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पहले मसाज वाली-धंधे वाली, मोमो सुना; अब घर में कैद:अरुणाचल की लड़कियों से फैमिली बोली- घर लौट आओ, दिल्ली के आरोपी बोले- सॉरी

दिल्ली के पॉश एरिया मालवीय नगर के खिड़की गांव में बनी पांच मंजिला एक इमारत में सन्नाटा पसरा है। इसके चौथे फ्लोर पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन लड़कियां तीन दिन से बाहर नहीं निकली हैं। ये वही लड़कियां हैं, जिन्हें एसी लगवाने के दौरान हुई बहस के बाद मोमो, पार्लर वाली, धंधा करने वाली कहा गया। आरोप इसी बिल्डिंग में रहने वाले हर्ष और उनकी पत्नी रूबी जैन पर है। SC-ST एक्ट में केस दर्ज होने की वजह से रूबी को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन तीनों लड़कियां अब भी डरी हुई हैं। पहचान उजागर होने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए हैं। डर और प्रेशर की वजह से एक लड़की को परिवारवालों ने पढ़ाई छोड़कर घर वापस आने के लिए कह दिया है। पूरा केस समझने के लिए हमने आरोपी हर्ष और रूबी के अलावा पीड़ित लड़कियों की वकील और चश्मदीद AC मैकेनिक से बात की। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से लड़कियां परेशानहमने पीड़ित लड़कियों से बात करने की कोशिश की। उन्होंने अपनी वकील लीयी मारली नोशी से बात करने के लिए कहा। लीयी बताती हैं कि तीनों लड़कियों की उम्र 20 से 23 साल है। वीडियो वायरल होने के बाद से वे परेशान हैं। उन पर बहुत ज्यादा पब्लिक और सोशल प्रेशर है। सब उनके चेहरे पहचानते हैं। परिवार भी डरे हुए हैं। उनमें से एक को तो परिवार ने वापस बुला लिया है। लड़की को अब पढ़ाई छोड़कर वापस जाना पड़ेगा। लीयी आगे बताती हैं कि लड़कियों को सोशल मीडिया पर लगातार मैसेज आ रहे थे। इसलिए उन्होंने अकाउंट डिलीट कर दिए हैं। AC वाले से बदसलूकी, इसी से शुरू हुआ विवादपीड़ित लड़कियों में एक UPSC एग्जाम की तैयारी कर रही हैं। बाकी दोनों भी स्टूडेंट हैं और खर्च निकालने के लिए फ्रीलांसिंग करती हैं। वे अपने किराए के फ्लैट में AC लगवा रही थीं। घर के अंदर कॉरिडोर में ही AC का कंप्रेसर लगाने की जगह है। इसी से विवाद की शुरुआत हुई। एडवोकेट लीयी बताती हैं, ‘आरोपियों ने AC लगाने वाले से बदसलूकी की। वे कह रहे थे कि ड्रिल करने से गिरी धूल से उनके AC को नुकसान हुआ है। लड़कियों ने कहा कि अगर आपके AC को नुकसान हुआ है, तो हम रिपेयर करवा देंगे।’ ‘राहुल गांधी ने मिलने बुलाया, लेकिन हम नहीं गए’लीयी बताती हैं कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश भी हुई है। अलग-अलग पार्टियों के नेताओं ने हमसे बात की है। कांग्रेस लीडर राहुल गांधी और अल्का लांबा का फोन आया था। उन्होंने मुझे और लड़कियों को मिलने बुलाया। मैेंने साफ इनकार कर दिया कि यह राजनीतिक मामला नहीं है। लीयी आरोप लगाती हैं कि आरोपियों ने समझौते का दबाव बनाया था। पहले मकान मालिक के घर माफी मांगकर समझौते की कोशिश हुई, लेकिन उनकी कम्युनिटी पर जैसी बातें बोली गई है, इसके बाद कोई समझौता नहीं होगा। AC वाला चश्मदीद, बोला- मेरी टांगे तोड़ने की धमकी दीपीड़ित लड़कियों ने खिड़की गांव से सलीम (बदला हुआ नाम) को AC फिट कराने के लिए बुलाया था। दोपहर करीब 3:30 बजे AC का कंप्रेसर लगाने के लिए सलीम ने ड्रिलिंग की। इससे कुछ मलबा नीचे के बाकी AC और कॉरिडोर में जाकर गिरा। हम AC मैकेनिक सलीम से मिले। नाम और चेहरा छिपाने की शर्त पर वे बताते हैं, ‘बिल्डिंग पुरानी है, इसलिए थोड़ा कचरा और छोटे पत्थर नीचे गिर गए। नीचे के फ्लैट में रहने वाला शख्स इससे भड़क गया और मुझे गालियां देने लगा। मैंने दो बार माफी मांगी। इस पर उसने कहा कि तेरी टांगें तोड़ दूंगा।’ सलीम आगे कहते हैं, ‘मैं जिन मैडम के यहां एसी लगा रहा था, उन्होंने भी कहा कि एसी लगवाने में थोड़ा बहुत मलबा गिरता है। अगर ज्यादा गिरा है, तो सफाई करवा देंगे। उस शख्स ने उन्हें भी गाली दीं। इसके बाद बहस बढ़ गई।’ सलीम बताते हैं कि शुरुआत में बहस नीचे ही खत्म हो गई। 20 मिनट बाद आरोपी पति-पत्नी पुलिस को बुलाकर ऊपर आ गए। पुलिस के सामने ही नॉर्थ-ईस्ट के बारे में उल्टी-सीधी बातें करने लगे। लड़कियों से बोले कि तुम लोग पार्लर चलाते हो, धंधा करती हो, तुम्हारे यहां ड्रग्स चलता है। गिरफ्तारी से पहले रूबी बोलीं- अपने शब्दों के लिए माफी मांगती हूंआरोपी हर्ष पत्नी रूबी के साथ बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर किराए के फ्लैट में रहते हैं। बिल्डिंग में हर फ्लोर पर 4 फ्लैट हैं। इसी बिल्डिंग के चौथे फ्लोर पर पीड़ित लड़कियां भी किराए पर रहती हैं। दोनों के फ्लैट मालिक एक ही हैं। 25 फरवरी को रूबी को अरेस्ट कर लिया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि रूबी के खिलाफ SC-ST एक्ट में कार्रवाई की गई है। 24 फरवरी की शाम करीब 6 बजे हम रूबी और हर्ष के घर पहुंचे थे। करीब 7 बजे उनके घर अनिल कुमार नाम के हेड कॉन्स्टेबल आए। उन्होंने रूबी और हर्ष को मालवीय नगर थाने जाकर DCP से मिलने के लिए कहा। थाने में पहले रूबी और फिर हर्ष से अलग-अलग पूछताछ की गई। रूबी गिरफ्तारी को लेकर डरी हुई थीं। हर्ष उन्हें न घबराने की सलाह देते रहे। करीब रात 8 बजे पूछताछ के बाद रूबी और हर्ष वापस घर चले गए। 25 फरवरी की सुबह मालवीय नगर पुलिस ने रूबी को घर से अरेस्ट कर लिया। गिरफ्तारी से पहले रूबी ने हमें बताया कि सोशल मीडिया पर 4 मिनट का वीडियो वायरल हुआ है। ये झगड़े के दूसरे हिस्से का है। इससे पहले चार लड़कियां मेरे फ्लोर पर आई थीं। मैं सीढ़ियों पर खड़े होकर उन्हें जवाब दे रही थी, उसी को रिकॉर्ड कर वायरल किया गया, ताकि हमारे खिलाफ राय बन जाए। वायरल वीडियो में रूबी के हाथ में डंडा दिख रहा है। इस पर वे बोलीं कि हमने पुलिस बुलाई, तब तक लड़कियां हमारे फ्लोर पर आ गई थीं। मैं टीबी की मरीज हूं, मेरे शरीर का एक हिस्सा ठीक से काम नहीं करता। इसलिए मैंने सेल्फ डिफेंस के लिए घर में रखी डॉग स्टिक हाथ में ली थी। ये किसी को मारने के लिए नहीं थी। रूबी आगे कहती हैं कि पुलिस के आने के बाद हमें ऊपर ले जाया गया। वायरल वीडियो उसी समय का है। वहां मुझे और पुलिस को धक्का दिया गया। पुलिस अधिकारी मुझ पर गिरे। उसी दौरान मेरे मुंह से भी भद्दे शब्द निकले। रूबी जैन ने नस्लीय कमेंट के लिए माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि मैं अपने शब्दों के लिए दिल से माफी मांगती हूं। ये सब मैंने तब कहा, जब मेरे लिए धंधे वाली और हिजड़ा जैसे शब्द बोले गए। उस हालत में मुझसे क्या उम्मीद की जाती। फिर भी मैं मानती हूं कि मेरे शब्द गलत थे। हर्ष बोले- नस्लीय कमेंट के लिए हम शर्मिंदाहमने वीडियो में दिख रहे रूबी के पति हर्ष से भी बात की। 35 साल के हर्ष इवेंट मैनेजर हैं। वे बीते एक साल से इस फ्लैट में रह रहे हैं। हर्ष कहते हैं, ‘हमारे AC और कॉरिडोर में बड़े पत्थर गिरने पर मैं बाहर निकला था। AC के ऊपर बड़े पत्थर गिरे थे। दो बार जोर की आवाज आई। ऊपर से एक लड़का झांका। मैंने गुस्से में दिल्ली के स्लैंग में एक-दो बातें कहीं। तभी लड़की आई और बहस शुरू कर दी। दोनों तरफ से गाली-गलौज हुई।’ हर्ष आरोप लगाते हैं कि लड़कियों ने उनकी पत्नी को जातिसूचक शब्द कहे। इसके बाद हमने PCR को कॉल किया। पुलिस दोनों पक्षों की बात सुन रही थी, तभी लड़की ने वीडियो बनाया। वायरल वीडियो सिलेक्टिव है, उसमें सिर्फ उनका हिस्सा दिखाया गया है। मेरी पत्नी के साथ धक्का-मुक्की की गई। हमने उसी दिन लिखित शिकायत तैयार कर वॉट्सएप और ईमेल के जरिए एसएचओ, डीसीपी और जॉइंट सीपी को भेजी थी। गृह मंत्रालय को भी शिकायत भेजी थी। हर्ष नॉर्थ ईस्ट के लोगों पर की गई नस्लीय टिप्पणी के लिए माफी मांगते हैं। कहते हैं कि मैं और मेरी पत्नी इसके लिए शर्मिंदा हैं। सब गुस्से में हुआ, लेकिन यह गलती नहीं बल्कि गुनाह है। मैं कोर्ट में भी अपनी गलती मानूंगा। हर्ष आरोप लगाते हैं कि सोशल मीडिया पर मुझे जान से मारने की धमकी मिल रही है। पत्नी रूबी को रेप की धमकियां मिल रही हैं। हमारे नंबर सार्वजनिक कर दिए गए। हमने इसकी भी शिकायत की है। 4 मिनट के वीडियो में क्या है…वीडियो में पीड़ित लड़कियों के अलावा हर्ष, रूबी, एक पुलिसवाला और कुछ पड़ोसी दिख रहे हैं। शुरुआत में पीड़ित लड़की की आवाज आती है… पीड़ित: तुम क्या बोला, हम दारू पीता है। मेरा रूम चेक करो, अगर एक भी चीज मिला न, उसके बाद देखेंगे। रूबी: ऊंगली पीछे करके बात कर। हर्ष: चल, चल, गंदगी मसाज पार्लर। पीड़ित: मसाज पार्लर तू, बुड्ढा। रूबी: मेरा बेडरूम खाली है, आजमा ले जा। तेरे को पता चलेगा कितना बुड्ढा है। 35 साल का लड़का तेरे यहां बुड्ढा होता होगा, क्योंकि ड्रग्स इतने करते हो तुम लोग, हमारे यहां 35 साल में एक्चुअल जवान होते हैं। पीड़ित: मसाज पार्लर तू चलाती है न। रूबी: चलाती हूं, तेरे को कराना है, नौकरी चाहिए। तेरी औकात नहीं है, जहां से वो आया है। कस्टम ऑफिसर का बेटा है, पॉलिटिशियन है उसका बाप। पुलिसवाला: आप इन्हें अंदर कर दो, जो समझदार हो, वो बाहर रहो रूबी: तेरे यहां आदमी मसाज पार्लर में काम करते होंगे, हमारे यहां नहीं। एक दूसरी लड़की रूबी को समझाती है। रूबी कहती है, वो मेरे को बोली कि तेरा आदमी मसाज पार्लर में मिला होगा। हर्ष के BJP नेताओं के साथ फोटो, बोले- पार्टी से नहीं जुड़ाहर्ष के BJP नेताओं के साथ फोटो वायरल हुए हैं। झगड़े के वीडियो में भी रूबी उन्हें पॉलिटिशियन का बेटा बता रही हैं। इस पर हर्ष कहते हैं, ‘मैं सामान्य परिवार से हूं। मेरा किसी पार्टी से संबंध नहीं है। मैं इवेंट मैनेजर हूं। अलग-अलग नेताओं के साथ मेरी तस्वीरें प्रोफेशनल काम की वजह से हैं। मैंने किसी पार्टी से सीधा पेमेंट नहीं लिया, न किसी पार्टी का सदस्य हूं। मैंने BJP के लिए इवेंट मैनेज किया है। वायरल फोटो भी इसी से जुड़े हैं।' मकान मालिक बोले- नॉर्थ-ईस्ट के लोगों से कभी दिक्कत नहीं हुईइस विवाद पर हमने बिल्डिंग में रहने वाले लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन वे बात नहीं करना चाहते। इसके बाद हम मालवीय नगर के प्रॉपर्टी कारोबारी विनोद चौहान से मिले। वे कहते हैं कि मेरे मकानों में नॉर्थ-ईस्ट के लोग किराए से रहते हैं। अब तक कोई दिक्कत नहीं आई। इस तरह के नस्लीय कमेंट नहीं होने चाहिए। हमारे बच्चे भी दूसरे राज्यों में पढ़ने और काम करने जाते हैं। अगर उनके साथ वहां भेदभाव हो, तो हमें भी बुरा लगेगा।

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 5:10 am

'योगीजी बताएं, क्या मैं उन तीनों को थप्पड़ मार पाऊंगी':गोरखपुर में नगालैंड की डॉक्टर का पीछा, गालियां दीं, कपड़े उतारे; कौन हैं आरोपी

