IRCTC पर AI का कमाल! ट्रेन खोजने से फॉर्म भरने तक खुद किए सारे काम, क्रिएटर ने शेयर किया वीडियो
एक सोशल मीडिया क्रिएटर का OpenAI के GPT-6 Astra के साथ किया गया एक्सपेरिमेंट वायरल हो गया है। क्रिएटर ने दिखाया कि कैसे यह AI असिस्टेंट बहुत कम निर्देशों के साथ IRCTC टिकट-बुकिंग प्रोसेस को पूरा कर सकता है। वहीं, इस वीडियो के सामने आने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि AI-पावर्ड ऑटोमेशन कितनी तरक्की कर चुका है।वीडियो में देखें पूरा मामलाशुरू में उन्हें शक था क्योंकि IRCTC एक सरकारी वेबसाइट है, इसलिए क्रिएटर ने खुद उस दावे को आजमाने का फैसला किया। उनके मुताबिक, उन्होंने ChatGPT Astra खोला और एक आसान सा प्रॉम्प्ट डाला। मुझे 20 सितंबर को रात 9 बजे से 11 बजे के बीच मुंबई से राजकोट के लिए दो लोगों के लिए AC क्लास में ट्रेन टिकट बुक करना है। ब्राउजर का इस्तेमाल करें।उन्होंने बताया कि इसके बाद AI ने अपने आप बुकिंग प्रोसेस को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। इसने निकलने (Departure) और पहुंचने (Destination) वाले स्टेशन चुने, यात्रा की तारीख और समय की जानकारी डाली, उपलब्ध ट्रेनें खोजीं और अलग-अलग विकल्पों में टिकट की उपलब्धता जांची। View this post on Instagram A post shared by Manthan Jethwani (@manthanjethwani) क्रिएटर ने दावा किया कि AI ने जरूरतों के हिसाब से ट्रेनें ढूंढ लीं और उन्हें बताया कि उपलब्ध विकल्प वेटिंग लिस्ट में हैं। जब ChatGPT ने पूछा कि वे आगे कैसे बढ़ना चाहते हैं, तो उन्होंने उसे अगले दिन के लिए टिकट खोजने का निर्देश दिया।क्रिएटर ने कहा, “मेरे लिए सिर्फ पेमेंट करना बाकी रह गया था।” उसने बताया कि टिकट बुकिंग के दौरान ट्रेन सर्च करने, ट्रेन चुनने और जरूरी फॉर्म भरने जैसे ज्यादातर काम AI ने खुद ही कर दिए। इस डेमो ने ऑनलाइन लोगों का ध्यान खींचा और कई यूजर्स इस बात पर बहस करने लगे कि क्या ऐसी क्षमताएं रोजमर्रा के डिजिटल कामों के ऑटोमेट होने के तरीके में कोई बड़ा बदलाव लाएंगी।एक यूजर ने कमेंट कर लिखा, इसे 'तत्काल' में आजमाकर देखो, तब मैं मानूंगा कि AI हम सबकी जगह ले लेगा। उन्होंने IRCTC के बहुत ज्यादा कॉम्पिटिटिव 'तत्काल' टिकट-बुकिंग सिस्टम का जिक्र किया, जहां टिकट अक्सर कुछ ही मिनटों में बिक जाते हैं।वहीं, एक अन्य यूजर ने एक अलग टेस्ट का सुझाव दिया: इसे एक रिज्यूमे दो और इसके जरिए असल नौकरियों के लिए अप्लाई करने की कोशिश करो।यह भी पढ़ें:Video: अच्छी नौकरी छोड़ शुरू किया खुद का योग स्टूडियो, जानिए SBI की असिस्टेंट मैनेजर ने क्यों दिया इस्तीफा
इमरजेंसी में कितना निकाल सकते हैं PF? बदल गए हैं पुराने नियम
अगर आप पीएफ अकाउंट से पैसा निकालना चाहते हैं तो आपको पीएफ एडवांस निकासी के नियम को जान लेना चाहिए, क्योंकि इमरजेंसी से लेकर अन्य सर्विस के लिए पीएफ से निकासी का नियम बदल गया है.
Market View : बाजार में अच्छी रिकवरी आई है। निफ्टी दिन के निचले स्तरों 150 प्वाइंट रिकवरी होकर 23350 के ऊपर आ गया है। फिर भी यह लाल निशान में ही है। बैंक निफ्टी नीचे से 750 अंक सुधरा है और हरे निशान में आ गया है। क्रूड में भी नरमी आई है। 108 वाला क्रूड 105 डॉलर पर आ गया। डाओ फ्यूचर भी 200 अंक ऊपर है। बाजार की नजर अब आज शाम आने वाले US रिटेल महंगाई आंकड़ो पर है। अमेरिका में दरें बढ़ने की आशंका से रेट सेंसिटिव शेयरों पर दबाव है। लेकिन चुनिंदा IT और फार्मा में खरीदारी का मूड है। US में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5 परसेंट के करीब पहुंचने से मेटल और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर प्रेशर है।नए पार्टनरशिप के बाद पाइन लैब्स का शेयर सरपट भागा है। शेयर में करीब 11 फीसदी का उछाल है। एजेंटिक कॉमर्स के लिए कंपनी ने L&T फाइनेंस के साथ बड़ा करार किया है। उधर ब्रोकरेजेज की बुलिश रिपोर्ट के बाद PAYTM वायदा का टॉप गेनर बना है। बर्नस्टीन और जेफरीज ने 2100-2200 रुपए तक के लक्ष्य दिए हैं।VT मार्केट्स में मार्केट एनालिस्ट,रुचित ठाकुर का कहना है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत $108 प्रति बैरल से ऊपर जाने के कारण,बाज़ार में आई इस गिरावट को तुरंत खरीदारी का मौका नहीं माना जाना चाहिए। तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है,रुपये पर दबाव पड़ता है, महंगाई का खतरा बढ़ता है और कंपनियों के मुनाफ़े पर असर पड़ता है। शेयर बाज़ार में पहले ही भारी गिरावट देखी गई है,जिससे निफ्टी और सेंसेक्स तीन महीने के निचले स्तर पर आ गए हैं।शेयरों पर क्या हो रणनीतिरुचित ठाकुर ने कहा कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण बाजार में आने वाली गिरावट के दौरान ऐसे सेक्टर पर फोकस करना चाहिए जो डिफेंसिव हों और जिन पर कच्चे तेल की कीमतों का असर कम पड़ता हो। इसमें फार्मास्यूटिकल्स,हेल्थकेयर,यूटिलिटीज,चुनिंदा फाइनेंशियल कंपनियां और IT एक्सपोर्टर्स शामिल हैं। वैल्यूएशन को ध्यान में रखते हुए सन फार्मा,डॉ.रेड्डीज़,HCLTech,इंफोसिस,HDFC बैंक और NTPC जैसे शेयरों में धीरे-धीरे एक्युमुलेशन किया जा सकता है। अगर ज्यादा वोलैटिलिटी रहती है तो फार्मा और डिफेंसिव सेक्टर बेहतर मजबूती दिखा सकते हैं।एनर्जी पैक में ONGC और ऑयल इंडिया की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है क्योंकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अपस्ट्रीम से होने वाली कमाई को बढ़ा सकती हैं। आज जब ब्रॉडर मार्केट में गिरावट थी तब भी इन दोनों कंपनियों के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।इस समय एक ही बार में सारी खरीदारी करने के बजाय टुकड़ों में खरीदारी करने और बैलेंस शीट की मजबूती तथा अर्निंग स्पष्टता वाली कंपनियों पर फोकस करने की रणनीति अपनाने की सलाह होगी।इंडेक्स पर रणनीतिबाजार पर अपनी रणनीति साझा करते हुए सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि बाजार में आज अपने शॉर्ट्स काट कर जाएं। अगर बड़ा मुनाफा बना है तो बुक करें। 3 दिन के वीकेंड का रिस्क ना लें। बाजार कमजोर है लेकिन आखिरी आधे घंटे में शॉर्ट कवरिंग आ सकती है और अगर US का रिटेल महंगाई डाटा अच्छा आया तो रिकवरी संभव है। निफ्टी पर हमारे लक्ष्य हासिल हो चुके हैं। आखिरी 100 अंकों के लिए लालच ना करें। अगर बाजार नहीं संभला तो दोबारा शॉर्ट का मौका देगा।Market Insight : अनुज सिंघल से जाने कहां तक गिर सकता है निफ्टी, NSE के IPO में क्या करेंडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Crude Oil Price हाइक से Stock Market पस्त, Sensex और Nifty में भारी गिरावट
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि से सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 628.24 अंक फिसलकर 74,257.69 अंक पर और एनएसई निफ्टी 221.20 अंक टूटकर 23,255.10 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एक्सिस बैंक के शेयर में सबसे अधिक गिरावट रही। वहीं टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, भारती एयरटेल और आईटीसी के शेयर बढ़त में रहे। एशिया के बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की 225, चीन का एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग काफी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.95 प्रतिशत की बढ़त के साथ 108.7 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 438.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 138.36 अंक और निफ्टी 46.30 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
चीनी के नए सीजन से बिक्री को लेकर सख्ती! त्योहारों से पहले सरकार ने कसी कमर, मिलों के लिए नया फरमान
त्योहारी सीजन से पहले सरकार ने चीनी की कीमतों और उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मिलों पर सख्ती बढ़ा दी है। अक्टूबर से शुरू होने वाले नए सीजन से चीनी उत्पादन और बिक्री की मासिक निगरानी की जाएगी, साथ ही मिलों को उचित दाम पर चीनी बेचने का निर्देश दिया गया है।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों से स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करने और अपनी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाने और भविष्य की प्रौद्योगिकियों पर मिलकर काम करने पर जोर दिया, जबकि रूस और भारत के अधिकारियों ने भी व्यापार सहयोग बढ़ाने की बात कही।
AI और Global Expansion के दम पर Pocket Entertainment का Revenue 500 Million Dollar पार
ऑडियो मनोरंजन मंच पॉकेट एफएम एवं माइक्रो-ड्रामा ऐप पॉकेट सागा की मूल कंपनी पॉकेट एंटरटेनमेंट का सालाना राजस्व 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया है। कंपनी ने सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि यह वृद्धि पॉकेट एफएम के वैश्विक विस्तार और सामग्री तैयार करने, उत्पादन, निजीकरण तथा वितरण में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से हुई है। कंपनी के अनुसार, पॉकेट एफएम उसकी वृद्धि का मुख्य आधार बना हुआ है और मंच पर राजस्व बरकरार रखने की दर 44 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत हो गई है। पिछले एक साल में कंपनी ने ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में विस्तार किया। पॉकेट एंटरटेनमेंट ने बताया कि एआई और वास्तविक समय में श्रोताओं से मिलने वाली जानकारी के इस्तेमाल से नये बाजारों में शुरुआत करने का समय करीब 12 महीने से घटकर दो महीने हो गया है। पॉकेट एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक रोहन नायक ने कहा, ‘‘एआई मनोरंजन के एक बिल्कुल नए दौर की शुरुआत कर रहा है। यह ऐसा दौर है जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की भरमार होगी, एक व्यक्ति द्वारा संचालित स्टूडियो भी ‘ब्लॉकबस्टर’ सामग्री तैयार कर सकेंगे और हर व्यक्ति के लिए बेहद व्यक्तिगत अनुभव उपलब्ध होंगे।
Raymond Share Price: गिरते बाजार में 20% तक की छलांग, शेयर ने क्रिएट किया 52 वीक का नया हाई
गिरते बाजार में रेमंड लिमिटेड के निवेशक जबरदस्त मुनाफे में हैं। 11 सितंबर को शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से लगभग 20 प्रतिशत तक उछला। इसके साथ ही 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर 1024 रुपये क्रिएट हुआ। शेयर में लगातार दूसरे कारोबारी दिन तेजी है। एक दिन पहले इसने 5.5 प्रतिशत की तेजी देखी थी। शुक्रवार को दिखी शानदार तेजी हैवी वॉल्यूम की वजह से है।कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 6500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर एक सप्ताह में 33 प्रतिशत, 2 सप्ताह में 57 प्रतिशत, 3 महीनों में 78 प्रतिशत और 6 महीनों में 161 प्रतिशत उछला है। 5 साल में शेयर की कीमत 537 प्रतिशत भागी है।Raymond जुटाएगी 215 करोड़ रुपये8 सितंबर को रेमंड के बोर्ड ने 214.71 करोड़ रुपये का फंड जुटाने को मंजूरी दी थी। यह फंड मिनरवा वेंचर्स फंड को 33,28,686 कनवर्टिबल वॉरंट जारी करके जुटाया जाएगा। इश्यू प्राइस 645 रुपये प्रति वॉरंट होगा। वॉरंट्स को प्राइवेट प्लेसमेंट बेसिस पर प्रिफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए जारी किया जाएगा। प्रपोजल पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी समेत अन्य जरूरी मंजूरियां लिया जाना बाकी है। हर वॉरंट 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1 इक्विटी शेयर में कनवर्ट किया जा सकेगा। वारंट को अलॉटमेंट की तारीख से मैक्सिमम 18 महीनों के अंदर एक या ज्यादा किश्तों में इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है।Vodafone Idea Share Price: SBI के नेतृत्व में लेंडर्स का ग्रुप $3.5 अरब देने पर हुआ राजी, शेयर 1% तक उछलाजुलाई 2025 में Raymond Realty हुई थी डीमर्जरेमंड रियल्टी, रेमंड लिमिटेड से अलग होकर लिस्ट हुआ रियल्टी बिजनेस है। कंपनी के शेयर 1 जुलाई 2025 को शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे। डीमर्जर के तहत रिकॉर्ड डेट 14 मई 2025 तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास रेमंड के शेयर थे, उन्हें उनके पास मौजूद हर एक शेयर पर रेमंड रियल्टी का एक शेयर दिया गया। इससे पहले रेमंड समूह ने लाइफस्टाइल और फैशन कारोबार को अलग किया था। इसके बाद रेमंड लाइफस्टाइल लिमिटेड नामक एक अलग लिस्टेड एंटिटी सामने आई। इस डीमर्जर के हिस्से के रूप में, रेमंड लिमिटेड के शेयरधारकों को उनके पास मौजूद रेमंड के हर 5 शेयरों पर रेमंड लाइफस्टाइल के 4 शेयर मिले थे।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Brics Summit: भारत की मेजबानी में 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान जबर्दस्त कूटनीतिक हलचल दिखने वाली है। इस ऐतिहासिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए दुनियाभर से 11 सदस्य देशों, 10 पार्टनर देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के शीर्ष नई दिल्ली पहुंच चुके हैं या पहुंच रहे हैं।इस सम्मेलन के ग्लोबल एजेंडे के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 11 से 13 सितंबर के दौरान वैश्विक नेताओं के साथ बड़े पैमाने पर द्विपक्षीय मुलाकातें करेंगे। इस बीच पीएम मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए इस सम्मेलन में दुनिया भर की भलाई को ध्यान में रखते हुए सार्थक चर्चा होने की उम्मीद भी जताई है।आइए जानते हैं ब्रिक्स सम्मेलन के संदर्भ में 11 से 13 सितंबर के बीच पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू की द्विपक्षीय बैठकों का पूरा शेड्यूल क्या है और किन दिग्गज नेताओं से मुलाकात होने वाली है- Bilateral meetings of dignitaries with Prime Minister Narendra Modi and President Droupadi Murmu today, on 11th September:*PM's meeting with Vladimir Putin, President of Russia*PM’s meeting with Masoud Pezeshkian, President of Iran*PM’s meeting with Antonio Guterres,…— ANI (@ANI) September 11, 2026 11 सितंबर: बैठकों के पहले दिन का शेड्यूलसम्मेलन के औपचारिक आगाज से एक दिन पहले ही 11 सितंबर से उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठकों का दौर शुरू हो रहा हैपुतिन के साथ बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता।पेजशिकियान के साथ बैठक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच मुलाकात।संयुक्त राष्ट्र प्रमुख से मुलाकात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस की बैठक।12 सितंबर: शी जिनपिंग समेत दिग्गज नेताओं से मुलाकात12 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन के मेन सेशन के साथ-साथ पीएम मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू कई राष्ट्रप्रमुखों से महत्वपूर्ण द्विपक्षीय चर्चा करेंगे-इथियोपिया: पीएम नरेंद्र मोदी की इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ बैठक।मलेशिया: पीएम मोदी की मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बातचीत।यूएई (अबू धाबी): पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान की मुलाकात।वियतनाम: पीएम मोदी की वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग के साथ बैठक।ईरान: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की औपचारिक मुलाकात।चीन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय बैठक।13 सितंबर: आखिरी दिन की कूटनीतिक मैराथनसम्मेलन के अंतिम दिन यानी 13 सितंबर को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक नेताओं के साथ बैक-टू-बैक बैठकों का दौर जारी रहेगा-कजाकिस्तान: पीएम मोदी की कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव के साथ बैठक।फिलिपिंस: पीएम मोदी और फिलिपिंस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर की मुलाकात।मिस्र: पीएम मोदी की मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फत्ताह अल-सिसी के साथ चर्चा।दक्षिण अफ्रीका: पीएम मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति मातामेला सिरिल रामाफोसा की बैठक।बुरुंडी: पीएम मोदी की बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदाहिशिमिये के साथ बातचीत।नाइजीरिया: पीएम मोदी और नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति सेनेटर कासिम शेट्टिमा की मुलाकात।युगांडा: पीएम मोदी की युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ द्विपक्षीय बैठक।11 से 13 सितंबर तक चलने वाली इन मैराथन मुलाकातों के जरिए भारत फूड और एनर्जी सिक्योरिटी, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ग्लोबल गवर्नेंस में सुधार जैसे मुद्दों पर दुनिया के प्रमुख देशों के साथ आपसी सहयोग को नई दिशा देने की तैयारी में है।अमेरिका कर रहा है DMK के वादे की नकल! श्रीधर वेम्बू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैश स्कीम पर क्या बोले?
BSE का शेयर एनएसई के आईपीओ के ऐलान से 3% फिसला, क्या यह इसे खरीदने का सही मौका है?
एनएसई के आईपीओ के ऐलान का सीधा असर बीएसई के शेयरों पर पड़ा है। बीएसई के शेयर में 11 सितंबर को 3 फीसदी तक गिरावट दिखी। बीते चार कारोबारी सत्रों में से 3 में यह शेयर गिरा है। यह अपने सपोर्ट जोन के करीब आ गया है। एनालिस्ट्स का कहना है कि सपोर्ट लेवल टूटने पर इस शेयर पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। सवाल है कि क्या यह बीएसई के शेयरों को खरीदने का सही समय है?शेयर 17 अगस्त से कंसॉलिडेशन मेंSBI Securities में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि बीएसई का शेयर 3,474-3,132 रुपये की रेंज में कंसॉलिडेट कर रहा है। 17 अगस्त से ऐसा दिख रहा है। उन्होंने कहा, गिरता एडीएक्स इस बात का संकेत है कि शेयर में ट्रेंड स्ट्रेंथ की कमी है। एमएसीडी लाइन जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है।सपोर्ट जोन टूटने पर आएगी बड़ी गिरावटउन्होंने कहा कि बीएसई के शेयरों के लिए अगला सपोर्ट 3,130-3,100 जोन में है। अगर यह इस रेंज को तोड़ देता है तो इस पर बिकवाली का नया दबाव दिख सकता है। इससे यह शेयर गिरकर 2,970 रुपये के अगले सपोर्ट लेवल तक जा सकता है। तेजी की स्थिति में 3,350-3,370 रुपये पर इसे अगला सपोर्ट मिलेगा।CAS का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ाइससे पहले विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने बीएसई के शेयर पर 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग दी थी। बीएसई के शेयर पर एनालिस्ट्स की चिंता की वजह इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम है। एक्सचेंज के मैनेजमेंट ने कहा है कि हाल में लागू क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) का असर इंडेक्स ऑप्शंस वॉल्यूम पर पड़ा है। ऑक्शन सेशन में सीमित लिक्विडिटी का असर पार्टिसिपेशन पर पड़ा है।बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.31 लाख करोड़BSE का मार्केट कैपिटलाइजेशन अभी 1.31 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। एनएसई के आईपीओ का ऐलान हो जाने से इनवेस्टर्स दोनों एक्सचेंजों की वैल्यूएशन और प्रॉफिट बनाने की क्षमता की तुलना कर रहे हैं। एनएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर करीब 4.46 लाख करोड़ रुपये होगा।यह भी पढ़ें:Vodafone Idea Share Price: SBI के नेतृत्व में लेंडर्स का ग्रुप $3.5 अरब देने पर हुआ राजी, शेयर 1% तक उछलाएनएसई का प्रॉफिट बीएसई के प्रॉफिट का चार गुनाएनएसई का FY26 में टैक्स बाद प्रॉफिट 10,302 करोड़ रुपये था, जबकि प्राइस-टू-अर्निंग्स मल्टीपल करीब 42.5 गुना है। इसके मुकाबले बीएसई का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 1.31 लाख करोड़ रुपये है। इसका FY26 का टैक्स बाद प्रॉफिट 2,497 करोड़ रुपये था। इसका पी/ई मल्टीपल करीब 49 गुना है। एनएसई की वैल्यूएशन बीएसई की करीब 3.2 गुनी है, जबकि प्रॉफिट चार गुना से ज्यादा है।
इंटरनेट डेस्क। सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। आज दोनों ही कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आई है। खबरों के अनुसार, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत में 269 रुपए की गिरावट आई है। इससे ये सोना गिरकर 1.53 लाख रुपए पर आ गई है। एक किलो चांदी की कीमत में आज 3,742 रुपए की गिरावट आई है। इससे सोने की कीमत करीब 2.30 लाख रुपए पहुंच गई है। इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस साल सोना अब तक 20 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को इस ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.53 लाख रुपए हो गई है। वहीं इस दिन चांदी की कीमत 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब करीब 2.30 लाख रुपए पर आ गई है। लोगों के पास अभी सोना- चांदी खरीदने का अच्छा मौका है। आमामी समय में सोने-चांदी की कीमतें आसमान छू सकती हैं। PC:oneindia. अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
शेयर बाजार में भारी गिरावट, सभी इंडेक्स दबाव में, ये है बड़ी वजह?
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है. निफ्टी 230 अंक या 1 फीसदी टूटकर 23,255 पर कारोबार कर रहा है. जबकि BSE सेंसेक्स 0.87 फीसदी या 637 अंक टूटकर 74,265.32 पर आ चुका है. सभी इंडेक्स में दबाव दिखाई दे रहा है. खासकर मेटल सेक्टर में ज्यादा बिकवाली दिख रही है. बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 8 शेयर ही मामूली तेजी पर कारोबार कर रहे हैं.
दुनिया के बड़े नेताओं के स्वागत को तैयार दिल्ली, BRICS Summit में दिखेगा देसी रंग!
दिल्ली में इस बार BRICS Summit बड़ी डिप्लोमैटिक मीटिंग और दुनिया के बड़े नेताओं की मौजूदगी के साथ यहां होने वाली खास मेहमाननवाजी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। भारत 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS Leaders Summit की मेजबानी कर रहा है और इसमें विदेशी मेहमानों के लिए दिल्ली के लग्जरी होटलों में खास खाने का इंतजाम किया गया है। इन मेन्यू में भारतीय स्वाद और देश के अलग-अलग हिस्सों की झलक देखने को मिलेगी। यहां मेहमानों को भारत के अलग-अलग स्वादों से रूबरू कराने की तैयारी है।दिल्ली में BRICS का बड़ा इवेंटएनडीटीवी (NDTV) की रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS Leaders Summit की मेजबानी कर रहा है। दो दिन चलने वाला यह हाई-प्रोफाइल आयोजन भारत मंडपम में होगा, जहां BRICS मेंबर देशों के नेताओं के साथ सहयोगी देशों और आउटरीच के लिए बुलाए गए मेहमान भी शामिल होंगे। समिट में नेताओं की मीटिंग के अलावा कई दूसरे इवेंट्स भी ऑर्गेनाइज किए जाएंगे। 12 सितंबर को नेताओं के आने के बाद बंद कमरे में मीटिंग, फैमिली फोटो और वृक्षारोपण होगा। 13 सितंबर को समिट का अगला सत्र होगा, जिसमें ग्लोबल डेवलपमेंट, इनोवेशन, कोर्पोरशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे टॉपिक्स पर बात होगी।दुनिया के ये बड़े नेता होंगे शामिलइस समिट में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी समेत कई ग्लोबल नेता शामिल होंगे। पुतिन नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। नेताओं के साथ उनके स्पाउसेस, डिप्लोमैट और बिजनेस डेलिगेशन भी दिल्ली में मौजूद रहेंगे। ऐसे हाई-प्रोफाइल मेहमानों की मेजबानी के लिए राजधानी के लग्जरी होटलों में खास तैयारियां की गई हैं।भारत के इन लग्जरी होटलों में होगा खास इंतजामBRICS डेलीगेट्स के ठहरने और मेहमाननवाजी के लिए दिल्ली के लग्जरी होटल भी पूरी तैयारी में हैं। जहां सिर्फ रहने और खाने का ध्यान नहीं रखा जा रहा, बल्कि सिक्योरिटी, वेलकम प्रोटोकॉल और मेहमानों की अलग-अलग जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है। होटल की टीमें विदेशी मेहमानों को भारत का एक्सपीरियंस देने के लिए भारतीय संस्कृति और मॉडर्न मेहमाननवाजी का ब्लेंड तैयार कर रही हैं।ताज महल में होगी घर की रसोई की झलकभारत का फेमस होटल ताज महल दिल्ली में मेहमानों के लिए 'Tradition to Table' थीम पर खास ट्रेडिशनल फूड का इंतजाम किया गया है। जिसमे भारत के अलग-अलग जगहों के ट्रेडिशनल स्नैक्स भी मेन्यू का हिस्सा होंगे। इसमें होटल के शेफ की उन रेसिपीज से इंस्पिरेशन ली गई है, जो उनके घर के किचन और बचपन की यादों से जुड़े हैं। कश्मीर के मसालेदार अखरोट, पुरानी दिल्ली के मैदा काजू, महाराष्ट्र की भाकरवड़ी, राजस्थान की मिनी कचौड़ी, बंगाल की कूचो निमकी और तमिलनाडु के मुरुक्कू के जरिए मेहमानों को देश की अलग-अलग रीजनल फूड की झलक देखने को मिलेगी।द लीला में दिखेगा भारतीय अंदाजद लीला पैलेस नई दिल्ली में भारतीय विरासत की झलक मेहमानों को खास अंदाज में देखने को मिलेगी। यहां तैयार किया गया हाथ से बना खाने योग्य कमल सभी का ध्यान खींचेगा। इसे गुलाब, केसर और इलायची के टेस्ट के साथ देसी भारतीय फलों से तैयार किया गया है। इसके अलावा मिलेट कुकीज, हाथ से बनी ग्रेनोला बार और वेलनेस इन्फ्यूजन भी मेहमानों को परोसे जाएंगे। होटल के मेन्यू में जौ, बाजरा, ज्वार और सत्तू जैसी ट्रेडिशनल इंडियन इंग्रीडिएंट को लिया गया है।द ललित में मिलेंगे लाजवाब ट्रेडिशनल इंडियन फूडद ललित नई दिल्ली ने भी BRICS मेहमानों के लिए भारतीय और इंटरनेशनल स्वाद को मिलाकर खास मेन्यू तैयार किया है। इसमें गलोटी कबाब और तंदूर में बनी रोटियों जैसे भारतीय व्यंजनों को खास अंदाज में परोसा जाएगा। साथ ही मिलेट से बनी कई डिशेस भी शामिल होंगे। मेहमानों को भारतीय स्वाद के साथ कुछ अलग फ्लेवर देने के लिए मिसो पेस्ट के साथ ब्रेज्ड बैंगन, धीमी आंच पर पकाई गई चाइनीज गोभी और जापानी स्टाइल में तैयार मीठी राजमा जैसे डिशेस भी शामिल की गयी हैं।BRICS Summit में 12 सितंबर की शाम भारत मंडपम में प्रधानमंत्री की ओर से यह डिनर होस्ट किया जाएगा। इसमें भारत की संस्कृति, खान-पान और मेहमाननवाजी को प्रायोरिटी दी जा रही है। रीजनल स्नैक्स, ट्रेडिशनल अनाज, भारतीय मसाले और मॉडर्न तरीके से तैयार की गयी डिशेस का स्वाद विदेशी मेहमानों को परोसा जाएगा।
Stocks To Buy: ये 5 शेयर करेंगे मालामाल, जेफरीज हुआ इनका दीवाना, क्या करना चाहेंगे निवेश
Stock To Buy: ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने Groww, Paytm, PB Fintech, AU Small Finance Bank और Poonawalla Fincorp को उन पांच स्टॉक्स के तौर पर चुना है जिनका मार्केट कैपिटलाइज़ेशन $5 बिलियन या उससे ज़्यादा है और जो अगले तीन सालों में अच्छे रेवेन्यू ग्रोथ के साथ अपने ऑपरेटिंग प्रॉफिट को 25% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ा सकते हैं।जेफरीज ने ऊपर बताए गए सभी पांच स्टॉक्स को खरीदने (buy) की रेटिंग दी है और उम्मीद है कि वे निवेशकों को अच्छा रिटर्न देंगे, क्योंकि ग्रोथ कंपाउंडिंग के साथ, ज़्यादा वैल्यूएशन के बावजूद निवेशकों को रिटर्न मिलेगा। आइए इन स्टॉक्स पर अलग-अलग नजर डालते हैं।Groww | ब्रोकरेज का मानना है कि Groww की पैरेंट कंपनी, Billionbrains Garage Ventures का शेयर प्राइस ₹240 तक पहुंच सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 24% की बढ़ोतरी की संभावना है। जेफरीज का कहना है कि Groww के पास फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 30% प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) CAGR हासिल करने के कई तरीके हैं। इनमें क्लाइंट विंटेज और मार्केट शेयर में बढ़ोतरी से ब्रोकिंग बिज़नेस में 18% की ग्रोथ, MTF और वेल्थ मैनेजमेंट जैसी नई पहल और मार्जिन में 10 प्रतिशत पॉइंट का विस्तार शामिल है।Groww फाइनेंशियल ईयर 2027 में अपने प्लेटफ़ॉर्म पर US स्टॉक्स भी जोड़ रहा है, जिससे जेफरीज का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 की कमाई में 5% से 9% की और बढ़ोतरी हो सकती है।Paytm | जेफरीज ने इस स्टॉक के लिए अपना प्राइस टारगेट पहले के ₹1,600 से बढ़ाकर ₹2,100 कर दिया है। नया प्राइस टारगेट इसके IPO प्राइस ₹2,150 के लगभग बराबर है। जेफरीज ने कहा कि Paytm लगभग ज़ीरो MDR वाले माहौल में भी अपने क्लाइंट बेस से कमाई करने में आगे है, और अब यह स्थिति बेहतर हो रही है।जेफरीज का कहना है कि Paytm का 49 मिलियन मर्चेंट बेस और मजबूत लोन-ओरिजिनेशन मॉडल कंपनी को फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान 25% रेवेन्यू CAGR हासिल करने में मदद करेगा। इसके साथ ही, ऑपरेशनल तालमेल से इसके EBITDA और प्रॉफ़िट में ज़बरदस्त बढ़ोतरी होगी। ब्रोकरेज ने UPI पर 25 बेसिस पॉइंट्स के MDR को ध्यान में रखते हुए, फाइनेंशियल ईयर 2028-2029 के लिए Paytm की कमाई के अनुमानों को 20% और 25% तक बढ़ा दिया है।PB Fintech | ब्रोकरेज ने PB Fintech के लिए ₹2,050 का प्राइस टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 15% की बढ़त की गुंजाइश है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-2029 के दौरान PB Fintech के प्रीमियम में 35% CAGR (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) देखने को मिलेगा।ब्रोकरेज ने कहा कि मजबूत ऑपरेटिंग लेवरेज और बढ़ते रिन्यूअल बुक से कंपनी के एडजस्टेड EBITDA को इसी समय में चार गुना बढ़ने में मदद मिलनी चाहिए। साथ ही, कमीशन से जुड़े कड़े नियमों का जोखिम तो है, लेकिन कंबाइंड ऑपरेटिंग मॉडल और क्लेम सपोर्ट/सेल्स पहल जैसे तरीके भी मौजूद हैं।AU Small Finance Bank | ब्रोकरेज ने इस स्टॉक के लिए ₹1,270 का टारगेट तय किया है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 21% की बढ़त की गुंजाइश है। Jefferies का कहना है कि यूनिवर्सल बैंक बनने से फंडिंग कॉस्ट कम हो सकती है, फीस बढ़ सकती है और ब्रांड मजबूत हो सकता है, जिससे ग्रोथ में मदद मिलेगी।Jefferies का अनुमान है कि अगले तीन सालों में मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ से 22% CAGR की क्रेडिट ग्रोथ में मदद मिलेगी और फाइनेंशियल ईयर 2028 तक RoA (रिटर्न ऑन एसेट्स) बढ़कर 1.8% हो जाएगा। Jefferies ने आगे कहा कि लीडरशिप में निरंतरता से भी ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी बनी रहेगी और वैल्यूएशन प्रीमियम में मदद मिलेगी।Poonawalla Fincorp | ब्रोकरेज को उम्मीद है कि यह स्टॉक ₹560 के लेवल तक जा सकता है, जिसका मतलब है कि मौजूदा लेवल से इसमें 27% की बढ़त की गुंजाइश है। Poonawalla Fincorp अगले तीन सालों में 34% का AUM CAGR हासिल कर सकती है, जिसकी वजह नए प्रोडक्ट्स का विस्तार होगा (जो अभी कुल AUM का 16% है, वह बढ़कर 34% हो जाएगा)। ज़्यादा डिस्बर्समेंट यील्ड और प्राइम PL (पर्सनल लोन) व गोल्ड लोन में तेज़ी से ग्रोथ के कारण मार्जिन भी बढ़ेंगे।अनसिक्योर्ड सेगमेंट में एसेट क्वालिटी अच्छी रहने से क्रेडिट कॉस्ट भी कम होनी चाहिए। बुक वैल्यू के 2.6 गुना पर, यह स्टॉक दूसरी NBFC कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम वैल्यूएशन पर है, हालांकि इसका ग्रोथ आउटलुक कहीं ज़्यादा मजबूत है।Stock Market Live Update: सेंसेक्स 380 अंक टूटा, निफ्टी 23,350 के नीचे, मेटल, रियल्टी शेयरों में दबाव(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
एडवांस टैक्स की दूसरी किश्त: 15 सितंबर की डेडलाइन, कहीं आप तो नहीं कर रहे ये गलती?
