मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निफ्टी 22,700 के स्तर से नीचे गिरा, निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये।
उदयपुर: घर के बाहर खड़ी केटीएम बाइक चोरी, सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
हिरणमंगरी के सेक्टर 5 में दो बदमाशों ने लॉक तोड़कर चुराई बाइक, घटना के बाद पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच में जुटी।
उदयपुर: मावली में कटी हुई पौने तीन बीघा गेहूं की फसल में लगी आग
मावली तहसील के विठौली गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग, करीब 35 बोरी गेहूं जलकर राख, किसान ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट।
दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक: वीआईपी गेट तोड़कर घुसी कार, 3 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश नंबर की कार लेकर घुसे नकाबपोश शख्स ने पोर्च में रखा गुलदस्ता, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पीलीभीत के चालक सहित तीन हिरासत में।
मोहन लाल रेगर को मिला 'राष्ट्र गौरव' सम्मान, एसकेएफआई ने ग्रेटर नोएडा में किया सम्मानित
राजसमन्द के शिक्षक मोहन लाल रेगर को शिक्षा, रंगमंचीय कला और साहित्यिक लेखन में उत्कृष्ट योगदान के लिए ग्रेटर नोएडा में 8वें राष्ट्र गौरव समारोह में नवाजा गया।
राजसमंद: प्राध्यापक पारस मल जाट पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य शिक्षक सम्मान से होंगे सम्मानित
सियाणा स्कूल के प्राध्यापक को उत्कृष्ट सेवाओं और शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के लिए गायत्री शक्तिपीठ में जिला स्तरीय समारोह के दौरान किया जाएगा पुरस्कृत।
भीलवाड़ा: गांधी जीवनदर्शन समिति ने दांडी यात्रा समापन दिवस पर की प्रार्थना सभा
गांधी भवन में जिला संयोजक अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में आयोजित सभा में नमक सत्याग्रह के सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि, अहिंसा के मार्ग पर चलने का लिया संकल्प।
भीलवाड़ा: शेरपुरा गांव में ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से किसान की मौत
शक्करगढ़ थाना क्षेत्र में घर के बाहर चारा खाली करते समय ट्रैक्टर रिवर्स होने से 51 वर्षीय किसान की कुचलकर मौत हो गई।
भीलवाड़ा: गंगापुर के खांखला गांव में खेत में लगी आग, गेहूं की फसल जलकर खाक
भीलवाड़ा के ममता नगर में हगामी जाट के खेत में कटी रखी फसल जली, पुलिस और ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू।
भीलवाड़ा: गारनेट व्यापारियों से वसूली करने वाली गैंग के 4 सदस्य 3 दिन के रिमांड पर
पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपित अजय कुमार पांचाल सहित चारों आरोपियों से वसूली गई राशि की रिकवरी और अन्य ठिकानों की तस्दीक की जाएगी।
धरियावद: चर्म रोग निदान शिविर में 70 से अधिक मरीजों का हुआ उपचार
दिगंबर जैन दशा नरसिंहपुरा समाज द्वारा आयोजित शिविर में विशेषज्ञ डॉ. गौरांग शाह ने परामर्श दिया और दवाइयां वितरित की गईं।
खड़ोदा विद्यालय में साइकिल वितरण: 13 छात्राओं को मिली सौगात
ईंटाली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में संस्थाप्रधान की अध्यक्षता में आयोजित हुआ कार्यक्रम, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वितरित की गई साइकिलें।
असम जनसभा: पीएम मोदी का कांग्रेस पर प्रहार, पाकिस्तान कनेक्शन और विकास पर घेरा
प्रधानमंत्री मोदी ने असम में कांग्रेस के 'सौतेले व्यवहार' की आलोचना की और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बहाने विपक्ष के पाकिस्तान कनेक्शन पर तीखा हमला बोला।
आर्टेमिस-2 ने तोड़ा अपोलो 13 का रिकॉर्ड, चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंचा दल
नासा का आर्टेमिस-2 मिशन पृथ्वी से 4,06,773 किमी दूर पहुंचा, 1970 के बाद पहली बार मानव अंतरिक्ष यान ने तय की सबसे लंबी दूरी।
डीग: कुम्हेर पंचायत समिति में जिला कलक्टर मयंक मनीष सुनेंगे आमजन की समस्याएं
डीग जिले के कुम्हेर में 8 अप्रैल को रात्रि चौपाल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जिला कलक्टर आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश देंगे।
सातांकुलम कस्टोडियल डेथ: मदुरै कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई मौत की सजा
साल 2020 में पुलिस हिरासत में हुई जयराज और बेनिक्स की मौत को अदालत ने दुर्लभतम मामला माना, दोषियों पर 1.40 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया।
मालदा मामला: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को लगाई फटकार
कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के घेराव पर नाराजगी जताते हुए जांच एनआईए को सौंपी और मुख्य सचिव को कलकत्ता हाईकोर्ट के सीजे से माफी मांगने का निर्देश दिया।
जयपुर: आईएफडब्ल्यूजे का धरना दसवें दिन भी जारी, पत्रकारों की मांगों पर अड़े
जयपुर के शहीद स्मारक पर पत्रकारों की आजीविका पर संकट और झूठे मुकदमों के विरोध में आईएफडब्ल्यूजे का प्रदर्शन दसवें दिन हनुमानगढ़-बारां इकाई के नेतृत्व में जारी है।
मोर्शी: भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया
भाजपा महिला आघाडी अध्यक्ष अनिताताई लांजेवार की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं ने पक्ष के प्रति ध्येयनिष्ठा रखने का संकल्प लिया और अपने विचार व्यक्त किए।
Mumbai Metro Line 9 की रफ़्तार होगी तेज ; यात्रीयों को मिलेगी ट्रैफिक से बड़ी राहत
मुंबई मेट्रो लाइन 9 का 7 अप्रैल को भव्य उद्घाटन। दहिसर से मीरा रोड (काशीगांव) के बीच शुरू होगी मेट्रो सेवा, ट्रैफिक जाम और लोकल की भीड़ से मिलेगी बड़ी राहत।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व: शेरपुर हेलीपैड पर अवैध निर्माण, DGCA से शिकायत
सवाई माधोपुर के शेरपुर हेलीपैड पर नियमों के विरुद्ध सड़क निर्माण से वीवीआईपी सुरक्षा पर संकट, टाइगर रिजर्व क्षेत्र में निर्माण को लेकर उठी जांच की मांग।
ब्यावर में राजस्थान पुलिस एसआई और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा संपन्न
आरपीएससी द्वारा आयोजित उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 11 केंद्रों पर दो दिनों तक चली, प्रशासन ने नकल रोकने के लिए उडन दस्ते तैनात किए।
डॉ. संगीता चतुर्वेदी बनीं हरित बृज सोसायटी भरतपुर की नई अध्यक्ष
भरतपुर के होटल रुचि में आयोजित साधारण सभा में डॉ. संगीता चतुर्वेदी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया और फ्लावर शो 2026 के सफल आयोजन पर चर्चा की गई।
नाथद्वारा में नगर कांग्रेस की बैठक, डॉ. सी.पी. जोशी ने संगठन मजबूती पर दिया जोर
राजसमंद के नाथद्वारा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार आयोजित बैठक में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी और प्रभारी जगदीश जांगीड़ ने की शिरकत।
उदयपुर: झाड़ोल में तलवार से राहगीरों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार
झाड़ोल पुलिस ने उंडावेला हाइवे पर लोगों को डराने-धमकाने के आरोपी संजय को अवैध तलवार के साथ गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
बजाज फाइनेंस गोल्ड लोन: जरूरी दस्तावेज और तुरंत लोन पाने का आसान तरीका
सोना भारत में सिर्फ एक कीमती धातु से कहीं अधिक है। यह संपन्नता, परंपरा और सुरक्षा का प्रतीक है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आ रही गहनों से लेकर आधुनिक सोने के आभूषणों तक, इसका भावनात्मक और वित्तीय दोनों ही प्रकार का महत्व है। हालांकि, सोना आपके तत्काल वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने में भी मदद कर सकता है। गोल्ड लोन लेकर आप अपने सोने के गहनों, आभूषणों या सिक्कों का मूल्य उपयोग में ला सकते हैं और बिना उन्हें बेचे तुरंत धन प्राप्त कर सकते हैं। उपलब्ध सबसे भरोसेमंद विकल्पों में से एक, बजाज फाइनेंस, अपने गोल्ड लोन सुविधाओं के माध्यम से तुरंत वित्तीय सहायता पाने का सहज तरीका प्रदान करता है। गोल्ड लोन एक समझदारी भरा वित्तीय विकल्प क्यों है अगर आपको अचानक या पहले से तय किसी खर्च के लिए जल्दी पैसे की जरूरत है, तो गोल्ड लोन एक आसान और भरोसेमंद समाधान है। ऐसे में गोल्ड लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार रखना आपके लिए प्रक्रिया को और तेज बना देता है। चाहे मेडिकल इमरजेंसी हो, घर की मरम्मत हो या पढ़ाई की फीस, अपने सोने को गिरवी रखकर आप तुरंत 5,000 रुपये से 2 करोड़ रुपये तक का लोन कम गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट पर प्राप्त कर सकते हैं। गोल्ड लोन इंटरेस्ट रेट आमतौर पर किफायती होता है, क्योंकि यह लोन आपके सोने के गहनों के बदले दिया जाता है। ब्याज दर आपके लोन अमाउंट, सोने की शुद्धता और चुनी गई अवधि पर निर्भर करती है। बजाज फिनसर्व गोल्ड लोन का एक प्रमुख लाभ यह है कि लोन जल्दी स्वीकृत हो जाता है। इसकी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और आसान होती है, और गोल्ड लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज भी बहुत सीमित होते हैं, जिससे यह एक सुविधाजनक वित्तीय विकल्प बनता है। गोल्ड लोन के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेज कैसे जांचें बजाज फाइनेंस से गोल्ड लोन के लिए आवेदन करना बहुत आसान है। इसके साथ ही, सोने पर लोन की ब्याज दर भी प्रतिस्पर्धी होती है, जिससे यह एक किफायती विकल्प बन जाता है। इसके लिए आपको कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं। आपकी उम्र 21 से 80 साल के बीच होनी चाहिए और आप भारत के नागरिक होने चाहिए। जो सोना आप गिरवी रखते हैं, उसकी शुद्धता कम से कम 18 से 22 कैरेट होनी चाहिए। आप सोने के गहनों, आभूषणों या सिक्कों के एवज में लोन ले सकते हैं। गोल्ड लोन के लिए बहुत कम दस्तावेजों की जरूरत होती है। आपको केवल इनमें से कोई एक वैध KYC पहचान पत्र देना होता है: ● आधार कार्ड ● वोटर आईडी ● पासपोर्ट ● ड्राइविंग लाइसेंस ● NREGA जॉब कार्ड ● नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर का पत्र इस सरल प्रक्रिया के कारण आपको ज्यादा कागजी झंझट नहीं होता और आप आसानी से अपनी आर्थिक जरूरतों पर ध्यान दे सकते हैं। जल्दी गोल्ड लोन पाने के लिए आसान आवेदन प्रक्रिया गोल्ड लोन प्राप्त करने की प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाया गया है। आप अपने नजदीकी बजाज फाइनेंस शाखा में अपने सोने के गहनों, आभूषणों या सिक्कों और KYC दस्तावेजों के साथ जा सकते हैं, या फिर बजाज फिनसर्व ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शाखा में आपके सोने की शुद्धता और वजन का मूल्यांकन किया जाता है, जिसके आधार पर आपकी पात्र लोन राशि तुरंत तय कर दी जाती है। अधिकांश मामलों में, राशि उसी दिन आपके खाते में जमा कर दी जाती है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करके आप गोल्ड लोन कैलकुलेटर से अपनी संभावित लोन राशि का अनुमान लगा सकते हैं, अपनी पुनर्भुगतान योजना बना सकते हैं और ब्याज दरों को ट्रैक कर सकते हैं। इस तरह, सोने के बदले लोन लेना पूरी तरह से तनाव-मुक्त बन जाता है। ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इन सरल चरणों का पालन करें: 1. “Apply” पर क्लिक करके अपनी आवेदन प्रक्रिया शुरू करें 2. अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और “Get OTP” पर क्लिक करें 3. OTP दर्ज करके अपनी पहचान सत्यापित करें 4. अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरें और नजदीकी गोल्ड लोन शाखा चुनें 5. अपना प्रारंभिक (इन-प्रिंसिपल) लोन पात्रता पत्र डाउनलोड करें इसके बाद, आपको कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से कॉल आएगा, जो आपको आगे की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी देगा। निष्कर्ष सोना केवल एक आभूषण नहीं है; यह एक वित्तीय संपत्ति है जो आपको अप्रत्याशित खर्चों को संभालने या नियोजित वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर सकती है। बजाज फिनसर्व गोल्ड लोन के माध्यम से आप तुरंत स्वीकृति, प्रतिस्पर्धी ब्याज दरें, न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण और लचीले पुनर्भुगतान विकल्पों का लाभ उठा सकते हैं। सोने की दरों पर नज़र रखकर और गोल्ड लोन कैलकुलेटर का उपयोग करके आप समझदारी भरे निर्णय ले सकते हैं और अपने सोने का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकते हैं। चाहे आपातकालीन खर्च हो या पहले से तय योजना, अपने सोने को गिरवी रखना पैसे पाने का एक सुरक्षित, तेज़ और व्यावहारिक तरीका है। आज ही बजाज फिनसर्व गोल्ड लोन के लिए अप्लाई करें।
नकली नोटों की 'डील' में भी हो गई ठगी! गड्डियों के ऊपर असली और नीचे निकले बच्चों के खेलने वाले नोट।
रातों-रात पैसा 10 गुना करने का लालच देकर चिल्ड्रन बैंक के नोट थमा देता था गिरोह, 20 गड्डियां बरामद।
अमेरिका से रियायत और ईरान से गारंटी: चाबहार के चक्रव्यूह को भेदने के लिए भारत की 'टू-वे' डिप्लोमेसी।
अमेरिका की प्रतिबंधों में छूट की मियाद खत्म होने से पहले भारत ने तैयार किया 'प्लान-बी', ईरान की स्थानीय कंपनी के साथ लीगल गारंटी पर चर्चा।
असम का 'चुनावी चक्रवात'- रैलियों में उमड़ा जनसैलाब, क्या मोदी की यह लहर विरोधियों को बहा ले जाएगी?
विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को होगा मतदान, प्रधानमंत्री ने स्थिरता और विकास के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा।
म्यूजिक के बाद अब 'हॉट विंग्स' पर राज- BTS ने हिलाकर रख दिया यूट्यूब का सबसे तीखा शो
आरएम, जिन, सुगा, जे-होप, जिमिन, वी और जंकुक सीन इवांस के साथ 'विंग्स ऑफ डेथ' की तीखी चुनौती का करेंगे सामना।
अस्पताल मालिक द्वारा मरीजों को जबरन ICU में भर्ती करने के निर्देश के बाद युवा डॉक्टर ने नैतिकता के लिए दिया इस्तीफा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी और रुपये की कमजोरी से चांदी हुई और महंगी; ₹250 प्रति ग्राम पर पहुंची आज की दर।
भारतीय सराफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹15,066 और 22 कैरेट ₹13,810 प्रति ग्राम के स्तर पर, जानें आपके शहर में निवेश और खरीदारी का हाल।
अमेरिका में बैठकर भारत में फिरौती का सिंडिकेट चलाने वाले हैरी बॉक्सर के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, खरगोन फायरिंग केस में हुआ बड़ा खुलासा।
ट्रंप ने ईरान को 'दुष्ट' राष्ट्र बताते हुए मंगलवार रात तक होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का दिया अल्टीमेटम।
इन दिनों हर तरफ नितेश तिवारी की फिल्म 'रामायण' और इसमें 'भगवान राम' बने रणबीर कपूर के लुक की चर्चा हो रही है। दिवाली पर रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। लेकिन इसी बीच सिनेमा के गलियारों से एक पुरानी और दिलचस्प याद ताजा हो गई है। दरअसल, रणबीर कपूर से करीब 18 साल पहले बॉलीवुड के 'ग्रीक गॉड' कहे जाने वाले ऋतिक रोशन को पर्दे पर 'मर्यादा पुरुषोत्तम राम' के रूप में उतारने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। यह उस दौर की एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना थी, जो अगर हकीकत बनती तो शायद आज भारतीय सिनेमा का इतिहास कुछ और ही होता। जब संजय खान ने बुना था 'द लीजेंड ऑफ रामा' का सपना साल 2008 में मशहूर फिल्म निर्माता संजय खान ने एक भव्य प्रोजेक्ट की घोषणा की थी, जिसका नाम रखा गया था 'द लीजेंड ऑफ रामा'। 'जय हनुमान' और 'द सोर्ड ऑफ टीपू सुल्तान' जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक टीवी शोज के जरिए घर-घर में पहचान बनाने वाले संजय खान इस बार बड़े पर्दे पर रामायण की गाथा दोहराना चाहते थे। उस वक्त इस फिल्म का बजट करीब 50 करोड़ रुपये तय किया गया था, जो उस दौर के हिसाब से एक बहुत बड़ी राशि मानी जाती थी। संजय खान इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने गंभीर थे कि उन्होंने पूरी स्टारकास्ट का खाका भी तैयार कर लिया था। ऋतिक रोशन का 'राम' और अमिताभ बच्चन का 'दशरथ' लुक इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी कास्टिंग थी। संजय खान ने अपने पूर्व दामाद ऋतिक रोशन को 'भगवान राम' के मुख्य किरदार के लिए चुना था। ऋतिक की कद-काठी और उनके व्यक्तित्व को देखते हुए मेकर्स को लगा था कि वह इस दिव्य भूमिका के साथ पूरा न्याय करेंगे। इतना ही नहीं, 'राजा दशरथ' के महत्वपूर्ण किरदार के लिए सदी के महानायक अमिताभ बच्चन का नाम तय किया गया था। वहीं, ऋतिक के साले जायद खान को 'लक्ष्मण' की भूमिका दी गई थी। फिल्म की प्लानिंग ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी थी और फैंस अपने चहेते सितारों को इस पौराणिक अवतार में देखने के लिए बेताब थे। क्यों ठंडे बस्ते में चला गया यह मेगा प्रोजेक्ट? हैरानी की बात यह है कि इतनी तगड़ी प्लानिंग और शानदार स्टारकास्ट के बावजूद यह फिल्म कभी फ्लोर पर नहीं आ सकी। कहा जाता है कि जब ऋतिक रोशन और संजय खान ने इस प्रोजेक्ट को लेकर अपने करीबियों से सलाह ली, तो उन्हें सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। उनके शुभचिंतकों और जानकारों का मानना था कि शायद उस समय ऐसी भव्य फिल्म बनाना जोखिम भरा हो सकता है या फिर ऋतिक की इमेज उस दौर में इस तरह के किरदार के लिए पूरी तरह फिट नहीं बैठ रही थी। नतीजा यह हुआ कि 'द लीजेंड ऑफ रामा' शुरू होने से पहले ही बंद हो गई। रावण की चर्चा और रणबीर का नया दौर दिलचस्प बात यह है कि सालों बाद एक बार फिर ऋतिक रोशन का नाम रामायण से जुड़ा था, लेकिन इस बार राम के लिए नहीं बल्कि 'रावण' के किरदार के लिए। हालांकि, ऋतिक ने उस रोल को भी स्वीकार नहीं किया। अब समय का पहिया घूम चुका है और रणबीर कपूर इस ऐतिहासिक विरासत को पर्दे पर निभाने के लिए तैयार हैं। फिल्म प्रेमियों के लिए यह जानना हमेशा रोमांचक रहेगा कि जिस सिंहासन पर आज रणबीर कपूर नजर आने वाले हैं, उस पर कभी ऋतिक रोशन की दावेदारी पक्की हो चुकी थी।
बॉलीवुड के सदाबहार अभिनेता जीतेन्द्र 7 अप्रैल को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 60 से 90 के दशक तक अपनी अदाकारी और डांसिंग स्टाइल से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले जीतेन्द्र का असली नाम रवि कपूर है। फर्ज, कारवां, हिम्मतवाला और तोहफा जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाले जीतेन्द्र को दुनिया 'जंपिंग जैक' के नाम से भी जानती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सुपरस्टार बनने से पहले उन्होंने मुंबई की एक चॉल में काफी संघर्ष भरा समय बिताया था? जीतेन्द्र की सबसे बड़ी पहचान उनके सफेद कपड़े और सफेद जूते हैं। फैंस के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि आखिर वे किसी और रंग के कपड़े क्यों नहीं पहनते? एक रियलिटी शो के दौरान जीतेन्द्र ने खुद इस राज से पर्दा उठाया था। जीतेन्द्र ने बताया था, जब मैंने करियर शुरू किया था, तब आज की तरह कोई बड़े फैशन डिजाइनर नहीं होते थे। मुझे किसी ने सलाह दी थी कि सफेद कपड़ों में मैं ज्यादा पतला दिखता हूं। साथ ही, मेरा मानना था कि रंगीन कपड़ों में कद छोटा नजर आता है, जबकि हल्के रंग लंबाई का अहसास कराते हैं। जीतेन्द्र को यह स्टाइल इतना पसंद आया कि सफेद रंग उनका 'सिग्नेचर स्टाइल' बन गया। जीतेन्द्र ने अपनी जिंदगी के 20 साल मुंबई की एक चॉल में बिताए। उन्होंने भावुक होकर साझा किया था कि गिरगांव की उस चार मंजिला चॉल ने उन्हें जीवन के सबसे बड़े संस्कार दिए। उस समय एक चॉल में करीब 80 परिवार रहते थे और सभी के बीच सगे संबंधियों जैसा प्यार था। जीतेन्द्र बताते हैं कि उनके घर में जब पहली बार पंखा लगा था, तो पूरी बिल्डिंग के लोग उसे देखने आए थे। वह सादगी और एक-दूसरे की मदद करने का जज्बा उन्हें आज भी जमीन से जोड़े रखता है। मराठी भाषा ने बनाया बॉलीवुड का 'हीरो' जीतेन्द्र भले ही एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन वे खुद को पूरी तरह मराठी मानते हैं। चॉल के माहौल में पले-बढ़े होने के कारण उनकी मराठी भाषा पर जबरदस्त पकड़ थी। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था, मैं आज जो कुछ भी हूं, उसमें मराठी संस्कृति का बड़ा हाथ है। मुझे मेरा पहला ब्रेक (गीत गाया पत्थरों ने) शायद इसलिए मिला क्योंकि मैं बहुत अच्छी मराठी बोल सकता था, जिससे निर्देशक वी. शांताराम काफी प्रभावित हुए थे। रवि कपूर से 'जंपिंग जैक' तक का सफर अमृतसर में जन्मे जितेंद्र का परिवार आर्टिफिशियल ज्वेलरी के बिजनेस में था। ज्वेलरी सप्लाई करने के दौरान ही उनकी मुलाकात फिल्म जगत के दिग्गजों से हुई। फिल्म 'फर्ज' में उनके सफेद जूते और टी-शर्ट पहनकर किए गए डांस स्टेप्स ने तहलका मचा दिया और उन्हें 'जंपिंग जैक' की उपाधि मिली। आज जीतेन्द्र भले ही फिल्मों से दूर हों, लेकिन एक सफल बिजनेस टाइकून और एकता कपूर व तुषार कपूर के पिता के रूप में वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। उनके जन्मदिन पर प्रशंसक उनके स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना कर रहे हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (7 अप्रैल, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 07 April 2026 : करियर: आज नए प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। लव: पार्टनर के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। धन: धन लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ALSO READ: Abujh Muhurat: क्या होता है अबूझ मुहूर्त, क्या करें इस दिन वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में आपकी प्रशंसा होगी। लव: रिश्तों में मजबूती आएगी। धन: खर्च बढ़ सकते हैं, सावधानी रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान हो सकती है। उपाय: सफेद मिठाई का दान करें। मिथुन (Gemini) करियर: काम में व्यस्तता रहेगी, लेकिन सफलता मिलेगी। लव: किसी खास से मुलाकात हो सकती है। धन: निवेश में सोच-समझकर निर्णय लें। स्वास्थ्य: तनाव से बचें। उपाय: गणेश जी की पूजा करें। कर्क (Cancer) करियर: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लव: परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। धन: आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: दूध का दान करें। सिंह (Leo) करियर: नेतृत्व क्षमता से सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन में खुशियां आएंगी। धन: धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: फिट और ऊर्जावान रहेंगे। उपाय: सूर्य देव को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: रिश्तों में धैर्य रखना जरूरी है। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: पेट संबंधी समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी में जल अर्पित करें। तुला (Libra) करियर: सहयोगियों का पूरा साथ मिलेगा। लव: रोमांटिक दिन रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। उपाय: लक्ष्मी जी की पूजा करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: मेहनत का अच्छा फल मिलेगा। लव: रिश्तों में सुधार होगा। धन: अचानक धन लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत का ध्यान रखें। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। धनु (Sagittarius) करियर: नई योजनाएं सफल होंगी। लव: पार्टनर का सहयोग मिलेगा। धन: आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: पीले वस्त्र पहनें। मकर (Capricorn) करियर: मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। लव: रिश्तों में समझ बढ़ेगी। धन: खर्च कम होंगे। स्वास्थ्य: अच्छा रहेगा। उपाय: शनिदेव को तेल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: नए अवसर प्राप्त होंगे। लव: रिश्तों में उतार-चढ़ाव संभव है। धन: निवेश में सावधानी रखें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचें। उपाय: जरूरतमंदों को दान करें। मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन सुखद रहेगा। धन: धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें। ALSO READ: महायुद्ध के संकेत! क्या बदलने वाला है कुछ देशों का भूगोल? ज्योतिष की चौंकाने वाली भविष्यवाणी
पंजाब से यूपी तक 'ब्लैक आउट' जैसे बादल: क्या बेमौसम बारिश से पलट जाएगा गर्मी का ग्राफ?
