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गाजा में हमास के दस हथियारबंद लड़ाकों को निशाना बनाया : इजरायल

इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने जानकारी देते हुए बताया क‍ि शन‍िवार रात सैन्‍य कार्रवाई में उसने गाजा पट्टी में लगभग दस हथियारबंद लड़ाकों को मार ग‍िराया

देशबन्धु 30 Mar 2026 5:50 am

बंगाल में 5% वोट बढ़े, तो बीजेपी नंबर-1 बनेगी:मुस्लिम एकजुट हुए, तो असम फिसल जाएगा; 5 राज्यों में बीजेपी का दांव पर क्या है

अगर पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के 5% वोटर खिसके, तो बीजेपी नंबर-1 पार्टी बन सकती है। लेकिन अगर असम के 34% मुस्लिम एकजुट हो गए, तो हिमंत बिस्व सरमा की सरकार का लौटना मुश्किल हो जाएगा। अगले 30 दिनों में भारत के 4 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इलेक्शन एक्सप्लेनर में जानेंगे आखिर इन पांचों प्रदेशों में बीजेपी का दांव पर क्या लगा है… ***** ये भी खबर पढ़िए… CEC ज्ञानेश कुमार ने चुनावी तारीखें बताईं, विपक्ष उन्हें पद से हटाने की तैयारी कर रहा; क्या ममता बनर्जी का राजनीतिक दांव चुनाव ऐलान से पहले पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की अगुआई में विपक्ष नेु मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए संसद में महाभियोग का नोटिस दिया। सड़कों पर प्रदर्शन कर रही TMC का आरोप है कि ज्ञानेश SIR के जरिए वोट काटकर बीजेपी को फायदा पहुंचाना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 5:06 am

अंधाधुंध बमबारी, फिर समुद्र और हवा से पहुंचेंगे कमांडो:जानिए 3 टारगेट पर अमेरिकी ग्राउंड अटैक का पूरा प्लान; ईरान कैसे किलेबंदी कर रहा

अमेरिका ने ईरान जंग में डुअल ट्रैक स्ट्रैटजी अपनाई है। यानी एक तरफ जंग रोकने के लिए डिप्लोमैटिक चैनल से बातचीत की कोशिशें हो रही हैं। दूसरी तरफ ‘फाइनल ब्लो’ यानी अंतिम प्रहार की तैयारी है, जिसमें जमीनी सैनिक भी शामिल होंगे। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रम्प ने अभी तक जमीनी हमले की मंजूरी नहीं दी है। 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के 3500 अमेरिकी सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं। उनके साथ ट्रांसपोर्ट और लड़ाकू विमान भी भेजे गए हैं। हजारों अतिरिक्त सैनिक, टैंक, जंगी बेड़े, फाइटर जेट्स भेजने की योजना है। ईरान के अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी सैनिकों ने ईरान की जमीन पर कदम रखा, तो ताबूत में वापस लौटेंगे। अखबार ने अपने फ्रंट पेज पर लिखा- नर्क में आपका स्वागत है। आखिर अमेरिका के ‘अंतिम प्रहार’ का प्लान क्या है, ईरान कैसे मुकाबला करेगा और इसका असर क्या होगा; मंडे मेगा स्टोरी में पूरी कहानी… ईरान की जियोग्राफी और जंग के खर्च को देखते हुए, अमेरिका फुल स्केल वॉर के बजाए 3 संभावित जमीनी टारगेट पर हमले कर सकता है... ***** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल और अजीत सिंह -------- ये खबर भी पढ़िए…क्या पूरे मिडिल ईस्ट पर नेतन्याहू की नजर:'ग्रेटर इजराइल' क्या है, जिसके लिए ईरान जंग के बीच लेबनान पर कब्जा कर रहा इजराइल पूरी दुनिया की नजर ईरान जंग पर टिकी है। उधर इजराइल तेजी से लेबनान पर जमीनी कब्जा करने में जुटा है। 20% जमीन खाली करा ली है और अपने सैन्य ठिकाने जमा रहा है। इजराइल का कहना है कि वो हिजबुल्ला के सैन्य ढांचे और हथियारों को खत्म करना चाहता है। कई विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू ‘ग्रेटर इजराइल’ को हकीकत बनाने में जुटे हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 5:06 am

तंत्र विद्या, जादू-टोने वाला गांव, यहां हर घर में तांत्रिक:नरबलि के दावे, चुनाव में काला जादू करवाने आ रहे नेता

तपती धूप में सड़क किनारे एक महिला कुर्सी पर बेसुध सी बैठी है। एक शख्स उसके सिर पर लकड़ी का सूप रखकर कुछ बुदबुदाता है। सूप में पानी डालता है। फिर वही पानी मिट्टी के बर्तन में महिला को दे देता है। गुवाहाटी की रहने वाली ये महिला कुछ दिनों से बीमार है। मंत्र पढ़ने वाला शख्स तांत्रिक है, जो काले जादू से उसका इलाज कर रहा है। महिला के साथ आया लड़का उसे सहारा देकर उठाता है और दोनों चले जाते हैं। ये जगह है असम का मायोंग गांव। करीब तीन हजार आबादी वाले मायोंग गांव को काले जादू की राजधानी कहा जाता है। माना जाता है कि इस गांव के लोग सदियों से जादू-टोना और तंत्र विद्या में माहिर हैं। दावा करते हैं कि उनके मंत्र इतने शक्तिशाली हैं कि इंसान को हवा में गायब कर दें या उसे जानवर बना दें। एक किस्सा ये भी है कि दिल्ली के सुल्तान तुगलक की सेना के एक लाख सैनिक यहां के जंगल में गायब कर दिए गए थे। असम में 9 अप्रैल को चुनाव, जादू-टोना कराने आने लगे नेतामायोंग गांव गुवाहाटी से करीब 50 किमी दूर ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे बसा है। पास में पोबितोरा वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी है, जो एक सींग वाले गैंडों के लिए मशहूर है। हम 27 मार्च को मायोंग पहुंचे थे। असम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी हैं। इसलिए नेता और मंत्री भी जीत के लिए जादू-टोना करवाने मायोंग आने लगे हैं। हालांकि गांव में कहीं नेताओं के बैनर-पोस्टर नहीं हैं। बस कुछ घरों पर BJP के झंडे लगे हैं। यह गांव जागीरोड विधानसभा सीट में आता है। BJP के पीजूष हजारिका विधायक हैं। वे हिमंता सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और उनके करीबी माने जाते हैं। पीजूष लगातार तीसरी बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के बुबुल दास से है। तांत्रिक का दावा- विधायक जीत के लिए टोटका करवाकर गएगांववाले दावा करते हैं कि नेता यहां वोट मांगने नहीं, जादू-टोना करवाने आते हैं। गांव के तांत्रिक कैमरे पर नेताओं के नाम नहीं बताते। कैमरा बंद होने पर एक शख्स दावा करते हैं कि विधायक पीजूष हजारिका अक्सर यहां आते हैं। 10 दिन पहले भी परिवार के साथ आए थे। वे जीत के लिए तंत्र करवाकर गए हैं। हमने पूछा- पूजा के लिए कितने पैसे देते हैं? जवाब मिला- हम पैसा नहीं मांगते। पूजा कराने वाला इच्छा से जो दे दे। विधायक से पैसे नहीं लेते। हर घर में तांत्रिक, यहां आने वाले हर शख्स का रिकॉर्डगांव के अंदर लाइन से कुछ दुकानें बनी हैं। इनमे से एक में विपुल मेधी की हार्डवेयर की दुकान है। विपुल गांव के सबसे बड़े तांत्रिक परिवार से हैं। ये परिवार पीढ़ियों से तंत्र साधना करता आया है। 45 साल के विपुल को उनके पिता ने यह विद्या सिखाई थी। विपुल बताते हैं कि गांव के हर घर में एक तांत्रिक जरूर है। यहां लोग बीमारी, कोई मानसिक समस्या जैसी परेशानियां लेकर आते हैं। कुछ तो दुश्मन को मरवाने का काम भी लाते हैं, लेकिन हम गलत काम के लिए मना कर देते हैं। पूजा से पहले ही पूछ लेते हैं कि उनकी मंशा क्या है। मैंने एक डायरी बनाई है, जिसमें तंत्र साधना के लिए आने वाले लोगों के नाम लिखता हूं, ताकि अगर कोई गलत काम के लिए आए, तो हमें आगे भी पता रहे।’ आपके पास कोई नेता आता है? विपुल मेधी बताते हैं, नेता, बड़े लोग, सब आते हैं। सबकी अपनी-अपनी समस्या होती हैं। कोई किसी को हराने के लिए आता है, तो हम भगा देते हैं। ‘मोहम्मद शाह की सेना गायब, औरंगजेब का सेनापति भागा’विपुल के चैंबर के बाहर गांव के लोग बैठे थे। कैमरे पर नहीं बोले, लेकिन पुराने किस्से सुनाने लगे। एक बुजुर्ग बोले कि दिल्ली सल्तनत के मुहम्मद शाह ने 1337 में यहां चढ़ाई की थी। एक लाख घुड़सवार लेकर आए थे। मायोंग के जंगलों में पूरी सेना गायब हो गई।’ ‘मुगल बादशाह औरंगजेब की तरफ से जयपुर के राजा राम सिंह ने भी हमला किया। उसने मायोंग के बारे में सुन रखा था। तब मायोंग के जादू की खबर देशभर में फैली हुई थी। हारने की नौबत आई तो राम सिंह को भी संधि करके लौटना पड़ा। गांव में एक बार खुदाई की गई, तो पुरानी तलवारें और मंत्र लिखी तांबे की प्लेट मिली थीं। ये चीजें गांव के म्यूजियम में रखी हैं।’ इंसानों की बलि का इतिहास, श्मशान में साधना करते तांत्रिकगांव से करीब एक किमी दूर जंगल में मंदिर बना है। गांव के लोग बताते हैं कि यहां 18वीं सदी तक तंत्र साधना के लिए इंसानों की बलि दी जाती थी। अंग्रेजों ने इस पर रोक लगा दी। कच्चे रास्ते से होते हुए हम मंदिर तक पहुंचे। यहां एक बड़ी चट्‌टान है। ये जगह पहाड़ों से घिरी है। यहां एक कुंड है, जिससे गांव के लोग पीने का पानी ले जाते हैं। यहां से हम वापस गांव पहुंचे और जंतू मंडल से मिले। वे गांव के सबसे बुजुर्ग तांत्रिक हैं। उम्र 100 साल बताते हैं। 14 साल के थे, तभी से तंत्र साधना कर रहे हैं। इस काम से घर नहीं चल पाता, इसलिए परिवार के बाकी लोग खेती करते हैं। जंतू अमावस्या और पूर्णिमा को साधना के लिए श्मशान जाते हैं। वे बताते हैं, ‘मैं सिर्फ बीमार लोगों का इलाज करता हूं।’ क्या कोई गलत इरादे से पूजा कराने आता है? जंतू कहते हैं, ‘हां, लोग आते तो हैं, लेकिन मैं उनका काम नहीं करता। बोल देता हूं कि मुझे ये सब नहीं आता।’ नेता भी आते हैं? जंतू दावा करते हैं कि एक बार दिल्ली से एक नेता आया था। बोला कि उसे मंत्री बनना है। मैंने साफ कह दिया कि ऐसा उपाय हमारे पास नहीं है। असम के भी कुछ लोग आए हैं, लेकिन हम जीत-हार के लिए उपाय नहीं बताते। तंत्र सीखने वालों में काशी से कश्मीर तक के लाेग, 25 साल का फकन भीगांव के मंदिर में 25 साल के फकन बोरो मिले। मायोंग के रहने वाले हैं। स्कूल जाते थे, लेकिन पढ़ाई बीच में छोड़ दी। 3 महीने पहले साधना शुरू की है। वे कहते हैं कि नई पीढ़ी इस विद्या से दूर जा रही है। लोग नौकरी और दूसरे कामों में लग रहे हैं। मुझे ईश्वर की महिमा यहां खींच लाई। फकन आगे बताते हैं, ‘यहां कई तरह की तांत्रिक परंपराएं हैं। अमावस्या पर तांत्रिक शरीर में छेद करके या आग के साथ पूजा करते हैं। ये सब बिना मंत्र के नहीं होता, वरना जान जा सकती है।’ फकन दावा करते हैं कि गांव में काशी से कश्मीर तक के लोग आते हैं। कोई तंत्र विद्या सीखने, कोई वशीकरण, कोई मारण, यानी दूसरे को मारने की विद्या सीखने आता है। हालांकि, सरकार ने इस पर बैन लगा दिया है।’ मायोंग में कैसे शुरू हुआ जादू-टोना, महाभारत से कनेक्शनमायोंग पहले छोटा सा राज्य था। इसके आखिरी राजा बरूआ या देका परिवार से थे। फिलहाल कोई राजा नहीं है। सांस्कृतिक तौर पर एक व्यक्ति को राजा की उपाधि दी जाती है। अभी ये उपाधि मयूरभंज नारायण के पास है। वे म्यूजियम के बाहर बैठे मिले। साधारण वेशभूषा और रहन-सहन। हमने उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन वे तैयार नहीं हुए और उठकर चले गए। मायोंग का म्यूजियम 2002 में बना था। इसमें तंत्र-मंत्र की किताबें, हथियार और पुरानी चीजें रखी हैं। गांव के डॉ. उप्पल नाथ म्यूजियम के फाउंडर हैं। वे बताते हैं, ‘लोककथाओं के मुताबिक, मायोंग का संबंध भीम और हिंडिंबा के बेटे घटोत्कच से है। घटोत्कच और उसके वंशज तंत्र शक्तियों में निपुण थे और यहीं रहते थे।’ ‘एक मान्यता यह भी है कि मायोंग शब्द माया से बना है, यानी यह भ्रम और जादू की भूमि है। मायोंग का संबंध कामाख्या मंदिर से भी है, जो तंत्र साधना का बड़ा केंद्र है। कामाख्या मुख्य केंद्र और मायोंग उसके सब-सेंटर की तरह था।’ मायोंग की महिलाएं बोलीं- वक्त बदल रहा, बच्चों के लिए काम चाहिए 56 साल की निरूपमा देवी कहती हैं कि मायोंग में चीजें बदल रही हैं। गांव के लड़के बाहर जाकर नौकरी कर रहे हैं। नई पीढ़ी पढ़ाई और तकनीक की तरफ जा रही है। यहां कंप्यूटर सिखाने के लिए स्कूल खुल गया है। बच्चे अब पुरानी चीजों से हटकर नए काम करना चाहते हैं। चुनाव के बारे में निरूपमा कहती हैं कि यहां नेता खुद नहीं आते, उनके कार्यकर्ता आते हैं। लोग भी मदद करने वाले को वोट देते हैं। 50 साल की नीलम मुनि देवी का बेटा ITI में पढ़ाई कर रहा है। वे चाहती हैं कि पढ़ाई के बाद बेटे की नौकरी लग जाए। चुनाव पर कहती हैं, ‘गांव में महिलाओं को कोई खास दिक्कत नहीं है। हम मर्जी से वोट डालते हैं। हम चाहते हैं कि बच्चे को यहीं नौकरी मिल जाए, ताकि बाहर जाने की जरूरत न पड़े।’ …………….ये खबर भी पढ़ें… CM हिमंता के बयान बदले, सियासत वही ‘हमारे मुख्यमंत्री हमें पहचानते तक नहीं, हमें गालियां देते हैं। बांग्लादेश जाने को कहते हैं। हम बांग्लादेश के नहीं, असम के हैं। हमारे पास सारे कागज हैं, लेकिन क्या कर सकते हैं। वे मुख्यमंत्री हैं, बड़े आदमी हैं। हम तो कुछ भी नहीं।’ ये बेबसी असम के कामरूप जिले के सोंताली गांव में रहने वाले मोफिज अली की है। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 5:04 am