The deadline for the second installment of Advance Tax is September 15, 2026.
Silver Gold Price Today : सोने-चांदी को यूएस फेड से लगा डर, एक दिन में 2% गिरा सोना, 6% फिसली चांदी
Silver Gold Price Today : सोने-चांदी को यूएस फेड से डर लग गया है। एक दिन में सोना 2% गिरा है। वहीं, चांदी 6% फिसली है। इनके दाम एक हफ्ते के निचले स्तरों पर पहुंच गए हैं। MCX पर सोना 1.51 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया है। वहीं, MCX पर चांदी 2.31 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे आ गई है। इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4400 डॉलर प्रति औंस के नीचे चला गया है। वहीं, चांदी 64 डॉलर के नीचे आ गई है।क्यों गिरे सोना-चांदी?अमेरिका में दरें बढ़ने की आशंका से बुलियन पर दबाव बना है। यूएस फेड 16 सितंबर को ब्याज दरों पर फैसला लेगा। ECB ने अपनी दर 0.25% बढ़ाकर 2.5% कर दिया है। यह जून के बाद ECB की दूसरी रेट बढ़ोतरी है। जून में भी 0.25% की बढ़ोतरी हुई थी। अमेरिका के रिटेल महंगाई के आंकड़े आज आने वाले हैं। रिटेल महंगाई बढ़कर 0.4% रहने की आशंका है। PPI के बाद US में रेट हाइक की उम्मीद बढ़ी है। CME फेड वॉच के मुताबिक 25 बेसिस प्वाइंट रेट हाइक की संभावना 72% हो गई है। वहीं, दरों में 50 बेसिस प्वाइंट रेट हाइक की संभावना 27.60% है।MCX पर सोने की चालMCX पर सोने के भाव में 1 हफ्ते में 4 फीसदी और 1 महीने में 3 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 3 महीने में इसमें 1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। जबकि 6 महीने में इसके भाव में 6 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, इस साल अब तक सोने के भाव में 13 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।MCX पर चांदी की चालMCX पर चांदी के भाव में 1 हफ्ते में 3 फीसदी और 1 महीने में 2 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, 3 महीने में इसमें 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। जबकि 6 महीने में इसके भाव में 12 फीसदी की गिरावट हुई है। वहीं, इस साल अब तक चांदी के भाव में 1 फीसदी की कमी देखने को मिली है।सोने-चांदी पर दबाव डालने वाले मुख्य कारणों में से एक कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर चला गया,जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं और इसके चलते US फेड दरें बढ़ा सकता है। बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सोने जैसी बिना रिटर्न देने वाली एसेट्स का आकर्षण कम हो जाता है।एक्सपर्ट्स की रायआनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में कमोडिटीज़ और करेंसीज़ की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा कि तेल की कीमतों में रिकवरी से सोने पर फिर से दबाव बनता दिख रहा है। उन्हें उम्मीद है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $4,340 से $4,450 प्रति औंस के बीच रहेंगी,जबकि MCX पर सोना ₹1.51 लाख से ₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड कर सकता है।रिद्धि-सिद्धि बुलियन लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर,इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि डॉलर का कमज़ोर होना,अमेरिका में फिस्कल दिक्कते और बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क से सोने को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़े बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण बुलियन पर और दबाव डाल सकते हैं। कोठारी को उम्मीद है कि सोने की कीमत मोटे तौर पर $4,300-$4,500 प्रति औंस की रेंज में बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर चांदी $67 प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसमें और तेज़ी आ सकती है।आगे कैसी रह सकती है सोने और चांदी की चाल?सोने-चांदी के लिए अगला बड़ा ट्रिगर US में महंगाई और फेड की पॉलिसी पर इसका संभावित असर होगा। अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज़्यादा रहते हैं तो US बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है और सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है। दूसरी ओर अगर आंकड़े नरम रहते हैं तो आसान मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें फिर से बढ़ सकती हैं और प्रेशियस मेटल्स को सहारा मिल सकता है। इसलिए भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल बुलियन ट्रेंड,कच्चे तेल की कीमतों,US यील्ड और रुपये की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा। फिलहाल अभी ये दोनों धातुएं रेंज बाउंड रहते हुए ऊपर-नीचे हो सकती है। सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।Gold- silver price Today: अमेरिका में इंफ्लेशन का झटका, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या आगे और दिखेगा दबावडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Hanuman Ansh Sequel: 'हनुमान अंश' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई कर रही है और इसने सबको हैरान कर दिया है। आज यानी 35वें दिन तक, फिल्म ने भारत में 163.13 करोड़ रुपये की नेट कमाई कर ली है। प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने हाल ही में बताया कि क्या नीम करौली बाबा - जिन पर यह फिल्म आधारित है - के मानने वाले अनुष्का शर्मा, विराट कोहली और जूलिया रॉबर्ट्स जैसे लोग इसके सीक्वल में कैमियो रोल करेंगे।नम्रता सिंह ने बॉलीवुड हंगामा को बताया, मैंने उनमें से कुछ लोगों से संपर्क किया है और उन्हें फिल्म के बारे में पहले से ही जानकारी थी। उन्होंने आगे कहा, मैं और विशाल दोनों ही उनकी भक्त हैं। महाराज जी के साथ हमारी अपनी-अपनी कहानियां हैं - मेरी 14 साल की और विशाल की 20 साल की। हम अपने संतों पर फिल्में बनाना चाहते हैं और उन्हें दुनिया के सामने लाना चाहते हैं।भारत में हजारों ऐसे भक्त हैं जिनकी जिंदगी पर उन्होंने असर डाला है और निस्संदेह वे हमारी प्राथमिकता हैं। 'कैंची' वाली कहानी भारतीय भक्तों के बारे में है। तीसरी फिल्म इस बात पर केंद्रित होगी कि कैसे उन्होंने विदेशियों - जैसे स्टीव जॉब्स, मार्क ज़करबर्ग, ट्विटर के फाउंडर जैक डॉर्सी, जूलिया रॉबर्ट्स वगैरह - में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करके भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया। हालांकि, हम इस पर बाद में (तीसरे भाग में) बात करेंगे।हनुमान अंश का सीक्वल'हनुमान अंश' की शुरुआत भले ही एक शांत थिएट्रिकल रिलीज़ के तौर पर हुई थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसने ज़बरदस्त सफलता हासिल की है। विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म को लोगों की ज़ुबानी तारीफ़ों (वर्ड ऑफ़ माउथ) से दर्शक मिले और अब इसने भारत में 60 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फ़िल्म की सफलता के बीच, निर्देशक ने पुष्टि की है कि इस कहानी का सीक्वल भी आएगा।7 अगस्त को रिलीज़ हुई 'हनुमान अंश' का अंत कुछ इस तरह हुआ था जिससे संकेत मिलता था कि नीम करौली बाबा की कहानी में अभी और भी बहुत कुछ है। विशाल ने अब पुष्टि की है कि मेकर्स कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं और दूसरे भाग पर काम पहले से ही चल रहा है।'हनुमान अंश 2' किस बारे में होगी?विशाल ने हाल ही में आगरा के एक मल्टीप्लेक्स में दर्शकों से बातचीत की, जहाँ उन्होंने अपनी अगली फ़िल्म की योजनाओं के बारे में बताया। सीक्वल दर्शकों को उन कई जगहों पर ले जाएगा जो नीम करौली बाबा के जीवन में अहमियत रखती हैं। कहानी सबसे पहले उनके जन्मस्थान फ़िरोज़ाबाद के साथ उनके जुड़ाव को दिखाएगी। वहां से, कहानी आगरा, मथुरा और उनकी आध्यात्मिक यात्रा से जुड़ी अन्य जगहों की ओर बढ़ेगी। विशाल ने बताया कि इसका मकसद नीम करौली बाबा के जीवन के उन अहम पड़ावों को दिखाना है जिन्हें पहली फ़िल्म में शामिल नहीं किया जा सका था।हनुमान अंश ट्रिलॉजी'हनुमान अंश' की कल्पना एक बहुत बड़ी कहानी के पहले अध्याय के तौर पर की गई थी। 20 फरवरी, 2026 को इसकी घोषणा के समय, मेकर्स ने बताया था कि यह प्रोजेक्ट एक ट्रिलॉजी (तीन फ़िल्मों की सीरीज़) के तौर पर प्लान किया गया है। ये फ़िल्में विशाल चतुर्वेदी की लिखी किताब 'डिवाइन डिटूर' (Divine Detour) से प्रेरित हैं।
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड की मुश्किलें लग रहा है कि थोड़ी कम होने वाली हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया को लगभग 3.5 अरब डॉलर का कर्ज देने पर सहमत हो गया है। यह बात ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से कही गई है। उनका कहना है कि इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट भी शामिल हैं।रिपोर्ट में कहा गया है कि वोडाफोन आइडिया इस फंड का कुछ हिस्सा अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और भारती एयरटेल लिमिटेड और रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के साथ बेहतर मुकाबला करने के लिए इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।कंपनी को दिए जाने वाले लोन की अवधि 10 साल है। फंडिंग की शर्तों में यह शामिल है कि अरबपति कुमार मंगलम बिड़ला लोन की अवधि के दौरान चेयरमैन बने रहेंगे। डिफॉल्ट होने की स्थिति में उन्हें पेमेंट की गारंटी भी देनी होगी।Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में 55 प्रतिशत मजबूतकंपनी के शेयरों में 11 सितंबर को तेजी है। BSE पर शेयर पिछले बंद भाव से 1.6 प्रतिशत तक चढ़कर 15.20 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 1.63 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर एक महीने में 16 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत बढ़ा है। एक साल में यह निवेशकों का पैसा डबल कर चुका है। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास लगभग 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।वोडाफोन आइडिया मजबूत स्थिति में आने के लिए कर्ज जुटाने पर काम कर रही है। CNBC-TV18 ने मई में रिपोर्ट दी थी कि कंपनी कर्ज देने वालों के साथ बातचीत कर रही है। SBI के इस ग्रुप की अगुवाई करने की संभावना जताई गई थी।Qualiance International Listing: शानदार शुरुआत, शेयर 77% बढ़त में लिस्ट; फिर लगा अपर सर्किटजून तिमाही में घाटे में गिरावटकर्ज में फंसी टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया का घाटा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कम होकर 3,754 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले कंपनी को 6,611 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 6 प्रतिशत बढ़कर 11,689 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 11,023 करोड़ रुपये था।जून 2026 तिमाही में कंपनी के ग्राहकों की संख्या करीब 2 प्रतिशत घटकर 19.31 करोड़ रह गई। प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 10.2 प्रतिशत बढ़कर 195 रुपये हो गया।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Piyush Goyal ने BRICS देशों से पेमेंट सिस्टम जोड़ने और लोकल करेंसी में ट्रेड की अपील की
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रिक्स के सदस्य देशों से अपनी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ने, स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और दुनियाभर में डिजिटल व्यापार को अधिक सुलभ बनाने का शुक्रवार को आग्रह किया। ‘ब्रिक्स बिजनेस फोरम 2026’ के उद्घाटन सत्र को यहां संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। भारत का यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सालाना 250 अरब से अधिक लेनदेन का आंकड़ा पार कर चुका है, जो दुनियाभर में लेनदेन की संख्या के हिसाब से आधे से अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘आज इसे (यूपीआई को) 11 देशों में भी स्वीकार किया जाता है और मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों तथा साझेदार देशों से आग्रह करूंगा कि वे हमारी भुगतान प्रणालियों को आपस में जोड़ें, एक-दूसरे की स्थानीय मुद्राओं में व्यापार करें, डिजिटल व्यापार को वैश्विक बनाएं और भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए मिलकर काम करें।’’‘बिजनेस फोरम’ दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर आयोजित किया गया। भारत शनिवार से इस शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। यह सम्मेलन रूस-यूक्रेन युद्ध, अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध और अमेरिकी प्रशासन की शुल्क नीतियों से उत्पन्न एवं बढ़ती वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच हो रहा है। गोयल ने साथ ही कहा कि साझेदार देशों के बीच व्यापार गहरा एवं मजबूत होना चाहिए तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता होनी चाहिए, ताकि किसी भी समय व्यापार सदस्य देशों में से किसी की भी वृद्धि और लोगों के कल्याण में बाधा न बने। उन्होंने कहा, ‘‘हमें कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों समेत एक-दूसरे के उत्पादों के लिए अपने बाजार खोलने चाहिए। हमारी आपूर्ति श्रृंखलाएं तभी मजबूत होंगी जब वे दोनों दिशाओं में चलेंगी।’’मंत्री ने कहा कि गैर-शुल्क उपायों से निर्यात लागत बढ़ती है, जो शुल्क उपायों से होने वाली लागत से भी अधिक होती है। उन्होंने कारोबारियों के लिए बाजार तक पहुंच को आसान और सुगम बनाने का आह्वान किया। गोयल ने कहा, ‘‘मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों और साझेदार देशों से आग्रह करता हूं कि वे अपने बाजार खोलें तथा साथ ही नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने एवं माल की खेप को तेजी से मंजूरी देने में सहयोग करें।’’उन्होंने खाद्य सुरक्षा के हित में ब्रिक्स देशों के किसानों के लिए मिलकर समाधान विकसित करने के लिए कृषि-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने का भी आह्वान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘आइए, वास्तविक अर्थों में एक-दूसरे के लिए अपने सेवा बाजार खोलें। पेशेवरों को सीमाओं के पार आसानी से आने-जाने दें और एक-दूसरे की पेशेवर योग्यताओं को मान्यता देना आसान बनाएं।’’उन्होंने कहा कि कृषि, दवा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक, वाहन, वाहन कलपुर्जे और सेवाओं समेत क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपार संभावनाएं हैं। सत्र को संबोधित करते हुए रूस के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव ने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक चौथाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं और सतत भविष्य के लिए एक मजबूत आवाज हैं। रेशेतनिकोव ने कहा, ‘‘हम मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने और हरित तथा डिजिटल बदलाव को तेज करने के लिए ठोस कदमों के पक्ष में हैं... रूस विदेशी कारोबारों का हमारे देश में आने के लिए जोरदार स्वागत करता है। आज हम अवसरों की अर्थव्यवस्था हैं।’’उन्होंने कहा कि रूस ने निर्यात बढ़ाने, आर्थिक वृद्धि को गति देने और बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में निर्यात की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है। रूसी मंत्री ने कहा, ‘‘तीन साल पहले रूसी निर्यात के लिए भुगतान में डॉलर और यूरो की संयुक्त हिस्सेदारी 85 प्रतिशत थी। अब यह आंकड़ा करीब 11 प्रतिशत है। एक वैकल्पिक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली हमारे लिए महत्वपूर्ण साधन बन गई है। आज यह कई देशों के हजारों बैंकों को जोड़ती है और इसकी संभावनाएं और भी अधिक हैं।’’उन्होंने कहा कि भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) के बीच व्यापार समझौते के लिए सक्रिय बातचीत जारी है। रेशेतनिकोव ने ब्रिक्स के सदस्यों से दो विशिष्ट पहलों ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज’ और ‘ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) संघ’ पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया के प्रमुख उत्पादकों और उपभोक्ताओं में शामिल हैं लेकिन वे अब भी ऐसे मूल्य मानकों पर निर्भर हैं, जो पूरी तरह अलग बाजारों के हितों को दर्शाते हैं। रेशेतनिकोव ने कहा, ‘‘हमें रणनीतिक कृषि जिंसों के लिए तत्काल दो स्वतंत्र तंत्रों की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा कि रूस ने ‘ब्रिक्स ग्रेन एक्सचेंज’ स्थापित करने के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। उन्होंने कहा कि यह एक एकीकृत व्यापार मंच होगा, जहां उत्पादक, कारोबारी और खरीदार सीधे लेनदेन कर सकेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम सार्वजनिक और निजी, दोनों स्तरों पर साझेदारों से प्रतिक्रिया देने का आग्रह करते हैं।’’रूस के मंत्री ने ‘ब्रिक्स बिजनेस नेविगेटर’ विकसित करने में मिलकर काम करने और ब्रिक्स देशों में विशेष आर्थिक क्षेत्रों की रैंकिंग में भाग लेने का आह्वान किया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने व्यापार वित्त की कमी को दूर करने के लिए कदम उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक व्यापार वित्त में 2.5 लाख करोड़ अमेरिकी डॉलर की कमी का अनुमान है। हमें निर्यातकों को पुष्ट आदेशों और भरोसेमंद भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर किफायती कार्यशील पूंजी हासिल करने में सक्षम बनाना चाहिए।’’उन्होंने कहा कि इस संबंध में साझा ब्रिक्स तंत्र की संभावनाएं तलाशने के लिए जयपुर सहमति एक महत्वपूर्ण आधार प्रदान करती है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत अगस्त 2026 में जयपुर में हुई 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक में अपनाई गई जयपुर सहमति का मुख्य जोर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों के लिए व्यापार वित्त से जुड़ी बाधाओं को आसान बनाने पर है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘(ब्रिक्स) मंत्रियों ने ब्रिक्स कनेक्ट, बेहतर बी2बी साझेदारियों, सालाना ब्रिक्स व्यापार एवं निवेश एक्सपो, डिजिटल व्यापार दस्तावेज और स्वास्थ्य देखभाल समेत कई क्षेत्रों में अधिक सहयोग के जरिये वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं को मजबूत करने का भी संकल्प लिया।’’ब्रिक्स में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब को शामिल किया गया, जबकि इंडोनेशिया 2025 में इसका सदस्य बना। बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम पिछले साल ब्रिक्स के साझेदार देश बने। ब्रिक्स एक प्रभावशाली समूह के रूप में उभरा है। इसमें दुनिया की 11 प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं, जो वैश्विक आबादी के करीब 49.5 प्रतिशत, वैश्विक जीडीपी के करीब 40 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब 26 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
सीनियर सिटीजंस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर 8.50 फीसदी तक इंटरेस्ट कमा सकते हैं। कई स्मॉल फाइनेंस बैंक ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करते रहते हैं। प्राइवेट बैंक, सरकारी बैंक और विदेशी बैंकों की नजरें भी सीनियर सिटीजंस पर हैं। सीनियर सिटीजंस आम तौर पर रिटायरमेंट का पैसा एफडी में रखना पसंद करते हैं। बड़े अमाउंट के एफडी के इंटरेस्ट रेट में थोड़ा फर्क भी बड़ा मायने रखता है।कई स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं। इनमें इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, ESAF Small Finance Bank, सर्वोदय एसएफबी, उज्जीवन एसएफबी और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल हैं। हालांकि, इंटरेस्ट रेट एफडी की अवधि के हिसाब से बदलता है। कई प्राइवेट बैंक भी सीनियर सिटीजंस को एफडी पर अट्रैक्टिव रेट्स ऑफर कर रहे हैं। सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट SBM Bank India ऑफर कर रहा है। इसके बाद DCB ज्यादा इंटरेस्ट रेट दे रहा है। बंधन बैंक का इंटरेस्ट रेट भी 8 फीसदी से थोड़ा ही कम है। प्राइवेट बैंकों में सबसे कम इंटरेस्ट रेट IDBI Bank ऑफर कर रहा है। कई सीनियर सिटीजंस सरकारी बैंकों के एफडी में पैसा रखना पसंद करते हैं। उन्हें यह ज्यादा सुरक्षित लगता है। हालांकि, सरकारी बैंकों का एफडी पर इंटरेस्ट रेट स्मॉल फाइनेंस बैंक और प्राइवेट बैंकों से कम है। सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट बैंक ऑफ इंडिया का है। दूसरे नंबर पर पंजाब एंड सिंध बैंक है। इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा का इंटरेस्ट रेट सबसे ज्यादा है। विदेशी बैंकों में सीनियर सिटीजंस को एफडी पर सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर करने वाला बैंक स्टैंडर्ड एंड चार्टर्ड बैंक है। इसके बाद डोएचे बैंक का नंबर है। एचएसबीसी बैंक भी बुजुर्गों को एफडी पर ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सीनियर सिटीजंस को किसी एक बैंक के एफडी में अपना पूरा पैसा रखने की जगह कई बैंकों के एफडी में पैसा रखना चाहिए। इसकी वजह यह है कि एफडी में जमा पैसा पर बीमा की लीमिट सिर्फ 5 लाख रुपये है। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक 3 साल एक दिन के एफडी पर सबसे ज्यादा 8.5 फीसदी इंटरेस्ट रेट सीनियर सिटीजंस को ऑफर कर रहा है। इसका मतलब है कि अगर आप 3 साल एक दिन के लिए इस बैंक में 10 लाख का एफडी करते हैं तो आपको 2,87,019 रुपये बतौर इंटरेस्ट मिलेगा। ESAF SFB में 800 दिन तक यह पैसा रखने पर इतना इंटरेस्ट मिलेगा। सूर्योदय एसएफबी में 5 साल तक पैसा रखने पर इतना इंटरेस्ट मिलेगा।यह भी पढ़ें:SIP vs NPS: हर महीने ₹5,000 निवेश करें तो 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशनसीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) एक रिटायरमेंट स्कीम है, जिसे सरकार का सपोर्ट हासिल है। इसका इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है, जिसका पेमेंट हर तीन महीने पर होता है। इस स्कीम में कम से कम 1,000 रुपये और अधिकत 30 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है। इस स्कीम की अवधि 5 साल है, जिसके बाद इसे एक बार 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। सिर्फ 60 साल या इससे ज्यादा उम्र के लोग इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं।डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।
जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अमेरिकी एडल्ट्स को $5000 देने के वादे की तुलना तमिलनाडु की चुनावी राजनीति से कर दी है। वेम्बू ने तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति असल में भारत के तमिलनाडु की पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की नकल कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में श्रीधर वेम्बू ने लिखा कि हमने इसका आविष्कार तमिलनाडु में किया और इसे पूरे भारत में फैलाया। राष्ट्रपति ट्रंप DMK की नकल कर रहे हैं।क्या है डोनाल्ड ट्रंप का $5000 ट्रम्प डिविडेंड वादा?श्रीधर वेम्बू का यह कमेंट डोनाल्ड ट्रंप के उस चुनावी वादे के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनावों में प्रतिनिधि सभा और सीनेट पर अपना कंट्रोल बनाए रखती है, तो वह हर अमेरिकी एडल्ट को $5000 भेजेंगे। ट्रंप के वादे को ट्रंप डिविडेंड नाम दिया गया है।1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की लागत और भारी घाटाट्रंप के इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत होगी और इससे 1 ट्रिलियन डॉलर (1 खरब डॉलर) से अधिक का खर्च आ सकता है। यह स्थिति तब है जब अमेरिका पहले से ही लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर के एनुअल बजट घाटे का सामना कर रहा है और उसका नेशनल कर्ज 40 ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुका है। ट्रंप ने सुझाव दिया है कि टैरिफ से मिलने वाले रेवेन्यू की मदद से अमेरिकी लोगों को ये पैसा दिया जाएगा। वैसे रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने जितने का वादा कर दिया है वो टैरिफ से आने वाले रेवेन्यू से भी ज्यादा बैठ रहा है।इस पर 'कमिटी फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फेडरल बजट' के सीनियर पॉलिसी डायरेक्टर मार्क गोल्डवेन ने कहा कि ट्रंप कांग्रेस की मंजूरी के बिना यह भुगतान नहीं कर सकते। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब सरकार पहले से ही बड़े बजट घाटे में चल रही है तो ऐसे में डिविडेंड शब्द का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।आपको बता दें कि श्रीधर वेम्बू द्वारा DMK का जिक्र तमिलनाडु के दशकों पुराने राजनीतिक इतिहास को ध्यान में रखकर किया गया है। तमिलनाडु में वेलफेयर स्कीम्स को चुनावी राजनीति के साथ जोड़ने का इतिहास काफी पुराना है। यहां 1950 और 1960 के दशक में मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में के कामराज ने मुफ्त शिक्षा का विस्तार किया और स्कूली बच्चों के लिए मिड डे मील स्कीम शुरू की थी।1967 के विधानसभा चुनाव में DMK के संस्थापक सीएन अन्नादुरई ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए रियायती दरों पर चावल देने का वादा किया था। DMK ने यह चुनाव जीता और इस योजना को लागू किया। बाद में फाइनेंशियल दिक्कतों की वजह से इसे सीमित करना पड़ा। 2006 के चुनाव में एम करुणानिधि की अगुवाई वाली DMK ने मुफ्त कलर टीवी, रियायती चावल, गैस चूल्हे और अन्य लाभ देने का वादा किया। इसी तरह 2011 के चुनाव में ये कंपीटिशन और तेज हो गया। तब DMK और AIADMK दोनों ने मिक्सर, ग्राइंडर, पंखे और लैपटॉप जैसे घरेलू सामान देने के वादे किए।तमिलनाडु से निकलकर पूरे भारत में फैला यह मॉडलतमिलनाडु से शुरू हुआ यह मॉडल बाद में देश के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया। आम आदमी पार्टी ने 2015 में दिल्ली चुनाव प्रचार में मुख्य रूप से सब्सिडी वाली बिजली और मुफ्त पानी का वादा किया था। इसके बाद से भारत भर के राजनीतिक दलों ने मुफ्त बिजली, लोन माफी, मुफ्त सार्वजनिक परिवहन, कैश स्कीम, लैपटॉप और दूसरे डायरेक्ट फायदे देने शुरू कर दिए.ट्रंप के पुराने वादे: DOGE डिविडेंड और टैरिफ रिफंडऐसा नहीं है कि ट्रंप कोई पहली बार कुछ इस तरह का वादा कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने एलन मस्क के डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) द्वारा की गई बचत को जनता में बांटने के लिए DOGE डिविडेंड का प्रचार किया था। इसके अलावा उन्होंने टैरिफ रिफंड का विचार भी पेश किया था। इसमें सुझाव दिया गया था कि इंपोर्ट फी से मिलने वाले रेवेन्यू को अंततः जनता को लौटाया जा सकता है।
Pocket Entertainment का वार्षिक राजस्व 70 प्रतिशत बढ़कर 50 करोड़ डॉलर पहुंचा
