Netweb Technologies के शेयरों में 3 दिनों में 17% से ज्यादा का उछाल। जानें NVIDIA के साथ मिलकर लॉन्च किए गए 'Make in India' AI सुपरकंप्यूटर और Tyrone Camarero Spark के बारे में।
आशुतोष पंत ने बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक का कार्यभार संभाला
उत्तर रेलवे के पूर्व प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर आशुतोष पंत अब बरेका के नए महाप्रबंधक होंगे, उन्हें 2016 में राजभाषा पुरस्कार मिल चुका है।
आमेट: सीबीईओ नारायण सिंह राव और साकेत अध्यक्ष मुकेश वैष्णव का हुआ सम्मान
आंचलिक शिक्षण सेवा संस्थान द्वारा साहित्य और रचनात्मक क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए मेवाड़ी पगड़ी और स्मृति चिन्ह भेंट कर प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
केलवा: आमली कुआं में श्री जोगेश्वर महादेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित
केलवा के आमली कुआं गांव में वैदिक मंत्रोच्चार और यज्ञ अनुष्ठान के साथ शिव मंदिर के शिखर पर ध्वज पूजन संपन्न हुआ, आज होगी मूर्ति स्थापना।
मध्य रेल महाप्रबंधक ने किया सोलापुर मंडल के वाडी-सोलापुर खंड का संरक्षा निरीक्षण
महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने वाडी से सोलापुर के बीच बुनियादी ढांचे, यात्री सुविधाओं और तकनीकी प्रणालियों की समीक्षा कर संरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
मध्य रेलवे महाप्रबंधक ने वाडी-सोलापूर सेक्शन में संरक्षा निरीक्षण किया
महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने वाडी और सोलापूर के बीच परिचालन दक्षता, बुनियादी ढांचे के विकास और यात्री सुविधाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जयपुर: जल महल पर होगा सूर्यकिरण और सारंग एयर शो, सीएम ने की समीक्षा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वायुसेना अधिकारियों के साथ 20 और 22 फरवरी को प्रस्तावित भव्य एयरोबेटिक प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लिया।
आज का चांदी का भाव 19 फरवरी 2026: भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में दिखी हल्की तेजी। जानें दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में चांदी के ताजा रेट्स और भविष्य का बाजार अनुमान।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का कोटा, अजमेर एवं भरतपुर संभाग के कार्यकर्ताओं से संवाद
मुख्यमंत्री ने संकल्प पत्र के 72% वादे पूरे होने का दावा करते हुए कार्यकर्ताओं से सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
आदर्श विद्या मंदिर देवास में कक्षा 8 के विद्यार्थियों हेतु आशीर्वाद समारोह आयोजित
वनांचल शिक्षा समिति द्वारा संचालित विद्यालय में छात्र-छात्राओं को परीक्षा सामग्री एवं श्रीफल भेंट कर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
झाडोल में मदन जोशी का जन्मदिवस मनाया, कांग्रेस पदाधिकारियों ने दी बधाई
प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्यों और झाडोल प्रधान की उपस्थिति में मदन जोशी का जन्मदिन केक काटकर और कार्यकर्ताओं के साथ हर्षोल्लास से मनाया गया।
आज का सोने का भाव 19 फरवरी 2026: भारत के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में देखी गई हल्की तेजी। 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के लेटेस्ट रेट्स, ग्लोबल संकेत और बाजार विशेषज्ञों की राय विस्तार से यहाँ पढ़ें।
Guru Golwalkar Jayanti: गुरु गोलवलकर कौन थे? जानें 7 अनसुने तथ्य
Guru Golwalkar: गुरु गोलवलकर का पूरा नाम माधव सदाशिव गोलवलकर था, जो भारतीय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दूसरे सरसंघचालक थे और एक प्रमुख हिन्दू राष्ट्रीयतावादी विचारक थे। उनका जीवन और कार्य भारतीय राजनीति और समाज पर गहरे प्रभाव डालने वाला था। वे भारतीय संस्कृति, हिन्दू धर्म, और राष्ट्रीयता के सिद्धांतों के पक्षधर थे और संघ के माध्यम से उन्होंने भारतीय समाज को एकजुट करने के लिए कार्य किया। माधव सदाशिव गोलवलक का जन्म 19 फरवरी 1906 को हुआ था। ALSO READ: Shivaji Jayanti Massages: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर भेजें ये 10 प्रेरणादायक शुभकामना संदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक 'बंच ऑफ थॉट्स' (Bunch of Thoughts) हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा संघ के विचार और कार्य आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विचार समाज में सुधार की दिशा में कार्य गुरु गोलवलकर का प्रभाव गुरु गोलवलकर के प्रमुख योगदान और विचार 1. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक गोलवलकर ने 1940 में डॉ. के. बी. हेडगेवार के बाद RSS के दूसरे सरसंघचालक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने संघ को एक सशक्त और प्रभावशाली संगठन बनाने के लिए कार्य किया और इसके विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में संघ ने भारतीय समाज में अपनी पहचान बनाई और हिन्दू जागरण के लिए सक्रिय रूप से काम किया। 2. 'बंच ऑफ थॉट्स' (Bunch of Thoughts) गोलवलकर का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली कार्य उनकी किताब 'बंच ऑफ थॉट्स' है। इस किताब में उन्होंने भारतीय समाज और संस्कृति के विषय में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा को प्रमुखता दी और भारतीय समाज के विकास के लिए राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक पुनर्निर्माण, और हिन्दू धर्म के महत्व को बताया। 3. हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा गोलवलकर के विचारों में हिन्दू राष्ट्र की स्थापना और हिन्दू संस्कृति की रक्षा को प्राथमिकता दी गई। उनका मानना था कि भारत का असली स्वरूप हिन्दू संस्कृति और जीवन पद्धति में निहित है। वे यह मानते थे कि भारत को एक 'हिन्दू राष्ट्र' के रूप में पुनर्निर्मित करना चाहिए, जिसमें हिन्दू संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्य प्रमुख हों। 4. संघ के विचार और कार्य गोलवलकर ने संघ के मूल सिद्धांतों और विचारों को और अधिक स्पष्ट किया। वे मानते थे कि भारतीय समाज में सुधार और एकता लाने के लिए हिन्दू समाज को जागरूक और संगठित किया जाना चाहिए। उन्होंने भारत में हिन्दू एकता और राष्ट्रीयता के विचार को फैलाया और संघ के कार्यकर्ताओं को देशभक्ति, समाजसेवा, और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया। 5. आत्मनिर्भरता और स्वदेशी विचार गोलवलकर ने स्वदेशी विचारों को बढ़ावा दिया और विदेशी प्रभावों के विरोध में भारतीय समाज को जागरूक किया। उनका मानना था कि भारत को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी होना चाहिए और विदेशी सांस्कृतिक प्रभावों से बचना चाहिए। 6. समाज में सुधार की दिशा में कार्य गोलवलकर ने जातिवाद और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने समाज में एकता और समानता की ओर बढ़ने के लिए संघ के कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया। हालांकि, उनके दृष्टिकोण में कुछ आलोचना भी हुई, विशेषकर उनके विचारों को लेकर जो कि अन्य धर्मों और अल्पसंख्यकों के प्रति कठोर थे। 7.गुरु गोलवलकर का प्रभाव गोलवलकर के विचारों ने भारतीय समाज और राजनीति में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उनके नेतृत्व में RSS एक शक्तिशाली संगठन बन गया और हिन्दू राष्ट्र की अवधारणा को मजबूत किया। हालांकि, उनके विचारों को लेकर विवाद भी रहे हैं, खासकर उनके राष्ट्रवादी दृष्टिकोण और समाज में एक विशेष प्रकार की सांस्कृतिक एकता की आवश्यकता को लेकर। उनके योगदान को समझने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि उन्होंने भारतीय समाज में धर्म, राष्ट्रीयता, और सांस्कृतिक पहचान को एक केंद्रीय स्थान दिया। गोलवलकर का प्रभाव आज भी भारतीय राजनीति और समाज में महसूस किया जाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: जयंती विशेष: छत्रपति शिवाजी: धर्म, संस्कृति और राजनीति के अद्वितीय साम्राज्य निर्माता Chhatrapati Shivaji Maharaj
फेसबुक पर निधि मिश्रा नाम की प्रोफाइल से दोस्ती पड़ी महंगी। कैंपियरगंज के युवक से ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 18 लाख रुपये की साइबर ठगी। जानें कैसे काम करता है यह 'ट्रेडिंग ट्रैप' और खुद को कैसे सुरक्षित रखें।
युगपुरुष छत्रपति शिवाजी महाराज: शौर्य और न्याय की वो गाथा, जिसने भारत का भूगोल और भाग्य बदल दिया
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती 2026: जानें मराठा साम्राज्य के संस्थापक शिवाजी महाराज का गौरवशाली इतिहास, महत्वपूर्ण युद्धों की तिथियाँ और उनके साहसिक जीवन का पूरा सफरनामा।
PM Modi AI Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नई दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' को संबोधित करेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और यूएन प्रमुख गुटेरेस भी होंगे शामिल। जानें एआई एक्सपो और वैश्विक भागीदारी का पूरा विवरण।
दिल्ली में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबोट को अपना नवाचार बताने पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आयोजकों ने यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने का आदेश दिया। पूरी खबर विस्तार से पढ़ें।
LIVE: पीएम मोदी आज एआई समिट का उद्घाटन करेंगे
Latest News Today Live Updates in Hindi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। पल पल की जानकारी...
