गोरखपुर में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से पीएम श्री योजना के तहत जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न परिषदीय स्कूलों के बच्चों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया और खेलकूद के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने दौड़, कबड्डी, लंबी कूद समेत विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं के दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। प्रतिभागियों ने पूरे जोश के साथ मैदान में उतरकर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मोहा मन खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर वहां मौजूद शिक्षक और अभिभावक काफी प्रभावित हुए और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। अधिकारियों ने बताया कि पीएम श्री योजना के तहत इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों में खेल भावना को बढ़ावा देना और उनकी छिपी प्रतिभाओं को सामने लाना है। इससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास होता है और उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिलता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे हुए सम्मानित प्रतियोगिताओं के अंत में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। अधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए जरूरी हैं। ऐसे आयोजन आगे भी कराए जाएंगे।
दरभंगा के ऐतिहासिक मां श्यामा मंदिर परिसर में आज से दो दिवसीय 'मां श्यामा महोत्सव' का भव्य आयोजन किया जाएगा। जिला पदाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि यह महोत्सव मिथिला की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का अद्वितीय संगम होगा। जिसमें देश-प्रदेश के विद्वानों, कवियों और कलाकारों की गरिमामयी भागीदारी रहेगी। उद्घाटन भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मां श्यामा न्यास समिति के संरक्षक संजय सरावगी करेंगे। कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी, दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर, मधुबनी सांसद अशोक कुमार यादव, समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी, राज्यसभा सांसद धर्मशिला गुप्ता, जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा शामिल होंगे। इसके अलावा एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी, मदन मोहन झा, सर्वेश कुमार, सुनील चौधरी, हरी सहनी, विधायक जीवेश कुमार, विनय कुमार चौधरी, रामचंद्र प्रसाद, मुरारी मोहन झा, सुजीत कुमार सिंह, मैथिली ठाकुर, राजेश कुमार मंडल, मेयर अंजुम आरा, जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी सहित भी आएंगे। भजन गायन की प्रस्तुति महोत्सव के पहले दिन 7 मार्च को दोपहर 2:30 से शाम 4:30 बजे तक मां श्यामा मंदिर परिसर में कवि गोष्ठी आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन कमलाकांत झा करेंगे, जबकि अमलेंदु शेखर पाठक और रामसेवक ठाकुर उद्घोषक के रूप में मौजूद रहेंगे। कवि सम्मेलन में डॉ. भीमनाथ झा, डॉ. अशोक कुमार मेहता, रामकुमार झा, आनंद मोहन, प्रो. उमेश उत्पल, दीप नारायण विद्यार्थी, सच्चिदानंद पाठक, प्रो. डॉ. अजीत कुमार वर्मा, डॉ. अमरकांत कुंवर, डॉ. रानी झा, निरंजन मिश्र और डॉ. चंद्रमणि झा सहित कई कवि अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद शाम 5 बजे से मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम का संचालन सुधीर पांडेय करेंगे। इस दौरान राजनंदनी की ओर से भक्ति नृत्य (महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र), आशुतोष कुमार सिंह द्वारा महाआरती, ममता कुमारी की ओर से मैथिली सुगम संगीत, जयप्रकाश नारायण पाठक शास्त्रीय-लोक नृत्य और विभा झा द्वारा लोक एवं भजन गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। 8 मार्च को दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक विद्वत गोष्ठी का आयोजन होगा। जिसमें मित्रनाथ झा, डॉ. अमलेंदु शेखर पाठक, डॉ. देवनारायण झा, डॉ. शशीनाथ झा, डॉ. राजेश्वर पासवान, डॉ. सुरेश्वर झा, डॉ. दयनाथ झा, प्रो. वीरेंद्र नारायण सिंह, डॉ. श्रीपति त्रिपाठी, डॉ. दिलीप कुमार झा, डॉ. बौआनंद झा, डॉ. चौठी सदा, डॉ. संजीत झा 'सरस', प्रमोद गुप्ता, डॉ. पुरेंद्र वारिक और डॉ. संतोष कुमार पासवान सहित कई विद्वान अपने विचार रखेंगे। इसके बाद शाम 5:30 बजे से सांस्कृतिक संध्या आयोजित होगी, जिसमें श्रेया भारद्वाज कथक नृत्य, अंकित राज महाआरती, भाव्या सिन्हा शास्त्रीय एवं लोक नृत्य, सुषमा कुमारी भजन गायन, मोहित कुमार लोक नृत्य, अनुष्का कुमारी और अजय कुमार पाठक की ओर से लोक गायन की प्रस्तुति दी जाएगी। आम जनता से महोत्सव में शामिल होने की अपील महोत्सव के दोनों दिन सुबह10 बजे से मंदिर परिसर में सामूहिक दुर्गा सप्तशती पाठ का आयोजन किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में संगत कलाकार के रूप में अभिनंदन कुमार झा, कन्हैया कुमार झा, महेश कुमार चौधरी और संत कुमार झा भी प्रस्तुति देंगे। जिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं, साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक अनुरागियों से इस भव्य महोत्सव में शामिल होकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।
Rangpanchami Special Thandai: रंगपंचमी पर बनाएं भांग की ठंडाई, होगा त्योहार का आनंद दोगुना
Bhang ki Thandai Recipe: होली- रंगपंचमी एक और पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोग रंगों में रंगकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं। इस दिन का महत्व केवल रंगों के खेलने में नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी परंपराओं और विशेष पेय ...