ऑडियो मनोरंजन मंच पॉकेट एफएम एवं माइक्रो-ड्रामा ऐप पॉकेट सागा की मूल कंपनी पॉकेट एंटरटेनमेंट का सालाना राजस्व 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर के पार पहुंच गया है। कंपनी ने सालाना आधार पर 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बयान में कहा कि यह वृद्धि पॉकेट एफएम के वैश्विक विस्तार और सामग्री तैयार करने, उत्पादन, निजीकरण तथा वितरण में कृत्रिम मेधा (एआई) के बढ़ते इस्तेमाल से हुई है। कंपनी के अनुसार, पॉकेट एफएम उसकी वृद्धि का मुख्य आधार बना हुआ है और मंच पर राजस्व बरकरार रखने की दर 44 प्रतिशत से बढ़कर 76 प्रतिशत हो गई है। पिछले एक साल में कंपनी ने ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस में विस्तार किया। पॉकेट एंटरटेनमेंट ने बताया कि एआई और वास्तविक समय में श्रोताओं से मिलने वाली जानकारी के इस्तेमाल से नये बाजारों में शुरुआत करने का समय करीब 12 महीने से घटकर दो महीने हो गया है। पॉकेट एंटरटेनमेंट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक रोहन नायक ने कहा, ‘‘एआई मनोरंजन के एक बिल्कुल नए दौर की शुरुआत कर रहा है। यह ऐसा दौर है जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री की भरमार होगी, एक व्यक्ति द्वारा संचालित स्टूडियो भी ‘ब्लॉकबस्टर’ सामग्री तैयार कर सकेंगे और हर व्यक्ति के लिए बेहद व्यक्तिगत अनुभव उपलब्ध होंगे।
Insurance Policy: अब एक जगह दिख सकती हैं आपकी सभी बीमा पॉलिसियां, IRDAI ने तैयार किया नया प्लान
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तेल की कीमतों ने बिगाड़ा बाजार का खेल! Sensex 700 अंक लुढ़का, निवेशकों में बढ़ी चिंता
भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को कमजोर शुरुआत की। बाजार खुलते ही चौतरफा बिकवाली देखने को मिली और सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा नीचे चला गया। निफ्टी भी 23,250 के स्तर से नीचे आ गया। सुबह 9:18 बजे सेंसेक्स 701.63 अंक यानी 0.94 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,200.96 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 239.05 अंक यानी 1.02 प्रतिशत टूटकर 23,237.75 पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट का असर केवल बड़ी कंपनियों के शेयरों तक सीमित नहीं रहा। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में शुक्रवार को बाजार में बिकवाली काफी व्यापक रही। निफ्टी नेक्स्ट 50 में करीब 1.45 प्रतिशत की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 भी क्रमशः 1.28 प्रतिशत और 1.22 प्रतिशत नीचे रहे। इससे साफ है कि निवेशकों के बीच चिंता सिर्फ कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजार के बड़े हिस्से में बिकवाली देखने को मिल रही है। इसे भी पढ़ें: 11 सितंबर को बैंक पहुंचे तो हो सकती है परेशानी, हड़ताल के बीच ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता शेयर बाजार में आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी मानी जा रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव से तेल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में तेल महंगा होने से देश का आयात खर्च बढ़ सकता है। महंगे तेल का असर महंगाई पर भी पड़ सकता है और कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मुनाफे पर दबाव आ सकता है। यही वजह है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। रुपये पर भी बढ़ा दबाव कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय रुपये पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को रुपया 18 पैसे कमजोर होकर 95.70 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में यह 95.52 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। रुपये की कमजोरी से कच्चे तेल जैसे डॉलर में खरीदे जाने वाले सामान भारत के लिए और महंगे हो जाते हैं। इससे आयात खर्च बढ़ सकता है और महंगाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है। दुनिया के दूसरे बाजारों में भी गिरावट भारतीय बाजार में ही नहीं, एशिया के दूसरे शेयर बाजारों में भी शुक्रवार को दबाव देखने को मिला। जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 2.6 प्रतिशत और 2.7 प्रतिशत तक नीचे रहे। अमेरिकी शेयर बाजार भी पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। दुनिया भर के निवेशक बढ़ती तेल कीमतों और उससे पैदा होने वाली महंगाई की चिंता को लेकर सतर्क हैं। इसे भी पढ़ें: BRICS Business Forum 2026 | 'अस्थिर वैश्विक माहौल में मजबूत आर्थिक सहयोग जरूरी', विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स देशों से किया आह्वान अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर भी चिंता अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज भी तेजी से बढ़ रहा है। 10 साल की अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर शुक्रवार को बढ़कर 4.9708 प्रतिशत हो गई। यह करीब तीन साल का सबसे ऊंचा स्तर है और 5 प्रतिशत के बेहद करीब है। जब अमेरिका में बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न मिलने लगता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए उभरते बाजारों की तुलना में अमेरिकी निवेश अधिक आकर्षक हो सकता है। इसका असर भारत जैसे बाजारों पर भी पड़ सकता है। 30 साल की अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ब्याज दर भी 5.3803 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बढ़ती ब्याज दरें अमेरिका में कर्ज और मकान खरीदने की लागत को भी प्रभावित करती हैं। विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी भारतीय शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बना हुआ है। गुरुवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में करीब 438 करोड़ रुपये की बिकवाली की। सितंबर में अब तक विदेशी निवेशकों की बिकवाली करीब 1.36 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। अगर विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयरों से पैसा निकालते हैं, तो बाजार की गिरावट और तेज हो सकती है। धातु और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव आज की गिरावट में कई प्रमुख क्षेत्रों के शेयर प्रभावित हुए हैं। धातु, रियल्टी, वित्तीय सेवाएं, वाहन और उपभोक्ता टिकाऊ सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में खास दबाव देखा गया। शुरुआती कारोबार में निफ्टी मेटल सूचकांक करीब 3 प्रतिशत तक गिर गया, जबकि निफ्टी रियल्टी में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। बैंक और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में कमजोरी का असर सेंसेक्स और निफ्टी पर भी पड़ा। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों पर अलग चिंता सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयर आज दूसरे क्षेत्रों की तुलना में कुछ मजबूत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन इस क्षेत्र को लेकर भी चिंता बनी हुई है। अमेरिका में एच-1बी वीजा से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए नई परेशानी खड़ी कर सकता है। इन कंपनियों का बड़ा कारोबार अमेरिका से जुड़ा है। ऐसे में वहां वीजा से जुड़े किसी भी बड़े बदलाव का असर भारतीय कंपनियों की लागत और कारोबार पर पड़ सकता है। आखिर क्यों गिरा शेयर बाजार? शुक्रवार की गिरावट के पीछे कई वजहें एक साथ काम कर रही हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और दुनिया भर के बाजारों में बढ़ती चिंता ने भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाया है। इसके अलावा अमेरिका में सरकारी बॉन्ड पर बढ़ती ब्याज दरों से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी है। महंगा कच्चा तेल अगर लंबे समय तक बना रहता है तो महंगाई और कंपनियों की लागत पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि आज बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है।
Silver Price Today : 11 सितंबर को चांदी फिर हुई सस्ती, जानें दिल्ली से चेन्नई तक 1 किलो की कीमत
Silver Price Today:अगर आप चांदी खरीदारी का मन बना रहे है तो आज आपके लिए अच्छा मौका हो सकता है। घरेलू बाजार में आज 11 सितंबर को चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। देशभर में चांदी की कीमत ₹245 प्रति ग्राम, ₹2,450 प्रति 10 ग्राम और ₹2,45,000 प्रति किलोग्राम रही। यह गुरुवार के ₹2,550 के एकसमान स्तर से ₹100 प्रति 10 ग्राम (यानी लगभग 4%) कम है।एमसीएक्स पर क्या है चांदी का वायदा भावएमसीएक्स पर 4 दिसंबर 2026 का चांदी वायदा पिछले बंद भाव 2,34,099 रुपये प्रति किलो के मुकाबले 2,530 रुपये यानी 1.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,31,569 रुपये प्रति किलो पर खुला। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,30,270 रुपये प्रति किलो का निचला स्तर और 2,32,096 रुपये प्रति किलो का ऊपरी स्तर छुआ।प्रमुख शहरों में आज चांदी का भावदेश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2.45लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है। शहर 1किलो चांदी का भाव दिल्ली ₹2,45,000 मुंबई ₹2,45,000 कोलकाता ₹2,45,000 चेन्नई ₹2,45,000 पटना ₹2,45,000 लखनऊ ₹2,45,000 मेरठ ₹2,45,000 अयोध्या ₹2,45,000 कानपुर ₹2,45,000 अलीगढ़ ₹2,45,000 नोट: अलग-अलग स्रोतों और शहरों में चांदी के भाव में अंतर हो सकता है। स्थानीय ज्वेलर से खरीदारी से पहले ताजा कीमत की पुष्टि जरूर करें।अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स पर निर्भर करती हैं भारत में चांदी की कीमतेंभारत में चांदी की कीमतें काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड्स पर निर्भर करती हैं क्योंकि यहां की मांग और सप्लाई इतनी कम है कि वे अकेले कीमतों पर असर नहीं डाल सकतीं। ग्लोबल स्तर पर चांदी की कीमतें विदेशी इंडस्ट्री और इन्वेस्टमेंट खरीदारों की मांग और माइनिंग सप्लाई से तय होती हैं, जबकि करेंसी में उतार-चढ़ाव से उन इंपोर्ट्स की रुपये में लागत पर असर पड़ता है। गुरुवार रात और शुक्रवार की शुरुआती ट्रेडिंग के दौरान ग्लोबल स्पॉट चांदी की कीमतों में नरमी आई। विदेशी खरीदारों की दिलचस्पी कम होने से एक दिन पहले हुई बढ़त खत्म हो गई।अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें गिरती हैं और रुपया डॉलर के मुकाबले स्थिर रहता है, तो घरेलू खरीदारों के लिए यह सस्ती हो जाती है। शुक्रवार को भी काफी हद तक यही स्थिति देखने को मिली। ट्रेडर्स का कहना है कि रात भर मजबूत रहे अमेरिकी डॉलर का असर सोने के साथ-साथ चांदी पर भी पड़ा, और चांदी गुरुवार को दिखी खरीदारी की थोड़ी-सी तेजी को बनाए नहीं रख पाई।अब यहां होगी बाजार की नजरघरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट के बीच अब निवेशकों की नजर अमेरिका से आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है। ये आंकड़े देर शाम जारी होंगे। बाजार के जानकारों के अनुसार, इन आंकड़ों से आने वाले समय में सोने की दिशा को लेकर संकेत मिल सकते हैं। यही वजह है कि आंकड़े जारी होने से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।खरीदारी से पहले जरुर जरुर करें रेट चेकभारत में हर शहर के तय डीलर फ़ोरम से रोज़ाना देश भर के लिए चांदी के रेट लिए जाते हैं और उन्हें हर सुबह यहां इकट्ठा करके पब्लिश किया जाता है। दिन में बाद में जब आप किसी ज्वैलरी या बुलियन डीलर के पास पहुंचते हैं, तब तक इन रेट्स में बदलाव हो सकता है, इसलिए खरीदारी करने से पहले अपने ज्वैलर से कीमत जरूर कन्फर्म कर लें।Gold- silver price Today: अमेरिका में इंफ्लेशन का झटका, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या और आएगी गिरावट
MSME सेक्टर में 60 लाख करोड़ रुपये का कर्ज अंतर, Digital Platform से दूर होगी समस्या: रिपोर्ट
भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में औपचारिक कर्ज का करीब 60 लाख करोड़ रुपये का अंतर है। मौजूदा संस्थागत माध्यम छोटे उद्यमों की कर्ज की मांग का केवल 30-40 प्रतिशत ही पूरा कर पाते हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई। रिपोर्ट में साथ ही कहा गया कि कारोबार, बैंकों, वित्तदाताओं, भुगतान सेवा प्रदाताओं और सार्वजनिक प्रणालियों समेत प्रमुख आर्थिक हितधारकों को निर्बाध रूप से जोड़ने वाली एक केंद्रीकृत एवं परस्पर संचालनीय डिजिटल प्रणाली एमएसएमई के कर्ज अंतर को पाटने में मदद कर सकती है। इससे देश के औपचारिक कारोबारी क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। भारत का कारोबारी क्षेत्र 130 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक गतिविधियों और देश के सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) में करीब 45 प्रतिशत का योगदान करता है। बेन एंड कंपनी-एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड द्वारा तैयार रिपोर्ट में एकीकृत डिजिटल परिवेश की पहचान चार प्रमुख सक्षम कारकों में से एक के रूप में की गई है, जो इसकी पूरी क्षमता को सामने लाने में मदद कर सकते हैं। ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट’ में जारी रिपोर्ट में कहा गया कि मानकीकृत एपीआई पर आधारित केंद्रीकृत एवं परस्पर संचालनीय डिजिटल प्रणाली लागू करने से मौजूदा प्रणालियों में न्यूनतम बदलाव के साथ ऑर्डर से भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जा सकेगा। रिपोर्ट के अनुसार, इससे हर महीने जारी होने वाले 20 करोड़ से अधिक जीएसटी ई-बिल का मिलान स्वचालित किया जा सकेगा और खरीदार द्वारा पुष्टि किए गए बिल को वित्तपोषण योग्य रिकॉर्ड में बदला जा सकेगा। इससे पारंपरिक जमानत आधारित ऋण के साथ-साथ नकदी प्रवाह के आधार पर कर्ज देने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। बेन एंड कंपनी में वित्तीय सेवा कारोबार के भागीदार एवं भारत के प्रमुख सौरभ त्रेहन ने कहा, ‘‘भारत में डिजिटल भुगतान की पहुंच में काफी प्रगति हुई है लेकिन कारोबारी प्रणालियों, भुगतान सेवा प्रदाताओं, बैंकों, वित्तदाताओं व सार्वजनिक प्रणालियों से जुड़ी कई बी2बी (व्यवसाय से व्यवसाय) प्रक्रियाएं अब भी काफी हद तक अलग-अलग हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘भारत में बी2बी बदलाव के अगले चरण का मतलब केवल धन को तेजी से स्थानांतरित करना नहीं है बल्कि अंतर्निहित लेनदेन को समग्र परिवेश में दिखाई देने योग्य, सत्यापन योग्य और कार्रवाई योग्य बनाना है।’’एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड (एनबीबीएल) की प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नूपुर चतुर्वेदी ने कहा कि बी2बी कारोबार का भविष्य परस्पर संचालन क्षमता पर आधारित होगा। कंपनियों को बिल, भुगतान, मिलान और वित्तपोषण को साझा डिजिटल बुनियादी ढांचे के जरिये जोड़ने की जरूरत तेजी से महसूस होगी। उन्होंने कहा कि एक मानकीकृत और जुड़ा हुआ परिवेश अलग-अलग कारोबारी प्रक्रियाओं को भरोसेमंद डिजिटल प्रक्रियाओं में बदल सकता है। साथ ही उन एमएसएमई के लिए कर्ज की पहुंच बेहतर कर सकता है, जिन्हें पर्याप्त वित्तीय सुविधा नहीं मिल पाती। रिपोर्ट में कहा गया कि एक साझा और भरोसेमंद सूचना प्रणाली एमएसएमई को किए जाने वाले करीब आठ लाख करोड़ रुपये के विलंबित भुगतान के पीछे मौजूद कुछ सूचना असंगतियों को दूर करने में भी मदद कर सकती है। एकल और सत्यापित डिजिटल मंच भुगतान में देरी करने वाली विसंगतियों को दूर करने में मदद कर सकता है। इनमें चालान के विवरण का मेल नहीं खाना, आपूर्ति की पुष्टि नहीं होना और खरीद आदेशों का सत्यापन नहीं होना शामिल हैं। उद्योग के अनुमानों के अनुसार, भारत में सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को किए जाने वाले लंबित भुगतानों का कुल मूल्य करीब आठ लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट में कहा गया कि इसके अलावा, इस डिजिटल प्रणाली में कृत्रिम मेधा (एआई) तथा स्मार्ट डेटा उपकरणों को जोड़ने से नकदी प्रवाह संबंधी जानकारी, गतिशील जोखिम आकलन, एजेंट आधारित कर्ज आकलन और खुले बाजार से जुड़ी जानकारी के जरिये इन लाभों को और बढ़ाया जा सकता है। इससे व्यापार की पूरी प्रक्रिया को स्वचालित करने की क्षमता पैदा होगी।
11 सितंबर को बैंक पहुंचे तो हो सकती है परेशानी, हड़ताल के बीच ग्राहकों के लिए जरूरी जानकारी
देशभर में आज यानी 11 सितंबर 2026 को बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। दोपहर 12 बजे तक कई जगहों पर बैंक की शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित होने की स्थिति है। बैंक कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। ऐसे में अगर आपको आज बैंक की शाखा में जाकर कोई जरूरी काम करना है तो पहले स्थिति की जानकारी लेना बेहतर होगा। इस हड़ताल का असर खास तौर पर सरकारी बैंकों की शाखाओं पर पड़ सकता है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक समेत कई बड़े बैंकों ने ग्राहकों को पहले ही संभावित परेशानी के बारे में जानकारी दी है। क्या 11 सितंबर को बैंक की छुट्टी है? 11 सितंबर कोई नियमित बैंक अवकाश नहीं है। आज बैंक कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल के कारण शाखाओं में कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसका मतलब यह है कि बैंक की छुट्टी किसी सामान्य त्योहार या साप्ताहिक अवकाश की वजह से नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शाखा स्तर की सेवाओं पर असर पड़ रहा है। अगर आपका काम ऐसा है जिसके लिए बैंक कर्मचारी की मदद जरूरी है, तो आज वह काम अटक सकता है या उसमें देरी हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Bank Strike Today | देशव्यापी बैंक हड़ताल! सरकारी बैंकों में कैश और चेक क्लियरेंस ठप, अकेले MP में 7,000 शाखाएं बंद क्या आज भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं खुली हैं? भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहकों को आज शाखा से जुड़े कामकाज में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक को कर्मचारी संगठनों की ओर से 11 सितंबर को हड़ताल का नोटिस मिला है। ऐसे में आज दोपहर के समय भी शाखा जाकर काम कराने से पहले स्थानीय शाखा की स्थिति पता कर लेना बेहतर रहेगा। अगर आपका काम घर बैठे हो सकता है तो आज बैंक की ऑनलाइन और अन्य उपलब्ध सेवाओं का इस्तेमाल करना आसान विकल्प रहेगा। बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को भी परेशानी बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में भी आज हड़ताल के कारण सामान्य कामकाज प्रभावित हो सकता है। जिन ग्राहकों का काम शाखा में जाकर ही पूरा होना है, उन्हें परेशानी या देरी का सामना करना पड़ सकता है। अगर काम बहुत जरूरी नहीं है तो उसे किसी दूसरे दिन के लिए टालना बेहतर रहेगा। जरूरी काम के लिए बैंक जाने से पहले अपनी शाखा से जानकारी लेना भी उपयोगी होगा। केनरा बैंक और दूसरे बैंकों का क्या हाल है? केनरा बैंक समेत दूसरे बैंकों की शाखाओं में भी आज कामकाज प्रभावित हो सकता है। हड़ताल देशव्यापी है, लेकिन इसका असर हर शाखा और हर शहर में एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है। खास तौर पर सरकारी बैंकों के ग्राहक आज शाखा से जुड़ी सेवाओं के लिए अतिरिक्त सावधानी रखें। कुछ जगहों पर शाखाएं बंद मिल सकती हैं, जबकि कहीं सीमित कामकाज हो सकता है। इसे भी पढ़ें: MP में Bank Strike से 7000 शाखाएं बंद, 5500 करोड़ का कारोबार थमा क्या आज यूपीआई, एटीएम और इंटरनेट से बैंकिंग चलेगी? बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का मुख्य असर शाखाओं में होने वाले कामकाज पर है। पैसे भेजने, भुगतान करने या नकद निकालने जैसे सामान्य कामों के लिए ग्राहक यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, ऐसे काम जिनमें बैंक कर्मचारी की ओर से जांच या दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी होता है, उनमें देरी हो सकती है। इनमें चेक से जुड़े काम, ग्राहक की पहचान से जुड़ी जानकारी में बदलाव, दस्तावेज जमा करना और खाते से जुड़े कुछ विशेष अनुरोध शामिल हैं। इसलिए अगर आपको सिर्फ पैसे भेजने हैं, भुगतान करना है या एटीएम से नकद निकालना है, तो आज डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा। बैंक कर्मचारी क्यों कर रहे हैं हड़ताल? बैंक कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंक खोलने की है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि बैंक सोमवार से शुक्रवार तक काम करें और शनिवार-रविवार छुट्टी रहे। इसके अलावा कर्मचारियों की ओर से काम के प्रदर्शन के आधार पर मिलने वाले प्रोत्साहन और कर्मचारियों तथा अधिकारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दों को भी उठाया गया है। संगठनों का कहना है कि पांच दिन बैंक खोलने को लेकर भारतीय बैंक संघ और कर्मचारी संगठनों के बीच सहमति बनने के बावजूद इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है। 11 सितंबर के बाद कब बंद रहेंगे बैंक? आज की हड़ताल के बाद भी ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक शाखा संबंधी कामकाज में परेशानी हो सकती है। 12 सितंबर को महीने का दूसरा शनिवार है, इसलिए बैंक शाखाएं सामान्य रूप से बंद रहेंगी। इसके बाद 13 सितंबर को रविवार है। इसके अलावा कुछ राज्यों में 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण भी बैंक अवकाश हो सकता है। इसलिए कुछ हिस्सों में 11 सितंबर से 14 सितंबर तक लगातार कई दिनों तक शाखा से जुड़ा काम प्रभावित हो सकता है। सितंबर और अक्टूबर में फिर हो सकती है बैंक हड़ताल 11 सितंबर की हड़ताल के बाद बैंक कर्मचारी संगठनों ने आगे भी आंदोलन की चेतावनी दी है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है। ग्राहकों के लिए आज की सबसे जरूरी बातें आज 11 सितंबर को बैंक शाखा जाने वाले ग्राहकों को सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आज सामान्य बैंक अवकाश नहीं है, बल्कि कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो रहा है। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और दूसरे बैंकों के ग्राहकों को आज गैर-जरूरी काम के लिए शाखा जाने से बचना चाहिए। वहीं पैसे भेजने, भुगतान करने और नकद निकालने जैसे कामों के लिए यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, शाखा स्तर पर होने वाले काम में देरी हो सकती है। इसलिए अगर कोई जरूरी काम है, तो बैंक की स्थानीय शाखा की स्थिति पता करके ही वहां जाएं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बुलाई गई एक दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल के कारण देशभर के सरकारी बैंकों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हड़ताल का सबसे व्यापक असर मध्य प्रदेश में देखने को मिला, जहां राज्य की कुल 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं में ताले लटके रहे। इससे राज्य में रोजाना होने वाला करीब 5,500 करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन प्रभावित हुआ। कर्मचारियों और अधिकारियों के काम पर न आने के कारण शाखाओं में कैश जमा करने, पैसे निकालने, चेक क्लियरेंस, एफडी रिन्यूअल और सरकारी ट्रेजरी से जुड़े काम पूरी तरह रुक गए। MP में 8,707 बैंक शाखाएँ हड़ताल में शामिल हुईं इन घटनाक्रमों के बीच, मध्य प्रदेश बैंक कर्मचारी संघ के चेयरमैन मोहनकृष्ण शुक्ला ने PTI को बताया कि राज्य की 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 42,000 कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। उन्होंने बताया कि 12 सरकारी बैंकों, कई क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल में हिस्सा लिया। शुक्ला ने यह भी कहा कि हड़ताल से बैंक शाखाओं में कैश जमा करने और निकालने, चेक क्लियरेंस, फिक्स्ड डिपॉज़िट स्कीम के रिन्यूअल, सरकारी ट्रेज़री से जुड़े काम और अन्य वित्तीय गतिविधियाँ प्रभावित हुईं। पूरे देश में बैंकिंग सेवाएँ प्रभावित हुईं एक दिन की बैंक हड़ताल के कारण शुक्रवार को पूरे देश में, खासकर सरकारी बैंकों में बैंकिंग सेवाएँ प्रभावित हुईं, क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ़ बैंक यूनियंस (UFBU) ने पाँच दिन के वर्क-वीक को तुरंत लागू करने और वेतन से जुड़े लंबित मुद्दों को हल करने की माँग को लेकर देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया था। ध्यान देने वाली बात यह है कि UFBU - जो सात यूनियनों का एक संगठन है और 90 प्रतिशत अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है - द्वारा बुलाई गई इस हड़ताल का निजी क्षेत्र के बैंकों के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा। चल रही बैंक हड़ताल के कारण, देश भर में सरकारी बैंकों की कई शाखाएँ या तो पूरी तरह से या आंशिक रूप से बंद रहीं क्योंकि कर्मचारियों और अधिकारियों दोनों ने हड़ताल में भाग लिया। इसे भी पढ़ें: Ganesh Chaturthi Vastu Guide: बप्पा की मूर्ति को विराजमान करते समय रखें Direction का ध्यान, जानें सभी Vastu के नियम कैश जमा करने, निकालने और चेक क्लियरेंस की सेवाएँ प्रभावित हुईं ज़्यादातर सरकारी बैंकों (PSBs) और कुछ पुरानी पीढ़ी के निजी बैंकों की शाखाओं में कैश जमा करने, पैसे निकालने, चेक क्लियरेंस और एडमिनिस्ट्रेटिव काम जैसी कई बैंकिंग सेवाएँ प्रभावित हुईं। लेकिन UPI और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाएँ सामान्य रूप से काम कर रही थीं। UFBU का हिस्सा, 'ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन' (AIBEA) के जनरल सेक्रेटरी सी.एच. वेंकटचलम ने PTI को बताया, क्योंकि कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला और सरकार हमारी मांग पर सहमत नहीं हुई, इसलिए हम पर यह हड़ताल थोपी गई है। बैंक कर्मचारी और अधिकारी इस बात से बहुत नाराज़ हैं कि सिर्फ़ उन्हीं के साथ भेदभाव किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: आधी आबादी और...पीयूष गोयल ने ब्रिक्स देशों के बारे में क्या कहा? सुनकर चौंकी दुनिया इस बीच, कई सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को हड़ताल से कामकाज पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में जानकारी दी है। ग्राहकों के लिए एक एडवाइज़री जारी करते हुए SBI ने कहा, हम सलाह देते हैं कि हालांकि बैंक ने हड़ताल के दिनों में ब्रांच और ऑफिस का कामकाज सामान्य बनाए रखने के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए हैं, फिर भी हड़ताल की वजह से बैंकों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
महंगे होने जा रहे हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान, 10-20% टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में कंपनियां; जानिए क्यों?
