बुलंदशहर पुलिस ने चार शातिर अभियुक्तों को किया जिलाबदर:डीएम के आदेश पर 6 महीने के लिए जनपद से बाहर
बुलंदशहर की चोला पुलिस ने गुंडा एक्ट के तहत चार शातिर अभियुक्तों को जिलाबदर किया है। जिलाधिकारी के आदेश पर इन सभी को छह महीने के लिए जनपद की सीमा से बाहर किया गया है। यह कार्रवाई एक सप्ताह के भीतर की गई है। पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले चोला थाना क्षेत्र निवासी एस पी ठाकुर उर्फ सतेंद्र सोलंकी पुत्र लाल सिंह उर्फ अन्कपाल सिंह (निवासी खानपुर) और अमित पुत्र सुभाष (निवासी नगला वंशी) को जिलाबदर किया गया था। इसके बाद, 13 अप्रैल 2026, सोमवार को चोला थाना पुलिस ने नरेश पुत्र देवी चरण (निवासी निठारी) और सुनील उर्फ टाइगर पुत्र शिशपाल उर्फ शशिपाल (निवासी निठारी) को भी जिलाबदर किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर चोला पुलिस ने इन अपराधियों के निवास स्थान पर मुनादी कराई। मुनादी के बाद, उन्हें जनपद की सीमा से बाहर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि इन जिलाबदर अपराधियों के खिलाफ थाना चोला में मारपीट, चोरी, लूट और अन्य अपराधों के कई मामले पहले से दर्ज हैं। यह कार्रवाई अगले छह माह तक प्रभावी रहेगी।
जबलपुर के स्वास्थ्य विभाग में 1.75 करोड़ रुपए के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। आरोप है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की राशि का भुगतान नियमों का उल्लंघन करते हुए किया गया। इस घोटाले में पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजय मिश्रा और जिला कार्यक्रम प्रबंधक आदित्य तिवारी पर राशि के गबन का आरोप है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि भोपाल की सिंह एंटरप्राइजेज नामक एक फर्म को करोड़ों रुपए का भुगतान किया गया, जबकि यह फर्म केवल 15 दिन पुरानी थी। इसके अतिरिक्त, स्टॉक रजिस्टर में सामग्री की प्राप्ति दर्ज होने के बावजूद, मौके पर कोई भी सामान उपलब्ध नहीं पाया गया। समाजवादी पार्टी ने इस मामले के मीडिया में आने के 11 दिन बाद भी एफआईआर दर्ज न होने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने इसे अधिकारियों की मिलीभगत करार दिया है। समाजवादी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपते समय एडवोकेट दीपांशु साहू, शैलेंद्र सिंह, सीता कुशवाहा, दीपेंद्र दुबे, राहुल अहिरवार, राम बालक पटेल, कमलेश पटेल, बेनी प्रसाद उड़िया, देवेंद्र यादव, शुभम अहिरवार, राजेंद्र पटेल, अभिषेक शर्मा और अब्दुल कयूम सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
फतेहगढ़ साहिब की अनाज मंडियों में भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा भेजे गए बारदाने की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। कई मंडियों में खराब और घटिया क्वालिटी का बारदाना मिलने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने इसे एक बड़ा घोटाला बताते हुए जांच की मांग की है। किसानों का कहना है कि खराब बारदाने के कारण गेहूं की फसल को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना मुश्किल हो रहा है। पहले से ही मंडियों में खरीद प्रक्रिया धीमी चल रही है, जिसके चलते किसान अपनी फसल लेकर कई दिनों से इंतजार कर रहे हैं। अब बारदाने की समस्या ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी है। पूर्व विधायक नागरा ने किया मंडी का दौरा, हालात का लिया जायजा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, पूर्व विधायक कुलजीत सिंह नागरा ने चनार्थल कलां अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने मौके पर हालात का जायजा लिया, जहां बड़ी मात्रा में बारदाना खराब हालत में पाया गया। नागरा ने इसे गंभीर लापरवाही बताया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है। FCI अधिकारियों से की बात, डिप्टी कमिश्नर को अवगत कराया नागरा ने इस मुद्दे पर FCI के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और फतेहगढ़ साहिब की डिप्टी कमिश्नर को भी मामले से अवगत कराया। उन्होंने तत्काल खराब बारदाने को बदलने की मांग की, ताकि किसानों को और अधिक असुविधा न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है और इसकी गहन जांच होनी चाहिए। बोली न लगने से फसल की बिक्री में देरी, किसान परेशान मंडियों में मौजूद किसानों ने यह भी बताया कि बोली न लगने के कारण उनकी फसल की बिक्री में देरी हो रही है। कई किसान कई दिनों से मंडियों में डेरा डाले हुए हैं, लेकिन खरीद शुरू नहीं हो पा रही है और उन्हें कोई ठोस समाधान भी नहीं मिल रहा है।
जयपुर शहर में यातायात व्यवस्था मजबूत करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष प्लान तैयार किया है। इस प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस में टीआई से लेकर एडिशनल डीसीपी के पदों में बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता सुधार के लिए उनकी पुरानी वर्दी को नई वर्दी से रिप्लेस किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने देश के प्रमुख महानगरों की यातायात व्यवस्थाओं का अध्ययन एवं फील्ड विजिट करने के बाद समीक्षा कर व्यापक सुधार की रूपरेखा बनाई है। इस इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को चरणबद्ध रूप से शहर में लागू किया जाएगा। साथ ही यादगार से सांगानेर तक मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रुप में विकसित किया जाएगा। वहीं ट्रैफिक की निगरानी एवं जाम की स्थिति का आकलन करने के लिए ड्रोन का उपयोग भी किया जाएगा। यादगार से सांगानेर तक बनेगा मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोरप्लान के तहत शुरुआती चरण में टोंक रोड को यादगार से सांगानेर तक मॉडल ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर नगर निगम और जेडीए के कॉर्डिनेशन से अलग-अलग काम करवाए जाएंगे। इसमें सड़क डिजाइन में आवश्यक सुधार करते हुए असुरक्षित कट्स (मीडियन ओपनिंग) को बंद किया जाएगा। वहीं पैदल यात्रियों के लिए सेफ फुटपाथ का निर्माण, यू-टर्न और क्रॉसिंग पॉइंट्स का टेक्निकली कार्य शामिल किए जाएंगे। ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग को भी रीयल टाइम यातायात दबाव के अनुसार डायनेमिक बनाया जाएगा। ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी मॉडिफाइड मोटरसाइकिल जयपुर ट्रैफिक पुलिस के बेड़े में 20 मॉडिफाइड मोटरसाइकिलें भी शामिल होंगी। यह मोटरसाइकिल ट्रैफिक इंस्पेक्टर्स को मिलेंगी। इन्हें विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इससे ट्रैफिक इंस्पेक्टर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तेज मूवमेंट कर सकेंगे। ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। इसमें अभय कमांड सेंटर से जुड़े अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की स्थापना शामिल है। इससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। ट्रैफिक पुलिस में पहले से ज्यादा अधिकारीनए प्लान के तहत ट्रैफिक पुलिस के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव होगा। अब जयपुर शहर में अब एडीसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या 2 से बढ़ाकर 4 करने से जयपुर शहर के प्रत्येक पुलिस जिले में एक-एक एडीसीपी (ट्रैफिक) की तैनाती सुनिश्चित होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा बेहतर निरीक्षण संभव होगा। इसी प्रकार एसीपी (ट्रैफिक) के पदों की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 8 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में 2 एसीपी (ट्रैफिक) नियुक्त किए जाएंगे। इससे निगरानी, प्रवर्तन एवं समन्वय का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित हो सकेगा। वहीं, ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) की संख्या 15 से बढ़ाकर 20 करने से प्रत्येक पुलिस जिले में औसतन 5 टीआई की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। इससे स्थानीय स्तर पर जवाबदेही एवं नियंत्रण में सुधार हो पाएगा।
श्रीराम नगरी अयोध्या में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे पवन व सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ उन्हें नमन किया। नगर निगम अयोध्या के सरदार पटेल नगर वार्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की सहभागिता रही।सोमवार सायंकाल चूड़ामणि चौराहे के निकट स्थित बाबा साहब की प्रतिमा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया। इसके बाद सपा पार्षद इंद्रावती यादव व उनके प्रतिनिधि मिथिलेश यादव उर्फ सोनू तथा पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ सहित अन्य नेताओं व कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प भी लिया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से डॉ. भीमराव अंबेडकर की विचारधारा और भारतीय संविधान के मूल्यों को सर्वोपरि मानती रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने देश को जो अधिकार दिए, उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना समाजवादियों की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कुछ शक्तियां संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन समाजवादी विचारधारा के लोग इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।उन्होंने बाबा साहब के योगदान को विस्तार से बताते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सपना एक ऐसे भारत का निर्माण करना था, जहां सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता हो। वे चाहते थे कि समाज का हर वर्ग, विशेषकर वंचित और कमजोर तबका, स्वतंत्रता और समान अवसरों का पूर्ण लाभ उठा सके। उन्होंने जातिवाद और सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष करते हुए शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बताया। इस अवसर पर पार्षद प्रतिनिधि मिथिलेश यादव ‘सोनू’ ने कहा कि जयंती की पूर्व संध्या पर बाबा साहब को नमन करते हुए सभी ने उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल नगर वार्ड में प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर कार्यक्रम आयोजित कर बाबा साहब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और योगदान से प्रेरणा ले सके।कार्यक्रम की शुरुआत में मिथिलेश यादव ‘सोनू’ द्वारा मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ‘पवन’ सहित अन्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। इसके बाद उपस्थित जनसमूह ने क्रमवार बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा सरदार पटेल नगर वार्ड के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने और उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इस मौके पर दशरथ कुंड वार्ड पार्षद प्रतिनिधि शिवकुमार यादव लूलुर, जिला महासचिव शिक्षक सभा धनश्याम यादव, रवि यादव, वैभव सिंह, विद्वान सिंह, विकास वर्मा,राजेश कनौजिया, समीर,अमित यादव, सत्येंद्र पटेल, अतुल कुमार,वीरेंद्र गौतम, राम बदल, मुकेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहें।
ललितपुर जिले में सोमवार शाम संत शिरोमणि श्री सेन जी महाराज की 426वीं जयंती मनाई गई। आदर्श सेन समाज कल्याण समिति के तत्वावधान में सेन समाज ने तुवन मंदिर परिसर में यह आयोजन किया। इस अवसर पर नगर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें समाज के अनेक लोग शामिल हुए। तुवन मैदान से शुरू हुई इस शोभायात्रा में सबसे आगे सिर पर कलश लिए महिलाएं चल रही थीं। उनके पीछे घोड़े पर सवार बच्चे धर्म ध्वजा लेकर चल रहे थे। डीजे पर बज रहे सामाजिक और धार्मिक गानों पर युवा थिरकते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि अखाड़े के युवा अपने करतब दिखा रहे थे। देखें, 3 तस्वीरें… शोभायात्रा में सेन समाज के अनेक लोग रथ पर सवार थे, वहीं बग्गियों पर झांकियां भी चल रही थीं। शोभायात्रा का नगर में जगह-जगह लोगों द्वारा स्वागत किया गया। समाजवादी पार्टी ने भी शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की। यह शोभायात्रा तुवन मैदान से शुरू होकर घंटाघर, सावरकर चौक और तालाबपुरा होते हुए वापस तुवन मैदान में समाप्त हुई। इस आयोजन में सेन समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे।
सुलतानपुर में आगामी डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा ने सोमवार रात सुलतानपुर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। डीआईजी सोमेन वर्मा ने बताया कि अयोध्या रेंज के सभी जिलों में अंबेडकर जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। खासकर अंबेडकर नगर और सुलतानपुर में बड़ी संख्या में कार्यक्रम और जुलूस आयोजित होते हैं, जिन्हें देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि अंबेडकर नगर में तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और वहां का ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। सुलतानपुर में की गई समीक्षा के बाद डीआईजी ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि जिले में सुरक्षा के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की गई है और स्थानीय पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने पर है। बड़े जुलूसों और आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुचारू यातायात व्यवस्था के लिए विशेष रूट प्लान तैयार किए गए हैं। डीआईजी सोमेन वर्मा ने विश्वास जताया कि पुलिस की मुस्तैदी और प्रशासन के समन्वय से अंबेडकर जयंती का आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न होगा।
प्रतापगढ़ में आंबेडकर जयंती के मद्देनजर जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने देर शाम भारी पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों और चौराहों पर फ्लैग मार्च किया। इस दौरान सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। एसपी दीपक भूकर ने आंबेडकर चौराहे पर पहुंचकर आमजन से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था पर उनका फीडबैक लिया। उन्होंने लोगों से शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। जुलूस मार्गों की निगरानी के लिए भी ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रखी जा सके। पुलिस प्रशासन ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए शहर के संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। फ्लैग मार्च के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र लाल, सीओ सिटी प्रशांत राज और नगर कोतवाल सुभाष यादव भी पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे और सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि आंबेडकर जयंती के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि है और पुलिस किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
कपूरथला के गांव शिव दयालवाला में एक व्यक्ति 25 साल बाद अपने घर लौटा है। हंसा सिंह नामक यह व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। उसकी वापसी ने परिवार के सामने एक जटिल स्थिति पैदा कर दी है, क्योंकि उसकी पत्नी ने उसके छोटे भाई से शादी कर ली थी। हंसा सिंह के लापता होने के बाद परिवार ने उसे मृत मान लिया था। तीन साल तक इंतजार करने के बाद, सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार, उसकी पत्नी का विवाह उसके छोटे भाई से करवा दिया गया था। इस विवाह को 22 साल हो चुके हैं और उनके दो बच्चे भी हैं। अचानक लापता हो गया हंसा कपूरथला जिले का निवासी हंसा सिंह 25 साल पहले अचानक लापता हो गया था। परिवार ने उसे खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तीन साल तक उसकी तलाश जारी रही, जिसके बाद परिवार ने उसकी वापसी की उम्मीद छोड़ दी थी। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के नरथूर के नए बाजार में एक व्यक्ति फटे कपड़ों और लंबी दाढ़ी के साथ घूमता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने संदेह होने पर पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी रविंदर प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे और उस व्यक्ति से पूछताछ की। शुरुआत में वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा था, लेकिन बाद में उसने अपना नाम हंसा सिंह बताया। हंसा सिंह की वापसी ने परिवार के सामने एक अनूठी चुनौती खड़ी कर दी है, जहां उसके छोटे भाई और पत्नी के 22 साल के वैवाहिक जीवन और उनके बच्चों का भविष्य भी दांव पर है। पुलिस ने गंभीरता से की जांच पुलिस ने गंभीरता से जांच शुरू की और आस-पास के लोगों की मदद से उसकी पहचान करने की कोशिश की। पंजाब पुलिस से भी संपर्क किया गया। 72 घंटे के अंदर परिवार वाले नरथूर पहुंच गए। पहले तो वह उसे पहचान नहीं पाए क्योंकि 25 साल में उसका हुलिया बदल गया था। लेकिन जब भाइयों और गांव के सरपंच ने उससे बचपन की यादों और घटनाओं के बारे में पूछा, तो वह इमोशनल हो गया और उसकी आंखों में आंसू आ गए। परिवार के लिए यह बहुत खुशी का पल था कि जो सदस्य हमेशा के लिए खो गया था, वह वापस मिल गया। लेकिन इससे एक बड़ी समस्या भी खड़ी हो गई। हंसा के लौटने से परिवार मुश्किल में सबसे बड़ी चुनौती उसकी पत्नी विमला देवी के सामने है, अब वह किसे प्राथमिकता दें? एक तरफ उनके पहले पति हंसा सिंह हैं जो 25 साल बाद लौटे हैं, दूसरी तरफ सुख सिंह हैं जिन्होंने 22 साल तक उनका साथ दिया और उनके बच्चों के पिता हैं। इस घटना ने न सिर्फ इमोशनली बल्कि सामाजिक और कानूनी तौर पर भी एक बड़ी पहेली खड़ी कर दी है। परिवार बहुत मुश्किल हालात में है। इस पूरे मामले में नरथूर पुलिस की भूमिका की भी काफी तारीफ हो रही है। उन्होंने उस व्यक्ति की संवेदनशीलता से पहचान की जिसे लोग भिखारी समझ रहे थे, उसकी देखभाल की, उसे नए कपड़े दिए और धैर्य से उससे बात करके उसे उसके परिवार से मिला दिया।
लखनऊ के शिव भोला मंदिर में भजन-कीर्तन:महिला मंडल ने नव संवत्सर पर मां दुर्गा की आराधना की
लखनऊ के गोमती नगर स्थित शिव भोला मंदिर में महिला मंडल समिति द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहां स्थानीय महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर मां दुर्गा की आराधना की। कार्यक्रम का शुभारंभ मां भगवती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद महिला मंडल की सदस्यों ने विभिन्न भजनों की प्रस्तुति दी। ढोलक और मंजीरों की ध्वनि के बीच महिलाएं भक्ति में लीन दिखीं, जिससे मंदिर परिसर 'जय माता दी' के जयकारों से गूंज उठा। महिलाओं ने प्रमुख भजन गाए भजन-कीर्तन के दौरान महिलाओं ने कई प्रसिद्ध भजनों का गायन किया। इनमें 'मैया ओ मैया, तुझे कब आएगा दया', 'प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी', 'लली लली चुनरिया सितारों वाली' और 'मेरी झोली भर दे ओ माता' जैसे भजन प्रमुख थे। यह आयोजन हमारी संस्कृति की पहचान महिला मंडल की सदस्य पूनम गुप्ता ने बताया कि यह आयोजन हमारी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि महिला मंडल हर वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है ताकि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ा जा सके।कीर्तन में विश्व कल्याण की प्रार्थना की गई। कार्यक्रम के समापन पर विधि-विधान से मां की आरती की गई और उसके उपरांत श्रद्धालुओं में हलवा-पूरी का प्रसाद वितरित किया गया।
यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) में सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के पीछे गहरी साजिश है। नोएडा पुलिस का कहना है कि जिन लोगों ने आगजनी और तोड़फोड़ की, वह फैक्ट्री कर्मचारी नहीं थे। बल्कि कर्मचारियों की आड़ में शामिल उपद्रवी थे। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने ‘दैनिक भास्कर’ से बात करते हुए कहा, इस पूरे मामले में किसी बड़ी और गहरी साजिश की बू आ रही है। क्योंकि मामला शांत हो चुका था और फिर अचानक कुछ लोग निकलते हैं जो श्रमिक नहीं होते हैं, तोड़फोड़ और आगजनी शुरू कर देते हैं। ये भीड़ अचानक आसपास के गांवों से निकल कर आई। बातचीत के बाद श्रमिक साइलेंट हो गऐ थे और आसपास के गांवों से निकली टोलियों ने बवाल शुरू कर दिया। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि प्रदर्शन अचानक हिंसक कैसे हो गया? इसके पीछे कौन हैं? क्या इंटेलिजेंस को ऐसा कोई इनपुट था? यह प्रदर्शन किसके खिलाफ है- कंपनी प्रबंधन, ठेकेदार, प्रशासन या सरकार? पढ़िए रिपोर्ट…. रातों-रात बने हजारों वॉट्सऐप ग्रुप कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया, इस आंदोलन को हिंसक बनाने के लिए रातों-रात कई वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए और क्यूआर कोड के माध्यम से कर्मचारियों को ऐसे ग्रुप से जोड़ा गया। कर्मचारियों को प्रदर्शन को हिंसक और उग्र बनाने के लिए उकसाया गया। लक्ष्मी सिंह बताती हैं कि हरियाणा में हुए प्रदर्शन के बाद से ही हम लोग सजग थे और इसे देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर फोर्स तैनात भी कर दी गई थी। लेकिन बाहरी तत्वों के शामिल होने का अंदेशा नहीं था, जिससे कुछ देर के लिए स्थिति बिगड़ गई, लेकिन जल्द ही उसे काबू में कर लिया गया। हिरासत में 150 से ज्यादा लोग पुलिस कमिश्नर ने बताया, इस हिंसा में शामिल 150 लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। ये भी चेक किया जा रहा है कि जो लोग पकड़े गए हैं उसमें कर्मचारी कितने हैं और बाहरी लोग कितने हैं? जो बाहरी लोग इस हिंसा में शामिल हुए उनका मकसद क्या था? इसके पीछे कौन से संगठन थे जो पूरी तरह से संगठित होकर और पूरी प्लानिंग के साथ माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे थे? प्रदर्शन का कोई लीडर नहींसूत्रों का कहना है कि चार दिन से चल रहे प्रदर्शन का कोई लीडर नहीं था। अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी एक जगह इकट्ठा होते थे। फिर भीड़ बढ़ने लगती थी। बीते 9 अप्रैल से यही हो रहा था। पहले दिन जब प्रदर्शनकारी बैठे थे तो उनसे बात करने पुलिस और प्रशासन के लोग पहुंचे थे। प्रदर्शन में आगे आगे रहने वाले कई कर्मचारियों ने खुद को बातचीत में शामिल होने से ये कहते हुए मना कर दिया था कि वे नेता नहीं हैं। सरकार का दावा- पहले बन गई थी सहमतियोगी सरकार की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस मामले में कर्मचारियों से बातचीत हो गई थी। जिन मुद्दों पर वे आंदोलन कर रहे थे, उसे लेकर कई सहमति भी बन गई थी। लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस सहमति में केवल कर्मचारियों की राय ली गई थी, इंडस्ट्री मालिकों की सहमति नहीं थी। जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, आठ घंटे से अधिक समय तक काम कराने के बदले ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं हैं। कर्मचारियों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था। न बड़ा संगठन न राजनैतिक कनेक्शन के सुबूतप्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया है, लेकिन शासन स्तर पर इस बात के इनपुट मिले हैं कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे थे। जिसके बाद प्रदर्शन इंडस्ट्री मालिकों, मजूदरी ठेकेदारों और प्रशासन के खिलाफ हो गया है। इतना ही नहीं प्रदर्शन बढ़कर ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद तक को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। फैक्ट्री कर्मचारियों की क्या है नाराज़गी?कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें न्यूनतम वेतन पर काम करना पड़ रहा है। महंगाई के इस दौर में पालन पोषण मुश्किल हो रहा है। वेतन 10 से 12 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। 12 घंटे काम कराया जा रहा है। ओवर टाइम दिया ही नहीं जाता और शोषण जो होता है वह अलग। रविवार के समझौते के बावजूद कुछ श्रमिक संतुष्ट नहीं हुए या योजनाबद्ध तरीके से सड़क पर उतर आए। सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए?इस बवाल की जांच नोएडा पुलिस कर रही है। वहीं श्रमिकों की मांगों को लेकर एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी नोएडा पहुंच भी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन दिया जाए, उनकी सुरक्षा पुख्ता की जाए, 24 घंटे संवाद हो सके, माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त एक्शन लिए जाए और औद्योगिक इलाकों में सतर्कता बरती जाए। इस उपद्रव की साजिश में जो भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील प्रशासन कर्मचारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है। कर्मचारियों को समझाने की कोशिशें की जा रही हैं। नोएडा डीएम मेधा रुपम ने कहा- ‘अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों के साथ बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटियां रखी जाएंगी। कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी।’ ----------------------- यह खबर भी पढ़िए… नोएडा में फैक्ट्री कर्मचारियों ने क्यों बवाल मचाया?:4 दिन पहले हरियाणा में 35% सैलरी बढ़ी, UP के कर्मचारियों की डिमांड क्या है? यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट…
राजधानी लखनऊ में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण का संदेश देने वाला भव्य आयोजन देखने को मिला। गांधी भवन में भावी माता अभिनंदन समारोह के तहत 251 गर्भवती महिलाओं का गर्भोत्सव संस्कार संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार के सहयोग से किया गया। समारोह में प्रांतीय समन्वयक डॉ. संगीता सारस्वत ने गर्भकाल से जुड़े वैज्ञानिक और पारंपरिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भ में ही शिशु के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास की नींव रखी जाती है। आहार, दिनचर्या, योग, प्राणायाम और गर्भ संवाद जैसे विषयों पर प्रस्तुति के माध्यम से महिलाओं को जागरूक किया गया। संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण समाज बेहद जरूरी है मुख्य अतिथि डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में संस्कारवान पीढ़ी का निर्माण समाज और देश के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण बताया।आयोजन को सफल बनाने में जिला समन्वयक अतुल सिंह समेत गायत्री परिवार के कई कार्यकर्ताओं का योगदान रहा। एजीएसपी टीम की बहनों के प्रयासों से यह कार्यक्रम भव्य रूप से संपन्न हुआ। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में डॉ. अमित सिंह, सीमा अग्रवाल, डॉ. सुगना वर्मा, डॉ. बीना श्रीवास्तव, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. अंजू अग्रवाल, डॉ. ममता सचान और डॉ. ममता पुरवार सहित कई चिकित्सक मौजूद रहे। सभी अतिथियों को टीका लगाकर और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।
भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में किन्नर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। फरियादिया सिमी गुरु पल्लवी (27), निवासी दंगा अखाड़े वाली गली भोईपुरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 9 अप्रैल की रात करीब 10:45 बजे अपने दोस्त जहीर मिया के साथ एक्टिवा से काली मंदिर से भारत टाकीज की ओर जा रही थी। पीड़िता के मुताबिक, जैसे ही वह पत्ती बाजार के पास पहुंची, पीछे से बाइक पर आए एक युवक ने उसे रोकते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और एक्टिवा पर बैठे व्यक्ति को लेकर सवाल करने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने अपने पास रखी किसी वस्तु से सिमी के दाहिने कंधे के पास वार कर दिया, जिससे उसे चोट आई। हमले के बाद आरोपी फरार हो गया वार करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़िता सीधे थाने पहुंची, जहां से पुलिस ने उसे हमीदिया अस्पताल भेजकर इलाज कराया।
रामपुर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र स्थित बरेली गेट घंटाघर के पास सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे कूड़े के ढेर में भीषण आग लग गई। आग लगने से इलाके में घना धुआं फैल गया, जिससे आसपास के लोगों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। धुएं के कारण आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें सामने आईं, खासकर सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए स्थिति गंभीर हो गई। कई स्थानीय निवासी अपने घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय निवासियों इमरान और शादाब ने बताया कि इस स्थान पर लंबे समय से सड़क पर ही कूड़ा फेंका जाता है। उनका आरोप है कि कोई अज्ञात व्यक्ति अक्सर इसमें आग लगा देता है, जिससे यह घटना बार-बार होती है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल टीम ने करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क पर कूड़ा फेंकने की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। उन्होंने जानबूझकर कूड़े में आग लगाने वाले तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की भी अपील की। लोगों का कहना है कि तेज हवा के कारण आग कभी भी विकराल रूप ले सकती है और बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल लाल का कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन को लिखा है। हैरानी की बात यह है कि नगर पालिका अध्यक्ष भी उन्हीं की पार्टी से हैं, इसके बावजूद सड़क किनारे कूड़ा फेंका जाता है और इसमें अक्सर आग लगती है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
उदयपुर के मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी को अपने विभाग में उत्कृष्ट सेवा कार्यों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत महानिदेशालय अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड द्वारा ‘फायर सर्विस वीक-2026’ के अवसर पर उन्हें डीजी-एफएस, सीडी एवं एचजी का ब्रॉन्ज डिस्क एवं प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इस श्रेणी में राजस्थान से यह सम्मान पहली बार किसी अधिकारी को मिल रहा है। चौधरी का चयन उनके उत्कृष्ट योगदान, आपदा प्रबंधन में प्रभावी भूमिका तथा अग्निशमन सेवाओं में उल्लेखनीय कार्यों के आधार पर किया गया है। चौधरी ने अपने कार्यकाल के दौरान कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में साहस, तत्परता और सूझबूझ का परिचय दिया है। शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगी भीषण आग की घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण, रेस्क्यू ऑपरेशन में कुशल नेतृत्व तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उन्होंने अग्निशमन सेवाओं को नई दिशा प्रदान की है। सज्जनगढ़ सेंचुरी में लगी आग के दौरान दिन-रात जंगल में रहकर आग को कंट्रोल करने का एक बड़ा काम भी इसमें शामिल है। नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने भी चौधरी के साथ साथ इस उपलब्धि का श्रेय पूरी अग्निशमन टीम, वरिष्ठ अधिकारियों को दिया है। आयुक्त ने कहा कि यह सम्मान कार्मिकों के मन में और अधिक समर्पण एवं निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
हरदोई में हत्या और लूट के एक चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कुसुमलता की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों दोषियों पर 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 28 नवंबर 2015 की है। कोथावां निवासी प्रेमचंद्र गुप्ता अपनी बाइक से मंगलापुर में श्याम बिहारी के घर एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, लेकिन वापस घर नहीं लौटे। परिजनों द्वारा तलाश करने पर कोथावां से मंगलापुर मार्ग पर एक नाले के पास प्रेमचंद्र की चप्पलें और संघर्ष के निशान मिले। इसके बाद मृतक के पुत्र मोहन गुप्ता ने बेनीगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में श्याम बिहारी, उसके पुत्र विजय और एक अन्य व्यक्ति पर वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई गई थी। पुलिस विवेचना के दौरान मामला पलट गया और जांच में माधौगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पड़रा लखनपुर निवासी बबलू तथा बेनीगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नगवां निवासी सुनील कुमार के खिलाफ साक्ष्य मिले। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया। अपर सत्र न्यायाधीश कुसुमलता ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए 17-17 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
लखनऊ में मशाल जुलूस निकाल कर विरोध किया गया। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (AIJTF) के बैनर तले हजरत गंज स्थित बीएन सिंह की प्रतिमा से विरोध मार्च निकाला गया। इस दौरान शिक्षकों ने TET अनिवार्यता का विरोध किया। हाथों में मशाल लेकर सैंकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने विरोध में हिस्सा लिया। ‘शिक्षकों के सम्मान की लड़ाई है’ प्रदर्शन में शामिल शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुरेश जायसवाल ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों की सेवा शर्तों की सुरक्षा के लिए TET अनिवार्यता के विरोध में मशाल जुलूस निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2009 से पूर्व सेवारत शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध करते हैं। यह आंदोलन केवल टेट अनिवार्यता के विरोध का नहीं बल्कि शिक्षकों के अधिकारों के सम्मान और सेवा सुरक्षा की रक्षा का आंदोलन है। ‘TET की अनिवार्यता खत्म हो’ सुरेश जायसवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो आदेश दिया है कि 2010 से पहले की जो शिक्षकों की भर्ती है, उन्हें TET पास करना जरूरी है हम इसका विरोध करते हैं। 2010 आरटीई एक्ट के तहत पुराने शिक्षकों पर यह नियम लागू नहीं होता है। यह नियम नए लोगों पर लागू होता है पुराने पर नहीं। हम चाहते हैं कि इस TET की अनिवार्यता को तत्काल वापस लिया जाए। अगर अनिवार्यता को खत्म नहीं किया गया तो हम शिक्षक सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेंगे पीछे हटने वाले नहीं है। ‘सभी विभागों में लागू हो नियम’ उन्होंने कहा कि हम सभी शिक्षकों ने कमर कस लिया है और हम दिल्ली तक घेराव करने के लिए तैयार हैं। हम तमाम शिक्षक किसी भी स्थिति में पीछे हटने वाले नहीं है। सरकार कहती है कि ये छात्रों के हित में है हम भी इसे मानते हैं मगर यह कहां की गुंडागर्दी है कि 25 साल के युवक से 57 साल के शिक्षक का मुकाबला करवाया जाए। कोई भी नियम पुराने और नए समय के अंतर को देखते हुए लागू होता है। उम्र के हिसाब से हमारा विभाग TET करवाए हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर 25 साल वाले से हमारी तुलना न हो। अगर हमारे विभाग में यह नियम लागू हुआ है तो सभी विभागों में इस तरीके के नियम लागू हो अगर हम पर लागू नहीं होता है तो हम इसका सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेंगे।
NDPS अभियुक्त को 10 साल का कठोर कारावास:बलरामपुर कोर्ट ने 1 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया
बलरामपुर में NDPS एक्ट के तहत एक अभियुक्त को 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यह कार्रवाई जनपद पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कनविक्शन' के तहत एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामला महराजगंज तराई थाना क्षेत्र का है। वर्ष 2015 में पुलिस ने चेकिंग के दौरान अभियुक्त राकेश पथरकट्ट उर्फ पप्पू के पास से 1 किलो 120 ग्राम अवैध चरस बरामद की थी। इस संबंध में महराजगंज तराई थाने में NDPS एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उपनिरीक्षक जय प्रकाश यादव ने इस मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक धर्मेंद्र त्रिपाठी, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी बृजानन्द सिंह और महराजगंज तराई थाना टीम ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए यह कठोर दंड सुनाया। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन कनविक्शन' की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने में मदद मिल रही है।
लखनऊ में विश्व शांति के लिए शांति मार्च:डॉ. अंबेडकर महासभा ने युद्ध समाप्ति की मांग उठाई
लखनऊ में सोमवार को विश्व शांति और युद्ध की समाप्ति की मांग को लेकर एक शांति मार्च निकाला गया। डॉ. अंबेडकर महासभा के सहयोग में आयोजित किया गया। इस मार्च में सैकड़ों बौद्ध भिक्षु और आंबेडकर अनुयायी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने 'युद्ध नहीं, बुद्ध चाहिए' और 'नफरत मिटाओ-शांति बढ़ाओ' जैसे नारों के साथ वैश्विक शांति का संदेश दिया। यह शांति मार्च डॉ. अंबेडकर महासभा कार्यालय से शुरू होकर हजरतगंज स्थित आंबेडकर प्रतिमा स्थल तक पहुंचा। मार्च में शामिल भिक्षुओं और अनुयायियों ने हाथों में तख्तियां लेकर 'विप्लव नहीं शांति चाहिए' और 'सबका साथ, सबका विकास-विश्व शांति का आधार' जैसे संदेश प्रदर्शित किए। पूरे मार्ग पर शांति, सद्भाव और सामाजिक एकता का माहौल बना रहा। दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने आवास पर मार्च को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के कई देश संघर्ष और अस्थिरता से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में भगवान बुद्ध के करुणा और मैत्री के विचार ही मानवता को स्थायी शांति का मार्ग दिखा सकते हैं। मौर्य ने बताया कि जब वे बुद्ध के अवशेष लेकर रूस गए थे, तब लाखों लोग दर्शन के लिए उमड़े थे, जो बुद्ध के विचारों की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की कार्यक्रम में वक्ताओं ने परमाणु हथियारों की बढ़ती होड़ पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चीन, रूस और अमेरिका जैसे देश लगातार अपने हथियारों का जखीरा बढ़ा रहे हैं, जो मानवता के लिए एक बड़ा खतरा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि युद्ध की स्थिति बनती है, तो इसका असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण, पशु-पक्षियों और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। मार्च के समापन के बाद उपमुख्यमंत्री आवास पर भिक्षुओं को चीवर दान किया गया और अनुयायियों को खीर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सामाजिक सद्भाव और भाईचारे का संदेश भी दिया गया। इस कार्यक्रम में भिक्षु शीलरतन, भन्ते प्रज्ञासार, प्रमोद कुमार सरोज, अमरनाथ प्रजापति, खुशीलाल, सर्वेश पाटिल, डॉ. सत्यादोहरे और रामचंद्र पटेल सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज में अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना और एआईएच विभाग के सहयोग में हुए इस कार्यक्रम का निर्देशन प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने किया। इसमें छात्राओं ने पोस्टर, कोलाज और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को प्रस्तुत किया। पोस्टर और कोलाज प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मूल्यांकन के बाद शिवानी को प्रथम, अंशिका को द्वितीय, महक को तृतीय और यशिका को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। इन रचनाओं में सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए निबंध प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया। निर्णायक प्रो. माधुरी यादव के मार्गदर्शन में मानसी, साधना, मीनाक्षी और यशिका को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित किया गया। उनके निबंधों में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और विचारों की गहराई झलक रही थी। विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्राओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कीर्ति गौड़, वैशाली अवस्थी और विभागाध्यक्ष प्रो. निधि सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं, कर्मचारी और लगभग 85 छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण और अल्पाहार के साथ हुआ।
जमीन दिलाने के नाम पर 5.50 लाख की ठगी:3 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आधार से खुद को मालिक बताकर किया सौदा
