धुरंधर सिंगर जैस्मिन सैंडलस ने लाइव कॉन्सर्ट में किया ऐसा काम, जमकर हो रहीं ट्रोल
'धुरंधर' और 'धुरंधर 2' में शरारत, आरी आरी, जाइए सजना, मैं और तू जैसे गाने गाकर पंजाबी सिंगर जैस्मिन सैंडलस ने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। वह इस समय अपनी प्रोफेशनल लाइफ के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रही हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक लाइव कॉन्सर्ट ने उन्हें विवादों के घेरे में ला खड़ा किया है। अहमदाबाद में आयोजित एक शो के दौरान जैस्मिन की एक हरकत ने इंटरनेट को दो धड़ों में बांट दिया है। जहां कुछ लोग इसे 'स्टेज प्रेजेंस' कह रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे दर्शकों के साथ धोखा और 'फेक परफॉरमेंस' करार दे रहे हैं। WHAT TYPE OF CONCERT IS THIS Jasmine Sandlas is literally lip-syncing pic.twitter.com/4pFslKNrN5 — Jeet (@JeetN25) April 20, 2026 लाइव कॉन्सर्ट में जैस्मिन सैंडलस अपनी सुपरहिट फिल्म 'धुरंधर' के चार्टबस्टर ट्रैक 'शरारत' पर परफॉर्म कर रही थीं। लहंगा-चोली में सजी जैस्मिन ने परफॉरमेंस की शुरुआत में ही अपने ऊपर पानी डाला, जो उनकी बोल्ड स्टेज पर्सनैलिटी का हिस्सा माना जाता है। हालांकि, विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर इस शो के कुछ क्लिप्स वायरल हुए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैस्मिन कई बार माइक अपने मुंह से काफी दूर ले जाती हैं, लेकिन बैकग्राउंड में उनकी आवाज और गाने के बोल बिल्कुल स्पष्ट और तेज सुनाई देते रहे। इसे देखते ही सोशल मीडिया पर 'लिप-सिंकिंग' के आरोप लगने लगे। A post shared by Amdavad Clicks (@amdavad.clicks) एक यूजर ने लिखा, लाइव कॉन्सर्ट में भी लाइव नहीं गाते ये लोग, तो टिकट के पैसे किस बात के?' एक अन्य ने लिखा, 'यह पूरी तरह से फेक परफॉरमेंस है। सिर्फ नाचने और पानी डालने को परफॉरमेंस नहीं कहते, असली सिंगिंग कहां है?' एक और यूजर ने लिखा, 'रिकॉर्ड किए गाने ही सुनने थे तो हम घर पर ही इन्हें सुन लेते।' जैस्मिन ने सलमान खान की फिल्म 'किक' के गाने 'यार ना मिले' से बॉलीवुड में कदम रखा था, जो रातों-रात सुपरहिट हो गया था। इसके बाद उन्होंने 'इलीगल वेपन 2.0', 'तरास' और 'नशा' जैसे कई सुपरहिट गानों से खुद को इंडस्ट्री में स्थापित किया। अपनी बेबाक आवाज और अनोखे अंदाज के लिए जानी जाने वाली जैस्मिन अक्सर विवादों से भी घिरी रहती हैं।
पहलगाम हमले की बरसी: क्या फिर दहलेगा दुश्मन? 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' की आहट से मचा हड़कंप
pahalgam attack Operation Sindoor: 22 अप्रैल 2026 आज पहलगाम की पहली बरसी है। पहलगाम की बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने धर्म पूछकर 26 लोगों की गोली मारकर हत्या करती थी इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर 1.0 लॉच करके पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। वर्तमानमें आतंककी हमले, ऑपरेशन सिंदूर और कूटनीतिक को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा है कि क्या ऑपरेशन सिंदूर फिर से होगा शुरू, क्योंकि हाल ही में पाकिस्तानी आतंकवादियों के हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया है। ALSO READ: पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी: पीएम मोदी बोले, 'आतंकवाद के आगे नहीं झुकेगा भारत' पाकिस्तान की गीदड़ धमकी: हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से कुछ कड़े और चेतावनी भरे बयान सामने आए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में पाक संसद में दावा किया कि भारत एक और युद्ध की तैयारी कर रहा है। उन्होंने भारत को चेतावनी दी है कि यदि भारत ने दोबारा कोई सैन्य कार्रवाई की, तो पाकिस्तान का जवाब पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली और कठोर होगा। हालांकि ज्योतिष इस संबध में क्या कहते हैं, चलिए जानते हैं। पाकिस्तान के इन बयानों के जवाब में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना किसी भी दुस्साहस का अभूतपूर्व और निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है। भारत ने यह भी दोहराया है कि 'आतंक और बातचीत' साथ-साथ नहीं चल सकते। क्या था ऑपरेशन सिंदूर 1.0, जानिए पूरी कहानी 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। 7 मई को, भारत ने पाकिस्तान के 9 से अधिक आतंकवादी अड्डों पर हमला करके उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया। इसके जवाब में, 8 मई की रात को पाकिस्तान ने 500 से ज़्यादा ड्रोन्स का इस्तेमाल करके भारत के 15 शहरों पर हमला किया, लेकिन भारत ने इस हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। इसके बाद, भारत ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में भारी तबाही मचाई, जिसमें उनके 11 एयर डिफेंस सिस्टम, 2 एयरबेस और 9 फाइटर जेट्स नष्ट हो गए। भारत की इस कार्रवाई से पाकिस्तान घबरा गया और घुटनों के बल आ गया। पाकिस्तान इस आक्रमक कार्रवाई से बचने का रास्ता खोज रहा था और वह अपनी फरियाद लेकर अमेरिका के पास बार-बार गया था। वाशिंगटन में बैठे पाकिस्तानी राजनयिकों और डिफेंस अटैची ने ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत से लेकर सीजफायर के लागू होने तक, अमेरिकी सरकार और वहां के सांसदों के साथ 60 से अधिक बार बैठकें। कुल 66 अमेरिकी सरकार के अधिकारियों, सांसदों और मीडिया से अमेरिकी हस्तक्षेप की मांग की और भारत के सैन्य अभियान को किसी तरह रोकने की मांग की। अंत में 10 मई को पाकिस्तान के डीजीओ ने भारत से युद्ध रोकने की गुहार लगाई तब भारत ने सीजफायर का ऐलान कर दिया। ALSO READ: पहलगाम हमले को 1 साल, सुशील नथानिएल के परिवार को न मुआवजा मिला और न ही नौकरी, बेटा लगा रहा गुहार वर्ष 2025 में पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर 1.0 के ग्रह गोचर: वर्ष 2025 में हमने खतरनाक ग्रह गोचर और योग देखें। एक ओर जहां शनि ने 29 मार्च 2025 में मीन राशि में गोचर किया वहीं 14 मई को बृहस्पति ने मिथुन में अतिचारी गोचर किया, 18 मई को राहु ने कुंभ में और केतु ने सिंह में गोचर किया। इस बीच सूर्य और चंद्र ग्रहण योग भी बनें। इसी ग्रहण और ग्रोचर के चलते खप्पर योग, पिशाच योग, कुंजकेतु, षडाष्टक योग, अंगारक योग और तमाम तरह के बुरे योगों का निर्माण हुआ। इन ग्रह गोचर ने एक ओर ईरान और इजराइल में युद्ध भड़काया तो दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को भड़का दिया। वर्ष 2026 के ग्रह गोचर और ऑपरेशन सिंदूर 2.0: वर्तमान में भी भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने अब स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार का आतंकवाद हमला होता है तो इसे युद्ध माना जाएगा। वर्तमान में 17 फरवरी को सूर्य ग्रहण और फिर 03 मार्च चंद्र ग्रहण के बीच में और राहु एवं मंगल की युति से अंगारक योग के बीच मिडिल ईस्ट में महायुद्ध प्रारंभ हो चुका है। इसके बाद 02 अप्रैल से 11 मई तक के लिए शनि और मंगल का विस्फोटक योग बना है। इसी के साथ ही कालसर्प योग और पंचग्रही योग भी निर्मित हुआ है। जून में खप्पर योग का निर्माण भी होगा। 19 मार्च 2026 से रौद्र नामक संवत्सवर प्रारंभ हुआ है जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा और जनविद्रोह को जन्म देता है। इसका अर्थ है कि जल्द ही ऑपरेशिन सिंदूर 2.0 फिर से शुरु हो सकता है। ALSO READ: पहलगाम आतंकी हमले पर NIA की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपियों के खिलाफ 1,597 पन्नों की चार्जशीट, LeT और TRF भी शामिल अब अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को होगा और 28 अगस्त 2026 को चंद्र ग्रहण रहेगा। इसका अर्थ है कि इस दौरान फिर से किसी मोर्चे पर जंग का आगाज हो सकता है। जैसा कि पहले ही आशंका जताई गई थी कि 29 मार्च 2025 को जब शनि मीन राशि में प्रवेश करेंगे, तो दुनिया भर में विद्रोह, युद्ध और प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ जाएंगी। यह आशंका सच साबित हुई। शनिदेव इस राशि में 3 जून 2027 तक रहकर लोगों के कर्मों का फल निर्धारित करते रहेंगे। 03 जून 2027 को शनि जब मेष गोचर करेंगे तब यह समय युद्ध के लिहाज से और भी ज्यादा खतरनाक रहेगा। वक्री होकर वे 20 अक्टूबर तक पुन: मीन में लौट आएंगे। इस दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच फिर से कभी भी युद्ध शुरू हो सकता है। ज्योतिषियों का आकलन है कि जब शनि अपनी शत्रु राशि मेष में प्रवेश करेगा तब दुनिया के हालात और भी बुरे हो जाएंगे। भविष्यवाणी: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा युद्ध तय है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि जब शनि मेष राशि में गोचर करने लगेगा तब इस युद्ध की संभावना प्रबल रहेगी।
संजय लीला भंसाली का विजन और केतन मेहता की कहानी, 'जय सोमनाथ' के लिए साथ आए बॉलीवुड के दो बड़े दिग्गज
जब से लोगों ने सुना है कि एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दो दिग्गज, केतन मेहता और संजय लीला भंसाली, बड़े लेवल के हिस्टोरिकल ड्रामा 'जय सोमनाथ' के लिए साथ आ रहे हैं, तब से एक्साइटमेंट वाकई सातवें आसमान पर पहुंच गई है। हर कोई इस फिल्म को लेकर अपडेट का इंतज़ार कर रहा था। अब सुनने में आया है कि SLB इसके विजुअल्स की कमान संभालेंगे, जबकि केतन मेहता इसकी स्क्रिप्ट पर काम करेंगे। एक इंडिपेंडेंट इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, वे सिर्फ पार्टनर्स के तौर पर नहीं, बल्कि दो क्रिएटिव ताकतों के रूप में साथ आए हैं। इस तालमेल का मकसद इंडियन सिनेमा को एक बहुत बड़ा सिनेमैटिक एक्सपीरियंस देना है। दोनों डायरेक्टर्स के काम के बारे में बताते हुए सोर्स ने आगे कहा, जहां केतन मेहता फिलहाल स्क्रिप्ट पर फोकस कर रहे हैं ताकि 'जय सोमनाथ' की ऐतिहासिक सटीकता और बारीकियों को बरकरार रखा जा सके, वहीं भंसाली इसकी एक अनोखी विजुअल दुनिया बनाने पर काम कर रहे हैं। 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' जैसी फिल्मों में भव्य दुनिया बसाने के बाद, उनकी कहानी कहने का अंदाज़ सबसे अलग है। 'जय सोमनाथ' भारत की तरफ से एक ऐसा सिनेमैटिक स्पेक्टेकल बनने जा रही है जिसे पूरी दुनिया को देखना चाहिए। सदियों से, सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक पूजा स्थल ही नहीं रहा है, बल्कि यह हमारी सभ्यता की अटूट ताकत का प्रतीक भी रहा है। अब, फिल्म 'जय सोमनाथ' के जरिए जाने-माने फिल्ममेकर्स संजय लीला भंसाली और केतन मेहता भारत के इतिहास के इस ऐतिहासिक अध्याय को उस भव्य स्तर पर लाने के लिए तैयार हैं, जिसका यह हकदार है। अपनी विजुअली शानदार कहानी कहने की कला और इतिहास से जुड़ी गहराई के लिए मशहूर इन दोनों का साथ आना, सोमनाथ के संघर्षों और जीत की कहानी को एक गंभीर और प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारने का वादा करता है, जिसमें महमूद गजनवी के साथ हुए टकराव को भी दिखाया जाएगा। 'जय सोमनाथ' भारतीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण और केंद्रीय अध्यायों में से एक, महमूद गजनवी के आक्रमण को सामने लाता है, जिसे पहले कभी इस तरह नहीं बताया गया। अब संजय लीला भंसाली और केतन मेहता इस महान गाथा को जीवंत करने के लिए एक साथ आए हैं। अपने भव्य सिनेमैटिक विजन के साथ, 'जय सोमनाथ' का मकसद भक्ति, बलिदान और भारत की अविनाशी भावना की कहानी पेश करना है।
रणवीर सिंह का सम्राटीय अंदाज, 'धुरंधर' ने रचा नया इतिहास
कभी-कभी दशकों में एक ऐसा सुपरस्टार उभरता है, जो सफलता के पूरे मायने ही बदल देता है और सिर्फ अपना ही नहीं, बल्कि पूरे उद्योग का स्तर ऊपर उठा देता है। रणवीर सिंह इसका बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आए हैं। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की जबरदस्त सफलता के साथ उन्होंने इतिहास रच दिया है। यह केवल रणवीर सिंह की शानदार अदाकारी का प्रमाण नहीं, बल्कि इस बात का भी सबूत है कि वह अपने दम पर टिकट खिड़की पर राज कर सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब भारतीय सिनेमा में कहानी कहने के तरीके और स्तर में बड़ा बदलाव आ रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय सिनेमा अब पहले जैसा नहीं रहा। कहानियों के प्रस्तुतीकरण और फिल्मों के पैमाने में एक अलग तरह का परिवर्तन देखने को मिल रहा है। भव्यता अब केवल बड़े सेट तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें कलाकारों की टोली, दृश्य प्रभाव, संगीत और बहुत कुछ शामिल हो गया है। इस बदलाव की लहर में रणवीर सिंह एक सच्चे सम्राट के रूप में उभरे हैं, जिन्होंने जबरदस्त कमाई के साथ बड़ी संख्या में दर्शकों को फिर से सिनेमाघरों तक खींचा है। ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के जरिए उन्होंने सिर्फ अभिनय ही नहीं किया, बल्कि महानता की परिभाषा ही बदल दी है। ऐतिहासिक कमाई के साथ, जिसमें एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की कमाई करने वाली पहली हिंदी फिल्म देने का कीर्तिमान भी शामिल है, इस श्रृंखला में उनका काम उन्हें न सिर्फ आज के सर्वश्रेष्ठ, बल्कि अब तक के महानतम कलाकारों में शामिल करता है। रणवीर की अदाकारी की चमक, ऊर्जा और व्यक्तित्व — सब कुछ मिलकर एक जादू पैदा करता है। यह उनकी बातों में भी झलकता है। घोषणा के समय उन्होंने कहा था, “मैं आप सभी से प्यार करता हूँ और मैं वादा करता हूँ कि इस बार आपको ऐसा सिनेमाई अनुभव मिलेगा जैसा पहले कभी नहीं मिला।” यह एक बड़े सम्राट की तरह किया गया वादा था, जिसे उन्होंने पूरी तरह निभाया। वहीं गीत लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा, “दोस्तों, आपने ‘धुरंधर’ को, हमारी फिल्म को एक ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचाया है और यह सिर्फ आपके प्यार और सम्मान की वजह से है।” यह उनके विनम्र स्वभाव और दर्शकों पर उनके अटूट विश्वास को दर्शाता है। हर मायने में एक सच्चे सुपरस्टार। आज ‘धुरंधर’ की अपार सफलता के साथ रणवीर सिंह ने खुद को अब तक के महानतम कलाकारों में स्थापित कर लिया है। वह राज करने आए हैं और राज कर रहे हैं। उन्होंने जो वादा किया था, उसे निभाया ही नहीं, बल्कि उम्मीदों से कहीं ज्यादा दिया। इसके साथ ही उन्होंने साबित कर दिया है कि वह लंबे समय तक इस मुकाम पर बने रहने वाले हैं।
पश्चिम बंगाल-पहले चरण के मतदान में निगाहें चाय मजदूरों पर
उत्तर बंगाल के नाम से मशहूर इस इलाके में विधानसभा की 54 सीटें हैं। उनमें से 35 सीटें दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर जिले में हैं। इस इलाके में स्थित करीब साढ़े आठ सौ चाय बागानों में 15 लाख मजदूर काम करते हैं। राज्य का चाय उद्योग लंबे अरसे से ...
देश दुनिया की लाइव खबरें 22 अप्रैल 2026 | Aaj Tak Live
दिन भर की खबरें 22 अप्रैल 2026 की देश दुनिया की आज तक लाइव खबरें यहां पढ़ें। यहां भारत की राजनीति, अर्थव्यवस्था, खेल, विज्ञान-तकनीक, मौसम अपडेट और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी हर ताज़ा व बड़ी खबर तुरंत पाएँ। इस पेज पर दिन भर की खबरें अपडेट होंगीं..
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (22 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today 22 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: कार्यस्थल पर कुछ बदलाव हो सकते हैं, तैयारी रखें। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य बनाए रखें। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में थोड़ी-सी दिक्कत हो सकती है, आराम करें। उपाय: हनुमान जी के मंत्रों का जाप करें। ALSO READ: शुक्र के वृषभ राशि में गोचर से बना मालव्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा अचानक से धन 2. वृषभ (Taurus) करियर: इस दिन आपका काम धीरे-धीरे बढ़ेगा, धैर्य रखें। लव: रिश्तों में थोड़ा तनाव हो सकता है, बातचीत से हल करें। धन: धन के मामले में सतर्क रहें, अनावश्यक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: सेहत का ख्याल रखें, थोड़ी थकान महसूस हो सकती है। उपाय: पीपल के पेड़ की पूजा करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्य में नई दिशा मिलेगी, निर्णय लेने में सहमति हो सकती है। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा, आज का दिन अच्छा है। धन: खर्च पर काबू रखें, अन्यथा बजट बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा, मानसिक तनाव से बचें। उपाय: भगवान शिव का ध्यान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यस्थल पर कुछ नई योजनाएं बन सकती हैं। लव: रिश्ते में ईमानदारी रखें, प्रेमी के साथ समय बिताएं। धन: वित्तीय स्थिति सामान्य रहेगी, बचत पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: थोड़ी आलस्य और थकावट महसूस हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्य में प्रतिस्पर्धा हो सकती है, लेकिन आप विजयी रहेंगे। लव: प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएगा। धन: आज के दिन पैसे की स्थिति स्थिर रहेगी स्वास्थ्य: सेहत का ध्यान रखें, ज्यादा काम न करें। उपाय: श्री गणेश जी की पूजा करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: काम के नज़रिए से यह दिन अच्छा रहेगा। लव: प्रेम में नयापन आएगा, एक दूसरे के प्रति स्नेह बढ़ेगा। धन: वित्तीय लाभ होगा, बचत के अवसर प्राप्त होंगे। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनी रहेगी। उपाय: भगवान सूर्य की पूजा करें। 7. तुला (Libra) करियर: कार्यस्थल पर तनाव हो सकता है, ध्यान और धैर्य की आवश्यकता है। लव: रिश्तों में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं, शांत रहें। धन: धन की स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन खर्चों में वृद्धि हो सकती है। स्वास्थ्य: सेहत को लेकर थोड़ा सतर्क रहें। उपाय: तुलसी के पौधे की देखभाल करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज कार्य में नए अवसर मिल सकते हैं, मेहनत का फल मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा, संचार बढ़ेगा। धन: पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से फिट रहेंगे। उपाय: शनि मंदिर में तेल का दीपक जलाएं। ALSO READ: बनने वाला है बुधादित्य योग: इन 3 राशियों के बुरे दिन होंगे समाप्त, धन संबंधी हर समस्या होगी दूर 9. धनु (Sagittarius) करियर: कार्य में कोई अचानक बदलाव हो सकता है। लव: प्रेम में शांति और सामंजस्य बना रहेगा। धन: वित्तीय स्थिति में सुधार हो सकता है, लेकिन खर्च पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव हो सकता है, लेकिन शांति बनाए रखें। उपाय: दान करें और जरूरतमंदों की मदद करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यस्थल पर कोई बड़ा अवसर आ सकता है, सावधानी से काम करें। लव: रिश्तों में समझदारी बनी रहेगी, प्यार बढ़ेगा। धन: धन लाभ के अच्छे संकेत हैं, निवेश के लिए अच्छा समय है। स्वास्थ्य: सेहत में सुधार होगा, लेकिन ज्यादा थकावट से बचें। उपाय: गाय को रोटी खिलाएं। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: कार्य में स्थिरता आएगी, कोई नया प्रोजेक्ट मिल सकता है। लव: प्रेम संबंधों में कुछ गलतफहमी हो सकती है, संवाद करें। धन: आर्थिक स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है। स्वास्थ्य: मानसिक और शारीरिक रूप से थोड़ा थकान महसूस हो सकती है। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज दूसरों से सहयोग की आवश्यकता हो सकती है। लव: रिश्तों में और अधिक स्नेह बढ़ेगा, ध्यान रखें। धन: वित्तीय स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: शारीरिक रूप से बेहतर महसूस करेंगे। उपाय: सुबह सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। ALSO READ: Ganga Saptami: गंगा सप्तमी का क्या है महत्व, पूजा विधि और उपाय
तारीख- 25 फरवरी 2026, जगह- पूर्णिया एयरपोर्ट। एयरस्ट्रिप पर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई नेता और अधिकारी खड़े थे। शाम करीब 5 बजे BSF का एक खास विमान उतरा। सफेद कुर्ता-पायजामा और गमछे में गृहमंत्री अमित शाह बाहर निकले। Mi-17 V5 हेलिकॉप्टर से शाह सीधे किशनगंज पहुंचे। अगले तीन दिन शाह ने इलाके के सभी जिला कलेक्टरों, एसपी, केंद्रीय बलों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से बात की। 27 फरवरी की शाम वे दिल्ली लौटे। शाह के इस दौरे के बाद एक कॉन्सपिरेसी थ्योरी चली कि केंद्र सरकार एक केंद्र शासित प्रदेश बनाने की तैयारी में है, जिसमें बिहार के सीमांचल इलाके के 4 जिले और पश्चिम बंगाल के चिकन नेक या सिलिगुड़ी कॉरिडोर के 8 जिले शामिल हो सकते हैं। कहा गया कि पश्चिम बंगाल चुनाव से ठीक पहले ये ममता बनर्जी को हराने की स्ट्रैटजी है। चर्चा इतनी जोर से उठी कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो यानी PIB को इसे अफवाह बताकर खारिज करना पड़ा। इस कॉन्सपिरेसी थ्योरी की हकीकत और ममता के असली चिकन नेक की पूरी कहानी; जानेंगे आज के इलेक्शन एक्सप्लेनर में… चिकन नेक को UT बनाने की मांग पहले भी उठी उत्तर बंगाल के 8 जिले उस भूगोल पर बसे हैं, जिसे दुनिया सिलिगुड़ी कॉरिडोर या चिकन नेक के नाम से जानती है। महज 40 किमी लंबा और 22 से 30 किमी चौड़ा यह रास्ता पूर्वोत्तर के सातों राज्यों को भारत के बाकी हिस्से से जोड़ता है। एक तरफ नेपाल, दूसरी तरफ बांग्लादेश, और सिर्फ 200 किमी दूर चीन। उत्तर बंगाल को अलग करने की मांग पहली बार जून 2021 में उठी थी, जब अलीपुरद्वार से बीजेपी सांसद जॉन बारला ने कहा कि इन जिलों को मिलाकर केंद्र शासित प्रदेश बनाया जाए। ममता ने तुरंत विरोध किया। लेकिन खुद बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने बारला से ये कहते हुए किनारा कर लिया कि बंगाल बांटना हमारा एजेंडा नहीं। तीन साल बाद जुलाई 2024 में गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में इसी मांग को और बड़े दायरे में उठाया। झारखंड के संथाल परगना के 6 जिले, बिहार के सीमांचल के 4 जिले और बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद समेत उत्तरी बंगाल के कुछ हिस्से- सबको मिलाकर UT बनाने की बात कही। तर्क था कि इन इलाकों में मुस्लिम आबादी तेजी से बढ़ रही है। लेकिन न संसद में चर्चा हुई, न बीजेपी ने इसे आधिकारिक स्टैंड बनाया। अब 2026 में बंगाल चुनाव से ठीक पहले शाह की सीमांचल विजिट के बाद यही चर्चा तीसरी बार उठी। उत्तर बंगाल हथियाने से बीजेपी को खास चुनावी फायदा नहीं राजनीतिक तौर पर यह इलाका फिलहाल बीजेपी की तरफ झुका है। 2021 में इन 8 जिलों की 54 सीटों में से बीजेपी ने 30 और टीएमसी ने 24 जीतीं। 2016 में यहां लेफ्ट ने 25 सीटें जीती थीं, लेकिन 2021 तक उसकी जगह बीजेपी ने ले ली। इसकी वजह डेमोग्राफी है। इन 8 में से 6 जिलों में हिंदू आबादी 73-81% के बीच है। सिर्फ उत्तर दिनाजपुर और मालदा में मुस्लिम आबादी 50% के करीब है और वहां टीएमसी मजबूत है। यानी उत्तर बंगाल में बीजेपी की ताकत और टीएमसी की कमजोरी, दोनों का एक ही कारण है- डेमोग्राफी। लेकिन यह आधी तस्वीर है। असली तस्वीर दक्षिण बंगाल में है। ममता का असली ‘चिकन नेक’ हैं मुस्लिम बहुल ये 6 जिले पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में 6 मुस्लिम बहुल जिले हैं- मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और बीरभूम। विधानसभा की 294 में से 118 सीटें यानी 40% सीटें इन्हीं जिलों में हैं। 2021 में टीएमसी ने कुल 215 सीटें जीती थीं- उनमें से 103 यानी 48% सीटें सिर्फ इन्हीं 6 जिलों से आईं। इन जिलों में टीएमसी का जीत प्रतिशत 87% रहा। बीजेपी को महज 14 सीटें मिलीं। यह सिर्फ संख्या नहीं है। यह ममता की पूरी चुनावी गणित की नींव है। अगर यह नींव हिली, तो ममता की सरकार हिलेगी। और इसीलिए इस वोटबैंक को समझना जरूरी है। 15 साल में कैसे बना टीएमसी का यह गढ़? लेफ्ट के 34 साल के राज में मुस्लिम वोटर 'लाल झंडे' के साथ थे। दो घटनाओं ने यह बदला… 2011 में सत्ता में आने के बाद ममता ने इस रिश्ते को नीतियों में बदला। इमामों-मोअज्जिनों के लिए मासिक भत्ता, ऐक्यश्री स्कॉलरशिप से लाखों अल्पसंख्यक छात्रों को मदद, और मुस्लिम जातियों को OBC में शामिल करके आरक्षण का फायदा। ऊपर से सांस्कृतिक नजदीकी, मसलन- हिजाब पहनकर इफ्तार पार्टी में जाना, इस्लामी दुआएं पढ़ना। बीजेपी इसे तुष्टिकरण कहती है, लेकिन मुस्लिम वोटर इसे अपनी पहचान का सम्मान मानते हैं। जब NRC-CAA के बाद असुरक्षा बढ़ी, तो ममता ने खुद को मुस्लिमों की इकलौती ढाल बताया। यह नैरेटिव इतना मजबूत हुआ कि 2021 में बीजेपी की पूरी ताकत झोंकने के बाद भी मुस्लिम वोट में कोई दरार नहीं आई। पश्चिम बंगाल के सीनियर जर्नलिस्ट प्रभाकर मणि तिवारी मानते हैं कि इस बार SIR में काफी नाम कटे हैं। इससे थोड़ा उलटफेर हो सकता है। लेकिन यहां बीजेपी की एकतरफा जीत नहीं होगी। अगर यहां भ्रष्टाचार के मुद्दे का असर पड़ता तो ममता कई साल पहले हार गईं होती। लेकिन ये मुद्दा असरदार नहीं है। नॉर्थ और साउथ परगना में काफी हद तक ममता ही मजबूत रहने वाली हैं। इसलिए बीजेपी को ममता के गढ़ में चुनौती देना अभी आसान नहीं है। हालांकि उत्तर बंगाल में बीजेपी जरूर मजबूत रहेगी। -------------- बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… ममता के सिर पर रॉड मारी, लगा बचेंगी नहीं: बंगाल में जो आता है, क्यों छा जाता है; क्या अब बीजेपी की बारी है जैसे बंगाली रसगुल्ले की चाशनी कपड़ों पर गिर जाए, तो जल्दी छूटती नहीं है। वैसे ही बंगाल में एक बार जो सरकार में आता है, सालों तक टिकता है। आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल में सिर्फ तीन पार्टियों ने सत्ता संभाली है। कांग्रेस ने 20 साल, CPI(M) ने 34 साल और TMC ने 15 साल। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। पूरी खबर पढ़िए…
