विदेशी चंदे से जुड़े कानून में सरकार बड़ा बदलाव करने जा रही है। विपक्षी नेताओं के साथ-साथ अमेरिका तक से ऐतराज आ रहा है। अमेरिकी सांसद रिले मूर ने तो कह दिया- ये ईसाइयों पर सीधा हमला है। रिपोर्ट्स हैं कि FCRA संशोधन बिल पर 12 अगस्त को चर्चा होगी, जिसका जवाब गृहमंत्री अमित शाह दे सकते हैं। आखिर विदेशी चंदे से जुड़े कानून में क्या और क्यों बदलना चाहती है सरकार, क्या ये चर्च-मस्जिद के गले का फंदा बनेगा और सरकार की दुविधा क्या है; 4 सवालों में पूरी कहानी… सवाल-1: FCRA कानून में सरकार क्या बदलाव करना चाहती है और क्यों? जवाब: 1976 में इमरजेंसी के दौरान इंदिरा गांधी सरकार ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, यानी FCRA बनाया। मकसद- विदेशी ताकतें NGOs, शिक्षण संस्थानों और ट्रस्टों को पैसा देकर भारत के अंदरूनी मामलों को प्रभावित न कर सकें। 2010 में मनमोहन सिंह सरकार और 2020 में मोदी सरकार ने इसे और सख्त किया। जैसे- NGOs अब सिर्फ 20% विदेशी पैसा प्रशासनिक खर्च में लगा सकते हैं, पहले 50% की लिमिट थी। यह पैसा सिर्फ दिल्ली की एक तय SBI ब्रांच के खाते में ही आ सकता है। सब-ग्रांट पर भी रोक लगा दी गई, यानी बड़ी एनजीओ छोटी एनजीओं को फंड नहीं दे सकतीं। अब 2026 में सरकार ने तीन बड़े कदम उठाए… 1. संस्थाओं को अपना काम और इलाका साफ बताना होगा: विदेशी पैसा किस खास काम के लिए और किस राज्य या UT में इस्तेमाल होगा। ये रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट पर लिखा जाएगा। पहले सामाजिक, धार्मिक जैसी ब्रॉडर कैटेगरी लिख दी जाती थी। ये नियम जून 2026 में लागू हो चुका है। 2. विदेशी चंदे से धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा सकेगाः धार्मिक गतिविधियों की लिस्ट में कई काम जैसे- पूजा स्थल बनवाना, धार्मिक शिक्षा, सत्संग वगैरह करवाने की अनुमति है, लेकिन अब विदेशी पैसे से दूसरों का धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। ये नियम भी जून 2026 में लागू हो चुका है। 3. रजिस्ट्रेशन नहीं, तो प्रॉपर्टी अथॉरिटी मैनेज करेगीः अगर किसी संस्था के FCRA रजिस्ट्रेशन की अवधि खत्म हो जाए, रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाए या रद्द हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी प्रॉपर्टीज की सुरक्षा, मैनेजमेंट और रखरखाव सरकार द्वारा नामित अथॉरिटी करेगी। यही वो मुख्य प्रावधान है, जिसे FCRA संशोधन विधेयक में शामिल किया गया है। 25 मार्च को लोकसभा में विधेयक पेश हुआ था और अभी संसद में पास होना बाकी है। सरकार ने संशोधन विधेयक पेश करते हुए तर्क दिया था कि ये बदलाव FCRA के ऑपरेशनल गैप भरने के लिए किए जा रहे हैं। अब तक कोई साफ कानून नहीं था कि जब किसी संस्था का रजिस्ट्रेशन रद्द या खत्म हो जाए, तो विदेशी चंदे से बनी उसकी संपत्ति और बचा पैसा किसके पास जाएगा? डेजिग्नेटेड अथॉरिटी इसी खाली जगह को भरती है। सरकार ने बताया कि उसका मकसद पूरी तरह पारदर्शिता, जवाबदेही व राष्ट्रीय सुरक्षा है। सवाल-2: ईसाई मिशनरीज और NGO’s इसका विरोध क्यों कर रहे हैं? जवाब: संशोधन विधेयक को लेकर 3 चिंताएं हैं… 1. सालों पुरानी जमीन खोने का डर 2. ईसाइयों को टारगेट करने की कोशिश 3. विदेशी फंडिंग कम होने से कामकाज पर असर सवाल-3: क्या सरकार इसे पारित करा पाएगी? जवाब: FCRA संशोधन बिल एक सामान्य विधेयक है। इसे पास कराने के लिए सदन में मौजूद और वोट करने वाले सदस्यों का सिर्फ साधारण बहुमत, यानी 50%+1 की जरूरत है। लोकसभा में 543 सदस्य हैं। 3 सीटें खाली हैं। अगर सभी सदस्य मौजूद रहते हैं, तो बहुमत के लिए चाहिए 271 वोट। NDA के पास अभी 318 सीटें हैं। राज्यसभा में 245 सदस्य हैं। बहुमत के लिए 123 वोट चाहिए। NDA के पास 152 है। यानी दोनों सदनों में बिल पारित कराने के लिए सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल है। सवाल-4: फिर सरकार के सामने दुविधा क्या है? जवाब: असली दुविधा टाइमिंग की है। इस वक्त सरकार के सामने सबसे बड़ा एजेंडा FCRA विधेयक नहीं, बल्कि परिसीमन बिल पारित करवाना है। जिसके लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए। बजट सत्र के दौरान बिल पेश हुआ, लेकिन पारित नहीं हो सका। 54 वोट कम पड़ गए थे। अब सरकार NDA के बाहर की पार्टियों के समर्थन से बिल पास कराने की जद्दोजहद कर रही है… लेकिन यहां FCRA संशोधन विधेयक का पेच फंस जाता है। रिपोर्ट्स हैं कि DMK और NCP (शरद) इस विधेयक के खिलाफ हैं। बजट सत्र के दौरान सरकार का समर्थन करने वाली YSR कांग्रेस पार्टी भी बिल से खुश नहीं है। इन पार्टियों को डर है कि FCRA से उनके ईसाई और मुस्लिम वोट बैंक पर असर पड़ेगा। अगर सरकार इन पार्टियों की सहमति के बिना FCRA बिल पास करवा लेती है, तो परिसीमन बिल पर बहुमत जुटाने में मुश्किल हो जाएगी। वहीं अगर ये पार्टियां FCRA बिल पर सरकार का विरोध करती हैं और फिर परिसीमन बिल पर समर्थन, तो छवि पर असर पड़ेगा। --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गाली देना क्राइम कब बन जाता है, दोषी को कितनी सजा; आखिर जेन-जी के लिए गाली देना न्यू-नॉर्मल कैसे बन गया जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के दौरान गाली देती लड़की पर FIR, बचाव में अभिजीत दीपके का बयान और पीएम मोदी का माफ करने वाला वीडियो। पिछले 48 घंटे के इन तीन घटनाक्रम से सवाल उठा- क्या गाली देना क्राइम है? कुछ लोग ये भी कह रहे कि जेन-जी के लिए गाली ‘न्यू नॉर्मल’ है। पूरी खबर पढ़िए…
कुआलालंपुर से केरल के कोच्चि आ रहे विमान में हवा में बड़ा बवाल देखने को मिला है विमान में सवार एक यात्री ने उड़ान के दौरान विमान का विंडो पैनल तोड़ दिया और इमरजेंसी एग्जिट खोलने की कोशिश करने लगा।
26/11 में सीने पर 8 गोलियां, खाने वाले सुनील जोधा का नाम अब ’’नासा’’ से जुड़ा
सुनील जोधा The post 26/11 में सीने पर 8 गोलियां, खाने वाले सुनील जोधा का नाम अब ’’नासा’’ से जुड़ा appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
नई दिल्ली : पुलिस ने टेलीग्राम-आधारित पार्ट टाइम साइबर जॉब स्कैम का पर्दाफाश किया, दो गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट साइबर पुलिस स्टेशन ने राजस्थान से दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
सावन के मेले: आस्था के साथ आजीविका का भी आधार
आस्था के साथ आजीविका का भी आधार सावन के मेले The post सावन के मेले: आस्था के साथ आजीविका का भी आधार appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
झारखंड के दलमा जंगल क्षेत्र में माओवादियों की नई गतिविधियों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है।
किरण रिजिजू और राहुल गांधी की फिर हुई बातचीत, महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर हुई चर्चा
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अभिजीत दीपके ने कर दिया नया ऐलान, CJP अब शुरू करेगी 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने नया ऐलान किया है और बताया है कि CJP 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान शुरू करने जा रही। आइए जानते हैं कि इस अभियान का मकसद क्या है।
गाँव की हर चीज़ चाहिए, लेकिन गाँव नहीं चाहिए
आज शहरों में ऑर्गेनिक का बड़ा बाज़ार है। गाँव का गेहूँ, बाजरा, सरसों का तेल, देसी दालें और ताज़ी सब्जियाँ ऊँचे दामों पर बिकती हैं। लोग गाँव के शहद, देसी गुड़ और मोटे अनाज को स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं। The post गाँव की हर चीज़ चाहिए, लेकिन गाँव नहीं चाहिए appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
सुविधा नहीं, गरीब के जीवन का आधार है राशन व्यवस्था
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संसदीय-गतिरोध से नहीं चलेगा लोकतंत्र, संवाद ही है समाधान
आज आवश्यकता इस बात की है कि पक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने दुराग्रह छोड़कर संवाद की मेज पर बैठें। संसद की गरिमा इस बात में नहीं कि कौन किसे अधिक कठघरे में खड़ा करता है, बल्कि इस बात में है कि राष्ट्रहित के प्रश्नों पर कितनी गंभीरता से विचार किया जाता है। The post संसदीय-गतिरोध से नहीं चलेगा लोकतंत्र, संवाद ही है समाधान appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
चढ़ावे की चोरी से आहत आस्थाएं?
