पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध?
जालंधर। महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद प्रेम संबंधों में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की सलाहकार एवं आपदा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेश पुरोहित का कहना है कि ऐसे मामलों की जड़ केवल प्रेम नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव, असुरक्षा, अस्वीकृति […] The post पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध? appeared first on Sabguru News .
'मोदी जी, मोदी जी' कहती है सुनील शेट्टी की 15 महीने की नातिन, हर सुबह तस्वीर को खिलाती है लड्डू
बॉलीवुड के 'अन्ना' यानी सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' को लेकर सुर्खियों में हैं। इसके अलावा वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। सुनील शेट्टी नाना बनने के फेज को एन्जॉय कर रहे हैं। वह अपनी नातिन इवारा (Evaarah) से कितना प्यार करते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। सुनील शेट्टी अक्सर इंटरव्यूज में अपनी नन्ही नातिन का जिक्र करते हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान अभिनेता ने इवारा की एक ऐसी आदत का खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का ध्यान खींच लिया है। सुनील शेट्टी ने बताया कि उनकी 15 महीने की नातिन हर सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लड्डू का भोग लगाती है। My 15-month-old granddaughter worships Modi along with Ganesh ji, feeds him laddus & we have no problem with it because this is the magic of that man,there is something special about Modi Imagine worshipping Modi as God, What a brain-rotting embarrassment these celebrities are pic.twitter.com/zh76YmF8S7 — Nehr_who? (@Nher_who) June 27, 2026 ALSO READ: 'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने इस पूरे वाकये को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह सब तब शुरू हुआ जब इवारा अपनी नैनी के साथ एयरपोर्ट पर थी। वहां नैनी ने उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ इशारा करते हुए 'मोदी जी' के बारे में बताया था। 15 महीने की बच्ची के दिमाग पर वह नाम और चेहरा इस कदर छप गया कि उसने घर आकर इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया। सुनील शेट्टी ने कहा, आप मानेंगे नहीं, मेरी नातिन अभी सिर्फ 15 महीने की है। एयरपोर्ट पर नैनी ने उसे मोदी जी के बारे में बताया था। अब उसके बाद से हर सुबह, वह घर में रखी साईं बाबा की एक किताब खोलती है, जिसमें पीएम मोदी की भी एक तस्वीर है। वह उस तस्वीर को देखकर बड़े प्यार से 'मोदी जी, मोदी जी' कहती है। सुनील शेट्टी ने आगे बताया, वह तस्वीर खोलने के बाद घर में बने मंदिर में जाती है और गणपति जी की मूर्ति के पास रखा हुआ लड्डू (मीठाई) उठाती है। फिर वह दौड़कर आती है और उस लड्डू को पीएम मोदी की तस्वीर को खिलाती है। न तो मैंने उसे ऐसा करने के लिए कहा और न ही उसकी मां ने। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दीवानगी को जाहिर करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि वह हमेशा से उनके बड़े प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां किसी राजनीतिक पार्टी की बात नहीं कर रहा हूं, मैं एक लीडर की बात कर रहा हूं। अगर कोई लीडर मुझे प्रभावित करता है, तो वो करता है। जितना प्यार मैं अपने देश से करता हूं, उतना ही सम्मान मैं उनके लिए रखता हूं। उनके व्यक्तित्व में कुछ तो बात है। सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि अगर 15 महीने की एक मासूम बच्ची, जिसे राजनीति या दुनियादारी की कोई समझ नहीं है, वह खुद से हर सुबह उठकर किसी इंसान को इतना सम्मान दे रही है, तो यकीनन उस लीडर के भीतर कोई 'जादुई' आकर्षण है। 'अथिया 2.0' है इवारा सुनील शेट्टी ने बताया कि इवारा बिल्कुल अपनी मां अथिया शेट्टी की तरह दिखती है, वह उसका '2.0 वर्जन' है। नातिन के साथ वक्त बिताने के लिए 64 वर्ष की उम्र में भी फिट रहने वाले सुनील शेट्टी ने अपना रूटीन बदल लिया है। वह सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक जिम में कड़ा पसीना बहाते हैं। उसके बाद वह तुरंत नहाकर अपना पूरा वक्त इवारा के साथ बिताने के लिए पहुंच जाते हैं।
बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि […] The post बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी appeared first on Sabguru News .
गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गाजा पर हो रहे हमलों के खिलाफ पूरी दुनिया लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे है, जो हैरान करने वाली है। सोनिया गांधी के शनिवार को एक अंग्रेजी दैनिक में इस विषय पर प्रकाशित लेख […] The post गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी appeared first on Sabguru News .
चंद्रबाबू नायडू का खतरनाक खेल: कांग्रेस मुख्यमंत्रियों की तारीफ के क्या हैं मायने? | hastakshep
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, चंपत राय पर उठते सवाल, दक्षिण भारत की बदलती राजनीति, चंद्रबाबू नायडू की भूमिका, परिसीमन विवाद और NEET पेपर लीक पर अमलेंदु उपाध्याय व समीरात्मज मिश्र की विस्तृत चर्चा। जानिए एनडीए सरकार के सामने उभरती राजनीतिक चुनौतियां
'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें
'कल्कि 2898 एडी' द्वारा भारतीय साइंस-फिक्शन के स्केल को एक नई पहचान देने के दो साल बाद भी, प्रभास का 'भैरव' का कैरेक्टर इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक बना हुआ है। अपने कमाल के ह्यूमर, एक्शन से भरपूर मोमेंट्स और एक गहरे व्यक्तित्व के साथ, इस कैरेक्टर ने देश भर के दर्शकों के दिलों को छू लिया। फिल्म के दो साल पूरे होने और 'कल्कि 2' को लेकर बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच, यहाँ भैरव के बारे में पांच ऐसी बातें दी गई हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ भैरव को एक टिपिकल हीरो की तरह नहीं लिखा गया था भैरव की कहानी में एंट्री एक ऐसे बाउंटी हंटर (इनाम के लिए काम करने वाले) के रूप में होती है जिसका पूरा ध्यान सही काम करने के बजाय सिर्फ अपनी सर्वाइवल और इनामों पर होता है। उसका यह कमियों से भरा और खुद के बारे में सोचने वाला अंदाज़ उसे उन पारंपरिक और हमेशा सही करने वाले बड़े हीरोज से बिल्कुल अलग बनाता है, जिन्हें देखने की दर्शकों को आदत रही है। बुज्जी प्रभास की सबसे खास को-स्टार थी फिल्म की रिलीज से पहले, प्रभास ने बुज्जी को इंट्रोड्यूस करते हुए इस एआई-पावर्ड गाड़ी को अपनी सबसे खास को-स्टार कहा था। पर्दे पर उनकी नोकझोंक और दोस्ती फिल्म के सबसे पसंदीदा हिस्सों में से एक बन गई, जिससे बुज्जी खुद अपने आप में फैंस की चहेती बनकर उभरी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का फिल्म के प्रमोशन के दौरान, प्रभास ने भैरव को एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का बताया था। इस एक लाइन ने उस बड़ी भूमिका की शुरुआती झलक दे दी थी जो यह कैरेक्टर आगे चलकर कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स में निभाने वाला है। भैरव का लुक खास तौर पर 'कल्कि' की दुनिया के लिए तैयार किया गया था उनके कपड़ों और हथियारों से लेकर उनकी एक्सेसरीज तक, सब कुछ फिल्म के डिस्टोपियन (भविष्य की उजड़ी हुई दुनिया) माहौल को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इस रफ-एंड-टफ स्टाइलिंग ने भैरव की दुनिया को पर्दे पर जीवंत करने में एक बेहद जरूरी रोल निभाया और प्रभास को उनके अब तक के सबसे अलग स्क्रीन लुक्स में से एक दिया। उसकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है भले ही 'कल्कि 2898 एडी' ने कई सवालों के जवाब दिए, लेकिन इसने भैरव के सफर को आगे बढ़ाने के लिए भी काफी गुंजाइश छोड़ दी है। 'कल्कि 2' के पहले से ही सबसे बेसब्री से इंतजार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक होने के साथ, फैंस यह देखने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं कि इस कैरेक्टर के लिए आगे क्या होने वाला है। अपनी रिलीज के दो साल बाद भी, 'कल्कि 2898 एडी' को इसकी शानदार स्टोरीटेलिंग और यादगार कैरेक्टर्स के लिए पसंद किया जा रहा है, जिसमें भैरव आज भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। आगे की बात करें, तो अनडिस्प्यूटेड पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास के पास 'स्पिरिट', 'फौजी' और सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली 'कल्कि 2' के साथ एक बेहद एक्साइटिंग लाइनअप है।
जब भी हम किसी होटल में ठहरने जाते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान कमरे की लग्जरी सुविधाओं, बालकनी से दिखने वाले व्यू या वहां की सर्विस पर होता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दुनिया के कई बड़े और आलीशान होटलों से कमरा नंबर 13 या सीधे 13वीं मंजिल (13th Floor) ही गायब रहती है? पहली नजर में यह किसी आर्किटेक्ट की तकनीकी गलती या नंबरिंग की चूक लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प सोच, गहरा मनोविज्ञान और सदियों पुरानी परंपरा छिपी है।दुनिया भर के होटल ग्रुप्स अपने मेहमानों की मानसिक सहजता, उनकी पसंद और सांस्कृतिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए ही कमरों और मंजिलों का निर्धारण करते हैं। यही वजह है कि कुछ नंबर तो आपको हर जगह दिखाई देंगे, लेकिन नंबर 13 को जानबूझकर नक्शे से ही साफ कर दिया जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर इस एक नंबर से होटल इंडस्ट्री को इतना परहेज क्यों है।क्या है 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया', जिसने दुनिया भर में 13 नंबर का खौफ फैलाया है?दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से में, विशेषकर पश्चिमी देशों में, 13 अंक को अत्यधिक अशुभ और दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता है। इस नंबर को लेकर लोगों के मन में जो डर और घबराहट होती है, उसे चिकित्सा और विज्ञान की भाषा में 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया' (Triskaidekaphobia) कहा जाता है।होटल इंडस्ट्री पूरी तरह से हॉस्पिटैलिटी यानी मेहमाननवाज़ी पर टिकी है, जहां उनका एकमात्र मूलमंत्र होता है कि गेस्ट को घर जैसा सुरक्षित और सहज माहौल मिले। होटल मालिकों को अच्छी तरह पता है कि अगर कोई मेहमान मानसिक रूप से असहज हो, तो उसका पूरा स्टे (Stay Experience) खराब हो जाएगा। इसी डर के चलते होटल व्यवसाय इस नंबर से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखता है।होटलों का सीधा बिजनेस गणित: खाली कमरों का नुकसान क्यों उठाना?इस अजीबो-गरीब परंपरा के पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा कमर्शियल और बिजनेस का गणित भी काम करता है। वैश्विक स्तर पर हुए कई सर्वे में यह बात सामने आई है कि बहुत से यात्री रूम नंबर 13 में ठहरने से साफ इनकार कर देते हैं या वहां सोने में कतराते हैं। अगर कोई होटल जबरदस्ती रूम नंबर 13 रखता भी है, तो उस कमरे की बुकिंग दरें काफी गिर जाती हैं, जिससे होटल को सीधे तौर पर राजस्व (Revenue) का नुकसान होता है।इस घाटे से बचने के लिए होटलों ने एक स्मार्ट तरीका निकाला है। वे अपने बिल्डिंग प्लान से 13वीं मंजिल को हटाकर सीधे 12वीं के बाद 14वीं मंजिल घोषित कर देते हैं। कुछ होटलों में 13 नंबर के कमरे को 12A लिख दिया जाता है, जबकि कई जगहों पर 13वीं मंजिल का नाम 'M Floor' (मैजनाइन) रख दिया जाता है या उसे केवल स्टाफ, मेंटेनेंस और तकनीकी सामान रखने के लिए आरक्षित कर दिया जाता है।इंसानी दिमाग का खेल: अनजाने में पैदा होने वाली झिझक से बचावमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान का दिमाग उन जगहों पर सबसे ज्यादा सुकून महसूस करता है जो पूरी तरह से सामान्य, जानी-पहचानी और समाज द्वारा सुरक्षित मानी गई हों। भले ही आज का आधुनिक इंसान खुद को कितना भी तार्किक और अंधविश्वास से दूर माने, लेकिन जब वह किसी होटल के सुनसान कॉरिडोर में 'Room 13' लिखा हुआ देखता है, तो उसके अवचेतन मन (Subconscious Mind) में एक हल्की सी झिझक या नकारात्मक विचार अनजाने में ही सही, लेकिन पैदा हो ही जाता है। होटल प्रबंधन अपने ग्राहकों के दिमाग में इस तरह की किसी भी असहजता या डर को पनपने ही नहीं देना चाहता।सदियों पुरानी पौराणिक कहानियों ने बनाया नंबर 13 को 'विलेन'13 नंबर को लेकर समाज में फैली यह नफरत कोई नई नहीं है, बल्कि इसका इतिहास सदियों पुराना है और यह मुख्य रूप से दो बड़ी ऐतिहासिक कहानियों से जुड़ा है:नॉर्स पौराणिक कथा (Norse Mythology): स्कैंडिनेवियाई देशों की प्राचीन कथाओं के अनुसार, एक बार स्वर्ग में देवताओं के लिए एक भव्य भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें 12 देवता आमंत्रित थे। लेकिन तभी वहां बिना बुलाए छल के देवता 'लोकी' (Loki) की 13वें मेहमान के रूप में एंट्री हुई। उनके आते ही देवताओं के बीच भयंकर झगड़ा शुरू हो गया और अंततः सबके चहेते देवता बाल्डर की मृत्यु हो गई। तब से 13 नंबर को विनाशकारी माना जाने लगा।ईसाई धर्म की मान्यता (The Last Supper): ईसाई परंपरा के अनुसार, भगवान ईसा मसीह (Jesus Christ) ने सूली पर चढ़ाई जाने से ठीक एक रात पहले अपने शिष्यों के साथ आखिरी भोजन (Last Supper) किया था। उस टेबल पर बैठने वाला 13वां व्यक्ति 'जूडास इस्करियोती' (Judas Iscariot) था, जिसने चंद सिक्कों के लालच में ईसा मसीह के साथ विश्वासघात किया था। इसी घटना के बाद से पूरी पश्चिमी संस्कृति में 13 नंबर को धोखे और मौत का प्रतीक माना जाने लगा।हर देश की अपनी कहानी: चीन में 4 तो कहीं 420 नंबर से बचती है दुनियादिलचस्प बात यह है कि हर देश या संस्कृति में सिर्फ 13 नंबर ही अनलकी नहीं होते। उदाहरण के लिए, चीन, जापान और वियतनाम जैसे कई एशियाई देशों में नंबर 4 और 9 को सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है। चीनी भाषा में नंबर 4 का उच्चारण 'मौत' (Death) शब्द से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए वहां के होटलों और लिफ्ट से 4 नंबर गायब रहता है, जिसे 'टेट्राफोबिया' कहते हैं।वहीं, भारत और कुछ अन्य एशियाई देशों के होटलों में आपको कभी भी कमरा नंबर 420 देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि भारतीय कानून (IPC) के तहत 420 नंबर जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, जिससे मेहमानों के बीच इसका मजाकिया या नकारात्मक संदेश जा सकता है। इसी तरह, कुछ अंतरराष्ट्रीय होटलों में शैतानी शक्तियों से जुड़े 666 या आपातकालीन हादसों से जुड़े 911 जैसे नंबरों के रूम रखने से भी कड़ा परहेज किया जाता है।आधुनिकता और एआई (AI) के इस 2026 के दौर में भी, जहां विज्ञान हर रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, होटल इंडस्ट्री का सदियों पुराने इन नंबरों के अंधविश्वास और मान्यताओं को मानना यह साबित करता है कि बिजनेस की दुनिया में आज भी कस्टमर साइकोलॉजी (ग्राहक का मनोविज्ञान) और उनके सांस्कृतिक विश्वास ही सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं।
UNODC World Drug Report 2025 के अनुसार दुनिया में 33.1 करोड़ लोग किसी न किसी मादक पदार्थ का सेवन कर रहे हैं। जानिए सिंथेटिक ड्रग्स, कोकीन, अफीम, गांजा, मेथाम्फेटामाइन और वैश्विक तस्करी के नए रुझानों पर पूरी रिपोर्ट
इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं। डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की।
पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी नहीं... आखिर भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्या है?
पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं, तो फिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करेगा? यह सवाल अचानक पैदा नहीं हुआ, लेकिन हाल के दिनों में यह राष्ट्रीय बहस का विषय जरूर बन गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दे राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में आ गए। इसी बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने एक ऐसा बयान दिया जिसने इस बहस को और तेज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है, नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं। पहली नजर में यह बयान चौंकाने वाला लग सकता है, क्योंकि आम धारणा यही रही है कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। लेकिन कानूनी दृष्टि से स्थिति थोड़ी अलग और कहीं अधिक जटिल है। पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्यों नहीं माना जाता? कानूनी रूप से यह कोई नई बात नहीं है। भारत के पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 के तहत केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज़ जारी कर सकती है। यही कारण है कि कानून पासपोर्ट को नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं मानता। हालांकि व्यावहारिक रूप से पासपोर्ट को नागरिकता का एक अत्यंत मजबूत संकेत माना जाता है, क्योंकि इसे जारी करने से पहले सरकार द्वारा पहचान और दस्तावेज़ों का विस्तृत सत्यापन किया जाता है और अधिकांश मामलों में यह केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी होता है। भारत में नागरिकता की शुरुआत : संविधान से कानून तक जब भारतीय संविधान का लागू होना हुआ, तब नागरिकता का प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 5, 6 और 7 के माध्यम से तय किया गया। ये प्रावधान उस समय बनाए गए थे जब देश विभाजन के बाद बड़े पैमाने पर जनसंख्या का भारत और पाकिस्तान के बीच पलायन हुआ था। हालांकि संविधान निर्माताओं ने इन्हें स्थायी व्यवस्था के रूप में नहीं बनाया था। बाद में नागरिकता से जुड़ा पूरा ढांचा नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत लाया गया और संसद ने समय-समय पर इसमें कई संशोधन किए। भारत में जन्म से नागरिकता पाने के नियम कैसे बदले? पहला चरण: 1950 से 1987 तक — जन्म लिया, तो नागरिक बने इस अवधि में भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माना जाता था। माता-पिता की नागरिकता, राष्ट्रीयता या कानूनी स्थिति का कोई महत्व नहीं था। इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की भाषा में जस सोली (Jus Soli) कहा जाता है। दूसरा चरण: 1987 से 2004 तक — कम से कम एक माता-पिता भारतीय होना जरूरी 1986 में नागरिकता कानून में संशोधन किया गया और 1 जुलाई 1987 से नए नियम लागू हुए। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण था: असम आंदोलन, अवैध प्रवासन को लेकर बढ़ती चिंताएं, तथा असम समझौता के बाद बनी राजनीतिक सहमति। तीसरा चरण: 2004 से अब तक — नियम और सख्त हुए 3 दिसंबर 2004 से लागू संशोधन ने नागरिकता के नियमों को और कठोर बना दिया। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा यदि: ✔ दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या ✔ एक माता या पिता भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। यदि माता-पिता में से कोई एक अवैध प्रवासी है, तो भारत में जन्म लेने के बावजूद बच्चे को स्वतः भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। क्या इससे नागरिकताविहीन होने का खतरा पैदा हो सकता है? यहीं से एक गंभीर मानवीय और कानूनी प्रश्न सामने आता है। मान लीजिए किसी बच्चे का पिता भारतीय नागरिक है लेकिन उसकी मां को अवैध प्रवासी घोषित कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को भारत में जन्म लेने के बावजूद नागरिकता नहीं मिल सकती। यदि दूसरा देश भी उसे अपना नागरिक स्वीकार न करे, तो बच्चा नागरिकताविहीन (Stateless) हो सकता है। सीमावर्ती राज्यों जैसे: पंजाब राजस्थान पश्चिम बंगाल असम में प्रशासन को समय-समय पर ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा है। तिब्बती शरणार्थियों के मामलों ने क्या सिखाया? भारतीय नागरिकता कानून की सबसे चर्चित न्यायिक व्याख्याओं में तिब्बती शरणार्थियों के मामले शामिल हैं। 2010 और 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसलों में कहा कि 30 जून 1987 से पहले भारत में जन्मे तिब्बती नागरिक भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। कारण साफ था। उस समय तक भारत में जन्म आधारित नागरिकता का सिद्धांत लागू था। इन फैसलों के बाद चुनाव आयोग और विदेश मंत्रालय ने भी ऐसे तिब्बतियों के अधिकारों को मान्यता दी। इन मामलों ने यह दिखाया कि नागरिकता कानून में केवल एक दिन का अंतर भी किसी व्यक्ति की कानूनी स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है। बिहार की SIR प्रक्रिया ने क्या उजागर किया? बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया ने पहली बार बड़े पैमाने पर यह सवाल खड़ा किया कि आखिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करे। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के नाम ही शामिल होने चाहिए। लेकिन इस प्रक्रिया ने यह भी उजागर किया कि अधिकांश भारतीयों के पास ऐसा कोई एक दस्तावेज़ नहीं है जिसे हर परिस्थिति में नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जा सके। क्या चुनाव आयोग नागरिकता तय कर सकता है? नहीं। हाल ही में भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का अधिकार केवल मतदाता सूची की पात्रता तक सीमित है। किसी व्यक्ति की नागरिकता निर्धारित करना उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। नागरिकता से जुड़े विवादों का निर्णय केवल कानून द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी ही कर सकता है। आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट की कानूनी सीमाएं आधार कार्ड आधार केवल पहचान और निवास का प्रमाण है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। वोटर आईडी यह केवल यह दर्शाती है कि व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज है। यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है। पासपोर्ट यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी दस्तावेज़ है। हालांकि व्यवहारिक रूप से इसे नागरिकता का मजबूत संकेत माना जाता है, लेकिन कानून इसे अंतिम प्रमाण नहीं मानता। तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित कौन करता है? यही वह प्रश्न है जिसका कोई एक सार्वभौमिक उत्तर आज भी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार सबसे मजबूत दस्तावेज़ हैं: नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राकृतिककरण (Naturalization) प्रमाणपत्र, लेकिन ये केवल सीमित संख्या में लोगों के पास उपलब्ध होते हैं। अधिकांश भारतीयों के लिए नागरिकता सिद्ध करने में निम्न दस्तावेज़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं: जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता के दस्तावेज़ स्कूल रिकॉर्ड भूमि अभिलेख पुराने मतदाता रिकॉर्ड पारिवारिक दस्तावेज़ सरकारी रजिस्टर में दर्ज पुराने रिकॉर्ड NRC के दौरान 'लीगेसी दस्तावेज़' क्यों महत्वपूर्ण बने? असम में हुई राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता सिद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने तथाकथित लीगेसी डॉक्यूमेंट्स का उपयोग किया। इनमें दशकों पुराने भूमि रिकॉर्ड, मतदाता सूचियां, राजस्व दस्तावेज़ और पारिवारिक रिकॉर्ड शामिल थे। इस अनुभव ने दिखाया कि नागरिकता का प्रश्न अक्सर केवल एक पहचान पत्र से कहीं अधिक जटिल होता है। दुनिया में क्या हो रहा है? भारत अकेला देश नहीं है जिसने जन्म आधारित नागरिकता के नियमों को सीमित किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका आज भी व्यापक रूप से जन्म आधारित नागरिकता को मान्यता देता है, हालांकि वहां भी समय-समय पर इसे सीमित करने की राजनीतिक मांग उठती रही है। भारत में नागरिकता कानून संसद के माध्यम से संशोधित किया जा सकता है और इसी कारण पिछले सात दशकों में इसके स्वरूप में कई बदलाव हुए हैं। आगे की सबसे बड़ी चुनौतियां यह पूरा विवाद तीन महत्वपूर्ण सवाल छोड़ जाता है: 1. नागरिकताविहीन बच्चों के लिए भारत की नीति क्या होगी? 2. क्या भारत को एक सार्वभौमिक नागरिकता दस्तावेज़ की आवश्यकता है? 3. भविष्य में नागरिकता कानून और नागरिक रजिस्टर किस दिशा में जाएंगे? विदेश मंत्रालय के बयान का वास्तविक अर्थ क्या है? विदेश मंत्रालय ने कोई नया कानून नहीं बनाया और न ही किसी नई व्याख्या की घोषणा की। उसने केवल उस कानूनी स्थिति को दोहराया है जो दशकों से भारतीय कानून का हिस्सा रही है। लेकिन इस बयान ने एक पुराने प्रश्न को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है— अगर पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो एक आम भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता किस दस्तावेज़ से साबित करेगा? शायद आने वाले वर्षों में भारत को इसी प्रश्न का स्पष्ट, सरल और सार्वभौमिक उत्तर तलाशना होगा। क्योंकि पहचान और नागरिकता के बीच का यह अंतर केवल कानूनी बहस नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के अधिकारों, अवसरों और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा प्रश्न है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 27 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, धैर्य से निर्णय लें। लव: साथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे, विश्वास बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या तनाव संभव। उपाय: हनुमान जी को गुड़ और चने अर्पित करें। ALSO READ: Vat Savitri Purnima Puja Samagri: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद पूजा में बेहद जरूरी हैं ये चीजें, देखें फुल चेकलिस्ट 2. वृष (Taurus) करियर: आज कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा। धन: निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें। उपाय: पीले वस्त्र धारण अथवा दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: बाहरी क्षेत्र के नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: प्रेमीसंग संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी रखें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों की समस्या संभव। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा। लव: परिवार का साथ मिलेगा। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर आएगी। लव: प्रेमी तथा परिवारसंग संबंध मजबूत होंगे। धन: कारोबार के आय में वृद्धि संभव। स्वास्थ्य: हृदय का ध्यान रखें। उपाय: गुरुवार को हल्दी और चने का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी कर रहे जातकों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेमसंग संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: कारोबार में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: आज थकान महसूस हो सकती है। उपाय: पीले रंग का उपयोग बढ़ाएं। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर 7. तुला (Libra) करियर: बेरोजगारों को नए अवसर मिलेंगे। लव: प्रेम जीवन में सुधार होगा। धन: व्यापार से लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी लेकिन सफलता मिलेगी। लव: रिश्ते में भावनात्मक मजबूती आएगी। धन: कारोबार में निवेश से लाभ संभव। स्वास्थ्य: आज अचानक थकान हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपके नए विचार लाभकारी होंगे। लव: पारिवारिक रिश्तों में मधुरता रहेगी। धन: अचानक घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: अपने पाचन का ध्यान रखें। उपाय: सफेद वस्तु या दूध का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: ऑफिस में कार्यरत लोगों को मेहनत से सफलता मिलेगी। लव: समझदारी से घर तथा प्रेमी के संबंध बेहतर होंगे। धन: व्यापार से लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: आज कमर दर्द संभव है। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: ऑफिस के कार्य में स्थिरता रहेगी। लव: रिश्तों में सुधार होगा। धन: आय बढ़ सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: शनिदेव पर तेल अर्पित करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: पारिवारिक तथा प्रेम रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। धन: धन के निवेश से लाभ के योग बनेंगे। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या का ध्यान रखें। उपाय: पीपल के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आज कहानी उस लड़की की, जिसने जासूसी के लिए पाकिस्तानी आर्मी अफसर से शादी की, फिर पति का कत्ल कर दिया… नवंबर 1971, दोपहर का वक्त। दिल्ली के लोधी रोड पर भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW का दफ्तर। बाहर सर्दियों की हल्की धूप थी, लेकिन अंदर का माहौल किसी सुलगते ज्वालामुखी सा था। अचानक वहां लगे एक खुफिया ट्रांसमीटर पर अजीब सी गड़गड़ाहट हुई। अफसरों की उंगलियां तेजी से डिकोडर पर दौड़ने लगीं। जैसे ही आखिरी शब्द डिकोड हुआ, कमरे में मौजूद अफसर हैरान रह गए। मैसेज था- ‘पाकिस्तान, INS विक्रांत को डुबाने की साजिश रच रहा है। उसकी सबसे खतरनाक पनडुब्बियां बंगाल की खाड़ी की तरफ निकलने वाली हैं।’ INS विक्रांत, भारतीय नेवी का वो तैरता हुआ विमान वाहक पोत है, जिसपर 30 लड़ाकू विमान और करीब 1600 सैनिक तैनात हो सकते हैं। 1943 में इसे ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए तैयार किया गया था, जिसे 1957 में भारत ने खरीद लिया। इसी INS विक्रांत के बूते भारत ने पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने वाले समुद्री रास्ते की नाकेबंदी कर रखी थी। पाकिस्तान छटपटा रहा था। वह किसी भी कीमत पर विक्रांत को डुबाना चाहता था, ताकि वो पूर्वी पाकिस्तान तक आसानी से रसद और सैनिक भेज सके। 8 नवंबर 1971, दिल्ली से करीब एक हजार किलोमीटर दूर कराची का एक आलीशान गोल्फ कोर्स। पाकिस्तान नेवी के सबसे काबिल पनडुब्बी कमांडर, जफर खान, शॉट लगाने ही वाले थे कि एक रनर हांफता हुआ आया। ‘सर, हेडक्वार्टर से बुलावा आया है। फौरन चलिए।’ हेडक्वार्टर पहुंचते ही कमांडर जफर के सामने नक्शा फैला दिया गया। एक एडमिरल ऑफिसर ने कहा- ‘INS विक्रांत को तबाह करना है। सबकी छुट्टियां कैंसिल। 10 दिन के भीतर कूच कर जाओ।’ 14 नवंबर को कमांडर जफर पाकिस्तान की सबसे घातक पनडुब्बी PNS गाजी को लेकर कराची से निकले। 18 नवंबर को श्रीलंका में डीजल भरवाया। 20 नवंबर को वे चेन्नई के तट की तरफ बढ़ने ही वाले थे कि कराची से नया संदेश आ गया- ‘अब विक्रांत मद्रास में नहीं है।’ इसी दौरान, विशाखापट्टनम के बाजारों में अजीब हलचल शुरू हो गई। अचानक भारी मात्रा में राशन, टनों मांस और सब्जियां खरीदी जाने लगीं। ‘इतनी बड़ी रसद तो INS विक्रांत के लिए ही मांगा जा सकता है।’ पाकिस्तानी जासूसों के कान खड़े हो गए। उन्होंने फौरन कराची मैसेज भेजा- ‘विक्रांत विशाखापट्टनम में है।’ अब पाकिस्तान से कमांडर जफर को नया हुक्म मिला- ‘फौरन रुख बदलो, विक्रांत विशाखापट्टनम में है।’ 1 दिसंबर 1971, घड़ी में रात के 11 बजकर 45 मिनट हुए थे। पाकिस्तानी पनडुब्बी गाजी विशाखापट्टनम बंदरगाह के मुहाने पर आकर गहरे समंदर में छुप गई। कमांडर ने तय किया कि जब तक उन्हें विक्रांत नजर नहीं आता, वो सतह पर नहीं आएंगे। 48 घंटे बीत गए। गाजी में डीजल से बैटरियां चार्ज की जा रही थीं, जिसकी वजह से खतरनाक हाइड्रोजन गैस रिलीज हो रही थी। पनडुब्बी के अंदर हाइड्रोजन जमा होता जा रहा था। मेडिकल अफसर गुहार लगा रहे थे कि हाइड्रोजन बाहर निकालने के लिए सतह पर जाना होगा, पर जफर के सिर पर मिशन का भूत सवार था। उन्होंने चीखते हुए कहा, ‘गाजी जैसी विशाल पनडुब्बी दिन के उजाले में ऊपर आई, तो हिंदुस्तानी हमें जिंदा चबा जाएंगे।’ वक्त गुजरता गया। फिर आई 3 दिसंबर 1971 की रात। करीब 12 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज गूंजी- ‘पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया है।’ उनका भाषण चल ही रहा था कि 12 बजकर 15 मिनट पर विशाखापट्टनम समंदर में जोरदार धमाका हुआ। आस-पास के मकानों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। लोग सहम गए कि पाकिस्तान ने बमबारी कर दी है। लेकिन, अगली सुबह पता चला कि PNS गाजी खुद ही विस्फोट होकर तबाह हो गई है। मछुआरों को उसका मलबा मिला था। इस तरह भारत ने ना सिर्फ INS विक्रांत को बचाया बल्कि पाकिस्तानी नेवी के कई ठिकानों को तबाह कर दिया। पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान के समुद्री रास्ते पर भारत की नाकेबंदी के आगे पाक की एक न चली। 16 दिसंबर 1971, 90 हजार सैनिकों के साथ पाकिस्तान ने भारत के आगे सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और दुनिया के नक्शे पर एक नया देश जन्मा- 'बांग्लादेश।' यह सबकुछ हुआ उस खुफिया मैसेज की बदौलत जिसे कश्मीर की एक लड़की सहमत ने जानपर खेलकर पाकिस्तान से भेजा था। सहमत ने जासूसी के लिए पाकिस्तानी फौजी से शादी की थी। आज कहानी उसी सहमत की… कश्मीर के रहने वाले हिदायत खान और पंजाब की रहने वाली सिख परिवार की तेज ने प्रेम विवाह किया। परिवार से बगावत करके। दो साल बाद उनको बेटी हुई। नाम रखा- सहमत। हिदायत बिजनेसमैन थे। उनका कपड़ों का कारोबार पाकिस्तान तक फैला था। उन दिनों पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में आना-जाना, कारोबार और शादी-ब्याह आम था। हिदायत कश्मीरी पश्मीना शॉल भी बेचते थे, जो रईस फौजियों की पहली पसंद थी। लिहाजा फौज में हिदायत की ठीक-ठाक पैठ बन गई थी। बड़े अफसरों तक गुपचुप शराब पहुंचाना और उनके साथ उठना-बैठना, हिदायत की इसी पैठ का हिस्सा था। उधर, 1965 की जंग में मात खाने के बाद पाकिस्तान भारत से बदला लेने की योजना बना रहा था। RAW को भनक लग चुकी थी। उसे सरहद पार ऐसे शख्स की तलाश थी, जो पाकिस्तानी फौज की गतिविधियों से आगाह कर सके। RAW की नजर जाकर टिकी- हिदायत खान पर। RAW के अफसर पहले से उनके काम पर नजर रखे हुए थे। एक शाम RAW के कुछ अफसर हिदायत के घर पहुंचे। हिदायत से देश की सुरक्षा का वास्ता देकर मदद मांगी। शुरुआत में हिदायत हिचकिचाए, पर बाद में हामी भर दी। उन्हें ट्रेनिंग दी गई। जल्द ही, हिदायत ने लाहौर, इस्लामाबाद और मुल्तान में अपना जाल बिछा दिया। RAW को सटीक और अहम इनपुट्स मिलने लगे। पत्नी तेज भी इस खतरनाक मिशन में शौहर के साथ खड़ी रहीं। सब कुछ ठीक चल रहा था, फिर एक रोज पता चला कि हिदायत को कैंसर हो गया है। परिवार के साथ-साथ RAW के लिए भी यह बहुत बड़ा सेटबैक था। पूर्व नेवी ऑफिसर हरिंदर सिंह सिक्का अपनी किताब ‘कॉलिंग सहमत’ में लिखते हैं- 'एक रोज RAW के कुछ अफसर हिदायत के घर पहुंचे। कमरे में तेज भी मौजूद थीं। एक अफसर ने हिदायत के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘अमेरिका में एक बड़े डॉक्टर से बात की है। तुम वहां जाओ और इलाज कराओ।’ हिदायत ने थकी हुई मुस्कान के साथ सिर हिलाया, ‘मेरा बचना मुश्किल है साहब... अब हमें कोई ऐसा भरोसेमंद इंसान चाहिए, जो मेरी जगह ले सके।’ थोड़ी देर बाद… हिदायत ने आंखें घुमाईं। भारी, कांपती हुई आवाज में तेज की तरफ देखा। ‘हमारी सहमत इस काम के लिए कैसी रहेगी?’ हिदायत के मुंह से अपनी जवान बेटी का नाम सुनते ही तेज सिसकने लगीं। RAW के अफसर बुत बने यह सब देख रहे थे। हिदायत ने तेज के बहते आंसूओं को देखा, लेकिन इरादा नहीं बदला। उन्होंने जोर देकर कहा- 'सहमत मेरा खून है। पाकिस्तान के लोग आसानी से मान लेंगे कि हिदायत की तबीयत बिगड़ने के बाद बेटी कारोबार संभाल रही है। किसी को शक भी नहीं होगा।’ तेज इस फैसले के खिलाफ थी... लेकिन हिदायत की आखिरी इच्छा के सामने, अपना विरोध जता नहीं पाई। इधर, सहमत दिल्ली में अपनी दुनिया में मगन थी। कॉलेज के एक नाटक में उसने मीराबाई का रोल किया था। उसका किरदार सबकी जुबान पर था। अभिनव नाम के एक लड़के को वो पसंद करने लगी थी। दोनों प्यार का इजहार भी कर चुके थे। उस रोज सहमत का आखिरी पेपर था। वह हॉल से निकली ही थी कि एक आदमी उसके पास आया और सीलबंद लिफाफा देकर चला गया। सहमत ने मुस्कुराकर सोचा- ‘अभिनव ने कोई हरकत की होगी, मगर जैसे ही उसकी निगाह लिफाफे पर लिखे भेजने वाले के पते पर गई, वह घबरा गई। कांपते हाथों से उसने लिफाफा खोला। अंदर हवाई जहाज का टिकट था और एक पर्ची, जिस पर लिखा था- ‘जल्द श्रीनगर पहुंचो।’ दिल में एक अनजाना खौफ लिए वह उसी वक्त रवाना हो गई। जब वो श्रीनगर पहुंची, तो मालूम हुआ कि पिता बीमार हैं। बचने की उम्मीद ना के बराबर है। सहमत गुमसुम एक कुर्सी पर सिर झुकाए बैठी थी। अचानक मां की आवाज गूंजी- ‘तुम्हें पाकिस्तान जाना है।’ सहमत का खून जम गया। वह हकलाते हुए बोली, ‘पाकिस्तान… पाकिस्तान क्यों, अम्मी?’ तेज ने आगे बढ़कर सहमत के कांपते हुए कांधे पर हाथ रखा। धीरे से कहा- ‘तुम्हारे पापा पाकिस्तान में बिजनेस के साथ-साथ देश के लिए भी काम करते थे। खुफिया जानकारियां RAW को भेजते थे। अब उनका काम तुम्हें संभालना होगा।' 'पापा का इतना खतरनाक काम मैं कैसे संभाल सकती हूं?' सहमत ने झिककते हुए मां से पूछा। तेज ने समझाते हुए कहा- ‘RAW वाले तुम्हें ट्रेनिंग दे देंगे।’ सहमत खामोश रही। उसके दिल के अंदर एक तरफ अभिनव का चेहरा था, तो दूसरी तरफ पिता का गिरता हुआ साया। उसने लंबी सांस भरी और हिम्मत जुटाकर कहा- ‘मां… मुझे दिल्ली में एक लड़के से मोहब्बत हो गई है। हम एक-दूसरे को जुबान दे चुके हैं। मैं इस तरह पाकिस्तान नहीं जा सकती।’ सहमत को लगा कि मां का दिल पसीज जाएगा, पर तेज का जवाब सुनकर वो बेजुबान सी पड़ गई। तेज ने कहा- ‘बेटा, तुम्हारे बाप ने देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया… और तुम इश्क-मोहब्बत के फेर में पड़ी हो। मोहब्बत ही करनी है, तो इस पाक मिट्टी से करो, मुल्क से करो।’ हरिंदर सिंह सिक्का लिखते हैं- ‘सहमत के लिए एक साथ पिता और प्यार, दोनों को खोना किसी सदमे से कम नहीं था, पर वो मां के फैसले का विरोध नहीं कर पाई। वह आखिरी बार अभिनव से मिली। यह जानते हुए भी कि वो जिस मिशन पर जा रही है, उसकी सीक्रेसी ही सबकुछ है, उसने अभिनव को सब बता दिया। एक महीने बाद हिदायत की मौत हो गई। अगला महीना सहमत ने दिल्ली के लाल किले में बिताया। जहां हर रोज उसे 12 घंटे ट्रेनिंग दी जाती थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसकी शादी पाकिस्तान के लाइट इनफेंट्री में कैप्टन इकबाल से कर दी गई। दरअसल, रावलपिंडी के रहने वाले कैप्टन इकबाल के पिता ब्रिगेडियर सईद बंटवारे से पहले हिदायत के क्लासमेट रह चुके थे। दोनों दोस्त थे। ब्रिगेडियर सईद भी इस शादी से खुश थे। उनकी नजर हिदायत की बनाई संपत्ति पर थी, जिसकी इकलौती वारिस सहमत थी।’ वक्त गुजरता गया। अपने कामों से सहमत सईद परिवार पर अपनी छाप छोड़ रही थी। एक बार कराची बंदरगाह पर किसी इंपोर्टर का माल जब्त हो गया। उस पर इतना जुर्माना लगा कि व्यापारी ने उसे लेने से मना कर दिया। सहमत ने कुछ खरीदारों के साथ मिलकर सारा माल खरीद लिया। इस सौदे से सईद के परिवार को मोटा मुनाफा हुआ। इसके बाद ब्रिगेडियर अहम मसलों पर सहमत की सलाह लेने लगे। धीरे-धीरे इन मसलों में पाकिस्तानी सेना के मामले भी शामिल हो गए, लेकिन ब्रिगेडियर का नौकर अब्दुल, शुरुआत से ही सहमत पर शक करता था। उस पर नजर भी रखता था। सहमत अपनी चाल चलना शुरू कर चुकी थी। अब उसे तलाश थी एक ऐसे महफूज ठिकाने की, जहां वो खुफिया ट्रांसमीटर लगा सके। ट्रांसमीटर पर मोर्स कोड के जरिए मैसेज भेजे जाते हैं, जो बीप से चलते हैं। तभी सहमत की नजर ब्रिगेडियर के कमरे में रखे दो बड़े फोटो फ्रेम पर पड़ी। उसने फ्रेम में ट्रांसमीटर सेट कर दिया और वॉशरूम से उसे कंट्रोल करने लगी। उसने वॉशरूम को ऑपरेशन रूम जैसा बना दिया था। वहां से खुफिया जानकारी भेजने के साथ वो इमरजेंसी कॉल भी कर सकती थी। एक रोज की बात है। सूरज ढलने को था। स्टडी रूम में ब्रिगेडियर सईद परेशान हाल में कुर्सी पर बैठे थे। माथे की लकीरें उनकी अंदरूनी घबराहट को साफ बयां कर रही थीं। तभी सहमत चाय की प्याली लेकर कमरे में पहुंची, तो ससुर के चेहरे पर छाई बेबसी को भांप गई। सहमत ने आहिस्ता से प्याली मेज पर रखते हुए पूछा, ‘अब्बू जान, सब खैरियत तो है? आप काफी परेशान लग रहे हैं।’ ‘क्या बताऊं बेटी... यूनिट का एनुअल इंस्पेक्शन सिर पर है। इस बार खुद जनरल कमांडिंग ऑफिसर, यानी जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान मुआयना करने आ रहे हैं। बेहद सख्त और क्रूर मिजाज के अफसर हैं। जरा सी चूक हुई कि पूरा करियर तबाह।’ सहमत ने ढांढस बंधाते हुए बड़े भरोसे से कहा, ‘मायूस मत होइए अब्बू जान, मैं कुछ करती हूं। सब ठीक हो जाएगा।’ अगली सुबह, सहमत ने काले रंग का बुर्का ओढ़ा और घर से यह कहकर निकली कि वह नमाज के लिए जामा मस्जिद जा रही है, लेकिन उसकी मंजिल हवेली की नजरों से दूर शहर के एक कोने में बना टेलीफोन बूथ था। सड़क पर नजरें दौड़ाते हुए वह बूथ के भीतर दाखिल हुई, रिसीवर उठाया और दिल्ली का एक खुफिया नंबर घुमा दिया- ‘मुझे जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान का पूरा ब्योरा चाहिए। परिवार, शौक, कमजोरियां... मुझे सबकुछ जानना है। कल ठीक इसी वक्त दूसरे बूथ से फोन करूंगी।’ अगले दिन, सहमत एक दूसरे इलाके के टेलीफोन बूथ पर पहुंची। उसने जैसे ही संपर्क साधा, सरहद पार बैठे उसके हैंडलर ने पूरी फाइल तैयार रखी थी। RAW की सीक्रेट फाइलों को खंगालने के बाद जो कड़ियां जोड़ी गई थीं, उनमें जनरल अमीर खान की एक दिलचस्प कमजोरी सामने आई। हैंडलर ने कोड वर्ड में बताया- ‘जनरल खान मछलियों के दीवाने हैं।’ सहमत ने रिसीवर क्रेडल पर रखा और बुर्के के भीतर ही मुस्कुरा दी। अगले दिन सहमत पति के दफ्तर पहुंची। कैप्टन इकबाल ने देखा कि वो दीवार पर लगे नक्शे पर लाल स्याही से घेरे बना रही है। उसने चिल्लाते हुए कहा- इस नक्शे को क्यों बिगाड़ रही हो। अब्बा हुजूर को पता चला, तो नाराज होंगे।’ सहमत बोली- ‘अब्बा हुजूर से ही मिलने आई हूं। आप मुझे वहां ले चलोगे?’ इकबाल कुछ बोल पाता, उससे पहले ही सहमत दफ्तर से निकलकर गाड़ी में बैठ गई। ड्राइवर से कहा- 'मुझे ब्रिगेडियर सईद साहब के दफ्तर ले चलो।' ‘अब्बा हुजूर क्या मैं अंदर आ सकती हूं…’ दरवाजे पर खड़ी सहमत को देखकर ब्रिगेडियर चौंक गए। उन्होंने उसे अंदर बुलाया। सहमत, ब्रिगेडियर को एक दीवार की तरफ ले गई, जिस पर सेना का नक्शा टंगा था। उसने उंगली से इशारा किया कि इंस्पेक्शन यहां से शुरू होगा और यहां खत्म होगा। अगले आधे घंटे तक ब्रिगेडियर उसकी बातों को चुपचाप सुनते रहे। फिर सोचने लगे कि सहमत ठीक ही कह रही है। ऐसा ही करना चाहिए। इंस्पेक्शन वाले दिन ब्रिगेडियर ने जीओसी से कहा- ‘सर हमने ड्रिल में बदलाव किया है। अफसरों के साथ टी ब्रेक झील के पास होगा।’ ‘ ऐसा क्यों किया?’ जीओसी ने गुस्से से पूछा.... ‘सर, इस झील में मछलियां भरी पड़ी हैं। आप खाली वक्त मछली पकड़ने में बिता सकते हैं।’ ब्रिगेडियर ने जवाब दिया। तय दिन पर ड्रिल शुरू हुई। जनरल अमीर खान की नजरें जवानों की परेड से ज्यादा उस झील पर टिकी थीं। जैसे ही उन्होंने पानी में तैरती रंग-बिरंगी मछलियों का झुंड देखा, किसी बच्चे की तरह चहक उठे। उन्होंने तुरंत ब्रिगेडियर सईद की तरफ मुड़कर कहा, ‘सईद साहब! अब कोई इंस्पेक्शन-विंस्पेक्शन नहीं होगा। बस, कुछ जिंदा मछलियां मेरे घर भिजवा दीजिए और बाकी का इंतजाम आज रात के डिनर के लिए रखिए!’ रात ढलते ही जनरल के सम्मान में एक शानदार दावत रखी गई। पूरे डिनर की कमान सहमत ने अपने हाथों में ले रखी थी। उसने शेफ से लेकर परोसने वाले तक, हर चीज पर खुद नजर रखी। मेज पर सजी हर डिश में जनरल की पसंद का ख्याल रखा। स्टार्टर से लेकर मेन कोर्स तक, हर एक निवाले में मछली का लाजवाब जायका था कि जनरल अमीर खान उंगलियां चाटने पर मजबूर हो गए। सहमत की मेहमाननवाजी ने जनरल का दिल जीत लिया था। डिनर के बाद, जनरल अमीर खान सहमत के पास आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘माशाल्लाह! तुम्हारी इस आवाभगत ने दिल खुश कर दिया। तुम्हारे परिवार को एक शानदार इनाम मिलना चाहिए।’ सहमत की धड़कनें तेज हो गईं। वह चाहती थी कि उसका कोई अपना, जनरल के बेहद करीब पहुंच जाए, ताकि सेना की सीक्रेट फाइलों तक पहुंच आसान हो सके, लेकिन एक मंझी हुई खिलाड़ी की तरह उसने चेहरे पर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई और खामोश रही। जनरल ने दोबारा पूछा, ‘संकोच मत करो। जो भी दिल में है, साफ-साफ कह दो। भरोसा रखो, मैं तुम्हें मायूस नहीं करूंगा।’ सहमत ने पलकें झुकाईं, आवाज को बेहद धीमा और संजीदा किया, और बस दो लफ्ज कहे- ‘कैप्टन इकबाल।’ कैप्टन इकबाल यानी सहमत के शौहर। जनरल अमीर खान ने गर्मजोशी से सहमत का हाथ अपने हाथों में लेते हुए कहा, ‘बस इतनी सी बात? समझो काम हो गया।’ कैप्टन इकबाल का प्रमोशन हो गया। अब जनरल के दफ्तर की हर हरकत, हर फाइल और हर हलचल अनजाने में ही सही, कैप्टन इकबाल के जरिए सहमत के बेडरूम तक पहुंचने लगी। ***** पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भनक लग चुकी थी कि गद्दार ब्रिगेडियर सईद की हवेली में ही है। सहमत जान गई थी कि उसका राज कभी भी खुल सकता है। नौकर अब्दुल को वो रास्ते से हटा चुकी थी। एक रोज उसका सामना शौहर इकबाल से हुआ। इकबाल कुछ कह पाता उससे पहले ही सहमत ने रिवॉल्वर की नोक उसके माथे पर टिका दी। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए 'जासूस सहमत' पार्ट-2…
दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण
नई दिल्ली। भारतीय रेल के इतिहास में जल्द ही एक नई और हरित क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा के जींद के बीच हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण किया गया। यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी, न प्रदूषण फैलाएगी, बल्कि अपनी ताकत के सबूत में सिर्फ पानी की […] The post दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के टिकैतनगर क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि काे एक मौलवी तांत्रिक ने एक व्यक्ति की जीभ काटकर हत्या कर दी। परिवारजन ने तंत्र-मंत्र करने वाले मौलवी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर […] The post बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी
झुंझुनूं। खेतड़ी में एक युवक ने जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। उसके पुत्र शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस 10 बजे महावीर प्रसाद […] The post झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार देर रात एक पिकअप वाहन से चंडीगढ़ निर्मित करीब 36 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को बताया कि भारतमाला मार्ग पर नगराना टोल नाका के नजदीक पुलिस दल ने पिकअप वाहन को […] The post हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उरीका गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी […] The post झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में बड़े फेरबदल करते हुए हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारी नियुक्ति किए है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि […] The post कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी appeared first on Sabguru News .
अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के कल्याण और उनकी कार्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल लाइन रामगंज में रेल सुरक्षा बल के सदस्यों के लिए नवनिर्मित मैस एवं नवनिर्मित ओपन जिम का मंडल रेल प्रबंधक […] The post अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को
राजस्थान में पर्यावरण का महाअभियान अजमेर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जल संकट, प्लास्टिक प्रदूषण एवं घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत द्वारा एक व्यापक पर्यावरण कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 1 लाख […] The post भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को appeared first on Sabguru News .
MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र […] The post MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ appeared first on Sabguru News .
क्या बनने जा रही है 'बाहुबली 3'? प्रभास और राणा दग्गुबाती ने दिया हिंट
एसएस राजामौली की साल 2015 में रिलीज 'बाहुबली' और 2017 में रिलीज 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने ने भारतीय सिनेमा की परिभाषा को इस कदर बदला कि आज एक दशक बाद भी बॉक्स ऑफिस पर इसके बनाए रिकॉर्ड्स को छू पाना नई फिल्मों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। 'बाहुबली' फ्रैंचाइजी ने न केवल फिल्ममेकिंग के स्केल को ऊंचा किया, बल्कि सुपरस्टार प्रभास को देश का पहला असली पैन-इंडिया स्टार बना दिया। फिल्म की इसी लेगेसी के कारण फैंस के मन में हमेशा एक सवाल गूंजता रहा है— क्या कभी 'बाहुबली 3' आएगी? ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ अब इस सवाल का ऐसा जवाब मिला है जिसने सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल तेज कर दी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इस फ्रेंचाइजी के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक खास डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' रिलीज की गई है। इस डॉक्यूमेंट्री में फिल्म की मेकिंग, वित्तीय संकट और शूटिंग के अनसुने किस्सों के बीच प्रभास और राणा दग्गुबाती ने कुछ ऐसा इशारा किया है, जिसे फैंस 'बाहुबली 3' का ग्रीन सिग्नल मान रहे हैं। A post shared by Netflix India (@netflix_in) प्रभास का 'तीन उंगलियों' का इशारा 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' के एक एपिसोड में जब पूरी स्टारकास्ट एक साथ बैठी थी, तब भल्लालदेव का किरदार निभाने वाले राणा दग्गुबाती ने मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने कहा, मुझे नहीं पता कि मुझे यह बात सार्वजनिक रूप से कहनी चाहिए या नहीं, लेकिन चूंकि राजामौली और प्रोड्यूसर शोबू यार्लागड्डा यहां मौजूद नहीं हैं, इसलिए मैं अपने दिल की बात कह देता हूं। शायद दुनिया अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार न हो, लेकिन बाहुबली में अभी बहुत कुछ आने वाला है। राणा ने जैसे ही अपनी बात अधूरी छोड़ी, उनके बगल में बैठे प्रभास ने मुस्कुराते हुए कैमरे की तरफ देखा और अपनी तीन उंगलियां हवा में उठा दीं। प्रभास के इस जेस्चर को देखकर सोफे पर बैठीं देवसेना यानी अनुष्का शेट्टी भी हंसने लगीं। इतना ही नहीं, डॉक्यूमेंट्री के अंत में 'एंड द लेगेसी कंटीन्यूज' लिखा आता है। सोशल मीडिया पर इस क्लिप के वायरल होते ही फैंस ने इसे 'बाहुबली 3 ऑफिशियली कंफर्म' मान लिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिलहाल निर्देशक एसएस राजामौली अपने अगले मेगा-प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं, जिसमें वह सुपरस्टार महेश बाबू के साथ एक बड़े स्तर की एडवेंचर फिल्म बना रहे हैं। ऐसे में तुरंत किसी लाइव-एक्शन फिल्म की शूटिंग शुरू होना थोड़ा मुश्किल दिखाई देता है। मेकर्स की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। एसएस राजामौली पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह बाहुबली को केवल दो फिल्मों तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। हॉलीवुड की तर्ज पर वह इसे एक बड़ी मल्टीमीडिया फ्रेंचाइजी में बदलना चाहते हैं। इसी कड़ी में मेकर्स ने 'बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड' जैसी एनिमेटेड सीरीज और शानदार एनीमे प्रोजेक्ट 'बाहुबली: द एटर्नल वॉर - पार्ट 1' का टीज़र भी पेश किया है।
सेन फ्रांसिस्को की टीम से एक साथ नहीं खेले यह भारत पाक खिलाड़ी
मेजर क्रिकेट लीग में सेन फ्रांसिस्को की टीम में भारत के रविचंद्रन अश्विन और पाकिस्तान के हारिस राउफ शामिल है। लेकिन अभी तक एक बार भी सेन फ्रांसिस्को की टीम में दोनों एक साथ नहीं खेलने उतरे। टूर्नामेंट के पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन ने मैच नहीं खेला था लेकिन हारिस राउफ अंतिम ग्यारह में थे। ऐसे ही दूसरे मैच में रविचंद्रन अश्विन को टीम में मौका दिया लेकिन हारिस राउफ मैदान पर नहीं दिखे। ऐसे में तीसरे मैच में एक बार वही स्थिति सामने आई रविचंद्रन अश्विन बाहर बैठे थे और हारिस राउफ मैदान पर थे। इस वाक्ये से कई फैंस ने अंदाजा लगाना शुरु कर दिया कि कहीं रविचंद्रन अश्विन ने तो यह फ्रैंचाइजी को नहीं बताया कि उन्हें किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ नहीं खेलना। अगर ऐसा होता है तो भारत में इस बात पर विवाद शुरु हो सकता है। गौरतलब है कि रविचंद्रन अश्विन उस मैच का हिस्सा थे जिसमें विराट कोहली ने हारिस राउफ को लगातार 2 छक्के मारकर भारत को टी-20 विश्वकप में अविश्वसनीय जीत दिलाई थी। इस मैच को रविचंद्रन अश्विन ने चौका मारकर खत्म किया था। Laanat pic.twitter.com/rRy7nPRzOo — Charvi Vyas (@4Vvyas) June 26, 2026 भारत पाकिस्तान के भू राजनैतिक संबंध पिछले साल से ठीक नहीं रहे है। पहलगाम हमले के बाद औपरेशन सिंदूर के बाद दोनों ही देश में खेल के मैदान पर दूरी हो चली है। यही कारण है कि किसी भी टूर्नामेंट में जब यह दोनों देश आपस में भिड़ते हैं तो कप्तान एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाते।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
वॉलीबॉल में ऑस्ट्रेलिया को अहमदाबद में 3-0 से हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में
पुरुषों की AVC वॉलीबॉल कप 2026 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ना केवल अपने घरेलू दर्शकों को चौंकाया बल्कि सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। हैरत की बात है कि यह जीत बिना एक सेट गंवाए आई और ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से मैच गंवाना पड़ा। Volleyball India defeats Australia यह सब क्या हो रहा है pic.twitter.com/vN3thXc8m8 — Kreately.in (@KreatelyMedia) June 26, 2026 यह इस एवीसी वॉलीबॉल कप 2026 में भारत की पांचवी जीत है। भारत के खेल का स्तर इस टूर्नामेंट में इतना उच्च कोटी का रहा है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने जो पांच मैच जीते हैं उनमें से सिर्फ एक सेट में गंवाया है। यह सेट भारत ने चाइनीज ताईपे के हाथों गंवाया था लेकिन मैच जीतने में सफल रहे थे। JUST DROPPED A SINGLE SET IN 5 MATCHES Defeated New Zealand 3-0 Defeated Kazakhstan 3-0 Defeated Taiwan 3-1 Defeated Bahrain 3-0 Defeated Australia 3-0 5 MATCHES | 5 WINS | TABLE TOPPER pic.twitter.com/fquD5ikuIh — The Khel India (@TheKhelIndia) June 25, 2026 इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड और कजाकिस्तान को 0-3 से हराया। उसके बाद बहरीन और अब ऑस्ट्रेलिया को भी इस ही अंतर से हराया है। भारत यह कप को अपने नाम करने से अब सिर्फ 2 कदम दूर है।
'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़
अगर हिम्मत और रफ्तार की असली परीक्षा देखनी हो, तो 'खतरों के खिलाड़ी 15' का हाल ही में आया प्रोमो जरूर देखिए, जिसने हर किसी के मन में एक ही सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ओरी चीते के साथ रेस लगा रहे हैं, या फिर चीता उनके पीछे दौड़ रहा है? जो भी हो, इस प्रोमो में सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी इस सीजन के सबसे रोमांचक स्टंट्स में से एक का सामना करते नजर आ रहे हैं। ट्रैक पर चीते के साथ उनकी दौड़ ने प्रोमो को पहले ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना दिया है और अब इंतज़ार है पूरे एपिसोड का। A post shared by Orhan Awatramani (@orry) प्रोमो में दिखाया गया है कि स्टंट शुरू होते ही जहां ओरी पूरी ताकत के साथ दौड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं, वहीं चीते की मौजूदगी इस चुनौती को और भी खतरनाक और रोमांचक बना रही है। मज़ेदार बात यह है कि उनके चेहरे पर डर, घबराहट, हिम्मत और इस शो के लिए हां क्यों कहा? ALSO READ: टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो जैसे भाव एक साथ देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह प्रोमो, एक्शन के साथ-साथ मनोरंजन से भी भर गया है। ओरी का मजेदार अंदाज़ और इस हाई-ऑक्टेन स्टंट का कॉम्बिनेशन दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। 25 जुलाई से प्रीमियर होने जा रहे 'खतरों के खिलाड़ी' को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। और अगर यह चीते वाला स्टंट सिर्फ एक झलक है, तो आने वाले एपिसोड्स में रोमांच का स्तर और भी ऊंचा होने वाला है। वायरल सोशल मीडिया मोमेंट्स के लिए मशहूर ओरी अब रियल-लाइफ एडवेंचर्स में भी खुद को साबित करते नजर आ रहे हैं। चाहे वे चीते के साथ रेस लगा रहे हों या चीता उन्हें और तेज़ दौड़ने की प्रेरणा दे रहा हो, इतना तय है कि इस स्टंट ने पहले ही इंटरनेट पर धमाल मचा दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
इंदौर में लॉ, इंजीनियरिंग स्टूडेंट और एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या, लोन और डिप्रेशन बनी वजह
इंदौर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने युवाओं के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शहर में पिछले कुछ ही समय में एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक ने मौत को गले लगा लिया। हंसती-खेलती इन तीन जिंदगियों के खौफनाक कदम के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद डरावनी है—लोन का बढ़ता बोझ, करियर का डिप्रेशन और गहराता मानसिक तनाव। गुरुवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या के तीन मामले सामने आए। इनमें एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में अलग-अलग कारणों से मानसिक तनाव की बात सामने आई है। लॉ के प्रैक्टिसनर ने की आत्महत्या : पलासिया थाना क्षेत्र की बड़ी ग्वालटोली में रहने वाले 27 साल के आदर्श सोलंकी ने गुरुवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आदर्श ने इसी साल एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी और कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। उसकी सनद (लाइसेंस) अभी जारी नहीं हुई थी। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसकी मां निजी स्कूल में शिक्षिका हैं और स्कूल गई हुई थीं। शाम को लौटने पर उन्होंने आदर्श को फंदे पर लटका देखा। आदर्श के माता-पिता का काफी समय पहले तलाक हो चुका था। इसके बाद वह मामा के परिवार के साथ रह रहा था और किराए के कमरे में रहता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या : हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर निवासी 20 साल के राजकुमार कुशवाह ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार राजकुमार हैदराबाद स्थित एनआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए उसने करीब छह लाख रुपए का एजुकेशन लोन लिया था। फर्स्ट ईयर में पढ़ाई ठीक से नहीं होने के कारण वह अपने गांव चंपारण (बिहार) लौट गया था। पढ़ाई और कर्ज के दबाव के चलते वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। कुछ दिन पहले उसका परिचित हरपाल उसे इंदौर लेकर आया था, लेकिन यहां भी वह पढ़ाई और कर्ज को लेकर परेशान रहता था। गुरुवार को हरपाल काम पर गया था, इसी दौरान राजकुमार ने आत्महत्या कर ली। एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या : आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी निवासी 45 साल के गजेंद्र पुत्र माधवलाल ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार रात में उसके भाई ने गजेंद्र का शव फंदे पर लटका देखा। गजेंद्र एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करता था। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। घटना के समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। Edited By: Naveen R Rangiyal
'द इंडिया स्टोरी' का टीजर रिलीज, काजल अग्रवाल-श्रेयस तलपड़े ने खोली कीटनाशक खेती की डरावनी सच्चाई
बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस' का टीज़र रिलीज कर दिया गया है, जो देश में बढ़ती कीटनाशक खेती (पेस्टिसाइड फार्मिंग) और उसके समाज पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को उजागर करती है। अभिनेत्री काजल अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालती है, जो हर दिन करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी, लेखन और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और हिंदी, तेलुगु तथा तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां गौरतलब है कि फिल्म के प्रभावशाली टीज़र में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े के संघर्ष को बेहद मार्मिकता से दर्शाया गया है, जो न्याय की लड़ाई लड़ते हुए कीटनाशक खेती की भयावह सच्चाई को उजागर करने का प्रयास करते हैं। टीज़र यह दिखाता है कि किस तरह जहरीले रसायन धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री में शामिल हो रहे हैं और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। A post shared by Zee Studios (@zeestudiosofficial) भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी के माध्यम से फिल्म एक ऐसे मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती है, जो अपनी व्यापकता के बावजूद अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक चेतन डीके ने कहा, द इंडिया स्टोरी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी बातचीत है, जिसे समाज में हमें शुरू करने की जरूरत है। इस कहानी के माध्यम से हम कीटनाशक खेती की चिंताजनक वास्तविकता और उससे पैदा हो रहे मौन स्वास्थ्य संकट को सामने लाना चाहते थे। टीज़र केवल उस बड़े मुद्दे की एक झलक है, जो हर दिन लाखों परिवारों को प्रभावित कर रही है। हमारा उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, लोगों को सोचने पर मजबूर करना और उन्हें यह सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना है कि आखिर उनकी थाली में क्या परोसा जा रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विषय में श्रेयस तलपड़े कहते हैं, द इंडिया स्टोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रासंगिक विषय है। आज कीटनाशक खेती ऐसा मुद्दा बन चुका है, जो हर घर से जुड़ा हुआ है, लेकिन हम अक्सर इसके लंबे परिणामों पर ध्यान नहीं देते। मेरे किरदार की यात्रा एक आम पिता के संघर्ष को दर्शाती है, जो खुद से कहीं ज़्यादा बड़े व्यवस्था के खिलाफ एक लड़ाई लड़ता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक बेहद जरूरी चर्चा की शुरुआत भी करती है। वहीं काजल अग्रवाल ने कहा, द इंडिया स्टोरी एक मजबूत सामाजिक संदेश वाली फिल्म है। एक मां होने के नाते यह कहानी मुझे व्यक्तिगत स्तर पर बेहद करीब लगी, क्योंकि यह उन चिंताओं और डर को दर्शाती है जिनका सामना आज कई माता-पिता कर रहे हैं। इस टीज़र के माध्यम से ऐसी वास्तविकता दिखाई गई है, जो अक्सर लोगों की नजरों से ओझल रहती है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को अपने भोजन तथा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगी। फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी शामिल हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं।
महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित
मुरैना। मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के नूराबाद थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक द्वारा महिला की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने संबंधित प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा […] The post महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
'राव बहादुर' का दमदार टीज़र रिलीज़, महेश बाबू बोले- यह फिल्म दिल और दिमाग पर छा जाएगी
महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर की शानदार पहली झलक के बाद, मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसने यह पक्का कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक है। फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज़ के बीच, मेकर्स ने अब यह दिखा दिया है कि इसकी कहानी कितनी दमदार है और यह 3 जुलाई को रिलीज़ होने पर दर्शकों का एंटरटेनमेंट एक अलग ही लेवल पर करने का वादा करती है। महेश बाबू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, राव बहादुर... यह सिर्फ एक ऐसी फिल्म नहीं है जो आपका ध्यान खींचती है, बल्कि यह एक ऐसी फिल्म है जो सीधे आपके दिलो-दिमाग पर छा जाती है!!! अजीब, खूबसूरत और बेहद ड्रामेटिक। वेंकटेश महा ने एक शानदार दुनिया बनाई है... सत्यदेव ने उस दुनिया को कुछ इस तरह संभाला है जैसा सिर्फ वही कर सकते हैं!!! RAO BAHADUR...It isn’t just a film that grabs you by the collar but one that gets under your skin!!! Strange, beautiful & intensely dramatic. @mahaisnotanoun builds a stunning world... @ActorSatyaDev takes over that world like only he can!!! @DeepaThomasss shines with a… — Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) June 25, 2026 उन्होंने आगे लिखा, दीपा थॉमस ने एक बहुत ही बारीकी से भरी शानदार परफॉर्मेंस दी है... बेहतरीन स्टार कास्ट और कमाल की टेक्निकल टीम ने फिल्म का बहुत ही शानदार साथ दिया है!!! पूरी टीम पर बेहद गर्व है... 3 जुलाई से बड़े पर्दे पर आप सभी को #RaoBahadur और उनके इस पागलपन को देखने का अब और इंतज़ार नहीं हो रहा है!!! ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां डर, गलतफहमियों, भ्रम और अनोखे मनोरंजन से भरपूर यह फिल्म वाकई एक बिल्कुल अलग और अनोखा सिनेमाई अनुभव देने की गारंटी देती है। इसकी झलक से एक ऐसी दुनिया का पता चलता है जिसका तेलुगु सिनेमा ने पहले कभी अनुभव नहीं किया है और यह दर्शकों के बीच उत्साह पैदा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्य देव को एक असाधारण बदलाव से गुजरते हुए दिखाया गया है, जबकि फिल्म का ओवरऑल लुक जादुई, शानदार और विजुअली काफी अट्रैक्टिव लग रहा है। एक लीक से हटकर सामने आई पहली झलक के बाद, फिल्म का पहला सिंगल 'ओ सुंदरी' एक चार्टबस्टर बन गया, जिसे इसके सुरीले कंपोज़ीशन और खूबसूरत प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया गया। सत्य देव और दीपा थॉमस पर फिल्माया गया यह रोमांटिक ट्रैक बीते ज़माने को खूबसूरती से दिखाता है, जो अपने पीरियड सेटअप और विजुअल भव्यता के साथ फिल्म के आकर्षण को और बढ़ा देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'राव बहादुर' एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और एक पुराने राजशाही अतीत की धुंधली यादों का मिश्रण है। वेंकटेश महा, जो इसके राइटर, डायरेक्टर और एडिटर हैं, एक ऐसी कहानी गढ़ते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से लोकल टच से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले जज्बात भी हैं। फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूज़िक कंपोज़ किया है, और रोहन सिंह ने फिल्म का शानदार प्रोडक्शन डिज़ाइन तैयार किया है। शाही विजुअल्स और रहस्यमयी अंदाज़ के अपने अनोखे मेल के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ हर एक छोटी सी डिटेल के पीछे कोई गहरा मतलब छिपा हो सकता है।
लखनऊ। अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में गठित एसआईटी की रिपोर्ट सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि जनआस्था से जुड़े इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच के आधार पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है और […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को नहीं मिलेगी राहत, दूध का दूध, पानी का पानी होगा : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .
भुवनेश्वर। ओडिशा में कटक जिले की एक फास्ट ट्रैक विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एक शिक्षक को नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने का दोषी करार देते हुए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है। कटक की अपर जिला एवं सत्र […] The post नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न करने के दोषी मदरसा सुल्तानिया के उर्दू शिक्षक को 20 साल का सश्रम कारावास appeared first on Sabguru News .
कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे
कौशाम्बी। कौशांबी जिले के कोखराज बाईपास स्थित टोल प्लाजा पर शुक्रवार सुबह एलपीजी गैस से भरा टैंकर डिवाइडर से टकरा गया और उसमें आग लग गई। इस हादसे में टोल प्लाजा पर तैनात सात कर्मचारी झुलस गए जबकि टोल के तीन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। सूत्रों के अनुसार कानपुर की ओर से […] The post कौशांबी में गैस टैंकर में लगी आग, टोल प्लाजा के 7 कर्मी झुलसे appeared first on Sabguru News .
झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन
रामगढ़। झारखंड के रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग पर रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी गांव स्थित बुध बाजार के समीप कल देर रात करीब साढ़े 11 बजे ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की भीषण टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को पहले रामगढ़ सदर […] The post झारखंड के रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, ताशा पार्टी के 7 सदस्यों की मौत, ग्रामीणों का प्रदर्शन appeared first on Sabguru News .
ग्लैमर, नाम, शोहरत और बॉलीवुड के बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका—यह एक ऐसा सपना है जिसे पाने के लिए लोग सालों संघर्ष करते हैं। लेकिन कुछ ऐसी शख्सियतें भी रही हैं, जिन्होंने सफलता के शिखर पर होने के बावजूद अपनी जड़ों और अपने असली सपनों की ओर लौटने का हौसला दिखाया। ऐसी ही एक मिसाल हैं बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस पेरिजाद जोराबियन। 2000 के दशक में अपनी शानदार एक्टिंग और नेचुरल चार्म से दर्शकों के दिलों पर राज करने वाली पेरिज़ाद आज भारतीय बिजनेस जगत में 'चिकन क्वीन' के नाम से अपनी पहचान बना चुकी हैं। ALSO READ: टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो पेरिज़ाद जोराबियन का जन्म मुंबई के एक पारसी-इरानी परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही पढ़ाकू और होनहार थीं। वह मुंबई यूनिवर्सिटी की गोल्ड मेडलिस्ट होने के साथ-साथ एक ट्रेन्ड वेस्टर्न क्लासिकल बैले डांसर भी हैं। पेरिजाद ने अपना फिल्मी करियर 2001 में शुरू किया था, फिर 2003 में सुभाष घई की फिल्म 'जॉगर्स पार्क' में भी नजर आई थीं। हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने दिल की बात साझा करते हुए पेरिज़ाद ने बताया, जब मैं सिर्फ 8 साल की थी, तब मुझे 'एंटरप्रेन्योर' शब्द का सही उच्चारण करना भी नहीं आता था, लेकिन मुझे यह बखूबी पता था कि मुझे बड़े होकर यही बनना है। अपने इसी सपने को पूरा करने के लिए वह भारत में शुरुआती पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूयॉर्क चली गईं, जहां उन्होंने न्यूयोर्क के बारूक कॉलेज से मार्केटिंग में एमबीए की डिग्री हासिल की। न्यूयॉर्क में पढ़ाई के दौरान एक दोस्त के कहने पर पेरिज़ाद ने प्रसिद्ध 'ली स्ट्रासबर्ग थिएटर एंड फिल्म इंस्टीट्यूट' से एक साल एक्टिंग की ट्रेनिंग ली। उनके पिता ने हमेशा उनके हर फैसले का समर्थन किया। जब वह एमबीए पूरी कर भारत लौटीं, तो उनका इरादा पिता के पोल्ट्री बिजनेस को संभालने का ही था। लेकिन किस्मत ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। एक फैमिली फंक्शन में एक मॉडलिंग कोऑर्डिनेटर की नजर उन पर पड़ी और उन्हें 'फेयर एंड लवली' ब्रांड का पहला विज्ञापन मिला। इसके बाद उनके पास ऑफर्स की लाइन लग गई। डायरेक्टर नागेश कुकुनूर ने उन्हें अपनी फिल्म 'बॉलीवुड कॉलिंग' में लीड एक्ट्रेस का रोल दिया। फिल्म हिट रही और पेरिज़ाद रातों-रात चर्चा में आ गईं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इसके बाद उन्होंने 'जॉगर्स पार्क', 'मॉर्निंग रागा', 'मुंबई मैटिनी' जैसी समीक्षकों द्वारा सराही गई फिल्मों में काम किया। फिल्म 'एक अजनबी' में वह महानायक अमिताभ बच्चन के अपोजिट भी नजर आईं। हालांकि, पेरिज़ाद खुद को हमेशा एक 'एक्सीडेंटल एक्ट्रेस' मानती थीं, जिनका पहला प्यार हमेशा से बिजनेस ही था। शादी, परिवार और सिनेमा को अलविदा साल 2006 में पेरिज़ाद ने मशहूर कंस्ट्रक्शन टाइकून बोमन रुस्तम ईरानी से शादी कर ली। शादी के बाद उनके जीवन की प्राथमिकताएं बदलने लगीं। सुभाष घई की 'ब्लैक एंड व्हाइट' और निखिल आडवाणी की 'सलामे-इश्क' जैसी बड़ी फिल्मों के ऑफर्स को ठुकराते हुए उन्होंने अपनी मर्जी से शोबिज की चकाचौंध को अलविदा कह दिया। वह एक मां के रूप में अपने परिवार को वक्त देना चाहती थीं। जब पेरिज़ाद ने अपने पारिवारिक बिजनेस 'जोराबियन चिकन' में दोबारा कदम रखा, तब कंपनी कर्ज और आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रही थी। उन्होंने अपनी एमबीए की पढ़ाई और ब्रांडिंग की समझ का पूरा इस्तेमाल किया। गर्भावस्था के दौरान भी उन्होंने आराम करने के बजाय पोल्ट्री फार्म्स का दौरा किया, पैकेजिंग बदली और लॉजिस्टिक्स को मजबूत किया। उन्होंने पारंपरिक थोक पोल्ट्री बिजनेस को एक मॉडर्न, रेडी-टू-कुक और प्रीमियम रिटेल ब्रांड में बदल दिया। 'जोराबियन चिकन' आज भारत के 15 से अधिक राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। कंपनी का सालाना टर्नओवर 120 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है।
कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल, जानें आपके शहर में आज का गोल्ड-सिल्वर रेट
Gold Silver Rates 26 June : अमेरिका ईरान युद्ध थमने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी सोने चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। वैश्विक बुलियन बाजारों से मिले कमजोर संकेतों से आज भी सोने चांदी की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से पहले बाद क्रूड की कीमतें 70 डॉलर तक पहुंच गई। WTI क्रूड 70.66 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 74.05 डॉलर प्रति बैरल हुआ। इंडियन बास्केट पर भी कच्चे तेल के दाम 6.07 फीसदी गिरकर 70.71 डॉलर प्रति बैरल हो गए। 26 जून को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर दोनों कीमती धातुओं में ज्यादा उतार चढ़ाव नहीं दिखाई दिया। दोपहर 12:00 बजे MCX पर सोना 73 रुपए बढ़कर 1,43,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। इस समय चांदी 1,268 रुपए की बढ़त के साथ 2,20,940 पर थी। स्पॉट गोल्ड और स्पॉट सिल्वर में भी आज बढ़त दिखाई दी। यहां सोने की कीमत 4034.611 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। वहीं स्पॉट सिल्वर की कीमत 58.179 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। गुडरिटर्न्स डॉट कॉम के अनुसार, देश में 24 कैरेट गोल्ड के दाम 1,41,600 रुपए प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट गोल्ड 1,29,800 रुपए प्रति 10 ग्राम और 18 कैरेट गोल्ड 1,02,200 रुपए प्रति 10 ग्राम है। चांदी की कीमत 2,40,000 रुपए प्रति किलो थी। आपके शहर में क्या है सोने के दाम? आपके शहर में क्या है चांदी के दाम? अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। जीएसटी और अन्य कारणों से सोने चांदी के दाम यहां दिए गए दाम से अलग भी हो सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें। edited by : Nrapendra Gupta
टेक इंडस्ट्री में अपनी अनोखी पहचान बनाने वाली कंपनी Nothing अपने अगले फ्लैगशिप स्मार्टफोन Nothing Phone (3) को भारत में लॉन्च करने के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर आप भी नथिंग के सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट डिजाइन और नए ग्लिफ इंटरफेस (Glyph Interface) के दीवाने हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। ALSO READ: जून 2026 के 3 सस्ते स्मार्टफोन्स, 7000mAh बैटरी और गेमिंग परफॉर्मेंस का जबरदस्त कॉम्बो प्रसिद्ध टेक टिपस्टर्स और इंडस्ट्री लीक्स के जरिए इस फोन की प्री-बुकिंग डेट, संभावित कीमत और सभी बड़े स्पेसिफिकेशन्स सामने आ चुके हैं। आइए जानते हैं कि यह नया स्मार्टफोन भारतीय बाजार में पहले से मौजूद दिग्गजों को कितनी कड़ी टक्कर देने वाला है। 'Nothing OS 3.0' और धांसू AI फीचर्स का कॉम्बिनेशन लीक्स की मानें तो Nothing Phone (3) आउट-ऑफ-द-बॉक्स Nothing OS 3.0 पर काम करेगा, जो पूरी तरह से पर्सनलाइज्ड एआई (AI) फीचर्स से लैस होगा। इसमें एक नया AI Glyph Composer मिल सकता है, जो आपके मूड और नोटिफिकेशन के हिसाब से खुद ब खुद बैक पैनल की लाइट्स को कस्टमाइज कर देगा। इसके अलावा, फोटो एडिटिंग के लिए 'AI ऑब्जेक्ट इरेज़र' और रियल-टाइम वॉयस ट्रांसलेशन जैसे फीचर्स भी शामिल किए जा रहे हैं। ALSO READ: 15,000 रुपए में कौन सा फोन है बेस्ट? जानिए टॉप 5 5G स्मार्टफोन कड़ा मुकाबला: Nothing Phone (3) vs OnePlus 12R भारतीय प्रीमियम मिड-रेंज मार्केट में इस समय OnePlus 12R का दबदबा है। ऐसे में नथिंग अपने नए फोन को सीधे वनप्लस के खिलाफ उतार रहा है। विश्वसनीय टिपस्टर्स के अनुसार दोनों फोन्स की सटीक तुलना नीचे दी गई है: भारत में क्या होगी कीमत और कब शुरू होगी प्री-बुकिंग? संभावित कीमत: टेक एक्सपर्ट्स और मुकुल शर्मा जैसे बड़े टिपस्टर्स के अनुसार, भारत में Nothing Phone (3) के बेस वेरिएंट (8GB RAM + 128GB) की शुरुआती कीमत 42,999 से 44,999 रुपए के बीच हो सकती है। बैंक ऑफर्स के साथ यह और भी कम में मिल सकता है। प्री-बुकिंग और लॉन्च डेट: लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर इस फोन का प्री-बुकिंग पेज अगले महीने के पहले हफ्ते में लाइव हो सकता है, जबकि फोन की ऑफिशियल लॉन्चिंग जुलाई 2026 के मध्य में होने की पूरी उम्मीद है। फर्स्ट लुक ओपिनियन (Experience Note): अगर हम लीक हुए रेंडर्स और फर्स्ट लुक को देखें, तो इस बार नथिंग ने इन-हाथ फील (In-hand feel) को बेहतर करने के लिए किनारों को थोड़ा और बेवल (Beveled) किया है। इसके अलावा, कैमरा मॉड्यूल के चारों ओर ग्लिफ एलईडी लाइट्स की संख्या बढ़ाई गई है, जो चार्जिंग प्रोग्रेस को और अधिक बारीकी से दर्शाती है। ALSO READ: Honor करने वाला है धमाका, आने वाला है 10,000mAh बैटरी और 10,000 Nits ब्राइटनेस वाला सस्ता स्मार्टफोन निष्कर्ष: यदि आप एक ऐसा स्मार्टफोन चाहते हैं जो भीड़ से अलग दिखे और जिसमें लेटेस्ट एआई फीचर्स के साथ क्लीन एंड्रॉइड एक्सपीरियंस (No Bloatware) मिले, तो आपको कुछ दिन रुककर Nothing Phone (3) की प्री-बुकिंग का इंतजार जरूर करना चाहिए।
दो कीवी ओपनर्स के टेस्ट शतक, 317 रनों की साझेदारी में पिसा इंग्लैंड
ENGvsNZ कप्तान टॉम लैथम और डेवॉन कॉन्वे के शतक की बदौलत न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट के पहले दिन 4 विकेट पर 361 रन बना लिए। हालांकि दोनों सलामी बल्लेबाजों के शतकों के कारण इंग्लैंड को विकेट के लिए तीसरे सत्र में शाम 5.30 बजे और 72 ओवर तक इंतजार करना पड़ा। What a knock. Tom Latham's 17th Test century brings him level with the late great Martin Crowe to be third equal on the list of BLACKCAPS century-makers. Name the top two? #ENGvNZ pic.twitter.com/dWsPW8GxMs — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 317 रनों के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने यह साझेदारी तोड़ी। ऐसा दूसरी बार हुआ है जब इन दोनों कीवी ओपनर्स के बीच 300 रनों की सलामी साझेदारी हुई हो। डेवॉन कॉन्वे ने अपने करियर का आठवां टेस्ट शतक जड़ा और कप्तान टॉम लेथम भी तिहरे आंकड़े तक गए। Devon Conway take a bow. The left hander brings up his 8th Test century and third in his last 5 tests. #ENGvNZ pic.twitter.com/IhVqtNj7Y2 — BLACKCAPS (@BLACKCAPS) June 25, 2026 दोनों ही बल्लेबाज 150 के आंकड़े के पार गए। टॉम लेथम ने 214 गेंदों में 14 चौकों की मदद से 151 रन बनाए। वहीं डेवॉन कॉन्वे ने 224 गेंदों में 22 चौके और 3 छक्के लगाकर 157 रन बनाए।
टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो
रोहित शेट्टी का एडवेंचर रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' अपनी पूरी ताकत के साथ छोटे पर्दे पर लौटने के लिए तैयार है। साल 2025 में कुछ अंदरूनी विवादों के कारण यह शो प्रसारित नहीं हो सका था, जिसके चलते दर्शकों को दो साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। लेकिन अब फैंस का यह इंतजार खत्म होने जा रहा है। होस्ट रोहित शेट्टी ने साउथ अफ्रीका के केपटाउन में इस सीजन की 40 दिनों की बेहद कठिन और थका देने वाली शूटिंग को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। रोहित शेट्टी ने खुद सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर वादा किया है कि यह सीजन अब तक का सबसे खतरनाक और अनोखा होने वाला है। ALSO READ: ईशा देओल ने दिया मां हेमा मालिनी के बंगले 'अद्वितीय' का टूर, संजोकर रखीं धर्मेंद्र की यादें कब और कहां प्रसारित होगा खतरों के खिलाड़ी 15? मेकर्स ने एक धमाकेदार प्रोमो जारी करते हुए 'खतरों के खिलाड़ी 15' के प्रीमियर की तारीख साफ कर दी है। प्रोमो के अनुसार, 'खतरों के खिलाड़ी 15' का ग्रैंड प्रीमियर 25 जुलाई से होने जा रहा है। टीवी पर चल रहे कॉमेडी कुकिंग शो 'लाफ्टर शेफ्स सीजन 3' के समाप्त होते ही यह शो वीकेंड स्लॉट को अपने नाम कर लेगा। 'खतरों के खिलाड़ी 15 एक बाई-वीकली शो होगा, जिसका प्रसारण हर शनिवार और रविवार रात 9 बजे कलर्स टीवी पर किया जाएगा। इसके साथ ही डिजिटल दर्शक इसे जियो हॉटस्टार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम कर सकेंगे। A post shared by ColorsTV (@colorstv) क्या था चैनल और प्रोडक्शन हाउस का विवाद? साल 2025 के मध्य में शो की प्लानिंग की गई थी, लेकिन अप्रैल 2025 में अचानक 'बनिजय एशिया' और 'एंडेमॉल' के बीच हुए अंदरूनी मतभेदों के कारण प्रोडक्शन का काम रुक गया था। खबरें तो यहां तक थीं कि 'बिग बॉस 19' और 'खतरों के खिलाड़ी 15' कलर्स टीवी को छोड़कर 'सोनी टीवी' पर शिफ्ट हो सकते हैं। हालांकि, कलर्स चैनल ने समय रहते नए प्रोडक्शन हाउस के साथ इस गुत्थी को सुलझा लिया और शो अपने मूल चैनल पर ही वापस लौट आया। इस बार का अनोखा फॉर्मेट और कंटेस्टेंट्स लिस्ट शो के इतिहास में पहली बार एक बिल्कुल नया और अनूठा फॉर्मेट पेश किया जा रहा है। इस सीजन की थीम 'डर का नया दौर' रखी गई है, जिसमें टीवी के कुछ नए चेहरों का मुकाबला उन पुराने कंटेस्टेंट्स से कराया जा रहा है जो पहले ट्रॉफी जीतने से चूक गए थे। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें शो के कन्फर्म कंटेस्टेंट्स की लिस्ट: पुराने खिलाड़ी - रुबीना दिलैक, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, जैस्मीन भसीन और विशाल आदित्य सिंह। नए जांबाज खिलाड़ी - गौरव खन्ना, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, हर्ष गुजराल, शगुन शर्मा, अविका गोर, रुहानिका धवन और ओरहान अवत्रामणि उर्फ 'ओरी'।
रीवा/भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मध्य प्रदेश में दो बड़े वित्तीय अनियमितता मामलों में कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति, नकदी और दस्तावेज जब्त किए हैं। एक कार्रवाई रीवा ... Read more
जब एक 'Kiss' के लिए छूटे कार्तिक आर्यन के पसीने, देने पड़े थे 37 रीटेक
बॉलीवुड एक्टर कार्तिक आर्यन आज लाखों-करोड़ों फैंस के दिलों पर राज करते हैं। बड़े पर्दे पर उनकी किलर स्माइल, चार्म और को-एक्ट्रेसेस के साथ उनकी गजब की केमिस्ट्री देखकर कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकता कि कभी इस नेशनल क्रश को कैमरे के सामने रोमांस करने में घबराहट होती थी। आज भले ही कार्तिक पर्दे पर इश्क के सौ रंग बिखेरते हों, लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वे ऑन-स्क्रीन 'किस' करने में इतने अनाड़ी थे कि डायरेक्टर को परफेक्ट शॉट देने के लिए उन्हें पूरे 37 रीटेक देने पड़े थे। आइए, जानते हैं बॉलीवुड के गलियारों से निकला यह बेहद दिलचस्प और मजेदार किस्सा। ALSO READ: भरत तख्तानी से तलाक के बाद ईशा देओल को खल रही है इस चीज़ की कमी यह बात साल 2014 की है, जब कार्तिक आर्यन फिल्म इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें बॉलीवुड के दिग्गज शोमैन सुभाष घई की फिल्म 'कांची: द अनब्रेकेबल' में एक छोटा सा रोल मिला। भले ही स्क्रीन टाइम कम था, लेकिन सुभाष घई जैसे लीजेंडरी डायरेक्टर के साथ काम करना कार्तिक के लिए किसी लॉटरी से कम नहीं था। फिल्म के एक खास सीन में कार्तिक आर्यन को लीड एक्ट्रेस मिष्टी चक्रवर्ती को एक बेहद इंटेंस, सीरियस और पैशनेट 'किस' करना था। कैमरा रोल हुआ, कार्तिक आगे बढ़े, लेकिन सुभाष घई को वो शॉट पसंद नहीं आया। घई साहब को सीन में वो शिद्दत और आग नहीं दिख रही थी, जिसकी स्क्रिप्ट को डिमांड थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक पुराने इंटरव्यू में इस मजेदार वाकये को याद कर कार्तिक आर्यन खुद हंसते हुए बोले थे, मुझे उस वक्त फिल्मों में पैशनेटली किस करना नहीं आता था। सुभाष जी को सीन में बहुत ज्यादा पैशन चाहिए था और मैं उसे ठीक से एक्सप्रेस ही नहीं कर पा रहा था। एक पल तो ऐसा आया जब मैं इतना डर गया था कि घई साहब से कहने वाला था— सर, प्लीज आप ही यह सीन करके दिखा दीजिए! मुझे सच में नहीं पता था कि फिल्मों में एक किसिंग सीन फिल्माना इतना थका देने वाला काम होता है। इस एक परफेक्ट शॉट को 'ओके' करवाने में कार्तिक के पसीने छूट गए थे और आखिरकार 37वें रीटेक में जाकर सुभाष घई ने 'कट' बोला था। आज कार्तिक आर्यन जिस सहजता से पर्दे पर लवर-बॉय के किरदारों को जीते हैं, उसकी नींव में 'कांची' के वो 37 रीटेक भी शामिल हैं, जिन्होंने उन्हें निखारने का काम किया। 'प्यार का पंचनामा' (2011) के मोनोलॉग से लाइमलाइट में आए कार्तिक का सफर इतना आसान नहीं था। 'कांची' जैसी फिल्मों के फ्लॉप होने के बाद उन्होंने एक लंबा रिजेक्शन और स्ट्रगल का दौर देखा। उनके पास फिल्में नहीं थीं और बॉक्स ऑफिस पर उनका सिक्का जम नहीं पा रहा था। लेकिन साल 2018 में आई लव रंजन की फिल्म 'सोनू की टीटू की स्वीटी' ने कार्तिक आर्यन की किस्मत का पासा 180 डिग्री पलट दिया। इस फिल्म की ब्लॉकबस्टर कामयाबी के बाद कार्तिक ने कभी मुड़कर नहीं देखा। आज वे बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर के बॉलीवुड के सबसे महंगे, भरोसेमंद और 'गारंटीड हिट' देने वाले सुपरस्टार्स में से एक बन चुके हैं।
भरत तख्तानी से तलाक के बाद ईशा देओल को खल रही है इस चीज़ की कमी
बॉलीवुड गलियारे में रिश्तों का बनना और बिगड़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कुछ सितारे अपने अलगाव को भी बेहद गरिमा और परिपक्वता के साथ संभालते हैं। दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की बेटी ईशा देओल भी इन्हीं में से एक हैं। साल 2012 में बिजनेसमैन भरत तख्तानी के साथ शादी के बंधन में बंधीं ईशा ने 2024 में अपनी 11 साल पुरानी शादी को आपसी सहमति से खत्म करने का फैसला किया था। अब, तलाक के बाद अपनी पर्सनल लाइफ, सिंगलहुड और प्यार को लेकर ईशा देओल ने कुछ ऐसे खुलासे किए हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। हाल ही में ईशा देओल मशहूर टॉक शो 'कर्ली टेल्स' के पॉडकास्ट में नजर आईं। इस इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपने और भरत के अलगाव पर दिल खोलकर बात की। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस ईशा ने बेहद बेबाकी से स्वीकार किया कि आज वह अपनी जिंदगी में एक खास चीज की कमी महसूस कर रही हैं और वह चीज कुछ और नहीं बल्कि 'प्यार और रोमांस' है। इंटरव्यू के दौरान जब ईशा से उनकी मौजूदा जिंदगी और भावनाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि किसी भी इंसान की जिंदगी में प्यार और रोमांस सबसे महत्वपूर्ण चीजें होती हैं, जिन्हें मैं फिलहाल अपनी लाइफ में मिस कर रही हूं। मुझे रोमांटिक होना पसंद है। मैं पूरी तरह से एक 'रॉम-कॉम' पर्सन हूं। मुझे लव सॉन्ग्स बेहद पसंद हैं और मैं प्यार की कहानियां देखना-सुनना पसंद करती हूं। क्या तलाक के बाद बदल गया प्यार का नजरिया? जब ईशा देओल से पूछा गया कि क्या पति से अलग होने के बाद प्यार के लिए उनका नजरिया बदला। इस पर उन्होंने कहा, नहीं, ये चीजें बदलती नहीं है। ब्रेकअप होते रहते हैं। मेरे भी पहले बॉयफ्रेंड रहे हैं जिनसे मैं अलग हुई। ऐसी चीजें होती हैं, पर इससे प्यार के प्रति मेरा नजरिया नहीं बदला है। ना ही इसमें कोई कमी आई है। हम सबने हेमाजी और धर्मेंद्रजी के बीच के निस्वार्थ प्यार को देखा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें ईशा ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी कपल के लिए अलग होने का फैसला बेहद निजी और संवेदनशील होता है, खासकर तब जब उस रिश्ते से बच्चे जुड़े हों। ईशा और भरत की दो बेटियां हैं- राध्या और मिराया। ईशा ने बताया कि वह कभी नहीं चाहती थीं कि उनका सेपरेशन मीडिया की हेडलाइंस बने, लेकिन पब्लिक फिगर होने के नाते वे जानते थे कि इसे छुपाया नहीं जा सकता। इसलिए उन्होंने और भरत ने इस स्थिति को बेहद समझदारी, देखभाल और संवेदनशीलता के साथ हैंडल किया। बता दें कि साल 2024 में एक संयुक्त बयान जारी कर ईशा और भरत ने अलग होने की घोषणा की थी। उस समय उन्होंने कहा था कि उनकी बेटियों की भलाई और परवरिश उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। अपने इसी वादे को निभाते हुए आज भी दोनों एक बेहतरीन को-पैरेंट्स की भूमिका निभा रहे हैं।
Vat Savitri Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा का दिन शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। इस दिन वट पूर्णिमा (वट सावित्री) का व्रत रखकर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ के नीचे बैठकर ही सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस मांग लिए थे। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा इस महापर्व की पूजा तभी पूरी मानी जाती है, जब आपकी थाली में हर जरूरी चीज मौजूद हो। पूजा के दिन ऐन वक्त पर कोई हड़बड़ी न हो, इसलिए हम आपके लिए लेकर आए हैं जरूरी पूजन सामग्रियों की पूरी चेकलिस्ट। वट सावित्री पूर्णिमा: पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट अपनी थाली सजाने से पहले इन चीजों को एक बार जरूर चेक कर लें: मुख्य तस्वीरें और पात्र: 1. सावित्री-सत्यवान की मूर्ति या सुंदर तस्वीर 2. दो बांस की टोकरी 3. स्टील या कांसे की साफ थाली सुहाग और वस्त्र: 4. सुहाग का पूरा सामान (चूड़ी, बिंदी, आदि) 5. लाल कलावा (रक्षासूत्र) 6. लाल कपड़ा और 1.25 मीटर का अलग से वस्त्र 7. सिंदूर और रोली (कुमकुम) पेड़ की परिक्रमा और विशेष सामग्री: 8. बांस का पंखा (सत्यवान को हवा झलने के प्रतीक के रूप में) 9. कच्चा सूत (बरगद के पेड़ पर लपेटने के लिए) 10. जल से भरा एक सुंदर कलश 11. भीगा हुआ चना (व्रत खोलने और पूजा के लिए बेहद जरूरी) फल, फूल और नैवेद्य (प्रसाद): 12. बरगद का फल 13. ताजे फल (विशेषकर आम, लीची और मौसमी फल) 14. घर में बना पकवान और शुद्ध घी की पूड़ियाँ 15. मिठाई और बताशे 16. ताजा फूल और दूर्वा घास 17. पान के पत्ते और साबुत सुपारी 18. पानी वाला नारियल पूजा-आरती का सामान: 19. मिट्टी का दीपक और शुद्ध घी 20. धूपबत्ती और इत्र (खुशबू के लिए) 21. अक्षत (बिना टूटे हुए चावल) 22. नकद रुपए (दक्षिणा के लिए) खास टिप: पूजा से एक दिन पहले ही इन सभी सामग्रियों को एक जगह इकट्ठा करके रख लें। बांस के पंखे और भीगे चने का इस पूजा में सबसे विशेष महत्व होता है, इसलिए इन्हें भूलना बिल्कुल न भूलें। आपकी पूजा मंगलमय हो! वट सावित्री पूर्णिमा की पूजा केवल एक परंपरा नहीं बल्कि श्रद्धा और सुहाग के अटूट बंधन का प्रतीक है। सही सामग्री के साथ की गई पूजा अधिक फलदायी मानी जाती है और इससे वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Purnima 2026: सुहागिनें नोट कर लें तारीख और शुभ मुहूर्त, इस दिन बरगद पूजा से मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान!
