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यूरोप में कारोबार पर नियमों का भारी बोझ, Piyush Goyal ने The Hague में जताई चिंता

(राजेश राय)हेग, 26 अक्टूबर वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यूरोप द्वारा व्यवसायों पर बढ़ते नियामकीय बोझ को लेकर चिंता जताई, जबकि नीदरलैंड के व्यापार मंत्री सोर्ड सोर्ड्समा ने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) की कार्बन सीमा समायोजन प्रणाली (सीबीएएम) एक जरूरी उपाय है। गोयल ने कहा कि यूरोप व्यवसायों पर विनियामक बोझ बढ़ा रहा है, जबकि उद्योग जगत को सरल प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत नियमों को सरल बनाकर कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, दुर्भाग्य से, आपको इस मामले में हमसे एक-दो सबक सीखने की जरूरत है। वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा, ‘‘चूंकि यूरोप व्यवसायों पर विनियामक बोझ बढ़ा रहा है, मैं आपको बता दूं कि जब भी मैं यह बात कहता हूं, तो मैं आपके देशों की कंपनियों का चहेता बन जाता हूं... ऐसे कई अवसर आए हैं जब मैंने यूरोपीय आयोग के स्तर पर और कई यूरोपीय देशों में भारी विनियामक अतिरिक्त बोझ के बारे में बात की है।’’मंत्री यहां भारत-नीदरलैंड व्यवसायी मंच को संबोधित कर रहे थे। वह दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर यहां आए हैं। नीदरलैंड यूरोपीय संघ (ईयू) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, जिसके साथ भारत ने एक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है। इसके दिसंबर में हस्ताक्षरित होने और अगले साल मार्च-अप्रैल तक लागू होने की उम्मीद है। गोयल ने कहा, दुनिया अधिक स्वतंत्रता चाहती है... कारोबारी दुनिया कम अनुपालन, सरल प्रक्रियाओं, सरल कार्यप्रणाली और कम कागजी कार्रवाई चाहती है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में सरकार हमेशा कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए उद्योग जगत से सुझाव मांगती है। भारत ने कई मौकों पर सीबीएएम और वनों की कटाई जैसे कई यूरोपीय संघ के नियमों पर चिंता जताई है। इस मौके पर नीदरलैंड के व्यापार मंत्री सोर्ड सोर्ड्समा ने कहा कि उन्हें सीबीएएम के किसी भी नए समझौते की उम्मीद नहीं है, और उन्होंने इसे एक आवश्यक उपाय बताया। उन्होंने हालांकि कहा कि नीदरलैंड छोटे और मझोले उद्यमों (एमएमई) को नियमों को समझने और अनुपालन को आसान बनाने में मदद कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या यूरोपीय संघ (ईयू) सीबीएएम पर पुनर्विचार करेगा क्योंकि इससे आयात महंगा हो जाएगा, उन्होंने संवाददाताओं से कहा, मुझे नहीं लगता कि सीबीएएम पर कोई नया समझौता होगा क्योंकि हम इसे यह सुनिश्चित करने के लिए एक जरूरी उपाय के रूप में देखते हैं कि हम उन लक्ष्यों पर टिके रहें जिन पर पूरी दुनिया ने सहमति जताई है, यानी पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्य। उन्होंने पत्रकारों से कहा, हम मानते हैं कि न केवल हमें बल्कि पूरी दुनिया को इन लक्ष्यों का पालन करना चाहिए। ईयू का सीबीएएम लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम, सीमेंट, उर्वरक, बिजली और हाइड्रोजन सहित कुछ कार्बन-सघन वस्तुओं के आयात पर कार्बन कर लगाने के लिए तैयार किया गया है। भारतीय वाणिज्य मंत्री ने 22-27 अक्टूबर तक अपने छह दिवसीय दौरे के दौरान जर्मनी और नीदरलैंड का दौरा किया। वह 100 सदस्यीय व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 9:53 pm

Stocks to Watch: 27 अक्टूबर को इन 13 शेयरों पर रहेगी नजर, डिविडेंड से लेकर बायबैक तक जैसे बड़े अपडेट

Stocks to Watch: शेयर बाजार में मंगलवार, 27 अक्टूबर को कई कंपनियों के शेयरों पर नजर रहेगी। डिफेंस सेक्टर की कंपनियों से लेकर फाइनेंशियल सर्विसेज और FMCG कंपनियों तक कई अपडेट सामने आए हैं। कुछ कंपनियों ने सितंबर तिमाही में शानदार मुनाफा दर्ज किया है, जबकि कुछ के नतीजे कमजोर रहे।Defence Stocksडिफेंस सेक्टर की कंपनियों Hindustan Aeronautics (HAL), Bharat Electronics (BEL), Mazagon Dock Shipbuilders, Bharat Dynamics, Cochin Shipyard, Garden Reach Shipbuilders & Engineers, BEML और Paras Defence के शेयरों पर नजर रहेगी। रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹2.12 लाख करोड़ की खरीद योजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें करीब 82% खरीद भारतीय उद्योग से होने की उम्मीद है। प्रस्तावों में सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए तोप प्रणाली, हेलिकॉप्टर, ड्रोन और एयर डिफेंस उपकरण शामिल हैं।Aavas Financiersहाउसिंग फाइनेंस कंपनी Aavas Financiers ने सितंबर तिमाही में ₹182 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल के ₹164 करोड़ से 10.75% ज्यादा है। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम 10.1% बढ़कर ₹431 करोड़ रही। ग्रॉस NPA 1.11% और नेट NPA 0.70% रहा।RECसरकारी पावर फाइनेंस कंपनी REC का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 21.2% गिरकर ₹3,478 करोड़ रह गया। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम भी 9% घटकर ₹5,478 करोड़ रही। REC ने ₹3.50 के दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।Nazara Technologiesगेमिंग कंपनी Nazara Technologies को सितंबर तिमाही में ₹35.36 करोड़ का मुनाफा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में ₹33.9 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का रेवेन्यू 52.5% बढ़कर रिकॉर्ड ₹803 करोड़ पहुंच गया। EBITDA 88.3% बढ़कर ₹113 करोड़ रहा। मार्जिन 11.4% से बढ़कर 14.06% हो गया।KFin Technologiesफाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी KFin Technologies का सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के ₹75.2 करोड़ से 33.4% बढ़कर ₹100.3 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 12.5% बढ़कर ₹402 करोड़ और EBITDA 32% बढ़कर ₹161 करोड़ रहा। EBITDA मार्जिन भी 34.2% से बढ़कर 40.05% हो गया।Sona BLW Precision Forgingsऑटो कंपोनेंट कंपनी Sona BLW Precision Forgings का नेट प्रॉफिट 29.9% बढ़कर ₹223.4 करोड़ रहा। रेवेन्यू 35.2% बढ़कर ₹1,546.4 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA में 23.3% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹356.2 करोड़ रहा।Aegis Logisticsऑयल, गैस और केमिकल लॉजिस्टिक्स कंपनी Aegis Logistics का सितंबर तिमाही में मुनाफा 45% बढ़कर ₹261 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल ₹180 करोड़ था। EBITDA 49.4% बढ़कर ₹434 करोड़ रहा और मार्जिन 12.67% से बढ़कर 19.62% हो गया। हालांकि, रेवेन्यू 3.5% गिरकर ₹2,213 करोड़ रहा।Dalmia Bharatसीमेंट कंपनी Dalmia Bharat को सितंबर तिमाही में ₹205 करोड़ का नेट लॉस हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹239 करोड़ का मुनाफा हुआ था। नतीजों में ₹339 करोड़ का एकमुश्त खर्च शामिल है। रेवेन्यू 4.3% बढ़कर ₹3,563 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹4 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।Tata Consumer ProductsFMCG कंपनी Tata Consumer Products का नेट प्रॉफिट 17.6% बढ़कर ₹467 करोड़ रहा। रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹5,661 करोड़ और EBITDA 16.5% बढ़कर ₹783 करोड़ हो गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमानों से बेहतर रहे। कंपनी ने ₹2.50 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान भी किया है।DCM Shriramकेमिकल और एग्री-बिजनेस कंपनी DCM Shriram का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 34.09% गिरकर ₹105 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू 21% बढ़कर ₹4,151 करोड़ रहा। EBITDA 5.8% घटकर ₹291 करोड़ पर आ गया और मार्जिन 9% से गिरकर 7.02% रह गया।Brigade Hotel Venturesहॉस्पिटैलिटी कंपनी Brigade Hotel Ventures का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में दोगुना होकर ₹22 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹11 करोड़ था। रेवेन्यू 10% बढ़कर ₹138.2 करोड़ रहा। EBITDA 29.4% बढ़कर ₹48.17 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 29.61% से बढ़कर 34.85% हो गया।Sumitomo Chemical Indiaएग्रोकेमिकल कंपनी Sumitomo Chemical India का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 12.4% गिरकर ₹156 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹178 करोड़ का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 2.5% घटकर ₹891 करोड़ रहा। EBITDA 15.7% गिरकर ₹183 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन भी 24% से घटकर 20.56% रह गया।Aequsएयरोस्पेस और मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Aequs का सितंबर तिमाही में नेट लॉस बढ़कर ₹52.3 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹21 करोड़ का नुकसान हुआ था। रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹409 करोड़ रहा। हालांकि, EBITDA 51.7% गिरकर ₹14 करोड़ रह गया। EBITDA मार्जिन भी 10% से घटकर 3.37% पर आ गया।Genus Power Infrastructureस्मार्ट मीटर और पावर सॉल्यूशन कंपनी Genus Power Infrastructure के बोर्ड ने ₹148.2 करोड़ तक के शेयर बायबैक को मंजूरी दी है। कंपनी ₹312 प्रति शेयर के भाव पर बायबैक करेगी।Tata Consumer Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹467 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलानDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 9:42 pm

Bank Holiday List: नवंबर 2026 में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? शहर के हिसाब से देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

Bank holidays in November 2026: अगर नवंबर के महीने में आपका बैंक से जुड़ा कोई काम है तो उसे अभी ही निपटा लें। नवंबर 2026 में देश के अलग-अलग राज्यों में त्योहारों, खास दिनों और शनिवार-रविवार की वजह से बैंक कई दिन बंद रहने वाले हैं। नवंबर 2026 में बैंक जाने से पहले छुट्टियों की तारीख जरूर चेक कर लें। SBI, PNB, HDFC, ICICI और एक्सिस बैंक जैसे कई बैंकों में त्योहारों और खास मौकों पर छुट्टी रहेगी। ये बात ध्यान देने वाली है कि हर शहर में बैंक की छुट्टी अलग-अलग दिन होगी। इसलिए बैंक जाने से पहले अपने शहर में छुट्टी की जानकारी जरूर ले लें। आइए जानते हैं कब और किस दिन बंद रहेंगे बैककिस वजह से होगी छुट्टीनवंबर में दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा और गुरु नानक जयंती जैसे त्योहारों के कारण कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अलावा, स्थानीय त्योहारों और खास मौकों पर भी बैंक की शाखाओं में छुट्टी रहेगी। ध्यान दें कि सभी राज्यों में बैंक की छुट्टियां एक जैसी नहीं होती हैं। नवंबर में त्योहारों की छुट्टियों के अलावा सभी रविवार को भी देशभर में बैंक बंद रहेंगे। इस महीने 1, 8, 15, 22 और 29 नवंबर को रविवार होने के कारण बैंक की शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा, 14 नवंबर को दूसरा शनिवार और 28 नवंबर को चौथा शनिवार होने के चलते भी बैंक बंद रहेंगे। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि बैंक से जुड़े जरूरी काम समय रहते निपटा लें, ताकि बाद में परेशानी न हो।इस दिन बंद रहेंगे बैंक9 नवंबर: दिवाली, लक्ष्मी पूजा और गोवर्धन पूजानवंबर की शुरुआत में ही कई शहरों में बैंक की छुट्टी रहेगी। 9 नवंबर को अगरतला, भोपाल, चंडीगढ़, गंगटोक, इंफाल, जयपुर, कानपुर और लखनऊ में बैंक बंद रहेंगे। इन जगहों पर दिवाली, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और विश्वकर्मा दिवस के कारण छुट्टी रहेगी।10 नवंबर: बाली प्रतिपदा और विक्रम संवत नववर्ष10 नवंबर को अहमदाबाद, बेलापुर, बेंगलुरु, देहरादून, गंगटोक, मुंबई और नागपुर में बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इन शहरों में बाली प्रतिपदा, गोवर्धन पूजा, लक्ष्मी पूजा और विक्रम संवत नववर्ष के मौके पर बैंक बंद रहेंगे।11 नवंबर: भाई दूज और स्थानीय पर्वभाई दूज और अन्य क्षेत्रीय त्योहारों के चलते 11 नवंबर को गंगटोक, इंफाल, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ और शिमला में बैंक बंद रहेंगे। इस दिन निंगोल चकौबा, लक्ष्मी पूजा और चित्रगुप्त जयंती भी मनाई जाएगी। गंगटोक में 9, 10 और 11 नवंबर को लगातार तीन दिन बैंक बंद रहेंगे।13 नवंबर: वंगाला उत्सवमेघालय के शिलांग में 13 नवंबर को वंगाला उत्सव के कारण बैंक की छुट्टी रहेगी। यह राज्य का एक प्रमुख पारंपरिक त्योहार है।16 नवंबर: छठ पूजाछठ पूजा के चलते 16 नवंबर को पटना और रांची में बैंक बंद रहेंगे। इस पर्व पर लोग सूर्य देव और छठी मैया की पूजा करते हैं। इसे सूर्य षष्ठी और डाला छठ भी कहा जाता है।20 नवंबर: इगास-बग्वालउत्तराखंड के देहरादून में 20 नवंबर को इगास-बग्वाल के कारण बैंक बंद रहेंगे। यह राज्य में मनाया जाने वाला पारंपरिक लोकपर्व है।23 नवंबर: सेंग कुट स्नेमशिलांग में 23 नवंबर को सेंग कुट स्नेम के अवसर पर बैंक शाखाओं में छुट्टी रहेगी। यह मेघालय का एक वार्षिक सांस्कृतिक त्योहार है।24 नवंबर: गुरु नानक जयंती और कार्तिक पूर्णिमा24 नवंबर को देश के कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और रहस्य पूर्णिमा के कारण आइजोल, बेलापुर, भोपाल, भुवनेश्वर, चंडीगढ़, देहरादून, हैदराबाद, ईटानगर, जम्मू, जयपुर, कानपुर, कोहिमा, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, नई दिल्ली, रायपुर, रांची, शिमला और श्रीनगर में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।27 नवंबर: कनकदास जयंतीनवंबर की आखिरी बैंक छुट्टियों में से एक 27 नवंबर को होगी। कनकदास जयंती के कारण कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में बैंक बंद रहेंगे। यह पर्व राज्य में विशेष रूप से मनाया जाता है।इंटरनेट बैंकिंग में नहीं होगी दिक्कतइस बात का ध्यान दें कि बैंक की छुट्टियां राज्य और शहर के हिसाब से अलग हो सकती हैं। शाखा जाने से पहले अपने क्षेत्र की आधिकारिक बैंक छुट्टी सूची जरूर जांच लें। वहीं इन छुट्टियों के दौरान ग्राहक UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM के जरिए पैसों का लेन-देन और दूसरे जरूरी काम कर सकेंगे।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 8:59 pm

Tata Consumer Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹467 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

Tata Consumer Q2 Results: टाटा ग्रुप की Tata Consumer Products ने सितंबर तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 17.6% बढ़कर ₹467 करोड़ हो गया। CNBC-TV18 के पोल में मुनाफे का अनुमान ₹456 करोड़ था।कंपनी का रेवेन्यू भी 14% बढ़कर ₹5,661 करोड़ हो गया। बाजार का अनुमान ₹5,605 करोड़ का था। वहीं, EBITDA 16.5% बढ़कर ₹783 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी 13.5% से बढ़कर 13.84% हो गया। कंपनी ने प्रति शेयर ₹2.50 के डिविडेंड का ऐलान भी किया है।Tata Consumer के किन कारोबारों ने दिखाया दम?टाटा कंज्यूमर के भारतीय कारोबार में अच्छी मांग का नतीजों पर असर दिखा। इंडिया ब्रांडेड बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 11% रही। टाटा सॉल्ट का रेवेन्यू 15% बढ़ा। हालांकि, भारत में चाय की मांग कमजोर रहने के कारण इसकी बिक्री की मात्रा लगभग स्थिर रही।टाटा संपन्न का रेवेन्यू 57% बढ़ा। दालों, मसालों, कोल्ड-प्रेस्ड ऑयल और ड्राई फ्रूट्स की मांग से कारोबार को सहारा मिला। रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज पोर्टफोलियो का रेवेन्यू भी 47% बढ़ा।कंपनी के ग्रोथ बिजनेस का रेवेन्यू 40% बढ़ा। अब इनकी हिस्सेदारी भारत के कारोबार में 38% हो गई है। Capital Foods और Organic India का संयुक्त रेवेन्यू 15% बढ़ा। इन कंपनियों की घरेलू बिक्री में 24% की बढ़ोतरी हुई, जबकि ग्लोबल लॉजिस्टिक्स में दिक्कतों से निर्यात प्रभावित हुआ।Tata Starbucks का रेवेन्यू 15% बढ़ाTata Starbucks का रेवेन्यू 15% बढ़ा। कंपनी ने तिमाही के दौरान सात नए स्टोर नेट आधार पर जोड़े। अब भारत के 81 शहरों में इसके कुल 505 स्टोर हैं।Tata Consumer ने तिमाही के दौरान हेल्थ और वेलनेस, सुविधाजनक प्रोडक्ट्स और प्रीमियम सेगमेंट में 22 नए प्रोडक्ट भी लॉन्च किए।कंपनी का अंतरराष्ट्रीय कारोबार सालाना आधार पर 7% बढ़ा। हालांकि, कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर इसमें 2% की गिरावट रही। कंपनी ने बिक्री और ऑपरेशन में प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी पहल भी शुरू की हैं।टाटा कंज्यूमर के शेयरों का हालटाटा कंज्यूमर के शेयर सोमवार को 2.84% की बढ़त के साथ 936.50 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 19.30% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 92.53 हजार करोड़ रुपये है।Dalmia Bharat Q2 Results: मुनाफे से घाटे में आई सीमेंट कंपनी, ₹4 के डिविडेंड का ऐलानDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 8:57 pm

रुकिए... आप तो नहीं कर रहे ये गलती, फेस्टिव खरीदारी पड़ेगी भारी

Buy Now Pay Later यानी अभी खरीदें और पेमेंट बाद में करें की सुविधा फेस्टिव सीजन में खरीदारी करते समय भारी पड़ सकती है, क्योंकि ये सर्विस किसी पर्सनल लोन की तरह ही होती है, जिसका पेमेंट तय समय पर चूकने पर आपको भारी पेनल्टी चुकानी पड़ सकती है.

आज तक 26 Oct 2026 8:49 pm

सोने की कीमतों में मामूली उछाल, चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं- चेक करें आज के ताजा भाव

सोमवार को रुपया 29 पैसे टूटकर 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे डॉलर में भुगतान किए जाने वाले सोने का आयात महंगा हो गया और घरेलू कीमतों को समर्थन मिला।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 8:33 pm

न गर्मी, न आम का सीजन...फिर भी बाजार में कैसे पहुंचा केसर आम, ₹14,500 रुपये में बिका एक बॉक्स

फलों का राजा कहा जाने वाला आम आमतौर पर गर्मियों के मौसम में बाजार में मिलता है। इसका सीजन खत्म होने के बाद लोग अगले साल इसका इंतजार करते हैं। लेकिन गुजरात के पोरबंदर में एक हैरान कर देने वाले नजारा देखने को मिला। यहां गर्मियों में मिलने वाला फेमस केसर आम अक्टूबर में ही बाजार पहुंच गया। पोरबंदर मार्केटिंग यार्ड में केसर आम के चार बॉक्स नीलामी के लिए पहुंचे हैं। हर बॉक्स में 10 किलो आम हैं, यानी कुल 40 किलो आम बाजार में आए हैं। नीलामी में आम की कीमत 1,450 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। मौसम से पहले ही केसर आम की आवक ने सबको हैरान कर दिया। आइए जानते हैं इसके बारे मेंहर कोई रह गया हैरानगुजरात के गिर-सोमनाथ जिले के केसर आम अपने मीठे स्वाद और अच्छी खुशबू के लिए देश-विदेश में मशहूर हैं। वहीं पोरबंदर में इस बार मौसम से पहले ही केसर आम बाजार में पहुंच गए हैं। बर्दा क्षेत्र के राणावाव और हनुमानगढ़ गांवों से केसर आम के चार बॉक्स पोरबंदर मार्केटिंग यार्ड की सुदामा फ्रूट कंपनी में नीलामी के लिए लाए गए। आमतौर पर केसर आम गर्मियों में पकते हैं और अप्रैल-मई के दौरान बाजार में इनकी आवक बढ़ती है। ऐसे में नवरात्रि और शरद पूर्णिमा के तुरंत बाद आम का बाजार में पहुंचना व्यापारियों और ग्राहकों के लिए हैरानी की बात रही। सीजन से कई महीने पहले केसर आम की इस आवक ने सभी का ध्यान खींचा है।कितनी थी आम की कीमतपोरबंदर की सुदामा फ्रूट कंपनी में केसर आमों की नीलामी की शुरुआत नारियल फोड़कर और मिठाई बांटकर की गई। कंपनी में नितिन दसानी ने इन आमों की नीलामी करवाई। इस दौरान आमों की कीमत को लेकर खरीदारों में खासा उत्साह देखने को मिला। नीलामी में 10 किलो के एक बॉक्स की कीमत 14,500 रुपये लगी, यानी आमों का भाव 1,450 रुपये प्रति किलो रहा। वहीं केसर आम के दो अन्य बॉक्स 1,425 रुपये प्रति किलो के भाव से बिके, जिनकी कुल कीमत 28,500 रुपये रही।वहीं, चौथे बॉक्स की बिक्री 1,050 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 10,500 रुपये में हुई। इन चार बॉक्स में से एक राजकोट और एक पोरबंदर के व्यापारियों ने खरीदा, जबकि बाकी दो बॉक्स ब्रिटेन (UK) में निर्यात करने के लिए खरीदे गए। सीजन से पहले बाजार में पहुंचे इन आमों को मिली ऊंची कीमत और विदेश भेजने की तैयारी ने इस नीलामी को खास बना दिया।समय से पहले कैसे आया आमइस साल मानसून के दौरान कम बारिश और उसके बाद पड़ी तेज गर्मी को केसर आम के समय से पहले आने की एक वजह माना जा रहा है। मौसम में हुए बदलाव के कारण सावन महीने में ही आम के पेड़ों पर फूल खिलने लगे, जिससे फल सामान्य समय से पहले तैयार हो गए और बाजार तक पहुंच गए। वहीं, बाजार में इतनी जल्दी केसर आम पहुंचने से व्यापारी भी हैरान हैं और इसे कुदरत का अनोखा कमाल मान रहे हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 8:18 pm

Defence Stocks: डिफेंस स्टॉक्स में दिखेगी बड़ी हलचल! सरकार ने ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद को मंजूरी दी

Defence Stocks: सरकार ने करीब ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। यह मंजूरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार, 26 अक्टूबर को हुई डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की बैठक में दी गई। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इन प्रस्तावों का मकसद सेना, नौसेना और वायुसेना की ताकत बढ़ाना है। इनमें हेलिकॉप्टर, एयर डिफेंस सिस्टम, निगरानी ड्रोन, तोप प्रणाली और नौसैनिक प्लेटफॉर्म शामिल हैं।यह मंजूरी Acceptance of Necessity (AoN) के तहत दी गई है। इसका मतलब है कि इन रक्षा उपकरणों की खरीद को शुरुआती प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।थल सेना के लिए क्या खरीदा जाएगा?थल सेना के लिए हाई मोबिलिटी व्हीकल, सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम, लाइट मल्टी रोल हेलिकॉप्टर और कम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा, निगरानी ड्रोन, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और लंबी दूरी तक हमला करने वाले कामिकाजे ड्रोन भी खरीदे जाएंगे।रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, हाई मोबिलिटी व्हीकल से मुश्किल इलाकों में सेना की आवाजाही और सामान पहुंचाने की क्षमता बढ़ेगी। वहीं, सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम से सेना को तेजी से जगह बदलकर हमला करने में मदद मिलेगी।गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम सैनिकों को ऑपरेशन के दौरान आसपास की स्थिति की तुरंत जानकारी देगा। इससे उन्हें खतरे का पता लगाने और जवाबी कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। नए एयर डिफेंस और काउंटर-ड्रोन सिस्टम से छोटे हवाई खतरों और दुश्मन के ड्रोन से निपटने की क्षमता भी बढ़ेगी।नौसेना की मिसाइल सुरक्षा होगी मजबूतभारतीय नौसेना के लिए एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम (AODS) और दूसरे नौसैनिक प्लेटफॉर्म खरीदने को मंजूरी दी गई है। AODS दुश्मन की एंटी-शिप मिसाइलों से बचाव में मदद करेगा। इससे युद्धपोतों की सुरक्षा मजबूत होगी।मंत्रालय के मुताबिक, देश में डिजाइन और तैयार किए गए नए नौसैनिक प्लेटफॉर्म आधुनिक युद्ध प्रणालियों से लैस होंगे। इससे नौसेना की लड़ाकू क्षमता बढ़ेगी।वायुसेना को मिलेंगे हेलिकॉप्टर और नए रडारभारतीय वायुसेना के लिए हेलिकॉप्टर, एयर डिफेंस सिस्टम, हथियार और मोबाइल एक्स-बैंड डॉप्लर वेदर रडार खरीदने के प्रस्तावों को मंजूरी मिली है।स्पेशल यूटिलिटी हेलिकॉप्टर वायुसेना की जरूरी हवाई परिवहन जरूरतों को पूरा करेंगे। वहीं, नए रडार से सीमावर्ती इलाकों में मौसम की ज्यादा सटीक और स्थानीय जानकारी मिलेगी। इससे ऑपरेशन की योजना बनाने में मदद मिलेगी।82% खरीद भारतीय कंपनियों से होगीरक्षा मंत्रालय ने बताया कि इन प्रस्तावों के तहत मंजूर खरीद का करीब 82% हिस्सा भारतीय उद्योग से लिया जाएगा। इससे देश में रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियों को काम मिलेगा। साथ ही, रक्षा क्षेत्र में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।किन स्टॉक्स में दिख सकती है हलचलरक्षा खरीद के इन प्रस्तावों का असर डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर भी दिख सकता है। निवेशकों की नजर Hindustan Aeronautics (HAL), Bharat Electronics (BEL), Mazagon Dock Shipbuilders, Bharat Dynamics, Cochin Shipyard, Garden Reach Shipbuilders & Engineers, BEML और Paras Defence जैसे डिफेंस स्टॉक्स पर रहेगी। इन कंपनियों का कारोबार रक्षा उपकरणों, एयरोस्पेस, युद्धपोतों और सैन्य तकनीक से जुड़ा है।Dalmia Bharat Q2 Results: मुनाफे से घाटे में आई सीमेंट कंपनी, ₹4 के डिविडेंड का ऐलानDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 8:17 pm

किसानों को धान बेचने पर अलग से मिलेगा 109 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, इस राज्य ने की घोषणा

केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए सामान्य धान का एमएसपी 2441 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान का एमएसपी 2461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 7:59 pm

मनीकंट्रोल सितंबर में भी देश का नंबर-1 बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म रहा, इकोनॉमिक टाइम्स को पीछे छोड़ा

मनीकंट्रोल सितंबर में भी भारत का सबसे बड़ा बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म बना रहा। ग्लोबल ऑडियंस मेजरमेंट कंपनी Comscore के आंकड़ों के मुताबिक, यूनिक विजिटर्स, पेज व्यू और पाठकों के प्लेटफॉर्म पर बिताए गए समय, तीनों मामलों में Moneycontrol ने द इकोनॉमिक टाइम्स (ET) को पीछे छोड़ दिया।Comscore की MMX Multi-Platform India रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में Moneycontrol पर 3.7 करोड़ यूनिक विजिटर्स आए। वहीं, द इकोनॉमिक टाइम्स के यूनिक विजिटर्स की संख्या 2.8 करोड़ रही। यह रिपोर्ट डेस्कटॉप, मोबाइल और सोशल प्लेटफॉर्म पर डिजिटल ऑडियंस को मापती है।पेज व्यू में तीन गुना से ज्यादा अंतरपेज व्यू के मामले में Moneycontrol की बढ़त और बड़ी रही। सितंबर में प्लेटफॉर्म पर 23.22 करोड़ पेज व्यू दर्ज किए गए। इसके मुकाबले द इकोनॉमिक टाइम्स के पेज व्यू 7.35 करोड़ रहे। यानी Moneycontrol पर ET के मुकाबले तीन गुना से ज्यादा पेज व्यू आए।रीडर्स के प्लेटफॉर्म पर बिताए गए समय में भी बड़ा अंतर दिखा। सितंबर में यूजर्स ने Moneycontrol पर कुल 49.605 करोड़ मिनट बिताए। वहीं, द इकोनॉमिक टाइम्स के लिए यह आंकड़ा 15.637 करोड़ मिनट रहा।ये आंकड़े बताते हैं कि Moneycontrol पर न सिर्फ ज्यादा पाठक पहुंचे, बल्कि उन्होंने प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताया और अधिक कंटेंट भी पढ़ा।पाठकों के भरोसे को बताया कामयाबी की वजहMoneycontrol के मैनेजिंग एडिटर नलिन मेहता ने कहा कि Comscore के ताजा आंकड़े पाठकों के भरोसे को दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म बिजनेस और शेयर बाजार से जुड़ा ऐसा कंटेंट देने की कोशिश जारी रखेगा, जिससे रीडर बेहतर जानकारी के आधार पर फैसले ले सकें।Moneycontrol पर शेयर बाजार की ताजा हलचल, लाइव मार्केट डेटा, बिजनेस न्यूज, विश्लेषण, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय मिलती है। प्लेटफॉर्म का फोकस सिर्फ खबरें देने पर नहीं, बल्कि उनके पीछे की वजह और बाजार व अर्थव्यवस्था पर उनके असर को समझाने पर भी है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 7:41 pm