टेलिकॉम कंपनियां अगले दो तिमाहियों में मोबाइल रिचार्ज टैरिफ में 10-20% की बढ़ोतरी पर विचार कर रही हैं।
Market Insight : अनुज सिंघल से जाने कहां तक गिर सकता है निफ्टी, NSE के IPO में क्या करें
Market Insight : बढ़ती US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की आग में बाजार झुलसता दिख रहा है। निफ्टी ने इंट्राडे में आज 23250 का अहम लेवल भी तोड़ दिया तो बैंक निफ्टी 1 फीसदी टूटकर 56000 के नीचे चला गया। मिड और स्मॉलकैप में भी भारी बिकवाली आई है। क्रूड 108 डॉलर के पार चला गया है। उधर इंडिया VIX 6 फीसदी उछला है। US में दरे बढ़ने की आशंका से रेट सेंसटिव शेयरों के सेंटिमेंट बिगड़ गए हैं। रियल्टी,ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिल रहा है। रियल्टी इंडेक्स करीब 4 फीसदी नीचे है। गोदरेज और प्रेस्टीज 5 फीसदी तक गिरे हैं। हालांकि IT शेयर संभलने की कोशिश कर रहे हैं।US में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी के करीब पहुंचने से मेटल और गोल्ड फाइनेंस कंपनियों पर प्रेशर है। मेटल इंडेक्स करीब 2.5 फीसदी टूटा है। HINDALCO, HIND ZINC, हिंद कॉपर, NALCO 5 फीसदी तक नीचे आए हैं। सोने में गिरावट से मुथूट और मणप्पुरम भी टूटे हैं।क्या आज होगा टोटल ब्रेक डाउन ?बाजार पर बात करते हुए CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने कहा कि उनका लगातार इंडेक्स पर शॉर्ट रहने का नजरिया रहा है। बाजार इस समय एक बड़े मैक्रो दिक्कत में है। इसीलिए निफ्टी और बैंक निफ्टी में बड़ी गिरावट आ रही है। लेकिन ऐसा नहीं है कि बाजार खराब है। मिडकैप,स्मॉलकैप और IPOs में पैसा बन रहा है। आज सुबह-सुबह बॉन्ड बाजार और कच्चे तेल से डराने वाले संकेत मिले हैं। आज शाम को US रिटेल महंगाई डाटा भी आना है। ऐसे में बड़ा सवाल ये कि बाजार दरों में बढ़ोतरी को कितना पचा चुका है और अगर वाकई US में दरों में बढ़ोतरी हुई तो क्या हम और गिरेंगे या ये भाव में शामिल हो चुका है?निफ्टी: कहां तक गिर सकते हैं हम?निफ्टी में इस साल 2 बड़े बॉटम बने थे। युद्ध के तुरंत बाद 22,331 और मई में 23,123 (क्लोजिंग लेवल)। क्लोजिंग आधार पर हम 24,774 तक चले थे। मई के स्तर से जो रैली हुई उसका हम 81% गिर चुके हैं। ऐसे में वापस 23,100-23,200 जाने का रिस्क होगा। युद्ध के बाद वाले लो की रैली का भी हम 55% रिट्रेस हो चुके हैं और उसका 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल आएगा करीब 23,264 पर। यानी कि कुल मिला कर 23,100-23,300 पत्थर की लकीर है। अगर 23,100-23,300 टूटा तो 22,300 भी रिस्क पर होगा।बाजार: आज का दांवआज बैंक और IT दोनों के गिरने के संकेत हैं। निफ्टी IT पर हमने एकदम सही समय पर Bullish नजरिया खत्म किया। इस महीने निफ्टी IT 7% से ज्यादा गिर चुका है और वापस निफ्टी IT में अब पैसा बेच कर बन रहा है। बैंक और NBFCs में आज कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड की दोहरी मार है। HDFC बैंक अब इस साल 30% गिर चुका है। अब तो HDFC बैंक के पक्के निवेशक भी उम्मीद छोड़ रहे हैं। दिक्कत यह है कि ICICI बैंक और SBI भी साथ नहीं दे रहे हैं। आज मेटल की रैली भी बुरी तरह से फेल हो सकती है। गोल्ड फाइनेंस कंपनियों में फिर बड़ी गिरावट का रिस्क रहेगा। हिंद जिंक पर कल हमने इंट्राडे में मुनाफावसूली का नजरिया रखा था। आज बाकी मेटल शेयरों में भी तेज गिरावट आ सकती है। छुपने की जगह इस समय सिर्फ फार्मा और हेल्थकेयर में है। इसके अलावा आज NSE के IPO पर नजर रहेगी।NSE IPO डिटेल्सNSE IPO 17-21 सितंबर के बीच खुला रहेगा। इसका प्राइस बैंड 1,700-1,785 रुपए और इश्यू साइज 22,569 करोड़ (पूरी तरह OFS) तय किया गया है। कंपनी का मार्केट कैप 4.42 लाख करोड़ रुपए है। NSE के वैल्युएशन की बात करें तो 1,785 रुपए प्रति शेयर पर वैल्युएशन करीब 42.9x Trailing FY26 P/E होता है। SE का मौजूदा P/E करीब 54x FY26 EPS पर है। NSE के फाइनेंशियल पर नजर डालें तो FY26 में इसकी आय 16,601 करोड़ रुपए, EBITDA मार्जिन 76% और मुनाफा 10,302 करोड़ रुपए रहा।NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMPNSE में क्या करें?NSE कैपिटल मार्केट सेक्टर का सबसे बड़ा शेयर है। ध्यान रहे इसमें लगभग 6 महीने तक फ्लोटिंग स्टॉक काफी सीमित रहेगा। प्री-IPO निवेशकों के लिए 6 महीने का Lock In है और 4.5% इश्यू में से करीब 1.5% एंकर निवेशकों का होगा। एंकर निवेशक भी 1 महीने तक नहीं बेच पाएंगे। NSE का असली टेस्ट लिस्टिंग के 6 महीने बाद होगा। NSE का सबसे बड़ा रिस्क है F&O वॉल्यूम का तेजी से नीचे आना और यही कारण है कि BSE अपने हाई से काफी गिर चुका है। NSE भी Unlisted मार्केट में 2200 रुपए तक गया था और वहां से गिरा है।डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
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शुक्रवार को देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर बैंकिंग सेवाओं पर साफ दिखाई दिया। पांच दिन के वर्किंग वीक समेत कई लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर कर्मचारियों और अधिकारियों ने काम बंद रखा।
NSE IPO में बोली लगाने की सोच रहे हैं? पहले जान लीजिए शेयर पर कितना चल रहा GMP
NSE IPO: एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। प्राइस बैंड सहित इश्यू की दूसरी जानकारियां सामने आ गई हैं। अगर आप देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ में बोली लगाने की सोच रहे हैं तो पहले यह जान ले कि इस शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) कितना चल रहा है।शेयर के जीएमपी में आई है गिरावटNSE के शेयर के जीएमपी में 11 सितंबर को गिरावट आई। ग्रे मार्केट की गतिविधियों को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर पर 10-11 फीसदी जीएमपी चल रहा है। इनवेस्टरगेन ने प्रति शेयर 180 रुपये का जीएमपी बताया है। इसका मतलब है कि इस शेयर की लिस्टिंग पर 10.08 फीसदी कमाई हो सकती है।10-11 फीसदी लिस्टिंग गेंस के संकेतआईपीओवॉच ने एनएसई के शेयर पर जो जीएमपी बताया है, उसके हिसाब से इस शेयर से 10.53 लिस्टिंग गेंस हो सकता है। इस हफ्ते की शुरुआत में शेयर का जीएमबी 285 रुपये था। तब एनएसई ने प्राइस बैंड का ऐलान नहीं किया था। 285 रुपये जीएमपी का मतलब था कि इस शेयर की लिस्टिंग से 15.97 का गेंस हो सकता था।21 सितंबर तक लगा सकते हैं बोलीNSE IPO में 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। यह इश्यू एंकर इनवेस्टर्स के लिए 16 सितंबर को खुल जाएगा। एनएसई ने 1,700-1,785 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का यह आईपीओ 22,561.5 करोड़ रुपये का है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर एक्सचेंज 4.42 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन चाहता है।देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंजएनएसई का मुकाबला बीएसई यानी बॉम्बे स्टॉक एक्सेंचज से है। एनएसई देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है, जबकि BSE न सिर्फ भारत बल्कि एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है। Redseer की रिपोर्ट के मुताबिक, कैश मार्केट में एनएसई का मार्केट शेयर 93.05 फीसदी था, इक्विटी फ्यूचर्स में मार्केट शेयर 99.72 फीसदी और इक्विटी ऑप्शंस में 68.48 फीसदी था। यह डेटा जून 2026 में खत्म तीन महीनों के टोटल प्रीमियम टर्नओवर पर आधारित है।यह भी पढ़ें:Qualiance International Listing: शानदार शुरुआत, शेयर 77% बढ़त में लिस्ट; फिर लगा अपर सर्किटआईपीओ मार्केट में बढ़ी है हलचलपिछले कुछ हफ्तों में आईपीओ मार्केट में गतिविधियां काफी बढ़ी हैं। इस हफ्ते कुल 16 आईपीओ बाजार में हैं। हाल में कई आईपीओ को इनवेस्टर्स का स्ट्रॉन्ग रिस्पॉन्स मिला है। कुछ कंपनियों के शेयर काफी ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। कुछ शेयरों में तो लिस्टिंग के बाद लगातार तेजी दिखी है। मिल्की मिस्ट का शेयर इसका उदाहरण है।
Mirzapur The Movie: 4 सितंबर को जब 'मिर्जापुर द मूवी' सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तो ऐसा लगा कि इसे हर जगह पसंद किया जा रहा है। लेकिन एक व्यक्ति ऐसा भी था जो इससे बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हुआ – लेखिका और कॉलमिस्ट शोभा डे। उन्होंने फिल्म का रिव्यू एक 'रील' के तौर पर पोस्ट किया और कहानी न होने के लिए इसकी कड़ी आलोचना की। उन्होंने यहां तक कहा कि फिल्म के 3 घंटे 17 मिनट के समय में से 15 मिनट तक तो उन्हें नींद ही आ गई।शोभा डे ने रिव्यू में मिर्जापुर की आलोचना कीइंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई एक रील में, शोभा ने मिर्ज़ापुर का रिव्यू करते हुए कहा, मैंने अभी-अभी 'मिर्जापुर द मूवी' देखी है। मैं बस इतना ही कह सकती हूं कि शायद यह फिल्म बननी ही नहीं चाहिए थी। मैंने सीरीज नहीं देखी है, लेकिन मिर्ज़ापुर ब्रांड के लिए बने माहौल और चर्चा को देखते हुए मैं बहुत उम्मीदों के साथ इसे देखने गई थी। फिल्म देखने के बाद मुझे लगा – आखिर यह सब क्या हो रहा था?उन्होंने कुछ कलाकारों की तारीफ की और कुछ की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, शानदार स्टार कास्ट है और मेरे लिए दो बेहतरीन परफॉर्मेंस रवि किशन की रहीं – जो वाकई कमाल के हैं – और बेशक, अली फजल, जो गुड्डू के रोल में अविश्वसनीय रूप से अच्छे हैं। मिस्टर त्रिपाठी फिल्म में मिस्टर त्रिपाठी का ही रोल निभा रहे हैं, जो अब थोड़ा एक जैसा और उबाऊ लगने लगा है। वही पुराने एक्सप्रेशन, वही पुरानी डायलॉग डिलीवरी। View this post on Instagram A post shared by Shobhaa De (@shobhaade) मिर्ज़ापुर में 'बड़ा सरप्राइज'इसके बाद शोभा ने मज़ाकिया अंदाज़ में कहा कि फिल्म में एक सरप्राइज़ भी है, लेकिन, इसमें एक बहुत बड़ा सरप्राइज़ है – मिस्टर त्रिपाठी, जो हमेशा शरीफ़-साफ़-सुथरे रोल में दिखते हैं, वे एक असल सेक्स सीन कर रहे हैं। हां, आपने सही सुना पूरी तरह से.... और वह भी रसिका दुग्गल के साथ, जो 'लेडी मैकबेथ' या एक दुष्ट सौतेली मां जैसा रोल निभा रही हैं।उन्होंने अपने रिव्यू को इस तरह खत्म किया, इसके अलावा, इसमें हर तरह की हिंसा है और वह भी बिना किसी वजह के। कहानी कहीं नहीं पहुंचती और सच कहूं तो, मैं लगभग 15 मिनट तक सो गई थी। मैंने पीछे बैठी दो महिलाओं को भी खर्राटे लेते सुना। शायद यह फिल्म पुरुषों के लिए बनी है। यह मेरे लिए नहीं थी।अपने कैप्शन में उन्होंने लिखा, मैंने टिकट पर 900 रुपये और भेल पर 260 रुपये खर्च किए और लगभग 4 घंटे यह सोचती रही कि मैं ऐसी फ़िल्म क्यों देख रही हूं, जिसमें कई सीन बिना किसी तुक के एक-दूसरे से जोड़ दिए गए थे। मतलब... हद है... वो बौना? ऊंटनी का दूध? एक खतरनाक विलेन जो अपनी प्रेमिका के लिए सेक्सी ब्रालेट सिलता है? बिना सिर वाली मुर्गी, जो छिपने के लिए इधर-उधर भाग रही है।'मिर्ज़ापुर द मूवी' के डायरेक्टर गुरमीत सिंह हैं और इसे पुनीत कृष्णा ने लिखा है। इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। इसमें पंकज त्रिपाठी, अली फज़ल, दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार और रवि किशन ने काम किया है। 'मिर्ज़ापुर: द मूवी' अमेज़न प्राइम वीडियो की टेलीविजन सीरीज 'मिर्ज़ापुर' (2018) पर आधारित है। रिलीज़ के बाद से इस फिल्म ने दुनिया भर में ₹197 करोड़ की कमाई की है।
एक दिन तेजी देखने के बाद शेयर बाजार में 11 सितंबर को फिर से गिरावट है। मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 742.53 अंक तक लुढ़ककर 74,160.16 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंकों की गिरावट के साथ 23,231.40 के लो तक गया। लेकिन फिर बाजार में हल्की रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से करीब 424 अंक और निफ्टी दिन के लो से 129 अंक तक उछला।गुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। इसी तरह निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को तेज गिरावट के बाद हुई रिकवरी के अहम कारण डिटेल में...वैल्यू बाइंगबड़ी गिरावट से निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीद यानि कि वैल्यू बाइंग की। इससे बाजार में रिकवरी दिखी। सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 424 अंक ऊपर चढ़कर 74,584.35 के हाई तक गया। निफ्टी दिन के लो से 129.45 अंक उछलकर 23,360.85 के हाई तक गया। IT शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार का नुकसान कम हुआ।Qualiance International Listing: शानदार शुरुआत, शेयर 77% बढ़त में लिस्ट; फिर लगा अपर सर्किटवॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त11 सितंबर को वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में बढ़त दिखी। गुरुवार को अमेरिकी शेयरों में लगातार चौथे सेशन में गिरावट रही थी। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.56 अंक या 0.6% गिरकर 52,064.10 पर बंद हुआ। बेंचमार्क S&P 500 में 44.66 अंक या 0.58% की गिरावट आई और यह 7,591.70 पर बंद हुआ। नैस्डैक कम्पोजिट इंडेक्स 171.62 अंक या 0.65% गिरकर 26,081.73 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में गिरावट रही थी।कच्चे तेल की कीमतों में गिरावटब्रेंट कच्चे तेल की कीमत लगभग 2 प्रतिशत टूटकर 105.55 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए एक पॉजिटिव ट्रिगर हैं। इसकी वजह है कि देश कच्चे तेल की अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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CBSE Board Exams 2027: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) बहुत जल्द 2026-27 शैक्षिक सत्र की बोर्ड परीक्षा की तैयारियों की शुरुआत करेगा। बोर्ड ने गुरुवार को सभी संबद्ध स्कूलों के प्रिंसिपल को बताया कि कक्षा 9 और 11 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया और कक्षा 10 और 12 के लिए कैंडिडेट्स की लिस्ट (LOC) जमा करने का काम शुरू किया जाएगा। बोर्ड ने स्कूलों को यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि छात्रों का निजी विवरण और उन्हें दिए गए विषय सही तरीके से जमा किए जाएं।स्कूलों को यह जानकारी तैयार रखने की सलाह दी गई है:स्टूडेंट की सही और अपडेटेड डिटेल्सकैंडिडेट का पूरा नाम, जैसा कि एडमिशन रजिस्टर में दर्ज हैजन्म तिथिजेंडरकैटेगरी (जनरल/SC/ST/OBC, वगैरह)माता-पिता/गार्जियन के पूरे नाम सही स्पेलिंग के साथपढ़ाई की तय स्कीम के अनुसार सब्जेक्ट-वाइज रजिस्ट्रेशन।हर कैंडिडेट का फोटो और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में।सीबीएसई ने कहा कि स्कूलों को जमा करने से पहले सभी कैंडिडेट की डिटेल्स अच्छी तरह से सत्यापित करनी चाहिए, इसमें छोटी सी गलतियों से बाद में परीक्षा प्रक्रिया में दिक्कतें आ सकती हैं। बोर्ड ने हाल की परीक्षा के दौरान आई कई चुनौतियों और दिक्कतों पर भी रोशनी डाली। इसमें कहा गया है कि इन वजहों से देरी और ऑपरेशन में दिक्कतें हुईं जिनसे बचा जा सकता था:स्कूलों ने गलत सब्जेक्ट कोड या सब्जेक्ट डाले, जिसके कारण सबमिट करने के बाद सुधार के लिए रिक्वेस्ट की गई।गलत स्टूडेंट या पेरेंट डिटेल्स की वजह से स्कूलों ने सुधार के लिए रिक्वेस्ट की।स्टूडेंट्स के लिए LOC जमा न करना।तय टाइमलाइन के अंदर LOC जमा न करना।बोर्ड ने आगे कहा कि छात्रों का निजी विवरण और उन्हें दिए गए विषय सही तरीके से जमा करने का निर्देश स्कूलों को बार-बार देने के बावजूद, गलतिया होती रहीं। सीबीएसई ने कहा, ऐसी सभी चुनौतियों ने बोर्ड की टाइमलाइन बनाए रखने और परीक्षा में कुशलता सुनिश्चित करने की क्षमता पर असर डाला है, साथ ही उम्मीदवारों को बेवजह की समस्याओं का सामना भी करना पड़ा है। इसलिए, सभी स्कूलों से एक बार फिर अपील की गई है कि वे एलओसी जमा करने से पहले सभी सही स्टूडेंट डिटेल्स के साथ तैयार रहें।यह नया नोटिस 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए रजिस्ट्रेशन और एलओसी जमा करने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले स्कूलों को पहले से जानकारी देने का काम करता है।CSIR-UGC NET June 2026: 1.5 लाख परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी, जानें कैसे चेक कर सकेंगे अपना स्कोर कार्ड
बैंक हड़ताल: शाखाओं पर सेवाएं ठप, ग्राहकों की बढ़ी परेशानी; जानिए किस चीज की मांग पर अड़े कर्मचारी
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की देशव्यापी हड़ताल से बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह और अन्य वेतन संबंधी मुद्दों को लेकर कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे ग्राहकों को परेशानी हुई।
पेंशन को लेकर 8वें वेतन आयोग में ये अड़चन, एक्सपर्ट्स जता रहे चिंता
आठवें वेतन आयोग की बैठकों के बीच पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) की मांग ने फिर जोर पकड़ लिया है. लेकिन इस मांग के साथ एक बड़ा कानूनी सवाल भी जुड़ गया है. अगर नए वेतन नियमों का असर पहले से रिटायर हो चुके कर्मचारियों की पेंशन पर पड़ता है, तो उनके पहले से बने अधिकारों का क्या होगा?
Beco को झटका... हटाने होंगे Surf Excel-Vim से जुड़े विवादित ऐड
हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) को बेको (BECO) के साथ एड कैंपेन विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने बेको के विवादित विज्ञापनों को ऑनलाइन और ऑफलाइन प्लेटफॉर्म से हटाने और वापस लेने का आदेश दिया है.
Parineeti Chopra: एक्टर परिणीति चोपड़ा अपने आने वाले शो 'शक' (Shaque) के साथ फुल-टाइम काम पर लौटने के लिए तैयार हैं। पिछले साल अक्टूबर में बेटे के जन्म के बाद यह उनका पहला प्रोजेक्ट है। गुरुवार को मुंबई में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में, एक्टर ने फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों को इस बात का श्रेय दिया कि वे माता-पिता बनने के बाद भी एक्टर्स को अपना करियर जारी रखने का मौका देते हैं।अक्टूबर में, 37 साल की परिणीति ने अपने राजनेता पति राघव चड्ढा के साथ अपने पहले बच्चे का स्वागत किया। नेटफ्लिक्स शो 'शक' एक्टिंग में उनकी वापसी और OTT सीरीज़ में उनकी शुरुआत है।'दर्शक अब मांओं को खारिज नहीं करते'मां बनने के बाद अपनी वापसी के बारे में बात करते हुए, परिणीति ने ट्रेलर लॉन्च पर मीडिया से कहा, मुझे नहीं लगता कि मैंने किसी मेकर, डायरेक्टर या राइटर के साथ ऐसी कोई बातचीत की है, जिसमें उन्होंने मुझसे मां बनने के बारे में कोई बात की हो। मुझे याद नहीं कि किसी ने भी ऐसा कहा हो कि 'अब जब आप मां बन गई हैं, तो हम आपको यह ऑफर कर रहे हैं' और यही बात सबसे अच्छी है। मुझे बुरा लगेगा अगर मैं सिर्फ इसलिए काम करना छोड़ दूं क्योंकि मैं मां बन गई हूं। यह दोनों तरफ का रिश्ता है। मुझे काम मिलना चाहिए और अगर मुझे सिर्फ इसलिए काम न मिले क्योंकि मैंने एक बच्चे को जन्म देने जैसा खूबसूरत काम किया है, तो मुझे दुख होगा।एक्टर ने दर्शकों को ज़्यादा स्वीकार करने वाला और मांओं को 'खारिज न करने' वाला बताया। उन्होंने कहा, दर्शक मांओं को खारिज नहीं कर रहे हैं और इसलिए राइटर, डायरेक्टर और एक्टर कंटेंट बना पा रहे हैं। यह बिजनेस अकेले नहीं चलता। यह दर्शकों के साथ सप्लाई और डिमांड का मामला है। मुझे खुशी है कि इंडस्ट्री बदल रही है और दर्शकों ने यह सब मुमकिन किया है। तो, यह सब बहुत अच्छा और पॉजिटिव है।आलिया, दीपिका और प्रियंका भी काम कर रही हैंपरिणीति ने अपनी साथी एक्टर्स आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण और अपनी कजिन प्रियंका चोपड़ा की तारीफ करते हुए कहा वे मां बनने के बाद भी काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह नया ट्रेंड नॉर्मल हो रहा है। “यह दुख की बात है कि एक पीढ़ी को इसकी कीमत चुकानी पड़ी, क्योंकि शायद उस समय के दर्शक मांओं को देखने के लिए उत्साहित नहीं थे। मुझे यह बात समझ नहीं आती, लेकिन किसी समय यही सच्चाई थी। मुझे बहुत खुशी है कि हमारी पीढ़ी-जिसमें आलिया (भट्ट), मैं, दीपिका (पादुकोण) और मेरी अपनी बहन (प्रियंका चोपड़ा) शामिल हैं, जो वेस्ट में काम कर रही हैं—हम सभी मां बन पा रही हैं और उसी क्वालिटी का काम कर रही हैं। असल में, मुझे लगता है कि हम अब और भी बेहतर काम कर रही हैं,”।परिणीति की पिछली फिल्म इम्तियाज़ अली की 2024 में आई बायोपिक 'अमर सिंह चमकीला' थी, जिसमें दिलजीत दोसांझ ने मुख्य भूमिका निभाई थी। बात आने वाली फिल्म की करें तो 'शक' एक मिस्ट्री थ्रिलर है, जिसे रेन्सिल डी'सिल्वा और सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा ने बनाया है। इसमें परिणीति एक ऐसी मां के रोल में हैं जो अपने खोए हुए बच्चे की तलाश कर रही है। 'शक' में सोनी राजदान, अनूप सोनी, जेनिफर विंगेट, ताहिर राज भसीन, हरलीन सेठी, ध्रुव चौधरी और सुमीत व्यास भी हैं। यह 24 सितंबर को नेटफ़्लिक्स पर रिलीज होगी।
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CSIR-UGC NET June 2026: काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च - यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (CSIR-UGC NET) जून 2026 परीक्षा देने वाले 1.5 लाख से अधिक उम्मीदवार अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। 17 और 18 जुलाई को 5 विषयों के लिए आयोजित की गई परीक्षा का रिजल्ट नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर अपने रिजल्ट और रैंक देख सकते हैं। सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के लिए 1,87,739 उम्मीदवारों ने पंजीकरण किया था। इनमें से कुल 1,50,057 कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए थे। Joint CSIR-UGC NET June 2026 Update!The Result and Rank for the Joint CSIR-UGC NET June 2026 Examination have been declared.Candidates can check their result and rank through the official website.Visit: https://t.co/MU0mGVvWRuHelpline 011-40759000Email -… pic.twitter.com/uCDGVHNRjP— National Testing Agency (@NTA_Exams) September 10, 2026 पांच सब्जेक्ट के लिए आयोजित की गईथीपरीक्षाइससे पहले, 29 अगस्त को, परीक्षा कराने वाली बॉडी ने जॉइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के स्कोर और फाइनल आंसर की जारी की थीं। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 17 और 18 जुलाई को पांच सब्जेक्ट के लिए आयोजित की थी। इनमें लाइफ साइंसेज, फिजिकल साइंसेज, केमिकल साइंसेज, अर्थ, एटमॉस्फेरिक, ओशन एंड प्लैनेटरी साइंसेज और मैथमेटिकल साइंसेज जैसे विषय शामिल थे। वहीं, परीक्षा देशभर के 224 शहरों में कराई गई थी। संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा भारतीय यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में 'जूनियर रिसर्च फेलोशिप देने और असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपॉइंटमेंट', 'असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर अपॉइंटमेंट और पीएचडी में प्रवेश', और 'सिर्फ पीएचडी में एडमिशन' के लिए योग्यता तय करने के लिए आयोजित की जाती है।परीक्षा के बारे में और जानकारी के लिएसंपर्क करेंसंयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के सभी पांच विषयों की अंतिम आंसर की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। जो कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अपने विषय की फाइनल आंसर की देखने के लिए अपने क्रेडेंशियल का इस्तेमाल करके लॉग इन कर सकते हैं। जॉइंट सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा के बारे में और जानकारी के लिए, कैंडिडेट 011-40759000 या 011-69227700 पर संपर्क कर सकते हैं, या csirnet@nta.ac.in पर ईमेल कर सकते हैं।ऐसे चेक करें सीएसआईआर-यूजीसी नेट रिजल्टरिजल्ट देखने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट csirnet.nta.nic.in पर जाएं। इसके बाद होम पेज पर सीएसआईआर-यूजीसी नेट जून 2026 Result/Score Card से जुड़े लिंक पर क्लिक करें। अब मांगी गई जानकारी दर्ज करके सबमिट करें। जानकारी सबमिट करने के बाद आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसी के साथ उम्मीदवार अपनी रैंक भी चेक कर सकेंगे। रिजल्ट देखने के बाद स्कोरकार्ड डाउनलोड कर लें और भविष्य के लिए इसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।AIIMS NORCET 11 Admit Card 2026: नर्सिंग ऑफिसर भर्ती के लिए एडमिट कार्ड जारी, 2218 पदों पर भर्ती के लिए 12 सितंबर को होगी परीक्षा
Market Trend : बाजार का मूड पूरी तरह से निगेटिव, 23100 के स्तर तक फिसल सकता है निफ्टी-पंकज रांदड़
Market Trend : बाजार की आगे की दिशा और दशा पर बात करते हुए इक्विनॉक्स रिसर्च एंड एडवाइजर्स (EQUINOX Research & Advisors) के पंकज रांदड़ ने कहा कि जिस हिसाब से मार्केट पोजीशन है उसे देखते हुए लगता है कि निफ्टी का रुझान साइडवेज निगेटिव है। कल मार्केट में जो थोड़ी बहुत रिकवरी दिखी उसे रिकवरी नहीं बोलेंगे। मार्केट का पूरा टेक्सचर साइडवेज नेगेटिव हो चुका है। मार्केट पर साफतौर पर प्रेशर देखने को मिल रहा है। लेकिन चुनिंदा स्टॉक्स के अंदर अभी भी दमखम नजर आ रहा है।निफ्टी व्यूपंकज रांदड़ ने आगे कहा कि अगर निफ्टी की बात करें तो 23350 से लेकर 23500 की रेंज में वीकली क्लोजिंग की संभावना दिख रही है। जब तक निफ्टी इसके नीचे ट्रेड करता रहेगा तब तक कोई जोखिम लेने की जरूरत नहीं हैं। निफ्टी जब तक 23600-23650 के नीचे ट्रेड करता रहेगा इसमें गिरावट की संभावना बनी रहेगी और यह 23100 के स्तर तक फिसल सकता है। निफ्टी के 23650 के ऊपर जाने पर ही तेजी की संभावना बनेगी।बैंक निफ्टी व्यूबैंक निफ्टी की बात करें तो इसमें भी साफ ब्रेकडाउन देखने को मिला है। डबल टॉप का फॉर्मेशन के बाद यह इंडेक्स 200 डेमा के नीचे जाता दिखा है। 57000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी के अंदर तेजी की उम्मीद बन सकती है। जब तक यह 56,800 के नीचे ट्रेड कर रहा है तब तक इसमें 56,300 और 56,000 तक गिरने की संभावना बनी हुई है।शुक्रवार को भी कुछ अलग होने की उम्मीद नहींइस समय मार्केट में मंदी की तलवार लटकती हुई दिखाई दे ही रही है। बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि किस तरीके से परिस्थितियां बदलती हैं। कच्चे तेल में अच्छी खासी तेजी है। अमेरिकन मार्केट्स भी दबाव में है। कुछ अहम डेटा आने हैं। जिनके बाद ही शायद एक साफ मूव आता हुआ नजर आए। भारतीय बाजार फिलहाल काफी दबाव में कारोबार करते हुए दिख रहे है। आज शुक्रवार को भी कुछ अलग होने की उम्मीद नहीं हैं।पंकज रांदड़ की टॉप पिकआज के लिए अपने पसंदीदा शेयर पर बात करते हुए पंकज रांदड़ ने कहा कि आज चोला फाइनेंस के फ्यूचर्स में खरीदारी की सलाह होगी। इसमें 1860-1862 रुपए की रेंज में खरीदारी करें,1845 रुपए पर स्टॉपलॉस रखें। ऊपर की तरफ इसमें 1915 रुपए तक के टारगेट्स देखने मिल सकते हैं। कल दिन भर इस स्टॉक में काफी अच्छा मोमेंटम देखने को मिला। कल इसकी क्लोजिंग भी अच्छी रही। आरएसआई में पॉजिटिव डायवर्जन के साथ यह स्टॉक सारे मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। आज भी इस शेयर में मोमेंटम बरकरार रह सकता है।Trading Ideas : 23300 के नीचे फिसला निफ्टी, कमजोर बाजार में भी आज इन दो शेयरों में बन सकते हैं पैसेडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
नेचुरल नाखूनों की नई पसंद बना जापानी मैनीक्योर, ग्लॉसी लुक ने मचाई धूम!