22 फरवरी 2026‘रात के करीब 8 बज रहे होंगे। मैं ओरियन मॉल से कुछ काम निपटाकर दोस्त के साथ कैंपस लौट रही थी। जैसे ही मॉल से निकली, मैंने महसूस किया कि बाइक से 3 लोग मेरा पीछा कर रहे हैं। शुरुआत में मैंने इग्नोर किया, लेकिन अचानक बाइक मेरे बगल में आ गई। वो लोग सिर्फ मेरे पीछे ही नहीं चल रहे थे, बल्कि रास्ते भर नस्लीय कमेंट और गंदी बातें बोलते रहे।’ 'उन लड़कों ने डेढ़ किलोमीटर तक मेरा पीछा किया। मैं आर्मी कैंप के पास कॉलेज के गेट नंबर 2 के पास पहुंचीं, तो उनमें से एक लड़का मेरे पास आया। उसने मुझे गलत तरीके से छुआ और अपने कपड़े उतारने लगा। मैं बहुत डर गई थी, मैंने मदद के लिए गुहार लगाई। तभी कैंपस के लोग वहां पहुंच गए। लोगों की भीड़ देखकर लड़के वहां से भाग निकले।' ये गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की एक रेजिडेंट डॉक्टर की आपबीती है, जो नगालैंड की रहने वाली हैं। घटना के अगले दिन 23 फरवरी को एम्स पुलिस स्टेशन में विक्टिम ने शिकायत दर्ज करवाई। इसके 24 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। दैनिक भास्कर की टीम ने महिला डॉक्टर से कॉन्टैक्ट किया और गोरखपुर पुलिस से पूरा घटनाक्रम सिलसिलेवार जाना। इस घटना के अलावा हमने नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं पर देश भर में हुए नस्लवादी टिप्पणी के मामलों की भी लिस्टिंग की है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… विक्टिम के साथी डॉक्टर बोले- लड़के नीचता की हद तक गिर गएइस घटना के बाद हमने विक्टिम डॉक्टर से संपर्क करने की कोशिश की। हमें बताया गया कि वे घटना के बाद से बहुत परेशान हैं और किसी से बात नहीं करना चाहती। पीड़िता की सुरक्षा और देखभाल से लेकर उसकी कानूनी लड़ाई फिलहाल नेशनल फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया रेजिडेंट डॉक्टर्स (NAFORD) संगठन लड़ रहा हैं। हमें विक्टिम का पक्ष जानने के लिए संगठन के अध्यक्ष डॉ. देवेश दुबे का फोन नंबर दिया गया। डॉ. देवेश कहते हैं, ‘घटना के बाद विक्टिम ने हॉस्टल पहुंचकर सबसे पहले NAFORD के ग्रुप पर मैसेज किया। वो बहुत डरी हुई थी, उसने बताया कि कैसे 3 लड़कों ने उसे रास्ते में परेशान किया।‘ ‘वो लड़के नीचता की उस हद तक गिर गए कि उन्होंने डॉक्टर पर न सिर्फ गंदे कमेंट किए, बल्कि उसके शरीर के पिछले हिस्से पर हाथ मारा। फिर उनमें से एक ने विक्टिम के सामने अपनी टी-शर्ट उतार दी। उन लड़कों की ये हरकत देखकर विक्टिम डरी नहीं, बल्कि बहादुरी से उनका सामना किया।’ NAFORD के मुताबिक, पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उस रात तीनों लड़कों ने उसका डेढ़ किलोमीटर तक पीछा किया। इस दौरान नस्लवादी कमेंट पास करते हुए उसके साथ अभद्रता की, उसे गलत तरीके से छुआ। यहां तक कि कपड़े उतारकर उसे प्राइवेट पार्ट दिखाने की कोशिश की। ये देख विक्टिम ने मदद के लिए आवाज लगाई, जिसके बाद लड़के वहां से भाग गए। विक्टिम गोरखपुर AIIMS में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में थर्ड ईयर की रेजिडेंट डॉक्टर हैं। दैनिक भास्कर को विक्टिम डॉक्टर का वो मैसेज मिला है, जिसे उसने घटना के बाद NAFORD के ग्रुप में शेयर किया था। आइए जानते हैं कि पीड़िता ने मैसेज में क्या लिखा। ‘क्या मैं तीनों लड़कों को थप्पड़ मार सकती हूं’गोरखपुर एम्स अस्पताल के डॉक्टर अमित राय NAFORD से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने हमें विक्टिम डॉक्टर की कंडीशन के बारे में बताया, जब वे एम्स पुलिस स्टेशन में बयान दर्ज करवाने गई थीं। डॉ. अमित कहते हैं, ‘घटना के बाद विक्टिम डॉक्टर ने एम्स के सीनियर डॉक्टरों को आपबीती बताई। अगले दिन हम सभी उसे लेकर थाने गए। उसकी शिकायत, CCTV फुटेज और बयानों के आधार पर तीनों आरोपी लड़के गिरफ्तार कर लिए गए।‘ ‘22 फरवरी की रात हुई घटना ने विक्टिम को गहरा सदमा पहुंचाया। वो पुलिस स्टेशन में इतना गुस्सा गई थी कि उसने पुलिस अधिकारी से कहा कि क्या मैं तीनों लड़कों को थप्पड़ मार सकती हूं। उसकी बात सुनकर पुलिस ने भरोसा दिया कि आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।‘ घटना से आहत डॉक्टर ने कहा- ‘ये बहुत दुखद है कि 2026 में भी महिलाओं को हर दिन ऐसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है। खासकर नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं को खुलेआम उत्पीड़न और हमले का सामना करना पड़ता है। हम सम्मान और सुरक्षा के हकदार हैं। हम बिना किसी डर के चलने की आजादी के हकदार हैं।‘ कौन हैं तीनों आरोपीगोरखपुर के SP सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक, 23 फरवरी को हमें महिला डॉक्टर की शिकायत मिली। विक्टिम के बयानों के आधार पर एम्स पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 74, 296 ए, 352 और 351 C के तहत FIR दर्ज की गई है। SP अभिनव कहते हैं, ‘शिकायत दर्ज होने के बाद हमने आरोपियों को पकड़ने के लिए 4 पुलिस टीमें बनाईं। CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की गई और 24 घंटे के अंदर तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सूरज गुप्ता, आदित्य राजपूत और अमृत विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जिनकी उम्र 21 से 24 साल के बीच है। घटना में इस्तेमाल बाइक भी बरामद कर ली गई है।’ गोरखपुर पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला है कि सूरज और अमृत पड़ोसी हैं। सूरज फलों की दुकान चलाता है, जबकि अमृत देवरिया में ही एक जनरल मर्चेंडाइज स्टोर पर काम करता है। तीसरा आरोपी आदित्य BA सेकेंड ईयर का छात्र है। मेघालय CM बोले- नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं के साथ भेदभाव भुला दिया जाता हैइस घटना पर मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, 'नॉर्थ ईस्ट की महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव और सेक्शुअल हैरेसमेंट को सिर्फ सुर्खियां बनाकर भूल नहीं जाना चाहिए। एम्स गोरखपुर में नगालैंड की एक रेजिडेंट डॉक्टर के साथ हुआ नस्लीय और सेक्शुअल उत्पीड़न बेहद शर्मनाक है।' 'किसी सभ्य देश में महिला के सम्मान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। ये भी आपकी बहनें और बेटियां हैं। मैं अधिकारियों से अपील करता हूं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।' ये छेड़छाड़ नहीं, नस्लीय और यौन उत्पीड़न का मामला: NAFORDइस मामले पर NAFORD सहित कई मेडिकल संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठनों ने इस घटना के बाद महिला डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। संगठन ने इस घटना को गंभीर नस्लीय और यौन उत्पीड़न का मामला बताया है। पोस्ट में कहा गया कि नॉर्थ ईस्ट से होने के कारण डॉक्टर को रूढ़िवादी टिप्पणियों का सामना करना पड़ा, जिससे उन्हें गहरा सदमा और अपमान महसूस हुआ है। घटना में पुलिस के तुरंत एक्शन लेने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी पर NAFORD के अध्यक्ष डॉ. देवेश दुबे कहते हैं, ‘विक्टिम डॉक्टर का मैसेज मिलते ही हमारे संगठन ने इसकी सूचना गोरखपुर पुलिस को दी। इसके कुछ घंटों में ही 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरा आरोपी भी 24 घंटे के अंदर पकड़ा गया। इस मामले पर सख्त एक्शन लेने के लिए हम CM योगी आदित्यनाथ और गोरखपुर पुलिस को धन्यवाद देते हैं।‘ दिल्ली में 'मोमो बेचने वाली' और 'मसाज पार्लर वाली' बोला गयागोरखपुर एम्स की डॉक्टर से जुड़ी घटना के एक दिन पहले दिल्ली के मालवीय नगर में भी नॉर्थ ईस्ट की 3 महिलाओं पर नस्लवादी टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया था। इसमें उन्हें 'मोमो बेचने वाली' और '500 में मसाज पार्लर में धंधा करने वाली' जैसे कमेंट किए गए। इस केस में भी FIR दर्ज हुई है। मामला मालवीय नगर का है, जहां अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाएं चौथी मंजिल पर एक फ्लैट में रह रही थी। इनमें से एक UPSC की तैयारी कर रही थी। उन्होंने अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए मैकेनिक बुलाया था। ड्रिलिंग के दौरान धूल और मलबा नीचे की मंजिल पर गिर गया, जिससे नीचे रहने वाले पड़ोसी हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी जैन नाराज हो गए। शुरुआत में ये विवाद फ्लैट पर मलबे को लेकर शुरू हुआ, लेकिन बाद में विवाद बढ़ते-बढ़ते नस्लीय और आपत्तिजनक हो गया। घटना के बाद बिल्डिंग के ब्रोकर ने महिलाओं से कहा कि उन्हें 2 महीने में फ्लैट खाली करना होगा। इससे पीड़ित महिलाओं में उनकी सुरक्षा लेकर डर बढ़ गया। मेघालय के CM कोनराड के संगमा ने इस घटना की भी निंदा की थी। उन्होंने X पर इस घटना को लेकर लिखा कि नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। ……………….ये खबर भी पढ़ें… जैश की महिला जिहादी ब्रिगेड, भारत के लिए नया खतरा जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को पहली बार आतंकियों की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात का ऐलान किया था। इसके ठीक 31 दिन बाद 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। 15 लोग मारे गए। NIA ने ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद के 'वॉइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का हिस्सा बताया। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Feb 2026 5:10 am

भारत–इजरायल व्यापार में नई उड़ान: पीएम मोदी का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ व्यापार बढ़ाने, निवेश को मजबूत करने और संयुक्त बुनियादी ढांचा विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है

देशबन्धु 25 Feb 2026 11:11 pm

रूस का सनसनीखेज दावा, ब्रिटेन-फ्रांस यूक्रेन को परमाणु हथियार देने की योजना बना रहे

रूसी विदेश खुफिया सेवा (एसवीआर) ने अपने बयान में कहा कि पश्चिमी शक्तियां युद्ध में यूक्रेन की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए संवेदनशील हथियारों की आपूर्ति पर विचार कर रही हैं। हालांकि इस दावे के समर्थन में रूस ने कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया है।

देशबन्धु 25 Feb 2026 12:08 pm

रूसी युद्ध के खिलाफ यूक्रेनी हौसला पांचवें साल में भी बरकरार

रूसी हमलों ने यूक्रेनियों के लिए पहले से ही सख्त सर्दियों को और भी मुश्किल बना दिया है. फिर भी, चार साल की जंग के बावजूद ज्यादातर यूक्रेनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं

देशबन्धु 25 Feb 2026 10:37 am

अमेरिकी सांसदों की चेतावनी – चीन की पकड़ से डिफेंस इंडस्ट्री को खतरा

अमेरिका की ओर से 'महत्वपूर्ण खनिजों और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन्स' की ओर बढ़ते कदमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं

देशबन्धु 25 Feb 2026 9:15 am

बांग्लादेश में नई सरकार के बाद सेना में बड़ा फेरबदल, शीर्ष पदों पर नियुक्तियां बदलीं, खुफिया एजेंसी और विदेश तैनाती में भी बदलाव

सेना मुख्यालय की ओर से जारी आदेशों के तहत कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। इस कदम को नई सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकताओं और सैन्य ढांचे में संतुलन स्थापित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

देशबन्धु 24 Feb 2026 10:25 am

अमेरिका में भारतीय निर्यात पर आज से 10% टैरिफ, 15% शुल्क को लेकर अब भी संशय

ट्रंप द्वारा 10 प्रतिशत शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की सार्वजनिक घोषणा के बावजूद इस संबंध में अब तक कोई औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। इससे व्यापारिक समुदाय में अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

देशबन्धु 24 Feb 2026 9:27 am

व्हाइट हाउस ने माना – भारत है टेक्नोलॉजी का पावरहाउस

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख विज्ञान सलाहकार ने कहा है कि भारत एक “तकनीकी महाशक्ति” है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई को आगे बढ़ाने की व्हाइट हाउस की योजना में उसकी अहम भूमिका है

देशबन्धु 24 Feb 2026 8:51 am

नेपाल : नदी में गिरी बस, एक चीनी नागरिक की मौत

सेंट्रल नेपाल के ताडिंग जिले में एक बस नदी में गिर गई। 23 तारीख की सुबह 8:00 बजे तक, इस दुर्घटना में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे

देशबन्धु 24 Feb 2026 6:30 am

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ट्रंप का हमला – ‘मेरी शक्तियां और बढ़ीं’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैर‍िफ को लेकर हाल ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी

देशबन्धु 24 Feb 2026 6:20 am

‘कांग्रेस जॉइन नहीं की, PM मोदी बुलाएंगे तो मिलने जाऊंगा’:मोहम्मद दीपक बोले- अब भी धमकियां मिल रहीं, मारने के 5 लाख तक दे रहे

