वरिष्ठ नागरिकों की बैठक, पंजाब में वृद्धावस्था पेंशन 3 हजार करने की मांग
लुधियाना| वार्ड नंबर-12 स्थित न्यू सुभाष नगर में लुधियाना सिटी हेल्पलाइन काउंसिल के उपाध्यक्ष बुध सिंह ठाकुर की अगुवाई में वरिष्ठ नागरिकों की बैठक हुई। बैठक में नरेश कुमार, प्रताप सिंह, बलजिंदर कुमार, रोशन लाल गोगना, गंगाराम, रोशन लाल बजाज और यशपाल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में पंजाब सरकार से वृद्धावस्था पेंशन की राशि 2,500 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग रखी गई। बुध सिंह ठाकुर ने कहा कि महंगाई बढ़ने के साथ दवाइयों और उपचार का खर्च लगातार बढ़ रहा है, इसलिए बुजुर्गों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और हरियाणा की तर्ज पर पंजाब में भी पेंशन में वृद्धि की जानी चाहिए। बुध सिंह ठाकुर ने यह भी कहा कि यदि मौजूदा सरकार यह मांग पूरी नहीं करती, तो वर्ष 2027 में भाजपा की सरकार बनने पर वरिष्ठ नागरिकों के हित में पेंशन बढ़ाने का कदम उठाया जाएगा।
मनरेगा (MGNREGA) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों, वेतन न मिलने और हाल ही में नौकरी से हटाए जाने के विरोध में मानसा में पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों में सरकार के रवैये को लेकर भारी रोष है। अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मनरेगा के तहत काम करने वाले जीआरएस (GRS), कंप्यूटर ऑपरेटरों और अन्य स्टाफ ने जिला परिषद कार्यालय से लेकर बस स्टैंड चौक तक एक विशाल रोष मार्च निकाला। एक तरफ जहां पंजाब सरकार इसे केंद्र का मामला बता रही है, वहीं रोजगार छिनने से नाराज कर्मचारी राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ने के आसार हैं। 18 साल की सेवा के बाद रोजगार छीनने का आरोप जीआरएस यूनियन के जिला प्रधान किशोर सिंह, जसपाल सिंह जस्सी, नतेश गुप्ता, इकबाल सिंह और प्रीतपाल सिंह ने कर्मचारियों का पक्ष रखते हुए कहा कि वे पिछले 18 वर्षों से मनरेगा के तहत पूरी निष्ठा से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें बेहद कम वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर हाल ही में उन्होंने पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध के आवास के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। जायज मांगें मानने के बजाय सरकार ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें नौकरी से ही बर्खास्त कर दिया, जिससे उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तुरंत बहाल नहीं किया गया और मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। पंचायत मंत्री का पलटवार: केंद्र सरकार ने रोका है वेतन दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर पंजाब के ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने पंजाब सरकार का बचाव करते हुए ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ दिया है। मंत्री सोंध ने स्पष्ट किया कि इन सभी मनरेगा कर्मचारियों की नियुक्ति केंद्र सरकार की योजना के अधीन हुई थी और इनका वेतन भी केंद्र सरकार द्वारा ही रोका गया है। पंजाब सरकार पूरी तरह से इन कर्मचारियों के साथ खड़ी है। इस गंभीर मसले को लेकर केंद्रीय पंचायत मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पंजाब सरकार की तरफ से एक आधिकारिक मांग पत्र भी भेजा जा चुका है। मानवाधिकारों और रोजगार को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार मनरेगा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
फरीदाबाद के गांव नीमका स्थित जिला जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की मौत हो गई। मृतक की पहचान अमृतसर निवासी जॉयपाल के रूप में हुई है। वह धोखाधड़ी के एक मामले में मार्च 2026 से जिला जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, जॉयपाल लंबे समय से मधुमेह (डायबिटीज) की बीमारी से पीड़ित था। शुक्रवार सुबह अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। जेल प्रशासन ने तुरंत उसे जिला जेल के अस्पताल में ले जाकर प्राथमिक उपचार कराया। जब उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो उसे बेहतर इलाज के लिए फरीदाबाद के बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। बीके अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान जॉयपाल को खून की उल्टी हुई और उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही थाना सदर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि, जेल में बंद विचाराधीन बंदी की मौत के मामले में नियमों के अनुसार मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है। मौत के सही कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पठानकोट में पंजाब सरकार ने 'रंगला पंजाब डेवलपमेंट स्कीम (PM-26)' के तहत भोआ (SC) विधानसभा क्षेत्र के 6 गांवों में कुल 34.50 लाख के विकास कार्यों को मंजूरी दी है। इन कार्यों के लिए पंजाब के कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने गांव काशी वडवान में आयोजित एक कार्यक्रम में लाभार्थी पंचायतों को चेक वितरित किए। इन विकास कार्यों का मुख्य उद्देश्य गांवों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इनमें कम्युनिटी हॉल का निर्माण, गलियों का विकास और श्मशान घाटों का उन्नयन शामिल है। इन कार्यों के लिए बजट का प्रावधान BDPO के माध्यम से होंगे काम इन विकास कार्यों की निगरानी एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (डेवलपमेंट), पठानकोट द्वारा की जाएगी। संबंधित ग्राम पंचायतें BDPO बामियाल के माध्यम से इन कार्यों को पूरा करवाएंगी। तकनीकी निगरानी का जिम्मा एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, पंचायती राज पठानकोट का होगा। सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करें, ताकि ग्रामीण जनता को इनका लाभ शीघ्र मिल सके। ये रहे मौजूद इस अवसर पर ब्लॉक समिति सदस्य पुरुषोत्तम लाल, सूबेदार कुलवंत सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष), अश्वनी कुमार (ब्लॉक अध्यक्ष), लाडी, कमलजीत सिंह, सरपंच विपिन शर्मा, सिरोज कुमारी सहित आम आदमी पार्टी के अन्य कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
करनाल में मेरठ रोड स्थित नगला फार्म पुल के नीचे दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां करंट लगने से 20 भैंसों और एक कटड़ी की मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब पंजाब से चरवाहे अपने पशुओं को लेकर गुजर रहे थे। अचानक बिजली के करंट की चपेट में आने से सभी पशु मौके पर ही गिर पड़े और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर इकट्ठा हो गए।बताया जा रहा है कि चरवाहे अपने झुंड के साथ मेरठ रोड से गुजर रहे थे और नगला फार्म पुल के नीचे पहुंचे ही थे कि वहां किसी कारण करंट फैल गया। करंट की चपेट में एक साथ कई पशु आ गए, जिससे 20 भैंसों और एक कटड़ी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अचानक फैले करंट से मची अफरा-तफरीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना इतनी अचानक हुई कि चरवाहों को संभलने का मौका नहीं मिला। कुछ ही क्षणों में पशु जमीन पर गिरने लगे। चरवाहों ने किसी तरह खुद को बचाया, लेकिन अपने पशुओं को नहीं बचा सके। घटना से चरवाहों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने शुरू की जांच कार्रवाईघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि करंट किस कारण से फैला और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।फिलहाल पुलिस ने आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अमृतसर में आम आदमी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री पंजाब के लिए कोई नया प्रोजेक्ट या विशेष आर्थिक पैकेज नहीं लाए और उनका दौरा केवल राजनीतिक भाषणों तक सीमित रहा। धालीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास फंड (RDF), जीएसटी और अन्य मदों के हजारों करोड़ रुपये रोक रखे हैं। इससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार जो भी कर्ज ले रही है, वह सड़कों, अस्पतालों, स्कूलों और जनकल्याणकारी योजनाओं के विकास के लिए है, न कि किसी निजी लाभ के लिए। एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने में सहयोग नहीं कर रहा केंद्र नशों के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए धालीवाल ने बताया कि पंजाब सरकार 532 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाने की लगातार मांग कर रही है। हालांकि, केंद्र सरकार इस दिशा में आवश्यक सहयोग नहीं दे रही है। उन्होंने जोर दिया कि सीमा को पूरी तरह सुरक्षित करने से नशों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए जारी सहायता पर उठाए सवाल धालीवाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए केंद्र सरकार द्वारा घोषित वित्तीय सहायता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सहायता अभी तक पंजाब को नहीं मिली है, जबकि बाढ़ पीड़ितों की मदद पंजाब सरकार ने अपने संसाधनों से की है। उन्होंने प्रताप सिंह बाजवा पर कथित हमले के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले को अनावश्यक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है। महिलाओं के खातों में कथित गड़बड़ी पर होगी कार्रवाई खडूर साहिब में महिलाओं के खातों में कथित गड़बड़ी के मामले पर धालीवाल ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति गरीबों के पैसों में हेराफेरी करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुखबीर सिंह बादल को जारी समन के संबंध में धालीवाल ने कहा कि एसआईटी अपना काम कर रही है और कानून अपना रास्ता अपनाएगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के हर दोषी को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी जंग अब पूरी तरह खुल चुकी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से मौजूदा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में रंधावा ने जहां राजा वड़िंग पर वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने के गंभीर आरोप लगाए, वहीं कादियां में प्रताप सिंह बाजवा के साथ हुई पुलिस बदसलूकी को बाजवा के अहंकार और गलतफहमी का नतीजा करार दिया। वहीं, रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर पंजाब में प्राइमरी डेमोक्रेसी को खत्म करने और गैंगस्टरों को संरक्षण देने के सनसनीखेज आरोप लगाए। राजा वड़िंग छोटा भाई, लेकिन मंचों पर करता है जलीलपार्टी के भीतर मचे घमासान पर बोलते हुए सांसद रंधावा ने कहा कि कांग्रेस में कोई विभाजन नहीं है, बल्कि केवल वैचारिक मतभेद हैं। हालांकि, उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग की कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े किए। रंधावा ने खुलासा किया, जब वड़िंग प्रधान बने, तो मैंने दिल्ली से उन्हें बधाई का संदेश भेजा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे मेरे छोटे भाई जैसे हैं और मैंने हमेशा उन्हें अपना लीडर माना है, लेकिन कई बार वे मंचों पर ऐसे मजाक कर देते हैं जिससे मैं बेहद अपमानित महसूस करता हूं।रंधावा ने कहा कि मौजूदा दौर में 'ज्ञानी जैल सिंह' या 'सरदार दरबारा सिंह' जैसी निरंकुश राजनीति नहीं चल सकती। पार्टी को बचाने के लिए नेतृत्व को अपनी 'ईगो' छोड़नी होगी। उन्होंने उदाहरण दिया कि पार्टी हित के लिए वे खुद अपनी पुरानी दुश्मनी भुलाकर वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत सिंह के घर गए थे, क्योंकि इस समय विजिलेंस और ईडी कांग्रेसियों के पीछे पड़ी है।अमित शाह से मुलाकात पर तोड़ी चुप्पी: गैंगस्टर और ड्रग्स के खिलाफ गया थाराजा वड़िंग द्वारा भाजपा नेताओं के साथ समझौता करने के आरोपों का करारा जवाब देते हुए रंधावा ने कहा कि मुझे न ईडी का डर है, न विजिलेंस का और न ही सीबीआई का। जिसे पकड़ना है, रंधावा घर पर तैयार बैठा है। अमित शाह से अपनी मुलाकातों का सच उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि वे तीन महीने पहले भारत सरकार को पंजाब बॉर्डर, ड्रग्स और गैंगस्टरों को लेकर लिखित रिपोर्ट सौंपने गए थे। रंधावा ने कार्यकर्ताओं का हवाला देकर कहा कि मेरे इलाके डेरा बाबा नानक, कलानौर, दीनानगर में पाकिस्तान से सीधे ड्रोन, असलहा और हैंड ग्रेनेड आ रहे हैं। मेरे एक वर्कर को जेल में बंद गैंगस्टर ने फोन कर बेटे की शादी से पहले 50 लाख की फिरौती मांगी और न देने पर गोली मारने की धमकी दी। जब लोग मेरे पास आंखों में आंसू लेकर आते हैं, तो मैं न्याय के लिए क्या डोनाल्ड ट्रंप के पास जाऊंगा? मुझे देश के गृह मंत्री के पास ही जाना पड़ेगा।