लगातार दो पश्चिमी विक्षोभों के चलते पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 8 अप्रैल तक आंधी और बारिश का अनुमान।
क्या मानसून से पहले ही भीगेगा दक्षिण भारत? तमिलनाडु से कर्नाटक तक बादलों की बड़ी घेराबंदी!
तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना, मौसम विभाग ने उमस के बीच तापमान गिरने का जताया अनुमान।
गर्मी से राहत या नई मुसीबत?दिल्ली में गर्मी के बीच अचानक क्यों मंडराने लगे आंधी-बारिश के बादल?
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिल्ली-एनसीआर में धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट।
एक पहाड़ी पर सुबह 8 बजे का वक्त। एक बूढ़े की लाश पड़ी है। वह पूरी तरह काली पड़ चुकी है। लाश के बगल में 24-25 साल का लड़का घुटने के बल बैठा है। फूट-फूटकर रो रहा है। तभी कुछ महिलाएं आईं और लाश के पास बैठ गईं। एक खास तरह के पेड़ के पत्तों से लाश का चेहरा साफ करने लगीं। उनमें से एक महिला ने दूर खड़े बुजुर्ग को कुछ इशारा किया। बुजुर्ग ने उस लड़के की तरफ एक धारदार छोटी तलवार बढ़ाई। लड़के ने कांपते हाथों से तलवार थामी और धीरे-धीरे लाश का गला रेतने लगा। कुछ ही देर में लाश का सिर धड़ से अलग हो गया। ये लाश लड़के के पिता की है, जो डेढ़ महीने से इस पहाड़ी पर पड़ी थी। दरअसल, ये बेटा अपने पिता का अंतिम संस्कार कर रहा है। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं वांचो जनजाति की कहानी। अरुणाचल प्रदेश की लोंगडिंग इलाके में बसी इस जनजाति की आबादी सिर्फ 40 हजार है… लौटते हैं अंतिम संस्कार की प्रथा पर। बूढ़े की लाश का गला कटते ही दो शख्स मटकेनुमा मिट्टी का बर्तन लेकर आए। उन्होंने कटे हुए सिर को हाथ में उठाया और गौर से देखने लगे, जैसे नाप रहे हों। फिर मिट्टी के बर्तन को औंधा करके उसे करीने से पत्थर से तोड़ने लगे, ताकि सिर उसमें समा जाए। फिर उसी बर्तन में सिर डालकर लड़के को थमा दिया। धड़ जस का तस यहीं पड़ा रहा। सभी लोग सिर को लेकर पहाड़ी के दूसरे हिस्से की तरफ चल दिए। वहां जगह-जगह पर छोटे-छोटे मिट्टी के चबूतरे जैसे बने हैं। सभी पर वैसे ही मटके रखे हैं जैसे मटके में सिर है। लड़का एक खाली चबूतरे की तरफ बढ़ा और मटका रख दिया। फिर मटके के ऊपर पत्थर रख दिया। भीड़ से एक शख्स शराब की बोतल और खाना लेकर आया और लड़के की ओर बढ़ दिया। लड़के ने कुछ बुदबुदाते हुए शराब और खाना इसी चबूतरे पर चढ़ा दिया। उधर, बिना सिर की लाश वहीं पड़ी रही। धीरे-धीरे सभी लोग अपने गांव लौट गए। वांचो लोगों में प्राकृतिक मौत होने पर लाश को इसी तरह डेढ़ महीने के लिए पहाड़ी पर छोड़ देते हैं। कोई जानवर लाश को न खा जाए इसलिए बारी-बारी से लोग रखवाली करते हैं। फिर सिर काटकर अंतिम संस्कार किया जाता है। दिलचस्प बात ये है कि इस तरह से अंतिम संस्कार सिर्फ प्राकृतिक मौत होने पर ही करते हैं। दुर्घटना या हत्या होने पर ये लोग लाश को पहाड़ी पर ही फेंक देते हैं। जिसे जानवर नोच-नोचकर खा जाते हैं। दरअसल, इनका मानना है कि आत्मा सिर में बसती है। इसलिए सिर को सुरक्षित रखा जाता है, ताकि पूर्वजों के दर्शन होते रहें। जब कोई शख्स अप्राकृतिक मौत मरता है तो उसकी आत्मा उसी वक्त निकल जाती है। वांचो लोग जिस तलवार से लाश का गला रेतते हैं, उसे चंग कहते हैं। जहां लाश का धड़ पड़ा रहता है, उसे जुकथो कहते हैं। जिस जगह पर मिट्टी का प्लेटफॉर्म बनाकर सिर रखा जाता है वो जालो है। वांचो लोग अरुणाचल प्रदेश की पटकाई की पहाड़ियों में बसते हैं। ये जगह लोंगडिंग जिले में आती है जो गुवाहाटी से 350 किलोमीटर दूर है। इनको जानने मैं पहुंची हूं पटकाई की पहाड़ियों पर। मेरे साथ हैं इस समुदाय को जानने वाले एंथ्रोपोलोजिस्ट नोट्टोई वांगसाहम। जो लोंगडिंग से ही साथ आए हैं। दोपहर के 12 बजे थे। हम पहाड़ी से पैदल ही गांव की तरफ बढ़ने लगे। रास्ते में नोट्टोई ने बताया कि- ‘वांचो लोगों में आज भी राजा का शासन है। इनसे मिलने के लिए राजा की इजाजत जरूरी है। इसलिए हमें सबसे पहले राजा के सामने जाकर हाजिरी लगानी होगी। तभी बस्ती में घुस पाएंगी।’ ‘कौन है यहां के राजा?’ मैंने पूछा ‘पहले तो जितवंग वाहम यहां के राजा थे लेकिन, चार साल पहले उनकी मौत हो गई। अब रानी का राज है।’ ‘तो राजा की जगह रानी से इजाजत लेनी पड़ती है?’ ‘हां, अभी तो रानी ही सब देखती हैं लेकिन, उनके बेटे को अब लोग राजा कहने लगे हैं।’ अब तक हम 5 किलोमीटर चल चुके थे। कुछ ही दूर बांस से बने घर नजर आने लगे। किसी की टीन की छत चमक रही थी तो किसी की छत यहां के स्थानीय पेड़ टोको लीफ से बनी थी। यहां सिर्फ एक घर ऐसा दिखा जो आधा सीमेंट और आधा बांस से बना है। ये घर काफी बड़ा है। नोट्टोई ने बताया कि ‘यही रानी का घर है।’ जैसे ही रानी के घर के सामने पहुंचे, एक महिला हमें अंदर ले गई। नजरें घुमाकर देखा तो दीवारों पर जानवरों की खाल और खोपड़ियां टंगी हैं। मैंने नोट्टोई से इशारे में पूछा तो कहने लगे- ‘पहले के समय में वांचो जंगली जानवरों का शिकार करते थे। ये ऐसे ही शिकार किए हुए जानवरों की खाल हैं। नोट्टोई बताते हैं कि ‘वांचो लोग कबीले की शान बढ़ाने के लिए दुश्मनों के सिर, बाजू और टांग काटकर ले आते थे। हर वांचो बस्ती में म्यूजियम की तरह एक जगह होती थी, जिसे ‘साउतुंग’ कहते थे। यहीं दुश्मन के कटे हुए सिर सजाए जाते थे। साल में एक बार उन्हें शराब और खाना चढ़ाकर पूजा भी की जाती थी। अब यहां लोग क्रिश्चियैनिटी को मानने लगे हैं। इसलिए धीरे-धीरे ये सब बंद हो गया और साउतुंग भी खत्म हो गए। अब सिर्फ जानवरों के सिर और खाल बची हैं।’ हम लोग ड्राइंग रूम के सोफे पर बैठकर रानी सेंगम वांग्चा वांचो का इंतजार करने लगे। दीवार पर चीते की खाल टंगी है। पास ही बंदूकें और जंगली सुअर के सिर भी। तभी एक महिला कमरे में आती हैं, सफेद रंग की शॉर्ट कुर्ती और नीले रंग की शॉलनुमा लॉन्ग स्कर्ट लपेटे। गले में चांदी के सिक्कों की माला और माथे पर रंग-बिरंगे मोतियों से बनी पट्टी पहने। पहनावा देखकर पता चल रहा है कि यही रानी हैं। मैंने रानी से सबसे पहले उनके कपड़ों के बारे में पूछा, वो बताने लगीं कि- ‘ये शॉलनुमा स्कर्ट हमारी पारंपरिक पोषाक है। इसे नीथो कहते हैं।’ मैंने दीवार पर टंगे जंगली सुअर के सिर को देखकर पूछा, ‘इसका शिकार राजा ने किया था?’ रानी बताती हैं कि- ‘बस्ती में जब भी कोई जंगली सुअर का शिकार करता है, तो उसका सिर और रीढ़ की हड्डी के पास का मांस हमारे घर भेजते हैं। बाकि जानवरों का केवल सिर ही राजा के घर भेजते हैं। उसके बाद ही वो खुद खा सकते हैं। अगर कोई ऐसा नहीं करता तो उसे बस्ती से निकाल दिया जाता है।’ ‘रीढ़ की हड्डी का मांस?’ ‘हां, इसे हम घरों में लटकाकर सुखाते हैं और जब मन हो पका लेते हैं।’ ये कहते हुए रानी मुझे रसोई में ले गईं। यहां एक लकड़ी से सहारे छत से मांस के लंबे और चपटे टुकड़े लटक रहे हैं। कुछ तो एकदम ताजे हैं लेकिन कुछ सूख हुए। यहीं नोट्टोई बताते हैं कि ‘वांचो की हर बस्ती का एक राजा होता है। बस्तियों के राजा मिलकर एक चीफ चुनते हैं, जो वांचो लोगों से जुड़े सभी अहम फैसले लेता है।’ आखिर में रानी से बस्ती में जाने की इजाजत लेते हुए हम यहां से निकल पड़े। टीन की छत वाले घर के बाहर एक शख्स बैठा है। उसने गले में मोतियों की माला और किसी जानवर की खोपड़ी जैसा कुछ पहना है। नोट्टोई उनसे मिलवाने ले गए। शख्स का नाम है एल जेवंग वांगसु। मैंने सबसे पहले उनके पहनावे के बारे में पूछा, वो बोले- ‘ये बंदर का सिर है। इसका कपाल लकड़ी से बना है, लेकिन इसपर चढ़ी चमड़ी असली बंदर की है। इसके अलावा माला में जानवरों के नाखून और दांत भी पिरोए हुए हैं। सिर पर जो पहना है वो भालू के बाल से बना है। इसे खोहम कहते हैं।’ जेवंग की पत्नी मंगखाऊ वांगसु अंदर आने के लिए कहती हैं। घुसते ही मछली पकने की महक आने लगी। नजरें घुमाकर देखा तो फर्श से लेकर दीवारें तक सब बांस का बना है। छत से मांस के लंबे, चपटे टुकड़े लटक रहे हैं। कमरे के एक कोने में साड़ी का झूला बंधा है। महिलाओं के शरीर पर गुदे टैटू से पता चलती है उम्र मंगखाऊ के पैर के निचले हिस्से में बना टैटू देखकर मैंने उसका मतलब पूछा। वो कहने लगीं- ‘टैटू हम वांचो महिलाओं की पहचान है। इससे महिलाओं की उम्र का पता लगता है। जब लड़की किशोरावस्था में कदम रखती है तो नाभि के पास टैटू बनाया जाता है। पैर के निचले हिस्से पर टैटू का मतलब वो जवान हो गई यानी रजस्वला हो चुकी है। जांघ पर बने टैटू का मतलब है कि अब लड़की जीवनसाथी चुन सकती है। महिलाओं के छाती पर बने टैटू का मतलब है कि वे शादीशुदा हैं।’ ‘लड़कियां अपना जीवनसाथी कैसे चुनती हैं?’ मैंने पूछा वो बताने लगीं- ‘ज्यादातर प्रेम विवाह होते हैं। लड़की को जब कोई लड़का पसंद आता है तो उसे एक झुमका देती है। जिसे माएपो कहते हैं। यही विवाह का प्रस्ताव माना जाता है। इसके बाद लड़के वाले, लड़की के घर जाते हैं। उन्हें- पान, तंबाकू और स्थानीय पेड़ की छाल पेनखोन और केकखोन देते हैं। इससे होंठ लाल हो जाते हैं। फिर लड़का-लड़की एकदूसरे को माला पहनाते हैं। यह रस्म ‘हिंगहो एलाई’ कही जाती है।’ लड़की की मां को घर बुलाकर शराब परोसते हैं लड़के वाले जेवांग बताते हैं कि ‘कुछ दिन बाद लड़के वाले लड़की की मां को घर बुलाते हैं। मेहमाननवाजी करते हैं। वहां हमारी खास शराब यानी ‘जू’ के साथ मछली और तरह-तरह के जानवरों का मांस परोसा जाता हैं। लड़की की मां वापस घर जाकर बेटी की शादी तय होने का ऐलान करती है। फिर लड़के की मां को बुलाकर यही रस्म लड़की वाले निभाते हैं।’ बीच में ही जेवांग की पत्नी मंगखाऊ, चाय ले आईं। ये लाल रंग की है। बिना दूध वाली। ये जड़ी-बूटी से बनी है, इसे खलप कहते हैं। स्वाद थोड़ा कड़वा सा है, ब्लैक टी जैसा। रिश्ता तय होने के बाद लड़का-लड़की बना सकते हैं संबंध जेवांग शादी की परंपरा के बारे में बताते हैं- ‘जब दोनों तरफ से रिश्ता तय होने का ऐलान होता है, तब ‘टोईकट’ परंपरा होती है। इसमें लड़के वाले लड़की और उसकी सहेलियों को घर बुलाते हैं। लड़का सबको अपने खेत दिखाने ले जाता है। वहां नाच-गाना भी होता है। फिर लड़का सभी लड़कियों को कपड़े और गहने तोहफे में देता है। इसके बाद से लड़का-लड़की जब चाहें मिल सकते हैं। एक-दूसरे के घर जा सकते हैं। अगर घर पर न मिलना हो, तो बस्ती के कम्युनिटी हॉल में भी जा सकते हैं। जिसे ‘जिप्सम नाइलो’ कहते हैं। यहां कपल्स जब चाहें आ सकते हैं और संबंध भी बना सकते हैं। प्रेग्नेंट होने के बाद मिलता है बहू का दर्जा जब लड़की प्रेग्नेंट हो जाती है तो तीसरे महीने लड़के के घर जाती है। तब खोकम की रस्म होती है, यानी लड़की के छाती के बीचों-बीच ‘खाहू’ नाम का टैटू बनाया जाता है। फिर पूजा होती है, जिसमें अंडा, अदरक और शराब चढ़ाई जाती है। इस रस्म के बाद पुजारी ऐलान करता है कि ‘ये लड़की आज से लड़के के परिवार का हिस्सा है।’ इसके बाद भैंसा या बड़ा सुअर काटा जाता है। जानवर की खाल के छोटे-छोटे टुकड़े साफ कर के लड़की के घर भेज देते हैं। जिसे पूरे गांव में बांटा जाता है, जैसे-शादी के बाद मिठाई बांटी जाती है। खोकम के बाद रिश्ते को तोड़ना आसान नहीं होता। अगर पति या पत्नी में से कोई अलग होना चाहे, तो उसे कीमत चुकानी पड़ती है- कभी सूअर देकर तो कभी जमीन देकर।’ लकड़ी की तलवार से काटी जाती है बच्चे की नाल मेरे साथी नोट्टोई बच्चे के जन्म से जुड़ी परंपरा के बारे में बताते हैं कि- बच्चे के जन्म के समय एक बुजुर्ग महिला को बुलाया जाता है। वो बांस से बनी चाकू से नाल काटती है, फिर उसे ओनोक नाम के पेड़ से बांध देती है। बड़ी बेटी को गहने और बड़े बेटे को मिलती है जमीन जायदाद वांचो लोगों में घर की बागडोर महिलाओं के हाथ में होती है। मां के गहने सबसे बड़ी बेटी को मिलते हैं। जमीन-जायदाद सबसे बड़े बेटे के हिस्से जाती है। बाकी बच्चों को कुछ भी नहीं दिया जाता है। हां, अगर परिवार थोड़ा संपन्न हो, तो उन्हें भी थोड़ा-बहुत हिस्सा दे दिया जाता है। यहां आज भी शिकार की परंपरा है। लोग कभी समूह में, तो कभी अकेले शिकार पर निकलते हैं। शिकार के बाद जानवर की पूजा होती है। फिर उसका सिर राजा को दिया जाता है और बाकी मांस पूरी बस्ती में बांट दिया जाता है। यहां से निकलकर हम दूसरी वांचो बस्ती की ओर गए। यहां एक खास तरह की पोषाक में कुछ मर्द खड़े हैं। सभी के सिर पर बांस की टोपी है। यह हॉर्नबिल पक्षी के पंखों से सजी है। इसमें भालू, बंदर, बकरी के बाल लगे हैं। गले में मोतियों की माला है, जिसमें जंगली सूअर के दांत, भालू के नाखून, शेर के दांत या बंदर की चमड़ी से बनी चीजें लगी हैं। शरीर के निचले हिस्से में लंगोट की तरह कुछ पहना हुआ है, जिससे केवल प्राइवेट पार्ट ढका है। परेशानी दूर करने के लिए पुजारी चढ़ाता है बलि वांचो लोग आत्माओं में विश्वास करते हैं। अगर किसी के साथ कुछ बुरा होता है तो पुजारी को बताते हैं। फिर वो सपना देखकर समस्या का कारण बताता है। कई बार पुजारी को घर भी बुलाया जाता है। रास्ते में उसको शराब पिलाई जाती है। परेशानी दूर करने के लिए कुत्ता, बकरी या मुर्गा-मुर्गी की बलि दी जाती है। वांचो लोगों के पास खेती ही कमाई का कोई साधन नहीं है। ये लोग धान के अलावा कई तरह के मिलेट की खेती करते हैं। जैसे- मीखा, कामई, पोलोम, कच्चू, मनसा, जोक, विक्वप, विकुअत, बाह और शिनेई। बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल तो गांव में ही लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए लोंगडिंग जाना पड़ता है। इनके ज्यादातर बच्चे सरकारी नौकरी में हैं। कई घरों के बच्चे आर्मी में भी हैं। इस सीरीज में अगले हफ्ते पढ़िए ऐसे ही अनोखे मैतेई लोगों की कहानी…. ---------------------------------------------------- 1- 100 किलो का पत्थर उठाया, लड़की बोली- तुमसे करूंगी शादी:औरतें 5 पति भी रख सकती हैं, 1800 अनोखे ‘टोडा’ लोगों की कहानी सुबह की हल्की धुंध अभी पहाड़ियों से हटी नहीं है। घास पर जमी ओस चमक रही है। मैदान के किनारे जंगल में एक पुराने पेड़ के नीचे लोग जमा हुए हैं। इसी पेड़ के नीचे एक बड़ा इम्तिहान होने वाला है। पूरी कहानी यहां पढ़ें 2- शरीर के ऊपरी हिस्से पर कपड़े नहीं पहनतीं बोंडा महिलाएं:शादी ठुकराने पर लड़कीवालों का घर तोड़ देते हैं, मृत्युभोज में खाते हैं गाय का मांस सुबह करीब 10 बजे का वक्त। मिट्टी से लिपा-पुता एक कच्चा घर। बाहर सिर मुंडाए दो महिलाएं बैठी हैं। उम्र करीब 38-40 साल। ऊपरी बदन लगभग नंगा। बाकी शरीर पर नाम मात्र के कपड़े। छाती छिपाने के लिए मोतियों और कौड़ियों से बनी मालाएं। पूरी कहानी यहां पढ़ें
साल 1997 और महीना जून का। जगह थी नई दिल्ली का इंटरनेशनल एयरपोर्ट। एक फ्लाइट लैंड की, जिस पर लिखा था- ‘रॉयल भूटान एयरलाइन्स’। ये फ्लाइट भूटान की राजधानी थिंपू से आई थी। फ्लाइट से 3 लोग उतरे- प्रेग्नेंट महिला, उसकी सहेली और एक आदमी, जो आर्मी अफसर जैसा दिखता था। एयरपोर्ट पर टैक्सी उनका इंतजार कर रही थी। तीनों टैक्सी में बैठकर एक होटल पहुंचे। वहां बोंटी बरुआ के नाम पर उनके लिए एक कमरा बुक था। कुछ देर कमरे में आराम करने के बाद तीनों बाजार घूमने निकल गए। बाजार में उनसे एक शख्स मिला। उसने इन तीनों से कहा, ‘आपके मुंबई जाने का इंतजाम हो गया है। वहां के जसलोक अस्पताल में इलाज के लिए बात हो गई है।’ जब चारों आपस में बात कर रहे थे, तब एक पांचवां व्यक्ति सुन रहा था। वो था- एक पुलिस अफसर, जो सिविल ड्रेस में प्रेग्नेंट महिला और उसके साथियों का पीछा कर रहा था। ये प्रेग्नेंट महिला कोई और नहीं, बल्कि एक उग्रवादी थी, जो यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम, यानी ULFA की मेंबर थी। नाम था- प्रणति डेका। ULFA एक उग्रवादी संगठन था, जो बंदूक के दम पर असम से बंगाली और हिंदी भाषी लोगों को भगा रहा था। असम को आजाद कराने के लिए सैकड़ों लोगों की हत्या कर चुका था। तब असम के हालात भी उग्रवाद झेल रहे पंजाब जैसे हो गए थे। इनकी दहशत का आलम ये था कि असम के लोगों को सरकार के अलावा ULFA को भी टैक्स देना पड़ता था। दरअसल, उग्रवादी प्रणति अपने दो साथियों के साथ इलाज कराने दिल्ली पहुंची थी। जो शख्स बाजार में इनसे मिला था, वो टाटा टी कंपनी के सीनियर वेलफेयर अफसर डॉ. ब्रोजेन गोगोई थे। उन्होंने टाटा टी कंपनी की तरफ से महिला के इलाज, फ्लाइट और ठहरने की पूरी व्यवस्था की थी। तब सवाल उठा कि असम में दहशत फैलाने और सैकड़ों लोगों की हत्या करने वाले संगठन के उग्रवादियों के लिए आखिर टाटा जैसी देश की बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी वीआईपी इंतजाम क्यों कर रही थी? दो दिन बाद यानी 9 अप्रैल को असम में वोटिंग है। आज भी असम की 126 में से 45 सीटों पर इन्हीं चाय बागानों का असर है। आज कहानी उग्रवादी संगठन ULFA और टाटा टी कंपनी से उसके रिश्ते की… ULFA का मकसद- असम की आजादी और बाहरी भगाओ साल 1971… पाकिस्तान दो टुकड़ों में बंट गया और बांग्लादेश बना। लाखों शरणार्थी असम में घुसे। असमिया बोलने वालों को डर था कि उनकी आबादी माइनॉरिटी में बदल जाएगी। 1905 के बंगाल विभाजन और 1947 के भारत-पाकिस्तान बंटवारे के चलते असम में पहले से ही भारी संख्या में शरणार्थी थे। इसे रोकने के नाम पर अप्रैल 1979 में असम के शिवसागर जिले में कुछ छात्रों ने एक हथियारबंद संगठन शुरू किया। नाम रखा- यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम, यानी ULFA. शुरुआत में तो इन्होंने जैसे-तैसे हथियार जुटाए, लेकिन 1990 के दशक आते-आते पूरे असम में दहशत फैल गई। ULFA का नारा था- 'आजाद असम' और 'बाहरी भगाओ'। ULFA का तिनसुकिया से लेकर डिब्रूगढ़ तक दहशत फैल चुकी थी। ये पूरब के वो इलाके हैं, जहां से असम के चाय बागानों की शुरुआत होती है और पश्चिम तक जाती है। ULFA वाले यूपी, बिहार से आए हिंदी भाषी मजदूरों को कतार में खड़ा करके मार देते थे। इस तरह करीब 300 लोग मारे जा चुके थे। असम को बाकी देश से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 37 से गुजरने वाले ट्रकों से ULFA पैसा वसूलता था। जो नहीं देता, तो उसका ट्रक जला दिया जाता या ड्राइवर गायब हो जाता। कुल मिलाकर ULFA असम में समानांतर सरकार चला रहा था। आगे चलकर ULFA को हथियारों और पैसे की जरूरत पड़ने लगी। ऐसे में ULFA ने पैसा उगाहने का फैसला किया। फरमान निकाला कि हर एक किलो चाय पर एक रुपए की फिरौती दी जाए और ऐसा नहीं करने वाला अंजाम के लिए तैयार रहे। दरअसल, उस वक्त दुनिया की 17% चाय असम में उगती थी। ULFA के आतंक को देखते हुए असम की छोटी चाय कंपनियां फिरौती देने के लिए तैयार हो गईं। लेकिन टाटा टी ने फिरौती देने से मना कर दिया। उसकी जगह अस्पताल, स्कूल वैगरह बनाने की पेशकश की। टसल के बावजूद जैसे-तैसे काम चलता रहा। मैनेजर के अपहरण के बाद टाटा टी ने घुटने टेके साल 1993… टाटा टी के रीजनल मैनेजर बोलिन बोर्डोलोई का अपहरण हो गया। करीब एक साल तक उनकी रिहाई नहीं हो पाई। ये काम ULFA का नहीं, बल्कि नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड यानी NDFB का था। ये संगठन 1986 में असम की बोडो जनजाति को बचाने के लिए बना था, लेकिन धीरे-धीरे इसने भी आतंक फैलाना शुरू कर दिया था। NDFB ने टाटा टी से बोलिन की रिहाई के लिए एक करोड़ की फिरौती मांगी। टाटा टी ने अपने मैनेजर को बचाने के लिए ऐसा किया भी। लेकिन इससे ULFA भड़क गया। उसने टाटा पर दबाव डाला और कहा कि NDFB को पैसा दे रहे हो, तो हमें क्यों नहीं दे रहे? कंपनी ने फिर से वही ऑफर दिया और कहा कि डिब्रुगढ़ जिले के चाबुआ में चाय बागान के कर्मचारियों के लिए हम एक अस्पताल बनाएंगे। लेकिन ULFA राजी नहीं हुआ। 