनीष शर्मा पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए और मौके से फरार हो गए जिससे वह […] The post बारां में एक व्यक्ति की चाकू से गोदकर की हत्या appeared first on Sabguru News .
जन्मदिन पर राहुल का पचासा, अंतिम ओवर में मिलर के किलर पंच से हारी बैंगलूरू
DCvsRCB गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के बाद केएल राहुल (57) और ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 60) की अर्धशतकीय पारियों की मदद से दिल्ली कैपिटल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टी20 मैच में शनिवार को यहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को छह विकेट से शिकस्त दी। सलामी बल्लेबाज फिल सॉल्ट की 38 गेंद में 63 रन की आक्रामक पारी के बावजूद कैपिटल्स ने आरसीबी को आठ विकेट पर 175 रन पर रोकने के बाद 19.5 ओवर में चार विकेट पर लक्ष्य हासिल कर लिया।कैपिटल्स के लिए राहुल ने 34 गेंद की पारी में दो छक्के और चार चौके लगाए। टीम के 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बाद उन्होंने स्टब्स के साथ चौथे विकेट के लिए 44 गेंद में 69 रन की साझेदारी की। इसके बाद स्टब्स ने कप्तान अक्षर पटेल (26 रन पर रिटायर हर्ट) के साथ 35 गेंद में 47 रन की अटूट साझेदारी की। अक्षर चोटिल होने के कारण 16वें ओवर में रिटायर हर्ट हो गए। स्टब्स ने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंद की नाबाद पारी में एक छक्का और चार चौके जड़े, जबकि डेविड मिलर (नाबाद 22) ने आखिरी ओवर में लगातार गेंदों पर दो छक्के और एक चौका लगाकर टीम को जीत दिला दी।आरसीबी के लिए भुवनेश्वर कुमार ने चार ओवर में 26 रन देकर तीन विकेट लिए, जबकि कृणाल पंड्या ने 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया। सॉल्ट ने अपनी पारी में चार चौके और तीन छक्के लगाए, लेकिन अक्षर पटेल (18 रन पर दो विकेट), कुलदीप यादव (32 रन पर दो विकेट) और लुंगी एनगिडी (39 रन पर दो विकेट) ने अन्य बल्लेबाजों को तेजी से रन बनाने का मौका नहीं दिया। मुकेश कुमार को भी एक सफलता मिली। सॉल्ट ने पहले विकेट के लिए विराट कोहली (19) के साथ 31 गेंद में 52 रन और दूसरे विकेट के लिए देवदत्त पडिक्कल (18) के साथ 29 गेंद में 47 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई, लेकिन 11वें ओवर में उनके आउट होने के बाद टिम डेविड (17 गेंद में 26 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज तेजी से रन नहीं बना सका। David Miller stands up tall and hits them big to take @DelhiCapitals to a thrilling victory Scorecard https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC | @DavidMillerSA12 pic.twitter.com/I6FXLeOhXU — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स को भुवनेश्वर कुमार ने अपने शुरुआती दो ओवर में तीन झटके दिए। उन्होंने पहले ओवर में ही पथुम निसांका (एक) को पगबाधा आउट किया और तीसरे ओवर में करुण नायर (पांच) और समीर रिजवी (दो) को पवेलियन भेजा। राहुल ने दूसरे छोर से जोश हेजलवुड का स्वागत छक्के से किया और चौथे ओवर में रसिक सलाम के खिलाफ मिड-ऑफ के ऊपर से शानदार चौका जड़ा।इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने 18 रन पर तीन विकेट गिरने के बावजूद पांचवें ओवर में हेजलवुड के खिलाफ स्क्वायर लेग के ऊपर से छक्का लगाया और लगातार गेंदों पर चौके जड़कर दबाव को टीम पर हावी नहीं होने दिया। पावरप्ले में दिल्ली ने तीन विकेट पर 50 रन बना लिए। स्टब्स संभलकर बल्लेबाजी कर रहे थे, जबकि राहुल ने सुयश शर्मा के खिलाफ तीन चौके लगाकर रन गति को बनाए रखा और 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।कृणाल पंड्या ने 11वें ओवर की पहली गेंद पर राहुल को आउट कर दिल्ली को बड़ा झटका दिया। विराट कोहली ने उनका शानदार कैच लपका। अक्षर पटेल ने क्रीज़ पर आते ही कृणाल की बाउंसर गेंद पर शॉर्ट थर्ड मैन के ऊपर से चौका लगाया और फिर हेजलवुड तथा सलाम के खिलाफ भी चौके जड़े।अब तक रक्षात्मक खेल रहे स्टब्स ने सलाम की धीमी गेंद पर चौका लगाया और सुयश के खिलाफ शानदार स्ट्रेट ड्राइव पर चार रन बटोरे। टीम को आखिरी छह ओवर में 51 रन की जरूरत थी, लेकिन आरसीबी के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी कर बाउंड्री रोक दी। इसी बीच अक्षर मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मैदान से बाहर चले गए।स्टब्स ने भुवनेश्वर के खिलाफ छक्का लगाकर 24 गेंद के बाउंड्री सूखे को खत्म किया तथा 41 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 19वें ओवर में सलाम का स्वागत चौके से किया, लेकिन इस युवा गेंदबाज़ ने अच्छी वापसी करते हुए ओवर से सिर्फ 10 रन दिए।दिल्ली कैपिटल्स को आखिरी ओवर में 15 रन चाहिए थे और डेविड मिलर ने रोमारिया शेफर्ड की तीसरी और चौथी गेंद पर छक्का लगाकर स्कोर बराबर करने के बाद चौके के साथ टीम को जीत दिला दी। इससे पहले सॉल्ट ने शुरुआती ओवर में औकिब नबी के खिलाफ चौका जड़ा, जबकि कोहली ने मुकेश की गेंद पर कदमों का इस्तेमाल करते हुए एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से चार रन बटोरे। इसके बाद अगले ओवर में भी उन्होंने लेग स्टंप के बाहर जाकर चौका मारा।संभलकर खेल रहे सॉल्ट ने नबी के खिलाफ पांचवें ओवर में दो चौके और पारी का पहला छक्का लगाकर 18 रन बटोरे, जिससे टीम का अर्धशतक पूरा हुआ। एनगिडी ने अगले ओवर में पहली ही गेंद पर कोहली को आउट कर पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी समाप्त की।सॉल्ट ने नटराजन का स्वागत चौके से किया, जबकि पडिक्कल ने भी इस गेंदबाज के खिलाफ छक्का लगाकर आक्रामक तेवर दिखाए। सॉल्ट ने कुलदीप यादव के खिलाफ छक्का लगाकर 30 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया।अक्षर ने अपने शुरुआती ओवर में ही पडिक्कल (18) को डेविड मिलर के हाथों कैच कराया, जबकि कुलदीप ने 11वें ओवर में छक्का खाने के बाद सॉल्ट को ट्रिस्टन स्टब्स के हाथों कैच कराया। शानदार लय में चल रहे डेविड ने एनगिडी के खिलाफ छक्का और चौका जड़ा, लेकिन कप्तान रजत पाटीदार (आठ) मुकेश की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में विकेटकीपर राहुल को कैच दे बैठे।डेविड ने अक्षर पटेल के खिलाफ चौका लगाया, लेकिन बाद में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में शॉर्ट थर्ड मैन पर नटराजन द्वारा कैच कर लिए गए। कुलदीप ने शेफर्ड (एक) को पगबाधा कर जल्दी पवेलियन भेज दिया।कृणाल (12) ने एनगिडी के खिलाफ छक्का लगाकर रनगति बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन वह आखिरी ओवर में रन आउट हो गए। जितेश शर्मा भी संघर्ष करते दिखे और उन्होंने 20 गेंद में 14 रन बनाए।आरसीबी ने आखिरी पांच ओवर में चार विकेट खोकर केवल 29 रन बनाए।
दुर्ग में युवक ने प्रेमिका की गला दबाकर की हत्या, खुद ही पुलिस को दी सूचना
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र में प्रेम संबंध से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने शक के चलते अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी ने खुद ही डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले […] The post दुर्ग में युवक ने प्रेमिका की गला दबाकर की हत्या, खुद ही पुलिस को दी सूचना appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत
चेन्नई। तमिलनाडु में कोयंबटूर जिले में पोल्लाची के पास शुक्रवार की शाम केरल के पर्यटकों को ले जा रही वैन के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से नौ लोगों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक केरल के मलप्पुरम जिले के पेरिंथलमन्ना से कुल 13 पर्यटक पोल्लाची के पास स्थित पर्यटन स्थल वालपराई के ठंडे मौसम […] The post तमिलनाडु में केरल के पर्यटकों से भरी वैन दुर्घटनाग्रस्त, 9 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म
मैहर। मध्यप्रदेश के मैहर में खुले में शौच के लिए गई एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार एक तेरह साल की नाबालिग किशोरी सामूहिक दुष्कर्म का शिकार हो गई। शुक्रवार की रात खुले में शौच के लिए घर से बाहर निकली तेरह वर्षीय किशोरी को दो लोगों […] The post मैहर में शौच के लिए गई नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने कल देर रात तीन व्यक्तियों को अवैध रूप से अफीम और पोस्त रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने शनिवार को बताया कि राजियासर थाना क्षेत्र में पुलिस दल ने सूरतगढ़-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 62 पर श्रीविजयनगर फांटा के समीप हरविंदरसिंह उर्फ पप्पू (30), […] The post श्रीगंगानगर में अवैध अफीम और पोस्त बरामद, तीन अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट से जुड़े सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ किया है और इस सिलसिले में दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टेबाजी चलाने वाले दो प्रमुख बुकी को गिरफ्तार किया, वहीं मोबाइल […] The post हनुमानगढ़ में IPL सट्टेबाजी का भंडाफोड़, दो सटोरिये अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे
तेहरान। होर्मुज़ जलडमरूमध्य में शनिवार को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नौसेना की गनबोट्स से कथित गोलीबारी के बाद भारतीय ध्वज वाले एक सुपरटैंकर सहित दो जहाजों को वापस लौटना पड़ा। यह जानकारी शिपिंग मॉनिटर टैंकरट्रैकर्स ने दी। ब्रिटेन मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने भी इस घटना की पुष्टि करते हुए केएमटीओ चेतावनी 038-26 जारी […] The post होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी गनबोट्स की फायरिंग, भारतीय ध्वज वाले टैंकर समेत दो जहाज लौटे appeared first on Sabguru News .
एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट
अजमेर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के प्रबंध अध्ययन विभाग ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक गुणवत्ता और सुदृढ़ प्लेसमेंट व्यवस्था का परिचय देते हुए 13 विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित कंपनी ICICI Prudential Life Insurance में सफलतापूर्वक कैंपस प्लेसमेंट सुनिश्चित किया है। शुक्रवार को आयोजित प्लेसमेंट ड्राइव में कंपनी की ओर से मैनेजर एचआर प्रियंका विश्वास […] The post एमडीएस विश्वविद्यालय में प्रबंध अध्ययन विभाग के 13 विद्यार्थियों का प्लेसमेंट appeared first on Sabguru News .
100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ योग, इस मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी
साल 2026 की अक्षय तृतीया (20 अप्रैल) इसलिए बेहद खास है क्योंकि इस दिन ग्रहों की जो स्थिति बन रही है, वैसी स्थिति लगभग 100 साल के अंतराल के बाद देखने को मिल रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन 5 महायोगों का एक साथ मिलन हो रहा है, जो इसे निवेश और शुभ कार्यों के लिए अमोघ (न विफल होने वाला) बना रहा है। यहाँ उन दुर्लभ योगों का विवरण दिया गया है। 1. गजबदन योग (Gajbadan Yoga) इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में होंगे और उन पर गुरु (बृहस्पति) की शुभ दृष्टि रहेगी। ज्योतिष में इसे सुख-समृद्धि और ज्ञान के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Festival 2026: अक्षय तृतीया: भीषण गर्मी में ये 5 वस्तुएं दान करने से घर आएगी बरकत 2. शश महापुरुष राजयोग (Shasha Rajyoga) शनि देव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान रहेंगे। 100 साल के चक्र में ऐसा बहुत कम होता है कि अक्षय तृतीया के दिन शनि अपनी इतनी मजबूत स्थिति में हों। यह योग स्थिरता और लंबे समय तक चलने वाली संपत्ति (जैसे जमीन या घर) खरीदने के लिए बहुत शुभ है। 3. त्रिपुष्कर योग (Tripushkar Yoga) इस दिन तिथि, वार और नक्षत्र के संयोग से त्रिपुष्कर योग बन रहा है। मान्यता है कि इस योग में किए गए किसी भी शुभ कार्य या निवेश का फल तीन गुना होकर वापस मिलता है। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें 4. रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग रवि योग: यह सूर्य की ऊर्जा से भरपूर होता है जो मार्ग की बाधाओं को दूर करता है। सर्वार्थ सिद्धि योग: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इस योग में शुरू किया गया कोई भी काम 'सिद्ध' (सफल) होता है। 5. ग्रहों का विशेष गोचर सूर्य का उच्च होना: सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में होंगे, जो आत्मविश्वास और सरकारी कार्यों में सफलता दिलाते हैं। शुक्र की स्थिति: धन के कारक शुक्र भी अनुकूल स्थिति में रहेंगे, जो खरीदारी के लिए शुभ फलदायी हैं। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर करें ये 7 अचूक उपाय, सालभर नहीं होगी पैसों की कमी इन योगों का आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा? इन 100 साल बाद बनने वाले दुर्लभ संयोगों के कारण: आर्थिक मजबूती: यदि आप लंबे समय से कर्ज या तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस दिन किया गया दान या निवेश धन के नए मार्ग खोलेगा। रुके हुए काम: यदि कोई प्रॉपर्टी या कानूनी मामला वर्षों से अटका है, तो इस दिन उस दिशा में कदम उठाना लाभकारी होगा। खरीदारी: इस दिन सोना, चांदी, वाहन या घर खरीदना न केवल शुभ होगा, बल्कि वह संपत्ति आपके पास अक्षय (स्थायी) रहेगी। विशेष: ज्योतिषियों का मानना है कि 1920 के दशक के बाद अब जाकर ग्रहों की ऐसी पावरफुल जुगलबंदी अक्षय तृतीया पर देखने को मिल रही है।
Weekly Astrology Horoscope: साप्ताहिक राशिफल (20 से 26 अप्रैल 2026): नए अवसर और बदलाव के संकेत
Weekly Rashifal 20-26 April 2026; अप्रैल 2026 का यह सप्ताह आपके जीवन में नई संभावनाएं और महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। 20 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 के बीच ग्रहों की स्थिति कई राशियों के लिए शुभ संकेत दे रही है, वहीं कुछ लोगों को अपने फैसलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। यह समय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सही दिशा में कदम उठाने का है। ALSO READ: Char dham yatra: चार धाम यात्रा में रखें ये 10 सावधानियां जरूर जानें इस साप्ताहिक राशिफल में हम आपको मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए इस सप्ताह के विस्तृत संकेत देंगे, जिससे आप अपने आने वाले दिनों की बेहतर योजना बना सकें और सफलता की दिशा में आगे बढ़ सकें। साप्ताहिक राशिफल 20 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026) मेष (March 21 – April 19) इस सप्ताह आपको कार्य क्षेत्र में अधिक अभिव्यक्तिशील और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। आपके विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता आपको वह पहचान दिला सकती है जिसका आप लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। विद्यार्थी अधिक एकाग्रता के माध्यम से शैक्षणिक उपलब्धियों के करीब पहुंच सकते हैं। किसी व्यवसाय का विस्तार करना या नया व्यापार शुरू करना आकर्षक और संभव लग सकता है। जो लोग रिश्ते को औपचारिक रूप देना चाहते हैं, उनके लिए प्रेम जीवन शुभ मोड़ ले सकता है, वहीं अविवाहित लोग यात्रा के दौरान किसी विशेष व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं। सामाजिक मेलजोल आपकी पहचान और प्रभाव बढ़ा सकता है। संतुलित ऊर्जा बनाए रखने के लिए स्वच्छ आहार, विटामिन जांच और खुली हवा में समय बिताना फायदेमंद रहेगा। शुभ अंक: 3 शुभ रंग: लाल वृषभ (April 20 – May 20) कार्य क्षेत्र के मामलों में सूझबूझ, कूटनीति और परिस्थितियों को समझने की क्षमता की आवश्यकता हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में अचानक मदद मिल सकती है, जिससे काम का दबाव कम होगा। आर्थिक रूप से, किसी अनियोजित स्रोत से आय आत्मविश्वास बढ़ा सकती है। प्रेम जीवन में नई शुरुआत उत्साह और भावनात्मक ऊर्जा ला सकती है। परिवार के साथ समय बिताना सुखद रहेगा और आपसी संबंधों में गर्माहट बढ़ेगी। आपका संतुलित स्वभाव और आकर्षण आपको सामाजिक रूप से लोकप्रिय बना सकता है। कोई नया शौक, रोमांच या रचनात्मक गतिविधि आपके मनोबल को बढ़ा सकती है, बशर्ते आप अति से बचें। अचानक मिलने वाले अवसर महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं, इसलिए अपने अंतर्ज्ञान पर भरोसा करें। शुभ अंक: 6 शुभ रंग: पीला मिथुन (May 21 – June 20) यह सप्ताह आपकी मल्टीटास्किंग क्षमता को उजागर कर सकता है, जिससे आप एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर वरिष्ठों को प्रभावित कर सकते हैं। विद्यार्थी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन कर आत्मविश्वास पुनः प्राप्त कर सकते हैं। पारिवारिक मामलों में धैर्य और नरम संवाद की आवश्यकता हो सकती है, खासकर यदि मतभेद उभरते हैं। प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा और अप्रत्याशित रूप से कोई खास रिश्ता बन सकता है। कार्यस्थल के पास रहने के लिए घर ढूंढना सफल हो सकता है। यात्रा या आराम का समय आपको भावनात्मक रूप से तरोताजा कर सकता है। अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करना, जैसे उन्हें लिखना, आपकी इच्छाओं को साकार करने की शक्ति बढ़ा सकता है। शुभ अंक: 5 शुभ रंग: नीला कर्क (June 21 – July 22) उद्यमियों को इस सप्ताह ऐसा अवसर मिल सकता है जिससे लाभ में वृद्धि हो सकती है, वहीं नौकरीपेशा लोगों को अपनी हाल की उपलब्धियों से पहचान मिल सकती है। विद्यार्थी अच्छे प्रदर्शन के कारण भविष्य के लिए बेहतर विकल्प प्राप्त कर सकते हैं। भावनात्मक रूप से आप अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को लेकर स्पष्टता चाहते हैं, जिससे आत्मचिंतन बढ़ सकता है। प्रेम जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन पहल करने से संबंधों में गर्माहट लौट सकती है। संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करना आसान लगेगा और छोटी-छोटी सफलताएं प्रेरणा बढ़ाएंगी। किसी सामाजिक कार्यक्रम के लिए छोटी यात्रा आपको तरोताजा कर सकती है। ALSO READ: मांगलिक दोष और वैवाहिक जीवन: क्या वाकई यह डरावना है या सिर्फ एक भ्रांति? शुभ अंक: 2 शुभ रंग: सफेद सिंह (July 23 – August 22) इस सप्ताह रचनात्मकता आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है और नए विचार सहज रूप से आ सकते हैं। आपको ऐसे अवसर मिल सकते हैं जो भविष्य में लाभदायक साबित हों। कार्यस्थल पर नए तरीके अपनाने से आप उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सही समय पर लिए गए आर्थिक निर्णय लाभ दे सकते हैं। आपका सामाजिक प्रभाव बढ़ेगा और लोग आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना करेंगे। परिवार के साथ किसी सांस्कृतिक या धार्मिक स्थान की यात्रा सुखद अनुभव दे सकती है। विद्यार्थी पढ़ाई में प्रगति कर सकते हैं। ध्यान, अरोमाथेरेपी या संतुलित दिनचर्या तनाव कम करने में सहायक हो सकती है। शुभ अंक: 1 शुभ रंग: ऑरेंज कन्या (August 23 – September 22) पेशेवर अवसर आपको नेतृत्व की भूमिका में ला सकते हैं और आप आत्मविश्वास के साथ कार्यों को संभाल सकते हैं। विद्यार्थी अनुशासन के कारण उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। पहले किए गए निवेश का लाभ मिल सकता है जिससे आर्थिक स्थिति सुधरेगी। नियमित व्यायाम से स्वास्थ्य लक्ष्यों को हासिल करना आसान होगा। संपत्ति से जुड़े कार्य सफलतापूर्वक पूरे हो सकते हैं। सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने से खुशी मिलेगी और मानसिक थकान कम होगी। घर और सामाजिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना आपको सकारात्मक बनाए रखेगा। शुभ अंक: 4 शुभ रंग: हरा तुला (September 23 – October 22) कार्यस्थल पर नए अवसर मिल सकते हैं, जिनके लिए निरंतर ध्यान और बेहतर समय प्रबंधन की आवश्यकता होगी। आपके प्रयास जल्द ही पहचान दिला सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें, क्योंकि जल्दबाजी में लिए गए निर्णय नुकसान दे सकते हैं। परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। प्रेम जीवन कुछ समय के लिए पीछे रह सकता है, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव मजबूत रहेगा। नियमित व्यायाम से स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा। खुद को छोटी-सी खुशी देना आपके मूड को बेहतर बना सकता है। सामाजिक जिम्मेदारियों को सीमित रखें और महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दें। शुभ अंक: 8 शुभ रंग: गुलाबी वृश्चिक (October 23 – November 21) यह सप्ताह आपको साहस दिखाने के अवसर दे सकता है, जिससे आप अपने कौशल को प्रदर्शित कर सकेंगे। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। परिवार में शांति और बेहतर संवाद बना रहेगा। प्रेम जीवन में गलतफहमियां दूर होने से संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक रूप से अचानक लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग अच्छे परिणाम देख सकते हैं। धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा आपको मानसिक संतुलन प्रदान कर सकती है। शुभ अंक: 9 शुभ रंग: पर्पल धनु (November 22 – December 21) कार्यस्थल पर रिश्तों को मजबूत करने में सफलता मिल सकती है और पुराने मतभेद दूर हो सकते हैं। इस समय किसी को पैसा उधार देने से बचें। परिवार के साथ समय सुखद रहेगा। विद्यार्थी पढ़ाई में अच्छी प्रगति कर सकते हैं। प्रेम संबंधों में धैर्य रखना जरूरी होगा। परिवार में कोई कार्यक्रम अचानक बन सकता है, जिसमें आपकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। संपत्ति से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें। स्थिर सोच और योजनाबद्ध कार्य इस सप्ताह को सफल बनाएंगे। शुभ अंक: 3 शुभ रंग: लाल मकर (December 22 – January 19) करियर में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं और आपको किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। नया घर तलाशने वालों को अच्छे विकल्प मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें, क्योंकि कोई आपको भ्रमित कर सकता है। परिवार में छोटे मुद्दों को समझदारी से संभालना जरूरी होगा। प्रेम जीवन में साथी का सहयोग और स्नेह मिलेगा। दोस्तों के साथ यात्रा आनंददायक रहेगी। स्वास्थ्य के लिए मीठा खाने से परहेज करें। सतर्क रहना छोटे समस्याओं को बढ़ने से रोक सकता है। शुभ अंक: 11 शुभ रंग: नीला कुंभ (January 20 – February 18) कार्यस्थल पर रणनीति, योजना और अनुभव से सीखने पर ध्यान रहेगा। आर्थिक रूप से दीर्घकालिक योजना स्थिरता प्रदान कर सकती है। प्रेम जीवन में साथी का सरप्राइज आपको खुश कर सकता है। विद्यार्थी अपने तरीके में बदलाव कर बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। पुराने दोस्तों से मिलना खुशी और यादें ताजा कर सकता है। परिवार के किसी समारोह में रिश्तों को मजबूत करने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन खुद को संतुलित रखना जरूरी है। शुभ अंक: 7 शुभ रंग: सफेद मीन (February 19 – March 20) इस सप्ताह कोई महत्वपूर्ण पेशेवर उपलब्धि मिल सकती है, जैसे लंबे समय से लंबित सौदा पूरा होना। आर्थिक अनुशासन से बचत बढ़ेगी और भविष्य सुरक्षित होगा। विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पा सकते हैं। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे और नए अनुभव मिलेंगे। अस्वस्थ भोजन से बचना आपकी ऊर्जा बनाए रखने में मदद करेगा। किसी बड़े सामाजिक कार्यक्रम की जिम्मेदारी आपको मिल सकती है, जिसमें आप अपनी नेतृत्व क्षमता दिखाएंगे। भाग्य आपका साथ देगा और नए अवसर आपके भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। ALSO READ: चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया शुभ अंक: 2 शुभ रंग: पीला
अक्षय तृतीया पर नमक क्यों खरीदना चाहिए?
