AAP 'भ्रष्टाचार का प्रतीक'! BJP का आरोप, Kejriwal-Bhagwant Mann ने Punjab को लूटा
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पंजाब में IAS और IPS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना की। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटिया ने आम आदमी पार्टी के नेतृत्व—जिसमें अरविंद केजरीवाल और मान शामिल हैं—पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता एक बहुत गंभीर समस्या का सामना कर रही है, और यह कहना गलत नहीं होगा कि 'AAP' बेहद बेईमान और पाप करने वाली पार्टी है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान आज भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गए हैं। इसे भी पढ़ें: Srinagar में राज्य के दर्जे की मांग पर अड़ी National Conference, पुलिस ने रोका BJP दफ्तर का घेराव उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर का ज़िक्र करते हुए कहा कि बहुत बेईमानी है। चेहरों को देखिए... 'B.B.' (भगवंत मान के लिए) को सब जानते हैं। उन्हें 'बॉटली' (बोतल) भगवंत, यानी 'बॉटल मैन' कहा जाता है। अब, यही 'B.B.' 'भ्रष्टाचारी' भगवंत बन गए हैं। यह विवाद इस आरोप पर केंद्रित है कि मान के OSD (ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) राजबीर सिंह घुमन ने पंजाब में सीनियर IAS और IPS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को प्रभावित करने वाला एक संगठित रैकेट चलाया था। भाटिया ने नियुक्तियों के लिए एक 'प्राइस स्ट्रक्चर' होने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे घोटाले में, पंजाब में सीनियर अधिकारियों - IAS, IPS - के ट्रांसफर और पोस्टिंग एक 'रेट कार्ड' के हिसाब से किए जाते हैं। उन्होंने आगे दावा किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से पता चला है कि एक रेट कार्ड बनाया गया था, और जो भी पद या ज़िम्मेदारी दी जाती थी, उसके लिए एक तय कीमत चुकानी पड़ती थी। इसे भी पढ़ें: CJP प्रोटेस्ट क्यों हुआ कैंसिल, CJI ने ऐसा क्या कह दिया, PM मोदी से इसका क्या है कनेक्शन? उन्होंने गोपनीय जानकारी लीक होने पर भी चिंता जताई और कहा कि जब केंद्र सरकार और कोई राज्य सरकार बहुत सारी गोपनीय जानकारी साझा करती हैं, तो इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामले भी हो सकते हैं। जब ये लिस्ट, जो पूरी तरह गोपनीय होती हैं, लीक हो जाती हैं, तो क्या गारंटी है कि भगवंत मान राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बेहद संवेदनशील जानकारी लीक नहीं कर रहे हैं? क्या विश्वसनीयता है? कुछ नहीं, बिल्कुल ज़ीरो। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद को पंजाब से पहुंची टीम, 'निरपाख एड' लोगों तक पहुंचा रही जरूरी सामान
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मदद के लिए भारत के पंजाब प्रांत से सिख समुदाय की टीम नेपाल पहुंची है। 'निरपाख ऐड' एनजीओ की यह टीम नेपाल में लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने में मदद कर रही है।
नेपाल बाढ़ पीड़ितों की मदद को पंजाब से पहुंची टीम, ‘निरपाख एड’ लोगों तक पहुंचा रही जरूरी सामान
शिवापुरी(नेपाल), 2 सितंबर . नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मदद के लिए India के पंजाब प्रांत से सिख समुदाय की टीम नेपाल पहुंची है. ‘निरपाख ऐड’ एनजीओ की यह टीम नेपाल में लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ में बिछड़े लोगों को अपनों से मिलाने में मदद कर रही है. ‘निरपाख ... Read more
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। एआइसीसी टीम आज चंडीगढ़ पहुंचेगी, जबकि जिलों से जनता का फीडबैक लेकर मेनिफेस्टो तैयार होगा।
मायावती का बड़ा सियासी फैसला, सुखबीर बादल को झटका; पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP
चंडीगढ़, 02 सितंबर2026 । पंजाब की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन का गणित तेजी से बदल रहा है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पंजाब विधानसभा चुनाव में किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करने और पार्टी के दम पर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया है। इस […] The post मायावती का बड़ा सियासी फैसला, सुखबीर बादल को झटका; पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP appeared first on Rashtriya Ujala .
ED की चिट्ठी में पंजाब में जमीन घोटाले का दावा, सरकार ने आरोपों को किया खारिज
ED ने पंजाब जमीन घोटाले में तीसरी बार DGP गौरव यादव को पत्र लिखकर कई अधिकारियों और निजी लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है. यह मामला 348 करोड़ के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़ा है. हाई कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिस पर कोर्ट ने पंजाब सरकार से जवाब मांगा है. वहीं सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.
क्या है पंजाब का DA-DR विवाद? कर्मचारियों के बाद अब सरकार पहुंची अदालत; इन 5 प्वाइंट्स में समझें
पंजाब के लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स पिछले तीन साल से महंगाई भत्ते का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सरकार पर 25 हजार करोड़ का बोझ है।
पाकिस्तान के पंजाब में 125 साल पुराने हिंदू मंदिर को गिराने के आरोप चरमपंथी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान पर लगे हैं। जानिए क्या है पूरा विवाद, इस चरमपंथी संगठन का इतिहास और अल्पसंख्यकों के हालात।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के साथ ही सूबे के सियासी गलियारों में यह सवाल फिर से तैरने लगा है कि क्या आस्था ही आने वाले चुनाव में पंजाब की सत्ता का रास्ता तय करेगी?
राहुल गांधी पर FIR को लेकर चंडीगढ़ में धरना, देखें पंजाब आजतक
राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पार्टी के द्वारा सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किया गया. इस दौरान चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई . जिसके बाद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन वाली जगह धरना देकर अपना विरोध जताया. खास बात ये है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जब पंजाब में सियासी तापमान पहले से ही बढ़ा हुआ है... ऐसे में कांग्रेस का सड़क पर उतरना सिर्फ विरोध नहीं... बल्कि अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश भी माना जा रहा है.
मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का आज दूसरा दिन है। पंजाब के 32 किसान संगठनों की ओर से सात दिन के पक्के मोर्चे के ऐलान के बाद किसानों की संख्या में और इजाफा हुआ। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चे पर पहुंच रहे हैं। किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। आईसर इंस्टीट्यूट से जगतपुरा की तरफ आने वाले मार्ग पर पुलिस ने एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया है। फिलहाल सड़क के एक हिस्से से ही दोनों ओर का ट्रैफिक निकाला जा रहा है। इसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है। 32 किसान संगठनों के किसान पहुंचे मोर्चे पर पंजाब के 32 किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सात दिन तक चंडीगढ़ बॉर्डर पर आंदोलन करने का ऐलान किया है। मंगलवार बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पहुंचे थे। सेक्टर-48 के पास ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ने के बाद पार्किंग की जगह कम पड़ गई। किसानों के मुताबिक, वे अपने मुद्दों को लेकर पहुंचे हैं। वहीं, पुलिस ने सेक्टर-48 की तरफ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही रोकने के लिए बैरियर लगाए हैं। 20 हजार से ज्यादा किसानों के पहुंचने का दावा किसान नेता हरिंदर सिंह लखोवाल ने दावा किया कि मोर्चे में 20 हजार से ज्यादा किसान पहुंच चुके हैं। फेज-11 स्थित कैंडी होटल में किसान नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। फेज-11 से जगतपुरा तक सड़क के एक हिस्से पर बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी हैं। इसके चलते मोहाली से चंडीगढ़ जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। कई बड़े किसान नेता करेंगे संबोधित पक्के मोर्चे के दौरान किसान संगठनों के कई बड़े नेता मंच से किसानों को संबोधित करेंगे। इनमें बीकेयू-राजेवाल के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल, बीकेयू-टोंग के अध्यक्ष हरविंदर सिंह रंधावा, बीकेयू-डकोंदा के अध्यक्ष बूटा सिंह बुर्जगिल, बीकेयू-कादियां के अध्यक्ष हरमीत सिंह कादियां, बीकेयू-मशहूर के अध्यक्ष रेशम सिंह और एसकेएम पंजाब के अध्यक्ष परमजीत सिंह समेत कई नेता शामिल हैं। इसके अलावा राजिंदर सिंह घुमान, कुलवंत सिंह राजेवाल और हरिंदर सिंह लखोवाल समेत अन्य किसान नेता भी मोर्चे में मौजूद हैं। सरकार से मांगों पर जवाब मांग रहे किसान किसान नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों को लेकर सरकार को जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के मुद्दों पर अब एक-एक मीटर का हिसाब देना होगा। आंदोलन में भारत-अमेरिका कृषि समझौते का विरोध, पानी से जुड़े मुद्दों का समाधान, नए कानूनों को लेकर मांगें और 500 रुपए प्रति क्विंटल की मांग प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। किसान संगठनों का कहना है कि सात दिन के पक्के मोर्चे के दौरान सरकार पर मांगों को लेकर दबाव बनाया जाएगा।
श्री चमकौर साहिब हलके के अधीन आते गांव जटाणा के पास नहर में बड़ी दरार पड़ गई। पानी के तेज बहाव ने आसपास के इलाके में भारी नुकसान किया। इससे मुख्य सड़क टूट गई और आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। यह हादसा उस वक्त और भी भयानक हो गया, जब वहां से गुजर रहे दो बाइक सवार अचानक इस पाड़ और तेज बहाव की चपेट में आ गए। इस दुर्घटना में दोनों नौजवान गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। वहीं पठानकोट में भी बुधवार सुबह से बारिश जारी है। पंजाब के 14 जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। वहीं, चंडीगढ़ में बादल छाए रहने के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र ने यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य से 1.8 डिग्री अधिक है। मंगलवार को 35.7 डिग्री सेल्सियस के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। 13 जिलों में बारिश की संभावना, दो में हुई बारिश मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इससे पहले मंगलवार को भी 13 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई थी। इस दौरान रूपनगर में 19.0 एमएम और पठानकोट में 1.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। पैचेज में ही बारिश की संभावना मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पास बने कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पंजाब में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक हो सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के मुताबिक, अब मानसून कमजोर रहेगा। इसका ट्रैक बदल गया है और जल्द ही इसकी विदाई संभव है। ऐसे में पंजाब में कुछ इलाकों में ही बारिश होने की संभावना है। डैम खतरे के निशान से नीचे भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,637.1 फीट है, जो 1,680 फीट के एफआरएल (पूर्ण जलाशय स्तर) से 42.9 फीट नीचे है। डैम में 35,859 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 26,308 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, पोंग डैम का जलस्तर 1,368.48 फीट है, जो 1,390 फीट के एफआरएल से 21.52 फीट नीचे है। पोंग डैम में 42,772 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 16,594 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का डिजाइन एफआरएल 1,400 फीट है।
Mohali News: पंजाब महिला कांग्रेस का खरड़-झुगियां रोड पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
Punjab Women's Congress protests against the Central Government on Kharar-Jhugian Road
कांग्रेस और अकाली दल ने दीमक की तरह पंजाब को खोखला किया : भगवंत सिंह मान
मोहाली के खरड़ हलके में 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्षी दल सत्ता हथियाने के लिए लड़ रही है, जबकि उनकी सरकार लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, सड़कें, बिजली और पानी मुहैया कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अमन अरोड़ा ने किया 300 सरकारी सेवाओं के लिए एकीकृत पोर्टल डिजी पंजाब लॉन्च
यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मैगसीपा) में पोर्टल लॉन्च करने के बाद अमन अरोड़ा ने बताया कि पहले चरण के तहत नागरिक अब कई विभागों से संबंधित 300 से अधिक आवश्यक जनसेवाओं तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
गुरदासपुर पंजाब किसान यूनियन की बैठक में इस माह जालंधर में होने वाले अखिल भारतीय किसान महासभा के सम्मेलन को लेकर चर्चा की गई। इसके इलावा किसानों पंजाब और केंद्र सरकार के नीतियों की आलोचना की। यह ब्लॉक कलानौर के गांव बिशनकोट में किसान नेता मास्टर लखविंदर सिंह के निवास पर हुई। इस बैठक की अध्यक्षता जगजीत सिंह सेखबीर ने की। जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह मल्ली, जिला सचिव अश्वनी कुमार लखनकलां, गुरदीप सिंह कमालपुर, जरनैल सिंह सप्रवान और लखविंदर सिंह बिशनकोट ने आगामी रणनीतियों पर चर्चा की। किसान नेताओं ने जानकारी दी कि 20 और 21 सितंबर को जालंधर के देश भगत यादगार हॉल में 'अखिल भारतीय किसान महासभा' का पांचवां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इस सम्मेलन में कलानौर क्षेत्र से बड़ी संख्या में किसान हिस्सा लेंगे। किसानों को एक जुट होकर लड़ना होगा नेताओं ने एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किसानों, मजदूरों और कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्षरत दो बड़े संगठनों—'जम्हूरी किसान सभा' और 'पंजाब किसान यूनियन' का आपस में विलय (Merge) किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय की मांग को देखते हुए सभी किसान संगठनों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़नी होगी। केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर साधा निशाना इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही सरकारें आम जनता और किसानों के बजाय सिर्फ कॉर्पोरेट घरानों के फायदों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही हैं। नेताओं ने सभी वर्ग के लोगों से अपने हक की रक्षा के लिए एक मंच पर आने की अपील की। इस मौके पर सतनाम सिंह बख्तपुर, बलविंदर सिंह, छिंदा सिंह सप्रवान, सुच्चा सिंह, जसपाल सिंह देहरीवाल, सरदूल सिंह चिकड़ी, मानव बिशनकोट, सुखविंदर सिंह लाडी, ज्ञान सिंह मौर, दोरांगला के अध्यक्ष पलविंदर सिंह रिंकू और साहिब समेत कई किसान कार्यकर्ता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।
Telangana में अघोषित आपातकाल! BJP बोली - कांग्रेस सरकार कर रही लोकतंत्र का गला घोंटने का काम
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रशासन के इस कदम को तानाशाही वाली सोच का संकेत बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में, नवीन ने राज्य प्रशासन पर पक्षपात करने और विपक्ष के सदस्यों की सुरक्षा न कर पाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मैंने बीजेपी तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव जी से बात की। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत नवीन ने कहा कि पुलिस ने उन्हें तब गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया जब वह हमारे नलगोंडा जिला अध्यक्ष से मिलने जा रहे थे, जिनके घर पर हाल ही में कांग्रेस के गुंडों ने हमला किया था। जब कांग्रेस के गुंडे हमला करते हैं, तो प्रशासन चुप रहता है। लेकिन जब बीजेपी नेता पीड़ितों से मिलने जाते हैं, तो कांग्रेस प्रशासन हमारे नेताओं को गिरफ्तार कर लेता है। नवीन ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भी आलोचना करते हुए कहा कि संविधान पर राहुल गांधी के भाषण पूरी तरह से दिखावा हैं और तेलंगाना इस तानाशाही सोच का जवाब देगा! यह हिरासत तब हुई जब कई बीजेपी नेताओं को पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया, जब वे रामचंदर राव को नज़रबंद किए जाने के विरोध में पूरे तेलंगाना में प्रदर्शन करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया। हिरासत में ली गईं बीजेपी नेता बंदारू विजयलक्ष्मी ने इस स्थिति को तेलंगाना में अघोषित आपातकाल बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थकों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं, जिनमें ज़िला अध्यक्ष भी शामिल हैं, के घरों पर हमले किए। उन्होंने कहा कि कल जो भी विरोध प्रदर्शन हुए... मैं वही कह रही हूँ कि आप कांग्रेस पार्टी के लिए अच्छे कार्यकर्ता तैयार कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया तेलंगाना बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष शिल्पा रेड्डी ने कथित हिंसा के लिए सत्ताधारी पार्टी से माफ़ी मांगने को कहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को अपनी हरकत के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए, वरना हम उन्हें दिखा देंगे कि भारतीय जनता पार्टी क्या कर सकती है। बीजेपी के एक और नेता, गौतम राव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के लिए माफ़ी और बेहतर सुरक्षा की मांग की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