चढ़ावेकीचोरीसेआहतआस्थाएं The post चढ़ावेकीचोरीसेआहतआस्थाएं? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
मुआवजे में उलझ कर रह गई विकास की राह
अंकि कुमारीसीतामढ़ी, बिहार गांव तक सड़क पहुंचना केवल विकास की एक परियोजना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षित आवागमन तक पहुंच का रास्ता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य भी ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में चलने योग्य सड़कों से जोड़ना है। बिहार में इस दिशा में लंबे समय से काम हुआ है […] The post मुआवजे में उलझ कर रह गई विकास की राह appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
तेल के लिए ‘समुद्र मंथन’ में 84,084 करोड़ का दाँव , क्या कम करेगा विदेशी निर्भरता!
नेशनल ऑफशोर एक्सप्लोरेशन स्कीम The post तेल के लिए ‘समुद्र मंथन’ में 84,084 करोड़ का दाँव , क्या कम करेगा विदेशी निर्भरता! appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
उपचुनावों का जनादेश: क्या बदल रहा है मतदाता का मिजाज?
बदल रहा है मतदाता का मिजाज The post उपचुनावों का जनादेश: क्या बदल रहा है मतदाता का मिजाज? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
यौन हिंसा मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद तहलका मैगजीन के संस्थापक तरुण तेजपाल का पहला बयान सामने आया है। तेजपाल ने कहा है कि वह राजनीतिक साजिश का शिकार हैं और उनकी बेगुनाही के लिए काफी सबूत मौजूद हैं।
भारी बारिश के कारण रुद्रप्रयाग में High Alert जारी, उफनाईं अलकनंदा और मंदाकिनी, स्कूल बंद
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की वजह से हाई अलर्ट जारी किया गया है। अलकनंदा और मंदाकिनी दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। लोगों से घरों में रहने की अपील की गई है।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 10 साल की कड़ी सज़ा सुनाई है
बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को 2013 के रेप केस में 10 साल की कड़ी सज़ा सुनाई है। यह केस उनकी एक जूनियर सहयोगी ने दर्ज कराया था।
पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आसाराम बापू की जमानत याचिका पर फैसला करने के लिए AIIMS से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी थी।
कर्नाटक के पूर्व सीएम के बेटे ने जो बयान दिया है। उसको लेकर राजनीतिक गर्मी तेज होने वाली है। यतींद्र सिद्धारमैया ने बिना बीजेपी का नाम लेकर ये बयान दिया है।
तहलका मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोषी माना है। एक जाने-माने पत्रकार से जुड़े भारत के सबसे हाई-प्रोफाइल मामलों में से एक में कई दिनों तक चली लंबी सुनवाई के बाद, इस फैसले पर सबकी निगाहें टिकी थी।
LIVE: क्या आज संसद में होगा कामकाज या विपक्ष का हंगामा रहेगा जारी? आज पेश नहीं होगा FCRA संशोधन बिल
संसद में आज भी हंगामा हो सकता है। बीजेपी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे मौजूदा मानसून सत्र के दौरान बार-बार संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं और सदन को काम करने से रोक रहे हैं।
रात के लगभग आठ बज चुके हैं। सड़कों पर अंधेरा है। एक स्विफ्ट डिजायर कार तेजी से मेरे पास आकर रुकी। गेट खुला तो देखा स्टीयरिंग और गियर पर चूड़ी से सजे एक महिला के हाथ हैं। ड्राइविंग सीट पर बैठी ये महिला प्रेग्नेंट है। मुझे देखते ही महिला हल्की सी मुस्कान के साथ बोली- ‘हैलो मैम! आज मैं आपकी ड्राइवर हूं, टीना।’ मैं मुस्कुराकर आगे वाली सीट पर ही बैठ गई। हरे रंग की यूनिफॉर्म पहने टीना की उम्र करीब 30 साल होगी। मेरे बैठते ही टीना बोलीं- ‘नाइट ड्यूटी में फीमेल क्लाइंट मिल जाए तो खुशी होती है।’ मैंने पूछा- ‘मेल क्लाइंट मिलें तो?’ टीना फौरन बोल पड़ीं- कई क्लाइंट तो बहुत अच्छे होते हैं। मुझे ड्राइविंग सीट पर देखकर खुश होते हैं। लेकिन अक्सर खराब लोग भी मिलते हैं। एक बार रात 12 बजे की बात है। मेल क्लाइंट की राइड आई। एक बार के बाहर उन्हें लेने पहुंची। उसने काफी शराब पी रखी थी। पीछे बैठकर शीशे से मुझे घूर रहा था। मैंने शीशे को दूसरी तरफ घुमाया, तो वो खिसककर दूसरी तरफ जा बैठा। फिर एकटक देखने लगा। मुझे घबराहट होने लगी, फिर भी राइड बीच में नहीं रोकी। उसे एक होटल तक ड्रॉप करना था। रात का वक्त था तो ज्यादा ट्रैफिक भी नहीं था। कुछ देर में होटल पहुंच गए। मैंने कहा- आपका डेस्टिनेशन आ गया, लेकिन वो कार से उतरा ही नहीं। मैंने फिर रिक्वेस्ट की, लेकिन वो कहने लगा- मेरे साथ होटल में चलो। आज रात मेरे साथ रुक जाओ। मैं बार-बार उसे उतरने को कहने लगी, लेकिन वो माना नहीं। लड़खड़ाती जुबान से कहता रहा कि आज रात तो तुम्हें मेरे साथ रुकना ही पड़ेगा। फिर मैंने कार का गेट खोला और उसका हाथ पकड़कर बाहर खींच लिया। उसकी हालत देखकर होटल वाले भी आ गए और उसे अंदर ले गए। मैं किसी तरह अपनी जान छुड़ाकर वहां से भागी। ऐसे लोगों की वजह से ही कैब कंपनी कार में एक इमरजेंसी सेफ्टी बटन लगवाती हैं। जिसे दबाने पर कंपनी को पता लग जाता है कि कोई मुसीबत है। बातों ही बातों में मैंने टीना से पूछा प्रेग्नेंसी में भी इतने घंटे टैक्सी चला रही हो, कोई दिक्कत तो नहीं होती? टीना ने कहा- क्यों नहीं होती मैडम, लेकिन क्या करें। घर भी तो चलाना है। इसके पहले जब पेट से थी तो कैब में ही मेरा बच्चा गिर गया था। पांचवां महीना था। जुड़वा बच्चे थे। उस दिन भी नाइट ड्यूटी थी। घर लौटने में कुछ ही घंटे बचे थे। सुबह पांच बजे एक कस्टमर को एयरपोर्ट पर छोड़ा। उसके बाद अचानक दर्द शुरू हो गया। कुछ ही मिनटों में ये दर्द बर्दाश्त से बाहर हो गया। ब्लीडिंग शुरू हो गई। पति को फोन करके एयरपोर्ट बुलाती तो अस्पताल पहुंचने में देर हो जाती। जैसे-तैसे हिम्मत करके खुद ही गाड़ी लेकर चल दी। दर्द के मारे आंखों के सामने बार-बार अंधेरा छाने लगा। ब्लीडिंग बढ़ती जा रही थी। करीब एक घंटे बाद हॉस्पिटल पहुंची। गेट पर गाड़ी रोककर जैसे ही उतरी, चारों तरफ खून फैल गया। आंखों के सामने मेरे बच्चे खून का लोथड़ा बनकर गिर गए। मैं वहीं बेहोश हो गई थी। होश आया तो अस्पताल के बेड पर थी। पति भी ड्यूटी से छुट्टी लेकर आ चुके थे। इसके बाद कई महीने लगे मुझे अपनी जिंदगी को पटरी में लाने के लिए। न काम में मन लगता था और न घर पर। ये बताते हुए टीना पेट में हाथ रखकर कहती हैं- ‘ऊपर वाले की मेहरबानी है मैम, इसबार सबकुछ ठीक है।’ मैंने पूछा दिल्ली में अब तक का सबसे अच्छा क्लाइंट कौन था, वो तुरंत बोल पड़ी- मैडम, आमिर खान, वो फिल्मों वाले। वो शूटिंग के लिए दिल्ली आए थे। दिवाली करीब थी। मुझे कंपनी ने बताया कि जितने दिन आमिर खान दिल्ली में रहेंगे, मैं ही उनकी ड्राइवर रहूंगी। सच कहूं तो मुझे यकीन नहीं हुआ। उन्हें लेने एयरपोर्ट पहुंची। जैसे ही वो आकर कार में बैठे मुझे भरोसा ही नहीं हुआ कि फिल्मों वाले आमिर खान हैं। मैं बार-बार पीछे पलटकर उन्हें देख रही थी। वो मुझे देखते ही बोले- अरे वाह! ड्राइविंग सीट पर आपको देखकर खुशी हुई। फिर उन्होंने मेरा नाम पूछा और हाल-चाल लिया। कुछ देर बाद उन्हें होटल ड्रॉप कर दिया। फिर अगले दिन उन्हें शूटिंग साइट पर ले गई। उस दिन पूरे रास्ते उन्होंने मेरे घरवालों और मेरी पढ़ाई-लिखाई के बारे में बात की। दोपहर में लंच के वक्त उन्होंने एक शख्स को भेजकर मुझे अंदर बुलाया। फिर अपने साथ लंच करवाया। वो जब तक दिल्ली में थे, हर दिन मुझे अपने साथ ही लंच करवाते थे। एक दिन उनकी शूटिंग नहीं थी। शायद रविवार था। उन्होंने पूछा- ‘टीना जी, हमारे साथ फिल्म देखने चलेंगी क्या?’ मैंने तुरंत हां कह दिया। उनके साथ करीब 8-10 लोग और थे। हम लोग साकेत के मॉल में फिल्म देखने गए थे। पांच दिन की शूटिंग के बाद जब वो वापस मुंबई गए तो दीवाली मनाने के लिए मुझे पांच हजार रुपए देकर गए थे। वो पांच दिन मेरे जिंदगी के सबसे खूबसूरत दिन थे। टीना को बीच में टोंकते हुए मैंने पूछा- आपने ड्राइविंग कैसे सीखी? कुछ सोचते हुए वो बोलीं- मेरा परिवार दिल्ली की झुग्गियों में रहता था। हम पांच भाई-बहन थे। मैं चौथे नंबर की थी। पापा बस ड्राइवर थे। एक दिन वे बस लेकर दिल्ली से बाहर गए थे। रास्ते में कुछ गुंडों ने उनकी बस को रोककर लूट लिया। सवारियों को बचाने के लिए पापा ने उनसे हाथापाई की। उन लोगों ने पापा के सिर पर लोहे की रॉड मार दी। उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई। वो कई दिनों तक दिल्ली के शहादरा मेंटल अस्पताल में भर्ती रहे। ऐसे में घर की जिम्मेदारी मां पर आ गई। वो लोगों के घरों में बर्तन और झाड़ू पोछा करने लगीं। जब कई महीने तक पापा की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें घर ले आए। लगभग दस साल लगे पापा को ठीक होने में। फिर उन्हें दोबारा ड्राइवर की नौकरी मिल गई। लेकिन मां ने उन्हें करने नहीं दी। इसी बीच मैं पैदा हुई। बचपन में जब औरतों को गाड़ी चलाते देखती तो बहुत अच्छा लगता था। बीच सड़क में खड़े होकर मैं उन्हें देखने लगती थी। घर की हालत तो ऐसी थी नहीं कि कभी कार चलाने का मौका मिले। पैसों की तंगी की वजह से दसवीं में पढ़ाई छोड़नी पड़ी। फिर मैंने सिलाई सीखी। एकबार मां ने मुझे ब्यूटी पार्लर का कोर्स करने भेजा। वहां एक संस्था का कैंप लगा था, जहां महिलाओं को ड्राइविंग सिखाई जा रही थी। इसके लिए वो लोग 2 हजार रुपए ले रहे थे और नौकरी का वादा भी किया। मेरे पास सिर्फ 500 रुपए थे। मैंने उनसे कहा- अभी 500 जमा कर लो, बाकि जब नौकरी लगेगी तब सैलरी से काट लेना। वो लोग मान गए। इस तरह से मैंने ड्राइविंग सीख ली। मां या फिर मेरे भाइयों को भी ड्राइविंग सीखने से कोई आपत्ति नहीं थी। पापा को इस बारे में कुछ पता नहीं था। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद एक हाई कमिश्नर की बेटी की कार चलाने की नौकरी मिली। तब मैं 19 साल की थी। पहली बार जब ड्यूटी पर पहुंची तो कार चलाने में पांव कांप रहे थे। लेकिन वह मैडम अच्छी थी। रास्ते में कार के बारे में हर छोटी-छोटी बात मुझे बताती थीं। तब सैलरी 5 हजार रुपए महीना थी। करीब तीन साल मैंने वहां काम किया, फिर कैब कंपनी में काम करने लगी। एक बार मां का किसी पड़ोसी से झगड़ा हो गया। वो कहने लगा कि तुम्हारी बेटी तो रातों को गाड़ी चलाती है। क्या पता गाड़ी चलाने जाती है या कुछ और करने जाती है। हमें पता है कि तुम्हारी बेटी धंधा करने जाती है। तुम्हारी बेटी धंधेबाज है। हालांकि, घरवालों को गर्व था कि मैं लड़की होकर कार चला लेती हूं। एकबार मां रिश्तेदारी में गई थी। वो लोग कहने लगे कि तुम्हें शर्म नहीं आती, बेटी की कमाई खाते हो। कोई बेटी को इस तरह कमाने भेजता है। बेटी से टैक्सी चलवाता है क्या। मां घर आकर रोने लगीं, लेकिन मुझसे कभी ये नहीं कहा कि काम छोड़ दो। यहां तक कि जब शादी के लिए ससुराल वाले मुझे देखने आए थे, मां ने उनसे साफ कह दिया था कि मेरी बेटी ड्राइविंग नहीं छोड़ेगी। जब उन लोगों ने इसपर कोई आपत्ति नहीं जताई, तब मां ने रिश्ते के लिए हामी भरी। पति राजस्थान में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। टीना बात करते हुए टैक्सी चला रही थी, तभी बगल से एक बाइक वाला कुछ बुदबुदाते हुए निकल गया। मैं कुछ कहती उससे पहले ही टीना कहने लगी- ये सब कोई नई बात नहीं है मैडम। लोग जब ड्राइविंग सीट पर महिला को देखते हैं तो ताने मारते हुए चले जाते हैं। कहते हैं- अरे मैडम तुम्हें भी गाड़ी चलानी है क्या, घर में चूल्हा-चौका करो। रोटी सब्जी बनाओ। कई बार तो क्लाइंट भी पूछने लगते हैं कि मैडम आप अच्छे से गाड़ी चला लेंगी ना। कहीं भिड़ा तो नहीं देंगी ना। कई क्लाइंट तो महिला ड्राइवर देखकर राइड कैंसिल भी कर देते हैं। कहते है- मैडम छोड़ दो ये काम। ये आदमियों का पेशा है, औरतों का नहीं। जब शुरुआत में टैक्सी चलाती थी, तब पार्किंग में गाड़ी लगाना थोड़ा मुश्किल होता था। तब अक्सर ताने सुनने पड़ते थे। दूसरे ड्राइवर मजाक उड़ाते थे। कुछ मर्द ड्राइवर तो आज भी कह देते हैं- कहां हमारी रोजी रोटी छीनने लगी हो मैडम। घर पर रहो। अपना काम करो। रोटी बनाओ। अब उन्हें कौन बताए कि मैं घर के काम भी करती हूं और कैब भी चलाती हूं। जब नाइट ड्यूटी के बाद घर जाती हूं तो पहले घर के सारे काम निपटाती हूं। खाना, कपड़ा, बर्तन सब करती हूं। इस वजह से नींद भी नहीं हो पाती है। फिर भी लोग घर का काम करने के ताने देते हैं। टीना कुछ सोचते हुए कहती हैं- ये ताने तो कुछ भी नहीं मैडम जी, कई क्लाइंट तो गाली भी देते हैं। जब मैंने पहली बार किसी से गाली सुनी थी तो रातभर सो नहीं पाई थी। एक क्लाइंट को रेलवे स्टेशन ड्रॉप करना था। मैप से उनका एड्रेस नहीं मिल रहा था। फोन करके पूछा तो नाराज हो गए। कहने लगे कि आप घर का पता तो ढूंढ नहीं पा रही, टाइम पर स्टेशन कैसे पहुंचाएंगी। जैसे-तैसे मैं उनके घर पहुंची। वो पूरे रास्ते मुझे चिल्लाते रहे कि आपकी वजह से मेरी ट्रेन छूट जाएगी। जब स्टेशन पहुंचे, तब भी उन्होंने गुस्से में गाड़ी का गेट पटक दिया। गाली देते हुए बोले- ‘जब कुछ आता नहीं तो ड्राइवर क्यों बन गई हो। घर के काम करो। ये सब औरतों के बस की बात नहीं है।’ अपनी एक खतरनाक राइड का जिक्र करते हुए टीना बताती हैं कि एक बार रात दो बजे करोल बाग से धौलाकुंआ होते हुए एयरपोर्ट जाना था। ये जंगल वाला सुनसान रास्ता है। तेज बारिश भी हो रही थी। इतना गहरा अंधेरा था कि गाड़ी की लाइट चालू होने के बाद भी मुश्किल से कुछ दिख रहा था। जाते वक्त तो क्लाइंट साथ में था। लौटते वक्त मेरी हालत खराब हो गई। मेरी दूर की बहन भी टैक्सी चलाती है। उस दिन वो भी क्लाइंट को लेकर इसी रास्ते से एयरपोर्ट जा रही थी। मैंने उसको कॉल किया और हम दोनों अलग-अलग टैक्सी में साथ में निकले। बीच रास्ते में वो टैक्सी रोककर कहने लगी कि उसकी कार में कोई चुड़ैल आ गई है। अब वो गाड़ी नहीं चला पाएगी। मैंने जैसे-तैसे उसको समझाया और किसी तरह बड़ी मुश्किल से हम उस दिन लौट पाए। नोट- टीना बदला हुआ नाम है। ----------------------------------- ब्लैकबोर्ड की ये कहानियां भी पढ़ें… 1- ब्लैकबोर्ड-8 पुलिसवालों को मारने वाले विकास दुबे की बीवी हूं:आज वो जिंदा होते तो थप्पड़ मारती, बच्चे बाप का नाम तक नहीं सुनना चाहते साल 2020, 2-3 जुलाई की दरमियानी रात। मैं अपने छोटे बेटे के साथ लखनऊ वाले घर पर सो रही थी। बड़ा बेटा उन दिनों छुट्टी पर मॉस्को से इंडिया आया हुआ था और अपनी चाची के घर पर था। रात 2 बजे अचानक फोन बजा। पूरी कहानी यहां पढ़ें… 2- ब्लैकबोर्ड-पत्नी की साड़ी-पेटीकोट धोता हूं, झाडू-पोंछा करता हूं:दोस्त कहते हैं- ये मर्द नहीं, हाउस हसबैंड बनने से भाइयों की शादी नहीं हो रही कहानी ऐसे मर्द की जो पैसे कमाने बाहर नहीं जाता। घर पर रहकर झाड़ू-पोंछा करता है। बरतन धोता है। खाना बनाता है। वो हाउस हसबैंड है। ठीक वैसे ही जैसे हमारे यहां हाउस वाइफ होती हैं। पूरी कहानी यहां पढ़ें
खाने की चीजों में मिलावट का खेल लंबे समय से चल रहा है। इस बीच गुजरात, पंजाब, यूपी और तेलंगाना में मिलावट के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है।
इंडिया टीवी के लोकप्रिय शो कॉफी पर कुरुक्षेत्र में संसद का विशेष सत्र बुलाने और परिसीमन बिल को लेकर चर्चा हुई। इस पर भी बात हुई कि क्या सरकार ने दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी नंबर जुटा लिए हैं।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज अब संसद तक पहुंच गई है। बुधवार को लोकसभा में पीठासीन जगदंबिका पाल ने प्रदर्शनकारी छात्रों का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना साधा। वहीं, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह के पीएम मोदी पर बयान को लेकर उपसभापति हरिवंश ने उन्हें बीच में टोक दिया। इस तरह दोनों सदनों में दिनभर हंगामा होता रहा। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्षी सांसद पोस्टर और तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए। हंगामा बढ़ा तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई। कार्यवाही शुरू होने के करीब एक मिनट बाद ही सदन दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। दोपहर 2 बजे सदन की बैठक फिर शुरू हुई, लेकिन हालात नहीं बदले। विपक्ष फिर वेल में पहुंच गया। हंगामे के बीच पीठासीन जगदंबिका पाल ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद जगदंबिका पाल ने कहा कि झारखंड में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष उनकी आवाज उठाने के बजाय संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। उन्होंने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद नहीं चलने देना चाहता। कई विधेयक बिना चर्चा के पारित करना पड़ा। इसकी जिम्मेदारी विपक्ष पर है। रिजिजू ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और वाम दलों पर राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद परिसर में उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। लगातार हंगामे के बाद लोकसभा की कार्यवाही 6 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी हुई नारेबाजी राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू हुई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। शून्यकाल शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर सभापति ने उन्हें नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। हंगामे के चलते सुबह 11:23 बजे सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। दोबारा बैठक शुरू होने पर प्रश्नकाल चला। शोर-शराबे के बीच सांसदों ने सरकार से सवाल भी पूछे। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। इस दौरान उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा हुई। विपक्ष प्रधानमंत्री की मौजूदगी की मांग को लेकर नारेबाजी करता रहा। चर्चा के दौरान आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने विधेयक से हटकर टिप्पणी करनी शुरू की। इस पर उपसभापति हरिवंश ने उन्हें टोका और कहा कि वे केवल विधेयक से जुड़े मुद्दे पर ही बोलें। बुधवार को भी संसद में हंगामा हावी रहा। लोकसभा ने शोर-शराबे के बीच बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 पारित किया। वहीं, राज्यसभा में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने वाले विधेयक पर चर्चा हुई। सरकार और विपक्ष के टकराव के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
Rajat Sharma's Blog: झारखंड: परीक्षाओं में धांधलियों की शर्मनाक कहानी
झारखंड में JPSC, SSC, CGL की परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ जो छात्र 12 दिन से धरने पर बैठे हैं, उनके हाथों में अभय तिवारी का पोस्टर है। पोस्टर्स में अभय तिवारी को परीक्षाओं में धांधली का मास्टरमाइंड बताया गया है।
‘आशीर्वाद’ को अब ‘भूतिया बंगला’ कहने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की रोक
दरअसल ये अर्जी अब घर के मालिक बिजनेसमैन शशि किरण शेट्टी ने लगाई थी। उन्होंने कई मीडिया हाउस और यूट्यूब चैनलों पर इस घर को मनहूस, भुतिया कहने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह घर उन्होंने राजेश खन्ना के निधन के बाद उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना और दामाद अक्षय कुमार से 90 करोड़ रुपए में खरीदा था। The post ‘आशीर्वाद’ को अब ‘भूतिया बंगला’ कहने पर बॉम्बे हाईकोर्ट की रोक appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
टेवोल्डे गेब्रेमारियम बने एयर इंडिया के नए CEO और MD, जानें उनके बारे में
एयर इंडिया के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेवोल्डे गेब्रेमारियम होंगे। इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO के रूप में उन्होंने 10 साल से ज्यादा समय तक काम किया है।
दो साल पहले बांग्लादेश के प्रदर्शन पर बोलते हुए शेख हसीना ने कहा कि वो स्टूडेंट प्रोटेस्ट नहीं था। वह एक ऑर्गेनाइज्ड प्रोटेस्ट था। जुलाई 15 से प्रोटेस्ट का कैरेक्टर चेंज हो गया था। लोग मारकाट करने लगे थे। उन्होंने तोड़फोड़ करना शुरू कर दिया था।
सिल्क्यारा से तीस्ता तक: क्या सबक सिखा रही हैं हिमालय की चेतावनियां?
