Reel बनाते समय चली गोली या साजिश? 16 साल के लड़के की संदिग्ध मौत
धौलपुर में 16 वर्षीय सौरभ कुशवाह की गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. वह मकान से कुछ दूरी पर बाउंड्रीवॉल के पास गंभीर हालत में मिला था. चेहरे पर छर्रों के निशान मिले हैं. पुलिस हत्या और हादसे दोनों पहलुओं की जांच कर रही है. परिजनों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया है.
रवि किशन के मीम्स से परेशान हुईं पत्नी प्रीति, बोलीं- थोड़े दिन शांत रहना
एक्टर रवि किशन के हालिया पॉडकास्ट क्लिप्स पर मजेदार मीम्स बन रहे हैं. उन्होंने अपनी पत्नी का मजेदार रिएक्शन शेयर किया, जिसमें वह उन्हें चुप रहने के लिए कह रही थीं.
पाकिस्तान-नॉर्वे की बैठक में जम्मू-कश्मीर का जिक्र, PoK पर चुप्पी!
भारत ने साफ कहा है कि जम्मू-कश्मीर इंडिया-पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मसला है. भारत ने इस मुद्दे पर किसी भी देश की मध्यस्थता को साफ खारिज किया है. भारत के ऐसे माहौल के बीच नॉर्वे के विदेश मंत्री का ये बयान हैरान करने वाला है.
अखिलेश की जगह शिवपाल पहुंचे रामपुर... आजम खान को मनाने की इनसाइड स्टोरी
इस बार आजम खान को मनाने की कोशिश के लिए अखिलेश यादव के बजाय शिवपाल यादव आगे आए हैं. शिवपाल ने जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की. इस दौरे को समाजवादी पार्टी की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें पार्टी आजम खान को नाराज नहीं करना चाहती.
चमोली के THDC में टनल धंसने से हादसा, कई मजदूर फंसे, रेस्क्यू जारी
उत्तराखंड में पीपलकोंटी THDC प्रोजेक्ट में Hcc की टनल धंसने की खबर, कई लोगों के अंदर होने की सूचना, अब तक दस लोगों को निकाला जा चुका है बाहर, दूसरों को निकालने का काम जारी. ताजा जानकारी के अनुसार, टनल में 20-25 काम कर रहे थे. जिनमें 10 को बाहर निकाला है. बाकियों को बाहर निकाला जा रहा है. देखें...
छोटे हथियारों के कारखानों पर संकट... 600 करोड़ का नुकसान, खाली पड़ी मशीनें
संसद की स्थायी समिति ने भारत के छोटे हथियारों के कारखानों की खराब स्थिति पर चिंता जताई है. रिपोर्ट में उत्पादन क्षमता के खाली बैठने, 600 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान, और गुणवत्ता में गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है. सेना से मांग कम होने के कारण कारखानों को गृह मंत्रालय के ऑर्डर्स पर निर्भर रहना पड़ रहा है.
घर में बनाएं 1000 रुपये वाले बादाम का दूध, अनुष्का भी पीती हैं रोज
Homemade Almond Milk: बॉलीवुड की सबसे फिट एक्ट्रेस में शुमार और दो बच्चों की मां अनुष्का शर्मा फिटनेस फ्रीक हैं. वो अपने खानपान का बहुत ख्याल रखती हैं. कुछ समय पहले उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो साधारण दूध की जगह बादाम का दूध इस्तेमाल करती हैं. उन्होंने खुद इसकी रेसिपी भी शेयर की थी.
स्कूल से गायब 2 छात्राएं लड़के के घर मिलीं, एक की मौत
यूपी के सहारनपुर में दो नाबालिग छात्राएं स्कूल जाने के बजाय एक युवक के घर पहुंचीं, जहां दोनों ने फंदा लगाने का प्रयास किया. एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेहोशी की हालत में मिली है. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
कोलकाता में फिर आरजी कर जैसा कांड, टॉयलेट में मिली महिला नर्स की लाश
कोलकाता के NRS अस्पताल के टॉयलेट में महिला नर्स की लाश मिलने से सनसनी फैल गई. नाइट शिफ्ट के दौरान टॉयलेट का दरवाजा बंद था, पुलिस ने नर्स की लाश दरवाजा तोड़कर निकाली. इस मामले को आर जी कर कॉलेज वाले केस की तरह देखा जा रहा है. पढ़ें पूरी कहानी.
यहां महिलाएं बालकनी से फेंकती हैं गेंद, जिसने लपका वो बन जाता है पति
चीन में एक समुदाय ऐसा भी है, जिनमें शादियां गेंद फेंकने से तय होती है. यह सुनने में थोड़ा अजीब लगता है. लेकिन, हजारों साल पुरानी परंपरा आज भी जीवित है. इसके तहत बालकनी से महिलाएं गेंद नीचे फेंकती हैं और नीचे जो शख्स लपकता है, वहीं उसका पति बनता है.
संसद के मॉनसून सत्र का आखिरी दिन। राज्यसभा में एक मुद्दे पर माहौल अचानक गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी की एक घटना का जिक्र किया और कहा- ‘मुझमें लड़ने की ताकत है, मैं लड़ता हूं।’ लेकिन खड़गे आखिर किस बात पर नाराज थे? 8 अगस्त को खड़गे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की सभा को संबोधित किया था। खड़गे के मुताबिक, उनके कार्यक्रम के बाद उसी मंच पर कुछ लोगों ने हवन और ‘शुद्धिकरण’ किया। 13 अगस्त को राज्यसभा में खड़गे ने कहा कि उन्होंने अपने भाषण में किसी खास धर्म या समुदाय के खिलाफ बात नहीं की थी। उन्होंने सिर्फ जनता की समस्याएं उठाईं। इसके बावजूद मंच का शुद्धिकरण किया गया। यह छुआछूत और अपमान करने वाला है। खड़गे ने कहा कि उन्होंने कभी संसद में यह कहकर मदद नहीं मांगी कि वे SC या दलित हैं। फिर उन्होंने कहा- मुझमें लड़ने की ताकत है और मैं लड़ता हूं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाया- अगर किसी के साथ छुआछूत का व्यवहार हो तो क्या यह लोकतंत्र और संविधान की रक्षा है? उन्होंने जिम्मेदार लोगों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। नड्डा बोले- छूआछूत का समर्थन नहीं नेता सदन जेपी नड्डा ने खड़गे के आरोप को गंभीर बताया, लेकिन BJP का इससे कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि BJP ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करती। साथ ही, खड़गे द्वारा मुद्दा उठाए जाने के बाद घटना की जांच कराने का भरोसा दिया। राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने भी छुआछूत की निंदा की और कहा कि आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बिल पास होने पर उठे सवाल सुबह 11 बजकर 06 मिनट पर केंद्रीय खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पेश किया। इस बिल को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए। AAP सांसद संजय सिंह ने बिल पर सरकार की नीयत और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों को लेकर सवाल उठाए। RJD सांसद प्रो मनोज झा ने भी विधेयक के प्रावधानों पर सवाल खड़े किए। विपक्ष के सवालों के बाद खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने सदन में जवाब दिया और सरकार की तरफ से विधेयक का पक्ष रखा। बिल का बड़ा उद्देश्य देश में खनिजों की खोज, उत्पादन को बढ़ाना और खनिज उपलब्धता मजबूत करना है। सरकार ने 2026 में इस कानून में बदलाव के लिए पहले सार्वजनिक सुझाव भी मांगे थे। वोटिंग हुई और बिल पास बहस और सरकार के जवाब के बाद राज्यसभा ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को वोटिंग के बाद पारित कर दिया। इससे एक दिन पहले, 12 अगस्त को लोकसभा इसे पारित कर चुकी थी। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून का रूप मिलेगा। खत्म हुआ मॉनसून सत्र संसद का यह मॉनसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चला। कुल 25 दिनों में 19 बैठकें तय की गई थीं। केंद्र सरकार ने सत्र शुरू होने से पहले ही 13 अगस्त को आखिरी दिन तय किया था। 13 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। वीडियो देखने के लिए ऊपर थंबनेल पर क्लिक करें…
टाटा-महिंद्रा-मारुति को भी सता रहा E20 पेट्रोल का डर! रिपोर्ट में दावा
इथेनॉल पर एक नई रिपोर्ट सामने आई है. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनियां ई20 फ्यूल में मिलावट को लेकर चिंतित थी. इस पर कंपनियों के एक्जीक्यूटिव्स एक दूसरे से चर्चा भी कर रहे थे. हालांकि, पिछले महीने के आखिर में SIAM ने सरकार को एक शिकायत भेजी थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया था. आइए जानते हैं क्या पूरा मामला.
'कर्नाटक छोड़ना पड़ेगा', यश की टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़की एक्ट्रेस
कन्नड़ एक्ट्रेस ऋषिका सिंह ने 'टॉक्सिक' के ट्रेलर की आलोचना की और फिल्म के इंटीमेट सीन्स को लेकर यश से सवाल किए. उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो वह और बाकी लोग उनसे 'कर्नाटक छोड़ने' के लिए कहेंगे.
रसोई का साधारण नमक दूर करेगा घर की आधी परेशानियां, जानें इस्तेमाल
Salt Uses In Home: रसोई में रखा साधारण नमक सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि घर की सफाई, बदबू दूर करने, दाग हटाने और कई रोजमर्रा के काम आसान बनाने में भी बेहद फायदेमंद है. जानिए नमक के 10 ऐसे घरेलू इस्तेमाल, जो आपका समय, मेहनत और पैसे तीनों बचा सकते हैं.
Insta फोटो से मंदिर के नीचे दफन राज़ तक, ऐसे खुला मामला
यूपी के बागपत में दो दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या के बाद मंदिर परिसर से शव बरामद हुए. मामले की कड़ी Instagram पर वायरल तस्वीर से जुड़ी बताई जा रही है. हालांकि, इसरार के परिजनों ने अलग आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
युवाओं के सामने बड़ा संकट! दुनिया में 32 करोड़ लोग न रोजगार में हैं, न पढ़ाई में, आखिर क्यों बढ़ रही चिंता?
पत्नी के इंस्टाग्राम चलाने से नाराज था पति, घर बुलाकर किया मर्डर
चेन्नई के अंबत्तूर में एक शख्स ने अपनी पत्नी देवकी की गला रेतकर हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक इंस्टाग्राम और ऑटो चलाने को लेकर उन दोनों के बीच विवाद चल रहा था. इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने आरोपी चिन्ना को गिरफ्तार कर लिया है. पढ़ें पूरी कहानी.
घुंघरू, हंसने और रोने की आवाजें... 'भूत-प्रेत' की अफवाह से सहमे छात्र
अमरावती जिले के मेलघाट स्थित डोमा आश्रमशाला में भूत-प्रेत की अफवाह से विद्यार्थियों में डर फैल गया. कुछ छात्राओं ने घुंघरू बजने, हंसने और रोने जैसी आवाजें सुनाई देने की बात कही. इसके बाद 263 छात्रों और 345 छात्राओं समेत 608 विद्यार्थियों ने छात्रावास छोड़ दिया. स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी स्थिति बताया है.
इंस्टाग्राम पर छाया जंतर-मंतर लेकिन रांची प्रोटेस्ट गायब, क्या है मेटा का खेल? - Jagran
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'गुना को भिंड-मुरैना नहीं बनने दूंगा', बंदूक बदलने की मांग पर सरपंच से भिड़े कलेक्टर
गुना में पंच सम्मेलन के दौरान कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और सरपंच नरेंद्र सिंह दावतपुरा के बीच मंच से तीखी बयानबाजी हो गई. सरपंच ने पुरानी बंदूक बदलने की अनुमति नहीं मिलने की शिकायत की और कहा कि दिग्विजय सिंह व जयवर्धन सिंह के निवेदन के बावजूद सुनवाई नहीं हुई. जवाब में कलेक्टर ने कहा कि बंदूक लाइसेंस देकर गुना को भिंड-मुरैना नहीं बनाएंगे.
घर देखने पहुंचे दपंति पर झपटा पिटबुल, महिला की बाजू को चबाया, Video
अब बात पंजाब के पटियाला से आई चौंकाने वाली तस्वीर की. जहां एक पिटबुल ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया. हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. पिटबुल ने महिला की बाजू को चबाया. देखें खैफनाक Video.
चमोली में टनल धंसने से हादसा, कई मजदूरों के फंसे होने की आशंका
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पीपलकोटी टीएचडीसी (THDC) जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में बड़ा हादसा हो गया है. परियोजना कार्य में जुटी एचसीसी (HCC) कंपनी की इस सुरंग में अचानक भूस्खलन होने से अंदर कई लोगों के फंसने की शुरुआती सूचना मिली है.हालांकि, तुरंत राहत और बचाव अभियान चलाते हुए अब तक 10 से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि सुरंग के अंदर फंसे अन्य लोगों की तलाश और रेस्क्यू का काम जारी है. प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं.
पूर्णिया जंक्शन पर शादी के कुछ घंटे बाद दुल्हन की मौत, बॉयफ्रेंड अरेस्ट
बिहार के पूर्णिया में 19 साल की मनीषा कुमारी ने परिवार की मर्जी के खिलाफ प्रेमी दिलखुश कुमार से पूर्णिया जंक्शन पर शादी की. शादी के कुछ घंटे बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान मौत हो गई. पुलिस ने प्रेमी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है. जानें क्या है ये पूरा मामला?