अयोध्या जिले के थाना पूराकलन्दर पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर 5.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संजय वर्मा (25) और अंकित यादव (24) को उसरू नहर किनारे से पकड़ा, जबकि तीसरे आरोपी अनिकेत यादव को मसौधा तिराहे के पास से देर रात गिरफ्तार किया गया। पीड़िता राधा शर्मा ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने मकान निर्माण के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया। फर्जी आधार कार्ड के जरिए खुद को जमीन का मालिक बताकर सौदा तय किया और 7 से 9 जनवरी 2026 के बीच करीब 5.50 लाख रुपए नगद व ऑनलाइन ले लिए। तय तारीख पर रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में फरार हो गए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने जान-माल की धमकी दी। मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मुख्य आरोपी संजय वर्मा सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
लखनऊ में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन:उद्योग संवाद के सहयोग से उद्यम रत्न अवार्ड भी दिए गए
लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसा में उद्योग संवाद के सहयोग में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन और उद्यम रत्न अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और गणमान्य लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरक्की में व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी भूमिका है। जब व्यापारी मजबूत होंगे तो प्रदेश अपने आप आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेहतर माहौल के चलते करीब 40 लाख का निवेश आ चुका है। सरकार की योजना है कि हर बस अड्डे पर ओडीओपी उत्पादों के लिए अलग स्टॉल लगाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर बनें। ई-मार्केटिंग के दौर में व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा विशिष्ट अतिथि राकेश राठौर ने कहा कि आज के ई-मार्केटिंग के दौर में जो व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा, वह उद्योगपति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने व्यापार में नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमित गुप्ता ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। वे केवल व्यापार नहीं करते, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देते हैं और रोजगार भी पैदा करते हैं। उन्होंने ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया समारोह में इंद्र प्रकाश गुप्ता, छवि गोयल, आशीष गुप्ता, मोहम्मद सूफियान, जुलाइकमा बीवी, राजेश गुप्ता और जॉय चोपड़ा को उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।इस मौके पर विधायक विनय वर्मा समेत कई व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में व्यापार को बढ़ावा देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
हरदोई में अवैध डेयरियों पर नगर पालिका का शिकंजा:खजांची टोला से अभियान शुरू, FIR की तैयारी
हरदोई शहर में नगर पालिका प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह के नेतृत्व में पालिका कर्मियों की टीम ने खजांची टोला क्षेत्र में कार्रवाई की, जहां कई डेयरियां नियमों के विपरीत संचालित पाई गईं। जांच में बाबू रईस और नवाब नामक व्यक्तियों द्वारा डेयरियों का संचालन सामने आया। मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये डेयरियां निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही थीं और बिना वैध अनुमति के चलाई जा रही थीं। इस पर अतिक्रमण प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बाबू रईस और नवाब के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्राचार किया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन डेयरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध रूप से संचालित डेयरियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नगर पालिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य डेयरी संचालक सतर्क हो गए हैं। अतिक्रमण प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को भी यह अभियान जारी रहेगा और अन्य क्षेत्रों में भी अवैध डेयरियों की जांच की जाएगी। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कोंडागांव जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती का लंबे समय तक यौन शोषण करने के आरोप में फरसगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 12 अप्रैल 2026 को पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय मरकाम (27), ग्राम पल्ली का निवासी है। वह पिछले कई सालों से पीड़िता के संपर्क में था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी साल 2018 से उसके साथ प्रेम संबंध में था। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। उसने साल 2024 तक शादी का आश्वासन दिया, लेकिन जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शादी से किया इनकार साल 2024 में जब पीड़िता आरोपी के घर पहुंची, तो उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर फरसगांव थाना में अपराध क्रमांक 46/2026, धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय मरकाम को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में लगातार त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबेडकर जयंती पूर्व संध्या पर जले 135 दीपक:गोरखपुर के लोगों को दिया गया समरसता का संदेश
गोरखपुर में सोमवार को हिंदू सुरक्षा सेवा संघ की महानगर इकाई द्वारा डॉ.भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर अंबेडकर चौक स्थित उनकी प्रतिमा के सामने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब को याद करते हुए 135 दीपक जलाए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने बाबा साहब के बताए रास्ते पर चलने और समाज में समानता एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। दीप प्रज्वलन की शुरुआत वरिष्ठ समाजसेवी और शिक्षाविद डॉ. राजेश चंद्र गुप्ता विक्रमी ने की। उन्होंने कहा कि बाबा साहब के विचारों को हर व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों में समानता और भाईचारे की भावना मजबूत हो सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र वर्मा पल्लू एडवोकेट ने कहा कि बाबा साहब राष्ट्रीय समरसता के प्रतीक हैं। उन्होंने संविधान बनाकर समाज के कमजोर, शोषित और वंचित वर्गों को अधिकार दिलाने का काम किया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने का मार्ग दिखाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बाबा साहब के विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज को जातियों में बांटने के बजाय एकता के सूत्र में बांधें, ताकि देश की एकता और अखंडता मजबूत हो सके।
पतंग विवाद में युवकों को अर्धनग्न कर पीटा:मुजफ्फरनगर में दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
मुजफ्फरनगर के थाना खालापार क्षेत्र के गांव सुजड़ू में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ युवक तीन अन्य युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट करते दिख रहे हैं। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों को अर्धनग्न कर अपमानित भी किया। घटना की सूचना पर थाना खालापार पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल पुत्र उमर उर्फ भूरा और उमर उर्फ भूरा पुत्र कायम हुसैन, निवासीगण सुजड़ू के रूप में हुई है। थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद पतंग उड़ाने को लेकर शुरू हुआ था। एक बच्चा पतंग उड़ा रहा था, तभी वहां से गुजर रहे स्कूटर सवार को धीरे चलने के लिए कहा गया। इसी बात पर कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और फरार तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
युवक ने फावड़े से युवती की हत्या की:15 सालों से कर रहा था परेशान, वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर में सोमवार शाम एक युवक ने फावड़े से हमला कर 26 साल की युवती की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक युवती की पहचान ग्राम गढ़ी रसूलपुर निवासी रामरहीस कुशवाहा की पुत्री शिल्पी के रूप में हुई है। शिल्पी अपनी मां के साथ घरेलू कामों में हाथ बंटाती थीं। रामरहीस ने करीब 7 साल पहले शिल्पी की शादी मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी गोविंद से की थी। शादी के लगभग दो साल बाद शिल्पी का अपने पति और ससुराल वालों से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद ससुराल और मायके वालों के बीच पंचायत हुई। फिर शिल्पी अपने मायके लौट आई और तब से वहीं रह रही थी। इस संबंध में पति पत्नी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। रामरहीस का आरोप है कि गांव का ही एक युवक शिल्पी को ब्लैकमेल कर रहा था। यह युवक शादी से पहले और शादी के बाद भी शिल्पी को लगातार 15 सालों से परेशान कर रहा था। इसी वजह से रामरहीस ने दो साल पहले अपना पुराना मकान छोड़कर गांव की उत्तर दिशा में स्थित दूसरे मकान में रहना शुरू कर दिया था। सोमवार शाम शिल्पी कूड़ा डालने के लिए मकान से बाहर निकली थीं। आरोप है कि इसी युवक ने उस पर फावड़े से हमला कर दिया। शिल्पी ने झोपड़ी की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन युवक ने उसकी गर्दन पर फावड़ा मार दिया। गंभीर चोट लगने से शिल्पी की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर परिजनों और गांव वालों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह और कोतवाल शिवाकांत पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यह कार्यशाला लखनऊ प्रबंधन संघ और हेल्प यू शैक्षिक एवं परोपकारी न्यास के सहयोग से नवाचार एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ के तहत आयोजित की गई। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला में छात्राओं को एआई के विभिन्न आधुनिक टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने संवादात्मक लेखन, शोध कार्य, रूपांकन निर्माण, प्रेजेंटेशन तैयार करने, भाषा सुधार, ध्वनि निर्माण और व्यावसायिक संपर्क जैसे विषयों पर काम करना सीखा। इससे उनकी लेखन क्षमता, रिसर्च स्किल और प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। समापन समारोह में डॉ. रूपल अग्रवाल और सीए देवेश अग्रवाल की उपस्थिति रही। प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में एआई की समझ बेहद जरूरी हो गई है और ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाते हैं। ये रही मौजूद कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को प्रमाण-पत्र दिए गए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशिक्षुता के अवसरों की जानकारी भी दी गई।इस दौरान प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. शर्मिता नंदी, डॉ. सुनीता सिंह, प्रो. सरोज रानी और डॉ. अरिमा पांडे मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन डॉ. चंप्रीत कौर ने किया।
बाड़मेर कांग्रेस कार्यालय को आवंटित जमीन पर सोमवार को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि नगर परिषद 10 अप्रैल को जारी किए नोटिस पर अगली सुनवाई होने तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की विवादित भूमि के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा का कहना है कि हाईकोर्ट ने हमारी याचिका को सुनते हुए हमें स्टे दिया है। जिला कांग्रेस को मिला है 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा नगर परिषद ने कांग्रेस को 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा दिया है। लेकिन जमीन के पट्टे और मौके पर मौजूद स्थिति में जमीन के आकार में अंतर आ रहा है। आवंटित जमीन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का दावा है कि जमीन उनकी है। इस बीच शिकायतों के बाद नगर परिषद ने 10 अप्रैल को एक नोटिस जारी करते हुए लिखा था कि आवंटित जमीन से संबंधित कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच प्रक्रियाधीन है। ऐसे में निर्माण कार्य को रोकने के लिए 6 अप्रैल को नोटिस दिया था, लेकिन उसके बाद से ही लगातार निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार(10 अप्रैल) को 2 घंटे में निर्माण कार्य को हटाने के निर्देश देते हुए पूरे निर्माण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी। यूआईटी सचिव को सौंपी गई है जांचकांग्रेस कमेटी आवंटित जमीन पर धरने पर बैठ गई और जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच यूआईटी सचिव को दी गई है। वो इस सप्ताह में कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौपेंगे। हालांकि जिला कांग्रेस कमेटी ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चारदीवारी का निर्माण भवन निर्माण के समान नहीं है, इसलिए नोटिस उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को आशंका है कि उसकी ओर से बनाई चार दीवारी को तोड़ा जा सकता है।
जौनपुर में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने टीईटी (TET) परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस बीआरपी इंटर कॉलेज के प्रांगण से शुरू होकर कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने 'नो टेट' और 'आरटीई एक्ट' जैसे नारे लगाए। उन्होंने अपनी सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस मशाल जुलूस का नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह मुन्ना और जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने किया। इसमें अटेवा के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, यूटा के जिलाध्यक्ष डॉ. हेमंत सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुशील उपाध्याय, विशिष्ट बीटीसी संघ के राम मूरत यादव, पीएसपी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, मंत्री विकास सिंह, टीएससीटी के अरविंद यादव, शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव और एससी-एसटी के जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शिक्षक नेता डॉ. विजय रघुवंशी, रुद्रसेन सिंह, काशी नंदन मिश्रा और कई शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं। शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई। शिक्षकों ने अपील की कि मानसून सत्र में लोकसभा में विधेयक लाकर पूरे भारतवर्ष के शिक्षकों को इस कानून से मुक्ति दिलाई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून असंवैधानिक है और इसे केवल शिक्षकों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि एक लोकतांत्रिक देश में 25 लाख शिक्षकों पर इसे लागू करना मानवता और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। शिक्षकों ने आरटीई एक्ट के तहत बनाए गए संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और उन्हें इस कानून से मुक्ति नहीं मिली, तो वे दिल्ली और लखनऊ की सड़कों पर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। शिक्षकों ने खुद को राष्ट्र निर्माता और सरकार की आंख व चेतना बताया।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। सोमवार को आंदोलन के दूसरे चरण में जनपद सोनभद्र में शिक्षकों ने एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। यह जुलूस रॉबर्ट्सगंज के नेहरू पार्क से शुरू होकर बढ़ौली चौराहे तक पहुंचा, जहां एक सभा के साथ समाप्त हुआ। मशाल जुलूस के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उनका तर्क है कि टीईटी की व्यवस्था वर्ष 2011 में लागू की गई थी, ऐसे में उससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इस दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। महासंघ के जिला संयोजक और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री योगेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय व्यावहारिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरटीई एक्ट में संशोधन कर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। जिला अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने भी अपने संबोधन में कहा कि किसी भी प्रक्रिया के बीच में नियम बदलना न्यायसंगत नहीं होता। उन्होंने जोर दिया कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुई थी, उनसे वर्षों बाद नई योग्यता की अपेक्षा करना गलत है। इससे शिक्षकों में व्यापक असंतोष है। शिक्षकों ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में देशभर के लाखों शिक्षकों द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया गया है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो तीसरे चरण में देशभर की राज्य राजधानियों में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षकों को न्याय नहीं मिल जाता।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हेरोइन (चिट्टा) बेचते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कार और नकदी सहित कुल 2.29 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धमतरी बस स्टैंड के पीछे एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार (CG-13-C-4422) में दो युवक अवैध मादक पदार्थ हेरोइन की बिक्री के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही धमतरी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। 2.29 लाख का सामान जब्त तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से 10.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 47,000 रुपए है। इसके अलावा पुलिस ने 12,000 रुपए नकद, स्विफ्ट कार, एक आईफोन और एक वीवो Y31 स्मार्टफोन भी जब्त किया। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 2 लाख 29 हजार रुपए आंकी गई है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कमर रजा (28 वर्ष), निवासी सदर बाजार धमतरी, और मोहम्मद शोएब अख्तर (26 वर्ष), निवासी केला बड़ी दुर्ग, थाना पदमनामपुर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पलवल में लाखों के सोना और नकदी लूट मामले में तीन अंतर्राज्यीय गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी सीआईए पलवल और शहर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की है। आरोपियों ने एक सर्राफा कारोबारी के ड्राइवर और कर्मचारी से 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए नकद लूटे थे। डीएसपी क्राइम अनिल कुमार ने बताया कि यह घटना 2 अप्रैल को हुई थी। शिकायतकर्ता विकास जैन ने पुलिस को बताया था कि लुटेरों ने खुद को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) का अधिकारी बताकर नेशनल हाईवे-19 पर हुडा चौक के पास उनकी कार रोकी थी। 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए लूटे आरोपियों ने कार ड्राइवर राजकुमार और कर्मचारी विजय से 30 तोला सोना और 31 लाख रुपए नकद लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार में सवार कर्मचारी का अपहरण कर अपने साथ ले गए थे। बाद में उसे गुरुग्राम में छोड़कर सोना और नकदी लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज खंगाले इस संबंध में शहर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए थे। इस ब्लाइंड लूट मामले की जांच के लिए सीआईए पलवल और शहर थाना की एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर तकनीकी व खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया। आरोपी गिरफ्तार 10 अप्रैल को लूट में शामिल आरोपी लक्ष्मण को गिरफ्तार किया गया और उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल भी बरामद किया गया है। अब इसी टीम ने ग्रीनफील्ड कॉलोनी फरीदाबाद के पास से दिल्ली निवासी विजेंद्र कुमार और अमित, और झज्जर निवासी नरेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया है। अर्टिगा गाड़ी के जरिए रेकी करता था डीएसपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि आरोपी विजेंद्र गैंग के अन्य सदस्यों को नकली पहचान पत्र, मोहरें और फर्जी नंबर प्लेट आदि उपलब्ध कराता था। जबकि आरोपी अमित कुमार अर्टिगा गाड़ी के जरिए रेकी करता था। और लूट वारदात के दौरान भी गाड़ी पर ड्राइवर था आरोपियों पर दर्ज हैं कई केस जबकि आरोपी नरेंद्र कुमार इस लूट की प्लानिंग में शामिल था और उस दिन लूट कि वारदात में शामिल था। आरोपी बिजेंदर के खिलाफ लूट तथा धोखाधड़ी के 15 संगीन मामले दर्ज है, जबकि आरोपी अमित के खिलाफ दो मामले लूट के दर्ज होने मिले हैं। अन्य राज्यों से भी रिकार्ड खंगलवाया जा रहा है। आरोपियों से बरामदगी व अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ के लिए कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
