मिथुन मिन्हास: घरेलू क्रिकेट के ‘अनसंग हीरो’से BCCI के शीर्ष तक का सफर
रविवार को मुंबई में हुई बीसीसीआई की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के बाद भारतीय क्रिकेट...
एसएस राजामौली ने रचा इतिहास, फ्रांस के शीर्ष फिल्म संस्थान में मिली परमानेंट जगह
भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और सबसे प्रतिष्ठित फिल्म मेकर्स में से एक, एसएस राजामौली ने 'बाहुबली' फ्रेंचाइजी और 'आरआरआर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ भारतीय फिल्मों को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने में एक बेहद अहम भूमिका निभाई है। अपनी भव्य सोच, बड़े पैमाने पर कहानी कहने के अंदाज और भारतीय संस्कृति के गहरे जश्न के लिए मशहूर, राजामौली ने दुनिया भर के दर्शकों और फिल्म मेकर्स से अपार सम्मान कमाया है। हर एक मील के पत्थर के साथ, उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारतीय सिनेमा की पहचान को लगातार एक नए मुकाम पर पहुँचाया है। अब, इस मशहूर फिल्म मेकर ने अपने शानदार करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ ली है। एसएस राजामौली को पेरिस के 'सिनेमाथेक फ्रैंकेस' में एक परमानेंट जगह देकर सम्मानित किया गया है, जो दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और प्रभावशाली फिल्म संस्थानों में से एक है। ALSO READ: किसिंग सीन के दौरान बेकाबू हो गई थीं कंगना रनौट, काट लिए थे वीर दास के होंठ! पत्रकार के दावे पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी महान हेनरी लैंग्लॉइस द्वारा स्थापित इस संस्थान को सिनेमा के इतिहास को सुरक्षित रखने और उसका जश्न मनाने के लिए एक बेहद पवित्र जगह माना जाता है, जो इस सम्मान को राजामौली और भारतीय सिनेमा दोनों के लिए एक ऐतिहासिक पल बनाता है। इस मौके को और भी खास बनाते हुए, राजामौली ने ऑस्कर जीतने वाले दिग्गज ग्रीक-फ्रेंच फिल्म मेकर कोस्टा-गावरास के साथ भी एक यादगार पल साझा किया। राजामौली के काम के प्रति अपने गहरे सम्मान को दिखाते हुए, कोस्टा-गावरास ने उनकी मास्टरक्लास में शामिल होने और वहाँ पूरे समय रुकने से पहले, लगभग आठ घंटे तक राजामौली की फिल्में देखीं, जो इस भारतीय फिल्म मेकर के काम के गहरे प्रभाव को दिखाता है। Having me here in Paris and screening my films is itself an honour for me. But a sweet surprise I never saw coming. It is a feeling I cannot fully put into words. To have a permanent place in the halls of one of the world’s most legendary film institutions, named after the great… pic.twitter.com/XYrNWfm4BU — rajamouli ss (@ssrajamouli) June 28, 2026 तस्वीरों को शेयर करते हुए एसएस राजामौली ने लिखा, मुझे यहां पेरिस में बुलाना और मेरी फिल्मों की स्क्रीनिंग करना ही मेरे लिए अपने आप में एक बहुत बड़ा सम्मान है। लेकिन यह एक ऐसा प्यारा सरप्राइज है, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा भी नहीं था। उन्होंने लिखा, यह एक ऐसा अहसास है जिसे मैं पूरी तरह से शब्दों में बयां नहीं कर सकता। महान हेनरी लैंग्लॉइस के नाम पर बने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में से एक की दीवारों पर हमेशा के लिए जगह पाना, कुछ ऐसा है जिसे मैं जिंदगी भर अपने साथ संजोकर रखूंगा। इस सम्मान के लिए और भारतीय सिनेमा को इतने प्यार व गर्मजोशी के साथ अपनाने के लिए मैं दिग्गज मिस्टर कोस्टा-गावरास और पूरी सिनेमाथेक फ्रैंकेस फैमिली का दिल से आभार व्यक्त करता हूँ। इस पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए हर्षा चुंदूरु ने लिखा, “सिनेमाथेक फ्रैंकेस ने पिछले कुछ सालों में मार्टिन स्कोर्सेसे, जेम्स कैमरून और डेविड फिन्चर जैसे दिग्गजों का सम्मान किया है... इस तरह के सम्मानों की खास बात यह होती है कि ये किसी एक ब्लॉकबस्टर या एक हिट फिल्म बनाने से नहीं मिलते। ये सालों तक ऐसी फिल्में बनाने से मिलते हैं जो लोगों के दिलों में बस जाती हैं, फिल्म मेकर्स को इंस्पायर (प्रेरित) करती हैं और वर्ल्ड सिनेमा पर अपनी एक अमिट छाप छोड़ जाती हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें उन्होंने आगे लिखा, यह कैसा अहसास है, इसे शब्दों में बयां कर पाना मुमकिन ही नहीं है। एसएसआर (SSR) को ऐसे बड़े नामों के साथ देखना सच में एक अलग ही लेवल की खुशी देता है। यह विजनरी फिल्म मेकर अब अगले साल रिलीज होने वाली अपनी अगली बड़ी फिल्म 'वाराणसी' के साथ एक बार फिर से कामयाबी के नए रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन जैसे लीड स्टार्स से सजी यह फिल्म एक और ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव होने की उम्मीद जगाती है, जो ग्लोबल स्टेज पर भारतीय कहानी कहने के तरीके की सीमाओं को आगे बढ़ाने की एस.एस. राजामौली की इस असाधारण विरासत को और ज्यादा मजबूत करेगी।
इंदौर। मानसून की दस्तक के साथ ही इंदौर और उसके आसपास के खूबसूरत वॉटरफॉल्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ने लगी है, लेकिन यह रोमांच जरा सी लापरवाही के चलते काल के गाल में समाने का सबब बन रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में इंदौर के आसपास के पिकनिक स्पॉट्स पर कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें मरने वालों में सबसे ज्यादा तादाद नौजवानों की है। पुलिस और प्रशासन द्वारा की जा रही तमाम कोशिशों और सख्ती के बावजूद हादसों के इस सिलसिले पर लगाम नहीं लग पा रही है। चोरल फॉल में टला बड़ा हादसा : हालिया मामला इसी रविवार का है, जहां चोरल फॉल के झरने में नहाने गए तीन युवक अचानक डूबने लगे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई और सूझबूझ से तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। युवाओं में बढ़ता जानलेवा क्रेज : खतरनाक रास्तों और गहरे पानी के बावजूद युवा वर्ग इन वॉटरफॉल्स पर जोखिम उठाने से बाज नहीं आ रहा है। प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी बोर्ड लगाने और पुलिस बल तैनात करने के बाद भी लोग सुरक्षा घेरा तोड़कर प्रतिबंधित और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में उतर रहे हैं, जो सीधे तौर पर हादसों को आमंत्रण दे रहा है। ये आंकड़े डरावने हैं : इंदौर ग्रामीण पुलिस द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 से लेकर 23 जून 2026 के बीच ग्रामीण इलाकों में स्थित पिकनिक स्पॉट्स पर हादसों के चलते कुल 66 लोगों की मौत हो चुकी है। इन डराने वाले आंकड़ों के सामने आने के कुछ ही दिन पहले जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान होने वाले हादसों को रोकने के लिए कई अत्यधिक जोखिम वाले और सुनसान पर्यटन स्थलों पर आम जनता के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। पिकनिक स्पॉट पर 5 साल में 66 मौतें 2022 में 9 लोगों की मौत 2023 में 17 लोगों ने गंवाई जान 2024 में 14 नौजवनों की मौत 2025 में भी 14 लोग हादसे का शिकार 2026 में अब तक 12 लोगों की मौत ऐसे साल दर साल हो रही मौतें : आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इन पिकनिक स्थलों पर होने वाली मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। साल 2022 में जहां हादसों में 9 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2023 में यह आंकड़ा लगभग दोगुना होकर 17 पर पहुंच गया। इसके बाद साल 2024 और 2025 में भी स्थिति गंभीर बनी रही और दोनों सालों में 14-14 लोगों ने अपनी जान गंवाई। चालू वर्ष 2026 में भी केवल 23 जून तक ही 12 लोगों की मौत पानी में डूबने या अन्य हादसों के कारण हो चुकी है। कौन कौन से इलाके हैं खतरनाक : पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, ग्रामीण इंदौर के बड़गोंदा और सिमरोल थाना क्षेत्र सबसे ज्यादा खतरनाक है, यहां कुल मौतों के आधे से अधिक मामले दर्ज किए गए। वहीं, बड़गोंदा का बामनिया कुंड सबसे खतरनाक माना जा रहा है, जहां सबसे ज्यादा मौतें हुईं। इसके बाद सिमरोल पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले प्रसिद्ध पर्यटन स्थल जैसे टिंचा फॉल्स, जूनापानी, लोधिया कुंड, चोरल और रोशियाबाबा दरगाह कुंड में सबसे ज्यादा हादसे दर्ज किए गए हैं। पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा के क्या साधन होना चाहिए / वॉटरफॉल्स और नदी-झरनों जैसे पिकनिक स्पॉट्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना बेहद जरूरी है, ताकि लोग एडवेंचर का आनंद भी ले सकें और किसी की जान भी जोखिम में न पड़े। ऐसे स्थानों पर मुख्य रूप से निम्नलिखित सुरक्षा साधन और व्यवस्थाएं होनी चाहिए: 1. प्राथमिक और तात्कालिक सुरक्षा उपकरण ( Immediate Rescue Gear) लाइफ बॉय रिंग्स ( Lifebuoy Rings) और ट्यूब्स: पानी के किनारे निश्चित दूरी पर हवा भरे हुए लाइफ बॉय तैरते होने चाहिए, जिन्हें डूबते हुए व्यक्ति की तरफ तुरंत फेंका जा सके। लाइफ जैकेट्स ( Life Jackets): गहरे पानी या बोटिंग वाले क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होनी चाहिए। लंबी और मजबूत रस्सियाँ ( Rescue Ropes): तेज बहाव में किसी को खींचने के लिए घाटों और किनारों पर भारी-भरकम रस्सियों की उपलब्धता जरूरी है। 2. मानव संसाधन और निगरानी ( Human Resource & Surveillance) सर्टिफाइड लाइफगार्ड्स ( Lifeguards): पानी के संवेदनशील और गहरे पॉइंट्स पर कुशल गोताखोरों और लाइफगार्ड्स की तैनाती 24 घंटे (विशेषकर मानसून में) होनी चाहिए। सुरक्षा गार्ड और पुलिस चौकी: हुड़दंग मचाने वाले, शराब पीकर पानी में उतरने वाले या प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को रोकने के लिए पुलिस या निजी गार्ड्स की गश्त जरूरी है। CCTV कैमरे: पूरे पिकनिक स्पॉट और मुख्य झरनों की निगरानी के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरे होने चाहिए ताकि कंट्रोल रूम से नजर रखी जा सके। 3. चेतावनी और सूचना तंत्र ( Warning & Communication System) डेंजर साइन बोर्ड ( Danger/Caution Boards): गहरे पानी, फिसलन भरी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों (No Go Zones) के पास स्पष्ट अक्षरों और स्थानीय भाषा में 'खतरा' दर्शाने वाले बोर्ड होने चाहिए। लाउडस्पीकर/पब्लिक एड्रेस सिस्टम: अचानक पानी बढ़ने (फ्लैश फ्लड) या मौसम खराब होने पर पर्यटकों को तुरंत सतर्क करने के लिए अनाउंसमेंट सिस्टम होना चाहिए। रेड फ्लैग्स (लाल झंडे): जो हिस्से सबसे ज्यादा खतरनाक या गहरे हैं, उन्हें लाल झंडे या फ्लोटिंग बैरिकेड्स (रस्सी और ड्रम की मदद से) लगाकर अलग किया जाना चाहिए। 4. मेडिकल और आपातकालीन सुविधाएं ( Medical & Emergency Support) फर्स्ट-एड किट ( First-Aid Station): डूबने से बचे व्यक्ति को तुरंत सीपीआर (CPR) देने, ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक उपचार के लिए एक मेडिकल बूथ होना चाहिए। इमरजेंसी एम्बुलेंस: किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर या बहुत पास में एक एम्बुलेंस तैनात होनी चाहिए। 5. बुनियादी ढांचागत सुरक्षा ( Infrastructure Safety) रेलिंग और बैरिकेडिंग: झरनों के व्यू-पॉइंट्स और ऊंचे पहाड़ी रास्तों पर मजबूत लोहे की रेलिंग होनी चाहिए ताकि कोई पैर फिसलने से सीधे नीचे न गिरे। एंटी-स्लिप वॉकवे: पानी के पास जाने वाले रास्तों पर ऐसी टाइल्स या खुरदरी सतह होनी चाहिए जिससे काई (Algae) जमने पर भी पैर न फिसले। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल
शुक्र का सिंह राशि में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जरूर करें ये 3 उपाय
venus effect in leo: ब्रह्मांड के वैभव और सौंदर्य के कारक, 'शुक्र देव' अपना नया पड़ाव तय करने जा रहे हैं। 4 जुलाई 2026 की शाम को शुक्र ग्रह चंद्रमा की राशि (कर्क) को अलविदा कहकर अपने मित्र सूर्य की राशि (सिंह) में प्रवेश करेंगे। शुक्र का यह शाही गोचर 1 अगस्त 2026 तक रहेगा। जब सौंदर्य और ऐश्वर्य के देवता सिंह राशि के ठाठ-बाठ में बैठेंगे, तो कई राशियों की किस्मत चमकने वाली है। आइए जानते हैं कि शुक्र का यह 'सिंह यूटी' अंदाज किन 5 राशियों के लिए भाग्य के नए द्वार खोलने जा रहा है। 1. मिथुन राशि: बढ़ेगा रसूख, बस अहंकार से बचें मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर आपके पराक्रम और संवाद के तीसरे भाव में होने जा रहा है। यह समय आपके भीतर एक गजब का आत्मविश्वास और ऊर्जा भरेगा। क्या मिलेगा खास: समाज और कार्यक्षेत्र में आपकी पूछ परख बढ़ेगी। नए लोगों से मुलाकात होगी जो आगे चलकर आपके अच्छे दोस्त और मददगार साबित होंगे। भाई-बहनों और पड़ोसियों के साथ अगर कोई अनबन थी, तो वह दूर होगी। कोई बड़ी खुशखबरी आपका दिन बना सकती है। सावधानी की घंटी: ग्रहों की स्थिति आपको 'ओवर-कॉन्फिडेंट' बना सकती है। खुद को शांत रखें और दूसरों की बात को भी तवज्जो दें, वरना करीबी लोग आपकी जिद से नाराज हो सकते हैं। 2. कर्क राशि: बरसेगी लक्ष्मी, घर आएगा आराम कर्क राशि वालों के लिए यह गोचर आपके धन और कुटुंब के दूसरे भाव को एक्टिवेट कर रहा है। पिछले कुछ समय से राहु-केतु के कारण जो तनाव चल रहा था, उस पर अब शुक्र मरहम लगाने आ गए हैं। क्या मिलेगा खास: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। आपकी पॉकेट अब महंगी चीजें, नए कपड़े या मनपसंद आभूषण खरीदने की गवाही देगी। घर में कोई मांगलिक या उत्सव जैसा माहौल बन सकता है। संगीत, कला और साहित्य में आपकी दिलचस्पी बढ़ेगी और आप परिवार के साथ बेहतरीन क्वालिटी टाइम बिताएंगे। सरकारी काम अटके थे, तो वहां से भी राहत मिलेगी। 3. सिंह राशि: आप ही हैं महफिल की जान शुक्र देव आपकी ही राशि यानी आपके पहले भाव में आकर बैठ रहे हैं। यह गोचर आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही आकर्षण और चमक पैदा करने वाला है। क्या मिलेगा खास: प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। रोमांस का ग्राफ ऊपर जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को अच्छे नतीजे मिलेंगे। अगर आप किसी व्यापारिक या छोटी दूरी की यात्रा पर जाने की सोच रहे हैं, तो यह समय मुनाफा देने वाला रहेगा। सीनियर्स और अनुभवी लोगों का पूरा साथ मिलेगा। सावधानी की घंटी: महिलाओं और अपने से बड़े अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी मर्यादा न भूलें। जरूरत से ज्यादा बेबाकी कभी-कभी भारी पड़ सकती है। 4. तुला राशि: छप्परफाड़ लाभ और तरक्की तुला राशि वालों के लिए तो शुक्र आपके खुद के राशि स्वामी हैं और इस बार वह आपके 'मुनाफे के घर' (11वें भाव) में गोचर कर रहे हैं। आपके लिए यह समय बेहद शानदार रहने वाला है। क्या मिलेगा खास: आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, वहां से लाभ खिंचा चला आएगा। नौकरीपेशा लोगों को दफ्तर में अनुकूल माहौल मिलेगा और बिजनेस करने वालों की दैनिक कमाई में बंपर इजाफा होगा। भौतिक सुख-सुविधाओं और ऐश्वर्य में वृद्धि होगी। मित्रों और भाई-बंधुओं का ऐसा सहयोग मिलेगा जो आपके काम को बेहद आसान बना देगा। 5. धनु राशि: भाग्य का साथ और नई नौकरी के योग धनु राशि वालों के लिए शुक्र का यह गोचर आपके भाग्य स्थान यानी नौवें भाव में होने जा रहा है। इसे कर्म और किस्मत का एक खूबसूरत मिलाजुला दौर कहा जा सकता है। क्या मिलेगा खास: अगर आप लंबे समय से नौकरी बदलने की सोच रहे थे, तो इस दौरान आपको बेहतर पैकेज और बड़ी कंपनी से ऑफर मिल सकता है। किस्मत के सहयोग से धन लाभ होगा। विदेश से जुड़े काम या दूर की यात्राएं आपके लिए फायदेमंद साबित होंगी। किसी धार्मिक या मांगलिक कार्य में शामिल होने का योग बनेगा। सावधानी की घंटी: यात्राओं के दौरान थोड़ी सावधानी बरतें। ग्रहों के मिले-जुले प्रभाव से छोटी-मोटी चोट या सामान खोने का डर रह सकता है, इसलिए सतर्क रहें। शुक्र को और मजबूत करने के 3 अचूक उपाय शुक्र देव की असीम कृपा पाने और इस गोचर का पूरा लाभ उठाने के लिए इन 3 सरल उपायों को करना न भूलें: सफेद वस्तुओं का दान: शुक्रवार के दिन किसी जरूरतमंद को या मंदिर में सफेद चीजें जैसे- चावल, दूध, चीनी या सफेद मिठाई का दान करें। इत्र और स्वच्छता का प्रयोग: शुक्र को साफ-सफाई और खुशबू बेहद पसंद है। रोज सुबह स्नान के बाद चंदन या अपनी पसंद का कोई अच्छा इत्र (Perfume) जरूर लगाएं। मंत्रों का जाप: नियमित रूप से या विशेषकर शुक्रवार के दिन शुक्र के बीज मंत्र ॐ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः का 108 बार जाप करें।
बॉलीवुड के 'सीरियल किसर' और वर्सटाइल एक्टर इमरान हाशमी की साल 2007 में रिलीज हुई कल्ट क्लासिक फिल्म 'आवारापन' की रिलीज को पूरे 19 साल हो चुके हैं। इस खास मौके पर मेकर्स ने फैंस को एक बड़ा सरप्राइज देते हुए 'आवारापन 2' का पहला टीज़र आधिकारिक तौर पर ड्रॉप कर दिया है। 19 साल बाद बड़े पर्दे पर 'शिवम पंडित' की वापसी ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। फिल्म में इमरान हाशमी एक बार फिर उसी दमदार अंदाज में नजर आ रहे हैं। 'आवारापन' के सीक्वल में श्रिया सरन की जगह दिशा पाटनी ने ली है। ALSO READ: किसिंग सीन के दौरान बेकाबू हो गई थीं कंगना रनौट, काट लिए थे वीर दास के होंठ! पत्रकार के दावे पर एक्टर ने तोड़ी चुप्पी टीज़र सीधे दर्शकों के दिलों को छूता है। इसकी शुरुआत इमरान हाशमी के उसी जाने-पहचाने गहरे और दर्द भरे वॉयसओवर से होती है। टीज़र में इमरान कहते हैं— 'कुछ लोगों की कहानियां उनकी मर्जी से खत्म नहीं होतीं... उनकी कहानी दूसरों के लिए लिखी जाती है।' टीज़र को देखकर साफ है कि शिवम पंडित आज भी अपनी पुरानी जिंदगी और आलिया (श्रिया सरन) को खोने के गम से उबर नहीं पाया है। वह एक बार फिर बिना किसी मकसद के अपनी जिंदगी में भटक रहा है। शिवम को आलिया की कब्र पर जाते, बारिश में कीचड़ से सने खतरनाक और ताबड़तोड़ फाइट्स करते और अपनी जिंदगी के बिखराव से जूझते हुए दिखाया गया है। टीज़र का अंत इमरान हाशमी के एक बेहद दमदार और खौफनाक डायलॉग के साथ होता है, जहां उनके चेहरे पर खून और चोट के निशान हैं। वे सीधे कैमरे की तरफ देखते हुए कहते हैं— 'इस बार या तो ये आवारापन खत्म होगा, या मैं।' यह डायलॉग साफ इशारा करता है कि शिवम पंडित के इस सफर का अंत बेहद विनाशकारी और निर्णायक होने वाला है। टीजर में कोई चीज़ सबसे ज्यादा रोंगटे खड़े करने वाली है, तो वह है इसका बैकग्राउंड म्यूजिक। 'आवारापन' फिल्म की आत्मा उसका संगीत था, और मेकर्स ने इस बात का पूरा ख्याल रखा है। टीज़र के बैकग्राउंड में आइकॉनिक गाने 'तो फिर आओ' का नया वर्जन सुनाई देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें दिशा पाटनी और शबाना आजमी की एंट्री 'आवारापन 2' का कैनवास इस बार पहले से कहीं ज्यादा बड़ा और भव्य नजर आ रहा है। टीज़र में एक्ट्रेस दिशा पाटनी की एक बेहद खूबसूरत झलक देखने को मिली है, जो हार्प बजाती नजर आ रही हैं। इसके अलावा, दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी भी बेहद गंभीर और इंटेंस लुक में दिखाई दे रही हैं। साल 2007 में आई फिल्म 'आवारापन' का निर्देशन मोहित सूरी ने किया था, लेकिन इस बार 'आवारापन 2' की कमान नितिन कक्कड़ संभाल रहे हैं। वहीं, फिल्म की गहरी और डार्क स्टोरीलाइन को बिलाल सिद्दीकी ने लिखा है। विशेष फिल्म्स और मुकेश भट्ट के प्रोडक्शन में बन रही यह फिल्म इस बार न केवल इमोशन्स बल्कि हाई-ऑक्टेन एक्शन से भी लोडेड होने वाली है। इमरान हाशमी, दिशा पाटनी और शबाना आजमी स्टारर यह मच-अवेडेट रोमांटिक-एक्शन-थ्रिलर फिल्म 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के वीकेंड पर सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है। बॉक्स ऑफिस पर इसकी टक्कर सनी देओल की फिल्म 'बंटवारा 1947' से होने की उम्मीद है।
स्मृति और जेमीमा की धीमी पारी से कप्तान और फैंस नाराज, हारने की बड़ी वजह
स्मृति मंधाना और जेमीमा रॉड्रिगेस बहुत अच्छी सहेलियां है लेकिन इन दो सहलियों की धीमी पारी ने भारत को टी-20 विश्वकप से बाहर का रास्ता दिखाने में अहम भूमिका निभाई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ स्मृति मंधाना ने 6 चौकों की मदद से 37 गेंदों में 38 रन बनाए। वहीं जेमीमा ने 28 गेंदों में एक चौका और छक्का लगाकर 34 रन बनाए। इसमें से एक चौका शुरुआत में और छक्का पारी के अंत में आया। इनकी धीमी बल्लेबाजी से ना केवल फैंस बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर नाराज है जिन्होंने प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट किया। 17 dot balls 14 single/double 103 strike rate 37 balls What an extraordinary TukTuk knock from Greatest of some times Queen Mandhana in virtual knockout match pic.twitter.com/3iBlNUkP1A — TukTuk Academy (@TukTuk_Academy) June 28, 2026 Smriti Mandhana and Jemimah Rodrigues are pain to watch in a T20 game, They just does not have that power hitting skills. Specially Smriti never performs in crucial matches; overrated tbh. Only Harman Preet Kaur and Deepti Sharma are big match player in this team. #INDWvsAUSW — Ezhil (@Ezhil_Goveas) June 28, 2026 Couple goals pic.twitter.com/VosIoVznnF — Gagan (@1no_aalsi_) June 28, 2026 31(20) & 25(23) in front of kohli pic.twitter.com/7leLEyjM0T — Rahul (@BeingTrickyy) June 28, 2026 Prime example of why you should never make someone a superstar just because of one innings. pic.twitter.com/N5Sr4wsaZr — Shah (@Shahhoon1) June 28, 2026 कप्तान हरमनप्रीत कौर ने आस्ट्रेलिया से मिली हार के बाद महिला टी20 विश्व कप से बाहर होने के बाद रविवार को कहा कि भारतीय टीम अपने स्तर की क्रिकेट नहीं खेल सकी और अब पुनर्विचार का समय आ गया है।हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा ,‘‘ हम कुछ समय तक मैच में थे लेकिन अपने स्तर का खेल नहीं दिखा सके। एक ईकाई के रूप में हमें कई चीजों पर विचार करना होगा।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ हमारा स्कोर ठीक ठाक था। एक समय हमें लगा कि हम कुछ पीछे रह गए हैं लेकिन आखिरी ओवर में मैने भरपाई की। लेकिन हम अच्छा नहीं खेले। आस्ट्रेलिया ने उम्दा गेंदबाजी की। पूरे टूर्नामेंट में अच्छी टीमों के खिलाफ हमारा प्रदर्शन बेहतर नहीं रहा।’’ भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए।ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था।भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया।हालांकि हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ।
दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत
नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की सह प्रभारी डॉ. अल्का गुर्जर के राज्य सभा सदस्य चुने जाने पर रविवार को पार्टी के अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा और सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने डॉ. गुर्जर द्वारा विगत चार […] The post दिल्ली भाजपा के ओबीसी मोर्चा ने किया डॉ. अलका गुर्जर का स्वागत appeared first on Sabguru News .
बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत फिल्मों के साथ-साथ अपने बेबाक बयानों के लिए हमेशा चर्चा में रहती हैं। इस बार वह अपनी किसी नई फिल्म नहीं, बल्कि साल 2014 में रिलीज हुई डार्क कॉमेडी-क्राइम ड्रामा फिल्म 'रिवॉल्वर रानी' के एक पुराने किस्से को लेकर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से फिल्म का किस्सा वायरल हो रहा है। इसके साथ दावा किया जा रहा था कि एक किसिंग सीन के दौरान कंगना ने अपने को-स्टार वीर दास को इस कदर चूमा कि उनके होंठ से खून तक निकल आया था। अब फिल्म के लीड एक्टर वीर दास और खुद कंगना रनौत ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ALSO READ: महज 7 साल की उम्र में उपासना सिंह ने शुरू कर दिया था एक्टिंग करियर, मैंने प्यार किया से इस वजह से हो गई थीं बाहर क्या है पूरा विवाद? इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब वरिष्ठ पत्रकार सिमी चंदोक ने मशहूर होस्ट सिद्धार्थ कानन के पॉडकास्ट में शिरकत की। इंटरव्यू के दौरान सिमी ने दावा किया कि 'रिवॉल्वर रानी' की शूटिंग के दौरान वीर दास को एक बेहद दर्दनाक अनुभव से गुजरना पड़ा था। सिमी चंदोक ने पॉडकास्ट में कहा, वीर दास को अपने पॉडकास्ट पर बुलाइए, शायद वह उस दर्दनाक पल को याद कर रो पड़ेंगे। फिल्म में एक पैशनेट किसिंग सीन फिल्माया जाना था, जिसमें कंगना इतनी खो गईं कि डायरेक्टर के 'कट' बोलने के बाद भी वह नहीं रुकीं। उन्होंने वीर दास के होंठ को इतनी जोर से काटा कि उसमें से खून निकलने लगा था। Right. Just so we are clear. This story is pure fiction. Kangana was a complete professional and I still maintain, a truly gifted artist. This is unfair slander to her. She went on to call me a terrorist a few years later for my comedy but on set…no problems at all. https://t.co/o0AjB04WnT — Vir Das (@thevirdas) June 28, 2026 यह दावा सोशल मीडिया पर आते ही आग की तरह फैल गया और नेटिजन्स इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देने लगे। सोशल मीडिया पर जब यह अफवाह हद से ज्यादा बढ़ने लगी, तब खुद वीर दास ने एक्स पर एक यूजर के सवाल का जवाब देते हुए इस पूरी कहानी को सिरे से खारिज कर दिया। वीर दास ने कंगना रनौत की प्रोफेशनलिज्म की तारीफ करते हुए इसे एक मनगढ़ंत कहानी बताया। वीर दास ने अपने पोस्ट में लिखा, ठीक है, ताकि हम सब पूरी तरह स्पष्ट रहें—यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है। कंगना सेट पर पूरी तरह से प्रोफेशनल थीं और मैं आज भी मानता हूं कि वह एक बेहद प्रतिभाशाली कलाकार हैं। उनके खिलाफ इस तरह की बातें फैलाना पूरी तरह से गलत और अनुचित है। हालांकि, उन्होंने कुछ सालों बाद मेरी कॉमेडी के लिए मुझे 'आतंकवादी' भी कहा था, लेकिन सेट पर... हमें कोई परेशानी नहीं थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें कंगना रनौत का पलटवार वीर दास के इस स्पष्टीकरण के बाद कंगना रनौत भी चुप नहीं बैठीं। उन्होंने वीर दास के पोस्ट को री-शेयर करते हुए न सिर्फ उन्हें सच का साथ देने के लिए धन्यवाद कहा, बल्कि उस पत्रकार पर भी तीखा और तीखा हमला बोला। Thanks Vir but who is she ? Ewww seems like some weirdo using us to satisfy her demonic sex fantasies, I am eating your blood and you are traumatised and crying even today after a decade. How random https://t.co/UhhBxA1Gk8 — Kangana Ranaut (@KanganaTeam) June 28, 2026 कंगना ने बेहद आक्रामक और मजाकिया लहजे में लिखा, थैंक्स वीर, लेकिन यह महिला कौन है? ईयू... ऐसा लगता है कि कोई 'weirdo' (अजीब इंसान) अपनी अजीब यौन कल्पनाओं को संतुष्ट करने के लिए हमारा इस्तेमाल कर रही है। मतलब मैं तुम्हारा खून पी रही हूं और तुम एक दशक बाद भी सदमे में रो रहे हो? यह कितना अजीब और बेतुका है। साई कबीर श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी फिल्म 'रिवॉल्वर रानी' में कंगना रनौत ने 'अलका सिंह' नाम की एक राजनीतिक और दबंग महिला का किरदार निभाया था, जिसे रोहन मेहरा (वीर दास) नाम के एक उभरते हुए बॉलीवुड अभिनेता से प्यार हो जाता है। फिल्म में पीयूष मिश्रा, जाकिर हुसैन और जीशान कादरी ने भी मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं।
2026 Vat Savitri Purnima: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत बेहद खास और आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पावन पर्व विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखती हैं। साल 2026 में यह व्रत पूरे देश में पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा।साल 2026 में वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत 29 जून 2026, सोमवार को रखा जाएगा। ALSO READ: Vat Savitri Vrat Katha: वट सावित्री व्रत पर पढ़ें ये महत्वपूर्ण पौराणिक कथा अमावस्या और पूर्णिमा व्रत में क्या है अंतर? अक्सर महिलाओं में इस व्रत की तारीख को लेकर कन्फ्यूजन रहता है। दरअसल, वट सावित्री का व्रत दो अलग-अलग तिथियों पर रखा जाता है। उत्तर भारत में सुहागिनें ज्येष्ठ अमावस्या के दिन यह व्रत रखती हैं, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में इसे ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है, जिसे वट सावित्री पूर्णिमा कहते हैं। क्यों इतना खास है वट सावित्री पूर्णिमा का महत्व? यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि अटूट प्रेम और दृढ़ संकल्प का उत्सव है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन सती सावित्री ने अपने पातिव्रत धर्म के बल पर मृत्यु के देवता यमराज को भी झुकने पर मजबूर कर दिया था और अपने मृत पति सत्यवान के प्राण वापस ले आई थीं। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, बरगद (वट) के पेड़ में त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। चूंकि यह वृक्ष सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहता है, इसलिए सुहागिनें इसकी पूजा कर अपने पति के लिए भी दीर्घायु (लंबी उम्र) का वरदान मांगती हैं। ALSO READ: वट सावित्री व्रत: सुहागिनों के लिए महाव्रत, जानें पूजा से जुड़ी 10 अनसुनी और जरूरी बातें vat savitri vrat 2026 वट पूर्णिमा 2026: तिथि और पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त अगर आप भी इस साल यह व्रत रख रही हैं, तो उदयातिथि के अनुसार पूजा के सही समय और तारीख को डायरी में नोट कर लें: पूर्णिमा तिथि शुरू: 29 जून 2026 को तड़के/ सुबह 03:06 बजे से पूर्णिमा तिथि समाप्त: 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे। व्रत की तारीख: उदयातिथि की मान्यता के अनुसार, व्रत और पूजन सोमवार, 29 जून को ही किया जाएगा। पूजा के लिए सबसे उत्तम समय: सुबह का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: सुबह 08:55 AM से सुबह 10:40 AM तक अभिजीत मुहूर्त (महा शुभ): दोपहर 11:57 AM से दोपहर 12:52 PM तक स्टेप-बाय-स्टेप संपूर्ण पूजन विधि इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं। आइए जानते हैं पूजा का सही तरीका: स्नान और संकल्प: सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करें। इस दिन लाल, पीले या हरे रंग के पारंपरिक वस्त्र पहनना बेहद शुभ माना जाता है। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। पूजा की थाली: अपनी थाली में रोली, अक्षत/ चावल, धूप, दीपक, भीगे हुए चने, कलावा (कच्चा सूत), फल, मिठाई और जल का पात्र सजाएं। साथ ही माता सावित्री और सत्यवान की मूर्ति या तस्वीर साथ रखें। वट वृक्ष की पूजा: बरगद के पेड़ के पास जाकर सबसे पहले जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ को तिलक लगाएं, अक्षत, फूल और भीगे हुए चने चढ़ाएं। सूत लपेटना और परिक्रमा: हाथ में कलावा या कच्चा सूत लेकर बरगद के पेड़ की 7, 11, 21 या 108 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय सूत को पेड़ के तने पर लपेटते जाएं और मन में पति की लंबी उम्र की प्रार्थना करें। कथा और आरती: पूजा स्थल पर बैठकर सावित्री-सत्यवान की पौराणिक व्रत कथा जरूर सुनें। इसके बाद धूप-दीप से आरती करें और बांस के पंखे से वट वृक्ष व मूर्तियों को हवा करें। बड़ों का आशीर्वाद: पूजा संपन्न होने के बाद घर के बुजुर्गों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लें। उन्हें 'बायना' में सुहाग सामग्री और मिठाई भेंट करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vat Savitri Vrat: वट सावित्री व्रत का अर्थ, पूजा विधि, आरती, चालीसा और कथा
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 29 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज आप पर काम का दबाव बढ़ सकता है। लव: रिश्ते में छोटे-मोटे मतभेद हो सकते हैं। धन: आज बढ़ते अनावश्यक अचानक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए प्रयास करेंगे। उपाय: मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें। ALSO READ: Weekly Horoscope 29 June to 05 July 2026: 29 जून से 05 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल 2. वृष (Taurus) करियर: आज आपको परिश्रम का फल मिलेगा। लव: लव लाइफ में सामंजस्य बना रहेगा। धन: आप आज कुछ नए निवेश के बारे में सोच सकते हैं। स्वास्थ्य: माता की सेहत ठीक रहेगी। उपाय: गाय को ताजा घी खिलाएं और मंदिर में पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज करियर में आप अपनी समझदारी से स्थिति को संभाल सकते हैं। लव: लव लाइफ में थोड़ी दूरी महसूस हो सकती है। धन: आज फालतू के अनावश्यक खर्चों से बचें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति के लिए ध्यान करेंगे। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: आज कार्यस्थल पर सफलता के योग हैं। लव: लव लाइफ में प्रेम बढ़ेगा। धन: आज आप धन को बचाने पर ध्यान देंगे। स्वास्थ्य: अच्छी सेहत हेतु समय निकालकर आराम करें। उपाय: मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपके प्रयासों का फल मिलेगा। लव: प्रेमीसंग प्यार और विश्वास बढ़ेगा। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में ताजगी हेतु थोड़ा समय खुद के लिए निकालें। उपाय: शनिवार को लाल वस्त्र पहनें और दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने प्रयासों को बनाए रखें। लव: लव लाइफ में आपसी संवाद से स्थिति सुधर सकती है। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: आज सेहत सामान्य रहेगी। उपाय: गणेश जी की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: 29 जून से 5 जुलाई 2026 का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत 7. तुला (Libra) करियर: करियर का कोई नया अवसर आपके लिए लाभकारी रहेगा। लव: लव लाइफ में विश्वास और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी। उपाय: आज माता दुर्गा की पूजा करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यस्थल पर सावधानी से काम करें। लव: प्रेम रिश्ते में थोड़ा तनाव हो सकता है। धन: कारोबार में धन की स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: आज मानसिक शांति के लिए ध्यान करें। उपाय: लाल चंदन का तिलक करें और घर में साफ-सफाई रखें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपको नए अवसर मिल सकते हैं। लव: लव लाइफ में पार्टनर के साथ रोमांटिक पल बिताएंगे। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से अच्छा महसूस करेंगे। उपाय: आज ब्राह्मणों को भोजन कराएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: आज कार्यस्थल पर बात करके समस्या का समाधान निकाले। लव: रिश्ते में थोड़ा तनाव हो सकता है। धन: आज खर्चों पर ध्यान दें और बचत को प्राथमिकता दें। स्वास्थ्य: सेहत ठीक न हो तो थोड़ी देर के लिए आराम करें। उपाय: खाने की चीजें किसी को दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरीपेशा को कार्यस्थल पर मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। लव: लव लाइफ में आज पार्टनर के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर है। धन: आज किसी भी बड़े खर्च से बचें। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट महसूस करेंगे। उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल पर कलीग्स से कहासुनी हो सकती है। लव: रिश्ते में थोड़ी सामंजस्य की आवश्यकता हो सकती है। धन: आज धन हानि के संकेत हैं। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सतर्क रहें। उपाय: आज ताजे फलों का दान करें। ALSO READ: Vat Savitri Vrat 2026: ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का क्या है महत्व, पढ़िए पौराणिक कथा
धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी की मोदी कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का मंत्रालय बदले जाने और RBI के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास को नया वित्तमंत्री बनाए जाने की सुगबुगाहट है। सूत्रों के मुताबिक, मोदी मंत्रिमंडल में ये बड़ा फेरबदल अगले कुछ हफ्ते में हो सकता है। 1. धर्मेंद्र प्रधान, शिक्षा मंत्री ये हैं कौनः संघ और विद्यार्थी परिषद के बैकग्राउंड वाले धर्मेंद्र प्रधान 2 बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। अभी ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद और पिछले 12 साल से मोदी सरकार में मंत्री। जुलाई 2021 से शिक्षा मंत्री हैं। क्यों हटाए जा सकते हैं: धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षामंत्री रहते 5 बड़ी लापरवाहियां हुईं- 2026 में NEET पेपर लीक, CBSE बोर्ड की कॉपी चेकिंग में गड़बड़ी, UGC इक्विटी गाइडलाइन्स, 2024 में UGC-NET पेपर लीक और 2020 में आई नई शिक्षा नीति के लागू होने में देरी। इसके चलते केंद्र सरकार बार-बार बैकफुट पर दिखी। 2. हरदीप सिंह पुरी, पेट्रोलियम मंत्री ये हैं कौनः 1974 बैच के रिटायर्ड IFS अफसर हरदीप सिंह पुरी 2014 में बीजेपी से जुड़े। 2 बार राज्यसभा सांसद बने। सितंबर 2017 से केंद्रीय मंत्री हैं। अभी इनके पास पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय है। क्यों हटाए जा सकते हैं: सेक्स स्कैंडल 'एपस्टीन फाइल्स' में पुरी का नाम जुड़ा। फरवरी में कांग्रेस ने दावा किया कि 2014-17 के बीच पुरी ने जेफरी एपस्टीन से 62 ईमेल एक्सचेंज किए और 14 मीटिंग्स कीं। उन्हें हटाने की एक वजह उनकी उम्र भी हो सकती है। 74 साल के पुरी पिछले 9 साल से मंत्री हैं। 3. रवनीत सिंह बिट्टू, रेल राज्यमंत्री ये हैं कौनः पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते रवनीत सिंह बिट्टू कांग्रेस में 3 बार लोकसभा सांसद बने। मार्च 2024 में बीजेपी से जुड़े। फिर राज्यमंत्री बने। अगस्त 2024 में राजस्थान से राज्यसभा पहुंचे। क्यों हटाए जा सकते हैं: 3 जून को बिट्टू ने अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में उतरने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने कहा, 'मैंने लोकसभा और राज्यसभा में 17 साल पूरे कर लिए हैं। मैंने अपना सामान पैक कर लिया है और पंजाब जाने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।' 4 जून को बीजेपी ने राज्यसभा के लिए 11 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। इसमें बिट्टू का नाम नहीं था। 21 जून 2026 को उनका राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो गया। बिट्टू बीजेपी को पंजाब की सत्ता तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। लुधियाना की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। 4. पंकज चौधरी, वित्त राज्यमंत्री ये हैं कौनः उत्तर प्रदेश की महाराजगंज सीट से 7 बार के लोकसभा सांसद पंकज चौधरी जुलाई 2021 से वित्त राज्यमंत्री हैं। दिसंबर 2025 में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। क्यों हटाए जा सकते हैं: बीजेपी की इंटरनल पॉलिसी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के चलते चौधरी को मोदी कैबिनेट से मुक्त किया जा सकता है, ताकि 2027 यूपी विधानसभा और 2029 लोकसभा चुनाव के लिए उनका पूरा फोकस संगठन और इलेक्शन मैनेजमेंट पर रहे। 5. हर्ष मल्होत्रा, सहकारिता राज्यमंत्री ये हैं कौनः 2015-16 में पूर्वी दिल्ली नगर निगम के महापौर बने। 2024 में पूर्वी दिल्ली से सांसद और मोदी कैबिनेट में राज्यमंत्री बने। मई 2026 में दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष बने। क्यों हटाए जा सकते हैंः बीजेपी की 'एक व्यक्ति, एक पद' की नीति के तहत 62 साल के मल्होत्रा को कैबिनेट से हटाया जा सकता है। 6. जॉर्ज कुरियन, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ये हैं कौनः सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे। जून 2024 में मोदी सरकार में राज्य मंत्री बने। अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय का जिम्मा संभाला। अगस्त 2024 में मध्यप्रदेश से राज्यसभा पहुंचे। क्यों इस्तीफा दिया: 23 जून को मोदी कैबिनेट के इकलौते ईसाई मंत्री कुरियन ने इस्तीफा दे दिया। इसकी एक वजह अप्रैल-मई में हुआ केरलम विधानसभा चुनाव भी है। बीजेपी को उम्मीद से कमतर नतीजे मिले। 65 साल के कुरियन ने भी चुनाव लड़ा, लेकिन ‘कंजिराप्पल्ली’ सीट पर वे तीसरे नंबर पर रहे। 1. शक्तिकांत दास ये हैं कौनः तमिलनाडु कैडर के 1980 बैच के रिटायर्ड IAS अफसर शक्तिकांत दास पीएम मोदी के प्रधान सचिव-2 हैं। आर्थिक मामलों के सचिव, राजस्व सचिव, 15वें वित्त आयोग के सदस्य, G20 शेरपा और 2018 से 2024 तक RBI के गवर्नर रह चुके हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: मोदी सरकार के बड़े आर्थिक फैसले- नोटबंदी और GST लागू करने में दास की अहम भूमिका रही। बतौर RBI गवर्नर 3 बार कार्यकाल विस्तार मिलना उन पर मोदी सरकार के भरोसे का सबूत है। इस दौरान दास ने भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखा, डिजिटल पेमेंट्स को बढ़ावा दिया और बैंकिंग रेगुलेशन मजबूत किया। सरकार को उम्मीद है कि प्रशासनिक और आर्थिक समझ रखने वाले दास वित्तीय स्थिति को मजबूत करेंगे। 2. अनुराग ठाकुर ये हैं कौनः हिमाचल प्रदेश के पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं। BCCI के अध्यक्ष रहे। हमीरपुर लोकसभा सीट से लगातार 5वीं बार सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अनुराग राज्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। तब बतौर सूचना एवं प्रसारण मंत्री उनका रिपोर्ट कार्ड अच्छा था। अगले साल हिमाचल में विधानसभा चुनाव है। बीजेपी चाहती है कि अनुराग के बूते युवा वोटर्स को लामबंद करके मौजूदा कांग्रेस सरकार हटाए और सत्ता में आए। 3. वीडी शर्मा ये हैं कौनः मध्यप्रदेश से आने वाले वीडी शर्मा पुराने स्वयंसेवक माने जाते हैं। 3 दशकों तक RSS और ABVP में काम किया। 2013 में बीजेपी में एक्टिव हुए। 2020 से 2025 तक बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष रहे। अभी खजुराहो से लगातार दूसरी बार सांसद हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: मध्यप्रदेश के ज्यादातर राष्ट्रीय नेताओं को राज्य की राजनीति तक सीमित कर दिया गया है। जैसे- नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद सिंह पटेल। 55 साल के वीडी शर्मा को केंद्र में मंत्री पद देकर बीजेपी मध्यप्रदेश से अगली पीढ़ी के राष्ट्रीय नेता तैयार करना चाहती है। पार्टी में वीडी की छवि मजबूत संगठनकारी नेता की है। उनके अध्यक्ष रहते बीजेपी ने 2024 में मध्यप्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटें जीतीं। 4. तरुण चुग ये हैं कौनः पंजाब के अमृतसर से आते हैं। RSS का बैकग्राउंड है। 2 बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन जीते नहीं। 2018 से वे बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। एंट्री क्यों हो सकती है: हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने पंजाब के कोटे से चुग को मध्यप्रदेश से उतारा और वे जीते भी। चुग को रवनीत सिंह बिट्टू की जगह राज्यसभा सीट मिली और अब मंत्री पद भी मिल सकता है। 5. राघव चड्ढा ये हैं कौनः चार्टर्ड अकाउंटेंट से नेता बने। अरविंद केजरीवाल के करीबी रहे। 2020 में दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष बने। 2022 में पंजाब से राज्यसभा पहुंचे। एंट्री क्यों हो सकती है: अप्रैल में राघव ने AAP के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी जॉइन कर ली। बीजेपी की कोशिश है- अगले साल पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनाव में राघव के बूते AAP को हराना। दरअसल, पंजाब के पिछले विधानसभा चुनाव में राघव ने AAP के लिए ग्राउंड वर्किंग और इलेक्शन मैनेजमेंट किया था। उन्हें AAP की अंदरूनी बातें पता हैं। राघव बीजेपी के लिए पंजाब में एग्रेसिव कैम्पेन कर सकते हैं। शहरी इलाकों और जेन-G वोटर्स में बीजेपी के लिए पैठ बना सकते हैं। 6. श्रीकांत शिंदे ये हैं कौनः महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। कल्याण सीट से लगातार तीसरी बार सांसद। एंट्री क्यों हो सकती है: शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 लोकसभा सांसदों तोड़ने के लिए हुए ‘ऑपरेशन टाइगर’ में श्रीकांत ने अहम भूमिका निभाई। इनाम के तौर पर मंत्री पद मिल सकता है। 7. संजय दीना पाटिल ये हैं कौनः NCP से राजनीति शुरू की। मुंबई की भांडुप से विधायक रहे। 2009 में उत्तर-पूर्वी मुंबई से लोकसभा सांसद बने। 2022 में शिवसेना (उद्धव) से जुड़े और 2024 में दोबारा लोकसभा सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: ‘ऑपरेशन टाइगर’ के चलते पाटिल शिवसेना (शिंदे) में आए हैं। बागी होने के इनाम के तौर पर संजय को भी मंत्री पद मिल सकता है। इसके पीछे स्ट्रैटजी है- शिवसेना (उद्धव) को और कमजोर करना, बीजेपी वाले ‘महायुति गठबंधन’ को मजबूत करना। 8. काकोली घोष दस्तीदार ये हैं कौनः डॉक्टर से नेता बनीं काकोली पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से लगातार चौथी बार सांसद हैं। TMC की संस्थापक सदस्य और पूर्व सीएम ममता बनर्जी की करीबी रहीं। एंट्री क्यों हो सकती है: काकोली नेतृत्व में 20 TMC सांसद बागी हो गए। बाद में NCPI से जुड़े और बीजेपी को सपोर्ट दिया। इस टूट के इनाम के तौर पर काकोली को मंत्री बनाया जा सकता है। 9. अरुण गोविल ये हैं कौनः 'रामायण' सीरियल में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल। 2021 में वे बीजेपी से जुड़े। 2024 में उत्तर प्रदेश की मेरठ लोकसभा सीट से सांसद बने। एंट्री क्यों हो सकती है: अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। सोशल इंजीनियरिंग के तहत गोविल को मंत्री बनाया जा सकता है। गोविल पश्चिमी यूपी के वैश्य समाज से आते हैं। उनके बूते बीजेपी हिंदुत्व और सांस्कृतिक मुद्दे को भुना सकती है। 1. निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री ये हैं कौनः कर्नाटक से आने वाली निर्मला सीतारमण 2014 से राज्यसभा सांसद हैं। 2017 में वे रक्षा मंत्री बनीं। 2019 से वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री हैं। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: सरकार और भारत की माली हालात कुछ महीनों से ठीक नहीं है। महंगाई पिछले 16 महीने के ऊंचे स्तर पर 3.9% पर पहुंच गई है। जबकि पीएम मोदी का लक्ष्य है- भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी और ग्लोबल मैन्युफेक्चरिंग हब बनाना। सरकार को लग रहा है कि किसी टेक्नोक्रेट को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाए। ऐसे में निर्मला की जगह RBI गवर्नर रहे शक्तिकांत दास को लाया जा सकता है। निर्मला को शिक्षा मंत्रालय मिल सकता है। 2. ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ये हैं कौनः मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया 2020 में कांग्रेस से बीजेपी में आए। जुलाई 2021 में मोदी सरकार में मंत्री बने। नागरिक उड्डयन और दूरसंचार जैसे मंत्रालय संभाले। अभी उनके पास पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्रालय का जिम्मा है। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: सिंधिया 'हाई-परफॉर्मिंग' और डिलीवर करने वाले नेता माने जाते हैं। उनकी क्षमता और प्रभाव को देखते हुए उन्हें प्रमोट करने की तैयारी है। उन्हें रेल, वाणिज्य, उद्योग जैसा कोई अहम मंत्रालय मिल सकता है। 3. प्रह्लाद जोशी, नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री ये हैं कौनः कर्नाटक बीजेपी के अध्यक्ष रहे प्रहलाद जोशी धारवाड़ से लगातार 5वीं बार सांसद हैं। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य, कोयला और खनन मंत्री रहे। अभी वे नवीकरणीय ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं। मंत्रालय क्यों बदल सकता है: जोशी के सांगठनिक और संसदीय अनुभव के मद्देनजर उन्हें किसी बड़े या ज्यादा राजनीतिक प्रभाव वाले मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। 2028 में जोशी के गृह राज्य कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हैं, जहां बीजेपी को उम्मीदें हैं। 2014 से केंद्र में काबिज बीजेपी की मोदी सरकार में अब तक 4 बड़े फेरबदल हो चुके हैं। मोदी कैबिनेट में हुए फेरबदल में कुछ ट्रेंड नजर आते हैं… 1. परफॉर्मेंस नहीं तो छुट्टी तय कॉर्पोरेट कंपनियों की तरह मोदी सरकार में भी अगर कोई मंत्री उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता या उसके मंत्रालय से जुड़ा कोई विवाद खड़ा हुआ, तो बिना किसी हिचकिचाहट के उसकी छुट्टी कर दी जाती है। #MeToo मामले में घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने 2018 में इस्तीफा दिया था। 2021 में कोरोना महामारी के मिस-मैनेजमेंट के बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को हटाया गया था। बतौर आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद, शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को अच्छा प्रदर्शन न होने के कारण कैबिनेट से बाहर कर दिया गया था। 2. नौकरशाहों और एक्सपर्ट्स पर भरोसा मोदी सरकार में सिर्फ पारंपरिक नेता ही मंत्री नहीं बनते, बल्कि जटिल और अहम मंत्रालयों का जिम्मा पूर्व IAS, IFS अफसर या डोमेन एक्सपर्ट्स (टेक्नोक्रेट्स) को देने का चलन भी है। जैसे- पूर्व विदेश सचिव एस. जयशंकर को विदेश मंत्री बनाना, पूर्व IAS अफसर अश्विनी वैष्णव को रेल और आईटी मंत्रालय सौंपना, पूर्व IAS अफसर अर्जुन राम मेघवाल और रिटायर्ड IFS अफसर हरदीप सिंह पुरी को केंद्रीय मंत्री बनाना। 3. चुनावी राज्यों की इंजीनियरिंग मोदी सरकार में ये पैटर्न रहा है कि हर कैबिनेट फेरबदल में अगले विधानसभा चुनावों की सोशल और इलेक्टोरल इंजीनियरिंग को सेट किया जाता है। जुलाई 2021 में मोदी कैबिनेट का सबसे बड़ा फेरबदल हुआ। तब उत्तर प्रदेश के पंकज चौधरी, अजय मिश्रा टेनी, अनुप्रिया सिंह पटेल, एसपी सिंह बघेल, भानु प्रताप सिंह वर्मा, कौशल किशोर; गुजरात के महेंद्र मुंजापारा, दर्शना जरदोश, देवूसिंह चौहान जैसे नेताओं को मंत्री बनाया गया था। इसके पीछे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव थे। 4. ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की पॉलिसी बीजेपी बार-बार ये बात दोहराती है कि वे ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति अपनाती है। यानी कोई नेता सरकार और संगठन दोनों में एक साथ बड़े पद नहीं पा सकता। जैसे- 2014 में राजनाथ सिंह गृहमंत्री बने, तो 2 महीने बाद बीजेपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। 2019 में जब अमित शाह गृहमंत्री बने, तो अगले ही महीने जगत प्रकाश नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया और 8 महीने बाद शाह ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। जनवरी 2026 में जब नितिन नबीन पार्टी अध्यक्ष बने, तो उन्हें बिहार सरकार में मंत्री पद छोड़ना पड़ा। --------------------- ये भी खबर पढ़िए… मोदी सरकार को क्यों चाहिए 362 सांसद; TMC के 20, शिवसेना UBT के 6 सांसद टूटे; बाकी 44 कहां से जुटाएंगे 14 जून को TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने गुमनाम सी पार्टी NCPI में विलय कर लिया। आज शिवसेना (उद्धव गुट) के 9 से 6 लोकसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी। इससे पहले 24 अप्रैल को आम आदमी पार्टी के 10 में से 7 राज्यसभा सांसदों ने भी बगावत कर दी थी। ये सभी बागी BJP या NDA में शामिल हुए हैं। पूरी खबर पढ़िए…
चल रहे फीफा वर्ल्ड कप के 18 दिन हो चुके हैं। 48 टीमों के 72 मैच में 215 गोल हो चुके हैं। ईनाम की रकम है 8 हजार करोड़ रुपए। पर ये फुटबॉल बला है क्या जो इंसानी हाथों से ज्यादा कदमों को तरजीह देता है। कब पैदा हुआ, क्यों पैदा हुआ, कायदे-कानून कैसे और किसने बनाए, साथ में कुछ खास किस्से। 4 चैप्टर और 14 ग्राफिक्स में यही बातें हैं… ----------- **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी, अंकलेश विश्वकर्मा और अंकुर बंसल ---------- यह खबर भी पढ़िए… क्या IPL का डाउनफॉल शुरू:टीवी दर्शक 26% घटे, विदेशी खिलाड़ी आधा सीजन ही खेल रहे; टॉप एक्सपर्ट्स ने बताईं वजहें और समाधान इस साल IPL के फर्स्ट हाफ में टीवी व्यूअरशिप 26% गिरी है। स्पॉन्सर 65 से 45 रह गए हैं। ईडन गार्डन जैसे स्टेडियम भी कुछ मैचों में आधे ही भर पाए। कई विदेशी खिलाड़ियों ने भी आधे सीजन बाद टीम को जॉइन किया। पूरी खबर पढ़िए…
भारत की वॉलीबॉल टीम ने बहरीन को 3-1 से हराकर जीता एतिहासिक कांस्य पदक
भारत की वॉलीबॉल टीम ने रविवार को बहरीन के खिलाफ 3-1 से कांस्य पदक मैच जीतकर पहली बार एवीसी पुरुष कप का कांस्य पदक जीत लिया। शनिवार को टीम इंडोनेशिया से हारकर फाइनल में प्रवेश पाने से चूक गई थी। हालांकि टीम ने रविवार को कोई गलती नहीं की। अगर यह प्रदर्शन जारी रहा तो अगले टूर्नामेंट से भारतीय वॉलीबॉल टीम ओलंपिक का टिकट बुक कर सकती है। YESSESSSSSSSS, THE BOYS DID IT!!!! India Volleyball Team defeated Defending Champion Bahrain to win Bronze at AVC Men's Cup 2026 FIRST EVER MEDAL FOR INDIA, JUST WOW!! pic.twitter.com/QcF5JVVGsI — The Khel India (@TheKhelIndia) June 28, 2026
ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हराकर किया महिला T-20I विश्वकप से बाहर
AUSvsIND ऑस्ट्रेलिया की टीम ने भारत को लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टी-20 विश्वकप के अहम मैच में 6 विकेट से हराकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया। भारत के बाहर होने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम को सेमीफाइनल का स्थान मिल गया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए। Australia end India's #T20WorldCup hopes with a brilliant chase at Lord's : https://t.co/e07BKXcz3s pic.twitter.com/Hyds4GU0l0 — ICC (@ICC) June 28, 2026 हालांकि हरमनप्रीत कौर के अलावा बाकी सारे बल्लेबाजों ने काफी धीमे खेला जो आगे जाकर काफी महंगा साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने यह लक्ष्य 4 विकेट खोकर 1 ओवर पहले पा लिया। ऑस्ट्रेलिया की ओर से एलिस पेरी और एश्ले गार्डनर ने अर्धशतक लगाए। श्री चरनी ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए। कप्तान हरमनप्रीत कौर (56) के अर्धशतक की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ महिला टी 20 विश्व कप ‘करो या मरो’ के ग्रुप एक मुकाबले में रविवार को चार विकेट पर 170 रन का सम्मानजनक स्कोर बना लिया। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और उसके शीर्ष क्रम के चारों बल्लेबाजों ने रन बटोरे। भारत ने आखिरी दो ओवर में 36 और आखिरी पांच ओवरों में 59 रन बटोरते हुए खुद को अच्छी स्थिति में पहुंचा लिया। हरमनप्रीत ने अपना बेस्ट सबसे अहम मैच के लिए बचाकर रखा था। ऑस्ट्रेलिया की फील्डिंग ने भी भारत का सहयोग किया वर्ना स्कोर 170 की जगह 155 के करीब रह सकता था। भारत ने आखिरी दो ओवरों में 36 रन ठोके और 170 रन का स्कोर खड़ा किया। अहम मौके पर कप्तान ने ज़िम्मेदारी संभाली और अपनी टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला। हरमनप्रीत ने 27 गेंदों की अपनी आक्रामक अर्धशतकीय पारी में छह चौके और तीन छक्के मारे। उनके मैदान पर आने और कमान संभालने से पहले बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन काफ़ी सुस्त था। स्मृति मंधाना (38) ने आक्रामक खेलने की कोई खास कोशिश नहीं की, शेफाली वर्मा ने 34 रन बनाये। जेमिमा रोड्रिग्स (34) भी खुलकर नहीं खेल पा रही थीं और ऑस्ट्रेलियाई टीम खेल के मौजूदा हालात से खुश दिख रही थी। लेकिन आखिरी दो ओवर बहुत महंगे साबित हुए, क्योंकि हरमनप्रीत ने विपक्षी कप्तान की गेंदबाज़ी पर लगातार तीन छक्के जड़े। ऑस्ट्रेलिया से कुछ गलतियाँ भी हुईं; उन्होंने उन आखिरी पलों में कुछ कैच छोड़े, जब दर्शक कप्तान का हौसला बढ़ा रहे थे।
भारत में बढ़ रही है खतरनाक उमस, जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाया हीट स्ट्रेस का खतरा
क्या भारत में सिर्फ तापमान ही नहीं बल्कि उमस भी खतरनाक स्तर तक पहुंच रही है? नई रिपोर्ट बताती है कि जलवायु परिवर्तन ने जानलेवा हीट स्ट्रेस के दिनों को दोगुना कर दिया है।
T20I WC: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमन शो, भारत पहुंचा 170 रनों तक
AUSvsIND ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने महिला टी-20 विश्वकप के एक अहम मैच में सधी हुई बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 170 रन बना लिए। भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर ने विस्फोटक अर्धशतक जडा। ऑस्ट्रेलिया की कप्तान ने सर्वाधिक 2 विकेट लिए लेकिन वह अंतिम ओवर में खासी महंगी साबित हुई। हरमनप्रीत कौर ने 27 गेंदों में 6 चौके और 3 छक्के लगाकर 56 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की खराब फील्डिंग ने जेमीमा रॉड्रिगेज को 2 और हरमनप्रीत को 1 कैच दिया। Innings Break! A solid batting effort from #TeamIndia in an all important game Over to the bowlers to defend this Scorecard https://t.co/WlUV2rjwTj #T20WorldCup | #WomenInBlue | #AUSvIND pic.twitter.com/vwZGJhpZxk — BCCI Women (@BCCIWomen) June 28, 2026 भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी,श्री चरणी। ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।
22 से 26 जून 2026 तक बांग्लादेशी पीएम तारिक रहमान चीन में थे। इसी दौरान बांग्लादेश ने अपने मोंगला पोर्ट का प्रोजेक्ट भारत से छीनकर चीन को दे दिया। यानी हमारे तट से महज 80 किमी दूर मोंगला पोर्ट पर चीन बैठेगा। भारत की ‘चिकन नेक’ से 100 किमी दूर तीस्ता नदी को भी चीन मैनेज करेगा। आखिर चीन इन इलाकों में क्या करने वाला है और ये भारत की सुरक्षा के लिए कितना बड़ा खतरा; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बांग्लादेश ने भारत से मोंगला प्रोजेक्ट छीनकर चीन को क्यों दिया? जवाब: 2015 में बांग्लादेश ने भारत से दो इकॉनमिक जोन बनाने के लिए समझौता किया था। इनमें एक मोंगला पोर्ट और दूसरा चटगांव का इलाका था। बांग्लादेशी अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के मुताबिक, मोंगला प्रोजेक्ट की शुरुआत में भारत के पैसे से मोंगला पोर्ट से खुलना के बीच एक नई रेलवे लाइन बनी। 2018 में भारत सरकार ने मोंगला प्रोजेक्ट का थका हीरानंदानी ग्रुप को दिया। मार्च 2022 में बांग्लादेश इकॉनोमिक जोन अथॉरिटी यानी BEZA और हीरानंदानी ग्रुप की कंपनी एविटा कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता किया। हालांकि अगस्त 2024 में बांग्लादेश में शेख हसीना का तख्तापलट होने के चलते ये प्रोजेक्ट रुक गया। शेख हसीना भारत आ गईं। शेख हसीना तब भारत आ गई थीं और बांग्लादेश के अंतरिम राष्ट्रपति बने मुहम्मद यूनुस के दौर में इस प्रोजेक्ट पर बात आगे नहीं बढ़ी। हसीना के बाद एंटी इंडियन मानी जाने वाली खालिदा जिया की पार्टी BNP सत्ता में आई और फरवरी 2026 में उनके बेटे तारिक रहमान पीएम बने। BEZA के मुताबिक, भारतीय कंपनी तय शर्त के मुताबिक दो साल के भीतर काम शुरू नहीं कर पाई। इसी बीच जून 2025 में बांग्लादेश में तैनात चीनी दूतावास के ऑफिसर्स ने मोंगला पोर्ट पर एक चीनी इकॉनमिक जोन बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसके बाद अक्टूबर 2025 में बांग्लादेश सरकार ने भारत के साथ प्रोजेक्ट रद्द कर दिया। 25 जून 2026 को तारिक रहमान के चीन दौरे के बीच BEZA और चीन की सरकारी कंपनी चाइना सिविल इंजीनियरिंग कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (CCECC) के बीच पोर्ट के डेवेलपमेंट के अलावा आसपास की 110 एकड़ जमीन पर इकनोमिक जोन बनाने का समझौता हुआ है। इसके अलावा 25 मार्च 2025 को मोंगला पोर्ट अथॉरिटी (MPA) और CCECC के बीच मोंगला पोर्ट के डेवेलपमेंट के लिए 370 मिलियन डॉलर के एक अलग प्रोजेक्ट पर भी समझौता हुआ था। हालांकि इस पर अब तक काम नहीं शुरू हुआ है। सवाल-2: अब चीन मोंगला पोर्ट पर क्या करने जा रहा है? जवाब: चीन मोंगला पोर्ट पर 2 काम करेगा... 1. पोर्ट का डेवेलपमेंट 2. पोर्ट के पास इकॉनोमिक जोन 26 जून को बांग्लादेश-चीन के जॉइंट स्टेटमेंट में 2 और प्रोजेक्ट चीन को देने की बात कही गई है। इसमें लिखा है कि दोनों देश चटगांव में चीन के इकॉनोमिक एंड इंडस्ट्रियल जोन को डेवेलपमेंट करेंगे। साथ ही चीन तीस्ता नदी के प्रबंधन में हर संभव मदद करेगा। सवाल-3: ये प्रोजेक्ट चीन को मिलना भारत के लिए चिंता की बात क्यों?जवाब: भारत के लिए 4 बड़ी दिक्कतें हैं... 1. चीन के मुकाबले में कूटनीतिक हार 2. बंगाल की खाड़ी में भारत के लिए नया खतरा 3. तीस्ता नदी प्रोजेक्ट से 'चिकन नेक' पर खतरा 4. भारत की बिजनेस कनेक्टिविटी को नुकसान सवाल-4: चीन के बढ़ते दबदबे से कैसे निपटेगा भारत?जवाब: हिंद महासागर को भारत का 'आंगन' कहा जाता है, लेकिन यहां चीन अपनी ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल’ कही जाने वाली स्ट्रैटजी के तहत बंदरगाह, हवाई पट्टी और नेवल बेस बना रहा है। चीनी कंपनियां हिंद महासागर में 17 बंदरगाहों में से 13 का डेवेलपमेंट कर रही हैं, जबकि बाकी प्रोजेक्ट्स में उनकी हिस्सेदारी हैं। हिंद महासागर में चीन की हरकतें भारत के लिए बड़ी चुनौती हैं। इसके जवाब में भारत भी उल्टा जाल बुन रहा है। भारत की स्ट्रैटजी का नाम है- ‘नेकलेस ऑफ डायमंड’। हालांकि ये भारत सरकार का कोई घोषित प्रोजेक्ट या डॉक्ट्रिन नहीं है। ‘नेकलेस ऑफ डायमंड’ के तहत 4 बड़े काम हो रहे हैं… ---- ये खबर भी पढ़ें… भास्कर एक्सप्लेनर- शेख हसीना भारत से कहां जाएंगी:बांग्लादेश की सत्ता अब कौन संभालेगा; 8 सवालों में आगे की कहानी पड़ोसी देश बांग्लादेश की कहानी हर गुजरते घंटे के साथ बदल रही है। करीब 2 महीने से चल रहे आरक्षण विरोधी आंदोलन हिंसक होने के बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा है। वो सेना के हेलिकॉप्टर से पहले अगरतला पहुंचीं और वहां से C-130J मिलिट्री विमान से गाजियाबाद के हिंडन मिलिट्री एयरबेस पर लैंड हुईं। पूरी खबर पढ़ें…
फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत
पेरिस। फ्रांस के नैन्सी शहर के पास एक नागरिक विमान के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से उसमें सवार सभी 11 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार टॉमब्लेन हवाई अड्डे के समीप यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें स्काईडाइवर सवार थे जो एक प्रशिक्षण उड़ान पर थे। यह विमान पहली बार पैराशूट जंप […] The post फ्रांस के नैन्सी शहर में विमान दुर्घटनाग्रस्त, 11 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा
जोधपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को जोधपुर हवाई अड्डे का दौरा करके आगामी चार जुलाई को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने वाले उद्घाटन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान शर्मा ने नवीन टर्मिनल का जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नवीन टर्मिनल का निरीक्षण […] The post भजनलाल ने जोधपुर एयरपोर्ट के बन रहे नए टर्मिनल के उद्घाटन की तेयारियों का लिया जायजा appeared first on Sabguru News .
महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ
भीलवाड़ा। भीलवाड़ा देहात कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित अंबेडकर सर्किल पर छात्र समस्याओं को लेकर एक विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं नाट्य मंचन का आयोजन किया गया। हजारों छात्रों की उपस्थिति में कलाकारों ने महंगी शिक्षा, शिक्षा के निजीकरण, बढ़ते मानसिक तनाव, पेपर लीक और आत्महत्या जैसी गंभीर समस्याओं को प्रभावशाली […] The post महंगी शिक्षा, निजीकरण और पेपर लीक से छात्रों का भविष्य संकट में : नसीम अख्तर इंसाफ appeared first on Sabguru News .
उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर के गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में रविवार को गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि सुबह गोवर्धन सागर पाल से ग्रामीणों ने एक युवती को तालाब में छलांग लगाते हुए देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर नागरिक […] The post उदयपुर : युवती ने गोवर्धन सागर तालाब में कूदकर की आत्महत्या appeared first on Sabguru News .
Women World Cup में भारत ने टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी
AUSvsIND भारत ने एक अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लॉर्ड्स के मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। दोनों ही टीम में एक बदलाव है। भारत ने क्रांति गौड़ को मौका दिया और ऑस्ट्रेलिया की ओर से फीबी लिचफील़्ड की वापसी हुई है। #TeamIndia 's Playing XI that will be taking the field in Lord's Updates https://t.co/WlUV2rjwTj #T20WorldCup | #WomenInBlue | #AUSvIND pic.twitter.com/H6qCkdIqUC — BCCI Women (@BCCIWomen) June 28, 2026 भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), ऋचा घोष (विकेटकीपर), जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी,श्री चरणी। ऑस्ट्रेलिया: सोफी मोलिनी (कप्तान), फीबी लिचफील्ड, बेथ मूनी (विकेटकीपर), जॉर्जिया वोल, ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), एशले गार्डनर, किम गार्थ, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, निकोला कैरी, मेगन शट, जॉर्जिया वेयरहैम।
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला
तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में अमरीका की किसी भी आक्रामक कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा तथा हाल में हुए युद्धविराम समझौते इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत चल रही सभी कूटनीतिक प्रक्रियाएं स्थगित की जा सकती हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को कहा कि उसने कुवैत और बहरीन […] The post ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमरीका के आठ सैन्य ठिकानों पर किया हमला appeared first on Sabguru News .
मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि आप यह प्रयास करें कि आपके घर, सोसायटी या आसपास की जगहों पर गणपति बप्पा की जो मूर्ति स्थापित हो वह हमारे देश की मिट्टी से बनी हो, वो हमारे अपने कुम्हारों और स्थानीय कलाकारों के हाथों तैयार हुई हो। मोदी ने अपने मासिक कार्यक्रम मन […] The post मोदी ने मिट्टी से बनी गणपति बप्पा की मूर्ति खरीदने की अपील की appeared first on Sabguru News .
रियलिटी टीवी की दुनिया का सबसे चर्चित और विवादित शो 'लॉक अप' अपने नए सीजन 'लॉक अप: सच या सजा' के साथ वापस लौट आया है। नेटफ्लिक्स पर शुरू हुए इस शो ने आते ही सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। इस बार शो की कमान बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशिका फराह खान और अभिनेता रितेश देशमुख के हाथों में है। सीजन 2 के पहले ही एपिसोड में जिस कंटेस्टेंट ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं, वह कोई और नहीं बल्कि बॉलीवुड के 'हीरो नंबर 1' यानी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा हैं। सुनीता अपने बेबाक और अनफिल्टर्ड अंदाज के लिए जानी जाती हैं, और 'लॉक अप' के मंच पर भी उनका यही रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने अपनी 40 साल पुरानी शादी के कई अनसुने और हैरान करने वाले पन्ने खोल दिए। A post shared by Netflix India Reality (@netflixindiareality) प्यार में सब बर्दाश्त करना पड़ता है जब होस्ट फराह खान ने सुनीता के पुराने बयानों की कुछ हेडलाइंस उनके सामने पढ़ीं, तो माहौल काफी दिलचस्प हो गया। फराह ने सुनीता से उनके उस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें गोविंदा जैसा बेटा चाहिए, पति नहीं। ALSO READ: 10 साल बाद टूटा आकांक्षा चमोला और गौरव खन्ना का रिश्ता, 'लॉक अप 2' में किया तलाक का ऐलान इस पर बात करते हुए सुनीता आहूजा ने कहा, प्यार में तो आपको हर चीज बर्दाश्त करनी चाहिए। चीची (गोविंदा) ने लाइफ में इतने अफेयर्स किए, चलो हीरो-हीरोइन में तो ये सब होते ही रहते हैं। तो मुझे लगता है कि इतने साल जो मैंने चीची के साथ निभाए हैं, उस हिसाब से मुझे लगता है कि अगले जन्म में मुझे उनके जैसा बेटा मिलना चाहिए, पति नहीं। सुनीता का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में स्वीकार किया कि गोविंदा के स्टारडम के दिनों में उनके कई अभिनेत्रियों के साथ संबंध रहे, लेकिन उन्होंने एक वफादार पत्नी की तरह हर परिस्थिति में अपने पति का साथ निभाया। गोविंदा को गोली लगने वाले हादसे पर कसा तंज शो के को-होस्ट रितेश देशमुख ने जब एक और हेडलाइन पढ़ी, जिसमें लिखा था— जब तक पति-पत्नी साथ हों तब तक अंखियों से गोली मारे, पर जब कोई थर्ड पार्टी आ जाए तो घुटनों पर गोली मारे। इस पर सुनीता ने हंसते हुए ऐसा जवाब दिया जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया। सुनीता ने मजाकिया और तीखे लहजे में कहा, सुन रहे हो चीची तो सुन लेना भैया, क्योंकि घुटनों पे गोली तभी लगती है जब लाइफ में कोई (थर्ड पार्टी) आ जाती है। और इसमें मैंने कुछ झूठ नहीं बोला। मैं तो उस समय बॉम्बे में थी भी नहीं, मैं खाटू श्याम जी के दर्शन करने गई हुई थी। लेकिन लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि मैंने ही गोली मार दी! वैसे मेरा निशाना कभी चूकता नहीं है। 1987 में हुई थी गोविंदा-सुनीता की सीक्रेट शादी गोविंदा और सुनीता की शादी साल 1987 में बेहद निजी तरीके से हुई थी। उस वक्त गोविंदा का करियर शुरुआती दौर में था, जिसके कारण उन्होंने अपनी शादी को लगभग दो साल तक दुनिया से छुपा कर रखा था। कपल ने अपनी बेटी टीना आहूजा के जन्म के बाद ही अपनी शादी की बात आधिकारिक रूप से स्वीकार की थी। दोनों का एक बेटा यशवर्धन आहूजा भी है।
राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी: SIT जांच के बीच जस्टिस काटजू ने क्या कहा?
अयोध्या राम मंदिर में भक्तों के दान की कथित हेराफेरी की जांच SIT कर रही है। जानिए अब तक क्या सामने आया, पुलिस जांच की स्थिति और जस्टिस मार्कंडेय काटजू की प्रतिक्रिया
आयरलैंड की महिला टीम ने भी किया कमाल, इंडीज को हराकर पाई विश्वकप की पहली जीत
IREvsWI आयरलैंड की पुरुष टीम की विश्व चैम्पियन भारत पर जीत के बाद अब आयरलैंड की महिला टीम ने ओर्ला प्रेंडरगैस्ट ने शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन की बदौलत शनिवार को वेस्टइंडीज को छह विकेट से हराकर महिला टी 20 वर्ल्ड कप में अपनी पहली जीत दर्ज की। वेस्टइंडीज को 29 रन देकर 1 विकेट लेकर 7 विकेट पर 128 रन पर रोकने में मदद करने के बाद, प्रेंडरगैस्ट ने 44 गेंदों पर 63 रन की मैच जिताने वाली पारी खेली, जिससे आयरलैंड ने 11 गेंद बाकी रहते टारगेट हासिल कर लिया। इस नतीजे ने न्यूजीलैंड की सेमीफाइनल की उम्मीदों को भी जिंदा रखा और अगर वे अपने आखिरी ग्रुप गेम में इंग्लैंड को हरा देते हैं तो वे आगे बढ़ जाएंगे। इस बीच, वेस्टइंडीज के चांस सीधे इंग्लैंड की जीत से जुड़े हैं। पहले बैटिंग करने के लिए कहने पर, वेस्टइंडीज धीमी, दो-तरफ़ा पिच पर कभी भी आसानी से रन नहीं बना पाया। उन्होंने शेमेन कैम्पबेल को जल्दी खो दिया, जिसके बाद हेली मैथ्यूज (22), स्टेफनी टेलर (16) और डिएंड्रा डॉटिन (21) सभी ने शुरुआत की लेकिन जल्दी रन बनाने के लिए संघर्ष किया। आयरलैंड के बॉलर्स ने अपनी पेस को होशियारी से मिलाया और डिसिप्लिन्ड लाइन से बैट्समैन पर दबाव बनाया, जबकि स्पिनर खास तौर पर असरदार थे। चिनेल हेनरी के 21 गेंदों पर नाबाद 27 रन ने वेस्टइंडीज को आखिर में बढ़त दिलाई, लेकिन आखिरी आठ ओवर में चार विकेट गंवाने के बाद भी वे 7 विकेट पर 128 रन ही बना पाए। Their first and definitely not their last Ireland's maiden Women's #T20WorldCup win is set to leave a lasting impression https://t.co/pUnA9sdgbd — ICC (@ICC) June 28, 2026 पांचवें ओवर में कप्तान गैबी लुईस के आउट होने के बावजूद आयरलैंड ने लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी शुरुआत की। प्रेंडरगैस्ट और एमी हंटर ने दूसरे विकेट के लिए 62 रन की तेज़ साझेदारी करके पारी को संभाला और ज़रूरी रन रेट को कंट्रोल में रखा। हंटर ने एफी फ्लेचर का शिकार होने से पहले 28 रन बनाए, लेकिन प्रेंडरगैस्ट ने बीच के ओवरों में अपनी रफ़्तार बदली, और शानदार अर्धशतक बनाने के लिए पूरे आत्मविश्वास के साथ स्वीप और पुल किया। वेस्ट इंडीज ने थोड़ी उम्मीद जगाई जब हेली मैथ्यूज ने प्रेंडरगैस्ट को 63 रन पर आउट किया, जब अभी भी 21 रन चाहिए थे, लेकिन रेबेका स्टोकेल शांत रहीं और नाबाद 16 रन बनाए और लुईस लिटिल ने विजयी बाउंड्री लगाई, जिससे आयरलैंड ने 18.1 ओवर में लक्ष्य का पीछा पूरा कर लिया।
'सत्यप्रेम की कथा' के 3 साल: कैसे कार्तिक आर्यन का सत्तू बना बॉलीवुड का सबसे बड़ा ग्रीन फ्लैग हीरो
रिलीज के तीन साल बाद भी 'सत्यप्रेम की कथा' एक ऐसी रोमांटिक फिल्म के रूप में याद की जाती है, जिसने भावनाओं से भरपूर कहानी के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक संदेश भी दिया। समीर विद्वांस के निर्देशन में बनी इस फिल्म में कार्तिक आर्यन और कियारा आडवाणी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म सत्तू और कथा की कहानी को दिखाती है, जिनका रिश्ता सहमति और यौन उत्पीड़न से जुड़े मानसिक आघात जैसे गंभीर मुद्दों के बीच आगे बढ़ता है। जहां फिल्म ने एक खूबसूरत प्रेम कहानी पेश की, वहीं उसने उन संवेदनशील विषयों को भी सामने रखा, जिन पर मुख्यधारा की बॉलीवुड फिल्मों में कम ही बात होती है। यही वजह है कि 'सत्यप्रेम की कथा' अपने समय की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में गिनी जाती है। ALSO READ: कांटा लगा गाने के लिए शेफाली जरीवाला को मिले थे इतने रुपए, रातोरात बन गई थीं स्टार फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी कार्तिक आर्यन का किरदार 'सत्तू', जो देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे पसंदीदा 'ग्रीन फ्लैग हीरो' के रूप में उभरकर सामने आया। सत्तू की सबसे खास बात यह थी कि उसने कभी भी कथा को उसके अतीत या उसके दर्द के आधार पर नहीं परखा। जब कथा को सबसे ज्यादा सहारे की जरूरत थी, तब वह हर कदम पर उसके साथ खड़ा रहा। उसने बिना किसी पूर्वाग्रह के उसकी बातें सुनीं, उसकी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान किया और हमेशा उसकी खुशियों और मानसिक सुकून को अपनी इच्छाओं से ऊपर रखा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिल्म का एक बेहद यादगार दृश्य वह है, जब सत्तू कथा के साथ हुए अन्याय के जिम्मेदार व्यक्ति का पीछा करता है और उसे चप्पल से मारता है। यह सिर्फ गुस्से का इज़हार नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने और चुप न रहने का प्रतीक है। पूरी फिल्म में सत्तू यह साबित करता है कि सच्चा प्यार अधिकार जताने या बड़े-बड़े वादों में नहीं, बल्कि भरोसे, समझदारी, सम्मान और मुश्किल वक्त में अपने साथी के साथ मजबूती से खड़े रहने में होता है। यही भावनात्मक परिपक्वता आज भी इस किरदार को दर्शकों के दिलों के बेहद करीब रखती है। जहां अक्सर रोमांटिक फिल्मों में प्रेमी पात्रों को बड़े-बड़े नाटकीय अंदाज़ में दिखाया जाता है, वहीं सत्तू एक सच्चा और वास्तविक इंसान लगता है। इस किरदार के जरिए कार्तिक आर्यन ने आधुनिक दौर के रोमांस की नई परिभाषा पेश की और यह दिखाया कि दयालुता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान भी किसी हीरो की सबसे बड़ी पहचान हो सकते हैं। यही वजह है कि रिलीज़ के तीन साल बाद भी 'सत्तू' हालिया बॉलीवुड सिनेमा के सबसे पसंदीदा और प्रेरणादायक 'ग्रीन फ्लैग हीरो' के रूप में याद किया जाता है।
क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण है? विदेश मंत्रालय के हालिया बयान पर जस्टिस मार्कंडेय काटजू ने पासपोर्ट एक्ट, 1967 और नागरिकता कानून के आधार पर उठाए गंभीर सवाल
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का पेपर करीब 24 घंटे पहले लीक हो गया। एग्जाम रविवार को होना था। महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद ने इसके बाद परीक्षा स्थगित कर ... Read more
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (28 जून, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 28 June 2026: करियर: आज नई जिम्मेदारियां आपको व्यस्त रखेंगी। टीमवर्क से सफलता मिलेगी। लव: साथी के साथ कुछ गंभीर चर्चाएं हो सकती हैं। धन: निवेश के लिए शुभ समय है। स्वास्थ्य: हल्का सिरदर्द हो सकता है, जल अधिक पिएं। उपाय: तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें। ALSO READ: Weekly Horoscope 29 June to 05 July 2026: 29 जून से 05 जुलाई तक कैसा रहेगा आपका सप्ताह? शॉर्ट में पढ़ें साप्ताहिक राशिफल वृषभ (Taurus) करियर: आज वरिष्ठों से तारीफ मिलेगी। लव: पार्टनर के साथ रोमांटिक समय बितेगा। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: पीठ या गर्दन में दर्द संभव। उपाय: सफेद चीज़ों का दान करें। मिथुन (Gemini) करियर: क्रिएटिव क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में पारदर्शिता रखें। धन: फिजूलखर्ची से बचें। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें, माइग्रेन हो सकता है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। कर्क (Cancer) करियर: नौकरी बदलने का विचार आ सकता है। लव: परिवार के साथ समय बिताना सुकून देगा। धन: बचत के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: पेट संबंधित दिक्कतें हो सकती हैं। उपाय: दूध में केसर डालकर पिएं। सिंह (Leo) करियर: लीडरशिप रोल में सफलता मिलेगी। लव: पार्टनर की भावनाओं का सम्मान करें। धन: शेयर मार्केट में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: आंखों की जांच करवाएं। उपाय: सूर्य को लाल फूल चढ़ाएं। ALSO READ: Weekly Numerology Horoscope: 29 जून से 5 जुलाई 2026 का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक की चमकेगी किस्मत कन्या (Virgo) करियर: ऑफिस में काम का दबाव बढ़ेगा, धैर्य रखें। लव: पुराने रिश्ते फिर से जुड़ सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा। स्वास्थ्य: कमर या रीढ़ में खिंचाव। उपाय: दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। तुला (Libra) करियर: नई साझेदारी से लाभ होगा। लव: रिश्तों में बैलेंस बनाकर चलें। धन: धन की स्थिति संतुलित रहेगी। स्वास्थ्य: नींद की कमी हो सकती है। उपाय: सफेद वस्त्र पहनें, चंदन का तिलक लगाएं। वृश्चिक (Scorpio) करियर: दिन रणनीतिक निर्णयों के लिए अच्छा है। लव: भावनात्मक समर्थन मिलेगा। धन: लॉटरी या आकस्मिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: थकावट या लो एनर्जी महसूस होगी। उपाय: शिवलिंग पर जल अर्पित करें। धनु (Sagittarius) करियर: विदेश यात्रा या नया कॉन्ट्रैक्ट संभव है। लव: नए प्रेम संबंधों की शुरुआत हो सकती है। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: भोजन समय पर लें, एसिडिटी से बचें। उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें। मकर (Capricorn) करियर: प्रमोशन या पदोन्नति के योग हैं। लव: वैवाहिक जीवन में सुख बढ़ेगा। धन: रुका हुआ पैसा वापस आ सकता है। स्वास्थ्य: हड्डियों में दर्द हो सकता है। उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। कुंभ (Aquarius) करियर: नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने का सही समय है। लव: साथी से मतभेद दूर होंगे। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: आंखों और त्वचा से संबंधित समस्या हो सकती है। उपाय: नीले वस्त्र पहनें और शनिदेव को तेल चढ़ाएं। मीन (Pisces) करियर: आपकी कल्पनाशक्ति कार्यक्षेत्र में लाभ दिलाएगी। लव: भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। धन: अचानक से कोई आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: एलर्जी या त्वचा रोग से सावधान रहें। उपाय: पीले फूलों का दान करें। ALSO READ: ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026: व्रत का महत्व और 7 अचूक उपाय, जो बदल सकते हैं आपकी किस्मत
भास्कर सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आप पढ़ रहे हैं जासूस सहमत की कहानी। पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कश्मीर के कपड़ा कारोबारी हिदायत खान भारत की खुफिया एजेंसी RAW के जासूस थे। पाकिस्तानी सेना के अफसरों में उनकी गहरी पैठ थी। उन्हें कैंसर हो गया। मौत से पहले उन्होंने RAW के कहने पर बेटी सहमत की शादी पाकिस्तानी सेना के कैप्टन इकबाल से करवा दी। सहमत के ससुर सईद पाक सेना में ब्रिगेडियर और जेठ महबूब मेजर थे। सहमत ने परिवार का इतना दिल जीत लिया कि ब्रिगेडियर सईद सेना के मामलों में भी उसकी सलाह लेने लगे। सहमत ने चालाकी से ब्रिगेडियर के बॉस लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान को भी अपने प्रभाव में ले लिया। इस तरह RAW को पाक सेना की गोपनीय खबरें मिलने लगीं। पार्ट-2 में आगे की कहानी… सहमत को पाकिस्तान में रहते हुए दो साल बीत गए थे। अभी तक कोई बड़ी जानकारी उसके हाथ नहीं लगी थी। वो समझ गई कि उसे कुछ बड़ा करना होगा। एक रोज उसने ससुर सईद से बताया कि वो स्कूल में संगीत सिखाना चाहती है। सईद नाराज हो गए। उन्होंने कहा- ‘हमारे घर की औरतें नौकरी नहीं करतीं। तुम्हें किसी चीज की कमी है क्या?’ सहमत धीरे से बोली- ‘किसी चीज की कमी नहीं है, पर खाली वक्त नहीं कटता। घर में बैठे-बैठे परेशान हो गई हूं।’ तभी इकबाल वहां आ गया। उसने कहा- 'सहमत ठीक कह रही है अब्बू। संगीत में इसकी दिलचस्पी है। स्कूल के बहाने इसका मन भी लगने लगेगा।' कुछ देर सोचने के बाद ब्रिगेडियर ने कहा- ‘जैसा तुम लोगों को ठीक लगे करो, पर खानदान का नाम खराब नहीं होना चाहिए।’ सहमत ने मुस्कुराते हुए कहा- 'जी अब्बू।' कुछ दिनों बाद सहमत ने एक स्कूल में संगीत सिखाना शुरू कर दिया। यह कोई आम स्कूल नहीं था, यहां पाकिस्तान के रईसों और सेना के आला अफसरों के बच्चे पढ़ते थे। जल्द ही सहमत की खोजी नजरों ने अपना शिकार ढूंढ निकाला- ‘अनवर खान।’ अनवर, पाकिस्तानी सेना के ताकतवर अफसर, लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज खान का पोता था। संगीत में उसकी दिलचस्पी नहीं थी, लेकिन सहमत ने उसे म्यूजिक क्लास का ग्रुप लीडर बना दिया। खास तौर पर ट्रेनिंग की व्यवस्था की। हर दिन अलग से उसे घंटों रियाज कराती। धीरे-धीरे संगीत में अनवर की दिलचस्पी बढ़ने लगी। कुछ महीने बाद स्कूल का एनुअल फंक्शन होना तय हुआ। सहमत ने लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज खान और उनकी बेगम को इनवाइट किया। दोनों शामिल भी हुए। अनवर की परफॉर्मेंस देखकर ऑडिटोरियम की अगली कतार में बैठे लेफ्टिनेंट जनरल इम्तियाज और उनकी बेगम बेहद खुश हुए। पोते की परफॉर्मेंस के पीछे उन्हें एक ही चेहरा नजर आ रहा था- लेडी टीचर सहमत। इस शाम ने सहमत के लिए जनरल इम्तियाज के आलीशान बंगले के दरवाजे खोल दिए। धीरे-धीरे वह जनरल के परिवार की इतनी करीबी बन गई कि उनका उठना-बैठना और पारिवारिक मशविरे सहमत के बिना अधूरे होने लगे। इसका फायदा सहमत के पाकिस्तानी परिवार को भी मिला। ब्रिगेडियर सईद पाकिस्तान की ताकतवर खुफिया एजेंसी ISI के डिप्टी चीफ बन गए। यानी अब सहमत, ससुर के बहाने ISI की देहरी तक पहुंच चुकी थी। सहमत की बायोग्राफी लिखने वाले पूर्व नेवी अफसर हरिंदर सिक्का बताते हैं- ‘एक शाम हवेली के स्टडी रूम में सन्नाटा पसरा था। सहमत, ब्रिगेडियर की फाइलें पलट रही थी। अचानक उसके माथे पर पसीने की बूंदें तैरने लगीं। एक पन्ने पर लिखा था- पाकिस्तानी पनडुब्बियां बंगाल की खाड़ी की तरफ कूच करने वाली हैं। INS विक्रांत को तबाह करना है। भारत के सबसे बड़े युद्धपोत INS विक्रांत की तस्वीरें वहां चस्पा थीं, जिसमें उसके क्रू मेंबर्स की तादाद से लेकर हथियारों की तैनाती तक का पूरा ब्योरा था। इत्तेफाक से उस वक्त सहमत की जेठानी मुनीरा मायके गई हुई थी। शौहर कैप्टन इकबाल और जेठ मेजर महबूब अपने कामों में मशरूफ थे। सहमत ने उस फाइल को कपड़ों में छुपाया और दबे पांव अपने वॉशरूम में चली गई।' अचानक... 'थाप! थाप! थाप!' वॉशरूम का दरवाजा जोर-जोर से बजा। बाहर नौकर अब्दुल खड़ा था, जो बुरी तरह किवाड़ पीट रहा था। सहमत घबरा गई। कुछ सेकेंड तक उसने अपनी सांसें रोकीं, खुद को संभाला और फिर रोबीली आवाज में चिल्लाई, ‘बाहर इंतजार करो अब्दुल, मैं आ ही रही हूं!’ अब्दुल बाहर चला गया। अब सहमत ने वॉशरूम में लगे खुफिया ट्रांसमीटर से RAW को मैसेज भेजा। फिर दबे पांव अपने कमरे में पहुंची। खुद को संभाला और चुपचाप स्टडी रूम जाकर अनगिनत फाइलों में उस सीक्रेट कागज को वापस रखा और बाहर निकल गई। गलियारे में ससुर ब्रिगेडियर सईद बदहवास से खड़े थे। ‘तुम कहां थी सहमत? मैं कब से एक फाइल ढूंढ रहा हूं…’ ‘अब्बू जान, परेशान मत होइए। आप कमरे में चलकर आराम कीजिए, मैं अभी ढूंढकर लाती हूं।’ सहमत जानती थी कि ब्रिगेडियर का ब्लड प्रेशर किस फाइल के लिए बढ़ा हुआ था। चंद मिनटों बाद, सहमत वही फाइल हाथ में लिए ब्रिगेडियर के सामने खड़ी थी। सईद ने बिना कुछ कहे फाइल ली और तेज कदमों से दफ्तर की तरफ चल पड़ा। ब्रिगेडियर के जाते ही सहमत अपने कमरे में लौटी। वॉशरूम का दरवाजा खुला हुआ था। मैसेज भेजने वाली खुफिया मशीन उखाड़ दी गई थी। ‘अब्दुल सब देख चुका है!’ मन में बुदबुदाते हुए सहमत उल्टे पैर बाहर की तरफ भागी। उसने देखा कि रसोई के पिछले रास्ते से एक जानी-पहचानी परछाई हवेली के गेट की तरफ जा रही थी। वह अब्दुल ही था। हवेली के दरवाजे पर सेना का राशन सप्लाई ट्रक खड़ा था, जिसका ड्राइवर कहीं आसपास गया हुआ था। सहमत बिजली की फुर्ती से ड्राइविंग सीट पर बैठी, चाबी घुमाई और एक्सीलेटर पर पैर रख दिया। कुछ ही दूरी पर उसे अब्दुल भागता हुआ मिल गया। वह ब्रिगेडियर सईद के दफ्तर की तरफ जा रहा था। सेना का ट्रक आता देख अब्दुल ने दोनों हाथ हवा में लहराए- ‘रोको! रोको!’ सहमत ने ब्रेक की जगह एक्सीलेटर को पूरी ताकत से दबा दिया। पलक झपकते ही... ट्रक के भारी-भरकम टायर अब्दुल को रौंदते हुए आगे निकल गए। सड़क किनारे ट्रक को छोड़ सहमत नीचे उतरी। एक घर के बाहर तार पर टंगे बुर्के को उसने झपटकर पहना और लगभग दौड़ती हुई हवेली पहुंची। सबसे पहले वॉशरूम का रूख किया। वहां मौजूद हर सबूत को मिटाया। उधर, लहूलुहान अब्दुल को किसी ने अस्पताल पहुंचा दिया था। खबर मिलते ही सहमत का जेठ, मेजर महबूब भी अस्पताल पहुंच गया। अब्दुल, महबूब को देखकर कुछ बोलना चाह रहा था, लेकिन हलक से सिर्फ घड़घड़ाहट की आवाज निकल रही थी। उसने भारी मशक्कत के साथ कंबल के नीचे से अपना हाथ बाहर निकाला और मेजर की हथेली पर मेटल के दो टुकड़े रख दिए। महबूब ने अब्दुल का चेहरा थामकर चीखते हुए पूछा, ‘बताओ अब्दुल! क्या हुआ है? किसने किया यह?’ उसने बस इतना ही कहा- ‘हहहह... मत... मत…’ और उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो गईं। रात को मेजर महबूब घर लौटा, तो उसके चेहरे पर गहरा तनाव था। उसने परिवार को अब्दुल की मौत की खबर दी और जेब से मेटल के वे दो टुकड़े निकालकर मेज पर रख दिए। दूर कोने में खड़ी सहमत का दिल तेजी से धड़क रहा था। वह समझ चुकी थी कि महबूब शातिर फौजी अफसर है। वह इन दो टुकड़ों के पीछे छिपे राज को ढूंढने के लिए जमीन-आसमान एक कर देगा। सहमत को अब बहुत जल्द, कुछ और बड़ा करना था। एक रोज सहमत ने बुर्का पहना और कार में बैठकर नजदीक की एक मस्जिद के लिए निकल पड़ी। मस्जिद के बाहर चिलचिलाती धूप के बीच एक फटेहाल महिला छाते बेच रही थी। सहमत को देखते ही वह मिन्नतें करने लगी, ‘मेम साहब, खुदा के लिए एक छतरी खरीद लो। बच्चे सुबह से भूखे हैं, कुछ पैसे आ जाएंगे तो उनके निवाले का इंतजाम हो जाएगा।’ ड्राइवर चिढ़ गया, लेकिन सहमत ने सौ के दो नोट पर्स से निकाले और छाता ले लिया। घर लौटकर सहमत ने कमरे का दरवाजा बंद किया। छतरी के हैंडल को आहिस्ता से घुमाया। हैंडल से कांच की एक छोटी शीशी बाहर निकली। उस पर हाथ से लिखी एक पर्ची चिपकी थी- ‘इसके पीछे लगे बटन को दबाकर आप एक खास केमिकल की कुछ बूंदें सीधे इंसान के जिस्म में उतार सकती हैं। शिकार को दर्द का एहसास भी नहीं होगा और कुछ ही घंटों के भीतर वह दम तोड़ देगा।’ कुछ देर बाद सहमत ने उस छतरी को अपने पर्स में छिपाया और बाजार जाने का बहाना बनाकर पाकिस्तान सेना के 'ब्यूरो ऑफ इंस्पेक्शन' की तरफ निकल पड़ी। इसी दफ्तर में उसका जेठ महबूब काम करता था। वहां पहुंचने के बाद वो पहली मंजिल के एक कोने में खड़ी हो गई। करीब 20 मिनट तक इंतजार किया। नीचे एक फौजी गाड़ी आकर रुकी। गहरे हरे रंग की वर्दी पहने एक अफसर कार से निकला। सहमत ने पहचान लिया- ‘वो मेजर महबूब है।’ वो तेजी से सीढ़ियां चढ़ता हुआ ऊपर आ रहा था। तभी सहमत लड़खड़ाकर गिर पड़ी। ‘ओह! संभालिए…’ महबूब उसे बचाने के लिए तेजी से आगे बढ़ा। दोनों एक पल के लिए टकराए और उसी पल बुर्के के भीतर से सहमत ने छतरी का बटन दबा दिया। छतरी की नोक से वो केमिकल महबूब के शरीर में चला गया। सहमत संभलकर खड़ी हुई, उसने शुक्रिया कहा और आगे बढ़ गई। उसने पलटकर देखा कि मेजर सीढ़ियां चढ़ते हुए हल्के-हल्के अपनी बांह सहला रहा था। सहमत मन ही मन मुस्कुराई- ‘काम हो गया।’ कुछ ही घंटों बाद, ब्यूरो ऑफ इंस्पेक्शन के दफ्तर में तहलका मच गया। मेजर महबूब अपनी छाती थामकर फर्श पर गिर पड़ा था। उसे आनन-फानन में मिलिट्री अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की पर महबूब को बचा नहीं पाए। मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई। सहमत के घर में मातम पसर गया। हर कोई बिलख रहा था, लेकिन महबूब की बेवा मुनीरा की आंखों में एक गहरा शक तैर रहा था। पहले वफादार नौकर अब्दुल का कत्ल, उसका मरते-मरते महबूब के हाथ में मेटल के टुकड़े सौंपना और फिर महबूब का इस तरह अचानक दुनिया से चले जाना... मुनीरा समझ चुकी थी कि इन दोनों मौतों के पीछे कोई तो कड़ी है। इधर, ब्रिगेडियर की जिंदगी दो पाटों के बीच पिस रही थी। एक तरफ परिवार में हुई दो मौतों का मातम था, तो दूसरी तरफ जंग की तैयारियां। इसी आपाधापी के बीच, उन्हें प्रधानमंत्री से एक जरूरी मुलाकात करनी थी, जिसके लिए 'टॉप सीक्रेट' फाइलें तैयार की गई थीं। हमेशा की तरह, सहमत ने ब्रिगेडियर का ब्रीफकेस तैयार किया और मौका पाकर फाइलों के पन्ने भी याद कर ली। उन पन्नों में जंग की रणनीतियों के साथ-साथ दिल्ली में बैठे ISI के एजेंटों की फेहरिस्त थी। सहमत को यह पैगाम हर हाल में सरहद पार पहुंचाना था। सख्त पहरे के बीच बाहर निकलने के लिए सहमत ने जेठानी मुनीरा को अपने साथ मस्जिद चलने के लिए राजी कर लिया। जैसे ही दोनों मस्जिद पहुंचीं, सहमत बोल पड़ी, ‘आप यहीं मेरा इंतजार कीजिए, मैं मेजर साहब की मजार के लिए कुछ ताजे फूल लेकर आती हूं।’ सहमत ने एक बड़ी टोकरी फूलों का ऑर्डर दिया और नजरें बचाकर पास ही के एक फोन बूथ की तरफ भागी। फोन खराब था। आसपास कोई दूसरा बूथ नजर नहीं आ रहा था। अब उसकी नजर पान की दुकान पर पड़ी। सहमत ने पान वाले के फोन का इस्तेमाल किया और हांफती हुई आवाज में पूरा खुफिया मैसेज बता दिया। जब सहमत घर लौटी, तो हवेली के बाहर फौज की गाड़ियां खड़ी थीं। अंदर दो ISI के अफसर खड़े थे। कमरे की मेज पर खून से सने मेटल के वे टुकड़े रखे थे, जिन्हें देखकर सहमत के भीतर सिहरन दौड़ गई। ISI ने उस फूलवाले और पान वाले को धर-दबोचा था। अगले कई दिनों तक हवेली में ISI के अफसरों का आना-जाना लगा रहा। एक दोपहर, तंग आकर सहमत ने कड़े लहजे में अफसरों से कह दिया, ‘सईद साहब इस वक्त आराम कर रहे हैं। आप लोग या तो यहीं इंतजार कीजिए, या फिर बाद में तशरीफ लाइए।’ अफसरों ने एक-दूसरे को देखा और सहमत के हाथ में एक सीलबंद लिफाफा थमाते हुए कहा, ‘ठीक है बेगम साहिबा, यह फाइल ब्रिगेडियर साहब को दे दीजिएगा।’ जैसे ही अफसर बाहर गए, सहमत ने उस लिफाफे को खोला। लिखा था- ‘हवेली की सुरक्षा में बहुत बड़ी सेंध लगी है। हिंदुस्तान को खुफिया खबरें भेजी जा रही हैं। गद्दार घर के भीतर ही है।’ अपनी घबराहट छुपाने के लिए सहमत वॉशरूम चली गई। थोड़ी देर बाद जैसे ही उसने दरवाजा खोला सामने खड़े शख्स को देखकर वह ठिठक गई। उसका शौहर, कैप्टन इकबाल खड़ा था। उसने सहमत को घूरते हुए कहा, ‘क्या मैं तुम्हारे वॉशरूम का इस्तेमाल कर सकता हूं?’ सहमत समझ गई कि इकबाल को उस खुफिया ट्रांसमीटर का अंदाजा हो चुका है। उसने बस सिर हिलाया और एक तरफ हट गई। इकबाल अंदर दाखिल हुआ। सहमत ने मेज पर रखे इकबाल के बटुए को जल्दी से उठाकर देखा। करारे नोटों के बीच एक छोटा सा कागज रखा था। सहमत ने उसे पढ़ा और वापस रख दिया। 5 मिनट बाद इकबाल ने दरवाजा खोला, तो देखा सहमत एक चमचमाती हुई रिवॉल्वर लेकर खड़ी थी। उंगली ट्रिगर पर कसी हुई थी और निशाने पर इकबाल। सहमत ने सख्त लहजे में कहा- ‘इकबाल, मैं इस चौखट पर तुम्हारी सेज सजाने और तुम्हारी बीवी बनकर जिंदगी गुजारने नहीं आई हूं। मैं अपने मुल्क हिंदुस्तान के लिए आई हूं। कान खोलकर सुन लो, मेरे इस रास्ते में जो भी रोड़ा बनेगा, उसे कुचल दूंगी… फिर चाहे वो शख्स तुम ही क्यों न हो।’ इकबाल ने वॉशरूम में जो कुछ देखा और सहमत के मुंह से उसके कानों ने जो कुछ सुना…वह किसी सदमे से कम नहीं था। उसके दिल में अभी भी सहमत थी। उसने सहमत की तरफ बेबसी से देखते हुए कहा- ‘ये सब छोड़ दो, पकड़ी जाओगी। ISI वाले मुनीरा को पूछताछ के लिए ले गए हैं और अब्बा हुजूर को भी हेडक्वार्टर ना छोड़ने को कहा गया है।’ सहमत मुस्कुराती रही…हंसते हुए इकबाल से बोली- ‘मियां बहुत भोले हो आप… जो लड़की अपना मुल्क छोड़कर यहां तक आई है, उसे डराकर आप रोक लोगे? बेहतर होगा मैं जैसा कह रही हूं करो, इसी में आपका और परिवार का भला है। मुझे आपके खानदान से कोई दुश्मनी नहीं है।’ उसने पास पड़ी एक कुर्सी पर इकबाल को बैठाया और रस्सी से बांध दिया। काफी देर इकबाल छटपटाता रहा। फिर सहमत ने उसकी हथकड़ी खोली और धमकाते हुए कहा- ‘तुम हर पल मेरे निशाने पर हो। जरा भी चालाकी की, तो समझो तुम्हारे साथ तुम्हारा खानदान भी खत्म।’ अगले दिन छावनी के मेन गेट पर फौज के झंडे वाली एक चमचमाती कार आकर रुकी। गार्ड जैसे ही तलाशी और पहचान पत्र के लिए आगे बढ़ा, कार की पिछली खिड़की का शीशा सरसराता हुआ नीचे उतरा। अंदर से कड़क आवाज गूंजी- ‘मैं जीओसी बशीर हूं, जनरल सईद की हवेली के लिए कौन सा रास्ता जाता है?’ घबराए गार्ड ने बिना कोई सवाल किए हवेली की तरफ इशारा कर दिया- ‘जनाब, सीधे हाथ पर।’ गाड़ी आगे बढ़ गई। हवेली के बैठकखाने में कुछ देर इंतजार करने के बाद, जनरल बशीर के भेष में आए उस शख्स का सामना मेजर इकबाल से हुआ। जनरल ने कहा, ‘मेजर, तुम्हारी बेगम साहिबा इस शहर के सबसे बेहतरीन और ऊंचे रसूख वाले स्कूल में संगीत सिखाती हैं, उनकी बड़ी तारीफ सुनी है। मैंने सोचा क्यों न उनसे मिल लिया जाए।’ इकबाल ने कुछ नहीं कहा। उसी वक्त सहमत हॉल में दाखिल हुई। उसने अपने काले पर्स में एक लोडेड रिवॉल्वर छुपा रखी थी। औपचारिक बातचीत के बीच, जनरल ने जेब से मुड़ा हुआ कागज निकाला और सहमत की तरफ बढ़ाते हुए कहा, ‘बेगम साहिबा, इस खत में आपके परिवार के लिए ताजीयत (शोक संदेश) है।’ सहमत ने खत खोला। ऊपर सांत्वना के शब्द थे, लेकिन लाइनों के बीच छुपा असली संदेश था- 'ठीक तीन घंटे बाद, पुरानी वादियों के पास।' सहमत ने खत वापस जनरल को सौंपा और खुदाहाफिज कहकर अंदर चली गई। जनरल ने भी मेजर इकबाल से विदा लिया। उसी रोज रात करीब 8 बजे। स्थानीय पठानी लिबास में RAW का वो अफसर रावलपिंडी के एक मशहूर रेस्तरां के कोने वाली मेज पर बैठा चाय की चुस्कियां ले रहा था। तय वक्त पर, रेस्तरां के बाहर बुर्के में लिपटी एक औरत दाखिल हुई। उसके पीछे बेहद डरा और सहमा हुआ मेजर इकबाल चल रहा था। इसी बीच RAW अधिकारी को भनक लग गई कि बाहर गाड़ियों के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के शार्पशूटर मुस्तैद हैं। उनकी उंगलियां ट्रिगर पर थीं और सीधा निशाना बुर्के वाली औरत और इकबाल पर। RAW अधिकारी के माथे पर पसीना छलक आया। 'सहमत पकड़ी जा चुकी है! अगर ISI ने उसे जिंदा दबोच लिया, तो टॉर्चर सेल में वह टूट सकती है। भारत का पूरा नेटवर्क, दर्जनों स्लीपर सेल और सालों की मेहनत तबाह हो जाएगी।' यहीं सोचते हुए उसने भारी मन से अपना दाहिना हाथ जैकेट की अंदरूनी जेब में डाला और एक छोटे से इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमीटर का बटन तीन बार दबाया। 'सूंss...!' सन्नाटे को चीरता हुआ एक जहरीला तीर बुर्के वाली औरत की गर्दन में जा धंसा। वह वहीं फर्श पर ढह गई। पाकिस्तानी एजेंट कुछ समझ पाते, रेस्तरां के पिछले हिस्से में एक जोरदार धमाका हुआ। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। भगदड़ का फायदा उठाकर RAW अधिकारी और उसके साथी वहां से फरार हो गए। वे शहर से दूर एक सुरक्षित और बंद कमरे में पहुंचे। सब खामोश थे। RAW अधिकारी अपनी हथेलियों में सिर छुपाए बैठा था। उसकी आत्मा कचोट रही थी-’भारत लौटकर वह सहमत की बूढ़ी मां को क्या जवाब देगा? कैसे कहेगा कि उसने देश को बचाने के लिए अपनी ही सबसे बेहतरीन एजेंट की जान ले ली?’ 'ट्रीन-ट्रीन...' अचानक सन्नाटे को चीरती हुई दरवाजे की घंटी बजी। कमरे में मौजूद एजेंटों के बदन में बिजली दौड़ गई। अधिकारी ने अपनी रिवॉल्वर का सेफ्टी कैच हटाते हुए बेहद सख्त लहजे में हुक्म दिया, कोई भी जिंदा हाथ नहीं आएगा। जितने दुश्मनों को मार सकते हो मारो, या खुद को गोली मार लो।’ घंटी दोबारा बजी। अधिकारी दरवाजे की तरफ बढ़ा और 'पीप-होल' से बाहर झांका। अब उसकी उंगलियां ढीली पड़ गईं और भारी पिस्तौल फर्श पर जा गिरी। उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसने कांपते हाथों से दरवाजे की कुंडी खोली। बाहर सहमत जिंदा सलामत खड़ी थी। कमरे में मौजूद हर शख्स मानो काठ का हो गया। किसी को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था। अधिकारी ने हैरान होकर पूछा- ‘जिंदा कैसे बच निकली?’ सहमत के चेहरे पर एक मुस्कान उभर आई। ‘रेस्तरां में इकबाल के साथ मैं नहीं थी। मैंने मुनीरा को अपनी जगह बुर्का पहनाकर इकबाल के साथ भेज दिया था।’ सहमत का मिशन अब मुकम्मल हो चुका था। RAW की टीम सहमत को गोपनीय तरीके से सरहद पार कराकर वापस भारत ले आई। अपनी सरजमीं पर कदम रखते ही सहमत को महसूस हुआ कि वह सिर्फ यादें लेकर नहीं लौटी है। मेडिकल चेकअप में पता चला कि उसके पेट में मेजर इकबाल का बच्चा पल रहा है। कुछ महीने बाद सहमत ने एक बेटे को जन्म दिया। आगे चलकर उस बच्चे ने इंडियन आर्मी की वर्दी पहनी और देश की हिफाजत की कसम खाई। सहमत के बेटे ने ही अपनी मां की कहानी लेखक हरिंदर सिंह सिक्का को बताई थी। हरिंदर सिक्का का दावा है कि वे सहमत से मिले हैं और कई बार पाकिस्तान भी गए हैं। 8 साल की रिसर्च के बाद उन्होंने ‘सहमत कॉलिंग’ किताब लिखी है।
जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान
जयपुर। राजस्थान में जयपुर के पशुपालकों ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में अनोखे एम-20 आंदोलन की शुरुआत की है। जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने बताया कि एम-20 आंदोलन उन दुग्ध उत्पादकों, युवाओं और नागरिकों के […] The post जयपुर के पशुपालकों का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के खिलाफ अभियान का ऐलान appeared first on Sabguru News .
हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ
पाली। हरिपुर व आसपास के क्षेत्रवासियों की मांग को पूरा करते हुए रेल मंत्रालय ने गाड़ी संख्या 16209/16210 अजमेर-मैसूर-अजमेर एक्सप्रेस का हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ठहराव स्वीकृत किए जाने के पश्चात शनिवार को हरिपुर रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अजमेर मिहिर देव व सहायक सुरक्षा आयुक्त रामेश्वर लाल मीणा […] The post हरिपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-मैसूर एक्सप्रेस के ठहराव का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत
अलवर। राजस्थान में अलवर के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में ढाडोली गांव में शुक्रवार को एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद शनिवार को सुबह मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। सभी लोग जिला अस्पताल पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ कार्रवाई, मुआवजा देने और सरकारी […] The post अलवर में बिजली विभाग में कार्यरत निजी कर्मचारी की करंट लगने से मौत appeared first on Sabguru News .
भरतपुर में बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी अरेस्ट
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में 24 जून को एक सुनसान खाली भूखंड में नाले के पास झाड़ियों में मिले एक बुजुर्ग के शव की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को बताया […] The post भरतपुर में बुजुर्ग की हत्या की गुत्थी सुलझी, तीन आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले हनुमानगढ़ टाऊन थाना क्षेत्र में पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क बनाए रखने और महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के आरोप में एक 20 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्रसिंह मीणा ने शनिवार को बताया कि आरोपी हनुमानगढ़ टाउन के वार्ड नंबर 45 में दशहरा मैदान […] The post हनुमानगढ़ में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी से संपर्क साधने वाला युवक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार उद्योगों और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है और उसकी नीतियों, प्रयासों एवं उद्यमियों के साहस, आत्मविश्वास और कर्मठता के चलते 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान आज देश का चौथा सबसे […] The post 33 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के साथ राजस्थान बना देश का चौथा सबसे बड़ा MSME राज्य appeared first on Sabguru News .
अयोध्या राम मंदिर घोटाला, करोड़ों की चोरी से लेकर इस्तीफों और गिरफ्तारियों तक की पूरी टाइमलाइन
Ayodhya Ram Mandir Scam: अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। रूटीन ऑडिट में पकड़ी गई इस वित्तीय हेराफेरी के बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस महाघोटाले में जहां एक तरफ ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा है, वहीं 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। क्या है पूरा मामला? यह महाघोटाला तब सामने आया जब रूटीन ऑडिट के दौरान दान पेटियों से निकली राशि और बैंक में जमा रकम में भारी अंतर पाया गया। जांच में सामने आया कि मंदिर के कर्मचारियों, पैसों की गिनती करने वाले लोगों और पर्यवेक्षकों (सुपरवाइजरों) ने मिलकर दान में आए नकद, जेवरात और चांदी के आभूषणों की सुनियोजित तरीके से हेराफेरी की। ALSO READ: अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की खुलती जा रहीं परतें, SIT ने सौंपी रिपोर्ट, चंपत की भूमिका संदिग्ध दिन-प्रतिदिन की कार्रवाई 6-7 जून 2026 : आंतरिक खुलासा व सार्वजनिक आरोप : दान पेटियों से करोड़ों रुपए गायब होने की आंतरिक आशंका सामने आई। सपा नेता तेज नारायण पांडेय ने 7 करोड़ से अधिक के गबन का सार्वजनिक आरोप लगाया। 8-9 जून 2026 : PM से CBI जांच की मांग : सोशल मीडिया पर मामला गरमाने के बाद बीजेपी नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की। पीएमओ (PMO) ने राम मंदिर ट्रस्ट से तत्काल रिपोर्ट मांगी। इसी दिन चंपत राय ने आरोपों को खारिज किया। 10-11 जून 2026 : बैठकों का दौर व पुराना वीडियो लीक : मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अयोध्या पहुंचे और 4 घंटे लंबी बैठक की। अगले ही दिन पूर्व लेखापाल महिपाल सिंह का वीडियो सामने आया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि 2021-2022 में भी चोरी पकड़ी गई थी, जिसके सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए गए। ALSO READ: हे राम! चढ़ावा चोरी के बाद अब 40% कमीशन के आरोप से गरमाई अयोध्या 13 जून 2026 : मुख्यमंत्री का 'SIT' एक्शन : मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित SIT जांच का आदेश दिया और 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने को कहा। 14 से 20 जून 2026 : SIT की सघन मैराथन जांच : एसआईटी ने मंदिर परिसर, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। महासचिव चंपत राय, गोपाल राय और डॉ. अनिल मिश्रा से कई-कई घंटों तक तीखे सवाल-जवाब किए गए। बैंक अधिकारियों, कैशियरों और नोट गिनने वाली निजी एजेंसी के प्रतिनिधियों से पूछताछ हुई। सभी संदिग्धों के बैंक खातों को खंगाला गया। CM योगी का बड़ा बयान : अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा— जहां 500 वर्षों का इंतजार किया, वहां केवल 15 दिनों का और इंतजार कर लो, दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। 23 जून 2026 : गृह विभाग को रिपोर्ट : एसआइटी ने 15 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं और चोरी की पुष्टि करते हुए FIR दर्ज करने की सिफारिश की गई। 25 जून 2026 : आधिकारिक FIR दर्ज : एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ट्रस्ट के कृष्ण मोहन की शिकायत पर रामजन्मभूमि थाने में धोखाधड़ी और चोरी की धाराओं में पहली आधिकारिक FIR दर्ज की गई। 26 जून 2026 : पुलिस एक्शन और इस्तीफे : पुलिस ने परिसर के भीतर जाकर जांच की। इसी दिन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसकी पुष्टि कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने पत्र के जरिए की (हालांकि FIR में इन दोनों का नाम शामिल नहीं है)। SIT जांच रिपोर्ट के 4 सबसे बड़े खुलासे 70 से अधिक बार संदिग्ध गतिविधियां : सुरक्षा के कड़े घेरे के बावजूद मंदिर के भीतर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में 70 से अधिक बार संदिग्ध हरकतें रिकॉर्ड पाई गईं। 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में अंदेशा : जांच में सामने आया कि 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में भी उचित दान रिकॉर्ड न होने, स्टॉक रजिस्टर मेंटेन न करने और वित्तीय प्रबंधन कमजोर होने जैसी गंभीर खामियां उजागर की गई थीं, जिन्हें नजरअंदाज किया गया। भारी मात्रा में कैश व चांदी गायब : एसआईटी की पूछताछ में नकद पैसों के साथ-साथ कीमती जेवरात और 60 किलो चांदी के आभूषण गायब होने का आधिकारिक खुलासा हुआ। कड़े सुरक्षा उपाय की सिफारिश : एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में दान की पारदर्शिता बढ़ाने, स्टॉक का सही रिकॉर्ड रखने और सीसीटीवी बैकअप क्षमता को 45 दिनों से बढ़ाकर 180 दिन करने की मजबूत सिफारिश की है। गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के नाम पुलिस ने मंदिर प्रबंधन और नोटों की गिनती करने वाले 8 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनके पास से चोरी की गई रकम भी बरामद हुई है। इनमें लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, रमाशंकर यादव (टिन्नू यादव), मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा, अविनाश शुक्ला, सुभाष, करुणेश शामिल हैं। साथ ही आगे की कार्रवाई और पुलिस अनुसंधान वर्तमान में जारी है। Edited by: Vrijendra Singh Jhala
फिलिस्तीन पर शोध और पुस्तक लेखन के लिए लेखक व सामाजिक कार्यकर्ता विनीत तिवारी को शंकर ब्रह्मे समाज विज्ञान ग्रंथालय की 2026 फेलोशिप मिली। तीन भाषाओं में प्रकाशित होगी पुस्तक
डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी
वॉशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमरीकी दिग्गज टेक कंपनियों पर डिजिटल सेवा कर लगाने वाले किसी भी यूरोपीय देश के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ऐसे देशों से अमरीका आने वाले तमाम सामान पर तत्काल 100 प्रतिशत का दंडात्मक आयात शुल्क लगाया जाएगा। ‘ट्रुथ सोशल’ […] The post डोनाल्ड ट्रंप ने टेक टैक्स को लेकर यूरोपीय देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की दी धमकी appeared first on Sabguru News .
बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल
बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के लूणकरणसर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-62 पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली बीकानेर की ओर से चूनावढ़ जा रही थी। देर रात महाजन-मोखमपुरा मार्ग पर अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली बेकाबू होकर पलट गयी। इससे […] The post बीकानेर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में चढ़ावे और प्रसाद व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बीच शनिवार को स्पष्ट किया कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो गए हैं, जिन पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा। ट्रस्ट ने कहा कि पूरे […] The post श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट ने की चंपत राय और डा अनिल मिश्रा के इस्तीफे की पुष्टि appeared first on Sabguru News .
अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के शिवाजी पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार को टेल्को सर्किल के समीप लोक परिवहन सेवा की बस की टक्कर से मोटर साइकिल पर सवार एक युवक की मौत हो गयी, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद बस चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने […] The post अलवर में बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत, एक घायल appeared first on Sabguru News .
आयरलैंड से हार के बाद सूर्यवंशी के T20I डेब्यू पर नजरें, क्या सीरीज बराबर कर पाएगा भारत?