आराम से खा-पी रहे हैं Anna Hazare, Doctors बोले- हालत अभी Stable, Mumbai में इलाज जारी
एक्टिविस्ट अन्ना हजारे बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर है। वायरल बुखार और किडनी की समस्याओं से एक महीने तक जूझने के बाद, यहाँ उनकी आगे की जाँच-पड़ताल की जा रही है। हजारे का इलाज कर रहे कंसल्टेंट फिजिशियन और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ डॉ. गौतम भंसाली ने बताया कि उन्हें पहले रालेगण सिद्धि के पास शिरूर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन संक्रमण बढ़ने और किडनी पर असर पड़ने के बाद उन्हें मुंबई शिफ्ट कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत डॉ. भंसाली ने कहा कि अन्ना हजारे साहब को कल रात बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। वे यहाँ मेरी देखरेख में हैं। इससे पहले उन्हें रालेगण सिद्धि के पास शिरूर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उनका बहुत अच्छा इलाज चल रहा था। हालाँकि, आगे की जाँच-पड़ताल करने और यह पक्का करने के लिए कि भविष्य में कोई दिक्कत न हो, हमने उन्हें कल रात बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें शिरूर से यहाँ लाने की वजह उनकी गिरती सेहत थी; वे लगभग एक महीने से वायरल बुखार से जूझ रहे थे और उन्हें दस्त की भी शिकायत थी। इस वजह से उन्हें शिरूर के अस्पताल में बार-बार भर्ती होना पड़ रहा था। जब इन्फेक्शन थोड़ा बढ़ गया और ऐसे संकेत मिले कि इसका असर उनकी किडनी पर पड़ने लगा है, तो उन्हें आगे की जाँच के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल लाने का फ़ैसला किया गया। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया मेडिकल टीम ने 2D इकोकार्डियोग्राम समेत कई जांचें की हैं और वे यूरिन टेस्ट और इन्फेक्शन की स्क्रीनिंग भी कर रहे हैं; इनकी पूरी रिपोर्ट तीन से चार दिनों में आने की उम्मीद है। इसके बाद, उनके इलाज के अगले कदम तय किए जाएंगे। डॉ. भंसाली ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के समय उनकी हालत पूरी तरह स्थिर थी, हालांकि उन्हें थोड़ी कमजोरी और थकान महसूस हो रही थी। हमने सही इलाज शुरू कर दिया है और उनमें काफी सुधार दिख रहा है; वे इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्हें एक खास वार्ड रूम में रखा गया है; उन्हें ICU में भर्ती करने की कोई ज़रूरत नहीं पड़ी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ (सीजन-5) की मशाल मार्च मंगलवार को फाजिल्का में पहुंचने पर सहायक कमिश्नर हरबंस सिंह ने मशाल का भव्य स्वागत किया। मशाल मार्च के स्वागत के लिए स्टेडियम में स्कूली विद्यार्थी भी मौजूद रहे। विद्यार्थियों ने बैंड के साथ मशाल का स्वागत किया, जबकि इस दौरान रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर सहायक कमिश्नर हरबंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़कर स्वस्थ और खुशहाल पंजाब बनाने के लिए ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ शुरू की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन खेलों के जरिए पंजाब के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए बेहतर मंच मिल रहा है। मुकाबलों में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार मिलेंगे सहायक कमिश्नर ने बताया कि ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के तहत फाजिल्का जिले में ब्लॉक और जिला स्तर पर खेल मुकाबले करवाए जाएंगे। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक खिलाड़ियों से इन खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि मुकाबलों में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील उन्होंने जिले के खिलाड़ियों से www.sports.punjab.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने की अपील की। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी फाजिल्का रुपिंदर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को मिली जान से मारने की धमकी, डाक से भेजी गई चिट्ठी
खबरों के मुताबिक, मंगलवार को फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्रीज के केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को डाक से आए एक पत्र के ज़रिए जान से मारने की धमकी मिली। पत्र में चेतावनी दी गई थी कि उन्हें जल्द ही कट्टर आतंकवादी मार डालेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्री के ऑफ़िस ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को औपचारिक रूप से पत्र लिखकर गृह मंत्रालय को इस धमकी के बारे में जानकारी दी है और उचित कार्रवाई की मांग की है। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत खबरों के मुताबिक, यह चिट्ठी मंत्री के ऑफिस को मिल गई है और ज़रूरी सुरक्षा इंतज़ामों और जांच के लिए इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को दे दी गई है। चिट्ठी भेजने वाले या उसके स्रोत के बारे में फ़िलहाल कोई और जानकारी नहीं मिल पाई है। उन्हें डाक से जो पत्र मिला, उसे भेजने वाले के बारे में जानकारी, उसे कहाँ से पोस्ट किया गया था और क्या इस धमकी का संबंध किसी ज्ञात व्यक्ति या संगठन से है - इन बातों का अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा पत्र की सामग्री और उपलब्ध अन्य सबूतों की जाँच करके धमकी की विश्वसनीयता और उसके स्रोत का पता लगाने की उम्मीद है। यह पहली बार नहीं है जब पासवान को ऐसी धमकी मिली है। इससे पहले जुलाई 2025 में, जब उनकी पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया था, तो उन्हें सोशल मीडिया के ज़रिए जान से मारने की धमकी मिली थी। बताया जाता है कि यह धमकी एक इंस्टाग्राम अकाउंट से दी गई थी, जिसके बाद LJP(R) के एक प्रवक्ता ने पटना साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया राजनीतिक नेताओं को मिल रही धमकियों के सिलसिले में यह ताज़ा मामला सामने आया है। इससे पहले अगस्त में, NCP नेता जीशान सिद्दीकी ने रोहित गोदारा गैंग के एक सदस्य से जान से मारने की धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस से संपर्क किया था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने पंजाब में पार्टी कार्यकर्ताओं और युवाओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं और पार्टी के प्रमुख फैसलों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं तथा आम जनता से सीधा संवाद स्थापित करें। सिसोदिया ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं जैसे—300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता और महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसी प्रमुख योजनाओं की जानकारी हर घर तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इन जनकल्याणकारी फैसलों का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचना चाहिए। बूथ स्तर पर सक्रियता बढ़ाने का आह्वान पार्टी संगठन को मजबूत करने पर बल देते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि संगठन की मजबूती केवल बंद कमरों में होने वाली बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। कार्यकर्ताओं की वास्तविक सक्रियता बूथ स्तर से लेकर हर घर तक स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने युवाओं और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पंजाब की तरक्की और विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने आने वाले समय में पार्टी और संगठन को निचले स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।
कंटेनर के भीतर बना था ऐसा सीक्रेट चैंबर, पुलिस ने ढक्कन खोला तो उड़ गए होश; पंजाब का शातिर गिरफ्तार
अपराध की दुनिया में अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले शातिर और हैरान करने वाले तरीके अक्सर पुलिस और आम जनता दोनों को अचरज में डाल देते हैं। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक सामान्य दिखने वाले मालवाहक कंटेनर को रुकवाया। जब पुलिसकर्मियों ने उस कंटेनर की गहनता से तलाशी ली और उसके भीतर बने एक बेहद शातिर तरीके से छिपाए गए सीक्रेट चैंबर को खोला, तो उनके होश उड़ गए। उस गुप्त तहखाने के भीतर से जो सामान बरामद हुआ, उसकी कुल कीमत अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में लगभग 2 करोड़ 23 लाख रुपये आंकी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से पंजाब के रहने वाले एक शातिर युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो इस अवैध तस्करी के पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। इस बड़ी सफलता के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और इस तस्करी से जुड़े अन्य बड़े चेहरों की तलाश तेज कर दी गई है।नियमित चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ लगा शातिर तस्करों का राजयह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें अपने निर्धारित अभियान के तहत वाहनों की नियमित जांच-पड़ताल कर रही थीं। संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखने के लिए विभिन्न चौकियों पर नाकेबंदी की गई थी। इसी दौरान एक भारी-भरकम कंटेनर वहां से गुजरा, जिसके चालक की संदिग्ध गतिविधियां और पुलिस को देखते ही उसके हाव-भाव बदलने से सुरक्षाकर्मियों को शक हुआ। पुलिस ने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत उस कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया और उसे थाने लाकर उसकी विधिवत जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक पूछताछ में चालक पुलिस को लगातार गुमराह करने की कोशिश करता रहा और गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन पुलिस का अनुभव और उनकी कड़ी पूछताछ के आगे तस्कर की एक नहीं चली।कंटेनर के अंदर छिपा था शातिर सीक्रेट चैंबर, देखकर चौंक गए अधिकारीजब पुलिस ने कंटेनर के माल ढोने वाले मुख्य हिस्से की तलाशी ली, तो उन्हें ऊपर से सब कुछ सामान्य नजर आया, लेकिन कंटेनर की बनावट में कुछ तकनीकी बदलाव किए जाने का अंदेशा हुआ। पुलिस ने जब तकनीकी जानकारों और स्थानीय मिस्त्रियों की मदद से कंटेनर के अंदरूनी हिस्सों की गहराई से पड़ताल की, तो उन्हें एक बेहद गोपनीय और सीक्रेट चैंबर के बारे में पता चला। उस गुप्त तहखाने या चैंबर का दरवाजा इस खूबी से डिजाइन किया गया था कि आम आदमी की नजर उस पर कभी नहीं पड़ सकती थी। जब पुलिस ने उस सीक्रेट चैंबर के ताले या बोल्ट को खोला, तो उसके भीतर का नजारा देखकर वहां मौजूद सभी पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। अंदर अवैध रूप से छुपाकर रखी गई सामग्री का अंबार लगा हुआ था, जिसे देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि इसके पीछे किसी बहुत बड़े और पेशेवर सिंडिकेट का हाथ है।2 करोड़ 23 लाख रुपये का अवैध माल बरामद, पंजाब कनेक्शन आया सामनेपुलिस द्वारा सीक्रेट चैंबर से निकाले गए माल की जब गिनती और मूल्यांकन किया गया, तो उसकी कुल कीमत लगभग 2 करोड़ 23 लाख रुपये आंकी गई। इस भारी-भरकम खेप के पकड़े जाने से यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई आम तस्करी नहीं है, बल्कि इसके जरिए किसी बड़े अवैध कारोबार को अंजाम देने की साजिश रची जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने मौके से जिस शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, वह मूल रूप से पंजाब राज्य का रहने वाला है। गिरफ्तार आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेप को कहाँ से लोड किया गया था और इसे किस शहर या किसके पास पहुँचाया जाना था। पुलिस इस बात की भी गहराई से छानबीन कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क में पंजाब के अलावा और किन-किन राज्यों के अपराधी संलिप्त हैं।तस्करों के नापाक मंसूबों पर पानी, पुलिस का एक्शन जारीइस सनसनीखेज खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद कर दिया है और इस तरह के गुप्त चैंबर बनाकर अवैध सामान ढोने वाले अन्य वाहनों की भी पहचान करने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अपराधियों द्वारा कानून की आंखों में धूल झोंकने के लिए अपनाए जाने वाले ऐसे नए-नए पैंतरों का पर्दाफाश होना पुलिस की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, जिससे इस तस्करी से जुड़े कई अन्य अहम और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है। जनता के बीच भी इस बात की चर्चा है कि कैसे अपराधियों ने अपनी चालाकी से कंटेनर में गुप्त तहखाना बनाया था, लेकिन मुस्तैद पुलिस ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।
देश की राजनीति में इन दिनों बयानों को लेकर संग्राम छिड़ा हुआ है और इसका सीधा असर अब सड़कों पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर दर्ज किए गए मुकदमे के विरोध में चंडीगढ़ की सड़कों पर कांग्रेस पार्टी का गुस्सा फूट पड़ा है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में पार्टी के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ में एक विशाल रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान जब कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गवर्नर हाउस की तरफ बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कड़े बैरिकेड्स लगा दिए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। चंडीगढ़ और पंजाब की सीमाओं पर इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दी गई और घंटों तक राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर बनी रही।राहुल गांधी पर केस दर्ज होने के बाद भड़की कांग्रेस पार्टीलोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज होने की खबर सामने आते ही कांग्रेस पार्टी आक्रामक मूड में आ गई है। पार्टी हाईकमान के निर्देशों के बाद पंजाब कांग्रेस के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक द्वेष और तानाशाही रवैये के तहत झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं ताकि विपक्ष की मुखर आवाज को दबाया जा सके। इसी दमनकारी नीति के विरोध में पंजाब कांग्रेस ने चंडीगढ़ में जोरदार शक्ति प्रदर्शन करने का फैसला किया। प्रदेशभर से जुटे हजारों कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस कानूनी कार्रवाई को लोकतंत्र की गला घोंटने की कोशिश करार दिया।चंडीगढ़ में गवर्नर हाउस घेराव के दौरान पुलिस से जबरदस्त टकरावचंडीगढ़ के सेक्टरों में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब पंजाब कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब राजभवन यानी गवर्नर हाउस की तरफ कूच किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने भारी तादाद में पुलिस बल तैनात कर रखा था और कई जगहों पर लोहे के मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए गए थे। जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की, पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारों का भी इस्तेमाल किया, जिससे कुछ देर के लिए माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। बैरिकेड्स पर हुई इस खींचतान के दौरान कई नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई, लेकिन कांग्रेसी नेता अपनी जिद पर अड़े रहे और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।पंजाब कांग्रेस के दिग्गजों की हुंकार, लोकतांत्रिक अधिकारों का हो रहा हननइस प्रदर्शन के दौरान पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेता, विधायक और सांसद मौजूद रहे जिन्होंने मंच से केंद्र सरकार पर करारा प्रहार किया। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में जो लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ सवाल उठाते हैं, उन्हें दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों और कानूनी शिकंजे का इस्तेमाल किया जा रहा है। राहुल गांधी लगातार देश के आम नागरिकों, युवाओं, किसानों और संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार उनके बयानों से डरकर इस तरह के हथकंडे अपना रही है। नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी इन मुकदमों और पुलिसिया लाठी-गोली से डरने वाली नहीं है, बल्कि इस संघर्ष को और अधिक तीव्र किया जाएगा। पंजाब के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने भी सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी और तानाशाही का अंत करने का आह्वान किया।प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर पड़ा असरकांग्रेस के इस उग्र प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए थे। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर गवर्नर हाउस और मुख्यमंत्री आवास के आसपास के इलाकों को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। सुरक्षा कारणों से कई मुख्य मार्गों पर यातायात को डायवर्ट करना पड़ा, जिसके कारण शहर से गुजरने वाले आम लोगों और वाहन चालकों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और शहर की शांति भंग न हो, इसके लिए पुख्ता प्रबंध करना जरूरी था। देर शाम तक चले इस राजनीतिक ड्रामे के बाद पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और अधिक तेज हो गई है।
केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने तीन दिवसीय दौरे के तहत शिवपुरी जिले के पिछोर में एक जनसभा को संबोधित किया।
TMC प्रमुख Mamata Banerjee की भतीजी Birbhum में मृत मिलीं, डिप्रेशन-नौकरी छूटने से गहराया था तनाव
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी पश्चिम बंगाल के बीरभूम में अपने घर पर मृत पाई गईं। मंगलवार दोपहर रामपुरहाट के कुसुम्बा गांव में 31 साल की महिला का शव उसके घर की दूसरी मंज़िल के एक कमरे में मिला। मृतक महिला ममता के चचेरे भाई की बेटी थी। परिवार वालों ने बताया कि वह पिछले कुछ सालों से डिप्रेशन से जूझ रही थी और उसका इलाज चल रहा था। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत परिवार वालों ने यह भी बताया कि कथित भ्रष्टाचार के कारण सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में नियुक्तियों को रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसकी नौकरी चली गई थी। अधिकारी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घटना की जांच चल रही है। PTI के अनुसार, उन्होंने कहा कि मौत की वजहों का पता पोस्टमार्टम और अन्य ज़रूरी जांच के बाद ही चलेगा। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया परिवार के सदस्यों के अनुसार, बृष्टि मुखर्जी पिछले कुछ वर्षों से अवसाद से जूझ रही थीं और उनका इलाज चल रहा था। परिजनों ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में कथित भ्रष्टाचार के कारण भर्ती रद्द करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उनकी नौकरी चली गई थी। बृष्टि के परिवार वालों ने बताया कि वह तलाक की प्रक्रिया से गुजर रही थीं, जिससे हाल के महीनों में उनकी परेशानी और बढ़ गई थी। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि यह आत्महत्या का मामला हो सकता है। मौत की सटीक वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गयी है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
लुधियाना में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर 1 सितंबर से चंडीगढ़ में आयोजित सात दिवसीय पक्के धरने में हिस्सा लेने के लिए लुधियाना जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान रवाना हुए। भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के झंडे तले दर्जनों ट्रॉलियों, गाड़ियों और वाहनों के काफिले के साथ किसान प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह धनेर के नेतृत्व में चंडीगढ़ के लिए निकले। किसान नेताओं ने बताया कि इस लंबे पड़ाव के लिए किसानों ने राशन, लंगर, पानी और रहने-ठहरने का पूरा इंतजाम ट्रॉलियों में ही कर रखा है। ब्लॉक अध्यक्ष बेअंत सिंह, जसविंदर सिंह और अजीत सिंह ने कहा कि किसान इस बार लंबी लड़ाई की तैयारी के साथ आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी में तीन दिवसीय प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान बैठक बीच में छोड़कर चले गए थे, लेकिन इस बार किसान अपनी मांगें मनवाए बिना पीछे नहीं हटेंगे। जानिए- किन मांगो को लेकर आंदोलन पर उतरे किसान केंद्र सरकार से मांगें: अमेरिका के साथ हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) रद्द करना, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी देना, सभी कृषि ऋण माफ करना, सीड एक्ट, बिजली संशोधन बिल व प्रदूषण एक्ट रद्द करना और महंगाई पर अंकुश लगाना। पंजाब सरकार से मांगें: पानी से जुड़े पंजाब विरोधी समझौते रद्द करना, भाखड़ा ब्यास प्रबंध बोर्ड (BBMB) में पंजाब की स्थायी सदस्यता बहाल करना, डैम सेफ्टी एक्ट रद्द करना, 65 वर्ष से अधिक आयु के किसानों को 10,000 रुपये मासिक पेंशन देना और प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल खराबी का उचित मुआवजा देना। विधानसभा सत्र की मांग: गांवों में खेती की मोटरों के ट्रांसफार्मर व तारों की चोरी रोकने, मनरेगा मजदूरों की समस्याओं, आवारा पशुओं के स्थायी समाधान और किसानों पर दर्ज पुलिस केसों को रद्द करने के लिए पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की गई है। दिल्ली आंदोलन की तर्ज पर बढ़ सकता है धरना इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमनदीप सिंह, जिला अध्यक्ष जगतार सिंह देहडका, इंदरजीत सिंह धालीवाल, तरसेम सिंह, अमन शर्मा, हाकम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। किसान नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार को उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। यदि केंद्र और राज्य सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए तो चंडीगढ़ में जारी यह 7 दिवसीय पक्का मोर्चा दिल्ली किसान आंदोलन की तर्ज पर अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मोर्चे में सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली और खेत मजदूरों की मांगों का भी पूरा समर्थन किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का स्वागत किया जिसमें देश भर में छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया गया है। यह फ़ैसला 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा 5 सितंबर को अपना मार्च वापस लेने के बाद आया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, नड्डा ने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर CJP की सभी मांगों को पूरा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं का उत्थान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत नड्डा ने कहा कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमने भारत सरकार की ओर से भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और भविष्य में उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसी क्रम में, हमने बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों से भी बातचीत की और अब हम उस वादे को पूरा कर रहे हैं। इससे पहले NEET परीक्षा विवाद को लेकर हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को बड़ी राहत देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया और उनके खिलाफ देश भर में दर्ज FIR को रद्द कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि सिर्फ विरोध प्रदर्शन में शामिल होना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। बेंच ने यह भी कहा कि जिन लोगों पर शारीरिक नुकसान पहुंचाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की राज्य की छूट बनी रहेगी। साथ ही, कोर्ट ने कहा कि उसके ये निर्देश फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी लंबित संवैधानिक चुनौती पर कोई असर नहीं डालेंगे। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया शुरुआत में, केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सरकार विरोध-प्रदर्शन की उन खास घटनाओं से जुड़ी FIR पर आगे नहीं बढ़ेगी और उन्हीं घटनाओं के लिए कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मुआवज़े के अपने वादे पर कायम है और राज्यों व अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत करके मुआवज़े के तौर-तरीके तय किए जाएंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सब्जी खरीदने से पहले चेक करें आज का भाव! दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की मंडियों में क्या है रेट?
देश की प्रमुख मंडियों में 1 सितंबर 2026 को फल और सब्जियों की कीमतों में अलग-अलग रुख देखने को मिल रहा है। कहीं सब्जियों के भाव सामान्य हैं तो कुछ फलों और सब्जियों में तेजी दिखाई दे रही है। दिल्ली की आजादपुर मंडी से लेकर हरियाणा और पंजाब की मंडियों तक सुबह से ही थोक कारोबार शुरू हो जाता है। इन्हीं मंडियों से बड़ी मात्रा में फल-सब्जियां आसपास के शहरों और बाजारों में पहुंचती हैं। ऐसे में किसानों, थोक कारोबारियों और खुदरा दुकानदारों के लिए मंडी भाव काफी अहम हो जाता है। आइए जानते हैं CommodityOnline के अनुसार 1 सितंबर 2026 के प्रमुख मंडियों के भाव।दिल्ली आजादपुर मंडी में क्या है भाव?दिल्ली की आजादपुर मंडी देश की प्रमुख फल-सब्जी मंडियों में शामिल है। यहां आज कई फलों और सब्जियों के भाव इस प्रकार बताए गए हैं:फसल/सब्जी मंडी भाव (₹/क्विंटल)अनानास आजादपुर, दिल्ली ₹4,000मौसम्बी आजादपुर, दिल्ली ₹1,500नाशपाती आजादपुर, दिल्ली ₹800करेला आजादपुर, दिल्ली ₹1,500पत्ता गोभी आजादपुर, दिल्ली ₹1,000ग्वार आजादपुर, दिल्ली ₹800कुंदरू आजादपुर, दिल्ली ₹1,900कट्टू आजादपुर, दिल्ली ₹7,000कद्दू आजादपुर, दिल्ली ₹1,100भिंडी आजादपुर, दिल्ली ₹2,000खीरा आजादपुर, दिल्ली ₹1,400पंजाब की अजनाला मंडी में फल-सब्जियों के दामपंजाब की अजनाला मंडी में अलग-अलग तारीखों पर दर्ज भावों में प्याज, आलू, टमाटर और हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियां शामिल हैं।फसल तारीख किस्म भाव (₹/क्विंटल)धनिये के पत्ते 21/08/2026 अन्य ₹3,000प्याज 21/08/2026 लोकल ₹3,200बैंगन 21/08/2026 अन्य ₹1,500हरी मिर्च 17/08/2026 हरी मिर्च ₹1,200आलू 17/08/2026 आलू ₹600टमाटर 17/08/2026 देशी ₹2,700बैंगन 17/08/2026 बैंगन ₹700गोभी 17/08/2026 गोभी ₹3,900कट्टू 07/08/2026 कट्टू ₹1,000सोनीपत मंडी में आज कौन-सी सब्जी महंगी?हरियाणा की सोनीपत मंडी में आज कई सब्जियों और फलों के न्यूनतम और अधिकतम भाव में अंतर देखने को मिल रहा है।कमोडिटी न्यूनतम भाव अधिकतम भावकट्टू ₹600 ₹2,000भिंडी ₹3,000 ₹3,500प्याज ₹2,500 ₹3,000आलू ₹1,100 ₹1,500सेब ₹6,000 ₹12,000अनार ₹6,500 ₹12,000गोभी ₹3,200 ₹4,000आम ₹2,500 ₹8,000करेला ₹1,400 ₹2,000लौकी ₹2,000 ₹2,500खीरा ₹1,200 ₹1,800शिमला मिर्च ₹3,500 ₹5,000किसमें तेजी, किसमें नरमी?मंडी के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेब और अनार जैसे फलों के अधिकतम भाव ₹12,000 प्रति क्विंटल तक पहुंच रहे हैं। वहीं सोनीपत में भिंडी का भाव भी ₹3,000 से ₹3,500 प्रति क्विंटल के बीच है। दूसरी ओर आलू और कुछ स्थानीय सब्जियों के भाव अपेक्षाकृत कम बने हुए हैं।हालांकि, मंडी में भाव आवक, गुणवत्ता, मौसम और मांग के हिसाब से दिनभर बदल सकते हैं। इसलिए किसी एक रेट को पूरे बाजार का अंतिम भाव मानना सही नहीं होगा।मंडी भाव जानना क्यों है जरूरी?फल और सब्जियों की थोक खरीद करने वाले कारोबारियों के लिए रोजाना मंडी भाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है। मंडी से निकलने के बाद परिवहन, छंटाई और दुकानदार का मार्जिन जुड़ने के कारण यही सामान खुदरा बाजार में अलग कीमत पर मिल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय मंडी का ताजा भाव देखना फायदेमंद रहता है।Petrol Diesel Price Today: आज पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले चेक करें कीमत, दिल्ली-नोएडा समेत इन शहरों के रेट जारी
देशभर में Paper Leak प्रदर्शन की FIR रद्द, Supreme Court के आर्टिकल 142 का उपयोग
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दीं, जिन्होंने कथित पेपर लीक के खिलाफ हाल ही में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। कोर्ट ने प्रदर्शनकारी छात्रों को राहत देने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल किया। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच द्वारा पारित इस आदेश में दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया चीफ जस्टिस ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली में जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हजारों छात्रों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। कोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में कुल 13 FIR दर्ज की थीं। CJI ने कहा कि 20 से 25 जुलाई तक, हजारों छात्रों ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पुलिस ने कुल 13 FIR दर्ज कीं। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई जारी रखेगी जिनके ख़िलाफ़ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि हमें बताया गया है कि दिल्ली पुलिस उन 2,873 लोगों के ख़िलाफ़ नई FIR दर्ज करेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इसके अलावा कोई नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी। सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल ने अनुरोध किया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए भी इसी तरह का निर्देश जारी किया जाए। चीफ़ जस्टिस ने संकेत दिया कि कोर्ट यह सुनिश्चित करेगा कि इस आदेश के दायरे में आने वाले छात्रों के ख़िलाफ़ सिर्फ़ इसलिए कोई और कार्रवाई न हो कि कोई FIR कोर्ट के ध्यान में नहीं लाई गई थी। इसे भी पढ़ें: Pune से Fadnavis का वार: CJP को बताया 'Congress Jitao Programme', विपक्ष पर भड़के CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर किसी राज्य में कोई ऐसी FIR है जिसकी जानकारी हमारे सामने नहीं लाई गई है, तो राज्य उसे रद्द करने के अनुरोध का विरोध नहीं करेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस दखल से विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है, उन्हें इससे अलग रखा गया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
GDP ग्रोथ पर Kharge का तंज: सरकार PR में व्यस्त, देश में Unemployment और Inflation चरम पर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा, जब उन्होंने 7.8 प्रतिशत की GDP ग्रोथ रेट की तारीफ़ की। खड़गे ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह आम नागरिकों की आर्थिक चुनौतियों को छिपाने के लिए पब्लिक रिलेशंस (PR) का सहारा ले रही है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक बयान में, खड़गे ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया को लाइट्स, कैमरा और इनएक्शन बताया। उन्होंने कहा कि जहाँ सरकार मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स (अर्थव्यवस्था के बड़े पैमाने के आंकड़े) को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रही है, वहीं आम आदमी अब भी तीन U से जूझ रहा है — अभूतपूर्व बेरोज़गारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया खड़गे ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है और दावा किया कि लगभग 40% युवा ग्रेजुएट बेरोजगार हैं। उन्होंने आगे आंकड़े देते हुए कहा कि जुलाई 2026 तक, 15 से 29 साल की उम्र के हर छह भारतीयों में से एक बेरोजगार था। कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार के हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के पुराने वादे पर भी निशाना साधा और कहा कि यह वादा पूरी तरह से टूट गया है। खड़गे ने ज़रूरी चीज़ों की कीमतों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने खुदरा महंगाई का जिक्र करते हुए कहा कि चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाना पकाने का तेल, चावल और दूध जैसी रोज़मर्रा की रसोई की चीज़ों की कीमतें घरों के बजट पर दबाव डाल रही हैं। उन्होंने पेट्रोल, डीज़ल और LPG की कीमतों को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि बढ़ते खर्चों की वजह से आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: Pune से Fadnavis का वार: CJP को बताया 'Congress Jitao Programme', विपक्ष पर भड़के आर्थिक असमानता के मुद्दे पर खड़गे ने आरोप लगाया कि भारत में अमीरी-गरीबी का अंतर काफी बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि देश की कुल संपत्ति का लगभग 40% हिस्सा आबादी के सबसे अमीर 1% लोगों के पास है, जबकि सबसे गरीब 50% लोगों के पास सिर्फ 15% संपत्ति है। उन्होंने इस असमानता के लिए सरकारी नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और केंद्र पर क्रोनी कैपिटलिज़्म (खास उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाली पूंजीवादी व्यवस्था) को बढ़ावा देने और गरीबों से अमीरों की ओर बड़े पैमाने पर धन के हस्तांतरण को सुविधाजनक बनाने का आरोप लगाया। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Delhi वालों को बड़ी राहत! अब ₹35/Kg मिलेगा प्याज, सरकार का महंगाई पर वार