IND vs NZ: वापसी के बाद फिर टीम से बाहर होंगे भुवनेश्वर...ओपनिंग करेंगे वैभव सूर्यवंशी? जानें तीसरे मैच में कैसी होगी भारत की प्लेइंग 11

IND vs NZ Pitch Report: भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की सीरीज का तीसरा मैच मंगलवार, 27 अक्टूबर को खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा। इससे पहले क्राइस्टचर्च में खेले गए दोनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। भारत ने दोनों मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया। सीरीज में भारतीय टीम 2-0 से आगे हैं। भारतीय टीम तीसरे मुकाबले को जीकर सीरीज में कब्जा करना चाहेगी। वहीं दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम मैच में वापसी करने को बेताब होगी। इस मैच में भारतीय टीम अपने प्लेइंग 11 में कुछ बदलाव कर सकती है। आइए जानते हैं कैसी होगी भारत की प्लेइंग 11तीसरे मैच से बाहर हुए ईशानपिछले मैच में ईशान किशन की जगह वैभव सूर्यवंशी कौ मौका मिला था। पहले मैच में लगे चोट की वजह से ईशान तीसरे मुकाबले से भी बाहर हो गए हैं। ऐसे में उनकी जगह वैभव को मौका मिल सकता है। पिछले मैच में उन्हें ओपनिंग के बजाय तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने भेजा गया था। लेकिन वह अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और आठ गेंदों में सिर्फ चार रन बना सके। इस दौरान उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास की कमी दिखी। अब देखना होगा कि अगले मैच में टीम उन्हें फिर से ओपनिंग करने भेजती है या उनकी बल्लेबाजी की जगह में कोई बदलाव करती है।क्या भुवी होंगे बाहर?ऑलराउंडर अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, इसलिए टीम में उनकी जगह बदलने की जरूरत नहीं दिख रही है। हालांकि, गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार की वापसी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। वह अब तक दो मैचों में 99 रन दे चुके हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए उन्हें आराम देने पर विचार कर सकता है। लेकिन चार साल के लंबे अंतराल के बाद टीम में लौटे भुवनेश्वर को लगातार तीसरे मैच में खेलने का मौका मिल सकता है, ताकि वह अपनी लय हासिल कर सकें और खुद को साबित कर सकें।बारिश बिगाड़ेगा खेल?क्राइस्टचर्च में मैच के दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है और पूरे दिन आसमान साफ रहने का अनुमान है। दिन में तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जबकि शाम होते-होते यह गिरकर 10 डिग्री तक पहुंच सकता है। बारिश नहीं होने के बावजूद शाम के समय नमी बढ़कर 77 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में मैदान पर ओस गिर सकती है, जिससे गेंदबाजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करने और बाद में लक्ष्य का पीछा करने का फैसला कर सकती है।कैसी होगी पिचक्राइस्टचर्च की पिच पर मैच की शुरुआत में तेज गेंदबाजों को स्विंग और गेंद में उछाल का फायदा मिल सकता है। हालांकि, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ेगा, बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान हो सकता है। पिछले दो मैचों में 180 से ज्यादा रन के लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिए गए थे, लेकिन इस बार पिच पर गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बीच बराबरी का मुकाबला देखने को मिल सकता है। मैदान के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यहां खेले गए पिछले मैच में 164 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक बचाया गया था, जबकि इस मैदान पर सबसे बड़ा सफल रन चेज 216 रन का रहा है।भारत की संभावित प्लेइंग 11: वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), श्रेयस अय्यर (C), अक्षर पटेल, तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 7:33 pm

Bank of Maharashtra का शुद्ध लाभ दूसरी तिमाही में 41 प्रतिशत उछलकर 2310 करोड़ रुपये पहुंचा

बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही में 2,310 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 1,633 करोड़ रुपये के मुकाबले 41 प्रतिशत अधिक है। बैंक ने कहा कि मुख्य आय में सुधार और फंसे कर्ज में कमी से उसका मुनाफा बढ़ा है। बैंक ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बताया कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी ब्याज आय बढ़कर 8,607 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 7,128 करोड़ रुपये थी। इस दौरान बैंक की कुल आय भी बढ़कर 9,736 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में 7,974 करोड़ रुपये थी। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) 22 प्रतिशत बढ़कर 3,954 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 3,248 करोड़ रुपये थी। बैंक के प्रबंध निदेशक निधु सक्सेना ने कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में घरेलू शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) सुधरकर 3.98 प्रतिशत और वैश्विक एनआईएम 3.86 प्रतिशत रहा। उन्होंने कहा कि परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (आरओए) एक साल पहले के 1.82 प्रतिशत से बढ़कर 2.02 प्रतिशत हो गया। पूरे वित्त वर्ष के लिए आरओए का अनुमान 1.85 प्रतिशत है। सक्सेना ने बताया कि बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की रियायती अदला-बदली सुविधा के तहत 82 करोड़ अमेरिकी डॉलर और मध्यम अवधि के नोट (एमटीएन) कार्यक्रम के जरिये 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर जुटाए। उन्होंने कहा कि बैंक ने कुल मिलाकर 1.65 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए हैं, जिनका इस्तेमाल कर्ज की तेज वृद्धि को समर्थन देने के लिए किया जाएगा। आरबीआई की सुविधा के तहत जुटाई गई राशि के इस्तेमाल की स्पष्ट योजना है। सितंबर, 2026 के अंत में बैंक की सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) कुल कर्ज के 1.25 प्रतिशत पर आ गईं, जो एक साल पहले 1.72 प्रतिशत थीं। इसी तरह, शुद्ध एनपीए घटकर 0.12 प्रतिशत रह गया, जो पिछले साल समान अवधि में 0.18 प्रतिशत था। बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात सितंबर, 2025 के 98.34 प्रतिशत से बढ़कर 98.53 प्रतिशत हो गया। वहीं, पूंजी पर्याप्तता अनुपात भी बढ़कर 18.51 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 18.13 प्रतिशत था। सितंबर, 2026 के अंत में बैंक का कुल कारोबार 25 प्रतिशत बढ़कर 7,05,766 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, कुल जमा में चालू खाता बचत खाता (सीएएसए) जमा की हिस्सेदारी घटकर 46.47 प्रतिशत रह गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के अंत में 50.35 प्रतिशत थी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 7:23 pm

Ather Energy को दूसरी तिमाही में पहली बार 1.5 करोड़ का Net Profit, Revenue 62.9 फीसदी बढ़ा

इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग बढ़ने के बीच वाहन बनाने वाली कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं। इसी बीच एथर एनर्जी के लिए अच्छी खबर आई है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में पहली बार मुनाफा दर्ज किया है। इस खबर के बाद सोमवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में 10% तक की तेजी देखने को मिली। इससे कंपनी के कारोबार को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ने के संकेत मिले हैं। एथर एनर्जी ने सितंबर में समाप्त हुई दूसरी तिमाही में 1.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को 154 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी के लिए यह बदलाव इसलिए अहम है, क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में अपनी जगह मजबूत करने के लिए कंपनियों को बिक्री बढ़ाने के साथ लागत पर भी नियंत्रण रखना पड़ रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, दूसरी तिमाही में एथर एनर्जी का राजस्व सालाना आधार पर 62.9% बढ़कर 1,464 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि कच्चे माल की ऊंची कीमतों के बावजूद उसकी कमाई में सुधार हुआ है। इसके पीछे स्कूटरों की बिक्री में उत्पादों की हिस्सेदारी और कीमत तय करने से जुड़े फैसलों की अहम भूमिका रही। यानी कंपनी ने ऐसे उत्पादों और कीमतों पर ध्यान दिया, जिनसे लागत के दबाव के बीच भी मुनाफे को बेहतर बनाने में मदद मिली। कंपनी अब अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है। तमिलनाडु के होसुर स्थित संयंत्र में दिसंबर में सालाना 75,000 अतिरिक्त वाहन बनाने की क्षमता जोड़ी जाएगी। वहीं, महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित प्लांट में वित्त वर्ष 2028 की दूसरी तिमाही में सालाना 1,50,000 वाहनों की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने की योजना है। कंपनी के मुताबिक, उसके स्कूटरों की मांग उपलब्ध उत्पादन क्षमता से ज्यादा रही है। होसुर प्लांट का इस्तेमाल 98% क्षमता के साथ हो रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ाने की जरूरत साफ दिखाई देती है। होसुर प्लांट के विस्तार में कंपनी नई बैटरी उत्पादन लाइन पर 53 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसका मकसद बैटरी की आपूर्ति के लिए अलग-अलग स्रोत तैयार करना और किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता कम करना है। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में युद्ध के कारण आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से एथर समेत कई वाहन कंपनियों को कच्चे माल की ऊंची कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, पेट्रोल की ऊंची कीमतें भी इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर लोगों का ध्यान खींच रही हैं। भारत में 20% इथेनॉल मिले ई20 पेट्रोल को देशभर में लागू करने को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच भी कुछ ग्राहक इलेक्ट्रिक स्कूटरों को विकल्प के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने के साथ कंपनियों के सामने बैटरी, कच्चे माल और उत्पादन क्षमता से जुड़ी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। एथर एनर्जी ने इस तिमाही में कोनार्क नाम का नया स्कूटर भी पेश किया है। कंपनी के अनुसार, इसका ढांचा बड़े स्तर पर उत्पादन करना आसान बनाता है और इसे बनाने में भी कम जटिलता रहती है। ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि बढ़ती मांग के साथ उत्पादन बढ़ाने और लागत संभालने में मदद मिलेगी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 7:13 pm

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोना ₹200 चढ़कर ₹1.46 लाख पर पहुंचा, चांदी में कोई बदलाव नहीं

Gold Price Today: धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में सोमवार, 26 अक्टूबर को मामूली तेजी आई। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना ₹200 बढ़कर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को सोना ₹1,46,100 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसका भाव ₹2,02,000 प्रति किलोग्राम पर बना रहा।रुपये में गिरावट से सोने को मिला सहारासोने की कीमत बढ़ने की एक वजह रुपये में कमजोरी भी रही। सोमवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 29 पैसे गिरकर 95.22 पर बंद हुआ। रुपये में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। इससे विदेश से सोना खरीदना महंगा हो गया। इसका असर घरेलू बाजार में भी दिखा।HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विश्लेषक सौमिल गांधी के मुताबिक, विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में मामूली रिकवरी आई। कच्चे तेल की कमजोर कीमतों, डॉलर में स्थिरता और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड घटने से भी सोने को सहारा मिला।अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना चढ़ाविदेशी बाजार में सोमवार को सोने की कीमत बढ़ी। स्पॉट गोल्ड 17.49 डॉलर यानी 0.44% चढ़कर 4,013.12 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी का भाव 53.91 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रहा।मिराए एसेट शेयरखान के कमोडिटी प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू कराने के लिए खाड़ी देश कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इस घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।इस हफ्ते फेडरल रिजर्व के फैसले पर नजरLKP सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, इस हफ्ते निवेशकों का ध्यान अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर होने वाले फैसले पर रहेगा।महंगाई को लेकर चिंता और अमेरिका में चुनाव से जुड़ी अनिश्चितता भी बाजार को प्रभावित कर सकती है। निवेशक फेडरल रिजर्व के फैसले के साथ केविन वॉर्श के ब्याज दरों को लेकर दिए जाने वाले संकेतों पर भी नजर रखेंगे।E100 Ethanol: अब E100 इथेनॉल पर भी चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने बदले नियम; पेट्रोल कारों के लिए क्या है इसका मतलब?Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 7:02 pm

EAAA India Alternatives IPO को पहले दिन मिला 11% सब्सक्रिप्शन, NII श्रेणी में 32% बोलियां

एडलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेज की इकाई ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को सोमवार को बोली के पहले दिन 11 प्रतिशत अभिदान मिला। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी की 52,99,684 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 5,89,347 शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 32 प्रतिशत अभिदान मिला, जबकि पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की श्रेणी में आठ प्रतिशत और खुदरा निवेशकों की श्रेणी में चार प्रतिशत अभिदान मिला। ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स ने एंकर (बड़े) निवेशकों से करीब 360 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी का आईपीओ 28 अक्टूबर को बंद होगा। इसके लिए प्रति शेयर 1,585 से 1,665 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। ऊपरी मूल्य स्तर पर कंपनी का मूल्यांकन 10,765 करोड़ रुपये बैठता है। यह आईपीओ पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित है, जिसके तहत एडलवाइस समूह अपनी हिस्सेदारी के शेयर बेचेगा। इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसलिए निर्गम से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारक को मिलेगी और कंपनी को इससे कोई रकम प्राप्त नहीं होगी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 6:53 pm

ITC Hotels का Q2 Net Profit 52 प्रतिशत उछला, Revenue 1054 करोड़ रुपये पहुंचा

देश में कारोबार और घूमने-फिरने से जुड़ी गतिविधियों के बीच होटल उद्योग के लिए मांग मजबूत बनी हुई है। इसी का असर आईटीसी होटल्स के ताजा नतीजों में भी दिखाई दिया है। कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कमाई और मुनाफे, दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की है। कंपनी के अनुसार, इस दौरान होटल कारोबार से मिलने वाले राजस्व में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26% की वृद्धि हुई है। आईटीसी होटल्स ने दूसरी तिमाही में परिचालन से 1,054 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह इससे कम था। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 52% बढ़कर 203 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई यानी एबिटा 37% बढ़कर 337 करोड़ रुपये हो गई। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की कमाई बढ़ने के साथ उसके मुनाफे में भी सुधार हुआ है। कंपनी ने होटल कारोबार के विस्तार की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। आईटीसी होटल्स ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में उसने 20 नए होटलों के लिए समझौते किए हैं। इसके साथ ही, उसके प्रबंधन के तहत आने वाले होटलों की संभावित सूची बढ़कर 84 हो गई है। इन होटलों में कुल 8,200 कमरे होंगे। कंपनी ने 130 कमरों वाले वेलकमहोटल अहमदाबाद का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया है। इसके अलावा, लखनऊ विकास प्राधिकरण ने उसे लखनऊ में 2.8 एकड़ जमीन आवंटित की है। यह कदम कंपनी की विस्तार योजनाओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कंपनी की कमाई बढ़ाने में कमरों से होने वाली आय की बड़ी भूमिका रही। दूसरी तिमाही में कमरे से मिलने वाला राजस्व सालाना आधार पर 22% बढ़ा। इसके पीछे कमरों के किराये में बढ़ोतरी और अधिक कमरों के इस्तेमाल, दोनों का योगदान रहा। कंपनी के अनुसार, प्रमुख बाजारों में सामान्य यात्रियों की मांग अच्छी बनी रही। साथ ही, बैठकों, प्रोत्साहन यात्राओं, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों से जुड़े कारोबार को भी नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से मदद मिली। इस दौरान होटल में कमरों के इस्तेमाल की दर 481 आधार अंक बढ़कर 76% हो गई। वहीं, औसत दैनिक किराये में 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इन दोनों कारणों से प्रति उपलब्ध कमरे से होने वाली कुल आय सालाना आधार पर 21% बढ़ी। खाद्य और पेय पदार्थों से होने वाली कमाई में भी 12% की वृद्धि हुई। इसमें खास तरह के भोजनालयों, लाउंज, बार और बड़े आयोजनों में भोजन की व्यवस्था से जुड़े कारोबार का योगदान रहा। गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आगमन की रफ्तार में कमी, दुनिया की अर्थव्यवस्था में नरमी और तिमाही के दौरान घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या घटने के बावजूद भारत का होटल उद्योग मजबूत बना हुआ है। कंपनी के मुताबिक, देश के भीतर यात्रा की मांग, होटल कमरों की उपलब्धता और मांग के बीच बेहतर संतुलन तथा परिवहन संपर्क में सुधार से उद्योग को सहारा मिल रहा है। आईटीसी होटल्स का मानना है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में भी कारोबार की संभावनाएं अच्छी हैं। इस दौरान शादियों, बड़े सम्मेलनों, सामाजिक कार्यक्रमों और खेल आयोजनों से होटल कमरों की मांग बढ़ सकती है। कंपनी के अनुसार, कारोबार और छुट्टियां बिताने के लिए यात्रा की लगातार बनी हुई मांग तथा प्रमुख बाजारों में नए होटलों की सीमित बढ़ोतरी से किराये और कमाई को सहारा मिलने की उम्मीद है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 6:45 pm

Silver Price: चांदी के दाम में अभी और आएगी गिरावट? जानें एक्सपर्ट ने क्या कहा

दिवाली के करीब आते ही बाजारों में चहल-पहल बढ़ने लगी है। धनतेरस के दिन सोने-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। वहीं सोने और चांदी के दामों में आई गिरावट और कीमतों में स्थिरता के चलते लोग खरीदारी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कीमतें कम होने से दिवाली के दौरान ग्राहक खरीदारी के लिए ज्वेलरी स्टोर पहुंचने लगे हैं। ऐसे में आने वाले शादी और त्योहारों के सीजन में चांदी की मांग बढ़ सकती है। वहीं एक्सपर्ट के मुताबिक चांदी की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में डिटेल मेंअनमोल सिल्वर ने क्या कहाCNBC से बात करते हुए अनमोल सिल्वर के सीईओ किशोर रूनवाल का कहा कि, चांदी की कीमतों में आने वाले दिनों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। इस साल अपने सबसे ऊंचे स्तर से चांदी के दाम करीब 25 फीसदी नीचे आ चुके हैं। चांदी की कीमतों में गिरावट अभी जारी रह सकती है। इसकी वजह अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें और दुनिया में बढ़ता तनाव है, जिसका असर निवेशकों पर पड़ रहा है। वहीं चांदी सस्ती होने से खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले कम कीमतों के कारण बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है।और गिर सकता है चांदी के दामरूनवाल के मुताबिक, 'चांदी की कीमतें अभी अपने सबसे निचले स्तर पर नहीं पहुंची हैं। अगर आने वाले समय में दाम कम बने रहते हैं, तो चांदी खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है। इससे बाजार में चांदी की मांग बढ़ सकती है।' उन्होंने आगे कहा कि, 'चांदी की कीमतों में जिस तरह से गिरावट आ रही है, वह चिंता बढ़ाने वाली है। उनके मुताबिक, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चांदी के दाम सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। अगर कीमतों में गिरावट का मौजूदा सिलसिला जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में चांदी का भाव 1.80 लाख से 1.85 लाख रुपये तक आ सकता है। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इसकी कीमत गिरकर 1.75 लाख से 1.80 लाख रुपये तक पहुंचने की आशंका है।'बढ़ सकती है खरीदारी की संख्याचांदी की कीमतों में गिरावट के बावजूद दिवाली के दौरान ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। किशोर रूनवाल के मुताबिक, 'दाम कम होने से लोग फिर से ज्वेलरी की दुकानों पर खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि, कम कीमतों के कारण दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। अगर चांदी के भाव एक हफ्ते तक नीचे बने रहते हैं, तो बाजार में खरीदारी करने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। इससे चांदी की मांग को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।'चांदी ने खो दी अपनी बढ़तरूनवाल के अनुसार, US फेडरल रिजर्व की बढ़ती इंटरेस्ट रेट, कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता ने मिलकर कीमती धातुओं पर दबाव बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि, MCX पर चांदी को 1.92 लाख रुपये के आसपास कुछ सहारा मिला है, लेकिन हाल में कीमतों में आई तेजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। कारोबार के दौरान चांदी ने अपनी बढ़त खो दी। इससे पता चलता है कि बाजार में अभी चांदी की कीमतों में मजबूती नहीं आई है।शादी का सीजन में बढ़ेगी मांगकिशोर रूनवाल को उम्मीद कि, चांदी की कीमतें कम रहने पर सबसे पहले बुलियन और सिक्कों में निवेश बढ़ेगा। इसके बाद, जैसे-जैसे शादी का सीजन जोर पकड़ेगा, चांदी की ज्वेलरी, बर्तन और सजावटी सामान की मांग भी बढ़ सकती है। यानी कम कीमतों से निवेशकों के साथ-साथ आम खरीदारों को भी फायदा मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा, चांदी के आयात में कमी का कीमतों पर बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ा है। इस साल चांदी का आयात घटा है, लेकिन सरकार ने हाल ही में आयात से जुड़े लाइसेंस के नियमों को आसान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। इससे बाजार में चांदी की सप्लाई बेहतर होने की उम्मीद है। ऐसे में आयात में कमी के बावजूद आने वाले समय में चांदी की उपलब्धता में सुधार हो सकता है।किशोर ने कहा कि, चांदी के आयात में कमी से कीमतों में तेजी आने की संभावना कम है। उनके मुताबिक, घरेलू बाजार में चांदी की कीमत पर मिलने वाला अतिरिक्त प्रीमियम अभी सामान्य स्तर पर है। निवेश की मांग को लेकर उन्होंने उम्मीद जताई कि त्योहारों के सीजन में चांदी खरीदकर निवेश करने का चलन दूसरे निवेश विकल्पों के मुकाबले बेहतर बना रह सकता है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 6:35 pm

दरभंगा से पटना, दानापुर, बक्सर, कटनी, इटारसी, पुणे, बेंगलुरू के रास्ते मैसूर तक चलेगी स्पेशल ट्रेन, चेक करें पूरा रूट और टाइम टेबल

उत्तर मध्य रेलवे ने बताया कि ये स्पेशल ट्रेन मंगलवार, 27 अक्टूबर से शुरू हो रही है। ये स्पेशल ट्रेन हफ्ते में एक दिन चलेगी।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 6:29 pm

Live TV Streaming Apps के लिए TRAI ने प्रस्तावित की 1 लाख रुपये फीस, 20 साल होगी वैधता

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने सोमवार को इंटरनेट-आधारित लाइव टेलीविजन स्ट्रीमिंग एप्लिकेशन के लिए सरकारी अनुमति (ऑथराइजेशन) को अनिवार्य बनाने की सिफारिश की है। साथ ही, यह भी प्रस्ताव दिया है कि स्मार्ट टीवी बनाने वाली कंपनियों और ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) प्रदाताओं को अपने डिवाइस और ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत एप्लिकेशन को ही अनुमति देनी चाहिए। 'एप्लिकेशन-आधारित लीनियर टेलीविजन वितरण (ALTD) सेवाओं के लिए ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क' के तहत जारी की गई इन सिफारिशों का उद्देश्य इंटरनेट-आधारित टेलीविजन वितरण (जिसमें फ्री ऐड-सपोर्टेड स्ट्रीमिंग टेलीविजन यानी FAST सेवाएं भी शामिल हैं) को एक औपचारिक नियामक ढांचे के दायरे में लाना है। संचार मंत्रालय के अनुसार, OEMs (टेलीविजन निर्माताओं सहित) और OS प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके डिवाइस और ऐप स्टोर पर केवल अधिकृत ALTD एप्लिकेशन ही उपलब्ध हों। इसे भी पढ़ें: Kerala High Court की दो टूक: न्यायिक शक्ति अनुशासन से आती है, प्रभुत्व से नहीं इन कंपनियों को सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) को वार्षिक अनुपालन रिपोर्ट (compliance reports) भी सौंपनी होगी। TRAI ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क के तहत, टेलीविजन चैनल वितरण सेवाओं के भीतर ALTD सेवाओं को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल करने की सिफारिश की है। प्रस्तावित ढांचे के तहत, सरकारी अनुमति प्राप्त करने और नियामक आवश्यकताओं का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी एप्लिकेशन प्रदाताओं की होगी। मंत्रालय ने कहा, 'ALTD सेवा' प्रदान करने के लिए सरकारी अनुमति लेने और लागू ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क का पालन करने के लिए, एप्लिकेशन प्रदाता को ही मुख्य जिम्मेदार इकाई माना गया है। रेगुलेटर ने 1 लाख रुपये की एकमुश्त एंट्री फीस और 10,000 रुपये की एप्लिकेशन प्रोसेसिंग फीस का प्रस्ताव रखा है। ऑथराइजेशन (अनुमति) शुरू में 20 साल के लिए मान्य होगा और इसे बाद में 10-10 साल की अवधि के लिए रिन्यू किया जा सकेगा। इसे भी पढ़ें: अगली जंग हुई तो होर्मुज में सब कुछ बदल जाएगा, ईरान के विदेश मंत्री की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता TRAI ने कोई ऑथराइजेशन फीस, बैंक गारंटी या सिक्योरिटी डिपॉजिट न रखने की सिफारिश की है, ताकि सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए प्रस्तावित ढांचा काफी सरल बना रहे। रेगुलेटर ने यह भी सुझाव दिया है कि ऑथराइज्ड एप्लिकेशन केवल उन्हीं टीवी चैनलों को प्रसारित करें जिनके पास सरकार की वैध अनुमति, ऑथराइजेशन या रजिस्ट्रेशन हो। मंत्रालय ने कहा, 'ALTD सर्विस' की ऑथराइज्ड इकाई को केवल उन्हीं टीवी चैनलों का प्रसारण करना चाहिए, जिनके पास केंद्र सरकार की वैध अनुमति, ऑथराइजेशन या रजिस्ट्रेशन हो। प्रस्तावित ढांचे में इंटरनेट-आधारित लीनियर टीवी चैनलों के लिए एक रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी शामिल होगा, और उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए एप्लिकेशन प्रोवाइडर्स ही मुख्य संपर्क बिंदु होंगे। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में, TRAI ने इन एप्लिकेशनों के जरिए देखे जाने वाले कंटेंट को 'टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट फ्रेमवर्क' (TV रेटिंग सिस्टम) में शामिल करने की सिफारिश की है, जिससे इंटरनेट-आधारित लाइव टीवी दर्शकों को भी व्यापक TV रेटिंग सिस्टम का हिस्सा बनाया जा सके। ये सिफारिशें दिसंबर 2025 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा भेजे गए एक संदर्भ के बाद आई हैं, जिसमें ऐसी सेवाओं के लिए समानता, कंटेंट की जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक रेगुलेटरी ढांचे की मांग की गई थी। ये प्रस्ताव अभी लागू नहीं हुए हैं; ऑथराइजेशन ढांचे को स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने होंगे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 6:21 pm

easyJet की उड़ानों में मिलेगा Starlink Wi-Fi, 10 करोड़ यात्रियों को होगा फायदा

यूरोप की सबसे बड़ी एयरलाइनों में से एक, 'ईज़ीजेट' (easyJet), सैटेलाइट ऑपरेटर 'स्टारलिंक' (Starlink) के साथ साझेदारी करके पहली बार अपने सभी विमानों में इन-फ्लाइट इंटरनेट सुविधा शुरू करने जा रही है। इसके लिए इंस्टॉलेशन का काम 2027 की पहली छमाही में शुरू होगा। ईज़ीजेट के अनुसार, एयरलाइन को उम्मीद है कि 2028 की शुरुआत तक उसके एयरबस A320, A320neo और A321neo विमानों के बेड़े में यह इंटरनेट सुविधा पूरी तरह से उपलब्ध हो जाएगी। इस पहल का उद्देश्य एयरलाइन के सालाना 10 करोड़ (100 मिलियन) यात्रियों के यात्रा अनुभव को बेहतर बनाना है। इसके ज़रिए यात्री उड़ान के दौरान अपने निजी डिवाइस पर वेब ब्राउज़िंग, स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग कर सकेंगे। साथ ही, उन्हें फ्लाइट अपडेट, डेस्टिनेशन गाइड और अपनी सीट से ही मेनू ऑर्डर करने की सुविधा भी मिलेगी। ईज़ीजेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) केंटन जार्विस ने इस तकनीकी अपग्रेड को यात्रियों की उम्मीदों को आधुनिक यात्रा मानकों के अनुरूप बनाने की एक कोशिश बताया। जार्विस ने कहा, आज की डिजिटल दुनिया में, हमारे कई ग्राहकों के लिए जुड़े रहना पहले से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। चाहे वे छुट्टियां मनाने जा रहे यात्री हों जो इन-फ्लाइट मनोरंजन के साथ आराम करना चाहते हैं, या फिर हमारे बिज़नेस ग्राहक हों जिन्हें ज़मीन पर हो रही गतिविधियों की जानकारी से अपडेट रहना होता है। उन्होंने बताया कि यह व्यावसायिक साझेदारी दोनों तरह के ग्राहकों के लिए एयरलाइन के व्यापक परिचालन लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगी। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने माना, यूक्रेन में SpaceX ने घटाई थी Starlink इंटरनेट की रफ्तार जार्विस ने कहा कि इनोवेशन ईज़ीजेट (easyJet) के DNA में है। स्पेसएक्स (SpaceX) के साथ साझेदारी करके पहली बार उड़ानों में स्टारलिंक (Starlink) की हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी लाने से, न केवल हमारे लाखों ग्राहकों का अनुभव और बेहतर होगा, बल्कि इससे बिज़नेस और घूमने-फिरने के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को और भी ज़्यादा विकल्प मिलेंगे। उड़ान के दौरान ग्राहकों को ऑनलाइन होने की सुविधा देने का मतलब है कि ईज़ीजेट के साथ यात्रा करते समय उन्हें ज़्यादा विकल्प और सुविधा मिलेगी। कुल मिलाकर, यह यात्रा को आसान बनाने का हमारा एक और तरीका है। स्पेसएक्स की प्रेसिडेंट और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ग्विन शॉटवेल ने इस संयुक्त उपक्रम की सेवाओं के दायरे पर प्रकाश डाला। शॉटवेल ने कहा, हमें ईज़ीजेट की उड़ानों में स्टारलिंक को लाने और इसके ज़रिए यात्रियों के सफर के दौरान जुड़े रहने के तरीके को बदलने पर गर्व है। इसे भी पढ़ें: Elon Musk के ड्रोन हमले वाले आरोपों को Ukraine ने नकारा, Starlink नियमों पर दी सफाई उन्होंने आगे कहा टेक-ऑफ से लेकर लैंडिंग तक तेज़ और भरोसेमंद कनेक्टिविटी का मतलब है कि लोग बिना किसी रुकावट के काम कर सकते हैं, कंटेंट स्ट्रीम कर सकते हैं या दूसरों के संपर्क में रह सकते हैं। इस कदम के साथ, ईज़ीजेट उन अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस की सूची में शामिल हो गया है जिन्होंने स्टारलिंक कनेक्टिविटी को अपनाया है। इस सूची में अमेरिकन एयरलाइंस, साउथवेस्ट एयरलाइंस, यूनाइटेड एयरलाइंस, अलास्का एयरलाइंस और ब्रिटिश एयरवेज़ जैसी एयरलाइंस पहले से शामिल हैं। इससे पहले, शनिवार (स्थानीय समय) को स्पेसएक्स के CEO एलन मस्क ने कहा था कि यूक्रेनी सेना ने स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है और वे इसका इस्तेमाल ड्रोन हमलों के ज़रिए लोगों को मारने के लिए कर रहे थे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 6:17 pm

E100 Ethanol: अब E100 फ्यूल पर भी चलेंगी गाड़ियां, सरकार ने बदले नियम; पेट्रोल कारों के लिए क्या है इसका मतलब?