दिल्ली AQI अपडेट 19 फरवरी 2026: हल्की बारिश और तेज हवाओं से दिल्ली की हवा में सुधार। जानें आज का प्रदूषण स्तर, प्रमुख हॉटस्पॉट्स का हाल और विशेषज्ञों की भविष्यवाणियाँ।
जर्मनी में बदली अमेरिका की छवि: ट्रंप की नीतियों से टूटा भरोसा, ‘शांति के लिए खतरा’ करार
नए सर्वे के मुताबिक जर्मनी के दो-तिहाई लोग अब अमेरिका को रूस और चीन के साथ विश्व शांति के लिए बड़ा खतरा मानते हैं। Donald Trump की नीतियों, नाटो पर बयानों और आक्रामक टैरिफ फैसलों ने जर्मन जनता के बीच अमेरिका की साख को गहरा नुकसान पहुंचाया है।
उत्तर भारत मौसम अपडेट 19 फरवरी 2026: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश का अलर्ट। जानें दिल्ली, पंजाब, यूपी और हरियाणा में आज कैसा रहेगा मौसम और तापमान।
दक्षिण भारत मौसम अपडेट 19 फरवरी 2026: तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक में बढ़ती गर्मी और उमस ने बढ़ाई चिंता। जानें आज का तापमान, बारिश का पूर्वानुमान और तटीय इलाकों का हाल।
एक सच्ची कहानी- ग्रेटर नोएडा के किसान रामेश्वर सिंह की। 12 एकड़ जमीन सरकार ने ली और बदले में सवा पांच करोड़ रुपए मिले। पैसा खाते में आते ही जिंदगी बदल गई। रामेश्वर बताते हैं- ‘मुआवजे के पैसे से सबसे पहले बागपत में तीन करोड़ की जमीन खरीदी। गांव में दो बड़े मकान बनवाए- डेढ़ करोड़ से ज्यादा खर्च हुआ। दो महंगी गाड़ियां आ गईं। फिर शादियों का सिलसिला शुरू हुआ- तीन बेटियों, दो पोतियों और बाद में तीन पोतों की शादी। पोतियों को 20-20 तोला सोना और 20-20 लाख की गाड़ियां दहेज में दीं। एक शादी में ही करीब 80 लाख खर्च हो गए। बहुओं को भी 20-20 तोला सोने के जेवर दिए गए। आज वे मानते हैं- ‘पैसा संभालना नहीं आया।’ वजह पूछने पर बताते हैं कि जैसे ही पैसा मिला, हमारा दिमाग आसमान छूने लगा। यह कहानी ग्रेटर नोएडा के सिर्फ एक परिवार की नहीं। 1979 से न्यू ओखला इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण शुरू किया। 1991 में ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी बनी और 2007-2012 के बीच 39 से ज्यादा गांवों की जमीन ली गई। 15-20 साल बाद वही जमीन 70 से 200 करोड़ की हो चुकी है, लेकिन अब लगभग 95% परिवारों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कई किसान अपनी ही जमीन पर बनी फैक्ट्री में सिक्योरिटी गार्ड हैं। कोई वहीं बनी इमारतों में दूध बेच रहा है। ब्लैकबोर्ड में इस बार ग्रेटर नोएडा में मुआवजे की रकम से करोड़पति बने और अब बर्बादी की कगार पर पहुंचे किसानों की स्याह कहानियां। 90 साल के रामेश्वर सिंह चौपाल में बैठे मिल जाते हैं। सरकार ने उनकी 12 एकड़ जमीन ली, जिसके बदले में उन्हें सवा पांच करोड़ रुपए दिए। लेकिन आज उनकी उसी जमीन की कीमत 80 करोड़ रुपए है। वह बताते हैं, ‘हमने पैसा हाथ में आते ही बागपत के अलावा हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर में जमीन खरीदी। मैं जानता था- जमीन का पैसा जमीन में ही टिकता है। मेरी ही तरह करीब 95 फीसदी बड़े किसानों ने आसपास के इलाकों में दूसरी जगह जमीन खरीदी। हां, कुछ लोगों ने पैसा संभाला नहीं… लापरवाही में खर्च कर दिया।’ वह दोहराते हैं- 'अब 90 फीसदी से ज्यादा लोगों का मुआवजा खत्म हो चुका है। कोई दूध बेच रहा है, कोई छोटी-मोटी नौकरी कर रहा है। जिनके पास कभी खेत थे, अब वे रोज की कमाई जोड़कर घर चला रहे हैं। हमारी जमीन पर फैक्ट्रियां लगी हैं। लेकिन हमारे बच्चों को नौकरी नहीं मिलती। फैक्ट्री मालिकों को लगता है कि लोकल लड़के बदमाश होते हैं। सोचिए, जमीन हमारी गई और हम ही पराए हो गए।’ अब अगली पीढ़ी के लिए क्या बचा? न जमीन, न पैसा, न पढ़ाई के सहारे पक्की नौकरी का रास्ता? बड़ी तनख्वाह वाली नौकरी मिलती नहीं, छोटी नौकरी बच्चे करते नहीं। पहले कम से कम जमीन का सहारा तो था।’ सुबह की धूप में बैठे एक दूसरे किसान श्यामजी अपने पक्के मकान की छत पर खड़े नजर आते हैं। उनके पास पहुंची तो वह वहां से दूर चमकती कांच की इमारतों की तरफ देखते हैं। धीरे से हाथ उठाकर बताते हैं- वहीं कहीं हमारी 17 बीघे जमीन थी, जिसके बदले 50 लाख मिले थे। तब लगा था कि किस्मत खुल गई। लेकिन सच यह है कि आज मेरा बेटा 25 हजार महीने की प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा बेटा हमारी ही जमीनों पर बनी ऊंची-ऊंची ईमारतों में घर-घर दूध बेचता है। गांव के एक और किसान रमेश सुबह खाट पर बैठे-बैठे आंगन में बंधी भैंसों की ओर देख रहे हैं। कभी यही आंगन कच्चा था, दीवारें टेढ़ी थीं। 2008 में जब उनकी 8-10 बीघे जमीन गई और 14 लाख रुपए का चेक हाथ में आया, तो उन्हें लगा था अब जिंदगी संभल जाएगी। वह धीमे से कहते हैं- 'सबसे पहले घर बनवाया। सोचा पक्का मकान होगा तो इज्जत रहेगी। फिर दो बेटियों की शादी की। रिश्तेदार, बारात, जेवर और देखते ही देखते मेरे पूरे 14 लाख खत्म हो गए। बेटों के लिए कुछ बचा ही नहीं।', यह बात कहते हुए वह ठहर जाते हैं। उनकी आवाज में पछतावा है। वह कहते हैं आज मेरे तीनों बेटे भैंसें पालते हैं। सुबह-सुबह दूध लेकर निकलते हैं और उसी से घर चलता है। जमीन नहीं रही, तो यही अब सहारा बचा है। रमेश कहते हैं- गलती हो गई शायद… सारा पैसा घर और शादियों में लगा दिया। अब हालत यह है कि रोजमर्रा का खर्च भी मुश्किल से निकलता है। जब कभी वे बेटों से कुछ पैसे मांग लेते हैं, तो घर का माहौल भारी हो जाता है। बच्चे कहते हैं- आपको किसलिए पैसे चाहिए? हमारे बच्चों के इतने खर्चे हैं, हम नहीं दे पाएंगे’, ये बातें रमेश आंखें झुकाकर बताते हैं। वह थोड़ी देर चुप रहते हैं, फिर कहते हैं- हम भी तो बीमार होते हैं कभी-कभार… दवा-दरू के लिए पैसे चाहिए होते हैं। हुक्का-पानी भी बिना पैसे के नहीं चलता। 70 साल की उम्र हो चुकी है। अभी तो ठीक-ठाक हूं, चल-फिर लेता हूं, लेकिन कल कुछ हो गया तो क्या होग?’ वे आंगन की तरफ देखते हुए जोड़ते हैं, ‘बच्चों को हमारी फिक्र नहीं है अब। सब अपनी-अपनी जिंदगी में उलझे हैं। हम तो बस राम भरोसे हैं।’ रमेश की आवाज अचानक धीमी हो जाती है। कहते हैं- कभी-कभी खाना खाते हुए अगर बेटों से पानी मांग लूं न… तो ऐसे देखते हैं जैसे मैंने कुछ गलत कह दिया हो। थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं- लगता है अब उनके लिए मैं कुछ भी नहीं रहा… न जमीन रही, न पैसा… तो शायद मेरी कीमत भी नहीं रही। इस दौरान अहाते में बंधी भैंसों की घंटियां बजती रहती हैं, और रमेश की बात वहीं ठहर जाती है। वह लंबी सांस लेकर कहते हैं- बेटियों का आना-जाना लगा रहता है… तीन बहनें भी घर आती हैं। तीज-त्योहार पड़ते हैं तो खाली हाथ रहते हैं। देने को कुछ नहीं होता हमारे पास… बड़ी बेइज्जती लगती है। मुआवजा कब का खत्म हो गया। एक पाई नहीं बची। उल्टा 7 लाख का कर्ज चढ़ा है। कई बार इधर-उधर से उधार लेकर रस्म निभाते हैं। पत्नी का जिक्र आते ही उनकी आवाज और धीमी हो जाती है। ‘वो भी चली गई… अब आगे जिंदगी और मुश्किल होगी।’ फिर जैसे खुद से ही सवाल करते हैं- जब जमीन-जायदाद ही नहीं बची तो जिंदगी कैसे चलेगी? एक पल को रुकते हैं और कहते हैं- कभी-कभी तो सोचता हूं… मुझे भी मौत आ जाए।’ उनकी इस बात से जैसे आंगन में सन्नाटा फैल जाता है। रमेश थोड़ा संभलकर बैठते हैं और कहते हैं- मेरी बेटियां तो खुद कहती हैं- पापा, खर्च चाहिए हो तो बता देना। लेकिन उनसे कैसे ले लूं? आखिर उनकी शादी ही तो की है… बाप हूं उनका। वैसे भी बहुत कुछ दे नहीं पाया उन्हें… अब उन्हीं से पैसे लूं, ये बात गले नहीं उतरती। यह कहते हुए वे नजरें फेर लेते हैं- जैसे आत्मसम्मान और मजबूरी के बीच कहीं अटक गए हों। मुआवजा घर बनाने में खर्च क्यों कर दिया? रमेश बिना देर किए जवाब देते हैं। 'घर कच्चा था… दीवारें झरती थीं। रसोई खुली रहती थी, कुत्ते मुंह मार जाते थे। ऐसे में कैसे गुजारा होता?’ थोड़ा रुककर जोड़ते हैं, ‘रिश्तेदार आते-जाते थे तो शर्म लगती थी। बेटियों की शादी करनी थी… बिना पक्के घर के कौन रिश्ता करता? एक घर बनवाना जरूरी था।’ उनकी आवाज में सफाई कम, मजबूरी ज्यादा थी। ग्रेटर नोएडा के औरंगपुर गांव में राहुल नागर स्कूल में पढ़ाते हैं। वे बताते हैं, ‘2008 में हमारी 200 बीघे जमीन गई थी… 7 करोड़ मिले थे।’ फिर थोड़ी देर रुककर जोड़ते हैं, 'आज वही जमीन 200 करोड़ की हो गई है।’ राहुल कहते हैं- हमने तो जमीन के बदले जमीन ले ली, लेकिन हमारे बड़े-बुजुर्गों का बहुत नुकसान हुआ। जब जमीन थी न, तो मां-बाप किसी भी तरह बच्चों को पढ़ा लेते थे। खेत की ताकत थी, हिम्मत थी। जमीन बिकने के बाद जो मुआवजा मिला, वह बच्चों के असली काम नहीं आया। गांव में कई लोगों ने बड़ी-बड़ी गाड़ियां खरीद लीं, कुछ ने आलीशान मकान बनवा लिए।’ यह कहते हुए उनकी आवाज में अफसोस नजर आता है। वह थोड़ी देर चुप रहकर कहते हैं, ‘एक और नुकसान हुआ… हमारे बुजुर्ग बीमार पड़ने लगे। पहले उनकी आदत थी- सुबह खेत तक पैदल जाना, मेड़ों पर घूमना। वही उनकी कसरत थी। जमीन बिकने के बाद सब बदल गया। अब वे घर पर ही बैठे रहते हैं। बदले में हमने जो जमीन खरीदी, वो यहां से 150 किलोमीटर दूर है। वहां तक वे जा नहीं पाते। अब मेरे पिताजी सुबह उठते हैं, आंगन में ही टहल लेते हैं। कभी आसपास निकल जाते हैं, लेकिन… खुश नहीं रहते। दिन का ज्यादातर वक्त या तो घर के अंदर गुजरता है या आंगन में चक्कर लगाते हुए। राहुल कहते हैं- जब जमीन थी तो हमारे बुजुर्ग 100 साल तक जीते थे। अब बड़ी मुश्किल से 70 साल तक फिट रह पा रहे हैं। 45 से 70 साल की जो पीढ़ी है, वो जैसे बीच में अटक गई है। बच्चों के पास भी समय नहीं। सब अपनी-अपनी जिंदगी के बोझ में दबे हैं।’ उनकी बातों में बड़ी नाउम्मीदी दिखती है। इसी गांव के आशेराम अपने दरवाजे पर खड़े-खड़े बात करते हैं। ‘मेरे दो बेटे हैं और तीन बेटियां। बड़ा बेटा उधम सिंह ने लॉ की पढ़ाई की है, छोटा बेटा गौरव ग्रेजुएट है। लेकिन पीछे बंधी मवेशियों की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं- अब हमारे पास चार भैंसें और दो गाय ही सहारा हैं।’ वे बताते हैं, ‘2003 में हमारी जमीन कुछ लाख में एक्वायर हुई थी… आज वही जमीन 3 करोड़ की है।’ मुआवजे का पैसा कहां गया? इस पर वे सीधा जवाब देते हैं, ‘घर बना, बच्चों की पढ़ाई हुई, शादियां कीं… और सब खत्म। अब हाल यह है कि 14 लाख रुपए का कर्ज चढ़ चुका है। साहूकार आते-जाते रहते हैं, पूछते हैं पैसा कब दोगे।' यह कहते हुए उनके चेहरे पर थकान है- जैसे हिसाब-किताब अब जमीन का नहीं, रोज की जिंदगी का रह गया हो। वह कहते हैं, 'अब हम दूध बेचकर गुजारा कर रहे हैं। मेरे दोनों बेटे हमारी ही जमीन पर बने फ्लैट्स में दूध बेचते हैं। अगर वे यह काम न करें तो कर्ज की ब्याज चुकाना मुश्किल हो जाएगा। घर भी नहीं चलने वाला। कई बार बच्चे इस काम से परेशान हो जाते हैं। बीमारी से हमारे लाखों के जानवर मर जाते हैं। सोचिए एक भैंस हमारी दो लाख रुपए की होती है। कोई मर जाए तो हम मुसीबत में आ जाते हैं। जानवरों का काम आसान नहीं है। हमारे बच्चे पशुओं के साथ पशु बनकर काम करते हैं। अक्सर खीज में रहते हैं। आशेराम थोड़ी देर आसमान की तरफ देखते हैं, फिर कहते हैं, ‘हमने तो यही सोचा था… यहां इतनी कंपनियां लगेंगी, तो हमारे बच्चों को नौकरी मिल जाएगी। लेकिन कुछ नहीं मिला। न बड़ी कंपनी में जगह, न पक्की नौकरी। बस उम्मीद ही रह गई,’ वे धीरे से कहते हैं। जैसे एक सपना था, जो चुपचाप बिना शोर किए टूट गया। आशेराम कहते हैं, ‘सोचिए जरा… नोएडा में मेरी ही जमीन पर बनी एक फर्म में मेरा बेटा सिक्योरिटी गार्ड है। वो नौकरी न करे तो अपने बच्चे कैसे पालेगा? उसका गुस्सा हम पर ही उतरता है। ताना मार देता है- जमीन बेचकर अच्छा नहीं किया। कहता है कि मुआवजे के पैसे से कहीं और जमीन ले ली होती। या जमीन ठेके पर दी होती, तो जितना वह गार्ड बनकर कमा रहा है, उतना तो उसी से आ जाता। वह कहता है आपने हमारे लिए किया ही क्या? सारा पैसा घर बनवाने में लगा दिया। यह बताते हुए वे वे चुप हो जाते हैं, जैसे जवाब भीतर ही अटक जाता हो।' फिर धीरे से सफाई देते हैं, ‘अब सोचिए जरा… घर न बनवाता तो इनकी शादियां कैसे करता? हमारे यहां तो बेटी की शादी से पहले घर देखा जाता है। पक्का मकान न हो तो रिश्ता नहीं होता।’ आशेराम की बातें खत्म होती है तो आंगन में कुछ देर सन्नाटा रहता है। पक्के घर की दीवारें खड़ी हैं, लेकिन भीतर एक अधूरापन गूंजता है। जिन खेतों ने पीढ़ियों को सहारा दिया, वे अब कांच और कंक्रीट में बदल चुके हैं। बेटा अपनी ही जमीन पर बनी इमारत में गार्ड है, पिता अपने फैसलों का हिसाब देता फिर रहा है, और पोती-पोतों का भविष्य अंधेरे में खड़ा है। नोएडा की चमकती सड़कों से यह दर्द दिखाई नहीं देता। वहां सिर्फ विकास दिखता है- मेट्रो, मॉल, कंपनियां। लेकिन गांवों के आंगन में बैठा किसान पूछ रहा है- क्या तरक्की का मतलब जड़ों से कट जाना होता है? ------------------------------------- 1-ब्लैकबोर्ड-‘एक्स्ट्रा सर्विस’ न देने पर मारी गई थी अंकिता भंडारी:मां-बाप ने खुद को घर में बंद किया; न कमा रहे, न राशन खरीद पा रहे दिल्ली से आए मीडिया के लोग दिनभर अंकिता भंडारी के माता-पिता से बात करने के लिए उनके घर के बाहर बैठे रहे, लेकिन वे घर पर ताला लगाकर चले गए थे। तब तक नहीं लौटे, जब तक मीडिया के लोग वापस नहीं चले गए। अगले दिन मैं बिना बताए उनके घर पहुंची। वह हड़बड़ा गईं, लेकिन बात करने से पहले एक शर्त रख दी- ‘मनीषा जी, आप पत्रकार बनकर नहीं, मेरी बेटी बनकर सुनेंगी, तभी बात करूंगी,’ मैंने हामी भर दी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-पापा को फांसी दिलाकर आत्महत्या कर लूंगी:कहते थे ब्राह्मण होकर नीच से शादी कैसे की, गोली मारकर बोले- अब मैं बहुत खुश हूं हम दोनों की लव मैरिज को तीन महीने बीत चुके थे। लग रहा था कि अब घर वाले शांत हो गए हैं और हमारी जिंदगी से उन्हें कोई लेना-देना नहीं रह गया है, लेकिन 5 अगस्त 2025 की शाम, करीब 5 बजे, सब कुछ बदल गया। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
असम के कामरूप जिले में एक महिला साइकिल पर बेटी को लेकर जा रही थीं। हमने पूछा- सरकारी योजनाओं के पैसे मिले क्या? जवाब में कहा- ‘हां, मिले हैं।’ हमने पूछा, अबकी बार किसकी सरकार? वे मुस्कुराकर बोलीं- ‘BJP की…BJP जिंदाबाद, हिमंता जिंदाबाद’ असम में करीब दो महीने बाद चुनाव होने हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। यहां सड़कें चुनावी होर्डिंग और बैनरों से पटी मिलीं। हर चौक-चौराहे पर सरकारी योजनाओं और उनका फायदा लेने वालों की तस्वीरें हैं, जिनमें CM हिमंता बिस्वा सरमा महिलाओं को चेक देते दिख रहे हैं। ये चेक महिलाओं के खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के हैं। असम में अरुणोदय योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,250 रुपए मिलते हैं। इस बार सरकार जनवरी से अप्रैल तक के 5 हजार रुपए एक साथ 20 फरवरी को देने वाली है। साथ में 3 हजार रुपए राज्य के सबसे बड़े त्योहार बिहू के लिए अलग से दिए जाएंगे। ऐसे में सवाल ये है कि चार महीने की राशि एकमुश्त देने का ऐलान क्यों, बिहू का तोहफा पहली बार चुनावी साल में ही क्यों दिया जा रहा है? क्या सीएम हिमंता ने भी वही दांव खेला है, जो बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान BJP गठबंधन ने खेला था। वहां छठ पूजा से पहले महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपए की एकमुश्त राशि भेजी गई थी। मध्यप्रदेश, ओडिशा, दिल्ली जैसे 6 राज्यों में BJP के लिए ये जीत का फॉर्मूला रहा है। क्या चुनाव नतीजों पर इसका असर दिखेगा, क्या असम चुनाव से पहले महिलाओं को साधने के लिए ये CM का मास्टरस्ट्रोक है। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राउंड पर पहुंचकर हर तबके की महिलाओं से बातचीत कर इसे समझने की कोशिश की। जगह: रंगिया, गुवाहाटी‘पैसा मिला, सुविधाएं भी, कमल के फूल को ही वोट देंगे’सबसे पहले हम गुवाहाटी से 62 किलोमीटर दूर रंगिया पहुंचे। यहां हमें 40 साल की बैतन बीबी मिलीं। बैतन जिस कम्युनिटी से आती हैं, उसे CM हिमंता, मियां मुस्लिम कहते हैं। सरकारी योजनाओं से मिलने वाले फायदे के बारे में पूछने पर वे बताती हैं कि दो महीने पहले ही सेल्फ हेल्प ग्रुप से 10 हजार रुपए का चेक मिला है। अरुणोदय के तहत हर महीने 1250 रुपए मिलते हैं। 19 साल की बेटी तस्लीमा को हर महीने 1200 रुपए मिलते हैं। ये 11वीं पास करने के बाद निजुत मोइना योजना के तहत दिए जाते हैं। इसके अलावा परिवार को राशन समेत राज्य और केंद्र की बाकी योजनाओं के फायदे भी मिलते हैं। बैतन अभी हाल में मिले 30 हजार रुपए से बहुत खुश हैं। वे कहती हैं, ‘हमने दो बकरी और दुकान के लिए कुछ सामान खरीदा है। जो पैसा मिला बहुत है, आगे और मिलेगा। मेरे पति भी सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से खुश हैं। इस चुनाव में हम कमल के फूल को ही वोट देंगे।