Rock Salt: अक्षय तृतीया के दिन सोना-चांदी खरीदने की परंपरा तो जगजाहिर है, लेकिन हाल के वर्षों में नमक खरीदने का महत्व भी काफी तेजी से बढ़ा है। खासकर सेंधा नमक खरीदने की सलाह दी जाती है। ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, इसके पीछे कुछ ठोस धार्मिक कारण हैं बताए जाते हैं। इससे घर की नकारात्मकता और दरिद्रता दूर होती है और घर में बरकत रहती है। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 1. माता लक्ष्मी से संबंध पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नमक की उत्पत्ति समुद्र से हुई है और माता लक्ष्मी भी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थीं। इस नाते नमक को माता लक्ष्मी का 'भाई' माना जाता है। अक्षय तृतीया पर नमक खरीदकर घर लाने का अर्थ है माता लक्ष्मी के स्वरूप को घर में स्थान देना। 2. नकारात्मकता का नाश नमक नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने का सबसे शक्तिशाली माध्यम माना जाता है। अक्षय तृतीया एक अक्षय तिथि है (जिसका पुण्य कभी खत्म न हो), इसलिए इस दिन नया नमक लाकर पुराने नमक को घर से हटा देना घर की दरिद्रता और क्लेश को दूर करने का प्रतीक माना जाता है। 3. बरकत और संपन्नता ऐसी मान्यता है कि इस दिन नमक खरीदने से घर में साल भर धन और धान्य की कमी नहीं होती। उपाय: इस दिन खरीदे गए नमक का उपयोग करके यदि घर में पोंछा लगाया जाए या उसे कांच के बर्तन में भरकर रखा जाए, तो यह वास्तु दोष को भी शांत करता है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Story: एक मामूली वैश्य कैसे बना चक्रवर्ती सम्राट? जानें अक्षय तृतीया की यह चमत्कारिक कथा! इस दिन नमक के साथ क्या करें? यदि आप अक्षय तृतीया पर नमक खरीदते हैं, तो इन छोटी बातों का ध्यान रखें: दान: इस दिन नमक का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे पितृ दोष में शांति मिलती है। पहला उपयोग: नए नमक का इस्तेमाल इस दिन बनने वाले विशेष प्रसाद या भोजन में जरूर करें। सेंधा नमक: यदि संभव हो तो साधारण नमक के साथ सेंधा नमक (Rock Salt) भी खरीदें, इसे पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। एक रोचक तथ्य: ज्योतिष में नमक का संबंध शुक्र (Venus) और चंद्र (Moon) से है। शुक्र सुख-सुविधाओं का कारक है और चंद्र मन का। अक्षय तृतीया पर नमक लाने से इन दोनों ग्रहों की कृपा प्राप्त होती है, जिससे मानसिक शांति और भौतिक सुख बढ़ते हैं। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र संक्षेप में: सोना खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता, लेकिन नमक हर कोई खरीद सकता है। यह इस त्योहार की इस भावना को दर्शाता है कि सौभाग्य पर सबका समान अधिकार है।
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव पर Markandey Katju का बड़ा विश्लेषण—क्या US-ईरान युद्ध फिर भड़केगा? जानिए आर्थिक और राजनीतिक कारण।
दिल्ली ने टॉस जीतकर बैंगलूरू के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
DCvsRCB दिल्ली कैपिटल्स ने बैंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के खिलाफ टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनने का फैसला किया। TOSS @DelhiCapitals have won the toss and will bowl first against @RCBTweets Updates https://t.co/vfJ6SccA9T #TATAIPL | #KhelBindaas | #RCBvDC pic.twitter.com/u4tYnk5mUA — IndianPremierLeague (@IPL) April 18, 2026 Playing XI और Impact Player सहित टीमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब डार, नीतीश राणा, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव।
करियर का चुनाव और कुंडली का दसवां भाव: ग्रहों के अनुसार चुनें सही कार्यक्षेत्र
ज्योतिष शास्त्र में कुंडली का दसवां भाव (10th House) जिसे 'कर्म भाव' भी कहा जाता है, आपके करियर, प्रतिष्ठा, अधिकार और सफलता का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यदि आप करियर के चुनाव को लेकर असमंजस में हैं, तो दसवें भाव में बैठे ग्रह या उस पर दृष्टि डालने वाले ग्रह आपको सही दिशा दिखा सकते हैं। यहाँ प्रमुख ग्रहों के अनुसार करियर के कुछ बेहतरीन विकल्प दिए गए हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 1. सूर्य (Sun): सत्ता और प्रशासन यदि दसवें भाव में सूर्य मजबूत स्थिति में है, तो जातक में नेतृत्व करने की अद्भुत क्षमता होती है। कार्यक्षेत्र: सरकारी नौकरी (IAS/IPS), राजनीति, प्रबंधन (Management), चिकित्सा (सर्जन), और पैतृक व्यवसाय। विशेषता: ऐसे लोग स्वतंत्र रहकर काम करना पसंद करते हैं। 2. चंद्रमा (Moon): सेवा और कला चंद्रमा मन और जल का कारक है। दसवें भाव में चंद्रमा व्यक्ति को संवेदनशील और रचनात्मक बनाता है। कार्यक्षेत्र: होटल मैनेजमेंट, खाद्य पदार्थ (Food Industry), मरीन इंजीनियरिंग, मनोविज्ञान, नर्सिंग, कविता या ललित कला। विशेषता: इनके करियर में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, लेकिन जनसंपर्क में ये माहिर होते हैं। ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय 3. मंगल (Mars): साहस और तकनीक मंगल ऊर्जा का प्रतीक है। यदि यह कर्म भाव में है, तो जातक चुनौतियों से नहीं डरता। कार्यक्षेत्र: सेना, पुलिस, इंजीनियरिंग (Mechanical/Civil), रियल एस्टेट, खेल (Sports), और सर्जरी। विशेषता: इन्हें ऐसे काम रास आते हैं जिनमें शारीरिक ऊर्जा और रिस्क शामिल हो। ALSO READ: Work From Home: घर में इस दिशा में बैठकर करेंगे काम, तो करियर में मिलेगी दोगुनी तरक्की 4. बुद्ध (Mercury): बुद्धि और व्यापार बुध संचार और तर्क का ग्रह है। दसवें भाव में बुध जातक को चतुर और हाजिरजवाब बनाता है। कार्यक्षेत्र: बैंकिंग, सीए (CA), मार्केटिंग, पत्रकारिता, लेखन, सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग, और व्यापार। विशेषता: गणित और भाषा पर इनकी पकड़ मजबूत होती है। ALSO READ: मंगल का श्रवण नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, करियर और धन में उछाल 5. गुरु (Jupiter): ज्ञान और सलाह बृहस्पति विस्तार और नैतिकता का ग्रह है। यह दसवें भाव में हो तो व्यक्ति समाज में बहुत सम्मान पाता है। कार्यक्षेत्र: शिक्षण (Teaching), कानून (Judge/Lawyer), धर्मगुरु, वित्त सलाहकार (Financial Advisor), और उच्च पदस्थ अधिकारी। विशेषता: ये लोग हमेशा न्याय और नैतिकता के पथ पर चलते हैं। 6. शुक्र (Venus): कला और सौंदर्य शुक्र विलासिता और रचनात्मकता का ग्रह है। कार्यक्षेत्र: फैशन डिजाइनिंग, अभिनय, संगीत, इंटीरियर डेकोरेशन, फिल्म इंडस्ट्री, और लग्जरी प्रोडक्ट्स का व्यापार। विशेषता: इनके काम में ग्रेस और सुंदरता झलकती है। 7. शनि (Saturn): मेहनत और न्याय शनि कर्म फल दाता है। दसवें भाव का शनि व्यक्ति को बहुत परिश्रमी बनाता है, हालांकि सफलता थोड़ी देरी से मिल सकती है। कार्यक्षेत्र: न्यायपालिका, लोहा और तेल उद्योग, कृषि, श्रम कल्याण, और माइनिंग (Mining)। विशेषता: ये Slow and Steady wins the race के सिद्धांत पर चलते हैं। 8. राहु और केतु (Shadow Planets) राहु: राजनीति, विदेशी व्यापार, एविएशन, और आईटी (IT) सेक्टर में अचानक बड़ी सफलता दिलाता है। केतु: अध्यात्म, गुप्त विधाएं, अनुसंधान (Research) और कोडिंग में रुचि पैदा करता है। करियर चुनाव के लिए अन्य जरूरी बातें: केवल दसवें भाव का ग्रह ही नहीं, बल्कि इन दो बातों पर भी गौर करना चाहिए: दशमेश (10th Lord): दसवें भाव का स्वामी ग्रह किस राशि और भाव में बैठा है। अमात्यकारक: जैमिनी ज्योतिष के अनुसार कुंडली में दूसरा सबसे अधिक डिग्री वाला ग्रह भी करियर का संकेत देता है। दशमांश कुंडली: यदि आप करियर के मोड़ पर खड़े हैं, तो अपनी दशमांश कुंडली (D10 Chart) का विश्लेषण जरूर करवाएं। यह सूक्ष्म चार्ट करियर की सूक्ष्मताओं को स्पष्ट करता है।
वैनिटी वैन की शुरुआत करने वाली एक्ट्रेस: पूनम ढिल्लों की अनसुनी कहानी
बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री पूनम ढिल्लों 64 वर्ष की हो गई हैं। पूनम ढिल्लों का जन्म 18 अप्रैल 1962 को उत्तरप्रदेश के कानपुर में हुआ था। उनके पिता अमरीक सिंह भारतीय वायु सेना में विमान इंजीनियर थे। पूनम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ कार्मेल कान्वेंट हाई स्कूल से पूरी की। 1977 में पूनम ढिल्लो को अखिल भारतीय सौन्दर्य प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर मिला, जिसमें वह पहले स्थान पर आईं। इस बीच पूनम की खूबसूरती से प्रभावित होकर निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा ने अपनी फिल्म त्रिशूल में उनसे काम करने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया। इसके बाद पंजाब यूनिवर्सिटी में कार्यरत उनके करीबी दोस्त गार्गी ने उन्हें समझाया कि फिल्मों में काम करना कोई बुरी बात नहीं है। पूनम ढिल्लो के परिजनों ने उन्हें इस शर्त पर फिल्मों में काम करने की इजाजत दी कि वह स्कूल की छुट्टियों के दौरान ही फिल्मों में एक्टिंग करेंगी। A post shared by PoonamDhillon (@poonam_dhillon_) फिल्म त्रिशूल में पूनम को संजीव कुमार, शशि कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे धुरंधर सितारों के साथ काम करने का अवसर मिला। इस फिल्म में उन्होंने संजीव कुमार की बेटी की भूमिका निभाई, जो अभिनेता सचिन से प्रेम करती है। फिल्म में उन पर फिल्माया गया गाना गप्पूजी उन दिनों युवाओं के बीच क्रेज बन गया था। फिल्म त्रिशूल बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद कई फिल्मकारों ने पूनम ढिल्लों से अपनी फिल्म में काम करने की पेशकश की लेकिन उन्होंने उन सारे प्रस्तावों को ठुकरा दिया क्योंकि वह अभिनेत्री नहीं बनना चाहती थी। इस बीच उन्होंने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेना चाहा लेकिन उनके बड़े भाई ने उन्हें हतोत्साहित कर दिया। इसके बाद पूनम ढिल्लो की तमन्ना भारतीय विदेश सेवा में काम करने की हो गयी और वह परीक्षा की तैयारी में जुट गईं। वर्ष 1979 में यश चोपड़ा के ही बैनर तले बनी फिल्म नूरी में पूनम को काम करने का अवसर मिला। बेहतरीन गीत-संगीत और अभिनय से सजी इस फिल्म की कामयाबी ने न सिर्फ उन्हें बल्कि एक्टर फारूख शेख को भी स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। फिल्म नूरी की सफलता के बाद पूनम ने यह निश्चय किया कि वह फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेस के रूप में ही अब अपनी पहचान बनाएंगी। पूनम ढिल्लों ने इसके बाद राजेश खन्ना के साथ 'रेड रोज', जितेन्द्र के साथ 'निशाना' और राज कपूर के बैनर तले बनी फिल्म बीबी और बीबी में काम किया लेकिन ये फिल्में असफल हो गईं। पूनम का करियर डूबने लगा लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपना संघर्ष जारी रखा। उन्होंने राजेश खन्ना के साथ फिल्म दर्द और कुमार गौरव के साथ फिल्म तेरी कसम में काम किया। इन फिल्मों की सफलता के बाद वह अभिनेत्री के रूप में फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गईं। वर्ष 1988 में पूनम ने निर्माता अशोक ठकारिया के साथ शादी कर ली। शादी के बाद पूनम ने फिल्मों में काम करना कम कर दिया। नौ साल की शादी के बाद पूनम ढिल्लों ने तलाक ले लिया। पूनम ढिल्लों ने बॉलीवुड में वैनिटी वैन का चलन शुरू किया। उन्होंने 1991 में 25 वैनिटी वैन भारत में लॉन्च की थीं। इससे पहले, अभिनेत्रियां अक्सर शूटिंग सेट पर झाड़ियों के पीछे कपड़े बदलती थीं. पूनम ढिल्लों ने एक कंपनी के साथ मिलकर इन वैनिटी वैन को लॉन्च किया, जो फिल्म उद्योग में एक नई अवधारणा थी। साल 1997 में रिलीज फिल्म जुदाई से उन्होंने अपने करियर की दूसरी पारी शुरू की। वर्ष 1995 में पूनम ढिल्लो ने दर्शको की पसंद को देखते हुए छोटे पर्दे का भी रूख किया और अंदाज और किटी पार्टी जैसे धारावाहिकों में काम करके दर्शको को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन सबके साथ ही बिग बॉस के तीसरे सीजन में उन्होंने हिस्सा लिया जिसमें वह तीसरे स्थान पर चुनी गईं। फिल्मों में कई भूमिकाएं निभाने के बाद पूनम सामाजिक कार्यो में दिलचस्पी लेने लगी। उन्होंने शराब विमुक्ति, एड्स और परिवार नियोजन जैसे कई सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेकर समाज को जागरूक करने का प्रयास किया है।
गर्मी में लगातार इजाफा होता जा रहा है। इस गर्मी का असर आम लोगों की हेल्थ पर हो रहा है। तेज धूप और गर्म हवा की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल, एमवाय और प्राइवेट क्लिनिकों में मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी की है। लू का अलर्ट जारी : भीषण गर्मी का कहर जारी है, जिसके चलते मौसम विभाग ने 20 जिलों में लू का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने और खानपान में सावधानी बरतने की विशेष एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव यानी लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है। हालांकि, मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ चुनिंदा जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। गुरुवार को इंदौर में दिन का पारा 40.1 डिग्री रहा जो सामान्य से 1.4 डिग्री अधिक था। रात का पारा भी 21.7 पर चला गया जो सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ : लगातार बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है। इंदौर के जिला अस्पताल, एमवाय अस्पताल और विभिन्न संजीवनी क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अत्यधिक तपन के कारण लोग उल्टी-दस्त और लू की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। क्या कहते हैं डॉक्टर : डॉ प्रवीण दानी ने बताया कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। विशेषकर बुजुर्गों, बच्चों, खिलाड़ियों और धूप में मजदूरी करने वाले लोगों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। ठंडा पानी पीते रहे। दही छाछ और नारियल पानी बेहतर विकल्प हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : इंदौर का दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि शाम का तापमान 21 डिग्री तक रहता है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि लू लगने पर शरीर से पसीना आना बंद हो जाता है और त्वचा सूखी व लाल पड़ जाती है। इसके लक्षणों में चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक थकान, उल्टी और बेहोशी शामिल हैं। क्या करें लक्षण दिखने पर : डॉक्टर प्रवीण दानी ने बताया कि ऐसे लक्षण दिखने पर व्यक्ति को तुरंत किसी छायादार स्थान पर ले जाएं और प्राथमिक उपचार के साथ नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर जाने से बचें। यदि निकलना अनिवार्य हो, तो सिर ढककर रखें और छाते या गमछे का प्रयोग करें। खानपान में बरतें सावधानी : गर्मी के इस मौसम में खानपान को लेकर भी डॉक्टरों ने सतर्क किया है। लोगों को ज्यादा तेल-मसाले वाले और काफी देर पहले बने हुए भोजन से परहेज करने को कहा गया है। खाली पेट घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए दिनभर पर्याप्त जल सेवा करें। ओआरएस का घोल, नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और ताजे फलों का रस शरीर को हाइड्रेट रखने में काफी मददगार साबित होते हैं। कैसे बचें लू के कहर से : डॉक्टरों ने बताया कि नियमित अंतराल पर पानी और तरल पदार्थों का सेवन करते रहें। दोपहर के समय अनावश्यक भ्रमण से बचें और घर से बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े ही पहनें। छोटे बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और उन्हें बंद गाड़ियों में न छोड़ें। Edited By: Naveen R Rangiyal
23 साल उम्र में नौकरी कर रहे अक्षय कुमार के बेटे आरव, सैलरी सुन चौंक जाएंगे
बॉलीवुड में जहां एक ओर 'नेपोटिज्म' और स्टार किड्स के डेब्यू को लेकर बहस छिड़ी रहती है, वहीं अक्षय कुमार के बेटे आरव भाटिया ने एक बिल्कुल अलग और सादगी भरा रास्ता चुनकर सबको हैरान कर दिया है। जहां फैंस आरव को बड़े पर्दे पर देखने का इंतज़ार कर रहे थे, वहीं अक्षय ने साफ कर दिया है कि उनके बेटे का फिल्मों में आने का कोई इरादा नहीं है। हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान अक्षय कुमार ने अपने बेटे के भविष्य की योजनाओं पर खुलकर बात की। अक्षय ने बताया कि आरव स्वभाव में बिल्कुल उनके जैसा है—अनुशासित और अपनी सेहत के प्रति जागरूक। लेकिन करियर के मामले में आरव ने अपने पिता से अलग राह चुनी है। अक्षय ने कहा, आरव को फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है। वह फैशन की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहता है। ताज्जुब की बात यह है कि वह आज भी 4500 रुपए की नौकरी कर रहा है और जमीन से जुड़कर काम सीख रहा है। अक्षय ने आगे बताया कि आरव फैशन को किताबी तरीके से नहीं, बल्कि व्यावहारिक तरीके से सीखने के लिए भारत के अलग-अलग गांवों का दौरा कर रहा है। वह वहां के स्थानीय प्रिंट्स, बुनाई और पारंपरिक कला को करीब से समझ रहा है। 15 साल की उम्र में छोड़ा घर आरव भाटिया अक्षय और ट्विंकल खन्ना के बड़े बेटे हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद महज 15 साल की उम्र में उच्च शिक्षा के लिए लंदन का रुख किया था। अक्षय बताते हैं कि उन्होंने आरव को कभी किसी चीज के लिए मजबूर नहीं किया, बस उन्हें एक ही सलाह दी है कि 'कभी किसी का दिल मत दुखाना।' जहां उनकी छोटी बहन नितारा अक्सर सोशल मीडिया पर नजर आती हैं, वहीं आरव कैमरे और लाइमलाइट से दूर रहना ही पसंद करते हैं।
Char dham yatra: चार धाम यात्रा में रखें ये 10 सावधानियां जरूर जानें
चार धाम यात्रा (यमुनात्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) न केवल आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भौगोलिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण भी है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और बदलता मौसम आपकी परीक्षा ले सकता है। अपनी यात्रा को सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए इन 10 सावधानियों का विशेष ध्यान रखें। 1. शारीरिक फिटनेस और मेडिकल चेकअप यात्रा शुरू करने से कम से कम एक महीने पहले पैदल चलने और ब्रीदिंग एक्सरसाइज (प्राणायाम) का अभ्यास शुरू करें। चूंकि आप 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर होंगे, इसलिए अपने डॉक्टर से हार्ट और लंग्स का चेकअप जरूर करवाएं। 2. एक साथ ऊंचाई पर न चढ़ें: शरीर को पहाड़ी हवा और कम ऑक्सीजन के अनुकूल ढालने के लिए समय दें। रास्ते में रुक-रुक कर आगे बढ़ें। यदि आपको सिरदर्द, चक्कर या उल्टी जैसा महसूस हो (AMS - Acute Mountain Sickness), तो तुरंत रुक जाएं और नीचे की ओर आएं। 3. मौसम के अनुसार कपड़े: पहाड़ों में धूप निकलने पर गर्मी और बादल छाते ही कड़ाके की ठंड हो जाती है। कपड़ों की परतें (Layers) पहनें ताकि जरूरत के अनुसार उन्हें उतार या पहन सकें। साथ में अच्छी क्वालिटी के रेनकोट और वॉटरप्रूफ जूते जरूर रखें। 4. भारी सामान से बचें: पैदल चढ़ाई के दौरान बैग का वजन कम से कम रखें। केवल जरूरी दवाइयां, सूखे मेवे और पानी की बोतल ही साथ रखें। भारी सामान आप घोड़े/खच्चर या अपने बेस कैंप होटल में छोड़ सकते हैं। 5. खान-पान में सावधानी यात्रा के दौरान गरिष्ठ (भारी) भोजन से बचें। हल्का और सुपाच्य भोजन लें। खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए खूब पानी पिएं, लेकिन खुले झरने या नदी का पानी सीधे न पिएं। ओआरएस (ORS) या ग्लूकोज साथ रखें। 6. दवाइयों की किट (First-Aid Kit) अपने साथ एक छोटी किट रखें जिसमें: पेनकिलर्स और बुखार की दवा। बैंडेज और एंटीसेप्टिक क्रीम। ऊंचाई की बीमारी (Altitude Sickness) की दवा (डॉक्टर की सलाह पर)। सर्दी-खांसी और पेट खराब होने की दवाएं। 7. रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंट्स चार धाम यात्रा के लिए बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। अपने पास आधार कार्ड की फोटोकॉपी और रजिस्ट्रेशन की कॉपी हमेशा रखें। अपने परिवार के किसी सदस्य का इमरजेंसी नंबर पॉकेट में लिखकर रखें। 8. ड्राइविंग में सावधानी यदि आप स्वयं ड्राइव कर रहे हैं, तो पहाड़ों पर रात में ड्राइविंग करने से बचें। केवल अनुभवी पहाड़ी ड्राइवरों के साथ ही यात्रा करें। भूस्खलन (Landslides) के समय वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोक दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। 9. शराब और धूम्रपान का त्याग धार्मिक यात्रा होने के साथ-साथ स्वास्थ्य की दृष्टि से भी ऊंचाई पर शराब और धूम्रपान बहुत हानिकारक है। यह आपके फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम करता है और डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का कारण बनता है। 10. पर्यावरण का सम्मान हिमालय एक संवेदनशील क्षेत्र है। प्लास्टिक का उपयोग न करें और कूड़ा कचरा न फैलाएं। स्थानीय परंपराओं और मंदिर के नियमों का सम्मान करें। एक विशेष टिप: यात्रा के दौरान अपने फोन की बैटरी बचाकर रखें और एक पावर बैंक हमेशा साथ रखें, क्योंकि पहाड़ों में बिजली की समस्या हो सकती है। ALSO READ: Char dham yatra: चार धाम यात्रा में रखें ये 10 सावधानियां जरूर जानें
अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन मचाया धमाल, बॉक्स ऑफिस पर किया इतना कलेक्शन
अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' अपनी घोषणा के वक्त से ही सुर्खियों में थी, और इसके ट्रेलर ने इसकी बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी दुनिया की झलक दिखाई थी। हंसी और डर का बेहतरीन मिश्रण पेश करने वाली यह फिल्म एक शानदार फैमिली एंटरटेनर साबित होने का वादा करती है। अब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और इसे जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। पहले ही दिन फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर दबदबा बनाते हुए दुनिया भर में 21.60 करोड़ रुपए की कमाई की। भूत बंगला ने अपनी जोरदार कमाई के साथ उम्मीदों को पार कर लिया है। मजबूत चर्चा और दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते फिल्म ने ग्लोबल बॉक्स ऑफिस पर 21.60 करोड़ का कलेक्शन किया है। 'भूत बंगला' ने पहले ही दिन के शानदार प्रदर्शन के साथ इसने सच में कमाल कर दिया है। खास बात यह है कि इस शानदार कलेक्शन के साथ इसने अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह साफ दिखाता है कि फिल्म ने दर्शकों का दिल जीतना शुरू कर दिया है और शानदार ओपनिंग दर्ज की है। यह तो बस शुरुआत है, और आने वाले दिनों में भी फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर इसी तरह का दबदबा देखने लायक होगा। बालाजी मोशन पिक्चर्स, जो कि बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड का एक हिस्सा है, केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर भूत बंगला प्रस्तुत करता है। फिल्म में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसका निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और निर्माण अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने किया है।
क्यों हुई थी गुलशन कुमार की हत्या? राम गोपाल वर्मा ने खोला 90s बॉलीवुड का काला सच
90 के दशक का बॉलीवुड आज की तरह चमक-धमक वाला नहीं, बल्कि अंडरवर्ल्ड के काले साये में लिपटा हुआ था। हाल ही में फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने क्राइम राइटर एस. हुसैन जैदी के साथ बातचीत में उस दौर की कड़वी सच्चाइयों को फिर से कुरेदा है। राम गोपाल वर्मा के अनुसार, उस समय अंडरवर्ल्ड का मकसद सिर्फ पैसा कमाना नहीं, बल्कि बॉलीवुड पर अपना पूर्ण नियंत्रण और वर्चस्व स्थापित करना था। आरजीवी ने बताया कि अंडरवर्ल्ड की कार्यशैली काफी सोची-समझी होती थी। वे किसी छोटे कलाकार को नहीं, बल्कि इंडस्ट्री के सबसे प्रभावशाली लोगों को अपना निशाना बनाते थे। राम गोपाल वर्मा ने कहा, जब अंडरवर्ल्ड को अपनी ताकत दिखानी होती है, तो वे राकेश रोशन, सलमान खान और शाहरुख खान जैसे बड़े नामों को चुनते हैं। अंडरवर्ल्ड का एक सीधा मंत्र था: एक को मारो, दस से उगाही करो। खौफ पैदा करने के लिए ये गैंगस्टर्स किसी भी हद तक जा सकते थे, ताकि बाकी लोग बिना सवाल किए उनकी बात मान लें। राकेश रोशन पर हमला साल 2000 में फिल्म 'कहो ना... प्यार है' की ब्लॉकबस्टर सफलता ने रितिक रोशन को रातों-रात सुपरस्टार बना दिया था। आरजीवी के अनुसार, इसी सफलता ने उनके पिता राकेश रोशन को मुसीबत में डाल दिया। गैंगस्टर्स एक फिल्म प्रोजेक्ट केलिए रितिक रोशन की डेट्स पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसे कथित तौर पर छोटा शकील का सपोर्ट हासिल थश। आरजीवी ने दावा किया, जब राकेश रोशन ने इन मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, तो 21 जनवरी 2000 को उनके ऑफिस के बाहर उन पर जानलेवा हमला हुआ। वे इस हमले में बाल-बाल बचे, लेकिन इस घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री की रीढ़ हिला दी थी। गुलशन कुमार की हत्या संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह गुलशन कुमार की 1997 में हुई हत्या बॉलीवुड के इतिहास का सबसे काला अध्याय माना जाता है। आरजीवी ने इस पर चर्चा करते हुए कहा कि गुलशन कुमार की बढ़ती सफलता और अंडरवर्ल्ड के आगे न झुकने की उनकी जिद ही उनकी मौत का कारण बनी। राम गोपाल वर्मा ने कहा, अबू सालेम जैसे गैंगस्टर्स अपनी साख बनाने की होड़ में थे। गुलशन कुमार ने जबरन वसूली की मांगों को ठुकरा दिया था, जिसे गैंगस्टर्स ने अपनी बेइज्जती समझा। आरजीवी ने उस दिन को याद करते हुए बताया कि जब उन्हें यह खबर मिली, तो पूरी इंडस्ट्री सुन्न हो गई थी। राम गोपाल वर्मा, जिन्होंने 'सत्या', 'कंपनी' और 'डी' जैसी कल्ट क्लासिक फिल्में बनाई हैं, स्वीकार करते हैं कि उनकी फिल्मों की कई कहानियां और किरदार इन्हीं वास्तविक अनुभवों और अंडरवर्ल्ड की गतिविधियों से प्रेरित थे।
Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि
इस बार अक्षय तृतीया 2 दिन मनाई जा रही है। 19 अप्रैल और 20 अप्रैल को। दोनों ही दिन शुभ हैं। 20 अप्रैल को उदयातिथि से अक्षय तृतीया रहेगी। इस दिन 'अबूझ मुहूर्त' होता है, लेकिन लक्ष्मी पूजन के लिए विशेष मुहूर्त का पालन करना श्रेष्ठ रहता है। इसी के साथ यह देखना भी जरूरी है कि राहु काल कब है। राहु काल में किसी भी तरह की पूजा और खरीदी नहीं होती है। तृतीया तिथि प्रारम्भ- 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से। तृतीया तिथि समाप्त- 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:27 बजे तक। नोट: मराठी और गुजराती काल निर्णय कैलेंडर में और ऑनलाइन द्रिक पंचांग एवं एस्ट्रोसेज पंचांग के अनुसार19 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी जबकि लाला रामस्वरूप और लाला रामनारायण पंचांग में उदयातिथि के अनुसार 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया रहेगी। ALSO READ: Akshaya Tritiya गोल्ड रेट अलर्ट: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, क्या इस अक्षय तृतीया गोल्ड खरीदना है फायदे का सौदा? 1. अक्षय तृतीया 2026: शुभ मुहूर्त: 19 अप्रैल पूजा और खरीददी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। त्रिपुष्कर योग: सुबह 07:10 से 10:49 तक रहेगा। राहुकाल: शाम 05:12 से शाम 06:49 के बीच रहेगा। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। ALSO READ: Akshaya Tritiya Mantra: मां लक्ष्मी की असीम कृपा पाने का दिन अक्षय तृतीया, पढ़ें धन वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र 2. अक्षय तृतीया पूजन विधि अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा का विधान है: संकल्प: सुबह जल्दी स्नान करके पीले वस्त्र धारण करें और व्रत या दान का संकल्प लें। स्थापना: एक चौकी पर गंगाजल छिड़क कर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। अभिषेक: यदि संभव हो, तो दक्षिणावर्ती शंख से भगवान का अभिषेक करें। उन्हें पीले फूल, तुलसी दल (केवल विष्णु जी को) और अक्षत अर्पित करें। विशेष भोग: इस दिन भगवान को सत्तू, ककड़ी, भीगी हुई चने की दाल और मिश्री का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है क्योंकि यह ग्रीष्म ऋतु के आगमन का प्रतीक है। आरती: अंत में ॐ जय जगदीश हरे या लक्ष्मी जी की आरती करें। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें 3. इस दिन क्या करना सबसे 'शुभ' है? चूंकि अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय (नाश) न हो, इसलिए आज के दिन ये 3 काम जरूर करने चाहिए: कलश दान: पानी से भरा मिट्टी का घड़ा (कलश) किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करना इस दिन का सबसे बड़ा पुण्य माना गया है। सोना या चांदी: धातु खरीदना समृद्धि का प्रतीक है। यदि बजट कम है, तो आप चांदी का एक छोटा सिक्का या केवल जौ (Barley) भी खरीद सकते हैं। जौ को 'कनक' (सोने) के समान माना गया है। परशुराम जयंती पूजन: चूंकि आज ही परशुराम जी का जन्म हुआ था, इसलिए शस्त्रों या औजारों की सफाई और पूजा करना भी फलदायी होता है। 4. अक्षय तृतीया पर विशेष मंत्र पूजा के समय इस मंत्र का जाप करने से घर में बरकत बनी रहती है: ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का समय क्या रहेगा?