आजकल नेल्स को खूबसूरत दिखाने के लिए जेल मैनीक्योर काफी ट्रेंड में है, लेकिन बार-बार इसे करवाने से नाखूनों पर असर पड़ सकता है। यदि आप भी जेल मैनीक्योर का ीेतेमाल कटी है तो जान लें कि जेल हटाने के बाद कई बार नाखून पतले, रूखे और कमजोर नजर आने लगते हैं। ऐसे में नेचुरल नेल्स को थोड़ा ब्रेक देना अच्छा रहता है। जिसके लिए अब लोक जापानी मैनीक्योर का इस्तेमाल कर रहे है। इसमें बिना मोटी लेयर या एक्सटेंशन के नाखूनों को साफ, चमकदार और नेचुरल लुक देने के साथ उनकी देखभाल पर भी ध्यान दिया जाता है।नेचुरल लुक देंआजकल बहुत ज्यादा नेल आर्ट या जेल नेल्स की जगह नेचुरल और साफ-सुथरे नाखूनों का ट्रेंड भी काफी पसंद किया जा रहा है। जापानी मैनीक्योर इसी स्टाइल पर फोकस करता है। इसमें नाखूनों पर तेज रंग या मोटी लेयर लगाने के बजाय उन्हें हल्की चमक और सॉफ्ट पिंक टच दिया जाता है। इससे हाथों को बहुत सिंपल और एलिगेंट लुक मिलता है।नाखूनों की कंडीशनिंग करेंजापानी मैनीक्योर सिर्फ नाखूनों को चमकाने तक सीमित नहीं है। इसमें नाखूनों को साफ करने के बाद उनकी कंडीशनिंग पर भी ध्यान दिया जाता है। बीजवैक्स, केराटिन, विटामिन और मिनरल्स वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करके नाखूनों को पोषण दिया जाता है। इसके बाद हल्की बफिंग से उन्हें नैचुरल चमक दी जाती है।नेचुरल नेल्स चुनेंबार-बार जेल मैनीक्योर, ऐक्रेलिक या नेल एक्सटेंशन कराने से कुछ लोगों के नाखून पतले और रूखे लग सकते हैं। ऐसे में जापानी मैनीक्योर में नाखूनों को ढकने के बजाय उनकी नेचुरल खूबसूरती पर ध्यान दिया जाता है। यदि नाखून बहुत ज्यादा कमजोर या खराब हैं, तो किसी नेल एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहेगा।कम मेंटेनेंस लुक रखेंइस मैनीक्योर में रंगीन नेल पॉलिश की मोटी लेयर नहीं होती, इसलिए पॉलिश के उतरने या चिप होने की परेशानी कम रहती है। नाखून बढ़ने के साथ भी इसका लुक ज्यादा अजीब नहीं लगता। यही वजह है कि कम मेंटेनेंस वाला नेल लुक पसंद करने वालों के लिए यह स्टाइल अच्छा ऑप्शन है।बफिंग हल्के हाथों से करेंइस मैनीक्योर का एक जरूरी हिस्सा हल्की बफिंग है, जिससे नाखूनों को स्मूद और चमकदार बनाया जाता है। लेकिन इसे बहुत ज्यादा करने से नाखून की ऊपरी लेयर कमजोर हो सकती है। इसलिए बफिंग हमेशा हल्के हाथों से और सही तरीके से करवानी चाहिए, खासकर तब जब नाखून पहले से पतले हों।जापानी मैनीक्योर उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है, जो नाखूनों को ज्यादा सजाने के बजाय उनका साफ और नेचुरल लुक पसंद करते हैं। आप भी थोड़ी सी केयर और सही तरीके से की गई बफिंग से नाखूनों को सॉफ्ट और ग्लॉसी लुक दे सकती है।
UPI Payment Rule: डिजिटल पेमेंट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जहां UPI भुगतानों पर 40 बेसिस पॉइंट का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा।
LPG Price 11 September 2026: सप्लाई को लेकर अनिश्चितता के बीच LPG की कीमतों को लेकर चिंता बनी हुई है। यह सब ग्लोबल क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों की चिंता के बीच हो रहा है। हालांकि देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 11 सितंबर 2026 को राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं किया गया है। बता दें किमहीने की शुरुआत में तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 9.50 रुपये से 11.50 रुपये तक की बढ़ोतरी की थी।दिल्ली से पटना तक,जानें आज काLPGरेटअलग-अलग शहरों में घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतें अलग हैं। 10 सितंबर को प्रमुख शहरों में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं: शहर घरेलू सिलेंडर (14.2किलो) कमर्शियल सिलेंडर (19किलो) दिल्ली ₹942 ₹2,747.50 मुंबई ₹941.50 ₹2,701.00 कोलकाता ₹968.00 ₹2,884.00 चेन्नई ₹957.50 ₹2,916.50 बेंगलुरु ₹955.50 ₹2,831.00 हैदराबाद ₹994.00 ₹2,996.00 पटना ₹1,031.50 ₹3,029.00 नोएडा ₹939.50 ₹2,747.50 गुरुग्राम ₹950.50 ₹2,764.50 भारत ने बढ़ाया अपना LPG प्रोडक्शनमिडिल ईस्ट फिर से बढ़े तनाव के बीच भारत ने अपना LPG उत्पादन लगभग 4000 टन बढ़ा रहा है ताकि आगे आने वाले समय में सप्लाई में कोई रुकावट न आए। इस बदलाव का मकसद होर्मुज के पारंपरिक शिपिंग रूट पर निर्भरता को कम करना है। होर्मुज के आसपास अभी अस्थिरता का माहौल है।इस बीच, भारत की कोशिश है अपनी लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की सप्लाई को स्थिर रखना। देश की रिफाइनरियां पहले से ही अपने सामान्य स्तर (37,000 से 38,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन) से अधिक काम कर रही हैं और अब रोज के हिसाब से इसमें लगभग 4,000 मीट्रिक टन की बढ़ोतरी करने जा रही हैं। इस 4,000 टन की दैनिक बढ़ोतरी के साथ ही रिफाइनरियों का मौजूदा उत्पादन स्तर उनके सामान्य बेस लेवल से 10% से भी ऊपर जा चुका है।खाड़ी देशों पर कम हुई निर्भरताभारत पारंपरिक रूप से यूएई, कतर, कुवैत और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों से अपनी 90% एलपीजी लेता था, जिसकी सप्लाई होर्मुज के रास्ते से की जाती थी. अब जब इस रूट पर तनाव का माहौल बना हुआ है इसलिए सरकार और तेल कंपनियों को इम्पोर्ट के अलग-अलग रास्ते तलाशने पड़ रहे हैं.सप्लाई चेन में पहले ही एक बड़ा बदलाव दिख रहा है. अब भारत के LPG इंपोर्ट का 50% से ज्यादा हिस्सा अमेरिका से आता है, जबकि 2026 की शुरुआत में तनाव बढ़ने से पहले यह हिस्सा 10% से भी कम था.यह भी पढ़े-Petrol Diesel Price Today: क्रूड ऑयल 108 डॉलर पार, पेट्रोल-डीजल खरीदने से पहले चेक करें आज के नए भाव, अपने शहर की पूरी प्राइज लिस्ट देखें
भारत में आयोजित BRICS बिनेस फोरम में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि दुनिया का राजनीतिक और आर्थिक ढांचा तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता आज वैश्विक अर्थव्यवस्था की बड़ी पहचान बन गई हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS देशों से बाजार खोलने, गैर-टैरिफ बाधाएं कम करने और भुगतान प्रणालियों को जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने गहरे आर्थिक एकीकरण और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं पर जोर दिया।
फिल्म: हैवानडायरेक्टर: प्रियदर्शनकास्ट: सैफ अली खान, अक्षय कुमार, बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, सैयामी खेर, मोहनलाल, असरानी, शारिब हाशमीरेटिंग: 4/5Haiwaan Movie Review: साइकोलॉजिकल थ्रिलर की कहानी कहने का एक नया दौर शुरू हो रहा है, जहां डर सिर्फ खून-खराबे या बड़े ट्विस्ट से नहीं, बल्कि दिमाग और इंस्टिंक्ट के खेल से पैदा होगा। प्रियदर्शन की ‘हैवान’ इसी बदलते अंदाज की तरफ एक दिलचस्प कदम है। मलयालम फिल्म ‘ओप्पम’ से कहानी का बेस लेने के बावजूद फिल्म सिर्फ रीमेक बनकर नहीं रह जाती, बल्कि अपने ट्रीटमेंट और किरदारों के जरिए इसे नया एहसास देती है। अक्षय कुमार का खतरनाक परशुराम और सैफ अली खान का नेत्रहीन श्याम जब आमने-सामने आते हैं, तो मुकाबला ताकत का नहीं, बल्कि सोच, सुनने और सर्वाइवल का बन जाता है। यही बात ‘हैवान’ को आज की बाकी थ्रिलर्स से अलग करती है और फिल्म शुरू होते ही कई सवाल छोड़ देती है।पुरानी कहानी, नया अंदाज‘ओप्पम’ से निकली ‘हैवान’ की कहानी भले ही नई नहीं है, लेकिन इसका हिंदी ट्रीटमेंट इसे फ्रेश बनाता है। आजकल की कई थ्रिलर्स जहां हर कुछ मिनट में ट्विस्ट परोसने की कोशिश करती हैं, ‘हैवान’ थोड़ा ठहरकर कहानी को खोलती है। फिल्म आपको सबकुछ बताने के बजाय इतना दिखाती है कि आप खुद आगे का अंदाजा लगाने लगें।अक्षय का सबसे अलग विलन रोलअक्षय कुमार का किरदार परशुराम उनकी आम हीरो वाली इमेज से बिल्कुल उलट है। वह चीखता नहीं, ज्यादा एक्सप्रेशन नहीं देता, लेकिन स्क्रीन पर आते ही माहौल बदल जाता है। उनकी खामोशी और कंट्रोल्ड बॉडी लैंग्वेज इस विलन को अलग बनाती है। हाल की फिल्मों में अक्षय को एक्शन हीरो के तौर पर देखने के बाद उन्हें इस तरह के डार्क रोल में देखना निश्चित तौर पर दिलचस्प है।सैफ का सर्वाइवल गेमसैफ अली खान का श्याम कहानी को दूसरी ताकत देता है। वह देख नहीं सकता, लेकिन उसकी सुनने की क्षमता और इंस्टिंक्ट उसे हर पल अलर्ट रखते हैं। फिल्म की दिलचस्पी यहीं बढ़ती है कि दर्शक भी कई बार श्याम की तरह सिर्फ आवाज और आहट के भरोसे सीन को समझने की कोशिश करता है। अक्षय का परशुराम जहां खतरा है, वहीं श्याम उस खतरे को महसूस करने वाला किरदार है।थ्रिलर में क्या है अलग?‘हैवान’ को ‘अंधाधुन’, ‘फ्रेडी’ या हाल की साइकोलॉजिकल थ्रिलर्स की लाइन में रख सकते हैं, लेकिन इसका गेम थोड़ा अलग है। यहां सिर्फ यह सवाल नहीं है कि अगला ट्विस्ट क्या होगा, बल्कि यह भी है कि कौन किसे देख रहा है और कौन किसकी चाल समझ पा रहा है। प्रियदर्शन इसी बिल्ड-अप का इस्तेमाल करते हैं और बड़े खुलासों को जल्दी सामने नहीं आने देते।सपोर्टिंग कास्ट और म्यूजिकपहल चौधरी का ट्रैक कहानी में इमोशन जोड़ता है, लेकिन उनके किरदार के बारे में ज्यादा बताना फिल्म का मजा कम कर सकता है। सैयामी खेर, श्रिया पिलगांवकर, बोमन ईरानी और शारिब हाशमी कहानी को सपोर्ट करते हैं। असरानी की मौजूदगी भावुक पल देती है। प्रीतम का बैकग्राउंड स्कोर खासकर तनाव वाले सीन्स में असर बढ़ाता है, जबकि ‘मेरे हीरो हैं’ और ‘रंगियारा’ कहानी के मूड को अलग-अलग रंग देते हैं।देखें या नहींकुल मिलाकर, ‘हैवान’ हर मोड़ पर अपना राज खोलने के बजाय आपको अंदाजा लगाने का मौका देती है। अक्षय का डार्क अवतार, सैफ का अलग किरदार और प्रियदर्शन का ट्रीटमेंट इसे एक फ्रेश थ्रिलर बनाते हैं। कहानी ‘ओप्पम’ से जुड़ी है, लेकिन एहसास नया है। आखिर में सवाल बस एक कीइस खेल में असली हैवान कौन है? जिसे जानने के लिए आपको यह दिलचस्प फिल्म देखनी होगी।
करीब एक दशक के इंतजार के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) शेयर बाजार में लिस्ट होने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। NSE ने अपने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा।
SIP vs NPS: हर महीने ₹5,000 निवेश से 30 साल में कितना बनेगा फंड? जानें किसमें ज्यादा फायदा
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बैकपैक उठाओ, पैसे बचाओ! मानसून के ठीक बाद इन 5 जगहों पर जाने का है परफेक्ट टाइम
मानसून खत्म होते ही घूमने का मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है और इसी के साथ ट्रैवल बजट को कम रखने का मौका भी मिल सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच कई जगहों पर पीक सीजन की भीड़ शुरू होने से पहले घूमने पर फ्लाइट और होटल के दाम जेब पर थोड़े हल्के पड़ सकते हैं। इस मौसम भी कई जगहों पर घूमने के लिए अच्छा रहता है और कम भीड़ का फायदा मिल सकता है। यदि आने वाले महीनों में ट्रिप का प्लान बना रहे हैं, तो इन 5 जगहों पर नजर डाल सकते हैं: 1. लोनावलामुंबई और पुणे के पास होने की वजह से लोनावला छोटी ट्रिप के लिए काफी पसंद किया जाता है। मानसून के बाद भी यहां हरियाली और पहाड़ों का नजारा बना रहता है, जबकि बारिश के कारण होने वाली परेशानी कम हो सकती है। यहां भुशी डैम, टाइगर पॉइंट, राजमाची किला, कार्ला गुफाएं और लोहगढ़ किला घूम सकते हैं। मुंबई और पुणे के पास होने के कारण यह छोटी और बजट ट्रिप के लिए भी अच्छा ऑप्शन है। होटल प्राइस ट्रेंड में सितंबर का औसत करीब ₹6,458 प्रति रात रहा है। अक्टूबर और नवंबर में यह करीब ₹7,875 तक पहुंचता है, इसलिए सितंबर में वीकडे ट्रिप प्लान करना बजट में हो सकता है।2. उदयपुरउदयपुर में सितंबर के दौरान बारिश का असर कम होने लगता है और झीलों के आसपास का नजारा काफी खूबसूरत रहता है। यहां सिटी पैलेस, पिछोला झील, सज्जनगढ़ पैलेस, जग मंदिर और सहेलियों की बाड़ी देख सकते हैं। झीलों और पुराने महलों की खूबसूरती के साथ यहां का मौसम भी ट्रिप को खास बना सकता है। होटल की कीमतों में सितंबर 2026 का औसत करीब ₹3,908 प्रति रात लग सकता है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹4,765 और नवंबर में करीब ₹5,401 हो सकता है। वहीं जनवरी में औसत कीमत करीब ₹6,290 तक पहुंच जाती है। यानी सितंबर में ट्रिप प्लान करने पर होटल में अच्छी बचत हो सकती है।3.केरलमानसून के बाद केरल में हरियाली और मौसम दोनों ही घूमने का मजा बढ़ा देते हैं। यहां मुन्नार, अल्लेप्पी, वायनाड, कोच्चि और थेक्कडी जैसी जगहें देख सकते हैं। मुन्नार की पहाड़ियां और चाय के बागान, अल्लेप्पी की हाउसबोट और वायनाड की हरियाली ट्रिप को खास बना सकती है। सितंबर-अक्टूबर में पीक सीजन शुरू होने से पहले होटल और रुकने के खर्च में कुछ बचत मिल सकती है। ट्रैवल गाइड के मुताबिक, सितंबर-अक्टूबर के shoulder season में होटल और फ्लाइट पर पीक सीजन की तुलना में करीब 30% तक बचत हो सकती है। नवंबर से यहां पीक सीजन शुरू होने लगता है, इसलिए बजट ट्रिप के लिए सितंबर और अक्टूबर ज्यादा बेहतर रह सकते हैं।4. गोवागोवा में सितंबर को होटल को सबसे सस्ते महीनों में गिना जाता है। यहां बागा बीच, कलंगुट बीच, अंजुना, फोर्ट अगुआडा, पणजी और दूधसागर वाटरफॉल जैसी जगहें देख सकते हैं। सितंबर में बारिश के बाद गोवा का मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और होटल के दाम दिसंबर के पीक सीजन से कम रह सकते हैं। दो लोगों के लिए होटल का median रेट करीब $69 यानी लगभग ₹6,000 के आसपास है, जबकि नवंबर में यह करीब $113 तक पहुंच जाता है। सितंबर का औसत होटल रेट करीब ₹4,899 प्रति रात है, जो नवंबर के ₹6,418 से कम है। इसलिए कम बजट में गोवा घूमने के लिए सितंबर अच्छा ऑप्शन हो सकता है।5. जयपुरजयपुर में सितंबर के बाद मौसम धीरे-धीरे घूमने लायक होने लगता है और पीक सर्दियों के शुरू होने से पहले होटल की कीमतें कुछ कम रह सकती हैं। जयपुर में आमेर किला, हवा महल, सिटी पैलेस, जल महल, नाहरगढ़ किला और जंतर-मंतर घूम सकते हैं। सितंबर के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव आने लगता है, जिससे शहर की ऐतिहासिक जगहों को घूमना आसान हो सकता है। होटल का औसत करीब ₹3,786 प्रति रात है, जबकि अक्टूबर में यह करीब ₹5,099 और नवंबर में ₹5,100 तक पहुंचता है। इसलिए सितंबर में जयपुर घूमने पर होटल के बजट को थोड़ा कम रखा जा सकता है।मानसून के बाद घूमने का मौसम आते ही ट्रैवल का बजट भी थोड़ा हल्का किया जा सकता है। सितंबर से नवंबर के बीच ये सभी जगहें हैं, जहां घूमने का मजा लेने के साथ फ्लाइट और होटल पर भी बचत का मौका मिल सकता है। तो आप भी कम खर्च में अच्छी ट्रिप प्लान करने के लिए अपनी अगली ट्रिप प्लान कर सकते है।
Trading Ideas : 23300 के नीचे फिसला निफ्टी, कमजोर बाजार में भी आज इन दो शेयरों में बन सकते हैं पैसे
Trading Ideas : ग्लोबल मार्केट से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच,11 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। निफ्टी 23300 के नीचे आ गया है। सेंसेक्स 708 अंक या 0.95% गिरकर 74,194 पर और निफ्टी 239 अंक या 1.02% गिरकर 23,238 पर दिख रहा है। निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में हिंडाल्को,टाटा स्टील,JSW स्टील,इंटरग्लोब एविएशन और बजाज फाइनेंस शामिल हैं। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में ONGC,TCS,टेक महिंद्रा,कोल इंडिया और HCL टेक्नोलॉजीज शामिल हैं। IT सेक्टर को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। मेटल, बैंक और ऑटो सेक्टर में 1-3% की गिरावट देखने को मिल रही। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 1.4% की गिरावट आई है।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण मार्केट के लिए मुश्किलें बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर लगभग $108 हो गई है। अगर कच्चे तेल की कीमतों इसी तरह बढ़ती रहीं तो भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग पर काफी बुरा असर होगा।बाजार के लिए एक और बड़ी मुश्किल यूएस बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। 10 बॉन्ड यील्ड जो अभी 4.96% पर है,5% के करीब पहुंच रही है। कई लोग इसे ग्लोबल इक्विटी के लिए एक अहम मोड़ (inflection point) मानते हैं। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में गिरावट की संभावना है,लेकिन इसका सही समय बताना मुश्किल है।तेजी से बढ़ते भारतीय IPO मार्केट ने भी निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। भारी ओवर-सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग पर अच्छे मुनाफ़े ने लाखों निवेशकों को IPO मार्केट की तरफ आकर्षित किया है। इसने सेकेंडरी मार्केट से बड़ी मात्रा में पैसा खींच लिया है। इस महीने की 17 तारीख को आम जनता के लिए खुलने वाले NSE IPO को लेकर भी काफी उत्साह है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए निवेशकों को इस मुश्किल माहौल में सावधानी बरतनी चाहिए।निफ्टी पर रणनीतिआज क्या हो ट्रेंडिंग रणनीति इस पर बात करते हुए manasjaiswal.com के मानस जायसवाल ने कहा कि मार्केट में मंदी का ट्रेंड कायम है। निफ्टी में 23400 के नीचे बिकवाली की राय होगी। इसके लिए लक्ष्य 23170-23150 और स्टॉपलॉस-23475 रखे। 23650 के ऊपर खरीदारी की राय होगी। इसके लिए लक्ष्य23775 और स्टॉपलॉस 23584 रखें।बैंक निफ्टी पर रणनीतिमानस जायसवाल ने कहा कि बैंक निफ्टी में 56500 के नीचे बिकवाली की राय होगी। इसके लिए लक्ष्य 56000 और स्टॉपलॉस 56750 रखें। वहीं, 57300 के ऊपर खरीदारी की राय होगी।चकाचक चार्ट वाले शेयरचकाचक चार्ट वाले शेयर बताते हुए मानस जायसवाल ने कहा कि उनको आज सीडीएसएल और ब्लू स्टार में कमाई के मौके दिख रहे हैं। सीडीएसएल में 1376 रुपए के स्टॉपलॉस से 1315 रुपए के टारेगेट के लिए बिकवाली करें। वहीं, ब्लू स्टार में 1479 रुपए के स्टॉपलॉस से 1575 रुपए के टारेगेट के लिए खरीदारी करें।Trading Plan : कच्चे तेल में उबाल से बाजार पर बढ़ा दबाव, जानिए आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग की रणनीतिडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
MP में Bank Strike से 7000 शाखाएं बंद, 5500 करोड़ का कारोबार थमा
बैंकों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने और अन्य लंबित मांगों को लेकर शुक्रवार को देशव्यापी हड़ताल के कारण मध्यप्रदेश में लगभग 7,000 शाखाओं में काम ठप रहा जिससे करीब 5,500 करोड़ रुपये का दैनिक कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारियों के एक संगठन ने यह जानकारी दी। मध्यप्रदेश बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन (एमपीबीईए) के चेयरमैन मोहनकृष्ण शुक्ला ने पीटीआई-को बताया, सूबे की कुल 8,707 बैंक शाखाओं में से लगभग 7,000 शाखाओं के करीब 42,000 कर्मचारी-अधिकारी हड़ताल में शामिल हुए। इनमें 12 सरकारी बैंकों के साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) और सहकारी बैंकों के कर्मचारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हड़ताल से बैंक शाखाओं में नकदी जमा करने और निकालने के साथ चेक निपटान, सावधि जमा (एफडी) योजनाओं का नवीनीकरण, सरकारी खजाने से जुड़े काम और अन्य आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। शुक्ला के मुताबिक बैंक हड़ताल से प्रदेश में करीब 5,500 करोड़ रुपये के दैनिक कारोबार पर असर पड़ा। हड़ताल के दौरान राज्य भर में बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह को तत्काल लागू किए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए। बैंक कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों में पेंशन को अद्यतन तथा उसमें सुधार किया जाना, सभी पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते की एक समान गणना की व्यवस्था और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना अपनाने का विकल्प देना शामिल हैं।
Hanuman Ansh: 'हनुमान अंश' ने किया बड़ा धमाका, 200 करोड़ से बस इतनी दूर फिल्म
Hanuman Ansh: 'हनुमान अंश' ने 35वें दिन भी सिनेमाघरों मेंअच्छा प्रदर्शन जारी रखा है। शोभिनव सत्या और चंदन आनंद स्टारर इस फिल्म ने अपने पांचवें गुरुवार को भारत में 10.00 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की। सैकनिल्क (Sacnilk) के अनुसार, फिल्म ने 7,664 शो में यह कलेक्शन दर्ज किया।35वें दिन का यह आंकड़ा बुधवार को हुई 10.25 करोड़ रुपये की कमाई से सिर्फ़ 2.4% कम है। थोड़ी गिरावट के बावजूद, फिल्म पांचवें हफ़्ते में भी मज़बूत आंकड़े दर्ज कर रही है। इस ताज़ा कलेक्शन के साथ फिल्म का कुल भारत नेट कलेक्शन 163.13 करोड़ रुपये हो गया है। इसका भारत ग्रॉस कलेक्शन भी 192.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।सैकनिल्क डॉट कॉम के मुताबिक फिल्म हनुमान अंश ने दुनियाभर में 35दिनों के अंदर 192.75 करोड़ तक का कलेक्शन कर लिया है। फिल्म ने 100 परशेंट से ज्यादा मुनाफा कमाया है। यह फिल्म डबल सेंचुरी बनाने से बस अब 8 करोड़ रुपए की दूरी पर है। बुधवार तक हनुमान अंश की कमाई 180 करोड़ हो चुकी थी, यानी कि सिंगल डे पर फिल्म ने 12 करोड़ के तक का कलेक्शन किया हुआ था।'हनुमान अंश' ने 11 सितंबर, 2026 को होने वाली विदेशी रिलीज से पहले ही नॉर्थ अमेरिका में $150+ (और यह संख्या बढ़ रही है) की एडवांस प्री-सेल्स दर्ज की है। यह फ़िल्म नॉर्थ अमेरिका के सिनेमाघरों में दिखाई जाएगी और होम्बले फ़िल्म्स इसके विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन का काम संभालेगी। मज़बूत प्री-सेल्स फ़िल्म की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में एंट्री का संकेत देती हैं, जहाँ इसे चुनिंदा जगहों पर रिलीज़ किया जाएगा। नॉर्थ अमेरिका से मिले अच्छे एडवांस रिस्पॉन्स ने नीम करौली बाबा बायोपिक की ग्लोबल थिएट्रिकल रिलीज़ से पहले इसके लिए उत्साह और बढ़ा दिया है।बता दें कि हनुमान अंश साल 2026 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली टॉप 10 फिल्मों की लिस्ट में एंट्री कर चुकी है। फिलहाल कमाई के मामले में यह फिल्म टॉक्सिक, मिर्जापुर-द मूवी, वेलकम टू द जंगल और कॉकटेल 2 से आगे निकल गई है और साल की छठी सबसे ज्यादा कलेक्शन करने वाली और दूसरी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली फिल्म बन चुकी है।
अमेरिका में नौकरी करने वाले भारतीयों के लिए H-1B वीजा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी सरकार ने 60 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म करने का प्रस्ताव रखा है।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 17 सितंबर को खुलेगा। इसका मूल्य दायरा 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। यह 22,569 करोड़ रुपये का निर्गम देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा।
NSE IPO 17 सितंबर को खुलेगा, 1700 से 1785 रुपये Price Band तय
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया। एनएसई ने शुक्रवार को बताया कि 22,569 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। 2024 में हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के निर्गम के बाद यह देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम होगा। आईपीओ करीब एक दशक बाद आ रहा है। नियामकीय अड़चनों के कारण एनएसई की सार्वजनिक होने की योजना लंबे समय तक अटकी रही थी। अब सेबी की मंजूरी मिलने के बाद एक्सचेंज 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की तैयारी में है। सार्वजनिक घोषणा के अनुसार, बड़े (एंकर) निवेशकों 16 सितंबर को बोली लगा पाएंगे। आईपीओ पूरी तरह मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ तक शेयर की बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा। पहले 14.9 करोड़ शेयर की बिक्री की योजना थी। ओएफएस का आकार घटने से निर्गम का कुल आकार भी शुरुआती अनुमान के 30,000 करोड़ रुपये से कम हो गया है। मूल्य दायरे के निचले स्तर पर निर्गम का आकार अनुमानतः 21,494 करोड़ रुपये और ऊपरी स्तर पर करीब 22,569 करोड़ रुपये होगा। इस तरह यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बनने से रह जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था की हालिया ग्रोथ को सराहा है। अप्रैल-जून तिमाही में देश का असली GDP 7.8% बढ़ा। IMF ने कहा कि यह उम्मीद से बेहतर रहा और भारत दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रोथ इंजन बना हुआ है। IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने एक प्रेस ब्रीफिंग में बताया, […]
Mirzapur The Movie box office collection day 7: पंकज त्रिपाठी, अली फजल और दिव्येंदु स्टारर 'मिर्जापुर द मूवी' एक हफ्ते पहले, 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छे रिव्यू मिले और तब से बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ मजबूत बनी हुई है। फिल्म अब ₹150 करोड़ का आंकड़ा पार करने से बस कुछ ही करोड़ दूर है।'मिर्ज़ापुर द मूवी' का बॉक्स ऑफ़िस कलेक्शनट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, 'मिर्ज़ापुर द मूवी' ने गुरुवार को भारत में ₹10.55 करोड़ (नेट) कमाए, जिससे इसका घरेलू कुल कलेक्शन ₹148.45 करोड़ हो गया। फ़िल्म की ऑक्यूपेंसी 10,292 शो में 24% रही। बुधवार की तुलना में इसमें गिरावट देखी गई।'मिर्ज़ापुर' ने भारत में ₹25.75 करोड़ के साथ शुरुआत की और तब से इसमें बढ़ोतरी देखी गई, वीकेंड पर इसने ₹32 करोड़ और ₹36 करोड़ कमाए। उम्मीद के मुताबिक गिरावट के बावजूद यह वीकडेज़ में भी मज़बूत रही और सोमवार को ₹16 करोड़ कमाए। कलेक्शन मंगलवार के ₹15.60 करोड़ से घटकर बुधवार को ₹12.55 करोड़ हो गया।शुक्रवार को फ़िल्म का मुक़ाबला प्रियदर्शन की अक्षय कुमार और सैफ अली खान स्टारर 'हैवान' से होगा। देखना होगा कि वीकेंड आने पर 'मिर्ज़ापुर' उसका सामना कर पाती है या नहीं। फ़िल्म पहले ही अक्षय की पिछली फ़िल्म 'वेलकम टू द जंगल' के लाइफ़टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ चुकी है, जिसने भारत में ₹150.40 करोड़ (नेट) कमाए थे। इमरान हाशमी की 'आवारापन 2', जिसने ₹150.40 करोड़ कमाए थे, अगला टारगेट है।जब 2018 में अमेज़न प्राइम वीडियो की वेब सीरीज़ 'मिर्ज़ापुर' रिलीज़ हुई थी, तो यह काफ़ी चर्चा में रही और OTT पर सबसे सफल शो में से एक बन गई। मिले-जुले रिव्यू वाले तीन सीज़न के बाद, फ़िल्म की घोषणा की गई। इसे गुरमीत सिंह ने डायरेक्ट किया है, पुनीत कृष्णा ने लिखा है और एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है। मिर्ज़ापुर पहले ही 2026 की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली हिंदी फ़िल्मों में से एक बन गई है।
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट। सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूटा, निफ्टी 23,250 के स्तर पर। जानिए तकनीकी विश्लेषकों की राय और आगे के महत्वपूर्ण स्तर।
डॉलर के मुकाबले रुपया लुढ़का, क्रूड ऑयल में आग: क्या अब महंगे होंगे पेट्रोल और गैजेट्स?