सिल्क्यारासेतीस्ता The post सिल्क्यारासेतीस्तातक:क्यासबकसिखारहीहैंहिमालयकीचेतावनियां? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
5 अगस्त 2024, भयंकर विरोध और हिंसा के बीच शेख हसीना बांग्लादेश से भारत आ गई थीं। ठीक दो साल बाद, आज दिल्ली में हसीना पहली बार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगी। आखिर हसीना का आगे का प्लान क्या है और क्या भारत इसमें उनके साथ है, इसका भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर क्या असर होगा; आज के एक्सप्लेनर में पीछे की पूरी कहानी... सवाल-1: प्रेस कॉन्फ्रेंस और इंटरव्यूज के पीछे शेख हसीना का इरादा क्या है?जवाब: 2 साल से भारत में अज्ञात जगह पर रह रहीं शेख हसीना बीते करीब दो महीने से दोबारा एक्टिव हैं और वापस बांग्लादेश जाने की बात कर रही हैं… अब शेख हसीना दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया, यानी FCC के एक कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगी। ये कार्यक्रम मार्क टली ऑडिटोरियम में 5 अगस्त की शाम 6 से 7:30 बजे तक होगा। कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसमें हसीना बांग्लादेश वापसी और मौजूदा सरकार को घेरने वाले बयान दे सकती हैं। सवाल-2: हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भारत-बांग्लादेश का रुख क्या है?जवाब: अलग-अलग समझते हैं… बांग्लादेश इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के खिलाफ भारत ने कहा- ये प्राइवेट इवेंट, हमारा कंट्रोल नहीं सवाल-3: जान का खतरा, फिर बांग्लादेश क्यों जाना चाहती हैं हसीना?जवाब: हसीना के जोखिम उठाने की 2 वजहें हैं… 1. बांग्लादेश की राजनीति में वापसी की कोशिश ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन में स्ट्रैटेजिक स्टडीज प्रोग्राम के डिप्टी डायरेक्टर विवेक मिश्र के मुताबिक, ‘शायद शेख हसीना को लगने लगा है कि दोबारा बांग्लादेश में ताकत से खड़े होने का मौका है और सरकार के खिलाफ माहौल बनाया जा सकता है।’ इसके कुछ संकेत भी दिखने लगे हैं… इसके अलावा अमेरिका में रह रहे हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय फिलहाल भी बांग्लादेश के मुद्दों पर एक्टिव हैं। अगर हसीना उनके लिए राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहें, तो भी ये बिना बांग्लादेश लौटे मुमकिन नहीं है। 2. पार्टी के लोगों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश सवाल-4: क्या हसीना की वापसी के इरादे के पीछे भारत है?जवाब: बांग्लादेश हसीना के प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है। भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण का मामला कानूनी मुद्दा है, इसे उसी तरीके से निपटा जाएगा। हालांकि अंदरखाने भारत का क्या रुख है, इसे लेकर एक्सपर्ट के दो तरह के तर्क हैं… भारत में हसीना का ज्यादा दिन रहना मुश्किल भारत हसीना को बलि का बकरा नहीं बना सकता सवाल-5: क्या शेख हसीना के मुद्दे पर भारत-बांग्लादेश संबंध और बिगड़ सकते हैं?जवाब: सीमा विवाद, पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद जैसे मुद्दों पर टकराव और एंटी-इंडिया स्टैंड के चलते खालिदा से भारत के रिश्ते अच्छे नहीं रहे। जबकि शेख हसीना भारत के नजदीक रही हैं। शेख हसीना के भारत आने के बाद बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार बनी, उसके बाद फरवरी 2026 से तारिक रहमान की पार्टी BNP सत्ता में हैं। सत्ता बदलने के बाद भारत को लेकर बांग्लादेश का रुख पॉजिटिव नहीं रहा है… राजन कुमार कहते हैं, 'हसीना के मुद्दे को बांग्लादेश हमसे रिश्तों के केंद्र में रखकर देख रहा है। हमारा जैसा रुख होगा, उसी हिसाब से आगे रिश्ते चलेंगे। भारत भी जानता है कि तारिक सरकार स्थायी है, इसलिए कोई गलती नहीं करना चाहता। हालांकि बांग्लादेश में हसीना और जिया के बीच सत्ता अचानक उलटती-पलटती रही है। ऐसा भी हो सकता है कि हसीना दोबारा सत्ता में आने लायक स्थिति में आ जाएं। वह भारत के लिए भी बेहतर होगा।’ --------------- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: शेख हसीना की फांसी लगभग तय, फिर भी बांग्लादेश क्यों जाना चाहती हैं; क्या भारत का रुख बदल गया बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना बांग्लादेश लौटना चाहती हैं। अगस्त 2024 में तख्तापलट के बाद वो भागकर भारत आ गई थीं। उन्हें बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मौत की सजा सुनाई है। बांग्लादेशी नेता कह रहे- वापस आने पर इस सजा को अंजाम दिया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर…
पदकों से आगे: खेल महाशक्ति बनने की असली परीक्षा
भारत खेल में महाशक्ति The post पदकों से आगे: खेल महाशक्ति बनने की असली परीक्षा appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
सनातन चेतना का महासमर: श्रावण मास की पौराणिक महिमा व आस्था की अविरल धारा
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक कर्मकांड नहीं है, अपितु यह भारत की अक्षुण्ण सांस्कृतिक धरोहर, अटूट आस्था और जीवंत सामाजिक व्यवस्था का दिग्दर्शन है। The post सनातन चेतना का महासमर: श्रावण मास की पौराणिक महिमा व आस्था की अविरल धारा appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले: अब चुप्पी नहीं, संवाद ज़रूरी
उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले The post उच्च शिक्षा परिसरों में एचआईवी के बढ़ते मामले: अब चुप्पी नहीं, संवाद ज़रूरी appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
'छात्रों के साथ अन्याय हुआ, उन्होंने हिंसा नहीं की', GenZ के मुद्दे पर बोले राहुल गांधी
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज (बुधवार को) GenZ के मुद्दे पर बात की। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने हिंसा नहीं की लेकिन लाठीचार्ज हुआ। युवाओं ने कुछ गलत नहीं किया। लोकतंत्र के लिए लड़ने के लिए युवाओं का धन्यवाद।
शिक्षा से जुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां
वास्तव में किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक मापदंड उसकी गगनचुंबी इमारतें, चौड़ी सड़कें अथवा डिजिटल सुविधाएँ नहीं होतीं, बल्कि यह होता है कि उस देश का सबसे अंतिम, सबसे कमजोर और सबसे गरीब बच्चा कितनी सुरक्षा और सम्मान के साथ शिक्षा प्राप्त कर पा रहा है। यदि किसी बच्चे को विद्यालय पहुँचने के लिए उफनती नदी, बहते नाले, टूटी पुलिया, जर्जर The post शिक्षासेजुड़ी जान जोखिम में डालने वाली चिन्ताजनक मजबूरियां appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
मेटा के मालिक जुकरबर्ग ने डीपफेक कंटेंट पर गलती मानते हुए माफी मांगी है। बता दें कि इससे पहले मेटा के अधिकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव से मिले थे। मेटा को माफी मांगने के लिए 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था।
परिसीमन बिल पर बढ़ी हलचल, 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, राहुल-रिजिजू में चर्चा
परिसीमन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। राहुल गांधी और किरन रिजिजू के बीच आज संसद में गतिरोध दूर करने को लेकर लंबी चर्चा हुई।
CJP विरोध प्रदर्शन पर SC की बड़ी टिप्पणी, युवाओं को शांत करने की ज़रूरत है, संयम बरतें एजेंसियां
कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि युवाओं को शांत करने की जरूरत है। कानून का पालन करने वाली एजेंसियों को संयम बरतना चाहिए।
तमिलनाडु सरकार ने बजट पेश करते हुए महिलाओं के लिए 'सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना' और Gen-Z के लिए आधुनिक साइकिलें बांटे जाने का ऐलान किया है।
पीएम मोदी ने 23 जुलाई को NEET पेपर लीक के मुद्दे पर Gen Z को संबोधित करते हुए वीडियो जारी किया था, जिसे कुछ समय के लिए फेसबुक से हटा दिया गया था। ऐसा करने के लिए भारत सरकार ने मेटा के CEO मार्क जुकरबर्ग को पीएम मोदी से माफी मांगने के लिए कहा है।
अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। संदन में आज भी हंगामा हुआ। लोकसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
रैगिंग की शिकायत की तो बैट और डंडे लेकर जूनियर छात्रों पर टूट पड़े सीनियर्स, बेरहमी से की पिटाई
ओडिशा के रायगडा ज़िले में एक सरकारी स्कूल हॉस्टल में 9वीं क्लास के 20 से ज़्यादा छात्रों की कथित तौर पर सीनियर छात्रों ने पिटाई कर दी। इन छात्रों ने अधिकारियों से रैगिंग और परेशान किए जाने की शिकायत की थी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना दो साल बाद आज दुनिया के सामने आएंगी। वह दिल्ली से एक वर्चुअल कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस दौरान शेख हसीना अपने भविष्य की योजनाओं और बांग्लादेश लौटने की संभावनाओं पर बात करेंगी करेंगी। 2024 में आज ही के दिन सत्ता से बेदखल होकर वह भारत आई थीं।
