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कोलकाता के सामने फ्लॉप हुई मुंबई की बल्लेबाजी, बन पाए 148 रन

KKRvsMI ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाईट राइडर्स के सामने मुंबई इंडियन्स की बल्लेबाजी फ्लॉप हो गई और वर्षा बाधित मैच में टीम 8 विकेट खोकर सिर्फ 148 रन ही बना सकी। टीम के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज कॉर्बिन बॉश रहे जिन्होंने नाबाद 18 रन बनाए। कोलकाता की ओर से कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे और कैमरन ग्रीन ने 2-2 विकेट लिए। इससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने बुधवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 65वें मुकाबले में टॉस जीत कर मुम्बई इंडियंस के खिलाफ पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। Innings Break! A fantastic bowling performance from #KKR , but #MI fought back to put up /8 Who ends the night with points? Scorecard https://t.co/Aw11jLoww5 #TATAIPL | #KhelBindaas | #KKRvMI pic.twitter.com/7zQZfpfraf — IndianPremierLeague (@IPL) May 20, 2026 दोनों टीमें इस प्रकार है:- कोलकाता नाइट राइडर्स (एकादश): अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरन ग्रीन, रोवमेन पॉवेल, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, कार्तिक त्यागी, वरुण चक्रवर्ती और सौरभ दुबे। मुम्बई इंडियंस (एकादश): रोहित शर्मा, रायन रिकल्टन, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या (कप्तान), विल जैक्स, कॉर्बिन बॉश, दीपक चाहर, जसप्रीत बुमराह, और रघु शर्मा।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:11 pm

वैभव सूर्यवंशी अब तोड़ेंगें यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड

युवा बल्लेबाजी सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 में अब तक 53 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी बल्लेबाज़ द्वारा किसी भी टी 20 टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज़्यादा हैं। सबसे ज़्यादा 59 छक्के क्रिस गेल ने आईपीएल 2012 में लगाए थे। सूर्यवंशी की नज़रें अब गेल के रिकॉर्ड पर होंगी। सूर्यवंशी ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मंगलवार को 10 छक्कों की मदद से 93 रन बनाये। सूर्यवंशी ने तीन बार आईपीएल की एक पारी में 10 या उससे ज़्यादा छक्के लगाए हैं। वह अब सिर्फ़ गेल से पीछे हैं, जिन्होंने ऐसा चार बार किया था। सूर्यवंशी ने 2026 में दो बार एक पारी में 10 या उससे ज़्यादा छक्के लगाए हैं। आईपीएल के एक सीज़न में एक से अधिक बार ऐसा करने वाले एकमात्र दूसरे बल्लेबाज़ फ़िन ऐलन हैं, जिन्होंने 2026 में ही ऐसा किया है। राजस्थान रॉयल्स ने इस आईपीएल में पहले छह ओवरों में 60 छक्के लगाए हैं, जो किसी भी टीम द्वारा इस चरण में आईपीएल के एक सीज़न में सबसे ज़्यादा लगाए गए छक्के हैं। उन्होंने 2024 में सनराइज़र्स हैदराबाद के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। इनमें से अकेले सूर्यवंशी ने 37 छक्के लगाए हैं। किसी और बल्लेबाज़ ने किसी एक सीज़न के पहले छह ओवरों में 30 छक्के भी नहीं लगाए हैं। nराजस्थान रॉयल्स लखनऊ सुपर जायंट्स के ख़िलाफ़ 221 रनों का लक्ष्य हासिल किया। आईपीएल में राजस्थान द्वारा 220 से ज़्यादा का लक्ष्य सफलतापूर्वक चेज़ करने का यह चौथा मौका था, जो किसी भी टीम द्वारा सबसे ज़्यादा है। इससे पहले पंजाब किंग्स और एसआरएच ने तीन-तीन बार ऐसा किया था।

वेब दुनिया 20 May 2026 9:13 pm

आज का एक्सप्लेनर:5 देशों से क्या लेकर लौट रहे पीएम मोदी; UAE तेल रिजर्व भरेगा, नीदरलैंड्स से चीन का काउंटर, मेलोनी से भी डील

PM मोदी 15 मई की सुबह नई दिल्ली से UAE के लिए निकले थे। फिर नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे होते हुए इटली पहुंचे। वे 6 दिनों के भीतर 5 देशों का दौरा कर 21 की सुबह दिल्ली लौट आएंगे। करीब 140 घंटे के इस मैराथन दौरे से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदी और भारत के लिए उसके मायने क्या हैं; आज के एक्सप्लेनर में… पहला पड़ाव था- UAE। मोदी यहां करीब 3 घंटे रुके। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात की। इस दौरान 7 MoU साइन किए, इसमें सबसे अहम था- स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व एग्रीमेंट। इसके तहत UAE की अबुधाबी नेशनल ऑइल कंपनी अब भारत के स्ट्रैटजिक तेल भंडारों में 3 करोड़ बैरल कच्चा तेल स्टोर करेगी। जंग के हालात या सप्लाई रुकने पर इस रिजर्व पर पहला हक भारत का होगा। UAE इस रिजर्व का किराया भी भरेगा। फिलहाल भारत के पास कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में 3 स्ट्रैटजिक ऑइल रिजर्व है। इनकी क्षमता 53.3 लाख मीट्रिक टन है, यानी इनमें करीब 4 करोड़ बैरल तेल स्टोर हो सकता है। ओडिशा के चंदीखोल में नया रिजर्व और कर्नाटक के पादुर में रिजर्व क्षमता बढ़ाई जा रही है। भारतीय रिजर्व के अलावा, UAE के फुजैराह में भी भारत के लिए पेट्रोलियम रिजर्व करने की व्यवस्था की जाएगी। इस डील के मायने UAE से 2 और अहम डील दूसरा स्टॉप था- नीदरलैंड्स। वो यहां 15 मई की रात करीब 9 बजे पहुंचे और डेढ़ दिन रुके। उन्होंने नीदरलैंड्स के राजपरिवार और प्रधानमंत्री रॉब जेटेन से मुलाकात की। इस दौरान 17 MoU साइन हुए। इनमें 2 मुख्य हैं- 1. चिप-मेकिंग डील 2. क्रिटिकल मिनरल सपोर्ट नीदरलैंड्स से 2 और डील हुई तीसरे पड़ाव के लिए मोदी 17 मई को स्वीडन पहुंचे। उन्हें स्वीडन के सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार’ से सम्मानित किया गया। मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से मुलाकात की और स्ट्रैटेजिक साझेदारी के 6 समझौते किए। इसमें अगले 5 साल में कारोबार दोगुना करने जैसी बाते हैं। एक बड़ा डेवलपमेंट जरूर दिखा। स्वीडन में मोदी से यूरोपियन यूनियन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने वादा किया कि साल के अंत तक वो भारत और EU के बीच तय हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन कर देंगी। लेयेन ने जब गणतंत्र दिवस पर भारत का दौरा किया था, तब 27 जनवरी को इस समझौते की घोषणा हुई थी। मोदी और लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' नाम दिया था। इस डील के तहत यूरोप से आने वाले करीब 96.6% चीजों से टैरिफ पूरी तरह हटा दिया जाएगा या बहुत कम कर दिया जाएगा। ऐसा ही यूरोप ने भी भारत से आने वाले 99.5% सामान पर होगा। चौथे पड़ाव नॉर्वे था, जहां मोदी 18 मई को पहुंचे। आखिरी बार 1983 में इंदिरा गांधी नॉर्वे गईं थी। अब 43 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने नॉर्वे की यात्रा की है। कुल 12 मुद्दों पर समझौते हुए। इसमें सबसे जरूरी है- ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप। इसके तहत नॉर्वे, भारत के क्लीन एनर्जी प्रोजेक्ट में निवेश करेगा। क्लीन एनर्जी यानी ऐसी ऊर्जा, जिससे पर्यावरण को नुकसान नहीं होता। जैसे- सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जलविद्युत, परमाणु ऊर्जा। नॉर्वे की करीब 98% बिजली आपूर्ति क्लीन एनर्जी से ही होती है। भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट क्लीन एनर्जी उत्पादन करना है। अप्रैल 2026 तक सिर्फ 283.46 गीगावाट तक की क्षमता इंस्टॉल हुई है। यानी टारगेट से लगभग आधी। यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है नॉर्वे, भारत LPG खरीद रहा नॉर्वे तीन तरफ से समुद्र से घिरा है। यह नॉर्वेजियन सागर और बारेंट्स सागर से तेल निकालता है। नॉर्वे हर दिन करीब 2 मिलियन बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है और यूरोप का सबसे बड़ा तेल उत्पादक है। इसका 90% एक्सपोर्ट कर देता है। ज्यादातर तेल यूरोपीय देशों को ही बेचता है। भारत कई मौकों पर नॉर्वे से छोटी खेपों में तेल खरीद भी चुका है। ईरान जंग शुरू होने के बाद से भारत ने नॉर्वे से LPG की खरीद भी बढ़ाई है। इंडिया-नॉर्वे बिजनेस समिट के दौरान नॉर्वे की सबसे बड़ी तेल कंपनी एक्विनॉर भी शामिल हुई थी। इससे पहले 2024 में भी एक्विनॉर से भारत के स्ट्रैटजिक रिजर्व के लिए कच्चा तेल खरीदने की खबरें आई थी। भारत भविष्य में भी नॉर्वे से तेल खरीदने के विकल्प तलाश सकता है। पत्रकार के सवाल का जवाब न देने पर विवाद राजधानी ऑस्लो में मोदी और नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे ने जॉइंट प्रेस ब्रीफिंग की थी। जब वह कॉन्फ्रेंस से जाने लगे तो एक महिला पत्रकार ने पूछा, ‘आप दुनिया की सबसे आजाद प्रेस के सवालों के जवाब क्यों नहीं देते?’ पीएम उन्हें जवाब दिए बिना चले गए तो पत्रकार हेली लिंग ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और हेली को इसमें अपने सवाल पूछने को कहा। यहां भी विदेश मंत्रालय में पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज और हेली के बीच बहस हुई। यूरोप दौरे के आखिरी पड़ाव के लिए मोदी 19 मई को इटली पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। इटली में दोनों नेता एक ही कार में घूमे और 2000 साल पुराने कोलोजियम में सेल्फी ली। मोदी ने मेलोडी टॉफी भी गिफ्ट की। भारत और इटली के बीच कई समझौते हुए, इनमें से 2 प्रमुख हैं- 1. IMEC से ट्रेड कनेक्टिविटी इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी IMEC को आगे बढ़ाने पर दोनों देश सहमत हुए हैं। IMEC की घोषणा 9 सितंबर 2023 को दिल्ली में G20 समिट के दौरान हुई थी। ये प्रोजेक्ट भारत को मिडिल ईस्ट और यूरोप से रेलवे, पोर्ट और शिपिंग नेटवर्क के जरिए जोड़ने का प्लान है। IMEC क्यों अहम? 2. AI, टेक्नोलॉजी और साइबर सिक्योरिटी मोदी ने कहा, ‘भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इटली की इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी को जोड़कर नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन इकोसिस्टम बनाया जाएगा। दोनों देश जिम्मेदार और सुरक्षित AI डेवलपमेंट पर भी साथ काम करेंगे। इसके अलावा भारत और इटली 2029 तक आपसी व्यापार को 20 अरब यूरो से ज्यादा तक ले जाने का लक्ष्य बनाया है। फिलहाल भारत-इटली के बीच 14 अरब यूरो यानी 1.60 लाख करोड़ का व्यापार है। दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का दर्जा देने का फैसला किया है। मोदी ने मेलोनी को भारत आने का न्योता भी दिया। ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास------------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… मेलोनी के पिता ड्रग तस्करी में जेल गए, खुद बारटेंडर रहीं; कैसे बनीं इटली की पहली महिला पीएम, इटली में मोदी से हुई मुलाकात कभी ट्रम्प ने बीच भाषण रोककर खूबसूरती की तारीफ की, कभी अल्बानिया के पीएम ने घुटने पर बैठकर स्वागत किया। मोदी के साथ सेल्फी ली तो #Melodi ट्रेंड हो गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जब भी किसी विदेशी नेता से मिलती हैं, वो मुलाकात मोमेंट बन जाती है। आज पीएम मोदी से फिर उनकी मुलाकात हुई है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 20 May 2026 6:23 pm

जयदीप अहलावत बने दोस्ती की मिसाल, दोस्त की फिल्म ‘Momacu’ के ट्रेलर लॉन्च में बने चीफ गेस्ट

कहते हैं कि जब सारे रिश्ते अपना हक मांगने की होड़ में लग जाते हैं तब दोस्ती ही एक ऐसा रिश्ता होता हैं जो बिना किसी शर्त के बस निःश्वार्थ भाव से हमेशा अपने गले लगाता हैं। एक्टर जयदीप अहलावत भी एक ऐसे दोस्त हैं जो अपने यारो के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। अब देखिए आज के समय जहा जयदीप के पास एक बाद एक फिल्में हैं वही दोस्त एक्टर जतिन सारन की आगामी फ़िल्म 'Momacu – Motor Machis Aur Cutte'r के ट्रेलर लॉन्च पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। केबल वन और सागा स्टूडियो द्वारा प्रस्तुत तथा हैरी भाटी फिल्म्स के सहयोग से आर्ट बीट हाउस एवं आर्ट Art Worshipers Productions द्वारा निर्मित इस फिल्म को कुलदीप कुनाल ने लिखा और निर्देशित किया है। Momacu – Motor Machis Aur Cutter एक दमदार, रहस्यमयी और डार्क लेयर्ड सिनेमाई अनुभव देने का वादा करती है, जिसमें सस्पेंस, ड्रामा और इंटेंस परफॉर्मेंस का जबरदस्त मिश्रण देखने मिलेगा। फिल्म यथार्थ, भावनाओं और सिचुएशनल डार्क कॉमेडी को एक तेज़ रफ्तार कहानी में प्रस्तुत करती है, जो एक ही रात के घटनाक्रम पर आधारित है। ALSO READ: '60 साल का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला', पैपराजी पर भड़के सलमान खान, आधी रात को दी चेतावनी फिल्म के बारे में बात करते हुए जयदीप अहलावत ने कहा, मुझे Momacu की सबसे खास बात इसकी रूटेड स्टोरीटेलिंग और इसकी दुनिया का पागलपन लगा। ऐसी फिल्में दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। ट्रेलर उस रॉ एनर्जी को बेहद खूबसूरती से सामने लाता है और मुझे बेहद खुशी है कि इस तरह की ईमानदार और निडर कहानी दर्शकों के सामने आ रही है। निर्माता सुमित सिंह ने कहा, Momacu – Motor Machis Aur Cutter ऐसी फिल्म है जो पारंपरिक कहानी कहने के तरीके से अलग हटकर सोचती है। शुरू से ही हमें इसकी कहानी की गहराई, पागलपन और भावनात्मक पक्ष पर भरोसा था। पूरी टीम ने जुनून के साथ काम किया है और अब हम दर्शकों को यह अनोखी दुनिया दिखाने के लिए उत्साहित हैं। वरिष्ठ अभिनेता यशपाल शर्मा ने कहा, फिल्म का ट्रीटमेंट बेहद अलग है। यह डार्क है, लेयर्ड है और साथ ही कई ऐसे पल भी हैं जो आपको अचानक हंसा देते हैं। हर किरदार की अपनी गहराई है और कहानी अंत तक बांधे रखती है। अभिनेता जतिन सरना ने कहा, Momacu में पागलपन, थ्रिल, ह्यूमर और इमोशन सब कुछ है। यह उन स्क्रिप्ट्स में से है जहां हर सीन आपको चौंकाता है और एक अभिनेता के तौर पर यही सबसे रोमांचक होता है। अभिनेत्री अपूर्वा अरोरा ने कहा, Momacu की दुनिया बेहद रॉ और अनप्रिडिक्टेबल है। मुझे सबसे ज्यादा इसकी ईमानदारी और किरदारों की सच्चाई ने प्रभावित किया। दर्शकों को इसमें कुछ बिल्कुल अलग देखने मिलेगा। ALSO READ: वाणी कपूर ने की 'सपने वर्सेस एवरीवन 2' की तारीफ, बोलीं- ऐसी कहानियां दिल को छू जाती है निर्देशक कुलदीप कुनाल ने कहा, Momacu – Motor Machis Aur Cutter एक ऐसी कहानी है जो अराजकता, संघर्ष और इंसानी भावनाओं से जन्मी है। हम चाहते थे कि फिल्म एक साथ असहज, मजेदार, वास्तविक और थ्रिलिंग लगे। फिल्म का हर किरदार अपने भीतर कोई रहस्य, डर और संघर्ष लेकर चलता है। निर्माता हैरी भट्टी ने कहा, हमें शुरुआत से ही इस स्क्रिप्ट की अलग पहचान पर भरोसा था। Momacu कोई पारंपरिक फिल्म नहीं है। इसकी अपनी भाषा, अपनी रफ्तार और अपनी धड़कन है और हम इसे दर्शकों तक पहुंचाने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। ट्रेलर लॉन्च के दौरान फिल्म की स्टारकास्ट, क्रू, निर्माता और मीडिया के सदस्य मौजूद रहे, जहां फिल्म की दुनिया की एक खास झलक देखने मिली। फिल्म के निर्माता सुमीत सिंह, हैरी भट्टी और सतेंदर सत्य सेहरावत हैं, जबकि अरमान सिद्धू और रूबी रोमाना़ सह-निर्माता हैं। हरमन धनोआ फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं। Momacu – Motor Machis Aur Cutter 4 जून 2026 को विशेष रूप से KableOne पर स्ट्रीम होगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 5:17 pm

फिल साल्ट के आने से प्लेऑफ में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू होगी और मजबूत

चोट के इलाज के सिलसिले में इंग्लैंड गए फिल साल्ट के रॉयल चैलेंजर्स बैंगलूरू के साथ जुड़ने की संभावना है। गौरतलब है कि उनकी अनुपस्थिति में जैकब बैथल ने यह काम संभाला था। फिल साल्ट पिछले महीने उंगली में लगी चोट का स्कैन कराने के लिए इंग्लैंड लौट गए हैं।इस चोट के कारण साल्ट आरसीबी के पिछले तीन मैचों में नहीं खेल पाए थे। उनकी जगह उनके हमवतन जैकब बेथेल ने विराट कोहली के साथ पारी का आगाज किया। यह 29 वर्षीय खिलाड़ी 18 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मैच के दौरान डीप बैकवर्ड स्क्वायर लेग पर बाउंड्री बचाने के लिए डाइव लगाते समय चोटिल हो गया था। उनकी बाएं हाथ की उंगली में चोट लग गई थी। साल्ट ने मौजूदा आईपीएल में छह पारियों में 168.33 के स्ट्राइक रेट से 202 रन बनाए थे।फिल साल्ट की मौजूदगी में विराट कोहली के साथ बल्लेबाजी करने आए जैकब बैथल का बल्ला भी खास नहीं चला है। 6 मैचों में वह 14 की औसत और 121 की स्ट्राइक रेट के साथ सिर्फ 85 रन ही बना पाए है। उनकी सर्वश्रेष्ठ पारी 27 रनों की रही है।

वेब दुनिया 20 May 2026 5:13 pm

'60 साल का हो गया हूं, लड़ना नहीं भूला', पैपराजी पर भड़के सलमान खान, आधी रात को दी चेतावनी

बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अपने कूल अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन जब बात प्राइवेसी और परिवार की संवेदनशीलता पर आती है, तो वह सख्त रुख अपनाने से पीछे नहीं हटते। मंगलवार रात मुंबई के हिंदुजा अस्पताल के बाहर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां पैपराजी की एक हरकत पर सलमान खान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद खुद सलमान ने आधी रात को सोशल मीडिया पर आकर पैपराजी और मीडिया को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। दरअसल, मंगलवार, 19 मई की रात सलमान खान मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में किसी करीबी से मिलने पहुंचे थे। ALSO READ: Jr NTR की नई फिल्म का नाम होगा 'ड्रैगन', टीजर में दिखी खून-खराबे से भरपूर कहानी इस दौरान पैपराजी ने सलमान का पीछा ट्रैफिक सिग्नल से ही शुरू कर दिया था और वे अस्पताल परिसर तक पहुंच गए। सलमान जब अस्पताल से बाहर निकल रहे थे, तब कुछ फोटोग्राफर्स ने उनका ध्यान खींचने के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया— भाई, भाई, मातृभूमि! अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर फिल्म का नाम लेकर चिलाना और कैमरे फ्लैश करना सलमान को बिल्कुल रास नहीं आया। वे तुरंत फोटोग्राफर्स की तरफ बढ़े और गुस्से में अपने माथे पर इशारा करते हुए कहा, 'पागल हो गए हो क्या?' उन्होंने पैपराजी से सवाल किया कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल के अंदर भर्ती हो, तो क्या वे ऐसा ही व्यवहार करेंगे? सलमान का यह कड़ा रूप देखकर मौके पर मौजूद फोटोग्राफर्स ने तुरंत अपनी गलती मानी और उनसे माफी मांगी। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) इंस्टाग्राम पर फूटा 'भाईजान' का गुस्सा अस्पताल के बाहर मामला भले ही शांत हो गया था, लेकिन सलमान खान का गुस्सा कम नहीं हुआ था। बुधवार तड़के करीब 2 बजे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक के बाद एक चार सेल्फी पोस्ट कीं, जिनके कैप्शन में उन्होंने मीडिया की असंवेदनशीलता पर तीखे सवाल उठाए। A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) पहली पोस्ट में सलमान ने लिखा, 'अगर मैं किसी प्रेस वाले को अस्पताल में मेरे दर्द का आनंद लेते हुए देखूं... वो प्रेस जिसके लिए मैं हमेशा खड़ा रहा, बातचीत की, ध्यान रखा और यह सुनिश्चित किया कि वे भी अपनी रोजी-रोटी कमा सकें...' A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) दूसरी पोस्ट में उन्होंने फिल्म का नाम घसीटे जाने पर नाराजगी जताते हुए लिखा, लेकिन अगर वे मेरे नुकसान से पैसे कमाना चाहते हैं... तो चुप रहें, एन्जॉय न करें। भाई भाई भाई मातृभूमि पिक्चर की मां की आंख, पिक्चर जरूरी है या जिंदगी? A post shared by Salman Khan (@beingsalmankhan) तीसरी और चौथी पोस्ट में चेतावनी का लहजा और कड़ा हो गया। उन्होंने लिखा, ऐसे मैं सौ जला दूंगा। भाई के एक भाई के दुख पर अगली बार मेरे साथ ट्राई कर लेना। बस ट्राई कर लेना... जब भी तुम्हारा कोई अस्पताल में होगा, तो क्या मैं ऐसा रिएक्ट करूंगा? साठ साल का हो गया हूं लेकिन लड़ना नहीं भूला, ये याद रख लेना। जेल में डालोगे? हा हा हा। सलमान खान के इन पोस्ट्स ने उनके फैंस को हैरान और चिंतित कर दिया है। कमेंट सेक्शन में फैंस लगातार उनका समर्थन कर रहे हैं। यूजर्स का मानना है कि सेलिब्रिटीज की भी अपनी पर्सनल लाइफ होती है और विशेषकर अस्पताल जैसी जगहों पर पैपराजी को अपनी सीमाएं नहीं लांघनी चाहिए।

वेब दुनिया 20 May 2026 4:51 pm

हर नए घर के साथ बढ़ रहा कार्बन संकट: विकास की रफ्तार और जलवायु का टकराव

संयुक्त राष्ट्र की नई Global Status Report for Buildings and Construction 2025-2026 के अनुसार दुनिया की इमारतें अब भी 37 प्रतिशत वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार हैं। तेजी से बढ़ते निर्माण, ऊर्जा संकट और जलवायु असुरक्षा के बीच भारत सहित दुनिया के सामने कम-कार्बन और ऊर्जा-कुशल घर बनाने की बड़ी चुनौती खड़ी है।

हस्तक्षेप 20 May 2026 3:37 pm

प्लेऑफ का एक स्थान और 4 दावेदार, कौन अंतिम मौके पर छीनेगा चौथी जगह

Indian Premiere League (IPL 2026) के लीग चरण में अब केवल 6 मैच शेष होने के बावजूद प्लेऑफ के लिए 4 टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। पंजाब को हराकर सिर्फ बैंगलोर ने प्लेऑफ में जगह सुनिश्चित की है।सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर प्लेऑफ में जगह पक्की की और इस ही दिन गुजरात टाइटंस का भी प्लेऑफ पक्का हो गया लेकिन अभी भी 1 स्थान के लिए लड़ाई है। चेन्नई सुपर किंग्स- लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद से मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदों को झटका दिया है, लेकिन टीम अब भी अपने आखिरी मैच जीतकर 14 अंक तक पहुंच सकती है।14 अंक पर भी क्वालिफाई करने की संभावना बनी हुई है। अगर पंजाब किंग्स अपने शेष सभी मैच हार जाएं और दिल्ली कैपिटल्स कोलकाता नाइट राइडर्स से हार जाए तो ऐसा हो सकता है। लेकिन इसके साथ ही राजस्थान की ना केवल हार बल्कि मुंबई के खिलाफ बड़ी हार ही चेन्नई को प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। पंजाब किंग्स:- लगातार 6 हार के बाद पंजाब किंग्स 13 अंक पर अटकी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि टीम अब भी 13 अंक के साथ चौथी क्वालिफाई करने वाली टीम बन सकती है।केकेआर को डीसी को हराकर मुंबई इंडियंस से हारना होगा। ऐसे में आरसीबी, जीटी, एसआरएच और पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी और नेट रन रेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजाब किंग्स के लिए आसान रास्ता यह है कि अपना अंतिम मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंच जाएं और दूसरे नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। खासकर राजस्थान की मुंबई के खिलाफ हार ही टीम को प्लेऑफ में पहुंचा सकती है। राजस्थान रॉयल्स- पिछले 9 मैचों में 6 हार ने RR की स्थिति मुश्किल कर दी थी।लेकिन कल लखनऊ के खिलाफ मिली जीत से राजस्थान ने राहत ली है। अब राजस्थान को सिर्फ मुंबई पर जीत दर्ज करनी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो उसको कामना करनी होगी कि लखनऊ पंजाब को हरा दे और कोलकाता बचे दो मैच ना जीते। कोलकाता नाईट राइडर्स: लगातार चार जीत के बाद केकेआर ने वापसी की थी, लेकिन आरसीबी से हार के बाद टीम अधिकतम 15 अंक तक ही पहुंच सकती है। इसका मतलब अब उन्हें दूसरे नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।केकेआर के बाक़ी 2 मैच घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में हैं, लेकिन इस सीजन टीम ने वहां चार मैचों में सिर्फ़ एक जीत हासिल की है।टीम को फिलहाल पंजाब और राजस्थान दोनों के हार की कामना करनी होगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 3:15 pm