1995 में ULFA के को-फाउंडर परेश बरुआ ने टाटा टी के मैनेजिंग डायरेक्टर आरके कृष्ण कुमार को एक खत लिखा और मांग रखी- ‘हमें 100 वाकी टॉकी चाहिए।’ अगले साल असम में विधानसभा चुनाव होने थे। कंपनी को लग रहा था कि असम गण परिषद यानी AGP चुनाव जीत सकती है और ये पार्टी भी असम को शरणार्थियों से बचाने के लिए बनी है। पहले भी 1985-90 तक AGP की ही सरकार थी। सीनियर जर्नलिस्ट राजीव भट्टाचार्य अपनी किताब ‘ULFA-द मिराज ऑफ डॉन’ में लिखते हैं, ‘AGP सरकार के दौर में ULFA जैसे उग्र गुटों की जड़ें गहरी हुई थीं। टाटा टी को लगता था कि AGP सरकार का रवैया ULFA पर नरम रह सकता है और उस पर लगा बैन भी हट सकता है। ऐसे में ULFA की मांगों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।’ इसके अलावा टाटा टी का ज्यादातर चाय कारोबार असम से ही होता था। यहां उसके 70 से ज्यादा चाय बगान थे। 150 साल पुराना चाय कारोबार का इकोसिस्टम यहां था। ऐसे में टाटा टी कहीं और नहीं जा सकती थी। इन्हीं वजहों के चलते टाटा टी राज्य सरकार के पास गुहार लगाने पहुंची। कंपनी ने ULFA की चिट्ठियां असम सरकार को दीं। तब के मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया ने कंपनी को ULFA से दूर रहने को कहा, लेकिन इतने में चुनाव आ गया। कंपनी का डर भी सच हो गया। 1996 में सरकार बदल गई और प्रफुल्ल कुमार महंत की पार्टी AGP सत्ता पर काबिज हुई। टाटा ने बैंकॉक में ULFA से मीटिंग की AGP की सरकार बनने के बाद ULFA के को-फाउंडर परेश बरुआ ने टाटा टी कंपनी को बैंकॉक में मीटिंग के लिए न्यौता भेजा। कंपनी मीटिंग के लिए राजी हो गई, लेकिन इसकी तैयारी में एक साल लग गए। दरअसल, दिसंबर 1995 में ULFA ने टाटा टी कंपनी से 100 पेयर वॉकी-टॉकी की मांग की। कंपनी पहले ही उल्फा पर भारी-भरकम पैसे खर्च कर चुकी थी। ऐसे में अब कंपनी ने असम के गृह सचिव को एक चिट्ठी लिखी और पूरी बात बता दी, पर सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। तब कंपनी ने दिल्ली में इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी की मदद ली। IB के एडिशनल डायरेक्टर रतन सहगल और टाटा टी कंपनी की मीटिंग हुई। रतन सहगल ने कंपनी से कहा कि वो बैंकॉक में ULFA से मीटिंग करे। साथ ही हिदायत भी दी कि वो ULFA को ना तो कैश दे ना ही कोई इक्विपमेंट। सबसे जरूरी बात- वो इसकी जानकारी राज्य सरकार को भी ना दे। 25-26 मई 1997 को बैंकॉक में मीटिंग हुई। मीटिंग में कंपनी की तरफ से चार अधिकारी शामिल हुए। इनमें सीनियर वेलफेयर अफसर डॉ. ब्रोजेन गोगोई भी थे। कंपनी ने ULFA की 6 मांगें मान लीं जैसे- अस्पताल बनवाना, युवाओं को ट्रेनिंग देना और ULFA के लोगों के असम से बाहर इलाज का इंतजाम करना। एक मुखबिरी से टाटा और ULFA के खेल का खुलासा हुआ अब लौटते हैं उस कहानी पर जिसका जिक्र हमने शुरुआत में किया है। बैंकॉक की मीटिंग के तुरंत बाद, मई 1997 की बात है। भूटान की राजधानी थिंपू में एक मीटिंग हुई। इसमें तय हुआ कि ULFA के फाइनेंस सेक्रेटरी चित्रबान हजारिका की पत्नी प्रणति का इलाज दिल्ली और मुंबई में कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी ULFA के फणिंद्र मेधी को दी गई। आर्मी अफसर जैसा दिखने वाला मेधी, प्रणति और उसकी सहयोगी मृदुला चांगमाई को लेकर दिल्ली पहुंचा। तीनों होटल में ठहरे, जहां टाटा कंपनी की तरफ से डॉ. ब्रोजेन गोगोई उनसे मिलने आए। गोगोई ने कहा कि मुंबई में इलाज के इंतजाम में कुछ समय लगेगा। प्रणति, मेधी और मृदुला उत्तम नगर में एक मकान किराए पर लेकर रहने लगे। कुछ दिन बाद गोगोई फिर उनसे मिले। गोगोई ने बताया कि मुंबई जाने की व्यवस्था हो गई है। फिर तीनों फ्लाइट से मुंबई रवाना हुए। गोगोई ने ही उन्हें रिसीव किया और जसलोक अस्पताल ले गए। पहली जांच के बाद दो महीने बाद फिर बुलाया गया। इसके बाद वे दिल्ली लौट गए। तीनों अगले दो महीने दिल्ली में किराए के मकान में रहे। इस बीच मेधी एक दिन के लिए गुवाहाटी आया। वो उल्फा के मेंबर मुन्ना मिश्रा से मिला। बातचीत में मेधी ने मुन्ना को बता दिया कि वह भूटान से दिल्ली और मुंबई का सफर क्यों कर रहा था। मेधी से यहीं गलती हो गई। दरअसल, कुछ महीने पहले मुन्ना असम पुलिस का मुखबिर बन गया था और ये बात मेधी को नहीं पता थी। जब तक मेधी वापस दिल्ली पहुंचा, तब तक मुन्ना ने पुलिस को सब बता दिया। पुलिस ने दिल्ली के होटल, उत्तम नगर के घर से लेकर मुंबई के जसलोक अस्पताल तक नजर रखना शुरू कर दिया। गोगोई भी उनकी नजर में आ गए। अगस्त के महीने में प्रणति ने एक बेटे को जन्म दिया। 23 अगस्त को बच्चे के साथ तीनों मुंबई के सांता क्रूज एयरपोर्ट पर दिल्ली की फ्लाइट पकड़ने पहुंचे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि पुलिस उनका इंतजार कर रही थी। पुलिस ने मौका पाते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के लिए गुवाहाटी ले आई। धीरे-धीरे पुलिस ने तमाम सबूत जुटा लिए। टाटा के खर्च का हिसाब, होटलों और अस्पताल को लिखे लेटर जमा कर लिए। टाटा टी के 3 अधिकारियों से भी पूछताछ की। वहीं डॉ. ब्रोजेन गोगोई फरार थे। दरअसल, मुन्ना मिश्रा की मुखबरी से पहले ही असम पुलिस को बैंकॉक में हुई मीटिंग की भनक पड़ चुकी थी। वहीं असम के मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत को मलाल था कि टाटा ग्रुप ने चुनाव में भरपूर चंदा नहीं दिया, उल्टे वो ULFA का खर्च उठाता रहा। 7 सितंबर 1997 को असम के DGP, के ऋषिकेशन, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने दावा किया कि टाटा ग्रुप की कंपनी ‘टाटा टी’ ULFA को फंडिंग कर रही थी। इस खबर के बाद असम से लेकर दिल्ली-मुंबई तक हड़कंप मच गया। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा से लेकर केंद्र की इंद्र कुमार गुजराल सरकार तक चौंक गई। टाटा टेप्स लीक हुए, फिर भी मामला दब गया 12 सितंबर 1997 को टाटा ग्रुप ने प्रेस नोट जारी कर सारे आरोपों को खारिज कर दिया। टाटा ने बताया उसने IB डायरेक्टर को ULFA से डील के बारे में सबकुछ बता दिया था। किताब ‘ULFA-द मिराज ऑफ डॉन’ के मुताबिक, असम के डीजीपी को केंद्र से गृह सचिव का फोन आया कि इस मामले को वे ज्यादा तूल न दें। टाटा ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने भी दिल्ली में मुख्यमंत्री महंत से मुलाकात की और बताया कि प्रणति का मामला स्थानीय स्तर की चूक के अलावा और कुछ नहीं है। अक्टूबर 1997 में मीडिया में कुछ कॉलिंग टेप्स जस के तस छप गए। इनमें कॉर्पोरेट जगत के दिग्गजों की फोन पर की गई बातचीत थी। बॉम्बे डाइंग के चेयरमैन नुस्ली वाडिया का फोन उस वक्त टैप था। इन कॉलिगं टेप्स में वाडिया टाटा टी को बचाने के लिए कई लोगों से बात करते पकड़े गए, जिनमें रतन टाटा, महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के चेयरमैन केशब महिंद्रा, सांसद और उद्योगपति जयंत मल्होत्रा और फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ जैसे नाम शामिल थे। मीडिया में ये कांड ‘टाटा टेप्स’ के नाम से मशहूर हुआ और इसी से पता चला कि टाटा ग्रुप को इस डील के बारे में पता था। रतन टाटा ने खुद गृह मंत्री इंद्रजीत गुप्ता और गृह सचिव पद्मनाभैया से बात की। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और एच डी देवेगौड़ा से असम सरकार के साथ सुलह कराने की मदद मांगी। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ज्योति बसु तक गुवाहाटी पहुंच गए। किताब ‘ULFA-द मिराज ऑफ डॉन’ के मुताबिक, सीएम महंत को मैसेज पहुंच गया कि वे टाटा टी से जीत चुके और उन्हें अब इस मसले को छोड़ देना चाहिए। महंत भी ज्यादा दिन ये लड़ाई नहीं लड़ना चाहते थे। इसके चलते डॉ. ब्रोजेन गोगोई के खिलाफ कोई चार्जशीट पेश नहीं की गई। तीन महीने की जेल के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। पूरा मामला दब गया। ULFA के खात्मे के लिए सरकार ने शुरू किया सुल्फा ‘असमिया बनाम बाहरी’ आज भी मुद्दा, 45 सीटों पर चाय बागानों का असर असम की राजनीति को करीब से देखने वालीं सीनियर जर्नलिस्ट शिखा मुखर्जी बताती हैं, ‘ULFA की सोच आज भी असम राजनीति पर असर डालती है। ‘असमिया बनाम बाहरी’ के मुद्दे का चुनाव पर प्रभाव पड़ता है। क्योंकि असमिया लोगों को लगता है कि बाहरियों के आने से उनकी पहचान और संस्कृति को खतरा है।’ ***** Reference… ULFA: द मिराज ऑफ डॉन- राजीव भट्टाचार्य ----------- असम चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ऐसा मंदिर जहां देवी का योनि रूप पूजते हैं: ‘रजस्वला’ में लाल हुए कपड़े के लिए मचती है होड़; चुनाव जीतने के लिए तंत्र-मंत्र करवा रहे नेता चारों तरफ धधकती चिताएं। इनके बीच कई तांत्रिक समाधि में बैठे साधना कर रहे हैं। सबके अपने तरीके हैं। कोई जोर-जोर से मंत्र पढ़ रहा, तो कोई ठंडी चिता पर धूनी रमाए हुए है। थोड़ी दूर दो तांत्रिक एक ही चिता पर मंत्र जाप कर रहे हैं। उनके हाव-भाव से लग रहा मानो कोई अकेले में बात कर रहा हो। पूरी खबर पढ़िए…