बलिया में TET अनिवार्यता का किया विरोध:कर्मचारी संगठनों ने निकाला मशाल जुलूस, सरकार को किया आगाह
बलिया में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के आह्वान पर विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन आंदोलन के दूसरे चरण के तहत किया गया। जुलूस रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर से शुरू होकर टाउन चौराहे तक गया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई उनके अस्तित्व से जुड़ी है और वे इसे संसद से सड़क तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के उस आदेश का विरोध किया, जिसमें आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त और टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए टेट को अनिवार्य किया गया है। संगठनों का कहना है कि यह आदेश पूर्व स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों और परंपराओं के विपरीत है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पहले नियुक्त लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के साथ-साथ छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। उन्होंने सरकार से इस तुगलकी आदेश को शिक्षक और राष्ट्र हित में निरस्त करने के लिए सार्थक पहल करने की मांग की। सभी प्रतिनिधियों ने बलिया से निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मशाल जुलूस में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, अटेवा, प्राथमिक शिक्षक संघ, टीएससीटी, विशिष्ट बीटीसी, आरएसएम, राज्य कर्मचारी संघ, श्रमिक समन्वय समिति, विकास भवन संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, एकजुट और रसोइया संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। इनमें समीर कुमार पाण्डेय, अजय कुमार सिंह, विनय राय, सतीश सिंह, घनश्याम चौबे, राजेश सिंह, राजेश पाण्डेय, अविनाश उपाध्याय, सुशील त्रिपाठी, संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य, मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव, रेणु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री) और अन्य कई शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे।
संभल में पांच साल पहले आलू के विवाद में एक युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषियों की पहचान कल्लू उर्फ अय्यूब और फारुख उर्फ नेता पुत्र साबिर निवासी रुकनुद्दीन सराय, थाना नखासा के रूप में हुई है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपियों को धारा 302/34 में 25,000 रुपये और धारा 201/34 में 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। फारुख को पुलिस ने वर्ष 2021 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था और तब से वह जेल में ही बंद है। उसकी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। यह पूरा घटनाक्रम संभल के थाना नखासा क्षेत्र के हसनपुर रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा है। मृतक सलीम और उसके भाई अबरार ने कोल्ड स्टोरेज मालिक कौसर खां के माध्यम से आरोपियों को 2000 आलू के कट्टे रखने के लिए 2 लाख रुपये दिलवाए थे। हालांकि, आरोपियों ने केवल 500 कट्टे जमा किए और शेष नहीं किए। जब सलीम और अबरार ने आरोपियों से पैसे वापस करने या आलू जमा करने का तकादा करना शुरू किया, तो दोनों भाइयों ने मिलकर सलीम की हत्या कर दी। सलीम का शव दीपा सराय निवासी असजद और मोहल्ला ठेर निवासी अनुराग के कोल्ड स्टोरेज में पानी में तैरता हुआ मिला था। घटना की सूचना असजद के भाई कासिम ने तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह को फोन पर दी थी।
अयोध्या मे अधिवक्ता पर जानलेवा हमले का मामला:7 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट, पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोतवाली अयोध्या पुलिस ने अधिवक्ता आलोक सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, यह हमला पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया गया था, जिसमें आरोपियों ने मिलकर रामघाट निवासी अधिवक्ता को गोली मारकर हत्या का प्रयास किया। इस संगीन वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों का ब्योरा जुटाया और उन्हें संगठित अपराध में लिप्त पाए जाने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध किया। जिन आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें मोहित पाण्डेय, धीरज पाण्डेय, धर्मवीर पाण्डेय, पवन कुमार यादव, सूरज निषाद, अताउल्लाह शाह और सरवन उर्फ श्रवण निषाद शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई जारी है और इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर एक सख्त संदेश गया है।
राजगढ़ नगर परिषद चुनाव से जुड़े कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने आगे सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल के खिलाफ दायर परिवाद को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया किसी भी आपराधिक प्रकरण में संज्ञान लेने योग्य आधार नहीं पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश बैरागी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि परिवाद दर्ज करने के पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। वहीं, परिवादी अंजली अजय जायसवाल की ओर से अधिवक्ता डी.एस. चौहान उपस्थित हुए। फर्जी जाति प्रमाण इस्तेमाल करने का आरोप थायह मामला वर्ष 2022-23 के नगर परिषद चुनाव से संबंधित है। आरोप था कि सवेरा जायसवाल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा और निर्वाचित हुईं। परिवादी पक्ष ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड में विसंगतियां होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष ने अंजली जायसवाल, अजय जायसवाल और जाति प्रमाण पत्र शाखा प्रभारी हेमंत खलिया के बयान किए। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक साक्ष्यों या प्रारंभिक स्तर की जानकारी के आधार पर किसी जाति प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी या राज्य स्तरीय जाति सत्यापन समिति द्वारा विधिवत जांच आवश्यक होती है। प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके आरोपअदालत ने यह भी पाया कि परिवादी द्वारा किसी सक्षम समिति में शिकायत या उसकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। साथ ही, धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के आवश्यक तत्व भी प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत संज्ञान लेने से इंकार कर दिया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 203 के तहत परिवाद को निराधार मानकर खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद, इस मामले में फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
सवाई माधोपुर के पुराने शहर में फिर से लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया है। यहां पुराने शहर के डूंगर पाड़ा इलाके में आज लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया। यहां लेपर्ड चहल-कदमी करते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद फिर से स्थानीय लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ लेपर्ड दरअसल, आज सुबह करीब 4 बजे का एक सीसीटीवी में एक लेपर्ड का मूवमेंट शहर की गलियों में बेखौफ घूमता नजर आ रहा है। यह घटना पुराने शहर के डूंगर पाड़ा की बताई जा रही है। जहां ओम प्रकाश खंगार के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक लेपर्ड साफ तौर पर दिखाई दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड घर के बाहर बैठे कुत्तों पर अचानक हमला करने की कोशिश करता है। हालांकि, कुत्तों के भौंकने और प्रतिक्रिया के कारण लेपर्ड घबरा जाता है और वहां से भाग निकलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर के रिहायशी इलाकों में लेपर्ड की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और रात के समय घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए और किसी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। आपको बता दें कि इससे पहले वन विभाग की ओर से पिंजरा एक दो लेपर्ड को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन फिर से लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में भय का माहौल है।
दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी
पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबीवहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।
औराई विकासखंड के डेरवा भवानीपुर गांव में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को स्वच्छता अभियान और दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम सभा डेरवा में स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद बिंद ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई की। उन्होंने बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि बाबासाहेब के आदर्शों पर चलकर ही समाज से भेदभाव, छुआछूत और अन्य कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कमलेश सिंह, अनिल त्रिपाठी, केपी मिश्रा, रामदास सरोज, शिवम तिवारी, रतन गौतम, होरीलाल गौतम, राजाराम सिंह, सुरेश प्रधान, हीरालाल गौतम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
शिमला पुलिस ने मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बीते दिनों एक आरोपी से 9.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया था।इसके बाद पुलिस ने अब मामले में तहकीकात करते हुए 'बैकवर्ड लिंकेज' के आधार पर मुख्य सप्लायर को दबोच लिया है। पुलिस के अनुसार थाना रोहडू के अधिकार क्षेत्र में गश्त के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका और तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 9.17 ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद हुआ। आरोपी की पहचान सार्थक (29 वर्ष), पुत्र श्री संदीप सूद, निवासी गांव समाला, डाकघर व तहसील रोहडू, जिला शिमला के रूप में हुई। उसके खिलाफ पुलिस थाना रोहडू में NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच के दौरान, शिमला पुलिस ने सार्थक के बैंक खातों, टेलीकॉम रिकॉर्ड और मोबाइल फोन का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच से मुख्य आरोपी को पकड़ा डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य जुटाने के बाद यह सामने आया कि रोहडू और चिड़गांव क्षेत्र में चिट्टा तस्करी का एक संगठित गिरोह सक्रिय है। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर, इस गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में अमित गुप्ता (30 वर्ष) जिला बाराबांकी की पहचान हुई। अमित गुप्ता लखनऊ में रहकर सार्थक और अन्य स्थानीय युवकों के माध्यम से 'लोकेशन बेस्ड डिलीवरी' के तहत अलग-अलग स्थानों पर कम मात्रा में चिट्टा रखवाकर उसकी अवैध खरीद-फरोख्त करता था। आरोपी अमित गुप्ता की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लखनऊ भेजा गया, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। लगातार प्रयासों के बाद, शिमला पुलिस ने 11 अप्रैल 2026 को आरोपी अमित गुप्ता को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 अप्रैल 2026 तक का पुलिस रिमांड मिला है। मामले के हर पहलू पर जांच जारी है।
सवायजपुर स्थित परमहंस राम मंगल दास कन्या विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सोमवार को छात्राओं की सेहत को लेकर खास जागरूकता शिविर लगाया गया। नीमा (NIMA) के स्थापना दिवस सप्ताह के समापन पर आयोजित इस कैंप में 152 छात्राओं की हीमोग्लोबिन की मुफ्त जांच की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरों और एनीमिया (खून की कमी) से बचने के आसान उपाय समझाए। आयुर्वेद से कैंसर को मात: गिलोय और सहजन बनेंगे ढाल शिविर में नीमा वूमेन्स फोरम की सचिव आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने छात्राओं को बताया कि कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों से डरने के बजाय जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी रसोई और आसपास मौजूद गिलोय, हल्दी, आंवला, नीम, तुलसी और सहजन जैसी चीजें किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनके नियमित सेवन और जंक फूड से दूरी बनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही, बच्चों के लिए 'स्वर्ण प्राशन' को उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका बताया। 152 छात्राओं की जांच, बांटी गई दवाएं और डाइट चार्ट कैंप के दौरान कॉलेज की 152 छात्राओं के खून की जांच की गई ताकि उनमें एनीमिया के स्तर का पता लगाया जा सके। जांच के बाद जरूरत के मुताबिक छात्राओं को मुफ्त दवाएं और सेहतमंद रहने के लिए जरूरी खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं को पीरियड्स के दौरान स्वच्छता रखने के महत्व पर व्याख्यान दिया और बताया कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट को टाल सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर के लिए टीकाकरण ही बचाव डॉक्टरों ने विशेष रूप से एचपीवी (HPV) वायरस से होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर चर्चा की। छात्राओं को समझाया गया कि समय पर टीकाकरण करवाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को खत्म किया जा सकता है। इसके साथ ही दिनचर्या में सुधार और आयुर्वेद के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।
मिर्जापुर के जीडी बिनानी पीजी कॉलेज में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत टॉक शो विद माई आइडियल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला आयोग की उपाध्यक्ष नीलम प्रभात ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अंदर के डर को खत्म करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को किसी भी प्रकार की झिझक या भय में रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रभात ने जोर देकर कहा, “अगर आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और आत्मविश्वास से भरी हैं, तो कोई भी बाधा आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। डर को अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि उसे अपनी ताकत में बदलें।” नीलम प्रभात ने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का मजबूत आधार है। विशिष्ट अतिथियों में मंजरी राव, अपराजिता सिंह और प्रो. वीणा सिंह भी उपस्थित थीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर वंदना मिश्रा ने किया। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आयोजित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रोफेसर आत्रेई अध्या चटर्जी ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ शादी करने के बाद से दोबारा से सुर्खियों में हैं। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है कि उनका पति उन्हें ढूंढने राजस्थान पहुंचा है। दरअसल, वीडियो बनाने वाला शख्स वायरल गर्ल का पति फरमान खान नहीं है, राजस्थान के बालोतरा जिले का रहने वाला अरविंद कुमार जोशी है। सबसे पहले जानिए इस वीडियों में क्या है? इस वायरल वीडियो में अरविंद कुमार जोशी खुद को फरमान के तौर पर पेश करते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो में वो बोल रहा है कि, 'मैं अजमेर पुष्कर आया हुआ हूं, मैं उसे (वायरल गर्ल) ढूंढने आया हूं। उसका अजमेर में पता नहीं लग पाया। मैं जोधपुर जा रहा हूं। पता करेंगे। जोधपुर में हॉल्ट है तो आप किसी को पता चले तो मुझे बताएं। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने अरविंद कुमार जोशी से बात की। इसमें बातचीत में अरविंद ने विस्तार से बताया कि उसने ये वीडियो क्यों और कब बनाया, लेकिन इससे पहले जानिए कि वायरल वीडियो में क्या है? सवाल: आपने ऐसा वीडियो क्यों बनाया? अरविंद: खबरों में फरमान और वायरल गर्ल को लेकर चर्चाएं थी। मेरी शक्ल फरमान से मिलती है। लोगों ने कहा कि तू उसके जैसा दिखता है। सोचा एक-दो वीडियो बनाऊंगा तो वायरल हो जाऊंगा। बस उसी मकसद से वीडियो बनाया, कोई और इरादा नहीं था। वीडियो अपलोड करने के दो-चार घंटे तक अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन बाद में कमेंट्स में धमकियां आने लगीं। सवाल: ये वीडियो आपने कब और क्यों बनाया ? अरविंद: 11 अप्रैल को पुष्कर स्थित ब्रह्माजी मंदिर के पास वीडियो बनाया। दरअसल, मैं एक कैब ड्राइव करता हूं। पर्यटकों को राजस्थान के फैमस प्लेस पर घूमाता हूं। उस दिन मैं कुछ सवारियों को लेकर अजमेर जिले के पुष्कर गया था। सवारी घूमने गई थी। मैं वहां अकेला खड़ा था। उसी दौरान में मैंने मनोरंज के लिए ये वीडियो शूट कर लिया। सवाल: वीडियो को कितने व्यू मिले। लोगों की क्या प्रतिक्रिया आ रही है? अरविंद: शुरुआत में मैंने वीडियो बना तो लिया था, लेकिन ये नहीं पता था कि इतना वायरल चला जाएगा। वीडियो अपलोड करते ही लोग इसे शेयर करने लगे। लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी। अब उस वीडियो पर 11 मिलियन से ज्यादा व्यू आ चुके हैं। अब लोगों को जब सच्चाई पता चली कि मैं फरमान नहीं हूं तो लोग बोल रहे हैं कि मैं फरमान का ही आदमी हूं। उसने पैसे दिए हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। सवाल: क्या वीडियो बनाने का अफसोस है? अरविंद: मैंने सामान्य वीडियो बनाया था। आजकल हर कोई रोस्ट और कंटेंट बनाता है। मैंने सोचा मेरा चैनल भी मोनेटाइज हो जाएगा और वीडियो चल जाएगा। इसके अलावा मेरा किसी कोई गलत इरादा नहीं था। जानिए, कौन है वायरल गर्ल वायरल गर्ल प्रयागराज महाकुंभ 2025 में चर्चा में आई थी। 11 मार्च को केरल के फरमान से शादी करने के बाद वो फिर चर्चा में आई। इसके परिजनों ने दावा किया गया था कि वो नाबालिग है। अब बीते 9 अप्रैल को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने बताया कि वो नाबालिग है। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत फरमान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में चल रही ऑल इंडिया पुरुष खो-खो चैम्पियनशिप के दूसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय को हराया, जबकि मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के बीच हुए मुकाबले में कानपुर ने शानदार प्रदर्शन किया। कानपुर के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पुणे को 34-26 के स्कोर से 8 अंकों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ कानपुर ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। दिन का एक अन्य रोमांचक मुकाबला दिल्ली विश्वविद्यालय और मंगलौर विश्वविद्यालय के बीच खेला गया। यह मैच बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों टीमें अंत तक संघर्ष करती रहीं। मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली को 34-30 के स्कोर से 4 अंकों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। अन्य मुकाबलों में भी कई विश्वविद्यालयों ने जीत हासिल की। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएनयू को 42-24 के बड़े अंतर से हराया। हरियाणा की चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, सिरसा ने कल्याणी यूनिवर्सिटी को 36-26 से शिकस्त दी। इसके अलावा, नांदेड़ की स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी ने सिदो-कान्हू बिरसा विश्वविद्यालय को 9 अंकों से पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। अंतिम राउंड की ओर बढ़ता रोमांचप्रतियोगिता के अन्य मैचों में कालीकट यूनिवर्सिटी ने विद्यासागर यूनिवर्सिटी को 28-18 से हराया, जबकि कर्नाटक की दावणगेरे यूनिवर्सिटी ने हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी पर 32-23 से जीत दर्ज की। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और मुंबई यूनिवर्सिटी के बीच भी कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें LPU ने 33-27 के स्कोर के साथ बाजी मारी। अब सबकी नजरें टूर्नामेंट के अगले चरणों पर टिकी हैं, जहां मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है। जिस तरह से टीमें प्रदर्शन कर रही हैं, उसे देखकर साफ है कि फाइनल तक का सफर किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।