3 वर्ष बाद आया अधिकमास का गुरु प्रदोष, जानिए महत्व और कथा

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे उत्तम दिन माना गया है। लेकिन जब यह व्रत अधिकमास (पुरुषोत्तम मास) में आता है और उस दिन गुरुवार होता है, तो इसका महत्व कई हजार गुना बढ़ जाता है। अधिकमास के गुरु प्रदोष व्रत के महात्म्य को हम कुछ मुख्य बिंदुओं के जरिए आसानी से समझ सकते हैं। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा 1. 'हरि-हर' की दोहरी कृपा सामान्य प्रदोष: केवल भगवान शिव (हर) को समर्पित होता है। अधिकमास का गुरु प्रदोष: अधिकमास के स्वामी भगवान विष्णु (हरि) हैं, गुरुवार के कारक देवगुरु बृहस्पति हैं, और प्रदोष तिथि के देवता भगवान शिव हैं। इसलिए इस दिन व्रत और पूजा करने से महादेव, श्रीहरि विष्णु और गुरु बृहस्पति तीनों का आशीर्वाद एक साथ मिलता है। 2. कुंडली में 'बृहस्पति दोष' से मुक्ति ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) कमजोर स्थिति में है, विवाह में अड़चनें आ रही हैं या शिक्षा में रुकावट है, उनके लिए यह दिन वरदान जैसा है। इस दिन शिवलिंग पर केसर मिश्रित दूध चढ़ाने और चने की दाल का दान करने से गुरु दोष शांत होता है और भाग्य का साथ मिलने लगता है। ALSO READ: अधिकमास में 3 साल बाद बन रहे 2 प्रदोष व्रत, चंद्र और शनिदोष से मुक्ति पाने का दुर्लभ मौका 3. शत्रुओं और विरोधियों पर विजय पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवराज इंद्र ने वृत्तासुर राक्षस पर विजय प्राप्त करने के लिए गुरुदेव बृहस्पति के कहने पर ही 'गुरु प्रदोष व्रत' किया था। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने या शाम के समय शिव चालीसा का पाठ करने से शत्रुओं और गुप्त विरोधियों का नाश होता है। 4. दाम्पत्य जीवन और संतान सुख गुरु प्रदोष का व्रत वैवाहिक जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए अचूक माना गया है। यदि पति-पत्नी के बीच अनबन चल रही हो, तो इस दिन शाम को (प्रदोष काल में) शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करने से रिश्ते मधुर होते हैं। साथ ही, योग्य संतान की प्राप्ति और संतान की उन्नति के लिए भी यह व्रत बेहद फलदायी है। 5. अनंत गुना फल (अधिकमास का प्रभाव) शास्त्रों में कहा गया है कि अधिकमास (मलमास) में किया गया कोई भी जप, तप, दान या व्रत सामान्य दिनों की तुलना में करोड़ों गुना अधिक फल प्रदान करता है। इसलिए इस दिन किया गया लोटा भर जल का अर्पण भी अक्षय पुण्य लेकर आता है। गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व शुभ फल: हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार, गुरु प्रदोष का व्रत रखने से जातक को दोहरे शुभ फल प्राप्त होते हैं। शत्रु विजय: यह व्रत शत्रुओं के विनाश और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए जाना जाता है। सौभाग्य और समृद्धि: भगवान शिव की कृपा से आर्थिक तंगी दूर होती है और बृहस्पति देव की कृपा से यश, कीर्ति और उच्च पद की प्राप्ति होती है। पूर्वजों का आशीर्वाद: इस दिन व्रत करने से पितरों का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। पुण्य फल: ऐसी मान्यता है कि एक प्रदोष व्रत रखने का पुण्य दो गायों के दान के बराबर होता है। इस दिन क्या विशेष करें? प्रदोष काल में पूजा: सूर्यास्त के समय (शाम के वक्त) भगवान शिव का रुद्राभिषेक या जलाभिषेक जरूर करें, क्योंकि मान्यता है कि इस समय महादेव कैलाश पर अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं। दीपदान: शाम को घर के मंदिर, मुख्य द्वार या तुलसी/बेलपत्र के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं। अधिकमास में दीपदान का विशेष महत्व है। क्या आप इस व्रत की विशेष पूजा-विधि या इस दिन किए जाने वाले किसी खास उपाय के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं? गुरु प्रदोष व्रत की कथा: गुरु प्रदोष व्रत की कथा के अनुसार एक बार इंद्र और वृत्तासुर की सेना में घनघोर युद्ध हुआ। देवताओं ने दैत्य-सेना को पराजित कर नष्ट-भ्रष्ट कर डाला। यह देख वृत्तासुर अत्यंत क्रोधित हो स्वयं युद्ध को उद्यत हुआ। आसुरी माया से उसने विकराल रूप धारण कर लिया। सभी देवता भयभीत हो गुरुदेव बृहस्पति की शरण में पहूंचे। बृहस्पति महाराज बोले- पहले मैं तुम्हें वृत्तासुर का वास्तविक परिचय दे दूं। वृत्तासुर बड़ा तपस्वी और कर्मनिष्ठ है। उसने गंधमादन पर्वत पर घोर तपस्या कर शिवजी को प्रसन्न किया। पूर्व समय में वह चित्ररथ नाम का राजा था। एक बार वह अपने विमान से कैलाश पर्वत चला गया। वहां शिवजी के वाम अंग में माता पार्वती को विराजमान देख वह उपहासपूर्वक बोला- 'हे प्रभो! मोह-माया में फंसे होने के कारण हम स्त्रियों के वशीभूत रहते हैं किंतु देवलोक में ऐसा दृष्टिगोचर नहीं हुआ कि स्त्री आलिंगनबद्ध हो सभा में बैठे।' चित्ररथ के यह वचन सुन सर्वव्यापी शिवशंकर हंसकर बोले- 'हे राजन! मेरा व्यावहारिक दृष्टिकोण पृथक है। मैंने मृत्युदाता-कालकूट महाविष का पान किया है, फिर भी तुम साधारणजन की भांति मेरा उपहास उड़ाते हो!' माता पार्वती क्रोधित हो चित्ररथ से संबोधित हुईं- 'अरे दुष्ट! तूने सर्वव्यापी महेश्‍वर के साथ ही मेरा भी उपहास उड़ाया है अतएव मैं तुझे वह शिक्षा दूंगी कि फिर तू ऐसे संतों के उपहास का दुस्साहस नहीं करेगा- अब तू दैत्य स्वरूप धारण कर विमान से नीचे गिर, मैं तुझे शाप देती हूं।' जगदम्बा भवानी के अभिशाप से चित्ररथ राक्षस योनि को प्राप्त हुआ और त्वष्टा नामक ऋषि के श्रेष्ठ तप से उत्पन्न हो वृत्तासुर बना। गुरुदेव बृहस्पति आगे बोले- 'वृत्तासुर बाल्यकाल से ही शिवभक्त रहा है अत हे इंद्र! तुम बृहस्पति प्रदोष व्रत कर शंकर भगवान को प्रसन्न करो।' देवराज ने गुरुदेव की आज्ञा का पालन कर बृहस्पति प्रदोष व्रत किया। गुरु प्रदोष व्रत के प्रताप से इंद्र ने शीघ्र ही वृत्तासुर पर विजय प्राप्त कर ली और देवलोक में शांति छा गई। अत: प्रदोष व्रत हर शिव भक्त को अवश्य करना चाहिए।

वेब दुनिया 20 May 2026 2:39 pm

Guru Pushya Yoga: गुरु-पुष्य योग क्यों है इतना प्रभावशाली? जानें विशेष संयोग, क्या करें और क्या न करें

Guru Pushya Yoga: वैदिक ज्योतिष में 'गुरु पुष्य योग' या गुरु पुष्य नक्षत्र को अत्यंत दुर्लभ, शक्तिशाली और स्थायी समृद्धि देने वाला शुभ संयोग माना जाता है। ज्योतिषीय प्रभाव में यह योग तब बनता है जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग का निर्माण होता है। मान्यतानुसार इस अत्यंत शुभ मुहूर्त में नवीन संपत्ति की खरीदना, निवेश करना तथा नया व्यापार शुरू करना बहुत फलदायी माना जाता है। इस अवसर पर आध्यात्मिक कार्य करना भी शुभ फल प्रदान करता है। ALSO READ: Adhika Maas 2026: 17 मई से पुरुषोत्तम मास, ज्येष्ठ अधिकमास में पुण्य लाभ कैसे पाएं और क्या टालें? हिंदू धर्म में पुष्य नक्षत्र को 'नक्षत्रों का राजा' माना जाता है, और जब यह गुरुवार के दिन पड़ता है, तो इसे 'गुरु-पुष्य योग' कहते हैं। इस बार 21 मई 2026, गुरुवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ और दुर्लभ संयोग वाला होने जा रहा है, क्योंकि इस दिन 'गुरु-पुष्य योग' का महासंयोग बन रहा है। आइए यहां जानते हैं इस दिन के बारे में खास जानकारी... 1. गुरु-पुष्य योग: 21 मई 2026 के विशेष संयोग गुरु पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ- 21 मई 2026 को 04:12 ए एम से पुष्य नक्षत्र का अंत: 22 मई 2026 को 02:49 ए एम पर। तिथि: हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पंचमी। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग, रवि योग भी बन रहा है। विशेषता: इस दिन चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में होंगे, जो पुष्य नक्षत्र के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देते हैं। अमृत सिद्धि योग: कई बार इस दिन गुरु-पुष्य के साथ अमृत सिद्धि योग भी बनता है, जो इसे किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए 'अबूझ मुहूर्त' अर्थात् बिना पंचांग देखे किया जाने वाला कार्य बना देता है। 2. क्यों है प्रभावशाली गुरु-पुष्य योग? शास्त्रों के अनुसार, पुष्य नक्षत्र के अधिष्ठाता देवता बृहस्पति (गुरु) हैं और इसके स्वामी शनि देव हैं। चूंकि पुष्य नक्षत्र खुद में शुभ है और गुरुवार भी भगवान विष्णु व गुरु बृहस्पति का दिन है, इसलिए इन दोनों का मिलन एक 'अक्षय' फल देने वाला योग बनाता है। यदि आप कोई बड़ी खरीदारी टाल रहे थे या घर-गाड़ी लेने का मन बना रहे थे, तो 21 मई 2026 का दिन कैलेंडर में मार्क कर लें। यह दिन आपकी आर्थिक उन्नति के द्वार खोल सकता है। ALSO READ: गंगा दशहरा पर बन रहे हैं दुर्लभ योग संयोग, इस दिन करें ये 5 उपाय 3. इस दिन क्या करें? धर्म कार्य: इस दिन गुरु मंत्र का जाप, दीक्षा लेना या तीर्थ यात्रा पर जाना आत्मिक शांति प्रदान करता है। नई दुकान की शुरुआत: व्यापारी वर्ग इस दिन नए बही खाते या नई दुकान की शुरुआत करना पसंद करते हैं। सोने की खरीदारी: गुरु-पुष्य योग में सोना खरीदना सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदा गया सोना पीढ़ी दर पीढ़ी बना रहता है और समृद्धि लाता है। निवेश: प्रॉपर्टी, शेयर बाजार या नए व्यापार में निवेश के लिए यह दिन सर्वश्रेष्ठ है। 4. गुरु-पुष्य योग में क्या न करें? माना जाता है कि पुष्य नक्षत्र को ब्रह्मा जी का श्राप मिला था, इसलिए इस अत्यंत शुभ योग में भी 'विवाह' यानी मैरेज की रस्में नहीं की जाती हैं। खरीदारी और निवेश के लिए यह उत्तम योग है, लेकिन विवाह संस्कार के लिए अन्य मुहूर्तों को प्राथमिकता दी जाती है। 5. लाभ: उत्तर-पूर्व दिशा: उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में इस दिन शाम को घी का दीपक जलाना सौभाग्य वर्धक माना जाता है। श्रीयंत्र स्थापना: अपने घर या ऑफिस में 'श्री यंत्र' स्थापित करने के लिए यह सबसे सिद्ध मुहूर्त है। पीली चीजों का दान: चने की दाल, गुड़, पीले वस्त्र या हल्दी का दान करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है। विष्णु-लक्ष्मी पूजन: इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करने से दरिद्रता दूर होती है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: 3 साल बाद आई अधिकमास की पद्मिनी एकादशी, जानें व्रत का महत्व, शुभ मुहूर्त और पौराणिक कथा

वेब दुनिया 20 May 2026 1:23 pm

क्या आप जानते हैं Jr NTR का पूरा नाम, 8 साल की उम्र में रखा था फिल्मी दुनिया में कदम

तेलुगु सिनेमा के पावरहाउस एक्टर जूनियर एनटीआर 20 मई को अपना 43वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका पूरा नाम नंदमुरी तारक रामा राव जूनियर है, और वे न सिर्फ अपनी एक्टिंग बल्कि अपने करिश्माई स्क्रीन प्रेजेंस के लिए भी जाने जाते हैं। बेहद कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले Jr NTR आज ग्लोबल स्टार बन चुके हैं। बचपन से ही अभिनय की शुरुआत Jr NTR ने महज 8 साल की उम्र में फिल्म Brahmarshi Viswamitra से बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद 1997 में रिलीज हुई फिल्म Ramayanam में उन्होंने भगवान राम का किरदार निभाया। उनकी इस शानदार परफॉर्मेंस के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। विरासत में मिला फिल्मी टैलेंट Jr NTR एक प्रतिष्ठित फिल्मी और राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके दादा एन. टी. रामा राव तेलुगु सिनेमा के महानायक और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं। वहीं उनके पिता नंदमुरी हरिकृष्ण भी अभिनेता और राजनेता थे। इस मजबूत विरासत ने जूनियर एनटीआर के करियर को एक मजबूत आधार दिया। ALSO READ: जाह्नवी कपूर का 'मॉडर्न देसी प्रिंसेस लुक, शिफॉन साड़ी में दिखाई ग्लैमरस अदाएं लीड एक्टर के तौर पर धमाकेदार एंट्री साल 2001 में जूनियर एनटीआर ने फिल्म Ninnu Choodalani से बतौर लीड एक्टर डेब्यू किया। उसी साल रिलीज हुई फिल्म Student No. 1, जिसे एसएस राजामौली ने डायरेक्ट किया था, उनकी पहली सुपरहिट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। 2004 में फिल्म Andhrawala के ऑडियो लॉन्च पर करीब 10 लाख फैंस की मौजूदगी ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। एक समय ऐसा भी था जब Jr NTR को उनके बढ़े हुए वजन के कारण ट्रोल किया गया। 2006 की फिल्म Rakhi के दौरान उनका वजन करीब 100 किलो तक पहुंच गया था। लेकिन उन्होंने जबरदस्त मेहनत और अनुशासन के साथ खुद को फिट किया और एक नए अवतार में वापसी की, जो आज उनके फैंस के लिए इंस्पिरेशन बन चुका है। 2011 में जूनियर एनटीआर ने लक्ष्मी प्रणती के साथ शादी की। यह साउथ इंडस्ट्री की सबसे चर्चित और महंगी शादियों में से एक थी, जिसमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए। उनकी शादी आज भी भव्यता और रॉयल स्टाइल के लिए याद की जाती है। इस शादी में लगभग 100 करोड़ रुपए का खर्च आया था। आज Jr NTR न केवल साउथ बल्कि पूरे भारत और इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी एक्टिंग, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस उन्हें बाकी स्टार्स से अलग बनाती है। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि टैलेंट और मेहनत से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है।

वेब दुनिया 20 May 2026 1:11 pm

रकुल प्रीत सिंह ने याद किया रणवीर सिंह से पहली मुलाकात का पल, बोलीं- मैं पूरी तरह स्टार-स्ट्रक हो गई थी

इन दिनों इंडस्ट्री में रणवीर सिंह का जबरदस्त प्रभाव देखने को मिल रहा है। धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की ऐतिहासिक सफलता के बाद अभिनेता को दर्शकों, समीक्षकों और फिल्म जगत से भरपूर प्यार और सराहना मिल रही है। इसी बीच रकुल प्रीत सिंह ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में रणवीर सिंह से अपनी पहली मुलाकात को याद किया और बताया कि उन्हें पहली बार देखकर वह पूरी तरह स्टार-प्रभावित हो गई थीं। रकुल प्रीत सिंह इन दिनों अपनी हालिया रिलीज पति पत्नी और वो दो में नीलोफर के किरदार के लिए खूब तारीफें बटोर रही हैं। इस घटना के बारे में बात करते हुए रकुल ने बताया कि बैंड बाजा बारात देखने के बाद से ही वह रणवीर सिंह की प्रशंसक बन गई थीं और अपने फिल्मी पदार्पण से पहले ही एक अवॉर्ड समारोह में उनसे मिलने का मन बना चुकी थीं। रकुल ने कहा, मैं रणवीर सिंह की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैंने बैंड बाजा बारात देखी थी, जो यारियां से कुछ समय पहले आई थी। हम लोग एक पुरस्कार समारोह में थे और पूरी टीम प्रस्तुति देने वाली थी। मंच के पीछे रणवीर मौजूद थे और मैं उनसे पहले कभी नहीं मिली थी। ALSO READ: कार्तिक आर्यन का शानदार सफर: प्यार का पंचनामा के द मोनोलॉग गाइ से लेकर बैंकेबल स्टार बनने तक उन्होंने कहा, उस समय तक मेरी पहली फिल्म रिलीज नहीं हुई थी, इसलिए मैं बहुत उत्साहित थी। मुझे पता चला कि रणवीर वहां मौजूद हैं और वही कार्यक्रम का संचालन भी कर रहे हैं। सबको पता था कि वह मेरे पसंदीदा अभिनेता हैं। मैंने सबको कहा था कि आज मुझे रणवीर से मिलना ही है और उनके साथ तस्वीर भी लेनी है। रकुल ने आगे कहा, हम लोग मंच के पीछे खड़े थे तभी अचानक पीछे से एक हाथ आया और आवाज आई — ‘रकुल?’ मैं एकदम घबरा गई और बस ‘हां, हां’ कह पाई। उसके बाद मैं अपनी वैनिटी वैन में गई और खुशी से उछलने लगी। मैं सोच रही थी — ‘हे भगवान, मैं रणवीर से मिल ली।’ बाद में मैंने उन्हें यह किस्सा बताया भी और हम इस पर खूब हंसे। लेकिन वही मेरा पहला और शायद आखिरी स्टार-प्रभावित पल था। रकुल का यह खुलासा एक बार फिर दिखाता है कि रणवीर सिंह को इंडस्ट्री में कितना सम्मान और प्यार मिलता है। बीते वर्षों में कई अभिनेता और फिल्मकार उनकी ऊर्जा, करिश्मा और लोगों पर गहरी छाप छोड़ने की क्षमता की खुलकर तारीफ कर चुके हैं। अब धुरंधर फ्रेंचाइज़ी की बड़ी सफलता के बाद रणवीर सिंह का यह प्रभाव और भी बढ़ गया है। दर्शक उनके अभिनय का जश्न मना रहे हैं, समीक्षक उनकी बहुमुखी प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं और फिल्म जगत खुलकर उनके स्टारडम को स्वीकार कर रहा है। इसी शानदार दौर के बीच रणवीर सिंह ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया है। वह हिंदी सिनेमा में एक हजार करोड़ रुपये के शुद्ध कारोबार वाले क्लब की शुरुआत करने वाले अभिनेता बन गए हैं, जिससे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में उनकी जगह और मजबूत हो गई है।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:29 am

कार्तिक आर्यन का शानदार सफर: प्यार का पंचनामा के द मोनोलॉग गाइ से लेकर बैंकेबल स्टार बनने तक

बॉक्स ऑफिस सफलता और मेनस्ट्रीम पहचान हासिल करने से पहले, कार्तिक आर्यन ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के एक छोटे शहर के लड़के थे, जिनका फिल्मी बैकग्राउंड या इंडस्ट्री में कोई कनेक्शन नहीं था, लेकिन बॉलीवुड में बड़ा नाम बनाने का सपना जरूर था। जब साल 2011 में 'प्यार का पंचनामा' रिलीज हुई, तब इस फिल्म ने एक ऐसे मासूम लड़के को दर्शकों से मिलवाया, जिसकी रिलेटेबल स्क्रीन प्रेजेंस और रॉ एनर्जी ने खासकर युवाओं के साथ गहरा जुड़ाव बना लिया। मज़ेदार बात यह है कि लव रंजन के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न सिर्फ कार्तिक को ‘द मोनोलॉग गाइ’ का टैग दिलाया, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई भी की। हालांकि कार्तिक के करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट साल 2018 में 'सोनू के टीटू की स्वीटी' से आया, जहां उन्होंने एक लीडिंग मैन के तौर पर अपनी पहली बड़ी सफलता हासिल की। यह फिल्म न सिर्फ कमर्शियल हिट साबित हुई, बल्कि कार्तिक की पहली 100 करोड़ रुपए क्लब में शामिल होने वाली फिल्म भी बनी, जिसने उन्हें मजबूत ऑडियंस कनेक्ट वाले बैंकेबल यंग स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। ALSO READ: अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों का सच आया सामने, बिग बी बोले- चील जब होवे शांत तो... उसके बाद साल 2019 में कार्तिक ने लक्ष्मण उतेकर की फिल्म 'लुका छुपी' के जरिए कमर्शियल स्पेस में अपनी पकड़ और मजबूत की, जहां उनके किरदार गुड्डू शुक्ला ने फैमिली ऑडियंस और मास मार्केट के साथ गहरा जुड़ाव बनाया। इसी साल भूषण कुमार की 'पति पत्नी और वो' में उन्होंने अपने कॉमिक टाइमिंग और मेनस्ट्रीम अपील का एक और उदाहरण पेश किया, जहां ‘चिंटू त्यागी’ के रूप में उनकी परफॉर्मेंस को खूब पसंद किया गया। इसके बाद साल 2020 में 'लव आज कल' में उन्होंने इमोशनल और रोमांटिक स्पेस को एक्सप्लोर किया, जहां उन्होंने ड्यूल टाइमलाइन और भावनात्मक कहानी को संतुलित तरीके से निभाया। पोस्ट-पैंडेमिक दौर में, जब एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री मुश्किल समय से गुजर रही थी, कार्तिक आर्यन के करियर का एक निर्णायक फेज शुरू हुआ। साल 2021 में राम माधवानी की 'धमाका' ने उन्हें एक ज्यादा गंभीर और इंटेंस अवतार में पेश किया। इसके बाद साल 2022 में 'भूल भुलैया 2' आई, जहां उनका किरदार ‘रूह बाबा’ दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। ऐसे समय में जब थिएटर्स अभी भी कोविड के बाद रिकवरी कर रहे थे, यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलताओं में से एक बनकर उभरी और लंबे सूखे दौर के बाद दर्शकों को दोबारा सिनेमाघरों तक लाने में सफल रही। उसी साल, शशांक घोष की 'फ्रेडी' ने कार्तिक का एक अलग और ज्यादा इंटेंस पक्ष दर्शाया। साइकोलॉजिकल थ्रिलर स्पेस में कदम रखते हुए उन्होंने फ्रेडी दारूवाला के किरदार को शांत लेकिन लेयर्ड अंदाज में निभाया, जिससे यह साबित हुआ कि वह सिर्फ मेनस्ट्रीम एंटरटेनर्स तक सीमित रहने वाले अभिनेता नहीं, बल्कि उससे ज़्यादा हैं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें साल 2023 में, समीर विद्वन्स की 'सत्यप्रेम की कथा' में कार्तिक ने ‘सत्तू’ का किरदार निभाया, जहां कियारा आडवाणी के साथ उनकी जोड़ी को खूब पसंद किया गया। इस फिल्म में उन्होंने इमोशनल रोमांटिक ड्रामा स्पेस में वापसी करते हुए कमर्शियल अपील और संवेदनशील अभिनय के बीच संतुलन बनाया। फिर इसके बाद साल 2024 में आई 'चंदू चैंपियन', जिसने कार्तिक के करियर में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाई। इस परफॉर्मेंस-ड्रिवन फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर का पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जिसने उनके करियर ग्राफ में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जोड़ी। इसी दौरान 'भूल भुलैया 3' ने भी फ्रेंचाइज़ स्पेस में उनकी सफलता को आगे बढ़ाते हुए दुनियाभर में 423.85 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दर्ज किया। आज यह फ्रेंचाइज़ भारतीय सिनेमा की सबसे सफल और पसंदीदा हॉरर-कॉमेडी फ्रेंचाइज़ में टॉप तीन में गिनी जाती है। फिल्मों के अलावा, कार्तिक आर्यन ने अपनी मजबूत ब्रांड वैल्यू भी बनाई है। इंस्टाग्राम पर 50.6 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ वह प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले भारतीय मेल एक्टर्स में टॉप तीन में शामिल हैं और देशभर के युवाओं के बीच उनकी जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। आज कई बड़े ब्रांड्स उनकी लोकप्रियता, रिलेटेबिलिटी और मार्केट में बढ़ती पकड़ के कारण उनसे जुड़े हुए हैं। दो दर्जन से ज्यादा ब्रांड एंडोर्समेंट्स के साथ कार्तिक अपनी पीढ़ी के सबसे ज्यादा डिमांड वाले और कमर्शियली वैल्यूएबल सितारों में शामिल हो चुके हैं। फिलहाल आने वाले समय में कार्तिक आर्यन की अपकमिंग फिल्मों में 'नागज़िला' और 'कैप्टन इंडिया' के साथ अनुराग बासु की अनटाइटल्ड म्यूजिकल लव स्टोरी और कबीर खान की स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्मों में नज़र आनेवाले हैं। माना जा रहा है कि यह फ़िल्में कार्तिक की फिल्मोग्राफी के साथ उनकी स्क्रीन इमेज को और भी बढ़ाएगी।

वेब दुनिया 20 May 2026 11:13 am

अमिताभ बच्चन के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों का सच आया सामने, बिग बी बोले- चील जब होवे शांत तो...

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की सेहत को लेकर हाल ही में खबर आई की वह मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि 83 वर्षीय अमिताभ को अस्पताल के वीआईपी विंग में पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण भर्ती कराया गया है और उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे। इस खबर के फैलते ही दुनिया भर में मौजूद उनके करोड़ों प्रशंसकों की सांसें अटक गईं और लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआएं मांगने लगे। हालांकि अब इन खबरों का सच सामने आ गया है। अमिताभ की तबीयत बिल्कुल ठीक है। बिग बी अपने घर जलसा में हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं। ALSO READ: ‘मैं अकेला नहीं हूं...’ सलमान खान ने तोड़ी चुप्पी, ‘Lonely’ पोस्ट पर मचा बवाल तो मां सलमा खान ने पूछा- क्या हुआ बेटा? ईटाइम्स की रिपोटे के अनुसार, अमिताभ बच्चन शनिवार को नानावटी अस्पताल गए थे, लेकिन सिर्फ रूटीन चेकअप के लिए। वह चेक-अप के तुरंत बाद अपने घर 'जलसा' लौट आए थे। बिग बी पूरी तरह तंदुरुस्त हैं और उन्हें अस्पताल जाने के अगले ही दिन अपनी गाड़ी खुद चलाकर 'जलसा' से अपने दूसरे बंगले 'जनक' जाते हुए भी देखा गया था। ब्लॉग पर शेयर की अनोखी कविता अमिताभ बच्चन ने हमेशा की तरह मीडिया में चल रही अपनी सेहत की खबरों पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अपने खास अंदाज में प्रशंसकों को आश्वस्त जरूर कर दिया। उन्होंने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर एक देसी और मजाकिया लहजे वाली कविता साझा की। उन्होंने लिखा, चील जब होवे शांत तो भैया, तोते बोलन सुरु करें इर बीर फत्ते, कहान, चल हमऊ, पिलावे सुरु करें!!!! बाजरे दी रोटी खा दी, फु पड़ीयों दा, साग रे मुहं में डलन लगाई जैसे, बोलन लगे काग रे! इस कविता के माध्यम से बिग बी ने बिना कुछ कहे यह साबित कर दिया कि वे हमेशा की तरह ऊर्जा से भरपूर और पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने अपने इस पोस्ट के अंत में प्रशंसकों के लिए ढेर सारा प्यार और प्रार्थनाएं भी भेजीं। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें क्यों उड़ी अस्वस्थ होने की अफवाह? हाल ही में पत्रकार विक्की लालवानी ने एक वीडियो पोस्ट कर दावा किया था कि अमिताभ बच्चन शनिवार से अस्पताल में भर्ती हैं। पिछले तीन दिनों से पेट से जुड़ी समस्याओं के कारण वे ए-विंग के वीआईपी एनक्लोजर में रह रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अभिषेक बच्चन भी अपने पिता को देखने मंगलवार की शाम अस्पताल पहुंचे थे। अपनी सेहत की अफवाहों को पीछे छोड़ते हुए महानायक इस उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं। वह जल्द ही साल 2024 की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के सीक्वल में नजर आने वाले हैं। निर्देशक इसके अलावा अमिताभ बच्चन के प्रशंसक उन्हें एक बार फिर इंटेंस कोर्टरूम ड्रामा फिल्म 'सेक्शन 84' में देखने के लिए उत्सुक हैं।

वेब दुनिया 20 May 2026 10:58 am

ईरान युद्ध: कितनी असरदार है भारत की बहु-पक्षीय रणनीति?