दिल्ली में प्याज की बढ़ती कीमतों और उसकी उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच, सरकार ने ग्राहकों को राहत देने के लिए कदम उठाए हैं। केंद्र सरकार राजधानी में 1,000 मीट्रिक टन प्याज़ की सप्लाई करेगी, जिसे उचित मूल्य वाली दुकानों (फेयर प्राइस शॉप्स) के ज़रिए ₹35 प्रति किलो के भाव पर बेचा जाएगा। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्याज़ की कीमतों और उपलब्धता पर बारीकी से नज़र रख रही है और राजधानी में प्याज़ की कोई कमी नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद यह पक्का करना है कि लोगों को ज़रूरी खाने-पीने की चीज़ें किफायती दामों पर मिलती रहें। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया सब्सिडी वाले प्याज़ को ज़्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए, सरकार दिल्ली के सभी 13 ज़िलों में एक-एक मोबाइल वैन भी तैनात करेगी। ये वैन अलग-अलग इलाकों में जाकर ₹35 प्रति किलो के भाव पर प्याज़ बेचेंगी, जिससे खासकर उन लोगों को मदद मिलेगी जिनकी उचित मूल्य वाली दुकानों तक आसान पहुँच नहीं है। इस कदम का मकसद पूरे शहर में किफायती प्याज़ की उपलब्धता बढ़ाना और यह पक्का करना है कि ज़्यादा से ज़्यादा लोग सरकार की इस पहल का फ़ायदा उठा सकें। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार स्थिति पर नज़र रखेगी और प्याज़ की कमी या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकने के लिए ज़रूरी कदम उठाएगी। केंद्र सरकार के 1,000 मीट्रिक टन प्याज़ की सप्लाई करने के फ़ैसले से प्याज़ की उपलब्धता बेहतर होने और दिल्ली के ग्राहकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इससे पहले, 25 अगस्त को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली में प्याज़ और चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर एक समीक्षा बैठक हुई थी। बैठक में यह बात सामने आई कि राजधानी में अभी प्याज़ या चीनी की कोई कमी नहीं है। हालाँकि, अगर कीमतें और बढ़ती हैं, तो दिल्ली सरकार यह पक्का करेगी कि लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसे भी पढ़ें: Pune से Fadnavis का वार: CJP को बताया 'Congress Jitao Programme', विपक्ष पर भड़के दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, ऐसी स्थिति में सरकार केंद्र सरकार की संस्था 'नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फ़ेडरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड' (NAFED) से प्याज़ और चीनी खरीदेगी और उन्हें राजधानी में अलग-अलग जगहों पर उपलब्ध कराने का इंतज़ाम करेगी। ये चीज़ें उसी कीमत पर बेची जाएंगी जिस कीमत पर इन्हें NAFED से खरीदा जाएगा, जबकि ट्रांसपोर्ट और दूसरे संबंधित खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी। CMO ने कहा कि विभाग से कहा गया है कि वह दिल्ली में आने वाले प्याज़ की सप्लाई पर नज़र रखने, यह पक्का करने कि वह बाज़ार तक सही ढंग से पहुँचे और जमाखोरी रोकने के लिए इंतज़ाम करे, साथ ही ज़रूरत पड़ने पर ज़रूरी कार्रवाई भी करे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
BRICS Summit से पहले Delhi में हाई अलर्ट, CJP मार्च को अब तक नहीं मिली Police की इजाजत
पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 5 सितंबर को इंडिया गेट से जंतर-मंतर के पास जय सिंह मार्ग पर स्थित पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनजर पूरी दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सूत्रों ने बताया कि एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर और उसके आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेड्स लगाए गए हैं। CJP ने इस मार्च की घोषणा की है, लेकिन पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित मार्च के लिए अभी तक कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसे भी पढ़ें: Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस को CJP की ओर से विरोध प्रदर्शन की मंजूरी के लिए कोई अनुरोध या अनुमति पत्र नहीं मिला है। सूत्रों के मुताबिक, ब्रिक्स समिट को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नई दिल्ली तथा मध्य दिल्ली के कुछ हिस्सों में सुरक्षा इंतज़ाम मज़बूत किए जा रहे हैं। कई अहम सरकारी दफ़्तरों के पास मौजूद विरोध-प्रदर्शन की तय जगह, जंतर-मंतर पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अहम जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील इलाकों में आने-जाने वालों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है। प्रस्तावित मार्च की तारीख़ नज़दीक आने पर सुरक्षा के और भी इंतज़ाम किए जा सकते हैं। उच्चतम न्यायालय ने पांच सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) द्वारा प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने के अनुरोध वाली याचिका पर कोई आदेश पारित करने से सोमवार को इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि उसे उम्मीद है कि सभी पक्ष शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर व्यवहार करेंगे। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह अपनी याचिका उस उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति के समक्ष रखे, जिसका गठन न्यायालय ने नीट विरोध प्रदर्शनों के दौरान पुलिस हिंसा के आरोपों की जांच के लिए किया है। इसे भी पढ़ें: Pune से Fadnavis का वार: CJP को बताया 'Congress Jitao Programme', विपक्ष पर भड़के पीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए कहा, मामले को लंबित याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध किया जाए। इस पर 10 सितंबर को सुनवाई की जाएगी। पीठ ने कहा, उनसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने की उम्मीद है और कानून प्रवर्तन एजेंसी की जिम्मेदारी है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखे तथा यह बताए कि क्या अवैध है और क्या अनुमति योग्य है। हम उम्मीद करते हैं कि वे इसी दायरे में काम करेंगे। दोनों पक्षों से हमारी अपेक्षा है कि वे एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, उचित आचरण करेंगे और देश के कानून का पालन करेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Punjab University: Amit Shah ने ABVP जीत को 'राष्ट्र प्रथम' विचारधारा का प्रमाण बताया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ABVP को बधाई दी। उनके उम्मीदवार अंकित बिधान ने लगातार दूसरी बार पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ का अध्यक्ष पद का चुनाव जीता है। शाह ने इसे युवाओं के राष्ट्र प्रथम विचारधारा में भरोसे का सबूत बताया। X पर एक पोस्ट में शाह ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनावों में @ABVPVoice की शानदार जीत पर परिषद के सभी कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई। लगातार दूसरी बार मिली यह जीत, युवा शक्ति के 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) की विचारधारा में अटूट विश्वास का प्रमाण है। मुझे पूरा भरोसा है कि परिषद के कार्यकर्ता स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों का पालन करते हुए छात्रों के कल्याण के लिए पूरी लगन और मेहनत से काम करते रहेंगे। इसे भी पढ़ें: सोन नदी जल बंटवारे पर बिहार और झारखंड के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र परिषद (PUCSC) चुनावों में बड़ी जीत हासिल की, क्योंकि उनके उम्मीदवार अंकित बिधान ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीता। यह चुनावी जीत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के छात्र संगठन, स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) के साथ गठबंधन करके हासिल की गई। गौरतलब है कि अकाली दल के छात्र संगठन और ABVP के बीच यह गठबंधन, SAD के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के 21 अगस्त को ANI से कही गई उस बात के कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पंजाब के लोग चाहते हैं कि ये दोनों पुराने सहयोगी साथ आएं; उन्होंने इसके लिए राज्य के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के महत्व का हवाला दिया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, एबीवीपी और एसओआई दोनों दलों के सदस्यों ने पंजाब विश्वविद्यालय परिसर में जश्न मनाया। भाजपा पंजाब के प्रभारी और सांसद सतीश पूनिया ने कहा कि वे राज्य में मिशन 27 को हासिल करने के लिए पार्टी संगठन के संबंध में व्यापक चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के संगठनात्मक दौरे के लिए यहां आया हूं, और आज विशेष रूप से, मैं पार्टी की महत्वपूर्ण कोर कमेटी के वरिष्ठ सदस्यों से मिलूंगा। हम पार्टी संगठन के साथ-साथ पंजाब में मिशन 27 को हासिल करने के लिए राजनीतिक और रणनीतिक रोडमैप पर व्यापक चर्चा करेंगे। पीयूसीएससी चुनावों में अंकित बिधान का मुकाबला एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) के उम्मीदवार आदिल बराड़ से था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
राहुल गांधी पर FIR का विरोध, चंडीगढ़ में आज सड़कों पर पंजाब कांग्रेस का हल्ला बोल
पंजाब कांग्रेस आज चंडीगढ़ में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विरोध में प्रदर्शन करेगी।
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने पंजाब सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कड़ी निंदा की है।
छपरौली में पंजाब से चोरी हुईं दो भैंस और एक कटिया बरामद, पंजाब पुलिस की दबिश, डेढ़ लाख में खरीदने वाला सावेज फरार
पंजाब की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच दोबारा गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
PU में एबीवीपी ने लहराया भगवा, युवाओं का भापा मूड; पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए नए संकेत
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर भगवा लहराया। इससे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए युवा मतदाताओं के मूड का संकेत मिला है।
पंजाब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के फील्ड इंस्पेक्टरों को लैपटॉप, यात्रा भत्ता और कार्यालय के लिए बुनियादी सुविधा भत्ता मिलेगा। इससे मंडी निगरानी और विभागीय कामकाज आसान होगा।
अपने आप को पंजाब के पानी का रखवाले कहलाने वालों ने सिर्फ भाषण दिए, भगवंत मान सरकार ने पंजाब का पानी बचाने के लिए प्लानिंग और राजनीतिक इच्छा शक्ति का प्रयोग किया: बलतेज पन्नू
डिपार्टमेंट ऑफ लॉ के तृतीय वर्ष के छात्र रवि कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जो टिप्पणी की है, उसका खुले दिल से मैं स्वागत करता हूं। सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट पास की है कि छात्रों को डराया धमकाया नहीं जा सकता।
'बातचीत से क्यों कतरा रहे भगवंत मान', पंजाब में कर्मचारियों के आंदोलन पर बीजेपी ने उठाए सवाल
भाजपा ने पंजाब में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के आंदोलन से निपटने के तरीके पर भगवंत मान सरकार पर सवाल उठाए हैं।
शिवपुरी के पिछोर को जिला बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग सोमवार को एक बार फिर उठी। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पर कहा- समय से सब होगा, चिंता मत करो, मैं हूं ना। उन्होंने इस दौरान क्षेत्र को करोड़ों रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगातें भी दीं। सिंधिया ने आगे कहा कि कहा- कुछ अपने जेब में रहने दो। जब परिवार का मुखिया ही सब कुछ एक साथ दे देगा तो क्या मांगने और क्या देने के लिए रह जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पिछोर को पंजाब से भी आगे ले जाना है। दरअसल, पिछोर को जिला बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर कई बार आवाज बुलंद की जा चुकी है। इसी कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने पिछोर विधानसभा क्षेत्र को स्वास्थ्य, बिजली, प्रशासन और सड़क से जुड़ी कई सौगातें दीं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के निवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है। स्वास्थ्य क्षेत्र में, अछरौनी में 1.80 करोड़ रुपए की लागत से बने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का लोकार्पण किया। इसके माध्यम से चार उपस्वास्थ्य केंद्रों द्वारा करीब 20 गांवों की 30 हजार से अधिक आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। इस केंद्र में 299 प्रकार की दवाइयां और 80 तरह की जांचों की सुविधा उपलब्ध रहेगी। तहसील भवन का लोकार्पण किया बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए, चमरौआ में 1.95 करोड़ रुपये की लागत से बने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र और पिपरा में 1.46 करोड़ रुपये के विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण किया गया। इन उपकेंद्रों के शुरू होने से हजारों ग्रामीणों और किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है। प्रशासनिक सुविधा के तहत, बामौरकलां में 1.24 करोड़ रुपये की लागत से बने उप तहसील भवन का लोकार्पण किया गया। इस भवन से 70 गांवों के लोगों को राजस्व और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए अब दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी। 6.47 करोड़ की सड़कों का भूमिपूजन सिंधिया ने धपौरा-तैरई और भगारी-रामपुर-टपरन सड़क निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया। दोनों सड़कों पर क्रमशः 3.17 करोड़ और 3.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इनके बनने से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ किसानों, विद्यार्थियों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि क्षेत्र में विकास का सिलसिला लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने 300 करोड़ की पिछोर-चंदेरी सड़क, 200 करोड़ की पिछोर-दिनारा हाईवे परियोजना, केंद्रीय विद्यालय, नहर परियोजना और रोजगार से जुड़े 'मूंगफली प्रोजेक्ट' का भी उल्लेख किया। सिंधिया ने पिछोर में निर्माणाधीन 100 बिस्तर के अस्पताल का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कार्यक्रम में कलेक्टर अर्पित वर्मा, एसपी यागचेंन डोलकर भूटिया सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
Haldwani FIR: Jairam Ramesh का BJP-RSS पर हमला, दलितों के अपमान पर चुप क्यों सरकार?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद, कांग्रेस के सीनियर सांसद जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की आलोचना की है। हल्द्वानी में एक 'शुद्धिकरण' कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी की टिप्पणियों को लेकर मिली शिकायत के बाद हल्द्वानी सिटी कोतवाली पुलिस ने यह FIR दर्ज की। रमेश ने BJP-RSS पर आरोप लगाया कि वे जातिगत भेदभाव को दूर करने के बजाय न्याय की मांग करने वालों को निशाना बनाते हैं। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा रमेश ने कहा कि राहुल गांधी जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में दलितों के साथ होने वाले अन्याय, अपमान और भेदभाव का मुद्दा उठाया था, और BJP-RSS ने उन्हें सही साबित करने में 24 घंटे से भी कम समय लिया। उन्होंने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद 'शुद्धिकरण' के नाम पर छुआछूत और अपमान का मुद्दा उठाया था और इसमें शामिल BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। यह FIR गांधी की उन टिप्पणियों से जुड़ी है जो उन्होंने 8 अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस की रैली के बाद आयोजित 'शुद्धिकरण यज्ञ' के बारे में की थीं। शिकायतकर्ता अमित कुमार, जो अनुसूचित जाति समुदाय के सदस्य हैं, ने आरोप लगाया कि गांधी की टिप्पणियों से अनुसूचित जाति के सदस्यों की भावनाएं आहत हुईं। रमेश ने उत्तराखंड सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की, जो न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि संविधान भेदभावपूर्ण सोच के खिलाफ एक बाधा के रूप में कार्य करता है और यह सत्ताधारी व्यवस्था के लिए झुंझलाहट का कारण है। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना उन्होंने कहा कि यह बात उत्तराखंड में BJP-RSS की डबल-इंजन सरकार को पसंद नहीं आई। इसीलिए, आज भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन न्याय की मांग कर रहे राहुल गांधी के खिलाफ ठीक अगले दिन FIR दर्ज कर दी गई। यह वही सोच है जिसके खिलाफ बाबा साहेब का संविधान सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है। इसीलिए संविधान उन्हें खटकता है; इसीलिए वे इसे बदलना चाहते हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Shivraj Chouhan का बड़ा बयान: विवेकानंद के बाद Mohan Bhagwat ने रखा हिंदुत्व का असली सार