नीमच में काली फिल्म वाहनों पर कार्रवाई:नाबालिग चालकों के परिजनों को सख्त हिदायत, 44 चालान काटे
नीमच में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार रात को यातायात पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान काली फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई की गई और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर उनके परिजनों को सख्त हिदायत दी गई। यातायात थाना प्रभारी सोनू बड़गुर्जर और उनकी टीम ने शहर के मुख्य मार्गों पर यह अभियान चलाया। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन कर काली फिल्म लगाकर घूम रहे वाहनों को रोका। कार्रवाई के दौरान काली फिल्म हटवाई गई और 10 वाहन चालकों से मौके पर 3000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। चेकिंग के दौरान कई नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके परिजनों को मौके पर बुलाया और उन्हें बच्चों को वाहन न देने की सख्त समझाइश दी। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया। शाम तक टीम ने कुल 44 चालान काटकर 15,400 रुपये का राजस्व एकत्रित किया। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। शहरवासियों को शराब पीकर वाहन चलाने, स्टंटबाजी करने और बुलेट में मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने से बचने की सलाह दी गई है, अन्यथा उन्हें वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
राजस्थान में विधानसभा, हाईकोर्ट को विस्फोटक पदार्थ से उड़ाने की धमकी पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कहना है कि ऐसा लगता है कि कुछ विदेश में बैठे लोग इस देश में अराजकता फैलाना चाह रहे है। जो जंग के बीच में इस तरह का संदेश देकर एक वातावरण को विषाक्त करने का कृत्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है, आज विधानसभा को भी उड़ाने की धमकी दी है। लोगों को बाहर लाकर हमने जांच करवा ली है, कुछ भी नहीं मिला है। देवनानी सोमवार की शाम को निजी यात्रा पर टोंक शहर आए थे। उन्होंने माधोपुर रोड पर शर्मा कॉलोनी में सदगुरू आश्रम में पंडित राजकुमार शर्मा से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कहीं। देवनानी ने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ समाज विरोधी और देश विरोधी तत्व, जो ये काम कर रहे वो कभी भी सफल नहीं होंगे। जो भारत के लोगों की लोकतंत्र में आस्था है, उसे कोई मिटा नहीं सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल राठौड़ के बीच बयानबाजी से सामने आई राजनीतिक दरार को लेकर कहा कि यह मेरा विषय नहीं है, यह उनका विषय है। सनातन को बढ़ाने वाले को संबल प्रदान करेउन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि इस समय देश में जो वातावरण चल रहा है, उसमें सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाए। उसमें व्यक्ति, संत, कार्यकर्ता, समाजसेवी, जो इसे बढ़ाने में योगदान दे रहा हैं, उन सबको संबल प्रदान करने का काम हम सबका है। देवनानी ने आश्रम में सनातन धर्म, संकृति और सामाजिक विषयों पर चर्चा भी की। इस दौरान देवनानी ने कहा कि गुरुदेव पंडित राजकुमार जी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार का कार्य लोगों में जति पति का भेद मिटा रहे है, जिससे भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म मजबूत हो रहा है। देवनानी ने कहा कि टोंक के अलावा राज्य के बाहर भी देश विदेश में पंडित जी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार से लोग जुड रहे है। इस दौरान देवनानी ने पंडित राजकुमार को उनके जन्मदिन की एक दिन पहले ही बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता, मिथलेश गोतम प्रदेश महामंत्री, भाजपा उपाध्यक्ष रमाकांत शर्मा, महेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा नगर निगम की परिषद बैठक में 3 सौ 5 करोड़ 95 लाख रुपए का बजट पारित किया गया। इस बजट में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण और उसके लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। नगर निगम के सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में निगम आयुक्त सीपी राय, महापौर विक्रम अहके, निगम अध्यक्ष सोनू मांगो सहित सभापति और पार्षद मौजूद रहे। बैठक को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। दोनों पक्षों के पार्षद आमने सामने आएबैठक के दौरान जमकर हंगामा भी देखने को मिला। कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद कई मुद्दों पर आमने-सामने आ गए और निगम आयुक्त को घेरते नजर आए। खासतौर पर बाढ़ के दौरान गंदे पानी की समस्या और रुके हुए विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया। इस दौरान गुलाबरा के पार्षद संदीप चौहान के द्वारा निगम आयुक्त को पानी टेस्ट करने के लिए आग्रह किया गया जो की पानी दूषित था और उनके क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा था हंगामे के बीच निगम आयुक्त सीपी राय ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि शहर की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश के वाल्मीकि चेतना मंच ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर मेरठ की जाहिदपुर वाल्मीकि बस्ती में एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी दलित शोषित समाज के मुक्तिदाता और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर को समर्पित थी। इसमें वाल्मीकि सफाई कर्मचारी वर्ग की वर्तमान दशा-दिशा पर चर्चा की गई। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि वरिष्ठ मोनिन्दर सूद वाल्मीकि और विशेष अतिथि विनेश विद्यार्थी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुरेंद्र ढींगिया ने की, जबकि संचालन दीपक ढींगिया ने किया। वाल्मीकि चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र ढींगिया ने अपने संबोधन में कहा कि देश की आजादी के 78 साल बाद भी वाल्मीकि सफाई मजदूर वर्ग सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से पिछड़ा हुआ है। ढींगिया ने 1930 की लंदन गोलमेज कॉन्फ्रेंस का जिक्र किया, जहां पंजाब के वाल्मीकियों ने डॉ. अंबेडकर को अपना नेता बताते हुए पत्र लिखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद से ही वाल्मीकि समाज को डॉ. अंबेडकर से अलग करने की साजिशें शुरू हो गईं। ढींगिया ने शिक्षा के अभाव को भी इस पिछड़ेपन का मुख्य कारण बताया। सुरेंद्र ढींगिया ने समाज से कुरीतियों को त्यागने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने, शादी-विवाह में कम खर्च करने, बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने और ब्रह्मभोज जैसी प्रथाओं को छोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन कुरीतियों का त्याग कर और बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लेकर ही वाल्मीकि समाज मुख्यधारा में शामिल हो सकता है। संगोष्ठी में सभी वक्ताओं ने कुरीतियों के त्याग और बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने पर बल दिया। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर के मूल मंत्र 'शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो' को अपनाने का भी आह्वान किया।
दमकल गाड़ी आग बुझाने पहुंची, खुद लगी आग:गुनौर टीम ने बुझाई, बड़ा हादसा टला
जिले के गुनौर क्षेत्र के ग्राम श्यामरडाडा में सोमवार 13 अप्रैल को एक अजीब घटना सामने आई। नरवाई की आग बुझाने पहुंची दमकल गाड़ी खुद ही आग की चपेट में आ गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खेतों में नरवाई की आग तेजी से फैल रही थी। सूचना मिलने पर देवेन्द्र नगर परिषद की फायर ब्रिगेड गाड़ी मौके पर पहुंची। टीम आग बुझाने के काम में जुटी ही थी। इसी दौरान अचानक दमकल वाहन में ही आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग बुझाने आई गाड़ी खुद जलने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल गुनौर से दूसरी फायर ब्रिगेड टीम को बुलाया गया। गुनौर की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए दोहरा मोर्चा संभाला। कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद न केवल खेतों की आग पर काबू पाया, बल्कि जलती हुई फायर ब्रिगेड गाड़ी को भी पूरी तरह खाक होने से बचा लिया। सुखद पहलू यह रहा कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, दमकल वाहन को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। घटना के बाद प्रशासन सतर्क है और स्थानीय लोगों ने आपातकालीन वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठाए हैं।
मिर्जापुर में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने अहरौरा और अष्टभुजा विंध्याचल में स्थित टोल प्लाजा को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि इससे स्थानीय जनता के साथ-साथ विंध्याचल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी और त्रिकोण यात्रा सुगम होगी। वाराणसी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और शिक्षक संघ के कांग्रेस प्रत्याशी संजय राय प्रियदर्शी ने इसे जनहित का मुद्दा बताया। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि अन्यथा कांग्रेस बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने भी टोल प्लाजा का विरोध करते हुए कहा कि इससे किसानों, व्यापारियों और आम जनता को अनावश्यक परेशानी हो रही है। धरना का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार सिंह पटेल ने दोहराया कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। पटेल ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मिन्हाज अहमद छोटे खान ने किया। इस दौरान धरना स्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मोसीना किदवई को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। इस अवसर पर बाबू भाई, शिव शंकर चौबे, मंसूर अहमद, गुलाब चंद्र पांडेय, घनश्याम सिंह, राजधर दुबे, सुनील राय, अजय सिंह, अंशु पांडेय, रोहित दुबे, प्रवेश खान, सैय्यद आदिल, शशिभूषण दुबे, मिथिलेश मिश्रा, सुधाकर, रमेश चंद प्रजापति, पप्पू आनंद त्रिपाठी, इमरान खान, कपिल कुमार सोनकर, डॉ. दिनेश चौधरी, राजेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह, नारायण यादव, लक्ष्मी नारायण यादव, राकेश त्रिपाठी, जैकी कोल, राम विष्णु शर्मा, विजय दुबे और विनोद तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
दमोह में अंबेडकर जयंती पूर्व वाहन रैली निकली:सैकड़ों युवा हुए शामिल, जगह-जगह स्वागत
दमोह में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम एक वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। रैली की शुरुआत शाम 6 बजे तहसील ग्राउंड से हुई। जिले भर से आए सैकड़ों युवा यहां एकत्रित हुए। वे हाथों में झंडे, बैनर और डॉ. अंबेडकर के चित्र लिए बाइकों पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। यह रैली तहसील ग्राउंड से शुरू होकर बस स्टैंड चौराहा, किल्लाई नाका, तीन गुल्ली, स्टेशन चौराहा, राय चौराहा, पलंदी चौराहा, महाकाली चौक, पठानी मोहल्ला, बढ़ापुरा, गड़ी मोहल्ला, पुराना थाना और घंटाघर से होते हुए आंबेडकर चौक पर समाप्त हुई। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। रैली के समापन पर आंबेडकर चौक पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वाहन रैली के अध्यक्ष अरविंद चौधरी और जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से पूर्व सोमवार शाम शहर के प्रमुख मार्गों से यह वाहन रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को डॉ. अंबेडकर की जयंती पर मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा और सभी लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलन के नौवें दिन और सामूहिक भूख हड़ताल के 48 घंटे पूरे होने पर सोमवार सुबह हजारों आदिवासी, महिलाएं और बच्चे केन नदी में उतर गए। उन्होंने शरीर पर गीली मिट्टी लपेटकर 'मिट्टी सत्याग्रह' शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने 'जल, जंगल, जमीन' के नारे लगाए और स्पष्ट किया कि वे इस भूमि के मूल निवासी हैं। उनका कहना है कि उचित मुआवजा और पुनर्वास के बिना वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे। कुछ बुजुर्गों ने बताया कि यदि उन्हें जबरन बेदखल किया गया, तो वे इसी मिट्टी में दफन होना पसंद करेंगे। बिना अन्न विरोध प्रदर्शन कर रहेभीषण गर्मी और खुले आसमान के नीचे 'आकाश सत्याग्रह' भी जारी है। हजारों लोग जमीन पर लेटकर बिना अन्न ग्रहण किए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भूख हड़ताल के कारण कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी है। मौके पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से चिंता बढ़ गई है। प्रशासन पर अनदेखी का आरोपजय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 48 घंटों से लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले हैं, फिर भी प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। भटनागर का आरोप है कि नियमों और कानूनों (धारा 11, 15, 18) की अनदेखी कर विस्थापितों को जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर समाधान नहीं करता है, तो आंदोलन और तेज होगा। फिलहाल केन नदी के किनारे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बस में बैठकर गांव पहुंचे कलेक्टर:ग्रामीणों से समस्याएं सुनी, अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश
रीवा जिले के नवागत कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जॉइनिंग के पहले ही दिन फील्ड में उतरे। वे अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर जवा विकासखंड के जतरी गांव पहुंचे और यहां योजनाओं की जमीनी स्थिति देखी। जतरी गांव में कलेक्टर ने अलग-अलग योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों से सीधे बात की। किसे क्या लाभ मिला, किसे नहीं—इसकी जानकारी मौके पर ही ली। कई जगह उन्होंने अधिकारियों से सवाल भी किए और दस्तावेज दिखाने को कहा। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं। कुछ ने योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी, तो कुछ ने समस्याएं बताईं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि लंबित मामलों को जल्द निपटाया जाए। निरीक्षण के दौरान साफ रहा कि कलेक्टर शुरुआत से ही फील्ड विजिट और जमीनी फीडबैक पर फोकस कर रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिएकलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति समझना जरूरी है, तभी सुधार संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र हितग्राही को योजना से वंचित न रखा जाए। शिकायत मिलने पर त्वरित निराकरण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने नईगढ़ी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया:दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई पर दिए सख्त निर्देश
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सोमवार शाम नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर जैन सोमवार शाम करीब 6 बजे अस्पताल पहुंचे, जिससे स्टाफ में हड़कंप मच गया। उन्होंने मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. आरके पाठक से अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों की संख्या और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वार्डों का जायजा लिया और साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता हर हाल में बनी रहनी चाहिए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर जैन ने दवाइयों की उपलब्धता पर भी सख्ती बरती। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां हर समय उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर ने अनुपलब्ध दवाओं की मांग करने और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीएमएचओ रीवा को भी निर्देशित किया। इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, तहसीलदार सुनील द्विवेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य सरकार ने फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) जयपुर के निदेशक डॉ. अजय शर्मा और दो सहायक निदेशकों सहित चार अफसरों को पद से हटाकर एपीओ कर दिया है। FSL के सिरोलॉजी डीएनए विभाग के सहायक निदेशक डॉ. आनंद कुमार, सहायक निदेशक डॉ. भावना पूनिया और सिरोलॉजी सेक्शन के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. रामकिशन कुमावत को एपीओ किया गया है। इस कार्रवाई को डीएनए जांच किट खरीदने में गड़बड़ी के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। एपीओ किए गए जिम्मेदारों की डीएनए किट खरीद गड़बड़ी में भूमिका होने की पहले भी शिकायतें की गई थी। अब गृह विभाग ने चारों को एपीओ करने के आदेश जारी किए हैं। एफएसएल में डीएनए जांच किट खरीद में गड़बड़ियों का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। इन्हें मिला चार्जएपीओ किए गए निदेशक सहित चारों अफसरों के अतिरिक्त चार्ज दिए गए हैं। क्षेत्रीय FSL भरतपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर. के. मिश्रा को एफएसएल निदेशक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। सीरम खंड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हरिनारायण को सहायक निदेशक सिरोलॉजी डीएनए विभाग का अतिरिक्त चार्ज दिया है। वहीं जैविक मुख्य प्रयोगशाला के सहायक निदेशक डॉ. बैजू माथुर को सीनियर साइंटिस्ट, सिरोलॉजी अनुभाग और सिरोलॉजी RFSL अजमेर के सहायक निदेशक बलवंत खज्जा को सिरोलॉजी डीएनए के सहायक निदेशक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। FSL में डीएनए जांच किट खरीदने में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद कार्रवाईFSL में डीएनए जांच किट खरीद में लंबे समय से गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में 11 गुना तक ज्यादा दरों पर डीएनए जांच किट खरीदे गए थे। एफएसएल में डीएनए जांच किट खरीद में गड़बड़ियों का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। सरकार में उच्च स्तर पर भी इसकी शिकायतें की गई थीं। शिकायतों के बाद अब सरकार ने निदेशक सहित चार बड़े जिम्मेदारों को पद से हटा दिया है। एफएसएल के कामकाज पर हाईकोर्ट भी नाराजगी जता चुकाएफएसएल के कामकाज पर हाईकोर्ट कई बार नाराजगी जता चुका है। एफएसएल के जांच नतीजों में हेरफेर के आरोप भी लगते रहे हैं। FSL जांचों की धीमी रफ्तार को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। निदेशक सहित चार बड़े जिम्मेदारों को पद से हटाने के बाद अब आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर एक्शन के आसार हैं।
