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बांग्लादेश में चुनाव के दिन ही रेफरेंडम क्यों? जनता से जबरदस्ती 'हां' कहलवाने के लिए बेशर्म यूनुस सरकार ने झोंक दी पूरी सरकारी मशीनरी?

Bangladesh Referendum: बांग्लादेश में अब बस दो दिन बाकी हैं, 12 फरवरी को लोग संसद के लिए वोट डालेंगे, साथ ही एक रेफरेंडम भी होगा- जहां सिर्फ 'YES' या 'NO' चुनना है. ये रेफरेंडम 'जुलाई नेशनल चार्टर 2025' पर है, जो पिछले साल की छात्र क्रांति (मॉनसून रिवॉल्यूशन या जुलाई अपराइजिंग) के बाद बना.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 8:02 am

क्या बंद हो जाएगा संयुक्त राष्ट्र? सिर्फ 141 दिन में पैसे खत्म, UN की तिजोरी खाली करने के पीछे कौन?

UN financial crisis: संयुक्त राष्ट्र अब फाइनेंशियल क्राइसिस का सामना कर रहा है, क्योंकि 193 सदस्य देशों पर 4 अरब डॉलर का बकाया है, जिसमें करीब 95 प्रतिशत हिस्सा अकेले अमेरिका का बताया जा रहा है, जिससे यूएन गंभीर आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है. यूएन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो जुलाई तक संस्था के पास कामकाज के लिए पैसा खत्म हो सकता है.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 7:28 am

बांग्लादेश में चुनाव के दिन ही रेफरेंडम क्यों? जनता से जबरदस्ती 'हां' कहलवाने के लिए बेशर्म यूनुस सरकार ने झोंक दी पूरी सरकारी मशीनरी?

बांग्लादेश में अब बस दो दिन बाकी हैं, 12 फरवरी को लोग संसद के लिए वोट डालेंगे, साथ ही एक रेफरेंडम भी होगा- जहां सिर्फ 'YES'या 'NO'चुनना है. ये रेफरेंडम 'जुलाई नेशनल चार्टर 2025'पर है, जो पिछले साल की छात्र क्रांति (मॉनसून रिवॉल्यूशन या जुलाई अपराइजिंग) के बाद बना.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 7:17 am

इस्तीफे पे इस्तीफा! क्या ब्रिटेन में गिरने वाली है लेबर पार्टी की सरकार; PM स्टारमर ने खुद दिया जवाब

Epstein Controversy:प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में बदलाव के एजेंडे पर काम जारी रखेगी. विवादों और इस्तीफे की मांगों के बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि स्टारमर पद नहीं छोड़ेंगे.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 7:06 am

ब्रिज बनाने में अमेरिकी सामान क्यों नहीं लिया? ट्रंप ने कनाडा से मांगा मुआवजा, नहीं तो 100% टैरिफ की दी धमकी

Donald Trump threatened canada: डोनाल्ड ट्रंप ने गॉर्डी हाउ ब्रिज परियोजना में अमेरिका को आधी हिस्सेदारी और मुआवजा न मिलने पर उसके उद्घाटन को रोकने की चेतावनी दी है. उन्होंने कनाडा की डेयरी नीति और चीन से रिश्तों पर भी आपत्ति जताते हुए 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने तक की बात कही है.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 6:47 am

‘औरतें कभी लीडर नहीं होंगी, शरिया लागू होगा’:हिफाजत-ए-इस्लाम के लीडर बोले- जमात इस्लामिक शासन नहीं लाई तो उससे भी लड़ेंगे

बांग्लादेश का सबसे बड़ा इस्लामिक संगठन है हिफाजत-ए-इस्लाम। ये संगठन बांग्लादेश में इस्लाम की तालीम देता है। पूरे देश में हिफाजत के मदरसे हैं। अजीज-उल-हक इस्लामाबादी संगठन के जॉइंट जनरल सेक्रेटरी हैं। पूरे बांग्लादेश में हिफाजत का नेटवर्क है। गांव-कस्बों से लेकर बड़े शहरों तक सेंटर हैं। इसलिए चुनाव के दौर में हिफाजत की अहमियत बढ़ जाती है। ये संगठन सीधे राजनीति में शामिल होने से इनकार करता है, लेकिन उसके पास लोगों को प्रभावित करने की ताकत है। अजीज-उल-हक बांग्लादेश में इस्लामिक कानून की वकालत करते हैं। महिलाओं की आजादी की बात करते हैं, साथ ही कहते हैं कि जिस कौम की लीडर महिला है, वह कौम कामयाब नहीं हो सकती। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: भारत और बांग्लादेश के बीच हाल में खटास आई है। भारत के साथ कैसे रिश्ते होने चाहिए?जवाब: हम अंग्रेजों के खिलाफ जंग की वजह से अलग हुए हैं। अल्लाह की तरफ से हमें आजादी मिली। हिंदुस्तान के साथ हमारी दोस्ती और मोहब्बत होना चाहिए। दोनों के बीच अदावत नहीं होना चाहिए। हमने 17 साल देखा है कि हिंदुस्तान की हुकूमत ने सिर्फ अवामी लीग का समर्थन किया और इस्लामी तंजीम को खत्म करने के लिए साजिश की। अवामी लीग को एकतरफा सपोर्ट करने की वजह से लोग हिंदुस्तान के खिलाफ खड़े हुए। सिर्फ एक पार्टी के साथ दोस्ती रखना हिंदुस्तान की पॉलिसी की गड़बड़ी है। सवाल: डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार के बारे में क्या फीडबैक आया, क्या वे इस्लाम के हिसाब से काम कर रहे हैं?जवाब: वे इस्लाम का निजाम कायम करने के लिए तो नहीं आए हैं। फिर भी मैं कह सकता हूं कि डॉ. यूनुस ने इस्लाम के खिलाफ कोई काम नहीं किया। सवाल: क्या बांग्लादेश इस्लामिक देश बनने के रास्ते पर है?जवाब: 1971 से 2026 तक बांग्लादेश में मुसलमान बहुसंख्यक हैं। हिंदू, बौद्ध, क्रिश्चियन अलग-अलग धर्म को मानने वाले यहां रहते हैं। हम सबके साथ मिलकर काम करते हैं। बांग्लादेश के लोग इस्लाम को हुकूमत में ले जाने की कोशिश करते हैं, लेकिन यहां डेमोक्रेटिक और कम्युनिस्ट पार्टियां हैं। 54 साल तक उन्होंने हुकूमत चलाई। इस्लाम शांति और सलामती की बात करता है। सवाल: क्या देश शरिया से चलना चाहिए?जवाब: हम तो चाहते हैं, लेकिन बांग्लादेश की ज्यादातर आबादी शरिया की जरूरत महसूस नहीं करती। अगर शरिया के मुताबिक बांग्लादेश का कानून बने, तो सब अच्छा हो जाएगा। हर किसी को इंसाफ मिलेगा। ये शरिया से ही हासिल होगा। सवाल: आप सभी को इंसाफ देने की बात कर रहे हैं। हिफाजत-ए-इस्लाम की लीडरशिप में कितनी महिलाएं हैं?जवाब: महिलाएं हमारा साथ देती हैं। महिलाओं की शिक्षा भी जरूरी है। महिलाओं को मशविरा देने का हक है। सवाल: मशविरा तो ठीक है, लेकिन क्या महिला नेतृत्व नहीं कर सकतीं?जवाब: इस्लामिक कानून में महिलाओं की लीडरशिप की मनाही है। सवाल: बांग्लादेश में तो शेख हसीना और खालिदा जिया प्रधानमंत्री रही हैं। इस्लामिक कानून क्या फिर किसी महिला को PM नहीं बनने देगा?जवाब: अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि जिस कौम की लीडर महिला है, वो कौम कामयाब नहीं हो सकती। हम अल्लाह और उसके रसूल के फरमान को मानते हैं। अल्लाह ने किसी महिला को नबी नहीं बनाया। अमेरिका में तो कोई औरत प्रेसिडेंट नहीं हुईं। जो बांग्लादेश की हुकूमत में आने के लिए साजिशें करते हैं, उनके मुल्क में तो महिलाओं को लीडर नहीं बनाते। फिर हमारे मुसलमान देश में क्यों ऐसी उम्मीद करते हैं। हम बांग्लादेश में अच्छे से हुकूमत चलाते हैं। औरतें हमारे खिलाफ नहीं होतीं। सेक्युलर, डेमोक्रेटिक और कम्युनिस्ट पार्टियों में महिलाएं विरोध करती हैं। इस्लाम में तो कोई विरोध नहीं करता। इस्लाम तो मिसाल है कि हमारी औरतें घर में शांति से रहती हैं। अपने हक पाती हैं। अधिकारों के लिए आंदोलन करना जरूरी नहीं है। महिलाएं अपने पति, भाई के खिलाफ मुकदमा नहीं करतीं, लेकिन हम देखते हैं दूसरे देशों में यही सब होता है। हम खुद महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा हक देने के लिए तैयार हैं। सवाल: अफगानिस्तान में तालिबान ने सभी धर्म की महिलाओं को हिजाब जरूरी कर दिया है। क्या बांग्लादेश में भी बुर्का या हिजाब जरूरी किया जाना चाहिए?जवाब: मुसलमान को अपना धर्म मानना चाहिए। अल्लाह का हुकुम मानना चाहिए। जिस धर्म में अल्लाह का हुकुम नहीं है, जैसे ईसाई, यहूदी, बौद्ध को ये मानना जरूरी नहीं है। मुसलमानों को कुरान को मानना चाहिए। अगर कोई कुरान नहीं मानना चाहे, तो हम मजबूर नहीं करते हैं। शेख हसीना सेक्युलर PM थीं, लेकिन कुरान नहीं मानती थीं। बांग्लादेश के उलेमा ने उनके खिलाफ तो कोई विरोध नहीं किया। ये एक प्रोपेगैंडा है। अगर बांग्लादेश में इस्लामिक हुकूमत कायम हो सके, तो मर्दों और औरतों के लिए अलग-अलग सिलेबस होना चाहिए। सवाल: बांग्लादेश की सबसे बड़ी इंडस्ट्री टेक्सटाइल में आधी से ज्यादा वर्कफोर्स महिलाओं की है, क्या उन्हें काम करने की आजादी नहीं होना चाहिए?जवाब: 2013 में अवामी लीग ने हमारे बारे में साजिशन ये फैलाया कि हम महिलाओं की काम करने की आजादी के खिलाफ हैं। ये इस्लाम के खिलाफ प्रोपेगैंडा है। हमने सबसे पहले महिलाओं की सैलरी 5 से बढ़ाकर 8 हजार करने की मांग की थी। सवाल: आपने कहा कि हिफाजत गैर सियासी संगठन है, लेकिन आपके संगठन के बड़े लीडर ममनुल हक जमात के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं?जवाब: हम गैर सियासी संगठन हैं। इस्लामकि स्कॉलर इसमें शामिल हो सकते हैं। हिफाजत में कोई सिर्फ राजनीति में होने की वजह से नहीं आ सकता। हिफाजत का आधार राजनीति नहीं है। हमारे बैनर के अंदर राजनीति नहीं कर सकते। सवाल: ढाका यूनिवर्सिटी में लड़कियां साड़ी पहनकर आती हैं, लड़के कुर्ता पहनते हैं, गाना-बजाना भी करते हैं, अगर इस्लामिक हुकूमत बनती है, तो क्या तब भी ये सब कर सकेंगे?जवाब: अगर बांग्लादेश में इस्लामिक हुकूमत कायम हो, तब इस्लामिक कानून नाफिज (लागू) हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी में अभी सब मौजूदा कानून के हिसाब से होता है। दूसरे मजहब की संस्कृति, गाना-बजाना, ये मुसलमानों के लिए सही नहीं है। हम उनसे गुजारिश ही करते हैं कि आप इस्लामिक कानून पर चलें। सवाल: इस बार का चुनाव BNP और जमात के बीच है। आप इस्लामिक हक की बात कर रहे हैं, कौन सी पार्टी ये बेहतर तरीके से कर सकती है?जवाब: सत्ता में आने के लिए बहुमत चाहिए। इस वक्त इस्लामिक हुकूमत कायम करने की कोशिश करना हमारा फर्ज है। अगर बांग्लादेश के लोग ये नहीं मानते हैं, तो हम क्या कर सकते हैं। जिस पार्टी के हुकूमत में आने से देश, मस्जिद-मदरसे, इस्लाम की तरक्की हो, उसे सत्ता में आना चाहिए। सवाल: वो पार्टी कौन सी है?जवाब: जो पहले से सत्ता संभाल चुके हैं, जिनके पास तजुर्बा है, ऐसी पार्टी को वोट करना चाहिए। सवाल: अगर चुनी हुई सरकार इस्लामिक हुकूमत लाती है और लोग विरोध करते हैं तो हिफाजत का क्या रोल रहेगा?जवाब: बांग्लादेश के ज्यादार लोग और सरकारी कर्मचारी इस्लामिक हुकूमत लाना चाहते हैं। हम भी इस्लामिक कानून चाहते हैं। सवाल: अगर जमात सत्ता में आती है, तो क्या आप उन पर इस्लामिक शासन लाने के लिए दबाव बनाएंगे?जवाब: जमात ने तो ऐलान कर दिया है कि वे इस्लामिक कानून नहीं लाएंगे। अगर इस्लामिक कानून लागू नहीं करते हैं, तो हम उनके खिलाफ जाएंगे। हमारा मंसूबा है- अल्लाह का निजाम। जमात ने अमेरिका से वादा किया कि अगर हम हुकूमत में आए, तो आपके मशविरे से चलेंगे और शरिया लागू नहीं करेंगे। सवाल: खबरें हैं कि अमेरिकी डिप्लोमैट जमात के नेताओं से मिले थे, ये बात सही है?जवाब: दुनिया में एक बात मशहूर है कि अमेरिका जिसका दोस्त है, उसे दुश्मन की जरूरत नहीं है। जमात दोस्त के नाम पर दुश्मन पाल रही है। इराक और लीबिया में अमेरिका ने क्या किया, बांग्लादेश को हम इराक-लीबिया नहीं बनाना चाहते। सवाल: हिफाजत-ए-इस्लाम बांग्लादेश का सबसे बड़ा इस्लामिक संगठन है। आपने अपने समर्थकों को किसे वोट देने का मैसेज दिया है?जवाब: अवामी लीग (पूर्व PM शेख हसीना की पार्टी) ने बांग्लादेश के लोगों पर बहुत जुल्म किए। इसके खिलाफ हुए आंदोलन में देश के आम लोग शामिल हुए। अल्लाह ने हमें एक जालिम हुकूमत से निजात दिलाई है। 12 फरवरी को चुनाव हैं। इसके लिए हिफाजत-ए-इस्लाम की तरफ से पैगाम है कि उस पार्टी को वोट करें, जो मुल्क, दीन, तालीम और मदरसा महफूज कर पाए। हम किसी सियासी कार्यक्रम में शिरकत नहीं करते, लेकिन मुल्क का नागरिक होने की वजह से वोट देना हमारा हक है। ये हक अदा करना हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है। सवाल: देश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं। भीड़ ने दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के आरोप में मार दिया। इसके सबूत भी नहीं हैं। आप इस हिंसा को कैसे देखते हैं?जवाब: हमने अखबार में साफ बयान दिया था कि ये काम गलत है। इस्लाम इसका समर्थन नहीं करता। हम देश के लोगों को पैगाम देते हैं कि इस तरह के हमले में शामिल न हों। अगर कोई इस्लाम या कुरान के खिलाफ बयान दे, तो कानूनी रास्ते से शिकायत करें। कानून अपने हाथ में न लें। ……………………….बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़े 1. भारत से दोस्ती या दुश्मनी, चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बांग्लादेश में होने वाले चुनाव पर ढाका के रहने वाले अहीदुज्जमान कहते हैं, ‘मुझे चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। अवामी लीग ने देश को आजादी दिलवाई, उसी को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। दूसरी तरफ जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थे, वे चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। अहीदुज्जमान के जैसी उलझन हर बांग्लादेशी के सामने है। यहां समझ आया कि भारत सबसे बड़ा मुद्दा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं, एक भारत समर्थक है और दूसरा भारत विरोधी। पढ़ें पूरी खबर… 2. BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...

दैनिक भास्कर 10 Feb 2026 5:06 am

'मॉल जाओ तो लगता है पाकिस्तान घूम रहे' अमेरिका में बदल गई 'डेमोग्राफी'? ट्रंप के सांसद ने उठाया सवाल

ट्रंप के करीबी और अमेरिकी सांसद ब्रैंडम गिल के एक बयान ने अमेरिका में तूफान मचा दिया है. अपने विवादित बयानों से सुर्खियों में रहने वाले ब्रैंडम का कहना है कि अमेरिका के शहरों में घूमते हुए ऐसा लगता है, जैसे हम पाकिस्तान में रह रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 3:41 am

Squid Games देखा तो फांसी पर लटका देगा तानाशाह किम जोंग उन, टीनेजर्स को भी नहीं छोड़ा

North Korea: तानाशाह किम जोंग के फरमान से पूरे दुनिया में हड़कंप मच गया है. उसने पहले ही कह दिया था कि अगर उसके देश के किसी भी शख्स ने स्किवड गेम देखा तो अंजाम बुरा होगा, लेकिन कहते हैं कि बाल हठ, राज हठ के बराबर होता है, इसलिए कुछ टीनेजर्स ने फरमान की नाफरमानी की तो उन्हें जान से हाथ धोना पड़ा.