आमिर खान संग इंटीमेट सीन पर पूजा बेदी का खुलासा, बोलीं- सताने लगा था डर
पूजा बेदी ने उस पुरानी अफवाह को हंसी में उड़ा दिया जिसमें कहा गया था कि 'जो जीता वही सिकंदर' में काम करते समय वे और आमिर खान एक-दूसरे की ओर अट्रैक्ट हुए थे. हालांकि एक्ट्रेस को आमिर के साथ एक और फिल्म याद आई, जिसमें एक इंटीमेट सीन के बाद उन्हें कुछ देर के लिए यह सोचना पड़ा कि कैमरा बंद होने के बाद क्या होगा?
इधर डिफेंस डील, उधर इजरायल ने तुर्की-पाक को ठोका
एक तरफ जहां पाकिस्तान, सऊदी और तुर्की ने आपस में गठबंधन किया, डिफेंस डील किया और शेखी बघारी तो दूसरी तरफ इजराइल ने भी तुर्की और पाकिस्तान के खिलाफ ऐसा लग रहा है कि मोर्चा खोल दिया है। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने जहां ट्वीट करके तुर्कियों पर यह आरोप लगाया है कि तुर्की लगातार आतंकी संगठन हमास को फलने फूलने की जगह दे रहा है तो दूसरी तरफ जो तुर्की का दूतावास भारत में मौजूद है। हमास का फुटप्रिंट अब पाकिस्तान में खूब बढ़ रहा है और यह चिंता का कारण है। सबसे पहले बात कर लेते हैं तुर्की पर लगे आरोप की। तो इजराइल के विदेश मंत्रालय ने एक रिपोर्ट ट्वीट करते हुए लिखा है कि तुर्की एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ खड़े होने के बजाय जिहादी हमास को पनाह दे रहा है। रिपोर्ट से पता चलता है कि फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास अपनी ज्यादातर गुप्त गतिविधियां जिसमें प्लानिंग साइबर ऑपरेशन शामिल है उसको तुर्की के इलाके में ले जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Middle East Crisis | लेबनान की संप्रभुता और Hezbollah का खात्मा, US General के साथ President Aoun की बड़ी चर्चा जो देश आतंकवादियों को प्लानिंग संगठन बनाने लोगों को भर्ती करने की जगह देता है वो आतंकवाद को बढ़ावा देता है। इस पूरे मामले पर जो कान है उसकी एक रिपोर्ट भी सामने है। उसमें कहा गया है कि हमास अपनी कुछ संगठनात्मक गतिविधियां जिसमें प्लानिंग साइबर विभाग शामिल है उसे तुर्की शिफ्ट कर रहा है। फिलिस्तीनी सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि तुर्की में ट्रांसफर होने वाली गतिविधियों में हमास की ज्यादातर गुप्त गतिविधियां शामिल है। जबकि क़तर इस आतंकवादी संगठन के नेतृत्व और सार्वजनिक गतिविधियों की मेजबानी करता रहेगा। कान के मुताबिक क़तर में सुरक्षा बलों ने हमास के नेताओं की अपनी इलाके में आवाजाही पर रोक लगा दी है और उन्हें किसी भी आधिकारिक बैठक के लिए इजाजत लेने की जरूरत होती है। यह हमास के खालील अल हया को अपना नेता नियुक्त करने के फैसले का नतीजा है जिसे क़तर ने पसंद नहीं किया है। इसके बजाय क़तर ने खालिद मशाल को समर्थन किया जिसके ईरान समर्थित अल हया की तुलना में क़तर के करीबी संबंध थे। इसे भी पढ़ें: अब कैंची अटैक की तैयारी में हूती, सऊदी पर होगा दो तरफा हमला? वहीं इजराइल की तरफ से पाकिस्तान पर भी आरोप लगाया गया है। एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह कहा गया है कि 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमास के हमले के बाद से कई सूत्रों ने दक्षिण एशिया में हमास की बढ़ती मौजूदगी की ओर इशारा किया है। हमास और पाकिस्तानी समर्थित आतंकवादी समूहों के बीच मजबूत संबंध आतंकवाद विरोधी प्रयासों के लिए गंभीर चुनौती पेश करते हैं। इजराइल ने जिस रिपोर्ट को शेयर किया है उसमें लिखा गया है कि नरसंहार के बाद लगातार हमास के प्रमुख नेता पाकिस्तान की यात्रा पर हैं। जहां उन्हें खुले तौर पर सार्वजनिक रैलियों को संबोधित करना और फिलिस्तीन के समर्थन में सम्मेलनों में भाग लिया और वहीं पर आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने की प्लानिंग भी हो रही है। साफ तौर पर इज़राइल के निशाने पर तुर्की और पाकिस्तान है। डिफेंस डील के बाद इज़राइल का इस तरह से खुलेआम यह लिखना, यह दावा करना बताता है कि चाहे पाकिस्तान, तुर्की, सऊदी और भी कितने देश एक साथ आ जाएं। हमास के खिलाफ अपनी नीति से इजराइल पीछे हटने वाला नहीं है।
भारत को शुक्रिया बोलते ही बलूचों पर पाक ने की Fighter Jet से बमबारी, अब होगा तगड़ा पलटवार?
पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने अपने ही नागरिकों पर अंधाधुंध बमबारी की जिसमें 20 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जान चली गई। लेकिन इस बार बलूचिस्तान चुप नहीं बैठा। एक तरफ बीएलए ने पाकिस्तान के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है तो दूसरी तरफ बलूच नेताओं ने सीधे भारत से मदद की गुहार लगा दी है और भारत का शुक्रिया भी अदा किया। 11 अगस्त को बलूचिस्तान ने अपनी आजादी का जश्न मनाया लेकिन पाकिस्तान ने तोहफे में बम फोड़े वहां वो भी अपने फाइटर जेट से। दरअसल बलूच मीडिया ने वह खौफनाक तस्वीरें जारी की हैं जिन्हें देखकर आपकी रूह जरूर कांप जाएगी। द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक मंगलवार देर रात से बुधवार तड़के तक पाकिस्तान की वायु सेना के विमानों ने सुराब के गोंधन इलाके को निशाना बनाया। और स्थानीय संगठनों का कहना है कि हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं बल्कि आम गरीब बलूचों के घरों पर किया गया। अब इस अंधाधुंध बमबारी में कम से कम 20 से ज्यादा आम नागरिकों की जान चली गई और दर्जनों घायल बताए जा रहे हैं और कई घर तो मलवे के ढेर में तब्दील हो गए हैं। यह हमला तब हुआ जब पूरे प्रांत में पाक आर्मी के खिलाफ गुस्सा अपने चरम पर था। इसे भी पढ़ें: Jan Gan Man: 'आजादी' का जश्न मनाते हुए झूम उठा पूरा Balochistan ! बीच-बीच में बाधा डाल रहा है Pakistan पाकिस्तान अक्सर इन हमलों को आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन का नाम देता है। लेकिन क्या अपने ही लोगों पर बम गिराना आतंकवाद का खात्मा है या उसे और बढ़ावा देना है यह तो तय करना है पूरी दुनिया को और यूएन जैसे संगठन को अब सवाल क्या है सेना का दावा बनाम जमीनी हकीकत क्या है वो भी चलिए हम ग्राफिक्स के जरिए जान लेते हैं। देखिए पाकिस्तानी सेना ने अभी तक सुराब के हमलों पर चुप्पी साधी है। लेकिन मंगलवार को उन्होंने एक बयान जरूर जारी किया। आईएसपीआर यानी कि पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग का दावा है कि उन्होंने पंजगुर जिले में एक इंटेलिजेंस बेस्ड ऑपरेशन चलाया है जिसमें पांच कथित आतंकवादियों को मार गिराया गया। अब सेना ने हथियार और आईडीज बरामद करने का दावा भी किया है। लेकिन बड़ा सवाल तो यह है कि अगर पंजगुर में ऑपरेशन सफल था तो सुरा में आम नागरिकों पर बमबारी क्यों हुई? अब बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि सेना अपनी हार का बदला आम जनता से ले रही है ताकि डर का माहौल पैदा किया जा सके। अब इस दमन के बीच बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। बीएलए के प्रवक्ता जियान बलूच ने हाल ही में घोषणा की कि 1 अगस्त से 8 अगस्त के बीच उन्होंने पूरे प्रांत में 38 बड़े ऑपरेशंस को अंजाम दिया। इन हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों और उनके ऑपरेटिव मारे गए। इसे भी पढ़ें: 'आजादी' का जश्न मना रहे बलूचों पर पाकिस्तान ने की Air Strike, जवाब में Baloch Liberation Army ने Pakistan Army के छक्के छुड़ाए बीएलए ने ना केवल सेना के काफिलों और बख्तरबंद गाड़ियों को निशाना बनाया बल्कि रेलवे लाइनों, पुलिस चौकियों और कमर्शियल गाड़ियों को भी उड़ा दिया। अब जिहान बलोच का संदेश बिल्कुल साफ है कि जब तक पाकिस्तान बलूचिस्तान को आजाद नहीं मानता है ये जंग नहीं रुकेगी। अब यह लड़ाई गोरिल्ला युद्ध से कहीं आगे निकल चुकी है। दोस्तों अब इस पूरी खबर में सबसे बड़ा मोड़ है भारत का। जी हां, बहुत बड़ा जिक्र है भारत का। 11 अगस्त को जिसे बलूचिस्तान अपना असली आजादी दिवस मानता था, स्वतंत्रता दिवस मानता था, बलूच नेताओं ने स्पष्ट कर दिया था उस दिन कि वे अब पाकिस्तान के कब्जे को एक पल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। दिग्गज बलूच नेता मीरियर बलूच ने सोशल मीडिया पर भारत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि भारतीय मीडिया और भारत के विदेश मंत्रालय एमए ने जिस तरह बलूचिस्तान के दर्द को दुनिया के सामने रखा उसके लिए वह ऋणी हैं। उन्होंने भारत के सैद्धांतिक रुख का समर्थन किया यह पाकिस्तान के लिए सबसे बड़ा झटका है क्योंकि उसे डर है कि अब बलूचिस्तान का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंच पर और भी मजबूती से उठेगा और यह सच्चाई भी है।
बाजार के महंगे तेल को छोड़ें! घर पर 10 मिनट में बनाएं बादाम का तेल
Tips to Make Almond Oil: अगर आप भी खाने, स्किन और बालों के लिए बादाम के तेल का यूज करते हैं जिसे आप बाजार से खरीदकर या फिर मशीन से निकलवाकर लाते हैं तो रुक जाइए. यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध बादाम का तेल निकालने का तरीका बता रहे हैं.
डीयू में बजा चुनावी बिगुल! 18 सितंबर को वोटिंग, 19 को आएंगे नतीजे
दिल्ली विश्वविद्यालय ने डूसू चुनाव 2026 की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है. 18 सितंबर को मतदान होगा और 19 सितंबर को मतगणना के बाद विजेता घोषित किया जाएगा. नामांकन 10 सितंबर तक भरे जाएंगे. छात्र संगठनों ने नए छात्रों को रिझाने के लिए अभियान शुरू कर दिया है.
कार खरीदारों की चांदी! अगस्त में इन गाड़ियों पर 2.5 लाख तक की छूट
Car Discount Offers: अगस्त से ऑटो सेक्टर के लिए फेस्टिव सीजन की शुरुआत मानी जाती है. इसी को ध्यान में रखते हुए दिग्गज कार कंपनियां अपने मॉडलों पर भारी छूट दे रही है. आइये देखें किस कार की खरीदारी पर आप कितनी बचत कर सकते हैं.
संसद के 19 दिन: हंगामे में ₹102 करोड़ का नुकसान?
संसद का मानसून सत्र खत्म हो गया... लेकिन पीछे छोड़ गया हंगामा, स्थगन और करोड़ों के नुकसान का सवाल. 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चले सत्र में दोनों सदनों का तय समय के मुकाबले बेहद कम काम हो सका. PRS Legislative Research के आंकड़ों के आधार पर करीब 141 घंटे का निर्धारित समय काम में नहीं आ पाया.
अब कैंची अटैक की तैयारी में हूती, सऊदी पर होगा दो तरफा हमला?
