पैसा किसी का, सेना दूसरे की... ऑपरेशन सिंदूर से डरकर पाकिस्तान कौन सा 'छाता' बना रहा?
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान का डर दिखने लगा है. अब वह नाटो की तरह ऐसा सेफ्टी छाता बनाना चाहता है जिससे भविष्य में भारत के हमले को रोका जा सके. उसके इस प्रयास में दो मुस्लिम देश आगे आए हैं. इस डील में पैसा एक देश का लग रहा है और सेना दूसरे देश की फिर पाकिस्तान का अपना क्या है?
डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर भड़का ईरान, अमेरिका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखा
Iran US Tension: हिंसा की हर कोने में फैलती चिंगारी के कारण ईरान मुश्किल के दौर से गुजर रहा है. इसी बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष अबुकर दाहिर उस्मान को एक पत्र लिखा है. जिसमें अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए गए.
World Longest Bridge: अगर आपसे पूछा जाए कि आपने अब तक सबसे लंबा पुल कौन सा देखा है, तो भारत में ज्यादातर लोग मुंबई के अटल सेतु का नाम लेंगे. जिसकी लंबाई करीब 23 किलोमीटर है. दुनिया का सबसे लंबे पुल के आगे ये बहुत छोटा लगता है. दुनिया का सबसे लंबा पुल चीन में बना है और इसकी लंबाई करीब 164 किलोमीटर है.
ट्रंप का दावा- वेनेज़ुएला से तेल आयात ने घटाए अमेरिका में ईंधन के दाम
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीति पर बात करते हुए वेनेज़ुएला का ज़िक्र किया
नहीं थम रहा अत्याचार, बांग्लादेश में एक और हिंदू का कत्ल, कट्टरपंथियों ने पीट-पीटकर मार डाला
Bangladesh News: बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार अत्याचार हो रहा है, अब एक हिंदू युवक की हत्या पीट-पीटकर कर दी गई. लगातार हो रही मौतों की वजह से लोग सदमें में हैं.
Donald trump angry on greenland: ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री ने अमेरिका को लेकर बयान दिया था, जिसमें उन्होंने डेनमार्क के साथ रहने की बात की थी. इस बयान को खारिज करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री के लिए एक बड़ी समस्या बन सकता है.
कश्मीर के बडगाम की रहने वाली बिलकिस 6 जनवरी की शाम को कॉलेज हॉस्टल में थीं। बिलकिस जम्मू में कटरा के श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस से MBBS की पढ़ाई कर रही थीं। उन्हें पता चला कि नेशनल मेडिकल कमीशन ने कॉलेज की मान्यता ही रद्द कर दी है। बिलकिस मुस्लिम हैं और कॉलेज की 50 सीटों में 42 पर मुस्लिम स्टूडेंट के एडमिशन की वजह से हिंदूवादी संगठन इसका विरोध कर रहे थे। बिलकिस फिलहाल घर पर हैं। उन्हें नहीं पता कि आगे की पढ़ाई कैसे होगी। किसी और कॉलेज में एडमिशन मिल भी गया, तो कैसे कोर्स कवर करेंगी। हिंदूवादी संगठनों की दलील थी कि कॉलेज माता वैष्णो देवी तीर्थ क्षेत्र में है और भक्तों के दान से बना है इसलिए इसमें सिर्फ हिंदू स्टूडेंट्स को एडमिशन मिलना चाहिए। हालांकि बिलकिस कहती हैं कि बाहर भले कुछ भी हो रहा हो, लेकिन अंदर हम सभी अच्छे से पढ़ाई कर रहे थे। धर्म की वजह से किसी को परेशानी नहीं हुई। श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के तहत आने वाले इस मेडिकल कॉलेज में 2025 में MBBS की पढ़ाई शुरू हुई थी। मान्यता रद्द होने के बाद सभी स्टूडेंट घर लौट गए हैं। इस विवाद पर दैनिक भास्कर ने कुछ स्टूडेंट्स से बात की। क्या सच में ये कॉलेज दान के पैसों से चलता है, इसकी भी पड़ताल की। पता चला कि जम्मू-कश्मीर सरकार से यूनिवर्सिटी को हर साल मदद मिल रही है। 2017 से 2025 तक सरकार ने करीब 121 करोड़ रुपए की मदद की है। पहले स्टूडेंट्स की बातनाम: बिलकिसपता: बडगाम, कश्मीरMBBS, फर्स्ट ईयर बिलकिस ने हमें एडमिशन से अब तक की पूरी कहानी सुनाई। वे बताती हैं, ‘25 अक्टूबर, 2025 को NEET की थर्ड राउंड काउंसलिंग हुई थी। इसी में मुझे एडमिशन मिला। NEET में मेरे 490 नंबर आए थे। जम्मू-कश्मीर डिवीजन में 758वीं रैंक थी। 29 अक्टूबर को एडमिशन की प्रोसेस पूरी हुई और 3 नवंबर से क्लास शुरू हो गई।’ बिलकिस के घर से ये कॉलेज करीब 250 किमी दूर है। उन्होंने चॉइस फिलिंग में दूसरे कॉलेज भी रखे थे, इनमें श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस मिल गया। बिलकिस को कॉलेज के बारे में पता चला कि यहां फैकल्टी और बाकी सुविधाएं अच्छी हैं। इसलिए उन्होंने एडमिशन ले लिया। बिलकिस बताती हैं, ‘मैंने दो महीने 10 दिन पढ़ाई की। सुबह 9 बजे क्लास शुरू होती थी। सब ठीक चल रहा था। हमारा सेशन लेट शुरू हुआ था। हम दूसरे कॉलेजों से दो महीने पीछे थे। मेडिकल कॉलेज में हमारा पहला ही बैच था। गाइड करने के लिए सीनियर स्टूडेंट नहीं थे, इसलिए फैकल्टी कहती थी कि कोई दिक्कत हो तो हमें बताना।’ मुस्लिम स्टूडेंट्स के एडमिशन से हुए विवाद पर बिलकिस कहती हैं, ‘कॉलेज में हमें धर्म की वजह से कोई दिक्कत नहीं हुई। न कभी महसूस हुआ कि हम अलग धर्म से हैं। बाहर प्रोटेस्ट चल रहे थे, तब भी अंदर तक कोई नेगेटिविटी नहीं आई।’ ‘मैंने कॉलेज में 4.95 लाख रुपए ट्यूशन फीस दी है। हॉस्टल के पैसे अलग से थे। जो भी हुआ, उससे नुकसान तो हमारा ही हुआ है। हम अब घर बैठे हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि जल्द ही हमारा एडमिशन कराएंगे। तब भी टाइम तो बर्बाद हो रहा है।’ कोर्स की मान्यता रद्द होने पर बिलकिस कहती हैं, ‘दो महीने से दिमाग में यही चल रहा है कि हमारा क्या होगा। आगे क्या करेंगे। विरोध करने वालों को लगता है कि उन्होंने एक कॉलेज बंद करा दिया, लेकिन उन्हें सोचना चाहिए कि कॉलेज बनाने में कितनी मेहनत, कितना टाइम लगता है।’ ये हम 50 स्टूडेंट का नुकसान नहीं है, पूरी पीढ़ी का नुकसान है। जैसे ही पता चला कि कॉलेज की मान्यता रद्द हो गई है, सारे स्टूडेंट अपने-अपने घर चले गए। अब सभी लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पता चले कि आगे क्या होगा। हमने बिलकिस से पूछा कि क्या आपको पता है कॉलेज को चलाने में श्राइन बोर्ड का क्या रोल है? वे जवाब देती हैं, ‘इस बारे में कोई आइडिया नहीं है। हम तो पढ़ाई कर रहे थे, जैसे बाकी कॉलेज में होती है। अब हमारी कोई डिमांड नहीं है, बस गुजारिश है कि जितना जल्दी हो सके, हमें दूसरे कॉलेज में शिफ्ट करना चाहिए। हमने बहुत प्रेशर झेल लिया है। अगस्त में हमारे एग्जाम हैं। हमें यही नहीं पता कि हमें कब शिफ्ट करेंगे।’ नेशनल मेडिकल कमीशन ने मान्यता रद्द करने की वजह बताई है कि कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी और जरूरी मानकों में गंभीर कमियां थीं इसलिए अनुमति रद्द कर दी गई। बिलकिस इस पर कहती हैं, ‘कॉलेज में कोई कमी नहीं थी। मेरे दोस्त दूसरे कॉलेजों में हैं, उनके साथ बात करने पर पता चलता था कि उनसे ज्यादा सुविधाएं हमें मिल रही हैं। अगर कमियां होतीं तो पहले ही परमिशन नहीं मिलती।’ मैनत श्रीवास्तव कॉलेज की मान्यता रद्द होने पर कहते हैं, ‘विवाद और कोर्स की परमिशन खत्म होना बहुत परेशान करने वाला है। हमें यहां बहुत अच्छी सुविधाएं मिल रही थीं। हमें कॉलेजों में शिफ्ट किया जा सकता है, वहां शायद ही ऐसी सुविधाएं मिलेंगी।’ ‘हम ट्रांसफर प्रोसेस के बारे में सोचकर परेशान हैं। अब भी नहीं पता कि हमें किस मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया जाएगा। ट्रांसफर किस आधार पर होगा। कुछ भी साफ नहीं है। इससे स्ट्रेस और इनसिक्योरिटी बढ़ रही है। अभी तो हमने पढ़ाई के रूटीन में सेटल होना शुरू किया था। आशिया कहती हैं, ‘हमारे इंस्टीट्यूट में ऐसी सुविधाएं थीं, जो कई जाने-माने मेडिकल कॉलेजों में भी नहीं हैं। हमने दूसरे मेडिकल कॉलेजों की हालत देखी है। यहां सच में बहुत अच्छी और स्टूडेंट फ्रेंडली फैसिलिटीज थीं। सिर्फ एनाटॉमी के लिए हमारे पास चार डेड बॉडी थीं। दूसरे मेडिकल कॉलेजों में स्टूडेंट्स के लिए एक भी डेड बॉडी नहीं है।’ ‘लाइब्रेरी में पढ़ाई के लिए शांत माहौल था। किताबों, बैठने की जगह या पढ़ाई के रिसोर्स की कमी नहीं थी। क्लासरूम कभी भीड़भाड़ वाले नहीं थे। प्रोफेसर हर स्टूडेंट पर ध्यान देते थे। लेक्चर के दौरान बेहतर बातचीत होती थी। हम जैसे स्टूडेंट्स के लिए, जिन्होंने अभी-अभी मेडिकल की पढ़ाई शुरू की है, ऐसे माहौल का खत्म होना बड़ा झटका है।’ विवाद की जड़: क्या सिर्फ दान के पैसों से चलता है कॉलेजश्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को सितंबर 2025 में 50 सीटों पर एडमिशन की परमिशन मिली थी। MBBS के पहले बैच में 42 कश्मीरी मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख स्टूडेंट ने एडमिशन लिया। विवाद तब शुरू हुआ, जब वैष्णो देवी संघर्ष समिति ने मुस्लिम स्टूडेंट्स के एडमिशन का विरोध किया। 22 नवंबर को बनाई गई इस समिति में 50 से ज्यादा संगठन शामिल थे, जिनमें RSS और BJP से जुड़े संगठन भी थे। बजरंग दल ने तो कॉलेज के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। संविधान के आर्टिकल-30 के मुताबिक, अल्पसंख्यकों को अपने समुदाय के लिए 50% तक आरक्षण के साथ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन बनाने का अधिकार है। हालांकि श्राइन बोर्ड के मालिकाना हक वाली 34 एकड़ जमीन पर बनी श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी अल्पसंख्यक संस्थान नहीं है। 8 साल में यूनिवर्सिटी को 121 करोड़ रुपए की सरकारी मददवैष्णो देवी संघर्ष समिति ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी श्राइन बोर्ड के फंड से बनी है, जो भक्तों के दान से इकट्ठा होता है। इसलिए यहां सिर्फ हिंदू स्टूडेंट्स को ही पढ़ने की परमिशन मिलनी चाहिए। इसके बाद कॉलेज से मुस्लिम स्टूडेंट्स को हटाने की मांग उठने लगी। जम्मू में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। सोर्स बताते हैं कि श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस में सालाना फीस स्ट्रक्चर में 4.95 लाख रुपए ट्यूशन फीस, 50 हजार रुपए रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट, लगभग 51 हजार रुपए वन टाइम कॉलेज चार्ज और 20 हजार रुपए सालाना हॉस्टल फीस शामिल है। यूनिवर्सिटी और मेस चार्ज मिलाकर हर स्टूडेंट का सालाना खर्च करीब 5.5 लाख रुपए हो जाता है। हिंदू संगठन दावा कर रहे थे कि श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी देश की इकलौती मुस्लिम-मेजॉरिटी वाली सरकार से बिना फंड लिए चल रही है। हालांकि डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया, तब भी यूनिवर्सिटी को सरकार से मदद मिलती रही। सोर्स बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर सरकार से यूनिवर्सिटी को 2017-18 में 10 लाख रुपए की मदद मिली। 2018-19 में ये मदद बढ़कर 50 लाख रुपए और 2019-20 में 5 करोड़ रुपए हो गई। 2019 के बाद JK के बजट को 2025 तक संसद ने मंजूरी दी थी, जब उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में पहली चुनी हुई सरकार ने शपथ ली थी। बजट डॉक्यूमेंट से पता चलता है कि 2020-21 में यूनिवर्सिटी को 19.70 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसके बाद से ये ग्रांट लगातार बढ़ी है। 2021-22 में 21 करोड़ रुपए, 2022-23 में 23 करोड़ रुपए, 2023-24 में 24 करोड़ और 2024-25 में 28 करोड़ रुपए दिए गए। इस साल के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार ने यूनिवर्सिटी के लिए 28 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। मुस्लिम स्टूडेंट्स को एडमिशन देने के खिलाफ हुए प्रोटेस्ट में शामिल रहे राष्ट्रीय बजरंग दल के नेता राकेश बजरंगी बताते हैं, ‘ये यूनिवर्सिटी 2004 में बनी थी। इसके बाद 13 साल श्राइन बोर्ड ने इसे चलाने के लिए सरकार से कोई पैसा नहीं लिया। यूनिवर्सिटी श्राइन बोर्ड के पैसों से चलती थी। 