ज़ी न्यूज़ 10 Feb 2026 2:10 am

एपस्टीन विवाद से हिली ब्रिटेन की राजनीति,पीएम कीर स्टार्मर पर बढ़ा दबाव, शबाना महमूद बन सकती हैं पहली मुस्लिम PM

स्टार्मर के करीबी सहयोगियों के इस्तीफों ने यह संकेत दिया है कि सरकार के भीतर अस्थिरता बढ़ रही है। मॉर्गन मैकस्वीनी को स्टार्मर का सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता था। 2020 में लेबर पार्टी के नेता बनने के बाद से वे स्टार्मर के साथ रहे और जुलाई 2024 के आम चुनावों में पार्टी की जीत के प्रमुख सूत्रधारों में शामिल थे।

देशबन्धु 10 Feb 2026 12:05 am

क्या मैंडेलसन-एपस्टीन स्कैंडल के दबाव में ब्रिटिश पीएम स्टार्मर देंगे इस्तीफा? सामने आया ये जवाब; समझिए पूरा मामला

ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर अपने काम में लगे हैं और देश को आगे ले जा रहे हैं. वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगे. ब्रिटेन में सियासी भूचाल उस वक्त आ गया, जब ब्रिटिश पीएम के सबसे करीबी सलाहकार और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 11:54 pm

DNA: ईरान के हाथ लगी अमेरिका की ये एक्सक्लूसिव हथियार टेक्निक, हमला करने से पहले थरथराएंगे ट्रंप

Iran-America Conflict: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया है कि तेहरान के पास अमेरिका की एक्सक्लूसिव हथियार तकनीक हाथ लग गई है. इससे ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 10:36 pm

'करीना' पर भी मेहरबान था एपस्टीन, गर्लफ्रेंड के नाम की 900 करोड़ की प्रॉपर्टी; एपस्टीन फाइल्स में खुलासा

Epstein files: एपस्टीन फाइल्स में मौजूद कंटेट की पड़ताल कई वकील और पत्रकार कर रहे हैं. एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत जारी हुए दस्तावेजों में दर्जनों महिलाओं के नाम सामने आए हैं. इनमें प्रिंस एंड्रयू की पूर्व पत्नी सारा फर्ग्यूसन, उनकी बेटियों के अलावा अब करीना का नाम सामने आया है.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 10:17 pm

'मैं GTA 6 का रिलीज कैसे देखूंगा...' उम्र कैद नहीं, बल्कि इसलिए रोया आरोपी; साथी की हत्या के दोषी का हैरान करने वाला बयान

दुनिया में कई ऐसे मामले सामने आते हैं, जिसको जानने के बाद हम हैरान हो जाते हैं. कुछ ऐसा एक प्रकरण इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ऑक्सफ़ोर्ड क्राउन कोर्ट में एक हत्या का मामला सुना जा रहा था. इस दौरान दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 8:33 pm

आत्महत्या से पहले एपस्टीन ने नॉर्वे की इस महिला के लिए छोड़े 10 मिलियन डॉलर, अब राजदूत पद से दिया इस्तीफा; कौन हैं मोना जूल?

Norway Ambassador Resigns: नॉर्वे की जॉर्डन में मौजूद राजदूत मोना जूल ने अपने पद से इस्तीफा दिया है. उनका यह इस्तीफा जेफरी एपस्टीन के साथ अपने संपर्क की जांच के बीच आया है.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 5:31 pm

कीर स्टार्मर का विकल्प बनेंगी शबाना महमूद? ब्रिटिश राजनीति में 'एपस्टीन' का भूचाल; क्या 18 महीने बाद बदलेगा पीएम

ब्रिटेन सरकार के मुखिया इस समय सियासी संकट से जूझ रहे हैं. ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर आने वाले समय में इस्तीफा दे सकते हैं. चूंकि, हाल में ही ब्रिटिश के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. एस्पटीन फाइल में हुए एक खुलासे के बाद उन्होंने यह कदम उठाया था.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 3:59 pm

हिंद महासागर में भारत की बड़ी चाल! पीएम मोदी ने सेशेल्स को दिया $175 मिलियन का तोहफा, चीन की बढ़ेगी बेचैनी?

President patrick hermini bilateral meeting: प्रधानमंत्री मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में साझा हितों पर चर्चा हुई. भारत ने 175 मिलियन डॉलर के आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जो हाउसिंग, ई-मोबिलिटी, स्वास्थ्य और कौशल विकास में मदद करेगा.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 2:31 pm

Bangladesh Election 2026: 'दो बेगमों' के बिना हो रहे बांग्लादेश के चुनाव में झलक रहा नेतृत्व संकट

दक्षिण एशिया में महिला नेतृत्व के प्रतीक के रूप में पहचाने जाने वाले बांग्लादेश में इस बार चुनावी मैदान में महिलाओं की उपस्थिति बेहद सीमित है। कुल 1,981 उम्मीदवारों में से केवल 76 महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं यानी कुल का चार प्रतिशत से भी कम।

देशबन्धु 9 Feb 2026 1:15 pm

थाईलैंड चुनाव 2026: पीएम अनुतिन की पार्टी आगे, बहुमत से दूर; गठबंधन की राह पर भूमजाईथाई पार्टी

मतगणना में भूमजाईथाई को 195 सीटें मिल चुकी हैं। 500 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत के लिए 251 सीटों का आंकड़ा जरूरी है। ऐसे में साफ है कि नई सरकार गठबंधन के सहारे ही बनेगी, लेकिन राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि संभावित गठबंधन में अनुतिन की पार्टी का वर्चस्व रहेगा।

देशबन्धु 9 Feb 2026 12:37 pm

जेफ्री एपस्टीन की ‘विशेष मानव नस्ल’ योजना पर नए खुलासे, विवाद के बाद ब्रिटन के चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा

रिपोर्टों के मुताबिक, 33 हजार वर्ग फीट में फैले एपस्टीन के जोरो रैंच को वह एक ऐसे परिसर के रूप में विकसित करना चाहता था, जहां महिलाएं उसके बच्चों को जन्म दें। कुछ स्रोतों ने दावा किया कि वह इसे “बच्चों की फसल” उगाने वाले फार्म की तरह देखता था।

देशबन्धु 9 Feb 2026 12:18 pm

Japan Election 2026: सानेए ताकाइची की ऐतिहासिक जीत को दुनिया ने सराहा, PM मोदी-ट्रंप तक; किसने क्या कहा?

64 वर्षीय ताकाइची, जो जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, ने अक्टूबर में पद संभालने के बाद से ही अपनी सख्त छवि, स्पष्ट वक्तव्य शैली और तेज़ कार्यशैली के दम पर लोकप्रियता हासिल की है। बढ़ती स्वीकार्यता को भुनाने के लिए उन्होंने दुर्लभ शीतकालीन चुनाव कराने का जोखिम उठाया था।

देशबन्धु 9 Feb 2026 11:54 am

शेख हसीना की आवामी लीग का आलीशान हेड ऑफिस बना बदबूदार टॉयलेट, किस नेता की हो रही जय-जयकार! क्या चुनाव से पहले ही तय हो गया नतीजा?

Posters of Khaleda everywhere none of Hasina: शेख हसीना की आवामी लीग का वो आलीशान हेडक्वार्टर, जहां कभी नेता-कार्यकर्ता भरे रहते थे, यही से सरकार देश चलाती थी, अब यही ऑफिस बदबूदार टॉयलेट जैसा हो गया है. फूल वाले टेम्पो पार्क कर रहे हैं, दीवारें गंदी हैं, और बाहर का माहौल ऐसा कि कोई भी दूर से गुजरता है तो नाक सिकोड़ लेता है. अब ये जगह लोगों के लिए पेशाबघर बन गया हैं. दूसरी तरफ एक नेता की तस्वीरों से पूरा ढाका पटा हुआ नजर आ रहा है. जानें पूरी रिपोर्ट.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 9:18 am

'जंग हो जाए तब भी नहीं झुकेंगे...', ओमान में की मीटिंग फिर ईरान ने न्यूक्लियर पर अमेरिका को दिया सीधा चैलेंज, यूरेनियम पर कोई समझौता नहीं

Iran refuses to give up on uranium enrichment:ईरान ने अमेरिका के दबाव और सैन्य धमकियों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि वह यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा.विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि किसी भी देश को ईरान की नीति तय करने का अधिकार नहीं है.ओमान में चल रही वार्ता पर भी उन्होंने अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाए.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 8:10 am

UK के राजदूत का एपस्टीन विवाद में नाम आने से बढ़ा बवाल, PM स्टार्मर के 'राइट हैंड' ने दिया इस्तीफा

Morgan mcsweeney resigns after epstein case: एपस्टीन विवाद के बाद पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति को गलत बताते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 6:54 am

NSA डोभाल ने स्पेस सेंटर की सीक्रेट विजिट क्यों की:क्या भारत का स्पेस मिशन खतरे में; रिसर्च प्रोग्राम्स की जासूसी की कहानी

भारत के स्पेस प्रोग्राम के सबसे भरोसेमंद रॉकेट PSLV के लगातार 2 मिशन नाकाम रहे हैं। वो भी महज 9 महीने में। इसी के चलते NSA अजीत डोभाल ने विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर का गुप्त दौरा किया। 2 दिन तक उन्होंने वैज्ञानिकों के साथ मीटिंग्स की। कहा जा रहा है कि डोभाल ने PSLV मिशन के सबोटाज यानी जानबूझकर मिशन फेल करने के एंगल से जानकारियां जुटाईं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीएम नरेंद्र मोदी के कहने पर NSA ने यह दौरा किया। आखिर PSLV इतना भरोसेमंद कैसे है, क्या कोई सबोटाज का खतरा है और क्या पहले भी ऐसा कुछ हो चुका है; जानेंगे मंडे मेगा स्टोरी में… ढेरों सुरक्षा उपाय और निगरानी होने के बावजूद भी भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में वैज्ञानिकों की संदिग्ध मौत, हत्या, जासूसी, हनीट्रैप वगैरह के मामले हुए हैं… **** ग्राफिक- अजीत सिंह और अंकुर बंसल -------- अजीत डोभाल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 80 वर्षीय डोभाल पर इतना भरोसा क्यों करते हैं मोदी: कभी आडवाणी के फेवरेट, रिटायर होते ही मोदी ने गुजरात बुलाया; ‘भारतीय जेम्स बॉन्ड' के किस्से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भारत पर लगातार हमलावर थे। कभी सीजफायर के मुद्दे पर, तो कभी टैरिफ पर। अचानक 7 अगस्त को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ मुलाकात का वीडियो सामने आता है और चीजें बदलने लगती हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Feb 2026 5:36 am

जमात के पहले हिंदू कैंडिडेट बोले- शरिया नहीं लाएंगे:रैली में महिलाओं को पर्दे के पीछे बैठाया, कैश बांटते कैमरे में कैद

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद 12 फरवरी को आम चुनाव हैं। छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल हुई शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग चुनाव का हिस्सा नहीं है। वहीं 2014 और 2024 के चुनाव में शामिल नहीं हुई बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी पार्टियां जोरशोर से चुनाव लड़ रही हैं। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद से ही माहौल हिंदुओं के खिलाफ है। जबकि शरिया कानून की वकालत करने वाली जमात की छवि हमेशा कट्टरपंथी पार्टी की रही है। हालांकि इस बार जमात ने पहली बार चुनाव में हिंदू कैंडिडेट उतारा है। ऐसे में जमात के लिए चुनाव में हिंदुओं की सुरक्षा कितना बड़ा मुद्दा है, ये समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम पार्टी की चुनावी रैली में पहुंची। हम खुलना जिले की उसी दाकोप सीट पर पहुंचे, जहां से पार्टी के पहले और अकेले हिंदू कैंडिडेट कृष्णा नंदी चुनाव लड़ रहे हैं। वे दावा करते हैं कि जमात बांग्लादेश में शरिया नहीं लाएगी। हालांकि उनकी रैली में महिलाएं पर्दे के पीछे बैठी दिखीं। नंदी रैली में वोटरों को खुलेआम कैश बांटते कैमरे में भी कैद हो गए। ये सब रिपोर्ट करने के दौरान न सिर्फ हमें डराया धमकाया गया बल्कि वीडियो डिलीट करने का भी दवाब बनाया गया। जमात की रैली में और क्या हुआ, पार्टी के पहले हिंदू कैंडिडेट क्या दावे कर रहे और रैली में आए समर्थकों का क्या कहना है। पढ़िए इस रिपोर्ट में... जमात की रैली में महिलाओं को पर्दे के पीछे बैठायाभारत के बॉर्डर पर पड़ने वाले खुलना जिले के दाकोप में 55% हिंदू आबादी है। ये इलाका गंगा के डेल्टा और सुंदरबन के पास है। इस छोटे-छोटे टापुओं वाले इलाके तक पहुंचने के लिए हमें नदी पार करनी थी। लिहाजा पहले हमने फेरी के जरिए नदी पार की। फिर कुछ दूर पैदल चले और यहां से बाइक पर सवार होकर उबड़-खाबड़ रास्ते से होते हुए दाकोप पहुंचे। यहां 1 फरवरी को जमात कैंडिडेट कृष्णा नंदी की चुनावी रैली थी। कृष्णा पेशे से व्यापारी हैं और इलाके में उनका दबदबा है। जब हम रैली में पहुंचे तो गांव में धार्मिक नारों के साथ यात्रा निकाली जा रही थी। वैसे दाकोप हिंदू बहुल इलाका है, लेकिन रैली में ज्यादातर मुस्लिम ही दिखे। इस रैली में सबसे चौंकाने वाली बात ये थी कि महिलाओं को मंच के किनारे पर्दा लगाकर बैठाया गया था। ताकि पुरुष और महिलाओं को अलग-अलग रखा जा सके। रैली में ज्यादातर मुस्लिम महिलाएं ही पहुंचीं। जमात शरिया नहीं लाएगा, सबको साथ लेकर चलेंगेदाकोप से कैंडिडेट कृष्णा नंदी से बात करके हमने समझने की कोशिश की कि आखिर हिंदू कम्युनिटी से होते हुए भी वो इस्लामिक कट्टरपंथी पार्टी से चुनाव क्यों लड़ रहे हैं? इसके जवाब में नंदी कहते हैं, ‘मैं जमात की विचारधारा से सहमत हूं। ये ईमानदारी, सच्चाई और न्याय के लिए लड़ने वाली पार्टी है। इसलिए मैं जमात से जुड़ा।‘ वे आगे कहते हैं, ‘दाकोप, हिंदू आबादी वाला इलाका है। मैं यहां सभी लोगों के लिए काम करना चाहता हूं। मैंने लोगों से वादा किया है कि हिंदुओं को बराबरी का सम्मान दिया जाएगा। हमारे यहां सभी धर्म के लोग मिलकर रहते हैं। यहां लोग जबरन वसूली और प्रोटेक्शन मनी की धमकियों से आजादी चाहते हैं। मैंने वादा किया है कि मैं इसके खिलाफ लड़ाई लड़ूंगा।’ क्या जमात इस्लामिक कानून लाना चाहता है? नंदी कहते हैं, ‘नहीं, जमात शरिया नहीं लाएगा। हम सभी को साथ लेकर चलेंगे।’ फिर आपकी रैली में महिलाओं को अलग क्यों बैठाया गया है। हमने पहले किसी रैली में ऐसा नहीं देखा। आप खुद हिंदू होकर ये कैसे स्वीकार कर रहे हैं? इस पर नंदी कहते हैं, ‘जमात के राज में महिलाएं सम्मान और गरिमा के साथ रहेंगी। ऐसा नहीं है कि महिला-पुरुष रैली में साथ शरीक नहीं हो सकते। हम मिलकर महिलाओं को सुऱक्षा देंगे। हमने महिलाओं के बैठने के लिए अलग सेक्शन भी बनाया है।’ हमारा भी यही सवाल है कि अलग बैठाने की क्या जरूरत है, क्या महिलाएं साथ नहीं बैठ सकतीं? ‘हमें यहां के समाज के हिसाब से व्यवस्था करनी होती है।’ ये कहकर नंदी बात टालने लगे। वो कहते हैं कि अगर जमात की सरकार बनी तो भारत से बेहतर संबंध बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। जमात कैंडिडेट ने प्रचार के दौरान बांटा कैशहमारी बातचीत के मुश्किल से 10 मिनट बाद ही ईमानदारी के दावे कर रहे जमात कैंडिडेट कृष्णा नंदी एक वोटर को कैश बांटते हमारे कैमरे में कैद हो गए। दरअसल पार्टी के लोगों ने कृष्णा नंदी को घेर रखा था और हम कुछ दूरी से उनका वीडियो शूट कर रहे थे। इसी बीच एक महिला आई और उसने नंदी को एक फोटो दिखाई। नंदी ने नोट निकाले और करीब एक हजार टका महिला को थमा दिए। कैमरा देखते ही जमात समर्थक घबरा गए। उन्होंने कैंडिडेट कृष्णा नंदी को इशारा किया कि कैमरे में सब कुछ शूट हो रहा है। नंदी को जब इन सबका आभास हुआ तो वो भी अलर्ट हो गए। इसके बाद जमात समर्थकों ने हमें घेरने की कोशिश शुरू कर दी। एक ने हमें धमकाने के लहजे में पूछा- भारत से हो क्या? अपना नंबर दो ? हम पर वीडियो डिलीट करने का भी दबाव बनाया गया। कैश लेने वाली महिला बोली- जमात के साथ हम ज्यादा सेफ इन सबके बीच हमने उस महिला को तलाशा, जिसे कृष्णा नंदी कैश बांट रहे थे। महिला का नाम माधवी महालदार है। जमात के बारे में पूछने पर वे कहती हैं, ‘मुझे लगता है कि यहां महिलाएं, पुरुषों से ज्यादा सुरक्षित हैं। हम जमात के साथ सेफ महसूस करते हैं। हम बिना किसी परेशानी के जीना चाहते हैं इसलिए मुझे लगता है कि जमात ही शांति से देश चलाएगी।’ जमात की रैली में पहुंची सुष्मिता मंडल कहती हैं, ‘हमें यहां कोई दिक्कत नहीं है। जमात के लोगों का जिस तरह का बात, व्यवहार है, वो अच्छा है। मैं एक अच्छे देश का सपना देखती हूं। मुझे जमात पर पूरा यकीन है।’ हमने हिंदू कैंडिडेट उतारा, ताकि वो कम्युनिटी की तकलीफें समझे इस रैली में दाकोप के ही एक किसान जीएम नईम पहुंचे। वे जमात के कट्टर समर्थक हैं। नईम कहते हैं, ‘जमात सांप्रदायिक सौहार्द्र के आधार पर देश को फिर से बनाने की कोशिश कर रहा है। ये इस बात से पता चलता है कि हमने यहां से चुनाव में हिंदू कैंडिडेट उतारा है। मेरा मानना है कि हमारे हिंदू बहुल इलाके के मुद्दे, हिंदू उम्मीदवार बेहतर तरीके से संसद में उठा सकता है।’ हमने नईम से पूछा कि फिर महिलाओं को अलग बैठने की व्यवस्था क्यों गई है? वे कहते हैं, ‘हम महिलाओं की सुरक्षा चाहते हैं इसीलिए उन्हें बैठने के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। अभी हमारे देश में ऐसे हालात नहीं हैं कि पुरुष और महिलाएं हर जगह एक साथ बैठ सकें।’ हमने कट्टरपंथ का रास्ता छोड़ा, हम महिलाओं के समर्थकजमात की रैली में पहुंचे चलना म्युनिसिपल कमेटी के प्रेसिडेंट नजरूल इस्लाम कहते हैं, ‘जमात धर्म के आधार पर बनी पार्टी है लेकिन हमारा मानना है कि हम हर धर्म के लोग मिल जुलकर रह सकते हैं। हमने कट्टरपंथ का रास्ता छोड़ दिया है। इसका प्रूफ यही है कि हमने इस सीट से हिंदू कैंडिडेट को टिकट दिया है। हमारे साथ हर तरह के लोग हैं। हम कतई कट्टरपंथी नहीं है।‘ नजरूल महिलाओं को अलग बैठाने के सवाल पर कहते हैं, ‘महिलाओं को राजनीति करने के लिए जमात कोई रोक-टोक नहीं करती।’ हालांकि रैली की कवरेज के दौरान हम जमात के निशाने पर आ गए। पार्टी कैंडिडेट कृष्णा नंदी के सिक्योरिटी अफसर ने कवरेज को लेकर हमारे कैमरा सहयोगी को बुलाया और अकेले कमरे में बात की। उससे कहा गया कि तुम्हारे साथ जो भारतीय आया है, साहब ने उसका पासपोर्ट और वीजा मंगवाया है, भेज दो। हम समझ गए थे, अब इस रिवर आईलैंड पर रुकना सेफ नहीं। हम तुरंत रैली से निकले और बोट लेकर लौटने लगे। हम वहां से निकल तो आए लेकिन रास्ते भर अलग-अलग अफसरों के फोन आते रहे। एक पुलिस अधिकारी ने हमसे फोन कर पूछा कि बांग्लादेश कब आए, कहां से आए और कब लौटोगे? फिर एक और अधिकारी का फोन आया, उसने खुद को आर्मी इंटेलिजेंस का अफसर बताया। उसने भी हमसे कई तरह के सवाल किए। करीब 1 घंटे तक हमें लगातार कॉल पर कॉल आते रहे। स्टोरी में सहयोग: बांग्लादेश से अरिफुल शब्बीर इस्लाम……………………..बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़ें BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू…