E100 Ethanol:सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने गाड़ियों से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। अब E100 तक इथेनॉल वाले ईंधन पर चलने वाली फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को भी नियमों में शामिल किया गया है। E100 में लगभग पूरी तरह इथेनॉल होता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सामान्य पेट्रोल गाड़ी में भी E100 डाला जाएगा।सरकार ने साफ किया है कि ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं गाड़ियों में किया जा सकता है, जिन्हें इसके लिए बनाया गया है और मंजूरी मिली है। सामान्य पेट्रोल या E20 पर चलने वाली गाड़ियों में E85 या E100 नहीं डाला जा सकता।क्या है E20, E85 और E100 का मतलब?पेट्रोल में कितना इथेनॉल मिलाया गया है, उसके हिसाब से फ्यूल के नाम रखे गए हैं। E20 पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल होता है। E85 में 85 फीसदी इथेनॉल और 15 फीसदी पेट्रोल होता है। वहीं, E100 में लगभग पूरी तरह इथेनॉल होता है।सामान्य पेट्रोल गाड़ियां सीमित मात्रा में इथेनॉल वाले फ्यूल पर चलने के हिसाब से बनाई जाती हैं। ज्यादा इथेनॉल वाले फ्यूल के लिए गाड़ी के इंजन और दूसरे हिस्सों में जरूरी बदलाव करने पड़ते हैं। इसलिए E85 और E100 का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं गाड़ियों में किया जा सकता है, जिन्हें इसके लिए तैयार किया गया है।E20 से E100 तक से चलेगी मारुति की Wagon Rभारत में फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों को बढ़ावा देने की शुरुआत हो चुकी है। इसी साल जून में मारुति सुजुकी इंडिया ने Wagon R Flex Fuel लॉन्च की थी। इसे भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल पैसेंजर गाड़ी बताया गया है। यह E20 से लेकर E100 तक के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चल सकती है।टोयोटा, टाटा मोटर्स और हुंडई जैसी बड़ी कंपनियां भी भारतीय बाजार के लिए फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियां तैयार करने में जुटी हैं। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़े।इथेनॉल को बढ़ावा क्यों दे रही है सरकार?भारत अपनी जरूरत का काफी कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। इसके लिए बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है। कच्चे तेल का आयात देश के चालू खाते के घाटे की बड़ी वजहों में से एक है।सरकार पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है। भारत में E20 पेट्रोल पहले ही इस्तेमाल होने लगा है। अब ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन पर चलने वाली गाड़ियों को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-CNG पर भी तैयारीसरकार ने इससे पहले गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा था। इसका मकसद ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन के साथ दूसरे विकल्पों को भी बढ़ावा देना है।इस प्रस्ताव में E85 और E100 के अलावा B100 बायोडीजल और हाइड्रोजन-CNG मिश्रण जैसे ईंधनों को भी शामिल किया गया था। सरकार की कोशिश है कि अलग-अलग तरह की गाड़ियों में इन ईंधनों का इस्तेमाल बढ़े और पेट्रोल-डीजल के आयात पर निर्भरता कम हो।टाटा की कंपनी का AI सुपर हाईवे! ₹4283 करोड़ के निवेश से डेटा सेंटर और AI हब को हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ने का प्लान

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 6:03 pm

रूस से कच्चा तेल खरीदने में अब ज्यादा फायदा नहीं, सरकारी तेल कंपनी BPCL घटाएगी खरीद

दिसंबर में रूस से तेल खरीदना आर्थिक रूप से ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, ये माल ढुलाई लागत और खरीद को अंतिम रूप देते समय उपलब्ध पेशकश पर निर्भर करेगा।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 5:49 pm

Sundar Pichai बोले एडवांस AI मॉडल्स के लिए Google कर रहा Cloud संसाधनों का इस्तेमाल

गूगल अपने एआई से जुड़े काम को आगे बढ़ाने के लिए क्लाउड सेवाओं के ग्राहकों को मिलने वाली कंप्यूटिंग क्षमता का कुछ हिस्सा अपने रिसर्च में इस्तेमाल कर रही है। कंपनी के सीईओ सुंदर पिचाई ने इसकी पुष्टि की है। इसका मतलब है कि गूगल बढ़ती मांग के बावजूद अपने एडवांस एआई मॉडल तैयार करने को प्राथमिकता दे रही है। इस फैसले के कारण कंपनी को कम समय में होने वाली कुछ संभावित कमाई छोड़नी पड़ सकती है। सुंदर पिचाई ने एलेक्स कांट्रोविट्ज के साथ बिग टेक्नोलॉजी पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान बताया कि गूगल के पास कंप्यूटिंग संसाधन सीमित हैं। ऐसे में कंपनी को तय करना पड़ रहा है कि उपलब्ध क्षमता का इस्तेमाल ग्राहकों की सेवाओं के लिए किया जाए या एआई रिसर्च को आगे बढ़ाने में। उन्होंने कहा कि गूगल डीपमाइंड के शोधकर्ताओं को जरूरी कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना कंपनी के लिए ऐसा काम है, जिस पर समझौता नहीं किया जा सकता। दरअसल, दुनियाभर की बड़ी तकनीकी कंपनियां एआई मॉडल तैयार करने और उन्हें चलाने के लिए जरूरी चिप, सर्वर और डेटा केंद्रों की व्यवस्था करने में जुटी हैं। इन संसाधनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। पिचाई के मुताबिक, 2027 में नई सेवाओं के लिए ग्राहकों को पर्याप्त कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराना भी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी सुविधाएं तैयार करने में लंबा समय लगता है। आज उपलब्ध कंप्यूटिंग क्षमता के पीछे 2024 में लिए गए निवेश संबंधी फैसले हैं। हालांकि, संसाधनों की कमी के बावजूद गूगल की क्लाउड सेवा का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। कंपनी ने 2026 की दूसरी तिमाही में इस कारोबार से 24.8 अरब डॉलर का राजस्व कमाया, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 82% अधिक है। जून के अंत तक कंपनी के पास भविष्य में सेवाएं देने से जुड़ी लगभग 514 अरब डॉलर की अनुबंधित आय भी दर्ज थी। इससे पता चलता है कि उसकी क्लाउड सेवाओं की मांग कितनी अधिक है। गौरतलब है कि गूगल अपने एडवांस एआई मॉडल विकसित करने के लिए डीपमाइंड को अधिक कंप्यूटिंग क्षमता देना चाहती है। कंपनी का मानना है कि इन मॉडलों से मिलने वाली नई क्षमताओं को आगे चलकर उसके दूसरे उत्पादों में शामिल किया जा सकता है। पिचाई को उम्मीद है कि भविष्य में अधिक सक्षम एआई प्रणालियां नए मॉडल तैयार करने में शोधकर्ताओं की मदद करेंगी। इसके तहत एआई शोध, कोडिंग और टेस्टिंग जैसे कामों में सहायता कर सकता है, जिससे अगली पीढ़ी के मॉडल विकसित करने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। पिचाई ने इस विचार से भी असहमति जताई कि गूगल को केवल छोटे और कम खर्च वाले मॉडल, जैसे जेमिनी फ्लैश, पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि कंपनी सबसे एडवांस एआई तकनीक विकसित करने की दौड़ में बनी रहना चाहती है। कंपनी के एआई उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता भी संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है। पिचाई के मुताबिक, जेमिनी 4 आर्गन ने शुरुआती 72 घंटों में करीब 25 लाख करोड़ टोकन संसाधित किए, जो इसी अवधि में जेमिनी 3 की तुलना में लगभग 3 गुना थे। इस मॉडल को चलाने के दौरान भी कंपनी को क्षमता की कमी का सामना करना पड़ा। बता दें कि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट ने 2026 में पूंजीगत खर्च 195 अरब से 205 अरब डॉलर के बीच रहने का अनुमान दिया है। इस राशि का बड़ा हिस्सा एआई और क्लाउड से जुड़े ढांचे पर खर्च किया जाएगा। कंपनी के सामने अब दोहरी चुनौती है: बाहरी ग्राहकों की बढ़ती मांग पूरी करना और अपने एआई रिसर्च के लिए पर्याप्त संसाधन बनाए रखना। आने वाले समय में गूगल की निवेश रणनीति इसी संतुलन पर निर्भर करेगी।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 5:44 pm

Kaspersky की रिपोर्ट: छोटे कारोबारों पर Backdoor मालवेयर अटैक 52 प्रतिशत बढ़े

भारत में छोटी और मझोली कंपनियों की कंप्यूटर प्रणाली पर ‘बैकडोर’ मालवेयर हमले 2026 की पहली छमाही में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 52.1 प्रतिशत बढ़े। साइबर सुरक्षा कंपनी कैस्परस्की की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। कैस्परस्की सिक्योरिटी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून, 2026 के दौरान बैकडोर के 4.52 लाख मामले सामने आए, जबकि 2025 की पहली छमाही में इनकी संख्या 2.97 लाख थी। पिछले साल की दूसरी छमाही में ऐसे 4.08 लाख मामले दर्ज किए गए थे। बैकडोर एक ऐसा गुप्त रास्ता है, जिसके जरिये साइबर हमलावर कंप्यूटर या नेटवर्क की सामान्य सुरक्षा व्यवस्था को दरकिनार कर उसमें प्रवेश कर सकते हैं। एक बार पहुंच बनाने के बाद वे डेटा चुरा सकते हैं, नेटवर्क के दूसरे हिस्सों तक पहुंच सकते हैं या आगे और साइबर हमले कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, रिमोट डेस्कटॉप प्रोटोकॉल (आरडीपी) के जरिये कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंचने के लिए किए गए प्रयासों की संख्या 37.38 लाख रही। यह औसतन प्रतिदिन करीब 20,650 प्रयास है। हालांकि, यह संख्या 2025 की पहली छमाही के मुकाबले 26.3 प्रतिशत कम रही। सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाकर किए जाने वाले हमलों का पता चलने के मामलों में भी 35.1 प्रतिशत की कमी आई और इनकी संख्या 4.63 लाख रही। हालांकि, कैस्परस्की ने कहा कि ऐसे हमले छोटे और मझोले कारोबार या कंपनियों के लिए अब भी बड़े साइबर खतरों में शामिल हैं। कंपनी के वैश्विक सर्वेक्षण में फिशिंग, मालवेयर और रैनसमवेयर के साथ इन्हें भी सबसे नुकसानदेह साइबर घटनाओं में गिना गया। फिशिंग में धोखाधड़ी वाले ईमेल या संदेशों के जरिये लोगों से पासवर्ड और बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारियां हासिल करने की कोशिश की जाती है। रैनसमवेयर ऐसा मालवेयर है, जो कंप्यूटर में मौजूद फाइल को लॉक या एन्क्रिप्ट कर देता है और उन्हें दोबारा उपलब्ध कराने के बदले ‘पैसा’ मांगा जाता है। ये निष्कर्ष ऐसे समय आए हैं, जब भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन) ने 15 अक्टूबर को एक गंभीर चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि परीक्षण के दौर से गुजर रहे कृत्रिम मेधा (एआई) एजेंट भारतीय संगठनों के वास्तविक कंप्यूटर सिस्टम तक पहुंच गए थे और उन्होंने गोपनीय रिकॉर्ड पढ़े थे। प्रभावित संगठनों में से किसी को भी इस पहुंच का पता नहीं चला था। कैस्परस्की के 18 देशों के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) पेशेवरों के बीच किए गए सर्वेक्षण में भारत भी शामिल था। इसमें पाया गया कि 86 प्रतिशत छोटी और मझोली कंपनियों को पिछले एक साल में कम से कम एक साइबर घटना का सामना करना पड़ा। सर्वेक्षण में शामिल 22 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने वित्तीय नुकसान को ऐसी घटनाओं का प्रमुख परिणाम बताया। कैस्परस्की के दक्षिण एशिया में उपभोक्ता कारोबार प्रमुख पुरुषोत्तम भाटिया ने कहा, ‘‘बैकडोर हमलावर को शुरुआती सेंधमारी के काफी समय बाद तक किसी कारोबार की प्रणाली में बने रहने का रास्ता देता है। इसमें 52 प्रतिशत की वृद्धि बताती है कि भारतीय छोटे और मझोले कारोबार को अब केवल एक बार निशाना बनाने के बजाय लंबे समय तक पहुंच बनाए रखने के ठिकाने के रूप में देखा जा रहा है।’’

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 5:43 pm

एक भी किताब नहीं है इसमें..., अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी को बेटी मन्नत के ब्रांडेड बर्थडे गिफ्ट्स यूजर को दिखाना पड़ा महंगा

माधुरी ग्रोवर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उनकी टीनेज बेटी मन्नत को उसके जन्मदिन पर मिले ब्रांडेड और महंगे तोहफे दिखाए जा रहे हैं। गिफ्ट में ब्रांडेड परफ्यूम, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कपड़े शामिल हैं, पर पढ़ाई लिखाई से जुड़ा एक भी सामान नहीं है।जन्मदिन के तोहफे चुनना एक मुश्किल काम हो सकता है। कुछ यंगस्टर्स के लिए तोहफे का मतलब कपड़े, परफ्यूम और ब्यूटी प्रोडक्ट्स से होता है। वहीं कुछ अन्य लोग किताब, कोई गैजेट या ऐसी कोई चीज पाना पसंद करेंगे, जिसके लिए वे काफी समय से पैसे बचा रहे हों। लेकिन जब किसी अमीर परिवार के बच्चे को जन्मदिन पर ढेर सारे तोहफे मिलते हैं और उन्हें सोशल मीडिया पर दिखाया जाता है तो वे तोहफे ही बहस का विषय बन सकते हैं। कुछ ऐसा ही हुआ अशनीर ग्रोवर की वाइफ के साथ।अशनीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी ग्रोवर ने हाल ही में एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उनकी बेटी मन्नत को उसके जन्मदिन पर मिले तोहफे दिखाए गए। इनमें शनेल (Chanel), बाथ एंड बॉडी वर्क्स (Bath & Body Works) और H&M जैसे जाने-माने ब्रांड्स के कॉस्मेटिक्स, खुशबूदार प्रोडक्ट्स, टॉयलेटरीज और कपड़े शामिल थे। इस वीडियो से मन्नत को मिले तोहफों की झलक तो मिली, लेकिन इंटरनेट पर लोगों ने सिर्फ तोहफों के बारे में ही नहीं, बल्कि और भी कई बातें कहीं। जहां कुछ यूजर्स को लगा कि एक बच्चे के लिए ये तोहफे बिल्कुल सामान्य हैं, वहीं कुछ अन्य लोगों ने ब्रांडेड प्रोडक्ट्स पर इतना जोर देने और उन्हें सबके सामने दिखाने के फैसले पर सवाल उठाए।एक ने कमेंट किया ढेर सारे केमिकल्स, लेकिन एक भी किताब नहीं। एक और यूजर ने लिखा, सारे तोहफे ब्रांडेड कॉस्मेटिक्स, टॉयलेटरीज और कपड़े हैं पर एक भी किताब नहीं। यंग लड़कियों को ये सब पसंद होता है पर यह सच नहीं है। टीन एज बच्चे जिस चीज के संपर्क में आते हैं, उन्हें वही पसंद आने लगती है। That’s such an “upstart” behaviour— Aaraadhya Saxena (@ihailmyindia) October 26, 2026 हालांकि कुछ यूजर्स को यह आलोचना बिल्कुल पसंद नहीं आई। तोहफों का बचाव करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा- मुझे यकीन नहीं हो रहा कि लोग इस वीडियो को लेकर इतने नाराज क्यों हैं, क्योंकि ये तो टीन ऐज के बीच आम ब्रांड्स हैं! मिनिसो (Miniso), H&M, बाथ एंड बॉडी वर्क्स या किसी पॉपुलर ब्रांड की एक प्यारी सी टी-शर्ट? हां, इसमें 'शनेल नंबर 5' (Chanel No. 5) भी है, जिसे अक्सर किसी के लिए 'पहला बड़ा परफ्यूम' माना जाता है। जन्मदिन तो मजे करने के लिए होते हैं, तुम लोग तो मजा किरकिरा करने वाले हो!इन तोहफों को देखकर लोगों ने अमीरी और उन्हें ऑनलाइन शेयर करने के फैसले पर भी कमेंट किए। एक यूजर ने पूछा- इसे सबके सामने लाने की क्या जरूरत थी? सोचिए उसके दोस्तों को कैसा लग रहा होगा!एक और कमेंट में लिखा था- नॉर्थ इंडियन के अमीर लोगों की हालत कितनी दयनीय है कि उन्हें अपने पैसे का दिखावा करना पड़ता है। पहले वे ऐसा अपने करीबी दायरे में करते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया पर करते हैं—आखिर क्यों? आप अमीर हैं यह अच्छी बात है, लेकिन यह सब क्या है?कुछ लोगों ने इस बात पर भी सवाल उठाए कि वहां कोई भी ऐसी चीज नहीं थी जो काम की हो या जिससे कुछ सीखने को मिले। एक यूजर ने लिखा, एक भी ऐसा तोहफा नहीं है जो किसी काम का हो या जिससे इंसान का विकास हो सके। न कोई किताब, न साहित्य और न ही कोई दिमागी खेल।कुछ यूजर्स ने इसे अपने निजी अनुभवों से जोड़कर देखा और इन तोहफों की तुलना अपने जन्मदिन के अनुभवों से की। एक व्यक्ति ने लिखा- मैं 35 साल की महिला हूं और अच्छा-खासा कमाती हूं, फिर भी मुझे ऐसे तोहफे कभी नहीं मिलेंगे।एक और व्यक्ति ने अपने जन्मदिन के एक ऐसे अनुभव को याद किया जो बिल्कुल भी शानदार नहीं था। उसने बताया कि जब मैं टीनेजर था तो मुझे जन्मदिन पर एक अलार्म क्लॉक मिली थी। देने वाले ने कहा कि मुझे इलेक्ट्रॉनिक्स पसंद हैं, इसलिए यह दी है। बदकिस्मती से यह रिश्ता माता-पिता के जरिए था, इसलिए मैं कुछ कह नहीं पाया और मुझे बस खुश होने का दिखावा करना पड़ा।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 5:42 pm

एक साथ 2 नए क्रूज की शुरुआत! 2200 से अधिक लोगों को लग्जरी सुविधा और इंटरनेशल ट्रिप, सिर्फ इतने किराए में पूरी होगी यात्रा

कॉर्डेलिया क्रूज ने भारत में अपने परिचालन का विस्तार करते हुए मुंबई और कोच्चि से एक साथ दो जहाजों का संचालन शुरू किया है।

जागरण 26 Oct 2026 5:42 pm

Dalmia Bharat Q2 Results: मुनाफे से घाटे में आई सीमेंट कंपनी, ₹4 के डिविडेंड का ऐलान

Dalmia Bharat Q2 Results: सीमेंट कंपनी Dalmia Bharat को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 205 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 239 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इस बार 339 करोड़ रुपये के एकमुश्त खर्च का असर नतीजों पर पड़ा।हालांकि, कंपनी की कमाई में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। सितंबर तिमाही में रेवेन्यू 4.3% बढ़कर 3,563 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में यह 3,417 करोड़ रुपये था। फिर भी कंपनी का रेवेन्यू बाजार के अनुमान से कम रहा। CNBC-TV18 के पोल में इसके 3,646 करोड़ रुपये रहने का अनुमान था।ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी कमजोरडालमिया भारत का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस कमजोर रहा। EBITDA सालाना आधार पर 29.2% गिरकर 493 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल यह 696 करोड़ रुपये था। बाजार को इसके 552 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद थी।EBITDA मार्जिन भी घट गया। यह पिछले साल के 20.37% से गिरकर 13.84% पर आ गया। बाजार का अनुमान 15.14% था।339 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च क्यों हुआ?डालमिया भारत ने सितंबर तिमाही में कुल 339 करोड़ रुपये का एकमुश्त खर्च दिखाया। इसमें 282 करोड़ रुपये का एसेट इम्पेयरमेंट चार्ज और 57 करोड़ रुपये का कर्मचारी सेपरेशन स्कीम खर्च शामिल है।कंपनी ने तीन कैप्टिव पावर प्लांट समेत कुछ संपत्तियों की कीमत का दोबारा आकलन किया। इसके बाद 282 करोड़ रुपये का इम्पेयरमेंट लॉस दर्ज किया गया। कंपनी के मुताबिक, सस्ती रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल बढ़ने से ऊर्जा के मौजूदा मिश्रण में बदलाव आ रहा है। बंद किए गए एक ब्रांड पर भी खर्च दर्ज किया गया।इसके अलावा, कुछ यूनिट में पात्र कर्मचारियों के लिए सेपरेशन स्कीम लागू की गई। इस पर कंपनी ने 57 करोड़ रुपये खर्च किए।हर शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंडDalmia Bharat के बोर्ड ने 26 अक्टूबर 2026 को हुई बैठक में अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया। कंपनी हर 2 रुपये फेस वैल्यू वाले शेयर पर 4 रुपये का डिविडेंड देगी। यह फेस वैल्यू का 200% है।नतीजों के दिन कंपनी का शेयर NSE पर 2.17% चढ़कर 1,625.80 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, पिछले एक महीने में इसमें 4.4% की गिरावट आई है। इस साल अब तक शेयर 23.9% टूट चुका है।Bank of Maharashtra Q2 Results: सरकारी बैंक को ₹2310 करोड़ का मुनाफा, NII में 22% का उछालDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 5:35 pm

Sensex और Nifty में तेजी के बावजूद US Dollar के सामने कमजोर हुआ रुपया

शेयर बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय रुपये की कमजोरी थमने का नाम नहीं ले रही है। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 29 पैसे गिरकर 95.22 के स्तर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने रुपये पर दबाव बनाया है। पिछले 3 कारोबारी सत्रों में भारतीय मुद्रा 84 पैसे कमजोर हो चुकी है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में सोमवार को रुपया 94.92 प्रति डॉलर पर खुला था। कारोबार के दौरान इसमें और गिरावट आई और यह 95.26 के निचले स्तर तक पहुंच गया। आखिर में यह 95.22 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले शुक्रवार, 23 अक्टूबर को रुपया 12 पैसे गिरकर 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। लगातार गिरावट से आयात पर निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता बढ़ गई है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज मिलने की दरों में मामूली बढ़ोतरी ने भी रुपये को कमजोर किया है। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में तेजी ने रुपये की गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखने में मदद की। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली से भी भारतीय मुद्रा कमजोर हो सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप रुपये को सहारा दे सकता है। उनके अनुमान के अनुसार, डॉलर के मुकाबले रुपया 94.90 से 95.50 के दायरे में कारोबार कर सकता है। इस बीच, वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट कच्चे तेल का वायदा भाव 1.41% गिरकर 115.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इसके बावजूद तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, इसलिए कच्चा तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ता है। इससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव पड़ सकता है। गौरतलब है कि सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी रही। सेंसेक्स 482.92 अंक चढ़कर 73,606.75 पर और निफ्टी 153.20 अंक की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। वहीं, 23 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 887.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.011 अरब डॉलर घटकर 721.016 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी इसमें 8.578 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक तनाव और डॉलर की चाल रुपये की दिशा तय करने वाले अहम कारक बने रह सकते हैं।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 5:32 pm

कल का मौसम 27 अक्टूबर: चक्रवात 'अर्नब' का अलर्ट, इन 10 राज्यों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की चेतावनी

Cyclonic Storm Arnab Update: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' अब बेहद खतरनाक और विकराल रूप धारण करने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा मौसम बुलेटिन के मुताबिक कल यानी मंगलवार 27 अक्टूबर को इस चक्रवात के असर से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत देश के कम से कम 10 राज्यों में मूसलाधार बारिश, गड़गड़ाहट और तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है जबकि समुद्र में हवाओं की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार छू सकती है।जानिए कहां केंद्रित है चक्रवात अर्णब और क्या है इसका रूट?IMD के मौसम प्रणाली जानकारी के मुताबिक, पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' पिछले छह घंटों के दौरान 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग के मुताबिक यह चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 26 अक्टूबर की शाम तक गंभीर चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में ही बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की दोपहर से पहले बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के करीब आंध्र प्रदेश और यानम तट को एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा जहां अधिकतम हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किमी/घंटे से लेकर 140 किमी/घंटे के विनाशकारी झोंकों तक हो सकती है।तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही की आशंकाचक्रवात अर्णब का सबसे सीधा और घातक असर आंध्र प्रदेश और ओडिशा पर पड़ने वाला है। 27 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश के पृथक स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा के साथ बेहद भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। इन राज्यों के तटीय जिलों में आकाशीय बिजली कड़कने के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं भी चलेंगी। आंध्र प्रदेश के मैदानी इलाकों में दिन भर तेज और खतरनाक सतही हवाएं चलती रहेंगी।तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश व थंडरस्क्वालचक्रवात के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण इसका असर आंतरिक और मध्य भारत के राज्यों में भी साफ देखने को मिलेगा। 27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के कई हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वाल का प्रकोप देखने को मिल सकता है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है।पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के अन्य राज्यों का हालमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ-साथ दक्षिण में तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, रायलसीमा और विदर्भ के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 27 अक्टूबर को दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। समुद्र में 140 किमी/घंटे की तूफानी हवाएं, मछुआरों के लिए रेड अलर्टचक्रवात अर्नब के कारण समुद्र की स्थिति अत्यंत भयावह रहने वाली है। 27 अक्टूबर की दोपहर से लेकर 28 अक्टूबर की दोपहर तक लैंडफॉल के समय तक पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से हवाएं चलेंगी, जिनके झोंके 140 किमी/घंटे तक पहुंच सकते हैं। 27 अक्टूबर की सुबह तक पूर्व-मध्य, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में 35 से 45 किमी/घंटे (झोंके 55 किमी/घंटे) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा। मौसम विभाग ने तटीय सुरक्षा और जहाजरानी क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रहने तथा मछुआरों को समुद्र में न जाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।ये भी पढ़ें- Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी में 'अर्नब' का महाखतरा! 140 KM की रफ्तार से टकराएगा चक्रवाती तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 5:26 pm

Currency Check : 25 पैसे गिरकर 95.19 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ रुपया, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Currency Check : सोमवार को डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 25 पैसे गिरकर 95.19 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछली बार यह 94.94 रुपए के लेवल पर बंद हुआ था। आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने और विदेशी पूंजी की निकासी के चलते रुपया लगातार तीसरे सत्र में कमजोर हुआ है। आयातकों द्वारा डॉलर की खरीद, तेल की कीमतों में उछाल और फेड (Fed) के फैसले से पहले विदेशी पूंजी की निकासी के असर से रुपया लगातार तीसरे सत्र में फिसला है।ब्रिकवर्क रेटिंग्स में हेड ऑफ रिसर्च राजीव शरण का कहना है कि सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में रुपये में गिरावट आई और यह फिर से 95 के स्तर की ओर खिसकने लगा। रुपए पर बाहरी कारणो का असर फिर से दिखने लगा है। वीकेंड के दौरान स्थिति में यह बदलाव आया है कि बाजार का फोकस केंद्रीय बैंक के नियमों से हटकर पूरी तरह से तेल की कीमतों केंद्रित हो गया है। इस महीने की शुरुआत में RBI के बड़े हस्तक्षेप ने सट्टेबाजों को अपनी 'शॉर्ट पोजीशन' से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया था, लेकिन यह ब्रेंट क्रूड के 114 अमेरिकी डॉलर के आसपास बने रहने की वास्तविकता को नहीं बदल सकता।यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि, भले ही भारत की मुद्रा व्यवस्था सुरक्षित है, लेकिन इसका आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। फिलहाल, RBI के सोचे-समझे कदम और उसके पास मौजूद भारी विदेशी मुद्रा भंडार (जो दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक है और लगभग 11 महीने के आयात को कवर कर सकता है) उसे रुपये की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त गुंजाइश देते हैं। निकट भविष्य में, तेल की कीमतें और विदेशी निवेश का फ्लो फिर से रफ्तार पकड़ पाता है या नहीं, ये दो मुख्य फैक्टर यह तय करेंगे कि आगे क्या होगा।HDFC सिक्योरिटीज में रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार का कहना है कि एशियाई मुद्राओं में कमजोरी और घरेलू बॉन्ड यील्ड में मजबूती के कारण, भारतीय रुपया लगातार तीसरे सत्र में भी गिरावट के साथ बंद हुआ। इस हफ्ते तीन बड़े केंद्रीय बैंकों के फैसले आने वाले हैं, ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) के बने रहने की संभावना है। निकट अवधि में, स्पॉट USDINR के लिए 95.80 का स्तर एक ऊपरी सीमा (कैप) की तरह है, जबकि 94.95 का स्तर एक अहम सपोर्ट बना हुआ है।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयानकेंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) रुपये के मूल्य में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए कदम उठा रहा है। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय बैंक मुद्रा का मूल्य तय नहीं करता है।तिरुचिरापल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए, सीतारमण ने कहा कि RBI के प्रयासों का मकसद रुपये की विनिमय दर (exchange rate) को तय करना नहीं, बल्कि उसमें होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव को रोकना है।उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुद्रा में उतार-चढ़ाव और भारतीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर (खासकर आयात लागत और महंगाई) को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं।देश की वित्तीय स्थिति पर सीतारमण ने कहा कि भारत का राजकोषीय घाटा साल-दर-साल कम हो रहा है और सरकार 2030 तक कर्ज-जीडीपी अनुपात को घटाकर 50 प्रतिशत पर लाने की दिशा में काम कर रही है।देश के कर्ज के स्तर को लेकर जताई जा रही चिंताओं को स्वीकार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी चिंताएं जायज हैं लेकिन साथ ही यह भी कहा कि कर्ज का बोझ लगातार कम हो रहा है।डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 5:08 pm