मिर्जापुर के कटरा कोतवाली क्षेत्र में अधिवक्ता राजीव सिंह हत्याकांड में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर के मकान की राजस्व विभाग की टीम ने नापजोख की। यह मकान डंगहर स्थित कमिश्नर कार्यालय के पीछे बताया जा रहा है। प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी राजेंद्र सोनकर ने जिस जमीन पर मकान बनाया है, उसे कथित तौर पर अपनी नानी बबनी देवी की 22 दिसंबर 2004 को हत्या कर कब्जा किया था। इस जानकारी के बाद प्रशासन ने भूमि की वैधता की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिवक्ता राजीव सिंह की शनिवार सुबह उनके घर के पास मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना से पूरे जिले में हड़कंप मच गया था। हत्याकांड के पीछे ग्राम प्रधानी चुनाव की रंजिश को मुख्य कारण बताया जा रहा है। घटना के दिन शनिवार रात को पुलिस ने मुख्य आरोपी राजेंद्र सोनकर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी थी। सोमवार की भोर में दूसरे आरोपी इंद्रासन बिंद को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जिसमें उसके दोनों पैरों में गोली लगी। इस कार्रवाई के बीच आरोपी राजेंद्र सोनकर के भाई राम प्रकाश ने अपने मकान की नापजोख पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि उनका अपने भाई से कोई संबंध नहीं है और दोनों के मकान अलग-अलग हैं। राम प्रकाश ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर न्याय की मांग की है।
श्योपुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवती के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी समीर सिसोदिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, परिजन ने 5 मार्च 2026 को कोतवाली थाने में अपनी 23 वर्षीय के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी मार्केट सामान लेने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद गुम इंसान का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, 13 अप्रैल को युवती अपने पिता और परिजनों के साथ थाने पहुंची। उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रास्ते में मोहल्ले का रहने वाला समीर सिसोदिया उसे मिला। आरोपी ने पहले बात करने के बहाने उसे रोका और फिर चाकू दिखाकर जबरन अपने साथ ले गया। पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी उसे पहले ग्वालियर ले गया और एक होटल में रखा। इसके बाद वह उसे ट्रेन से दिल्ली ले गया, जहां अलग-अलग स्थानों पर रखकर उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार दुष्कर्म किया। युवती के विरोध करने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था। लगभग 10 दिन पहले आरोपी उसे जयपुर ले गया। वहां मौका मिलते ही युवती भाग निकली और बस के जरिए श्योपुर लौट आई। घर पहुंचने के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने युवती के बयान और जांच के आधार पर आरोपी समीर सिसोदिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2), 87 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की जांच उप निरीक्षक कमलेंद्र सिंह कुशवाह कर रहे हैं। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
सिरसा में माइनर में मिला महिला का शव:हाथ-पांव बंधे मिले; लोगों ने बहता देखा, हत्या का शक, पहचान नहीं
सिरसा जिले में सोमवार को माइनर में एक महिला का शव संदिग्ध हालत में मिला। महिला के हाथ व पांव बंधे हुए थे। अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्राथमिक दृष्टता में शव को देखकर हत्या का शक जताया जा रहा है। पुलिस महिला की पहचान की लिए जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, डिंग थाना क्षेत्र में गांव कुसुम्बी माइनर में महिला का शव पाया गया है और मृतका की उम्र करीब 20 से 25 साल बताई जा रही है। माइनर के पास बनी ढाणी के लोगों ने माइनर में शव को तैरते हुए देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को माइनर से बाहर निकला। तो महिला के हाथ और पैर बंधे हुए पाए गए। हत्या की आशंका दरअसल, यह माइनर बड़ी नहर से निकलकर कुसुम्बी माइनर के रास्ते डिंग थाना क्षेत्र में आती है। पुलिस के अनुसार, शक जताया जा रहा है कि महिला की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद कहीं और फेंका गया है या शव पानी में बहते हुए यहां पहुंची है। पुलिस माइनर के रास्ते मेन ज्वॉइंट का पता लगाएगी। इसे लेकर बाकी थानों में भी डिटेल भेज दी है, ताकि महिला की पहचान हो सके। थानों को भेजी शव की डिटेल डिंग थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस की ओर से जांच जारी है और महिला की पहचान के लिए हर कोशिश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। उसके बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। सभी थानों को डिटेल भेज दी है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर इंजीनियर से 16.66 लाख रुपए की ठगी की गई है। ठगों ने पहले अच्छा मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद इंजीनियर ने व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन किया। भरोसे में आकर उसने पैसे इन्वेस्ट कर दिए। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो और पैसों की डिमांड की गई। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र का है। इंस्टाग्राम लिंक से शुरू हुई ठगी की कहानी जानकारी के मुताबिक पीड़ित का नाम राजनारायण पाण्डेय (46) है, जो भिलाई का रहने वाला है। वह मुंबई की सॉफ्टवेयर कंपनी काम करता है। ठगी की शुरुआत उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर आए एक अनजान लिंक से हुई। पीड़ित को “VIP एग्जीक्यूटिव सर्विस” से जुड़ने का प्रस्ताव मिला। इसमें शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ऑफर को सही मानते हुए राजनारायण ने 2 जनवरी 2026 को व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन किया। ग्रुप में “दिया मेहरा” नाम की महिला ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया, उसने इन्वेस्ट के फायदे गिनाए और “abslhnw” नाम के ऐप में पैसा लगाने पर ज्यादा रिटर्न का दावा किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। इसके बाद पीड़ित धीरे-धीरे बड़ी रकम लगाने लगे। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए पैसे ठगों ने शक से बचने के लिए अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया। पीड़ित ने अपनी पत्नी के आईडीएफसी बैंक खाते और अपने खाते से कुल 16,66,000 रुपए ट्रांसफर किए। पैसे निकालने की कोशिश में खुला राज 2 मार्च 2026 को पीड़ित ने अपनी निवेश राशि निकालने की कोशिश की। इस पर ठगों ने नया बहाना बनाया और कहा कि निकासी के लिए और पैसे जमा करने होंगे। यहीं से शक गहरा हुआ। पीड़ित ने आगे भुगतान करने से मना किया, जिसके बाद पूरी राशि फंस गई। साइबर हेल्पलाइन में शिकायत, FIR की मांग ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें एक्नॉलेजमेंट नंबर भी मिला। इसके बाद थाना वैशाली नगर, दुर्ग में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई। पुलिस जांच जारी, ठगों की तलाश प्रारंभिक जांच में मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पाया गया। ठगों ने अलग-अलग नामों और खातों का इस्तेमाल किया, जिससे पहचान छिपी रहे। पुलिस बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सिरसा जिले के बड़ागुढ़ा और औढां ब्लॉक में कई लाभार्थियों ने आवेदन किया था। विभाग ने सर्वे के बाद पात्र पाए गए लाभार्थियों को पिछले साल पहली किस्त जारी की थी, लेकिन वे पिछले एक साल से दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल 1,38,000 रुपए की राशि तीन किस्तों में मिलनी है। इसमें 45,000 रुपए की पहली किस्त निर्माण शुरू करने के लिए, 60,000 रुपए की दूसरी किस्त मकान का कार्य दरवाजे के ऊपरी लेंटर तक पहुंचने के बाद, और 33,000 रुपए की अंतिम किस्त मकान पूर्ण होने के बाद दी जानी है। लाभार्थियों को नहीं मिली दूसरी किस्त अलीकां गांव की प्रेमलता ने बताया कि जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिली थी, उन्होंने उससे मकान के लेंटर तक का कार्य पूरा कर लिया है। हालांकि, दूसरी किस्त जारी न होने के कारण आगे का निर्माण कार्य रुका हुआ है। स्थिति यह है कि लाभार्थियों ने मकान तो खड़े कर लिए हैं, लेकिन एक वर्ष से उन पर छत नहीं लग पाई है। अधिकारियों से लगाई गुहार पड़ोसी भी इन परिवारों का समर्थन कर रहे हैं और अधिकारियों से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि लाभार्थियों को गर्मी, सर्दी या बरसात में सिर ढकने के लिए जल्द से जल्द अपना आशियाना मिल सके।
भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती को लेकर भाजपा इस बार सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि “बूथ से समाज तक” पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का फोकस इस बार खासतौर पर समरसता भोज, विशेष संपर्क अभियान और समाज के अलग-अलग वर्गों तक सीधा संवाद स्थापित करने पर है। संपर्क और सामाजिक समरसता पर जोर भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 14 अप्रैल को जयंती के मौके पर उन इलाकों में विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जहां बाबा साहब के अनुयायियों की संख्या ज्यादा है। यहां कार्यकर्ता “समरसता भोज” का आयोजन करेंगे और केंद्र और राज्य सरकार के संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे। इस पूरे अभियान का मकसद सिर्फ जयंती मनाना नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव बढ़ाना और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बताया गया है। एक हफ्ते तक चलेगा कार्यक्रम, बूथ स्तर तक पहुंच भाजपा ने इस बार जयंती को एक दिन के कार्यक्रम के बजाय सप्ताहभर चलने वाले अभियान के रूप में डिजाइन किया है। 14 अप्रैल से शुरू होकर यह कार्यक्रम बूथ स्तर तक जाएगा, जहां छोटे-छोटे आयोजन किए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि हर बूथ पर कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे और बाबा साहब के विचारों को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। संगोष्ठियों में समाज के लोगों को जोड़ने की तैयारी 15 से 20 अप्रैल के बीच हर जिला मुख्यालय में संगोष्ठियां आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों में खासतौर पर अनुसूचित जाति समाज के प्रतिनिधियों और अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। इन संगोष्ठियों में न सिर्फ विचार-विमर्श होगा, बल्कि समाज में काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। राजधानी में बड़े चेहरे रहेंगे मौजूद रायपुर में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल होंगे। यहां बाबासाहब के योगदान पर चर्चा के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को आगे की रणनीति भी बताई जाएगी। पहले दिन से शुरू हुआ ग्राउंड एक्टिविटी जयंती से एक दिन पहले ही भाजपा ने ग्राउंड लेवल पर एक्टिविटी शुरू कर दी है। प्रदेशभर में जहां-जहां बाबा साहब की प्रतिमाएं हैं, वहां सफाई अभियान चलाया गया और शाम को दीप जलाकर कार्यक्रम किए गए।
बांसवाड़ा में सड़क हादसे में नाबालिग की मौत:साथी गंभीर घायल; वैवाहिक समारोह से बाइक पर घर लौट रहे थे
बांसवाड़ा में सोमवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार नाबालिग की मौत हो गई। जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मृतक के शव को एमजी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। हादसा उदयपुर मार्ग पर मोरड़ी मिल के पास हुआ। घाटोल थानाधिकारी रमेश पन्नू ने बताया कि हादसा सोमवार शाम को हुआ हैं। दोनों युवक सड़क पर लहूलुहान हालत में थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना को दी। इसके बाद एम्बुलेंस की टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों को महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने रामपुरा सागवड़िया निवासी राहुल(16) पुत्र अर्जुन को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसके साथी विपिन(18) पुत्र गौतम को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। थानाधिकारी पन्नू ने बताया कि शुरुआती जांच में बाइक अनियंत्रित होने से हादसा होने की आशंका है। दोनों भचढ़िया में वैवाहिक समारोह में गए थे। शाम को जब वे वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में मोरड़ी मिल के पास हादसा हो गया। मृतक राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम मंगलवार सुबह किया जाएगा।
सिवनी जिले की नवागत कलेक्टर नेहा मीना ने पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता दिखाई। उन्होंने सबसे पहले प्राचीन मठ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिन में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और शाम को मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक के दौरान कलेक्टर मीना ने स्पष्ट किया कि जिले के विकास को नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। कलेक्टर ने विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का सीधा संबंध नागरिकों के जीवन स्तर से है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संतुलित एवं समन्वित विकास के लिए सभी संबंधित विभागों और पक्षों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। कलेक्टर ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अपेक्षा जताई कि मीडिया जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक व तथ्यपरक संवाद के माध्यम से प्रशासन को रचनात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समय पर निराकरण भी संभव होगा। इस परिचयात्मक बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास, नागरिक सुविधाओं और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कलेक्टर ने इन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
पन्ना जिले की सिमरिया पुलिस ने सोमवार को ग्राम पुरैना में दबिश देकर एक घर के बाड़े से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की है। पुलिस ने भैंसों के तबेले में छिपाकर रखी गई विभिन्न कंपनियों की शराब जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। तबेले में छिपा रखा था शराब का जखीरा थाना प्रभारी माधवी अग्निहोत्री को सूचना मिली थी कि ग्राम पुरैना में भैंसों के बाड़े के भीतर बड़ी मात्रा में शराब छिपाई गई है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मौके से 19 वर्षीय अनुज यादव को पकड़ा, जबकि उसका एक अन्य साथी पुलिस को देखकर भागने में सफल रहा। 77 हजार से अधिक की शराब बरामद बाड़े की तलाशी के दौरान पुलिस को 65.7 लीटर अवैध शराब मिली, जिसकी कुल बाजार कीमत 77,524 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। फरार आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम अब फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक योगेंद्र गायकवाड़ सहित थाने का अन्य बल शामिल रहा। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने अवैध रूप से सरसों के भंडारण का भंडाफोड़ किया है। गांव बांसलाम्बी में रविन्द्र कुमार के घर से बिना अनुमति रखी गई 641 क्विंटल सरसों जब्त की गई, जिस पर जुर्माना भी लगाया गया है। टीम को सूचना मिली थी कि गांव बांसलाम्बी निवासी रविन्द्र कुमार पुत्र लक्ष्मीनारायण अपने घर में भारी मात्रा में सरसों का अवैध स्टॉक कर रखा है। सूचना के आधार पर उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंची और संबंधित मकान की जांच की। 641 क्विंटल सरसों का भंडारण मिला निरीक्षण के दौरान मकान मालिक रविन्द्र कुमार मौके पर मौजूद मिले। घर के अंदर बड़ी मात्रा में सरसों का भंडारण पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह स्टॉक करीब 641 क्विंटल था, जिसे बिना किसी अनुमति या नियमों का पालन किए रखा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इस स्टॉक के लिए आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस उपलब्ध नहीं थे। इसके चलते विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 1 प्रतिशत मार्केट फीस के रूप में 33 हजार 813 रुपए और 25 प्रतिशत जुर्माने के रूप में 8 हजार 454 रुपए निर्धारित किए। इस प्रकार कुल 42 हजार 266 रुपए का जुर्माना लगाया गया। अधिकारी बोले- अवैध भंडारण पर जारी रहेगी कार्रवाई इस कार्रवाई में सीएम फ्लाइंग से इंस्पेक्टर सुनील और इंस्पेक्टर सुरेश, पटौदी मार्केट कमेटी के सचिव विपिन कुमार और सुपरवाइजर कमल शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने मौके पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की। अधिकारियों ने बताया कि कृषि उपज के अवैध भंडारण और बिना लाइसेंस व्यापार पर लगातार नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य व्यापारियों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
बालाघाट में वनकर्मी की हत्या का विरोध:जवानों ने कैंडल रैली निकाली, रेत माफिया पर कार्रवाई की मांग
बालाघाट में वनकर्मी हरिकेश गुर्जर की हत्या के खिलाफ सोमवार शाम 6 बजे वन कर्मचारियों ने कैंडल रैली निकाली। वन और वन्यप्राणी कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने रैली निकालने से पहले हरिकेश गुर्जर को श्रद्धांजलि दी। जिले भर से आए सैकड़ों वनकर्मी आंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए। वहां से कैंडल रैली शुरू होकर काली पुतली चौक, मेनरोड और सर्किट हाउस होते हुए निकली। रैली में शामिल कर्मचारी हरिकेश गुर्जर को शहीद का दर्जा देने और उनके हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचला था यह पूरा विरोध प्रदर्शन 8 अप्रैल को मुरैना के अम्बाह इलाके में हुई घटना को लेकर था। वहां ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी हरिकेश गुर्जर ने अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की थी। इस पर रेत माफिया ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी थी। शहीद का दर्जा देने की मांग संघ के जिला अध्यक्ष श्रीराम घरते ने कहा कि हरिकेश गुर्जर ने अपना फर्ज निभाते हुए जान दी है, इसलिए सरकार उन्हें शहीद का दर्जा दे। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को ऐसी सख्त सजा मिले जिससे आगे कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। वनकर्मियों ने साफ किया कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।
राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर के माचलपुर रोड स्थित विजया कॉन्वेंट स्कूल के पास सोमवार शाम एक फर्नीचर गोदाम में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई दीं। आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आग “शारदा फर्नीचर” के गोदाम में लगी, जो पवन कुशवाह के मकान के पीछे स्थित है। शाम करीब 5 बजे भड़की आग ने देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर रखा शादी-विवाह सीजन का महंगा सामान सोफा सेट, डबल बेड, सेंटर टेबल, गद्दे, कूलर, फ्रिज और टीवी- तेजी से जलने लगा और कुछ ही देर में लाखों रुपए का फर्नीचर राख में तब्दील हो गया। गोदाम राहुल पिता ओंकारलाल विश्वकर्मा, निवासी भंडावद का बताया जा रहा है। तीन शहरों की दमकलें जुटीं, 3 घंटे बाद मिला काबूघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन हालात काबू में नहीं आए। इसके बाद माचलपुर और छापीहेड़ा से भी दमकल वाहन बुलाए गए। करीब 2 से 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक गोदाम के भीतर रखा लगभग पूरा सामान और बाहर लगा टीन शेड जलकर खत्म हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अंकिता जैन, एसडीओपी धर्मवीर नागर, तहसीलदार कमलसिंह सौलंकी और थाना प्रभारी हुकम सिंह मीणा सहित पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। आसपास के मकानों को भी नुकसानआग की तेज लपटों और गर्मी का असर आसपास के मकानों पर भी पड़ा। गोदाम से सटे सचिन अग्रवाल और रामबाबू गुप्ता के नवनिर्मित मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। देखिए तस्वीरें…