क्या कागजों तक सीमित है 'पॉश' कानून? टीसीएस नासिक मामले और बढ़ती शिकायतों ने खोली कंपनियों की पोल
भारत में पॉश कानून के तहत हर कंपनी में यौन उत्पीड़न की शिकायतों के लिए एक समिति बनाना जरुरी है। इसका काम निष्पक्ष और समय रहते जांच करना है। नासिक में टीसीएस के ऑफिस में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं। आरोप है कि टीसीएस ने पॉश (प्रिवेंशन ऑफ ...
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (18 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 18 April 2026: करियर: कारोबार में नई परियोजना शुरू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: प्रेमी साथी के साथ तालमेल बढ़ेगा। धन: लेन-देन संबंधी कागजात ध्यान से पढ़ें। स्वास्थ्य: व्यायाम पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें। ALSO READ: महाविनाश का संकेत! भविष्य मालिका और कालज्ञानम की समान 6 भविष्यवाणियां, जो अब हो रही हैं सच 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में वरिष्ठों से बहस करने से बचें। लव: पार्टनर संग रिश्तों में भरोसा बढ़ेगा। धन: अचानक खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: शारीरिक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: आज सफ़ेद वस्त्र पहनें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: व्यापार में नई साझेदारी लाभप्रद रहेगी। लव: प्रेमीसंग पुरानी बातों को लेकर अनबन हो सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ संभव है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए योग का सहारा लें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: शिक्षा जे जुड़ें छात्रों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में गहराई आएगी। धन: आज उधार देने से बचें, पैसा फंस सकता है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: शिवलिंग पर जल का अभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली से लोग प्रभावित होंगे। लव: जीवनसाथी के साथ रोमांस बना रहेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज पेट खराब हो सकता है। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नई नौकरी के अधूरे काम पूरे होंगे। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: कर्ज से मुक्ति मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आंखों में थकान महसूस हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। ALSO READ: जैन धर्म में अक्षय तृतीया मनाने के 10 कारण जानें 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में टीम वर्क पर ध्यान दें। लव: लव लाइफ में बोलचाल संभव है। धन: आज कारोबारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: जरूरतमंदों को चावल का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कलीग्स के साथ मिलकर काम पर फोकस करें। लव: प्रेमी पर विश्वास ही रिश्ते की नींव है। धन: धन निवेश करने से पहले किसी से सलाह लें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। उपाय: प्रतिदिन 'ॐ सूर्याय नमः' का जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: करियर तथा व्यापार से खुशखबरी मिल सकती है। लव: घर में मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। धन: संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। स्वास्थ्य: सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: मंदिर में चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: विदेश में व्यापार या नौकरी की इच्छा रखने वाले आलस्य का त्याग करें। लव: पार्टनर के साथ आउटिंग पर जा सकते हैं। धन: घर-बाहर के फालतू खर्चों पर लगाम लगाएं। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से राहत मिलेगी। उपाय: पीपल के वृक्ष के पास दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यक्षेत्र में बाहरी क्षेत्र में नए संपर्क बनेंगे। लव: अविवाहितों के लिए शादी की बात चल सकती है। धन: भविष्य के लिए धन संचय होगा। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें, संगीत सुनें। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 12. मीन (Pisces) करियर: ऑफिस के काम के सिलसिले में यात्रा हो सकती है। लव: लव पार्टनर के साथ बातचीत में शांति से काम लें। धन: किसी को दिया हुआ ऋण वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: संभलकर चलें, चोट लगने की संभावना है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। ALSO READ: कल्कि अवतार और तीसरा विश्व युद्ध: क्या दोनों का है कनेक्शन? कब और कैसे होंगे ये बड़े घटनाक्रम
चेन्नई की मिंट रोड पर छोटा-सा बिजनेस करने वाली सेल्वी की बेटी की शादी तय हुई, तो घर में एक अजीब किस्म की उठापटक शुरू हो गई। पैसे कम थे, लेकिन गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी जरूरी थी। आखिर सेल्वी ने रास्ता निकाला। घर में रखी पुरानी ज्वेलरी में थोड़ा नया सोना मिलाया और बेटी के लिए नए गहने तैयार कराए। सेल्वी कहती हैं, ‘अगर हम ऐसा नहीं करते तो सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होती है। कोई लोअर मिडिल क्लास या गरीब भी हो तो कम से कम 10-20 तोला सोना शादी में चढ़ाना ही होता है।’ सेल्वी की कहानी कोई अपवाद नहीं, यह तामिलनाडु का स्वभाव है। भारत का सबसे ज्यादा करीब 28% घरेलू सोना अकेले तमिलनाडु के लोगों की तिजोरियों और अलमारियों में रखा है। वजन में करीब 6,720 टन। ये अमेरिका के कुल सरकारी गोल्ड भंडार (8000 टन) के आस-पास है। जर्मनी, इटली और रूस जैसे देशों में राष्ट्रीय भंडार से कहीं ज्यादा। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की वोटिंग है। जहां अन्य राज्यों के चुनाव में कैश और शराब की छापेमारी का चलन है, तामिलनाडु में सोने की छापेमारी की जाती है। थलापति विजय जैसे नेता जीतने पर दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का वादा कर रहे हैं। AIADMK भी थलिक्कू थनगम यानी शादी के लिए सोना जैसी स्कीम ला चुकी है। इस स्टोरी में जानेंगे तमिलनाडु के लोगों में सोने की दीवानगी के पीछे की पूरी कहानी… प्राचीन तमिल साहित्य में संपन्नता पर असाधारण जोर मिलता है। तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की एक पंक्ति कहती है- गरीबी पर पूरी दुनिया मजाक उड़ाती है। इस समाज में संपन्नता का पैमाना था- सोना। यहां की एक प्रसिद्ध कहानी का नाम ही शीलप्पद्दीगारम यानी ‘सोने की पायल’ है। यह कहानी कन्नगी नाम की स्त्री के सोने की पायल पर आधारित है। बुरे वक्त में पति की मदद के लिए वह अपना सोना आगे कर देती है। कहानी का सार एक पंक्ति में था- बुरे समय में सोना ही काम आता है। इसी से निकली स्त्री-धन की परंपरा। वह सोना जो विवाह के समय स्त्री को मिलता था और जो सिर्फ उसका था। कोई बैंक उसे नहीं छीन सकता था, कोई कानून उस पर दावा नहीं कर सकता था। मुसीबत में यही सोना परिवार की ढाल बनता था। जब तमिलनाडु में जमा होने लगा पूरी दुनिया का सोना करीब 2,000 साल पहले। रोमन साम्राज्य के सम्राट कैलिगुला अपनी तीसरी शादी की पार्टी दे रहे थे। शाम ढल चुकी थी और महल मशालों की रोशनी में आलोकित था। तभी सभी मेहमानों की नजरें एक गलियारे की तरफ मुड़ गईं, जहां से नई रानी लोलिया पॉलिना आ रही थीं। उनके कान, नाक, गले, उंगलियों, जूतों के साथ-साथ बालों में भी सैकड़ों पन्ने और मोती जड़े हुए थे। उस पार्टी में ‘प्लिनी द एल्डर’ नाम के एक इतिहासकार मौजूद थे। वो अपनी किताब नेचुरालिस हिस्टोरिया में लिखते हैं कि रोम हर साल भारत से आने वाले मोतियों, मसालों और कपड़ों के बदले भारी मात्रा में सोना लुटा रहा था। उनकी शिकायत थी- ‘हम भारत के मोतियों के बदले हर साल 5.5 करोड़ सेस्टर्टियस गंवा रहे हैं।’ यह सोना आता था तीन बंदरगाहों पर- चोल साम्राज्य का मायलापुर (जहां से कपड़े जाते थे), पांड्य वंश का अरिकामेडू (मोतियों का केंद्र) और चेर वंश का मुजिरिस (काली मिर्च का बड़ा बाजार)। इन तीनों बंदरगाहों पर हर साल 120 जहाज सोना लेकर आते थे। विलियम डार्लिंपल अपनी किताब द गोल्डन रोड में लिखते हैं कि चेर और पांड्य वंश ने रोम में अपने राजदूत तक तैनात कर दिए थे, ताकि रोम के व्यापार-घाटे की समस्या सुलझाई जा सके। हालत यह हो गई कि 70 ईस्वी में रोमन सम्राट वेस्पासियन को तमिल आयात के बदले सोना देने पर रोक लगानी पड़ी। तामिलनाडु के व्यापारियों ने दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को आर्थिक रूप से झुकने पर मजबूर किया था। जब पश्चिमी रोमन साम्राज्य टूट गया और 640 ईस्वी में अरबों ने मिस्र पर कब्जा कर रोम की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए, तो तमिल व्यापारियों ने अपना रुख पूरब की ओर मोड़ लिया। पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम के शासनकाल में मामल्लापुरम बंदरगाह सुवर्णभूमि, यानी आज के म्यांमार, सुमात्रा, इंडोनेशिया और मलेशिया की ओर जाने वाले जहाजों का सबसे बड़ा अड्डा बन गया। 11वीं सदी में चोल वंश के राजा राजेंद्र चोल प्रथम ने 1025 AD में श्रीविजय साम्राज्य पर विशाल नौसैनिक हमला किया। सिर्फ युद्ध के लिए नहीं, बल्कि चीन तक जाने वाले व्यापारिक मार्गों पर एकाधिकार के लिए। सुमात्रा और मलेशिया के शासकों को हराकर वहां का खजाना तामिलनाडु के मंदिरों में भर दिया गया। यहीं से शुरू हुई एक ऐसी व्यवस्था, जो आधुनिक बैंकिंग की पूर्वज थी। गोल्ड बैंक की तरह काम करते थे तमिलनाडु के मंदिर पल्लव और चोल राजाओं ने समझ लिया था कि सोने को सबसे सुरक्षित रखना है तो मंदिर से बेहतर कोई जगह नहीं। मंदिर इतनी पवित्र संस्था था कि वहां से सोना चुराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सकता था। पांड्य राजाओं ने कोरकई जैसे बंदरगाहों से मिलने वाले रोमन सोने को मदुरई के मंदिरों में जमा किया। राजराजा चोल प्रथम ने तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे राज्य की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। मंदिर की दीवारों पर दर्ज है कि राजा ने युद्ध में लूटा हुआ लगभग 230 किलो सोना और 125 किलो कीमती रत्न मंदिर के खजाने में जमा किए थे। यह सोना वहां बस पड़ा नहीं रहता था। मंदिर एक बैंक की तरह काम करते थे। जहां सोना जमा भी होता था और लोगों को व्यापार के लिए ब्याज पर कर्ज भी दिया जाता था। 19वीं और 20वीं सदी में इस मंदिर-बैंकिंग की विरासत को एक नया रूप दिया चेट्टिनाड के नट्टुकोट्टई चेट्टियार समुदाय ने। ये लोग म्यांमार, सिंगापुर और मलेशिया में जब व्यापार फैलाने लगे, तो उन्होंने एक क्रांतिकारी मॉडल विकसित किया। सोने के गहनों को गिरवी रखकर कर्ज देना। सोने की शुद्धता परखना और उसके आधार पर फैसले करना। मंदिरों को ही वह जगह बनाना जहां ब्याज दरें तय होती थीं और व्यापारिक झगड़े सुलझाए जाते थे। लोग इन चेट्टियारों पर सरकारी बैंकों से ज्यादा भरोसा करते थे। इसीलिए जब आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का ढांचा बदला, तो इसी परंपरा पर मुथूट और मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियां खड़ी हुईं। गरीब परिवार भी शादियों में 20-25 लाख का सोना खरीदते हैं चेन्नई में तीन पीढ़ियों से ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले विकास मेहता कहते हैं कि तामिलनाडु में गोल्ड की डिमांड पूरे साल रहती है। साउथ इंडिया की किसी भी शादी में लोग कम से कम 3-4 हेवी गोल्ड ज्वेलरी पहनते ही हैं। अपर मिडिल क्लास एक शादी के लिए कम से कम 1 करोड़ तक का गोल्ड खरीदते हैं। लोअर मिडिल क्लास भी 20-25 लाख का गोल्ड तो खरीदते ही हैं। यहां शादी में दहेज का सोना सिर्फ दिया नहीं जाता। वह खुले तौर पर सबके सामने रखा जाता है। जो मेहमान आते हैं, वे सोना देखकर ही परिवार की हैसियत और समाज में रुतबा तय करते हैं। सोने की खरीदारी सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है। विकास मेहता बताते हैं कि जन्म, एंगेजमेंट, गोदभराई, पोंगल, अक्षय तृतीया, नवरात्र, दिवाली- हर मौके पर सोना खरीदने का चलन है। यहां तक कि लड़की के जब पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं, उस मौके पर भी एक बड़ा आयोजन होता है और उसमें भी सोना चढ़ाने का रिवाज है। तमिल परिवारों में गोल्ड खरीदना एक निवेश जैसा है 20 साल से चेन्नई में ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले रोशन कहते हैं कि तमिल परिवारों में बचपन से ही गोल्ड खरीदने को एक शौक के तौर पर नहीं, बल्कि एक जरूरत के तौर पर देखा जाता है। ‘लोग गोल्ड को अपने इन्वेस्टमेंट और सेविंग के नजरिए से देखते हैं, ताकि क्राइसिस में उसे बेचकर कैश ले सकें।’ यह बात आंकड़ों में भी दिखती है। तामिलनाडु के परिवारों के कुल कर्ज का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ गोल्ड लोन का होता है। जहां सरकारी बैंक तमाम तरह के डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं, वहीं मुथूट और मणप्पुरम जैसी कंपनियां 10-15 मिनट में सोने के बदले नकद दे देती हैं। दिसंबर 2024 तक, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास गोल्ड लोन का कुल बकाया 1,72,000 करोड़ रुपये को पार कर चुका था। पिछले साल की तुलना में 71% की वृद्धि। 2020 में जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को रोक दिया, तब भी यही सोना मध्यम वर्ग की ढाल बना। RBI ने गोल्ड लोन का LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो 75 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। लाखों परिवारों ने अपना सोना गिरवी रखकर उस मुश्किल दौर को पार किया। सोने की इसी दीवानगी को भुनाना चाहते हैं नेता तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सोने से जुड़ा सबसे प्रमुख वादा TVK के प्रमुख अभिनेता-राजनेता विजय ने किया है। उन्होंने सोने से जुड़े 2 प्रमुख वादे किए- अन्नन सीर थिट्टम: शादी करने वाली युवतियों खासकर गरीब परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा। इसे ‘भाई का उपहार’ के रूप में पेश किया गया है। थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम: तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकारी आशीर्वाद के रूप में एक सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट देने का वादा। ये वादे TVK के चुनावी घोषणा-पत्र में भी शामिल हैं। AIADMK ने भी पहले की ‘तालीक्कु थंगम’ योजना को जारी रखने और शादी में सोना देने का जिक्र किया है। चेन्नई की सेल्वी एक लाइन में बताती हैं- ‘मुसीबत में सोना बेचकर पैसा मिल जाता है।’ यही वह विश्वास है जो दो हजार साल से इस मिट्टी में गहरा धंसा है और चुनावी वादों में भी जाहिर हो रहा है। ------------- तमिलनाडु चुनाव से जुड़ी खबर भी पढ़िए… ‘हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां’: स्टेशन के नाम पर काली स्याही, तमिल बोले- जो हिंदी थोपेगा, तमिलनाडु उसे रिजेक्ट करेगा 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 7 मार्च से 'बांग्लार युवा साथी योजना' लागू की। 1500 रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी। दुर्गापुर की रहने वाली मोमिता ने फॉर्म भरा था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आए। गुस्से से भरी मोमिता कहती हैं, ‘पैसों से ज्यादा हमें नौकरी की जरूरत है।‘ 21 साल की मोमिता के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, इसीलिए ग्रेजुएशन पूरा किए बिना पढ़ाई छोड़ दी और छोटा-मोटा काम करने लगीं। वे बहन के साथ काम से लौट रही थीं, तभी मुलाकात हुई। पढ़ाई दोबारा शुरू करने सवाल पर कहती हैं- ‘इतने कम पैसों में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे।’ युवा साथी योजना चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई है। चुनावी साल में ममता सरकार ने पंडितों और मौलवियों के भत्ते भी बढ़ाए हैं। लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को मिलने वाली रकम 500 रुपए बढ़ाई गई है। BJP ने भी कई वादे किए हैं। इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर है, इस रिपोर्ट में पढ़िए… योजनाओं से दिक्कत नहीं, नौकरियां भी होंममता बनर्जी ने इस साल बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया था। पहली किस्त चुनाव से ठीक पहले आई। इसे लेकर दुर्गापुर की 20 साल की मोह कहती हैं, ‘सरकारी योजनाएं हमारी सुविधा के लिए हैं, फिर फायदा लेने में क्या हर्ज। सरकार कुछ भी अपने घर से नहीं देती है। ये जरूरतमंदों के लिए जनता का ही पैसा है।‘ ‘हमें ऐसी योजनाओं से दिक्कत नहीं, लेकिन नौकरियां भी हों।‘ वहीं, BJP के तीन हजार रुपए देने वादे पर उनकी बहन मोमिता कहती हैं, ‘अगर इसका फायदा मिला, तो हम बहनों की पढ़ाई फिर शुरू हो सकती है।‘ पैसे सिर्फ 5 साल मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगीआसनसोल की रहने वाली संध्या की राय इससे अलग है। 12वीं पास करने के बाद ही संध्या की शादी कर दी गई इसलिए पढ़ नहीं पाईं। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स करने के बाद बेकिंग का काम सीखा है। लक्ष्मी भंडार का फायदा लेने के लिए उनकी उम्र नहीं, इसलिए युवा साथी का फॉर्म भरा। खाते में पहली किस्त के 1500 रुपए भी आ गए हैं। संध्या कहती हैं, रोजगार की जरूरत ज्यादा है। ये पैसे सिर्फ पांच साल ही मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगी। हमने पूछा इससे केक बेकिंग का काम भी तो शुरू कर सकती हैं? जवाब मिला, ‘इतने कम पैसों में कैसे होगा। साल भर पैसे जमा करने पड़ेंगे, तभी इस लायक पूंजी होगी।’ ट्यूशन फीस और कॉलेज आने-जाने का खर्च निकलेगा योजनाओं को लेकर पेरेंट्स की राय अलग है। आसनसोल के रहने वाले गौतम बाध्यकर का कहना है कि ऐसी स्कीम्स ने कई पेरेंट्स की परेशानियां कम कर दी हैं। ये बच्चों की पढ़ाई के काम आएंगी। वे कहते हैं, ‘बच्चे इससे कॉम्पिटीशन के फॉर्म भर सकेंगे। नौकरी का इंटरव्यू देने जाने के लिए घरवालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता का बोझ कम होगा।‘ आसनसोल में राशन दुकान चलाने वाले रवींद्र प्रसाद का भी यही मानना है। वे कहते हैं, ‘महंगाई में पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिली है। बच्चों की ट्यूशन फीस आराम से निकल रही है। उनके मोबाइल रिचार्ज जैसे छोटे-मोटे काम हो जा रहे हैं।‘ विधवा पेंशन से घर चल रहा, नमक का फर्ज अदा करेंगेआसनसोल में हम 65 साल की कल्याणी देवी सिंह से मिले। योजनाओं का पूछते ही वे कहती हैं, ‘सिर्फ विधवा पेंशन मिलती है, बाकी का पता नहीं।‘ स्वास्थ्य साथी कार्ड के बारे में वे नहीं जानतीं। हां, राशन कार्ड के लिए फॉर्म भरा है, लेकिन नहीं बना।‘ वोट किसे देंगी, पूछने पर कल्याणी कहती हैं, ‘हमारी एक ही पसंद है, जिसका नमक खाया है। उसे अदा करना है।‘ इसके बाद हम कुल्टी विधानसभा में प्रतिमा केवड़ा से मिले। पति गुजर गए इसलिए घरों में काम करके परिवार चला रही हैं। सरकारी योजनाओं का नाम पर सिर्फ लक्ष्मी भंडार का फायदा मिलता है। जॉब कार्ड है, लेकिन कभी उस पर काम नहीं मिला। स्वास्थ्य साथी कार्ड की कभी जरूरत नहीं पड़ी। प्रतिमा को सबसे ज्यादा जरूरत राशन की है। राशन कार्ड है, लेकिन राशन नहीं मिल रहा। सब दीदी ने दिया, जो हमारे साथ-हम उसके साथइसके बाद हम मुर्शिदाबाद पहुंचे। यहां हमें ईरानी मूल की भारतीय रुखसार खातून से मिलीं। उनके परिवार के कई लोगों के नाम SIR में कट गए, इसलिए गुस्से में हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने पर कहती हैं, ‘मुझे और बेटी को लक्ष्मी भंडार का पैसा मिलता है। छोटी बेटी को स्कूल से कन्या श्री की राशि मिली है। सरकारी घर भी है।‘ BJP के 3 हजार और कांग्रेस के 2 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘ये सब राजनीति है। इन पर भरोसा नहीं है, जिन्होंने हमारा साथ दिया, हम उनके साथ हैं।‘ क्या सरकारी मकान पीएम आवास योजना के तहत मिला? इस पर कहती हैं, ‘BJP, बिहार वालों को दे रही है, यहां तो सब दीदी ने दिया है।‘ 1500 या 3 हजार में क्या होगा, काम करके ही घर चलेगा इसके बाद हम शमशेरगंज विधानसभा गए। यहां तकरीबन हर घर में बीड़ी बनाने का काम होता है। यहां मिलीं सुमित्रा दास भी बीड़ी बांधती हैं। 100 बीड़ी बंधाने पर 100 रुपए मिलते हैं। उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा मिल रहा है, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं। BJP के 3 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘इतने पैसों से कुछ नहीं होता। पांच साल से लक्ष्मी भंडार के पैसे मिल रहे हैं, लेकिन पहले भी काम करके घर चल रहा था और अब भी। कोई 1500 दे या 3 हजार इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है।‘ पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दलित गांव में रहने वाली झरना बाउरी का घर विधवा पेंशन और लक्ष्मी भंडार से चल रहा है। हालांकि वे भी सरकार से खफा हैं क्योंकि स्वास्थ्य साथी कार्ड का फायदा नहीं मिल सका। एक्सपर्ट: महिला-युवा वोटर साध ममता एंटी इनकम्बेंसी मैनेज कर रहीं ममता की योजनाओं का असर समझने के लिए हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर मैदुल इस्लाम से बात की। उनका कहना है, ‘ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में इंसान के पैदा होने से लेकर मरने तक कई स्कीमें शुरू कीं, जिनका उन्हेंं फायदा भी मिला। 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की घोषणा हुई। तब महिला वोटर्स TMC के साथ गईं और सीटें भी बढ़ीं।‘ ‘यही 2024 के लोकसभा चुनाव में हुआ। ममता सरकार ने लक्ष्मी भंडार की रकम बढ़ाई और TMC की सीट 22 से बढ़कर 29 हो गई। जबकि BJP की 18 से घटकर 12 हो गईं। अब BJP राज्य में सरकार बनने पर TMC से ज्यादा भत्ता देने की बात कर रही है, लेकिन लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। वहीं लोगों को ये लगता है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो सारी स्कीमें बंद हो जाएगी।‘ ‘साफ है कि इसे वोट के लिए शुरू किया गया है। लेफ्ट की सरकार में बेरोजगारी भत्ता के नाम से ऐसी योजना थी। उसमें युवाओं को हर महीने कुछ राशि मिलती थी, शर्त इतनी थी कि एक्सचेंज ऑफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था।‘ एंटी इनकम्बेंसी को इसकी वजह बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘इसे मैनेज करने के लिए ममता, महिला और युवा वोटरों को स्कीम के जरिए टारगेट कर रही हैं। जहां तक युवाओं को काम और भत्ते देने की बात है, ये दोनों जरूरी हैं। क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें उतनी नौकरियां नहीं दे पा रहीं, जितनी होनी चाहिए। लिहाजा, सरकार को भत्ता देना पड़ रहा है। ये लगभग हर राज्य में हो रहा है।‘ वहीं, पॉलिटिकल एक्सपर्ट उन्नयन बंदोपाध्याय कहते हैं, ‘चुनाव से पहले सभी पार्टियां आजकल ऐसे लोकलुभावन वादे करती हैं। ममता ने भी युवाओं को टारगेट कर अबकी युवा साथी योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद 21 से 40 साल तक के वोटर्स को अपनी ओर खींचना है। राज्य में इस वर्ग के युवा वोटर्स लगभग 40-50% हैं।’ ’ममता ने पिछले कार्यकाल में भी कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन लोगों की पहली पसंद रोजगार होगा क्योंकि उसमें ज्यादा सिक्योरिटी है।’ …………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
ईरान की इस्लामी क्रांति: एक धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ता की आंखों से पूर्वाग्रह से यथार्थ तक की यात्रा
ईरान की 1979 की इस्लामी क्रांति पर एक धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ता का विश्लेषण—अमेरिकी दुष्प्रचार, ऐतिहासिक संदर्भ और जमीनी अनुभवों के आधार पर ईरान की वास्तविक तस्वीर।
हनुमानगढ़ के भादरा में फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के भादरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी बायोमेट्रिक से आधार कार्ड बनाने वाले एक गिरोह का खुलासा करके सैकड़ों एनरोलमेंट रसीदें और हाईटेक उपकरण बरामद किए हैं। इस संबंध में कुलदीप शर्मा, जसवंत और आमिर के खिलाफ फर्जी कागजात के आधार पर आधार सेंटर चलाने के आरोप में मामला […] The post हनुमानगढ़ के भादरा में फर्जी बायोमेट्रिक्स से आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .
गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर इंसान
नई दिल्ली। अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी एशिया के सबसे अमीर इंसान बन गए हैं। ब्लूमबर्ग के दुनिया के 500 सबसे अमीर अरबपतियों के दैनिक सूचकांक में अडानी की संपत्ति का शुद्ध मूल्य 92.6 अरब डॉलर आंका गया है। पिछली सूची के बाद उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़ी है और वह दुनिया में […] The post गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर इंसान appeared first on Sabguru News .
अजमेर में रसद विभाग ने जब्त किए 3 घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर
अजमेर। जिले में एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने एवं कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिला रसद विभाग द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए 3 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जिला रसद अधिकारी मोनिका जाखड़ ने बताया कि कलक्टर लोक बन्धु के […] The post अजमेर में रसद विभाग ने जब्त किए 3 घरेलू एलपीजी गैस सिलेण्डर appeared first on Sabguru News .
अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक महत्व
अक्षय तृतीया का त्यौहार वैशाख शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। इस वर्ष यह त्यौहार 19 अप्रैल रविवार के दिन मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया को उत्तर भारत में आखा तीज भी कहते हैं। अक्षय तृतीया की तिथि साढे तीन मूहूर्तों में से एक पूर्ण मुहूर्त है। इस दिन सत्ययुग समाप्त होकर त्रेतायुग का […] The post अक्षय तृतीया का आध्यात्मिक महत्व appeared first on Sabguru News .
डीग में दिल्ली पुलिस की वर्दी में अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
डीग। राजस्थान में डीग जिले में पुलिस ने दिल्ली पुलिस की फर्जी वर्दी पहनकर अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करके दो बदमाशों को गिरफ्तार करके एक बालक को निरूद्ध किया है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि कार्रवाई के दौरान तीन बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने बदमाशों के […] The post डीग में दिल्ली पुलिस की वर्दी में अपहरण करने वाले गिरोह का पर्दाफाश appeared first on Sabguru News .
लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि लेबनान में लागू संघर्ष विराम के मद्देनजर होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया है। अराघची ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए यह जानकारी दी। उन्होंने इसमें स्पष्ट किया कि संघर्ष विराम […] The post लेबनान में संघर्ष विराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर सकेंगे जहाज : ईरान appeared first on Sabguru News .