INDvsIRE आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के शुरुआती मुकाबले में चौकाने वाली हार का सामना करने के बाद भारत की स्टार खिलाड़ियों से सजे शीर्ष बल्लेबाज़ी क्रम पर रविवार को होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव होगा।आयरलैंड ने नए कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली विश्व चैंपियन टीम को शुक्रवार को पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में हराकर इतिहास रच दिया। भारतीय टीम टी20 विश्व कप जीत के बाद अपने पहले मैच में 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 रन पर सिमट गई। यह किसी भी प्रारूप में आयरलैंड की भारत पर पहली जीत है।अय्यर की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 963 दिनों बाद वापसी और राष्ट्रीय टीम की कप्तानी की शुरुआत उतनी अच्छी नहीं रही। वह बुधवार से चेस्टर-ले-स्ट्रीट में इंग्लैंड के खिलाफ पाँच मैचों की श्रृंखला शुरू होने से पहले आयरलैंड दौरे का समापन जीत के साथ करना चाहेंगे। भारतीय टीम की सबसे बड़ी समस्या बल्लेबाज़ी का बिखर जाना रही। तीन महीने पहले विश्व कप में नायक रहे संजू सैमसन सिर्फ चार गेंद खेलकर आउट हो गए। ईशान किशन और अय्यर भी बल्ले से कोई खास योगदान नहीं दे सके।अभिषेक शर्मा ने आक्रामक खेल जारी रखा और अच्छी शुरुआत दी, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिला। पावरप्ले के बाद उनका आउट होना भारत की पारी के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।आयरलैंड के पदार्पण करने वाले जय मूंद्रा और मैट हॉलार्ड ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोर दिया। मूंद्रा ने अपनी पहली ही गेंद पर सैमसन को आउट किया, जबकि हॉलार्ड ने किशन और अय्यर को पवेलियन भेजा और बाद में वॉशिंगटन सुंदर को भी आउट किया। जरूरी रन-रेट का दबाव बढ़ने के कारण तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे भी पारी को संभाल नहीं पाए। अब दूसरे मैच का नतीजा काफी हद तक इस पर निर्भर करेगा कि भारतीय बल्लेबाज़ इस युवा लेकिन आत्मविश्वास से लबरेज़ आयरलैंड की तेज़ गेंदबाज़ी का सामना कैसे करते हैं। टीम प्रबंधन एक हार के बाद अधिक घबराहट में नहीं है। युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को अपने मौके के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा क्योंकि एक हार के बाद शीर्ष क्रम में बदलाव की संभावना कम है।गेंदबाजी में कुछ सकारात्मक बातें भी रहीं। हर्षित राणा ने चोट से वापसी करते हुए 24 रन देकर तीन विकेट के साथ अच्छा प्रदर्शन किया। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने भी अंतिम ओवरों में बेहतर गेंदबाज़ी की। टीम को सबसे अधिक नुकसान वॉशिंगटन सुंदर के एक ओवर में 19 रन और प्रसिद्ध कृष्णा के चार ओवरों में 57 रन लुटाने से हुआ। कृष्णा ने पारी के 17वें ओवर में 27 रन दिए।आयरलैंड की ओर से कप्तान लोर्कान टकर ने 50 रन और गैरेथ डेलानी ने 49 रन की अहम पारियां खेलीं, जिससे टीम ने बड़ा स्कोर खड़ा किया।श्रृंखला के शुरुआती मैच में इतिहास रचने के बाद आयरलैंड का मनोबल ऊंचा है, जबकि भारतीय टीम श्रृंखला गंवाने की शर्मनाक स्थिति से बचने के साथ-साथ इंग्लैंड दौरे के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत करना चाहेगी। टीमें: भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, सुर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी। आयरलैंड: लोर्कान टकर (कप्तान और विकेटकीपर), रॉस एडेयर, बेन कैलिट्ज़, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, स्टीफन डोहनी, मैथ्यू हंपहरेज, गेविन होई, मैथ्यू हॉलार्ड, लियाम मैकार्थी, जय मूंद्रा, हैरी टेक्तर, टिम टेक्तर, रूबेन विल्सन। समय - शाम छह बजे
पीएम मोदी 27 जून को सेशेल्स दौरे पर गए। दर्जनों खबरें चलीं- ‘मोदी यहां दुनिया के सबसे बुजुर्ग जानवर जोनाथन से मिलेंगे।’ पीएम मोदी कछुओं से मिले भी, लेकिन उनमें जोनाथन नहीं था। दरअसल, जोनाथन सेशेल्स में है ही नहीं। वो तो 7 हजार किमी दूर एक ब्रिटिश टापू सेंट हेलेना में है। पीएम मोदी से मुलाकात हो, या ना हो, लेकिन इस बुजुर्ग कछुए की कहानी बेहद रोचक है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: कौन है जोनाथन, जिसका नाम गिनीज बुक में दर्ज?जवाब: जोनाथन जमीन पर रहने वाले विशालकाय कछुओं की प्रजाति का सबसे उम्रदराज कछुआ है। इन्हें ‘सेशेल्स जाइंट टॉर्टोइस’ कहते हैं। सेशेल्स 151 द्वीपों का देश है। 1832 ईस्वी में यहीं जोनाथन का जन्म हुआ। हालांकि पिछले 144 सालों से जोनाथन दक्षिण अटलांटिक महासागर के द्वीप सेंट हेलेना में रहता है। 1882 में जोनाथन को अन्य 3 बड़े कछुओं के साथ सेशेल्स से सेंट हेलेना भेजा गया। तब सेशेल्स ब्रिटिश उपनिवेश मॉरिशस का हिस्सा हुआ करता था। उस वक्त गवर्नर थे विलियम ग्रे-विल्सन। तब से अब तक सेंट हेलेना के 31 गवर्नर बदल चुके हैं। सेंट हेलेना आज भी ब्रिटेन के नियंत्रण वाला एक विदेशी इलाका है। यहां के गवर्नर के घर को ‘प्लांटेशन हाउस’ कहते हैं। जोनाथन इसी घर के लॉन में रहता है। लोग उसे प्यार से ‘जोनो’ कहते हैं। सेंट हेलेना की सरकार उसकी देखभाल का जिम्मा उठाती है। उसे राष्ट्रीय प्रतीक का दर्जा मिला है। 5 पेंस के सिक्के पर जोनाथन की तस्वीर छपी है। 2022 से पहले तक सबसे उम्रदराज कछुए का खिताब तुई-मलिला नाम के कछुए के पास था, जो 1777 से 1965 तक यानी 188 साल जीवित रहा। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर, यानी IUCN के मुताबिक, जोनाथन की प्रजाति यानी 'सेशेल्स जाइंट टॉर्टोइस' के कुल 37 कछुओं की जानकारी है। ये सेशेल्स के ही अलग-अलग द्वीपों पर रहते हैं। सेशेल्स पार्क्स एंड गार्डंस अथॉरिटी की वेबसाइट के मुताबिक, यहां के ‘नेशनल बोटैनिकल गार्डन’ में जोनाथन की तरह ही कुछ बड़े सेशेल्स कछुए मौजूद हैं। विजिटर्स इन्हें देख सकते हैं। सेशेल्स कछुओं में करीब 27 नर कछुओं पर एक मादा कछुए का अनुपात है। इसीलिए ये प्रजाति अति दुर्लभ है। हालांकि ये कछुए औसतन 150 साल या उससे ज्यादा भी जीवित रह सकते हैं। सवाल-2: क्या वाकई जोनाथन 194 साल का है?जवाब: ये तस्वीर देखिए… 1886 की इस तस्वीर है, जिसमें जोनाथन पूरी तरह वयस्क हो चुका है। 2008 में ब्रिटिश अखबार ‘द इंडिपेंडेंट’ में ये तस्वीर छपी, तो चर्चा छिड़ी कि ये द्वीप पर मौजूद 150 साल से ज्यादा उम्र का कछुआ है। फिर 2015 में सेंट हेलेना के जानवरों के डॉक्टर जो हॉलिन्स ने कहा, 'हमारे पास रिकॉर्ड है कि उसे 1882 में पूरी तरह डेवेलप कंडीशन में यहां लाया गया था। ये उम्र कम से कम 50 साल की होती है और इसी आधार पर हमारा अनुमान है कि उसकी पैदाइश 1832 और अभी उसकी आयु 183 साल (यानी 2026 में 194 साल) है।' गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने भी कहा, ‘जोनाथन जब सेशेल्स से सेंट हेलेना पहुंचा, तो पूरी तरह एडल्ट हो चुका था। पूरी संभावना है कि जोनाथन की उम्र हमारे इस अनुमान से भी ज्यादा है।' हालांकि जोनाथन की उम्र को लेकर एक बड़ा दावा और है… दरअसल, 1903 से 1911 तक ईस्ट इंडिया कंपनी की तरफ से सेंट हेलेना के गवर्नर रहे हेनरी लियोनेल गैलवे ने 1941 में रॉयल अफ्रीकन सोसाइटी के जर्नल में एक आर्टिकल लिखा था। उन्होंने दावा किया था- ‘1776 में एक समुद्री जहाज के कप्तान ने तब के गवर्नर को दो कछुए गिफ्ट किए थे। मैंने जब 1911 में द्वीप छोड़ा, तो दोनों ठीक थे। फिर एक की कुछ साल बाद मौत हो गई। दूसरा अभी भी जीवित है।’ अभी सेंट हेलेना पर जोनाथन के साथ 3 कछुए और हैं, लेकिन ये सभी उससे बहुत छोटे हैं। यानी अगर गैलवे के मुताबिक 1776 में आया दूसरा जीवित कछुआ जोनाथन ही है, तो फिर जोनाथन की उम्र कम से कम 250 साल है। 1815 में वाटरलू की हार के बाद नेपोलियन बोनापार्ट को यहीं कैद किया गया था। कहा जाता है कि तब नेपोलियन, जोनाथन से मिला था। हालांकि इस किस्से की पुष्टि नहीं होती। सवाल-3: अभी जोनाथन किस हाल में है, उसकी देखरेख कैसे होती है?जवाब: लाइव साइंस मैगजीन के मुताबिक, 2009 में जोनाथन की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। वो दुबला हो गया था और उसका मुंह कमजोर हो गया था। वह खुद से खाना नहीं खा पा रहा था। जोनाथन का ध्यान रखने वाले डॉक्टर जो हॉलिन्स के मुताबिक, ‘मैंने तब उसे सप्ताह में एक बार फल, सब्जियां खिलाना शुरू किया। धीरे-धीरे उसकी चोंच दोबारा फिर से तेज, घातक और घास वगैरह चरने लायक हो गई थी। मुझे समझ आया कि पोषण की कमी के चलते जोनाथन में मिनरल्स और विटामिन वगैरह की कमी थी।’ 2015 में हॉलिन्स ने बताया था, ‘जोनाथन बिल्कुल ठीक है! मैं उसे रोज अपने हाथों से खाना खिला रहा हूं। उसे खूब भूख लगती है। मोतियाबिंद के चलते वह अंधा है। उसकी सूंघने की शक्ति भी चली गई है, इसलिए वह खाने का पता नहीं लगा सकता। हालांकि वह अभी भी सुन सकता है और वो मेरी आवाज सुनकर खाने के लिए हवा में मुंह चलाने लगता है। मैं खाना रख देता हूं और वह काटकर खा लेता है।’ जो हॉलिन्स ने ये भी बताया था कि जोनाथन की यौन इच्छा प्रबल है। वो अपनी 55 साल की पार्टरन एम्मा के साथ संभोग करने की कोशिश करता है। उन दोनों के साथ फ्रेडरिक नाम का एक और कछुआ रहता है। 1991 में जब फ्रेडरिक को सेंट हेलेना लाया गया, तब उसे मादा समझकर ‘फ्रेडरिका’ नाम रखा गया था। हालांकि 25 साल से ज्यादा समय तक जोनाथन के साथ रहने पर भी दोनों के बच्चा नहीं हुई। जांच की गई, तब पता चला कि फ्रेडरिक एक नर कछुआ है। सवाल-4: कछुए इतनी लंबी उम्र तक जिंदा कैसे रहते हैं?जवाब: कछुओं के वयस्क होने के साथ ही उनके शरीर का बाहरी खोल बेहद मजबूत हो जाता है। जंगल के शिकारी जानवरों के लिए इसे तोड़ पाना लगभग मुश्किल होता है। इससे कछुओं की मृत्यु दर बेहद कम हो जाती है। साइंस इनसाइट्स ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, शिकार के चलते कम मृत्यु देर की वजह से कछुओं पर ज्यादा प्रजनन का दबाव नहीं रहता। वे धीमी रफ्तार से बढ़ते हैं और संभोग के लिए देर से यानी करीब 30 साल की उम्र में तैयार होते हैं। इसीलिए कछुए तेजी से न जीते हैं और न तेजी से मरते हैं और उनमें उम्र बढ़ने से रोकने का एक पूरा तंत्र तैयार हो जाता है। इस तंत्र की 3 खासियत हैं… 1. कम एनर्जी की जरूरत, बाहरी धूप से काम चल जाता है 2. एनर्जी प्रोसेस कम होने से हानिकारक तत्व कम बनते हैं 3. कछुओं में एंटी-एजिंग और एंटी-कैंसर जीन ये खबर भी पढ़ें… मंडे मेगा स्टोरी: बिना संबंध बनाए भी बच्चे पैदा कर लेती है कॉकरोच:सिर कटने पर भी कैसे जिंदा रहते हैं, डायनासोर से भी सीनियर; कॉकरोच के किस्से कॉकरोच जनता पार्टी की वेबसाइट, X अकाउंट और इंस्टाग्राम अकाउंट सभी हैक और डाउन हो गए, तो फाउंडर अभिजीत दीपके ने लिखा- ‘कॉकरोच कभी मरते नहीं।’ बात सच भी है। कॉकरोच इस दुनिया में डायनासोर से भी पहले आए। सिर कट जाए, हफ्तों खाना न मिले फिर भी जिंदा रहते हैं। बिना नर के भी बच्चा पैदा कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
मिनी ड्रेस में दिशा पाटनी ने बढ़ाया इंटरनेट का तापमान, सिजलिंग अदाओं से जीता फैंस का दिल
बॉलीवुड की सबसे फिट और ग्लैमरस अभिनेत्रियों में शुमार दिशा पाटनी अपने बोल्ड फैशन चॉइस के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें साझा की हैं, जिन्होंने इंटरनेट पर आते ही तहलका मचा दिया है। ALSO READ: 'कावाला' से लेकर वायरल रील्स तक: तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर डांस फ्लोर पर मचा रही हैं धूम इन तस्वीरों में दिशा ने एक बेहद अट्रैक्टिव रॉयल ब्लू कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है। यह एक स्ट्रैपलेस कॉर्सेट स्टाइल मिनी ड्रेस है, जिस पर चमकीले बीड्स और सेक्विन का हैवी वर्क किया गया है। डीप प्लंजिंग नेकलाइन वाली यह ड्रेस दिशा के टोंड फिगर और कर्व्स को पूरी तरह से कॉम्प्लीमेंट कर रही है, जो उनके सिजलिंग अवतार में चार चांद लगा रही है। तस्वीरों में दिशा एक से बढ़कर एक सिजलिंग अंदाज में पोज देती नजर आ रही हैं। वह अपना परफेक्ट फिगर और क्लीवेज फ्लॉन्ट करती दिख रही हैं। मेकअप की बात करें तो दिशा ने अपनी आंखों पर ड्रेस से मैच करता हुआ ग्लिटरी ब्लू आईशैडो और विंग्ड आईलाइनर लगाया है, जो उनकी आंखों को बेहद नशीला और अट्रैक्टिव लुक दे रहा है। इसके साथ ही न्यूड लिपस्टिक और सटल ब्लश के साथ उनका ओवरऑल फेस मेकअप फ्लॉलेस लग रहा है। दिशा ने अपने लॉन्ग डार्क हेयर्स को मिडिल पार्टिंग के साथ सॉफ्ट वेव्स में खुला छोड़ रखा है, जो उनके कंधों पर बिखर कर उनके लुक को और भी ज्यादा ग्रेसफुल और सिडक्टिव बना रहे हैं। दिशा पाटनी का यह लेटेस्ट लुक इंटरनेट पर तेजी से ट्रेंड कर रहा है। फैंस कमेंट सेक्शन में फायर और हार्ट इमोजीस की बौछार कर रहे हैं। दिशा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात मॉडर्न और बोल्ड फैशन की आती है, तो उनका कोई मुकाबला नहीं है।
बॉलीवुड और भारतीय सिनेमा ने हमेशा ऐसे कलाकारों को सराहा है जो अपने डांस मूव्स से स्क्रीन पर जान डाल देते हैं, और आजकल कुछ प्रमुख अभिनेत्रियाँ ठीक यही कर रही हैं। अपनी ज़बरदस्त परफॉर्मेंस, सहज ग्लैमर और स्क्रीन पर अपनी शानदार मौजूदगी से तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर यह साबित कर रही हैं कि डांस आज भी मनोरंजन की दुनिया में दर्शकों को खींचने का सबसे बड़ा ज़रिया है। तमन्ना भाटिया , जिन्होंने ब्लॉकबस्टर गाने 'कावाला' से पूरे देश में धूम मचा दी थी, जब भी डांस फ्लोर पर उतरती हैं, तो चर्चा का केंद्र बन जाती हैं। उनकी ऊर्जा, आत्मविश्वास और हर फ्रेम में अपनी छाप छोड़ने की काबिलियत ने उन्हें आज इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा कलाकारों में से एक बना दिया है। चाहे कोई चार्टबस्टर गाना हो या स्टेज पर कोई शानदार परफॉर्मेंस, तमन्ना जानती हैं कि दर्शकों को और ज़्यादा देखने के लिए कैसे उत्साहित किया जाए। ALSO READ: गोल्डन और व्हाइट फोटोशूट में अमीई मिसोबाह का शानदार अंदाज़, फैंस हुए मंत्रमुग्ध जाह्नवी कपूर भी अपने दम पर एक डांस सेंसेशन बनकर उभरी हैं। अपने शानदार मूव्स, भावपूर्ण परफॉर्मेंस और वायरल गानों की बढ़ती लिस्ट के साथ, इस अभिनेत्री ने एलिगेंस और मॉडर्न अपील का ऐसा मेल दिखाया है जो युवा दर्शकों को बहुत पसंद आता है। जाह्नवी का हर नया डांस नंबर सोशल मीडिया पर तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है, जिससे बॉलीवुड के सबसे रोमांचक कलाकारों में उनकी जगह और मज़बूत होती है। इस लिस्ट में नई ऊर्जा जोड़ने वाली कलाकार हैं रेवती महुरकर , जिनकी बढ़ती लोकप्रियता और स्क्रीन पर शानदार मौजूदगी ने दर्शकों और इंडस्ट्री के लोगों का ध्यान खींचा है। कैमरे के सामने अपनी भावपूर्ण परफॉर्मेंस और स्वाभाविक अंदाज़ के लिए जानी जाने वाली रेवती, टैलेंट की एक नई और होनहार लहर का प्रतिनिधित्व करती हैं। अपने हाव-भाव और परफॉर्मेंस से दर्शकों से जुड़ने की उनकी काबिलियत ने उन्हें मनोरंजन की दुनिया में एक ऐसा नाम बना दिया है जिस पर सबकी नज़र है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इन तीनों कलाकारों की खासियत यह है कि वे किसी गाने को एक यादगार इवेंट में बदल देती हैं। वे सिर्फ़ कोरियोग्राफी नहीं करतीं—वे अपना एटीट्यूड, पर्सनैलिटी और स्टार पावर भी दिखाती हैं, जिससे वे जिस भी फ्रेम में नज़र आती हैं, वह और भी शानदार हो जाता है। जैसे-जैसे डांस-बेस्ड कंटेंट स्क्रीन और सोशल मीडिया ट्रेंड्स पर छा रहा है, तमन्ना भाटिया, जाह्नवी कपूर और रेवती महुरकर निस्संदेह उन नामों में शामिल हैं जो अपनी शानदार परफॉर्मेंस से दर्शकों को बांधे हुए हैं।
I received the notice last week. It arrived in a plain brown envelope from the local electoral office, part of the ongoing special revision of voter rolls. My name, my father’s name, my address — all correct. But attached was a demand: produce documents proving my citizenship, or risk removal from the list that has […]
पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं?
कांग्रेस सांसद Shashi Tharoor ने सरकार के उस स्पष्टीकरण पर चिंता जताई है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि आम नागरिकों के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ क्या होगा। थरूर का कहना है कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस सत्यापन, […]
राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद अब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में छात्र सम्मेलन करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रस्तावित है। इसके लिए कांग्रेस ने गुरुवार से व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश […]
बीजेडी में ‘पावर कपल’की एंट्री?
ओडिशा की राजनीति में नई हलचल तब पैदा हुई जब पूर्व आईएएस अधिकारी और वी. के. पांडियन की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन गुरुवार को बीजू जनता दल (बीजेडी) में शामिल हो गईं। उन्हें पार्टी में शामिल किए जाने को पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति और उत्तराधिकार योजना से जोड़कर देखा जा रहा […]
गाजा पर भारत क्यों चुप है? सोनिया गांधी ने मोदी सरकार से पूछे बड़े सवाल
सोनिया गांधी के गाजा पर प्रकाशित लेख का विश्लेषण। जानिए UN रिपोर्ट, भारत की विदेश नीति, मोदी सरकार की चुप्पी और फिलिस्तीन-इजरायल विवाद पर उठे सवाल
लगातार दूसरे हफ्ते 'राख' ने दिखाया दम, दुनियाभर में बनी प्राइम वीडियो की नंबर 1 नॉन-इंग्लिश सीरीज
प्राइम वीडियो पर ग्लोबल प्रीमियर के कुछ ही दिनों में 'राख' सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली और चर्चा में रहने वाली प्राइम ओरिजिनल सीरीज़ बन गई है। 12 जून को दुनियाभर में रिलीज़ हुई यह 8 एपिसोड की फिक्शनल क्राइम ड्रामा सीरीज़ नैतिकता, अपराध और न्याय के बीच के जटिल रिश्तों के साथ-साथ अपनों को खोने के दर्द को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है। एंडेमोल शाइन इंडिया ने भाडीपा के साथ मिलकर इस सीरीज़ का निर्माण किया है। राख को दुनिया भर के दर्शकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है और यह प्राइम वीडियो की दुनिया की नंबर 1 गैर-अंग्रेज़ी सीरीज़ बन गई है। यह 23 देशों में नंबर 1 पर ट्रेंड कर रही है, जबकि 60 देशों की टॉप 10 लिस्ट में भी अपनी जगह बना चुकी है। रिलीज़ के सिर्फ दो हफ्तों के भीतर राख पिछले दो साल में प्राइम वीडियो इंडिया पर सबसे बड़ी भारतीय ओरिजिनल डेब्यू सीरीज़ भी बन गई है। ALSO READ: सलमान खान छोड़ेंगे गैलेक्सी अपार्टमेंट, परिवार संग 6 मंजिला सी-फेसिंग लग्जरी टावर में होंगे शिफ्ट! राख को क्रिटिक्स, दर्शकों और इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने जमकर सराहा है। इस सीरीज़ को एक ऐसी दमदार और लंबे समय तक याद रहने वाली कहानी बताया जा रहा है, जिसने क्राइम थ्रिलर के लिए एक नया बेंचमार्क सेट किया है। सीरीज़ में कलाकारों की परफॉर्मेंस की भी खूब तारीफ हो रही है। अली फजल के शानदार और करियर की सबसे बेहतरीन मानी जा रही परफॉर्मेंस से लेकर सोनाली बेंद्रे के एक दुखी मां के किरदार, आमिर बशीर के टूटे हुए पिता के इमोशनल रोल और आकाश मखीजा व रामदीप यादव द्वारा बाबू और रज्जो के किरदारों को बेहद खौफनाक अंदाज़ में निभाने तक, हर कलाकार ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी है। पूरी स्टारकास्ट ने मिलकर इस कहानी को इतनी गहराई और असरदार तरीके से पेश किया है कि क्रेडिट्स खत्म होने के बाद भी इसकी चर्चा लगातार जारी है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्राइम वीडियो इंडिया में ओरिजिनल्स के डायरेक्टर और हेड निखिल माधोक ने कहा, राख को जिस तरह का शानदार रिस्पॉन्स मिला है, वह सच में बेहद खास है। हमें शुरू से ही भरोसा था कि इस कहानी में कुछ अलग है, लेकिन डायरेक्टर प्रोसित रॉय, हमारी कास्ट, क्रू और प्रोड्यूसर्स एंडेमोल शाइन इंडिया और भाडीपा ने इसे जिस तरह स्क्रीन पर उतारा है, उसने हमारी हर उम्मीद से बढ़कर काम किया है। लॉन्च के सिर्फ दो हफ्तों में राख का प्राइम वीडियो की दुनिया भर में नंबर 1 गैर-अंग्रेज़ी सीरीज़ बनना और पिछले दो साल में हमारी सबसे ज़्यादा देखी जाने वाली नई भारतीय ओरिजिनल सीरीज़ बनना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। राख के डायरेक्टर प्रोसित रॉय ने कहा, राख बनाना शुरू करते समय हमें पूरा भरोसा था कि दर्शक ऐसी कहानी देखने के लिए तैयार हैं, जो किसी दर्दनाक घटना की सच्चाई से पीछे न हटे। हम ऐसी कहानी कहना चाहते थे, जो न्याय और दुख के बीच की भावनाओं को ईमानदारी से दिखाए और यह बताए कि किसी अपने को खोने के बाद इंसान किन भावनाओं और नैतिक सवालों से गुजरता है। यह देखकर बेहद खुशी और गर्व होता है कि यह कहानी सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के दर्शकों के दिलों तक पहुंची। प्रोसित रॉय के निर्देशन में बनी 'राख' का निर्माण एंडेमोल शाइन इंडिया ने भाडीपा के सहयोग से किया है। इसके प्रोड्यूसर्स दीपक धर, ऋषि नेगी, मृणालिनी जैन और श्याम राठी हैं। सीरीज़ को अनुशा नंदकुमार और संदीप साकेत ने क्रिएट, लिखा और को-डायरेक्ट किया है, जबकि इसके डायलॉग्स आयुष त्रिवेदी ने लिखे हैं। सीरीज़ में सोनाली बेंद्रे, अली फ़ज़ल और आमिर बशीर मुख्य भूमिकाओं में हैं। इनके साथ आकाश मखीजा, रामदीप यादव, दिव्या शर्मा, विवान शर्मा, अंशुल चौहान, राकेश बेदी और दिव्येंदु भट्टाचार्य भी अहम किरदारों में नज़र आ रहे हैं।
सलमान खान छोड़ेंगे गैलेक्सी अपार्टमेंट, परिवार संग 6 मंजिला सी-फेसिंग लग्जरी टावर में होंगे शिफ्ट!
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान जितने फेमस हैं उनका ही मशहूर बांद्रा स्थित उनका घर गैलेक्सी अपार्टमेंट भी हैं। सलमान खान इस अपार्टमेंट में अपने परिवार के साथ साल 1974 से रह रहे हैं। लेकिन अब सलमान खान बहुत जल्द अपने नए घर में शिफ्ट हो सकते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र कोस्टल ज़ोन मैनेजमेंट अथॉरिटी ने सलमान खान और उनके परिवार को बांद्रा के चिंबई इलाके में एक आलीशान, सी-फेसिंग रेजिडेंशियल टावर बनाने की अंतिम मंजूरी दे दी है। यह नया प्लॉट उनके मौजूदा घर 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' से महज कुछ सौ मीटर की दूरी पर स्थित है। ALSO READ: Welcome To The Jungle Box Office: अक्षय कुमार की फिल्म ने 'भूत बंगला' को पहले दिन के कलेक्शन में छोड़ा पीछे क्यों छोड़ना पड़ रहा है आइकॉनिक 'गैलेक्सी अपार्टमेंट'? बॉलीवुड गलियारों और फैंस के बीच 'गैलेक्सी अपार्टमेंट' की पहचान शाहरुख खान के 'मन्नत' जितनी ही मशहूर है। ईद का त्योहार हो या भाईजान का जन्मदिन, हजारों फैंस गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर उनकी एक झलक पाने के लिए इकट्ठा होते हैं। लेकिन साल 2024 में इस परंपरा को तब गहरा झटका लगा, जब बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाशों ने सलमान खान के इस घर पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दी थीं। जिस बालकनी से सलमान फैंस का अभिवादन करते थे, उसे सुरक्षा कारणों से बुलेट-प्रूफ ग्लास से कवर करना पड़ा और पर्दों से ढक दिया गया। लगातार मिल रही धमकियों और 'Y प्लस' सिक्योरिटी के कड़े घेरे के बीच, अब मुख्य सड़क पर स्थित इस फ्लैट के बजाय एक अधिक सुरक्षित और निजी जगह की जरूरत महसूस की जा रही थी। खबरों के अनुसार चिंबई के एक शांत बाय-लेन में बनने वाली यह नई इमारत हर मायने में खास और बेहद सुरक्षित होगी। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, यहाँ ग्राउंड फ्लोर + स्टिल्ट पार्किंग + 6 मंजिला आवासीय इमारत का निर्माण किया जाएगा। यह आलीशान टावर कुल 1014.11 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैला होगा। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की जिम्मेदारी 'सच डेवलपर्स' (Sach Developers) को सौंपी गई है। मुख्य नगरपालिका सड़क से इस इमारत तक पहुंचने के लिए 6.01 मीटर चौड़ी एक निजी अप्रोच रोड बनाई जाएगी, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद मुफीद है। मां सलमा खान के नाम पर है यह प्लॉट खबरों के अनुसार यह जमीन सलमान खान की मां सलमा खान के नाम पर दर्ज है। इस जगह पर साल 1956 से पहले की एक दो-मंजिला पुरानी इमारत हुआ करती थी, जिसकी मूल मालकिन मैरी क्लोटिल्डा बैप्टिस्टा थीं। कई बार रीसेल होने के बाद, खान परिवार ने साल 2011 में इस संपत्ति को खरीदा था। पुरानी इमारत के जर्जर होने के कारण उसे ढहा दिया गया था।
श्रेयस अय्यर ने कप्तानी डेब्यू पर बनाए कुछ शर्मनाक रिकॉर्ड्स, फिर भी कहा 'शानदार'
श्रेयस अय्यर टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर आयरलैंड के विरुद्ध जैसी शुरुआत चाहते थे वैसी उन्हें नहीं मिली। बेलफास्ट में खेले गए पहले मैच में श्रेयस अय्यर कुछ अनचाहे रिकॉर्ड्स बना गए। वह बतौर कप्तान पहला टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच हारने वाले चौथे खिलाड़ी बन गए। इससे पहले विराट कोहली, ऋषभ पंत और शुभमन गिल भी अपना पहला मैच बतौर कप्तान हारे थे। आयरलैंड के खिलाफ ना केवल पहला बल्कि किसी भी प्रारुप में पहला मैच हारने वाले श्रेयस अय्यर पहले कप्तान बन गए। इसके अलावा बल्लेबाजी में भी उन्होंने अनचाहा रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने 7 गेंदों में महज 3 रन बनाए। यह टी-20 अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर किसी भी भारतीय कप्तान का सबसे न्यूनतम स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड रोहित शर्मा के पास था। We have a great captaincy option like Rajat Patidar in limited over formats, but Gambhir and Arshdeep Singh discriminated against him and he's not even in the team. They chose Shreyas Iyer and Tilak Varma They picked Prasidh Krishna and Sundar over Rajat Patidar and… pic.twitter.com/s57z58zOna — Manjesh Jangirहिन्दू (@manjesh_jangir) June 26, 2026 आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की श्रृंखला के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 34 रन की चौकाने वाली हार का सामना करने के बाद भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने शुक्रवार को यहां कहा कि टीम इस मैच को भूलकर इससे सीख लेगी और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेगी। अय्यर ने मैच के बाद पुरस्कार समारोह में कहा कि गेंदबाज बीच के ओवरों में लय बरकरार रखने में विफल रहे।उन्होंने कहा, ‘‘शुरुआत में हमारे गेंदबाज काफी धारदार गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन बीच के ओवरों में हम अपनी योजनाओं पर अमल नहीं कर सके।’’उन्होंने कहा, ‘‘ हमने आयरलैंड के बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने का मौका दिया। उस समय मुझे लगा था कि 140 रन का लक्ष्य ही बनेगा और उसे हासिल करना आसान होगा।’उन्होंने चुटिले अंदाज में हुए कहा, ‘‘कप्तान के तौर पर शानदार शुरुआत रही।’’ अय्यर ने इसके बाद गंभीर होते हुए कहा, ‘‘इस मैच को भूलकर, इससे सीख लेंगे और अगले मुकाबले में पूरी तैयारी के साथ उतरेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी चीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता। आपको हर मैच में पूरी मेहनत करनी होती है। वर्तमान में रहना जरूरी है और जब भी प्रतिद्वंद्वी टीम पर दबाव बनाने का मौका मिले, उसे हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।’’
पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध?