‘मोहम्मद’ दीपक के नाम से मशूहर जिम ट्रेनर दीपक कुमार 23 फरवरी को दिल्ली में राहुल गांधी से मिले। साथ में उनके दोस्त विजय रावत भी थे। दोनों 26 जनवरी को एक मुस्लिम दुकानदार की दुकान का नाम बदलवाने पहुंचे बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से भिड़ गए थे। इसके बाद दीपक को धमकियां मिलने लगीं। वे उत्तराखंड के कोटद्वार में जिम चलाते हैं, उनके जिम में मेंबर कम हो गए। दीपक बताते हैं कि एक महीना होने वाला है, अब भी धमकियां मिल रही हैं। मुझे मारने के कोई दो लाख रुपए दे रहा है, तो कोई 5 लाख। इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दीपक और विजय रावत दिल्ली में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के घर रुके थे। हमने उनसे राहुल गांधी से मुलाकात के बारे में बात की। पहले मोहम्मद दीपक से बात सवाल: राहुल गांधी से मिलने का प्लान कैसे बना?जवाब: मेरे पास फोन आया था कि राहुल जी आपसे मिलना चाहते हैं। हम उनसे मिलने आए। राहुल जी ने कहा कि आपने अच्छा काम किया है। आपने एक बुजुर्ग की जान बचाई है, मैं इससे बहुत प्रभावित हुआ हूं। राहुल जी ने कहा कि मैं आपके जिम की मेंबरशिप लेना चाहता हूं। मैंने उनसे कहा कि कोटद्वार आइए और ले लीजिए। सवाल: क्या आप कांग्रेस जॉइन करने वाले हैं?जवाब: मैं राहुल गांधी से इंसानियत के नाते मिला हूं। मेरा राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। न ही मैं राजनीति करना चाहता हूं। लोग सोच रहे हैं कि दीपक कांग्रेस से जुड़ गया है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। मैं किसी पार्टी से नहीं जुड़ा हूं। कोई भी पार्टी वाला बुलाएगा, तो मैं जाऊंगा। मोदीजी बुलाएंगे, तो उनसे भी मिलूंगा। सवाल: अभी जिम कैसा चल रहा है, खबरें आई थीं कि मेंबर कम हो गए हैं?जवाब: उस वक्त जब माहौल खराब था, तब तो 15-16 मेंबर ही रह गए थे। अब थोड़े बढ़े हैं। करीब 30 मेंबर हो गए हैं। पहले 150 मेंबर थे। लोग डरे हुए हैं, इसलिए अपने बच्चों को जिम नहीं भेज रहे। सवाल: कोटद्वार में पहले और अब के हालात में क्या बदला है?जवाब: उस दिन के मुकाबले देखें, तो हालात बेहतर हैं। तब तो बहुत खराब माहौल था। सोशल मीडिया पर धमकियां मिल रही थीं। इससे परिवारवाले डर गए थे। अब माहौल बदल गया है। बेटी स्कूल जाने लगी है। मम्मी चाय का स्टॉल लगाने लगी हैं। सवाल: दुकान वाले बाबा से फिर मुलाकात हुई या नहीं?जवाब: हां, मिलना हुआ था। उन्होंने शाबाशी दी। कहा कि जो आपने किया, वो कोई अपना भी नहीं करता। सवाल: क्या अब भी धमकियां मिल रही हैं जवाब: धमकियां तो मिल ही रही हैं। सोशल मीडिया पर कोई मारने के लिए 2 लाख दे रहा है, कोई 5 लाख दे रहा है। ये सब तो चल ही रहा है। उस वक्त हालात ऐसे थी कि लग नहीं रहा था कि पुलिस-प्रशासन संभाल पाएंगे। अब सब ठीक है। बस जिन लोगों ने सब किया था, उनकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। मैं चाहता हूं कि उन्हें गिरफ्तार किया जाए। सवाल: एक केस आपके ऊपर भी हुआ था, उसका क्या हुआ?जवाब: ये तो मुझे भी समझ नहीं आया कि हमारे ऊपर केस क्यों हुआ है। हमने तो कोई गलत काम नहीं किया। सवाल: आगे का क्या प्लान है?जवाब: काम तो वही (जिम) करना है। और कोई काम भी नहीं है। मुझे अपने जिम से ही मतलब है। वही लाइफ बेहतर लगती है। अभी डर के माहौल की वजह से मेरा काम कम हुआ है। ये भी ठीक हो जाएगा। ऐसे हादसे आगे भी होंगे। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि हिंदू या मुसलमान, किसी के भी साथ गलत हो रहा हो तो आवाज उठाओ क्योंकि हमें इंसानियत को जवाब देना है, न कि धर्म को। सवाल: आप यात्रा निकालने वाले हैं?जवाब: हां, हम सोच रहे हैं कि इंसानियत के नाते यात्रा निकालें। हमने लोगों से राय मांगी है। अभी सोचा है कि उत्तराखंड से यात्रा शुरू करें। यात्रा कहां तक जाएगी, ये तय नहीं किया है। मैं चाहता हूं कि हर पार्टी के लोग इसमें शामिल हों। हमें किसी से दिक्कत नहीं है। दीपक के दोस्त विजय रावत बोले- इंसानियत जोड़ो यात्रा निकालेंगे 26 जनवरी को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं साथ बहस के वीडियो में दीपक के साथ उनके दोस्त विजय रावत भी दिखाई दे रहे थे। विजय रावत के खिलाफ भी कोटद्वार पुलिस ने FIR दर्ज की है। हमने विजय से भी बात की। सवाल: कोटद्वार में जो हुआ, क्या उसके बाद डर लगता है?जवाब: थोड़ा डर तो रहता ही है। मम्मी-पापा कहते हैं कि कहीं भी जाओ, थोड़ा देखकर जाओ। ये स्वाभाविक बात है। हमारे ऊपर केस दर्ज हुआ है, वह भी गलत है। रक्षा करने वालों पर केस हो रहा है। भक्षक खुलेआम घूम रहे हैं। हम चाहते हैं, ऐसी घटनाएं रुकें। सरकार इसे रोके और कार्रवाई करे। सवाल: दीपक को धमकी मिली थी, क्या आपको भी धमकी है?जवाब: नहीं, मुझे धमकी नहीं मिली। सवाल: राहुल गांधी से क्या बात हुई?जवाब: उन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया। कहा कि आप लोगों ने बहुत सराहनीय काम किया है। देश के युवाओं को ऐसे ही आगे आना चाहिए। देश में जो नफरत फैल रही है, उसके खिलाफ ज्यादा से ज्यादा युवाओं को आना चाहिए। आपने युवाओं की सोच बदली है। सवाल: क्या पार्टी जॉइन करने पर बात हुई है? जवाब: मैं यूथ कांग्रेस का डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट रह चुका हूं। कोटद्वार से छात्र संघ का अध्यक्ष रहा। अभी हमारा एक यात्रा निकालने का प्लान है। देश में जो नफरत फैल रही है, उसके खिलाफ हम इंसानियत जोड़ो यात्रा निकालना चाहते हैं। अभी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन लोगों से राय-मशविरा ले रहे हैं कि कैसे इसे आगे बढ़ाना चाहिए। अब भी मारपीट के बहुत से वीडियो वायरल हो रहे हैं। देश में बहुत सी चीजें गलत हो रही हैं। हमने जब बाबा मामले में आवाज उठाई थी, उससे कुछ लोगों की सोच बदली है। इसीलिए हम यात्रा निकालना चाहते हैं, जो देश में नफरत खत्म करे, सभी धर्म के लोग मिलकर रहें और भाईचारा बना रहे। राहुल गांधी ने भरोसा दिया है कि वे भी यात्रा में शामिल होंगे। सवाल: दुकान का नाम बाबा रखने पर विवाद हुआ था, क्या अब भी वही नाम है?जवाब: दुकान चल रही है। वे नाम भी नहीं बदलेंगे। बाबा नाम तो हर धर्म में होता है। ये कोई बड़ा इश्यू नहीं था। बोर्ड में बाबा के साथ दुकान मालिक का नाम शोएब भी लिखा है। लोगों का काम नफरत फैलाना था, वे वही कर रहे थे। सवाल: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं से बहस वाले दिन क्या हुआ था? जवाब: दीपक मेरा 20 साल पुराना दोस्त है। मेरे बड़े भाई जैसा है। 26 जनवरी को हम दुकान के बगल में बैठे थे। हमने देखा के बुजुर्ग परेशान हैं। उनके हाथ पैर कांप रहे थे। लग रहा था उनके साथ कुछ हो रहा है। इसीलिए हम मदद करने गए। सवाल: कोटद्वार में अब कैसा माहौल है?जवाब: अब ठीक है। 26 जनवरी से 12 फरवरी तक धमकियां मिलती रहीं। बहुत डर था। पुलिस तैनात थी। सख्त पहरा था। अब माहौल बेहतर है। इमरान प्रतापगढ़ी बोले- मोहम्मद दीपक, मोहब्बत के दीपकमोहम्मद दीपक दिल्ली में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के घर पर रुके थे। राहुल गांधी और दीपक की मुलाकात पर इमरान प्रतापगढ़ी कहते हैं कि राहुल गांधी जी देश में हर उस व्यक्ति से मिल रहे हैं, जो समाज को जोड़ने की बात कर रहा है। मोहम्मद दीपक, मोहब्बत का दीपक हैं। मैंने राहुल जी से गुजारिश की थी कि वे दीपक से मिलें। होना तो यह चाहिए था कि प्रधानमंत्री जी दीपक को बुलाकर सम्मानित करते, लेकिन ये काम नेता प्रतिपक्ष कर रहे हैं। इमरान केस में कोई गिरफ्तारी नहीं होने पर भी वे सवाल उठाते हैं। इमरान आरोप लगाते हैं कि वीडियो में गुंडों के चेहरे साफ दिख रहे हैं, वे खुलेआम धमकियां दे रहे हैं, फिर भी अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। ये खबर भी पढ़िए… ‘मोहम्मद’ दीपक से बोले राहुल- कोटद्वार आकर तुम्हारे जिम की मेंबरशिप लूंगा जिम ट्रेनर दीपक कुमार ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की। राहुल ने इस मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए दीपक को 'साहस की लौ' बताया है। दीपक ने बताया कि राहुल जी ने मेरी फैमिली से बात की। मुझे तसल्ली दी कि घबराने वाली कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि वे कोटद्वार आकर मेरे जिम की मेंबरशिप लेंगे। अगर राहुल जी मेरे जिम आएंगे और मेंबरशिप लेंगे, तो यह मेरे लिए बहुत खुशी की बात होगी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 5:08 am

अतीक मारा गया, गुड्डू बमबाज-शाइस्ता का खौफ कायम:उमेश हत्याकांड के 36 महीने, परिवार को धमकी- ऐसा बदला लेंगे कि लोग याद रखें