‘ ‘CM हमें भले पसंद न करें, हम उन्हें ही वोट करेंगे’पास में खड़ी फरीदा बेगम कहती हैं, ‘मेरी बेटी को PM मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता हर महीने निजुत मोइना के 1200 रुपए देते हैं। पहले हम तिरपाल डालकर रहते थे, अब हमारे पास मोदी सरकार का दिया घर है।' 'कांग्रेस के लोग वोटर कार्ड मांगते आते हैं और ग्रुप बनाने को कहते हैं। हम गरीब जरूर हैं, लेकिन बेईमान नहीं हैं। हम जिसका खाते हैं, उसी से डरते हैं। मोदी सरकार ने हमें बहुत राशन दिया। हम 6 महीने बैठ कर खाए। हम बेईमानी नहीं करेंगे, जिसका खाया है, उसे ही फायदा पहुंचाएंगे।’ ’हमारा पूरा परिवार BJP को वोट देता है। हमें कोई मारे या काटे, हम BJP को ही वोट करेंगे। हम जब तक जिंदा रहेंगे, हिमंता को वोट करेंगे। मुख्यमंत्री हमें भले ना पसंद करें, लेकिन हम उन्हें बहुत पसंद करते हैं।’ जगह: कामरूप ‘सरकार के दिए पैसों से घर चलता है, BJP को ही जिताएंगे’इसके बाद हम कामरूप जिले में रहने वाली 32 साल जोनाली डेका से मिले। उन्हें दो साल से अरुणोदय योजना का फायदा मिल रहा है। पिछले साल मार्च में पति गुजर गए। तब से जोनाली दोनों बच्चों की जिम्मेदारी अकेले ही उठा रही हैं। बच्चों की फीस समेत घर का खर्च चलाने के लिए वो सिलाई का काम करती हैं। योजना के तहत मिलने वाले 1250 रुपए से कुछ मदद हो जाती है। जोनाली कहती हैं, ‘पहले महिलाओं को पति के सामने हाथ फैलाना पड़ता था, अब खुद पैसे खर्च करने का अधिकार मिला है। मुख्यमंत्री ने जो पैसे दिए, उससे हमारा काम चलता है। अभी फरवरी में मिलने वाले एकमुश्त 8 हजार रुपए से बकरी और मुर्गी खरीदेंगे, ताकि आगे घर चलाना आसान हो। सरकार ने हमारी जिंदगी आसान बनाई है, इसलिए चुनाव में BJP को ही जिताएंगे।‘ जगह: बक्सा ‘BJP ने घर बैठी महिलाओं को सम्मान दिया, उसे ही जिताएंगे’बक्सा जिले की रहने वाली अनु को भी सेल्फ हेल्प ग्रुप और अरुणोदय योजना का फायदा मिलता है। 45 की उम्र में इन पैसों से उन्होंने दुकान खोली है। 25 हजार रुपए की अगली रकम 6 से 12 महीने बाद मिलेगी। वो किराए की दुकान छोड़कर अपनी दुकान खरीदना चाहती हैं। इसी गांव की रहने वाली संगीता बताती हैं, मेरी सासू मां को भी इन योजनाओं का फायदा मिला। उन्होंने इससे दुकान खोली। अब वो मुझे और पूरे परिवार को BJP को वोट देने के लिए कहती हैं। हम बंगाली हिंदू कम्युनिटी के ठिकाने तुलसी बाड़ी पहुंचे। यहां मिलीं सुचित्रा पॉल कहती हैं, ‘महिलाएं पहले घर में ही रहती थीं। अब सरकार के दिए पैसों से हम कुछ करने लायक हो गए हैं। BJP ने महिलाओं को ये सम्मान दिया। इसी फरवरी में मुख्यमंत्री ने बिहू के आशीर्वाद के तौर पर 3 हजार रुपए ज्यादा देने का ऐलान किया है।‘ सुचित्रा की पड़ोसी रूमी पॉल को भी 3 महीने पहले अरुणोदय का पैसा मिलना शुरू हुआ है। रूमी कहती हैं, ‘पहले पति कभी-कभार पैसे देते थे। अब ये मेरा पैसा है, जब चाहे जैसे चाहे खर्च करती हूं। जिस दिन मुझे अरुणोदय के 10 हजार रुपए मिले, पति बोले- आज उनका लक्की डे है।’ शहरी महिलाएं बोलीं- हमारा काम रुका, हर महीने पैसे दे सरकार इसके बाद हम शहरी इलाकों की महिलाओं से मिले। गुवाहाटी के पंजाबरी में मल्या दास की किराने की दुकान है। योजना की रकम के बारे में पूछने पर हताशा से कहती हैं, ‘फॉर्म भर दिया है, लेकिन अभी पैसा नहीं मिला है। उम्मीद है जल्द ही पैसे आने लगेंगे।‘ कुछ दूर आगे बढ़े तो हमारी मुलाकात मंजू भुयान और मधुस्मिता से हुई। महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं के लेकर उनका कहना है कि सरकार हमें आगे बढ़ने के लिए बहुत मदद कर रही है। गुवाहाटी के सिलपुखुरी में रहने वाली 42 साल की पोडु बेगम कहती हैं, ‘इस महीने पैसे नहीं मिले, इसलिए काफी दिक्कत हो रही है। पति नहीं हैं, बेटी की शादी हो गई है। पैर में चोट लगी है। घर का किराया देना मुश्किल हो गया है। मकान मालिक घर खाली करने को कह रहे हैं। हम चाहते हैं कि सरकार हर महीने पैसे दें। हमारी बहुत सी जरूरतें हैं। हमें पैसा रोककर एकमुश्त नहीं चाहिए।‘ चुनाव आयोग बोला- योजना पुरानी, बिहू गिफ्ट बस नया एडिशनचुनाव के पहले बिहू के तोहफे के ऐलान को लेकर चुनाव आयोग का क्या रुख है, ये जानने के लिए हम असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल से मिले। वे कहते हैं, ‘मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद लागू होता है। राज्य सरकार या केंद्र के पास ये पावर है कि मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लगने से पहले किसी भी सरकारी स्कीम के तहत लोगों को सुविधाएं दे सकती है। सरकारें चुनाव की घोषणा के बाद किसी स्कीम में मिलने वाली राशि को नहीं बढ़ा सकतीं, लेकिन उससे पहले कोई रोक-टोक नहीं।’ पिछले 5 साल में चार बिहू गुजर गए, लेकिन तब पैसा बढ़कर नहीं मिला। फिर इस बार क्यों? अनुराग कहते हैं, ’अरुणोदय पुरानी योजना है। समय के साथ लाभार्थियों की संख्या और पैसा दोनों बढ़ा। इस बार बिहू नया एडिशन है। मुझे लगता है कि ये हर साल कायम रहेगा।’ ‘ये सिर्फ असम में ही नहीं हो रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में कई पार्टियों ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ये कोशिशें की हैं। ऐसे में सिर्फ असम को लेकर इस तरह की बात करना सही नहीं होगा।‘ पॉलिटिकल पार्टियां क्या कह रहीं…कांग्रेस: ये महिला सशक्तिकरण नहीं, ब्लैकमेलिंग स्कीमअसम की प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर का कहना है कि ये योजनाएं महिला सशक्तिकरण की नहीं है। महिला को 1250 दिया, लेकिन उसी महिला के ग्रेजुएट बच्चों के पास रोजगार नहीं है। असम सरकार पर 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है। ये कर्ज असम के हर नागरिक पर है। असम में हिमंता के राजनीतिक दिन अब गिनती के हैं। क्या मियां मुस्लिम हिमंता को पसंद करते हैं? जवाब में मीरा कहती हैं, ‘मुख्यमंत्री के मियां मुस्लिमों से अच्छे रिलेशन हैं। वो खुद कहते हैं कि जब वोट की जरूरत होती तो बदर भाई (बदरुद्दीन अजमल) को बोल देता हूं, वो दिलवा देते हैं। मुस्लिमों में वो BJP के स्टार प्रचारक हैं। स्टेज पर दिखाने के लिए कुछ और बोलते हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। वहीं नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया कहते हैं, ’महिला सशक्तिकरण के नाम पर असम सरकार सिर्फ चुनावी प्रलोभन दे रही है। चुनाव से ठीक पहले पैसे बांटना साफ तौर पर महिला वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश है। BJP का ये तथाकथित सशक्तिकरण असल में एक ब्लैकमेलिंग स्कीम है, जो महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठा रही है।’ ’ये योजना महिलाओं के उत्थान के लिए नहीं बल्कि BJP के लिए महिला वोट सुरक्षित करने के लिए है। कांग्रेस भी ऐसी योजनाएं लाएगी लेकिन हम BJP की तरह वोट के लिए लाभार्थियों को ब्लैकमेल नहीं करेंगे। हमारी योजनाओं में कलाकार, पत्रकार और दिव्यांग भी शामिल होंगे, जिन्हें मौजूदा सरकार ने बाहर कर दिया है।’ BJP: ये वोट बैंक नहीं, महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की कोशिशइसके बाद हमने BJP सरकार में मंत्री पीयूष हजारिका से मिले। हमने पूछा कि इस बार एकमुश्त 8 हजार देने के पीछे क्या वजह है? जवाब मिला, ‘चुनाव के वक्त आदर्श आचार संहिता के कारण हम पैसा दे नहीं सकते। कभी-कभी मामला कोर्ट में भी चला जाता है। इसलिए हमने सोचा कि चार-पांच महीने का पैसा इकट्ठा दे दिया जाए। असम के लिए बिहू बड़ा फेस्टिवल है, तो इसमें बिहू का गिफ्ट 3,000 रुपए जोड़ा गया है।‘ बिहू गिफ्ट पिछले सालों में क्यों नहीं दिया गया, चुनावी साल में ही क्यों? इस पर जवाब मिला, ‘कहीं न कहीं से तो शुरुआत करनी पड़ती है। अगर इस बार चुनाव नहीं होता, हम तब भी ये देते। अरुणोदय योजना हमने पिछले चुनाव से पहले शुरू की थी, लेकिन चुनाव के बाद भी बंद नहीं की।‘ विपक्ष आरोप लगा रहा है कि 'डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर' (DBT) महिलाओं को वोट बैंक बनाने के लिए है, जैसे बाकी राज्यों में भी देखा गया। हालांकि पीयूष इससे इनकार करते हैं। एक्सपर्ट: फ्रीबीज से फायदा, लेकिन BJP के लिए राह आसान नहींगुवाहाटी यूनिवर्सिटी के रिटायर्ड प्रोफेसर अब्दुल मन्नान कहते हैं, ‘ये आम धारणा है कि वोटर सिर्फ पैसे या ऐसे फायदों के आधार पर वोट करते हैं। ये सच है कि हाल के सालों में यहां को लोगों को जो आर्थिक फायदे हुए, महिलाओं को जो सुविधाओं दी गईं, उसका चुनावी असर पड़ सकता है।’ ’हालांकि अगर आने वाले दिनों में विपक्षी दल मिलकर एक मजबूत गठबंधन बनाने में कामयाब रहे तो BJP के लिए चुनाव जीतना इतना भी आसान नहीं होगा। मौजूदा सर्वे के मुताबिक, सिर्फ करीब 40% वोटर की BJP के सपोर्ट में है। करीब 60% लोग उसके खिलाफ रुख रखते हैं।’ मन्नान के मुताबिक, कांग्रेस, वामपंथी दल और रीजनल पार्टियां अगर एक मजबूत गठबंधन बनाती हैं, तो चुनावी नतीजे पूरी तरह बदल सकते हैं। …………………..ये खबर भी पढ़ें… गोगोई बोले- हिमंता मुख्यमंत्री रहने लायक नहीं असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। CM ने गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के संबंधों पर सवाल उठाए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