भारत ने पश्चिम एशिया की परस्पर विरोधी ताकतों के बीच जिस सावधानी से संतुलन बनाए रखा है, वह उसकी बड़ी उपलब्धि रही है। हालांकि, मौजूदा संकट यह संकेत दे रहा है कि यह संतुलन बनाए रखना भारत के लिए कितना मुश्किल होता जा रहा है।

वेब दुनिया 20 May 2026 8:38 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (20 मई, 2026)

1. मेष (Aries) करियर: आज नए अवसर मिलेंगे, मेहनत का फल शीघ्र प्राप्त होगा। लव: प्रेमी साथी के साथ मधुरता और समझ बढ़ेगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, निवेश सोच-समझकर करें। स्वास्थ्य: हल्की थकान या सिरदर्द हो सकता है। उपाय: हनुमान जी को लाल फूल अर्पित करें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इन खास तिथियों पर रखें व्रत, करें इन देवी-देवताओं की पूजा; मिलेगा अक्षय पुण्य और सुख-समृद्धि 2. वृषभ (Taurus) करियर: सहकर्मियों और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम जीवन में संतुलन और मधुरता बनी रहेगी। धन: खर्चों पर संयम रखें, निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: पाचन या हल्की गैस की समस्या हो सकती है। उपाय: तुलसी के पौधे को जल दें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट और जिम्मेदारियां मिलने की संभावना। लव: साथी के साथ संवाद और तालमेल बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: गौमाता/ गाय को आहार दें, चारा खिलाएं। 4. कर्क (Cancer) करियर: पुराने प्रोजेक्ट सफल होंगे, अधिकारियों से सराहना मिल सकती है। लव: साथी के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। धन: अचानक खर्च से बचें। स्वास्थ्य: हल्की सर्दी या एलर्जी हो सकती है। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 5. सिंह (Leo) करियर: नौकरी में पदोन्नति और सम्मान मिलने की संभावना। लव: प्रेम जीवन में रोमांस और उत्साह बढ़ेगा। धन: आय में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य: ऊर्जा और उत्साह बनाए रखें। उपाय: पीले कपड़े पहनें और सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: मेहनत का परिणाम मिलेगा, टीम वर्क अच्छा रहेगा। लव: प्रेम जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: निवेश लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की संभावना। उपाय: प्रतिदिन धार्मिक पाठ करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं? 7. तुला (Libra) करियर: कामकाज में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: जोड़ों और हड्डियों का ध्यान रखें। उपाय: सफेद फूलों का दान करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कारोबार में जोखिम उठाने का समय अनुकूल है। लव: रोमांटिक जीवन में उत्साह बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें। उपाय: हनुमान जी की पूजा करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: पेशेवर जीवन में उन्नति की संभावना। लव: संबंधों में समझ और मधुरता बढ़ेगी। धन: निवेश से लाभ होगा। स्वास्थ्य: मानसिक थकान से बचें। उपाय: सूर्य देव को अर्घ्य दें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम मिलेगा, सम्मान बढ़ेगा। लव: सिंगल लोगों के लिए नए प्रेम संबंध बन सकते हैं। धन: कारोबारियों की वित्तीय स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: सामान्य स्वास्थ्य, हल्का व्यायाम लाभकारी रहेगा। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरी में स्थिरता और संतुलन बना रहेगा। लव: प्रेमी साथी के साथ मधुरता बनी रहेगी। धन: कारोबारी खर्च नियंत्रित रखें। स्वास्थ्य: हल्की थकान महसूस हो सकती है। उपाय: आज गायत्री मंत्र जपें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यस्थल की नई योजनाएं फायदेमंद होंगी। लव: सिंगल्स के लिए रोमांटिक मौका मिलेगा। धन: कारोबार से आर्थिक लाभ संभव है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सावधान रहें। उपाय: आज पीले वस्त्र पहनें। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर

वेब दुनिया 20 May 2026 7:04 am

वंदे भारत से 5 घंटे में जम्मू से श्रीनगर:855 रुपए किराया, सुरक्षा में CORAS कमांडो; यूरोप सा नजारा, सेब कारोबारी खुश

जावेद के ससुर की सर्जरी होनी थी। इसके लिए चंडीगढ़ जाना था। जावेद कश्मीर के पुलवामा में रहते हैं। कश्मीर से चंडीगढ़ तक पहुंचने के लिए जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे (NH-44) ही इकलौता रास्ता है। वो भी लैंडस्लाइड या बर्फबारी की वजह से अक्सर बंद हो जाता है। इसे ध्यान में रखकर जावेद सर्जरी से कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ के लिए निकल गए। 50 किमी दूर काजीगुंड पहुंचकर पता चला कि रामबन के पास रास्ता बंद है। दिक्कत तब बढ़ गई, जब सर्जरी की तारीख पास आने लगी और रास्ता नहीं खुला। अब फ्लाइट टिकट बुक कराने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। परिवार के चार-पांच लोगों के टिकट का खर्च लगभग सर्जरी के खर्च के बराबर हो गया। जावेद अहमद की ये कहानी 2023 है। 30 अप्रैल से पहले तक यही परेशानी कश्मीर में रहने वालों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थी। अब जम्मू ट्रेन के जरिए सीधे कश्मीर घाटी से जुड़ गया है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत जम्मू से श्रीनगर तक वंदे भारत एक्सप्रेस चलने से घाटी में बदलाव दिख रहा है। लोकल लोगों की बात…20 दिन में दो बार सफर किया, सिर्फ हजार रुपए खर्च हुए जम्मू-श्रीनगर के बीच 270 किमी की दूरी है। यहां रोड कनेक्टिविटी हमेशा बड़ी चुनौती रही है। अब जावेद कहते हैं, ‘अगर तीन साल पहले ट्रेन की सुविधा होती तो हम इतने बड़े खर्च और परेशानी से बच सकते थे। हम जैसे उन मिडिल क्लास परिवारों के लिए ये बड़ी राहत है, जो हवाई सफर या महंगी रोड ट्रिप पर खर्च नहीं कर सकते हैं।’ ट्रेन चलने के बाद दो बार सफर कर चुका हूं। महज हजार रुपए में सुबह घर से निकलकर शाम तक लौट आया। पैसा और समय दोनों बचा। जावेद बताते हैं कि सर्दियों में रामबन, बनिहाल और रामसू जैसे इलाकों में लैंडस्लाइड और बर्फबारी होने से सड़क कई दिनों या हफ्तों तक बंद रहती थी। इससे न सिर्फ काम रुकता था, बल्कि कश्मीर में जरूरी सामानों की भी कमी हो जाती थी। अब सड़कें जरूर पहले से बेहतर हुई हैं। हाईवे फोर-लेन और टनल से लैस हैं, लेकिन ट्रेन का सफर ज्यादा आसान, सस्ता और भरोसेमंद है। बाहर पढ़ रहे 70 हजार स्टूडेंट्स के लिए सफर आसान हुआ जम्मू-कश्मीर के करीब 70 हजार स्टूडेंट दिल्ली, चंडीगढ़ और देश के बाकी शहरों में रहकर पढ़ रहे हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट श्रीगुफवारा के रहने वाले मोहम्मद आमिर कहते हैं, ‘पहले सर्दी या बारिश में जब NH-44 बंद हो जाता, तो मजबूरी में हवाई सफर करके घर जाना पड़ता था। अब घर आने-जाने से पहले सोचना नहीं पड़ेगा।‘ आमिर सरकार से अनंतनाग में ट्रेन के स्टॉपेज की मांग भी करते हैं। वे कहते हैं कि इससे साउथ कश्मीर में अनंतनाग, कुलगाम, पुलवामा और शोपियां जिलों के स्टूडेंट्स को सीधा फायदा मिलेगा। अमरनाथ यात्रियों के लिए अनंतनाग में स्टॉपेज की मांग साउथ कश्मीर के लोग भी अनंतनाग में वंदे भारत ट्रेन के स्टॉपेज की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे अनंतनाग धार्मिक पर्यटन का बड़ा ट्रांजिट हब बन सकता है। अमरनाथ यात्रियों और इलाके के टूरिज्म को भी फायदा होगा। अमरनाथ यात्रियों के लिए अनंतनाग पारंपरिक बेस कैंप का मुख्य प्रवेश द्वार है। यहां ट्रेन रुकने से यात्रियों के सफर का समय और खर्च दोनों कम होगा। यात्रियों की आवाजाही से होटल, रेस्त्रां, टैक्सी ऑपरेटर और छोटे व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। फल कारोबारियों की बात…अब सेब सड़ेंगे नहीं, ढुलाई भी सस्ती हुई एशिया की दूसरी सबसे बड़ी सोपोर फ्रूट मंडी के अध्यक्ष फैयाज अहमद भट कहते हैं, ‘पहले सड़क के रास्ते दिल्ली तक एक सेब की पेटी 100–130 रुपए में भेजते थे। ट्रेन से ये लागत घटकर 30-45 रुपए रह गई है।‘ फैयाज के मुताबिक, ये सेक्टर हर साल करीब 10 हजार करोड़ रुपए का कारोबार करता है। इससे लगभग 7 लाख परिवारों की रोजी-रोटी जुड़ी है और करीब 35 लाख लोगों को रोजगार देता है।‘ वे आगे कहते हैं, ‘पिछले साल सेब के सीजन में NH-44 काफी दिनों तक बंद रहा और हमें 2 हजार करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। ये रास्ता लैंडस्लाइड के चलते 7 साल में 284 दिनों तक बंद रहा है। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई। जब ट्रक रास्ते में फंसते हैं, तो माल ढुलाई का खर्च बढ़ता है और किसानों की कमाई घट जाती है।‘ ’रेल से फलों का ट्रांसपोर्ट किफायती है, लेकिन इसके लिए बेहतर इंतजाम जरूरी है। बुकिंग सीधे रेलवे से हो ताकि आम लोगों को फायदा मिले। एजेंट सक्रिय हुए तो ना ट्रांसपेरेंसी रहेगी, मोनोपोली अलग हो जाएगी। अभी फलों के लिए भी सीमेंट ढोने वाले वैगन इस्तेमाल हो रहे हैं, जो सही नहीं हैं।’ पर्यटकों की बात…कश्मीर में यूरोप सा नजारा, 10-12 घंटे का सफर 5 घंटे में पिछले 13 साल से परिवार के साथ कश्मीर घूमने आ रहे गणेश उंडाले कहते हैं, ‘रेलवे ने पूरा सफर ही बदल दिया। पहले मुंबई से जम्मू और फिर सड़क के रास्ते श्रीनगर पहुंचने में वक्त और पैसा दोनों लगता था। अब ट्रेन का किराया क्लास के हिसाब से 855 से 1600 रुपए तक है, जबकि टैक्सी का खर्च 7 से 8 हजार रुपए तक पहुंच जाता है।’ ’रोड के बजाय ट्रेन से सफर ज्यादा सेफ है। स्टेशनों पर एयरपोर्ट जैसा सिक्योरिटी चेक होता है। जम्मू से श्रीनगर का सफर सिर्फ 5 घंटे में तय हो जाता है। रोड ट्रिप की तुलना में 5-7 घंटे बचते हैं। फिर कश्मीर में ट्रेन जब पहाड़ों और खूबसूरत वादियों से गुजरती है, तो यूरोप की खूबसूरती को भी टक्कर देती है। चिनाब रेलवे ब्रिज से गुजरना एक्सपीरियंस को और खास बनाता है।’ ट्रेन की सुरक्षा के लिए CORAS कमांडो जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस देश के सबसे संवेदनशील इलाकों से गुजरती है। इस रेल रूट की कई जगहें आतंकियों के निशाने पर रही हैं। भारतीय रेलवे और सुरक्षा एजेंसियां इसीलिए ट्रेन को हाई-सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की तरह देख रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम: ……………. ये खबर भी पढ़ें… कैसे बना चिनाब रेलवे ब्रिज, 10 पुलों के बराबर लगा लोहा जम्मू और पीर-पंजाल में पहाड़ियों पर बना है दुनिया का सबसे ऊंचा आर्च ब्रिज। 16 साल में 1486 करोड़ रुपए की लागत से बना ये ब्रिज इंजीनियरिंग का शानदार नमूना तो है ही, भारतीय रेलवे के लिए भी अब तक का सबसे चैलेंजिंग प्रोजेक्ट रहा है। दैनिक भास्कर आपको बता रहा है इस ब्रिज की पूरी कहानी, वो भी ग्राउंड जीरो से। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 20 May 2026 5:11 am

सीएम योगी की सख्ती से टले 2 बाल विवाह, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से सुरक्षित हुआ बेटियों का भविष्य

उत्तर प्रदेश में महिला एवं बाल सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। औरैया जिले में प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से दो बहनों का बाल विवाह समय रहते रुकवाया गया। इस कार्रवाई ने न सिर्फ दो बेटियों के जीवन और शिक्षा को सुरक्षित किया, बल्कि समाज में कानून के प्रति बढ़ती जागरूकता का भी संदेश दिया। यह मामला औरैया जिले के थाना ऐरवाकटरा क्षेत्र के एक गांव का है। जहां संरक्षण अधिकारी रीना चौहान को 1098 हेल्पलाइन के जरिए सूचना मिली कि दो नाबालिगों का विवाह कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच में सामने आई नाबालिगों की उम्र इस दौरान पता चला कि एक बहन की उम्र अभिलेखों में 18 वर्ष दर्ज है, लेकिन जिस लड़के से उसका विवाह तय था, उसकी उम्र मात्र 17 वर्ष 4 माह पाई गई। वहीं दूसरी की उम्र केवल 14 वर्ष 11 दिन निकली। इस प्रकार दोनों विवाह बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अवैध पाए गए। रेस्क्यू टीम ने परिजनों को कानून की जानकारी देते हुए बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। शिक्षा और सुरक्षा योगी सरकार की प्राथमिकता योगी सरकार लगातार यह संदेश देने का प्रयास कर रही है कि बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले भी अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि बाल विवाह, महिला उत्पीड़न और बाल श्रम जैसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। इसी का परिणाम है कि प्रशासनिक टीमें संवेदनशील मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर रही हैं। बाल विवाह रोकने की ऐसी घटनाएं समाज में सकारात्मक बदलाव का संकेत हैं। इससे न केवल बेटियों को शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलता है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और भविष्य को भी मजबूती मिलती है। सीएम योगी के मार्गदर्शन में तत्काल की जा रही कार्रवाई: निदेशक सी. इंदुमती महिला कल्याण निदेशालय की निदेशक सी. इंदुमती ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलते ही औरैया जिला प्रशासन, पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और बाल कल्याण समिति की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। जांच में उम्र वैधानिक विवाह आयु से कम पाई गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत निरंतर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, इसके अलावा बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ समय- समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाता है। किसी भी सूचना पर प्रशासन, पुलिस और बाल संरक्षण इकाइयां तत्काल कार्रवाई कर रहीं हैं। हमारा उद्देश्य केवल बाल विवाह रोकना ही नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 19 May 2026 11:32 pm

एशियाई खेलों में दीपिका कुमारी और उनके पति अतुन दास का नहीं हो पाया चयन

चार बार की ओलंपियन दीपिका कुमारी, भारत के पूर्व नंबर एक तीरंदाज अतनु दास और एशियाई खेलों के पदक विजेता अभिषेक वर्मा जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिये भारतीय टीम में जगह बनाने में नाकाम रहे।तीन दिवसीय चयन ट्रायल सोमवार को खत्म हुआ। युवा कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोद को महिला रिकर्व टीम में जगह मिली है जबकि ओलंपियन अंकिता भकत ने शूटआफ में दीपिका को हराकर टीम में तीसरा स्थान पाया। कंपाउंड वर्ग में अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम अकेली अनुभवी तीरंदाज है। अभिषेक आठ तीरंदाजों में आखिरी स्थान पर रहे। दुनिया के नंबर सात और भारत के शीर्ष तीरंदाज रिषभ यादव भी जगह नहीं बना सके।जापान में सितंबर अक्टूबर में होने वाले एशियाई खेलों और विश्व कप के तीसरे और चौथे चरण के लिये टीम का चयन किया गया। पुरूष रिकर्व वर्ग में धीरज बोम्मदेवरा शीर्ष, नीरज चौहान दूसरे और यशदीप भोगे तीसरे स्थान पर रहे। अतनु दास एशियाई खेलों की टीम में जगह नहीं बना सके लेकिन विश्व कप के लिये चौथे सदस्य के तौर पर टीम में हैं। Finally, chokers removed. It's better to lose with inexperienced youngsters rather than carrying chokers. https://t.co/HWzgp9twlB — Abhishek (@vicharabhio) May 18, 2026 भारतीय टीम : रिकर्व पुरूष : धीरज बोम्मदेवरा, नीरज चौहान, यशदीप भोगे, अतनु दास रिकर्व महिला : कीर्ति शर्मा, कुमकुम मोहोद, अंकिता भकत, दीपिका कुमारी कंपाउंड पुरूष : साहिल जाधव, कुशल दलाल, तिरूमुरू गणेश मणिरत्नम, रिषभ यादव कंपाउंड महिला : ज्योति सुरेखा वेन्नम, चितिका तानीपूर्ति, प्रिथिका प्रदीप, परनीत कौर

वेब दुनिया 19 May 2026 11:04 pm

विपक्ष गैस और पेट्रोल को लेकर फैला रहा है अनावश्यक भ्रम : मदन राठौड़

जयपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने राज्य में विपक्ष के नेताओं के आरोपों पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि वह पेट्रोल-डीजल एवं गैस को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाकर केवल राजनीति करने की कोशिश कर रहा हैं। राठौड़ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर निशाना साधते हुए […] The post विपक्ष गैस और पेट्रोल को लेकर फैला रहा है अनावश्यक भ्रम : मदन राठौड़ appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 10:19 pm

बीकानेर में डिग्गी में डूबने से महिला और बालक की मौत

बीकानेर। राजस्थान में बीकानेर जिले के पूगल थाना क्षेत्र में मंगलवार को पानी की डिग्गी में डूबने से एक महिला और उसके सात वर्ष के दोहिते की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भानीपुरा गांव से कुछ दूरी पर छैलूसिंह राजपूत के खेत में डिग्गी बनी हुई है। मंगलवार सुबह उनका सात वर्षीय […] The post बीकानेर में डिग्गी में डूबने से महिला और बालक की मौत appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 10:11 pm

डोटासरा ने भाजपा की राज्य सरकार पर आर्थिक संकट का लगाया आरोप

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य और केन्द्र सरकार पर अनियंत्रित मंहगाई, नीट पेपर लीक घोटाला, राज्य की स्वास्थ्य एवं शिक्षा प्रणाली के पतन और आर्थिक संकट का आरोप लगाया है। डोटासरा ने मंगलवार को यहां मीडिया से बातचीत में ये आरोप लगाए। उन्होंने आसमान […] The post डोटासरा ने भाजपा की राज्य सरकार पर आर्थिक संकट का लगाया आरोप appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 10:07 pm

अजमेर, किशनगढ़ और पुष्कर में डाक विभाग की फ्रैंचाइजी आउटलेट खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित

अजमेर। भारतीय डाक विभाग अजमेर मंडल द्वारा अजमेर शहर, किशनगढ़ और पुष्कर में नई फ्रैंचाइजी आउटलेट खोलने के लिए पात्र आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन आउटलेट्स के माध्यम से स्पीड पोस्ट बुकिंग, स्पीड पोस्ट पार्सल और इंडिया पोस्ट पार्सल (रिटेल) डिलीवरी की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। मण्डल के प्रवर अधीक्षक डाकघर […] The post अजमेर, किशनगढ़ और पुष्कर में डाक विभाग की फ्रैंचाइजी आउटलेट खोलने के लिए आवेदन आमंत्रित appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 8:34 pm

जेएनयू के छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका नामंजूर

नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद की अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश से जुड़े मामले में दायर की गई थी, जिसमें उन पर गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के […] The post जेएनयू के छात्र उमर खालिद की जमानत याचिका नामंजूर appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 8:24 pm

शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में चौथा आरोपी अरेस्ट

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राजकुमार सिंह को राज्य के छपार से गिरफ्तार किया गया है। गत 12 मई को इस […] The post शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले में चौथा आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 8:17 pm

शर्तों पर फंसा अमरीका का पेंच, टस से मस न हुआ ईरान

वॉशिंगटन/तेहरान। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को लेकर रणनीति फिलहाल गतिरोध में फंसती दिखाई दे रही है क्योंकि कड़े बयानों, सैन्य धमकियों और प्रत्यक्ष कार्रवाई के बावजूद ईरान अपने पुराने रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं है। अमरीका की ओर से लगातार बदलते संकेतों और लक्ष्यों के बीच ईरान संघर्ष में उसकी […] The post शर्तों पर फंसा अमरीका का पेंच, टस से मस न हुआ ईरान appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 8:10 pm

खतरनाक या आक्रामक कुत्तों को दी जा सकती है दयामृत्यु : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के मुद्दे को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार से जोड़ते हुए अधिकारियों को आदेश दिया कि वे कानून के दायरे में रहकर पागल, लाइलाज और बेहद खतरनाक या आक्रामक आवारा कुत्तों को दयामृत्यु (यूथनेशिया) दे सकते हैं। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप […] The post खतरनाक या आक्रामक कुत्तों को दी जा सकती है दयामृत्यु : सुप्रीम कोर्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 8:03 pm

आज का एक्सप्लेनर:मेलोनी के पिता ड्रग तस्करी में जेल गए, खुद बारटेंडर रहीं; कैसे बनीं इटली की पहली महिला पीएम, आज मोदी से मुलाकात

कभी ट्रम्प ने बीच भाषण रोककर खूबसूरती की तारीफ की, कभी अल्बानिया के पीएम ने घुटने पर बैठकर स्वागत किया। मोदी के साथ सेल्फी ली तो #Melodi ट्रेंड हो गया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जब भी किसी विदेशी नेता से मिलती हैं, वो मुलाकात मोमेंट बन जाती है। आज पीएम मोदी फिर उनसे मिलने वाले हैं। मेलोनी की असली कहानी इन वायरल पलों से कहीं ज्यादा दिलचस्प है। कैसे एक नाइट क्लब में बारटेंडर लड़की, इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… बचपनः मां एबॉर्शन करवाने वाली थीं, 1 साल की उम्र में पिता छोड़ गए इटली का सबसे मशहूर शहर है रोम। 15 जनवरी 1977 को यहीं जॉर्जिया मेलोनी पैदा हुईं। पिता फ्रांसेस्को टैक्स एडवाइजर थे और मां अन्ना नॉवेल राइटर। उनकी शादीशुदा जिंदगी में सब ठीक नहीं था। ऑटोबायोग्राफी 'इओ सोनो जॉर्जिया (मैं जॉर्जिया हूं)' में मेलोनी लिखती हैं- जब मैं गर्भ में थीं, तो मां ने इसे गिराने का सोचा। आखिरी वक्त पर क्लीनिक से लौट आईं। मैं अपनी मां और उनकी हिम्मत की कर्जदार हूं। उनके साहस और समझदारी के इस कदम के बिना मेरा जन्म ही नहीं होता।' अन्ना का पति से रिश्ता ज्यादा दिन नहीं चला। 1978 में जब जॉर्जिया एक साल की हुईं, तो फ्रांसेस्को परिवार छोड़कर स्पेन के कैनरी द्वीप चले गए और दूसरी शादी कर ली। पिता जिस घर को छोड़कर गए थे, वो रोम के पॉश इलाके कैमिलुचिया में था। 1980 की बात है। 3 साल की मेलोनी बड़ी बहन एरियाना के साथ खेल रही थीं, तभी एक बड़ा हादसा हो गया। उस हादसे के बारे में एरियाना ने एक इंटरव्यू में बताया- हम लाइट नहीं जलाना चाहते थे, इसलिए मोमबत्तियां जला लीं। फिर हमने उन्हें रजाई और खिलौनों से ढक दिया और टीवी पर कार्टून देखने चले गए। कमरे में आग लग गई। जो कुछ बचा था, सब खत्म हो गया। जब तक नया घर नहीं मिला, मेलोनी नाना-नानी के गरबाटेला वाले घर में फर्श पर गद्दे बिछाकर सोती थीं। मां पास में ही अपनी एक दोस्त के यहां चली जाती थीं। नाइट क्लब में बारटेंडर, 15 साल में राजनीति शुरू की 1990 के आखिर में मां उपन्यास लिखकर कुछ पैसे कमाती थीं, लेकिन ये घर के खर्च के लिए काफी नहीं होते थे। बहन एरियाना कहती हैं, ‘जॉर्जिया गरीबी के चलते कॉलेज नहीं जा सकी। उसने सीडी बेचकर और बच्चों की देखभाल करके पैसे कमाए।' जॉर्जिया ने रोम के सबसे मशहूर नाइट क्लब 'पाइपर क्लब' में बारटेंडर का भी काम किया। 2013 में मेलोनी ने कहा था, ‘मैंने जिंदगी के बारे में संसद में काम करके नहीं, बार काउंटर के पीछे खड़े होकर सीखा है।’ 15 साल की उम्र में जॉर्जिया ने MSI नाम की पार्टी ज्वॉइन की। ये एक फासीवादी पार्टी थी, जिसे 1945 तक इटली के तानाशाह रहे मुसोलिनी की मौत के बाद उनके समर्थकों ने खड़ा किया था। 25 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री बनने के बाद संसद में अपने पहले भाषण में जॉर्जिया ने कहा, ‘मैंने 15 साल की उम्र में विया डी’एमेलियो नरसंहार के बाद राजनीति शुरू की, जिसमें माफिया ने जज पाओलो बोर्सेलिनो को मारा था। मुझे लगा कि अब चुपचाप बैठना मुमकिन नहीं।’ दरअसल, इटली के माफिया नेटवर्क के खिलाफ जांच कर रहे जज पाओलो बोर्सेलिनो की कार को बम से उड़ा दिया गया था। इसमें उनके अलावा 5 बॉडीगार्ड भी मारे गए थे। 1996 में मेलोनी ने फ्रेंच टीवी के साथ इंटरव्यू में कहा, ‘मुसोलिनी एक अच्छे नेता थे। पिछले 50 सालों के नेताओं के उलट उन्होंने जो कुछ भी किया, देश के लिए किया।' इसी वीडियो में मेलोनी की मां अन्ना भी दिखाई दे रही हैं। वो कहती हैं, ‘मैंने अपनी बेटी पर धुर दक्षिणपंथी विचार थोपने की कोशिश नहीं की है।’ 1995 में MSI के नेता जियानफ्रैंको फिनी ने पार्टी को फासीवाद से दूर करके एक नेशनल-कंजर्वेटिव पार्टी बनाने की पहल की। MSI की जगह नया नाम ‘नेशनल अलायंस’ रखा गया। 1997 में 20 साल की मेलोनी इसकी यूथ विंग के रोम सेक्शन की चीफ बनीं। सबसे कम उम्र की कैबिनेट मिनिस्टर 2004 में 27 साल की मेलोनी को पूरे इटली में नेशनल अलायंस की यूथ विंग का चीफ चुना गया। एक तरह से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष। पहली बार किसी महिला को ये पद मिला था। 2006 में मेलोनी गरबाटेला से सांसद बनीं। फिर 2008 में उन्हें यूथ मिनिस्टर और इटली की संसद के निचले सदन यानी 'चैंबर ऑफ डेप्युटीज' का डिप्टी प्रेसिडेंट भी बनाया गया। इधर 2009 में नेशनल अलायंस के नेता फिनी ने इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के साथ मिलकर गठबंधन बनाया और इसे नाम दिया गया- 'द पीपुल ऑफ लिबर्टी।' ये एक तरह से दक्षिणपंथी नेताओं का जमावड़ा था। 2012 में बर्लुस्कोनी ने गठबंधन का नया नेता चुनने के लिए चुनाव से इनकार किया, तो मेलोनी और उनके साथियों ने ये गठबंधन छोड़ दिया और अलग पार्टी बनाने का ऐलान कर दिया। अपनी पार्टी बनाई, इटली की पहली महिला पीएम बनीं मेलोनी अपनी पार्टी का नाम अंग्रेजी में 'We Italians' रखना चाहती थीं, लेकिन उनके साथी और पार्टी के फाउंडर मेंबर फैबियो रामपेली ने नाम सुझाया- फ्रेटेली डी'इटैलिया यानी 'ब्रदर्स ऑफ इटली'। ये इटली के राष्ट्रगान की पहली लाइन से लिया गया है। 'ब्रदर्स ऑफ इटली' के ज्यादातर नेता वही हैं, जो MSI में थे। पार्टी का हेडक्वार्टर और पार्टी का तीन रंगों वाला प्रतीक भी लगभग वही है। 2018 के इटली चुनाव में मेलोनी की पार्टी 'ब्रदर्स ऑफ इटली' को 4.4% वोट मिले। 2022 के आम चुनाव में 26% वोट के साथ 'ब्रदर्स ऑफ इटली' देश की सबसे बड़ी पार्टी बन गई। इसने संसद के निचले सदन की 400 सीटों में से 119 सीटें जीतीं। बर्लुस्कोनी की पार्टी ‘फोर्जा इटालिया’ सहित कई अन्य दलों से गठबंधन किया और 22 अक्टूबर, 2022 को मेलोनी इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। परिवारः टीवी जर्नलिस्ट के साथ 8 साल रिश्ते में रहीं, 10 साल की बेटी 2014 में एक टीवी शो चल रहा था। ब्रेक के दौरान मेलोनी ने केला खाया और उसका छिलका पास खड़े एक शख्स को असिस्टेंट समझकर पकड़ा दिया। ये शख्स टीवी जर्नलिस्ट एंड्रिया जियाम्ब्रूनो थे। इस मुलाकात के बाद दोनों करीब आए।मेलोनी 2015 से 2023 तक एंड्रिया के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहीं। 2016 में मेलोनी को एक बेटी हुई जिसका नाम जिनेवरा है। 20 अक्टूबर 2023 को मेलोनी ने एंड्रिया के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने का ऐलान करते हुए कहा- ‘करीब 10 साल चला हमारा रिश्ता अब खत्म होता है। शानदार समय साथ बिताने और मुझे मेरे जीवन की सबसे अहम चीज मेरी बेटी जिनेवरा देने के लिए मैं एंड्रिया की शुक्रगुजार हूं।’ वहीं जॉर्जिया की बहन एरियाना पार्टी की पॉलिटिकल सेक्रटेरियट की चीफ हैं। पार्टी के अहम फैसले एरियाना ही लेती हैं। उन्हें मेलोनी की करीबी सलाहकार माना जाता है। जॉर्जिया 12 साल की उम्र तक अपने पिता फ्रांसेस्को से मिलती रहीं, लेकिन उसके बाद संपर्क खत्म हो गया। 1995 में फ्रांसेस्को को स्पेन में ड्रग्स की तस्करी के आरोप में 9 साल की जेल हुई फिर 2012 में उनकी मौत हो गई थी। मेलोनी की कौन-सी बातें उन्हें अलग बनाती हैं? 2024 में फोर्ब्स ने उन्हें दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर महिला बताया। 3 बातें उन्हें खास बनाती हैं- 1. इटली के 161 साल के चुनावी इतिहास में पहली महिला पीएम 3. 77 सालों में 68 सरकारें बदलीं, मेलोनी तीसरी लॉन्गेस्ट सर्विंग पीएम 3. चुलबुला अंदाज, आम इंसान वाली छवि इसके अलावा अंतराष्ट्रीय मंचों पर मेलोनी के कई नेताओं के साथ हंसी-मजाक के वीडियो भी वायरल होते हैं, जिससे वे चर्चाओं में बनी रहती हैं। मेलोनी की विदेशी नेताओं से मुलाकात कैसे मोमेंट बन जाती है? PM मोदी के साथ सेल्फी ली, #Melodi लिखकर पोस्ट की ट्रम्प ने बीच भाषण में मेलोनी को खूबसूरत कहा फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने किस किया, तो चौंक गई मेलोनी तुर्किए के राष्ट्रपति ने स्मोकिंग छोड़ने को कहा अल्बानिया के प्रधानमंत्री ने घुटनों पर बैठकर स्वागत किया 2023 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर एक कार्यक्रम में दिया गया उनका भाषण जमकर वायरल हुआ था। उन्होंने कहा था, 'दुनिया महिलाओं को ऊपर उठते नहीं देखना चाहती, लेकिन हम फिर भी आ जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता।’ ----------------- रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…ट्रम्प सनकी हैं या साइकोपैथ:पापा के कहने पर 'किलर' बने, दोस्त को छत से फेंकने पर अड़े; ईरान को बास्टर्ड कहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 5 अप्रैल की शाम गालियों से भरा एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘मंगलवार को ईरान ऐसा नजारा देखेगा, जो उसने पहले कभी नहीं देखा होगा! ओ पागल, बास्टर्ड! होर्मुज स्ट्रेट खोल दो, वरना तुम नर्क के लिए तैयार रहो।’ पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 19 May 2026 6:56 pm

हनुमानगढ़ : घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की पीठ में घोंपा चाकू

हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के जंक्शन थाना क्षेत्र में मंगलवार को सुबह घरेलू विवाद के कारण पति ने पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। चाकू पीठ के निचले हिस्से में इतनी गहराई तक धंस गया कि उसे निकालने के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में लंबी सर्जरी करनी पड़ी। घायल महिला परमजीतकौर […] The post हनुमानगढ़ : घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की पीठ में घोंपा चाकू appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 5:27 pm

फाल्टा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पुनर्मतदान से पहले दौड़ से हटे, शुभेंदू सरकार की तारीफ की

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को फाल्टा विधानसभा पुनर्मतदान से ठीक दो दिन पहले बड़ा झटका लगा जब पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान ने मंगलवार को चुनाव मैदान से हटने की घोषणा कर दी। उन्होंने अपने फैसले के पीछे क्षेत्र में शांति और विकास को कारण बताते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सार्वजनिक रूप […] The post फाल्टा से तृणमूल उम्मीदवार जहांगीर खान पुनर्मतदान से पहले दौड़ से हटे, शुभेंदू सरकार की तारीफ की appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 5:15 pm

ऋषभ पंत की टेस्ट उप कप्तानी छीन ली केएल राहुल ने, अफगानिस्तान के खिलाफ टीम की घोषणा

ऋषभ पंत को बीते कुछ समय से टेस्ट और आईपीएल में खराब प्रदर्शन का खामियाजा भुगतना पड़ा क्योंकि उनकी टेस्ट की उपकप्तानी अब लोकेश राहुल को मिल गई है।एकमात्र टेस्ट 6 जून को न्यू चंडीगढ़ में शुरू होगा। जबकि तीन वनडे 14, 17 और 20 जून को क्रमश: धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में खेले जाएंगे। इससे पहले भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच अब तक एक ही टेस्ट नवंबर 2018 में बेंगलुरु खेला गया है, जिसमें भारत ने दो दिन के भीतर एक पारी और 262 रनों से जीत दर्ज की थी। पिछले साल नवंबर में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मिली 2-0 की हार के बाद भारत पहली बार टेस्ट खेलेगा। जसप्रीत बुमराह को अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ घर पर एकमात्र टेस्ट और तीन वनडे मुक़ाबलों के लिए चयनित भारतीय दल से आराम दिया गया है।बुमराह के अलावा उस दल से नदारद रहने वाले खिलाड़ियों में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर अक्षर पटेल और रवींद्र जाडेजा और तेज़ गेंदबाज़ आकाश दीप शामिल हैं। टेस्ट दल में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडर मानव सुथार और तेज़ गेंदबाज़ गुरनूर बराड़ को पहली बार बुलावा आया है जबकि बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे को भी जगह मिली है। IPL 2026 में अपनी तेज़ गेंदबाज़ी से प्रभावित करने वाले प्रिंस यादव को वनडे दल में जगह मिली है। News Presenting #TeamIndia 's squads for the @IDFCFIRSTBank Test match and the -match ODI series against Afghanistan in June #INDvAFG pic.twitter.com/hFiABALLld — BCCI (@BCCI) May 19, 2026 भारतीय टेस्ट दल : शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल (उपकप्तान), साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पड़िक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बराड़, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल

वेब दुनिया 19 May 2026 5:03 pm

क्या एस जयशंकर ने माना ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को हुआ नुकसान? फैक्ट चेक

BOOM ने पाया कि वायरल वीडियो फेक है. इसमें AI जनरेटेड ऑडियो का इस्तेमाल कर विदेश मंत्री के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया है.