‘अतीक अब जिंदा नहीं है। प्रयागराज में उसका खौफ भी खत्म हो चुका, लेकिन मैं आज भी डर में जी रही हूं। मेरे पति को बीच बाजार में घेरकर मारने वाला गुड्डू बमबाज और अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन आज तक नहीं पकड़े गए। उनके लोग हमें धमकियां देते हैं। वीडियो भेजते हैं, जिसमें लिखा होता है- बदला ऐसा लो, जिसे चार लोग याद करें। ये लोग जब तक फरार रहेंगे, मेरे परिवार पर खतरा बना रहेगा।‘ 24 फरवरी जया पाल की जिंदगी की सबसे बुरी तारीख है। तीन साल पहले इसी दिन उनके पति और पेशे से वकील उमेश पाल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड माफिया डॉन अतीक अहमद था। उमेश की मौत के बाद जया पाल ने अतीक समेत 10 लोगों के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज करवाया। 36 महीने बाद भी केस की सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। उमेश की हत्या में शामिल 10 में 6 आरोपी मारे जा चुके हैं। अतीक की पत्नी शाइस्ता, गुड्डू मुस्लिम के अलावा शूटर अरमान और साबिर पकड़े नहीं गए। अतीक अहमद की मौत के बाद उसकी 'IS-227 गैंग' खत्म हो चुकी है, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। यही वजह है कि 24 फरवरी, 2023 से लेकर अब तक उमेश के घर के मेन गेट और कमरों के बाहर 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है। यूपी का सबसे चर्चित उमेश पाल मर्डर केस 3 साल बाद भी आखिर कहां अटका है, हत्यारों को सजा मिलने में कितना वक्त और लग सकता है? इन सवालों के जवाब जानने दैनिक भास्कर की टीम प्रयागराज पहुंची। अतीक मरा, फिर 'IS-227 गैंग' का डर क्यों कायम अतीक की मौत के बाद भी पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज 'IS-227 गैंग' का नाम पूरी तरह खत्म नहीं माना गया है। गैंग पर हत्या, लूट, रंगदारी, जमीन कब्जाने और किडनैपिंग जैसे कई केस दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, अतीक के मारे जाने के बाद उसका नेटवर्क कमजोर पड़ा है। फिर भी कानूनी रिकॉर्ड में गैंग तब तक खत्म नहीं मानी जाती, जब तक उससे जुड़े सभी मामलों का निपटारा न हो जाए। अतीक की गैंग पर चल रहा सबसे बड़ा मुकदमा उमेश पाल हत्याकांड का है। प्रयागराज के धूमनगंज थाने से महज 200 मीटर दूर सुलेम सराय इलाके में उमेश पाल का घर है। यहां 24 घंटे PAC और प्रयागराज पुलिस के 20 जवान तैनात रहते हैं। ये फोर्स 24 फरवरी के दिन डबल कर दी जाती है। बिना सिक्योरिटी जांच और प्रशासन की इजाजत के बगैर कोई मकान के अंदर नहीं जा सकता। अतीक मारा गया, फिर इतनी कड़ी सुरक्षा क्यों? इसके जवाब में उमेश की पत्नी जया कहती हैं, ‘अतीक बेशक मर चुका है, लेकिन उसके गिरोह के लोग आज भी फरार हैं। वो हमसे बदला लेना चाहते हैं। मेरे सामने गुड्डू मुस्लिम ने इसी घर में बम फेंका, जिससे मेरे पति उमेश पाल और उनके गनर राघवेंद्र की मौत हो गई। मैं गुड्डू मुस्लिम का चेहरा भला कैसे भूल सकती हूं।‘ ‘हमारी सुरक्षा में तो कोई कमी नहीं है, लेकिन फिर भी मन में हर वक्त घबराहट रहती है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन, शूटर साबिर और अरमान अब भी हमारे लिए खतरा हैं। इन अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।‘ एक मिनट के वायरल वीडियो में हुआ उमेश हत्याकांड का खुलासा उमेश पाल की मौत के बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो क्लिप में 24 फरवरी 2023 की शाम 4 बजकर 30 मिनट पर उमेश पाल कोर्ट से घर लौटते दिख रहे थे। उमेश जैसे ही घर के पास पहुंचे, बदमाशों ने उनकी कार पर फायरिंग शुरू कर दी। उमेश अपने गनर राघवेंद्र सिंह के साथ घर की तरफ भागे। तभी बदमाशों ने उन पर दो बम फेंकें। एक गनर संदीप निषाद कार में थे। बदमाशों ने उन्हें भी गोली मार दी। तीनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उमेश पाल और संदीप निषाद ने दम तोड़ दिया। दूसरे गनर राघवेंद्र सिंह को लखनऊ रेफर किया गया, लेकिन उनकी जान भी नहीं बच पाई। हत्याकांड के बाद विपक्ष ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया। इसके जवाब में CM योगी ने विधानसभा में कहा- जिस अतीक अहमद के खिलाफ पीड़ित परिवार ने मामला दर्ज कराया है, वो समाजवादी पार्टी का पोषित माफिया है। उसकी कमर तोड़ने का काम हमारी सरकार ने किया है। मैं फिर इसी हाउस में कह रहा हूं कि इस माफिया को मिट्टी को मिला देंगे। 15 अप्रैल 2023 को अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस सुरक्षा के बीच हत्या कर दी गई। फोन पर धमकी मिली- ‘ऐसा बदला लेंगे कि 4 लोग याद करेंगे’बातचीत के दौरान जया ने धमकी भरे मैसेज भी दिखाए, जो अनजान नंबरों से भेजे गए थे। जया का आरोप है कि अतीक की मौत के बाद उसकी गैंग के लोग हर महीने धमकी भरे मैसेज भेजते हैं। जया कहती हैं, ‘हमें 3 साल से धमकियां मिल रही हैं। घर पर बूढ़ी सास और दो बच्चे हैं। धमकियों की वजह से बच्चों को अकेले स्कूल नहीं भेजती। पुलिस साथ हो, तभी पढ़ाई के लिए घर से बाहर जाते हैं।‘ उमेश के घर के पास से नकाबपोश महिलाएं पकड़ी गईंउमेश पाल की 81 साल की मां शांति पाल कहती हैं, ‘हमें डराने के लिए अतीक के रिश्तेदार धमकियां दे रहे हैं। हम घर पर क्या करते हैं, कौन हमसे मिलने आ रहा है, बच्चे कब बाहर जाते हैं, इनकी जानकारी अतीक की गैंग तक बराबर पहुंचाई जा रही है।‘ पिछले साल अगस्त में बुर्का पहने चार महिलाओं को पुलिस ने हमारे घर के पास से पकड़ा था। उन्होंने पूछताछ में बताया कि वे अतीक के ड्राइवर के कहने पर हमारे बारे में जांच-पड़ताल कर रही थीं। ‘उन्होंने गली के अंदर आकर हमारे घर में भी घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिसवालों ने पकड़ लिया। इस घटना के बाद से हमारी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।‘ बेटे को याद कर शांति आगे कहती हैं, ‘मेरे बेटे ने एक माफिया से 18 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। उनकी तीसरी पुण्यतिथि है। उमेश की याद तो शायद कभी कम नहीं होगी, लेकिन अब उनके पीछे परिवार को संभालने वाला कोई नहीं है।‘ गुड्डू-शाइस्ता की गिरफ्तारी न होना केस अटकने की बड़ी वजह उमेश पाल की हत्या के बाद यूपी पुलिस ने सबसे पहले असद के ड्राइवर अरबाज को धूमनगंज के नेहरू पार्क में 27 फरवरी को मुठभेड़ में ढेर किया। इसके बाद दूसरे एनकाउंटर में 6 मार्च को उमेश पाल पर पहली गोली चलाने वाला विजय चौधरी उर्फ उस्मान मारा गया। 13 अप्रैल को झांसी में UP-STF ने माफिया अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर कर दिया। मामले में शामिल 3 अपराधियों के एनकाउंटर के बाद 15 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या कर दी गई। फिलहाल, उमेश पाल हत्याकांड में शामिल 5-5 लाख के इनामी 3 शूटर्स गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान फरार हैं। अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन भी फरार है। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम है। शाइस्ता के साथ अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और बहन आयशा नूरी भी मोस्टवांटेड लिस्ट में हैं। उमेश पाल हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी पर हमने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट विक्रम सिंह से बात की। वे कहते हैं, ‘जब तक पुलिस इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को पकड़कर कोर्ट में हाजिर नहीं करती। मामले की सुनवाई का आगे बढ़ना मुश्किल होगा। गुड्डू मुस्लिम, अरमान और साबिर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। फिलहाल ट्रायल कोर्ट में आरोप तय होना बाकी है।’ ’जया पाल ने 10 लोगों के खिलाफ शुरुआती FIR दर्ज करवाई थी। तीन साल के अंदर आरोपी बढ़कर 17 हो गए हैं। आरोपियों में अतीक का बहनोई डॉक्टर अखलाक अहमद, सदाकत खान, अतीक के वकील खान सौलत हनीफ, विजय मिश्रा और अतीक के बेटे मोहम्मद उमर और अली अहमद भी शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद केस एविडेंस स्टेज पर आ चुका है।’ महाकुंभ तक प्रयागराज में छिपी थी शाइस्ता, गुड्डू भारत में नहींगुड्डू मुस्लिम और शाइस्ता परवीन की आखिरी लोकेशन क्या थी? उनके बारे में हमने प्रयागराज पुलिस के सीनियर अफसर से बात की। वे बताते हैं, ‘यूपी पुलिस और STF की टीमें गुड्डू मुस्लिम, शाइस्ता, साबिर और अरमान को पकड़ने के लिए अब तक 14 राज्यों में दबिश दे चुकी हैं। उनकी खोजबीन के दौरान हमें अतीक की IS-227 गैंग के कुल 121 बदमाशों और 74 सहयोगियों का पता चला है। इनमें कुछ बड़े व्यापारी भी शामिल हैं। उनसे पूछताछ की जा रही है।' ‘नवंबर 2025 को हमें इनपुट मिला कि गुड्डू मुस्लिम फर्जी पासपोर्ट के सहारे दुबई भागा है। कोलकाता एयरपोर्ट के इमीग्रेशन रिकॉर्ड की जांच में ये सामने आया है कि 6 दिसंबर 2024 को सैयद वसीमुद्दीन नाम के एक शख्स ने एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट पकड़ी थी। उसके पासपोर्ट पर लगी तस्वीर गुड्डू मुस्लिम से काफी मिल रही थी। हालांकि अभी इसकी जांच चल रही है।' पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2025 तक शाइस्ता परवीन की लास्ट लोकेशन प्रयागराज में मिली थी। बाद में पुलिस को इनपुट मिला कि वो महाकुंभ मेले के दौरान प्रयागराज से फरार होकर पश्चिम बंगाल चली गई है। अब तक उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी है। शाइस्ता के अलावा, गिरोह की दो महिला सदस्य रूबी उर्फ ​​जैनब (​​अशरफ की पत्नी) और आयशा नूरी (अतीक की बहन) भी फरार हैं। दोनों पर 25 हजार का इनाम रखा गया है। विधायकी का चुनाव लड़ना चाहते थे उमेश पाल साल 2004 की बात है, अतीक उस वक्त इलाहाबाद पश्चिमी विधानसभा सीट से विधायक था। उसने 1989 के बाद लगातार 5 चुनाव जीते थे। अतीक के सांसद बनने से ये सीट खाली हो गई। 2004 में अतीक ने अपने भाई अशरफ को चुनाव मैदान में उतारा, लेकिन BSP कैंडिडेट राजू पाल ने अशरफ को 4 हजार वोट से हरा दिया। अशरफ के चुनाव हारने पर अतीक बौखला गया। 25 जनवरी, 2005 को राजू पाल के काफिले पर हमला हो गया। राजू पाल को कई गोलियां लगीं, तब उमेश पाल ने ही उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया था। डॉक्टर राजू पाल को नहीं बचा पाए। पोस्टमॉर्टम में उनके सीने से 19 गोलियां निकाली गई थीं। राजू पाल की हत्या के बाद उमेश पाल का नाम चर्चा में आया। उन्हें इस केस में मुख्य गवाह बनाया गया। बताया जाता है कि अतीक ने उमेश को कई बार फोन कर केस से हटने के लिए कहा। जान से मारने की धमकी दी। उमेश नहीं माने तो 28 फरवरी 2006 को उनका अपहरण करा लिया। उन्हें रातभर पीटा। बिजली के शॉक दिए। मनमाफिक गवाही देने के लिए टॉर्चर किया गया। इसके बाद छोड़ दिया गया। 2007 में अतीक और अशरफ के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट लिखी गई। इसके बाद उमेश पाल पॉलिटिक्स में चले गए। 2006 से 2012 तक BSP में रहे। फिर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। 2022 में विधानसभा चुनाव के समय BJP जॉइन कर ली। उनकी पत्नी जया पाल के मुताबिक, उमेश प्रयागराज की फाफामऊ सीट से विधायक का चुनाव लड़ना चाहते थे। राजू पाल हत्याकांड में गवाह होने की वजह से उमेश पहले से अतीक गैंग के निशाने पर थे। 24 फरवरी, 2023 को उनकी हत्या कर दी गई। उमेश की मौत के बाद अतीक का साम्राज्य खत्मउमेश पाल के मर्डर से पहले अतीक पर हत्या, हत्या की साजिश, रंगदारी और किडनैपिंग के करीब 60 केस दर्ज थे। अतीक पॉलिटिक्स में भी तेजी से आगे बढ़ा। 2012 में उसका सियासी रसूख इतना बढ़ गया था कि उसने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दी, तो हाईकोर्ट के 10 जजों ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। 11वें जज ने सुनवाई की और अतीक अहमद को जमानत मिल गई। अतीक ने एक बार लोकसभा और 5 बार विधानसभा का चुनाव जीता। 2004 में उसने फूलपुर सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा। इस दौरान दिए हलफनामे में अतीक ने अपनी संपत्ति 3.36 करोड़ रुपए बताई थी। 2012 में अतीक ने इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, तो संपत्ति 20.79 करोड़ रुपए हो गई। 2018 में फूलपुर सीट पर उपचुनाव हुआ। इसमें अतीक ने अपनी संपत्ति 25.50 करोड़ बताई। 2019 में अतीक ने PM मोदी के खिलाफ वाराणसी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। ये उसका आखिरी इलेक्शन था। उमेश पाल की हत्या में नाम आने के बाद अतीक का साम्राज्य ढहना शुरू हो गया। सरकार के मुताबिक, बीते 3 साल में अतीक की करीब 3000 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई हुई है। …………………ये खबर भी पढ़ें… जैश की महिला जिहादी ब्रिगेड, भारत के लिए नया खतरा जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को पहली बार आतंकियों की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात का ऐलान किया था। इसके ठीक 31 दिन बाद 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। 15 लोग मारे गए। NIA ने ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद के 'वॉइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का हिस्सा बताया। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 24 Feb 2026 5:08 am

कल से ट्रंप की टैरिफ वसूली पर लग जाएगा 'ब्रेक', सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद US कस्टम का एक्शन; भारत पर भी होगा असर

डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से दुनिया भर के देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तीन दिन बाद USCBP ने अहम फैसला लिया. अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि 24 फरवरी से IEEPA के तहत लिए जा रहे टैरिफ को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 4:36 pm

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ट्रंप के वैश्विक टैरिफ कार्यक्रम को झटका, गोपनीय बैठक के दौरान मिली जानकारी

बताया जाता है कि व्हाइट हाउस के स्टेट डाइनिंग रूम में चल रही बैठक के बीच उनके व्यापार सलाहकार ने एक नोट राष्ट्रपति को थमाया। नोट पढ़ते ही ट्रंप ने कथित तौर पर पूछा, “तब तो नुकसान हो गया?” सलाहकार ने पुष्टि की कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के वैश्विक टैरिफ कार्यक्रम को अवैध घोषित कर दिया है।

देशबन्धु 23 Feb 2026 1:39 pm

खामनेई के खौफ से परेशान ईरान! रमजान के पाक महीने में दिखाई ऐसी रहमदिली; मुस्लिम जगत बोला- 'मरहबा'

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच टकराव अपने चरम पर है. इसीईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई नेरमजान के पवित्र महीने में जरूरतमंद कैदियों की रिहाई के लिए अपना खजाना खोल दिया है. जिससेसैकड़ों परिवारों में नई उम्मीद जगी है और इसे इंसानियत व दया का बड़ा संदेश माना जा रहा है. जानें पूरी रिपोर्ट.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 11:21 am

सिंगापुर दौरे पर सीएम योगी: वैश्विक निवेशकों से मुलाकात, यूपी में दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर

सीएम ने निवेशकों के समक्ष प्रदेश की बेहतर कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, विकसित हो रहे एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स हब के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा कि यूपी आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।

देशबन्धु 23 Feb 2026 11:16 am

ईरान के विश्वविद्यालयों में दूसरे दिन भी सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी, अमेरिका से तनाव के बीच बिगड़े हालात

ईरान के दो बड़े शहरों तेहरान और मशहद में विश्वविद्यालय परिसरों में लगातार दूसरे दिन सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। छात्र समूहों और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार कम से कम सात विश्वविद्यालयों में छात्र इकट्ठा हुए और नारेबाजी की। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के बावजूद छात्रों ने परिसर में प्रदर्शन जारी रखा।

देशबन्धु 23 Feb 2026 10:50 am

नेपाल में बस हाईवे से नदी में गिरी, 18 की मौत:25 घायल, मरने वालों में 2 विदेशी नागरिक

दुर्घटना आधी रात को होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। अंधेरा, नदी का तेज बहाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां बचाव दल के लिए चुनौती बनी रहीं।

देशबन्धु 23 Feb 2026 10:38 am

बांग्लादेशी सेना में बड़ा फेरबदल, यूनूस के वफादारों पर तारिक रहमान की सख्ती, भारत से अफसर बुलाकर आर्मी में दे दी बड़ी पोस्ट

Bangladesh Army reshuffle:बांग्लादेश में नई सरकार बनने के बाद सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है.कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और प्रमोशन हुए हैं.भारत में तैनात एक अधिकारी को वापस बुलाकर अहम कमान सौंपी गई है.इसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन सबसे अधिक चर्चा भारत में रह रहे एक अफसर की है, जानें पूरी खबर.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 10:06 am

नेपाल में भीषण सड़क हादसा, यात्री बस के नदी में गिरने से लहरों ने निगलीं 18 जिंदगियां; राहत और बचाव कार्य जारी

Nepal dhading bus accident: नेपाल के धादिंग में सोमवार को एक यात्री बस नदी में गिर गई, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हैं. बचाव कार्य तेजी से चल रहा है और प्रशासन हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटा है.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 9:41 am

चापो से मेंचो तक, कोई गलत काम इनसे बचा नहीं... कैसे 'धंधे' के लिए बदनाम हो गया पूरा मुल्क?