2017 से सरकार ने पैसा देना शुरू किया। कुल 121 करोड़ रुपए दिए हैं। श्राइन बोर्ड ने यूनिवर्सिटी पर 600 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।’ ‘सरकार इस सेशन के लिए 28 करोड़ रुपए देने वाली है, लेकिन अब तक मिले नहीं हैं। इतने पैसे में तो यूनिवर्सिटी नहीं चलने वाली। ये एक हिस्सा हो सकता है। बाकी पैसा तो श्राइन बोर्ड ही खर्च करता है। मेडिकल कॉलेज अभी शुरू हुआ था और इस साल यूनिवर्सिटी ने सरकार से मदद ही नहीं ली। यानी मेडिकल कॉलेज में सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया।‘ मान्यता रद्द होने की वजह मानक पूरे न होनानेशनल मेडिकल कमीशन को मेडिकल कॉलेज में नाकाफी इन्फ्रास्ट्रक्चर, काबिल टीचिंग फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों की कमी, मरीजों की संख्या कम होने और बेड ऑक्यूपेंसी खराब होने की शिकायतें मिलीं। मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड की टीम 2 जनवरी, 2026 को कॉलेज पहुंची। असेसमेंट रिपोर्ट में बड़ी कमियां सामने आईं। इस दौरान टीचिंग फैकल्टी में 39% और ट्यूटर, डेमोंस्ट्रेटर और सीनियर रेजिडेंट की 65% की कमी मिली। आउटपेशेंट डिपार्टमेंट में न्यूनतम जरूरी संख्या के मुकाबले 50% से भी कम मरीज थे। बेड ऑक्यूपेंसी कम से कम 80% होनी चाहिए, लेकिन ये सिर्फ 45% पाई गई। ICU में भी एवरेज बेड ऑक्यूपेंसी लगभग 50% थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ डिपार्टमेंट में स्टूडेंट के लिए प्रैक्टिकल और रिसर्च लैब नहीं हैं। लाइब्रेरी भी नियमों के मुताबिक नहीं है। यहां जरूरी संख्या के मुकाबले सिर्फ 50% किताबें मिलीं। यहां 15 जर्नल होने थे, जो दो ही मिले। ART सेंटर, MDR-TB मैनेजमेंट फैसिलिटी, ऑपरेशन थिएटर और अलग-अलग मेल-फीमेल वार्ड जैसी जरूरी सुविधाएं भी या तो नहीं हैं या नाकाफी हैं। इसके बाद नेशनल मेडिकल कमीशन ने पाया कि संस्थान अंडरग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन नियमों के तहत न्यूनतम जरूरतें पूरी करने में नाकाम रहा। इसलिए मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने कमीशन के चेयरमैन की मंजूरी से मान्यता तुरंत वापस लेने का आदेश दिया। कांग्रेस के स्टूडेंट विंग NSUI के नेशनल प्रेसिडेंट रहे एडवोकेट फिरोज खान कहते हैं, ‘मेडिकल कॉलेज बंद होने से जम्मू-कश्मीर के स्टूडेंट्स का बड़ा नुकसान हुआ है। हेल्थ मिनिस्ट्री और नेशनल मेडिकल कमीशन ने कॉलेज को मान्यता दी थी। इसे कैसे और क्यों रद्द किया गया। अगर इसे माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशन घोषित करना था, तो श्राइन बोर्ड को हिंदू-मुस्लिम बंटवारा करने के बजाय इसके लिए अप्लाई करना चाहिए था।’ ..........................................ये ग्राउंड रिपोर्ट भी पढ़ेंदिल्ली के 300 घर यूपी सरकार ने क्यों सील किए, लोग बोले- दिल्ली की CM कहां 32 साल की शबाना का मकान 15 दिसंबर से सील है। शबाना दिल्ली के ओखला में रहती हैं। उनका घर आली गांव की मस्जिद कॉलोनी के 300 मकानों में से एक है, जिसे यूपी के सिंचाई विभाग ने सील कर दिया है। शबाना की तरह कॉलोनी के बाकी परिवार भी सड़क पर रह रहे हैं। इन लोगों को दिल्ली सरकार से शिकायत है क्योंकि इनके पास आधार और वोटर आईडी दिल्ली की ही हैं। पढ़िए पूरी खबर...
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ा तनाव तो होगा विनाशकारी परिणाम: कतर
कतर ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से इस क्षेत्र को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं
पेरिस की सड़कों पर 350 ट्रैक्टर, किसानों का ईयू-मर्कोसुर समझौते के खिलाफ गुस्सा
फ्रांस के किसानों ने पेरिस में लगभग 350 ट्रैक्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया
DNA: क्या आप जानते हैं कि खलीफा को अपने समर्थकों की फौज को सड़कों पर उतारने की जरूरत क्यों पड़ी. मोहरिब की घोषणा क्यों करनी पड़ी, क्योंकि खलीफा की सबसे खतरनाक फौज इस वक्त खौफ में है. कल तक खलीफा के जो कमांडर ईरान की क्रांति के बीच कत्ल की इबारत लिख रहे थे. अब उनके खिलाफ ऑपरेशन रेड क्रॉस शुरू कर दिया गया है. ईरान में अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों ने अब एक नया मोड़ ले लिया है.
शी चिनफिंग ने अधिक ऊंचे मापदंडों और ठोस कदमों से पार्टी के सख्त शासन पर बल दिया
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय कमेटी के महासचिव, राष्ट्रपति और केंद्रीय फौजी आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग ने मंगलवार को पेइचिंग में 20वें सीपीसी केंद्रीय अनुशासन निरीक्षण आयोग के पांचवें पूर्णाधिवेशन पर महत्वपूर्ण भाषण दिया
अफ्रीकी देशों का चीनी विकास एक्सप्रेस पर सवार होने का स्वागत करता है चीन: वांग यी
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपनी अफ्रीका यात्रा समाप्त करने के वक्त चीनी मीडिया को एक साक्षात्कार दिया
ट्रंप का ईरान में प्रदर्शनकारियों को सरकारी इमारतों पर कब्जे का आह्वान, 12 हजार मौतों का दावा
ट्रंप ने ईरान के प्रदर्शनकारियों से न केवल आंदोलन जारी रखने की अपील की, बल्कि सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने तक की सलाह दी है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रदर्शनकारियों पर हो रही हत्याओं और अत्याचारों के जिम्मेदार लोगों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं।
Volodymyr Zelenskyy India visit: यूक्रेन ने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की जल्द ही भारत का दौरा करेने वाले हैं. इसको लेकर कीव व्यापार और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए जॉइंट कमीशन की बैठक की योजना बना रहा है.
दुनिया के सबसे बड़े उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी xAI का चैटबॉट ग्रोक फिर से चर्चा के केंद्र में आ गया है. इस चैटबॉट को मलेशिया और इंडोनेशिया में बैन कर दिया गया है. दावा किया जा रहा है कि xAI का चैटबॉट महिलाओं और बच्चों को अनड्रेस कर रहा है. इसके बाद एक नही बहस छिड़ गई है.
20 बरस की राजकुमारी 150 साल के बाद बनने जा रही स्पेन की रानी, आखिर कौन हैं लियोनोर?
Spain queen: स्पेन में ऐसा कानून है जिसका पालन सिंहासन के उत्तराधिकारी को करना पड़ता है. कानून के अनुसार भावी उत्तराधिकारी को सेना, नौसेना और वायुसेना का सैन्य प्रशिक्षण हासिल करना जरूरी होता है.
ईरान में इस समय बहुत बड़ा प्रदर्शन चल रहा है. सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूटा है. इस बीच ईरान की महारानी फराह पहलवी की ताज की चर्चा खूब हो रही है. ऐसा इसलिए क्योंकि माना जाता है कि वह मुस्लिम दुनिया में कहीं भी ताज पहनने वाली पहली महिला भी थीं.
लंदन में नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण, 200 सिखों ने घेरा डालकर पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से छुड़ाया
आरोप है कि एक कथित पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर अगवा किया और एक फ्लैट में बंधक बनाकर कई लोगों से दुष्कर्म कराया। यह घटना सामने आने के बाद इलाके में तनाव फैल गया और सिख समुदाय के लोगों ने आरोपियों के फ्लैट के बाहर कई घंटे तक प्रदर्शन किया।
Bangladesh parliamentary election:बांग्लादेश में फरवरी 2026 के संसदीय चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक हिंसा तेज हो गई है. पिछले साल राजनीतिक झड़पों में 100 से ज्यादा मौतें हुईं, कई उम्मीदवारों की हत्या हो चुकी है. अवैध हथियारों का बोलबाला है, पुलिस 'ऑपरेशन डेविल हंट फेज-2' चला रही है लेकिन डर कम नहीं हो रहा. उम्मीदवार और वोटर दोनों सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. जानें पूरी रिपोर्ट.
कोर्ट के निर्देश की अनदेखी पड़ी भारी! निर्वासित भारतीय को वापस बुलाने पर अमेरिकी अदालत का बड़ा फैसला
Indian deportation case USA: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने अपने तरह का एक अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे एक भारतीय नागरिक को फिर से अमेरिका वापस लाने की व्यवस्था करें, जिसे अदालत के साफ आदेश के बावजूद भारत भेज दिया गया था. जज ने फैसला सुनाया कि डिपोर्टेशन गैर-कानूनी था और न्यायिक अधिकार का उल्लंघन था.
24 साल की उम्र में डिमेंशिया, ब्रिटेन के सबसे युवा मरीज ने खोले बीमारी के रहस्य
इंग्लैंड के नॉरफ़ोक निवासी आंद्रे यारहम को ब्रिटेन का सबसे युवा डिमेंशिया पीड़ित माना जाता है। हाल ही में केवल 24 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। उन्हें महज़ 22 वर्ष की आयु में डिमेंशिया का औपचारिक निदान मिला था।
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या: 23 दिन में 7 हिंदुओं का मर्डर
समीर कुमार दास की हत्या बांग्लादेश में बीते 23 दिनों के दौरान हिंदू समुदाय से जुड़ी सातवीं मौत की घटना है। इससे पहले 5 जनवरी को नरसिंदी जिले में 40 वर्षीय हिंदू दुकानदार शरत चक्रवर्ती मणि की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी।
वेंस और रुबियो ने सर्जियो गोर को दी बधाई, भारत में संभाला अमेरिकी दूत का पद
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सार्वजनिक रूप से सर्जियो गोर को बधाई दी है
US Bill To Annex Greenland News:अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की धमकियों के बीच, रिपब्लिकन सांसद ने अमेरिकी कांग्रेस ((Senate, House of Representatives) में ग्रीनलैंड विलय और राज्य का दर्जा अधिनियम पेश किया. यह विधेयक राष्ट्रपति को ग्रीनलैंड को अमेरिकी संघ में शामिल करने और डेनमार्क के साथ बातचीत करने का अधिकार देगा ताकि द्वीप को भविष्य में अमेरिकी राज्य बनाया जा सके.
अमेरिकी अदालत ने ड्रग्स तस्करी के दोषी संदीप सिंह की याचिका को खारिज किया
अमेरिका की एक अदालत ने ड्रग्स तस्करी के दोषी संदीप सिंह की देश से निकाले जाने के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया है
ट्रंप प्रशासन का कड़ा कदम: रिकॉर्ड 1 लाख वीजा रद्द
ट्रंप प्रशासन ने एक साल से भी कम समय में एक लाख से ज्यादा विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच एक और हिंदू युवक की हत्या
बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या हुई है। यह घटना फेनी जिले के डागनभुइयां उपजिले में हुई, जहां भीड़ ने हिंदू समीर दास को मार डाला
छोटे मतभेदों के बावजूद भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत: अमेरिकी सांसद
अमेरिकी कांग्रेसमैन्स ने माना है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर कुछ समय से मतभेद बने हुए हैं
US lawmakers call China main adversary:अमेरिकी कांग्रेस के सांसदों अमी बेरा और रिच मैकॉर्मिक ने CSIS फोरम में चीन को अमेरिका का मुख्य रणनीतिक दुश्मन करार दिया है. उन्होंने भारत को लोकतंत्र का मजबूत काउंटरवेट बताया है. इसके साथ ही पीएम मोदी की लीडरशिप की जमकर तारीफ करते हुए गांधी के बाद आधुनिक युग में सबसे बड़ा नेता बताया है.
ईरान में विरोध प्रदर्शन के बीच खामेनेई के समर्थन में निकली रैली, विदेश मंत्री हुए शामिल
ईरान में अभी भारी तनाव का माहौल है। एक तरफ देश की आम जनता खामेनेई के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रही है
ईरान से व्यापार पड़ सकता है भारी! ट्रंप ने लगाया 25% टैरिफ, ग्लोबल ट्रेड में मच गया भूचाल?
Trump Iran tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप ने ऐलान किया है, जो भी देश ईरान से व्यापार करेंगे उसे अमेरिका के साथ होने वाले हर तरह के कारोबार पर 25 प्रतिशत टैक्स देना पड़ेगा. इस फैसले तो तुरंत लागू भी कर दिया गया है. इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है, साथ ही उन देशों पर भी जिनका ईरान के साथ व्यापार होता है.