मौसम विभाग ने आज असम, मेघालय, उप-हिमालयी क्षेत्रों, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में बहुत ज़्यादा बारिश का अनुमान लगाया है। अरुणाचल प्रदेश, बिहार, नागालैंड, मणिपुर, मिज़ोरम और त्रिपुरा में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने की उम्मीद है।
देश की पहली वंदे भारत फ्रेट ईएमयू ने पास किया इमरजेंसी ब्रेकिंग टेस्ट, चार दौर में परखी गई क्षमता
कोटा मंडल में देश की पहली वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) का इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
'मेरे भाषण को कट-एंड-पेस्ट किया गया', अब उदयनिधि ने विजय की सरकार पर साधा निशाना
पूछताछ के बाद रिहा हुए नेता उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि उनके भाषण का 'कट-एंड-पेस्ट' वीडियो फैलाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के मुद्दे दबाना चाहती है। पूरा विवाद कथित द्विअर्थी टिप्पणी से जुड़ा है, जबकि उन्होंने आरोपों को सिरे से खारिज किया।
लाल सागर में भारतीय झंडे वाली कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ है। इस हमले के बाद विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है। विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा करते हुए कहा है कि जहाज पर सवार सभी 13 भारतीय नागरिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है।
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राम मंदिर में चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर आंदोलन और बांकीपुर-दतिया में बीजेपी की हार ने पार्टी की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। ऐसे में बीजेपी की यूपी को लेकर क्या रणनीति होगी। इस मुद्दे पर 'कॉफी पर कुरुक्षेत्र' कार्यक्रम में चर्चा की गई।
3.5 लाख साधु-संतों को पूरे भारत में भेजेगी VHP, पप्पू यादव और विपक्ष के खिलाफ अभियान की तैयारी
विश्व हिंदू परिषद ने पूरे देश में करीब साढे तीन लाख गांव में साधु-संतों को भेजने की फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, ये संत सांसद पप्पू यादव और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के खिलाफ लोगों को जानकारी देंगे।
सांसद पप्पू यादव पर हमले की कोशिश के आरोपी से जुड़ी बड़ी खबर, पुलिस ने निजी मुचलके पर छोड़ा
सांसद पप्पू यादव पर हमले की कोशिश के आरोपी सुमित को पुलिस ने निजी मुचलके पर छोड़ दिया है। गौरतलब है कि सुमित पर आरोप है कि पीसी के वक्त उसने पप्पू यादव पर हमले की कोशिश की।
बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी कौन? बच्चे, समाज,समय या शिक्षा?
बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी The post बचपन की ज़ुबान पर गालियों के असली दोषी कौन?बच्चे,समाज,समय या शिक्षा? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला मंगलवार को संसद में जोरदार तरीके से गूंजा। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और केंद्र सरकार को निशाने पर लिया तो संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर पलटवार किया। दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस के दौरान सत्ता और विपक्ष के सदस्य आमने-सामने आ गए। हंगामा इतना बढ़ा कि सभापति सीपी राधाकृष्णन को अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने की कोशिश करनी पड़ी। इसके बावजूद शोर नहीं थमा और कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले, खड़गे ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था। ट्रस्ट को 70 एकड़ से ज्यादा जमीन सौंपी गई। ऐसे में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में ईडी, सीबीआई और दूसरी केंद्रीय जांच एजेंसियां कहां हैं, सरकार को सदन में इसका जवाब देना चाहिए। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर बनने पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था। जो लोग भगवान राम के अस्तित्व को नहीं मानते थे, वे आज घड़ियाली आंसू बहाकर देश को गुमराह नहीं कर सकते। पहले भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगिए, उसके बाद सरकार से जवाब मांगिए। इसके बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया। सभापति सीपी राधाकृष्णन अपने आसन से उठकर सदस्यों को शांत कराने पहुंचे, लेकिन व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। इसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोपहर में कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी अपनी बात रखी। प्रश्नकाल हंगामे के बीच चला और सदन को फिर दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह की अध्यक्षता में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा के लिए पेश किया। विपक्ष के विरोध के बीच चर्चा हुई और विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उधर, लोकसभा में भी दिनभर हंगामा जारी रहा। सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कई बार सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं थमा। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो पीठासीन दिलीप सैकिया के सामने विपक्षी सदस्य दोबारा वेल में पहुंच गए। इसी दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसके कुछ देर बाद उन्होंने विनियोग (संख्या-3) विधेयक, 2026 भी सदन में रखा। लगातार हंगामे के बीच दोनों विधेयक बिना विस्तृत चर्चा के ध्वनिमत से पारित हो गए। पीठासीन दिलीप सैकिया ने विपक्ष से कई बार सहयोग की अपील की, लेकिन जब हंगामा नहीं रुका तो लोकसभा की कार्यवाही भी 5 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति और राजपत्र में अधिसूचना के बाद यह कानून बन जाएगा। इस संशोधन का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के देर से होने वाले पंजीकरण पर सख्ती बढ़ाना है। नए प्रावधान के तहत, यदि जन्म या मृत्यु का पंजीकरण घटना के 2 साल से अधिक समय बाद कराया जाता है, तो प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट (JMFC) की अनुमति अनिवार्य होगी। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
लोक चिकित्सा की ओर लौटता राजस्थान
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'भारत सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं', शेख हसीना के प्रस्तावित कार्यक्रम पर बोला विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रस्तावित वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम से भारत सरकार का कोई संबंध नहीं है। सरकार ने मंच पर व्यक्त विचारों से भी दूरी बनाई है। इस बीच भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS समिट और द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण दिया है।
तमिलनाडु में नेता विपक्ष उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह पुलिस घर से उठा ले गई। उन पर महिला के अपमान से लेकर दंगा भड़काने तक ९ धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला एक दिन पहले एक रैली का है, जिसमें उदय के भाषण के बीच कुछ लोग सीएम विजय थलापति की करीबी एक्ट्रेस ‘तृषा’ का नाम चिल्लाने लगे। उदयनिधि ने भी मुस्कराते हुए ‘डबल-मीनिंग’ बात कह दी। सीएम विजय और एक्ट्रेस तृषा की कहानी क्या है, कभी दोस्त रहे विजय और उदयनिधि राइवल कैसे बने और मौजूदा विवाद में आगे क्या होगा; आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: उदयनिधि ने रैली में ऐसा क्या किया, जो पुलिस घर से उठा ले गई? जवाब: 3 अगस्त को तमिलनाडु के तंजावुर में कावेरी जल विवाद पर प्रोटेस्ट चल रहा था। पूर्व सीएम MK स्टालिन के बेटे उदयनिधि ने मंच से कहा, ‘45 हजार मिलियन क्यूबिक फीट पानी आना चाहिए था, लेकिन एक बूंद भी नहीं आई। हमारे सीएम तो इसपर कुछ बोल ही नहीं रहे हैं। उनकी चिंता DMK (उदयनिधि की पार्टी) नेताओं पर झूठे मामले दर्ज करने की है।' इसी बीच रैली में मौजूद कुछ लोग 'तृषा-तृषा' का नारा लगाने लगे। उदयनिधि ने भाषण रोका और भीड़ की तरफ मुस्कराते हुए एक डबल-मीनिंग सेंटेंस बोला। उनके पीछे मंच पर बैठे लोग भी इस पर मुस्कराए। फिर उदयनिधि ने कहा, 'मैं कावेरी की बात कर रहा था।' विजय की पार्टी TVK सहित बीजेपी नेताओं ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया। उदयनिधि के बयान को तृषा पर सेक्शुअल कमेंट की तरह देखा जा रहा है। TVK प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने कहा, 'क्या विपक्ष के नेता उदयनिधि अपनी बेटी या बेटे को लेकर भी ऐसा कहेंगे?' तमिलनाडु बीजेपी प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने कहा, 'उदयनिधि का बयान अश्लील, अमर्यादित और आम जनभावना को ठेस पहुंचाने वाला है। इसके लिए उनको जेल भेजना चाहिए।' सवाल-2: आखिर कौन हैं तृषा, जिनका सीएम विजय के साथ अक्सर जिक्र आता है? जवाब: पहले ये 3 तस्वीरें देखिए… 4 मई, 2026, जगह थलापति विजय का नीलांकरई वाला घर 10 मई, 2026, विजय का शपथ ग्रहण समारोह, चेन्नई 22 जून, 2026, विजय का जन्मदिन इसके पहले 15 मई को तृषा की नई फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग थी। विजय ने ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की परमिशन दी। जबकि मॉर्निंग शो तमिलनाडु में 3 सालों से बैन था। स्क्रीनिंग के बाद थिएटर से निकली तृषा से फैन ने कहा, 'थलापति से कहना- मैंने उनका हालचाल पूछा है।' इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कंदीपा (जरूर)’। तृषा और विजय के इस साथ की कहानी पुरानी है.. हालांकि, विजय और तृषा ने अबतक अपने रिश्ते को लेकर कोई बयान नहीं दिया है। सवाल-3: उदयनिधि और सीएम विजय की पुरानी राइवलरी, क्या पर्सनल खुन्नस निकाल रहे? जवाब: एक समय उदयनिधि और विजय दोस्त हुआ करते थे। दोनों चेन्नई के लोयोला कॉलेज से पढ़े हैं। विजय, उदयनिधि से 3 साल सीनियर थे। विजय के ही कहने पर उदयनिधि ने अपना प्रोडक्शन हाउस- ‘रेड जायंट मूवीज’ शुरू किया और 2008 में विजय और तृषा को लेकर मूवी ‘कुरुवी’ बनाई। ये फिल्म सफल नहीं रही। फिर विजय और उदयनिधि ने कभी साथ काम नहीं किया। ‘कुरुवी’ के बाद दोनों में नाराजगी हो गई थी। 