बूमलाइव 19 May 2026 4:58 pm

घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे से उठा धुआं, 19 मिनट बाद रवाना हुई गाड़ी

बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर सिकंदराबाद-दानापुर एक्सप्रेस के एक स्लीपर कोच के पहियों से धुआं उठने के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ब्रेक बाइंडिंग के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई और तकनीकी जांच के बाद ट्रेन को 19 मिनट की […] The post घोड़ाडोंगरी स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे से उठा धुआं, 19 मिनट बाद रवाना हुई गाड़ी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 4:17 pm

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द खंडूरी का निधन

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी का मंगलवार को निधन हो गया है। वे 90 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। उनकी पुत्री एवं राज्य विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण […] The post उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चन्द खंडूरी का निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 4:06 pm

महोबा में गैंगरेप की शिकार मध्य प्रदेश की युवती बरामद, 3 आरोपी अरेस्ट

महोबा। उत्तर प्रदेश मे महोबा जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में अपहरण और गैंगरेप की शिकार छात्रा को पुलिस ने 16 दिन बाद बरामद कर लिया है और आरोपी तीन अभियुक्तों को भी गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की निवासी 25 […] The post महोबा में गैंगरेप की शिकार मध्य प्रदेश की युवती बरामद, 3 आरोपी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 4:01 pm

इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की उम्र में निधन

लंदन। वारविकशायर और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइक स्मिथ, जिन्हें पूरे खेल में एमजेके के नाम से जाना जाता था, का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। दाएं हाथ के बैटर स्मिथ ने इंग्लैंड के लिए 50 टेस्ट खेले, जिनमें से ठीक आधे मैचों में उन्होंने टीम की कप्तानी की, और 1956 से […] The post इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइक स्मिथ का 92 वर्ष की उम्र में निधन appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 3:55 pm

5 दिन में दूसरी बार बढे पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार से पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया। तेल विपणन कंपनियों ने पांच दिन में दूसरी बार दोनों ईंधनों के दाम बढ़ाए हैं। इससे पहले, 15 मई को पेट्रोल-डीजल के मूल्य में तीन-तीन रुपये की वृद्धि की गई थी। देश की सबसे बड़ी […] The post 5 दिन में दूसरी बार बढे पेट्रोल-डीजल के दाम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 3:50 pm

हरदाेई में अश्लील वीडियो बेचने वाले गिरोह का सदस्य अरेस्ट

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में साइबर पुलिस ने टेलीग्राम चैनलों के जरिए अश्लील वीडियो और फोटो बेचने वाले एक बड़े ऑनलाइन नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए प्रयागराज निवासी युवक को गिरफ्तार किया है जिस पर स्कूली बच्चों और नाबालिगों तक अश्लील सामग्री पहुंचाने तथा अपने चैनलों पर करीब आठ हजार अश्लील वीडियो अपलोड […] The post हरदाेई में अश्लील वीडियो बेचने वाले गिरोह का सदस्य अरेस्ट appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 3:45 pm

44 डिग्री के ताप में तपा इंदौर, अस्‍पतालों में लू के मरीजों की कतार, शहरभर में बनाए 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक

इंदौर में गर्मी का तापमान बढ़कर 44.3 डिग्री सेल्सियस हो गया है। कई साल के बाद इंदौर में यह स्‍थिति बनी है। तपते सूरज से धरती आग का गोला बनती जा रही है। हालात यह है कि धूप में अंडे उबल रहे हैं और मैगी बन जा रही है। धूप में रखी गाडियां जल रही हैं। आग की घटनाएं बढ़ गई हैं। ऐसे में शहर में मरीजों की संख्‍या में भी जमकर इजाफा हुआ है। बुखार, उल्‍टी दस्‍त, लू और डिहाईड्रेशन के मरीजों की अस्‍पताल में भीड़ हो रही है। बता दें कि इंदौर में सोमवार को अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लू के इलाज के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने जिले में 40 हीट स्‍ट्रोक क्‍लिनिक बनाए हैं। डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों बढ़े : तेज धूप और लू के कारण डिहाइड्रेशन और बुखार के मरीजों की संख्या में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पिछले दिनों तापमान में कुछ गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन हवा में उमस और वातावरण में तपिश लगातार बनी हुई थी। सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक है। इससे पहले वर्ष 2024 में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था। वहीं रविवार रात का पारा भी 3 डिग्री उछला और 29 पर आ गया। यह सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। बढ़ेगा गर्मी का प्रकोप : मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में सूर्य के तेवर और कड़े हो सकते हैं, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ेगा। सोमवार को सुबह से दिनभर चली गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों ने नागरिकों को बेहाल कर दिया और लोग पसीने से तरबतर नजर आए। इससे पहले रविवार को अवकाश का दिन होने के बाद भी लोगों को घरों के भीतर राहत नहीं मिल सकी और स्थिति यह रही कि पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे थे। अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या : तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के कारण शहर में लू लगने और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होने लगी है। शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने बताया कि अस्पताल की बाह्य रोगी विभाग में डिहाइड्रेशन, बदन दर्द और तेज बुखार की शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रहा है, जिसके कारण नागरिकों को अचानक चक्कर आना, उल्टी होना और गंभीर सिरदर्द जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक बनाए: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि डिहाइड्रेशन के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले में 40 हीट स्ट्रोक क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिला स्तर के सभी अस्पतालों में गर्मी से जनित आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेष वार्ड संचालित करने के सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को इस मौसम में विशेष देखभाल की आवश्यकता है। इसके अलावा अस्थमा, हृदय रोग और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पहले से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी यह मौसम अधिक जोखिम भरा साबित हो रहा है। प्रशासन ने आम जनता को सलाह दी है कि वे दोपहर 11 बजे से शाम 5 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें। स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि अत्यधिक कमजोरी या मुंह सूखने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने जारी की गाइडलाइन : भीषण गर्मी से खुद को बचाने के लिए स्वास्‍थ्‍य विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। नागरिकों को प्रतिदिन कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पीने और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की मात्रा बनाए रखने की सलाह दी गई है। इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी और छाछ का सेवन बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। खान-पान में बदलाव करते हुए मौसमी फल, हरी सब्जियां, दाल और चावल जैसे सुपाच्य एवं हल्के भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस मौसम में तले-भुने, अधिक मसालेदार और जंक फूड के सेवन से पूरी तरह बचना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय हमेशा ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़ों का चयन करें और धूप से सुरक्षा के लिए टोपी, चश्मे या छाते का प्रयोग अवश्य करें। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 19 May 2026 3:12 pm

भिवाड़ी में महिला ने मायके न भेजे जाने से रुष्ट होकर मासूम बालिका को पिलाया तेजाब

अलवर। राजस्थान में खैरथल तिजारा जिले के भिवाड़ी में मायके न भेजे जाने से क्रोधित होकर एक महिला के पुत्री को तेजाब पिलाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि मासूम बालिका जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। महिला ने पहले तो इसे […] The post भिवाड़ी में महिला ने मायके न भेजे जाने से रुष्ट होकर मासूम बालिका को पिलाया तेजाब appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 3:03 pm

यूडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अव्यवस्था के चलते 30 लोग अस्पताल में भर्ती

तिरुवनंतपुरम। केरल में तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार को आयोजित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चो (यूडीएफ) सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अत्यधिक भीड़ एवं अव्यवस्था के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गयी एवं 30 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। रिपोर्टो के अनुसार उमस भरी गर्मी, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था के चलते लगभग […] The post यूडीएफ सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान अव्यवस्था के चलते 30 लोग अस्पताल में भर्ती appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 2:58 pm

भोजशाला में उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी

धार। केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार स्थित भोजशाला में आयोजित महासत्याग्रह में आज बड़ी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल हुए। उच्च न्यायालय के निर्णय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की नई गाइडलाइन के बाद मंगलवार को पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे। भोज उत्सव समिति द्वारा पूर्व में किए गए आह्वान […] The post भोजशाला में उमड़ा हिंदू समाज, अखंड ज्योति मंदिर पर आतिशबाजी appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 19 May 2026 2:53 pm

बृहस्पति अपनी उच्च की राशि कर्क में करेंगे प्रवेश, 4 राशियों के लिए विपरीत राजयोग

1. कर्क राशि: 2 जून को जब बृहस्प‍ित देव का कर्क राशि में गोचर होगा तब जातक के और भी ज्यादा अच्छे दिन प्रारंभ होंगे। जातक की कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर दृष्टि रहेगी। इसके चलते जातक के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी, नौकरी में अप्रत्याशित उन्नति होगी। कारोबार में मुनाफा दोगुना हो जाएगा। निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। संतान सुख मिलेगा। दांपत्य जीवन की सभी परेशानी खत्म होगी। अविवाहित हैं तो विवाह के प्रबल योग बनेंगे। राजनीति से जुड़े लोगों को उच्‍च पद मिल सकता है। ALSO READ: Shani revati 2026: शनि का रेवती नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए गोल्डन टाइम शुरू, 5 रहें बचकर 2. वृश्चिक राशि: आपकी कुंडली के अनुसार भाग्य भाव में बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साहित होगा। तीर्थ यात्रा से लाभ होगा। सेहत और व्यक्तित्व में सुधार होगा। पराक्रम और आत्मविश्‍वास में बढ़ोतरी होगी। भाई बहनों से सहयोग मिलेगा। संतान सुख मिलेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। शिक्षा और लेखन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ होगा। नौकरी में प्रगति और व्यापार में उन्नति होगी। ALSO READ: शुक्र का मिथुन राशि में प्रवेश, इन 3 राशियों के लिए खुल जाएंगे धन समृद्धि के दरवाजे 3. मकर राशि: आपकी कुंडली के अनुसार सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर दांपत्य जीवन और साझेदारी के कारोबार में अप्रत्याशित सुधार करेगा। अविवाहित लोगों के विवाह होने के प्रबल योग है। आय के मल्टिपल सोर्स से बहुत अधिक लाभ होगा। भाई बहनों से संबंधों में सुधार होगा और उनका सहयोग मिलेगा। कुल मिलाकर यह वर्ष आपके लिए रिश्‍तों में सुधार और आर्थिक हालात को ज्यादा बेहतर करेगा। ALSO READ: मंगल का मेष राशि में प्रवेश: 3 राशियों पर बढ़ेगा संकट, अगले कुछ दिन रहें बेहद सावधान 4. मीन राशि: आपके लिए बृहस्पति का गोचर अत्यंत ही शुभ साबित होगा। वर्ष की शुरुआत में यह चतुर्थ भाव में रहकर सभी तरह की सुख और सुविधाओं का विस्तार करेगा। चल अचल संपत्ति में लाभ देगा। फिर कर्क में जाकर यह पंचम भाव का फल देगा। यहां यह प्रेम संबंधों, शिक्षा, नौकरी और संतान से संबंधित मामलों में बहुत लाभ देगा। यहां से वह भाग्य पर दृष्‍टि डालकर भाग्य को जगाएगा। आय भाव पर दृष्‍टि डालकर आय में बढ़ोतरी करेगा। लग्न पर दृष्‍टि डालकर यह सेहत और व्यक्तित्व में निखार लाएगा।

वेब दुनिया 19 May 2026 2:44 pm

इंदौर में 'पानी' पर अपनों में रार: महापौर और बीजेपी विधायक आमने-सामने, जनता बूंद बूंद को तरसी, ये कैसी पॉलिटिक्‍स

आपका शहर, आपका प्रशासन, आपकी पार्टी और आपके ही विधायक। इंदौर नगर निगम से लेकर प्रदेश और केंद्र तक में एकतरफा राजनीतिक पकड़ रखने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) इन दिनों शहर में एक अजीबोगरीब आंतरिक कलह से जूझ रही है। यह लड़ाई किसी विपक्षी दल से नहीं, बल्कि अपनों के बीच ही छिड़ी है। मुद्दा है—इंदौर की प्यास और उस पर होती पॉलिटिक्स। शहर में पानी की किल्लत को लेकर अब इंदौर के महापौर और पार्टी के ही स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया खुलकर आमने-सामने आ गए हैं। दूसरी तरफ शहर की जनता इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है, वहीं सत्तापक्ष के ही दो जिम्मेदार स्तंभों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। महापौर का दावा: ' पानी पर्याप्त है ' : एक तरफ इंदौर के महापौर लगातार यह दावा कर रहे हैं कि शहर में पानी की कोई कमी नहीं है। नगर निगम प्रशासन का तर्क है कि जल प्रदाय की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है और शहरवासियों को पर्याप्त पानी दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि कुछ तकनीकी दिक्कतों या स्थानीय स्तर पर वितरण की गड़बड़ी को छोड़कर पानी की कोई बड़ी किल्लत नहीं है। अगर ऐसा है तो फिर जनता को पानी क्‍यों नहीं मिल रहा है। बता दें कि हाल ही में कई कॉलोनियों के नागरिकों ने पानी को लेकर प्रदर्शन किया था। विधायक की नाराजगी: ' जनता परेशान , जमीनी हकीकत कुछ और ' दूसरी तरफ, अपनी ही पार्टी के महापौर के इन दावों को हवा में उड़ाते हुए बीजेपी के स्थानीय विधायक महेंद्र हार्डिया मोर्चा खोले हुए हैं। उन्‍होंने कहा है कि जनता को पानी नहीं मिला तो वे रोज महापौर निवास के सामने जाकर बैठेंगे। विधायक का साफ कहना है कि जनता पानी के लिए परेशान है, टैंकरों के चक्कर लगा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। जब सत्ता भी अपनी है और प्रशासन भी अपना, तो फिर जनता को पानी देने में यह लाचारी क्यों? इंदौर की ये कैसी पॉलिटिक्‍स : बड़ा सवाल यह है कि जब 'सब अपना' तो फिर ऐसी लाचारी क्यों? इस पूरे घटनाक्रम ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। आम जनता के बीच अब यह सवाल तेजी से उठ रहा है। यह कैसी पॉलिटिक्‍स चल रही है। जब निगम में भी बीजेपी है, विधायक भी बीजेपी के हैं और प्रदेश में सरकार भी उन्हीं की है, तो फिर इस तरह से पानी पर आमने सामने क्‍यों आना पड रहा है। यह तालमेल की कमी क्यों है। क्या यह वाकई पानी का संकट है या फिर इसके पीछे अंदरूनी राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई (क्रेडिट वॉर) चल रही है? जनता के टैक्स के पैसों से चलने वाला प्रशासन जनप्रतिनिधियों के बीच के इस विवाद को सुलझाने में नाकाम क्यों साबित हो रहा है? जनता त्रस्त , सियासत मस्त : इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव प्राप्त है, लेकिन पानी जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर चल रही यह 'पॉलिटिक्स' शहर की छवि पर दाग लगा रही है। एक तरफ नेता बयानबाजी और दावों-प्रतिदावों में उलझे हैं, वहीं दूसरी तरफ इंदौर की जनता इस भीषण गर्मी में खाली बाल्टियां लेकर पानी के टैंकरों का इंतजार करने को मजबूर है। क्‍या कहा था विधायक ने : पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-41 में जल संकट की परेशानी देखने पहुंचे विधायक महेंद्र हार्डिया भी जलसंकट को लेकर जमकर नाराज हुए थे। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे, लेकिन हालात देखकर विधायक बीच कार्यक्रम से ही लौट गए। महेंद्र हार्डिया ने कहा कि पहले कभी शहर में जलसंकट के ऐसे हालात नहीं बने। टंकियां खाली रहती हैं और टैंकर भी समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोज महापौर निवास जाकर बैठेंगे। नहीं भर पा रही टंकियां : शहर की पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं, जिसके कारण कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। स्थिति यह है कि पांच से छह मीटर क्षमता वाली टंकियां केवल दो से तीन मीटर तक ही भर रही हैं। इसका सीधा असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है और नलों में बेहद कम पानी आ रहा है। पानी की समस्या से परेशान होकर वीणा नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का गुस्सा सोमवार सुबह सड़कों पर फूट पड़ा था। मटके लेकर सड़कों पर उतरे थे लोग : पानी नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग खाली मटके और बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने पहले खाली मटके फोड़े और फिर सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इलाके में न तो नियमित रूप से नलों में पानी आ रहा है और न ही टैंकरों के जरिए पर्याप्त जल वितरण किया जा रहा है। कांग्रेस नेता अमित पटेल और पार्षद राजू भदौरिया के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं बस्ती से निकलकर सड़क पर बैठ गईं और वाहनों को रोकना शुरू कर दिया था। टैंकर वाले कर रहे मनमानी : एक तरफ पानी की मार झेल रहे आम लोगों को टैंकर माफिया का भी शिकार होना पड रहा है। पहले से पानी के टैंकर मिल नहीं रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टैंकर वाले मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। छोटे टैंकर के 800 से ज्‍यादा वूसल किए जा रहे हैं। जबकि बडे टैंकर के बदले 1 हजार रुपए और 1200 की वसूली की जा रही है। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

वेब दुनिया 19 May 2026 1:27 pm

पश्चिम एशिया संकट के बीच अमित शाह के नाम पर एक वक्त खाना छोड़ने की फर्जी अपील वायरल

पीआईबी ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

बूमलाइव 19 May 2026 1:25 pm

ईयू में जेट फ्यूल की कमी का खतरा, उड़ानें हो सकती हैं रद्द

ईरान में अमेरिका और इजराइल का युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बाधित पड़ा है। तनाव की वजह से यहां तेल की आवाजाही प्रभावित हुई है। दुनियाभर में जेट ईंधन महंगा हो गया है। इसकी कीमतें दोगुने से ज्यादा बढ़ गई हैं। विमानन कंपनियों ने कटौती ...

वेब दुनिया 19 May 2026 8:50 am

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (19 मई, 2026)

1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 19 May 2026: करियर: नई परियोजनाओं को गति मिलेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में नयापन महसूस होगा। धन: साहस और पराक्रम से धन अर्जन करेंगे। स्वास्थ्य: कंधे में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: शिव चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: सूर्य का कृतिका नक्षत्र में महाप्रवेश: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा शुभ फल 2. वृषभ (Taurus) करियर: वाणी के दम पर आप ऑफिस में अपनी धाक जमाएंगे। लव: परिवार के साथ मिलकर भविष्य की प्लानिंग करेंगे। धन: निवेश के लिए दिन बहुत शुभ है, विशेषकर गोल्ड में। स्वास्थ्य: दांत या मसूड़ों में समस्या हो सकती है। उपाय: महालक्ष्मी को गुलाबी फूल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: कार्यस्थल पर आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली रहेगा। लव: आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। स्वास्थ्य: मानसिक रूप से खुद को बहुत सक्रिय महसूस करेंगे। उपाय: पक्षियों को दाना डालें। 4. कर्क (Cancer) करियर: काम के सिलसिले में विदेश यात्रा की संभावना बन सकती है। लव: लव पार्टनर से दूरी का अनुभव हो सकता है। धन: खर्चों में बढ़ोतरी होगी, जिससे बजट थोड़ा बिगड़ सकता है। स्वास्थ्य: अनिद्रा की समस्या हो सकती है। उपाय: चंदन का तिलक लगाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी महत्वकांक्षाएं पूरी होंगी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। लव: प्रेम संबंधों में नया उत्साह और जोश देखने को मिलेगा। धन: अचानक धन लाभ का प्रबल योग है। स्वास्थ्य: पुरानी बीमारियों से काफी हद तक राहत मिलेगी। उपाय: सूर्य देव को जल में लाल चंदन मिलाकर अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: करियर में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। लव: कार्यस्थल पर किसी के प्रति आकर्षण बढ़ सकता है। धन: संपत्ति या वाहन की खरीद-फरोख्त से लाभ होगा। स्वास्थ्य: घुटनों में दर्द की शिकायत हो सकती है। उपाय: गणेश जी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। 7. तुला (Libra) करियर: उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। लव: पार्टनर के साथ किसी स्थल की यात्रा कर सकते हैं। धन: भाग्य के सहारे कुछ ऐसे काम बनेंगे जिनकी उम्मीद छोड़ दी थी। स्वास्थ्य: मन अध्यात्म की ओर झुकेगा। उपाय: श्रीलक्ष्मी सूक्त का पाठ करें। ALSO READ: अधिकमास 2026: क्यों माना जाता है सबसे पवित्र महीना? जानें पूजा विधि, मंत्र और 6 खास बातें 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। लव: लव लाइफ में कुछ उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। धन: धन के लेन-देन में बहुत सतर्क रहें। स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। उपाय: मंदिर में पीले रंग की मिठाई का दान करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: साझेदारी के काम के लिए दिन उत्तम है। लव: दांपत्य जीवन में सुखद अनुभव होंगे। धन: व्यापारिक विस्तार में धन लगेगा। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरीपेशा लोगों को थोड़ा संभलकर रहने की जरूरत है। लव: लव पार्टनर का पूरा सपोर्ट मिलेगा। धन: पुराने कर्ज चुकाने के लिए धन का प्रबंधन हो जाएगा। स्वास्थ्य: गले में खराश या जुकाम हो सकता है। उपाय: शनिवार की संध्या शनि चालीसा का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: नौकरी कर रहे लोगों को बड़े अवसर मिल सकते हैं। लव: लव पार्टनर के साथ किसी पार्टी में जा सकते हैं। धन: सट्टा बाजार से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: आज स्वयं को स्फूर्तिवान महसूस करेंगे। उपाय: चींटियों को आटा डालें। 12. मीन (Pisces) करियर: घर से काम कर रहे लोगों को बड़ी सफलता मिलेगी। लव: दांपत्य जीवन में सुख और शांति बनी रहेगी। धन: सुख-सुविधा की वस्तुओं पर खर्च होगा। स्वास्थ्य: सीने में जकड़न महसूस हो सकती है। उपाय: आज केले के वृक्ष में जल दें। ALSO READ: वास्तु टिप्स: खुशहाल घर और खुशहाल जीवन के 10 सरल उपाय vastu tips

वेब दुनिया 19 May 2026 7:04 am

चांद मेरा दिल: प्यार में पागलपन की सारी हदें पार, अनन्या और लक्ष्य का इंटेंस रोमांस

बदलते दौर के साथ बॉलीवुड में रोमांस की परिभाषा भी बदली है। जहाँ कभी 'कुछ कुछ होता है' का मासूम प्यार था, वहीं अब स्क्रीन पर 'इंटेंस और पैशनेट' लव स्टोरीज का दौर है। इसी कड़ी में, आगामी 22 मई को सिनेमाघरों में एक ऐसी ही दिल छू लेने वाली और रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रेम कहानी दस्तक देने जा रही है, जिसका नाम है 'चांद मेरा दिल'। करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित यह फिल्म आज के दौर के प्यार, उसकी पेचीदगियों और जुनून को बड़े पर्दे पर पेश करने का वादा करती है। कैसी है फिल्म की कहानी? 'चांद मेरा दिल' कोई आम 'बॉय मीट्स गर्ल' वाली रोमांटिक-कॉमेडी नहीं है। यह एक गंभीर रोमैटिक-ड्रामा है। फिल्म की कहानी दो ऐसे किरदारों के इर्द-गिर्द घूमती है जो एक-दूसरे के प्यार में इस कदर गिरफ्तार हैं कि उनके लिए सही और गलत के बीच का फासला मिट जाता है। यह कहानी तड़प, जुदाई, और प्यार में जूनूनियत की उस हद को छूती है जहाँ आशिकी कभी-कभी दर्दनाक बन जाती है। फिल्म का मुख्य थीम है प्यार में पागलपन नहीं, तो वो प्यार कैसा? लक्ष्य और अनन्या की जोड़ी फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्रेश और कल्ट स्टारकास्ट है: अनन्या पांडे: हाल के दिनों में अपनी गंभीर एक्टिंग से आलोचकों का दिल जीतने वाली अनन्या इस फिल्म में एक बेहद पेचीदा और इमोशनल किरदार निभा रही हैं। लक्ष्य लालवानी (Lakshya): फिल्म 'किल' (Kill) से अपनी दमदार एक्टिंग और एक्शन का लोहा मनवाने वाले लक्ष्य अब एक जुनूनी आशिक के रूप में नजर आएंगे। लक्ष्य और अनन्या की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री इस फिल्म की सबसे बड़ी यूएसपी (USP) मानी जा रही है। निर्देशन की कमान: विवेक सोनी इस इंटेंस लव स्टोरी को डायरेक्ट किया है विवेक सोनी ने। विवेक इससे पहले नेटफ्लिक्स की फिल्म 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' जैसी खूबसूरत और सलीके से बुनी गई कहानी का निर्देशन कर चुके हैं। जहाँ 'मीनाक्षी सुंदरेश्वर' में उन्होंने सादगी दिखाई थी, वहीं 'चांद मेरा दिल' में वे मानवीय भावनाओं के डार्क और इंटेंस पहलू को टटोलते नजर आएंगे। फिल्म की शूटिंग और विजुअल्स फिल्म की खासियत इसका विजुअल ट्रीट भी है। जानकारी के अनुसार, फिल्म के बड़े हिस्से की शूटिंग उत्तर भारत के खूबसूरत और थोड़े अनछुए लोकेशंस (जैसे उत्तराखंड और हिमाचल के कुछ हिस्से) के साथ-साथ मुंबई की गलियों में की गई है। विवेक सोनी ने दृश्यों के जरिए किरदारों के अकेलेपन और उनके बीच के रोमांस को बखूबी कैमरे में कैद किया है। 'चांद मेरा दिल' से जुड़े कुछ रोचक तथ्य क्लासिक नाम, मॉडर्न ट्विस्ट: फिल्म का टाइटल 70 के दशक के मशहूर गाने चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम से प्रेरित लगता है, लेकिन फिल्म की वाइब पूरी तरह से मॉडर्न और यूथ-ओरिएंटेड है। लक्ष्य का नया अवतार: एक्शन फिल्म 'किल' में अपनी रफ-एंड-टफ इमेज बनाने के बाद, लक्ष्य इस फिल्म में पूरी तरह से एक चॉकलेटी लेकिन गंभीर लवर बॉय के रूप में मेकओवर कर चुके हैं। म्यूजिक एल्बम: धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्मों का संगीत हमेशा चार्टबस्टर होता है। इस फिल्म में भी सूफी और रोमांटिक गानों का ऐसा मिक्स है जो रिलीज से पहले ही रील्स पर ट्रेंड करने के लिए तैयार है।

वेब दुनिया 19 May 2026 6:39 am

‘माइनस10°C में मौत, लेकिन हम करते हैं नंगे बदन तपस्या’:ध्यान में ही थम जाती हैं हमारी सांसें, मरने के 15 दिन बाद अंतिम संस्कार