ट्रंप का बड़ा ऐलान: ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% टैरिफ
ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ने एक बार फिर कड़ा कदम उठाया है
वांग यी ने सोमालिया के विदेश मंत्री से फोन पर बात की
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने अफ्रीका दौरे के दौरान सोमालिया के विदेश मंत्री अब्दिसलाम से टेलीफोन पर बात की
32 साल की शबाना का मकान 15 दिसंबर से सील है। शबाना दिल्ली के ओखला में रहती हैं। उनका घर आली गांव की मस्जिद कॉलोनी के 300 मकानों में से एक है, जिसे यूपी के सिंचाई विभाग ने सील कर दिया है। शबाना का आरोप है कि घर सील करने से पहले नोटिस भी नहीं दिया। वे कहती हैं, ‘एक महीना होने वाला है। हम घर से बाहर पड़े हैं। मोदी जी कहते हैं कि बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ। हम तो रोड पर हैं। बेटियों को कहां से पढ़ाएंगे। हमारे सिर से छत छीन ली, इससे अच्छा तो फांसी दे दें।‘ शबाना की तरह कॉलोनी के बाकी परिवार भी सड़क पर रह रहे हैं। मस्जिद कॉलोनी से 500 मीटर दूर पीर कॉलोनी के लोग भी डरे हुए हैं। यहां भी यूपी सिंचाई विभाग के दावे वाली 8.48 एकड़ जमीन है। यहां अभी मकान सील नहीं किए गए हैं। लोगों को डर है कि किसी भी दिन कार्रवाई हो सकती है। वहीं यूपी के सिंचाई विभाग का दावा है कि जमीन उनकी है और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर घर सील किए गए हैं। इस मामले में दिल्ली के साकेत कोर्ट में केस चल रहा है। 13 जनवरी को सुनवाई होनी है। मस्जिद कॉलोनी का हाल'अफसर पुलिस और मजदूर लेकर आए, सामान बाहर फिंकवा दिया'आली गांव में पुस्ता रोड से सटी 8.48 एकड़ जमीन पर सिंचाई विभाग का दावा है। रोड पर बड़ा मार्केट है। दुकानों के अलावा मकान भी बने हैं। बंद पड़ी रेलवे लाइन पार करके मस्जिद कॉलोनी आती है। हम रात 8 बजे कॉलोनी में पहुंचे। यहां मिलीं शबाना बच्चों और मोहल्ले की बाकी महिलाओं के साथ अलाव ताप रही थीं। वे बताती हैं, ‘मकान सील हुआ, तब बच्चे स्कूल से लौट रहे थे। पुलिस को देखकर डर गए और रोने लगे। अफसर अपने साथ लेबर लेकर आए थे। हमारा आधा सामान बाहर फिंकवा दिया। आधा सामान अंदर ही रह गया। वे मकान सील करके चले गए। हमें नोटिस ही नहीं मिला, तो वे हमारा घर कैसे सील कर सकते हैं।’ शबाना आगे कहती हैं, 'पानी और टॉयलेट नहीं है। महिलाओं को बहुत दिक्कतें हो रही हैं। मैं खुद 8 दिन से नहीं नहा पाई। हम लोग दिल्ली में रह रहे हैं, तो यहां की सरकार कोई दखल क्यों नहीं दे रही।' 8 डिग्री वाली ठंड, बचने के लिए सिर्फ तिरपाल23 साल की ज्योति 8 महीने की प्रेग्नेंट हैं। वे कहती हैं, ‘प्रेग्नेंसी में बार-बार टॉयलेट की जरूरत पड़ती है, लेकिन घर सील है, तो दिक्कत हो रही है।‘ यहीं 60 साल की समीना अलाव के पास बैठी मिलीं। उनके परिवार में 18 सदस्य हैं। समीना बताती हैं, ‘13 दिसंबर को सीलिंग से पहले बहू को बेटा हुआ। कुछ दिन हमने बहू और पोते को यहीं रखा, लेकिन ठंड बढ़ी तो खुले में सोने से बीमारी होने का डर था। इसीलिए दोनों को रिश्तेदारों के पास झज्जर भेज दिया। बाकी परिवार के साथ हम अब भी सड़क किनारे रह रहे हैं।‘ समीना की गोद में उनका 5 साल का नाती लगातार रो रहा था। उसे देखकर समीना कहती हैं, ‘बेटी नहीं रही, उसका बेटा हमारे साथ रहता है। ये भी मेरे साथ बाहर सोता है, लेकिन इतनी ठंड में नींद कहां आती है। बार-बार जाग जाता है।‘ मदरसा सील, इमाम बोले- टोकने पर पुलिस ने बदसलूकी की मस्जिद के बगल में बने मदरसे को भी सील कर दिया है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद आबदीन कहते हैं, ‘15 तारीख को 500 से ज्यादा अधिकारी बिना नोटिस दिए पुलिसवालों के साथ आए। मस्जिद तो सील नहीं की, लेकिन मदरसा सील कर गए। पुलिस वालों ने मस्जिद में पानी की सप्लाई वाला सबमर्सिबल पंप भी तोड़ दिया। मैंने समझाया कि इससे वजू करने वाले नमाजियों को दिक्कत होगी। टोकने पर पुलिसवाले बदसलूकी करने लगे। 'आधार और वोटर कार्ड है, फिर कैसे बेदखल किया'कॉलोनी में रहने वाले 17 साल के आकिब खान 10वीं में पढ़ते हैं। पिता मेट्रो में सफाई कर्मचारी हैं। छह भाई-बहनों के परिवार में मझले आकिब दाहिने पैर से पैरालाइज्ड हैं। अगले महीने उनके एग्जाम होने वाले हैं, लेकिन कॉलोनी के हालात की वजह से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा है। आकिब कहते हैं- पानी-बिजली काट दी। मीटर उखाड़ ले गए। नहाने तक का इंतजाम नहीं है। मैं स्कूल नहीं जा पा रहा हूं। रात में बिजली नहीं होती, इसीलिए पढ़ाई नहीं हो रही। ऐसा ही रहा तो बोर्ड के एग्जाम नहीं दे पाऊंगा। 24 साल के दानिश मलिक दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहे हैं। वे दावा करते हैं कि वे तीन पीढ़ी से यहां बसे हैं। सीलिंग वाले दिन के बारे में दानिश कहते हैं, ‘कॉलेज से लौटा तो कार्रवाई शुरू हो गई थी। सब अचानक ही हुआ। पहले मार्केट सील करने की बात थी। इसीलिए अधिकारी पहले मार्केट में गए, लेकिन फिर मेन चौक पर आ गए।‘ ‘अफसरों ने बदतमीजी की और सारे दरवाजे बंद करने लगे। शुरू में ऐसा लगा, जैसे अचानक किसी ने हमला कर दिया हो। अगर हमें नोटिस दिया होता, तो हम सामान निकालते या कोई इंतजाम करते। उन्होंने आनन-फानन में ही सब कुछ कर दिया।’ दानिश दावा करते हैं कि यहां लोगों के पास आधार से लेकर वोटर कार्ड भी हैं। इसीलिए बेदखल किया जाना गलत है। ‘मस्जिद कॉलोनी में सिर्फ मुस्लिम नहीं, हिंदू परिवार भी‘32 साल के मनोज 15 लोगों के परिवार के साथ रहते हैं। वे कहते हैं कि जगह का नाम मस्जिद कॉलोनी है, लेकिन यहां सभी धर्म के लोग रहते हैं। मनोज शिकायत करते हैं कि कार्रवाई का असर हम पर ही नहीं, बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है। खुले में सोने से 60 साल की मां की तबीयत बिगड़ने लगी है। वे कहते हैं, 'शुरू में हमने किराए के मकान में जाने का सोचा, लेकिन आली गांव और आसपास के इलाकों में किराए के कमरे भर गए हैं। किराया 2 हजार से बढ़कर 5 हजार हो गया है। मजबूरी में लोगों ने ले भी लिया है। अब कमरे ही नहीं बचे। हम दूर जाना नहीं चाहते, इसलिए तिरपाल डालकर यही रह रहे हैं।’ मस्जिद कॉलोनी से सिर्फ 500 मीटर दूर पुस्ता रोड पर ही पीर मोहल्ला है। इस जमीन पर भी यूपी सिंचाई विभाग का दावा है। यहां रहने वाले लोगों को भी मस्जिद कॉलोनी की तरह कार्रवाई का डर सता रहा है। पीर मोहल्ले में भी लोग डरे, बेघर हो जाएंगे 1500 से ज्यादा परिवार63 साल के इसरार अहमद पीर मोहल्ले में रहते हैं। वे यूपी सिंचाई विभाग के दावे को सिरे से खारिज करते हैं। इसरार का दावा है कि ये बस्ती 200 साल पुरानी है। यहां उनका 7 लोगों का परिवार रहता है। इसरार बताते हैं, ‘हमें यहां रहते हुए 80 साल हो गए। बिजली, पानी का कनेक्शन है, राशन कार्ड है। दिल्ली सरकार कहती है कि जहां झुग्गी है, वहां मकान बनाएंगे। यहां तो पहले से ही मकान हैं, झुग्गी का सवाल ही नहीं है। फिर क्यों कार्रवाई की जा रही है।‘ ‘2004 में यूपी सिंचाई विभाग ने जितनी जमीन लेनी थी, वो ले ली। विभाग कहता है कि लगभग 9 एकड़ बाकी है, लेकिन कागजों में साफ लिखा है कि इसे भूल जाओ, क्योंकि यहां घनी आबादी है। कोर्ट में भी ये दर्ज है। 2004 के बाद का नया दावा हमारे लिए मुसीबत बन गया है।‘ यहां किराए पर रहे रहे 34 साल के संजय दिल्ली सरकार से जांच की मांग करते हैं। वे कहते हैं कि यूपी और दिल्ली के बीच जमीन का विवाद सुलझना चाहिए। वरना यहां रह रहे 1,500 से 1,600 घरों में रह रहे परिवार ठंड में सड़क पर आ जाएंगे। वकील बोले- सरकार को मानवीय आधार पर सोचना चाहिए मस्जिद कॉलोनी और पीर मोहल्ले में रहने वाले लगभग 250 लोगों का केस सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अनुज कुमार गर्ग लड़ रहे हैं। वे बताते हैं कि यूपी सिंचाई विभाग के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट और साकेत कोर्ट में केस चल रहा है। साकेत कोर्ट में 13 जनवरी को सुनवाई होनी है। अनुज दावा करते हैं कि विवाद वाली जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की नहीं है। यहां लगभग 50 से 60 साल से लोग रह रहे हैं। सबसे पुराना केस लगभग 150 साल पुराना है। 6-7 पीढ़ी से लोग यहीं रह रहे हैं। 1963 के लिमिटेशन एक्ट में साफ है कि अगर सरकारी जमीन पर भी कोई 30 साल से बसा है और सरकार की जानकारी में है, फिर भी एक्शन नहीं हुआ तो ये एडवर्स पजेशन में बदल जाता है। फिर ये लोग तो इतने साल से यहां रह रहे हैं। वे कहते हैं, ‘ये जमीन यूपी सरकार की नहीं है और इसमें अभी तक पूरा डिमार्केशन भी नहीं हुआ है। ये चीजें साफ नहीं हो जातीं, तब तक हमारा कब्जा गलत नहीं कहा जा सकता। अभी तक सिर्फ सीलिंग हुई है। कोई कब्जा कार्रवाई नहीं हुई और न ही आगे कोई प्रक्रिया चली है।‘ केस की स्थिति पर अनुज बताते हैं, ‘हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि सभी पक्ष बैठकर बात करें और मामले को सुलझाएं। अभी तक केस में दिल्ली सरकार का नाम नहीं था। इसीलिए एक नया केस फाइल किया है, जिसमें दिल्ली सरकार, लेफ्टिनेंट गवर्नर, DDA और केंद्र सरकार को पक्षकार बनाया गया है। सभी पक्षकारों को नोटिस जारी हो चुका है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं आया है।‘ केस में लोगों की मांगों को लेकर अनुज गर्ग डिक्लेरेशन और वैकल्पिक जगह पर बसाए जाने की बात करते हैं। वे कहते हैं, ‘लोग वहीं रहना चाहते हैं। जमीन उनकी है, वे कहां जाएंगे। ये कोई बड़े लैंडलॉर्ड नहीं हैं, छोटी आमदनी वाले लोग हैं, जिन्होंने जैसे-तैसे पैसे जमा करके जमीन खरीदी है।‘ हमने यूपी के सिंचाई विभाग में सेक्रेटरी कृष्ण कुमार से बात की। उन्होंने इस पर कोई कमेंट करने से मना कर दिया। इसके बाद हमारी बात ओखला में तैनात इंजीनियर लेवल के अधिकारी से हुई। केस कोर्ट में पेंडिंग है, इसलिए उन्होंने हमसे नाम न छापने की शर्त पर बात की। अधिकारी का दावा है, ‘2002 में ही यूपी के सिंचाई विभाग ने ओखला में आने वाली जमीनों का केस जीत लिया था। इसमें जामिया नगर और पुस्ता रोड में काफी जमीनें थी। खाली पड़ी जमीनों पर 2004 तक कब्जा ले लिया गया। आबादी वाली जमीनों पर विभाग ने कब्जा नहीं लिया। पहला फोकस खाली पड़ी जमीनों को वापस लेना था। फिर विभाग ने आबादी वाली जगहों पर नोटिस देने शुरू किए तो लोग कोर्ट पहुंच गए। हम पहले ही कोर्ट में जीत चुके थे।‘ मस्जिद कॉलोनी के केस में अधिकारी दावा करते हैं कि जब भी कोर्ट ने घरों को तोड़ने पर स्टे लगाया, हमने फैसला माना है। 13 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने मस्जिद कॉलोनी में कब्जा लेने का आदेश दिया। 15 दिसंबर की कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद ही की गई। आगे भी कोर्ट की बात मानी जाएगी। दिल्ली में यूपी के सिंचाई विभाग की जमीन कैसे? यूपी का सिंचाई विभाग दिल्ली में आए दिन जमीनों का दावा करता रहा है। जून 2025 में जामिया नगर में भी विभाग ने लोगों के मकानों पर नोटिस लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाले एडवोकेट कुणाल यादव इसे नदियों के बंटवारे और पुराने समय के मैनेजमेंट का नतीजा बताते हैं। वे कहते हैं, ‘आजादी से पहले और कुछ समय बाद तक दिल्ली और आसपास के इलाकों में यमुना नदी के पानी और नहरों के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी संयुक्त प्रांत यानी आज के उत्तर प्रदेश की थी। अंग्रेजों के समय दिल्ली में कई नहरें बनाई गईं। उस समय सिंचाई से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स का कंट्रोल यूपी के इंजीनियरों के पास था।‘ ‘यमुना की सफाई और नहरों के रखरखाव के लिए नदी के किनारों पर खाली जमीन की जरूरत होती है। कानूनी रूप से ये जिम्मेदारी यूपी की है, इसलिए ये जमीन भी उन्हीं की है। दिल्ली केंद्र शासित प्रदेश बना, तब भी जमीनों का ट्रांसफर पूरी तरह से नहीं हुआ।‘ ‘दिल्ली और यूपी के बीच कई पुराने समझौते हैं। इनके तहत बाढ़ नियंत्रण या सिंचाई के काम में आने वाली यमुना के किनारे की जमीनें यूपी सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र में ही छोड़ी गईं। इसलिए अब भी इन जमीनों का टाइटल यूपी सरकार के पास है।‘.................... ये खबर भी पढ़ें... स्कैन कर बांग्लादेशी बताने वाली मशीन का सच क्या 23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। SHO ने झुग्गी में रहने वाले 52 साल के मोहम्मद कैसर आलम से कागज दिखाने को कहा। पूछा कि कहां के रहने वाले हो, बांग्लादेशी तो नहीं हो। पढ़िए पूरी खबर...