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 26 June horoscope in Hindi 2026 : करियर : कार्यक्षेत्र में नए विचार आपके लिए लाभकारी साबित होंगे। लव : लव पार्टनर से अच्छे संबंध बनाए रखें। धन : आज किसी अप्रत्याशित खर्च से बचें। स्वास्थ्य : आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : आज तांबे की धातु का उपयोग करें। ALSO READ: LIVE: भूकंप से वेनेजुएला में भारी तबाही, ट्रंप बोले- अमेरिका मदद के लिए तैयार 2. वृष (Taurus) करियर : कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं। लव : प्रेम संबंधों में समझदारी बढ़ेगी। धन : कोई नया निवेश लाभकारी हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से सामान्य रहेंगे। उपाय : गाय को हरा चारा खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं। धन : पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय : केले के पेड़ की पूजा करें। 4. कर्क (Cancer) करियर : कार्यक्षेत्र में धैर्य रखें, धीरे-धीरे सफलता मिलेगी। लव : प्रेम संबंधों में थोड़ी दूरियां हो सकती हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए समय निकालें। उपाय : चांदी के सिक्के का उपयोग करें। 5. सिंह (Leo) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर : कार्यक्षेत्र में मेहनत से सफलता मिलेगी। लव : पार्टनर के साथ अच्छे पल बिताएंगे। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने के लिए सतर्क रहें। स्वास्थ्य : आज आप शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें। ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स 7. तुला (Libra) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समर्पण से अच्छे परिणाम मिलेंगे। लव : पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए थोड़ा आराम करें। उपाय : तांबे के बर्तन का उपयोग करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर : आपको किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का अवसर मिल सकता है। लव : समझदारी से आपसी मतभेद दूर हो सकते हैं। धन : आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। कोई बड़ा खर्च करने से बचें। स्वास्थ्य : आज शारीरिक रूप से थोड़ा आराम करें। उपाय : सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर : कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी। लव : पार्टनर के साथ समय बिताएं, आपसी समझ बढ़ेगी। धन : किसी पुराने निवेश से लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य : मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय : तुलसी के पौधे की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर : कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लव : प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। पार्टनर से बातचीत बढ़ाएं। धन : आज आपकी आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय : लोहे का टुकड़ा पानी में डालकर पेड़ के नीचे रखें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर : कार्यक्षेत्र में कुछ नए विचारों से सफलता मिल सकती है। लव : प्रेम संबंधों में आपसी विश्वास बढ़ेगा। धन : किसी अप्रत्याशित खर्च से बचने की कोशिश करें। स्वास्थ्य : मानसिक शांति बनाए रखने हेतु योग का सहारा लें। उपाय : शहद का सेवन करें। 12. मीन (Pisces) करियर : कार्यक्षेत्र में सफलता के अच्छे संकेत हैं। लव : प्रेम संबंधों में आपसी समझ से रिश्ते मजबूत होंगे। धन : आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य : शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय : सफेद फूलों की पूजा करें और जल अर्पित करें। ALSO READ: बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
कमरे के फर्श पर एक बच्ची बेजान सी पड़ी है। उम्र 13 साल। वो न सुन सकती है, न बोल सकती है और न देख सकती है। आंखों में कोई चाकू भी घोंप दे, तो पलकें नहीं झपकेंगी। दरअसल, उसकी आंखों में किसी के छूने, कुछ चुभने या जख्म का कोई अहसास नहीं होता। बस, कुछ देर आंसू बहते हैं। ये बच्ची रह-रहकर कराहती है, छटपटाती है। सिर घुमाती है और अपने बाल खींचती है। दोनों हाथों से अपना चेहरा टटोलती है। फिर पूरी ताकत से फर्श पर हाथ-पैर पटकने लगती है। अजीब सी आवाज में चीखती है फिर कुछ देर के लिए एकदम चुप हो जाती है। दिन हो या रात, जानवी ऐसे ही छटपटाती रहती है। दरअसल, जानवी के दिमाग, कान और आंखों की नसें आपस में उलझी हुई हैं। या यूं कहें कि गलत जगह जुड़ी हैं। इसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है। जानवी की छोटी बहन यानसी को भी यही बीमारी है। दुर्लभ बीमारियों की सीरीज- ‘ऐ जिंदगी’ में मैं नीरज झा पहुंचा हूं राजस्थान के उदयपुर से 90 किमी दूर वीरवा खुर्द गांव। आज कहानी वहीं से… अरावली की पहाड़ियों के बीच बसे गांव में 2 किलोमीटर चलने पर एक घर नजर आया। दरवाजे पर दस्तक देते ही एक बच्ची सामने आई। चेहरा आम लोगों से काफी अलग, हाथ-पैर सूखी टहनी की तरह। सिर का पिछला हिस्सा चपटा। चेहरे पर आंखें दिखती तो हैं, खुलती हैं या नहीं, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है। वह बार-बार कमरे में इधर-से-उधर चक्कर काट रही है। अपने दोनों हाथों को जांघों पर जोर-जोर से मार रही है। वो कब, कहां टकरा जाए, गिर जाए, पता नहीं लगता। अपनी भौहों को जोर देकर ऐसे सिकोड़ती है, जैसे कुछ देखने की कोशिश कर रही हो। तभी नरेश चौबीसा आते हैं। ये बच्चियों के पिता हैं। आते ही बोले- ‘ये मेरी छोटी बेटी यानसी है। बोल नहीं सकती है, सुन नहीं सकती। आंखों में भी थोड़ी सी रोशनी है। डॉक्टर कहते हैं कि दिन के उजाले में 20 परसेंट देख पाती है। बड़ी बेटी जानवी तो बस जिंदा लाश है।’ अभी उनकी बात पूरी भी नहीं हुई थी कि पास के एक कमरे से किसी के कराहने की आवाज आने लगी। नरेश बोले- ‘बड़ी बेटी जानवी की आवाज है। चौबीसों घंटे ऐसे ही तड़पती है।’ फिर वो मुझे उस कमरे की ओर ले गए। कमरे में बेड तो है, लेकिन जानवी फर्श पर बेसुध पड़ी है। नरेश आगे बढ़कर उसके दोनों हाथ पकड़ते हैं और गोद में उठाकर आंगन में ले आते हैं। जैसे-तैसे उसे खाट पर बैठाते हैं, लेकिन जानवी चिढ़कर हाथ-पैर झटक देती है। कुछ पल बैठी रहती है और फिर बेसुध होकर खाट पर लुढ़क जाती है। नरेश कहते हैं- ‘छोटी बेटी यानसी को तो फिर भी थोड़ी समझ है। वह हमारे आसपास खेलती-कूदती है। हमें महसूस करती है, लेकिन जानवी पूरी तरह से बेसुध है। उसकी दोनों आंखों को लकवा मार चुका है।' वो अपनी उंगली से बेटी जानवी की आंखें दबाते हुए कहते हैं- ‘देखिए, इसको कुछ महसूस ही नहीं होता है। पलक भी नहीं झपकाती। ऐसे लगता है जैसे पत्थर हो गई हो। इस दौरान, जानवी को अहसास होता है कि कोई अनजान उसके करीब खड़ा है। वह अचानक पूरी ताकत से हवा में हाथ चलाती है और हमें खुद से दूर धकेलने की कोशिश करती है। उसकी आवाज तो नहीं निकल रही है, लेकिन झल्लाहट में आंसू निकल आते हैं। नरेश भावुक हो जाते हैं। कहते हैं- ‘जानवी 13 साल की है और यानसी 10 की। दोनों में से किसी ने आज तक मुझे पापा या मां को मम्मी नहीं कहा। ये सुनने के लिए हमारे कान तरस गए हैं।' 'काश! ये कभी दूसरे बच्चों की तरह जिद करतीं। कहतीं कि पापा मुझे खिलौने चाहिए, मुझे यह खाना है, लेकिन इनके हिस्से में तो कोई जिद नहीं है। जो खिला दो, खा लेती हैं। जो पहना दो, पहन लेती हैं।’ इतने में किचन में काम कर रही उनकी पत्नी अंजना भी आ जाती हैं। नरेश बताते हैं- ‘जून 2012 में हमारी शादी हुई, लव-मैरिज थी। उन दिनों मैं फोटोग्राफी करता था।' 9 नवंबर 2013 को जानवी का जन्म हुआ। तब वो स्वस्थ थी। वजन भी 3 किलो था। 'जब अंजना ने पहली बार उसे दूध पिलाना चाहा, तो नहीं पिया। डॉक्टरों ने सलाह दी कि अभी चम्मच से दूध पिलाओ, एक-दो महीने बाद वह खुद पीने लगेगी। शुरुआती दिनों में वह बिल्कुल आम बच्चों की तरह हाथ-पैर चलाती और हरकतें करती थी।’ जैसे ही एक महीने की हुई, छह-सात घंटे रोने लगी। उदयपुर में डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन उसका रोना बंद नहीं हुआ। ‘घरवाले कहते कि बच्चे तो रोते ही हैं, धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा। हालांकि, उसका रोना आम बच्चों जैसा नहीं था। पेट भरकर दूध पिलाने के बाद भी चीख-चीखकर रोती। किसी तरह थपकियां दे-देकर उसे सुलाते थे। जैसे ही उसकी आंख खुलती, फिर रोने लगती।’ ‘ऐसा करते-करते छह महीने बीत गए। अचानक जानवी की दोनों आंखें सुर्ख लाल रहने लगीं। अंदर की ओर धंसने लगीं, गड्ढे पड़ने लगे। हम दोनों डर गए, क्योंकि ऐसा हमने पहले कभी किसी बच्चे के साथ होते हुए नहीं देखा। उसे लेकर उदयपुर भागे। वहां डॉक्टरों ने अहमदाबाद रेफर कर दिया।’ ‘अहमदाबाद में डॉक्टर ने जब उसे देखा, तो एमआरआई करवाया। पता चला कि हमारी बच्ची न सुन सकती है, न बोल सकती है। तब तक यह अंदाजा नहीं था कि वह देख भी नहीं सकती। डॉक्टरों ने उसकी आंखों का इलाज शुरू किया। पहले दोनों आंखों में टांके लगाए और हर 15 दिन में उसकी सर्जरी की।’ ‘इसी जद्दोजहद में दो महीने और बीत गए। अब डॉक्टर कहने लगे- इसकी आंखों की नसें पूरी तरह पैरालाइज्ड हैं, यह कभी नहीं देख पाएगी। इसे क्रेनियल डिसइनरवेशन सिंड्रोम नाम की बीमारी है। यह दुर्लभ बीमारी है, जिसका दुनिया में कोई इलाज नहीं है।’ 'अस्पताल से लौटने के बाद, डॉक्टरों ने हमें जानवी की आंखों में डालने के लिए एक दवा दी थी। कहा था- इसे रोजाना तय समय पर दिन में दो-चार बार डालना, ताकि आंखों में नमी बनी रहे। लेकिन एक दिन हमसे चूक हो गई और वक्त पर ड्रॉप डालना भूल गए।’ 'इसी दौरान जानवी की आंखों में तेज खुजली उठी। वह अपनी उंगलियों से आंखों को ऐसे नोंच रही थी, जैसे उसे खोदकर बाहर निकाल फेंकेगी। शुक्र है, समय रहते हमने उसे देख लिया नहीं तो वह अपनी आंखें निकाल लेती। उस दिन के बाद चाहे जो हो जाए, उसकी आंखों में दवाई डालना नहीं भूलते।' नरेश कहते हैं- 'एक रोज शाम का वक्त था। जानवी बाहर जमीन पर लेटी हुई थी। तभी हवा के तेज झोंके के साथ उड़कर आई ढेर सारी धूल-मिट्टी उसकी आंखों में चली गई, लेकिन उसने पलकें झपकाई तक नहीं। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी आंखों को छूकर देखा। उसके चेहरे पर न कोई दर्द था, न कोई हलचल। उस दिन हमें पहली बार अहसास हुआ कि उसकी दोनों आंखें पूरी तरह बेजान हैं।' मैं एक बड़ी कंपनी में सेल्स मैनेजर था। परिवार के साथ विदेश में रहने का सपना था। मेरे कई दोस्त गए हैं, लेकिन मुझे तो बेटियों की वजह से नौकरी छोड़नी पड़ी। हर हफ्ते इन्हें डॉक्टर के पास ले जाना पड़ता है। मन में बस एक आस रहती थी कि काश, कहीं कोई चमत्कार हो जाए। रिश्तेदार और आसपास के लोग कहते थे- ऐसे बच्चों का इलाज करवाकर क्या फायदा, पैसे बहा रहे हो। आप ही बताइए, अपनी औलाद को कैसे तड़पते हुए छोड़ दूं?’ 2016 की बात है। जानवी 3 साल की हो चुकी थी, लेकिन उसकी जिंदगी एक बिस्तर तक सिमटी हुई थी। जहां इस उम्र के बच्चे दौड़ लगाते हैं, वहीं जानवी के पैरों ने जमीन को छुआ तक नहीं था। हम दूसरे बच्चे के बारे में सोचने लगे। कुछ दिनों बाद अंजना गर्भवती हो गई। सब बहुत खुश थे, लेकिन तभी मेरे बड़े भाई का एक्सीडेंट हो गया। वे दो महीनों तक जिंदगी और मौत के बीच झूलते रहे। परिवार अस्पताल के चक्कर काटता रहा। जब गर्भ चार-साढ़े चार महीने का हो गया, तब हमें होश आया कि पहली संतान इस हाल में है, तो कहीं दूसरी के साथ भी ऐसा न हो जाए। तब दोनों जेनेटिक टेस्ट कराने अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने कहा कि रिपोर्ट आने में कम से कम आठ महीने लगेंगे। सोचा कि जब तक रिपोर्ट आएगी, तब तक तो बच्चा दुनिया में आ चुका होगा। और इतने दिनों बाद गर्भ को गिराना भी संभव नहीं था। हम कोख में पल रहे बच्चे को मार नहीं सकते थे। सब ऊपर वाले पर छोड़ दिया कि जो होगा, देखा जाएगा। फिर दूसरी बेटी यानसी का जन्म हुआ। यानसी भी 5-6 महीने ठीक रही, लेकिन बाद में उसकी आंखें भी लाल हो गईं। आंखों के नीचे गड्ढे हो गए। कॉर्निया सूखने लगा। हालांकि यानसी को थोड़ा जल्दी इलाज मिल गया, इसलिए वह 20 प्रतिशत देख पाती है। कमजोर है, इसकी भी पूरी देखभाल बड़ी बेटी की तरह करनी पड़ती है। बच्चे एक-डेढ़ साल में चलना सीख जाते हैं। इसने 8 साल की उम्र में चलना शुरू किया।’ नरेश रुआंसी आवाज में कहते हैं- ‘पहले हमारा घर यहां से 500 मीटर दूर, बीच गांव में था। वहां गांववालों ने हमें बीमारी से भी गहरे जख्म दिए। कोई कहता- तुम्हारे घर पर बुरा साया है। कोई कहता- यह तुम्हारे पिछले जन्मों को पाप है। ओझा-फकीरों के पास भी बच्चों को लेकर गए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।’ आखिर, वहां का घर छोड़कर यहां घर बनाया। बैंक से लोन लेना पड़ा। इसी दौरान, दरवाजे की घंटी बजती है। सामने खड़े दो शख्स नरेश को किसी फंक्शन में चलने के लिए कहते हैं। नरेश जवाब देते हैं- नहीं चल पाऊंगा, कुछ काम है, आप चले जाइए। अंदर आकर नरेश बताते हैं- ‘24 घंटे हम दोनों में से किसी एक को घर पर पहरा देना पड़ता है। जब बच्चे छोटे थे, तो गोद में उठाकर कभी-कभी किसी फंक्शन में चले जाते थे। लेकिन अब चौखट पार करने में भी सोचना पड़ता है।' बेटियों को क्या बीमारी है? कहां इलाज करवा रहे हैं? कितनों को इसका जवाब दें। सो जाना ही छोड़ दिया। मेरी बहन की बेटी, जानवी से 2 महीने बड़ी है। वह घर का काम करती है, लेकिन ये अपने हाथ से खाना भी नहीं खा पाती। हाथ चलते नहीं, निगल पाती नहीं, इसलिए पेस्ट बनाकर खिलाना पड़ता है। हम दोनों ने इनके खाने-पानी का समय तय कर रखा है, क्योंकि दोनों तो भूख लगने पर खाना भी नहीं मांग सकतीं। जब भी घर के सामने से स्कूल बस गुजरती है, तो एक आस जागती है कि काश! मैं भी अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जाता।’ बोलते-बोलते नरेश की आंखें भर आती हैं। वे कहते हैं- ‘जानवी सुन सके इसलिए कॉकलियर इम्प्लांट के लिए सोचा, लेकिन डॉक्टरों ने मना कर दिया। यानसी के लिए भी कोशिश की तो डॉक्टर ने कहा कि 10-15 लाख रुपए खर्च होंगे, कोई भी NGO करवा देगा। जब उसके कान का चेकअप हुआ, तो पता चला कि इम्प्लांट नहीं हो सकता।’ डॉक्टरों ने साफ कह दिया- दो ही रास्ते हैं। इन बच्चियों को ऐसे ही स्वीकार कर लें या 'ब्रेन इम्प्लांट' करा लें। लेकिन ऐसे बच्चों में ब्रेन इम्प्लांट का सक्सेस रेट शून्य है। जान का भी खतरा है। 'हमने यह सोचकर मना कर दिया कि कम से कम बेटियां जिंदा तो रहेंगी। वैसे भी 50 लाख का खर्च उठाने की हैसियत कहां है। इलाज में अब तक 10 लाख से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर जैसे-तैसे दिव्यांग कार्ड बनवाया, लेकिन पेंशन के नाम पर महीने के सिर्फ 2400 रुपए मिलते हैं।’ तभी खाट पर लेटी जानवी उठने की कोशिश करती है। अंजना, उसे संभालती हैं और वॉशरूम ले जाती हैं। थोड़ी देर बाद वह लौटती हैं। नरेश कहते हैं- ‘कभी-कभी जब सब सो जाते हैं, तो मैं बेटियों के पास बैठ जाता हूं। सोचता हूं कि ये दोनों क्या सोचती होंगी। क्या कहना चाहती होंगी।’ मेरी पत्नी अंजना तीसरी बार गर्भवती है, सात महीने हो चुके हैं। दो बेटियों की हालत देखने के बाद अब यही उम्मीद है कि आने वाली संतान ठीक हो। इसी आस में हर महीने डॉक्टरों के चक्कर काटते हैं, सारे टेस्ट और चेकअप भी करवा रहे हैं। तीसरे बच्चे को इस दुनिया में लाने का फैसला भी सिर्फ इसलिए लिया कि हमारे जाने के बाद कोई हो, जो इन दोनों का ख्याल रख सके। डॉक्टर का कहना है, इस बार 99% उम्मीद है कि बच्चा बिल्कुल ठीक और सामान्य होगा, लेकिन सच कहूं तो बेटियों को देखकर रूह कांप जाती है- अगर इस बार भी पहले जैसा कुछ हुआ तो…!’ जानवी और यानसी को देखने के बाद बतौर रिपोर्टर मेरे मन में कई सवाल उठने लगे। जवाब पाने के लिए अहमदाबाद स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन जेनेटिक्स’ पहुंचा। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हर्ष शेठ से मुलाकात हुई। उनसे जानवी और यानसी की बीमारी का जिक्र किया। डॉ. हर्ष बताते हैं- 'दोनों बच्चियां क्रेनियल डिसइनरवेंशन सिंड्रोम से पीड़ित हैं। यह भारत का पहला और दुनिया का चौथा मामला है। इसमें बच्चे के दिमाग से चेहरे, आंख, कान और गले तक जाने वाली नस ठीक से विकसित नहीं हो पातीं या गलत जुड़ जाती हैं। GJB2 नाम के जीन की खराबी से ये बीमारी होती है। इसका कोई इलाज नहीं है।' बच्चा जन्म से ही सुन और बोल नहीं पाता। दिमाग का विकास रुक जाता है। चेहरे की नसें इतनी कमजोर होती हैं खाने का पेस्ट बनाकर देना पड़ता है। आंखें अंदर धंस जाती हैं और बच्चा सिर झुकाकर या चीजों को आंख के बेहद करीब लाकर देखता है। लेकिन जानवी-यानसी का केस इससे भी एक स्टेप आगे है। वो तो देख भी नहीं सकती। क्या गर्भ के समय ही इस बीमारी का पता लगाया जा सकता है? डॉ. हर्ष कहते हैं- ‘गर्भावस्था में इसका पता लगाया जा सकता है। यह जेनेटिक और नसों की बीमारी है। इसके लिए एडवांस जेनेटिक टेस्ट कराना पड़ता है। इसे CVS या एमिनियोसेंटेसिस टेस्ट के नाम से जाना जाता है। इससे GJB2 जीन की खराबी को पकड़ा जा सकता है।’ इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान हाई-रिजोल्यूशन फीटल MRI से गर्भ में शिशु की क्रेनियल नसों की गलत बनावट का पता चल सकता है। ------------------------------------- ऐ जिंदगी सीरीज की यह खबर भी पड़ें… 1- उम्र-29, हाइट 3 फीट, खांसने से टूटती हैं हड्डियां:भगवान से हर रोज कहती हूं- मुझसे पहले मेरी बेटी को उठा लेना तखत पर एक लड़की करवट लिए लेटी है। बाल छोटे-छोटे। लंबाई बमुश्किल 3 फीट, लेकिन उम्र 29 बरस। इस लड़की ने आज तक आइसक्रीम नहीं खाई। जानते हैं क्यों? पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- 14 की उम्र में शरीर बना 'पेड़ की छाल’: उठो या बैठो फटने लगती है चमड़ी, मन करता है छीलकर फेंक दूं; देश का अकेला केस दोपहर के 1 बजे हैं। जंगल के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर कार हिचकोले खा रही है। तेज गर्मी से गला लगातार सूख रहा है। करीब 2 घंटे बाद जंगलों में कुछ झोपड़ियां नजर आती हैं। इन्हीं झोपड़ियों में से एक के सामने हमारी कार रुकी। झोपड़ी के बाहर एक लड़की बेजान सी खड़ी नजर आई। उसकी मटमैली शर्ट और हाफ पैंट के बाहर जितना भी शरीर दिख रहा है, वह बेहद डरावना है। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
शेफाली वर्मा की आतिशी पारी ने भारत को दिलाई बांग्लादेश पर 5 विकेट से जीत
BANvsIND सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा की 34 गेंदों में 53 रन की विस्फोटक पारी की बदौलत भारत ने महिला टी20 विश्व कप में गुरूवार को बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदें बरकरार रखीं।भारतीय टीम की क्षेत्ररक्षण एक बार फिर निराशाजनक रही और खिलाड़ियों ने कई आसान मौके गंवाए, लेकिन बल्लेबाजों ने 137 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करते हुए 16.5 ओवर में जीत हासिल कर ली।बांग्लादेश को आठ विकेट पर 136 रन पर रोकने के बाद भारत ने 16.5 ओवर में पांच विकेट पर 139 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद दबाव में उतरी भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए शेफाली ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों दोनों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में भारत का स्कोर एक विकेट पर 63 रन तक पहुंचा दिया। शेफाली ने महज 29 गेंद में इस विश्व कप का अपना दूसरा अर्धशतक पूरा किया। वह हालांकि नौवें ओवर में असामान्य तरीके से स्टंप आउट हो गई। नाहिदा अख्तर की गेंद पर अंदरूनी किनारा लगने के बाद उन्होंने एक रन लेने की कोशिश की, लेकिन विकेटकीपर ने गेंद पकड़कर गिल्लियां बिखेर दी।बीच के ओवरों में रनगति कुछ धीमी पड़ी, लेकिन जेमिमा रोड्रिग्स ने 15 गेंदों पर 26 रन की तेज पारी खेलकर भारत को जीत के करीब पहुंचा दिया।इस जीत के बावजूद भारत के लिए सेमीफाइनल की राह अभी आसान नहीं है। अंतिम चार में जगह बनाने के लिए उसे 28 जून को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला जीतना होगा। Continuing her fiery form Player of the Match Shafali Verma with yet another impactful performance in the #T20WorldCup Scorecard https://t.co/mWgNXcEkp0 #TeamIndia | #WomenInBlue | #INDvBAN | @TheShafaliVerma pic.twitter.com/jgwPZjSIZN — BCCI Women (@BCCIWomen) June 25, 2026 इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार में भी खराब क्षेत्ररक्षण भारत के लिए महंगा साबित हुआ और इस मुकाबले में स्थिति और चिंताजनक दिखी।भारतीय खिलाड़ियों ने पावरप्ले में ही चार आसान कैच टपका दिए। कैच छोड़ने वालों में नंदनी शर्मा (दो कैच), यास्तिका भाटिया और राधा यादव शामिल रहीं। राधा ने पिछले मैच में भी दो कैच छोड़े थे।भारतीय क्षेत्ररक्षकों की गलतियों का सबसे अधिक फायदा सलामी बल्लेबाज जुयैरिया फिरदौस को मिला, जिन्हें पांचवें ओवर तक तीन जीवनदान मिले। हालांकि वह इन मौकों का पूरी तरह फायदा नहीं उठा सकीं और 31 गेंदों पर 33 रन बनाकर आउट हो गईं। पिच पर दौड़ने को लेकर दो बार चेतावनी झेलने वाली नंदनी ने बाद में शानदार कैच लेकर फिरदौस को पवेलियन भेजा। फिरदौस और शोभना मोस्तारी (26 गेंद में 22 रन) के बीच दूसरे विकेट के लिए 51 रन की उपयोगी साझेदारी हुई थी।गेंदबाजी में भारत ने इस मैच में रेणुका सिंह ठाकुर को मौका दिया और उन्होंने अपने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर (चार) पुल शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गईं। भारत ने स्पिनरों की मददगार परिस्थितियों का भरपूर उपयोग किया। राधा यादव ने गेंद से शानदार वापसी करते हुए 28 रन देकर तीन विकेट लिए। उन्होंने कप्तान निगार सुल्ताना (27 गेंदों पर 32 रन) और शोभना को जल्दी-जल्दी आउट किया।अंतिम ओवर में श्री चरणी ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए सिर्फ तीन रन दिए और दो विकेट भी झटके। ब्रिटेन में इस समय पड़ रही असामान्य गर्मी के कारण स्पिन गेंदबाजों को अपेक्षाकृत अधिक मदद मिल रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने भी बांग्लादेश की पारी के दौरान मुख्य रूप से स्पिन गेंदबाजों पर भरोसा किया।क्षेत्ररक्षकों के चार कैच छोड़ने के अलावा भारतीय गेंदबाजों ने सात वाइड और तीन नो-बॉल भी फेंकीं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी
अयोध्या/लखनऊ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में गुरुवार को आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। एसआईटी जांच के बीच ट्रस्ट ने खुद रिपोर्ट लिखवाई है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है। एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट […] The post राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में एफआईआर दर्ज, आठ आरोपी appeared first on Sabguru News .
बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत
बारां। राजस्थान में बारां जिले के जलवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को खलदा मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से मोटर साइकल पर सवार एक युवक की मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार जलवाड़ा-खलदा रोड पर पुरुषोत्तम बंजारा मोटर साइकिल से जा रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से […] The post बारां में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार युवक की मौत appeared first on Sabguru News .
शर्ट का ‘लोगो’और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ?
मुंबई। महाराष्ट्र की लोकल ट्रेन में चाकू के इस्तेमाल से की गयी हत्या के केस को पुलिस ने महज 15 घंटे में सुलझा दिया है। इस मामले में पुलिस की मदद की हत्यारे की कमीज पर सिले गए कंपनी के नाम (लोगो) ने। पुुलिस ने मीरा भयंदर के रहने वाले आरोपी रोशन सुवर्णा को पनवेल […] The post शर्ट का ‘लोगो’ और 15 घंटे का काउंटडाउन : मुंबई का लोकल ट्रेन मर्डर केस इतनी जल्दी कैसे हल हुआ? appeared first on Sabguru News .
मुंबई। महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग करने और धमकी देने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना से सत्ताधारी शिवसेना को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद गठबंधन […] The post शिंदे सेना सांसद संजय दीना पाटिल के पत्रकारों को धमकी देने पर विवाद; डैमेज कंट्रोल में जुटा सत्ताधारी गठबंधन appeared first on Sabguru News .
अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण
अलवर। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने गुरुवार को अलवर में जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लेने के लिए तीन प्रमुख अस्पतालों सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। जयपुर से अलवर आते समय श्री खींवसर ने अचानक बगड़ तिराहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का निरीक्षण किया, जहां स्वास्थ्य विभाग की […] The post अलवर में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने किया अस्पतालों का औचक निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
26 June Birthday: आपको 26 जून, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!
26 June Janmdin: जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ आपका स्वागत है वेबदुनिया की विशेष प्रस्तुति में। यह कॉलम नियमित रूप से उन पाठकों के व्यक्तित्व और भविष्य के बारे में जानकारी देगा जिनका उस दिनांक को जन्मदिन होगा। पेश है दिनांक 26 को जन्मे व्यक्तियों के बारे में जानकारी : ALSO READ: July Astrology 2026: 4 बड़े ग्रह गोचर बदलेंगे किस्मत, करियर-प्रेम और धन पर पड़ेगा बड़ा असर आपका जन्मदिन: 26 जून 26 को जन्मे व्यक्ति धीर गंभीर, परोपकारी, कर्मठ होते हैं। दिनांक 26 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 होगा। यह ग्रह सूर्यपुत्र शनि से संचालित होता है। आप भौतिकतावादी है। आप अद्भुत शक्तियों के मालिक हैं। आप अपने जीवन में जो कुछ भी करते हैं उसका एक मतलब होता है। आपकी वाणी कठोर तथा स्वर उग्र है। आपके मन की थाह पाना मुश्किल है। आपको सफलता अत्यंत संघर्ष के बाद हासिल होती है। कई बार आपके कार्यों का श्रेय दूसरे ले जाते हैं। आपके लिए खास शुभ दिनांक : 8, 17, 26 शुभ अंक : 8, 17, 26, 35, 44 शुभ वर्ष :2024, 2042 ईष्टदेव : हनुमानजी, शनि देवता शुभ रंग : काला, गहरा नीला, जामुनी आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल व्यापार: व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। करियर: नौकरीपेशा व्यक्ति प्रगति पाएंगे। सभी कार्यों में सफलता मिलेगी। जो अभी तक बाधित रहे है वे भी सफल होंगे। बेरोजगार प्रयास करें, तो रोजगार पाने में सफल होंगे। परिवार और सेहत: राजनैतिक व्यक्ति भी समय का सदुपयोग कर लाभान्वित होंगे। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे, स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल ही रहेगा। आज के दिन जन्में कुछ प्रसिद्ध व्यक्ति अर्जुन कपूर (Arjun Kapoor): फिल्म निर्माता बोनी कपूर के बेटे हैं। धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan): एक भारतीय राजनीतिज्ञ तथा कैबिनेट मंत्री हैं। रामा राघोबा राणे (Rama Raghoba Rane): भारतीय सैनिक सेकेंड लेफ्टिनेंट तथा परमवीर चक्र से सम्मानित। गौहर जान (Gauhar Jaan): भारतीय गायिका और नर्तकी। बंकिमचंद्र चटर्जी (Bankim Chandra Chatterjee): बंगाली उपन्यासकार। आपको इस खास दिन पर जीवन की सभी खुशियां मिलें। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स
24 जून की शाम 6 बजकर 4 मिनट। वेनेजुएला की धरती अचानक जोर से कांप उठी। ये रिक्टर स्केल पर 7.2 तीव्रता का भूकंप था। लोग संभलते, तब तक महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और भूकंप आ गया। ये Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप था। 26 मिनट बाद 15 हजार किमी दूर जापान में भी 6.9 तीव्रता का भूकंप आया। आखिर वेनेजुएला में क्यों आया ‘जुड़वा भूकंप’, क्या धरती के नीचे कोई चेन रिएक्शन चल रही और आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ‘जुड़वा भूकंप’ क्या है और ये ज्यादा घातक क्यों होता है?जवाबः पहले जानिए कि भूकंप क्या है… अब बात Earthquake Doublet यानी जुड़वा भूकंप की… कभी-कभी एक ही फॉल्ट लाइन पर दो बार प्लेटों के टूटने से एनर्जी निकलती है और दोनों बार बड़े भूकंप आते हैं। इनका एपिसेंटर यानी उद्गम केंद्र एक-दूसरे के बहुत करीब होता है। किसी बड़े भूकंप के बाद एनर्जी की छोटी-छोटी लहरें उठना, यानी आफ्टरशॉक सामान्य है, लेकिन जुड़वा भूकंप कम देखने को मिलते हैं। क्योंकि एक बार एक फॉल्ट लाइन से एनर्जी रिलीज होने के बाद वहां दबाव कम हो जाता है। दोबारा उसी फॉल्ट लाइन से इतनी तेज एनर्जी नहीं निकलती। जुड़वा भूकंपों के बीच कुछ सेकेंड से लेकर कई सालों का अंतर हो सकता है। वेनेजुएला में ये महज 38 सेकेंड के भीतर आ गया। जुड़वा भूकंपों की रिक्टर स्केल पर तीव्रता लगभग बराबर होती है। आमतौर पर दोनों भूकंपों के बीच 0.2 से 0.5 पॉइंट्स का अंतर होता है। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली कहते हैं कि 7.5 तीव्रता का भूकंप 7.2 तीव्रता के भूकंप की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा एनर्जी रिलीज करता है। सवाल-2: वेनेजुएला में जुड़वा भूकंप क्यों आया? जवाबः वेनेजुएला के नीचे की बनावट समझिए... 25 जून को जो दोहरा भूकंप आया, उसका सेंटर ठीक उसी जगह था जहां वेनेजुएला की तीन बड़ी फॉल्ट लाइनें- ओका-अनकोन, एल पिलार और बोकोनो फॉल्ट आपस में मिलती हैं। भूकंप वैज्ञानिक जूडिथ हबर्ड और काइल ब्रैडली के मुताबिक, पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था। इसका झटका पूरी तरह खत्म होने में ही कई सेकेंड लग गए। इस दौरान फॉल्ट लाइन के साथ-साथ दरार दो डायरेक्शन में फैलती चली गई। पहले भूकंप की एनर्जी ने आसपास की चट्टानों में दबाव को फैलाया, जिससे फॉल्ट सिस्टम का एक और हिस्सा टूट गया और महज 38 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आ गया। दोनों वैज्ञानिकों का कहना है कि इन दो भूकंपों को एक ही बड़े भूकंप के दो 'पल्स' यानी झटकों की तरह भी देखा जा सकता है, जिनकी कुल एनर्जी मिलाकर करीब 7.6 तीव्रता के एक भूकंप के बराबर थी। सवाल-3: क्या वेनेजुएला में ये सदी का सबसे ताकतवर भूकंप है? जवाबः हां। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण संस्था USGS के मुताबिक, 1900 के बाद से वेनेजुएला में आया यह सबसे ताकतवर भूकंप है। 29 अक्टूबर 1900 की सुबह वेनेजुएला के तट के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। चूंकि उस दौर में आधुनिक उपकरण मौजूद नहीं थे, इसलिए यह तीव्रता नुकसान और असर की रिपोर्टों के आधार पर आंकी गई है। USGS की इम्पैक्ट रिपोर्ट के अनुसार, तब 21 लोगों की मौत हुई, 50 घायल हुए और पूरे शहर में गिरजाघर, विश्वविद्यालय, मीनारें और घर समेत ३०० इमारतें ढह गईं। 126 साल बाद आया भूकंप रिक्टर स्केल पर भले कुछ कम (7.2 और 7.5) लगे, लेकिन जान और माल का कई गुना ज्यादा नुकसान होने की आशंका है। सवाल-4: इस बार वेनेजुएला भूकंप में कितनी मौतों की आशंका है? जवाबः अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण यानी USGS का शुरुआती अनुमान है कि वेनेजुएला में 10 हजार से 1 लाख मौतों हो सकती हैं। हालांकि यह कोई पक्का आंकड़ा नहीं है। सूचनाओं के आधार पर ये अपडेट होता रहेगा। इस अनुमान के लिए USGS ने PAGER नाम के एक खास सिस्टम का इस्तेमाल किया। यह सिस्टम कई चीजें देखता है- भूकंप की तीव्रता, भूकंप के केंद्र की गहराई, उस इलाके की आबादी और पहले आ चुके ऐसे ही भूकंपों से तुलना करके यह अनुमान तैयार करता है। वेनेजुएला की ही तरह 6 फरवरी 2023 को तुर्किए में सीरियाई सीमा के पास जुड़वा भूकंप आया था। पहला सुबह करीब 4:17 बजे और फिर दूसरा भूकंप पहले एपिसेंटर से करीब 100 किमी दूर करीब 9 घंटे बाद आया। इसमें 60 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। अगस्त 2021 में दक्षिण अटलांटिक महासागर के साउथ सैंडविच आइलैंड में भी जुड़वा भूकंप आया था। तब 7.5 तीव्रता के भूकंप के करीब ढाई मिनट बाद 8.1 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया था। हालांकि वो आबादी वाला इलाका नहीं था, इसलिए जान-माल का नुकसान कम हुआ। सवाल-5: क्या जापान में आए भूकंप का वेनेजुएला से कोई कनेक्शन है?जवाबः वेनेजुएला के तुरंत बाद करीब 15 हजार किमी दूर जापान में आए भूकंप का कोई सीधा संबंध नहीं है। इंडोनेशियन डिजास्टर एक्सपर्ट्स एसोसिएशन के मेंबर डॉ. डारियोनो के मुताबिक, धरती के भीतर रोजाना हजारों भूकंप आते हैं, जिनमें से कुछ ही महसूस होते हैं। खास बात ये है कि हर भूकंप का स्रोत अलग और दूर होता है। कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च एसोसिएट और भूकंपविज्ञानी डॉ. लूसी जोन्स मानती हैं कि वेनेजुएला और जापान में आए भूकंपों के पीछे कोई 'चेन रिएक्शन' या एक-दूसरे को ट्रिगर करने वाली वजह नहीं है। ऐसा न होने के दो और फैक्टर जानिए… सवाल-6: वेनेजुएला में आगे क्या हो सकता है? जवाबः वेनेजुएला में लगातार 2 भूकंप आने के बाद 20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। USGS ने आशंका जताई है कि वेनेजुएला में २५ जून की शाम ६.३० बजे तक 4 या उससे ज्यादा तीव्रता के करीब 26 भूकंप आ सकते हैं। इनमें से कम से कम एक की तीव्रता 5 या उससे ज्यादा होने की 89% संभावना है। भूकंपविज्ञान के 'ओमोरी लॉ' के मुताबिक, शुरुआती 24 से 48 घंटों में आफ्टरशॉक्स की संख्या और उनकी तीव्रता सबसे ज्यादा होती हैं। हां, एक आशंका है। लगातार 2 बड़े भूकंप झेलने के बाद जमीन के नीचे की टेक्टोनिक प्लेटों को पूरी तरह शांत और सेट होने में हफ्तों से लेकर कई महीनों तक का समय लग सकता है। अगर इस दौरान 5 तीव्रता के अफ्टरशॉक्स आए, तो वेनेजुएला को और ज्यादा तबाही झेलनी पड़ सकती है। क्योंकि वहां की इमारतें, इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से ही कमजोर हो चुके हैं।------------- भूकंप से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… वेनेजुएला में 39 सेकेंड में भूकंप के 2 बड़े झटके: 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा, अब तक 164 की मौत, 971 घायल वेनेजुएला में 39 सेकेंड में दो ताकतवर भूकंप से तबाही मच गई है। दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम 6.04 बजे 7.2 और 6.05 बजे 7.5 तीव्रता के दो झटके आए। उस समय भारत में गुरुवार तड़के 3.34 और 3.35 बजे थे। भूकंप के बाद 60 सेकेंड तक शहर हिलता रहा। पूरी खबर पढ़िए…
त्रिग्रही योग योग से 3 राशियों को होगा लाभ ही लाभ, मौका न चुकें 3 उपाय करें
22 जून 2026 को बुध ग्रह ने कर्क राशि में प्रवेश करके त्रिग्रही योग बनाया है, क्योंकि यहां पर पहले से ही शुक्र और बृहस्पति ग्रह मौजूद हैं। इस युति से एक अत्यंत प्रभावशाली सरस्वती राजयोग का निर्माण भी हुआ है। इस योग के चलते 3 राशियों को बहुत लाभ होगा। जल्दी से 3 उपाय करके इस लाभ को दोगुना करें। 1. कर्क राशि (Cancer)- चूंकि यह त्रिग्रही युति और राजयोग आपकी ही राशि के प्रथम (लग्न) भाव में बन रहा है, इसलिए सबसे ज्यादा सकारात्मक बदलाव आपमें ही देखने को मिलेंगे। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा और समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। गुरु और शुक्र की कृपा से आपके अटके हुए काम पूरे होंगे और दांपत्य जीवन (वैवाहिक जीवन) में मधुरता आएगी। 2. मिथुन राशि (Gemini)- आपकी राशि के द्वितीय (धन और वाणी) भाव में यह युति होने जा रही है। बुध आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए यह समय आपके लिए लॉटरी जैसा साबित हो सकता है। अचानक कहीं से फंसा हुआ धन वापस मिल सकता है। जो लोग कूरियर, मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा या बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उनकी वाणी का जादू चलेगा और बड़ी डील्स फाइनल होंगी। बैंक बैलेंस में भारी बढ़ोतरी के योग हैं। 3. कन्या राशि (Virgo)- आपकी राशि के एकादश (आय और लाभ) भाव में सरस्वती राजयोग का निर्माण हो रहा है। आपके राशि स्वामी बुध का इस भाव में आना बेहद शुभ है। आपकी आमदनी के नए रास्ते खुलेंगे। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो प्रमोशन और सैलरी में बढ़ोतरी (Increment) की पूरी संभावना है। व्यापारियों को कोई बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है। निवेश (Investment) से भी अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। मौका न चुकें 3 उपाय करें 1. शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें और अंत में जलाभिषेक करके उनकी पूजा करें। 2. गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं को मंदिर में दान करें। 3. माता दुर्गा को हरी चुनरी अर्पित करें।
2026 Vat Savitri Purnima: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पावन पर्व विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। साल 2026 में यह व्रत पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।साल 2026 में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026, सोमवार को रखा जाएगा। ALSO READ: Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत पर पढ़ें ये महत्वपूर्ण पौराणिक कथा अमावस्या और पूर्णिमा व्रत में क्या है अंतर? अक्सर महिलाओं में इस व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। दरअसल, वट सावित्री का व्रत दो अलग-अलग तिथियों पर रखा जाता है। उत्तर भारत में सुहागिनें ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री पूर्णिमा कहते हैं। क्यों इतना खास है वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व? यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और दृढ़ संकल्प का उत्सव है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सती सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म के बल पर मृत्यु के देवता यमराज को भी झुकने पर मजबूर कर दिया था और अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बरगद (वट) के पेड़ में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। चूंकि यह वृक्ष सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है, इसलिए सुहागिनें इसकी पूजा कर अपने पति के लिए भी दीर्घायु (लंबी उम्र) का वरदान मांगती हैं। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026 वट पूर्णिमा 2026: तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त अगर आप भी इस साल यह व्रत रख रही हैं, तो उदयातिथि के अनुसार पूजा के सही समय और तारीख को डायरी में नोट कर लें: पूर्णिमा तिथि शुरू: 29 जून 2026 को तड़के/ सुबह 03:06 बजे से पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे। व्रत की तारीख: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन सोमवार, 29 जून को ही किया जाएगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय: सुबह का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 08:55 AM से सुबह 10:40 AM तक अभिजीत मुहूर्त (महा शुभ): दोपहर 11:57 AM से दोपहर 12:52 PM तक स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण पूजन विधि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं पूजा का सही तरीका: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। इस दिन लाल, पीले या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली: अपनी थाली में रोली, अक्षत/ चावल, धूप, दीपक, भीगे हुए चने, कलावा (कच्चा सूत), फल, मिठाई और जल का पात्र सजाएं। साथ ही माता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर साथ रखें। वट वृक्ष की पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ को तिलक लगाएं, अक्षत, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाएं। सूत लपेटना और परिक्रमा: हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की 7, 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सूत को पेड़ के तने पर लपेटते जाएं और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। कथा और आरती: पूजा स्थल पर बैठकर सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा जरूर सुनें। इसके बाद धूप-दीप से आरती करें और बांस के पंखे से वट वृक्ष व मूर्तियों को हवा करें। बड़ों का आशीर्वाद: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बुजुर्गों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें। उन्हें 'बायना' में सुहाग सामग्री और मिठाई भेंट करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत का अर्थ, पूजा विधि, आरती, चालीसा और कथा
फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया
ज़्यूरिख। फीफा ने कतर के मिडफील्डर आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड कर दिया है। फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान कनाडा के इस्माइल कोने के पैर में गंभीर चोट लगने वाले उनके लापरवाह चैलेंज के कारण यह कार्रवाई की गई है, जिससे सह-मेजबान टीम के शानदार अभियान पर संकट के बादल मंडराने […] The post फीफा ने कतर के आसिम मादिबो को पांच मैचों के लिए सस्पेंड किया appeared first on Sabguru News .