हिमालय। 3,600 मीटर की ऊंचाई पर यहां पारा -10 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क चुका है। हवा में ऑक्सीजन इतनी कम है कि हर सांस एक जद्दोजहद है। लेकिन इन बर्फीली हवाओं के बीच, सामने जो कुछ दिख रहा है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। यहां नजर आ रही छोटी-छोटी गुफाओं और पत्थरों पर कुछ लोग नंगे बदन आंखें बंद किए बैठे हैं। जहां भारी-भरकम जैकेट में लिपटे हमारे शरीर ठिठुर रहे हैं, वहीं इन लोगों पर सर्द हवाओं का कोई असर नहीं दिख रहा। ये लोग असल में तपस्वी हैं, बौद्ध तपस्वी। इनका मकसद है बुद्ध को पाना या मोक्ष को पाना। बर्फीले तूफान आते हैं, शरीर को बर्फ की सफेद चादर से ढंक देते हैं। मौत का आभास भी होता है, लेकिन इनका तप जारी रहता है। दैनिक भास्कर की सीरीज ‘हम लोग’ में मैं मनीषा भल्ला इस बार लाई हूं, लेह से 38 किलोमीटर दूर फ्यांग गांव के पास पर्वत पर तप कर रहे तपस्वियों की कहानी… चलिए चलते हैं, उसी पर्वत की चोटी पर जहां तपस्वी तप कर रहे हैं। मेरे साथ हैं सोनम वांगचुक। सोनम लेह में रहते हैं। बौद्ध धर्म और यहां के मठों के जानकार हैं। वे मुझे समझाते हैं कि यहां जो लोग नंगे बदन तपस्या कर रहे हैं, उनकी वीडियो या फोटो नहीं ले सकते। मैं सोनम से पूछती हूं- ये लोग कब से तप कर रहे हैं, और क्यों? सोनम बताते हैं- ‘तपस्या 3 साल, 3 महीने, 6 दिन में पूरी होती है। यह तप का आखिरी चरण है। इसमें एक साल तक नंगे बदन पर्वतों पर तपस्या करना जरूरी है, चाहे कितनी भी बर्फ-ठंड क्यों न हो।’ यदि कोई इतनी ठंड सहन न कर सके तो…? सोनम बताते हैं- ‘बौद्ध दर्शन में सांस के दो रूप माने जाते हैं। पहली- बाहरी सांस, जो हम नाक से लेते हैं। दूसरी- अंदरूनी, जो हमारी आत्मा या ऊर्जा का हिस्सा है।' ‘मौत के बाद बाहरी सांस तो थम जाती है, लेकिन अंदरूनी ऊर्जा को शरीर छोड़ने में वक्त लगता है। इसलिए, तपस्वी के शव को 15 दिनों तक अपनी जगह से नहीं हटाया जाता। कोशिश रहती है कि जिस 'ध्यान मुद्रा' में अंतिम सांस ली, उनका शरीर उसी अवस्था में बना रहे।’ फिर क्या करते हैं? वे बताते हैं- ‘15 दिन के बाद उनके शरीर को उसी 'ध्यान मुद्रा' में मंत्रोच्चार के साथ अग्नि के हवाले कर देते हैं।’ क्या यहां सभी की अंतिम विदाई ऐसे ही होती है? ‘नहीं, बौद्ध परंपरा में आध्यात्मिक स्तर का काफी ध्यान रखा जाता है। मौत के बाद एक तपस्वी के शव को 15 दिन, लामाओं के शव को 7 दिन और आम शिष्यों के शव को 4-5 दिन रखा जाता है। जहां तपस्वियों और लामाओं को उनकी साधना की स्थिति यानी 'बिठाकर' मुखाग्नि दी जाती है, वहीं आम शिष्यों को ‘लिटाकर’।’ जब अग्नि शांत होती है, तो उनकी अस्थियां समेट ली जाती हैं। इन्हीं अस्थियों को सहेजकर बनाया जाता है- स्तूप। इतना कहकर, वे मुझे चोटी से सड़क की तरफ देखने का इशारा करते हैं। वहां लकड़ी के कई ढांचे हैं, जिन पर सफेद और सुनहरा रंग है और उनकी छत नुकीली है। सोनम बताते हैं- ‘यह उन तपस्वियों और लामा के स्तूप हैं, जिन्होंने तप करते-करते जीवन को त्याग दिया।’ इतने में पर्वत के दूसरी ओर ढलान पर एक घर दिखाई देता है। सोनम बताते हैं- ‘वहां बौद्ध तपस्वी सेवंग गैलसन रहते हैं। उनकी उम्र सिर्फ 38 साल है। हमें उन्हीं से मिलना है। उन्होंने अभी कुछ दिन के लिए तपस्या रोकी है।’ मैंने पूछा- मतलब? वे बताते हैं- ‘बौद्ध धर्म में तपस्या आसान नहीं है। तपस्वी 3 महीने, 6 महीने, एक साल या फिर 3 साल 3 महीने 6 दिन के लिए पर्वत पर तप करते हैं।’ भिक्षु, लामा और तपस्वी में क्या अंतर है? सोनम बताते हैं- ’भिक्षु बुद्ध के नियमों और भिक्षा पर जीते हैं। लामा तिब्बती परंपरा के बहुत पढ़े-लिखे गुरू होते हैं। तपस्वी कठिन तप करते हैं।’ अब हम सेवंग के घर पहुंच चुके थे, दरवाजों पर कंबल और बोरियों से बने पर्दे लगे हैं। सोनम बताते हैं- ‘इससे ठंडी हवा घर में नहीं आती।’ घर में अंदर जाते ही, एक लड़का हमें कमरे में बैठाता है। कमरे में ही सामने चूल्हा जल रहा है। इसे यहां ‘चुछुंग’ कहते हैं। इससे कमरे में गर्माहट महसूस हो रही है। इसका धुआं एक पाइप के जरिए घर से बाहर निकल रहा है। तभी, मैरून रंग का चोगा पहने एक भिक्षु आते हैं। सोनम बताते हैं- ‘ये ही बौद्ध तपस्वी सेवंग गैलसन हैं। मैंने सेवंग को ‘जूले’ कहा। यहां नमस्ते, हेलो को जूले कहते हैं। उन्होंने हमें एक आसन पर बैठने के लिए कहा। आसन काफी गद्देदार था। इस पर याक की खाल से बना कंबल बिछा था, जिस पर बैठते ही शरीर को राहत मिली।’ सेवंग कुछ सोच रहे हैं और हमें बड़े गौर से देख रहे हैं। इतने में वो एक लड़के को आवाज देते हैं और लद्दाखी भाषा में चाय लाने के लिए कहते हैं। कुछ ही मिनटों में वो प्यालों में चाय और लद्दाखी ब्रेड देकर चला जाता है। इस बीच सेवंग चुप बैठे रहे। चाय की चुस्कियां लेते-लेते उन्होंने सेवंग गैलसन को बताया कि मैं कौन हूं और यहां क्यों आई हूं? इसके बाद, वे एक छोटे कमरे में चले जाते हैं। थोड़ी देर बाद, हमें उस कमरे में बुलाया जाता है। कमरे में सेवंग अपने आसन पर बैठे हैं। यह तपस्या का कमरा है। यहां सामने एक घंटी और पानी भरा प्याला है। पास ही एक चमकीला कपड़ा बिछा है, जिस पर एक बड़ा सफेद पत्थर रखा है। पत्थर पर कुछ शब्द उकेरे गए हैं। शायद कोई मंत्र। सेवंग बताते हैं- ‘जब मैं तपस्या करता हूं, तो घर के दरवाजे पर इस पत्थर को रख देता हूं, ताकि लोगों को पता रहे कि यहां तप चल रहा है। इस कमरे में एक खिड़की है, जहां लोग चुपचाप खाने-पीने का सामान रख जाते हैं।‘ मैं पूछती हूं- आप यहां कब से हैं? वे बताते हैं- ‘7 साल की उम्र में फ्यांग बौद्ध मठ आ गया था। यहीं 7वीं तक स्कूली शिक्षा और धार्मिक शिक्षा साथ-साथ ली।’ बौद्ध धर्म में धार्मिक शिक्षा को छुई कहते हैं। इसमें या तो आप बौद्ध दार्शनिक बनते हैं, मठ में काम करते हैं या फिर लामा, तपस्वी बनते हैं। कुछ परिवार अपने बच्चों को लामा बनाने के लिए मठ को दान दे देते हैं। पहले अगर किसी के तीन बेटे होते थे, तो मझले बेटे को लामा बनाने के लिए बौद्ध मठ को दे दिया जाता था। मैं बीच में ही पर्वतों पर तप कर रहे तपस्वियों का जिक्र करती हूं। वे कहते हैं- बौद्ध धर्म का एक ही मूल है- महात्मा बुद्ध की शिक्षाओं का पालन करना और मोक्ष प्राप्त करना। इसी बीच सेवंग के पास लामा निमाह आते हैं। निमाह हिंदी बोलना और लिखना जानते हैं। वज्रयान में तंत्र साधना की चर्चा दुनियाभर में लामा निमाह बताते हैं- 'यहां तीन बड़े संप्रदाय हैं- ’थेरवाद, महायान और वज्रयान।’ सबसे मुख्य है- ‘वज्रयान, इसमें तंत्र साधना होती है। इसके रहस्य की दुनियाभर में चर्चा होती है।’ सेवंग बताते हैं- ‘वज्रयान में किया जाने वाला तप सबसे कठिन है। इसमें 3 साल, 3 महीने, 6 दिन की तपस्या करनी होती है। हर साल के अलग नियम हैं।’ पहले साल में गुरू का ध्यान और दूसरे साल में एक लाख मंत्रोच्चार का जाप करते हैं। इस दौरान, खुद को मनुष्य नहीं, देवता का अंश मानते हैं। इतना कहने के बाद सेवंग हमें बाहर ले जाते हैं। वह बताते हैं- तीसरे साल का तप काफी कठिन है। पर्वतों पर बर्फ के बीच सांस रोककर तपस्या करनी होती है। इतना कठोर तप कैसे कर पाते हैं? सेवंग बताते हैं- ‘सांस को रोकने की क्षमता से यह मुमकिन है। इससे शरीर के अंदर ऊर्जा पैदा होती है और ऐसा महसूस होता है कि हमारी नाभि से निकली ऊर्जा पूरे शरीर को गर्म कर रही है। जब साधक इतना मजबूत हो जाता है, तो वह बर्फ में भी बिना कपड़ों के तप कर लेता है।’ तभी एक लड़का थर्मस में गुर-गुर चाय और कुछ प्याले लेकर आया। इसे ‘बटर टी’ भी कहते हैं। ठंड है, इसलिए जैसे ही एक प्याला खाली होता है, तो वह दूसरा भर देता। सेवंग उस चाय में सत्तू मिलाकर पी रहे हैं। वे बताते हैं- ‘तपस्या के दौरान हम गुर-गुर चाय या पानी में सिर्फ जौ का सत्तू मिलाकर पीते हैं।’ सेवंग बताते हैं- ’इन पर्वतों पर कई तपस्वी तप कर रहे हैं।’ शाम होने को थी, इसलिए हम सेवंग से विदा लेकर फ्यांग बौद्ध मठ की ओर जाते हैं। डरावने मुखौटे पहनकर भिक्षु करते हैं 'छम' नृत्य चटख रंगों से सजा फ्यांग बौद्ध मठ दूर से ऐसा दिख रहा है, जैसे पर्वतों के बीच कोई रंगों की दुनिया हो। मठ में चारों तरफ कपड़ों पर पेंटिंग बनी हुई थी। मठ के अंदर मंत्रोच्चार चल रहा है। अंदर कई बच्चे और बड़े मैरून रंग का चोगा पहने हुए हैं। इनमें से कुछ लामा हैं। जैसे ही फोटो के लिए कैमरा उठाया तो मुझे रोक दिया। कहा- यहां वीडियो, फोटो नहीं ले सकते। काफी मशक्कत के बाद एक साधक बातचीत के लिए राजी हुए। उन्होंने बताया- ‘इस मठ का सबसे बड़ा आकर्षण यहां का वार्षिक उत्सव है। इसमें भिक्षु भारी और डरावने मुखौटे पहनकर 'छम’' नृत्य करते हैं। इसे देखने के लिए आसपास से भी लोग आते हैं।’ ऐसा क्यों करते हैं? वे बताते हैं- ‘यह नृत्य बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह हर साल जुलाई में होता है। रात गहरा रही थी, इसलिए हम वहां से लेह की ओर निकल पड़ते हैं।’ हेमिस मठ सबसे अमीर, यहां सोने से लिखे ग्रंथ हैं अगले दिन, सुबह 10 बजे हम लेह से हेमिस बौद्ध मठ निकल पड़ते हैं। रास्ते में सोनम बताते हैं- हेमिस, लद्दाख का सबसे अमीर बौद्ध मठ है। इसे जान-बूझकर संकरी घाटी में बनाया गया, ताकि हमलावरों की नजर इस पर न पड़े। थोड़ी देर में हम हेमिस बौद्ध मठ पहुंच जाते हैं। यहां लामा दोरजे हमारा इंतजार कर रहे थे, वे यहां प्रशासनिक व्यवस्था भी देखते हैं। वो हमें एक कमरे में ले गए। मैं कुछ पूछती, उससे पहले ही दोरजे बताते हैं- ’हमारे मठ में सभी सुबह 5 बजे उठ जाते हैं। ध्यान करते हैं। इसके बाद बच्चों को पढ़ाते हैं। सुबह 8 से 9 के बीच लामा गांवों में जाते हैं। अपनी तंत्र साधना से बताते हैं कि किस घर में क्या दिक्कत है, फिर उसके अनुसार पूजा करते हैं।’ मैंने उनसे भी पूछा- क्या यहां भी पर्वतों पर तप होता है? वे बताते हैं- ‘गोच्छंग और खसपंग जैसे दुर्लभ इलाकों में 108 गुफाएं हैं, जिनमें तपस्वी तप करते हैं। यह तंत्र साधना है, इसलिए इसके बारे में ज्यादा नहीं बता सकता।’ वे बताते हैं- ‘तपस्वी, आम लामा लोगों से अलग होते हैं। वे किसी दूसरे व्यक्ति से बात नहीं करते।’ उन्होंने दावा किया कि पुराने जमाने में तो तपस्वी अपने तप बल से उड़कर आया- जाया करते थे। मैं पूछती हूं- इसे सबसे अमीर मठ क्यों कहते हैं? दोरजे बताते हैं- यहां आज भी सोने-चांदी के तार से बनी थांका पेंटिंग हैं। सोने से लिखे बौद्ध ग्रंथ हैं। यहां से करीब 1000 मठ जुड़े हैं। इसलिए आर्थिक और आध्यात्मिक दोनों तरह से यह मठ अमीर है। क्या बौद्ध भिक्षु शादी करते हैं? वे कहते हैं- ‘नहीं, अगर कोई भिक्षु किसी महिला के साथ संबंधों में दोषी पाया जाता है, तो उसे मठ से निकाल दिया जाता है।’ यहां भिक्षु,लामा और बाकी सब मैरून रंग का चोला ही क्यों पहनते हैं? दोरजे बताते हैं- ’मैरून रंग सादगी और मोह-माया के त्याग का प्रतीक है। सभी का एक ही रंग के वस्त्र पहनना उनके बीच के अहंकार को मिटाकर उन्हें एक समान स्तर पर लाता है, इसलिए इसे पहनते हैं। मैं कुछ पूछती, उससे पहले ही दोरजे कहते हैं- साधना का वक्त हो गया है, मैं चलता हूं। इसके बाद, हम हेमिस मठ के म्यूजियम में जाते हैं। म्यूजियम में डिम लाइट के बीच कई पुरानी मूर्तियां रखी हैं। यहां देखरेख करने वाले एक लामा ने बताया कि इसका इतिहास 900 साल पुराना है। हेमिस अपने विशाल रेशमी थांका (बौद्ध पेंटिंग) के लिए प्रसिद्ध है। म्यूजियम में कई ऐसी थांका पेंटिंग है, जिनमें सोने और चांदी के धागों का काम किया गया है। इसके बाद हमें मठ में खाने के लिए कहा जाता है। खाने में यहां दाल-चावल, बैगन की सब्जी, रायता परोसा गया। म्यूजियम देखने के बाद हम लेह के लिए निकल पड़ते हैं। प्रकृति में संतुलन के लिए 5 रंग के कपड़ों की झंडियां मैं सोनम से पूछती हूं- यहां हर पहाड़ी पर नीले, सफेद, लाल, हरे और पीले कपड़ों की झंडियां लगी हैं, ये क्या हैं? सोनम बताते हैं- इसे ‘लुंग टा’ कहते हैं। ‘लुंग’ का मतलब- हवा और ‘टा’ का मतलब- घोड़ा। इसे यहां 'वायु अश्व' कहते हैं। ये पांच रंग प्रकृति के तत्वों के बीच संतुलन को बताते हैं। वो कैसे? वे बताते हैं- लुंग टा का एक निश्चित क्रम है। नीला- आसमान, सफेद- हवा/बादल, लाल- आग, हरा- पानी और पीला रंग- धरती के लिए है। माना जाता है कि इन 5 रंगों की झंडियां लगाने से हवा शुद्ध होती है। सुख-शांति रहती है। मैं पूछती हूं- क्या महिलाएं भी लामा बनती हैं। सोनम बताते हैं- हां, बौद्ध धर्म में 'लामा' एक पदवी है, जो आध्यात्मिक गुरू को दी जाती है। महिलाएं भी इस पद तक पहुंचती हैं। वे भी मैरून रंग का चोगा ही पहनती हैं। अचानक मेरी नजर एक ड्रम पर पड़ी, जिसे कुछ लोग घूमा रहे थे। मैंने पूछा- ये क्या है? सोनम बताते हैं- यह 'मानी' है, यह तांबे या लोहे से बना होता है। इसे घड़ी की सुई की दिशा में घुमाया जाता है। इनके भीतर कागज के लंबे रोल पर हजारों बार 'ॐ मणि पद्मे हुम' मंत्र लिखा होता है। यहां मान्यता है कि इस ड्रम को एक बार घुमाना, उसमें लिखे हजारों मंत्रों को एक साथ पढ़ने के बराबर है। इस सीरीज में अगले हफ्ते पढ़िए अडिया जनजाति की कहानी…. ------------------------------- 1- नाचती लड़की का हाथ पकड़ा और भगा ले गया लड़का:मैतेई लोगों में शादी की अनोखी परंपरा, पैदा होते ही बच्चे को खिला देते हैं नमक शाम के 5 बजे हैं। एक सुनसान जगह पर कुछ लोग जमीन को चौकोर खोद रहे हैं। आसपास भीड़ है। आधे घंटे बाद खुदाई करने वालों को गड्ढे में कुछ नजर आया। कुछ पल बाद दो-तीन लोग उस गड्‌ढे में उतरे और एक लाश बाहर निकालकर रख दी। लाश के कई हिस्से कंकाल में तब्दील हो चुके हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- मुर्गी का कलेजा चीरकर कहा, ये चोर नहीं है:ससुराल पहुंचते ही बलि देती है दुल्हन, कटे सिर को मंदिर मानते हैं गालो सुबह के 7 बजे हैं। अरुणाचल प्रदेश की एक पहाड़ी बस्ती में हूं। यहं एक घर पर लोगों की भीड़ जमा है। उन्हीं के बीच एक लड़का परेशान खड़ा है। थोड़ी देर में घर से एक बुजुर्ग बाहर आते हैं। काले कपड़े में, बाघ की खाल का जैकेट पहने। कंधे पर धनुष, पीठ पर तीरों से भरा तरकश लिए और सिर पर टोपी लगाए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 19 May 2026 5:05 am

Gautam Adani को बड़ी राहत, अमेरिका ने सभी आपराधिक आरोप हटाए, न्यूयॉर्क का चर्चित केस खत्म

अमेरिकी न्याय विभाग ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोपों को स्थायी रूप से वापस ले लिया है जिससे न्यूयॉर्क में चल रहा बहुचर्चित प्रतिभूति एवं धोखाधड़ी मामला पूरी तरह खत्म हो गया है। अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दाखिल दस्तावेज में कहा कि वे अब इन आरोपों को आगे बढ़ाने में सक्षम नहीं हैं। इसके साथ ही अमेरिका में चल रहे अदाणी समूह से संबंधित सभी मामले पिछले कुछ दिनों में बंद किए जा चुके हैं। ALSO READ: पालघर में कंटेनर और ट्रक की टक्कर में 13 बारातियों की मौत, 20 गंभीर रूप से घायल गौतम अदाणी, सागर अदाणी और विनीत जैन पर केवल प्रतिभूति एवं ‘वायर’ धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए थे। उन्हें अधिक गंभीर विदेशी भ्रष्टाचार अधिनियम (एफसीपीए) के रिश्वतखोरी या बाधा संबंधी आरोपों में नामित नहीं किया गया था। पिछले हफ्ते अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (एसईसी) ने सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े निवेशक खुलासों के मामले में सिविल आरोपों का निपटारा किया था। इस मामले में बिना किसी गलती को स्वीकार या अस्वीकार किए गौतम अदाणी ने 60 लाख डॉलर और सागर अदाणी ने 120 लाख डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। इसके बाद अमेरिकी वित्त विभाग के ‘विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय’ (ओएफएसी) ने भी ईरान से जुड़े प्रतिबंधों के उल्लंघन मामले में अदाणी समूह के साथ 27.5 करोड़ डॉलर के समझौते की घोषणा की। ईरानी एलपीजी के आयात के मामले में समझौता जांच में ‘विस्तृत सहयोग’ और ‘स्वैच्छिक खुलासे’ के आधार पर हुआ है। अब अमेरिकी न्याय विभाग ने भी अदाणी और उनके भतीजे पर लगे आपराधिक आरोपों को समाप्त कर दिया है। इस तरह यह पूरा मामला औपचारिक रूप से बंद हो गया है। अमेरिकी अदालत में दाखिल दस्तावेज के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने कहा कि समीक्षा के बाद आरोपों को जारी रखने का कोई आधार नहीं पाया गया। ALSO READ: Suvendu Adhikari : बंगाल में मौलवी-पुजारियों का मानदेय बंद, ममता सरकार के भ्रष्टाचार की होगी जांच, महिलाओं को मिलेंगे 3000 रुपए महीना, CM शुभेंदु के बड़े फैसले अमेरिकी अदालत ने मामले को खारिज करने के साथ स्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया। हालांकि, अमेरिकी आपराधिक प्रक्रियाओं में इस तरह के फैसले अपेक्षाकृत कम देखे जाते हैं और आमतौर पर व्यापक समीक्षा के बाद ही होते हैं। सात अप्रैल, 2026 को अमेरिकी अदालत में सार्वजनिक रूप से दाखिल दस्तावेजों में अदाणी के वकीलों ने एसईसी की कार्यवाही को चुनौती देते हुए इसे अमेरिकी प्रतिभूति कानूनों का ‘अत्यधिक क्षेत्रीय विस्तार’ बताया था। दस्तावेजों में कहा गया कि एसईसी के पास आवश्यक अधिकार क्षेत्र नहीं था, उसने कोई ठोस गलतबयानी साबित नहीं की और न ही किसी भी प्रतिवादी को बॉन्ड जारी करने से जोड़ा जा सका। खबरों के मुताबिक जांच के दौरान अभियोजकों को ऐसे पर्याप्त सबूत नहीं मिले जो आरोपों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक हों। यह मामला 2024 के अंत में दायर किया गया था और इसमें आरोप था कि अदाणी समूह ने भारतीय अधिकारियों से जुड़े कथित 26.5 करोड़ डॉलर के रिश्वत मामले को छिपाकर अमेरिकी निवेशकों से पूंजी जुटाई थी। ALSO READ: 8000 सैनिक, 16 फाइटर जेट, मध्यस्थता की आड़ में कौनसा गेम खेल रहा Pakistan? US और ईरान के साथ विश्वासघात मामले से परिचित लोगों ने कहा कि यह मामला उस समय अदाणी के पक्ष में चला गया, जब अभियोजकों को कोई स्पष्ट अमेरिकी संबंध और आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले। यह निर्णय अमेरिकी अभियोजकों और अदाणी समूह द्वारा गठित मजबूत कानूनी टीम के बीच कई महीनों की सक्रिय बातचीत के बाद आया है। कानूनी सलाहकारों ने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष कई प्रस्तुतियां और दलीलें दीं। इस समीक्षा में ऐसे निष्कर्ष सामने नहीं आए, जो गौतम और सागर अदाणी के खिलाफ आरोपों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त हों। इसके बाद अमेरिकी न्याय विभाग ने मामला खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाया। Edited by : Sudhir Sharma

वेब दुनिया 18 May 2026 11:28 pm

भीलवाड़ा में कंटेनर ट्रक से 21 लाख रुपए की अवैध शराब बरामद

भीलवाड़ा। राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के आसींद थाना क्षेत्र में पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर एक संदिग्ध कंटेनर ट्रक से 249 पेटियां अवैध शराब की बरामद की हैं। पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि तस्कर चंडीगढ़ निर्मित अंग्रेजी शराब कंटेनर में छुपाकर ले जा जा रहे थे। रविवार रात में पुलिस दल रात्रिकालीन गश्त […] The post भीलवाड़ा में कंटेनर ट्रक से 21 लाख रुपए की अवैध शराब बरामद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 May 2026 11:03 pm

मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क हादसा, 12 की मौत, 25 से अधिक घायल

मुंबई। महाराष्ट्र के पालघर जिले में मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बारातियों से भरे एक आयशर ट्रक को कंटेनर ने टक्कर मार दी जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और […] The post मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग पर सड़क हादसा, 12 की मौत, 25 से अधिक घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 May 2026 10:58 pm

खगड़िया में सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत, 5 घायल

खगड़िया। बिहार में खगड़िया जिले के मानसी थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क दुर्घटना में छह लोगों की मौत हो गई तथा पांच अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय उच्च पथ 31 स्थित पथिक लाइन होटल ठाठा के समीप महेशखूंट से खगड़िया की ओर जा रहा एक ऑटो रिक्शा ओवरटेक करने […] The post खगड़िया में सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत, 5 घायल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 May 2026 10:54 pm

स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग : निंबाराम

जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राजस्थान क्षेत्र के कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम का सोमवार को राजापार्क में औपचारिक उद्घाटन हुआ। इस अवसर पर संघ के राजस्थान क्षेत्र प्रचारक निंबाराम ने कहा कि प्रशिक्षण वर्ग स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, संगठन कौशल और दायित्व की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्ग का […] The post स्वयंसेवकों में संगठन कौशल विकसित करने का माध्यम है प्रशिक्षण वर्ग : निंबाराम appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 May 2026 10:45 pm

चेन्नई ने टॉस जीतकर सनराईजर्स हैदराबाद के खिलाफ चुनी बल्लेबाजी

CSKvsSRH चेपॉक के मैदान पर चेन्नई सुपर किंग्स ने सनराईजर्स हैदराबाद के खिलाफ टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी है। चेन्नई की टीम में एक बदलाव है, गुरजनप्रीत की जगह अकील हुसैन खेल रहे हैं। वहीं सनराईजर्स हैदराबाद में कोई बदलाव नहीं है। सनराइजर्स हैदराबाद (प्लेइंग XI): अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, स्मरण रविचंद्रन, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, प्रफुल्ल हिंगे चेन्नई सुपर किंग्स (प्लेइंग XI): संजू सैमसन (विकेट कीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अकील हुसैन, नूर अहमद, अंशुल कंबोज, स्पेंसर जॉनसन

वेब दुनिया 18 May 2026 7:30 pm

नये सत्र की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग संपन्न

पिंडवाड़ा। ब्लॉक पिंडवाड़ा के निकटवर्ती गाँव नांदिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राथमिक परिसर में शनिवार को नये सत्र 2026-027 की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग का आयोजन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विद्यालय के प्राथमिक परिसर के प्रभारी गुरुदीन वर्मा ने उपस्थित अभिभावकों से अपने निकटस्थ अनामांकित बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाने का […] The post नये सत्र की पहली अभिभावक-शिक्षक मीटिंग संपन्न appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 18 May 2026 6:57 pm

आज का एक्सप्लेनर:क्या थलापति विजय से जलते हैं रजनीकांत; कहां से उठी सीएम बनने में अड़ंगा लगाने की बात, पूरी कहानी जानिए

17 मई की शाम। थलाइवा रजनीकांत ने चेन्नई के पोएस गार्डेन स्थित अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। सफाई देते हुए कहा- मैं विजय को तब से देख रहा हूं, जब वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी। आखिर रजनीकांत के विजय से जलन की बात क्यों उठी, क्या वो विजय को सीएम नहीं बनने देना चाहते थे; इससे जुड़ी पूरी कहानी जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: रजनीकांत और विजय के बीच क्या मसला है? जवाब: रजनीकांत ने 1975 में तमिल फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। फिल्म थी- के बालाचंदर की ‘अपूर्व रागंगल’। 1980 के दशक में ‘बिल्ला’, ‘थिल्लू-मुल्लू’ जैसी फिल्मों के बाद उन्हें सुपरस्टार का दर्जा मिला, जो 5 दशकों से जारी है।इधर विजय ने भी 1966 में अपनी पहली बड़ी हिट फिल्म दी। लेकिन ‘थलापति’ और सुपरस्टार वाला दर्जा उन्हें 2007 में आई ‘पोक्किरी’ से मिला।‘सुपरस्टार’ के टैग पर विजय और रजनीकांत के फैंस अक्सर सोशल मीडिया पर भिड़ जाते हैं, लेकिन दोनों एक्टर्स के बीच सार्वजनिक रूप से कोई तनातनी नहीं दिखी हालांकि विजय के राजनीति में आते ही यह बदल गया- सवाल-2: रजनीकांत का राजनीति से क्या रिश्ता रहा है? जवाब: रजनीकांत के फिल्मों में आने के एक दशक बाद ही उनकी राजनीति में आने की चर्चा शुरू हो गई थी। वजह थी उनकी राजनीतिक बयानबाजियां, पार्टियों से नजदीकी और दमदार फैन बेस… 1996: जयललिता पर बयान, सरकार बदलने का क्रेडिट मिला 2002-2014: BJP को समर्थन, मोदी से मिले, कई बार चुनाव लड़ने के संकेत 2017-2021: पार्टी बनाने का ऐलान, लेकिन बिना चुनाव लड़े ही संन्यास सवाल-3: रजनीकांत राजनीति में विजय जैसा करिश्मा क्यों नहीं दिखा पाए? जवाब: 4 बड़े कारण हैं- 1. फैन बेस को कैडर में तब्दील नहीं कर पाए 2. द्रविड़ियन राजनीति में फिट नहीं बैठे थलाइवा 3. आधे-अधूरे मन से शुरुआत, कमिटमेंट पर संदेह 4. रजनीकांत ने एंट्री में देरी कर दी सवाल-4: क्या वाकई विजय की राजनीतिक सफलता से जलते हैं रजनीकांत? जवाब: रजनीकांत ने सीएम विजय से प्रतिस्पर्धा की बात से इनकार किया है। उन्होंने 17 मई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस चुनाव के बाद विजय और मेरे रिश्ते को लेकर कई बातें हो रही हैं। अगर मैं इनका खंडन न करूं, तो ये बातें सच मानी जाएंगी। विजय से जलन पर कहा- कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं विजय से जलता हूं, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। वो मुझसे 25 साल जूनियर हैं। मैं राजनीति छोड़ चुका हूं, तो विजय से मुझे भला क्यों जलन होगी। अगर मैं विजय से तुलना करूं तो मेरे लिए ये ठीक नहीं है। अगर विजय मुझसे तुलना करें तो वो उनके लिए ठीक नहीं है। मैं उन्हें तब से देख रहा हूं जब से वो बच्चे थे। उनके सीएम बनने से मुझे क्यों जलन होगी?’ स्टालिन से मिलने पर कहा- ‘यह सही है कि मैं स्टालिन से मिला था, लेकिन मैं राजनीति के लिए किसी भी हद तक गिरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। स्टालिन पिछले 30 साल से मेरे दोस्त हैं। हमारी दोस्ती राजनीति से परे है।’ विजय को CM बनने से रोकने पर कहा- ‘मैं स्टालिन से दोस्त के तौर पर मिला था। लेकिन खबरें आने लगीं कि दोनों पार्टियां (DMK-AIADMK) विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने के लिए बैठकें कर रही हैं और मैं उनमें शामिल रहा हूं। मैं आपको बता दूं कि रजनीकांत ऐसा शख्स नहीं है जो इतना नीचे गिर जाए।' विजय से तुलना पर कहा- ‘जब मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो उनसे मेरी तुलना करना गलत है। उनके और मेरे बीच एक जेनरेशन गैप है। अगर मैंने 2021 का विधानसभा चुनाव लड़ा होता, तो मैं जरूर जीत जाता। मुझे उनकी जीत पर अचंभा हुआ। मैं उनकी जीत को लेकर खुश हुआ। लोगों को विजय से काफी उम्मीदें हैं और मुझे आशा है कि वो इन्हें पूरा करेंगे।’ ’ विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद रजनीकांत ने विजय को चुनाव जीतने की बधाई दी थी। फिलहाल वो राजनीति में नहीं है, इसलिए जलन वाली बात सही नहीं लगती। रजनीकांत ने मुस्कुराते हुए ये जरूर कहा- 'मैं राजनीति में हूं ही नहीं, तो विजय से जलूं क्यों? हां, अगर कमल हासन सीएम बनते तो जरूर जलता।' ***** रिसर्च सहयोग - प्रथमेश व्यास --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… 4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 18 May 2026 6:04 pm