कुमठी-बलरामपुर में रही होली के त्योहार की धूम
कुमठी | बलरामपुर-कुमठी सहित आसपास के गांवों में रंगों का त्योहार होली शांति एवं आपसी सौहार्द्र के साथ मनाया गया। सोमवार रात रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया। ग्रहण के कारण धुलेंडी बुधवार को मनाई गई। गली-मोहल्लों में सुबह से ही बच्चों की टोलियां रंगों के साथ धमा-चौकड़ी करते हुए तथा युवाओं ने रंग गुलाल के साथ एक-दूसरे से गले मिलकर होली की बधाई दी। ग्रामीणों ने गमी वाले परिवारों में घर जाकर गुलाल लगाया।
होली के उत्सव के बीच प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ चिंताजनक रूप से बढ़ गया। 4 मार्च को 108 एंबुलेंस सेवा के डेटा के अनुसार एक ही दिन में 948 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे अधिक 67 हादसे सागर जिले में हुए, जबकि राजधानी भोपाल 39 मामलों के साथ आठवें स्थान पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी हादसों के प्रमुख कारण हैं। सरकारी अस्पतालों में सामान्य दिनों की तुलना में दोगुने से अधिक घायल इलाज के लिए पहुंचे। सागर टॉप पर, कई जिलों में बढ़े मामले प्रदेश में दर्ज 948 सड़क हादसों में सागर जिला 67 मामलों के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद विदिशा में 55, इंदौर में 46 और जबलपुर में 45 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में भी स्थिति गंभीर रही। रीवा और सतना में 42-42 तथा रायसेन में 41 हादसे दर्ज हुए। राजधानी भोपाल में 39 दुर्घटनाएं सामने आईं, जिससे वह सूची में आठवें स्थान पर रहा। वहीं, छिंदवाड़ा (30), धार (28), सिंगरौली (27), खरगोन और बालाघाट (25-25) में भी उल्लेखनीय संख्या में सड़क हादसे हुए। वहीं शाजापुर में 2 और दतिया में 1 हादसा दर्ज किया गया। नशा और तेज रफ्तार बनी बड़ी वजह 108 एंबुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह परिहार ने बताया कि तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि होली के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इस बार बीते साल की तुलना में नशे में हुए एक्सीडेंट की संख्या अधिक रही है। भोपाल में सामान्य से दोगुने मामले राजधानी भोपाल के सरकारी अस्पतालों में होली के दौरान सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े 62 घायल इलाज के लिए पहुंचे। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या 20 से 25 के बीच रहती है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, अधिकतर घायलों में बाइक सवार शामिल थे। कई मामलों में हेलमेट का उपयोग नहीं किया गया था, जिससे सिर में गंभीर चोटें आईं। ट्रॉमा मामलों में 30 प्रतिशत तक मृत्यु दर कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुलदीप गुप्ता के अनुसार, एक रिसर्च में पाया गया है कि सड़क दुर्घटना के बाद ट्रॉमा में लाए गए 10 गंभीर घायलों में से 3 की जान नहीं बच पाती। उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया गया था। बाइक चालकों के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, क्योंकि सिर की चोटें जानलेवा साबित हो सकती हैं। कई उदाहरण ऐसे भी हैं जहां हेलमेट पहनने के कारण गंभीर हादसे के बावजूद व्यक्ति की जान बच गई। हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी तरुण सिंह परिहार ने बताया कि अधिकांश मामलों में लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते। छोटी दुर्घटना भी इसी कारण गंभीर रूप ले लेती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वाहन चलाते समय सभी नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में निजी वाहन से ले जाने के बजाय एंबुलेंस सेवा का उपयोग करें, क्योंकि उसमें जीवन रक्षक उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद रहता है। जागरूकता ही बचाव का रास्ता विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। उत्सव का माहौल सड़क सुरक्षा के नियमों को नजरअंदाज करने का कारण नहीं बनना चाहिए। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण बढ़ते हादसे यह संकेत दे रहे हैं कि सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान और सख्त प्रवर्तन की आवश्यकता है, ताकि आने वाले समय में ऐसे आंकड़ों में कमी लाई जा सके।
हिसार जिले के अग्रोहा में होली के दिन एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक बाइक पर सवार होकर अग्रोहा से अपने गांव किरमारा लौट रहा था, तभी रास्ते में तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार गांव किरमारा निवासी सुरेश कुमार (31) बुधवार शाम करीब 7 बजे अग्रोहा मोड़ से अपने गांव किरमारा की ओर बाइक पर जा रहा था। जब वह मीरपुर से कुलेरी रोड के पास पहुंचा तो सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ड्राइवर ने लापरवाही चलाते हुए से उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सुरेश गंभीर रूप से घायल हो गया। होली पर मौत से गांव में मातम हादसे के बाद परिजन और आसपास के लोग उसे तुरंत इलाज के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। होली के त्यौहार के दिन युवक की मौत की सूचना से गांव किरमारा में मातम छा गया। ट्रक ड्राइवर पर केस दर्ज घटना की सूचना मिलने पर अग्रोहा पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची और मृतक के ताऊ के बेटे रविन्द्र के बयान के आधार पर लापरवाह ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया। वीरवार को गांव में सुरेश का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
समस्तीपुर जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर पटोरी अनुमंडल के धमौन गांव में वृंदावन की तर्ज पर लोगों ने छाता होली खेली। धमौन वासियों के कुल गुरु निरंजन स्वामी के मंदिर परिसर में बुधवार रात लोगों का जुटान हुआ। जहां 30 से ज्यादा टोली की छाता आकर्षण का केंद्र बना। सभी टोली के सदस्यों ने अपने-अपने छाते के अंदर जमकर होली गीत गया। एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की खुशियां मनाई। निरंजन स्वामी संचालन समिति की ओर से बेहतर छाता बनाने वाले टोली को पुरस्कृत भी किया जाएगा। मंदिर परिसर में रात के 12:00 बजे तक 50 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटी हुई थी । इस भीड़ में धमौन के 5 पंचायत के लोगों के अलावा आसपास के प्रखंड और पंचायत के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। भीड़ को देखते हुए पुलिस बलों की भी जगह-जगह पर तैनाती की गई थी। रंग-बिरंगी छाता लेकर पहुंचते हैं लोग होली खेलने के लिए पहुंचे लोगों ने बताया कि सभी टोली पहले अपने-अपने टोले-मोहल्ले से निकलकर गांव के एक-एक घरों पर पहुंचे। वहां पर होली गीत गया फिर छाता लेकर आगे बढ़े। होली के दिन करीब 4:00 से शुरू हुआ यह कार्यक्रम शाम ढलने के बाद शोभा यात्रा का रूप लेकर निरंजन स्वामी मंदिर परिसर में केंद्रित हो गया। जहां पर लोग अपनी-अपनी टोली के बीच होली गीत गाते हुए नजर आए। रंग-बिरंगे छाते लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा था। 500 साल पुराना है छाता होली का इतिहास यहां वृंदावन के बरसाने की होली की तर्ज पर होली का उत्सव मनाया जाता है। यह उत्सव केवल रंगों का खेल नहीं है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक धरोहर, एकता और भाईचारे का जीवंत प्रतीक बन चुका है। अपनी अनूठी परंपरा और सांस्कृतिक गहराई के कारण एक अलग पहचान बनाई है। यहां किसी भी प्रकार का जाति, धर्म या संप्रदाय का भेदभाव नहीं होता। गांव में हर व्यक्ति अपनी टोली के साथ छतरी तैयार करते हैं और ये छतरियां इतनी बड़ी होती हैं कि इनमें दो दर्जन से अधिक लोग एक साथ होली गीत गा सकते हैं। इस परंपरा का आयोजन सिर्फ एक मजेदार खेल नहीं है, बल्कि यह सामूहिक उत्सव और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुका है। 