कश्मीर में पोनी यानी घोड़ा चलाने वाले बशीर अहमद और परवेज अहमद ने पहलगाम में हमला करने वालों को न सिर्फ अपने घर में रुकवाया, बल्कि लोकेशन की डिटेल भी दी। अपने ढोक यानी झोपड़ी में आतंकियों को चाय पिलाई, खाना खिलाया। पॉलिथीन में सब्जी-रोटी पैक करके दी। वे आतंकी हैं, ये पता चलने के बावजूद पुलिस या सुरक्षाबलों को जानकारी नहीं दी। NIA ने अपनी चार्जशीट में ये खुलासे किए हैं। जांच के दौरान NIA ने कुल 1,113 गवाहों के बयान दर्ज किए। 31 शॉल हॉकर, 543 ढोक यानी झोपड़ी में रहने वाले लोग, 117 पोनी चलाने वाले, 69 पशु मालिक, 42 फोटोग्राफर, 54 ढाबा-भेलपुरी और चाय बेचने वाले, 36 टिकट काउंटर-जिपलाइन वाले, 25 टैक्सी ड्राइवर, 19 दुकान मालिक, 23 दूसरे जिलों के संदिग्ध और अन्य 54 लोग शामिल थे। चार्जशीट के मुताबिक, हमले की साजिश पाकिस्तान में बैठे साजिद सैफुल्लाह जट्ट उर्फ अली भाई ने रची, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा है। NIA ने उस पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित किया है। उसने ही हमले के लिए लोकेशन बताई और कोर्डिनेट्स भेजे थे। तीन पाकिस्तानी आतंकी भारत में घुसे और हमला किया। पहलगाम हमले की पहली बरसी पर पढ़िए इनसाइड स्टोरी… गवाह का खुलासा: बशीर को हथियारों से लैस लोगों के साथ जाते देखाचार्जशीट में एक गवाह को X-1 नाम दिया गया है। उसने खुलासा किया, ‘मैं हिल पार्क के रास्ते घर लौट रहा था। मैंने बशीर अहमद जोठार को हथियारों से लैस तीन लोगों को इशारा करते देखा। फिर सभी को बशीर के भांजे परवेज अहमद की झोपड़ी में जाते देखा। मैं परवेज को भी जानता हूं।' 'अगले दिन यानी 22 अप्रैल को मैं रूटीन काम के लिए बैसरन घाटी गया। अजान के वक्त के आसपास मैंने परवेज अहमद और बशीर अहमद जोठार को वहां टहलते देखा।’ हमले के वक्त X–1 मौके पर था। तीनों आतंकियों ने उसे भी रोका और कलमा पढ़ने को कहा। कलमा पढ़ने पर जाने दिया। दूर से उसने आतंकियों को गोली चलाते हुए देखा। X–1 ने तीनों आतंकियों की पहचान की है। परवेज बोला- मामा अंदर आया और हमें चुप रहने को कहापरवेज अहमद ने पूछताछ में बताया, ‘21 अप्रैल, 2025 को शाम 5 बजे मैं और पत्नी घर में चाय बनाने की तैयारी कर रहे थे। तभी मेरा मामा बशीर अहमद जोठार अंदर आया और हमें चुप रहने को कहा। वो बाहर गया और कुछ मिनट बाद वापस आया। उसके पीछे तीन लोग थे, जिनके हाथ में हथियार थे।’ ‘वे अंदर आकर बैठ गए। पानी देने के लिए कहते हुए बोले कि वे बहुत दूर से आए हैं। थके और प्यासे हैं। पानी पीने के बाद उन्होंने कहा कि अल्लाह के रास्ते में लड़ने वाले और कश्मीरी मुसलमानों की आजादी के लिए जिहाद करने वालों को पानी पिलाने पर मुझे सवाब मिलेगा।’ ‘वे उर्दू बोल रहे थे, जिसमें पंजाबी टच था। वे कश्मीरी नहीं लग रहे थे। मुझे अहसास हुआ कि वे मुजाहिद थे। उन्होंने मुझसे बैग और पाउच छिपाने के लिए कहा। मैंने उन्हें ढोक में पड़े कंबलों, बिस्तरों के नीचे छिपा दिया। पत्नी ताहिरा से सभी के लिए चाय बनाने को कहा। तीनों मुजाहिद ढोक की दीवार से टिककर बैठे थे। ‘ इस खुलासे के बाद बशीर अहमद जोठार से पूछताछ की गई। बशीर और परवेज को 22 जून, 2025 को गिरफ्तार किया गया। बशीर का खुलासा: पेड़ों के पीछे से तीन हथियारबंद लोग आए बशीर अहमद जोठार ने खुलासा किया कि 19 और 20 अप्रैल को पानी की वजह से मैं बैसरन घाटी नहीं गया था। 21 अप्रैल को शाम 4 बजे के करीब अपने घोड़े को देखने जंगल गया। तभी पेड़ों के पीछे से तीन हथियारबंद व्यक्ति सामने आए। उन्होंने मुझे कहा कि हमें सुरक्षित जगह ले चलो और अल्लाह के नाम पर खाने का इंतजाम करो। यह सुनते ही मुझे अहसास हो गया था कि ये मुजाहिद हैं। मैं उन्हें परवेज के ढोक के पास ले गया और कहा कि यहां रुककर मेरे सिग्नल का इंतजार करना। मैं परवेज के ढोक में अंदर घुसा और परवेज–ताहिरा को चुप रहने को कहा। आसपास नजर मारने के बाद मैंने उन्हें हाथों से इशारा किया। फिर वे मेरे पीछे-पीछे परवेज के ढोक में अंदर आए। वे एक-दूसरे को भाईजान बोल रहे थे। ताहिरा ने सभी के लिए चाय बनाई। छोटे कद के एक मुजाहिद ने खाना बनाने के लिए कहा। मैंने ताहिरा को चावल और कच्चे टमाटर बनाने को कहा। खाने खाते हुए उन्होंने मुझसे अमरनाथ यात्रा के बारे में बात की। सिक्योरिटी कैंप्स और एरिया में जवानों के मूवमेंट के बारे में पूछा। वे हमसे उर्दू और पंजाबी में बात कर रहे थे। आपस में पंजाबी में बात कर रहे थे। उनकी बातचीत में मैंने साजिद का नाम सुना। खाने के बाद उन्होंने ताहिरा को रोटी पैक करने को कहा। हल्दी, मिर्ची और नमक भी लेकर गए थे बशीर ने आगे बताया, ‘परवेज ने पुराने कपड़े के टुकड़े में 10 रोटी पैक कर दीं और एक पॉलिथीन में सब्जी रख दी। मुजाहिदों ने एक पॉलिथीन में हल्दी, मिर्ची और नमक भी ले लिया। उन्होंने परवेज के ढोक से एक पतीला और करछी भी ले ली। मैंने ढोक को पानी से बचाने के लिए जो बड़ी पॉलिथीन रखी थी, एक मुजाहिद ने वो भी ले ली।’ उनके पास सिगरेट, टॉफी और खजूर भी थे। वे करीब 5 घंटे ढोक में रहे और रात 10 बजे एक-एक करके निकल गए। बाहर निकलते वक्त छोटे कद के मुजाहिद ने परवेज को 3 हजार रुपए दिए। मुजाहिदों के जाने के 5 मिनट के बाद मैं भी चला गया। ‘22 अप्रैल को सुबह 10 बजे के आसपास मैं परवेज से हिल पार्क पोनी स्टेंड के पास मिला। हम अपने घोड़ों से दो टूरिस्ट को लेकर बैसरन घाटी पहुंचे। उन्हें मेन गेट पर छोड़ने के बाद परवेज और मैंने घोड़ों को मेन गेट के पास ही बांध दिया। हम पार्क में टहल रहे थे, तभी हमने उन्हीं तीन लोगों को पार्क की फेंसिंग के पास बैठे देखा।’ ‘हम तुरंत मेन गेट की तरफ आए और जिन टूरिस्ट को लेकर गए थे, उनके आने का इंतजार करने लगे। 1 बजे के करीब पोनी स्टेंड से निकल गए। मैं पहलगाम मार्केट में था, तब मुझे एक पोनीवाले ने बताया कि बैसरन में आतंकी हमला हुआ है, जिसमें कई टूरिस्ट मारे गए हैं। हमले के बाद मैंने हिल पार्क वाला ढोक छोड़ दिया और खैय्यार में अपने घर में शिफ्ट हो गया। पकड़े जाने के डर से किसी से इस बारे में बात नहीं की।’ मुठभेड़ में ढेर हुए तीनों आतंकवादी 28 जुलाई, 2025 को श्रीनगर के डाचीगाम की महादेव हिल्स में सिक्योरिटी फोर्स और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसमें तीन आतंकवादी मारे गए। उनके पास मिले हथियारों की फॉरेंसिक जांच से पुष्टि हुई कि वही हथियार बैसरन में हुए हमले में इस्तेमाल किए गए थे। इस मुठभेड़ के दौरान एक GoPro कैमरा मिला। मोबाइल डेटा के एनालिसिस से टेरेरिस्ट नेटवर्क से कनेक्शन साबित हुआ। जांच में पता चला कि 21 दिसंबर 2023 को सेना वाहन पर हमला, 4 मई 2024 को वायुसेना के वाहन पर हमला, 9 जून 2024 को शिव खोरी यात्री हमला, 20 अक्टूबर को APCO कंपनी पर हमला और 22 अप्रैल 2025 को बैसरन में हुए हमले में बरामद किए गए हथियार एक जैसे थे। जांच में साबित हुआ कि तीनों टेरेरिस्ट को पाकिस्तान में बैठे लश्कर–ए–तैयबा के कमांडर साजिद जट्ट से इंस्ट्रक्शन मिल रहे थे। हमला सोची–समझी साजिश था, जिसे पाकिस्तान से ऑपरेट किया गया और लोकल लेवल पर मदद ली गई। साजिद जट्ट सीधे एक आतंकी सुलेमान के संपर्क में था। सुलेमान के फोन में alpine quest app डाउनलोड था। इस पर बिना इंटरनेट के किसी लोकेशन के कोऑर्डिनेट मिल जाते हैं। एप में पहले से बैसरन घाटी की लोकेशन सेट थी। मौके से बरामद कंबल, सामान पर बशीर और परवेज का डीएनए मिला। मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि आतंकियों के फोन पाकिस्तान में खरीदे गए थे और उनमें उनकी तस्वीरें भी थीं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी CDR से यह भी साबित हुआ कि बशीर और परवेज घटना के समय उसी इलाके में मौजूद थे। दोनों स्थानीय आरोपियों के पहले से बड़ी मात्रा में राशन खरीदने के सबूत भी मिले। आशंका है कि वे पहले से ही आतंकियों को सपोर्ट देने की तैयारी में थे। हमले में लश्कर-ए-तैयबा और द रेसिस्टेंस फ्रंट शामिल थे। कश्मीर में डर का माहौल बनाना, टूरिज्म एक्टिविटी को रोकना और देश विरोधी एक्टिविटी को बढ़ाना इसका मकसद था। केस अभी ट्रायल स्टेज मेंNIA पुलिस स्टेशन जम्मू में FIR नंबर RC-02/2025/NIA/JMU के तहत 27 अप्रैल 2025 को केस रजिस्टर हुआ। यह केस NIA एक्ट 2008 के तहत जम्मू की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया है और चार्जशीट नंबर 03/2025 दाखिल हो चुकी है। केस ट्रायल स्टेज में है। इसके बाद आरोप तय किए जाएंगे और ट्रायल होगा, जिसमें गवाहों के बयान और सबूत पेश किए जाएंगे। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट फैसला सुनाएगा। …………………………….पहलगाम अटैक पर ये स्टोरी भी पढ़िए, ये हमले के 30 दिन पूरे होने पर की गई थी…13 मिनट, 26 कत्ल; वीडियो में देखिए आतंकी कहां से आए, कहां गए कश्मीर की हरी-भरी बायसरन घाटी, उसकी खूबसूरती को निहारते टूरिस्ट, गोलियां, चीखें, बचने-बचाने की कोशिशें और 26 कत्ल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक की कहानी बस इतनी ही है, लेकिन असर इतना बड़ा कि भारत-पाकिस्तान जंग के मुहाने पर खड़े हो गए। पहलगाम में तीन आतंकी आए और हमेशा का दर्द देकर चले गए। पढ़िए पूरी खबर…
पहलगाम की बैसरन घाटी। हरी वादियों और घास के मैदानों से आबाद। कश्मीर आने वाले टूरिस्ट यहां जरूर आते थे। ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को भी आए थे। तभी जंगल की तरफ से तीन आतंकी आए और 13 मिनट में 26 लोगों का कत्ल कर दिया। बैसरन घाटी वीरान हो गई। पूरा साल बीत गया, लेकिन वीरानी अब भी है। यहां अब पहले जैसे टूरिस्ट नहीं आते। लोगों को घाटी घुमाने वाले गाइड बर्बाद हो गए। उनके घोड़े और गाड़ियां तक बिक गईं। पहलगाम में अटैक करने वाले तीनों आतंकी मारे गए, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान से बदला ले लिया, लेकिन बैसरन घाटी में कुछ नहीं बदला। मुंबई की मुनीजा परिवार के साथ कश्मीर घूमने आईं, तो पहलगाम भी पहुंचीं। बैसरन घाटी जाना चाहती थीं, लेकिन नहीं जा पाईं क्योंकि हमले के बाद घाटी दोबारा खुली ही नहीं। पहलगाम अटैक के बाद क्या बदला 1. 48 में से 6 टूरिस्ट स्पॉट अब भी बंद, सिक्योरिटी क्लियरेंस के बाद खुलेंगे हमले के बाद कश्मीर में 48 टूरिस्ट स्पॉट बंद किए गए थे। इनमें 42 दोबारा खुल गए। 6 अब भी बंद हैं। बैसरन घाटी के अलावा चंदनवाणी, गुरेज, अथवटो, बंगस और रामकुंड का सिक्योरिटी रिव्यू हो रहा है। क्लीयरेंस के बाद इन्हें खोला जा सकता है। आतंकी हमले से पहले अप्रैल, जून और जुलाई में हर दिन 10 हजार से ज्यादा टूरिस्ट पहलगाम आते थे। अब 2000 से 2500 ही आते हैं। अब बैसरन घाटी कब खुलेगी, हमने ये सवाल जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से पूछा। वे ऑफिशियली बात करने को नहीं हुए, लेकिन ये बताया कि अभी यहां की सिक्योरिटी देखी जा रही है। क्लीयरेंस मिलने के बाद ही फैसला लिया जाएगा। 2. घोड़े वाले, दुकानदारों की पहचान के लिए QR कोड वाले कार्ड सेंसेटिव टूरिस्ट स्पॉट की लिस्टिंग की गई है। यहां टूरिस्ट के साथ सीधे कॉन्टैक्ट में आने वाले लोकल लोगों का वेरिफिकेशन होगा। उन्हें QR कोड वाला कार्ड जारी किया जा रहा है। इसे स्कैन करते ही, उनकी डिटेल, फोन नंबर, आधार नंबर और एड्रेस की जानकारी मिल जाएगी। इसकी शुरुआत इसी हफ्ते से पहलगाम में हुई है। मुंबई से आईं टूरिस्ट मुनीजा मोहम्मद मेरीशा बताती हैं, ‘पहलगाम अटैक की वजह से थोड़ा डरी हुई थी। यहां घूमने के बाद डर नहीं है। सेफ्टी पर काम हो रहा है। हर घोड़े वाले के पास एक QR कोड है। इसे स्कैन करने पर पता चल जाता है कि हम सही इंसान के साथ घूमने आए हैं।’ मुनीजा इसका अनुभव बताती हैं, ‘मैं एक घोड़े वाले से बैसरन घाटी जाने की बात कर रही थी। उसने अपनी पहचान के लिए QR कोड दिखाया। इसे स्कैन करते ही उसकी पूरी डिटेल आ गई। नाम- मोहिद्दीन मागरे। एड्रेस- पहलगाम। फोन नंबर 9469******। आधार नंबर 4491********। प्रोफेशन-पोनी मैन। पुलिस वेरिफाइड- यस।’ टूरिस्ट गाइड जब्बार अहमद मागरे कहते हैं कि QR कोड शुरू करके सरकार ने अच्छा काम किया है। इससे घोड़े वाले, कैमरे वालों और दुकान वालों की सही पहचान हो रही है। अब तक 165 से ज्यादा घोड़े वालों को कार्ड इश्यू हुए हैं। हम सबसे पहले टूरिस्ट को कार्ड ही दिखाते हैं। गाड़ी वाले और दुकानदार, सभी के अलग-अलग QR कोड हैं। 3. आतंकियों के मददगारों के खिलाफ चार्जशीट पहलगाम अटैक में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों की मदद करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स के खिलाफ जम्मू NIA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई है। ट्रायल शुरू हो गया है। 1300 पेज की चार्जशीट में हमले की साजिश पाकिस्तान में रचे जाने के सबूत दिए गए हैं। पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और द रेजिस्टेंस फ्रंट समेत 7 आरोपी बनाए गए हैं। चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर सजाद जट्ट का नाम भी है। 4. आतंकियों से भिड़ने वाले आदिल की पत्नी को नौकरी, परिवार को घर मिला कश्मीरी युवक सैयद आदिल हुसैन 22 अप्रैल,2025 को टूरिस्ट के साथ बैसरन घाटी गए थे। आतंकियों ने हमला किया, तो वे टूरिस्ट को बचाने के लिए एक आतंकी से भिड़ गए। उसकी राइफल पकड़ ली। आदिल को आतंकी ने तीन गोलियां मार दीं। परिवार की जिम्मेदारी 29 साल के आदिल पर ही थी। जम्मू-कश्मीर सरकार ने उनकी पत्नी गुलनाज अख्तर को सरकारी नौकरी दी है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने उनके गांव हापतनार में घर बनवाकर दिया है। आदिल के भाई नौशाद कहते हैं, ‘उसकी मौत से हमें तकलीफ तो होती है लेकिन उससे ज्यादा फख्र होता है। उसने आतंकियों के सामने घुटने नहीं टेके।’ टूर ऑपरेटर बोले- EMI नहीं भर पा रहे, बैंक वाले गाड़ी उठा ले जाएंगे जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 90 किमी दूर पहलगाम और पहलगाम से 6 किमी दूर बैसरन घाटी है। घास के बड़े मैदान, देवदार के घने जंगल, बर्फ से ढंकी पहाड़ियों की वजह से ये जगह स्विट्जरलैंड का एहसास दिलाती है। इसलिए इसका नाम मिनी स्विट्जरलैंड ही पड़ गया। यहां सिर्फ घोड़े या ट्रैक करके ही जा सकते हैं। जिस जगह से टूरिस्ट सफर शुरू करते थे, वहां काफी घोड़े और गाइड मिल जाते थे। एक साल बाद भी मिले, लेकिन पहले से बहुत कम। घाटी का रास्ता बताने वाला बोर्ड भी हटा दिया गया। पहलगाम से 2-3 किमी दूर कनहमर्ग है। अब गाइड लोगों को वहीं घुमाने ले जाते हैं। बैसरन घाटी की ओर कोई नहीं जा सकता। टूर ऑपरेटर मोहम्मद शफी बताते हैं कि बैसरन घाटी पहलगाम का सबसे पसंदीदा स्पॉट है। आतंकी हमले के बाद 8-9 महीने तक पहलगाम पूरी तरह बंद रहा। डेढ़-दो महीने से टूरिस्ट आना शुरू हुए हैं। बैसरन घाटी के साथ चंदनवाड़ी भी बंद है। इसलिए सिर्फ 20% टूरिस्ट आ रहे हैं। साइट बंद होने से वे भी जल्दी लौट जाते हैं।’ ‘कहा गया है कि जल्द ही घाटी खोली जाएगी, लेकिन अभी फाइनल नहीं हुआ है। पुलिस और एजेंसियां पूरी सिक्योरिटी जांच कर लें। कम से कम चंदनवाड़ी को तो खोलना चाहिए। चंदनवाड़ी में बर्फ होती है। टूरिस्ट वही देखने आते हैं। हमारी गाड़ियों की किस्त बाकी है। अगर ये टूरिस्ट स्पॉट नहीं खोले गए, तो किस्त नहीं भर पाएंगे। बैंक वाले गाड़ी उठा ले जाएंगे। चंदनवाड़ी पर पुलिस चौकी है, आर्मी तैनात है। उसे खोला जा सकता है। बैसरन घाटी भले बंद रखें।’ पहलगाम में पोनी मैन एसोसिएशन के प्रेजिडेंट बिलाल अहमद कहते हैं, ‘एक साल बाद भी हमारा काम बंद है। कई लोगों ने अपने घोड़े और गाड़ियां बेच दीं। कुछ टूरिस्ट साइट खुलने से काम शुरू हुआ है। रोज 200-500 रुपए की कमाई हो रही है। हम मांग कर रहे हैं कि कुछ और साइट खोली जाएं।’ ‘अभी टूरिस्ट आ रहे हैं। हम उन्हें यहां-वहां घुमा देते हैं। इससे टूरिस्ट खुश नहीं होते। वे तो बैसरन घाटी और चंदनवाड़ी घूमने आते हैं। इनमें से कोई भी खुल जाए, तो अच्छा रहेगा। यहां अब बहुत सिक्योरिटी है। हम लोग भी समझ गए हैं कि किस तरह के लोग बुरे हैं और उनसे दूर रहना है।’ 22 अप्रैल, 2025 का दिन, जब बैसरन घाटी में अटैक हुआ दोपहर करीब 2 बजे की बात है। टूरिस्ट के ग्रुप घाटी में वीडियो-फोटो शूट कर रहे थे। उसी वक्त तीन आतंकी जंगल की ओर से आए और गोलियां बरसाने लगे। पहली गोली करीब 2.20 बजे चली। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है। जब लाशें गिरने लगीं, तब लगा कि हमला हुआ है। लोग बचने के लिए भागे, लेकिन उस मैदान में छिपने की जगह ही नहीं थी। हमले में कुल 26 लोग मारे गए। पहलगाम अटैक के 15 दिन बाद भारत ने 7 मई को रात डेढ़ बजे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के 9 ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की। भारत ने कोटली, बहावलपुर, मुरीदके, बाग और मुजफ्फराबाद में एयर स्ट्राइक की। इसमें आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वॉर्टर और जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का ठिकाना शामिल है। मुजफ्फराबाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की राजधानी है और यहीं से आतंकी नेटवर्क ऑपरेट होता है। ऑपरेशन सिंदूर में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। इनमें कंधार प्लेन हाईजैक, पठानकोट और संसद हमले में शामिल अब्दुल रऊफ अजहर भी शामिल है। रऊफ जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर का भाई था। …………………………….पहलगाम अटैक पर ये स्टोरी भी पढ़िए, ये हमले के 30 दिन पूरे होने पर की गई थी…13 मिनट, 26 कत्ल; वीडियो में देखिए आतंकी कहां से आए, कहां गए कश्मीर की हरी-भरी बायसरन घाटी, उसकी खूबसूरती को निहारते टूरिस्ट, गोलियां, चीखें, बचने-बचाने की कोशिशें और 26 कत्ल, 22 अप्रैल को हुए पहलगाम अटैक की कहानी बस इतनी ही है, लेकिन असर इतना बड़ा कि भारत-पाकिस्तान जंग के मुहाने पर खड़े हो गए। पहलगाम में तीन आतंकी आए और हमेशा का दर्द देकर चले गए। पढ़िए पूरी खबर…
भजनलाल शर्मा ने पचपदरा रिफाइनरी का किया निरीक्षण
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर शर्मा ने रिफाइनरी परिसर में हुई घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर क्रूड डिस्टिलेशन […] The post भजनलाल शर्मा ने पचपदरा रिफाइनरी का किया निरीक्षण appeared first on Sabguru News .
हम निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार : अमरीका को ईरान की चेतावनी
तेहरान। ईरान के इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने ईरानी जहाज़ पर कब्ज़ा करने के लिए अमरीका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि वह समझौते का उल्लंघन करने के लिए दुश्मन को निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार खातम अल-अंबिया केन्द्रीय मुख्यालय के कमांडर […] The post हम निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार : अमरीका को ईरान की चेतावनी appeared first on Sabguru News .
मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर दो लोकल ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चली, हादसा टला
मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर मंगलवार को उस समय एक गंभीर हादसा होने से बच गया जब दो उपनगरीय लोकल ट्रेनें एक ही पटरी और प्लेटफॉर्म पर आ गई थीं लेकिन एक मोटरमैन की सतर्कता के कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई। इस घटना के कारण सेंट्रल रेलवे नेटवर्क पर सेवाएं […] The post मुंबई के सीएसएमटी स्टेशन पर दो लोकल ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चली, हादसा टला appeared first on Sabguru News .
जेईई-मेन में एलन जयपुर का शानदार प्रदर्शन, श्रेष्ठ जसोरिया बने सिटी टॉपर
जयपुर | नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा जारी जेईई-मेन 2026 सेशन-2 के परिणामों में एलन जयपुर क्लासरूम स्टूडेंट्स ने एक बार फिर शानदार सफलता हासिल की है। एलन जयपुर के विद्यार्थियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए शहर में शीर्ष स्थानों पर कब्जा जमाया है। एलन जोनल हेड एवं वाइस प्रेसिडेंट अरुण जैन के अनुसार, एलन […] The post जेईई-मेन में एलन जयपुर का शानदार प्रदर्शन, श्रेष्ठ जसोरिया बने सिटी टॉपर appeared first on Sabguru News .
रक्तदान जनजागरुकता के लिए निरंकारी भक्त निकालेंगे विशाल वाहन रैली
अजमेर। सतगुरु माता सुदीक्षा जी के पावन आशीर्वाद से हर साल की तरह भांति इस बार भी निरंकारी सत्संग भवन परिसर चामुण्डा चौराहा वरुण सागर रोड में 24 अप्रेल सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर के प्रचार प्रसार के लिए संत निरंकारी सत्संग भवन परिसर […] The post रक्तदान जनजागरुकता के लिए निरंकारी भक्त निकालेंगे विशाल वाहन रैली appeared first on Sabguru News .
जयपुर : सिद्ध श्री काले हनुमान मंदिर में रामराज्य निर्माण के लिए सामूहिक प्रार्थना
जयपुर। अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण के पश्चात अब देश में आदर्श रामराज्य की व्यवस्था स्थापित करने के संकल्प के साथ रामराज्य निर्माण अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। जयपुर के प्राचीन और सिद्ध श्री काले हनुमान जी मंदिर में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप […] The post जयपुर : सिद्ध श्री काले हनुमान मंदिर में रामराज्य निर्माण के लिए सामूहिक प्रार्थना appeared first on Sabguru News .
टनकपुर में जूता दुकानदार अरेस्ट, मजदूरी के बहाने महिलाओं से रेप का आरोप
चम्पावत। उत्तराखंड के चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र में दो महिलाओं से कथित दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने एक जूता दुकानदार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर घटना का वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार 33 वर्षीय महिला ने सोमवार को टनकपुर थाने में शिकायत […] The post टनकपुर में जूता दुकानदार अरेस्ट, मजदूरी के बहाने महिलाओं से रेप का आरोप appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार थमा, मतदान 23 अप्रैल को
नई दिल्ली। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में गुरुवार को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान मंगलवार शाम पांच बजे थम गया। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों और पश्चिम बंगाल के पहले चरण के लिए 152 सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार मतदान समाप्त होने से […] The post तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार थमा, मतदान 23 अप्रैल को appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में कार की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की मौत
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के गोलूवाला थाना क्षेत्र में सोमवार रात कार की टक्कर लगने से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि पृथ्वीसिंह (29) और राजीवसिंह (27) मोटरसाइकिल पर गोलूवाला से रात करीब नौ बजे अपने गांव जा रहे थे। गोलूवाला- कैचियां मार्ग पर […] The post हनुमानगढ़ में कार की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार दो युवकों की मौत appeared first on Sabguru News .