Market Alert: The Indian Rupee has dropped to 95 against the USD while crude oil crosses $100.
Trading Plan : कच्चे तेल में उबाल से बाजार पर बढ़ा दबाव, जानिए आज के लिए क्या हो ट्रेडिंग की रणनीति
Trading Plan : बाज़ार में अभी मंदी का माहौल है। इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़कर $108 प्रति बैरल पर पहुच गई हैं। US बॉन्ड यील्ड भी बढ़ रही है,जिसका असर शॉर्ट टर्म में बाज़ार पर पड़ सकता है। अगर मंदी के दबाव में निफ्टी गुरुवार के निचले स्तर यानी 23,380 से नीचे चला जाता है तो निफ्टी में 23,300 के सपोर्ट लेवल तक की गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। 23,300 के भी नीचे जाने पर इंडेक्स 23,000 की तरफ जा सकता है। हमें इस लवेल पर नजर रखनी चाहिए। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज एक अहम रेजिस्टेंस ज़ोन बनी हुई है।इसी तरह अगर बैंक निफ्टी पिछले दिन के 56,232 के निचले स्तर को बचाए रखने में नाकाम रहता है तो यह 56,000 का लेवल टूट सकता है और इसके बाद 55,500-55,400 के जोन की तरफ गिरावट आ सकती है। जानकारों का कहना है कि ऊपर की तरफ, 56,500-56,800 की रेंज रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।निफ़्टी आउटलुक और रणनीतिसैमको सिक्योरिटीज के डेरिवेटिव रिसर्च एनालिस्ट धुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी की रिकवरी अभी भी सिर्फ़ एक करेक्शन जैसी है। 23,500 का स्तर अब सपोर्ट से बदलकर एक रेसिस्टेंस बन गया है। इंडेक्स अभी भी 23,775 के आस-पास अपने गिरते हुए 10-DEMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर बना हुआ है। RSI 28.94 पर है,जो काफ़ी ज़्यादा ओवरसोल्ड पोजीशन और अपने 39.97 के औसत से नीचे है। इससे शॉर्ट कवरिंग की गुंजाइश तो बनती है,लेकिन अभी ट्रेंड बदलने (रिवर्सल) की पुष्टि नहीं हुई है।डेरिवेटिव्स आंकड़ों से सतर्कता के संकेत मिले हैं। पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 0.64 पर है और 23,500–24,000 के आसपास भारी कॉल पोजीशनिंग है, जिससे ऊपर की ओर बढ़त सीमित हो रही है। 23,400–23,450 के पास पुट सपोर्ट अहम है।कुल मिलाकर,23,500 के नीचे सेल-ऑन-राइज की रणनीति बेहतर रहेगी। जबकि 23,441 के नीचे जाने पर निफ्टी 23,300 की ओर गिर सकता है।अहम रेजिस्टेंस: 23,580, 23,670, 23,790अहम सपोर्ट: 23,400, 23,270, 23,050स्ट्रेटेजी: ट्रेडर्स 15 सितंबर की एक्सपायरी के लिए 'बेयर कॉल स्प्रेड' स्ट्रेटेजी अपना सकते हैं। इसके तहत,वे 23,300 CE का एक लॉट 198 रुपये में बेच सकते हैं और 23,500 CE का एक लॉट 78 रुपये में खरीद सकते हैं। यह सेटअप बाजार में संभावित गिरावट का फायदा उठाने के लिए बनाया गया है।स्टॉप-लॉस: इस स्ट्रेटेजी को सख्ती से अपनाएं और रिस्क मैनेजमेंट को सही ढंग से बनाए रखने के लिए ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) नुकसान की सीमा ₹5,209 तय करें।टारगेट: इस स्ट्रेटेजी को बनाए रखें और ज़्यादा से ज़्यादा मार्क-टू-मार्केट (MTM) मुनाफ़े का लक्ष्य ₹7,790 रखें। साथ ही जब MTM मुनाफ़ा ₹5,500 से ज़्यादा हो जाए तो मुनाफ़ा बुक कर लें।बैंक निफ़्टी आउटलुक और रणनीतिधुपेश धमेजा का कहना है कि निफ्टी बैंक अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में फंसा हुआ है और ऊपरी स्तरों के पास रिकवरी की कोशिशों में बार-बार बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। 57,570–57,750 का ज़ोन एक अहम सप्लाई एरिया के तौर पर उभरा है। इस रेंज के ऊपर बने रहने पर ही 58,025–58,268 के स्तरों की ओर आगे बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है।डेरिवेटिव्स आंकड़ों से भी इंडेक्स के सीमित दायरे में रहने के संकेत मिल रहे है। पुट राइटर 57,000 के स्तर को बचाए हुए हैं,जबकि कॉल राइटर 57,500–58,000 के स्तर पर एक्टिव हैं,जिससे ऊपर जाने की कोशिशें सफल नहीं हो रही हैं।कुल मिलाकर,मार्केट का रुख न्यूट्रल और रेंजबाउंड बना हुआ है। 57,750 के ऊपर का ब्रेकआउट तेज़ी को मज़बूत करेगा,जबकि 57,027 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है। जब तक कोई साफ ब्रेकआउट नहीं दिखता,तब तक इस दायरे के भीतर होने वाले उतार-चढ़ाव के पीछे भागने के बजाय इंतज़ार करो और देखो की रणनीति अपनाना बेहतर है।अहम रेजिस्टेंस: 56,500, 56,800, 57,020अहम सपोर्ट: 56,200, 56,000, 55,800स्ट्रैटेजी: ट्रेडर्स निफ्टी बैंक सितंबर फ्यूचर्स में 56,550–56,500 के ज़ोन के नीचे जाने पर शॉर्ट पोजीशन लेने पर विचार कर सकते हैं। इसके लिए 56,800 पर सख्त स्टॉप-लॉस रखना होगा। नीचे की तरफ,प्रॉफिट-बुकिंग के लिए 56,200–56,100 की रेंज तय की गई है।Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजरडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
शेयर बाजार में शुक्रवार, 11 सितंबर को सुबह के कारोबार में तेज गिरावट है। सेंसेक्स खुलने के कुछ ही पलों के अंदर 742 अंक तक लुढ़का। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। सेंसेक्स लाल निशान में खुलने के बाद पिछले बंद भाव से 742.43 अंक तक टूटकर 74,160.16 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी गिरावट में खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 246.4 अंक तक फिसलकर 23,231.40 के लो तक गया।10 सितंबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,85,06,903.699 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को मार्केट खुलने के कुछ पलों के अंदर यह 4,78,01,631.98 करोड़ रुपये हो गया। यानि कि 7,05,271.719 करोड़ रुपये की कमी।एक दिन पहले कैसा रहा था बाजारगुरुवार को 3 दिन बाद शेयर बाजार में तेजी लौटी थी। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान इसने 74,910.96 का हाई और 74,598.47 का लो देखा। इसी तरह निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर बंद हुआ था।Stocks to Watch: 11 सितंबर को Vodafone Idea, HDFC Bank, Premier Energies समेत इन शेयरों पर रहेगी नजर, बड़ी उठापटक के आसारDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय शेयर बाजार ने 11 सितंबर को भारी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 708 अंक टूटकर 74,194.36 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी 259.70 अंक गिरकर 23,218.10 पर पहुंच गया।
देशभर में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर उग्र रूप ले चुकी हैं और लोगों को फिलहाल झमाझम बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 सितंबर के लिए ताजा मौसम बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और आंधी-तूफान की गंभीर चेतावनी दी है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर दक्षिण और पूर्वी तटीय क्षेत्रों तक मौसमी हलचल तेज हो गई है, जहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश का अलर्टमौसम विभाग के अनुसार, 11 सितंबर को छत्तीसगढ़, ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बेहद भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में तटीय दबाव और चक्रवाती प्रणालियों के असर से लगातार तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।यूपी, बिहार, एमपी और उत्तराखंड में आंधी-बिजली के साथ भारी बारिशदेश के मध्य, उत्तर और पूर्वी हिस्सों में भी मानसूनी बारिश का असर बना रहेगा। उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, विदर्भ, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में तेज आंधी के साथ आकाशीय बिजली चमकने और गिरने का खतरा बना रहेगा।बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं।तटीय आंध्र प्रदेश में थंडरस्क्वाल, 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश में मौसम के सबसे तीव्र रूप के सामने आने की चेतावनी जारी की है। यहां अलग-अलग जगहों पर थंडरस्क्वाल आने की संभावना है। इसके दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के विस्तृत इलाकों में दिन के समय काफी तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।दक्षिण भारत और मध्य भारत के अन्य हिस्सों में भी हवाओं का जोर रहेगा। विदर्भ, मराठवाड़ा, ओडिशा, रायलसीमा और तमिलनाडु (पुडुचेरी तथा कराईकल सहित) के अलग-अलग इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया गया है।पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण के राज्यों में भी जारी रहेगा बारिश का दौरपूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। दक्षिण भारत के केरल और माहे तथा तेलंगाना में भी झमाझम बारिश होने के आसार हैं। समुद्र में स्थिति चिंताजनक, मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारीसमुद्री क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं के प्रभाव से समुद्र में काफी ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब रहने की आशंका है। बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों तथा उत्तर-पश्चिम व पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं।उधर अरब सागर में सोमालिया तट और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है, जो 65 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती हैं। समुद्र की इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों और गहरे समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
विदेश ट्रिप का खर्चा होगा बेहद ही आसान, SIP से ऐसे तैयार करें इंटरनेशनल ट्रिप का बजट!
विदेश घूमने का प्लान बनाते समय सबसे बड़ी चिंता अक्सर बजट की होती है। फ्लाइट टिकट, होटल, खाना और घूमने-फिरने का खर्च मिलाकर ट्रिप के लिए अच्छी खासी रकम चाहिए होती है। ऐसे में आखिरी समय पर पूरा पैसा जुटाने के बजाय पहले से छोटी-छोटी सेविंग करना ज्यादा आसान हो सकता है। ऐसे में यदि ट्रिप का फंड पहले से तैयार किया जाए, तो सफर का सपना बजट की चिंता के बिना पूरा करना आसान हो सकता है। इसके लिए आप यहां दिए गए कुछ Travel SIP के तरीके अपना सकते हैं।हर महीने ₹3,000 की SIPआप हर महीने ₹3,000 की SIP करते हैं, तो 8% रिटर्न के अनुमान पर एक साल में करीब ₹38,000 का फंड तैयार हो सकता है। इस बजट को आप छोटी इंटरनेशनल ट्रिप के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। थाईलैंड और वियतनाम जैसी जगहों पर बजट ट्रिप का प्लान बनाया जा सकता है।हर महीने ₹5,000 की SIPहर महीने ₹5,000 की SIP करने पर 8% रिटर्न के अनुमान से साल भर में करीब ₹63,000 का फंड बन सकता है। यह रकम थोड़ी बेहतर इंटरनेशनल ट्रिप के लिए काम आ सकती है। इस बजट के साथ बाली, सिंगापुर या मलेशिया जैसी डेस्टिनेशन के लिए ट्रैवल प्लान बनाया जा सकता है।हर महीने ₹10,000 की SIPआप हर महीने ₹10,000 SIP में लगाते हैं, तो 8% रिटर्न के अनुमान पर एक साल में करीब ₹1.25 लाख का फंड तैयार हो सकता है। इस रकम से यूरोप, जापान या ऑस्ट्रेलिया जैसी महंगी इंटरनेशनल डेस्टिनेशन के लिए ट्रिप का बजट बनाया जा सकता है। इन जगहों पर फ्लाइट और होटल का खर्च ज्यादा हो सकता है, इसलिए केवल SIP से मिले फंड के बजाय जरूरत के हिसाब से एक्स्ट्रा सेविंग भी करनी पड़ सकती है।पैसा कहां Invest करें?ट्रैवल के लिए बचाया गया पैसा कम या फिक्स टाइमलाइन गोल के लिए होता है। इसलिए यदि आपको एक-दो साल के अंदर ट्रिप पर जाना है, तो Long Term Equity Fund में पूरा पैसा लगाना सही ऑप्शन नहीं हो सकता। शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव की वजह से जरूरत के समय आपके फंड की वैल्यू कम हो सकती है।लिक्विड फंड, आर्बिट्राज फंड या RDट्रैवल के लिए बचाए गए पैसे को ऐसे ऑप्शन में रखना बेहतर हो सकता है, जहां जरूरत पड़ने पर पैसा आसानी से मिल सके। इसके लिए लिक्विड फंड या आर्बिट्राज फंड जैसे ऑप्शन सोच सकते है। इनमें पैसा लंबे समय के लिए लॉक करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन इन्हें पूरी तरह रिस्क फ्री नहीं माना जाता। इसमें हर महीने एक तय रकम बैंक में जमा करनी होती है और उस पर इंटरेस्ट मिलता है। इससे ट्रैवल के लिए अलग फंड तैयार होता रहता है और आप अपनी ट्रिप की तारीख के हिसाब से RD की अवधि तय कर सकते हैं।SIP में इन्वेस्टमेंट से पहले रखें ये सावधानियांट्रैवल फंड और एक्स्ट्रा सेविंग रखेंट्रिप के लिए जमा किए गए पैसे को रोज के खर्च में इस्तेमाल करने से बचें। इसके लिए अलग बैंक अकाउंट या अपनी सुविधा के हिसाब से कोई सेविंग ऑप्शन रखा जा सकता है। साथ ही, सिर्फ टिकट और होटल के खर्च को ध्यान में रखकर सेविंग न करें। फ्लाइट का किराया बढ़ने, होटल महंगा होने, लोकल ट्रांसपोर्ट या खाने पर ज्यादा खर्च होने जैसी स्थिति के लिए कुछ एक्स्ट्रा रकम भी बचाकर रखें। इससे अचानक आने वाले खर्चों के लिए आपका ट्रैवल बजट कम नहीं होगा।ट्रिप से पहले बजट डिसाइड और चेक करेंइंटरनेशनल ट्रिप का प्लान बनाने से पहले फ्लाइट टिकट, होटल, खाना, लोकल ट्रांसपोर्ट, घूमने-फिरने, शॉपिंग और दूसरी छोटी जरूरतों को ध्यान में रखकर पूरा बजट तय कर लें। ट्रिप का समय नजदीक आने पर एक बार अपने ट्रैवल फंड और अनुमानित खर्च का पूरा हिसाब जरूर देख लें। इससे पता चल जाएगा कि टिकट, होटल और बाकी जरूरी खर्चों के लिए पर्याप्त पैसा जमा हुआ है या नहीं। यदि बजट कम पड़ रहा है तो समय रहते होटल, ट्रांसपोर्ट या दूसरी चीजों में बदलाव किया जा सकता है।ध्यान दें: SIP म्यूचुअल फंड में रेगुलर इन्वेस्टमेंट के लिए इस्तेमाल होने वाला तरीका है। हर महीने पैसे अलग रखने को यहां आसान भाषा में Travel SIP कहा गया है। इन्वेस्टमेंट से जुड़ा कोई ऑप्शन चुनते समय उसके रिस्क, रिटर्न और टर्म्स और कंडीशन को जरूर समझें।
शुक्रवार, 11 सितंबर को कई शेयरों में बड़ा उतारचढ़ाव देखने को मिल सकता है। इनमें वोडाफोन आइडिया, HDFC Bank, प्रीमियर एनर्जीस, संकेश ज्वेलर्स, Canara HSBC Life Insurance Company जैसे नाम प्रमुख हैं। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा शुक्रवार को SME सेगमेंट में एक लिस्टिंग होने वाली है। साथ ही 100 से ज्यादा कंपनियों के शेयर एक्स-डिविडेंड ट्रेड करने वाले हैं। एक स्टॉक एक्स-बोनस ट्रेड भी करेगा। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर...आज इन कंपनियों के नतीजेहोराइजन इंडस्ट्रियल पार्क्स, ललिता ज्वेलरी मार्ट, CMI, नोवा आयरन एंड स्टीलइन शेयरों पर रहेगी नजरShankesh Jewellers: अप्रैल-जून 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर डबल होकर 43.2 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 55.1% बढ़कर 423.6 करोड़ रुपये हो गया।Vodafone Idea: ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई में कर्ज देने वालों का एक ग्रुप वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को लगभग 3.5 अरब डॉलर की डेट फाइनेंसिंग देने पर सहमत हो गया है। इस ग्रुप में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया लिमिटेड और नेशनल बैंक फॉर फाइनेंसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट जैसे अन्य लेंडर भी शामिल हैं।Neogen Chemicals: कंपनी ने अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है और फ्लोर प्राइस 2,189.73 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह फ्लोर प्राइस पर 5 प्रतिशत तक की छूट दे सकती है।Canara HSBC Life Insurance Company: इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने केनरा HSBC लाइफ इंश्योरेंस पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना पॉलिसीहोल्डर के हितों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर है।Premier Energies: कंपनी ने जर्मनी के RCT ग्रुप की कंपनी RCT इंडिया के साथ एक बाइंडिंग टर्म शीट पर साइन किया है। इसके तहत तेलंगाना में 12 GWh का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए एक जॉइंट वेंचर (JV) बनाया जाएगा। प्लांट प्रीमियर एनर्जीज की सब्सिडियरी, प्रीमियर बैटरी टेक्नोलॉजीज के जरिए बनाया जाएगा।Kotak Mahindra Bank: मनीष कोठारी ने ग्रुप प्रेसिडेंट और हेड- कमर्शियल बैंक के साथ-साथ बैंक के सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल के पद से इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा 30 सितंबर से लागू होगा।Bharat Forge: कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, भारत फोर्ज होल्डिंग GmbH (BFH) का भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH के साथ विलय हो गया है। भारत फोर्ज ग्लोबल होल्डिंग GmbH, भारत फोर्ज की सब्सिडियरी और BFH की इमीडिएट होल्डिंग कंपनी है।HDFC Bank: बैंक ने कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस एडिशनल टियर 1 (CS AT1) बॉन्ड के इनवेस्टर्स द्वारा बैंक के खिलाफ दायर 2 दावों को खारिज कर दिया है। इस साल जुलाई और अगस्त के बीच, बहरीन की अदालत ने CS AT1 बॉन्ड में निवेश करने वालों के 5 और ऐसे ही मामलों को खारिज कर दिया था, जिससे बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या 7 हो गई।NSE IPO: इंतजार खत्म, प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 प्रति शेयर हुआ तय; इश्यू का साइज घटकर ₹22562 करोड़बल्क और ब्लॉक डीलSri Lotus Developers and Realty: स्मॉलकैप वर्ल्ड फंड इंक ने 1.94 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 95.05 लाख इक्विटी शेयर 190.01 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। प्रमोटर आनंद कमल नयन पंडित ने 97.7 लाख शेयर या 2 प्रतिशत हिस्सेदारी 195.3 करोड़ रुपये में बेची है।Computer Age Management Services: सोसाइटे जेनरल ODI ने 253.05 करोड़ रुपये में 37.11 लाख शेयर खरीदे हैं। गोल्डमैन सैक्स इनवेस्टमेंट्स मॉरीशस I ने 245.16 करोड़ रुपये में 35.96 लाख शेयर खरीदे हैं। दूसरी ओर, फिडेलिटी रटलैंड स्क्वायर ट्रस्ट II स्ट्रैटेजिक एडवाइजर्स FIDEMG मार्केट्स फंड और FMRC फिडेलिटी इमर्जिंग मार्केट्स फंड ने 456.64 करोड़ रुपये में 66.97 लाख शेयर बेचे हैं।ESDS Software Solution: मैथन अलॉयज ने 0.54 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 6.34 लाख शेयर 93.98 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।Spectrum Electrical Industries: मोतीलाल ओसवाल म्यूचुअल फंड ने अजय भीकमचंद जैन से 30.48 करोड़ रुपये में 1.15 लाख शेयर खरीदे हैं।Corona Remedies: प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital की सहयोगी कंपनी सेपिया इनवेस्टमेंट्स ने 4.06 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 24.85 लाख शेयर 509.6 करोड़ रुपये में बेचे हैं। इन शेयरों में से SBI म्यूचुअल फंड ने 2.51 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 15.4 लाख शेयर 315.7 करोड़ रुपये में खरीदे। अमुंडी फंड्स एशिया इक्विटी कंसंट्रेटेड ने 3.12 लाख शेयर 63.96 करोड़ रुपये में खरीदे।Marble City India: सालसेट विनिमय ने 8.57 प्रतिशत हिस्सेदारी वाले 22 लाख शेयर VPS कंस्ट्रक्शन्स से 25.74 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।SME लिस्टिंगक्वालियंस इंटरनेशनलMarket cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टीये स्टॉक्स करेंगे एक्स-डिविडेंड ट्रेडआरती इंडस्ट्रीजअबिरामी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडियाअमीन्स एंड प्लास्टिसाइजर्सअपार इंडस्ट्रीजअसाही इंडिया ग्लासअद्वैत एनर्जी ट्रांजिशंसएस्ट्रा माइक्रोवेव प्रोडक्ट्सअल्फाजियो (इंडिया)एक्सिस सॉल्यूशंसअक्सिता कॉटनअमृतंजन हेल्थ केयरअरिहंत सुपरस्ट्रक्चर्सअशिका ग्लोबल सिक्योरिटीजअतुल ऑटोबजाज हेल्थकेयरमिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीजबामर लॉरी इन्वेस्टमेंट्सबामर लॉरी एंड कंपनीबैंको प्रोडक्ट्स (इंडिया)ब्लू जेट हेल्थकेयरभारत पैरेंटेरल्ससीगल इंडियाशैलेट होटल्सब्राइट ब्रदर्ससीजे फाइनेंसCMS इन्फो सिस्टम्सकम्फर्ट इनटेककम्फर्ट फिनकैपCSL फाइनेंसडेटामैटिक्स ग्लोबल सर्विसेजDC इन्फोटेक एंड कम्युनिकेशनकॉम्पिटेंट ऑटोमोबाइल्स कंपनीDAPS एडवरटाइजिंगDHP इंडियाडूट्रॉन पॉलिमर्सधनलक्ष्मी रोटो स्पिनर्सडायनामिक इंडस्ट्रीजएडेलवाइस फाइनेंशियल सर्विसेजफिनोलेक्स इंडस्ट्रीजडायनेमिक प्रोडक्ट्सगुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्सगुजरात इंडस्ट्रीज पावर कंपनीगुजरात एनर्जीGSP क्रॉप साइंसहरियाणा लेदर केमिकल्सHBL इंजीनियरिंगइंडो थाई सिक्योरिटीजइंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसीहीडलबर्गसीमेंट इंडियाजोस्ट्स इंजीनियरिंग कंपनीJTL इंडस्ट्रीजIRM एनर्जीक्रिस्टल इंटीग्रेटेड सर्विसेजकृष्णवीर फोर्जकल्याण ज्वेलर्स इंडियालिंकन फार्मास्यूटिकल्सश्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टीमेडी असिस्ट हेल्थकेयर सर्विसेजमंगल क्रेडिट एंड फिनकॉर्पमनोरमा इंडस्ट्रीजमेट्रोग्लोबलनाथ बायो-जीन्स (इंडिया)M लखामसी इंडस्ट्रीजमोल्ड-टेक टेक्नोलॉजीजनेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीपैसालो डिजिटलमोल्ड-टेक पैकेजिंगनेशनल प्लास्टिक टेक्नोलॉजीजNCL इंडस्ट्रीजनेशनल फर्टिलाइजर्सनितिन स्पिनर्सPPAP ऑटोमोटिवद फीनिक्स मिल्सपिट्टी इंजीनियरिंगRJ शाह एंड कंपनीरूपा एंड कंपनीपोद्दार पिगमेंट्ससनरिया टेक्निकल टेक्सटाइल्ससवेरा इंडस्ट्रीजपिरामिड टेक्नोप्लास्टRhi मैग्नेसाइट इंडियासाल ऑटोमोटिवसंधार टेक्नोलॉजीजसूरतवाला बिजनेस ग्रुपशैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक्सवेंचुरा गारंटीसाइनपोस्ट इंडियाSKM एग प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट (इंडिया)शंकर लाल रामपाल डाई-केमसुयोग टेलीमैटिक्सटैलब्रोस ऑटोमोटिव कंपोनेंट्ससुब्रोससनफ्लैग आयरन एंड स्टील कंपनीतत्व चिंतन फार्मा केमटेक्नो इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग कंपनीटेगा इंडस्ट्रीजउत्तम शुगर मिल्सवेंकीज (इंडिया)टेक्समैको रेल एवं इंजीनियरिंगट्रांसरेल लाइटिंगवारी ऊर्जाजुआरी इंडस्ट्रीजये शेयर करेगा एक्स-बोनस ट्रेडपर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीजDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Bank Unionstrike news: देश भर के बैंकों में आज से अगले चार दिनों तक सामान्य कामकाज प्रभावित रहने वाला है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को बुलाई गई देशव्यापी बैंक हड़ताल के साथ ही बैंकों की लंबी बंदी का दौर शुरू हो गया है। 11 सितंबर की हड़ताल के बाद दूसरा शनिवार, रविवार और फिर गणेश चतुर्थी के अवसर पर कई राज्यों के बैंकों में काम ठप रहेगा। इसके चलते बैंक शाखाओं के जरिए होने वाले कामकाज पर भी सीधा असर पड़ेगा।लगातार 4 दिन क्यों ठप रहेंगे बैंक? जानिए पूरा कैलेंडर11 सितंबर (शुक्रवार): यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के नेतृत्व में देशव्यापी बैंक हड़ताल।12 सितंबर (शनिवार): महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से देश भर में नियमित बैंक अवकाश।13 सितंबर (रविवार): साप्ताहिक बंदी।14 सितंबर (सोमवार): गणेश चतुर्थी त्योहार को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हॉलिडे कैलेंडर के तहत संबंधित राज्यों में बैंकों में छुट्टियां दी गई हैं।यहां ये जानना जरूरी है कि अलग-अलग राज्यों में त्योहारों के आधार पर बैंक छुट्टियों की लिस्ट अलग होती है, इसलिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के बैंक हॉलिडे कैलेंडर की पुष्टि जरूर कर लें। अगर आपको RBI ऑफिशियल हॉलिडे कैलेंडर देखना है तो इसे यहां क्लिक कर देखा जा सकता है। 11 सितंबर को क्यों बुलाई गई हड़ताल? ये हैं प्रमुख मांगेंयूनियनों ने अपनी कई लंबे समय से पेंडिंग डिमांड मांगों को लेकर सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ यह हड़ताल आयोजित की है। हड़ताल का मुख्य मुद्दा हफ्ते में 5 दिन काम की व्यवस्था लागू करना है। यह मांग 8 मार्च 2024 को भारतीय बैंक संघ (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच साइन किए गए समझौते और संयुक्त नोट पर आधारित है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महीने के दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा बाकी सभी शनिवारों को बैंकों में छुट्टी घोषित किया जाना है जबकि इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक कर्मचारियों के डेली वर्किंग टाइम में कुछ समय बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा बैंक संगठन वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के लिए लागू परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) संरचना का भी विरोध कर रहे हैं और इसमें बदलाव की मांग कर रहे हैं।क्या बंद रहेंगी सभी सेवाएं? जानें ऑनलाइन और UPI का क्या होगाबैंक शाखाओं के दरवाजे बंद रहने के बावजूद डिजिटल माध्यमों से बैंकिंग सेवाएं जारी रहेंगी। आम ग्राहक UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए नियमित फंड ट्रांसफर, बिलों का भुगतान और ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं बिना किसी रुकावट के इस्तेमाल कर सकते हैं। कैश निकालने के लिए एटीएम और दूसरी सेल्फ-सर्विस बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है। फिजिकल डॉक्यूमेंट जमा करना, चेक क्लियरेंस और नो योर कस्टमर से जुड़ी प्रक्रियाएं यानी ऐसे काम जिनके लिए बैंक ब्रांच जाना अनिवार्य है उनमें इन चार दिनों के दौरान रुकावट या देरी आ सकती है।ग्राहकों के लिए क्या हैं विकल्प और आगे की सलाह?शाखाओं से जुड़े किसी भी काम के लिए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले अपनी संबंधित ब्रांच से संपर्क करें या डिजिटल विकल्पों का रुख करें। साधारण लेनदेन, पैसे भेजने और बिल भरने के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल करना सबसे आसान विकल्प रहेगा। जिन लोगों के चेक प्रोसेसिंग में लगे हैं, वे चार दिनों की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए अपने वित्तीय फैसलों की योजना बनाएं।आने वाले दिनों में भी हड़ताल की चेतावनीअगर बैंक कर्मचारियों की मांगों पर सहमति नहीं बनती है, तो आने वाले समय में भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। बैंक यूनियनों ने 28, 29 और 30 सितंबर को भी आगे की हड़ताल का ऐलान किया है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की योजना बनाई गई है। हालांकि बैंकों का कहना है कि वे आम जनता को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए व्यवस्था करेंगे, फिर भी शाखा स्तर पर सेवाओं में देरी से इंकार नहीं किया जा सकता।Gold- silver price Today: अमेरिका में इंफ्लेशन का झटका, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट, एक्सपर्ट्स से जानिए क्या और आएगी गिरावट
क्रूड ऑयल $108 के पार: क्या ONGC और ऑयल इंडिया के शेयरों में आएगी बड़ी हलचल?