दैनिक भास्कर 9 Feb 2026 5:14 am

US में डाक के जरिए वोटिंग होनी चाहिए या नहीं? एलन मस्क ने रखी राय तो सोशल मीडिया पर आ गया तूफान

Elon Musk Latest News: US में डाक के जरिए वोटिंग होनी चाहिए या नहीं? इस मुद्दे पर अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने भी अपनी राय रखी है. उनके पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर तूफान जैसा आ गया है और लोग जमकर अपनी-अपनी बात रख रहे हैं.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 12:22 am

अमेरिका में भी वोटों की चोरी, ट्रंप ने चुनाव सुधारों के लिए बुलंद की आवाज, लगे हाथ ये मांग भी कर दी

US Elections: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश में चुनाव सुधारों की मांग की और कहा कि चुनावों में जमकर धांधली हुई, वोटों की चोरी हुई. इसलिए पूरी दुनिया में अमेरिका की जगहंसाई हुई.

ज़ी न्यूज़ 9 Feb 2026 12:02 am

तबाही की दहलीज पर खड़ा ईरान, फिर भी कट्टरता छोड़ने को तैयार नहीं; नोबेल विजेता को सुनाई 6 साल जेल की सजा

Nargis Mohammadi Latest News: यूएस के युद्धपोत ईरान को घेरे हुए खड़े हैं और तबाही कभी भी उस पर झपट्टा मार सकती है. इसके बावजूद ईरान अपनी कट्टरता छोड़ने को तैयार नहीं है. उसने विषम माहौल में भी अपना कट्टरपंथी रवैया बरकरार रखते हुए नोबेल विजेता नर्गिस मोहम्मदी को 6 साल जेल की सजा सुनाई है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 11:28 pm

सेट हो गई खालिस्तानियों की फील्डिंग... कनाडाई NSA से मिले डोभाल, अब होगा 'डायरेक्ट एक्शन'?

Ajit Dobhav Canada Visit News: कनाडा में छिपे बैठे खालिस्तानी अब अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर भारत विरोधी गतिविधि नहीं चला पाएंगे. कनाडाई NSA से मिलकर डोभाल ने खालिस्तानियों के खिलाफ 'डायरेक्ट एक्शन' की रणनीति तैयार कर ली है. अब ऐसे तत्वों के खिलाफ दोनों मुल्क मिलकर एक्शन लेंगे.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 11:20 pm

रिक्शे से चुनाव प्रचार कर रही बांग्लादेश के इस मुस्लिम नेता की बेटी, 12 फरवरी को होगा मुल्क की किस्मत का फैसला; Video Viral

60 वर्षीय रहमान ने शुक्रवार को अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी के एकता सरकार बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जबकि अगले हफ्ते होने वाले चुनावों में जीत का भरोसा जताया. BNP अध्यक्ष, जो पिछले लगभग दो दशकों से निर्वासन में थे, पिछले साल दिसंबर में अपनी मां खालिदा ज़िया की बिगड़ती सेहत के बाद बांग्लादेश लौट आए थे.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 11:18 pm

Epstein files: 9 अरब रुपये के तलाक केस में उलझा 69 साल का कारोबारी, पत्नी पर लगाया दौलत लुटाने का आरोप; एपस्टीन से जुड़े तार

Epstein files: वॉल स्ट्रीट टाइकून ने $100 मिलियन डॉलर यानी 9 अरब रुपये के तलाक के केस में अपनी पत्नी पर सीक्रेट लवर रखने और उस पर अपनी करोड़ों की दौलत लुटाने का आरोप लगाया है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 8:21 pm

भाषण खत्म होने ही वाला था… तभी रैली में मंच के आसपास फटने लगे हैंड ग्रेनेड, ढाका में हुए उस हमले में कैसे बची थीं शेख हसीना?

Deadly Attack on Sheikh Hasina Story: बांग्लादेश की राजनीति में हिंसा कोई नई बात नहीं है. ऐसा ही एक वाकया 2004 में हुआ था. जब शेख हसीना भाषण देकर मंच से उतरने वाली थीं, तभी उन पर हथगोलों और गोलियों की बौछार होने लगी थी. उस हमले में 24 लोग मारे गए थे.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 7:53 pm

रेत के समंदर में निकला 'नायाब' खजाना, क्या है न्यू मैक्सिको की रहस्यमयी 3400 साल पुरानी गुफा का राज?

यह गुफा सिर्फ एक जमी हुई बर्फ से कहीं ज़्यादा है. यह एक प्राकृतिक प्रयोगशाला है. रिसर्चर्स को इस 'आइसकेव' में एक ही जगह पर बर्फ संरक्षण, सूक्ष्मजीव जीवन और ज्वालामुखी भूविज्ञान का अध्ययन का मौका मिलता है. इस बीच, यहां आने वाले पर्यटक 'आइसकेव' की अवास्तविकता से आकर्षित होते हैं.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 4:02 pm

ओमान वार्ता के बाद बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर लगाए 25% अतिरिक्त टैरिफ

ओमान वार्ता के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाते हुए एक नया टैरिफ आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है।

देशबन्धु 8 Feb 2026 2:18 pm

एपस्टीन फाइल्स में दलाई लामा का नाम? 169 बार जिक्र होने के दावों पर कहा- न कभी मिले, न कभी इजाजत दी

Dalai lama in epstein files: दलाई लामा के ऑफिस ने एपस्टीन फाइल्स में उनके नाम आने की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा कि उनका एपस्टीन से कोई संपर्क नहीं था. नए जारी डॉक्यूमेंट्स में कई विश्व प्रसिद्ध नेताओं और बिजनेस लीडर्स के नाम सामने आए हैं, लेकिन दलाई लामा इनसे अलग हैं.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 1:57 pm

ट्रंप से मुलाकात के बाद ईरान के कड़े तेवर, कहा- बातचीत तो ठीक है, पर नहीं छोड़ेंगे परमाणु पाने की जिद

Iran us nuclear talks in mascat: ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में हुई बातचीत को ईरान ने अच्छी शुरुआत बताया है, लेकिन कहा है कि भरोसा बनने में समय लगेगा और वह अपना यूरेनियम संवर्धन व मिसाइल कार्यक्रम नहीं छोड़ेगा. वहीं ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर 25% अतिरिक्त टैरिफ का ऐलान किया है और दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत जल्द होने की बात कही गई है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 12:34 pm

FATF के रडार पर फिर आया पाकिस्तान, कहा- ग्रे लिस्ट से बाहर होना आतंक फंडिंग से छूट नहीं, फिर होगी कार्रवाई?

‘जियोपोलिटिकल मॉनिटर’ की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन दोबारा सक्रिय होते दिख रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन संगठनों की परिचालन क्षमता में निरंतरता इस बात का संकेत है कि उन्हें संसाधन और संरचनात्मक समर्थन उपलब्ध है।

देशबन्धु 8 Feb 2026 12:21 pm

हर जगह मस्जिद देख भड़के ट्रंप के सांसद, बोले- डलास को बना दिया गया है पाकिस्तान; अब सोशल मीडिया पर हो रही जमकर ट्रोलिंग

USA: अमेरिकी सांसद ब्रैंडन गिल ने डलास में बढ़ते इस्लामीकरण पर टिप्पणी करते हुए डलास की पाकिस्तान से तुलना की, जिससे विवाद खड़ा हो गया. उनके बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया आई और गिल को मुस्लिम-विरोधी बताया गया.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 12:20 pm

रूस से तेल खरीद पर संशय बरकरार, जानें क्या है ट्रंप की धमकी और भारत के रुख की स्थिति?

यदि व्यापार मंत्री को यह संकेत मिलता है कि भारत ने रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू कर दी है, तो वे राष्ट्रपति को अतिरिक्त कार्रवाई की सिफारिश कर सकते हैं। इसमें दोबारा टैरिफ लागू करना भी शामिल हो सकता है।

देशबन्धु 8 Feb 2026 12:15 pm

एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की चैट सामने आई: दावा- सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई

रिकॉर्ड के अनुसार, 2017 से 2019 के बीच दोनों के बीच पेरिस और न्यूयॉर्क में संभावित मुलाकातों की योजना पर चर्चा हुई। मई 2019 में अनिल अंबानी के न्यूयॉर्क दौरे के दौरान एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने निवास पर आमंत्रित किया था, जहां कथित तौर पर मुलाकात हुई।

देशबन्धु 8 Feb 2026 11:22 am

$8.59 बिलियन का ट्रेड... मलेशियाई PM ने किया भारत के साथ 11 ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर, कहा- मोदी मेरे सच्चे मित्र हैं...

PM modi in malaysia: मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी के साथ भारत-मलेशिया संबंधों को रणनीतिक और महत्वपूर्ण बताते हुए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं. इस मुलाकात में व्यापार, शिक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 11:11 am

न्यूजरूम में सन्नाटे के बाद बोर्डरूम में भूचाल, वॉशिंगटन पोस्ट के CEO ने भी ली अचानक विदाई

Washington Post CEO Resignation: वॉशिंगटन पोस्ट के न्यूज रूम में छंटनी की गई थी, जिसकी वजह से लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. न्यूजरूम के बाद अब वॉशिंगटन पोस्ट के CEO ने भी इस्तीफा दे दिया. उन्होंने कुछ कहा जानते हैं.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 11:09 am

क्या है ये तीन हरे गुंबद वाली इमारत, जहां राष्ट्रगान बजाकर पीएम मोदी का हुआ स्वागत; मुगलों से क्या है संबंध?

PM Modi Malaysia Visit: मलेशिया दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भव्य स्वागत की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. इन तस्वीरों में पीएम मोदी के साथ ही चर्चा उस इमारत की हो रही है जिसके सामने खड़े होकर पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. तीन विशाल हरे गुंबदों वाली यह इमारत का क्या नाम है और क्यों खास है, आइए जानते हैं...

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 10:38 am

हम दे देंगे पैसे, मेरी मां को लौटा दो...मशहूर एंकर ने की किडनैपर्स से गुजारिश, वीडियो जारी कर लगाई गुहार

Savannah Guthrie: अमेरिकी टीवी की मशहूर एंकर सवाना गुथरी ने एक नया वीडियो जारी किया है. उन्होंने किडनैपर्स से कहा है कि हम पैसे दे देंगे, मेरी मां को लौटा दो, एक हफ्ते पहले सवाना गुथरी की मां की किडनैपिंग हो गई थी.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 10:04 am

मलेशिया दौरे पर पीएम मोदी, अनवर इब्राहिम संग द्विपक्षीय बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण बातचीत की

देशबन्धु 8 Feb 2026 9:51 am

मलेशिया में गूंजा ‘भारत माता की जय’, पेरदाना पुत्रा में PM मोदी का औपचारिक स्वागत; दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

PM Modi:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा के दौरान पेरदाना पुत्रा में औपचारिक स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता प्रस्तावित है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 9:13 am

पुतिन के देश में फिर सिर उठा रहा है 'नव-नाजीवाद'? भारतीय छात्रों के खून से दीवार पर बनाया स्वस्तिक; जानें इस दरिंदगी की पूरी कहानी

Neo nazi teen attack on Indian: बाशकोर्तोस्तान की मेडिकल यूनिवर्सिटी में 15 साल के नव-नाजी हमलावर ने विदेशी छात्रों पर चाकू से हमला किया, जिसमें चार भारतीय छात्र भी घायल हुए हैं. पुलिस और प्रशासन ने गंभीर जांच शुरू कर दी है, हमलावर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 8:57 am

साथ मिलकर लड़ेंगे आतंकवाद की लड़ाई...मलेशिया में PM मोदी ने बताई दोस्ती की परिभाषा, क्यों जताया आभार?

PM Modi in Malaysia: पीएम मोदी मलेशिया दौरे पर हैं. यहां पर उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा कि आपने जो आयोजन किया ये हमेशा याद रहने वाला है. आतंकवाद पर पीएम ने ये बातें कही.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 8:53 am

जापान में आम चुनाव की वोटिंग शुरू, सत्ता बचाने की चुनौती में एलडीपी गठबंधन

जापान में आम चुनाव के लिए मतदान रविवार सुबह शुरू हो गया। इस चुनाव में संसद के निचले सदन, यानी प्रतिनिधि सभा की 465 सीटों के लिए कुल 1,284 उम्मीदवार मैदान में हैं

देशबन्धु 8 Feb 2026 8:32 am

ऑफिस में दोस्ती, फिर की करोड़ों की ठगी, भारतीय मूल के व्यक्ति ने इस देश में कराई जगहंसाई

Singapore News: सिंगापुर में एक भारतीय मूल के व्यक्ति को ठगी के आरोप में 2 साल की सजा सुनाई गई है. उसने 25 साल की महिला से 7 महीने में करीब 1.6 करोड़ रुपये की ठगी की थी.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 8:24 am

3 साल में 4 प्रधानमंत्री... क्या फिर अस्थिरता में डूबेगा जापान? ताकाइची के लिए 'करो या मरो' का चुनाव!

Japan lower house election 2026: जापान के निचले सदन के चुनाव को प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के नेतृत्व पर जनता की सीधी राय के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें एलडीपी और उसके सहयोगी बहुमत की कोशिश में हैं. अगर सत्ता में बनी पार्टी गठबंधन बहुमत से चूकती है तो ताकाइची पर इस्तीफे का दबाव बन सकता है और देश में फिर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 7:20 am

मिलान ओलंपिक से पहले सुलगा इटली: सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग, मेलोनी के खिलाफ क्यों हो रही जनता?

Winter Olympics 2026: इटली के मिलान में 2026 शीतकालीन ओलंपिक के खिलाफ प्रदर्शन शनिवार रात हिंसक हो गया. दिनभर शांतिपूर्ण रहे मार्च में रात को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं जिसके कारण पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 7:16 am

यूरोप बूढ़ा हो रहा है! ग्रीस के मंत्री का अलार्म-‘हमें भारतीय युवाओं की सख्त जरूरत’

India eu forum 2026: यूरोप में युवाओं की कमी को देखते हुए ग्रीस के रक्षा मंत्री ने भारतीय उपमहाद्वीप को कानूनी प्रवासन के लिए बेहतर ऑप्शन बताया और संतुलित नीति पर जोर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 6:44 am

बातचीत के बहाने जंग की तैयारी? ईरान से 700 किमी दूर खड़ा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर, कभी भी हो सकता है हमला

US Iran tension update: बातचीत के बहाने अमेरिका, ईरान पर जंग की तैयारी कर रहा है. उसने ईरान से 700 किमी दूर अरब सागर में अपना एयरक्राफ्ट कैरियर खड़ा कर रखा है, जिससे वह कभी भी हमला कर सकता है.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 6:21 am

रूस - यूक्रेन जंग के बीच मेडिकल यूनिवर्सिटी में चाकूबाजी, हमले में 4 भारतीय छात्र घायल

Russia Stabbing: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य स्थित ऊफा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में चाकूबाजी की वारदात सामने आई है, इस हमले में 4 भारतीय छात्र बुरी तरह घायल हो गए हैं.