अफगानिस्तान में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत, 26 घायल

अफगानिस्तान में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई

देशबन्धु 30 Mar 2026 3:55 am

होली सेपल्चर मामला: नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा 'प्रार्थना की अनुमति देने का बनाया जा रहा प्लान'

यरूशलम स्थित होली चर्च सेपल्चर में पैट्रिआर्क कार्डिनल और होली लैंड के कस्टोस फादर को पाम संडे मास की इजाजत न दिए जाने पर इजरायल को चौतरफा आलोचना झेलनी पड़ी

देशबन्धु 29 Mar 2026 11:43 pm

ईरान संघर्ष पर कूटनीतिक पहल: इस्लामाबाद में सऊदी, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक

इस बैठक की मेजबानी पाकिस्तान कर रहा है, जिसे क्षेत्रीय संतुलन और अपने तटस्थ रुख के चलते बातचीत के लिए उपयुक्त मंच माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बैठक का उद्देश्य ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए साझा रणनीति तैयार करना है।

देशबन्धु 29 Mar 2026 4:26 pm

पश्चिम एशिया में जंग का दायरा बढ़ा: हूती विद्रोही भी कूदे मैदान में, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराया संकट

हूती विद्रोही पहले भी गाजा संघर्ष के दौरान लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों को बाधित कर चुके हैं। ऐसे में उनकी सक्रियता से वैश्विक शिपिंग रूट्स पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

देशबन्धु 29 Mar 2026 1:28 pm

No Kings Protests: ट्रंप के खिलाफ 50 राज्यों में रैलियों में लाखों लोग उतरे, वैश्विक स्तर पर भी समर्थन

देशभर में हुए इन प्रदर्शनों का केंद्र न्यूयॉर्क, लॉस एंजिलिस, वॉशिंगटन डीसी और मिनेसोटा के ट्विन सिटीज रहे। हालांकि इस बार की खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में रैलियां छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी आयोजित की गईं।

देशबन्धु 29 Mar 2026 12:18 pm

चीन के शांक्सी में भीषण आग, तीन की मौत, 23 घायल

उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत में ताइयुआन में किनशियान नॉर्थ स्ट्रीट के पास एक इमारत में आग लगने से कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई

देशबन्धु 29 Mar 2026 10:40 am

इजरायली सेना का दावा: कुछ ही दिनों में पूरी तरह तबाह हो जाएंगे ईरान के सभी महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाने

इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने एक लाइव प्रसारण में कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इजरायली सेना ईरान की सैन्य इंडस्ट्री के सभी अहम ठिकानों पर हमले पूरे कर लेगी

देशबन्धु 29 Mar 2026 10:00 am

क्यूबा पर अमेरिकी प्रतिबंध: विदेश मंत्री रोड्रिग्ज ने ईंधन नाकेबंदी और आर्थिक दबाव पर साधा निशाना

क्यूबा और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। क्यूबा ने अमेरिका पर ईंधन आपूर्ति को लेकर झूठ बोलने का गंभीर आरोप लगाया है

देशबन्धु 29 Mar 2026 9:54 am

मिस्र ने मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से बातचीत की

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा करने के लिए सऊदी, जॉर्डन और जर्मन समकक्षों के साथ-साथ यूरोपीय आयोग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग फोन पर बातचीत की

देशबन्धु 29 Mar 2026 9:49 am

ईरान का बड़ा दावा: अमेरिकी एफ-16 और ड्रोन मार गिराए

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी एफ-16 फाइटिंग फाल्कन और एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को निशाना बनाया है

देशबन्धु 29 Mar 2026 8:25 am

ईरान संग तनाव चरम पर, अमेरिका ने भेजे 3,500 मरीन

ईरान के साथ जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है

देशबन्धु 29 Mar 2026 8:05 am

संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मारा डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है

मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। वह चिल्ला रहा था- ‘मैं भारतीय हूं…’ लेकिन भीड़ ने उसकी एक भी नहीं सुनी। सोचा था- मेरा बेटा पढ़-लिखकर बड़ा आदमी बनेगा, लेकिन उसकी लाश हवाई जहाज से वापस आई। नीडो बाकी बच्चों जैसा नहीं था। अक्सर मुझसे 5-10 हजार मांगता। मैं पूछती- कहां जाते हैं इतने पैसे? वह हंसकर टाल देता। बाद में पता चला- वह जरूरतमंदों की मदद करता था। दोस्तों की फीस भरता था। मुझे बिना बताए घर के ड्राइवरों को पैसे दे देता था। उसके भीतर इंसानियत भरी थी। वह मेरे पास बैठकर कहता- मम्मी, बड़ा होकर एक ऐसी जगह बनाऊंगा, जहां मंदिर, गुरुद्वारा, चर्च और मस्जिद- सभी होंगे… और हर कोई वहां आकर एक साथ प्रार्थना कर सकेगा। मैं उसे देखती रह जाती… और सोचती- यह बच्चा आखिर बड़ा होकर क्या बनेगा? नीडो पांच बच्चों में तीसरे नंबर पर था। ईटानगर के छोटे से स्कूल से पढ़कर जब उसे हरियाणा के डीपीएस पानीपत भेज रही थी, तो दिल में डर था… लेकिन एक भरोसा भी था कि- मेरा बेटा कुछ बड़ा करेगा। पानीपत में साइंस की पढ़ाई की। 12वीं के बाद बोला- मम्मी, मैं सोशोलॉजी पढ़ूंगा और विदेश जाऊंगा। मैंने पूछा- क्या बनना चाहते हो? वह बस मुस्कुरा देता। अब समझ आता है- वह कुछ बनना नहीं, कुछ बदलना चाहता था। 12वीं के बाद उसने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। फीस थी 68 हजार रुपए सालाना। लेकिन जब उसकी मार्कशीट देखी गई- तो यूनिवर्सिटी ने कहा- इतना इंटेलिजेंट बच्चा हमारे यहां पढ़ेगा, यही हमारे लिए काफी है। उसने फीस घटाकर 13 हजार कर दी। उस दिन मुझे लगा- मेरा बेटा सच में कुछ अलग है। लेकिन एक डर लगा रहता था। मैंने नस्लवाद झेला था, इसलिए उसे हमेशा समझाती- सावधान रहना, सब जगह लोग एक जैसे नहीं होते, लेकिन उसने कभी शिकायत नहीं की- न डीपीएस में, न यूनिवर्सिटी में। छुट्टियों में घर आता तो खाली हाथ नहीं आता। सबके लिए कुछ न कुछ लाता। हमारे घर के ड्राइवर मुस्लिम हैं- ईद पर उनके लिए टोपी लाता। उनके लिए क्रिसमस और न्यू ईयर पर पार्टी करता। वह सबको हंसाता था, घर का माहौल हल्का कर देता था। नीडो मुझे कभी उदास नहीं देख पाता था। जैसे ही चेहरे पर जरा-सी उदासी दिखती, वह तुरंत कोई न कोई मजाक कर देता। एक दिन हंसते-हंसते बोला- मम्मी, मैं दो शादियां करूंगा। मैं चौंकी- क्या? वह हंसकर बोला- ताकि आपको हमेशा खुश रख सकूं… फिर घर में किसी नौकर की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह उसकी बचकानी बातें थीं, लेकिन इरादा सच्चा था- मुझे खुश देखना। कभी-कभी वह किचन में चला जाता, कुछ बनाकर खुद ही चखता और कहता- मम्मी, एक दिन मैं सब संभाल लूंगा। सच कहूं, मुझे उस पर भरोसा था। फिर एक दिन आया, जब सब कुछ बदल गया। उस दिन वह दिल्ली में अपनी बहन के घर था। बैग पैक था, कार नीचे खड़ी थी। वह झुककर जूते के फीते बांध रहा था… तभी फोन बजा। दूसरी तरफ से एक लड़की की घबराई हुई आवाज थी- भैया, मेरे भाई की तबीयत बहुत खराब है। हम लाजपत नगर में, चौथी मंजिल पर हैं… प्लीज आ जाओ। मैं अकेली हूं। नीडो ने एक सेकंड भी नहीं सोचा। ड्राइवर से कहा- रुको, कॉलेज बाद में जाएंगे। उसने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और लाजपत नगर के लिए निकल पड़ा। तंग गलियों में वह भटकता रहा- घर मिल नहीं रहा था। फोन कान से लगा था- उधर से जल्दबाजी भरी आवाज आती- जल्दी आओ, हालत और खराब हो रही है… पास में एक मिठाई की दुकान है, वहीं से पता पूछ लो। वह सीधे उसी दुकान पर पहुंचा- अंकल, एक पता पूछना है। दुकानदार ने बिना देखे ही कह दिया- नहीं पता। वह फिर गलियों में भटकने लगा। फोन दोबारा बजा- इस बार आवाज और घबराई हुई थी- भैया, जल्दी आ जाओ। थककर वह उसी मिठाई की दुकान पर वापस लौटकर गया। बोला- अंकल, प्लीज, मेरे दोस्त की जान जा सकती है। दुकानदार भड़क गया- क्या समझता है खुद को? सलमान खान, अक्षय कुमार? बार-बार क्यों आ रहा है? इतना कहकर उसने धक्का दे दिया। बस यहीं से सब बदल गया। नीडो ने पलटकर कुछ नहीं कहा, बस गुस्से में दुकान के काउंटर पर हाथ मार दिया- शीशे में हल्की दरार पड़ गई। अगले ही पल आसपास के दुकानदार जमा हो गए। किसी ने कॉलर पकड़ा, किसी ने मुक्का मारा। वह कुछ कह भी नहीं कह पाया। फिर पुलिस को बुला लिया गया। उधर, लाजपत नगर जाते वक्त उसने मुझे फोन पर बताया था और 10 हजार रुपए मांगे थे। मैंने पैसे भेज दिए थे। वही पैसे उसने पुलिस को दे दिए। पुलिस ने उसमें से 6 हजार दुकानदार को दिए और 4 हजार अपने पास रख लिए। पुलिस उसे अपने साथ ले गई। थाने में बिठाए रखा- चोट लगी थी, फिर भी अस्पताल नहीं ले गई। थोड़ी देर बाद पुलिस फिर उसी दुकान पर लेकर गई- कहा, समझौता करना है। लेकिन वहां फिर भीड़ जुट गई। किसी ने कहा- यही है, शीशा तोड़ने वाला लड़का! और भीड़ ने दोबारा हमला कर दिया। उसे फिर से बेरहमी से पीटा गया। मैं लगातार फोन कर रही थी, लेकिन वह उठा नहीं पा रहा था। जब भीड़ ने छोड़ा, तो उसने कॉल उठाया। आवाज बहुत धीमी थी- सब ठीक है मम्मी… बस हल्की चोट है… दवा ले ली… बाय बाय…, फोन कट गया। शायद उसे खुद भी नहीं पता था- यही उसकी जिंदगी की आखिरी बात होगी। अगले दिन फोन आया। स्क्रीन पर बड़ी बेटी का नाम था। आवाज टूटी हुई थी- मम्मी… नीडो एम्स में है… अब वो… नहीं रहा। बस इतना सुनते ही मेरी आंखों के आगे अंधेरा छा गया। बेहोश हो गई। होश आया, तो खुद को अस्पताल में पाया। उधर, बेटे का शव हेलिकॉप्टर से गुवाहाटी लाया गया। हम हेलीकॉप्टर से पहुंचे। ताबूत में उसे देखा, तो लगा- यह वही बच्चा नहीं है, जो हंसते हुए घर से गया था। मेरा शरीर कांप रहा था। हम किसी तरह उसे ईटानगर लेकर आए और अंतिम संस्कार किया। करीब 15 दिन बाद हम 300 लोग इकट्ठा होकर दिल्ली पहुंचे। सड़कें, दफ्तर, कोर्ट- हर जगह एक ही आवाज गूंज रही थी- नीडो के लिए न्याय चाहिए। मैंने जंतर-मंतर पर भाषण दिया। ‘मरीना नीडो स्पीच’ नाम से वह वीडियो यूट्यूब पर है। उस पर दुनिया भर के छात्रों का समर्थन मिला- जापान, अफ्रीका, कश्मीर… हर जगह से हमारे पक्ष में आवाज उठी। लोग लिख रहे थे- आंटी, हम भी यह झेल चुके हैं… पीछे मत हटना, हम आपके साथ हैं। ये पढ़कर मुझे नीडो की वह बात याद आई- मम्मी, मैं बड़ा होकर कुछ ऐसा करूंगा कि दुनिया याद रखेगी। उसने सच में कुछ बड़ा कर दिया था। पूरी दुनिया उसे जान गई थी। बस फर्क इतना था कि वह खुद इसे देखने के लिए जिंदा नहीं था। कुछ दिन बाद लंदन से बीबीसी की टीम आई। कैमरा मेरे सामने था, लेकिन मुझे सिर्फ अपने बेटे का चेहरा दिख रहा था। इस तरह नीडो के जाने के बाद मुझे रोने का वक्त नहीं मिला। मैं उसकी न्याय की लड़ाई में जुट गई। आंसू आते, पर हर बार उन्हें पोंछकर एक नई फाइल उठा लेती। दिल्ली की सड़कें, दफ्तरों के बाहर, कोर्ट के गलियारे- बस कागजों के साथ भटकती रही। सरकार ने वकील दिया, भरोसा भी दिलाया कि दोषियों को सजा मिलेगी। लेकिन हकीकत अलग थी- कार्यवाही धीमी, फाइलें खिसकती रहीं, तारीखें बढ़ती रहीं। हुआ कुछ नहीं। मैंने कई वकील बदले। इस तरह एक वकील जाता, दूसरा आता। करोड़ों रुपए खर्च कर दिए। आखिरकार मैंने निजी वकील किया। तब केस कुछ आगे खिसका। इस दौरान मामला सीबीआई तक पहुंचा। उम्मीद जगी, लेकिन वहां भी सवाल मेरे बेटे पर ही उठे- कहा गया कि उसके कागज नहीं है, उसका एससी का सर्टिफिकेट नहीं है। तभी सोच लिया- अगर बेटे को इंसाफ नहीं मिल रहा, तो कम से कम उसकी कहानी देश तक पहुंचे। मैंने सरकार को एक मांगपत्र दिया। उसमें मांग थी- दिल्ली के किसी व्यस्त रोड के किनारे नीडो की ऊंची मूर्ति बनाई जाए, जिस पर लिखा हो- उसे सिर्फ अलग दिखने की वजह से मार दिया गया। सिनेमा हॉल में फिल्मों से पहले चेतावनी दिखाई जाए- नॉर्थ-ईस्ट के लोग भी इसी देश के हैं। रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भी यह संदेश लिखा हो। स्कूल और विश्वविद्यालयों में हमारे कल्चर के बारे में पढ़ाया जाए। कल्चर एक्सचेंज प्रोग्राम चलें। लेकिन आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। खैर उधर, कोर्ट में पहली सुनवाई का दिन आया। कोर्टरूम खचाखच भरा था। विरोधी वकील खड़ा हुआ और बोला कि नीडो ड्रग्स लेता था। बहुत गुस्सैल था। यह सुनते ही मेरा खून खौल गया। खुद को रोक नहीं पाई। कटघरे से निकलकर वकील के पास पहुंची और गिरेबान पकड़ लिया। बोली- मेरे बेटे के बारे में ऐसा मत कहो। कोर्ट में हड़कंप मच गया। वकील मुस्कुराया और बोला- देखिए इन्हें… ऐसा ही इनका बेटा भी गुस्सैल था। तभी जज ने वकील को रोका और कहा- वो मां हैं, उनका गुस्सा स्वाभाविक है। फिर मेरी तरफ देखकर अगली सुनवाई में आने से मुझे रोक दिया। इसके बाद मामला खिंचता रहा- लंबा, थकाने वाला रहा। फिर एक दिन फैसला आया। कोर्टरूम में सन्नाटा था। जज ने दोषियों को 10 साल की सजा सुनाई। लोग कह रहे थे- न्याय मिला है। लेकिन मैं वहीं खड़ी सोच रही थी- क्या 10 साल एक जिंदगी के बराबर हो सकते हैं? 12 साल बाद मिला यह फैसला… मेरे लिए अब भी अधूरा है। मैं आज भी अपने बेटे के लिए लड़ रही हूं। मेरी मेज पर एक फाइल हमेशा रहती है- जिस पर लिखा है, बेजवाड़ा कमेटी। 2014 में सरकार ने इस मामले की जांच के लिए यह कमेटी बनाई थी। कमेटी ने अपनी पड़ताल के बाद सिफारिश की थी- नस्लवाद के खिलाफ सख्त कानून बने। नॉर्थ-ईस्ट के लिए पुलिस में अलग सेल हो। नॉर्थ-ईस्ट वालों के लिए हेल्पलाइन शुरू की जाए और लोगों को बताया जाए कि नॉर्थ-ईस्ट भी भारत का हिस्सा है। लेकिन ये सिफारिशें कागजों तक रह गईं। आज 12 साल हो गए, लेकिन नीडो कहीं गया नहीं है। वह किसी न किसी रात, मेरे सपनों में लौट आता है। मैं देखती हूं- वह खड़ा है, बिल्कुल वैसे ही, मासूम सा। सपने में कहता है- मम्मी, टिकट दिलवा दो, मुझे जाना है। मैं नींद में ही उसे रोकना चाहती हूं, कुछ पूछना चाहती हूं, लेकिन वह चला जाता है। जैसे वह पूछ रहा हो- मम्मी आप मेरे लिए कुछ कर क्यों नहीं रही हैं? नींद टूटती है और रात फिर से लंबी हो जाती है। आज भी उसके सारे सर्टिफिकेट मेरे पास हैं- आईडी कार्ड, एटीएम कार्ड, मार्कशीट्स सभी। कभी-कभी मैं उन्हें निकालकर देखती हूं और लगता है, जैसे वह अभी दरवाजे से अंदर आ जाएगा। अभी देहरादून से खबर आई- त्रिपुरा के एंजेल चकमा की हत्या कर दी गई। खबर पढ़ते ही नीडो की याद ताजा हो गई। लगा, जैसे वही सीन फिर सामने है- नीडो भीड़ के बीच चिल्ला रहा है- 'मैं भारतीय हूं…’ और भीड़… बस उसकी शक्ल देख रही है, कुछ सुन नहीं रही। एंजेल की मां के बारे में सोचती हूं- वह भी शायद कहीं बैठी रो रही होगी, बिल्कुल मेरी तरह। कई बार मन हुआ कि त्रिपुरा जाकर उससे मिलूं, लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाती। अब तो एंजेल भी सपनों में आने लगा है, जबकि मैंने उसे कभी देखा तक नहीं। नॉर्थ-ईस्ट के लोगों से बस इतना कहूंगी- मैं यहां तक लड़कर आ गई हूं, अब कोई और आगे बढ़े… वर्ना हमारे साथ यह सब यूं ही होता रहेगा। एंजेल की खबर के बाद मैंने सोशल मीडिया देखना छोड़ दिया है। हर तस्वीर में मुझे अपना नीडो दिखने लगता है। आज नीडो होता, तो 31 साल का होता। शायद उसकी शादी हो चुकी होती, घर में बच्चे खेल रहे होते। वह मेरे पास बैठकर कहता- मम्मी, चिंता मत करो, मैं हूं। लेकिन आंखों के सामने आज भी वही तस्वीर घूमती है- एयरपोर्ट, एक सफेद ताबूत… और उसमें मेरा बेटा। मैंने उसे अपने हाथों से रिसीव किया था, फिर अग्नि दी थी। ईटानगर में हमारे घरों और दफ्तरों में उत्तर भारत के लोग काम करते हैं। हम उन्हें मेहमान मानते हैं, सम्मान देते हैं। लेकिन दिल में एक सवाल अटका जाता है- हमारे साथ ऐसा क्यों नहीं किया जाता? अगर हम भी आपके लोगों के साथ नीडो जैसा सलूक करें तो फिर क्या होगा? हम चाहें तो एक फोन कॉल पर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों को इकट्ठा कर सकते हैं- नागालैंड, गुवाहाटी, सिक्कम… हर जगह से। फिर आपके साथ वही सुलूक होगा, जो हमारे साथ होता है। उन्होंने मेरे बेटे को मारकर हेलिकॉप्टर से भेजा, हम भी चाहें तो ट्रेनों की बोगियों को लाशों से भरकर भेज सकते हैं। तब मेनलैंड इंडिया वालों को समझ नहीं आएगा कि अचानक क्या हो गया। इसलिए नस्लवाद के खिलाफ सख्त कानून बने। इसे नहीं रोका गया, तो मेरी तरह जख्म खाया कोई और भी एक दिन खड़ा हो जाएगा। मैं ये बातें बोलना नहीं चाहती। लेकिन नीडो को याद में गुस्सा आ जाता है। हमारे बच्चे दिल्ली में फ्री में नहीं पढ़ने जाते। वे किराया देते हैं, फीस भरते हैं। हमारे यहां यूपीएससी की कोचिंग नहीं, इसलिए हम उन्हें बाहर भेजते हैं- पढ़ने के लिए, जीने के लिए… मरने के लिए नहीं। हमारी आंखें और चेहरा अलग हैं- इसे हमने नहीं, भगवान ने बनाया है। भगवान से पूछिए, उसने हमें अलग क्यों बनाया है। अगर आप चाहते हैं सब एक जैसे दिखें, तो सरकार से कहिए- सभी कपड़ा फैक्ट्रियां सिर्फ साड़ियां बनाएं, पूरे देश में सिर्फ गेहूं उगाया जाए। फिर सब एक जैसा पहनें, एक जैसा खाएं। तब शायद हम भी आपके जैसे दिखने लगें। लेकिन क्या सच में ऐसा संभव है, तब भी हमारा चेहरा नहीं बदलेगा? (मरीना नीडो ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) -------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी:सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता 18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-तीरंदाज बेटी मरी तो MBBS बेटे को खिलाड़ी बनाया:जब डॉक्टर बेटा भी नहीं रहा तो 55 की उम्र में बेटी पैदाकर बनाया तीरंदाज मेरी कहानी एक साधारण स्पोर्ट्स कोच की नहीं, उस पिता की है, जिसने अपने दोनों अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बच्चों को खो दिया… लेकिन खेल और सपने को मरने नहीं दिया। 2004 में नेशनल चैंपियन तीरंदाज बेटी वोल्गा एक सड़क हादसे में चली गई। अकादमी बंद हो गई। परिवार बिखरने लगा। उसके बाद बेटे लेनिन ने MBBS छोड़ धनुष उठा लिया- अपने लिए नहीं, मेरे और अपनी बहन के अधूरे सपने के लिए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 29 Mar 2026 5:41 am