500 साल पुरानी परंपरी गांव के बुजुर्ग रामाकांत राय ने बताया कि धमौन की छाता होली की परंपरा करीब 500 सालों से भी पुरानी है। यह परंपरा 15वीं शताब्दी से चली आ रही है, हालांकि छतरियों को नया रूप 1930 से दिया गया था। उस समय नबुदी राय के घर से पहली सुसज्जित छतरी निकाली गई थी, जो इस परंपरा को और भी लोकप्रिय बनाने में सहायक सिद्ध हुई। बरसाने से कैसे धमौन पहुंची परंपरा ग्रामीण दिनकर प्रसाद राय ने बताया कि धमौन के लोग उत्तर प्रदेश के संबलगढ पहुंचकर बस गए। संबलगढ के पास ही बरसाना है। वहां छाता बनाकर उसके अंदर होली गीत गाते और रंग गुलाल डालते हैं। यहां आने के बाद लोगों ने इस परंपरा की शुरूआत की। जो पीढी दर पीढ़ी चली आ रही है। होली के दिन, धमौन के लोग सुबह-सुबह स्वामी निरंजन मंदिर में एकत्र होते हैं, जहां वे अपनी छतरियों के साथ अबीर-गुलाल चढ़ाते हैं और 'धम्मर' तथा 'फाग' गीत गाते हैं। इसके बाद, छतरियों को कलाबाजी के साथ घुमाया जाता है और घंटियों की आवाज से पूरा गांव गूंज उठता है। यह उत्सव धीरे-धीरे शोभा यात्रा का रूप ले लेता है, जो गांव के विभिन्न घरों में जाती है। देर शाम को झांकियां महादेव स्थान पहुंचती हैं, और वहां मध्य रात्रि के बाद चैता गीतों के साथ होली का समापन होता है।
इंदौर में बुधवार को कई जगह पुलिस की सख्ती देखने को मिली। जगह-जगह पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी थी। तीन सवारी वाहन चालक, नशे में गाड़ी चलाने वालों पर पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस की टीमें जगह-जगह अनाउंसमेंट के माध्यम से लोगों को समझाइश दे रही थी। लोगों तक आवाज पहुंच सके इसके लिए डीजे की गाड़ी की मदद ली गई। होली के पर्व पर आज कई लोग शहर में होली का पर्व मनाने निकले। इधर, पुलिस ने भी पर्व के चलते शहर में जगह-जगह चेकिंग लगाकर रखी थी। बैरिकेड्स लगाकर पुलिस की टीम, ट्रैफिक प्रेहरी सहित पुलिस के आला अधिकारी भी मैदान में मौजूद रहे। चालानी कार्रवाई के साथ निकाली गाड़ियों की हवा पुलिस की टीमें नियमों का उल्लंघन करने वालों, नशा में वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करती नजर आई। राजवाड़ा पर पुलिस की अलग-अलग टीमें घेराबंदी कर खड़ी थी। बैरिकेड्स के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल यहां लगा था। अनाउंसमेंट कर लोगों को समझाइश दी जा रही थी। इस दौरान पुलिस ने नशा करके गाड़ी चलाने वालों, तीन सवारी बैठकर गाड़ी चलाने वालों पर कार्रवाई की। तीन सवारी बैठकर गाड़ी चलाने वालों की गाड़ियों की हवा भी निकाल दी। ड्रोन से रख रहे पैनी नजर इधर, क्राइम ब्रांच इंदौर के एडिशनल एसीपी राजेश दंडोतिया भी जगह-जगह जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेते नजर आए। दोपहर में वे राजवाड़ा पहुंचे और यहां पर उन्होंने पूरी व्यवस्थाओं को देखा। वे राजवाड़ा पर लगे ड्रोन सिस्टम को भी देखने पहुंचे। इलाके में ड्रोन से नजर रखी जा रही थी। उसकी पूरी व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
'होली का त्योहार देता है भाईचारे का संदेश':कलेक्टर ने हर्बल रंगों के उपयोग की अपील की
झालावाड़ में धुलंडी का पर्व उत्साहपूर्वक मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं दी है और सद्भाव व भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया है। एक वीडियो संदेश जारी कर कलेक्टर ने कहा कि होली का यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने जोर दिया कि यह त्योहार प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है।कलेक्टर ने जिलेवासियों से हर्बल रंगों का उपयोग करने, पानी बचाने, स्वच्छता और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से पर्व मनाने का आग्रह किया। जिले में इस बार होली का पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। झालावाड़ जिला मुख्यालय पर अधिकांश लोग 4 मार्च को धुलंडी मना रहे हैं, जबकि कुछ लोग पहले ही रंग खेल चुके हैं।झालावाड़ से 7 किलोमीटर दूर झालरापाटन शहर में 3 मार्च को धुलंडी मनाई गई। इसी प्रकार, जिले के अंतिम छोर पर स्थित उन्हेल नागेश्वर में आगामी दिनों में रंग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। जिले में होली के त्योहार के रंग और तिथियां अलग-अलग नजर आ रही हैं।
बेतिया जिले में रंग और गुलाल का पावन पर्व होली धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। शहर के विभिन्न मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही त्योहार की रौनक दिख रही है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी एक-दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश दे रहे हैं। चौक-चौराहों और गलियों में रंगों की फुहार के बीच लोग खुशी-खुशी होली का आनंद ले रहे हैं। होली पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए बेतिया पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, संवेदनशील स्थानों और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारी लगातार गश्त कर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं, और स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील प्रशासन ने आम लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहार मनाने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हुड़दंग, अशांति या कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह को तुरंत रोका जा सके। प्रशासन रंगों और प्रेम के इस पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।
रंगों के त्योहार होली को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को जनपद में यह हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। ऐसे में जिले को सामान्य, संवेदनशील और अति संवेदनशील तीन श्रेणी में बाटकर वहां पुलिस बल तैनात किया गया है जो हर छोटी बड़ी गतिविधि पर अपनी नजर रखेगा। किसी भी विपरीत स्थिति में पुलिस एक्शन में आएगी और माहौल बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटेगी। इसके बाद उसकी होली लॉकअप में ही मनेगी। संवेदनशील स्थान पर पीएसी-आरएएफ रमजान का महीना चल रहा है। ऐसे में पुलिस किसी भी तरह का रिस्क उठाने की स्थिति में नहीं है। मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। बात करें फोर्स की तो संवेदनशील और अति संवेदनशील स्थानों पर आरआरएफ और आरएएफ जिम्मा संभालेगी। इसके अलावा 900 कांस्टेबल, 450 हेड कांस्टेबल, 500 महिला पुलिस, 95 इंस्पेक्टर, 800 दरोगा और जिले के सभी डिप्टी एसपी को सुरक्षा के तौर पर तैनात किया गया है। हर टोली में एक मजिस्ट्रेट भी थाना व सर्किल स्तर पर पुलिस तैनात रहेगी। थाना स्तर की समस्त जिम्मेदारी थानेदार संभालेंगे तो सर्किल का दायित्व एक सीओ के अलावा मजिस्ट्रेट संभालेंगे। चौकी इंचार्ज अपने क्षेत्र में चार कांस्टेबल के साथ भ्रमण करते रहेंगे। इसके अलावा जिन पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी पहले से ही निर्धारित की गई है वह सुबह से ही क्षेत्र में मौजूद रहेंगे। 