ईरान हिमायती इस्लामिक रेजिस्टेंस यानी इसराइल के खिलाफ प्रतिरोध की धुरी के एक अहम ग्रुप यमन के अंसारुल्लाह को छेड़कर ऐसा लग रहा है सऊदी अरब ने मुसीबत मोल ले ली है। यमन के हूतियों ने लाल सागर सऊदी के लिए बैन कर रखा है। ना सिर्फ बैन है बल्कि हमले भी अंजाम दे रहे हैं। अब मीडिया रिपोर्ट और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर एक ऐसा खौफनाक खतरा मंडरा रहा है जिसने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की नींद उड़ा दी है। अब मीडिया रिपोर्ट्स और सऊदी अधिकारियों के हवाले से खबर है कि दुनिया के सबसे बड़े तेल एक्सपोर्टर सऊदी अरब पर बेहद खौफनाक खतरा मंडरा रहा है। खबर है कि रेजिस्टेंस के ग्रुप सऊदी पर एक साथ दो तरफ से अटैक कर सकते हैं। सऊदी अरब के नॉर्थ बॉर्डर से हसदुशाबी, कताइयब हिजबुल्ला, अल नुजवा और कताइयब सैयद अल शोहदा जैसी तंजीमे हमला बोलेंगी और साउथ की तरफ से यमन पर कब्जा जमाए बैठे हूतियों की प्रोफेशनल आर्मी मिसाइलों, ड्रोंस और लंबी दूरी के रॉकेटों से सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल देंगी। इसे भी पढ़ें: Fake Intelligence से बढ़कर है खतरा, Strait of Hormuz पर Donald Trump के दावे को Araghchi ने नकारा वैसे भी हूतियों और सऊदी अरब की दुश्मनी 15 साल से भी ज्यादा पुरानी है। जब सऊदी पर उत्तर और दक्षिण की तरफ से एक साथ सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलों से हमले होंगे तो सऊदी अरब में लगा अमेरिकी डिफेंस का चक्रव्यूह टूट जाएगा। यह कैंची की तरह काटने वाला अटैक होगा। जैसे कैंची के दो अलग-अलग सिरे साथ जुड़ते हैं तो कोई भी चीज कट जाती है। ठीक उसी तरह सऊदी अरब को काटने की तैयारी है। हो सकता है सऊदी को पहले से इस प्लान की भनक हो तभी तो उसने पिछले दिनों अमेरिका के साथ मिलकर इराक में हजो शाबी के ठिकानों पर भीषण हमले अंजाम दिए थे। खुफिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस हमले का असली मकसद सऊदी अरब की इकोनमी की कमर तोड़ना है और उसके बुनियादी ढांचे को तबाह करना है। सऊदी अरब के एक सीनियर अफसर ने सीएनएन से बातचीत के दौरान इस बात का खुलासा किया है ऐसा मीडिया रिपोर्ट दावा करती हैं। इसे भी पढ़ें: Iran और अमेरिका हमारे दोस्त, फिर पाकिस्तान कैसे बना Mediator? Foreign Policy पर राहुल गांधी ने PM मोदी को घेरा वो कहते हैं कि उन्हें खुफिया एजेंसियों से मल्टीपल कोऑर्डिनेटेड अटैक की कई रिपोर्ट्स मिली हैं। इन रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि यह हमले आने वाले कुछ समय में हो सकते हैं। गौरतलब है कि हूं को ला रहे एक प्लेन पर सऊदी अरब ने उस वक्त हमला किया था जब वह ईरान से आयतुल्लाह खामने के जनाजे में शामिल होकर लौट रहे थे। वो हमला तो फेल हो गया लेकिन हूती सऊदी अरब के पीछे पड़ गए हैं और यह जंग अब बड़ी होती जा रही है। पानी में ऊपर की ओर उतर आया और समंदर से निकलकर किनारों पर बहता हुआ यह तेल देखिए। ऐसा लग रहा है जैसे समंदर से तेल की झील फूट पड़ी हो। यह ईरान का समुद्र है। ऐसा नहीं है कि ईरान का समंदर तेल छोड़ने लगा है। दरअसल, यह उन जहाजों और तेल टैंकरों से निकला ऑयल है जिन्हें ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मोस में उड़ा दिया था या डुबो दिया। यह ईरान के दुश्मनों के उन जहाजों का तेल है जिन्हें उसकी परमिशन के बिना आबनाए होमोस से गुजारा जा रहा था। ईरान समर्थित सोशल मीडिया हैंडल्स पर यह वीडियो गश्त कर रहा है। जिसमें समंदर के किनारों पर तेल ही तेल नजर आता है। ईरान में आईआरजीसी नेवी ने पहले भी वीडियो दिखाते हुए कई दावे किए हैं और कई वीडियो में दिखाया गया है कि अगर स्टेट ऑफ हुर्मस पर ईरान को इग्नोर करके कोई भी जहाज निकालने की कोशिश की गई तो अंजाम यह होगा। जो लोग अमेरिका के आर्डर को फॉलो कर रहे हैं उनका हश्र यह है।
LAC पर भारत-चीन सेना की झड़प? बीजिंग से क्या जवाब आया
भारत चीन सीमा पर एक बार फिर हलचल की खबरों के बीच चीन का एक बड़ा बयान सामने आया है। इस बयान के बाद कई सवालों के जवाब मिलने के बजाय और सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल अरुणाचल प्रदेश के पास चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ने और हाल में भारतीय चीनी सैनिकों के आमने-सामने आने की खबरों पर जब चीन के प्रवक्ता से सवाल पूछा गया तो उन्होंने सीधे तौर पर तो कुछ नहीं कहा लेकिन बस इतना कहा गया कि फिलहाल चीन भारत सीमा पर हालात आमतौर पर स्थिर हैं। यानी चीन ने ना तो किसी नई सैन्य घटना की पुष्टि की और ना ही अरुणाचल प्रदेश के पास अपनी सेना की गतिविधियां बढ़ने की खबरों को साफ तौर पर खारिज किया। इसे भी पढ़ें: क्या था माओ का 5 फिंगर प्लान, जिसे फॉलो करते हुए जिनपिंग बढ़ा सकते हैं भारत की टेंशन चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोज याकुन से मीडिया ने सीधा सवाल किया। उनसे पूछा गया कि भारतीय सोशल मीडिया पर चीन की सीमा के पास बड़ी सैन्य गतिविधियों के वीडियो सामने आ रहे हैं। साथ ही भारत सरकार के एक प्रवक्ता ने हाल की सीमा घटना से इंकार नहीं किया है। ऐसे में क्या हाल में भारत और चीन के बीच कोई सैन्य घटना हुई है और क्या चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पास अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ाई हैं। चीनी प्रवक्ता ने कहा कि चीन भारत सीमा पर हालात फिलहाल आमतौर पर स्थिर हैं। चीन और भारत ने पिछले हफ्ते चीन भारत सीमा मामलों पर बातचीत और तालमेल के लिए बने वर्किंग मैकेनिज्म की 36वीं बैठक की। दोनों पक्ष राजनयिक और सैन्य चैनलों के जरिए बातचीत बनाए रखने और सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमत हुए। लेकिन यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इतने सीधे सवाल के बावजूद चीन ने अरुणाचल प्रदेश के पा स अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरों पर कोई जवाब नहीं दिया। इसे भी पढ़ें: Arunachal Pradesh के 27 स्थानों के मानक नाम आधिकारिक Map में शामिल किए गए दरअसल पिछले कुछ वक्त में सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैली और कई तरह के दावे किए गए कि कुछ दिन पहले अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसेसरी जिले में तिब्बत से सटे टैक्सिंग इलाके के पास भारतीय और चीनी सेना की पेट्रोलिंग टीमें आमने-सामने आ गई थी और इसी के बाद तमाम तरह की खबरें फैलने लगी। लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि किसी ने नहीं की और अब जब चीनी प्रवक्ता से सीधा सवाल पूछा गया तो उन्होंने भी बस इतना कह के बात पलट दी कि फिलहाल भारत चीन सीमा पर सब कुछ स्थिर है। आपको बता दें भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर पुराना विवाद है। चीन इस पूरे राज्य पर अपना गलत दावा करता है और इसे दक्षिणी तिब्बत बताता है। चीन इसे जंगना कहता है। वहीं बार-बार भारत चीन के इन दावों को पूरी तरह खारिज करता है और साफ़ कहता है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट और अभिन्न हिस्सा है। भारत ने हाल ही में कहा था कि चीन के साथ सीमा से जुड़े मामलों को वो बेहद गंभीरता से लेता है। नई दिल्ली ने साफ किया कि एलएसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे जरूरी है क्योंकि सीमा पर हालात दोनों देशों के रिश्तों की दिशा तय करते हैं। आपको बता दें भारत ने अरुणाचल प्रदेश में 27 जगहों और भौगोलिक विशेषताओं के आधिकारिक नाम तय करने को लेकर चीन की आपत्ति भी खारिज कर दी। भारत का कहना है कि नाम बदलने या किसी तरह का दावा करने से जमीन पर वास्तविकता नहीं बदल जाएगी। इसे भी पढ़ें: India-China Relation क्या वाकई सुधर रहे हैं? चीन में रह रहे भारतीयों ने चौंकाने वाला सच उजागर किया है! दरअसल यह पूरा घटनाक्रम इसलिए जरूरी है क्योंकि भारत और चीन के रिश्ते 2020 की गलवान घाटी की हिंसक झड़प के बाद बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर तनाव कम करने के लिए कई दौर की बातचीत की।
सेना की वर्दी में आए पुतिन, उठाया कागज, भारत पर बड़ा खुलासा
रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन अचानक सेना की वर्दी में आए और यह महत्वपूर्ण कागज पढ़ने लगे। इस कागज को पढ़ने के बाद पुतिन ने ऐसा ऐलान किया जो कई देशों को परेशान कर सकता है। पुतिन ने भारत का नाम लेकर बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है। दरअसल भारत से करीब 7000 किमी दूर एक इलाका है जहां दुनिया की महाशक्तियों के बीच एक बहुत बड़ी जंग शुरू हो चुकी है। बर्फ से ढका यह इलाका आर्कटिक है। पुतिन ने कहा है कि आर्कटिक एक नया जिओपॉलिटिकल फ्रंटियर बन रहा है और अब भारत इसका फायदा उठाने के लिए रूस के साथ आ चुका है। पुतिन ने कहा है कि भारत अब उन देशों में शामिल हो चुका है जो नॉर्दन सी रूट पर कदम रखेंगे। इसे भी पढ़ें: Russia के नोवोरोस्सियस्क नौसैनिक अड्डे पर हमले का Zelenskyy का दावा, बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त दरअसल रूस भारत को उस आर्कटिक पर लेकर पहुंचा है जहां पर कई बार तापमान -50 तक गिर जाता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में ग्लोबल वार्मिंग के चलते इस इलाके का तापमान बढ़ने लगा। बर्फ पिघलने लगी और बर्फ पिघलने के बाद कई नए रास्ते खुलने शुरू हो गए। बर्फ पिघलने की वजह से आर्कटिक से आने-जाने के नए शिपिंग रूट तैयार हो रहे हैं। इन नए शिपिंग रूट्स का इस्तेमाल अब व्यापार, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और रणनीतिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। अब इन्हीं शिपिंग रूट्स पर दावा ठोकने के लिए रूस ने भारत के साथ एक बड़ा प्लान तैयार कर लिया है। आर्कटिक की बर्फ पिघलने से तीन मुख्य शिपिंग रूट्स तैयार हो रहे हैं। इनमें पहला है नॉर्थ वेस्ट पैसेज, दूसरा है ट्रांस पोलर सी रूट और तीसरा है नॉर्दन सी रूट। भारत के लिए नॉर्दन सी रूट सबसे महत्वपूर्ण है। अभी तक इस इलाके में भारत ने सिर्फ एक उंगली रखी है लेकिन अब पैर जमाने की बारी आ गई है। इसे भी पढ़ें: BRICS पेमेंट सिस्टम पर RBI का बड़ा ऐलान, क्या है CBDC का मास्टर प्लान आपको बता दें कि आर्कटिक के विशाल बर्फीले इलाकों को लेकर रूस, अमेरिका, यूरोप और चीन के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो चुकी है। यह इलाका भारत से दूर है, लेकिन भारत के लिए बहुत जरूरी है। इसीलिए अब रूस भारत को इस इलाके में रणनीतिक बढ़त दिलवा सकता है। आपको बता दें कि आर्कटिक किसी एक देश का नहीं है। आर्कटिक आठ तटीय देशों में बंटा हुआ है। जिनमें कनाडा, डेनमार्क, ग्रीनलैंड, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे, रूस, स्वीडन और अमेरिका शामिल हैं। डॉनल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा इसीलिए करना चाहते हैं ताकि आर्किटिक में अमेरिका की पकड़ और दावेदारी मजबूत हो जाए। भारत इस इलाके में फिलहाल हिमाद्री रिसर्च स्टेशन के जरिए साइंटिफिक रिसर्च का काम कर रहा है। लेकिन भारत अब इस इलाके में अपनी मौजूदगी को बढ़ाना चाहता है। लेकिन आपके मन में सवाल होगा कि आर्कटिक के पीछे इतनी बड़ी जंग शुरू क्यों हुई है? ऐसे में आपको बता दें कि आर्किटिक की बर्फीली जमीन के नीचे रेयर अर्थ, क्रिटिकल मिनरल्स, तेल और गैस के असीम भंडार हैं। आर्कटिक की जमीन के नीचे अरबों का खजाना दबा है। ऐसे में जब इस इलाके की बर्फ पिघल रही है तो खजाना निकालना भी आसान हो गया है। बर्फ पिघल रही है तो आर्कटिक तक पहुंचना भी आसान हो रहा है। ऐसे में रूस भारत के साथ मिलकर बहुत एक्टिव हो गया है। रूस इस इलाके में बड़ा दावेदार है। लेकिन रूस के पास इतने रिसोर्सेज नहीं है कि वो अकेले ही इस इलाके पर अपना वर्चस्व बना पाए क्योंकि यहां पर रूस अमेरिका और यूरोपीय दुश्मनों से घिरा है।
1 साल से ऐसे कलेक्ट्रेट के पास पहुंच रहा दिव्यांग
कौशांबी में ट्राई साइकिल के लिए दिव्यांग दीनानाथ मिश्र का वीडियो वायरल है. उनका दावा है कि वह लंबे समय से कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं. अधिकारी के मुताबिक, आवेदन और शारीरिक परीक्षण हो चुका है और साइकिल मिलते ही उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. अधिकारी के मुताबिक, साइकिल उपलब्ध होते ही उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दी जाएगी.