वहीं पर प्राचीन माया सभ्यता फली-फूली. 3000 साल पहले खेती होती थी लेकिन आज जिस चीज की खेती होती है उसने पूरे देश को बदनाम कर दिया है. एक माफिया के मारे जाने पर पूरे देश में आग लगा दी गई है. ये कहानी है अमेरिका के दक्षिणी छोर पर बसे मुल्क मैक्सिको की.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 9:30 am

क्या अब अमेरिका सीक्रेट एलियंस दिखाएगा:ट्रम्प ‘एरिया-51’ का राज क्यों खोलना चाहते; कोई दूसरी दुनिया है भी या नहीं

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से एक पॉडकास्ट में पूछा गया- क्या एलियंस सच में होते हैं? उन्होंने जवाब दिया- एलियंस होते हैं लेकिन मैंने उन्हें नहीं देखा। राष्ट्रपति बनने के बाद मेरा सबसे पहला सवाल यही था कि एलियंस कहां है? ये वीडियो वायरल होने के बाद मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ओबामा ने गुप्त जानकारी साझा की है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने बड़ी गलती कर दी। इसके बाद ट्रम्प ने एजेंसियों को एलियंस से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने को कहा है। क्या अमेरिका ने वाकई एलियंस छिपा रखे हैं, एलियंस का कॉन्सेप्ट कहां से आया? क्या पृथ्वी के अलावा कहीं और भी जीव बसते हैं; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी... **** ग्राफिक्स: द्रगचंद्र भुर्जी और अजीत सिंह ---------- ये खबर भी पढ़िए…ट्रम्प दुनिया का $6.7 लाख करोड़ जब्त कर सकते हैं:क्या इसलिए अंधाधुंध सोना खरीद रहे देश, दुनिया में अंदरखाने क्यों मची इतनी उथल-पुथल सोना रोज 10 हजार-20 हजार रुपए गिर-चढ़ रहा है। ऐसा नॉर्मल तो नहीं है। फिर ऐसा क्यों हो रहा है? पूरी दुनिया में सोना खरीदने की होड़ मची है। निवेशक और ग्राहक तेजी से खरीददारी कर रहे हैं। कई देश भी इसमें जुटे हैं। चीन ने 2303 और भारत ने 880 टन सोना जमा कर लिया है। ये आंकड़े अपने रिकॉर्ड स्तर पर है। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 5:20 am

नेपाल में पत्नी की मौत, पति ने मांगे 100 करोड़:बोले- होटल स्टाफ भागा, एंबेसी ने फोन नहीं उठाया; फिर कौन जिम्मेदार

8 सितंबर 2025, नेपाल में सरकार के खिलाफ जेन जी प्रोटेस्ट शुरू हुआ। अगले ही दिन प्रोटेस्ट हिंसक हो गया। सरकारी इमारतें, होटल और दुकानें प्रदर्शनकारियों के निशाने पर आ गए। राजधानी काठमांडू में होटल हयात रीजेंसी को भी निशाना बनाया गया। चारों तरफ गोलियों की आवाज और आग की लपटें थीं। इसी होटल में भारत के गाजियाबाद से आए रामबीर सिंह गोला और उनकी पत्नी राजेश देवी रुके थे। दोनों चौथी बार नेपाल तीर्थ करने पहुंचे थे। हर बार दोनों साथ आते और साथ लौटते थे लेकिन इस बार रामबीर सिंह को पत्नी की शव के साथ लौटना पड़ा। क्योंकि हिंसा के दौरान उनकी मौत हो गई। इन सबके करीब 5 महीने बाद अब 27 जनवरी 2026 को रामबीर सिंह ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की। उन्होंने नेपाल में पत्नी की मौत के लिए इंडियन एंबेसी, भारतीय विदेश मंत्रालय और होटल हयात रीजेंसी को जिम्मेदार बताया है और 100 करोड़ जुर्माने की मांग की है। रामबीर कहते हैं, 'स्टाफ ने हमसे कहा था कि हम होटल में पूरी तरह सेफ हैं, लेकिन जब आग लगी तो स्टाफ सबसे पहले भाग गया। इंडियन एंबेसी को घंटों कॉल किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। मेरी पत्नी की मौत नेचुरल नहीं, होटल, इंडियन एंबेसी और भारतीय विदेश मंत्रालय की लापरवाही से हुई है।' दैनिक भास्कर की टीम ने रामबीर सिंह गोला से बात कर 9 से 12 सितंबर के बीच उनके साथ बीता घटनाक्रम जाना। साथ ही उनके वकील अभिषेक चौधरी से पूरा केस समझा। सबसे पहले 18 घंटे होटल में फंसे रहने की कहानी…पत्नी कहती रहीं- चौथी मंजिल से नहीं उतर पाऊंगी, मैंने बोला- साथ घर चलेंगेगाजियाबाद के रहने वाले रामबीर सिंह गोला की कहानी किसी ट्रेजिडी फिल्म से कम नहीं है। वे पूरा घटनाक्रम बताते हुए कहते हैं, ‘7 सितंबर को हम काठमांडू पहुंचे थे। अगले ही दिन 8 सितंबर को नेपाल सरकार के खिलाफ यहां बड़ा जेन जी आंदोलन होने लगा।‘ ‘9 सितंबर को हमें काठमांडू से मिथिला के लिए निकलना था। सुबह निकलने की तैयारी भी हो गई थी। तभी पता चला कि प्रदर्शन हिंसक हो गया है। होटल के नीचे प्रदर्शनकारियों ने आग लगानी शुरू कर दी है। होटल स्टाफ ने हमें दूसरी से चौथी फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया और भरोसा दिलाया कि यहां हम सेफ हैं। हमें भी लगा था कि 5 स्टार होटल है तो ये बात जिम्मेदारी से कह रहे होंगे।‘ रामबीर आगे बताते हैं, 'जब हिंसा ज्यादा भड़क गई तो हमने जनरल मैनेजर और दूसरे स्टाफ को ऊपर से आवाज लगाई लेकिन सब गायब थे। होटल का सारा स्टाफ जा चुका था। मैं और मेरी पत्नी दोनों सुबह 9 बजे से होटल के कमरे में बंद थे। हमने मदद के लिए नेपाल में इंडियन एंबेसी को भी 30 से 40 कॉल किए लेकिन फोन नहीं उठा। हम इंतजार कर रहे थे कि शायद कोई बचाने आएगा लेकिन कोई नहीं आया।’ ‘हम दोनों पूरे दिन कमरे में ही बंद रहे। क्योंकि चारों तरफ गोलियों की आवाज थी और जगह-जगह आगजनी हो रही थी। शाम करीब 7 बजे हमारे कमरे में दरवाजे के नीचे से धुआं आने लगा और हमारा दम घुटने लगा। अब आग के चलते सीढ़ियों के रास्ते उतरना मुमकिन नहीं था। हमने खिड़की के पर्दे निकाले और रस्सी बनाई। तय किया कि चौथी मंजिल से रस्सी के सहारे नीचे उतर जाएंगे।' 'हालांकि पत्नी राजी नहीं थी। वे कहती रहीं कि मैं नहीं उतर पाऊंगी। आप चले जाओ, कम से आपकी जान बच जाएगी। हालांकि मैं नहीं माना और कहा- दोनों साथ जाएंगे। रात करीब 8.45 से 9 बजे हम दोनों नीचे भी उतर आए लेकिन पत्नी उतरते वक्त कुछ ऊंचाई से नीचे गिर पड़ी थी। उन्हें पसलियों और सिर पर चोट आई थी लेकिन उस वक्त उन्होंने मुझे कुछ नहीं बताया। ‘अभी सबसे बुरा होना बाकी था, पत्नी भी मुझसे बिछड़ गईं’रामबीर बताते हैं, 'जब हम नीचे उतरे तो चारों तरफ आगजनी हो रही थी, गोलियां चल रही थीं। हमें बचाने वाला कोई नहीं था। कई और लोग भी फंसे हुए थे। मिलिट्री की गाड़ियां आते-जाते देखकर हमने उनसे मदद की गुजारिश की लेकिन वो नहीं माने।' ‘बड़ी मुश्किल के बाद मैंने पत्नी को एक गाड़ी पर चढ़ाया लेकिन मैं नहीं चढ़ सका और गाड़ी वहां से निकल गई। अब मैं पत्नी से भी बिछड़ गया था। पूरी रात हिंसा और गोलियों की आवाज के बीच यहां-वहां भटकता रहा। रात करीब 9.30 बजे से लेकर दूसरे दिन दोपहर तक मुझे पता नहीं चल सका कि मेरी पत्नी कहां हैं।’ '10 सितंबर को काफी पूछताछ और खोजबीन के बाद दोपहर करीब 1.45 बजे मुझे पत्नी का क्लू मिला। मिलिट्री के एक अधिकारी ने बताया कि वो काठमांडू के टीचर्स अस्पताल में भर्ती है। उसका इलाज चल रहा है। जब मैं अस्पताल पहुंचा तो उसकी मौत की खबर मिली। मैं भागा-भागा मोर्चरी पहुंचा तो उसकी लाश रखी थी।' इंडियन एंबेसी से मदद नहीं मिली, मोटी रकम देकर डेडबॉडी मिली रामबीर कहते हैं, 'हम 5 स्टार होटल में रुके थे। उम्मीद थी कि यहां सबसे ज्यादा सेफ रहेंगे लेकिन हमारी सेफ्टी की फिक्र किए बिना होटल स्टाफ गायब हो गया। हमने एंबेसी में घंटों कॉल किया लेकिन न फोन उठा और न कॉलबैक आया। क्योंकि एंबेसी से भी सब गायब थे।' 'अगर इंडियन एंबेसी में हमारा फोन उठा लिया जाता तो पत्नी जिंदा होतीं। हमने यूपी CMO ऑफिस में भी फोन किया था लेकिन वहां से भी मदद नहीं मिली। उसके बाद मुझसे पत्नी के कफन और डेडबॉडी फ्रीजर बॉक्स में रखने के नाम पर भी अनाप-शनाप पैसे वसूले गए। मैंने डेडबॉडी रखने के लिए 25 हजार रु. और पोस्टमार्टम के लिए करीब डेढ़ लाख रु. चुकाए।' 'फिर 12 सितंबर को मैंने करीब डेढ़-पौने दो लाख रुपए में एंबुलेंस बुक की और अकेले पत्नी का शव लेकर भारत लौटा। लेकिन मेरा सवाल यही है कि आखिर दूसरे देश में हमारी एंबेसी क्यों होती है? क्या हिंसा के वक्त एंबेसी का ऐसे गायब होना भारी लापरवाही नहीं है?' केस के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, ‘हजार करोड़ भी मिल जाएं तो मेरी पत्नी वापस नहीं आ सकती है। इसलिए बात कंपन्सेशन की नहीं है, बात जिम्मेदारी तय करने की है। हमारी सरकार कहती है कि हम यूक्रेन से अपने लोग निकाल लाए तो फिर नेपाल में वही काम क्यों नहीं किया?’ वकील बोले- बुजुर्ग महिला की मौत सिर्फ लापरवाही का नतीजा केस को लेकर हमने रामबीर सिंह के वकील अभिषेक चौधरी से भी बात की। वे कहते हैं, 'दुर्भाग्य है कि बुजुर्ग महिला की जान एक ऐसे देश में गई, जहां आप सिर्फ आधार कार्ड लेकर भी जा सकते हैं। वहां वीजा और पासपोर्ट की भी जरूरत नहीं होती। यहां यूपी के गोरखपुर जिले से कुछ घंटों में पहुंचा जा सकता है। फिर भी हमारी सरकार अपने लोगों को नहीं बचा सकी। ये पूरी तरह से लापरवाही का मामला है।' हमने पूछा कि लापरवाही किसने की? जवाब मिला, 'काठमांडू में मौजूद इंडियन एंबेसी के एंबेस्डर और को-एंबेस्डर ने की। जिस होटल हयात रीजेंसी में ये लोग ठहरे थे, वो तो जिम्मेदार है ही। बाकी लापरवाही एंबेसी को निर्देश देने वाले विदेश मंत्रालय के संचालक यानी विदेश मंत्री की भी है।' एडवोकेट चौधरी कहते हैं, 'हमारी सरकार ने युद्ध के हालात में उन देशों से भी भारतीय स्टूडेंट्स निकाल लिए, जहां पासपोर्ट और वीजा की जरूरत थी। फिर नेपाल तो पड़ोस में था। वहां फ्लाइट भेजने की भी जरूरत नहीं थी।' हिंसा के बीच एंबेसी का फोन न उठाना, कानून की भाषा में लापरवाहीएडवोकेट चौधरी इसे डिटेल में समझाते हुए कहते हैं, ‘मेनका गांधी बनाम यूनियन गवर्नमेंट का एक केस है। इसमें भी वही सवाल था, जो इस केस में है। क्या दूसरे देश में जाने के बाद भी किसी भारतीय नागरिक के राइट टू लाइफ की रक्षा भारत सरकार करेगी? तो उस केस में तय हुआ था कि हां, भारत सरकार का ये कर्तव्य है कि अपने नागरिकों की सुरक्षा सिर्फ देश के अंदर ही नहीं, दूसरे देश में भी करे।’ ’केस के फैसले में साफ लिखा है कि दूसरे देशों में एंबेसी बनाई ही इसलिए जाती है कि अपने देश के नागरिकों के हितों और उनकी जान की सुरक्षा कर सकें। एंबेसी को बाकायदा एक जमीन का टुकड़ा दिया जाता है। इस जमीन के टुकड़े पर बनी भारतीय एंबेसी, भारत का ही हिस्सा मानी जाती है, ये भारत का ही प्रतिनिधित्व करती है।’ ’इसका काम ही है कि उस देश में पढ़ने, नौकरी करने, घूमने या तीर्थयात्रा करने आए अपने लोगों के अधिकारों और जीवन जीने के अधिकार को सुरक्षित करना।‘ एंबेसी के अफसर बोले- केस के बारे में जानकारी नहींइस केस को लेकर हमने नेपाल में मौजूद इंडियन एंबेसी का पक्ष जानने के लिए उनरके अफसर बशिष्ठ नंदन से बात की। लापरवाही के आरोप पर उन्होंने कहा कि अभी इस केस के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मीडिया से ही पता चल रहा है। उस वक्त एंबेसी से जो मदद मुमकिन हो सकती थी, वो एंबेसी की तरफ से की गई थी। किसी एक केस के बारे में हम कुछ नहीं कह सकते। इसके बाद हमने काठमांडू में मौजूद होटल हयात रीजेंसी से भी कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की। हमने होटल की वेबसाइट पर दिए सभी मोबाइल और फोन नंबरों पर कॉल किया लेकिन सभी बंद मिले। ……………………ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड के तीर्थों में मुस्लिम-ईसाइयों के लिए 'नो एंट्री' 16 जनवरी 2026, हरिद्वार में गंगा घाट पर जगह-जगह बोर्ड लगा दिए गए। लिखा था- ‘हर की पैड़ी पर गैर हिंदुओं का प्रवेश वर्जित है।’ बोर्ड पर किसी संस्था का नाम नहीं है। नीचे सिर्फ इतना लिखा है कि आज्ञा से म्युनिसिपल एक्ट हरिद्वार। इसके बाद से उत्तराखंड में केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत 47 तीर्थस्थलों पर गैर हिंदुओं की एंट्री बैन करने की मांग ने जोर पकड़ लिया। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 23 Feb 2026 5:15 am

El Mencho: मैक्सिको की सेना ने किसे मार गिराया कि सुलग उठा पूरा देश? ट्रंप ने रखा था ₹12500000000 का इनाम

Who is Al Mencho: मैक्सिको की सेना ने रविवार को सबसे बड़े ड्रग माफिया Nemesio Oseguera Cervantes उर्फ अल मेन्चो को ढेर कर दिया है. हालांकि उसकी मौत से पहले और बाद में कई जगहों पर आगजनी जैसी घटनाएं देखने को मिली हैं.

ज़ी न्यूज़ 23 Feb 2026 1:31 am

Gold News: इस देश के रेगिस्तान में दबा मिला 221 टन सोना, सर्वे रिपोर्ट के बाद मुल्क में जश्न, क्या अब सस्ता होगा सोना?