14 जोन, 32 सेक्टर में बटा जनपद पूरे जनपद को 14 जोन और 32 सेक्टर में बाटकर सुरक्षा खाका खींचा गया है। रिजर्व पुलिस बल रखा गया है जो पुलिस लाइन के अलावा घंटाघर पर भी मौजूद रहेगा। मिश्रित आबादी वाले इलाके जैसे प्रह्लादनगर, घंटाघर, शाहपीर गेट, हापुड़ अड्डा, कोतवाली आदि पर ड्रोन से निगरानी की जाएगी। घुड़सवार पुलिस भी रहेगी भ्रमणशील होली पर शहर की सड़कों पर घुड़सवार पुलिस भी दिखाई देगी। इनके स्पॉट निर्धारित किए गए हैं। यहां घुड़सवार पुलिस थोड़ी थोड़ी देर रुककर वहां के हालातों पर नजर बनाएगी। स्टंटबाजों व बेतरतीब वाहन दौड़ाकर माहौल बिगाड़ने वालों से घुड़सवार पुलिस निपटेगी। सोशल मीडिया पर बढ़ाई गई निगरानी होली पर पुराने विवाद भी निकलकर सामने आ जाते हैं। ऐसे में माहौल खराब हो सकता है। इसको देखते हुए सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफार्म पर निगरानी की जा रही है। ना केवल जनपद स्तर से बल्कि जोन व शासन स्तर से भी सोशल मीडिया पर निगरानी कराई जा रही है। इन नंबरों पर करें शिकायत सोशल मीडिया से जुड़ी शिकायत : 9454404001यातायात से जुड़ी समस्या : 9454404000शहर से जुड़ी शिकायत : 9454401587देहात से जुड़ी शिकायत : 9454417431इमर्जेंसी होने पर : डायल 112 आग लगने पर : 9454418746 व 9454418345 एसएसपी बोले- खुराफातियों से सख्ती से निपटेगी पुलिस मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय का कहना है कि होली खेलने से किसी को रोका नहीं जाएगा लेकिन अगर होली की आड़ में कोई कानून व्यवस्था से खिलवाड़ का जरा भी प्रयास करता पाया जाता है तो उसे पुलिस सबक सिखाएगी। खुराफातियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। सोशल मीडिया तक की निगरानी कराई जा रही है।
होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से ललितपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मो. मुश्ताक ने मंगलवार शाम शहर में पैदल गश्त की। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह और कोतवाली का पुलिस बल भी मौजूद था। गश्त के दौरान अधिकारियों ने प्रमुख बाजारों, संवेदनशील स्थानों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर एसपी ने आम जनता, व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों से संवाद किया। उन्होंने सभी से होली पर्व को आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांति के साथ मनाने की अपील की। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी देते हुए संबंधित अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने थाना कोतवाली ललितपुर का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। उन्होंने थाना परिसर और कार्यालय का जायजा लिया और संबंधितों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वीरपुर/बेगूसराय। होली पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से वीरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में देर शाम प्रखंड के विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च और पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व बीडीओ पंकज कुमार शक्तिधर, सीओ भाई वीरेंद्र और थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। फ्लैग मार्च वीरपुर, मुजफ्फरा, सिकरहुला, फूलकारी, कारीचक, सरौंजा, सहुरी, मैदा बभनगामा और नौला सहित कई गांवों से गुजरा। इस दौरान पुलिस बल के साथ दफादार, चौकीदार और ग्राम रक्षा दल के सदस्य भी मौजूद थे। मार्च के माध्यम से आम लोगों को होली का पर्व आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और शांतिपूर्ण माहौल में मनाने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को देने की अपील की। थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजाते पाए जाने पर उसे जब्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्व के दौरान हुड़दंग या अशांति फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने बताया कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार गश्ती अभियान चलाया जाएगा। पुलिस पदाधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आमजन के सहयोग से ही त्योहार शांतिपूर्वक संपन्न हो सकता है। इस अवसर पर पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार, ऋषिकेश भारद्वाज, नौला पिकेट प्रभारी संजय कुमार सिंह सहित वीरपुर थाना के कई पुलिसकर्मी उपस्थित थे।
डूंगरपुर के चितरी थाना क्षेत्र के जसेला-कसारिया मार्ग पर एक बाइक बेकाबू होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। हादसे में बाइक सवार 3 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिए है। होली के दिन हुए हादसे में परिवारों में मातम पसरा हुआ है। डूंगरपुर जिले के चितरी थाने के सीआई रतनलाल ने बताया कि कसारिया निवासी रमेश डेंडोर ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके परिवार के सदस्य विक्रम डेंडोर, विनोद डेंडोर और विष्णु कुमार एक सोमवार शाम को एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने पारडा विष्णु गांव गए थे। जब तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर जसेला से कसारिया की ओर लौट रहे थे। उसी समय हांडा की पाल के पास अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। तेज गति में बाइक सड़क किनारे स्थित एक आम के पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जनरल हॉस्पिटल सागवाड़ा ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान तीनो की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। वही मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद कसारिया गांव में शोक की लहर छा गई है।
जवाहर कला केन्द्र के साउथ विंग में इन दिनों सहारा आर्ट एंड क्राफ्ट फेयर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मेले में देशभर के पारंपरिक क्राफ्ट और सिल्क उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई गई है। खास बात यह है कि इसमें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित आर्टिजन भी हिस्सा ले रहे हैं, जो अपने हाथों से तैयार किए गए उत्कृष्ट उत्पादों को प्रदर्शित कर रहे हैं। आयोजक धर्म सिंह ने बताया कि इस फेयर में भारत के अलग-अलग राज्यों की कला और संस्कृति की झलक एक ही छत के नीचे देखने को मिल रही है। यहां लोग न केवल खरीदारी कर रहे हैं, बल्कि विभिन्न हस्तशिल्प और सिल्क उत्पादों की बारीकियों के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर रहे हैं। बनारस से भागलपुर तक साड़ियों की शान मेले में बनारस की प्रसिद्ध बनारसी साड़ियां अपनी पारंपरिक जरी और ब्रोकेड कारीगरी के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। भागलपुर सिल्क साड़ियां अपनी प्राकृतिक चमक और हल्केपन के लिए पसंद की जा रही हैं। कोटा डोरिया की साड़ियां और सूट अपनी महीन बुनावट और हल्के कपड़े के कारण गर्मियों के लिए खास माने जाते हैं। लखनऊ की चिकनकारी साड़ियां और कुर्तियां अपनी नाजुक हाथ की कढ़ाई से महिलाओं को लुभा रही हैं, वहीं बगरू प्रिंट और हैंड प्रिंट साड़ियां प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक ब्लॉक प्रिंटिंग के कारण विशेष आकर्षण बटोर रही हैं। बांधनी और बंधेज की रंग-बिरंगी साड़ियां और दुपट्टे होली के मौके पर खासे पसंद किए जा रहे हैं। ड्रेस मैट्रियल और परिधानों की विविधता भारतपुर के ड्रेस मटेरियल, जयपुर की स्टाइलिश कुर्तियां, पंजाबी सूट, वेस्ट बंगाल की साड़ियां और सूट हर आयु वर्ग की महिलाओं को आकर्षित कर रहे हैं। कश्मीरी पश्मीना शॉल और कश्मीरी शॉल अपनी गर्माहट और महीन ऊन की गुणवत्ता के कारण खास पहचान रखते हैं। जयपुर की स्टोन ज्वेलरी, इमिटेशन ज्वेलरी और वन ग्राम गोल्ड ज्वेलरी महिलाओं के बीच खासा आकर्षण का केंद्र हैं। पारंपरिक और आधुनिक डिजाइनों का सुंदर मेल यहां देखने को मिल रहा है। जयपुर और पंजाबी जूतियां रंग-बिरंगे धागों और कढ़ाई से सजी हुई हैं, जो पारंपरिक परिधानों के साथ खूब जंचती हैं। हस्तशिल्प और सजावटी उत्पाद मुरादाबाद के ब्रास आर्टिकल अपनी बारीक नक्काशी और धातु कला के लिए प्रसिद्ध हैं। खुर्जा की क्रॉकरी आइटम्स आकर्षक डिजाइन और चमकदार फिनिश के साथ घर की सजावट को नया रूप देती हैं। मिर्जापुरी दरियां और कारपेट मजबूत बुनावट और पारंपरिक डिजाइनों के कारण पसंद किए जा रहे हैं। उड़ीसा की पेंटिंग्स और बिहार की मधुबनी पेंटिंग्स भारतीय लोक कला की समृद्ध परंपरा को दर्शाती हैं। इन पेंटिंग्स में प्राकृतिक रंगों और पारंपरिक प्रतीकों का सुंदर समावेश देखने को मिलता है। इसके अलावा गुजराती बैग, कट वर्क डिजाइन, मैसूर की अगरबत्ती की सुगंध, कश्मीर के ड्राय फ्रूट्स और कानपुर के बैग और लेदर बेल्ट भी मेले में उपलब्ध हैं। फेयर में युवाओं से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक का उत्साह देखने को मिल रहा है। होली के मद्देनजर रंग-बिरंगे परिधान और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी में विशेष रुचि नजर आ रही है।