Meta का बड़ा एक्शन, डिलीट किए 7 लाख अकाउंट, ये है वजह
Meta ने करीब 7 लाख अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है. ये अकाउंट फेसबुक और इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर मौजूद थे. कंपनी ने यह फैसला ऑस्ट्रेलिया कानून के चलते लिया है. कंपनी ने इन अकाउंट को संदिग्ध माना है कि ये 16 साल से कम उम्र के यूजर्स इस्तेमाल कर रहे थे. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
UPSSSC: असिस्टेंट अकाउंटेंट और ऑडिटर का फाइनल रिजल्ट जारी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने सहायक लेखाकार और लेखा परीक्षक मुख्य परीक्षा का अंतिम चयन परिणाम घोषित कर दिया है. सामान्य और विशेष श्रेणियों के तहत कुल 668 सहायक लेखाकार पदों में से 570, 950 विशेष चयन पदों में से 866, और 209 लेखा परीक्षक पदों में से 206 अभ्यर्थी सफल हुए हैं.
पहले PAK फोड़ेगा एटम बम! प्रोफेसर का बड़ा दावा, सच हो चुकी हैं दो भविष्यवाणियां
प्रोफ़ेसर जियांग ज़्यूकिन अपनी भविष्यवाणियों के लिए जाने जाते हैं, जिन्हें वे अलग-अलग सिद्धांतों के आधार पर सही ठहराते हैं. प्रोफेसर जियांग का मानना है कि अगर किसी टकराव में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल होता है, तो पाकिस्तान ऐसा करने वाला पहला देश हो सकता है.
मजदूरी करने आया था, बिल्डिंग में उगा डाले गांजे के 12 पौधे
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में पुलिस ने निर्माणाधीन बिल्डिंग से गांजे के 12 पौधे बरामद किए हैं. पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में काम करने वाला मजदूर गांजा पीने का आदी था और उसने वहीं पौधे उगा रखे थे. आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के उन्नाव का रहने वाला है.
'AAP में दिक्कत नहीं थी लेकिन...', हरभजन ने बताई बीजेपी जॉइन करने की वजह
पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का कारण पंजाब में खेल और नशे की समस्या पर उनकी बात न सुनी जाना बताया. उन्होंने कहा कि उन्होंने कई बार अपनी योजनाएं पार्टी के सामने रखीं लेकिन उनपर कोई काम नहीं हुआ.
शादी टूटी, अफेयर के लगे आरोप... स्टार ऑलराउंडर ने तोड़ी चुप्पी
एश्ले गार्डनर ने अलगाव से हुए दर्द पर खेद जताया, लेकिन साथी क्रिकेटर संग अफेयर के आरोपों पर कोई सफाई नहीं दी. अब एश्ले गार्डनर का जोर अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम में अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान लगाने पर है.
बिना वैक्यूम क्लीनर ₹1 खर्च किए चमकाएं गंदा सोफा, जानें आसान तरीका
How To Clean Sofa At Home: घर की सफाई में अक्सर सोफा छूट जाता है, लेकिन अब इसके लिए महंगे वैक्यूम क्लीनर या प्रोफेशनल सर्विस की जरूरत नहीं है. जानिए माइक्रोफाइबर कपड़े, बेकिंग सोडा और माइल्ड सोप की मदद से सोफे की धूल, जिद्दी दाग और बदबू हटाने का आसान तरीका.
'हिंदू-मुसलमान मेरी दो आंखें', बोले CM रेवंत रेड्डी, क्रिकेटर सिराज का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने 'माइनॉरिटीज एक्सीलेंस समिट' को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने आशंका जताते हुए कहा कि तेलंगाना में कुछ राजनीतिक ताकतें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रच रही हैं.
अखिलेश के 'सीक्रेट मिशन' पर शिवपाल, 20 फीसदी वोटों पर मजबूत पकड़ का प्लान
उत्तर प्रदेश की सियासत में दस साल से चले आ रहे सत्ता के वनवास को खत्म करने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव अलग दांव चल रहे हैं, तो वहीं अपने चाचा शिवपाल यादव को एक अलग मिशन पर लगाया है. शिवपाल ने सपा के कोर वोटबैंक को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है.
स्कूल जाने के बजाय प्रेमी के घर पहुंचीं 11वीं की दो छात्राएं, एक की मौत
सहारनपुर के चिलकाना क्षेत्र में 11वीं कक्षा की दो नाबालिग छात्राएं स्कूल जाने के बजाय एक युवक के घर पहुंचीं. वहां दोनों ने फंदा लगाने का प्रयास किया. एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि दूसरी फंदा टूटने से नीचे गिर गई और बेहोश मिली. पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू कर दी है.
10 मिनट में ब्रेन के अंदर लग जाएगी चिप, कंप्यूटर से कंट्रोल होगा दिमाग
एलॉन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक काफी समय से ब्रेन कंप्यूटर इंटरफेस पर काम कर रही है. इसी बीच चीन ने कुछ ऐसा करने का दावा किया है जिससे लोग हैरान हैं. बिना ब्रेन सर्जरी के ही दिमाग में गले के जरिए चिप लगाई जा सकेगी.
कलयुगी बेटा! मृत पिता की उंगलियों से लगवाया जमीन के कागजों पर अंगूठा
लखनऊ के रहीमाबाद में जमीन के लालच में कलयुगी बेटे महेंद्र ने मृत पिता के सादे कागजों पर अंगूठे के निशान लगवाए. जीते जी प्रताड़ित कर घर से निकाले गए पिता ने अपनी जमीन बेटियों के नाम कर बेटे को बेदखल कर दिया था. इस घिनौनी हरकत का वीडियो वायरल होने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.
मानूसन में इन बीमारियों का खतरा, करा लें ये टेस्ट
मानसून के मौसम में मच्छरों और खराब पानी से फैलने वाली बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, टाइफाइड के मामले बढ़ जाते हैं. इस मौसम में अगर बीमारियों के लक्षण दिखते हैं तो डॉक्टर की सलाह से कुछ टेस्ट जरूर करा लेने चाहिए. इस बारे में डॉ शैली महाजन ने बताया है.
दालचीनी असली है या कैसिया? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान
बाजार में मिलने वाली ज्यादातर दालचीनी असली नहीं बल्कि कैसिया होती है. कैसिया में कूमरिन की मात्रा अधिक होने से यह लिवर को नुकसान पहुंचा सकती है. सेहत के लिए हल्की, सिगार जैसी परतों वाली सीलोन दालचीनी बेहतर होती है. रोज के इस्तेमाल के लिए सही दालचीनी पहचानना बेहद जरूरी है.
अब दुश्मन चाहकर भी नहीं छिप पाएगा, गरुड़ बाइनोकुलर लॉन्च
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने स्वदेशी गरुड़ हाई रिजॉल्यूशन बाइनोकुलर सिविल मार्केट के लिए लॉन्च किया है. देहरादून ऑर्डनेंस फैक्टरी में बना यह प्रोडक्ट 8x मैग्निफिकेशन, हल्का वजन और मौसमरोधी डिजाइन वाला है.
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण, देखें दुनिया की बड़ी खबरें
27 साल बाद यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया... जब दिन में ही कुछ देर के लिए अंधेरा छा गया... इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए करीब 60 लाख लोग स्पेन पहुंचे... जबकि आइसलैंड में 80 हजार से ज्यादा पर्यटकों ने इस खगोलीय घटना को कैमरों में कैद किया. देखें...
11 अगस्त को पंजाब के पटियाला में बैंक मैनेजर अंकित सभरवाल, पत्नी शेफाली और एक प्रॉपर्टी डीलर के साथ किराए का घर देखने पहुंचे। गेट खुलते ही अंदर से निकला पालतू पिटबुल कुत्ता सीधे शेफाली पर झपटा। उनके शरीर के कई हिस्सों को चबा लिया। अंकित बचाने आए, तो उन्हें भी काटा, फिर वापस शेफाली की बांह नोचने लगा। आखिर कुत्ते ने शेफाली को ही अपना शिकार क्यों चुना, हमले के समय कैसे काम करती है खतरनाक कुत्तों की साइकोलॉजी, आज के एक्सप्लेनर में इस वायरल वीडियो का पूरा एनालिसिस.... इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… 1. गेट के सबसे करीब या सबसे आगे होना 2. डरने वाला मूवमेंट और बॉडी लैंग्वेज 3. तेज और पतली आवाज पर कुत्ते रिएक्ट करते हैं यहां दो टर्म में फर्क समझिए- 'टेरिटोरियल बाइट' और ‘रीडायरेक्टेड अग्रेशन’ कुत्ते ने शेफाली पर हमला किया, तो ये 'टेरिटोरियल बाइट' थी, यानी उसने अपनी टेरिटरी में आने वाले खतरे पर हमला किया। जब अंकित ने शेफाली को बचाने की कोशिश की, तो कुत्ते ने उन पर भी हमला कर दिया। इसे वेटरनरी साइंस में 'रीडायरेक्टेड अग्रेशन' यानी 'पुनर्निर्देशित आक्रामकता' कहा जाता है। अमेरिकी एनिमल वेलफेयर संस्था ASPCA, यानी 'अमेरिकन सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स' के मुताबिक, 'रीडायरेक्टेड अग्रेशन तब होता है, जब कुत्ता किसी एक टारगेट पर पहले से एग्रेसिव हो और उसी वक्त कोई दूसरा व्यक्ति बीच में दखल दे। इसीलिए कुत्तों के बीच चल रहे झगड़े में बीच-बचाव करने वाले भी कुत्तों का शिकार बन जाते हैं। मिसाल के लिए - इसी महीने ग्रेटर नोएडा में एक पालतू पिटबुल एक अन्य पालतू कुत्ते को काट रहा था। एक महिला ने कुत्ते को छुड़ाने की कोशिश की। तभी पिटबुल ने उन्हें काट लिया। एक और टर्म है 'प्रोटेक्टिव बाइट', यानी अगर कोई कुत्ता अपने मालिक या किसी एक व्यक्ति के साथ खेल रहा है या खेल-खेल में एग्रेसिव हो गया है और कोई दूसरा व्यक्ति बीच में दखल दे, तो वह अपने मालिक को बचाने के लिए उस पर हमला कर सकता है। अंकित कुत्ते का असली टारगेट नहीं थे। 'CBT डॉग बिहेवियर' के क्लिनिकल एनिमल बिहेवियरिस्ट जिम गिलीज के मुताबिक, रीडायरेक्टेड अग्रेशन में कुत्ता सोच-समझकर नया टारगेट नहीं चुनता, बल्कि ये उसके पहले से मौजूद हाई एग्रेशन के फेज के बीच अचानक आने वाला एक तेज रिफ्लेक्स एक्शन होता है। उत्तेजना की इस स्थिति में भी मूल टारगेट अगर मौजूद है, तो कुत्ता वापस उस पर ही शिफ्ट हो जाता है। पिटबुल शेफाली की बांह को क्यों जकड़े रहा? हालांकि पिटबुल को लेकर एक गलत धारणा है कि ये शिकार के शरीर पर जबड़े लॉक कर लेता है। यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के डॉ. आई. लेहर ब्रिस्बिन के मुताबिक, पिटबुल के जबड़े में शिकार लॉक करने का कोई खास मैकेनिज्म नहीं है। पिटबुल जैसी नस्लों में जबड़े में चबाने वाली मजबूत मांसपेशियां होती हैं, इसलिए ये गंभीर रूप से घायल कर सकते हैं। इसके पीछे कुत्ते की साइकोलॉजी और शरीर की साइंस है, इसे दो स्टेप में समझिए... स्टेप-1: हमले के दौरान सुन्न हो जाता है कुत्ते का शरीर स्टेप-2: एक लिमिट के बाद दर्द महसूस होता है क्या सभी कुत्तों की नॉर्मल साइकोलॉजी यही होती है? हर ब्रीड का कुत्ता एक टेरिटोरियल एनिमल है, यानी वह जिस जगह या घर में रहता है, उसे अपना इलाका मानने लगता है। डॉ. जूलिया अलब्राइट और के. प्लाउम के मुताबिक, ‘सभी कुत्तों के आक्रामक होने की सबसे बड़ी वजहें उनका डर या तनाव है। जब कोई अनजान उनके इलाके में आता है, तो ये डर के चलते आक्रामक हो जाते हैं।’ इस आक्रामकता, यानी एग्रेसिवनेस में कुत्ता आपको घूर सकता है, अपना शरीर अकड़ सकता है या फिर हमला भी कर सकता है। इस एग्रेशन का बेसिक साइकोलॉजिकल पैटर्न लगभग सभी कुत्तों में एक जैसा ही है। फर्क सिर्फ इतना है कि पिटबुल जैसी नस्लों में बॉडी स्ट्रेंथ और बाइट-होल्ड की टेंडेंसी ज्यादा होती है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि किसी कुत्ते के बिहेवियर की सिर्फ 9% चीजें उसकी नस्ल के जीन की वजह से होती हैं। बाकी 91% व्यवहार उसकी परवरिश, ट्रेनिंग, सोशलाइजेशन और मालिक के बर्ताव से तय होता है। डॉग ट्रेनर चेतना मलिक दावा करती हैं कि सबसे ज्यादा बुरा बर्ताव सहने की ताकत पिटबुल में होती है। अगर आंकड़ा जुटाया जाए, तो सबसे कम हमला करने वाला कुत्ता पिटबुल है। अमेरिका में इसे ‘नैनी डॉग’ कहते हैं, क्योंकि ये बच्चों को संभालने में सबसे अच्छा कुत्ता माना जाता है। डॉग ट्रेनर अदनान खान कहते हैं, ‘नस्ल नहीं, बल्कि अनुशासन और एक्सरसाइज की कमी से डॉग बाइट के मामले होते हैं। पिटबुल जैसी हाई-एनर्जी नस्लों को अगर रोजाना पर्याप्त एक्सरसाइज न मिले, तो उनका एनर्जी और फ्रस्ट्रेशन एग्रेशन के तौर पर बाहर आ सकता है। -------- ये खबर भी पढ़ें… पटियाला में पिटबुल डॉग के हमले का VIDEO:मकान देखने आए दंपती पर झपटा; महिला की बाजू, जांघ, कूल्हा चबाया; पति की पीठ नोची पटियाला में एक मकान देखने पहुंचे दंपती पर घर में पल रहे कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ता पिटबुल नस्ल का था, जिसने सीधे महिला का पैर पकड़ा। जब महिला के पति ने उसे बचाने की कोशिश की तो कुत्ते ने व्यक्ति की पीठ चबा ली। पूरी खबर पढ़ें…
कब्र से मिली बीयर की सबसे पुरानी बोतल... 2000 साल पहले बनी थी
चीन में एक कब्र के अंदर से सबसे पुरानी बीयर की बोतल मिली है. यह बीयर 2000 साल से भी ज्यादा पुरानी है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कितने साल पहले से इंसान बीयर पीते आ रहे हैं.