1 अप्रैल से रूस किसी भी देश को नहीं बेचेगा पेट्रोल, इस वजह से लिया ये बड़ा फैसला!

रूस सरकार ने 1 अप्रैल से पेट्रोल (गैसोलीन) के निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। यह प्रतिबंध अस्थायी होगा, लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह 31 जुलाई तक यानी करीब चार महीने तक लागू रह सकता है।

देशबन्धु 28 Mar 2026 1:08 pm

नेपाल में बड़ा राजनीतिक भूचाल: पीएम बनने के घंटे भर में ओली गिरफ्तार

बालेंद्र शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के कुछ घंटे बाद ही बड़ी कार्रवाई की है

देशबन्धु 28 Mar 2026 9:30 am

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

व्हाइट हाउस ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच ईरान संकट को लेकर हुई बातचीत की तारीफ की। हालांकि, इस बात की पुष्टि नहीं की गई कि इस बातचीत में एलन मस्क भी शामिल थे या नहीं

देशबन्धु 28 Mar 2026 8:26 am

चीन को टक्कर देने के ल‍िए अमेरिका का दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका पर फोकस

चीन के बढ़ते आर्थिक और कूटनीतिक प्रभाव का सामना करते हुए, अमेरिकी अध‍िकार‍ियों ने सीनेटरों से कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अगले चरण को आकार देने में वॉशिंगटन की रणनीति के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया और अफ्रीका केंद्र बिंदु होंगे

देशबन्धु 28 Mar 2026 8:24 am

ट्रंप का दावा: ईरान पूरी तरह तबाह, अब बातचीत की बारी!

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान बहुत कमजोर हो चुका है और अब बातचीत चल रही है

देशबन्धु 28 Mar 2026 8:21 am

क्या मुख्तार अंसारी की मौत के पीछे 5 करोड़:2 साल बाद भी बैरक नंबर-16 सील; वकील बोले- हमारे पास जहर देने के सबूत

