रीवा अरोड़ा संग डिलीवरी बॉय ने की बदसलूकी, एक्ट्रेस को बुलाना पड़ी पुलिस
ग्लैमर की दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी अभिनेत्री रीवा अरोड़ा के लिए पिछला कुछ समय काफी तनावपूर्ण रहा। 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' और 'गुंजन सक्सेना' जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं रीवा ने हाल ही में एक ऐसी घटना साझा की है, जिसने ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रीवा अरोड़ा ने दावा किया है कि एक डिलीवरी एजेंट ने उनके और उनके परिवार के साथ गाली-गलौच की, जिसके बाद उन्हें पुलिस को बुलाना पह़ा। रीवा ने बताया कि 26 अप्रैल को एक रूटीन ग्रोसरी डिलीवरी के दौरान उन्हें करीब 40 मिनट तक मानसिक प्रताड़ना और मौखिक दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू के दौरान रीवा ने कहा, यह पूरी घटना 26 अप्रैल की दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुई। मैंने एक मशहूर क्विक-कॉमर्स ऐप से कुछ सामान ऑर्डर किया था। जब डिलीवरी एजेंट सामान लेकर घर पहुंचा, तो उसका व्यवहार शुरू से ही बेहद रूखा और अनुचित था। रीवा ने बताया कि उन्होंने स्थिति को सामान्य करने की कोशिश की, लेकिन एजेंट लगातार बदतमीजी करता रहा। जब मामला बिगड़ने लगा, तो रीवा की मां, निशा अरोड़ा ने बीच-बचाव किया और एजेंट को शांति से समझाने की कोशिश की। लेकिन शांत होने के बजाय, डिलीवरी एजेंट का व्यवहार और भी आक्रामक हो गया। घटना तब और गंभीर हो गई जब रीवा की बहन, मुस्कान अरोड़ा का सामना उस एजेंट से लिफ्ट में हुआ। रीवा ने आरोप लगाया कि लिफ्ट में भी उस व्यक्ति ने अभद्र और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल जारी रखा। रीवा ने कहा, उसकी भाषा बहुत ही भद्दी और अपमानजनक थी। यह कोई एक बार की टिप्पणी नहीं थी, बल्कि वह बिना किसी उकसावे के लगातार चिल्ला रहा था और गलत शब्दों का प्रयोग कर रहा था। अभिनेत्री ने बताया कि उनके परिवार ने लगभग 30 से 40 मिनट तक इस मौखिक उत्पीड़न को झेला। जब वह एजेंट बिल्डिंग से निकलने लगा, तो रीवा और उनके परिवार ने उसे नीचे जाकर रोका और तुरंत पुलिस को सूचना दी। रीवा अरोड़ा ने मुंबई पुलिस की सराहना करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। अभिनेत्री ने कहा, हमारे पास पुलिस को बुलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। पुलिस ने बहुत तत्परता दिखाई और तुरंत कार्रवाई की। फिलहाल मामला उचित कानूनी चैनलों के माध्यम से आगे बढ़ रहा है।
भाजपा की पश्चिम बंगाल में जीत के बाद बांग्लादेश से बढ़ेगा तनाव, क्या होगा भविष्य?
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत की सभी ज्योतिषियों ने भविष्यवाणी की थी। साथ ही यह भी कहा था कि जीत के बारे आने वाले समय में भाजपा की सरकार को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। खासकर घुसपैठ के मुद्दे और बांग्लादेश से संबंधों को लेकर तनाव रहेगा। भारत को चीन और बांग्लादेश की ओर से चुनौतियां मिलेगी। ALSO READ: बंगाल में भाजपा की जीत से बढ़ेगा सीमा पर तनाव? बांग्लादेशी विदेश मंत्री की भारत को दो टूक चेतावनी बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में सक्रिय होंगी भारत विरोधी शक्तियां: मेदिनी ज्योतिष के अनुसार जब भी शनि मीन और मेष राशि में रहता है इस संपूर्ण क्षेत्र में अराजकता, हिंसा और आंदोलन देखा गया है। संपूर्ण क्षेत्र की बात करें तो इसमें पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश दोनों क्षेत्र आते हैं। हमने पिछले 2 साल यह देखा ही है कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में क्या हुआ। पहले बांग्लादेश में हिंसा के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ और अब भारत के पश्चिम बंगाल में परिवर्तन हुआ है। बांग्लादेश की सरकार भले ही भारत के साथ मित्रवत व्यवहार करें लेकिन वहां के कट्टरपंथी और जनता का जुड़ाव अब पाकिस्तान से हो चला है। चीन से भी बांग्लादेश के संबंध मजबूत होते जा रहे हैं। ऐसे में जब शनि मेष राशि में जाएगा तब बांग्लादेश की ओर से भारत के सामने चुनौतियां खड़ी होने लगेगी। ALSO READ: पश्चिम बंगाल जीत के बाद नई भविष्यवाणी: क्या बांग्लादेश से बढ़ेगा विवाद, जानिए 3 संकेत घुसपैठियों के 'पुश-इन' पर बांग्लदेश करेगा विरोध: चीन और बांग्लादेश की जुगलबंदी से बंगाल को अस्थिर करने की अंतरराष्ट्रीय साजिश तो भाजपा की जीत के साथ ही प्रारंभ हो चली है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 5 मई 2026 को बयान दिया कि यदि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद सीमा पर पुश-इन (भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा लोगों को सीमा के उस पार धकेलने की प्रक्रिया) की घटनाएं होती हैं, तो बांग्लादेश इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने 6 मई 2026 को कहा कि उन्होंने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) को सीमा पर हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत की ओर से संदिग्ध नागरिकों को अवैध रूप से बांग्लादेश की सीमा में धकेलने जैसी कोई घटना नहीं होगी। बांग्लादेश सरकार ने भारतीय नेताओं (विशेषकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा) के उन बयानों पर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है, जिनमें कथित तौर पर अवैध प्रवासियों को वापस भेजने की बात कही गई थी। ढाका ने इन बयानों को प्रतिकूल (Counterproductive) बताया और कहा कि इससे द्विपक्षीय संबंधों पर बुरा असर पड़ सकता है। ALSO READ: बांग्लादेश में 'तारीक रहमान युग' की शुरुआत के साथ ही भारत की 3 बड़ी चिंताएं भारत का जवाब (MEA का रुख): भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 7 मई 2026 को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी (Repatriation) दोनों देशों के बीच एक कोर इश्यू (मुख्य मुद्दा) है। भारत ने बांग्लादेश से लगभग 2,860 मामलों में राष्ट्रीयता सत्यापन (Nationality Verification) की प्रक्रिया को तेज करने का आग्रह किया है, जो लंबे समय से लंबित हैं। भारत का रुख स्पष्ट है कि अवैध नागरिकों की वापसी स्थापित कानूनों और द्विपक्षीय तंत्र के माध्यम से ही होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता है तो भारत इस पर कड़ा रुख अपनाएगा। भारतीय जनता पार्टी यह पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि पश्चिम बंगाल राज्य से घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज होगी। इसमें किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही नहीं बरती जाएगी। बांग्लादेश का भविष्य: विखंडन और विलय बांग्लादेश की उल्टी गिनती प्रारंभ: ज्योतिषीय गणना (Mundane Astrology) के अनुसार, बांग्लादेश के पाप का घड़ा भर चुका है। वहां का हिंदू नरसंहार उसकी बर्बादी की पटकथा है। यदि बांग्लादेश घुसपैठियों को नहीं लेता है तो जब शनि 2027 में मेष राशि में प्रवेश करेगा तब बांग्लादेश की उल्टी गिनती प्रारंभ हो जाएगी। साजिश का कालखंड (2026-2027): बांग्लादेश द्वारा बंगाल, असम और मणिपुर को अस्थिर करने के लिए बड़ी आतंकी साजिश रची जा सकती है। पूर्वोत्तर क्षेत्र के उग्रवादियों पर होगी बड़ी कार्रवाई। घुसपैठ मुक्त पश्चिम बंगाल और सुरक्षित सीमाएं इस कालखंड की सबसे बड़ी उपलब्धि होंगी। वज्र प्रहार: वहां की वर्तमान या आने वाली सरकार यदि भारत से संबंध को बनाए रखने की पहल नहीं करती है और स्थानीय आतंकवादियों पर लगाम नहीं लगाती है तो भारत की सुरक्षा को खतरा होते ही भारतीय सेना का 'वज्र प्रहार' जैसा कड़ा एक्शन होगा। यदि ऐसा होता है तो 2028 तक बांग्लादेश के दो टुकड़े होने के प्रबल योग हैं। इसका हिंदू बहुल और एक बड़ा हिस्सा भारत में विलीन होकर हो सकता है। पश्चिम बंगाल की सीमाएं: 2026 से 2028 का समय भारत के लिए अपनी सीमाओं के विस्तार और शत्रुओं के दमन का काल है। ग्रहों की चाल स्पष्ट कर रही है कि जो शक्तियां भारत को मिटाने का स्वप्न देख रही हैं, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में विलीन हो जाएंगी। क्या कारण है कि पश्चिम बंगाल होगा घुसपैठ मुक्त और बांग्लादेश के बुरे दिन होंगे प्रारंभ? मंगल का मेष में गोचर: 11 मई 2026, सोमवार को दोपहर 12:50 बजे मंगल ग्रह अपने मित्र बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यहां पर मंगल सूर्य और बुध से युति बनाएंगे। मेष राशि मंगल की स्वराशि है, इसलिए यहाँ मंगल का गोचर अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस राशि में 'रूचक महापुरुष राजयोग' का निर्माण भी होगा। यह शक्तिशाली योग भारत और पीम मोदी पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा। भारत की कुंडली: भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है, जिसके अनुसार मंगल का यह गोचर बारहवें (व्यय) भाव में होगा। वर्तमान में भारत की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो 2032 तक रहेगी। इस दौरान भारत अपनी रक्षा प्रणाली और सैन्य शक्ति में बड़ा निवेश कर सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ेगी। नई रक्षा तकनीक या मिसाइल परीक्षण की खबरें आ सकती हैं। सरकार कड़े और साहसी निर्णय ले सकती है। आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन अधिक सक्रिय और सख्त नजर आएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली: पीएम नरेंद्र मोदी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न की है और उनकी राशि भी वृश्चिक है। वृश्चिक लग्न कुंडली के लग्न में मंगल और चंद्र बैठे हैं। वर्तमान में पीएम मोदी की कुंडली में मंगल की महादशा चल रही है जो 29 नवम्बर 2021 से प्रारंभ होकर 29 नवम्बर 2028 तक रहेगी। इसी के साथ ही लग्नेश मंगल केंद्र में स्वराशिस्थ होकर 'रूचक' नामक पंच महापुरुष राजयोग बना रहा है। मंगल छठे एवं प्रथम भाव का स्वामी होकर लग्न में स्थित हैं, इसलिए मोदी के शत्रु मोदी से कभी जीत नहीं पाएं। जिन लोगों ने भी उनसे सीधा सीधा पंगा लिया उनका भविष्य खतरे में आ गया है। मोदी जी के कुंडली में शत्रुहंता योग है। यानी जो भी व्यक्ति, संगठन या देश उसने टकराएगा वह स्वयं भी खत्म हो जाएगा। -ज्योतिषीय विश्लेषण एवं भविष्यवाणियों पर आधारित
सूर्यकुमार यादव को लग सकता है बड़ा झटका! इस खिलाड़ी को मिलेगी भारतीय कप्तान की जिम्मेदारी
भारत की टी20 टीम में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लगातार दो बड़े ICC खिताब जीतने के बावजूद कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) की कुर्सी अब खतरे में नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक BCCI और चयनकर्ता अब अगले टी20 साइकिल को ध्यान में रखते हुए नई लीडरशिप पर दांव लगाने की तैयारी कर रहे हैं, और इस रेस में सबसे आगे नाम है श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) का। आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज में नया कप्तान दिख सकता है। सूर्या की कप्तानी शानदार, लेकिन बल्लेबाजी बनी चिंता सूर्यकुमार यादव ने जुलाई 2024 में भारत की टी20 कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने Asia Cup 2025 और T20 World Cup 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट अपने नाम किए। बतौर कप्तान उनका जीत प्रतिशत 76.92% (Win Percentage as Captain) रहा, जो किसी भी भारतीय टी20 कप्तान के लिए बेहद प्रभावशाली आंकड़ा माना जा रहा है। हालांकि, कप्तानी में सफलता के बावजूद उनकी बल्लेबाजी लगातार सवालों के घेरे में रही। कप्तान बनने के बाद से सूर्या ने 45 टी20 मुकाबलों में सिर्फ 932 रन बनाए हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भी उन्होंने 9 पारियों में 242 रन बनाए, लेकिन इनमें से 84 रन केवल अमेरिका के खिलाफ आए थे। बड़े मुकाबलों में उनका बल्ला दमदार असर नहीं छोड़ सका। आईपीएल 2026 में भी फीका रहा प्रदर्शन मुंबई इंडियंस के लिए खेल रहे सूर्यकुमार यादव का आईपीएल 2026 सीजन भी अब तक काफी निराशाजनक रहा है। उन्होंने 10 मैचों में केवल 195 रन बनाए हैं और टीम Points Table में नौवें स्थान पर संघर्ष कर रही है। पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस का यह खराब प्रदर्शन भी कहीं न कहीं सूर्या पर दबाव बढ़ा रहा है। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि सूर्या लंबे समय से कलाई (Wrist Issue) की समस्या से जूझ रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के दौरान भी वह भारी टेपिंग के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए थे। आईपीएल 2025 में भी उनकी कलाई पर मोटी स्ट्रैपिंग देखी गई थी। टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं, लेकिन यह चोट अब उनके प्रदर्शन को प्रभावित करती दिख रही है। श्रेयस अय्यर की एंट्री ने बढ़ाई हलचल दूसरी ओर श्रेयस अय्यर ने पिछले कुछ समय में अपनी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों से जबरदस्त छाप छोड़ी है। आईपीएल 2024 में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स (Kolkata Knight Riders) को तीसरा खिताब जिताया था, जबकि आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स को फाइनल तक पहुंचाकर उन्होंने अपनी लीडरशिप क्षमता साबित की। आईपीएल 2026 में भी अय्यर शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने 9 पारियों में 333 रन बनाए हैं और पंजाब किंग्स को शुरुआती सात मैचों में छह जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। चयनकर्ताओं का मानना है कि 30 वर्षीय श्रेयस आने वाले लंबे टी20 साइकिल के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं। ALSO READ: आखिर क्या हुआ बुमराह को इस IPL, Gavaskar बोले—‘ये बर्दाश्त नहीं, जानें क्या हो सकती है गिरावट की वजह आयरलैंड-इंग्लैंड सीरीज में दिख सकता है नया कप्तान आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 और फिर इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं सीरीजों से टीम इंडिया नए कप्तान के साथ उतर सकती है। बीसीसीआई 2028 टी20 वर्ल्ड कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए युवा और फ्रेश कोर तैयार करना चाहता है। हार्दिक, संजू और ईशान भी रेस में हालांकि कप्तानी की रेस सिर्फ श्रेयस अय्यर तक सीमित नहीं है। हार्दिक पांड्या का नाम भी चर्चा में है, हालांकि आईपीएल में उनकी कप्तानी का हालिया रिकॉर्ड ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा। वहीं संजू सैमसन और ईशान किशन को भी भविष्य के लीडरशिप विकल्पों के तौर पर देखा जा रहा है। क्या सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर बच पाएंगे सूर्या? सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि अगर सूर्यकुमार यादव से कप्तानी छिनती है तो क्या टीम मैनेजमेंट उन्हें सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर टीम में बनाए रखेगा? क्योंकि एक समय टी20 क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाज माने जाने वाले सूर्या अब लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि भारतीय टी20 टीम अब एक बड़े ट्रांजिशन फेज की ओर बढ़ रही है। आने वाले कुछ हफ्ते सूर्या और श्रेयस दोनों के करियर के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। ALSO READ: IPL फाइनल में बदलाव! क्यों हुआ बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट? जानें BCCI के बड़े फैसले की वजह
Saint Taran Taran: मंडलाचार्य तारण तरण स्वामी का गौरवशाली इतिहास
Gurpurvi 2026 Date: संत तारण तरण स्वामी की जयंती को उनके अनुयायी 'गुरुपर्वी' या 'तारण जयंती' के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास और आध्यात्मिक भक्ति के साथ मनाते हैं। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि तारण पंथ के अनुयायियों के लिए आत्म-चिंतन और गुरु के बताए 'मोक्ष मार्ग' पर चलने के संकल्प का दिन है। बुंदेलखंड की माटी में जन्मे एक ऐसे महापुरुष, जिन्होंने न केवल अध्यात्म की गहराई को छुआ, बल्कि 'तारण पंथ' के माध्यम से हजारों आत्माओं को मोक्ष का मार्ग दिखाया। यहां हम बात कर रहे हैं मंडलाचार्य संत तारण तरण स्वामी की, जानें तारण पंथ के प्रणेता संत तारण तरण स्वामी के बारे में... पुष्पावती से शुरू हुआ एक आध्यात्मिक सफर वि.सं. 1505 का जेठ वदी छठ वह पावन दिन था, जब पुष्पावती (बिलहरी) में गढाशाह जी और माता वीरश्री देवी के आंगन में एक दिव्य ज्योति का अवतरण हुआ। बचपन से ही वैराग्य की ओर झुकाव रखने वाले तारण स्वामी ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में सम्यक दर्शन प्राप्त कर लिया था। 21 वर्ष: ब्रह्मचर्य व्रत धारण किया। 30 वर्ष: सप्तम प्रतिमा के साथ साधना को और गहरा किया। 60 वर्ष: जैनेश्वरी दीक्षा लेकर पूर्ण वीतरागी दिगंबर संत बन गए। क्या है 'तारण पंथ'? तारण स्वामी ने महावीर की वीतराग परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 'तारण पंथ' की स्थापना की। इसका सीधा अर्थ है—'वह पंथ जो संसार सागर से पार उतार दे'। 151 मंडलों के आचार्य होने के कारण उन्हें श्रद्धा से 'मंडलाचार्य' पुकारा जाता है। आज पूरे भारत में इस पंथ के 4 मुख्य तीर्थ और 115 से अधिक भव्य चैत्यालय उनकी शिक्षाओं का प्रसार कर रहे हैं। ज्ञान का अनमोल खजाना: 14 ग्रंथ उन्होंने अपनी साधना के अनुभव को 14 महान ग्रंथों में पिरोया, जिन्हें विचार, आचार, सार, ममल और केवल मत जैसे पांच मुख्य भागों में बांटा गया है। इन ग्रंथों का मूल सार जैन धर्म के तीन स्तंभ हैं: सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र। बेतवा का वह जादुई टापू: मल्हारगढ़ की निसई जी वि.सं. 1572 में, 66 वर्ष की आयु में, अशोकनगर के मल्हारगढ़ में बेतवा नदी के तट पर उन्होंने सल्लेखनापूर्वक समाधि धारण की। आज यह स्थान किसी चमत्कार से कम नहीं है: नदी के बीच टापू : गुरुदेव का समाधि स्थल बेतवा नदी के बीचों-बीच एक टापू पर स्थित है। आस्था की नाव: हजारों श्रद्धालु आज भी नावों में सवार होकर लहरों को पार करते हैं और गुरु चरणों (पादुकाओं) की वंदना करने पहुंचते हैं। निसई जी महोत्सव: 10 एकड़ में फैला यह परिसर और यहां लगने वाला मेला, श्रद्धालुओं के लिए आस्था और शांति का केंद्र है। निष्कर्ष: संत तारण तरण स्वामी का जीवन हमें सिखाता है कि आडंबरों से दूर रहकर आत्म-कल्याण के मार्ग पर कैसे बढ़ा जाता है। 'मल्हारगढ़ की पावन धरा, बेतवा का किनारा। तारण तरण गुरु हमारे, मोक्ष मार्ग का सहारा।' ज्ञात हो किसंत तारण तरण गुरुपर्वी ज्येष्ठ (जेठ) वदी छठ को पर्व का मुख्य आयोजन म.प्र. के निसई जी (मल्हारगढ़), पुष्पावती (बिलहरी), सेमरखेड़ी और देश भर के सभी तारण चैत्यालयों में होता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
50 रुपए में हुई थी आमिर खान की पहली शादी, रीना दत्ता संग भागकर रचाया था ब्याह
बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान आज अपनी फिल्मों और अपनी निजी जिंदगी को लेकर हमेशा चर्चा में रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करोड़ों के बंगले और लग्जरी लाइफस्टाइल जीने वाले आमिर खान ने अपनी पहली शादी महज 50 रुपये में की थी? यह सुनने में किसी फिल्मी पटकथा जैसा लग सकता है, लेकिन यह हकीकत है। आमिर और उनकी पहली पत्नी रीना दत्ता की प्रेम कहानी में भागकर शादी करने से लेकर सुपरस्टार बनने तक के कई अनसुने अध्याय शामिल हैं। आमिर और रीना की कहानी किसी 'ब्वॉय नेक्स्ट डोर' वाली लव स्टोरी है। दोनों पड़ोसी थे और अक्सर घंटों एक-दूसरे को अपनी खिड़कियों से निहारते रहते थे। आमिर रीना के प्यार में इस कदर गिरफ्तार थे कि उन्होंने उन्हें प्रपोज करने के लिए खून से खत तक लिख डाला था। शुरुआत में रीना ने आमिर के प्रस्ताव को कई बार ठुकराया, लेकिन अंततः वह आमिर की सादगी और उनके प्यार के आगे हार मान गईं। दिग्गज अभिनेता अजीत के बेटे शहजाद आमिर और रीना की शादी के गवाह बनने वाले थे, लेकिन लेट होने के कारण वे पहुंच नहीं पाए। एक इंटरव्यू में शहजान ने बताया था कि आमिर और रीना ने साल 1986 में घर से भागकर शादी करने का फैसला किया था। आमिर तब तक सुपरस्टार नहीं बने थे। उन्होंने कोर्ट मैरिज की और इस पूरी प्रक्रिया में महज 50 रुपये का खर्च आया था। शहजाद ने बताया कि वे खुद इस शादी के गवाह बनने वाले थे, लेकिन उनकी हमेशा की तरह देरी से पहुँचने की आदत ने उन्हें इस पल का हिस्सा बनने से रोक दिया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें जब तक वे पहुंचे, आमिर और रीना शादी के कागजों पर दस्तखत कर अपने-अपने घर जा चुके थे। हैरानी की बात यह है कि शादी करने के बाद भी आमिर और रीना अपने-अपने माता-पिता के घर रहने लगे थे। उन्होंने इस शादी को पूरी तरह गुप्त रखा। 1988 में जब फिल्म 'कयामत से कयामत तक' रिलीज हुई और आमिर रातों-रात नेशनल क्रश बन गए, तब तक किसी को भनक नहीं थी कि यह चॉकलेटी हीरो असल जिंदगी में शादीशुदा है। यहां तक कि 'पापा कहते हैं' गाने में रीना दत्ता की एक छोटी सी झलक भी दिखाई गई थी, लेकिन दुनिया के लिए वह सिर्फ एक भीड़ का हिस्सा थीं, जबकि आमिर के लिए वह उनकी पूरी दुनिया थीं। आमिर और रीना का रिश्ता 16 साल तक चला। इस दौरान उनके दो बच्चे, जुनैद और आयरा हुए। हालांकि, 2002 में इस जोड़े ने आपसी सहमति से तलाक ले लिया। तलाक के बाद भी दोनों के बीच एक गरिमापूर्ण रिश्ता बना रहा। रीना आज भी खान परिवार के हर फंक्शन में नजर आती हैं, जो उनके बीच के आपसी सम्मान को दर्शाता है।
बॉलीवुड के 'दबंग' खान परिवार इन दिनों फिल्मों के साथ-साथ मुंबई के रियल एस्टेट मार्केट में अपनी सक्रियता को लेकर चर्चा में है। ताजा खबरों के अनुसार, सलमान खान के भाई और अभिनेता-निर्माता अरबाज खान ने मुंबई के पॉश इलाके अंधेरी वेस्ट में स्थित अपना एक आलीशान अपार्टमेंट बेच दिया है। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के मुताबिक, यह सौदा करोड़ों में हुआ है। अरबाज खान ने अंधेरी वेस्ट के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स स्थित रुनवाल एलिगेंट प्रोजेक्ट में अपना फ्लैट बेचा है। यह अपार्टमेंट 6.5 करोड़ रुपए में बिका है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस ट्रांजैक्शन का पंजीकरण 5 मई, 2026 को हुआ। यह फ्लैट टॉवर B में स्थित है, जिसका कारपेट एरिया 1,369 वर्ग फुट है। इस सौदे के साथ खरीदार को दो कार पार्किंग स्पेस भी मिले हैं। इस डील के लिए खरीदारों ने 39 लाख रुपए की भारी-भरकम स्टाम्प ड्यूटी चुकाई है। अंधेरी वेस्ट का यह इलाका मनोरंजन उद्योग के पेशेवरों और उद्यमियों के बीच काफी लोकप्रिय है, जिससे यहाँ की प्रॉपर्टी वैल्यू हमेशा ऊंची बनी रहती है। अंधेरी का फ्लैट बेचने से पहले अरबाज खान ने जोगेश्वरी वेस्ट में भी एक महत्वपूर्ण निवेश किया था। फरवरी 2026 में उन्होंने लिंक रोड पर स्थित 'ऑटोग्राफ रेजीडेंसी' में एक अपार्टमेंट खरीदा। अतुल अग्निहोत्री की रियल एस्टेट में एंट्री खान परिवार की रियल एस्टेट गतिविधियों में सिर्फ अरबाज ही नहीं, बल्कि उनके बहनोई अतुल अग्निहोत्री भी बड़े स्तर पर कदम रख रहे हैं। अतुल अग्निहोत्री अपनी फर्म 'शिवनसाई होममेकर इंफ्रा एलएलपी' के जरिए बांद्रा की एक 60 साल पुरानी बिल्डिंग के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में शामिल हुए हैं। पालीमाला को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के इस प्रोजेक्ट में अग्निहोत्री परिवार और उनकी कंपनी 'रील लाइफ प्रोडक्शन' के पास पहले से ही 5 फ्लैट हैं। पुनर्विकास के बाद, इस सोसाइटी का कुल क्षेत्रफल 8,565 वर्ग फुट से बढ़कर 12,400 वर्ग फुट से अधिक हो जाएगा।
वैसे तो असम में भी भाजपा की तीसरी बार लगातार विजय महत्वपूर्ण है पर ये दोनों घटनाएं ऐतिहासिक और युगांतरकारी हैं। बंगाल में एक तिहाई मुस्लिम मतदाताओं के बहुमत का खतरनाक तरीके से हर हाल में भाजपा को सत्ता में आने से रोकने और तृणमूल के समर्थन में ...
