मुख्य समाचार / बूमलाइव
बूम ने पाया कि घटना के साथ किया जा रहा सांप्रदायिक दावा गलत है. बिजनौर की नगीना पुलिस ने बूम से बताया कि आरोपी महिला का नाम समन्त्रा है और वह हिंदू है
बूम ने जांच में पाया कि RSS के आजादी की लड़ाई में भाग न लेने के दावे से ब्रिटिश गृह विभाग के हवाले से वायरल पत्र फर्जी है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो एआई जनेरेटेड है. एआई डिटेक्टर टूल हाइव और Deepfake-O-Meter ने इसकी पुष्टि की है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान का है, जब तेजस्वी यादव ने मधुबनी की एक सभा में पीएम मोदी पर हमला करने के लिए एक स्पीकर पर उन्हीं क
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो साल 2022 का है. इसका 'वोट चोरी' के खिलाफ हुए प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.
बूम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो वास्तविक घटना का नहीं है और जुलाई 2025 से ही इंटरनेट पर अलग-अलग दावों से वायरल है.
बूम ने पाया कि यह वीडियो अक्टूबर 2021 का है. जब बिहार विधानसभा की दो सीटों पर उपचुनाव से पहले कांग्रेस और आरजेडी में फूट पड़ गई थी. दोनों पार्टियों ने
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में राहुल गांधी डॉ भीवराव आंबेडकर और महात्मा गांधी दोनों को संविधान बनाने के लिए क्रेडिट देते हैं और इसके लिए उनको अपनी जिंद
बूम ने पाया कि मूल वीडियो में शाहरुख खान डिज्नी की एनिमेटेड फिल्म 'मुफासा: द लॉयन किंग' के मुख्य किरदार मुफासा के बारे में बात कर रहे हैं.
Teen Fact Checking Network India ने अपनी पड़ताल में पाया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.
Teen Fact Checking Network India ने अपनी जांच में पाया कि बाढ़ में फंसे लोगों का यह वीडियो हिमाचल प्रदेश के सोलन में साल 2022 में हुई एक घटना से जुड़ा
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो मई 2021 में आए चक्रवात ताउते का है, जो तब से ही इंटरनेट पर वायरल है.