17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया X पर 2 पोस्ट किए। उनमें लिखा कि कुछ ही देर में मतदान होने वाला है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करें। देश की आधी आबादी को उसका हक दें। पीएम मोदी की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद केंद्र सरकार के लाए तीनों बिल लोकसभा में पास नहीं हो सके। जब सरकार को जब ये बात पता था कि उसके फेवर में नंबर गेम नहीं है, तो फिर क्यों लोकसभा में ये बिल लेकर आई? लोकसभा में बिलों के पास न होने और उसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: सरकार के 3 बिल लोकसभा में पास क्यों नहीं हो सके? जवाब: महिला आरक्षण कानून 2029 से पहले लागू करने के लिए केंद्र सरकार 3 काम करने की तैयारी में थी- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना, यानी परिसीमन और महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। इसके लिए सरकार 2011 की जनगणना को आधार पर महिला आरक्षण और परिसीमन लागू करने के लिए लोकसभा में तीन बिल लाई थी… परिसीमन और केंद्र शासित कानून (संशोधन) विधेयक सामान्य बहुमत से पास होने वाले बिले थे, यानी इसके लिए वोटिंग करने वाले सांसदों का आधे से एक ज्यादा समर्थन चाहिए था। वहीं संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लिए विशेष बहुमत की जरूरत थी। क्योंकि इसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने, आर्टिकल 81 और 82 में बदलाव, और महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने का प्रावधान है। दरअसल, संविधान के आर्टिकल 368 के मुताबिक संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है, यानी आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद रहें और जितने सदस्य उपस्थित हैं, उनका दो-तिहाई बहुमत। कुल मिलाकर बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए था। वोटिंग के दौरान लोकसभा में 528 सांसद मौजूद थे। इस हिसाब से बिल को पास कराने के लिए 352 वोट चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दरअसल, बीजेपी के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस यानी NDA के पास 293 सांसद हैं, यानी सदन का महज 54.2% हिस्सा। जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA के पास 233 सांसद हैं और 14 सांसद ऐसे हैं, जो किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। यहीं क्लियर हो गया था कि बिल पास नहीं हो पाएंगे। जब वोटिंग हुई तो बिल के समर्थन में 298 वोट और विरोध में 230 वोट पड़े। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने खुलकर सरकार के विधेयकों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरीके से सरकार बिल ला रही है, उसका विरोध करते हैं। यह राजनीतिक मंशा से किया जा रहा है। हम परिसीमन बिल का विरोध करेंगे और पूरा विपक्ष एकजुट है। वहीं सरकार ने बाकी के दो बिल- परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। कहा कि ये बिल एक-दूसरे से लिंक हैं, इसलिए वोटिंग की जरूरत नहीं है।सवाल-2: जब बिल का गिरना तय था, तो फिर बीजेपी इसे क्यों लेकर आई? जवाब: सरकार जानती थी कि उसके पक्ष में लोकसभा में नंबर नहीं है, इसीलिए सरकार बार-बार सभी सांसदों से समर्थन की मांग कर रही थी… मैं सभी सांसदों से कहूंगा...आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी सबका स्मरण करते हुए अपनी अंतरात्मा को सुनिए ...देश की नारीशक्ति की सेवा का, उनके वंदन का ये बहुत बड़ा अवसर है।उन्हें नए अवसरों से वंचित नहीं करिए।ये संशोधन सर्वसम्मति से पारित होगा, तो देश की नारीशक्ति और सशक्त…— Narendra Modi (@narendramodi) April 17, 2026 मीडिया रिपोर्ट्स में बीजेपी सूत्रों के हवाले से लिखा गया कि अगर विधेयकों को लोकसभा की मंजूरी नहीं मिलती है, तो पार्टी महिला आरक्षण कानून को लागू करने की नाकामी के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराने का एक कैम्पेन शुरू कर सकती है। इलेक्शन एनालिस्ट अमिताभ तिवारी कहते हैं, ‘बीजेपी इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर सकती है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में वोटिंग होने को है और यहां महिला वोटर्स काफी अहम हैं। बीजेपी यहां नैरेटिव बनाएगी कि हमने तो कोशिश की, लेकिन विपक्ष ने महिलाओं का हक और परिसीमन में रूकावट पैदा कर दी।’ हालांकि कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष का कहना है कि नई जनगणना और पिछड़े तबके को नजरअंदाज करके सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करना चाहती थी। विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल नहीं है। यह उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है। यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है।’ पॉलिटिकल एक्सपर्ट मिन्हाज मर्चेंट भी मानते हैं कि सरकार और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने तरीके से इसे नैरेटिव बनाने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि इससे होने वाले चुनावी फायदे का आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। सवाल-3: अब सरकार के पास क्या विकल्प हैं?जवाब: सरकार के पास 3 ऑप्शन हैं… सवाल-4: अगर बिल पास हो जाता, तो परिसीमन के बाद लोकसभा में क्या बदल जाता? जवाब: लोकसभा में चर्चा के दौरान सरकार ने बार-बार कहा कि सभी राज्यों की 50% सीटें बढ़ाई जाएंगी। किसी भी राज्य की सीटें नहीं घटेंगी। गृहमंत्री अमित शाह ने 850 सीटें करने का फॉर्मूला भी बताया। उन्होंने कहा, ‘मान लीजिए कि 100 सीटें हैं, जिसमें 33% आरक्षण देना है, तो इसमें 50 सीटें बढ़ाएंगे। इस हिसाब से 150 सीट होती हैं। लोकसभा में ये राउंड ऑफ फिगर 850 है।' जबकि दक्षिण के राज्यों को चिंता है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर हुआ तो सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं को होगा। तमिलनाडु, केरलम और आंध्र प्रदेश सबसे ज्यादा घाटे में होंगे। इसी के विरोध में तमिलनाडु सीएम एमके स्टालिन ने बिल की कॉपी जलाई। स्टालिन ने चेताया भी कि अगर बिल पास हो गया तो 1960 के दशक में जैसा आंदोलन करेंगे। वहीं तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर इस बिल का विरोध करने की अपील की। सवाल-5: लोकसभा की सीटें 815 होने से क्या असर पड़ता, जिनकी कम चर्चा है? जवाब: लोकसभा में 543 से बढ़कर 815 सीटें होने से देश की राजनीति पर 3 बड़े असर पड़ेंगे… 1. लोकसभा, राज्यसभा से ज्यादा ताकतवर हो जाएगी 2. महिला आरक्षण के बावजूद, पुरुष सांसदों की सीट घटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी 3. केंद्र सरकार अब 122 मंत्री बना सकेगी ----------- परिसीमन बिल से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… पूरे दक्षिण भारत से 5% ज्यादा सांसद यूपी-बिहार में: लोकसभा सीटें 850 होने से इतना बेचैन क्यों है विपक्ष; क्या वाकई बीजेपी को फायदा केंद्र सरकार एक साथ 3 बड़े काम करने की तैयारी में है- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना, यानी परिसीमन और 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। लेकिन यह इतना सीधा नहीं है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें घटेंगी। विपक्ष पूछ रहा है कि बंगाल चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी क्यों और सबसे बड़ा सवाल- महिला आरक्षण असल में लागू कब से होगा? पूरी खबर पढ़िए...
215 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस ने ‘सरकारी गवाह’बनने की इच्छा जताई
नई दिल्ली। कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 215 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने अब सरकारी गवाह बनने की कोशिश शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की इस जांच में अभिनेत्री ने एक याचिका दायर कर जांच में पूर्ण सहयोग करने और सरकारी गवाह बनने की […] The post 215 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जैकलीन फर्नांडिस ने ‘सरकारी गवाह’ बनने की इच्छा जताई appeared first on Sabguru News .
लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना का एक निचली लीग क्लब खरीदा
मैड्रिड। एफसी बार्सिलोना के पूर्व फॉरवर्ड लियोनेल मेसी ने स्पेन के पांचवें दर्जे के क्लब यूएई कोर्नेला को खरीदने का काम पूरा कर लिया है। अर्जेंटीना के इस दिग्गज खिलाड़ी ने, जो एमएलएस टीम इंटर मियामी के लिए खेलते हैं, बार्सिलोना के बाहरी इलाके में स्थित इस क्लब का 100 प्रतिशत मालिकाना हक हासिल कर […] The post लियोनेल मेसी ने बार्सिलोना का एक निचली लीग क्लब खरीदा appeared first on Sabguru News .
सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकराई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका देते हुए उनकी ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकरा दी है। यह मामला असम पुलिस द्वारा असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी की शिकायत पर दर्ज की गई […] The post सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ट्रांजिट अग्रिम जमानत बढ़ाने की अर्जी ठुकराई appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में कार में आग लगने से 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत
यादगीर। कर्नाटक के यादगीर जिले में शुक्रवार को देवपुर के पास एक कार और एक निजी बस की आमने-सामने की टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई। टक्कर के बाद कार में आग लग गई और वह पूरी तरह जलकर खाक हो गई। पुलिस के अनुसार टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग […] The post कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में कार में आग लगने से 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं जिले के गांव में पेड़ से लटके मिला सेना के जवान व युवती का शव
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के भोड़की गांव में शुक्रवार सुबह एक सेना के एक जवान एवं एक युवती के शव पेड़ से लटके मिले। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह करीब छह बजे गांव के ही एक युवक ने कीकर के पेड़ से लटके इन शवों को देखा और तत्काल ग्रामीणों और पुलिस को […] The post झुंझुनूं जिले के गांव में पेड़ से लटके मिला सेना के जवान व युवती का शव appeared first on Sabguru News .
अलवर में महिला ने 4 साल की बेटी की हत्या के बाद आत्महत्या का किया प्रयास
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र में पुराना राजगढ़ में शुक्रवार को एक महिला ने अपनी ही पुत्री की हत्या करने के बाद खुद पर धारदार हथियार से वार करके आत्महत्या करने का प्रयास किया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह जब परिजनों ने बच्ची को स्कूल के लिए जगाया तब घटना […] The post अलवर में महिला ने 4 साल की बेटी की हत्या के बाद आत्महत्या का किया प्रयास appeared first on Sabguru News .
लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश
नई दिल्ली। राज्यसभा के मनोनीत सदस्य हरिवंश को शुक्रवार को लगातार तीसरी बार उच्च सदन के उप सभापति के पद पर ध्वनिमत से चुन लिया गया। नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने हरिवंश को उप सभापति चुने जाने का प्रस्ताव रखा जिसका भारतीय जनता पार्टी की सदस्य एस फांगनोन कोन्याक ने समर्थन किया। सदन ने […] The post लगातार तीसरी बार राज्यसभा के उप सभापति चुने गए हरिवंश appeared first on Sabguru News .
बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत
बारां। राजस्थान में बारां जिले में अवैध खनन करके सामग्री ले जा रहे एक ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। सूत्रों ने बताया कि बरडिया बस्ती बालाजी धाम के पास स्कूल से अपनी मां के साथ घर लौटते समय पांच वर्षीय योगिता यादव और सात वर्षीय गतिक यादव […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत appeared first on Sabguru News .
कोलकाता ने गुजरात के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी बल्लेबाजी (Video)
KKRvsGT कोलकाता नाईट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडयिम में टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी है। कोलकाता को अभी जीत का खाता खोलना बाकी है वहीं गुजरात 2 मैच जीत चुका है। टीम इस प्रकार हैं: (Playing XI & Impact Player) गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर, इशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, जयंत यादव, कुलवंत खेजरोलिया। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, कैमरन ग्रीन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजरबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, फिन एलन, दक्ष कामरा, कार्तिक त्यागी, सार्थक रंजन, सौरभ दुबे। Toss update from Ahmedabad @KKRiders won the toss and elected to bat first against @gujarat_titans Updates https://t.co/FACeUzse3B #TATAIPL | #KhelBindaas | #GTvKKR pic.twitter.com/1IPWIZTZXC — IndianPremierLeague (@IPL) April 17, 2026
संजय लीला भंसाली का नाम सिनेमाई भव्यता और गहरी भावनाओं का पर्याय है। उनकी अगली बड़ी फिल्म 'लव एंड वॉर' को लेकर पिछले काफी समय से बज बना हुआ है। इस फिल्म में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विक्की कौशल अहम किरदार में नजर आने वाले हैं। फैंस काफी समय से 'लव एंड वॉर' की रिलीज का इंतजार कर रहे है। वहीं अब भंसाली ने अपनी इस फिल्म की रिलीज डेट पर मुहर लगा दी है। मेकर्स ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 'लव एंड वॉर' 21 जनवरी 2027 को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी। A post shared by Bhansali Productions (@bhansaliproductions) फिल्म को गणतंत्र दिवस के लंबे सप्ताहांत का लाभ मिलेगा। 2025 और फिर 2026 के लिए प्रस्तावित इस फिल्म को अब तक दो बार टाला जा चुका है। जानकारों की मानें तो फिल्म के वीएफएक्स और भव्य सेटों के काम की वजह से यह फैसला लिया गया है। सेट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भंसाली अपनी फिल्मों की दुनिया को पर्दे पर आने से पहले लीक होने से बचाने के लिए जाने जाते हैं। 'लव एंड वॉर' के सेट पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के क्रू और मुख्य कलाकारों सहित 500 से अधिक लोगों से स्ट्रिक्ट नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट साइन करवाए गए हैं। सेट पर मोबाइल फोन ले जाने पर भी पाबंदी है। यह फिल्म कई मायनों में खास है क्योंकि इसमें बॉलीवुड की सबसे प्रतिभाशाली तिकड़ी एक साथ आ रही है। रणबीर कपूर पूरे 20 साल बाद संजय लीला भंसाली के पास लौटे हैं। उन्होंने 2007 में 'सावरिया' से डेब्यू किया था। वहीं 'गंगूबाई काठियावाड़ी' के लिए नेशनल अवार्ड जीतने के बाद आलिया एक बार फिर भंसाली के निर्देशन में काम कर रही हैं। विक्की कौशल पहली बार भंसाली के भव्य कैनवस का हिस्सा बनेंगे।
भगवान परशुराम के बारे में 13 अनसुने तथ्य, जानकर रह जाएंगे हैरान
वैशाख माह के शुक्ल पक्ष यानी अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम का जन्मोत्वस मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 2 दिन है- 19 अप्रैल और 20 अप्रैल 2026। उदयातिथि से 20 अप्रैल को जयंती मनाई जाएगी। भगवान परशुराम के बारे में पुराणों और प्राचीन ग्रंथों में कई ऐसे तथ्य छिपे हैं, जो सामान्य चर्चाओं में कम ही सुनने को मिलते हैं। यहाँ उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने और अद्भुत रहस्य दिए गए हैं। 1. वे 'चिरंजीवी' हैं (आज भी जीवित हैं) हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सात महापुरुषों को 'चिरंजीवी' होने का वरदान प्राप्त है। परशुराम जी उन्हीं में से एक हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, वे कलयुग के अंत तक पृथ्वी पर निवास करेंगे और जब भगवान विष्णु का 'कल्कि अवतार' होगा, तब परशुराम जी ही उन्हें अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा (गुरु के रूप में) देंगे। 2. उनका वास्तविक नाम नहीं था परशुराम जन्म के समय उनका नाम 'राम' रखा गया था। चूँकि वे महर्षि जमदग्नि के पुत्र थे, इसलिए उन्हें 'जामदग्न्य' भी कहा जाता था। जब उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या की, तब शिवजी ने प्रसन्न होकर उन्हें एक दिव्य कुल्हाड़ी (परशु) भेंट की। उस 'परशु' को धारण करने के कारण उनका नाम 'परशुराम' पड़ा। 3. एक अनोखा 'परशुराम कुंड' अरुणाचल प्रदेश में 'परशुराम कुंड' नाम का एक तीर्थ स्थल है। कहा जाता है कि अपनी माता का वध करने के बाद (पिता की आज्ञा पर), परशुराम जी का फरसा उनके हाथ से चिपक गया था। उन्होंने इस कुंड के पानी में अपना हाथ धोया, तब जाकर वह फरसा अलग हुआ। आज भी यहाँ हज़ारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। 4. केरल और कोंकण के रचयिता दक्षिण भारत की लोककथाओं के अनुसार, परशुराम जी ने ही केरल, कोंकण और तटीय कर्नाटक की भूमि को समुद्र से निकाला था। कहा जाता है कि उन्होंने अपना फरसा समुद्र में फेंका, जिससे समुद्र पीछे हट गया और उपजाऊ भूमि प्रकट हुई। इसलिए उन्हें इस क्षेत्र का संरक्षक देवता माना जाता है। मान्यता अनुसार परशुराम जी ने हैहयवंशी क्षत्रियों से धरती को जीतकर दान कर दी थी। जब उनके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची तो वे सह्याद्री पर्वत की गुफा में बैठकर वरुण देव की तपस्या करने लगे। वरुण देवता ने परशुराम जी को दर्शन दिए और कहा कि तुम अपना फरसा समुद्र में फेंको। जहां तक तुम्हारा फरसा समुद्र में जाकर गिरेगा, वहीं तक समुद्र का जल सूख कर पृथ्वी बन जाएगी। वह सब पृथ्वी तुम्हारी ही होगी। परशुराम जी के ऐसा करते पर समुद्र का जल सूख गया और जो भूमि उनको समुद्र में मिली, उसी को वर्तमान को केरल कहते हैं। 5. ओणम और परशुराम परशुरामजी ने सर्वप्रथज्ञ इस भूमि पर विष्णु भगवान का मंदिर बनाया। कहते हैं कि वह मंदिर आज भी 'तिरूक्ककर अप्पण' के नाम से प्रसिद्ध है। जिस दिन परशुराम जी ने मंदिर में मूर्ति स्थापित की थी, उस दिन को 'ओणम' का त्योहार मनाया जाता है। 6. मार्शल आर्ट्स के जनक ऐसा भी कहा जाता है कि दुनिया की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक, 'कलारीपयट्टू' (Kalaripayattu), का श्रेय भगवान परशुराम को दिया जाता है। माना जाता है कि उन्होंने ही उत्तर कलारी की स्थापना की और इस कला को ऋषियों व योद्धाओं को सिखाया ताकि वे अपनी और धर्म की रक्षा कर सकें। हालांकि कुछ विद्वान मानते हैं कि इसके जन्मदाता श्रीकृष्ण हैं। 7. परशुराम और गणेश जी का युद्ध एक बार जब परशुराम जी भगवान शिव से मिलने कैलाश गए, तो बाल गणेश ने उन्हें द्वार पर रोक दिया। क्रोध में आकर परशुराम जी ने अपने फरसे से प्रहार किया। गणेश जी जानते थे कि यह फरसा उनके पिता (शिव) ने दिया है, इसलिए उन्होंने उसका सम्मान करते हुए अपना एक दाँत कटवा लिया। इसी के बाद गणेश जी 'एकदंत' कहलाए। 8. भीष्म और कर्ण के गुरु वे केवल शस्त्र चलाने वाले योद्धा ही नहीं, बल्कि महान शिक्षक भी थे। महाभारत के तीन सबसे शक्तिशाली योद्धाओं भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण ने अस्त्र विद्या की शिक्षा परशुराम जी से ही प्राप्त की थी। हालांकि, कर्ण ने अपनी पहचान छुपाकर शिक्षा ली थी, जिसके कारण परशुराम जी ने उसे अंत समय में विद्या भूल जाने का श्राप दिया था। 9. श्री राम को अपनी शक्ति सौंपना रामायण के एक प्रसंग (सीता स्वयंवर के बाद) में जब परशुराम जी और श्री राम का मिलन होता है, तो परशुराम जी को आभास हो जाता है कि श्री राम स्वयं विष्णु के अवतार हैं। तब उन्होंने अपनी समस्त संचित तपस्या और वैष्णव धनुष श्री राम को सौंप दिया था और स्वयं तपस्या के लिए चले गए थे। 10. जीती धरती को किया दान भगवान परशुराम ने कभी राज्य नहीं किया। उन्होंने 21 बार आततायी राजाओं को हराया, लेकिन हर बार जीती हुई भूमि ब्राह्मणों या ऋषियों को दान कर दी और खुद एक सन्यासी की तरह महेंद्र पर्वत पर चले गए। 11. परशुराम ने श्रीकृष्ण को दिया सुदर्शन चक्र: महाभारत के काल में परशुराम जी दक्षिण भारत में गोमांतक पर्वत के आगे कहीं आश्रम में रहती थे। जरासंध के आक्रमण के चलते एक बार श्रीकृष्ण दक्षिण में चले गए। उस काल में दक्षिण में यादवों के 4 राज्य थे। आदिपुरुष, पद्मावत, क्रौंचपुर और चौथा राज्य यदु पुत्र हरित ने पश्चिमी सागर तट पर बसाया था। पद्मावत राज्य में वेण्या नदी के तट पर भगवान परशुराम निवास करते थे। श्रीकृष्ण ने उनसे वहीं उनके आश्रम में मुलाकात की तो परशुराम ने उन्हें सुदर्शन चक्र भेंट करके कहा कि यह तुम्हारा ही अस्त्र है। 12. परशुराम ने श्रीराम को दिया कोदंड धनुष: जब प्रभु श्रीराम ने शिवजी का धनुष तोड़ दिया था तब परशुराम जी क्रोधित होकर वहां आ धमके थे। परंतु उन्होंने श्रीराम में विष्णु जी के दर्शन किए और उस समय विश्वामित्र ने भी उन्हें बताया था कि आपके अवतार रहने का समय समाप्त हो चुका है और अब विष्णु जी स्वयं प्रभु श्रीराम के रूप में हैं। तब परशुराम जी ने रामजी को कोदंड नाम का धनुष दिया। 13. परशुराम ने कर्ण को दी ब्रह्मास्त्र की शिक्षा: जब द्रोणाचार्य ने कर्ण को ब्रह्मास्त्र विद्या सिखाने से इनकार कर दिया, तब वे परशुराम के पास पहुंच गए। परशुराम ने प्रण लिया था कि वे इस विद्या को किसी ब्राह्मण को ही सिखाएंगे, क्योंकि इस विद्या के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया था। कर्ण यह सीखना चाहता था तो उसने परशुराम के पास पहुंचकर खुद को ब्राह्मण का पुत्र बताया और उनसे यह विद्या सीख ली। बाद में इस छल का परशुराम जी को पता चला तो उन्होंने कर्ण को श्राप दिया कि जब तुझे इस विद्या की सबसे ज्यादा जरूरत होगी तब तू इसे भूल जाएगा।
हार्दिक पंड्या की कप्तानी पर सवाल, टीम के खराब प्रदर्शन पर यह कहा
IPL 2026 में मुंबई इंडियंस के लगातार चौथा मैच हारने के बाद उनके कप्तान हार्दिक पंड्या ने कहा कि टीम को अपनी क़िस्मत बदलने के लिए “कुछ कठिन सवालों” के जवाब ढूंढने होंगे।उनकी ताज़ा हार पंजाब किंग्स के ख़िलाफ़ आई, जिन्होंने एमआई को 195/6 पर रोका और फिर 16.3 ओवरों में ही सात विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इसका मतलब यह रहा कि एमआई पांच मैचों में सिर्फ़ एक जीत के साथ पॉइंट्स टेबल में नौवें स्थान पर बनी हुई है। उनकी कप्तानी पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। मैच के दौरान भी उन्होंने गेंदबाजी करते वक्त जसप्रीत बुमराह से सलाह लेना उचित नहीं समझा जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। इसकी कप्तानी और एटीट्यूड से आईपीएल मे मुंबई इंडियंस टीम बस एक कोलकाता से आगे है,9 वें नंबर पर... pic.twitter.com/bsH7LS0tHj — Dinesh Dangi (@dineshdangi84) April 16, 2026 पंड्या ने मैच के बाद कहा, “हमें सच में देखना होगा कि क्या हमें कुछ मुश्किल फ़ैसले लेने की ज़रूरत है या हमें इसी तरह आगे बढ़ते रहना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि चीज़ें बदल जाएंगी। ये कुछ कठिन सवाल हैं, जिनका जवाब हमें देना होगा और इसकी ज़िम्मेदारी भी लेनी होगी। “मेरे पास अभी कहने के लिए ज़्यादा कुछ नहीं है। मुझे लगता है हमें फिर से शुरुआत करनी होगी और देखना होगा कि हम कहां कमी कर रहे हैं। क्या यह व्यक्तिगत स्तर पर है, क्या टीम के तौर पर है, या प्लानिंग में कोई कमी है? हम इसे समझेंगे और देखेंगे कि आगे क्या किया जा सकता है।” The Legacy built over the years is getting broken brick by brick Wankhede used to be our Fortress but now #IPL #IPL2026 @mipaltan pic.twitter.com/B7YJJO0r3y — MI Blud (@micricket2013) April 17, 2026 साथ ही, पंड्या ने विपक्ष को तीनों विभागों में बेहतर खेलने का श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है हमें उन्हें भी क्रेडिट देना चाहिए। पहली पारी में गेंद रिवर्स होने लगी थी और उस समय ओस नहीं आई। दूसरी पारी में ओस आई और पिच थोड़ी बेहतर हो गई। लेकिन इसके बावजूद, उन्होंने हमें हर विभाग में मात दी। उन्होंने बेहतर गेंदबाज़ी की, बेहतर बल्लेबाज़ी की और फ़ील्डिंग भी बेहतर की और यही हमारे मैच हारने की वजह बनी।”
Financial success mantra: अक्षय तृतीया का अवसर केवल सोना खरीदने का नहीं, बल्कि अपनी किस्मत को चमकाने और दरिद्रता को जड़ से मिटाने का महापर्व है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं, तो इस 'आखा तीज' पर मां लक्ष्मी के इन सिद्ध मंत्रों के साथ अपनी तिजोरी के द्वार खोल सकते हैं। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: बस ये 15 दान बदल देंगे आपकी किस्मत, बरकत के लिए घर लाएं ये 12 चीजें शास्त्रों की मानें तो अक्षय तृतीया एक ऐसा 'स्वयंसिद्ध मुहूर्त' है जिसमें सितारों की स्थिति आपके हर प्रयास को सफल बनाती है। इस दिन शाम के समय की गई साधना सीधे मां लक्ष्मी तक पहुंचती है। आइए यहां प्रस्तुत हैं अक्षय तृतीया पर प्रभावशाली लक्ष्मी साधना... साधना की तैयारी: सही विधि, सटीक परिणाम दिशा ज्ञान: अक्षय तृतीया पर्व की शाम को शांत मन के साथ उत्तर दिशा (Kuber Direction) की ओर मुख करके बैठें। आसन: लाल रंग के आसन का प्रयोग करें, यह ऊर्जा और लक्ष्मी का प्रतीक है। स्थापना: एक चौकी पर लाल मखमली कपड़ा बिछाएं और उस पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। विशेष यंत्र: मां के सम्मुख 10 लक्ष्मीकारक कौड़ियां रखें (यह धन को आकर्षित करने का प्राचीन तांत्रिक माध्यम है)। प्रकाश: शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें जो पूरी साधना के दौरान जलता रहे। प्रक्रिया: मां का विधि-विधान से पूजन करें, प्रत्येक कौड़ी पर सिंदूर का तिलक लगाएं और लाल चंदन की माला हाथ में लेकर एकाग्र हो जाएं। धन-वर्षा के 5 चमत्कारी मंत्र अपनी जरूरत और श्रद्धा के अनुसार निम्न में से किसी भी एक मंत्र की 5 माला का जाप करें: 1. ॐ आद्य लक्ष्म्यै नम: - जीवन की बाधाओं को दूर कर नई शुरुआत के लिए जपें ये मंत्र। 2. ॐ विद्या लक्ष्म्यै नम: - बुद्धि और कौशल से धन कमाने के लिए इस मंत्र को जपें। 3. ॐ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम: - वैवाहिक सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति हेतु इसका जाप करें। 4. ॐ अमृत लक्ष्म्यै नम: - स्थिर लक्ष्मी और आरोग्य के लिए इसे जपें। 5. सिद्ध महामंत्र: 'ॐ पहिनी पक्षनेत्री पक्षमना लक्ष्मी दाहिनी वाच्छा भूत-प्रेत सर्वशत्रु हारिणी दर्जन मोहिनी रिद्धि सिद्धि कुरु-कुरु-स्वाहा।' - यह मंत्र शत्रुओं का नाश कर व्यापार में अटकी हुई सफलता को वापस दिलाता है। ALSO READ: जैन धर्म में अक्षय तृतीया मनाने के 10 कारण जानें क्यों खास है यह साधना? अक्षय तृतीया पर किया गया यह लघु अनुष्ठान आपके जीवन से 'आर्थिक ग्रहण' को हटा देता है। लाल चंदन की ऊर्जा और मंत्रों की शक्ति जब कौड़ियों से टकराती है, तो वे अभिमंत्रित हो जाती हैं। पूजा के बाद इन कौड़ियों को अपनी तिजोरी या गल्ले में रखें। परिणाम: व्यापार में अप्रत्याशित बढ़त, कर्जों से मुक्ति और साल भर घर में बनी रहने वाली बरकत। टिप: साधना के दौरान पूर्ण विश्वास रखें, क्योंकि मां लक्ष्मी वहां निवास करती हैं जहां श्रद्धा 'अक्षय' होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Akshaya Tritiya गोल्ड रेट अलर्ट: सोने की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल, क्या इस अक्षय तृतीया गोल्ड खरीदना है फायदे का सौदा?
