क्या PBKS vs RR मैच में बारिश बनेगी विलेन? जानिए कैसा रहेगा मुल्लांपुर में मौसम का हाल
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का 40वां मुकाबला पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच मंगलवार, 28 अप्रैल को PCA स्टेडियम, मुल्लांपुर में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार शाम 07:30 बजे से शुरू होगा लेकिन मैच से पहले फैंस के मन में मौसम को लेकर सवाल बना हुआ है तो चलिए आपको बताते हैं कि इस मैच के दौरान मौसम कैसा रहने वाला है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दिन की शुरुआत बहुत ज़्यादा गर्मी के साथ होने वाली है, जिसमें तापमान 40C तक पहुंच सकता है। हालांकि, जैसे-जैसे सूरज ढलेगा और दिनआगे बढ़ेगा, हालात धीरे-धीरे बेहतर होते जाएंगे। दूसरी पारी तक, तापमान 28C से 30C के बीच रहने की उम्मीद है, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों, दोनों के लिए मौसम ज़्यादा आरामदायक हो जाएगा। जैसे-जैसे तापमान गिरेगा, ओस पड़ने की उम्मीद है। मैच में बारिश की वजह से रुकावट आने का कोई खतरा नहीं है। मैच के दिन बारिश की संभावना 0% है, जिससे एक बिना किसी रुकावट के मैच होने की पूरी उम्मीद है। गौरतलब है कि पिछले आईपीएल सीजन इन दोनों टीमों के बीच कुल दो मुकाबले खेले गए थे जिसमें से एक PBKS और एक RR ने जीतकर अपने नाम किया। बात करें अगर इनके बीच हुए आखिरी मुकाबले की तो वो जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेला गया था जिसे पंजाब किंग्स ने 219 रन डिफेंड करके 10 रनों से जीता। इस मुकाबले में नेहल वढेरा ने 37 गेंदों पर 70 रनों की पारी खेली थी। इस मैच के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन कुछ इस प्रकार हो सकती है। Punjab Kings Probable Playing XI: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, मार्को यानसेन, जेवियर बार्टलेट, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, वैशाख विजय कुमार। इम्पैक्ट इम्पैक्ट प्लेयर: नेहल वढेरा। Also Read: LIVE Cricket Score Rajasthan Royals Probable Playing XI: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, रविंद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, तुषार देशपांडे। इम्पैक्ट प्लेयर- रवि बिश्नोई।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में गोरक्षा दल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चंडीगढ़ रोड पर गौ तस्करी का प्रयास विफल कर दिया गया। नाके के दौरान पुलिस ने एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ड्राइवर ने भागने की कोशिश की। गौ रक्षा दल के सदस्यों की मदद से पिकअप ड्राइवर को काबू कर लिया गया। काबू किए गए आरोपी ड्राइवर की पहचान उत्तर प्रदेश के गोंडा निवासी अमरजीत (25) के रूप में हुई है। उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के दौरान पिकअप से दो बैल और एक गाय बरामद हुई। आरोपी इन पशुओं को झज्जर ले जा रहा था। गो रक्षा दल के गौरव गोयल ने बताया कि उनकी टीम के सदस्य किसी काम से जा रहे थे, तभी पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। उनकी टीम ने पुलिस के साथ मिलकर ड्राइवर को पकड़ लिया। आरोपी ने बताया कि वह पशुओं को पंजाब के बरनाला से लाया था और उन्हें झज्जर ले जाना था। उसके मोबाइल में झज्जर की लोकेशन भी मिली है। ड्राइवर को पुलिस के हवाले किया चंडीगढ़ रोड चौकी इंचार्ज ओमप्रकाश जांगड़ा ने बताया कि गौ रक्षा दल की टीम ने पिकअप को पकड़ने के बाद पुलिस के हवाले किया। आरोपी ड्राइवर के खिलाफ हरियाणा गोवंश संरक्षण एवं गौसंवर्धन अधिनियम, 2015 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पिकअप को कब्जे में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह पशुओं को कहां से लाया था और झज्जर में किसे सौंपने वाला था। पुलिस इंचार्ज जांगड़ा ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जाएगी। गोवंश को सुरक्षित बचा लिया गया है।
IPL 2026 में आज पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स आमने-सामने होंगे। मुकाबला न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। इस सीजन वैभव सूर्यवंशी अब तक सबसे ज्यादा 32 छक्के लगा चुके हैं। पंजाब किंग्स टेबल टॉपर हैं। टीम ने 7 में से 6 मैच जीते हैं, जबकि एक मैच बारिश के कारण रद्द हुआ था। दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स ने 8 में से 5 मुकाबले जीते हैं और 3 में हार झेली है। राजस्थान का पलड़ा भारी दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 30 मुकाबले खेले गए हैं। राजस्थान रॉयल्स की टीम मजबूत नजर आती है, जिसने 17 मैचों में जीत दर्ज की है। वहीं पंजाब किंग्स को 12 मुकाबलों में सफलता मिली है, जबकि एक मैच टाई रहा है। दोनों टीमों के बीच न्यू चंडीगढ़ में 2 मैच खेले गए, दोनों पंजाब ने जीते। प्रभसिमरन