भागलपुर में होली को लेकर बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल दिख रही है। वेरायटी चौक से खलीफाबाग चौक, लोहापट्टी और सूजागंज बाजार तक सड़कों पर खरीदारों की भीड़ देखी है। रंग, गुलाल, पिचकारी, टोपी, मुखौटे और होली के विशेष परिधानों की जमकर बिक्री हुई। दुकानों को रंग-बिरंगी सजावट और बच्चों की पसंद के हिसाब से आकर्षक डिजाइन की पिचकारियों से सजाया गया है। पिचकारियों की रेंज 35 रुपए से शुरू होकर 1250 रुपए तक है। दुकानदारों के मुताबिक 100 से 250 रुपए तक की पिचकारियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं। साधारण पिचकारी 50 रुपए से उपलब्ध है, जबकि टंकी वाली पिचकारी 200 से 1100 रुपए तक में मिल रही है। होली पर लोग जमकर कर रहे खरीदारी दुकानदार कैलाश मावंडिया ने बताया कि इस बार टैंक पिचकारी और डिजाइन वाले मुखौटों का खासा क्रेज है। मुखौटे 250 से 1500 रुपए तक की रेंज में उपलब्ध हैं। बच्चों के बीच शेर, चीता, भूत-प्रेत और राक्षस वाले मुखौटे लोकप्रिय है। डमरू, मशीनगन, प्रेशर गन और टंकी वाली पिचकारी की मांग बढ़ी है। डमरू डिजाइन पिचकारी 250 से 300 रुपए , हथौड़ा 200 रुपए, त्रिशूल 250 और कुल्हाड़ी 250 रुपए में मिल रही है। एके-47 डिजाइन पिचकारी 300 रुपए में उपलब्ध है। बच्चों की पसंदीदा 'छोटा भीम' पिचकारी 150 रुपए में बिक रही है। प्रेशर गन पिचकारी 200 से 800 और मशीनगन पिचकारी 400 से 600 रुपए तक की रेंज में बाजार में उपलब्ध है। दुकानदार कैलाश ने बताया कि होली मिलन समारोहों और स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों के कारण बाजार में इस साल अच्छी खरीदारी हो रही है। त्योहार को लेकर लोगों में उत्साह साफ नजर आ रहा है, जिससे बाजारों की रौनक चरम पर है। ग्रहण के दौरान मंदिर के पट बंद रहेंगे इधर, जगन्नाथ मंदिर के पुजारी सौरभ मिश्रा ने बताया कि होलिका दहन के ठीक अगले दिन होली का पर्व मनाया जाता है, लेकिन, इस बार 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगी। 3 मार्च को चंद्रग्रहण और सूतक काल होने के कारण उस दिन होली खेलना शुभ नहीं माना गया है। इसी वजह से 4 मार्च को रंगभरी होली खेली जाएगी। चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर शाम 06 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो कि भारत में भी दिखेगी। 3 मार्च की शाम को लगने जा रहे इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 46 बजे तक रहेगा। ऐसे में रंगभरी होली 4 मार्च 2026, बुधवार को ही खेली जाएगी। ग्रहण के दौरान मंदिर के सभी पट बंद रहेंगे संध्या 7:00 बजे के बाद सभी मंदिर को गंगाजल से पवित्र होकर संध्या आरती पूजा की जाएगी
उत्तरप्रदेश के हाथरस में डबल डेकर बस ने ईको वैन को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में दंपती समेत तीन लोग धौलपुर के राजाखेड़ा के रहने वाले थे, जबकि तीन आगरा के रहने वाले थे। मृतकों में धौलपुर के राजाखेड़ा स्थित गंगोलियापुरा निवासी दिनेश (50) पुत्र होतम सिंह और उनकी पत्नी सुनीता (45) भी शामिल हैं। यह दंपती उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 41 में रहते थे और होली मनाने के लिए अपने पैतृक गांव आ रहे थे। वहीं, लोकेश (25) पुत्र भूरी सिंह निवासी सोमली का घेर की भी मौत हो गई। नोएडा में हलवाई का काम करते थेदिनेश अपनी पत्नी सुनीता, दो बेटों राहुल (20) और सुमित (19) के साथ यूपी के नोएडा में रहता था। वहीं पर करीब 30 साल से हलवाई का काम करता है। दिनेश का छोटा भाई शिव सिंह भी नोएडा में मिठाई की दुकान पर काम करता है। त्योहार उठाने गांव आ रहे थेशिव सिंह ने बताया- रविवार को मैंने भैया से (दिनेश) गांव आने के बारे में बात की थी, लेकिन दिनेश ने मना कर दिया था। इसके बाद शिव सिंह बस से गांव के लिए रवाना हुआ और सोमवार रात को गांव पहुंच गया। सवेरे जब उठा तो बड़े भाई के फोन से घर पर फोन आया कि यमुना एक्सप्रेस वे पर हादसा हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही घर से मां गोविंदी, शिव सिंह की पत्नी ममता, दो भतीजे भोलू और छकोड़ी अपने ताऊ के लड़के मुकेश के साथ यूपी के लिए निकल गए। वहीं, दिनेश के दोनों बेटे राहुल और सुमित भी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। होतम सिंह गांव में खेती करते हैं। जिनके चार लड़के और दो बेटियां है। सबकी शादी हो चुकी है। सबसे बड़ा दिनेश, बच्चू सिंह की जिनकी तीन महीने पहले बीमारी के कारण डेथ हो गई, शिव सिंह, संजू सिंह, बहन सावंती और सरोज है। लोकेश के तीन महीने पहले हुई थी लड़कीहादसे में जान गंवाने वाला लोकेश (25) पुत्र भूरी सिंह राजाखेड़ा के गांव सोमाली का घेर का रहने वाला है। लोकेश करीब 10 साल से दिल्ली में पेस्ट्री केक का काम करता था। लोकेश भी ईको में था और होली का त्योहार मनाने के लिए अपने गांव जा रहा था। लोकेश के पिता भूरी सिंह गांव में खेती बाड़ी का काम करते हैं। लोकेश की शादी कर 6 साल पहले हुई थी लोकेश के चार लड़कियां है। जिसमें सबसे छोटी लड़की 3 महीने की है। 10 फीट दूर गिरी ईको, पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्तसभी लोग होली का त्योहार मनाने के लिए अपने-अपने घर जा रहे थे। इस दौरान यमुना एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के दिल्ली से गोरखपुर जा रही बस ने ईको वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ईको करीब 10 फीट दूर जा गिरी और उसका पिछला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह हादसा सादाबाद कोतवाली क्षेत्र में हुआ। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और सड़क पर शव बिखर गए। एक्सप्रेस-वे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल खंदौली (यूपी) सीएचसी ले जाया गया, जहां से तीन गंभीर घायलों को आगरा रेफर कर दिया गया। हाथरस एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया- ईको में कुल 13 लोग सवार थे। हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि ईको ड्राइवर वीरेंद्र समेत 7 लोग घायल है। घायलों को इलाज के लिए खंदौली थाना क्षेत्र के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां से तीन को आगरा रेफर किया गया है। शुरुआती जांच में हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही से ओवरटेक करने के कारण हुआ। बस ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।
