भागलपुर के जगदीशपुर बाजार में परंपरागत रूप से आयोजित होने वाले 3 दिवसीय माघी काली मेला का भव्य शुभारंभ मां काली की प्रतिमा स्थापना के साथ हुआ। प्रतिमा स्थापना के साथ ही पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है। दूर-दराज के इलाकों से श्रद्धालु मां काली के दर्शन के लिए जगदीशपुर पहुंच रहे हैं। मां काली के जयकारों से पूरा बाजार और मेला परिसर गूंज उठा है। उल्लेखनीय है कि पिछले 35 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे इस माघी काली मेला ने क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई है। माघ माह में आयोजित होने वाला यह मेला श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बन चुका है। पूजा समिति की ओर से इस वर्ष भी आयोजन को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली गई हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है। इसके लिए उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से प्रसिद्ध राहुल ग्रुप अपनी पूरी टीम के साथ जगदीशपुर पहुंच चुका है। मेला परिसर में स्वयं सेवकों की तैनाती समिति के अनुसार विधिवत फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया जाएगा, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इन कार्यक्रमों में नृत्य, संगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार श्रद्धालुओं और दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। मेला आयोजन को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था के भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मेला परिसर में स्वयं सेवकों की तैनाती के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना और मेले का आनंद उठा सकें। पूजा समिति के अध्यक्ष अवकार मंडल ने बताया कि माघी काली मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ है और इसे सफल बनाने में ग्रामीणों तथा स्थानीय व्यापारियों का अहम योगदान रहता है। वहीं, पूजा-पाठ संपन्न कराने वाले पंडित आलोक झा ने कहा कि मां काली की विशेष पूजा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।
सवाई माधोपुर स्थापना दिवस और अमरूद महोत्सव के अवसर पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक संध्या में राजस्थान की लोक कलाओं का जादू बिखरा। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा, जिला कलक्टर काना राम और एसपी अनिल कुमार बेनीवाल की उपस्थिति में चरी, कालबेलिया और ब्रज होली जैसे नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जानिए राजस्थान की विरासत और इस उत्सव की पूरी रिपोर्ट।
मकर संक्रांति बीत गई, लेकिन न राबड़ी आवास पर कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ, न गरीबों को खिचड़ी मिली, न नेताओं ने दही चूड़ा का आनंद लिया। केवल मकर संक्रांति ही नहीं, पिछले कुछ वर्षों में 10 सर्कुलर में न होली का रंग बचा और न छठ महापर्व की रौनक। तेजस्वी यादव के हाथ में राजद की बागडोर है। वह सांस्कृतिक रूप से पिता लालू यादव से इतर राह पर चलते दिख रहे हैं। पिछले कुछ सालों में पर्वों पर उनकी एक्टिविटी को देखें तो एक बात साफ नजर आती है। हिंदू त्योहार से दूरी और दूसरे धर्म के पर्वों से करीबी बढ़ती जा रही है। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पावर शिफ्टिंग के साथ कैसे बदला राबड़ी आवास में मनाए जाने वाले वाले पर्व का जश्न। जब लालू ने लगाया था नीतीश के माथे पर दही का टीका साल 2017। बिहार में 15 महीना पहले पूर्ण बहुमत के साथ महागठबंधन की सरकार बनी थी। लालू प्रसाद यादव की अगली पीढ़ी (बेटे तेजप्रताप यादव और तेजस्वी यादव) ने मंत्री पद की शपथ ली थी। दिसंबर बीतते-बीतते नीतीश कुमार के बीजेपी के साथ जाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई। सियासी गलियारे में कई तरह की खिचड़ी पक रही थी। इस बीच खरमास बीता और मकर संक्रांति का त्योहार आया। हर साल की तरह इस साल भी लालू यादव ने राबड़ी आवास में बड़े भोज का आयोजन किया। बिहार भर से उनके चाहने वालों का जुटान हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया था। उस साल की मकर संक्रांति की एक तस्वीर खूब वायरल हुई थी। इसमें नीतीश कुमार और लालू यादव खिलखिलाते हुए एक दूसरे को दही का टीका लगा रहे थे। तस्वीर के साथ मैसेज भी बाहर आया कि ऑल इज वेल है। और 6 महीने तक सब कुछ ठीक ठाक चलता रहा, उसके बाद सरकार बदली। मकर संक्रांति पर दही–चूड़ा भोज का ये एक उदाहरण है कि कैसे लालू ने कई बार इसी भोज के सहारे सरकारें तक पलट दीं। लालू ने शुरू किया था दही-चूड़ा भोज का रिवाज 1990 में लालू प्रसाद ने बिहार की सियासत की बागडोर अपने हाथ में ली। लालू के जमाने के जानकार बताते हैं, सीएम बनने के दो-तीन साल के बाद लालू यादव ने सीएम आवास पर दही-चूड़ा भोज के रिवाज की शुरुआत की थी। वह लगातार दो दिनों तक इसका आयोजन करते थे। पहले दिन बड़े नेताओं को बुलाया जाता था। दूसरे दिन वे सीएम हाउस के आसपास रहने वाले झुग्गी के लोगों और अपने कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करते थे। अपने हाथों से खाना परोसते थे। धीरे-धीरे यह बिहार के सियासत का रिवाज बन गया। सभी पार्टी के नेताओं ने इसे अपनाया। अब मौजूदा तस्वीर समझिए इस बार मकर संक्रांति पर पिछले एक सप्ताह में बिहार की राजनीतिक पार्टियों के नेताओं ने कार्यक्रम आयोजित किए, लेकिन राबड़ी आवास पर सन्नाटा पसरा रहा। मामला केवल सन्नाटे भर का नहीं रहा। तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी कहीं दही-चूड़ा पर भोज खाते नहीं दिखे। ऐसा कई वर्षों बाद अचानक दिखा। हालांकि लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने आवास पर लालू के अंदाज में दही चूड़ा भोज करने की कोशिश की। वे सफल भी रहे। बताया जाता है कि लालू यादव घर के अंदर विरोध के बावजूद तेजप्रताप के भोज में पहुंचे। लेकिन तेजस्वी निमंत्रण के बाद भी वहां नहीं गए। फिलहाल तेजप्रताप पार्टी और परिवार दोनों जगह से निष्कासित हैं। जिस छठ के लिए ठाकरे से टकराए थे लालू, वो 5 साल से नहीं मना 2008 में मनसे नेता राज ठाकरे ने कहा था, ‘बिहार से आए लोग 'छठ का ड्रामा' करके मुंबई में वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ लालू यादव पहले नेता थे, जिन्होंने न केवल राज ठाकरे को करारा जवाब दिया, बल्कि पूरे बिहार में उनका पुतला जलवाया था। उन्होंने मुंबई में आकर छठ करने की चुनौती दी थी। बिहार में छठ हो और लालू यादव की चर्चा न हो, ऐसा संभव नहीं था। 4 दिनों तक चलने वाले इस महापर्व पर राबड़ी आवास के भीतर एक अलग ही फिजा रहती थी। राबड़ी देवी छठ पर्व करती थीं। लालू खुद बढ़-चढ़ कर इसमें हिस्सा लेते थे। राज्य भर के नेता उनके यहां प्रसाद खाते थे। अब मौजूदा तस्वीर समझिए 2017 में आखिरी बार राबड़ी आवास में छठ मनाई गई थी। 