ज़ी न्यूज़ 8 Feb 2026 6:19 am

संडे जज्बात-पापा को थप्पड़ मारे, मां को पीटा:पता चला कि गोद ली बेटी हूं तो 2 साल कमरे में बंद रही, दिनभर देखती थी क्राइम पेट्रोल

मैं एक अडॉप्टेड चाइल्ड हूं, सहर हाशमी। एक्टिविस्ट शबनम हाशमी और गौहर रजा की गोद ली हुई बेटी। मैं केवल 9 महीने की थी जब सगे मां-बाप अनाथालय छोड़ गए थे। जब अम्मा-पापा अनाथालय आए थे, तब मैं महज एक साल की थी। अम्मा बताती हैं कि मैं शीशे से उन्हें देख रही थी। जैसे ही वो लोग मेरे सामने पहुंचे, मैंने अपना हाथ उनकी तरफ बढ़ा दिया। अम्मा-पापा ने फौरन मेरा हाथ थाम लिया, जबकि उनका पहले से एक बेटा था साहिर हाशमी। कागजी कार्रवाई के बाद मुझे घर ले आए। घर में धूमधाम से मेरा स्वागत हुआ। मिठाई बांटी गई। मां बताती है कि साहिर भाई के दोस्त अक्सर स्कूल में बहनों की बातें किया करते थे। भाई सबकुछ सुनते रहते और घर आकर जिद करते कि मुझे भी बहन चाहिए। तब अम्मा और पापा ने तय किया कि हम एक बेटी गोद लेंगे। जब पांच साल की हुई तब पहली बार अम्मा ने बताया कि मुझे गोद लिया है। तब मुझे कुछ समझ नहीं आया। उसके कुछ समय बाद एक दफा मेंहदी लगाने के लिए अम्मा के साथ लाजपतनगर मार्केट जा रही थी। मुझे बहुत शौक था, जैसे ही मेंहदी का रंग फीका होता मैं दोबारा लगवा लेती थी। मेंहदी लगवाते हुए अचानक मैंने अम्मा से पूछा- साहिर भाई कैसे पैदा हुए हैं? अम्मा बोलीं- साहिर मेरे पेट से पैदा हुआ है। फिर मैंने पूछा क्या मैं भी आपके पेट से पैदा हुई हूं? अम्मा बोलीं- नहीं, तुम मेरे पेट से पैदा नहीं हुई हो। अम्मा की ये बात मेरे मन में बैठ गई। मैं सोचने लगी कि अम्मा ये क्या बोल रही हैं? मैं सच में इनकी बेटी नहीं हूं। तब तो ये लोग मुझे प्यार ही नहीं करते होंगे। मेरे लिए कभी कुछ करेंगे भी नहीं। सब कुछ साहिर भाई के लिए करेंगे। मुझे लंबे समय तक लगता रहा कि यह लोग मुझसे प्यार नहीं करते हैं। अम्मा-पापा दूसरे पैरेंट्स से बिलकुल अलग थे। किसी तरह की रोक-टोक नहीं करते थे। वो सोचते थे कि बच्चा अपने फैसले खुद लेना सीखे। जब मैं उनसे कुछ मांगती थी और नहीं मिलता था तब लगता था कि इनकी बेटी नहीं हूं इसलिए नहीं देते। जबकि वे लोग ठीक होते थे अपनी जगह। उनके पास पैसे नहीं होते थे। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई तो बाकी बच्चों से एकदम अलग होती चली गई। मेरे अंदर गुस्सा था। मैं गुस्से में हिंसक हो जाती थी। कुछ भी उठाकर फेंक देना, किसी को भी मार देना। उस वक्त अम्मा-पापा मेरी इन हरकतों को सामान्य समझते थे। कहते थे कि बच्चा है, कोई बात नहीं है। कुछ समय बाद साहिर भाई पढ़ाई के लिए बाहर चले गए। जब वो घर आते तो मुझे उनसे भी दिक्कत होती। ऐसे लगता कि ये क्यों आए हैं। मुझे हर बात पर शक होता जैसे कि कुछ अच्छा खाना बने तो मुझे लगता कि उनका बेटा है इसलिए बन रहा। अपने बेटे से हंस-हंस कर बात कर रहे हैं। ये सब देखते ही मैं वहां से उठकर चली जाती थी। भाई मुझसे इतना प्यार करते थे, तब भी मुझे उनसे दिक्कत होती थी। शुरुआत में अम्मा-पापा को लगता था कि वे लोग मुझे समय नहीं दे पाते, इसलिए चिड़चिड़ी हो गई हूं। फिर उन्होंने एक साथ ट्रैवल करना बंद किया। दोनों में से एक हमेशा मेरे पास घर में रहते थे। फिर उन्होंने गूगल पर पढ़ना शुरू किया। उन्होंने काउंसलर से भी बात करी, लेकिन जब साल 2014 में मैंने बाहरवीं पास की और आत्महत्या की कोशिश की तो यह उनके लिए अति हो गई थी। फिर उन्हें काउंसलर ने कहा कि इसे साइकैट्रिक ट्रीटमेंट की जरूरत है, वरना वे अपना बच्चा खो देंगे। अगर कोई मुझे कह देता कि ये क्या पहन लिया, अच्छी नहीं लग रही हो। इतनी सी बात सुनकर मैं ट्रिगर हो जाती थी। अगर मुझसे कोई तेज आवाज में बात करे तो मैं सहन नहीं कर पाती थी। अगर अम्मा मुझे किसी बात पर व्हॉटसएप पर थम्स-अप साइन भेज देती तो मैं अपसेट हो जाती। सोचने लगती कि उन्होंने ठीक से बात नहीं की। मेरे लिए टाइम ही नहीं है उनके पास। फिर मैं बहुत गहरी सोच में चली जाती। मेरे शौक बहुत मंहगे होते थे। मुझे मंहगी चीजों की आदत हो गई थी। जब आईफोन XR आया तो मुझे चाहिए था। किसी तरह अम्मा-पापा ने मुझे EMI पर फोन दिलवाया और तीसरे दिन वह चोरी हो गया। मैं बहुत अपसेट हो गई। एक हफ्ते के बाद पापा ने मुझे दोबारा आईफोन दिलवाया तब मैं खुश हुई। मेरे लिए पैसे खर्च करना एक सेफ्टी वॉल जैसा था। जब मेजर ब्रेकडाउन होता तो मैं कुर्सी उठाकर मार देती थी। मुझे न सुनना बिलकुल पसंद नहीं है। अगर मैंने कोई चीज मांगी और पापा ने मना कर दी, तब तो मुझे वो चीज चाहिए ही होती थी। चाहे कुछ हो जाए। मैं खुद को मारने लगती थी। यहां तक की मैंनें अम्मा-पापा पर भी हाथ उठाया था। मेरा डॉग जो मुझे जान से ज्यादा प्यारा था, उसे भी उठाकर फेंक दिया था। अपना कमरा लॉक कर लेना। अम्मा को धक्का दे देना। घंटों तक रोना। आपा खो देना। मुझे सबसे आसान लगता था कि मैं खुद को मार लूं। मैं ही हर समस्या की जड़ हूं। फिर सिर दर्द हो जाता था तो पांच छह लोग मुझे एक दवा देने में लग जाते थे जिसके बाद मैं सो जाती थी। ऐसे में शॉपिंग या मंहगी चीजों की खरीदारी मेरे लिए सेफ्टी वॉल का काम करता था। बस तब मैं थोड़ा शांत हो जाती थी। एक दफा मैंने पापा पर हाथ उठाया था। उसके बाद देर रात मैं कमरे में ये सब सोचकर रो रही थी। शायद पापा ने मेरी आवाज सुन ली और भागकर कमरे में आए। मैंने उनसे कहा कि आप पर हाथ उठाया, आपको चोट लग गई। मुझे बहुत बुरा लग रहा है। मैं आपको मारना नहीं चाहती थी, लेकिन पता नहीं क्या हो जाता है। खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती। पापा ने मुझे गले लगा लिया। फिर कहने लगे कि मैं जानता हूं। जब गुस्सा आए और तुम्हें लगे कि पापा को मारकर शांत हो सकती हो तो तुम मार लिया करो मुझे। मुझे बॉर्डर लाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर था। इसके अलग-अलग लक्षण होते हैं। मेरे अंदर था कि मुझे बहुत ज्यादा पैसा खर्च करना अच्छा लगता था। जब पैसे देने से अम्मा-पापा मना कर देते तो पूरे घर में हिंसा और तोड़-फोड़ होती थी। इसके अलावा मेरे अंदर आत्महत्या करने की बहुत इच्छा होती थी। मैंने बहुत बार कोशिश की, लेकिन बच गई। मैं खुद को बहुत नुकसान पहुंचाती थी। मैं खुद को बहुत नकारा समझती थी और लगता था कि मुझसे तो दुनिया में कुछ हो ही नहीं पाएगा। मैं तो बहुत बेचारी हूं। मेरी बीमारी के बारे में तब पता चला जब मैं 18 साल की हुई और आत्महत्या करने के लिए अपनी कलाई की नस काट ली थी। देर से डायग्नोस होने की वजह से मेरी और मेरे परिवार की जिंदगी के कीमती 18 साल बरबाद हो गए। सबसे बड़ी बात है कि इस बीमारी से ग्रस्त कोई इंसान अगर परिवार में है तो उसकी चपेट में पूरा परिवार आता है। मैंने आत्महत्या की कोशिश तो बहुत बार की है लेकिन साल 2014 वाला मुझे याद है। उस दिन अम्मा लैपटॉप पर काम कर रही थीं और मैं नीचे सोसाइटी के बच्चों के साथ खेल रही थी। हम रेड हैंड गेम खेल रहे थे। एक बच्चे ने मेरे हाथ पर बहुत तेज मार दिया। मैं रोते हुए घर आई और अम्मा को बताया। अम्मा काम में इतना व्यस्त थीं कि ध्यान नहीं दे पाईं। मैंने टेबल पर रखा कटर उठाया और कलाई काट ली। फिर मैंने कई बार छत से कूदने की कोशिश की। कई बार ट्रक के नीचे आने के लिए हाईवे पर भाग गई। मैं गिन नहीं सकती कि ऐसा कितनी बार किया मैंने। इन सब वजहों से घर का माहौल बहुत खराब रहता था। 24 घंटे घर में मेरे जैसा मरीज था, इसलिए अम्मा अक्सर रोती रहती थी। जो लोग मुझे पसंद नहीं थे, वे घर नहीं आ सकते थे। मुझे अच्छा नहीं लगता था। दो साल के लिए तो मैंने खुद को कमरे में लॉक कर लिया था। बाहर नहीं आती थी। शरीर 70 साल की औरत जैसा हो गया था। लाइट का बटन भी बंद नहीं कर पाती थी, शरीर इतना कमजोर हो गया था। रिमोट तक नहीं उठा पाती थी। बिस्तर पर बैठी चिल्लाती रहती थी कि खाने को दे दो। सारा दिन क्राइम पेट्रोल देखती थी। वहीं से मुझे आत्महत्या के ख्याल आते थे। एक साल तक मैं 10-10 घंटे तक पेंटिंग करती थी। पहले मैं सिर्फ ब्लैक एंड वाइट पेंटिंग करती थी। फिर कलरफुल बनानी शुरू की। साल 2016 में जब मां ने मेरी एक साल की पेंटिंग देखी तो बोलीं- हम एग्जीबिशन लगाएंगे। उनकी बात सुनते ही मैं डर गई। मुझे लगा कि घर में रहते हुए दो साल बीत गए हैं। अब मैं लोगों से बात कैसे करुंगी, कैसे लोगों का सामना करुंगी। अम्मा ने मुझे बहुत समझाया। उसके बाद बस अम्मा-पापा ने कहा कि तुम्हें साइकेट्रिस्ट के पास जाना चाहिए। लेकिन मैं मना कर देती थी। मुझे बॉलीवुड की फिल्में देखकर लगता था कि वहां तो पागल जाते हैं। वे लोग मुझे जंजीरों से बांध देंगे, कमरे में बंद कर देंगे। बिजली के झटके देंगे। जब मैं साइकेट्रिस्ट के पास गई तो बहुत अच्छा लगा। बच्चों के साइकेट्रिस्ट तो वैसे ही बहुत अच्छे होते हैं। वहां बहुत सारे पोस्टर लगे हुए थे, खिलौने थे। वहां जाते-जाते मुझे लगने लगा कि यह मेरे लिए कितना जरूरी है। समय बीतता गया, मेरी दवाइयां चलती रहीं। 20 साल डिप्रेशन में रहने के बाद धीरे-धीरे जिंदगी पटरी पर लौटने लगी। मैं अम्मा-पापा के साथ समय गुजारने लगी। उन्हें समझने लगी। बहुत साल तक तो मैं अपनी सगी मां से नफरत करती रही कि वह कितनी गंदी थीं जो अनाथालय छोड़ गईं। हालांकि अब ऐसा नहीं है। मौका मिले तो मैं अपनी सगी मां से जरूर मिलना चाहूंगी। मेरे लिए दिक्कत यह भी थी कि हर डॉक्टर हमसे फैमिली हिस्ट्री पूछता था। तब अम्मा-पापा बताते थे कि अडॉप्टेड चाइल्ड हूं। तब मैं बहुत गुस्सा करती थी लेकिन अब नहीं। अब कहीं जाकर मैं अडॉप्शन को लेकर नॉर्मल हुई हूं। मेरे लिए शबनम हाशमी और गौहर रजा ही असली मम्मी-पापा हैं। मैं उनसे बहुत प्यार करती हूं। आज मैं निफ्ट से सर्टिफाइड फैशन स्टाइलिश्ट और मोटीवेशनल स्पीकर हूं। मैंने मेंटल हेल्थ पर जो स्टिगमा बना हुआ है, उसे तोड़ने की शुरुआत की है। 11 मार्च 2024 को मैंने रॉयल इनफील्ड खरीदी और दुनिया से इसपर बात करने के लिए निकल गई। शहर दर शहर रॉयल इन फील्ड पर सबसे ज्यादा सेमिनार करने का विश्व रिकॉर्ड मेरे नाम है। मेरी सारी जिंदगी एक ऐसे अंधेरे नरक में गुजरी है कि मुझे लगता है कि मैं देश के कोने कोने में जाकर इसपर बात करूं। मैं बाइक पर जाती हूं। लोगों से बात करती हूं। उन्हें बताती हूं कि यह बीमारी नहीं है। (सहर हाशमी ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) ---------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:39 am

कहां छिपा है 400 किलो सोना चुराने वाला सिमरनप्रीत:32 करोड़ खर्च, लेकिन कनाडा पुलिस खाली हाथ; तीन साल बाद पाकिस्तानी मास्टरमाइंड अरेस्ट