'पेड्डी' का दमदार ट्रेलर रिलीज, राम चरण ने तीन अलग अवतार से जीता दिल

बुची बाबू सना के निर्देशन में बनी पेड्डी को वृद्दि सिनेमाज, माइथ्री मूवी मेकर्स और आईवीवाई एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म में राम चरण और जान्हवी कपूर लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म का ट्रेलर आखिरकार रिलीज कर दिया गया है। पेड्डी का ग्रैंड प्रीमियर 3 जून को रखा गया है, जिसके बाद फिल्म 4 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। 'पेड्डी' इस वक्त इंडियन सिनेमा की सबसे बड़ी और मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक बनी हुई है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि जान्हवी कपूर और जगपति बाबू भी अहम किरदारों में दिखाई देंगे। जैसे ही फिल्म के गाने, पोस्टर्स और ग्लिम्प्स सामने आए, वैसे ही पेड्डी को लेकर जबरदस्त बज बन गया। अब मेकर्स ने मुंबई में एक ग्रैंड इवेंट के दौरान फिल्म का पावर-पैक्ड ट्रेलर लॉन्च कर दिया है, जिसने एक्साइटमेंट को और भी बढ़ा दिया है। पेड्डी का ट्रेलर एक बड़े सिनेमैटिक स्पेक्टेकल की झलक देता है। इसमें इमोशन्स, एक्शन और देसी मिट्टी से जुड़ी कहानी देखने को मिलती है, जहां खेल लोगों की जिंदगी और कल्चर का अहम हिस्सा हैं। इससे पहले मेकर्स राम चरण के पेड्डी पहलवान और क्रिकेटर वाले लुक को रिवील कर चुके थे, लेकिन ट्रेलर में दर्शकों को उनका बिल्कुल नया अंदाज़ देखने मिला। ट्रेलर में राम चरण तीन अलग-अलग स्पोर्ट्स और तीन पूरी तरह अलग अवतारों में नजर आ रहे हैं, जिसने फैंस की एक्साइटमेंट को अगले लेवल पर पहुंचा दिया है। ALSO READ: जाह्नवी कपूर नहीं छोटी बहन खुशी थीं 'पेड्डी' के लिए पहली पसंद, इस वजह से एक ही घर में हुआ रिजेक्शन-सिलेक्शन एक्शन, इमोशन्स और दमदार मोमेंट्स से भरपूर पेड्डी का ट्रेलर एक जबरदस्त सिनेमैटिक रोलरकोस्टर का वादा करता है। जान्हवी कपूर, जगपति बाबू, दिव्येंदु शर्मा और सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने शानदार परफॉर्मेंस से गहरी छाप छोड़ी है। थिएट्रिकल रिलीज से पहले ही पेड्डी ने जबरदस्त असर दिखाना शुरू कर दिया है और हर मार्केट में फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट तेजी से बढ़ती नजर आ रही है। खासकर ओवरसीज में फिल्म का क्रेज साफ देखने मिल रहा है, जहां रिपोर्ट्स के मुताबिक नॉर्थ अमेरिका में एडवांस बुकिंग खुलने के कुछ ही घंटों के अंदर 100K डॉलर का आंकड़ा पार हो गया, जो ऑडियंस के बीच बढ़ती डिमांड और एक्साइटमेंट को दिखाता है। फिल्म से सामने आए राम चरण के दमदार ट्रांसफॉर्मेशन्स भी फैंस के बीच बड़ा चर्चा का विषय बने हुए हैं। गांव के सिंपल क्रिकेटर से लेकर खतरनाक और दबंग पेड्डी पहलवान तक, उनके अलग-अलग अवतार उनकी जबरदस्त वर्सेटिलिटी दिखाते हैं। वहीं ए. आर. रहमान का म्यूजिक भी फिल्म के क्रेज को अगले लेवल पर ले गया है। “चिकिरी चिकिरी” ने 200 मिलियन व्यूज का शानदार आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि “राई राई रा रा” को भी जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है और यह गाना यूट्यूब पर 68 मिलियन से ज्यादा व्यूज हासिल कर चुका है। पेड्डी को बुची बाबू सना ने लिखा और डायरेक्ट किया है। फिल्म में राम चरण लीड रोल में नजर आएंगे, जबकि शिवा राजकुमार, जान्हवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी अहम किरदार निभा रहे हैं। फिल्म को वेंकट सतीश किलारू ने वृद्दि सिनेमाज के बैनर तले प्रोड्यूस किया है। वहीं माइथ्री मूवी मेकर्स, सुकुमार राइटिंग्स और आईवीवाई एंटरटेनमेंट इसके साथ जुड़े हैं। ईशान सक्सेना फिल्म के को-प्रोड्यूसर हैं। पेड्डी को नॉर्थ इंडिया में जियो स्टूडियोज रिलीज करेगा। धुरंधर, धुरंधर द रिवेंज और राजा शिवाजी की शानदार सफलता के बाद अब इस फिल्म को लेकर भी जबरदस्त उम्मीदें हैं। फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 3 जून 2026 को होगा, जबकि 4 जून 2026 को यह दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

वेब दुनिया 18 May 2026 5:32 pm

क्यों फ्लॉप हुई 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान'? आमिर खान ने सालों बाद खोला राज, शोले से कनेक्शन भी बताया

बॉलीवुड के 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' आमिर खान अपनी फिल्मों और स्क्रिप्ट के चयन को लेकर बेहद संजीदा माने जाते हैं। दंगल, पीके और 3 इडियट्स जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले आमिर खान के करियर में कुछ ऐसी फिल्में भी रहीं, जिन्होंने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा। इन्हीं में से एक थी साल 2018 में आई मेगा-बजट पीरियड एक्शन ड्रामा फिल्म 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान'। अमिताभ बच्चन, कैटरीना कैफ और फातिमा सना शेख जैसे बड़े सितारों से सजी 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई थी। अब सालों बाद आमिर खान ने खुद इस फिल्म की असफलता के पीछे के असली कारणों से पर्दा उठाया है।हाल ही में व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में आयोजित 'स्क्रीन एकेडमी मास्टरक्लास' के दौरान आमिर खान ने सिनेमा, अभिनय और अपने करियर के उतार-चढ़ाव पर चर्चा की। ALSO READ: 50 रुपए में हुई थी आमिर खान की पहली शादी, रीना दत्ता संग भागकर रचाया था ब्याह इसी बातचीत के दौरान जब 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' का जिक्र आया, तो आमिर ने बेहद ईमानदारी से अपनी गलती स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह बाउंस हुई थी और यह उनके पूरे करियर की इकलौती ऐसी फिल्म थी, जहां उन्होंने अपनी ही बनाई एक बुनियादी शर्त को तोड़ दिया था। आमिर खान ने अपने फिल्म चयन के नियम का खुलासा करते हुए कहा, आमतौर पर मैं किसी भी फिल्म को उसके मुख्य किरदार के आधार पर नहीं बल्कि उसकी पूरी कहानी को देखकर चुनता हूं। मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि मेरा किरदार कितना बड़ा है, बल्कि कहानी दमदार होनी चाहिए। उन्होंने कहा, उदाहरण के लिए, जब मैंने 'दंगल' साइन की थी, तो इसलिए नहीं की थी कि महावीर फोगट का किरदार कितना कमाल का है, बल्कि इसलिए कि उसकी पूरी स्क्रिप्ट बेहतरीन थी। लेकिन 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' मेरे करियर का एकमात्र अपवाद थी, जहां मैंने कहानी से ज्यादा अपने किरदार को तवज्जो दी। आमिर ने बताया कि वह फिल्म में अपने धोखेबाज और अविश्वसनीय चरित्र 'फिरंगी' से बेहद आकर्षित थे। उन्होंने कहा, फिरंगी एक ऐसा किरदार था जिस पर कोई भरोसा नहीं कर सकता था। वह कब सच बोल रहा है और कब झूठ, यह समझना मुश्किल था। वह सिर्फ अपने बारे में सोचता था। मुझे उसका यह स्वार्थी और उलझा हुआ अंदाज बेहद दिलचस्प लगा और इसी वजह से मैं फिल्म का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गया। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान' और 'शोले' का दिलचस्प कनेक्शन मास्टरक्लास के दौरान आमिर खान ने फिल्म की बनावट की तुलना 1975 की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'शोले' से करके सबको चौंका दिया। आमिर ने समझाया, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान की कहानी बहुत सामान्य थी। यह मूल रूप से शोले के फॉर्मेट पर ही आधारित थी। जैसे 'शोले' में संजीव कुमार का किरदार 'ठाकुर' अपने परिवार की हत्या का बदला लेना चाहता है और उनकी मदद के लिए जय और वीरू आते हैं। ठीक उसी तरह, 'ठग्स' में ज़ाफिरा (फातिमा सना शेख) का परिवार खत्म हो जाता है और वह बदला लेना चाहती है, जिसकी मदद के लिए फिरंगी (आमिर खान) आगे आता है। आमिर ने आगे कहा, इस फॉर्मूले के हिसाब से देखा जाए तो जय और वीरू फिल्म के हीरो जरूर थे, लेकिन कहानी असल में ठाकुर की थी। उसी प्रकार, ठग्स ऑफ हिंदोस्तान फिरंगी की कहानी नहीं थी, वह तो ज़ाफिरा की कहानी थी। लेकिन प्रस्तुतीकरण में हम संतुलन खो बैठे। फिल्म के फ्लॉप होने का एक और सबसे बड़ा कारण बताते हुए आमिर ने कहा कि जो फिल्म दर्शकों ने सिनेमाघरों में देखी, वह निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य की मूल स्क्रिप्ट थी ही नहीं। आमिर ने कहा, कास्टिंग की समस्याओं के कारण हम लगातार स्क्रिप्ट में बदलाव करते रहे। हमसे यह सबसे बड़ी रचनात्मक भूल हुई। हमें मनमुताबिक कास्टिंग न मिलने पर भी मूल पटकथा से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए थी। यही वजह रही कि फिल्म अपनी दिशा से भटक गई।

वेब दुनिया 18 May 2026 5:14 pm

8 मैच और 7 टीमें लड़ रही है प्लेऑफ के 3 स्थान के लिए, जानिए समीकरण

Indian Premiere League (IPL 2026) के लीग चरण में अब केवल 8 मैच शेष होने के बावजूद प्लेऑफ के लिए 7 टीमें अब भी रेस में बनी हुई हैं। कल पंजाब को हराकर सिर्फ बैंगलोर ने प्लेऑफ में जगह सुनिश्चित की है।जानते हैं कि यह सात टीमें इंडियन प्रीमियर लीग के किस मोड़ पर खड़ी है। आंकड़ों के अनुसार लखनऊ सुपर जायंट्स से मिली हार ने चेन्नई सुपर किंग्स की उम्मीदों को झटका दिया है, लेकिन टीम अब भी अपने आखिरी दो मैच जीतकर 16 अंक तक पहुंच सकती है। यहां तक कि 14 अंक पर भी क्वालिफाई करने की संभावना बनी हुई है। अगर पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स अपने शेष सभी मैच हार जाएं और दिल्ली कैपिटल्स कोलकाता नाइट राइडर्स से हार जाए तो ऐसा हो सकता है। साथ ही केकेआर अपने शेष मैचों में दो से अधिक जीत दर्ज न करे। अगर ऐसा होता है, तो RCB, एसआरएच, जीटी और 14 अंक वाली सीएसके प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी। हालांकि दूसरी ओर 16 अंक भी पर्याप्त नहीं है, क्योंकि चार टीमें अब भी इससे आगे निकल सकती हैं। लगातार पांच जीत के साथ शानदार लय में चल रही जीटी को प्लेऑफ पक्का करने के लिए सिर्फ़ एक जीत चाहिए। कोलकाता जिसने उनका विजय रथ रोका उनसे मिली हार उनको जरूर चुभेगी। अगर जीटी दोनों मैच हार जाती है, तो मामला नेट रन रेट तक जा सकता है। पंजाब किंग्स, सीएसके और आरआर अगर अपने शेष मैच जीत जाएं, तो छह टीमें 16 या उससे ज्यादा अंक पर खत्म कर सकती हैं। 12 मैचों में 14 अंक के साथ एसआरएच को सीधे क्वालिफिकेशन के लिए अपने आख़िरी दोनों मैच जीतने होंगे। हालांकि अगर पंजाब किंग्स और आरआर अपने सभी मैच हार जाएं, तो 14 अंक भी पर्याप्त हो सकते हैं। उस स्थिति में जीटी, आरसीबी, सीएसके और एसआरएच प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी। अगर पंजाब किंग्स एक मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंचती है, तो 14 अंक वाली टीमों के बीच नेट रन रेट निर्णायक होगा। लगातार 6 हार के बाद पंजाब किंग्स 13 अंक पर अटकी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि टीम अब भी 13 अंक के साथ चौथी क्वालिफाई करने वाली टीम बन सकती है। इसके लिए जीटी को अपने दोनों मैच जीतने होंगे, आरआर और सीएसके को बाक़ी सभी मैच हारने होंगे और केकेआर को डीसी को हराकर मुंबई इंडियंस से हारना होगा। ऐसे में आरसीबी, जीटी, एसआरएच और पंजाब किंग्स प्लेऑफ में पहुंच जाएंगी और नेट रन रेट की जरूरत नहीं पड़ेगी। पंजाब किंग्स के लिए आसान रास्ता यह है कि अपना अंतिम मैच जीतकर 15 अंक तक पहुंच जाएं और दूसरे नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा। पिछले 8 मैचों में 6 हार ने RR की स्थिति मुश्किल कर दी है। कुछ हफ़्ते पहले नौ मैचों के बाद टीम 12 अंक के साथ तीसरे स्थान पर थी, लेकिन अब छठवें नंबर पर फिसल चुकी है और बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। अन्य टीमों की तरह आरआर भी 14 अंक पर क्वालिफ़ाई कर सकती है, लेकिन इसके लिए पंजाब किंग्स और सीएसके को अपने बाक़ी सभी मैच हारने होंगे। अगर आरआर अपने 2 मैच जीत लेती है, तो प्लेऑफ़ तय है। उसके बाक़ी मुकाबले निचली चार टीमों के खिलाफ हैं, जिनमें एमआई और एलएसजी जैसी पहले ही बाहर हो चुकी टीमें शामिल हैं। हालांकि इन सभी टीमों ने अपने पिछले मैच जीते हैं। लगातार चार जीत के बाद केकेआर ने वापसी की थी, लेकिन आरसीबी से हार के बाद टीम अधिकतम 15 अंक तक ही पहुंच सकती है। इसका मतलब अब उन्हें दूसरे नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा। समीकरण के हिसाब से जीटी, आरसीबी, एसआरएच, पंजाब किंग्स, आरआर और सीएसके सभी 15 से ज्यादा अंक तक पहुंच सकती हैं। 13 अंक पर भी केकेआर के क्वालिफ़ाई करने की बेहद कम संभावना बनी हुई है, अगर आरसीबी, जीटी और एसआरएच ज्यादातर मैच जीतें और पंजाब किंग्स, आरआर व सीएसके लगातार हारें। तब केकेआर और पंजाब किंग्स के बीच आखिरी प्लेऑफ़ स्थान की लड़ाई हो सकती है। केकेआर के बाक़ी तीनों मैच घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स में हैं, लेकिन इस सीजन टीम ने वहां चार मैचों में सिर्फ़ एक जीत हासिल की है। पंजाब किंग्स और राजस्थान के ख़िलाफ जीत ने डीसी को रेस में बनाए रखा है। समीकरण साफ़ है। टीम को अपने आख़िरी दोनों मैच बड़े अंतर से जीतने होंगे ताकि वह 14 अंक तक पहुंचे और फिर दूसरे नतीजों का इंतजार करना होगा। हालांकि उनका नेट रन रेट -0.993 है, जो सभी टीमों में सबसे ख़राब है और यही उनकी सबसे बड़ी चिंता है। डीसी लीग चरण का आख़िरी मैच 24 मई को इडेन गार्डन्स में केकेआर के खिलाफ खेलेगी। अगर उस समय तक इनमें से कोई भी टीम रेस में बची रहती है, तो अगले कुछ दिन आईपीएल में कई बड़े उलटफेर लेकर सकते हैं।

वेब दुनिया 18 May 2026 5:10 pm

3rd Bada Mangal 2026: तीसरे बड़े मंगल पर राशि अनुसार करें ये 12 उपाय, बजरंगबली दूर करेंगे हर संकट

Hanuman worship Bada Mangal: तीसरा बड़ा मंगल हिंदू पंचांग में एक विशेष और अत्यंत शुभ दिन माना जाता है। इसे मंगलवार के दिन आने के कारण विशेष महत्व प्राप्त होता है। इस दिन भक्त विशेष रूप से मंगल देव की पूजा, हनुमान जी की प्रार्थना और व्रत करते हैं। तीसरा बड़ा मंगल मुख्य रूप से विपत्ति और बाधाओं को दूर करने, परिवार में सुख-समृद्धि लाने और करियर में उन्नति प्राप्त करने के लिए जाना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, इस दिन किए गए धार्मिक कर्मों और उपायों से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। यहां जानें राशिनुसार उपाय मेष (Aries) लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें। हनुमान चालीसा का पाठ करें। वृषभ (Taurus) सफेद मिठाई और चमेली का तेल अर्पित करें। बजरंग बाण का पाठ करें। मिथुन (Gemini) हरी इलायची या हरे फल चढ़ाएं। सुंदरकांड का पाठ करें। कर्क (Cancer) दूध से बनी मिठाई और चावल चढ़ाएं। सिंदूर अर्पित करें। सिंह (Leo) लाल वस्त्र और गुलाब के फूल अर्पित करें। राम नाम का जप करें। कन्या (Virgo) तुलसी पत्र और हरी मूंग चढ़ाएं। संकटमोचन स्तोत्र का पाठ करें। तुला (Libra) सुगंधित फूल और खीर चढ़ाएं। हनुमान अष्टक का पाठ करें। वृश्चिक (Scorpio) लाल चंदन और बूंदी का भोग लगाएं बजरंग बाण का पाठ करें। धनु (Sagittarius) केसर और बेसन के लड्डू चढ़ाएं। सुंदरकांड का पाठ करें। मकर (Capricorn) तिल के लड्डू और सरसों का तेल अर्पित करें। हनुमान चालीसा पढ़ें कुंभ (Aquarius) नीले फूल और उड़द दाल चढ़ाएं। हनुमान मंत्रों का जाप करें। मीन (Pisces) पीले फूल और केले का भोग अर्पित करें। राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। पूजन और उपाय के सामान्य नियम 1. सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहनें 2. हनुमान जी को सिंदूर, तेल और लाल फूल अर्पित करें। 3. हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें। 4. दान करें। और प्रसाद गरीबों में बांटें विशेष: इस दिन की गई भक्ति से हनुमान जी की कृपा सदैव बनी रहती है और जीवन में हर प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अस्वीकरण (Disclaimer): चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

वेब दुनिया 18 May 2026 5:08 pm

बांग्लादेश में डांस परफॉर्म करती महिला का वीडियो सांसद सायोनी घोष का बताकर वायरल

बूम ने पाया कि मंच पर डांस करती महिला टीएमसी सांसद सायोनी घोष नहीं बल्कि बांग्लादेश की डांसर मेघा क्वीन हैं.

बूमलाइव 18 May 2026 5:04 pm

चेन्नई और राजस्थान की रन रेट समान फिर भी चेन्नई क्यों आगे?

CSKvsRR चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में 12 मैचों में 6 जीत और 6 हार के साथ .027 की रन रेट के साथ समान स्थिति में खड़े है। फिर भी जब कल राजस्थान दिल्ली से मैच हारी तो चेन्नई को अंकतालिका में राजस्थान से ऊपर दिखाया गया।यानि कि चेन्नई पांचवे पायदान पर खड़ी थी और राजस्थान छठवें पायदान पर। लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कि जब दोनों टीमों की रैंकिंग एक ही है तो कोई एक टीम आगे और पीछे हो जाए। दरअसल किसी भी वेबसाइट या टीवी पर दोनों की रन रेट समान दिखाई जा रही है लेकिन चेन्नई की रनरेट राजस्थान से थोड़ी ही बेहतर है। चेन्नई की रनरेट (+0.02727 है जबकि राजस्थान की रनरेट (+0.02699) है। इन दोनों ही टीमों की रनरेट में महीन सा अंतर है। अगर कहीं दोनों टीमों की रनरेट समान हो जाती है तो ऐसे निर्णय लिया जाता है। सबसे ज़्यादा विकेट: वह टीम जिसने पूरे सीज़न में हर फेयर बॉल पर सबसे ज़्यादा विकेट लिए हों। आमने सामने का मुकाबला: अगर फिर भी टाई रहता है, तो दोनों टीमों के बीच हेड-टू-हेड मैचों का विजेता ऊपर की जगह लेता है। लॉटरी: अगर सीज़न के आखिर में सभी स्टैटिस्टिकल कैटेगरी बिल्कुल एक जैसी रहती हैं, तो आखिरी पोजीशन लॉटरी से तय की जाती हैं।

वेब दुनिया 18 May 2026 3:07 pm

पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में करें ये 5 काम, धन-दौलत और सुख-समृद्धि की होगी वर्षा

पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस पवित्र महीने में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कभी नष्ट नहीं होता। यदि इस मास में भक्ति के साथ-साथ कुछ विशेष ज्योतिषीय और शास्त्रों में बताए गए उपाय किए जाएं, तो माँ लक्ष्मी और भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं, जिससे जीवन में आर्थिक तंगी दूर होती है और अपार धन की प्राप्ति होती है। यदि आप पुरुषोत्तम मास में समृद्ध होना चाहते हैं, तो ये 5 कार्य विशेष रूप से करें। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: इस पवित्र महीने में इन तीर्थों की यात्रा से मिलेगा कई जन्मों का पुण्यफल 1. तुलसी जी के सामने घी का दीपक और परिक्रमा तुलसी: तुलसी जी को भगवान विष्णु की सबसे प्रिय माना गया है। पुरुषोत्तम मास में हर शाम तुलसी के पौधे के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं। विशेष लाभ के लिए: दीपक जलाने के बाद तुलसी जी की ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए 11 या 21 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। 2. पीपल के वृक्ष में जल और दीपदान पीपल: पीपल के पेड़ में त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का वास माना जाता है, और भगवान कृष्ण ने गीता में स्वयं को वृक्षों में पीपल कहा है। कैसे करें: पुरुषोत्तम मास में प्रतिदिन सुबह पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित जल अर्पित करें और शाम के समय सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं। इससे पितृ दोष शांत होता है और धन आगमन के नए रास्ते खुलते हैं। ALSO READ: 3 वर्ष बाद आई हैं पुरुषोत्तम मास की ये 2 दुर्लभ एकादशियां, व्रत रखना न भूलें 3. शंख और पीले अनाज का उपाय (महालक्ष्मी योग) पीला रंग: भगवान विष्णु को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इस महीने के किसी भी गुरुवार या एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंदिर में पीले रंग के वस्त्र, पीले फल, चने की दाल या केसर अर्पित करें। अचूक उपाय: यदि घर की तिजोरी में दक्षिणवर्ती शंख की स्थापना कर उसमें गुलाब जल भरकर नियमित रूप से पूजन किया जाए, तो कर्ज से मुक्ति मिलती है और रुका हुआ धन वापस आता है। 4. मालपुए का भोग और दान (अक्षय पुण्य) मालपुए: पुरुषोत्तम मास में मालपुए का दान करने का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। इस महीने में भगवान पुरुषोत्तम को 33 मालपुओं का भोग लगाने और फिर उन्हें कांसे के पात्र में रखकर किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को दान करने का विधान है। ऐसा करने से जातक को अक्षय धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास 2026: कौन से मंत्र, पाठ और चालीसा दिलाते हैं अपार पुण्य और सुख-समृद्धि? 5. पवित्र नदियों या देवालयों में दीपदान दीपदान: इस पूरे महीने शाम के समय किसी पवित्र नदी के तट पर, मंदिर में, या घर के मुख्य द्वार पर दीपदान (दीपक जलाना) करने से भाग्य चमक उठता है। यदि आर्थिक स्थिति खराब चल रही हो, तो पुरुषोत्तम मास में नियमित रूप से शाम को घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में गाय के घी का दीया जलाएं, जिसमें थोड़ी सी हल्दी या केसर पड़ी हो। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा एक छोटा सा मंत्र: इस पूरे महीने उठते-बैठते मन ही मन ओम भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ओम भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरूजा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि। (धन प्राप्ति का विष्णु मंत्र) या साधारण ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जप अवश्य करते रहें।

वेब दुनिया 18 May 2026 3:02 pm

देशभर में तबाही मचाने आ रही NTRNeel की पहली झलक, 19 मई को रात 11:52 बजे होगा धमाका

NTRNeel इस वक्त इंडियन सिनेमा की सबसे मोस्ट अवेटेड फिल्मों में से एक बनी हुई है। यह फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े नामों मैन ऑफ द मासेस NTR और विजनरी फिल्ममेकर प्रशांत नील को साथ ला रही है। एक ग्रैंड सिनेमैटिक स्पेक्टेकल के तौर पर देखी जा रही यह फिल्म बड़े पर्दे के एंटरटेनमेंट को नए लेवल पर ले जाने वाली मानी जा रही है। लगातार बढ़ती एक्साइटमेंट के बीच अब फिल्म की पहली झलक 19 मई रात 11:52 बजे रिलीज होने जा रही है। मिडनाइट से ठीक 8 मिनट पहले NTRNeel की मोस्ट अवेटेड पहली झलक रिलीज की जाएगी। इसके साथ ही 20 मई को आने वाला NTR का बर्थडे फैंस के लिए डबल सेलिब्रेशन बन जाएगा। 20.5937 N, 78.9629 E A nationwide destruction protocol begins T-MINUS 08 May 19 • 23:52 IST #NTRNeel First Glimpse strikes in selected theatres & digitally — #NTRNeel (@NTRNeelFilm) May 18, 2026 मेकर्स ने सोशल मीडिया पर फर्स्ट ग्लिम्प्स के रिलीज टाइम की अनाउंसमेंट करते हुए लिखा, 20.5937 N, 78.9629 E, पूरे देश में तबाही का प्रोटोकॉल शुरू होने वाला है। T-MINUS 08. 19 मई रात 11:52 बजे IST. #NTRNeel की पहली झलक चुनिंदा थिएटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर धमाका करने आ रही है। ALSO READ: अनन्या पांडे-लक्ष्य की 'चांद मेरा दिल' पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 1 मिनट लंबे लिपलॉक को किया ट्रिम अनाउंसमेंट के बाद से ही इस फिल्म को लेकर जबरदस्त बज बना हुआ है और फैंस हर नए अपडेट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडस्ट्री के दो बड़े पावरहाउस नामों के साथ आने से NTRNeel अब सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में शामिल हो चुकी है। ऑडियंस भी इस मेगा कोलैबोरेशन को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेहद एक्साइटेड है। प्रशांत नील के निर्देशन में बन रही NTRNeel में NTR लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म को माइथ्री मूवी मेकर्स और NTR आर्ट्स के बैनर तले बनाया जा रहा है।

वेब दुनिया 18 May 2026 2:49 pm

दुल्हन की मौत के बाद पूरे इंदौर में हल्दी की सैंपलिंग, मैंगो शेक, बर्फ के गोले में भी गोलमाल, जांच के लिए सैंपल भेजे