श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ से पहले निकलेगी भव्य कलश यात्रा
अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन श्री नौसर माता मंदिर परिसर में 24 अप्रेल से होने वाले श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 23 अप्रैल को गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा के साथ होगी। मंदिर पीठाधीश्वर रामाकृष्ण देव ने बताया कि […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ से पहले निकलेगी भव्य कलश यात्रा appeared first on Sabguru News .
इंदौर के मांगलिया स्थित तेल डिपो के ठीक सामने आज भीषण आगजनी की घटना हुई। सात्विक विहार के सामने लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी भयानक है कि इसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही हैं और इसने आसपास की दुकानों और घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। मांगलिया डिपो क्षेत्र में हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल का भंडारण रहता है, जिसके कारण प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें बेहद सतर्कता बरत रही हैं। आग लगने के बाद पिछले एक घंटे से दमकल विभाग की टीमें लगातार आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही हैं। सुरक्षा की दृष्टि से डिपो के आसपास के सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। घटना के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। प्रशासन ने तेल से भरे उन टैंकरों को भी डिपो के बाहर ही रोक दिया है, जो अंदर जाने या बाहर निकलने वाले थे। टैंकरों की लंबी कतार लगने और आग के फैलाव को देखते हुए क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है। आग की तीव्रता और डिपो की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तत्काल कदम उठाते हुए आसपास के घरों में रहने वाले लोगों को बाहर निकाल लिया है। सभी रहवासियों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। Edited By: Naveen R Rangiyal
TMC कार्यकर्ताओं पर CRPF की कार्रवाई के दावे से बांग्लादेश का वीडियो वायरल
बूम ने जांच में पाया कि घटना अगस्त 2024 की है. तब बांग्लादेश के फरीदपुर जिले में दो गुटों के बीच झड़प के बाद बीएनपी के युवा कार्यकर्ताओं द्वारा दूसरे गुट की दुकानों में तोड़फोड़ की गई थी.
कब से कब तक रहेगा खप्पर योग, क्या सावधानी रखें इस दौरान?
Khappar Yoga 2026: पिछले साल यानी वर्ष 2025 में 15 मार्च से 11 जून और इसके बाद 11 जुलाई से लेकर 7 अक्टूबर तक खप्पर योग बना था। सभी ने देखा है कि इसी दौरान ईरान-इजराल का युद्ध और फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। इस वर्ष भी ऐसा ही योग 1 मई से 29 जून के बीच बन रहा है। इसी दौरान अधिकमास भी रहेगा और अन्य कई अशुभ योगों का निर्माण भी होगा। अशुभ ग्रहों का जमावड़ा: जब शनि, मंगल और राहु जैसे क्रूर ग्रह एक ही राशि (वर्तमान में मीन) में आकर नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। तिथियों का घातक संयोग: जब एक ही महीने में 5 मंगलवार, शनिवार या रविवार पड़ें। मई-जून 2026 में यह दुर्लभ संयोग बन रहा है। अमावस्या पर संक्रांति: 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के साथ मिथुन संक्रांति का मिलना 'खप्पर योग' को पूर्ण और विनाशकारी बनाता है। खप्पर योग 2026 की अवधि ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 में ग्रहों का यह खतरनाक मेल मुख्य रूप से मई से जुलाई के बीच सबसे प्रभावी रहेगा। प्रारंभ: मई 2026 के दूसरे सप्ताह से (जब मंगल और शनि का आपसी संबंध बनेगा)। चरम प्रभाव: ज्येष्ठ अधिकमास के दौरान (17 मई से 15 जून 2026)। समाप्ति: जुलाई 2026 के मध्य तक, जब ग्रहों की स्थिति बदलेगी। इस दौरान क्या सावधानियां रखें? 1. महत्वपूर्ण निर्णय टालें: इस समय में कोई भी बड़ा वित्तीय निवेश, नया व्यापार शुरू करना या प्रॉपर्टी की डील करने से बचें। भ्रम की स्थिति के कारण गलत फैसले हो सकते हैं। 2. वाणी पर नियंत्रण (सबसे जरूरी): यह योग झगड़े और क्लेश को बढ़ावा देता है। खासकर परिवार और कार्यक्षेत्र में बेवजह की बहस से बचें। आपकी एक छोटी सी बात बड़ा विवाद बन सकती है। 3. वाहन चलाने में सावधानी: खप्पर योग में दुर्घटनाओं (Accidents) का खतरा बढ़ जाता है। लंबी यात्राओं और रात के समय ड्राइविंग में बहुत सतर्क रहें। 4. स्वास्थ्य का ध्यान: मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। योग और मेडिटेशन का सहारा लें। इस दौरान खान-पान सात्विक रखें क्योंकि पेट और रक्त से संबंधित विकार परेशान कर सकते हैं। 5. जोखिम भरे कार्यों से दूरी: किसी भी प्रकार के सट्टे, जुए या रिस्की ट्रेडिंग (Share Market) से दूर रहें, क्योंकि यहाँ 'अचानक धन हानि' का योग प्रबल होता है। बचाव के सरल उपाय हनुमान जी की पूजा: इस पूरे समय में प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ कवच की तरह काम करेगा। शनिवार का दान: काले तिल, उड़द की दाल या लोहे की वस्तु का दान करना कष्टों को कम करता है। मंत्र शक्ति: 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप नकारात्मकता को घर में प्रवेश नहीं करने देता। विशेष: चूंकि 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास और खप्पर योग एक साथ पड़ रहे हैं, इसलिए यह समय आत्म-चिंतन और भक्ति के लिए तो अच्छा है, लेकिन भौतिक और सांसारिक विस्तार के लिए बहुत जोखिम भरा है।
CSK के लिए टेंशन पर टेंशन! रन मशीन आयुष म्हात्रे हुए बाहर, जानें कौन कर सकता है Replace
Chennai Super Kings को Indian Premier League 2026 के बीच सीजन में बड़ा झटका लगा है। टीम के उभरते सितारे Ayush Mhatre पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। 18 अप्रैल को Sunrisers Hyderabad के खिलाफ मैच के दौरान बल्लेबाजी करते हुए उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई, जिसके चलते उन्हें 6 से 12 हफ्ते के रिहैब की जरूरत होगी। यह सीजन म्हात्रे के लिए शानदार रहा था। उन्होंने सिर्फ 6 मैचों में 201 रन बनाए, वो भी 177.88 के ताबड़तोड़ स्ट्राइक रेट से। दो अर्धशतक के साथ उन्होंने लगातार तेज शुरुआत दी और टीम के टॉप स्कोरर बनकर उभरे। ऐसे में उनका बाहर होना सीएसके के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी का जाना नहीं, बल्कि पूरे बैटिंग बैलेंस पर असर डालने वाला झटका है। Official Announcement Ayush Mhatre has been ruled out of the remainder of IPL 2026 due to a left hamstring injury sustained while batting during the match against Sunrisers Hyderabad on April 18. Ayush's injury will require a rehabilitation period of 6-12 weeks. We wish Ayush… pic.twitter.com/7bGrFvqjY9 — Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) April 21, 2026 अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि माट्रे की जगह कौन लेगा? टीम मैनेजमेंट के सामने कई विकल्प हैं, लेकिन तीन नाम ऐसे हैं जो उनकी कमी को काफी हद तक भर सकते हैं: 1. उर्विल पटेल उर्विल पटेल माट्रे के सबसे करीबी रिप्लेसमेंट माने जा रहे हैं। उनका खेल भी आक्रामक है और पावरप्ले में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। पिछले सीजन में उन्होंने कम मैचों में ही 200+ स्ट्राइक रेट से रन बनाकर अपनी छाप छोड़ी थी। खास बात यह है कि उनके नाम भारतीय खिलाड़ी द्वारा सबसे तेज T20 शतक (28 गेंद) का रिकॉर्ड भी है। ऐसे में वे सीएसके को वही एक्सप्लोसिव शुरुआत दे सकते हैं, जिसकी टीम को जरूरत है। 2. कार्तिक शर्मा कार्तिक शर्मा पर सीएसके ने ऑक्शन में बड़ा दांव खेला था, लेकिन इस सीजन में उनका प्रदर्शन अभी तक उतना खास नहीं रहा। हालांकि, माट्रे की चोट उनके लिए एक बड़ा मौका बन सकती है। कार्तिक एक पावर-हिटर हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बटोरने की क्षमता रखते हैं। अगर उन्हें टॉप ऑर्डर में मौका मिलता है, तो वे अपनी कीमत साबित कर सकते हैं। 3. यश धुल यश धुल एक तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज हैं, जो पारी को संभालने के साथ-साथ लंबा खेल सकते हैं। भले ही उनका खेल माट्रे जितना विस्फोटक न हो, लेकिन टीम को स्थिरता देने में वे अहम भूमिका निभा सकते हैं। दबाव में खेलने की उनकी क्षमता और घरेलू क्रिकेट का अनुभव सीएसके के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। आयुष की गैरमौजूदगी सीएसके के लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन सही कॉम्बिनेशन के साथ टीम इस झटके से उबर सकती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मैनेजमेंट किस खिलाड़ी पर भरोसा जताता है और कौन इस मौके को भुनाकर टीम का नया स्टार बनता है।
हनुमानगढ़ में दिव्यांग युवक को नशीला पेय पिलाकर किया कुकर्म
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ जिले के रावतसर थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग युवक को नशीला पेय पिलाकर कुकर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 20 वर्षीय पीड़ित दिव्यांग युवक के पिता द्वारा सोमवार शाम थाने में रमेश जाट के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इस मामले की जांच रावतसर के […] The post हनुमानगढ़ में दिव्यांग युवक को नशीला पेय पिलाकर किया कुकर्म appeared first on Sabguru News .
जब तक समझौता नहीं हो जाता, अमरीका ईरानी बंदरगाहों से नहीं हटाएगा नाकेबंदी : ट्रम्प
वाशिंगटन। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक अमरीका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नाकेबंदी नहीं हटाएगा। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है जब इस बात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है कि युद्ध खत्म […] The post जब तक समझौता नहीं हो जाता, अमरीका ईरानी बंदरगाहों से नहीं हटाएगा नाकेबंदी : ट्रम्प appeared first on Sabguru News .
जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया AI की मदद से फर्जी टिकट बनाकर सफर करने का मामला, दो अरेस्ट
जोधपुर/जयपुर। राजस्थान में जोधपुर रेलवे स्टेशन पर कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) की मदद से फर्जी टिकट बनाकर रेल यात्रा करने का मामला पकड़ में आया हैं। रेलवे आधिकारिक सूत्रों के अनुसार सोमवार को ट्रेन संख्या 14863 वाराणसी सिटी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस के जोधपुर पहुंचने पर प्लेटफॉर्म पर सघन टिकट जांच के दौरान सीटीटीसी अनिकेत रामदेव द्वारा दो […] The post जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया AI की मदद से फर्जी टिकट बनाकर सफर करने का मामला, दो अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
जयपुर। हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कोरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने बताया है कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हीट एक्सचेंजर सर्किट के एक वाल्व एवं फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन के रिसाव के कारण रिफाइनरी में आग लगी। एचपीसीएल ने सोमवार रात सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी देते हुए बताया कि लगभग दोपहर 1:55 बजे बालोतरा […] The post पचपदरा रिफाइनरी में आग हीट एक्सचेंजर सर्किट के एक वाल्व एवं फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन के रिसाव के कारण लगी appeared first on Sabguru News .
मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस का नोटिस, भ्रामक वीडियो केस में जांच तेज
चंडीगढ़/नई दिल्ली। चंडीगढ़ पुलिस टीम मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में लेखिका मधु किश्वर के घर पहुंची और उन्हें जांच में शामिल होने के लिए नोटिस सौंपा। टीम में पुलिस निरीक्षक इरम रिजवी और महिला पुलिस निरीक्षक सरिता राय शामिल थीं। यह कार्रवाई यहां सेक्टर-26 थाने में दर्ज एक प्राथमिकी के संबंध में की गई। प्राथमिकी […] The post मधु किश्वर को चंडीगढ़ पुलिस का नोटिस, भ्रामक वीडियो केस में जांच तेज appeared first on Sabguru News .
हिट जोड़ी संजू राठौड़ और ईशा मालवीय एक बार फिर साथ लौटे बैंगल्स के साथ
मुंबई। गुलाबी साड़ी और शेकी जैसे चार्टबस्टर्स के साथ अपनी अलग पहचान बनाने के बाद, संजू राठौड़ अपने नए गाने बैंगल्स के साथ एक बार फिर अपने संगीत को नए स्तर पर ले जा रहे हैं। उभरते मराठी पॉप वेव को आकार देने के लिए जाने जाने वाले संजू इस साल अपने बड़े म्यूज़िक प्रोजेक्ट […] The post हिट जोड़ी संजू राठौड़ और ईशा मालवीय एक बार फिर साथ लौटे बैंगल्स के साथ appeared first on Sabguru News .
Ganga Saptami: गंगा सप्तमी का क्या है महत्व, पूजा विधि और उपाय
Ganga Saptami tips and remedies: हिन्दू धर्म में गंगा सप्तमी अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। यह पर्व वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है और इस दिन माँ गंगा का जन्म और पृथ्वी पर अवतरण माना जाता है। इस दिन की पूजा का धार्मिक, आध्यात्मिक और पारिवारिक महत्व है। विशेष रूप से गंगा स्नान, दान-पुण्य और गंगा माता की आरती करने से व्यक्ति को धन, स्वास्थ्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है। ALSO READ: आदि शंकराचार्य का काल निर्धारण: 508 ईसा पूर्व या 788 ईस्वी में हुए थे शंकराचार्य? गंगा सप्तमी, जिसे गंगा जन्मोत्सव भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में मां गंगा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक अत्यंत पावन दिन है। वर्ष 2026 में गंगा सप्तमी 23 अप्रैल को मनाई जाएगी। 1. गंगा सप्तमी का महत्व 2. गंगा सप्तमी पूजन विधि 3. सुख-समृद्धि और शांति के लिए विशेष उपाय यहां पाठकों की सुविधा के लिए गंगा सप्तमी का महत्व, पूजा विधि और विशेष उपायों की पूरी जानकारी दी गई है: 1. गंगा सप्तमी का महत्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन ही मां गंगा स्वर्ग लोक से शिव जी की जटाओं में उतरी थीं। इसके बाद ऋषि जह्नु ने उन्हें कान के मार्ग से मुक्त किया था, इसलिए उन्हें 'जाह्नवी' भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप धुल जाते हैं यानी समस्त पापों मुक्ति मिलती है। साथ ही इस दिन किया गया दान और पूजन 'अक्षय' फल प्रदान करता है। 2. गंगा सप्तमी पूजन विधि यदि आप गंगा तट पर नहीं जा सकते, तो घर पर भी विधि-विधान से पूजन कर सकते हैं: गंगा स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान करते समय 'गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती। नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु।।' मंत्र का जाप करें। संकल्प: स्वच्छ वस्त्र पहनकर हाथ में जल लेकर मां गंगा का ध्यान करते हुए पूजन का संकल्प लें। कलश स्थापना: एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं और उस पर गंगाजल से भरा कलश स्थापित करें। यदि गंगा जी की प्रतिमा हो तो उसे भी रखें। पूजन सामग्री: मां गंगा को अक्षत, चंदन, सफेद फूल, धूप और दीप अर्पित करें। भोग: गंगा जी को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं। आरती: अंत में गंगा मैया की आरती करें और अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें। 3. सुख-समृद्धि और शांति के लिए विशेष उपाय गंगा सप्तमी पर किए गए ये उपाय बहुत प्रभावशाली माने जाते हैं: * चंद्र दोष दूर करने के लिए: यदि मन अशांत रहता है या चंद्रमा कमजोर है, तो इस दिन चांदी के लोटे में गंगाजल भरकर उसमें थोड़ा कच्चा दूध मिलाएं और उसे शिवलिंग पर अर्पित करें। विशेषकर जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या पितृ दोष है, उनके लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है। * आर्थिक उन्नति के लिए: एक तांबे के पात्र में गंगाजल भरकर अपने पूरे घर में छिड़कें। इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और धन के आगमन के रास्ते खुलते हैं। * पितृ शांति के लिए: दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों के निमित्त गंगाजल से तर्पण करें। इससे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं। * दीपदान: शाम के समय किसी पवित्र नदी के किनारे या घर के मंदिर में दीपदान करें। 7 या 11 घी के दीये जलाना अत्यंत शुभ होता है। * दान का महापुण्य : इस दिन गर्मी की वस्तुओं जैसे- सत्तू, घड़ा, छाता या रसीले फलों का दान किसी जरूरतमंद को अवश्य करें। * विशेष मंत्र: पूजन के समय इस मंत्र का जाप करें: 'ॐ नमो गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नम:।।' गंगा सप्तमी हमें न केवल धार्मिक रूप से शुद्ध करती है, बल्कि नदियों के संरक्षण और प्रकृति के सम्मान का संदेश भी देती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी का धार्मिक महत्व, परंपरा और दान
शाहरुख खान कैसे 60 साल के होने के बावजूद दिखते हैं जवान, जानें उनकी फिटनेस का राज
बॉलीवुड के “किंग खान” शाहरुख खान आज भी अपने फिट लुक और एनर्जेटिक पर्सनैलिटी से साबित करते हैं कि उम्र सिर्फ एक संख्या है। उन्होंने खुद कई इंटरव्यू में बताया है कि उनकी फिटनेस का फॉर्मूला बेहद सरल है, कड़ा मशीनी व्यायाम या जटिल डाइट नहीं बल्कि अनुशासन, संतुलित भोजन और नियमित वर्कआउट। क्या खाते हैं शाहरुख? उनकी डाइट प्लान पर एक नजर शाहरुख खान का डाइट प्लान दिखने में सरल है लेकिन परिणाम शानदार। उन्होंने बताया है कि वे अक्सर दो बार भोजन करते हैं। लंच और डिनर, बीच में स्नैक्स नहीं। उनका कहना है कि वे बेहद भारी पकवान नहीं पसंद करते। उनके भोजन में स्प्राउट्स, ग्रिल्ड चिकन, ब्रोकली, दाल जैसी चीजें शामिल रहती हैं। इसके अलावा, व्हाइट ब्रेड, व्हाइट राइस और ज्यादा तेल-घी वाले व्यंजनों से काफी हद तक परहेज़ करते हैं। दिन में कभी-कभी उन्हें सिर्फ एक मीट-अप जैसे “वन मील ए डे (OMAD)” का विकल्प मिल जाता है, जब शूटिंग शेड्यूल बहुत तंग हो जाता है। उनका वर्कआउट प्लान क्या है? शाहरुख खान का वर्कआउट प्लान भी बहुत लंबा नहीं है, लेकिन बेहद नियमित और स्मार्ट है। उनके ट्रेनर के अनुसार वे लगभग 30 मिनट से 45 मिनट का वर्कआउट करते हैं, अक्सर देर रात या सुबह बहुत देर तक काम के बाद। वर्कआउट में कार्डियो, सर्किट ट्रेनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का मिश्रण होता है, जैसे गॉब्लेट स्क्वाट्स, जम्पिंग लंजेस, वॉल सिट्स, डंबल प्रेस, लैट पुल डाउन आदि। विशेष रूप से यह ध्यान देने योग्य है कि उनका वर्कआउट टाइम भी थोड़ा अलग है। अक्सर 2-3 बजे रात में या शूटिंग के बाद घर लौटकर। इस तरह का रूटीन बेहद असाधारण लगता है, लेकिन शाहरुख इसे अपने व्यस्त शेड्यूल में फिट कर लेते हैं। फिटनेस के पीछे मानसिकता और लाइफस्टाइल वर्षों से शाहरुख खान ने यह सीख लिया है कि फिट रहने के लिए केवल व्यायाम और भोजन ही काफी नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और नियमितता भी बहुत जरूरी है। उन्होंने स्वयं स्वीकारा है कि वे देर रात तक काम करते हैं, सोने का वक्त भी अजीब है। जब जमाना जागता है तब वे सोने जाते हैं, अक्सर 5 सुबह बजे। लेकिन इसके बावजूद अपनी फिटनेस बनाए रख पाना उनके समर्पण का प्रमाण है। उनका मानना है कि व्यायाम को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए, न कि सिर्फ जरूरत पड़ने पर। साथ ही उन्होंने कहा है कि उन्होंने कभी फैंसी डाइट या ट्रेंडिंग वर्कआउट प्लान्स को अंधविश्वास की तरह नहीं अपनाया है, बल्कि उन्होंने अपनी बॉडी, अपने शेड्यूल और अपनी ज़रूरतों के अनुसार साधारण लेकिन असरदार तरीका अपनाया है। क्यों हैं ये टिप्स आपके लिए प्रेरणादायक? अगर आप शाहरुख खान की तरह फिट दिखना चाहते हैं, तो उनसे सीखने योग्य कुछ बातें हैं। पहला, अत्यधिक जटिल नियम नहीं बल्कि अपने शरीर और शेड्यूल के अनुकूल सरल रूटीन चुनें। दूसरा, नियमितता बनाए रखें, चाहे समय अनियमित हो, लेकिन छोटा वर्कआउट भी निरंतर करने से असर दिखता है। और तीसरा, भोजन में संतुलन रखें, बहुत ज्यादा व्यंजन वाले भारी मेनू से बचें, पोषण-संपन्न सरल भोजन अपनाएं। शाहरुख खान का यह उदाहरण साबित करता है कि उम्र और व्यस्त शेड्यूल फ़िटनेस के सामने बाधा नहीं हैं। उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल और फैसलों से यह दिखाया है कि अनुशासन, स्थिरता और संतुलित रूटीन से किसी भी उम्र में जवान दिखा जा सकता है।
बिहार में सरकारी डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम: अब प्राइवेट प्रैक्टिस पर पूर्ण प्रतिबंध
बिहार में सरकारी अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टर अब प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश जारी किया है। सरकार इसे रोगी कल्याण की दिशा में एक अहम कदम मान रही है। उम्मीद है कि इससे सरकारी अस्पतालों में ...
फेशियल मसाज करवाते एक शख्स का वीडियो पीएम मोदी का बताकर वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो में दिख रहे शख्स जसपाल सिंह सराय हैं, जो परदीप कौर ढिल्लों नाम की एक क्रिएटर के पति हैं.