कनाडा के पियर्सन एयरपोर्ट पर उस दिन सब नॉर्मल था। दुबई से आने वाली फ्लाइट टेकऑफ हुई थी। ग्रे कलर की हुडी पहने एक शख्स को देखते ही कुछ लोग तेजी से बढ़े और उसे पकड़ लिया। ये शख्स पाकिस्तानी मूल का अरसलान चौधरी था। चौधरी की गिरफ्तारी कनाडा की सबसे बड़ी सोने की चोरी में पुलिस की बड़ी कामयाबी थी। अप्रैल 2023 में चौधरी और उसके 8 साथियों ने एयरपोर्ट से 184 करोड़ रुपए का 400 किलो सोना चुराया था। वो 3 साल बाद 13 जनवरी, 2026 को पुलिस के हाथ आया। तीन साल की मेहनत और 32 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद पुलिस मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी तक पहुंच पाई। कुल 9 आरोपियों में 5 भारतीय मूल के हैं। इनमें से सिमरनप्रीत अब भी पकड़ा नहीं गया है। चोरी की पूरी कहानीये कहानी 18 अप्रैल 2023 से शुरू हुई थी। दोपहर 2 बजे कनाडा पुलिस को सूचना मिली कि टोरंटो के पियर्सन एयरपोर्ट के वेयरहाउस से एक कंटेनर गायब है। इसमें 24 कैरेट सोने के 6 हजार बिस्किट और 2 करोड़ कनाडियन डॉलर यानी 134 करोड़ रुपए थे। ये सोना और डॉलर स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख से फ्लाइट के जरिए कनाडा लाया गया था। सोना टोरंटो के एक बैंक के लिए था और कैश वैंकूवर में एक मनी एक्सचेंज सेंटर में जाना था। ये कनाडा के इतिहास की सबसे बड़ी चोरी थी। चोरों को पकड़ने के लिए पुलिस ने ऑपरेशन शुरू किया, जिसे प्रोजेक्ट 24K नाम दिया। पुलिस ने वेयरहाउस से कंटेनर गायब होने से जुड़ी डिटेल जुटानी शुरू की। शुरुआत में पता चला कि चोर जिस ट्रक से सोने और कैश से भरा कंटेनर ले गए, वही ट्रक एक दिन पहले सी-फूड का कंटेनर ले जाने के लिए आया था। सी-फूड का बिल दिखाकर चोर वेयरहाउस में घुसे और सोने वाला कंटेनर चुरा ले गए। CCTV फुटेज से पता चला कि ये ट्रक शाम 6:03 बजे एयरपोर्ट कार्गो से निकला था। सिमरन प्रीत पनेसर की एंट्रीजिसे पुलिस की मदद में लगाया, वही चोरी में शामिल जांच में पुलिस की मदद करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भारतीय मूल के अधिकारी सिमरन प्रीत पनेसर को लगाया। पुलिस अफसरों को वेयरहाउस से जुड़ी कोई जानकारी चाहिए होती, तो वह सिमरन प्रीत पनेसर से ही बात करते। पहली बार सिमरनप्रीत पुलिस टीम को क्राइम स्पॉट पर ले गया, तो उसे पसीना आ रहा था। एक पुलिस अफसर ने इसे नोटिस कर लिया, लेकिन जानबूझकर नहीं टोका। जांच चल ही रही थी कि अचानक एक दिन सिमरनप्रीत पनेसर ने एयरपोर्ट की नौकरी छोड़ दी और गायब हो गया। पता चला कि वह भारत में है और चंडीगढ़ में रह रहा है। कनाडा की पील रीजनल पुलिस ने इस केस में कुल 9 आरोपी बनाए। इनमें मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी था। दूसरे नंबर पर सिमरनप्रीत पनेसर को रखा गया। पुलिस के मुताबिक, ओंटारियो के ब्रैम्पटन में रहने वाले सिमरनप्रीत पनेसर ने ही ट्रक ड्राइवर को एयरपोर्ट पर एक्सेस दिलाई थी। वो कंटेनर चोरी होने तक ऑनलाइन उसे ट्रैक करता रहा। पुलिस अब तक उसे पकड़ नहीं पाई है। भारत में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी मामले की जांच कर रही है। पुलिस को आरोपियों की चैट मिली, चोरी से पहले 772 कॉल और मैसेज जांच के दौरान पुलिस को 17 अप्रैल 2023 को चोरी वाले दिन का एक चैट रूम मिला। इसमें अरसलान चौधरी और सिमरनप्रीत पनेसर समेत 4 लोग जुड़े थे। इस ग्रुप में दो दिन में 772 कॉल और मैसेज मिले। चोरी के अगले दिन सिमरनप्रीत पनेसर को एक साथी का मैसेज मिला। इसमें लिखा था कि मुझे मेरे कजिन का कॉल आया था। उसने पूछा कि कल रात कार्गो में चोरी के बारे में सुना। इस पर सिमरनप्रीत ने रिप्लाई किया- ऐसा कुछ नहीं हुआ। पुलिस को चैट के अलावा सिमरनप्रीत के खिलाफ डिजिटल एविडेंस भी मिले। पुलिस को पता चला कि सिमरनप्रीत एयरपोर्ट पर काम करता था, तब उसके पास हाई वैल्यू शिपमेंट को सर्च करने के लिए जरूरी एक्सेस था। चोरी के वक्त वही ऑपरेशंस कंट्रोल का एक्टिंग सुपरवाइजर था। उसके कंप्यूटर सिस्टम की जांच से साफ हुआ कि जिस दिन फ्लाइट से सोना आ रहा था, उस दिन सिमरनप्रीत उसे ट्रैक कर रहा था। फ्लाइट से शिपमेंट कब उतरा, किस कंटेनर में रखा गया। इसे भी वो लगातार ट्रैक कर रहा था। उसने कंटेनर को फिजिकली हटाने में मदद करने के लिए एयर कनाडा कार्गो सिस्टम में भी गड़बड़ी की। एयरपोर्ट पर सोना उतरने के बाद करीब तीन घंटे में गायब कर दिया गया। वेयरहाउस से ट्रक बाहर निकलते ही सिमरनप्रीत ने सिस्टम पर उसे सर्च करना बंद कर दिया। पुलिस को सिमरनप्रीत पर शक था, लेकिन उसे अरेस्ट नहीं किया गया। पुलिस ने इसके लिए दलील दी कि ये पता चल गया था कि वह मास्टरमाइंड नहीं है। इसलिए इसे तुरंत हिरासत में नहीं लिया गया। ऐसा करने से दूसरे आरोपी फरार हो जाते। ये भी उम्मीद नहीं थी कि वह जॉब छोड़कर देश से बाहर चला जाएगा। चोरी का मास्टरमाइंड अरसलान चौधरीचोरी होने तक एयरपोर्ट के पास होटल में रुका रहा 43 साल के अरसलान चौधरी ने सोने का कंटेनर चुराने की साजिश रची थी। चोरी के दौरान वह एयरपोर्ट के पास एक होटल में रुका रहा। यहीं से वो एयरपोर्ट पर नजर रख रहा था। चोरी के तुरंत बाद अरसलान ने होटल छोड़ दिया। चोरी किया सोना एयरपोर्ट से करीब 17 किमी दूर मिसिसॉगा के एक सेफ हाउस में छिपाया गया। इसे अरसलान ने किराए पर ले रखा था। सेफ हाउस में सोना छिपाकर अरसलान करीब 100 किमी दूर एलिस्टन पहुंच गया। ये गांव जैसा एरिया है, जहां लोग गर्मियों की छुट्टियां बिताने आते हैं। यहां किराए पर घर, अपार्टमेंट या विला मिलते हैं। अरसलान चौधरी ने पैराडाइज सुइट्स नाम का एक विला किराए पर ले लिया। सभी आरोपी यहां जुटे और जश्न मनाया। अरसलान चौधरी ने सेफ हाउस से धीरे-धीरे पूरा सोना और कैश ठिकाने लगा दिया। सोने का बड़ा हिस्सा कनाडा में ही पिघला दिया। कुछ सोना और कैश हवाला के जरिए दुबई और भारत पहुंचा दिया। भागते वक्त घर में छोड़ गए 2.6 करोड़ रुपएपुलिस अरसलान चौधरी के सेफ हाउस भी पहुंची थी। घर बंद था। तलाशी में करीब डेढ़ लाख कनाडियन डॉलर मिले। इसके अलावा जहां-जहां आरोपी छिपे थे, वहां से कुल 4.3 लाख कनाडाई डॉलर यानी करीब 2.6 करोड़ रुपए मिले। मिसिसॉगा के सेफ हाउस से पुलिस को 12 फोन, दो पर्चियां और 10 हजार दिरहम मिले थे। पर्चियों पर कैश बंटवारे का हिसाब लिखा था। इससे पता चला कि कुल एक करोड़ कनाडियन डॉलर यानी 67 करोड़ रुपए बंटने थे। इनमें 80 लाख डॉलर आपस में बांटने का जिक्र है। बाकी 20 लाख डॉलर सोना दुबई शिफ्ट करने पर खर्च होने थे। इसमें फ्लाइट के लिए 50 हजार डॉलर, नाव के लिए 20 हजार डॉलर, रहने के लिए घर पर खर्च के लिए ढाई लाख डॉलर, सेफ स्पॉट के लिए 20 हजार डॉलर और दुबई के लिए 2.20 लाख डॉलर खर्च करने का जिक्र है। सिर्फ 55 लाख का सोना मिला, जांच पर 32 करोड़ से ज्यादा खर्चएयरपोर्ट से कंटेनर चुराने का काम डुरांटे किंग मैक्लीन ने किया था। वह सी-फूड का नकली बिल लेकर वेयरहाउस तक पहुंचा था। फिंगरप्रिंट से कनाडा पुलिस ने उसकी पहचान की थी। 2 सितंबर 2023 को मैक्लीन को अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में गाड़ियों की रूटीन जांच के दौरान पकड़ा गया था। उसकी कार में स्पेयर टायर के बीच छिपाकर रखे बैग में पिस्टल मिली थीं। इस केस में अमेरिका के फेडरल कोर्ट में एक रिपोर्ट दाखिल की गई। इसमें लिखा है कि मैक्लीन भारतीय मूल के अर्चित ग्रोवर और प्रसाद परमालिंगम के साथ मिलकर हथियारों की तस्करी कर रहा था। अर्चित ग्रोवर और प्रसाथ परमालिंगम की भूमिका कनाडा में सोना चोरी केस में भी है। मैक्लीन के अरेस्ट होने से अरसलान चौधरी परेशान हो गया था। उसने अमेरिका में रहने वाले साथियों को मैसेज भेजा था कि उसे बताओ कि हम अपनी तरफ से सारी कोशिशें कर रहे हैं। अरसलान चौधरी की तरफ से कानूनी मदद मिलने के बाद मैक्लीन अमेरिकी कोर्ट में किसी भी क्राइम में शामिल होने से मुकर गया। हालांकि मैक्लीन अभी अमेरिकी जेल में है। आरोपियों में 6 भारतीय मूल के, एक कनाडाई और दो पाकिस्तानी चोरी में कुल 9 आरोपी हैं। 8 पर सोना चुराने और एक पर उसे पिघलाने का आरोप है। भारतीय मूल के आरोपियों में सिमरनप्रीत पनेसर, अर्चित ग्रोवर, प्रसाद परमालिंगम, परमपाल सिद्धू और अमित जलोटा हैं। परमपाल भी पियर्सन एयरपोर्ट पर काम करता था। अरसलान चौधरी और अम्माद चौधरी पाकिस्तानी मूल के हैं। करीब 55 लाख रुपए के सोने को गलाकर कंगन बनाने के आरोप में अरेस्ट अली रजा पाकिस्तान का है। उससे सोने के 6 कंगन मिले थे। सिमरनप्रीत पनेसर के अलावा सभी आरोपी पकड़ लिए गए। परमपाल सिद्धू, अमित जलोटा, अम्माद चौधरी, अली रजा, अर्चित ग्रोवर और प्रसाथ परमालिंगम को बाद में जमानत मिल गई। सवाल अब भी बाकी, कहां गया 400 किलो सोनाकनाडा पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ गोल्ड छोड़कर बाकी दूसरे देशों खासकर भारत और दुबई भेजा जा चुका है। मास्टरमाइंड अरसलान चौधरी खुद चोरी के बाद दुबई में छिप गया था। दुबई में सोना खपाना आसान है। चोरी के 4 महीने बाद अरसलान चौधरी को किए मैसेज से उसके दुबई में होने की पुष्टि हुई। मैसेज में लिखा था, ‘आज ही उस प्लान पर काम करो और दुबई जाओ।’ इस केस में 8 लोग अरेस्ट हुए, लेकिन किसी ने जुर्म कबूल नहीं किया। इसलिए सोने की रिकवरी नहीं हो पाई। इकलौता फरार और वॉन्टेड आरोपी सिमरनप्रीत पनेसर है। वो भारत में अपनी पत्नी के साथ म्यूजिक प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहा है। दैनिक भास्कर ने सोशल मीडिया के जरिए उससे बात करने की कोशिश की, लेकिन कॉन्टैक्ट नहीं हो पाया। पुलिस ने 28 किमी एरिया में CCTV फुटेज खंगाले, सेफ हाउस से सुराग मिलादैनिक भास्कर ने इस केस पर कनाडा की पील रीजनल पुलिस के हेड माइक मैविटी से बात की। वे बताते हैं, ‘चोरी की जांच के लिए जून, 2023 में 20 अफसरों की स्पेशल टीम बनाई गई। टीम ने एयरपोर्ट के आसपास 28 किमी दायरे का हर सीसीटीवी फुटेज खंगाला। एक महीने बाद सुराग मिलना शुरू हुए। पहला सुराग अरसलान चौधरी के सेफ हाउस का था, जहां चोरी के तुरंत बाद सोना रखा गया था।’ ‘हमारी टीम ने एक साल में 9500 घंटे से ज्यादा ओवरटाइम काम करके 9 आरोपियों का पता लगाया। अरसलान चौधरी को चोरी का टॉप डॉग नाम दिया है। चोरी के बाद वह जिस AIRBNB में रुका था, वहां के वाईफाई से फोन कनेक्ट किया था। सभी आरोपियों के आपस में कनेक्शन मिले हैं।’ ………………………… ये रिपोर्ट भी पढ़ें फिरौती मांगने का अबू सलेम स्टाइल, कौन है शुभम लोनकर 31 जनवरी को फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर पर 5 राउंड फायरिंग हुई। घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग के गुर्गे शुभम लोनकर ने ली। वही शुभम, जो सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग केस में भी वांटेड है। रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग से 5 दिन पहले फिल्म फाइनेंसर सनी नाना वाघचौरे से 5 करोड़ रुपए रंगदारी मांगी गई थी। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:37 am

‘डॉ. यूनुस पार्टियों के दबाव में, मुझे इस्तीफा देना पड़ा’:शेख हसीना को भगाने वाले स्टूडेंट लीडर बोले- जमात जीती, तो अल्पसंख्यकों को परेशानी होगी

शेख हसीना के खिलाफ हुए आंदोलन से निकले स्टूडेंट लीडर महफूज आलम अंतरिम सरकार में मंत्री बने, डॉ. मोहम्मद यूनुस के राइट हैंड की तरह काम किया, फिर अचानक इस्तीफा देना पड़ा। महफूज आलम कहते हैं कि वे अल्पसंख्यकों के लिए काम करना चाहते थे, लेकिन डॉ. यूनुस सरकार पर प्रेशर था, इस वजह से नहीं कर पाए। आखिर में दिसंबर में इस्तीफा दे दिया। बांग्लादेश में 12 फरवरी को वोटिंग होनी है। दैनिक भास्कर ने चुनाव, अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों, कट्‌टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के उभार और छात्रों की पार्टी NCP पर बात की। महफूज आलम NCP और जमात गठबंधन के भी खिलाफ थे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: अंतरिम सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के रिश्ते सबसे खराब दौर में हैं, ऐसा क्यों हुआ?जवाब: हमने भारत के साथ बात की थी। भारत को वास्तविकता का अंदाजा नहीं था। उसे सभी पार्टियों और लोगों के साथ बराबरी का रिश्ता रखना चाहिए था। हमने भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने की कोशिश की थी। इंडियन मीडिया को बांग्लादेश के बारे में प्रोपेगैंडा फैलाए बिना, फैक्ट पर रिपोर्टिंग करनी चाहए। बांग्लादेश भारत से 30 मिनट दूर है, आइए और जमीन पर सच्चाई देखिए। सवाल: आपने कहा कि बांग्लादेश दूसरा पाकिस्तान नहीं बनेगा, ऐसा क्यों कहा?जवाब: हमने बांग्लादेश के लिए पश्चिमी पाकिस्तान से लड़ाई लड़ी। पाकिस्तान ने हमारे साथ न्याय नहीं किया। पूर्वी बंगाल के दलितों का शोषण किया। पाकिस्तान चाहता था कि सिर्फ मुसलमानों के पास अधिकार होंगे, लेकिन हमने बांग्लादेश में ऐसा नहीं किया। हमारे देश में कई अल्पसंख्यक समुदाय हैं। हम सभी को साथ लेकर आगे बढ़े। हम 1947 के बंटवारे का दर्द नहीं भूले हैं। हमें एक पॉलिटिकल कमेटी की जरूरत है, जिसमें बांग्लादेश के सभी धर्म, समुदाय, जातियों को शामिल करके काम करना होगा। सवाल: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों के पीछे कोई संगठन है या ये अलग-अलग घटनाएं हैं? जवाब: मुझे लगता है कि दोनों बातें हैं। ये उलेमा या मौलवी ही नहीं करवाते, हिंसा के पीछे ज्यादातर अवामी लीग, BNP और दूसरी पार्टियां होती हैं। ग्रामीण इलाकों में उलेमा या मौलवियों के पास इतनी पॉलिटिकल पावर नहीं है कि भीड़ जुटा सकें। वे धर्म को मानने वाले लोगों पर तो असर डाल सकते हैं, लेकिन कुछ बड़ा नहीं कर सकते। ज्यादातर राजनीतिक रूप से काम करने वाले लोकल संगठन ये काम करते हैं। अगर किसी बिजनेसमैन को अल्पसंख्यक की जमीन चाहिए, तो वो धमकियां देना शुरू करता है। इस तरह के गुंडों को पार्टियां संरक्षण देती हैं। अल्पसंख्यकों के साथ हिंसा के पीछे सबसे बड़ी वजह जमीन होती है। लोकल कारोबारी या गुंडे अल्पसंख्यकों की जमीन हड़पना चाहते हैं। ये गुंडे ही पार्टियों में शामिल होते हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो पाती। सवाल: आप अल्पसंख्यकों के लिए काम करना चाहते थे, लेकिन ऐसा करने से कौन रोक रहा था?जवाब: मैं अगस्त में अल्पसंख्यक समुदाय के कई लोगों से मिला था। डॉ. यूनुस के दफ्तर से मैं अल्पसंख्यक समुदाय के मसले डील कर रहा था। 53 साल बाद बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के लिए एक दिन की ज्यादा छुट्टी दी गई। मैंने खुद इसके लिए लड़ाई लड़ी। मैं ये लड़ाई क्यों ना लड़ूं, हमने शेख हसीना के भेदभाव के खिलाफ लड़े थे, तो फिर किसी और समुदाय के खिलाफ भी भेदभाव नहीं होना चाहिए। यहां विरोध का सवाल नहीं है। मैं इस मुद्दे पर अलग तरीके से काम करना चाहता था। वे (अंतरिम सरकार) अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर सरकारी तरीके से काम कर रहे थे। सही तरीका बातचीत और लोकतांत्रिक है। इससे हालात और ज्यादा खराब नहीं होते। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के हल के लिए राजनीतिक पहल करना जरूरी है। मेरा रास्ता यही है। सवाल: आपने अंतरिम सरकार में डॉ. यूनुस के राइट हैंड की तरह काम किया। स्टूडेंट लीडर से मंत्री बनने और फिर इस्तीफे तक का सफर कैसा रहा?जवाब: अंतरिम सरकार में बिल्कुल नया अनुभव था। हम कई तरह के बदलाव और सुधार करना चाहते थे, लेकिन समझ आया कि हकीकत कुछ और होती है। हम इसे समझ नहीं पाए। बदलाव के दौर में बनी सरकार की अपनी सीमाएं होती हैं।हमने पहले ही तय किया था कि हम कुछ वक्त तक सरकार चलाएंगे और फिर चुनाव करवाकर जीतने वाली पार्टी को सत्ता सौंप देंगे। हम ज्यादा कुछ नहीं कर पाए। सवाल: आप छात्र आंदोलन का चेहरा थे, फिर छात्रों की नेशनल सिटिजन पार्टी क्यों जॉइन नहीं की?जवाब: हमारी राजनीतिक समझ अलग थी। हालांकि मैं चाहता था कि छात्र आंदोलन में शामिल लोग पार्टी बनाएं। पार्टी बनी भी, लेकिन मैं उसमें शामिल नहीं हुआ। अल्पसंख्यकों पर हमले, भीड़ की हिंसा, मजारों पर हो रहे हमले जैसे मुद्दों पर मेरी राय अलग थी। मैं सिर्फ सरकारी तौर-तरीकों से इन घटनाओं को रोकने के पक्ष में नहीं था। मेरा मानना था कि सरकार को इसे राजनीतिक और व्यावहारिक तरीके से रोकना चाहिए। सवाल: छात्र आंदोलन के बाद अंतरिम सरकार बनाते हुए आपने जो आदर्श तय किए थे, क्या सरकार उन पर खरी उतरी है?जवाब: नहीं, वैसा बिल्कुल भी नहीं हुआ। मुझे लगता है कि सरकार को राजनीतिक पार्टियों का समर्थन नहीं मिला। दिखाने के लिए राजनीतिक पार्टियां सहयोग कर रही थीं। हमने मुद्दों पर काम करना शुरू किया, तो उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करवाने शुरू कर दिए। सरकार का राजनीतिक तौर पर मजबूत होना जरूरी है, लेकिन ऐसा था नहीं। सवाल: डॉ. यूनुस पहले की तरह ही हैं या बांग्लादेश की राजनीति ने उन्हें बदल दिया?जवाब: मुझे लगता है कि वे छात्रों के साथ मिलकर बांग्लादेश के लिए बहुत कुछ काम करना चाहते थे। पॉलिटिकल पार्टियों ने डॉ. यूनुस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि सरकार से स्टूडेंट लीडर को निकालो। वे पार्टियों के दबाव में आ गए। सवाल: कौन सी पार्टी डॉ. यूनुस पर दबाव बना रही थी?जवाब: दोनों ही पार्टियां (BNP और जमात) दबाव बना रही थीं। एक खुलेआम ऐसा कर रही थी और दूसरी पार्टी मेरे खिलाफ थी। मैं उस पार्टी के गलत काम के बारे में खुलकर बोलता था। सवाल: डॉ. यूनुस में क्या बदलाव दिखते हैं?जवाब: डॉ. यूनुस आए थे, तब उनके अंदर बांग्लादेश को बदलने की चाहत थी। अब वे सरकार से बाहर जाने वाले हैं। उन्हें लग रहा है कि वे काम नहीं कर पाए। इसलिए निराशा से भर गए हैं। वे बड़े सपने देखा करते थे, लेकिन ये बहुत मुश्किल काम था। हालांकि, अब भी छात्रों के लिए अच्छा सोचते हैं। सवाल: छात्र आंदोलन की शुरुआत सेक्युलरिज्म की भावना से हुई थी। अब छात्रों की पार्टी ने कट्‌टरपंथी जमात-ए-इस्लामी के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ रही हैं, क्यों?जवाब: मैंने हमेशा जमात की विचारधारा के बारे में खुलकर बोला है। वह लोकतांत्रिक पार्टी है, लेकिन हमारी सोच जमात से अलग है। जमात और नए दौर की राजनीति के बीच फर्क होना चाहिए। सवाल: आपने जमात से गठबंधन पर अपने छात्र आंदोलन के साथी नेताओं से बात की, डॉ. यूनुस ने इस पर क्या कहा?जवाब: मुझे नहीं पता कि डॉ. यूनुस इस बारे में क्या सोचते हैं। मैं तब तक सरकार छोड़ चुका था। कई छात्र इस गठबंधन से खुश भी थे। वे अपने राजनीतिक हितों के हिसाब से सोच रहे थे। मैंने साफ तौर पर कहा कि अगर आप जमात के साथ जाना चाहते हैं तो जाइए, लेकिन मैं इस गठबंधन के खिलाफ हूं। सवाल: आपको जमात के बारे कौन सी बात सबसे खराब लगती है?जवाब: जमात की पॉलिटिक्स सबको साथ लेकर नहीं चलती। मुझे लगता है आगे इसी पर दिक्कत होगी। 1971 के मुक्ति संग्राम के बारे में उनके एक्टिविस्ट बुरी बातें करते हैं। मैंने नाहिद (स्टूडेंट एडवाइजर) से भी कहा कि अभी जमात को आगे बढ़ने में और समय लगेगा। इसलिए जमात में मत शामिल होइए। अगर जमात खुद को बदलती है, तो आगे कभी उनके साथ जा सकते हो। अगर तुम जमात को सत्ता में आने में मदद करोगे, तो लोग तुम्हें पूरी जिंदगी कोसेंगे। तुम जमात की परछाई से कभी बाहर नहीं आ पाओगे। सवाल: बांग्लादेश में चुनाव कौन जीत रहा है?जवाब: मुझे लगता है कि जमात को 30% तक वोट मिल सकता है। हालांकि, सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिल पाएंगी। सवाल: क्या जमात सत्ता में आने के लिए दूसरे रास्ते चुनेगी?जवाब: मुझे नहीं लगता चुनाव के बाद गठबंधन का कोई मौका होगा। सवाल: अगर जमात सत्ता में आती है, तो आपके मन में सबसे बड़ा डर क्या है?जवाब: जमात राजनीतिक इस्लामिक पार्टी है। उसने खुद में पहले से सुधार किया है। जमात शरिया के मुताबिक चलने वाली सोसायटी से मुख्यधारा में आ रहा है, लेकिन ये सुधार नीचे के कार्यकर्ताओं तक नहीं गया है। सवाल: अगर जमात सरकार बना लेती है तो अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर क्या असर होगा?जवाब: वे दिखाने के लिए कहेंगे कि हम सबके लिए बराबरी का रवैया रखते हैं। हकीकत में ऐसा नहीं होगा। वे इनके मुद्दों पर कुछ नहीं बोलेंगे। सीधे तौर पर परेशान तो नहीं करेंगे, लेकिन बचाएंगे भी नहीं। अगर जमात सत्ता में आती है, तो सूफियों को दिक्कतें हो सकती हैं। सवाल: अंतरिम सरकार ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में कैसा काम किया है, खासतौर पर दिसंबर और जनवरी में, जब उन पर हमलों की ज्यादा खबरें आई हैं?जवाब: जो हुआ, वह बहुत दुखद है। अगर हम सत्ता में होते, तो बेहतर तरीके से काम करते। ……………………….बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़ें 1. भारत से दोस्ती या दुश्मनी, चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बांग्लादेश में होने वाले चुनाव पर ढाका के रहने वाले अहीदुज्जमान कहते हैं, ‘मुझे चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। अवामी लीग ने देश को आजादी दिलवाई, उसी को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। दूसरी तरफ जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थे, वे चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। अहीदुज्जमान के जैसी उलझन हर बांग्लादेशी के सामने है। यहां समझ आया कि भारत सबसे बड़ा मुद्दा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं, एक भारत समर्थक है और दूसरा भारत विरोधी। पढ़ें पूरी खबर… 2. BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:36 am