होमगार्ड की मौत के बाद सड़क हादसे में SI उपेंद्र ने भी गंवाई जान
गाजियाबाद में बुधवार देर शाम से गुरुवार सुबह तक हुए दो सड़क हादसों ने पुलिस विभाग को झकझोर दिया. क्रॉसिंग रिपब्लिक में थार की टक्कर से PRV बाइक सवार होमगार्ड की मौत हो गई, जबकि कांस्टेबल घायल हुआ. इसके बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पुलिस टीम की स्विफ्ट कैंटर से भिड़ गई, जिसमें सब इंस्पेक्टर उपेंद्र की इलाज के दौरान जान चली गई.
AUS क्रिकेटर से छेड़छाड़ करने वाला निकला कातिल! 11 साल पुराना केस सुलझा
इंदौर पुलिस ने 11 साल पुराने कृष्णा हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें अकील उर्फ नाईट्रा वही आरोपी है, जिसे पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटर से छेड़छाड़ के मामले में गिरफ्तार किया गया था. पुलिस के मुताबिक, अकील और उसके साथी आरिफ ने 17 वर्षीय कृष्णा की हत्या कबूल की है.
एक तरफ जहां पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट, महंगाई और भुखमरी की मार झेल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसकी सरकार ने अपनी अर्थव्यवस्था को पूरी तरह ताक पर रखकर सेना पर जमकर पैसे लुटाने का फैसला किया है। पाकिस्तान ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपने रक्षा बजट में बड़ी बढ़ोतरी करते हुए इसे सीधे 1.33 लाख करोड़ रुपये घोषित कर दिया है, जो देश के कुल 6.38 लाख करोड़ रुपये के केंद्रीय बजट का लगभग बीस प्रतिशत से भी अधिक यानी 20.84 प्रतिशत हिस्सा है। अपनी डगमगाती और दिवालिया होती अर्थव्यवस्था के बीच सेना के साजो-सामान पर पानी की तरह पैसा बहाने की इस हैरान करने वाली नीति ने न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है, बल्कि अमेरिका ने भी इस भारी-भरकम सैन्य आवंटन पर अपनी गहरी नाराजगी और चिंता व्यक्त करते हुए कड़ा रुख अपनाया है।अमेरिका की फिस्कल ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट ने खोली पोलअमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी फिस्कल ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट 2025 में पाकिस्तान के रक्षा खर्चों की निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बेहद कड़े सवाल खड़े किए गए हैं। इस रिपोर्ट में बहुत स्पष्ट शब्दों में यह बात कही गई है कि पाकिस्तान के रक्षा बजट पर न तो संसद में कभी पर्याप्त और खुली समीक्षा होती है और न ही इस पर किसी प्रकार की कोई प्रभावी नागरिक निगरानी व्यवस्था उपलब्ध है। अमेरिका ने पाकिस्तान सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए आग्रह किया है कि वह अपने बढ़ते सरकारी कर्ज, सार्वजनिक उपक्रमों की देनदारियों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े तमाम खर्चों की सटीक और पारदर्शी जानकारी समय पर सार्वजनिक करे। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों के दौरान ही पाकिस्तान के रक्षा बजट में इकतालीस प्रतिशत की अप्रत्याशित और चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है, जो क्षेत्र की शांति के लिए खतरनाक है।चीन से हथियारों की अंधाधुंध खरीद और ‘मुस्लिम नाटो’ का एंगलस्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के हथियार आयात में सीधे छियासठ प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे बड़ी और चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान द्वारा आयात किए गए कुल हथियारों में से अकेले अस्सी प्रतिशत हथियारों की आपूर्ति कम्युनिस्ट देश चीन द्वारा की जा रही है, जिसकी वजह से पाकिस्तान आज दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा हथियार आयातक देश बन गया है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि अमेरिका की ओर से आई यह चेतावनी राजनीतिक रूप से भी बेहद अहम है, क्योंकि हाल ही में मक्का में पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये के बीच एक नया त्रिपक्षीय रणनीतिक समझौता हुआ है, जिसे दुनिया ‘मुस्लिम नाटो’ के रूप में देख रही है। इस समझौते के ठीक कुछ ही दिनों बाद अमेरिकी रिपोर्ट का सामने आना यह बताता है कि पश्चिमी देश पाकिस्तान की संदिग्ध सैन्य गतिविधियों पर पैनी नजर रखे हुए हैं।गरीबी के गर्त में डूबती जनता और अमेरिकी सहायता पर मंडराता खतरारक्षा बजट में की गई इस अंधाधुंध और गैर-जरूरी बढ़ोतरी का सबसे भयंकर और सीधा असर पाकिस्तान की आम गरीब जनता पर पड़ रहा है। देश में गरीबी की दर वर्ष 2018-19 के इक्कीस प्रतिशत से बढ़कर अब अट्ठाइस प्रतिशत के पार पहुंच चुकी है, जिसकी वजह से आज सात करोड़ से भी अधिक पाकिस्तानी नागरिक अत्यधिक गरीबी और भुखमरी के साये में जीने को मजबूर हैं। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा किए गए वैश्विक मूल्यांकन में भारत, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों ने वित्तीय पारदर्शिता के सभी मानकों को सफलतापूर्वक पास कर लिया है, जबकि पाकिस्तान सहित दुनिया के पैंसठ से ज्यादा देश न्यूनतम मानकों पर भी खरे नहीं उतर सके हैं। हालांकि अमेरिका ऐसे मामलों में सीधे तौर पर कोई आर्थिक प्रतिबंध नहीं लगाता है, लेकिन यदि अमेरिकी सहायता राशि के दुरुपयोग के पुख्ता प्रमाण मिलते हैं, तो वाशिंगटन कभी भी अपनी सीधी सरकारी आर्थिक मदद पर बड़ा प्रतिबंध लगा सकता है।
नहीं टूटेंगे बाल, जावेद हबीब ने हेयरफॉल के लिए बताए 4 मैजिकल तरीके
Jawed Habib Hair Care Tips: अगर आप भी टूटते, गिरते और खराब हो रहे बालों से परेशान हैं तो यहां हम आपको हेयर एक्सपर्ट जावेद हबीब के बताए कुछ ट्रिक्स बता रहे हैं जिन्हें फॉलो कर आप अपने बालों को हेल्दी रख सकते हैं.
अमेरिकी राजनीतिक गलियारों से एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सबसे भरोसेमंद और बेहद करीबी सहयोगियों में गिनी जाने वाली वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने अपना पद छोड़ने का फैसला किया है। लेविट इसी महीने के अंत में अपने इस पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे देंगी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद मंगलवार को इस बात की घोषणा करते हुए सभी को हैरान कर दिया है। आपको बता दें कि कैरोलिन लेविट ने जब वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी का कार्यभार संभाला था, तब वह इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली इतिहास की सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनी थीं। साल 2025 में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही वह लगातार इस जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही थीं और मीडिया के तीखे सवालों का बहुत ही आक्रामक और बेबाक अंदाज में जवाब देने के लिए जानी जाती थीं।क्यों लेविट ने उठाया यह बड़ा कदम और क्या है पारिवारिक वजहआखिरकार कैरोलिन लेविट जैसी ताकतवर और प्रमुख हस्ती ने वाइट हाउस का यह बड़ा पद छोड़ने का फैसला क्यों किया, इसको लेकर खुद राष्ट्रपति ट्रंप और लेविट ने स्थिति स्पष्ट की है। दरअसल, हाल ही में कैरोलिन लेविट ने अपने दूसरे बच्चे को जन्म दिया है, जिसके बाद उन्होंने अपने बच्चों और परिवार के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने का निर्णय लिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह लेविट के इस व्यक्तिगत फैसले को पूरी तरह समझते हैं और उनके इस जज्बे का पूरा सम्मान करते हैं। लेविट ने अपने एक आधिकारिक बयान में भी यह बात साझा की थी कि दुनिया की सबसे मुश्किल और तनावपूर्ण नौकरियों में से एक को संभालना और साथ ही एक कामकाजी मां की जिम्मेदारी को निभाना उनके जीवन का सबसे चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक दौर रहा है। बेटी के जन्म के बाद जब वह वाइट हाउस लौटीं, तो उन्हें यह अहसास हुआ कि वह अपने दोनों छोटे बच्चों को वह समय और मां का प्यार नहीं दे पा रही हैं जिसकी उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत है, क्योंकि प्रेस सेक्रेटरी के पद पर चौबीसों घंटे ऊर्जा और ध्यान देना पड़ता है।ट्रंप ने बताया ‘रियल लीडर’, आगे क्या होगी उनकी भूमिकाडोनाल्ड ट्रंप ने कैरोलिन लेविट की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें अपना सबसे भरोसेमंद सहयोगी और एक ‘रियल लीडर’ करार दिया है। ट्रंप ने कहा कि लेविट ने वाइट हाउस में रहते हुए बेहद शानदार और सराहनीय काम किया है और वह साल 2018 से ही देश में न्याय, स्वतंत्रता और नागरिकों के अधिकारों के लिए लगातार मुखर होकर आवाज उठाती रही हैं। इसके अलावा 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप के चुनावी अभियान में उनकी भूमिका बेहद अहम और सराहनीय रही थी। अपने बेबाक अंदाज और तेज बोलने की शैली के कारण ट्रंप पहले भी कई मौकों पर उनकी तुलना ‘मशीन गन’ जैसे चलने वाले होंठों से कर चुके हैं। हालांकि, वाइट हाउस छोड़ने के बावजूद लेविट राजनीतिक परिदृश्य से पूरी तरह दूर नहीं जा रही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि कैरोलिन लेविट भविष्य में उनकी शीर्ष बाहरी सलाहकारों (Top External Advisors) की टीम का अहम हिस्सा बनी रहेंगी और रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी उनकी बेहद प्रभावशाली भूमिका बरकरार रहेगी। हालांकि, अभी तक यह आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है कि लेविट के जाने के बाद वाइट हाउस के इस महत्वपूर्ण पद की कमान अगला कौन संभालेगा।
ताइवान की सरकारी एजेंसियों पर बड़ा विदेशी साइबर हमला, हैकर्स ने AI एजेंट 'ओपन क्लॉ' का किया इस्तेमाल
ताइवान की सरकारी एजेंसियों को पिछले महीने एक बेहद खतरनाक और बड़े विदेशी साइबर हमले का सामना करना पड़ा है, जिसने देश की डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। ताइवान के डिजिटल मामलों के मंत्रालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार के साइबर हमलों में हैकरों ने पारंपरिक तरीकों के अलावा 'ओपन क्लॉ' (OpenClaw) जैसे आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI एजेंटों का पहली बार बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। हैकरों की यह मंशा संवेदनशील सरकारी डेटा और महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम में सेंध लगाने की थी। हालांकि, राहत की बात यह रही कि समय रहते ताइवान की प्रभावित सरकारी एजेंसियों और साइबर सुरक्षा इकाइयों ने इस खतरनाक खतरे को भांप लिया और पूरी तत्परता के साथ हमले को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया, जिससे किसी बड़े नुकसान से बचाव हो गया।क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासाइस पूरे सनसनीखेज मामले का खुलासा तब हुआ जब ताइवान की साइबर सुरक्षा निगरानी इकाइयों ने बीते जुलाई के महीने में देश की सरकारी एजेंसियों के खिलाफ एक बेहद असामान्य और संदिग्ध साइबर गतिविधि का पता लगाया। इसके तुरंत बाद हरकत में आते हुए ताइपे स्थित राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा संस्थान ने बीस जुलाई से लगातार कई उच्च-स्तरीय सुरक्षा अलर्ट जारी किए और इस घातक साइबर अटैक की बहुत बारीकी से विस्तृत जांच शुरू कर दी। डिजिटल मामलों के मंत्रालय द्वारा दी गई शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे हमले के पीछे विदेशी स्रोतों के बेहद स्पष्ट और पुख्ता संकेत मिले हैं। हमलावरों ने अपनी साजिश को अंजाम देने के लिए एक बेहद जटिल हाइब्रिड रणनीति अपनाई थी, जिसमें पुरानी मैन्युअल हैकिंग तकनीकों को 'ओपन क्लॉ' जैसे अत्याधुनिक AI एजेंट-सहायता प्राप्त टूल्स के साथ जोड़ा गया था ताकि सुरक्षा घेरे को आसानी से तोड़ा जा सके।हाइब्रिड वॉर की आशंका और ताइवान की प्रतिक्रियाखास बात यह है कि ताइवान में साइबर हमले की यह बड़ी घटना ऐसे संवेदनशील समय में सामने आई है, जब ताइपे की सरकार लगातार दुनिया भर को इस बात से आगाह करती रही है कि उसे किस तरह की हाइब्रिड वॉर और सामरिक रणनीतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ताइवान के प्रशासनिक और साइबर सुरक्षा अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात का खुलासा नहीं किया है कि इस हमले के पीछे किस देश का हाथ है और न ही सीधे तौर पर किसी विशेष देश का नाम लिया है। मंत्रालय ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया है कि हमले से जुड़े सभी स्रोतों, तरीकों और उसके संभावित प्रभाव के दायरे की पूरी गहराई से जांच पूरी कर ली गई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, लेकिन इस आधुनिक तकनीक वाले साइबर हमले ने दुनिया भर की सरकारों की नींद जरूर उड़ा दी है।