दमोह के मानस भवन में युवा नाट्य मंच द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह सोमवार रात संपन्न हो गया। समापन दिवस पर स्थानीय नाट्य संस्था युवा नाट्य मंच ने 'लोकमाता अहिल्या' नाटक का मंचन किया। इस नाटक के माध्यम से भारतीय इतिहास और नारी शक्ति को प्रदर्शित किया गया। डॉ. उमेश चौरसिया द्वारा लिखित और वरिष्ठ रंगकर्मी राजीव अयाची द्वारा निर्देशित यह नाटक होलकर साम्राज्य की महारानी अहिल्या बाई होलकर के जीवन प्रसंगों पर आधारित था। इसमें उनके कुशल प्रशासन, न्यायप्रियता, धर्मपरायणता और विकास कार्यों को दर्शाया गया। अहिल्या बाई को सती होने से रोका नाटक की कहानी के अनुसार, कुम्हेर के युद्ध में पति खंडेराव होलकर के निधन के बाद अहिल्या बाई सती होने को आतुर थीं। हालांकि, उनके ससुर मल्हार राव होलकर ने अपनी और मालवा की सौगंध देकर उन्हें सती होने से रोका और मालवा का राज्य संभालने का आदेश दिया। ससुर मल्हार राव होलकर की मृत्यु के बाद मालवा साम्राज्य में प्रशासनिक गड़बड़ियां शुरू हो गईं। मालवा के दीवान गंगाधर राव तात्या (गंगोबा काका) ने इन गड़बड़ियों का आरोप अहिल्या बाई के एकमात्र पुत्र मालेराव होलकर पर लगाया, जो दिन-रात नशे में धुत रहते थे। कुछ समय बाद मालेराव का भी निधन हो गया, जिससे अहिल्या बाई टूट गईं। इस कठिन समय में सूबेदार तुकोजी राव तात्या ने उन्हें ढाढस बंधाया और राज्य के संचालन में सहयोग किया।
उमरिया जिले में होली और होलिका दहन के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला मुख्यालय सहित पूरे जिले के चौराहों, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। देर रात पुलिस अधिकारी स्वयं होलिका दहन स्थलों पर पहुंचे और आम लोगों से संवाद किया। पुलिस ने नागरिकों से शांति और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी पर भी जबरन रंग न डाला जाए और आपसी भाईचारे के साथ उत्सव मनाया जाए। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है, ताकि होली का पर्व शांति, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाया जा सके। इन क्षेत्रों में की रात में गश्त कोतवाली थाना उमरिया, चंदिया, नौरोजाबाद, पाली, मानपुर और इंदवार सहित जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने देर रात तक गश्त की। इस दौरान सड़कों पर घूम रहे लोगों से पूछताछ कर आवश्यक जानकारी ली गई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पर्याप्त पुलिस बल तैनात एसडीओपी पीएल परस्ते ने बताया कि त्योहार के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सोशल मीडिया पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है, वन विभाग, बीटीआर (बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व) और वन विकास निगम के अधिकारी-कर्मचारी भी वन क्षेत्रों में गश्त कर रहे हैं। वे बिजली लाइनों के नीचे भी सर्चिंग कर रहे हैं। अनुविभागीय अधिकारी वन कुलदीप त्रिपाठी ने बताया कि संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी रखी जा रही है और विभाग की टीम 24 घंटे जंगल में सक्रिय है।
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और भरोसे का पर्व है
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव, आपसी मिलाप और भरोसे को मजबूत करने का पर्व है। इसी भावना को जीवंत करने के उद्देश्य से जिले में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया, जहां विभिन्न समाजों, संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों ने एक साथ मिलकर रंगों के इस पर्व को भाईचारे और सौहार्द के संदेश के साथ मनाया। समारोह में जिले के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, व्यवसायी, शिक्षक, अधिवक्ता एवं विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक अबीर-गुलाल लगाकर और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर की गई। मंच से वक्ताओं ने कहा कि होली का वास्तविक अर्थ मन की कटुता को मिटाकर प्रेम और विश्वास का रंग चढ़ाना है। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में जब समाज अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे आयोजनों की आवश्यकता और बढ़ जाती है। होली हमें सिखाती है कि भेदभाव, वैमनस्य और दूरी को खत्म कर आपसी विश्वास को मजबूत किया जाए। रंगों की तरह समाज भी विविधताओं से भरा है, और यही विविधता हमारी ताकत है। समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति हुई, जिसमें लोकगीत, फगुआ और पारंपरिक होली गीतों ने माहौल को उल्लासमय बना दिया। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि पर्व की असली पहचान मर्यादा, शालीनता और पारस्परिक सम्मान में है। आयोजकों ने कहा कि होली को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक एकता के अभियान के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि रंग खेलने के दौरान किसी की भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं और आपसी सहमति व सम्मान का ध्यान रखें। कार्यक्रम में कहा गया कि त्योहारों का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, तोड़ना नहीं। विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों की एक साथ उपस्थिति ने इस बात को प्रमाणित किया कि जिले की सामाजिक संरचना आज भी मजबूत और सौहार्दपूर्ण है। समारोह के अंत में सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और संकल्प लिया कि जिले में शांति, सद्भाव और भाईचारे की परंपरा को आगे भी कायम रखा जाएगा। जिले में आयोजित होली मिलन समारोह केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश बनकर उभरा। रंगों के इस पर्व ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब समाज साथ खड़ा होता है, तो हर दूरी मिट जाती है और भरोसे के रंग सबसे गहरे होते हैं।
डीएसपीएमयू: होली नहीं मनाने का लिया निर्णय, त्योहार के बाद भी हड़ताल जारी
रांची | डीएसपीएमयू में कर्मचारियों की हड़ताल एमएसीपी को लेकर सोमवार को बारहवें दिन भी जारी रहा। इनका कहना है कि एक साल पहले विवि प्रशासन द्वारा बिना किसी नोटिफकेशन के रोक दिया गया। इस तरह की मनमानी सिर्फ डीएसपीएमयू में ही संभव है। एक साल से अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन सौंपकर एमएसीपी देने का आग्रह कर रहे हैं। महासचिव रोहित सिंह, संतोष कुमार, शैलेंद्र कुमार, उदय प्रसाद, मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि एक साल में विवि द्वारा भुगतान बहाल कराने में विफल रहा। इसलिए विवश होकर हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण फरवरी माह का वेतन निर्गत नहीं हो सका है। इसलिए कर्मियों ने इस वर्ष होली नहीं मनाने का निर्णय लिया है। सोमवार को महासचिव रोहित सिंह के नेतृत्व में सोमवार को दूसरी बार ज्ञापन सौंपकर डिमांड की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है। कर्मचारी एसोसिएशन ने कहा कि होली के अवकाश के बाद हड़ताल जारी रहेगी। राजू साव, मनोज कुमार, अजीत दत्त, सीमा देवी, अनुज उरांव, रिंकू देवी, रतीन्द्र सिंह, मंगला प्रसाद, महावीर मुंडा, मंगरू उरांव, मो. आसिफ, नीलम देवी, अनुराधा कुमारी, कृष्णा राम, मोहन कच्छप ने कहा कि 12 दिनों से विवि में प्रशासनिक कार्य ठप है, लेकिन एक दिन भी वीसी नहीं आए हैं।
परंपराओं की होली...उड़े गुलाल:रांची में होली का त्योहार यानी रंग, रस्म और रिश्तों का संगम