'मुझे बांदा जेल में जान का खतरा है। नसों में दर्द है, हाथ-पैर ठंडे पड़ गए हैं। स्टाफ मुझे खाने में स्लो पॉइजन दे रहा है। लग रहा है कि किसी भी पल मौत आ जाएगी।' माफिया और विधायक रहे मुख्तार अंसारी की यूपी की बाराबंकी सिविल कोर्ट में दाखिल ये आखिरी अर्जी थी। 21 मार्च, 2024 को अर्जी अदालत पहुंची और 28 मार्च को मुख्तार की मौत हो गई। उस वक्त वे बांदा जेल में बंद थे। मुख्तार को गुजरे 2 साल हो गए। परिवार अब भी केस लड़ रहा है। उनके वकील रणधीर सिंह सुमन दावा करते हैं कि जेल स्टाफ ने साजिश करके मुख्तार की जान ली। वे मौत से पहले की फोटो, कोर्ट में दिए बयान और दस्तावेज का हवाला देते हैं। मजिस्ट्रियल जांच को फर्जी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। 172 दिन चली जांच में मुख्तार की मौत की वजह हार्ट अटैक को बताया गया। कानूनी प्रक्रिया की वजह से जेल में मुख्तार के कपड़ों से लेकर बैरक तक, सब सील है। उनके बड़े भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी भी मौत को सरकार और जेल प्रशासन की मिलीभगत मानते हैं। पॉइंट 1: मुख्तार की मौत नेचुरल डेथ या प्लांड मर्डरमुख्तार की मौत के अगले दिन 29 मार्च, 2024 को यूपी सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम में बांदा की DM दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी अंकुर अग्रवाल शामिल थे। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरिमा सिंह इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बनाई गईं। टीम ने 5 महीने जांच की। 16 सितंबर, 2024 को आई रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्तार की मौत हार्ट अटैक यानी Myocardial Infarction से हुई। जांच रिपोर्ट से 3 बातें साफ हुईं…1. जेल के खाने में जहर नहीं था। बैरक नंबर-16 में मिले गुड़, चने और नमक के सैंपल में जहर के सबूत नहीं मिले। 2. जेल मैनुअल के मुताबिक कैदियों को खाना देने से पहले स्टाफ और रसोइए उसे चखते हैं।3. मौत वाले दिन और उससे 2-3 दिन पहले तक जेल में जिन लोगों ने खाना खाया, उनमें से किसी की भी तबीयत खराब नहीं हुई थी। मुख्तार पक्ष का काउंटर: वकील रणधीर सुमन इन दावों को काउंटर करने के लिए 2 तर्क देते हैं। पहला: मौत के 2 हफ्ते पहले से मुख्तार की तबीयत खराब थी। 20 मार्च को पेशी थी। तब उसने पहली बार कहा कि 19 मार्च की रात उसे खाने में जहर दिया गया।दूसरा: मुख्तार ने मौत से 7 दिन पहले 21 मार्च को बाराबंकी सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि उसे 40 दिन पहले खाने में स्लो पॉइजन दिया गया। ये खाना बांदा जेल स्टाफ बनाता था। स्टाफ ने भी खाना खाया था, जिसके बाद कई कर्मचारियों और मुख्तार की तबीयत बिगड़ गई थी। पॉइंट 2: मौत से पहले जेल में मुख्तार की सुरक्षामजिस्ट्रियल जांच के मुताबिक, जेल का हर CCTV फुटेज खंगाला गया। रिपोर्ट में मिनट-दर-मिनट का ब्यौरा है कि 28 मार्च, 2024 की शाम मुख्तार बैरक में बेहोश हुआ। जेल प्रशासन ने गोल्डन आवर, यानी जेल से अस्पताल ले जाने तक के वक्त में कोई देरी नहीं की। मुख्तार पक्ष का काउंटर16 अगस्त, 2021 को मुख्तार ने बाराबंकी की MP/MLA कोर्ट में बताया था कि बांदा जेल में उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। अधिकारी और संदिग्ध लोग CCTV कैमरों का मुंह मोड़कर अंदर आते हैं। कुछ कैदियों को मेरी हत्या के बदले 5 करोड़ रुपए और सभी मुकदमों से रिहाई दिलाने की बात कही गई थी। पॉइंट 3: बैरक नंबर-16 में मुख्तार की मेडिकल कंडीशनजांच टीम के मुताबिक, मजिस्ट्रियल जांच सिर्फ डॉक्टरों के मेडिकल रिपोर्ट पर आधारित नहीं थी, बल्कि इसमें मुख्तार के साथ बंद कैदियों समेत 100 से ज्यादा लोगों के बयान और विसरा की लैब रिपोर्ट शामिल है। मुख्तार के हार्ट की मसल्स में येलो स्पॉट और ब्लॉकेज मिला। ये सबूत है कि मौत अचानक नहीं हुई, बल्कि पुरानी बीमारी बढ़ने से हुई। मुख्तार पक्ष का काउंटर मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में कहा था कि पिता की डेडबॉडी पर चोट के निशान थे। नाक-कान से निकला खून साफ दिख रहा था। आंखें सूजी हुई और पेट गुब्बारे जैसा फूला था। इसलिए मौत हार्ट अटैक से हुई नहीं लगती। भाई अफजाल बोले- मौत का सच सामने लाएंगेगाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी सवाल उठाते हुए कहते हैं, ‘मुख्तार की मौत से पहले उनसे फोन पर बात हुई थी। उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही थी। वो सिर्फ इतना कह रहे थे कि जेल में जहर दिया गया है, जिससे शरीर टूटता जा रहा है।’ वकील बोले- मजिस्ट्रियल जांच खानापूर्ति, केस फिर खुलेगाएडवोकेट रणधीर कहते हैं, ‘मौत से करीब 10 दिन पहले मुख्तार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए थे। उसने जेल में स्लो पॉइजन देने का आरोप लगाया था। मैंने 19 मार्च को उनकी सुरक्षा के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन दी, लेकिन आदेश के बावजूद जेल स्टाफ और प्रशासन की लापरवाही जारी रही।’ नेचुरल डेथ के दावे पर वे कहते हैं, 'उत्तर प्रदेश में कस्टोडियल डेथ पर जितनी भी मजिस्ट्रियल जांच होती हैं, वे खानापूर्ति हैं। मुख्तार जिंदा थे, तब उन्हें परेशान करने के लिए दिन में चार से पांच बार बैरक की चेकिंग होती थी। जांच के बहाने खाना और पर्सनल सामान बाहर फेंक दिया जाता था। रात में 1 बजे भी जांच होती थी। ये शारीरिक शोषण जैसा ही था।' एडवोकेट रणधीर मुख्तार की मौत का जिम्मेदार बांदा के तत्कालीन जेल सुपरिटेंडेंट विरेश राज शर्मा और जेल स्टाफ को मानते हैं। वे कहते हैं कि विरेश राज ने कोर्ट में मौत को लेकर जिरह के वक्त हर सवाल का गोलमोल जवाब दिया। इससे साबित होता है कि वे सच छिपा रहे थे। हमने बांदा जेल सुपरिटेंडेंट रहे विरेश राज से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि केस अभी सुप्रीम कोर्ट की प्रोसेस में है, इसलिए कुछ बोलना सही नहीं। इसके बाद हमने मौजूदा सुपरिटेंडेंट आलोक कुमार से बात की। आलोक कहते हैं, ‘जांच के लिए बैरक नंबर-16, मुख्तार के कपड़े, किताबें और पर्सनल सामान सील रखा गया है। हमने उनका पर्सनल सामान परिवार को हैंडओवर करने के लिए कहा था, लेकिन कोई लेने नहीं आया है। दो साल बाद भी बैरक उसी कंडीशन में है। ये प्रोटोकल केस की इन्वेस्टिगेशन का हिस्सा है।’ क्रिमिनल लॉयर बोले- जहर देने और सुपारी के दावे कमजोरमुख्तार के वकील रणधीर के दावों की पड़ताल के लिए हमने सुप्रीम कोर्ट के क्रिमिनल लॉयर शाश्वत आनंद से बात की। 1. क्या मुख्तार को खाने में जहर दिया गया होगा?जवाब: मुख्तार के वकील कोर्ट में उनकी एप्लिकेशन दिखा रहे हैं। ये देखना जरूरी है कि मुख्तार की अर्जी पर क्या एक्शन लिया गया। जहर देने की शिकायत से लेकर मौत के बीच 9 दिन का समय था। ये बड़ा अंतर है। इस दरमियान उनके वकील जेल प्रशासन से 'स्टमक फूड पंपिंग' की रिक्वेस्ट करते तो मुख्तार की बॉडी से खराब खाना निकालकर उसे चेक किया सकता था कि उन्होंने कौन सा जहर दिया गया है। मौत के बाद उनकी कोर्ट एप्लीकेशन दिखाने का कोई मतलब नहीं दिखता। 2. मुख्तार को मारने के लिए जेल में सुपारी दी गईजवाब: सिर्फ ये कह देना, बड़ा कमजोर पक्ष है कि जेल में हत्या की सुपारी दी जा रही या बैरक में कोई आ-जा रहा है। क्या उनके वकीलों के पास कोई सबूत हैं। मुख्तार हाई सिक्योरिटी बैरक में थे। इसकी निगरानी जेल के साथ-साथ पुलिस हेडक्वार्टर तक होती है। लिहाजा उन्हें सुपारी देकर जेल में मार देना कम मुमकिन लगता है। 3. मुख्तार के शरीर पर चोट के निशानजवाब: अगर डेडबॉडी पर चोट के निशान या कुछ दिख रहा था, तो हाईकोर्ट में दूसरे पोस्टमॉर्टम की अपील करनी चाहिए थी। हाईकोर्ट दूसरे राज्य के डॉक्टर और पुलिस से पोस्टमॉर्टम करवा सकता था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। अब भी अगर परिवार या वकील के पास डेडबॉडी पर चोट की फोटो है, तो इसे आधार बनाकर हाईकोर्ट में नई पिटीशन डाल सकते हैं। हालांकि सवाल अब भी उठेंगे कि अगर पहले से सबूत थे, तो अब तक कुछ क्यों नहीं किया। पूर्व IPS अधिकारी बोले- मुख्तार का चैप्टर खत्म, मौत बीमारी से हुईयूपी के पूर्व IPS अधिकारी राजेश कुमार पांडे ने 2016 में मुख्तार पर पत्रकार को पीटने का केस दर्ज कराया था। वे मुख्तार गैंग के खिलाफ चले ऑपरेशन में शामिल रहे हैं। राजेश कहते हैं, ‘ये केस पूरी तरह खुल चुका है। जहर देने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। मुख्तार के भाई अफजाल जहर देने की बात कई बार कह चुके हैं, लेकिन सच यही है कि मुख्तार की मौत बीमारी की वजह से हुई।’ हालांकि, 1972 बैच के रिटायर्ड IPS अधिकारी एसआर दारापुरी राजेश पांडे की बात पर सहमति नहीं जताते। वे कहते हैं, ‘अगर कोई कैदी मौत के कुछ दिन पहले हत्या होने की आशंका जताता है और हफ्ते भर बाद उसकी मौत हो जाती है, तो इससे साबित होता है कि कुछ गड़बड़ है। सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच करवाई, वो बेमतलब थी।‘ दारापुरी आगे कहते हैं कि अमूमन देखा गया है कि मजिस्ट्रेट राज्य सरकार के दबाव में काम करते हैं। सबको पता है कि योगी सरकार का रुख मुख्तार को लेकर कैसा था। जांच किसी इंडिपेंडेंट जांच एजेंसी को देनी चाहिए थी। ……………. ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर-2 में अतीक अहमद की कहानी सच या प्रोपेगैंडा इलाहाबाद का चकिया। सफेद कुर्ता, सिर पर साफा पहने, चेहरे पर मुस्कान लिए एक माफिया। फिल्म धुरंधर-2 शुरुआती सीन से ही आपको सीधे यूपी के माफिया और सांसद रहे अतीक अहमद के दौर में ले जाएगी। फिल्म में भले ही डिस्क्लेमर है, लेकिन आतिफ का किरदार हूबहू अतीक अहमद से मिल रहा है। ये कहानी सच है या प्रोपेगैंडा, पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 28 Mar 2026 5:05 am

ईरान का अल्टीमेटम: अमेरिकी सैनिकों को ठहराने वाले होटल बने निशाने पर

इजरायल और अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के होटल मालिकों को एक 'अल्टीमेटम' जारी किया है

देशबन्धु 27 Mar 2026 8:23 am

अमेरिका ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को और गहरा करने पर दिया जोर, रिश्ते को 'जटिल' बताया

अमेरिका के वरिष्ठ विधायकों और अधिकारियों ने पाकिस्तान के साथ अधिक गहरे और परिणाम-उन्मुख संबंधों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है और इस रिश्ते को “जटिल” बताया है