NCB Mumbai का Interstate Drug Network पर बड़ा एक्शन, Gujarat से Mumbai तक फैला था अवैध कारोबार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) मुंबई ने एक अंतर-राज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। लगातार दो ऑपरेशन्स में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और 1.060 किलोग्राम चरस (कैनाबिस) के साथ-साथ प्रिस्क्रिप्शन ओपिओइड्स (डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली नशीली दवाएं) की भारी खेप ज़ब्त की गई। पहले ऑपरेशन में NCB मुंबई ने 8 अगस्त को गुजरात और मुंबई के बीच चलने वाली एक यात्री बस को रोका और मुंबई में N शेख नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इसे भी पढ़ें: Mumbai बम धमाका: विशेष कोर्ट ने आरोपी जैनुल शेख को जमानत दी, 15 साल से जेल में था बंद अधिकारियों ने उसके पास से कोडीन-बेस्ड कफ सिरप (CBCS) की 1,080 बोतलें ज़ब्त कीं, जिनका वज़न 108 किलोग्राम था। जांच से पता चला कि पकड़े न जाने के लिए इस प्रतिबंधित सामान को अंतर-राज्यीय यात्री बसों के ज़रिए ले जाया जा रहा था और इसे मुंबई, भिवंडी और आस-पास के इलाकों में रिटेल में बेचा जाना था। मौके पर पूछताछ के दौरान, शेख ने गुजरात के एक डिस्ट्रीब्यूटर की पहचान बताई। इसके बाद NCB की एक टीम तुरंत गुजरात गई और काफी छानबीन के बाद वडोदरा में उस डिस्ट्रीब्यूटर और उसके गोदाम का पता लगाया। आगे की तलाशी में CBCS की 13,938 बोतलें और ट्रामाडोल की 12,240 गोलियां ज़ब्त की गईं। जांचकर्ताओं ने पाया कि NRx (डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली नशीली दवाएं) दवाओं के डायवर्जन (गलत तरीके से सप्लाई) का पता छिपाने के लिए कई CBCS बोतलों के बैच नंबरों के साथ छेड़छाड़ की गई थी। NCB अधिकारियों ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी ज़ब्त किए, जिनमें NRx दवाओं को डायवर्ट करने के लिए इस्तेमाल किए गए नकली इनवॉइस भी शामिल थे। आगे की जांच से पता चला कि एन. शेख, जो मुख्य रूप से महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी इलाके से काम करता था, उसे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत एक अलग मामले में गिरफ्तार किया था। गुजरात का यह डिस्ट्रीब्यूटर पुलिस द्वारा दर्ज किए गए पुराने NDPS मामलों में भी वांछित है। 12 अगस्त को एक अलग ऑपरेशन में खास जानकारी के आधार पर, NCB मुंबई ने मुंबई के घाटकोपर में AJ शेख नाम की महिला के घर की तलाशी के दौरान 1.060 किलोग्राम चरस ज़ब्त की। इसे भी पढ़ें: Greater Noida से 2 नाइजीरियाई महिलाएं गिरफ्तार, Mumbai ATS ने जब्त किया 6 करोड़ का मादक पदार्थ चरस को घर के सामान के बीच छिपाकर रखा गया था और इसे हाल ही में स्थानीय स्तर पर बेचने के लिए हासिल किया गया था। पूछताछ से पता चला कि ड्रग्स के खिलाफ सख्त रोकथाम और आने वाले त्योहारों के मौसम के कारण चरस की आवक काफी कम हो गई थी, जिससे AJ शेख और उसके साथियों ने इस मौके का फायदा उठाने और इसे ऊंचे दामों पर बेचने के लिए यह प्रतिबंधित सामान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Rupee शुरुआती कारोबार में 7 पैसे कमजोर होकर 95.40 प्रति US Dollar पर आ गया इस नेटवर्क में शामिल अन्य मुख्य साथियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें खोजने और पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। इन पदार्थों से जुड़े खतरों के बारे में बताते हुए अधिकारियों ने कहा कि ट्रामाडोल और CBCS सख्त रूप से डॉक्टर की सलाह पर दी जाने वाली ओपिओइड दवाएं हैं जिनका वैध चिकित्सीय उपयोग होता है। ट्रामाडोल दर्द को नियंत्रित करने के लिए सेंट्रल नर्वस सिस्टम (CNS) में बदलाव करता है, लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इसे लेने से सांस लेने में दिक्कत और दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं। CBCS, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर खांसी और सर्दी के इलाज के लिए किया जाता है, में कोडीन होता है। कोडीन एक ओपिओइड है जो CNS पर असर डालता है और इसकी अधिक मात्रा लेने से सांस लेने में गंभीर दिक्कत, लिवर और किडनी को नुकसान या मौत हो सकती है।
पुतिन ने चली ऐसी चाल कि तिलमिला उठा जापान, आखिर कुरील द्वीप पर क्या है विवाद?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विवादित कुरील द्वीपों का अपना पहला दौरा किया और जापान को तिलमिला दिया। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि आखिर क्या है ये कुरील द्वीप विवाद, जिसने दोनों देशों के बीच 80 साल से शांति संधि तक नहीं होने दी? पूरी डिटेल जानिए।
लोब्गा रंगज़ेन की याद में 42वें दिन, तिब्बती यूथ कांग्रेस ने धर्मशाला में 'तिब्बत टैटू प्रोटेस्ट' नाम का एक अनोखा और सांकेतिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। चीन के 'एथनिक यूनिटी लॉ' (जातीय एकता कानून) के विरोध में, लोब्गा रंगज़ेन ने 2 जुलाई को आत्मदाह कर लिया था; यह घटना चीन द्वारा इस कानून को लागू करने के ठीक एक दिन बाद हुई थी। शहीद लोब्गा ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने खुद को आग के हवाले कर दिया था, और तब से दुनिया भर में तिब्बती लोग विरोध प्रदर्शन और अभियान चला रहे हैं। इसे भी पढ़ें: RG Kar Case Update: साक्ष्य मिटाने के आरोप में TMC MLA Nirmal Ghosh गिरफ्तार, 'जल्दबाजी' में Cremation पर बड़ा एक्शन तिब्बती यूथ कांग्रेस (TYC) दुनिया भर में एक 'चेन प्रोटेस्ट' (क्रमिक विरोध प्रदर्शन) भी कर रही है और धर्मशाला में 'चेन हंगर स्ट्राइक' (क्रमिक भूख हड़ताल) आयोजित कर रही है, जो गुरुवार को अपने 26वें दिन में है। TYC चीन के 'एथनिक यूनिटी लॉ' की निंदा करने के लिए कई तरह के अभियान चला रही है। इसी सिलसिले में, 'तिब्बत टैटू प्रोटेस्ट' पहल का मकसद याद को एकजुटता के एक स्थायी प्रतीक में बदलना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि स्वतंत्र तिब्बत के मकसद के लिए लोब्गा रंगज़ेन का संदेश जीवित रहे। तिब्बती यूथ कांग्रेस के प्रवक्ता तेनज़िन धेसल ने ANI को बताया, संयुक्त राष्ट्र के सामने लोबगा रंगज़ेन के आत्मदाह को 42 दिन हो गए हैं, और तिब्बती यूथ कांग्रेस ने दुनिया भर में कई तरह के अहिंसक विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। आज, हमने धर्मशाला में मुख्य मंदिर, त्सुगलागखांग के सामने टैटू-मेकिंग विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है, और हम यह संदेश देना चाहते हैं कि हाल ही में हुए आत्मदाह के बलिदान को दुनिया और संयुक्त राष्ट्र के इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता; ठीक वैसे ही, जैसे हमारे शरीर से टैटू को मिटाया नहीं जा सकता। इसलिए यह लोबगा रंगज़ेन को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने तथाकथित चीनी जातीय एकता कानून के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी, और हम चाहते हैं कि संयुक्त राष्ट्र तिब्बत के मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाए। इसे भी पढ़ें: नेपाल के पूर्व PM देउबा, जिन्हें Gen-Z के विरोध-प्रदर्शन में मार पड़ी थी, इलाज के लिए महीनों विदेश में रहने के बाद लौटे; उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ तिब्बत और उसकी आज़ादी के लिए लोबगा रंगज़ेन के बलिदान को श्रद्धांजलि के तौर पर, हिस्सा लेने वालों ने तिब्बत से जुड़े टैटू बनवाए। इन टैटू में ऐसे संदेश और प्रतीक थे जो तिब्बती आज़ादी, राष्ट्रीय पहचान, एकता और तिब्बत में चीन के जारी दमन के खिलाफ संघर्ष को दर्शाते थे। एक तिब्बती एक्टिविस्ट, रंगज़ेन धोंडुप ने ANI को बताया, तिब्बती यूथ कांग्रेस ने यह टैटू-मेकिंग विरोध प्रदर्शन आयोजित किया है, और मैं इसके लिए यहाँ आया हूँ। मैंने अभी अपनी बांह पर 'रंगज़ेन' का टैटू बनवाया है, जिसका मतलब है 'आज़ाद तिब्बत'। हम तब तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे जब तक हम चीन से अपना देश वापस नहीं पा लेते। यह टैटू मुझे हमेशा याद दिलाएगा कि हमारे जीने का एक मकसद है, और यह दूसरों को भी प्रेरित करेगा।
टेकऑफ से पहले पसीना, उड़ते ही ठंडक... आखिर प्लेन में ऐसा क्यों होता है?
विमान उड़ने के बाद ठंडा और रनवे पर खड़ा होते ही गर्म क्यों हो जाता है? एसी चलने के बावजूद केबिन में गर्मी बढ़ने के पीछे है एक दिलचस्प साइंस. समझिए जमीन पर विमान की कूलिंग क्यों पड़ जाती है कमजोर.
प्रार्थना के दौरान बेहोश होकर गिरीं 18 छात्राएं, स्कूल में मचा हड़कंप
बाराबंकी में भीषण गर्मी और उमस का असर स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं पर देखने को मिला. सतरिख के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में प्रार्थना के दौरान करीब डेढ़ दर्जन छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई. कई छात्राएं चक्कर आने के बाद बेहोश हो गईं. सभी को तत्काल सीएचसी सतरिख ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है.
रियलिटी शो कम, मोहल्ले की पंचायत बना 'भोजपुरी बवाल'
भोजपुरी रियलिटी शो 'भोजपुरी बवाल' में कलाकारों की निजी जिंदगी और विवादों ने दर्शकों का ध्यान खींचा है. शो शुरू होने से पहले इससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अब वो सारी उम्मीदें टूट चुकी हैं. क्योंकि एंटरटेनमेंट के नाम शो में सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री के खुलासे हो रहे हैं.
अवैध तमंचा फैक्ट्री का पुलिस ने ऐसे किया भंडाफोड़
यूपी के संभल में पुलिस ने अवैध तमंचा फैक्ट्री का खुलासा करते हुए 42 अधबने और 2 तैयार तमंचे बरामद किए. एक आरोपी गिरफ्तार और दूसरा फरार है. पुलिस के मुताबिक, 30 से ज्यादा तमंचे बाजार में बेचे जा चुके हैं और खरीदारों की तलाश जारी है. वीडियो में जानें पुलिस की पूरी कार्रवाई.