राजधानी में होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही परंपराओं, आस्था और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक है। चुटिया की ऐतिहासिक डोल यात्रा, बहावलपुरी पंजाबी समाज की सांझी अगजा और मारवाड़ी समाज की ठंडी होली- तीनों मिलकर रांची की सांस्कृतिक विविधता को खास पहचान देते हैं। रांची में होली के ये विविध रूप बताते हैं कि यहां रंगों के साथ परंपराओं की भी गहरी छाप है- जहां आस्था, इतिहास और सामाजिक समरसता एक साथ झलकती है। 700 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ी है चुटिया की फगडोल यात्रा चुटिया स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर, चुटिया का इतिहास 1685 से जुड़ा माना जाता है। कहा जाता है कि चुटिया कभी नागवंशी शासकों की राजधानी थी और उसी समय से यहां फगुआ और होलिका दहन का आयोजन होता रहा है। परंपरा के अनुसार पाहन होलिका दहन से एक दिन पहले ‘फगुआ काटते’ हैं, इसलिए यहां एक दिन पहले ही होलिका दहन किया जाता है। श्रीराम मंदिर फगडोल जतरा आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक विजय कुमार साहू बताते हैं कि होली के दिन यहां ‘फगडोल’ मनाया जाता है। सुबह गीली होली खेलने के बाद दोपहर एक बजे से श्रद्धालु नए वस्त्र धारण कर डोल जतरा मैदान पहुंचते हैं। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और मां जानकी के विग्रहों को डोली में सुसज्जित कर डोल चबूतरे पर विराजमान किया जाता है। पहले श्रद्धालु भगवान के चरणों में अबीर अर्पित कर फिर बुजुर्गों के चरणों में अबीर डाल आशीर्वाद लेते हैं। 4 मार्च को दोपहर 2 बजे यात्रा निकलेगी 1 मार्च की रात 10:25 बजे श्रीराम मंदिर चुटिया के महंत और नगर के पुरोहितों द्वारा विधि-विधान से होलिका दहन किया गया। फगडोल जतरा मेला समिति के अध्यक्ष विजय तिर्की के अनुसार, 4 मार्च को दोपहर 2 बजे डोल यात्रा निकलेगी, जो शाम 5 बजे तक मेले के रूप में चलेगी। बहावलपुरी समाज की सांझी अगजा और ‘मन्न की रोटी’ रांची के कृष्णानगर कॉलोनी में बसे बहावलपुरी पंजाबी समाज ने होली को सामूहिक रूप देने की अनूठी पहल की है। 12 वर्षों बाद समाज ने सामूहिक होलिका दहन की शुरुआत की, जिसे ‘सांझी अगजा’ नाम दिया गया। समाज के प्रतिनिधि नरेश पपनेजा बताते हैं कि पहले सभी परिवार अपने-अपने घरों में होलिका दहन करते थे, लेकिन अब सांझी लोहड़ी की तर्ज पर सामूहिक आयोजन किया जाता है। 2 मार्च की रात गुरुद्वारा मंदिर चौक पर सामूहिक अगजा जलाई गई। इससे पूर्व प्रत्येक परिवार ने घर में आटे और गुड़ से ‘मन्न की रोटी’ तैयार की। इस रोटी में प्रह्लाद रूपी धागा बांधा जाता है और गोइठे की अग्नि में पकाया जाता है। मान्यता है कि रोटी पूरी तरह पक जाती है, लेकिन प्रह्लाद का प्रतीक धागा नहीं जलता। इसके बाद सभी परिवार एकत्र होकर विधि-विधान से पूजा करते हैं और बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं। कल 10 बजे निकलेगी समाज की होली टोली 4 मार्च को सुबह 10 बजे से समाज की होली टोली निकलेगी। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग एक-दूसरे के घर जाएंगे, रंग-गुलाल लगाएंगे और गीत-संगीत के साथ होली मनाएंगे। जिन घरों में हाल ही में विवाह हुआ हो या नया शिशु जन्मा हो, वहां विशेष बधाई दी जाएगी। मारवाड़ी समाज की आस्था से जुड़ी ठंडी होली व गणगौर पूजा मारवाड़ी समाज में होलिका दहन से पहले डांडा रोपण की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद महिलाएं ‘ठंडी होली’ पूजती हैं। मान्यता है कि जिन महिलाओं के पुत्र होते हैं, वे इस दिन उपवास रखती हैं और पूजा के बाद ही व्रत खोलती हैं। रात्रि में होलिका की अग्नि प्रज्वलित होने पर सभी लोग अग्नि के फेरे लगाकर पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर मूंग-भात, मूंग का हलवा और कांजी बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। विनिता सिंघानिया ने बताया कि होली के दूसरे दिन छारंडी पर सांपदा माता की पूजा की जाती है। सफेद कच्चे सूत के सोलह तार लेकर उन्हें होली की अग्नि दिखाकर सोलह गांठें लगाई जाती हैं और हल्दी से रंगा जाता है। गेंहूं के सोलह दाने लेकर कथा सुनी जाती है और डोरा धारण किया जाता है। बाद में वैशाख माह में इस डोरे का विधिवत विसर्जन किया जाता है। गणगौर पूजा के लिए राख सुरक्षित रख लेते हैं रश्मि कोठारी मालपानी ने बताया कि होलिका दहन की राख को भी सुरक्षित रखा जाता है, जिससे गणगौर पूजा के लिए पिंडी बनाई जाती है। इसी दिन से गणगौर पूजा की शुरुआत होती है। मारवाड़ी समाज में होली पारिवारिक परंपरा, व्रत-उपवास और सांस्कृतिक मूल्यों का उत्सव है।
होलिका दहन और होली पर्व को शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार की शाम जिले भर में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। शहर के मुख्य मार्गों से लेकर संवेदनशील इलाकों तक पुलिसकर्मियों और बाइक सवार जवानों ने मार्च कर लोगों में सुरक्षा का विश्वास जगाया। भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष गश्त फ्लैग मार्च में शामिल पुलिस पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की कि होली को प्रेम, भाईचारा और सौहार्द के साथ मनाएं। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या तनाव फैलाने की कोशिश पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। डीएम और एसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में रात्रि गश्ती बढ़ाने और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है। पुलिस को हिदायत दी गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तत्काल एक्शन लिया जाए। हुड़दंगियों पर सख्ती, गिरफ्तारी के निर्देश अधिकारियों ने साफ किया है कि हुड़दंग या शांति भंग करने वालों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे लोगों को मौके से गिरफ्तार कर थाने में बंद किया जाएगा। होली के दौरान जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था पूरी तरह बनाए रखी जा सके। सायरन और बैंड की गूंज से गूंज उठा शहर एसडीपीओ डॉ.राकेश कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च शहर की विभिन्न सड़कों से गुजरता हुआ निकला। पुलिस वाहन के सायरन और बैंड की आवाज से पूरा शहर गूंज उठा। फ्लैग मार्च के दौरान लगातार माइकिंग की गई, जिसमें आम लोगों से शांति और आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की गई। अधिकारियों ने बताया कि सामुदायिक सहयोग से ही त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा सकता है। कई थानों की टीम शामिल रही कार्यक्रम के दौरान टाउन थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पुलिस पदाधिकारी राजकुमार, पंकज सिंह, वैभव कुमार, महिला थाना अध्यक्ष अनामिका कुमारी सहित दर्जनों पुलिसकर्मी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि होली के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
होली पर्व और होलिका दहन को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने को लेकर नावानगर, केसठ और सोनवर्षा में पुलिस प्रशासन द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया। इसका उद्देश्य आमजन में सुरक्षा का विश्वास जगाना तथा असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। नावानगर और केसठ में थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। नावानगर में मार्च स्थानीय थाना परिसर से शुरू होकर डुमरांव-बिक्रमगंज पथ होते हुए गांव के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण किया। इस दौरान थाना के कई पुलिस अधिकारी एवं जवान शामिल रहे। वहीं सोनवर्षा में थाना प्रभारी संतोष कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च सोनवर्षा थाना से निकलकर सोनवर्षा बाजार और आसपास के इलाकों में भ्रमण किया गया। पुलिस बल की मौजूदगी से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल देखा गया। नावानगर थाना प्रभारी प्रफुल्ल कुमार ने लोगों से आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ होली मनाने की अपील की। वहीं सोनवर्षा थाना प्रभारी संतोष कुमार ने कहा कि पर्व के दौरान शरारती तत्वों और शराबियों पर विशेष नजर रखी जाएगी तथा विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सादे वर्दी में महिला और पुरुष जवानों की भी तैनाती की जाएगी। फ्लैग मार्च में एसआई मुन्ना यादव, एएसआई दिलीप कुमार, विजय कुमार, संजय कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