इंदौर में नकली खाद्य सामग्री का ग्राफ लगातार बढता जा रहा है। खाने वाले पदार्थों के साथ ही अब इस्‍तेमाल करने वाली चीजों में भी जहर घुलने लगा है। हाल ही में शादी में इस्‍तेमाल की गई हल्‍दी के रिएक्‍शन की वजह से एक दुल्‍हन की मौत हो गई। प्रशासन भी इन घटनाओं के बाद जाग रहा है। दुल्‍हन की मौत के बाद शहर में जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की नींद खुली है। विभाग ने सनावदिया, मालवा मिल, मांगलिया और मूसाखेड़ी के हाट बाजारों में हल्दी की सैंपलिंग कर जांच की कार्रवाई शुरू की है। वहीं कई जगहों पर बर्फ के गोले में भी नकली रंग मिलाने की शक में नमुने लिए गए हैं। इन सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। एक्‍शन मोड में खाद्य विभाग : इस घटना को देखते हुए खाद्य सुरक्षा प्रशासन इंदौर ने विशेष अभियान चलाया है। ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर पेय पदार्थों और खुले बाजारों में बिकने वाले विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने शहर के कई प्रमुख प्रतिष्ठानों और साप्ताहिक हाट बाजारों में औचक निरीक्षण और जांच की कार्रवाई को अंजाम दिया। हाट बाजारों में हल्दी के सेंपल लिए : हाट बाजारों में बेची जा रही हल्दी की शुद्धता की बारीकी से जांच के निर्देश के बाद कार्रवाई शुरू की गई है। टीम ने सनावदिया हाट बाजार पहुंचकर वहां बिक रही हल्दी की प्रारंभिक जांच की। इसके साथ ही मालवा मिल क्षेत्र तथा उसके आसपास के हाट बाजार इलाकों में भी हल्दी की शुद्धता जांची गई। इससे पहले प्रशासन की टीम मांगलिया हाट और मुसाखेड़ी क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई कर चुकी है। सेंपल जांच के लिए भेजे : हालांकि प्रारंभिक जांच में किसी भी तरह की मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पूरी तरह आश्वस्त होने के लिए हल्दी के नमूने एकत्र कर उन्हें विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता है। खुले बाजारों और मौसमी खाद्य सामग्रियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए यह सैंपलिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। यहां भी छापामार कार्रवाई : हल्दी के साथ-साथ विभाग ने अन्य खाद्य और पेय पदार्थों की भी जांच की है। इसी कड़ी में खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने स्नेहलतागंज में स्थित गुजरात रस नामक प्रतिष्ठान पर छापा मारा। निरीक्षण के समय वहां निर्माता राजेंद्र पटेल मौजूद मिले। जांच के दौरान वहां मैंगो शेक का निर्माण और विक्रय होते हुए पाया गया। अधिकारियों ने मौके से दो मैंगो शेक, शक्कर और खाद्य रंग के कुल चार नमूने जांच के लिए जब्त किए। इसके अतिरिक्त, निरीक्षण में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के खाद्य पंजीयन में दुकान का पता व्यवस्थित और स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं था। इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने आगामी आदेश तक वहां निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है। आमरस भंडार पर कार्रवाई : प्रशासनिक टीम ने इसके बाद चिमन बाग चौराहा स्थित योगी आमरस भंडार का निरीक्षण किया। मौके पर प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर चंद्रहास पटेल व्यवसाय का संचालन करते हुए पाए गए। जांच के दौरान दुकान पर मैंगो शेक का विक्रय किया जा रहा था। जब अधिकारियों ने दस्तावेजों की मांग की, तो मौके पर प्रतिष्ठान का कोई भी वैध खाद्य पंजीयन उपलब्ध नहीं मिला। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मैंगो शेक और उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य रंग के कुल दो नमूने जांच के लिए एकत्र किए। संबंधित खाद्य श्रेणी के लिए वैध फूड लाइसेंस न होने के कारण प्रशासन ने वैध पंजीयन प्राप्त होने तक उक्त खाद्य कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया है। Edited By: Naveen R Rangiyal

वेब दुनिया 18 May 2026 2:42 pm

अनन्या पांडे-लक्ष्य की 'चांद मेरा दिल' पर चली सेंसर बोर्ड की कैंची, 1 मिनट लंबे लिपलॉक को किया ट्रिम

बॉलीवुड एक्ट्रेस अनन्या पांडे और लक्ष्य की फिल्म 'चांद मेरा दिल' का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी यह फिल्म 22 मई को रिलीज होने जा रही है। फिल्म का ट्रेलर जब से आउट हुआ है, दर्शकों के बीच इस नई जोड़ी को देखने की उत्सुकता सातवें आसमान पर है। इसी बीच फिल्म की रिलीज से ठीक पहले इसे लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म पर अपनी कैंची चला दी है। सेंसर बोर्ड ने अनन्या पांडे और लक्ष्य की इस लव स्टोरी को काफी बारीकी से देखा और इसे U/A 16+ सर्टिफिकेट के साथ हरी झंडी दी है। सर्टिफिकेट देने के साथ ही बोर्ड ने फिल्म के कुछ इंटीमेट सीन्स पर आपत्ति जताई और मेकर्स को उन्हें हटाने का निर्देश दिया। खबरों के अनुसार, बोर्ड ने फिल्म से एक 10 सेकंड के किसिंग सीन को पूरी तरह से हटाने या बदलने के लिए कहा है। इसके अलावा, एक और लंबा लिप-लॉक सीन, जो करीब 1 मिनट और 26 सेकंड का था, उसे भी ट्रिम करने का आदेश दिया गया है। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें सेंसर बोर्ड का मानना था कि फिल्म की 'UA' कैटेगरी को बनाए रखने के लिए इन सीन्स की लंबाई को कम करना जरूरी था। सेंसर बोर्ड ने सिर्फ सीन्स पर ही कैंची नहीं चलाई, बल्कि फिल्म से जुड़े नियमों का पालन करने के लिए भी मेकर्स को निर्देश दिए हैं। सेंसर गाइडलाइंस के तहत मेकर्स से कहा गया है कि फिल्म में जितने भी बाल कलाकारों ने काम किया है, उनके माता-पिता या कानूनी संरक्षकों की तरफ से आधिकारिक सहमति पत्र और जरूरी दस्तावेज बोर्ड के सामने प्रस्तुत किए जाएं। सेंसर बोर्ड के इन कट्स और बदलावों के बाद अब फिल्म की कुल लंबाई यानी रनटाइम भी सामने आ चुका है। 'चांद मेरा दिल' का कुल रनटाइम 135 मिनट और 36 सेकंड तय किया गया है। यानी दर्शकों को सिनेमाघरों में 2 घंटे 15 मिनट और 36 सेकंड की एक बेहतरीन और भावुक कर देने वाली प्रेम कहानी देखने को मिलेगी। 'चांद मेरा दिल' का निर्देशन विवेक सोनी ने किया है। फिल्म में अनन्या पांडे के किरदार का नाम 'चांदनी' है और लक्ष्य लालवानी 'आरव' की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 22 मई को देश-दुनिया के सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

वेब दुनिया 18 May 2026 1:13 pm

बूंद- बूंद को तरसा इंदौर, कई कॉलोनियों में जल संकट, गुस्‍साए विधायक महेंद्र हार्डिया, कहा- रोज महापौर के घर जाकर बैठूंगा

इंदौर में पानी का संकट गहराता जा रहा है। कई कॉलोनियों में लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। उस पर टैंकर वाले मनमानी कर रहे हैं। लोगों को समस्या से जूझता हुआ देख कांग्रेस का शासन पर गुस्‍सा फूट पड़ा है। हाल ही में कांग्रेस ने मटके फोडकर जमकर प्रदर्शन किया था। अब जल संकट से नाराज क्षेत्रीय विधायक महेंद्र हार्डिया मेयर की मौजूदगी में एक कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए। पांच नंबर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड-41 में जल संकट की परेशानी देखने पहुंचे विधायक महेंद्र हार्डिया भी जलसंकट को लेकर जमकर नाराज हुए। कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी मौजूद थे, लेकिन हालात देखकर विधायक बीच कार्यक्रम से ही लौट गए। महेंद्र हार्डिया ने कहा कि पहले कभी शहर में जलसंकट के ऐसे हालात नहीं बने। टंकियां खाली रहती हैं और टैंकर भी समय पर नहीं पहुंचते। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे रोज महापौर निवास जाकर बैठेंगे। नहीं भर पा रही टंकियां : शहर की पानी की टंकियां पूरी क्षमता से नहीं भर पा रही हैं, जिसके कारण कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है। स्थिति यह है कि पांच से छह मीटर क्षमता वाली टंकियां केवल दो से तीन मीटर तक ही भर रही हैं। इसका सीधा असर घरों तक पहुंचने वाले पानी पर पड़ रहा है और नलों में बेहद कम पानी आ रहा है। पानी की समस्या से परेशान होकर वीणा नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों का गुस्सा सोमवार सुबह सड़कों पर फूट पड़ा। मटके लेकर सड़कों पर उतरे लोग : पानी नहीं मिलने से नाराज बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग खाली मटके और बर्तन लेकर सड़क पर उतर आए। लोगों ने पहले खाली मटके फोड़े और फिर सड़क पर बैठकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इलाके में न तो नियमित रूप से नलों में पानी आ रहा है और न ही टैंकरों के जरिए पर्याप्त जल वितरण किया जा रहा है। कांग्रेस नेता अमित पटेल और पार्षद राजू भदौरिया के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं बस्ती से निकलकर सड़क पर बैठ गईं और वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। कई बार की पानी की शिकायत : चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘महापौर पानी दो, पानी दो’ के नारे लगाते रहे। रहवासियों ने आरोप लगाया कि वे पहले भी कई बार अधिकारियों से पानी की समस्या की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना था कि मजबूरी में उन्हें सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा। दो दिन से नहीं नर्मदा के नल : बता दें कि पिछले दो दिनों से कई इलाकों में नर्मदा लाइन के नल भी नहीं आ रहे हैं। स्‍कीम नंबर 54, विजय नगर और आसपास के इलाकों में पानी नहीं मिल रहा है। लोग अब टैंकर की राह तक रहे हैं। लेकिन टैंकर वाले भी जमकर वेटिंग में हैं। कोई फोन नहीं उठा रहा है, जिन इलाकों में टैंकर जा रहे हैं वहां 1 हजार रुपए तक प्रति टैंकर वसूले जा रहे हैं। निगम की नाकामी का नतीजा : बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कहा था कि निगम की नाकामियों के कारण आज पूरा शहर भीषण जल संकट के दौर से गुजर रहा है। चौकसे के अनुसार शहर की लगभग आधी आबादी तक नर्मदा का पानी आज भी नहीं पहुंच पा रहा है। जिन इलाकों में पाइपलाइन मौजूद है और पानी की सप्लाई हो भी रही है, वहां भी स्थिति बेहद खराब है। 27 साल बाद भी जस की तस स्‍थिति : कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि नगर निगम में भाजपा के पिछले 27 वर्षों के निरंतर शासन के बाद भी शहर के प्रत्येक नागरिक तक नर्मदा का जल पहुंचाने की बुनियादी व्यवस्था क्यों नहीं की जा सकी। चिंटू चौकसे ने पूर्व के दावों की याद दिलाते हुए कहा कि जब नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण की शुरुआत की गई थी, तब प्रशासन और सत्ताधारी दल द्वारा यह बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि यह परियोजना साल 2040 तक की अनुमानित आबादी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में पूरी तरह सक्षम रहेगी। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है और वर्तमान में साल 2026 की आबादी को भी दैनिक उपयोग के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे सारे दावों की पोल खुल गई है। टैंकर वाले कर रहे मनमानी : एक तरफ पानी की मार झेल रहे आम लोगों को टैंकर माफिया का भी शिकार होना पड रहा है। पहले से पानी के टैंकर मिल नहीं रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टैंकर वाले मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। छोटे टैंकर के 800 से ज्‍यादा वूसल किए जा रहे हैं। जबकि बडे टैंकर के बदले 1 हजार रुपए और 1200 की वसूली की जा रही है। रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

वेब दुनिया 18 May 2026 12:58 pm

Numerology Horoscope 2026: साप्ताहिक अंक राशिफल (18 से 24 मई), आपके अंक बता रहे हैं भविष्य की दिशा

ank jyotish saptahik rashiphal 2026: इस हफ्ते का अंक राशिफल आपके लिए सिर्फ भविष्य की जानकारी नहीं है, बल्कि यह अपने निर्णयों और कार्यों में संतुलन लाने का मार्गदर्शन भी है। सही समय पर सही कदम उठाने से आप न केवल मानसिक शांति पा सकते हैं, बल्कि आर्थिक और व्यक्तिगत लाभ भी सुनिश्चित कर सकते हैं। तो चलिए, जानते हैं 18-24 मई 2026 के सप्ताह भर के अंक संकेत, जो आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। साप्ताहिक अंक राशिफल: 18-24 मई 2026 मूलांक 1 (जन्म दिनांक 1, 10, 19, 28) इस सप्ताह कार्यस्थल पर आपका वर्चस्व बढ़ेगा और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आपको कोई नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी तथा निवेश से लाभ होने के योग हैं। सिरदर्द या आंखों में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें। पिता या पितातुल्य व्यक्ति से लाभ होगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बना रहेगा। उपाय: स्नान के जल में आंकड़े की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (18 से 24 मई): जानें इस हफ्ते आपके सितारे क्या कहते हैं? मूलांक 2 (जन्म दिनांक 2, 11, 20, 29) इस सप्ताह आपको टीम वर्क वाले कार्यों में सफलता मिलेगी। यदि आप कला, लेखन या शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं, तो कोई नई उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। आय स्थिर रहेगी, लेकिन अचानक होने वाली यात्राओं के कारण खर्च बढ़ सकते हैं। माता के साथ संबंधों में मधुरता आएगी और पुराने मित्रों से मुलाकात संभव है। मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या हो सकती है, इसलिए पर्याप्त नींद लें। जीवनसाथी के साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ेगा। उपाय: स्नान के जल में पलाश की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 3 (जन्म दिनांक 3, 12, 21, 30) इस सप्ताह आप अपने अनुभव से जटिल कार्यों को भी आसानी से पूरा कर पाएंगे। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। खान-पान पर नियंत्रण रखें, पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आपसी रिश्ते अच्छे रहेंगे। उपाय: स्नान के जल में पीपल की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 4 (जन्म दिनांक 4, 13, 22, 31) यह सप्ताह आपके लिए उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं या अचानक धन लाभ हो सकता है। हालांकि, जोखिम भरे निवेश से बचें। मानसिक तनाव और जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है। अपने विचारों को स्पष्ट रखें, अन्यथा रिश्तों में गलतफहमी उत्पन्न हो सकती है। उपाय: स्नान के जल में दूर्वा डालकर स्नान करें। मूलांक 5 (जन्म दिनांक 5, 14, 23) इस सप्ताह आपको कम मेहनत में अधिक लाभ मिलने के योग हैं। कमीशन आधारित कार्यों में विशेष फायदा होगा। व्यापार में कोई बड़ा सौदा हो सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी और यात्राएं लाभकारी सिद्ध होंगी। त्वचा संबंधी एलर्जी या गले में खराश हो सकती है। रिश्तों में प्रगाढ़ता आएगी। उपाय: स्नान के जल में अपामार्ग (चिरचिटा या लटजीरा) की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 6 (जन्म दिनांक 6, 15, 24) तड़क-भड़क, शानो-शौकत या ग्लैमर (वैभवशाली) वस्तुओं का व्यवसाय करने वालों अथवा इस क्षेत्र में कार्य करने वाले जातकों के लिए यह सप्ताह उत्तम रहेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन विलासिता की वस्तुओं पर खर्च हो सकता है। मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित व्यक्ति सावधानी रखें। रिश्तों में आकर्षण बढ़ेगा और जीवनसाथी के साथ आउटिंग पर जा सकते हैं। उपाय: स्नान के जल में उदुम्बर (गूलर) की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 7 (जन्म दिनांक 7, 16, 25) इस सप्ताह शोध, ज्योतिष या आध्यात्मिक कार्यों में आपका मन लगेगा। यह समय आपके आत्मचिंतन और आध्यात्मिकता का है, जिससे आपको अपने भीतर चल रहे अंतर्द्वंद्व से बाहर निकलने का रास्ता मिल सकता है। आपको अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहने की ज़रूरत है। आय सामान्य रहेगी। मानसिक तनाव और चिंता आप पर हावी हो सकती है, इसलिए पर्याप्त नींद लें और ध्यान (Meditation) करें। जीवनसाथी से संवाद बनाए रखें। उपाय: स्नान के जल में कुशा डालकर स्नान करें। मूलांक 8 (जन्म दिनांक 8, 17, 26) इस सप्ताह लोहे, मशीनरी या रियल एस्टेट के कार्यों में गति आएगी और आपकी मेहनत रंग लाएगी। आय की गति थोड़ी धीमी रहने की संभावना है, लेकिन पुराने निवेशों से लाभ मिल सकता है। जोड़ों के दर्द या पैरों में चोट लगने की आशंका है, इसलिए वाहन सावधानी से चलाएं। रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें। उपाय: स्नान के जल में शमी की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। मूलांक 9 (जन्म दिनांक 9, 18, 27) इस सप्ताह आपको कोई शासकीय (सरकारी) कार्य करने का अवसर मिल सकता है। भाई-बहनों के सहयोग से आर्थिक लाभ होगा। जल्दबाजी में कोई भी कार्य करने से बचें। रक्त विकार या हाई ब्लड प्रेशर के रोगी स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें। रिश्तों में गर्मजोशी बनी रहेगी। उपाय: स्नान के जल में खैर की लकड़ी या पत्तियां डालकर स्नान करें। अस्वीकरण (Disclaimer): अंकज्योतिष द्वारा बताई गई भविष्यवाणियाँ केवल संभावित रुझानों का संकेत देती हैं। यह राशिफल मूलांक के आधार पर किया गया एक सामान्य पूर्वानुमान है, जिसमें व्यक्तिगत कुंडली या परिस्थितियों के अनुसार परिवर्तन संभव है। अधिक व सटीक जानकारी के लिए किसी अनुभवी अंकज्योतिषी से संपर्क करें।

वेब दुनिया 18 May 2026 12:42 pm

यूट्यूबर अनुराग डोभाल का 'साम्राज्य' हुआ खाली, आर्थिक तंगी की वजह से बेचना पड़ा 10 करोड़ का बाइक कलेक्शन

मशहूर मोटोव्लॉगर और रियलिटी शो 'बिग बॉस' फेम अनुराग डोभाल, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'The UK07 Rider' के नाम से जाना जाता है, इस वक्त अपनी जिंदगी के सबसे कठिन और चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। कभी लग्जरी कारों और करोड़ों की सुपरबाइक्स से सजे रहने वाले अनुराग का गैराज आज पूरी तरह खाली हो चुका है। हाल ही में अपने यूट्यूब व्लॉग में अनुराग ने बेहद भावुक होकर खुलासा किया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्हें अपना लगभग 10 करोड़ रुपए का ड्रीम बाइक कलेक्शन बेचना पड़ा है। अनुराग ने अपना खाली पड़ा हुआ गैराज भी फैंस को दिखाया। खाली गैराज देखकर अनुराग काफी इमोशनल होते दिखाई दिए। अपने होमटाउन देहरादून पहुंचे अनुराग डोभाल ने अपने उस आलीशान गैराज का दौरा किया, जिसे उन्होंने कभी अपनी पसंदीदा बाइक्स को रखने के लिए बेहद चाव से बनवाया था। खाली पड़े गैराज को देखकर अनुराग अपने आंसू नहीं रोक पाए। अनुराग ने कहा, जो साम्राज्य हमने मिलकर खड़ा किया था, आज वो पूरी तरह खाली हो चुका है। पिछले साल हमें अपनी लगभग सभी बाइकें बेचनी पड़ीं। अब हमारे पास सिर्फ दो बाइकें बची हैं। ALSO READ: फिटनेस अवतार में नजर आए सलमान खान, सुपरस्टार फ्लॉन्ट करते दिखे रिप्ड एब्स उन्होंने कहा, मैं रोजाना आर्थिक तंगी और मानसिक अस्थिरता से जूझ रहा था, और मुझे पैसों की सख्त जरूरत थी। उस मुश्किल दौर में मैंने खुद को कैसे संभाला, यह सिर्फ मेरा दिल ही जानता है। जब एक-एक करके मेरी सारी बाइकें बिकीं, तो मुझे बहुत गहरा दुख हुआ। अनुराग ने यह भी बताया कि वह गैराज की प्रॉपर्टी उनके नाम पर नहीं थी, जिसके कारण वहां की बिजली भी काट दी गई थी और अंततः उन्हें वह जगह खाली करनी पड़ी। अनुराग डोभाल की मुश्किलें सिर्फ आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं थीं। मार्च के महीने में उन्होंने अपने परिवार और भाई पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था। अनुराग का कहना था कि उनकी पत्नी रीतिका के साथ उनके अंतरधार्मिक विवाह के कारण परिवार ने उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। A post shared by The UK07 Rider (@anurag_dobhal) इसी मानसिक तनाव के चलते मार्च में एक इंस्टाग्राम लाइव सेशन के दौरान अनुराग ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर अपनी तेज रफ्तार कार से डराने वाला एक्सीडेंट कर दिया था। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा था। अपने नए व्लॉग में अनुराग ने बताया कि वह अभी भी उस एक्सीडेंट की चोटों से उबर रहे हैं। उनके पैरों में इतनी ताकत नहीं है कि वह बची हुई दो बाइकों का वजन संभाल सकें, इसलिए वह चाहकर भी अभी राइडिंग नहीं कर पा रहे हैं। तमाम विवादों, एक्सीडेंट और आर्थिक कंगाली के बीच अनुराग की जिंदगी में उम्मीद की एक नई किरण भी आई है। 27 मार्च को अनुराग और उनकी पत्नी रीतिका ने अपने पहले बच्चे का दुनिया में स्वागत किया। अस्पताल में नवजात बेटे को गोद में लिए हुए अनुराग ने एक तस्वीर साझा कर लिखा था— दूसरा जन्म मेरे बच्चे के लिए।

वेब दुनिया 18 May 2026 11:00 am

क्या भारत-पाकिस्तान में फिर दोस्ती होने वाली है:4 देशों में बैकचैनल मीटिंग्स; कोशिशों के पीछे असली वजह और इसका असर क्या होगा

14 मई, 2026, इस्लामाबाद। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की रेगुलर प्रेस ब्रीफिंग चल रही थी। एक पत्रकार ने प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से पूछा- क्या भारत और पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत हो रही है? अंद्राबी बोले- अगर मैं टिप्पणी करूंगा, तो वो बैकचैनल नहीं रहेगा। इधर भारत में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS के नंबर-2 नेता दत्तात्रेय होसबाले ने कहा- पाकिस्तान के साथ बातचीत के दरवाजे बंद नहीं होने चाहिए। पूर्व आर्मी चीफ जनरल एम. एम. नरवणे भी बोले- सीमा के दोनों तरफ आम लोग रहते हैं, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। क्या वाकई भारत-पाकिस्तान के बीच बैकचैनल बातचीत चल रही है, ये भारत की रणनीति है या मजबूरी और इसका क्या असर पड़ेगा; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अंकलेश विश्वकर्मा ------ ये स्टोरी भी पढ़िए... आंख मूंदकर टारगेट तक पहुंच सकते थे आतंकी:26/11 मुंबई हमलों की इतनी परफेक्ट प्लानिंग कैसे हुई; 5 जगह रोकी जा सकती थी तबाही 22 नवंबर 2008। पाकिस्तान के कराची का समुद्री किनारा। 10 आतंकियों को दो-दो के 5 जोड़े में बांटा गया और सभी जोड़ों को 10,800 भारतीय रुपए और एक भारतीय मोबाइल फोन दिया गया। हाथ में कलावा बांधे सभी आतंकियों को एक छोटी नाव में बिठाकर अलविदा कह दिया गया। उनकी मंजिल थी मुंबई और मकसद जब तक जान रहे लोगों को मारते रहना। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 18 May 2026 5:14 am

अंग, बंग, कलिंग समेत 22 राज्यों में बीजेपी सरकार:अब केरलम समेत दक्षिण भी जीतने की तैयारी; जानिए 10 साल का पूरा रोडमैप

2013 में बीजेपी की सरकार 7 राज्यों में थी, आज 22 राज्यों में है। उत्तर, पश्चिम, पूर्व और पूर्वोत्तर… एक-एक कर बीजेपी ने सब जीत लिए। अब बची है दक्षिण की दीवार। कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगले 2-3 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ये किला भी फतेह कर सकती है। लेकिन कैसे? क्या बाकी राज्यों वाला फॉर्मूला दक्षिण में भी काम करेगा? भास्कर एक्सप्लेनर में पूरी कहानी… फैक्टर-1: जमीन पर RSS राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS और उससे जुड़े विद्यार्थी परिषद यानी ABVP, सेवा भारती, वनवासी कल्याण आश्रम वगैरह पहले से ही बीजेपी के लिए जमीन तैयार करते है। जैसे- फैक्टर-2: वोट शेयर की धीमी चढ़ाई बीजेपी सीधे सत्ता के बजाय, पहले विपक्ष या दूसरे नंबर की रणनीति पर चलती है और वोट शेयर बढ़ाती है… फैक्टर-3ः हिंदुत्व + लोकल जातीय समीकरण बीजेपी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के कॉमन एजेंडे के साथ लोकल जातियों और कल्चर के समीकरण को साधती है… फैक्टर-4ः विपक्ष के नाराज लोगों को अपनाना जिस नेता को कांग्रेस, बीजेडी, टीएमसी जैसे विपक्षी दलों ने दरकिनार किया, बीजेपी ने उसे अपने साथ लिया और वैक्यूम भरा… फैक्टर-5: हार से सीखना, रणनीति बदलना पिछले चुनावों की हार और रणनीतिक गलतियों से सबक लेकर बीजेपी अगले चुनाव में नई स्ट्रैटजी और नेताओं की फौज के साथ उतरती है… इन्हीं फैक्टर्स के आधार पर बीजेपी अब दक्षिण में अपना रोडमैप तैयार कर रही है। कर्नाटकः सबसे करीब, सबसे अहम आंध्र प्रदेश: सहयोगी के कंधे पर सवारी तेलंगाना: इंतजार और क्षेत्रीय गठजोड़ केरलम: धीमी लेकिन असली चढ़ाई तमिलनाडुः सबसे लंबा रास्ता 1. भाषाई-सांस्कृतिक पहचान 2. क्षेत्रीय पार्टियों की गहरी जड़ें 3. RSS का कमजोर जमीनी नेटवर्क --------- यह खबर भी पढ़िए… बीजेपी की बंगाल जीत में SIR का कितना रोल:केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस कैसे लौटी; नतीजों के पीछे 5 बड़े फैक्टर्स बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 18 May 2026 5:14 am

NEET पेपर लीक में NTA अफसर भी शामिल:ब्यूटीशियन से मिला कनेक्शन, CBI के पास सबूत, क्या दोनों सेट हुए लीक