केरल में 2 दिन बाद वोटिंग है, लेकिन वायनाड के लोगों को अपनी सांसद प्रियंका गांधी का इंतजार है। 2024 में हुए उपचुनाव में 4.1 लाख वोट से जीतीं प्रियंका गांधी चुनाव में कम एक्टिव दिखी हैं। पहली रैली 2 अप्रैल को तिरुवनंतपुरम में की थी। फिर 6 अप्रैल को कन्नूर पहुंचीं। दो बार सांसद रहे राहुल गांधी केरलम में तो प्रचार कर रहे हैं, लेकिन वायनाड नहीं गए। वायनाड में दो साल पहले हुई लैंडस्लाइड में चार गांव मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा बर्बाद हो गए थे। 420 लोग मारे गए। 118 का पता ही नहीं चला। तब सांसद रहे राहुल गांधी ने पीड़ितों को 100 घर देने का वादा किया था। 19 महीने हो गए, अब तक उनकी नींव भी नहीं पड़ी। इस त्रासदी में चूरलमाला की सुनेरा के परिवार के 6 लोग मारे गए थे। सुनेरा बताती हैं कि सरकार से पैसे की मदद तो मिली, लेकिन हमारा नाम घर वाली लिस्ट में नहीं है। राहुल और प्रियंका गांधी आए थे। घर दिलाने का वादा किया था, लेकिन मिला नहीं। फिर भी हम कांग्रेस को ही वोट देंगे। केरलम की 140 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को वोटिंग होनी है। घर देने के वादे पर कांग्रेस और CPM आमने-सामने हैं। वायनाड लोकसभा सीट में विधानसभा की 7 सीटें हैं। 2021 में कांग्रेस के गठबंधन UDF को 4 और लेफ्ट के गठबंधन LDF को 3 सीटें मिली थीं। इस बार UDF 5 सीटों पर आगे दिख रहा है। लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाके कलपेट्टा विधानसभा सीट में आते हैं। यहां LDF ने सहयोगी पार्टी RJD को टिकट दिया है। कांग्रेस से मौजूदा विधायक टी. सिद्दीकी चुनाव लड़ रहे हैं। 2009 से वायनाड नहीं हारी कांग्रेस, सांसद प्रियंका असम की प्रभारी प्रियंका गांधी को कांग्रेस ने असम चुनाव की कमान सौंपी है। असम में केरलम के साथ 9 अप्रैल को ही वोटिंग होनी है। सीनियर जर्नलिस्ट बृजेश कुमार के मुताबिक, वायनाड में चर्चा होती है कि राहुल और प्रियंका यहां बहुत कम आते हैं। वे इसे सेफ प्लेस के तौर पर इस्तेमाल करते हैं। फिर भी वायनाड में कांग्रेस का हमेशा से दबदबा रहा है। इसलिए वह इन सब बातों पर बहुत ध्यान नहीं देती। वायनाड लोकसभा सीट पर कांग्रेस 2009 के बाद कोई चुनाव नहीं हारी है। 2019 में राहुल गांधी यहां से 4.3 लाख वोट से जीते। 2024 में करीब 3.6 लाख वोट से जीत मिली। उनके सीट छोड़ने के बाद हुए उपचुनाव में प्रियंका गांधी ने पहला चुनाव यहीं से लड़ा। जीत का मार्जिन 4.1 लाख, यानी राहुल की पिछली जीत से ज्यादा रहा। राहुल ने वायनाड छोड़ने के बाद यहां के लोगों के लिए लेटर लिखा था। उन्होंने लिखा कि आप मेरे परिवार का हिस्सा हैं। मैं आपके लिए हमेशा मौजूद रहूंगा। हालांकि, फिलहाल वे वायनाड से दूरी बनाए हुए हैं। 2 साल बाद भी त्रासदी से नहीं उबर पाया वायनाड, हर जगह तबाही के निशान वायनाड 2 साल पहले आई लैंडस्लाइड की त्रासदी से अब तक उबर नहीं पाया है। पीड़ित परिवारों को फिर से बसाने का काम चल रहा है। लैंडस्लाइड के बाद कांग्रेस ने पीड़ितों के लिए फंड जुटाया था। सरकार चला रहा गठबंधन LDF इसके इस्तेमाल पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सनी जोसेफ के मुताबिक, फंड के लिए खोले अकाउंट में करीब 5.38 करोड़ रुपए आए हैं। इससे पीड़ितों के घर बनाने के लिए जमीन खरीदी गई है। कलपेट्टा से करीब 22 किमी दूर चूरलमाला में घुसते ही एक होर्डिंग दिखता है। इस पर लैंडस्लाइड में मारे गए लोगों की फोटो लगी हैं। लैंडस्लाइड से सबसे ज्यादा तबाही चूरलमाला में ही हुई थी। कुछ कदम आगे बढ़ते ही लैंडस्लाइड से हुई तबाही के निशान दिखने लगते हैं। यहां से आगे गाड़ियां नहीं ले जा सकते। एक तरफ कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है। लैंडस्लाइड वाली जगह पर आम लोगों की एंट्री मना है। यहां जगह–जगह लाल झंडे लगाए गए हैं। खतरे की वजह से आगे जाने के लिए कलेक्टर से परमिशन लेनी होती है। चूरलमाला में टूरिस्ट दोबारा आने लगे हैं। वे त्रासदी के वक्त आर्मी के बनाए पुल पर फोटो खिंचवाते हैं। इलाके में बना ग्लास ब्रिज दोबारा खुल गया है। वहां जाने के लिए प्राइवेट जीप बुक करनी होती है। गांव में जगह–जगह बुकिंग सेंटर खुले हैं। आसपास के चाय बगानों में चहल-पहल दिखने लगी है। टूरिज्म भले पटरी पर आ रहा हो, लेकिन लोग अब तब उस हादसे को नहीं भूले हैं। पीड़ित 1 : सुनीश‘पत्नी अब भी सदमे में, बारिश होते ही घबरा जाती है’सुनीश चूरलमाला में अपने उजड़े हुए घर को देखने आए थे। हमें घर के अंदर एक कमरे में ले गए। बोले कि मैं यहीं सो रहा था। एक दिन पहले लगा था कि तेज बारिश होने वाली है। रात में ऐसा प्रलय आएगा, ये नहीं सोचा था। देखिए घर का क्या हाल है। सुनीश बताते हैं, ‘हमने घर मजबूत बनवाया था, इसलिए बहने से बच गया। नींद खुली तो पहली मंजिल डूब चुकी थी। हम दूसरी मंजिल पर चले गए। हमारे सामने आसपास के घर गिर रहे थे। लोग और सामान बह रहे थे।’ सुनीश से बात करने के दौरान ही हल्की बारिश होने लगी। वे बोले, ‘मुझे घर जाना पड़ेगा। पत्नी अब भी सदमे में हैं। बारिश होने पर घबरा जाती हैं। कई बार आधी रात को उठ जाती हैं। हम कलपेट्टा में किराए के मकान में रहते हैं। सरकार किराए के लिए 6 हजार रुपए देती हैं। मदद के तौर पर हर महीने 19 हजार रुपए और मिलते हैं।’ पीड़ित 2: सुनेरा और नासिर‘परिवार और रिश्तेदार मिलाकर 31 लोग मारे गए, राहुल ने कहा था- घर दिलाएंगे’चूरलमाला में रहने वाले सुनेरा और नासिर केले की चिप्स बेचते हैं। त्रासदी वाली रात पहाड़ पर दूसरी तरफ चढ़कर जान बचाई थी। सुनेरा बताती हैं, ‘परिवार के 6 लोग मारे गए थे। दो का तो पता ही नहीं चला। पूरे परिवार और रिश्तेदारों को मिला दें, तो 31 लोगों की जान गई। अब तक बेघर हैं। राहुल-प्रियंका ने कहा था कि घर दिलाएंगे, लेकिन पता चला है कि अब तक नींव भी नहीं पड़ी।’ सरकार पीड़ितों के लिए टाउनशिप बनवा रही, 178 घर सौंपेराज्य सरकार कलपेट्टा में पीड़ितों के लिए टाउनशिप बनवा रही है। यह जगह लैंडस्लाइड वाली जगह से करीब 30 किमी दूर है। यहां 159 एकड़ जमीन पर 410 घर, एक मेडिकल सेंटर और पार्क बन रहा है। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने 1 मार्च को 178 लोगों को घर सौंपे हैं। 26 फरवरी को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी वायनाड आए थे। उन्होंने त्रासदी वाली जगह से करीब 11 किमी दूर मेप्पड़ी पंचायत के कुन्नमपेटा में घरों की आधारशिला रखी। ये घर लगभग 1100 वर्गफीट के होंगे। ‘CPM सरकार ने लोगों काे घर दिया, प्रियंका जवाब से बचने के लिए नहीं आ रहीं’ LDF की तरफ से चुनाव लड़ रहे RJD कैंडिडेट पीके अनिल कुमार कहते हैं, ‘तेजस्वी यादव के आने के बाद से हमारा कैंपेन तेजी से चला है। सरकार ने चूरलमाला के लोगों को घर बनाकर दिया है। टनल बनवा रहे हैं। लैंडस्लाइड के बाद से सरकार लोगों को किराया दे रही है। मोदीजी आए, लेकिन फोटो खिंचवाकर चले गए।’ ‘कांग्रेस प्रेसिडेंट ने कहा कि हमारे पास घर बनाने के लिए पैसा नहीं है। प्रियंका गांधी अब तक नहीं आईं। उन्होंने घर देने का वादा किया था। नहीं दिया तो जवाब देना पड़ेगा। हो सकता है कि इसलिए नहीं आ रही हों।’ एक्सपर्ट बोले- सरकार के खिलाफ एंटी इनकम्बेंसी, UDF को फायदा मिलेगासेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी रिसर्च के डायरेक्टर डॉ. धनुराज बताते हैं, ‘सर्वे बता रहे हैं कि इस बार माइनॉरिटी एकजुट होकर UDF को वोट दे सकते हैं। पिछली बार ऐसा नहीं हुआ था। उन्होंने LDF को वोट किया था। यहां एंटी इनकम्बेंसी है, लेकिन नेक टू नेक फाइट भी है। ‘यहां CPM कैडर सबसे अहम भूमिका निभाने वाला है। कई हिस्सों में लीडरशिप में बदलाव से कार्यकर्ता नाराज हैं। हालांकि, UDF भी कमजोर ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर और कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रहा है। वे सरकार की नाकामियां उजागर करने में नाकाम रहे हैं।’ सीनियर जर्नलिस्ट नीनू मोहन कहती हैं कि वायनाड की ज्यादातर सीटों पर UDF का दबदबा है। यहां माइनॉरिटी और एसटी-एससी आबादी ज्यादा है। ये हमेशा से कांग्रेस के वोटबैंक रहे हैं। वायनाड जिले की तीन में से दो सीटों पर कांग्रेस लगातार जीतती आ रही है। पिछली बार एक सीट CPM ने जीती थी। वायनाड लोकसभा सीट की कुछ सीटें कोझिकोड और मल्लपुरम जिले में हैं। वहां मुस्लिम लीग और कांग्रेस दोनों का दबदबा है। …………………………. केरलम चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए 1. 46 लाख कुडुंबश्री दीदियां लेफ्ट की वोटर, कैसे सेंध लगाएगी BJP केरलम सरकार की कुडुंबश्री योजना से 46 लाख से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हैं, यानी राज्य के हर दूसरे घर में एक कुडुंबश्री मेंबर है। ये महिलाएं बिजनेस तो चलाती ही हैं, साथ में चुनाव लड़ती भी हैं और हार-जीत तय भी करती हैं। 2021 में चुनाव जीतने वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी LDF को 48% महिलाओं ने वोट दिए थे। BJP इनमें सेंधमारी की कोशिश कर रही है। पढ़िए पूरी खबर... 2. केरलम CM की बेटी की मुस्लिम से शादी चुनावी मुद्दा, 5000 लड़कियों के कन्वर्जन का दावा केरलम चुनाव में फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ मुद्दा है, लेकिन लोग और नेता इस पर बंटे हैं। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसे BJP की प्रोपेगैंडा फिल्म बताते हुए बैन कर दिया। BJP विजयन की बेटी की मुस्लिम से शादी का मुद्दा उठाती रहती है। धर्म परिवर्तन के दावे करने वाले संगठनों का कहना है कि किरदार और किस्से अलग हो सकते हैं, लेकिन ऐसी कहानियां यहां भरी पड़ी हैं। यहां 5 हजार से ज्यादा लड़कियों को धर्म परिवर्तन किया गया है। पढ़िए पूरी खबर…