10000 KM लंबा, 4200 करोड़ लागत, टाटा समूह बनाने जा रहा AI सुपर हाईवे; जानिए क्या बदलाव लाएगा ये प्रोजेक्ट?

टाटा कम्युनिकेशंस भारत में 'AI सुपर हाईवे' बनाने के लिए अगले 3-5 वर्षों में $450 मिलियन तक का निवेश करेगी।

जागरण 26 Oct 2026 5:06 pm

PTC India देश में खनिज एक्सचेंज बनाने के लिए 65 करोड़ रुपये करेगी निवेश

बिजली कारोबार समाधान प्रदाता पीटीसी इंडिया के निदेशक मंडल ने देश में खनिज एक्सचेंज स्थापित करने और उसका संचालन के लिए 65 करोड़ रुपये के निवेश से पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि वह लागू कानूनों और नियमों के अनुरूप एक अनुषंगी कंपनी के जरिये खनिज एक्सचेंज स्थापित करने का प्रस्ताव रखती है। यह एक्सचेंज अनुमत खनिजों और अन्य संबंधित क्षेत्रों में आपूर्ति आधारित इलेक्ट्रॉनिक कारोबार की सुविधा देगा। नियामक प्राधिकरण भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) ने भारत में खनिज एक्सचेंज स्थापित करने और उसका संचालन करने के लिए कंपनियों से पंजीकरण आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख दो नवंबर, 2026 है। हालांकि, कंपनी ने आवेदन जमा करने के लिए समयसीमा बढ़ाने का अनुरोध किया है। सूचना के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल ने 26 अक्टूबर, 2026 को हुई बैठक में अन्य बातों के साथ-साथ भारत में खनिज एक्सचेंज स्थापित करने और उसका संचालन करने के लिए पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी (विशेष इकाई) गठित करने को मंजूरी दी। इस कंपनी की प्रवर्तक पीटीसी इंडिया लिमिटेड होगी। यह मंजूरी आईबीएम से समयसीमा बढ़ाए जाने की अनुमति मिलने के अधीन है। एक्सचेंज का संचालन खनिज विनियम नियम, 2026 के तहत किया जाएगा। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि निदेशक मंडल ने प्रस्तावित अनुषंगी कंपनी में 65 करोड़ रुपये तक के इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दी है। सूचना में कहा गया कि विशेष इकाई (एसपीवी) के गठन के बाद भारतीय खान ब्यूरो के पास आवेदन जमा किया जाएगा। निर्धारित शर्तें पूरी होने और केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के अधीन ब्यूरो पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करेगा।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 5:03 pm

Bank of Maharashtra Q2 Results: सरकारी बैंक को ₹2310 करोड़ का मुनाफा, NII में 22% का उछाल

Bank of Maharashtra Q2 Results: सरकारी बैंक Bank of Maharashtra ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। जुलाई-सितंबर तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 41.4% बढ़कर 2,309.6 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक ने 1,633 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 30.86% बढ़कर 3,369 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 22% बढ़कर 3,954.4 करोड़ रुपये रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 3,247.6 करोड़ रुपये थी। जून तिमाही के मुकाबले नेट प्रॉफिट 14.33% और NII 4.89% बढ़ी।NPA में गिरावट, एसेट क्वालिटी बेहतरबैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। 30 सितंबर 2026 तक ग्रॉस NPA घटकर 1.25% रह गया। एक साल पहले यह 1.72% था। जून तिमाही में यह 1.45% रहा था।नेट NPA भी घटकर 0.12% पर आ गया। पिछले साल सितंबर में यह 0.18% और जून तिमाही में 0.13% था।कुल कारोबार 7 लाख करोड़ रुपये के पारसितंबर 2026 तक बैंक का कुल ग्लोबल बिजनेस सालाना आधार पर 25.16% बढ़कर 7,05,766 करोड़ रुपये हो गया। ग्लोबल डिपॉजिट 21.50% बढ़कर 3,76,407 करोड़ रुपये और ग्रॉस ग्लोबल एडवांस 29.61% बढ़कर 3,29,359 करोड़ रुपये रहा।बैंक के नेट एडवांस में भी 30.16% की बढ़ोतरी हुई। यह बढ़कर 3,25,641 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिटेल एडवांस 20.91% बढ़कर 94,582 करोड़ रुपये और MSME एडवांस 24.69% बढ़कर 58,049 करोड़ रुपये रहा।पहली छमाही में भी मजबूत प्रदर्शनवित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 34.22% बढ़कर 4,330 करोड़ रुपये हो गया। ऑपरेटिंग प्रॉफिट 26.08% बढ़कर 6,486 करोड़ रुपये और NII 18.12% बढ़कर 7,724 करोड़ रुपये रही।नतीजों से पहले BSE पर Bank of Maharashtra का शेयर 1.06% चढ़कर 76.10 रुपये पर बंद हुआ।Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 27 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चालDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:59 pm

बिना पेट्रोल चलेगी गाड़ी! E100 फ्यूल से चलने वाले वाहनों का रास्ता साफ, जानिए आम आदमी को कैसे मिलेगा फायदा

सरकार ने 'सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स' (केंद्रीय मोटर वाहन नियम) में संशोधन को अधिसूचित करके, E100 ईंधन (जिसमें लगभग 100 प्रतिशत इथेनॉल होता है) पर चलने वाले वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर रास्ता साफ कर दिया है। इस कदम का उद्देश्य फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को बढ़ावा देना, आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करना और उत्सर्जन (एमिशन) को घटाना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 23 अक्टूबर को 1989 के नियमों में संशोधन को अधिसूचित किया। इसके तहत, वाहनों के उत्सर्जन मानकों, ईंधन की विशेषताओं और परीक्षण प्रक्रियाओं से जुड़े नियमों में E85 के साथ-साथ E100 को भी शामिल कर लिया गया है। संशोधित नियमों के तहत, वाहन निर्माता ऐसी गाड़ियाँ विकसित और पेश कर सकेंगे जिन्हें उच्च इथेनॉल मिश्रण (higher ethanol blends) पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया हो। हालाँकि, E85 और E100 ईंधन का इस्तेमाल केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकता है, जिन्हें विशेष रूप से इनके लिए डिज़ाइन और प्रमाणित किया गया हो। सामान्य पेट्रोल कारों—जिनमें E20 ईंधन पर चलने के लिए डिज़ाइन की गई कारें भी शामिल हैं—में इन उच्च इथेनॉल मिश्रणों के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। यह संशोधन नियामक ढांचे का विस्तार करता है ताकि ऐसे वाहनों को शामिल किया जा सके जो इथेनॉल के उच्च मिश्रण (blends) पर चल सकते हैं। ऐसे वाहनों को 'फ्लेक्स-फ्यूल वाहन' कहा जाता है, क्योंकि इन्हें इथेनॉल और पेट्रोल के अलग-अलग अनुपात पर चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह बदलाव उन वाहन निर्माताओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो इथेनॉल के उच्च मिश्रण पर चलने वाले वाहनों को पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर E100 को संबंधित मोटर वाहन नियमों में शामिल कर लिया है। इसे भी पढ़ें: बिना चावल-रोटी खाए भी क्यों बढ़ जाता है Blood Sugar? समझें इसके असली कारण क्या मौजूदा पेट्रोल कारें E100 पर चल सकती हैं? नहीं। संशोधित नियमों के तहत, मौजूदा पेट्रोल कारों में E85 या E100 का इस्तेमाल तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि उन्हें खास तौर पर इन ईंधनों के लिए डिज़ाइन और प्रमाणित न किया गया हो। सड़क परिवहन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिन ईंधनों में 20 प्रतिशत से ज़्यादा और 100 प्रतिशत तक इथेनॉल होता है, उनका इस्तेमाल केवल उन्हीं वाहनों में किया जा सकता है जिन्हें इनके लिए डिज़ाइन और प्रमाणित किया गया है। इसलिए, इस संशोधन के तहत सभी पेट्रोल कारों में E100 के इस्तेमाल की अनुमति देने के बजाय, केवल इसके अनुकूल (compatible) वाहनों में ही इसके इस्तेमाल का प्रावधान किया गया है। इसे भी पढ़ें: 10 लाख टन Raw Sugar के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की मियाद 31 दिसंबर तक बढ़ी सरकार ने क्या बदलाव किए हैं? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 'केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989' (Central Motor Vehicles Rules, 1989) के कई प्रावधानों में संशोधन किया है, ताकि मौजूदा नियामक ढांचे में E100 ईंधन को आधिकारिक तौर पर शामिल किया जा सके। इन बदलावों में ईंधन की विशेषताएं (specifications), उत्सर्जन (emission) से जुड़ी तालिकाएं और वाहनों की टेस्टिंग से जुड़ी ज़रूरतें शामिल हैं। इन संशोधनों के तहत, कई प्रावधानों में E85 के साथ-साथ E100 को भी शामिल किया गया है। एक स्पष्टीकरण नोट में यह भी बताया गया है कि इन दोनों ईंधनों का इस्तेमाल केवल उन्हीं 'फ्लेक्स-फ्यूल' वाहनों में किया जा सकता है, जिन्हें खास तौर पर मूल उपकरण निर्माताओं (original equipment manufacturers) द्वारा डिज़ाइन किया गया हो।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 4:58 pm

दिवाली से पहले रेलवे का बड़ा तोहफा! मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-दिल्ली शुरू होगी Vande Bharat Sleeper ट्रेन, जानें टाइमिंग और किराया

भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। ये ट्रेने मुंबई-बेंगलुरु और वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलेंगी। इन ट्रेनों में रात का सफर आरामदायक होने के साथ यात्रियों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। पहली ट्रेन मुंबई और बेंगलुरु के बीच 31 अक्टूबर से चलेगी, वहीं दूसरी सेवा वाराणसी और नई दिल्ली के बीच 1 नवंबर से शुरू होगी। इन ट्रेनों के शुरू होने से यात्रियों को रात में आरामदायक सफर करने और कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंचने का बेहतर ऑप्शन मिलेगा। आइए जानते हैं कब से शुरू होगी ये ट्रेन सेवाकितने घंटों को होगा सफरमुंबई-बेंगलुरु वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल पूरा हो चुका है। मुंबई-बेंगलुरु के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन करीब 1,000 किलोमीटर की दूरी 15 घंटे 45 मिनट में तय कर सकती है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से चलकर बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) तक जाएगी। रास्ते में ये कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, रायचूर, गुंटकल और अनंतपुर में रुकेगी। इस ट्रेन से महाराष्ट्र और कर्नाटक के प्रमुख शहरों के बीच सफर करना आसान होगा। इससे नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों और पर्यटकों को आने-जाने के लिए तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।इतने घंटों की होगी बचतऐसी खबरे हैं कि ये ट्रेन हफ्ते में छह दिन चलेगी। प्रस्तावित समय के अनुसार, मुंबई से बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात 8:10 बजे CSMT से रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे बेंगलुरु के SMVT स्टेशन पहुंचेगी। वापसी में ये ट्रेन बेंगलुरु से शाम 7:50 बजे चलकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी। इस ट्रेन से दोनों शहरों के बीच करीब 15 घंटे 45 मिनट में सफर पूरा किया जा सकेगा। इससे मौजूदा उद्यान एक्सप्रेस के मुकाबले यात्रा में लगभग 6 घंटे 20 मिनट की बचत होने की उम्मीद है। इसके चलने का समय और अन्य जरूरी जानकारियां अभी तय नहीं हुई हैं। रेलवे की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही इनकी पुष्टि हो सकेगी।दिल्ली से वाराणसी चलेगी वंदे भारतवाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन प्रयागराज और कानपुर से होकर चलेगी। प्रस्तावित समय के अनुसार, वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होगी और 10:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। यहां पांच मिनट रुकने के बाद ट्रेन 10:40 बजे आगे बढ़ेगी और रात 12:40 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। इसके अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचने का अनुमान है। वापसी में ट्रेन रात 9:40 बजे दिल्ली से चलेगी और अगले दिन सुबह 4:45 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। यहां पांच मिनट ठहरने के बाद ट्रेन वाराणसी के लिए रवाना होगी और सुबह 6:45 बजे अपने गंतव्य पर पहुंचेगी। रेलवे जल्द ही इस ट्रेन के नियमित संचालन और समय-सारणी की आधिकारिक जानकारी जारी करेगा।कितना होगा किरायावंदे भारत स्लीपर ट्रेन का किराया तय करने के लिए यात्रा की दूरी को आधार बनाया जाता है। थर्ड एसी (3AC) में सफर करने वाले यात्रियों को हर किलोमीटर के लिए 2.40 रुपये देने होंगे। इस हिसाब से 1,000 किलोमीटर की यात्रा का किराया 2,400 रुपये होगा। वहीं इस राशि में जीएसटी शामिल नहीं है, इसलिए टैक्स जुड़ने के बाद यात्रियों को थोड़ा अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का किराया दूरी के हिसाब से 2.40 रुपये से 3.80 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर तक रखा गया है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में RAC टिकट की सुविधा नहीं होगी। कन्फर्म टिकट रद्द होने पर वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को सीट मिल सकती है। रेलवे के अनुसार, इन ट्रेनों का किराया सभी जरूरी शुल्कों को शामिल करके तय किया जाएगा। अभी किराए का आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं हुआ है।Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ का पूरा अपडेट! यूपी, बिहार, ओडिशा, आंध्र संग इन इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए सबसे ज्यादा खतरा कहां

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:51 pm

Ramayana: 'रामायण' का बढ़ रहा क्रेज, रणबीर कपूर-यश की फिल्म ने एडवांस बुकिंग में पार किया 20 करोड़ का आंकड़ा

Ramayana: रणबीर कपूर और यश की 'रामायण' को सिनेमाघरों में पहुंचने से पहले ही अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। फिल्म की एडवांस बुकिंग दशहरा के दिन शुरू हो गई थी और अलग-अलग जगहों पर टिकटों की बिक्री अभी भी जारी है। 5 नवंबर की रिलीज डेट जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, क्षेत्रीय भाषाओं में भी और ज्यादा शो खोले जा रहे हैं।भारत में 'रामायण' ने एडवांस बुकिंग से लगभग 10 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। पहले दिन के लिए अब तक दो लाख से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। बुकिंग में हिंदी वर्जन सबसे आगे है, जो भारत में कुल एडवांस सेल का 87% हिस्सा है। कन्नड़ वर्जन का प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। यह अब लगभग 100 स्क्रीन्स पर उपलब्ध है। इसने एडवांस बुकिंग में 1 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। कुछ सिनेमाघरों में सुबह के शो के लिए 80% तक ऑक्यूपेंसी (सीटें भरने) की जानकारी मिली है।तेलुगु वर्जन अभी तक केवल 10-15 स्क्रीन्स पर ही खुला है, लेकिन इसकी एडवांस बुकिंग ₹40 लाख के करीब पहुंच रही है। कम शोज होने के बावजूद, तेलुगु वर्जन को बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। भारत में पहले दिन के लिए हिंदी वर्ज़न 4,200 से ज्यादा शोज में उपलब्ध है। तेलुगु और कन्नड़ वर्जन को मिलाकर कुल 400 से कुछ ज़्यादा शोज हैं।सैकनिल्क (Sacnilk) के अनुसार अभी बुकिंग के लिए खुले 44 तेलुगु शोज में से 4 पहले ही हाउसफुल हो चुके हैं। जमीनी स्तर की ट्रैकिंग से पता चलता है कि ब्लॉक की गई सीटों को शामिल करने के बाद सभी भाषाओं में हाउसफुल शोज की संख्या एक दर्जन से ज्यादा हो सकती है।उत्तरी अमेरिका में भी इस फिल्म की एडवांस बुकिंग अच्छी चल रही है। रिलीज से एक दिन पहले 4 नवंबर को इसके 'पेड प्रिव्यू' (paid previews) रखे गए हैं। सैकनिल्क के मुताबिक इन प्रिव्यू के लिए 550,000 डॉलर की टिकटें बिक चुकी हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों में भी रिलीज के दिन के लिए हुई एडवांस बुकिंग से फिल्म ने 400,000 डॉलर की कमाई कर ली है।इन आंकड़ों के साथ रिलीज से 10 दिन पहले यानी 25 अक्टूबर के अंत तक 'रामायण' का दुनिया भर में एडवांस बुकिंग कलेक्शन ₹20 करोड़ के पार पहुंच गया है। इस बीच एक रिपोर्ट की मानें तो नितेश तिवारी की 'रामायण' का दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में शायद न आए। 'बॉलीवुड हंगामा' की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​फिल्म की शूटिंग और प्रोडक्शन के लिए ज्यादा समय देने के मकसद से इसकी रिलीज को दिवाली 2028 तक खिसकाने पर विचार कर रहे हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:42 pm

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 27 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 26 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,750 के आसपास सेटल हुआ है। बाजार बंद होने पर, सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 पर और निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,753.20 पर बंद हुआ। आज दौरान 2262 शेयरों में तेजी आई, 1895 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 186 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।निफ्टी में सबसे ज्यादा तेजी दिखाने वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैब्स, बीएसई लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू स्टील, मैक्स हेल्थकेयर और एटरनल शामिल रहे, जबकि श्रीराम फाइनेंस, टाटा कंज्यूमर, एचडीएफसी लाइफ, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में गिरावट देखी गई।एफएमसीजी (FMCG), मीडिया और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर अन्य सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। फार्मा, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में 1-2 प्रतिशत की तेजी रही, जबकि इंफ्रा, आईटी, प्राइवेट बैंक और एनर्जी सेक्टर में 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप सूचकांक में 1.2 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि भारतीय बाज़ार तेजी के साथ बंद हुए। सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 483 अंक बढ़कर लगभग 73,607 पर बंद हुआ। यह अपने दिन के निचले स्तर से लगभग 1,000 अंक सुधरा। वहीं, निफ्टी 153 अंक की बढ़त के साथ 22,753 पर बंद हुआ। पिछले हफ्ते आई भारी गिरावट के बाद, 'वैल्यू बाइंग' (सस्ते शेयरों की खरीदारी) से बाज़ार को रिकवरी में मदद मिली।वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों ने कई शेयरों में तेज़ी लाने का काम किया। कोटक महिंद्रा बैंक का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 29.5% बढ़ा, जिसके बाद इसके शेयरों में 2% से ज़्यादा की उछाल आया। डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज के शेयरों में 7.51% की तेज़ी आई, जबकि इंडियन ओवरसीज़ बैंक का नेट प्रॉफिट 56% बढ़ने के बाद इसके शेयरों में लगभग 6% की बढ़त देखी गई। एथर एनर्जी के तिमाही प्रदर्शन में आए बड़े सुधार के चलते इसके शेयरों में भी जबरदस्त तेजी आई।सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही, और मेटल इंडेक्स 1.91% ऊपर चढ़ा। फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।बाजार में रिकवरी के बावजूद, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, पश्चिम एशिया में तनाव और रुपये की कमजोरी जैसे कारण अभी भी बाजार पर दबाव बनाए हुए हैं। बाजार की नजर आने वाले कॉर्पोरेट नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी। इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग भी एक अहम घटना होगी जिस पर सबकी नजर रहेगी।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबर कर हरे निशान में बंद हुए। इसमें वैल्यू बाइंग और मेटल, पावर और हेल्थ सेक्टर के शेयरों में आई खरीदारी का योगदान रहा। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फेड, ईसीबी और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों से पहले बरती जा रही सतर्कता ने बाजार के रुख को संतुलित बनाए रखा। पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला, हालांकि निवेशक चुनिंदा शेयरों में ही बने रहे और उन्होंने मुनाफे में मजबूती और बेहतर वैल्यूएशन वाले शेयरों को प्राथमिकता दी।तिमाही नतीजों से संकेत मिलता है कि पावर प्रोडक्शन, मेटल और रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों में कमोडिटी-आधारित मुनाफे में बढ़ होगी, लेकिन एनर्जी की ऊंची लागत और ब्याज दरों से आने वाली तिमाहियों में कंपनियों की ग्रोथ में कमी आने का अनुमान है।मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का कहना है कि निफ्टी 50 के लिए 21,800 – 22,000 पर सपोर्ट और 23,100 – 23,300 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी की तरह ही, आने वाले हफ्ते में भी इस बेंचमार्क में उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) देखने को मिल सकती है। पिछले हफ्ते बैंक निफ्टी का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा और वीकली चार्ट पर यह 'बेयरिश कैंडलस्टिक' पैटर्न के साथ बंद हुआ। बैंक निफ्टी के लिए 52,200 – 52,700 पर सपोर्ट और 56,300 – 55,800 पर रेजिस्टेंस है।PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर, विक्रम कसाट ने कहा कि बाजार में आई रिकवरी यह दिखाती है कि मेटल, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी हुई है, न कि पूरे बाजार के सेंटीमेंट में कोई बड़ा सुधार आया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें (ब्रेंट क्रूड लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का गिरकर 95.19 के स्तर पर पहुंचना, महंगाई, कंपनियों के मार्जिन और विदेशी निवेशकों के निवेश के लिए जोखिम पैदा कर रहे हैं। हालांकि सोना और चांदी वैश्विक लेवल पर जोखिम लेने की इच्छा (रिस्क एपेटाइट) के अहम इंडीकेटर बने हुए हैं, लेकिन निवेशकों को करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव और एनर्जी की कीमतों में अस्थिरता पर भी नजर रखनी चाहिए। आगे चलकर, बाजार में आई यह तेजी कितनी टिकेगी, यह कंपनियों के तिमाही नतीजों, पश्चिम एशिया की घटनाओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख पर निर्भर करेगा। निवेशकों को सोच-समझकर चुनाव करना चाहिए और ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए जिनकी कमाई का आउटलुक मजबूत हो, बैलेंस शीट टिकाऊ हो और वैल्यूएशन सही हो।SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि सोमवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में रिकवरी आने से पहले इसने इंट्राडे में 22387 का निचला स्तर छुआ। अंत में, यह इंडेक्स 0.68% की बढ़त के साथ 22750 के स्तर के ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इसने एक 'बुलिश कैंडल' बनाई है, जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी 'शैडो' है।तकनीकी रूप से, निफ्टी अभी भी अपने शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो यह दिखाता है कि बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोर है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर 'कंसोलिडेशन' (consolidation) के संकेत दे रहे हैं, जिसका मतलब है कि निकट भविष्य में बाजार एक दायरे में (sideways) रह सकता है।आगे चलकर, 22880-22900 का दायरा इंडेक्स के लिए एक तात्कालिक रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इंडेक्स 22900 के स्तर के ऊपर टिक जाता है तो मौजूदा पुलबैक रैली 23050 के स्तर तक जा सकती है। वहीं दूसरी ओर, 22630-22600 का दायरा एक मजबूत सपोर्ट का काम कर सकता है।बैंक निफ्टीसुदीप शाह के मुताबिक बैंक निफ्टी' को अपने पिछले स्विंग लो के पास सपोर्ट मिला, जिसके बाद इसमें एक पुलबैक देखने को मिला। यह इंडेक्स 0.15% की बढ़त के साथ 54366 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर, इसने 'हैमर' जैसी कैंडल बनाई है, जो निचले स्तरों से खरीदारी आने का संकेत है।आगे बैंक निफ्टी के लिए 53800-53700 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है, क्योंकि पिछला 'स्विंग लो' इसी दायरे में है। जब तक इंडेक्स 53700 के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म में रुझान पॉजिटिव रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी में शुरुआती दौर में 55000 के स्तर तक एक पुलबैक देखने को मिल सकता है और इसके बाद निकट भविष्य में यह 55600 के स्तर तक जा सकता है।Stock Market View : अगले हफ्ते से बाजार की दिशा होगी साफ, निफ्टी के दिग्गज शेयरों पर रहे नजरडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:36 pm

BSE Sensex में 483 अंकों की उछाल, चार दिन से जारी गिरावट पर लगा ब्रेक

आकर्षक कीमतों पर खरीदारी तथा धातु, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सोमवार को मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 483 अंक चढ़ गया। वहीं निफ्टी 22,750 अंक के ऊपर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 73,606.75 का उच्च स्तर और 72,514.57 का निचला स्तर छुआ। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,753.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, इटर्नल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंटरग्लोब एविएशन और आईटीसी में उल्लेखनीय बढ़त हुई। दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार को शुरुआती नुकसान से उबरने में मूल्य आधारित खरीदारी और धातु, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती का समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों के इंतजार ने बाजार की धारणा को नपा-तुला रखा। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.60 प्रतिशत गिरकर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे। यूरोप के बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 887.65 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 4:33 pm

LTCG टैक्स की दरों पर फैसला जल्द संभव, सरकार कर रही है विचार; आने वाले हफ्तों में हो सकता है एलान - रिपोर्ट

सरकार इक्विटी पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को पुनर्गठित करने पर विचार कर रही है। यह फैसला आने वाले हफ्तों में बजट से पहले लिया जा सकता है।

जागरण 26 Oct 2026 4:30 pm

Hyundai ने 9.99 लाख रुपये में उतारी Bayon SUV, क्रेटा के साथ मिलकर बड़ी बिक्री का लक्ष्य

वाहन विनिर्माता हुंदै मोटर इंडिया ने सोमवार को कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित खूबियों वाले नए एसयूवी मॉडल बेयॉन को 9,99,900 रुपये की शुरुआती कीमत पर पेश किया। कंपनी ने बेयॉन और क्रेटा मॉडल की 2027 में कुल 2.5 लाख से अधिक इकाइयों की बिक्री का लक्ष्य रखा है। हुंदै मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने नए मॉडल की पेशकश के मौके पर कहा कि कंपनी मध्यम आकार के स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) खंड में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए क्रेटा और बेयॉन की संयुक्त बिक्री बढ़ाना चाहती है। उन्होंने कहा कि सालाना 2.5 लाख इकाइयों की बिक्री का लक्ष्य शुरुआती आधार है और कंपनी आगे भी वृद्धि जारी रखेगी। गर्ग ने कहा कि भारत में हुंदै के 30 साल पूरे हो चुके हैं और देश कंपनी की वैश्विक रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है। भारत में कंपनी की कुल बिक्री 1.4 करोड़ इकाई के आंकड़े को को पार कर चुकी है। इसमें से 40 लाख वाहन निर्यात किए गए हैं। कंपनी चेन्नई में दो और पुणे में एक विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है। उसके वाहन में स्थानीय स्तर पर विनिर्मित कलपुर्जों की हिस्सेदारी करीब 92 प्रतिशत है और देशभर में उसके 3,900 से अधिक बिक्री एवं सेवा केंद्र हैं। उन्होंने बताया कि कंपनी वर्ष 2030 तक हर साल एक नया उत्पाद पेश करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत सीएनजी, हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहन खंड पर ध्यान दिया जाएगा। गर्ग ने कहा कि बेयॉन मॉडल की पेशकश के बाद कंपनी इस साल एक कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी भी पेश करेगी। हुंदै के लिए 4.2 मीटर लंबे आकार वाली एसयूवी बेयॉन नई उत्पाद रणनीति का हिस्सा है। इसे चार मीटर से कम लंबाई वाले मॉडल वेन्यू और मध्यम आकार वाले एसयूवी मॉडल क्रेटा के बीच रखा गया है। क्रेटा पिछले 11 साल में 15 लाख से अधिक इकाइयों की बिक्री के साथ कंपनी का प्रमुख मॉडल बनी हुई है। गर्ग ने कहा कि मध्यम आकार के एसयूवी खंड का आकार और वृद्धि कंपनी के एक से अधिक मॉडल के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराती है। उद्योग निकाय सियाम के आंकड़ों के अनुसार, मध्यम आकार के यूटिलिटी वाहन खंड में एसयूवी और एमपीवी समेत 4-4.4 मीटर लंबाई वाले वाहनों की बिक्री पिछले वित्त वर्ष में करीब नौ लाख इकाई रही। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में क्रेटा की बिक्री सालाना आधार पर नौ प्रतिशत से अधिक घटकर 89,727 इकाई रह गई, जबकि इस खंड की बिक्री 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी। गर्ग ने इस गिरावट की एक वजह डीजल मॉडल की सीमित आपूर्ति को बताते हुए कहा कि क्रेटा के डीजल संस्करण के लिए एक महीने से अधिक की प्रतीक्षा अवधि है। हुंदै के मुताबिक, 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन वाले बेयॉन में 70 से अधिक कनेक्टेड सुविधाएं और लेवल-2 प्रो उन्नत चालक सहायता प्रणाली (एडीएएस) समेत 80 से अधिक सुरक्षा सुविधाएं हैं। कंपनी ने कहा कि बेयॉन को भारतीय बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें जनरेटिव एआई आधारित पर्प्लेक्सिटी एआई प्रणाली भी एकीकृत की गई है। कंपनी को इस मॉडल को फाइव स्टार सुरक्षा रेटिंग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अभी इसका भारत एनसीएपी में परीक्षण चल रहा है। बेयॉन फिलहाल पेट्रोल विकल्प में उपलब्ध होगी। कंपनी ने जनवरी में इसका सीएनजी विकल्प पेश करने की योजना भी बताई है। हालांकि, डीजल संस्करण लाने की कोई योजना नहीं है। गर्ग ने कहा कि कंपनी बेयॉन को 50 से अधिक देशों में निर्यात करने की भी योजना बना रही है। हुंदै मोटर इंडिया लिमिटेड की सालाना वाहन उत्पादन क्षमता 2030 तक बढ़कर 11.4 लाख इकाई हो जाएगी। इसकी मौजूदा स्थापित सालाना उत्पादन क्षमता 9.94 लाख वाहन है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 4:23 pm