एमपी में कुदरत के दो रंग: 21 जिलों में आंधी-बारिश का तांडव, तो भोपाल-इंदौर में ‘लू’का प्रचंड प्रहार
मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज बंटा हुआ नजर आ रहा है। 24 घंटे में मौसम अलग अलग तेवर दिखाएगा। प्रदेश के कई जिलों में जहां लू का प्रकोप बढ़ रहा ... Read more
रिसर्चरों ने बनाया मसूड़ों की बीमारी दूर करने वाला टूथपेस्ट
स्तुति लाल दांत और मसूड़ों की तकलीफ से तो हम सब वाकिफ हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की मानें तो भारत में दांतों की सड़न (डेंटल केरिज) और मसूड़ों की बीमारी (पेरियोडोंटाइटिस) बहुत आम है। इस रिपोर्ट के अनुसार लगभग 51 फीसदी भारतीय वयस्क किसी ना किसी प्रकार की मसूड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। हम इंसानों के मुंह में करोड़ों‑अरबों बैक्टीरिया रहते हैं। इन बैक्टीरिया की लगभग 700 प्रजातियां होती हैं, जो खान‑पान, आदतों और उसके माहौल के अनुसार हर किसी में अलग‑अलग हो सकती हैं। ज्यादातर बैक्टीरिया हमें नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन इनमें से कुछ हानिकारक बैक्टीरिया मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। ये बैक्टीरिया दांतों पर जमी परत (प्लाक) में, विशेष रूप से मसूड़ों की लाइन के पास, इकट्ठा होकर सूजन पैदा करते हैं। अगर मसूड़ों की सूजन लंबे समय तक बनी रहे, तो यह लंबी चलने वाली मसूड़ों की बीमारी (क्रॉनिक पेरियोडॉन्टाइटिस) का रूप ले सकती है। जब यही हानिकारक बैक्टीरिया खून में मिल जाते हैं, तो डायबिटीज, गठिया, दिल की बीमारी और भूलने की बीमारी जैसी तकलीफों का खतरा बढ़ा सकते हैं। इलाज के बाद भी मसूड़ों की बीमारी क्यों लौट आती है? हम रोजमर्रा की जिंदगी में दांत और मुंह की सफाई के लिए सामान्य टूथपेस्ट और माउथवॉश का इस्तेमाल करते हैं। इनमें कई बार अल्कोहल वाले माउथवॉश और क्लोरहेक्सिडिन जैसे एंटीसेप्टिक वाले ओरल केयर उत्पाद भी शामिल होते हैं। ऐसे उत्पाद हानिकारक बैक्टीरिया को मारते तो जरूर हैं, लेकिन साथ-साथ अच्छे बैक्टीरिया को भी खत्म कर देते हैं। बाद में जब मुंह में बैक्टीरिया दोबारा बनते हैं, तो हानिकारक बैक्टीरिया जैसे ‘पोर्फाइरोमोनास जिंजिवालिस‘ जल्दी बढ़ जाते हैं, खासकर सूजे हुए मसूड़ों में। वहीं, अच्छे बैक्टीरिया को बनने में वक्त थोड़ा ज्यादा लगता है। यही वजह है कि मुंह का संतुलन बिगड़ता है और बीमारी जल्दी ही लौट आती है। अच्छे बैक्टीरिया को नष्ट होने से बचाने के लिए जर्मनी के फ्राउनहोफर इंस्टीट्यूट फॉर सेल थेरेपी एंड इम्यूनोलॉजी की हाले शाखा के शोधकर्ताओं ने एक विशेष पदार्थ खोज निकाला है। यह 'पोर्फाइरोमोनास जिंजिवालिस' जैसे हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है और अन्य बैक्टीरिया को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाता। इस पदार्थ का नाम 'गुआनिडिनो‑एथाइल‑बेंजाइल‑अमीनो इमिडाजोपाइरीडीन एसीटेट' है। यह नाम बोलने में थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन, इसका काम उतना ही अहम है। फ्राउनहोफर की मॉलिक्यूलर ड्रग बायोकैमिस्ट्री एंड थेरेपी डेवलपमेंट शाखा के प्रमुख डॉ। स्टीफन शिलिंग बताते हैं, यह पदार्थ जिंजिवाइटिस पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के बजाय उनके विकास को रोक देता है। जब वे निष्क्रिय हो जाते हैं, तो अच्छे बैक्टीरिया को उस जगह पर पनपने का मौका मिलता है, जहां वह आम तौर पर नहीं पहुंच पाते। इस तरह यह पदार्थ मुंह में बैक्टीरिया का संतुलन प्राकृतिक तरीके से दोबारा ठीक करता है।” एक सोच से प्रॉडक्ट तक का सफर फ्राउनहोफर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पदार्थ के खोज की तकनीक को 'पेरियोट्रैप' का नाम दिया गया। यह तकनीक एक ऐसे प्रोजेक्ट से विकसित हुई, जिसे यूरोपीय संघ ने वित्तीय सहायता दी थी और जिसमें कई देशों के साझेदार भी शामिल थे। वर्ष 2018 में इस पदार्थ की खोज को एक ओरल केयर प्रॉडक्ट का रूप देने के लिए पेरिओट्रैप फार्मा नामक कंपनी स्थापित की गई। इसी के तहत इस कंपनी ने फ्राउनहोफर संस्थानों के साथ मिलकर एक माइक्रोबायोम‑अनुकूल टूथपेस्ट विकसित किया है, जो मुंह के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। कंपनी के सह‑संस्थापक मिर्को बुकहोल्स के अनुसार, यह टूथपेस्ट पेरियोडोंटाइटिस से बचाव के लिए बनाया गया है और इसमें आम टूथपेस्ट की तरह फ्लोराइड और सफाई करने वाले तत्व मौजूद हैं।” इसे एक उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद माना जा रहा है। इस प्रॉडक्ट की गुणवत्ता के बारे में डॉ। स्टीफन शिलिंग कहते हैं, इस उत्पाद के निर्माण में गुणवत्ता मानक ‘जीएलपी‘ का पालन बेहद जरुरी था। हमने सिर्फ नई सामग्री वाला टूथपेस्ट नहीं बनाया, बल्कि मेडिकल‑ग्रेड गुणवत्ता वाला पूरा ओरल केयर समाधान बनाया है।” दिल के दौरों से कैसे जुड़ी है मसूड़ों की बीमारी? इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार, भारत में मसूड़ों की समस्या को लेकर कम जागरूकता ग्रामीण इलाकों में ज्यादा देखी जाती है। दांतों से खून आना, खाना चबाने में दर्द, मसूड़ों में सूजन(जिंजीवाइटिस) और मसूड़ों के कमजोर होने से हिलते हुए दांत जैसे लक्षण मसूड़ों की बीमारी का संकेत देते है। लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द मानसिक और शारीरिक जीवन को कमजोर कर देता है अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के सर्कुलेशन नामक जर्नल की 2026 के एक बड़े अध्ययन के आधार पर रिपोर्ट में बताया गया कि जिन लोगों को मसूड़ों की गंभीर बीमारी होती है, उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है। यह खतरा अन्य कारकों को हटाने के बाद भी बना रहता है, जिससे मसूड़ों की बीमारी और हार्ट अटैक के बीच सीधा संबंध होने के संकेत मिलते हैं। यानी दांतों और मसूड़ों की सेहत को बनाए रखने के तरीकों के बारे में जागरूक होना बेहद जरूरी है। हालांकि, सच यह भी है कि कभी‑कभी हमारी पूरी कोशिशें भी नाकाम हो जाती हैं। तब इलाज ही एकमात्र रास्ता बचता है। पेरियोट्रैप तकनीक का इस्तेमाल कर आगे भी ओरल और डेंटल केयर के नए उत्पाद बनाने की योजना है। उदाहरण के तौर पर, शोधकर्ता वर्तमान में एक विशेष माउथवॉश विकसित कर रहे हैं और साथ ही अन्य क्षेत्रों के बाजारों के लिए भी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। तकनीक का विकास अभी भी जारी है। दंत चिकित्सा में इसके उपयोग को ध्यान में रखते हुए, पेरियोट्रैप की टीम ने फ्राउनहोफर संस्थानों के साथ मिलकर एक विशेष केयर जेल भी बनाया है, जिसे दांतों की पेशेवर सफाई के बाद लगाया जाता है। यह जेल हानिकारक बैक्टीरिया को ब्लॉक करता है, मुंह के माइक्रोबायोम को संतुलित रखता है और मसूड़ों की सेहत भी बनाए रखता है।
लखनऊ के सामने 9 रनों से हारी बैंगलूरू, अंतिम ओवर में हुआ फैसला
LSGvsRCB मिचेल मार्श (111) की आतिशी शतकीय पारी के बाद प्रिंस यादव (तीन विकेट) की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के वर्षा बाधित मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को नौ रनों से हराया। लखनऊ सुपर जायंट्स को लगातार छह हार के बाद यह जीत नसीब हुई। वहीं आरसीबी की यह टूर्नामेंट में चौथी हार है। ऋषभ पंत का दिग्वेश राठी को आख़िरी ओवर देने का फैसला सही साबित हुआ। उन्होंने इस ओवर में 10 रन देते हुए स्कोर का बचाव किया और लखनऊ सुपर जायंट्स को अभी टूर्नामेंट से बाहर होने से बचा लिया है। 213 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने नौ रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिये। जेकब बेथेल (चार) को मोहम्मद शमी ने आउट किया। वहीं अगले ही ओवर में प्रिंस यादव ने विराट कोहली को खाता भी खोलने का मौका नहीं दिया। इसके बाद कप्तान रजत पाटीदार और देवदत्त पड़िक्कल ने पारी को संभाला और तीसरे विकेट के लिए 95 रन जोड़े। 11वें ओवर में प्रिंस यादव ने पड़िक्कल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। पड़िक्कल ने 25 गेंदों में तीन चौके और एक छक्का लागते हुए (34) रन बनाये। इसी ओवर की पांचवीं गेंद पर प्रिंस ने जितेश शर्मा (एक) भी शिकार कर लिया। You can measure the jump, but you simply cannot measure the emotion! A moment Prince Yadav will remember for a lifetime #TATAIPL | #KhelBindaas | #LSGvRCB | @LucknowIPL pic.twitter.com/AdBkO3Y4KW — IndianPremierLeague (@IPL) May 7, 2026 अगले ओवर में शाहबाज अहमद ने रजत पाटीदार को आउट कर पवेलियन भेज दिया। पाटीदार ने 31 गेंदों में तीन चौके और छक्के उड़ाते हुए (61) रनों की पारी खेली। आरसीबी के बल्लेबाजों क्रुणाल पंड्या और रोमारियो शेफर्ड ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए आखिरी तक अपने को मुकाबले में बनाये रखा। आरसीबी निर्धारित 19 ओवरों में छह विकेट पर 203 रन ही बना सकी और नौ रनों से मुकाबला हार गई। क्रुणाल पंड्या ने 16 गेंदों में नाबाद 28 रन बनाये। उन्होंने अपनी पारी में दो चौके और दो छक्के भी जडे़। रोमारियो शेफर्ड ने 15 गेंदों में तीन चौके और एक छक्का लगाते नाबाद 23 रन बनाये। 16वें ओवर शाहबाज अहमद ने टिम डेविड को आउट कर लखनऊ सुपर जायंट्स को छठी सफलता दिलाई। टिम डेविड ने 17 गेंदों में चार चौके और तीन छक्के लगाते हुए (40) रन बनाये। ALSO READ: मिचेल मार्श के शतक से लखनऊ बैंगलोर के खिलाफ हुआ 210 रन पार
तमिलनाडु में ‘थलापति’की राह में राजभवन की बाधा: बहुमत का प्रमाण या फ्लोर टेस्ट?
TVK Alliance Politic: तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 108 सीटें जीतने वाली विजय की पार्टी TVK बहुमत से अभी 10 सीट दूर है। ... Read more
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (08 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 08 May 2026 : करियर: नई योजनाओं को लागू करने के लिए दिन अच्छा है। लव: पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर होगा। धन: आज फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है। स्वास्थ्य: सिरदर्द की हल्की समस्या हो सकती है। उपाय: आज हनुमान जी को चोला चढ़ाएं। ALSO READ: Jyeshtha Month Bada Mangal 2026: ज्येष्ठ में 8 बड़े मंगल: क्यों बन रहा है यह महीना खास 2. वृषभ (Taurus) करियर: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर विस्तार के योग हैं। लव: पार्टनर के साथ कहीं बाहर घूमने का प्लान बन सकता है। धन: भूमि या वाहन खरीदने के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: इस समय गर्मी के कारण पेट संबंधी विकार हो सकते हैं। उपाय: मां लक्ष्मी को सफेद पुष्प तथा मीठी चीजें अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर आकर्षक संवाद शैली से बिगड़े काम बनेंगे। लव: पार्टनर के साथ रिश्तों में पारदर्शिता रखें। धन: धन निवेश से आगामी लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: मानसिक शांति महसूस करेंगे। उपाय: भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: आज अचानक ऑफिस में काम का बोझ बढ़ सकता है। लव: प्रेमी या पार्टनर के प्रति आपका सम्मान बढ़ेगा। धन: आज फिजूलखर्ची से बजट बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर सफेद चंदन अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: ऑफिस के कार्य में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। लव: आज आपके प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। धन: आज निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। स्वास्थ्य: पुराने रोगों से मुक्ति मिल सकती है। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरीपेशा किसी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानी बरतें। लव: प्रेमियों को किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। धन: भविष्य के लिये बचत की योजनाएं सफल होंगी। स्वास्थ्य: शारीरिक स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उपाय: पक्षियों को हरा मूंग खिलाएं। ALSO READ: अधिक मास में बना दुर्लभ संयोग: ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल, जानें इसका खास महत्व 7. तुला (Libra) करियर: करियर संबंधी अपनी योजनाओं को गुप्त रखें। लव: लव पार्टनर से भावनात्मक सहयोग मिलेगा। धन: आज कारोबार से धन का प्रवाह सामान्य रहेगा। स्वास्थ्य: सेहत का ध्यान रखें। उपाय: छोटी कन्याओं को कुछ मीठा खिलाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आपकी बढ़ती कार्यक्षमता आपको कार्यक्षेत्र में जीत दिलाएगी। लव: पार्टनर के साथ ईमानदारी ही रिश्ते को मजबूत बनाएगी। धन: आज अचानक कोई बड़ा खर्च सामने आ सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव महसूस कर सकते हैं। उपाय: आज मंत्र ॐ हं हनुमते नमः का 108 बार जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए सफलता मिलेगी। लव: संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। धन: आकस्मिक धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आध्यात्मिक गतिविधियों में मन लगेगा। उपाय: शनि देव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: ऑफिस में काम का दबाव अधिक रहेगा। लव: जीवनसाथी का समर्थन आपको हिम्मत देगा। धन: दुकान लेने संबंधी संपत्ति के सौदों में लाभ होगा। स्वास्थ्य: आज घुटनों की मालिश लाभकारी होगी। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: कारोबार में नई डील फाइनल हो सकती है। लव: पार्टनर के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। धन: छोटे निवेशों से लाभ मिलना शुरू होगा। स्वास्थ्य: आज गले या कान में हल्की समस्या हो सकती है। उपाय: शिवजी को चने की दाल चढ़ाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: आज सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। लव: लव पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। धन: आज पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा। स्वास्थ्य: थकान और आलस्य महसूस हो सकता है। उपाय: केले के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: 163 दिन तक कुंभ राशि में वक्री प्लूटो: 5 राशियों को लाभ, 4 के लिए आत्ममंथन का दौर
भवानीपुर में दीदी के खिलाफ सुवेंदु की जीत हो या 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम से ममता की हार या फिर संदेशखाली केस, सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ हर मोर्चे पर उनके साथ डटे रहे। 6 मई को कोलकाता के पास उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस इसे प्री-प्लांड मर्डर बता रही है। 42 साल के चंद्रनाथ रथ 6 मई की रात 10.30 बजे अपने घर बारासत जा रहे थे। स्कॉर्पियो में चंद्रनाथ के साथ ड्राइवर और एक शख्स था। चंद्रनाथ अगली सीट पर बैठे थे। पुलिस के मुताबिक, रात करीब 11 बजे कोलकाता से 20 किलोमीटर दूर एक कार ने उनका रास्ता रोक दिया। पीछे से बाइक से आए शूटर्स ने चंद्रनाथ पर 10 गोलियां चलाईं। चंद्रनाथ को तीन गोलियां लगीं। दो सीने से आर-पार हो गईं, एक पेट में लगी। ड्राइवर को भी गोली लगी। चंद्रनाथ की मां का कहना है कि हमें चुनाव के वक्त से ही धमकी मिल रही थी कि 4 तारीख के बाद दिल्ली के बाप भी नहीं बचा पाएंगे। उन्होंने वही कर दिया। जब से सुवेंदु बाबू ने ममता बनर्जी को हराया है, तभी से मेरे परिवार पर खतरा है। ‘TMC के गुंडों से निपटना हो या लीगल केस, चंद्रनाथ ही जरिया‘ इस बार सुवेंदु ममता के खिलाफ भवानीपुर से चुनाव लड़े। इसलिए चंद्रनाथ यहां डटे रहे। चुनाव के लिए राजस्थान से आई टीम में शामिल BJP विधायक गुरवीर सिंह बराड़ बताते हैं, ‘हम लोग भवानीपुर में थे, तब सारे इंतजाम चंद्रनाथ ही करते थे। चुनाव से जुड़ा लीगल मामला हो या TMC के लोगों की गुंडागर्दी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, सबकी जिम्मेदारी चंद्रभान के पास थी।’ कहीं किसी ने कार्यकर्ताओं को पीट दिया या कोई प्रचार में दिक्कत कर रहा हो, तो हम चंद्रनाथ से ही बात करते थे। चुनाव आयोग या पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराना, सब वही करते थे। 30 अप्रैल और 1 मई की रात भवानीपुर के स्ट्रॉन्ग रूम में EVM में टैंपरिंग और हेरफेर का आरोप लगा, तब चंद्रनाथ कहां थे? BJP में हमारे सोर्स बताते हैं, 'वहीं थे। उन्होंने ही पूरे विवाद का सामना किया। फिर चुनाव आयोग और फोर्स से कोऑर्डिनेट किया। हम सब बाहरी थे। TMC के लोग हमसे उलझते, तब चंद्रनाथ की टीम ही उनसे मुकाबला करती थी।’ वे आगे कहते हैं, ‘उन्हें अंदाजा था कि भवानीपुर में TMC कुछ न कुछ विवाद करेगी। अगर वे पहले से तैयार नहीं होते, तो TMC बड़ा कांड करती। हम प्रचार के लिए कहीं जाते थे, तो TMC के 2-3 लोगों की टीम हमारे वीडियो बनाती थी। ऑफिस के आसपास भी TMC के लोग मंडराते रहते थे।' भवानीपुर-नंदीग्राम में ममता को हार दिलवाई भवानीपुर में BJP के प्रभारी रहे राजस्थान के विधायक राजेंद्र सिंह राठौड़ की कोर टीम में 8 लोग थे। इनमें शामिल सुभाष नील बताते हैं, 'हमें पहले ही दिन चंद्रनाथ से मिलवाया गया। बताया कि यही सारे इंतजाम देखेंगे। मीटिंग फिक्स करने से लेकर बूथ का एजेंट तय करने और रैलियों के रूट तक सबका जिम्मा इनके पास है।' 'डोर टू डोर प्रचार के लिए टीम कैसे जाएगी, रास्ते में खाने की व्यवस्था कहां होगी, वो जगह सुरक्षित है या नहीं, इसकी देखरेख चंद्रनाथ करते थे। 2021 में नंदीग्राम में सुवेंदु ने ममता को शिकस्त दी थी, तब भी मैनेजमेंट चंद्रनाथ के हाथ में था।' भवानीपुर में BJP की चुनाव मैनेजमेंट की टीम में शामिल सोर्स ने बताते हैं, ‘पूरे बंगाल में TMC की गुंडागर्दी चल रही थी, लेकिन भवानीपुर सीट ज्यादा सेंसेटिव थी। यहां TMC के लोगों के निपटने के लिए चंद्रनाथ ने लोकल युवाओं की टीमें बनाईं थीं।’ 'प्रचार के वक्त 2-3 युवाओं की एक टीम हमारे साथ रहती थी। साथ नजर नहीं आती थी, लेकिन आसपास ही रहती थी। अगर कोई हमला करे या मारपीट की नौबत आ जाए, तो वो टीम संभाल ले। कई बार ऐसी स्थितियां बनी भी थीं।' 10 साल से सुवेंदु के साथ थे, हमेशा कमांडो की तरह चौकन्ने रहते सुवेंदु BJP में आने से पहले TMC में थे। पार्टी के एक पदाधिकारी बताते हैं, 'चंद्रनाथ और सुवेंदु को मैंने पहली बार 2016 में साथ देखा था। तब सुवेंदु अधिकारी परिवहन मंत्री बने थे। चाहे रैली हो, रोड शो हो या किसी से मिलने जाना हो, हर जगह दोनों साथ होते। तब तक चंद्रनाथ सरकारी कर्मचारी नहीं थे। वे सुवेंदु के प्राइवेट स्टाफ थे, लेकिन परछाई की तरह साथ रहते थे।' सरकारी स्टाफ कब बने? वो बताते हैं, ‘काफी बाद में। सुवेंदु BJP में शामिल हो गए और नेता प्रतिपक्ष बने, तब चंद्रनाथ उनके सरकारी स्टाफ बने। वे हमेशा किसी कमांडो की तरह चौकन्ने रहते थे।' मां बोलीं- कातिलों को फांसी नहीं, उम्रकैद जरूर हो चंद्रनाथ की हत्या के बाद उनकी मां हासिरानी रथ ने कहा, ‘ये सब इसलिए किया गया क्योंकि BJP सत्ता में आ गई है। हमारे नेता बार-बार राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात कह रहे हैं, लेकिन ममता की पार्टी के लोग भड़काऊ बातें कर रहे थे। नई सरकार दोषियों को सजा दिलाए। मैं एक मां होने के नाते नहीं चाहती कि किसी दोषी को फांसी दी जाए, लेकिन उम्रकैद जरूर होनी चाहिए।’ पुलिस का दावा- चंद्रनाथ की रेकी हुई, ये प्री-प्लांड मर्डर चंद्रनाथ की हत्या का केस CID ने अपने हाथ में ले लिया है। जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है। अब तक 3 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि हमलावर कई दिन से चंद्रनाथ का रूटीन मॉनिटर कर रहे थे। DGP सिद्धनाथ गुप्ता ने बताया कि एक बात तय है कि चंद्रनाथ रथ को मारने के लिए पूरी टीम थी। ये लोग उनके आने-जाने के रूट पर नजर रखे हुए थे। हमला जिस तरह किया गया, वो बिना तय प्लान के नहीं हो सकता। हम इससे ज्यादा अभी कुछ नहीं बता सकते। ……………… पश्चिम बंगाल के भवानीपुर से ये रिपोर्ट भी पढ़ें… भवानीपुर में कचरे के ढेर की वजह से हारीं ममता भवानीपुर ममता बनर्जी का घर है। यहीं जन्मीं। तीन बार चुनाव जीतीं। इस बार सुवेंदु अधिकारी से हार गईं। BJP ने TMC के डर और भवानीपुर की बदहाली, कचरे के ढेर को ममता के खिलाफ सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया। पढ़िए पूरी खबर…
DMK-AIADMK गठबंधन की अटकलों के बीच TVK का बड़ा ऐलान, 107 विधायक इस्तीफे को तैयार
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर गुरुवार को राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। एआईएडीएमके (AIADMK) के महासचिव एडप्पडी के पलानीस्वामी पुडुचेरी के एक रिजॉर्ट पहुंचे, जहां सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच पार्टी के 20 से अधिक विधायकों को ठहराया गया है। इस बीच तमिलगा वेट्ट्री कड़गम (TVK) ने कथित तौर पर कहा है कि यदि डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर तमिलनाडु में सरकार बनाते हैं, तो पार्टी के सभी 107 विधायक इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। ALSO READ: Mamata Banerjee : ममता बनर्जी अब नहीं रहीं मुख्यमंत्री, बंगाल में बड़ा संवैधानिक फैसला, राज्यपाल RN रवि ने विधानसभा भंग की माना जा रहा है कि रिजॉर्ट में एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों की एक अहम बैठक होने वाली है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके (DMK) के बीच संभावित राजनीतिक गठबंधन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने एक बार फिर टीवीके (TVK) प्रमुख विजय की सरकार बनाने की मांग को खारिज कर दिया। राज्यपाल ने कहा कि पार्टी विधानसभा में बहुमत साबित करने में नाकाम रही है। ALSO READ: Supreme Court की बड़ी टिप्पणी, धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठे तो टूट सकते हैं धर्म और सभ्यता , Sabarimala Temple से जुड़ा था मामला सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल ने विजय से पूछा कि टीवीके बहुमत के लिए जरूरी संख्या कैसे जुटाएगी और सरकार गठन के समर्थन में अन्य दलों के पत्र भी मांगे। साथ ही उन्होंने संभावित टीवीके सरकार की स्थिरता को लेकर भी चिंता जताई। इसके जवाब में टीवीके ने कहा कि पहले भी कई ऐसे उदाहरण रहे हैं, जब स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया गया था। पार्टी ने दावा किया कि वह सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है। टीवीके अभी भी बहुमत के आंकड़े से पांच सीट पीछे है। ऐसे में अब सीपीआई, सीपीआई(एम) और वीसीके जैसे छोटे दलों पर सबकी नजरें टिकी हैं। इन तीनों दलों के नेताओं ने गुरुवार को डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से मुलाकात कर राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। इस बीच डीएमके सूत्रों ने संकेत दिए हैं कि यदि सीपीआई, सीपीआई(एम) या वीसीके टीवीके को समर्थन देने का फैसला करते हैं तो डीएमके उन्हें रोकने की कोशिश नहीं करेगी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके ने 108 सीटें जीतीं। वहीं डीएमके को 59, एआईएडीएमके को 47, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, सीपीआई को 2 और सीपीआई(एम) को 2 सीटें मिलीं। जबकि भाजपा, डीएमडीके और एएमएमके ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की। बाद में कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया, लेकिन इसके बावजूद पार्टी सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत से अभी भी पीछे है। Edited by : Sudhir Sharma
कोहली और गिल के साथ खेले हुए इस क्रिकेटर का हुआ निधन
भारत अंडर-19 और पंजाब के पूर्व तेज गेंदबाज़ अमनप्रीत सिंह गिल का बुधवार को चंडीगढ़ में 36 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनकी मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। अंडर-19 क्रिकेट में गिल, विराट कोहली के टीममेट रहे थे। उन्होंने 2006 से 2008 के बीच पंजाब के लिए छह प्रथम श्रेणी मैच खेले और 11 विकेट लिए। वह पहले आईपीएल के दौरान पंजाब किंग्स (तब किंग्स XI पंजाब) का भी हिस्सा रहे थे और बाद में पंजाब की सीनियर चयन समिति के सदस्य भी बने। बुधवार रात हैदराबाद में सनराइज़र्स हैदराबाद (एसआरएच) के ख़िलाफ़ मैच के दौरान पंजाब किंग्स के खिलाड़ियों ने अमनप्रीत को श्रद्धांजलि देने के लिए काली पट्टी बांधी। कोहली ने ट्वीट किया कि यह ख़बर सुनकर वह “हैरान और दुखी” हैं, जबकि युवराज सिंह ने भी गिल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “अमनप्रीत सिंह गिल के निधन की ख़बर सुनकर बेहद दुख हुआ। शुरुआती दिनों में हमने साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था। वह शांत स्वभाव के मेहनती क्रिकेटर थे और खेल से बेहद प्यार करते थे।” पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने भी ट्वीट कर शोक व्यक्त किया- “पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन पूर्व पंजाब क्रिकेटर और पंजाब सीनियर सिलेक्शन कमेटी के सदस्य अमनप्रीत सिंह गिल के दुखद निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता है। शोक संतप्त परिवार और प्रियजनों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं।” Punjab Cricket Association deeply mourns the sad demise of Amanpreet Singh Gill, former Punjab cricketer and Member, Senior Selection Committee Punjab. He served Punjab cricket with dedication and passion, representing teams including India Under-19s, Kings XI Punjab and Punjab.… pic.twitter.com/tpr0EwEprk — Punjab Cricket Association (@pcacricket) May 6, 2026 गिल ने 2007 में भारत के लिए कई यूथ वनडे और एक तीन-दिवसीय यूथ “टेस्ट” मैच खेले थे। उस दौरान उन्होंने टीम के साथ इंग्लैंड, मलेशिया और श्रीलंका का दौरा भी किया। हालांकि वह कोहली की कप्तानी वाली उस भारतीय टीम में जगह नहीं बना सके थे, जिसने 2008 अंडर-19 विश्व कप जीता था।
बूंदी जिले में ग्राम विकास अधिकारी 25 हजार की रिश्वत लेते अरेस्ट
बूंदी। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को बूंदी जिले में केशवरायपाटन पंचायत समिति की ग्राम पंचायत सखावदा के ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। एसीबी के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी स्पेशल युनिट कोटा को गत पांच मई को […] The post बूंदी जिले में ग्राम विकास अधिकारी 25 हजार की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
टोंक में कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदाकर्मी) 13000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
टोंक। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार को कार्यालय जिला खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण टोंक के कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदाकर्मी) सोनू पंवार को 13 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी टोंक को एक शिकायत मिली कि परिवादी से मेडिकल स्टोर […] The post टोंक में कम्प्यूटर ऑपरेटर (संविदाकर्मी) 13000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में दो भाईयों पर चाकू से हमला, नकदी और चांदी की चेन लूटी
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ टाउन थाना क्षेत्र में गांव लखूवाली में पांच मई की शाम को खेल मैदान पर दो भाइयों पर तीन स्थानीय युवकों ने चाकू से हमला करके गोली मारने की धमकी देते हुए नकदी एवं चांदी की चेन लूट ली। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि शाम करीब सात बजे अनवर […] The post हनुमानगढ़ में दो भाईयों पर चाकू से हमला, नकदी और चांदी की चेन लूटी appeared first on Sabguru News .