2018 से राबड़ी देवी अलग-अलग कारणों से छठ नहीं कर रही हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लालू यादव की खराब सेहत को बताया जाता है। पिछले एक साल में लालू फैमिली के सोशल मीडिया को खंगालने पर पता चलता है कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव छठ महापर्व पर बस एक पोस्टर जारी कर शुभकामनाएं देते रहे हैं। न वे घाट पर गए और न अर्घ्य देते, उनकी कोई तस्वीर मिलती है। हालांकि अभी तक छठ उनकी मां राबड़ी देवी ही करती रहीं हैं। चर्चित रही है लालू की कुर्ताफाड़ होली बिहार में होली मतलब लालू यादव की होली। दही-चूड़ा की तरह होली को भी लालू यादव पूरे आनंद से मनाते थे। होली पर उनके घर के दरवाजे कार्यकर्ताओं के लिए खुले रहते थे। लालू खुद सभी को रंग लगाते, उनसे रंग लगवाते। वह अपने करीबियों का कुर्ता फाड़ने के लिए भी मशहूर थे। अब मौजूदा स्थिति जानिए खराब सेहत के कारण लालू यादव रंग से दूर हो गए हैं, लेकिन तेजस्वी यादव ने लालू की इस परंपरा को लगभग समाप्त कर दिया है। होली के दौरान उनकी तरफ से जारी किए गए पोस्ट को देखें तो होली के दिन उनकी एकमात्र वीडियो है, जिसमें वह अपने पिता लालू प्रसाद यादव के पैर पर गुलाल डालते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा कुछ न्यूज चैनलों की तरफ से आयोजित होली मिलन समारोह में शिरकत करते हुए दिखे हैं। इसके अलावा राबड़ी आवास में बहुत कुछ एक्टिविटी नहीं हुई है। लालू की तरह इफ्तार पार्टी में जरूर शामिल हो रहे तेजस्वी ऐसा नहीं है कि लालू केवल होली और छठ ही धूमधाम से मनाते रहे हैं। वे हर साल अपने आवास पर रमजान के महीने में भव्य इफ्तार पार्टी का भी आयोजन करते थे। तेजस्वी यादव ने इस परंपरा को बखूबी जारी रखा है। 2025 में भी राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के आवास पर लालू परिवार की तरफ से इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया था। उसमें वे शामिल हुए थे। केवल पटना ही नहीं दरभंगा, पूर्णिया व अन्य जिलों में आयोजित इफ्तार पार्टी में भी वे शरीक हुए थे। पहली बार राबड़ी आवास में हैलोवीन मनाया गया राबड़ी आवास में अभी तक अमूमन शुद्ध देसी त्योहार का जश्न मनाया जाता रहा है, लेकिन इस साल विदेशी त्योहार का भी आयोजन किया गया। 31 अक्टूबर की शाम राबड़ी आवास में हैलोवीन की धूम रही। लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने इसका वीडियो शेयर किया था, जिसमें लालू प्रसाद अपने नाती-पोती के साथ हैलोवीन मनाते हुए दिख रहे थे। सभी उसी तरह की वेशभूषा और मास्क पहने हुए थे। इसके बाद लालू यादव की खूब आलोचना भी हुई थी। यूरोप में क्रिसमस और न्यू ईयर मनाकर लौटे तेजस्वी लालू प्रसाद यादव नए साल का स्वागत अपने कार्यकर्ताओं के साथ राबड़ी आवास में करते थे। अब ये प्रथा भी बदल गई। न्यू ईयर और क्रिसमस दोनों मौकों पर राबड़ी आवास के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। कारण तेजस्वी यादव छुट्टियां मनाने विदेश गए थे। उन्होंने अपनी पत्नी राजश्री और बच्चों के साथ यूरोप की सैर की। वहीं, न्यू ईयर का स्वागत किया और क्रिसमस मनाया।
महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा: विधायक
भास्कर न्यूज|लोहरदगा रांची के जगन्नाथपुर स्थित आनीटीली के बगल डीपरा मैदान में महाकवि घासीराम महली केंद्रीय स्मारक समिति एवं महली जनजाति विकास मंच, झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में महाकवि घासीराम की 167वीं जयंती सह मेला भव्य रूप से आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11:00 बजे महाकवि घासीराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि बंधु तिर्की, पूर्व मंत्री एवं वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश कांग्रेस पार्टी, तथा नवीन जयसवाल, विधायक, हटिया विधानसभा क्षेत्र, रहे। इसके अलावा पूर्व पार्षद किसन कुमार, आनंद मूर्ति और पार्षद उम्मीदवार परमेश्वर सिंह भी उपस्थित थे। महली जनजाति विकास मंच के अध्यक्ष ने आगंतुकों का स्वागत करते हुए जयंती का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विधायक नवीन जयसवाल ने महाकवि घासीराम महली की काव्य-परंपरा और उनके