2023 में उदयनिधि ने कहा, ‘विजय आसानी से दोस्त नहीं बनते। जब बनते हैं, तो बहुत करीब हो जाते हैं। कुरुवी के बाद कुछ लोगों ने हमें अलग करने की कोशिश की, हमने दो साल बात नहीं की, लेकिन हम दोबारा दोस्त बने। हालांकि फिर हमने उचित दूरी बनाए रखी।’ 2012 में उदयनिधि ने भी फिल्म 'ओरु कल ओरु कन्नाडी' से एक्टिंग की शुरुआत की थी। तब तक कई ब्लॉकबस्टर हिट्स दे चुके विजय का कद बड़ा हो चुका था। उदय से पूछा गया कि क्या विजय को टक्कर देने फिल्म इंडस्ट्री में आए हैं। उदय ने कहा, 'मैं पागल नहीं हूं, जो उनसे कॉम्पिटीशन रखूंगा।' उदय ने करीब 20 फिल्में की हैं। जबकि विजय आखिरी मूवी ‘जननायगन’ तक करीब 70 फिल्में कर चुके हैं। 2021 में जब उदयनिधि ने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, तो विजय से आशीर्वाद लिया। यहां तक सब ठीक था, लेकिन असली प्रतिद्वंद्विता तब शुरू हुई, जब विजय ने विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की और उदयनिधि के पिता सीएम MK स्टालिन के खिलाफ बयान देने शुरू किए। दरअसल, तमिलनाडु में द्रविड़ आंदोलन से निकली दो पार्टियां- DMK और AIADMK हैं। दोनों तमिल प्राइड, सेकुलरिज्म और एंटी-हिंदी स्टैंड के लिए जानी जाती हैं, लेकिन DMK इन मुद्दों पर ज्यादा कट्टर है। जबकि विजय ने एक नए तरीके की द्रविड़ पॉलिटिक्स की चर्चा की। उन्होंने DMK सरकार में भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया। स्टालिन परिवार के खिलाफ तीखे बयान दिए। विधानसभा में अपनी पहली स्पीच में उन्होंने एक कहानी सुनाई- ‘एक बुजुर्ग व्यक्ति धूप में कुछ खोज रहा था। एक लड़के ने उससे पूछा कि क्या ढूंढ रहे हैं। उसने जवाब दिया- 'मैं तुम्हारे पिता को ढूंढ रहा हूं।' दरअसल, स्टालिन चुनाव में अपनी कोलाथुर सीट हार गए थे। जवाब में उदयनिधि ने विजय के तलाक के मामले की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को ढूंढ रही पत्नी की कहानी तमिलनाडु के लोग पहले से ही जानते हैं।' मई में विजय के सीएम बनने के बाद ये भी खबर आई कि ‘रेड जायंट मूवीज’ ने तृषा को रजनीकांत और कमल हासन स्टारर एक बड़ी फिल्म के लिए 12 करोड़ रुपए ऑफर किए हैं। हालांकि तृषा या उदयनिधि की तरफ से इसे लेकर कोई बयान नहीं आया। सवाल-4: उदयनिधि पर 9 धाराओं में केस, इनमें होगा क्या?जवाबः 3 अगस्त की घटना के लिए उदयनिधि पर इन 9 धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है… महिला का अपमान करना और सार्वजनिक स्थान पर कटाक्ष करने जैसी धाराओं को उदयनिधि के बयान के वीडियो से साबित किया जा सकता है। हालांकि उदयनिधि ने कहा कि वे कावेरी नदी के बारे में बात कर रहे थे। सुप्रीम कोर्ट के वकील विराग गुप्ता कहते हैं, ‘उदयनिधि ने खुद किसी का नाम भी नहीं लिया। ऐसे में ‘बेनेफिट ऑफ डाउट’ मिल सकता है। हालांकि अभियोजन पक्ष ‘तृषा-तृषा’ के नारों के बाद उदयनिधि की मुस्कराहट को उनकी गलत मंशा का आधार बना सकता है।’ वहीं दंगे फैलाना, आपराधिक साजिश, समूहों को भड़काने जैसी धाराएं कोर्ट में कमजोर पड़ सकती हैं, क्योंकि इसके सबूत नहीं है। अक्सर, राजनीतिक टकराव वाले मामलों में केस दर्ज करते समय हर संभव धारा लगा दी जाती है। लेकिन कोर्ट गैर-जरूरी धारा हटा देता है। अग्रिम जमानत की याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट ने उदय को रिहा करने का आदेश दे दिया है। ------------- ये खबर भी पढ़िए… क्या थलापति विजय से जलते हैं रजनीकांत; कहां से उठी सीएम बनने में अड़ंगा लगाने की बात, पूरी कहानी जानिए थलाइवा रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डेन स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। सफाई देते हुए कहा- मैं विजय को तब से देख रहा हूं, जब वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी। पूरी खबर पढ़िए…
असम की बाढ़: बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति पर उठे सवाल
बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति The post असम की बाढ़: बारिश के साथ नागालैंड में पर्यावरणीय क्षति पर उठे सवाल appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
भागलपुर : जहाँ गांधी ने भारत का नैतिक मानचित्र बनाया
भारत का नैतिक मानचित्र The post भागलपुर : जहाँ गांधी ने भारत का नैतिक मानचित्र बनाया appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
क्या बिहार से बदलती राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है?
बांकीपुर उपचुनाव The post क्या बिहार से बदलती राजनीति का नया अध्याय शुरू हो चुका है? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
CM थलापति विजय पर बुरी तरह भड़के MK स्टालिन, बोले- 'तमिलनाडु में एक जोकर कैबिनेट का कब्जा हो गया है'
तमिलनाडु के पूर्व डिप्टी सीएम और DMK चीफ स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर राज्य में भारी बवाल हुआ है। अब MK स्टालिन ने सीएम विजय पर निशाना साधते हुए कहा है कि तमिलनाडु में एक जोकर कैबिनेट का कब्जा हो गया है।
लोक आराध्य देवता हनुमानजी और उनके प्रमुख मंदिर
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विधानसभा उपचुनाव की तीन सीटों ने दिया राजनीतिक संदेश
बिहार की बांकीपुर मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट The post विधानसभा उपचुनाव की तीन सीटों ने दिया राजनीतिक संदेश appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
Rajat Sharma's Blog: पीके ने मारी एंट्री, बिहार में बजी घंटी
बड़ी बात ये नहीं है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर से चुनाव जीत लिया। बड़ी बात ये है कि प्रशांत किशोर ने बीजेपी को उसकी सबसे पक्की सीट पर हरा दिया। ये बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट थी।
कॉमवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी गुजरात को मिलने को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदर्शन किया है। उन्होंने संसद परिसर में 'मेडल हरियाणा देता है, खेल गुजरात मे क्यों?' की नारेबाजी की। वहीं उनके इस प्रदर्शन पर बबीता फोगाट ने निशाना साधा। बबीता फोगाट ने इसे नौटंकी बताया।
आसाराम को अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं, कई बीमारियों की लिस्ट आई सामने, AIIMS ने सुप्रीम कोर्ट को दी रिपोर्ट
नौकरी चाहने वालों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़, 7 गिरफ्तार
दिल्ली के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के साइबर पुलिस स्टेशन ने नेक्स्ट स्टेप एडवाइजर्स के नाम से चल रहे एक फर्जी प्लेसमेंट रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कथित मास्टरमाइंड भी शामिल है। इन लोगों पर आरोप है कि वे नौकरी चाहने वाले बेरोजगारों से रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के बदले नौकरी दिलाने का वादा करके धोखाधड़ी करते थे।
पूछताछ के बाद उदयनिधि स्टालिन को रिहा करें, मद्रास हाईकोर्ट का निर्देश
मद्रास हाईकोर्ट ने उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के बाद रिहा करने का निर्देश दिया है। उन्हें एक रैली में एक्ट्रेस तृषा के खिलाफ दी गई विवादित टिप्पणी के मामले में हिरासत में लिया गया है।
कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। राज्य में 19 नए मंत्री बनाए गए हैं। इसके बाद से मंत्री पद न मिलने से कांग्रेस के कई विधायक नाराज हो गए और इस्तीफा देने की धमकी दे रहे हैं।
गिरफ्तारी के बाद बोले उदयनिधि स्टालिन, 'कानूनी लड़ाई लड़ूंगा', बवाल पर DMK ने जारी किया बयान
एक्ट्रेस तृषा कृष्णन पर आपत्तिजनक बयान देकर विवादों में फंसे उदयनिधि स्टालिन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद कहा, मैं कानूनी लड़ाई लड़ूंगा। सियासी बवाल के बीच डीएमके ने बयान जारी किया है। जानें क्या कहा?