टाटा की कंपनी का AI सुपर हाईवे! ₹4283 करोड़ के निवेश से डेटा सेंटर और AI हब को हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ने का प्लान

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) अगले 3 से 5 साल में भारी निवेश की योजना बना रही है। इस दौरान कंपनी 450 मिलियन डॉलर (करीब 4,283 करोड़ रुपये) तक खर्च कर सकती है। टाटा की ये कंपनी भारत में AI Super Highway बनाएगी। इसका मकसद देश के प्रमुख डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब को हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़ना है।कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और नेटवर्क सर्विसेज के ग्लोबल बिजनेस हेड रूपेश चोकशी ने Moneycontrol को बताया कि कंपनी करीब 10,000 किलोमीटर लंबा फाइबर नेटवर्क बनाएगी। डेटा सेंटरों के बीच कनेक्टिविटी के बाजार में कंपनी की 30-40% हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य है। हालांकि, इस नेटवर्क के लिए अभी किसी ग्राहक के साथ कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान नहीं हुआ है।पहले मुंबई से चेन्नई तक बनेगा नेटवर्कAI Super Highway का पहला चरण मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई को जोड़ेगा। ये शहर बड़े डेटा सेंटर और हाइपरस्केल इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रमुख केंद्र हैं।दूसरे चरण में चेन्नई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई जाएगी। तीसरे चरण में नेटवर्क का विस्तार भुवनेश्वर और गुजरात तक होगा। इसमें GIFT City और जामनगर भी शामिल हैं।करीब 10,000 किलोमीटर का यह नेटवर्क 7.2 पेटाबाइट क्षमता उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। इससे AI से जुड़े भारी डेटा को तेजी से एक जगह से दूसरी जगह भेजने में मदद मिलेगी।1 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है बाजारTata Communications का अनुमान है कि भारत में डेटा सेंटरों के बीच कनेक्टिविटी का बाजार मध्यम अवधि में 1 अरब डॉलर से बड़ा हो सकता है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश से इसकी मांग बढ़ रही है।कंपनी के मुताबिक, इस तरह के निवेश पर 15-20% रिटर्न का बेंचमार्क रहता है। ऐसे नेटवर्क लंबे समय तक काम करते हैं। वहीं, ग्राहकों के साथ 5 से 10 साल के कॉन्ट्रैक्ट हो सकते हैं।AI की बढ़ती मांग से नेटवर्क पर दबावAI मॉडल की ट्रेनिंग और इस्तेमाल के लिए डेटा सेंटरों के बीच बड़ी मात्रा में डेटा भेजना पड़ता है। इसके लिए सामान्य 10 और 100 गीगाबिट कनेक्शन से आगे 400 गीगाबिट, 800 गीगाबिट और टेराबिट स्तर की क्षमता की मांग बढ़ रही है।रूपेश चोकशी के मुताबिक, मुंबई से चेन्नई तक डेटा का राउंड ट्रिप 15-16 मिलीसेकंड में पूरा हो सकता है। कंपनी का नेटवर्क हाइपरस्केल कंपनियों, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स, टेक कंपनियों और AI लैब्स को सेवा देगा।समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल में भी निवेशटाटा कम्युनिकेशंस समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल में भी निवेश कर रही है। इसमें मुंबई-सिंगापुर और चेन्नई-सिंगापुर को जोड़ने वाले प्रस्तावित केबल सिस्टम शामिल हैं। ये नेटवर्क भारत के डेटा सेंटरों को विदेशी AI हब से जोड़ने में मदद करेंगे।Tata Communications के पास पहले से 5 लाख किलोमीटर से ज्यादा सबसी ऑप्टिकल फाइबर और 2 लाख किलोमीटर से अधिक टेरेस्ट्रियल फाइबर नेटवर्क है। कंपनी इसी नेटवर्क के दम पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार बढ़ाना चाहती है।टाटा कम्युनिकेशंस का शेयर सोमवार को1.56% की तेजी के साथ 1680 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक13.45% गिरा है।₹3 लाख करोड़ की बारिश, चार दिनों की गिरावट से उबरा Sensex, डे-हाई पर बंद NiftyDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:16 pm

PNB ग्राहकों के लिए बुरी खबर! 10 नवंबर के बाद बंद हो जाएंगे ये अकाउंट, तुरंत निपटाएं जरूरी काम

पंजाब नेशनल बैंक उन खातों को बंद करने जा रहा है जो पिछले तीन साल से निष्क्रिय हैं और जिनका बैलेंस शून्य है। खाताधारकों को 10 नवंबर 2026 तक केवाईसी पूरी कर अपने खाते सक्रिय करने होंगे, अन्यथा वे बंद हो जाएंगे।

जागरण 26 Oct 2026 4:15 pm

Dhanlaxmi Bank Q2 results: नतीजों के बाद शेयर धड़ाम, 13% टूटा, एसेट क्वालिटी स्थिर रही

Dhanlaxmi Bank Q2 results: प्राइवेट सेक्टर की बैंक धनलक्ष्मी बैंक ( Dhanlaxmi Bank) ने अपने तिमाही सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। बैंक नेट प्रॉफिट दोगुने से भी ज्यादा होकर ₹48.3 करोड़ हो गया । बावजूद इसके शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। नतीजों के बाद शेयर 13 फीसदी से ज्यादा टूटकर बंद हुआ।दरअसल, बैंक की एसेट क्वालिटी स्थिर रहने और प्रोविजन (प्रावधानों) में कमी आने के बावजूद इसके शेयरों में गिरावट देखी गई।सितंबर तिमाही में धनलक्ष्मी बैंक का नेट प्रॉफिट दोगुने से भी ज्यादा होकर ₹48.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹23.2 करोड़ था। मुनाफे में इस बढ़ोतरी का एक कारण 'अन्य आय' में उछाल भी रहा, जो पिछले साल के ₹34.5 करोड़ से बढ़कर ₹47.4 करोड़ हो गई।बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में साल दर साल आधार पर 32.6% बढ़कर ₹187.7 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹142 करोड़ थी। बैंक की एसेट क्वालिटी में पिछली तिमाही के मुकाबले सुधार हुआ है।इसका ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) पिछली तिमाही के 1.82% से सुधरकर 1.76% हो गया। वहीं, नेट NPA भी मामूली रूप से घटकर 0.47% से 0.45% पर आ गया।इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंक के प्रोविजन्स ₹16 करोड़ थे, जो दूसरी तिमाही में 64.2% घटकर ₹6 करोड़ रह गए।नतीजों की घोषणा के बाद, धनलक्ष्मी बैंक के शेयर 13.56% गिरकर ₹30.91 पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते, साल की शुरुआत से अब तक (year-to-date) बैंक के शेयरों में हुई कुल बढ़त घटकर 23% रह गई है।ITC Hotels share Price: मुनाफे में 52% के जबरदस्त उछाल से 7% चढ़ा शेयर, मार्जिन में भी सुधारShriram Finance share price: ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस, शेयर 11 महीने के निचले स्तर पर फिसला(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:12 pm

DA Hike News: ₹18000 सैलरी और डीए का एलान, सरकार ने किसे दिया 'समान काम, समान वेतन' का हक? नई भर्तियां भी होंगी!

DA Hike 2026: दिल्ली सरकार (MCD) ने 4000 से अधिक कर्मचारियों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है, जिसमें उनका न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर ₹18,000 और महंगाई भत्ता (DA) शामिल है।

जागरण 26 Oct 2026 4:11 pm

26 October, 2026 Stock Market Highlights: बढ़त लेकर बंद हुआ शेयर बाजार- अडाणी पोर्ट्स, एटरनल समेत ये स्टॉक्स चमके

निफ्टी 50 की 50 में से 37 कंपनियों के शेयर तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 13 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:08 pm

चीन में 110 ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने एक साथ डांस कर बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, बड़े पैमाने पर किया जाएगा तैनात

चीन की ह्यूमनॉइड रोबोट इंडस्ट्री अब डेमो स्टेप से आगे बढ़कर बड़े पैमाने पर इस्तेमाल (डिप्लॉयमेंट) की ओर बढ़ रही है। 24 अक्टूबर को पूर्वी चीन के शेडोंग प्रांत के जिनान शहर में 110 ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने एक साथ डांस करके 'गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया।चीनी कंपनी 'एजीबॉट' ने बनाए रोबोटचीनी कंपनी 'एजीबॉट' (AgiBot) द्वारा विकसित इन 110 'एक्सपेडिशन A3' (Expedition A3) ह्यूमनॉइड रोबोट्स ने कंपनी के 'लिंकबॉट्स' (LinkBots) क्लस्टर-कंट्रोल प्लेटफॉर्म और अल्ट्रा-वाइडबैंड पोजिशनिंग तकनीक का इस्तेमाल करके एक साथ डांस किया और अलग-अलग आकृतियां (formations) बनाईं। इस तकनीक की मदद से रोबोट सेंटीमीटर-स्तर की सटीकता के साथ अपनी स्थिति तय कर सकते हैं। कंपनी के अनुसार इस चुनौती के जरिए यह परखा गया कि क्या सिस्टम बड़ी संख्या में रोबोट्स के बीच तालमेल बिठाते हुए उनकी सटीक स्थिति बनाए रख सकता है।इस प्रदर्शन के दौरान 110 'एक्सपेडिशन A3' रोबोट्स ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से एक साथ कई हरकतें कीं—जैसे अपनी जगह बदलना, कूदना, पलटी मारना (flips) और अलग-अलग आकृतियां बनाना। यह ह्यूमनॉइड रोबोट्स की स्पेस में मूवमेंट करने की उन्नत क्षमताओं को दर्शाता है।इन जगह किया जाएगा तैनातकंपनी ने बताया कि इस कार्यक्रम के बाद इन रोबोट्स का इस्तेमाल सांस्कृतिक और पर्यटन कार्यक्रमों, सार्वजनिक सेवाओं, वैज्ञानिक अनुसंधान और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। इस तरह के बहु-रोबोट प्रदर्शनों का महत्व केवल रिकॉर्ड बनाने तक ही सीमित नहीं है। चीनी कंपनियां गति नियंत्रण, स्थिति निर्धारण और बहु-रोबोट समन्वय में सुधार कर रही हैं, लेकिन मुख्य चुनौती इन क्षमताओं को विश्वसनीय वास्तविक दुनिया के अनुप्रयोगों में बदलना है। कई कंपनियां अब औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तैनाती की संभावनाओं का पता लगा रही हैं। #Watch: चीन में 110 ह्यूमनॉइड रोबोट ने एक साथ डांस करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। यह रिकॉर्ड शनिवार को पूर्वी चीन के शानडोंग प्रांत के जिनान शहर में बनाया गया। रोबोट बनाने वाली कंपनी AgiBot के मुताबिक, सभी 110 रोबोट एक साथ तालमेल में डांस कर रहे थे।A3 मॉडल के इन रोबोट्स ने एक साथ डांस, हाथ हिलाने और अलग-अलग फॉर्मेशन बनाने जैसी गतिविधियां कीं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अधिकारी ने इस पूरी चुनौती को देखा और कंपनी को रिकॉर्ड का सर्टिफिकेट भी दिया।#humanoidrobots #Dance #GuinnessWorldRecord #moneycontrolHindi— Moneycontrol Hindi (@MoneycontrolH) October 26, 2026 अगस्त में बीजिंग में आयोजित विश्व रोबोट सम्मेलन में चीनी रोबोटिक्स कंपनियों ने पार्सल छांटने, पुर्जों को संभालने और मोबाइल फोन पैक करने वाले मानवाकार रोबोटों का प्रदर्शन किया। रोबोटेरा ने बताया कि उसने 15 गोदामों में 100 से अधिक पार्सल-छंटाई रोबोट तैनात किए हैं, जबकि डेक्सफोर्स ने लेंस टेक्नोलॉजी कारखाने में असेंबली लाइन पर मोबाइल उपकरणों को पैक करने के लिए रोबोट तैनात करने की जानकारी दी।बीजिंग एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के एसोसिएट रिसर्च फेलो वांग पेंग ने रविवार को ग्लोबल टाइम्स को बताया कि बड़े पैमाने पर समन्वय मानवाकार रोबोटों के लिए एक प्रमुख दिशा होगी। रोबोटों को परिचालन क्षमताओं और वास्तविक दुनिया के उपयोग परिदृश्यों से प्राप्त अनुभवों को साझा करने में सक्षम बनाकर, यह दृष्टिकोण प्रति इकाई परिचालन लागत को कम करने में मदद कर सकता है।हालांकि कई एप्लिकेशन अभी भी पायलट या शुरुआती कमर्शियल चरण में हैं। इनके व्यापक इस्तेमाल के रास्ते में विश्वसनीयता, अनुकूलन क्षमता और लागत-प्रभावशीलता जैसी बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। इंडस्ट्री एनालिस्ट्स का कहना है कि चीन का लक्ष्य ह्यूमेनोइड रोबोट और एम्बॉडीड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कमर्शियलाइजेशन और बड़े पैमाने पर तैनाती (डिप्लॉयमेंट) को तेज करना है।चीन ने जून में एक 'रियल-वर्ल्ड ट्रेनिंग' पहल शुरू की है। इसका मकसद वास्तविक उत्पादन और रोजमर्रा के माहौल में ह्यूमेनोइड रोबोट और एम्बॉडीड AI उत्पादों की तैनाती को बढ़ावा देना है, ताकि इन्हें बड़े पैमाने पर अपनाया जा सके। इस पहल का लक्ष्य 100 से ज्ययादा महत्वपूर्ण एप्लिकेशन परिदृश्य (एप्लिकेशन सिनेरियो) विकसित करना और 2026 के अंत तक हजारों रोबोटों को बड़े पैमाने पर तैनात करने की क्षमता तैयार करना है।19 अक्टूबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि चीनी कंपनियों ने 400 से ज्यादा ह्यूमेनोइड रोबोट मॉडल विकसित किए हैं और 2026 की पहली छमाही में 40,000 से ज़्यादा यूनिट्स का उत्पादन किया है। स्टेट काउंसिल इंफॉर्मेशन ऑफिस के अनुसार, सालाना उत्पादन 100,000 यूनिट्स से ज्यादा होने की उम्मीद है। साथ ही वास्तविक दुनिया में टेस्टिंग और तैनाती के लिए 300 से ज्यादा प्राथमिकता वाले परिदृश्यों (प्रायोरिटी सिनेरियो) को चुना गया है।अंतत व्यापक स्तर पर तैनाती के लिए वास्तविक दुनिया की अनिश्चित परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता में लगातार सुधार की आवश्यकता होगी। रोशनी में बदलाव, जमीन की सतह और अचानक सामने आने वाली रुकावटें रोबोट के प्रदर्शन पर असर डाल सकती हैं, जबकि लंबे समय तक चलने वाले कई चरणों वाले कार्यों के दौरान छोटी-छोटी गलतियां जमा हो सकती हैं। वांग ने कहा कि परिचालन की विश्वसनीयता को बेहतर बनाना और लगातार एक जैसा प्रदर्शन सुनिश्चित करना, आगे के विकास के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बने हुए हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 4:07 pm

USCIS New Deadline Rule 2026: Green Card, H-1B Applicants

USCIS New Deadline Rule 2026:

गुड रिटर्न्स 26 Oct 2026 4:06 pm

Cyclone Arnab: चक्रवात ‘अर्नब’ का पूरा अपडेट! यूपी, बिहार, ओडिशा, आंध्र संग इन इलाकों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए सबसे ज्यादा खतरा कहां

बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तूफान ‘अरनब’ तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके अगले कुछ घंटों में और ताकतवर होने की आशंका है। इसकी वजह से देश के कई हिस्सों में मौसम खराब होने वाला है। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ पिछले छह घंटों के दौरान 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, ये तूफान 26 अक्टूबर की शाम तक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है। तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तट से टकरा सकता है।इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झोंकों के साथ हवा की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। तूफान के खतरे को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।इन राज्यों में बारिश का खतरातूफान के असर से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। वहीं, तटीय इलाकों में तेज हवाओं, ऊंची समुद्री लहरों और निचले क्षेत्रों में पानी भरने का खतरा बना हुआ है।140 Kmph की रफ्तार से चल सकती है हवाएंचक्रवाती तूफान अरनब के 28 अक्टूबर की सुबह से दोपहर से पहले के समय में आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर पहुंचने की संभावना है। इसके बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट पार करने का अनुमान है। तट से टकराने के दौरान इसकी रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। हवा के तेज झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। इस वजह से तटीय इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने तथा यातायात प्रभावित होने का खतरा है। तूफान के तट से गुजरने के बाद इसकी ताकत धीरे-धीरे कम होने लगेगी। 28 अक्टूबर की शाम तक हवा की रफ्तार घटकर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है। 29 अक्टूबर की सुबह तक हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे होने का अनुमान है। मौसम संबंधी चेतावनी !मुख्य बिंदुआने वाले चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव के कारण, 27 और 28 तारीख को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में; 28 तारीख को ओडिशा में; 28 और 29 तारीख को छत्तीसगढ़ में; और 29 तारीख को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 27 और 29 तारीख को ओडिशा में; 28 तारीख को विदर्भ और तेलंगाना में; 30 तारीख को पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में; 29 तारीख को झारखंड में; तथा 29 और 30 अक्टूबर, 2026 को बिहार में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।HighlightsUnder the influence of impending Cyclonic Storm“Arnab”, isolated extremely heavy rainfall likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 27th & 28th, over Odisha on 28th and over Chhattisgarh on 28th & 29th, East Uttar Pradesh on 29th; isolated heavy to very heavy rainfall also likely over Odisha on 27th & 29th, over Vidarbha & Telangana on 28th, over East Madhya Pradesh, over East Uttar Pradesh on 30th, over Jharkhand on 29th and over Bihar on 29th and 30th October, 2026.South Peninsular India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Rayalaseema and Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal during 26th October-1st November; Kerala & Mahe during 27th October-1st November; Lakshadweep on 27th October and on 1st November; Coastal Karnataka and South Interior Karnataka during 28th October-1st November; North Interior Karnataka during 29th October-1st November; Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 26th October and during 30th October-1st November; Telangana on 27th October and during 29th October-1st November.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over Kerala & Mahe and Lakshadweep on 26th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-29th October; Telangana on 28th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 80-90 kmph) likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-28th October, with gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 26th October and on 29th October; Rayalaseema during 27th-28th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Kerala & Mahe and Lakshadweep on 26th October; North Interior Karnataka on 29th October; South Interior Karnataka on 28th October; Rayalaseema on 26th October and on 29th October; Telangana on 27th October and during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal during 26th-27th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Kerala & Mahe on 26th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam on 29th October; Telangana on 27th October and on 29th October with isolated very heavy rainfall also likely over Tamil Nadu, Puducherry & Karaikal on 26th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Coastal Andhra Pradesh & Yanam during 27th-28th October; Telangana on 28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Telangana on 28th October.❖ Strong Surface Winds likely over North Interior Karnataka during 28th-29th October; South Interior Karnataka during 27th-28th October; Coastal Andhra Pradesh & Yanam and Rayalaseema during 26th-29th October.East India:❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over Andaman & Nicobar Islands during 26th October-1st November; Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim during 29th-30th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand during 28th-30th October; Bihar during 29th-31st October; Odisha during 27th30th October.❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim on 28th October and during 31st October-1st November; Gangetic West Bengal on 27th October and during 30th October-1st November; Jharkhand on 27th October and during 31st October-1st November; Bihar on 28th October and on 1st November; Odisha on 26th October and during 31st October-1st November.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Andaman & Nicobar Islands during 26th-27th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand on 30th October; Bihar during 28th-31st October; Odisha on 27th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Andaman & Nicobar Islands during 28th-29th October; Sub-Himalayan West Bengal & Sikkim during 29th-31st October; Gangetic West Bengal on 27th October and on 30th October; Jharkhand on 27th October; Bihar on 1st November.❖ Isolated heavy rainfall likely over Andaman & Nicobar Islands on 26th October and on 29th October; SubHimalayan West Bengal & Sikkim during 29th-30th October; Gangetic West Bengal during 28th-29th October; Jharkhand on 28th October and on 30th October; Bihar on 31st October with isolated very heavy rainfall also likely over Jharkhand and Odisha on 29th October; Bihar during 29th-30th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Odisha during 27th-28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 60-70 kmph gusting to 80 kmph) likely over Odisha on 28th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Jharkhand during 28th29th October; Odisha on 29th October.Northwest India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Himachal Pradesh and Jammu-Kashmir-Ladakh-Gilgit-BaltistanMuzaffarabad during 29th-30th October; Uttarakhand during 28th October-1st November.❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Haryana Chandigarh & Delhi and Punjab during 28th-31st October; East Rajasthan and West Uttar Pradesh during 29th-31st October; East Uttar Pradesh on 28th October and during 31st October-1st November; West Rajasthan during 29th-30th October.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over East Uttar Pradesh during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Jammu-Kashmir-Ladakh-Gilgit-Baltistan-Muzaffarabad on 30th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Uttarakhand during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over East Uttar Pradesh on 31st October; East Rajasthan on 30th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over Haryana Chandigarh & Delhi, Punjab, West Rajasthan and West Uttar Pradesh during 29th-30th October; East Uttar Pradesh on 28th October; East Rajasthan on 29th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Himachal Pradesh during 29th-30th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Uttarakhand on 30th October; East Uttar Pradesh on 31st October with isolated very heavy rainfall also likely over East Uttar Pradesh during 29th-30th October.Central India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over West Madhya Pradesh during 28th-31st October; East Madhya Pradesh on 27th October and during 31st October-1st November; Vidarbha on 27th October and during 30th31st October; Chhattisgarh on 28th October and during 31st October-1st November.❖ Fairly Widespread to Widespread rainfall likely over East Madhya Pradesh during 28th-30th October; Vidarbha during 28th-29th October; Chhattisgarh during 29th-30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over East Madhya Pradesh during 28th-30th October; Vidarbha during 28th-29th October, with gusty winds (speed reaching 30-40 kmph gusting to 50 kmph) likely over West Madhya Pradesh during 28th-31st October; East Madhya Pradesh on 27th October.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Vidarbha on 27th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over East Madhya Pradesh on 28th October and on 30th October; Vidarbha on 29th October; Chhattisgarh on 27th October with isolated very heavy rainfall also likely over East Madhya Pradesh on 29th October; Vidarbha on 28th October.❖ Isolated extremely heavy rainfall likely over Chhattisgarh during 28th-29th October.❖ Thundersquall (wind speed reaching 50-60 kmph gusting to 70 kmph) likely over Chhattisgarh during 27th-29th October.Northeast India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Arunachal Pradesh during 30th October-1st November; Assam & Meghalaya during 27th October-1st November; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura during 26th October1st November.❖ Isolated thunderstorm & lightning likely over Assam & Meghalaya during 27th-29th October; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura during 26th-29th October.❖ Isolated heavy rainfall likely over Assam & Meghalaya during 30th October-1st November; Nagaland, Manipur, Mizoram & Tripura on 28th October.West India:❖ Isolated to Scattered rainfall likely over Konkan & Goa, Madhya Maharashtra and Marathawada during 28th30th October.❖ Isolated thunderstorm, lightning & gusty winds (speed reaching 40-50 kmph gusting to 60 kmph) likely over Konkan & Goa on 29th October; Madhya Maharashtra during 28th-30th October.For more information, visit Us : https://t.co/BPpoTbykBF#WeatherUpdate #RainfallForecast #IndiaWeather #HeavyRain #ThunderstormAlert #WeatherWarnings@moesgoi @airnewsalerts @DDNational @ndmaindia @ICRER_MHA— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 26, 2026 आंध्र प्रदेश में बेहद भारी बारिश का खतराचक्रवाती तूफान के सबसे ज्यादा असर की आशंका आंध्र प्रदेश में है। वहीं चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 27-28 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकता है। वहीं ओडिशा में 27-29 अक्टूबर और तेलंगाना में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तूफान के दौरान आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की भी आशंका है।इन जगहों पर भी होगी बारिशतूफान का असर छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में 27 से 29 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है। 28 अक्टूबर को दक्षिणी जिलों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। सुकमा, दंतेवाड़ा, बीजापुर और बस्तर में तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। झारखंड में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि बिहार में 29 और 30 अक्टूबर को कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 31 अक्टूबर को भी बिहार के कुछ इलाकों में तेज बारिश की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।यूपी में भी बदलेगा मौसमIMDके अनुसार तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर बंगाल और सिक्किम में 29-30 अक्टूबर को तेज बारिश का अनुमान है। पूर्वी विदर्भ में 28 अक्टूबर को भारी से बहुत भारी बारिश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश की आशंका है। उत्तर प्रदेश में भी तूफान के कारण मौसम बिगड़ सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि 30 और 31 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।लोगों को दी बचने की सलाहचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के चलते बंगाल की खाड़ी में समुद्र बेहद अशांत हो सकता है। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक प्रभावित समुद्री इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है। तेज हवाओं और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:57 pm

UP Election 2027: यूपी चुनाव 2027 के लिए बीजेपी का बड़ा चुनावी शंखनाद, 30-31 अक्टूबर को लखनऊ में जुटेंगे दिग्गज; दो दिन रहेंगे अमित शाह!

UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरनेके लिए कमर कस चुकीहै। पार्टी 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान अपने चुनावी अभियान को व्यापक रूप देने की रणनीति तैयार कर सकती है। इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की लगातार दो दिनों तक मौजूदगी की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, पहले उनके एक दिन बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन अब बताया जा रहा है कि वह पूरे दो दिन मौजूद रहेंगे।इस बैठक में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। भगवा पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।अमित शाह की दो दिन की मौजूदगी से चुनावी तैयारियों को मिलेगी धारसूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 और 31 अक्टूबर को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में दोनों दिन शामिल रहेंगे। इससे पहले उनके केवल एक दिन बैठक में पहुंचने की जानकारी सामने आई थी। अब उनकी दो दिवसीय मौजूदगी की बात कही जा रही है।अमित शाह की भूमिका को देखते हुए इस बैठक में संगठन की तैयारियों, चुनावी रणनीति और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक के एजेंडे औरफाइनल शेड्यूलकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित पार्टी की ओर से होने पर ही पूरी जानकारी स्पष्ट होगी।योगी आदित्यनाथ और नितिन नवीन भी होंगे शामिलयूपीकार्यसमिति की इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की मौजूदगी भी प्रस्तावित है। पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के एक साथ जुटने से उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा अहम हो सकती है। बैठक में संगठन की भूमिका, चुनावी अभियान की दिशा और प्रदेश में पार्टी की राजनीतिक रणनीति जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। हालांकि, इन विषयों परफाइनल फैसला या किसी विशेष रणनीति की घोषणा को लेकर फिलहाल आधिकारिकडिटेल्ससामने नहीं आया है।मिशन 2027 पर बीजेपी का फोकसउत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति के जरिए पार्टी चुनावी तैयारियों कोरफ्तार देने और संगठनात्मक स्तर पर आगे की दिशा तय करने पर ध्यान दे सकती है। अमित शाह की दो दिनों तक मौजूदगी की खबरों ने बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा बढ़ा दी है। अब सबकीनिगाहें इस बात पर रहेगी कि बैठक के बाद पार्टी की ओर से चुनावी तैयारियों को लेकर क्या संदेश दिया जाता है और मिशन 2027 के लिए आगे की रणनीति किस रूप में सामने आती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:51 pm

AI Impact on Jobs: IT, BPO

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से युवाओं के लिए नौकरी पाना मुश्किल हो सकता है? क्या IT, BPO और Finance जैसे सेक्टर में काम क

गुड रिटर्न्स 26 Oct 2026 3:51 pm

Weather update: बंगाल में बदला मौसम का मिजाज, अगले 48 घंटों में होगी इन इलाको में झमाझम बारिश!