जालंधर। महाराष्ट्र के पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड के बाद प्रेम संबंधों में बढ़ते हिंसक अपराधों को लेकर उठ रहे गंभीर सवालों के बीच राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की सलाहकार एवं आपदा मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. नरेश पुरोहित का कहना है कि ऐसे मामलों की जड़ केवल प्रेम नहीं, बल्कि सामाजिक दबाव, असुरक्षा, अस्वीकृति […] The post पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड : आखिर क्यों जानलेवा बन रहे हैं प्रेम संबंध? appeared first on Sabguru News .
'मोदी जी, मोदी जी' कहती है सुनील शेट्टी की 15 महीने की नातिन, हर सुबह तस्वीर को खिलाती है लड्डू
बॉलीवुड के 'अन्ना' यानी सुनील शेट्टी इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'वेलकम टू द जंगल' को लेकर सुर्खियों में हैं। इसके अलावा वह अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में हैं। सुनील शेट्टी नाना बनने के फेज को एन्जॉय कर रहे हैं। वह अपनी नातिन इवारा (Evaarah) से कितना प्यार करते हैं, यह किसी से छिपा नहीं है। सुनील शेट्टी अक्सर इंटरव्यूज में अपनी नन्ही नातिन का जिक्र करते हैं। हाल ही में एक बातचीत के दौरान अभिनेता ने इवारा की एक ऐसी आदत का खुलासा किया है, जिसने सोशल मीडिया पर हर किसी का ध्यान खींच लिया है। सुनील शेट्टी ने बताया कि उनकी 15 महीने की नातिन हर सुबह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर को लड्डू का भोग लगाती है। My 15-month-old granddaughter worships Modi along with Ganesh ji, feeds him laddus & we have no problem with it because this is the magic of that man,there is something special about Modi Imagine worshipping Modi as God, What a brain-rotting embarrassment these celebrities are pic.twitter.com/zh76YmF8S7 — Nehr_who? (@Nher_who) June 27, 2026 ALSO READ: 'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में सुनील शेट्टी ने इस पूरे वाकये को साझा किया। उन्होंने बताया कि यह सब तब शुरू हुआ जब इवारा अपनी नैनी के साथ एयरपोर्ट पर थी। वहां नैनी ने उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ इशारा करते हुए 'मोदी जी' के बारे में बताया था। 15 महीने की बच्ची के दिमाग पर वह नाम और चेहरा इस कदर छप गया कि उसने घर आकर इसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बना लिया। सुनील शेट्टी ने कहा, आप मानेंगे नहीं, मेरी नातिन अभी सिर्फ 15 महीने की है। एयरपोर्ट पर नैनी ने उसे मोदी जी के बारे में बताया था। अब उसके बाद से हर सुबह, वह घर में रखी साईं बाबा की एक किताब खोलती है, जिसमें पीएम मोदी की भी एक तस्वीर है। वह उस तस्वीर को देखकर बड़े प्यार से 'मोदी जी, मोदी जी' कहती है। सुनील शेट्टी ने आगे बताया, वह तस्वीर खोलने के बाद घर में बने मंदिर में जाती है और गणपति जी की मूर्ति के पास रखा हुआ लड्डू (मीठाई) उठाती है। फिर वह दौड़कर आती है और उस लड्डू को पीएम मोदी की तस्वीर को खिलाती है। न तो मैंने उसे ऐसा करने के लिए कहा और न ही उसकी मां ने। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी दीवानगी को जाहिर करते हुए सुनील शेट्टी ने कहा कि वह हमेशा से उनके बड़े प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने कहा, मैं यहां किसी राजनीतिक पार्टी की बात नहीं कर रहा हूं, मैं एक लीडर की बात कर रहा हूं। अगर कोई लीडर मुझे प्रभावित करता है, तो वो करता है। जितना प्यार मैं अपने देश से करता हूं, उतना ही सम्मान मैं उनके लिए रखता हूं। उनके व्यक्तित्व में कुछ तो बात है। सुनील शेट्टी ने आगे कहा कि अगर 15 महीने की एक मासूम बच्ची, जिसे राजनीति या दुनियादारी की कोई समझ नहीं है, वह खुद से हर सुबह उठकर किसी इंसान को इतना सम्मान दे रही है, तो यकीनन उस लीडर के भीतर कोई 'जादुई' आकर्षण है। 'अथिया 2.0' है इवारा सुनील शेट्टी ने बताया कि इवारा बिल्कुल अपनी मां अथिया शेट्टी की तरह दिखती है, वह उसका '2.0 वर्जन' है। नातिन के साथ वक्त बिताने के लिए 64 वर्ष की उम्र में भी फिट रहने वाले सुनील शेट्टी ने अपना रूटीन बदल लिया है। वह सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे तक जिम में कड़ा पसीना बहाते हैं। उसके बाद वह तुरंत नहाकर अपना पूरा वक्त इवारा के साथ बिताने के लिए पहुंच जाते हैं।
बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि शहर के पुलिस आयुक्त अजय नंद तारातला माल गोदाम हादसे के जांच की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर बचाव कार्य जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। कोलकाता पुलिस के सूत्रों ने बताया कि […] The post बंगाल : तारातला माल गोदाम हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16, बचाव कार्य जारी appeared first on Sabguru News .
गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी
नई दिल्ली। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा है कि गाजा पर हो रहे हमलों के खिलाफ पूरी दुनिया लगातार आवाज उठा रही है, लेकिन भारत सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे है, जो हैरान करने वाली है। सोनिया गांधी के शनिवार को एक अंग्रेजी दैनिक में इस विषय पर प्रकाशित लेख […] The post गाजा की स्थिति पर सरकार की चुप्पी हैरान करने वाली : सोनिया गांधी appeared first on Sabguru News .
चंद्रबाबू नायडू का खतरनाक खेल: कांग्रेस मुख्यमंत्रियों की तारीफ के क्या हैं मायने? | hastakshep
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले, चंपत राय पर उठते सवाल, दक्षिण भारत की बदलती राजनीति, चंद्रबाबू नायडू की भूमिका, परिसीमन विवाद और NEET पेपर लीक पर अमलेंदु उपाध्याय व समीरात्मज मिश्र की विस्तृत चर्चा। जानिए एनडीए सरकार के सामने उभरती राजनीतिक चुनौतियां
'कल्कि 2898 एडी' के 2 साल: प्रभास के 'भैरव' के किरदार के बारे में 5 अनसुनी बातें
'कल्कि 2898 एडी' द्वारा भारतीय साइंस-फिक्शन के स्केल को एक नई पहचान देने के दो साल बाद भी, प्रभास का 'भैरव' का कैरेक्टर इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी में से एक बना हुआ है। अपने कमाल के ह्यूमर, एक्शन से भरपूर मोमेंट्स और एक गहरे व्यक्तित्व के साथ, इस कैरेक्टर ने देश भर के दर्शकों के दिलों को छू लिया। फिल्म के दो साल पूरे होने और 'कल्कि 2' को लेकर बढ़ते एक्साइटमेंट के बीच, यहाँ भैरव के बारे में पांच ऐसी बातें दी गई हैं जो बहुत कम लोग जानते हैं। ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ भैरव को एक टिपिकल हीरो की तरह नहीं लिखा गया था भैरव की कहानी में एंट्री एक ऐसे बाउंटी हंटर (इनाम के लिए काम करने वाले) के रूप में होती है जिसका पूरा ध्यान सही काम करने के बजाय सिर्फ अपनी सर्वाइवल और इनामों पर होता है। उसका यह कमियों से भरा और खुद के बारे में सोचने वाला अंदाज़ उसे उन पारंपरिक और हमेशा सही करने वाले बड़े हीरोज से बिल्कुल अलग बनाता है, जिन्हें देखने की दर्शकों को आदत रही है। बुज्जी प्रभास की सबसे खास को-स्टार थी फिल्म की रिलीज से पहले, प्रभास ने बुज्जी को इंट्रोड्यूस करते हुए इस एआई-पावर्ड गाड़ी को अपनी सबसे खास को-स्टार कहा था। पर्दे पर उनकी नोकझोंक और दोस्ती फिल्म के सबसे पसंदीदा हिस्सों में से एक बन गई, जिससे बुज्जी खुद अपने आप में फैंस की चहेती बनकर उभरी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का फिल्म के प्रमोशन के दौरान, प्रभास ने भैरव को एक प्राचीन नियति वाला मॉडर्न लड़का बताया था। इस एक लाइन ने उस बड़ी भूमिका की शुरुआती झलक दे दी थी जो यह कैरेक्टर आगे चलकर कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स में निभाने वाला है। भैरव का लुक खास तौर पर 'कल्कि' की दुनिया के लिए तैयार किया गया था उनके कपड़ों और हथियारों से लेकर उनकी एक्सेसरीज तक, सब कुछ फिल्म के डिस्टोपियन (भविष्य की उजड़ी हुई दुनिया) माहौल को ध्यान में रखकर बनाया गया था। इस रफ-एंड-टफ स्टाइलिंग ने भैरव की दुनिया को पर्दे पर जीवंत करने में एक बेहद जरूरी रोल निभाया और प्रभास को उनके अब तक के सबसे अलग स्क्रीन लुक्स में से एक दिया। उसकी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है भले ही 'कल्कि 2898 एडी' ने कई सवालों के जवाब दिए, लेकिन इसने भैरव के सफर को आगे बढ़ाने के लिए भी काफी गुंजाइश छोड़ दी है। 'कल्कि 2' के पहले से ही सबसे बेसब्री से इंतजार की जाने वाली भारतीय फिल्मों में से एक होने के साथ, फैंस यह देखने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं कि इस कैरेक्टर के लिए आगे क्या होने वाला है। अपनी रिलीज के दो साल बाद भी, 'कल्कि 2898 एडी' को इसकी शानदार स्टोरीटेलिंग और यादगार कैरेक्टर्स के लिए पसंद किया जा रहा है, जिसमें भैरव आज भी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। आगे की बात करें, तो अनडिस्प्यूटेड पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास के पास 'स्पिरिट', 'फौजी' और सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली 'कल्कि 2' के साथ एक बेहद एक्साइटिंग लाइनअप है।
जब भी हम किसी होटल में ठहरने जाते हैं, तो हमारा पूरा ध्यान कमरे की लग्जरी सुविधाओं, बालकनी से दिखने वाले व्यू या वहां की सर्विस पर होता है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दुनिया के कई बड़े और आलीशान होटलों से कमरा नंबर 13 या सीधे 13वीं मंजिल (13th Floor) ही गायब रहती है? पहली नजर में यह किसी आर्किटेक्ट की तकनीकी गलती या नंबरिंग की चूक लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प सोच, गहरा मनोविज्ञान और सदियों पुरानी परंपरा छिपी है।दुनिया भर के होटल ग्रुप्स अपने मेहमानों की मानसिक सहजता, उनकी पसंद और सांस्कृतिक मान्यताओं को ध्यान में रखते हुए ही कमरों और मंजिलों का निर्धारण करते हैं। यही वजह है कि कुछ नंबर तो आपको हर जगह दिखाई देंगे, लेकिन नंबर 13 को जानबूझकर नक्शे से ही साफ कर दिया जाता है। आइए जानते हैं कि आखिर इस एक नंबर से होटल इंडस्ट्री को इतना परहेज क्यों है।क्या है 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया', जिसने दुनिया भर में 13 नंबर का खौफ फैलाया है?दुनिया के एक बहुत बड़े हिस्से में, विशेषकर पश्चिमी देशों में, 13 अंक को अत्यधिक अशुभ और दुर्भाग्य लाने वाला माना जाता है। इस नंबर को लेकर लोगों के मन में जो डर और घबराहट होती है, उसे चिकित्सा और विज्ञान की भाषा में 'ट्रिस्काइडेकाफोबिया' (Triskaidekaphobia) कहा जाता है।होटल इंडस्ट्री पूरी तरह से हॉस्पिटैलिटी यानी मेहमाननवाज़ी पर टिकी है, जहां उनका एकमात्र मूलमंत्र होता है कि गेस्ट को घर जैसा सुरक्षित और सहज माहौल मिले। होटल मालिकों को अच्छी तरह पता है कि अगर कोई मेहमान मानसिक रूप से असहज हो, तो उसका पूरा स्टे (Stay Experience) खराब हो जाएगा। इसी डर के चलते होटल व्यवसाय इस नंबर से एक सुरक्षित दूरी बनाकर रखता है।होटलों का सीधा बिजनेस गणित: खाली कमरों का नुकसान क्यों उठाना?इस अजीबो-गरीब परंपरा के पीछे सिर्फ अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा कमर्शियल और बिजनेस का गणित भी काम करता है। वैश्विक स्तर पर हुए कई सर्वे में यह बात सामने आई है कि बहुत से यात्री रूम नंबर 13 में ठहरने से साफ इनकार कर देते हैं या वहां सोने में कतराते हैं। अगर कोई होटल जबरदस्ती रूम नंबर 13 रखता भी है, तो उस कमरे की बुकिंग दरें काफी गिर जाती हैं, जिससे होटल को सीधे तौर पर राजस्व (Revenue) का नुकसान होता है।इस घाटे से बचने के लिए होटलों ने एक स्मार्ट तरीका निकाला है। वे अपने बिल्डिंग प्लान से 13वीं मंजिल को हटाकर सीधे 12वीं के बाद 14वीं मंजिल घोषित कर देते हैं। कुछ होटलों में 13 नंबर के कमरे को 12A लिख दिया जाता है, जबकि कई जगहों पर 13वीं मंजिल का नाम 'M Floor' (मैजनाइन) रख दिया जाता है या उसे केवल स्टाफ, मेंटेनेंस और तकनीकी सामान रखने के लिए आरक्षित कर दिया जाता है।इंसानी दिमाग का खेल: अनजाने में पैदा होने वाली झिझक से बचावमनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इंसान का दिमाग उन जगहों पर सबसे ज्यादा सुकून महसूस करता है जो पूरी तरह से सामान्य, जानी-पहचानी और समाज द्वारा सुरक्षित मानी गई हों। भले ही आज का आधुनिक इंसान खुद को कितना भी तार्किक और अंधविश्वास से दूर माने, लेकिन जब वह किसी होटल के सुनसान कॉरिडोर में 'Room 13' लिखा हुआ देखता है, तो उसके अवचेतन मन (Subconscious Mind) में एक हल्की सी झिझक या नकारात्मक विचार अनजाने में ही सही, लेकिन पैदा हो ही जाता है। होटल प्रबंधन अपने ग्राहकों के दिमाग में इस तरह की किसी भी असहजता या डर को पनपने ही नहीं देना चाहता।सदियों पुरानी पौराणिक कहानियों ने बनाया नंबर 13 को 'विलेन'13 नंबर को लेकर समाज में फैली यह नफरत कोई नई नहीं है, बल्कि इसका इतिहास सदियों पुराना है और यह मुख्य रूप से दो बड़ी ऐतिहासिक कहानियों से जुड़ा है:नॉर्स पौराणिक कथा (Norse Mythology): स्कैंडिनेवियाई देशों की प्राचीन कथाओं के अनुसार, एक बार स्वर्ग में देवताओं के लिए एक भव्य भोज का आयोजन किया गया था, जिसमें 12 देवता आमंत्रित थे। लेकिन तभी वहां बिना बुलाए छल के देवता 'लोकी' (Loki) की 13वें मेहमान के रूप में एंट्री हुई। उनके आते ही देवताओं के बीच भयंकर झगड़ा शुरू हो गया और अंततः सबके चहेते देवता बाल्डर की मृत्यु हो गई। तब से 13 नंबर को विनाशकारी माना जाने लगा।ईसाई धर्म की मान्यता (The Last Supper): ईसाई परंपरा के अनुसार, भगवान ईसा मसीह (Jesus Christ) ने सूली पर चढ़ाई जाने से ठीक एक रात पहले अपने शिष्यों के साथ आखिरी भोजन (Last Supper) किया था। उस टेबल पर बैठने वाला 13वां व्यक्ति 'जूडास इस्करियोती' (Judas Iscariot) था, जिसने चंद सिक्कों के लालच में ईसा मसीह के साथ विश्वासघात किया था। इसी घटना के बाद से पूरी पश्चिमी संस्कृति में 13 नंबर को धोखे और मौत का प्रतीक माना जाने लगा।हर देश की अपनी कहानी: चीन में 4 तो कहीं 420 नंबर से बचती है दुनियादिलचस्प बात यह है कि हर देश या संस्कृति में सिर्फ 13 नंबर ही अनलकी नहीं होते। उदाहरण के लिए, चीन, जापान और वियतनाम जैसे कई एशियाई देशों में नंबर 4 और 9 को सबसे ज्यादा अशुभ माना जाता है। चीनी भाषा में नंबर 4 का उच्चारण 'मौत' (Death) शब्द से काफी मिलता-जुलता है, इसलिए वहां के होटलों और लिफ्ट से 4 नंबर गायब रहता है, जिसे 'टेट्राफोबिया' कहते हैं।वहीं, भारत और कुछ अन्य एशियाई देशों के होटलों में आपको कभी भी कमरा नंबर 420 देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि भारतीय कानून (IPC) के तहत 420 नंबर जालसाजी और धोखाधड़ी से जुड़ा हुआ है, जिससे मेहमानों के बीच इसका मजाकिया या नकारात्मक संदेश जा सकता है। इसी तरह, कुछ अंतरराष्ट्रीय होटलों में शैतानी शक्तियों से जुड़े 666 या आपातकालीन हादसों से जुड़े 911 जैसे नंबरों के रूम रखने से भी कड़ा परहेज किया जाता है।आधुनिकता और एआई (AI) के इस 2026 के दौर में भी, जहां विज्ञान हर रोज नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, होटल इंडस्ट्री का सदियों पुराने इन नंबरों के अंधविश्वास और मान्यताओं को मानना यह साबित करता है कि बिजनेस की दुनिया में आज भी कस्टमर साइकोलॉजी (ग्राहक का मनोविज्ञान) और उनके सांस्कृतिक विश्वास ही सबसे बड़े मार्गदर्शक होते हैं।
UNODC World Drug Report 2025 के अनुसार दुनिया में 33.1 करोड़ लोग किसी न किसी मादक पदार्थ का सेवन कर रहे हैं। जानिए सिंथेटिक ड्रग्स, कोकीन, अफीम, गांजा, मेथाम्फेटामाइन और वैश्विक तस्करी के नए रुझानों पर पूरी रिपोर्ट
इंसाफ मांगता अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविक का परिवार
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी हमले में मारे गए एक भारतीय नाविक के मामले से नाविकों की सुरक्षा, जवाबदेही और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर जरूरी सवाल उठ रहे हैं। डीडब्ल्यू ने इस हादसे का शिकार हुए नाविक के परिवार से भी बात की।
पासपोर्ट, आधार या वोटर आईडी नहीं... आखिर भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्या है?
पासपोर्ट भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं, तो फिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करेगा? यह सवाल अचानक पैदा नहीं हुआ, लेकिन हाल के दिनों में यह राष्ट्रीय बहस का विषय जरूर बन गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दे राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में आ गए। इसी बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने एक ऐसा बयान दिया जिसने इस बहस को और तेज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ (Travel Document) है, नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं। पहली नजर में यह बयान चौंकाने वाला लग सकता है, क्योंकि आम धारणा यही रही है कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है। लेकिन कानूनी दृष्टि से स्थिति थोड़ी अलग और कहीं अधिक जटिल है। पासपोर्ट नागरिकता का अंतिम प्रमाण क्यों नहीं माना जाता? कानूनी रूप से यह कोई नई बात नहीं है। भारत के पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 20 के तहत केंद्र सरकार विशेष परिस्थितियों में गैर-नागरिकों को भी भारतीय पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज़ जारी कर सकती है। यही कारण है कि कानून पासपोर्ट को नागरिकता का निर्णायक प्रमाण नहीं मानता। हालांकि व्यावहारिक रूप से पासपोर्ट को नागरिकता का एक अत्यंत मजबूत संकेत माना जाता है, क्योंकि इसे जारी करने से पहले सरकार द्वारा पहचान और दस्तावेज़ों का विस्तृत सत्यापन किया जाता है और अधिकांश मामलों में यह केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी होता है। भारत में नागरिकता की शुरुआत : संविधान से कानून तक जब भारतीय संविधान का लागू होना हुआ, तब नागरिकता का प्रश्न संविधान के अनुच्छेद 5, 6 और 7 के माध्यम से तय किया गया। ये प्रावधान उस समय बनाए गए थे जब देश विभाजन के बाद बड़े पैमाने पर जनसंख्या का भारत और पाकिस्तान के बीच पलायन हुआ था। हालांकि संविधान निर्माताओं ने इन्हें स्थायी व्यवस्था के रूप में नहीं बनाया था। बाद में नागरिकता से जुड़ा पूरा ढांचा नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत लाया गया और संसद ने समय-समय पर इसमें कई संशोधन किए। भारत में जन्म से नागरिकता पाने के नियम कैसे बदले? पहला चरण: 1950 से 1987 तक — जन्म लिया, तो नागरिक बने इस अवधि में भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक माना जाता था। माता-पिता की नागरिकता, राष्ट्रीयता या कानूनी स्थिति का कोई महत्व नहीं था। इसे अंतरराष्ट्रीय कानून की भाषा में जस सोली (Jus Soli) कहा जाता है। दूसरा चरण: 1987 से 2004 तक — कम से कम एक माता-पिता भारतीय होना जरूरी 1986 में नागरिकता कानून में संशोधन किया गया और 1 जुलाई 1987 से नए नियम लागू हुए। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो। इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण था: असम आंदोलन, अवैध प्रवासन को लेकर बढ़ती चिंताएं, तथा असम समझौता के बाद बनी राजनीतिक सहमति। तीसरा चरण: 2004 से अब तक — नियम और सख्त हुए 3 दिसंबर 2004 से लागू संशोधन ने नागरिकता के नियमों को और कठोर बना दिया। अब भारत में जन्म लेने वाला बच्चा तभी भारतीय नागरिक माना जाएगा यदि: ✔ दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों, या ✔ एक माता या पिता भारतीय नागरिक हो और दूसरा अवैध प्रवासी न हो। यदि माता-पिता में से कोई एक अवैध प्रवासी है, तो भारत में जन्म लेने के बावजूद बच्चे को स्वतः भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी। क्या इससे नागरिकताविहीन होने का खतरा पैदा हो सकता है? यहीं से एक गंभीर मानवीय और कानूनी प्रश्न सामने आता है। मान लीजिए किसी बच्चे का पिता भारतीय नागरिक है लेकिन उसकी मां को अवैध प्रवासी घोषित कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में बच्चे को भारत में जन्म लेने के बावजूद नागरिकता नहीं मिल सकती। यदि दूसरा देश भी उसे अपना नागरिक स्वीकार न करे, तो बच्चा नागरिकताविहीन (Stateless) हो सकता है। सीमावर्ती राज्यों जैसे: पंजाब राजस्थान पश्चिम बंगाल असम में प्रशासन को समय-समय पर ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा है। तिब्बती शरणार्थियों के मामलों ने क्या सिखाया? भारतीय नागरिकता कानून की सबसे चर्चित न्यायिक व्याख्याओं में तिब्बती शरणार्थियों के मामले शामिल हैं। 2010 और 2016 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने महत्वपूर्ण फैसलों में कहा कि 30 जून 1987 से पहले भारत में जन्मे तिब्बती नागरिक भारतीय नागरिकता के पात्र हैं। कारण साफ था। उस समय तक भारत में जन्म आधारित नागरिकता का सिद्धांत लागू था। इन फैसलों के बाद चुनाव आयोग और विदेश मंत्रालय ने भी ऐसे तिब्बतियों के अधिकारों को मान्यता दी। इन मामलों ने यह दिखाया कि नागरिकता कानून में केवल एक दिन का अंतर भी किसी व्यक्ति की कानूनी स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है। बिहार की SIR प्रक्रिया ने क्या उजागर किया? बिहार की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया ने पहली बार बड़े पैमाने पर यह सवाल खड़ा किया कि आखिर भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता साबित कैसे करे। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची में केवल भारतीय नागरिकों के नाम ही शामिल होने चाहिए। लेकिन इस प्रक्रिया ने यह भी उजागर किया कि अधिकांश भारतीयों के पास ऐसा कोई एक दस्तावेज़ नहीं है जिसे हर परिस्थिति में नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जा सके। क्या चुनाव आयोग नागरिकता तय कर सकता है? नहीं। हाल ही में भारत का सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का अधिकार केवल मतदाता सूची की पात्रता तक सीमित है। किसी व्यक्ति की नागरिकता निर्धारित करना उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है। नागरिकता से जुड़े विवादों का निर्णय केवल कानून द्वारा अधिकृत सक्षम प्राधिकारी ही कर सकता है। आधार, वोटर आईडी और पासपोर्ट की कानूनी सीमाएं आधार कार्ड आधार केवल पहचान और निवास का प्रमाण है। यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है। वोटर आईडी यह केवल यह दर्शाती है कि व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दर्ज है। यह भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं है। पासपोर्ट यह अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी दस्तावेज़ है। हालांकि व्यवहारिक रूप से इसे नागरिकता का मजबूत संकेत माना जाता है, लेकिन कानून इसे अंतिम प्रमाण नहीं मानता। तो आखिर भारतीय नागरिकता साबित कौन करता है? यही वह प्रश्न है जिसका कोई एक सार्वभौमिक उत्तर आज भी उपलब्ध नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार सबसे मजबूत दस्तावेज़ हैं: नागरिकता पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राकृतिककरण (Naturalization) प्रमाणपत्र, लेकिन ये केवल सीमित संख्या में लोगों के पास उपलब्ध होते हैं। अधिकांश भारतीयों के लिए नागरिकता सिद्ध करने में निम्न दस्तावेज़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं: जन्म प्रमाणपत्र माता-पिता के दस्तावेज़ स्कूल रिकॉर्ड भूमि अभिलेख पुराने मतदाता रिकॉर्ड पारिवारिक दस्तावेज़ सरकारी रजिस्टर में दर्ज पुराने रिकॉर्ड NRC के दौरान 'लीगेसी दस्तावेज़' क्यों महत्वपूर्ण बने? असम में हुई राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) प्रक्रिया के दौरान नागरिकता सिद्ध करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने तथाकथित लीगेसी डॉक्यूमेंट्स का उपयोग किया। इनमें दशकों पुराने भूमि रिकॉर्ड, मतदाता सूचियां, राजस्व दस्तावेज़ और पारिवारिक रिकॉर्ड शामिल थे। इस अनुभव ने दिखाया कि नागरिकता का प्रश्न अक्सर केवल एक पहचान पत्र से कहीं अधिक जटिल होता है। दुनिया में क्या हो रहा है? भारत अकेला देश नहीं है जिसने जन्म आधारित नागरिकता के नियमों को सीमित किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका आज भी व्यापक रूप से जन्म आधारित नागरिकता को मान्यता देता है, हालांकि वहां भी समय-समय पर इसे सीमित करने की राजनीतिक मांग उठती रही है। भारत में नागरिकता कानून संसद के माध्यम से संशोधित किया जा सकता है और इसी कारण पिछले सात दशकों में इसके स्वरूप में कई बदलाव हुए हैं। आगे की सबसे बड़ी चुनौतियां यह पूरा विवाद तीन महत्वपूर्ण सवाल छोड़ जाता है: 1. नागरिकताविहीन बच्चों के लिए भारत की नीति क्या होगी? 2. क्या भारत को एक सार्वभौमिक नागरिकता दस्तावेज़ की आवश्यकता है? 3. भविष्य में नागरिकता कानून और नागरिक रजिस्टर किस दिशा में जाएंगे? विदेश मंत्रालय के बयान का वास्तविक अर्थ क्या है? विदेश मंत्रालय ने कोई नया कानून नहीं बनाया और न ही किसी नई व्याख्या की घोषणा की। उसने केवल उस कानूनी स्थिति को दोहराया है जो दशकों से भारतीय कानून का हिस्सा रही है। लेकिन इस बयान ने एक पुराने प्रश्न को फिर से राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है— अगर पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं हैं, तो एक आम भारतीय नागरिक अपनी नागरिकता किस दस्तावेज़ से साबित करेगा? शायद आने वाले वर्षों में भारत को इसी प्रश्न का स्पष्ट, सरल और सार्वभौमिक उत्तर तलाशना होगा। क्योंकि पहचान और नागरिकता के बीच का यह अंतर केवल कानूनी बहस नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के अधिकारों, अवसरों और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा प्रश्न है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (27 जून, 2026)