कादियां कांड: बाजवा साथ लेते, तो पुलिस आगे-आगे दौड़तीकादियां में प्रताप सिंह बाजवा के साथ हुए पुलिस टकराव और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पगड़ियां उतरने के मामले पर रंधावा ने बाजवा को आड़े हाथों लिया। रंधावा ने कहा, मुझे बाजवा साहब से शिकायत है कि उन्होंने हमें अपनी इस चुनावी जंग में बुलाया ही नहीं। शायद वे किसी गलतफहमी या अहंकार में थे। अगर गुरदासपुर जिले के हम चारों विधायक और मैं (सांसद) अपने हजार-हजार कार्यकर्ता लेकर वहां खड़े होते, तो 5 हजार का हुजूम देखकर पुलिस आगे-आगे दौड़ती। मैं उस बदतमीजी करने वाले डीएसपी को खुलेआम चुनौती देता हूं, जिस दिन वह मिला, उसका ऐसा घेराव करेंगे कि ईंट का जवाब खंडे से दिया जाएगा।भाइयों का बिखरना राजनीति की सबसे बड़ी बदकिस्मतीप्रताप सिंह बाजवा के भाई फतेह जंग बाजवा के भाजपा में शामिल होने पर रंधावा ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गंदी राजनीति ने भाइयों को अलग कर दिया। रंधावा ने भावुक होते हुए कहा, मैं आज भी फतेह से कहता हूं कि आज अगर तेरे भाई की पगड़ी को हाथ पड़ा है, तो तुझे बीजेपी में छिपे गुंडों के साथ नहीं, अपने भाई के साथ खड़ा होना चाहिए था। वह पगड़ी सिर्फ प्रताप की नहीं, सरदार सतनाम सिंह के बेटे की पगड़ी थी। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि वे खुद 2029 तक सांसद हैं और अब अपने बेटे को अपनी राजनीतिक विरासत सौंपकर पोते-पोतियों के साथ समय बिताना चाहते हैं।जेलों से चल रहा है गैंगस्टर्स का राज: मान सरकार पर तीखा हमलाराज्य की चरमराती कानून-व्यवस्था पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। रंधावा ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून का राज खत्म हो चुका है। सरेआम डकैतियां हो रही हैं और व्यापारियों से फिरौती मांगी जा रही है। विदेशी एजेंसियां इनपुट दे रही हैं कि पंजाब की जेलों के भीतर से धड़ल्ले से मोबाइल नेटवर्क और गैंगस्टर्स के सिंडिकेट चल रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री केवल 'नशे के खिलाफ जंग' का झूठा ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्होंने भगवंत मान को भ्रष्ट मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि ऐसी सरकार की आंखों में आंखें डालकर जवाब देने का वक्त आ गया है।गधे के सिर पर सींग आ सकते हैं, पंजाब में भाजपा नहींपंजाब में भाजपा की सरकार बनने के दावों पर रंधावा ने हंसते हुए कहा, जैसे गधे के सिर पर सींग नहीं आ सकते, वैसे ही पंजाब में भाजपा कभी नहीं आ सकती। केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हरजीत सिंह ग्रेवाल को अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन बनाकर भाजपा ने बिट्टू को 'रनवे' पर ला दिया है। वहीं पीएम मोदी के दौरों पर उन्होंने कहा कि पंजाब को रेलवे स्टेशनों के बाथरुम नहीं, बल्कि रेलवे कोच फैक्ट्री, औद्योगिक पैकेज और किसानों के कृषि कर्ज की पूरी माफी चाहिए।सतलज फिल्म पर प्रतिबंध: भाजपा का चुनावी ध्रुवीकरणमानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी दिलजीत दोसंस की फिल्म 'सतलज' (पंजाब '95) को बैन किए जाने पर रंधावा ने इसे भाजपा की राजनीतिक चाल बताया। उन्होंने कहा, अगर 'एमरजेंसी', 'कश्मीर फाइल्स', 'गोधरा कांड' और 'केराला स्टोरी' रिलीज हो सकती हैं, तो 'सतलज' क्यों नहीं? यह भाजपा का स्टाइल है कि चुनाव से दो-तीन महीने पहले नरेटिव चलाकर ध्रुवीकरण किया जाए। इस दौरान उन्होंने अपनी ही सरकार के समय का रिकॉर्ड दिखाते हुए खुलासा किया कि उन्होंने और तत्कालीन राज्यपाल ने खालड़ा हत्याकांड के दोषी डीएसपी जसपाल सिंह की अगेतरी रिहाई को आधारा 161 के तहत रद्द कर दिया था, लेकिन मान सरकार ने 2023 में उसे कैसे छोड़ दिया, यह जांच का विषय है। उन्होंने अकाली दल को भी घेरा कि 1997 में सरकार बनने के बाद उन्होंने अपने ही संगठन के जनरल सेक्रेटरी खालड़ा के कत्ल का इंसाफ क्यों नहीं तलाशा और चुनाव में बीबी खालड़ा के खिलाफ बीबी जगीर कौर को खड़ा कर दिया।बेअदबी मामले पर सुखबीर को घेरा, मान को बताया दोषीबेअदबी और गोलीकांड मामले में एसआईटी द्वारा सुखबीर सिंह बादल को बुलाए जाने को रंधावा ने महज सियोसी ड्रामा बताया। उन्होंने कहा कि पौने पांच साल मान सरकार की एसआईटी सोई रही। उन्होंने सवाल उठाया कि बंगा से गायब हुए 160 पावन स्वरूपों का क्या हुआ? केस चंडीगढ़ ट्रांसफर होने के बावजूद गृह विभाग और मुख्यमंत्री ने अभी तक पब्लिक प्रोसीक्यूटर क्यों नियुक्त नहीं किया? इसका मतलब मुख्यमंत्री खुद दोषियों को बचा रहे हैं।पंजाब पुलिस और गैंगस्टर जग्गु भगवानपुरिया का गठजोड़रंधावा ने पंजाब पुलिस और मान सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह मर चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया,पंजाब के कई डीएसपी और उच्च अधिकारी गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल पर बात करवाते हैं। जग्गू की मासी हर गांव में जाकर 2-2 और 5-5 लाख रुपये की 'ड्रग मनी' बांट रही है और हाल ही में उसे जिला परिषद का चेयरमैन तक बना दिया गया है। पुलिस प्रोटेक्शन में यह खेल चल रहा है और मुख्यमंत्री केवल नशे के खिलाफ युद्ध का झूठा ढिंढोरा पीट रहे हैं।
फतेहाबाद में पंजाब नंबर की कार में लगी आग:सड़क किनारे खड़ी थी; कंप्रेशर फटने से उठी लपटें
फतेहाबाद शहर के भट्टू रोड पर शुक्रवार देर रात इटियॉस कार में आग लग गई। आग धू-धूकर जलती रही। पंजाब नंबर की कार में घटना के समय दो लोग मौजूद थे। गनीमत रही कि उनकी जान की हानि नहीं हुई। सुबह आसपास के लोगों की इसकी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने कार मालिक का पता लगाकर उससे पूरी जानकारी जुटाई। जानकारी के अनुसार, भट्टू रोड पर अग्रवाल कॉलोनी के मोड़ के पास शनिवार सुबह लोगों ने जली हुई कार देखी। कार के आसपास कोई नहीं था। लोगों ने अपने स्तर पर कार मालिक का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई पता नहीं चल पाया। बाद में पुलिस को सूचना दी गई। इस पूरे घटनाक्रम की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। अग्रवाल कॉलोनी में किराए पर रहता है कार मालिक सूत्रों के अनुसार, कार मालिक अग्रवाल कॉलोनी में किराए पर रहता है। वह किसी प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। वह रात करीब साढ़े 11 बजे से इस जगह पर कार खड़ी करके उसमें बैठा अपने साथी से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान अचानक कार से धुआं उठने लगा। दोनों ने नीचे उतर कर जांच की। इसी बीच कंप्रेशर फट गया। इससे उसमें आग लग गई। इसके बाद दोनों ने नीचे उतरकर आग बुझाने का भी प्रयास किया। मगर थोड़ी ही देर में कार में आग ने जोर पकड़ लिया और आग की जोरदार लपटें उठने लगी। आग लगने से कार पूरी तरह से कबाड़ बन गई है।
पंजाब के होशियारपुर के टांडा थाना SHO गुरिन्द्रजीत सिंह नागरा को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। नागरा पर अमेरिका में FBI के ऑपरेशन हार्ड बॉल में एक परिवार से 4 करोड़ रुपए मांगने का आरोप है। केस में नाम आने के बाद SHO को लाइन हाजिर भी किया गया था। FBI द्वारा चलाए गए ऑपरेशन हार्ड बॉल में लॉरेंस और जग्गू भगवानपुरिया जैसे गैंगस्टरों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में नागरा का नाम भी फिरौती मांगने में आया था। DIG नवीन सिंगला ने नागरा को लाइन हाजिर कर SP विनीत अहलावत को जांच सौंपी थी। जांच के बाद शुक्रवार देर रात इंस्पेक्टर नागरा के खिलाफ एक्सटॉर्शन और करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। ये है पूरा मामला… FBI के ऑपरेशन में नागरा का नाम आया था 10 जुलाई को अमेरिका और कनाडा की जांच एजेंसियों ने जॉइंट आपरेशन में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में गैंगस्टर नेटवर्क की जांच की। इसी दौरान जब कैलिफोर्निया में गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच के दौरान भारतीय पुलिस अधिकारी के नाम का जिक्र सामने आया। अमेरिकी परिवार से फिरौती मांगने का आरोप अमेरिकी एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि पंजाब के एक SHO ने गैंग नेटवर्क के साथ मिलकर एक अमेरिकी परिवार से 4 लाख डॉलर की कथित फिरौती मांगने की कोशिश की। जिसका नाम गुरिंदरजीत सिंह नागरा है। उसकी फोटो भी गैंगस्टरों के साथ जारी की गई। AAP वर्कर की हत्या से जुड़ा नाम अमेरिका रह रहे रिटायर ASI चरनजीत सिंह ने शिकायत में कहा था- 15 जनवरी 2026 की शाम करीब 4 बजे होशियारपुर के टांडा के गांव मियाणी में तीन बाइक सवार हमलावरों ने AAP वर्कर और हार्डवेयर कारोबारी बलविंदर सिंह सतकरतार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। SHO नागरा ने रिटायर्ड ASI पर आरोप लगाया टांडा पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। वारदात के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई। 24 मई 2026 को तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि पूछताछ में सामने आया है कि हत्या पारिवारिक रंजिश में करवाई गई। पुलिस के मुताबिक, अमेरिका में रह रहे रिटायर्ड ASI और मृतक के समधी चरनजीत सिंह ने अपनी बेटी के तलाक के मामले की रंजिश में शूटरों को सुपारी दिलवाई। SHO नागरा इस तरह विवाद में फंसे उधर, अमेरिकी एजेंसियों के अनुसार, हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए चरनजीत सिंह और उनके परिवार को बाद में इसी केस में फंसाए रखने और राहत दिलाने के नाम पर 4 लाख डॉलर की कथित मांग की गई। आरोप है कि गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अमेरिका में रह रहे परिवार की जानकारी जुटाकर भारत में अपने कॉन्टैक्ट तक पहुंचाई और फिर इस केस का दबाव बनाकर पैसे मांगने की कोशिश की। अमेरिकी अटॉर्नी बिलाल ए. एसायली ने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम में भारत के कुछ पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका थी। आरोपों में तत्कालीन SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम भी शामिल है। गैंगस्टर भगवानपुरिया का विदेशी हैंडलर भी गिरफ्तार पंजाब के गुरदासपुर बेस्ड गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के विदेशी हैंडलर और गुरदासपुर के ही रहने वाले नितिश कौशल पहले ही अमेरिकी एजेंसी एफबीआई द्वारा अरेस्ट किया जा चुका है। ये गिरफ्तारी बीती रात को कनाडा-अमेरिका बॉर्डर पर की गई। नीतिश को एफबीआई ने तीन दिन पहले ही मोस्ट वांटेड की लिस्ट में डाला था। आपरेशन हार्ड बॉल में उसका पहली बार नाम सामने आया था। उस पर नशा तस्करी और हत्याओं के कई केस दर्ज हैं। अधिकारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच तालमेल और अमेरिकी एजेंसियों के जॉइंट अभियान के बाद यह गिरफ्तारी संभव हो सकी है, जिसके बाद अब भारत प्रत्यर्पण और आगे की जांच से जुड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू होने की उम्मीद है। -------------- पंजाब पुलिस का SHO अमेरिका में वॉन्टेड कैसे बना:समधी पर मर्डर की FIR की, फिर 4 लाख डॉलर की फिरौती मांगी; सस्पेंड किया गया अमेरिका में 4 लाख डॉलर यानी करीब साढ़े 3 करोड़ रुपए की फिरौती के मामले में पंजाब पुलिस के टांडा थाने के SHO गुरिंदरजीत सिंह नागरा को कुर्सी गंवानी पड़ी। होशियारपुर के SSP संदीप मलिक ने नागरा को लाइनहाजिर कर दिया। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। जांच की निगरानी जालंधर रेंज के DIG डॉ. नवीन सिंगला करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
एसआईआर को लेकर भाजपा-चुनाव आयोग पर 'आप' विधायक संजीव झा का हमला, पंजाब कांग्रेस पर भी साधा निशाना
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक संजीव झा ने राष्ट्रीय राजधानी में एसआईआर, चुनाव आयोग, पश्चिम बंगाल में एसआईआर, एजेंसियों के दुरुपयोग और सोनम वांगचुक के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है
वर्ल्ड पीस हार्मोनी ने कोहली को पंजाब अध्यक्ष, पवन गोयल को ऑल इंडिया सेक्रेटरी बनाया
जालंधर| वर्ल्ड पीस हार्मोनी ने संगठनात्मक विस्तार के तहत दो प्रमुख पदों पर नियुक्तियां कीं। संस्था के चेयरमैन हाजी शकील सैफी की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार सुभाष कोहली को पंजाब अध्यक्ष और पवन कुमार गोयल को ऑल इंडिया सेक्रेटरी नियुक्त किया गया। वर्ल्ड पीस हार्मोनी संस्था के मुख्य संरक्षक भारत सरकार के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी है। पवन गोयल और सुभाष कोहली ने जिम्मेदारियां मिलने पर पंजाब में जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के विस्तार का उल्लेख किया।
विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी
जालंधर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास सहित पंजाब में रेलवे और सड़क अवसंरचना से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करते हुए कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार न होने के बावजूद केन्द्र सरकार पंजाब के विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ […] The post विकसित पंजाब के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है केन्द्र सरकार : मोदी appeared first on Sabguru News .
हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी ताकत के साथ यूपी में चुनावी मैदान में उतरेगी। साथ ही पंजाब में भी चुनाव लड़ने की तैयारी चल रही है और जल्द ही वहां से अभियान की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। हाजीपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने कहा कि उनकी पार्टी पंडित से लेकर पासवान तक सभी जातियों, धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने की सोच रखती है। उन्होंने दावा किया कि एलजेपी (रामविलास) अब बिहार तक सीमित नहीं रही, बल्कि झारखंड, नागालैंड, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत कई राज्यों में अपना संगठन मजबूत कर रही है। चुनाव आते ही विभाजनकारी बयान सामने आते उत्तर प्रदेश के मौलाना जर्जिस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था को ठेस पहुंचाने वाली भाषा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि मौलाना की सोच क्या है, लेकिन किसी भी तरह का ऐसा बयान जो लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करे, उचित नहीं है। चुनाव नजदीक आते ही इस तरह के विभाजनकारी बयान सामने आते हैं, लेकिन लोगों को ऐसे बयानों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। 2047 के विकसित भारत पर रहने की अपील चिराग पासवान ने कहा कि देश को 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब समेत देश का हर राज्य, जिला और गांव विकास की राह पर आगे बढ़े। उन्होंने लोगों से चुनावी बयानबाजी से ऊपर उठकर विकास के एजेंडे पर ध्यान देने की अपील की। पंजाब में स्वर्ण मंदिर से शुरू होगा अभियान उन्होंने बताया कि पार्टी जल्द ही पंजाब में चुनावी अभियान शुरू करेगी। इसके लिए वह स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर चुनाव प्रचार का विधिवत शुभारंभ करेंगे। वहीं, उत्तराखंड इकाई ने भी राज्य में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव पार्टी नेतृत्व को भेजा है। बिहार दौरे पर आएंगे प्रधानमंत्री मोदी चिराग पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही बिहार का दौरा करेंगे। इस दौरान वह वैशाली में बनने वाले नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) का शिलान्यास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बिहार के विकास और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जालंधर दौरे के बाद पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने प्रेस वार्ता कर भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान पंजाब के विकास और लंबित मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की, बल्कि आम आदमी पार्टी सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाकर चले गए। चीमा ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव के दौरान दी गई कई प्रमुख गारंटियों को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार जनता के हित में लगातार काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने पंजाब सरकार पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य प्रस्तुत नहीं किए। वित्तमंत्री ने अनदेखी का लगाया आरोप वित्त मंत्री ने केंद्र सरकार पर पंजाब की अनदेखी करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में बाढ़ आई थी, तब राज्य सरकार ने केंद्र से राहत पैकेज की मांग की थी। केंद्र की ओर से सहायता राशि की घोषणा की गई, लेकिन राज्य को उसका लाभ नहीं मिला। चीमा ने पूर्व अकाली दल-भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पंजाब कई गंभीर समस्याओं से जूझता रहा। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पंजाब के लोगों की भलाई और विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
सिरसा में पंजाब के एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर सुसाइड कर लिया। मृतक युवक सिरसा की एक महिला के लिव इन रिलेशनशिप में रहता था। पिछले 5-6 महीनों से ही वह यहां किराए के मकान में रह रहा था। मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह पुत्र गुरचरण सिंह के रूप में हुई है और वह पंजाब से बठिंडा के अमरपुरा बस्ती का रहने वाला था। सूचना पर मृतक के परिजन पंजाब से कालांवाली पहुंचे और पुलिस को बयान दर्ज करवाए। गुरप्रीत की पत्नी की काफी समय पहले मौत हो गई थी और इकलौती बेटी है। गुरप्रीत पिछले पांच-छह माह पहले सिरसा के कालांवाली में आ गया और यहां कुरंगावाली गांव की एक महिला के साथ संपर्क में आ गया। उसी के साथ कालांवाली मंडी में किराए के मकान में लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगा। मानसिक परेशान रहने लगा था गुरप्रीत पुलिस के अनुसार, महिला के पति की मृत्यु हो चुकी है और वह दो बच्चों की मां है। ऐसे में दोनों साथ रहते थे। वीरवार शाम को गुरप्रीत कमरे पर अकेला था और उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद महिला उसे ओढा सरकारी अस्पताल में लेकर पहुंची। जहां से डॉक्टरों ने उसे सिरसा के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने मृतक के भाई निर्मल के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, परिजनों ने बताया कि गुरप्रीत अपनी पत्नी की मौत के बाद मानसिक परेशान रहने लगा था। इसी के चलते उसने यह कदम उठा लिया। महिला भी शव के अंतिम संस्कार तक वहां मौजूद रही। गुरप्रीत मजदूरी करता था और पत्नी की मौत के बाद हताश था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में विजय के लिए अपनी प्लानिंग को साफ कर दिया है। मोदी ने अपने भाषण में आम आदमी पार्टी, कांग्रेस व अकाली दल सभी को जमकर लताड़ा। मोदी ने अपने भाषण से कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संकेत दे दिया कि भाजपा सभी 117 सीटों पर अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। मोदी ने पंजाब के जालंधर दौरे पर एक बार फिर से डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास से ट्रेन में मुलाकात की और अपने भाषण में संत रविदास जी महाराज का उल्लेख किया। इसके जरिए मोदी ने पंजाब के दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की। उधर, हरियाणा में भाजपा सरकार के 24 फसलों पर MSP समेत विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए मोदी ने पंजाब में डबल इंजन सरकार का नैरेटिव सेट किया। मोदी ने कहा कि हरियाणा में भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय बनाकर सिख परंपराओं को संजोने का काम किया। वहीं मोदी मंच पर हरी पगड़ी पहनकर आए जो कि किसानों का ट्रेडमार्क मानी जाती है। मोदी ने हरे रंग की पगड़ी पहनकर संकेत दिया कि भाजपा किसानों की हितैषी है और भाजपा सरकार आने पर किसानों को उनके हक दिए जाएंगे। मोदी ने हरियाणा सरकार की तरफ से किसानों को दी जा रही एमएसपी (MSP) का उदाहरण भी दिया। विकास कार्यों के जरिए तीनों रीजन की 54 विधानसभा सीटें साधने की कोशिश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब दौरे पर कुल 15 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन व शिलान्यास किया। इसमें मालवा के 7, दोआबा के 5 और माझा के 3 प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स से पंजाब के 12 से अधिक प्रमुख जिलों की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को एक नई रफ्तार मिलेगी। मोदी ने इन प्रोजेक्ट्स के जरिए पंजाब की करीब 54 विधानसभा सीटों को टारगेट किया है, जिसमें मालवा क्षेत्र की 23, दोआबा की 20 और माझा की 11 सीटें शामिल हैं। मालवा क्षेत्र के लुधियाना, एस.ए.एस. नगर (मोहाली), रूपनगर (रोपड़), पटियाला, श्री मुक्तसर साहिब और संगरूर जिलों को इसका सबसे बड़ा फायदा मिलने जा रहा है, क्योंकि साउदर्न लुधियाना बाईपास, दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे और आईटी सिटी-कुराली हाईवे इन क्षेत्रों की रोड कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाएंगे; जबकि मुक्तसर, मोहाली व आनंदपुर साहिब रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण और चंडीगढ़ PGI के नए सेंटर्स भी इसी बेल्ट के लोगों को लाभान्वित करेंगे। वहीं दोआबा क्षेत्र के जालंधर, होशियारपुर और कपूरथला जिलों को भारी निवेश मिला है, जिसके तहत जालंधर कैंट व फगवाड़ा (कपूरथला) स्टेशनों का कायाकल्प होगा, राष्ट्रीय राजमार्गों को अपग्रेड किया जाएगा और दौलतपुर चौक-करटोली रेल लाइन व नई ट्रेन से होशियारपुर के कंडी क्षेत्र के लोगों की यात्रा सुगम होगी। इसके साथ ही, माझा क्षेत्र के अमृतसर, पठानकोट और गुरदासपुर जिलों को सीधा लाभ मिलेगा, जहाँ अमृतसर के छेहरटा से वाराणसी के लिए शुरू हुई 'संत रविदास एक्सप्रेस' श्रद्धालुओं को सीधे जोड़ेगी, तथा पठानकोट कैंट व बटाला (गुरदासपुर) स्टेशनों के पुनर्विकास से इन सीमावर्ती जिलों का पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगा। दलित वोट बैंक को साधने में जुटे मोदीपंजाब में दलित वोट बैंक करीब 31 प्रतिशत है। मोदी डेरा सचखंड बल्लां में पहले आ चुके हैं और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम सतगुरु रविदास के नाम पर रख चुके हैं। अब पंजाब से सीधे बनारस के लिए शुरू की गई ट्रेन का नाम संत रविदास एक्सप्रेस रखा है। फरवरी 2027 में संत रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व है। उसी दौर में पंजाब में विधानसभा चुनाव भी होना है। ऐसे में पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बनारस जाएंगे। पंजाब की राजनीति में डेरों का बेहद गहरा प्रभाव है, प्रधानमंत्री इस बात को भली-भांति जानते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन में डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख संत निरंजन दास के साथ मुलाकात की। नरेंद्र मोदी ने इस मुलाकात से एक बार फिर से पंजाब के दलित वर्ग को साधने की कोशिश की। डेरा सचखंड बल्लां के प्रमुख से मोदी की पांच महीने में यह दूसरी मुलाकात है। इससे पहले नरेंद्र मोदी राधा स्वामी डेरा ब्यास के प्रमुख से भी मुलाकात कर चुके हैं। दोआबा के साथ-साथ इन दोनों डेरों का प्रभाव पंजाब के अन्य सभी जिलों और मालवा-माझा क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से फैला हुआ है। स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन विभिन्न डेरों और आध्यात्मिक शक्तियों के माध्यम से ग्रामीण व जमीनी स्तर पर पंजाब में अपनी पैठ मजबूत करने की पुरज़ोर कोशिश में है। मोदी ने इसके जरिए पंजाब के 31 प्रतिशत दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश की, जिसका सीधा असर दोआबा की 23 में से 14-15 सीटों पर दिखेगा। हरियाणा में सिख संग्रहालय कर पंजाब के वोटर्स को साधाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद में सिख संग्रहालय का शिलान्यास करके एक बड़ा चुनावी मास्टरस्ट्रोक खेला है, जिसका सीधा लक्ष्य पंजाब के सिख वोटर्स को साधना है। जींद में इस ऐतिहासिक परियोजना की नींव रखने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री पंजाब पहुंचे, जो उनकी सोची-समझी रणनीति को दर्शाता है। मोदी ने पंजाब में इसका बाकायदा जिक्र भी किया कि हरियाणा की भाजपा सरकार ने सिख संग्रहालय का निर्माण किया। पंजाब की राजनीति में सिखों की धार्मिक अस्मिता हमेशा से सबसे बड़ा मुद्दा रही है। शिरोमणि अकाली दल (SAD) से अलग होने के बाद, भाजपा पंजाब में स्वतंत्र रूप से अपनी पैठ बनाने के लिए 'सांस्कृतिक सम्मान' का कार्ड खेल रही है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में सिखों के गौरवशाली इतिहास को सहेजने वाले इस संग्रहालय के जरिए मोदी ने पंजाब के ग्रामीण और पंथिक सिखों को संदेश दिया है कि भाजपा उनकी समृद्ध विरासत का सच्चा सम्मान करती है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, यह कदम पार्टी को केवल 'शहरी हिंदुओं' के टैग से बाहर निकालकर समूचे सिख समाज में पैठ बनाने में मदद करेगा। हरी पगड़ी पहनकर किसान हितैषी का दिया संदेशप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के दौरान विशेष रूप से हरे रंग की पगड़ी धारण की। मंच से इस पारंपरिक रंग की दस्तार में नजर आकर उन्होंने सीधे तौर पर खुद को बड़ा किसान हितैषी दिखाने का मजबूत संदेश दिया। चूंकि हरा रंग पंजाब की खेती, फसलों और देश के अन्नदाता (किसानों) की पहचान का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पीएम मोदी का यह रूप पिछले कुछ वर्षों की राजनीतिक तल्खी और कृषि आंदोलनों के गतिरोध को भुलाकर ग्रामीण मतदाताओं से सीधा भावनात्मक जुड़ाव बनाने की एक बड़ी और गंभीर कोशिश है। आप-शिअद व कांग्रेस पर निशाना साधाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए और यह नैरेटिव सेट करने की कोशिश की कि पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद पर सरकार कुछ नहीं कर पाई। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां तक कह दिया कि दिल्ली में इनके नेता को आईबी अधिकारी की हत्या का दोषी पाया गया और कोर्ट ने सजा दी, पर इनके नेता कोर्ट पर ही सवाल खड़े करने लगे हैं। ऐसा ही गुजरात में हुआ; इनके एमएलए को फिरौती मांगने के मामले में गिरफ्तार किया गया। इसलिए इनका कैरेक्टर ही ऐसा है। कांग्रेस पर तंज कसा कि वहां कुर्सी के लिए लड़ाई चल रही है, और शिअद को कहा कि उन्हें पंजाब की कोई चिंता नहीं है। मोदी ने पंजाबियों को यह बताने की कोशिश की कि अब विकास और कानून व्यवस्था के लिए भाजपा ही उनके पास विकल्प है। ************* पीएम के दौरे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें: PM मोदी बोले- AAP सरकार की कर्ज पर मौज: कांग्रेस में कुर्सी का रोना-धोना, अकाली अपनी उलझन में; पंजाब में BJP ही बदलाव लाएगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (17 जुलाई) को जालंधर रैली में कहा- पंजाब में कट्टर बेईमान पार्टी (AAP) की सरकार है। यहां की सरकार कर्ज पर मौज कर रही है। इस पार्टी ने किसानों और बहन-बेटियों के साथ धोखा किया है। लॉ एंड ऑर्डर के ये हालात हैं कि कब कहां गैंगवार हो जाए, कहां किस दिशा से गोलियां चलने लगें, कोई कह नहीं सकता। व्यापार-कारोबार करना मुश्किल हो चुका है। थानों पर अटैक हो रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर) PM के चंडीगढ़ दौरे के मोमेंट्स: मोदी की स्टेज पर कांग्रेस सांसद; उद्घाटन पत्थर पर सीएम मान का नाम; बच्चे की कैप पर ऑटोग्राफ दिया हरियाणा के जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ और पंजाब दौरे पर पहुंचे। चंडीगढ़ में पीएम ने 4700 करोड़ रुपए के 10 प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके बाद वह जालंधर पहुंच गए हैं। यहां उन्होंने देश के 75 अमृत भारत स्कीम वाले रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन किया। उद्घाटन पत्थर पर सीएम भगवंत मान का भी नाम लिखा है। (पढ़ें पूरी खबर)
संगरूर में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम में हलका विधायक नरिंदर कौर ने विशेष तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम में पहुंचने पर स्थानीय निवासियों द्वारा फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस जनसभा के दौरान विधायक ने पंजाब की मान सरकार द्वारा पिछले समय में किए गए विकास कार्यों का पूरा ब्यौरा जनता के सामने प्रस्तुत किया। जनता को संबोधित करते हुए विधायक नरिंदर कौर ने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने चुनाव के समय किए गए अपने सभी वादों और दी गई गारंटियों से कहीं बढ़कर काम करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि आज सरकार की जनहितैषी नीतियों के कारण उसे हर वर्ग का पूरा समर्थन मिल रहा है। संगरूर के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए विधायक ने कहा कि शहर की जो सड़कें अभी अधूरी हैं, उनका निर्माण कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। सीवरेज की समस्या को भी शीघ्र ही ठीक कर दिया जाएगा, क्योंकि इसके लिए नई पाइपें बिछाई जा चुकी हैं। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्त रुख, कहा— 'शहर को गंदगी में नहीं धकेल सकते' पिछले कुछ दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दे पर विधायक नरिंदर कौर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह अजीब बात है कि पक्के (स्थायी) कर्मचारी भी हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि कच्चे (अस्थायी) कर्मचारियों की संख्या बेहद कम है।लोकतांत्रिक व्यवस्था में धरना देना हर किसी का अधिकार है, कर्मचारी धरना दे सकते हैं। लेकिन पक्के कर्मचारियों को तुरंत अपने काम पर लौटना चाहिए। जहाँ तक कच्चे कर्मचारियों की जायज मांगों का सवाल है, मैं खुद उनकी आवाज बनकर उनकी मांगें मुख्यमंत्री भगवंत मान तक पहुंचाऊंगी। हड़ताल जारी रही तो बाहर से बुलाए जाएंगे कर्मचारी विधायक ने आंदोलनकारी कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने कचरा न उठाकर पूरे शहर को गंदगी के ढेर की ओर धकेल दिया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि इसी वजह से आज शहर से कचरा उठाने के लिए निजी (प्राइवेट) लोगों को काम पर बुलाना पड़ा है। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की हड़ताल इसी तरह जारी रहती है, तो शहरवासियों को परेशानी से बचाने के लिए लोगों के घरों से कचरा उठाने के लिए भी बाहर से वैकल्पिक कर्मचारियों को काम पर रख लिया जाएगा।
अपनी लंबित मांगों को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे सफाई सेवकों का गुस्सा शुक्रवार को चरम पर पहुंच गया। जगराओं में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पुतले का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर सरकार के खिलाफ अपना तीखा रोष जाहिर किया। सफाई सेवक यूनियन के प्रधान अरुण गिल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने नगर कौंसिल कार्यालय से मुख्यमंत्री के पुतले की बाकायदा 'शव यात्रा' निकाली, जो शहर के प्रमुख झांसी चौक पर जाकर समाप्त हुई। इस दौरान कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यदि भविष्य में पंजाब के किसी भी जिले में सफाई सेवकों या नगर निगम कर्मचारियों पर दोबारा लाठीचार्ज हुआ या उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया, तो पूरे पंजाब के सफाई कर्मचारी और विभिन्न सामाजिक संगठन मिलकर सूबे में एक बड़ा और व्यापक आंदोलन शुरू कर देंगे। इसके कारण शहरों की सफाई व्यवस्था ठप होने से अगर जनजीवन प्रभावित होता है, तो उसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। संगरूर लाठीचार्ज के विरोध में भड़का आंदोलन यूनियन नेताओं ने बताया कि यह तीखा प्रदर्शन न सिर्फ उनकी लंबित मांगों को लेकर है, बल्कि संगरूर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज और यूनियन प्रतिनिधियों को हिरासत में लेने की घटना के विरोध में किया गया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे सफ़ाई सेवकों पर बल प्रयोग करके उनके मौलिक अधिकारों का हनन किया गया है।प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले में स्थानीय विधायक की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई है। मौके पर पहुंचे तहसीलदार, सौंपा मांग-पत्र प्रदर्शन और चक्का जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार रेशम सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को शांत करवाया और उनसे बातचीत कर उनकी सभी मांगें सुनीं। तहसीलदार ने यूनियन का मांग-पत्र प्राप्त कर उसे जल्द से जल्द पंजाब सरकार तक पहुंचाने का लिखित आश्वासन दिया। हालांकि, कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस और लिखित फैसला नहीं होता, तब तक उनकी हड़ताल और आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा। यूनियन की प्रमुख मांगें (Charter of Demands)
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' में लाभार्थियों के पंजीकरण के मामले में लुधियाना राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गया है। 14 जुलाई, 2026 तक जिले में 7.4 लाख महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है, जो पंजाब के सभी जिलों में सबसे अधिक है। वहीं, पूरे राज्य में अब तक 68.9 लाख लाभार्थियों का इस योजना के तहत पंजीकरण हो चुका है। पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि लुधियाना के बाद पटियाला में 5.3 लाख, अमृतसर में 4.9 लाख, जालंधर में 4.8 लाख, गुरदासपुर में 4.4 लाख और होशियारपुर में 4.2 लाख लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है। दूसरी ओर, मलेरकोटला में सबसे कम 1.3 लाख पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इन कारणों से लुधियाना रहा सबसे आगे डॉ. बलजीत कौर ने मीडिया से कहा कि लुधियाना, पटियाला, अमृतसर, जालंधर, गुरदासपुर और होशियारपुर जैसे जिलों में अधिक पंजीकरण होने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। इनमें बड़ी आबादी, मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के प्रति लोगों में अधिक जागरूकता शामिल है। उन्होंने कहा कि इन जिलों में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों की आबादी अधिक है। विधानसभा क्षेत्रों की संख्या भी ज्यादा होने के कारण पात्र परिवारों की संख्या स्वाभाविक रूप से अधिक है। इसके अलावा लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे बड़े शहर रोजगार, शिक्षा और व्यापार के प्रमुख केंद्र होने के कारण आसपास के जिलों के लोगों को भी आकर्षित करते हैं, जिससे यहां की आबादी लगातार बढ़ी है। प्रशासनिक व्यवस्था और जागरूकता अभियान बने बड़ी वजह मंत्री ने बताया कि इन जिलों में जन्म पंजीकरण, आधार कार्ड, बैंक खाते और अन्य जरूरी दस्तावेजों की उपलब्धता बेहतर होने से पात्र महिलाओं का पंजीकरण तेजी से हो सका। जिला प्रशासन, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय संस्थाओं ने घर-घर पहुंचकर लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया और पात्र महिलाओं का पंजीकरण सुनिश्चित कराया। उन्होंने कहा कि आवेदन पत्रों की समयबद्ध जांच और सत्यापन प्रक्रिया पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा सका। सरकार की पूरी मशीनरी योजना को सफल बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। कम आबादी वाले जिलों में कम पंजीकरण डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि मलेरकोटला जैसे कम आबादी वाले जिलों में पात्र परिवारों की संख्या अपेक्षाकृत कम है। यही कारण है कि वहां पंजीकरण की संख्या भी अन्य बड़े जिलों की तुलना में कम रही। जिलेवार पंजीकरण (लाख में)जिला लाभार्थीलुधियाना 7.4पटियाला 5.3अमृतसर 4.9जालंधर 4.8गुरदासपुर 4.4होशियारपुर 4.2बठिंडा 3.8संगरूर 3.6फाजिल्का 2.9श्री मुक्तसर साहिब 2.7मोगा 2.6तरनतारन 2.6फिरोजपुर 2.5मानसा 2.4फरीदकोट 1.8पठानकोट 1.8रूपनगर 1.8कपूरथला 1.7एसएएस नगर (मोहाली) 1.7बरनाला 1.6एसबीएस नगर 1.6फतेहगढ़ साहिब 1.5मलेरकोटला 1.3 -कुल पंजीकृत लाभार्थी (14 जुलाई 2026 तक): 68.9 लाख।
होशियारपुर के दसूहा में भोले-भले लोगों को निशाना बनाकर एटीएम कार्ड बदलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दसूहा पुलिस ने गिरोह के एक शातिर सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी फिल्मी स्टाइल में गाड़ी भगाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। दसूहा पुलिस ने पकड़े गए आरोपी किशन और उसके फरार साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। स्थानीय इलाके में आरोपियों की कार भागने का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। जानिए कैसे शिकंजे में फंसा: शक होने पर लोगों ने कड़ा, फिर पुलिस को बुलाया मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह अड्डा रंधावा शुगर मिल के पास स्थित एक निजी कंपनी के एटीएम को निशाना बना रहा था। एटीएम से पैसे निकालने आए कुछ लोगों को आरोपी की हरकतों पर शक हो गया। सजग नागरिकों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और आरोपी को दबोचकर वहीं बांधकर बैठा लिया और मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस को देख फिल्मी स्टाइल में कार लेकर भागे साथी घटना की सूचना मिलते ही जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो बाहर कार में इंतजार कर रहे गिरोह के अन्य दो साथी सतर्क हो गए। पुलिस को आता देख वे अपनी कार को बेहद तेज रफ्तार में फिल्मी स्टाइल में भगाकर ले गए। चश्मदीदों के मुताबिक मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने अपनी कार से आरोपियों का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन इलाके में भारी भीड़ (ट्रैफिक) होने के कारण आरोपी चकमा देकर भागने में सफल रहे। हरियाणा का रहने वाले हैं आरोपी, पूरे पंजाब में सक्रिय जांच अधिकारी गुरबचन सिंह ने बताया कि पुलिस को एटीएम में हेराफेरी की सूचना मिली थी। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान किशन पुत्र शिशुपाल, निवासी मसूदपुर, जिला हांसी (हरियाणा) के रूप में हुई है।पूछताछ के दौरान आरोपी किशन ने कबूल किया कि वह अपने साथी सतीश कुमार और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर इस गिरोह को चला रहा था। यह गिरोह मूल रूप से हरियाणा का है, लेकिन पूरे पंजाब में सक्रिय था। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम- बूढ़े बुजुर्ग निशाने पर पूछताछ में आरोपी ने गिरोह के काम करने के तरीके का बड़ा खुलासा किया। गिरोह के सदस्य पंजाब के अलग-अलग शहरों के एटीएम में घुस जाते थे और वहां आने वाले बुजुर्गों व महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। पैसे निकलवाने में मदद करने के बहाने ये शातिर अपराधी उनका एटीएम पिन (पासवर्ड) देख लेते थे। असली कार्ड लेकर थमा देते थे नकली कार्ड मदद के दौरान ही ये बड़ी चालाकी से असली एटीएम कार्ड बदल देते थे और पीड़ित को उसी बैंक या कंपनी का दूसरा फर्जी/पुराना कार्ड थमा देते थे। असली कार्ड और पिन हाथ में आते ही ये किसी दूसरे एटीएम पर जाकर पीड़ित के खाते से सारे पैसे साफ कर देते थे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने चिकित्सा पाठ्यक्रमों (MBBS, BDS, AYUSH) में प्रवेश के लिए आयोजित देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस साल 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित हुई परीक्षा के बाद एनटीए ने रिकॉर्ड समय में रिजल्ट जारी कर काउंसलिंग और एडमिशन का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है।इस साल देश भर के लगभग 20 लाख छात्र-छात्राओं ने इस कठिन परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से 11.21 लाख कैंडिडेट्स ने सफलता हासिल की है। इस बार के नतीजों में उत्तर और मध्य भारत के राज्यों का दबदबा रहा है, जिसमें पंजाब, हरियाणा और राजस्थान समेत 8 राज्यों के होनहारों ने टॉप 17 रैंक में बाजी मारी है।पंजाब-हरियाणा नंबर-1: इन दो सूरमाओं ने हासिल की AIR 1NEET UG 2026 की परीक्षा में पंजाब और हरियाणा के छात्रों ने संयुक्त रूप से देश में पहला स्थान प्राप्त किया है:संयुक्त टॉपर: पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल की है।स्कोर: दोनों ही मेधावी छात्रों ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर इतिहास रच दिया।टॉप 17 रैंकर्स: 705 से अधिक अंक पाने वाले टॉप 17 रैंकर्स देश के 8 प्रमुख राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना) से आते हैं।नीट यूजी 2026: टॉप-10 अभ्यर्थियों की सूची और स्कोरएनटीए द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के टॉप 10 स्टूडेंट्स की सूची उनके अंक और पर्सेंटाइल के साथ नीचे दी गई है:रैंक (Rank)छात्र का नाम (Name)राज्य (State)श्रेणी (Category)प्राप्त अंक (Score)पर्सेंटाइल (%)1आर्यन गुप्तापंजाबसामान्य (पुरुष)71599.9999%1पंशुल बंसलहरियाणासामान्य (पुरुष)71599.9999%3उपलक्ष्य गोयलराजस्थानसामान्य (पुरुष)71499.99985%4आयुष भालोटियाबिहारसामान्य (पुरुष)71399.99965%4कुडाले श्रावणी कृष्णामहाराष्ट्रओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4रिया रंजनबिहारओबीसी-एनसीएल (महिला)71399.99965%4आर्यन दुबेउत्तर प्रदेशसामान्य (पुरुष)71399.99965%8गीतांश सरीनपंजाबसामान्य (पुरुष)71299.99915%8गौरव सिंहराजस्थानओबीसी-एनसीएल (पुरुष)71299.99915%8मोहनीश मारुति भोसलेमहाराष्ट्रसामान्य (पुरुष)71299.99915%स्कोर ब्रेकडाउन: किस स्कोर पर कितने छात्र?इस साल 600 से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों की संख्या काफी अच्छी रही है, जो कट-ऑफ और तगड़े कॉम्पिटिशन को दर्शाती है:700 से ज्यादा नंबर: देश भर में कुल 19 उम्मीदवारों ने 700 या उससे ज्यादा का स्कोर खड़ा किया है।690 से ज्यादा नंबर: कुल 138 अभ्यर्थियों ने 690 से अधिक अंक बटोरे हैं।650 से ज्यादा नंबर: कुल 1,492 स्टूडेंट्स ने 650 से अधिक अंक अर्जित किए।600 से ज्यादा नंबर: कुल 10,160 छात्र 600+ क्लब में शामिल होने में सफल रहे हैं।केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के टॉपर्स:दुर्गम क्षेत्रों से भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। लद्दाख से जिग्मेत यांगचन लामो (530 अंक), अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप से फहमिदा अनीस (573 अंक) अपने-अपने क्षेत्र में टॉपर रहे हैं।छात्राओं ने फिर गाड़े सफलता के झंडे (58% से ज्यादा हिस्सेदारी)इस साल की परीक्षा में भी बेटियों का दबदबा पूरी तरह कायम रहा। एनटीए के अनुसार, इस साल कुल क्वालिफाई हुए 11.21 लाख अभ्यर्थियों में से 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं हैं। इसके अलावा, सबसे बेहतरीन रैंक हासिल करने वाले ज्यादातर छात्र और छात्राओं की उम्र 17 से 19 साल के बीच दर्ज की गई है।पेपर लीक विवाद के बाद 21 जून को दोबारा हुई थी परीक्षायाद दिला दें कि चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पहले यह परीक्षा 9 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन देशव्यापी स्तर पर पेपर लीक होने के गंभीर आरोपों के बीच एनटीए ने 12 मई को इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द कर दिया था। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल सीबीआई (CBI) कर रही है। इसके बाद पूरी पारदर्शिता बरतते हुए 21 जून 2026 को भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में फैले 5,440 केंद्रों पर परीक्षा का दोबारा शांतिपूर्ण आयोजन किया गया। यह परीक्षा कुल 13 भाषाओं (अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, मराठी, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, ओडिया, पंजाबी, असमिया और उर्दू) में आयोजित हुई थी।काउंसलिंग के लिए देश में कुल MBBS सीटों का गणितरिजल्ट समय पर जारी होने से अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और विभिन्न राज्यों के शिक्षा विभाग तय समय पर काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। देश भर में मेडिकल की कुल सीटों का विवरण इस प्रकार है:कुल उपलब्ध MBBS सीटें: लगभग 1,08,000 सीटेंसरकारी मेडिकल कॉलेज (Government Colleges): लगभग 56,000 सीटें (कम फीस और उच्च प्राथमिकता)निजी मेडिकल कॉलेज (Private Colleges): लगभग 52,000 सीटेंएनटीए ने स्पष्ट किया है कि परिणाम प्रक्रिया में कुछ बड़े तकनीकी और प्रशासनिक बदलाव (जैसे विभिन्न चरणों को समानांतर चलाना और ओएमआर आपत्तियों को आंसर की से अलग रखना) करके नतीजे समय पर घोषित किए गए हैं ताकि छात्रों का पूरा शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को प्रस्तावित पंजाब दौरे को देखते हुए राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी के तहत गुरुवार देर रात पटियाला रेंज के चार जिलों-पटियाला, संगरूर, बरनाला और मालेरकोटला में व्यापक ‘नाइट डोमिनेशन’ अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व बरनाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सरफराज आलम ने किया। एसएसपी सरफराज आलम ने बताया कि पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के निर्देश पर पूरे राज्य में रात के समय विशेष चेकिंग और नाकेबंदी अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अपराधियों पर शिकंजा कसना, संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। संवेदनशील स्थानों पर सघन तलाशी अभियान पटियाला रेंज के चारों जिलों में करीब 600 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। पटियाला में 12 स्थानों पर नाकेबंदी की गई और 25 पेट्रोलिंग पार्टियां सक्रिय रहीं। इसी तरह, संगरूर में 16, बरनाला में 11 और मालेरकोटला में 8 स्थानों पर विशेष नाकेबंदी की गई। पुलिस टीमों ने होटलों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सघन तलाशी अभियान भी चलाया। संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर सीसीटीवी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर संबंधित क्षेत्र में तुरंत पेट्रोलिंग पार्टी भेजी गई। एसएसपी सरफराज आलम ने बताया कि उन्हें इस विशेष अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी इसी तरह के ‘नाइट डोमिनेशन’ अभियान और अचानक चेकिंग जारी रहेगी, ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ लोगों में सुरक्षा का विश्वास और मजबूत किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे के मद्देनजर पटियाला पुलिस हाई अलर्ट पर है। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस टीमें रेलवे स्टेशन, होटलों, गेस्ट हाउसों और धर्मशालाओं में ठहरे लोगों के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, शहर में प्रवेश करने वाले वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन किया एसपी सिटी संजीव सिंगला ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने पुष्टि की कि सभी होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में ठहरे प्रत्येक व्यक्ति का सत्यापन किया जा रहा है और उनके रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जिले भर में बड़े पैमाने पर नाकाबंदी पुलिस ने यह भी बताया कि जिले भर में बड़े पैमाने पर नाकाबंदी की गई है और प्रमुख स्थानों पर पुलिस टीमें लगातार चेकिंग कर रही हैं। शहर में असामाजिक और संदिग्ध तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है। एसपी सिटी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पटियाला पुलिस पूरी तरह सतर्क है और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है।
संगरूर पुलिस ने जिले में अपराधियों और संदिग्ध तत्वों के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए भवानीगढ़ क्षेत्र में एक वृहद चेकिंग और विशेष नाकाबंदी अभियान चलाया। आज की गई इस मुस्तैद कार्रवाई के तहत पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों को मुख्य राजमार्गों (हाईवे) पर तैनात किया गया, जिससे भवानीगढ़ और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी नजर आई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष अभियान पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के कड़े दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए चलाया गया। डीजीपी के आदेशों के तहत भवानीगढ़ क्षेत्र को जोड़ने वाले चार मुख्य राष्ट्रीय व राज्यीय राजमार्गों पर भारी पुलिस बल के साथ बड़े और स्थाई चेकपॉइंट (नाके) स्थापित किए गए हैं, जहां से गुजरने वाले हर संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है। शिफ्टिंग चेकपॉइंट के जरिए पैनी नजर मुख्य नाकों के अतिरिक्त, पुलिस द्वारा रणनीति के तहत विभिन्न आंतरिक मार्गों और संवेदनशील चौराहों पर 'शिफ्टिंग चेकपॉइंट' (अचानक लगने वाले अस्थाई नाके) भी लगाए गए। इन अचानक बदले जाने वाले नाकों का उद्देश्य संदिग्ध अपराधियों की आवाजाही को पूरी तरह से रोकना है। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस व्यापक चेकिंग का मुख्य उद्देश्य पूरे इलाके में अमन-शांति व कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है, ताकि आम नागरिकों और व्यापारियों के भीतर सुरक्षा की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। एसएसपी बोले- अब तेज होगी चेकिंग संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने इस विशेष अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि जिले में किसी भी असामाजिक तत्व या गैंगस्टर को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस बेहद सख्त रवैया अपनाएगी। एसएसपी ने बताया कि यह कोई एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले समय में भी ऐसे औचक चेकिंग और विशेष घेराबंदी अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि अपराधियों के हौसले पस्त किए जा सकें।
बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगेगा ताला! बिना माता-पिता की इजाजत नहीं खुलेगा खाता