Latest Study on Gold: अगर आप सोने की खरीद के लिए बेहतर समय का इंतजार कर रहे थे तो समझ लीजिए कि अब आपका वक्त आ गया है. एशिया के एक बड़े देश में हुई स्टडी में रेत के नीचे 221 टन गोल्ड का पता चला है. इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद पूरे देश में जश्न का माहौल बना हुआ है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:54 pm

ट्रंप के रिसॉर्ट में आधी रात को घुसपैठ की कोशिश, सुरक्षाबलों ने हथियारबंद युवक को उतारा मौत के घाट

Donald Trump News: हथियारों के साथ एक युवक ने डोनाल्ड ट्रंप के रिसॉर्ट में घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि सीक्रेट सर्विस ने जवाबी कार्रवाई में उसे ढेर कर दिया. इस घटना ने ट्रंप की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:16 pm

यूक्रेन के ताबड़तोड़ हमलों से दहली रूसी राजधानी, धड़ाधड़ बरसे ड्रोन; खौफ में मॉस्को ने बंद किए सभी हवाई अड्डे

Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच मॉस्को पर एक बड़ा ड्रोन हमला हुआ, जिसके चलते सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स बंद कर दिए गए.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:13 pm

Explainer: मसाज सर्विस, नाबालिगों की किडनैपिंग, दुष्कर्म और हत्या... सालों तक कैसे छिपा रहा एपस्टीन के यौन शोषण का जाल? अरबपतियों के गंदे राज से हिली दुनिया

Epstein Files: दुनियाभर में इन दिनों एपस्टीन फाइल्स की चर्चा हो रही है. इन फाइल्स के सामने आने पर एपस्टीन की रईसी और उसके द्वारा खड़े किए गए भव्य साम्राज्य के पीछे शोषण के एक बड़े जाल का खुलासा हुआ, जिसमें बिल क्लिंटन से लेकर एलन मस्क और एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर जैसे बड़े नाम छिपे हुए थे.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 7:18 pm

भारत के अलावा किन देशों में खेली जाती है होली? यहां देखें पूरी लिस्ट

Holi 2026: 4 मार्च को पूरे देश में होली का त्योहार मनाया जाएगा.ऐसा नहीं है कि होली का त्योहार सिर्फ भारत में ही मनाया जाता है. दुनिया में ऐसे कई देश हैं जहां होली खेली जाती है. आइए जानते हैं वो कौन से देश हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 7:11 pm

'Everybody, Somebody, Anybody और Nobody...' कौन हैं गुरिंदर बरार? समझाया जिंदगी का फलसफा, सुनकर आप भी करेंगे वाह-वाह

Gurinder Brar Video:लोकतंत्र में अपेक्षा की जाती है कि हर शख्स जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करे. जिंदगी का ये फलसफा कनाडा की अल्बर्टा विधानसभा के एक विधायक गुरिंदर बरार ने 'चार लाइनों' में समझाया, तो उनके सधे शब्दों, शानदार भाषा शैली और बेबाक अंदाज ने सात समंदर पार के लोगों का दिल कैसे जीत लिया आइए बताते हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 6:54 pm

'जरूरत है तो कांग्रेस से लो मंजूरी...,' ट्रंप के 15% ग्लोबल टैरिफ की टूटेगी कमर? कोर्ट से झटके के बाद इस भारतवंशी वकील ने खोला मोर्चा

Trump Hikes Tariffs After Court Hearing: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 15 प्रतिशत ग्लोबल टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है, जिसको लेकर इंडियन-अमेरिकन वकील ने कई महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाए हैं.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 6:06 pm

ट्रेड टैरिफ मामले में US SC के फैसले के बाद घटी ट्रंप की लोकप्रियता, महज इतने फीसदी लोग ही समर्थन में

Trump Approval Rating: हाल ही में आई एक ओपिनियन पोल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताएं बढ़ा दी हैं. सर्वे के अनुसार, ज्यादातर अमेरिकी नागरिक ट्रंप के देश चलाने के तरीके से खुश नहीं है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 5:49 pm

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर लगी रोक, ट्रंप के नए टैरिफ विवाद के बीच अहम बैठक टली

सूत्रों के अनुसार, हाल के घटनाक्रम विशेषकर अमेरिका में टैरिफ को लेकर हुए कानूनी और राजनीतिक फैसलों के मद्देनजर दोनों पक्षों ने स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए अतिरिक्त समय लेने का निर्णय किया है। नई तारीख पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 1:58 pm

समुद्र के रास्ते ग्रीनलैंड पहुंचा अमेरिकी अस्पताल, राहत मिशन या फिर इलाके पर पकड़ मजबूत कर रहे ट्रंप?

Greenland Medical Vessel: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड में मेडिकल हेल्प के लिए यूएस नेवी की शिप USNS Mercy को भेजने की घोषणा की है. अमेरिका इसे ट्रंप का मानवीय कदम बता रहा है लेकिन ट्रंप के इस कदम को आर्कटिक क्षेत्र में यूएसए की मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 12:54 pm

खामेनेई और उनके बेटे को मारना चाहता है US, व्हाइट हाउस ने तैयार किया हमले का ब्लूप्रिंट; पेंटागन ने की भारी तैनाती

Trump plan to Khamenei assassination: अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके बेटे को निशाना बनाने सहित सैन्य कार्रवाई के कड़े विकल्पों पर विचार करना शुरू कर दिया है. पेंटागन की भारी तैनाती और ट्रंप के कड़े बयानों ने मिडिल ईस्ट में एक बड़े युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है.

ज़ी न्यूज़ 22 Feb 2026 11:49 am

अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी, 1500 से अधिक उड़ानें रद्द

अमेरिका के पूर्वी तट पर बर्फीले तूफान की चेतावनी जारी की गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट और मौसम विभाग की माने तो तीव्र हो रहे शीतकालीन तूफान के कारण मध्य अटलांटिक और उत्तरपूर्वी अमेरिका में भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ आने की आशंका है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 10:00 am

सीवेज रिसाव जारी रहने पर ट्रंप ने वाशिंगटन के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वॉशिंगटन डी.सी. में आपातकाल की घोषणा को मंजूरी दे दी है। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि सीवर लाइन टूटने के बाद गंदा पानी लगातार पोटोमैक नदी में बह रहा है और स्थिति गंभीर बनी हुई है।

देशबन्धु 22 Feb 2026 9:57 am

मां ने ठुकराया, खिलौने से लिपटकर जी रहा:वायरल पंच-कुन की भावुक कहानी; क्या बंदर भी इंसानों जैसी फीलिंग रखते हैं

एक वीडियो में मकाक प्रजाति का बेबी बंदर कुछ खाता दिख रहा है। तभी एक बड़ा बंदर उसे पकड़कर जमीन में लथेड़ते हुए गोल-गोल घुमा देता है। बड़े बंदर की पकड़ से छूटते ही बेबी दौड़ लगाता है और कुछ दूरी पर पड़े एक ऑरेंज Orangutan खिलौने से चिपक जाता है। जापान के इस वायरल बेबी बंदर का नाम 'पंच-कुन' है। इसे देखने के लिए इचिकावा सिटी के चिड़ियाघर में भीड़ उमड़ रही है। आपने भी सोशल मीडिया पर इसे जरूर देखा होगा। आखिर बंदर एक खिलौने को अपनी मां क्यों समझ रहा और क्या बंदरों में ऐसा व्यवहार नॉर्मल है; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: बेबी ‘पंच-कुन’ की कहानी क्या है?जवाब: 26 जुलाई 2025 को जापान के इचिकावा सिटी जू में करीब 6 महीने की गर्भवती मादा मकाक ने पहली बार एक बंदर को जन्म दिया। नाम रखा गया- ‘पंच-कुन’। जन्म के समय पंच-कुन का वजन केवल 500 ग्राम था। उसकी मां भीषण गर्मी में प्रसव की थकान से इतनी कमजोर हो गई कि उसने बच्चे पर ध्यान नहीं दिया।जापानी मकाक बंदर ग्रुप्स में रहते हैं, लेकिन समूह की किसी दूसरी मादा ने भी पंच-कुन को अपनाने की कोशिश नहीं की। इसलिए अगले दिन से चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसे बोतल से दूध पिलाना शुरू किया।बंदरों के एक्सपर्ट डारियो मेस्ट्रिपिएरी और केली ए कैरोल की साइंस डायरेक्ट पत्रिका में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, मकाक मांएं आम तौर पर बच्चों को जन्म के शुरुआती कुछ घंटों या दिनों में ही छोड़ सकती हैं, ये कोई दुर्लभ बात नहीं है। मकाक मादाएं कई वजहों से ऐसा कर सकती हैं… जू में काम करने वाले लोगों ने पंच-कुन के सामने कंबल और खिलौने रखे। उनमें से पंच-कुन ने स्टफ्ड खिलौने ‘ओरांगुटान’ को चुना। सोशल मीडिया पर लोग इस खिलौने को ‘ओरा-मां’ कह रहे हैं। सवाल-2: बंदर खिलौने को ही अपनी मां क्यों समझने लगा? जवाब: वैज्ञानिक मानते हैं कि बंदरों को अपनी मां से सिर्फ इसलिए लगाव नहीं होता, क्योंकि वह उन्हें खाना देती है। असली लगाव 'टच कम्फर्ट' यानी छूने और गले लगने से बनता है। 1958 में अमेरिकी साइंटिस्ट हैरी हार्लो ने अपने मशहूर 'मंकी एक्सपेरिमेंट' से ये बात साबित की थी। हार्लों के मुताबिक, स्पर्श ही मां और बच्चे के बीच कम्युनिकेशन का पहला तरीका होता है और ये गर्भ से ही शुरू हो जाता है… ऐसी चीजें जो बच्चे को कम्फर्ट देती हैं, जैसे मनपसंद तकिया या कंबल उन्हें मनोवैज्ञानिक 'कम्फर्ट ऑब्जेक्ट्स' कहते हैं। बच्चे हर समय इनके पास रहना चाहते हैं। मनोवैज्ञानिक रिचर्ड पासमैन तो कहते हैं, 'कभी-कभी कंबल बच्चे के लिए मां से भी ज्यादा मायने रखता है, क्योंकि मां के उलट, इस पर बच्चो का पूरा कंट्रोल रहता है।’ हार्लो की इस रिसर्च के नतीजों को ब्रिटिश मनोचिकित्सक जॉन बॉल्बी की 'अटैचमेंट थ्योरी' ने और मजबूत किया। इस थ्योरी के मुताबिक, बच्चे जिंदा रहने के लिए अपनी देखभाल करने वाले के पास रहना चाहते हैं। वह जन्म से ही इसी तरह प्रोग्राम किए गए होते हैं। बॉल्बी के अनुसार, जो बच्चे अपनी मां के करीब रहते हैं, उनके बड़े होने तक जिंदा रहने की संभावना ज्यादा होती है। उम्र के शुरुआती कुछ सालों में मां या बच्चे की देखभाल करने वाला बच्चे के लिए एक ऐसा 'सिक्योर बेस' होता है, जहां बच्चा सुरक्षित महसूस करता है। सवाल-3: तो क्या बंदर वाकई इंसानों की तरह भावनाओं को महसूस करते हैं? जवाब: लाखों साल पहले बंदर और इंसानों के पूर्वज यानी प्राइमेट्स एक ही थे। मशहूर प्राइमेटोलॉजिस्ट फ्रांस डी वाल कहते हैं, 'ऐसा नहीं है कि इंसानों की भावनाएं सिर्फ इंसानों में ही होती हैं। हमारी फीलिंग्स ज्यादा विस्तृत और परिष्कृत हो चुकी हैं, लेकिन मूल रूप से वह बंदरों से अलग नहीं हैं। मैंने दोनों की फीलिंग्स में कोई बुनियादी फर्क नहीं देखा।' दिमाग की न्यूरोइमेजिंग की स्टडीज में भी पाया गया है कि बंदरों के दिमाग में भी वही हिस्से हैं, जो हम इंसानों में अलग-अलग तरह की फीलिंग्स पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं। हमारे दिमाग का प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स नाम का हिस्सा फीलिंग्स पर कंट्रोल के लिए जिम्मेदार है। वहीं एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स, सहानुभूति पैदा करता है। इसके अलावा एमिग्डाला हिस्सा डर जैसी नकारात्मक भावनाओं के लिए जिम्मेदार है। बंदरों में भी दिमाग के ऐसे ही हिस्सों से उनकी अलग-अलग भावनाएं कंट्रोल होती हैं। इसीलिए बंदर भी हमारी तरह ही अलग-अलग भावनाओं को प्रोसेस करते हैं। तनाव की स्थिति में बंदरों में भी कोर्टिसोल का स्तर बढ़ता है, जो इंसानों जैसा ही जैविक रिस्पॉन्स है। किसी दुःख के चलते बंदरों में शारीरिक बदलाव तक देखे गए हैं। जैसे- दिमाग में खून का फ्लो कम होना या वजन घटना आदि। बंदर, चिंपाजी जैसी एप्स प्रजातियां हमारी तरह ही दुःख, चिंता, डर, खुशी, प्यार, संतोष और यहां तक कि हास्य और सहानुभूति की भावनाएं दिखाते हैं... हालांकि फीलिंग्स को लेकर कई मामलों में बंदर इंसानों से अलग या कम विकसित भी हैं। बंदर इंसानों के लेवल तक सहानुभूति महसूस नहीं करते। बंदरों में शर्म, गर्व या गहराई से सोचने की फीलिंग्स इंसानों जितनी डेवेलप नहीं हुई हैं। भाषा के जरिए अपनी फीलिंग्स जाहिर करने की बंदरों की क्षमता भी इंसानों जितनी विकसित नहीं है। सवाल-4: साथी बंदरों ने पंच-कुन को क्यों घायल किया?जवाब: 19 जनवरी 2026 को पंच-कुन को जू में बने बाड़े में लगभग 60 मकाक बंदरों के झुंड में शामिल किया गया। वहां देखा गया कि समूह के दूसरे बंदर पंच-कुन को परेशान कर रहे हैं। 20 फरवरी 2026 में जू ने कर्मचारियों ने कहा कि एक वयस्क मादा बंदर ने पंच-कुन को कई मीटर तक खींचा। दरअसल, पंच-कुन दूसरे बेबी मकाक के पास जाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए मादा मकाक ने अपने बच्चे को बचाने की कोशिश में पंच कुन को घसीटा। नेचर वेबसाइट में छपी एक रिसर्च के अनुसार दूसरे बंदरों में ऐसा व्यवहार पंच-कुन को खुद से अलग-थलग मानने की सोच के चलते हो सकता है। मकाक बंदरों में सामाजिक तनाव के चलते झगड़े होते हैं। ऐसे में बड़े बंदर ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। खिलौने को अपनी मां समझने के चलते पंच कुल अलग-थलग दिखता था। उसका अपने खिलौने से लगाव बाकी बंदरों को असहज करने वाला था। छोटा होने के चलते वह दूसरे बंदरों के इशारे भी ठीक से समझ नहीं पा रहा था। ऐसे में वो आसान निशाना बन गया था। सवाल-5: अभी पंच-कुन किस हाल में है, क्या वो सामान्य जीवन जी पाएगा? जवाब: इचिकावा सिटी जू ने कर्मचारियों की दिनचर्या को इस तरह तैयार किया है कि वे पंच-कुन से समय-समय पर मिलते हैं। जब भी कोई कर्मचारी बाड़े के अंदर खाना खिलाने जाता है तो बेबी पंच-कुन तुरंत कर्मचारी के पैर से चिपक जाता है। वहीं दूसरे मकाक बंदर कर्मचारियों से एक दूरी बनाकर रखते हैं। पंच-कुन के इस व्यवहार पर जू के अधिकारी कहते हैं कि पंच धीरे-धीरे बंदरों के झुंड के साथ अपनी बातचीत बढ़ा रहा है। उसे समूह में रहने के लिए तैयार करने की कोशिश जारी है। अब वह दूसरे बंदरों के साथ सामान्य सामाजिक व्यवहार करने की कोशिश कर रहा है, जिसमें हल्की नोकझोंक भी शामिल है। हर दिन उसे कई तरह के अनुभव मिल रहे हैं। उम्मीद है वह जल्दी ही सामान्य बंदर की तरह झुंड में रहना सीख जाएगा। सवाल-6: मकाक बंदरों के बारे में और क्या खास है?जवाब: मकाक दुनिया के सबसे बुद्धिमान और अनुकूलनशील यानी किसी माहौल में ढल जाने वाले बंदरों में से एक हैं। ये सोशल ग्रुप्स में रहते हैं। इनके समूह में एक हायरार्की यानी पदक्रम होता है। एक बंदर ग्रुप का लीडर होता है, उसके बाद मादाएं और फिर बच्चे अपने से बड़े बंदर से सीखते हैं और उसके निर्देश मानते हैं। मकाक इंसानों के साथ रहने में भी माहिर हैं। ये बंदर एक-दूसरे के बाल साफ करते हैं, ये इनका सामाजिक रिश्ते बनाने का तरीका है। भारत में आम तौर पर हम जो बंदर देखते हैं, वो मकाक बंदर की ही रीसस प्रजाति है। ---- रिसर्च सहयोग- सोमेश शर्मा ---- ये खबर भी पढ़ें… आज का एक्सप्लेनर: साथियों को छोड़ अकेले बर्फीले पहाड़ की तरफ क्यों गया पेंग्विन; क्या ये सुसाइड की कोशिश, वायरल 'डेथ वॉक' की असली कहानी आपने वो वायरल वीडियो तो देख लिया होगा, जिसमें एक पेंग्विन सबकुछ छोड़कर अकेला बर्फीले पहाड़ों की तरफ चल पड़ता है। जहां एक ही चीज निश्चित है- मौत। इस पेंग्विन से लोग खुद को रिलेट करके भावुक हो रहे हैं, मीम्स बना रहे हैं। इस वायरल ट्रेंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तक शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:41 am