FIFA World Cup 2026: 8 अफ्रीकी देशों के टूर्नामेंट के साथ ही मोरक्को की टीम विश्व कप की तैयारी के लिए स्पेन और फ्रांस में इक्वाडोर व पैराग्वे से भिड़ेगी। जानें क्या है पूरा शेड्यूल, ग्रुप-सी की चुनौतियां और मोरक्को के 'मिशन वर्ल्ड कप' का पूरा खाका। 18 फरवरी 2026 की इस विशेष रिपोर्ट।
कल होगा पहला रोज: जानें 19 फरवरी से 20 मार्च तक सहरी और इफ्तार का सही समय
रमजान 2026 की संभावित तारीख, चाँद देखने का समय, रमजान का महत्व, चाँद दिखने के बाद की प्रक्रिया और इफ्तारी में खाए जाने वाले व्यंजनों की विस्तृत जानकारी। जानिए 17 फरवरी से 19 मार्च 2026 तक भारत में चाँद देखने का अनुमानित समय और इस पवित्र महीने का धार्मिक महत्व।
बात उस दौर की है जब खत लिखे जाते थे। तब खत लिखना अपने आप में एक मुकम्मल सफर होता था—दिमाग से शुरू होकर दिल तक पहुंचने वाला सफर। और हर सफर की तरह इसकी भी तैयारी होती थी—कलम, स्याही और कागज़। पोस्टकार्ड हो, अंतर्देशीय हो या लिफाफे में रखा पत्र—उसे भेजने के लिए पोस्ट ऑफिस या आस-पास की पत्र पेटिका तक जाना पड़ता था। पत्र लिखना भी एक कला थी : यह तो हुई पत्र के सफर की बात, अब बात करते हैं पत्र लिखने की। तब पत्र लिखना भी एक कला था—गागर में सागर भरने जैसा। एक छोटे से पोस्टकार्ड या कुछ पन्नों में लेखक अपनी सारी भावनाएं, हाल-चाल और सूचनाएं समेट देता था। यह आसान काम नहीं था। जब स्याही, कलम, दिल और दिमाग एक हो जाते थे, तब कोरे कागज़ पर जज़्बात उकेरे जाते थे—कभी अपने हाथों से, तो कभी किसी से लिखवाकर। ये खत वर्षों तक भावनाओं को सहेजकर रखते थे। जब भी पढ़े जाते, रिश्ते फिर से ताज़ा हो जाते, यादों के गलियारे खुल जाते और चिट्ठियों से रिश्तों की महक आने लगती थी। चंद शब्दों का असीम सुकून : चिट्ठियों के कुछ शब्द भी असीम सुकून दे जाते थे—“यहां सब कुशल है, आपकी कुशलता की ईश्वर से प्रार्थना है।” ऐसे वाक्य दवा भी होते थे और दुआ भी। शब्दों में भावनाएं उड़ेल देने से मन हल्का हो जाता था, गिले-शिकवे दूर हो जाते थे। लिखते या पढ़ते समय यदि आंखें नम हो जाएं, तो दिल आईने की तरह साफ हो जाता था। सामान्य दिनों में भी आत्मीय संबोधन सुकून देते थे और दुख के समय वही शब्द मन के बांध तोड़ देते थे। रिश्तों का पैमाना भी थे खत : खत रिश्तों की गहराई भी बताते थे। कभी पुराने खतों को पलटकर देखिए—जिनके खत आपके पास हैं और जिनके नहीं, उनसे अपने रिश्तों पर खुद ही रोशनी पड़ जाएगी। भावनाओं की अनंत यात्रा : पत्र का भौतिक सफर रेल, हवाई जहाज या मोटर से होकर अंत में साइकिल पर आते पोस्टमास्टर के साथ आपके दरवाज़े पर खत्म होता था। पर असली सफर तब शुरू होता था—हर पंक्ति के साथ आप उस जगह, उस व्यक्ति और उस परिवेश में पहुंच जाते थे, जहां से खत लिखा गया था। पुराने पत्रों को पढ़ते ही गांव, शहर, पुराने ठिकाने, मित्र, रिश्तेदार, भाई-बहन—सब याद आ जाते हैं। यहां तक कि वे अपने भी, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, पर जिनके खत आज भी उनकी मौजूदगी का एहसास कराते हैं। हर पत्र आत्मीयता और जज़्बात का खजाना होता था—कागज़ के ये मामूली से टुकड़े रिश्तों को बेमिसाल बना देते थे। आज भले ही जमाना पेपरलेस हो गया हो और स्मार्टफोन की एक उंगली से यादें डिलीट हो जाती हों, लेकिन पत्रों की प्रासंगिकता खत्म नहीं हुई है। अगर आपके पास पुराने खतों का संग्रह है, तो उन्हें पढ़िए—यादें फिर से ताज़ा हो जाएंगी और रिश्तों की खुशबू फिर से महक उठेगी। सब ताजा हो जाएगा। सब कुछ मय परिवेश याद आ जाएगा।
मंगलवाड़ में प्लास्टिक मुक्त अभियान: सब्जी विक्रेताओं को बांटी कपड़े की थैलियां
डूंगला पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मंगलवाड़ में अधिकारियों ने जन-संवाद कर ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण और कपड़े के बैग उपयोग हेतु प्रेरित किया।
गंगापुर सिटी: अतिक्रमण हटाने पर व्यापारियों और प्रशासन के बीच बनी सहमति
अतिरिक्त जिला कलेक्टर के साथ बैठक में दुकानदारों ने अतिक्रमण न करने का लिखित आश्वासन दिया और प्रशासन ने 31 मार्च तक नालियों पर जाल लगाने का भरोसा दिलाया।
ISL 2025-26 के बड़े मुकाबले में चेन्नईयिन एफसी का सामना मुंबई सिटी एफसी से! कोच क्लिफोर्ड मिरांडा ने 'लीडरशिप ग्रुप' के साथ भरी हुंकार। क्या प्रीतम कोटल और अल्बर्टो नोगुएरा की जुगलबंदी मुंबई के अभेद्य किले को तोड़ पाएगी? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण, टीम की रणनीति और हेड-टू-हेड आंकड़े। 18 फरवरी 2026 की विशेष रिपोर्ट।
पहले गला घोंटा, फिर वीडियो वायरल करने की धमकी ; क़त्ल कर आत्मा से बात करने की कोशिश? जानें पूरा मामला
इंदौर में 24 वर्षीय MBA छात्रा की हत्या से सनसनी। प्रेमी पियूष धमनोदिया पर गला घोंटकर हत्या, नेक्रोफिलिया और आपत्तिजनक वीडियो शेयर करने के आरोप। मुंबई से गिरफ्तारी के बाद पुलिस रिमांड में पूछताछ जारी, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच जारी।
Football जगत का ऑनलाइन ट्रोल्स पर सबसे बड़ा प्रहार! प्रीमियर लीग, यूके पुलिस और ऑफकॉम ने ऑनलाइन दुर्व्यवहार से लड़ने के लिए मिलाया हाथ। नस्लवाद और नफरत भरी पोस्ट करने वालों की अब खैर नहीं, सीधे होगी कानूनी जांच और कार्रवाई। खिलाड़ियों और रेफरी की सुरक्षा के लिए बने इस नए 'कार्य समूह' की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें। 18 फरवरी 2026 की विशेष खबर।
जयपुर: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं हेतु तीन दिवसीय बाल संरक्षण प्रशिक्षण आयोजित
आसरा फाउंडेशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 170 कार्यकर्ताओं को पॉक्सो एक्ट और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
बस्सी में मोबाइल टावर निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
रजा कॉलोनी में स्कूलों के पास टावर निर्माण से बच्चों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव की आशंका, निवासियों ने स्थान बदलने की मांग की।
कोटा: तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटा तो केडीए कार्यालय पर होगा महापड़ाव
तालाब बचाओ संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सोगरिया तालाब सहित अन्य जलाशयों पर अवैध कब्जों और केडीए अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
माधव विश्वविद्यालय में उन्नत भारत अभियान के तहत शिक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
स्वरूपगंज स्थित विश्वविद्यालय में ग्रामीणों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने और सामाजिक सुधार के लिए प्रेरित करने हेतु व्याख्यान का आयोजन किया गया।
स्वरूपगंज में शीतला माता मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ
स्वरूपगंज में तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन के पहले दिन वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन और हवन संपन्न हुआ, रात्रि में भजन संध्या का आयोजन किया गया।
'O Romeo' ने पहले ही हफ्ते में किए ₹60 करोड़ पार ; क्या ये तोड़ पाएगी धुरंधर का रिकॉर्ड?