मरकापुरम शहर में 'हर घर तिरंगा' कार्यक्रम के तहत एक भव्य तिरंगा रैली आयोजित की गई, जिसमें छात्रों और युवाओं ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न में उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह रैली मरकापुरम जिले की ASP नवज्योति मिश्रा की अगुवाई में आयोजित की गई थी। रैली ज़िला परिषद बॉयज़ हाई स्कूल से शुरू हुई और चार माडा सड़कों से गुज़री। रैली के दौरान 330 फ़ीट लंबा विशाल तिरंगा ले जाया गया। नवज्योति मिश्रा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर बोलते हुए, उन्होंने 'विकसित भारत' बनाने के लक्ष्य के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए सभी से अपील की। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारत की आज़ादी के लिए लड़ने वाली महान हस्तियों के आदर्शों और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाएं और देश के विकास में सक्रिय रूप से भाग लें। इसे भी पढ़ें: CM Mohan Yadav ने UCC Bill पारित होने की राज्यपाल मंगुभाई पटेल को जानकारी दी मिश्रा ने पत्रकारों को बताया, तिरंगा स्वतंत्रता दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, एक तिरंगा रैली आयोजित की गई थी। इसमें छात्रों और युवाओं सहित कई लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका विषय 'विकसित भारत के लिए युवा' था। इसी आधार पर, हमने युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए यह तिरंगा रैली आयोजित की क्योंकि वे इस देश का भविष्य हैं। इसलिए उन्होंने इसमें भाग लिया। साथ ही, हर दिन एक कार्यक्रम हो रहा है। कल, हम एक साइकिल रैली आयोजित करने की भी योजना बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Srinagar में Tiranga Yatra का LG Manoj Sinha ने किया नेतृत्व, कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस का उत्साह मार्कापुरम रैली, स्वतंत्रता दिवस से पहले पूरे आंध्र प्रदेश में आयोजित की जा रही 'हर घर तिरंगा' गतिविधियों की एक बड़ी श्रृंखला का हिस्सा थी। NTR जिले में, जिला प्रशासन ने भी गुरुवार को एक बड़ी 'हर घर तिरंगा' रैली आयोजित की, जिसमें छात्रों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। रैली जिला कलेक्टर कार्यालय से इंदिरा गांधी स्टेडियम तक निकाली गई, जिसमें प्रतिभागियों ने तिरंगा ले रखा था। NTR जिला कलेक्टर और जिला मजिस्ट्रेट जी. लक्षमीशा ने कहा कि इस बड़ी रैली का उद्देश्य नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने और आज़ादी के बाद से देश की यात्रा पर विचार करने के लिए प्रेरित करना था। लक्षमीशा ने कहा हम पूरे जिले में एक बड़ी रैली आयोजित कर रहे हैं। यह हर नागरिक को इस स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा बनने और उस संघर्ष का जश्न मनाने के साथ-साथ आज़ादी के 100वें वर्ष के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित करेगा। इसे भी पढ़ें: UP News: हमीरपुर में जर्जर सड़क के खिलाफ 'Gen Alpha' का हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट पर DM Gate के बाहर डटे छात्र उन्होंने कहा कि भारत की आज़ादी के 100वें वर्ष तक के समय का उपयोग जन-जागरूकता बढ़ाने और देश के विकास की दिशा में सामूहिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि इसका व्यापक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत के एक विकसित देश के रूप में उभरने के लिए निर्धारित लक्ष्य तब तक हासिल कर लिए जाएं जब तक देश अपनी आज़ादी की शताब्दी तक पहुंचे। हर घर तिरंगा' पहल नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने और भारत की आज़ादी का जश्न मनाने वाली गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करती है, साथ ही तिरंगे के साथ एक व्यक्तिगत जुड़ाव भी पैदा करती है।
मंगल गोचर से बना खतरनाक अंगारक योग! 2 सितंबर तक 4 राशियां सावधान
Angarak Yog 2026: राहु के नक्षत्र में मंगल के गोचर से बन रहा है खतरनाक अंगारक योग. 2 सितंबर तक किन 4 राशियों को रहना होगा संभलकर और किसे होगा धन-सेहत का नुकसान, जानें यहां.
फोन, ईयरबड्स और वॉच, एक ही डिवाइस सबकुछ चार्ज कर देगा, कीमत है कम
Stuffcool Lumo 4 in 1 नाम का प्रोडक्ट चार्जिंग सॉल्यूशन प्रोवाइड कराता है. इसकी मदद से स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, इयरबड्स आदि को एक साथ चार्ज किया जा सकता है. साथ ही इस डिवाइस के अंदर LED लाइट मिलती है, जो कलर भी बदल सकती है. टच कंट्रोल की मदद से लाइट को कंट्रोल किया जा सकता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
इस बीमारी की वजह से पानी में रहता है इकबाल, ऐसे होगा इलाज
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला 16 साल का इकबाल लगभग पूरे हफ्ते तालाब में रहता है. ऐसा वो अपनी खुशी से नहीं बल्कि मजबूरी में कर रहा है. उसका कहना है कि पानी से बाहर आते ही उसके शरीर में असहनीय जलन होती है. अपनी इस परेशानी को इकबाल जादू- टोना का असर बताता है, हालांकि मेडिकल साइंस ऐसा नहीं मानती है.
लश्कर के मंच पर शेख राशिद का कबूलनामा, खुद को बताया हाफिज सईद का 'गुलाम'
इमरान खान सरकार में गृह मंत्री रहे शेख रशीद अहमद ने एक सनसनीखेज वीडियो में खुद को आतंकी सरगना हाफिज सईद का 'गुलाम' बताया है. लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सरगना हाफिज सईद की शान में कसीदे पढ़ने वाले शेख राशिद ने बिना किसी झिझक के कहा- मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं. देखें...
भारत-अफगानिस्तान T20 का बदलेगा शेड्यूल? ACB ने रखी राय
भारत-अफगानिस्तान T20 सीरीज के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है. ACB ने 13 या 15 सितंबर के मुकाबले को 14 सितंबर, गणेश चतुर्थी के दिन कराने का प्रस्ताव BCCI के सामने रखा है. फिलहाल तीनों मैच 13, 15 और 17 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित हैं. वीडियो में जानें अब कैसे होगा ये शेड्यूल.
गुजरात के मेहसाणा ज़िले के एक 32 साल के व्यक्ति पर शिकागो में अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या करने के आरोप में 'फर्स्ट-डिग्री मर्डर' का केस दर्ज किया गया है। पत्नी के उसे छोड़कर जाने के फ़ैसले के बाद हुई भावनात्मक परेशानी के बारे में उसने कुछ महीने पहले ही सार्वजनिक रूप से बात की थी। शिकागो पुलिस ने बताया कि 9 अगस्त को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:48 बजे, अल्बानी पार्क में नॉर्थ एवर्स एवेन्यू के 4800 ब्लॉक में एक अपार्टमेंट के अंदर 32 साल की महिला बेहोश हालत में मिली। 'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी गर्दन पर चाकू का ज़ख्म था और उसे घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: RG Kar Case Update: साक्ष्य मिटाने के आरोप में TMC MLA Nirmal Ghosh गिरफ्तार, 'जल्दबाजी' में Cremation पर बड़ा एक्शन मेहसाणा ज़िले के कड़ी का रहने वाला आरोपी, घटना के करीब नौ घंटे बाद शिकागो के ओ'हेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार किया गया। पुलिस ने महिला की मौत, चाकू मारने की घटना, घटना की जगह, गिरफ़्तारी और हत्या के आरोप की पुष्टि की है, हालांकि महिला की पहचान ज़ाहिर नहीं की गई है। यह जोड़ा आठ साल पहले अमेरिका चला गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के परिवार वालों ने बताया कि यह कपल करीब आठ साल पहले अमेरिका चला गया था। वे पहले मिशिगन में रहते थे और बाद में शिकागो चले गए। रिश्तेदारों के अनुसार, महिला ने दो बार अपने पति को छोड़कर किसी दूसरे आदमी का साथ चुना था, जो उससे लगभग 10 साल छोटा था। उन्होंने बताया कि उन दौरान कपल की पांच साल की बेटी अपने पिता के साथ ही रही थी। आरोपी के परिवार ने बताया कि उसने कथित हत्या से कुछ दिन पहले बच्ची को भारत भेज दिया था। उनका दावा है कि घटना वाले दिन उसने अपनी पत्नी को फोन किया और कहा कि वह अपनी बेटी को साथ ले जाए। रिश्तेदारों का आरोप है कि यह अनुरोध महिला को अपार्टमेंट में बुलाने का एक बहाना था, जहाँ बाद में वह गंभीर रूप से घायल हालत में मिली। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। कथित हत्या से महीनों पहले का वीडियो इस साल मई में जब पत्नी ने उसे पहली बार छोड़ा था, तो आरोपी ने अपनी परेशानी के बारे में सबके सामने बात की थी। गुजराती में पोस्ट किए गए एक वीडियो में, उसने कथित तौर पर कहा था कि वह आत्महत्या करने के बारे में सोच रहा है और उसने रिश्तेदारों से दखल देने की अपील की थी। बाद में महिला वापस आ गई, जब कथित तौर पर उस युवा व्यक्ति के साथ उसका रिश्ता खत्म हो गया या खराब हो गया। हालांकि, परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, यह सुलह ज़्यादा समय तक नहीं चली। रिश्तेदारों ने बताया कि इसके बाद वह फिर से अपने पति को छोड़कर चली गई।
'PM मोदी रात को सोते नहीं, हम इनको पागल कर देंगे...', राहुल का तीखा हमला
राहुल गांधी ने कहा कि आपने देखा अमित शाह को. क्या कहते थे उन्हें चाणक्य, सरदार पटेल, वो कहां भाग गए, वो 20 दिन के संसद भवन में नहीं घुस पाया. क्योंकि वे पहली बार भारत की अभिव्यक्ति का एहसास कर रहे हैं.
जेवर चुराए और आ गई नींद, घर के फर्श पर सोता मिला चोर
हैदराबाद के पहाड़ी शरीफ इलाके में चोरी करने घर में घुसा एक चोर जेवर चुराने के बाद उसी घर में सो गया. परिवार जब वापस लौटा तो अलमारी खुली मिली और फर्श पर एक अज्ञात युवक गहरी नींद में सोता मिला. उसकी जेब से चोरी के सोने के जेवर मिले. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
‘DRS ने बचाया’... स्मिथ ने माना, आउट थे फिर भी मिल गया जीवनदान
ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज स्टीव स्मिथ ने बांग्लादेश के खिलाफ डार्विन टेस्ट में मिले विवादित जीवनदान पर बड़ा बयान दिया है. स्मिथ ने स्वीकार किया कि उन्हें लगा था कि गेंद बल्ले से लगी थी और अगर आउट दिया जाता तो वह पवेलियन लौट जाते. उन्होंने यह भी माना कि इस बार टेक्नोलॉजी ने उन्हें बचा लिया.
'साहब चले गए हैं...', ट्राई साइकिल के लिए भटकते दिव्यांग का VIDEO
कौशांबी में ट्राई साइकिल के लिए एक दिव्यांग व्यक्ति के करीब एक साल से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने का वीडियो वायरल हो रहा है. दीनानाथ मिश्र का कहना है कि हर बार उन्हें अधिकारी के मौजूद नहीं होने की बात कहकर लौटा दिया जाता है. वहीं, विकलांग कल्याण अधिकारी ने बताया कि आवेदन और शारीरिक परीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और साइकिल मिलते ही उन्हें प्राथमिकता से दी जाएगी.
भूत खोजती थी इंफ्लुएंसर, बनाया ऐसा वीडियो, अब एक्सीडेंट में हुई मौत
चीन की एक इंफ्लुएंसर की कार एक्सीडेंट के बाद मौत हो गई. वह भूतों और पारानॉर्मल एक्टिविटीज की खोज करती थी. कुछ महीने पहले उसने एक वीडियो बनाया था. अब उसकी मौत के बाद कुछ यूजर्स ने दावा किया कि उस वीडियो की वजह से ही महिला को 'कर्म' का फल मिला. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
राम रहीम एंगल या पुलिस फायरिंग केस... सुखबीर पर 62 साल के निहंग ने क्यों किया हमला?
महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा माता साहिब देवन जी मुकट के परिसर में निहंग वेशभूषा में आए एक व्यक्ति ने बादल पर कृपाण से हमला किया. बादल के हाथ में मामूली चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. हालांकि, हमले के पीछे की वजह या हमलावर की मंशा की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
'मेरे बैग में बम है...', यात्री के ये कहते ही मुंबई एयरपोर्ट पर मचा हड़कंप
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक यात्री ने सुरक्षा जांच के दौरान अपने बैग में बम होने का मजाक किया, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं. इंडिगो की मुंबई-दिल्ली फ्लाइट को रोकना पड़ा. सीआईएसएफ ने आरोपी को हिरासत में लिया और विमान की गहन जांच की गई, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली.
20 साल के लिए सलाखों के पीछे जा सकती हैBill Gates की बेटी,किस मामले में फंसीं माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर की बेटी
₹4.71 लाख की KTM ले जाने से पहले शोरूम में नहाया चोर
वाराणसी में चोर ने KTM शोरूम में साढ़े चार घंटे बिताए. कॉफी पी, नहाया और डांस किया. फिर 4.71 लाख रुपये की KTM बाइक लेकर फरार हो गया. पूरी वारदात CCTV में कैद हुई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है. CCTV वीडियो में देखें चोरी की पूरी टाइमलाइन.