मेरे साथ संबंधों के कारण भाजपा सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई : शुभेंदु अधिकारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी नेता शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि उनके करीबी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। उन्होंने दावा किया कि रथ को केवल इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह भाजपा नेता के साथ जुड़े हुए थे। बारासात मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर […] The post मेरे साथ संबंधों के कारण भाजपा सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या की गई : शुभेंदु अधिकारी appeared first on Sabguru News .
भरतपुर के होटल में चल रहे जुआ रैकेट का खुलासा, 7 जुआरी अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में पुलिस ने होटल रेजेंटा में चल रहे संगठित जुआ रैकेट को बेनकाब करते हुए सात जुआरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि जुआरियों से आठ लाख 13 हजार 200 रुपये की नगदी, 12 मोबाइल फोन, एक कार और ताश की गड्डियां […] The post भरतपुर के होटल में चल रहे जुआ रैकेट का खुलासा, 7 जुआरी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में रेप के मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठने का केस दर्ज
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के रावतसर थाना क्षेत्र में एक मूंगफली फैक्ट्री संचालक से नाबालिग बेटी और उसके पिता द्वारा दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज करवाने की धमकी देकर लाखों रुपए ऐंठने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित विनोद गोदारा (43) ने पुलिस को शिकायत की कि आरोपी और उसकी नाबालिग पुत्री ने […] The post हनुमानगढ़ में रेप के मामले में फंसाने की धमकी देकर रुपए ऐंठने का केस दर्ज appeared first on Sabguru News .
अलवर में लाइनमैन 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट
अलवर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की अलवर इकाई ने प्रथम फीडर आन्धाका कार्यालय कनिष्ठ अभियंता जेवीवीएनएल किशनगढ बास ग्रामीण (खैरथल तिजारा जिला) में लाइनमेन (हेल्पर) को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि एसीबी की अलवर चौकी में परिवादी ने […] The post अलवर में लाइनमैन 25000 रुपए रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ टॉस जीतकर चुनी गेंदबाजी (Video)
RCBvsLSG रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम में टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है। गत विजेता रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया है जबकि दसवें स्थान पर खड़ी लखनऊ सुपर जाएंट्स ने 2 बदलाव किए हैं। जोश इंगलिस और मोहसिन खान की जगह अर्शिन कुलकर्णी और शाहबाज अहमद को मौका दिया गया है। Toss @RCBTweets have won the toss and elected to bowl first against @LucknowIPL in Lucknow. Updates https://t.co/W0eDq9aWb7 #TATAIPL | #KhelBindaas | #LSGvRCB pic.twitter.com/Z5DSxyelwt — IndianPremierLeague (@IPL) May 7, 2026
तमिलनाडु : विजय का शपथ ग्रहण अधर में, राज्यपाल ने बहुमत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया
चेन्नई। तमिलनाडु में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (टीवीके) के अध्यक्ष सी जोसेफ विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने में हो रही देरी को लेकर राजनीतिक दलों के निशाने पर आए राज्यपाल वीआर अर्लेकर अपने रुख पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि विजय को विधानसभा में […] The post तमिलनाडु : विजय का शपथ ग्रहण अधर में, राज्यपाल ने बहुमत प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया appeared first on Sabguru News .
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुरू होगी ईवनिंग ओपीडी
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल में मरीजों को सुगमता से उपचार उपलब्ध कराने एवं भीड़ प्रबंधन के लिए अधिक रोगी भार वाले विभागों में इवनिंग ओपीडी शुरू की जाएगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने गुरुवार को एसएमएस अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के निरीक्षण के […] The post जयपुर के एसएमएस अस्पताल में शुरू होगी ईवनिंग ओपीडी appeared first on Sabguru News .
अध्यात्म और भक्ति की राह पर अभिनेत्री एना जयसिंघानी
मथुरा। ग्लैमर और अभिनय की दुनिया में पहचान बना चुकी अभिनेत्री एना जयसिंघानी अब पूरी तरह अध्यात्म और भक्ति की राह पर चल पड़ी हैं। मुंबई की चमक-दमक छोड़कर वह इन दिनों वृंदावन में रहकर राधा-कृष्ण भक्ति में लीन हैं और राधे-राधे नाम का जाप कर रही हैं। एना का कहना है कि संत प्रेमानंद […] The post अध्यात्म और भक्ति की राह पर अभिनेत्री एना जयसिंघानी appeared first on Sabguru News .
कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत
कोटा। राजस्थान में कोटा जिले के मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में प्रसूताओं की जान पर बन आई है, ऑपरेशन के बाद पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती कई महिलाओं की अचानक तबीयत बिगड़ने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस पूरे मामले में अब तक दो प्रसूताओं की मौत […] The post कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में एक और प्रसूता की मौत appeared first on Sabguru News .
पंजाब के स्पिनर युजवेंद्र चहल फ्लाइट में पकड़े गए ई सिगरेट पीते हुए (Video)
पंजाब किंग्स बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच 33 रनों से हार बैठी। लेकिन इसके बाद टीम के इकलौते गेंदबाज जिन्होंने किफायती गेंदबाजी की, मुश्किल में पड़ गए। युजवेंद्र चहल हवाई जहाज में ई सिगरेट पीते हुए दिखे। यह फ्लाइट अहमदाबाद से हैदराबाद तक की थी जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चहल जिस वक्त वीडियो में दिखे उस वक्त उनसे अर्शदीप सिंह बात कर रहे थे। हालांकि पंजाब किंग्स ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। Look at Yuzvendra Chahal, man. He was risking everyone’s safety by vaping an e-cigarette inside the flight while Shashank Singh and other Punjab Kings players were around him. This is totally unacceptable and highly risky for everyone. Such behavior violates flight safety… pic.twitter.com/YnXlPmPhjr — Sonu (@Cricket_live247) May 7, 2026 मैच की बात करें तो युजवेंद्र चहल इकलौते ऐसे गेंदबाज रहे जिनकी पिटाई नहीं हुई।मैच की बात करें तो युजवेंद्र चहल इकलौते ऐसे गेंदबाज रहे जिनकी पिटाई नहीं हुई।पिच से गेंदबाजों को बिल्कुल मदद नहीं मिली जिसे देखते हुए चहल का प्रदर्शन काबिले तारीफ कहा जायेगा । उन्होंने चार ओवर में 32 रन देकर एक विकेट लिया। उन्हें तीन विकेट मिले होते लेकिन शशांक सिंह ने एक आसान कैच छोड़ा और प्रभसिमरन सिंह ने स्टम्पिंग का आसान मौका गंवाया।
पहली झलक में छाया 'रामायणम्' का पुष्पक विमान, भव्य डिजाइन ने बढ़ाई एक्साइटमेंट
'रामायणम्' को पहले से ही 2026 की सबसे बड़ी सिनेमाई घटना माना जा रहा है और दुनिया भर में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। नितेश तिवारी द्वारा निर्देशित और नमित मल्होत्रा के प्राइम फोकस स्टूडियो द्वारा समर्थित, 8 बार के ऑस्कर विजेता DNEG और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के सहयोग से, यह फिल्म एक भव्य दो-भाग वाली वैश्विक गाथा के रूप में तैयार की जा रही है। हाल ही में जारी राम की झलक के साथ, यह बड़े पर्दे पर ऐसी भव्यता दिखाती है जो पहले कभी नहीं देखी गई। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पुष्पक विमान को ऐसे तरीके से पेश करती है जैसा सिनेमा में पहले कभी नहीं दिखाया गया। आइए उन कारणों पर नज़र डालें कि क्यों 'रामायणम्' में पुष्पक विमान अब तक का सबसे बेहतरीन चित्रण है। डिजाइन अगर हम 'राम' की झलक में दिखाए गए पुष्पक विमान के ओवरऑल डिजाइन को देखें, तो यह रत्नों से जड़ा हुआ एक शानदार उड़ता हुआ महल लगता है। गोल आकार में बना इसका डिजाइन इस पौराणिक उड़ने वाले रथ के साथ पूरी तरह न्याय करता है, जिससे दुनिया इसकी विशाल पौराणिक महत्ता को देख सकती है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें बारीकियां 'रामायण' में पुष्पक विमान की बारीकियों पर बहुत ध्यान दिया गया है। पौराणिक कथाओं में इसके महत्व को देखते हुए—इसे मूल रूप से विश्वकर्मा ने ब्रह्मा के लिए बनाया था, बाद में यह कुबेर का था और अंत में रावण ने इसे छीन लिया था—इसलिए इसकी शक्ति और मूल्य को दिखाना बहुत जरूरी था। इसकी सुनहरी बनावट और इस पर की गई बारीक कारीगरी साफ तौर पर दिखाती है कि यह रावण का वाहन है। भव्यता का प्रदर्शन राम की झलक में अपने पहले शॉट से ही, पुष्पक विमान बहुत विशाल और भव्य दिखता है। यह शक्ति का प्रतीक है, जिसे इस झलक में बखूबी दिखाया गया है और यह फिल्म के स्केल (पैमाने) के बारे में बहुत कुछ बताता है। इसकी भारी और प्रभावशाली उपस्थिति यह साफ कर देती है कि यह एक समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आया है। विजन के साथ तालमेल पुष्पक विमान को जिस तरह से दिखाया गया है, वह 'रामायणम्' के जरिए भारतीय कहानियों को दुनिया भर के दर्शकों तक ले जाने के नमित मल्होत्रा के विजन (सोच) से पूरी तरह मेल खाता है। इसका विशाल आकार और डिजाइन फिल्म की भव्यता को और बढ़ाता है। भारत में अब तक बनी सबसे बड़ी फिल्मों में से एक होने के नाते, पुष्पक विमान इस फिल्म के पैमाने (स्केल) को सही मायने में दर्शाता है। फिल्म में स्थान भव्य, राजसी और हर पहलू में बारीक डिटेलिंग के साथ तैयार, 'रामायण' में पुष्पक विमान की कल्पना किसी भी पिछली सोच से कहीं आगे है। जिस तरह से इसके घूमने को दिखाया गया है, और साथ ही बादलों के बीच से उड़ते समय इसके सुनहरे रंग, वाकई फिल्म के विशाल पैमाने और विजुअल एम्बिशन को दर्शाते हैं।
IPL में प्लेऑफ खेलेंगे ऑस्ट्रेलिया खिलाड़ी, पाकिस्तान दौरे को 'ना' किया
पाकिस्तान इस महीने के आखिर में शुरू होने वाली तीन मैचों की एकदिवसीय सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया की मेजबानी करेगा। सीरीज के मैच रावलपिंडी और लाहौर में खेले जाएंगे।ऑस्ट्रेलिया 30 मई को रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में पहला एकदिवसीय खेलने से पहले 23 मई को इस्लामाबाद पहुंचेगा। इसके बाद सीरीज दो जून और दो जून को दूसरे और तीसरे वनडे के लिए गद्दाफी स्टेडियम में पहुंचेगी। आईपीएल का लीग चरण 24 मई को संपन्न होगा जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 31 मई को खेला जाएगा।ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के 23 मई को इस्लामाबाद पहुंचने का कार्यक्रम है जो आईपीएल का अंतिम चरण होगा। कप्तान पैट कमिंस के अलावा ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज ट्रेविस हेड भी सनराइजर्स की टीम का हिस्सा हैं।हैदराबाद की टीम अभी 14 अंक के साथ तालिका में शीर्ष पर चल रही है और प्ले ऑफ में जगह बनाने की प्रबल दावेदार है।जोश हेजलवुड, टिम डेविड, कूपर कोनोली जेवियर बार्टलेट, मार्कस स्टोइनिस जैसे खिलाड़ियों को यहीं रुकना पड़ सकता है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलरु और पंजाब किंग्स के भी प्लेऑफ में पहुंचने की पूरी संभावना है। आईपीएल में खेल रहे ऑस्ट्रेलिया के अन्य खिलाड़ी मिचेल मार्श, जोश इंग्लिस (दोनों लखनऊ सुपर जाइंट्स), मैथ्यू शॉर्ट (चेन्नई सुपरकिंग्स), मिचेल स्टार्क (दिल्ली कैपिटल्स) और कैमरन ग्रीन (कोलकाता नाइट राइडर्स) हैं।शायद यह खिलाड़ी पाक दौरे पर जा सके क्योंकि इनकी टीमें शायद ही प्लेऑफ पहुंच पाए। यह दौरा मार्च-अप्रैल 2022 में उनके दौरे के बाद से पाकिस्तान में ऑस्ट्रेलिया की पहली द्विपक्षीय एकदिवसीय सीरीज है, जिसमें एशियाई टीम ने 2-1 से जीत हासिल की थी।आईसीसी के अनुसार, इस साल की शुरुआत में, ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की टी-20 सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा किया था, जिसमें मेज़बान टीम ने लाहौर में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। अगले साल आईसीसी पुरुष एकदिवसीय विश्व कप होने वाला है, इसलिए यह सीरीज दोनों टीमों को 50 ओवर के प्रारुप में कॉम्बिनेशन और मोमेंटम बनाने का एक और मौका देती है। इन मैचों के बाद, ऑस्ट्रेलिया छह व्हाइट-बॉल मैचों के साथ बंगलादेश में वापसी करेगा।इस दौरे में नौ जून से ढाका में तीन एकदिवसीय और 17 जून से चटगांव में तीन टी-20 शामिल हैं। आईपीएल 2026 की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
केपीएल क्रिकेट के लीग मुकाबलों में हो रहा कड़ा संघर्ष, खंडेलवाल समाज सहित खेल प्रेमी उमड़े
11वां खंडेलवाल प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट सिरोही। पांच दिवसीय ग्यारहवां खंडेलवाल प्रीमियर लीग क्रिकेट टूर्नामेंट दूसरा दिन लीग मुकाबलो में कड़े संघर्ष के नाम रहा। देर रात्रि तक चल डे नाईट मैचों को देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी व खंडेलवाल समाज बंधु अरविंद पवेलियन खेल मैदान पहुंचे। केपीएल आयोजन कमेटी के लोकेश […] The post केपीएल क्रिकेट के लीग मुकाबलों में हो रहा कड़ा संघर्ष, खंडेलवाल समाज सहित खेल प्रेमी उमड़े appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में बाइक सवार की पिकअप की चपेट में आने से मौत
भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले में सदर थाना क्षेत्र में गुरुवार को पिकअप की चपेट में आने से मोटर साइकिल सवार की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह घटना पूर्वाह्न करीब पौने 11 बजे महुआ क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप के पास हुई। चंद्रेश कुमार (60) अपनी मोटर साइकिल से अपने गांव […] The post भीलवाड़ा में बाइक सवार की पिकअप की चपेट में आने से मौत appeared first on Sabguru News .
इंजीनियर से मंत्री बने निशांत कुमार, सक्रिय राजनीति में नई पारी शुरू की
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने बिहार सरकार में पहली बार मंत्री पद की शपथ लेकर अपने सियासी सफर की शानदार शुरुआत की। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में निशांत कुमार ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे से मंत्री पद की शपथ […] The post इंजीनियर से मंत्री बने निशांत कुमार, सक्रिय राजनीति में नई पारी शुरू की appeared first on Sabguru News .