14 फरवरी 2026 को रिलीज हुई ‘ओ’ रोमियो’ ने वैलेंटाइन वीकेंड का फायदा उठाते हुए पहले सप्ताह में ₹60 करोड़ से अधिक की कमाई की। पांचवें दिन तक भारत में ₹40 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज हुआ। अब फिल्म की असली परीक्षा वर्ड-ऑफ-माउथ और दूसरे सप्ताह के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन पर टिकी है।
कलश शोभायात्रा के साथ होगा सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का आगाज
आठ दिवसीय महोत्सव में छाएगा सनातन संस्कृति का रंग देश विदेश से भीलवाड़ा पहुंचेंगे श्रद्धालु एवं संत महात्मा भीलवाड़ा। होली का रंग छाने से पहले धर्मनगरी भीलवाड़ा गुरुवार से सनातन संस्कृति के रंगों में रंग जाएगा। हरि शेवा उदासीन आश्रम सनातन मंदिर भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम उदासीन महाराज के मार्गदर्शन में 19 से 26 […] The post कलश शोभायात्रा के साथ होगा सनातन मंगल महोत्सव एवं दीक्षा दान समारोह का आगाज appeared first on Sabguru News .
एसपी मनीष त्रिपाठी ने की सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों की समस्याओं पर बैठक
पुलिस महानिदेशक के आदेशानुसार जिला स्तर पर आयोजित बैठक में पेंशनर्स के लिए विशेष सेल बनाने और रियायती आवास सुविधा पर सहमति बनी।
चित्तौड़गढ़: महाशिवरात्रि मेले में बाल विवाह मुक्त भारत हेतु जागरूकता कार्यक्रम
जिला कलक्टर के निर्देश पर ऋषि मंगरी मेले में चाइल्ड हेल्पलाइन टीम ने ग्रामीणों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ दिलाई और 1098 की जानकारी दी।
विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के आग्रह पर जिला क्लब का दल विधानसभा पहुंचा
विधायक की अगुवाई में जिला क्लब संस्थान के 35 सदस्य विधानसभा की कार्यवाही देखेंगे और मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों से सद्भावना चर्चा करेंगे।
चित्तौड़गढ़ में भव्य हिंदू सम्मेलन और शोभायात्रा का आयोजन संपन्न
संगम महादेव मंदिर पर आयोजित सम्मेलन में हजारेश्वर महादेव मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया।
चित्तौड़गढ़: प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों ने किया राजकीय किशोर गृह का निरीक्षण
प्राधिकरण सचिव सुनील कुमार गोयल के नेतृत्व में प्रशिक्षु अधिकारियों ने बालकों को उच्च शिक्षा और विधिक सहायता के लिए प्रेरित किया।
चित्तौड़गढ़: एसडीएम बीनू देवल ने आंगनवाड़ी केंद्रों का किया औचक निरीक्षण
उपखण्ड अधिकारी ने शहर परियोजना के केंद्रों में अनियमितताएं मिलने पर कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और सुधार के निर्देश दिए।
चित्तौड़गढ़: भदेसर पुलिस ने पकड़ी फॉर्च्यूनर, 205 किलो डोडा चूरा जब्त
ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत पुलिस ने 10 किलोमीटर पीछा कर पकड़ी तस्करी की गाड़ी, आरोपी खेतों के रास्ते फरार, जांच जारी।
राजस्थान बजट 2026-27: डिजिटल शासन और पारदर्शी प्रशासन के लिए नए प्रावधान
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'नेक्स्ट जनरेशन सिटीजन सर्विस रिफॉर्म्स' और व्हाट्सएप के जरिए 100 सरकारी सेवाएं प्रदान करने की घोषणा की है।
भुसावर में फूलेरा दूज पर राधा कृष्ण संग फूलों की होली खेलेंगे श्रद्धालु
भरतपुर के भुसावर में 19 फरवरी को मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, माखन-मिश्री का भोग और महिला मंडल द्वारा भजन संकीर्तन के साथ उत्सव मनाया जाएगा।
हलैना किसान सम्मेलन: ERCP को राष्ट्रीय परियोजना बनाने और ट्रेड डील रद्द करने की माँग
भरतपुर के हलैना में किसान महापंचायत आयोजित, बाणगंगा नदी में पानी लाने, एमएसपी गारंटी और डीग-भरतपुर को एनसीआर से बाहर करने पर हुई चर्चा।
Punjab State Dear 50 Buster Weekly Lottery (18 फरवरी 2026) के नतीजे घोषित! टिकट नंबर E 55017 ने जीता ₹15 लाख का प्रथम पुरस्कार। ₹9000 से ₹100 तक के हजारों अन्य विजेताओं की पूरी सूची और विस्तृत पुरस्कार संरचना यहाँ देखें। पंजाब राज्य लॉटरी के पारदर्शी और विश्वसनीय परिणामों की पूरी जानकारी एक ही क्लिक पर।
भुसावर: फौजीपुरा में 30 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या
ग्राम पंचायत दीवली के फौजीपुरा निवासी मुरारी जाट ने अज्ञात कारणों से फांसी लगाई, खेड़ली मोड़ पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा।
प्रतापगढ़: ऑपरेशन चंगुल के तहत अवैध कब्जों और गंदगी पर प्रशासन की कार्रवाई
जिला कलक्टर डॉ. अंजलि राजोरिया ने औचक निरीक्षण कर हत्या के दोषी का बोर्ड हटवाया और सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर बेसमेंट सील करने के निर्देश दिए।
चूरू जिला परिषद का कनिष्ठ सहायक रिश्वत लेते अरेस्ट
चूरु। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने चूरू जिला परिषद कनिष्ठ सहायक को पांच हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि परिवादी ने ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी में शिकायत की थी कि उनकी ग्राम पंचायत में वर्ष 2023-24 के दौरान मनरेगा के […] The post चूरू जिला परिषद का कनिष्ठ सहायक रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
ब्यावर बादशाह मेला: जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने तैयारियों की समीक्षा की
जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 4 मार्च को होने वाले ऐतिहासिक मेले के लिए सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं की कार्ययोजना तैयार की गई।
आचार्य विहर्ष सागर का खेरोदा में मंगल प्रवेश, विद्यार्थियों को दी संस्कार की सीख
राष्ट्र संत आचार्य विहर्ष सागर ने खेरोदा के किशन विद्या मंदिर में धर्मसभा को संबोधित करते हुए बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और स्वावलंबन अपनाने की प्रेरणा दी।
केजीएफ स्टार यश को पत्नी राधिका पंडित ने कहा, हर दिन मुझे चुनने के लिए धन्यवाद
केजीएफ स्टार यश के लिए पत्नी राधिका पंडित का भावुक संदेश, सोशल मीडिया पर छाया प्यार भरा पोस्ट मुंबई। फिल्म केजीएफ से देशभर में लोकप्रिय हुए रॉकिंग स्टार यश को उनकी पत्नी और अभिनेत्री राधिका पंडित ने वैलेंटाइन डे के मौके पर एक बेहद भावुक और निजी संदेश देकर खास अंदाज़ में प्यार जताया। उनका […] The post केजीएफ स्टार यश को पत्नी राधिका पंडित ने कहा, हर दिन मुझे चुनने के लिए धन्यवाद appeared first on Sabguru News .
युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे देशों में बढ़ रही मातृ मृत्यु दर, WHO ने जारी की रिपोर्ट
United Nations News : दुनियाभर में जितनी मातृत्व मौतें होती हैं, उनमें से दो तिहाई मौतें, युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे देशों में होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और साझीदार संगठनों की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, युद्धग्रस्त देशों में रहने वाली महिलाओं के लिए प्रत्येक गर्भावस्था के दौरान मातृ कारणों से मृत्यु का जोखिम स्थिर देशों की महिलाओं की तुलना में लगभग 5 गुना अधिक है। रिपोर्ट में बताया गया है कि केवल वर्ष 2023 में ही नाज़ुक हालात वाले और युद्धग्रस्त क्षेत्रों में क़रीब 1 लाख 60 हज़ार महिलाओं की मौत ऐसे कारणों से हुई, जिनका इलाज किया जा सकता था। यह संख्या विश्वभर में होने वाली मातृ मौतों का लगभग 60 प्रतिशत है। गहरा असमान जोखिम नई तकनीकी जानकारी में यह विश्लेषण किया गया है कि कुछ देशों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव के दौरान मृत्यु की आशंका क्यों अधिक होती है? रिपोर्ट के मुताबिक़, संकट और युद्ध की स्थितियां ऐसे हालात उत्पन्न करती हैं, जहां स्वास्थ्य प्रणालियां लगातार जीवनरक्षक मातृ सेवाएं उपलब्ध कराने में विफल हो जाती हैं। ALSO READ: सूडान : अस्थाई शिविरों में हज़ारों बच्चों को नाज़ुक उम्मीदों का आसरा यह तकनीकी जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन और एक अन्तर-एजेंसी समूह ने तैयार की है, जिसमें संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP), संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA), संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) और विश्व बैंक (World Bank) शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि लैंगिक भेदभाव, जातीय पहचान, उम्र और प्रवासन की स्थिति जैसे कारक मिलकर, युद्ध और अस्थिरता से प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं व लड़कियों के लिए जोखिम को और बढ़ा देते हैं। जोखिम में यह असमानता बेहद गम्भीर है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में किसी युद्ध प्रभावित देश या क्षेत्र में रहने वाली 15 वर्षीय लड़की के लिए जीवनकाल में मातृ कारणों से मृत्यु का जोखिम 51 में 1 का था। ALSO READ: सूडान : बीमारी और भुखमरी के चंगुल में नन्ही ज़िंदगियां, विनाशकारी स्तर पर कुपोषण वहीं संस्थागत और सामाजिक रूप से अस्थिर देशों में यह जोखिम 79 में 1 का, जबकि अपेक्षाकृत स्थिर देशों में रहने वाली 15 वर्षीय लड़की के लिए यह जोखिम 593 में 1 पाया गया। वैश्विक प्रगति थमी नई रिपोर्ट के अनुसार, देशों में मातृ मृत्यु अनुपात के नवीनतम आंकड़ों को इस आधार पर वर्गीकृत किया गया है कि कोई देश युद्धग्रस्त है या सामाजिक-संस्थागत रूप से अस्थिर। रिपोर्ट बताती है कि युद्ध प्रभावित देशों में प्रति एक लाख जीवित जन्मों पर औसतन 504 मातृ मौतें दर्ज की गईं। वहीं संस्थागत और सामाजिक रूप से अस्थिर माने जाने वाले देशों में यह आंकड़ा 368 दर्ज किया गया है। इसके विपरीत इन दोनों श्रेणियों से बाहर के देशों में मातृ मृत्यु अनुपात बेहद कम यानी 99 प्रति एक लाख जीवित जन्म पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये निष्कर्ष वर्ष 2000 से 2023 के बीच जारी मातृ मृत्यु के पिछले आकलनों को और गहराई देते हैं, जिनसे यह स्पष्ट हुआ था कि मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में वैश्विक प्रगति रुक गई है। ALSO READ: 9 करोड़ से ज्यादा मोतियाबिंद से प्रभावित, सर्जरी की तत्काल जरूरत, WHO ने लोगों से की यह अपील साथ ही, कम आय वाले तथा संकट-प्रभावित देशों में मातृ मृत्यु दर अब भी बेहद ऊंची बनी हुई है। यही स्थिति इस अतिरिक्त विश्लेषण की मुख्य वजह बनी। नवाचार से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सहारा नई रिपोर्ट के अनुसार, अस्थिरता और संकट के बीच भी नवाचारी उपायों के ज़रिए मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बनाए रखा जा सकता है। अनेक देशों में स्थानीय समुदाय, स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल, सांस्कृतिक ज़रूरतों के अनुसार सेवाएं ढाल रहे हैं। साथ ही, बाधित हुई सेवाओं को फिर से शुरू कर रहे हैं और सुरक्षा ख़तरों के बावजूद उपचार व्यवस्था को पुनर्गठित कर रहे हैं, ताकि देखभाल की निरन्तरता बनी रहे। कुछ प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं कोलंबिया– पारंपरिक दाइयों को प्रशिक्षित करके स्थानीय भरोसेमंद नेटवर्क को मज़बूत किया गया, जिससे दुर्गम और असुरक्षित इलाक़ों में भी समय पर मातृ देखभाल सम्भव हो सकी। इथियोपिया– बाधित सेवाओं को सचल चिकित्सा टीमों, नवीनीकृत स्वास्थ्य केन्द्रों और अतिरिक्त दाइयों के ज़रिये फिर से बहाल किया गया। हेती– विस्थापित महिलाओं तक निःशुल्क या कम लागत पर ऑपरेशन और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति से, जीवनरक्षक सेवाएं पहुंचाई गईं। म्यांमार, पापुआ न्यू गिनी और यूक्रेन– जटिल संकट और युद्ध की परिस्थितियों में भी आवश्यक मातृ सेवाओं की सुरक्षा, सुरक्षित प्रसव पद्धतियों और मरीजों को सुरक्षित स्वास्थ्य केन्द्रों तक पहुंचाने पर बल दिया गया। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि स्वास्थ्य प्रणाली पर अत्यधिक दबाव के बावजूद सही रणनीति और स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयास मातृ स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। ALSO READ: ग़ाज़ा : बमबारी और हवाई हमलों से आम फिलिस्तीनियों पर जोखिम, यूएन की चेतावनी मज़बूत स्वास्थ्य प्रणाली की ज़रूरत नई तकनीकी जानकारी के अनुसार, यूएन स्वास्थ्य संगठन और उसके साझीदारों को मातृ मृत्यु अनुपात के आंकड़ों को देशों की अस्थिरता श्रेणी से जोड़ने के बाद यह पहचानने में अधिक सटीकता मिली है कि किन देशों में स्वास्थ्य प्रणाली को मज़बूत करने की सबसे तात्कालिक आवश्यकता है। रिपोर्ट में संकट के समय मातृ स्वास्थ्य सेवाएं बनाए रखने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में निवेश, दुर्गम व युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मज़बूत डेटा संग्रह व्यवस्था और आपदाओं के अनुरूप ढल सकने वाली लचीली स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास पर ज़ोर दिया गया है।
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में आईटीईसी अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
विदेश मंत्रालय के सहयोग से 13 देशों के 30 प्रतिभागी 'हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग हेतु ट्रांसफॉर्मेशनल लीडरशिप' विषय पर जयपुर में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अंतरराज्यीय शादी रैकेट का भंडाफोड़ कर मुख्य आरोपी को किया अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने अंतरराज्यीय शादी रैकेट का भंडाफोड़ कर विवाह के नाम पर ठगी और मानव तस्करी के सनसनीखेज मामले में लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी को धर दबोचा हैं। पुलिस अधीक्षक (अपराध) ज्येष्ठा मैत्रेयी के अनुसार मुख्य आरोपी भंवरलाल शर्मा को जयपुर के भांकरोटा क्षेत्र स्थित जयसिंहपुरा इलाके से पुलिस मुख्यालय की […] The post अंतरराज्यीय शादी रैकेट का भंडाफोड़ कर मुख्य आरोपी को किया अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रेलटेल ने एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में स्वास्थ्य सेवा सत्रों का आयोजन किया
रेलटेल ने इंडियाएआई मिशन के तहत समावेशी और सुलभ सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एआई-संचालित डिजिटल बुनियादी ढांचे और सहयोगात्मक मॉडल पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री फसल बीमा: बेमौसम बारिश से नुकसान पर 72 घंटे में दें सूचना
रबी फसल कटाई के बाद खेत में सूखने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए किसान कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाइन 14447 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
चीनी रोबोटिक कुत्ते को लेकर गलगोटिया को एक्सपो से बाहर जाने के निर्देश
नई दिल्ली। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एक्सपो में चीनी तकनीक से बने रोबोटिक कुत्ते को प्रदर्शित करने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस विवाद के बीच खबरें सामने आई हैं कि गलगोटिया विश्वविद्यालय को अपने स्टॉल को खाली करने के लिए कहा गया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने किसी भी सरकारी निर्देश से […] The post चीनी रोबोटिक कुत्ते को लेकर गलगोटिया को एक्सपो से बाहर जाने के निर्देश appeared first on Sabguru News .
19 February Birthday: आपको 19 फरवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
19 February Janmdin : जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 19 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: Phalguna month Hindu calendar 2026: फाल्गुन शुक्ल पक्ष में पड़ेंगे ये खास त्योहार आपका जन्मदिन: 19 फरवरी दिनांक 19 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 होगा। आप साहसी और जिज्ञासु हैं। आपका मूलांक सूर्य ग्रह के द्वारा संचालित होता है। आप अत्यंत महत्वाकांक्षी हैं। आपकी मानसिक शक्ति प्रबल है। आपको समझ पाना बेहद मुश्किल है। आप आशावादी होने के कारण हर स्थिति का सामना करने में सक्षम होते हैं। आप सौन्दर्यप्रेमी हैं। आपमें सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाला आपका आत्मविश्वास है। इसकी वजह से आप सहज ही महफिलों में छा जाते हैं। आप राजसी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। आपको अपने ऊपर किसी का शासन पसंद नहीं है। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 1, 10, 20, 28 शुभ अंक : 1, 10, 20, 28, 37, 46, 55, 64, 73, 82 शुभ वर्ष : 2026, 2044, 2053, 2062 ईष्टदेव : सूर्य उपासना तथा मां गायत्री शुभ रंग : लाल, केसरिया, क्रीम, आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल करियर: नौकरीपेशा के लिए समय उत्तम हैं।पदोन्नति के योग हैं। बेरोजगारों के लिए भी खुशखबर है इस वर्ष आपकी मनोकामना पूरी होगी। अधूरे कार्यों में सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। परिवार: यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद रहेगा। विवाह के योग बनेंगे। पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण कार्य होंगे। अविवाहितों के लिए सुखद स्थिति बन रही है। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति सोनू वालिया (Sonu Walia): फ़िल्म अभिनेत्री। माधव सदाशिव गोलवलकर (Madhav Sadashiv Golwalkar): RSS के द्वितीय सरसंघचालक तथा विचारक थे। गोकुलभाई भट्ट (Gokulbhai Bhatt): राजस्थान के प्रसिद्ध क्रांतिकारी तथा समाज सेवक। शिवाजी प्रथम/ छत्रपति शिवाजीराजे भोसले (Shivaji I/Chhatrapati Shivajiraje Bhosale): एक भारतीय शासक और भोंसले मराठा वंश के सदस्य। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: 2026 में कब आएगा आपकी राशि का करियर टर्निंग पॉइंट? जानिए शुभ समय
जोधपुर मंडल: जैसलमेर यार्ड में तकनीकी कार्य स्थगित, रेल सेवाएं रीस्टोर
उत्तर पश्चिम रेलवे ने जैसलमेर यार्ड में होने वाले ब्लॉक को टाला, साबरमती और लालगढ़ सहित कई ट्रेनें अब अपने निर्धारित समय पर चलेंगी।
होली स्पेशल ट्रेन: रेलवे चलाएगा मदार से चर्लपल्ली और तिरूपति के बीच रेलसेवाएं
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा होली पर्व पर यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए मदार से चर्लपल्ली और तिरूपति के लिए दो जोड़ी विशेष साप्ताहिक ट्रेनें संचालित की जाएंगी।
जयपुर: जलमहल पर सूर्यकिरण एयर शो के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
नागरिक एसएसओ आईडी के माध्यम से 20 और 22 फरवरी को होने वाले भारतीय वायु सेना के इस आयोजन के लिए ऑनलाइन पास प्राप्त कर सकते हैं।
जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दुरुपयोग पर बड़ी कार्रवाई, 102 जब्त
जिला रसद अधिकारी के नेतृत्व में 4 टीमों ने जगतपुरा, मानसरोवर, चांदपोल और धावास में दबिश देकर 102 सिलेंडर, वाहन और रिफिलिंग उपकरण बरामद किए।
मध्यप्रदेश विधानसभा में लगभग सवा चार लाख करोड़ का बजट पेश, कोई नया कर नहीं
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में आज वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने लगभग चार लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तुत किया, जिसके तहत किसी नए कर का कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया। बजट 2026-27 में राजस्व आधिक्य 44.42 करोड़ रहने का अनुमान है। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 […] The post मध्यप्रदेश विधानसभा में लगभग सवा चार लाख करोड़ का बजट पेश, कोई नया कर नहीं appeared first on Sabguru News .