1. मेष (Aries) Today 27 June horoscope in Hindi 2026 : करियर: कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं, धैर्य से निर्णय लें। लव: साथी के साथ संबंध मधुर रहेंगे, विश्वास बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या तनाव संभव। उपाय: हनुमान जी को गुड़ और चने अर्पित करें। ALSO READ: Vat Savitri Purnima Puja Samagri: अखंड सौभाग्य के लिए बरगद पूजा में बेहद जरूरी हैं ये चीजें, देखें फुल चेकलिस्ट 2. वृष (Taurus) करियर: आज कार्यक्षेत्र में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा। धन: निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें। उपाय: पीले वस्त्र धारण अथवा दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: बाहरी क्षेत्र के नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: प्रेमीसंग संवाद से रिश्ते मजबूत होंगे। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी रखें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या आंखों की समस्या संभव। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर सहयोग मिलेगा। लव: परिवार का साथ मिलेगा। धन: निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर आएगी। लव: प्रेमी तथा परिवारसंग संबंध मजबूत होंगे। धन: कारोबार के आय में वृद्धि संभव। स्वास्थ्य: हृदय का ध्यान रखें। उपाय: गुरुवार को हल्दी और चने का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी कर रहे जातकों को मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेमसंग संबंधों में मधुरता रहेगी। धन: कारोबार में आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: आज थकान महसूस हो सकती है। उपाय: पीले रंग का उपयोग बढ़ाएं। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर 7. तुला (Libra) करियर: बेरोजगारों को नए अवसर मिलेंगे। लव: प्रेम जीवन में सुधार होगा। धन: व्यापार से लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: आज तनाव से बचें। उपाय: किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में चुनौतियां आएंगी लेकिन सफलता मिलेगी। लव: रिश्ते में भावनात्मक मजबूती आएगी। धन: कारोबार में निवेश से लाभ संभव। स्वास्थ्य: आज अचानक थकान हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्यस्थल पर आपके नए विचार लाभकारी होंगे। लव: पारिवारिक रिश्तों में मधुरता रहेगी। धन: अचानक घरेलू खर्च बढ़ सकते हैं। स्वास्थ्य: अपने पाचन का ध्यान रखें। उपाय: सफेद वस्तु या दूध का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: ऑफिस में कार्यरत लोगों को मेहनत से सफलता मिलेगी। लव: समझदारी से घर तथा प्रेमी के संबंध बेहतर होंगे। धन: व्यापार से लाभ के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य: आज कमर दर्द संभव है। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: ऑफिस के कार्य में स्थिरता रहेगी। लव: रिश्तों में सुधार होगा। धन: आय बढ़ सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें। उपाय: शनिदेव पर तेल अर्पित करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: पारिवारिक तथा प्रेम रिश्तों में विश्वास बढ़ेगा। धन: धन के निवेश से लाभ के योग बनेंगे। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या का ध्यान रखें। उपाय: पीपल के वृक्ष की पूजा करें। ALSO READ: राहु-गुरु का षडाष्टक योग बना, जानें 12 राशियों पर कैसा पड़ेगा असर
दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘स्पाई फाइल्स’ में आज कहानी उस लड़की की, जिसने जासूसी के लिए पाकिस्तानी आर्मी अफसर से शादी की, फिर पति का कत्ल कर दिया… नवंबर 1971, दोपहर का वक्त। दिल्ली के लोधी रोड पर भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग यानी RAW का दफ्तर। बाहर सर्दियों की हल्की धूप थी, लेकिन अंदर का माहौल किसी सुलगते ज्वालामुखी सा था। अचानक वहां लगे एक खुफिया ट्रांसमीटर पर अजीब सी गड़गड़ाहट हुई। अफसरों की उंगलियां तेजी से डिकोडर पर दौड़ने लगीं। जैसे ही आखिरी शब्द डिकोड हुआ, कमरे में मौजूद अफसर हैरान रह गए। मैसेज था- ‘पाकिस्तान, INS विक्रांत को डुबाने की साजिश रच रहा है। उसकी सबसे खतरनाक पनडुब्बियां बंगाल की खाड़ी की तरफ निकलने वाली हैं।’ INS विक्रांत, भारतीय नेवी का वो तैरता हुआ विमान वाहक पोत है, जिसपर 30 लड़ाकू विमान और करीब 1600 सैनिक तैनात हो सकते हैं। 1943 में इसे ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए तैयार किया गया था, जिसे 1957 में भारत ने खरीद लिया। इसी INS विक्रांत के बूते भारत ने पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान जाने वाले समुद्री रास्ते की नाकेबंदी कर रखी थी। पाकिस्तान छटपटा रहा था। वह किसी भी कीमत पर विक्रांत को डुबाना चाहता था, ताकि वो पूर्वी पाकिस्तान तक आसानी से रसद और सैनिक भेज सके। 8 नवंबर 1971, दिल्ली से करीब एक हजार किलोमीटर दूर कराची का एक आलीशान गोल्फ कोर्स। पाकिस्तान नेवी के सबसे काबिल पनडुब्बी कमांडर, जफर खान, शॉट लगाने ही वाले थे कि एक रनर हांफता हुआ आया। ‘सर, हेडक्वार्टर से बुलावा आया है। फौरन चलिए।’ हेडक्वार्टर पहुंचते ही कमांडर जफर के सामने नक्शा फैला दिया गया। एक एडमिरल ऑफिसर ने कहा- ‘INS विक्रांत को तबाह करना है। सबकी छुट्टियां कैंसिल। 10 दिन के भीतर कूच कर जाओ।’ 14 नवंबर को कमांडर जफर पाकिस्तान की सबसे घातक पनडुब्बी PNS गाजी को लेकर कराची से निकले। 18 नवंबर को श्रीलंका में डीजल भरवाया। 20 नवंबर को वे चेन्नई के तट की तरफ बढ़ने ही वाले थे कि कराची से नया संदेश आ गया- ‘अब विक्रांत मद्रास में नहीं है।’ इसी दौरान, विशाखापट्टनम के बाजारों में अजीब हलचल शुरू हो गई। अचानक भारी मात्रा में राशन, टनों मांस और सब्जियां खरीदी जाने लगीं। ‘इतनी बड़ी रसद तो INS विक्रांत के लिए ही मांगा जा सकता है।’ पाकिस्तानी जासूसों के कान खड़े हो गए। उन्होंने फौरन कराची मैसेज भेजा- ‘विक्रांत विशाखापट्टनम में है।’ अब पाकिस्तान से कमांडर जफर को नया हुक्म मिला- ‘फौरन रुख बदलो, विक्रांत विशाखापट्टनम में है।’ 1 दिसंबर 1971, घड़ी में रात के 11 बजकर 45 मिनट हुए थे। पाकिस्तानी पनडुब्बी गाजी विशाखापट्टनम बंदरगाह के मुहाने पर आकर गहरे समंदर में छुप गई। कमांडर ने तय किया कि जब तक उन्हें विक्रांत नजर नहीं आता, वो सतह पर नहीं आएंगे। 48 घंटे बीत गए। गाजी में डीजल से बैटरियां चार्ज की जा रही थीं, जिसकी वजह से खतरनाक हाइड्रोजन गैस रिलीज हो रही थी। पनडुब्बी के अंदर हाइड्रोजन जमा होता जा रहा था। मेडिकल अफसर गुहार लगा रहे थे कि हाइड्रोजन बाहर निकालने के लिए सतह पर जाना होगा, पर जफर के सिर पर मिशन का भूत सवार था। उन्होंने चीखते हुए कहा, ‘गाजी जैसी विशाल पनडुब्बी दिन के उजाले में ऊपर आई, तो हिंदुस्तानी हमें जिंदा चबा जाएंगे।’ वक्त गुजरता गया। फिर आई 3 दिसंबर 1971 की रात। करीब 12 बजे ऑल इंडिया रेडियो पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज गूंजी- ‘पाकिस्तान ने भारत पर हमला कर दिया है।’ उनका भाषण चल ही रहा था कि 12 बजकर 15 मिनट पर विशाखापट्टनम समंदर में जोरदार धमाका हुआ। आस-पास के मकानों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। लोग सहम गए कि पाकिस्तान ने बमबारी कर दी है। लेकिन, अगली सुबह पता चला कि PNS गाजी खुद ही विस्फोट होकर तबाह हो गई है। मछुआरों को उसका मलबा मिला था। इस तरह भारत ने ना सिर्फ INS विक्रांत को बचाया बल्कि पाकिस्तानी नेवी के कई ठिकानों को तबाह कर दिया। पश्चिमी पाकिस्तान से पूर्वी पाकिस्तान के समुद्री रास्ते पर भारत की नाकेबंदी के आगे पाक की एक न चली। 16 दिसंबर 1971, 90 हजार सैनिकों के साथ पाकिस्तान ने भारत के आगे सरेंडर कर दिया। पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और दुनिया के नक्शे पर एक नया देश जन्मा- 'बांग्लादेश।' यह सबकुछ हुआ उस खुफिया मैसेज की बदौलत जिसे कश्मीर की एक लड़की सहमत ने जानपर खेलकर पाकिस्तान से भेजा था। सहमत ने जासूसी के लिए पाकिस्तानी फौजी से शादी की थी। आज कहानी उसी सहमत की… कश्मीर के रहने वाले हिदायत खान और पंजाब की रहने वाली सिख परिवार की तेज ने प्रेम विवाह किया। परिवार से बगावत करके। दो साल बाद उनको बेटी हुई। नाम रखा- सहमत। हिदायत बिजनेसमैन थे। उनका कपड़ों का कारोबार पाकिस्तान तक फैला था। उन दिनों पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में आना-जाना, कारोबार और शादी-ब्याह आम था। हिदायत कश्मीरी पश्मीना शॉल भी बेचते थे, जो रईस फौजियों की पहली पसंद थी। लिहाजा फौज में हिदायत की ठीक-ठाक पैठ बन गई थी। बड़े अफसरों तक गुपचुप शराब पहुंचाना और उनके साथ उठना-बैठना, हिदायत की इसी पैठ का हिस्सा था। उधर, 1965 की जंग में मात खाने के बाद पाकिस्तान भारत से बदला लेने की योजना बना रहा था। RAW को भनक लग चुकी थी। उसे सरहद पार ऐसे शख्स की तलाश थी, जो पाकिस्तानी फौज की गतिविधियों से आगाह कर सके। RAW की नजर जाकर टिकी- हिदायत खान पर। RAW के अफसर पहले से उनके काम पर नजर रखे हुए थे। एक शाम RAW के कुछ अफसर हिदायत के घर पहुंचे। हिदायत से देश की सुरक्षा का वास्ता देकर मदद मांगी। शुरुआत में हिदायत हिचकिचाए, पर बाद में हामी भर दी। उन्हें ट्रेनिंग दी गई। जल्द ही, हिदायत ने लाहौर, इस्लामाबाद और मुल्तान में अपना जाल बिछा दिया। RAW को सटीक और अहम इनपुट्स मिलने लगे। पत्नी तेज भी इस खतरनाक मिशन में शौहर के साथ खड़ी रहीं। सब कुछ ठीक चल रहा था, फिर एक रोज पता चला कि हिदायत को कैंसर हो गया है। परिवार के साथ-साथ RAW के लिए भी यह बहुत बड़ा सेटबैक था। पूर्व नेवी ऑफिसर हरिंदर सिंह सिक्का अपनी किताब ‘कॉलिंग सहमत’ में लिखते हैं- 'एक रोज RAW के कुछ अफसर हिदायत के घर पहुंचे। कमरे में तेज भी मौजूद थीं। एक अफसर ने हिदायत के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा, ‘अमेरिका में एक बड़े डॉक्टर से बात की है। तुम वहां जाओ और इलाज कराओ।’ हिदायत ने थकी हुई मुस्कान के साथ सिर हिलाया, ‘मेरा बचना मुश्किल है साहब... अब हमें कोई ऐसा भरोसेमंद इंसान चाहिए, जो मेरी जगह ले सके।’ थोड़ी देर बाद… हिदायत ने आंखें घुमाईं। भारी, कांपती हुई आवाज में तेज की तरफ देखा। ‘हमारी सहमत इस काम के लिए कैसी रहेगी?’ हिदायत के मुंह से अपनी जवान बेटी का नाम सुनते ही तेज सिसकने लगीं। RAW के अफसर बुत बने यह सब देख रहे थे। हिदायत ने तेज के बहते आंसूओं को देखा, लेकिन इरादा नहीं बदला। उन्होंने जोर देकर कहा- 'सहमत मेरा खून है। पाकिस्तान के लोग आसानी से मान लेंगे कि हिदायत की तबीयत बिगड़ने के बाद बेटी कारोबार संभाल रही है। किसी को शक भी नहीं होगा।’ तेज इस फैसले के खिलाफ थी... लेकिन हिदायत की आखिरी इच्छा के सामने, अपना विरोध जता नहीं पाई। इधर, सहमत दिल्ली में अपनी दुनिया में मगन थी। कॉलेज के एक नाटक में उसने मीराबाई का रोल किया था। उसका किरदार सबकी जुबान पर था। अभिनव नाम के एक लड़के को वो पसंद करने लगी थी। दोनों प्यार का इजहार भी कर चुके थे। उस रोज सहमत का आखिरी पेपर था। वह हॉल से निकली ही थी कि एक आदमी उसके पास आया और सीलबंद लिफाफा देकर चला गया। सहमत ने मुस्कुराकर सोचा- ‘अभिनव ने कोई हरकत की होगी, मगर जैसे ही उसकी निगाह लिफाफे पर लिखे भेजने वाले के पते पर गई, वह घबरा गई। कांपते हाथों से उसने लिफाफा खोला। अंदर हवाई जहाज का टिकट था और एक पर्ची, जिस पर लिखा था- ‘जल्द श्रीनगर पहुंचो।’ दिल में एक अनजाना खौफ लिए वह उसी वक्त रवाना हो गई। जब वो श्रीनगर पहुंची, तो मालूम हुआ कि पिता बीमार हैं। बचने की उम्मीद ना के बराबर है। सहमत गुमसुम एक कुर्सी पर सिर झुकाए बैठी थी। अचानक मां की आवाज गूंजी- ‘तुम्हें पाकिस्तान जाना है।’ सहमत का खून जम गया। वह हकलाते हुए बोली, ‘पाकिस्तान… पाकिस्तान क्यों, अम्मी?’ तेज ने आगे बढ़कर सहमत के कांपते हुए कांधे पर हाथ रखा। धीरे से कहा- ‘तुम्हारे पापा पाकिस्तान में बिजनेस के साथ-साथ देश के लिए भी काम करते थे। खुफिया जानकारियां RAW को भेजते थे। अब उनका काम तुम्हें संभालना होगा।' 'पापा का इतना खतरनाक काम मैं कैसे संभाल सकती हूं?' सहमत ने झिककते हुए मां से पूछा। तेज ने समझाते हुए कहा- ‘RAW वाले तुम्हें ट्रेनिंग दे देंगे।’ सहमत खामोश रही। उसके दिल के अंदर एक तरफ अभिनव का चेहरा था, तो दूसरी तरफ पिता का गिरता हुआ साया। उसने लंबी सांस भरी और हिम्मत जुटाकर कहा- ‘मां… मुझे दिल्ली में एक लड़के से मोहब्बत हो गई है। हम एक-दूसरे को जुबान दे चुके हैं। मैं इस तरह पाकिस्तान नहीं जा सकती।’ सहमत को लगा कि मां का दिल पसीज जाएगा, पर तेज का जवाब सुनकर वो बेजुबान सी पड़ गई। तेज ने कहा- ‘बेटा, तुम्हारे बाप ने देश के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया… और तुम इश्क-मोहब्बत के फेर में पड़ी हो। मोहब्बत ही करनी है, तो इस पाक मिट्टी से करो, मुल्क से करो।’ हरिंदर सिंह सिक्का लिखते हैं- ‘सहमत के लिए एक साथ पिता और प्यार, दोनों को खोना किसी सदमे से कम नहीं था, पर वो मां के फैसले का विरोध नहीं कर पाई। वह आखिरी बार अभिनव से मिली। यह जानते हुए भी कि वो जिस मिशन पर जा रही है, उसकी सीक्रेसी ही सबकुछ है, उसने अभिनव को सब बता दिया। एक महीने बाद हिदायत की मौत हो गई। अगला महीना सहमत ने दिल्ली के लाल किले में बिताया। जहां हर रोज उसे 12 घंटे ट्रेनिंग दी जाती थी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उसकी शादी पाकिस्तान के लाइट इनफेंट्री में कैप्टन इकबाल से कर दी गई। दरअसल, रावलपिंडी के रहने वाले कैप्टन इकबाल के पिता ब्रिगेडियर सईद बंटवारे से पहले हिदायत के क्लासमेट रह चुके थे। दोनों दोस्त थे। ब्रिगेडियर सईद भी इस शादी से खुश थे। उनकी नजर हिदायत की बनाई संपत्ति पर थी, जिसकी इकलौती वारिस सहमत थी।’ वक्त गुजरता गया। अपने कामों से सहमत सईद परिवार पर अपनी छाप छोड़ रही थी। एक बार कराची बंदरगाह पर किसी इंपोर्टर का माल जब्त हो गया। उस पर इतना जुर्माना लगा कि व्यापारी ने उसे लेने से मना कर दिया। सहमत ने कुछ खरीदारों के साथ मिलकर सारा माल खरीद लिया। इस सौदे से सईद के परिवार को मोटा मुनाफा हुआ। इसके बाद ब्रिगेडियर अहम मसलों पर सहमत की सलाह लेने लगे। धीरे-धीरे इन मसलों में पाकिस्तानी सेना के मामले भी शामिल हो गए, लेकिन ब्रिगेडियर का नौकर अब्दुल, शुरुआत से ही सहमत पर शक करता था। उस पर नजर भी रखता था। सहमत अपनी चाल चलना शुरू कर चुकी थी। अब उसे तलाश थी एक ऐसे महफूज ठिकाने की, जहां वो खुफिया ट्रांसमीटर लगा सके। ट्रांसमीटर पर मोर्स कोड के जरिए मैसेज भेजे जाते हैं, जो बीप से चलते हैं। तभी सहमत की नजर ब्रिगेडियर के कमरे में रखे दो बड़े फोटो फ्रेम पर पड़ी। उसने फ्रेम में ट्रांसमीटर सेट कर दिया और वॉशरूम से उसे कंट्रोल करने लगी। उसने वॉशरूम को ऑपरेशन रूम जैसा बना दिया था। वहां से खुफिया जानकारी भेजने के साथ वो इमरजेंसी कॉल भी कर सकती थी। एक रोज की बात है। सूरज ढलने को था। स्टडी रूम में ब्रिगेडियर सईद परेशान हाल में कुर्सी पर बैठे थे। माथे की लकीरें उनकी अंदरूनी घबराहट को साफ बयां कर रही थीं। तभी सहमत चाय की प्याली लेकर कमरे में पहुंची, तो ससुर के चेहरे पर छाई बेबसी को भांप गई। सहमत ने आहिस्ता से प्याली मेज पर रखते हुए पूछा, ‘अब्बू जान, सब खैरियत तो है? आप काफी परेशान लग रहे हैं।’ ‘क्या बताऊं बेटी... यूनिट का एनुअल इंस्पेक्शन सिर पर है। इस बार खुद जनरल कमांडिंग ऑफिसर, यानी जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान मुआयना करने आ रहे हैं। बेहद सख्त और क्रूर मिजाज के अफसर हैं। जरा सी चूक हुई कि पूरा करियर तबाह।’ सहमत ने ढांढस बंधाते हुए बड़े भरोसे से कहा, ‘मायूस मत होइए अब्बू जान, मैं कुछ करती हूं। सब ठीक हो जाएगा।’ अगली सुबह, सहमत ने काले रंग का बुर्का ओढ़ा और घर से यह कहकर निकली कि वह नमाज के लिए जामा मस्जिद जा रही है, लेकिन उसकी मंजिल हवेली की नजरों से दूर शहर के एक कोने में बना टेलीफोन बूथ था। सड़क पर नजरें दौड़ाते हुए वह बूथ के भीतर दाखिल हुई, रिसीवर उठाया और दिल्ली का एक खुफिया नंबर घुमा दिया- ‘मुझे जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अमीर खान का पूरा ब्योरा चाहिए। परिवार, शौक, कमजोरियां... मुझे सबकुछ जानना है। कल ठीक इसी वक्त दूसरे बूथ से फोन करूंगी।’ अगले दिन, सहमत एक दूसरे इलाके के टेलीफोन बूथ पर पहुंची। उसने जैसे ही संपर्क साधा, सरहद पार बैठे उसके हैंडलर ने पूरी फाइल तैयार रखी थी। RAW की सीक्रेट फाइलों को खंगालने के बाद जो कड़ियां जोड़ी गई थीं, उनमें जनरल अमीर खान की एक दिलचस्प कमजोरी सामने आई। हैंडलर ने कोड वर्ड में बताया- ‘जनरल खान मछलियों के दीवाने हैं।’ सहमत ने रिसीवर क्रेडल पर रखा और बुर्के के भीतर ही मुस्कुरा दी। अगले दिन सहमत पति के दफ्तर पहुंची। कैप्टन इकबाल ने देखा कि वो दीवार पर लगे नक्शे पर लाल स्याही से घेरे बना रही है। उसने चिल्लाते हुए कहा- इस नक्शे को क्यों बिगाड़ रही हो। अब्बा हुजूर को पता चला, तो नाराज होंगे।’ सहमत बोली- ‘अब्बा हुजूर से ही मिलने आई हूं। आप मुझे वहां ले चलोगे?’ इकबाल कुछ बोल पाता, उससे पहले ही सहमत दफ्तर से निकलकर गाड़ी में बैठ गई। ड्राइवर से कहा- 'मुझे ब्रिगेडियर सईद साहब के दफ्तर ले चलो।' ‘अब्बा हुजूर क्या मैं अंदर आ सकती हूं…’ दरवाजे पर खड़ी सहमत को देखकर ब्रिगेडियर चौंक गए। उन्होंने उसे अंदर बुलाया। सहमत, ब्रिगेडियर को एक दीवार की तरफ ले गई, जिस पर सेना का नक्शा टंगा था। उसने उंगली से इशारा किया कि इंस्पेक्शन यहां से शुरू होगा और यहां खत्म होगा। अगले आधे घंटे तक ब्रिगेडियर उसकी बातों को चुपचाप सुनते रहे। फिर सोचने लगे कि सहमत ठीक ही कह रही है। ऐसा ही करना चाहिए। इंस्पेक्शन वाले दिन ब्रिगेडियर ने जीओसी से कहा- ‘सर हमने ड्रिल में बदलाव किया है। अफसरों के साथ टी ब्रेक झील के पास होगा।’ ‘ ऐसा क्यों किया?’ जीओसी ने गुस्से से पूछा.... ‘सर, इस झील में मछलियां भरी पड़ी हैं। आप खाली वक्त मछली पकड़ने में बिता सकते हैं।’ ब्रिगेडियर ने जवाब दिया। तय दिन पर ड्रिल शुरू हुई। जनरल अमीर खान की नजरें जवानों की परेड से ज्यादा उस झील पर टिकी थीं। जैसे ही उन्होंने पानी में तैरती रंग-बिरंगी मछलियों का झुंड देखा, किसी बच्चे की तरह चहक उठे। उन्होंने तुरंत ब्रिगेडियर सईद की तरफ मुड़कर कहा, ‘सईद साहब! अब कोई इंस्पेक्शन-विंस्पेक्शन नहीं होगा। बस, कुछ जिंदा मछलियां मेरे घर भिजवा दीजिए और बाकी का इंतजाम आज रात के डिनर के लिए रखिए!’ रात ढलते ही जनरल के सम्मान में एक शानदार दावत रखी गई। पूरे डिनर की कमान सहमत ने अपने हाथों में ले रखी थी। उसने शेफ से लेकर परोसने वाले तक, हर चीज पर खुद नजर रखी। मेज पर सजी हर डिश में जनरल की पसंद का ख्याल रखा। स्टार्टर से लेकर मेन कोर्स तक, हर एक निवाले में मछली का लाजवाब जायका था कि जनरल अमीर खान उंगलियां चाटने पर मजबूर हो गए। सहमत की मेहमाननवाजी ने जनरल का दिल जीत लिया था। डिनर के बाद, जनरल अमीर खान सहमत के पास आए। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘माशाल्लाह! तुम्हारी इस आवाभगत ने दिल खुश कर दिया। तुम्हारे परिवार को एक शानदार इनाम मिलना चाहिए।’ सहमत की धड़कनें तेज हो गईं। वह चाहती थी कि उसका कोई अपना, जनरल के बेहद करीब पहुंच जाए, ताकि सेना की सीक्रेट फाइलों तक पहुंच आसान हो सके, लेकिन एक मंझी हुई खिलाड़ी की तरह उसने चेहरे पर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई और खामोश रही। जनरल ने दोबारा पूछा, ‘संकोच मत करो। जो भी दिल में है, साफ-साफ कह दो। भरोसा रखो, मैं तुम्हें मायूस नहीं करूंगा।’ सहमत ने पलकें झुकाईं, आवाज को बेहद धीमा और संजीदा किया, और बस दो लफ्ज कहे- ‘कैप्टन इकबाल।’ कैप्टन इकबाल यानी सहमत के शौहर। जनरल अमीर खान ने गर्मजोशी से सहमत का हाथ अपने हाथों में लेते हुए कहा, ‘बस इतनी सी बात? समझो काम हो गया।’ कैप्टन इकबाल का प्रमोशन हो गया। अब जनरल के दफ्तर की हर हरकत, हर फाइल और हर हलचल अनजाने में ही सही, कैप्टन इकबाल के जरिए सहमत के बेडरूम तक पहुंचने लगी। ***** पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को भनक लग चुकी थी कि गद्दार ब्रिगेडियर सईद की हवेली में ही है। सहमत जान गई थी कि उसका राज कभी भी खुल सकता है। नौकर अब्दुल को वो रास्ते से हटा चुकी थी। एक रोज उसका सामना शौहर इकबाल से हुआ। इकबाल कुछ कह पाता उससे पहले ही सहमत ने रिवॉल्वर की नोक उसके माथे पर टिका दी। पूरी कहानी कल यानी रविवार को पढ़िए 'जासूस सहमत' पार्ट-2…
दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण
नई दिल्ली। भारतीय रेल के इतिहास में जल्द ही एक नई और हरित क्रांति की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा के जींद के बीच हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण किया गया। यह ट्रेन न धुआं छोड़ेगी, न प्रदूषण फैलाएगी, बल्कि अपनी ताकत के सबूत में सिर्फ पानी की […] The post दिल्ली से हरियाणा में जींद के बीच देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का अंतिम परीक्षण appeared first on Sabguru News .
बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश में बाराबंकी जिले के टिकैतनगर क्षेत्र में गुरुवार और शुक्रवार की मध्यरात्रि काे एक मौलवी तांत्रिक ने एक व्यक्ति की जीभ काटकर हत्या कर दी। परिवारजन ने तंत्र-मंत्र करने वाले मौलवी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर […] The post बाराबंकी में मौलवी तांत्रिक ने युवक की जीभ काटी, मौत appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी
झुंझुनूं। खेतड़ी में एक युवक ने जमीन विवाद को लेकर अपने पिता की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि महावीर प्रसाद (65) की हत्या की गई है। उसके पुत्र शमशेर सिंह (38) को पकड़ लिया गया है। उन्होंने बताया कि रात करीब साढ़े दस 10 बजे महावीर प्रसाद […] The post झुंझुनूं : खेतड़ी में बेटे ने ट्रैक्टर से कुचलकर पिता की हत्या कर दी appeared first on Sabguru News .
राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। विश्व हिंदू परिषद के सूत्रों के अनुसार राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है। […] The post राम मंदिर चढ़ावा मामले में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का ट्रस्ट से इस्तीफा appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने गुरुवार देर रात एक पिकअप वाहन से चंडीगढ़ निर्मित करीब 36 लाख रुपए मूल्य की अंग्रेजी शराब बरामद की। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने शुक्रवार को बताया कि भारतमाला मार्ग पर नगराना टोल नाका के नजदीक पुलिस दल ने पिकअप वाहन को […] The post हनुमानगढ़ : पिकअप सहित 36 लाख की अवैध अंग्रेजी शराब जप्त appeared first on Sabguru News .
झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल
झुंझुनूं। राजस्थान में झुंझुनूं जिले के उरीका गांव में संचालित अवैध शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत के बाद शुक्रवार को पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने उरीका से हरियाणा के सतनाली जाने वाले मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी […] The post झुंझुनूं के उरीका गांव में शराब की दुकान पर युवक की संदिग्ध मौत से बवाल appeared first on Sabguru News .
कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी
नई दिल्ली। कांग्रेस ने पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति में बड़े फेरबदल करते हुए हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारी नियुक्ति किए है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इन नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि […] The post कांग्रेस ने हरियाणा, ओडिशा उत्तर प्रदेश के लिए नियुक्त किए नए प्रभारी appeared first on Sabguru News .
अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ
अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे अजमेर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों के कल्याण और उनकी कार्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। बुधवार को रेलवे सुरक्षा बल लाइन रामगंज में रेल सुरक्षा बल के सदस्यों के लिए नवनिर्मित मैस एवं नवनिर्मित ओपन जिम का मंडल रेल प्रबंधक […] The post अजमेर मंडल में आरपीएफ के जवानों के लिए नवनिर्मित मैस एवं ओपन जिम का शुभारंभ appeared first on Sabguru News .
भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को
राजस्थान में पर्यावरण का महाअभियान अजमेर। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा जल संकट, प्लास्टिक प्रदूषण एवं घटते हरित क्षेत्र जैसी गंभीर चुनौतियों के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से भारत विकास परिषद, राजस्थान मध्य प्रांत द्वारा एक व्यापक पर्यावरण कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 में प्रदेशभर में 1 लाख […] The post भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत की पर्यावरण कार्यशाला ‘पुनर्नवा’ 28 जून को appeared first on Sabguru News .
MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ
उद्योगों की मांग के अनुरूप मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण अजमेर। डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार और उद्योग जगत में बढ़ती डिजिटल विशेषज्ञों की मांग को ध्यान में रखते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय प्रबंधन केंद्र (CESBM) द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, उद्यमियों एवं कार्यरत पेशेवरों के लिए अल्पकालीन, रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र […] The post MDSU में रोजगारोन्मुख डिजिटल मार्केटिंग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम आरंभ appeared first on Sabguru News .