DNA: ट्रंप की जिद... वेनेजुएला से क्यूबा तक कैसे चल रही 'आत्ममुग्धता' की राजनीति?
DNA: महात्मा गांधी ने कहा है कि हिंसा की राजनीति अंततः सबको जला देती है. लेकिन गांधीजी की कही ये बात ट्रंप को कहां समझ में आ रही है! ट्रंप को सिर्फ उतना ही समझ में आता है, जो उन्हें 'अभूतपूर्व' की श्रेणी में ला सकता है. ट्रंप अक्खड़ हैं, ट्रंप जिद्दी हैं, वो आत्ममुग्ध हैं, अति आत्मकेन्द्रित हैं. अप्रत्याशित निर्णय लेते हैं यही उन्हें अहंकारी जैसे अलंकार से अलंकृत भी करता है.
मुसलमानों की मौत पर इतना सन्नाटा? ईरान के लोगों के साथ सहानुभूति क्यों नहीं दिख रही
Iran news:ईरान में हो रही इन मुसलमानों की मौत पर इस्लामिक दुनिया कोई मातम नहीं मना रही. ना दुनिया के 50 से ज्यादा इस्लामिक देशों के नेताओं की छाती फट रही है. सोचिए गाजा में कोई घटना घटती तो देश-दुनिया के गाजा प्रेमी आंसू बहाने लगते हैं. लेकिन ईरान के मुसलमान मारे जा रहे हैं तब कोई कुछ नहीं बोल रहा, सब चुप हैं.
DNA: ईरान की मस्जिदें कैसे बन गईं प्रोपेगेंडा का हब, आखिर कौन लगा रहा इनमें आग?
अपने कथित इस्लामिक शासन के नाम पर खामनेई और उनकी मौलाना मंडली ने खुद को सर्वोपरि घोषित कर दिया. हर मस्जिद, हर मदरसा उनका कंट्रोल रूम बन गया. मित्रो कथित इस्लामिक शासन में ईरान की मस्जिदें धार्मिक स्थल नहीं सरकारी ताकत का केंद्र बन गई थी.
Mosque Burning In Iran Protest: ईरान में प्रदर्शन का रूप इतना भीषण हो गया है कि वहां की 99 प्रतिशत मुस्लिम आबादी मस्जिदों को आग के हवाले कर रही है. यहां अबतक 30 से ज्यादा मस्जिद फूंक चुके हैं.
अमेरिकी दूतावास भारतीय छात्रों को कानूनों का पालन करने की चेतावनी दे रहा है ताकि उनके वीजा रद्द न हों और भविष्य सुरक्षित रहे. क्योंकि वीजा कोई अधिकार नहीं बल्कि एक सुविधा है. जिसे नियमों के उल्लंघन पर छीना जा सकता है.
Bangladesh Hindu murder: मृतक की पहचान समीर कुमार दास के रूप में हुई है. 29 साल के समीर पेशे से ऑटो-रिक्शा ड्राइवर थे. ढाका से आई सनसनीखेज रिपोर्ट्स के मुताबिक ऑटो ड्राइवर समीर दास की खून से लथपथ बॉडी एक अस्पताल के पास मिली.
पथरी के दर्द का इलाज करवाने अस्पताल पहुंची महिला, काले पड़ गए हाथ-पैर; कटवानी पड़ी उंगलियां
Septic Shock In Woman: ब्रिटेन में पथरी का इलाज करवाने पहुंची एक महिला के साथ ऐसी घटना हुई, जिसने उसके पूरे जीवन को गंभीर खतरे में डाल दिया. मामूली से बीमारी मिहला के लिए घातक साबित हो गई.
न दोस्ती न विचारधारा फिर भी जमात का चीन से रिश्ता! बांग्लादेश में ड्रैगन का ये कैसा 'सीक्रेट गेम'?
इस मुलाकात ने दक्षिण एशिया के रणनीतिक और सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. शीर्ष सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह संपर्क केवल किसी विचारधारा के प्रति समर्थन तक सीमित नहीं है बल्कि बांग्लादेश में होने वाले आगामी चुनावों से पहले चीन की एक सोची-समझी और बहुस्तरीय कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है.
Filipino Women Worshipped Cartoon Character: फिलीपींस में एक महिला 4 साल से भगवान बुद्ध समझकर एक मूर्ति की पूजा कर रही थी, हालांकि वह मूर्ति एक कार्टून कैरेक्टर निकला.
14 लाख के बराबर एक! अमेरिका का डॉलर 40 साल बाद कैसे लाया ईरान में भूचाल? अब खामेनेई की खैर नहीं
ईरान की करेंसी रियाल के गिरने से वहां की सरकार के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है. खामेनेई की सुप्रीम लीडरशिप में रियाल की हालत दम तोड़ने के कगार पर पहुंच गई है.
Irani Girl Smoking Cigarette While Burning Khamenei Photo: ईरान में खामेनेई की सत्ता के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर जलाती एक युवती का वीडियो वायरल हो रहा है. युवती अब प्रदर्शन की पोस्टर गर्ल बन चुकी है.
Modern warfare technology: क्या अमेरिका और चीन के पास 'सोनिक' (Sonic weapons) हथियार हैं? ये चर्चा इसलिए क्योंकिएक ऑनलाइन पोस्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल चीन ने पांच साल पहले गलवान घाटी (Galwan clash) में भारत से झड़प के दौरान किया था.
बलजोत ने अपनी फेसबुक पोस्ट पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए लिखा, 'सत श्री अकाल वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह,आज इंडियाना में विरेंदर सेंभी की जो हत्या हुई है उसकी जिम्मेदारी मैं बलजोत और जस्सा लेते हैं.
गार्ड के अनुसार, कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने बिना किसी नुकसान के सैकड़ों लड़ाकों को निष्क्रिय कर दिया। उसने कहा कि उसने इस तरह की सैन्य तकनीक न तो पहले कभी देखी थी और न ही इसके बारे में सुना था।
चुनावों से पहले नेपाल में उठी राजशाही बहाली की मांग,सड़कों पर उतरे राजपरिवार के समर्थक
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Gaza Stabilization Force: बांग्लादेश की पैलेस्टाइन सोलिडैरिटी कमेटी ने सरकार को गाजा स्टेबिलाइजेशन फोर्स में शामिल न होने की चेतावनी दी है. समिति ने कहा कि गाजा गंभीर मानवीय संकट से जूझ रहा है और किसी अंतरराष्ट्रीय सैन्य बल में भागीदारी फिलिस्तीन समर्थक बांग्लादेश की ऐतिहासिक व नैतिक नीति के खिलाफ होगी.
‘एक झटके में छीन सकता हूं अमेरिकियों की नागरिकता...' ट्रंप के विवादित बयान से मचा बवाल
Trump:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर उन्हें किसी अमेरिकी नागरिक की देशभक्ति पर शक होगा या वे देश के लिए खतरा हैं, तो वह उसकी नागरिकता तुरंत रद्द कर सकते हैं. उन्होंने नेचुरलाइज्ड नागरिकों को भी इससे अलग नहीं बताया और कहा कि ऐसा करना उनका अधिकार है.
ट्रंप का ऐलान – “किसी भी हालत में ग्रीनलैंड होगा अमेरिका का”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ग्रीनलैंड को अपने अधिकार में लेगा। उनका कहना है कि अगर अमेरिका ऐसा नहीं करता है तो रूस या चीन इस रणनीतिक इलाके पर कब्जा कर सकते हैं
Donald Trump Acting President of Venezuela: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट डाली, जिसमें खुद को 'वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति' बताया. ये ऐलान निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद आया, जब अमेरिका वेनेजुएला पर कब्जा कर तेल की बिक्री का कंट्रोल ले रहा है. ट्रंप ने कहा कि वो देश को चलाएंगे जब तक संक्रमण पूरा नहीं होता. ये पोस्ट दुनिया भर में हंगामा मचा रहा है.
145 किमी दूर जिस क्यूबा को ट्रंप ने धमकाया, वहां की तस्वीरों से ही तब सहम गया था अमेरिका
वेनेजुएला के बाद ट्रंप जिस द्वीपीय देश क्यूबा को धमका रहे हैं, वे दोनों पिछले कई दशकों से दोस्त हैं. वजह समाजवादी विचारधारा होने के साथ-साथ तेल भी है. 1960 के दशक से ये दोनों देश एक दूसरे पर निर्भर हैं. अब डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि क्यूबा का पतन होने वाला है.
कौन हैं खामनेई की सत्ता को चुनौती देने वाले रजा पहलवी? इस्लामी क्रांति की वजह से छोड़ना पड़ा था ईरान
Trump Act For Iran:ईरान के अंतिम शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे और निर्वासित युवराज रजा पहलवी एक बार फिर सुर्खियों में हैं. 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद देश छोड़ने को मजबूर हुए रजा पहलवी अब ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच एक प्रमुख प्रतीक और समर्थक के रूप में उभर रहे हैं. अमेरिका में निर्वासन में रह रहे 65 वर्षीय पहलवी ने हाल के दिनों में ईरानी जनता से सड़कों पर डटे रहने और आंदोलन को जारी रखने की अपील की है.
ट्रंप की 'बहुत मजबूत एक्शन' वाली धमकी सुनते ही ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई ने बातचीत का ऑफर दे दिया है. ये तब हुआ है जब विरोध प्रदर्शनों में 500 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं. उधर निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से अपील की है कि ईरान को आजाद करवाओ, फिर महान बनाओ'. जिसके बाद अब नेगोशिएशन की उम्मीद जगी है. लेकिन हालात अभी भी आग की तरह भड़क रहे हैं. जानें पूरी खबर.
2026 Apocalypse Prediction: सोशल मीडिया पर प्रलय की भविष्यवाणियां एक बार फिर तेजी से वायरल हो रही हैं. इन भविष्यवाणियों में तीसरे विश्व युद्ध, भयानक मौसम, भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और यहां तक कि एलियन से मानव के संपर्क की बात कही जा रही है. आइए जानते है कि असल में ये भविष्यवाणियां बार-बार क्यों वायरल हो रही है...
Trump inclined to keep ExxonMobil:वेनेजुएला इन दिनों पूरी दुनिया की सुर्खियों में है. अमेरिका ने पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सैन्य कार्रवाई के जरिए हटाकरअब इस देश के विशाल तेल भंडारों को अमेरिकी कंपनियों के हवाले करने की तैयारी में जुटे हैं.लेकिन मामला इतना आसान नहीं है.