मिर्जापुर से पंचायत तक, इन प्रोडक्शन हाउस ने दिए सबसे बड़े OTT हिट
भारतीय OTT सीरीज आजकल दमदार क्राइम स्टोरीज, इमोशनल ड्रामा और कॉमेडी से दर्शकों का दिल जीत रही हैं। TVF, एक्सेल एंटरटेनमेंट और बनिजय एंटरटेनमेंट जैसे बड़े प्रोडक्शन हाउस इस बदलाव के केंद्र में हैं। ‘स्कैम 1992’, ‘पंचायत’ और ‘मिर्जापुर’ जैसी चर्चित सीरीज़ Prime Video, SonyLIV और Netflix जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हैं, जो दर्शकों को बेहतर और ज़मीन से जुड़ा कंटेंट देने की दिशा में बड़ा बदलाव दिखाती हैं। आइए जानते हैं उन सबसे बड़े प्रोडक्शन हाउस के बारे में, जिन्होंने भारतीय OTT की सबसे लोकप्रिय सीरीज़ दी हैं। अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट अप्लॉज़ एंटरटेनमेंट एक बेहद सक्रिय भारतीय कंटेंट स्टूडियो है, जो Sony LIV, Disney+ Hotstar, Prime Video और Netflix जैसे कई प्लेटफॉर्म्स के लिए हाई-क्वालिटी OTT सीरीज़ बनाने के लिए जाना जाता है। स्कैम 1992, क्रिमिनल जस्टिस, रुद्र - द एज ऑफ डार्कनेस और सिटी ऑफ ड्रीम्स जैसी चर्चित सीरीज़ इसी स्टूडियो की देन हैं। यह स्टूडियो “बोल्ड और साहसी” कहानियों पर फोकस करता है और अक्सर जटिल ऐतिहासिक या वास्तविक घटनाओं को बेहद गहराई से पेश करता है। इसकी खासियत यह भी है कि यहां स्टारडम से ज्यादा टैलेंट को प्राथमिकता दी जाती है और कलाकारों का चयन उनकी लोकप्रियता नहीं बल्कि किरदार के अनुरूप किया जाता है। एक्सेल एंटरटेनमेंट एक्सेल एंटरटेनमेंट OTT की दुनिया में अपनी “प्रीमियम” और सिनेमाई कहानी कहने की शैली के लिए अलग पहचान रखता है। ‘मिर्जापुर’ जैसी सीरीज़ सांस्कृतिक पहचान बन चुकी हैं, जहां कालीन भैया और गुड्डू पंडित जैसे किरदार कहानी से भी ज्यादा लोकप्रिय हो गए। इसी वजह से आगे के सीज़न्स के लिए बड़े बजट की मांग भी बढ़ी। वहीं ‘मेड इन हेवन’ जैसी सीरीज़ भारतीय एलीट समाज की परतें खोलते हुए जाति, लैंगिकता और जेंडर जैसे सामाजिक मुद्दों को बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश करती है। इसके अलावा ‘दहाड़’ और ‘डब्बा कार्टेल’ जैसी सीरीज़ के जरिए एक्सेल एंटरटेनमेंट ने छोटे शहरों और देसी कहानियों को भी बेहद स्टाइलिश और सशक्त तरीके से दर्शाया है। बनिजय एंटरटेनमेंट बनिजय एंटरटेनमेंट भारत में दुनिया की सबसे सफल वेस्टर्न सीरीज़ को भारतीय अंदाज़ में ढालने के लिए जाना जाता है। इसकी सीरीज़ में बड़े स्टार्स और सिनेमाई प्रोडक्शन क्वालिटी देखने को मिलती है। ‘द नाइट मैनेजर’ ने भारत में हाई-एंड स्पाई थ्रिलर जॉनर को नई पहचान दी और इंटरनेशनल लेवल की अडैप्टेशन का उदाहरण पेश किया। वहीं ‘द ट्रायल’, जो ‘द गुड वाइफ’ का भारतीय रूपांतरण है और जिसमें काजोल मुख्य भूमिका में हैं, भारतीय सामाजिक मुद्दों और कानूनी ड्रामा का बेहतरीन मेल दिखाती है। बनिजय एंटरटेनमेंट ने युवाओं के बीच भी अपनी खास जगह बनाई है। ‘कैंपस बीट्स’, जो बनिजय एशिया द्वारा बनाई गई एक यूथ डांस ड्रामा सीरीज़ है, Gen Z दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रही। मई 2025 में यह भारत की पहली OTT सीरीज़ बनी जिसने पांच सीज़न्स पूरे किए और अप्रैल 2026 में इसका छठा सीज़न ‘Campus Beats Returns’ भी रिलीज़ हुआ। धर्मा प्रोडक्शंस धर्मा प्रोडक्शंस ने OTT पर बॉलीवुड जैसी भव्यता और ग्लैमरस कहानी कहने की शैली को नए अंदाज़ में पेश किया। उनकी सीरीज़ पारंपरिक पारिवारिक फिल्मों से हटकर आधुनिक और स्टाइलिश नैरेटिव्स पर आधारित होती हैं। ‘फैब्युलस लाइव्स वर्सेस बॉलीवुड वाइव्स’, ‘कॉल मी बे’ और ‘अजीब दास्तान्स’ जैसी सीरीज़ इसके शानदार उदाहरण हैं। TVF द वायरल फीवर (TVF) भारतीय OTT में “रिलेटेबल रियलिज़्म” लाने के लिए खास पहचान रखता है। यह स्टूडियो बॉलीवुड की चमक-दमक की बजाय आम मिडिल क्लास लोगों के सपनों और संघर्षों को बेहद सादगी से पेश करता है। ‘पंचायत’ के जरिए TVF ने गांव आधारित कहानियों को नए और वास्तविक अंदाज़ में दिखाया, जहां ओवर-द-टॉप ड्रामा की जगह सरल और दिल को छू लेने वाली कहानी देखने को मिली। इसके अलावा ‘गुल्लक’, ‘एस्पिरेंट्स’ और कई स्लाइस-ऑफ-लाइफ ड्रामा भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहे हैं।
बिहार में नई टीम सम्राट तैयार: नीतीश के बेटे निशांत और श्रेयसी सिंह समेत 32 बने मंत्री
Samrat Chaudhary Cabinet Expansion : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल का गुरुवार को विस्तार किया गया। राज्यपाल ने पटना के गांधी मैदान में एक भव्य समारोह में 32 मंत्रियों को शपथ दिलाई। सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ मंत्रिमंडल में अब कुल 35 मंत्री हैं। एक सीट खाली रखी गई है। समारोह में भाजपा के 15 और जदयू के 13 विधायकों के साथ ही लोजपा के 2, हम और रालोसपा के एक एक विधायकों ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। निशांत ने मंत्री पद की शपथ लेने से पहले पिता नीतीश के पैर छुएं। सम्राट की टीम में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे मंत्री बने जबकि 2 पूर्व केंद्रीय मंत्रियों दिग्विजय सिंह और उपेंद्र कुशवाहा के बच्चों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। पूर्व सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन और जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा को भी मंत्री बनाया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत दिग्विजय सिंह की बेटी श्रेयसी सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। #LIVE : बिहार की धरती पटना से विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय का शुभारंभ… देश के यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित मंत्रिमंडल विस्तार समारोह! #NDA4Bihar https://t.co/uuMQR7iSn1 — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 7, 2026 यह दिग्गज बने मंत्री निशांत कुमार, लेसी सिंह, दिलीप जायसवाल, विजय कुमार सिन्हा, श्रवण कुमार, रामकृपाल यादव, नीतीश मिश्रा, अशोक चौधरी, संजय सिंह टाइगर, रमा निषाद, मदन सहनी, संतोष सुमन, दामोदर रावत, रत्नेश सदा, शीला मंडल, सुनील कुमार, श्रेयसी सिंह, जमा खान, बुलो मंडल, श्वेता गुप्ता, दीपक प्रकाश, मिथिलेश तिवारी, केदार प्रसाद गुप्ता, लखेंद्र कुमार रौशन, नंद किशोर राम, प्रमोद कुमार और रामचंद्र प्रसाद बने मंत्री। समारोह में ये दिग्गज शामिल शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल थे। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाह समेत बिहार की राजनीति से जुड़े कई दिग्गज भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। edited by : Nrapendra Gupta
बैंगलूरू को प्लेऑफ और फाइनल की मेजबानी ना मिलने से निराश हुआ KSCA
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने आईपीएल 2026 के प्लेऑफ़ और फ़ाइनल की मेज़बानी के लिए नज़रअंदाज़ किए जाने पर अपनी निराशा ज़ाहिर की है, जबकि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा वेन्यू के बँटवारे को लेकर अभी भी सवाल उठ रहे हैं। बुधवार (6 मई) को जारी एक विस्तृत स्पष्टीकरण में, केएससीए ने कहा कि उसने एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में प्लेऑफ़ मैचों की मेज़बानी करने के लिए अपनी “तैयारी, इच्छा और गहरी दिलचस्पी” के बारे में औपचारिक रूप से जानकारी दी थी, और अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस मामले पर बीसीसीआई से व्यक्तिगत रूप से बात भी की थी। बयान में कहा गया, “शुरुआत में ही, केएससीए इस बात पर निराशा ज़ाहिर करता है कि आईपीएल प्लेऑफ़ मैच दूसरे केंद्रों को दे दिए गए हैं,” और साथ ही इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि बेंगलुरु ने इस सीज़न में अपने पाँच लीग मैचों का आयोजन सफलतापूर्वक किया था। “मौजूदा सीज़न में बेंगलुरु में आयोजित आईपीएल मैचों की सुचारू व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, परिचालन दक्षता और दर्शकों के समग्र अनुभव के लिए व्यापक रूप से सराहना की गई थी।” यह स्पष्टीकरण बीसीसीआई के उस फ़ैसले के बाद आया है जिसमें प्लेऑफ़ धर्मशाला और मुल्लांपुर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया है – ये दोनों ही पिछले सीजन के उपविजेता पंजाब किंग्स के घरेलू मैदान हैं – जबकि फ़ाइनल की मेज़बानी अहमदाबाद को सौंपी गई है। यह पिछले पाँच संस्करणों में चौथी बार है जब पुनर्निर्मित मोटेरा स्टेडियम के इस्तेमाल में आने के बाद से अहमदाबाद को फ़ाइनल की मेज़बानी मिली है। मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का घरेलू मैदान होने के नाते, परंपरा के अनुसार बेंगलुरु से ही फ़ाइनल की मेज़बानी करने की उम्मीद की जा रही थी। हालाँकि, यह ध्यान देने योग्य है कि पिछले साल जब भारत-पाकिस्तान विवाद के कारण कुछ समय के लिए रुकने के बाद आईपीएल फिर से शुरू हुआ था, तब हैदराबाद और कोलकाता को भी प्लेऑफ़ मैचों की मेज़बानी करने का मौक़ा नहीं मिला था। बेंगलुरु से मैच हटाने के बारे में बताते हुए, बीसीसीआई ने दिन में पहले कहा था: “कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिकल बातों को ध्यान में रखते हुए, आईपीएल 2026 के प्लेऑफ़ इस सीज़न में एक खास मामले के तौर पर तीन अलग-अलग जगहों पर करवाए जाएँगे।” इसमें यह भी जोड़ा गया कि यह बदलाव “स्थानीय एसोसिएशन और अधिकारियों की कुछ ऐसी जरूरतों की वजह से हुआ, जो बीसीसीआई के तय नियमों और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं।” हालाँकि, केएससीए ने ज़ोर देकर कहा कि बोर्ड को भेजा गया उसका संदेश “पूरी तरह से तथ्यों पर आधारित, ऑपरेशनल और स्पष्ट करने वाला था,” जिसका मकसद “इतने बड़े मैचों की मेज़बानी से जुड़ी लॉजिस्टिकल और स्टेकहोल्डर-संबंधी ज़रूरतों के बारे में पारदर्शिता और स्पष्टता लाना था।” उसने यह भी बताया कि बेंगलुरु में ऑपरेशनल ढाँचे का “2008 में आईपीएल की शुरुआत से ही लगातार पालन किया जाता रहा है” और इस सीज़न में भी इसे एक जैसा ही लागू किया गया था, जिसमें इस जगह पर पहले हुए प्लेऑफ़ मैच भी शामिल हैं। आईपीएल 2026 की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
कच्चा तेल 100 डॉलर से नीचे: चांदी 2.59 लाख और सोना 1.53 लाख रुपए पार
Gold Silver Rates 7 May : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी और दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म होने और हार्मुज खुलने की उम्मीद के चलते देश में कच्चे तेल की कीमतों में कमी आई और यह 100 डॉलर से नीचे पहुंच गया। इससे लगातार दूसर दिन भी सोने चांदी के दाम बढ़े हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव घटने की उम्मीद से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 99.03 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 92.86 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 112.5 डॉलर प्रति बैरल है। 7 मई को सुबह 10:35 बजे MCX पर सोना 598 रुपए बढ़कर 1,52,730 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 2886 रुपए की बढ़त के साथ 2,56,151 पर थी। दोपहर 2:47 बजे सोना 870 रुपए की बढ़त के साथ 153,002 प्रति 10 ग्राम और चांदी 5970 रुपए बढ़कर 259,235 रुपए प्रति किलो हो गई। कॉपर भी 2.36 रुपए की गिरावट के साथ 1,311 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4737.637 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 79.722 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। बुलियन मार्केट में आपके शहर में क्या है सोने के दाम? शहर सोने के दाम मुंबई 1,52,677 रुपए प्रति 10 ग्राम चेन्नई 1,52,942 रुपए प्रति 10 ग्राम दिल्ली 1,52,864 रुपए प्रति 10 ग्राम कोलकाता 1,52,486 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल 1,53,127 रुपए प्रति 10 ग्राम अहमदाबाद 1,52,676 रुपए प्रति 10 ग्राम जयपुर 1,52,723 रुपए प्रति 10 ग्राम बेंगलुरु 1,52,878 रुपए प्रति 10 ग्राम तिरुवनंतपुरम 1,52,507 रुपए प्रति 10 ग्राम पटना 1,52,941 रुपए प्रति 10 ग्राम आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? शहर चांदी के दाम मुंबई 2,53,355 रुपए प्रति किलो चेन्नई 2,53,496 रुपए प्रति किलो दिल्ली 2,53,470रुपए प्रति किलो अहमदाबाद 2,53,391 रुपए प्रति किलो भोपाल 2,53,610 रुपए प्रति किलो कोलकाता 2,53,496 रुपए प्रति किलो जयपुर 2,53,358 रुपए प्रति किलो बेंगलुरु 2,53,525 रुपए प्रति किलो तिरुवनंतपुरम 2,53,468 रुपए प्रति किलो पटना 2,53,576 रुपए प्रति किलो अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
अलवर में दो युवकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उपद्रवियों ने थाने पर हमला किया
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के गोबिंदगढ़ थाने में बुधवार रात 100 से अधिक लोगों ने हमला करके पुलिस हिरासत से दो युवकों को छुड़ाने के प्रयास में जमकर पथराव किया, जिससे थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 12 बजे गोविंदगढ़ में भाटडा सिख समाज के […] The post अलवर में दो युवकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उपद्रवियों ने थाने पर हमला किया appeared first on Sabguru News .
तेलंगाना के सिद्दीपेट में डूबने से तीन युवकों की मौत
सिद्दीपेट। तेलंगाना में सिद्दीपेट जिले से एक दुखद घटना सामने आई है जहां वरगल मंडल के नचाराम के पास एक जलधारा में तैरने के दौरान तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब ये युवक एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए तूपरान […] The post तेलंगाना के सिद्दीपेट में डूबने से तीन युवकों की मौत appeared first on Sabguru News .
हैदराबाद ने पंजाब को ना केवल 33 रनों से हराया बल्कि शीर्ष स्थान भी छीना
PBKSvsSRH हाइनरिक क्लासन (69), इशान किशन (55), ट्रेविस हेड (38) और अभिषेक शर्मा ( 35) की विस्फोटक बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने बुधवार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 49वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को 33 रनों से शिकस्त दी। यह टूर्नामेंट में पंजाब किंग्स की लगातार तीसरी है। इस जीत के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को एक पायदान पिछले धकेलते हुए अंक तालिका में 14 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।कूपर कॉनली (नाबाद 107) का शतक बेकार गया। 236 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही महज चार रन पर अपने दो विकेट गंवा दिये। प्रियांश आर्य (एक) और प्रभसिमरन सिंह (तीन) रन बनाकर आउट हुये। चौथे ओवर में ईशान मलिंगा ने कप्तान श्रेयस अय्यर (पांच) को आउटकर पंजाब को तीसरा झटका दिया। इसके बाद मार्कस स्टॉयनिस और कूपर कॉनली की जोड़ी ने पारी को संभलाने का प्रयास किया। सातवें ओवर में शिवांग कुमार ने स्टॉयनिस का शिकार कर लिया। स्टॉयनिस ने 14 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के उड़ाते हुए (28) रन बनाये। सूर्यांश शेडगे 17 गेंदों में (25) और और शशांक सिंह (चार) रन बनाकर आउट हुये। Presenting the Turning Point of #SRHvPBKS by the New AI Mode in Google Search #TATAIPL | #KhelBindaas | #AIMode | @GoogleIndia pic.twitter.com/aLf438anFF — IndianPremierLeague (@IPL) May 7, 2026 20वें ओवर की पहली गेंद पर शिवांग कुमार ने मार्को यानसन (19) को आउट कर पवेलियन भेज दिया। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 202 रन हीं बना सकी और मुकाबला 33 रनों से हार गई। कूपर कॉनली ने मैच के आखिरी ओवर में आईपीएल का अपना पहला शतक पूरा किया। कॉनली ने 59 गेंदों में सात चौके और आठ छक्के उड़ाते हुए नाबाद 107 रन की पारी खेली।सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट लिये। नीतीश कुमार रेड्डी , इशान मलिंगा और साकिब हुसैन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। ALSO READ: पंजाब के सामने किशन और क्लासेन का प्रहार, हैदराबाद पहुंचा 235 रनों तक
कंगना रनौट की 'भारत भाग्य विधाता' इस दिन हो रही रिलीज, अस्पताल के गुमान नायकों की दिखेगी कहानी
बॉलीवुड की 'क्वीन' और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौट एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक बेहद संजीदा और शक्तिशाली कहानी के साथ वापसी करने के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा कर दी गई है। 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म का पहला पोस्टर जारी होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह उन नायकों को समर्पित है जो अक्सर इतिहास की मुख्यधारा में पीछे छूट जाते हैं। A post shared by Manikarnika Films Production (@manikarnikafilms) कंगना ने फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, आम लोगों की असाधारण कहानी! उस रात की कहानी, जब इंसानियत डर से कहीं ज़्यादा बड़ी साबित हुई। जब ज़िम्मेदारी ही बलिदान बन गई। जब एकता ही फ़र्ज़ बन गई। और हिम्मत ने जानें बचाईं। भारत के असली नायकों की अनकही कहानी भारत भाग्य विधाता 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। 'भारत भाग्य विधाता' केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन आम नागरिकों के प्रति एक भावुक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने संकट की घड़ी में असाधारण साहस का परिचय दिया। फिल्म की कहानी एक शहर पर हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि पर आधारित है। अक्सर ऐसी फिल्मों में केवल सुरक्षा बलों और हथियारों की लड़ाई को प्रमुखता दी जाती है, लेकिन यह फिल्म अपना रुख सरकारी अस्पतालों के उन गलियारों की ओर मोड़ती है, जहां असली जंग लड़ी जा रही थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह फिल्म उन 'गुमनाम नायकों' की कहानी कहती है जो अस्पताल के भीतर दिन-रात काम करते हैं। इसमें न केवल डॉक्टर, बल्कि नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर और सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। जब पूरा शहर दहशत में था और हमलावर सक्रिय थे, तब इन लोगों ने डर के आगे घुटने टेकने के बजाय अपने कर्तव्य को चुना। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना यह सुनिश्चित किया कि मरीजों की जान बचे और मानवता की जीत हो। फिल्म के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा, हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस अक्सर शांत होता है। वह सामने आता है, ठहरता है और जिम्मेदारी निभाता है। 'भारत भाग्य विधाता' साहस, त्याग और एकता की एक ऐसी कहानी है जो अब तक अनकही रही है। यह देशभक्ति का सबसे शुद्ध रूप है। फिल्म का लेखन और निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। फिल्म में कंगना रनौट के साथ-साथ कई प्रतिभाशाली कलाकार नजर आएंगे, जिनमें गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान शामिल हैं। फिल्म का निर्माण दिग्गज निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा की 'पेन स्टूडियोज' के साथ मणिकर्णिका फिल्म्स और परमांश क्रिएशंस ने किया है।
तीर्थराज पुष्कर में पुष्करम ज्योतिष चक्रे मासिक पत्रिका का विमोचन
पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर के प्रकाशित होने वाली भारतीय प्राच्य विद्याओं की मासिक पत्रिका पुष्करम ज्योतिष चक्रे का विमोचन बुधवार को पुष्करम रिसोर्ट में आयोजित समारोह में किया गया। पत्रिका की प्रकाशक एवं मुद्रक आईडीएसएमटी कोलोनी चन्द्रा देवी तथा मानद सम्पादक ज्योतिषाचार्य एवं जोगणियाधाम संस्थापक भंवरलाल हैं। पुष्करम ज्योतिष चक्रे के विमोचन अवसर पर पुष्कर के […] The post तीर्थराज पुष्कर में पुष्करम ज्योतिष चक्रे मासिक पत्रिका का विमोचन appeared first on Sabguru News .
कोलकाता में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में उत्तर 24-परगना के मध्यमग्राम के पास बुधवार देर रात अज्ञात हमलावरों ने भारतीय जनता पार्टी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि सड़क मार्ग से मध्यमग्राम कोलकाता से लगभग 22 किलोमीटर दूर है। […] The post कोलकाता में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या appeared first on Sabguru News .
जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेजेएम में करीब नौ सौ करोड़ रुपए के घोटाले मामले में जोशी को सुबह उनके जयपुर स्थित आवास […] The post जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
देहरादून में रह रहा राजस्थान के बांसवाड़ा का शातिर अपराधी अरेस्ट
बांसवाड़ा/देहरादून। राजस्थान राज्य में अपहरण और लूट की घटना को अंजाम देकर 12 वर्ष से फरार चल रहा एक शातिर अपराधी को उत्तराखंड के देहरादून से विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। वह यहां पहचान बदलकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने गुरुवार […] The post देहरादून में रह रहा राजस्थान के बांसवाड़ा का शातिर अपराधी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बंगाल में मिली जीत के बाद यूपी में भाजपा बदलेगी रणनीति, सुनील बंसल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अगली चुनावी लड़ाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल को प्रदेश में अधिक सक्रिय और प्रत्यक्ष भूमिका दी जा सकती है, ताकि 2027 […] The post बंगाल में मिली जीत के बाद यूपी में भाजपा बदलेगी रणनीति, सुनील बंसल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी appeared first on Sabguru News .
पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक, पहली बरसी पर जानिए पूरा घटनाक्रम
The Full Story of Operation Sindoor: 7 मई 2026 को उस जवाबी कार्रवाई यानी 'ऑपरेशन सिंदूर' के शुरू होने का ठीक एक साल पूरा हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर की कहानी भारतीय कूटनीति और साहस का एक ऐसा अध्याय है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। पहलगाम ...
अक्षय कुमार ने कराई आंखों की सर्जरी, काम से ब्रेक लेकर अब करेंगे कुछ दिन आराम
बॉलीवुड के सबसे बिजी एक्टर्स में शुमार अक्षय कुमार अक्सर अपनी बैक-टू-बैक फिल्मों और बिजली जैसी फुर्ती के लिए जाने जाते हैं। वह इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'भूत बंगला' को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। लेकिन अब अक्षय थोड़े दिन के लिए काम से ब्रेक लेने जा रहे हैं। दरअसल, अक्षय कुमार ने 6 मई की सुबह मुंबई के एक अस्पताल में अपनी आंखों की एक माइनर सर्जरी कराई है। ये सर्जरी उनके विजन करेक्शन के लिए हैं। अब अक्षय काम से ब्रेक लेंगे और आराम करेंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्षय कुमार पिछले काफी समय से निर्देशक अनीस बज्मी की अगली फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे। इस फिल्म का एक बड़ा हिस्सा केरल के मुन्नार और मरायूर जैसे खूबसूरत लोकेशंस पर शूट किया गया। 5 मई को सोशल मीडिया पर शूटिंग खत्म होने की जानकारी देते हुए अक्षय ने अपनी टीम के साथ एक खुशनुमा फोटो शेयर की थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि, शूटिंग के दौरान ही उन्हें आंखों में कुछ समस्या महसूस हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत मुंबई लौटकर सर्जरी कराने का फैसला लिया। यह सर्जरी ऐसे समय में हुई है जब अक्षय अपनी हालिया फिल्म 'भूत बंगला' की ऐतिहासिक सफलता का जश्न मना रहे हैं। डॉक्टर्स ने अक्षय को कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने और तेज रोशनी से बचने की सलाह दी है। अक्षय कुमार के लाइनअप की बात करें तो 2026 उनके लिए काफी बड़ा साल होने वाला है। वह वेलकम टू द जंगल, हैवान और गोलमाल 5 में नजर आने वाले हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (07 मई, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 07 May 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ेगा, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: प्रेम संबंधों में उत्साह रहेगा, संवाद बेहतर होगा। धन: आमदनी में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी, जल्दबाजी से बचें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ALSO READ: Jyeshtha Month Bada Mangal 2026: अधिक मास में अद्भुत संयोग: ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल, जानें महत्व वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी और बिजनेस में स्थिरता रहेगी। लव: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। धन: धन संचय का योग है। स्वास्थ्य: खानपान पर ध्यान दें। उपाय: लक्ष्मी जी को कमल का फूल अर्पित करें। मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में कार्यरत लोगों को मेहनत से उन्नति के योग हैं। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में गंभीरता आएगी। धन: रुपये के निवेश से फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द संभव है। उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। कर्क (Cancer) करियर: कारोबार में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। लव: भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। सिंह (Leo) करियर: नौकरीपेशा को नेतृत्व क्षमता से लाभ होगा। लव: रोमांटिक समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: नौकरीपेशा के कार्य में एकाग्रता बढ़ेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा। धन: सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: आज नींद पूरी लें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (04 से 10 मई): जानें इस हफ्ते आपकी राशि क्या संकेत दे रही है? तुला (Libra) करियर: करियर के प्रोजेक्ट या व्यापार में साझेदारी में लाभ मिलेगा। लव: दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: रुका हुआ पैसा मिल सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द से बचें। उपाय: माता दुर्गा का ध्यान करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। धन: खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: आंखों की देखभाल करें। उपाय: भगवान विष्णु का स्मरण करें। धनु (Sagittarius) करियर: यात्रा और शिक्षा से लाभ होगा। लव: प्रेम प्रस्ताव सफल हो सकता है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: व्यायाम लाभदायक रहेगा। उपाय: केले के पेड़ को जल दें। मकर (Capricorn) करियर: कारोबार तथा नौकरी में नई योजनाएं बनेंगी, सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन में स्पष्टता आएगी। धन: खर्च बढ़ सकता है, सावधान रहें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान हो सकती है। उपाय: तुलसी को जल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर नई तकनीक और विचारों से लाभ होगा। लव: मित्रता प्रेम में बदल सकती है। धन: आय में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य: तनाव से बचें। उपाय: शिव जी को नीले फूल अर्पित करें। मीन (Pisces) करियर: कारोबार के गोपनीय कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: प्रेमीजन भावनाओं पर नियंत्रण रखें। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर पर ध्यान दें। उपाय: लाल चंदन का तिलक करें। ALSO READ: Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु
'जुलाई 2022 की वो रात… जिस रात के लिए ज्यादातर लोग सपने बुनते हैं। उस दिन मेरी सुहागरात थी। कमरा सज चुका था। रिश्तेदार थककर सो गए थे। दुल्हन मेरे कमरे में इंतजार कर रही थी। मैं उसके कमरे में गया और उससे बात किए बिना बगल में लेट गया। रात के करीब 3 बजे, चुपचाप उठा और घर से बाहर निकल गया। न पत्नी को कुछ बताया, न घरवालों को। एक सुनसान नुक्कड़ पर जाकर बैठा। जेब से शराब निकाली और पी… फिर गांजा पिया और दूसरे कई ड्रग्स लिया। एक के बाद एक… इतना नशा कर लिया कि वहां से उठ नहीं पाया। मुझे याद ही नहीं रहा कि उस रात मेरी सुहागरात थी’, 39 साल के मनोजीत चौधरी यह बताते हुए काफी अफसोस से भर जाते हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज ऐसे लोगों की कहानी, जो काफी पढ़े-लिखे होने के बावजूद नशे की लत में तबाह हो गए। शादी टूट गई। घर छूटा और नौकरी चली गई। अब रिहैबिलिटेशन सेंटर यानी पुनर्वास केंद्र में भर्ती हैं। मैं गुजरात के नाडियाड में हूं। यहां ‘लाइफ लाइव’ नाम के एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में 39 साल के मनोजित चौधरी पिछले चार महीनों से भर्ती हैं। मनोजित सुहागरात की बात आगे बताते हुए कहते हैं, 'सुबह जब पत्नी की आंख खुली, तो मैं कमरे में नहीं था। नई-नवेली दुल्हन घबरा गई। उसने घरवालों को बताया। कुछ ही देर में पूरे घर में हलचल मच गई। मां लगातार मुझे फोन करती रहीं, लेकिन मैंने एक भी कॉल नहीं उठाया। कई घंटे बाद घर लौटा। मुझे देखते ही सब समझ गए कि बुरी तरह नशे में हूं। घर का माहौल, जो कुछ घंटे पहले तक शादी की खुशियों से भरा था, अब चीख-पुकार में बदल चुका था। पत्नी ने मुझसे सवाल पूछे, लेकिन जवाब देने के बजाय उससे झगड़ा शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि उसे थप्पड़ मार दिया। हमारे रिश्ते में दरार सुहागरात के दिन ही पड़ गई। मेरी पत्नी उस वक्त सॉफ्टवेयर डेवलपर थी। फिलहाल, मामला किसी तरह शांत हुआ। उसके बाद भी अक्सर पत्नी से मारपीट करता। नशे में उससे अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड्स की बातें करता। कहता- मुझे उस गर्लफ्रेंड के साथ ज्यादा मजा आता था… तुम वैसी नहीं हो। भला कौन पत्नी ये सब बर्दाश्त करेगी? एक वक्त ऐसा भी आया, जब मैंने पत्नी के गहने बेचकर शराब और ड्रग्स में उड़ा दिए। करीब दो साल तक हम साथ रहे, लेकिन रिश्ते में रोज दरार बढ़ती गई। एक दिन पत्नी ने साफ कह दिया- मनोजित , तुम्हें मुझसे नहीं… ड्रग्स से प्यार है। अब तुम ड्रग्स के साथ ही रहो। इतना कहकर वह मायके चली गई। वहीं से उसने तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। तलाक के वक्त एक रुपया भी नहीं मांगा। आखिरकार 2024 में आपसी सहमति से हमारा रिश्ता खत्म हो गया। अब पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है- मैंने सिर्फ अपनी ही नहीं, पत्नी की भी जिंदगी बर्बाद कर दी। आखिर कौन पति अपनी सुहागरात पर पत्नी को सोता छोड़कर ड्रग्स लेने जाएगा? परिवार, शादी, नौकरी सब खत्म हो गया। मेरी आखिरी नौकरी 25 लाख रुपए के पैकेज की थी। मनोजित दिखने में बिल्कुल हट्टे-कट्टे हैं, किसी बाउंसर से कम नहीं। बात करते-करते अचानक कहते हैं- रुकिए… आपको अपनी पुरानी तस्वीरें दिखाता हूं। फैमिली की फोटो भी है। वह मोबाइल उठाते हैं। स्क्रीन ऑन करते हैं। पासवर्ड डालने की कोशिश करते हैं, फिर रुक जाते हैं। कुछ सेकेंड तक स्क्रीन को देखते रहते हैं। फिर दूसरा पासवर्ड डालते हैं। वह भी गलत निकलता है। तीसरी बार कोशिश करते हैं… और फिर हल्की-सी मुस्कान के साथ बेहद टूटे हुए अंदाज में कहते हैं- ‘याद ही नहीं आ रहा…’ इस दौरान रिहैबिलिटेशन सेंटर में आस-पास बैठे बाकी लोग हंसने लगते हैं। मनोजित कुछ पल के लिए चुप हो जाते हैं। सिर झुकाकर धीमी आवाज में कहते हैं- ये लोग मुझे ऐसे देखते हैं, जैसे मैं कोई जाहिल हूं। इन्हें नहीं पता कि पढ़ा-लिखा हूं। एमटेक किया है… उसके बाद एमबीए भी। अच्छी नौकरी थी, लेकिन ड्रग्स की लत मुझे यहां तक ले आई। सच कहूं तो ये रिहैबिलिटेशन सेंटर मुझे जेल लगता है। इतना कहकर वह कमरे की दीवारों की तरफ देखने लगते हैं… जैसे उन दीवारों में अपनी बिखरी हुई जिंदगी तलाश रहे हों। इस दौरान कमरे में लोगों का तंज और हंसी जारी रहती है। परेशान होकर मनोजित अचानक उठते हैं और कहते हैं- आइए… यहां नहीं, दूसरे कमरे में बात करते हैं। वह मुझे सेंटर के भीतर बने दूसरे कमरे में लेकर जाते हैं। दरवाजा बंद करते हैं। फिर बोलना शुरू करते हैं- मैं असम के डिब्रूगढ़ का रहने वाला हूं। मम्मी-पापा दोनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बड़े पद पर थे। अब रिटायर हो चुके हैं। असम में शराब पीना आम बात है। मेरे पापा हर रविवार को शराब पीते थे। मैं तब करीब 10-12 साल का था। एक दिन देखा कि वह एक बोतल से गिलास में कुछ डाल रहे थे। फिर उसमें बर्फ डाली… और एक ही सांस में पी गए। मैंने पूछा- पापा, ये क्या पी रहे हो? मुझे भी पिलाओ। उन्होंने जोर से डांटते हुए कहा- ये बच्चों की चीज नहीं है… भूलकर भी इसे मत छूना। एक दिन पापा घर पर नहीं थे। मैं चुपके से उस अलमारी तक पहुंचा, जहां शराब रखी थी। बोतल निकाली… गिलास में डाली… और पी लिया। पहला घूंट बहुत कड़वा लगा। बोतल वापस अलमारी में रख दी, लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई। थोड़ी देर बाद जब नशा चढ़ा… तो अच्छा लग रहा था। अगले दिन फिर उस बोतल को निकाला। इस बार पहले से ज्यादा पी। शाम को जब पापा घर लौटे, तो उन्हें सब समझ आ गया। उन्होंने मुझे बुलाया और पूछने लगे। डरकर सच बता दिया। इसके बाद उन्होंने मेरी बहुत पिटाई की। कहने लगे- तू मेरा इकलौता बेटा है… शराब पीकर सब बर्बाद करेगा? उसके बाद घर में रखी बोतल को फिर कभी हाथ नहीं लगाया, लेकिन मन बार-बार उसी तरफ खींचता था। उस वक्त मेरे स्कूल के कुछ लड़के चोरी-छिपे नशा करते थे। उनसे दोस्त कर ली। तब 14 साल का हो चुका था। इसके बाद उनके साथ इतना पीने लगा कि अकेले दो-दो बोतल शराब खत्म कर देता था। दोस्त भी नए-नए ‘जुगाड़’ सिखाते थे। कहते- शराब पीने के बाद गुटखा खा लिया करो, फिर घरवालों को पता नहीं चलेगा। रोज दोस्तों के साथ पीता और गुटखा खाकर घर पहुंचता। सोचता था कि राज छिप जाएगा, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता था। पापा अक्सर समझ जाते कि नशे में हूं और पिटाई शुरू कर देते थे। हालांकि, पढ़ाई में बहुत तेज था। स्कूल में हमेशा नंबर अच्छे आते थे। फिर आया साल 2007। 12वीं अच्छे अंकों से पास की। रिजल्ट देखकर पापा बेहद खुश हुए। उन्हें लगा- शायद बेटा अब संभल रहा है। इसी उम्मीद में उन्होंने मुझे गुवाहाटी में बीटेक करने भेज दिया। अब नया शहर… घर से दूरी… और आजादी। गुवाहाटी में और ज्यादा शराब पीने लगा… लेकिन पढ़ाई भी अच्छे से करता रहा। इंजीनियरिंग पूरी हुई… और फिर 2011 में बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी मिल गई। करियर की शुरुआत शानदार थी, लेकिन नहीं पता था कि असली बर्बादी अभी बाकी है। पहली बार हाथ में अच्छी सैलरी आई… और वहीं से मेरी जिंदगी ने खतरनाक मोड़ ले लिया। पहले सिर्फ शराब पीता था … अब गांजा भी जुड़ गया… और धीरे-धीरे दूसरे ड्रग्स भी लेने लगा। जिस कंपनी में काम करता था, वहां हर महीने कारोबार का नया टारगेट दिया जाता था। नए टारगेट के साथ शुरू होता मेरा नया तनाव। मैं टारगेट तो पूरा कर लेता था… लेकिन उसके लिए खुद को नशे में धकेलता जाता था। दिन में ऑफिस… रात में नशा। सैलरी अच्छी थी… लेकिन टिकती नहीं थी। जितना कमाता था, सब नशे में उड़ा देता था। महीने के करीब 80 हजार रुपए सिर्फ ड्रग्स और शराब में चले जाते थे। पैसे कम पड़ते, तो घर पर फोन करता। मां को अलग-अलग बहाने बताता- कभी घूमने जाने का, तो कभी तबीयत खराब होने का। अक्सर उनसे 50 हजार मंगवा लेता। इकलौता बेटा था, इसलिए भेज भी देती थीं। उन पैसों को बार-पब में उड़ाता। वहां ड्रग्स लेता और लड़कियों के साथ नाचता। कई बार तो वहीं बेहोश पड़ा रह जाता। मनोजित एक कड़वी हंसी के साथ कहते हैं- तब लगता था कि वाह, क्या जिंदगी जी रहा हूं… लेकिन धीरे-धीरे खुद को खत्म कर रहा था। हालात इतने बिगड़ गए कि ऑफिस भी नशा करके जाने लगा। मेरा परफॉर्मेंस अच्छा था, इसलिए कंपनी शुरू में बर्दाश्त करती रही, लेकिन बाद में चेतावनी देकर तीन बार नौकरी से निकाल दिया। एचआर वाले कहते- मनोजित, आपका काम अच्छा है, लेकिन हम कंपनी पॉलिसी से समझौता नहीं कर सकते। आप इस तरह नशा करके ऑफिस नहीं आ सकते। अब तक साल 2012 खत्म होने वाला था और यहीं से मेरी जिंदगी एक और लत की गिरफ्त में आ चुकी थी। अब नशे के साथ मुझे जिस्म की भी आदत लग गई थी। अच्छी सैलरी पाता था, हैंडसम था ही और बिंदास लाइफस्टाइल थी। नई-नई लड़कियों से मिलता, उन पर पैसे खर्च करता और जल्दी-जल्दी रिश्ते बदलता। हफ्तेभर में किसी नई लड़की से जुड़ जाता था और फिर आगे बढ़ जाता। यह सिलसिला एक-दो महीने नहीं, करीब आठ साल तक चला। सच कहूं तो मैं प्लेबॉय बन चुका था। एक रिश्ते में टिकता ही नहीं था। उधर मेरा करियर भी बिखरता गया। कई नई नौकरियां मिलीं, लेकिन कुछ दिन ही ऑफिस जाता… फिर नशा हावी हो जाता और नौकरी छोड़ देता था। एक समय तो ऐसा आया कि मेरी जिंदगी का पूरा रूटीन ही उल्टा हो गया। सुबह सोकर उठता और नाश्ते में खाना नहीं, शराब और ड्रग्स लेता। फिर घंटों सोता रहता। फिर उठता… तो वही नशा करता। दिन-रात यही जिंदगी बन गई थी। उस दौरान घर पर लड़कियां भी आतीं। मेरी जिंदगी 24 घंटे सिर्फ दो चीजों के आसपास घूम रही थी- नशा और लड़कियां। इसी हालत में करीब 12 साल नौकरी किया। फिर आया साल 2022। परिवार को मेरी हालत का पता चल चुका था। उन्हें लगा- शायद शादी मेरी जिंदगी को बदल दे। इसी उम्मीद में उन्होंने घर से करीब 40 किलोमीटर दूर एक लड़की से मेरा रिश्ता तय कर दिया। शादी तय होने के बाद होने वाली पत्नी से रोज बातें करता था। वह एक नई जिंदगी के सपने देख रही थी, लेकिन मैं दिनभर शराब, गांजा और ड्रग्स में डूबा रहता था। मैं उससे ज्यादातर चैट पर ही बात करता था, ताकि उसे मेरी हालत का पता न चले। रोज उससे वादा करता- रात 10 बजे के बाद वीडियो कॉल करूंगा, लेकिन रात होते-होते बहाना तैयार रहता। जैसे ही वीडियो कॉल की बात आती, कह देता- कल सुबह ऑफिस जाना है… बहुत नींद आ रही है। उसे लगता था कि वाकई काम में व्यस्त हूं… और मान जाती थी। लेकिन असलियत कुछ और थी। उससे बात खत्म होते ही शराब, गांजा और ड्रग्स लेने बैठ जाता। फिर पूरी रात नशा चलता था। कभी-कभी उसे शक भी होता। वह पूछती- ‘तुम कुछ छिपा तो नहीं रहे?’ हर बार बात टाल देता- अरे नहीं… बस कभी-कभार शराब पी लेता हूं। असम में तो ये सब आम बात है न। लेकिन झूठ ज्यादा दिन नहीं चला। शादी हुई… वह घर आई… और फिर वो सुहागरात आई, जिसकी बात मैंने ऊपर की है। सुहागरात वाले दिन घर से गायब रहा था… और दो साल बाद रिश्ता टूट गया था। आप गुजरात के नाडियाड कैसे पहुंचे? मनोजित बताते हैं- घर वालों ने मुझे करीब 4 महीने पहले इस रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया है। दिसंबर 2025 की बात है। अहमदाबाद की एक कंपनी में 25 लाख रुपए सालाना पैकेज पर नौकरी लगी। बहुत खुश था। तय किया था कि अब नशा नहीं करूंगा। करीब 10-15 दिनों तक कोई नशा नहीं किया। एक दिन अचानक मन हुआ- एक पेग पी लेता हूं… क्या ही हो जाएगा। गुजरात में शराब पर बैन है, इसलिए आसानी से मिलती नहीं थी। ऑटो किया और एक एजेंट के पास पहुंच गया। उसने मुझे अवैध शराब पिलाई और काफी पैसे ले लिए। अगले दिन फिर उसी एजेंट के पास पहुंचा। इस बार उसने शराब के अलावा दूसरे कई ड्रग्स भी दिए। मैं एक सड़क किनारे गया और वहां बैठकर शराब पी… फिर गांजा और अलग-अलग तरह के ड्रग्स लिया। फिर क्या हुआ… मुझे कुछ पता नहीं। रातभर वहीं बेहोश पड़ा रहा। सुबह आंख खुली, तो देखा कि ऑफिस का लैपटॉप, मोबाइल, मेरा सूट-बूट… सब गायब था। यहां तक कि किसी ने मेरे कपड़े तक उतार लिए थे। सिर्फ अंडरवियर में पड़ा था। उस घटना के बाद फिर वही पुराना सिलसिला शुरू हो गया। रोज शराब पीने लगा। ऑफिस से निकलते ही सीधे ड्रग्स खोजने निकल जाता। मम्मी-पापा को शक हुआ। एक दिन वे अहमदाबाद आए और मुझे इस रिहैबिलिटेशन सेंटर में डाल दिया। तब से यहीं पड़ा हूं। मनोजित कमरे की दीवारों को देखते हुए कहते हैं- सब कहते हैं ये इलाज की जगह है… लेकिन मुझे ये जेल लगती है। मनोजित के साथ ही इस रिहैबलिशेन सेंटर में विनेश भी पिछले ढाई महीने से भर्ती हैं। वह वडोदरा के रहने वाले हैं। विनेश बताते हैं- पापा डॉक्टर हैं और मां बिजनेसमैन और मैंने बीबीए की पढ़ाई की है। पहली शादी टूटने के बाद पापा ने दूसरी शादी कर ली थी। पढ़ाई के दौरान ही दिल्ली के एक दोस्त के साथ पहले शराब पीना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे ड्रग्स लेने की आदत लगी। जब शराब पीकर घर आता, तब पापा मम्मी से कहते- देखो अपने संस्कारी बेटे को। तुमने शराबी बेटा पैदा किया है। जब मुझे लगने लगा कि मेरी वजह से मम्मी-पापा के बीच लड़ाई हो रही है, तब मैंने घर जाना बंद कर दिया। एक बार तो 23 दिन तक अपने दोस्त के फ्लैट पर रहा। वहां शराब, गांजा, नशे के लिए तमाम तरह के ड्रग्स ले रहा था। फ्लैट पर लड़कियां भी आती थीं। वे भी नशा करती थीं। उन्हीं में से एक लड़की से प्यार हो गया था। मेरा एक दोस्त पहले से उसे पसंद करता था। मैं लड़की को एक ग्राम ड्रग्स देता, तो मेरा दोस्त उसे 5 ग्राम ड्रग्स देता। आखिर में वह मुझे छोड़कर उस लड़के के साथ रहने लगी। उसके बाद और ज्यादा नशा करने लगा था। ड्रग्स लेकर पूरे दिन कमरे में बंद रहता। एक दिन घर वालों को पता चल गया। मम्मी मुझसे मिलने आईं। मेरी हालत देखर बहुत नाराज हुईं। उसके बाद यहां रिहैबिलेशन सेंटर लेकर आईं और भर्ती कर दिया। तब से यहीं हूं। सोचता हूं आखिरकार मेरे साथ के लड़के कनाडा, अमेरिका में अच्छी नौकरी कर रहे हैं और मैं ड्रग्स की वजह से इस जेलखाने में पड़ा हूं। खुद को बर्बाद कर लिया। विनेश के साथ ही सूरत के रहने वाले 22 साल के हिमांशु भी बैठे हैं। कहते हैं- दोस्तों ने पहले शराब पिलाना सिखाया, फिर ड्रग्स की लत लगाई। हालात इतनी खराब हो गई कि मेरे मौसा को पता चल गया। वह मुझे बहुत मानते हैं। उन्होंने इस रिहैबिलेशन सेंटर में लाकर भर्ती कर दिया। सोचता हूं, अच्छा हुआ कि समय रहते यहां आ गया, नहीं तो बाकी लोगों की तरह और ज्यादा बर्बाद हो जाता। ‘लाइफ लाइव’ रिहैबिलिटेशन सेंटर के फाउंडर हरिश केनी कहते हैं- 'ये हाल गुजरात का है, जहां शराब पर बैन है। हमारे पास इस समय 100 से ज्यादा पेशेंट हैं। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, डिफेंस समेत कई बड़े पेशे के लड़के शामिल हैं। ये नशे के आदी हो चुके हैं। सभी गांजा, चरस, अफीम और तरह-तरह के ड्रग्स लेते थे। अगर सरकार इसे कंट्रोल नहीं करती, तो कुछ ही सालों में गुजरात नशे के मामले में पंजाब को पीछे छोड़ देगा। नोट- पहचान छिपाने के लिए सभी नाम बदल दिए गए हैं। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-जान बचानी थी, तो सिर पर बांध ली भगवा पट्टी:दंगे की तस्वीर ने मेरी जिंदगी बर्बाद की- हिंदुत्व का चेहरा बना, लेकिन मिला कुछ नहीं 2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वे उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
26 मार्च से 3 अप्रैल 2026 के बीच नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की 9 महिला कर्मचारियों ने FIR दर्ज कराई। 9 में से 6 FIR में TCS नासिक के टीम लीडर तौसीफ अत्तार का नाम है। तौसीफ पर सेक्शुअल हैरेसमेंट, जबरन धर्म परिवर्तन और वर्कप्लेस पर डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इसके अलावा 6 टीम लीडर्स और HR मैनेजर निदा खान भी आरोपी बनाए गए हैं। केस सामने आने के करीब एक महीने बाद जांच का अपडेट जानने और TCS ऑफिस का माहौल समझने के लिए हम नासिक पहुंचे। नौकरी खोजने के बहाने अशोका बिजनेस इनक्लेव बिल्डिंग में TCS के दफ्तर पहुंचे। गार्ड ने बताया कि यहां BPO चलता है, अभी काफी वैकेंसी है। अधिकारी से मिलने के लिए कहा, तो मना कर दिया। कुछ कर्मचारियों से जरूर बात हुई। ऑफिस में टेलीकॉलर का काम करने वाले एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘केस सामने आने के बाद से करीब 20 लोग रिजाइन दे चुके हैं। हालात अब सामान्य होने लगे हैं, लेकिन ऑफिस में केस पर कोई बात नहीं करता है। ये जरूर है कि पहले कभी एक साथ इतने रिजाइन नहीं हुए थे। नई भर्तियां हो रही हैं, लेकिन पहले जितने लोग नहीं आ रहे हैं।’ निदा खान नहीं, तौसीफ अत्तार मास्टरमाइंड तौसीफ पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने का भी आरोप है। TCS के एक पीड़ित पुरुष कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि तौसीफ उसे जबरदस्ती अपने घर ले गया, जहां उसे नमाज पढ़ाई और टोपी पहनने के लिए मजबूर किया। डरा-धमकाकर मांस भी खिलाया। केस की जांच कर रही नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) में शामिल हमारे सोर्स ने बताया, ‘पहला केस सामने आने के बाद हमने TCS जाकर कर्मचारियों को भरोसे में लिया। इसके बाद बाकी पीड़ित सामने आए, इसीलिए एक दिन में 8 FIR दर्ज की गईं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं, क्योंकि कुछ लोग अब भी डरे हुए हैं।‘ मीडिया में निदा खान के केस का मास्टरमाइंड होने की खबरें आई थीं। हालांकि सोर्स का दावा है, ‘अब तक तौसीफ ही मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया है। सभी पीड़ितों और साथी कर्मचारियों ने बातचीत में निदा खान की जगह तौसीफ का नाम लिया है। निदा उसकी साथी थी, लेकिन मास्टरमाइंड तौसीफ ही लग रहा है।‘ ‘पीड़ितों का कहना है कि वही लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाता था और बाकी आरोपियों को संरक्षण भी देता था। पुलिस को जो वीडियो पुलिस मिले हैं, उसमें भी तौसीफ ही धर्मांतरण करता दिख रहा है।‘ केस में अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तौसीफ अत्तार समेत 4 आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं, जबकि निदा खान फरार है। पिता बोले- बहू प्रेग्नेंट, तौसीफ को बेल मिले 2 मई को हम नासिक कोर्ट में तौसीफ के पिता और भाई से मिले। उन्होंने बात की लेकिन कैमरे पर आने से इनकार कर दिया। पिता बिलाल फकीर मोहम्मद अत्तार दावा करते हैं कि उन्हें केस से जुड़ी कोई जानकारी नहीं थी। परिवार को भी FIR दर्ज होने के बाद ही पता चला। वे बेटे पर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहते हैं, ‘पूरा मामला झूठा है। हमें अफेयर या ऐसी किसी भी एक्टिविटी के बारे में नहीं पता। लड़कियां ये आरोप किसी के दबाव में लगा रही हैं। तौसीफ की पत्नी की अगले 4-5 दिनों में डिलीवरी होनी है। इसी आधार पर हम बेल की कोशिश कर रहे हैं।’ तौसीफ के पिता मीडिया में आ रही खबरों पर भी नाराजगी जताते हैं। वे कहते हैं कि पता नहीं ये मलेशिया वाली बात कहां से आई, पुलिस ने भी ऐसा कुछ नहीं कहा है। दरअसल तौसीफ और निदा पर आरोप है कि उसने धर्मांतरण कराने के लिए एक पीड़ित को मलेशिया में नौकरी और प्रमोशन दिलाने का लालच दिया था। अब जानिए केस की जांच में क्या पता चला… ’धर्मांतरण जांच का केंद्र, लेकिन अलग से केस नहीं’ SIT में हमारे सोर्स का दावा है कि पुलिस 20 मई तक केस में चार्जशीट दाखिल कर देगी। पुलिस ने अरेस्ट आरोपियों और पीड़ितों से पूछताछ की है। TCS के अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए हैं। सूत्र बताते हैं, ‘केस से जुड़े कुछ वीडियो रिट्रीव कर लिए गए हैं। TCS से बाकी CCTV फुटेज मांगे गए हैं। 2022 से अब तक के सारे CCTV मिलना मुश्किल हैं। गुड़ी पड़वा पर जब स्टाफ को टोपी पहनाई गई, पुलिस को तब का एक वीडियो मिला है। ये सोशल मीडिया पर भी वायरल है।‘ सोर्स दावा करते हैं कि जांच का मुख्य एंगल धर्मांतरण ही है। पुलिस के पास इसके पुख्ता सबूत भी हैं, लेकिन धर्मांतरण का अलग से कानून नहीं है, इसलिए पुलिस BNS की धारा-299 के तहत केस बनाने की तैयारी में है। इसमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस बनेगा। निदा अरेस्ट हुई, तो खुल सकता है फंडिंग का एंगल केस में फरार आरोपी निदा खान की तलाश में पुलिस ने 4 टीमें बनाई हैं। महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में तलाश जारी है। सोर्स के मुताबिक, निदा खान से पूछताछ करने पर फंडिंग वाला एंगल और खुल सकता है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हो सकता है कि ये विदेशी फंडिंग का केस भी निकले। हालांकि मामले में अभी और आरोपी जुड़ सकते हैं। निदा खान ने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए कोर्ट से प्री-अरेस्ट बेल की मांग की थी, लेकिन नासिक की निचली अदालत ने 2 मई को ये याचिका खारिज कर दी। वकील बोले- धर्मांतरण का केस कमजोर तौसीफ, निदा खान समेत 4 आरोपियों की ओर से केस लड़ रहे सीनियर एडवोकेट राहुल कासलीवाल निदा के सरेंडर ना करने पर कहते हैं, ‘निदा अगर पुलिस को अपनी बात बताए, तो भी उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा, जबकि जमानत उनका पहला हक है। अग्रिम जमानत की याचिका निचली अदालत में रिजेक्ट हुई है, तो हाईकोर्ट जाएंगे। ‘ वकील धर्मांतरण का केस ना होने का दावा करते हुए कहते हैं, 9 मामलों में से किसी भी पीड़ित ने धर्म परिवर्तन नहीं किया है, इसलिए कानूनी तौर पर धर्मांतरण का मामला कमजोर है। महाराष्ट्र में जबरन या गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ कोई विशेष कानून भी नहीं है। ‘पुलिस ने धारा-299 लगाई है, वो धार्मिक भावनाएं आहत करने से संबंधित है। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना और धर्मांतरण कराना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।’ राहुल एक दिन में 8 FIR दर्ज होने को भी असामान्य बताते हैं। वे कहते हैं कि अगर सभी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं, तो एक FIR में जांच हो सकती थी। उनका ये भी आरोप है कि अगर 2022 से ऐसी घटनाएं हो रही थीं, तो पीड़ित पक्ष चार साल चुप क्यों रहा? वे कंपनी छोड़ सकते थे या ऑफिस में लिखित शिकायत कर सकते थे। चार साल तक कोई शिकायत क्यों नहीं की। ‘ये सिस्टमैटिक ब्रेनवॉश, निदा से पूछताछ जरूरी‘ केस में स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अजय मिश्र बताते हैं कि उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि ये सिर्फ व्यक्तिगत विवाद नहीं, बल्कि एक प्लान तरीके से किया जा रहा सिस्टमैटिक ब्रेनवॉश है। निदा खान पर आरोप है कि उसने एक पीड़ित को मलेशिया में नौकरी और प्रमोशन दिलाने का लालच दिया था ताकि उसका धर्मांतरण कराया जा सके। वे दावा करते हैं कि आरोपियों ने एक पीड़ित का नाम बदलकर 'हानिया' रख दिया था। उसे बुर्का पहनने जैसी धार्मिक ट्रेनिंग दी जा रही थी। पीड़ितों को मीडिया से बात न करने की हिदायत पीड़ितों का पक्ष जानने के लिए हम एक पीड़ित के घर भी पहुंचे। TCS कर्मचारी दानिश के खिलाफ शिकायत करने वाली पीड़ित ने हमसे बात करने से मना कर दिया। अन्य पीड़ितों ने भी यही कहा कि पुलिस ने उन्हें मीडिया से दूर रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा हमने आरोपी निदा खान के पिता से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया। TCS की आंतरिक जांच कहां तक पहुंची है, ये जानने के लिए हमने कंपनी को भी मेल किया है, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं मिला है। आगे मिलने पर जोड़ा जाएगा। ………………TCS केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ‘तौसीफ बोला- शिव भगवान नहीं, ब्रह्माजी को गाली दी’ ‘तौसीफ ऑफिस में बिजनेस प्रोसेस लीडर है। हम एक टीम में नहीं थे, फिर भी वो मेरे पास आता और निजी जिंदगी के बारे में बातें करता। पूछता कि क्या तुम्हारा बॉयफ्रेंड है। वो ऑफिस की लड़कियों को सिर से पैर तक घूरता और आंख मारता।‘ ये आपबीती 25 साल की उस लड़की की है, जिसकी शिकायत पर नासिक पुलिस ने TCS के 7 अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। पढ़िए पूरी खबर…