एक्सेल एंटरटेनमेंट की एक्शन थ्रिलर में दिखेगा सनी देओल का नया अवतार, फिल्म को लेकर बढ़ा बज
रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की 'एक्सेल एंटरटेनमेंट' भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस में से एक है। हाल ही में उन्होंने सनी देओल के साथ अपने अगले बड़े प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जिसे ए.आर. मुरुगादॉस भी प्रोड्यूस करेंगे। फिल्म में ज्योतिका भी हैं, जो इस प्रोजेक्ट में उनके साथ एक अहम किरदार निभा रही हैं। सनी देओल इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं, और 'बॉर्डर 2' की कामयाबी के बाद इस खबर ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोर ली हैं। एक्टर के करीबी एक सूत्र ने खुलासा किया है कि इस फिल्म में सनी एकदम नए ज़ोन में नजर आएंगे। रितेश, फरहान और मुरुगादॉस के साथ यह उनका पहला कोलाबोरेशन है, जो उनके करियर का एक रोमांचक नया अध्याय साबित होगा। एक्टर के करीबी सूत्र के अनुसार, लगातार मास एंटरटेनर फिल्मों के साथ एक धमाकेदार दौर के बाद, सनी देओल अब रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस के साथ अपनी पहली फिल्म के लिए एक बिल्कुल नए किरदार और ज़ोन में कदम रख रहे हैं। यह एक्सेल एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस प्रोड्यूस कर रहे हैं। यह अपनी तरह की अलग एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी, जिसका निर्देशन बालाजी गणेश करेंगे। इस खबर ने दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है, क्योंकि उन्हें सनी देओल को एक नए अवतार में देखने का मौका मिलेगा। दूसरी ओर, चेन्नई के फिल्ममेकर बालाजी गणेश, जो लंबे समय तक ए.आर. मुरुगादॉस के को-डायरेक्टर रहे हैं, इस सस्पेंस थ्रिलर के साथ बतौर डायरेक्टर अपनी शुरुआत कर रहे हैं। उनके पास कहानी, निर्देशन और बड़े पैमाने के प्रोडक्शन का अच्छा अनुभव है। यह फिल्म एक्सेल एंटरटेनमेंट का प्रोडक्शन है, जिसे रितेश सिधवानी, फरहान अख्तर और ए.आर. मुरुगादॉस ने प्रोड्यूस किया है, जबकि कासिम जगमगिया, विशाल रामचंद्रनी, आदित्य जोशी, सुनील जैन और यूसुफ शेख इसके को-प्रोड्यूसर हैं। सनी देओल की लीड रोल वाली यह एक्शन थ्रिलर फिल्म 27 फरवरी 2026 को फ्लोर पर आ चुकी है। फिलहाल फिल्म की शूटिंग चल रही है, जिसने फैंस के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट पैदा कर दी है।
एक्स्ट्रा-मैरिटल रिश्तों वाले ऐप बदल रहे हैं शादी के मायने
भारत में कई लोग शादी के बाहर अपनी भावनात्मक और शारीरिक जरूरतें पूरा करने के लिए 'ग्लीडन' जैसे ऐप्स को अपना रहे हैं। बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों के अलावा लखनऊ और पटना जैसे शहरों में भी इसके यूजर तेजी से बढ़े हैं।
‘गाँव से लौटते हुए’ : स्मृतियों, संवेदनाओं और बदलते ग्राम्य जीवन का काव्यात्मक दस्तावेज
डॉ. पारुल के कविता संग्रह ‘गाँव से लौटते हुए’ की समीक्षा—ग्राम्य जीवन, स्मृतियों, रिश्तों और बदलते सामाजिक यथार्थ का संवेदनात्मक विश्लेषण।
‘अगर हिम्मत है, तो गोली चलाओ।’ हिंदी के विरोध में प्रोटेस्ट कर रहे लड़के ने सेंट्रल फोर्स के जवान को ललकारते हुए कहा। जवान ने उसके पैर में गोली मार दी। आसपास मौजूद लोग लड़के को अस्पताल ले गए। मरहम-पट्टी हुई, लेकिन वो लंगड़ाते हुए फिर सड़क पर आ गया। कुछ देर में फिर गोली लगी और उसकी मौत हो गई। तमिलनाडु में इस लड़के को ‘अनडेड प्रोटेस्टर’ यानी जिंदा आंदोलनकारी माना जाता है। 1965 में ऑफिशियल लेंग्वेज एक्ट के विरोध में मदुरै से लेकर चेन्नई तक लोग सड़कों पर उतर आए थे। प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने सेंट्रल फोर्स भेज दी। फायरिंग में 70 लोग मारे गए। विरोध में तीन लोगों ने खुद को आग लगा ली। ये प्रोटेस्ट ‘हिंदी विरोध’ और पोलाची नरसंहार के तौर पर जाना जाता है। इसके बाद तमिलनाडु से कांग्रेस खत्म हो गई और DMK ने अपनी जगह बना ली। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ तो क्या तमिलनाडु में हिंदी विरोध अब भी है? पढ़िए ये रिपोर्ट… केंद्र की प्रॉपर्टी पर हिंदी, राज्य की बिल्डिंग से गायब भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। बड़े-बड़े अक्षरों में हिंदी में लिखा है- पुरट्चि तलैवर डॉ. एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन। यहां से करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है, सिर्फ तमिल और अंग्रेजी लिखी है। मैं रिपोर्टिंग के लिए भारत के ज्यादातर नॉन हिंदी राज्यों में गया हूं। थोड़ी बहुत हिंदी सभी को आती है। तमिलनाडु की सड़कों पर घूमते हुए हिंदी बिल्कुल नहीं सुनाई देती। ऑटो ड्राइवर से लेकर दुकानदार तक, किसी से बात करनी हो, तो बस अंग्रेजी विकल्प है। चेन्नई सेंट्रल के ठीक सामने एक और रेलवे स्टेशन है चेन्नई पार्क। स्टेशन केंद्र सरकार की प्रॉपर्टी है, इसलिए यहां तीन भाषाओं में बोर्ड लगे हैं। यहां हिंदी में जो लिखा है, उस पर काला पेंट पोतने के निशान हैं। 11 मार्च को PM मोदी के तमिलनाडु दौरे के पहले हिंदी शब्दों पर ब्लैक पेंट स्प्रे कर दिया गया। नारे लगे ‘तमिल वाज्गा, हिंदी ओझिगा’ मतलब ‘तमिल जिंदाबाद, हिंदी मुर्दाबाद..’ भाषा को लेकर उग्र विरोध और कालिख पोतने की घटनाओं के पीछे राजनीतिक पार्टियां सीधे तौर पर शामिल नहीं होतीं, बल्कि छोटे प्रॉक्सी संगठनों का सहारा लेती हैं। चेन्नई पार्क की घटना के पीछे ‘मई-17’ नाम के संगठन की भूमिका थी। कहने को ये श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे पर काम करता है, लेकिन इस तरह के संगठन का सिर्फ नाम इस्तेमाल होता है। DMK इन घटनाओं का खुलकर समर्थन तो नहीं करती, लेकिन उसके कार्यकर्ताओं की भूमिका होती है। तमिलनाडु में हिंदी विरोध 100 साल पुराना, लोग बोले- हिंदी बोझ है, ढोएंगे नहीं इस तरह के प्रोटेस्ट में शामिल रहे DMK के एक कार्यकर्ता से हमने बात की। वे पार्टी की लेंग्वेज विंग में एक्टिव हैं। नाम नहीं बताना चाहते थे। सुरेश (बदला हुआ नाम) कहते हैं ‘तमिलनाडु के लोग अपनी भाषा को लेकर जज्बाती हैं। हम तमिल के अलावा कोई दूसरी भाषा पसंद नहीं करते। हिंदी थोपने को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ लेकिन सिर्फ तमिल से तो काम नहीं चलेगा, तमिलनाडु के बाहर कैसे बात करेंगे? सुरेश जवाब देते हैं, ‘हम अंग्रेजी से बाकी दुनिया से जुड़ सकते हैं। हिंदी बोझ है। इसे ढोने के लिए मजबूर किया जा रहा है।’ तमिलनाडु में हिंदी के विरोध की राजनीति करीब 90 साल पुरानी है। 1937 में मद्रास प्रेसिडेंसी के CM सी राजगोपालाचारी ने स्कूलों में हिंदी अनिवार्य की थी। इसके खिलाफ तमिलनाडु में आंदोलन खड़ा हो गया। जस्टिस पार्टी के पेरियार ने पहली बार ‘हिंदी थोपना’ जुमले का इस्तेमाल किया। ये सबसे बड़ा नारा बन गया। 1965 में फिर लैंग्वेज एक्ट के विरोध में आंदोलन हुआ। तमिलनाडु में हिंदी हमेशा से वैकल्पिक भाषा ही रही। DMK हो या थलापति सपोर्टर, हिंदी की जबरदस्ती के खिलाफ चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी मदुरै के पास तिंदिवरन की रहने वाली हैं। तमिल भाषा को लेकर काफी इमोशनल हैं। कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ 55 साल के केवी राजन चेन्नई से करीब 500 किमी दूर तिरुपुर में कार एसेसरीज का बिजनेस करते हैं। DMK को पसंद नहीं करते। सुपरस्टार थलापति विजय के समर्थक राजन कहते हैं, ‘तमिलनाडु में कोई पार्टी हिंदी लागू करने की वकालत करेगी, तो उसका कोई समर्थन नहीं करेगा।' 76 साल के रिटायर्ड कर्मचारी एम मुनियांडि भी ‘अनिवार्य हिंदी’ के विरोध में हैं। वे कहते हैं, ‘सेंटर के लोग हिंदी के साथ अनिवार्य लगाते हैं, ये उन्हें छोड़ना पड़ेगा। हिंदी बोलना ही भारतीय होने की इकलौती शर्त नहीं है।’ ‘हिंदी सीखने से कॉन्फिडेंस आया, बोलने में मजा आता है’ ऐसा भी नहीं है कि तमिलनाडु में लोग हिंदी नहीं सीख रहे हैं। 1918 में महात्मा गांधी ने दक्षिण भारत में हिंदी को लिंक लैंग्वेज (जुड़ाव की भाषा) बनाने के लिए ‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ की शुरुआत की। हम चेन्नई में इस संस्था के कैंपस पहुंचे। यहां हिंदी सीख रहीं तनुजा 8 साल से चेन्नई में रह रही हैं। हिंदी प्रचार सभा में बीएड की पढ़ाई कर रही हैं। हिंदी बोलती हैं, लेकिन अटकती जुबान से। मद्रास यूनिवर्सिटी के MA हिंदी में सिर्फ 4 स्टूडेंट हमने हिंदी प्रचार सभा में प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ से पूछा कि तमिलनाडु में तो टू लैंग्वेज पॉलिसी है, तो लोग क्यों हिंदी पढ़ने आते हैं? वे कहते हैं, ‘ये तमिलनाडु सरकार की पॉलिसी है। इस पर मेरा बात करना अच्छा नहीं होगा। मैंने महसूस किया है कि हर कोई हिंदी भाषा पढ़ना चाहता है। इससे बाकी देश के लोगों से जुड़ने में मदद हो सकती है।’ हालांकि, मद्रास यूनिवर्सिटी में हिंदी विभाग की हालत खराब है। मास्टर्स के कोर्स में सिर्फ 4 स्टूडेंट हैं। विभाग प्रमुख प्रोफेसर अन्नपूर्णा कहती हैं कि युवा पीढ़ी इंजीनियरिंग-मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है। कोई भाषा नहीं पढ़ना चाहता। हिंदी तो बहुत दूर की बात है, लोग तमिल तक पढ़ना नहीं चाहते। ‘हिंदी न बोलने वालों को दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बना सकते’ हिंदी से जुड़े सवालों पर हमने DMK नेता एसएएस हफीजुल्लाह से बात की। वे बताते हैं, ‘हिंदी थोपने की कोशिश 90 साल से हो रही है। आप हिंदी न बोलने वालों को दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बना सकते। थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के तहत यही कोशिश हो रही है।’ स्टेशन पर कालिख पोतना और उग्र प्रदर्शन करने से तमिलनाडु की क्या छवि बनेगी, क्या पार्टी इसके समर्थन में है? DMK नेता जवाब देते हैं, हम तीन भाषा फॉर्मूला का विरोध करने वाले हर लोकतांत्रिक विरोध का समर्थन करते हैं। आप तमिलनाडु में आकर हिंदी थोपने की कोशिश करेंगे, तो जवाब मिलेगा। अगर कोई कानून के खिलाफ जाता है, तो सरकार उसके खिलाफ एक्शन लेती है। क्या 80 हजार मंदिरों वाला तमिलनाडु सनातन विरोधी भी है? CM स्टालिन के बेटे उदयनिधि 2023 में सनातन विरोधी बयान की वजह से विवादों में आ गए थे। उन्होंने कहा था, ‘सनातन का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे खत्म करना चाहिए… जैसे डेंगू, मलेरिया, कोरोना जैसी बीमारियों को खत्म किया जाता है।’ बाद में उन्होंने सफाई दी कि मैं किसी धर्म का दुश्मन नहीं हूं। मैं सनातन प्रथा के खिलाफ हूं। क्या आम तमिल भी सनातन को लेकर ऐसा ही सोचते हैं, जबकि तमिलनाडु में देश के सबसे ज्यादा हिंदू मंदिर हैं। इस सवाल के जवाब में कारोबारी केवी राजन कहते हैं, ‘हम उदयनिधि के बयान के साथ नहीं है। ये सब राजनीति है। तमिलनाडु के लोग किसी धर्म के खिलाफ नहीं हैं। हम हिंदू हैं, लेकिन बच्चों के साथ वेलांकनी चर्च जाते हैं। दूसरे धर्म के लोग हमारे मंदिरों में भी आते हैं।’ उदयनिधि हों या स्टालिन, सब पॉलिटिक्स की वजह से बयानबाजी करते हैं। उनके घर में पूजा होती है। घर के सामने श्रीवेणुगोपाल मंदिर हैं, उनकी मां इसी मंदिर में जाया करती थीं। सेलम के रहने वाले कारोबारी कनकराज कहते हैं, ‘हम हिंदू धर्म को मानने वाले लोग हैं। उदयनिधि ने ऐसा क्यों कहा हमें नहीं पता। लेकिन किसी भी धर्म को डेंगू, मलेरिया नहीं कहा जाना चाहिए। ये इलेक्शन का मुद्दा नहीं है। बात होगी सरकार के काम पर और हम उसी पर वोट करेंगे।’ तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग… चेन्नई में मारवाड़ियों के इलाके से ग्राउंड रिपोर्ट… राजस्थानी बोले- हम तमिल बोलते हैं, तमिलों को हिंदी सिखा दी तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई की मिंट स्ट्रीट पर एक बाजार है- सौकार पेठ। यहां राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के करीब डेढ़ लाख लोग रहते हैं। हिंदी विरोध की राजनीति करने वाली DMK ने यहां से मारवाड़ी को पार्षद का टिकट दिया, वे जीते भी। यहां रहने वालीं निर्मला राजपुरोहित राजस्थान से हैं। वे कहती हैं, हमने यहां तमिलों को हिंदी और मारवाड़ी सिखा दी। हमारे घर में नाश्ता भी इडली-सांभर ही होता है।’ पढ़िए पूरी खबर…
रोडवेज कामगारों ने दिया जयपुर में प्रदेश स्तरीय धरना
जयपुर। राजस्थान स्टेट रोडवेज एम्पलाईज यूनियन (एटक) के बैनर तले रोडवेज के बड़ी संख्या में सेवारत एवं सेवानिवृत कामगारों ने गुरुवार को जयपुर में प्रदेश स्तरीय धरना दिया। रोडवेज के मुख्यालय पर आयोजित धरना रोडवेज बचाओ- रोजगार बचाओ नारे के साथ रोडवेज संस्थान, सेवारत कामगारों एवं सेवानिवृत कामगारों के व्यापक हितों की ग्यारह सूत्री मांगों […] The post रोडवेज कामगारों ने दिया जयपुर में प्रदेश स्तरीय धरना appeared first on Sabguru News .
करौली जिले में एसडीएम सहित तीन लोग 60000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
करौली। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को करौली जिले में नादोती की उपखण्ड अधिकारी काजल मीना, उनके रीडर दिनेश कुमार सैनी एवं वरिष्ठ सहायक प्रवीण धाकड को एक मामले में 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी […] The post करौली जिले में एसडीएम सहित तीन लोग 60000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनी-ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए 500 से अधिक महिलाओं से दो करोड़ की ठगी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने पश्चिम बंगाल से एक कुख्यात साइबर जालसाज और जबरन वसूली करने वाले अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर डेटिंग और शादियां तय करवाने वाली वेबसाइटों पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 से अधिक महिलाओं को ठगने और ब्लैकमेल करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आनंद कुमार (35) कई […] The post हनी-ट्रैप और ब्लैकमेलिंग के जरिए 500 से अधिक महिलाओं से दो करोड़ की ठगी appeared first on Sabguru News .
अमरावती में 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी का रिमांड
अमरावती। महाराष्ट्र के अमरावती-परतवाड़ा इलाके में 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उन्हें ब्लैकमेल करने के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है तथा मुख्य आरोपी अयान अहमद को हिरासत में ले लिया गया है। प्रहार जनशक्ति पार्टी (पीजेपा) के नेता एवं पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कडू ने इस […] The post अमरावती में 180 से अधिक नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण मामले में मुख्य आरोपी का रिमांड appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में मंगेतर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में युवक अरेस्ट
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक युवक को अपनी मंगेतर को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक हेमलता शर्मा ने गुरुवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए युवक रितेश उर्फ गगन ओड राजपूत (22) को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत […] The post श्रीगंगानगर में मंगेतर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में युवक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में हार्डवेयर की दुकान में आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात बस स्टैंड के पास स्थित एक हार्डवेयर की दुकान में आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार कालियास गांव में भंवर सिंह चुंडावत की हार्डवेयर दुकान में अचानक आग लग गई जिसने जल्द ही विकराल रूप […] The post भीलवाड़ा में हार्डवेयर की दुकान में आग लगने से लाखों रुपए का नुकसान appeared first on Sabguru News .
अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी और कप्तानी की आलोचना चरम लेकिन विकल्प कम
अजिंक्य रहाणे के लिए हालात काफी अच्छे नहीं चल रहे और उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है जिसे संभवत: कोई खिलाड़ी सुनना नहीं चाहता।ऐसे कई मौके आए हैं जब टीमों की आईपीएल में शुरुआत बेहद खराब रही है लेकिन कोई भी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स जितनी बिखरी हुई और कोई भी कप्तान इतना बेखबर पहले कभी नहीं दिखा। इसके अलावा बल्लेबाजी का अंदाज भी आईपीएल की शुरुआत के समय जितना ही पुराना है। अभिषेक शर्मा और इशान किशन जैसे युवा खिलाड़ियों ने टी20 में बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह से बदल दिया है और अब वैभव सूर्यवंशी ने तो इसे एक बिल्कुल ही नए स्तर पर पहुंचा दिया है। आयुष म्हात्रे और प्रियांश आर्य जैसे खिलाड़ियों को भी नहीं भूलना चाहिए। सैंतीस साल की उम्र में रहाणे के लिए अब इस बदलते खेल के साथ कदम मिलाना या अपनी बल्लेबाजी के तरीके को बदलना नामुमकिन सा है क्योंकि उनकी बल्लेबाजी का तरीका पिछले 20 वर्षों में बनी उनकी ‘मसल मेमोरी’ (शारीरिक आदत) पर आधारित है। अब इस बात पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि रहाणे इस टीम के कप्तान कैसे बने रह सकते हैं जबकि एक बल्लेबाज के तौर पर भी उनकी जगह पक्की नहीं है। पांच मैच में रहाणे सिर्फ सात छक्के लगा पाए हैं लेकिन इससे भी अधिक हैरानी की बात यह है कि उन्होंने सिर्फ आठ चौके जड़े हैं। एक शीर्ष क्रम के बल्लेबाजी के लिए जो या तो पारी का आगाज करता है या फिर तीसरे नंबर पर आता है उसके लिए इस स्तर पर हर मैच में औसतन तीन बाउंड्री लगाना बहुत बड़ी नाकामी मानी जाएगी। रहाणे का स्ट्राइक रेट भी 150 से कम है जो कोविड से पहले के दिनों में अच्छा माना जाता था लेकिन अब उस खिलाड़ी के लिए एक निराशाजनक तस्वीर पेश कर रहा है जो देश के लिए 80 से टेस्ट मैच खेल चुका है और सम्मानित पूर्व टेस्ट कप्तान है। रहाणे बस अपनी साख को धूमिल कर रहे हैं लेकिन उनके हित में सबसे बड़ी चीज यह है कि नाइट राइडर्स के पास कोई विकल्प नहीं है। उप कप्तान रिंकू सिंह भी उतनी ही खराब फॉर्म में हैं। टीम में कप्तानी का कुछ अनुभव रखने वाला एकमात्र अन्य खिलाड़ी रोवमैन पॉवेल है जिसने वेस्टइंडीज के लिए 37 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में कप्तानी की है। Ajiyanka Rahane against spin bowling in IPL since 2023 : vs Pace - 171.0 SR || 40.00 Avg. vs Spin - 119.30 SR || 20.30 Avg. Rahane struggled against spin bowlers !! pic.twitter.com/WE3OWKD9cv — VIKAS (@Vikas662005) April 9, 2026 टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका जीत का प्रतिशत 51 है लेकिन इस समय पॉवेल भी एक बेहतर विकल्प लगते हैं। रहाणे और मुख्य कोच अभिषेक नायर के शिष्य अंगकृष रघुवंशी (155 के स्ट्राइक रेट से 182 रन बनाकर नाइट राइडर्स के मौजूदा शीर्ष स्कोरर) दोनों के शीर्ष चार में बल्लेबाजी करने के बावजूद नाइट राइडर्स को अधिकतर पावरप्ले में कभी भी वैसी जोरदार शुरुआत नहीं मिली जैसी मंगलवार को चेपक में मिली थी। इसकी पूरी जिम्मेदारी C.E.O वेंकी मैसूर और नायर सहित नाइट राइडर्स के टीम प्रबंधन के सभी बड़े अधिकारियों पर आती है कि उन्होंने एक ऐसी टीम बनाई है जिसमें कोई उपयुक्त विकल्प मौजूद नहीं हैं। भले ही रहाणे को बाहर बिठा दिया जाए लेकिन उनके पास ऐसे कोई बेहतरीन भारतीय रिजर्व खिलाड़ी नहीं हैं जो आकर पहले ही मैच से टीम को लय दे सके। एक युवा खिलाड़ी जिसमें स्वाभाविक रूप से जोरदार हिटिंग करने की क्षमता है वह दिल्ली के तेजस्वी दहिया हैं। कुल मिलाकर नाइट राइडर्स के लिए हालात काफी गंभीर दिख रहे हैं और रहाणे के हाथ में कमान होने से ऐसा लगता है कि टीम का अभियान प्रतिकूल दिशा में जा रहा है।
मीन राशि में बना चतुर्ग्रही योग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ
वर्तमान में मंगल, शनि, बुध और चंद्र की मीन राशि में युति बनी है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब एक ही राशि में चार ग्रहों का मिलन होता है, तो उसे 'चतुर्ग्रही योग' कहा जाता है। अप्रैल 2026 में मीन राशि में ग्रहों की यह विशेष स्थिति बनने जा रही है, जो ब्रह्मांडीय ऊर्जा में बड़ा बदलाव लाएगी। मीन राशि जल तत्व की और गुरु की राशि है, इसलिए यहाँ ग्रहों का जमावड़ा आध्यात्मिक और आर्थिक प्रगति के द्वार खोलता है। यहाँ उन 5 भाग्यशाली राशियों के बारे में बताया गया है, जिनके लिए यह योग 'वरदान' साबित होने वाला है। 1. वृषभ राशि (Taurus) वृषभ राशि वालों के लिए यह योग आय के भाव में बनेगा। लाभ: आपकी आमदनी के नए स्रोत खुलेंगे। यदि कोई पुराना निवेश अटका हुआ था, तो वह इस समय मोटा मुनाफा दे सकता है। विशेष: सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और बड़े भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा। 2. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और कर्म के क्षेत्र में बड़ी सफलता लेकर आएगा। लाभ: जो लोग नौकरी की तलाश में हैं या स्विच करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय सुनहरा है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और पदोन्नति (Promotion) के योग बनेंगे। विशेष: व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। 3. कर्क राशि (Cancer) यह योग आपके भाग्य स्थान (नौवें भाव) में बन रहा है, जिससे 'किस्मत का पहिया' आपके पक्ष में घूमेगा। लाभ: लंबी दूरी की यात्राएं फलदायी रहेंगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते आसान होंगे। विशेष: पिता या गुरु के सहयोग से कोई बड़ा काम सिद्ध होगा। 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय रचनात्मकता और संतान पक्ष से सुखद समाचार लेकर आएगा। लाभ: प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। जो लोग कला, लेखन या डिजाइनिंग के क्षेत्र में हैं, उन्हें बड़ी पहचान मिलेगी। विशेष: अचानक धन लाभ (जैसे शेयर मार्केट या लॉटरी) की संभावना बढ़ जाएगी। 5. मीन राशि (Pisces) चूंकि यह योग आपकी अपनी ही राशि (लग्न) में बन रहा है, इसलिए सबसे सकारात्मक बदलाव आपके व्यक्तित्व में दिखेगा। लाभ: आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा। पुरानी बीमारियों से छुटकारा मिल सकता है और मानसिक शांति का अनुभव होगा। विशेष: वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी और साझेदारी के कामों में लाभ होगा। शुभ फल बढ़ाने के उपाय: इस चतुर्ग्रही योग का अधिकतम लाभ उठाने के लिए: प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। गुरुवार के दिन चने की दाल या पीले फलों का दान करें।
दिशा पाटनी ने ट्रैकसूट में दिखाया बोल्ड अवतार, क्रॉप हुडी में फ्लॉन्ट किए टोन्ड एब्स
बॉलीवुड की ग्लैमर गर्ल दिशा पाटनी अपनी हॉट एंड ग्लैमरस तस्वीरों से इंटरनेट पर तहलका मचाती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने कुछ ऐसी हॉट तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्होंने इंटरनेट का तापमान बढ़ा दिया है। इन तस्वीरों में दिशा ने न केवल अपना बोल्ड और सेक्सी अंदाज़ दिखाया है, बल्कि 2000 के दशक के लोकप्रिय यो2के फैशन को भी एक नए, फ्रेश अवतार में पेश किया है। दिशा पाटनी 'जूसी कॉट्योर' ब्रांड का एक ब्लैक वेल्लोर ट्रैकसूट पहने नज़र आ रही हैं। इस आउटफिट में उन्होंने एक क्रॉप की गई ज़िपर हुडी पहनी है, जिस पर क्रिस्टल से सजे J लोगो और Juicy शब्द लिखे हैं। हुडी के नीचे से दिशा की टोन्ड एब्स और वेस्ट साफ़ नज़र आ रही है, जिसे उन्होंने वेली चेन्स की कई लेयर्स के साथ और भी आकर्षक बनाया है। इसके साथ दिशा ने बेल बॉटम स्टाइल का फ्लैड पैंट पहना हैं, जिन पर पीछे की तरफ क्रिस्टल से सजे Juicy शब्द लिखे हुए हैं। तस्वीरों में दिशा एक से बढ़कर एक अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। वह अपना क्लीवेज फ्लॉन्ट करती नजर आ रही हैं। दिशा ने मिनिमल मेकअप, न्यूड लिपस्टिक और खुले कर्ली बालो के साथ अपना लुक कम्प्लीट किया है। वेली चेन्स और स्टैक्ड ब्रेसलेट्स ने इस लुक में एक एक्स्ट्रा ग्लैमर जोड़ दिया है। दिशा पाटनी का यह नया लुक उनके फैंस के लिए किसी विज़ुअल ट्रीट से कम नहीं है। तस्वीरों पर कमेंट कर फैंस उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।