6 जनवरी 1026 यानी आज से करीब 1 हजार साल पहले। कश्मीर, मथुरा और ग्वालियर में लूटपाट कर चुका महमूद गजनवी भारत पर अपने आखिरी हमले के लिए सोमनाथ पहुंचा। उसके साथ 30 हजार घुड़सवार और हजारों पैदल सैनिक थे। सोमनाथ के ब्राह्मणों ने कहा, 'शक्तिशाली सोमेश्वर ने भारत के देवताओं के अपमान का बदला लेने इन मुसलमानों को अपने पास बुलाया है।' 15 दिन तक मारकाट और लूटपाट के बाद गजनवी वापस लौटा तो उसके पास 6 टन से ज्यादा सोना था और पीछे सोमनाथ में 50 हजार से ज्यादा लाशें और खंडहर बन चुका मंदिर। गजनवी के बाद भी सोमनाथ मंदिर कई बार तोड़ा गया और फिर बना। आखिरी बार 75 साल पहले इसे सरदार पटेल के प्रयासों से बनाया गया। इन्हीं दो ऐतिहासिक पड़ावों को जोड़ते हुए ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया गया, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। उन्होंने अपने भाषण में कहा सोमनाथ मंदिर पर ध्वजा आज भी फहरा रही, 1000 साल पहले हमलावरों को लगा था कि वे जीत गए। मंडे मेगा स्टोरी में सोमनाथ मंदिर और उससे जुड़ी कंट्रोवर्सीज की पूरी कहानी... गजनवी की लूट के 1000 साल और मौजूदा सोमनाथ मंदिर के बनने के 75 साल पूरे होने पर 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया गया। 8 से 11 जनवरी तक चले इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी ने भी भाग लिया। 10 जनवरी की शाम वे सोमनाथ पहुंचे। उन्होंने सोमेश्वर महादेव की महाआरती की। 72 घंटे चलने वाले ओंकार जाप में शामिल हुए। फिर ड्रोन शो भी देखा, जिसमें 3 हजार ड्रोन से सोमनाथ गाथा दिखाई गई। अगले दिन यानी 11 जनवरी को निकाली गई शौर्य यात्रा में पीएम मोदी शामिल हुए। इसमें 108 घोड़े और हजारों श्रद्धालु भी चल रहे थे। फिर पीएम मोदी ने सोमेश्वर महादेव का पूजन-अभिषेक किया। पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, '1000 साल पहले 1026 में गजनवी ने मंदिर को तोड़ा था। उसे लगा उसने सोमनाथ का वजूद मिटा दिया। लेकिन इसके बाद ही मंदिर का पुननिर्माण शुरू हो गया।' उन्होंने नेहरू का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा, 'जब सरदार पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निर्माण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई। तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को भी मंदिर आने से रोकने की कोशिश की गई।' पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी देश कट्टरपंथी सोच का समर्थन नहीं करेगा, लेकिन देश के कुछ लोगों ने कट्टरपंथी सोच के आगे घुटने टेक दिए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद पीएम मोदी राजकोट रवाना हो गए। ***** ग्राफिक्स: दृगचंद भुर्जी, अजीत सिंह ------ सोमनाथ मंदिर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... सोमनाथ मंदिर पर गजनवी के हमले के 1000 साल: मुस्लिम शासकों ने कई बार तोड़ा, सरदार पटेल ने बनवाया; ध्वस्त होने से बनने तक की कहानियां 2026 गुजरात के सोमनाथ मंदिर के लिए 2 वजहों से अहम है। साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला कर ध्वस्त कर दिया था, जिसके 1000 साल पूरे हो रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, 11 मई 1951 को स्वतंत्र भारत में पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष हो गए हैं। पीएम मोदी ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें...
6 फरवरी 2025, सरसंघचालक मोहन भागवत 10 दिन के पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संघ के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की और संगठन के भविष्य के रोडमैप पर बातचीत की। करीब 10 महीने बाद 18 दिसंबर को भागवत 4 दिन के लिए फिर बंगाल पहुंचे। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का जिक्र करते हुए हिंदुओं से एकजुट होने को कहा। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल तक विधानसभा चुनाव होने हैं। इस लिहाज से मोहन भागवत के ये दोनों दौरे काफी अहम हैं। चुनाव को लेकर RSS की क्या तैयारी है। ये हमें पश्चिम बंगाल के संदेशखाली में संघ के स्वयंसेवक समझाते हैं। वे बताते हैं, ‘पिछले साल फरवरी में बंगाल दौरे के वक्त संघ प्रमुख ने स्वयंसेवकों को अगले एक साल का टारगेट दिया था। इसमें VHP के कार्यकर्ता भी शामिल थे। मार्च 2026 तक स्वयंसेवकों को हिंदुओं के हर घर में दस्तक देनी है।' 'हमें हर हिंदू के घर पहुंचना है। उसमें दलितों के घर तो सबसे पहले हैं। उनके साथ खाना-पीना है। एक दिन या रात साथ गुजारनी है। बीमारी में उन्हें अस्पताल पहुंचाना है। शादी ब्याह में मदद करनी है। अभी हमें यही आदेश मिला है। अप्रैल 2025 से लेकर अब तक मैं अपनी टीम के साथ 5000 से ज्यादा घरों में जा चुका हूं। कहीं कुछ घंटे रुके तो कहीं एक दिन या रात का प्रवास किया।' पश्चिम बंगाल में चुनाव को लेकर संघ की और क्या तैयारियां हैं, संघ के स्वयंसेवक किन एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हमने RSS में अपने सोर्सेज से बात कर समझने की कोशिश की। बंगाल में चुनाव से पहले हिंदुओं को क्या मंत्र दे रहा संघकोलकाता में एक संघ कार्यकर्ता ने हमें पूरा एजेंडा समझाया। वे कहते हैं, प्रखर या कहें प्रचंड हिंदुत्व, दलितों को जोड़ना, बांग्लादेश में हिंदुओं की हालत, घुसपैठ और ममता राज में महिलाओं पर क्रूरता। इन 5 मुद्दों पर हम घर-घर चर्चा कर रहे हैं। अब तक बंगाल के एक बड़े हिस्से में हम पहुंच भी चुके हैं।' आप बंगाल के हिंदुओं को क्या मंत्र दे रहे हैं? ये पूछने पर वो हंसकर बताते हैं, 'वही जो दुनिया के हर कोने में हिंदुओं के लिए है। हिन्दुव: सोदरा: सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत्।मम दीक्षा धर्म रक्षा, मम मंत्र समानताः।मतलब सभी हिंदू एक-दूसरे के भाई हैं, कोई भी हिंदू पतित (नीच) नहीं है। मेरा संकल्प धर्म की रक्षा करना और मेरा मंत्र समानता है। इस मंत्र को उनके मन तक पहुंचाना है। हम हिंदू भाईचारे के इस मूलमंत्र को हर हिंदू तक खासतौर पर हर दलित तक पहुंचा रहे हैं।' वे इस बात को और साफ करते हुए कहते हैं, 'देखिए संघ चुनाव में किसी पार्टी के लिए सीधा प्रचार नहीं करता, लेकिन सबको पता है कि संघ और VHP किसके संगठन हैं। हमें चुनाव के पहले हर हिंदू और खासतौर पर दलितों को संदेश देना ही है कि हिंदू एकजुट नहीं रहे तो उनका हाल बांग्लादेश के हिंदुओं जैसा होगा।' कुछ देर के मौन के बाद वे गंभीरता से कहते हैं, 'आपको पता है कि बांग्लादेश की सीमा संदेशखाली से सिर्फ 15 किलोमीटर दूर है। बंगाल में संघ की सबसे एक्टिव विंग VHP है। इसलिए इस काम में उसके कार्यकर्ता सीधे तौर पर इन्वॉल्व हैं। हर टीम में स्वयंसेवक और VHP कार्यकर्ता साथ काम कर रहे हैं।’ पश्चिम बंगाल में RSS का एजेंडा, 5 पॉइंट्स में समझिए… 1. प्रचंड हिंदुत्व की बातेंदिसंबर में पश्चिम बंगाल पहुंचे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- दुनियाभर के हिंदुओं को एकजुट होकर बांग्लादेशी हिंदुओं की मदद करनी होगी। भारत ही हिंदुओं का एकमात्र देश बचा है। भारत सरकार को भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर दखल देना चाहिए। मुझे लगता है कि सरकार शायद कुछ कर भी रही है।' संघ प्रमुख की इस चिंता को RSS की बंगाल यूनिट के जनरल सेक्रेटरी जिश्नू बसु समझाते हुए कहते हैं, 'बंगाल भी बांग्लादेश जैसा ही बनता जा रहा है। यहां के बुद्धिजीवी गाजा के हालात पर चिंता जताते हैं, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कोई बात नहीं करता। ये कैसे बुद्धिजीवी हैं, जिन्हें हजारों किलोमीटर दूर गाजा की हिंसा दिखती है, लेकिन कुछ किलोमीटर दूर स्थित बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार नहीं दिखता।' वहीं बंगाल में RSS के जमीनी कार्यकर्ता कहते हैं, 'हम बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की कहानी घर-घर तक पहुंचा रहे हैं। RSS बंगाल यूनिट के पदाधिकारी तो इसे अपने भाषणों और बयानों में दोहरा ही रहे हैं। सरसंघचालक कह चुके हैं कि बंगाल में जल्द ही कुछ और बड़े पदाधिकारियों का दौरा भी हो सकता है। ऐसे वे भी अपने प्रवास के दौरान इन बातों को यहां दोहराएंगे।' वे आगे कहते हैं, RSS पॉलिटिकल बातें नहीं करती है। हम ये नहीं बता सकते कि किस पार्टी को वोट दें, लेकिन हिंदू राष्ट्रहित में कैसी सरकार चुननी चाहिए, ये तो बता ही सकते हैं। राष्ट्रहित में ये बताना हमारा धर्म है कि हिंदुओं को एकजुट और चौकन्ना रहना होगा। बंटेंगे तो कटेंगे। दलित, आदिवासी और सवर्ण से पहले हम हिंदू हैं, यही हमारी पहचान है। 2. हिंदुओं को एकजुट करने की कोशिशइसका मतलब RSS के एक साल के एजेंडे में बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की कहानी पहुंचाना भी शामिल था। इस पर RSS के पदाधिकारी कहते हैं, 'देखिए हमारा प्रमुख एजेंडा हिंदू एकजुटता है। उसका सबसे ताजा उदाहरण बंगाल में हिंदुओं पर हो रहा अत्याचार है। आम हिंदू भी इसे देख और सुन रहा है, तो अगर कहानी वहां से शुरू होगी तो ज्यादा समझ आएगी। ‘हम कहते हैं कि अगर बंगाल को बांग्लादेश बनाने से बचाना है तो हिंदुओं को अवेयर होना पड़ेगा। हमारे बीच ऊंच-नीच का भाव भुलाकर एकजुट होना होगा। बंगाल और बांग्लादेश ज्यादा दूर नहीं हैं। हमें अपनी पहचान बचानी होगी। हिंदू नस्ल बचानी होगी क्योंकि हम ही कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं।' 3. दलितों के घर उनके साथ खाने पर चर्चाबंगाल में 30% से ज्यादा दलित हैं। यानी ये निर्णायक स्थिति में है। सोर्स बताते हैं, ‘फरवरी 2025 में RSS प्रमुख ने स्वयंसेवकों को दलित कम्युनिटी के बीच प्रमुखता से जाने को कहा था। उनके घर प्रवास करने और साथ भोजन करने की सलाह दी थी। बशीरहाट के एक कार्यकर्ता इसे लेकर कहते हैं, 'भागवत जी का संदेश साफ था कि हिंदू समुदाय की एकजुटता को ऊंच-नीच में बांटने की कोशिश हो रही है। दलितों और आदिवासियों के मन में ये भाव भरा जा रहा है। इसलिए हमें दलितों और आदिवासियों के भीतर कमजोर हो रहे हिंदुत्व के भाव को फिर से मजबूत करना होगा।' 'इसलिए घर-घर जाने के अभियान में स्वयंसेवकों की लिस्ट में सबसे ऊपर दलितों के घर हैं। उनके घरों में कम से कम एक दिन या रात गुजारना हर स्वयंसेवक की लिस्ट में है। उनके दुख-सुख में हमें बराबरी से खड़ा होना है। ये पहल ऊंची जाति के सवर्ण स्वयंसेवक कर रहे हैं। वो दलितों के घर उनके कामकाज में जा रहे हैं। ये कोशिश है कि दलित उन स्वयंसेवकों के घर बराबरी से आएं।' 4. ममता राज में महिलाओं से क्रूरता पर बातचुनाव से ठीक एक साल पहले RSS की बैठक के एजेंडे में चौथे नंबर पर महिलाओं के साथ ममता राज में हो रही हिंसा का मुद्दा है। बंगाल में RSS के एक आधिकारिक सोर्स ने बताया, '2022 में नदिया जिले में हुए गैंगरेप में TMC कार्यकर्ता का नाम आया और CM ममता उसके बचाव में उतर गईं।' 'फिर आरजीकर रेप-मर्डर केस में भी ममता बनर्जी पीड़िता के पक्ष में नहीं दिखीं और एक्शन लेने में देरी हुई। इसके बाद सबसे ताजा मामला मालदा और मुर्शिदाबाद में दंगाइयों के आतंक का है, जिसकी सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं हुईं। आरोप है कि ये दंगे वक्फ कानून के खिलाफ एक खास कम्युनिटी के लोगों ने किए थे।' वे आगे कहते हैं कि बंगाल में हिंदू महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। महिलाओं के खिलाफ हिंसा की एक लंबी लिस्ट है। हम घर-घर चर्चा में इस मुद्दे को भी उठा रहे हैं। 5. घुसपैठ पर संघ की चिंताRSS बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर लगातार सख्त है। एक साल के एजेंडे की लिस्ट में घुसपैठ का मुद्दा भी शामिल किया गया था। बंगाल की जनता को डेटा से समझाया जा रहा है कि कैसे घुसपैठ से राज्य की डेमोग्राफी चेंज करने की साजिश चल रही है। इस कवायद का सिर्फ एक ही मकसद है, हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाना। ममता के वोटों का गणित बिगाड़ने की भी तैयारीइमोशनल मुद्दों के बाद वोटों के गणित की बारी आती है। ममता के पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद के ऐलान को भी स्वयंसेवक CM ममता की चाल बता रहे हैं। मुर्शिदाबाद के एक संघ कार्यकर्ता कहते हैं, 'ममता बनर्जी लगातार हिंदुओं के सेंटिमेंट्स के साथ खेल रही हैं। हुमायूं कबीर के तौर पर उन्होंने मुस्लिम तुष्टिकरण और पोलराइजेशन का पासा फेंका। उनकी पार्टी में रहते हुए पिछले एक साल से वो लगातार बाबरी मस्जिद बनाने की बात कर रहा था। उस पर एक्शन तब लिया, जब हंगामा मचा।' हालांकि अब तो मुस्लिम वोट बंट ही जाएगा न। इस पर जवाब मिला, 'क्या खाक बंटेगा। हुमायूं को पहले भी पार्टी से निकाला गया था। फिर शामिल कर लिया गया था। चुनाव में अगर मुस्लिम वोटों के बंटने का डर होगा तो फिर उसे शामिल कर लेंगे।' फिर वो धीरे से कहते हैं कि हालांकि अगर ये शामिल नहीं हुआ तो ममता का बड़ा नुकसान होगा। बंगाल में BJP की स्थिति पर संघ का सर्वे जारीबंगाल के सह प्रचार प्रमुख बिप्लव रॉय मस्जिद के मसले को सीधा काटते हैं। वे कहते हैं, 'भारत में बाबरी मस्जिद अब दोबारा बन ही नहीं सकती। बाबर ने तो भारत पर हमला किया था। उसके नाम से मस्जिद कैसे बन सकती है। जो कह रहे हैं, उन्हें कहने दो। मैं कह रहा हूं कि इस नाम से मस्जिद नहीं बनेगी।' बंगाल में BJP की क्या स्थिति है और संघ किन मुद्दों पर लोगों से सवाल पूछ रही या उन्हें टटोल रही है? बिप्लव रॉय जवाब में कहते हैं, 'हम बेरोजगारी, राज्य की आर्थिक स्थिति, अस्पतालों की हालत, एजुकेशन, डेवलपमेंट पर लोगों से बात कर रहे हैं कि किन मुद्दों पर उन्हें असंतोष है।' 'RSS फरवरी के पहले हफ्ते में अपनी रिपोर्ट सौंपकर बताएगी कि लोगों के बीच किन मुद्दों की चर्चा है। जनता किन मुद्दों को लेकर खफा है और सरकार से क्या आस लगाए हुए है। लोग सत्ताधारी दल के पक्ष में हैं या लहर उसके विरोध में है।' =========================== ये खबर भी पढ़ें... बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्ल, पश्चिम बंगाल तक असर 18 दिसंबर 2025, रात करीब 9 बजे का वक्त था। बांग्लादेश के मैमनसिंह जिले में भीड़ ने गारमेंट फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू दास को पकड़ लिया। ईशनिंदा का इल्जाम लगाकर भीड़ ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद दीपू के शव को फैक्ट्री से कुछ दूर ले गए और आग लगा दी। उस दिन से अब तक बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों में 6 हिंदुओं की हत्या हुई है। बांग्लादेश में दीपू की हत्या का असर पश्चिम बंगाल में दिख रहा है। पढ़िए पूरी खबर...