भवानीपुर की गलियों में कदम रखते ही महसूस होता है कि कुछ बदल गया। एक तरफ जश्न, दूसरी तरफ खामोशी। ममता की हार के बाद सड़क पर कई जगह TMC के झंडे पड़े दिखे। थोड़ा आगे डीजे की तेज आवाज आई। ‘जय श्री राम’ का उद्घोष और गानों पर नाचते लोग दिखे। बोले, ‘खेला खत्म हो गया, अब शांति से रहेंगे।’ भवानीपुर ममता बनर्जी का घर है। यहीं जन्मीं। तीन बार चुनाव जीतीं। इस बार सुवेंदु अधिकारी से हार गईं। BJP ने TMC के डर और भवानीपुर की बदहाली, कचरे के ढेर को ममता के खिलाफ सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया। लेकिन ये हुआ कैसे… उससे पहले हालात की एक कहानी सुवेंदु घर आए तो TMC वालों ने BJP कार्यकर्ता की पत्नी को सफेद साड़ी भेजी कालीघाट के टर्फ रोड एरिया में रहने वाली रीता दत्ता के पति 38 साल से BJP में हैं। एक दिन सुवेंदु अधिकारी उनसे मिलने घर आए। रीता बताती हैं कि सुवेंदु दा के लौटने के 10 मिनट बाद ही तीन लड़के आए। उम्र 20-22 साल होगी। हाथ में एक पैकेट था। बोले- TMC की तरफ से है। पैकेट में सफेद साड़ी थी। उस पर लिखा था- सुवेंदु दो दिन, TMC सारा जीवन। रीता बताती हैं, ‘इसके बाद भी हमें धमकियां मिलती रहीं। कहा गया कि 4 तारीख के बाद देख लेंगे। हाथ-पैर तोड़ देंगे। हमने ये बात सुवेंदु दा तक पहुंचाई। उनकी मदद से कालीघाट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। उन लोगों को अरेस्ट करवाया।’ ये हालात बदले कैसे…शुरुआत BJP के ऑफिस बनवाने से राजस्थान के BJP लीडर राजेंद्र राठौड़ भवानीपुर के प्रभारी थे। अमित शाह और सुनील बंसल के करीबी हैं। 7 बार के विधायक हैं। नेता प्रतिपक्ष भी रहे। वे करीब 50 दिन भवानीपुर में रहे। राठौड़ भवानीपुर पहुंचे, तो पता चला कि यहां BJP का ऑफिस ही नहीं है। उनके साथी विधायक गुरबीर बराड़ बताते हैं, ‘TMC के लोग ऑफिस बनने नहीं देते थे। हमने एक जगह तलाशी। उसके मालिक को ऑफिस बनाने के लिए तैयार किया।’ ‘ऑफिस बनाना अब भी मुश्किल था। कंस्ट्रक्शन का सामान पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। वहां से गाड़ी छूटी, तो TMC के लोगों ने घेर लिया। धमकाने लगे। हमने CRPF की मदद ली और 4-5 दिन में ऑफिस बनकर तैयार हो गया। ममता को हराने से पहले हमने भवानीपुर में ऑफिस बनाकर उनके गुंडों को चैलेंज किया।’ 8 रणनीतियां, जिन्होंने भवानीपुर की कहानी बदल दी 1. वोटर से मिलने हर घर तक पहुंचीं तीन-तीन लोगों की टीम BJP ने कैसे ममता के मजबूत किले में बिना शोर मचाए सेंध लगा दी। इसका जवाब छिपा है, घर-घर पहुंचने वाली रणनीति में। BJP ने प्रचार के लिए डायरेक्ट कनेक्शन पर जोर दिया। तीन-तीन लोगों की टीमें बनाईं, दो पुरुष और एक महिला। इनका काम था हर घर तक पहुंचना, वोटर से बात करना और महसूस कराना कि उसका वोट मायने रखता है। इसके उलट TMC के लोग झुंड में चुनाव प्रचार के लिए जाते थे। इस वजह से लोग उनसे कतराते थे। 2. गलियों से ज्यादा हाईराइज बिल्डिंगों में प्रचार भवानीपुर की पहचान बहुमंजिला इमारतों से भी है। यहां प्रचार आसान नहीं होता। BJP कार्यकर्ता बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड को साथ लेते, फिर लिफ्ट से सबसे ऊपर जाते और वहां से नीचे आते हुए हर फ्लैट में दस्तक देते। हर घर में प्रधानमंत्री का लेटर, संकल्प पत्र और सुवेंदु अधिकारी की प्रोफाइल वाला पर्चा दिया जाता। पूरे प्रचार का सबसे अहम पहलू था सोशल मीडिया से दूरी। BJP ने घर-घर संपर्क की न फोटो पोस्ट कीं और न मीटिंग की जानकारी दी गई। किसी नेता के दौरे को हाईलाइट नहीं किया। पूरा अभियान खामोशी से चला। इससे बिना रुकावट प्रचार चलता रहा। 3. सुबह 10 से शाम 5 बजे का वक्त महिलाओं के लिए प्रचार के दौरान समझ आया कि सुबह जल्दी या देर शाम जाने पर अक्सर घर के पुरुष ही मिलते हैं। इससे घर की महिलाओं तक पहुंच नहीं बन पाती। तय किया गया कार्यकर्ता सुबह 10 बजे के बाद और शाम 5 बजे से पहले घर-घर जाएंगे। इससे सीधे महिलाओं से बात की गई। उनके मुद्दे सुने गए। पुरुषों के लिए सुबह का वक्त चुना, जब वे टहलने निकलते थे। बुद्धिजीवियों, डॉक्टरों, एडवोकेट, पत्रकारों, शिक्षकों, रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ अलग से मीटिंग की गई। 4. पुराने कार्यकर्ताओं के लिए कॉलसेंटर, फोन करके एक्टिव किया एक कॉल सेंटर बनाकर पुराने कार्यकर्ताओं को फोन किया गया। उनसे पूछा गया कि वे BJP से कब जुड़े थे। किसने मेंबर बनाया था। अब एक्टिव हैं या नहीं। अगर मीटिंग में बुलाया जाए तो आएंगे या नहीं। ये निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने का अभियान था। 5. 5 हजार नए और साइलेंट वोटर, जिन्होंने गेम बदल दिया SIR की वजह से भवानीपुर में वोटर लिस्ट से करीब 40 हजार नाम कट गए। 5 हजार से ज्यादा नए नाम जुड़े। इनमें ज्यादातर ऐसे युवा थे, जो पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर चले गए थे और चुनाव के लिए लौटे थे। इन लोगों को खास तौर पर टारगेट किया गया और उनसे संपर्क बनाया गया। भवानीपुर के रहने वाले गौतम कुमार बताते हैं, ‘लोग खुलकर कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन अंदर ही अंदर फैसला कर चुके थे। इस बार साइलेंट वोटर सबसे बड़ा फैक्टर बने। वे सामने कुछ नहीं बोले, लेकिन वोटिंग के दिन फैसला दे दिया।’ 6. गुजराती, मारवाड़ी, राजस्थानी वोटर के हिसाब से टीमें बनाईं भवानीपुर में लगभग 42% वोटर बंगाली हिंदू और 34% गैर-बंगाली हिंदू हैं। लगभग एक चौथाई वोटर मुस्लिम हैं। बिहार, ओडिशा और झारखंड से आए प्रवासियों के अलावा सिख, मारवाड़ी और राजस्थान के लोग भी रहते हैं। इसलिए टीम में सिख, मारवाड़ी और राज्यों के हिसाब से लीडर रखे गए, ताकि वोटर से सीधा कनेक्ट कर पाएं। 8 वार्ड में 8 अलग-अलग प्रवासी अध्यक्ष भी बनाए। ये सभी राजस्थान से थे। 7. लोगों को भरोसा दिया, जीतें या हारें, सुरक्षा देते रहेंगे भवानीपुर सीट के प्रभारी राजेंद्र राठौड़ बताते हैं, ‘पिछले चुनाव में जिन लोग पर BJP को वोट डालने का शक था, नतीजे आने के बाद उनके घर की पाइपलाइन कटवा दी गई थी। उनके घरों के सामने कचरा फिंकवाया गया था। काउंसलर्स ने इनसे माफीनामा लिखवाया था। इस बार भी लोग हाथ जोड़कर कहते थे कि आप हमारे घर न आएं। अगर TMC फिर जीती, तो हमें जीने नहीं देंगे। हमने लोगों की सुरक्षा के लिए कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल फोर्स की मदद ली। कहा कि BJP जीते या हारे, आपकी सुरक्षा होगी। 8. गंदी नाली, कचरे के ढेर को ममता के खिलाफ मुद्दा बना दिया राजेंद्र राठौड़ बताते हैं, 'हमने गंदी नालियों और कचरे के ढेर को मुद्दा बनाया। हमने कहा कि क्या ममता बनर्जी के इलाके के लोग गंदी नालियों और कचरे के ढेर के बीच रहने के हकदार हैं।' और इससे हासिल क्या हुआ… ममता हार गईं। 15,105 वोट से। भवानीपुर में पहली बार। 20 राउंड की काउंटिंग में ममता सिर्फ 7 राउंड और सुवेंदु 15 राउंड में आगे रहे, यानी एकतरफा जीत। इससे पहले यहां 5 बार चुनाव हुए थे, हर बार TMC जीती थी। BJP की जीत को कुछ लोग बदलाव और राहत मान रहे हैं, कुछ फिक्रमंद हैं, यानी हर गली की अपनी कहानी है। बबलू दास कहते हैं, ‘माहौल ठीक नहीं है। बहुत तोड़फोड़ हुई है। वहीं राजेश बर्मन कहते हैं, ‘अभी माहौल शांत है, लेकिन लोग थोड़े नाराज जरूर हैं।’ कई महिलाएं और बुजुर्ग मायूस भी नजर आए। कालीघाट की एक गली में मिली लीला शाह बोलीं, ‘हम चाहते थे दीदी जीतें। हमें लक्ष्मी भंडार से फायदा मिलता था, अब पता नहीं क्या होगा।’ ………………………..बंगाल में BJP की जीत पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार, मंच से पुलिस को धमकी भी स्ट्रैटजी बंगाल में BJP की मौजूदा जीत के 5 किरदार हैं। पहले अमित शाह, दूसरे उनका दाहिना हाथ रहे सुनील बंसल, फिर शिवप्रकाश सिंह, अमित मालवीय और भूपेंद्र यादव। अमित शाह की टीम ने बंगाल में ममता दीदी के खौफ से लेकर BJP के भरोसे तक के सफर के लिए नारे गढ़ने का काम किया। पुलिस को कैसे सरेआम चेतावनी दी जाए। कैसे जनता के बीच ममता के ऊपर शाह की दबंग छवि गढ़ी जाए, ये सब प्लानिंग का हिस्सा थी। पढ़िए पूरी खबर...
गर्मी में पारा भले ही चढे, शेक से तर करें गला
मौसम के बदले मिजाज के साथ ही पारा चढता जा रहा है। ऐसे में शीतल पेय जरूरत बन चुका है। बडी समस्या यह है कि हम जल्द से जल्द ऐसा कौनसा ड्रिंक तैयार कर सकें जिससे हलक तत्काल तर हो जाएं। जो लिजिए पेश है कुछ शेक बनाने के टिप्स मैंगो शेक मैंगो शेक गर्मियों […] The post गर्मी में पारा भले ही चढे, शेक से तर करें गला appeared first on Sabguru News .
पति-पत्नी के जोरदार हंसाने वाले चुटकुले
पत्नी: सुनो जी, अगर मैं मर जाऊं तो आप क्या करोगे? पति: मैं पागल हो जाऊंगा… पत्नी: मतलब दूसरी शादी नहीं करोगे? पति: पागल आदमी कुछ भी कर सकता है पत्नी: मैं तुमसे बहुत नाराज़ हूँ! पति: क्यों? पत्नी: तुमने मुझे कभी “चाँद” नहीं कहा… पति: अरे, डॉक्टर ने कहा है रात में बाहर निकलना […] The post पति-पत्नी के जोरदार हंसाने वाले चुटकुले appeared first on Sabguru News .
केएससीए ने आईपीएल टिकट घोटाले में अपनी भूमिका से किया इनकार किया
बेंगलूरु। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के टिकटों की कथित कालाबाज़ारी के रैकेट को लेकर बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बुधवार को खुद को चल रही जांच से अलग कर लिया। वहीं, बेंगलूरु पुलिस की जांच में कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया गया है, जिसमें […] The post केएससीए ने आईपीएल टिकट घोटाले में अपनी भूमिका से किया इनकार किया appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में बालिका से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) मामलों की विशेष अदालत (संख्या 01) ने एक बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी को बुधवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त जलंधर सिंह को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए […] The post हनुमानगढ़ में बालिका से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास appeared first on Sabguru News .
विवादास्पद घमूडवाली थाना प्रभारी को हटाया गया, 27 दिनों का धरना समाप्त
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के घमूडवाली थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेंद्र चारण को उनके पद से हटा दिया गया है। गत 10 अप्रैल से थाने के सामने लगातार धरना दे रहे परिवादियों और स्थानीय लोगों की मांग को मानते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने यह कार्रवाई की। राजेंद्र चारण अब कोई नया पदभार […] The post विवादास्पद घमूडवाली थाना प्रभारी को हटाया गया, 27 दिनों का धरना समाप्त appeared first on Sabguru News .
अलवर में बालक की दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
अलवर। राजस्थान में अलवर की यौन अपराध बाल संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम मामलों की विशेष अदालत ने सात वर्ष के बालक से दुष्कर्म करके उसकी हत्या करने के आरोपी को बुधवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारवास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को बालक से दुष्कर्म करके हत्या करने का दोषी मानते हुए […] The post अलवर में बालक की दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के दोषी को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
भोपाल में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट
भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पांच वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 75 वर्षीय पड़ोसी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना 3 मई की है। पीड़िता के पिता रक्षा सेवाओं में […] The post भोपाल में पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म, आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बारां में कृषि संयुक्त निदेशक 8000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
बारां। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को कृषि विस्तार बारां के संयुक्त निदेशक को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरों के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी चौकी बारां ने कार्रवाई करते हुए संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा को परिवादियों से उनके खाद, बीज एवं कीटनाशक के स्टॉक […] The post बारां में कृषि संयुक्त निदेशक 8000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
होशियारपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला
होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के एक गांव में बुधवार सुबह आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला। पुलिस ने बताया कि मृतक बालिका की पहचान सलोनी के रूप में हुई है, जो प्यारे लाल की पुत्री थी। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला appeared first on Sabguru News .
बेंगलूरु की जगह अहमदाबाद में होगा आईपीएल 2026 का फाइनल
मुम्बई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 31 मई को होने वाला फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने इसी के साथ को प्लेऑफ मुकाबलों के शेड्यूल का ऐलान कर दिया। साथ ही प्वाइंट टेबल की टॉप दो टीमें 26 […] The post बेंगलूरु की जगह अहमदाबाद में होगा आईपीएल 2026 का फाइनल appeared first on Sabguru News .
अजमेर। श्री नौसर माता मंदिर परिसर में संपन्न हुए श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का समापन आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ ‘यज्ञान्त स्नान’ के रूप में किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद पीठाधीश्वर श्री रामाकृष्णादेव महाराज के सान्निध्य में यज्ञ सेवा मंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड स्थित पवित्र गंगा नदी तट पर पहुंचकर सामूहिक […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का मंगल स्नान के साथ समापन, यज्ञ सेवा मण्डल के सदस्यों ने गंगा में लगाई डुबकी appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आगामी नौ मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। भट्टाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शपथ ग्रहण समारोह 9 […] The post पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद हिंसा जारी, मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़ी
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मंगलवार देर रात भाजपा समर्थकों की भीड़ ने जियागंज इलाके में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। यह घटना हाल ही में आए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य भर में हो रही चुनाव बाद की हिंसा की खबरों के बीच हुई […] The post पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद हिंसा जारी, मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़ी appeared first on Sabguru News .
खरगोन में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 7 वर्षीय बालिका की हत्या
खरगोन। मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र में पिता द्वारा सामान लेने भेजी गई 7 वर्ष की बालिका के साथ उसके एक रिश्तेदार और दोस्त ने सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 7 वर्षीय बालिका के गैंगरेप और […] The post खरगोन में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 7 वर्षीय बालिका की हत्या appeared first on Sabguru News .
विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया पेश, 7 मई को शपथ ग्रहण
चेन्नई। तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) विधायक दल का सर्वसम्मति से नेता चुने जाने के एक दिन बाद पार्टी सुप्रीमो और संस्थापक सी जोसेफ विजय ने बुधवार को तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण राज्यपाल ने उनका दावा स्वीकार […] The post विजय ने तमिलनाडु के राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा किया पेश, 7 मई को शपथ ग्रहण appeared first on Sabguru News .
नागपुर में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर 17 वर्षीय लड़के की हत्या
नागपुर। महाराष्ट्र में नागपुर के कलमना पुलिस थाना क्षेत्र में एक कथित प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के बाद 17 वर्षीय एक लड़के की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे कलमना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत वाजपेयी नगर में हुई। मृतक […] The post नागपुर में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर 17 वर्षीय लड़के की हत्या appeared first on Sabguru News .
Archery World Cup में बेहतर प्रदर्शन की तलाश में उतरेंगे भारतीय तीरंदाज
भारत ने अनुभवी खिलाड़ियों ज्योति सुरेखा वेन्नम और दीपिका कुमारी की अगुआई में आर्चरी वर्ल्ड कप 2026 स्टेज 2 के लिए 16 सदस्यीय टीम भेजी है, जो मंगलवार से इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। यह विश्व कप शंघाई में आयोजित हो रहा है।चार चरणों वाले इस वर्ल्ड कप के दूसरे लेग में 44 देशों के 300 से ज्यादा तीरंदाज 5 से 10 मई तक मुकाबला करेंगे, जहां आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन दांव पर होगा। भारत में इसके रिकर्व और कंपाउंड फाइनल्स की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी। भारत ने पिछले महीने पुबेला में हुए पहले चरण में सिर्फ एक पदक जीता था, जहां महिला कंपाउंड टीम ज्योति, मधुरा धामनगांवकर और प्रगति ने गोल्ड मेडल हासिल किया।शंघाई में वही 16 सदस्यीय टीम उतरेगी, जिसका चयन फरवरी में कोलकाता में हुए ट्रायल्स के आधार पर हुआ था। भारत को इस वेन्यू से अच्छी उम्मीदें होंगी, क्योंकि पिछले साल यहां टीम ने दो गोल्ड समेत कुल सात पदक जीते थे। पिछले साल मधुरा धामनगांवकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण और अभिषेक वर्मा के साथ मिक्स्ड टीम में कांस्य जीता था, जबकि महिला कंपाउंड टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। पुरुष कंपाउंड टीम, जिसने पिछले साल शंघाई में गोल्ड जीता था, इस बार कुशल दलाल, पूर्व विश्व चैंपियन ओजस देवतले, साहिल जाधव और अभिषेक वर्मा के साथ उतरेगी। महिला रिकर्व में दीपिका कुमारी एक और पोडियम फिनिश का लक्ष्य रखेंगी। चार बार की ओलंपियन दीपिका के नाम वर्ल्ड कप में 38 मेडल हैं और उन्होंने पिछले साल यहां व्यक्तिगत ब्रॉन्ज जीता था। भारत की पुरुष रिकर्व टीम में ओलंपियन अतानु दास और तरुणदीप राय शामिल हैं।सितंबर में होने वाले आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 में चारों वर्ल्ड कप चरणों के व्यक्तिगत चैंपियन (रिकर्व और कंपाउंड) हिस्सा लेंगे।
BJP की जीत के बाद बंगाल छोड़कर जाते रोहिंग्याओं के दावे से असंबंधित वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम से पहले के हैं. इनमें एक वीडियो बांग्लादेश और दूसरा पश्चिम बंगाल का है. दोनों वीडियो अलग-अलग धार्मिक यात्राओं से जुड़े हैं.
भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक
Indian Democracy: भारतीय लोकतंत्र की सबसे मौलिक सच्चाई यही है कि सत्ता स्वभावतः क्षणभंगुर है—और कोई भी नेता या दल चिरस्थायी विजेता नहीं हो सकता। Plato के रिपब्लिक में वर्णित ‘दार्शनिक-राजा’ की अवधारणा हो या Niccol Machiavelli की द प्रिंस में ...
भारत भाग्य विधाता: जब डर के सामने खड़ी हुई इंसानियत, कंगना रनौत की यह मूवी सच्ची कहानी पर आधारित
हर सुपरहीरो के पास केप नहीं होती और इसी सच्चाई को पर्दे पर लाने जा रही हैं कंगना रनौत अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए। 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म किसी काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि उस सच्चाई को दिखाती है जहां आम लोगों ने असाधारण हालात में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाई। यही वजह है कि फिल्म का पहला पोस्टर सामने आते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। कहानी: आतंक के बीच इंसानियत की जीत यह फिल्म एक भयावह रात की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जब शहर में आतंक का माहौल था। बाहर गोलियों और हमलों की गूंज थी, लेकिन अस्पताल के अंदर इंसानियत जिंदा थी। खास तौर पर कामा अस्पताल के भीतर करीब 400 लोगों की जान बचाई गई और यही इस कहानी का सबसे मजबूत पहलू है। फिल्म अस्पताल के गलियारों, वार्ड्स और इमरजेंसी के उन पलों को दिखाती है, जहां हर सेकंड भारी था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। ‘भारत भाग्य विधाता’ सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि उन गुमनाम नायकों की कहानी है, नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक स्टाफ, जिन्होंने बिना हथियार के, सिर्फ अपने कर्तव्य और साहस के दम पर लोगों की जान बचाई। जब पूरा शहर डर के साए में था, तब इन लोगों ने दिखाया कि असली बहादुरी क्या होती है। कंगना रनौत का नजरिया फिल्म को लेकर कंगना रनौत का कहना है कि हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस शांत होता है जो बिना शोर के अपनी जिम्मेदारी निभाता है। उनके मुताबिक, यह फिल्म देशभक्ति का सबसे सच्चा रूप दिखाती है, जहां आम लोग ही असली हीरो बन जाते हैं। मैं इस कहानी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं और 12 जून को इसे बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हूं।” फिल्म को मनोज तापड़िया ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि डॉ. जयंतीलाल गडा के पेन स्टूडियोज ने इसे प्रस्तुत किया है। मेकर्स का मानना है कि भारत की असली ताकत उसके आम लोग हैं, जो मुश्किल वक्त में बिना किसी पहचान के बड़ा काम कर जाते हैं। मनोज तापड़िया ने कहा, “12 जून को दर्शक एक ऐसा थ्रिलर देखेंगे जो तनाव से भरा, भावनात्मक और गहराई से इंसानी होगा। लेकिन इसकी असली कहानी सिर्फ आतंक के बारे में नहीं है, यह कहानी है उस साहस की जो डर पर जीत हासिल करता है, उस करुणा की जो अफरा-तफरी के बीच भी ज़िंदा रहती है, और उस बलिदान की जो खतरे के सामने दिया जाता है। फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे कलाकार नजर आएंगे। ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और दर्शकों को एक ऐसी कहानी से रूबरू कराएगी, जो दिल को छूने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देगी। निर्देशक: मनोज तापड़िया कलाकार: कंगना रनौत, गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा रिलीज डेट : 12 जून 2026
163 दिन तक कुंभ राशि में वक्री प्लूटो: 5 राशियों को लाभ, 4 के लिए आत्ममंथन का दौर
Pluto in Aquarius: ज्योतिष शास्त्र में प्लूटो (यम) को 'परिवर्तन और पुनर्जन्म' का ग्रह माना जाता है। कुंभ राशि में प्लूटो का 163 दिनों तक वक्री (Retrograde) होना एक बड़ी खगोलीय घटना है, जो वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर गहरे बदलाव लाएगी। यहाँ आपके लिए इस गोचर का संक्षिप्त और प्रभावी विश्लेषण दिया गया है। प्रमुख प्रभाव: 5 भाग्यशाली राशियां इन राशियों के लिए यह समय पुरानी समस्याओं के अंत और नई उपलब्धियों का होगा: मेष (Aries): आर्थिक लाभ के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। मिथुन (Gemini): बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी और करियर में बड़े अवसर प्राप्त होंगे। सिंह (Leo): साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। तुला (Libra): रचनात्मक कार्यों में यश मिलेगा और संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। धनु (Sagittarius): साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटी यात्राएं सुखद और लाभदायक रहेंगी। आत्म-मंथन का समय: 4 राशियां इन राशियों को बाहरी सफलता के बजाय अपने भीतर झांकने और सुधार करने की आवश्यकता होगी: वृषभ (Taurus): करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहेगी। जल्दबाजी में निर्णय न लें। वृश्चिक (Scorpio): पुराने दबे हुए भावनात्मक मुद्दे सतह पर आ सकते हैं। क्षमा करना और आगे बढ़ना सीखना होगा। कुंभ (Aquarius): प्लूटो इसी राशि में वक्री है, अतः व्यक्तित्व और स्वभाव में बड़े बदलाव महसूस होंगे। अपनी आदतों का विश्लेषण करें। मीन (Pisces): मानसिक शांति के लिए एकांत और ध्यान की आवश्यकता होगी। अनावश्यक खर्चों और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। निष्कर्ष और उपाय वक्री प्लूटो हमें यह सिखाता है कि जो हमारे काम का नहीं है, उसे छोड़ देना ही बेहतर है। विशेष सुझाव: इ स अवधि में ॐ नमः शिवाय का जाप और असहाय लोगों की मदद करना सभी राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी चले 'खतरों के खिलाड़ी', करेंगे अपने डर का सामना