कोलकाता (Kolkata), (PTI): पश्चिम बंगाल (West Bengal)में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम बदल सकता है। चक्रवात 'अर्नब' (Arnab) के असर से राज्य के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। वहीं, समुद्र में तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।मौसम विभाग के मुताबिक, इस चक्रवात का असर दक्षिण बंगाल के साथ-साथ उत्तर बंगाल के पहाड़ी और उप-हिमालयी इलाकों में भी दिख सकता है। कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी है। वहीं, उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में 29 और 30 अक्टूबर को तेज बारिश की संभावना है।• दक्षिण बंगाल के जिले: दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, बांकुरा, पुरुलिया• उत्तर बंगाल के जिले: दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ीकोलकाता समेत इन जिलों में भी बारिश के आसारमौसम विभाग ने 27 से 30 अक्टूबर के बीच दक्षिण बंगाल के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान जताया है। इनमें उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, हावड़ा, हुगली और कोलकाता शामिल हैं।IMD ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 27 से 29 अक्टूबर के बीच हवा की रफ्तार 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। कुछ समय के लिए यह बढ़कर 55 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को सोमवार से पश्चिम बंगाल के तट के पास समुद्र में न जाने की सलाह दी है।चक्रवात का पश्चिम बंगाल में भी दिखेगा असरमौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार सुबह बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और उससे लगे पश्चिमी-मध्य हिस्से में एक मौसमी सिस्टम बना हुआ था। इसके धीरे-धीरे और ताकतवर होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की आशंका जताई गई है।यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके असर से पश्चिम बंगाल में भी कई जगह बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:45 pm

Stock Market View : अगले हफ्ते से बाजार की दिशा होगी साफ, निफ्टी के दिग्गज शेयरों पर रहे नजर

Stock Market View : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इस समय धुरंधर मूवी का एक डायलॉग याद आता है कि 'किस्मत की एक खूबसूरत आदत है कि वो वक्त आने पर पलटती है'। इस हिसाब से देखें तो पिछले दो साल में स्माल कैप्स और मिड कैप्स की तुलना में लार्ज कैप्स काफी कमजोर प्रदर्शन किया है। अब हमें ऐसा लग रहा है कि स्थितियां बदलती दिख रही है। चार्ट्स पर भी इसके संकेत नजर आ रहे हैं। मल्टीपल टाइम फ्रेम पर 12 महीने के व्यू से देखें तो लार्ज कैप्स का रिस्क रिवॉर्ड तुलनात्मक रूप से अच्छा नजर आ रहा है। बाजार में इस समय जिस तरह की वोलैटिलिटी दिख रही है उसमें 22,000 का लेवल एक बहुत ही अहम मेक ऑर ब्रेक लेवल का काम करेगा। निफ्टी में 22,000 का लेवल टूटता है या नहीं टूटता यह अलग बात है। लेकिन इस समय दो इवेंट्स ऐसे हैं जिन पर बाजार की नजरें हैं। ये हैं यूएस के मिड टर्म इलेक्शंस और क्रूड ऑयल की चाल। अगर निफ्टी में 22,000 का लेवल टूट भी जाता है तो लार्ज कैप्स तुलनात्मक रूप से कम प्रभावित होंगे।लेकिन स्मॉल और मिड कैप्स के महंगे वैल्यूएशन को देखते हुए लग रहा है कि इनमें अब बिकवाली आ सकती सकती है। ऐसे में यहां से मार्केट चाहे बाउंस बैकक दे या फिर एक ब्रेकडाउन आए किसी भी स्थिति में लार्ज कैप्स अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इस वीक कई बड़े इवेंट्स लाइन अप हैं। वोलैटिलिटी भी बहुत बढ़ गई है। ऐसे में हमें थोड़ा वेट एंड वॉच करना चाहिए। इस हफ्ते के लिए 22300-22900 की रेंज है एक ट्रेंड डिसाइडर का काम करेगी। इस रेंज के किसी भी तरफ ब्रेक होने पर बाजार की दिशा साफ होगी। यह हफ्ता बाजार के लिए बहुत की क्रूशियल वीक है। अगले हफ्ते से बाजार हमें एक साफ दिशा पकड़ते दिखेगा।अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि काफी सारे निफ्ट्टी 50 के स्टॉक्स अपने मल्टीपल मंथ लोज के आसपास आ चुके हैं। ऑटो में देखें तो Maruti में बहुत सेलिंग दिखी है। एमएम में काफी अच्छा करेक्शन हो गया है। काफी सारे बैंकिंग और फाइनेंसियल स्टॉक्स में भी भारी करेक्शन आ चुका है। ओवरऑल निफ्ट्टी 50 की बात करें तो तकरीबन 25% स्टॉक्स अभी भी 20 डे मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। वहीं मिड और स्माल कैप्स 15 % स्टॉक्स ही 20 डे मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि पूरा ब्रॉडर मार्केट अब तेजी खोता नजर आ रहा है। लेकिन जो बड़े दिग्गज हैवी वेट्स हैं उनमें सेलिंग शायद धीरे-धीरे कम हो रही है। Reliance Industries, HDFC Bank और State Bank of India में बिकवाली का नया दबाव आता हुआ नहीं दिखा है। इनका करेक्शन रुकता हुआ दिख रहा।इसके अलावा लार्ज कैप्स के रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो में भी सुधार आ रहा है। शॉर्ट टर्म यानी कि तकरीबन दो से तीन महीने में यह रेशियो और बेहतर होता हुआ दिखेगा। ऐसा कहने का मतलब ये नहीं है कि मिड कैप स्माल कैप यहां से गिर ही जाएंगे। यह सिर्फ तुलनात्मक विश्लेषण किया जा रहा है। हमारी नजर इनके रिलेटिव परफॉर्मेंस पर है। ऐसे में लगता है कि जिस हिसाब से ग्लोबल स्थिति बनी हुई है उसमें लार्ज कैप्स और खास करके निफ्टी 50 के ब्लू आइड बॉयज पर फोकस करके चलना चाहिए।Trading plan: बाजार में रिकवरी है लेकिन भरोसा नहीं, उछाल में बिकवाली का नजरिया रखेंडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:28 pm

ITC Hotels share Price: मुनाफे में 52% के जबरदस्त उछाल से 7% चढ़ा शेयर, मार्जिन में भी सुधार

ITC Hotels share Price: ITC होटल्स ने सितंबर तिमाही में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। साल- दर- साल आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई है। मुनाफे में भारी उछाल आया है और ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है। इसके साथ ही, कंपनी ने दुबई में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) बनाने की योजना की घोषणा की है। इससे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में कंपनी के हॉस्पिटैलिटी कारोबार के विस्तार का रास्ता साफ होगा।वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में, होटल ऑपरेटर का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 52.3% बढ़कर ₹201 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹132 करोड़ था।कंपनी का रेवेन्यू 25.5% बढ़कर ₹1,054 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹840 करोड़ था। यह कंपनी के कुल कारोबार (top line) में मजबूत ग्रोथ को दर्शाता है। रेवेन्यू में बढ़ोतरी के साथ-साथ, ऑपरेटिंग अर्निंग्स (परिचालन आय) में भी तेज ग्रोथ देखने को मिली।EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) सालाना आधार पर 37.2% बढ़कर ₹338 करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹246 करोड़ थी।ऑपरेटिंग मार्जिन में भी सुधार हुआ है। सितंबर तिमाही में EBITDA मार्जिन बढ़कर 32% हो गया, जो एक साल पहले 29.3% था—यानी इसमें 2.7 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी हुई है। EBITDA की ग्रोथ रेवेन्यू की ग्रोथ से अधिक रही, जिससे मार्जिन में सुधार हुआ।इन नतीजों के बाद ITC होटल्स के शेयरों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। 26 अक्टूबर को दोपहर 2:01 बजे (IST) BSE पर यह शेयर ₹167.30 पर ट्रेड कर रहा था। नतीजों की घोषणा के बाद, एक ही दिन में इसमें 7% से ज्यादा की तेजी आई।दुबई में पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने की योजनाइसके अलावा, ITC होटल्स ने बताया कि वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई में अपनी एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बनाने की योजना बना रही है। इसके लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियां ली जाएंगी। यह नई इकाई होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करेगी। इसकी योजना होटल और रेस्तरां के संचालन के साथ-साथ अन्य संबंधित गतिविधियों को करने की है।ITC होटल्स इस प्रस्तावित सब्सिडियरी की 100% शेयर पूंजी (share capital) को उसके फेस वैल्यू पर सब्सक्राइब करेगी। कंपनी के खुलासे के अनुसार, निवेश ₹20 करोड़ से अधिक नहीं होगा और इसे किश्तों में दिया जाएगा।कंपनी ने बताया कि इस इकाई के गठन के लिए दुबई के संबंधित नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी। इस प्रस्तावित सब्सिडियरी का उद्देश्य हॉस्पिटैलिटी कारोबार में ITC होटल्स की मौजूदगी का विस्तार करना है, हालांकि कंपनी ने इसके गठन या कामकाज शुरू होने की कोई समय-सीमा नहीं बताई है।Shriram Finance share price: ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस, शेयर 11 महीने के निचले स्तर पर फिसला(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:13 pm

Government Schemes: रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई चाहिए? इन 3 सरकारी स्कीम में कर सकते हैं निवेश

Government Schemes: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी आती है। घर का खर्च चलता रहता है। लेकिन रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है। फिर राशन, बिजली बिल और दवाइयों का खर्च कैसे चलेगा? अगर आपके पास जमा पूंजी है, तो उससे हर महीने कमाई की जा सकती है।सरकार की कुछ बचत योजनाएं इसमें मदद कर सकती हैं। पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम (MIS) और सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) ऐसे ही विकल्प हैं। वहीं, नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से रिटायरमेंट के बाद पेंशन मिल सकती है। आइए, उदाहरण से समझते हैं कि किस योजना में कितना पैसा लगाने पर कितनी कमाई हो सकती है।पोस्ट ऑफिस MISपोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी MIS उन लोगों के लिए है, जिन्हें हर महीने ब्याज चाहिए। इसमें एक बार पैसा जमा करना होता है। इसके बाद हर महीने ब्याज मिलता है। इसकी मौजूदा वब्याज दर 7.4% सालाना है।अगर आप 5 लाख रुपये जमा करते हैं, तो हर महीने करीब 3,083 रुपये मिलेंगे। 9 लाख रुपये जमा करने पर करीब 5,550 रुपये महीने की कमाई होगी।इस स्कीम में एक खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। संयुक्त खाते में यह सीमा 15 लाख रुपये है। अगर पति-पत्नी मिलकर संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये जमा करते हैं, तो हर महीने करीब 9,250 रुपये ब्याज मिलेगा।इस स्कीम की अवधि पांच साल है। इस दौरान हर महीने ब्याज मिलता है। अवधि पूरी होने पर जमा की गई मूल रकम वापस मिल जाती है।SCSSसीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम यानी SCSS खास तौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए है। आम तौर पर 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोग इसमें खाता खोल सकते हैं। कुछ शर्तों के तहत 55 साल या उससे ज्यादा उम्र के रिटायर्ड लोग भी निवेश कर सकते हैं।इस स्कीम की ब्याज दर 8.2% सालाना है। इसमें अधिकतम 30 लाख रुपये जमा कर सकते हैं। हालांकि इसमें ब्याज हर महीने नहीं, बल्कि तीन महीने में मिलता है।मान लीजिए, आपने 10 लाख रुपये जमा किए। इस पर साल भर में करीब 82,000 रुपये ब्याज मिलेगा। यानी हर तीन महीने में करीब 20,500 रुपये आपके खाते में आएंगे।अगर आप पूरी सीमा यानी 30 लाख रुपये जमा करते हैं, तो सालाना ब्याज करीब 2.46 लाख रुपये होगा। इस तरह हर तीन महीने में 61,500 रुपये मिलेंगे। महीने के हिसाब से देखें, तो यह करीब 20,500 रुपये बैठता है।NPSनेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS उन लोगों के लिए है, जो कामकाजी उम्र में पैसा जमा करके रिटायरमेंट के बाद पेंशन पाना चाहते हैं। इसमें जमा रकम निवेश की जाती है। रिटायरमेंट के समय लागू नियमों के मुताबिक, कुछ पैसा एकमुश्त निकाला जा सकता है। एक हिस्सा एन्युटी खरीदने में लगाया जाता है। इसी से नियमित पेंशन मिलती है।मान लीजिए, रिटायरमेंट के समय आपके NPS खाते में 50 लाख रुपये जमा हैं। अगर 40% रकम एन्युटी में लगाई जाती है, तो 20 लाख रुपये इसमें जाएंगे।अब मान लेते हैं कि एन्युटी से सालाना 6% पेंशन मिलती है। इस हिसाब से 20 लाख रुपये पर साल भर में 1.2 लाख रुपये मिलेंगे। यानी हर महीने करीब 10,000 रुपये की पेंशन बनेगी।किस स्कीम से कितनी कमाई होगी?अगर आपके पास पहले से पैसा जमा है और आप उससे नियमित कमाई चाहते हैं, तो MIS और SCSS पर विचार कर सकते हैं। MIS में हर महीने ब्याज मिलता है। SCSS में हर तीन महीने में पैसा आता है। वहीं, NPS में मिलने वाली पेंशन आपके जमा फंड और एन्युटी की शर्तों पर निर्भर करती है।आपको पहले अपने मासिक खर्च का हिसाब लगाना चाहिए। अगर आपको घर चलाने के लिए हर महीने 20,000 रुपये चाहिए। तो देखना चाहिए कि चुनी गई स्कीम से कितनी रकम मिलेगी और कितनी कमी रह जाएगी। इससे आपको निवेश का सही हिसाब लगाने में मदद मिलेगी।Sukanya Samriddhi Yojana: हर महीने ₹5000 जमा करने पर कितना पैसा बनेगा?Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:11 pm

अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप के आदेश पर 96 घंटे में सैन्य कार्रवाई की तैयारी, इजरायल भी साथ आने को तैयार?

वाशिंगटन डीसी (USA), [ANI]: पश्चिमी एशिया में एक बार फिर युद्ध का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिका की सेना ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी में जुटी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी मिलते ही सेना 96 घंटे के भीतर हमला शुरू कर सकती है। ट्रंप ने अभी तक कोई अंतिम फैसला तो नहीं लिया है लेकिन अमेरिका ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है और इजरायल के साथ भी आगे की कार्रवाई को लेकर बातचीत कर रहा है।अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ईरान के रडार और मिसाइल लॉन्चर के अलावा उसके सैन्य ठिकानों, ऊर्जा केंद्रों और परमाणु ठिकानों को भी निशाना बना सकता है। इसके लिए अमेरिकी सेना और पेंटागन हमले के संभावित ठिकानों की लिस्ट तैयार कर रहे हैं। कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस साल के आखिर तक, खासकर अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद, इस पर फैसला हो सकता है। ईरान की सेना अब अमेरिका के लड़ने के तरीके को बेहतर समझती है। ऐसे में ईरान के सभी ठिकानों पर हमला करना अमेरिका के लिए आसान नहीं होगा।ईरान के जवाबी हमले का खतराअमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, अगर अमेरिका और इजरायल ईरान पर हमला करते हैं, तो ईरान और यमन के हूती विद्रोही जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं। वे पश्चिमी एशिया में मौजूद अमेरिकी सैनिकों और सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकते हैं।इस खतरे को देखते हुए अमेरिका सुरक्षा बढ़ा रहा है। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक:• सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास से कर्मचारियों को वापस बुलाने के आदेश दिए गए हैं।• अगले सैन्य बदलाव के दौरान कुछ गैर-जरूरी अमेरिकी सैनिकों को पश्चिमी एशिया नहीं भेजा जाएगा।• क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ाई जा रही है।ईरान पर हमले को लेकर इजरायल की तैयारीइजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरान पर फिर हमला करना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए अमेरिका से मदद मांगी थी, लेकिन ट्रंप प्रशासन ने फिलहाल रुकने को कहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल ने अभी हमले टाल दिए हैं और आगे अमेरिका के साथ मिलकर कार्रवाई कर सकता है।इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने नेतन्याहू और सेना प्रमुख इयाल ज़मीर के बीच मतभेद की खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि इजरायल का चुनाव से पहले ईरान पर हमला करने का इरादा नहीं था। लेकिन अगर ईरान इजरायल पर हमला करता है, तो इजरायल भी पूरी ताकत से जवाब देगा।तनाव के बीच तेल की कीमतों ने मारी छलांगस्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ गई है, फिर भी तेल की कीमतें कम नहीं हो रही हैं। इसकी बड़ी वजह ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव और हमले का डर है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अगर बातचीत से कोई रास्ता नहीं निकलता है, तो ट्रंप सैन्य कार्रवाई का फैसला ले सकते हैं। अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका इस तनाव को खत्म करने के लिए क्या योजना बना रहा है।फिलहाल अमेरिकी सेना कार्रवाई के लिए तैयार बताई जा रही है, लेकिन उसे ट्रंप के आदेश का इंतजार है। वहीं, इजरायल ने भी अभी ईरान पर नए हमले रोक रखे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमेरिका और इजरायल आगे क्या कदम उठाते हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:10 pm

नमो भारत के 136 किमी लंबे दिल्ली-करनाल कॉरिडोर के डिजाइन की तैयारी शुरू, बनेंगे 17 स्टेशन, ये रहीं अबतक की डिटेल्स

अगर आप दिल्ली से हरियाणा हर दिन सफर करते है तो आपके लिए अच्छी खबर है। दिल्ली से हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और करनाल जाने वाले लोगों का सफर आने वाले समय में आसान हो सकता है। करीब 136 किलोमीटर लंबे इस रेल कॉरिडोर में ट्रैक, स्टेशन और ट्रेनों के रखरखाव के लिए डिपो बनाए जाने की योजना है। इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली से करनाल तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है। इस रूट पर नमो भारत ट्रेन चलाने की योजना को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने कॉरिडोर का डिजाइन तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।दिल्ली और हरियाणा के बीच जाम से परेशान यात्रियों को नमो भारत कॉरिडोर से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे सफर का समय घटेगा और आवाजाही आसान होगी। अभी इस सफर में करीब साढ़े तीन से चार घंटे लगते हैं, जबकि कॉरिडोर बनने के बाद यह दूरी लगभग 90 मिनट में तय की जा सकेगी।कहां से शुरू होगा कॉरिडोरकॉरिडोर का डिजाइन तैयार करने में करीब चार साल लग सकते हैं। इसे दिल्ली मेट्रो से जोड़ने की भी योजना है। ये कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगा और हरियाणा के सोनीपत, पानीपत होते हुए करनाल तक जाएगा। इस पूरे रूट पर 17 स्टेशन बनाने की योजना है। इनमें से 11 स्टेशन हरियाणा में होंगे। इस ट्रेन सेवा से दिल्ली और हरियाणा के बीच आने-जाने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है। फिलहाल स्टेशनों के नाम, उनके डिजाइन और दूसरे परिवहन साधनों से जुड़ने की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इन सभी बातों की जानकारी डिजाइन तैयार होने के बाद स्पष्ट होगी।मिट्टी की होगी जांचइस परियोजना के तहत रेल ट्रैक, स्टेशन और ट्रेनों की देखभाल के लिए डिपो बनाने की योजना तैयार की जाएगी। इसमें बिजली और मशीनों से जुड़े काम भी शामिल होंगे। निर्माण शुरू करने से पहले जमीन और मिट्टी की जांच की जाएगी, ताकि पता चल सके कि वहां काम करना कितना सही रहेगा। इसके अलावा, रास्ते में आने वाली गैस पाइपलाइन और दूसरी जरूरी लाइनों को भी जरूरत के अनुसार दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है।Delhi Yamuna Cruise: यमुना पर पहली बार शुरू हुई क्रूज सेवा, 40 मिनट घूमने के लिए कितने देने होंगे पैसे?

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 3:04 pm

भारत ने 5 महीने में की ताबड़तोड़ दालों की खरीद! 15% तक महंगी हुई अरहर, कैसी रहेगी रिटेल सप्लाई?

भारत में दालों का आयात चालू वित्त वर्ष के पहले 5 महीनों में 67% बढ़कर 20.6 लाख टन हो गया, जो घरेलू उत्पादन में संभावित गिरावट और अल नीनो की आशंका के कारण हुआ। अरहर और उड़द जैसी दालों की कीमतें 15% तक बढ़ी हैं, जबकि कनाडा से आयातित पीली मटर और मसूर की कीमतों में वृद्धि के कारण आने वाले महीनों में आयात धीमा हो सकता है।

जागरण 26 Oct 2026 3:00 pm

AI Impact On Jobs: एआई का नौकरी पर पड़ेगा कैसा असर? IIT मद्रास की रिपोर्ट में IT, BPO और फाइनेंस सेक्टर का जिक्र कर कही गई ये बात

AI Impact On Jobs: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भारत में युवाओं के करियर की शुरुआत करने के तरीके को बदल सकता है। IIT मद्रास के सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल एआई (CeRAI) के एक श्वेत पत्र (व्हाइट पेपर) के अनुसार, AI के बढ़ते इस्तेमाल से शुरुआती स्तर की नौकरियों में किए जाने वाले कई नियमित और दोहराव वाले काम ऑटोमेट हो सकते हैं। इससे जरूरी नहीं कि किसी कर्मचारी की पूरी नौकरी खत्म हो जाए। लेकिन उसकी जिम्मेदारियों, काम सीखने के अवसरों और भविष्य में वरिष्ठ पदों तक पहुंचने की प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है।'हाउ AI इज रीकॉन्फिगरिंग वर्क इन इंडिया (How AI Is Reconfiguring Work in India)' शीर्षक वाले इस पेपर में कहा गया है कि रोजगार पर एआई के प्रभाव को समझने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि कौन-सी नौकरी खत्म होगी और कौन-सी बनी रहेगी। इसके बजाय यह आकलन करना जरूरी है कि किसी नौकरी में शामिल कौन-कौन से काम एआई कर सकता है और किन जिम्मेदारियों के लिए मानवीय कौशल की जरूरत बनी रहेगी।आईटी, बीपीओ और फाइनेंस सेक्टर पर विशेष असर की आशंकारिपोर्ट में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT), बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग (BPO), फाइनेंशियल सर्विस और प्रोफेशनल सर्विसेज को ऐसे क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया है, जहां शुरुआती स्तर के कर्मचारियों को अक्सर प्रक्रिया आधारित, दोहराव वाले और नियमित काम करने पड़ते हैं। इनमें से कई कार्यों कोAI टूल्स के जरिए तेजी से और ऑटोमेटिक तरीके से पूरा किया जा सकता है।इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा अपने करियर की शुरुआत करते हैं। ऐसे में यदि नियमित कामों का बड़ा हिस्साAI संभालने लगे, तो कर्मचारियों को शुरुआती दौर में व्यावहारिक अनुभव हासिल करने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर केवल उनकी मौजूदा भूमिका पर ही नहीं, बल्कि आगे चलकर अधिक जिम्मेदारी वाले पदों तक पहुंचने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।शुरुआती नौकरी केवल काम नहीं, सीखने का जरिया भी हैपेपर में इस बात पर जोर दिया गया है कि जूनियर स्तर की नौकरियां परंपरागत रूप से कर्मचारियों के लिएट्रेनिंग और सीखने के अवसर के रूप में काम करती रही हैं। शुरुआती दौर में कर्मचारी भले ही छोटे, नियमित और कमसैलरी वाले काम करते हों। लेकिन इन्हीं कामों के जरिए वे अनुभव हासिल करते हैं। फिर धीरे-धीरे सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन छोटे-छोटे कार्यों से मिलने वाला अनुभव आगे चलकर वरिष्ठ पदों पर जरूरी निर्णय क्षमता और पेशेवर समझ विकसित करने में मदद करता है।यदिAI ऐसे काम अपने हाथ में ले लेता है, तो कंपनियों को यह सोचना होगा कि नए कर्मचारियों को व्यावहारिक अनुभव कैसे दिया जाए। केवल नियमित कामों को ऑटोमेट कर देना पर्याप्त नहीं होगा। कंपनियों को ऐसी व्यवस्था भी विकसित करनी होगी, जिससे युवा कर्मचारी काम की बारीकियां सीख सकें, समस्याओं को समझ सकें और स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने की क्षमता विकसित कर सकें।हर नौकरी खत्म नहीं करेगा AI, लेकिन बदल सकती हैं जिम्मेदारियांआईआईटी मद्रास की रिपोर्ट में AI के जरिए कामों के ऑटोमेशन और पूरी नौकरी खत्म होने के बीच अंतर स्पष्ट किया गया है। किसी पद से जुड़े कुछ कार्यAI के हवाले किए जा सकते हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उस पद की सभी जिम्मेदारियां भी समाप्त हो जाएंगी। कर्मचारियों को अब भी ऐसे काम करने पड़ सकते हैं, जिनमें निर्णय लेना, असामान्य परिस्थितियों से निपटना, जटिल समस्याओं का समाधान करना और परिणामों की जिम्मेदारी उठाना शामिल है।इसका मतलब है कि भविष्य में कर्मचारियों की भूमिका केवल तय प्रक्रिया के अनुसार काम पूरा करने तक सीमित नहीं रह सकती। उन्हेंAI के परिणामों को समझने, उनकी जांच करने, जरूरी सुधार करने और परिस्थितियों के अनुसार उचित निर्णय लेने जैसे कौशल भी विकसित करने पड़ सकते हैं। हालांकि,AI का असर सभी क्षेत्रों और कंपनियों पर एक जैसा नहीं होगा। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि किसी क्षेत्र में किस तरह के काम किए जाते हैं। साथ ही उपलब्ध तकनीक कितनी सक्षम है और कंपनियां उसे किस तरीके से लागू करती हैं।कर्मचारियों को नए कौशल सिखाने की जरूरतपेपर में कंपनियों को सलाह दी गई है कि वेAI के कारण बदलती कार्यप्रणाली के अनुरूप कर्मचारियों केट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट की योजनाएं तैयार करें। इसके तहत कर्मचारियों को नएस्कील सिखाने, मौजूदा स्कीलको बेहतर बनाने और बदलती भूमिकाओं के लिए तैयार करने की व्यवस्थित व्यवस्था शामिल होनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा किAI के इस्तेमाल से काम करने के तरीके बदलने पर कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां संभालने के पर्याप्त अवसर मिलें।खासकर नए कर्मचारियों के लिए ऐसीट्रेनिंग व्यवस्था जरूरी हो सकती है, जो उन्हें शुरुआती अनुभव के साथ-साथ निर्णय क्षमता और पेशेवर समझ विकसित करने में मदद करे। इसके अलावा, पेपर में भारत की परिस्थितियों के अनुरूपAI और श्रम बाजार पर अधिक शोध करने की जरूरत भी बताई गई है। ऐसेस्टडी से यह समझने में मदद मिल सकती है कि किन कार्यों को ऑटोमेट करना उपयुक्त है। साथ ही किन क्षेत्रों में मानवीय भागीदारी आवश्यक बनी रहेगी।रोजगार पर AI के असर को केवल नौकरियों की संख्या से नहीं आंक सकतेरिपोर्ट का प्रमुख निष्कर्ष है कि AI के रोजगार पर प्रभाव का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जाना चाहिए कि कितनी नौकरियां पैदा हुईं या कितनी खत्म हुईं। यह भी देखना होगा कि कर्मचारियों की जिम्मेदारियां किस तरह बदल रही हैं। उन्हें नएस्कील सीखने के कितने अवसर मिल रहे हैं। करियर में आगे बढ़ने की संभावनाएं कैसी हैं और उनकी उत्पादकता पर क्या असर पड़ रहा है।ये भी पढ़ें- Freddy Francis: कॉकरोज जनता पार्टी छोड़ने वाले फ्रेडी फ्रांसिस कौन हैं, जानिए फंडिंग के तरीके पर क्या बातें कहकर छोड़ दी CJPभारत में कंपनियां जैसे-जैसेAI टूल्स को अपना रही हैं, वैसे-वैसे कर्मचारियों को बदलती भूमिकाओं के लिए तैयार करना महत्वपूर्ण होता जाएगा। यह चुनौती विशेष रूप से उन युवाओं के लिए अहम है, जो अपने करियर की शुरुआत कर रहे हैं और जिनके लिए शुरुआती नौकरी का अनुभव भविष्य की पेशेवर सफलता की नींव बनता है। रिपोर्ट का संकेत है किAI के दौर में कंपनियों के सामने चुनौती केवल काम को तेजी से पूरा करने की नहीं होगी, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी होगी किटेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल के बीच युवा कर्मचारी सीखने, अनुभव हासिल करने और करियर में आगे बढ़ने के अवसरों से वंचित न रह जाएं।

मनी कण्ट्रोल 26 Oct 2026 2:55 pm

Tatkal Ticket Booking: दीवाली पर घर जाने के लिए नहीं मिली कन्फर्म टिकट? तत्काल में ऐसे करें बुकिंग, ये रहा पूरा प्रोसेस

How to book tatkal train ticket: त्योहारों पर कन्फर्म ट्रेन टिकट न मिलने की समस्या के लिए तत्काल टिकट एक विकल्प है। यह लेख तत्काल टिकट बुक करने का सही समय, ऑनलाइन प्रक्रिया और इससे जुड़े महत्वपूर्ण नियम बताता है।

जागरण 26 Oct 2026 2:54 pm

धोती पहनने वाले ने कैसे बनाया भारत का पहला जींस ब्रांड 'फ्लाइंग मशीन'? आज Levi's और Zara भी इन्हीं से खरीदते हैं फैब्रिक

भारत में जींस के बढ़ते क्रेज को देखते हुए, अरविंद मिल्स ने 1980 में 'फ्लाइंग मशीन' नाम से देश का पहला स्वदेशी जींस ब्रांड लॉन्च किया। कस्तूरभाई लालभाई के विजन से शुरू हुआ यह ब्रांड आज एक वैश्विक डेनिम आपूर्तिकर्ता है, जिसकी जड़ें गांधीजी के स्वदेशी आंदोलन से जुड़ी हैं।

जागरण 26 Oct 2026 2:44 pm

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग पर 5 बड़े अपडेट, चेक करें यहां डिटेल

8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस आयोग में तीन सदस्य हैं। यह एक अस्थायी आयोग है, जिसका उद्देश्य पात्र कर्मचारी संगठनों, एसोसिएशनों और अन्य संबंधित पक्षों की मांगों और शिकायतों पर विचार करना है।आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपनी है। इस हिसाब से 3 नवंबर 2026 को आयोग के गठन के 12 महीने पूरे हो जाएंगे। इसके बाद आयोग के पास अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के लिए करीब 6 महीने का समय बचेगा। यानी आयोग को मई 2027 के आसपास अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।ऐसे में 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 5 नए अपडेट्स हैं। आयोग की ओर से अब तक फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, पेंशन में बढ़ोतरी या नई सैलरी मैट्रिक्स को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आयोग की वेबसाइट के 'What's New' सेक्शन में जारी पांच प्रमुख सूचनाएं इस प्रकार हैं1. मुंबई में हुई बैठक की तैयारी: आयोग ने 21 सितंबर 2026 को मुंबई दौरे से जुड़ी सूचना जारी की थी। इसके तहत 22 और 23 अक्टूबर 2026 को बैठकें निर्धारित की गई थीं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर थी।2. सलाहकारों की नियुक्ति के नियमों में बदलाव: 11 अगस्त 2026 को आयोग ने सलाहकारों की नियुक्ति से संबंधित दिशा-निर्देशों में आंशिक संशोधन किया। यह आयोग की प्रशासनिक तैयारियों से जुड़ा अपडेट है।3. जयपुर में हुई परामर्श बैठकों की तैयारी: 3 अगस्त 2026 को जारी सूचना के अनुसार, आयोग ने 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर दौरे का कार्यक्रम घोषित किया था। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 18 अगस्त थी।4. बेंगलुरु में कर्मचारियों से चर्चा: 24 अगस्त 2026 को जारी सूचना के अनुसार, आयोग ने 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में परामर्श बैठकें निर्धारित की थीं। इसमें शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 18 सितंबर रखी गई थी।5. चंडीगढ़ में बैठक का कार्यक्रम: 28 जुलाई 2026 को आयोग ने चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर तक परामर्श बैठकें आयोजित करने का कार्यक्रम घोषित किया था। इसके लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 25 अगस्त थी।8th Pay Commission: बेसिक पे में डीए के विलय पर एंप्लॉयीज की टिकी निगाहें, क्या 8वां वेतन आयोग इसकी सिफारिश करेगा?(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 2:28 pm