योगदान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि महली समाज झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर और लोक कला का अभिन्न हिस्सा है, जो बांस वाद्य, गीत-संगीत और नागपुरी संगीत में विशेष योगदान देता है। डॉ. संजय सारंगी, डॉ. अजय नाथ शाहदेव और प्रो ब्लासियस पन्ना ने भी महाकवि घासीराम के साहित्यिक और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को लोकभाषा और संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रेरित करते हैं। सांस्कृतिक संध्या में नागपुरी लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली। लोक कलाकार महावीर साहू, बिमला देवी, सुखदेव महली सहित अनेक कलाकारों ने अपने गीत-संगीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उड़ीसा, आसाम, राउकेला, गुमला, लोहरदगा, मांडर, रांची और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, समाजसेवी और कलाकार भी उपस्थित थे। इस भव्य आयोजन में डॉ. बुटन महली और हरि नारायण महली की विशेष भूमिका रही। आयोजन समिति ने अंत में सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया और जयंती को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का सम्मान किया।
जहानाबाद के शकुराबाद थाना परिसर में आगामी सरस्वती पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी राहुल कुमार ने की। इसका मुख्य उद्देश्य पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न कराना था। थाना प्रभारी राहुल कुमार ने उपस्थित लोगों से आपसी सहयोग बनाए रखने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि पूजा पंडालों में डीजे या तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। असमाजिक तत्वों पर कार्रवाई की चेतावनी उन्होंने पूजा एवं विसर्जन कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर संपन्न कराने के निर्देश दिए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही चेतावनी दी कि असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लोगों से शांति से त्योहार मनाने की अपील बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों के लोग मिल-जुलकर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखेंगे। किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई। पूजा समितियों से स्वयंसेवकों की तैनाती की अपील इसके अतिरिक्त, पूजा समितियों से पंडालों में स्वयंसेवकों की तैनाती करने का भी आग्रह किया गया, ताकि भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इस मौके पर मुखिया नवीन कुमार, पूर्व प्रमुख प्रेमचंद कुमार, उप प्रमुख राजेश्वर बाबा, जोगिंदर शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
मुढ़ीपार समेत 25 पंचायतों में नींव त्योहार मनाया गया
भास्कर न्यूज| महासमुंद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पिथौरा विकासखंड में स्वीकृत प्रकरणों में तेजी लाने और शासन की मंशानुसार ग्रामीणों को आवास का लाभ दिलाने और उन्हें आवास निर्माण के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले की सभी जनपद पंचायतों के अधीन ग्रामों में ‘नींव त्योहार‘ मनाया जा रहा है। जनपद पिथौरा सीईओ ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 , 2025 -26 में स्वीकृत आवास जो अप्रारंभ स्तर पर है, उन्हे प्रारंभ करने के लिए दिनांक 15 जनवरी को नींव त्यौहार कार्यक्रम ग्राम पंचायत गोड़बहल एवं मुढ़ीपार सहित 25 ग्राम पंचायतों में सम्पन्न हुआ है । जिसमें जनपद अध्यक्ष उषा धृतलहरे , उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल, जनपद सदस्य पुरुषोत्तम धृतलहरे , जनपद सदस्य दिनेश अग्रवाल , योगेश्वरी बर्मन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पिथौरा, विकासखंड समन्वयक तेजेंद्र साहू , पी ओ राजकुमार दिवान नोडल अधिकारी उमेश दीक्षित , मीनू साहू , ऋषिकांत साहू मौजूद थे।