शुक्र के वृषभ राशि में गोचर से बना मालव्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा अचानक से धन
शुक्र 19 अप्रैल को अपनी ही राशि वृषभ (Taurus) में प्रवेश कर चुके हैं। अपनी राशि में होने के कारण शुक्र यहाँ 'मालव्य योग' जैसी स्थिति निर्मित करते हैं। यह विलासिता, प्रेम संबंधों और आर्थिक मजबूती का योग है। कला और मीडिया से जुड़े लोगों के लिए यह बेहतरीन समय है। इस गोचर के चलते 5 राशियों को अचानक से धन प्राप्ति के योग बनेंगे। मेष राशि (Aries): जुबान पर शहद और हाथ में खर्च शुक्र आपकी राशि से दूसरे घर में बैठा है, जिसे 'धन और वाणी' का घर कहते हैं। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में आपकी पर्सनालिटी में एक अलग ही चमक होगी। बातचीत का जादू: आप जो भी बोलेंगे, लोग उसे ध्यान से सुनेंगे। अगर आपका कोई काम अटका हुआ था, तो अब उसे मीठी बातों से निकलवाने का सही समय है। सोशल लाइफ: आपकी फ्रेंड लिस्ट लंबी होने वाली है। लोग आपकी कंपनी एन्जॉय करेंगे और आप महफिल की जान बनेंगे। खर्च और शौक: अब वह समय है जब आप अपनी अलमारी अपडेट करेंगे। ब्रांडेड कपड़े, नए फोन या किसी महंगे रेस्टोरेंट में डिनर पर आपका पैसा खर्च होगा। सावधानी: बाहर का खाना स्वादिष्ट तो लगेगा, लेकिन यह वजन और पेट की दिक्कतें भी दे सकता है। थोड़ा 'वर्कआउट' भी लिस्ट में शामिल रखें। कर्क राशि (Cancer): तरक्की और खुशियों का जैकपॉट शुक्र आपके 11वें भाव (इच्छा और लाभ) में है। ज्योतिष में इसे सबसे शुभ गोचरों में से एक माना जाता है क्योंकि यह आपकी पुरानी मुरादें पूरी करने वाला है। पैसों की आवक: अगर आप नौकरीपेशा हैं तो इंसेंटिव मिल सकता है और बिजनेस में हैं तो कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। आमदनी के एक से ज्यादा रास्ते नजर आएंगे। रसूखदार दोस्त: आपकी जान-पहचान ऐसे लोगों से होगी जो समाज में ऊँचा रुतबा रखते हैं। यह नेटवर्किंग भविष्य में बहुत काम आएगी। जमीन-जायदाद: अगर घर या प्लॉट खरीदने की सोच रहे थे, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई पुराना विवाद सुलझ सकता है। प्यार की बहार: पार्टनर के साथ रिश्ते और गहरे होंगे। अगर आप सिंगल हैं, तो कोई खास इंसान आपकी जिंदगी में दस्तक दे सकता है। तुला राशि (Libra): अचानक लाभ और रहस्यमयी खिंचाव आपकी राशि के मालिक (शुक्र) खुद 8वें घर में बैठे हैं। यह घर थोड़ा 'सीक्रेट' होता है, इसलिए आपको मिलने वाले परिणाम भी थोड़े चौंकाने वाले होंगे। अचानक धन लाभ: कहीं से रुका हुआ पैसा, टैक्स रिफंड या पैतृक संपत्ति से अचानक फायदा मिल सकता है। आपको ऐसी जगह से पैसा मिल सकता है जिसकी आपने उम्मीद छोड़ दी थी। नया शौक: आपका मन उन चीजों में लगेगा जो रहस्यमयी हैं—जैसे ज्योतिष, इतिहास या गहरी रिसर्च। आप चीजों की गहराई तक जाना चाहेंगे। ससुराल से संबंध: आपके ससुराल वालों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे। उनसे कोई कीमती तोहफा या सहयोग मिल सकता है। सावधानी: मीठे के प्रति आपका मोह बढ़ेगा। तुला राशि वालों को इस समय अपनी डाइट पर कंट्रोल करना होगा, वरना शुगर या कोलेस्ट्रॉल जैसी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं। कुंभ राशि (Aquarius): ऐश-ओ-आराम और सुकूनभरा घर शुक्र आपके चौथे भाव (सुख और माता) में है। यह समय आपको यह एहसास कराएगा कि 'असली खुशी' घर और परिवार में ही है। सपनों का घर/वाहन: अगर आप कार, बाइक या नया घर लेने का प्लान बना रहे थे, तो ग्रह आपके साथ हैं। आप अपने घर को सुंदर बनाने के लिए नया फर्नीचर या डेकोरेशन का सामान भी खरीद सकते हैं। पारिवारिक सुख: घर का माहौल बहुत खुशनुमा रहेगा। माँ के साथ आपके संबंध सुधरेंगे और उनकी सेहत में अगर कोई परेशानी थी, तो वह दूर होगी। ऑफिस में रुतबा: काम के बोझ के बीच भी आपकी क्रिएटिविटी अलग से चमकेगी। बॉस और सहकर्मी आपकी तारीफ करेंगे, जिससे आपको मानसिक संतुष्टि मिलेगी। शांति: इस समय आप भागदौड़ के बजाय शांति और लग्जरी को ज्यादा पसंद करेंगे। एक छोटा सा सुझाव: शुक्र ग्रह 'सुख' का कारक है, इसलिए इन सभी राशियों के लिए यह समय अपनी लाइफ को थोड़ा बेहतर और शानदार बनाने का है।
नारी शक्ति का अधिकार और लोकतांत्रिक जिम्मेदारी
भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की अनिवार्य आवश्यकता है। एक ऐसी महिला, जिसने अपने जीवन में अभाव, संघर्ष और सामाजिक चुनौतियों का सामना करते हुए सार्वजनिक जीवन में स्थान बनाया हो, वह भली-भांति समझ सकती है कि अवसर मिलने पर महिलाएं समाज को किस दिशा में ले जा सकती हैं। आज जब देश में महिला आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, तब यह आवश्यक है कि सभी पक्ष मिलकर इस विषय पर सकारात्मक और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाएं। यह देश की आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने का सशक्त प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “नारी शक्ति वंदन” को 21वीं सदी का एक महत्वपूर्ण संकल्प बताया है। यह उस भारत की परिकल्पना है, जहां महिलाएं नीति निर्माण और नेतृत्व की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं और विकास की दिशा को सशक्त बनाएं। महिला आरक्षण को लेकर सरकार द्वारा गंभीर और प्रतिबद्ध प्रयास किए गए हैं, जिससे महिलाओं की भागीदारी को संस्थागत स्वरूप दिया जा सके। इस दिशा में आवश्यक प्रक्रियाएं भी आगे बढ़ाई गईं, लेकिन सभी पक्षा की सहमति के अभाव में यह पहल अपने अपेक्षित परिणाम तक नहीं पहुंच सकी। यह विषय इतना महत्वपूर्ण है कि इसे सभी पक्षों के सहयोग और सकारात्मक सहभागिता के साथ आगे बढ़ाया जाना आवश्यक है, ताकि देश की आधी आबादी को उनका उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके। महिला आरक्षण का 33 प्रतिशत प्रावधान केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह सामाजिक संरचना को संतुलित करने का एक सशक्त माध्यम है। इससे महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी मिलेगी, नीति निर्माण में संवेदनशीलता बढ़ेगी और समाज के विभिन्न वर्गों की आवाज को उचित मंच प्राप्त होगा। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अनुभव यह दर्शाते हैं कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे समाज में व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम होती हैं। ग्राम पंचायत से लेकर विभिन्न स्तरों तक, महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रभावी परिचय दिया है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से भी महिलाओं ने आर्थिक और सामाजिक बदलाव को नई दिशा दी है, जो नारी सशक्तिकरण का सशक्त उदाहरण है। यह आवश्यक है कि महिला सशक्तिकरण के इस प्रयास को सभी के सहयोग और समन्वय से आगे बढ़ाया जाए। यह किसी एक पक्ष का नहीं, बल्कि पूरे समाज का विषय है और इसमें सामूहिक प्रतिबद्धता ही सफलता का आधार बनेगी। आज भारत की महिलाएं जागरूक हैं, आत्मनिर्भर हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। उनकी यह बढ़ती भागीदारी देश के विकास को नई गति दे रही है और आने वाले समय में यह परिवर्तन और अधिक व्यापक रूप में दिखाई देगा। नारी सशक्तिकरण का यह अभियान केवल एक पहल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक और लोकतांत्रिक भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक सतत और दूरदर्शी प्रयास है।
IPL 2026: उप्पल में दिल्ली के दिलेरों से भिड़ेगें हैदराबादी सूरमा
IPL 2026 (इंडियन प्रीमियर लीग)में छह-छह अंकों के साथ तालिका में चौथे और पांचवें स्थान पर विराजमान सनराइजर्स हैदराबाद और दिल्ली कैपिटल्स कल राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स से शीर्ष चार की दौड़ में आगे निकलने के लिए भिड़ेगी। इस सीरीज में सनराइजर्स हैदराबाद सबसे खतरनाक बल्लेबाजी टीम बनकर उभरी है, जो लगातार 200 से अधिक का स्कोर बना रही है। इसकी मुख्य वजह अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड की सलामी जोड़ी द्वारा दी गई विस्फोटक शुरुआत है। वहीं ईशान किशन नंबर तीन पर आकर टीम की गति को और बढ़ाते हैं, जबकि हेनरिक क्लासेन मिडिल ऑर्डर में लगातार बड़े शॉट्स लगाकर सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी रहे हैं। उन्हें सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी का साथ मिलता है, जो बल्लेबाजी इकाई को और मजबूत और लचीला बनाते हैं। इसके विपरीत, दिल्ली कैपिटल्स की बल्लेबाजी को फॉर्म में चल रही पथुम निसंका और केएल राहुल की सलामी जोड़ी स्थिरता देते हैं। समीर रिजवी और करुण नायर मध्यमक्रम में बल्लेबाजी के विकल्प देते हैं, जबकि अक्षर पटेल, डेविड मिलर और ट्रिस्टन स्टब्स मिलकर मैच को फिनिश करने और तेज़ी से रन बनाने वाली मुख्य यूनिट बनाते हैं। खासकर स्टब्स, दबाव में भी मैच जिताने की काबिलियत रखने वाले एक अहम 'इम्पैक्ट प्लेयर' साबित हुए हैं। गेंदबाजी में भी दोनों टीमों के बीच उतना ही बड़ा अंतर देखने को मिलता है। एसआरएच अपने मुख्य विकेट-टेकर के तौर पर ईशान मलिंगा पर निर्भर रहती है। उन्हें प्रफुल हिंगे, साकिब हुसैन, शिवांग कुमार और रेड्डी का साथ मिलता है, जो बॉलिंग में भी अपना योगदान देते हैं। इसके जवाब में दिल्ली की ओर से लुंगी एनगिडी तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करते हैं। उनके साथ कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, मुकेश कुमार, टी नटराजन और आकिब नबी डार मिलकर एक ऐसी स्पिन-पेस जोड़ी बनाते हैं, जो मिडिल ओवर्स में मैच पर अपना कंट्रोल बनाए रखने के लिए तैयार की गई है। ऐसा माना जा रहा है कि हैदराबाद की पिच एक बार फिर बल्लेबाजो के लिए मददगार साबित होगी। यहां अब बड़े स्कोर बनना आम बात हो गई है और रात में खेलने वाली टीमें अक्सर लक्ष्य का पीछा करने में कामयाब रहती हैं। हालांकि, एसआरएच ने यह भी साबित कर दिया है कि वे पिच के हालात चाहे जैसे भी हों, अपने बनाए स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव कर सकते हैं। इससे घरेलू मैदान पर उनकी बादशाहत और भी मजबूत होती है। ऐसे में दोनों टीमों के बीच एक और रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। टीम इस प्रकार हैं: सनराइजर्स हैदराबाद: ईशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, अमित कुमार, सलिल अरोड़ा, ब्रायडन कार्स, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, ट्रैविस हेड, प्रफुल्ल हिंगे, हेनरिक क्लासेन, लियाम लिविंगस्टोन, ईशान मलिंगा, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, डेविड पायने, साकिब हुसैन, शिवम मावी, शिवांग कुमार, रविचंद्रन स्मरण, ओंकार तरमाले, जयदेव उनादकट, अनिकेत वर्मा, जीशान अंसारी. दिल्ली कैपिटल्स: अक्षर पटेल (कप्तान), केएल राहुल, करुण नायर, डेविड मिलर, पथुम निसांका, साहिल पारख, पृथ्वी साव, अभिषेक पोरेल, ट्रिस्टन स्टब्स, समीर रिजवी, आशुतोष शर्मा, विप्रज निगम, अजय मंडल, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, औकिब डार, नीतीश राणा, मिचेल स्टार्क, टी नटराजन, मुकेश कुमार, दुष्मंथा चमीरा, लुंगी एनगिडी, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव। मैच शाम 7.30 बजे शुरू होगा
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (21 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today 21 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: आज आपका काम थोड़ा पीछे रह सकता है, लेकिन सहकर्मियों का पूरा सहयोग मिलेगा। लव: पार्टनर के साथ मस्ती रिश्तों में नई ताजगी लाएगी। धन: आकस्मिक खर्चों के योग हैं, लेकिन आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: स्फूर्ति महसूस करेंगे, बस आंखों को रंगों से बचाएं। उपाय: हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और लाल गुलाल अर्पित करें। ALSO READ: नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में नई योजनाएं सफल होंगी। लव: जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: विलासिता की वस्तुओं पर धन खर्च होगा। निवेश के लिए दिन शुभ है। स्वास्थ्य: खान-पान का ध्यान रखें।। उपाय: शनि देव के मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज काम के सिलसिले में छोटी यात्रा हो सकती है। लव: पुराने मित्रों से मुलाकात मन को प्रसन्न करेगी। धन: आज कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य: ज्यादा भागदौड़ से थकान हो सकती है। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में किसी विवाद में न पड़ें, आज का दिन शांति से बिताने का है। लव: परिवार के साथ उत्सव मनाना यादगार रहेगा। धन: आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: एलर्जी या सर्दी-जुकाम की समस्या हो सकती है। उपाय: शिवजी का जलाभिषेक करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आज कार्यस्थल पर नेतृत्व करने की आपकी क्षमता चमकेगी। लव: पार्टनर के प्रति आपका आकर्षण बढ़ेगा। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ मिल सकता है। स्वास्थ्य: हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। उपाय: केसर का तिलक लगाएं। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का फल मिलेगा। अधूरे काम आज पूरे हो सकते हैं। लव: छोटी-छोटी बातों पर पार्टनर से बहस न करें। धन: आय और व्यय में संतुलन बना रहेगा। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए योग का सहारा लें। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। ALSO READ: Adi Shankaracharya: जयंती विशेष: आदि शंकराचार्य के बारे में 10 अद्भुत बातें जो हर हिन्दू को जाननी चाहिए 7. तुला (Libra) करियर: साझेदारी के काम में जबरदस्त सफलता मिलेगी। लव: लव पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। धन: घर की सुख-सुविधाओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। उपाय: लक्ष्मी जी को गुलाब के फूल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: नौकरी में प्रमोशन की खबर मिल सकती है। लव: लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: मांसपेशियों में दर्द हो सकता हैस उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: शिक्षा और अध्यात्म से जुड़े लोगों के लिए दिन मान-सम्मान वाला है। लव: परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। धन: बाहरी यात्रा पर धन खर्च हो सकता है। स्वास्थ्य: पैरों में दर्द या थकान संभव है। उपाय: भगवान विष्णु को चने की दाल चढ़ाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: अनुशासन और मेहनत से कार्यस्थल पर लक्ष्य हासिल करेंगे। लव: पुराने मतभेद दूर होंगे। रिश्तों में नई शुरुआत होगी। धन: भूमि या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: रचनात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लव: सोशल मीडिया के जरिए किसी खास से संपर्क हो सकता है। धन: निवेश के लिए समय अनुकूल है। स्वास्थ्य: स्फूर्ति और ताजगी महसूस करेंगे। उपाय: जरूरतमंदों को कपड़ों का दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज बैंकिंग और फाइनेंस क्षेत्र में लाभ होगा। लव: पार्टनर के साथ किसी पार्टी का हिस्सा बनेंगे। धन: कारोबार में आय के नए स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य: खान-पान में लापरवाही न करें। उपाय: केले के पेड़ की पूजा करें। ALSO READ: Saint Surdas Jayanti: संत सूरदास कौन थे, जानें उनके जीवन की 5 अनसुनी बातें
भारत में गर्मी का मतलब अब सिर्फ दोपहर की झुलसाने वाली धूप नहीं रह गया है। अब सूरज ढलने के बाद भी राहत नहीं मिलती। रात 11 बजे भी दीवारें गर्म रहती हैं, पंखे गर्म हवा फेंकते हैं और कूलर-एसी भी कई बार बेअसर लगते हैं। वैज्ञानिक इसे ‘वॉर्म नाइट्स’ कहते हैं। इन गर्म रातों का असर सीधे दिल, किडनी और नींद पर पड़ रहा है। देश के 734 जिलों में से 57% जिले अब हाई या बहुत हाई हीट रिस्क जोन में आ चुके हैं, जहां करीब 76% आबादी रहती है। तो आखिर ये वॉर्म नाइट्स क्या हैं, क्यों बढ़ रही हैं और इससे बचने का रास्ता क्या है; भास्कर एक्सप्लेनर में 6 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल-1: ‘वॉर्म नाइट’ क्या है और यह पहले से अलग क्यों है? जवाब: भारतीय मौसम विभाग, यानी IMD के मुताबिक जब रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा हो जाए, तो उसे 'वॉर्म नाइट' कहते हैं। अगर यह फासला इससे भी ज्यादा हो, तो मामला 'बेहद गंभीर' श्रेणी में आ जाता है। पहले हीट वेव का मतलब था- दिन में 40C पार करने वाली लू। उससे बचने के तरीके थे- छांव, पानी, घर के अंदर रहो। लेकिन वॉर्म नाइट में घर भी दुश्मन बन जाता है। दिन भर कंक्रीट की दीवारें और सीमेंट की छत धूप को अपने अंदर सोखती रहती हैं। जब सूरज ढलता है, तो वही गर्मी धीरे-धीरे बाहर निकलने लगती है। ठीक उस वक्त जब आप सोने की कोशिश कर रहे होते हैं। नतीजा? रात 11 बजे भी दीवार को हाथ लगाओ, तो वह गर्म मिलती है और पंखे आग उगलते हैं। पिछले कुछ सालों में वार्म नाइट्स तेजी से बढ़ी हैं… सवाल-2: बढ़ती वार्म नाइट्स के पीछे असली वजह क्या है?जवाबः रात की बढ़ती गर्मी के लिए 3 बड़ी वजहें जिम्मेदार हैं… 60% जिम्मेदारी कंक्रीट की इमारतें और सड़कें हवा में बढ़ती नमी और उमस ग्लोबल वार्मिंग और पेड़ों की कमी सवाल-3: रातें गर्म होने से सेहत पर क्या असर पड़ता है? जवाब: CEEW यानी काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायर्नमेंट एंड वाटर के मुताबिक, रात की गर्मी एक 'साइलेंट किलर' की तरह काम करती है… शरीर की कूलिंग प्रणाली ठप हो जाती है: मानव शरीर का तापमान 37C होता है। रात में बाहर ठंडक होती है, तो शरीर को ठीक होने का वक्त मिलता है। लेकिन अगर रात का तापमान 25C से नीचे न गिरे, तो शरीर खुद को रिकवर नहीं कर पाता। इसे 'हीट स्ट्रेस' कहते हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2100 तक अत्यधिक गर्म रातों से मौत का खतरा लगभग छह गुना बढ़ जाएगा। दिल पर सीधा हमला: जब शरीर रात में ठंडा नहीं होता, तो दिल को शरीर का तापमान कम करने के लिए लगातार अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है और नींद के दौरान 'साइलेंट हार्ट अटैक' या हार्ट फेलियर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नींद की बर्बादी: जब रात का तापमान 27C से ऊपर जाता है, तो नींद के सबसे जरूरी हिस्से- REM स्लीप और डीप स्लीप बर्बाद होने लगते हैं। दिन की भीषण गर्मी के बाद गर्म रातें नींद की फिजियोलॉजी को सीधे बाधित करती हैं, जिससे स्वास्थ्य के गंभीर खतरे पैदा होते हैं। याददाश्त कमजोर होना, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन… ये सब गर्म रातों की लंबी कीमत हैं। सवाल-4: वार्म नाइट्स से आर्थिक असर क्या होगा? जवाब: गर्म रातें सेहत के साथ-साथ हमारे और देश के आर्थिक विकास में दिक्कतें खड़ी कर सकती हैं… सवाल-5: क्या वार्म नाइट्स से कूलर-एसी हमें बचा लेंगे? जवाब: नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि भारत में सिर्फ 24% घरों में एसी या कूलर है। शहरों में यह 40% है, गांवों में महज 15%। पश्चिम बंगाल और बिहार में तो सिर्फ 5% घरों में एसी है। ये वही राज्य हैं जहां गर्मी सबसे ज्यादा सितम ढाती है। लेकिन एसी भी कोई जादू की छड़ी नहीं है। एसी कमरे को ठंडा करता है, लेकिन बाहर की हवा को और गर्म। यानी एसी चलाने से हम खुद तो बच जाते हैं, पर पूरे शहर की गर्मी बढ़ती जाती है। सवाल-6: वार्म नाइट्स से निपटने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब: CEEW ने अपनी रिपोर्ट में भारत सरकार से सिफारिश की है कि कुछ जरूरी सुझाव अपने हीट एक्शन प्लान में शामिल करें… 1. ज्यादातर प्लान सिर्फ दिन की लू पर फोकस करते हैं। जबकि अब गर्म रातों, भारी उमस को भी प्लान में शामिल करना होगा। राज्यों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान और आंकड़ों का इस्तेमाल कर बिजली की मांग और बीमारियों से लड़ने की तैयारी करनी चाहिए। 2. साल 2024 से लू को स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड यानी SDMF के तहत फंडिंग के लिए शामिल किया गया है। राज्य इस पैसे का इस्तेमाल कर कूलिंग शेल्टर और अलर्ट सिस्टम बना सकते हैं। इसके अलावा शहरों में पेड़-पौधे या हरियाली बढ़ाने पर जोर दे सकते हैं। 3. जिन राज्यों के आधे से ज्यादा जिले हीट की वजह से हाई-रिस्क पर हैं, उन इलाकों को 'राज्य-विशिष्ट आपदा' घोषित करनी चाहिए। ऐसा करने से SDRF का अतिरिक्त 10% फंड अनलॉक हो जाता है, जिसका इस्तेमाल गर्मी से होने वाली मौतों, खेती के नुकसान और इमरजेंसी ट्रेनिंग के लिए किया जा सकता है। 4. जैसे ही तापमान एक तय सीमा को पार करे, मजदूरों के खातों में तुरंत पैसा पहुंच जाए ताकि उन्हें भीषण गर्मी में काम न करना पड़े। नागालैंड और अहमदाबाद (SEWA) में यह प्रयोग सफल हो चुका हैं। 5. अगर भारत अगले 10 साल में AC की एनर्जी एफिशिएंसी को दोगुना कर दे, तो उपभोक्ताओं के 2.2 लाख करोड़ रुपए बच सकते हैं। इससे न केवल लोगों के बिजली बिल कम होंगे, बल्कि पावर ग्रिड पर दबाव भी कम होगा और गंभीर पावर कट की स्थिति से बचा जा सकेगा। वार्म नाइट्स के दौरान आपको ORS, नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ पीते रहना चाहिए, जिससे शरीर की कूलिंग प्रणाली को मदद मिले। रात को सोने से पहले छत और दीवार पर पानी छिड़कें, इससे कंक्रीट की संग्रहीत गर्मी जल्दी निकलती है। सूती और हल्के कपड़े पहनें। बुजुर्गों और बच्चों पर ख्यास ध्यान दें। यह स्टोरी दैनिक भास्कर में फेलोशिप कर रहे आकाश कुमार ने लिखी है। ----------------------------------- मार्च में गर्मी ने 15 साल का रिकॉर्ड तोड़ा:14 शहरों में 40 डिग्री के पार क्यों पहुंचा पारा; अप्रैल-मई में कैसी गर्मी पड़ेगी 2026 की फरवरी पिछले 125 सालों में सबसे गर्म और सूखी रही। अब मार्च में भी मौसम के वही तेवर बरकरार हैं। मार्च की गर्मी ने दिल्ली में 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात के 14 शहरों में पारा 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोटिंग होनी है। सरकार बनाने के लिए 118 सीटें चाहिए। मुकाबला DMK और AIADMK के बीच है। एक तरफ CM एमके स्टालिन का द्रविड़ियन मॉडल और उनकी पॉपुलर योजनाएं हैं, दूसरी तरफ जयललिता की विरासत संभाल रही AIADMK और हिंदुत्व के सहारे पैर जमाने की कोशिश कर रही BJP का गठबंधन है। 20 दिन की चुनावी कवरेज के दौरान दैनिक भास्कर की टीम नॉर्थ तमिलनाडु में चेन्नई और वेल्लोर, वेस्ट में तिरुपुर, साउथ में मदुरै, रामनाथपुरम और सेंट्रल रीजन में त्रिची पहुंची। आम लोगों, सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट के जरिए ये 3 बातें समझ आईं… 1. तमिलनाडु में स्टालिन सरकार की वापसी हो सकती है। DMK गठबंधन को 120 से 140 सीटें मिल सकती हैं। इनमें DMK को 100 से 110, कांग्रेस को 10 से 15 और गठबंधन की बाकी पार्टियों को भी 10 से 15 सीटें मिल सकती हैं। 2. दूसरी बड़ी पार्टी AIADMK के गठबंधन को 90 से 100 सीटों मिलने के आसार हैं। AIADMK को 70 से 80 सीटें मिल सकती हैं। 27 सीटों पर लड़ रही BJP का खाता खुलना मुश्किल है, लेकिन पार्टी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, तो 5 तक सीटें मिल सकती हैं। कोयंबटूर साउथ, तिरुनेलवेली, नागरकोइल, मोडाकुरिची और कारैकुडी सीट पर जीत के ज्यादा चांस हैं। गठबंधन की बाकी पार्टियों को 5 से 10 सीटें मिल सकती हैं। 3. तमिल फिल्मों से सुपरस्टार थलापति विजय की नई पार्टी TVK की एंट्री फीकी दिख रही है। पार्टी को 5 से 15 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि पार्टी का वोट शेयर 12% रह सकता है। स्टालिन की वापसी की वजहें मजबूत गठबंधन, महिलाओं में पॉपुलर योजनाएं और स्टालिन की इमेज AIADMK-BJP क्यों पीछे AIADMK में झगड़ा, हिंदुत्व कार्ड का फेल होना, स्टालिन को घेर नहीं पाए थलापति विजय का किंगमेकर बनना क्यों मुश्किल एक्सपर्ट्स की रायस्टालिन ने चुनाव को तमिलनाडु Vs दिल्ली बनाया ………………………….तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए… लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...
उधमपुर में बस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत, मोदी ने जताया शोक, अनुग्रह राशि की घोषणा की
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर ज़िले में सोमवार को एक यात्री बस के गहरी खाई में गिर जाने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को ले जा रही एक बस खागोट गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई और खाई में […] The post उधमपुर में बस दुर्घटना में 21 लोगों की मौत, मोदी ने जताया शोक, अनुग्रह राशि की घोषणा की appeared first on Sabguru News .
आसाराम बापू मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
जोधपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में आसाराम द्वारा उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। न्यायमूर्ति अरुण मोंगा और न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने सोमवार को दोनों पक्षों की अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान आसाराम […] The post आसाराम बापू मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित appeared first on Sabguru News .
बांदीकुई में SDM के नाम पर 15000 रुपए रिश्वत लेते प्रयोगशाला सहायक अरेस्ट
दौसा। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को दौसा जिले में बांदीकुई एसडीएम कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर लगे प्रयोगशाला सहायक आदित्य शर्मा को उपखण्ड अधिकारी रामसिंह राजावत के नाम पर 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी हेल्पलाइन नम्बर […] The post बांदीकुई में SDM के नाम पर 15000 रुपए रिश्वत लेते प्रयोगशाला सहायक अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक लगी आग, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित
जयपुर। राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में सोमवार को अचानक आग लग जाने की घटना सामने आई हैं। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। इससे पहले रिफाइनरी की एक यूनिट में आग लगने की सूचना से हड़कंप मच गया। इस […] The post पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक लगी आग, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित appeared first on Sabguru News .
चूरू में मूक-बधिर युवती से रेप करने के दोषी को उम्र कैद
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के रतनगढ़ के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक मानसिक रूप से कमजोर एवं मूक बधिर युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी को सोमवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कौशिक ने अभियुक्त विनोद सांसी को मानसिक रूप से […] The post चूरू में मूक-बधिर युवती से रेप करने के दोषी को उम्र कैद appeared first on Sabguru News .
बॉम्बे हाईकोर्ट ने RSS की ‘जेड प्लस’सुरक्षा के खर्च की वसूली से जुड़ी याचिका खारिज की
नागपुर। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सोमवार को उस जनहित याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और उसके प्रमुख मोहन भागवत को दी गई जेड प्लस वीवीआईपी सुरक्षा का खर्च उनसे ही वसूलने की अपील की गई थी। याचिका में यह तर्क दिया गया था कि इस उच्च-स्तरीय सुरक्षा […] The post बॉम्बे हाईकोर्ट ने RSS की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा के खर्च की वसूली से जुड़ी याचिका खारिज की appeared first on Sabguru News .
मुंबई की पूर्व बार डांसर 6 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ अरेस्ट
मुंबई। मुंबई अपराध शाखा की नशीला पदार्थ विरोधी शाखा ने एक पूर्व बार डांसर को गिरफ्तार किया है और ठाणे जिले के टिटवाला स्थित उसके आवास से 6 करोड़ रुपए मूल्य की 5,000 एमडीएमए गोलियां जब्त की हैं। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पुलिस ने इस बरामदगी को शहर में एमडीएमए के किसी एक […] The post मुंबई की पूर्व बार डांसर 6 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स के साथ अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 आईएएस अफसरों के तबादले, कई जिलों में नए डीएम तैनात
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 24 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस फेरबदल में कई जिलों के जिलाधिकारियों (डीएम) को बदला गया है, वहीं शासन स्तर पर भी अहम जिम्मेदारियों में परिवर्तन किया गया है। इसे प्रशासनिक कसावट और कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की दिशा […] The post यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : 24 आईएएस अफसरों के तबादले, कई जिलों में नए डीएम तैनात appeared first on Sabguru News .
मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकेंगे वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन
नई दिल्ली। रेलवे ने कहा है कि मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में वैध विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) रखने वाले दिव्यांगजनों को अनारक्षित कोच में यात्रा की अनुमति दी गई है। रेलवे की ओर से सोमवार को जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा जारी वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन और भारतीय […] The post मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों के अनारक्षित कोच में यात्रा कर सकेंगे वैध यूडीआईडी कार्ड रखने वाले दिव्यांगजन appeared first on Sabguru News .
अपनी ही मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा कलियुगी पिता
धार। मध्यप्रदेश में धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में एक पिता द्वारा अपनी ही मासूम बेटी से दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। मां ने आरोपी को गलत काम करते हुए पकड़ा और पड़ोसियों की मदद से थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को […] The post अपनी ही मासूम बेटी को हवस का शिकार बनाता रहा कलियुगी पिता appeared first on Sabguru News .
किआ इंडिया ने पेश किया साइरोस का नया मॉडल, कीमत 8.39 लाख
नई दिल्ली। किआ इंडिया ने सोमवार को अपनी साइरोस कार का नया मॉडल एमवाई26 पेश किया जिसकी शुरुआती कीमत 8,39,900 रुपए होगी। कंपनी ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों और सुझावों को ध्यान में रखते हुए नये एचटीई, एचटीई(ओ), एचटीके(ओ) और एचटीएक्स(ओ) ट्रिम्स के साथ मॉडल लाइनअप का […] The post किआ इंडिया ने पेश किया साइरोस का नया मॉडल, कीमत 8.39 लाख appeared first on Sabguru News .
पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग के कारण मोदी का राजस्थान दौरा टला
जयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान के पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग लगने की घटना के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मंगलवार को प्रस्तावित राज्य का दौरा टाल दिया गया है। प्रधानमंत्री इसी रिफाइनरी के उद्घाटन के लिए मंगलवार को राजस्थान जाने वाले थे। इस रिफाइनरी को हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) और राज्य सरकार के […] The post पचपदरा में हिंदुस्तान पेट्रोलियम की रिफाइनरी में आग के कारण मोदी का राजस्थान दौरा टला appeared first on Sabguru News .
रोहित बाहर, गुजरात ने टॉस जीतकर मुंबई के खिलाफ चुनी गेंदबाजी (Video)
GTvsMI गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टॉस जीतकर मुंबई इंडियन्स के खिलाफ गेंदबाजी चुनी। Toss update from Ahmedabad @gujarat_titans won the toss and elected to bowl first against @mipaltan Updates https://t.co/cawFoZABvQ #TATAIPL | #KhelBindaas | #GTvMI pic.twitter.com/sxybdSK0tS — IndianPremierLeague (@IPL) April 20, 2026 मुंबई इंडियन्स ने रोहित शर्मा को अंतिम एकादश से बाहर रखा है और उनकी जगह दानिश मालेवर सलामी बल्लेबाजी करेंगे। इसके अलावा टीम ने पिछले मैच में शतक जड़ने वाले क्विंटन डि कॉक को रखा है और रियान रिकल्टन को भी बैंच पर बैठा दिया है। इस बात की संभावना कम है कि रोहित शर्मा को मुंबई इंम्पैक्ट खिलाड़ी के रूप में उपयोग करे क्योंकि पहले बल्लेबाजी उन्हें करनी है। टीम Playing XI & Impact Player सहित गुजरात टाइटंस: शुभमन गिल (कप्तान), अनुज रावत, जोस बटलर, कुमार कुशाग्र, ग्लेन फिलिप्स, राशिद खान, मानव सुथार, निशांत सिंधु, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, गुरनूर बराड़, अरशद खान, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर, इशांत शर्मा, अशोक शर्मा, जेसन होल्डर, टॉम बैंटन, ल्यूक वुड, साई सुदर्शन, एम शाहरुख खान, जयंत यादव, कुलवंत खेजरोलिया। मुंबई इंडियंस: हार्दिक पंड्या (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, रॉबिन मिंज (विकेटकीपर), रयान रिकेलटन (विकेटकीपर), शेरफेन रदरफोर्ड, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, अथर्व अंकोलेकर, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, विल जैक्स, मयंक रावत, नमन धीर, मिचेल सेंटनर, शार्दुल ठाकुर, अश्विनी कुमार, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह, दीपक चाहर, एएम गजनफर, मयंक मार्कंडेय, मो. इज़हार, रघु शर्मा।
पश्चिमी ‘मुक्त’ मीडिया पर सवाल: क्या चौथा स्तंभ सत्ता का औज़ार बन गया है?