राजस्थान में लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन 5000 बढ़ाकर 25000 रुपए करने की घोषणा
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन पांच हजार रुपए बढ़ाकर 25 हजार रुपए तथा मासिक चिकित्सा सहायता को एक हजार रुपए बढ़ाकर पांच हजार रुपए करने की घोषणा की हैं। शर्मा ने गुरुवार को दुर्गापुरा में संविधान हत्या दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में यह […] The post राजस्थान में लोकतंत्र सेनानियों की मासिक पेंशन 5000 बढ़ाकर 25000 रुपए करने की घोषणा appeared first on Sabguru News .
सबगुरु न्यूज- सिरोही। सिरोही के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में आबूरोड में अनियमित तौर पर कार्मिक की स्थाई नियुक्ति करने और तनख्वाह जारी होने के प्रकरण की पत्रावली आरटीआई में मांगने की बात कही थी, वो पत्रावली ही आबूरोड नगर पालिका से गायब है। जिला कांग्रेस के सचिव और आबूरोड […] The post पत्रकार वार्ता में संयम लोढ़ा ने जिस पत्रावली को RTI में मांगने की जानकारी दी थी, आबूरोड से वो ही गायब appeared first on Sabguru News .
पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट
भुवनेश्वर। उड़ीसा उच्च न्यायालय ने गुरुवार को अपने एक फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा कि पत्नी पति की प्रॉपर्टी नहीं है और बालिग महिलाएं यह तय करने के लिए पूरी तरह आजाद हैं कि उन्हें कहां रहना है। मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और न्यायमूर्ति मुरारी रमन की पीठ ने कहा कि उसे उसके पति […] The post पति की प्रॉपर्टी नहीं है पत्नी : उड़ीसा हाईकोर्ट appeared first on Sabguru News .
जगन्नाथ रथ यात्रा 2026: पुरी जाने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम
जगन्नाथ रथयात्रा में शामिल होने जा रहे हैं तो जान लें कि वहां पर किन नियमों का आपको करना होगा पालन। इसके पहले यह भी जानना जरूरी है कि रथ निर्माण, ओसर घर, छर पहनरा, गुंडीचा मार्जन, रथयात्रा का आरंभ, गुंडिचा मंदिर आगमन, हेरा पंचमी, बहुड़ा यात्रा और पुन: मंदिर आगमन कब होता है और कब किस रस्म में शामिल हों। ALSO READ: जगन्नाथ रथ यात्रा: आखिर क्यों बीमार पड़ते हैं भगवान जगन्नाथ? जानें ज्वरलीला का अद्भुत रहस्य जगन्नाथ रथ यात्रा: पुण्य, रथों का रहस्य और नियम पुरी की विश्वप्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा आस्था का एक ऐसा समंदर है, जहाँ भगवान खुद अपने गर्भगृह से निकलकर भक्तों के बीच आते हैं। आइए इस पावन यात्रा से जुड़ी खास बातों को नए अंदाज़ में समझते हैं। यात्रा में शामिल होने का महापुण्य इस अलौकिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए किसी विशेष पात्रता की आवश्यकता नहीं है। कोई भी साधारण व्यक्ति इसमें शामिल हो सकता है। मान्यता: जो भी भक्त इस पावन रथयात्रा में सम्मिलित होता है, उसे 100 यज्ञों के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। ALSO READ: जगन्नाथ मंदिर के आसपास आसमान हुआ गुलाबी, चमत्कार, विज्ञान या भविष्य का संकेत? तीनों रथों की अनूठी संरचना (एक नज़र में) नंदीघोष (या गरुड़ध्वज): ऊँचाई 45 फीट, पहियों की संख्या 16, पवित्र रस्सी का नाम शंखाचुड़ा नाड़ी। तालध्वज: ऊँचाई 43 फीट, पहियों की संख्या 14, पवित्र रस्सी का नाम बासुकी। दर्पदलन (या पद्म रथ): ऊँचाई 42 फीट, पहियों की संख्या 14 और पवित्र रस्सी का नाम स्वर्णचूड़ा नाड़ी। यात्रा का मार्ग और अवधि दूरी: इन तीनों विशाल रथों को भक्तों द्वारा खींचकर 3 किलोमीटर दूर स्थित 'गुंडिचा मंदिर' ले जाया जाता है। विश्राम: गुंडिचा मंदिर में भगवान 10 दिनों तक आराम करते हैं। वापसी: यात्रा के 11वें दिन महाप्रभु पुनः अपने मुख्य जगन्नाथ मंदिर लौट आते हैं। रथ खींचने के नियम: जहाँ भक्ति में कोई भेद नहीं भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने के लिए किसी भी प्रकार का कठोर नियम या सामाजिक बंधन नहीं है: सबके नाथ जगन्नाथ: यहाँ जाति, धर्म, प्रांत या देश की कोई सीमा नहीं है। दुनिया का कोई भी व्यक्ति या भक्त इन रथों को खींच सकता है। खींचने का क्रम: भक्तगण एक निश्चित क्रम से तीनों रथों की रस्सियों को श्रद्धापूर्वक खींचते हैं। मोक्ष की प्राप्ति: ऐसी अटूट धार्मिक मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ का रथ खींचता है, वह जीवन-मरण के चक्र (आवागमन) से हमेशा के लिए मुक्त हो जाता है। रथ खींचने के दौरान धोती पहना जरूरी है। रथ खींचने के दौरान पवित्रता का ध्यान रखें। तीनों रथ को क्रमवार खींचे। कम से कम तीन कदम और आप जितनी देर आसानी से और सुरक्षित रहकर रस्सी खींच सकें, खींचें। गुंडिचा मंदिर में दर्शन जरूर करें। कैसे करें जाने की तैयारी: 1. यदि आप उड़ीसा से बाहर रहते हैं तो आपको अभी से वहां पर ठहरने का इंतजाम करना होगा। अन्यथा आप परेशान हो जाएंगे क्योंकि वहां पर रहने के सीमित साधन है। 2. आपको पुरी के बाहर में कहीं ठहने का स्थान मिलता है तो उसे हायर कर सकते हैं। 3. जगन्नाथ पुरी में मंदिर के सामने ही समुद्र है इस संपूर्ण क्षेत्र में घुमने के लिए आपको कम से कम 3 दिन का प्लान करना चाहिए। 4. तीन दिन का खर्च कम से कम 4 से 5 हजार का आ सकता हैं। 5. जगन्नाथ मंदिर दर्शन, चिलका वन्यजीव अभयारण्य, अथरनाला ब्रिज, पुरी का गुंडिचा मंदिर और समुद्री तट पर आप जा सकते हैं। 6. यदि आप पुरी से कुछ किलोमीटर दूर कोणार्क मंदिर को देखने का प्लान भी कर रहे हैं तो 1 दिन और आपको रुकना होगा। 7. रथ यात्रा के दौरान बहुत भीड़ होती है। ऐसे में आप यदि अपने परिवार के साथ जा रहे हैं तो सुरक्षा का भी ध्यान रखें। 8. बच्चों के साथ जा रहे हैं तो हमारी सलाह है कि आप यात्रा के दर्शन दूर से ही करें बाद में मंदिर में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करें। 9. पूरी में आप पहले दिन जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करें और रथयात्रा का आनंद लें। दूसरे दिन गुंडिचा मंदिर जा सकते हैं। तीसरे दिन समुद्र का आनंद ले सकते हैं।
कन्नड़ एक्ट्रेस के फ्लैट में मिली दोस्त की लाश, जांच में जुटी पुलिस
मनोरंजन जगत से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद खबर सामने आई है। कन्नड़ एक्ट्रेस और मॉडल कृषि थापंडा के बेंगलुरु के आरआर नगर स्थित 'एलीगेंट्स अपार्टमेंट' में एक 33 वर्षीय व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। मृतक की पहचान वैशाख के रूप में हुई है, जो कृषि थापंडा का करीबी दोस्त बताया जा रहा है। घटना के वक्त अभिनेत्री कृषि खुद फ्लैट में मौजूद नहीं थीं। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद आरआर नगर पुलिस ने 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है। ALSO READ: अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, वैशाख बुधवार रात को कृषि थापंडा के फ्लैट पर आया था। देर रात वैशाख ने कृषि तापंडा को फोन किया और मानसिक तनाव में होने की बात कहते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त करने की चेतावनी दी। फोन कॉल से घबराकर अभिनेत्री ने तुरंत अपने परिवार के सदस्यों और करीबियों को अलर्ट किया। जब लोग फ्लैट पर पहुंचे, तो वैशाख का शव सीलिंग फैन से लटका हुआ मिला। पुलिस को घटनास्थल से फिलहाल कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब यह दुखद घटना घटी, तब एक्ट्रेस कृषि थापंडा अपने फ्लैट पर नहीं थीं, बल्कि किसी काम से बाहर गई हुई थीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें आरआर नगर पुलिस इस मामले को महज एक सामान्य आत्महत्या के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि मृतक वैशाख के बैकग्राउंड को भी खंगाला जा रहा है। जांच में सामने आया है कि वैशाख का अपनी पत्नी के साथ गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से काफी परेशान था और अक्सर एक्ट्रेस के यहां आता-जाता रहता था। बता दें कि कृषि थापंडा कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं। साल 2014 में 'मिस कर्नाटक' का खिताब जीतने के बाद उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। 'अकीरा', 'काही' जैसी फिल्मों और 'बिग बॉस कन्नड़ सीजन 5' से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली।
महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण
चंद्रपुर। महाराष्ट्र के चर्चित किसान किडनी बिक्री मामले में वांछित दिल्ली के डॉक्टर रविंद्र पाल सिंह ने बुधवार को ब्रह्मपुरी अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।अदालत ने सुनवाई के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। डॉ. सिंह इस मामले के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं और स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) उनकी तलाश कर रही थी। […] The post महाराष्ट्र : किडनी बिक्री मामले में फरार दिल्ली के डॉक्टर ने किया आत्मसमर्पण appeared first on Sabguru News .
आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल को संविधान पर सीधा हमला बताते हुए उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी है जिन्होंने उस समय लोकतांत्रिक मूल्यों की दृढ़तापूर्वक रक्षा की थी। मोदी ने गुरुवार को देशभर में मनाए जाने वाले संविधान हत्या दिवस का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आज, […] The post आपातकाल संविधान पर सीधा आघात था : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी appeared first on Sabguru News .
काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे
वाराणसी। भारतीय क्रिकेटर आकाशदीप का विवाह अक्षिता राज के साथ बुधवार रात धार्मिक नगरी काशी में नदेसर स्थित ताज होटल में संपन्न हुआ। विवाह समारोह में भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी शामिल होने पहुंचे। होटल के गुलाबबाड़ी परिसर में मंडप एवं आसपास के क्षेत्र को काशी और महादेव थीम पर सजाया गया था। महादेव के […] The post काशी में क्रिकेटर आकाशदीप ने अक्षिता राज संग लिए सात फेरे appeared first on Sabguru News .
अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के कथित गबन के मामले में बैंक प्रबंधन ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आठ कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) से कराए जाने की तैयारी भी की जा रही है। […] The post अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपए के गबन पर 8 कर्मचारी बर्खास्त appeared first on Sabguru News .
अक्षय कुमार की सादगी पर फिदा हुईं अक्षरा सिंह, 'वेलकम टू द जंगल' में करेंगी धमाकेदार डांस
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीली आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली एक्ट्रेस अक्षरा सिंह अब बॉलीवुड में अपना जलवा बिखेरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अक्षरा सिंह बहुत जल्द बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की मोस्ट अवेटेड मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में एक बेहद खास भूमिका में नजर आएंगी। इस फिल्म में अक्षरा सिंह अक्षय कुमार के साथ धमाकेदार डांस नंबर ‘घिस घिस घिस’ में थिरकती हुई दिखाई देंगी। हाल ही में एक इवेंट के दौरान अक्षरा सिंह को अक्षय कुमार के साथ मंच साझा करने का मौका मिला। इस ऐतिहासिक पल की कुछ बेहद खूबसूरत तस्वीरें अक्षरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की हैं। A post shared by Akshara singh (@singhakshara) इन तस्वीरों के साथ अक्षरा ने 'खिलाड़ी कुमार' के लिए एक बेहद भावुक और दिल छू लेने वाला संदेश लिखा है। एक्ट्रेस ने अक्षय कुमार के प्रति अपना आभार और सम्मान व्यक्त करते हुए लिखा, खिलाड़ी कुमार के साथ यादगार मुरादाबाद। कभी अक्षय कुमार सर को स्क्रीन पर देखकर तालियां बजाती थी, आज उनके साथ मंच साझा कर रही हूं। ALSO READ: 'वेलकम टू द जंगल' की स्टार कास्ट ने सुनाए मजेदार किस्से, निर्देशक ने बताया 10 साल बाद क्यों आई 'वेलकम' फ्रेंचाइजी की नई फिल्म अक्षरा ने आगे लिखा कि अक्षय कुमार का स्टारडम पूरी दुनिया देखती है, लेकिन जिस चीज ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह है अक्षय कुमार की सादगी और उनकी विनम्रता। अक्षय कुमार की स्क्रीन और रीयल लाइफ मौजूदगी बेहद प्रभावशाली है, लेकिन एक इंसान के रूप में उनकी इंसानियत उससे भी कहीं ज्यादा खूबसूरत है। उन्होंने इस सुनहरे मौके के लिए अपने परिवार और फैंस के प्यार, समर्थन और आशीर्वाद का दिल से धन्यवाद किया। 'घिस घिस घिस' गाना और सेट का अनुभव एक हालिया इंटरव्यू में अक्षरा सिंह ने फिल्म की शूटिंग के अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि जब वह पहली बार सेट पर गई थीं, तो वह बॉलीवुड के इतने बड़े सितारों को देखकर काफी घबरा रही थीं। उनके मन में कई तरह के संशय थे। लेकिन जैसे ही अक्षय कुमार सेट पर आए, माहौल बेहद सहज और शांत हो गया। अक्षय कुमार ने उन्हें बहुत कम्फर्टेबल महसूस कराया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें अक्षरा सिंह ने कोरियोग्राफर गणेश आचार्य, डायरेक्टर अहमद खान और खुद अक्षय कुमार का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि इस फिल्म का हिस्सा बनना उनके करियर का एक 'लाइफ-चेंजिंग' टर्निंग पॉइंट है। अहमद खान के निर्देशन और ए. ए. नडियादवाला के प्रोडक्शन में बनी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ मशहूर 'वेलकम' फ्रैंचाइज़ी की तीसरी किस्त है। यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। इस फिल्म की सबसे खास बात इसकी विशाल और दिग्गज स्टारकास्ट है, जिसमें करीब 30 से अधिक नामी कलाकार एक साथ कॉमेडी का तड़का लगाते नजर आएंगे।
कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना
बेंगलूरु। कर्नाटक के दावणगेरे ज़िले में उत्तर प्रदेश के एक 20 वर्षीय युवक की गिरफ़्तारी के साथ ही अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की एक कथित साज़िश को नाकाम कर दिया गया। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर के रहने वाले सुहैल के तौर पर हुई […] The post कर्नाटक में पकड़ा गया संदिग्ध आतंकी, अयोध्या के राम मंदिर पर हमले की बना रहा था योजना appeared first on Sabguru News .
मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत
मांड्या। कर्नाटक के मांड्या जिले में एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मुत्तथी पर कावेरी नदी के किनारे अपनी तस्वीरें (सेल्फी) खींचने के प्रयास में एक ही परिवार की चार महिलाओं और उनके कार चालक सहित पांच लोगों की नदी में डूबने से मृत्यु हो गई है। पुलिस ने गुरुवार को बताया कि मृतकों की पहचान विजयम्मा, […] The post मांड्या में कावेरी नदी के किनारे सेल्फी खींचने के दौरान 5 लोगों की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित
काराकास। वेनेजुएला में एक मिनट से भी कम समय के अंतर पर भूकंप के दो तेज झटके महसूस किए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.2 और 7.5 मापी गयी। अमरीकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने यह जानकारी दी।प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार भूकंप के जोरदार झटकों से 32 लोगों की मौत हो गई और चार घायल […] The post वेनेजुएला में भूंकप के तेज झटके, 32 लोगों की मौत और चार घायल, आपातकाल घोषित appeared first on Sabguru News .
52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा
मुंबई। बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री करिश्मा कपूर आज आज 52 वर्ष की हो गई। करिश्मा कपूर ने 1990 के दशक में अपनी खूबसूरती, दमदार अभिनय और लगातार सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने हिंदी सिनेमा में एक खास पहचान बनाई। 25 जून 1974 को मुंबई में जन्मीं करिश्मा कपूर फिल्मी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। […] The post 52 वर्ष की हुईं करिश्मा कपूर, फिल्मों से ओटीटी तक बरकरार है जलवा appeared first on Sabguru News .
कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव
बेंगलूरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलूरु में कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के फ्लैट में एक पुरुष का शव संदेहास्पद परिस्थितियों में पाया गया है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना तब सामने आई, जब उस व्यक्ति को आवासीय परिसर के भीतर अचेत अवस्था में पाया गया। प्रारंभिक सूचनाओं से […] The post कन्नड़ अभिनेत्री कृषि थपंडा के आवास में मिला पुरुष का शव appeared first on Sabguru News .
अलवर के टहला में 5 वर्षीय बालिका को जंगल में ले जाकर रेप
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में बुधवार को एक पांच वर्ष की बालिका से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि आरोपी एक मोटर साइकिल पर आया और उस बालिका को अपने साथ ले गया। उसने जंगल में जाकर बालिका से दुष्कर्म किया। इसकी जानकारी […] The post अलवर के टहला में 5 वर्षीय बालिका को जंगल में ले जाकर रेप appeared first on Sabguru News .
अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र में तिलकपुर गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बुधवार को दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे कई महिला और पुरुष घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार तिलकपुर गांव स्थित हरचंद दास बाबा मंदिर परिसर में 22 जून […] The post अलवर : भागवत कथा में मामूली कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, कई घायल appeared first on Sabguru News .