एसएस जैन गर्ल्स स्कूल में लोहड़ी व मकर संक्रांति का त्योहार मनाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना किदवई नगर स्थित आत्म देवकी निकेतन के प्रांगण में वीरवार को एसएस जैन गर्ल्स स्कूल समिति द्वारा पंजाब का प्रसिद्ध त्योहार लोहड़ी तथा मकर संक्रांति बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र गायन से किया गया। इसके पश्चात बच्चों स्कूल प्रबंधकीय कमेटी के प्रधान नंद कुमार जैन, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विपिन कुमार जैन, वाइस प्रेसिडेंट बांका बिहारी लाल जैन, जनरल सेक्रेटरी राजीव जैन, सेक्रेटरी राकेश कुमार जैन, मैनेजर सतिंद्र कुमार जैन, नरेश कुमार जैन, अरविंद कुमार जैन, प्रेम कुमार जैन, सतीश कुमार जैन, प्रधानाचार्या मृदु अब्लश, डॉक्टर सरिता बहल, डॉक्टर विजय लक्ष्मी, सतविंदर कौर, नमिता जैन, किरण बैक्टर, हेडमिस्ट्रेस प्रीति देम तथा स्कूल स्टाफ ने अग्नि को तिल रेवड़ी का अर्घ दिया। इस शुभ अवसर पर स्कूल प्रबंधकीय कमेटी द्वारा स्टाफ के उन सदस्यों को शगुन भी दिया गया जिनके बच्चों की पहली लोहड़ी है। इसके अतिरिक्त स्कूल स्टाफ द्वारा अनेक गीत तथा नृत्य भी प्रस्तुत किए गए। सभी को लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए स्कूल प्रबंधकीय कमेटी के प्रधान नंद कुमार जैन ने कहा कि है खुशियों का यह त्योहार सबके जीवन में ढेर सारी खुशियां लेकर आए।
उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक मंच पर युवा प्रतिभाओं ने एक बार फिर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कैलाश नाथ बालिका इंटर कॉलेज में हमारी संस्कृति-हमारी पहचान उत्सव-2026 का आयोजन किया गया, जिसमें लोक धुनों और पारंपरिक तालों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। यह आयोजन लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का सफल प्रदर्शन रहा।जनपद और तहसील स्तर के 14 से 25 वर्ष आयु वर्ग के प्रतियोगियों ने मंच पर ऊर्जा और उत्साह के साथ प्रदर्शन किया। लोक गायन, लोक वादन और लोक नृत्य की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को प्रभावित किया। ढोलक, मंजीरा और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच युवाओं के आकर्षक नृत्य और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को सफल बनाया। लोक नृत्य की मुद्राओं और भावों में भारतीय परंपरा और संस्कृति का गहरा प्रतिनिधित्व देखने को मिला। प्रत्येक प्रस्तुति में युवा कलाकारों ने आत्मविश्वास और लगन का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उपस्थित दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकारों को प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता के परिणाम उच्च स्तर की प्रतियोगिता को दर्शाते हैं। लोक गायन में शाम्भवी वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि लोक नृत्य में खुशी कुमारी और लोक वादन में वैभव को सर्वोच्च स्थान मिला। द्वितीय स्थान पर पूर्णिमा, समृद्धि चौधरी और माही सागर ने अपनी प्रतिभा से दर्शकों को प्रभावित किया। तृतीय स्थान सानिया फातिमा, अग्रिमा वर्मा और सानिया फातिमा को प्राप्त हुआ। विजेताओं की प्रस्तुतियों को दर्शकों के साथ-साथ गणमान्य अतिथियों ने भी सराहा।कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी शांतनु श्रीवास्तव, पर्यटन अधिकारी अर्जिता ओझा, विद्यालयों के शिक्षिक और अन्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं में सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं के प्रति लगाव बढ़ता है।