पार्टी के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए सम्मान : वसुंधरा राजे
जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि पार्टी के मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता देने के साथ जिम्मेदारियां केवल उन्हीं कार्यकर्ताओं को दी जानी चाहिए जिनमें संगठन के प्रति निष्ठा, समर्पण और संस्कार हों। राजे ने आज भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित […] The post पार्टी के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को मिलना चाहिए सम्मान : वसुंधरा राजे appeared first on Sabguru News .
बयाना में प्रेमी से शादी करने की जिद पर मोबाइल टॉवर पर चढ़ी युवती
भरतपुर। राजस्थान में भरतपुर जिले के बयाना क्षेत्र में प्रेम प्रसंग को लेकर सोमवार को एक युवती के 150 फुट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ जाने से अफरातफरी मच गई। सूत्रों ने बताया कि बरखेड़ा गांव में युवती का गांव के ही मोनू चौधरी नामक युवक से प्रेम प्रसंग चल रहा है, लेकिन दोनों की […] The post बयाना में प्रेमी से शादी करने की जिद पर मोबाइल टॉवर पर चढ़ी युवती appeared first on Sabguru News .
डूंगला के शनिदेव मंदिर में 12 अप्रैल से शुरू होगा दो दिवसीय विशाल मेला
मंदिर निर्माण समिति द्वारा आयोजित इस मेले में भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रम और हवन-यज्ञ का आयोजन होगा, जिसमें व्यापारियों से कोई बाजार शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बेगूं: राजकीय विद्यालय शादी के मेधावी छात्रों का सम्मान, अंकित मेघवाल ने पाए 94% अंक
चित्तौड़गढ़ के शादी विद्यालय में 10वीं और 12वीं का परिणाम रहा शत-प्रतिशत, विज्ञान संकाय के प्रति जागरूकता के लिए छात्रों का निकाला गया भव्य जुलूस।
नासा : मानवता के इतिहास में पहली बार, मनुष्य पृथ्वी से सबसे दूर जाएगा
वाशिंगटन। अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि चांद की ओर गया उसका मिशन आर्टेमिस टू की मदद से सोमवार रात को इंसान अंतरिक्ष में इतनी दूर जाएगा, जितनी दूर मानव इतिहास में आज तक कोई नहीं पहुंच पाया है। मानवता के इतिहास में इसे बहुत बड़ी छलांग माना जा रहा है। नासा के […] The post नासा : मानवता के इतिहास में पहली बार, मनुष्य पृथ्वी से सबसे दूर जाएगा appeared first on Sabguru News .
आकोला में भाजपा का 47वां स्थापना दिवस: वरिष्ठों का सम्मान और सेवा संकल्प
भाजपा नगर मंडल ने ध्वजारोहण के साथ मनाया स्थापना दिवस, संगठन की मजबूती के लिए वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के घर जाकर किया उनका अभिनंदन।
डीग: भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर जनूथर में सतीश बंसल ने गिनाए विकास कार्य
भाजपा के स्थापना दिवस पर जिला उपाध्यक्ष सतीश बंसल ने बृज नगर विधानसभा में 2000 करोड़ के विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला।
भुसावर: पीएम श्री विद्यालय में मेधावी छात्र सम्मान समारोह आयोजित, 18 विद्यार्थी सम्मानित
जगन्नाथ पहाड़िया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 80% से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 18 छात्र-छात्राओं को साफा और माला पहनाकर किया गया प्रोत्साहित।
सवाई माधोपुर: भारत विकास परिषद के रक्तदान शिविर में 21 यूनिट रक्त संग्रहित
भारत विकास परिषद और ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर का रक्त जिला अस्पताल की ब्लड बैंक टीम को सुपुर्द किया गया।
नगरपालिका बोनली वार्ड पुनर्गठन विवाद: कांग्रेस ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वार्डों में मतदाताओं की संख्या में भारी असमानता और एक ही परिवार के वोट अलग-अलग वार्डों में डालने के विरोध में कांग्रेस ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
सवाई माधोपुर: भाजपा ने मनाया 47वां स्थापना दिवस, जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर ने किया ध्वजारोहण
भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में वक्ताओं ने अंत्योदय के संकल्प को दोहराया और पार्टी की विकास यात्रा पर प्रकाश डाला।
सिरसा में षड़यंत्र से शादी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, लुटेरी दुल्हन सहित दो महिला अरेस्ट
सिरसा। हरियाणा के सिरसा में पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए शादी के नाम पर ठगी करने वाली फर्जी दुल्हन सहित दो महिलाओं को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। शहर थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि जिला के गांव पंजुआना निवासी , बिजली विभाग में ड्राइवर के पद पर […] The post सिरसा में षड़यंत्र से शादी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, लुटेरी दुल्हन सहित दो महिला अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
रेल डिब्बा कारखाना कपूरथला में राजभाषा बैठक: 'अरुणोदय' पत्रिका का विमोचन
रेडिका महाप्रबंधक अजय नंदन की अध्यक्षता में राजभाषा कार्यान्वयन समिति की समीक्षा बैठक संपन्न, उत्कृष्ट कार्य के लिए कर्मचारी सम्मानित।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान का 90 साल पर 90 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
संस्थान की अंतरराष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पराली निस्तारण, गोकुल ग्राम और युवाओं के लिए डिजिटल वेलनेस सहित पांच नए सेवा प्रभागों की घोषणा की गई।
आबूराज के शांति विजय जी उद्यान में ध्वजारोहण और नवनियुक्त पदाधिकारियों के सम्मान के साथ भारतीय जनता पार्टी का 47वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।
राजस्थान बाल कल्याण समिति ने गीता अग्रवाल को किया सम्मानित
माउंट आबू की उद्यमी गीता अग्रवाल को समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय संस्था ने प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा।
भीलवाड़ा: पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा और भव्य कलश यात्रा की तैयारियां पूरी
मेवाड़ की धर्मनगरी में 8 से 14 अप्रैल तक आयोजित होने वाली इस कथा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी।
रायगढ़ के कोतरारोड में दुकान के अंदर विवाहिता से गैंगरेप, 4 आरोपी अरेस्ट, एक फरार
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कोतरारोड थाना क्षेत्र में एक महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर सख्त कार्रवाई करते […] The post रायगढ़ के कोतरारोड में दुकान के अंदर विवाहिता से गैंगरेप, 4 आरोपी अरेस्ट, एक फरार appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा: इलेक्ट्रिक डीलर्स एसोसिएशन ने शुरू की 1 लाख लीटर जल सेवा
भीषण गर्मी में राहत के लिए शहर के 8 प्रमुख स्थानों पर 3 माह तक 5000 केन के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
चित्तौड़गढ़: जिला कलक्टर ने की गेहूं खरीद और एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा
डॉ. मन्जू ने 2735 रुपये प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद, गैस वितरण में पारदर्शिता और शहर में पीएनजी नेटवर्क विस्तार के लिए अधिकारियों को समयसीमा के साथ कड़े निर्देश दिए।
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, दरवाजा तोड़ते हुए कार लेकर परिसर में घुसा शख्स
नई दिल्ली। दिल्ली में सोमवार को एक सनसनीखेज़ घटना सामने आई जब एक शख्स दिल्ली विधानसभा के लोहे के दरवाज़े को अपनी तेज़-रफ्तार कार से तोड़ता हुआ विधानसभा परिसर में घुस गया। पुलिस के अनुसार यह घटना अपराह्न करीब दो बजे हुई। आरोपी ने विधानसभा परिसर के द्वार नंबर-2 से प्रवेश किया, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र […] The post दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध, दरवाजा तोड़ते हुए कार लेकर परिसर में घुसा शख्स appeared first on Sabguru News .