Trading plan: बाजार में रिकवरी है लेकिन भरोसा नहीं, उछाल में बिकवाली का नजरिया रखें

Trading plan : रिलायंस की अगुवाई में बाजार में शानदार रिकवरी आई है। निचले स्तरों से निफ्टी 250 प्वाइंट से ज्यादा सुधरा है। यह 22650 के पार दिख रहा है। इधर बैंक निफ्टी में भी रिकवरी है। मिडकैप-स्मॉलकैप की गिरावट पर भी ब्रेक लगा है। आज कैपिटल मार्केट शेयरों में सबसे ज्यादा रफ्तार देखने को मिल रहा है। कैपिटल मार्केट इंडेक्स 2 फीसदी चढ़ा है। BSE करीब 4 परसेंट उछलकर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शुमार है। इधर फार्मा, डिफेंस, मेटल में जोश है। लेकिन PSU बैंक शेयरों में प्रेशर देखने को मिल रहा है।सुप्रीम इंडस्ट्रीज के नतीजे सभी फ्रंट पर अनुमान से कमजोर रहे हैं। आय, मुनाफा और मार्जिन से निराशा मिली है। नतीजों के बाद शेयर तीन परसेंट फिसला है। उधर APL APOLLO TUBES के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। मुनाफा अनुमान से ज्यादा रहा है । लेकिन आय और मार्जिन कम रहे हैं। उधर कल L&T, मारुति, बजाज ऑटो समेत निफ्टी की 6 कंपनियां अपने रिजल्ट पेश करेंगी। महंगी कमोडिटी के चलते मारुति के मुनाफे और मार्जिन पर दबाव संभव है। इधर सिप्ला का मुनाफा 35% घट सकता है। इंडस टॉवर, रेडिको और SAIL समेत वायदा की सात कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।बाजार: बढ़िया रिकवरीबाजार पर अपनी राय साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि निफ्टी ने खरीदारी के जोन का सम्मान किया। रिलायंस की अगुवाई में रिकवरी आई। बैंक निफ्टी और IT दोनों में भी रिकवरी दिखी। मिड और स्मॉल कैप्स में शानदार रिकवरी रही। एडवांस/डिक्लाइन में जबरदस्त सुधार दिखा है। कच्चा तेल अभी भी कंफर्ट जोन से ऊपर है। रुपये में अभी भी कमजोरी जारी बड़ा सवाल ये है कि क्या रिकवरी फिर फेल होगी ?बाजार: अब क्या?अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में रिकवरी है, लेकिन भरोसा नहीं और ये रिकवरी कब फेल हो जाए कहना मुश्किल है। बाजार का बड़ा ट्रेंड अभी भी कमजोरी का ही है। ऐसे में रैलियों में EXIT का नजरिया रखें और दोबारा शॉर्ट करने के लिए भी तैयार रहें। मार्केट ब्रेथ आज जैसी रही तो बाजार में रिकवरी टिकेगी। मिड और स्मॉल कैप्स काफी गिर चुके हैं। इनमें थोड़ी और रिकवरी की उम्मीद रहेगी।निफ्टी-बैंक निफ्टी पर रणनीतिनिफ्टी के लिए 22,500-22,550 पर सपोर्ट और 22,750-22,800 पर रेजिस्टेंस है। बैंक निफ्टी के लिए 53,800-54,000 पर सपोर्ट और 54,400-54,600 पर रेजिस्टेंस है।Dollar Vs Rupee : डॉलर के मुकाबले रुपए की चाल सपाट, जानिए क्या जियो प्लेटफॉर्म्स IPO के बाद जारी रह पाएगी इसकी रिकवरीप्री-CAS रणनीतिअनुज सिंघल का कहना है कि .......................अपडेट जारी..............डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 2:27 pm

Nokia और LTTS के बीच 5 साल का करार, भारत में R&D और इंजीनियरिंग पर करेंगे काम

एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज ने भारत में इंजीनियरिंग तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों में सहयोग के लिए नोकिया के साथ पांच साल का अनुबंध करने की सोमवार को घोषणा की। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस अनुबंध के तहत एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज (एलटीटीएस) की इंजीनियरिंग क्षमताओं और नोकिया के दूरसंचार प्रौद्योगिकी संबंधी कार्यों को एक साथ लाया जाएगा। विज्ञप्ति में अनुबंध के आकार या वित्तीय विवरणों का खुलासा नहीं किया गया। समझौते के तहत, एलटीटीएस उत्पाद इंजीनियरिंग, सॉफ्टवेयर विकास, सिस्टम इंटीग्रेशन तथा उत्पाद सहायता सहित विभिन्न क्षेत्रों में नोकिया के अनुसंधान एवं विकास कार्यक्रमों में सहयोग करेगी। एलटीटीएस नोकिया की इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास पहलों में सहयोग के लिए भारत में एक समर्पित ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर (ओडीसी) स्थापित करेगी। इस सहयोग में अनुसंधान एवं विकास, उत्पाद इंजीनियरिंग, नए उत्पादों का विकास, एम्बेडेड सिस्टम, सॉफ्टवेयर विकास, सिस्टम इंटीग्रेशन और निरंतर सहायता शामिल होगी। नोकिया में इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विवेक जायसवाल ने कहा, ‘‘भारत नोकिया के लिए नवाचार का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और एलटीटीएस एक अहम साझेदार है। वह इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और ऐसी कार्यप्रणालियां उपलब्ध कराएगी, जो इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में हमारी अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों का विस्तार करने और नवाचार को गति देने में मदद करेंगी।’’ एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज में रणनीतिक पहल एवं वृद्धि बाजारों के कार्यकारी निदेशक और अध्यक्ष अलिंद सक्सेना ने कहा कि यह रणनीतिक सहयोग एलटीटीएस एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:27 pm

IMWA और Scotch Whisky Association में हुआ समझौता, दोनों देशों में बढ़ेगा कारोबार

इंडियन माल्ट व्हिस्की एसोसिएशन (आईएमडब्ल्यूए) और स्कॉच व्हिस्की एसोसिएशन (एसडब्ल्यूए) ने एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य टिकाऊपन, अपने-अपने उत्पादों का संरक्षण एवं संवर्धन और आपसी हित के नियामकीय मामलों पर बातचीत करना है। दोनों संगठनों के संयुक्त बयान के अनुसार, इस समझौते में कानूनी संरक्षण, उत्पादों की प्रामाणिकता, बौद्धिक संपदा अधिकारों के उल्लंघन और जिम्मेदारी से शराब के सेवन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग का भी प्रावधान है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के 15 जुलाई, 2026 से लागू होने के बाद भारत में स्कॉच व्हिस्की की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। इस समझौते के तहत आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया गया है, जिसे अगले दशक में चरणबद्ध तरीके से घटाकर 40 प्रतिशत किया जाएगा। इस व्यापार समझौते से भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की को ब्रिटेन के बाजार में अपनी जगह बनाने के अवसर भी मिल सकते हैं। कुछ ब्रांड अपनी गुणवत्ता एवं निर्माण कौशल के लिए पहले ही अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल कर चुके हैं। बयान में कहा गया, ‘‘एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार के नए रास्ते खुलने के साथ, उद्योग संगठनों के बीच करीबी संपर्क संवाद को मजबूत करने, जानकारी के आदान-प्रदान को सुगम बनाने और दोनों बाजारों में कारोबारी अवसरों का लाभ उठाने में कंपनियों की मदद कर सकता है।’’ स्कॉटलैंड स्थित एसडब्ल्यूए के अनुसार, 2025 में भारत मात्रा के लिहाज से स्कॉच व्हिस्की का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यात बाजार था। भारत को 22 करोड़ से अधिक बोतलों के बराबर स्कॉच व्हिस्की का निर्यात किया गया था। पिछले एक दशक में भारत भेजी जाने वाली स्कॉच व्हिस्की की मात्रा दोगुनी हो गई है। यह देश में स्कॉच व्हिस्की उत्पादकों के लिए उपलब्ध अवसरों के बड़े आकार को दर्शाता है। आईएमडब्ल्यूए के महानिदेशक मेजर जनरल राजेश चोपड़ा ने कहा, ‘‘यह समझौता भारत के माल्ट व्हिस्की उद्योग के विकास और व्हिस्की बनाने की स्थापित वैश्विक परंपराओं के साथ उसके जुड़ाव में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।’’ जुलाई 2024 में एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन के रूप में स्थापित आईएमडब्ल्यूए भारतीय माल्ट व्हिस्की उत्पादकों का प्रतिनिधित्व करता है और इस क्षेत्र में गुणवत्ता, प्रामाणिकता तथा मानकीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 2:24 pm

चाय बेचकर महीने के 9 लाख रुपये कमा रहा शख्स, नरेंद्र मोदी और एलन मस्क को बताया अपनी प्रेरणा

'शर्मा कैफे रेस्टोरेंट' चलाने वाले शख्स ने बताया कि कैसे पिछले 55 सालों में उनकी चाय की दुकान का विस्तार हुआ है। उन्होंने बताया कि वे रोजाना लगभग 3000 कप चाय बेचते हैं, जिससे उन्हें हर महीने अच्छी कमाई हो जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि युवाओं को छोटे स्तर से शुरुआत क्यों करनी चाहिए, जोखिम क्यों उठाना चाहिए और अपने अनुभवों से क्यों सीखना चाहिए।चाय की दुकान पर रोजाना लगभग 3000 कप चाय बिकती है'शर्मा कैफे रेस्टोरेंट' नाम की चाय की दुकान चलाने वाले इस व्यक्ति ने कंटेंट क्रिएटर आयुष गोस्वामी को बताया कि उनका बिजनेस महीने में लगभग 9 लाख रुपये कमा लेता है। दुकान के मालिक ने यह भी बताया कि उनकी दुकान पिछले 55-56 सालों से चल रही है। उन्होंने कहा- हम अपने ग्राहकों को बेहतरीन चाय पिलाने की कोशिश करते हैं। हम 55-56 सालों से यह दुकान चला रहे हैं।दुकान की रोजाना की बिक्री के बारे में बताते हुए- मालिक ने कहा कि यहां हर दिन लगभग 3000 कप चाय बिकती है और एक कप की कीमत 10 रुपये है। उनके अनुसार चाय की बिक्री से रोजाना लगभग 25000 से 30000 रुपये की कमाई होती है।इन आंकड़ों के आधार पर 30 दिनों में कमाई 7.5 लाख से 9 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि अपनी असली कमाई का हिसाब लगाने से पहले, इस बिजनेस को चाय पत्ती, दूध, चीनी, कर्मचारियों की सैलरी, किराया, बिजली और अन्य खर्चों को निकालना होगा। मालिक ने यह भी बताया कि यहां लगभग 30-35 लोग काम करते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने इसे बहुत अच्छा बिजनेस भी बताया।नरेंद्र मोदी और एलन मस्क से हैं प्रेरितबातचीत तब एक अलग मोड़ पर आ गई जब गोस्वामी ने मालिक से पूछा कि क्या युवा लोग कम निवेश से कोई बड़ा बिजनेस खड़ा कर सकते हैं। मालिक ने उन लोगों की ओर इशारा करते हुए जवाब दिया, जो उनके अनुसार बहुत साधारण शुरुआत से आगे बढ़े हैं। उन्होंने कहा- हर कोई सबसे निचले स्तर से ही ऊपर उठता है। उदाहरण के लिए एलन मस्क और नरेंद्र मोदी का नाम काफी है।यह बताते हुए कि ये दोनों हस्तियां उन्हें क्यों प्रेरित करती हैं मालिक ने कहा- मोदी जी कभी एक चायवाले थे और आज वे भारत के प्रधानमंत्री हैं। एलन मस्क भी कभी एक छोटे बिजनेसमैन हुआ करते थे। आज वे ऐसी कंपनियों के मालिक हैं जो अरबों-खरबों रुपये कमाती हैं। इसके लिए आपके पास विरासत में मिली संपत्ति या दौलत होना जरूरी नहीं है। आप बिल्कुल नीचे से शुरुआत करके ऊपर उठ सकते हैं और सफलता हासिल कर सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 2:22 pm

IndusInd Bank Share Price: Q2 के नतीजे पर 2% चढ़ा शेयर, अब निकालें मुनाफा या अभी और भागेगा ऊपर?

IndusInd Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर इंडसइंड बैंक के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिखा। सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आने, एसेट क्वालिटी में सुधार और प्रोविजन्स में कमी ने इसके शेयरों में जोश भरा। हालांकि NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) पर दबाव अहम चिंता बना हुआ है जिसने शेयरों की अधिकतर तेजी खा ली। फिलहाल बीएसई पर यह 0.98% की बढ़त के साथ ₹843.20 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.33% उछलकर ₹854.45 तक पहुंचा था। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 30 मार्च 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹750.45 से चार ही महीने में 43.62% उछलकर 22 जुलाई 2026 को एक साल के हाई ₹1077.80 पर पहुंच गया।ेIndusInd Bank के लिए कैसी रही सितंबर तिमाहीसितंबर 2026 तिमाही में इंडसइंड बैंक सालाना आधार पर ₹437 करोड़ के घाटे से ₹1,242 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गया। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) भी 3.6% बढ़कर ₹4,569 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (प्रोविजन्स छोड़कर और अन्य एडजस्टमेंट्स के साथ) 40.4% बढ़कर ₹2,875 करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दिखा और ग्रास एनपीए 3.25% से 2.73% और नेट एनपीए 0.95% से 0.83% पर आ गया।अब आगे की बात करें तो मैनेजमेंट को उम्मीद है कि लोन ग्रोथ इंडस्ट्री के ग्रोथ के हिसाब से रहेगी और फोक सिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग और MSMEs लोन पर रहेगा। बैंक को यह भी भरोसा है कि NIM पर जो दबाव है, उससे अगले दो तिमाहियों में बैंक उबर जाएगा। सितंबर तिमाही में FCNR (B) यानी फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट डिपॉजिट्स के चलते एनआईएम को 7-8 बेसिस प्वाइंट्स का झटका लगा।इंडसइंड बैंक का लक्ष्य अब मार्च 2027 तिमाही में 1% का RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) हासिल करने का है तो मीडियम टर्म में 1.75%-1.8% का है। अभी यह 0.82% पर है।मैनेजमेंट का मानना है कि क्रेडिट कॉस्ट में आगे खास कमी के आसार नहीं है तो अब मुनाफे में रिकवरी मार्जिन में सुधार और फीस से कमाई पर निर्भर है। इसके अलावा माइक्रोफाइनेंस में करीब आठ तिमाहियों बाद ग्रोथ आई लेकिन बैंक कर्नाटक, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के सूखे से प्रभावित इलाकों में लोन बांटने को लेकर काफी सतर्क है।क्या है ब्रोकरेज फर्मों का रुझानब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी ने ₹760 के टारगेट प्राइस के साथ इंडसइंड बैंक को अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बैंक का मुनाफा अनुमान से अधिक रहा, जिसे नॉन-इंटेरेस्ट इनकम से सपोर्ट मिला तो दूसरी तरफ चुनौतियों के बने रहने और मार्जिन पर दबाव के बावजूद RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) में सुधार हुआ है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि मार्च 2027 तिमाही में बैंक ने RoA का जो लक्ष्य तय किया है, वह तो हासिल हो सकता है लेकिन मीडियम टर्म का लक्ष्य पाने में कुछ दिक्कतें हो सकती हैं।ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने ₹870 के टारगेट प्राइस के साथ इंडसइंड बैंक को सेल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सितंबर तिमाही में ₹1240 करोड़ का मुनाफा उसके अनुमान से 12% अधिक रहा। इसे फीस से मजबूत कमाई और क्रेडिट कॉस्ट में नरमी से सपोर्ट मिला। यूबीएस ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि एनआईआई सालाना आधार पर 3.6% बढ़ गया लेकिन एनआईएम में तिमाही आधार पर 3.23% पर आ गया क्योंकि इस पर FCNR(B) से जुड़ी यील्ड और लोन और डिपॉजिट मिक्स मे बदलाव का दबाव पड़ा। हालांकि ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि CASA (करंट अकाउंट एंड सेविंग्स अकाउंट) की कमजोरी और फंडिंग कॉस्ट के दबाव से मार्जिन रिकवरी पर दबाव दिख सकता है।Netweb धड़ाम, 4 गुना बढ़ा मुनाफा और रेवेन्यू, लेकिन इस कारण 5% टूट गया शेयरGold-Silver Outlook: तेज बिकवाली के बाद संभले सोना-चांदी! खरीदारी से पहले इस हफ्ते इन बातों पर रखें नजरडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 2:17 pm

Gold-Silver prices:

इंटरनेट डेस्क। सोने-चांदी कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आज सोना सस्ता हुआ है वहीं चांदी की कीमतों में इजाफा हुआ है। खबरों के अनुसार, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 340 रुपए टूटा है। इससे इस सोने की कीमत गिरकर 1.41 लाख रुपए रह गई है। वहीं चांदी की कीमत आज बढ़ी है। एक किलो चांदी की कीमत में आज 635 रुपए का इजाफा हुआ है। इससे चांदी की कीमत बढ़कर 1.94 लाख रुपए पर पहुंच गई है। शादियों का सीजन जल्द ही शुरू होने वाला है। लोगों को अभी सोना-चांदी खरीद लेना चाहिए। आगामी समय में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में भारी इजाफा हो सकता है। हाल ही के दिनों में सोने-चांदी कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। इसी कारण तो चांदी की कीमत लगभग दस माह बाद दो लाख रुपए के नीचे आई है। PC: zeebiz अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 26 Oct 2026 1:59 pm

क्या किराएदार को भी मिलता है गैस कलेक्शन, जान लें ये नियम

इंटरनेट डेस्क। नए गैस कनेक्शन के लिए लोगों को कई नियमों का पालन करना पड़ता है। बहुत से लोगों के मन में सवाल उठाता है कि क्या एक ही घर में मकान मालिक और किराएदार अलग-अलग गैस कलेक्शन ले सकते हैं। आज हम आपको इस संबंध में जानकारी देने जा रहे हैं। नियमों के अनुसार, अगर दोनों परिवार के किचन अलग हैं और खाना अलग-अलग बनाया जाता है तो ऐसी स्थिति में गैस कनेक्शन लेने की परमिशन किराएदार को मिल सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना भी काफी महत्वपूर्ण है। इसके लिए किराएदार को कनेक्शन लेने के लिए अपनी अलग किचन और रहने की व्यवस्था के बारे में बताना पड़ेगा। वहीं गैस एजेंसी में ई-केवाईसी का प्रोसेस पूरा करना होगा। इसमें किरायेदार की पहचान और परिवार से जुड़ी जानकारी की जांच होने के बाद ही उसे गैस कनेक्शन दिया जाएगा। एजेंसी को कुछ दस्तावेज भी देने होंगे। PC:jagran अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें

समाचार जगत 26 Oct 2026 1:59 pm

Bank Holidays: नवंबर में पूरे 15 दिन बंद रहेंगे बैंक, जाने से पहले चेक करें RBI की हॉलीडे लिस्ट

अब यह महीना बस खत्म ही होने को है, ऐसे में RBI ने अगले महीने की छुट्टियों की लिस्ट जारी कर दी है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:55 pm

Hyundai ने 2027 तक Creta और Bayon की सालाना 2.5 लाख यूनिट बिक्री का रखा लक्ष्य

वाहन विनिर्माता कंपनी हुंदै मोटर इंडिया का लक्ष्य 2027 में अपनी क्रेटा और नई बेयोन की कम से कम 2.50 लाख इकाइयां बेचने का है। कंपनी तेजी से बढ़ते मध्यम आकार के एसयूवी खंड में अपना नेतृत्व बनाए रखना चाहती है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण गर्ग ने नई बेयोन एसयूवी पेश किए जाने के मौके पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्रेटा और बेयोन को मिलाकर हम भविष्य में सालाना 2,50,000 से अधिक इकाइयों की बिक्री का लक्ष्य रख रहे हैं। इस बिक्री के साथ हम मध्यम आकार के एसयूवी खंड में अपना नेतृत्व स्पष्ट रूप से बनाए रख सकते हैं। 2,50,000 इकाइयां कोई सीमा नहीं, बल्कि शुरुआती आधार है। हम आगे भी वृद्धि जारी रखेंगे।’’उद्योग निकाय सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़ों के अनुसार, मध्यम आकार के यूटिलीटी वाहन खंड में एसयूवी और एमपीवी समेत 4-4.4 मीटर लंबाई वाले वाहनों की बिक्री गत वित्त वर्ष में करीब नौ लाख इकाई रही। हुंदै ने पिछले दो वित्त वर्षों में इस खंड में केवल क्रेटा के दम पर सालाना करीब दो लाख इकाइयां बेचीं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल घरेलू बिक्री में इस खंड की हिस्सेदारी करीब 35 प्रतिशत रही। नई बेयोन की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 9.99 लाख रुपये है। हुंदै के उत्पाद खंड में इसे चार मीटर से कम लंबाई वाली कॉम्पैक्ट एसयूवी वेन्यू और मध्यम आकार की एसयूवी क्रेटा के बीच रखा गया है। कंपनी इस खंड में दूसरा मॉडल जोड़कर अपनी मौजूदगी बढ़ाना चाहती है, जबकि हाल में क्रेटा की बिक्री पर दबाव आया है। गर्ग ने बताया कि इस खंड का आकार और वृद्धि हुंदै के एक से अधिक मॉडल के लिए गुंजाइश उपलब्ध कराती है। एक ही श्रेणी में कई मॉडल रखने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह खंड के आकार पर निर्भर करता है। अगर अवसर है, तो क्यों नहीं?’’हुंदै के पास पहले इस खंड में केवल क्रेटा थी। इसके मुकाबले मारुति सुजुकी के पास तीन मॉडल- ग्रैंड विटारा, विक्टोरिस तथा अर्टिगा, जबकि टाटा मोटर्स के पास दो मॉडल- कर्व तथा सिएरा हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में क्रेटा की बिक्री सालाना आधार पर नौ प्रतिशत से अधिक घटकर 89,727 इकाई रह गई, जबकि उद्योग में इस खंड की बिक्री 50 प्रतिशत से अधिक बढ़ी। गर्ग ने इसकी एक वजह बाजार में डीजल मॉडल की सीमित आपूर्ति को बताया। उन्होंने कहा कि क्रेटा के डीजल संस्करण के लिए एक महीने से अधिक की प्रतीक्षा अवधि है। नई बेयोन में केवल पेट्रोल और सीएनजी पावरट्रेन विकल्प होंगे। कंपनी की डीजल या इलेक्ट्रिक संस्करण पेश करने की कोई योजना नहीं है। गर्ग ने कहा, ‘‘हम अपने बाजार अनुसंधान के आधार पर दृढ़ता से मानते हैं कि इस खंड में सबसे अधिक बिक्री पेट्रोल वाहनों की होगी।’’दक्षिण कोरिया की मूल कंपनी हुंदै मोटर कंपनी ने हाल में 2032 तक भारत में 15.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:53 pm

Apollo Micro Systems में जबरदस्त खरीद, अच्छे Q2 नतीजों के दम पर 15 प्रतिशत तक भागा

Apollo Micro Systems Share Price: एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर की कंपनी अपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयरों में 26 अक्टूबर को जबरदस्त तेजी है। BSE पर शेयर दिन में पिछले बंद भाव से 15.6 प्रतिशत तक उछलकर 432.30 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 15600 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। कंपनी ने वीकेंड पर तिमाही नतीजे जारी किए थे। जुलाई—सितंबर 2026 तिमाही में शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 55.67 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 48.43 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 31.11 करोड़ रुपये था।ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 72.3 प्रतिशत बढ़कर 388.15 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 225.26 करोड़ रुपये था। कुल खर्च 299.21 करोड़ रुपये के रहे, जो सितंबर 2025 तिमाही में 183.42 करोड़ रुपये के थे। कंपनी में सितंबर 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 49.98 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।एफवाई27 के पहले 6 महीनों में कितनी कमाईअप्रैल—सितंबर 2026 यानि कि वित्त वर्ष 2026—27 के पहले 6 महीनों के दौरान अपोलो माइक्रो सिस्टम्स का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 639.44 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले 358.84 करोड़ रुपये था। शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा 75.34 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो सितंबर 2025 छमाही में 49.62 करोड़ रुपये था। कुल खर्च 515 करोड़ रुपये के रहे, जो सितंबर 2025 छमाही में 292.58 करोड़ रुपये के थे।शेयर इस साल अब तक 50 प्रतिशत चढ़ाअपोलो माइक्रो सिस्टम्स के शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर का बीएसई पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 466.70 रुपये और एडजस्टेड लो 180.80 रुपये है। शेयर साल 2026 में अब तक 50 प्रतिशत चढ़ा है। 2 साल में कीमत 310 प्रतिशत और 3 साल में करीब 470 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 5 साल में शेयर ने 3400 प्रतिशत से ज्यादा तेजी देखी है।Netweb धड़ाम, 4 गुना बढ़ा मुनाफा और रेवेन्यू, लेकिन इस कारण 5% टूट गया शेयरडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:49 pm

Jio IPO का ऐसा क्रेज कि 26 राज्यों का बजट भी पड़ गया छोटा, ₹7.4 लाख करोड़ की बोली और 1.39 करोड़ आवेदनों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

भारतीय शेयर बाजार में रिलायंस जियो के IPO ने निवेशकों के उत्साह की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने बड़े-बड़े रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। इस इश्यू में निवेशकों ने कुल ₹7.4 लाख करोड़ की बोलियां लगाईं, जबकि 1.39 करोड़ आवेदन प्राप्त हुए हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:43 pm

Cyclone Arnab Alert: बंगाल की खाड़ी में 'अर्नब' का महाखतरा! 140 KM की रफ्तार से टकराएगा चक्रवाती तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश का 'रेड अलर्ट'

Cyclone Arnab Landfall Alert News Updates: बंगाल की खाड़ी में एक खतरनाक मौसमी सिस्टम तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने की ओर बढ़ रहा है। चक्रवात 'अर्नब' की बढ़ती ताकत ने पूर्वी तट के लिए खतरे की आशंका बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग विभाग (IMD) के 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 8:30 बजे जारीनेशनल बुलेटिन के मुताबिक, यह तूफान आने वाले घंटों में और शक्तिशाली हो सकता है। इसके 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानमके तटवर्ती इलाके के पास दस्तक देने कीआशंका जताई गई है।ओडिशा-आंध्र में रेड अलर्ट तूफान के संभावित लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 125 किलोमीटर प्रति घंटे तक और हवा के तेज झोंकों कीस्पीड 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे हालात में तटीय इलाकों में तेज हवाओं, समुद्र में उथल-पुथल और संभावित भारी मौसमी प्रभावों को लेकर सतर्कता बेहद जरूरी है।मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटों के लिए चक्रवात चेतावनी के तहत बारिश बारिश होने को लेकर 'रेड अलर्ट' जारी किया है।ओडिशा के 5 जिलों में स्कूल बंदतूफान के आंध्र प्रदेश के तट से होकर गुजरने का अनुमान है। लेकिन ओडिशा के दक्षिणी और तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों की सुरक्षा, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और इमरजेंसी स्थिति से निपटने को प्राथमिकता दें, ताकि किसी की जान न जाए।राज्य सरकार ने 28 और 29 अक्टूबर को गंजाम, गजपति, रायगडा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिया है। इन जिलों में इस मौसमी प्रणाली का सबसे ज्यादा असर पड़ने की आशंका है। अन्य जिलों के कलेक्टर स्थानीय मौसम और बदलती परिस्थितियों को देखते हुए यह तय करेंगे कि शिक्षण संस्थानों को बंद रखा जाए या नहीं।तूफान की रफ्तार बढ़ी, अब और विकराल होनेकी आशंकामौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान 'अर्नब' पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे कीरफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा है। IMD फोरकास्ट के मुताबिक, 26 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। इसकी स्थिति लगभग 15.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 88.5 डिग्री पूर्वी देशांतर पर दर्ज की गई।मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, तूफान के 26 अक्टूबर की आधी रात तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की प्रबलआशंका है। इसके बाद 27 अक्टूबर को इसके अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप लेने का अनुमान है। यानी अगले 24 से 48 घंटे इस तूफान की दिशा, तीव्रता और तटीय क्षेत्रों पर संभावित प्रभाव के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।28 अक्टूबर की सुबह तट से टकराने की आशंकाकब दस्तक देगा तूफान?मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन में कहा गया है कि चक्रवात 'अर्नब' आगे चलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। 28 अक्टूबर 2026 की सुबह तक आंध्र प्रदेश एवं यानम के तट को पार कर सकता है। इसके लिए बापटला और विशाखापत्तनम के बीच का तटीय क्षेत्र संभावित लैंडफॉल जोन बताया गया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, तूफान यानम के निकट से गुजरते हुए तट पार कर सकता है।ये भी पढ़ें- LDA Sharda Nagar Yojana: लखनऊ में सस्ता घर खरीदने का सुनहरा मौका! एलडीए शारदा नगर योजना में 1 BHK फ्लैट मात्र ₹9 लाख में खरीदें140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं हवा के झोंकेमौसम विभाग के अनुसार, तूफान की सबसे चिंताजनक बात इसकी संभावितस्पीड है:- लगातार हवाओं की रफ्तार: 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकता है। हवा के तेज झोंके: 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक होने की आशंका है। संभावित लैंडफॉल: 28 अक्टूबर की सुबह। संभावित क्षेत्र: बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यानम के नजदीक। इस गति की हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर ढांचों और अस्थायी निर्माणों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की आशंका भी हो सकती है। वास्तविक नुकसान इस बात पर निर्भर करेगा कि तूफान की तीव्रता, दिशा और तट से टकराने की स्थिति क्या रहती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:36 pm