पाकिस्तान: मंत्री ने आतंकवाद के लिए इमरान खान को ठहराया जिम्मेदार, पीटीआई बोली- जोकर हैं जिन्हें अवाम की फिक्र नहीं

पाकिस्तान अपने ही बुने जाल में हर दूसरे दिन फंस रहा है। बम विस्फोट और गोलीबारी की खबरें अब आम हो चली हैं

देशबन्धु 8 Feb 2026 5:25 am

इस खूबसूरत देश में सीवर लीकेज से कोहराम, पीने के पानी के लाले, नहाने की मनाही और...

Wellington news: भारी बारिश से मोआ पॉइंट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की निचली मंजिलों में पूरी तरह पानी भर गया, जिससे 1.8 Km लंबी आउटफॉल पाइप में सीवेज बैकअप हो गया, जो आम तौर पर ट्रीटेड गंदे पानी को कुक स्ट्रेट में छोड़ता है. लिहाजा, बिना ट्रीट हुआ सीवेज एक छोटी 5 मीटर की आउटफॉल पाइप से वेलिंगटन के दक्षिणी तट के पानी में बहने लगा.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 9:37 pm

आखिर जिस बात का था डर वही हुआ! अब इंसानों को हायर करेगा AI? यहां जानिए सबकुछ

Al खुद फिजिकल वर्क्स के लिए इंसानों की हायरिंग शुरू कर रहा है. हो सकता है कि हमारी बात पर आपको यकीं न हो लेकिन RentAHuman.ai नाम का एक नया प्लेटफॉर्म आया है जहां Al एजेंट काम करवाने के लिए इंसानों को किराए पर लेने की सुविधा दे रहा है.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 4:25 pm

मुस्लिम बहुल देश में दिखी पीएम मोदी की 'कार डिप्लोमैसी', बोले-मलेशियाई PM ने अपनी सीट तक दे दी

पीएम मोदी साल के पहले विदेशी दौरे पर मलेशिया पहुंचे हैं. वहां पर भारतीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने यहां आने का वादा पूरा किया है. जिस तरह का भव्य स्वागत यहां पर मेरा हुआ है, उसका भव्य स्वागत भारत हमेशा याद रखेगा.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 4:22 pm

14 साल पहले हमला, अब हुई पहली गिरफ्तारी, अमेरिका लाया गया बेनगाजी हमले का संदिग्ध

Benghazi Attack: लीबिया के बेनगाजी में 14 साल पहले US मिशन पर हमला कर दिया गया था. जिसमें अब जाकर पहली गिरफ्तारी की गई है. संदिग्ध को पकड़कर अमेरिका लाया गया है.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 2:09 pm

आसमान में गरजेंगे सुखोई और ग्रिपेन! मलक्का स्ट्रेट में भारत-थाईलैंड के बीच होगा जोरदार मुकाबला; दुनिया के सामने करेंगे शक्ति प्रदर्शन

India thailand air force joint exercise: भारत और थाईलैंड की वायु सेनाएं 9 फरवरी को अंडमान के पास नॉर्थ मलक्का स्ट्रेट में संयुक्त हवाई अभ्यास करेंगी, जिसमें सुखोई-30 और ग्रिपेन फाइटर जेट शामिल होंगे. इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल, ऑपरेशनल क्षमता और समुद्री क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 1:29 pm

ट्रंप ने साझा किया नस्लवादी वीडियो, बराक और मिशेल ओबामा को दिखाया गया वनमानुष; सोशल मीडिया पोस्ट पर बवाल

वीडियो में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा को आपत्तिजनक तरीके से वनमानुष के रूप में दर्शाया गया था। इस पोस्ट को लेकर नागरिक अधिकार संगठनों, विपक्षी नेताओं और कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी आपत्ति जताई।

देशबन्धु 7 Feb 2026 10:07 am

इस्लामाबाद की शिया मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान आत्मघाती हमला, 31 की मौत, 169 लोग घायल

धमाका उस समय हुआ जब मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग जुमे की नमाज अदा कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मस्जिद परिसर में अफरातफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

देशबन्धु 7 Feb 2026 9:49 am

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खुला बड़ा बाजार, अमेरिकी उत्पादों को मिलेगा फायदा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति के तहत भारत का बड़ा बाजार अमेरिकी उत्पादों के लिए खुल रहा है

देशबन्धु 7 Feb 2026 9:35 am

जम्मू-कश्मीर में विकास की रफ्तार तेज, पीओके बना ‘राजनीतिक ब्लैक होल’

अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिली विशेष स्थिति समाप्त किए जाने के बाद क्षेत्र के विकास का रास्ता खुला, जहां भारत ने विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार किया और समावेशी शासन को बढ़ावा दिया

देशबन्धु 7 Feb 2026 9:19 am

भारत-अमेरिका रिश्तों में नई शुरुआत- ट्रंप ने हटाया 25% टैरिफ

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क हटा दिया है

देशबन्धु 7 Feb 2026 8:18 am

क्रेमलिन का बयान: रूस और अमेरिका ने परमाणु संधि पर बातचीत शुरू करने की जरूरत पर दिया जोर

रूस और अमेरिका ने नई सामरिक हथियार कटौती संधि (न्यू स्टार्ट) पर जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की आवश्यकता को स्वीकार किया है। यह जानकारी शुक्रवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने दी

देशबन्धु 7 Feb 2026 7:51 am

‘भारत ने यकीन दिलाया...’ रूसी तेल विवाद के बीच ट्रंप ने 25% टैरिफ हटाने के आदेश पर किए दस्तखत

US Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीद के कारण भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटाने की घोषणा की है. आदेश में कहा गया है कि भारत ने रूसी तेल आयात बंद करने, अमेरिका से ऊर्जा खरीदने और रक्षा सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है. यह फैसला 7 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा.

ज़ी न्यूज़ 7 Feb 2026 7:02 am

संदेशखाली गैंगरेप- 2 विक्टिम पलटीं, एक गीता पाठ करा रहीं:CBI को 50 शिकायतें मिलीं लेकिन विक्टिम कहां; शाहजहां, शिबू, उत्तम जेल में