देशबन्धु 27 Mar 2026 8:21 am

मध्य पूर्व संकट से इंडो-पैसिफिक रणनीति पर असर

खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष अमेरिका की इंडो-पैसिफिक (हिंद-प्रशांत) रणनीति को कमजोर कर सकता है

देशबन्धु 27 Mar 2026 8:19 am

अमेरिकी सांसदों की चेतावनी: अंतरिक्ष बना नया युद्धक्षेत्र

अमेरिकी सांसदों और सैन्य कमांडरों ने चेतावनी दी कि चीन, रूस और अन्य विरोधियों से बढ़ते खतरे रणनीतिक परिदृश्य को तेजी से बदल रहे हैं

देशबन्धु 27 Mar 2026 8:15 am

ट्रेन की ‘तत्काल टिकट’ चुराने वाली गैंग में 5वीं फेल:CBI ने जिसे सरगना बताया वो बेल पर छूटा; IIT–IIM वाले अफसर नहीं तोड़ पाए नेक्सस

अवैध सॉफ्टवेयर्स से ट्रेनों के तत्काल टिकट बुक हो रहे हैं। एक आम यात्री जितनी देर में IRCTC ऐप पर डिटेल भर पाता है, उससे भी कम वक्त में ये सॉफ्टवेयर टिकट बुक कर देते हैं। 25 से 30 सेकंड्स में एक टिकट बुक हो जाती है। फिर इन टिकट्स को 300 से 500 रुपए तक का कमीशन लेकर बेचा जाता है। फेस्टिवल टाइम में कमीशन चार गुना तक हो जाता है। इस नेक्सस को चलाने वाले सरगना 5वीं फेल हैं, वहीं जिन अफसरों पर धांधली रोकने जिम्मा है, वे IIT–IIM जैसे संस्थानों से पढ़े हैं, लेकिन गड़बड़ी को बंद नहीं करवा पा रहे। हर 2–3 महीने में नई पहचान: ऐसे बदलते हैं वेबसाइट, सॉफ्टवेयर और बैंक अकाउंट कभी नेक्सस में शामिल रहे एजेंट ने बताया कि, गिरोह का सरगना हर दो से तीन महीने में वेबसाइट, सॉफ्टवेयर के नाम, बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर तक बदल देता है, ताकि किसी भी तरह की ट्रैकिंग से बचा जा सके। इस्तेमाल किए जाने वाले नंबर पूरी तरह फर्जी होते हैं, जबकि पैसों के लेन-देन के लिए म्यूल अकाउंट्स यानी लालच देकर या फर्जी तरीके से बनाए गए खातों का इस्तेमाल किया जाता है। फिलहाल ‘टेस्ला’, ‘गदर’, ‘स्टारलिंक’, ‘स्पेसएक्स’, ‘सुपरमैन’, ‘बीएमडब्ल्यू’ और ‘थंडर’ जैसे नामों से सॉफ्टवेयर बेचे जा रहे हैं, जिन्हें सुपर मास्टर से लेकर यूजर तक अलग-अलग स्तर के एजेंट्स को दिया जाता है, जो टिकट बुकिंग का काम संभालते हैं। पूरा नेटवर्क वॉट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए संचालित होता है, जहां सॉफ्टवेयर से जुड़ी हर जानकारी और अपडेट मैसेज के जरिए साझा किए जाते हैं। अवैध टिकट खेल के 5 किरदार: ऑपरेटर से लेकर CBI तक, ऐसे चलता है पूरा नेटवर्क ऑपरेटर : यही अवैध सॉफ्टवेयर चलाते हैं। डेवलपर और ट्रैवल एजेंट्स के बीच की कड़ी हैं। एजेंटों को अवैध सॉफ्टवेयर का लॉग-इन आईडी और पासवर्ड देते हैं। इससे एजेंट Tatkal टिकट खुलते ही तेजी से टिकट बुक कर पाते हैं। टिकट एजेंट : अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके टिकट बुक करते हैं। इसके जरिए IRCTC वेबसाइट को ऑटोमेटिक एक्सेस करना, Captcha bypass करना और Tatkal टिकट सेकंडों में बुक करते हैं। कमीशन वसूलते हैं। CRIS : अवैध सॉफ्टवेयर से बुकिंग रोकने में सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम यानी CRIS की तकनीकी भूमिका है। रेलवे के आईटी सिस्टम को डेवलप करने, सर्वर लॉग और ट्रैफिक पैटर्न की निगरानी कर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, ऐसे IP एड्रेस और यूजर अकाउंट को ब्लॉक करना, CAPTCHA, OTP जैसी सिक्योरिटी पुख्ता करने का जिम्मा। RPF : रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स यानी (RPF) पर टिकट दलालों, एजेंट नेटवर्क और अवैध बुकिंग गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई करना, छापे मारना और जांच करने का जिम्मा है। CBI : इस धांधली से जुड़े तीन केस की जांच कर चुकी है, लेकिन अभी तक क्राइम को बंद नहीं करवा सकी। गिरोह के सरगनाओं को पकड़कर सलाखों के पीछे डालने की जिम्मेदारी है। CBI ने सलमान–शमशेर को नेक्सस का किंगपिन बताया CBI पिछले 14 साल से इसकी जांच कर रही है। 2012 में पहली FIR दर्ज की थी। तब चौथीं पढ़े सलमान, अहमदाबाद के आईटी प्रोफेशनल कुलवीर सिंह, सतीश तिवारी और सीताराम निषाद को अरेस्ट किया था। एजेंसी ने चार्जशीट में यूपी के सलमान अहमद खान और शमशेर आलम को अवैध सॉफ्टवेयर से टिकट बुकिंग का किंगपिन बताया है। सलमान को 2018 और शमशेर को 2023 में भी पकड़ा गया, इससे साबित होता है कि दोनों अब भी नेक्सस चला रहे हैं। अलग–अलग मामलों में CBI अब तक चार बार केस दर्ज कर चुकी है, लेकिन न नेक्सस बंद हुआ, न कोई केस अंजाम तक पहुंचा। पहला केस : 2012 में पहली बार नाम सामने आया, लेकिन नेटवर्क नहीं टूटा 20 फरवरी 2012 को CBI और रेलवे विजिलेंस ने संयुक्त छापे में पहली बार इस धांधली को पकड़ा था। तब मेहताब अहमद खान, पी नागाकुमार, महबूब मलिक, संतराम यादव, सलमान अहमद खान और कुलबीर सिंह छाबड़ा को गिरफ्तार किया था। मौजूदा स्टेट्स : कोर्ट ने सभी को दोषी पाया था, लेकिन इन पर IPS की धारा 120B – आपराधिक साजिश और रेलवे एक्ट 143 लगाया गया। इसलिए कोर्ट ने महज 6 महीने कैद और जुर्माने की सजा दी। दूसरा केस : सॉफ्टवेयर माफिया के ‘सरगना’ बेनकाब, लेकिन मामला अभी ट्रायल में 2014–15 में केस रजिस्टर्ड किया। इस केस की चार्जशीट में सीबीआई ने लिखा कि, ‘सलमान सलीम खान मुख्य व्यक्ति है, जो शमशेर आलम के साथ मिलकर पूरे गिरोह को नियंत्रित करता है। दोनों को अवैध Tatkal रेलवे टिकट बुकिंग सॉफ्टवेयर बेचने के कारोबार के शीर्ष सरगना के रूप में पहचाना गया है।’ ‘सलमान सलीम खान अवैध सॉफ्टवेयर कारोबार में टेक्निकल काम भी संभालता था, जैसे कि इंटरनेट डोमेन पर एप्लिकेशन को होस्ट करना, बिक्री और सेवा से संबंधित डिस्ट्रीब्यूटर्स और एजेंटों के साथ कोर्डिनेट करना’ सीबीआई ने शब्बीर खोजा, शेख सलीम, नवनीत प्रजापति, टी स्टालिन, मोहम्मद हामिद, नौमान सलीम खान, रईस अहमद अकबर, सलमान सलीम खान और शमशेर आलम को आरोपी बनाया है। मौजूदा स्टेट्स : यह केस अभी ट्रायल के बीच में है। सबूत पेश और रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। केस की पहली सुनवाई 28 फरवरी 2017 को हुई थी। अगली सुनवाई 28 मार्च को है। सभी आरोपी बेल पर बाहर हैं। तीसरा केस : CBI का ही प्रोग्रामर बना मास्टरमाइंड, बिटकॉइन-हवाला से चलता था करोड़ों का खेल 25 दिसंबर 2017 को CBI ने अपने ही प्रोग्रामर अजय गर्ग के खिलाफ FIR दर्ज की। आरोप है कि उसने WinZip, Neo, Reget जैसे अवैध सॉफ्टवेयर बनाए, जो IRCTC के तत्काल टिकट सिस्टम को बायपास कर सकता था। इस सॉफ्टवेयर की मदद से एजेंट तेजी से बड़ी संख्या में टिकट बुक कर लेते थे, जिससे आम यात्रियों को टिकट नहीं मिल पाते थे। जांच में सामने आया कि अजय गर्ग ने अनिल गुप्ता और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यह सॉफ्टवेयर देशभर में एजेंटों को बेचा। इसके बदले पैसे Bitcoin, हवाला और नकद के जरिए लिए जाते थे। छापों में करीब 89 लाख रुपए कैश और 61 लाख रुपए के जेवर बरामद हुए। मौजूदा स्टेट्स : इस केस में CBI ने 2021 में चार्जशीट दाखिल की थी। लेकिन प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 हटाया था, कोर्ट ने इस पर असहमति जताई। सीबीआई को फिर जांच के आदेश दिए। अभी आरोपों पर बहस चल रही है। गर्ग बेल पर बाहर है। चौथा केस : 18 FIR, लेकिन जांच सिर्फ 2 मामलों में हुई 2020 में RPF में दर्ज 18 FIR को आगे बढ़ाने के लिए RPF के DG की तरफ से CBI जांच की मांग की गई। आरोपियों में सिराज अहमद खान, शमशेर आलम, किफायत आलम, जितेंद्र शर्मा उर्फ गोरा जीतू खोदारे, राजेश यादव, रामकुमार यादव और ऋषभ जैन के नाम शामिल थे। मौजूदा स्टेट्स : 18 में से सिर्फ 2 एफआईआर की जांच हुई। बाकी केस की पड़ताल नहीं हुई। जबकि, खुद सीबीआई डायरेक्टर ने फाइल जांच के लिए आगे बढ़ाई है। 5400 एजेंट्स, करोड़ों का खेल- 1 लाख रुपए के 80 ई-टिकट बरामद हुए मई 2018 में रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF और सेंट्रल रेलवे की विजिलेंस टीम ने मुंबई में सलमान खान को गिरफ्तार किया था। 2 मई 2018 को जोगेश्वरी इलाके में छापेमारी के दौरान उसे लैपटॉप के साथ पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि वह ‘Counter V2’ नाम के अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए देशभर में लगभग 5,400 एजेंटों का नेटवर्क चलाता था, जिससे एजेंट कुछ सेकंड में Tatkal टिकट बुक कर लेते थे। कार्रवाई के दौरान उसके सिस्टम से करीब 1 लाख रुपए के 80 ई-टिकट बरामद हुए और बाद में सर्वर की जांच में 6,600 से ज्यादा PNR करीब 1.47 करोड़ कीमत के टिकटों का डेटा मिला। इस मामले में RPF, बायकुला ने रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत केस दर्ज किया था। 15 अप्रैल 2023 को RPF ने शमशेर आलम को तमिलनाडु के तिरुवन्नामलाई से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार शमशेर ने IRCTC की Tatkal टिकट बुकिंग को बायपास करने के लिए ‘Fusion’ सहित कई अवैध सॉफ्टवेयर तैयार किए थे और इन्हें देशभर के प्राइवेट टिकट एजेंटों को किराये पर देता था। बताया गया कि वह पिछले लगभग 10 वर्षों से मुंबई के टिटवाला इलाके से नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था और उसके सॉफ्टवेयर के जरिए एजेंट सेकंडों में टिकट बुक कर लेते थे। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए करीब 50 करोड़ रुपए तक का अवैध कारोबार हुआ। पूछताछ में सामने आया कि वह पहले ‘Sharp’, ‘Tez’, ‘Nexus++’ और ‘Fusion’ जैसे सॉफ्टवेयर मंथली रेंट पर देता था और बाद में साथियों के साथ मिलकर नेटवर्क को देशभर में फैलाया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। फिलहाल बेल पर बाहर है। पैसा कैसे कमाते हैं इन 5 अधिकारियों पर धांधली रोकने की जिम्मेदारी ‘सिक्योरिटी फीचर जुड़ते ही तोड़ भी निकल जाता है’ जांच करने वाले सीनियर अफसर ने बताया कि, ‘जांच में सामने आया था कि, ईस्टर्न यूपी में बैठकर आरोपी अवैध सॉफ्टवेयर से टिकट बुकिंग का रैकेट पूरे देश में चला रहे हैं। इनके सॉफ्टवेयर में डाटा पहले से फीड होता है। सेकंड्स में टिकट बुक हो जाते हैं।’ ‘पूरा रैकेट अभी भी एक्टिव है, क्योंकि सब बेल पर बाहर हैं। IRCTC की तरफ से जो भी सिक्योरिटी फीचर जोड़े जाते हैं, ये लोग तुरंत उसका तोड़ निकाल लेते हैं, इसलिए अब आरपीएफ को इन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। जिन लोगों के नाम चार्जशीट में हैं, वही रैकेट चला रहे हैं।’ IRCTC, CBI को सवाल भेजे – भास्कर ने इस मामले में IRCTC और CBI का पक्ष जानने के लिए उन्हें सवाल भेजे हैं। अभी तक जवाब नहीं आया है। रिप्लाई आते ही खबर में अपडेट किया जाएगा। …………………………………….. आप ये इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट भी पढ़ सकते हैं वंदेभारत-तेजस ट्रेनों में बदबूदार लंच-डिनर:शिकायत पर पिट रहे यात्री; एडवांस पेमेंट के बाद भी घटिया खाना क्यों, पर्दाफाश तारीख : 1 जनवरी क्या हुआ : भुवनेश्वर-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस के यात्री ने वीडियो शेयर कर कहा कि, परोसा गया खाना ‘इंसानों के खाने लायक नहीं’ है, इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा है। तारीख : 23 जनवरी क्या हुआ : कामाख्या-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को अधपके चावल, कड़क रोटियां और बेहद कम मात्रा में खाना परोसा गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।