ऋषभ पंत का 1 IPL रन संजीव गोयनका को पड़ा 9 लाख रुपए का, जानिए कैसे
ऋषभ पंत को जब लखनऊ सुपर जाएंट्स के संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपए में खरीदा था तो लगा था वह लखनऊ को नई ऊचाइंयों तक पहुंचाएंग लेकिन उनका खुदका बल्ला इतना शांत रहा कि लखनऊ गहराई में पहुंच गई। लखनऊ सुपर जाएंट्स से अब ऋषभ पंत की दिल्ली घर वापसी हो गई है। लेकिन जब साल 2024 में मेगा नीलामी के बाद ऋषभ पंत लखनऊ आए थे तब से उनका सफर खासा अच्छा नहीं रहा। हालांकि इन 2 सालों में उनको संजीव गोयनका से 54 लाख रुपए मिले। हालांकि इन रुपयों को ऋषभ पंत प्रदर्शन में तब्दील नहीं कर पाए। उन्होंने इन दो सालों में महज 24 की औसत और 135 की स्ट्राइक रेट के साथ 581 रन बनाए। इसमें से वह 2 बार अर्धशतक और एक शतक आया है। यह 28 मैचों का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा। लेकिन उनके प्रदर्शन से असली नुकसान राजीव गोयनका का हुआ जिनको ऋषभ पंत का एक आईपीएल रन 9 लाख का पड़ा। Well done Pant pic.twitter.com/bqNyDljbyM — Shivani (@meme_ki_diwani) June 19, 2026 लखनऊ सुपर जायंट्स के साथ एक ऐतिहासिक ट्रेड के बाद पंत आईपीएल 2027 में दिल्ली कैपिटल्स के लिए खेलने को तैयार हैं। बाएं हाथ के इस खिलाड़ी को एलएसजी ने आईपीएल 2025 से पहले रिकॉर्ड 27 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन अब वे 15 करोड़ रुपये में डीसी में वापस आ रहे हैं, जबकि स्पिनर कुलदीप यादव अपनी मौजूदा 13.5 करोड़ रुपये की फ़ीस पर लखनऊ चले जाएंगे।
बुध का गुरु के नक्षत्र में गोचर: 8 अगस्त तक इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
पंडित उमाशंकर शर्मा के अनुसार 11 जून को बुध ग्रह ने बृहस्पति के नक्षत्र पुनर्वसु में प्रवेश किया था जहां वे 8 अगस्त तक रहेंगे। वर्तमान में बुध ग्रह कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, वहां वे 7 जुलाई तक रहेंगे। फिर 5 अगस्त से पुन: कर्क में गोचर करेंगे। बुध के पुनर्वसु नक्षत्र में गोचर से 4 राशियों की किस्मत के दरवाजे खुल गए हैं और अब जरूरत है इस अवसर का लाभ लेने की। इन 4 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ 1. मेष राशि (Aries) पंडितजी के अनुसार मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेगा। लाभ: आपके अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। बिजनेस और नौकरीपेशा जातकों को कार्यक्षेत्र में बड़ी सफलता या कोई अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: आय के नए स्रोत खुलेंगे, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। ALSO READ: बुध का कर्क राशि में गोचर: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क 2. कन्या राशि (Virgo) पंडितजी के अनुसार बुध आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए गुरु के नक्षत्र में उनका जाना आपके लिए अत्यंत शुभ है। लाभ: विद्यार्थियों, लेखकों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए यह समय स्वर्ण काल की तरह रहेगा। ज्ञानार्जन के लिए स्थितियां बेहद अनुकूल हैं। आर्थिक स्थिति: यदि आप शेयर मार्केट, ट्रेडिंग या किसी नए बिजनेस में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो 8 अगस्त तक का समय आपको बड़ा मुनाफा दे सकता है। ALSO READ: गुरु का पुष्य नक्षत्र में गोचर: 3 राशियों के शुरू होंगे सुनहरे दिन, धन-सफलता के बनेंगे योग 3. तुला राशि (Libra) पंडितजी के अनुसार तुला राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर मानसिक शांति और धन लाभ लेकर आया है। लाभ: नौकरी में आपके काम की तारीफ होगी और अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। आर्थिक स्थिति: सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ेगा, लेकिन साथ ही धन का आगमन भी लगातार बना रहेगा, जिससे आपका बैंक बैलेंस सुधरेगा। ALSO READ: राहु के नक्षत्र में सूर्य का प्रवेश: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, इन राशियों को रहना होगा सावधान 4. मकर राशि (Capricorn) पंडितजी के अनुसार मकर राशि के जातकों को इस अवधि में किस्मत का पूरा साथ मिलने वाला है। लाभ: यदि आप नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। आपको कोई बड़ी व्यावसायिक सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति: कर्ज से मुक्ति मिल सकती है और लंबे समय से फंसा हुआ पैसा वापस मिलने के प्रबल योग हैं। बुध ग्रह को और मजबूत करने के अचूक उपाय पंडितजी के अनुसार यदि आप इस गोचर काल का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं और बुध देव की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो 8 अगस्त तक ये आसान उपाय जरूर करें: मंत्र जाप: नियमित रूप से ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें। दान: बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां या किसी जरूरतमंद को हरे वस्त्रों का दान करें। पूजा: भगवान गणेश को बुधवार के दिन दूर्वा (हरी घास) अर्पित करें, इससे बुद्धि और व्यापार में उन्नति होती है। पशु सेवा: गायों को हरा चारा खिलाना इस दौरान बेहद शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। ALSO READ: मंगल का वृषभ राशि में प्रवेश: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, 3 राशियों को रहना होगा बेहद सतर्क अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
मौसम में बदलाव के चलते इंदौर में तमाम तरह की बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस बीच स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए गाइडलाइन जारी कर लोगों को बचाव के लिए अलर्ट किया है। पिछले कुछ दिनों से इंदौर में मौसम की मार की वजह से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर और पानी से होने वाली बीमारियों के मरीज बढ़े हैं। इसके बाद अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, जांच किट की उपलब्धता, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था और बीमारी की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर में डेंगू के 14 मरीज : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2025 में अप्रैल महीने में इंदौर में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला था, जबकि इस साल 2026 में अप्रैल तक 14 मरीज सामने आ चुके हैं। जबकि इस साल अब तक इंदौर में डेंगू के 25 मरीज और मलेरिया के 8 मरीज मिल चुके हैं। जहां मरीज सामने आ रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे शुरू कर दिया है। कौन कौनसे क्षेत्र हैं संवेदनशील : स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पिछले वर्ष भंवरकुआं, चंदन नगर, खजराना, मुसाखेड़ी और देपालपुर क्षेत्रों में अधिक मरीज मिले थे। इस बार इन इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही नीचली बस्तियों में और जिन बस्तियों और इलाकों के आसपास गंदे नाले बह रहे हैं वहां भी निगरानी करने की योजना बनाई जा रही है। 46 हजार घरों में सर्वे , 381 जगह मिला लार्वा: मलेरिया विभाग ने डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए अब तक 46 हजार 231 घरों का सर्वे किया है। सर्वे के दौरान 381 घरों में मच्छरों का लार्वा पाया गया। वहीं 2 लाख 18 हजार 912 कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें से 372 में लार्वा मिला। विभाग ने लार्वा नष्ट करने के साथ लोगों को घरों में पानी जमा नहीं होने देने की समझाइश दी है। जिला मलेरिया विभाग के अधिकारियों के मुताबिक विभाग लगातार सर्वे कर रहा है। ड्रोन की मदद से भी जांच की जाएगी। लोगों को बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज में प्रशिक्षण भी दिया गया है। Edited By: Naveen R Rangiyal
इंडियन एक्सप्रेस की जांच के बाद विपक्ष ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा भोपाल/उज्जैन। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। The Indian Express की एक विशेष जांच रिपोर्ट में दावा किया […]
केतन अग्रवाल मर्डर केस: हिना खान का सिया पर फूटा गुस्सा, बोलीं- सच कहना इतना मुश्किल क्यों?
पुणे के 26 वर्षीय युवा बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत का मामला इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। 18 जून को पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रैकिंग के दौरान 400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई केतन की मौत को पहले एक सामान्य हादसा माना गया था। मगर, जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो एक ऐसा हाई-प्रोफाइल और खौफनाक मर्डर प्लॉट सामने आया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। केतन अग्रवाल की सगाई इसी साल फरवरी में सिया गोयल से हुई थी। दोनों परिवारों के बीच रजामंदी थी और इस साल नवंबर में उदयपुर के एक महल में करीब 17 करोड़ रुपये के खर्च के साथ एक भव्य और शाही शादी होने वाली थी। मेहमानों को लाने के लिए प्राइवेट जेट तक बुक किए गए थे। लेकिन सिया पुणे के ही एक अन्य व्यवसायी चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। ALSO READ: जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत जांच में सामने आया है कि शादी टालने या केतन को रास्ते से हटाने के लिए पहले भी कई कोशिशें की गईं। 18 जून को सिया के जन्मदिन के बहाने केतन को लोहागढ़ किले पर बुलाया गया। जहां सिया और उसके बॉयफ्रेंड चेतन ने केतन को खाई में धका दे दिया। हिना खान का भावुक और बेबाक रिएक्शन इस सनसनीखेज वारदात पर मशहूर टीवी एक्ट्रेस हिना खान ने भी सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखी है। हिना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा— आज के समय में सच सुनना और सच कहना इतना मुश्किल हो गया है कि लोग किसी की जान लेने तक को तैयार हैं। ऐसा लगता है कि सच्चाई स्वीकार करने से आसान किसी की जिंदगी खत्म कर देना हो गया है। सिर्फ एक सच बोलकर तुम उसे बचा सकती थीं और अपनी पसंद की जिंदगी किसी और के साथ जी सकती थीं। आखिर क्यों? बेहद अफसोस। हिना खान का यह सवाल आज हर उस नागरिक का सवाल है जो यह सोच रहा है कि अगर सिया इस शादी से खुश नहीं थी, तो उसने सामाजिक दबाव या परिवार की झूठी प्रतिष्ठा के डर से सच बोलने के बजाय एक मासूम की हत्या करना क्यों बेहतर समझा? फिलहाल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
राम मंदिर के दान प्रबंधन पर उठे सवाल, ऑडिट रिपोर्ट में अव्यवस्था की चेतावनी
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े दान प्रबंधन को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। एक राष्ट्रीय समाचार-पत्र की विशेष जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2020 में तैयार की गई एक ऑडिट रिपोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नकद दान के प्रबंधन में संभावित अव्यवस्थाओं को […]
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत विदेशी फंड प्राप्त करने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए नियमों को और सख्त कर दिया है। नए प्रावधानों के अनुसार विदेशी सहायता प्राप्त करने वाली संस्थाओं को अपने कार्यक्षेत्र, उद्देश्यों और गतिविधियों का अधिक स्पष्ट एवं विस्तृत विवरण देना होगा। सरकार का […]
चालक रहित वाहन नियम : संयुक्त राष्ट्र ने चालक रहित वाहनों के लिए पहला वैश्विक नियामक ढाँचा अपनाया। नए नियम स्वचालित ड्राइविंग सिस्टम की सुरक्षा, परीक्षण और निगरानी सुनिश्चित करेंगे
सीनेट ने रोकी ट्रंप की युद्ध शक्तियां
वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति Donald Trump की ईरान नीति को लेकर एक महत्वपूर्ण War Powers Resolution (युद्ध शक्तियां प्रस्ताव) पारित कर दिया है। सीनेट में यह प्रस्ताव 50-48 मतों से मंजूर हुआ। इसका उद्देश्य राष्ट्रपति को कांग्रेस की अनुमति के बिना ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखने या दोबारा शुरू करने से रोकना […]
जब ‘दीवाना’ में बाइक पर एंट्री करते ही छा गए थे शाहरुख खान, 34 साल बाद भी कायम है बादशाहत
भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं। 25 जून 1992 भी एक ऐसी ही तारीख थी। इसी दिन बड़े पर्दे पर एक ऐसे नौजवान की एंट्री हुई थी, जिसने अपनी जादुई मुस्कान, हवा में लहराते हाथ और बेमिसाल शिद्दत से न सिर्फ बॉलीवुड की परिभाषा बदल दी, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों दिलों पर कब्ज़ा कर लिया। हम बात कर रहे हैं शाहरुख खान की। आज किंग खान फिल्म इंडस्ट्री में अपने गौरवशाली 34 साल पूरे कर चुके हैं। शाहरुख खान ने अपने करियर की शुरुआत 'फौजी' और 'सर्कस' जैसे छोटे पर्दे के सीरियल्स से की थी। लेकिन 34 साल पहले जब निर्देशक राज कंवर की फिल्म 'दीवाना' रिलीज हुई, तो बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रच गया। फिल्म के सेकंड हाफ में जब शाहरुख खान हाथ छोड़ बाइक पर सवार होकर 'कोई ना कोई चाहिए प्यार करने वाला' गाते हुए स्क्रीन पर आते हैं, तो थियेटर्स तालियों और सिक्कों की गड़गड़ाहट से गूंज उठे थे। इस पहली ही फिल्म ने शाहरुख को रातों-रात सुपरस्टार का तमगा दिला दिया था। ALSO READ: रोनाल्डो, नेमार और ड्रेक जैसे खास लोगों की लिस्ट में शामिल हुईं उर्वशी रौतेला, खरीदीं 90 करोड़ की दो बुगाटी टर्बिलॉन हाइपरकार पहली पसंद नहीं थे शाहरुख 'दीवाना' फिल्म के बनने और शाहरुख को यह रोल मिलने की कहानी भी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। दरअसल, इस रोल के लिए शाहरुख खान पहली पसंद नहीं थे। उनसे पहले यह रोल अरमान कोहली को ऑफर किया गया था। लेकिन कुछ विवादों के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी। इसके बाद यह रोल किंग खान के पास आया और बाकी सब इतिहास है। हालांकि शाहरुख ने इससे पहले पांच फिल्में साइन की थीं, लेकिन रिलीज के मामले में 'दीवाना' उनकी पहली फिल्म बनी। ऋषि कपूर और दिव्या भारती जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद, नए नवेले शाहरुख खान ने अपनी एक्टिंग से हर किसी का ध्यान खींचा। 'दीवाना' उस साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक साबित हुई और सिनेमाघरों में 50 हफ्तों तक टिकी रही। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें नदीम-श्रवण के संगीत और समीर के लिखे गाने जैसे 'ऐसी दीवानगी' और 'तेरी उम्मीद तेरा इंतजार' आज भी उतने ही तरोताजा लगते हैं। इस फिल्म के लिए शाहरुख खान को 'बेस्ट मेल डेब्यू फिल्मफेयर अवॉर्ड' से नवाजा गया था। उस साल 'दीवाना' ने कुल 5 फिल्मफेयर पुरस्कार अपने नाम कर तहलका मचा दिया था। 34 साल के इस लंबे सफर में शाहरुख खान ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन साल 2023 में 'पठान', 'जवान' और 'डंकी' जैसी लगातार ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर उन्होंने साबित कर दिया कि किंग हमेशा किंग ही रहता है। वह जल्द मेगा-बजट एक्शन थ्रिलर फिल्म 'किंग' में नजर आने वाले हैं। सिद्धार्थ आनंद के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में शाहरुख खान पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ स्क्रीन शेयर करते नजर आएंगे।
आज के इस डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर व्यूज, लाइक्स और वायरल होने के चक्कर में कई ऐसे खतरनाक और अजीबोगरीब ट्रेंड्स चल रहे हैं, जो खासकर बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला और खौफनाक मामला ऑस्ट्रेलिया से सामने आया है। यहाँ एक 10 साल की मासूम बच्ची ने इंटरनेट पर वीडियो देखकर अपने 'स्क्विशी टॉय' (हाथ से दबाने वाला जेल से भरा खिलौना) को किचन के माइक्रोवेव में गर्म कर दिया।इसके बाद जो कुछ भी हुआ, उसने पूरी दुनिया के माता-पिता को झंझोर कर रख दिया है। वह खिलौना माइक्रोवेव से बाहर निकालते ही अचानक एक शक्तिशाली बम की तरह फट गया और उसके अंदर मौजूद उबलता हुआ जहरीला केमिकल सीधे बच्ची के चेहरे पर जा गिरा, जिससे उसकी स्किन मौके पर ही पिघलने लगी।क्या है यह 'स्क्विशी टॉय चैलेंज' और कैसे शुरू हुआ खेल?ब्रिटिश मीडिया वेबसाइट 'मिरर' में छपी एक विस्तृत रिपोर्ट के मुताबिक, यह खौफनाक घटना ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध तटीय शहर 'गोल्ड कोस्ट' (Gold Coast) की है। यहाँ रहने वाली 10 साल की वायलेट जेर्ब्स्ट नाम की बच्ची ने यूट्यूब, टिकटॉक और इंस्टाग्राम पर कुछ वायरल वीडियो देखे थे। इन वीडियोज में कथित तौर पर दावा किया जा रहा था कि अगर जेल से भरे रबर के स्क्विशी टॉय को माइक्रोवेव के अंदर रखकर थोड़ी देर गर्म किया जाए, तो वह पहले से कहीं ज्यादा सॉफ्ट, स्ट्रेची और खेलने में मजेदार हो जाता है।मासूम वायलेट ने भी खेल-खेल में इस इंटरनेट ट्रिक को खुद आजमाने की सोची। उसने अपनी मां की नजरें बचाकर खिलौने को माइक्रोवेव के अंदर रख दिया और करीब 30 सेकंड के लिए टाइमर सेट करके उसे ऑन कर दिया।दबाते ही हुआ भयानक ब्लास्ट, चीखों से गूंज उठा पूरा घरजैसे ही माइक्रोवेव का टाइम पूरा हुआ, वायलेट ने खिलौने को बाहर निकाला। वह यह जांचना चाहती थी कि खिलौना वास्तव में उतना सॉफ्ट हुआ है या नहीं जैसा वीडियो में दिखाया गया था; इसलिए उसने उसे अपने चेहरे के करीब लाकर दोनों हाथों से जोर से दबा दिया। दबाते ही अत्यधिक प्रेशर के कारण वह खिलौना एक भयानक धमाके के साथ फट गया।खिलौने के फटते ही उसके अंदर भरा हुआ खौलता हुआ रासायनिक लिक्विड सीधे वायलेट की आंखों, चेहरे और मुंह पर जा गिरा। मासूम बच्ची असहनीय दर्द के कारण बुरी तरह चीखने-चिल्लाने लगी। वायलेट की डरावनी चीख सुनकर उसकी मां तुरंत दौड़ती हुई आई और सूझबूझ दिखाते हुए उसे बाथरूम की तरफ ले गई और चेहरे पर लगातार ठंडा पानी डालना शुरू किया, जबकि पिता ने बिना समय गंवाए तुरंत एम्बुलेंस को फोन घुमाया।मुझे महसूस हो रहा था कि मेरी चमड़ी पिघलकर मुंह के अंदर जा रही हैअस्पताल के बेड पर जिंदगी की जंग लड़ रही वायलेट ने इस खौफनाक हादसे को याद करते हुए बताया कि वह दर्द इतना भयानक था कि बयां नहीं किया जा सकता। उसने बताया, मुझे साफ महसूस हो रहा था कि मेरे चेहरे की चमड़ी (स्किन) खौलते केमिकल के कारण पूरी तरह पिघलकर मेरे मुंह के अंदर जा रही थी। मैं डर के मारे लगातार उसे बाहर थूकने की कोशिश कर रही थी।वायलेट के पिता जोडी ने बताया कि वह रविवार की सुबह घर में आराम से फुटबॉल मैच देख रहे थे और पलक झपकते ही उनकी हंसती-खेलती बेटी के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया। बच्ची की चीखें इतनी खौफनाक थीं कि पूरे परिवार का दिल दहल गया था।अस्पताल में चला लंबा इलाज, डॉक्टर भी रह गए हैरानवायलेट को तुरंत गंभीर हालत में 'गोल्ड कोस्ट हॉस्पिटल यूनिवर्सिटी' के बर्न वॉर्ड में ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम ने करीब एक हफ्ते तक उसका सघन इलाज किया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, उसी एक हफ्ते के भीतर वे एक और ऐसी ही दूसरी बच्ची का इलाज कर रहे थे, जो ठीक इसी 'स्क्विशी टॉय माइक्रोवेव चैलेंज' के कारण बुरी तरह झुलसकर अस्पताल पहुंची थी। इससे साफ है कि बच्चे बिना किसी समझ के इंटरनेट पर दिखाई जाने वाली फर्जी चीजों को आंख मूंदकर कॉपी कर रहे हैं।अमेरिका में भी आ चुका है ऐसा ही एक दर्दनाक मामलायह कोई पहली या इकलौती घटना नहीं है जो किसी बच्चे के साथ हुई हो। कुछ महीने पहले अमेरिका के इलिनोइस (Illinois) प्रांत में भी 9 साल के कैलेब चाबोला नाम के एक बच्चे के साथ हूबहू यही हादसा हुआ था। कैलेब ने भी अपने दोस्तों से इस ट्रेंड के बारे में सुना था और अपने खिलौने को माइक्रोवेव में रख दिया था। जब वह खिलौना ब्लास्ट हुआ, तो कैलेब का दाहिना चेहरा पूरी तरह से झुलसकर पिघलने लगा था और वह सेकेंड-डिग्री बर्न (Second-Degree Burn) का शिकार हो गया था, जिसके चलते उसे कई हफ्तों तक आईसीयू में बिताना पड़ा था।पैरेंट्स के लिए बड़ी चेतावनी: घर के भीतर बढ़ रहा है डिजिटल खतराटिकटॉक, इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी फिल्टर के चल रहे ये अजीबोगरीब चैलेंज आज के बच्चों के लिए एक अदृश्य दुश्मन बन चुके हैं। टेक और हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन रबर और प्लास्टिक के खिलौनों के अंदर जो लिक्विड, जेल या सिंथेटिक केमिकल भरा होता है, वह माइक्रोवेव की इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हीट और रेडिएशन को बिल्कुल भी झेल नहीं पाता। बंद होने के कारण उसके अंदर गैस का भारी दबाव बनता है और वह एक प्रेशर कुकर की तरह ब्लास्ट हो जाता है।ऐसे में यह घटना देश और दुनिया के सभी माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी है। पैरेंट्स को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है कि उनका बच्चा अकेले में स्मार्टफोन पर क्या देख रहा है, उसकी सर्च हिस्ट्री क्या है और वह बंद कमरे या किचन में अकेले क्या एक्सपेरिमेंट कर रहा है। बच्चों को इंटरनेट के इन छद्म और खतरनाक खतरों के प्रति जागरूक करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
यूएन रिपोर्ट के अनुसार 2025 में युद्धग्रस्त क्षेत्रों में 24 हजार से अधिक बच्चे प्रभावित हुए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निष्क्रियता पर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई
जस्टिस काटजू जून 2026 के US-ईरान MOU, परमाणु निरीक्षणों को लेकर विरोधाभासी दावों और इस बात की पड़ताल करते हैं कि शांति की नाज़ुक प्रक्रिया क्यों विफल हो सकती है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच पकिस्तान बढ़ा सकता है रक्षा खर्च
जून 2026 में पाकिस्तान की सरकार ने सांसदों के सामने बजट का ड्राफ्ट पेश किया। बजट प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान रक्षा क्षेत्र पर अपना खर्च 18 प्रतिशत बढ़ाकर 3000 अरब रुपये (3 ट्रिलियन) करने जा रहा है।

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