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना का छोटा सा गांव संदेशखाली। फरवरी 2024 में ये गांव सुर्खियों में आया, जब तीन महिलाओं ने ममता बनर्जी की पार्टी TMC के नेता रहे शाहजहां शेख पर गैंगरेप के आरोप लगाए। महिलाओं की कहानी दिल दहलाने वाली थी। आरोपों के मुताबिक, शाहजहां और उसके लोगों को जो औरत अच्छी लगती, उसे पार्टी की मीटिंग के बहाने ऑफिस में बुला लेते। दो दिन, तीन दिन, चार दिन, जब तक मन होता, ऑफिस में ही रखते। अगर कोई महिला बुलाने पर नहीं आती उसे घर से उठा लेते। ये सब 13 साल से चल रहा था। शाहजहां शेख और उसके करीबी शिबू हाजरा, उत्तम सरदार को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। शाहजहां के खिलाफ सेक्शुअल हैरेसमेंट, गैंगरेप के साथ जमीन कब्जा करने के भी आरोप लगे। CBI को करीब 50 शिकायतें मिलीं, लेकिन कुछ ही महीनों में दो महिलाओं ने केस वापस ले लिया। हालांकि, तीनों आरोपी अब भी कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल में हैं। दो साल बीत चुके हैं। मार्च-अप्रैल में पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। संदेशखाली में क्या बदला, विक्टिम और उनके परिवार किस हाल में है, तीनों आरोपियों का खौफ कितना कम हुआ और केस कहां तक पहुंचा? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कोलकाता से लगभग 90 किलोमीटर दूर संदेशखाली पहुंचीं। विक्टिम नंबर-1संदेशखाली में गीता पाठ और हनुमान चालीसा संदेशखाली गांव एक टापू पर बसा है। धमाखाली से यहां हम नाव से नदी पार करके पहुंचे। फेरीघाट से जाने वाला रास्ता BJP और TMC के झंडों से पटा हुआ है। टापू में अलग-अलग पाड़ा यानी मोहल्ले हैं। केस की अकेली विक्टिम अब रेखा पात्रा ही हैं। वे माझेर पाड़ा में रहती हैं। यहीं से दो साल पहले महिलाओं ने शाहजहां शेख के खिलाफ मोर्चा खोला था। रेखा अब कोलकाता शिफ्ट हो चुकी हैं। SIR की प्रक्रिया के लिए संदेशखाली आई हुई थीं। यहां लाइब्रेरी मैदान में 30 जनवरी को हिंदू जागरण मंच ने गीता और हनुमान चालीसा का पाठ कराया था। रेखा अलग-अलग पाड़ों में जाकर उसी का पर्चा बांट रही थीं। वे घर-घर जाकर कह रही थीं, ’ये किसी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। इसके लिए आप कुछ योगदान करें और परिवार के साथ इसका हिस्सा बने। लाल पाड़े वाली सफेद साड़ी पहनकर आना है। उस दिन खाना बनाने की जरुरत नहीं है, यहीं खाना है। संदेशखाली की महिलाओं के लिए यही सही रास्ता है, ये हमारी ताकत है।’ हमने रेखा पात्रा से पूछा- क्या पहले भी इस तरह का आयोजन हुआ था? जवाब में वे कहती हैं, ‘नहीं, ऐसा पहली बार हो रहा है।‘ रेखा पात्रा ने 2024 में BJP के टिकट पर बशीरहाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। ‘शाहजहां शेख को फांसी होगी, तभी इंसाफ मिलेगा’संदेशखाली के मौजूदा माहौल के बारे में पूछने पर रेखा कहती हैं, ‘संदेशखाली में पुलिस आज भी लोगों को झूठे केस में अंदर कर देती है। BJP का समर्थन करने वालों पर केस कर दिया जाता है। अभी कुछ दिनों पहले ही दो लड़कों पर केस किया गया। राज्य की पुलिस हमारे खिलाफ है। कैसे कह दें कि डर का माहौल नहीं है। मैं इन वजहों से ही कोलकाता शिफ्ट हो गई हूं।‘ पिछले दो साल के बारे में पूछने पर वे कहती हैं, ‘मेरी जिंदगी में बदलाव तब आएगा, जब शाहजहां शेख और उसके गुर्गों को फांसी की सजा दी जाएगी। शाहजहां शेख ने कहा था मैं भले ही जेल चला जाऊं, लेकिन मैंने हजारों शेख खड़े किए हैं, जो मेरे लिए काम करेंगे। अभी कुछ दिन पहले ही केस के एक मुख्य गवाह का एक्सीडेंट करके उसे मार दिया गया। इसलिए डर लगता है कि कहीं कुछ हो न जाए।’ सियासी जिम्मेदारियों के बारे में पूछने पर रेखा कहती हैं, ’इससे कोई खास फर्क नहीं पड़ा हैं। पार्टी जो पद देगी, मैं उसके मुताबिक काम करती जाऊंगी।’ विधानसभा चुनाव में फिर किस्मत आजमाएंगी क्या? वे कहती हैं, ’पार्टी जो फैसला लेगी, वो मुझे मंजूर है।’ संदेशखाली केस में आपके साथ शिकायत करने वाली दो महिलाओं ने पिछले दिनों केस वापस ले लिया। आरोप है कि BJP ने उनसे प्लेन पेपर पर साइन करा लिया था। इसके जवाब में रेखा कहती हैं, ‘वो दोनों पहले से ही TMC से जुड़ी हुई थीं। हालांकि एक दिन उन्हें अहसास होगा कि उन्होंने क्या कर दिया। दोनों हिंदू हैं, एक न एक दिन उन्हें हमारी शरण में आना ही पड़ेगा।‘ विक्टिम नंबर-2शाहजहां के गुंडों से पीछा छूटा, अब हालात बेहतरइसके बाद हम माझेपाड़ा में दूसरी विक्टिम कविता (बदला हुआ नाम) से मिलने पहुंचे। हम लोकसभा चुनाव के दौरान यहां आए थे, तब मिट्टी का घर था। इसके बाहर कविता की सुरक्षा में पुलिस बैठी थी। अब डेढ़ साल बाद तस्वीर अलग है। मिट्टी की झोपड़ी की जगह पक्का मकान है। कविता हमें घर के पास ही गली में खड़ी मिलीं। केस के बारे में पूछने की कोशिश की, लेकिन बात करने को राजी नहीं हुईं। वे बांग्ला में कहते हुए निकल गईं, ‘ऐखोन कौनो प्रॉब्लम नेई, ऐखोन सोब ठीक आछे।’ मतलब फिलहाल कोई परेशानी नहीं है, सब ठीक है। इसके बाद हम संदेशखाली के बाजार पहुंचे, जहां आंदोलन का हिस्सा रहीं डॉली अधिकारी की कपड़े की दुकान है। डॉली खुश हैं कि शाहजहां शेख के गुर्गे शिबू हाजरा और उत्तम सोदार जेल में हैं। वे कहती हैं, ‘लोग इनके आतंक से परेशान थे। रोजी-रोटी कमानी मुश्किल थी। शिबू और उत्तम ने मेरे पति को बुलाकर धमकी दी थी कि अगर बात नहीं मानी, तो दुकान नहीं चलने देंगे।‘ वे आगे कहती हैं, ‘इन्होंने सब पर जुल्म किया। लड़कियों और महिलाओं के साथ बुरा बर्ताव किया गया और पुरुषों को मारा-पीटा। अगर उनकी बात नहीं सुनी जाती, तो उनके आतंक का शिकार होना पड़ता। पहले गांव के लोग आपस में बंटे हुए थे। यहां आपस में बात भी BJP और TMC देखकर की जाती थी। इन लोगों के जेल चले जाने के बाद अब ये दूरियां कम हुई हैं और लोग प्यार से रह रहे हैं।‘ विक्टिम नंबर-3लीज पर कहकर जमीन कब्जा ली, न पैसे दिए न जमीन मिलीइसके बाद हम सुनीता सोदार (बदला हुआ नाम) से मिले। इन्होंने शाहजहां शेख और उसके साथियों पर जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। सुनीता बताती हैं, ‘2010 में आए चक्रवती तूफान आयला ने हमें बर्बाद कर दिया। खेती की जमीन में नमक वाला पानी भर गया। यहां खेती के बजाय मछली पालन होने लगा। शाहजहां शेख के गुर्गों ने हमसे जमीनें लीज पर ले लीं और पैसा भी नहीं दिया। उनका डर इतना था कि लोग न पैसे मांग सके और न जमीन वापस ले सकते थे।‘ वे आगे बताती हैं, ‘तूफान में मेरा पूरा मकान टूटकर तबाह हो गया था। शाहजहां के गुर्गे उत्तम और उसके साथी कई बार घर की फोटो खींचकर ले गए। बनवाने का वादा किया, लेकिन कुछ नहीं कराया। वे हर बार सरकारी तिरपाल देकर फोटो खींच लेते, लेकिन मिलता कुछ नहीं। इतने साल बाद अब जाकर घर का कुछ हिस्सा तैयार किया है।‘ शाहजहां के खिलाफ दो साल पहले हुए आंदोलन के बारे में सुनीता बताती हैं, ‘पहले अंधेरा हो जाने के बाद बाहर नहीं निकल सकते थे। अब ऐसा नहीं है। पहले से आतंक थोड़ा कम हुआ है।’ विक्टिम नंबर-4शाहजहां जेल न जाता, तो जमीन वापस नहीं मिलती2024 में राशन घोटाले में शेख शाहजहां के घर ईडी की रेड पड़ी थी। इसी के बाद संदेशखाली की महिलाओं ने उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने की शिकायत की थी। इस मामले में करीब 50 महिलाओं ने याचिका दायर की थी, जिसके बाद शाहजहां शेख को TMC ने पार्टी से निकाल दिया था। हालांकि अब कई विक्टिम फैमिली अपनी जमीन वापस ले रही हैं। इनमें कुछ ऐसे हैं, जिन्हें लीज के पैसे मिले हैं और कुछ को नहीं। पार्वती उनमें से एक हैं। पति का निधन हो गया। वे संदेशखाली में बेटों के साथ रहती हैं, जो खेती करते हैं। पार्वती बताती हैं, ‘हमारे पास 3 एकड़ जमीन थी। शिबू हाजरा और उत्तम ने उस पर कब्जा कर लिया था। तीन साल जमीन उन्हीं के पास थी, जिसमें मछली पालन हो रहा था। हमें एक पैसा नहीं दिया। उनके जेल जाने के बाद जमीन वापस मिली। अगर वे अंदर नहीं जाते, तो शायद आज भी नहीं मिलती।’ पार्वती के छोटे बेटे बताते हैं, ‘कुछ महीने पहले ही जमीन वापस मिली है, लेकिन खेती करने लायक नहीं थी। हमने 30 हजार रुपए लगाकर मिट्टी ठीक कराई है। कई दिन तक मैं खुद भी काम करता रहा। अब जमीन धान की खेती के लायक हुई है।‘ हाफीज्जुल रहमान गाजी भी खुद को शाहजहां शेख का विक्टिम बताते हैं। वे कहते हैं, ‘इनके (शेख शेरजहां) गुंडे जब से अंदर गए हैं, यहां लोग आराम से जिंदगी गुजार रहे हैं। नहीं तो ये लोगों की जमीन ही नहीं छोड़ते थे।‘ उन्हीं के बगल में बैठे श्यामल बारो कहते हैं, ‘संदेशखाली के लोग अब आजाद हुए हैं। इनके आंतक के कारण लोगों ने जीना छोड़ दिया था। ये लोग इतने घटिया थे कि एक प्रेग्नेंट महिला इनके पैर पकड़ती रही, लेकिन फिर भी उसके पति को नहीं छोड़ा। हर शख्स को डराकर काबू में रखना चाहते थे। अब सब शांत हो गए हैं।‘ शाहजहां की मां बोलीं…मैं टीचर रही, क्या बेटे को रेप सिखाऊंगीइसके बाद हम शेख शाहजहां के घर पहुंचे। ये संदेशखाली से करीब 7 किलोमीटर पहले ही है। सड़क से सटकर चार मकान बने हैं। यहां शाहजहां शेख के परिवार के साथ उसके दो भाई और मां रहती हैं। घर पर कुछ बच्चे खेलते मिले। हमारी पहली मुलाकात शाहजहां के भाई की पत्नी से हुई। उन्होंने शाहजहां की मां रजिया शेख से मिलवाया। शाहजहां से मुलाकात हुई या नहीं, ये पूछते ही 70 साल की रजिया कहती हैं, ‘अब तक तीन बार मिली हूं। हर बार वो एक ही बात कहता है- मां मेरे लिए दुआ करो, अल्लाह सब ठीक कर देंगे। मुझे भी कानून पर भरोसा है। इतने दिन से वो जेल में हैं, हम सबको न्याय की उम्मीद है।‘ राजिया आगे कहती हैं, ‘हमारे परिवार के बारे में क्या कुछ नहीं कहा गया, जबकि मैं खुद टीचर थी। आसपास के कई बच्चे मेरे पास पढ़ने आते थे। अब आंखें काम नहीं करतीं, इसलिए पढ़ाना छोड़ दिया। आपको लगता है कि मैं अपने बच्चों को रेप की शिक्षा दूंगी। मैं दो बार हज करके आई हूं। जिस साल ये घटना हुई, मेरे बेटे और बहुएं भी हज के लिए जाने वाले थे, लेकिन खुदा की कुछ और ही मर्जी थी।‘ शाहजहां को जेल में इसलिए डाला क्योंकि वो मुसलमानमां रजिया शेख के पास खड़ी शाहजहां की भाभी कैमरे पर आने को तो राजी नहीं हुईं, लेकिन मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहती हैं, ‘जिस वक्त शाहजहां शेख के खिलाफ आंदोलन हुआ, सभी चैनलों में दिखाया गया। उसके पक्ष में लोगों ने आंदोलन किया, तो किसी ने नहीं दिखाया।‘ शाहजहां ने किसी को आंख उठाकर भी नहीं देखा। न ही उसने मदद करते वक्त किसी की जाति या धर्म देखा, लेकिन उसे धर्म देखकर जेल में डाला गया है। ‘संदेशखाली हमारे घर से इतनी दूर है, वो वहां क्या करने जाएगा? हमारा सारा कारोबार नदी के इस पार है। वहां से हमारा कोई लेना-देना नहीं हैं। उसे इसलिए जेल में डाला गया क्योंकि वो मुसलमान है। यहां अब सिर्फ हिंदू मुसलमान ही होता है।‘ वे आगे कहती हैं, ‘हमारे परिवार में सब पढ़े-लिखे हैं। पति डॉक्टर हैं। आसपास के लोगों में ही हमारा अच्छा उठना-बैठना है। हम तो मदद भी धर्म देखकर नहीं करते। फिर भी हमारे साथ ऐसा हो रहा है।‘ पिछले दो साल में आए बदलाव के बारे में पूछते ही वे गुस्से में कहती हैं, ‘हमारी जिंदगी ही मुश्किल हो गई है। सारा काम घर की महिलाओं को देखना पड़ता है। बच्चों को स्कूल पहुंचाने से लेकर कोर्ट कचहरी तक सब हम ही लोग देख रहे हैं। कभी नहीं सोचा था कि ऐसी जिंदगी हो जाएगी।‘ पुलिस बोली- शाहजहां मर्डर और हिंसा के केस में जेल मेंकेस की जांच कहां तक पहुंची, जब इसकी जानकारी हमने संदेशखाली पुलिस स्टेशन के SHO से मांगी, तो उन्होंने कहा कि चार्जशीट कोर्ट में जा चुकी है। इससे ज्यादा कुछ नहीं बता सकते। लिहाजा हमने बशीरहाट SP ऑफिस का रुख किया। यहां एक पुलिस अधिकारी ने नाम न लिखने की शर्त पर बताया कि वो दो मामलों में जेल में हैं। एक 2019 का मामला है, जब शाहजहां शेख को इलेक्शन के बाद प्रदीप मंडल, देवदास मंडल और सुकांता मंडल की हत्या के मामले में CBI ने मुख्य आरोपी पाया था। इसके अलावा दूसरा केस 2024 में ED की रेड के दौरान हुई हिंसा का है। रेप केस के बारे में पूछने पर बोले कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।…………….. ये खबर भी पढ़ें… ‘हमें बचा लो, बांग्लादेश में मर जाएंगे‘ 'पुलिस ने हमें मारपीट कर जबरदस्ती बांग्लादेश भेज दिया। हमारे पास न खाने-पीने के लिए कुछ है और न रहने की जगह। हम बहुत तकलीफ में हैं, हमें यहां से निकाल लो वरना मर जाएंगे। हमें भारत लौटना है। बच्चे भी पास नहीं हैं।' 65 साल की अलकन बीबी बांग्लादेश से फोन कर रिश्तेदारों से मदद मांग रही हैं। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 5:20 am

‘जमात जीते या BNP, डर से हिंदू धर्म नहीं छोड़ेंगे’:मंदिरों पर हमले, मर्डर से घबराहट, BNP को वोट दे सकते हैं हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन

मार्च, 2025 की बात है, बांग्लादेश में चांदपुर के पूरनबाजार में बने मंदिर के बाहर करीब 600 लोग पहुंच गए। उन्हें मंदिर के पुजारी अनिक गोस्वामी की तलाश थी। भीड़ का आरोप था कि अनिक गोस्वामी ने पैगंबर का अपमान किया है। अनिक वहां से भाग निकले। वे अब भी छिपकर रह रहे हैं। उनके मुताबिक, भीड़ को कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी के सदस्य लीड कर रहे थे। अगस्त, 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में धार्मिक हिंसा के 2000 से ज्यादा मामले हुए हैं। इनमें जमात से जुड़े तौहिदी जनता ग्रुप और हिज्ब उत तहरीर का नाम आया। अब बांग्लादेश में चुनाव हैं। 12 फरवरी को वोटिंग होगी। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग इस बार चुनाव नहीं लड़ रही है। जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी में मुकाबला है। अल्पसंख्यकों को टारगेट करने वाली जमात सत्ता की दावेदार है। ये चुनाव अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं के लिए परीक्षा जैसे हैं। उन पर हमले हो रहे हैं। रंगदारी मांगी जा रही है। धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में 900 साल पुराने ढाकेश्वरी मंदिर में पूजा कर रहे श्रद्धालु हों या ढाका यूनिवर्सिटी के जगन्नाथ हॉल कैंपस के स्टूडेंट, सबके मन में एक ही सवाल है- वोट देने में ज्यादा खतरा है या न देने में। इस रिपोर्ट में पढ़िए और देखिए बांग्लादेशी हिंदुओं की परेशानी और वोट को लेकर उनकी उलझन। जगह: ढाकेश्वरी मंदिर, बख्शी बाजार, ढाका बांग्लादेश की राजधानी ढाका का नाम ढाकेश्वरी मंदिर के नाम से ही पड़ा था। चुनाव की कवरेज के दौरान हम यहां पहुंचे। मंदिर के बाहर अच्छी खासी चहल-पहल है। अंदर भी करीब 300 श्रद्धालु थे। उस वक्त दोपहर में होने वाली आरती की तैयारी चल रही थी। गीता पाठ का भी कार्यक्रम था। हमने पूजा करने आए कुछ लोगों से बात की। उनसे ये 5 सवाल पूछे… 1. बांग्लादेश में होने जा रहे चुनाव पर वे क्या सोचते हैं? 2. बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बढ़े हैं, इनके पीछे कौन है?3. शेख हसीना के जाने के बाद देश में बने हालात का क्या असर पड़ा हैं? 4. करीब 10% आबादी वाला हिंदू समुदाय किसे वोट किसे करेगा?5. क्या वे बांग्लादेश में सुरक्षित महसूस करते हैं या कहीं और जाने के बारे में सोच रहे हैं? ‘हम हिंदू, हमारी किस्मत में ही जुल्म लिखा है’ढाका की रहने वाली निशा रानी दत्त ढाकेश्वरी मंदिर में वैदिक मंत्रों का उच्चारण कर रही थीं। निशा सरकारी बैंक में नौकरी करती हैं। हमने उनसे पूछा कि चुनाव में हिंदुओं के लिए कैसा माहौल है? वे जवाब देती हैं, ‘हमें समझ नहीं आ रहा चुनाव में क्या करना है। चुनाव आते ही दूसरे लोग हमें परेशान करने लगते हैं। हम हिंदू हैं, हमारी किस्मत में सताया जाना ही लिखा है।’ ‘मैं ढाका में रहती हूं। इसलिए बहुत ज्यादा दिक्कत नहीं होती। चटगांव, खुलना, जॉयपुरहाट और लालमोनिरहाट में हिंदुओं पर बहुत जुल्म होते हैं। फिर भी ये देश हमारा है। हम कभी इसे छोड़कर नहीं जाएंगे।’ निशा के साथ मौजूद सोमा भी कहती हैं, ‘ये मेरा देश है। मेरा जन्म यहीं हुआ। मैं यहीं रहना चाहती हूं। मैं कहीं और जाने के बारे में नहीं सोच रही। कोई भी सरकार में आए, लेकिन हम अपने धर्म को जिस तरह से मानते आए हैं, वैसे ही मानेंगे।’ ‘हिंदू जमात-ए-इस्लामी को वोट नहीं दे सकते, BNP को ही देंगे’सुनीरमल रॉय पेशे से डॉक्टर हैं। ढाकेेश्वरी मंदिर में पूजा करने आते रहते हैं। वे कहते हैं, ‘बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP और जमात के बीच चुनाव होना है। शेख हसीना की अवामी लीग को तो बैन कर दिया गया है। अभी समझ नहीं आ रहा कि चुनाव कौन जीतेगा। चुनाव की वजह से हमारे लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। कई बार घर पर हमला हो जाता है, धमकियां दी जाती हैं।’ हिंदू समुदाय इस बार किसे वोट करेगा? सुनीरमल जवाब देते हैं, ‘हमें पता है कि जमात-ए-इस्लामी इस्लामिक पार्टी है। BNP लोकतांत्रिक पार्टी है। ज्यादातर हिंदू BNP को सपोर्ट करेंगे। जमात को बहुत कम ही हिंदू वोट करेंगे।’ अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के 2000 से ज्यादा मामलेबांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल अल्पसंख्यकों का संगठन है। ये देश में धार्मिक आधार पर होने वाली हिंसा के आंकड़े जुटाकर रिपोर्ट जारी करता है। संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से धार्मिक हिंसा की 2000 से ज्यादा मामले हो चुके हैं। इनमें 68 लोगों की हत्या हुई है। 28 केस महिलाओं के खिलाफ हिंसा के हैं। मंदिरों पर भी हमले हुए हैं। हालांकि, डॉ. यूनुस की अंतरिम सरकार ने इस डेटा को खारिज किया है। काउंसिल के जनरल सेक्रेटरी मणिंद्र कुमार नाथ कहते हैं, बांग्लादेश में चुनाव करीब आते ही हालात खराब हो रहे हैं। अल्पसंख्यकों के लिए हर दिन के साथ डर बढ़ता जा रहा है। हम अपनी परेशानियों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते रहते हैं, लेकिन सरकार हमारी बात नजरअंदाज कर रही है। ‘अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर डॉ. मोहम्मद यूनुस ने माना है कि धार्मिक हिंसा के 71 मामले हुए हैं। इनमें सिर्फ एक मामले में मौत हुई है। हमारा डेटा कहता है कि धार्मिक हिंसा में 66 लोगों की मौत हुई है। हमें लगता है कि ये हत्याएं धार्मिक वजहों से ही की गई हैं, लेकिन सरकार मानने को तैयार नहीं है।’ ‘हमारे देश की बुनियाद सेक्युलरिज्म पर टिकी है, लेकिन अब कट्टर इस्लामिक ताकतें इसे सांप्रदायिक बनाना चाहती हैं। जमात-ए-इस्लामी, BNP और अवामी लीग भी धार्मिक हिंसा के पीछे होती हैं। पार्टियां अपनी राजनीति के लिए धर्म का सहारा लेती हैं और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाती हैं।’ हालांकि अंतरिम सरकार के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस के एडवाइजर शफीकुल आलम ने भास्कर को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पिछले साल हमने हिंसा पर सालाना रिपोर्ट जारी की थी। कम्युनल और हेट क्राइम के मामले में पिछले एक साल में सिर्फ एक ही हत्या हुई है, जिसमें दीपू चंद्र दास का मामला है। उन्होंने दावा किया कि दूसरी घटनाओं में जमीन और कानून व्यवस्था के मामले या किसी दूसरी वजहों से हत्या हुई हैं। अवामी लीग हर हिंदू की हत्या को धार्मिक हिंसा में हुई मौत बता रही है। ‘हम वोट दें तो दिक्कत, न दें तो दिक्कत’ढाका की रहने वाली सुप्रिया भट्टाचार्य सरकारी स्कूल में टीचर थीं। नौकरी छोड़कर सोशल वर्क करने लगीं। वे महिला एकता परिषद की प्रेसिडेंट हैं और बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के लिए काम करती हैं। सुप्रिया भट्टाचार्य ढाकेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आई थीं। करीब 300 लोगों में साथ गीता पाठ कर रही थीं। पाठ खत्म होते ही 12 फरवरी को होने वाले चुनाव पर बातें होने लगीं। सुप्रिया कहती हैं कि बांग्लादेश में जब भी चुनाव होते हैं, हमारे दिलों में खौफ घर कर जाता है। सुप्रिया कहती हैं, ‘चुनाव के वक्त अल्पसंख्यक समुदाय के लोग डरे हुए हैं। मैं तो ढाका में रहती हूं, इसलिए उतना डर नहीं है। दूरदराज के इलाकों और गांवों में रहने वाले हिंदू बहुत ज्यादा डर में जी रहे हैं। इस बार हिंदू समुदाय पर एक और दबाव है। हमें रेफरेंडम के पक्ष या विपक्ष में वोट करना है। हमें समझ नहीं आ रहा कि संविधान बदलने के लिए वोट करें या जो संविधान है, उसी के पक्ष में रहें।’ हिंदुओं पर हमले कौन करता है? जवाब में सुप्रिया कहती हैं, ‘साफतौर पर नहीं कह सकते कि ये कौन कर रहा है। ये आतंकी मानसिकता के लोग हैं। जरूरी नहीं कि वे किसी पार्टी के लोग हों, लेकिन अगर बांग्लादेश की सरकार ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो ये उसकी नाकामी है।’ मंदिर में आईं केएस सिन्हा डांस टीचर हैं। वे कहती हैं, ‘बांग्लादेश में बहुत सारे हिंदू रहते हैं। हम वोट डालना चाहते हैं। हम चाहते हैं कि बांग्लादेश में ऐसी सरकार बने, जो सबकी सुरक्षा के लिए काम करे, न कि किसी एक धर्म के लिए।’ जगह: जगन्नाथ हॉल कैंपस, ढाका यूनिवर्सिटीढाकेश्वरी मंदिर के बाद हम ढाका यूनिवर्सिटी के जगन्नाथ हॉल कैंपस पहुंचे। ये कैंपस अल्पसंख्यक छात्रों के लिए है। हॉस्टल में रहने वाले ज्यादातर छात्र हिंदू हैं। हॉस्टल के अंदर मंदिर, काली पूजा के लिए जगह और बुद्ध की मूर्तियां हैं। हॉल यूनियन के लीडर सुदीप्तो प्रमाणिक कहते हैं, ‘जब भी चुनाव होते हैं, हमें अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगती है। हम चाहते हैं कि ऐसी सरकार आए, जो अल्पसंख्यकों को सुरक्षा दे। 1971 से ही अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव हो रहा है। सरकार जिन अधिकारियों को प्रमोशन दे रही है, उनमें एक भी हिंदू नहीं है।’ ‘मैं धार्मिक पहचान के तौर पर कड़ा पहनता हूं। मुझे ये पहनने से दिक्कत नहीं हुई, लेकिन मेरे एक जूनियर को हॉस्टल में एक साल पहले कलावा पहनने की वजह से पीटा गया था। लड़कियों को बिंदी या टीका लगाने की वजह से टारगेट किया जाता है। शेख हसीना के वक्त ऐसा नहीं होता था।’ जनवरी में साम्प्रदायिक हिंसा के 42 केस1 से 27 जनवरी के बीच देशभर में साम्प्रदायिक हिंसा के 42 केस दर्ज किए गए। इनमें 11 लोग मारे गए। बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने 29 जनवरी को ये डेटा जारी किया था। काउंसिल ने ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय डर और असुरक्षा के साए में जी रहे हैं। वे मजबूर हैं कि चुनाव में किसी को भी वोट न करें। सुदीप्तो प्रमाणिक इस पर कहते हैं, ‘अगर ऐसी ही स्थिति रहती है और अल्पसंख्यक वोट डालने से हिचकिचाते हैं, तो इसकी जिम्मेदार सरकार है। सरकार, प्रशासन, चुनाव आयोग और राजनीतिक पार्टियां अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षित माहौल बनाने में नाकाम रही हैं।’ मुस्लिम बोले- हिंदुओं से कोई टकराव नहींढाका के रहने वाले एएसएम फैजल फार्मासिस्ट हैं। हमने उनसे देश में हिंदुओं की स्थिति के बारे में पूछा। वे जवाब देते हैं, ‘मैं अलग-अलग धर्मों के लोगों से मिलता हूं। उनमें से कुछ से मेरे अच्छे संबंध हैं। मैंने कभी किसी को किसी पर जुल्म करते नहीं देखा। हो सकता है कि लोगों के बीच घरेलू या जमीन से जुड़े विवाद हों, उन्हीं वजहों से कभी-कभार घटनाएं हो जाती हों। मुझे ऐसा कभी नहीं लगा कि किसी पर सिर्फ इसलिए हमला किया गया हो क्योंकि वह अल्पसंख्यक है।’ हिंदुओं को धमकी- 5 लाख टका दो, वर्ना दुर्गा पूजा नहीं करने देंगेसितंबर, 2024 में दुर्गा पूजा के पहले हिंदुओं को धमकी भरे लेटर मिले थे। खुलना जिले के दाकोप में भी ऐसा ही लेटर पहुंचा था। इसमें लिखा था कि अगर गांववाले 5 लाख बांग्लादेशी टका नहीं देंगे, तो दुर्गा पूजा नहीं मनाने दी जाएगी। दाकोप के कमर खोला गांव में स्कूल टीचर साइकत गिलदार मंदिर के प्रमुख हैं। गांव के मुखिया भी हैं। वे बताते हैं, ‘धमकी भरा लेटर किसने भेजा था, इसका पता नहीं चला। उसमें लिखा था कि अगर दुर्गा पूजा का त्योहार मनाना है, तो पैसा देना होगा, नहीं तो तुम्हें मार देंगे।’ हाथ में धमकी भरा लेटर पकड़े हुए साइकत अब भी डरे हुए हैं। वे बताते हैं कि हम इतना डर गए थे कि दुर्गा पूजा का उत्सव ही नहीं मनाया। लेटर में लिखा था कि इस बार दुर्गा पूजा के लिए तुम्हें 5 लाख टका (करीब 3.5 लाख रुपए) देना होगा, वर्ना किसी हालत में पूजा नहीं करने देंगे। यह हमारी तरफ से आखिरी चेतावनी है। अगर तुमने इसे हल्के में लिया, तो नतीजे बहुत बुरे होंगे। पैसे तैयार रखो। हम बताएंगे कि कालीनगर बाजार में कहां और कैसे पैसे पहुंचाने हैं। अगर पुलिस को बताया तो याद रखना, तुम्हें और तुम्हारे परिवार को छोड़ा नहीं जाएगा। आसपास के सभी मंदिरों को हमारी बात माननी होगी। दाकोप की रहने वालीं तुलसी गलदार साइकत की भाभी हैं। वे कहती हैं कि गांव में कोई दिक्कत नहीं है। सब मिल-जुलकर रहते हैं, लेकिन इस तरह की खबरें पढ़ती हूं, तो डर जाती हूं। मुझे डर लगता है क्योंकि मैं हिंदू हूं।’ ……………………….बांग्लादेश से ये रिपोर्ट भी पढ़ें 1. भारत से दोस्ती या दुश्मनी, चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा बांग्लादेश में होने वाले चुनाव पर ढाका के रहने वाले अहीदुज्जमान कहते हैं, ‘मुझे चुनाव से कोई फर्क नहीं पड़ता। अवामी लीग ने देश को आजादी दिलवाई, उसी को चुनाव नहीं लड़ने दिया जा रहा। दूसरी तरफ जो 1971 के मुक्ति संग्राम के खिलाफ थे, वे चुनाव में जमकर प्रचार कर रहे हैं। अहीदुज्जमान के जैसी उलझन हर बांग्लादेशी के सामने है। यहां समझ आया कि भारत सबसे बड़ा मुद्दा है। वोटर दो हिस्सों में बंटे हैं, एक भारत समर्थक है और दूसरा भारत विरोधी। पढ़ें पूरी खबर… 2. BNP लीडर बोले- इंडिया स्पेशल नहीं, शेख हसीना को पनाह देने से रिश्ते कैसे सुधरेंगे शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद हो रहे इन चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP सत्ता की सबसे बड़ी दावेदार है। दैनिक भास्कर ने BNP की सेंट्रल कमेटी के मेंबर अब्दुल मोइन खान से बातचीत की। वे कहते हैं कि हम भारत से अच्छी दोस्ती चाहते हैं, लेकिन भारत में कुछ स्पेशल नहीं है। समझ नहीं आता उसने शेख हसीना को पनाह क्यों दी है। इससे रिश्ते अच्छे नहीं हो पाएंगे। पढ़ें पूरा इंटरव्यू...

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 5:20 am

DNA: खलीफा का संवाद यानी युद्ध का आगाज!...ईरान के लिए ट्रंप का 'अंडरकवर प्लान'; जानिए पूरी डिटेल

अमेरिका और ईरान के बीच वर्ता होने की खबर सामने आने के बाद एक उम्मीद की किरण दिखी है. माना जा रहा है कि इस वार्ता से ईरान और अमेरिका के बीच का तनाव कम हो सकता है.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 11:17 pm

अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया को कैसे देखते हैं? US के 'ब्रह्मास्त्र' जिनका निक्सन से लेकर ट्रंप ने धड़ल्ले से किया यूज

US Presidents: अमेरिका के लगभग सभी राष्ट्रपति दो खास तुरुप के इक्कों की वजह से खुद को दुनिया का सबसे ताकतवर नेता मानते हैं. खासकर 23 देशों वाले उत्तरी अमेरिका महाद्वीप और 12 देशों वाले दक्षिण अमेरिका पर तो उनकी खास नजर रहती है. ग्लोबल ग्लोब पर एशिया, अफ्रीका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया और अंटार्टिका तक अमेरिकी राष्ट्रपति कैसे अपनी नजर रखते हैं, जानिए.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 5:18 pm

बांग्लादेश में फिर भड़की हिंसा, जंग का मैदान बना यूनुस का आवास 'जमुना'; पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज

बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क गई है. इस बार सरकारी कर्मचारियों ने मोहम्मद यूनुस के आवास जमुना के बार प्रदर्शन किया है. हिंसक झड़प में कई लोगों के घायल होने की खबर है.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 4:57 pm

पाकिस्तान को नाको-चने चबवाने वाले देश पर UAE का आ गया दिल! नेशनल डे पर 100 से अधिक कैदियों को रिहा, कूटनीति ऐसी कि दुनिया देखती रह गई

UAE Releases More Than 100 Afghan Prisoners:यूएई ने अपने नेशनल डे के मौके पर 100 से ज्यादा अफगान नागरिकों को जेल से रिहा कर दिया है. यह कदम ऐसे दौर में हुआ है, जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच रिश्तों में जमकर तनाव फैला हुआ है. समझते हैं पूरी बात.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 3:09 pm

जेफ्री एपस्टीन से रिश्तों पर बिल गेट्स ने जताया खेद, कहा-उसके साथ बिताए हर मिनट पर पछतावा

ऑस्ट्रेलिया के ‘9न्यूज’ को दिए एक साक्षात्कार में गेट्स ने कहा कि उन्हें एपस्टीन के साथ बिताए समय पर गहरा पछतावा है और वे इसके लिए माफी मांगते हैं। उन्होंने कहा, “उसके साथ बिताए हर मिनट पर मुझे अफसोस है। वह एक बड़ी गलती थी।”

देशबन्धु 6 Feb 2026 2:36 pm

युनुस के राज में होने जा रहा संसदीय चुनाव सिर्फ पाखंड... बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री का बड़ा आरोप, अमेरिका से की अपील- इसे मान्यता मत देना

बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री ए. के. अब्दुल मोमेन ने 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव को “पाखंड” करार दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि ज्यादातर विपक्षी दलों को चुनाव से बाहर कर दिया गया है. मोमेन ने अमेरिका से अपील की है कि वह इस चुनाव को मान्यता न दे.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 2:20 pm

अमेरिका में सस्ती दवाओं के लिए वेबसाइट लॉन्च, ट्रंप बोले- ये है 'वेरी बिग डील'; लोगों का बचेगा पैसा

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सस्ती दवाओं के लिए TrumpRx.gov नाम की नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की है. ट्रंप का दावा है कि इससे प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतों में ऐतिहासिक कमी आएगी और लोग पैसा बचाकर स्वस्थ रहेंगे. योजना के तहत कूपन के जरिए दवाएं वैश्विक न्यूनतम कीमत पर उपलब्ध होंगी.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 1:54 pm

'गांव के लड़कों के लिए विदेशी ‘कुंवारी’ लड़कियां को मंगवाकर शादी कराओ', इस गवर्नर ने दिया जैसे ये बयान पूरे देश में मच गया बवाल

दक्षिण कोरिया में जनसंख्या संकट पर चर्चा के दौरान जिंदो काउंटी के गवर्नर किम ही-सू का एक बयान भारी विवाद में घिर गया है. उन्होंने ग्रामीण इलाकों में आबादी बढ़ाने के लिए श्रीलंकाई और वियतनामी कुंवारियों को आयात करने जैसी टिप्पणी कर दी. जिसके बाद इस बयान पर देशभर में गुस्सा फूट पड़ा, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया आई और अंततः गवर्नर को माफी मांगनी पड़ी है.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 12:47 pm

Operation Herof: बलूच विद्रोहियों का 5 दिनों में 310 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने का दावा, पाकिस्तानी सेना और पुलिस बलों को बनाया निशाना

बीएलए के प्रवक्ता ने दावा किया है कि उनके लड़ाकों ने अब तक पाकिस्तानी सेना के 310 सैनिकों को मार गिराया है। वहीं पाकिस्तानी सेना ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में 216 विद्रोहियों को ढेर किया है और अभियान को सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया गया है।

देशबन्धु 6 Feb 2026 11:36 am

ओमान में आज से शुरू अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता

शुक्रवार को परमाणु वार्ता के लिए यूएस और ईरान ओमान में मिलेंगे। व्हाइट हाउस ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम कूटनीति पर काम कर रही है जिसका मुख्य एजेंडा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूर्ण रोक लगाना है

देशबन्धु 6 Feb 2026 10:42 am

किस नेता ने कर दी दुनिया के ‘दादा’ बने फिर रहे ट्रंप की घनघोर बेइज्जती? ऐसी नस पर रखा हाथ बौखला गई अमेरिकी सरकार

ये खबर सुनकर आपको भी हंसी और हैरानी दोनों होगी. पोलैंड में संसद के निचले सदन (सीज्म) के स्पीकर व्लोडजिमिएर्ज चार्जास्टी(Wodzimierz Czarzasty) ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को खुलकर लताड़ लगाई है. ऐसी बात कही है, जिसके बाद पूरी दुनिया में अपना दबदबा बना रहे ट्रंप की सरकार भड़क गई है. जानें पूरी बात.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 10:19 am

अमेरिका में बड़ा रेल हादसा, पटरी से उतरी मालगाड़ी, पानी में गिरे प्रोपेन से भरे डिब्बे

US Train Accident: अमेरिका में एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां के कनेक्टिकट राज्य के मैन्सफील्ड शहर में एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. इस ट्रेन में दो इंजन और 41 डिब्बे थे.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 9:46 am

US सरकार का हाई अलर्ट- मेरे अपनों तत्काल ईरान ‌छोड़ दो, वरना... मस्कट में न्यूक्लियर डील फेल हुई तो अमेरिका कर देगा हमला? ट्रंप की बहुत खतरनाक प्लानिंग

ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का हाई अलर्ट जारी किया है. इसी दौरान मस्कट में अमेरिका–ईरान परमाणु बातचीत होने वाली है. आधिकारिक तौर पर हमले की घोषणा नहीं हुई, लेकिन जानकार मानते हैं कि बातचीत विफल रही तो सैन्य विकल्पों पर विचार तेज हो सकता है.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 9:17 am

अमेरिका में सस्ती दवाओं की नई राह: ट्रंप ने लॉन्च की वेबसाइट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रंपआरएक्सडॉटजीओवी नाम की एक नई फेडरल वेबसाइट लॉन्च की, जो आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दर्जनों प्रिस्क्रिप्शन दवाओं पर भारी छूट देने का विश्वास दिलाती है

देशबन्धु 6 Feb 2026 9:10 am

ईरान में नहीं दिखता अत्याचार...? हिजाब को 'शक्ति' बताकर घिरे ममदानी, न्यूयॉर्क के मेयर से लोगों ने पूछ लिए सवाल

Zohran Mamdani: न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी हिजाब का समर्थन करके फंस गए हैं. उन्होंने हिजाब को मुस्लिम विरासत की भक्ति और जश्न का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया, जिसके बाद लोगों ने उनकी जमकर आलोचना की.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 9:02 am

रूस-यूक्रेन वार्ता का दूसरा दौर खत्म, दोनों देशों के बीच 157-157 कैदियों की हुई अदला-बदली; युद्धविराम अब भी दूर

Russia-Ukraine Talks Second Round: अमेरिका की मध्यस्थता में रूस-यूक्रेन वार्ता का दूसरा दौर समाप्त हो गया है, हालांकि युद्धविराम, क्षेत्रीय विवाद और सुरक्षा गारंटी जैसे अहम मुद्दों पर अब भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि अगली शांति वार्ता जल्द होगी.

ज़ी न्यूज़ 6 Feb 2026 8:56 am