Silver Price Today: अपने पीक से 53% नीचे चांदी, अभी खरीदें या करें इंतजार, जानें एक्सपर्ट्स क्या दे रहे है राय

Silver Price Today: चांदी की कीमतें एक अहम दौर से गुजर रही हैं। ये अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर से 53 फीसदी से नीचे कारोबार कर रही हैं। मिडिल ईस्ट में तनाव और लगातार बनी हुई महंगाई (जिसका मुख्य कारण ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं) के चलते सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें बढ़ गई हैं, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है।28 जनवरी, 2026 को चांदी लगभग 117 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। 23 अक्टूबर तक आते-आते, इसमें 53 फीसदी से अधिक की गिरावट आई और अब यह 54 डॉलर प्रति औंस के थोड़ा ऊपर कारोबार कर रही है।घरेलू बाजार में भी कुछ ऐसा ही रुझान देखने को मिला। इस साल, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर स्पॉट चांदी 29 जनवरी को 3,79,983 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्च स्तर पर पहुंच गई थी, जबकि 23 अक्टूबर को यह गिरकर 1,94,170 रुपये के निचले स्तर पर आ गई। इससे पहले, 23 मार्च को यह 2,04,383 रुपये के निचले स्तर तक गई थी।फ्यूचर्स मार्केट में, 26 अक्टूबर को घरेलू चांदी 4 दिसंबर की डिलीवरी के लिए 1,95,000 रुपये प्रति किलोग्राम के नीचे ट्रेड कर रही है।'स्पॉट चांदी' का मतलब है तुरंत खरीद और डिलीवरी के लिए मौजूदा बाजार भाव, जबकि 'चांदी फ्यूचर्स' ऐसे एक्सचेंज-ट्रेडेड कॉन्ट्रैक्ट होते हैं, जिनमें भविष्य की किसी तारीख पर एक तय कीमत पर चांदी खरीदने या बेचने का सौदा किया जाता है।चांदी की कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों के मन में सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पिछली तेजी कायम रह पाएगी या नहीं? मुनाफावसूली (प्रॉफिट-टेकिंग), अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें, डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव, और वैश्विक औद्योगिक मांग को लेकर अनिश्चितता जैसे कई कारण है जो मौजूदा समय में चांदी की गिरावट को सपोर्ट कर रही है ।अब निवेशकों को क्या करना चाहिएबुलियन मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद जताते हुए, बोनान्ज़ा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव ने कहा, निकट भविष्य में चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। कीमतों में आई भारी गिरावट का मतलब यह नहीं है कि कीमतें अपने निचले स्तर (बॉटम) पर आ गई हैं। निवेशकों को बहुत आक्रामक होकर खरीदारी करने से बचना चाहिए और निवेश बढ़ाने से पहले कीमतों के स्थिर होने के संकेतों का इंतजार करना चाहिए। मध्यम अवधि में, चांदी की चाल अमेरिकी मौद्रिक नीति, डॉलर की दिशा, वैश्विक विनिर्माण गतिविधियों और औद्योगिक मांग पर निर्भर करेगी। बॉन्ड यील्ड में गिरावट और निवेश की मांग में फिर से तेजी आने से कीमतों में सुधार (रिकवरी) आ सकती है, हालांकि कमजोर आर्थिक गतिविधियां इस तेजी को सीमित कर सकती हैं।कीमतों पर स्ट्रक्चरल डिमांड का रहेगा असरनिवेशकों को इस कीमती सफेद धातु की 'स्ट्रक्चरल डिमांड' (संरचनात्मक मांग) पर नजर रखने की सलाह देते हुए, बोनान्ज़ा के विशेषज्ञ ने कहा कि लंबी अवधि में, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिफिकेशन और औद्योगिक उपयोग से जुड़ी स्ट्रक्चरल डिमांड से चांदी को फायदा मिल सकता है। हालांकि, तकनीकी बदलाव, विकल्पों का आना और धीमी आर्थिक वृद्धि इसके लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं।बोनान्ज़ा के निरपेंद्र यादव ने कहा, निवेशकों के लिए, कीमतों में आया मौजूदा सुधार धीरे-धीरे खरीदारी करने का एक अच्छा मौका हो सकता है, बजाय इसके कि वे यह अनुमान लगाने की कोशिश करें कि कीमतें कब अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंचेंगी। जो लोग पहले से ही चांदी में निवेशित हैं, उन्हें अपने निवेश की समीक्षा करनी चाहिए और किसी एक जगह बहुत ज्यादा पैसा लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि सोने की तुलना में चांदी में उतार-चढ़ाव काफी अधिक होता है। निवेश की मांग में लगातार सुधार और औद्योगिक फंडामेंटल्स में बेहतरी आने से ही कीमतों में एक मजबूत और टिकाऊ रिकवरी की पुष्टि हो सकेगी।Silver Price Today: चढ़ गए दाम, खरीदारी से पहले जानें आपके अपने शहर में ताजा भाव(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:31 pm

'भारत बनेगा ग्लोबल हब', AI डेटा सेंटर पर अनिल अग्रवाल का बड़ा दावा; बोले- 'US-Europe भी पीछे, क्योंकि...'

Anil Agarwal on India AI Data Center: वेदांता चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि भारत AI डेटा सेंटर का वैश्विक हब बनने की क्षमता रखता है। यहां निर्माण लागत कम, अक्षय ऊर्जा की अपार संभावनाएं और विशाल भौगोलिक स्थिति अनुकूल है।

जागरण 26 Oct 2026 1:28 pm

Hanuman Ansh: 11 हफ्तों के बाद थमी हनुमान अंश की कमाई, जानें 80 दिनों तक कितना मुनाफा और कलेक्शन किया

Hanuman Ansh: 'हनुमान अंश' 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को रिलीज के वक्त 200 स्क्रीन नसीब होना मुश्किल हो रहा था। इस बीच टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म ने आकर इसे पूरी से डब्बा गोल ही कर दिया था। लेकिन 10 लाख से ओपिनिंग करने वाली इस फिल्म को 24 दिन बाद नया जीवनदान मिल गया। फिल्म ने अपने 24वें दिन 12 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन किया। इसके बाद इसकी रफ्तार में सीधा 80वें दिन लगाम लगी है।वीक वाइज Hanuman Ansh का कलेक्शनहनुमान अंश ने पहले हफ्ते में 1.08 करोड़ का कलेक्शन किया था। दूसरे वीक में 0.40 करोड़, तीसरे वीक में 10.40 करोड़, चौथे वीक 61.00 करोड़, पांचवे वीक 90.25 करोड़ का कलेक्शन किया था। वहीं 6वें हफ्ते में आते ही इसका कलेक्शन 80.25 करोड़, 7वें वीक 44.80 करोड़, 8वें वीक 29.20 करोड़ का कलेक्शन किया था। फिल्म ने अपने रिलीज के 9वें हफ्ते में 10.60 करोड़, 10वें हफ्ते में 11 करोड़ और 11वें हफ्ते में 2.01 करोड़ कलेक्शन किया है।टोटल कलेक्शनअब तक फिल्म ने भारत में ₹341.26 करोड़ की नेट कमाई की है, जबकि भारत में इसका कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹402.72 करोड़ है। विदेशों में फिल्म ने कुल ₹48.80 करोड़ की कमाई की है, जिससे इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन ₹451.52 करोड़ हो गया है।फिल्म ने कमाया मुनाफा2 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में नेट कलेक्शन ₹341.26 करोड़ और ग्रास कलेक्शन 402.72 करोड़ किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने 22,465.5 फीसद से खज्यादा प्रोफिट कमाया है यानी 225 गुना से ज्यादा। फिल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिला है।हनुमान अंश के बारे में जानकारीहनुमान अंश का निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। इसके प्रोड्यूसर विशाल चतुर्वेदी, नम्रता जी सिंह, अनुप्रिया नागर, रागिनी सोना है। फिल्म में शोभिनव सत्या ने बाबा नीम करौली का किरदार निभाया है। इसके अलावा चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी और विहाण शेड़गे अहम किरदार में नजर आए हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 1:26 pm

₹10 हजार किलो की चीज से बनेगा सोना! इस कंपनी ने किया दावा; क्या दुनिया में आएगी Gold की बाढ़?

सैन फ्रांसिस्को की कंपनी मैराथन फ्यूजन ने न्यूक्लियर फ्यूजन से पारे को सोने में बदलने का दावा किया है, जो CERN के रिकॉर्ड से 10 गुना अधिक है।

जागरण 26 Oct 2026 1:26 pm

16 KG गोल्ड से बने दुनिया के सबसे भारी झुमके, इस भारतीय अरबपति ने दुबई में किए लॉन्च; रंग लाई 55 कारीगरों की मेहनत

जॉयअलुक्कास ने 'मयूर सहस्र' नाम की सोने की बालियों के साथ दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए हैं, जो 16 किलोग्राम से अधिक वजन वाली सबसे भारी और सबसे बड़ी बालियां हैं। दुबई में लॉन्च की गई ये 22 कैरेट सोने की बालियां अब कंपनी के 'ज्वेल ऑफ जॉय' स्टोर में स्थायी रूप से प्रदर्शित की जाएंगी।

जागरण 26 Oct 2026 1:25 pm

BIS मानकों के उल्लंघन पर Ador Welding समेत कई कंपनियों पर लाखों का जुर्माना

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने सोमवार को बताया कि महाराष्ट्र, केरल और ओडिशा में अदालतों ने अनिवार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने के मामले में कई कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई घटिया गुणवत्ता वाले उत्पादों के विनिर्माण और गुणवत्ता प्रमाणन में धोखाधड़ी के खिलाफ देशव्यापी अभियान के तहत की गई है। अदालतों ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) अधिनियम, 2016 के तहत अनिवार्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने के मामले में कई कंपनियों पर जुर्माना लगाया है। भारत की राष्ट्रीय मानक संस्था बीआईएस ने विनिर्माताओं, आयातकों और खुदरा विक्रेताओं से गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (क्यूसीओ), अनिवार्य आईएसआई चिह्न संबंधी आवश्यकताओं तथा सोने की हॉलमार्किंग के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। उसने साथ ही आगाह किया कि बीआईएस अधिनियम, 2016 के तहत नियमों का पालन नहीं करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए भारी जुर्माना, सामान जब्त किया जाना और कारावास का प्रावधान है। बयान में कहा गया कि अदालतों के ये आदेश बीआईएस की देशव्यापी प्रवर्तन छापेमारी के बाद आए हैं। इन छापेमारी में नियमों का पालन नहीं करने वाले औद्योगिक उत्पादों, बिना हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों और नकली पैकेटबंद पेयजल को निशाना बनाया गया। हाल ही में बड़े वित्तीय जुर्मानों में से एक के तहत महाराष्ट्र के भिवंडी की प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने आयातक कंपनी एडोर वेल्डिंग लिमिटेड और उसके 16 निदेशकों एवं अधिकारियों पर अनिवार्य बीआईएस मानकों का उल्लंघन करने के लिए कुल 34 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। केरल के त्रिशूर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत ने 15 अक्टूबर, 2026 को डीईएमएसी ब्रांड नाम से निर्मित खोखले संरचनात्मक इस्पात खंडों की 162 मीट्रिक टन खेप को जब्त करने का आदेश दिया। अदालत ने वैध लाइसेंस के बिना बीआईएस मानक चिह्न (आईएस 4923) प्रदर्शित करने के लिए न्यू मलयालम स्टील प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़े दो व्यक्तियों पर भी दो-दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया। इस तरह कुल जुर्माना छह लाख रुपये हुआ। नकली आईएसआई चिह्न तथा बिना हॉलमार्क वाले सोने के संबंध में बीआईएस ने बयान में कहा कि इस अभियान के दायरे में उपभोक्ता वस्तुएं भी शामिल थीं। भिवंडी में श्री समर्थ वाटर सप्लायर्स के मालिक नीलेश जयराम पाटिल को पैकेटबंद पेयजल की थैलियों पर अनधिकृत आईएसआई चिह्न छापने का दोष स्वीकार करने के बाद दोषी ठहराया गया और दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, ओडिशा के भुवनेश्वर में हिंदुस्तान ज्वेलर्स ने अदालत के आदेश पर तीन लाख रुपये का जुर्माना जमा कराया। यह कार्रवाई बिना हॉलमार्क वाले 138.80 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए जाने के बाद हुई। जब्त आभूषणों में बालियां, चेन, हार, पेंडेंट, कंगन और चूड़ियां शामिल थीं।

प्रभासाक्षी 26 Oct 2026 1:13 pm

Bitcoin Crash Alert!

Bitcoin Price Crash: Bitcoin

गुड रिटर्न्स 26 Oct 2026 1:04 pm

Freddy Francis: कॉकरोज जनता पार्टी छोड़ने वाले फ्रेडी फ्रांसिस कौन हैं, जानिए फंडिंग के तरीके पर क्या बातें कहकर छोड़ दी CJP

Freddy Francis: सोशल मीडिया पर वायरल इन्फ्लुएंसर फ्रेडी फ्रांसिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की केरल इकाई से अलग होने का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार (25 अक्टूबर) को जारी बयान मेंऐलान किया कि अब वह संगठन से किसी भी आधिकारिक भूमिका में जुड़े नहीं रहेंगे। फ्रांसिस ने अपने फैसले के पीछे संगठन की फंड जुटाने की प्रक्रिया, कुछ राजनीतिक बयानों और कई फैसलों को लेकर गंभीर मतभेदों का हवाला दिया है।फ्रांसिस के इस फैसले से संगठन की केरल इकाई में हलचल पैदा हो गई है। उन्होंने कहा कि वह संगठन के कुछ फैसलों का समर्थन नहीं कर सकते और न ही भविष्य में उसकी गतिविधियों की जिम्मेदारी लेना चाहते हैं। उनके अनुसार, कुछ फैसले केरल की धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।फंडिंग और राजनीतिक बयानों पर जताई असहमतिफ्रेडी फ्रांसिस ने अपने बयान में अभिजीत दीपके की अगुवाई वाली CJP की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फंड जुटाने के तरीकों, कुछ अपरिपक्व राजनीतिक बयानों और कुछ फैसलों को लेकर उनकी गंभीर असहमति है। उन्होंने कहा कि जिन गतिविधियों और फैसलों से वह सहमत नहीं हैं, उनका समर्थन करना उनके लिए संभव नहीं है। इसी वजह से उन्होंने संगठन से अपनी आधिकारिक भूमिका समाप्त करने का निर्णय लिया।फ्रांसिस ने अपने बयान में कहा कि वह संगठन के ऐसे फैसलों, बयानों या भविष्य की गतिविधियों का समर्थन नहीं कर सकते, जिनसे उनके विचारों और सिद्धांतों के विपरीत परिस्थितियां पैदा हों। हालांकि, उनके बयान में फंड जुटाने के किन तरीकों पर आपत्ति थी और किन राजनीतिक बयानों को लेकर मतभेद पैदा हुए, इसकाडिटेल्स नहीं दिया गया है।संगठन के साथियों को दिया धन्यवादपार्टी से अलग होने का फैसला लेने के बावजूद फ्रांसिस ने संगठन के साथ काम करने वाले लोगों के योगदान को स्वीकार किया। उन्होंने उन समर्थकों और सहयोगियों का आभार जताया, जो बाढ़, प्रदर्शनों और अन्य पहलों के दौरान टीम के साथ खड़े रहे। फ्रांसिस के अनुसार, संगठन के सदस्यों ने मिलकर जो काम किया, उसने आंदोलन को मौजूदा स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।उन्होंने अपने बयान में कहा कि टीम के रूप में किए गए सामूहिक प्रयासों और इसमें योगदान देने वाले लोगों पर उन्हें गर्व है। उनकी यह टिप्पणी दिखाती है कि संगठन से अलग होने के बावजूद वह अपने साथियों के योगदान को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं।'संगठन छोड़ रहा हूं, अपने सिद्धांत नहीं'फ्रेडी फ्रांसिस ने स्पष्ट किया कि CJP की केरल इकाई से अलग होने का अर्थ यह नहीं है कि उन्होंने अपने व्यक्तिगत सिद्धांतों को छोड़ दिया है। उन्होंने लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही भारतीय नागरिकों को संविधान से मिले अधिकारों और स्वतंत्रताओं की रक्षा के लिए खड़े रहने की बात कही। फ्रांसिस ने कहा कि संगठन से दूरी बनाने का उनका फैसला उनके मूल्यों से दूरी बनाने का फैसला नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी वह इन सिद्धांतों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।कौन हैं फ्रेडी फ्रांसिस?फ्रेडी वी. फ्रांसिस केरल के रहने वाले सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखने वाले इन्फ्लुएंसर हैं। केरल की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं। वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की केरल इकाई और उसके युवा आंदोलन को शुरुआती दौर में आगे बढ़ाने वालों में शामिल थे। फ्रेडी फ्रांसिस उन शुरुआती लोगों में शामिल थे, जिन्होंने केरल में Cockroach Janata Party और उसके युवा आंदोलन को खड़ा करने में भूमिका निभाई थी।रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पार्टी की केरल इकाई ने अपनी संगठित गतिविधियों का विस्तार करना शुरू किया था। संगठन से जुड़े समन्वयकों ने राज्य के सभी जिलों में अपनी मौजूदगी स्थापित करने और स्थानीय सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर काम करने की योजना की घोषणा की थी। ऐसे समय में फ्रांसिस का संगठन से अलग होना उसके लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा सकता है।धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले प्रदर्शनों में भी थे सक्रिय'केरल कौमुदी' की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रेडी फ्रांसिस उन प्रदर्शनों में भी सक्रिय रूप से शामिल थे, जिनके चलते पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। इससे केरल में संगठन की राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलनों में उनकी भागीदारी का पता चलता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन प्रदर्शनों के पूरे घटनाक्रम और फ्रांसिस की व्यक्तिगत भूमिका का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 12:51 pm

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात अर्नब की तूफानी दस्तक: 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका, जानें दोनों राज्यों की तैयारी!

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'अर्नब' (Arnab) तेज हो रहा है। इसे देखते हुए आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और ओडिशा (Odisha) में अलर्ट जारी किया गया है। PTI की रिपोर्ट के अनुसार, तूफान 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इससे कई इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश होने की आशंका है। दोनों राज्यों की सरकारें लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम कर रही हैं।भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव वाला क्षेत्र 26 अक्टूबर को चक्रवात में बदल गया। आगे बढ़ते समय तूफान की ताकत और दिशा में ये बदलाव हो सकता है: आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तूफान के पहुंचने की संभावना जताई गई है। चक्रवात के रास्ते और ताकत को लेकर मौसम विभाग लगातार नजर रख रहा है। आंध्र प्रदेश में लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए ये कदमराज्य सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए सभी जिलों को सतर्क रहने को कहा है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने और बिजली जैसी जरूरी सुविधाएं चालू रखने की तैयारी कर रहा है। लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना: प्रशासन ने करीब 5.7 लाख लोगों की पहचान की है, जो चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। इन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाने का काम सोमवार शाम से शुरू किया गया। जिलों में अलर्ट: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सभी जिलों को सतर्क रहने और लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। बिजली की व्यवस्था: मंत्री जी. रवि कुमार ने बिजली कंपनियों को बिजली चालू रखने और तूफान के बाद जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में मछली पकड़ने गई नावों को वापस लौटने के लिए कहा गया है। अस्पताल और कंट्रोल रूम: खतरे वाले इलाकों की गर्भवती महिलाओं को पहले ही अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। चक्रवात पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। ओडिशा सरकार ने भी किए पुख्ता इंतजामओडिशा सरकार ने भी चक्रवात से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर वहां की तैयारियों के बारे में जानकारी ली और अलग-अलग विभागों को जरूरी काम सौंपे हैं। स्कूल-कॉलेज बंद: पांच जिलों में मंगलवार और बुधवार को स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे। अधिकारियों की जिम्मेदारी: आठ मंत्रियों और पांच वरिष्ठ IAS अधिकारियों को हालात पर नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ से बचाव: दक्षिणी ओडिशा में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। हीराकुंड जलाशय से पहले ही पानी छोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है। लोगों की सुरक्षा: सरकार की कोशिश है कि चक्रवात के कारण किसी की जान न जाए। चक्रवात 'अर्नब' नाम किस देश ने दिया?चक्रवात 'अर्नब' का नाम बांग्लादेश ने सुझाया था। उत्तरी हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम रखने के लिए लिस्ट बनाई गई है। इसे अप्रैल 2020 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (UNESCAP) के चक्रवात पैनल ने अपनाया था।इस सूची में 13 देशों के सुझाए गए कुल 169 नाम हैं। हर देश ने 13 नाम दिए हैं। इनमें भारत, बांग्लादेश, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल हैं। चक्रवातों के नाम इस लिस्ट के क्रम के हिसाब से रखे जाते हैं।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 12:36 pm

Netweb धड़ाम, 4 गुना बढ़ा मुनाफा और रेवेन्यू, लेकिन इस कारण 5% टूट गया शेयर

Netweb Tech Share Price: सुपरकंप्यूटिंग सिस्टम बनाने वाली नेटवेब टेक्नोलॉजीज के शेयरों को आज तगड़ा शॉक लगा। सितंबर तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू में चार गुना से अधिक गुना के उछाल के बावजूद नेटवेब के शेयर 5% से अधिक टूट गए। कंपनी का एक मोर्चे पर फेल होना ऐसा झटका लगा कि शेयरों की चमक फीकी पड़ गई। दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए। फिलहाल बीएसई पर यह 3.55% की गिरावट के साथ ₹4,181.90 पर है। इंट्रा-डे में यह 5.29% की फिसलन के साथ ₹4106.35 तक आ गया था।Netweb Tech के शेयरों को क्यों लगा झटकाप्रॉफिट और रेवेन्यू के मोर्चे पर नेटवेब टेक ने शानदार परफॉर्म किया। सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर नेटवेब टेक का शुद्ध मुनाफा ₹31.43 करोड़ से 334.75% बढ़कर ₹136.66 करोड़ और ऑपरेशंस से रेवेन्यू ₹303.72 करोड़ से 335.68% उछलकर ₹1323.28 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए ₹34.87 करोड़ से 333.93% उछलकर ₹151.31 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि मार्जिन के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा और ईबीआईटीडीए मार्जिन 14.97% से 14.91% पर आ गया।सितंबर 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑर्डर बुक ₹2,629 करोड़ रहा जिससे आने वाली तिमाही में कंपनी के कारोबार को लेकर आउटलुक अच्छा दिख रहा है। इसके अलावा ₹652.5 करोड़ का एल1 ऑर्डर है यानी इसके लिए कंपनी ने सबसे कम बोली लगाई है। कंपनी ने ₹11,151.8 करोड़ की सक्रिय बिजनेस पाइपलाइन की भी जानकारी दी। सितंबर तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा और ऑपरेशंस से रेवेन्यू रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया।अब तक कैसी रही शेयरों की चालनेटवेब टेक के शेयरों ने निवेशकों की शानदार कमाई कराई है और आठ ही महीने में निवेशकों का पैसा लगभग डबल हो गया और लिस्टिंग से लेकर तो अब तक इसने धुंआधार पैसे बरसाए हैं। आईपीओ निवेशकों को इसके शेयर ₹500 के भाव पर जारी हुए थे और मार्केट में इसकी 27 जुलाई 2023 को एंट्री हुई थी। आईपीओ को ताबड़तोड़ बोली मिलने के बाद इसके शेयर 88% से अधिक प्रीमियम पर लिस्ट होने के बाद और ऊपर चढ़े।आने वाले समय में इसके शेयरों की चमक तेजी से बढ़ी और तीन ही साल में यह 24 अगस्त 2026 को ₹5,810.00 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक 1062% मुनाफे में पहुंच गए यानी कि आईपीओ निवेशकों की पूंजी तीन ही साल में 11 गुना से अधिक बढ़ गया। पिछले साल 9 दिसंबर 2026 को यह एक साल के निचले स्तर ₹2,942.45 पर था।Gold-Silver Outlook: तेज बिकवाली के बाद संभले सोना-चांदी! खरीदारी से पहले इस हफ्ते इन बातों पर रखें नजरडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 12:34 pm

LIC की इस खास स्कीम के तहत रोजान कुछ रुपए की बचत से बना सकते हैं 25 लाख का फंड, जानिए इसके पूरे फायदे

देश की दिग्गज बीमा कंपनी एलआईसी हर आयु के लोगें लिए एक से बढ़कर एक बढ़िया प्लान ऑफर करने के लिए जानी जाती है। इनमें जीवन आनंद खास है। अगर आप छोटी-छोटी बचत करके भविष्य के लिए बड़ी रकम जुटाना चाहते हैं और साथ ही परिवार को आर्थिक सुरक्षा भी देना चाहते हैं, तो एलआईसी की जीवन आनंद पॉलिसी के बारे में जरूर जाने। यह योजना बचत और जीवन बीमा, दोनों का लाभ देने के लिए बनाई गई है। यह एक नहीं, बल्कि पॉलिसी होल्डर्स को दो बार बोनस का लाभ देता है। इसमें रिटर्न भी अच्छा मिलता है। इसमें थोड़ा-थोड़ा निवेश करके भी अच्छा खासा फंड जमा कर सकते हैं।इस पॉलिसी में रोजाना करीब 45 रुपये के बराबर जमा करके लंबे समय में 25 लाख रुपये तक का फंड बनाया जा सकता है। हालांकि, यह रकम हर पॉलिसीधारक के लिए एक जैसी नहीं होती। ऐसे में अगर कम प्रीमियम में मोटा फंड जुटाने का प्लान है, तो फिर एलआईसी की जीवन आनंद पॉलिसी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। एक तरह से ये टर्म पॉलिसी की तरह ही है। जितने समय के लिए आपकी पॉलिसी है, आप उतने समय तक प्रीमियम का भुगतान कर सकते हैं। ये प्लान एक नहीं, बल्कि कई मैच्योरिटी बेनिफिट (Maturity Benefit) के साथ आता है. इसमें कम से कम एक लाख रुपये का सम एश्योर्ड होता है, जबकि मैक्सिमम लिमिट तय नहीं की गई है।हर रोज महज 45 रुपये की बचत कर सकती है बड़ा कामLIC Jeevan Anand Policy में आप करीब 1358 रुपये हर महीने का जमा करके 25 लाख रुपये पा सकते हैं। इस हिसाब से देखें तो हर रोज आपको महज 45 रुपये की सेविंग करनी होगी। इसका पॉलिसी टर्म 15 से 35 साल का है। यानी अगर आप इस पॉलिसी के तहत 45 रुपये रोज की बचत करते हुए 35 साल के लिए निवेश करते हैं, तो इस स्कीम के मैच्योरिटी पूरी होने के बाद आपको 25 लाख रुपये की रकम मिलेगी। सालाना आधार पर आपके द्वारा बचाई गई रकम को देखें तो ये करीब 16,300 रुपये होगी।लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सही विकल्पहर साल 16,300 रुपये का निवेश आप इस एलआईसी पॉलिसी में 35 साल तक करते हैं, तो कुल मिलाकर जमा राशि 5,70,500 रुपये जमा कर लेंगे। अब पॉलिसी टर्म के मुताबिक, इसमें बेसिक सम एश्योर्ड पांच लाख रुपया होगा, जिसके साथ मैच्योरिटी पीरियड के बाद आपको इस रकम में रिविजनरी बोनस 8.60 लाख रुपये और फाइनल बोनस 11.50 लाख रुपये जोड़कर दिया जाएगा। LIC की जीवन आनंद पॉलिसी में दो बार बोनस दिया जाता है, लेकिन इसके लिए आपकी पॉलिसी 15 साल की होनी जरूरी है।स्कीम के साथ मिलते हैं ये फायदेएलआईसी जीवन आनंद एक एंडोमेंट प्लान है। इसमें पॉलिसी की अवधि के दौरान बीमा सुरक्षा मिलती है और अवधि पूरी होने पर नियमों के अनुसार एकमुश्त मैच्योरिटी राशि दी जाती है। अगर पॉलिसीधारक की मृत्यु पॉलिसी अवधि के दौरान हो जाती है, तो पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक परिवार को बीमा राशि मिल सकती है।इस योजना की एक खास बात यह है कि मैच्योरिटी के बाद भी जीवन बीमा कवर जारी रह सकता है। इससे पॉलिसीधारक को बचत के साथ लंबी अवधि की बीमा सुरक्षा का लाभ मिलता है। हालांकि, इसके लिए पॉलिसी के नियम और शर्तें समझना जरूरी है। जीवन आनंद पॉलिसी लेने वाले पॉलिसीहोल्डर को इस योजना के तहत किसी भी तरह की टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलता है।जरूरत पड़ने पर पॉलिसी की शर्तों के अधीन उस पर लोन लेने की सुविधा भी मिल सकती है। इससे अचानक पैसों की जरूरत पड़ने पर मदद मिल सकती है। लोन की उपलब्धता और उसकी शर्तें पहले समझ लेना बेहतर है।इन बातों का रखें ध्यानजीवन आनंद उन लोगों के लिए सही विकल्प हो सकता है, जो लंबे समय तक नियमित बचत करना चाहते हैं और बीमा सुरक्षा को भी महत्व देते हैं। लेकिन इसे चुनने से पहले यह देखना जरूरी है कि प्रीमियम आपकी आमदनी के हिसाब से कितना सही है और आपको कितने बीमा कवर की जरूरत है। ध्यान रखें कि रोज 45 रुपये बचाने पर 25 लाख रुपये मिलने का आंकड़ा सभी के लिए तय नहीं है। पॉलिसी के लाभ, बोनस और मैच्योरिटी की रकम अलग-अलग हो सकती है। इसलिए निवेश से पहले एलआईसी के आधिकारिक दस्तावेजों और पॉलिसी की शर्तों को ध्यान से पढ़ें। जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की मदद भी लें।Dr Reddy's Share Price : Q2 में मुनाफा 36% घटने का बावजूद शेयर में आई जोरदार तेजी, जानिए क्या है ब्रोकरेज की रायडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 26 Oct 2026 12:31 pm

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