बॉलीवुड पार्टियों और वायरल सोशल मीडिया मोमेंट्स में लगातार नजर आते रहे इंटरनेट सेंसेशन ओरहान अवतरमणि उर्फ ओरी, अब एक बिल्कुल नए चैलेंज के लिए तैयार हैं। अपने रहस्यमयी पर्सोना और ए-लिस्टर्स के साथ हमेशा नज़र आनेवाले मशहूर ओरी ने बिना किसी पारंपरिक रास्ते के पॉप कल्चर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। टॉप सेलेब्रिटीज़ के साथ तस्वीरें खिंचवाने से लेकर ऑनलाइन मीम्स का हिस्सा बनने तक, ओरी का सफर काफी अलग रहा है। अपने तेज़-तर्रार कैप्शन्स के साथ कैंडिड अपीयरेंस और हर जगह मौजूद रहने वाली छवि के कारण वे हाल के समय का सबसे चर्चित इंटरनेट पर्सनैलिटी बन चुके हैं। फिलहाल अपनी इस पहचान से परे वे अब रियलिटी टीवी की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, ओरी मशहूर रिएलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के आगामी सीजन में शामिल होने जा रहे हैं। गौरतलब है कि 'खतरों के खिलाड़ी' एक ऐसा शो है, जो सेलिब्रिटीज़ को उनके कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकालकर खतरनाक स्टंट्स और डर से भरे चैलेंजेस का सामना करवाता है। मज़ेदार बात यह है कि जहां फैंस उन्हें इस नए अवतार में देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं शो के लिए अप्रोच किए जाने पर औरी का रिएक्शन रहा। अपने बेबाक और मजेदार अंदाज़ में ओरी ने कहा, जब उन्होंने मुझे 'खतरों के खिलाड़ी' करने के लिए कहा, तो मैं ऐसा था कि रुको, ये है क्या? उन्होंने कहा ये एक स्टंट शो है, तो मैंने कहा, मुझे तो पब्लिसिटी स्टंट्स बहुत पसंद हैं, फिर भी आप मुझे साइन कर लो। उन्होंने कहा, फिर जब मुझे पता चला कि ये असल में 'फियर फैक्टर' जैसा शो तो मैं थोड़ा डर गया, क्योंकि आमतौर पर मैं बहुत निडर नहीं हूं सो मैंने सोचा, चलो टेबल्स को पलटते हैं। हो सकता है ये मेरे कैरेक्टर डेवलपमेंट के लिए अच्छा हो, तो मैं यहां आ गया। अब मुझे नहीं पता क्या होने वाला है, लेकिन मैं पूरी तरह तैयार हूं। बस पकड़ो और कर डालो… और कोशिश करो कि मरें नहीं। दिलचस्प बात यह है कि हर बार की तरह ओरी का यह बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है, जहां फैंस उनके मजाकिया अंदाज और सेल्फ-अवेयरनेस को खूब पसंद कर रहे हैं। जहां ओरी अब तक अपने ग्लैमरस अपीयरेंस और सोशल मीडिया बज के लिए जाने जाते रहे हैं, वहीं 'खतरों के खिलाड़ी' में वह बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आएंगे, जो कैमरे की चमक-दमक से दूर, रोमांच से भरपूर होगा।
सूर्यकुमार यादव ही करेंगें मुंबई इंडियन्स की कप्तानी, हार्दिक हो सकते हैं बाहर
9वें नंबर पर काबिज मुंबई इंडियन्स ने हाल ही में एक बदलाव किया था। हार्दिक की पीठ की ऐंठन के कारण सूर्यकुमार यादव को मुंबई टीम की कप्तानी दे दी गई थी। ऐसा माना जा रहा है कि हार्दिक पांड्या कुछ और मैचों के लिए बाहर बैठ सकते हैं। हार्दिक की खराब फिटनेस साल 2020 से खिताब से महरूम मुंबई इंडियन्स को कप्तान बदलने का अच्छा बहाना दे सकती है। वैसे तो सूर्यकुमार यादव का यह सत्र खासा खराब गया है। लेकिन वह टीम इंडिया के कप्तान है और टीम को टी-20 विश्वकप दिला चुके हैं। कप्तानी में सूर्या का एक और रिकॉर्ड है- बतौर कप्तान कोई भी टूर्नामेंट नहीं हारने का। कप्तान और खिलाड़ी के तौर पर पंड्या के लिए आईपीएल 2026 भुला देने वाला रहा है क्योंकि पिछले साल ग्रुप चरण में चौथे स्थान पर रहने के बाद मुंबई इंडियन्स अब टूर्नामेंट से बाहर होने की कगार पर है। मुंबई ने अब तक अपने 10 मैच में से 3 जीते हैं और सात गंवाए हैं। पंड्या ने मौजूदा सत्र में अब तक 186 रन बनाए हैं और चार विकेट लिए हैं।बीमार होने के कारण पंड्या इससे पहले दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ भी एक मैच नहीं खेल पाए थे जिसमें टीम की कप्तानी सूर्यकुमार ने की थी। वहीं सूर्यकुमार यादव की बात करें तो उन्होंने 10 मैचों में 20 से भी कम की औसत से 195 रन बनाए हैं। उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक जड़ा है और उनकी स्ट्राइक रेट (145)पर भी काफी सवाल उठे हैं। ऐसे में लगता है कि भले ही मुंबई सूर्या पर दांव लगाए लेकिन लंबे समय तक मुंबई को कप्तान जो कि फॉर्म में भी हो मिलने से रहा। आईपीएल 2026 की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें
एकता कपूर ने अक्षय कुमार और जीतेंद्र को बताया मिसाल, कहा- इनकी मेहनत ने इंडस्ट्री को संभाला
एकता आर कपूर के बैनर बालाजी मोशन पिक्चर्स की फिल्म 'भूत बंगला', जिसमें अक्षय कुमार नजर आए, हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इस फिल्म के साथ अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी भी फिर से साथ आई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई है और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच एकता ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता जीतेंद्र और अक्षय कुमार के साथ कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए एक दिल छू लेने वाला पोस्ट लिखा। अपने नोट में एकता ने दोनों सितारों के बीच गजब की समानता बताई, खासकर उनका अनुशासन और निर्माता के विजन पर मजबूत भरोसा। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकार ही फिल्म इंडस्ट्री की कमर्शियल रीढ़ को मजबूत बनाए रखते हैं, क्योंकि एक्टर्स का लगातार काम करना हर स्तर के प्रोड्यूसर्स के लिए मौके पैदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह की मेहनत और समर्पण ने इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने, रोजगार देने और इसकी रफ्तार बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। A post shared by EktaaRkapoor (@ektarkapoor) पोस्ट शेयर करते हुए एकता ने लिखा, अब समय आ गया है कि मैं अपना धन्यवाद कहूं… पापा और अक्षय सर की यह तस्वीर मुझे बिल्कुल याद दिलाती है कि अनुशासन क्या कर सकता है। दोनों इतने एक जैसे हैं कि जब भी मैं अक्षय सर से बात करती हूं, मुझे लगता है जैसे मैं अपने पापा से बात कर रही हूं… उनका अनुशासन, निर्माता के विश्वास पर उनका भरोसा, और गहरा सम्मान व विश्वास सच में कमाल है। उन्होंने लिखा, काम की मात्रा में ही रोजगार पैदा होता है, और यही चीज़ वो साथ लेकर आते हैं। धन्यवाद अक्षय सर, आपने हर निर्माता को, बड़े से लेकर मिड-साइज़ तक, अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका दिया। लव यू, गुरुजी! भूत बंगला ने सिनेमाघरों में जबरदस्त सफलता हासिल की है, जहां दर्शक इसकी हॉरर-कॉमेडी के सुनहरे दौर की याद दिलाने वाली कहानी को खूब पसंद कर रहे हैं। शानदार स्टारकास्ट के साथ पर्दे पर मस्ती और अफरा-तफरी लेकर आई यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार मजबूत पकड़ बनाए हुए है और साल की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस एंटरटेनर फिल्मों में शामिल हो चुकी है। बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड के डिवीजन बालाजी मोशन पिक्चर्स, केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर पेश करते हैं भूत बंगला। फिल्म में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है, जबकि इसे अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने प्रोड्यूस किया है।
रिसाव जो दिखता नहीं, असर जो रुकता नहीं: मीथेन संकट और ऊर्जा सुरक्षा की अनदेखी कहानी
मीथेन उत्सर्जन पर IEA की Global Methane Tracker 2026 रिपोर्ट बताती है कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा रिसाव जारी है। जानिए कैसे यह जलवायु और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर संकट है
Photo Credit : X मलयालम सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता संतोष के नायर का एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया है। 65 वर्षीय संतोष नायर अपने पीछे अपनी पत्नी और एक बेटी को छोड़ गए हैं। संतोष नायर के निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना 5 मई की सुबह करीब 6:30 बजे केरल के पथानामथिट्टा जिले के एनाथु इलाके में हुई। संतोष नायर अपनी पत्नी शुभश्री के साथ कार में यात्रा कर रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा टकराई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और संतोष नायर की छाती सीधे स्टीयरिंग व्हील से टकरा गई, जिससे उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं। दुर्घटना के बाद उन्हें तुरंत अडूर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) भी पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे इस आघात को सहन नहीं कर पाए और उनका निधन हो गया। वहीं, इस हादसे में उनकी पत्नी शुभश्री को भी पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं और वे फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। संतोष नायर का जन्म 12 नवंबर 1960 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था। उनके पिता सी. एन. केशवन नायर एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर थे और उनकी माता पी. राजलक्ष्मी अम्मा एक सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं। उनके माता-पिता के इथियोपिया चले जाने के कारण, उनका पालन-पोषण मुख्य रूप से उनके नाना-नानी द्वारा पेट्टा में उनकी दो बहनों के साथ किया गया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तिरुवनंतपुरम के सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने महात्मा गांधी कॉलेज से गणित में उच्च शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज के दिनों में वे छात्र राजनीति में भी काफी सक्रिय थे। संतोष नायर ने अपने शौक और कला के प्रति प्रेम को चुना और अभिनय की राह अपनाई। संतोष नायर ने साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'इथु नंगलुडे कथा' से अपने करियर की शुरुआत की थी। चार दशकों से अधिक के अपने शानदार सफर में, उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्हें 'अप्रैल 18' और 'इविडे थुडंगन्नु' (1984) जैसी फिल्मों में उनके नकारात्मक किरदारों के लिए काफी सराहा गया। इसके अलावा, उन्होंने सुपरस्टार मोहनलाल के साथ 'चंद्रोत्सवम' (2005) और 'इरुपाथम नूतंदु' (1987) जैसी कई फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने 'वसंता सेना', 'निशेधि', 'कृष्णा गोपालकृष्णन' और 'खाकी' जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। इसके अलावा उन्होंने टीवी शो 'स्वप्नम' और 'श्रीकृष्णन' में भी अभिनय किया था।
पुष्पा के बाद अब 'राका' में भी अल्लू अर्जुन का दिखेगा जलवा, किरदार के नाम पर ही होगा फिल्म का टाइटल!
'पुष्पा 2: द रूल' जैसी ब्लॉकबस्टर देने के बाद, नेशनल अवॉर्ड विनर अल्लू अर्जुन ने अपनी अगली फिल्म 'राका' के टाइटल और लुक रिवील के साथ पूरे देश में हलचल मचा दी है। एटली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण भी नजर आएंगी। इस मेगा रिवील ने आइकन स्टार के जन्मदिन को और भी खास बना दिया। इंटरनेट पर उनका लुक छा गया है, जिसमें वो गंजे, आंखों में काजल लगाए और हाथ में जानवरों के पंजे लिए कैमरे की तरफ घूर रहे हैं। जहां इस लुक ने सबको टाइटल के पीछे की वजह सोचने पर मजबूर कर दिया है, वहीं अब इसके उनके 'पुष्पा' किरदार से जुड़ा होने का एक दिलचस्प सुराग भी मिला है। एक इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, राका के मेकर्स ने 'पुष्पा' फ्रैंचाइजी की बड़ी सफलता को देखते हुए, फिल्म का नाम अल्लू अर्जुन के टाइटल रोल पर रखने का एक सोच-समझकर फैसला लिया। अल्लू अर्जुन ने अपने किरदार को सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा फिल्म की पहचान बना दिया, जो एक ऐसी घटना बन गई जिसने पूरे देश में असर डाला। और अब, राका के साथ, वह उसी जादू को दोहरा रहे हैं, और उनके किरदार की शक्ति के इर्द-गिर्द पूरी फिल्म बना रहे हैं। यह निश्चित रूप से अल्लू अर्जुन के ऑन-स्क्रीन औरा के प्रभाव को साबित करता है, जो अब राका के साथ एक बिल्कुल नए लेवल पर पहुंच गया है। 'पुष्पा 2: द रूल' के साथ रिकॉर्ड-तोड़ बेंचमार्क सेट करने के बाद, ऐसा लगता है कि इस फिल्म के साथ एक बिल्कुल नई दुनिया बनाई जा रही है। इसके अलावा, एटली के साथ उनका कोलैबोरेशन दो बड़ी ताकतों के मिलन को दर्शाता है, जो कुछ वाकई शानदार होने का वादा करता है।
चुनाव हारने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी इस्तीफा देने से इनकार कर रही हैं। देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि चुनाव हारने के बाद कोई सीएम इस्तीफा देने से मना करे। बीजेपी का कहना है कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है। पश्चिम बंगाल की मौजदा स्थिति पर संविधान और जानकार क्या कहते हैं और अगर ममता का जाना तय है, फिर इस्तीफा न देने की चाल क्यों चली; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का क्या लॉजिक दिया है?जवाबः ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा… सवाल-2: अगर इस्तीफा नहीं देंती, तो संविधान क्या कहता है? जवाबः संविधान का अनुच्छेद 164 राज्य के मंत्रिपरिषद के गठन और इसमें राज्यपाल की शक्तियों से जुड़ा हुआ है। अनुच्छेद 164(1) कहता है कि मुख्यमंत्री 'राज्यपाल की इच्छा तक' पद पर बने रह सकते हैं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं। हालांकि इसकी भी नौबत नहीं आएगी। क्योंकि अनुच्छेद 172 कहता है, ‘हर राज्य की विधानसभा यदि पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं। और पांच वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति का परिणाम विधानसभा का विघटन होगा।’ मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई यानी कल तक ही है। उसके बाद न पुराने विधायक बचेंगे, न विधानसभा, न मंत्रिमंडल और न ही मुख्यमंत्री। सवाल-3: इस स्थिति पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं? जवाबः संविधान के जानकार और सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता बताते हैं- विराग गुप्ता का कहना है कि अगर ममता बनर्जी प्रत्यक्ष जाकर राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देना चाहतीं, तो वो ईमेल या चिट्ठी के माध्यम से भी भेज सकती हैं। ये भी मान्य होता है। सवाल-4: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का दांव क्यों चला? जवाबः ममता ने ये कदम संवैधानिक कम, राजनीतिक वजहों से ज्यादा उठाया है। TMC पहली बार इतनी बड़ी हार झेल रही है। हार के बाद पार्टी में भगदड़, दलबदल और स्थानीय नेताओं के BJP की ओर जाने का खतरा रहता है। ‘मैं नहीं झुकूंगी’ वाला संदेश कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश हो सकता है। इसके अलावा भी एक्सपर्ट्स कुछ वजहें बताते हैं… ममता के इस्तीफा न देने की बात पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है, ‘अगर वे रिजाइन नहीं देना चाहती हैं, तो उन्हें डिसमिस कर देना चाहिए। देश उनके हिसाब ने नहीं चलेगा। ममता SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप गलत हैं और चुनाव आयोग सही। इसका मतलब ये डिबेट पहले ही समाप्त हो चुकी है।’ ------------------------- ये खबर भी पढ़ें…बीजेपी की बंगाल जीत में SIR का कितना रोल:केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस कैसे लौटी; नतीजों के पीछे 5 बड़े फैक्टर्स बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP की जीत के बाद बदलेंगे ये 5 बड़े समीकरण, जानें क्या होगा असर
West Bengal Election Results 2026 CM: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 207 सीटों के साथ हुई ऐतिहासिक जीत ने राज्य के भविष्य के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर दिया है। ज्योतिषीय भविष्यवाणियों और वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों ...
स्मृति मंधाना के दोस्त का पलाश मुच्छल पर गंभीर आरोप, SC/ST एक्ट के तहत दर्ज कराया केस
संगीतकार-फिल्म निर्माता पलाश मुच्छल क्रिकेटर स्मृति मंधाना संग शादी टूटने के बाद से ही सुर्खियों में हैं। शादी के दिन ही स्मृति ने पलाश संग शादी कैंसिल कर दी थी। बाद में पलाश पर आरोप लगा था कि वह स्मृति को धोखा दे रहे थे। वहीं अब स्मृति मंधाना के दोस्त विद्यान माने ने पलाश के खिलाफ केस दर्ज कराया है। स्मृति के बचपन के दोस्त ने पलाश के खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है। महाराष्ट्र के सांगली जिले में पलाश के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने विद्यान से पैसे लिए, जातिसूचक गालियां दीं और अपमानजनक व्यवहार किया। माने का दावा है कि पलाश मुच्छल ने उनसे एक फिल्म के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये लिए थे। माने ने आरोप लगाया कि पलाश ने छह महीने में फिल्म पूरी करने का वादा किया था, लेकिन न तो फिल्म बनी और न ही पैसे वापस किए गए। जब माने ने अपने पैसे वापस मांगे, तो दोनों के बीच 22 नवंबर 2025 को सांगली-आस्था रोड के एक टोल प्लाजा पर तीखी बहस हो गई। इस दौरान पलाश मुच्छल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। विद्यान प्रकाश माने की शिकायत पर सांगली पुलिस ने पलाश मुच्छल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पलाश पर अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) और भारतीय दंड संहिता/बीएनएस की धारा 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों को खंगाला जा रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख और पलाश का पलटवार इस पूरे मामले के बीच पलाश मुच्छल ने भी अपने बचाव में कानूनी कदम उठाए हैं। पलाश का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार और झूठे हैं। पलाश की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उनके वकीलों ने विद्यान प्रकाश माने को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। इसके अतिरिक्त, फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विद्यान प्रकाश माने को एक बड़ी चेतावनी दी थी। अदालत ने माने को पलाश मुच्छल और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी न करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने माना था कि यह मुख्य रूप से एक व्यावसायिक विवाद है, जिसे शादी टूटने की घटना से जोड़कर पलाश की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। नवंबर 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी होने वाली थी। शादी की सभी रस्में और तैयारियां सांगली में चल रही थीं। अचानक, संगीत समारोह के दौरान स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने के बाद शादी को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। लेकिन जल्द ही, सोशल मीडिया पर पलाश मुच्छल को लेकर कुछ चौंकाने वाले दावे सामने आने लगे। उन पर कथित तौर पर किसी अन्य महिला से चैटिंग करने और धोखा देने के आरोप लगे। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया और यह रिश्ता पूरी तरह से टूट गया।
बॉलीवुड की पॉपुलर अभिनेत्री Rakul Preet Singh ने अपनी नई फिल्म ‘Pati Patni Aur Woh Do’ के सेट पर काम करने के अनुभव के बारे में बात की। फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। Rakul ने खुलासा किया कि Ayushmann Khurrana और निर्देशक Mudassar Aziz के साथ फिर से काम करना कितना सहज और मजेदार अनुभव रहा। उनका कहना है कि जब आप दोस्तों के साथ काम करते हैं, तो सेट पर काम करना स्वाभाविक रूप से आसान और मनोरंजक बन जाता है। Rakul, Ayushmann और Mudassar की दोस्ती ने बनाई सेट पर माहौल Rakul ने कहा, “इस बार का अनुभव अलग था क्योंकि पहले भी हमने साथ काम किया है। आप जानते हैं कि अभिनेता या निर्देशक कैसे फिल्म और सीन को एप्रोच करता है। यह सहजता और दोस्ताना माहौल सेट पर समय को और मजेदार बनाता है।” Rakul का यह अनुभव दर्शाता है कि भरोसा और मित्रता स्क्रीन पर भी कैमिस्ट्री को मजबूती देती है। फिल्म का हल्का-फुल्का टोन और एंटरटेनिंग डायनामिक्स ‘Pati Patni Aur Woh Do’ में Ayushmann Khurrana, Sara Ali Khan, Wamiqa Gabbi और Rakul Preet Singh मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म हल्की-फुल्की कॉमेडी, रिलेटेबल सिचुएशन्स और जीवंत किरदारों के साथ दर्शकों को खूब एंटरटेन करने वाली है। इस फिल्म का आनंद लेने के लिए बड़े पर्दे का इंतजार फैंस को है। प्रोडक्शन और रिलीज फिल्म Gulshan Kumar, B R Chopra और T-Series के बैनर तले प्रस्तुत है। यह T-Series Films और B R Studios का प्रोडक्शन है, निर्देशक Mudassar Aziz, प्रोड्यूसर्स Bhushan Kumar, Renu Ravi Chopra और Krishan Kumar और क्रिएटिव प्रोडक्शन Juno Chopra द्वारा किया गया है। फिल्म 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु
Purushottam Maas Spiritual Significance: पुरुषोत्तम मास हिन्दू पंचांग में एक अत्यंत शुभ और विशेष मास माना जाता है। इसे अधिक मास या Adhik Maas के समान ही महत्त्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान किए जाने वाले व्रत, पूजा और दान का फल सामान्य मासों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मास में भगवान विष्णु की भक्ति और पूजा से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। ALSO READ: साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य वर्ष 2026 में 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम/ अधिकमास होने के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना लगभग साठ (60) दिनों का होगा। इस मास का मुख्य उद्देश्य आत्मा और परमात्मा के बीच संबंध को मजबूत करना है। इस दौरान किए जाने वाले अनुष्ठान, व्रत और दान का महत्व बहुत अधिक है। पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की विशेष आराधना, दान-पुण्य, और सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यहां पुरुषोत्तम मास के महात्म्य/ महिमा के संबंध में मुख्य 7 बिंदु दिए गए हैं: 1. इसका नाम 'पुरुषोत्तम' कैसे पड़ा? प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, भारतीय काल गणना में सूर्य और चंद्र मास के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त महीना जुड़ता है। पहले इसे 'मलमास' (मैल वाला मास) कहकर त्याज्य माना जाता था क्योंकि इसमें कोई देवता अधिपति नहीं थे। तब भगवान विष्णु ने इस मास को अपना स्वयं का नाम 'पुरुषोत्तम' दिया और कहा— 'जो फल अन्य महीनों में कठिन तपस्या से मिलता है, वह इस मास में केवल भक्ति और दान से प्राप्त होगा। इस मास का स्वामी मैं स्वयं हूं।' 2. आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व इस मास की महिमा अपरंपार है क्योंकि यह पूरी तरह 'अध्यात्म' को समर्पित है: पुण्य की अनंतता: मान्यता है कि इस मास में किया गया एक छोटा सा शुभ कार्य (जैसे जप या दीपदान) सामान्य समय की तुलना में हजार गुना अधिक फल देता है। पापों का शमन: इस माह में पवित्र नदियों में स्नान और श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। मोक्ष की प्राप्ति: जो साधक इस मास में पूर्ण सात्विकता और भक्ति के साथ व्रत रखते हैं, उन्हें मरणोपरांत वैकुंठ धाम (विष्णु लोक) की प्राप्ति होती है। 3. '33' के अंक का विशेष महत्व पुरुषोत्तम मास में '33' की संख्या को अत्यंत पवित्र माना गया है। महात्म्य के अनुसार: इस मास में 33 मालपुआ का दान करने का विधान है। ये 33 मालपुए 33 देवताओं (12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र, 1 प्रजापति और 1 वषट्कार) के प्रतीक माने जाते हैं। दान के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का उच्चारण करने से दरिद्रता का नाश होता है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा 4. वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि केवल धार्मिक ही नहीं, इस मास का व्यावहारिक महत्व भी है: आत्म-मंथन का समय: चूंकि इस महीने में विवाह या गृह-प्रवेश जैसे सांसारिक उत्सव नहीं होते, इसलिए यह समय व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा की ओर मुड़ने, ध्यान लगाने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देता है। स्वास्थ्य लाभ: इस दौरान व्रत और सात्विक आहार लेने से शरीर का शुद्धिकरण (Detoxification) होता है, जो बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को तैयार करता है। 5. मुख्य कथा का सार पुरुषोत्तम मास के महात्म्य में राजा दृढ़धन्वा और अग्निदेव की कथाएं आती हैं, जहां यह बताया गया है कि कैसे एक अहंकारी व्यक्ति भी इस मास के नियमों का पालन कर परम पद को प्राप्त कर सकता है। यह मास सिखाता है कि ईश्वर की शरण में आने पर 'मैल' (मलमास) भी 'अमृत' (पुरुषोत्तम) बन जाता है। 6. पुरुषोत्तम मास का मूल संदेश 'न जातु कामान्न भयान्न लोभात्, धर्मं त्यजेज्जीवितस्यापि हेतोः।' (अर्थात: काम, भय या लोभ के कारण कभी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए।) यह मास हमें अपने कर्तव्यों और ईश्वर के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Purushottam Maas 2026: पुरुषोत्तम मास में क्या करें और क्या नहीं?