डिजिटल युग में बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास पर सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में एक बड़ा और सख्त कदम उठाया जा रहा है। पाकिस्तान के सबसे बड़े और प्रभावशली पंजाब प्रांत की विधानसभा में एक ऐसा अभूतपूर्व प्रस्ताव पेश किया गया है, जो अगर कानून में बदलता है तो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावकों की लिखित अनुमति के बिना किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपना अकाउंट नहीं खोल पाएंगे। इस कदम के बाद अब पड़ोसी देश में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल लत को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) की विधायक का मास्टरस्ट्रोक: सारा अहमद ने पेश किया देश का पहला अनोखा प्रस्तावपंजाब विधानसभा में यह ऐतिहासिक और अपनी तरह का पहला अनूठा प्रस्ताव सत्तारूढ़ गठबंधन की प्रमुख सहयोगी पार्टी 'इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी' (IPP) की विधायक सारा अहमद द्वारा मंगलवार 14 जुलाई 2026 को पेश किया गया। सारा अहमद, जो पंजाब बाल संरक्षण ब्यूरो (Punjab Child Protection Bureau) की अध्यक्ष भी हैं, उन्होंने बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को पटल पर रखा। सारा अहमद ने प्रांतीय सरकार से न केवल अपने राज्य में इसे लागू करने की मांग की है, बल्कि प्रांतीय प्रशासन के जरिए देश की संघीय (केंद्र) सरकार से भी पूरे पाकिस्तान में बच्चों के लिए समान रूप से डिजिटल सुरक्षा कानून बनाने की पुरजोर सिफारिश की है।क्यों पड़ी इस कड़े कानून की जरूरत? साइबर उत्पीड़न और डिजिटल एडिक्शन से बचाने की राज्य की नैतिक जिम्मेदारीप्रस्ताव के मसौदे में इस बात को बेहद गंभीरता से रेखांकित किया गया है कि देश के बच्चों का शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना किसी भी कल्याणकारी राज्य की संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है। आधुनिक समय में सोशल मीडिया तक बच्चों की अनियंत्रित और अनियंत्रित पहुंच के कारण वे लगातार साइबर बुलिंग (Cyber Bullying), ऑनलाइन यौन शोषण, अनुचित एवं अश्लील सामग्री, भारी मानसिक तनाव, गंभीर अवसाद और खतरनाक डिजिटल एडिक्शन (Digital Addiction) का शिकार हो रहे हैं। इन बढ़ते खतरों को रोकने के लिए सिर्फ पारिवारिक समझ नहीं, बल्कि एक मजबूत और प्रभावी कानूनी संरक्षण चक्र की तत्काल आवश्यकता है।पीटीए (PTA) से सख्त ऐज वेरिफिकेशन की मांग: सोशल मीडिया कंपनियों को लागू करना होगा कड़ा सुरक्षा तंत्रइस नए कानून के प्रस्ताव में सिर्फ प्रतिबंध लगाने की बात नहीं की गई है, बल्कि इसे धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए एक तकनीकी ढांचा तैयार करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार, पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (PTA - Pakistan Telecommunication Authority) को देश में संचालित होने वाले सभी वैश्विक सोशल मीडिया दिग्गजों (जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक और एक्स) के लिए एक बेहद प्रभावी और अनिवार्य ऐज वेरिफिकेशन सिस्टम (Age Verification System) लागू करना होगा। इस मजबूत तकनीकी फिल्टर के लागू होने के बाद ही यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि कोई भी कम उम्र का बच्चा अपनी सही उम्र छुपाकर या फर्जी प्रोफाइल बनाकर इन प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल न कर सके।वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है बच्चों पर पहरा: ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ की तर्ज पर तैयारीपाकिस्तान के पंजाब प्रांत में आया यह प्रस्ताव किसी एक देश की सोच नहीं है, बल्कि वर्तमान में पूरी दुनिया की सरकारें बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को लेकर बेहद गंभीर हो चुकी हैं। चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक शोधों में लगातार यह साबित हो रहा है कि अत्यधिक सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह बर्बाद कर रहा है। इसी के मद्देनजर हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ (EU) के कई सदस्य देशों ने अपने यहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स तक बच्चों की पहुंच को सीमित करने के लिए सख्त आयु-आधारित प्रतिबंध और कानून लागू किए हैं। इसी राह पर चलते हुए अब पड़ोसी देश भी बच्चों के सुनहरे और सुरक्षित भविष्य के लिए इस कड़े नियमन की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तरनतारन पुलिस ने सीमा पार से हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 8 अवैध पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के संबंध पाकिस्तानी तस्करों से जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की जांच आगे जारी है। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व और फिरोजपुर रेंज के डीआईजी स्नेहदीप शर्मा के मार्गदर्शन में एसएसपी तरन तारन सुरेंद्र लांबा ने उपद्रवी तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया था। इसीके तहत सीआईए स्टाफ तरनतारन के इंस्पेक्टर रूपिंदरपाल सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने हथियार तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कार्रवाई की। पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी के आधार पर सीआईए स्टाफ तरनतारन को पता चला कि जसकरण सिंह उर्फ करण (निवासी चुसलवार) और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श (निवासी चुसलवार) कथित तौर पर पाकिस्तानी तस्करों के संपर्क में थे। ये आरोपी सीमा पार से अवैध हथियार हासिल कर पंजाब के विभिन्न जिलों में उनकी सप्लाई करते थे। अवैध विदेशी पिस्तौल बरामद की गईं कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को बसारके गांव के पास मोटरसाइकिल नंबर PB02 CT-2293 पर सवार होकर जाते समय गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से अवैध विदेशी पिस्तौल बरामद की गईं, जिन्हें वे कथित तौर पर आगे बेचने की तैयारी में थे। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज गिरफ्तारी के दौरान सीआईए स्टाफ तरनतारन की टीम ने विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की। तलाशी लेने पर आरोपियों के किट बैग से कुल 8 अवैध पिस्तौल और मैगजीन बरामद हुईं। तरन तारन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला संख्या 189, दिनांक 14.07.2026 को शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज कर लिया है। पाकिस्तान के मलिक नामक तस्कर के संपर्क में मोटरसाइकिल नंबर PB02-CT-2293 भी बरामद की गई और आरोपियों से आगे की पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी जसकरण सिंह उर्फ करण और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श के कथित तौर पर पाकिस्तान के तस्करों से संबंध हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पाकिस्तान के मलिक नामक तस्कर के संपर्क में थे। नाबालिग साथी भी हथियार तस्करी में शामिल आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने ये हथियार पाकिस्तान से मंगवाए थे और इन्हें आगे विभिन्न लोगों तक पहुंचाना था। पुलिस के अनुसार, उनका एक अन्य नाबालिग साथी भी हथियार तस्करी में शामिल है। तरनतारन पुलिस ने नाबालिग आरोपी को हिरासत में लेकर किशोर न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे निरोध गृह भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है वहीं, गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों को भी अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पूछताछ के दौरान आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज होशियारपुर के मुकेरियां में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सीएम मान ने साफ शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य सत्ता का सुख भोगना नहीं, बल्कि पंजाब के लोगों के जीवन में खुशहाली लाना है। जनता के भारी जनसमर्थन के बीच उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और समाज कल्याण के क्षेत्र में किए गए हर वादे को ज़मीनी स्तर पर सच कर दिखाया है। विरोधी दलों पर बोला तीखा हमला मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर जमकर राजनीतिक तीर चलाए। उन्होंने विपक्षी दलों की अंदरूनी कलह और उनके पिछले शासनकाल पर सवाल खड़े किए: कांग्रेस की अंतर्कलह पर तंज: कांग्रेस केवल सत्ता की मलाई चाटने के लिए लड़ रही है। इनके नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होने को तैयार नहीं हैं क्योंकि हर किसी को सिर्फ सीएम की कुर्सी चाहिए। राहुल गांधी जिस बस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे, उसमें सवार नेता आपस में ही लड़कर ज़ख्मी हो जाएंगे। सीएम मान ने यह भी दावा किया कि कांग्रेसी नेताओं ने सत्ता में आने पर जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद करने की बात कही है। अकालियों को घेरा: अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब के समझदार लोगों ने अकालियों को राजनीतिक गुमनामी में धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अकालियों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया, माफियाओं और गैंगस्टरों को पनाह दी और युवाओं को नशे के दलदल में धकेला। उन्होंने संकल्प दोहराया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के ज़िम्मेदार लोगों को कभी माफ नहीं किया जाएगा और वे सलाखों के पीछे जाएंगे। नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला: शिक्षा में पंजाब देश में अव्वल मुख्यमंत्री ने शिक्षा को गरीबी और सामाजिक समस्याओं का एकमात्र स्थायी समाधान बताते हुए कहा कि - नीति आयोग द्वारा जारी ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश में पहला स्थान हासिल किया है। यह पिछले चार वर्षों में शिक्षकों के आधुनिक प्रशिक्षण, स्मार्ट क्लासरूम और बेहतर बुनियादी ढांचे पर किए गए हमारे काम का नतीजा है। 'आप' सरकार की प्रमुख उपलब्धियां और योजनाएं सीएम भगवंत मान ने मंच से अपनी सरकार की रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कई बड़ी घोषणाओं और आंकड़ों को जनता के सामने रखा: 'मांवां-धीयां सत्कार योजना' पर बड़ा अपडेट महिलाओं के सशक्तिकरण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि… जो महिलाएं जुलाई महीने में किसी कारणवश पंजीकरण (Registration) नहीं करा सकीं, उन्हें घबराने की ज़रूरत नहीं है। अगस्त में उन्हें तीन महीने की राशि एक साथ दी जाएगी। जब तक हमारी सरकार है, यह योजना कभी बंद नहीं होगी। 'एक्स' (Twitter) पर साझा किया जनता के प्रति आभार जनसभा के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “मुकेरियां की पवित्र धरती पर मुझे जो प्रेम, स्नेह और विश्वास मिला है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मुफ्त बिजली, बेहतर स्कूल, महिलाओं को वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य सेवाएं अब पंजाब की वास्तविकता बन चुके हैं। आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से देश का नंबर एक राज्य बनाने की इस यात्रा को आगे बढ़ाएं।”
अमृतसर के खासा स्थित बीएसएफ कैंप में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमों के बीच अंतर-जिला फुटबॉल टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। यह प्रतियोगिता 19 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। टूर्नामेंट का उद्घाटन पंजाब फ्रंटियर जालंधर के आईजी डॉ. अतुल फुलजेले, आईपीएस, सीमांत मुख्यालय जालंधर, अमृतसर सेक्टर मुख्यालय के डीआईजी एसएस चंदेल और अन्य अधिकारियों ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान बीएसएफ अधिकारियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। प्रतियोगिता में पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमें भाग ले रही हैं। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों में खेल भावना, टीमवर्क, अनुशासन और आपसी समन्वय को बढ़ावा देना है। संगरूर और जालंधर की टीमों के बीच खेला गया मुकाबला टूर्नामेंट का पहला मुकाबला संगरूर और जालंधर की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत के लिए पूरा दमखम लगाया। मैच के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों में उत्साह और जोश देखने को मिला। बीएसएफ अधिकारियों ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक फिटनेस को बेहतर बनाते हैं, बल्कि मानसिक मजबूती और टीम भावना को भी बढ़ावा देते हैं। ऐसे आयोजनों से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलता है। टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी इस दौरान पंजाब के विभिन्न जिलों की टीमें एक-दूसरे के खिलाफ मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, यह आयोजन खेल भावना और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
हांसी जिला पुलिस की सीआईए नारनौंद टीम ने एक दुकान में हुई चोरी के मामले में चार और महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए घी की बिक्री से प्राप्त ₹21 हजार 200 की नकदी भी बरामद की गई है। यह मामला 18 मई 2026 को थाना नारनौंद में रामअवतार निवासी नारनौंद की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि अज्ञात चोर दुकान का शटर तोड़कर 11 पेटी मधुसूदन घी चुरा ले गए थे। जांच के दौरान, पुलिस ने पहले कश्मीर उर्फ गोगा सहित तीन महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो और चोरी के घी को बेचकर मिली नकदी बरामद की गई थी। पूछताछ से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की। पकड़ी गई महिलाओं के कब्जे कैश बरामद इसी क्रम में, सीआईए नारनौंद ने ममता, आरती, काजल उर्फ गाजर और ज्योति को गिरफ्तार किया। ये चारों पंजाब की निवासी हैं। पूछताछ में सभी ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी किए गए घी की बिक्री से प्राप्त रकम में से ममता से ₹5,800, आरती से ₹5,300, काजल उर्फ गाजर से ₹5,100 और ज्योति से ₹5,000 बरामद किए। कुल ₹21,200 की यह राशि पुलिस ने नियमानुसार कब्जे में लेकर केस में शामिल कर ली है। मेडिकल परीक्षण के बाद, चारों महिला आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