ईरान-यूएस संघर्ष की कवरेज में पश्चिमी मीडिया की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न। युद्ध अपराधों पर चुप्पी, पक्षपातपूर्ण भाषा और ‘फ्री प्रेस’ की अवधारणा का संकट—एक विश्लेषण।
वायरल वीडियो में दिख रही युवती नासिक TCS केस की आरोपी निदा खान नहीं है
बूम ने पाया कि वीडियो में दिख रही महिलाएं रील क्रिएटर अलीशा खान और सपना प्रजापति हैं. इनका नासिक TCS केस से कोई संबंध नहीं है.
शुक्र का वृषभ में प्रवेश, इन राशियों की चमकेगी किस्मत, पढ़ें पूरा राशिफल
शुक्र का अपनी ही राशि वृषभ में प्रवेश करना ज्योतिष की दुनिया में एक बड़ी हलचल है। इसे 'मालव्य योग' का नाम दिया गया है, जो ऐश्वर्य, सौंदर्य और सुख-सुविधाओं का कारक है। 19 अप्रैल 2026 की दोपहर से शुरू होने वाला यह सफर आपकी जिंदगी के कैनवास पर कौन से रंग बिखेरेगा, आइए इसे एक नए और आधुनिक अंदाज में समझते हैं। मेष राशि: शुक्र आपके दूसरे भाव (धन और वाणी) में बैठकर आपकी बातों में शक्कर घोल देगा। अंदाज: आपकी मित्र मंडली बढ़ेगी और लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे। लाइफस्टाइल: अच्छे कपड़े, गैजेट्स और लजीज खाने पर दिल खोलकर खर्च करेंगे। टिप: भोग-विलास अच्छा है, लेकिन सेहत का मीटर चेक करते रहें। वृषभ राशि: शुक्र आपकी ही राशि में आ रहा है। आप इस समय 'शोस्टॉपर' की भूमिका में होंगे। पर्सनालिटी: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। रिश्तों में जमी बर्फ पिघलेगी और रोमांस की वापसी होगी। बिजनेस: मेहनत का फल मीठा होगा। सावधानी: महिलाओं का सम्मान करें और कड़वे शब्दों से तौबा कर लें। मिथुन राशि: शुक्र आपके 12वें भाव (व्यय और विदेश) में है। यह समय 'वर्क हार्ड, पार्टी हार्डर' वाला है। करियर: जो विदेश जाना चाहते हैं, उनके लिए ग्रीन सिग्नल है। रचनात्मक लोगों को ग्लोबल पहचान मिलेगी। मनी: अचानक खर्चे आएंगे, लेकिन आवक भी बनी रहेगी। अलर्ट: नींद पूरी लें और शत्रुओं की चाल से सावधान रहें। कर्क राशि: एकादश भाव का शुक्र आपके लिए 'जैकपॉट' साबित हो सकता है। फायदा: आमदनी के नए सोर्स खुलेंगे और रसूखदार लोगों से दोस्ती होगी। प्रॉपर्टी: रियल एस्टेट से लाभ के संकेत हैं। रिश्ते: प्रेम जीवन में मिठास घुलेगी और लंबे समय की इच्छाएं पूरी होंगी। सिंह राशि: शुक्र आपके करियर (10वें भाव) को रोशन कर रहा है। प्रोफेशनल लाइफ: काम में बेहतरीन नतीजे मिलेंगे और मान-सम्मान बढ़ेगा। होम लाइफ: घर में कोई लग्जरी गाड़ी या प्रॉपर्टी आने के योग हैं। टिप: ऑफिस गॉसिप से दूर रहें, वरना इमेज पर दाग लग सकता है। कन्या राशि: भाग्य स्थान (9वें भाव) में शुक्र का बैठना आपके रुके हुए कामों को पंख लगा देगा। ट्रैवल: किसी खूबसूरत जगह की यात्रा का प्लान बनेगा। फैमिली: भाई-बहनों की तरक्की होगी और घर में मंगल कार्य संपन्न होंगे। मनी: अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। तुला राशि: आपकी राशि के स्वामी का 8वें भाव में जाना गुप्त लाभ के द्वार खोलता है। सरप्राइज: बिना उम्मीद के धन लाभ हो सकता है। रिसर्च या रहस्यमयी विषयों में रुचि बढ़ेगी। रिश्ते: ससुराल पक्ष से मेल-मिलाप बढ़ेगा। सावधानी: मीठा और तला-भुना खाना सेहत बिगाड़ सकता है। वृश्चिक राशि: 7वें भाव का शुक्र आपके वैवाहिक और व्यावसायिक संबंधों को नई ऊर्जा देगा। रिश्ते: पार्टनर के साथ नजदीकियां बढ़ेंगी। अगर नया बिजनेस शुरू करना है, तो यह 'गोल्डन टाइम' है। ग्लोबल कनेक्ट: इंपोर्ट-एक्सपोर्ट या ऑनलाइन काम करने वालों को बड़ा मुनाफा होगा। वाइब: आप काफी आकर्षक महसूस करेंगे। धनु राशि: 6वें भाव में शुक्र का होना मिला-जुला असर देगा। चुनौती: विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और सेहत (खासकर पेट/पानी से जुड़ी बीमारी) नरम रह सकती है। बजट: खर्चों पर लगाम लगाएं, वरना जेब ढीली हो सकती है। टिप: विवादों से दूर रहें और महिलाओं का अपमान न करें। मकर राशि: 5वें भाव में शुक्र आपके लिए खुशियों की सौगात लाया है। स्टूडेंट्स: पढ़ाई में जबरदस्त प्रदर्शन और बड़ी उपलब्धियां मिलने का समय है। पर्सनल: संतान की ओर से खुशखबरी मिलेगी या नया मेहमान आ सकता है। जॉब: नौकरी बदलने का सोच रहे हैं, तो बेहतरीन ऑफर मिलने वाला है। कुंभ राशि: 4थे भाव में शुक्र आपको लग्जरी लाइफ का अहसास कराएगा। होम स्वीट होम: नया घर या नई कार खरीदने के प्रबल योग हैं। घर की सजावट पर खर्च करेंगे। मदर: माता की सेहत में सुधार होगा और पारिवारिक माहौल उल्लासपूर्ण रहेगा। वर्क: ऑफिस में आपके काम की वाहवाही होगी। मीन राशि: तीसरे भाव का शुक्र आपको क्रिएटिव बनाएगा। एक्टिविटी: संगीत, लेखन या कला में फिर से रुचि जागेगी। ट्रैवल: छोटी यात्राएं ताजगी और नए कांटेक्ट लेकर आएंगी। सपोर्ट: सहकर्मी और भाई-बहन आपकी मदद के लिए तैयार रहेंगे। चेतावनी: शारीरिक थकान से बचें और खान-पान का ध्यान रखें।
पति पत्नी और वो दो: आधुनिक रिश्तों की जटिलता को व्यंग्य के साथ पेश करती है
रिश्तों की उलझनों, गलतफहमियों और हंसी से भरी दुनिया एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट आई है। टी-सीरीज़ और बी आर स्टूडियोज़ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पति पत्नी और वो दो’ का टीज़र रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। टीज़र में जिस तरह कॉमेडी के साथ कन्फ्यूजन और ड्रामा को मिलाया गया है, वह दर्शकों को तुरंत आकर्षित करता है और साफ संकेत देता है कि इस बार कहानी पहले से ज्यादा पेचीदा और दिलचस्प होने वाली है। ‘पति-पत्नी-और-वो’ की क्लासिक कहानी को नए अंदाज़ में पेश करते हुए फिल्म ‘पतिवर्स’ यानी पतियों की उस दुनिया में ले जाती है, जहां रिश्तों की सच्चाई और उलझनें दोनों साथ चलती हैं। लेकिन इस बार कहानी में बड़ा ट्विस्ट यह है कि मामला सिर्फ एक ‘वो’ तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां हालात और ज्यादा जटिल हो जाते हैं। तीन रिश्तों के बीच फंसे आयुष्मान टीज़र में आयुष्मान खुराना ‘प्रजापति पांडे’ के किरदार में नजर आते हैं, जिनकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह उलझ जाती है जब वह एक साथ तीन महिलाओं के बीच फंस जाते हैं। सारा अली खान, वामिका गब्बी और रकुल प्रीत सिंह अपने-अपने किरदारों में कहानी को और रंगीन बनाती नजर आती हैं। इन रिश्तों के बीच पैदा होने वाली गलतफहमियां और स्थितियां फिल्म का मुख्य आकर्षण हैं। जैसे-जैसे कहानी में उलझनें बढ़ती हैं, वैसे ही विजय राज एक पुलिस अधिकारी के रूप में एंट्री लेते हैं और कहानी में एक नया मजेदार मोड़ आ जाता है। उनका किरदार फिल्म के हास्य और व्यंग्य को और मजबूत करता नजर आता है। हंसी के पीछे छिपी सच्चाई यह फिल्म सिर्फ कॉमेडी नहीं है, बल्कि आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं और विरोधाभासों को व्यंग्य के जरिए सामने लाती है। कहानी यह दिखाती है कि इंसान के फैसले किस तरह उसके रिश्तों को प्रभावित करते हैं और हर चुनाव के अपने परिणाम होते हैं। यह फिल्म इंसानी कमजोरियों को ग्लोरिफाई नहीं करती, बल्कि उन्हें एक रियल नजरिए से दिखाती है। फिल्म से जुड़ी खास बातें गुलशन कुमार, बी आर चोपड़ा और टी-सीरीज़ प्रस्तुत इस फिल्म का निर्देशन मुदस्सर अज़ीज़ ने किया है। फिल्म का निर्माण भूषण कुमार, रेनू रवि चोपड़ा और कृष्ण कुमार ने किया है, जबकि क्रिएटिव प्रोड्यूसर जूनो चोपड़ा हैं। ‘पति पत्नी और वो दो’ 15 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और टीज़र के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता देखी जा रही है।
चेन्नई के लिए जल्द लौंटेंगें थाला और यह ऑस्ट्रेलियाई पेसर
IPL 2026 में मुश्किल में फंसी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए महेंद्र सिंह धोनी और स्पेंसर जॉन्सन के फिट होने की खबरें आ रही है। ऑस्ट्रेलियाई बाएं हाथ के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉन्सन तो टीम के साथ जुड़ गए हैं। वहीं धोनी की मुंबई के खिलाफ वापसी संभावित है। धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से आईपीएल खेलना जारी रखा है। इस 44 वर्षीय खिलाड़ी के आईपीएल में भविष्य को लेकर प्रत्येक सत्र में कयास लगाए जाते हैं। धोनी अब सिर्फ आईपीएल में खेलते हैं इसलिए उनके लिए मैच फिटनेस बनाए रखना और भी मुश्किल हो जाता है। धोनी ने पिछले आईपीएल में 14 मैच खेले थे और निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए फिनिशर की भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद से उन्हें घुटने की समस्या से बार-बार जूझना पड़ा है और 2023 में उनकी सर्जरी भी हुई थी। उनकी अनुपस्थिति टीम को पहले मैच में ही खल गई जब टीम 94 रनों पर 9 विकेट गंवा बैठी थी। टीम के अंग्रेजी ऑलराउंडर जेमी ओवरटन ने 36 गेंदो में 42 रन बनाकर टीम को 127 रनों तक पहुंचाया। ना केवल बल्लेबाजी लेकिन चेन्नई की टीम महेंद्र सिंह धोनी का अनुभव मिस कर रही है। In process we trust Michael Hussey shares an update on MS Dhoni #WhistlePodu #Yellove pic.twitter.com/hX3rwJQGMo — Chennai Super Kings (@ChennaiIPL) April 19, 2026 इसके अलावा आखिरी मैच में भी चेन्नई को हैदराबाद के खिलाफ 6 गेंदों में जीत के लिए 18 रनों की दरकार थी। लेकिन चेन्नई हैदराबाद के खिलाफ जीत नहीं पाई। ऐसे छोटे टारगेट माही टीम के लिए कई बार बना जाते थे। धोनी 2008 से आईपीएल का हिस्सा रहे हैं। वे 18 सीजन में 5,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं। उनके नाम विकेट के पीछे भी 200 से ज्यादा सफलताएं दर्ज है। धोनी इस टूर्नामेंट के सबसे सफल कप्तान रहे हैं। वे चेन्नई को 5 बार खिताब दिला चुके हैं। वहीं नेथन एलिस की चोट के बाद टीम में आए स्पैंसर जॉन्सन की खलील अहमद की जगह खेलने की उम्मीद है जो अभी अभी चोट के चलते आईपीएल से बाहर हुए हैं।
अचानक बदलने वाली है इन 5 राशियों की तकदीर, ग्रहों का बड़ा संकेत
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, सूर्य के मेष और चंद्रमा के वृषभ राशि में प्रवेश से दोनो की अपनी उच्च राशि में होना एक अत्यंत शक्तिशाली योग बना रहा है। शुक्र भी स्वयं की राशि में होकर मालव्य योग बना रहा है। इसके अलावा शनि, गुरु और मंगल की गति के बदलने से भी कई बदलाव होने वाले हैं। ग्रहों के इस महागोचर से आने वाले कुछ दिनों में 5 राशियों के लिए भाग्य के द्वार खुलने वाले हैं। 5 राशियों के जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं। यह समय करियर, धन और मान-सम्मान के लिए बहुत भाग्यशाली माना जा रहा है। 1. मेष (Aries): आत्मविश्वास और नेतृत्व का नया उदय राजयोग: मेष राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है। सूर्य का आपकी राशि में उच्च का होना और मंगल के मेष में रहना रुचक राजयोग का निर्माण आपके व्यक्तित्व में गजब का आकर्षण पैदा करेगा। करियर: कार्यस्थल पर आपकी लीडरशिप क्वालिटी की सराहना होगी। वरिष्ठ अधिकारी आपके निर्णयों पर भरोसा करेंगे। यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो कोई बड़ा ऑफर मिल सकता है। आत्मविश्वास: आपके भीतर जोखिम लेने का साहस बढ़ेगा, जिससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स फिर से शुरू होंगे। सावधानी: अति-उत्साह में आकर दूसरों पर हावी होने से बचें। 2. मिथुन (Gemini): बुद्धि का कमाल और संवाद से सफलता वाणी शक्ति: बुध प्रधान मिथुन राशि के लिए यह समय बौद्धिक क्षमताओं के पूर्ण उपयोग का है। आपकी वाणी ही आपकी सबसे बड़ी शक्ति बनेगी। पेशेवर लाभ: जो लोग मीडिया, मार्केटिंग, पीआर, या टीचिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अचानक प्रसिद्धि और बड़ा पद मिल सकता है। आपकी बातचीत की शैली बड़े सौदे (deals) फाइनल करने में मदद करेगी। सामाजिक स्थिति: समाज में आपकी छवि एक प्रभावशाली वक्ता के रूप में उभरेगी। नए संपर्क बनेंगे जो भविष्य में लाभकारी सिद्ध होंगे। 3. सिंह (Leo): रचनात्मकता और मान-सम्मान का योग सिंह राशि के स्वामी सूर्य की स्थिति और गुरु (बृहस्पति) की चाल में बदलाव आपके लिए समृद्धि के द्वार खोल रहा है। धन-संपदा: गुरु की शुभ दृष्टि से संचित धन में वृद्धि होगी। निवेश के पुराने मामलों से अचानक लाभ मिल सकता है। रचनात्मकता: यदि आप कला, लेखन या डिजाइनिंग से जुड़े हैं, तो यह समय आपकी प्रतिभा को दुनिया के सामने लाने का है। आपको कोई बड़ा पुरस्कार या सम्मान मिल सकता है। ऊँचाइयाँ: करियर में आप उन लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे जिन्हें आप लंबे समय से कठिन मान रहे थे। 4. तुला (Libra): साझेदारी में लाभ और व्यक्तिगत विकास तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और नए समझौतों का है। अटके हुए कार्यों में गति आने से मानसिक तनाव कम होगा। व्यापार: यदि आप पार्टनरशिप में बिजनेस कर रहे हैं, तो आपसी तालमेल बेहतर होगा और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। व्यक्तिगत जीवन: आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। लोग आपकी सलाह लेना पसंद करेंगे। धन लाभ के प्रबल योग हैं, विशेषकर संपत्ति या जमीन से जुड़े मामलों में। सुधार: पुराने कानूनी विवादों से राहत मिलने की पूरी संभावना है। 5. वृश्चिक (Scorpio): मेहनत का मीठा फल और करियर में छलांग वृश्चिक राशि के जातकों के लिए ग्रहों का संकेत संघर्ष के अंत और सफलता की शुरुआत का है। करियर ट्रांजिशन: यदि आप लंबे समय से प्रमोशन या कार्यक्षेत्र बदलने का सोच रहे थे, तो अब स्थितियां आपके पक्ष में होंगी। आपकी कड़ी मेहनत का लोहा मैनेजमेंट को मानना पड़ेगा। शुभ समाचार: परिवार या करियर से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है जिसका आप वर्षों से इंतजार कर रहे थे। ऊर्जा: आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे, जिससे कठिन कार्यों को भी समय से पहले पूरा कर लेंगे।
नास्त्रेदमस को टक्कर देते भारत के 7 भविष्यवक्ता, जानें चौंकाने वाली भविष्यवाणियां
7 prophets of India: भारत के लगभग हर प्रांत में ऐसे सिद्ध पुरुष, संत और ज्योतिषी रहे हैं जिनकी भविष्यवाणियों ने स्थानीय स्तर पर लोगों को प्रभावित किया है। इन भविष्यवक्ताओं ने अक्सर क्षेत्रीय भाषाओं में अपनी बातें लिखीं और समय पर इनकी बातों को कभी प्रचारित या प्रसारित नहीं किया गया जिसके चलते विदेश के तथाकथित ज्योतिष और भविष्यवक्तों की भविष्यवाणियों को ही सच मानकर उन्हें ही महान समझा गया, जबकि उन भविष्यवक्तों ने अपनी भविष्य की किताबों में गोलमाल छंदों में भविष्य की बाते लिखी हैं, लेकिन भारत के संतों ने स्पष्ट रूप से भविष्य को लिखा है। चलिए जानते हैं ऐसे ही संतों और उनकी किताबों के बारे में संक्षिप्त जानकारी। 1. संत ज्ञानेश्वर महाराज: (1275-1296): महाराष्ट्र के महान संत, जिन्होंने 'ज्ञानेश्वरी' में न केवल दार्शनिक बातें कहीं, बल्कि युगों के चक्र और भक्ति मार्ग के भविष्य के बारे में भी संकेत दिए। 13वीं शताब्दी के महान संत ज्ञानेश्वर ने अपनी रचना 'ज्ञानेश्वरी' के अंत में 'पसायदान' (विश्व कल्याण की प्रार्थना) के माध्यम से भविष्य के समाज की कल्पना की थी। उन्होंने भविष्य में एक ऐसे समाज की भविष्यवाणी की थी जहाँ अधर्म का अंधेरा मिटेगा और सूर्य के समान तेज वाला धर्म उदय होगा। उन्होंने कलियुग के कठिन समय में भी मनुष्य के भीतर 'चेतना' जागृत होने की बात कही थी। इसके अलावा संत नामदेव, संत तुकाराम, संत एकनाथ, संत तुकड़ों महराज, समर्थ रामदास स्वामी, संत गाडगे बाबा और तुकडोजी महाराज ने भी कई भविष्यवाणियां की है। 2. ओडिशा के संत अच्युतानंद दास महाराज: (1510-1570) ओडिसा के पंचसखा में से एक संत अच्युतानंद दास ने सदियों पहले की हजारों ऐसी भविष्यवाणियां कर दी थी जो समय के साथ सच साबित हुई है। उनकी भविष्यवाणियों के ग्रंथ को 'भविष्य मालिका' कहते हैं। उन्होंने 13 मुस्लिम देशों द्वारा भारत पर हमले की बात भी लिखी है। एक समय ऐसा आएगा जब जगन्नाथ मंदिर की ध्वजा गिर जाएगी और समुद्र का पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच जाएगा, तब धरती पर बड़े बदलाव होंगे। महापुरुष अच्युतानंद दास की 'भविष्य मालिका' में कलयुग के अंत और तीसरे विश्व युद्ध जैसी भविष्यवाणियाँ संकलित हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। 3. कृष्ण भक्त संत सूरदास: (1478-1583) कृष्ण भक्त संत सूरदास के कुछ पदों में कलियुग के अंत और आने वाले समय के बदलावों का वर्णन मिलता है। सूरदास जी द्वारा रचित 'सूरसागर' और 'सूरसारावली' में कलयुग के अंत और विशेष कालों के लिए भविष्यवाणी मानी जाती है। इसमें संवत 2000 के बाद भीषण अकाल, महामारी, प्राकृतिक आपदाओं, नैतिक पतन और युद्ध जैसी विनाशकारी घटनाओं का जिक्र है। उसके बाद एक किसान के घर एक महात्मा पैदा होगा जो शांति और भाई चारा स्थापित करेगा। एक धर्मात्मा इस विनाशकारी समय को वश में करेगा और लोगों को धर्मज्ञान की शिक्षा देगा। उन्होंने 21वीं सदी में विनाश के बाद, एक लंबे समय (सहस्र वर्ष) के लिए सतयुग के आगमन और सुख-शांति की बात कही है। 4. आंध्रप्रदेश के संत वीरब्रह्मेंद्र स्वामी: (1608–1694) इन्होंने सदियों पहले भविष्यवाणी की थी कि लोहे के घोड़े दौड़ेंगे (ट्रेन), बिना बैल के वाहन होंगे (कार), बिना तेल के पानी से उजाला होगा (बिजली) और इंसान पक्षियों की तरह उड़ेंगे (हवाई जहाज)। महान युद्ध होंगे और लाइलाज महामारियां आएंगी। इनकी भविष्यवाणियां दक्षिण भारत के गांवों में आज भी गाई जाती हैं। इनकी भविष्यवाणियों के ग्रंथ को 'कालज्ञानम' कहते हैं। इसमें हजारों भविष्यवाणियां लिखी हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। 5. श्री गुरु गोविंद सिंह जी (1666-1708): सिख धर्म के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी और उनके सिखों के बीच हुए संवाद, उनके जीवन की घटनाएं और सबसे महत्वपूर्ण- भविष्य की भविष्यवाणियाँ पर आधारित एक ग्रंथ है जिसे 100 साखियां (अध्याय) कहते हैं। सौ साखी को मुख्य रूप से इसकी भविष्यवाणियों के लिए जाना जाता है। इसमें कलियुग के अंत, खालसा राज के पुनरुत्थान और भविष्य के युद्धों के बारे में संकेत दिए गए हैं। आधुनिक व्याख्याकार मानते हैं कि इसमें उत्तर की दिशा से होने वाले बड़े युद्धों का भी उल्लेख है। 6. गुजरात के संत देवत अयात: (लगभग 14वीं-15वीं शताब्दी): संत देवत अयात मुख्य रूप से राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र और गुजरात के सीमावर्ती इलाकों से संबंधित थे। उन्हें 'त्रिकालज्ञ' माना जाता है। उन्होंने आने वाले समय (कलियुग) के बारे में ऐसी बातें कहीं थीं जो आज के समय में काफी सटीक बैठती हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि धर्म केवल ढोंग और प्रदर्शन तक सीमित रह जाएगा। सच्चे साधु दुर्लभ होंगे और पाखंडी पूजे जाएंगे।उन्होंने दूर-संचार और आधुनिक मशीनों की ओर इशारा करते हुए कहा था कि हवा में बातें होंगी और लोहे के वाहन बिना घोड़ों के दौड़ेंगे। उनकी वाणियों में उल्लेख मिलता है कि जब अन्याय अपनी सीमा लांघ जाएगा, तब एक दैवीय शक्ति (महाशक्ति) का आगमन होगा जो अधर्म का विनाश करेगी। उन्हें विशेष रूप से उनकी 'आगमवाणी' (भविष्यवाणियों) के लिए जाना जाता है। 7. गुजरात के संत मावजी महाराज: (1714-174): मावजी महाराज की अब तक की भविष्यवाणियां सच साबित हुई है। मावजी महाराज ने वायुयान, मोबाइल और कंप्यूटर के अविष्कार की भविष्यवाणी भी की है। उन्होंने लिखा है गुजरात का डंका बजेगा और दिल्ली में दीया जलेगा। वर्तमान में नरेंद्र मोदी और अमितशाह के कारण गुजरात का डंका ही बज रहा है। कहा जाता है कि 350 वर्ष पहले संत मावजी महाराज ने 5 चौपडे लिखे थे जिसमें से एक शेषपुर, दुसरा साबला, तीसरा बांसवाड़ा व चौथा पूंजपुर में है। उस जमाने में मावजी महाराज ने कागज पर लाख की स्याही और बांस की कलम से 72 लाख 66 हजार भविष्यवाणियों को अपने हाथों से लिखा था। वागड़ी भाषा में लिखी गई यह हस्तलिपियां आज भी साबला स्थित मावजी के जन्म स्थान में सहेजकर रखी गई हैं। उन्होंने वर्तमान समय के संबंध में की कई भविष्यवाणियां लिखी हैं। संत मावजी ने 5 बड़े ग्रंथों की रचना की थी, जिन्हें 'चौपड़ा' कहा जाता है। इनमें उन्होंने तीसरे विश्व युद्ध और भविष्य की कई सटीक भविष्यवाणियां की हैं। ये ग्रंथ केवल दीपावली के दिन दर्शन के लिए बाहर निकाले जाते हैं। भविष्य पुराण: उल्लेखनीय है कि स्वामी शिवानन्द के अनुसार- आज विश्व में जो भी घटनाएं घटित हो रही हैं वह शास्त्रानुार पहले से ही सुनिश्चित है। भविष्य पुराण में भगवान वेद व्यास जी ने स्वयं भविष्यवाणी की है कि 4,900 शताब्दि कलियुग बीतने के पश्चात् भारत में बौद्धों का राज्य होगा, तदन्तर आद्य शंकराचार्य जी का प्रादुर्भाव के साथ ही वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार होगा और मनुस्मृति के आधार पर राजा राज्य करेंगें। पुनः 300 वर्षो तक भवनों तथा 200 वर्ष तक ईसाईयों का राज्य रहेगा। उसके बाद मौन (मत पत्रों) का राज्य रहेगा, जो 11 टोपी (राष्ट्रपति) तक चलेगा। यह क्रम लगभग 50 वर्ष तक चलेगा। इसके बाद से किसी भी पार्टी को बहुमत प्राप्त नहीं हो सकेगा। मंहगाई-भ्रष्टाचार बढ़ेगें। माता-पिता, साधु-सन्त, ब्राह्मण-विद्वान अपमानित होगें, तब भयानक युद्ध होगा। भारत पुनः अपने अस्तित्व में आकर विश्व गुरु पद पर स्थापित होगा। भारत में शास्त्रानुसार पुनः राज्य परम्परा की स्थापना होगी।- (राष्ट्रीय सहारा समाचार पत्र, वाराणसी, 8 सितम्बर, 1998)
इंदौर में एक बार फिर से एलपीजी का संकट बढ़ गया है। इसके पीछे अक्षय तृतीया के बाद लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। शादियों में सिलेंडर की डिमांड बढ़ गई है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलेंडर चाहिए, उन्हें दिक्कत आ रही है। लोग शादी का हवाला देकर सिलेंडर मांग रहे हैं। इतना ही नहीं, लोगों ने मेन्यू में कटौती करने के साथ ही मेहमानों की सूची भी छोटी कर दी है। दूसरी तरफ शादी वालों को कैटसर्स सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वे 2 से ढाई हजार रुपए प्रति सिलेंडर वसूल रहे हैं। ऐसे में शादी वाले घरों में दिक्कतें हो रही हैं। दरअसल, अक्षय तृतीया के बाद इंदौर में लगातार शादियों के मुहूर्त हैं। जिससे एलपीजी सिलिंडरों की मांग बढ़ गई है। लोग किसी भी तरह से सिलिंडरों की जुगाड़ कर लेना चाहते हैं। 25 और 26 अप्रैल को होगी डिमांड : हालांकि इंदौर में पहले की तरह सिलेंडर की दिक्कत नहीं है, लेकिन शादियों की वजह से दबाव बढ गया है। जिन लोगों को एक से ज्यादा सिलिंडर चाहिए, उन्हें परेशान होना पड रहा है। इधर 25 और 26 अप्रैल को मुहूर्त होने के कारण सैकड़ों शादियां तय हैं। कार्ड का हवाला देकर मांग रहे सिलेंडर : शहर में हलवाइयों ने गैस सिलिंडर की व्यवस्था की जिम्मेदारी वर और वधु पक्ष पर डाल दी है। कलेक्टर कार्यालय के खाद्य विभाग में भी सिलिंडरों की मांग को लेकर 100 से ज्यादा आवेदन आए हैं, लेकिन अधिकारी लोगों को गैस एजेंसियों से संपर्क करने की सलाह दे रहे हैं। दूसरी ओर, गैस डिस्ट्रीब्यूटर के दफ्तरों में लोग शादी के कार्ड दिखाकर सिलिंडर की मांग कर रहे हैं। कई लोगों के घरों में 25 और 26 अप्रैल को शादी है और रसोई के लिए किसी को 8 तो किसी को 10 सिलेंडर चाहिए। लेकिन इतने सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। केटरर्स दे रहे , लेकिन लेंगे 2500 : इधर शहर केकई केटरर्स ने इसे कमाई का धंधा बना लिया है। वे दावा कर रहे हैं कि वे सिलिंडर उपलब्ध करा देंगे, वे प्रति सिलिंडर 2000 से 2500 रुपए तक वसूल रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं, हालांकि वे भट्टी के ऑप्शन पर जा रहे हैं। Edited By: Naveen R Rangiyal
धुरंधर 2 की बॉक्स ऑफिस पर धूम जारी: वर्ल्ड वाइड कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये
‘धुरंधर 2’ ने पांचवें सप्ताह में भी अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान कर दिया है। शुक्रवार को 2.75 करोड़ रुपये, शनिवार को 4.75 करोड़ रुपये और रविवार को 5.25 करोड़ रुपये की कमाई के साथ फिल्म के हिंदी वर्जन ने कुल 1077.75 करोड़ रुपये की कमाई की। खास बात यह है कि इस सप्ताह के आंकड़ों में फिल्म की कमाई में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई, जो दर्शकों के बीच इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। भूत बंगला जैसी बड़ी फिल्म के बावजूद, ‘धुरंधर 2’ ने अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखी है और बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलताएं हासिल कर रही है। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन: एक नजर में चलिए, अब एक नज़र डालते हैं ‘धुरंधर 2’ के हिंदी वर्जन के अब तक के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों पर। फिल्म ने पहले सप्ताह में 649 करोड़ रुपये की कमाई की थी, जबकि दूसरे सप्ताह में यह आंकड़ा 251 करोड़ रुपये था। तीसरे सप्ताह में फिल्म ने 109 करोड़ रुपये की कमाई की और चौथे सप्ताह में 56 करोड़ रुपये का कारोबार किया। हालांकि, पांचवे वीकेंड में फिल्म का प्रदर्शन फिर से मजबूत दिखा, जहां उसने 12.75 करोड़ रुपये का कारोबार किया। क्या अब खत्म हो जाएगी फिल्म की यात्रा? फिल्म का प्रदर्शन पांचवें सप्ताह में पहले के मुकाबले कुछ धीमा पड़ा है, लेकिन फिल्म अब भी बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए हुए है। इसे देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि फिल्म कब तक और कितना और कमा पाएगी। फिलहाल, ‘धुरंधर 2’ का कुल नेट कलेक्शन 1077.75 करोड़ रुपये हो चुका है, जो एक जबरदस्त सफलता की कहानी बन चुका है। वर्ल्ड वाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये फिल्म का 4 सप्ताह और पांचवें वीकेंड को मिलाकर वर्ल्ड वाइड ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 1783 करोड़ रुपये हो चुका है। भारत में 1260 करोड़ रुपये और ओवरसीज़ में 423 करोड़ रुपये। आने वाले दिनों में फिल्म 1800 करोड़ का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। ‘धुरंधर 2’ की सफलता की कहानी फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने साबित कर दिया है कि दर्शकों के बीच अब भी उसकी धाक है, भले ही स्क्रीन की संख्या में कमी आई हो और नई फिल्में भी आ चुकी हों। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार सफलता की मिसाल बन चुकी है और इंडस्ट्री में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। फिल्म ‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन जारी रखा है, और अब तक के आंकड़े दर्शाते हैं कि फिल्म में दम है। हालांकि, पांचवे वीकेंड में कमाई में थोड़ी गिरावट आई है, लेकिन यह अब भी सफलता की ओर बढ़ रही है। इस फिल्म की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है और इसने दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बना ली है। यह आने वाले समय में और भी रिकॉर्ड तोड़ सकती है।
ग्राउंड रिपोर्ट: नोएडा में महिलाओं की पिटाई के वीडियो पर पुलिस के दावे की पड़ताल
बूम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि वीडियो नोएडा के सेक्टर 6 स्थित Motherson फैक्ट्री के पास का है, जहां पुलिस ने महिला प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी की थी.