साउथ इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर आर. बी. चौधरी का एक सड़क हादसे में दुखद निधन हो गया है। 5 मई को राजस्थान में उनकी कार एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। 76 वर्षीय आरबी चौधरी की इस आकस्मिक मृत्यु से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। खबरों के अनुसार यह हादसा मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे राजस्थान के ब्यावर जिले में जूनथा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। आर.बी. चौधरी लिलांबा गांव में अपने एक रिश्तेदार की शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क के किनारे एक दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि निर्माता आर.बी. चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद, उनके ड्राइवर गौतम सीरवी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा था। — Rajinikanth (@rajinikanth) May 5, 2026 दिग्गज फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि आर.बी. चौधरी के निधन पर टॉलीवुड और कॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है और उनके साथ बिताए पलों को याद किया है। सुपरस्टार रजनीकांत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा, मेरे प्रिय मित्र, सुपर गुड फिल्म्स के आर.बी. चौधरी एक बेहतरीन निर्माता और अद्भुत इंसान हैं। उन्होंने अनगिनत युवा निर्देशकों को मौका दिया और फिल्म जगत को जीवंत रखा। उनका असामयिक निधन मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा है। Deeply heartbroken to hear about the sudden and tragic loss of Legendary producer R.B. Choudary garu. I have known him for many years and was recently associated with him on my film “???????????? ????????????????????????” through Super Good Films. He has shaped the careers of many talented… pic.twitter.com/8AXgqF5hew — Chiranjeevi Konidela (@KChiruTweets) May 5, 2026 अभिनेता और राजनेता चिरंजीवी ने कहा, आर.बी. चौधरी गारू के निधन से मेरा दिल टूट गया है। मैं उन्हें कई वर्षों से जानता था। 'गॉडफादर' फिल्म के दौरान भी उनका सहयोग मिला। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान शब्दों से परे है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी दुख जताते हुए कहा कि चौधरी का जाना दोनों फिल्म उद्योगों (तमिल और तेलुगु) के लिए एक बड़ी क्षति है। आर.बी. चौधरी ने 1988 में 'सुपर गुड फिल्म्स' की स्थापना की थी। उनका जन्म 1949 में हुआ था और फिल्मों में कदम रखने से पहले वे स्टील व आभूषण के व्यवसाय से जुड़े थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म उद्योग से की थी, जिसके बाद 1989 में उन्होंने तमिल सिनेमा में प्रवेश किया। चौधरी ने अपने चार दशकों के लंबे करियर में कई ब्लॉकबस्टर और पारिवारिक फिल्में दीं। उनकी पहली तमिल फिल्म पुधु वसंतम् (1990) ने उन्हें बहुत सफलता दिलाई। इसके अलावा, नट्टामै (1994), सूर्यवंसम (1997), थुल्लथा मनममथुल्लुम (1999), आनंदहम (2001), जिला (2014) और मारिसन' (2025) जैसी फिल्में उनकी उत्कृष्ट निर्माण क्षमता का प्रमाण हैं। आर.बी. चौधरी के परिवार में उनकी पत्नी महजबीन और चार बेटे हैं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए चेन्नई लाया जा रहा है, जहाँ फिल्म उद्योग के तमाम दिग्गज उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Rashifal 06 May 2026: करियर: आज किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। लव: प्रेम जीवन की समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय: हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। ALSO READ: Purushottam Maas 2026: पुरुषोत्तम मास में क्या करें और क्या नहीं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम जीवन में सामंजस्य और खुशियां रहेंगी। धन: आज आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: ज्यादा तनाव से बचें। उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज कार्यों में कुछ चुनौती आ सकती है। लव: प्रेम जीवन में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है। धन: आज धन में उतार-चढ़ाव हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत में कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: किसी गरीब को भोजन दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में आपको सफलता मिल सकती है। लव: प्रेम जीवन में खुशी का माहौल रहेगा। धन: धन के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है। स्वास्थ्य: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आज कार्यों में आप सफलता प्राप्त करेंगे। लव: प्रेम संबंधों में कुछ समस्याएं हो सकती हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए आराम करें। उपाय: भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लव: प्रेम जीवन में सुकून रहेगा। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: हल्का व्यायाम करें और ताजे फल खाएं। उपाय: तुलसी के पौधे की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (04 से 10 मई): जानें इस हफ्ते आपकी राशि क्या संकेत दे रही है? 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में किसी नये प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। लव: प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी। धन: वित्तीय मामलों में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य: सेहत में उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज कार्य में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन: आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कारोबार से सफलता प्राप्त करने के अच्छे संकेत हैं। लव: प्रेम जीवन में खुशियां और समझदारी बढ़ेगी। धन: धन की स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: कुछ समय के लिए ध्यान और योग करें। उपाय: मंगलवार को बजरंग बली की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। लव: प्रेम जीवन में कुछ मतभेद हो सकते हैं। धन: धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर कोई नया अवसर मिल सकता है। लव: प्रेम जीवन में खुशी और संतुष्टि रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: शारीरिक आराम की आवश्यकता हो सकती है। उपाय: किसी गरीब को वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। लव: प्रेम जीवन में नई ऊर्जा आएगी। धन: धन के मामले में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: सेहत ठीक रहेगी, लेकिन थकावट महसूस हो सकती है। उपाय: सफेद फूलों का दान करें। ALSO READ: Vastu tips: क्या आपका बिजनेस स्टक महसूस कर रहा है? तो अपनाएं ये 10 टिप्स और देखें मुनाफे का जादू
30 अप्रैल 2026 की दोपहर, ढाका के बरिधारा डिप्लोमैटिक जोन में हलचल थी। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया। कूटनीति की भाषा में ‘तलब’ एक सीधा और सख्त संदेश होता है। वजह था एक बयान- ‘मैं हर सुबह भगवान से प्रार्थना करता हूं कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में और सुधार न हो, ताकि अवैध प्रवासियों को सुविधाजनक जगहों पर ले जाकर रात के अंधेरे में सीमा पार धकेलना जारी रहे।’ यह बयान असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का था। मौका असम के विधानसभा चुनाव, जहां हिंदू-मुसलमान और अवैध घुसपैठ बड़ा चुनावी मुद्दा है। मौजूदा बीजेपी में हिमंता का रुख कई बार कट्टर बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी सख्त होता है। लेकिन वे हमेशा ऐसे नहीं थे। 2015 में भाजपा में आने से पहले वे असम की कांग्रेस सरकार में मंत्री थे और हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई की राजनीति करते थे। उस दौर में हिमंता नरेंद्र मोदी के कट्टर आलोचक माने जाते थे। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में उन्होंने मोदी पर हमला करते हुए कहा था कि ‘गुजरात में पानी के पाइपों से मुसलमानों का खून बहता है।’ हिमंता की राजनीति हालात और मौके दोनों से बदलती रही है, लेकिन चुनाव में कामयाबी इनकी मुख्य ताकत है। 2026 का चुनाव भी उन्होंने पहले से ज्यादा सीटों से जीता है। यह कहानी उन्हीं हिमंता की है, जो हर बार पाला बदलकर ताकतवर होते गए… 1 फरवरी 1969, असम का जोरहाट। एक शिक्षित ब्राह्मण परिवार में हिमंता का जन्म हुआ। उनके पिता कैलाश नाथ शर्मा जाने-माने लेखक और गीतकार थे। मां मृणालिनी देवी लेखिका थीं, जो आगे चलकर असम साहित्य सभा की उपाध्यक्ष बनीं। दिलचस्प विरोधाभास यह है कि ‘बाहरी बनाम असमिया’ की राजनीति करने वाले हिमंता के पूर्वज खुद उत्तर प्रदेश के कन्नौज से जाकर असम में बसे थे। एक अर्थ में, वे भी कभी 'बाहरी’ थे। शब्दों की विरासत घर से मिली। 10 साल की उम्र तक आते-आते भाषण देने की कला उनकी पहचान बन चुकी थी। कक्षा 5 में ही वे असमिया वक्ता के रूप में मशहूर हो गए थे। अक्सर अपने पिता के लिखे भाषण पढ़ते, लेकिन उसमें जान खुद भरते। कामरूप एकेडमी स्कूल की कक्षा 6 में वे AASU से जुड़ गए थे। इसी समय असम में भाषा और पहचान को लेकर आंदोलन तेज हो रहे थे। इसी दौरान वे AASU के उभरते नेताओं प्रफुल्ल कुमार महंत और भृगु कुमार फूकन के संपर्क में आए। 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद बड़ी संख्या में आए शरणार्थियों आए। इनसे असम की अस्मिता, संस्कृति और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दे जोर पकड़ने लगे। अप्रैल 1979 में असम के शिवसागर जिले में कुछ छात्रों ने एक हथियारबंद संगठन बनाया- यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम यानी ULFA। असम एक उबलते हुए बर्तन की तरह था और हिमंता इसी उबाल के बीच पल-बढ़ रहे थे। 1985 असम के इतिहास का एक निर्णायक साल था। AASU और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में बाहरियों के खिलाफ आंदोलन अपने चरम पर था। आंदोलनकारियों ने हाईवे बंद कर दिए। तेल की सप्लाई रुक गई, स्कूल-कॉलेज बंद हो गए और सरकारी कामकाज ठप पड़ गया। इससे भी पहले 1983 में नेल्ली नरसंहार हो चुका था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उसमें 2,000 से ज्यादा लोग मारे गए। गैर-सरकारी अनुमान 5,000 तक जाते हैं। इस खून-खराबे की चर्चा दुनियाभर में थी। राजीव गांधी इस चैप्टर को बंद करना चाहते थे। समझौते के दो महीने बाद AASU के नेताओं ने असम गण परिषद (AGP) बनाई। दिसंबर 1985 के चुनाव में AGP को बहुमत मिला और महज 32-33 साल की उम्र में प्रफुल्ल कुमार महंत किसी राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। और 16 साल का हिमंता? वह भी उस इतिहास के बनने की प्रक्रिया में थे। उसी साल उन्होंने गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज में दाखिला लिया। ये पूर्वोत्तर की राजनीति का असली पावर सेंटर था। अब तक असम के 7 मुख्यमंत्री इसी कॉलेज से निकले हैं। सीएम प्रफुल्ल महंत के करीबी होने के चलते उन्हें मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय तक सीधी पहुंच मिली। कम उम्र में ही उन्होंने देख लिया कि फाइलें कैसे चलती हैं, पुलिस-प्रशासन को कैसे साधा जाता है। कॉटन कॉलेज के छात्र संघ चुनाव में 1988 से 1992 तक लगातार तीन बार महासचिव चुने गए थे। ये एक रिकॉर्ड है। इस बीच 1990 में हालात बदलने लगे। ULFA ने असम में आतंक फैला दिया था। प्रफुल्ल सरकार बेबस दिखने लगी। केंद्र ने राष्ट्रपति शासन लगाया। उस साल AGP चुनाव हार गई और हिमंता की जिंदगी में आया एक बड़ा तूफान। 1990 में असम पुलिस ने उनके हॉस्टल पर छापा मारा। किचन के पीछे से एक रिवॉल्वर और 25 कारतूस बरामद हुए। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज हुआ। 1991 में उन पर ULFA से जुड़े होने के आरोप लगे। कहा गया कि वे व्यापारियों से वसूली कर रहे थे। जनवरी और मार्च 1991 में दो अलग-अलग थानों में आतंक विरोधी कानून TADA के तहत मामले दर्ज हुए। इसी दौरान कांग्रेस नेता मानवेंद्र शर्मा की हत्या हुई और इस केस में भी हिमंता का नाम आया। मार्च 1991 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, 15 दिन पुलिस हिरासत में रहे। 22 साल की उम्र में हिमंता समझ चुके थे कि केंद्र के समर्थन के बिना असम की राजनीति में लंबा सफर संभव नहीं है। इन संकटों में फंसे हिमंता ने एक चतुर कदम उठाया। उन्होंने AASU छोड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया की शरण में चले गए। सैकिया उनके जमीनी नेटवर्क से प्रभावित थे। 1993 में हिमंता आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए। 1996 तक उनसे जुड़े TADA मामलों की केस डायरी और रिकॉर्ड पुलिस स्टेशनों से रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। 1996 में हिमंता ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। सैकिया ने उन्हें जालुकबारी सीट से उतारा, जो AASU के बड़े नेता भृगु कुमार फुकन की सीट थी। रणनीति थी कि आंदोलन से निकला नया चेहरा, उसी आंदोलन के पुराने चेहरे को हरा दे। लेकिन हिमंता खुद हार गए। इस बीच सैकिया का भी निधन हो गया। एक झटके में वे उस नेता से वंचित हो गए, जिन्होंने उन्हें संरक्षण दिया था। निराशा इतनी गहरी थी कि हिमंता ने असम छोड़ने का मन बना लिया। दिल्ली जाकर सुप्रीम कोर्ट में वकालत करना चाहते थे। लेकिन तभी पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव ने उन्हें रोका। अजीत दत्त की किताब, हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम, के अनुसार राव ने कहा- ‘जब कोई विधायक अपने क्षेत्र में जाता है तो लोग ध्यान नहीं देते। लेकिन जब हारने वाला उम्मीदवार बार-बार लौटकर लोगों की मदद करता है, तो लोग उसे याद रखते हैं।’ हिमंता जालुकबारी वापस लौटे। सड़क, राशन, कागजी अड़चनों जैसी लोगों की छोटी-बड़ी समस्याएं सुलझाते रहे। जमीन से जुड़े रहे। इसी दौरान उन्होंने तरुण गोगोई के साथ गठबंधन को मजबूत किया, जो दिल्ली के 10 जनपथ के करीबी थे। गोगोई को ऐसे साथी की जरूरत थी, जो मैदान में उतरकर आक्रामक राजनीति कर सके। हिमंता बिल्कुल वैसे ही थे। उन्होंने अपने पुराने AASU नेटवर्क के जरिए यह पता लगाया कि प्रफुल्ल सरकार के दौर में हुई ‘गुप्त हत्याओं’ के पीछे ULFA के पुराने मेंबर्स के संगठन SULFA और राज्य पुलिस के कुछ अफसरों का हाथ था, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय का मौन समर्थन था। गोगोई ने इसे अपना चुनावी हथियार बना लिया। हर सभा में एक ही जुमला गूंजता था- ‘असम की माताओं और बहनों, रात को आपके दरवाजे पर जो नकाबपोश दस्तक देते हैं, उन्हें सचिवालय से आशीर्वाद मिला हुआ है।’ इस एक लाइन ने माहौल बदल दिया। सीएम प्रफुल्ल की छवि खराब होती गई और 2001 में कांग्रेस सत्ता में लौटी। हिमंता ने जालुकबारी से भृगु कुमार फुकन को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर 1996 की हार का बदला ले लिया। धीरे-धीरे हिमंता, तरुण गोगोई के परिवार जैसे हो गए। गोगोई की पत्नी डॉली गोगोई का भरोसा जीतना उनकी बड़ी सफलता थी। जब भी गोगोई गुवाहाटी आते, हिमंता सबसे पहले एयरपोर्ट पहुंचते। राज्य की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक जानकारी उन्हीं के जरिए गोगोई तक पहुंचती। 2002 में गोगोई सरकार के विस्तार में हिमंता राज्य मंत्री बने। कृषि, योजना, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा- एक के बाद एक बड़े विभाग उनके पास आते गए। धीरे-धीरे सरकार के ज्यादातर फैसले और विधायकों को संभालने का काम भी हिमंता देखने लगे। उन्हें असम का ‘सुपर सीएम’ कहा जाने लगा। 2011 के चुनाव में कांग्रेस ने 126 में से 78 सीटें जीतीं। पार्टी के अंदर सबको पता था- इस जीत के असली आर्किटेक्ट हिमंता थे। लेकिन गोगोई ने अपने बेटे गौरव गोगोई को आगे बढ़ाना शुरू किया। हिमंता को लगने लगा- वे उत्तराधिकारी नहीं, प्रतिद्वंद्वी समझे जा रहे हैं। फिर एक पल आया जिसने रिश्ते को लगभग खत्म कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने हिमंता की भूमिका पर सवाल किया, तो गोगोई ने हल्की मुस्कान के साथ कहा- हिमंता बिस्वा सरमा कौन है? आखिरकार वो मेरे एक मंत्री ही तो हैं। हिमंता को साफ हो गया कि गोगोई के रहते मुख्यमंत्री बनना असंभव है। 2012 में तनाव और बढ़ा। असम कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में गोगोई के उम्मीदवार हारे, हिमंता समर्थित जीत गए। हिमंता ने गुवाहाटी के एक होटल में 50 से ज्यादा कांग्रेस विधायकों को इकट्ठा कर ताकत दिखाई। दिल्ली को संदेश था कि गोगोई का नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है। जब पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे आए, हिमंता ने गुप्त मतदान की मांग रखी। लेकिन अंत में सोनिया गांधी ने यथास्थिति बनाए रखी। 2014 में हिमंता अपनी शिकायत लेकर राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे। लेकिन यह मुलाकात एक और झटका बन गई। हिमंता के मुताबिक, बातचीत के दौरान राहुल गांधी का ध्यान अपने पालतू कुत्ते ‘पिडी’ को बिस्कुट खिलाने में था। लेखक अजीत दत्ता अपनी किताब हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम में हिमंता के हवाले से लिखते हैं कि यहीं से रिश्तों में दरार शुरू हुई। जब हिमंता ने बताया की इस आपसी लड़ाई से कांग्रेस कमजोर हो सकती है और विपक्ष जीत सकता है, तो जवाब मिला- तो क्या हुआ? यह आखिरी संकेत था। अप्रैल 2013 में पश्चिम बंगाल में शारदा समूह का चिटफंड घोटाला सामने आया। लाखों गरीब निवेशकों के पैसे डूब गए। शारदा के मालिक सुदीप्त सेन के साथ हिमंता के संबंधों के आरोप लगे। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद अगस्त 2014 में CBI ने उनके घर और न्यूज चैनल ‘न्यूज लाइव’ पर छापेमारी की। जुलाई 2015 में एक और मामला सामने आया। अमेरिकी कंपनी लुई बर्जर पर आरोप था कि उसने असम में जल आपूर्ति परियोजनाओं के ठेके लेने के लिए मंत्रियों को रिश्वत दी। हिमंता 2010-11 में गुवाहाटी विकास विभाग के मंत्री थे। गोगोई इन फाइलों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहे थे।हिमंता को अहसास हो गया कि कांग्रेस में रहे तो ये फाइलें कभी भी जेल तक ले जा सकती हैं। कैरावैन रिपोर्ट में दर्हैंज है कि जब हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस छोड़ना चाहते थे, तब वे बीजेपी के संगठन मंत्री राम माधव से मिले। राम माधव ने ही उन्हें बीजेपी में लाने का खाका खींचा। 21 जुलाई 2015 को जब दिल्ली में असम बीजेपी के नेता सर्बानंद सोनोवाल और किरेन रिजिजू प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उसी समय पर्दे के पीछे शाह से मुलाकात तय हो रही थी। 2016 में छपी कैरावैन की रिपोर्ट में छपा कि अमित शाह नें इस प्रेस वार्ता के बाद असम के बीजेपी अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य से कहा- ‘ये तो गलती हुआ। फिर जो गलती हुआ तो उसको सुधारना है।‘ ‘हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम‘ किताब में अजीत दत्ता लिखते हैं कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के प्रभारी दिग्विजय सिंह से जब हिमंता ने तकलीफ साझा की तो उन्होंने भाजपा जॉइन करने की सलाह दी। दिग्विजय का तर्क था कि इधर कांग्रेस में कुछ नहीं होने वाला है। बीजेपी का नेतृत्व गंभीर है। वही पार्टी तुम्हारे लिए बेहतर रहेगी। 23 अगस्त 2015 को दिल्ली में हिमंता ने अमित शाह से मुलाकात की। और आखिरकार हिमंता कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। हिमंता के आने के बाद भाजपा ने असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन किया। वे इन दलों के नेताओं की नब्ज जानते थे। उन्होंने भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को ‘असमिया अस्मिता’ के साथ जोड़ा और चुनाव को नैरेटिव दिया- ‘35 बनाम 65’ यानी मुस्लिम-हिंदू और ‘स्थानीय बनाम घुसपैठिए’। अपने न्यूज चैनल की मदद से पूरे अभियान को एक इवेंट की तरह चलाया। इमका रैलियां और बयान 24 घंटे दिखती थीं। कई बार तो खुद मुख्यमंत्री उम्मीदवार सोनोवाल से भी ज्यादा। नतीजे आए और भाजपा गठबंधन को 86 सीटें मिलीं। विश्लेषकों का मानना था कि हिमंता के बिना यह आंकड़ा 40-45 पर ठहर जाता। सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। दिल्ली के गलियारों में एक लाइन बार-बार सुनाई देती- चेहरा सोनोवाल का है, दिमाग हिमंता का। कॉटन कॉलेज के दिनों का एक चर्चित किस्सा है। हिमंता की गर्लफ्रेंड रिनिकी भुइयां ने उनसे पूछा था- मैं अपनी मां को तुम्हारे बारे में क्या बताऊं?’ हिमंता ने बिना झिझक जवाब दिया था- मां से कह देना, तुम असम के होने वाले मुख्यमंत्री से शादी करने जा रही हो।’ उस वक्त यह दंभ लगता था। 2021 में यह भविष्यवाणी सच होने वाली थी। 2021 में बीजेपी की दोबारा जीत हुई। लेकिन 2 मई से 9 मई तक यानी ७ दिन असम का अगला मुख्यमंत्री तय नहीं हो पाया। भाजपा के इतिहास में यह दुर्लभ था कि जीतकर आए मौजूदा मुख्यमंत्री को बदलने की बात इतनी खुलकर हो। दिल्ली में तब के बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर बैठकें हुईं। अमित शाह ने दोनों नेताओं से अलग-अलग बात की। हिमंता ने कहा- मैंने 20 साल इस दिन के लिए काम किया है। शाह ने सोनोवाल को समझाया। केंद्र में भूमिका के आश्वासन के बाद वे पीछे हट गए। विधायक दल की बैठक में खुद सोनोवाल ने हिमंता के नाम का प्रस्ताव रखा। 10 मई 2021 को शपथ ग्रहण हुआ। शपथ के बाद पत्नी रिनिकी भावुक हो गईं और बोलीं कि कॉटन कॉलेज में किया गया वादा आज पूरा हुआ। मुख्यमंत्री बनते ही हिमंता ने आक्रामक प्रशासक की छवि बनाई। दशकों से चल रहे उग्रवाद को कमजोर किया। दिसंबर 2023 में ULFA के शांति गुट के साथ समझौता एक ऐतिहासिक मोड़ माना गया। असम-मेघालय और असम-अरुणाचल सीमा विवादों को सुलझाने की दिशा में समझौते हुए। सरकारी मदरसों को सामान्य स्कूलों में बदला गया। कानून-व्यवस्था पर सख्ती के साथ ड्रग्स के खिलाफ बड़े अभियान चले। औद्योगिक मोर्चे पर 2024-25 में जागीरोड में टाटा समूह के 27 हजार करोड़ रुपए के सेमीकंडक्टर प्लांट की आधारशिला रखी गई। ‘ओरुनोदोई योजना’ के जरिए लाखों महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे पहुंचे। माइक्रो फाइनेंस कर्ज माफी ने ग्रामीण इलाकों में बड़ा असर डाला। हिमंता ने 2026 का चुनाव भी जीत लिया है और लगातार दूसरी बार सीएम बनने की तैयारी कर रहे हैं। ******References and Further Readings: ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में BJP की सरकार बनती क्यों दिख रही:मछली का भोज, शाह की नई स्ट्रैटजी और SIR; BJP के 5 बड़े दांव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। पढ़ें पूरी खबर…
थलापति विजय का CM बनना तय, बस 11 सीढ़ी दूर:कांग्रेस के 5 विधायक तैयार, 6 के लिए तोड़ सकते हैं AIADMK
तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन बहुमत से दूर है। सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए। विजय दो सीटों पर जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़नी होगी, यानी TVK के पास 107 सीटें ही रहेंगी। ऐसे में 11 विधायक और चाहिए। TVK के सोर्स बताते हैं कि गठबंधन के लिए दूसरी पार्टियों से बात चल रही है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस से डील लगभग फाइनल है। बाकी 6 विधायकों के लिए VCK, CPI और CPM से बात हो रही है। तीनों पार्टियों के पास 2-2 विधायक हैं। संभावना 1: विजय के लिए कांग्रेस DMK का साथ छोड़े विजय ने 5 मई को दिन भर पार्टी की कोर कमेटी के साथ मीटिंग की। उन्होंने DMK अलायंस तोड़ने की जिम्मेदारी अपने सबसे करीबी सलाहकार एसए चंद्र को दी है। समर्थन देने वाली पार्टियों को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे, इस पर भी बात होने लगी है। TVK के सोर्स बताते हैं कि कांग्रेस को 2 और बाकी पार्टियों के 3-4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं। विजय गठबंधन सरकार चलाने पर सहमत हैं, इसलिए कोई अड़चन नहीं आएगी। वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक, ‘हमने समर्थन का वादा किया है। हाईकमान पहले से विजय के साथ गठबंधन चाहता था।‘ तो क्या DMK का साथ छोड़ देंगे? कांग्रेस नेता कहते हैं, ‘ये तो होना ही था। सरकार की कुछ तो कमी रही होगी, जो ऐसा जनादेश आया है।’ सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि विजय की पार्टी ने दो गठबंधनों को हराया है। 35% वोट हासिल किए हैं। दोनों में से कोई भी गठबंधन उन्हें सत्ता से बाहर रखने की कोशिश करेगा, तो TVK समर्थक उन्हें घेर लेंगे। इसलिए ऐसी गलती कोई पार्टी नहीं करना चाहेगी। संभावना 2: AIADMK के विधायक टूट जाएं TVK सोर्स बताते हैं कि कुछ पार्टियों से बाहर से समर्थन मांग रहे हैं। अभी कुछ तय नहीं हुआ है। अगर राज्यपाल समर्थन पत्र मांगते भी हैं, तो दिक्कत नहीं आएगी। TVK विधायक संगोटे श्रीनिवासन पहले AIADMK में थे। उनसे जुड़े एक सोर्स का दावा है कि वे AIADMK के नेताओं से बात कर रहे हैं। पहले पार्टी चीफ पलानीस्वामी को मना रहे हैं। वे राजी नहीं हुए तो विधायकों से बात करेंगे। AIADMK से विधायक तोड़ने की भी कोशिश की जा सकती है। पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार मानते हैं कि विजय के लिए AIADMK के साथ सरकार बनाना सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है। VCK, CPI, CPM के पास 2-2 और DMDK के पास एक सीट हैं। ये सभी DMK की सहयोगी हैं। इसलिए विजय के साथ जाने से बचेंगी। संभावना 3: DMK से गठबंधन मुश्किल, स्टालिन नहीं मानेंगे तमिलनाडु के CM रहे स्टालिन चुनाव हार गए हैं। उनके बेटे उदयनिधि जीते हैं। उदयनिधि तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, इसलिए ऐसे कयास थे कि वे विजय को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि DMK के सोर्स इसकी संभावना न के बराबर बता रहे हैं। पार्टी के एक नेता कहते हैं, ’हमारे लीडर स्टालिन को विजय की पार्टी को समर्थन देना कभी मंजूर नहीं होगा। हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, हम अपनी भूमिका निभाएंगे।’ पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार भी मानते हैं कि DMK के विजय को समर्थन देने की गुंजाइश बहुत कम है। विजय का पूरा प्रचार स्टालिन सरकार के भ्रष्टाचार पर फोकस था। अगर वे उन्हीं का समर्थन लेंगे, तो ये बात लोगों को हजम नहीं होगी। संभावना 4: वोटिंग हो तो, विधायक सदन से वॉकआउट कर जाएं सरकार बनाने के लिए विजय को सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। एक संभावना ये भी है कि उस वक्त कुछ विधायक सदन में मौजूद न रहें। 30-32 विधायक हिस्सा न लें। इससे बहुमत के लिए जरूरी संख्या कम हो जाएगी। इसे ऐसे समझिए कि तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए। अगर फ्लोर टेस्ट के वक्त विपक्ष के 30 विधायक सदन से बाहर चले जाते हैं, तो सदन की 'प्रभावी संख्या' 204 रह गई। अब सरकार बचाने के लिए 103 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसा होने पर विजय मौजूदा नंबर्स में ही सरकार बना लेंगे। अगर पार्टियों ने सभी विधायकों को मौजूद रहने का व्हिप जारी किया, तब दिक्कत हो सकती है। विजय की पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड दावा करते हैं, ‘हम सरकार बना रहे हैं। विजय 7 मई को शपथ लेंगे। सरकार बनाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी की पुष्टि नहीं कर सकते। गवर्नर के पास दो विकल्प सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि तमिलनाडु में गवर्नर के पास दो विकल्प हैं। पहला: विजय से 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगें। उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाएं। इसमें विजय को दिक्कत होगी। उन्हें पहले गठबंधन बनाना होगा। कम वक्त की वजह से समर्थन करने वाली पार्टियों की शर्तें माननी पड़ेंगी। दूसरी: गवर्नर बिना समर्थन पत्र मांगे विजय को सरकार बनाने के लिए बुला लें और शपथ ग्रहण करवा दें। ऐसे में विजय को विधायकों का समर्थन हासिल करने और सदन में बहुमत साबित करने का वक्त मिल जाएगा। ……………… तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट पर ये खबर भी पढ़ें… थलापति तमिलनाडु के किंग, लेकिन किंगमेकर कौन तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। पढ़िए पूरी खबर…
डूंगरपुर में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक एवं दलाल एक लाख रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को साईबर पुलिस थाना डूंगरपुर के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मदनलाल और दलाल डायालाल पाटीदार को एक मामले में एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी. डूंगरपुर को शिकायत मिली कि सहायक उप निरीक्षक साईबर […] The post डूंगरपुर में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक एवं दलाल एक लाख रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
जयपुर में पकड़े गए ठगी करने वाले भरतपुर के गिरोह के दो सदस्य
जयपुर/भरतपुर। राजस्थान भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के जयपुर में गिरफ्तार तीन बदमाशों में से दो भरतपुर के निवासी हैं। भरतपुर पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीरेंद्र सिंह (25) निवासी रामपुरा थाना सेवर भरतपुर, सोनू (23) निवासी वेयर हाउस कॉलोनी, नदबई […] The post जयपुर में पकड़े गए ठगी करने वाले भरतपुर के गिरोह के दो सदस्य appeared first on Sabguru News .

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