बेगूसराय में आज दो बाइक की टक्कर हुई। इसमें एक बाइक पर सवार पिता-बेटे की मौत हो गई। घटना बेगूसराय-गढ़पुरा सड़क पर मंझौल थाना क्षेत्र के गढ़खौली के पास की है। मृतक की पहचान समस्तीपुर के हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित बड़ी मुरहा गांव के रहने वाले सुदीप कुमार (25) और राजदेव पासवान (65) के रूप में की गई है। राजदेव पासवान की तबीयत खराब थी। जिनका इलाज करने के लिए बेटा सुदीप कुमार बाइक से बेगूसराय ले जा रहा था। इसी दौरान गढ़खली गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार बाइक सवार ठोकर मारते हुए भाग गए। टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़े और पिता-बेटे को उठाया। पुलिस अपनी गाड़ी से लेकर पहुंची हॉस्पिटल लोगों ने डायल- 112 पर सूचना दी, तो पुलिस मौके पर पहुंची, एम्बुलेंस को भी सूचना दी गई। लेकिन राजदेव पासवान की स्थिति खराब रहने के कारण 112 की टीम ने एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया और अपनी गाड़ी से ही उसे लेकर मंझौल अस्पताल पहुंची। डॉक्टरों ने राजदेव पासवान को मृत घोषित कर दिया। पास से मिले कागजात के आधार पर उसकी पहचान हो सकी। पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, तो परिजन मंझौल पहुंचे। फिलहाल पुलिस पिता-बेटे की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की छानबीन कर रही है। बता दें कि सुदीप प्राइवेट शिक्षक था। गांव और आसपास में कोचिंग चला कर परिवार का पालन पोषण करता था। पिछले महीने से ही पिता की तबीयत अधिक खराब थी। जिसको लेकर आज मौसम कुछ ठीक होने पर मकर संक्रांति मनाने के बाद दोनों इलाज कराने बेगूसराय जा रहे थे।
मकर संक्रांति पर विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन
सिटी रिपोर्टर| बेगूसराय माउंट लिट्रा पब्लिक स्कूल में मकर संक्रांति के अवसर पर एक रंगारंग और शिक्षाप्रद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा मकर संक्रांति पर आधारित भाषण और रोचक प्रश्न-उत्तर सत्र से हुई, जिसमें बच्चों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे। इसके बाद छात्रों ने लोकप्रिय नृत्य प्रस्तुति “उड़ी उड़ी जाए” के माध्यम से उत्सव का उल्लास मंच पर उतार दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने पतंग उड़ाने की गतिविधि में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे पूरा परिसर उत्साह और उमंग से भर गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मकर संक्रांति के वैज्ञानिक महत्व की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिससे दिन बड़े होने लगते हैं और मौसम में सकारात्मक बदलाव आता है। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शीतल ने कहा कि मकर संक्रांति नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रगति का संदेश देती है। वहीं निदेशक डॉ. मनीष देवा ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों में वैज्ञानिक सोच, सांस्कृतिक चेतना और जीवन मूल्यों को मजबूत करते हैं।
Traditional Bihu Recipes: असमिया बिहू रेसिपी: पारंपरिक स्वाद और संस्कृति का संगम
Bihu 2026 Cooking Guide: बिहू फसल कटाई के उत्सव हैं। पोंगल में जहां चावल और गुड़ की प्रधानता होती है, वहीं बिहू में चावल और तिल से बने 'पीठा' मुख्य होते हैं। बिहू के दिन असम में बनाए जाने वाले व्यंजन न केवल पारंपरिक होते हैं बल्कि सेहत के लिहाज से ...
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