जनगणना-2027 की तैयारियां: जयपुर में नियमित सहायकों का प्रशिक्षण संपन्न
जयपुर जिला प्रशासन ने डिजिटल मोड में जनगणना-2027 के संपादन हेतु सहायकों को सीएमएमएस पोर्टल और स्वगणना ऐप का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 19 फरवरी 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय
आज आपका दिन मंगलमय हो! 19 February 2026 ke Muhurat: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 19 फरवरी, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त। ALSO READ: जयंती विशेष: रामकृष्ण परमहंस क्यों प्रसिद्ध थे? आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है। आज आज फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया है। आज से रमजान मास प्रारंभ होगा। फुलरिया दोज का पर्व, रामकृष्ण परमहंस और गुरु गोलवलकर की जयंती मनाई जाएगी। आज का पंचांग (19 फरवरी 2026) तिथि- द्वितीया वार: गुरुवार (Thursday) विक्रम संवत: 2082 (नल) शक संवत: 1947 माह: फाल्गुन (शुक्ल पक्ष) तिथि: तृतीया (दोपहर 12:40 तक, उसके बाद चतुर्थी) विशेष: आज नवीन मत से शिवाजी जयंती मनाई जाएगी। नक्षत्र और योग (Nakshatra & Yoga) नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद (सुबह 07:15 तक, उसके बाद उत्तराभाद्रपद) योग: सिद्ध (दोपहर 02:35 तक, उसके बाद साध्य) करण: तैतिल (दोपहर 12:40 तक, उसके बाद गर) आज का शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:12 से 12:57 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वश्रेष्ठ) अमृत काल: शाम 07:50 से 09:20 तक ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:08 तक विजय मुहूर्त: दोपहर 02:32 से 03:17 तक अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings) राहुकाल: दोपहर 01:30 से 03:00 तक (इस समय शुभ कार्य वर्जित हैं) यमगण्ड: सुबह 07:00 से 08:30 तक गुलिक काल: सुबह 09:50 से 11:15 तक दुर्मुहूर्त: सुबह 10:42 से 11:27 तक ALSO READ: धर्म योद्धा योग का प्रभाव: देश-दुनिया में बड़े बदलाव के संकेत, क्या बढ़ेगा तनाव?
रायगढ़ में युवक को जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत महौपाली गांव में युवक को जिंदा जलाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। गंभीर रूप से झुलसे युवक की इलाज के दौरान मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान चपले […] The post रायगढ़ में युवक को जिंदा जलाया, इलाज के दौरान मौत appeared first on Sabguru News .
टी-20 विश्वकप : दक्षिण अफ्रीका ने यूएई को 6 विकेट से हराया
नई दिल्ली। कॉर्बिन बॉश (तीन विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी के बाद डेवाल्ड ब्रेविस (36), रायन रिकलटन (30) और कप्तान एडन मारक्रम (28) की विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने टी-20 विश्वकप के 34वें मुकाबले में बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को 40 गेंदे शेष रहते छह विकेट से शिकस्त दी। इस जीत के […] The post टी-20 विश्वकप : दक्षिण अफ्रीका ने यूएई को 6 विकेट से हराया appeared first on Sabguru News .
रोटरी क्लब कोटा नॉर्थ ने ताथेड़ स्कूल में 200 विद्यार्थियों को बांटे बैग
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ताथेड़ में रोटरी क्लब द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षण सामग्री भेंट कर शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया गया।
शांति धारीवाल का आरोप: राजस्थान का चिकित्सा विभाग बदहाली और भ्रष्टाचार की चपेट में
पूर्व मंत्री धारीवाल ने विधानसभा में बजट उपयोग, खाली पदों और आरजीएचएस भुगतान को लेकर सरकार को घेरा।
कोटा: अकलंक कॉलेज ऑफ एजुकेशन में साइबर सिक्योरिटी पर विशेष व्याख्यान आयोजित
कोटा के अकलंक कॉलेज में आईपीएस प्रवीण जैन ने विद्यार्थियों को डिजिटल धोखाधड़ी, सोशल मीडिया सुरक्षा और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के व्यावहारिक तरीके सिखाए।
भोपाल के जेपी अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग, सर्जिकल सामग्री जली
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित जय प्रकाश जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ओपीडी ब्लॉक की पहली मंजिल पर स्थित एक कक्ष में लगी, जहां सिरिंज, सैंपल कलेक्शन उपकरण और अन्य सर्जिकल सामग्री रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब 12:15 बजे कमरे से […] The post भोपाल के जेपी अस्पताल में शॉर्ट सर्किट से आग, सर्जिकल सामग्री जली appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव और दीक्षा दान समारोह का भव्य आयोजन
स्वामी हंसराम उदासीन के सानिध्य में आठ दिवसीय महोत्सव का आयोजन होगा, जिसमें 20 फरवरी को राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े शामिल होंगे।
विधायक अशोक कोठारी ने राजस्थान विधानसभा में नई चारागाह नीति की मांग उठाई
भीलवाड़ा विधायक ने घटती चारागाह भूमि के संरक्षण के लिए अनुच्छेद 21 और 48 का हवाला देते हुए राज्य स्तरीय योजना और बजट प्रावधान का सुझाव दिया।
धौलपुर के चितौरा गांव में घर में आग लगने से युवती झुलसी
धौलपुर। राजस्थान में धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र में चितौरा गांव में मंगलवार को एक मकान में आग लगने से एक युवती झुलस गई जबकि सवा लाख रुपए से अधिक की सम्पत्ति का नुकसान हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार लेखराज जाटव के गांव से बाहर सड़क किनारे बने मकान में अचानक आग लग गई। […] The post धौलपुर के चितौरा गांव में घर में आग लगने से युवती झुलसी appeared first on Sabguru News .
Kerala Lottery Dhanalakshmi DL-40 के परिणाम घोषित! 18 फरवरी 2026 को एर्नाकुलम के टिकट DW 809210 ने जीता ₹1 करोड़ का बंपर इनाम। पलक्कड़ और एर्नाकुलम में बरसी पुरस्कारों की बारिश। जानें विजेताओं की पूरी सूची और इनाम राशि का दावा करने की विस्तृत कानूनी प्रक्रिया। क्या आपका नंबर है लकी? पढ़ें विशेष रिपोर्ट।
राज्य सभा से रिक्त होने वाली 37 सीटों के लिए 16 मार्च को होंगे चुनाव
नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने 10 राज्यों से राज्य सभा की रिक्त होने वाली 37 सीटों के लिए चुनाव का कार्यक्रम बुधवार को घोषित करते हुए मतदान की तिथि 16 मार्च निर्धारित की। चुनाव आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार इन चुनावों के लिए अधिसूचना 26 फरवरी को जारी की जाएगी। नामाकंन पत्र पांच मार्च तक […] The post राज्य सभा से रिक्त होने वाली 37 सीटों के लिए 16 मार्च को होंगे चुनाव appeared first on Sabguru News .
मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह दौसा का मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने किया निरीक्षण
राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्यवाहक सचिव उमेश वीर ने अनुष्का जनकल्याण सेवा संस्थान द्वारा संचालित गृह में सुविधाओं और चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया।
एमएसबीयू के कुलपति रमेश चंद्र को हटाने के ख्रिलाफ दायर याचिका खारिज
जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने कहा है कि महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय (एमएसबीयू) के निलंबित कुलपति प्रोफेसर रमेश चंद्र को उनके पद से हटाने का फैसला सही है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद अपने निर्णय में कहा कि कुलपति को हटाने की प्रक्रिया विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत वैध और नियमों के […] The post एमएसबीयू के कुलपति रमेश चंद्र को हटाने के ख्रिलाफ दायर याचिका खारिज appeared first on Sabguru News .
डीडवाना स्कूल के छात्र विकास सालवी ने पेश की ईमानदारी की मिसाल, लौटाया रुपयों से भरा पर्स
कक्षा 9 के छात्र विकास सालवी को रास्ते में मिला 1204 रुपये और महत्वपूर्ण दस्तावेजों वाला पर्स, शिक्षकों की मदद से मूल मालिक त्रिलोक सिंह को लौटाया।
सेन्दड़ा निवासी ममता ने आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, पूर्व में दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप।
सूरजपुर में दम घुटने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयला जलाकर सोने के कारण मंगलवार रात को एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई है। यह हृदयविदारक घटना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के कोट चन्दरपुर की है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतकों की […] The post सूरजपुर में दम घुटने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
सेंदड़ा: जानलेवा हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु कलेक्टर को ज्ञापन
बाडिया रामा दूदा निवासी ममता ने सेंदड़ा पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए ब्यावर जिला कलेक्टर से परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
अलवर में निजी कम्पनी के सहायक परियोजना प्रबंधक की संदिग्ध मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र में धनेटा गांव में कार्यरत कंस्ट्रक्शन कंपनी के सहायक परियोजना प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक निजी कंस्ट्रक्शन कम्पनी में सहायक परियोजना प्रबंधक सचिन कुमार देओल (39) की मंगलवार को मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने […] The post अलवर में निजी कम्पनी के सहायक परियोजना प्रबंधक की संदिग्ध मौत appeared first on Sabguru News .
वरिष्ठ अभिनेत्री प्रवीना देशपांडे का 60 वर्ष की आयु में मल्टीपल मायलोमा से निधन हो गया। हिंदी और मराठी फिल्मों, टीवी धारावाहिकों व वेब सीरीज में सक्रिय रहीं प्रवीना ने ‘रेडी’, ‘एक विलेन’ और ‘द फैमिली मैन’ जैसे प्रोजेक्ट्स में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उद्योग और प्रशंसकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कोर्टेवा और बीएएसएफ ने सरसों के लिए लॉन्च किया क्लियरफील्ड® सिस्टम
नई नॉन-जीएम तकनीक ओरोबंकी जैसे परजीवी खरपतवारों को नियंत्रित कर सरसों की पैदावार बढ़ाने और खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता में मदद करेगी।

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