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न्यूयॉर्क में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के हालिया भाषण की तुलना स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक भाषण से की है। उन्होंने वैश्विक मंच पर भारतीय दर्शन को पेश करने के उनके अंदाज़ की तारीफ़ की। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में चौहान ने कहा कि भागवत ने दुनिया के सामने भारत की शाश्वत जीवन-दृष्टि को सफलतापूर्वक रखा, जो पूरी सृष्टि की एकता और मानवता के कल्याण पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के बाद, अगर किसी ने भारतीय दर्शन और हिंदुत्व के असली सार को इतनी सरलता और स्पष्टता के साथ दुनिया के सामने पेश किया है, तो वे परम पूजनीय सरसंघचालक मोहन भागवत हैं। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा चौहान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भागवत के भाषण ने 'वसुधैव कुटुंबकम्' (पूरी दुनिया एक परिवार है) और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' (सब सुखी हों) जैसे पारंपरिक भारतीय सिद्धांतों को और मज़बूत किया। उन्होंने बताया कि हिंदुत्व विविधता को अपनाने का प्रतीक है, जिसका आधार आध्यात्मिक एकता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई संकीर्ण विचारधारा नहीं है, बल्कि यह 'एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति', 'आत्मवत् सर्वभूतेषु', 'वसुधैव कुटुंबकम्', 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' और पूरी दुनिया के कल्याण की भावना में व्यक्त जीवन-दृष्टिकोण है। यह विविधता में एकता को अपनाने और पूरी दुनिया को एक परिवार मानकर व्यवहार करने की भावना है। प्राचीन ऋषियों और 'सिया राममय सब जग जानी' के सिद्धांत का हवाला देते हुए, जिसका अर्थ है समस्त सृष्टि में दैवीयता देखना, चौहान ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा पर प्रकाश डाला। आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि विविधता में एकता भारत के डीएनए में है और इस पर खुशी जताई जानी चाहिए, इसका सम्मान किया जाना चाहिए और इसे स्वीकार किया जाना चाहिए। शनिवार को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन स्थित इन्फोसिस थिएटर में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम में 6,000 से अधिक भारतीय-अमेरिकी समुदाय के सदस्यों और विभिन्न धर्मों के नेताओं को संबोधित करते हुए भागवत ने विविधता को अपनाने और समुदायों का समर्थन करने का आह्वान किया। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना उन्होंने कहा कि जब हम अमेरिका या यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका कहते हैं, तो एक शब्द की अक्सर चर्चा होती है और वह है बहुलतावाद। और जब हम भारत कहते हैं, तो एक और वाक्यांश की चर्चा होती है : विविधता में एकता। उनकी इस बात पर वहां उपस्थित लोगों ने तालियां बजाईं। उन्होंने यह बात ‘अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग’ फोरम द्वारा आयोजित ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि भारत के लिए एकता और विविधता, दोनों उसके डीएनए में हैं। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के एक संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि हर राष्ट्र के सामने एक लक्ष्य होता है, जिसे उसे पूरा करना होता है और एक नियति होती है, जिसे उसे साकार करना होता है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रमाणपत्रों की दूसरी कॉपी जारी करने की सुविधा शुरू कर दी है। यह सेवा सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध है, जिसका उद्देश्य लोगों को सरकारी सेवाएं सुविधाजनक और पारदर्शी तरीके से प्रदान करना है। इस सुविधा के तहत गुम या क्षतिग्रस्त प्रमाणपत्रों की दूसरी कॉपी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि यह सेवा 30 सितंबर 2026 तक सेवा केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध रहेगी। आवेदक पंजाब सरकार के ऑनलाइन पोर्टल eseva.punjab.gov.in के माध्यम से भी आवेदन संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी प्रकार की कोई फीस नहीं डिप्टी कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रमाणपत्र की दूसरी कॉपी प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार की सरकारी फीस या सुविधा शुल्क नहीं लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों, पूर्व विद्यार्थियों और अन्य आवेदकों को अपने महत्वपूर्ण शैक्षणिक दस्तावेज दोबारा प्राप्त करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।सागर सेतिया ने जिले के निवासियों से अपील की कि वे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और निर्धारित अवधि के भीतर अपना आवेदन जमा करवाएं। उन्होंने यह भी बताया कि यदि सेवा का लाभ लेते समय किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो संबंधित जिले की आई.टी. शाखा से संपर्क किया जा सकता है।
West Bengal में जनता की सीधी सुनवाई! अब सरकारी दफ्तरों में हफ्ते में दो बार लगेगा जनता दरबार
पश्चिम बंगाल सरकार ने सरकारी दफ्तरों में हफ़्ते में दो बार 'जनता दरबार' लगाकर लोगों की शिकायतों के समाधान के सिस्टम को और मज़बूत करने का फ़ैसला किया है। इस नए सिस्टम के तहत, ज़मीनी स्तर के अधिकारियों को हर मंगलवार और गुरुवार को नागरिकों से आमने-सामने मिलकर उनकी शिकायतें सुननी होंगी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लोगों की शिकायतों को सीधे सुनने के लिए 'आपणार सरकार आपणार पाशे' (आपकी सरकार, आपके साथ) पहल शुरू की थी। इस प्रोग्राम के तहत, वह हर हफ़्ते खुद 'जनता दरबार' लगाते हैं, नागरिकों से बातचीत करते हैं और उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुनते हैं। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा शिकायतों को दर्ज करने और उन पर हुई कार्रवाई को ट्रैक करने के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम भी शुरू किया गया है। नबन्ना प्रशासन ने अब इस पहल को और मज़बूत करने और राज्य भर के लोगों के लिए सरकारी अधिकारियों तक सीधे पहुँचना आसान बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। नई व्यवस्था के तहत, हर मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों में 'जनता दरबार' आयोजित किए जाएंगे। इस व्यवस्था को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य फील्ड-स्तरीय अधिकारियों को तय समय के दौरान उपलब्ध रहने के लिए कहा गया है। इस दौरान कोई बैठक या आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं किया जाएगा ताकि अधिकारी आम जनता के लिए उपलब्ध रह सकें। यह पक्का करने के लिए कि नागरिक आसानी से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकें, 'जनता दरबार' के दिन और समय के साथ-साथ अधिकारियों के मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी सरकारी दफ्तरों के बाहर और आधिकारिक वेबसाइटों पर प्रमुखता से दिखाई जाएगी। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना नागरिकों की शिकायतें सुनने के बाद, अधिकारियों को हर शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी 'आपणार सरकार आपणार पाशे' पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करनी होगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी 'कार्मिक और प्रशासनिक सुधार विभाग' करेगा ताकि यह पक्का किया जा सके कि शिकायतों पर आगे की कार्रवाई हो और शिकायत निवारण व्यवस्था जवाबदेह बनी रहे। इस बेहतर सिस्टम से उन लोगों को खास तौर पर फ़ायदा होने की उम्मीद है जो ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म या डिजिटल ऐप इस्तेमाल करने में सहज नहीं हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए सिर्फ़ डिजिटल सिस्टम पर निर्भर रहने के बजाय, ऐसे नागरिक अब सीधे सरकारी दफ़्तर जाकर अधिकारियों से आमने-सामने मिलकर अपनी समस्याएँ बता सकेंगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
NEET Protest: प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR रद्द कराने SC पहुंची केंद्र सरकार, मंगलवार को सुनवाई
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक अर्ज़ी दायर की है। इसमें दिल्ली और दूसरे राज्यों में NEET पेपर लीक के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई कथित हिंसा के सिलसिले में पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दर्ज FIR को रद्द करने की मांग की गई है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, भारत के सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह अर्ज़ी रखी और इस मामले में कोर्ट से दखल देने की मांग की। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा केंद्र सरकार चाहती है कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करके प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करे और पूरा न्याय सुनिश्चित करे। सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर मंगलवार (1 सितंबर) को सुनवाई करेगा। इससे पहले दिन में, सुप्रीम कोर्ट ने 5 सितंबर को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रस्तावित मार्च पर रोक लगाने या इस बारे में कोई निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की ज़िम्मेदारी है और उम्मीद जताई कि ज़रूरत पड़ने पर अधिकारी ज़रूरी कदम उठाएंगे। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना ये बातें CJI कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहीं। बेंच ने कहा कि उसके पास यह मानने का कोई ठोस कारण नहीं है कि प्रस्तावित मार्च के दौरान कोई अप्रिय स्थिति पैदा होगी। हालांकि, कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कुछ गंभीर होता है, तो याचिकाकर्ता तुरंत कोर्ट का दरवाज़ा खटखटा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने उम्मीद जताई कि सभी पक्ष कानून का पालन करेंगे और कहा कि हम यह मानकर आगे बढ़ेंगे कि हर कोई ज़िम्मेदारी से, शांति से और कानून के मुताबिक व्यवहार करेगा। कोर्ट ने कहा कि इस समय हमारे सामने ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे हम कोई अलग राय बना सकें। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
संकट में Nepal के साथ भारत, Rajnath Singh बोले- हम सुख-दुख के साथी हैं
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 31 अगस्त को नई दिल्ली में नेपाल दूतावास का दौरा किया और नेपाल में आई भयानक बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता जताई। उन्होंने पड़ोसी देश को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में भारत का समर्थन उन्हें मिलता रहेगा। अपनी यात्रा के दौरान, सिंह ने उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खो दिया था और शोक पुस्तिका में एक संदेश भी लिखा। उन्होंने भारत और नेपाल को करीबी दोस्त और साझेदार बताया जो सुख और दुख दोनों में एक-दूसरे के साथ खड़े रहते हैं। इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा अपने संदेश में सिंह ने कहा कि एक करीबी दोस्त और पार्टनर, और ‘सुख-दुख के साथी’ के तौर पर भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहा है। इस मुश्किल समय में भी, हम अपने नेपाली भाई-बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और नेपाल की खोज, बचाव और पुनर्वास की कोशिशों में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नेपाल अचानक आई बाढ़ के असर से निपटने की कोशिश कर रहा है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। 26 अगस्त को आई इस आपदा के बाद से लापता हजारों लोगों की तलाश में नेपाल और चीन के बचावकर्मी कीचड़, उफनती नदियों और नई बनी झीलों के खतरे का सामना कर रहे हैं। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) की ताजा जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की संख्या 903 हो गई है। करीब 4,247 लोग अभी भी लापता हैं, जबकि अब तक 10,451 लोगों को बचाया जा चुका है। तिब्बत से सटे रसुवा जिले में ग्लेशियर टूटने से भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद बचाव अभियान का छठा दिन है। बचाव और राहत कार्यों के दौरान भारत लगातार मानवीय सहायता पहुंचा रहा है। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना 30 अगस्त को भारत ने नेपाल के लिए अपनी चौथी उड़ान भेजी, जिसमें 11 टन राहत सामग्री थी। इस खेप में खोज और बचाव के लिए उपकरणों के साथ एक टनल टेक्निकल टीम, DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम, कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट शामिल थीं। यह सहायता आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए नेपाली अधिकारियों को सौंपी गई। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बीजेपी ने Punjab की AAP सरकार को बताया 'हिटलर', कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर घेरा
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने सोमवार को पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की आलोचना की। उन्होंने हड़ताल में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ दमनकारी नीतियां अपनाने के लिए सरकार की निंदा की और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। भाटिया ने कर्मचारियों के उन विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र किया जिनमें वे लंबित मुद्दों के समाधान, महंगाई भत्ते (DA) और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी तीन मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं - लंबित मुद्दों का समाधान, DA और पुरानी पेंशन योजना। मान जी का कहना है कि वे बातचीत तभी करेंगे जब हड़ताल खत्म कर दी जाएगी। इसे भी पढ़ें: Punjab University में ABVP-SOI की छात्र एकता, क्या 2027 में BJP-Akali फिर साथ? उन्होंने एक सरकारी आदेश का ज़िक्र किया जिसमें अधिकारियों को विरोध प्रदर्शनों में शामिल कर्मचारियों की सूची बनाने और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था। भाटिया ने कहा कि क्या अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करना गलत है? अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई हैं और वे हड़ताल पर हैं, तो आप उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की बात कर रहे हैं। पंजाब में हिटलर जैसी सरकार है। AAP सरकार के वादों पर सवाल उठाते हुए भाटिया ने पूछा कि इस बात की क्या गारंटी है कि आपके और केजरीवाल के किए गए वादे पूरे होंगे? उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी पंजाब में महिलाओं को आर्थिक मदद देने का वादा करने के साढ़े चार साल बाद भी ऐसा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक मदद देने का वादा किया गया था। साढ़े चार साल बीत चुके हैं, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ है। अब, जब चुनाव नज़दीक हैं, तो आप इन वादों को पूरा करने की बात कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में निर्भया जैसी हैवानियत! लिफ़्ट देकर चलती स्लीपर बस में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ़्तार मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए भाटिया ने पूछा कि मान जी, आप किस काम में व्यस्त हैं? क्या आप केजरीवाल की सेवा में लगे हैं? उन्होंने AAP पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि आप तो विरोध-प्रदर्शन करके सत्ता में आए थे, लेकिन आज आपको विरोध-प्रदर्शन से ही दिक्कत है। क्या सिर्फ़ AAP के लोगों को ही विरोध करने का अधिकार है? क्या आम लोग अपनी मांगों के लिए विरोध नहीं कर सकते? भाटिया ने पंजाब सरकार से जनता के पैसे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए और अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान से सरकारी कर्मचारियों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर जवाब देने को कहा। उन्होंने कहा कि जनता का पैसा कहाँ गया? कर्मचारियों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब केजरीवाल और मान को देना चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Akhilesh Yadav का UP STF पर बड़ा हमला: बोले- यह 'स्वजातीय टॉर्चर फ़ोर्स' है