फेसबुक और इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी मेटा ने गुरुवार को कहा कि उसने 16 साल से कम उम्र के ऑस्ट्रेलियाई लोगों के 7,50,000 से ज़्यादा अकाउंट्स को हटा दिया है। कंपनी ने यह कदम किशोरों के अकाउंट्स पर दुनिया के पहले बैन के बाद उठाया है और रेगुलेटरी दखल की संभावना को देखते हुए और कार्रवाई करने का वादा किया है। कंपनी ने बताया कि उसने दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया में सोशल मीडिया बैन लागू होने से ठीक पहले से लेकर जून तक 4,62,000 संदिग्ध इंस्टाग्राम अकाउंट्स और 2,94,000 संदिग्ध फेसबुक अकाउंट्स को डीएक्टिवेट किया है। जनवरी तक हटाए गए अकाउंट्स की संख्या 3,31,000 इंस्टाग्राम अकाउंट्स और 1,73,000 फेसबुक अकाउंट्स थी। इसे भी पढ़ें: क्या भारत अब वैश्विक टेक कंपनियों के लिए ‘नियम मानो या रास्ता छोड़ो’ वाला संदेश दे रहा है? कंपनी ने कहा है कि वह उस कानून का पालन करना चाहती है जिसका उसने और दूसरे प्लेटफ़ॉर्म्स ने खुलकर विरोध किया था। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब ऑस्ट्रेलिया का इंटरनेट रेगुलेटर उन प्लेटफ़ॉर्म्स (जिनमें मेटा के मालिकाना हक वाले प्लेटफ़ॉर्म भी शामिल हैं) के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है, जिन पर कानून का पालन करने के लिए पर्याप्त कदम न उठाने का आरोप है। किसी भी दूसरे प्लेटफ़ॉर्म ने मेटा द्वारा बताई गई समय-सीमा से मेल खाने वाला कंप्लायंस डेटा जारी नहीं किया है, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई सरकार के आंकड़ों और कई स्वतंत्र अध्ययनों से पता चला है कि बैन के शुरुआती तीन महीनों में भी 16 साल से कम उम्र के 10 में से 8 से ज़्यादा बच्चे सोशल मीडिया पर मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: Himachal Pradesh: 'विधवा-अनाथ सेस' से महंगा होगा Petrol-Diesel, सुक्खू सरकार के फैसले पर सवाल ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने यह अहम कानून बच्चों और किशोरों की शारीरिक और मानसिक सेहत पर सोशल मीडिया के असर को लेकर जताई गई चिंताओं के बाद प्रस्तावित किया था, और यह कानून 10 दिसंबर को लागू हुआ।
इंदौर में बिरयानी के UPI पेमेंट से पकड़े गए दो शातिर लुटेरे
इंदौर में फूड डिलीवरी वर्करके साथ लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने बिरयानी के UPI पेमेंट से पकड़ लिया. CCTV फुटेज और साइबर टीम की मदद से पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. पढ़ें लुटेरों के पकड़े जाने की पूरी कहानी.
लड्डू-पेड़ा खाकर भर गया मन? 2 कप बेसन से बनाएं काठियावाड़ी मोहनथाल
बेसन के लड्डू तो आपने बहुत खाए होंगे, लेकिन इस बार राखी के खास मौके पर अपने घर पर बेसन की स्पेशल काठियावाड़ी मोहनथाल ट्राई करें. इसे बनाना जितना आसान है, इसकी मिठास उतनी ही बेमिसाल है. जानें इसकी रेसिपी.
क्या 2028 में फिर चुनाव लड़ेंगे Donald Trump? संवैधानिक पाबंदियों पर बोले- मैं तो चाहता हूं, लेकिन...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2028 में राष्ट्रपति पद के लिए तीसरी बार चुनाव लड़ने पर लगी संवैधानिक रोक को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि वह एक और चुनाव अभियान का स्वागत करेंगे, लेकिन कानूनी सीमाएं उन्हें ऐसा करने से रोकती हैं। मैरीलैंड में जॉइंट बेस एंड्रयूज पर मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए, ट्रंप ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए संभावित उम्मीदवारी से जुड़े सीधे सवालों का जवाब दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अपने राजनीतिक समर्थकों की लगातार मांगों के बावजूद, कानून स्पष्ट रूप से किसी मुख्य कार्यकारी (राष्ट्रपति) को दो बार से अधिक पद के लिए चुने जाने से रोकता है। इसे भी पढ़ें: Fake Intelligence से बढ़कर है खतरा, Strait of Hormuz पर Donald Trump के दावे को Araghchi ने नकारा ट्रंप ने कहा हर कोई मुझसे यह सवाल पूछता है, और आप जानते हैं कि इस मामले में कानून बहुत सख्त है। एक और चुनाव अभियान के प्रति अपनी इच्छा जाहिर करते हुए उन्होंने कहा मैं चुनाव लड़ना चाहूंगा, लेकिन कानून बहुत सख्त है। ट्रंप ने बताया कि उनके समर्थक अक्सर उनसे दोबारा चुनाव लड़ने का आग्रह करते हैं; उन्होंने ओहियो में पहले हुए एक कार्यक्रम का भी ज़िक्र किया। उन्होंने 'पेट्रियट गेम्स' का ज़िक्र करते हुए कहा हर कोई मुझसे पूछता है, यहां तक कि आज रात भी, वे कार्यक्रम में चिल्ला रहे थे, 2028! उन्होंने आगे कहा नहीं, हर कोई चाहता है कि मैं ऐसा करूं, लेकिन कानून बहुत सख्त है। इन बयानों से पता चलता है कि ट्रंप ने तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की राह में आने वाली संवैधानिक रुकावट को साफ़ तौर पर माना है, भले ही उन्होंने अपना कार्यकाल जारी रखने में दिलचस्पी दिखाई हो। इन बयानों से यह साफ़ होता है कि उनकी टिप्पणी 2028 के चुनाव अभियान की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है, बल्कि मौजूदा कानूनी सीमाओं को स्वीकार करना है। यह संवैधानिक रोक अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति दो बार से ज़्यादा राष्ट्रपति पद के लिए नहीं चुना जा सकता। 1947 में कांग्रेस द्वारा पारित और फरवरी 1951 में राज्यों द्वारा मंज़ूर किए गए इस संशोधन ने राष्ट्रपति के कार्यकाल पर एक पक्की सीमा तय कर दी है। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz पर US का पूर्ण कब्जा, Donald Trump बोले- ईरान अब Middle East का दादा नहीं रहा 2016 और 2024 के राष्ट्रपति चुनावों में अलग-अलग समय पर जीत हासिल करने के कारण, ट्रंप सीधे तौर पर इस नियम के दायरे में आते हैं, जिससे वे दोबारा राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाते हैं। इतिहास में अमेरिकी संविधान में कार्यकारी पद के लिए कार्यकाल की कोई सीमा तय नहीं थी। कई दशकों तक, नेताओं ने जॉर्ज वॉशिंगटन द्वारा स्थापित एक अनौपचारिक परंपरा का पालन किया, जिन्होंने दो कार्यकाल के बाद पद छोड़ दिया था। इस राजनीतिक परंपरा को फ्रैंकलिन डी. रूज़वेल्ट ने तोड़ दिया, जिन्होंने 1940 में अभूतपूर्व रूप से तीसरा कार्यकाल और 1944 में चौथा कार्यकाल हासिल किया, और अप्रैल 1945 में पद पर रहते हुए ही उनका निधन हो गया।
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किए गए
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज देश की समृद्ध कला संस्कृति को समेटे हुए प्रतिष्ठित कलाकारों को वर्ष 2024-
Fake Intelligence से बढ़कर है खतरा, Strait of Hormuz पर Donald Trump के दावे को Araghchi ने नकारा
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि वाशिंगटन का होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पूरा नियंत्रण है। उन्होंने अमेरिका पर बार-बार खुफिया जानकारी में चूक का आरोप लगाया और इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर एक बड़ी गलतफहमी या गलत फैसले के खिलाफ चेतावनी दी। एक्स पर एक पोस्ट में अरागची ने ईरान के साथ युद्ध का उदाहरण देते हुए अमेरिका पर खुफिया जानकारी में चूक के कारण बार-बार गलत फैसले लेने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि वाशिंगटन होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर और भी बड़ी गलती कर सकता है और सावधानी बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि नकली खुफिया जानकारी (fake intelligence), नकली खबरों (fake news) से भी ज्यादा खतरनाक हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Strait of Hormuz पर Donald Trump का बड़ा दावा, बोले- 'हमारा पूरा नियंत्रण', Iran को दी कड़ी चेतावनी पोस्ट में लिखा था, अमेरिका लंबे समय से खुफिया जानकारी में चूक के कारण गलत फैसले लेता रहा है। इसका एक उदाहरण है ईरान के साथ युद्ध। अब, होर्मुज जलडमरूमध्य पर और भी बड़ी गलती हो सकती है। नकली खबरों से भी बुरा है नकली खुफिया जानकारी। सावधान रहें। अल्लाह महान है, पृथ्वी की किसी भी शक्ति से महान। हमें अल्लाह पर भरोसा है। अरागची की यह टिप्पणी ट्रंप के उस दावे के बाद आई है जिसमें उन्होंने 'ट्रुथ सोशल' (Truth Social) पर कहा था कि संयुक्त राज्य अमेरिका का होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरा नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखेगा। ट्रंप ने इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना की तैनाती को स्टील की दीवार (WALL OF STEEL) बताया और कहा कि ईरान में इसका मुकाबला करने की कोई क्षमता नहीं है। इसे भी पढ़ें: Mohsin Naqvi ने Tehran में अराघची से वार्ता की, अमेरिका-ईरान संघर्ष रोकने की कोशिश ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा कंट्रोल है। मुझे लगता है कि हम इसे बनाए रखेंगे! हमारी नौसेना की घेराबंदी को हर कोई 'स्टील की दीवार' कह रहा है, और ईरान इसके बारे में कुछ नहीं कर सकता। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान का मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह कमज़ोर हो गया है और उन्होंने अपने मैसेज का एक हिस्सा अल्लाह का ज़िक्र करते हुए खत्म किया। उन्होंने आगे कहा उनके पास सिर्फ़ फ़ेक न्यूज़ और 300% महंगाई है, और हालात और खराब हो रहे हैं! ईरान सिर्फ़ बातें करता है, कोई काम नहीं करता; अब वह मिडिल ईस्ट का दादा (Bully) नहीं रहा। अल्लाह की तारीफ़ हो! होर्मुज़ जलडमरूमध्य एक रणनीतिक रूप से अहम जलमार्ग है जो फ़ारस की खाड़ी (Persian Gulf) को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है और दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा व्यापार का रास्ता यहीं से गुज़रता है। ट्रंप की पोस्ट के कुछ घंटों बाद, ईरान ने उनके दावों को खारिज कर दिया और कहा कि रणनीतिक जलमार्ग बंद रहेगा और तेहरान की शर्तें माने जाने तक इसे दोबारा नहीं खोला जाएगा।
बांग्लादेश की सत्ताधारी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 20 अगस्त को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपने महासचिव मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर को उम्मीदवार घोषित किया। इससे उनके देश का अगला राष्ट्राध्यक्ष बनने का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद उठाया गया है, जिन्होंने गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए अपना कार्यकाल पूरा होने से लगभग दो साल पहले, 24 जुलाई को पद छोड़ दिया था। सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी जनरल रूहुल कबीर रिज़वी ने बताया कि 78 साल के अनुभवी नेता को नॉमिनेट किए जाने के बाद उन्होंने BNP के सेक्रेटरी जनरल और पार्टी की सबसे बड़ी पॉलिसी बनाने वाली स्टैंडिंग कमिटी से इस्तीफ़ा दे दिया है। 12 फरवरी के चुनावों में सत्ता में लौटने के बाद संसद में BNP के पास दो-तिहाई बहुमत है, इसलिए आलमगीर इस मुकाबले में मज़बूत स्थिति में हैं। इसे भी पढ़ें: Energy Shortage in Bangladesh: 8 बजे बंद होंगे शॉपिंग मॉल, संकट से निपटने के लिए मांगा भारत का Diesel Support रिज़वी ने कहा, मुझे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की ओर से यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि हमारे समर्पित सेक्रेटरी जनरल, मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर, BNP के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बन गए हैं। प्रधानमंत्री सचिवालय में प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान (जो पार्टी के चेयरमैन भी हैं) के साथ BNP के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद इस नामांकन की घोषणा की गई। चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार, आलमगीर को गुरुवार शाम 4 बजे तक अपने नामांकन कागज़ात जमा करने थे। बांग्लादेश की मुख्य विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने भी अपने गठबंधन के नेता और लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के चेयरमैन कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को मैदान में उतारा है। अहमद ने चुनाव आयोग में अपने नॉमिनेशन पेपर जमा कर दिए हैं। इसे भी पढ़ें: Mitchell Starc ने तोड़ा Rangana Herath का रिकॉर्ड, बने सबसे सफल बाएं हाथ के Test गेंदबाज बांग्लादेश के संविधान के अनुसार, राष्ट्रपति का चुनाव संसद करती है। पद खाली होने के कारण, संसद के स्पीकर हाफ़िज़ उद्दीन अहमद अभी कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम कर रहे हैं। अगर चुने जाते हैं, तो आलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बनेंगे। वे एक दशक से ज़्यादा समय से BNP के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं; 2016 में औपचारिक रूप से पद संभालने से पहले, 2011 से वे कार्यवाहक महासचिव के तौर पर काम कर रहे थे।
Google Pixel 11 आते ही कंपनी ने दिया तोहफा, बिना पैसा दिए घर लाएं
Google Pixel 11 सीरीज भारत में लॉन्च हो गई है. कंपनी ने लॉन्च के बाद से कई ऑफर्स का ऐलान कर दिया है. कंपनी ने दावा किया है कि 89999 रुपये के Pixel 11 को 49999 रुपये इफेक्टिव प्राइस में खरीद सकते हैं. इतना ही नहीं, कंपनी ने ये भी कहा है कि जीरो परसेंट डाउन पेमेंट और नो कॉस्ट ईएमआई पर भी इसे खरीद सकते हैं. आइए जानते हैं ऑफर्स के बारे में.
1 रुपये में चलेगी 1KM, 7 लोगों के बैठने की जगह, आ रही नई Maruti
मारुति सुजुकी एक नई कार लेकर आ रही है, जो अर्टिगा के सेगमेंट में होगी. ये कार इलेक्ट्रिक पावरट्रेन के साथ आएगी. मारुति की अपकमिंग कार एक 7 सीटर इलेक्ट्रिक एमपीवी होगी. इसमें हमें बहुत कुछ ई-विटारा से मिलता जुलता दिख सकता है. ये कार सिंगल चार्ज में 500 किलोमीटर तक की रेंज ऑफर कर सकती है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स.