क्या बनने जा रही है 'बाहुबली 3'? प्रभास और राणा दग्गुबाती ने दिया हिंट
एसएस राजामौली की साल 2015 में रिलीज 'बाहुबली' और 2017 में रिलीज 'बाहुबली 2: द कन्क्लूजन' ने ने भारतीय सिनेमा की परिभाषा को इस कदर बदला कि आज एक दशक बाद भी बॉक्स ऑफिस पर इसके बनाए रिकॉर्ड्स को छू पाना नई फिल्मों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। 'बाहुबली' फ्रैंचाइजी ने न केवल फिल्ममेकिंग के स्केल को ऊंचा किया, बल्कि सुपरस्टार प्रभास को देश का पहला असली पैन-इंडिया स्टार बना दिया। फिल्म की इसी लेगेसी के कारण फैंस के मन में हमेशा एक सवाल गूंजता रहा है— क्या कभी 'बाहुबली 3' आएगी? ALSO READ: 'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़ अब इस सवाल का ऐसा जवाब मिला है जिसने सिनेमा प्रेमियों के बीच हलचल तेज कर दी है। हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर इस फ्रेंचाइजी के 10 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक खास डॉक्यूमेंट्री सीरीज 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' रिलीज की गई है। इस डॉक्यूमेंट्री में फिल्म की मेकिंग, वित्तीय संकट और शूटिंग के अनसुने किस्सों के बीच प्रभास और राणा दग्गुबाती ने कुछ ऐसा इशारा किया है, जिसे फैंस 'बाहुबली 3' का ग्रीन सिग्नल मान रहे हैं। A post shared by Netflix India (@netflix_in) प्रभास का 'तीन उंगलियों' का इशारा 'बाहुबली: द टॉर्चबेयरर' के एक एपिसोड में जब पूरी स्टारकास्ट एक साथ बैठी थी, तब भल्लालदेव का किरदार निभाने वाले राणा दग्गुबाती ने मुस्कुराते हुए कैमरे के सामने कहा, मुझे नहीं पता कि मुझे यह बात सार्वजनिक रूप से कहनी चाहिए या नहीं, लेकिन चूंकि राजामौली और प्रोड्यूसर शोबू यार्लागड्डा यहां मौजूद नहीं हैं, इसलिए मैं अपने दिल की बात कह देता हूं। शायद दुनिया अभी इसके लिए पूरी तरह तैयार न हो, लेकिन बाहुबली में अभी बहुत कुछ आने वाला है। राणा ने जैसे ही अपनी बात अधूरी छोड़ी, उनके बगल में बैठे प्रभास ने मुस्कुराते हुए कैमरे की तरफ देखा और अपनी तीन उंगलियां हवा में उठा दीं। प्रभास के इस जेस्चर को देखकर सोफे पर बैठीं देवसेना यानी अनुष्का शेट्टी भी हंसने लगीं। इतना ही नहीं, डॉक्यूमेंट्री के अंत में 'एंड द लेगेसी कंटीन्यूज' लिखा आता है। सोशल मीडिया पर इस क्लिप के वायरल होते ही फैंस ने इसे 'बाहुबली 3 ऑफिशियली कंफर्म' मान लिया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें फिलहाल निर्देशक एसएस राजामौली अपने अगले मेगा-प्रोजेक्ट में व्यस्त हैं, जिसमें वह सुपरस्टार महेश बाबू के साथ एक बड़े स्तर की एडवेंचर फिल्म बना रहे हैं। ऐसे में तुरंत किसी लाइव-एक्शन फिल्म की शूटिंग शुरू होना थोड़ा मुश्किल दिखाई देता है। मेकर्स की तरफ से भी अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। एसएस राजामौली पहले भी कई मौकों पर कह चुके हैं कि वह बाहुबली को केवल दो फिल्मों तक सीमित नहीं रखना चाहते थे। हॉलीवुड की तर्ज पर वह इसे एक बड़ी मल्टीमीडिया फ्रेंचाइजी में बदलना चाहते हैं। इसी कड़ी में मेकर्स ने 'बाहुबली: क्राउन ऑफ ब्लड' जैसी एनिमेटेड सीरीज और शानदार एनीमे प्रोजेक्ट 'बाहुबली: द एटर्नल वॉर - पार्ट 1' का टीज़र भी पेश किया है।
सेन फ्रांसिस्को की टीम से एक साथ नहीं खेले यह भारत पाक खिलाड़ी
मेजर क्रिकेट लीग में सेन फ्रांसिस्को की टीम में भारत के रविचंद्रन अश्विन और पाकिस्तान के हारिस राउफ शामिल है। लेकिन अभी तक एक बार भी सेन फ्रांसिस्को की टीम में दोनों एक साथ नहीं खेलने उतरे। टूर्नामेंट के पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन ने मैच नहीं खेला था लेकिन हारिस राउफ अंतिम ग्यारह में थे। ऐसे ही दूसरे मैच में रविचंद्रन अश्विन को टीम में मौका दिया लेकिन हारिस राउफ मैदान पर नहीं दिखे। ऐसे में तीसरे मैच में एक बार वही स्थिति सामने आई रविचंद्रन अश्विन बाहर बैठे थे और हारिस राउफ मैदान पर थे। इस वाक्ये से कई फैंस ने अंदाजा लगाना शुरु कर दिया कि कहीं रविचंद्रन अश्विन ने तो यह फ्रैंचाइजी को नहीं बताया कि उन्हें किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी के साथ नहीं खेलना। अगर ऐसा होता है तो भारत में इस बात पर विवाद शुरु हो सकता है। गौरतलब है कि रविचंद्रन अश्विन उस मैच का हिस्सा थे जिसमें विराट कोहली ने हारिस राउफ को लगातार 2 छक्के मारकर भारत को टी-20 विश्वकप में अविश्वसनीय जीत दिलाई थी। इस मैच को रविचंद्रन अश्विन ने चौका मारकर खत्म किया था। Laanat pic.twitter.com/rRy7nPRzOo — Charvi Vyas (@4Vvyas) June 26, 2026 भारत पाकिस्तान के भू राजनैतिक संबंध पिछले साल से ठीक नहीं रहे है। पहलगाम हमले के बाद औपरेशन सिंदूर के बाद दोनों ही देश में खेल के मैदान पर दूरी हो चली है। यही कारण है कि किसी भी टूर्नामेंट में जब यह दोनों देश आपस में भिड़ते हैं तो कप्तान एक दूसरे से हाथ नहीं मिलाते।
कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की
बेंगलूरु। कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को वचनानंद स्वामी को सत्र अदालत से मिली अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। स्वामी के खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने कहा कि जिस तरह से गिरफ्तारी से पहले ज़मानत दी गई, वह परेशान करने वाली कार्रवाई है। यह सुनवाई शिकायतकर्ता की उस याचिका […] The post कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो मामले में वचनानंद स्वामी की अग्रिम जमानत रद्द की appeared first on Sabguru News .
होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित
वॉशिंगटन/तेहरान। संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे 11,000 से अधिक नाविकों के लिए तत्काल निकासी अभियान रोक दिया है। यह फैसला ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सिंगापुर ध्वज वाले मालवाहक पोत एवर लवली पर किए गए हमले के बाद लिया गया है। यह घटना इस महत्वपूर्ण […] The post होर्मुज जलडमरूमध्य में हमला : ईरान ने जहाज पर दागी मिसाइल, संयुक्त राष्ट्र का निकासी अभियान निलंबित appeared first on Sabguru News .
वॉलीबॉल में ऑस्ट्रेलिया को अहमदाबद में 3-0 से हराकर भारत पहुंचा सेमीफाइनल में
पुरुषों की AVC वॉलीबॉल कप 2026 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को हराकर ना केवल अपने घरेलू दर्शकों को चौंकाया बल्कि सेमीफाइनल में भी जगह बना ली। हैरत की बात है कि यह जीत बिना एक सेट गंवाए आई और ऑस्ट्रेलिया को 3-0 से मैच गंवाना पड़ा। Volleyball India defeats Australia यह सब क्या हो रहा है pic.twitter.com/vN3thXc8m8 — Kreately.in (@KreatelyMedia) June 26, 2026 यह इस एवीसी वॉलीबॉल कप 2026 में भारत की पांचवी जीत है। भारत के खेल का स्तर इस टूर्नामेंट में इतना उच्च कोटी का रहा है इसका अंदाजा इस ही बात से लगाया जा सकता है कि भारत ने जो पांच मैच जीते हैं उनमें से सिर्फ एक सेट में गंवाया है। यह सेट भारत ने चाइनीज ताईपे के हाथों गंवाया था लेकिन मैच जीतने में सफल रहे थे। JUST DROPPED A SINGLE SET IN 5 MATCHES Defeated New Zealand 3-0 Defeated Kazakhstan 3-0 Defeated Taiwan 3-1 Defeated Bahrain 3-0 Defeated Australia 3-0 5 MATCHES | 5 WINS | TABLE TOPPER pic.twitter.com/fquD5ikuIh — The Khel India (@TheKhelIndia) June 25, 2026 इससे पहले भारत ने न्यूजीलैंड और कजाकिस्तान को 0-3 से हराया। उसके बाद बहरीन और अब ऑस्ट्रेलिया को भी इस ही अंतर से हराया है। भारत यह कप को अपने नाम करने से अब सिर्फ 2 कदम दूर है।
'खतरों के खिलाड़ी 15' प्रोमो: ओरी का खतरनाक स्टंट, चीते के साथ लगाई दौड़
अगर हिम्मत और रफ्तार की असली परीक्षा देखनी हो, तो 'खतरों के खिलाड़ी 15' का हाल ही में आया प्रोमो जरूर देखिए, जिसने हर किसी के मन में एक ही सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या ओरी चीते के साथ रेस लगा रहे हैं, या फिर चीता उनके पीछे दौड़ रहा है? जो भी हो, इस प्रोमो में सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी इस सीजन के सबसे रोमांचक स्टंट्स में से एक का सामना करते नजर आ रहे हैं। ट्रैक पर चीते के साथ उनकी दौड़ ने प्रोमो को पहले ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना दिया है और अब इंतज़ार है पूरे एपिसोड का। A post shared by Orhan Awatramani (@orry) प्रोमो में दिखाया गया है कि स्टंट शुरू होते ही जहां ओरी पूरी ताकत के साथ दौड़ लगाते दिखाई दे रहे हैं, वहीं चीते की मौजूदगी इस चुनौती को और भी खतरनाक और रोमांचक बना रही है। मज़ेदार बात यह है कि उनके चेहरे पर डर, घबराहट, हिम्मत और इस शो के लिए हां क्यों कहा? ALSO READ: टीवी और OTT पर लौट रहा 'खतरों के खिलाड़ी 15', जानें कब और कहां देख सकते हैं शो जैसे भाव एक साथ देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह प्रोमो, एक्शन के साथ-साथ मनोरंजन से भी भर गया है। ओरी का मजेदार अंदाज़ और इस हाई-ऑक्टेन स्टंट का कॉम्बिनेशन दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है। 25 जुलाई से प्रीमियर होने जा रहे 'खतरों के खिलाड़ी' को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। और अगर यह चीते वाला स्टंट सिर्फ एक झलक है, तो आने वाले एपिसोड्स में रोमांच का स्तर और भी ऊंचा होने वाला है। वायरल सोशल मीडिया मोमेंट्स के लिए मशहूर ओरी अब रियल-लाइफ एडवेंचर्स में भी खुद को साबित करते नजर आ रहे हैं। चाहे वे चीते के साथ रेस लगा रहे हों या चीता उन्हें और तेज़ दौड़ने की प्रेरणा दे रहा हो, इतना तय है कि इस स्टंट ने पहले ही इंटरनेट पर धमाल मचा दिया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया
बेंगलूरु। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक के आबकारी विभाग के भीतर चल रहे एक व्यापक और कथित बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। एजेंसी ने अधिकारियों, बिचौलियों और उनके सहयोगियों के एक ऐसे संगठित नेटवर्क की ओर इशारा किया है जो कथित तौर पर अवैध लाइसेंसिंग और रिश्वतखोरी की गतिविधियों […] The post प्रवर्तन निदेशालय ने कर्नाटक में बेनामी शराब लाइसेंस रैकेट का भंडाफोड़ किया appeared first on Sabguru News .
इंदौर में लॉ, इंजीनियरिंग स्टूडेंट और एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या, लोन और डिप्रेशन बनी वजह
इंदौर से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने युवाओं के भविष्य और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। शहर में पिछले कुछ ही समय में एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक ने मौत को गले लगा लिया। हंसती-खेलती इन तीन जिंदगियों के खौफनाक कदम के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद डरावनी है—लोन का बढ़ता बोझ, करियर का डिप्रेशन और गहराता मानसिक तनाव। गुरुवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या के तीन मामले सामने आए। इनमें एक लॉ स्टूडेंट, एक इंजीनियरिंग छात्र और एक एमपी ऑनलाइन संचालक शामिल हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में अलग-अलग कारणों से मानसिक तनाव की बात सामने आई है। लॉ के प्रैक्टिसनर ने की आत्महत्या : पलासिया थाना क्षेत्र की बड़ी ग्वालटोली में रहने वाले 27 साल के आदर्श सोलंकी ने गुरुवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आदर्श ने इसी साल एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी और कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहा था। उसकी सनद (लाइसेंस) अभी जारी नहीं हुई थी। घटना के समय वह घर पर अकेला था। उसकी मां निजी स्कूल में शिक्षिका हैं और स्कूल गई हुई थीं। शाम को लौटने पर उन्होंने आदर्श को फंदे पर लटका देखा। आदर्श के माता-पिता का काफी समय पहले तलाक हो चुका था। इसके बाद वह मामा के परिवार के साथ रह रहा था और किराए के कमरे में रहता था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। इंजीनियरिंग छात्र ने की आत्महत्या : हीरानगर थाना क्षेत्र के गौरी नगर निवासी 20 साल के राजकुमार कुशवाह ने भी गुरुवार को फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार राजकुमार हैदराबाद स्थित एनआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए उसने करीब छह लाख रुपए का एजुकेशन लोन लिया था। फर्स्ट ईयर में पढ़ाई ठीक से नहीं होने के कारण वह अपने गांव चंपारण (बिहार) लौट गया था। पढ़ाई और कर्ज के दबाव के चलते वह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगा। कुछ दिन पहले उसका परिचित हरपाल उसे इंदौर लेकर आया था, लेकिन यहां भी वह पढ़ाई और कर्ज को लेकर परेशान रहता था। गुरुवार को हरपाल काम पर गया था, इसी दौरान राजकुमार ने आत्महत्या कर ली। एमपी ऑनलाइन संचालक ने की आत्महत्या : आजाद नगर थाना क्षेत्र के मूसाखेड़ी निवासी 45 साल के गजेंद्र पुत्र माधवलाल ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार रात में उसके भाई ने गजेंद्र का शव फंदे पर लटका देखा। गजेंद्र एमपी ऑनलाइन सेंटर संचालित करता था। परिजनों ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उसकी पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद से वह मानसिक तनाव में रहने लगा था। घटना के समय उसके माता-पिता घर पर नहीं थे। Edited By: Naveen R Rangiyal
क्या धरती से टकराएगा विशालकाय उल्कापिंड? जानें कब सच हो सकती है यह भविष्यवाणी
Asteroid 1997 NC1 : 750 से 1,650 मीटर चौड़ा एक एस्टेरॉयड 27 जून 2026 शनिवार को शाम 4:44 मिनट पर पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरने वाला है। बताया जा रहा है कि इस एस्टेरॉयड के पृथ्वी से टकराने की कोई संभावना नहीं है। इससे पृथ्वी को कोई खतरा नहीं होगा। इस पर भारत की ISRO, चीन की CNSA, अमेरिका की NASA समेत कई अंतरिक्ष एजेंसियों की नजर हैं। चलिए इसी संदर्भ में जानते हैं कि धरती पर एस्टेरॉयड का कितना खतरा है। एस्टेरॉयड क्या हैं और इनकी संख्या? परिभाषा: एस्टेरॉयड (क्षुद्रग्रह या उल्कापिंड) किसी ग्रह या तारे के टूटे हुए हिस्से होते हैं। ये पत्थर या धातु के टुकड़े होते हैं, जिनका आकार एक छोटे कंकड़ से लेकर माउंट एवरेस्ट जैसी विशाल चट्टान तक हो सकता है। टूटता तारा: जब ये पिंड अत्यंत तीव्र गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो घर्षण के कारण जलने लगते हैं। आम बोलचाल में इन्हें ही 'टूटता तारा' कहा जाता है। छोटे पिंड हवा में ही जलकर राख हो जाते हैं, जबकि बड़े पिंड धरती पर गिरते हैं। अंतरिक्ष में मौजूदगी: खगोलविदों के अनुसार, हमारे सौरमंडल में ऐसे लाखों पिंड सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं। इनमें से करीब 20 लाख एस्टेरॉयड पृथ्वी के निकटवर्ती अंतरिक्ष में घूम रहे हैं। हर हफ्ते औसतन एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच की दूरी से होकर गुजरता है। ALSO READ: Asteroid 1997 NC1 : पृथ्वी के करीब से गुजरेगा विशाल एस्टेरॉयड, क्या होगी रफ्तार, जानें कितना सुरक्षित? अतीत का महाविनाश (इतिहास) डायनासोर का अंत: पृथ्वी अतीत में भी कई बार इन आकाशीय पिंडों का प्रहार झेल चुकी है। हारवर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर के डॉ. अर्विंग शापिरो के अनुसार, लगभग साढ़े छह करोड़ साल पहले सैन फ्रांसिस्को की खाड़ी जितना बड़ा एक लघु ग्रह मेक्सिको में गिरा था। इस टक्कर से 10 करोड़ मेगाटन टीएनटी के बराबर विस्फोट हुआ, जिससे डायनासोर समेत कई प्रजातियां हमेशा के लिए लुप्त हो गईं और पृथ्वी पर वर्षों तक अंधेरा छाया रहा। बृहस्पति ग्रह की घटना (1994): वर्ष 1994 में पृथ्वी के आकार के 10-12 उल्कापिंड बृहस्पति (Jupiter) ग्रह से टकराए थे। वह नजारा महाप्रलय जैसा था और उस टक्कर की आग और तबाही का असर आज तक वहां शांत नहीं हुआ है। चेलियाबिंस्क हादसा (2013): नासा (NASA) के पूर्व प्रमुख जिम ब्रेडेस्टाइन के अनुसार, साल 2013 में रूस के चेलियाबिंस्क में एक एस्टेरॉयड टकराया था, जिससे 66 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। इस घटना में भारी संपत्ति का नुकसान हुआ था और करीब 1500 लोग घायल हुए थे। उराल हादसा (2013): रूस के उराल पर्वतीय क्षेत्र के ऊपर आसमान में शुक्रवार को एक विशाल उल्का के विस्फोट में करीब 1,000 लोग घायल हो गए। यह विस्फोट इतना भीषण था कि इसके वेग से खिड़कियां टूट गईं और इमारतें हिल उठीं तथा लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। रूसी विज्ञान अकादमी का कहना है कि इस उल्का का वजन करीब 10 टन था और इसने पृथ्वी के क्षेत्र में कम से कम 54 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्रवेश किया। वर्तमान और भविष्य के बड़े खतरे 1. उल्कापिंड '2005 वाय-यू 55' (2005 YU55) उज्जैन के खगोल विज्ञानी संजय केथवास के अनुसार, यह 'नियोज' (NEOs - Near Earth Objects) यानी पृथ्वी के पास मंडराने वाली वस्तुओं में सबसे विशाल है। आकार और क्षमता: यह पहाड़ी आलू जैसी 1,300 फुट लंबी एक ठोस चट्टान है। यदि यह पृथ्वी से टकरा जाए, तो 50 अरब टन टीएनटी के बराबर विनाशकारी ऊर्जा पैदा होगी, जो आधी धरती को तबाह करने के लिए काफी है। ट्रैक रिकॉर्ड: वर्ष 1981 में यह चंद्रमा के उस पार से निकला था। साल 2011 में यह पृथ्वी और चंद्रमा के बीच से गुजरा, तब धरती बाल-बाल बची थी। वर्तमान में यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण में बंधा हुआ है और टेलीस्कोप के जरिए इस पर नजर रखी जा रही है। 2. एस्टेरॉयड 'एपोफिस' (Apophis) 2029 का संकट: अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार, 13 अप्रैल 2029 (शुक्रवार) को करीब 250 मीटर बड़ा यह क्षुद्रग्रह 37,014 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के बेहद करीब (मात्र 36 हजार किलोमीटर की दूरी) से गुजरेगा। यदि इसने थोड़ी भी दिशा बदली, तो यह धरती और हमारे सैटेलाइट्स से टकरा सकता है। 2036 का महासंकट: यदि 2029 में टक्कर नहीं भी हुई, तो लौटते समय वर्ष 2036 में इसका पृथ्वी से टकराना लगभग तय माना जा रहा है। इसकी विस्फोटक क्षमता हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 10 लाख गुना अधिक होगी। 3. अन्य हालिया एस्टेरॉयड (ARIS की रिपोर्ट) नैनीताल के आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIS) के डॉ. वीरेंद्र यादव के अनुसार, हाल ही में तीन और एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब से गुजरे हैं (जैसे- 2023 MT-1, ME-4 और यूक्यू 3)। इनमें से एक का आकार इंडिया गेट जितना बड़ा था, हालांकि इनसे धरती को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। भविष्यवाणियां और वैज्ञानिक सुरक्षा कवच नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी: प्रसिद्ध भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस के अनुसार, तीसरे विश्व युद्ध के दौरान अंतरिक्ष से एक मील व्यास वाला गोलाकार पर्वत जैसा उल्कापिंड हिंद महासागर में गिरेगा। इससे आए महाविनाशकारी सैलाब के कारण मालदीव, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत कई तटवर्ती देश जलमग्न हो जाएंगे और पृथ्वी अपनी धुरी से भी हिल सकती है। विज्ञान की ढाल: जहां नासा अब 140 मीटर या उससे बड़े 90% एस्टेरॉयड को ट्रैक करने में सक्षम है, वहीं वैज्ञानिकों का मानना है कि आज हमारे पास इतनी उन्नत तकनीक है कि किसी खतरनाक उल्कापिंड की दिशा को मिसाइल दागकर बदला जा सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक यह भी चेतावनी देते हैं कि पृथ्वी के संपूर्ण विनाश के लिए सिर्फ उल्कापिंड, सूर्य की हलचल या सुपर वॉल्कैनो (महाज्वालामुखी) ही जिम्मेदार हो सकते हैं। - अनिरुद्ध जोशी
'द इंडिया स्टोरी' का टीजर रिलीज, काजल अग्रवाल-श्रेयस तलपड़े ने खोली कीटनाशक खेती की डरावनी सच्चाई
बहुप्रतीक्षित फिल्म 'द इंडिया स्टोरी: स्लो पॉइजन इन प्रोग्रेस' का टीज़र रिलीज कर दिया गया है, जो देश में बढ़ती कीटनाशक खेती (पेस्टिसाइड फार्मिंग) और उसके समाज पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों को उजागर करती है। अभिनेत्री काजल अग्रवाल और अभिनेता श्रेयस तलपड़े अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे बढ़ते खतरे पर प्रकाश डालती है, जो हर दिन करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है। ज़ी स्टूडियोज़ और एमआईजी प्रोडक्शन एंड स्टूडियोज़ के सहयोग से प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन चेतन डीके ने किया है, जबकि इसकी कहानी, लेखन और निर्माण सागर बी. शिंदे ने किया है। यह फिल्म 24 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी और हिंदी, तेलुगु तथा तमिल भाषाओं में दर्शकों के सामने आएगी। ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां गौरतलब है कि फिल्म के प्रभावशाली टीज़र में काजल अग्रवाल और श्रेयस तलपड़े के संघर्ष को बेहद मार्मिकता से दर्शाया गया है, जो न्याय की लड़ाई लड़ते हुए कीटनाशक खेती की भयावह सच्चाई को उजागर करने का प्रयास करते हैं। टीज़र यह दिखाता है कि किस तरह जहरीले रसायन धीरे-धीरे हमारी रोज़मर्रा की खाद्य सामग्री में शामिल हो रहे हैं और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। A post shared by Zee Studios (@zeestudiosofficial) भावनात्मक और सामाजिक रूप से प्रासंगिक कहानी के माध्यम से फिल्म एक ऐसे मुद्दे पर लोगों का ध्यान आकर्षित करती है, जो अपनी व्यापकता के बावजूद अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। फिल्म के बारे में बात करते हुए निर्देशक चेतन डीके ने कहा, द इंडिया स्टोरी सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसी बातचीत है, जिसे समाज में हमें शुरू करने की जरूरत है। इस कहानी के माध्यम से हम कीटनाशक खेती की चिंताजनक वास्तविकता और उससे पैदा हो रहे मौन स्वास्थ्य संकट को सामने लाना चाहते थे। टीज़र केवल उस बड़े मुद्दे की एक झलक है, जो हर दिन लाखों परिवारों को प्रभावित कर रही है। हमारा उद्देश्य जागरूकता पैदा करना, लोगों को सोचने पर मजबूर करना और उन्हें यह सवाल पूछने के लिए प्रेरित करना है कि आखिर उनकी थाली में क्या परोसा जा रहा है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें इस विषय में श्रेयस तलपड़े कहते हैं, द इंडिया स्टोरी की सबसे बड़ी खासियत इसका प्रासंगिक विषय है। आज कीटनाशक खेती ऐसा मुद्दा बन चुका है, जो हर घर से जुड़ा हुआ है, लेकिन हम अक्सर इसके लंबे परिणामों पर ध्यान नहीं देते। मेरे किरदार की यात्रा एक आम पिता के संघर्ष को दर्शाती है, जो खुद से कहीं ज़्यादा बड़े व्यवस्था के खिलाफ एक लड़ाई लड़ता है। यह फिल्म मनोरंजन के साथ-साथ एक बेहद जरूरी चर्चा की शुरुआत भी करती है। वहीं काजल अग्रवाल ने कहा, द इंडिया स्टोरी एक मजबूत सामाजिक संदेश वाली फिल्म है। एक मां होने के नाते यह कहानी मुझे व्यक्तिगत स्तर पर बेहद करीब लगी, क्योंकि यह उन चिंताओं और डर को दर्शाती है जिनका सामना आज कई माता-पिता कर रहे हैं। इस टीज़र के माध्यम से ऐसी वास्तविकता दिखाई गई है, जो अक्सर लोगों की नजरों से ओझल रहती है। मुझे उम्मीद है कि यह फिल्म जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को अपने भोजन तथा आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक सजग बनाएगी। फिल्म के सह-निर्माताओं में स्वाति विनायक सैंदाने, अनीता जाधव, विनायक सैंदाने, कल्पेश शाह, देवयानी खोराटे और प्रेम जोशी शामिल हैं। फिल्म की तकनीकी टीम में सिनेमैटोग्राफर निशांत भागवत, संगीतकार मंगेश धाकड़े, संपादक आशीष म्हात्रे, गीतकार शकील आज़मी और साउंड डिज़ाइनर अनमोल भावे शामिल हैं।
महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित
मुरैना। मध्यप्रदेश में मुरैना जिले के नूराबाद थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक द्वारा महिला की कथित पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा ने संबंधित प्रधान आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नूराबाद थाना क्षेत्र के खरगपुर गांव निवासी उषा […] The post महिला की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर नूराबाद थाने प्रधान आरक्षक निलंबित appeared first on Sabguru News .
'राव बहादुर' का दमदार टीज़र रिलीज़, महेश बाबू बोले- यह फिल्म दिल और दिमाग पर छा जाएगी
महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर की शानदार पहली झलक के बाद, मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज़ कर दिया है, जिसने यह पक्का कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक है। फिल्म को लेकर बढ़ते क्रेज़ के बीच, मेकर्स ने अब यह दिखा दिया है कि इसकी कहानी कितनी दमदार है और यह 3 जुलाई को रिलीज़ होने पर दर्शकों का एंटरटेनमेंट एक अलग ही लेवल पर करने का वादा करती है। महेश बाबू ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, राव बहादुर... यह सिर्फ एक ऐसी फिल्म नहीं है जो आपका ध्यान खींचती है, बल्कि यह एक ऐसी फिल्म है जो सीधे आपके दिलो-दिमाग पर छा जाती है!!! अजीब, खूबसूरत और बेहद ड्रामेटिक। वेंकटेश महा ने एक शानदार दुनिया बनाई है... सत्यदेव ने उस दुनिया को कुछ इस तरह संभाला है जैसा सिर्फ वही कर सकते हैं!!! RAO BAHADUR...It isn’t just a film that grabs you by the collar but one that gets under your skin!!! Strange, beautiful & intensely dramatic. @mahaisnotanoun builds a stunning world... @ActorSatyaDev takes over that world like only he can!!! @DeepaThomasss shines with a… — Mahesh Babu (@urstrulyMahesh) June 25, 2026 उन्होंने आगे लिखा, दीपा थॉमस ने एक बहुत ही बारीकी से भरी शानदार परफॉर्मेंस दी है... बेहतरीन स्टार कास्ट और कमाल की टेक्निकल टीम ने फिल्म का बहुत ही शानदार साथ दिया है!!! पूरी टीम पर बेहद गर्व है... 3 जुलाई से बड़े पर्दे पर आप सभी को #RaoBahadur और उनके इस पागलपन को देखने का अब और इंतज़ार नहीं हो रहा है!!! ALSO READ: 'वाराणसी' ने रिलीज से पहले मचाया तहलका, एनेसी फिल्म फेस्टिवल में पहली झलक पर गूंजीं तालियां डर, गलतफहमियों, भ्रम और अनोखे मनोरंजन से भरपूर यह फिल्म वाकई एक बिल्कुल अलग और अनोखा सिनेमाई अनुभव देने की गारंटी देती है। इसकी झलक से एक ऐसी दुनिया का पता चलता है जिसका तेलुगु सिनेमा ने पहले कभी अनुभव नहीं किया है और यह दर्शकों के बीच उत्साह पैदा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सत्य देव को एक असाधारण बदलाव से गुजरते हुए दिखाया गया है, जबकि फिल्म का ओवरऑल लुक जादुई, शानदार और विजुअली काफी अट्रैक्टिव लग रहा है। एक लीक से हटकर सामने आई पहली झलक के बाद, फिल्म का पहला सिंगल 'ओ सुंदरी' एक चार्टबस्टर बन गया, जिसे इसके सुरीले कंपोज़ीशन और खूबसूरत प्रेजेंटेशन के लिए काफी पसंद किया गया। सत्य देव और दीपा थॉमस पर फिल्माया गया यह रोमांटिक ट्रैक बीते ज़माने को खूबसूरती से दिखाता है, जो अपने पीरियड सेटअप और विजुअल भव्यता के साथ फिल्म के आकर्षण को और बढ़ा देता है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'राव बहादुर' एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और एक पुराने राजशाही अतीत की धुंधली यादों का मिश्रण है। वेंकटेश महा, जो इसके राइटर, डायरेक्टर और एडिटर हैं, एक ऐसी कहानी गढ़ते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से लोकल टच से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले जज्बात भी हैं। फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूज़िक कंपोज़ किया है, और रोहन सिंह ने फिल्म का शानदार प्रोडक्शन डिज़ाइन तैयार किया है। शाही विजुअल्स और रहस्यमयी अंदाज़ के अपने अनोखे मेल के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आ रही है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाती है जहाँ हर एक छोटी सी डिटेल के पीछे कोई गहरा मतलब छिपा हो सकता है।

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