दैनिक भास्कर 27 Mar 2026 4:56 am

ईरान में सैन्य संघर्ष का असर: 1,500 से ज्यादा की मौत, 32 लाख हुए बेघर

अमेरिका और इजरायल की एयर स्ट्राइक से शुरू हुए संघर्ष में ईरान में 1,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं

देशबन्धु 27 Mar 2026 2:03 am

ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान का पांच-सूत्रीय जवाब, जानें क्‍या हैं शर्तें

दुनिया होर्मुज स्‍ट्रेट के आंशिक बंद होने से पैदा हुए ऊर्जा संकट से जूझ रही है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने गुरुवार को चेतावनी दी कि तेहरान के पास किसी समझौते को लेकर 'गंभीर होने' का समय अब ​​खत्म होता जा रहा है

देशबन्धु 26 Mar 2026 11:23 pm

होर्मुज ब्लॉकेड के इंचार्ज ईरानी कमांडर तंगसीरी की इजरायली हमले में मौत, बंदर अब्बास पर भीषण स्ट्राइक

अलीरेजा तंगसीरी IRGC की नौसैनिक शाखा के प्रमुख थे और उन्हें ईरान की आक्रामक समुद्री रणनीति का मुख्य सूत्रधार माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, वे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर निगरानी और नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

देशबन्धु 26 Mar 2026 3:17 pm

ईरान का बड़ा ऐलान: भारत समेत 5 देशों को होर्मुज जलमार्ग से छूट

पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ईरान ने ऐलान किया है कि वह भारत समेत पांच मित्र देशों से संबंधित जहाजों पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा

देशबन्धु 26 Mar 2026 9:50 am

ट्रंप का दावा: मिडटर्म चुनाव में ‘ऐतिहासिक जीत’ तय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगामी मिडटर्म चुनावों को लेकर बड़ा दावा करते हुए रिपब्लिकन पार्टी की ऐतिहासिक जीत का भरोसा जताया

देशबन्धु 26 Mar 2026 9:40 am

ईरान युद्ध अपने लक्ष्यों के करीब, बातचीत जारी : अमेरिका

व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “निर्धारित समय से आगे” चल रहे हैं और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुँच रहे हैं

देशबन्धु 26 Mar 2026 8:32 am

जब मेलानिया ट्रंप से रोबोट बोला, व्हाइट हाउस में मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद

व्हाइट हाउस में सबसे ज्यादा ध्यान किसी अतिथि नेता, हस्ती, खेल सितारे या वरिष्ठ अधिकारी ने नहीं, बल्कि एक रोबोट ने खींचा

देशबन्धु 26 Mar 2026 8:30 am

ईरानी द्वीप पर कब्ज़ा करने की तैयारी कर रहे हैं दुश्मन : स्पीकर

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर ग़ालिबाफ ने कहा है कि कुछ सूचनाएं यह संकेत देती हैं कि “दुश्मन” एक क्षेत्रीय देश के समर्थन से ईरान के एक द्वीप पर कब्ज़ा करने के लिए अभियान की तैयारी कर रहे हैं

देशबन्धु 26 Mar 2026 8:26 am

नेपाल जेनजी आंदोलन : केपी शर्मा ओली सहित तीन शीर्ष अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमे की सिफारिश

नेपाल में पिछले वर्ष हुए जेनजी आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं की जांच के लिए गठित एक उच्च-स्तरीय जांच आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख चंद्र कुबेर खापुंग के खिलाफ आपराधिक जांच और मुकदमा चलाने की सिफारिश की है

देशबन्धु 26 Mar 2026 7:00 am

बांग्लादेश: फरवरी चुनाव में गड़बड़ी के आरोप, जमात ने कानूनी रास्ता अपनाया

बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने 12 फरवरी को हुए राष्ट्रीय चुनावों में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है

देशबन्धु 26 Mar 2026 6:40 am

बंगाल में ‘चुनावी’ रामनवमी, हिंदुओं की हत्या मुद्दा:BJP-हिंदू संगठन 5 दिन जुलूस निकालेंगे, TMC भी तैयार, बोली- राम सबके