Crude oil prices have crossed $108, creating a major shift in the energy sector.
NSE का प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 होगा, GMP- 200, कब खुल रहा ये IPO
एनएसई के आईपीओ की डेट आ चुकी है. साथ ही इस आईपीओ के प्राइस बैंड का भी ऐलान हो चुका है. वहीं इसका ग्रे मार्केट में भी अच्छा रिस्पॉन्स दिखाई दे रहा है.
Gift Nifty Indicator: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के निचले स्तर पर खुलने की संभावना है। GIFT निफ्टी 100 अंक से ज़्यादा की गिरावट के साथ कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहा है। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में नई तेज़ी, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और एशियाई व US इक्विटी बाज़ारों में गिरावट का असर बाजारों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व के अहम शिपिंग रूट पर हमले तेज़ होने के बाद ब्रेंट क्रूड $110 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि US में थोक महंगाई बढ़ने से अगले हफ़्ते फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदें मजबूत हुईं।GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे 23,343 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 117 अंक या 0.5 प्रतिशत नीचे था। गुरुवार को भारतीय इक्विटी बाजारों ने लगातार तीन सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा था, हालांकि सीमित दायरे में कारोबार के कारण बढ़त मामूली रही। सेंसेक्स 138.36 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 74,902.59 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 46.30 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 23,477.80 पर पहुंचा।एशियाई बाजारों में गिरावटशुक्रवार को एशियाई शेयरों और बॉन्ड में गिरावट आई क्योंकि निवेशक ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और US में सख्त मौद्रिक नीति की संभावना से जूझ रहे थे। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया में सबसे ज़्यादा नुकसान देखा गया। जापान का Topix 1 प्रतिशत गिरा, जबकि Nikkei 225 फ्यूचर्स में 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई। ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 और हांगकांग के Hang Seng में 0.9 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.6 प्रतिशत गिरा।गुरुवार की बिकवाली के बाद US इक्विटी फ्यूचर्स में कुछ स्थिरता के संकेत दिखे, जिसमें एशियाई कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त हुई।मध्य पूर्व में सप्लाई से जुड़े जोखिम बढ़ने से ब्रेंट $110 के करीब पहुंचाकच्चा तेल भारतीय बाज़ारों के लिए सबसे बड़ी मैक्रोइकॉनॉमिक चुनौती बना हुआ है। फारस की खाड़ी और लाल सागर दोनों से शिपिंग के लिए बढ़ते खतरों के बीच कीमतों में ज़बरदस्त तेज़ी जारी है। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग $110 तक पहुंचने के बाद 1% बढ़कर $108.68 प्रति बैरल हो गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1% बढ़कर $103.45 प्रति बैरल हो गया। गुरुवार को दोनों बेंचमार्क में 6% से ज़्यादा की बढ़ोतरी हुई थी।ईरान-समर्थित हूतियों ने गुरुवार को यमन के मोचा बंदरगाह पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे रेड सी में शिपिंग के लिए खतरा बढ़ गया है। साथ ही, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से ट्रैफ़िक पर भी रोक लगी हुई है क्योंकि खाड़ी में टैंकरों पर हमले बढ़ गए हैं।एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका और ईरान के बीच लगातार हमलों से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ रही है और क्रूड मार्केट में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम ऊंचा बना हुआ है।वॉल स्ट्रीट में गिरावटगुरुवार को अमेरिकी इक्विटी में गिरावट आई क्योंकि प्रोड्यूसर की कीमतों में बढ़ोतरी और क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से यह चिंता बढ़ गई कि महंगाई के कारण फेडरल रिजर्व को अगले हफ़्ते ब्याज दरें बढ़ानी पड़ सकती हैं। अगस्त में अमेरिकी थोक महंगाई 0.4% बढ़ी, जिससे कीमतों के दबाव को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके जवाब में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी हुई, और 10-साल की यील्ड लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।निफ्टी का टेक्निकल आउटलुकपोनमुडी को उम्मीद है कि 23,500-23,600 का स्तर निफ्टी के लिए तुरंत रेजिस्टेंस का काम करेगा, जबकि 23,200 का स्तर अहम सपोर्ट बना रहेगा। 23,200 के नीचे जाने पर गिरावट 23,050-23,000 तक बढ़ सकती है, हालांकि बहुत ज़्यादा ओवरसोल्ड मोमेंटम इंडिकेटर टेक्निकल बाउंस की गुंजाइश भी बनाते हैं।गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी में नेट सेलर बने रहे और उन्होंने 438 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाज़ार को सपोर्ट देना जारी रखा और सेशन के दौरान 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इक्विटी खरीदी।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 111 अंक नीचे, एशिया में भी दबाव, क्रूड $108 के पार(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $106-107 प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। ऐसे में पेट्रोल-डीजल के भाव में कोई बदलाव हुआ है या नहीं आईए जानते हैं...
Gold- silver price Today: 11 सितंबर को इंटरनेशनल मार्केट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई। इसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी और US फेडरल रिज़र्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता थी, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा।COMEX पर सोना $4,369.40 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था, जो पिछले क्लोज़ से $37.90 या 0.86% कम था। कॉन्ट्रैक्ट ने $4,380.70 का हाई और $4,351.30 प्रति औंस का लो छुआ।चांदी पर ज़्यादा दबाव था।COMEX पर चांदी $63.91 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी, जो $1.017 या 1.57% कम थी। सेशन का हाई $64.32 प्रति औंस और लो $63.71 प्रति औंस रहा।सोने और चांदी की कीमतें क्यों गिर रही हैं?कीमती धातुओं पर दबाव डालने वाले मुख्य कारणों में से एक कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी है। शुक्रवार (10 सितंबर) को ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल के ऊपर चला गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया; इससे पहले दोनों बेंचमार्क में पिछले सेशन में 6% से ज़्यादा की बढ़त हुई थी।तेल की ऊंची कीमतें महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं और इसके चलते US मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर उम्मीदें मुश्किल हो सकती हैं। ऊंची बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों से सोने जैसी बिना रिटर्न वाली एसेट्स का आकर्षण कम हो जाता है।आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स की कमोडिटीज़ और करेंसीज़ की रिसर्च एनालिस्ट वेदिका नार्वेकर ने कहा, तेल की कीमतों में रिकवरी से सोने पर फिर से दबाव दिख रहा है।नार्वेकर ने कहा कि सोना ज़्यादातर $4,400 प्रति औंस के आस-पास एक सीमित दायरे में रहा क्योंकि मार्केट फेड के अगले कदम पर ज़्यादा स्पष्टता का इंतज़ार कर रहा था। उन्हें उम्मीद है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने की कीमतें $4,340 से $4,450 प्रति औंस के बीच रहेंगी, जबकि MCX पर सोना ₹1.51 लाख-₹1.55 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में ट्रेड कर सकता है।डॉलर और ETF फ्लो से कुछ सपोर्ट मिलाकीमती धातुओं की कीमतों में यह गिरावट कुछ सपोर्टिव फैक्टर्स के बावजूद आई है। कमज़ोर US डॉलर ने हाल के सेशन में सोने को सपोर्ट किया है, जबकि गोल्ड ETF में मज़बूत इनफ्लो ने निवेशकों की मांग को बढ़ाया है। नार्वेकर ने बताया कि अगस्त में ग्लोबल गोल्ड ETF में 18 अरब डॉलर का निवेश आया, जो अब तक का दूसरा सबसे बड़ा मासिक निवेश है। इससे ग्लोबल होल्डिंग 121 टन बढ़कर रिकॉर्ड 4,189 टन हो गई।रिद्धि-सिद्धि बुलियंस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के प्रेसिडेंट और जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी ने कहा कि डॉलर का कमजोर होना, अमेरिका में फिस्कल चिंताएं और जियोपॉलिटिकल रिस्क सोने की कीमतों को सहारा दे रहे हैं।हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई दर (इन्फ्लेशन) के आंकड़े ऊंची यील्ड के ज़रिए बुलियन पर और दबाव डाल सकते हैं। कोठारी को उम्मीद है कि सोने की कीमत मोटे तौर पर 4,300-4,500 डॉलर प्रति औंस के दायरे में रहेगी और उन्होंने कहा कि अगर चांदी 67 डॉलर प्रति औंस से ऊपर बनी रहती है, तो इसमें और बढ़त हो सकती है।भारतीय बुलियन कीमतों के लिए कच्चा तेल अहमक्यों हैतेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारतीय बाजारों के लिए खास तौर पर अहम है क्योंकि यह महंगाई की उम्मीदों और रुपये, दोनों पर असर डाल सकती है।लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और कमजोर रुपया भारतीय महंगाई और MCX कमोडिटीज के लिए मुख्य जोखिम बने हुए हैं। साथ ही, उन्होंने कहा कि डॉलर के कमजोर होने से कीमती धातुओं को सहारा मिल रहा है।10 सितंबर के अपने बाजार विश्लेषण में, गर्ग ने सोने की कीमत लगभग 4,414 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 67.50 डॉलर प्रति औंस आंकी थी, साथ ही बुलियन बाजार पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी ब्याज दरों की उम्मीदों के असर पर भी प्रकाश डाला था।ताज़ा बाजार कमेंट्री में रुपया प्रति अमेरिकी डॉलर लगभग 95.10-95.25 रुपये के आसपास था। रुपया कमजोर होने से घरेलू सोने और चांदी की कीमतों को सहारा मिल सकता है क्योंकि रुपये के हिसाब से आयातित बुलियन महंगा हो जाता है।चांदी में ज़्यादा उतार-चढ़ावसोने की तुलना में चांदी में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है; शुक्रवार (10 सितंबर) को सोने में 0.86% की गिरावट के मुकाबले चांदी में 1.57% की गिरावट आई।Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि हालिया MCX सेशन में चांदी ने सोने से बेहतर प्रदर्शन किया, हालांकि ओपन इंटरेस्ट में भारी गिरावट से पता चलता है कि शॉर्ट कवरिंग ने इस रैली में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि हाल के MCX सेशन में सोना ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के लेवल को टेस्ट कर रहा था, जबकि चांदी की कीमत ₹2.44-₹2.45 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास थी।सुब्बुराज के अनुसार, चांदी में काफी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है, क्योंकि बाजार की मौजूदा स्थिति खबरों और US के महंगाई के आंकड़ों से तय हो रही है।सोने और चांदी के लिए आगे क्या?कीमती धातुओं (बुलियन) के बाजार के लिए अगला बड़ा ट्रिगर US की महंगाई और फेड की पॉलिसी पर इसका संभावित असर है।महंगाई के आंकड़े ऊंचे रहने पर US बॉन्ड यील्ड बढ़ सकती है और सोने-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी सीमित हो सकती है। दूसरी ओर, आंकड़े कम रहने पर आसान मॉनेटरी पॉलिसी की उम्मीदें फिर से बढ़ सकती हैं और कीमती धातुओं को सपोर्ट मिल सकता है।इसलिए, भारतीय निवेशकों के लिए ग्लोबल बुलियन ट्रेंड, कच्चे तेल की कीमतें, US यील्ड और रुपया - ये सभी अहम फैक्टर होंगे जिन पर नज़र रखनी होगी।फिलहाल, आउटलुक एक दायरे में रहने वाला लेकिन उतार-चढ़ाव वाला है, जिसमें सोने की तुलना में चांदी की कीमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Gold Price Today: सोना हुआ और महंगा, 24 और 22 कैरेट दोनों का बढ़ा भाव; चांदी भी तेज
गणेश चतुर्थी से पहले आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार, 11 सितंबर को देश में सोने की कीमत में तेजी है। ज्यादातर शहरों में 24 और 22 कैरेट गोल्ड दोनों की कीमत बढ़ी है। सुबह के वक्त राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत बढ़कर 155670 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। मुंबई में भाव 155520 रुपये प्रति 10 ग्राम है। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में सोने की कीमतों में 3 सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया और कीमत 600 रुपये बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,340.71 डॉलर प्रति औंस पर है।मार्केट पार्टिसिपेंट्स शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी खुदरा महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जिनसे फेडरल रिजर्व के सितंबर के नीतिगत फैसले के बारे में संकेत मिल सकते हैं। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की पॉलिसी को लेकर मीटिंग 15-16 सितंबर को होने वाली है।देश के कुछ बड़े शहरों में गोल्ड रेटदिल्ली मेंसोने की कीमत:दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 155670 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142710 रुपये प्रति 10 ग्राम है।मुंबई और कोलकाता:मुंबई और कोलकाता में 22 कैरेट सोने की कीमत 142560 रुपये प्रति 10 ग्राम, जबकि 24 कैरेट सोने की कीमत 155520 रुपये प्रति 10 ग्राम है।चेन्नई में सोने की कीमत:24 कैरेट सोने की कीमत 155520 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट का भाव 142560 रुपये प्रति 10 ग्राम है।पुणे और बेंगलुरु में कीमत:इन दोनों शहरों में 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 155520 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 142560 रुपये प्रति 10 ग्राम है। शहर 22 कैरेट सोने का आज का भाव (₹) 24 कैरेट सोने का आज का भाव(₹) दिल्ली 142710 155670 मुंबई 142560 155520 अहमदाबाद 142610 155570 चेन्नई 142560 155520 कोलकाता 142560 155520 हैदराबाद 142560 155520 जयपुर 142710 155670 भोपाल 142610 155570 लखनऊ 142710 155670 चंडीगढ़ 142710 155670 SIP vs NPS: हर महीने ₹5,000 निवेश करें तो 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशनचांदी की कीमतसोने की तरह चांदी का भाव भी चढ़ा है। 11 सितंबर की सुबह चांदी बढ़कर 255100 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। एक दिन पहले दिल्ली के सराफा बाजार में चांदी में लगातार तीसरे सत्र में तेजी दिखी और कीमत 1,200 रुपये बढ़ी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी यानि कि स्पॉट सिल्वर की कीमत 64.54 डॉलर प्रति औंस पर है। सोने और चांदी की देश के अंदर कीमतें डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स से भी प्रभावित होती हैं।
Market cues : मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल कायम, 23070 के लेवल तक गिर सकता है निफ्टी
Trade setup for today : 10 सितंबर को निफ्टी ने लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया और 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,इस मामूली रिकवरी के लंबे समय तक टिके रहने की उम्मीद नहीं है। इसके पीछे कई कारण हैं। खराब होते टेक्निकल इंडिकेटर,वेस्ट एशिया में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल से महंगाई की बढ़ती चिंताएं,और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर बाजार का मूड खराब कर सकते है। ये सभी संकेत इक्विटी मार्केट में मंदी का दौर जारी रहने की ओर इशारा कर रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी पिछले दिन के निचले स्तर से नीचे जा सकता है और 23,300 के स्तर तक गिर सकता है। अगर इंडेक्स 23,300 के स्तर से नीचे जाता है,तो जून के निचले स्तर 23,070 तक और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऊपर की तरफ,23,500-23,600 की रेंज इंडेक्स के लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस जोन का काम कर सकती है।यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।निफ्टी 50 (23,478) के लिए अहम लेवलपिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,495, 23,522 और 23,566पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,407, 23,380 और 23,336निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशननिफ्टी ने कल एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें नीचे की तरफ एक साफ विक दिखी। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है, लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर नहीं जा पाया। सभी अहम मूविंग एवरेज नीचे की ओर ही बने रहे। RSI 28.94 पर था जबकि पिछले सेशन में यह 26.44 था। लेकिन यह अभी भी ओवरसोल्ड जोन और अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। MACD में और गिरावट आई और लगातार चौथे सेशन में रेड हिस्टोग्राम बार का साइज बढ़ा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।बैंक निफ्टी (56,472) के लिए अहम लेवलपिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,557, 56,638 और 56,769पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट: 56,295, 56,214 और 56,083फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 56,655, 57,049फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,024, 55,675बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशनबैंक निफ्टी में भी रिकवरी दिखी,लेकिन यह पिछले दिन के हाई से ऊपर बंद नहीं हो पाया और लोअर हाई-लोअर लो का पैटर्न बनाता रहा। बैंकिंग इंडेक्स में 0.31% की बढ़त हुई और डेली चार्ट पर ऊपरी शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनी,जो खरीदारी आने का संकेत है, हालांकि ऊपरी लेवल पर बिकवाली का दबाव बना रहा। 10, 20, 50 और 100-डे EMA नीचे की ओर झुके रहे,जबकि RSI में थोड़ी बढ़त हुई लेकिन यह अपनी सिग्नल लाइन के नीचे 38.83 पर बना रहा। MACD ज़ीरो लाइन के नीचे और गिर गया और लाल हिस्टोग्राम बार लगातार आठवें सेशन में भी बढ़ता रहा। ये सभी इंडिकेटर लगातार बनी कमजोरी की ओर इशारा करते हैं और बताते हैं कि कल आई रिकवरी के बावजूद मार्केट पर मंदड़ियों का कंट्रोल बना हुआ है।एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में) इंडिया VIXहाल ही में उछाल के बाद मार्केट के डर को मापने वाले इंडेक्स इंडिया VIX में गिरावट आई और यह 1.05 प्रतिशत गिरकर 11.795 पर आ गया। VIX का 12 के लेवल से नीचे बने रहना तेजड़ियों के लिए कुछ राहत की बात है। हालांकि,अगर VIX 12 के जोन से ऊपर जाता है तो बुल्स को सावधान रहने की जरूरत होगी।पुट कॉल रेशियोबाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 10 सितंबर को बढ़कर 0.77 हो गया,जबकि पिछले सेशन में यह 0.75 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।विदेशी निवेशकों की बेरुखी जल्दी दूर होने की उम्मीद नहीं, अगले 2-3 महीने बाजार के लिए काफी मुश्किल -अभय अग्रवालF&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉकF&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहींएफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: बंधन बैंक, आईनॉक्स विंड, कायन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, मणप्पुरम फाइनेंस, सेलएफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: LIC हाउसिंग फाइनेंसडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
तेल के झटके में भी भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: आईएमएफ ने कहा- 7.8% वृद्धि उम्मीद से बेहतर, सहारा किसने दिया? india gdp growth imf oil price shock economic resilience
Petrol Diesel Price Today: 11 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल रहा है. मिडिल ईस्ट के प्रमुख के ट्रेड रूट्स खासकर समंदर से होने वाले कारोबार पर बढ़ते हमलों और सप्लाई में संभावित रुकावट की वजह से ग्लोबल बाजार में ब्रेंट क्रूड 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक करीब चार महीनों में पहली बार दोनों प्रमुख ग्लोबल बेंचमार्क हफ्ते का अंत 100 डॉलर से ऊपर रहकर करने की ओर बढ़ रहे हैं.वैसे राहत की बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई इस बड़ी तेजी के बावजूद भारतीय बाजार में आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां रोजाना सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी करती हैं.पहले जानिए क्रूड ऑयल में तेजी क्यों?रॉयटर्स के आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $1.05 या 1 फीसदी चढ़कर $108.68 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. वहीं, यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी 95 सेंट यानी 1 फीसदी बढ़कर $103.45 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है. साप्ताहिक आधार पर दोनों बेंचमार्क में लगभग 13 फीसदी की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है। ये 17 जुलाई के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है.मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से लाल सागर के रास्तों पर खतरा बढ़ गया है. यमन के मोचा बंदरगाह पर हूती विद्रोहियों का नियंत्रण होने और स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज में तेल टैंकरों पर हमले तेज होने से रीजनल ऑयल सप्लाई बाधित होने की आशंका गहरा गई है. यमन से सऊदी ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों ने तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम चढ़ रहे हैं.दिल्ली, नोएडा, मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के भावदेश के अलग अलग शहरों में वैट और स्थानीय टैक्स की अलग-अलग दरों के कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतें अलग अलग होती हैं. 11 सितंबर को प्रमुख शहरों में ताजा दरें इस प्रकार हैं:दिल्ली: दिल्ली में आज 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है. वहीं, प्रीमियम XP95 ₹109.24 और हाई-ऑक्टेन XP100 ₹167.35 प्रति लीटर पर उपलब्ध है.नोएडा: नोएडा में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.56 प्रति लीटर है.गुरुग्राम: गुरुग्राम में पेट्रोल ₹102.97 और डीजल ₹95.64 प्रति लीटर के भाव पर मिल रहा है.फरीदाबाद: फरीदाबाद में आज पेट्रोल ₹103.28 और डीजल ₹95.94 प्रति लीटर दर्ज किया गया है.लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर बिक रहा है.पटना: बिहार के पटना में पेट्रोल ₹113.37 प्रति लीटर और डीजल ₹99.36 प्रति लीटर के स्तर पर है.रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पेट्रोल ₹105.26 और डीजल ₹100.49 प्रति लीटर है.भोपाल: मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल ₹114.57, डीजल ₹99.64, XP95 ₹123.88 और XG ₹104.90 प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध है.जयपुर: राजस्थान के जयपुर में 1 लीटर पेट्रोल ₹112.69 और डीजल ₹97.78 में मिल रहा है.देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में पेट्रोल ₹100.55 प्रति लीटर और डीजल ₹95.93 प्रति लीटर है.शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में पेट्रोल ₹103.25, डीजल ₹95.21 और प्रीमियम XP95 ₹111.90 प्रति लीटर बिक रहा है.भारत में कौन से फैक्टर तैय करते हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतेंभारत में पेट्रोल और डीजल की रिटेल वैल्यू को कई चीजें प्रभावित करती हैं. पहला है कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत. पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कच्चे तेल से होता है. जब अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो तेल रिफाइनरियों की लागत बढ़ जाती है. डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया की स्थिति का भी असर पड़ता है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है, जिसका भुगतान अमेरिकी डॉलर में किया जाता है. अगर डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो क्रूड आयात करना महंगा हो जाता है.पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत में केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट (VAT) शामिल होता है, जिसके कारण हर राज्य में दरें अलग होती हैं. क्रूड ऑयल को पेट्रोल और डीजल में बदलने की रिफाइनिंग लागत और उसे देशभर के पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने का मालभाड़ा भी अंतिम कीमत में जोड़ा जाता है. बाजार में ईंधन की खपत और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है. त्योहारों या मौसम के बदलाव के समय मांग बढ़ने पर भी इसका असर पड़ता है.अपने मोबाइल पर SMS से ऐसे चेक करें अपने शहर के ताजा रेटअगर आप अपने शहर में पेट्रोल और डीजल की नई दरें एसएमएस के जरिए जानना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया बेहद आसान है-Indian Oil (IOCL) ग्राहक: अपने मोबाइल से RSP टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें.Bharat Petroleum (BPCL) ग्राहक: मैसेज बॉक्स में RSP लिखकर 9223112222 पर भेजें.Hindustan Petroleum (HPCL) ग्राहक: HP Price लिखकर 9222201122 पर भेजें.(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
NSE IPO: इंतजार खत्म, प्राइस बैंड ₹1700-₹1785 प्रति शेयर हुआ तय; OFS का साइज घटा
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO के प्राइस बैंड के लिए इंतजार की घड़ियां आखिरकार खत्म हुईं। यह 1,700-1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। लॉट साइज 8 इक्विटी शेयरों का है। यह पब्लिक इश्यू 17 सितंबर को खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। एंकर निवेशक 16 सितंबर को बोली लगा सकेंगे। IPO बंद होने के बाद अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होगा। उसके बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE पर 24 सितंबर को होगी।NSE का इरादा 22561.5 करोड़ रुपये जुटाने का है। प्राइस बैंड के अपर एंड पर वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये बैठती है। NSE IPO का लंबे वक्त से इंतजार किया जा रहा है। NSE के बोर्ड ने इस साल फरवरी में IPO लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। पब्लिक इश्यू का ड्राफ्ट जून 2026 में SEBI के पास जमा किया था और सितंबर में SEBI की मंजूरी मिल गई। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO लगभग 10 सालों से पेंडिंग है।NSE ने सबसे पहले दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। उस वक्त इरादा OFS के जरिए करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का था। लेकिन नियामकीय खामियों और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के चलते सेबी ने मंजूरी लंबे समय तक रोक दी थी।OFS का साइजNSE IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) है। नए शेयर जारी नहीं होंगे। OFS में 10 मौजूदा शेयरहोल्डर 12.64 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखने वाले हैं। इन शेयरहोल्डर्स में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), बैंक ऑफ बड़ौदा, MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड और अरांडा इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) भी शामिल हैं।OFS होने के चलते शेयर बिक्री से मिला पैसा, ऑफर से जुड़े खर्चों को घटाने के बाद OFS में शेयर बेचने वालों के पास जाएगा। NSE को कुछ नहीं मिलेगा। इश्यू का साइज 15 प्रतिशत कम कर दिया गया है। जून 2026 में फाइल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार OFS में 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बेचने की योजना थी।OFS में कौन बेच रहा है शेयरNSE IPO के तहत OFS में सबसे ज्यादा शेयर SBI बेचने वाला है। यह 1.59 करोड़ तक इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखेगा। इसके अलावा कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड 1.18 करोड़ शेयर, अरांडा इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) 1.12 करोड़ शेयर, MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) 1.1 करोड़ शेयर और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी 1.05 करोड़ शेयर बेचेंगे। SBI कैपिटल मार्केट्स 87.8 लाख शेयर बेचेगी।SBI, MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने बेचे जाने वाले शेयरों की संख्या कम कर दी है। नेशनल इंश्योरेंस कंपनी अब OFS के जरिए शेयर नहीं बेच रही है। NSE ने IPO में अपने कर्मचारियों के लिए 70 करोड़ रुपये तक के शेयर रिजर्व किए हैं। ये उन्हें फाइनल इश्यू प्राइस पर 170 रुपये प्रति शेयर की छूट के साथ ऑफर किए जाएंगे।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
चीन से मुकाबला... ब्रिक्स देशों से व्यापार में भारत के लिए ये संकट
BRICS देशों के साथ भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 226.1 अरब डॉलर, या करीब 19 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इसमें सबसे बड़ा योगदान चीन का रहा.