चित्तौड़गढ़: राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू, 500 खिलाड़ी दिखाएंगे दम
सैनिक स्कूल मैदान में शुरू हुए इस खेल महाकुंभ के जरिए छत्तीसगढ़ में होने वाली नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप के लिए राजस्थान टीम का चयन किया जाएगा।
भीलवाड़ा: राजकीय कन्या महाविद्यालय में शुरू होंगे एपेरल और आईटी के सर्टिफिकेट कोर्स
फिनिशिंग स्कूल प्रोग्राम के तहत छात्राओं को एडवांस पैटर्न मेकर और वेब डेवलपमेंट का मिलेगा प्रशिक्षण, उद्योग जगत के सहयोग से 70 प्रतिशत रोजगार का लक्ष्य।
चित्तौड़गढ़: भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर जिला कार्यालय में भव्य समारोह
भाजपा के 47वें स्थापना दिवस पर जिला कार्यालय में ध्वजारोहण के साथ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया और केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा हुई।
Dangal को 'Dhurandhar 2' की कड़ी टक्कर ; 1600 करोड़ के ग्लोबल कलेक्शन से बनाया नया रिकॉर्ड
रणवीर सिंह की धुरंधर 2: द रिवेंज ने भारत में ₹1,000 करोड़ नेट पार किया और वैश्विक स्तर पर ₹1,600 करोड़+ की कमाई के साथ दंगल के रिकॉर्ड के करीब पहुंची। फिल्म ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर अपने तेजी से बढ़ते बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन के जरिए इतिहास रचा।
भीलवाड़ा: महिला के घर में घुसकर पेट्रोल छिड़कने वाले आरोपी को 3 वर्ष की जेल
भीलवाड़ा की अदालत ने 2019 के प्रकरण में नजरुल हक को दोषी माना, 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और पीड़िता की बहन की गवाही को मुख्य आधार बनाया।
उत्तर पश्चिम रेलवे की बढ़ेगी क्षमता, 20 नई पिट लाइनों का निर्माण शुरू
रेलवे ने ट्रेनों के समयबद्ध रखरखाव के लिए मिशन मोड में 20 नई पिट लाइनों पर काम शुरू किया है, जिससे परिचालन क्षमता दोगुनी होने की उम्मीद है।
रुद्रपुर। उत्तराखंड में ऊधमसिंह नगर पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पा सेंटरों की आड़ में चल रहे अनैतिक देह व्यापार का पर्दाफाश कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 19 महिलाओं को सुरक्षित मुक्त कराया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि विभिन्न स्थानों पर […] The post ऊधमसिंह नगर : ऑपरेशन प्रहार के तहत स्पा सेंटरों में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़, 10 अरेस्ट, 19 महिलाओं को कराया मुक्त appeared first on Sabguru News .
'आत्मनिर्भर धागे': जयपुर में ग्रामीण महिलाओं ने रैंप पर बिखेरा हुनर
राजीविका और एनआईएफ ग्लोबल की कार्यशाला में 35 महिलाओं ने तैयार किए आधुनिक परिधान, उन्नति सेल के माध्यम से उत्पादों की होगी ग्लोबल ब्रांडिंग।
जैसलमेर में भाजपा का 47वां स्थापना दिवस: कार्यकर्ताओं का हुआ भव्य अभिनंदन
स्थापना दिवस पर प्रदेश स्तर पर नई नियुक्तियों के बाद विधायक छोटूसिंह भाटी की उपस्थिति में पदाधिकारियों का सम्मान कर संगठन मजबूती का संकल्प लिया गया।
डूंगरपुर: देवकी गांव में दीवार गिरने से 21 बकरियों की मौत, दो लोग घायल
मवेशी घर की दीवार ढहने से पशुपालक मोगा पारगी की आजीविका का संकट, करोड़ों के कैटल शेड निर्माण भ्रष्टाचार पर उठे सवाल।
भाजपा स्थापना दिवस: फतहनगर-सनवाड़ में कार्यकर्ताओं ने फहराया पार्टी ध्वज
केआरजी गार्डन में आयोजित समारोह में पूर्व पालिका अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ संगठन को सशक्त बनाने और जन-जन तक नीतियां पहुंचाने का संकल्प लिया।
जैसलमेर: पोकरण में कांग्रेस का 'संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ' अभियान शुरू
जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर के नेतृत्व में पेयजल संकट को लेकर एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन, महिलाओं ने मटकियां फोड़कर जताया विरोध।
श्रीगंगानगर में श्रीकरनपुर सीमा क्षेत्र में खेत में डेढ़ किलो हेरोइन बरामद
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के पाकिस्तान सीमा से लगता श्रीकरनपुर क्षेत्र अब भारत और पाकिस्तान के बड़े मादक पदार्थों के तस्करों के निशाने पर आ गया है, इस क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन पाकिस्तान के तस्करों द्वारा ड्रोन से गिराई गई हेरोइन बरामद हुई है। खुफिया सूत्रों ने सोमवार को बताया कि श्रीकरनपुर सेक्टर […] The post श्रीगंगानगर में श्रीकरनपुर सीमा क्षेत्र में खेत में डेढ़ किलो हेरोइन बरामद appeared first on Sabguru News .
आपकी अदालत' के होस्ट की बेटी का शाही विवाह ; आशीर्वाद देने पहुंचे पीएम मोदी, देखें तसवीरें
मुंबई में 4 अप्रैल 2026 को राजत शर्मा की बेटी दिशा शर्मा ने सुदर्शन एम.जे. के साथ भव्य दक्षिण भारतीय शादी रचाई। बॉलीवुड सितारे शाहरुख और सलमान खान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित अन्य प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने समारोह को यादगार और चर्चा का विषय बना दिया।
फतहनगर मंडी भाव: कल बारिश की चेतावनी के चलते अनाज मंडी में रहेगा अवकाश
उदयपुर की फतहनगर मंडी में खराब मौसम की चेतावनी के बाद व्यापारिक अवकाश घोषित, सरसों और गेहूं के भावों में दर्ज की गई हलचल।
अलवर के मालाखेड़ा में कुल्हाड़ी के वार से की पत्नी की हत्या
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के मालाखेड़ा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने रविवार को घर में सो रही अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से वार करके हत्या कर दी। थाना प्रभारी हरदयाल सिंह यादव ने सोमवार को बताया कि खेडली पिचनौत गांव में आरोपी कालूराम मीणा ने अपनी पत्नी पुनी देवी (50) पर कुल्हाड़ी से […] The post अलवर के मालाखेड़ा में कुल्हाड़ी के वार से की पत्नी की हत्या appeared first on Sabguru News .
जैसलमेर: आदिवासी समाज ने पृथक धर्म कोड की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
आदिवासी कांग्रेस कमेटी ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया, जनगणना में अलग पहचान और संवैधानिक अधिकारों की मांग उठाई।
श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ शहर में इलेक्ट्रिक रॉड से करंट लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ शहर में साेमवार को करंट लगने से एक महिला और उसकी पुत्री की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे सरोज (34) ने घर में पानी गर्म करने के लिए बाल्टी में इलेक्ट्रिक रॉड लगा रखी थीं। पास ही उनकी तीन वर्षीय […] The post श्रीगंगानगर के अनूपगढ़ शहर में इलेक्ट्रिक रॉड से करंट लगने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत appeared first on Sabguru News .
कानोड: RSLDC जीडीए नर्सिंग प्रशिक्षण पूरा, किशोरियों को मिले प्रमाण पत्र
राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविर का समापन, पूर्व प्रधान करण सिंह कोठारी समेत कई अतिथियों ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने का दिया संदेश।
अमरपुरा में बाल विवाह के विरुद्ध जागरूकता: छात्राओं को दिलाई गई शपथ
महिला अधिकारिता विभाग ने पन्नाधाय सुरक्षा सम्मान केंद्र जागृति सप्ताह के तहत छात्राओं को कानूनी प्रावधानों और हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देकर जागरूक किया।
आदर्श आयुष इंस्टिट्यूट में औषधीय वृक्षारोपण: उदयपुर में छात्रों ने लिए 30 पौधे गोद
फतहनगर में आयोजित कार्यक्रम में शतावरी और ब्राह्मी सहित 30 प्रजातियों के पौधे रोपे गए, संस्थान निदेशक शशांक अग्रवाल की उपस्थिति में छात्रों ने लिया संरक्षण का संकल्प।
1000 करोड़ के क्लब में शामिल हुई रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर द रिवेंज
मुंबई। बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर द रिवेंज ने भारतीय बाजार में 1013 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई कर ली है। आदित्य धर के निर्देशन में बनी ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर की सीक्वल धुरंधर: द रिवेंज का जलवा बरकरार है। हर दिन फिल्म पर करोड़ों रुपए की बारिश हो रही है। रणवीर सिंह […] The post 1000 करोड़ के क्लब में शामिल हुई रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर द रिवेंज appeared first on Sabguru News .
चंगेड़ी: यूके की यात्रा से लौटे प्रधानाचार्य मोहनलाल स्वर्णकार का स्वागत
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चंगेड़ी के प्रधानाचार्य ने डेढ़ माह के विदेश प्रवास के बाद साझा किए अनुभव, शिक्षकों ने साफा पहनाकर किया अभिनंदन।
फतहनगर: खेमली में मेधावी छात्रों का सम्मान, अभिभावकों ने ली बच्चों को स्कूल भेजने की शपथ
सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 15 छात्र पुरस्कृत, प्रीति सेन ने 93.60% के साथ किया टॉप।
खेमली: प्रतिभावान छात्रों का सम्मान और नियमित स्कूल भेजने की शपथ
उदयपुर के खेमली में बोर्ड परीक्षा में 75% से अधिक अंक लाने वाले 15 छात्र सम्मानित, अभिभावकों ने बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने और शिक्षा की अलख जगाने का लिया संकल्प।

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