NEET पेपर लीक की कड़ियां अब जुड़ने लगी हैं। इस मामले में पहले केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और फिर बॉटनी लेक्चरर मनीषा मांधरे अरेस्ट हुईं। अब NEET एग्जाम कराने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के अफसर के भी शामिल होने की बात सामने आ रही है। दैनिक भास्कर को CBI जांच की कुछ इंटरनल रिपोर्ट्स मिली हैं, जिससे खुलासा हुआ है कि पेपर लीक केस में पुणे से अरेस्ट ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे NTA अफसर के सीधे संपर्क में थी। उसे NTA अफसर और अन्य आरोपियों के जरिए एग्जाम से 6 दिन पहले ही NEET-UG 2026 का क्वेशन पेपर और आंसर मिल गया था। सोर्स ने ये भी बताया कि मामले में अरेस्ट केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी के जरिए ब्यूटीशियन NTA अफसर के संपर्क में आई। ये अफसर उनमें से हो सकते हैं, जिन पर पेपर फाइनल करने से लेकर एक्सपर्ट कमेटी बनाने तक की जिम्मेदारी होती है। सबसे पहले जानिए NTA अफसर पर शक क्यों…जहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट-पेन पर रोक, वहां से कैसे लीक हुआ पेपर CBI जांच कर रही है कि लीक हुआ पेपर क्या ओरिजनल पेपर की फोटोकॉपी है या इसे फोटो खींचकर लीक किया गया। ये जांच इसलिए भी हो रही है, क्योंकि NTA ऑफिस में जहां पेपर सेट किया जाता है, वहां इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या पेन जैसा कोई सामान नहीं ले जा सकते, जिसमें कैमरा छुपाया जा सके, इसलिए फोटोकॉपी निकालना या फोटो खींच पाना आसान नहीं। इस कॉन्फिडेंशियल एरिया में एक्सपर्ट प्रोफेसर और लेक्चरर एग्जाम का पेपर सेट करते हैं, जबकि NTA अफसरों की जिम्मेदारी उन पर नजर रखने की होती है। लिहाजा NTA स्टाफ के शामिल हुए बिना पेपर लीक होना नामुमकिन है, इसलिए अब वहां के अफसर भी सवालों के घेरे में हैं। शक इसलिए भी बढ़ गया है, क्योंकि अब तक जिन 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से ज्यादातर ने अपने फोन की चैट के साथ फोटो गैलरी भी डिलीट की है। लैपटॉप से भी कई फाइलें डिलीट मिली हैं। आरोपी ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे और दलाल धनंजय लोखंडे के फोन से काफी डेटा डिलीट है। CBI इनके डिजिटल एविडेंस जुटा रही है। NTA अफसर के संपर्क में थी ब्यूटीशियन, एग्जाम से 6 दिन पहले मिला पेपर CBI से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, मनीषा वाघमारे ही सबसे पहले पेपर सेट करने वाले एक्सपर्ट्स और NTA अफसर के संपर्क में आई। इसी ने प्रोफेसर मनीषा मांधरे को घर पर क्लास लगाकर एग्जाम में आने वाले बायोलॉजी के सवाल-जवाब स्टूडेंट्स को बताने के लिए तैयार किया। वहीं, प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी ने भी क्लास लगाकर स्टूडेंट्स को केमिस्ट्री के सवाल बताए। इसके बदले पीवी कुलकर्णी को मनीषा वाघमारे के जरिए लाखों रुपए कैश मिले, जबकि बाकी की रकम अकाउंट में ट्रांसफर की गई। CBI को इसके सबूत भी मिले हैं। दोनों प्रोफेसर ने जिस पेपर से स्टूडेंट्स को पढ़ाया था, वो 3 मई को NEET एग्जाम होते ही जला दिए गए, ताकि कोई सबूत न मिले। इससे जुड़े वॉट्सएप और टेलीग्राम चैट भी डिलीट कर दिए गए। केमिस्ट्री और बॉटनी के प्रोफेसर अरेस्ट, फिजिक्स वाला कौन इस केस में अभी तक केमिस्ट्री और बॉटनी के प्रोफेसर अरेस्ट हुए हैं। ऐसे में अब सवाल यही है कि अगर सिर्फ इन दो विषयों के पेपर सेट करने वाले लीक में शामिल थे, तो फिजिक्स के सवाल कैसे लीक हुए। जांच में पता चला है कि नीट पेपर के कुल 720 नंबर में से 600 नंबर के सवाल एग्जाम से पहले लीक हुए थे। इसमें केमिस्ट्री के 45 में से 35 सवाल मैच हुए। बायोलॉजी के सभी 90 सवाल मैच हुए, जबकि फिजिक्स के 15 सवाल मैच हुए है। हालांकि फिजिक्स के सवाल कैसे मिले, इससे जुड़ा लिंक अब तक सामने नहीं आया है। दोनों सेट पेपर लीक होने का शक, गेस पेपर में शामिल किए सवाल नीट एग्जाम के लिए दो सेट पेपर तैयार किए जाते हैं। एक सेट एग्जाम के लिए सेंटर्स पर भेजा जाता है, जबकि दूसरा रिजर्व रखा जाता है। ताकि किसी गड़बड़ी की आशंका पर पहले सेट को दूसरे से रिप्लेस किया जा सके। CBI को आशंका है कि नीट के दोनों सेट लीक किए गए हैं। इसी से गेस पेपर तैयार किया गया और उसमें दोनों सेट के सवाल मिक्स कर दिए गए। यही वजह है कि लीक पेपर में कई सवाल और उनके ऑप्शन एक ही क्रम में दिखाई देते हैं, जबकि कुछ अलग-अलग नंबर पर मिलते हैं। हालांकि, लीक पेपर और NEET एग्जाम में आए पेपर के सवाल और उनके ऑप्शन बिल्कुल एक जैसे हैं। फरवरी में पेपर सेट हुआ, 15-20 अप्रैल तक प्रिंटिंग, 27 अप्रैल को लीक NTA सूत्रों के मुताबिक, NEET एग्जाम की तैयारी इसी साल जनवरी में शुरू हुई। फरवरी के आखिरी हफ्ते से नीट पेपर सेट करने की इंटरनल प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान NTA ऑफिस में पेपर सेटिंग की मीटिंग होती है, जिसमें पेपर सेट करने वाली कमेटी के मेंबर्स और इसे फाइनल करने वाले चीफ होते हैं। जिस कॉन्फिडेंशियल जगह पर पेपर सेट किया जाता है, वहां कमेटी मेंबर्स और आला अफसरों के अलावा बाकी किसी की एंट्री नहीं होती। अंदर इंटरनेट की भी सुविधा नहीं रहती है। अंदर फोन, कोई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और ब्लूटूथ साथ नहीं ले जा सकते। पेन-पेपर तक ले जाने की मनाही होती है। पेपर के दो सेट बनाए जाते हैं, लेकिन एग्जाम में इनमें से कौन सा सेट जाएगा, इस पर आखिरी फैसला NTA चीफ का होता है। पेपर के दो सेट फाइनल होने के बाद 13 भाषाओं में उनका अनुवाद किया जाता है। इसके बाद दोनों सेट प्रिंटिंग के लिए भेजे जाते हैं। बताया जा रहा है कि 15-20 अप्रैल के बीच में दोनों पेपर की प्रिंटिंग हुई थी। इसके बाद ट्रांसपोर्ट के जरिए इसे परीक्षा केंद्रों के आसपास के बैंक लॉकर में सुरक्षित रखा गया। यहां से 3 मई को पेपर एग्जाम सेंटर पहुंचा। हालांकि इससे पहले 27 अप्रैल को ही पेपर लीक होकर ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे तक पहुंच चुका था। इसके बाद पेपर लीक की कड़ियां लंबी होती चली गईं। अब CBI इन कड़ियों को आखिरी सिरे से शुरुआती सिरे तक जोड़ने में जुटी है। NEET पेपर लीक के बाद NTA में बड़ा फेरबदल पेपर लीक के बाद केंद्र सरकार ने NTA में चार बड़े अधिकारियों की नियुक्ति की है। इनमें दो जॉइंट सेक्रेटरी और दो जॉइंट डायरेक्टर शामिल हैं। अनुजा बापट और रुचिता विज को जॉइंट सेक्रेटरी बनाया गया है, जबकि आकाश जैन और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। सभी नियुक्तियों को ACC की मंजूरी के बाद DoPT ने आदेश जारी किया। ………………….. ये खबर भी पढ़ें… NEET में 85% लाया, कॉलेज टेस्ट में हो गया फेल नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)- 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार विकास बिंवाल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कॉलेज टेस्ट में कई बार वो एब्सेंट रहा और जिन टेस्ट में उसकी मौजूदगी रही, उसमें भी वो सिर्फ 30 फीसदी अंक ही ला सका। इस वजह से अधिकांश टेस्ट में फेल था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि विकास पढ़ाई में कमजोर था। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 18 May 2026 5:09 am

आज का एक्सप्लेनर:4 बच्चे होने पर मिलेंगे 95 हजार, आंध्र प्रदेश CM ने क्यों कहा- बच्चे ही हमारी दौलत; इसका भारत पर क्या असर

आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने 16 मई को कहा, 'राज्य में तीसरे बच्चे के जन्म पर परिवार को 30 हजार रुपए और चौथे के जन्म पर 40 हजार रुपए दिए जाएंगे। एक समय मैंने जनसंख्या कंट्रोल करने के लिए बहुत मेहनत की थी, लेकिन अब जन्म दर बढ़ाने की जरूरत है।' आखिर आंध्र प्रदेश सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें, क्या पैसे देने से जन्म दर बढ़ जाएगी और भारत जैसे सबसे बड़ी आबादी वाले देश में ये कितना सही; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: आंध्र प्रदेश में बच्चे पैदा होने पर पैसा मिलने की नई पॉलिसी क्या है? जवाब: 16 मई को CM नायडू ने श्रीकाकुलम जिले में एक जनसभा के दौरान बच्चे पैदा करने पर पैसे देने की योजना की घोषणा करते हुए कहा, 'बच्चों को बोझ नहीं, बल्कि देश की संपत्ति के रूप में देखा जाना चाहिए। जनसंख्या ही भविष्य की असली दौलत है। जापान और साउथ कोरिया जैसे देशों में घटती आबादी और बुजुर्ग होती जनसंख्या का इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ा है। इसीलिए मैं लंबे समय से जनसंख्या बढ़ाने पर जोर दे रहा हूं।’ दरअसल, आंध्र प्रदेश सरकार ने 5 मार्च को विधानसभा में एक नई पॉलिसी पेश की थी। इसे 'जनसंख्या प्रबंधन नीति' कहा गया। इसमें प्रस्ताव दिया था कि दूसरा बच्चा पैदा होने पर परिवार को 25 हजार रुपए मिलेंगे। अब तीसरे और चौथे बच्चे के पैदा होने पर पैसे की घोषणा को इसी नीति का विस्तार बताया जा रहा है। यानी अब 4 बच्चे पैदा होने पर कुल 95 हजार रुपए मिलेंगे। नायडू ने अप्रैल 2025 में भी महिलाओं से ज्यादा बच्चों को जन्म देने की अपील की थी। साथ ही घोषणा की थी कि सरकारी महिला कर्मचारियों के बच्चों की संख्या चाहे जितनी हो, हर बच्चे पर 26 हफ्ते यानी 6 महीने की मैटरनिटी लीव मिलेगी।’ इसके पहले तक 6 महीने का मातृत्व अवकाश सिर्फ पहले दो बच्चों पर मिलता था। दो से ज्यादा होने पर 3 महीने की छुट्टी का नियम था। नायडू सरकार की जनसंख्या प्रबंधन नीति के मुताबिक, 2 से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले परिवारों को पैसे के अलावा कई दूसरी सुविधाएं भी मिलेंगी… आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सत्य कुमार ने बताया कि 'सहायता राशि देने का मकसद प्रेग्नेंसी के दौरान हेल्थ फैसिलिटी, बच्चे की देखभाल और डिलीवरी के बाद कामकाजी महिलाओं को नौकरी या काम करने में मदद करना है। इसके अलावा नायडू सरकार मौजूदा 'तल्लीकी वंदनम योजना' के विस्तार का भी प्लान बना रही है, जिसके तहत अभी स्कूल जाने वाले बच्चों की मांओं को हर साल 15 हजार रुपए दिए जाते हैं। सवाल-2: नायडू सरकार क्यों चाहती है कि लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें? जवाब: CM नायडू के इस फैसले के पीछे आंध्र प्रदेश की आबादी से जुड़े तीन फैक्टर हैं… 1. बच्चे पैदा होने की दर 3 दशकों में आधी हुई 2. महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम हुई 3. राज्य के लोगों की औसत आयु देश से 4 साल कम सवाल-3: क्या नायडू के इस फैसले के पीछे कोई राजनीतिक वजह? जवाब: नायडू के इस फैसले को देश में संभावित लोकसभा सीटों के नए परिसीमन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, केंद्र सरकार अप्रैल 2026 में परिसीमन बिल, 2026 ला चुकी है। हालांकि ये पास नहीं हो पाया था। तब गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि सभी राज्यों की लोकसभा में कुल सीटें 543 से बढ़कर 850 हो जाएंगी। राज्यों में कुल सीटों में 50% की आनुपातिक बढ़ोत्तरी होगी। यानी जिस राज्य में जितनी सीटें हैं, उससे करीब डेढ़ गुना सीटें हो जाएंगी। हालांकि ये बात किसी बिल में नहीं थी। वहीं दक्षिणी राज्यों ने परिवार नियोजन अपनाकर आबादी काबू में रखी है। उत्तरी राज्यों के मुकाबले इनकी आबादी कम है। इसलिए इन राज्यों को डर है कि जनगणना के आधार पर परिसीमन होने से लोकसभा में उनकी सीटें उत्तरी राज्यों के मुकाबले कम हो जाएंगी। क्योंकि 1976 और 2001 में भी परिसीमन इसीलिए टाला गया था, क्योंकि उत्तर और दक्षिण की जनसंख्या में बड़ा अंतर था। 2011 की जनगणना के मुताबिक, हिंदीभाषी राज्यों की औसत जनसंख्या वृद्धि दर 21.6%, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों में ये आंकड़ा 12.1% है। दिलचस्प बात ये है कि जब केंद्र सरकार परिसीमन बिल लाई, तो नायडू ने इसका समर्थन किया। क्योंकि वो केंद्र सरकार में बीजेपी के साथ साझेदार हैं। जबकि तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया इसका विरोध किया था। केंद्र सरकार में शामिल होने के कारण नायडू की पार्टी टीडीपी ने परिसीमन बिल के समर्थन में वोट दिया, लेकिन नायडू राज्य की घटती जन्म दर को लेकर चिंता जताते रहे हैं… इसके अलावा बीते महीने ही अमरावती आंध्र प्रदेश की आधिकारिक राजधानी बन गई है। नायडू अमरावती को मेगा सिटी बनाने के लिए यहां आबादी बढ़ाना चाहते हैं। ये उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। दरअसल, 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग हुए तेलंगाना को बतौर राजधानी हैदराबाद मिल गया। तब नायडू की सरकार ने विजयवाड़ा के पास कृष्णा नदी के किनारे एक नई राजधानी बनाने का फैसला किया और इसका नाम रखा- अमरावती। इसमें 2050 तक 35 लाख लोगों को बसाने का टारगेट है। 2024 में टीडीपी के दोबारा सत्ता में आने के बाद अमरावती प्रोजेक्ट तेज हुआ है। सेंटर फॉर इकोनॉमिक्स एंड सोशल स्टडीज, हैदराबाद के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. चिगुरुपाटी रामचंद्रैया कहते हैं, ‘नायडू की राज्य की जनसंख्या बढ़ाने की चिंता का संबंध उनके अमरावती को मेगासिटी बनाने के प्रोजेक्ट से प्रेरित है।' हालांकि डॉ. रामचंद्रैया कहते हैं कि अमरावती की आबादी तेजी से बढ़ना आसान नहीं है। क्योंकि अमरावती जिन दो जिलों- गुंटूर और कृष्णा में बसा है, वहां जनसंख्या वृद्धि दर दो दशकों में तेजी से घटी है। अभी अमरावती शहर की आबादी सिर्फ 2.7 लाख है। पूरे कैपिटल रीजन की आबादी 58.1 लाख है। सिंगापुर के सलाहकारों का अनुमान है कि ये आबादी 20 साल में 1.01 करोड़ तक पहुंच जाएगी। इतनी बढ़ोत्तरी होना बेहद मुश्किल है। सवाल-4: क्या पैसे देकर जन्म दर बढ़ाई जा सकती है? जवाब: भारत में प्रजनन दर बढ़ाने के लिए परिवारों को सीधे कैश बांटने की स्कीम पहली बार आंध्र प्रदेश में ही लाई गई है। हालांकि, दुनिया के कई देशों में ऐसे एक्सपेरिमेंट्स किए जा चुके हैं… 1. दक्षिण कोरिया: 26 हजार करोड़ खर्च, नतीजा उल्टा 2. हंगरी: GDP का 6% खर्च, फिर भी ज्यादा असर नहीं 3. सिंगापुर: पहले बच्चे के जन्म पर 8 लाख रुपए से ज्यादा बांटे अमेरिका के विल्सन मेटरनल हेल्थ सेंटर की डायरेक्टर सारा बार्न्स के मुताबिक, 'अगर सरकारें महिलाओं की शिक्षा, नौकरी और काम के अवसर करें, तो उसका असर सिर्फ 'ज्यादा बच्चे पैदा करो' जैसी नीतियों से ज्यादा अच्छा होगा। दिसंबर 2024 में नीदरलैंड्स में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, 'जब सरकार बच्चे पैदा करने पर आर्थिक मदद देती है, तो ज्यादातर लोग दोबारा बच्चे पैदा करने का फैसला नहीं करते, बल्कि जो लोग बच्चा चाहते थे, वे सिर्फ थोड़ा जल्दी बच्चा प्लान कर लेते हैं। इससे कुछ समय के लिए TFR बढ़ाता है, लेकिन लंबे समय में कोई खास फर्क नहीं पड़ता।’ सवाल-5: आबादी बढ़ाने के लिए नकद स्कीम का देश पर क्या असर होगा? जवाब: भारत दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है। अप्रैल 2024 में इसने 141.26 करोड़ की आबादी वाले चीन को पीछे छोड़ दिया था। संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्था UNFPA के मुताबिक, अप्रैल 2025 तक भारत की जनसंख्या 146.39 करोड़ थी। रियल टाइम डेटा वेबसाइट वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, मौजूदा समय में ये आंकड़ा 147 करोड़ से ज्यादा है। इसमें से करीब 68% आबादी युवा है। भारत में UNFPA की प्रतिनिधि एंड्रिया एम. वोजनार के मुताबिक, ‘यहां बेहतर शिक्षा और मेटरनिटी हेल्थ केयर की मदद से प्रजनन दर कम करने में सफलता पाई है। 1970 में पांच बच्चे प्रति महिला से भारत आज लगभग दो बच्चे प्रति महिला पर खड़ा है।’ आंध्र प्रदेश में हर साल करीब 6.7 लाख बच्चे जन्म लेते हैं। जनसंख्या बढ़ने से पानी, घर और मेडिकल फैसिलिटीज जैसे संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा अभी राज्य के वर्कफोर्स में कामकाजी महिलाओं की हिस्सेदारी सिर्फ 31% हैं। ये हिस्सेदारी और घट सकती है। इस स्कीम को दूसरे दक्षिणी राज्य भी लागू कर सकते हैं। इससे देश की जनसंख्या और बढ़ सकती है, जिससे सरकार को योजनाओं पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। ******* रिसर्च- प्रथमेश व्यास ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शराब दुकानें बंद, 200 यूनिट बिजली फ्री, गोल्ड चेन भी देंगे; फिल्मी हीरो जैसे फैसले ले रहे CM विजय, कितना महंगा पड़ेगा CM बनते ही थलापति विजय किसी फिल्मी नायक की तरह फैसले ले रहे हैं। 48 घंटे में ही 700 से ज्यादा शराब की दुकानें बंद कराने का आदेश दिया। शपथ के मंच से ही 200 यूनिट फ्री बिजली का ऐलान कर दिया था। सोने की चेन, अंगूठी और कैश देने का भी वादा किया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 17 May 2026 6:35 pm

संडे जज्बात- सगे भाई को काटकर नहर में फेंका:मैंने नारियल समझकर पानी से निकाला, पॉलिथीन खोली तो सड़े हुए दो हाथ मिले

एक बार मैं नहर किनारे बैठा था। पानी में एक पॉलिथीन तैरती दिखी। मुझे लगा नारियल होगा, ऐसे ही पॉलिथीन में नारियल बहकर आते थे। मैंने तुरंत पानी में छलांग लगा दी और पॉलिथीन खींचकर किनारे ले आया। पॉलिथीन बहुत भारी थी। जैसे ही उसे खोला, मेरी सांसें अटक गईं। अंदर दो कटे हुए हाथ थे। जो पूरी तरह सड़ चुके थे। कुछ पल के लिए शरीर सुन्न पड़ गया। हाथ से पॉलिथीन छूट गई। धीरे-धीरे नहर से उस लाश के कई हिस्से निकले। वह एक बूढ़े की लाश थी। पुलिस आई तो पता चला कि महज डेढ़ लाख रुपए के लिए उसके भाइयों ने ही उसे मारकर, काटकर नहर में फेंक दिया था। लाश के टुकड़े देखने के बाद मैं कई दिन तक सो नहीं पाया। अब जब भी पानी में कोई पॉलिथीन दिखती तो लगता है वही लाश होगी। मैं गोताखोर परगट सिंह। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के छोटे से गांव दबखेड़ी का रहने वाला हूं। 40 साल का हूं। पिछले 18 सालों में 20 हजार से ज्यादा लाशें नहरों से निकाल चुका हूं। इनमें से ज्यादातर लाशें गल चुकी थीं। जब उनका अंतिम संस्कार हुआ तो मांस, हड्डी से एकदम अलग हो चुका था। 16 साल का था, जब नहर से पहली बार लाश निकाली थी। एक दिन की बात है। मैंने नहर से नारियल निकाला और किनारे बैठकर खा रहा था। तभी 20 साल की लड़की की लाश बहती हुई आई। पीछे-पीछे उसका परिवार भी रोते हुए आ गया। ये लोग पंजाब के देवीगढ़ के रहने वाले थे। वे लोहे की रॉड और डंडों से लाश को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन निकाल नहीं पा रहे थे। फिर मुझसे गुजारिश करने लगे कि शव को किनारे लगा दो। मैं फौरन नहर में कूद गया और लाश के कपड़े पकड़कर किनारे ले आया। परिवार ने बहुत शुक्रिया किया। उसके बाद पुलिस पहुंची। अगले दिन पुलिस के साथ अखबार में मेरी फोटो छपी, यहीं से जिंदगी बदल गई। गांव में खबर फैल गई कि आज अखबार में परगट की फोटो छपी है। तब से नहर से लाशें निकालने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा। न जाने कितनी बार अखबार में मेरी फोटो छपी। अब मोबाइल का जमाना है। सोशल मीडिया पर मेरे वीडियो वायरल होने लगे हैं। दरअसल, जिस परिवार की लाश निकालता वही लोग मेरा नंबर अपने परिचितों को दे देते। धीरे-धीरे ये सिलसिला बढ़ता गया। आप जिस नहर को देख रही हैं, यह हमारे यहां की नरवाना ब्रांच नहर है। इसी में पंजाब की तरफ से सबसे ज्यादा लाशें बहकर आती हैं। यह भाखड़ा मेन लाइन की शाखा है। यह पंजाब के राजपुरा से शुरू होकर हरियाणा से होते हुए दिल्ली तक जाती है। इसका पानी जितना शांत दिखाई देता है, उतना है नहीं। बचपन में जब नहर में नहाने आता था, तब सोचा नहीं था कि एक दिन इसी नहर से सड़ी-गली लाशें निकालूंगा। पढ़ाई में मन नहीं लगता था। 8वीं में फेल हो गया। तब गुस्से में पिताजी ने पढ़ाई भी छुड़वा दी। धीरे-धीरे गोताखोर बन गया। अब तो गहरे पानी और तेज रफ्तार वाली नहरों से लाशें निकालने देशभर में जाता हूं। तैराकी तो आसान है। वह मजे के लिए होती है, जबकि गोताखोरी बहुत मुश्किल। शुरुआत में तो उन लाशों को निकालता था, जो पानी के ऊपर तैर रही होती थीं। फिर यूट्यूब से गोताखोरी सीखी। हालांकि, पेशेवर गोताखोरी सीखने के बाद भी पानी के अंदर से लाशें नहीं निकाल पाता था; लेकिन नहर की तलहटी से कीमती सामान-जैसे बाइक, गाड़ियां, सिलेंडर, चश्मे, मोबाइल और गहने, निकालना सीख लिया था। फिर धीरे-धीरे, पानी से लाशें निकालना भी शुरू कर दिया। अब जब नहर में 40 फीट नीचे सिलेंडर लगाकर जाता हूं तो दिमाग में दो बातें होती हैं। एक वह जो नहर किनारे खड़ा बेसब्री से मेरा इंतजार कर रहा होता है। दूसरा कि कहीं इतने गहरे पानी में ही न मर जाऊं कि लोग मेरी लाश ढूंढे़ं। उत्तर प्रदेश का एक किस्सा है। जब रुड़की नहर में एक 14 साल के बच्चे की लाश ढूंढ़ रहा था। नहर में 15 फीट नीचे गया था। शरीर में बंधी रस्सी एक पेड़ में फंस गई और सांस लेने के लिए मुंह पर लगी पाइप निकल गई। मुझे लगा कि अब नहीं बचूंगा। छटपटा रहा था। मेरे सहयोगी ने बड़ी मुश्किल से मुझे बाहर निकाला। 20 मिनट तक ठीक से सांस नहीं ले सका, फिर वही काम करने लगा। कई बार तो मगरमच्छों वाली नहर में भी गोते लगाए हैं। गोताखोरी के दौरान मौत की दर्दनाक कहानियां सामने आईं। पलभर के गुस्से में आकर लोग बिना सोचे नहर में छलांग लगा देते हैं। पीछे से उनके परिवार वाले चार-चार, पांच-पांच दिन तक गर्मी में, सर्दी में नहर किनारे लाश खोजते हैं। जब तक लाश नहीं मिलती है वे खाना तक नहीं खाते। चार दिन पहले की बात है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र के झांसा गांव के पास सतलुज-यमुना लिंक नहर के किनारे एक लावारिस कार मिली। कैथल जिले के कॉल गांव के 30 साल के पुनीत ने नहर में छलांग लगा दी थी। नहर किनारे पूरा परिवार रातभर बैठा रहा। मैंने बड़ी मुश्किल से उस लाश को निकाला। लाश सड़ने लगी थी। दरअसल, गर्मियों में कोई लाश तीन से चार दिन तक पानी में रहे तो उसकी बुरी हालत हो जाती है। दो दिन पहले मैंने नरवाना नहर से लाश निकाली। पूरी तरह सड़ चुकी थी। पैंट की जेब से एक फोन मिला। पुलिस को बताया तो पता लगा कि उसने पांच महीने पहले पंजाब के राजपुरा की नहर में छलांग लगाई थी। परिवार कल ही लाश को लेकर अपने घर गया है। यह काम करते 18 साल हो चुके हैं। कुछ केस तो कभी नहीं भूल पाऊंगा। एक केस करनाल के मधुबन नहर का है। पति-पत्नी का झगड़ा हुआ था। गुस्साए पति ने अपने दो साल, छह साल और 9 साल के बच्चे को मोटरसाइकिल पर बिठाया और एक-एक करके उन्हें नहर में फेंक दिया। गांव में खबर पहुंची तो बच्चों के दादा को हार्ट अटैक आ गया और उनकी भी मौत हो गई। उसके बाद पत्नी ने सोचा कि सिर्फ एक झगड़े ने उसके बच्चे छीन लिए। उसने भी आत्महत्या कर ली। पिता को जेल हुई। 10 दिन बाद जेल में ही उसने फांसी लगाकर जान दे दी। सोचिए महज 15 दिन में पूरा परिवार खत्म हो गया। इस केस में 9 साल की लड़की का शव तीसरे दिन मिला, बेटे का चौथे दिन। लेकिन दो साल के बच्चे का पता नहीं चला। उसे या तो मछलियां खा गई होंगी या मगरमच्छ। यह केस मुझे बहुत दर्द देता है। एक साल पहले की बात है। सर्दियों की रात थी और घड़ी में करीब 12 बजे थे। कुछ मजदूर अपना काम खत्म करके नरवाना ब्रांच नहर के किनारे दबखेड़ी पुल के पास पहुंचे थे। उनमें से एक के पास मेरा नंबर था। उसने मुझे फोन किया। बताया कि नहर में किसी औरत के चीखने की आवाज आ रही है। मैंने फौरन बाइक उठाई और नहर की तरफ भागा। वहां एक औरत मरे हुए मुर्गों से भरी एक बोरी पकड़कर चार किलोमीटर तैरकर आई थी। मुझे देखकर जोर से चिल्लाने लगी। तुरंत पानी में कूदा और उसे बाहर निकाला। उसने बताया कि पति ने उसे नहर में धक्का दे दिया था। वह कुरुक्षेत्र की थी। किसी घरेलू झगड़े के चलते उसके पति ने धक्का दे दिया था। वह आज भी कभी-कभी फोन करके मुझे शुक्रिया कहती है। सबसे ज्यादा दुख तब होता है, जब किसी बुजुर्ग की लाश मिलती है। उनके हाथ-पांव बंधे होते हैं या उन्हें किसी वजनदार चीज से बांधकर डुबोया गया होता है। कई बार कूलर में उनकी बॉडी बांधकर फेंक दी जाती है। ऐसे ही एक जवान लड़के की लाश मिली थी। उसके पेट में 26 बार चाकू घोंपा गया था। सिर फटा हुआ था। टांगों को रॉड मार-मार कर जख्मी कर दिया गया था। उस लाश को देखकर लगा कि इंसानी रिश्ते किस तरह से स्वाहा हो चुके हैं। लोगों की सहनशीलता बहुत कम हो गई है। पिछले 24 घंटे में पांच लाशें निकाल चुका हूं। ये हर दिन का एवरेज है। मुझे सबसे खराब लगता है नहर किनारे किसी अपने की लाश का इंतजार करना। खासकर किसी मां का अपने बच्चे की लाश का इंतजार करना। एक बार नरवाना ब्रांच की नहर में एक मां अपने बच्चे की लाश का इंतजार करती रही। मैंने बहुत कोशिश की, लेकिन नहीं मिली। वह रातभर वहीं रही। उसके बाद भी कई बार आई। अंबाला का एक मामला है। पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। महिला अपनी 6 महीने और दो साल की बच्ची के साथ नहर में कूद गई थी। 6 महीने की बच्ची तो किसी तरह किनारे आ गई और लोगों ने उसे बचा लिया, लेकिन महिला की लाश मिलने के बाद भी उसकी दो साल की दूसरी बच्ची का कुछ पता नहीं चल सका। अपनी बात करूं तो यह काम आसान नहीं है। गोताखोरी के शुरुआत के तीन साल बहुत कष्ट देने वाले रहे। पहले जब किसी की लाश निकालकर घर आता तो मां-बाप गालियां देते थे। घर के अंदर नहीं आने देते थे। बोलते- नहाकर, कपड़े बदलने के बाद ही घर में घुसना। कई बार तो घर से बाहर निकाल देते थे। खाना नहीं देते थे। उस वक्त नहर पर चला जाता था और रात में वहीं सोता था। जब मेरी शादी हुई तो पत्नी ने भी मुझसे बहुत झगड़े किए। वह चाहती थी कि यह काम छोड़ दूं, लेकिन नहीं छोड़ पाया। आज मेरी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी 18 साल की है और सबसे छोटी 5 साल की है। जब कोई लाश निकालकर आता तो पत्नी बेटियों को हाथ नहीं लगाने देती थीं। रिश्तेदार कहते हैं कि तू जाट है। खेती करना तेरा काम है न कि नहर से मुर्दे निकालना। वे बोलते थे कि बच्चे कैसे पालोगे? लेकिन उनकी बातों का मुझ पर ज्यादा असर नहीं होता। घर से निकलता हूं तो सीधे नहर पर ही पहुंचता हूं। (परगट सिंह ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ------------------------------------------------ 1- संडे जज्बात- ‘साथ नहीं नाचूंगी’ कहते ही रिवॉल्वर तानकर नचाया:एक ने कमर में हाथ डालकर पूछा- कितना लोगी? डांसर हूं, शरीर बेचने वाली नहीं मैं अंजली चौधरी। पंजाब के लुधियाना की उस गली में रहती हूं, जहां से कई मशहूर कलाकार निकले हैं। बचपन में जब उन कलाकारों के किस्से सुनती थी, तो लगता था- स्टेज यानी मंच की जिंदगी कितनी अच्छी होती होगी। तेज म्यूजिक होती है। लोगों की तालियां बजती हैं, नाम होता है... और अच्छे पैसे भी मिलते हैं। 2- संडे जज्बात-हम अधेड़ कुंवारे कौवों जैसे अपशकुन माने जाते हैं:सरकार हमें देती है पेंशन, जाने कितने जानवरों से रेप करते पकड़े गए लोग मुझे मेरे नाम से कम, रं@#% कहकर ज्यादा बुलाते हैं। मुझे शुभ कामों से दूर रखा जाता है। गलती से पहुंच जाऊं तो लोगों का चेहरा उतर जाता है। मैं वीरेंद्र दून। हरियाणा के जिला हांसी के गांव पेटवाड़ का रहने वाला हूं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 17 May 2026 6:26 am