बिहार : मोतिहारी में मंदिर से चोरी गई अष्टधातु की मूर्ति बरामद, एक आरोपी गिरफ्तार
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के लखौरा थाना क्षेत्र स्थित राम जानकी मंदिर से चोरी हुई अष्टधातु की मूर्तियों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरामद कर लिया है।
एयर इंडिया की फ्लाइट में जबरदस्त एयर टर्बुलेंस, हवा में लगे तेज झटके; चोट लगने से कई यात्री घायल
फुकेत से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ़्लाइट को ज़बरदस्त एयर टर्बुलेंस (हवा के तेज़ झटकों) का सामना करना पड़ा, जिससे कई यात्री घायल हो गए।
पद्म श्री से सम्मानित शिक्षाविद, राजनेता और समाजसेवी DY Patil का निधन, कल होगा अंतिम संस्कार
प्रख्यात शिक्षाविद, समाजसेवी और पूर्व राज्यपाल डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव (डी. वाई.) पाटिल का 90 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
CRPF अफसर ने 2 साथियों की गोली मारकर की हत्या, एक को किया घायल और फिर खुद को किया शूट
सीआरपीएफ कैंप में 3 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। एक सीआरपीएफ जवान गंभीर रूप से घायल है। उसको अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
'त्रिशा' पर भद्दी टिप्पणी मामला, पूर्व सीएम उदयनिधि स्टालिन को घर से उठा ले गई तमिलनाडु पुलिस
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन एक आपत्तिजनक टिप्पणी करके विवादों में घिर गए हैं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। अभिनेत्री तृषा पर की गई टिप्पणी का मामला है।
LIVE: लोकसभा में विपक्ष के सांसदों का हंगामा, कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित
लोकसभा में आज भी जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सोमवार को भी दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ था जिसके चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई थी।
बांकीपुर सीट से जनसुराज के फाउंडर प्रशांत किशोर ने भाजपा और राजद के उम्मीदवारों को हराकर बड़ी जीत हासिल की है। इसके बाद उन्होंने चेतावनी भी दी है। वहीं, जदयू ने भाजपा को बड़ी नसीहत दी।
सोशल मीडिया पर एक प्राइवेट स्कूल को प्रमोट करने के आरोप में छह महीने पहले सस्पेंड की गईं सरकारी टीचर भुक्या गौतमी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है और अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए एक इमोशनल वीडियो जारी किया है।
यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, दिल्ली-NCR का मौसम भी हुआ सुहावना
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, लक्षद्वीप, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान लगाया है।
बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में BJP की हार पर नितिन नवीन ने क्या कहा? मांजलपुर जीत पर भी सामने आया बयान
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने तीन विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजों पर अपना बयान दिया है। उन्होंने बीजेपी की हार पर कहा है कि परिणामों का पूरी गंभीरता से आत्ममंथन करेंगे।
ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में RTO कार्यालय के ट्रैफिक इंस्पेक्टर 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए। इसके बाद की गई छापेमारी में इंस्पेक्टर के घर से 14.33 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
कर्नाटक में वेटेनरी ऑफिसर की भर्ती में कथित गड़बड़ी पर हंगामा हो रहा है। छात्रों का आरोप है कि 80 लाख से लेकर 1 करोड़ रुपये में पोस्ट बेची गई है। वहीं, राज्य में सिविल पुलिस भर्ती की परीक्षा को लेकर भी हंगामा हुआ है।
बांकीपुर चुनाव ने BJP को क्या मैसेज दिया? Coffee Par Kurukshetra में देखें पूरी चर्चा
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की जीत को राजनीतिक विश्लेषकों ने बिहार की राजनीति का बड़ा संकेत बताया है। उनका मानना है कि यह नतीजा सिर्फ एक सीट का परिणाम नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत भी है।
उपचुनाव के नतीजे को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने कहा कि भगवान को नचाने का अहंकार रखने वालों को भगवान ने ही नचा दिया। वहीं, जीतू पटवार ने दतिया की जीत को बदलाव की राजनीति का शंखनाद बताया।
कांवड़ यात्रा पर गए थे पिता पुत्र,अचानक तेज नदी के बहाव में डूबने लगा पुत्र,बचाने के लिए कूदे पिता पर हो गई मौत, तीन घंटे बाद मिला शव
जब संसद का हर मिनट करीब ढाई लाख रुपए का पड़ता हो, तब हंगामे की कीमत सिर्फ राजनीतिक नहीं, आर्थिक भी होती है। मानसून सत्र के कुल 25 दिनों में से 15 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब दोनों सदनों की कार्यवाही बिना रोक-टोक के चल पाई हो। सोमवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे के चलते बार-बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि, शोर-शराबे के बीच दोनों सदनों में अहम विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गए। लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही महज 3 मिनट बाद स्थगित हो गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों के व्यवहार पर नाराजगी जताई और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की। दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने सदस्यों से जरूरी दस्तावेज सदन के पटल पर रखने को कहा, लेकिन विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। इसी दौरान भारतीय सांख्यिकी संस्थान विधेयक, 2026 पेश किया गया। इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष का हंगामा जारी रहा। शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उच्चतम न्यायालय (संशोधन) विधेयक, 2026 चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया। इस दौरान कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों के सांसद राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर नारेबाजी करते रहे। हंगामे के बीच विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) समेत कुल जजों की संख्या 34 से बढ़कर 38 हो गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा में भी नहीं थमा हंगामा राज्यसभा की कार्यवाही भी सुबह 11 बजे शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदस्यों से शांत रहने और सदन चलने देने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने पर कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 विचार के लिए सदन में रखा। सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति दी। हंगामे के बीच संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वह विषय पर चर्चा ही नहीं करना चाहता। शोर-शराबे के बीच सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही भी मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
धर्म,आस्था,अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है कांवड़ यात्रा।
कांवड़ यात्रा The post धर्म,आस्था,अनुशासन और आत्मशुद्धि का महापर्व है कांवड़ यात्रा। appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी?
प्रकृति आज भी दवाओं की सबसे बड़ी प्रयोगशाला The post दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी? appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार के दौरान 19 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है। इनकी लिस्ट भी सामने आ गई है। कई नए चेहरों को शामिल किया गया है और कई पुराने नेताओं को भी जगह दी गई है।
महावीर दर्शन में संवाद की संस्कृति, समाधान की दिशाएं
भगवान महावीर का समूचा दर्शन संवाद की भावना पर आधारित है। उन्होंने किसी पर अपने विचार आरोपित नहीं किए। उन्होंने सत्य को अनेक दृष्टियों से देखने की प्रेरणा दी। उनका अनेकांतवाद हमें सिखाता है कि सत्य किसी एक व्यक्ति, एक विचारधारा या एक पक्ष का बंधक नहीं होता। The post महावीर दर्शन में संवाद की संस्कृति, समाधान की दिशाएं appeared first on प्रवक्ता.कॉम - Pravakta.Com .

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