संडे जज्बात- लड़का समझकर महिला टॉयलेट से खींचकर बाहर किया:पहलवान हूं, टूटे कान; कद-काठी देखकर लोग कहते हैं- 'लड़का लगती हूं, शादी नहीं होगी'

मैं पहलवान अंशिका बालियान हूं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कस्बे सिसौली, मुजफ्फरनगर की रहने वाली हूं। पहलवानी में अभी बहुत नाम तो नहीं कमा पाई हूं, लेकिन कोशिश यही है कि अपने गांव और परिवार का नाम रोशन कर सकूं। इस शौक की कहानी अद्भुत है, लेकिन बिल्कुल आसान नहीं। जब मैंने पहलवानी को अपना रास्ता बनाने का फैसला किया, तभी लोगों ने कहना शुरू कर दिया- ‘अब इसकी शादी नहीं होगी।’ कुछ ने ताना मारा कि मैं लड़कों जैसी लगने लगी हूं। रिश्तेदार कहते थे, ‘अखाड़ों में लड़कों से कुश्ती लड़ती है, इससे कौन शादी करेगा?’ लेकिन मैंने ठान लिया था कि लोगों की सोच से बड़ा मेरा सपना है। सोचिए, पहलवानी चुनते ही पहला फैसला मेरे शरीर और भविष्य पर सुना दिया गया था। पहलवानी करने से अब टूटे कान, खुरदरे हाथ, कद-काठी के कारण मुझे अधूरी लड़की समझा जाता है। लड़का समझकर महिला टॉयलेट से अक्सर मेरा हाथ खींचकर बाहर कर दिया जाता है। कुश्ती सिखाने वाले गुरुजी ने एक बार पानी की पाइप से पिटाई की और बेहोश होने तक प्रैक्टिस करवाई। एक बार एक पहलवान लड़के ने छेड़ा तो मैंने उसे दंगल में टंगड़ी मार-मारकर खूब पटका। दरअसल, हुआ यूं कि मेरी बड़ी बहन को छोटे बाल रखने का शौक था। पापा ने कोविड महामारी के दौरान उसके बाल कटवा दिए। मुझसे भी कहने लगे कि तुम भी कटवा लो, तुमसे संभलते तो हैं नहीं। लेकिन मैं इनकार कर रही थी। लेकिन पापा मेरे बालों के पीछे ही पड़ गए। मेरे बाल बहुत लंबे और घने थे। बहुत पसंद थे मुझे। दिनभर तरह तरह के हेयर स्टाइल बनाती थी, लेकिन पापा ने एक दिन जबरदस्ती कटवा दिए। मैं बहुत परेशान थी। मैंने तीन दिन तक उनसे बात नहीं की। दिनभर रोती रही। खाना छोड़ दिया था। उसके बाद पापा ने समझाया- बालों में रखा ही क्या है? घर की खेती है, फिर आ जाएंगे। उसके बाद शांत हुई। अब जब घर से बाहर निकलती तो आस-पास के लोग कहते- अरे तुम तो गीता, विनेश फोगाट लगने लगी हो। एकदम लड़का हो गई हो। उस दिन पहली बार मेरे मन में ख्याल आया। अच्छा, मैं पहलवान भी बन सकती हूं। कोविड के दौरान मैं घर बैठी थी। पहलवानी करने के बारे में सोच रही थी। एक दिन घर के पास गांव गढ़ी में मैंने स्टेयर्स अकादमी का एक पैम्फलेट देखा। उसमें कुश्ती सिखाने की बात छपी थी। मैंने दो-तीन दिन तक सोच-विचार किया। हिम्मत जुटाई और पापा से कहा- मुझे पहलवानी करनी है। वे कुछ देर चुप रहे। कहने लगे: तुम सजने-धजने की शौकीन हो, तुमसे कुश्ती नहीं हो पाएगी। कुश्ती में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। लेकिन मैं नहीं मानी। मैंने फिर कहा। वह बोले- आखिर पैसे ही खराब करोगी। घूम फिर कर वापस लौट आओगी। रहने दो। लेकिन मैं पीछे पड़ गई। पापा मान गए। मुझे स्टेयर्स अकादमी ले गए। वहां गुरुजी मले, जो कि हमारे कोच बनने वाले थे। उन्होंने कहा कि यहां पर हॉस्टल सिर्फ लड़कों के लिए है। तुम्हें रोज घर से आना-जाना पड़ेगा। कैसे करोगी? मैंने कहां- कर लूंगी। उसके बाद मेरा एडमिशन करा दिया गया। उस दिन एडमिशन कराके मैं वापस घर आई। जब आस-पास के लोगों को पता चला। वे पापा से कहने लगे, ये सब क्या कर रहे हो? छोरी का ब्याह नहीं होगा? समाज में बड़ी बदनामी होगी? लेकिन उन सब बातों के बावजूद पापा ने मेरा साथ दिया। अकादमी में शुरुआती 10-15 दिन ठीक बीते। उसके बाद घबराने लगी। मुझे लगा कि नहीं कर पाऊंगी। गुरुजी से कहा, मुझसे नहीं हो पाएगा। लेकिन अब गुरुजी ने भी ठान लिया था। उन्होंने कहा अब वापस नहीं लौटना है। बस प्रैक्टिस में लग जाओ। वो मुझसे और ज्यादा प्रैक्टिस करवाने लगे। इतना ज्यादा कि कई बार बेहोश हो गई। होश आता तो फिर से प्रैक्टिस करवाते। घर आकर बहुत रोती। लेकिन सोचती थी- मैंने ही जिद की थी। अब कैसे घर वालों से कुश्ती छोड़ने की बात कहूं? खैर, मैंने भी ठान लिया कि अब वापस नहीं लौटूंगी। शुरुआत में तेज नहीं भाग पाती थी। थोड़ी दूर भागते ही सांस फूलने लगती, लेकिन धीरे-धीरे स्टैमिना मजबूत होने लगा। स्पीड से भागने लगी। अब तक दो महीने बीत चुके थे। कुछ समय बाद दिवाली आई। मैंने अकादमी के दोस्तों से पूछा- दिवाली पर भी अकादमी आना है? उन्होंने कहा- हम तो नहीं आ रहे। उस दिन मैं भी नहीं गई। घर पर थी। घर पर भी अखाड़े वाले टी-शर्ट और निक्कर पहनकर बैठी थी। उस दिन कुछ लोग पापा से कहने लगे- यह आखिर छोटे-छोटे कपड़े पहनती है। लड़कों के साथ कुश्ती लड़ती है, लोग क्या सोचेंगे? इसका यह सब बंद कराइए। लेकिन पापा ने कहा- कोई नहीं, अभी बच्ची है, बड़ी होने पर देख लेंगे। अगले दिन जब वापस अखाड़े में गई तो गुरुजी बहुत गुस्सा हुए। सजा के तौर पर 10 एक्स्ट्रा राउंड लगाने को कहा। किसी तरह मैंने लगा लिए। मैं थक चुकी थी, लेट गई। उसके बाद उन्होंने मुझे पानी की पाइप से पीटा। कहने लगे, कुश्ती के लिए मजबूत होना पड़ेगा। यहां होली, दिवाली सभी भूलना पड़ेगा। जब कहा था कि प्रैक्टिस पर आना है तो क्यों नहीं आई? गुरुजी से माफी मांगी और प्रैक्टिस में जुट गई। उसके बाद अपनी फिक्र करनी बंद कर दी। सारा दिन मिट्‌टी में प्रैक्टिस करती। अब मिट्‌टी ही मेरे लिए सनस्क्रीन बन गई थी। मेकअप, लिप्स्टिक लगाना सब बंद हो गया था। शक्ल लड़कों जैसी दिखने लगी। कान टूटने लगे थे और गंदे लगने लगे थे। हाथ खुरदरे हो गए थे। त्वचा लड़कों की तरह दिखने लगी थी। अब मुलायम नहीं रह गई थी। लेकिन सोचती थी- अब जो भी हो, सफल इसी में होना है। कान टूटने की वजह कुश्ती लड़ते वक्त उन पर बहुत रगड़ पड़ती थी। मुझे कानों को शीशे में देखकर बहुत खराब लगता। दर्द होता था, सोने में भी तकलीफ होने लगी थी। मेरे कान से खून आने लगा। वे सूजकर उभरे दिखने लगे थे। एक दिन दर्द से बहुत रोने लगी। उस दिन गुरु जी ने कह दिया- ‘पहलवानी तेरे बस की नहीं, वापस घर चली जा।’ जब गुरुजी ने कहा- पहलवानी मेरे बस की नहीं, तो अंदर से आवाज आई। अब तो हार नहीं मानूंगी। इस तरह दर्द में भी प्रैक्टिस करती रही। धीरे-धीरे शरीर और मन दोनों मजबूत होता गया। अखाड़े में कोई और लड़की नहीं थी। मेरी प्रैक्टिस लड़कों के साथ ही होती थी। अब तक मैं कुश्ती लड़ना सीख गई थी। लड़के मेरे साथ प्रैक्टिस करने से कतराते थे। उन्हें लगता था अगर वे लड़की से हार गए तो उनकी बेइज्जती हो जाएगी। लड़कों के गुरूर का एक किस्सा बताती हूं। एक बार मेरठ में कुश्ती प्रतियोगिता थी। वहां हरियाणा का एक पहलवान आया था। उसने मेरे ऊपर तंज कसा- ‘छोरियों गैल भी जोर हुआ करै क्या।' मतलब कि - 'छोरियों में भी दम होता है क्या।' मैंने सुन लिया। उस वक्त कुछ नहीं बोली। फिर जब दंगल शुरू हुआ तो मेरी कुश्ती उसी से तय हुई। अखाड़े में हम दोनों उतरे। मैं उसके कमेंट कारण गुस्से में भरी थी। सोच रही थी, आज दिखाऊंगी कि लड़कियों में भी जोर होता है। मैंने जोर से उसे लंगड़ी मारी और गिरा दिया। कई बार पटका। इतना कि उसकी हालत खराब कर दी। सोच रही थी अब इसे पता चला होगा कि लड़कियों में भी दमखम होता है। वह सोच रहा था- लड़कियां तो कोमल, कमजोर होती हैं। इस तरह मैं मैच खेलने अक्सर बाहर जाती हूं। कई बार तो महिला टॉयलेट में मेरी बांह पकड़कर बाहर निकाल दिया जाता है। वहां महिलाएं समझ ही नहीं पाती कि मैं लड़की हूं। कद-काठी की वजह से वे मुझे लड़का समझ लेती हैं। अक्सर कोच को बुलाना पड़ता है, तब जाकर बाथरूम जा पाती हूं। इसी तरह जब कहीं आती-जाती हूं तो लोग मेरी कद-काठी देखकर पूछते हैं- लौंडा है या लौंडी..। उन्हें बताना पड़ता है, ‘लड़की हूं।’ उस पर वहां औरतें सीधा मुंह पर बोल देती हैं- बाल नहीं बढ़ाने तुझे? छोटे बाल में तुमसे ब्याह कौन करेगा? उनकी बातों पर गुस्सा तो बहुत आता है, लेकिन कुछ कह नहीं पाती। सच कहूं तो शुरुआत में मुझे जरूर थोड़ा अजीब लगा, लेकिन अब नहीं लगता- अब तो छोटे, टाइट कपड़े पहनना आदत बन चुकी है। दंगल में सभी के सामने कपड़े बदलती हूं। लड़कों के साथ कुश्ती करती हूं। अब सब नॉर्मल लगता है। अब तक तो मैं मेकअप और लड़कियों वाला रंग-ढंग पूरी तरह छोड़ चुकी थी। टी-शर्ट और निक्कर ही पहनती थी। रिश्तेदार घर आते तो कहते- ये तो एकदम ही लड़का हो गई है। रात-रात पता नहीं कहां जाती थी। अखाड़े में लड़कों के साथ प्रैक्टिस करती थी। क्या ही लड़की बची होगी अब। वे पापा से कहते, लड़की से क्यों करवा रहे हो यह सब? शरीर बिगड़ गया तो इससे कौन ब्याह करेगा। घर बैठी रह जाएगी। पापा सब सुनकर चुप रहते थे। उनकी बातों पर सोचती थी, आखिर फिर लोग लड़का-लड़की बराबरी की बात क्यों करते हैं। लेकिन मैं कुछ कर नहीं सकती थी। बस यही सोचती हूं कि जिसे जैसा सोचना है सोचे। एक दिन जब लोग मेरी सफलता देखेंगे, तब मुझे समझेंगे। सफल होने पर शादी के रिश्तों की लाइन लग जाएगी। और शादी नहीं भी हुई तो क्या हो जाएगा, शादी ही कोई भविष्य नहीं होती। बिना शादी के भी जी लूंगी। हां, जब मेरी शादी को लेकर मेरे मम्मी-पापा को नीचा दिखाया जाता है, तो बहुत गुस्सा आता है। तब सोचती हूं कि जो लड़का मेरे लंबे बालों, गोरे रंग से शादी करना चाहता है, तो फिर उससे शादी करना ही क्यों? जिसे मेरी काबिलियत और तरक्की पसंद हो, वही मुझसे शादी करे। अब तो मुझे टी-शर्ट जीन्स में देखकर सहेलियां भी कहती हैं- थोड़ा सा तो लड़कियों की तरह रह लिया करो। गाउन पहनो, ऊंची हील की सैंडल पहना करो। लेकिन ये सब मुझसे अब नहीं होता। समय की बर्बादी लगती है। सोचती हूं- जींस पहनूं, बालों में हाथ फेरूं और जहां चाहे निकल जाऊं। आखिर कितना समय बच जाता है इससे। नहीं तो बाल संभालने, मेकअप में ही उलझी रहती थी। यह सब करने पर समाज को जो कहना था, कहा ही.. पैसे के लिहाज से सोचें तो भी यह आसान नहीं है। हर दिन 250 ग्राम बादाम, 300 ग्राम मुनक्का, काजू, दो किलो दूध, 250 ग्राम घी हर दिन चाहिए होता है। पापा बहुत पैसे वाले नहीं हैं, लेकिन खर्च कर रहे हैं। हर महीने 30,000 खर्च आता है, पापा से पूछती हूं कैसे कर लेते हो, तो कहते हैं- यह जानना तुम्हारा काम नहीं है, बस तुम जी-जान से पहलवानी करो। अब पापा का सपना है कि मैं अच्छी पहलवान बनूं। देश का नाम रोशन करूं। मेरी बड़ी बहन ने भी मेरे लिए कुश्ती छोड़ी है। दरअसल, वह भी पहलवान बनना चाहती थी। लेकिन पापा ने कहा- किसी एक की ही पहलवान बनाने का खर्च उठा सकता हूं। तुम दोनों तय कर लो कि किसे पहलवान बनना है। उस पर बड़ी बहन ने कहा था- कोई नहीं, इसे ही पहलवान बनाओ, मैं पढ़ाई कर लूंगी। आखिर मेरी बहन ने भी मेरी वजह से अपना सपना छोड़ दिया। अब मैं नाम रोशन करके उसका भी सपना पूरा करना चाहती हूं। इन सबके बीच पापा की मुश्किल बताना चाहती हूं। जब भी बाहर कुश्ती लड़ने जाती हूं तो पापा साथ होते हैं। घर से जाते समय ट्रेन में रिजर्वेशन मिल जाता है, लेकिन आते वक्त जनरल डिब्बे में घुसकर आना पड़ता है। बलिया जिले में नेशनल लेवल की कुश्ती का कंपिटिशन था। वहां मैंने ब्रॉन्ज जीता था। उस दिन वापस आते वक्त मैं पापा के साथ जनरल डिब्बे में घुसकर आई थी। पापा ट्रेन में खड़े होकर आए थे। पापा को इस तरह परेशान देखकर दुख होता है। मेरी वजह से वह भी कितना कुछ झेलते हैं। जरा सोचिए, कोई राज्य सरकार अपनी राष्ट्रीय खिलाड़ी के साथ ऐसा करती है क्या? उसे तो ऐसी खिलाड़ियों का खर्च उठाना चाहिए। खैर, मैं बहुत खुश हूं अपने कान तुड़वाकर। लड़कों जैसी दिखने वाली शरीर से भी। अब बस ओलंपिक में मेडल लाने की सोच रही हूं। तब लोग नहीं, मेरा खेल बोलेगा। (अंशिका बालियान ने अपने जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए हैं) --------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-लोग भैंस, बुलडोजर आंटी कहते थे:30 की उम्र में 92 किलो वजन था- किडनी खराब होने लगी तो 100 दिन में 20 किलो घटाया मैं कानपुर की रहने वाली आभा शुक्ला हूं। भैंस, मोटी, 45 साल की आंटी, चलती-फिरती बुलडोजर, किसी के ऊपर गिर जाए, तो वो दबकर ही मर ही जाए… कभी ये सारे नाम मेरे ही थे। लोग मुझे इन्हीं नामों से बुलाते थे। मेरे असली नाम ‘आभा शुक्ला’ से नहीं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया, 5 साल जेल में रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:39 am