प्रयागराज में होली के त्योहार से पहले पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। पुलिस कमिश्नरेट के तीनों जोन में वरिष्ठ अधिकारी स्वयं सड़कों पर उतरकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से लगातार फ्लैग मार्च और गश्त की जा रही है। इसी कड़ी में, गंगानगर जोन के हंडिया कस्बे में एडीसीपी पुष्कर वर्मा के नेतृत्व में थाना प्रभारी और भारी पुलिस बल ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस ने बाजारों, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पैदल गश्त कर लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस टीम ने बाइक से भी गश्त करते हुए नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ होली मनाने की अपील की। एडीसीपी पुष्कर वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि होली के दौरान शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हुड़दंग मचाने, जबरन रंग लगाने, शराब पीकर उत्पात करने या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी। पुलिस प्रशासन ने सभी थाना अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहने और किसी भी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सूचना को तत्काल पुलिस के संज्ञान में लाएं।
होली का त्योहार भाईचारे से मनाने की अपील:सफाई और सुरक्षा पर जोर, शिवगंज में सीएलजी बैठक आयोजित
शिवगंज थाना परिसर में तहसीलदार आसाराम की अध्यक्षता में सीएलजी (कम्युनिटी लाइजन ग्रुप) बैठक आयोजित की गई। बैठक का नेतृत्व थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने किया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बंद पड़ी रोड लाइटों को तुरंत चालू करने की मांग की, जिससे रात में पैदल चलने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को परेशानी होती है। सदस्यों ने बताया कि गड्ढों और सड़कों पर बैठे पशुओं के कारण आवागमन में दिक्कतें आती हैं। सदस्यों की मांगों को गंभीरता से सुना गया। अधिकारियों ने होलिका दहन स्थलों पर सफाई और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। थानाधिकारी बाबूलाल राणा ने दहन स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की बात कही, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। सदस्यों ने होली पर्व के मद्देनजर शहर में गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया। तहसीलदार आसुराम ने सभी नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने का आह्वान किया। उन्होंने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर संयम बरतने की अपील की। थानाधिकारी ने सुरक्षित होली के लिए हर्बल गुलाल का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने त्योहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील भी की। बैठक में पालिका सफाई निरीक्षक हितेंद्र सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष, राशन डीलर जिलाध्यक्ष, पूर्व पालिकाध्यक्ष, सनातन धर्म महिला सेवा समिति अध्यक्ष और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कैथल जिले में होली के त्योहार को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों और चौक पर पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी वाहनों की सघन चेकिंग कर रहे हैं। खासकर बाहर से आ रहे वाहनों की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। अगर कहीं कोई व्यक्ति या गतिविधि संदिग्ध लगती है, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा को मजबूत करने के मद्देनजर की जा रही है, ताकि होली के उल्लास भरे मौके पर कोई अप्रिय घटना न घटे और सभी सुरक्षित रहें। शहर के पिहोवा चौक, विश्वकर्मा चौक, सर छोटूराम चौक, सहित मुख्य मार्गों पर वाहनों की जांच के लिए कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वहीं पुलिस की टीम द्वारा सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि शहर की किसी भी जगह पर कोई वारदात होती है और उसकी वीडियो किसी के द्वारा वायरल की जाती है, तो तुरंत टीम मौके पर भेजकर कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने किया पांच टीमों का गठन शहर में वाहनों और स्थानों की जांच के लिए पुलिस की ओर से पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है। इनमें से तीन टीमें गाड़ियों से शहर के विभिन्न स्थानों पर गश्त कर रही हैं। वहीं दो टीमों को पैदल गश्त करते हुए निगरानी में लगाया गया है। विभिन्न थाने और चौकियों की टीमें भी शहर में हो रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। वाहनों की जांच जारी ट्रैफिक थाना एसएचओ सतपाल सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से त्यौहार को देखते हुए लगातार वाहनों और संदिग्ध लोगों की जांच की जा रही है। जांच के साथ साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
भिवानी जिले में होली के त्योहार को देखते हुए आपातकालीन विभाग में अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं होली पर सिंथेटिक क्लर रंग में भंग ना डाले, इसके लिए सीएमओ डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने सिंथेटिक क्लर का प्रयोग ना करने की सलाह दी। CMO डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने बताया कि सिंथेटिक कलर (रंग) हानिकारक हैं, उनका प्रयोग ना करें। वह हमारी आंखों को नुकसान पहुंचाता है और चमड़ी (त्वचा) पर लग जाता है, तो उसे भी नुकसान पहुंचाता है। त्योहार के समय में ऐसा कोई कार्य ना करें, जिससे हमारे शरीर और वातावरण व सद्भावना को ठेस पहुंचे। उन्होंने बताया कि जो भी सिंथेटिक रंग और ऑर्गेनिक रंग में देखने में कोई ज्यादा अंतर नहीं होता, लेकिन उसका प्रयोग करेंगे तो पता लग जाएगा, क्योंकि सिंथेटिक क्लर काफी गहरा होता है, वह उतरता नहीं। ऑर्गेनिक क्लर गहरी छाप नहीं छोड़ता और आसानी से उतर जाता है। हमें यही कोशिश करनी चाहिए कि हम कलर की बजाय फूलों की होली खेलें। आंख का रखें विशेष ध्यान डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने कहा कि अगर आंख में कुछ रंग आदि गिरने से बचाने के लिए उसकी विशेष सावधानी रखें। अगर आंख में कुछ गिर जाए, तो उसे मसलें नहीं, पानी से साफ करें। इसके बाद नेत्र रोग विशेषज्ञ को दिखाएं। होली पर सुविधा के लिए सिविल अस्पताल में स्पेशलिस्ट (विशेषज्ञ) चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई हुई है। तेल या अन्य ना चिपकने वाला पदार्थ लगाए उन्होंने बताया कि सिंथेटिक कलर गहरा होने के कारण खुजली हो सकती है, चर्म रोग हो सकता है। उसे पानी के प्रयोग से साफ करके जल्दी से जल्दी छुटवाएं। इसके अलावा अपने शरीर पर तेल या अन्य कोई ना चिपकने वाला पदार्थ लगाए, ताकि कोई भी क्लर पकड़े ना और हमारी त्वचा को प्रभावित ना कर सके। होली के त्योहार को देखते हुए आपातकालीन विभाग में एक से दो डॉक्टर की शिफ्ट वाइज अतिरिक्त ड्यूटी लगाई है। वहीं विशेषज्ञ चिकित्सक की भी ड्यूटी लगाई गई है, ताकि आपात स्थिति में वे अपनी सेवा दे सकें। इस त्योहार पर खाने-पीने का ध्यान रखें, नशे से दूर रहें और सिंथेटिक क्लर का प्रयोग ना करें।
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
Rang Panchami 2026: रंगपंचमी का त्योहार कब मनाया जाएगा, क्या है इसका महत्व और कथा
Significance of Colors in Indian Festivals: भारतभर में चैत्र कृष्ण पंचमी के दिन रंगपंचमी के दिन को मनाते हुए, न केवल रंगों के खेल का आनंद लेते हैं, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सजीवता का संदेश फैलाते हैं। रंगपंचमी के साथ जुड़ी धार्मिक कथाएं, ...