Moon in Taurus: सोमवार को अक्षय तृतीया पर चंद्रमा का वृषभ राशि (Taurus) में महागोचर होने जा रहा है। चंद्रमा जब वृषभ राशि में प्रवेश करता है, तो यह स्थिरता, संपत्ति, भावनात्मक संतुलन और मन की शांति का संकेत देता है। वृषभ राशि में चंद्रमा आर्थिक अवसर और मानसिक स्थिरता को बढ़ाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में गोचर करेंगे, जहां पहले से ही शुक्र की स्थिति होने से 'मालव्य' और 'गजकेसरी' जैसे शुभ योगों का प्रभाव देखने को मिलेगा। ALSO READ: Akshaya Tritiya Remedies; अक्षय तृतीया: धन वर्षा के 7 दिव्य उपाय ज्योतिष गणना के अनुसार, चंद्रमा का यह महागोचर 3 विशेष राशियों के लिए 'किस्मत की लॉटरी' खुलने जैसा साबित होगा। आइए जानते हैं वे भाग्यशाली राशियां कौन सी हैं: 1. वृषभ राशि (Taurus): स्वर्ण युग की शुरुआत चंद्रमा आपकी ही राशि (लग्न भाव) में गोचर कर रहे हैं, जो आपके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण और आत्मविश्वास पैदा करेगा। लॉटरी जैसा लाभ : यदि आप लंबे समय से किसी बड़े निवेश या व्यापारिक सौदे का इंतजार कर रहे थे, तो अक्षय तृतीया पर वह फाइनल हो जाएगा। करियर: उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी पदोन्नति के रास्ते खुलेंगे। धन: भूमि-भवन या सोने में किया गया निवेश भविष्य में छप्पर फाड़ रिटर्न देगा। 2. सिंह राशि (Leo): करियर में ऊंची उड़ान चंद्रमा आपके दसवें भाव (कर्म भाव) में गोचर करेंगे, जिससे आपके करियर और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा में जबरदस्त उछाल आएगा। लॉटरी जैसा लाभ: बेरोजगारों को मनचाही नौकरी और नौकरीपेशा लोगों को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। अचानक पैतृक संपत्ति से धन लाभ के प्रबल योग हैं। लव: पार्टनर के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे और परिवार में मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। उपाय: अक्षय तृतीया पर किसी जरूरतमंद को तांबे का पात्र दान करें। ALSO READ: Akshaya Tritiya शॉपिंग गाइड: आखा तीज 2026: बजट कम है? 500 से भी शुरू कर सकते हैं सोने में निवेश, जानें कैसे? 3. वृश्चिक राशि (Scorpio): व्यापार में बंपर मुनाफा चंद्रमा आपके सातवें भाव अर्थात् साझेदारी और विवाह में उच्च के होकर गोचर करेंगे। यह गोचर आपके जीवन में स्थिरता और आर्थिक मजबूती लेकर आएगा। लॉटरी जैसा लाभ: पार्टनरशिप में चल रहे व्यापार में उम्मीद से कहीं अधिक मुनाफा होगा। शेयर मार्केट या पुरानी पॉलिसी से अचानक धन मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: पुरानी किसी बीमारी से छुटकारा मिलेगा और आप मानसिक रूप से काफी हल्का महसूस करेंगे। उपाय: इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और केसर की खीर का भोग लगाएं। अन्य राशियों के लिए छोटा सुझाव: भले ही ये 3 राशियां सबसे अधिक लाभ में हैं, लेकिन अक्षय तृतीया का दिन मेष, मिथुन और धनु राशि वालों के लिए भी निवेश और दान-पुण्य के लिए अत्यंत श्रेष्ठ रहेगा। अक्षय फल के लिए विशेष टिप: इस महागोचर के दौरान यदि आप जौ (Barley) खरीदकर उसे भगवान विष्णु के चरणों में अर्पित करते हैं, तो आपकी आर्थिक स्थिति पूरे वर्ष 'अक्षय' (कभी न घटने वाली) बनी रहेगी। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें
TIME की 100 प्रभावशाली हस्तियों की लिस्ट में शामिल हुए रणबीर कपूर, पत्नी आलिया भट्ट ने लुटाया प्यार
बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर के लिए साल 2026 खुशियों की नई सौगात लेकर आया है। दुनिया की प्रतिष्ठित 'टाइम मैगजीन' ने साल 2026 के लिए दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की अपनी वार्षिक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में रणबीर कपूर इकलौते भारतीय अभिनेता के रूप में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर रणबीर कपूर के फैंस और इंडस्ट्री के सहयोगियों की ओर से बधाइयों का तांता लग गया है। रणबीर की इस ग्लोबल सफलता पर उनकी पत्नी और नेशनल अवार्ड विनर एक्ट्रेस आलिया भट्ट अपनी खुशी जाहीर की है। आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर टाइम मैगजीन का वह स्क्रीनशॉट साझा किया जिसमें रणबीर को जगह मिली है। उन्होंने इसे री-शेयर करते हुए लिखा, 'Looking good baby' और साथ में एक आइसक्रीम इमोजी भी लगाया। आलिया का यह अंदाज उनके फैंस को खूब पसंद आ रहा है, जहां वह एक बार फिर अपने पति की सबसे बड़ी चीयरलीडर के रूप में नजर आई हैं। टाइम मैगजीन के लिए रणबीर कपूर का प्रोफाइल बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना ने लिखा है। आयुष्मान ने रणबीर की कलाकारी की सराहना करते हुए उन्हें 'विरासत' बनाने वाला कलाकार बताया। टाइम 100 की इस सूची में रणबीर कपूर के साथ दुनिया के कई ताकतवर नेता और हस्तियां शामिल हैं। इनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का नाम शामिल है। भारतीय हस्तियों में रणबीर के अलावा मशहूर शेफ विकास खन्ना और गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी इस सूची में अपनी जगह बनाई है।
पैट कमिंस को अपना आदर्श मानते हैं युवा सनराईजर्स गेंदबाज प्रफ़ुल हिंगे
राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के ख़िलाफ़ आईपीएल 2026 में डेब्यू करते हुए विदर्भ के दाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ प्रफ़ुल हिंगे ने सनराइज़र्स हैदराबाद (एसआरएच) को धमाकेदार शुरुआत दिलाते हुए अपने पहले ही ओवर में तीन विकेट निकाल लिए। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी के अलावा ध्रुव जुरेल और लुआन-ड्रे प्रीटोरियस को पवेलियन चलता कर दिया। सीनियर स्तर पर 24 वर्षीय हिंगे का यह केवल दूसरा टी20 मैच था और उन्होंने ओवर की दूसरी ही गेंद पर सूर्यवंशी को चलता कर दिया। इसी ओवर में उन्होंने दो और विकेट निकाले और आईपीएल इतिहास में पारी के पहले ओवर में तीन विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बन गए। इसके बाद हर कोई यह पूछने लगा: यह प्रफ़ुल हिंगे कौन है? हिंगे ने अक्टूबर 2024 में विदर्भ के लिए प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था और पिछले रणजी ट्रॉफ़ी सीजन में उन्होंने 11 पारियों में 26.37 की औसत से 16 विकेट हासिल किए थे। इस मुक़ाबले से पहले उन्होंने एकमात्र टी20 दिसंबर 2025 में सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में खेला था जिसमें उन्होंने 23 रन देकर एक विकेट हासिल किया था। उन्होंने पिछले साल विदर्भ प्रो टी20 लीग में नेको मास्टर ब्लास्टर्स के ख़िताबी सीज़न में अहम भूमिका अदा की थी। हिंगे एक घातक तेज गेंदबाज़ साबित हो सकते हैं और वह अपने कद का अच्छा इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने 12 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। वह एसआरएच के अपने नियमित कप्तान पैट कमिंस को अपना आदर्श मानते हैं और उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर करना चाहते हैं। हिंगे विदर्भ के अपने सीनियर साथी तेज गेंदबाज़ उमेश यादव को भी अपनी प्रेरणा मानते हैं जिनके साथ उन्होंने अपने टी20 डेब्यू पर गेंदबाज़ी की शुरुआत की थी। हिंगे ने कुल मिलाकर 10 प्रथम श्रेणी मुक़ाबले खेले हैं और 27 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने छह लिस्ट ए मुक़ाबले खेलते हुए पांच विकेट हासिल किए हैं।
वैशाख अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए ब्रह्म मुहूर्त और अभिजित मुहूर्त का विशेष महत्व है। जानें 17 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त और क्या करें-क्या न करें। वैशाख मास का महत्व: हिंदू धर्म में वैशाख मास की अमावस्या का विशेष महत्व है। इसे 'सत्तू अमावस्या' के नाम से भी जाना जाता है। साल 2026 में वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से न केवल पितृ प्रसन्न होते हैं, बल्कि जीवन के बड़े से बड़े कष्ट भी दूर हो जाते हैं।यदि आप भी अपनी सोई हुई किस्मत को जगाना चाहते हैं, तो 17 अप्रैल की सुबह कुछ विशेष कार्यों को करना न भूलें। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त और सावधानियां। 17 अप्रैल 2026: शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings) ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:25 से 05:09 तक। स्नान, ध्यान और मंत्र जप के लिए सर्वश्रेष्ठ। अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:55 से 12:47 तक। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम। वैशाख अमावस्या: क्या करें? 1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: संभव हो तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि घर पर हैं, तो पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर नहाएं। 2. पितृ तर्पण: अमावस्या पितरों की तिथि है। सुबह स्नान के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों को जल अर्पित (तर्पण) करें। इससे पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। 3. पीपल की पूजा: इस दिन पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं और सरसों के तेल का दीपक जलाएं। पीपल में त्रिदेवों का वास माना जाता है। 4. दान का महत्व: वैशाख का महीना गर्मी का होता है। इसलिए इस दिन जल पात्र (कलश), सत्तू, पंखा, और मौसमी फलों का दान करना 'अश्वमेध यज्ञ' के समान पुण्य देता है। 5. चींटियों को भोजन: आर्थिक उन्नति के लिए सूखे आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को खिलाएं। भूलकर भी न करें ये काम: 1. देर तक न सोएं: अमावस्या की सुबह सूर्योदय से पहले उठना अनिवार्य है। देर तक सोने से शरीर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। 2. तामसिक भोजन से परहेज: इस दिन मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज का सेवन बिल्कुल न करें। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें। 3. वाद-विवाद से बचें: घर में कलह या किसी का अपमान न करें। विशेषकर बुजुर्गों और महिलाओं का सम्मान करें, अन्यथा पितृ रुष्ट हो सकते हैं। 4. सुनसान जगहों पर न जाएं: माना जाता है कि अमावस्या की रात नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होती हैं, इसलिए रात के समय श्मशान या सुनसान रास्तों पर जाने से बचें। 5. ब्रह्मचर्य का पालन: इस पवित्र तिथि पर संयम रखें और ब्रह्मचर्य का पालन करें। ब्रह्म मुहूर्त में क्यों है पूजा का महत्व? वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टिकोणों से ब्रह्म मुहूर्त में वातावरण सबसे शुद्ध होता है। वैशाख अमावस्या पर यदि आप प्रात: 4:30 के आसपास उठकर 'ॐ पितृभ्य: नम:' या 'ॐ अर्यमायै नमः' का जाप करते हैं, तो पितृदोष से मुक्ति एवं मानसिक शांति के साथ-साथ संकल्प शक्ति में वृद्धि होती है। वैशाख अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को दान और अध्यात्म का संगम है। यदि आप विधि-विधान से पितरों का स्मरण करते हैं और शुभ मुहूर्त का लाभ उठाते हैं, तो आपके घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होगा।
क्या सलमान खान की 'मातृभूमि' सिनेमाघरों के बजाए होगी OTT पर रिलीज?
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान बीते काफी समय से अपनी अपकमिंग फिल्म 'मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस' को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' था, जिसे बाद में बदल दिया गया। वहीं फिल्म की रिलीज डेट पर काफी समय से संशय है। हाल ही में 'मातृभूमि' को रक्षा मंत्रालय ने देखा था। जिसके बाद रक्षा मंत्रालय के अनुरोध पर फिल्म में चीन का जिक्र हटाने के बाद इसमें बड़े बदलाव किए गए। बदलाव के बाद रक्षा मंत्रालय, आर्मी और सेंसर बोर्ड में से किसी ने भी फिल्म को अभी तक नहीं देखा है। इसके बाद से अटकलें लगाई जा रही थीं कि सेंसरशिप और 'संवेदनशील' कंटेंट के कारण यह फिल्म सीधे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो सकती है। हालांकि, अब फिल्म से जुड़े करीबी सूत्रों ने इन तमाम दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि सलमान खान अपनी इस 'मग्नम ओपस' को केवल बड़े पर्दे पर ही लाने की तैयारी में हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सलमान खान एक मेगास्टार हैं और उन्होंने 'मातृभूमि' को बहुत बड़े स्तर पर बनाया है। यह पूरी तरह से एक बड़े पर्दे की फिल्म है, और सलमान और निर्देशक अपूर्व लाखिया इसे सिनेमाघरों में ही रिलीज करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडस्ट्री में एक आम धारणा है कि OTT प्लेटफॉर्म पर सेंसरशिप नहीं होती, इसलिए विवादित फिल्मों को वहां आसानी से रिलीज किया जा सकता है। लेकिन मौजूदा नियमों के अनुसार, किसी भी फिल्म को सीधे स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के लिए भी सरकारी क्लीयरेंस और सर्टिफिकेशन की आवश्यकता होती है। बता दें कि इस फिल्म का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। मार्च 2026 तक इस फिल्म का नाम 'बैटल ऑफ गलवान' था और यह 2020 में भारत-चीन सेना के बीच हुई हिंसक झड़प पर आधारित थी। दिसंबर में जारी हुए टीजर में सलमान खान को चीनी सैनिकों के साथ संघर्ष करते दिखाया गया था, जिस पर चीनी सरकारी मीडिया ने आपत्ति जताई थी। रक्षा मंत्रालय के सुझावों और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को ध्यान में रखते हुए, मेकर्स ने फिल्म में बड़े बदलाव किए। फिल्म का शीर्षक बदलकर अब 'मातृभूमि' कर दिया गया है। फिल्म से 'चीन' और 'गलवान घाटी' के सीधे संदर्भ हटा दिए गए हैं। खबरों के अनुसार फिल्म का लगभग 40% हिस्सा दोबारा शूट किया गया है। इसमें काल्पनिक कहानियों, रोमांस और पारिवारिक भावनाओं पर अधिक जोर दिया गया है। फिल्म में सलमान खान एक आर्मी कर्नल की भूमिका निभा रहे हैं। उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म की कहानी युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सैनिक के त्याग, उसके परिवार की भावनाओं और अटूट साहस की एक भावनात्मक यात्रा पर आधारित है।
Akha Teej 2026 gold investment: अक्षय तृतीया या आखा तीज 2026 आने ही वाला है और यह दिन केवल त्योहार ही नहीं, बल्कि सुनहरा निवेश का अवसर भी है। पारंपरिक रूप से, सोने को शुभ और लाभकारी माना जाता है। लेकिन बहुत से लोग सोचते हैं कि सोने में निवेश करने के लिए बड़ी रकम चाहिए। ALSO READ: अक्षय तृतीया पर बिना पंचांग देखे करें शुभ काम! जानें पूजा विधि, घर लाएं अटूट संपन्नता सच्चाई यह है कि अब 500 रुपए जैसी छोटी रकम से भी सोने में निवेश करना संभव है। आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और गोल्ड कॉइन, गोल्ड ETF जैसी सुविधाओं की वजह से कोई भी व्यक्ति अपने बजट के अनुसार निवेश शुरू कर सकता है। 1. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) 2. मिनी गोल्ड कॉइन (Mini Gold Coins) 3. गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) 4. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स: 500 की SIP 5. सरकारी बॉन्ड या सोने के बचत स्कीम 6. टिप्स: कम बजट में सोने में निवेश करते समय इस लेख में हम जानेंगे कि अक्षय तृतीया 2026 पर कम बजट में सोने में कैसे निवेश करें, कौन से ऑप्शन सुरक्षित हैं और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आखा तीज/ अक्षय तृतीया 2026: 500 रुपए से सोने में निवेश के विकल्प 1. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) * बहुत से प्लेटफॉर्म जैसे Paytm, PhonePe, Google Pay Gold, आदि पर 1 ग्राम या उससे कम सोने में निवेश संभव है। * आप 500 रुपए या उससे कम में गोल्ड यूनिट खरीद सकते हैं। * लाभ: भौतिक सोने की चिंता नहीं, सुरक्षित और आसानी से बेच सकते हैं। 2. मिनी गोल्ड कॉइन (Mini Gold Coins) * सोने की छोटी कॉइनें बाजार में उपलब्ध हैं, जिसमें आप छोटा-छोटा या 12 महीनों के लिए 500 या 1000 रुपए से निवेश सकते हैं। * कई ज्वैलर्स और बैंक 0.5 ग्राम या 1 ग्राम के सोने के सिक्के बेचते हैं। इस निवेश से आप छोटी गोल्ड कॉइन खरीद सकते हैं। * लाभ: त्योहारों पर पूजा और निवेश दोनों के लिए उपयुक्त। 3. गोल्ड ETF (Exchange Traded Fund) * स्टॉक मार्केट के जरिए सोने में निवेश करने का तरीका। * बहुत से ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म पर 500 रुपए से भी निवेश शुरू किया जा सकता है। * लाभ: कम खर्च, सुरक्षित, और आसानी से ट्रेड कर सकते हैं। ALSO READ: Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर सोना नहीं खरीद पा रहे? इन 5 चीजों में से 1 जरूर खरीदें, मिलेगा शुभ फल 4. गोल्ड म्यूचुअल फंड्स: 500 की SIP * अगर आप हर महीने बचत करना चाहते हैं, तो गोल्ड म्यूचुअल फंड्स बेहतरीन हैं। * कैसे करें: आप 500 की मंथली SIP शुरू कर सकते हैं। * फायदा: इसके लिए किसी डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती। यह फंड गोल्ड ETFs में निवेश करता है, जिससे आपको सोने की कीमतों का लाभ मिलता है। 5. सरकारी बॉन्ड या सोने के बचत स्कीम * भारत सरकार की गोल्ड बॉन्ड स्कीम में छोटी रकम से निवेश संभव है। * ब्याज भी मिलता है और सोने का मूल्य बढ़ने पर लाभ भी। 6. टिप्स: कम बजट में सोने में निवेश करते समय 1. हमेशा प्रामाणिक प्लेटफॉर्म या विक्रेता से खरीदें। 2. डिजिटल गोल्ड और ETF के लिए सुनिश्चित करें कि यह SEBI या RBI से मान्यता प्राप्त हो। 3. बजट छोटे होने पर भी नियमित निवेश करें, इससे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलता है। 4. त्योहार और शुभ दिन जैसे आखा तीज या अक्षय तृतीया पर खरीदारी करने से शुभता भी बढ़ती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Akshaya Tritiya Remedies; अक्षय तृतीया: धन वर्षा के 7 दिव्य उपाय
बॉलीवुड के 'चॉकलेट बॉय' से 'एनिमल' के 'अल्फा मैन' तक का सफर तय करने वाले रणबीर कपूर को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में से एक TIME Magazine ने साल 2026 के '100 सबसे प्रभावशाली लोगों' की लिस्ट में शामिल किया है। रणबीर कपूर के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इस साल की लिस्ट में वह बॉलीवुड के एकमात्र एक्टर हैं। उनके साथ इस लिस्ट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और मशहूर शेफ विकास खन्ना जैसे दिग्गज भारतीयों के नाम भी शामिल हैं, जो वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती शक्ति को दर्शाते हैं। लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी समेत अन्य लोग शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, मैक्सिकन राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबॉम, जापान की पहली महिला पीएम सनाए ताकाइची का नाम भी शामिल है। आयुष्मान खुराना ने लिखा रणबीर के लिए विशेष नोट इस खास अवसर पर, नेशनल अवॉर्ड विनर अभिनेता आयुष्मान खुराना ने TIME मैगज़ीन के लिए रणबीर कपूर पर एक विशेष ट्रिब्यूट लिखा। आयुष्मान ने रणबीर की तारीफ करते हुए लिखा, सिनेमा जगत में कुछ कलाकार विरासत का पीछा करते हैं, लेकिन रणबीर कपूर जैसे कलाकार अपनी कला के दम पर खुद एक विरासत बन जाते हैं। आयुष्मान ने आगे बताया कि जहां आज के दौर में सफलता को केवल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन और शोर-शराबे से नापा जाता है, वहीं रणबीर अपने किरदारों में गहराई और 'मौन' का इस्तेमाल कर दर्शकों के दिलों को छूते हैं। उनके अनुसार, रणबीर उस आधुनिक भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं जो अपनी संवेदनशीलताओं को समझना और व्यक्त करना सीख रहा है। रणबीर की इस उपलब्धि के पीछे उनकी पिछली ब्लॉकबस्टर फिल्म 'एनिमल' का बड़ा हाथ माना जा रहा है। हालांकि यह फिल्म विवादों में भी रही, लेकिन रणबीर के अभिनय की क्षमता ने वैश्विक समीक्षकों को यह मानने पर मजबूर कर दिया कि वह एक बहुमुखी कलाकार हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर जल्द ही नितेश तिवारी की 'रामायण' में भगवान राम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। हाल ही में इस फिल्म से उनका लुक सामने आया है। इसके अलावा, वह संजय लीला भंसाली की फिल्म 'लव एंड वॉर' में आलिया भट्ट और विक्की कौशल के साथ स्क्रीन शेयर करेंगे।
क्या करोड़ों में होती है सेलिब्रिटी बॉडीगार्ड्स की सैलरी? शाहरुख खान के एक्स बॉडीगार्ड ने खोला राज
बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया में सितारों के साथ साये की तरह रहने वाले बॉडीगार्ड्स हमेशा चर्चा का विषय रहते हैं। अक्सर इंटरनेट पर ऐसी खबरें वायरल होती हैं कि शाहरुख खान के बॉडीगार्ड रवि सिंह या सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा की सालाना कमाई किसी बड़ी कंपनी के CEO के बराबर है। दावा किया जाता है कि सुपरस्टार्स के बॉडीगॉर्डस को साल के 2 से 3 करोड़ रुपये मिलते हैं। लेकिन अब शाहरुख खान के पूर्व बॉडीगार्ड यासीन खान ने इन दावों का सच बताया है। उन्होंने बड़ी सैलरी के दावों को फर्जी बताया है। यासीन खान ने स्पष्ट किया कि सेलिब्रिटी बॉडीगार्ड्स की सैलरी को लेकर जो आंकड़े पेश किए जाते हैं, वे काफी बढ़ा-चढ़ाकर बताए जाते हैं। हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में यासीन ने कहा, सोशल मीडिया अक्सर गलत संदेश फैलाता है। यह सोचना गलत है कि हर बॉडीगार्ड 2-2.5 करोड़ रुपये सालाना कमाता है। हकीकत में, सुरक्षाकर्मियों को एक निश्चित मासिक वेतन मिलता है। इस फील्ड में जो सबसे अनुभवी लोग हैं, उनकी सैलरी भी महीने की करीब 1 लाख रुपये के आसपास होती है। इंटरनेट पर चलने वाली 10 लाख रुपये प्रति माह वाली खबरें महज अफवाह हैं। A post shared by Hindirush (@hindirush) यासीन ने कहा, अगर कोई बड़े स्टार का बॉडीगार्ड है तो उसकी सैलरी फिक्स होती है। जब भी कोई फिल्म बनती है तो उसके लिए अलग कॉन्टैक्ट बनता है। प्रोड्यूसर फिल्म के हिसाब से उन्हें तय रकम देते हैं। पहले फिल्म इंडस्ट्री में सुरक्षाकर्मियों के लिए नियम काफी कठिन थे। प्रोड्यूसर्स केवल ड्राइवर, मेकअप आर्टिस्ट और स्पॉट बॉय को ही सैलरी देते थे। बॉडीगार्ड्स को फिल्म के काम का अलग से कोई मेहनताना नहीं मिलता था। उन्होंने कहा, जब शाहरुख खान के साथ काम करना शुरू किया तो लगा कि काम तो हम भी कर रहे हैं। हमें सैलरी तो मिल रही थी, लेकिन बस उतनी ही जिससे गुजारा कर सकें। यासीन ने ही इस सिस्टम को बदलने की पहल की। उन्होंने शाहरुख खान और गौरी खान से अनुमति लेकर प्रोड्यूसर्स से बात की कि जब फिल्म की शूटिंग के दौरान बॉडीगार्ड्स अपनी सेवाएं दे रहे हैं, तो उन्हें भी अन्य स्टाफ की तरह कॉन्ट्रैक्ट मिलना चाहिए। उनकी इस कोशिश का नतीजा यह हुआ कि आज बड़े सितारों के बॉडीगार्ड्स को फिल्मों और विज्ञापनों के लिए अलग से एक तय राशि दी जाती है। यासीन ने इस बात पर जोर दिया कि बॉडीगार्ड्स का काम केवल भीड़ को संभालना नहीं, बल्कि अपनी जान जोखिम में डालकर स्टार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद, उन्हें वह पहचान नहीं मिलती जिसके वे हकदार हैं। यासीन कहते हैं, हमारा काम तभी चर्चा में आता है जब कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए, वरना हम केवल बैकग्राउंड में रहने वाले गुमनाम लोग हैं। यासीन खान ने केवल शाहरुख खान ही नहीं, बल्कि क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के साथ भी काम किया है। शाहरुख के साथ एक दशक बिताने के बाद, उन्होंने साल 2015 में अपनी खुद की सिक्योरिटी कंपनी 'YK PROSEC' शुरू की। आज उनकी कंपनी मुंबई में VIP सुरक्षा और बड़े इवेंट्स को मैनेज करने का काम करती है।
Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया का महापर्व 19 और 20 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन सोना या चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन बिना पंचांग और मुहूर्त देखे बगैर आप कभी भी खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त होता है। यानी पूरा दिन ही शुभ होता है। यदि आप सोना या चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो अन्य 5 शुभ वस्तुओं से कोई भी एक खरीदेंगे तो बहुत ही लाभ और शुभ होगा। अक्षय तृतीया पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त: अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 पूजा और खरीदी का शुभ मुहूर्त: सुबह 11:54 से दोपहर 12:46 तक। 1. मिट्टी का घड़ा: अक्षय तृतीया के दिन मिट्टी का घड़ा खरीदना बेहद शुभ माना जाता है। यह न सिर्फ घर में ठंडक और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है, बल्कि मानसिक शांति और स्थिरता का भी प्रतीक है। मान्यता है कि इससे घर में धन की आवक बनी रहती है और आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होती है। 2. तांबे या पीतल के बर्तन: अगर सोना खरीदना संभव न हो, तो तांबे या पीतल के बर्तन लेना एक अच्छा विकल्प है। शास्त्रों में इन्हें स्वर्ण के समान फल देने वाला माना गया है। इन धातुओं का संबंध पवित्रता और ऊर्जा से होता है, जिससे देवी-देवताओं, विशेषकर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और घर में सकारात्मकता बढ़ती है। 3. कौड़ियां: कौड़ियां मां लक्ष्मी का प्रतीक मानी जाती हैं। अक्षय तृतीया पर इन्हें खरीदकर पूजा में स्थापित करना और बाद में तिजोरी या धन रखने की जगह पर रखना अत्यंत शुभ होता है। ऐसा करने से धन की कमी नहीं रहती और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। 4. जौ या पीली सरसों: जौ और पीली सरसों को शास्त्रों में सोने-चांदी के समान महत्व दिया गया है। इन्हें अक्षय तृतीया के दिन घर लाने और पूजा में उपयोग करने से बरकत बनी रहती है। यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर घर में खुशहाली और समृद्धि लाने में सहायक माने जाते हैं। 5. रुई या सेंधा नमक: कम बजट में भी शुभ खरीदारी करनी हो तो रुई या सेंधा नमक एक बेहतरीन विकल्प है। रुई को शांति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है, जबकि सेंधा नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर परिवार की सेहत और सुख-शांति बनाए रखने में मदद करता है। नोट: उपरोक्त में से आप यथाशक्ति जो चाहें वह खरीद सकते हैं।
भोपाल में किराना कारोबारी की गोली मारकर हत्या, सीने के आर-पार हुई बुलेट; 10 KM दूर मिला शव
भोपाल, 16 अप्रैल (Daily Hindi News)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार शाम एक किराना कारोबारी (Grocery Trader) की गोली मारकर हत्या (Murder Case) कर दी गई। हमलावरों ने सीने में गोली मारी, जो आर-पार निकल गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। यह घटना बैरसिया थाना क्षेत्र की है। मृतक की...