ईरान में महंगाई के खिलाफ उग्र आंदोलन: 100 से अधिक शहरों में हिंसा, 538 मौतें; अमेरिका-यूरोप की नजर
प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सरकारी इमारतों, बैंकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। जवाब में सुरक्षाबलों ने भी कड़ी कार्रवाई की, जिसके चलते हालात लगातार बेकाबू होते चले गए।
उबलते किलाउएआ ज्वालामुखी ने बढ़ाई वैज्ञानिकों की चिंता, 50 फीट तक उठ रहे लावे के फुव्वारे
Kilauea volcano: वैज्ञानिकों ने बताया कि ज्वालामुखी के अंदर होने वाले कंपन, जिन्हें वोल्कैनिक ट्रेमर कहा जाता है वो पहले से ज्यादा तेज हो गए हैं. इसके साथ ही लावा में गैस के बुलबुले फूटने की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं, जिससे लावा के छोटे-छोटे टुकड़े हवा में उछल रहे हैं.
ईरान में अवाम का कत्लेआम! विरोध-प्रदर्शन में अब तक 538 ने गंवाई जान, एक्टिविस्ट्स का दावा
Iran protest live update:ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान कम से कम 538 लोग मारे गए हैं. मृतकों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है. दूसरी ओर तेहरान की सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सैन्य हमला किया तो अमेरिका की सेना और इजरायल पर डायरेक्ट हमला होगा.
Europe Tourism News: यूरोप घूमने का सपना काफी लोगों का रहता है. माना जाता है कि यूरोपीय देश बहुत साफ-सुथरे और टूरिस्ट फ्रेंडली हैं. लेकिन क्या ये फैक्ट वाकई सच हैं. एक ट्रैवल ब्लॉगर के वीडियो ने यूरोपीय देशों के टूरिज्म का 'ग्लैमर' तोड़ दिया है.
हम फिर से एक हो सकते हैं... ईरान पर इजरायल का बड़ा बयान, शर्त बस एक ही है!
Israel Iran Tension: इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'ईरान की मौजूदा सरकार गिरने पर दोनों देश फिर से साझेदार बन सकते हैं'. आपको बताते चलें कि ईरान और इजरायल एक जमाने में जिगरी दोस्त हुआ करते थे'. ईरान में कट्टरपंथियों की सरकार आने के बाद दोनों के रिश्ते तल्ख होते चले गए.
ट्रंप का क्यूबा को अल्टीमेटम – बहुत देर होने से पहले डील करो
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरेबियाई देश क्यूबा को धमकी दी है। अल्टीमेटम के साथ कि अगर अमेरिका संग डील नहीं की तो उसे उसका अंजाम भुगतना होगा
Let's deal! इससे पहले देर हो जाए... वेनेजुएला को बर्बाद करने के बाद क्यूबा को ट्रंप की खुली धमकी
Trump warns Cuba: कहां 'ईगल' इतना बड़ा अमेरिका और इत्तू सा क्यूबा, टेक्निकली दोनों में दूर-दूर तक कोई तुलना नहीं है, फिर भी सुपरपावर इस छोटे से देश जिसे 'चीनी का कटोरा' भी कहते हैं, उस क्यूबा से बेंइतहा नफरत करता है. दोनों की दूरी बस इतनी कि फौज छोड़िए, कोई आम अमेरिकी अपनी नाव पर बैठे और चंद घंटों में पहुंच जाए.
बुर्ज खलीफा नहीं रहेगी दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग, ये देश बनाने जा रहा 1000 मीटर ऊंचा टावर
Jeddah Tower: जेद्दा टावर का निर्माण 2009 में शुरू हुआ था, लेकिन 2018 में कुछ कारणों से इसे रोकना पड़ा था. अब फिर से 2024–25 में इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम दोबारा शुरू हुआ है, जिसके 2028 तक पूरा होने की उम्मीद है.
न कोई नदी और न कोई झरना फिर भी लाखों की आबादी को कैसे मीठा पानी पहुंचाता है ये मुस्लिम देश?
पानी की भारी भरकम कमी के बावजूद ये आधुनिक कुवैत से बिलकुल अलग है. यहां पर लगभग 4.9 मिलियन घर हैं. कुवैत अपनी विशाल तेल संपदा, ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अपनी बड़ी भूमिका और ज्यादा कमाई वाले देशों के अलावा अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. इसे 'खाड़ी का हॉलीवुड' के नाम से भी जाना जाता है.
ब्रिटेन में शौकिया कलेक्शन के लिए शख्स ने 36 लाख में खरीदा टैंक... अंदर में मिली ये चौंकाने वाली चीज
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लंदन निवासी निक मीड सैन्य वाहनों के कलेक्टर हैं। वह पुराने और दुर्लभ सैन्य वाहनों को खरीदकर उनकी मरम्मत करते हैं और फिर उन्हें अपने निजी संग्रहालय में प्रदर्शित करते हैं।
'भुगतने होंगे भयानक परिणाम...' Kim Jong Un की बहन ने ड्रोन अटैक को लेकर साउथ कोरिया को धमकाया
Kim Jong-Un: उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने दक्षिण कोरिया से ड्रोन घुसपैठ पर स्पष्टीकरण की मांग की है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरियाई ड्रोन ने उत्तर कोरिया के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया को भविष्य में किसी भी उकसावे पर भयानक परिणाम भुगतने होंगे.
तो ट्रंप ने ईरान को सबक सिखाने का कर लिया फैसला? इजरायल में पक रही है खिचड़ी है, चल रही तैयारी
Iran Protest: ईरान में अमेरिकी हस्तक्षेप के संकेतों के बीच इजरायल हाई अलर्ट पर है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सुरक्षा प्रतिष्ठान हालात की समीक्षा कर रहा है.
Trump Nobel Peace Prize: वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने हाल ही में 2025 का नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इसे देने या साझा करने की इच्छा व्यक्त की थी. इस पर अबनॉर्वे के नोबेल संस्थान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार साझा और हस्तांतरणीय नहीं किया जा सकता है.
Western Cape Fires: दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न और ईस्टर्न केप प्रांतों में कई जगहों पर जंगलों में लगी आग अभी भी फैली हुई है. जिसकी वजह से कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.
'चैन से नहीं बैठेंगे...' वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अब ट्रंप को दी धमकी, खाई ये कसम
Donald Trump: वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अमेरिकी हिरासत में लिए गए राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी की देश वापसी तक कोई आराम न करने का संकल्प लिया है. मिरांडा में कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता और शांति का आह्वान किया और पुष्टि की कि मादुरो की सात कार्य योजनाएं जारी हैं जो देश के नेतृत्व और भविष्य के लिए निर्णायक हैं.
विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरानी सेना का ऐलान हर हाल में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेंगे
ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सेना ने कहा है कि वह देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी
क्या है अमेरिका का मिस्ट्री बम जिससे ट्रंप ने मादुरो को बनाया अपना गुलाम
Nicolas Maduro: वेनेजुएला में राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को किडनैप करने के अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन में न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने एक मिस्ट्री वेपन का इस्तेमाल किया था. मादुरो की सुरक्षा में तैनात सैकड़ों सैनिक इस तकनीक के सामने बेबस हो गए जबकि अमेरिकी सैनिकों को किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ.
Donald Trump: ईरान के हालात इस समय ठीक नहीं है. काफी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं, इसी बीच एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को हाल के दिनों में ईरान को टारगेट करने के कई मिलिट्री ऑप्शन के बारे में जानकारी दी गई है.
ईरान में हालात बिगड़े ट्रंप बोले अमेरिका हर मदद के लिए तैयार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान में जो हालात बने हुए हैं, उनमें अमेरिका मदद के लिए तैयार है
Iran Protest:ईरान ने पिछले डेढ़ दशक में कई बड़े जन आंदोलनों का सामना किया है. हर बार लाखों लोग सड़कों पर उतरे और सरकार विरोधी नारे गूंजे. आंदोलन के शुरुआती चरणों में सरकार पर दबाव बढ़ता दिखा लेकिन हर बार आंदोलन का अंत एक ही पैटर्न में हुआ. और इसके लिए ईरान के सुप्रीम लीडर की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को क्रेडिट दिया जाता है. आइए समझते है IRGC कैसे इन आंदोलनों को आसानी से खत्म कर देती है.
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर कर वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है. ट्रंप के इस साइन से अमेरिकी खातों में जमा वेनेजुएला के तेल राजस्व को सुरक्षित रखा जाएगा. इस आदेश से वेनेजुएला के भविष्य की तेल आय पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण रहेगा.
OP Hawkeye: अब सीरिया में कहर बनकर टूटा अमेरिका! 35 से ज्यादा ISIS ठिकाने तबाह
operation hawkeye strike in syria: अमेरिका ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक चलाया है. यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में की गई है और आईएसआईएस को पूरी तरह कमजोर करने के मकसद से आगे भी जारी रहेगी.