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में रामनवमी की तैयारियां चल रही हैं। रामनवमी 27 मार्च को है, लेकिन यहां 5 दिन तक कार्यक्रम होंगे। BJP का प्लान है कि इस दौरान हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाए। इसमें बांग्लादेश में दीपू दास, मुर्शिदाबाद में हरिगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन की हत्या भी शामिल है। TMC भी कार्यक्रम करेगी। पार्टी हुगली में ‘अस्त्रहीन संकीर्तन रैली’ निकालेगी। उसका कहना है कि जयश्री राम कहने से राम सिर्फ BJP के नहीं हो जाते। रामनवमी की तैयारियां पूरे बंगाल में हो रही हैं, लेकिन आसनसोल का जिक्र इसलिए क्योंकि यहां 2018 में रामनवमी पर हिंसा भड़की थी। रानीगंज और आसनसोल के बाजारों में 100 से ज्यादा दुकानें और घर जला दिए गए थे। तीन मौतें हुईं और कर्फ्यू लगाना पड़ा। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग होनी है। रामनवमी BJP और TMC दोनों के लिए बड़ी परीक्षा है। अनुमान है कि राज्य में करीब 20 हजार शोभा यात्राएं और जुलूस निकाले जाएंगे। पहले हिंदू संगठनों की तैयारी…पश्चिम बंगाल में हिंदू संगठन रामनवमी पर 12 साल से रैलियां निकाल रहे हैं। इनमें RSS, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग शामिल होते हैं। अब इनमें पॉलिटिकल पार्टियां भी शामिल होने लगी हैं। हालांकि जुलूसों में पार्टी का झंडा नहीं होता। रामनवमी पर ज्यादातर कार्यक्रम हिंदी भाषी इलाकों में होते हैं। इसमें आसनसोल भी है। हमने आसनसोल साउथ की विधायक और BJP की वाइस प्रेसिडेंट अग्निमित्रा पाल से तैयारियों के बारे में पूछा। वे कहती हैं, ‘इस बार बर्नपुर, चित्रा मोड़, राधानगर, बल्लावपुर, मोशिला, काली पहाड़ी और एगरा में रैलियां निकालेंगे। इनमें 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल होंगे।’ रैलियों पर चुनाव का असर भी होगा? अग्निमित्रा कहती हैं, ’चुनाव की तो नहीं, लेकिन लोगों पर हो रहे अत्याचार पर बात होगी। बांग्लादेश से लेकर बंगाल तक हिंदुओं को मार दिया जाता है, लेकिन सरकार कुछ नहीं करती।’ हथियारों के प्रदर्शन पर रोक, BJP नेता बोले- हथियार लेकर जाएंगे हम पुरुलिया पहुंचे। यहां करीब 82% आबादी हिंदू है। यहां की रघुनाथपुर सीट BJP के पास है। रामनवमी की तैयारियों पर BJP के संयोजक शांतनु चटर्जी बताते हैं, ‘2005 से यहां रामनवमी का जुलूस निकल रहा है। इसमें पार्टियों के लोग शामिल होते हैं, लेकिन लीड BJP करती है। हमने जुलूस के लिए पुलिस को बता दिया है। हमारा अखाड़ा रजिस्टर्ड है, इसलिए जुलूस तो निकालेंगे।‘ रैली के खर्च पर वे कहते हैं, ‘हमने घरों से चंदा लिया है। इस बार तैयारियों में काफी खर्च हुआ है।‘ शांतनु थोड़े गुस्से में कहते हैं, हमें हथियार की परमिशन नहीं मिल रही है। हमारे सभी देवी-देवता हथियार लिए हुए हैं, इसलिए हम लोग हथियार के साथ रैली निकालेंगे। 5 से 6 घंटे का कार्यक्रम होगा। करीब 10 हजार लोग शामिल होंगे। दरअसल, पिछले साल कलकत्ता हाईकोर्ट ने रामनवमी में जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तामलुक में निकले जुलूस में लोग हथियार लहराते देखे गए थे। इसमें BJP नेता दिलीप घोष भी मौजूद थे। इस बार भी हाईकोर्ट ने हावड़ा में राम नवमी जुलूस की अनुमति देते हुए हथियारों पर प्रतिबंध लगाया है। अंजनी पुत्र सेना नाम के संगठन ने कोर्ट में याचिका लगाई थी कि पुलिस जुलूस निकालने की परमिशन नहीं दे रही है। कोर्ट ने संगठन को 26 मार्च को सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच जुलूस निकालने की परमिशन दे दी। रामनवमी से पहले पुलिस ने सभी समितियों के साथ मीटिंग की हैं। पुलिस के एक अधिकारी बताते हैं कि हमने कहा है कि समितियां शांति से रैलियां निकालें। अगर कोई कानून तोड़ेगा, तो कार्रवाई की जाएगी। मालदा में 52 संगठन मिलकर रैली निकालेंगेहम नॉर्थ बंगाल के मालदा जिले पहुंचे। यहां 10 साल से रामनवमी पर प्रोग्राम हो रहे हैं। मालदा में BJP की वाइस प्रेसिडेंट तंद्रा राय चौधरी बताती हैं, ‘पिछले साल 12 जगह छोटी-बड़ी रैलियां निकाली गई थीं। सिर्फ इंग्लिश बाजार में करीब 6 हजार लोग जुटे थे। इस बार इससे भी ज्यादा आएंगे।‘ ‘रामनवमी के लिए हमने दो बार मीटिंग की है। इसमें 52 संगठन शामिल हुए। साफ है कि इस बार ज्यादा भीड़ जुटेगी। 5 किमी लंबी रैली होगी। पहले थाने में लेटर देना पड़ता था, अब सारा प्रोसेस ऑनलाइन हो चुका है। रैली का रूट, लोगों की संख्या और लाउडस्पीकर की जानकारी सब ऑनलाइन दी जाती है।‘ परमिशन के बारे में हिंदू जागरण मंच के स्टेट प्रेसिडेंट अमित सरकार कहते हैं, ‘हमें रामनवमी के लिए परमिशन नहीं लेनी पड़ती, सिर्फ जानकारी देनी होती है। 2024-2025 में कलकत्ता हाईकोर्ट ने सशर्त परमिशन दी है। इस बार बिना डीजे और हथियार के रैली निकाली जाएगी।‘ नॉर्थ बंगाल के 8 जिलों में 150 से ज्यादा जुलूस निकलेंगेसिलीगुड़ी में 92% आबादी हिंदू है। श्रीरामनवमी जिला समिति के सचिव लक्ष्मण बंसल कहते हैं, ‘नॉर्थ बंगाल के सभी आठ जिलों में 150 शोभा यात्राएं निकाली जा रही हैं। 27 मार्च को सिलीगुड़ी में यात्रा निकलेगी, जिसमें साध्वी प्राची भी होंगी। पिछले साल यहां जुलूस में 6 लाख से ज्यादा लोग आए थे। इस बार आंकड़ा 7 लाख के पार होगा।‘ ‘रैली में करीब 150 झाकियां होंगी। इसमें वंदे मातरम् का सफर, संघ के 100 साल, हिंदुओं पर अत्याचार को दिखाएंगे। नॉर्थ बंगाल के 8 जिलों में करीब 35 लाख लोग शोभा यात्रा का हिस्सा बनेंगे।‘ TMC और BJP के नेताओं की भागीदारी पर वे कहते हैं, ‘यहां राम भक्तों का जमावड़ा होगा। इस बार चुनाव हैं, इसलिए TMC के लोकल नेता जरूर शामिल होंगे।’ TMC की तैयारी‘जुलूस हमेशा निकलता है, बस पार्टी का झंडा नहीं होता’पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ साल से रामनवमी पर होने वाले कार्यक्रमों में TMC भी शामिल हो रही है। हमने आसनसोल में पार्टी के एक लीडर ने बात की। वे पहचान उजागर नहीं करना चाहते। वे कहते हैं, ‘पार्टी किसी भी कीमत पर वोट नहीं खोना चाहती। हिंदी भाषी इलाकों में रामनवमी आस्था और शौर्य का विषय है। अब ये सियासी हो चुका है। इसलिए TMC भी जुलूस निकालेगी। ये पहली बार नहीं है। पहले भी पार्टी नेताओं ने जुलूस निकाले हैं, बस उसमें पार्टी का झंडा नहीं होता है। ऐसा ज्यादातर हिंदी भाषी इलाकों में ही करते हैं।‘ ‘BJP नेता जितेंद्र तिवारी पहले TMC से विधायक थे। आसनसोल के मेयर रह चुके हैं। वे खुद TMC के जुलूस का प्रतिनिधित्व करते थे और भगवा पगड़ी के साथ अखाड़े में शामिल होते थे। इस बार पार्टी के नाम पर न सही, लेकिन पार्टी के लीडर जरूर रैली निकालेंगे।‘ ‘राम सबके, जय श्रीराम कहने से सिर्फ BJP के नहीं’आसनसोल में TMC पार्षद रंजीत सिंह इसे बेहतर तरीके से समझाते हैं। वे कहते हैं, ‘रामनवमी पर हमारे इलाके में कई जगहों से रैली निकलती है। मंदिरों से होते हुए सब एक जगह इकट्ठा होते हैं। इसमें BJP और TMC का कोई मामला नहीं है। सिर्फ जय श्रीराम कह देने से राम BJP के नहीं हो गए, वे तो सबके हैं।‘ ‘इन रैलियों में नेता सीधे शामिल नहीं होते, लेकिन ज्यादातर कामकाज पार्टी के कार्यकर्ता ही देखते हैं। हमारे वार्ड में भी कई जगह रैली निकलती है। इसे हिंदू उत्सव की तरह मनाया जाता है।‘ ऐसी रैलियां कब से निकल रही हैं, कौन फंड करता है? जवाब में रंजीत कहते हैं, ‘2014 से रैलियां निकाल रहे हैं। फंड के लिए लोगों से चंदा लेते है। लोकल नेता भी मदद करते हैं।‘ एक्सपर्ट बोले- चुनाव की वजह से रामनवमी पर ज्यादा फोकससीनियर जर्नलिस्ट विनोद जायसवाल कहते हैं, 'आसनसोल और दुर्गापुर में ज्यादातर विश्व हिंदू परिषद रैली निकालती है। कुछ अखाड़ों को TMC के लोग लीड करते हैं, ताकि ये मैसेज न जाए कि TMC हिंदू विरोधी है। इस बार चुनाव का माहौल है, इसलिए पार्टियां ज्यादा फोकस कर रही हैं।’ एक और सीनियर जर्नलिस्ट नाम न देने की शर्त पर कहते हैं, ‘पिछले कुछ साल में रामनवमी मनाने के तरीके में बहुत अंतर आ गया है। लेफ्ट की सरकार के वक्त भी RSS के लोग जुलूस निकालते थे। तब इसका राजनीतिकरण नहीं हुआ था।’ ‘लोग घरों पर हनुमान जी का झंडा चढ़ाते थे। कुछ लोग ही जुलूस का हिस्सा बनते थे। जैसे-जैसे हिंदुत्व का प्रचार हुआ, रामनवमी में झंडे का रंग बदलने लगा। उसमें बजरंग बली के फोटो भी बदल गई। पिछले 10 साल में पश्चिम बंगाल में रामनवमी का ज्यादा क्रेज बढ़ा है।’ 8 साल में कैसे बढ़ती गई BJP2018 में रामनवमी के जुलूस के दौरान पश्चिम बंगाल के रानीगंज, आसनसोल और पुरुलिया सहित कई इलाकों में हिंसक झड़पें और दंगे हुए। इसके बाद राज्य में पंचायत चुनाव हुए। BJP दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी। TMC ने 38,118 ग्राम पंचायत सीटों पर कब्जा किया। BJP ने 5,779 सीटें जीतीं। 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले रामनवमी पर फिर हिंसा भड़की। चुनाव में राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा। इन घटनाओं ने राज्य में ध्रुवीकरण तेज कर दिया। 2014 में 34 सीटें जीतने वाली TMC 22 सीटों पर सिमट गई। वहीं, 2 सीटें जीतने वाली BJP ने 18 सीटें जीतीं। रामनवमी से पहले मूर्ति तोड़ने का विरोधनंदीग्राम के रेयापाड़ा में 22 मार्च को रामनवमी से पहले भगवान की मूर्ति तोड़ दी गई। पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष और BJP लीडर शुभेंदु अधिकारी ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि ये सब तृणमूल कांग्रेस के इशारों पर हो रहा है। शुभेंदु ने कहा, ’मूर्ति तोड़ने के पीछे जिहादियों का हाथ है। बंगाल में चुनाव की तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही हैं, ये घटनाएं तनाव बढ़ा रही हैं। अगर ऐसे लोगों की पहचान करके उन्हें जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।’ ……………..ये खबर भी पढ़ें… क्या साउथ बंगाल से निकलेगा BJP की जीत का रास्ता 7 मार्च को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में BJP की परिवर्तन यात्रा पहुंची। यहां रघुनाथपुर इंडस्ट्रियल एरिया है इसलिए हिंदी भाषी और आदिवासी आबादी ज्यादा है। यहां से BJP के ही विधायक हैं, फिर भी रैली में भीड़ कम पहुंची। यहीं रास्ते में अवधेश राम मिले। वो रैली में नहीं आए लेकिन चाहते हैं कि राज्य में सरकार जरुर बदले। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 26 Mar 2026 4:53 am