ईरान युद्ध के बाद अमेरिकी सेना में दरार? ‘कॉन्शियस ऑब्जेक्टर’ बनने की बढ़ती मांग ने बढ़ाई चिंता
NPR की रिपोर्ट के अनुसार Iran युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में असंतोष बढ़ रहा है। Donald Trump की नीतियों, सैनिकों के मनोबल और वैश्विक प्रतिक्रिया का विश्लेषण।
US Senate में टकराव: Bernie Sanders ने इज़राइल को हथियार भेजने के खिलाफ छेड़ी लड़ाई
अमेरिका की राजनीति में एक बड़ा मोड़ तब आया जब सीनेटर Bernie Sanders ने सीनेट में इज़राइल को हथियार भेजने के खिलाफ ‘Joint Resolutions of Disapproval’ लाने का फैसला किया
UK की संसद में एक तीखा राजनीतिक टकराव सामने आया है, क्योंकि सांसद एड डेवी ने ईरान संघर्ष से जुड़ी कथित धमकियों को लेकर डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी आलोचना की है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (16 अप्रैल, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 16 April 2026 : करियर: कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: प्रेम संबंधों में मिठास बढ़ेगी। धन: आज अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या थकान हो सकती है उपाय: बजरंगबली को गुड़-चना अर्पित करें। ALSO READ: Satuvai Amavasya 2026: सतुवाई अमावस्या 2026 कब है, जानें मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि वृषभ (Taurus) करियर: आपकी नौकरी में स्थिरता रहेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। धन: व्यापार से धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। मिथुन (Gemini) करियर: कारोबार में नई योजनाओं पर काम शुरू कर सकते हैं। लव: प्रेम जीवन में गलतफहमियां दूर होंगी। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: सर्दी से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अधिक काम करना पड़ सकता है। लव: प्रेम और पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। धन: व्यापर से धन आगमन के योग हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: चंद्र देवता को दूध अर्पित करें। सिंह (Leo) करियर: नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, मान-सम्मान मिलेगा। लव: प्रेम में रोमांस बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: बाहरी कार्य में ध्यान केंद्रित रखें, सफलता मिलेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में संतुलन बनाए रखें। धन: अचानक खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: हरे वस्त्र दान करें। ALSO READ: देवी कुब्जिका जयंती: तंत्र साधना और वक्रेश्वरी की महिमा का महापर्व तुला (Libra) करियर: कारोबार में किसी प्रोजेक्ट की साझेदारी में लाभ होगा। लव: प्रेम जीवन में स्थिरता आएगी। धन: अचानक धन लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: ऑफिस में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। लव: प्रेम जीवन में भावनाओं में बहने से बचें। धन: अचानक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। धनु (Sagittarius) करियर: कारोबारियों को विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंध मजबूत होंगे। धन: अच्छे धन संचय के योग हैं। स्वास्थ्य: फिटनेस पर ध्यान दें। उपाय: पीले वस्त्र धारण करें। मकर (Capricorn) करियर: रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में दूरी आ सकती है, संवाद जरूरी है। धन: धन स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द हो सकता है। उपाय: शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: छात्रों को नए अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम में भावनात्मक गहराई आएगी। धन: व्यापारिक आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: आज नींद पूरी लें। उपाय: जरूरतमंद को कंबल दान करें। मीन (Pisces) करियर: कार्य में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन परिणाम अच्छे होंगे। लव: प्रेम जीवन में उत्साह रहेगा। धन: बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं। ALSO READ: राहु-केतु का मायाजाल: कलयुग में अचानक मिलने वाली सफलता और असफलता का रहस्य
1952 में जब देश में पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, तब संसद में 489 सीटें थीं और आबादी थी करीब 36 करोड़। आज आबादी 140 करोड़ पार कर चुकी है, लेकिन पिछले 50 साल से सीटें 543 पर जमी हैं। अब सरकार ने सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और एक साथ तीन बड़े काम करने की तैयारी में है- लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करना, देश का नया चुनावी नक्शा खींचना (यानी परिसीमन), और 2023 में पास हुए महिला आरक्षण कानून को असल में लागू करना। लेकिन यह इतना सीधा नहीं है। दक्षिण के राज्यों को डर है कि उनकी सीटें घटेंगी। विपक्ष पूछ रहा है कि बंगाल चुनाव से ठीक पहले इतनी हड़बड़ी क्यों और सबसे बड़ा सवाल- महिला आरक्षण असल में लागू कब से होगा? ऐसे ही 8 जरूरी सवालों के जवाब, जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में... सवाल-1: महिला आरक्षण का कानून 2023 में ही पास हो गया था, तो अब तीन नए बिल क्यों लाने पड़े?जवाबः केंद्र सरकार ने 19 सितंबर 2023 को संविधान (128वां संशोधन) विधेयक पेश किया था। इसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान था। 20 सितंबर को लोकसभा, 21 सितंबर को राज्यसभा और 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद यह बिल कानून बन गया। लेकिन लागू नहीं हो सका। क्यों? क्योंकि उस कानून में शर्त थी कि आरक्षण नई जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू होगा। नई जनगणना का डेटा आने में करीब दो साल और लग सकते हैं। यानी परिसीमन 2034 के चुनाव तक टल सकता था। इसी को बदलने के लिए सरकार ने 16 से 18 अप्रैल के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाया है और तीन नए बिल ला रही है: इन बिलों के तीन मकसद हैं… सवाल 2: लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने की जरूरत क्यों पड़ रही है? जवाबः मौजूदा सीटों का बंटवारा 1971 की जनगणना पर आधारित है। तब एक सांसद औसतन 10 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करता था, जो अब बढ़कर 25 लाख से ऊपर पहुंच गया है। लेकिन राजनीतिक जानकार एक और बात भी कहते हैं। लोकसभा में अभी 74 महिला सांसद हैं, यानी सिर्फ 13.6%। 543 सीटों पर 33% आरक्षण लागू होता, तो 181 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होतीं और कई पुरुष सांसदों को अपनी सीटें छोड़नी पड़तीं। इससे पार्टियों के भीतर बगावत का खतरा था। अनुमान है कि परिसीमन के बाद 816 सीटें हो जाएंगी, यानी 273 नई सीटें जुड़ेंगी। लगभग इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी मौजूदा पुरुष सांसदों पर सीधा असर कम होगा। सवाल 3: परिसीमन के लिए 2011 का पुराना डेटा क्यों, नई जनगणना का इंतजार क्यों नहीं?जवाबः लोकतांत्रिक मानकों के हिसाब से परिसीमन हमेशा ताजा जनगणना के आधार पर होना चाहिए। लेकिन अगर 2027 की जनगणना का इंतजार किया गया, तो महिला आरक्षण 2034 तक लागू नहीं हो पाएगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देश की महिलाओं को पत्र लिखा- ‘महिलाओं का अधिकार अब और टाला नहीं जा सकता और 2029 के चुनाव से इसे लागू होना चाहिए।’ लेकिन मोदी सरकार की इस जल्दबाजी पर सवाल भी उठ रहे हैं- इन सवालों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘यह विधेयक 2023 में पास हुआ था। अब बात वादे को पूरा करने की है। संसद ने देश की महिलाओं को 33% आरक्षण देने का वादा किया है। इस वादे को जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए।’ सवाल-4: दक्षिण के राज्यों ने आबादी काबू में रखी, तो क्या अब उनकी सीटें घटेंगी और हिंदी भाषी राज्यों की बढ़ेंगी?जवाबः यह डर नया नहीं है। 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। आज भी यही चिंता है। दक्षिण के राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाया, आबादी काबू में रखी, लेकिन जनसंख्या आधारित परिसीमन में उनका राजनीतिक प्रतिनिधित्व घट सकता है। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अगर परिसीमन से राज्य को नुकसान हुआ तो 1950-60 के दशक जैसा आंदोलन होगा। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने दक्षिण के सभी मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर एकजुट होने और पीएम मोदी से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। इलेक्शन एनालिस्ट से पॉलिटिकल एक्टिविस्ट बने योगेंद्र यादव का कहना है कि अगर 2011 की जनगणना के आधार पर आनुपातिक परिसीमन हुआ तो केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पंजाब को नुकसान होगा, जबकि हिंदी भाषी राज्यों को फायदा। इससे संघीय ढांचे का नाजुक संतुलन बिगड़ सकता है। केंद्र सरकार बार-बार भरोसा दे रही है कि राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी से छेड़छाड़ नहीं होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सीटों का बंटवारा परिसीमन आयोग करेगा और आनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर होगा। इससे दक्षिण को नुकसान नहीं, फायदा होगा। अनुपातिक प्रतिनिधित्व, यानी लोकसभा में राज्यों की मौजूदा हिस्सेदारी की हिसाब से परिसीमन में सीटें बांटी जाएंगी। उदाहरण से समझते हैं- तमिलनाडु में अभी लोकसभा की 39 सीटें हैं, यानी अनुपातिक हिस्सेदारी हुई- (39/543) 100 = 7.18%। अगर लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी, तो इस फॉर्मूले से तमिलनाडु की लोकसभा सीटें बढ़कर 61 हो जाएंगी। सवाल-5: महिलाओं को आरक्षण कब से मिलेगा और परिसीमन कब लागू होगा?जवाबः इसके लिए पहले परिसीमन आयोग बनेगा। इसके अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज होते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त और राज्य चुनाव आयुक्त सदस्य होते हैं। हर राज्य के लिए 5 लोकसभा और 5 विधानसभा सदस्य सहयोगी सदस्य होते हैं। हालांकि इन्हें वोट देने का हक नहीं होता। भारत के पिछले चार परिसीमन आयोगों को अंतिम आदेश जारी करने में 3 से साढ़े 5 साल लगे थे। 2002 में शुरू हुआ परिसीमन 2008 में पूरा हुआ, यानी 6 साल में। सरकार की कोशिश है कि यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव तक लागू हो जाए। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बारी-बारी बदलती रहेंगी। SC/ST कोटे की भी एक-तिहाई सीटें उसी वर्ग की महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। सवाल-6: क्या विधानसभाओं में भी महिला आरक्षण लागू होगा?जवाबः हां। नारी शक्ति वंदन अधिनियम (106वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2023) के तहत लोकसभा के साथ-साथ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। ज्यादातर राज्यों की विधानसभा सीटें 2001 की जनगणना पर आधारित हैं, असम और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर। पूर्वोत्तर के 4 राज्यों- नागालैंड, मणिपुर, अरुणाचल और मिजोरम में तो विधानसभा क्षेत्र 2001 से भी पुराने आधार पर हैं। इसलिए इन सभी जगहों पर भी नए सिरे से परिसीमन होगा। सवाल-7: अगर परिसीमन आयोग का फैसला गलत लगे, तो क्या कोर्ट जा सकते हैं?जवाबः परिसीमन आयोग के आदेश कानून की तरह लागू होते हैं। आर्टिकल 329 और परिसीमन अधिनियम 2002 की धारा 10 के तहत इनके खिलाफ अदालत में नहीं जाया जा सकता। संसद और विधानसभाएं भी इनमें बदलाव नहीं कर सकतीं। हालांकि 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने किशोरचंद्र छगनलाल राठौर बनाम भारत सरकार मामले में एक अहम फैसला दिया। कोर्ट ने कहा कि आर्टिकल 329 न्यायिक समीक्षा को पूरी तरह खत्म नहीं करता। अगर कोई आदेश स्पष्ट रूप से मनमाना हो, समानता और निष्पक्षता जैसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ हो या गलत इरादे से लिया गया हो, तो हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट उसकी जांच कर सकती हैं। छोटे-मोटे सीमा बदलाव जैसे मुद्दों पर कोर्ट दखल नहीं देगा और यह भी ध्यान रखेगा कि उसकी वजह से चुनाव में देरी न हो। हालांकि मीडिया रिपोर्ट है कि 2026 का परिसीमन आयोग ज्यादा ताकतवर होगा, जिसके फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। सवाल-8: संसद में तीनों बिल पास होना कितना आसान या मुश्किल है?जवाबः संविधान संशोधन के लिए लोकसभा में 'विशेष बहुमत' चाहिए। यानी कुल 543 में से कम से कम आधे यानी 272 सांसद उपस्थित होने चाहिए। जितने भी सांसद उपस्थित हों, उनके दो-तिहाई का समर्थन। मान लीजिए सभी 543 सांसद मतदान करें, तो बिल पारित कराने के लिए 362 वोट चाहिए। अभी NDA के पास 292 सांसद हैं। विपक्ष के 233। यानी अकेले NDA बिल नहीं पास करा सकता। विपक्ष का सहयोग जरूरी है। BJP, कांग्रेस, JDU, LJP(R) समेत कई दलों ने व्हिप जारी कर दिया है। माना जा रहा है कि जैसे 2023 में महिला आरक्षण बिल बिना विरोध के पास हुआ था, वैसा इस बार होने की उम्मीद कम है। क्योंकि विपक्षी गठबंधन INDIA का कहना है कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में तो है, लेकिन परिसीमन के खिलाफ है। इसका हम संसद में विरोध करेंगे। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, सरकार जो प्रस्ताव पेश कर रही है, उसका महिला आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। जाति जनगणना को नजरअंदाज कर OBC, दलित और आदिवासियों के हक की चोरी हो रही है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर जैसे राज्यों के साथ किसी भी तरह का अन्याय हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। ------------ चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ममता के सिर पर रॉड मारी, लगा बचेंगी नहीं: बंगाल में जो आता है, क्यों छा जाता है; क्या अब बीजेपी की बारी है जैसे बंगाली रसगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल की सियासत में इस बार कुछ बड़ा पक रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले BJP और RSS खामोशी से अब तक की सबसे बड़ी बिसात बिछा चुके हैं। बूथ से लेकर बॉर्डर तक संगठन एक्टिव हैं। BJP ने सीनियर लीडर रहीं सुषमा स्वराज का फॉर्मूला ‘1 बूथ-10 यूथ’ पश्चिम बंगाल की सभी 294 सीटों पर लागू किया है। क्या है BJP-RSS की 12 रणनीतियां, जो बंगाल की राजनीति का समीकरण बदल सकती है, यही समझने के लिए हम कोलकाता पहुंचे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों का चुनावी माहौल देखा। इसे जितना समझने की कोशिश की, तस्वीर उतनी ही उलझती गई। लोग कह रहे हैं, ‘इस बार बंगाल की राजनीति और मौसम, दोनों का मिजाज एक जैसा है। कब क्या बदल जाए, कहना मुश्किल है। कुछ लोगों का मानना है कि ममता बनर्जी की वापसी लगभग तय है। उनके मुताबिक BJP की सीटें बढ़ सकती हैं, लेकिन सरकार बनाना आसान नहीं होगा। एक वर्ग ये मानता है कि BJP का चुनावी गणित सही बैठ गया, तो सत्ता परिवर्तन बड़ी बात नहीं होगी। 2021 की एक भूल से सबक, BJP ने भी रणनीति बदलीडॉ. धनपत राम अग्रवाल, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह संयोजक हैं। ये संगठन RSS से जुड़ा है और पश्चिम बंगाल में एक्टिव है। डॉ. अग्रवाल बताते हैं, ‘BJP को 2021 में ही सरकार बनाने की उम्मीद थी। उसे 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 सीटें मिली थीं। लोकसभा की एक सीट पर विधानसभा की एवरेज 7 सीटें होती है। पार्टी का गणित था कि विधानसभा चुनाव में 18 7 यानी 126 सीटेें मिल जाएंगी। रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और सिर्फ 77 सीटें मिलीं।’ ‘BJP ने माना कि संगठन की कुछ गलतियां थी। बीते 5 साल में बूथ लेवल तक सुधार किया गया। सभी रीजन- सेंट्रल, नॉर्थ, साउथ बंगाल और जंगल महाल में बूथ लेवल तक तैयारी की गई है। उम्मीद है कि BJP 150 से ज्यादा सीटें जीतेगी।’ BJP की नई स्ट्रैटजी, बॉटम टू टॉप अप्रोचBJP का फोकस किसान, युवा, महिला, व्यापारी और मजदूरों पर है। इन वर्गों से अलग-अलग बैठकें कर उनके सुझाव मेनिफेस्टो में शामिल किए गए। पार्टी इसे बॉटम टू अप स्ट्रैटजी बता रही है। इस बार प्रचार के शोर से ज्यादा माइक्रो मैनेजमेंट पर जोर है। ये 4 हिस्सों में है… 1. वन बूथ-टेन यूथ ये सुषमा स्वराज का दिया फॉर्मूला है। हर बूथ पर 10 युवाओं की टोली तैनात है। उनके साथ अनुभवी कन्वीनर (संयोजक) काम कर रहे है। मंडल स्तर के कार्यकर्ता भी लगे है। कोई बूथ ऐसा नहीं है, जहां BJP के कार्यकर्ता एक्टिव न हों। 2. YM, यानी युवा और महिला फैक्टरBJP की इंटरनल रिपोर्ट में महिलाएं और युवा निर्णायक वोटर समूह के तौर पर सामने आए हैं। इसलिए पार्टी संदेशखाली और आरजीकर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर से रेप की घटनाओं के जरिए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठा रही है। खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां पुरुषों का पलायन ज्यादा है। बंगाल में करीब 3.26 करोड़ महिला वोटर हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में 50% महिलाओं ने TMC को वोट दिया था। इसकी वजह लक्ष्मी भंडार योजना को माना गया। इसके मुकाबले इस बार BJP ने अन्नपूर्णा योजना के तहत 3 हजार रुपए देने का वादा किया है। राज्य में रोजगार और शिक्षा की स्थिति BJP के चुनावी नैरेटिव का अहम हिस्सा है। पार्टी दावा करती है कि इंडस्ट्री में निवेश ठहरा हुआ है। 6800 कंपनियां राज्य छोड़ चुकी हैं। लॉ एंड ऑर्डर की वजह से निवेश नहीं आ रहा है और राज्य पर कर्ज बढ़ा है। 3. दलबदलुओं को तवज्जो नहीं2021 में BJP ने दूसरी पार्टियों से आए 100 से ज्यादा नेताओं को टिकट दिए थे। इनमें ज्यादातर TMC से थे। इससे BJP के पुराने कार्यकर्ता नाराज हो गए। कई नेता चुनाव हारने के बाद TMC में वापस चले गए। इस बार पार्टी ज्यादा अलर्ट रही। दलबदलुओं की बजाय पार्टी नेताओं को तरजीह दी गई। 4. मुस्लिमों को टिकट नहीं BJP ने इस बार एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। 2021 में 6 मुस्लिम कैंडिडेट थे। पार्टी बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा काे भी मुद्दा बना रही है। BJP का ये भी दावा है कि मुस्लिमों का एक धड़ा ममता सरकार से नाराज है। बदलती डेमोग्राफी और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा फैक्टरबांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हिंसा और दीपू दास की हत्या भी एक फैक्टर है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल धीरे-धीरे बांग्लादेश बन रहा है। घुसपैठियों की वजह से सीमा से सटे जिलों की डेमोग्राफी बदल रही है। पश्चिम बंगाल की जमीन का इस्तेमाल बिहार, झारखंड, पूर्वांचल और सीमांचल की डेमोग्राफी बदलने के लिए किया जा रहा है।’ समिक भट्टाचार्य बताते हैं, ‘इस बार चुनाव जनता और तृणमूल कांग्रेस के बीच है। हमने तैयारी कर ली है। पहाड़ से समुद्र तक, कूचबिहार से काकद्वीप तक, दार्जिलिंग से आसनसोल तक, गंगोत्री से गंगासागर तक इस बार BJP की सरकार बनेगी।’ लोगों से बिना डरे वोट देने की अपील, लेकिन RSS पदाधिकारी खुद डरेRSS से जुड़े संगठन पर्चे बांटकर राष्ट्रवादी पार्टी को वोट देने की अपील कर रहा है। पदाधिकारियों के मुताबिक, मतदाताओं से NOTA का इस्तेमाल न करने की अपील की जा रही है, ताकि वे स्थिर सरकार चुनें। लोगों से कहा गया है कि वे सुबह-सुबह वोट डालने जाएं, क्योंकि दोपहर 12 बजे के बाद कई इलाकों में वोटिंग के दौरान गड़बड़ी और हंगामे की आशंका बढ़ जाती है। RSS का रीजनल ऑफिस ‘केशव भवन’ कोलकाता में है। यहां मिले पदाधिकारियों ने कैमरे पर बात नहीं की। हालांकि, एक पदाधिकारी बोले कि अगर TMC के लोग चुनाव में हमें मारेंगे, तो इस बार हम भी उन्हें मारेंगे। फिर तुरंत बोले, ‘ये लिखिएगा मत, वरना वे मुझे जेल में डाल सकते हैं।’ उनकी बात में डर था। हैरानी हुई कि आम लोगों से बिना डरे वोटिंग की अपील करने वाले RSS के लोग खुद इतना डरे हुए हैं। VHP का दावा: BJP 150 सीट जीतकर सरकार बनाएगी, TMC के एक करोड़ वोट घटेंगेRSS पदाधिकारी ने हमारी बात विश्व हिंदू परिषद के नेता सचिंद्रनाथ सिंह से करवाई। वे दावा करते हैं, ‘इस बार BJP 150 सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनाएगी। यह सिर्फ चुनावी उम्मीद नहीं, बल्कि सौ साल की हिंदुत्व साधना की सिद्धि का परिणाम होगा।’ सचिंद्रनाथ सिंह आरोप लगाते हैं कि TMC के कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं पर दबाव बनाते हैं। बच्चों के सिर पर हाथ रखकर TMC को वोट देने की कसम दिलाते हैं। इससे निपटने के लिए गांवों में क्विक रिस्पॉन्स टीम बनाई जा रही हैं। ये संवेदनशील बूथों के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी देंगी। वोटों का गणित समझाते हुए सचिंद्रनाथ सिंह कहते हैं, ‘पिछले विधानसभा चुनाव में BJP को करीब 2.3 करोड़ और TMC को 2.9 करोड़ वोट मिले थे। SIR से TMC के एक करोड़ वोट घट सकते हैं।’ पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा 4.5 लाख नाम मुस्लिम बहुल जिले मुर्शिदाबाद से कम हुए हैं। नॉर्थ 24 परगना में 3.25 नाम हटाए गए हैं। हालांकि हटाए गए वोटर को इसके खिलाफ अपील का एक मौका मिलेगा। जंगल महाल और नॉर्थ बंगाल में BJP मजबूत, साउथ बंगाल TMC का पावर हाउस2021 के विधानसभा चुनाव में BJP नॉर्थ बंगाल में सबसे मजबूत थी। यहां की 54 सीटों में से BJP को 30 और TMC को 24 सीटें मिलीं। कूचबिहार और अलीपुरद्वार में पार्टी ने क्लीन स्वीप किया। जंगलमहाल की 42 सीटों में 17 BJP और 25 TMC को मिली थीं। 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां BJP आगे थी, लेकिन 2021 में TMC ने वापसी की। इस बार BJP दोनों इलाकों को सेफ जोन मान रही है। साउथ बंगाल TMC का सबसे मजबूत गढ़ है। यहां मुस्लिम और शहरी लिबरल वोटर ज्यादा हैं। यहां की 167 सीटों में 153 TMC ने जीती थीं। नॉर्थ और साउथ 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता में उसे एकतरफा जीत मिली थी। BJP को सिर्फ 14 सीटें मिलीं। ये जीत मतुआ आबादी वाले इलाकों में मिले। इस बार BJP यहां उन हिंदू वोटर्स तक पहुंच रही है, जो डर की वजह से वोट डालने नहीं निकलते। पांच पत्तों की इकोनॉमी पर नजर, मतुआ-राजबंशी तक पहुंचा RSSझारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा के अलावा उत्तर बंगाल में आदिवासी आबादी है। इनकी रोजी-रोटी चाय, साल, तेंदू, पान और तंबाकू के पत्तों से चलती है। बंगाल में करीब 42 से 45 लाख आदिवासी वोटर हैं। राज्य की 294 सीटों में से 16 सीटें ST के लिए रिजर्व हैं, लेकिन आदिवासियों का प्रभाव 45 से 50 सीटों पर है। RSS ने इनके इलाकों में शाखाएं बढ़ाईं, स्कूल खोले और स्थानीय त्योहारों के जरिए उनके बीच जगह बनाई। BJP चुनाव में इसी नेटवर्क का इस्तेमाल कर रही है। खासकर जंगलमहाल में, जहां पहले लेफ्ट पार्टियों का मजबूत वोट बैंक था। धीरे–धीरे ये BJP में शिफ्ट हो गया। इसके अलावा BJP ने मतुआ, राजवंशी और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता दिलाने के लिए काम किया। CAA का सबसे ज्यादा असर नॉर्थ 24 परगना, नादिया कूचबिहार, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी में है। 2021 के चुनाव के बाद RSS ने बॉर्डर वाले इलाकों में शाखाएं बढ़ाई हैं। मतुआ बांग्लादेश से आए शरणार्थी हैं। बंगाल की आबादी में इनकी हिस्सेदारी 4% से 5% है। दलित आबादी में ये करीब 17% हैं। ये समुदाय नादिया, नॉर्थ और साउथ 24 परगना में रहता है और करीब 15 सीटों पर जीत-हार तय करता है। इसी तरह राजबंशी समुदाय कूचबिहार, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और दार्जिलिंग की 54 सीटों में से करीब 25-30 सीटों पर निर्णायक हैं। एक्सपर्ट बोले- ममता सरकार के खिलाफ गुस्सा, लेकिन BJP भुना नहीं पा रहीपश्चिम बंगाल की राजनीति पर रिसर्च कर रहे रवींद्र भारती विश्वविद्यालय के प्रोफेसर बिश्वनाथ चक्रवर्ती कहते हैं, ‘पिछले 3-4 चुनावों में TMC ने 30% जीत डर के माहौल से हासिल की है। वे BJP समर्थकों को डराते हैं कि वोट दोगे, तो घर से निकाल देंगे। लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा नहीं मिलेगा, बूथ पर कैमरे से देख लेंगे।’ ‘इस बार चुनाव आयोग ने सुरक्षा बढ़ाई है, लेकिन डर का माहौल फिर भी बना हुआ है। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा के जरिए जीतने की प्रवृत्ति रही है। हाल में मालदा और मुर्शिदाबाद में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन, यानी SIR का काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों पर हमले इसके उदाहरण हैं।’ उन्होंने कहा, ‘TMC और ममता बनर्जी के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी है, लेकिन इसका फायदा BJP को नहीं मिलेगा। BJP के संगठन में कमियां हैं। ये कमियां 2021 में भी थीं। BJP ने ममता के खिलाफ मजबूत CM फेस नहीं दिया। शुभेंदु अधिकारी को विधानसभा में एक्टिव रखा, लेकिन संगठन में उनसे मतभेद रहे।’ ‘पिछले चुनाव के मुकाबले RSS बंगाल में ज्यादा एक्टिव दिख रहा है। BJP का बूथ पर मजबूत संगठन नहीं है, लेकिन RSS के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। PM मोदी और अमित शाह की रैलियों से डोर-टू-डोर कैंपेन तक RSS का योगदान है।’ ‘पिछले 5 साल में ममता सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे, लेकिन BJP बड़ा आंदोलन खड़ा नहीं कर पाई। पार्टी के सीनियर नेता मानते रहे कि गुजरात या मध्य प्रदेश में बिना किसी आंदोलन के सरकार बनी। ऐसे में बंगाल में आंदोलन से फायदा नहीं होगा, लेकिन यहां की राजनीति में आंदोलन जरूरी होते हैं। इसी वजह से BJP का संगठन मजबूत नहीं हो सका।’ प्रो. चक्रवर्ती आगे कहते हैं, ‘पश्चिम बंगाल में डेमोग्राफिक बदलाव हुआ है। राज्य में 35% मुस्लिम आबादी है। ये 146 विधानसभा सीटों में 20% से 80% तक हैं। यहां लेफ्ट-लिबरल वोटर भी मजबूत हैं। लेफ्ट परंपरा काफी लंबी रही है। प्रेसिडेंसी कॉलेज, कलकत्ता यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों से निकले लिबरल सोच वाले लोग ममता के खिलाफ तो हैं, लेकिन BJP की विचारधारा को स्वीकार नहीं करेंगे।’ प्रो. चक्रवर्ती के मुताबिक, ‘BJP ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार और मुर्शिदाबाद दंगों जैसे मुद्दे उठाए हैं। 2021 में BJP को लगभग 94% और 2024 के लोकसभा चुनाव में 95% हिंदू वोट मिले। इसमें बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं दिख रही है।’ ………………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...