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार पर जाति के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगाया और कहा कि जाति के आधार पर फ़र्ज़ी एनकाउंटर किए गए। लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने राज्य की स्पेशल टास्क फ़ोर्स (STF) की आलोचना करते हुए दावा किया कि इसका इस्तेमाल समाज के कुछ खास वर्गों के ख़िलाफ़ किया गया। यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की STF का असल मतलब 'स्वजातीय टॉर्चर फ़ोर्स' है और समाज के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्गों को लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में बदायूं में एक पुलिस स्टेशन के अंदर एक दलित युवक की हत्या कर दी गई; गौरतलब है कि बदायूं के 22 पुलिस स्टेशनों में से 10 के इंचार्ज (SHO) मुख्यमंत्री की अपनी जाति के हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab University में ABVP-SOI की छात्र एकता, क्या 2027 में BJP-Akali फिर साथ? उन्होंने कस्टडी में हुई मौतों के बारे में पुलिस के बयानों और मौजूद सबूतों में अंतर का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में एनकाउंटर जाति से प्रभावित होते हैं। यादव ने कहा कि बदायूं में कस्टडी में हुई मौत के मामले में पुलिस कार्डियक अरेस्ट को वजह बता रही है, लेकिन उनका बयान CCTV फुटेज से मेल नहीं खाता। वाराणसी में मुख्यमंत्री की जाति के लोगों ने रामजनम नाम के एक दलित व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। फर्जी एनकाउंटर के मामलों में, एनकाउंटर जाति के आधार पर किए गए। भविष्य में जब सरकार बदलेगी, तो इन सभी मामलों की जांच होगी। पुलिस विभाग के अंदर भी PDA से जुड़े लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। चुनाव से जुड़े मामलों पर बात करते हुए, यादव ने आरोप लगाया कि BJP आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले एक और वोटर लिस्ट में सुधार का अभियान चलाने की योजना बना रही है, जिसका मकसद दूसरे राज्यों से आए लोगों को वोटर के तौर पर रजिस्टर करना है। उन्होंने कहा कि SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) के बाद, BJP UP चुनावों से पहले एक और रिविजन करने की योजना बना रही है; उन्होंने पहले SIR के बाद 'फॉर्म 7' भरा था। अब, वे बिहार, छत्तीसगढ़ और झारखंड से आए लोगों को UP में वोटर के तौर पर रजिस्टर करने के लिए SAR (स्पेशल एनुअल रिविजन) करने का इरादा रखते हैं। हमारी पार्टी का बूथ लेवल पर चुनाव प्रचार कल से शुरू होने वाला है। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में निर्भया जैसी हैवानियत! लिफ़्ट देकर चलती स्लीपर बस में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ़्तार यादव ने निवेश और शिक्षा को लेकर राज्य सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कई स्कूल बंद कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि वे निवेश की बात तो करते हैं, लेकिन उन्होंने असल प्रगति की समीक्षा नहीं की है। कुछ उद्योगपति अभी नाखुश हैं; पता लगाइए कि उनके साथ साइन किए गए निवेश MoU की क्या कीमत थी। टीचर्स डे पर हम स्कूलों में कार्यक्रम करेंगे और इस बात को उजागर करेंगे कि सरकार ने 26,000 स्कूल बंद कर दिए हैं।
UP Encounter: केशव मौर्य बोले, SP ने अपराधियों को पाला, योगी सरकार में अब हो रहा न्याय
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या के संदिग्धों के साथ हाल ही में हुए पुलिस एनकाउंटर का बचाव किया और इस पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने के लिए समाजवादी पार्टी की आलोचना की। पत्रकारों से बात करते हुए मौर्य ने कानून-व्यवस्था के मामले में विपक्षी पार्टी के रिकॉर्ड की आलोचना की और उनके कार्यकाल के दौरान आपराधिक तत्वों से जुड़ी पिछली घटनाओं का ज़िक्र किया। इसे भी पढ़ें: Punjab University में ABVP-SOI की छात्र एकता, क्या 2027 में BJP-Akali फिर साथ? मौर्य ने कहा कि समाजवादी पार्टी खुद कई मुद्दों को लेकर सवालों के घेरे में है। जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तो वह अपराधियों को बचाती थी। अपराधियों को बचाने की इसी नीति के कारण ऐसी घटनाएं हुईं जिनमें दिन-दहाड़े विधायकों तक की हत्या कर दी गई; उदाहरण के लिए, मेरे अपने शहर प्रयागराज में, तत्कालीन बीएसपी विधायक राजू पाल की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई थी। उन्होंने आगे समाजवादी पार्टी के पूर्व सदस्यों अतीक अहमद और अशरफ का नाम ऐसे मामलों के दोषियों के तौर पर लिया। मौर्य ने कहा कि भले ही वे आज ज़िंदा नहीं हैं, लेकिन अपराधियों को पकड़ना पुलिस की ज़िम्मेदारी है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर संदिग्ध गिरफ्तारी का विरोध करते हैं या अधिकारियों पर हमला करते हैं, तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपराधी गिरफ्तारी का विरोध करता है या पकड़ने की कोशिश के दौरान पुलिस पर हमला करता है, तो पुलिस जवाबी कार्रवाई करती है। धन्यवाद। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में निर्भया जैसी हैवानियत! लिफ़्ट देकर चलती स्लीपर बस में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ़्तार सोमवार को शामली में उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और ज़िला पुलिस के साथ मुठभेड़ में बालियान की हत्या के दो मुख्य शूटर मारे गए। बालियान के परिवार ने पुलिस की कार्रवाई का स्वागत किया, लेकिन कहा कि वे न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। बालियान की पत्नी स्वाति ने इस घटनाक्रम पर राहत जताई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अब तक हुई कार्रवाई से हमें कुछ संतुष्टि मिली है; इससे पता चलता है कि पुलिस प्रशासन अच्छा काम कर रहा है और मुख्यमंत्री ने भी इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। मैं मुख्यमंत्री योगी जी को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देना चाहती हूँ। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
CPI के D Raja ने Amit Shah को लिखा पत्र, UP में कार्यकर्ताओं को नज़रबंद करने का लगाया आरोप
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी डी राजा ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दावा किया कि राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले प्रदर्शन से पहले उत्तर प्रदेश में पार्टी के सदस्यों और स्थानीय नेताओं को गैर-कानूनी तरीके से गिरफ़्तार किया जा रहा है। डी राजा ने पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गैर-कानूनी रूप से नज़रबंद किया गया है, और उन्होंने गृह मंत्री से इस मामले में दखल देने का अनुरोध किया। इसे भी पढ़ें: Punjab University में ABVP-SOI की छात्र एकता, क्या 2027 में BJP-Akali फिर साथ? उन्होंने लिखा कि मैं आपके ध्यान में लाना चाहता हूँ कि 1 सितंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया की एक अखिल भारतीय रैली आयोजित होने वाली है। सरकारी अधिकारियों ने इस रैली के आयोजन के लिए ज़रूरी मंज़ूरी पहले ही दे दी है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अलग-अलग इलाकों में चल रही सक्रिय लामबंदी का ज़िक्र करते हुए पत्र में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के दूर-दराज़ इलाकों के लोग, पार्टी नेताओं के साथ मिलकर, इस रैली में शामिल होने की पूरी तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय स्तर पर की जा रही सख्ती के बारे में सेंट्रल कमांड को मिली ठोस रिपोर्ट और खास घटनाओं का ज़िक्र करते हुए डी. राजा ने कहा कि हमारी पार्टी हेडक्वार्टर को पता चला है कि उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में स्थानीय पुलिस हमारी पार्टी के लोगों और नेताओं को परेशान कर रही है और उन्हें गैर-कानूनी तरीके से नज़रबंद कर रही है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी ने ज़िला पुलिस के ज़बरदस्ती वाले तरीकों के ख़िलाफ़ तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की भी मांग की। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में निर्भया जैसी हैवानियत! लिफ़्ट देकर चलती स्लीपर बस में 11वीं की छात्रा से गैंगरेप, ड्राइवर और कंडक्टर गिरफ़्तार उन्होंने लिखा कि हमारे पास अलीगढ़, हाथरस, गाज़ियाबाद, संभल, शाहजहाँपुर और कई अन्य ज़िलों से पक्की रिपोर्ट हैं। कुछ ज़िलों में पुलिस हमारे साथियों को दिल्ली रैली में शामिल न होने की धमकी दे रही है। यह सब बहुत निंदनीय है। CPI के जनरल सेक्रेटरी ने अपने पत्र में कहा कि ऐसी कार्रवाई भारत के संविधान द्वारा लोगों को और विभिन्न कानूनों द्वारा राजनीतिक दलों को दिए गए मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है और यह एक लोकतांत्रिक देश में लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करने जैसा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Punjab University में ABVP-SOI की छात्र एकता, क्या 2027 में BJP-Akali फिर साथ?
2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के छात्र संगठन 'स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ इंडिया' (SOI) ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (PUCSC) चुनावों के लिए 'अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद' (ABVP) को अपना समर्थन दिया है। सोमवार को वोटिंग शुरू होने से कुछ घंटे पहले की गई यह घोषणा, SAD और BJP के बीच बढ़ते सहयोग का एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। इन दोनों पार्टियों ने 2020 में केंद्र के कृषि कानूनों को लेकर अपना पुराना गठबंधन खत्म कर दिया था। इसे भी पढ़ें: उल्टा चोर कोतवाल को डांटे: Rahul Gandhi पर FIR को लेकर Venugopal ने BJP पर साधा निशाना ABVP की एक आधिकारिक पोस्ट के अनुसार, SOI ने PUCSC चुनावों में ABVP के प्रेसिडेंट पद के उम्मीदवार अंकित बिधान को बिना किसी शर्त के समर्थन दिया है। ABVP ने बताया कि SOI ने अपने उम्मीदवार का नॉमिनेशन पेपर खारिज होने के बाद ABVP के उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला किया, क्योंकि इस वजह से SOI इस साल इस पद के लिए चुनाव नहीं लड़ पा रही थी। ABVP ने अपनी घोषणा में कहा, “छात्र एकता। एक मज़बूत जनादेश। एक साझा विज़न।” उन्होंने आगे कहा कि गठबंधन की घोषणा करने के लिए दोनों संगठनों के नेता पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस के श्री गुरुद्वारा साहिब में एक साथ आए। प्रेसिडेंट पद की दौड़ से SOI के बाहर होने के बाद, उम्मीद है कि चुनाव में उसका सपोर्ट बेस ABVP उम्मीदवार की तरफ़ चला जाएगा। पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट काउंसिल के चुनाव के लिए वोटिंग सोमवार सुबह 9:30 बजे यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों में शुरू हुई। अलग-अलग विभागों में वोटिंग खत्म होने के बाद, पदाधिकारियों के लिए बैलेट बॉक्स संबंधित ब्लॉक के ग्राउंड फ्लोर पर मौजूद रिटर्निंग ऑफिसर से इकट्ठा किए जाएंगे और उन्हें जिम्नेजियम हॉल ले जाया जाएगा। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बताया कि डिपार्टमेंटल रिप्रेजेंटेटिव्स (DRs) के नतीजे दोपहर 12 बजे से दिखाए जाने लगेंगे, जबकि पदाधिकारियों के वोटों की गिनती और नतीजों की घोषणा जिम्नेजियम हॉल में होगी। इसे भी पढ़ें: Karnataka में सियासी संग्राम: Minister Rayareddy ने इस्लाम को बताया श्रेष्ठ, भड़की BJP, मांगा इस्तीफा वोटिंग से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में सुरक्षा काफी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने तीनों एंट्री गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं और चुनाव प्रक्रिया के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर चिंताओं के बीच गाड़ियों और आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि दिन भर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी निगरानी रखी जा रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अकाली-BJP गठबंधन पर सस्पेंस के बीच पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों ने मिलाया हाथ
चंडीगढ़, 31 अगस्त 2026 । पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और BJP के बीच 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है, लेकिन पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले दोनों दलों के छात्र संगठनों ने हाथ मिला लिया है। BJP से जुड़े ABVP और अकाली दल समर्थित SOI […] The post अकाली-BJP गठबंधन पर सस्पेंस के बीच पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र संगठनों ने मिलाया हाथ appeared first on Rashtriya Ujala .
इंटरनेट डेस्क। उत्तर प्रदेश के फिरोजा बाद जिले से एक ऐसी घटना सामने आई हैं तो आपको हिलाकर रख देगी। यहां 26 अगस्त को होटल में हुई युवती की मौत मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिसने प्रेम के रिश्ते को तार- तार कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हैवान बने प्रेमी ने जन्मदिन मनाने के बहाने से लड़की को होटल में बुलाया। प्रेमिका भी प्रेमी की बात का विश्वास कर होटल में पहुंच गई। क्या हुआ मीडिया रिपोटर्स की माने तो आरोपी प्रेमी ने अपने दोस्त की मदद से होटल में पहले से कमरा बुक कर रखा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने जबरन प्रेमिका के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इतना ही नहीं आरोपी ने सेक्स पावर बढ़ाने की दवा खाकर जबरन दोबारा संबंध बनाया। इस दौरान प्रेमिका के प्राइवेट पार्ट में ब्लीडिंग होने लगी। जिसके बाद आरोपी ने दोस्त की मदद से उसे अस्प्ताल पहुंचाया जहां पर उसकी मौत हो गई। आरोपी ने कबूला जुर्म आरोपी राहुल ने पुलिस पूछताछ में बताया कि 26 अगस्त को उसका जन्मदिन था। इसी बहाने उसने युवती को मिलने बुलाया। दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे। 12वीं तक साथ पढ़े थे। युवती (21) बीएससी बायो और नर्सिंग का सर्टिफिकेट कोर्स करके गुरुग्राम में ब्लिंकिट कंपनी में नौकरी कर रही थी। रक्षाबंधन पर वह गुरुग्राम से अपने गांव लौट रही थी। युवती शाम करीब 8 बजे शिकोहाबाद पहुंची। उसने अपनी सहेली के फोन से घर पर बात थी। घरवालों को बताया कि रात हो गई है। तबीयत भी ठीक नहीं लग रही है। युवती अपना बैग सहेली के घर रखने के बाद राहुल से मिलने चली गई। होटल में रात करीब ढाई बजे उसने दोबारा रिलेशन बनाने की कोशिश की तो युवती ने मना किया। इसके बाद नाराज प्रेमी ने उसका सिर दीवार में दे मारा। जिसे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। जिसके उसकी हालत और बिगड़ गई। राहुल अपने दोस्त के साथ उसे बाइक से अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस राहुल को जेल भेजने के बाद उसके दोस्त को तलाश रही है। 27 अगस्त को युवती के पिता की तहरीर पर शिकोहाबाद थाने में हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पूछताछ और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने राहुल के पास से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल बरामद किया है। उसके पास काले रंग का सैमसंग मोबाइल और सेक्स पॉवर बढ़ाने की दवा भी मिली। पत्ते में चार गोलियों में से दो इस्तेमाल की गई थीं, जबकि दो बची हुई थीं। pc- up.punjabkesari.in
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने वारिस पंजाब दे पर निशाना साधते हुए उसे ‘वायरस’ पार्टी बताया।
दिल्ली में कथित तौर पर खुलेआम नशे की बिक्री के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी आमने-सामने आ गई हैं। AAP विधायक कुलदीप कुमार ने नशे की बिक्री को लेकर प्रदर्शन किया और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। इसके बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि नशे की बिक्री कहीं भी हो, […] The post दिल्ली में नशे की बिक्री पर AAP के प्रदर्शन से गरमाई सियासत, BJP बोली- ‘दिल्ली छोड़िए, पहले पंजाब में रोककर दिखाइए’ appeared first on https://rajsattaexpress.com .
उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों के गलियारों में जब छात्र अपने अधिकारों के लिए एकजुट होते हैं, तो बड़ी से बड़ी सत्ता और प्रशासन को भी उनकी आवाज के आगे झुकना पड़ता है। ऐसा ही एक प्रेरणादायक और ऐतिहासिक मामला पंजाब के पटियाला स्थित देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पंजाबी यूनिवर्सिटी (Punjabi University) से सामने आया है। पिछले कुछ हफ्तों से यूनिवर्सिटी कैंपस के भीतर फीस बढ़ोतरी (Fee Hike) के खिलाफ छात्र संगठनों और आम विद्यार्थियों द्वारा एक बहुत बड़ा आंदोलन चलाया जा रहा था, जिसने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। छात्रों के बढ़ते आक्रोश और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद अंततः यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाते हुए फीस बढ़ोतरी के अपने फैसले को पूरी तरह से वापस लेने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। प्रशासन के इस फैसले के बाद अब नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान पुराने शुल्क ही लागू रहेंगे, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। गूगल डिस्कवर और आधुनिक एआई सर्च इंजनों (Generative Engine Optimization) पर इस समय इस छात्र आंदोलन और यूनिवर्सिटी के इस बड़े फैसले को लेकर भारी सर्च ट्रेंड देखा जा रहा है। आइए इस विस्तृत लेख के जरिए इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल करते हैं और जानते हैं कि कैसे छात्रों की इस एकजुटता ने प्रशासन को अपना फैसला बदलने पर मजबूर कर दिया।पंजाबी यूनिवर्सिटी में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ भड़का था छात्रों का भारी आक्रोशकिसी भी केंद्रीय या राज्य विश्वविद्यालय में जब अचानक ट्यूशन फीस, हॉस्टल फीस या परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की जाती है, तो उसका सीधा असर उन मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के बच्चों पर पड़ता है जो अपनी पढ़ाई को जारी रखने के लिए पाई-पाई जोड़ते हैं। पंजाबी यूनिवर्सिटी में भी जब हाल ही में नए सत्र के लिए फीस में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव पास किया गया, तो कैंपस का माहौल पूरी तरह से गर्मा गया। छात्र संगठनों, जिनमें एसएफआई (SFI), पीएसयू (PSU) और अन्य स्वतंत्र छात्र मोर्चे शामिल थे, ने प्रशासनिक ब्लॉक के सामने अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों का यह स्पष्ट कहना था कि एक तरफ जहाँ महंगाई चरम पर है और बेरोजगारी के कारण युवाओं के सामने भविष्य का संकट है, वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा इस तरह से शिक्षा का व्यापारीकरण किया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। दिन-प्रतिदिन छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही थी और परिसर में तनाव का माहौल बनता जा रहा था।प्रशासन का यू-टर्न: सत्र 2026-27 में पुराने शुल्क ही रहेंगे लागूछात्रों के इस तीखे और अनुशासित विरोध प्रदर्शन के आगे आखिरकार यूनिवर्सिटी प्रशासन को झुकना ही पड़ा। प्रशासनिक अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसमें छात्र प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत हुई। बैठक के दौरान जब छात्रों ने अपने तर्कों और आर्थिक दबाव के आंकड़ों को प्रशासनिक समिति के सामने रखा, तो अधिकारियों को भी यह महसूस हुआ कि यह बढ़ोतरी वास्तव में छात्रों के लिए असहनीय है। इसके बाद यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार और कुलपति कार्यालय की ओर से आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर दी गई कि सत्र 2026-27 के लिए किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं वसूली जाएगी और पुराने शुल्क ही लागू रहेंगे। इस घोषणा के साथ ही यूनिवर्सिटी कैंपस में खुशी की लहर दौड़ गई और छात्रों ने ढोल-नगाड़े बजाकर और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर अपनी इस ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया।छात्र एकता और लोकतांत्रिक आंदोलनों की बड़ी जीत का संदेशलोकल ऑप्टिमाइजेशन और शैक्षणिक संस्थानों की राजनीति के परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो पंजाबी यूनिवर्सिटी का यह वाकया देश भर के छात्र आंदोलनों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह घटना इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि यदि युवा और छात्र अपने जायज अधिकारों के लिए वैचारिक रूप से एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें, तो कोई भी सत्ता उनकी आवाज को दबा नहीं सकती। आधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और डिजिटल छात्र पोर्टल्स पर इस बात पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि कैसे सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने इस स्थानीय छात्र संघर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी खबर बना दिया। छात्रों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जिस दृढ़ संकल्प का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा है।आधुनिक Generative Engine Optimization और डिजिटल सर्च ट्रेंड्स का परिदृश्यआधुनिक Generative Engine Optimization (AI सर्च) और गूगल डिस्कवर की गाइडलाइंस के मुताबिक, छात्रों के अधिकारों, शैक्षणिक संस्थानों के बड़े फैसलों और जन-आंदोलनों से जुड़ी खबरों को इंटरनेट पर सबसे तेजी से खोजा और पढ़ा जाता है। आज का जागरूक पाठक और युवा वर्ग यह जानना चाहता है कि कैसे आम नागरिक या छात्र मिलकर प्रशासनिक नीतियों में बदलाव ला सकते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक पर पंजाबी यूनिवर्सिटी के इस फैसले के बाद छात्रों द्वारा साझा किए गए वीडियो और विजय जुलूस की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जहाँ लोग इस सकारात्मक परिणाम की जमकर सराहना कर रहे हैं।शिक्षा के बाजारीकरण के खिलाफ भविष्य की बड़ी सीखअंततः, पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला का यह फैसला केवल एक प्रशासनिक यू-टर्न नहीं है, बल्कि यह इस बात की एक गंभीर चेतावनी भी है कि शिक्षण संस्थानों को मुनाफा कमाने का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत जैसे देश में उच्च शिक्षा तक हर गरीब और मेधावी छात्र की पहुंच सुनिश्चित करना सरकार और यूनिवर्सिटी प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी होनी चाहिए। फीस वापसी के इस कदम से उन हजारों गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली है जो अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित थे। उम्मीद की जानी चाहिए कि अन्य विश्वविद्यालय भी इस घटना से सबक लेंगे और छात्रों पर आर्थिक बोझ डालने वाले ऐसे फैसलों से तौबा करेंगे। छात्र एकता की इस ताकत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि न्याय और हक की लड़ाई हमेशा जीतती है।
किडनैप कर पहले पीटा और फिर पेड़ से बांधकर लगाई आग, पंजाब में हसीना के मर्डर से फड़क जाएगा कलेजा
Manjeet Kaur Murder Case:
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद डॉ. सतीश पूनिया पहली बार पंजाब के दौरे पर आ रहे हैं। पूनिया शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन का ऐलान करने से पहले पंजाब भाजपा नेताओं के साथ बैठकें करेंगे, ताकि ऐन वक्त पर पार्टी में किसी तरह की बगावत न हो। डॉ. पूनिया आज से तीन दिन पंजाब के दौरे पर हैं। पहले दिन वे चंडीगढ़ में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। कल जालंधर और दौरे के आखिरी दिन अमृतसर में रहेंगे, जहाँ वे कार्यकर्ताओं से लेकर शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी उनके साथ रहेंगे। इन बैठकों में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। वहीं डॉ. पूनिया ने प्रभारी बनने के बाद पंजाब के भाजपा नेताओं और वर्कर्स को एक कड़ा संदेश दिया है कि दौरे के दौरान उन्हें सम्मानित करने के लिए गुलदस्ते, साफा, शॉल या अन्य महंगे कपड़े लेकर न आएं। उन्होंने कहा कि आप मुझे केवल एक फूल देकर सम्मानित कर सकते हैं। डॉ. पूनिया ने वीडियो संदेश में नेताओं व वर्कर्स से कही 6 प्रमुख बातें जानिंए.. पंजाब को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष की मीटिंग पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर डॉ. सतीश पूनिया ने पंजाब चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री आर. सी. पाटिल और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ कुछ दिन पहले दिल्ली में बैठक की थी। हाईकमान से पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 'लाइन ऑफ एक्शन' लेकर पूनिया पंजाब आ रहे हैं और हाईकमान के आदेशों को पंजाब में लागू करने को लेकर नेताओं से बातचीत करेंगे।
चुनाव से पहले पंजाब में बढ़ा BJP का कुनबा, हरियाणा CM की मौजूदगी में 35 से अधिक नेता भाजपा में शामिल
पंजाब में भाजपा का सियासी कुनबा बढ़ा है, जहां हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में आप, कांग्रेस और शिअद सहित विभिन्न दलों के तीन दर्जन से अधिक नेताओं ने पार्टी की सदस्यता ली।
Panchkula News: पंजाब सरकार औद्योगिक केंद्रों के निकट विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाएं करेगी स्थापित
The Punjab government will set up world-class testing facilities near industrial hubs.
Panchkula News: पंजाब में संगठन व जमीनी पकड़ मजबूत कर जीत की राह तलाश रहे सभी दल
All parties are seeking a path to victory in Punjab by strengthening their organizations and grassroots presence.
Saharanpur News: पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिले 7.40 करोड़ के जाली नोट
Counterfeit notes worth ₹7.40 crore found in Punjab National Bank's currency chest.
केजरीवाल और पंजाब के सीएम मान ने बेंगलुरु में श्री श्री रवि शंकर से मुलाकात की
पीएम मोदी ने कहा कि आज भव्य और दिव्य 'ध्यान मंदिर' का उद्घाटन हुआ है। जब इरादे नेक हों और काम सेवा की भावना से किया जाए, तो हर कोशिश का सकारात्मक नतीजा मिलता है। चाहे कुछ भी हो या न हो, हम सब कमल के साये में हैं। गुरुदेव के आशीर्वाद से यह कमल देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
मिशन क्लीन पंजाब के तहत अमृतसर में सफाई अभियान, आप विधायक बोले- ये हम सबकी जिम्मेदारी
आप विधायक अजय गुप्ता ने कहा, पंजाब में, पंजाब के बेटे भगवंत सिंह मान और हमारे राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने स्वच्छता अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत आज हमने अपने निर्वाचन क्षेत्र में सफाई अभियान चलाया है।
शुद्धीकरण विवाद पर कांग्रेस और शिवसेना का भाजपा-आरएसएस पर हमला, पंजाब में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
फरीदकोट में कांग्रेस नेता सुधीर चौधरी ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की विचारधारा मनुस्मृति आधारित व्यवस्था को दोबारा स्थापित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश को ऐसी सामाजिक व्यवस्था से मुक्ति दिलाई थी, लेकिन अब फिर उसी मानसिकता को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ बेंगलुरु के 'आर्ट ऑफ लिविंग' आश्रम का दौरा किया। उन्होंने श्री श्री रविशंकर से आशीर्वाद लिया और पंजाब व देश की तरक्की, खुशहाली तथा शांति के लिए प्रार्थना की, साथ ही ध्यान भी लगाया।
‘शुद्धीकरण’ विवाद पर कांग्रेस और शिवसेना का भाजपा-आरएसएस पर हमला, पंजाब में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
‘शुद्धीकरण’ विवाद पर कांग्रेस और शिवसेना का भाजपा-आरएसएस पर हमला, पंजाब में विरोध प्रदर्शन का ऐलान
रूपनगर में आम आदमी पार्टी (AAP) के नवनियुक्त हलका इंचार्ज और एससी आयोग के पूर्व चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने रविवार को चमकौर साहिब हलके में पदभार संभाल लिया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री कत्लगढ़ साहिब में माथा टेका। इस दौरान आप एससी विंग के अध्यक्ष गोपी सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। गुरु घर में नतमस्तक होने के बाद गढ़ी का काफिला मोरिंडा पहुंचा, जहां उन्होंने ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री कोतवाली साहिब में भी अरदास की। मीडिया से बातचीत में गढ़ी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने सिखों और पंजाब को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि चमकौर साहिब की धरती गुरु गोबिंद सिंह जी और साहिबजादों की शहादत से जुड़ी है और यहां हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज उठी है। जसबीर सिंह बोले- गुरु महाराज का आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करने आए हैं गढ़ी ने कहा कि वह किसी व्यक्ति या पार्टी को चुनौती देने नहीं, बल्कि गुरु महाराज का आशीर्वाद लेकर जनता की सेवा करने आए हैं। विधायक डॉ. चरणजीत सिंह चन्नी की गैर-मौजूदगी के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जल्द पूरी टीम के साथ लोगों के बीच पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि वह गरीब परिवार से आते हैं और आम लोगों की समस्याओं को करीब से समझते हैं। अगले 15 दिनों में पार्टी पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर क्षेत्र की समस्याओं की जानकारी ली जाएगी और विकास कार्यों को गति देने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
तिहाड़ जेल में ऐसा क्या हुआ कि बदल गए केजरीवाल-सिसोदिया?
बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के मानव सेवा के 45 साल पूरे होने के मौके पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत आप के अन्य नेता शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, बेंगलुरु में किया गया था। केजरीवाल बोले- गुरुजी से 20 साल से मिला प्यार कार्यक्रम में अरविंद केजरीवाल ने श्री श्री रविशंकर को लेकर कहा कि पिछले 20 साल से उन्हें व्यक्तिगत तौर पर गुरुजी से बहुत प्यार और भरोसा मिला है और वह खुद को इसके लिए बेहद भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने श्री श्री रविशंकर और आर्ट ऑफ लिविंग के सभी सदस्यों को संस्था की ओर से मानवता की सेवा के 45 साल पूरे करने पर बधाई दी। #WATCH | Bengaluru: Aam Aadmi Party national convenor Arvind Kejriwal joined the celebrations marking 45 years of the Art of Living Foundation’s service to humanity at the Art of Living International Center in Bengaluru. Punjab CM Bhagwant Mann and AAP leader Manish Sisodia were… pic.twitter.com/30GlWit6g3 — ANI (@ANI) August 30, 2026 इसे भी पढ़ें: WhatsApp-Signal छोड़ आतंकियों ने अपनाया नया रास्ता! पॉर्न साइट्स और एन्क्रिप्टेड ऐप्स से भेज रहे हमले के निर्देश अब मैं आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का सदस्य हूं केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने पिछले सप्ताह ही सुदर्शन क्रिया सीखी है और अब वह औपचारिक रूप से आर्ट ऑफ लिविंग परिवार का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने कहा कि उन पर झूठे आरोप लगाए गए, जिसके चलते उन्हें तिहाड़ जेल जाना पड़ा। हालांकि, उस दौरान एक अच्छी बात यह हुई कि मनीष सिसोदिया ने तिहाड़ जेल में सुदर्शन क्रिया सीखी। केजरीवाल ने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद सिसोदिया ने उन्हें भी सुदर्शन क्रिया करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि इसका अनुभव कितना अच्छा था। सिसोदिया बोले- जेल में सीखी सुदर्शन क्रिया मनीष सिसोदिया ने कार्यक्रम में कहा कि वह खुद को बेहद भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपने जीवन में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जैसे गुरु का मार्गदर्शन और ज्ञान मिला। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और वह करीब 2008 से गुरुदेव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि शायद वह खुद उस समय इसके लिए तैयार नहीं थे, इसलिए 2008 के बाद भी लंबे समय तक उन्होंने सुदर्शन क्रिया नहीं सीखी। इसे भी पढ़ें: Weather Update: देश के कई हिस्सों में फिर सक्रिय हुआ मानसून, Delhi-NCR समेत कई राज्यों में बदलेगा मौसम भगवान अपने तरीके से सब कुछ करते हैं सिसोदिया ने कहा कि जैसा कहा जाता है, भगवान अपने तरीके से सब कुछ करवाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल जाना पड़ा और वहीं उन्होंने सुदर्शन क्रिया सीखी। उन्होंने अपने बारे में कहा, “मैंने कुछ गलत नहीं किया था।” सिसोदिया ने कहा कि शायद उन्हें जेल में जाने का एक कारण उन किताबों और उस ज्ञान से भी जुड़ा था, जिन्हें उन्होंने पढ़ा था। सुदर्शन क्रिया ने जेल में मानसिक मजबूती दी सिसोदिया ने बताया कि उन्होंने जेल में सुदर्शन क्रिया सीखी और उसका काफी अभ्यास किया। उनके मुताबिक, इससे उन्हें ‘समाधि’ की गहरी अवस्थाओं का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सुदर्शन क्रिया और गुरुदेव के प्रवचनों के सार वाली कई किताबें नहीं मिली होतीं, तो वह 18 महीने जेल में इतनी मानसिक मजबूती और धैर्य के साथ नहीं बिता पाते। सिसोदिया ने कहा कि इसका असर सिर्फ जेल के दौरान ही नहीं, बल्कि जेल से बाहर आने के बाद भी रहा और शायद जेल जाने से पहले भी इसका महत्व उनके लिए अलग होता।
पंजजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को थप्पड़ मारते हुए दिखाए गए AI जनरेटेड वीडियो को लेकर पंजाब की सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी की पंजाब इकाई ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसके बाद आम आदमी पार्टी ने कड़ा विरोध जताया। AAP ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए BJP पर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने का आरोप लगाया है। अब तीन प्वाइंटों में जानिए क्या है मामला AI जनरेटेड फर्जी वीडियो - वायरल विज्ञापन में दिखाया गया है कि एक सरकारी स्कूल के भीतर एक व्यक्ति मुख्यमंत्री भगवंत मान को थप्पड़ मार रहा है। यह थप्पड़ इसलिए मारा गया क्योंकि शिक्षक बोर्ड पर सब्जियों ('vegetable') और हिरण ('deer') की गलत स्पेलिंग लिख रहा था। आम आदमी पार्टी (AAP) का रुख - आम आदमी पार्टी ने इस विज्ञापन का कड़ा विरोध करते हुए इसे 'पंजाब-विरोधी' और 'नफरत भरी मानसिकता' का प्रतीक बताया है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष राजनीतिक फायदे के लिए मुख्यमंत्री के पद की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है। विपक्ष (BJP) का पक्ष - यह वीडियो भाजपा की पंजाब इकाई द्वारा शेयर किया गया था, जिसका उद्देश्य राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करना था। हालांकि, एक चुने हुए मुख्यमंत्री को थप्पड़ मारते हुए दिखाने वाले इस विज्ञापन की सोशल मीडिया पर भी तीखी आलोचना हो रही है
पंजाब सरकार के ‘मिशन क्लीन पंजाब फेज-2’ के तहत मानसा शहर में सफाई अभियान चलाया गया। नगर कौंसिल मानसा के प्रधान भूषण कुमार मत्ती की मौजूदगी में सफाई सेवकों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई की। इस दौरान प्रधान मत्ती और उनकी टीम ने भी सफाई कार्य में हिस्सा लेकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। नगर कौंसिल प्रधान भूषण कुमार मत्ती ने कहा कि पंजाब सरकार की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को कूड़ा-मुक्त और साफ-सुथरा बनाना है। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ शहरवासियों का सहयोग भी जरूरी है। नगर कौंसिल प्रधान बोले- कूड़ा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें नगर कौंसिल प्रधान भूषण कुमार मत्ती ने लोगों से अपील की कि वे कूड़ा सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकें। घरों से कूड़ा लेने आने वाली रेहड़ियों या निर्धारित स्थानों पर ही कूड़ा डालें। साथ ही गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग रखने की आदत अपनाएं। मत्ती ने कहा कि जगह-जगह कूड़ा फेंकने से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और गंदगी के कारण बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने लोगों से स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अभियान में सहयोग करने की अपील की।
Sher-E-Punjab T20 League: लुधियाना लायंस ने आगामी सीजन के लिए लॉन्च की नई जर्सी और मैस्कॉट
अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली लुधियाना लायंस टीम ने अपनी नई जर्सी लॉन्च की है। टीम 1 सितंबर को बठिंडा रॉयल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी और इसी नई जर्सी में मैदान पर उतरेगी। जर्सी का अनावरण एक विशेष कार्यक्रम में किया गया। इस दौरान टीम के आधिकारिक मैस्कॉट 'शेर सिंह' और टीम का एंथम (गीत) भी लॉन्च किया गया। इस आयोजन में टीम ने अपने नए सीजन की तैयारियों की झलक दिखाई। यह मैस्कॉट उस निडर साहस का प्रतीक है जो लुधियाना लायंस के आने वाले सीजन में खेले जाने वाले क्रिकेट के अंदाज में दिखेगा। लुधियाना लायंस के मुख्य खिलाड़ी अर्शदीप सिंह ने कहा, शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पहले सीजन को लेकर बहुत उत्साहित हूं और लुधियाना लायंस का हिस्सा बनना सम्मान की बात है। अब तक तैयारियां बहुत अच्छी रही हैं। हमने अपनी स्किल्स पर काम करने, टीम में अपनी भूमिकाओं को समझने और एक पूरी टीम के तौर पर मैच की अलग-अलग स्थितियों के लिए तैयारी करने में काफी समय बिताया है। अब, मुख्य फोकस ट्रेनिंग ग्राउंड के उस आत्मविश्वास को मैचों में ले जाने पर है ताकि लीग जीतने के लिए हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। लुधियाना लायंस के मालिक हरित अग्रवाल और मनोज बंसल ने कहा, हम शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पहले सीजन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं और लुधियाना लायंस के तौर पर बड़े लक्ष्य हासिल करने के लिए अपनी तैयारियों को लेकर आश्वस्त हैं। हम टीम को शुभकामनाएं देते हैं और इस सीजन के लिए उनका समर्थन करते हैं। अर्शदीप सिंह की कप्तानी वाली पूरी टीम में सलिल अरोड़ा, कृष भगत, अर्जुन राजपूत, जस इंदर, अभिजीत गर्ग, माधव सिंह पठानिया, कार्तिक शर्मा, कार्तिक चड्ढा, लवदीप सिंह खरोड़, लवकीरत सिंह, बिक्रमजीत सिंह, हरीश कुमार, तरनवीर सिंह रंधावा, राजवीर जसवाल, असीम कोहली, हवनीत सिंह, युवी गोयल, साहिल भास्कर और गुरमन सिंह शामिल हैं। लुधियाना लायंस के मेंटर हेमराज चौधरी ने कहा, सफल नीलामी और तैयारी के लिए मिले समय के बाद टीम शेर-ए-पंजाब टी20 लीग के पहले सीजन के लिए हर तरह से संतुलित और तैयार है। लुधियाना लायंस प्रक्रियाओं और तैयारी को बहुत महत्व देता है और सीजन शुरू होने से पहले किए गए सभी कामों को लेकर हम आश्वस्त हैं। लीग स्टेज के लिए लुधियाना लायंस का शेड्यूल इस प्रकार हैं: 1 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम बठिंडा रॉयल्स (दोपहर 1 बजे) 2 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम मोहाली किंग्स (दोपहर 1 बजे) 4 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम जालंधर वॉरियर्स (शाम 7 बजे) 6 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम फाजिल्का फाल्कन्स (शाम 7 बजे) 7 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम मोहाली किंग्स (दोपहर 1 बजे) 9 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम फाजिल्का फाल्कन्स (दोपहर 1 बजे) 7 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम मोहाली किंग्स (दोपहर 1 बजे) Also Read: LIVE Cricket Score 11 सितंबर, 2026: लुधियाना लायंस बनाम अमृतसर सूरमास (शाम 7 बजे) Article Source: IANS
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) के नेतृत्व में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पंजाब भर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों के बाहर अनिश्चितकालीन धरने शुरू कर दिए हैं। इसी क्रम में मानसा जिला कचहरी परिसर में भी किसानों ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए धरना शुरू किया। धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता राम सिंह भैणी बाघा, महिंदर सिंह रोमाणा और मेजर सिंह गोबिंदपुरा ने कहा कि यह आंदोलन केवल मानसा तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि किसान और मजदूर संगठनों की ओर से 13 सूत्रीय मांगें सरकार के सामने रखी गई हैं। भारत अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने की मांग प्रमुख मांगों में भारत-अमेरिका डील को रद्द करना, पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति को वापस लेना, किसानों के सभी कर्ज माफ करना तथा बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल और मकानों के नुकसान का उचित मुआवजा देना शामिल है। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह लंबे संघर्ष के बाद तीन कृषि कानूनों को वापस करवाया गया था, उसी तरह किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए भारत-अमेरिका डील के खिलाफ भी आंदोलन जारी रखा जाएगा।
रामनगर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पंजाब एंड सिंध बैंक के 35 खाते जांच के घेरे में, एक पर मुकदमा
रामनगर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के 35 खातों में साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन का मामला सामने आया है। 129 शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने सभी खाते फ्रीज कर एक खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पंजाब के फिरोजपुर में आप नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या, कार में आए थे हमलावर
Punjab: पंजाब के फिरोजपुर ममदोट इलाके में आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पुरानी रंजिश का मामला साबित हुआ है। चुनावी ऐंगल से भी इसकी जांच की जा रही है।
'गर्भपात का दबाव, फिर जिंदा जलाया', पंजाब की इन्फ्लुएंसर मंजीत की मौत के बाद मां ने लगाए संगीन आरोप
पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है कि वह सात सप्ताह की गर्भवती थी।
SC आरक्षण में सब-कोटा क्यों चाहते हैं जीतन राम मांझी? पंजाब से बिहार तक का जिक्र कर बताया कारण
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। मांझी वंचित वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए उप-कोटा की वकालत कर रहे हैं।
Guru Randhawa Birthday: कभी शादियों में गाकर किया गुजारा, आज Bollywood और Punjab के चार्टबस्टर किंग
म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे सफल और पॉपुलर सिंगर गुरु रंधावा आज 30 अगस्त को अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। लाखों युवाओं को गुरु रंधावा अपने म्यूजिक पर झूमने को मजबूर कर देते हैं। लेकिन इस कामयाबी और चमक-धमक के पीछे गुरु रंधावा की कड़ी मेहनत और नाकामी का एक लंबा दौर रहा है। गुरु कभी हिम्मत नहीं हारे और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सिंगर गुरु रंधावा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार पंजाब के गुरदासपुर जिले में 30 अगस्त 1991 को गुरु रंधावा का जन्म हुआ था। उनका असली नाम गुरशरणजोत सिंह रंधावा है। संगीत के प्रति उनके अंदर बचपन से ही जुनून था। लेकिन गुरु की राह इतनी आसान नहीं थी। शुरूआत में वह अपने संगीत के प्रति प्रेम को जीवित रखने के लिए छोटे स्टेज शो, शादियों और प्राइवेट पार्टियों में गाते थे। इस दौरान गुरु रंधावा को कई तरह की आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए सिंगर को करीब 2 सालों तक कड़ी मेहनत करती रही। इसके बाद भी हर मोड़ पर उनको असफलता मिलती रही। लगातार मिली असफलता साल 2012 में गुरु रंधावा ने अपने पहले गाने से म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। लेकिन यह गाना लोगों को आकर्षित करने में नाकाम रहा। जिसके बाद उन्होंने दूसरा गाना लॉन्च किया। इस बार भी उनको किस्मत का साथ नहीं मिला। लगातार दो गाने फ्लॉप होने के बाद भी गुरु ने खुद पर कभी निराशा को हावी नहीं होने दिया। गुरु ने अपनी कमियों से सीखा और अपने संगीत को और ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश की। रातों-रात बदली किस्मत उसी दौर में गुरु रंधावा की मुलाकात फेमस रैपर बोहेमिया से हुई। जिससे उनके करियर की दिशा पूरी तरह से बदल गई। बोहेमिया ने गुरु की प्रतिभा को पहचाना और उनको अपने साथ काम करने का बड़ा मौका दिया। साल 2015 में गुरु और बोहेमिया दोनों का एक गाना रिलीज हुआ। इस गाने ने पूरे देश में धूम मचा दी और रातों-रात यह गाना चार्टबस्टर बन गया। वहीं इस गाने के साथ ही गुरु रंधावा को वह मौका मिल गया, जिसका सिंगर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इसके बाद सिंगर पंजाबी और बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री की पसंद बन गए। सफलता मिलने के बाद गुरु ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज सिंगर के खाते में दर्जनों सुपरहिट गाने दर्ज हैं। उनके गाने हर शादी और पार्टी में आपको सुनने को मिलेंगे। वहीं सोशल मीडिया पर भी आप सिंगर की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि गुरु के गानों को यूट्यूब पर 80 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। सिंगर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित कर दिखाया कि अगर लगन सच्ची है, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता है। लव लाइफ एक्ट्रेस शहनाज गिल और गुरु रंधावा के अफेयर की अफवाहें उड़ी थीं। एक रोमांटिक म्यूजिक वीडियो मूनराइज के दौरान स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिर गुरु एक्ट्रेस की फिल्म थैंक यू फॉर कमिंग की स्क्रीनिंग पर पहुंचे और रेड कार्पेट पर साथ पोज दिया। हालांकि गुरु रंधावा ने इस अफेयर की खबरों को सिरे से नकार दिया था।
पंजाब सरकार ने आश्रित और अनाथ बच्चों के लिए 181.23 करोड़ रुपये जारी किए हैं। योजना से करीब 2.45 लाख बच्चों को लाभ मिल रहा है, सहायता 21 साल तक मिलेगी।
Punjab Weather 30th August: अभी राहत नहीं! मानसून सुस्त, सीमित हुआ बारिश का दायरा
पंजाब में उमस और गर्मी का दौर जारी है, मौसम विभाग ने तत्काल राहत का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, 1 और 2 सितंबर को कई जिलों में बारिश की संभावना है।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर रंधावा के बीच 'स्लीपर सेल' बयान को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वड़िंग को जवाब दिया।
शिअद ने अनीष पुरी को व्यापार विंग पंजाब का महासचिव बनाया
लुधियाना| शिरोमणि अकाली दल बादल ने पार्टी के उद्योग एवं व्यापार विंग, पंजाब के महासचिव पद पर अनीष पुरी नीशू की नियुक्ति की। नियुक्ति की जानकारी पार्टी नेतृत्व और स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दी गई। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के साथ एन.के शर्मा, आर.डी शर्मा (हल्का इंचार्ज) और भूपिंदर सिंह भिंदा (प्रधान, जिला अकाली दल) की ओर से यह जिम्मे अनीष पुरी नीशू ने नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे वह पूरी लगन और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे।
Jammu News: आलमगिर को पछाड़ पंजाब के पहलवान मेजर सिंह ने जीती कुश्ती
Jammu and kashmir
Mohali News: पंजाब सरकार की सफाई मुहिम की मोहाली में निकली हवा, पॉश इलाकों में कूड़े के अवैध ढेर
Punjab government's cleanliness drive falls flat in Mohali; illegal garbage dumps in posh areas
Maharajganj News: नेपाल प्रशासन ने लौटाई पंजाब के गैर सरकारी संस्था की राहत सामग्री
Nepalese administration returned relief material from a Punjab-based NGO.
पंजाब के सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को दे रहे मात : केजरीवाल
Punjab government schools are outperforming private schools: Kejriwal