हिसार जिले के अग्रोहा अनाज मंडी में गेहूं खरीद और उठान की धीमी प्रक्रिया को लेकर विधायक नरेश सेलवाल ने गहरी चिंता जताई है। बता दे कि सोमवार को मंडी का दौरा करने पहुंचे विधायक ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा हालात किसानों और आढ़तियों के लिए भारी परेशानी का कारण बने हुए हैं। नरेश सेलवाल ने बताया कि मंडी में अब तक केवल 4 गाड़ियों का ही गेहूं उठान हो पाया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। लोडिंग प्रक्रिया में ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम की खामियों के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है, जबकि बायोमेट्रिक प्रणाली ने भी किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव विधायक नरेश सेलवाल ने मंडी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यहां न तो पर्याप्त बिजली व्यवस्था है और न ही पीने के पानी और बैठने की उचित सुविधा उपलब्ध है। किसानों को मजबूरी में गेहूं खुले में जमीन पर डालना पड़ रहा है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल मंडी परिसर में शेड की कमी के चलते पूरा क्षेत्र गेहूं से भरा पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मंडी के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारें किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा मुख्य द्वार पर लाइट की कमी, धर्मकांटे का अभाव और नीची दीवारों के कारण चोरी की घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मंडी में स्थायी सचिव की नियुक्ति की मांग विधायक नरेश सेलवाल ने मांग की कि मंडी में स्थायी सचिव की नियुक्ति की जाए और आढ़तियों के लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 1 वर्ष की जाए। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियां किसान हित में नहीं हैं और इससे किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। बीडीपीओ कार्यालय में जनसमस्याएं भी सुनीं मंडी निरीक्षण के बाद विधायक नरेश सेलवाल ने अग्रोहा बीडीपीओ कार्यालय में जनसमस्याएं भी सुनीं। इस दौरान लोगों ने पोर्टल से जुड़ी खामियों, बीपीएल कार्ड कटने, फैमिली आईडी में गलत आय दर्ज होने और वृद्धावस्था पेंशन रुकने जैसी समस्याएं उठाईं। लोगों ने शिकायत की कि बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। बरवाला रोड तक लगभग 770 मीटर सड़क निर्माण की मांग इस अवसर पर अग्रोहा ब्लॉक के सरपंचों ने सिरसा रोड से अग्रोहा थाना के पीछे होते हुए बरवाला रोड तक लगभग 770 मीटर सड़क निर्माण की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा।
कोटा में लोकसभा स्पीकर ने अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर संविधान पार्क का शिलान्यास किया। इस दौरान कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, KDA आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे। टीवीएस सर्किल के पास आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या महिला व पुरुष शामिल हुए। लोगों सम्बोधित करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने अपने जीवन में संघर्ष करने, चुनौती के बावजूद भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश व राष्ट्र की सेवा करने का समर्थन किया। बाबा साहब के जीवन से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिले ताकि आने वाले पीढ़ी भी इसी चुनौतियां, संकट का मुकाबला करते हुए, देश व राष्ट्र की सेवा में अपने आप को समर्पण करें। यह संविधान पार्क भी इसी यात्रा का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद भारत में जब संविधान बना। बाबा साहब ने ऐसा संविधान बनाया जो आज भी हमारा मार्गदर्शन है। भारत का संविधान, दुनिया के जितने भी देश है उनके लिए मार्गदर्शक बना हुआ है। हमारे आने वाली पीढ़ी संविधान को जाने, संविधान को समझे और संविधान को आत्मसात करें। इसके लिए ये संविधान पार्क आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। यह संविधान पार्क 1857 से लड़ाई लड़ने वाले उन स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करता रहेगा। उनके संघर्ष, त्याग, बलिदान से प्रेरणा लेता रहेगा। यह संविधान पार्क 1947 से लेकर अभी तक इस देश के अंदर जो आर्थिक, सामाजिक बदलाव हुआ उससे भी प्रेरणा लेता रहेगा। इस संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा। पार्क में एक विशेष 'संविधान कालरेखा पथ' विकसित किया जाएगा। जिसमें संवैधानिक यात्रा को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर एक अत्याधुनिक म्यूजियम का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसमें संविधान निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आज दुनिया के अंदर संसदीय लोकतंत्र ही शासन चलाने की सक्सेस पद्धति है। दुनिया के जिन देशों के अंदर अभी लोकतंत्र नहीं है, और वो भी अपने यहां पर लोकतंत्र की परिभाषा समझाने की कोशिश करते हैं। लोकतंत्र को अपनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए लोकतंत्र की ताकत बहुत बड़ी है। समय समय पर सत्ता का बदलाव लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने कहा कि जो संविधान को जानेगा, समझेगा वो हमेशा देश निर्माण के लिए सजग प्रहरी के रूप में काम करेगा। बिरला ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा की इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिला परिषद सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने पिछडी पंचायतों के विकास की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें अग्रणी पंचायतों के समकक्ष लाया जाए। बिरला ने कहा कि अगले तीन महीनों में घर-घर सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पेंशन, खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास सहित सभी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए सर्वे के दौरान ऐसे लोगों की भी पहचान की जाए जो पात्र होने के बावजूद योजनाओं की जानकारी के अभाव में वंचित रह गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए समर कंटिंजेंसी प्लान के तहत हर गांव में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कहीं भी पानी की समस्या नहीं आने दी जाए गेहूं खरीद को लेकर भी उन्होंने निर्देश दिए कि हर किसान की उपज का अधिकतम तौल सुनिश्चित किया जाए। मंडियों में आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और लंबी कतारों से बचने के लिए एफसीआई तथा वेयरहाउस में समय पर माल की एंट्री सुनिश्चित की जाए। बिरला ने आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। बैठक में सीएसआर सहित अन्य योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए बिरला ने सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर पीयूष सामरिया, जिला परिषद सीईओ कमल मीणा, पूर्व पालिका चेयरमेन अखिलेश मेड़तवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
सांभर-नरेना मार्ग स्थित टांका गौशाला के पास भैराणा धाम की पवित्र भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक विकास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय संत समाज, पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों ने इस परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। इसकी जानकारी धाम के साधु-संतों ने जयपुर पहुंचकर पिंकसिटी प्रेसक्लब में दी। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में साधु-संतों के जुटने की संभावना है। आरोप है कि परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़-पौधों, खासकर खेजड़ी वृक्षों की कटाई की जा रही है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। भैराणा धाम क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक विकास का विरोध भैराणा धाम के संत राम रत्नदास स्वामी ने बताया कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) द्वारा भैराणा धाम क्षेत्र में करीब 800 बीघा भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित की गई है। आरोप है कि पिछले 6 महीनों में यहां बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में हजारों पेड़-पौधे, विशेषकर खेजड़ी जैसे वृक्ष नष्ट किए गए हैं। यह इलाका असंख्य जीव-जंतुओं और पक्षियों का आवास था। पेड़ों की कटाई से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा असर पड़ेगा। धार्मिक भावनाओं पर चोट का आरोप संत प्रकाश दास महाराज ने कहा कि भैराना धाम एक आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस भूमि का औद्योगिक उपयोग “धार्मिक नगरी” की पहचान के विपरीत है। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। 5 अप्रैल को भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद अस्थायी रूप से काम रोका गया, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकला। इसके विरोध में 15 अप्रैल, सुबह 10 बजे से विवादित भूमि पर हजारों साधु-संतों की मौजूदगी में धरना दिया जाएगा। जब तक भूमि आवंटन रद्द नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
इंदौर में NEET (UG) 2026 परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए जिले में 57 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए सुरक्षा, गोपनीयता और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने पुलिस विभाग को पर्याप्त सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और सभी केंद्रों पर बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं और सुविधाएं पुख्ता करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। गोपनीय सामग्री को बैंक लॉकर से केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था होगी। परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग NTA के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा, केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस, पेयजल, शौचालय, बिजली, परिवहन और दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न हो और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए। सभी अधिकारियों को अपने दायित्व गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। पिछले साल बिजली गुल होने से कई छात्रों के रिजल्ट हुए थे प्रभावित गौरतलब है कि पिछले वर्ष आंधी-बारिश के कारण कई केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे परीक्षार्थियों के पेपर प्रभावित हुए थे और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा था। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक आयोजित हो सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल मिल सके।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर कानोड़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह राव की अध्यक्षता में पीपलवास रोड स्थित कार्यालय में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में दौलत राम खोखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के संपूर्ण जीवन और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर संयोजक रणजीत सिंह सारंगदेवोत, पार्टी के महामंत्री हितेंद्र सुथार, वरिष्ठ कार्यकर्ता ओंकार दास वैष्णव, नरोत्तम मंडावत, प्रताप सिंह राव, राजकुमार सहलोत, पुष्कर ओड़, शिवलाल प्रजापत, हिम्मत सिंह झाला, शिवनारायण पुरोहित सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सुथार ने किया, जबकि अंत में दिनेश जोशी ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
उदयपुर में 364 किलो डोडा चूरा जब्त:नेशनल हाईवे-48 पर स्कॉर्पियो से 20 कट्टों में बरामद
उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत खेरोदा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नेशनल हाईवे-48 पर मेनार सरहद के पास एक स्कॉर्पियो से 364.580 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया है। यह कार्रवाई सलूंबर जिले में नाकाबंदी तोड़कर भाग रही गाड़ी को रोकने के बाद की गई। पुलिस को 13 अप्रैल 2026 की रात सूचना मिली थी कि काले रंग की एक स्कॉर्पियो (नंबर RJ 38 CB 4190) भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर हाईवे से गुजरेगी। इस सूचना पर खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेनार पुलिया पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो के पहुंचने पर चालक ने पुलिस के रुकने के इशारे को अनदेखा कर दिया और गाड़ी को सर्विस रोड पर भगा दिया। पुलिस कांस्टेबल कुलदीप ने स्टॉप स्टिक का इस्तेमाल कर गाड़ी के आगे और पीछे के टायर पंक्चर कर दिए। टायर फटने के बावजूद, आरोपी करीब एक किलोमीटर तक गाड़ी चलाते रहे। आखिरकार, वे सुनसान जगह पर गाड़ी छोड़कर अंधेरे और खेतों की बाड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने लावारिस मिली स्कॉर्पियो को तुरंत कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर उसमें सफेद और काले रंग के कुल 20 कट्टे मिले, जिनमें 364.580 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा भरा हुआ था। पुलिस ने इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच भींडर थानाधिकारी मुकेशचन्द पुनि को सौंपी गई है। इस कार्रवाई में खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई, सुनील कुमार, माधव लाल, बाबूलाल, नितेश, कुलदीप, रामनिवास, कमलेश, मनोज, नेगीचन्द, प्रहलाद और साइबर सेल से लोकेश रायकवाल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं अपने बच्चों से मिलने के लिए तरस गया,,मैंने चार दिनों से खाना नहीं खाया,, मैं अब अपनी जान देने जा रहा हूं,,, किसी भी हालत में मेरी मौत के बाद मेरे सास ससुर को मत छोड़ना,,,,,पत्नी और बच्चों के बिना रहना कितना दर्दनाक है उसे मैं महसूस कर रहा हूं,,आज न चाहते हुए भी अपनी जान देने को मजबूर हूं,,,पत्नी बच्चों को मनाने जाता हूं तो धमकी मिलती है,,,रोज एक चंदन मरता रहेगा…वीडियो में यह सब बातें बोलकर रीवा में युवक ने सुसाइड कर लिया। जानकारी के अनुसार जिले के रायपुर कर्चूलियान क्षेत्र में चंदन पारसी नाम के युवक ने वीडियो बनाकर सोमवार को सुसाइड किया। जान देने से पहले उसने एक भावुक वीडियो जारी किया। वीडियो में उसने ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। 6 साल पहले हुई थी शादीबताया जा रहा है कि चंदन का ससुराल रायपुर में था, जबकि वह मूल रूप से चित्रकूट का निवासी था और पिछले कई वर्षों से अपनी मां के साथ रीवा में रह रहा था। करीब 6 साल पहले उसकी शादी कंचन पारसी से हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। पत्नी को घर नहीं आने दे रहे थे ससुराल वालेपरिजनों के अनुसार, चंदन अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने की कोशिश करता था, लेकिन उसे कथित तौर पर धमकियां मिलती थीं। वहीं, ससुराल पक्ष की ओर से उस पर झूठी प्रताड़ना के आरोप भी लगाए जाते रहे। थाना प्रभारी राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि मृतक का शव सीतापुर मोड़ के पास मिला है। वह घोघर में रहता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। शव को शव गृह में रखवाया गया है, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम की किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आत्महत्या के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में लापरवाह शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने का मामला सामने आया है। अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय एडिलपुर के शिक्षकों ने मासूम को स्कूल के अंदर बंद कर चले गए। मामला दादर गांव के रहने वाले हिमांशु राजभर का है। जो कक्षा तीन का छात्र है। सोमवार को रोज की तरह वह स्कूल पढ़ने गया था। सुबह 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक स्कूल चलता है। 4:00 मामले की जानकारी मां को मिली। इसके बाद 10 मिनट के भीतर प्रधान के घर से चाबी आ गई। ऐसे में 2 घंटे 10 मिनट मासूम स्कूल में बंद रहा। यदि मां स्कूल नहीं पहुंचती तो कल भीमराव अंबेडकर की जयंती थी। स्कूल बंद रहता। ऐसे में मासूम के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पढ़ाई के दौरान सो गया था मासूम आजमगढ़ के अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाला मासूम पढ़ाई के दौरान स्कूल में सो गया था। हैरानी की बात यह है कि छुट्टी के समय स्कूल के अध्यापकों ने बिना पूरी जांच किए ही स्कूल में ताला लगा दिया और वहां से चले गए। मासूम बच्चा स्कूल के अंदर ही बंद रह गया और किसी को इसकी खबर तक नहीं हुई। काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो मां हुई परेशानउधर जब कई घंटे बीत जाने के बाद भी हिमांशु घर नहीं पहुंचा, तो उसकी मां फूला देवी परेशान हो गईं। उन्होंने पहले आसपास के बच्चों से पूछताछ की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली। तो वह खुद अपने बेटे को खोजते हुए स्कूल पहुंचीं। स्कूल के बाहर पहुंचने पर उन्हें अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद ग्राम प्रधान की मदद से स्कूल की चाभी मंगवाई गई और ताला खुलवाया गया। जैसे ही दरवाजा खोला गया, अंदर मासूम हिमांशु रोता हुआ मिला। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूल के अध्यापकों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी। यदि समय पर मां नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना घट सकती है। BSA बोले जारी होगी नोटिसदैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी राजू पाठक का कहना है कि प्रथम दृष्टि स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही है। इस मामले में नोटिस जारी की जाएगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का पर्दाफाश:शादी के नाम पर लाखों की ठगी, 2 महिलाएं गिरफ्तार
उज्जैन के नानाखेड़ा थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में इंदौर की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने शादी तय कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी की थी। गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी भी फरार है। यह खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की श्यामा मोगिया ने 11 अप्रैल 2026 को नानाखेड़ा थाने में शिकायत 153/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे अपने भाई की शादी के लिए लड़की की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान मंदसौर निवासी एक व्यक्ति ने उन्हें इंदौर में लड़की दिखाने का झांसा दिया। इंदौर में उनकी मुलाकात संगीता ठाकुर और ज्योति जाट से हुई। लड़की पसंद आने पर आरोपियों ने शादी तय करने के लिए फरियादी पक्ष से 1,50,000 रुपये ले लिए। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ा पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को उज्जैन भेज दिया और खुद पीछे आने की बात कही। हालांकि, उज्जैन पहुंचने पर पूरा मामला सामने आ गया। कथित दुल्हन ज्योति जाट ने शादी से साफ इनकार कर दिया और बताया कि यह पूरा मामला ठगी का था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीता ठाकुर (पति नरेंद्र ठाकुर, 30 वर्ष, निवासी सूरज नगर, बंगाली चौराहा, इंदौर) और ज्योति जाट (पति धर्मेंद्र जाट, 21 वर्ष, निवासी पालदा नाका, इंदौर) को गिरफ्तार कर लिया।। भोले भाले लोगों को शादी का झांसा देता था इस गिरोह का तीसरा सदस्य कन्हा उर्फ कांजी कुमावत (निवासी रेवास देवड़ा, मंदसौर) अभी फरार है। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर पहले विश्वास में लेता था, फिर मोटी रकम लेकर फरार हो जाता था। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है
कानपुर में 8 अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी:6 को नोटिस, सहाय हॉस्पिटल की OT-ICU सील