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 111 अंक नीचे, एशिया में भी दबाव, क्रूड $108 के पार
Stock Market Live Update: शुक्रवार को GIFT Nifty ने भारतीय इक्विटी मार्केट में कमजोर शुरुआत का संकेत दिया। यह 111.50 अंक गिरकर 23,348.50 के स्तर पर आ गया। यह संकेत तब मिला है जब बुधवार को Nifty 50 में 0.20% की बढ़त के साथ यह 23,477.80 पर और Sensex में 0.19% की बढ़त के साथ यह 74,902.59 पर बंद हुआ था। एशियाई बाजार गिरावट के साथ खुले, जिसमें जापान सबसे आगे रहा। Nikkei 225 में 2.89%, दक्षिण कोरिया के KOSPI में 2.75%, हांगकांग के Hang Seng में 1.42%, Shanghai Composite में 1.09% और ऑस्ट्रेलिया के S&P/ASX 200 में 0.85% की गिरावट आई।
ट्रिप से पहले ये एक डॉक्यूमेंट जरूर बनवाएं, हर मुसीबत में काम आएगा ट्रैवल इंश्योरेंस!
ट्रिप का प्लान बनाते समय हम टिकट, होटल और घूमने की जगहों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन ट्रैवल इंश्योरेंस के बारे में हमेशा बाद में सोचते हैं। इंटरनेशनल ट्रिप में छोटी सी परेशानी भी जेब पर भारी पड़ सकती है। ऐसे में ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए राहत का काम कर सकता है। पासपोर्ट खो जाना, अचानक तबीयत खराब होना, दुर्घटना होना या फ्लाइट से जुड़ी परेशानी आ जाना जैसी कंडीशन सफर का मजा खराब कर सकती है। इन हालात में पॉलिसी के रूल के हिसाब से आर्थिक सहायता मिल सकती है। यही वजह है कि ट्रिप कितनी भी छोटी हो, इंश्योरेंस लेने से पहले उसके फायदे और कवरेज को समझ लेना बेहतर रहता है। आइये जानते है अलग-अलग ट्रिप के हिसाब से सही प्लान क्या है।डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंसट्रिप में घूमने के दौरान भी अचानक कोई परेशानी सामने आ सकती है। ऐसे में डोमेस्टिक ट्रैवल इंश्योरेंस दुर्घटना, सामान गुम या चोरी होने और ट्रिप में देरी जैसी सिचुएशन को संभालने में मदद कर सकता है। लेकिन मिलने वाली फैसिलिटी और कवर की रकम आपके चुने हुए प्लान पर निर्भर करती है। कुछ प्लान में दुर्घटना की वजह से मौत होने पर भी कवर दिया जाता है। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि पॉलिसी में किन-किन चीजों को शामिल किया गया है।इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंसइंटरनेशनल ट्रैवल में अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर इलाज का खर्च काफी बढ़ सकता है। ऐसे समय में इंटरनेशनल ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार हो सकता है। पासपोर्ट या जरूरी डॉक्यूमेंट खोने, दुर्घटना, स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी या फ्लाइट में किसी तरह की दिक्कत होने पर पॉलिसी कवर मिल सकता है। कुछ प्लान में फ्लाइट हाईजैक जैसी सिचुएशन भी शामिल होती हैं। लेकिन हर कंपनी और प्लान की शर्तें अलग हो सकती हैं।फैमिली ट्रैवल इंश्योरेंसफैमिली के साथ घूमने का प्लान है तो फैमिली ट्रैवल इंश्योरेंस लिया जा सकता है। इसमें पॉलिसी की टर्म्स के अनुसार फैमिली मेंबर को एक ही प्लान में कवर किया जाता है। यात्रा के दौरान किसी सदस्य की तबीयत खराब होने, दुर्घटना होने या फ्लाइट कैंसिल होने जैसी सिचुएशन में मदद मिल सकती है। फैमिली के साथ फॉरेन ट्रिप करते समय इस तरह का प्लान काफी काम आ सकता है।ऐसे करें इंश्योरेंस क्लेमट्रिप पर जाते समय ट्रैवल इंश्योरेंस के सभी जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास रखें। इनकी एक कॉपी फोन, ई-मेल या किसी सेफ जगह पर भी सेव करके रखें, ताकि ओरिजिनल पेपर खो जाने पर परेशानी न हो। ट्रिप में ऐसी कंडीशन आने पर जो आपकी पॉलिसी में कवर है, तो तुरंत इंश्योरेंस कंपनी के कस्टमर केयर या दिए गए नंबर पर कांटेक्ट करें। इसके बाद कंपनी को घटना और हुए खर्च से जुड़े जरूरी डाक्यूमेंट्स देने होते हैं।ट्रैवल इंश्योरेंस में क्या-क्या कवर होता है?1. सामान खोना: ट्रैवल के दौरान बैग खो जाने या चोरी होने पर भी कुछ पॉलिसी में क्लेम मिलता है। इसकी रकम प्लान के हिसाब से 25,000 से 50,000 रुपये तक हो सकती है।2. पासपोर्ट खोना: विदेश में पासपोर्ट खो जाने पर नया पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा खर्च भी कुछ ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान में कवर किया जाता है।3. मेडिकल इमरजेंसी: विदेश में अचानक बीमारी या दुर्घटना होने पर हॉस्पिटल के खर्च में मदद मिल सकती है। कुछ पॉलिसी में 2 से 3 लाख रुपये या उससे ज्यादा का मेडिकल कवर भी मिलता है।4. फ्लाइट लेट या कैंसिल: फ्लाइट लेट होने या कैंसिल होने पर पॉलिसी के नियमों के अनुसार मुआवजा मिल सकता है। कुछ प्लान में 5,000 से 10,000 रुपये तक का कवर दिया जाता है।ध्यान रखने वाली 3 बातें1. मेडिकल कवर देखें: सिर्फ सस्ता प्लान लेने के बजाय ऐसा प्लान चुनें, जिसमें मेडिकल कवर अच्छी रकम का हो।2. जरूरी डॉक्यूमेंट शेयर करें: पॉलिसी का PDF और क्लेम नंबर अपने परिवार के किसी सदस्य के साथ जरूर शेयर करके रखें।3. समय पर पॉलिसी लें: ट्रिप शुरू होने से पहले ही ट्रैवल इंश्योरेंस ले लें। पॉलिसी की शर्तों के अनुसार सही समय और कवरेज जरूर चेक करें।ट्रिप पर जाने से पहले इलाज या किसी दूसरे खर्च से जुड़ी रसीदें और रिपोर्ट संभालकर रखना भी जरूरी है, क्योंकि क्लेम के समय इनकी जरूरत पड़ सकती है। ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान को कैंसिल करने की सुविधा मिल सकती है। पॉलिसी कैंसिल करने पर कंपनी रूल के हिसाब से मामूली चार्ज काटकर बाकी प्रीमियम वापस कर सकती है। वहीं, ऑनलाइन ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदना आसान होता है और कई मामलों में एजेंट का कमीशन भी नहीं देना पड़ता, जिससे खर्च कम हो सकता है। पॉलिसी लेने से पहले कैंसिलेशन और रिफंड के रूल जरूर चेक कर लें।डिस्क्लेमर- ट्रैवल इंश्योरेंस के फायदे, कवरेज और क्लेम से जुड़े रूल अलग-अलग कंपनियों और पॉलिसी के अनुसार बदल सकते हैं। यहां दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। पॉलिसी लेने से पहले इंश्योरेंस कंपनी की ऑफिशियल इनफार्मेशन जरूर चेक कर लें।
Asian Market: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण अमेरिकी बाजारों में बिकवाली हुई, जिससे एशियाई इक्विटी और बॉन्ड में गिरावट आई। वहीं, हालिया महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों को और मजबूत कर दिया।जापान का प्रमुख इंडेक्स, निक्केई 225, शुरुआती कारोबार में ही लुढ़क गया और 3% तक गिर गया। टोक्यो का एक और इंडेक्स, TOPIX, भी लगभग 2% गिरा। दक्षिण कोरिया का AI-टेक-आधारित KOSPI भी इससे अछूता नहीं रहा और शुक्रवार को 2.50% गिर गया।इससे पहले, S&P 500 इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई थी। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 0.4% की बढ़ोतरी हुई और अमेरिकी कारोबार के दौरान यह लगभग $110 प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे ट्रेजरी यील्ड कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप, MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.4% की गिरावट आई।बॉन्ड की समस्याट्रेजरी द्वारा निवेशकों की उम्मीद से कम मात्रा में बॉन्ड की पुनर्खरीद (buyback) किए जाने के कारण बॉन्ड पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। इसके अलावा, अमेरिकी प्रोड्यूसर-प्राइस रिपोर्ट के उम्मीद से बेहतर रहने के कारण ट्रेडर्स ने अगले सप्ताह होने वाली फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि पर अपना दांव बढ़ा दिया।एशियाई सरकारी बॉन्ड ने भी ट्रेजरी के गिरावट वाले रुझान का अनुसरण किया। ऑस्ट्रेलिया की तीन साल की यील्ड 20 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5.05% हो गई, जो 2011 के बाद का उच्चतम स्तर है, जबकि न्यूजीलैंड की दो साल की यील्ड में भी 20 बेसिस पॉइंट्स से अधिक की वृद्धि हुई।गुरुवार को ट्रेजरी यील्ड में व्यापक रूप से वृद्धि हुई, जिसमें 10 साल की दर शुक्रवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 5% से ठीक नीचे रही, जो 2023 के बाद के उच्चतम स्तर के करीब है। ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के शुरुआती विस्तारित बायबैक ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सरकार द्वारा उम्मीद से कम 10-से-20-वर्षीय सिक्योरिटीज खरीदे जाने के बाद गिरावट और तेज हो गई।शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी कंज्यूमर-प्राइस-इंडेक्स रिपोर्ट जोखिम की धारणा के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक होगी, क्योंकि निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि क्या ऊर्जा की बढ़ती कीमतें व्यापक महंगाई के दबाव को प्रभावित कर रही हैं।उम्मीद से कम रीडिंग बॉन्ड यील्ड और दर-वृद्धि की उम्मीदों के बढ़ते रुझान को कम कर सकती है, जिसने इक्विटी पर दबाव डाला है, जबकि एक और अप्रत्याशित वृद्धि बिकवाली को और लंबा खींच सकती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में US प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स में पिछले महीने की तुलना में 0.4% की बढ़ोतरी हुई, जो मई के बाद सबसे बड़ी बढ़त है। स्वैप से संकेत मिल रहा है कि अगले हफ़्ते फ़ेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना लगभग 70% है, और अक्टूबर तक ऐसा होने की पूरी उम्मीद है।यूरोपीय सेंट्रल बैंक की प्रेसिडेंट क्रिस्टीन लेगार्ड ने सख्त ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा है कि इस क्षेत्र में महंगाई 2027 तक टारगेट से काफी ऊपर रहने की उम्मीद है।तेल की कीमतों में उछाल ने सेंट्रल बैंकों के लिए और चुनौतियां खड़ी कर दी हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा की कीमतें ऊंचे स्तर पर बने रहने का खतरा है। इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों पर हमलों में बढ़ोतरी के कारण तेल, प्राकृतिक गैस और डीजल की लागत बढ़ गई है, जिससे यह चिंता पैदा हो गई है कि ऊर्जा पर होने वाला यह खर्च महंगाई को और बढ़ाएगा।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
ऑफिस में प्रोडक्टिविटी बढ़ानी है तो इन टाइम वेस्टिंग एक्टिविटीज से बचें!
सुबह उठते ही कई लोगों के सामने कामों की लंबी लिस्ट होती है। अलार्म बंद करने के बाद फोन पर ईमेल और मैसेज देखने लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ पिछले दिन के अधूरे काम भी याद आने लगते हैं। ऐसे में दिन शुरू होने से पहले ही स्ट्रेस महसूस होने लगता है और लगता है कि समय बहुत तेजी से निकल रहा है। लेकिन ज्यादा काम करने का मतलब यह नहीं है कि अपनी नींद या आराम को कम कर दिया जाए।समय बचाने के लिए रोज की छोटी-छोटी आदतों में थोड़ा बदलाव करके भी काफी समय बचाया जा सकता है। सही तरह से किया गया काम हर हफ्ते कई घंटे बचा सकता हैं। इसके लिए आपको बस अपने रूटीन में कुछ आसान और असरदार आदतों को शामिल करने की जरूरत है।1. हर काम के लिए टाइम लिमिट रखेंकिसी काम को बहुत ज्यादा परफेक्ट बनाने की कोशिश में कई बार हम जरूरत से ज्यादा समय लगा देते हैं। इससे बचने के लिए हर काम की एक टाइम लिमिट रखें। जैसे ईमेल के लिए 30 मिनट, मीटिंग की तैयारी के लिए 20 मिनट या जरूरी फोन कॉल के लिए 15 मिनट। समय तय होने से आपका ध्यान काम पर बना रहता है और बार-बार दूसरी चीजों में जाने की आदत कम होती है। इसके लिए फोन का टाइमर या कैलेंडर में टाइम ब्लॉक का इस्तेमाल किया जा सकता है।2. काम की प्रायोरिटी डिसाइड करेंहम दिनभर के काम की लिस्ट बनाते हैं, लेकिन किन कामों से बचना है, इस पर ध्यान नहीं देते। इसके लिए एक छोटी 'न-करने वाली लिस्ट' बनाएं और उसमें ऐसी आदतें लिखें जो आपका समय बेवजह खराब करती हैं। जैसे काम के बीच बार-बार सोशल मीडिया देखना, हर मैसेज का तुरंत जवाब देना या बिना जरूरत की मीटिंग में शामिल होना। जब इन चीजों से बचने का फैसला पहले से तय होगा, तो बार-बार सोचने में समय नहीं जाएगा।3. काम के बीच दिमाग को दें छोटा ब्रेकएक काम खत्म करने के तुरंत बाद दूसरे काम पर ध्यान लगाना कई बार मुश्किल होता है। ऐसे में दो कामों के बीच एक छोटा सा ब्रेक या रीसेट रूटीन रखें। जैसे एक मिनट के लिए डेस्क व्यवस्थित करना, गहरी सांस लेना, थोड़ा स्ट्रेच करना या पानी पीना। इससे दिमाग को यह समझने में मदद मिलती है कि पिछला काम खत्म हो चुका है और अब नए काम पर ध्यान देना है।4. रोज 5 मिनट प्लानिंग करेंदिन की शुरुआत बिना किसी प्लान के करने पर जरूरी काम पीछे छूट सकते हैं और समय छोटे-छोटे कामों में निकल जाता है। इसलिए सुबह सिर्फ पांच मिनट निकालकर पूरे दिन की जरूरी चीजों का प्लान बना लें। लंबी लिस्ट बनाने की जरूरत नहीं है, बस उस दिन के तीन सबसे जरूरी काम तय करें और उनके लिए समय निकालें। इससे आपको दिनभर बार-बार यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ेगी कि अब कौन सा काम करना है।5. बार-बार होने वाले कामों को ऑटोमेट करेंजो काम हर दिन या हर हफ्ते रिपीट पड़ते हैं, उन्हें बार-बार हाथ से करने में काफी समय चला जाता है। ऐसे कामों के लिए टेक्नोलॉजी की मदद ली जा सकती है। जैसे बिलों के लिए ऑटो-पेमेंट, बार-बार भेजे जाने वाले ईमेल के लिए टेम्प्लेट और जरूरी कामों के लिए रिमाइंडर सेट करना। इससे आपको हर बार वही काम दोहराने या छोटे-छोटे फैसले लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।अच्छी प्रोडक्टिविटी का मतलब सिर्फ ज्यादा काम करना नहीं, बल्कि पूरे दिन को इस तरह जीना है कि काम के साथ आराम और प्राइवेट टाइम के लिए भी जगह बनी रहे। छोटी शुरुआत करके अपनी आदतों में बदलाव लाना ज्यादा आसान होता है। जब काम का तरीका बेहतर होने लगता है, तो दिन कम भागदौड़ वाला और ज्यादा बैलेंस फील होता है।
Hartalika Teej Puja 2026: हर साल हरतालिका तीज का व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। इस साल यह व्रत 14 सितंबर, सोमवार को किया जाएगा। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए प्रेम, समर्पण और दांपत्य सुख से जुड़ा प्रमुख पर्व है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं। इस दिन पूजा के साथ ही दान का भी विशेष महत्व है। ज्योतिष मान्ताओं के अनुसार, हरतालिका तीज पर राशि अनुसार पूजा और दान करने से व्रत का पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है।राशि के अनुसार ऐसे करें शिव-पार्वती की पूजामेष राशि : मेष राशि के जातक भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराने के बाद रेशमी वस्त्र अर्पित करें। शिव-पार्वती की आराधना करते हुए सुखी दांपत्य जीवन की कामना करना शुभ माना गया है।वृष राशि : वृष राशि वाले शिव-पार्वती की पूजा में गुलाब का पुष्प और इत्र अर्पित करें। इसके बाद धूप दिखाकर भगवान से परिवार में प्रेम, सौहार्द और सुख-शांति की प्रार्थना करें।मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातक हरे रंग के वस्त्र धारण कर पूजा कर सकते हैं। माता पार्वती को हल्दी और भगवान शिव को सफेद चंदन अर्पित करने की धार्मिक परंपरा बताई गई है।कर्क राशि : कर्क राशि वालों के लिए पूजा के बाद भगवान शिव का श्रृंगार करना और ॐ नमः शिवाय का जाप करना शुभ माना गया है। श्रद्धा के साथ शिव-पार्वती की आराधना कर दांपत्य सुख की कामना करें।सिंह राशि : सिंह राशि के जातक शिव-पार्वती को पीले पुष्पों की माला अर्पित करें। इसके बाद रुद्राष्टकम का पाठ करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पूजा मनोकामना और पारिवारिक सुख के लिए शुभ मानी जाती है।कन्या राशि : कन्या राशि वाले भगवान शिव को बेलपत्र और दूर्वा अर्पित करें। तीज के अवसर पर मेहंदी लगाना भी सुहाग और सौभाग्य से जुड़ी परंपरा मानी जाती है।तुला राशि : तुला राशि के जातक भगवान महादेव का पंचामृत से अभिषेक करें। इसके साथ सुहाग की सामग्री का दान करने की परंपरा है। इससे अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में सुख की कामना की जाती है।वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि वाले पीले वस्त्र धारण कर शिव-पार्वती की पूजा करें। भगवान शिव को दूर्वा अर्पित करना भी शुभ माना गया है। पूजा के दौरान परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।धनु राशि : धनु राशि के जातक लाल वस्त्र धारण कर शिव-पार्वती की आराधना करें। पूजा में सुगंधित पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। श्रद्धा के साथ पति के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना करें।मकर राशि : मकर राशि वाले भगवान शिव को सफेद चंदन अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं। शिव-पार्वती की पूजा कर घर में सुख-शांति और दांपत्य जीवन में स्थिरता की प्रार्थना करें।कुंभ राशि : कुंभ राशि के जातक गुलाबी वस्त्र धारण कर पूजा कर सकते हैं। महादेव को श्वेत पुष्प अर्पित कर शिव-पार्वती का ध्यान करें और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करें।मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए हरे वस्त्र धारण कर पूजा करने की परंपरा बताई गई है। माता पार्वती को हल्दी और भगवान शिव को सफेद चंदन अर्पित करें। इसके बाद परिवार की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना करें।
SIP vs NPS: हर महीने ₹5,000 निवेश करें तो 30 साल में कितना फंड बनेगा? समझिए पूरा कैलकुलेशन
SIP vs NPS: रिटायरमेंट के लिए हर महीने ₹5,000 निवेश करना अच्छी रकम हो सकती है। इससे 30 जैसी लंबी अवधि में बड़ा फंड भी बन सकता है। लेकिन, असल सवाल है कि ₹5,000 SIP में लगाएं या NPS में? तुलना को आसान बनाने के लिए दोनों में अलग-अलग रिटर्न मानते हैं। SIP में 12% और NPS में 10% औसत सालाना रिटर्न लेते हैं।मान लेते हैं कि निवेश की शुरुआत 30 साल की उम्र में होती है। हर महीने ₹5,000 निवेश किया जाता है। निवेश 30 साल तक जारी रहता है। यानी 60 साल की उम्र तक कुल ₹18 लाख निवेश होंगे।30 साल बाद कितना फंड बनेगा?SIP में 12% औसत रिटर्न मिलने पर ₹5,000 महीने का निवेश करीब ₹1.76 करोड़ का फंड बना सकता है। NPS में 10% औसत रिटर्न मानने पर कॉर्पस करीब ₹1.14 करोड़ हो सकता है।यानी इस उदाहरण में SIP का अनुमानित फंड NPS से करीब ₹62 लाख ज्यादा रहेगा। पैमाना SIP NPS हर महीने निवेश ₹5,000 ₹5,000 निवेश की अवधि 30 साल 30 साल कुल निवेश ₹18 लाख ₹18 लाख अनुमानित सालाना रिटर्न 12% 10% अनुमानित कॉर्पस ₹1.76 करोड़ ₹1.14 करोड़ अनुमानित रिटर्न ₹1.58 करोड़ ₹96 लाख SIP में ज्यादा पैसा क्यों बनेगा?यहां सिर्फ 2% रिटर्न का अंतर है। लेकिन 30 साल में कंपाउंडिंग इस अंतर को काफी बड़ा बना देती है। SIP में ₹18 लाख का कुल निवेश 12% औसत रिटर्न पर करीब ₹1.76 करोड़ हो सकता है। यानी करीब ₹1.58 करोड़ की रकम अनुमानित रिटर्न से जुड़ सकती है।हालांकि, 12% रिटर्न तय नहीं है। इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़े होते हैं। कुछ साल रिटर्न काफी ज्यादा हो सकता है। कुछ साल नुकसान भी हो सकता है।NPS में कितना फंड बनेगा?NPS में 10% औसत रिटर्न मानें तो ₹5,000 महीने का निवेश 30 साल में करीब ₹1.14 करोड़ बना सकता है। इसमें आपका कुल निवेश ₹18 लाख होगा। बाकी करीब ₹96 लाख अनुमानित रिटर्न होगा।NPS का मकसद रिटायरमेंट के लिए लंबी अवधि में पैसा तैयार करना है। इसमें निवेश बाजार से जुड़ा होता है। इसलिए यहां भी 10% रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है।NPS में एग्जिट का नियम अलगNPS और SIP में सबसे बड़ा अंतर पैसा निकालने के समय आता है। NPS में रिटायरमेंट पर पूरा कॉर्पस अपनी मर्जी से निकालने की सुविधा नहीं होती। मौजूदा नियमों के तहत सामान्य एग्जिट में गैर-सरकारी सब्सक्राइबर के लिए 80% तक रकम एकमुश्त निकालने और कम से कम 20% रकम एन्युटी में लगाने का विकल्प है। छोटे कॉर्पस के लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं।एन्युटी से रिटायरमेंट के बाद नियमित आय मिलती है। हालांकि, पेंशन कितनी मिलेगी यह एन्युटी रेट और चुने गए प्लान पर निर्भर करेगा।SIP में पैसा निकालना आसानSIP में ऐसा लॉक-इन स्ट्रक्चर नहीं है। म्यूचुअल फंड की स्कीम के नियमों के मुताबिक आप जरूरत पड़ने पर अपनी यूनिट बेच सकते हैं।यही SIP की बड़ी खासियत है। रिटायरमेंट के अलावा घर, बच्चों की पढ़ाई या किसी दूसरी जरूरत के लिए भी पैसा इस्तेमाल किया जा सकता है।टैक्स में भी अंतरSIP और NPS का टैक्स ट्रीटमेंट अलग है। SIP में टैक्स म्यूचुअल फंड के प्रकार और कैपिटल गेन पर निर्भर करता है। इसलिए 30 साल बाद बनने वाले पूरे कॉर्पस को सीधे टैक्स फ्री नहीं माना जा सकता।NPS में भी लंपसम और एन्युटी को लेकर अलग टैक्स नियम हैं। एन्युटी से बाद में मिलने वाली पेंशन आपकी इनकम का हिस्सा मानी जाती है और उस पर लागू नियमों के हिसाब से टैक्स लगता है।फिर SIP या NPS?अगर आपकी प्राथमिकता ज्यादा लिक्विडिटी और लचीलापन है, तो SIP बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं, रिटायरमेंट के लिए अलग पैसा बनाना है और लंबे समय तक निवेश बनाए रखना है, तो NPS का स्ट्रक्चर काम आ सकता है।इस उदाहरण में ₹5,000 महीने के निवेश पर SIP का अनुमानित फंड ₹1.76 करोड़ और NPS का करीब ₹1.14 करोड़ है। लेकिन सिर्फ बड़ा कॉर्पस देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। रिटर्न के साथ टैक्स, लिक्विडिटी और एग्जिट नियम भी देखना जरूरी है।Home Loan Prepayment: हर साल ₹1 लाख एक्स्ट्रा जमा करें तो कितने साल पहले खत्म होगा कर्ज? समझिए पूरा कैलकुलेशनDisclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
एल्युमीनियम आपूर्ति संकट बढ़ा: गोदामों में स्टॉक तीन साल के निचले स्तर पर; बढ़ेगी निर्माण-पैकेजिंग की लागत?

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