अक्षय तृतीया 2026: व्रत, पूजा मुहूर्त, पूजन विधि, कथा, आरती और इस दिन का खास महत्व जानें
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आने वाला यह पर्व, जिसे हम 'अखा तीज' के नाम से भी जानते हैं, सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि सौभाग्य का एक 'अक्षय' भंडार है। 'अक्षय' का अर्थ ही है- वह जिसका कभी नाश न हो। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य, चाहे वह दान हो, जप हो या निवेश, उसका फल जन्म-जन्मांतर तक हमारे साथ रहता है। इस विशेष तिथि को त्रेतायुग के आरंभ और भगवान परशुराम, नर-नारायण व हयग्रीव के प्राकट्य दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इतना ही नहीं, इसी पावन दिन बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुलते हैं। ALSO READ: 100 साल बाद अक्षय तृतीया पर दुर्लभ योग, इस मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी अक्षय तृतीया व्रत 2026: पूजा: इस दिन भक्त व्रत का संकल्प लेकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त रूप से पूजा करते हैं। उद्देश्य: यह व्रत जीवन में सुख-समृद्धि और अक्षय (कभी न खत्म होने वाले) पुण्य की प्राप्ति के लिए रखा जाता है। प्रकार: भक्त अपनी क्षमतानुसार निराहार (बिना भोजन के) या फलाहारी व्रत रखते हैं। नियम: सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करना अनिवार्य है। व्रत के दौरान पीले रंग के वस्त्र पहनना और मन को शांत रखना जरूरी है। भोजन: यदि पूर्ण व्रत संभव न हो, तो शाम को एक समय बिना नमक का भोजन (जैसे मीठा हलवा, दूध, फल या केसरिया चावल) ग्रहण किया जाता है। निषेध: इस दिन क्रोध करना, झूठ बोलना और तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस) का सेवन पूरी तरह वर्जित है। अक्षय तृतीया पूजा का शुभ मुहूर्त: अक्षय तृतीया पूजा मुहूर्त: 10:49:08 से 12:20:34 तक 19 अप्रैल पूजा और खरीददी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 10:49 से दोपहर 12:20 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। त्रिपुष्कर योग: सुबह 07:10 से 10:49 तक रहेगा। राहुकाल: शाम 05:12 से शाम 06:49 के बीच रहेगा। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। 20 अप्रैल पूजा और खारीदी का शुभ मुहूर्त: शुभ मुहूर्त: सुबह 09:06 से 10:43 तक। अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से दोपहर 12:46 तक। सर्वार्थ सिद्धि योग: पूरे दिन राहुकाल: सुबह 07:28 से 09:05 के बीच। इस बीच सभी कार्य वर्जित रहेंगे। अबूझ मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार, यह त्योहार तब मनाया जाता है जब तृतीया तिथि दिन के पहले हिस्से (पूर्वाह्न) में मौजूद हो। यदि यह तिथि लगातार दो दिन आती है, तो दूसरे दिन को प्रधानता दी जाती है। सबसे उत्तम संयोग तब बनता है जब इस दिन बुधवार या सोमवार के साथ 'रोहिणी नक्षत्र' का साथ मिल जाए। इसे साल के उन 'साढ़े तीन' मुहूर्तों में गिना जाता है, जिसमें बिना पंचांग देखे कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। पूजा की सरल और सात्विक विधि इस दिन की शुरुआत तन और मन की शुद्धि के साथ करें। सुबह स्नान के बाद पीले वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु को प्रिय है। अर्चन: विष्णु जी की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं और उन्हें तुलसी दल, पीले फूल व माला अर्पित करें। साधना: पीले आसन पर बैठकर विष्णु सहस्रनाम या चालीसा का पाठ करें और अंत में प्रेमपूर्वक आरती उतारें। भोग: प्रसाद में जौ या गेहूं का सत्तू, ककड़ी और भीगी हुई चने की दाल अर्पित करना परंपरा का हिस्सा है। उपवास का विकल्प: यदि आप पूर्ण उपवास नहीं कर सकते, तो फलाहार के रूप में पीला मीठा हलवा, केले या केसरिया चावल ग्रहण कर सकते हैं। दान और निवेश: समृद्धि का मार्ग अक्षय तृतीया पर 'सोना खरीदने' का चलन केवल दिखावा नहीं, बल्कि महालक्ष्मी को आमंत्रित करने का एक प्रतीक है। माना जाता है कि आज खरीदा गया सोना आपके वैभव को आजीवन बढ़ाता है। लेकिन याद रखें, इस दिन असली धन 'पुण्य' है। अपने पितरों की शांति के लिए तीर्थ स्नान, तर्पण और ब्राह्मणों को भोजन कराना विशेष फलदायी है। जौ, सत्तू, दही-चावल और दूध से बनी वस्तुओं का दान आज के दिन आपके भाग्य के द्वार खोल सकता है। अक्षय तृतीया की आरती: 1. माता लक्ष्मी जी की आरती (Maa Lakshmi Aarti) ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। मैया तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। मैया सुख संपत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता... अक्षय तृतीया पौराणिक कथा एक बार युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें इस तिथि का महत्व बताया। उन्होंने एक प्राचीन कथा सुनाई कि एक बहुत ही गरीब और सदाचारी व्यापारी था, जो अपनी गरीबी से परेशान रहता था। किसी विद्वान की सलाह पर उसने अक्षय तृतीया के दिन गंगा स्नान किया और अपनी सामर्थ्य के अनुसार श्रद्धापूर्वक देवी-देवताओं की पूजा व दान किया। इसी पुण्य के प्रभाव से वह व्यापारी अगले जन्म में कुशावती का प्रतापी राजा बना। वह इतना धनी और वैभवशाली हुआ कि उसका खजाना कभी खाली नहीं हुआ। यह कथा सिखाती है कि इस दिन किया गया दान और पूजन कभी निष्फल नहीं जाता और व्यक्ति को अक्षय (कभी न खत्म होने वाले) सुख की प्राप्ति होती है।
क्या गर्मी ने भी भड़काया नोएडा का गुस्सा? मजदूर आंदोलन के पीछे ‘हीट स्ट्रेस’ की अनकही कहानी
नोएडा के मजदूर आंदोलन के पीछे क्या सिर्फ वेतन और काम के घंटे थे, या बढ़ती गर्मी और ‘हीट स्ट्रेस’ भी एक कारण बना? पढ़ें विस्तृत विश्लेषण।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today 20 April horoscope in Hindi 2026 : करियर: नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी, प्रोफेशनल नेटवर्क मजबूत होगा। लव: पार्टनर के साथ भावनात्मक तालमेल बढ़ेगा। धन: निवेश में लाभ संभव है, लेकिन बड़े फैसले सोच-समझ कर लें। स्वास्थ्य: ऊर्जा का स्तर अच्छा रहेगा, हल्की एक्सरसाइज करें। उपाय: आज लाल कपड़े का दान करें। ALSO READ: Akshaya Tritiya Special: चंद्रमा का वृषभ राशि में महागोचर: अक्षय तृतीया पर इन 3 राशियों की खुलने वाली है किस्मत की लॉटरी! 2. वृषभ (Taurus) करियर: ऑफिस में बदलाव या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: सिंगल्स को नए रिलेशन की संभावना। धन: पैसों का संतुलन बनाए रखें, अनावश्यक खर्च टालें। स्वास्थ्य: पेट संबंधित परेशानियां हो सकती हैं, खान-पान में सावधानी। उपाय: पीले रंग की वस्तुएं दान करें 3. मिथुन (Gemini) करियर: टीम वर्क में सहयोग मिलेगा, प्रमोशन के योग। लव: परिवार और साथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन: छोटे निवेश लाभकारी रहेंगे। स्वास्थ्य: नींद पूरी करें, मानसिक तनाव कम करें। उपाय: हरे रंग की वस्तुएं दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कस्टमर व क्लाइंट मीटिंग में सफलता मिलेगी। लव: रोमांटिक समय मिलेगा, प्यार में वृद्धि होगी। धन: धन लाभ की स्थिति बनी रहेगी। स्वास्थ्य: हृदय और पाचन की देखभाल करें। उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: नई जिम्मेदारियां और नेतृत्व के अवसर मिलेंगे। लव: साथी के साथ अच्छे समय की उम्मीद। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत, निवेश सोच-समझ कर करें। स्वास्थ्य: जोड़ों और आंखों का ध्यान रखें। उपाय: नारंगी रंग की वस्तुएं दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: ऑफिस में मेहनत का फल मिलेगा। लव: रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें। धन: खर्च में सावधानी आवश्यक। स्वास्थ्य: पाचन और माइग्रेन से बचाव। उपाय: गेहूं और दाल का दान करें। 7. तुला (Libra) करियर: करियर में स्थिरता और सहयोग मिलेगा। लव: रोमांस और दोस्ती में संतुलन बना रहेगा। धन: निवेश और बचत के लिए शुभ दिन। स्वास्थ्य: हल्की-फुल्की व्यायाम करें। उपाय: सफेद वस्तुएं दान करें। ALSO READ: Akshay Tritiya 2026: अक्षय तृतीया के लिए शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कामकाज में रचनात्मक विचार सफल होंगे। लव: पार्टनर के साथ मधुर समय। धन: आर्थिक योजनाओं में लाभ। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: काले तिल का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई योजनाओं में सफलता, व्यापार में वृद्धि होगी। लव: सिंगल्स को नए रिश्ते मिल सकते हैं। धन: निवेश लाभदायक, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: फिटनेस बनाए रखें। उपाय: आज पीले फल और वस्तुएं दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, प्रमोशन या बोनस संभव। लव: परिवार और साथी के साथ सामंजस्य बढ़ेगा। धन: पैसों की सुरक्षा पर ध्यान दें। स्वास्थ्य: जोड़ों और मांसपेशियों की देखभाल। उपाय: गोधूलि समय में दीपक जलाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नयी चुनौतियों का सामना करेंगे और सफलता मिलेगी। लव: प्रेम और दोस्ती में सकारात्मक बदलाव आएगा। धन: निवेश लाभकारी, लेकिन जल्दबाजी न करें। स्वास्थ्य: मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें। उपाय: नीले रंग का वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: नए रचनात्मक और कलात्मक प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। लव: रिश्तों में मधुरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। स्वास्थ्य: पेट और मूत्र संबंधी समस्याओं से बचाव। उपाय: पानी में फूल अर्पित करें। ALSO READ: चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
भारत की सभी मस्जिदों में महिलाएं बिना रुकावट नमाज पढ़ने जा सकेंगी या नहीं? दाऊदी बोहरा समाज की लड़कियों का खतना क्या गैर-कानूनी हो जाएगा? क्या दूसरे धर्म में शादी करने के बाद भी पारसी महिलाएं अग्नि मंदिर में जा पाएंगी? इन सभी सवालों के जवाब तय होंगे सबरीमाला पर फैसले से। सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संवैधानिक पीठ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मामले पर सुनवाई कर रही है। इसके साथ धार्मिक आस्था से जुड़े 66 मामले और जुड़े हैं। इसी महीने फैसला आने की उम्मीद है। भगवान अयप्पा के जन्म से लेकर सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के व्यापक असर की पूरी कहानी; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी और अजीत सिंह ------ यह खबर भी पढ़िए… गजनवी ने सोमनाथ शिवलिंग के टुकड़े मस्जिद में लगवाए:6 टन सोना लूटा; नेहरू मंदिर बनवाने के इतने खिलाफ क्यों थे 6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, 'शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।' पूरी खबर पढ़िए
मदुरै से करीब 15 किमी दूर तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी है। इसकी तलहटी में भगवान मुरुगन का मंदिर है और शिखर पर सूफी संत सिकंदर बदुशा की दरगाह। दरगाह के पास दीपम (कांसे से बना बड़ा दीपक) जलाने के विवाद से ये इलाका दक्षिण भारत का ‘अयोध्या’ बन चुका है। बीते 6 महीने में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता कई बार यहां जमा हो चुके हैं, इसलिए पुलिस ने इलाके की किलेबंदी कर रखी है। भीड़ जुटाने की मनाही है। मामला हाईकोर्ट में है। तमिलनाडु में भगवान मुरुगन वैसे ही पूजे जाते हैं, जैसे उत्तर भारत में भगवान राम, महाराष्ट्र में गणपति और बंगाल में मां काली। मान्यता है कि तिरुपरनकुंद्रम उनके छह पवित्र निवासों में पहला है, जहां उन्होंने देवयानी से विवाह किया था। इसीलिए ये मंदिर दक्षिण भारत में शादी से जुड़ी मुरादें पूरी करने के लिए मशहूर है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग हैं। उससे पहले ही तिरुपरनकुंद्रम धार्मिक अधिकारों की लड़ाई का अखाड़ा बन चुका है। तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति पहले कभी नहीं हुई। फिर भी BJP ने इसे मुद्दा बनाने की कोशिश की है। 1 दिसबंर को मद्रास हाईकोर्ट ने पहाड़ी के शिखर पर दीपम जलाने की अनुमति दी थी। DMK ने इसे चुनौती दी। पहाड़ी पर चढ़ने की कोशिश कर रहे तमिलनाडु BJP अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन और सीनियर लीडर एच. राजा समेत 113 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। 1 मार्च को PM मोदी भी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। छोटा सा कस्बा हिंदुत्व की प्रयोगशाला, 91% हिंदू आबादी2011 की जनगणना में तिरुपरनकुंद्रम की आबादी 48,810 थी। ये बढ़कर करीब 70 हजार हो गई है। 91.8% आबादी हिंदू है और 3.6% मुस्लिम। मंदिर के आसपास की गलियों में हिंदू-मुस्लिम मिलकर रहते हैं। ऐसा भी नहीं है कि कस्बे में धर्म के आधार पर इलाके बंटे हों, लेकिन मंदिर के पास जाते ही ये बंटवारा दिखने लगता है। पुलिस ने बैरिकेड लगाकर दरगाह का रास्ता बंद कर दिया है। आने-जाने वालों से पूछताछ होती है। एक पुलिसवाले ने हमें भी सीढ़ियों से पहले रोक लिया। बोला- आगे जाने के लिए ऊपर से परमिशन लेनी होगी। परमिशन के लिए थाना इंचार्ज को फोन किया, तो उन्होंने कहा, ‘आदेश है कि मीडिया और गैर मुस्लिमों को दरगाह तक नहीं जाने देना है।’ ‘विवाद शुरू हुए डेढ़ साल हो गए, मुस्लिमों से रिश्ते नहीं बदले’दरगाह जाने के रास्ते में जयराजमणि मिले। ऑटो ड्राइवर हैं। कहते हैं, ‘18 महीने से विवाद शुरू हुआ है। माहौल थोड़ा अलग हो गया है। हमेशा मंदिर में ही दीप जलाया गया है। वही परंपरा आज भी है। एक-दो साल से अचानक मांग होने लगी कि दीपम दरगाह के पास जलाया जाना चाहिए। इससे तो माहौल खराब ही होगा न।’ ‘मुस्लिमों से हमारे रिश्तों में कोई बदलाव नहीं आया है। BJP और RSS वोट के लिए इसे हवा दे रहे हैं, लेकिन हमारे लिए ये मुद्दा नहीं है। हमारे लिए असली सवाल यह है कि चुनाव कौन जीतेगा, DMK या AIADMK। इस सीट से DMK ने कृथिका थंगपंडियान और AIADMK ने मौजूदा विधायक वीवी राजन चेल्लपा को टिकट दिया है।' ‘दीपम पहाड़ी पर ही जले, दरगाह नाजायज’मंदिर के सामने 45 साल से मालाएं बेच रहीं प्रसन्नकुमारी ने यहां का माहौल बदलते देखा है। वे कहती हैं ‘मैं तिरुपरनकुंद्रम में हो रहे अन्याय पर चुप नहीं रह सकती। DMK सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा करती है। कार्तिगई (तमिल हिंदुओं का त्योहार, जब घरों और मंदिरों में दीये जलाए जाते हैं) के समय सैकड़ों श्रद्धालुओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। वे पहाड़ी पर बने दीपस्तंभ पर दीप जलाने जा रहे थे।’ मंदिर के सामने मिले सुंदरमूर्ति करीब 40 साल से यहां आ रहे हैं। दीपम के मसले पर तेज आवाज में कहते हैं, ‘ये मुद्दा बिल्कुल सही है। दीपम पहाड़ी के शिखर पर ही जलाया जाना चाहिए। ये हमारे लिए भावनात्मक मुद्दा है। दरगाह नाजायज है।’ पी. मुरुगन की पीढ़ियां मंदिर में रहते आई हैं। उनका नाम भगवान मुरुगन के नाम पर रखा गया। पेशे से टेलर मुरुगन की राय सुंदरमूर्ति से अलग है। वे कहते हैं, ‘यह सिर्फ उन लोगों का मुद्दा है, जो समाज में फूट डालना चाहते हैं। हिंदू हो या मुस्लिम हम हर त्योहार साथ मनाते हैं। मंदिर का उत्सव हो या दरगाह का, हम वहां जाते हैं और वे यहां आते हैं।’ फिर अचानक इतना बड़ा मुद्दा क्यों बन गया? मुरुगन जवाब देते हैं, ‘यह चुनाव से जुड़ा मामला है। कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल कर वोट लेना चाहते हैं। बाहर से लोगों को लाकर विरोध करवाया जा रहा है, ताकि ऐसा लगे कि हिंदू और मुस्लिम आपस में लड़ रहे हैं।’ मुस्लिम बोले- हमारे दिलों में कोई बैर नहीं, लोग विवाद से थक चुकेमुरुगन के पड़ोस में रहने वाले सैयद इब्राहिम मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले थे। हमें अपनी कपड़े की दुकान पर ले गए। वे कहते हैं, ‘सदियों से यह पहाड़ी शांति और सौहार्द का प्रतीक रही है। एक तरफ भगवान मुरुगन का मंदिर है और ऊपर पवित्र दरगाह। हमारे दिलों में इस विवाद का कोई असर नहीं पड़ा है। यहां के लोग सच्चाई जानते हैं। सरकारी रिकॉर्ड में भी यह मामला साफ है।’ जैनुलाबुद्दीन 40 साल पहले तिरुपरनकुंद्रम में आकर बसे थे। वे कहते हैं कि मैंने इस विवाद के बारे में कभी नहीं सुना। यहां हिंदू दरगाह जाते हैं और मुस्लिम मंदिर के रथ उत्सव में शामिल होते हैं। परिवार की तरह साथ रहते हैं।’ क्या इस विवाद का असर वोटिंग पैटर्न पर पड़ेगा? जैनुलाबुद्दीन जवाब देते हैं, ‘कुछ लोग प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग इससे थक चुके हैं। हम चाहते हैं कि चुनाव पानी, सड़क और रोजगार जैसे मुद्दों पर हो, न कि इस बात पर कि दीप कहां जलाया जाए।’ दीपम जलाने की मांग के पीछे हिंदू मुन्नानी संगठनहिंदू मुन्नानी नाम का संगठन दीपम को दरगाह के पास जलाने की मांग उठाता रहा है। वही इस मामले को कोर्ट में ले गया। संगठन के अलगारसामी सेल्वाराज 15 साल से इस मुद्दे पर काम कर रहे हैं। कई बार दरगाह के पास दीपम जलाने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिए गए हैं। उन पर 12 FIR दर्ज हैं। सेल्वाराज RSS और BJP के समर्थक हैं। वे दावा करते हैं कि PM मोदी 1 मार्च को मंदिर आए थे, तब मैंने उनके स्वागत में 1 लाख रुपए खर्च कर पूरे मदुरै में पोस्टर लगवाए थे। सेल्वाराज कहते हैं- ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। इस पर हिंदुओं का ही हक है। ऊपर बना स्ट्रक्चर गैरकानूनी है और हटकर रहेगा। DMK से जुड़े नेताओं ने तिरुपरनकुंद्रम पहाड़ी को सिकंदर हिल कहकर विवाद पैदा किया। हमने सेल्वाराज से पूछा कि ये पहाड़ी भगवान मुरुगन की है, इसके समर्थन में आपके पास क्या सबूत हैं? सेल्वाराज कहते हैं, ‘तमिल साहित्य साबित करता है, लंदन से लेकर मद्रास हाईकोर्ट तक अदालतों ने माना है कि यह पहाड़ी भगवान मुरुगन की है। तमिल राजाओं के समय से लेकर आज तक के प्रशासनिक रिकॉर्ड भी यही पुष्टि करते हैं।’ एक्सपर्ट बोले- तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कभी नहीं चलीसीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार मंदिर-दरगाह विवाद पर कहते हैं, ‘तमिलनाडु में हिंदू-मुस्लिमों के बीच विवाद की स्थिति नहीं रही। द्रविड़ राजनीति के बड़े किरदारों पेरियार, अन्नादुरै, करुणानिधि, जयललिता जैसे नेताओं ने कभी विवाद की राजनीति को हवा नहीं दी। DMK कहता है- वुन्द्रै कुडम, उर्वदे देवम। मलतब कि हम सब एक हैं और हमारे देवता एक ही हैं। तमिलनाडु के मुसलमान भी तमिल बोलने वाले ही हैं। उर्दू बोलने वाले बहुत कम हैं।’ वहीं, स्थानीय पत्रकार राहुल कहते हैं कि तिरुपरनकुंद्रम मंदिर विवाद का चुनाव में खास असर नहीं होगा। यहां लोग धार्मिक हैं। हर गली-नुक्कड़ पर मंदिर है, लेकिन लोग राजनीति में धार्मिक मुद्दे शामिल करने को पसंद नहीं करते। ………………………….तमिलनाडु से ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़िए…लोग बोले- हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां भारत के 28 राज्यों में तमिलनाडु इकलौता है, जिसने अपने यहां तीन भाषा फॉर्मूला लागू नहीं किया। इसका असर चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही दिखने लगता है। बिल्डिंग पर तीन भाषाओं तमिल, हिंदी और अंग्रेजी में बोर्ड लगा है। करीब आधा किमी दूर चेन्नई कॉर्पोरेशन की बिल्डिंग है। इस पर लगे बोर्ड से हिंदी गायब है। यहां के लोग तमिल भाषा को लेकर इमोशनल हैं। चेन्नई में मिलीं 40 साल की विजयलक्ष्मी कहती हैं, ‘तमिल मां की तरह है। हम इसमें स्वाभिमान देखते हैं।’ पढ़िए पूरी खबर...
पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल
अजमेर। पुष्कर घाटी में रविवार को हुए भीषण बस हादसे में एक मासूम बच्चे और दो महिलाओं की मौत हो गई तथा कई अन्य घायल हो गए। पीसांगन की ओर जा रही यात्रियों से भरी निजी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। चीख पुकार की आवाजें सुनकर बडी संख्या में लोग जमा हो […] The post पुष्कर घाटी में अनियंत्रित बस खाई में गिरी, 3 की मौत, दो दर्जन से ज्यादा घायल appeared first on Sabguru News .
मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत
मैसूर। कर्नाटक में मैसूर जिले के कृष्णराजनगर के पास कावेरी नदी में रविवार को हजरत खदर लिंगावल्ली उर्स में महिलाओं और बच्चों सहित 6 लोगों की डूबने से मौत हो गई। अर्केश्वर स्वामी मंदिर के पास नहाने गए 8 लोगों के समूह में से छह लोग डूब गए, जबकि दो को बचा लिया गया लेकिन […] The post मैसूर में उर्स यात्रा के दौरान कावेरी नदी में 6 की डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां
पुष्कर घाटी नौसर माता मंदिर परिसर में विशेष यज्ञ शाला अजमेर। पुष्कर घाटी स्थित प्राचीन श्री नौसर माता मंदिर में 23 अप्रैल से होने वाले श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ में 21 कुंडों पर 5 लाख आहुतियां दी जाएंगी साथ ही श्री सूक्त के 16000 पाठ होंगे। महायज्ञ में बनारस, कोटा और अजमेर के विद्वान अनुष्ठान […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ : 21 कुंडों पर दी जाएंगी 5 लाख आहुतियां appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल
चेन्नई। तमिलनाडु के दक्षिणी जिले विरुधुनगर के कट्टानरपट्टी गांव में रविवार शाम एक लाइसेंस प्राप्त पटाखा निर्माण इकाई में हुए भीषण विस्फोट में 13 श्रमिकों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि पटाखे बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों को मिलाने […] The post तमिलनाडु : पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट, 13 श्रमिकों की मौत, 6 घायल appeared first on Sabguru News .
वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में
वाराणसी। वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर इलाके में रविवार को हड़कंप मच गया, जब सन फ्लॉवर एकेडमी के पास स्थित एक मकान पर विशेष अभियान समूह (एसओजी-2) ने अचानक छापा मारा। सूत्रों के अनुसार, दीपक सिंह के घर पर लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियां चल रही थीं। सूचना पर कमिश्नरेट की एसओजी-2 टीम […] The post वाराणसी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 युवक और 2 युवतियां हिरासत में appeared first on Sabguru News .
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट
देहरादून/उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर रविवार को देवभूमि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद अंतर्गत स्थित श्री गंगोत्री और श्री यमुनोत्री धाम के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शनों के लिए खुल गए। गंगा मइया और यमुना मइया के जयकारों, बैंडबाजों की मधुर धुनों तथा वैदिक मंत्रोच्चारण और सैन्य बैंड की मधुर धुनों के मध्य ग्रीष्मकालीन दर्शनार्थ दोनो […] The post अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन
बालोतरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित पचपदरा रिफाइनरी (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी) का उद्घाटन करेंगे ।इसकी तैयारियां जोरशोर से की जा रही है और अंतिम चरण में हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अवसर पर मोदी जनसभा को भी संबोधित करेंगे और इसके लिए बड़ा पंडाल तैयार किया गया […] The post प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन appeared first on Sabguru News .
भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग
अलवर। राजस्थान में खैरथल-तिजारा जिले के औद्योगिक इलाके भिवाड़ी-खुशखेड़ा में शनिवार देर रात एक तेल फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात करीब बारह बजे श्री विजय इंडस्ट्रीज नामक ऑयल निर्माण फैक्ट्री में अचानक आग लग गई और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में […] The post भिवाड़ी-खुशखेड़ा में रात को तेल फैक्ट्री लगी आग appeared first on Sabguru News .
राजस्थान ने कोलकाता के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी (Video)
RRvsKKR राजस्थान रॉयल्स ने कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाईट राइडर्स के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजीकरने का फैसला किया। Toss update from Kolkata @rajasthanroyals won the toss and elected to bat first against @kkriders Updates https://t.co/776nTdPbPj #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvRR pic.twitter.com/qlD0Fn2LMj — IndianPremierLeague (@IPL) April 19, 2026 राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रविंद्र जडेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, अंगकृष रघुवंशी, रमनदीप सिंह, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, मथीशा पथिराना, राहुल त्रिपाठी, टिम सीफर्ट, तेजस्वी दहिया, रचिन रवींद्र, आकाश दीप, ब्लेसिंग मुजाराबानी, नवदीप सैनी, प्रशांत सोलंकी, सार्थक रंजन, कार्तिक त्यागी, कैमरन ग्रीन, सौरभ दुबे, दक्ष कामरा।
महिला आरक्षण को जल्द लागू करे सरकार- इकरा हसन
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हम जश्न मनाएंगे क्योंकि इनके नापाक ... Read more
Strait of Hormuz में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इससे यहां आवाजाही जोखिम भरी होती जा रही है। हालात ऐसे हो गए कि कई जहाजों को बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। शनिवार को एक भारतीय सुपरटैंकर ने अचानक यू-टर्न ले लिया, जब ईरानी गनबोट्स से गोलीबारी की खबर सामने आई। रिपोर्ट्स के अनुसार इराकी तेल के करीब 20 लाख बैरल लेकर जा रहा भारतीय टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी गोलीबारी के बाद उसे लौटना पड़ा। ईरान ने कहा कि होर्मुज पर अभी भी उसका कंट्रोल है।इधर भारत ने ईरान के राजदूत को तलब किया है। ALSO READ: पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर पर अमेरिकी रिपोर्ट में 'रेड फ्लैग' का अलर्ट, कहीं ट्रंप को भारी न पड़ जाएं गलबहियां ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने शुक्रवार को कहा था कि इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन के युद्धविराम के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला रहेगा, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका-ईरान वार्ता में स्पष्ट परिणाम नहीं आने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते भारतीय टैंकरों को वापस लौटना पड़ा। ईरानी सेना (IRGC) ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक भारतीय जहाज को रोक लिया और उसे वहां से तुरंत अपने पोर्ट लौटने का निर्देश दिया। एक एक ऑडियो रिकॉर्डिंग में बाचतीच रिकॉर्ड हुई। ईरानी अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आवाजाही पर अभी भी रोक है, आप यहां से तुरंत अपने पोर्ट पर लौट जाएं, गो टू बैक इमीडीएटली। इस अनिश्चितता के कारण शिप मालिक इस रूट के इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गए हैं। भारतीय जहाजों के अलावा ग्रीस के कई टैंकर भी दिन में पहले ही लौट गए, जो दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है। UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के अनुसार ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की दो गनबोट्स ने गुजर रहे एक टैंकर पर फायरिंग की। हालांकि जहाज और उसके क्रू को सुरक्षित बताया गया है, लेकिन अधिकारियों ने जहाज की पहचान और गंतव्य का खुलासा नहीं किया। टेंकर ट्रैकर डॉट कॉम ने भी पुष्टि की है कि इस घटना के बाद कई जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया। इनमें एक भारतीय झंडा लगा सुपरटैंकर भी शामिल है। इसी बीच ईरान के नेतृत्व की ओर से आ रहे विरोधाभासी संकेतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। शनिवार को इस संवेदनशील जलमार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे कम से कम दो व्यापारिक जहाजों पर भी गोलीबारी हुई। Sailors and Marines aboard dock landing ship USS Rushmore (LSD 47) conduct blockade operations in the Arabian Sea. pic.twitter.com/xF6n9ZFkvt — U.S. Central Command (@CENTCOM) April 19, 2026 पिछले सात हफ्तों से जारी तनाव के चलते इस महत्वपूर्ण रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसकी शुरुआत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'Operation Epic Fury' और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई से हुई। हालांकि हाल ही में 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा के बाद कुछ राहत की उम्मीद जगी थी। यह युद्धविराम इजरायल और लेबनान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों से जुड़ा था। इसके चलते कुछ जहाजों ने फिर से इस मार्ग का इस्तेमाल करने की कोशिश की। इस बीच FPMC C Lord नाम का एक बड़ा क्रूड कैरियर, जो कतर और सऊदी अरब का तेल लेकर जा रहा था, ईरान के लारक द्वीप के दक्षिण में ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा था। इसका गंतव्य संयुक्त अरब अमीरात का फुजैरा बंदरगाह बताया गया। इसके अलावा कुछ अन्य तेल और गैस से जुड़े जहाज भी इस रूट की ओर बढ़ रहे हैं। दिन में पहले तीन एलपीजी कैरियर और एक ऑइल टैंकर ओमान की खाड़ी की ओर गए, जिनके पीछे पाकिस्तान का एक टैंकर भी था। कई एलएनजी कैरियर भी इस जलडमरूमध्य के करीब पहुंच रहे हैं। हालांकि बाद में ईरान की अर्ध-आधिकारिक समाचार एजेंसी Fars News Agency ने कहा कि यदि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहती है तो यह मार्ग बंद भी किया जा सकता है। सरकारी Nour News ने शनिवार को कहा कि यह जलमार्ग सशस्त्र बलों के कड़े नियंत्रण में है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि इसे दोबारा बंद किया गया है या नहीं। Edited by : Sudhir Sharma
पहले मम्मी-पापा से बात करना कई बार टाल देता था, लेकिन अब वे बात करने के लिए इस दुनिया में ही नहीं रहे। मेरी सभी से गुजारिश है, अगर आप भी अपने मम्मी-पापा से बात करना टालते हैं, तो ऐसा न करें। मैं मोहित गुलाटी लुधियाना का रहने वाला हूं। जालंधर से आईटी की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर हूं। जिंदगी पूरी रफ्तार से चल रही थी- वही रोज का काम, जिम्मेदारियां। लेकिन इस भाग-दौड़ के बीच मम्मी-पापा से बात होती रहती थी। कई बार काम के दबाव में उनका फोन नहीं उठा पाता था, तब अंदाजा नहीं था कि ये 'टालना' एक दिन उम्रभर का पछतावा बन जाएगा। वृंदावन में उस नाव हादसे ने मेरा सब कुछ छीन लिया। मेरे मम्मी-पापा भी उसी नाव पर सवार थे और उस हादसे ने उनकी जान ले ली। 10 अप्रैल को मैं ऑफिस में था… मेरे एक पड़ोसी ने फोन कर बताया कि- आपके मम्मी-पापा नहीं रहे। नाव हादसे में उनकी भी जान चली गई है। एक पल तो लगा यह सब झूठ है। इसी बीच, मेरी बहन दामिनी ने मुझे फोन किया। उसने रोते-रोते बताया- मम्मी-पापा नहीं रहे। मैंने तुरंत फोन काटा और अपने जीजा जी को फोन लगााया। कहा- ठीक से पता कर लीजिए, कोई गलतफहमी तो नहीं है। वो बोले- मरने वालों की लिस्ट में मम्मी-पापा का भी नाम है। इतना सुनते ही, मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, उस हादसे में एक आंटी बच गई थीं, उन्होंने अपने बच्चों को फोन करके बताया। उसके बाद हादसे में मारे गए परिवारों को पता चला। मैं बदहवास ऑफिस से सीधे पुणे एयरपोर्ट पहुंचा। आंखों के सामने बार–बार मम्मी-पापा का चेहरा आ रहा था। लगा शरीर में जान ही नहीं है, अचानक एयरपोर्ट के अंदर गिर गया। एयरपोर्ट स्टाफ ने मुझे संभाला और पानी पिलाया। वहां से किसी तरह दिल्ली पहुंचा। वृंदावन जाना चाह रहा था, लेकिन पता लगा कि सभी शव दिल्ली लाए जा रहे हैं। वृंदावन के स्थानीय विधायक ने शवों को भेजने में बड़ी मदद की थी। जब मम्मी-पापा का शव दिल्ली आया तो बहुत रोया। उन्हें लेकर लुधियाना चल पड़ा। रास्तेभर मां की बातें, उनकी आवाज, उनकी हंसी याद आ रही थीं। सच कहूं तो, आज जब आपसे मम्मी-पापा की यादें साझा करने को तैयार हो रहा था, तो शब्द गले में अटक जा रहे थे। मुझमें हिम्मत नहीं थी कि आपसे बात करूं। मैंने अपनी बहन दामिनी से साफ कह दिया कि अकेले इंटरव्यू नहीं दे पाऊंगा। ‘बहन दामिनी ने जब कहा कि पत्रकार काफी दूर से आई हैं, तो मैंने खुद को संभाला। हमें लगा कि हमारी आपबीती के जरिए उन बच्चों तक एक संदेश पहुंचना चाहिए जो करियर की दौड़ में इतने मशरूफ हो गए हैं कि अपने मां-बाप कॉल तक नहीं उठा पाते। मेरी सबसे एक ही विनती है- कुछ भी करें, अपने मम्मी-पापा से रोज बात जरूर करें।’ मेरी मां मुझे हर दिन कई सारे वॉयस नोट्स यानी संदेश रिकॉर्ड करके भेजती थीं। अब मैं बार-बार उन्हें सुन रहा हूं। अब उनकी आवाज सुनने का बस यही जरिया बचा है। दरअसल, अपनी कंपनी में शाम से देर रात तक क्लाइंट्स की कॉल्स में उलझा रहता था। मां इस बात को अच्छे से समझती थीं, इसलिए उन्होंने एक रास्ता निकाला था। वे मुझे कॉल करके परेशान नहीं करना चाहती थीं, वॉयस नोट्स भेज दिया करती थीं। व्यस्त बेटे से जुड़े रहने का उन्होंने यह अपना एक तरीका बना लिया था। उन वॉयस नोट्स में मां की ममता गूंजती थी। वे बड़े प्यार से कहतीं- 'बेटा, जब भी काम से फुर्सत मिले तो एक बार फोन कर लेना।' वे अक्सर पूछतीं कि कहां हूं? क्या कर रहे हूं? खाना समय पर खाया या नहीं? और आखिर में हमेशा की तरह ढेर सारी दुआएं देना नहीं भूलतीं। अभी कुछ ही दिन पहले की बात है, मैं किसी काम की उलझन में फंसा हुआ था। उस वक्त मम्मी का फोन आया। मैं उठा नहीं पाया। उसके कुछ देर बाद उनका एक वॉयस नोट आया, जिसमें उन्होंने बड़े प्यार से कहा था- ‘जब मैं नहीं रहूंगी न, तो तरस जाएगा मेरी आवाज सुनने को।’ मां का वो वॉयस मैसेज सुनकर मेरा गला भर आया और मैं रो पड़ा। जब मैंने उन्हें वापस फोन किया, तो वो हंस पड़ीं। दिनभर में उनका तीन बार फोन आता था… पर अब मां का फोन कभी नहीं आएगा। एक झटके में मेरा सब कुछ उजड़ गया। मेरी छोटी बहन दामिनी बेंगलुरु में सीए है, हम दोनों के बीच सिर्फ दो साल का फर्क है। घर में मैं बड़ा हूं। हमारे पास मम्मी-पापा बारी बारी से आकर रहते थे। मम्मी जब भी हमारे पास आतीं तो हम खुश होते थे कि अब तरह-तरह के पराठे खाने को मिलेंगे। वह हमारे पास कभी अचार खत्म नहीं होने देती थीं। यहां तक कि आचार कूरिअर से भिजवा देतीं। मेरी बच्चे कहते नानी हाउस से अचार आया है। दरअसल, बहन के बच्चे नानी हाउस कहते थे, तो मेरे बच्चे भी वही सीख गए थे और वे भी नानी हाउस कहते। मेरे बच्चे मम्मी को दादी न कहकर नानी कहते थे। इस समय साथ में हमारे बच्चे भी आए हुए हैं। यहां उन्हें मम्मी के बिना बिल्कुल अच्छा नहीं लग रहा है। वे बार-बार कह रहे हैं कि नानी हाउस से वापस चलो। यहां नानी नहीं है। यह बस यही बार-बार सोच रहा हूं कि अगर भगवान के दर पर जाकर भी ऐसा हो सकता है, तो उनके यहां कौन जाएगा? भगवान भला इस तरह राधे-राधे जपने वाले अपने श्रद्धालु को कैसे मार सकते हैं? मम्मी-पापा पहली बार बांके बिहारी के दर्शन करने गए थे। बहन ने तो तय कर लिया था कि वह कभी भी वृंदावन नहीं जाएगी। इस दौरान हमारे घर लोग आते तो बहन वही बात दोहराती, तब वे कहते कि- परेशान मत हो। तुम्हारे मम्मी-पापा ने कितनी अच्छी जगह मौत पाई है। वे राधे-राधे करते हुए इस दुनिया से गए हैं, लेकिन हम उनकी बातों से सहमत नहीं हो पाते। आखिर भगवान जब अपने भक्त की रक्षा नहीं कर सकते फिर काहे का भगवान? लेकिन अब धीरे-धीरे मन शांत हो रहा है। मैंने दामिनी से बात की और तय किया है कम से कम एक बार उस घाट पर चलेंगे, जहां मम्मी-पापा आखिरी बार एक साथ थे। वहां चलकर एकांत में बैठेंगे और उन्हें महसूस करेंगे। आपको पता है कि पापा वृंदावन नहीं जा रहे थे। मम्मी उन्हें जबरदस्ती लेकर गई थीं। वह पापा से कह रही थीं कि साथ इसलिए चल रही हूं, ताकि वहां आपको रोटी-पानी दे सकूं। दरअसल, मम्मी पापा को बहुत प्यार करती थीं। उन्हें हमेशा लगता था कि पापा उनके बिना अकेले कैसे रहेंगे? कैसे खाना खाएंगे? इसलिए जहां भी पापा जाते, मम्मी साथ जाती थीं। उस दिन जब वे जा रहे थे तो मम्मी ने हमें बताया था कि मोहल्ले वालों के साथ बस से पापा को लेकर वृंदावन जा रही हूं। वृंदावन पहुंचकर मम्मी ने पापा का एक वीडियो भेजा था कि- देखो नाव में बैठकर तुम्हारे पापा कैसे राधे-राधे कर रहे हैं। पापा को पानी से बहुत डर लगता था। इसलिए वे कभी नदी वगैरह में नहीं जाते, न ही नाव में बैठते थे। इसलिए मम्मी वीडियो दिखाकर बताना चाह रही थीं कि- देखो तुम्हारे पापा नाव में बैठकर कैसे मस्ती में गा रहे हैं। उसके बाद नाव पलट गई थी। अब जिंदगी में बस दो चीजें रह गई हैं। एक अफसोस और दूसरे पापा जैसा बनने की तमन्ना। अफसोस इस बात का है कि उस दिन काश मम्मी-पाप लाइफ जैकेट पहने होते। काश, जो चार लोग दूसरी नाव में शिफ्ट किए गए थे, उसमें मेरे मम्मी-पापा भी होते। काश नाव पुल से टकराने से पहले घूम गई होती, जिससे हादसा टल जाता। काश मम्मी-पापा मेरे पास पुणे आ जाते, क्योंकि उन्हें पुणे आना था। हमने योजना बनाई थी कि पुणे से एक साथ उज्जैन और इंदौर घूमने चलेंगे। अब वो सारी बातें दिमाग में चल रही हैं। दूसरी चीज यह कि- पापा की तरह बनना चाहता हूं। पापा पूरे दिन लोगों की मदद करते थे। उनके काम करवाने में लगे रहते थे। यह जिस पार्क में बैठकर हम बात कर रहे हैं, इसे भी पापा ने बनवाया था। इसकी देखरेख भी वही करते थे। लोगों के लिए साल में एक बार जगराता करवाते थे। मोहल्ले में हजारों औरतें हैं, जिनकी पेंशन पापा ने लगवाई थी। दरअसल, हमारी सोसाइटी का नाम अर्बन स्टेट 2 है, जिसका मुखिया पापा को चुना गया था। मुझे याद है कि पिछले साल जब मम्मी-पापा के पास आया था तो अपना टिफिन भूल गया था। मैंने उन्हें फोन किया तो लगातार उनका फोन बिजी जा रहा था। जब बात हुई तो पता चला कि वह किसी का आधार कार्ड बनवाने साथ गए हुए थे। इस तरह पापा लोगों की मदद करने में लगे रहते। मम्मी-पापा कभी पैसे के पीछे नहीं भागते थे। हम शुरू से कोई बहुत अमीर नहीं थे। मुझे इंजीनियरिंग कराने और दामिनी को सीए बनाने के लिए मम्मी ने अपने गहने तक बेच दिए थे। मम्मी-पापा ने जैसे भी हो हम भाई-बहन को अच्छे स्कूल में पढ़ाया। पापा का बिजनेस बहुत अच्छा नहीं चल रहा था, तो हमारी फीस भरने के लिए मम्मी ने घर में बूटीक काम शुरू कर दिया था। घर पर ही कपड़े सिलतीं और बेचती थीं। मेरे सामने की बात है। एक बार मम्मी ने एक सूट सिला था। उसे बनाने में 275 रुपए लगे थे, लेकिन उन्होंने 300 में बेचा, क्योंकि उन्हें हमारी फीस भरनी थी। इस तरह मम्मी ने हमारे लिए बहुत मेहनत की थी। आखिर में मुझे सरकार से बहुत शिकायत है। कहना चाहता हूं कि वृंदावन जैसी धार्मिक जगहों पर हम सभी के माता-पिता जाते हैं। उनमें ज्यादातर बूढ़े होते हैं। कई बार वे मुसीबत में घबरा जाते हैं। सरकार ऐसी धार्मिक जगहों पर सख्त नियम बनाए। कम से कम वहां तो जरूर, जिन धार्मिक जगहों पर ज्यादा लोग जाते हैं। अगर आज हमारे मम्मी-पापा लाइफ जैकेट पहने होते तो बच जाते या नाव में सवार बच्चों का ख्याल रखा गया होता तो कम से कम वे जिंदा होते। (मोहित गुलाटी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------- 1- संडे जज्बात-मैंने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने मुझे झकझोर दिया था मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद का बेलडांगा। यहीं बाबरी मस्जिद बन रही है। अभी चारदीवारी की नींव भरी जा रही है। 50 से ज्यादा मजदूर काम में जुटे हैं। पास ही असगरुल की चाय की दुकान हैं। मस्जिद की ओर जाते वक्त मेन रोड पर सबसे पहले यही दुकान मिलती है, इसलिए भीड़ भी होती है। असगरुल के भगोने में चाय उबल रही है, ऐसा ही उबाल बंगाल की हिंदू-मुस्लिम सियासत में है। बाबरी मस्जिद उसी का एक हिस्सा है। मस्जिद की वजह से असगरुल का धंधा जरूर चमक गया, लेकिन वे फिक्रमंद हैं। कहते हैं, ‘मंदिर-मस्जिद दोनों जरूरी हैं। मैं मजहब को मानता हूं। मस्जिद चाहिए, लेकिन बेटे के लिए स्कूल भी तो हो। वो छठवीं में पढ़ता है, पर 50 तक गिनती नहीं आती। सिर्फ थाल बजाने और खाने के लिए बच्चे को स्कूल क्यों भेजूं।’ पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होगी। 6 मुस्लिम बहुल जिलों मुर्शिदाबाद, मालदा, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, नादिया और उत्तर दिनाजपुर में करीब 124 सीटें हैं। TMC छोड़कर नई पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया, तो उनकी इस कोशिश को मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण करने की कोशिश माना गया। हुमायूं फिलहाल BJP से 1000 करोड़ की डील वाले वीडियो पर सफाई दे रहे हैं। इधर बाबरी मस्जिद का काम चल रहा है। इस मस्जिद की अहमियत, मायने और चुनाव में असर समझने के लिए हमने 5 किरदार चुने। 1. असगरूल शेख, जिन्हें मस्जिद के साथ बेटे के लिए अच्छा स्कूल चाहिए।2. बदरुद्दीन, जो मुंबई छोड़कर घर आ गए और मस्जिद के पास जूस की दुकान खोल ली।3. रफीकुल अंसारी, जो झारखंड से 200 किमी दूर बाबरी मस्जिद देखने आए थे।4. हुमायूं शेख, जिन्हें लगता है कि हुमायूं कबीर अपनी राजनीति के लिए मस्जिद बनवा रहे हैं। 5. हुमायूं कबीर, जो कहते हैं कि BJP या TMC कितना भी रोके, मस्जिद बनकर रहेगी। पढ़िए हर किरदार की कहानी…असगरुल के लिए बंगाल में कुछ नहीं बदला असगरूल शेख की दुकान पर चाय पीते हुए बातचीत शुरू हुई। तभी उनका बेटा आया। मैंने पूछा- स्कूल जाते हो? जवाब असगरुल ने दिया। पास में सरकारी स्कूल है, वहीं पढ़ता है। वे चाय बनाते हुए बताते हैं, ‘मैं छठवीं तक पढ़ा हूं। बेटा भी अब पढ़ाई छोड़ देगा। दोनों बाप-बेटे छठवीं तक ही पढ़े। 40-50 साल में बंगाल में कुछ नहीं बदला। मैं दुकान चला लेता हूं, ये तो हिसाब भी नहीं कर सकता। मजदूरी ही करेगा। यही हमारा सच है। स्कूल में 10 टीचर होने चाहिए, सिर्फ 2-3 हैं। सरकार अपनी जेब भर रही है। विधायक अपना फायदा देख रहे हैं। गरीब की कौन सुनता है।’ असगरुल के इस सवाल का जवाब नहीं था। हम यहां से आगे बढ़ गए। थोड़ी दूर बाबरी मस्जिद का ऑफिस है। इसकी छत पर तिरंगा लहरा रहा है। बाहर चंदे के लिए क्यूआर कोड लगे हैं। एक बोर्ड पर लिखा है, ‘द होली बाबरी मस्जिद’। इस पर अयोध्या वाली बाबरी मस्जिद की फोटो है। हमने फोटो लेनी चाही, तो एक शख्स ने रोक दिया। बोला कि यहां फोटो-वीडियो नहीं ले सकते। लोग वीडियो बनाते हैं, फिर गलत इस्तेमाल करते हैं। ऑफिस खाली था, इसलिए हम मस्जिद साइट के पास बने मार्केट की ओर बढ़ गए। रास्ते में कई छोटी-छोटी दुकानें हैं। आसपास मेले जैसा माहौल है। बदरुद्दीन ने मस्जिद के बाहर दुकान खाेली, बोले- मस्जिद और वोट दोनों अलग बदरुद्दीन पहले मुंबई में काम करते थे। पता चला कि बेलडांगा में बाबरी मस्जिद बनने वाली है, इसलिए घर लौट आए। तिरपाल और बांस-बल्ली से दुकान बनाई और जूस बेचने लगे। हमने पूछा मस्जिद से क्या फायदा मिल रहा है, क्या इसके नाम पर वोट भी देंगे। बदरुद्दीन फौरन जवाब देते हैं, ‘मस्जिद अलग है, चुनाव अलग। मस्जिद में लोग इबादत के लिए आ रहे हैं। हिंदू और मुस्लिम दोनों दान दे रहे हैं। इसके बनने से हजारों लोगों को रोजी-रोटी मिलेगी। मैं खुद मुंबई छोड़कर गांव लौट आया हूं। एक महीने पहले ही ये दुकान खोली है।’ यूपी, बिहार, असम से मस्जिद देखने आ रहे लोग, रफीकुल 200 किमी बाइक से आए मस्जिद की ओर बढ़ते हुए बाइक पर बैठे रफीकुल अंसारी मिले। वे झारखंड के दुमका के रहने वाले हैं। रफीकुल बताते हैं, ‘200 किमी बाइक चलाकर आया हूं। सुना था कि बाबरी मस्जिद बन रही है। इसका बनना जरूरी भी है।’ यहीं असम से आए कुछ लड़के भी थे। गन्ने का जूस बेच रहे एक दुकानदार ने बताया कि यूपी, बिहार, झारखंड, असम और दूसरे राज्यों से लोग मस्जिद देखने आ रहे हैं। बिजनेस बढ़ रहा है। यही फायदेमंद है, बाकी वोट तो मर्जी से ही देंगे। हुमायूं कबीर से नाराजगी, हुमायूं शेख बोले- अपने फायदे के लिए मस्जिद बनवा रहे 4 एकड़ में बन रही बाबरी मस्जिद पर 69 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसे वेस्ट बंगाल इस्लामिक फाउंडेशन ऑफ इंडिया कमेटी बनवा रही है। हुमायूं कबीर इसी ट्रस्ट के फाउंडर थे। चुनाव लड़ने की वजह से ट्रस्ट छोड़ दिया। उनका एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे BJP से 1 हजार करोड़ की डील करते दिख रहे हैं। बेलडांगा में ढाबा चलाने वाले अब्दुल मन्नफ मलिक कहते हैं, मस्जिद का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। इसे बनाने में हिंदू भाई सहयोग कर रहे हैं। हुमायूं कबीर तो बनवा ही रहे हैं। वीडियो की सारी बातें झूठी हैं। वे कहते हैं कि हुमायूं कबीर ने मस्जिद की नींव रखी है, तभी से ममता बनर्जी उनके पीछे पड़ी हैं। TMC अब की हार रही है, इसलिए इस तरह की बातें फैला रहे हैं। बेलडांगा से करीब 100 किमी दूर शमशेरगंज के लोगों के ख्याल अलग हैं। फोटोकॉपी की दुकान चलाने वाले हुमायूं शेख कहते हैं, ‘मैं हुमायूं कबीर को मुसलमानों का नेता नहीं मानता। उन्होंने भले बाबरी मस्जिद की नींव रखी हो, लेकिन ये सब राजनीतिक फायदे के लिए कर रहे हैं। वे वीडियो में डील करते साफ दिख रहे हैं। भले ही इसे AI वीडियो बताएं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।’ वहीं, मोहम्मद साबिर कहते हैं कि हुमायूं कबीर तो BJP का आदमी है। मुसलमानों को ये बात थोड़ी देर से समझ आई। मुझे पहले से उनकी हरकतों पर शक था। पहले मुसलमानों के बीच उनके लिए थोड़ा बहुत प्यार था। वीडियो आने के बाद वो भी खत्म हो गया। हुमायूं कबीर बोले- मुसलमानों से गद्दारी नहीं करूंगा, बाबरी बनकर रहेगी हुमायूं कबीर ने माना है कि वायरल वीडियो उनका ही है, लेकिन आवाज AI से बदली गई है। दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैं मुसलमानों के साथ कभी गद्दारी नहीं करूंगा। मेरे लिए पहले कौम है। बाबरी तो बनेगी, इसे न BJP रोक पाएगी और न TMC। मुर्शिदाबाद में 66% मुस्लिम आबादी है, इसलिए यहां मस्जिद बनवा रहा हूं। अबीरुल के लिए बाबरी से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में बाबरी मस्जिद से बड़ा मुद्दा वोटर लिस्ट से नाम कटना है। यहां रहने वाले अबीरूल के परिवार में 8 वोटर थे, इनमें 6 के नाम कट गए। इनमें अबीरुल भी शामिल हैं। वे कहते हैं, ‘हमें लग रहा है कि बंगाल से बाहर काम करने गए, तो हमें बांग्लादेशी न समझ लिया जाए। इसलिए काम के लिए बाहर नहीं जा रहे हैं। हम लोगों के लिए TMC अच्छा काम कर रही है।’ वहीं रफीक कहते हैं कि मेरा नाम भी कट गया है। यहां TMC जीत सकती है, इसलिए BJP वालों ने जानबूझकर ऐसा किया है। इसके बाद भी BJP जीत नहीं पाएगी।’ 24 परगना के असमताली मुल्ला BJP के सपोर्ट में हैं। वे कहते हैं कि पहले हम TMC को वोट देते थे। अब ममता दीदी सबसे ज्यादा घोटाले कर रही हैं। TMC वाले कहते हैं कि BJP सरकार बनाएगी, तो मुस्लिमों को भगा देगी। हम ही BJP में आ जाएंगे, तो फिर कोई क्यों भगाएगा। एक्सपर्ट बोले: बाबरी मस्जिद का असर सिर्फ हुमायूं कबीर की सीट तक क्या हुमायूं कबीर को मस्जिद बनवाने का फायदा पूरे बंगाल में मिलेगा? जवाब में पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुमन भट्टाचार्य कहते हैं, ‘नहीं। हुमायूं कबीर का असर सिर्फ बेलडांगा में है। मुसलमानों को समझ है कि अयोध्या की बाबरी मस्जिद का दूसरा विकल्प नहीं हो सकता। इसका ये मतलब नहीं कि मुस्लिम वोटर TMC से ज्यादा खुश हैं। बस वे उससे अलग नहीं हो पाते। TMC के बाद उनकी पसंद कांग्रेस है, लेकिन वो ज्यादा एक्टिव नहीं है।’ आखिर में हम बेलडांगा से करीब 20 किमी दूर बहरामपुर पहुंचे। हुमायूं कबीर ने जिस दिन बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था, उसी दिन यहां राम मंदिर बनाने की बात कही गई थी। बहरामपुर के BJP नेता शंकवाह सरकार ने ये दावा किया था। हमने उनसे पूछा कि मंदिर का काम कहां तक पहुंचा। उन्होंने जवाब दिया, अभी शुरू ही नहीं हुआ। ================इनपुट: पूनम मसीह================पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये इंटरव्यू भी पढ़ें… 1000 करोड़ की डील पर हुमायूं बोले-BJP से दोस्ती नहीं 6 दिसंबर 2025 को मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद हुमायूं को ममता ने पार्टी से निकाल दिया। अब वो अपनी पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। पिछले दिनों BJP के साथ उनकी 1000 करोड़ की डील का वायरल वीडियो सुर्खियों में रहा। इन सभी मसलों पर हुमायूं कबीर से सीधी बातचीत। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
चेन्नई की मिंट रोड पर छोटा-सा बिजनेस करने वाली सेल्वी की बेटी की शादी तय हुई, तो घर में एक अजीब किस्म की उठापटक शुरू हो गई। पैसे कम थे, लेकिन गोल्ड ज्वेलरी खरीदनी जरूरी थी। आखिर सेल्वी ने रास्ता निकाला। घर में रखी पुरानी ज्वेलरी में थोड़ा नया सोना मिलाया और बेटी के लिए नए गहने तैयार कराए। सेल्वी कहती हैं, ‘अगर हम ऐसा नहीं करते तो सामाजिक प्रतिष्ठा खराब होती है। कोई लोअर मिडिल क्लास या गरीब भी हो तो कम से कम 10-20 तोला सोना शादी में चढ़ाना ही होता है।’ सेल्वी की कहानी कोई अपवाद नहीं, यह तामिलनाडु का स्वभाव है। भारत का सबसे ज्यादा करीब 28% घरेलू सोना अकेले तमिलनाडु के लोगों की तिजोरियों और अलमारियों में रखा है। वजन में करीब 6,720 टन। ये अमेरिका के कुल सरकारी गोल्ड भंडार (8000 टन) के आस-पास है। जर्मनी, इटली और रूस जैसे देशों में राष्ट्रीय भंडार से कहीं ज्यादा। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की वोटिंग है। जहां अन्य राज्यों के चुनाव में कैश और शराब की छापेमारी का चलन है, तामिलनाडु में सोने की छापेमारी की जाती है। थलापति विजय जैसे नेता जीतने पर दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी देने का वादा कर रहे हैं। AIADMK भी थलिक्कू थनगम यानी शादी के लिए सोना जैसी स्कीम ला चुकी है। इस स्टोरी में जानेंगे तमिलनाडु के लोगों में सोने की दीवानगी के पीछे की पूरी कहानी… प्राचीन तमिल साहित्य में संपन्नता पर असाधारण जोर मिलता है। तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल की एक पंक्ति कहती है- गरीबी पर पूरी दुनिया मजाक उड़ाती है। इस समाज में संपन्नता का पैमाना था- सोना। यहां की एक प्रसिद्ध कहानी का नाम ही शीलप्पद्दीगारम यानी ‘सोने की पायल’ है। यह कहानी कन्नगी नाम की स्त्री के सोने की पायल पर आधारित है। बुरे वक्त में पति की मदद के लिए वह अपना सोना आगे कर देती है। कहानी का सार एक पंक्ति में था- बुरे समय में सोना ही काम आता है। इसी से निकली स्त्री-धन की परंपरा। वह सोना जो विवाह के समय स्त्री को मिलता था और जो सिर्फ उसका था। कोई बैंक उसे नहीं छीन सकता था, कोई कानून उस पर दावा नहीं कर सकता था। मुसीबत में यही सोना परिवार की ढाल बनता था। जब तमिलनाडु में जमा होने लगा पूरी दुनिया का सोना करीब 2,000 साल पहले। रोमन साम्राज्य के सम्राट कैलिगुला अपनी तीसरी शादी की पार्टी दे रहे थे। शाम ढल चुकी थी और महल मशालों की रोशनी में आलोकित था। तभी सभी मेहमानों की नजरें एक गलियारे की तरफ मुड़ गईं, जहां से नई रानी लोलिया पॉलिना आ रही थीं। उनके कान, नाक, गले, उंगलियों, जूतों के साथ-साथ बालों में भी सैकड़ों पन्ने और मोती जड़े हुए थे। उस पार्टी में ‘प्लिनी द एल्डर’ नाम के एक इतिहासकार मौजूद थे। वो अपनी किताब नेचुरालिस हिस्टोरिया में लिखते हैं कि रोम हर साल भारत से आने वाले मोतियों, मसालों और कपड़ों के बदले भारी मात्रा में सोना लुटा रहा था। उनकी शिकायत थी- ‘हम भारत के मोतियों के बदले हर साल 5.5 करोड़ सेस्टर्टियस गंवा रहे हैं।’ यह सोना आता था तीन बंदरगाहों पर- चोल साम्राज्य का मायलापुर (जहां से कपड़े जाते थे), पांड्य वंश का अरिकामेडू (मोतियों का केंद्र) और चेर वंश का मुजिरिस (काली मिर्च का बड़ा बाजार)। इन तीनों बंदरगाहों पर हर साल 120 जहाज सोना लेकर आते थे। विलियम डार्लिंपल अपनी किताब द गोल्डन रोड में लिखते हैं कि चेर और पांड्य वंश ने रोम में अपने राजदूत तक तैनात कर दिए थे, ताकि रोम के व्यापार-घाटे की समस्या सुलझाई जा सके। हालत यह हो गई कि 70 ईस्वी में रोमन सम्राट वेस्पासियन को तमिल आयात के बदले सोना देने पर रोक लगानी पड़ी। तामिलनाडु के व्यापारियों ने दुनिया के सबसे बड़े साम्राज्य को आर्थिक रूप से झुकने पर मजबूर किया था। जब पश्चिमी रोमन साम्राज्य टूट गया और 640 ईस्वी में अरबों ने मिस्र पर कब्जा कर रोम की ओर जाने वाले रास्ते बंद कर दिए, तो तमिल व्यापारियों ने अपना रुख पूरब की ओर मोड़ लिया। पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम के शासनकाल में मामल्लापुरम बंदरगाह सुवर्णभूमि, यानी आज के म्यांमार, सुमात्रा, इंडोनेशिया और मलेशिया की ओर जाने वाले जहाजों का सबसे बड़ा अड्डा बन गया। 11वीं सदी में चोल वंश के राजा राजेंद्र चोल प्रथम ने 1025 AD में श्रीविजय साम्राज्य पर विशाल नौसैनिक हमला किया। सिर्फ युद्ध के लिए नहीं, बल्कि चीन तक जाने वाले व्यापारिक मार्गों पर एकाधिकार के लिए। सुमात्रा और मलेशिया के शासकों को हराकर वहां का खजाना तामिलनाडु के मंदिरों में भर दिया गया। यहीं से शुरू हुई एक ऐसी व्यवस्था, जो आधुनिक बैंकिंग की पूर्वज थी। गोल्ड बैंक की तरह काम करते थे तमिलनाडु के मंदिर पल्लव और चोल राजाओं ने समझ लिया था कि सोने को सबसे सुरक्षित रखना है तो मंदिर से बेहतर कोई जगह नहीं। मंदिर इतनी पवित्र संस्था था कि वहां से सोना चुराने की हिम्मत कोई नहीं जुटा सकता था। पांड्य राजाओं ने कोरकई जैसे बंदरगाहों से मिलने वाले रोमन सोने को मदुरई के मंदिरों में जमा किया। राजराजा चोल प्रथम ने तंजावुर के बृहदेश्वर मंदिर को सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे राज्य की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया। मंदिर की दीवारों पर दर्ज है कि राजा ने युद्ध में लूटा हुआ लगभग 230 किलो सोना और 125 किलो कीमती रत्न मंदिर के खजाने में जमा किए थे। यह सोना वहां बस पड़ा नहीं रहता था। मंदिर एक बैंक की तरह काम करते थे। जहां सोना जमा भी होता था और लोगों को व्यापार के लिए ब्याज पर कर्ज भी दिया जाता था। 19वीं और 20वीं सदी में इस मंदिर-बैंकिंग की विरासत को एक नया रूप दिया चेट्टिनाड के नट्टुकोट्टई चेट्टियार समुदाय ने। ये लोग म्यांमार, सिंगापुर और मलेशिया में जब व्यापार फैलाने लगे, तो उन्होंने एक क्रांतिकारी मॉडल विकसित किया। सोने के गहनों को गिरवी रखकर कर्ज देना। सोने की शुद्धता परखना और उसके आधार पर फैसले करना। मंदिरों को ही वह जगह बनाना जहां ब्याज दरें तय होती थीं और व्यापारिक झगड़े सुलझाए जाते थे। लोग इन चेट्टियारों पर सरकारी बैंकों से ज्यादा भरोसा करते थे। इसीलिए जब आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था का ढांचा बदला, तो इसी परंपरा पर मुथूट और मणप्पुरम जैसी गोल्ड लोन कंपनियां खड़ी हुईं। गरीब परिवार भी शादियों में 20-25 लाख का सोना खरीदते हैं चेन्नई में तीन पीढ़ियों से ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले विकास मेहता कहते हैं कि तामिलनाडु में गोल्ड की डिमांड पूरे साल रहती है। साउथ इंडिया की किसी भी शादी में लोग कम से कम 3-4 हेवी गोल्ड ज्वेलरी पहनते ही हैं। अपर मिडिल क्लास एक शादी के लिए कम से कम 1 करोड़ तक का गोल्ड खरीदते हैं। लोअर मिडिल क्लास भी 20-25 लाख का गोल्ड तो खरीदते ही हैं। यहां शादी में दहेज का सोना सिर्फ दिया नहीं जाता। वह खुले तौर पर सबके सामने रखा जाता है। जो मेहमान आते हैं, वे सोना देखकर ही परिवार की हैसियत और समाज में रुतबा तय करते हैं। सोने की खरीदारी सिर्फ शादी तक सीमित नहीं है। विकास मेहता बताते हैं कि जन्म, एंगेजमेंट, गोदभराई, पोंगल, अक्षय तृतीया, नवरात्र, दिवाली- हर मौके पर सोना खरीदने का चलन है। यहां तक कि लड़की के जब पहली बार पीरियड्स शुरू होते हैं, उस मौके पर भी एक बड़ा आयोजन होता है और उसमें भी सोना चढ़ाने का रिवाज है। तमिल परिवारों में गोल्ड खरीदना एक निवेश जैसा है 20 साल से चेन्नई में ज्वेलरी का बिजनेस करने वाले रोशन कहते हैं कि तमिल परिवारों में बचपन से ही गोल्ड खरीदने को एक शौक के तौर पर नहीं, बल्कि एक जरूरत के तौर पर देखा जाता है। ‘लोग गोल्ड को अपने इन्वेस्टमेंट और सेविंग के नजरिए से देखते हैं, ताकि क्राइसिस में उसे बेचकर कैश ले सकें।’ यह बात आंकड़ों में भी दिखती है। तामिलनाडु के परिवारों के कुल कर्ज का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ गोल्ड लोन का होता है। जहां सरकारी बैंक तमाम तरह के डॉक्यूमेंट्स मांगते हैं, वहीं मुथूट और मणप्पुरम जैसी कंपनियां 10-15 मिनट में सोने के बदले नकद दे देती हैं। दिसंबर 2024 तक, बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के पास गोल्ड लोन का कुल बकाया 1,72,000 करोड़ रुपये को पार कर चुका था। पिछले साल की तुलना में 71% की वृद्धि। 2020 में जब महामारी ने अर्थव्यवस्था को रोक दिया, तब भी यही सोना मध्यम वर्ग की ढाल बना। RBI ने गोल्ड लोन का LTV (लोन टू वैल्यू) रेश्यो 75 से बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। लाखों परिवारों ने अपना सोना गिरवी रखकर उस मुश्किल दौर को पार किया। सोने की इसी दीवानगी को भुनाना चाहते हैं नेता तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सोने से जुड़ा सबसे प्रमुख वादा TVK के प्रमुख अभिनेता-राजनेता विजय ने किया है। उन्होंने सोने से जुड़े 2 प्रमुख वादे किए- अन्नन सीर थिट्टम: शादी करने वाली युवतियों खासकर गरीब परिवारों की दुल्हनों को 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा। इसे ‘भाई का उपहार’ के रूप में पेश किया गया है। थाई मामन थंगा मोथिरम थिट्टम: तमिलनाडु में जन्म लेने वाले हर नवजात बच्चे को सरकारी आशीर्वाद के रूप में एक सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट देने का वादा। ये वादे TVK के चुनावी घोषणा-पत्र में भी शामिल हैं। AIADMK ने भी पहले की ‘तालीक्कु थंगम’ योजना को जारी रखने और शादी में सोना देने का जिक्र किया है। चेन्नई की सेल्वी एक लाइन में बताती हैं- ‘मुसीबत में सोना बेचकर पैसा मिल जाता है।’ यही वह विश्वास है जो दो हजार साल से इस मिट्टी में गहरा धंसा है और चुनावी वादों में भी जाहिर हो रहा है। ------------- तमिलनाडु चुनाव से जुड़ी खबर भी पढ़िए… ‘हिंदी हम पर बोझ, तमिल हमारी मां’: स्टेशन के नाम पर काली स्याही, तमिल बोले- जो हिंदी थोपेगा, तमिलनाडु उसे रिजेक्ट करेगा 23 अप्रैल को तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग है। प्रचार के बीच एक रिपोर्टर ने CM स्टालिन से पूछा- केंद्र सरकार CBSE स्कूलों में 3 लैंग्वेज पॉलिसी लागू करेगी, हिंदी भाषा पढ़ना भी अनिवार्य होगा… स्टालिन ने फौरन जवाब दिया- ‘जब तक DMK है, तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने देंगे।’ पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने 7 मार्च से 'बांग्लार युवा साथी योजना' लागू की। 1500 रुपए की पहली किस्त भी जारी कर दी। दुर्गापुर की रहने वाली मोमिता ने फॉर्म भरा था, लेकिन खाते में पैसे नहीं आए। गुस्से से भरी मोमिता कहती हैं, ‘पैसों से ज्यादा हमें नौकरी की जरूरत है।‘ 21 साल की मोमिता के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है, इसीलिए ग्रेजुएशन पूरा किए बिना पढ़ाई छोड़ दी और छोटा-मोटा काम करने लगीं। वे बहन के साथ काम से लौट रही थीं, तभी मुलाकात हुई। पढ़ाई दोबारा शुरू करने सवाल पर कहती हैं- ‘इतने कम पैसों में पढ़ाई कैसे कर पाएंगे।’ युवा साथी योजना चुनाव से ठीक पहले शुरू हुई है। चुनावी साल में ममता सरकार ने पंडितों और मौलवियों के भत्ते भी बढ़ाए हैं। लक्ष्मी भंडार के तहत महिलाओं को मिलने वाली रकम 500 रुपए बढ़ाई गई है। BJP ने भी कई वादे किए हैं। इन घोषणाओं का जमीन पर कितना असर है, इस रिपोर्ट में पढ़िए… योजनाओं से दिक्कत नहीं, नौकरियां भी होंममता बनर्जी ने इस साल बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया था। पहली किस्त चुनाव से ठीक पहले आई। इसे लेकर दुर्गापुर की 20 साल की मोह कहती हैं, ‘सरकारी योजनाएं हमारी सुविधा के लिए हैं, फिर फायदा लेने में क्या हर्ज। सरकार कुछ भी अपने घर से नहीं देती है। ये जरूरतमंदों के लिए जनता का ही पैसा है।‘ ‘हमें ऐसी योजनाओं से दिक्कत नहीं, लेकिन नौकरियां भी हों।‘ वहीं, BJP के तीन हजार रुपए देने वादे पर उनकी बहन मोमिता कहती हैं, ‘अगर इसका फायदा मिला, तो हम बहनों की पढ़ाई फिर शुरू हो सकती है।‘ पैसे सिर्फ 5 साल मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगीआसनसोल की रहने वाली संध्या की राय इससे अलग है। 12वीं पास करने के बाद ही संध्या की शादी कर दी गई इसलिए पढ़ नहीं पाईं। कंप्यूटर का बेसिक कोर्स करने के बाद बेकिंग का काम सीखा है। लक्ष्मी भंडार का फायदा लेने के लिए उनकी उम्र नहीं, इसलिए युवा साथी का फॉर्म भरा। खाते में पहली किस्त के 1500 रुपए भी आ गए हैं। संध्या कहती हैं, रोजगार की जरूरत ज्यादा है। ये पैसे सिर्फ पांच साल ही मिलेंगे, नौकरी हमेशा रहेगी। हमने पूछा इससे केक बेकिंग का काम भी तो शुरू कर सकती हैं? जवाब मिला, ‘इतने कम पैसों में कैसे होगा। साल भर पैसे जमा करने पड़ेंगे, तभी इस लायक पूंजी होगी।’ ट्यूशन फीस और कॉलेज आने-जाने का खर्च निकलेगा योजनाओं को लेकर पेरेंट्स की राय अलग है। आसनसोल के रहने वाले गौतम बाध्यकर का कहना है कि ऐसी स्कीम्स ने कई पेरेंट्स की परेशानियां कम कर दी हैं। ये बच्चों की पढ़ाई के काम आएंगी। वे कहते हैं, ‘बच्चे इससे कॉम्पिटीशन के फॉर्म भर सकेंगे। नौकरी का इंटरव्यू देने जाने के लिए घरवालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। माता-पिता का बोझ कम होगा।‘ आसनसोल में राशन दुकान चलाने वाले रवींद्र प्रसाद का भी यही मानना है। वे कहते हैं, ‘महंगाई में पेरेंट्स को थोड़ी राहत मिली है। बच्चों की ट्यूशन फीस आराम से निकल रही है। उनके मोबाइल रिचार्ज जैसे छोटे-मोटे काम हो जा रहे हैं।‘ विधवा पेंशन से घर चल रहा, नमक का फर्ज अदा करेंगेआसनसोल में हम 65 साल की कल्याणी देवी सिंह से मिले। योजनाओं का पूछते ही वे कहती हैं, ‘सिर्फ विधवा पेंशन मिलती है, बाकी का पता नहीं।‘ स्वास्थ्य साथी कार्ड के बारे में वे नहीं जानतीं। हां, राशन कार्ड के लिए फॉर्म भरा है, लेकिन नहीं बना।‘ वोट किसे देंगी, पूछने पर कल्याणी कहती हैं, ‘हमारी एक ही पसंद है, जिसका नमक खाया है। उसे अदा करना है।‘ इसके बाद हम कुल्टी विधानसभा में प्रतिमा केवड़ा से मिले। पति गुजर गए इसलिए घरों में काम करके परिवार चला रही हैं। सरकारी योजनाओं का नाम पर सिर्फ लक्ष्मी भंडार का फायदा मिलता है। जॉब कार्ड है, लेकिन कभी उस पर काम नहीं मिला। स्वास्थ्य साथी कार्ड की कभी जरूरत नहीं पड़ी। प्रतिमा को सबसे ज्यादा जरूरत राशन की है। राशन कार्ड है, लेकिन राशन नहीं मिल रहा। सब दीदी ने दिया, जो हमारे साथ-हम उसके साथइसके बाद हम मुर्शिदाबाद पहुंचे। यहां हमें ईरानी मूल की भारतीय रुखसार खातून से मिलीं। उनके परिवार के कई लोगों के नाम SIR में कट गए, इसलिए गुस्से में हैं। सरकारी योजनाओं के बारे में पूछने पर कहती हैं, ‘मुझे और बेटी को लक्ष्मी भंडार का पैसा मिलता है। छोटी बेटी को स्कूल से कन्या श्री की राशि मिली है। सरकारी घर भी है।‘ BJP के 3 हजार और कांग्रेस के 2 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘ये सब राजनीति है। इन पर भरोसा नहीं है, जिन्होंने हमारा साथ दिया, हम उनके साथ हैं।‘ क्या सरकारी मकान पीएम आवास योजना के तहत मिला? इस पर कहती हैं, ‘BJP, बिहार वालों को दे रही है, यहां तो सब दीदी ने दिया है।‘ 1500 या 3 हजार में क्या होगा, काम करके ही घर चलेगा इसके बाद हम शमशेरगंज विधानसभा गए। यहां तकरीबन हर घर में बीड़ी बनाने का काम होता है। यहां मिलीं सुमित्रा दास भी बीड़ी बांधती हैं। 100 बीड़ी बंधाने पर 100 रुपए मिलते हैं। उन्हें लक्ष्मी भंडार योजना का फायदा मिल रहा है, लेकिन वे इससे खुश नहीं हैं। BJP के 3 हजार देने के वादे पर कहती हैं, ‘इतने पैसों से कुछ नहीं होता। पांच साल से लक्ष्मी भंडार के पैसे मिल रहे हैं, लेकिन पहले भी काम करके घर चल रहा था और अब भी। कोई 1500 दे या 3 हजार इससे फर्क नहीं पड़ने वाला है।‘ पुरुलिया जिले की रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के दलित गांव में रहने वाली झरना बाउरी का घर विधवा पेंशन और लक्ष्मी भंडार से चल रहा है। हालांकि वे भी सरकार से खफा हैं क्योंकि स्वास्थ्य साथी कार्ड का फायदा नहीं मिल सका। एक्सपर्ट: महिला-युवा वोटर साध ममता एंटी इनकम्बेंसी मैनेज कर रहीं ममता की योजनाओं का असर समझने के लिए हमने पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर मैदुल इस्लाम से बात की। उनका कहना है, ‘ममता बनर्जी ने पिछले 15 साल में इंसान के पैदा होने से लेकर मरने तक कई स्कीमें शुरू कीं, जिनका उन्हेंं फायदा भी मिला। 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की घोषणा हुई। तब महिला वोटर्स TMC के साथ गईं और सीटें भी बढ़ीं।‘ ‘यही 2024 के लोकसभा चुनाव में हुआ। ममता सरकार ने लक्ष्मी भंडार की रकम बढ़ाई और TMC की सीट 22 से बढ़कर 29 हो गई। जबकि BJP की 18 से घटकर 12 हो गईं। अब BJP राज्य में सरकार बनने पर TMC से ज्यादा भत्ता देने की बात कर रही है, लेकिन लोगों तक अपनी बात नहीं पहुंचा पा रही है। वहीं लोगों को ये लगता है कि अगर BJP सत्ता में आई, तो सारी स्कीमें बंद हो जाएगी।‘ ‘साफ है कि इसे वोट के लिए शुरू किया गया है। लेफ्ट की सरकार में बेरोजगारी भत्ता के नाम से ऐसी योजना थी। उसमें युवाओं को हर महीने कुछ राशि मिलती थी, शर्त इतनी थी कि एक्सचेंज ऑफिस जाकर रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता था।‘ एंटी इनकम्बेंसी को इसकी वजह बताते हुए वे आगे कहते हैं, ‘इसे मैनेज करने के लिए ममता, महिला और युवा वोटरों को स्कीम के जरिए टारगेट कर रही हैं। जहां तक युवाओं को काम और भत्ते देने की बात है, ये दोनों जरूरी हैं। क्योंकि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें उतनी नौकरियां नहीं दे पा रहीं, जितनी होनी चाहिए। लिहाजा, सरकार को भत्ता देना पड़ रहा है। ये लगभग हर राज्य में हो रहा है।‘ वहीं, पॉलिटिकल एक्सपर्ट उन्नयन बंदोपाध्याय कहते हैं, ‘चुनाव से पहले सभी पार्टियां आजकल ऐसे लोकलुभावन वादे करती हैं। ममता ने भी युवाओं को टारगेट कर अबकी युवा साथी योजना का ऐलान किया है। इसका मकसद 21 से 40 साल तक के वोटर्स को अपनी ओर खींचना है। राज्य में इस वर्ग के युवा वोटर्स लगभग 40-50% हैं।’ ’ममता ने पिछले कार्यकाल में भी कई ऐसी योजनाएं शुरू कीं, लेकिन लोगों की पहली पसंद रोजगार होगा क्योंकि उसमें ज्यादा सिक्योरिटी है।’ …………………..पश्चिम बंगाल चुनाव पर ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ें… हिंदू बाप-बेटे को काट डाला, बंगाल में चुनावी मुद्दा नहीं 11 अप्रैल 2025 को वक्फ संशोधन कानून के विरोध में मुर्शिदाबाद के जाफराबाद में रैली निकाली गई। बेकाबू भीड़ ने पारुल के पति हरगोविंद दास और बेटे चंदन को घर के सामने ही काट डाला। जाफराबाद में लोग इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बता रहे हैं और TMC को हटाने की बात कर रहे हैं, जबकि यहां से 142 किमी दूर मालदा में इसकी चर्चा भी नहीं है। पढ़ें पूरी खबर...

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