विधानसभा चुनाव से करीब 7 महीने पहले पंजाब कांग्रेस में मचे घमासान को लेकर हाईकमान में भी मतभेद हो गए हैं। कांग्रेस सोर्सेज के मुताबिक इस मामले में राहुल गांधी की टीम और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अलग-अलग राय है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल नहीं चाहते थे कि राजा वड़िंग को प्रधान की कुर्सी से हटाया जाए। वहीं, खड़गे बदलाव को लेकर चर्चा करने के पक्ष में हैं। यही वजह है कि केसी वेणुगोपाल से एक घंटे मीटिंग के बाद खड़गे ने भी बघेल को तलब कर पंजाब की स्थिति पर सवाल-जवाब किए। इसके बाद बघेल को वापस छत्तीसगढ़ भेज दिया। इधर, राहुल और खड़गे बागी गुट से नाराज हैं। पार्टी सूत्र बताते हैं कि ये दोनों नेता अब चरणजीत सिंह चन्नी से नहीं मिलना चाहते। पार्टी महासचिव वेणुगोपाल ही आलाकमान का अंतिम फैसला पंजाब कांग्रेस सांसदों से मिलकर सुनाएंगे। अब राहुल गांधी कभी भी इस बारे में नया फैसला ले सकते हैं। हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर कांग्रेस हाईकमान या फिर दूसरे नेता कुछ भी ऑफिशियली बोलने को तैयार नहीं है। इससे पहले बुधवार को हाईकमान ने अचानक विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा को दिल्ली बुलाया, जहां केसी वेणुगोपाल से उनकी मीटिंग हुई। तब यह भी चर्चा रही कि वड़िंग से इस्तीफा लेकर बाजवा को प्रधान बना सकते हैं, लेकिन बाजवा इसके बाद पंजाब लौट आए। पंजाब आकर उन्होंने पूर्व CM चन्नी से मुलाकात की। माना जा रहा है कि बाजवा के जरिए हाईकमान ने अपना संदेश चन्नी को भेजा है। इसी बीच चन्नी गुट ने भी प्रभारी के बाद कांग्रेस हाईकमान को आंखें दिखानी शुरू कर दी हैं। चन्नी गुट ने पंजाब में सोशल मीडिया पर ‘सारा पंजाब चन्नी दे नाल’ मुहिम शुरू की है। चन्नी गुट के नेता सोशल मीडिया पर पोस्ट डाल रहे हैं और चन्नी के साथ होने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का कहना है कि पंजाब में कोई बदलाव नहीं होगा। यह गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं है। मैंने सभी पक्षों से पंजाब में बात की है और केसी वेणुगोपाल को रिपोर्ट दे दी है। जानिए, चन्नी के दबाव में क्यों नहीं आ रहा कांग्रेस हाईकमान पंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के आगे 3 सांसद, 9 MLA और चुनाव हारे-जीते 92 नेताओं की परेड करा चुके हैं। इसके बावजूद कांग्रेस हाईकमान उनके दबाव में नहीं आ रहा। बागी गुट की 3 मीटिंग के बाद अब चन्नी ने यूथ कांग्रेस के नेताओं को भी बुला लिया है। इसके बावजूद हाईकमान परवाह नहीं कर रहा। सबसे बड़ा सवाल है कि ऐसा क्यों? इसकी बड़ी वजह 2022 का चुनाव और उसके नतीजे के बाद का करीब 8 महीने का वक्त है, जब चन्नी की अगुआई में न केवल पार्टी बुरी तरह से पंजाब का विधानसभा चुनाव हारी, बल्कि खुद चन्नी भी 2 सीटों से हार गए। इसके बाद निराश संगठन को छोड़ वह अचानक विदेश चले गए और करीब 9 महीने वहीं डटे रहे। कांग्रेस हाईकमान से जुड़े सोर्सेज के मुताबिक, यही वजह है कि चन्नी के पक्ष में समर्थन के बावजूद कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग को हटाकर यह मैसेज नहीं देना चाहती कि वह सिर्फ मौके के हिसाब से तेवर दिखाने वालों को तरजीह देती है और मुश्किल वक्त में संगठन संभालने वालों को नजरअंदाज कर देती है। चुनाव से 8 महीने पहले हुई कलह मिटाने के लिए आज दिल्ली में राहुल गांधी व मल्लिकार्जुन खड़गे प्रभारी भूपेश बघेल से बात कर सकते हैं। वहीं, चन्नी जालंधर में यूथ कांग्रेस के नेताओं को बुलाकर फिर ताकत दिखाएंगे। जानिए, चन्नी पर भरोसा क्यों नहीं कर रहा हाईकमान वड़िंग पर क्यों भरोसा जता रहा हाईकमान 2022 में AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की। मालवा की 69 में से 66 सीटें AAP ने जीती। राजा वड़िंग इकलौते ऐसे कांग्रेस उम्मीदवार थे, जिन्होंने गिद्दड़बाहा से जीत हासिल की। दूसरे कांग्रेसी संदीप जाखड़ थे, जिन्होंने अबोहर से चुनाव जीता। 5 साल सत्ता से बाहर देख उस वक्त कोई संगठन की कमान लेने को तैयार नहीं था, तब राजा वड़िंग तैयार हुए। करीब साढ़े 4 साल से वह संगठन चला रहे। इस दौरान किसी ने प्रधान पद पर दावेदारी नहीं ठोकी। अब चुनाव में करीब 8 महीने का टाइम बचा हुआ है तो सब वड़िंग की कुर्सी के पीछे पड़े हुए हैं। यही वजह है कि हाईकमान इस वक्त वड़िंग का साथ नहीं छोड़ना चाहता। बघेल की रिपोर्ट भी राजा वडिंग के फेवर में पंजाब प्रभारी ने छह दिन के पंजाब दौरे की जो रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी है वो भी राजा वडिंग के फेवर में ही है। चन्नी गुट जहां राजा वडिंग को हटाने की मांग पर अड़ा रहा वहीं राजा वडिंग लगातार चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा को पार्टी का सीनियर नेता बताते रहे और कहते रहे कि जल्दी ही सभी एक मंच पर होंगे। इसके अलावा राजा वडिंग को 23 जिलों के जिला प्रधानों का समर्थन मिला। बघेल ने अपनी रिपोर्ट में ये सभी बातें लिखकर हाईकमान को दी हैं। राहुल गांधी से मीटिंग करेगा चन्नी खेमा चरणजीत सिंह चन्नी खेमा एक बार राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहता है। दरअसल चन्नी खेमा राहुल गांधी के सामने अपना पक्ष रखना चाहता है। चन्नी खेमे को लगता है कि भूपेश बघेल ने राहुल गांधी के सामने एक तरफा रिपोर्ट पेश की होगी। इसलिए वो राहुल गांधी से मिलने की बात कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी व सुखजिंदर सिंह रंधावा लगातार कांग्रेस के सीनियर नेताओं के संपर्क में हैं ताकि राहुल गांधी से मीटिंग फिक्स हो जाए। क्या कहते हैं पॉलिटिकल एक्सपर्ट… पॉलिटिकल एक्सपर्ट व सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश का कहना है कि चन्नी खेमे को भूपेश बघेल ने यहीं पर संकेत दे दिए थे कि हाईकमान में उनकी सुनवाई नहीं होगी। बघेल ने जब कहा कि हाईकमान अपना फैसला नहीं बदलेगा। बघेल ने भी राजा वडिंग को प्रधान बनाए रखने की बात हाईकमान के इशारे पर ही कही। जिससे साफ है कि हाईकमान चन्नी खेमे के दबाव में नहीं आएगा। राहुल गांधी चन्नी पर भरोसा करने से कतरा रहे हैं क्योंकि 2022 विधानसभा चुनाव में हार के बाद वो विदेश चले गए। मुश्किल में राजा वडिंग ने पार्टी को संभाला। राजा वडिंग शुरू से राहुल गांधी की गुड बुक में रहे हैं इसलिए वो इस बार राजा वडिंग को बदलने को बदलने से गुरेज करेंगे। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर डॉ केके रत्तू का कहना है कि कांग्रेस ने नो सीएम फेस कह दिया है। जिससे चन्नी खेमे को करारा झटका लगा है। उनका कहना है कि चन्नी गुट की डिमांड राजा वडिंग को हटाने की है और हाईकमान स्पष्ट कर चुका है कि प्रधान नहीं बदला जाएगा। जिससे साफ है कि चन्नी न तो प्रधान बनेंगे और न ही सीएम फेस होंगे। ऐसे में चन्नी या तो हाईकमान के सामने सरेंडर कर देंगे या फिर वो कोई बड़ा फैसला लेंगे। उनका कहना है कि चन्नी अच्छा आधार रखते हैं ऐसे में उनको दरकिनार करके कांग्रेस को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस विवाद से हिमाचल में लटका कैबिनेट विस्तार:PAC मीटिंग स्थगित; इसमे होनी थी चर्चा, वेणुगोपाल नहीं आएंगे, राजनीतिक नियुक्तियां में देरी हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से चर्चा में चल रहा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू कैबिनेट का विस्तार फिर लटक सकता है। कांग्रेस की ओर से 16 और 17 जुलाई को धर्मशाला में बुलाई गई पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की बैठक स्थगित हो गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की उपलब्धता नहीं होने के कारण यह बैठक अभी नहीं हो पाएगी। पूरी खबर पढ़ें… राहुल गांधी ने पंजाब प्रभारी को दिल्ली तलब किया, बघेल के दावे का तोड़ निकालने में जुटे चन्नी, जालंधर में यूथ कांग्रेस की मीटिंग बुलाई पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग कांग्रेस के प्रधान पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई मीटिंग के बीच से सोर्सेज से ये खबर सामने आ रही है। इसी के साथ सूचना यह भी है कि पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल को भी राहुल गांधी ने तलब किया है। बघेल छत्तीसगढ़ से दिल्ली निकल चुके हैं, और इनकी बुधवार को राहुल गांधी के साथ मीटिंग हो सकती है। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना से 48 घंटे में 9 युवतियां गायब, पंजाब सरकार से जवाब तलब
हाईकोर्ट ने लुधियाना से महज 48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने की सनसनीखेज घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने मामले पर स्वतः संज्ञान लेकर पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन को तलब किया है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने मामले में विस्तृत जवाब मांगा है। 31 मई को एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि लुधियाना में महज 2 दिन (48 घंटे) में 9 लड़कियां लापता हो गईं। इस खबर ने न केवल आम जनता, बल्कि कोर्ट में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने संबंधित जिले के डीसी को निर्देश दिया कि वे 10 दिन में अपना हलफनामा दाखिल करें। हलफनामे में उन आरोपों का स्पष्टीकरण देना होगा जो मीडिया रिपोर्ट में उठाए गए हैं। इसके अलावा पुलिस और प्रशासन ने अब तक मामले में क्या कदम उठाए हैं, इसकी जानकारी देनी होगी। मामले पर अगली सुनवाई 23 जुलाई को तय की गई है।
सोसाइटी ने पंजाब में अंबेडकर प्रतिमाओं के अपमान की निंदा की
लुधियाना| डॉ. बीआर अंबेडकर भवन वेलफेयर सोसाइटी ने रविवार को बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कड़ी निंदा की। संगठन ने कहा कि प्रतिमा के अपमान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार बेअदबी से संबंधित मामलों में कड़े कानून बनाने की बात कर रही है, जबकि दूसरी ओर बाबा साहिब की प्रतिमाओं के सम्मान की रक्षा करने में वह नाकाम साबित हो रही है। सोसाइटी के अनुसार, अब तक पंजाब में बाबा साहिब की नौ प्रतिमाओं का अपमान किया जा चुका है, जिससे लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। इस अवसर पर प्रेसिडेंट हंस राज, बंटी सूद, नरेश बसरा, जसबीर पॉल, चरणजीत, गुरमीत राम और रुलदू राम कादियान मौजूद रहे।
कैथल कोर्ट में 6 आरोपियों की पेशी आज:1928 किलो डोडा पोस्त केस, MP से पंजाब ले जा रहे थे
कैथल में जम्मू कटरा नेशनल हाइवे पर 3 करोड़ के डोडापोस्त सहित पकड़े गए आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपी मध्य प्रदेश से नशा लाकर पंजाब में अंतराज्यीय तस्करी कर रहे थे। पूछताछ के लिए आरोपियों का रिमांड हासिल किया जाएगा। रिमांड के दौरान पुलिस द्वारा पता लगाया जाएगा कि आरोपी इतना नशा किस उद्देश्य से लेकर आए थे और कहां कहां पर तस्करों को सप्लाई करना था। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि और कितने तस्कर या सप्लायर इस नशे की खरीद फरोख्त में शामिल रहे हैं। पहले आरोपियों पर नशा तस्करी के कितने ऐसे मामले दर्ज हैं, इस बारे में भी उनका रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आज आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जाएगा। 1928.100 किलो डोडा पोस्त मिला बता दें कि सोमवार को पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव युनिट द्वारा अंतरराज्यीय नशा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दिल्ली-कटरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर नाकाबंदी कर एक ट्रक तथा उसकी एस्कॉर्ट कर रही क्रेटा कार से कुल 95 कट्टों में 1928.100 किलो डोडा पोस्त बरामद किया गया। मामले में 6 आरोपियों को काबू किया गया। बरामद किए गए नशीले पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। सभी आरोपी पंजाब के रहने वाले डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि पुलिस टीम ने गांव सिणद क्षेत्र में दिल्ली-कटरा हाईवे पर गाड़ी व ट्रक दो वाहनों को चारों ओर से घेरकर रोक लिया। पूछताछ में क्रेटा कार में सवार चार व्यक्तियों की पहचान रवि कुमार निवासी पातड़ा, करनैल सिंह निवासी गांव मरोड़ी, नरेश उर्फ नेशी निवासी निर्मलकोट (साधमाजरा) तथा सुखविन्द्र सिंह उर्फ बिन्दु निवासी गांव मरोड़ी, जिला पटियाला (पंजाब) के रूप में हुई। वहीं ट्रक में सवार दो व्यक्तियों की पहचान हरविन्द्र सिंह निवासी गांव रतनहेड़ी, जिला पटियाला तथा गुरजैन्ट निवासी समाना, जिला पटियाला (पंजाब) के रूप में हुई। कार की डिग्गी में छिपाया था नशा कार की तलाशी दौरान कार की डिग्गी से काले रंग के 5 कट्टो से 101 किलोग्राम डोडापोस्त बरामद हुआ। इसके बाद ट्रक की गहन तलाशी ली गई। ट्रक के केबिन के पीछे बने विशेष गुप्त हिस्से से 90 कट्टे बरामद हुए। सभी कट्टों की जांच करने पर उनमें भी डोडा पोस्त मिला। प्रत्येक कट्टे का अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन किया गया। सभी 90 कट्टों का कुल वजन 1827.100 किलोग्राम पाया गया। इस प्रकार दोनों वाहनों से कुल 95 कट्टों में 1928.100 किलोग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश से यह नशीला पदार्थ खरीदकर लाए है तथा पंजाब में सप्लाई करना था।