कानपुर में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को चकेरी क्षेत्र के 7 अस्पतालों पर छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान सहाय अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) को सील किया गया है, जबकि 6 अन्य अस्पतालों को अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की लगातार जारी जांच का हिस्सा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी की टीम ने रामादेवी क्षेत्र में स्थित कुल 8 अस्पतालों का निरीक्षण किया था। छापेमारी की खबर मिलते ही दो दर्जन से अधिक क्लीनिक संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। निरीक्षण के दौरान 6 अस्पतालों में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने इन अस्पतालों को सख्त कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं और तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने की चेतावनी दी है। यदि निर्धारित समय में उचित जवाब नहीं मिलता है, तो आगे बड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसीएमओ रमित रस्तोगी ने बताया कि सहाय अस्पताल में गंभीर खामियां मिलने के कारण उसकी ओटी और आईसीयू को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। वहीं, बेबी केयर हॉस्पिटल, राजा हॉस्पिटल, पीजीआर हॉस्पिटल, अनूप हॉस्पिटल, अभिनव हॉस्पिटल और केपीएस हॉस्पिटल में सामान्य कमियां पाई गईं, जिसके लिए उन्हें सुधार के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया है। इन अस्पतालों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान रजनी हॉस्पिटल को मानकों पर खरा पाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से चिकित्सा सेवाएं दी जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने स्पष्ट किया है कि मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
रेवाड़ी जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक ग्राहक के साथ संदिग्ध अवस्था में एक महिला को पकड़ा। इसके अलावा, दो अन्य महिलाओं और एक मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मॉडल टाउन थाना में 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रेवाड़ी के सेक्टर 5 स्थित 'ए न्यू टाइम स्पा' पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस स्पा सेंटर में देह व्यापार चल रहा है। मैनेजर एक महिला के लिए 3 हजार रुपए में डील करता था। फर्जी ग्राहक को भेजकर किया भंडाफोड़ शिकायतों के आधार पर रेवाड़ी के आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने एक टीम का गठन किया। टीम ने पहले एक फर्जी ग्राहक को स्पा सेंटर भेजा।जैसे ही ग्राहक के साथ डील पक्की हुई, पुलिस ने तुरंत छापा मारा और मौके से महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कुल 3 महिलाओं और एक मैनेजर को हिरासत में लिया है। फरार मालिक और मैनेजर की तलाश पुलिस अब फरार चल रहे एक अन्य मैनेजर और स्पा मालिक बंटी की तलाश कर रही है। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने बताया कि इस तरह के अनैतिक धंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अंबेडकर जयंती पर मध्य प्रदेश की बैंक और वित्तीय संस्थाओं में भी 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इसे लेकर राज्य शासन ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन ने सोमवार को आदेश जारी किया। जिसमें निगोशिएबल इंन्स्ट्रूमेंटस एक्ट के तहत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उल्लेख है। आदेश के बाद मंगलवार को प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी। वहीं, करीब 40 हजार बैंककर्मियों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय 9 अप्रैल को जारी कर चुका लेटरइससे पहले वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र 9 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जिससे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि यह निर्णय देश के महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति भी है।
सीहोर विधायक सुदेश राय सोमवार को दोराहा स्थित हरे कृष्णा उपार्जन केंद्र वेयर हाउस पहुंचे। उन्होंने गेहूं बेचने आए किसानों से केंद्र पर मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। यह दौरा किसानों को उनकी उपज का सही दाम और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया। विधायक ने किसानों से सीधे बातचीत की और पूछा कि क्या उन्हें तोल में कोई दिक्कत आ रही है। उन्होंने पीने के पानी और बैठने के लिए छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। सुदेश राय ने उपार्जन केंद्र प्रभारी से प्रतीक्षा कक्ष, कैंटीन, पेयजल और फर्स्ट एड बॉक्स जैसी सुविधाओं का विवरण मांगा। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा स्थापित इन शासकीय उपार्जन केंद्रों पर सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर गेहूं की खरीद की जा रही है।
रोहतक जिले के आईएमटी थाना क्षेत्र के गांव भालौठ में 9 अप्रैल की देर रात बदमाश विकास पुत्र रमेश की हत्या करने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को काबू किया है। दोनों आरोपी राजस्थान के शूटर है, जिन्होंने आलोक के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। विकास उर्फ नारद पुत्र रमेश को 9 अप्रैल की देर रात करीब साढे 12 बजे गोली मारी गई थी। विकास को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान विकास ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया था और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस को मौके से मिले थे 9 खोल फायरिंग के दौरान विकास को गोली लगी थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। विकास की रंजिश गांव के ही आलोक के साथ चल रही थी, जिसके कारण वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मौके से गोली के 9 खोल बरामद किए थे। भालौठ गांव के ठेके पर फायरिंग का आरोपी रहा विकास गांव भालौठ में 26 मई 2025 को विकास उर्फ नारद और सूरज दहकोरा ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विकास उर्फ नारद ठेके पर शराब खरीदने आया था और सेल्समैन से कहा था कि ठेका वह लेगा। अगर किसी ने शराब का ठेका लिया तो उसे जान से मार देगा। इसी के चलते ठेके पर फायरिंग की थी, जिसमें 13 गोलियां शटर को चीरते हुए अंदर शीशे में लगी थी। इंस्टाग्राम पर विकास ने डाला था वीडियोगांव भालौठ में 26 मई 2025 को फायरिंग करने के बाद विकास ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर धमकी दी थी कि किसी ने ठेका लेने के लिए फार्म भरा तो इतनी गोलियां मारेंगे कि समझ नहीं आएगा। उसके बाद एक वीडियो ओर वायरल हुआ, जिसमें एक युवक ने कहा कि विकास के साथ अन्य साथी हरिद्वार में हैं। उनके पास खाने के पैसे तक नहीं हैं। आलोक का साथ देने वाले शूटर काबूIMT थाना एसएचओ अश्वनी कुमार ने बताया कि विकास उर्फ नारद की हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आलोक का साथ देने वाले 2 आरोपियों को काबू किया है। दोनों आरोपी राजस्थान के शूटर है, जिनकी पहचान शोहेब पुत्र निजामुदीन और विजय पुत्र भवानी सिंह निवासी राजस्थान के रूप में हुई।
जबलपुर में अधिवक्ता जीएस ठाकुर ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की साजिश और झूठे आरोप लगाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उनके घमापुर क्षेत्र निवासी व्यापारी ललित कुंदनानी से लंबे समय से पारिवारिक संबंध हैं। इसी दौरान उनका परिचय काजल खत्री नामक महिला से हुआ, जिस पर व्यापारी को ब्लैकमेल करने का आरोप है। ठाकुर ने दोनों पक्षों को समझाते हुए अलग रहने की सलाह दी थी। पुरानी रंजिश के चलते झूठी शिकायतें कराई अधिवक्ता ठाकुर का आरोप है कि इसके बाद महिला द्वारा उन्हें लगातार फोन कर परेशान किया जाने लगा। उन्होंने सांई पिल्ले नामक व्यक्ति पर भी आरोप लगाया कि वह पुरानी राजनीतिक रंजिश के चलते महिला का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहा है। सोशल मीडिया पर छवि कर रहे धूमिल जीएस ठाकुर ने कहा कि सांई पिल्ले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ आरोपित व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति की भी जांच करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गुरुग्राम जिले में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी और अव्यवस्था फैलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को उन्होंने सोहना की अनाज मंडी का दौरा किया, जहां उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को चोर जैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल की लिफ्टिंग नहीं हो रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। बायोमेट्रिक सत्यापन, पंजीकरण और आंखों की स्कैनिंग जैसी जटिल प्रक्रियाएं किसानों के लिए अनावश्यक बोझ बन गई हैं। सरकार पर कसा तंज हुड्डा के अनुसार, सरकार जानबूझकर ऐसी स्थिति बना रही है ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ न मिल सके और वे अपनी उपज खुले बाजार में सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हों। ईंधन की उपलब्धता पर उठाए सवाल वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए हुड्डा ने कहा कि भले ही अभी संघर्ष विराम (सीजफायर) की स्थिति हो, लेकिन आने वाले समय में समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने ईंधन की उपलब्धता को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, तो लोगों को लंबी कतारों में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर हमला राज्यसभा चुनाव के बाद की स्थिति पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस और अधिक मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस को नहीं, बल्कि उन मतदाताओं को धोखा दिया है जिन्होंने उन्हें चुना था। हुड्डा ने ऐसे जनप्रतिनिधियों से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। चेयरमैन के चुनाव सिंबल पर लड़ेगी पार्टी हुड्डा ने यह भी बताया कि कांग्रेस नगर निगम (कॉरपोरेशन) के चेयरमैन के चुनाव अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी। उन्होंने दोहराया कि पार्टी लगातार सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है। भूपेंद्र हुड्डा ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत हमेशा भारतीय जनता पार्टी से अधिक रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में पार्टी वहां भी जीत हासिल करेगी।
बुरहानपुर जिले के शाहपुर नगर परिषद का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय-व्यय बजट सोमवार को सर्वसम्मति से पारित हो गया। परिषद अध्यक्ष साधना वीरेंद्र तिवारी ने यह बजट प्रस्तुत किया, जिसमें 48,16,72,419 रुपए की अनुमानित आय और 48,16,66,263 रुपए का व्यय दर्शाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 6,156 रुपए की बचत होगी। यह बजट नगर की मूलभूत आवश्यकताओं और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें नगर की जनता पर किसी भी प्रकार का नया कर नहीं लगाया गया है और न ही मौजूदा करों में कोई वृद्धि की गई है। बजट का उपयोग मुख्य रूप से नगर के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इनमें सड़कों और नालियों का निर्माण व मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार, अधोसंरचना का विकास, सफाई और कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम भी इस बजट का हिस्सा हैं। कई परियोजनाओं को भी स्वीकृतिपरिषद की साधारण बैठक में कई विशिष्ट परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इनमें वार्ड क्रमांक 1 में श्री गजानन महाराज मंदिर के पास टीन शेड का निर्माण, वार्ड क्रमांक 5 में सी.सी. रोड टॉप लेयर का निर्माण, मेला स्थल के पास सामुदायिक भवन का निर्माण और गार्डन व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड क्रमांक 8 में सी.सी. रोड टॉप लेयर का निर्माण, वार्ड क्रमांक 14 में नवीन बस स्टैंड के पास स्लाटर हाउस का निर्माण, बम्भाड़ा फाटे से सुरेश आखरे के खेत तक सी.सी. रोड साइड पटरी का निर्माण और विभिन्न वार्डों में सार्वजनिक मूत्रालयों का निर्माण भी स्वीकृत किया गया। नालियों को आर.सी.सी. से कवर किया जाएगामुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना (चतुर्थ चरण) के तहत कार्यालय भवन निर्माण और वार्ड क्रमांक 14 में बम्भाड़ा फाटा के पास विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग कार्य के लिए 5.04 करोड़ रुपए की लागत के प्रस्तावों को पुष्टि प्रदान की गई। वार्ड क्रमांक 1 से 7 और 8 से 15 तक की नालियों को आर.सी.सी. से कवर करने के लिए 2.40 करोड़ रुपए की लागत को भी स्वीकृति मिली। इस साधारण सम्मेलन में नवनियुक्त एल्डरमैन और वरिष्ठ पार्षदों राजाराम अटोलकर, रमेश चोपड़े, प्रकाश महेश्री और रवि जैन का स्वागत और सम्मान भी किया गया।
दिमनी पुलिस के द्वारा रेत माफिया पर कार्यवाही के दौरान ट्रेक्टर ट्राली से कुचलकर वन आरक्षक हरकेश गुर्जर की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी ट्रेक्टर चालक विनोद कोरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।एसपी समार सौरभ को तरफ से इस पर दस हजार का इनाम घोषित था। शेष दो आरोपी ट्रेक्टर मालिक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अहमदाबाद से गिरफ्तार दिमनी पुलिस के द्वारा वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को रेत से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली से कुचलने वाले मुख्य आरोपी ट्रेक्टर चालक विनोद कोरी पुत्र रामकुमार कोरी को गुजरात के अहमदाबाद शहर से गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने कल ही इस आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित किया था। इससे पूर्व पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कार्रवाई करने गई टीम पर चढ़ाया ट्रैक्टर 8 अप्रैल को वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम के द्वारा अवैध रेत माफिया पर कार्यवाही की जा रही थी तभी रेत से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली चालक विनोद कोरी ने जानबूझ कर वन आरक्षक हरकेश गुर्जर पर ट्रैक्टर ट्राली चढ़ा दी। जिससे हरकेश की मौके पर ही मौत हो गई थी तब से यह आरोपी चालक फरार था। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह के अनुसार मुख्य आरोपी विनोद कोरी को गिरफ्तार किया गया है पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से इसे गिरफ्तार किया है ।पुलिस पूछताछ कर रही है इस दौरान वह कहां कहां गया किस किस से मदद ली।
अशोकनगर-गुना रोड स्थित रातीखेड़ा गांव के पास सोमवार शाम को किसानों ने सड़क पर बैठकर और ट्रैक्टर रखकर चक्का जाम कर दिया। किसान अमल वेयरहाउस पर बने खरीदी केंद्र में अपनी उपज की खरीद न होने का विरोध कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इनमें कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप चौहान, यातायात थाना प्रभारी स्नेहा ठाकुर और देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। भारतीय किसान संघ के नेता भी मौके पर पहुंचे और किसानों का समर्थन किया। तुलाई शुरू करने का आश्वासन दियाकृषि उप संचालक अमित सिंह भदोरिया सहित अधिकारियों ने किसानों को तुरंत तुलाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारी वेयरहाउस गए, जहां सभी किसानों को टोकन देकर तुलाई की व्यवस्था बनाई गई। चक्का जाम करने से पहले किसान कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे और काफी देर तक इंतजार किया था। उन्हें उसी दिन तुलाई शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जब तोल शुरू नहीं हुई तो उन्होंने सड़क जाम कर दिया। बार-बार उन्हें गुमराह करने का आरोपकिसानों ने बताया कि उनके स्लॉट कई दिनों से बुक हैं और वे इसी स्थान पर रुके हुए हैं। उनका आरोप है कि समिति प्रबंधक उनकी फसल की खरीद नहीं कर रहा है और बार-बार उन्हें गुमराह किया जा रहा है। किसानों ने यह भी शिकायत की कि पास के एक मशरूम फार्म हाउस से आने वाली सड़े-गले भूसे की बदबू से वे काफी परेशान हैं। भारतीय किसान संघ के नेता जगराम सिंह यादव ने बताया कि किसान 8 अप्रैल से यहां आए हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति प्रबंधक अनुपस्थित है और जिस वेयरहाउस में तुलाई होनी थी, उसमें ताला लगा हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 को लेकर रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले इस बिल का विरोध करते थे, आज वही इसकी तारीख पूछ रहे हैं। सांसद वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं ने पहले महिला बिल का विरोध किया था, लेकिन अब वे इसके लागू होने की तारीख पूछ रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को पूरी तरह तैयार कर लिया है और इसकी प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। बिल 16 अप्रैल को होगा पारित सुमित्रा वाल्मीकि ने दावा किया कि यह बिल 16 अप्रैल को पारित किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून का रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे देश की राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी। बंगाल चुनाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि वहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अत्याचारों पर मरहम लगाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय होगा, लेकिन एक मजबूत नेतृत्व सामने आएगा। जनता अब विपक्ष को स्वीकार नहीं कर रही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पांच राज्यों के चुनाव को लेकर चिंतित है और कई जगह उसका खाता भी नहीं खुल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता प्रधानमंत्री की नीतियों और निर्णयों पर भरोसा जता रही है। सांसद वाल्मीकि ने अंत में कहा कि जनता अब विपक्ष को स्वीकार नहीं कर रही है और भाजपा को लगातार समर्थन मिल रहा है।
करौली जिला मुख्यालय पर सोमवार शाम सवर्ण समाज के बैनर तले यूजीसी कानून के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की और ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। यह जुलूस पुरानी नगर पालिका से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने यूजीसी कानून के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यूजीसी विरोधी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा वर्ग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। जुलूस पुरानी नगर पालिका से रवाना होकर फूटा कोट, सदर बाजार, बड़ा बाजार और वजीरपुर गेट से गुजरा। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मार्ग में यूजीसी कानून वापस लो के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि यह कानून सामान्य वर्ग के हितों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में देव कुमार गौड़, दिनेश पचौरी, प्रकाश जती, अभय शास्त्री और अंगद सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
धार शहर के एक निजी होटल में सोमवार शाम केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल बताया।संसद-विधानसभाओं में 33% आरक्षण का रास्ता, महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उज्ज्वला, आवास और जनधन जैसी योजनाओं ने बदली स्थिति प्रेस वार्ता में धार विधायक नीना वर्मा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष राखी राय, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष कुसुम सोलंकी, जिला पंचायत सदस्य गायत्री पुरोहित और मोर्चा जिला महामंत्री सुनीता दुबे भी मंचासीन थीं। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए कई निर्णय लिए हैं। इनमें उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जनधन योजना, मुद्रा योजना और मातृत्व अवकाश में वृद्धि जैसे कदम शामिल हैं, जिन्होंने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। मातृत्व अवकाश 12 से बढ़ाकर 26 सप्ताह उन्होंने विशेष रूप से नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख किया। इस अधिनियम के माध्यम से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 33 प्रतिशत तक आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ से बदली सोच ठाकुर ने कहा कि आज महिलाएं विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और प्रशासन सहित हर क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं, जो विकसित भारत की मजबूत नींव है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश को महिला नेतृत्व वाले विकास मॉडल की ओर आगे बढ़ाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा। कार्यक्रम से संबंधित जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी संजय शर्मा द्वारा दी गई।