जैश की महिला जिहादी ब्रिगेड, भारत के लिए नया खतरा:ऑपरेशन सिंदूर के बाद मसूद अजहर ने नियम बदले, दिल्ली ब्लास्ट पहला असाइनमेंट

‘हमारा दुश्मन हिंदू महिलाओं को फौज में भर्ती कर रहा है। मैं भी उनके खिलाफ लड़ने के लिए महिला जिहादियों को तैयार कर रहा हूं। जमात-उल-मोमिनात की हर जिहादी को मौत के बाद सीधे जन्नत में जगह मिलेगी। उम्मीद है कि जैश-ए-मोहम्मद के मर्द लड़ाके इस नई यूनिट के साथ खड़े होंगे।’ जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को पहली बार आतंकियों की महिला विंग जमात-उल-मोमिनात का ऐलान किया था। इसके ठीक 31 दिन बाद 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। 15 लोग मारे गए। NIA ने ब्लास्ट को जैश-ए-मोहम्मद के 'वॉइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' का हिस्सा बताया। अब संयुक्त राष्ट्र की UNSC 1267 सैंक्शंस कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ब्लास्ट की साजिश जैश ने ही रची थी। इसकी साजिश में जमात-उल-मोमिनात को भी शामिल किया गया था। UNSC की 10 पेज की रिपोर्ट, 95वें पॉइंट में दिल्ली ब्लास्ट का जिक्रदैनिक भास्कर के पास UNSC की रिपोर्ट है। 4 फरवरी को जारी इस रिपोर्ट में 22 अप्रैल, 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र है। रिपोर्ट जारी करने वाली कमेटी जैश, ISIS और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों पर नजर रखती है। 95वें पॉइंट में लिखा है कि 10 नवंबर, 2025 को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में ब्लास्ट हुआ। पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में जैश कमांडर मसूद अजहर भारत में ऐसे कई हमलों की प्लानिंग कर रहा है। इसमें जैश की महिला ब्रिगेड जमात-उल-मोमिनात को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी मारे जा चुके हैं। आगे पढ़िए, कैसे बनी महिला आतंकियों की नई यूनिट पहलगाम से करीब 5 किमी दूर बायसरन घाटी में आतंकियों ने 26 लोगों को मार डाला था। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया, जिसमें जैश कमांडर मसूद अजहर के परिवार के यूसुफ अजहर, जमील अहमद, हमजा जमील और हुजैफा अजहर समेत 14 लोग मारे गए। इसके बाद मसूद अजहर की एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें उसने कहा था कि मेरी बड़ी बहन अबबा बीबी भी हमले में मारी गईं। मैं उनके साथ मिलकर एक महिला ब्रिगेड बनाना चाहता था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत से बदला लेने के लिए आतंकी संगठन जैश का चीफ मसूद अजहर और उसके भाई तल्हा अल सैफ ने महिला आतंकियों की भर्ती शुरू की है। इन लड़कियों में ज्यादातर बहावलपुर, कराची, मुजफ्फराबाद, कोटली, हरिपुर और मंसेहरा के मदसरों में पढ़ती हैं। भारत में जमात-उल-मोमिनात का नेटवर्क बढ़ाने और स्लीपर सेल को मजबूत करने का काम सादिया अजहर और अफीरा बीबी को सौंपा गया। सादिया अजहर मसूद अजहर की बहन है। वही जमात-उल-मोमिनात की सबसे बड़ी लीडर है। सादिया का पति यूसुफ अजहर ऑपरेशन सिंदूर में मारा गया था। संगठन में कमांडर की हैसियत रखने वाली अफीरा बीबी मसूद अजहर के भतीजे उमर फारुख की पत्नी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश ने बदले नियमNIA से जुड़े एक सीनियर अधिकारी कहते हैं, ‘भारत ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर जैश-ए-मोहम्मद का हेडक्वार्टर और आतंकी ढांचे बर्बाद कर दिए थे। ये कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर का हिस्सा थी, जिसकी ब्रीफिंग कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने की थी।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बौखलाया मसूद अजहर लगातार भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें रच रहा है। भारत की फौज में महिला ऑफिसर्स को देखकर उसने जैश की महिला ब्रिगेड शुरू करने का फैसला लिया। ‘जमात-उल-मोमिनात बनने के बाद लाल किले के पास ब्लास्ट हुआ। NIA ने इस मामले में लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला है कि वह जमात-उल-मोमिनात की कमांडर अफीरा बीबी के कॉन्टैक्ट में थी। उसी ने शाहीन को भारत में महिलाओं को आतंकी ब्रिगेड में शामिल कर फिदायीन बनाने का काम सौंपा था।’ NIA को दिल्ली कार ब्लास्ट केस में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद के शामिल होने लिंक मिले हैं। इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शाहीन सईद सहित डॉ. आदिल और डॉ. मुजम्मिल शकील शामिल हैं। ये भी जैश के नेटवर्क से लगातार संपर्क में थे। यूनाइटेड स्टेट इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी के फाउंडर रॉबिन सचदेवा कहते हैं, ‘जैश का इतिहास देखें, तो ये संगठन अब तक महिलाओं को सीक्रेट ऑपरेशन और फिदायीन हमलों में शामिल नहीं करता था। इसकी बजाय उन्हें लोकल सपोर्ट सिस्टम, मैसेज-इंफॉर्मेशन कैरियर और लॉजिस्टिक मैनेजमैंट का काम दिया जाता था।' 'पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद संगठन ने रुख बदला है। बीते एक साल में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें महिला फिदायीन के नाम सामने आए हैं।’ ‘महिलाओं की आतंकी यूनिट, भारत के लिए खतरे की घंटी’ रॉबिन सचदेवा आगे कहते हैं, ‘आतंकी मसूद अजहर ने हाल के दिनों में न सिर्फ खुले तौर पर महिलाओं का आतंकी नेटवर्क बनाया, बल्कि इसका ऐलान भी किया। जमात-उल-मोमिनात ग्रुप भी इसी का हिस्सा है। इसमें बकायदा महिला आतंकियों को कमांडर और कैप्टन जैसी पोस्ट दी गई हैं। इनका मकसद पाकिस्तान सहित भारत की पढ़ी-लिखी भारतीय महिलाओं को कट्टरपंथी बनाकर आतंकी संगठन में भर्ती करना है। ये भारत के लिए खतरे की घंटी है।’ रॉबिन कहते हैें, ‘दुनियाभर में देखें तो अब तक श्रीलंका में लिट्टे को ही एक्टिव वुमेन टेरर ग्रुप्स बनाने के लिए जाना जाता रहा है। लिट्टे ने सबसे पहले महिलाओं को संगठन में शामिल किया और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या जैसी खौफनाक घटना की। धीरे-धीरे उनकी आइडियोलॉजी को बोको-हराम और ISIS जैसे आतंकी संगठनों ने फॉलो किया। इसी लिस्ट में अब जैश की आतंकी यूनिट जमात-उल-मोमिनात का नाम जुड़ गया है।’ दिल्ली ब्लास्ट का जमात-उल-मोमिनात से लिंक कितना खतरनाक जम्मू-कश्मीर के पूर्व DGP एसपी वैद्य बताते हैं, ‘दिल्ली ब्लास्ट की जांच में NIA ने जिस सच से पर्दा उठाया है, वो होश उड़ाने के लिए काफी है। अब हमारा सामना सिर्फ मदरसों या गांवों से कट्टरपंथी बनकर आए युवाओं से नहीं है। जैश-ए-मोहम्मद ने अपनी स्ट्रैटेजी को ISIS के लेवल पर अपग्रेड कर लिया है। ये अब वॉइट कॉलर टेररिज्म बन चुका है।’ ‘जैश का नया डॉक्टर मॉड्यूल, हमारी नाक के नीचे कश्मीर से निकलकर लखनऊ और हरियाणा तक फैल गया। ये इस बात का सबूत है कि अब टारगेट पर पढ़े-लिखे और अच्छा सैलरी पैकेज उठाने वाले लोग हैं। उन्हें इंक्रिपटेड ऑनलाइन चैनल्स के जरिए ब्रेनवॉश कर आतंकी बनाया जा रहा है।’ एसपी वैद्य के मुताबिक, दिल्ली ब्लास्ट में सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नाम डॉ. शाहीन सईद का है। वह मास्टरमाइंड डॉ. आदिल और मुजम्मिल शकील के साथ मिलकर साजिश रच रही थी। इससे जाहिर होता है कि पढ़ी-लिखी महिलाओं में कट्टरपंथ का जहर कितनी गहराई तक जा चुका है। जमात-ए-मोमिनात जम्मू-कश्मीर, यूपी और साउथ के राज्यों में एक्टिव भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल संजय कुलकर्णी कहते हैं, ‘2019 में हुए पुलवामा अटैक के बाद सुरक्षाबलों ने जैश के आधे से ज्यादा कमांडरों को मार गिराया। ऑपरेशन सिंदूर में भी सेना ने जैश के हेडक्वार्टर समेत बहावलपुर में एक मदरसे को निशाना बनाया, जहां कई आतंकी पनाह लिए हुए थे। ये सब देखकर मसूद अजहर को महिलाओं को मोर्चे पर लाने के लिए मजबूर होना पड़ा।’ ‘जमात-उल-मोमिनात जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ इलाकों में ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए एक्टिव हो रहा है। टेलीग्राम, स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म, VPN और वॉट्सएप ग्रुप्स नेटवर्क के जरिए इस ग्रुप की गतिविधियां फैल रही हैं।’ बड़े मंदिर लश्कर की हिट लिस्ट में, सिक्योरिटी बढ़ाई10 नवंबर को हुए कार धमाके के बाद दिल्ली एक बार फिर हाई अलर्ट पर है। खुफिया एजेंसियों से मिले आतंकी हमले के इनपुट के बाद सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। लाल किले के आसपास ब्लास्ट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनपुट के मुताबिक, पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने भारत के बड़े धार्मिक स्थलों को हिट लिस्ट में रखा है। सोर्स बताते हैं कि दिल्ली में चांदनी चौक का मंदिर भी आतंकियों के टारगेट पर है। खुफिया एजेंसियों ने इनपुट दिया है कि लश्कर-ए-तैयबा IED ब्लास्ट की कोशिश कर सकता है। आतंकी पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में 6 फरवरी को हुए विस्फोट का बदला लेने की कोशिश कर रहे हैं। …………………………….ये खबर भी पढ़िए घाटी में कौन बना रहा कश्मीरी पंडितों की ‘डेथ लिस्ट’, पंडित बोले- हमें भी हथियार दो कश्मीरी पंडितों को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रॉक्सी ग्रुप द रेजिस्टेंस फोर्स यानी TRF ने टारगेट किलिंग की धमकी दी है। लिखा है कि कश्मीरी पंडितों थोड़े फायदे के लिए बलि का बकरा मत बनो। पहले ही देख चुके हो कि इस रास्ते पर चलने का अंजाम जान गंवाना होता है, जैसा राहुल पंडित, माखन लाल बिंद्रू, मोहन लाल और बाकी के साथ हुआ था। इसके बाद कश्मीरी पंडित हथियार और ट्रेनिंग देने की मांग कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें...

दैनिक भास्कर 22 Feb 2026 5:36 am