‘मई 2025 की बात है, मैंने सोमवार का व्रत रखा था। तभी तौसीफ अत्तार पास आया और मेरे टेबल पर रखी महादेव की मूर्ति देखकर बोला कि क्या ये सच में भगवान हैं। अगर पार्वती ने गणेश को जन्म दिया, तो इन्हें क्यों नहीं पता था। फिर हंसने लगा। वो अक्सर हिंदू धर्म और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता था। एक दिन उसने कहा कि ब्रह्मा ने अपनी बेटी के साथ गलत काम किया था।‘ ‘तौसीफ ऑफिस में बिजनेस प्रोसेस लीडर है। हम एक टीम में नहीं थे, फिर भी वो मेरे पास आता और निजी जिंदगी के बारे में बातें करता। पूछता कि क्या तुम्हारा बॉयफ्रेंड है। वो ऑफिस की लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और आंख मारता। मैंने सीनियर्स से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ, इसलिए पुलिस के पास जाना पड़ा।‘ ये आपबीती 25 साल की उस लड़की की है, जिसकी शिकायत के बाद नासिक पुलिस ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच 9 महिलाओं ने FIR दर्ज कराई। उन्होंने कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर पर सेक्शुअल हैरेसमेंट समेत जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। नई फीमेल वर्कर्स को टारगेट कर ब्रेनवॉश का पैटर्न हमने जांच कर रही नासिक पुलिस की SIT के अफसर से बात की। उन्होंने बताया कि मामले के तार ह्यूमन ट्रैफिकिंग, धर्मांतरण और विदेशी फंडिंग से भी जुड़े हो सकते हैं। इसकी जांच हो रही है। आरोपियों के बैकग्राउंड और ऑफिशियल रिकॉर्ड्स देखे जा रहे हैं। पीड़ित महिलाएं महाराष्ट्र पुलिस की निगरानी में हैं। SIT से जुड़े सोर्स कहते हैं, ‘पहली FIR 26 मार्च को देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। इसके बाद 8 और महिलाओं ने शिकायत दर्ज कराई। इनके बयानों से यौन शोषण, जोर-जबरदस्ती और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का पैटर्न सामने आया है।‘ ‘ज्यादातर गवाही में पाया गया कि पीड़ित महिलाओं को पहले अलग-अलग तरीकों से अप्रोच किया गया। फिर नौकरी के दबाव, प्रमोशन और काम सिखाने के बहाने टारगेट किया गया। पुलिस ने बयानों के आधार पर TCS कंपनी के दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, आसिफ अंसारी, शफी शेख और अश्विनी चनानी को गिरफ्तार किया है। कंपनी की HR मैनेजर निदा खान अभी फरार हैं।’ 9 में से 3 महिलाओं की FIR मिली…पहली पीड़ितसीनियर पूछते- हनीमून पर कहां गई, क्या-क्या किया पीड़ित महिला ने 2 अप्रैल को नासिक के मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में FIR कराई है। उसके मुताबिक, जून 2025 से 31 मार्च 2026 तक वो TCS ऑफिस में एसोसिएट थी। पति काम के सिलसिले में पुणे में रहते हैं। FIR में उसने बताया, ‘24 जून 2025 को मुझे 3 महीने के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल किया गया। रजा मेमन का मेरी ट्रेनिंग से कोई लेना-देना नहीं था, फिर भी वो मेरे पास आकर पर्सनल लाइफ के बारे में पूछते। कहते थे कि पति के साथ क्यों नहीं रहती, हनीमून पर कहां गई थी। वहां क्या किया, कैसे किया। रजा मेमन के साथ शाहरुख कुरैशी भी था।‘ ट्रेनिंग में आसिफ अंसारी भी अक्सर मेरे पास आ जाता। सटकर बैठता और गलत तरह से छूता। कभी जांघ या कंधे पर हाथ रख देता। एक दिन लंच के वक्त हाथ गोद में रख दिया। फिर बोला- अगर कोई फिजिकल नीड हो, तो बताओ, पूरा कर दूंगा। महिला ने बताया, ‘सीनियर तौसीफ अत्तार ने भी गलत बर्ताव किया। वो भी टीम में नहीं था, फिर भी पास आकर खाने के लिए पूछता। अश्लील तरीके में पूछता, 'क्या संतरे लाई हो। छोटे वाले लाई हो या बड़े वाले।' वो चेहरा सटाता और छूता था। जब सवाल किया, तो कहा, 'क्या तुम्हें आगे नहीं बढ़ना।‘ पीड़ित के मुताबिक, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, आसिफ अंसारी, तौसीफ अत्तार और शफी शेख ने उसे फिजिकली और मेंटली टॉर्चर किया। हिंदू देवी-देवताओं को अपशब्द कहे, जिससे उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची। उसने HR सेल में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने मुंबई नाका थाने में शिकायत की। दूसरी पीड़ित‘ईश्वर वही जो अदृश्य है, हिंदू देवी-देवता झूठे’ मुंबई नाका पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 तक उसका ऑफिस में यौन उत्पीड़न हुआ। महिला कंपनी में क्रेडिट कार्ड कस्टमर्स की शिकायतें सुनती थी। उसने बताया, ‘तौसीफ अत्तार अपने धर्म को ऊंचा दिखाता और हिंदू धर्म को नीचा। वो कहता कि सच्चा ईश्वर वही है, जो अदृश्य है। हिंदू धर्म में देवता दिखते हैं, इसलिए झूठे हैं।‘ ‘दिसंबर 2025 की बात है। मैं लंच के बाद छाछ पी रही थी, तभी तौसीफ आया और पूछा- ‘क्या पी रही हो?' मैंने कहा- 'छाछ पी रही हूं।' उसने अजीब नजरों से देखा और कहा- मेरे पास भी छाछ है, क्या पीना चाहोगी। ये कहते हुए उसने प्राइवेट पार्ट की ओर इशारा किया।’ तीसरी पीड़ितभगवान कृष्ण और शिव को लेकर गलत बातें कीं तीसरी FIR में पीड़ित ने बताया, ‘मैं दिसंबर 2024 में ऑफिस में थी। तब शफी शेख काम के बहाने पास आकर बैठ गया और जानबूझकर मेरे पैर से अपना पैर रगड़ने की कोशिश की। फिर मेरा कीपैड इस्तेमाल करने के बहाने गलत तरह से छुआ। मैंने कुर्सी दूर कर ली, तो हंसते हुए चला गया।‘ ‘फरवरी 2026 में तौसीफ ने मेरे धर्म को नीचा दिखाने की कोशिश की। उसने कहा कि कृष्ण ने 16 हजार महिलाओं से शादी की, इससे पता चलता है कि कृष्ण कैसे थे। क्या भगवान शंकर को ये नहीं पता था कि गणेश पार्वती के बेटे हैं। अगर नहीं पता था तो देवी पार्वती को बेटा कैसे हुआ। उन्होंने गणेश का सिर क्यों काट दिया।‘ 40 दिन के 'अंडरकवर ऑपरेशन' से खुलासा मामले की जांच कर रहे SIT चीफ और सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके कहते हैं कि नासिक पुलिस को जांच के दौरान अहम बातें पता चलीं। जांच टीम के एक सीनियर अफसर नाम न छापने की शर्त पर कहते हैं, ‘फरवरी में कुछ लड़कियों ने हमसे गोपनीय तरीके से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि कंपनी में बहुत खराब माहौल है, लड़कियां खुलकर बोलने से डर रही हैं। आरोपों की सच्चाई जानने के लिए हमने पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देश पर एक प्लान बनाया।‘ 7 महिला पुलिसकर्मियों को अंडरकवर तैनात किया गया। ये हाउसकीपिंग स्टाफ और बाकी छोटे पदों पर काम करने वाले कर्मचारियों के तौर पर कंपनी के अंदर गईं। ‘ऑफिसर्स ने 40 दिनों तक नजर रखी कि क्या आरोपी मीटिंग में या महिला कर्मचारियों के वर्क स्टेशन पर दुर्व्यवहार कर रहे थे। ये अंडरकवर ड्यूटी के बाद हर दिन सीनियर्स को अपडेट देती थीं।‘ जांच के दौरान एक महिला कर्मचारी ने 26 मार्च को देवलाली पुलिस स्टेशन में पहली FIR दर्ज कराई। उसने कंपनी के सीनियर अधिकारी पर रेप का आरोप लगाया। 2 अप्रैल तक कुल 9 केस दर्ज हुए। इनमें आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी स्टाफ सस्पेंड, TCS चेयरमैन बोले- केस परेशान करने वाला टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि ये केस परेशान करने वाला है। हम पुलिस का सहयोग कर रहे हैं। TCS किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति लंबे समय से 'जीरो टॉलरेंस' अपनाता रहा है। इस मामले में भी कंपनी सख्त रुख अपना रही है। सरकारी वकील बोलीं- कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने आरोपियों की मदद की पीड़ित पक्ष की सरकारी वकील किरण बेंडभर कहती हैं, ‘ये गंभीर मामला है, जिसमें पीड़ित के यौन उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं। साथ ही आरोपियों ने वर्कप्लेस में कथित तौर पर आपत्तिजनक व्यवहार किया।‘ ‘जांच में पाया गया है कि कंपनी की ऑपरेशंस हेड ने POSH यानी यौन उत्पीड़न के लिए रोकथाम समिति की सदस्य होने के बावजूद शिकायत पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि आरोपियों की मदद की। इससे उनकी हिम्मत बढ़ी और वे दूसरी महिलाओं को भी परेशान करने लगे।‘ ………………ये खबर भी पढ़ें… कैप्टन बाबा के 58 अश्लील वीडियो, कहता था, ‘मैं शिव का अवतार, संबंध बनाओ, पवित्र हो जाओगी’ ‘शादी के बाद मुझे बेटा नहीं हो रहा था। ससुराल में ताने मिलते थे। तंग आकर मैं कैप्टन बाबा के पास गई। बाबा ने गारंटी दी कि तंत्र-पूजा से सब ठीक हो जाएगा। उन्होंने मुझे तांबे के लोटे से पानी पिलाया और कुछ खाने को दिया। थोड़ी देर बाद मेरा सिर घूमने लगा और शरीर सुन्न पड़ गया। इसी का फायदा उठाकर बाबा ने मेरा रेप किया और बोला- मैं शिव का अवतार हूं, मेरे साथ संबंध बनाकर तुम पवित्र हो गई हो।’ पढ़ें पूरी खबर...
साल 1990। अगस्त का महीना। ज्योति बसु की लेफ्ट सरकार ने बस का किराया बढ़ा दिया। विरोध में लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने गोली चलाई और तीन लोग मारे गए। कांग्रेस ने हड़ताल का ऐलान किया। दक्षिण कोलकाता के हाजरा इलाके से मार्च निकालने की जिम्मेदारी मिली बंगाल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को। ‘माय अनफॉरगेटेबल मेमोरीज’ में ममता लिखती हैं- ‘हाजरा में CPI(M) कार्यकर्ताओं की एक टुकड़ी पहले से मौजूद थी। जैसे ही हम आगे बढ़े, उन्होंने हमला कर दिया। सबसे पहले लालू आलम ने मेरे सिर पर लोहे की रॉड मारी। मैं खून से भीग गई। फिर कई और वार हुए। होश आया तो अस्पताल में थी। डॉक्टरों को लग रहा था कि मौत तय है, लेकिन मैं बच गई।’ इस घटना के 8 साल बाद 1998 में ममता ने कांग्रेस छोड़ दी और 1998 में तृणमूल कांग्रेस यानी TMC बनाई। 2011 में TMC ने 34 साल से जारी लेफ्ट सरकार को उखाड़ फेंका और तब से बंगाल की सत्ता पर ममता बनर्जी का ही राज है। जैसे बंगाली रसुगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। आज के इलेक्शन एक्सप्लेनर में इसी पैटर्न से जुड़े 2 सवालों को समझेंगे… पहला- आखिर बंगाल में जो आता है, लंबे वक्त तक छा क्यों जाता है? दूसरा- कांग्रेस, लेफ्ट, TMC के बाद क्या बंगाल में अब BJP की बारी है? पहले सवाल का जवाब इन 5 वजहों में छिपा है… वजह-1: बंगाल में सबसे बड़ा कैडर बेस कोलकाता के सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी बताते हैं कि कोई पार्टी जब लंबे समय तक सत्ता में रहती है। तो उसका खासकर गांवों में संगठन मजबूत हो जाता है। पहले इसका फायदा लेफ्ट को मिला और आज TMC को। वजह-2: दिल्ली बनाम बंगाल का नैरेटिव सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी बताते हैं कि पश्चिम बंगाल के लोगों के दिमाग में ‘बंगाली अस्मिता’ सबसे अहम है। वे अपना हीरो बनाना जानते हैं। चाहे वो रविंद्रनाथ टैगोर हों या सुभाष चंद्र बोस। या फिर कोई हीरो या खिलाड़ी।’ वजह-3: पर्सनैलिटी कल्ट यानी चेहरे को चुनता है बंगाल बंगाल के चुनाव हमेशा एक चेहरे के इर्द-गिर्द घूमते हैं… पश्चिम बंगाल की सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी बताती हैं, 'पश्चिम बंगाल में सारे चुनाव चेहरे पर लड़े जाते हैं। आजादी के बाद कांग्रेस के पास आंदोलन से निकले नेता थे, जिसके चलते कांग्रेस ने 20 साल तक सत्ता संभाली। फिर लेफ्ट के ज्योति बसु का कल्ट बना। इसके बाद ममता बनर्जी TMC का चेहरा हैं। पिछले कुछ चुनावों से ममता के सामने लेफ्ट या कांग्रेस के पास कोई चेहरा नहीं है।’ वजह-4: वोटबैंक की सटीक चुनावी इंजीनियरिंग वजह-5: बिखरा हुआ विपक्ष सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी बताती हैं, 'बंगाल के ज्यादातर चुनाव बाइपोलर, यानी दो पार्टियों के बीच हुए हैं। जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब लेफ्ट विपक्ष में था। फिर लेफ्ट सत्ता में आई, तो कांग्रेस विपक्ष में चली गई। TMC के आने के बाद भी पहले लेफ्ट, फिर कांग्रेस विपक्ष में बैठी। अब बीजेपी उसे टक्कर दे रही है। क्या कांग्रेस, लेफ्ट, टीएमसी के बाद अब बंगाल में बीजेपी की बारी है? 2016 में बीजेपी के पास बंगाल विधानसभा में सिर्फ 3 सीटें थीं। 2021 में 77 हो गईं। वोट शेयर 10% से 38% तक पहुंचा। यह छलांग कैसे लगी? पांच चीजें काम आईं- लेफ्ट-कांग्रेस का वोट बीजेपी की तरफ शिफ्ट होना, हिंदुत्व कार्ड, मतुआ समुदाय को CAA का वादा, RSS का जमीनी नेटवर्क और सुवेंदु अधिकारी जैसे TMC के बड़े नेताओं का पार्टी में आना। सुवेंदु अधिकारी की कहानी तो बंगाल की राजनीति में अलग ही अध्याय है। नवंबर 2020 में ममता के सबसे करीबी सिपहसालार ने इस्तीफा दिया। दिसंबर में अमित शाह ने मेदिनीपुर के मंच पर उनके गले में बीजेपी का गमछा डाला। TMC ने उन्हें 'मीरजाफर' कहा। ममता ने सीधे उनके गढ़ नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऐलान किया। सुवेंदु ने जवाब दिया- अगर 50,000 वोटों से नहीं हराया, तो राजनीति छोड़ दूंगा। 2 मई 2021 को गिनती हुई। 16वें राउंड तक ममता 800 वोट आगे थीं। 17वें राउंड में पासा पलट गया। सुवेंदु 1956 वोटों से जीत गए। पहली बार किसी 'सिटिंग CM' ने अपनी सीट गंवाई। अब 2026 में सुवेंदु ने ममता के गढ़ भवानीपुर से पर्चा भरा है। बीजेपी की गणित सीधा है- 2021 में BJP ने 294 में से 77 सीटों जीतें थी और 75 सीटें सिर्फ 10% से कम मार्जिन से हारी थी। 2026 में इस बार BJP अगर TMC के 5% वोट शेयर भी अपने पाले में कर ले, तो मोटा-मोटी 77+75 यानी 152 सीटें जीत सकती है। यानी बहुमत के 148 सीटों से 4 ज्यादा। लेकिन रास्ता आसान नहीं है। सेफोलॉजिस्ट से नेता बने योगेंद्र यादव का आकलन है कि 2021 के मुकाबले जमीन पर बीजेपी कमजोर हुई है और SIR के बावजूद बीजेपी सरकार बनाने में कामयाब नहीं होगी। बंगाल का इतिहास बताता है कि जब भी कोई पार्टी यहां सत्ता में आई, उसने दशकों तक राज किया। कांग्रेस 20 साल, लेफ्ट 34 साल। सीनियर जर्नलिस्ट सुमन भट्टाचार्य कहते हैं- ‘बंगाल के लोग बेहद वफादार होते हैं। एक बार पसंद कर लिया तो लंबे समय तक जिताते हैं। अगर बीजेपी एक बार ध्रुवीकरण में सफल हो गई, तो अगले 15-20 साल तक वह जीतती रह सकती है।’ लेकिन यह 'अगर' बड़ा है। बंगाल में हर जीतने वाली पार्टी की पांच खूबियां रही हैं- मजबूत कैडर, बंगाली अस्मिता का नैरेटिव, एक करिश्माई चेहरा, सटीक वोटबैंक, और बिखरा हुआ विपक्ष। बीजेपी के पास अभी इनमें से कुछ हैं, कुछ नहीं। सुवेंदु जैसा चेहरा है। RSS का नेटवर्क है। हिंदुत्व का नैरेटिव है। लेकिन गहरा जमीनी कैडर अभी भी TMC के मुकाबले कमजोर है। बंगाली अस्मिता का नैरेटिव अभी भी ममता के पास है। और ममता खुद एक ऐसा 'पर्सनैलिटी कल्ट' हैं, जिसका कोई विकल्प बीजेपी के पास नहीं। ------------ बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सोनिया ने 9 दिन इंतजार कराया, बागी हो गईं ममता: बंगाल में कभी 39% वोट पाने वाली कांग्रेस, 2.9% पर सिमटी; क्या जानबूझकर हार रहे राहुल 1952 में पहली बार पश्चिम बंगाल में चुनाव हुए। 238 में से 150 सीटें कांग्रेस ने जीतीं। लेफ्ट फ्रंट को 41 और जनसंघ वाले राइट ब्लॉक को 13 सीट मिलीं। पं. नेहरू और महात्मा गांधी के पर्सनल डॉक्टर रहे बिधान चंद्र रॉय मुख्यमंत्री बने। लगातार 20 साल और कुल 25 साल कांग्रेस सरकार में रही, लेकिन 1977 के बाद वो अपना सीएम नहीं बना पाई। अब कोई विधायक भी नहीं है। वोट शेयर भी सिमटकर 3% से कम हो गया। पूरी खबर पढ़िए…
पहले ये वीडियो देखिए…’हुमायूं कबीर तू चोर है, दलाल है…’ वीडियो में दिख रहे शख्स हुमायूं कबीर हैं। सरेराह खुद को चोर कहने वाले से उलझ पड़े और उसके पीछे भागे। Video Courtesy- ABP हुमायूं को चोर क्यों कहा, ये वीडियो देखिए… ’मैंने शुभेंदु अधिकारी से बोला कि मुझे पैसा चाहिए, ये पूरा लक्ष्य 1000 करोड़ रुपए में पूरा होगा।’ इस वीडियो में हुमायूं BJP नेताओं के साथ एक हजार करोड़ रुपए की डील के बारे में बता रहे थे। 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद हुमायूं को ममता ने पार्टी से निकाल दिया। इन सभी मसलों पर हुमायूं कबीर से सीधी बातचीत। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आप कांग्रेस, TMC और BJP तीनों पार्टियों में रह चुके हैं, अब किस आधार पर वोट मांग रहे हैं?जवाब: 2016 में जब TMC ने टिकट नहीं दिया, तब मैं निर्दलीय चुनाव लड़ा। महज 17 दिन के चुनाव प्रचार में ही TMC को कमजोर कर दिया था। TMC काफी पीछे थी, इसलिए हुमायूं कबीर से पंगा लेने से पहले किसी भी पार्टी को सोचना चाहिए। मैं कोई फालतू आदमी नहीं हूं। अपने इलाके का जमीन से जुड़ा नेता हूं। भरोसा दिलाता हूं कि यहां लोग हुमायूं कबीर को देखकर वोट देते हैं। आपको ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की रैली से ज्यादा ज्यादा भीड़ मेरी रैली में दिखेगी। सवाल: एक वायरल वीडियो में आप 1000 करोड़ रुपए की लेनदेन की बात कर रहे हैं। क्या मामला है?जवाब: किसी ने मुझे दिल्ली के एक पत्रकार से मिलवाया था। बीते साल दिसंबर में जब वो सिलीगुड़ी आए, तो मिलने का समय मांगा। 19 दिसंबर 2025 की बात है। मैंने उन्हें दोपहर 12 बजे बहरामपुर में मिलने के लिए बुलाया, लेकिन वो नहीं आ सके। फिर शाम 4 बजे उनका फोन आया और बोले कि दूर से आए हैं, अगर मुलाकात हो जाए, तो मैंने बुला लिया। शाम करीब 7 बजे वो घर आए। उनके साथ एक महाराज भी थे। मैं उन्हें नहीं जानता था। दोनों लगभग 51 मिनट बैठे। पत्रकार ने पूछा कि TMC ने आपको सस्पेंड कर दिया है, अब क्या करेंगे, कैसे राजनीति करेंगे। कांग्रेस में जाएंगे या कुछ और करेंगे। मैंने कहा कि 30 साल कांग्रेस, 7 साल TMC और 17 महीने BJP में रहा। अब किसी के अंडर काम नहीं करूंगा। मुलाकात के बाद से ही उनका फोन बंद है। अब बताइए वीडियो में हुए सवाल-जवाब अगर कोई बाहर जाकर बदल दे, तो क्या करें। अब जवाब तो मुझे ही देना है। सवाल: MP के CM मोहन यादव और असम के CM हिमंता से मुलाकात और बातचीत के आरोपों पर क्या कहेंगे?जवाब: मोहन यादव से कभी नहीं मिला, न कभी बात हुई। हिमंता से भी कोई बात नहीं हुई। जब तक जिंदा रहूंगा, कभी BJP और RSS के साथ नहीं मिलूंगा। यही मेरा एजेंडा है। मैं मुसलमानों के साथ गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे लिए पहले कौम है, मुसलमान लोग हैं, उसके बाद राजनीति और पार्टी है। सवाल: वायरल वीडियो के बाद औवेसी ने आपसे समर्थन ले लिया, क्या वजह लगती है?जवाब: ओवैसी को बड़ा भाई मानता हूं। वे लंदन से पढ़े-लिखे बैरिस्टर है, सांसद हैं, इसलिए उनकी इज्जत करता हूं। उनकी पार्टी के स्टेट लीडर इमरान सोलंकी गड़बड़ी कर रहे हैं। कुछ और नेता भी TMC से मिले हुए हैं। ये अभिषेक और I-PAC के जरिए काफी पैसा लेते हैं। AIMIM का राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हुसैन और प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी दोनों बंगाली नहीं हैं। ये TMC से पैसे लेकर उसकी भाषा बोलते हैं। ओवैसी को इनकी जांच करानी चाहिए। सवाल: मतलब आप ये कहना चाहते हैं कि ओवैसी की पार्टी के लोग TMC से मिले हुए हैं?जवाब: हां, बिल्कुल। पहले ओवैसी ने 8 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात कही थी। फिर मुझसे बात करके 12 सीटें देने की गुजारिश की। फिर आदिल ने पैसे ले लिए और वो मुझसे 14 सीटें मांगने लगा। इस तरह ओवैसी की पार्टी बंगाल में कभी खड़ी नहीं हो सकेगी। सवाल: वीडियो वायरल होने के बाद क्या आपकी असदुद्दीन ओवैसी से कोई बात हुई?जवाब: नहीं, कोई बात नहीं हुई। पहले जब सीट बंटवारे को लेकर हमारी बात हो रही थी, तब मैंने डिप्टी CM का पद मांगा था। हालांकि उन्होंने सीधे CM बनाने की बात कही थी। वीडियो वायरल होने के बाद मैंने खुद उनसे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। अगले दिन मीडिया से पता चला कि उनकी पार्टी ने हमसे समर्थन वापस ले लिया है। सवाल: वायरल वीडियो आपका है या नहीं, सच क्या है?जवाब: वो मेरा ही वीडियो है, लेकिन AI के जरिए मेरी बातें बदली गई हैं। मैंने हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। मेरा सवाल है कि जब वीडियो 19 दिसंबर को रिकॉर्ड किया गया, तो 5 महीने बाद अप्रैल में क्यों जारी किया गया। जब वो लोग (TMC) मेरा सामना नहीं कर पाए और लगा चुनाव हार जाएंगे, तो ऐसा वीडियो ले आए। सवाल: क्या बाबरी मस्जिद बनेगी, ये कितना बड़ा मुद्दा है? जवाब: बाबरी तो बनेगी, इसे न BJP रोक पाएगी और न TMC। अयोध्या में दोबारा बाबरी मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ जमीन दी जानी थी, लेकिन ये अयोध्या से 15 किमी दूर दी गई। वहां मुस्लिम आबादी भी नहीं है। यहां (मुर्शिदाबाद) 72% मुस्लिम हैं, इसलिए यहां मस्जिद बनवा रहा हूं। ये इबादत की जगह है। इसके लिए हमने एक ट्रस्ट बनाया है। अभी चुनाव लड़ने की वजह से मैंने ट्रस्ट से इस्तीफा दे दिया है। सवाल: अगर बंगाल में TMC और BJP किसी को बहुमत नहीं मिला, तो आप किसे समर्थन देंगे?जवाब: इस बार किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने वाला है। इस स्थिति में दूसरी राजनीतिक पार्टियां मुझसे समर्थन मांगेंगी। सरकार बनाने के लिए जो मुझे सपोर्ट करेगा, उसी के साथ जाएंगे। …………………. ये खबर भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद ही नहीं, बीते 5 साल में मालदा, कूचबिहार, नादिया, झाड़ग्राम, बीरभूम और संदेशखाली में कई हिंसक घटनाएं हुईं। इन इलाकों में विधानसभा की कुल 76 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से 54 सीटें TMC और 22 BJP के पास हैं। हिंसा का इन सीटों क्या असर है, पढ़िए पूरी खबर…

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