जानें क्यों आसान नहीं है डोनाल्ड ट्रंप के लिए ग्रीनलैंड को हड़पना, क्या है सबसे बड़ी दीवार
ग्रीनलैंड कोई अमेरिकी उपनिवेश नहीं, बल्कि डेनमार्क का अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसकी संप्रभुता डेनमार्क के पास है। ऐसे में किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई सीधे तौर पर डेनमार्क की संप्रभुता पर हमला मानी जाएगी।
पाकिस्तान में हिंदू किसान की हत्या, हजारों लोग सड़कों पर उतरे; प्रशासन को झुकना पड़ा
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले में एक हिंदू युवक की हत्या के बाद तनाव फैल गया। 22 वर्षीय किसान कैलाश कोहली की हत्या से आक्रोशित हिंदू समुदाय के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और थार कोयला मार्ग पर यातायात ठप कर दिया।
बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने बैठक के बाद इस नियुक्ति की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए तारिक रहमान को नेतृत्व सौंपने का निर्णय लिया है।
मेरा नाम सोनी है। पश्चिम बंगाल के बनगांव की रहने वाली हूं। मैंने खुद को हमेशा एक लड़की ही माना, लेकिन लोगों ने मुझे पहचान दी- किन्नर, हिजड़ा जैसे शब्दों से। लोग कहते थे, ‘न मां बन पाएगी, न किसी की दुल्हन… फिर इसके जीने का क्या मतलब?’ उन बातों को सुनते-सुनते मैं जी तो रही थी, लेकिन अंदर से लाश बन गई थी। पेट भरने के लिए ऑर्केस्ट्रा में नाचती थी। छपरा के जनता बाजार की एक दवा दुकान से शुरू हुई मेरे प्यार की कहानी। प्रेमी आदर्श को नहीं पता था कि मैं किन्नर हूं- फिर भी मुझे इंसान समझकर पास आया। वीडियो वायरल होते ही परिवार में बवाल मच गया। मां ने कहा- ‘किन्नर से शादी की तो बहनों का ब्याह नहीं होगा।’ मैं दो भाई, दो बहनों में सबसे छोटी हूं। पैदा होने पर जैसे एक लड़की होती है, मैं भी वैसे ही थी। जब थोड़ी बड़ी हुई, तो मेरे शरीर में अलग तरह के बदलाव दिखने शुरू हुए। 12-13 साल की उम्र के बाद जो बाकी लड़कियों में होता है, मेरे शरीर में नहीं हुआ। मुझे पीरियड्स नहीं आए। शरीर और मेरे हाव-भाव देखकर आस-पास के लोग कहने लगे- ये तो किन्नर पैदा हो गई है। अब तो इसे किन्नर लोग उठाकर ले जाएंगे। मैं उनकी बातें सुनकर डर के मारे कांपने लगती थी। मां पलटकर जवाब देती- मेरी बेटी है। मैंने पैदा किया है। अब वो जो भी है, जैसी भी है, मेरे ही साथ रहेगी। मेरे पापा खेती-बाड़ी और मछली-पालन करते हैं और मां घर संभालती हैं। 2019 की बात है। बीए दूसरे साल में थी। घर पर पैसे की दिक्कत थी तो मेरी एक सहेली ने मुझसे कहा- बिहार चलोगी। वहां पर काम है। पैसे मिलेंगे। मैंने पूछा- क्या काम है? सहेली बोली- वहां अलग-अलग कार्यक्रमों में डांस करना होगा। फिर मैंने सकुचाते हुए कहा- मुझे तो डांस नहीं आता। घूमने-फिरने का शौक है। घर पर पूछकर बताऊंगी। मैंने घर आकर मां को बताया कि बिहार जा रही हूं। एक महीने बाद घूमकर चली आऊंगी। मां ने इजाजत दे दी। मैं पश्चिम बंगाल से बिहार के छपरा आ गई। वहां मेरे ग्रुप में कई लड़कियां थीं। वे सभी मेरे पास के एक गांव की थीं। उस गांव की अमूमन लड़कियां दूसरे राज्यों में जाकर इसी तरह डांस करती हैं। उनके साथ मुझे भी ठेकेदार छपरा-सीवान के आस-पास जहां भी कार्यक्रम होता, साथ लेकर जाता था। स्टेज पर जब डांस होता तो मैं खड़ी की खड़ी रह जाती। मुझे डांस नहीं आता था। सामने भीड़ चिल्लाने लगती। भोजपुरी में कहती- इसे हटाओ, कहां से उठाकर ले आए हो। डांस नहीं करने आता, तो क्यों चली आती हैं। उस वक्त मुझे हिंदी, भोजपुरी नहीं समझ में आती थी। उसके बाद धीरे-धीरे डांस सीखना शुरू किया। एक महीना हुआ तो वापस घर आ गई। उस वक्त तक मैं आदर्श से नहीं मिली थी, न कभी देखी थी। 2021-22 की बात है। मेरे बड़े भाई तीन मंजिला बिल्डिंग से नीचे गिर गए। उनके शरीर की कई जगह से हड्डियां टूट गईं। वह महीनों बेड पर चले गए। उन्हीं की कमाई से घर चलता, जो कि मुश्किल हो गया था। मैंने सोचा- अब तो डांस सीख ही लिया है। बिहार जाकर ऑर्केस्ट्रा में नाचूंगी तो घर की हालत संभल जाएगी। फिर से वापस बिहार चली गई। वहां एक ठेकेदार के यहां रहने लगी। वह हमें कार्यक्रमों में नाचने के लिए ले जाता। इस समय तक मैं नाचना सीख गई थी। इतना अच्छा कि भीड़ मेरा ही डांस देखने के लिए बार-बार स्टेज पर बुलाती। मैं भी खूब नाचती थी। करीब 7 महीने डांस किया, लेकिन ठेकेदार ने पैसा नहीं दिया। मैं परेशान होने लगी। उसके साथ मेरी मार-पिटाई हो गई। उसके बाद मैं और बाकी लड़कियों को साथ लेकर छपरा के जनता बाजार आ गई। वहीं पर आदर्श की एक दवा की दुकान थी। उसकी परिवार को यह स्टोर खोले हुए कुछ ही महीने हुए थे। वह हर रोज दवा की दुकान पर सुबह से शाम तक बैठता था। मेरी टीम की कुछ लड़कियों की तबीयत खराब थी। सर्दी-खासी, बदन दर्द की दवा लेनी थी। मैं दवा लाने गई। आदर्श उस वक्त दुकान बंद कर रहा था। मैंने दवा का नाम बताया, तो उसने बोला- कुछ दवाइयां हैं। कुछ नहीं…। कल मंगवा दूंगा। मैंने अपना पता और मोबाइल नंबर दिया और कहा कि- वह मेरे कमरे पर पहुंचा दें। दूसरे दिन आदर्श दवा लेकर मेरे कमरे पर आया। उस दिन से वह अक्सर मुझसे बात करने लगा। उस वक्त तक उसे नहीं पता था कि मैं किन्नर हूं। करीब 6 महीने बाद आदर्श ने एक दिन मुझसे कहा कि वह मुझसे प्यार करता है। मैं मुस्कुराते हुए बोली- लोग ऐसे ही बोलते हैं। मेरे लिए यह कोई नई बात नहीं है। अमूमन हर लड़के मुझसे यही कहते हैं। जब डांस करने जाती हूं तो वे मेरा फोन नंबर मांगते हैं। कहते हैं कि वह मुझसे शादी करना चाहते हैं। आदर्श शर्माते हुए बोला- मैं सच में प्यार करता हूं। मैंने उसे अपने पास बैठाया और समझाया- मैं किन्नर हूं। मैं सामान्य लड़की नहीं हूं। मैं कभी मां नहीं बन सकती। आदर्श सुनते ही बोला- … तुम मां नहीं बन सकती हो, तो क्या हुआ। हम दोनों साथ तो रह सकते हैं न ! मैं उसे डांटते हुए बोली- हर लड़का यही कहता है। बाद में धोखा देकर चला जाता है। मैं नाचने वाली हूं। किन्नर हूं। तुम्हारे घर वाले मुझे कभी स्वीकार नहीं करेंगे। नाचती हूं, तो सिर्फ पेट की खातिर। यदि सच में मुझसे प्यार करते हो, तो अपने घर वालों को बताओ। दुनिया के सामने मुझे इज्जत देनी पड़ेगी। आदर्श हर बात के लिए तैयार हो गया। आखिर में हम दोनों ने एक साथ वीडियो बनाया, जो कि वायरल हो गया। आदर्श के घर वालों को पता चल गया कि वह एक किन्नर से प्यार करता है। उसने अपनी मां को बताया, तो मां फटकारते हुए बोलीं- नाचने वाली छक्का, हिजड़ा से ब्याह करोगे? पगला गए हो? करीब डेढ़-दो महीने तक ये सब चलता रहा। उसके घर वाले बहुत परेशान थे। एक दिन आदर्श के पिता ने भरे बाजार में लोगों के सामने उसकी खूब बेइज्जती की। खूब मारा-पीटा। उसके बाल कटवा दिए, ताकि वह मुझे अच्छा न लगे। लेकिन वह पीछे हटने को तैयार नहीं हुआ।। उस दिन आदर्श की मां ने उसे समझाते हुए कहा था- तुम घर में सबसे बड़े हो। तुम नचनिया, किन्नर से शादी करोगे, तो बाकी बच्चों का क्या होगा? कोई तुम्हारी बहन से ब्याह नहीं करेगा। पिता ने सालों विदेश में नौकरी की। सारी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी। लेकिन आदर्श ने कुछ नहीं माना। उसने खाना-पीना छोड़ दिया। उसकी मां परेशान होकर मुझे फोन करके कहतीं- बेटे ने अभी तक खाना नहीं खाया है। तुम बोलोगी, तो खा लेगा। लेकिन आदर्श जिद पर अड़ा था। करीब दो महीने बाद आदर्श ने मुझसे कहा- वह भी बंगाल आना चाहता है। आखिर मैंने उसे अपने पास बुला लिया। जिस दिन वह मेरे घर आया, उस दिन गांव के लोग मेरे दरवाजे पर जमा हो गए। कहने लगे- बिना शादी के अनजान लड़का कैसे किसी एक लड़की के साथ रह सकता है? पहले शादी करनी होगी, फिर दोनों साथ रह पाओगे। उसके बाद सारी रस्म-रिवाज के साथ हम दोनों पास के एक मंदिर में गए और शादी कर ली। क्या ही बताऊं। उस दिन जब आदर्श ने मेरी मांग भरी, तो ऐसा लगा जिंदगी की सारी मुराद पूरी हो गई। मुझे आज भी याद है- जब पहली बार पता चला था कि मैं किन्नर हूं, तो लगा था कि अब किसी की बहू नहीं बन पाऊंगी, न दुल्हन। उस वक्त किसी की मांग में सिंदूर देखती, तो लगता कि काश मैं भी ये सिंदूर, बिंदी बड़ी होकर किसी के नाम की लगा पाती! इस तरह आदर्श से मेरी शादी हो गई थी। आदर्श ने एक रोज कहा- तुम ऑर्केस्ट्रा में नाचना छोड़ दो। नाचती हो, तो मुझे अच्छा नहीं लगता। मैंने उसकी बात मान ली। अब हम दोनों मिलकर सोशल मीडिया पर ब्लॉगिंग करते हैं। वीडियो बनाते हैं। उससे कमाई अच्छी हुई है। उसी से अब अपना घर बनाने जा रही हूं। आदर्श अब भी अपने गांव जाता है। वह पटना से फिजियोथेरेपी की पढ़ाई कर रहा है। वह अक्सर अफसोस जताता है कि- मेरा किन्नर पैदा होना गुनाह था क्या, जो इस समाज या उसके घर वालों ने नहीं अपनाया। उसे आज भी डर है कि अगर मैं उसके घर गई, तो घर और गांव वाले, बाहर कर देंगे। आदर्श के घर वालों का यही कहना है कि मुझसे शादी करने के बाद अब उनकी बेटियों की शादी नहीं हो पाएगी। उन्होंने हम दोनों को अपनाने से साफ-साफ इनकार कर दिया है। उनकी मां ने कहती हैं- यदि तुम लोग इस घर में आओगे, तो लोग हमें गांव से निकाल देंगे। उसके गांव के लोग कहते है- किन्नर ने मासूम से लड़के पर बंगाल का काला जादू कर दिया है। हिजड़ा कहीं का, अब किन्रर भी शादी करने लगी हैं भला, वो भी एक नॉर्मल लड़के से। लेकिन उन्हें क्या पता कि हम दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन सोचती हूं कि आखिर मैं भी तो एक लड़की ही हूं न। शरीर, आत्मा सब लड़की का है। मेरी भी तो बाकियों की तरह जिंदगी है। बस मां नहीं बन सकती। इसके लिए भी मैं डॉक्टर से दिखवा रही हूं। यदि मां नहीं बनी तो क्या हुआ, कोई बच्चा गोद ले लूंगी। नहीं तो IVF करवाऊंगी। अब लोग मेरे पति आदर्श से पूछते हैं- किन्नर से शादी किया है, खुश कैसे रहते हो? उन्हें क्या पता कि जो संबंध एक लड़की और लड़के के बीच होता है। वही पति-पत्नी के बीच भी हो सकता है। हमारे बीच वैसा ही संबंध है। अब तो मैंने लोगों को जवाब देना ही छोड़ दिया है… (सोनी ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर नीरज झा से साझा किए हैं) ----------------------------------------------------- 1- संडे जज्बात-दोस्त की प्रेमिका प्रेग्नेंट हुई, रेप केस मुझपर चला:पंचायत ने 6 लाख में सौदा किया- 5 साल जेल रहा, अब बाइज्जत बरी बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला मैं मुकेश कुशवाहा। मुझ पर 17 साल की लड़की के रेप और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा चला। वो लड़की मेरे दोस्त की प्रेमिका थी। दोस्त ने उसे प्रेग्नेंट किया था, लेकिन मुकदमा मुझ पर चला। पूरी खबर यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-रिश्तेदार की लाश लेकर आया, मेरे गाल छूने लगा:लाशें जलाने के कारण शादी नहीं हुई- पति के बिना जी लूंगी, लाशों के बिना नहीं मैं टुम्पा दास- पश्चिम बंगाल में डोम समुदाय की पहली महिला हूं, जो पिछले कई सालों से कोलकाता के बड़िपुर गांव के श्मशान में लाशें जला रही हूं। पता नहीं भारत में कोई और महिला यह काम करती है या नहीं, पर मैंने यही रास्ता चुना… और यह रास्ता आसान नहीं था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
ईरान में खामेनेई के खिलाफ शोर गल्फ देशों तक पहुंचा, जीसीसी में बढ़ी हलचल, क्या सता रहा ट्रंप का डर?