पंजाब में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी फिल्म सतलुज के विवाद और प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और पंजाबी सिंगर-एक्टर दिलजीत दोसांझ के बीच पैदा हुई इस कंट्रोवर्सी में अब 1984 दंगा पीड़ितों के केस लड़ने वाले एडवोकेट व भाजपा नेता एचएस फूलका की एंट्री हो गई है। फूलका ने एक वीडियो जारी कर कहा कि सच्चाई दिखाने से कभी कोई कंट्रोवर्सी नहीं होती और न ही माहौल खराब होता है। फिल्म हो या वीडियो, उसमें पूरी सच्चाई दिखाई जानी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी के पास सही संदेश जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि काले दौर में भी हिंदू-सिख एकता कायम रही और इसे तोड़ने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं होंगी। फूलका का कहना है कि इनोसेंट लोगों की हत्या को कोई भी सही नहीं ठहराएंगे, चाहे वो हिंदू हो या सिख। फूलका ने कहा कि उस पर भी फिल्म बनाएं जब आतंकी बस में से हिंदुओं को बाहर निकालकर मार रहे थे और एक निहंग ने बस में बैठे एक युवक को जफ्फी मारी और कहा कि इसे मारने से पहले मुझे मारें। दरअसल, सतलुज फिल्म के आटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज होते ही विवाद शुरु हुआ और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने फिल्म के फेक्ट्स पर सवाल खड़े किए और कहा कि इसमें एक तरफा सच दिखाया गया है। उसके बाद उन्होंने आतंकवाद के दौर के वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर रिलीज किए। वहीं दिलजीत ने फिल्म को पंजाब का इतिहास बताया। एचएस फूलका ने कही ये अहम बातें... फिल्म में एकतरफा दिखाया गया, फेक्ट प्रूफ करें रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'मौकापरस्त' करार दिया, जो सिर्फ व्यावसायिक फायदे और पब्लिसिटी के लिए पंजाब के काले दौर का एकतरफा नैरेटिव बेचते हैं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म में एक तरफा फेक्ट दिखाए गए हैं। बिट्टू ने फिल्म मेकर्स को यहां तक कह दिया कि इसे इसमें जो फेक्ट दिखाए गए हैं उन्हें प्रूफ करें। बिट्टू ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर दिलजीत और फिल्म मेकर्स में वाकई हिम्मत है, तो वे राजपुरा के सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल निर्मल कांता जैसी बेगुनाह पीड़ितों पर फिल्म बनाएं, जिनकी आतंकियों ने बेरहमी से हत्या कर दी थी। उन्होंने कहा कि बसों से उतारकर मासूम हिंदुओं को जिस तरह मौत के घाट उतारा गया, उस दर्द पर फिल्म क्यों नहीं बनती?
हांसी में नाबालिग को ले जाने का आरोपी काबू:कोर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजा, पंजाब का रहने वाला
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र में बास थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब से आरोपी को पकड़ा है, जिसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। थाना बास में तैनात उप निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि 5 अप्रैल 2026 को नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया था। पंजाब का रहने वाला आरोपी, रिमांड पर भेजा जांच के दौरान, पीड़िता के बयान और एकत्रित साक्ष्यों के आधार पर आरोपी नामदेव उर्फ मणी, निवासी जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। जांच अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से वारदात की योजना, घटनाक्रम, उसके संपर्कों और मामले के अन्य पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ में सोमवार (13 जुलाई) को किसानों की बाइक रैली और प्रदर्शन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित रहने की संभावना है। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के नेतृत्व में पंजाब के किसान मोहाली से बाइक रैली निकालकर सेक्टर-34 स्थित प्रदर्शनी मैदान पहुंचेंगे। यहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम दो ज्ञापन सौंपे जाएंगे। भारत-अमेरिकी व्यापार समझौते, पानी और भूमि नीति समेत कई मांगों को लेकर हो रहे इस प्रदर्शन के मद्देनजर चंडीगढ़ पुलिस अलर्ट पर है। आम लोगों की सुविधा के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा और कुछ जगहों पर आवाजाही भी सीमित रहेगी। ऐसे में घर से निकलने से पहले ट्रैफिक रूट जरूर जांच लें। सभी जिलों के किसान शामिल होंगे बीकेयू (राजेवाल) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल ने बताया कि 13 जुलाई को होने वाली मोटरसाइकिल रैली में पंजाब के सभी जिलों से किसान शामिल होंगे। उन्होंने इसे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन बताते हुए कहा कि बड़ी संख्या में किसान चंडीगढ़ पहुंचकर अमेरिकी व्यापार समझौते, पंजाब के पानी और भूमि नीति समेत अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आवाज उठाएंगे। हालांकि, रैली में शामिल होने वाले किसानों की संख्या को लेकर उन्होंने कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है। 13 जुलाई को लोग हुए थे परेशान 11 जुलाई 2026 को विभिन्न किसान संगठनों ने सेक्टर-34 प्रदर्शनी मैदान में अमेरिकी व्यापार समझौते और भूमि नीति के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान किसान बसों के जरिए सेक्टर-34 पहुंचे थे और कार्यक्रम के बाद वापस लौट गए थे। हालांकि, प्रदर्शन के चलते लोगों को यातायात संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसी को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से तैयारी कर रही है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पठानकोट-छपरा के बीच चलने वाली साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन को अब 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। गर्मी के मौसम और आगामी त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए तथा मांग के अनुरूप उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने यह फैसला लिया है। इस ट्रेन के संचालन से बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। ट्रेन संख्या 05193 छपरा-पठानकोट और ट्रेन संख्या 05194 पठानकोट-छपरा साप्ताहिक विशेष ट्रेन के फेरों में विस्तार किया गया है। मंडल अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। पहले 13 जुलाई तक चलाई जानी थी ट्रेन रेल अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन संख्या 05193 छपरा-पठानकोट साप्ताहिक विशेष ट्रेन, जो प्रत्येक सोमवार को संचालित होती है, पहले 3 जुलाई तक चलनी थी। यात्रियों की सुविधा और मांग को देखते हुए अब इसका संचालन 28 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। विस्तारित अवधि में यह ट्रेन कुल 11 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन छपरा जंक्शन से प्रत्येक सोमवार को दोपहर 2 बजे रवाना होगी। रास्ते में छपरा कचहरी, दिघवा दुबौली, थावे, तमकुही रोड, पडरौना, कप्तानगंज, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, लक्सर, रुड़की, सहारनपुर, यमुनानगर-जगाधरी, अंबाला कैंट, लुधियाना और जालंधर कैंट समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव के बाद यह ट्रेन अगले दिन रात 10:15 बजे पठानकोट पहुंचेगी। बुधवार को पठानकोट से चलेगी इसी प्रकार, वापसी में चलने वाली ट्रेन संख्या 05194 पठानकोट-छपरा साप्ताहिक विशेष ट्रेन, जो प्रत्येक बुधवार को संचालित होती है, पहले 15 जुलाई तक चलनी थी। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अब इसका संचालन 30 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। इस विस्तारित अवधि में भी ट्रेन कुल 11 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन प्रत्येक बुधवार को रात 12:30 बजे पठानकोट से रवाना होगी और जालंधर कैंट, लुधियाना, अंबाला कैंट, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, कप्तानगंज, पडरौना, तमकुही रोड, थावे और दिघवा दुबौली होते हुए अगले दिन सुबह 8:35 बजे छपरा कचहरी पहुंचेगी। इसके बाद सुबह 9:15 बजे छपरा जंक्शन पर यात्रा समाप्त करेगी। बिहार-उत्तर प्रदेश सहित पंजाब के लोगों को मिलेगा फायदा जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि यात्रियों की लगातार मांग को देखते हुए इन विशेष ट्रेनों के फेरों में विस्तार करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य बिहार, उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराना और उन्हें सुगम यात्रा सुविधा प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि रेलवे यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर ऐसे कदम उठाता रहता है। ट्रेन की समय-सारणी और अन्य जानकारी के लिए यात्री IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या नजदीकी आरक्षण काउंटर से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
लुधियाना में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को लेकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत होने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर थाना लाडोवाल पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव सिधवां कलां, जगराओं (लुधियाना) निवासी भवनदीप सिंह ने बताया कि वह अन्य सिख जत्थेबंदियों के सदस्यों के साथ लाडोवाल टोल प्लाजा पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो की जानकारी मिली। पवित्र ककारों के संबंध में आपत्तिजनक शब्द कहे शिकायतकर्ता के अनुसार, यह वीडियो पवन मान, शिव सेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन और भानु प्रताप द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया था। आरोप है कि वीडियो में सिख समुदाय और सिख धर्म के पवित्र ककारों को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। तनाव फैलाने की साजिश रची गई शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में की गई टिप्पणियों से सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। साथ ही आरोप लगाया गया कि इस तरह की टिप्पणियों से दो समुदायों के बीच वैमनस्य (भड़काने) और तनाव फैलाने की साजिश रची गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता तथा अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। हिन्दूओं को गुलाम किया जा रहा-टंडन इस मामले संबंधी शिवसेना पंजाब के राष्ट्रीय चेयरमैन राजीव टंडन ने कहा कि पंजाब में हिन्दूओं को गुलाम बनाया जा रहा है। शिव सेना हमेशा भाईचारे की बात करती है। देश की एकता अखंडता के लिए हम काम करते रहेंगे। शिव सैनिक पर्चों से डरने वाले नहीं है। पंजाब में सीएम हिन्दू चेहरा होना चाहिए तभी हिन्दूओं को इंसाफ मिलेगा। 21 दिन पहले निहंगों ने तोड़ा था टंडन की पायलट का शीशा करीब 12 दिन पहले लुधियाना में शिव सेना पंजाब के चेयरमैन राजीव टंडन की पायलट गाड़ी को कुछ निहंग सिंहों ने फिरोजपुर रोड पर रोक लिया था। इस दौरान उनकी गाड़ी का शीशा टूट गया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत स्थिति को संभाला और राजीव टंडन की गाड़ी को वहां से सुरक्षित आगे रवाना करवाया। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए इस घटना से नाराज शिव सेना नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की थी। उनका आरोप था कि हमलावरों ने उन पर जानलेवा हमला किया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, पुलिस कमिश्नर के आश्वासन के बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया था। हंगामे के दौरान गाड़ी का शीशा तोड़ने के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया था।
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