ईरान में इन दिनों हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्लाह खामेनेई के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है
21 सेकेंड का एक वीडियो है। इसमें दिख रहे लोगों के हाथ में तलवारें और फरसे हैं। भारत माता की जय का नारा लगाते हुए सभी एक घर के सामने रुकते हैं। घर से बाहर निकले शख्स को तलवार थमाते हैं और कहते हैं, ‘ये अपनी बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए, अगर बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा होती है, तो विधर्मियों से अपनी सुरक्षा के लिए।’ शख्स तलवार लेता है, माथे से लगाता है। सभी नारा लगाते हैं- जय श्री राम। ये वीडियो 29 दिसंबर का है। जगह गाजियाबाद का शालीमार गार्डन एरिया। तलवार बांटने वाले हिंदू रक्षा दल के सदस्य थे। 6 जनवरी को पुलिस ने इस संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र उर्फ पिंकी चौधरी को बेटे के साथ अरेस्ट कर लिया। 10 आरोपी पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। संगठन का कहना है कि सदस्यों को जमानत मिलेगी, तो फिर से तलवार बांटेंगे। इनके अलावा एक कहानी उन लोगों की भी है, जिन्होंने तलवारें ले लीं। ये लोग भी हिरासत में हैं। इनमें एक सोसाइटी के गार्ड थे। उनकी पत्नी बताती हैं कि पति सो रहे थे। संगठन वाले आए, हाथ में तलवार दे दी। पुलिस उन्हें भी पकड़कर ले गई। दैनिक भास्कर ने इस मामले में हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा से बात की। हम उन लोगों के परिवार से भी मिले, जिन्हें तलवार लेने की वजह से जेल जाना पड़ा। लोग बोले- अनजाने में तलवार ले ली, पुलिस ने पकड़ लियाहम गाजियाबाद के शालीमार गार्डन एरिया में पहुंचे। यहां ज्यादातर लोग इस मुद्दे पर बोलने से बचते रहे। हिंदू रक्षा दल ने कई घरों में तलवारें बांटी थीं, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। पुलिस ने जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें से दो परिवारों से हमने बात की। हालांकि वे अपनी पहचान उजागर नहीं करना चाहते। इसलिए सभी के नाम बदले गए हैं। अरेस्ट लोगों में एक शख्स सोसाइटी में गार्ड हैं। उनकी पत्नी भावना कहती हैं, ‘ मेरे पति किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं। वे तो घर में सो रहे थे। संगठन के लोग आए और आवाज लगाई। पति गेट पर चले गए, उन लोगों ने अचानक हाथ में तलवार थमा दी और कहा कि ऐसा बोलो। मेरे पति ने बोल दिया। हमारा उनसे कोई नाता नहीं है। उसी दिन शाम को पुलिस आई और पति को ले गई। पुलिसवालों ने मुझसे कहा कि कोर्ट में जाकर बात करना।’ हमने भावना से पूछा कि हिंदू रक्षा दल वाले हथियार बांट रहे हैं, इसे वे सही मानती हैं या गलत। भावना कहती हैं, ‘अभी डर का माहौल है। सबके पास हथियार होना ही चाहिए। देखो बांग्लादेश में क्या हो रहा है। यहां हम सुरक्षित नहीं हैं।’ ‘नहीं पता था तलवार पकड़ना इतना बड़ा जुर्म है’भावना के घर के पास अमित की दुकान है। पुलिस ने उनके भाई को भी गिरफ्तार किया है। अमित कैमरे पर नहीं आना चाहते थे। वे कहते हैं, ‘यहां तलवारें दी जा रही थीं। आसपास के कुछ लोग वहां जाकर खड़े हो गए। मेरा भाई भी दुकान के बाहर खड़ा था। तभी उसके हाथ में आकर तलवार पकड़ा दी। उसने भी पकड़ ली। तभी किसी ने फोटो ले ली। उसे नहीं पता था कि तलवार पकड़ना इतना बड़ा जुर्म है।’ अमित कहते हैं, ‘हमारा इस सबसे कोई लेना-देना नहीं है। यहां सब ठीक है। हम अपना काम करने वाले लोग हैं। सच बताऊं तो हम उनकी (हिंदू रक्षा दल) चीजों पर ध्यान भी नहीं देते। बस इतना है कि हिंदू रक्षा दल हमारे बगल में है।' कोई अपराध होगा, तो उसके लिए प्रशासन है, हम क्यों हथियार उठाएंगे। ये भारत है। कहीं अगर कुछ हुआ है, तो ऐसा नहीं है कि हर जगह वैसा होगा। संगठन वाले गलत कर रहे हैं। हिंदू-मुस्लिम, जाति की बात नहीं होनी चाहिए। जगह: हिंदू रक्षा दल का ऑफिसशालीमार गार्डन एरिया में ही हिंदू रक्षा दल का ऑफिस है। हम यहां पहुंचे, तब राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी फरार चल रहे थे। बाद में पुलिस ने उन्हें अरेस्ट कर लिया। ऑफिस में संगठन के राष्ट्रीय संयोजक संकेत कटारा मिले। तलवार बांटने पर केस दर्ज होने के बाद भी संकेत कटारा इसे गलत नहीं मानते। वे कहते हैं, ‘इससे कोई अपराध नहीं हुआ। शांति भंग नहीं हुई, कोई नुकसान नहीं हुआ। संगठन के सदस्यों को जमानत मिल जाएगी, तो आगे फिर से इस पर विचार करेंगे।’ सवाल: आप तलवार क्यों बांट रहे हैं?जवाब: बांग्लादेश में 15 दिन में तीन हिंदू लड़कों को मार दिया। इससे हमारे कार्यकर्ता गुस्से में थे। उन्होंने कहा कि हम एक कार्यक्रम करते हैं। शस्त्र पूजन करके घरों में तलवार बांटेंगे, ताकि बहन-बेटियां अपनी सुरक्षा में उस तलवार का इस्तेमाल कर सकें। सवाल: देश में कानून है, तो तलवार बांटने की क्या जरूरत है?जवाब: देश की व्यवस्था ऐसी है कि भीड़तंत्र के आगे पुलिस भी बेबस रही है। इसी इतिहास को देखते हुए हमने आत्मरक्षा में तलवार बांटी हैं। हमने किसी को घृणा की नजरों से नहीं देखा, हमने दंगा नहीं किया, मुझे नहीं लगता कि ये इतना बड़ा अपराध होना चाहिए, जो पुलिस ने बना रखा है। सवाल: तलवारें दिखाना, बांटना क्या कानून तोड़ना नहीं है?जवाब: हमने तो छोटा सा गैरकानूनी कदम उठाया है। अपने ही देश में जम्मू-कश्मीर हो या बंगाल, वहां खुलेआम हथियार दिए जा रहे हैं। हमने आत्मरक्षा में हथियार दिए हैं। हमें पता था कि हम पर केस होगा, लेकिन ये नहीं पता था कि पुलिस झूठा केस करेगी। सरकार हथियार का लाइसेंस देती है। अगर लाइसेंस वाले हथियार से कुछ हो जाता है, तो उसके लिए जिम्मेदार भी तो सरकार होगी। सवाल: आपके संगठन के लोग एक समुदाय के लिए नफरत फैला रहे हैं, ऐसा क्यों?जवाब: आपने हमारे जो भी भाषण सुने होंगे, वे क्रिया की प्रतिक्रिया हैं। देश के बड़े-बड़े शहरों में लव जिहाद, गाय काटने, हिंदुओं को प्रताड़ित करने की घटनाएं हो रही हैं। लोगों को अपने मकान पर लिखना पड़ रहा है कि ये मकान बिकाऊ है। अल्पसंख्यकों की आबादी जहां ज्यादा हुई है, वहां हिंदुओं को प्रताड़ित किया गया है। आप गलत काम छोड़ दो, तो हम कौन सा किसी को भगा रहे हैं। सवाल: 2024 में हिंदू रक्षा दल के सदस्यों ने बांग्लादेशी बताकर मुस्लिमों की झुग्गियां क्यों तोड़ी थीं?जवाब: हम बहुत भावुक लोग हैं। उस वक्त भी बांग्लादेश में हिंसा हो रही थी। अगर कानून पर भरोसा नहीं होता तो हम और बड़ा आंदोलन करते। हम अगर कुछ गलत करते हैं, तो कानूनी प्रक्रिया का भी सम्मान करते हैं। सवाल: इतनी तलवारें आप कहां से लाए?जवाब: आप दिल्ली में कहीं भी चले जाइए, तलवारें मिल जाएंगी। लोग पैसा खर्च नहीं करना चाहते या उनके पास पैसे नहीं हैं। हमने ऐसे ही लोगों को तलवारें बांटी हैं, ताकि जिनके घरों में लड़कियां हैं, वे अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहेंगे। जिहादी किस्म के लोग भारत में भी मौजूद हैं। बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी हैं। वे यहां भी ऐसी हरकत करेंगे, इसलिए हम तलवार बांट रहे हैं। सवाल: जिहादी किस्म से आपका क्या मतलब है?जवाब: जो लोग हमारे धर्म की लड़कियों को गलत निगाहों से देखते हैं, उन्हें साजिशन नाम बदलकर फंसाएं, ऐसे लोगों को हम जिहादी प्रवृत्ति का कहते हैं। अगर वे हमारे साथ इस तरह का काम करेंगे तो बहन-बेटियों को आत्मरक्षा में तलवार उठानी पड़ेगी। सवाल: तलवारों के लिए पैसे कहां से आ रहे हैं?जवाब: संगठन के एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ता हैं। यही लोग संगठन के लिए पैसे देते हैं। इसी से हमारा काम होता है। हमारा कोई अलग से पैसे का सोर्स नहीं है। संगठन के एक और सदस्य ललित शर्मा कहते हैं, ‘तलवारों के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती है। ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों तरह से ये मिल जाती हैं। हम कहीं भी जाते हैं, तो कार्यक्रमों में तलवारें मिल जाती हैं। गाजियाबाद में करीब 15 लोगों को तलवारें बांटी थीं। फिर पुलिस का फोन आ गया, तो बंद कर दिया। हमने खासकर उन घरों में तलवारें दीं, जहां लड़के नहीं हैं। हमारी मंशा किसी को मारना नहीं है। हम चाहते हैं कि हिंदुओं को मजबूत किया जाए।’ (आर्म्स एक्ट 1959 के अनुसार, 9 इंच से लंबी तलवार बिना लाइसेंस रखना और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन करना अपराध है। इसके लिए 3 साल तक की सजा हो सकती है।) पिंकी चौधरी की बेटी बोली- तलवार बांटना सहीतलवार बांटने के मामले में केस दर्ज होने के बाद हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी फरार थे। इसी दौरान 3 जनवरी को उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया। इसमें वो कह रहे हैं कि प्रशासन चाहे जो मुकदमे लगा दे, जब लौटकर आऊंगा तो मुंहतोड़ जवाब दूंगा। इससे पहले 31 दिसंबर को उन्होंने वीडियो जारी कर कहा था कि जो हम चाहते थे, वो करके दिखा दिया। आतंकवादियों को पता लग गया कि हिंदू अब हथियार उठाने को तैयार है। हम हटेंगे नहीं, चाहे कितने भी मुकदमे हो जाएं। 5 जनवरी को पिंकी चौधरी की बेटी करुणा चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस पूछताछ के लिए उसे थाने ले गई और घंटों तक पूछताछ की। करुणा ने तलवार बांटने को सही ठहराया और कहा कि बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए हर घर में एक पिंकी चौधरी होना चाहिए। मुस्लिमों की पिटाई, भड़काऊ वीडियो, पहले भी विवादों में रहा हिंदू रक्षा दलहिंदू रक्षा दल सांप्रदायिक नारों, मुसलमानों पर हमले और भड़काऊ बयानों की वजह से पहले भी विवादों में रहा है। पहलगाम में आतंकी हमले के बाद संगठन ने वीडियो जारी कर कहा था कि देहरादून में कहीं भी कश्मीरी मुसलमान दिखेगा, तो उसका इलाज किया जाएगा। सुबह 10 बजे से हिंदू रक्षा दल की टीम अलग-अलग इलाकों में जाएगी। हम अब सरकार के भरोसे नहीं बैठेंगे। अगस्त 2024 में संगठन के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और कुछ सदस्यों ने गाजियाबाद की झुग्गी बस्ती में मुसलमानों को बांग्लादेशी बताकर पीटा। झुग्गियों को तोड़फोड़ की और सांप्रदायिक नारे लगाए थे। तब पुलिस ने पिंकी चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। कुछ महीने बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। अगस्त 2021 में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक रैली में खुलेआम मुसलमानों के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। तब भी पिंकी चौधरी ने भड़काऊ बयान दिए थे। फिर गिरफ्तारी हुई, लेकिन कुछ ही दिनों में वह बाहर आ गए। ...............................ये स्टोरी भी पढ़िए स्कैन कर बांग्लादेशी बताने वाली मशीन का सच क्या 23 दिसंबर की बात है। गाजियाबाद में कौशाम्बी थाने के SHO अजय शर्मा बिहारी मार्केट की झुग्गियों में पहुंचे। उनके साथ लोकल पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी थे। अजय शर्मा टीम के साथ वहां रहने वालों की नागरिकता चेक करने लगे। यहीं कह गए कि मशीन तो तुम्हें बांग्लादेशी बता रही है। क्या है इस मशीन का सच, पढ़िए पूरी खबर...
China electromagnetic: चीन ने दक्षिण चीन सागर को धीरे-धीरे एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षेत्र में बदलना शुरू कर दिया है. वहां पर पहले चीन ने कृत्रिम द्वीप बनाए और अब उन द्वीपों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के ठिकानों बनाने शुरू कर दिए है, लेकिन इसका मकसद सिर्फ निगरानी करना नहीं है.
DNA: ट्रंप ने किया पावर शिफ्ट, उड़ गई 'दोस्तों' की नींद, पुतिन का नाम क्यों रटने लगा यूरोप?
Third World War:जिस रूस को यूरोप सबसे बड़ा दुश्मन समझता था, आज इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों उसी रूस से बातचीत की नसीहत क्यों दे रहे हैं. पावर शिफ्टिंग की इस प्रक्रिया में अमेरिका रूस को धमका रहा है और चीन अमेरिका को धमकी दे रहा है.