पंजाब के टॉप स्कोरर पंजाब किंग्स के लिए इस सीजन में प्रभसिमरन सिंह और अर्शदीप सिंह ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रभसिमरन ने 7 मैचों में 192.61 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 287 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने 7 मैचों में 7 विकेट झटके हैं। वैभव ने पिछले मैच में शतक लगाया राजस्थान रॉयल्स की ओर से वैभव सूर्यवंशी इस सीजन टीम के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने पिछले मैच में हैदराबाद के खिलाफ शतक लगाया था। उन्होंने 8 मैचों में 234.86 के स्ट्राइक रेट से 357 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। बॉलिंग डिपार्टमेंट में जोफ्रा आर्चर कहर बरपा रहे हैं, जिन्होंने 8 मैचों में 13 विकेट लिए हैं। पिच रिपोर्ट महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों दोनों को मदद करती है। मोहाली के नए मैदान में 14 IPL मुकाबले खेले गए हैं। यहां का हाईएस्ट IPL टीम स्कोर 254/7 है, जो इस सीजन पंजाब ने लखनऊ के खिलाफ बनाया था। वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में मंगलवार को बादल छाए रहेंगे। मैच वाले दिन यहां गर्मी रहेगी। तापमान 38 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्य, कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को यानसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाख, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, नेहल वढेरा। राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जॉफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, नांद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, रवि बिश्नोई, वैभव सूर्यवंशी।
आईपीएल 2026: जीत की लय कायम रखना चाहेगी पंजाब किंग्स, रॉयल्स को वापसी की दरकार
Indian Premier League: पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच मंगलवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 40वां मुकाबला खेला जाना है। मुल्लांपुर के महाराजा यादविंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मुकाबले को जीतकर पीबीकेएस प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहेगी। पंजाब किंग्स इस सीजन की सबसे बेहतरीन टीमों में से एक रही है। उन्होंने लक्ष्य का पीछा करने की अपनी काबिलियत और लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने शुरुआती 7 मैचों में से 6 में जीत हासिल की है, जबकि एक मैच बारिश के चलते बेनतीजा रहा था। इसके विपरीत, राजस्थान रॉयल्स को अपनी लय बनाए रखने में काफी संघर्ष करना पड़ा है, लगातार खराब प्रदर्शन के कारण वे प्वाइंट्स टेबल में नीचे खिसक गए हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मिली हार के बाद टीम को यह मुकाबला अपने नाम करना होगा। राजस्थान रॉयल्स के अभियान को मिडल ओवर्स में अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण काफी नुकसान हुआ है। वे अक्सर अपनी मजबूत शुरुआत को मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं। दूसरी ओर, पंजाब के बल्लेबाजों ने सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर बैटिंग ऑर्डर के ऊपरी क्रम में, जहां उनके ओपनर्स ने पावरप्ले के दौरान बार-बार आक्रामक शुरुआत करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बना दिया है। पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच आईपीएल इतिहास में अब तक कुल 30 मैच खेले गए हैं, जिसमें आरआर का पलड़ा भारी रहा है। रॉयल्स ने अब तक 17 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि किंग्स 13 मैच जीत चुकी है। राजस्थान रॉयल्स के अभियान को मिडल ओवर्स में अपनी लय बनाए रखने में नाकाम रहने के कारण काफी नुकसान हुआ है। वे अक्सर अपनी मजबूत शुरुआत को मैच जिताने वाले स्कोर में बदलने में असफल रहे हैं। दूसरी ओर, पंजाब के बल्लेबाजों ने सामूहिक रूप से शानदार प्रदर्शन किया है, खासकर बैटिंग ऑर्डर के ऊपरी क्रम में, जहां उनके ओपनर्स ने पावरप्ले के दौरान बार-बार आक्रामक शुरुआत करते हुए विपक्षी टीम के गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बना दिया है। Also Read: LIVE Cricket Score राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिमरोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जायसवाल, रवींद्र जडेजा, दासुन शनाका, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नांद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई और संदीप शर्मा। Article Source: IANS
पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षा के अधिकार (RTE) एक्ट 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 2 मई 2026 (शाम 5 बजे तक) तय की है। जिला शिक्षा अधिकारी पठानकोट कमलदीप कौर ने इस संबंध में जानकारी दी। कमलदीप कौर ने बताया कि शिक्षा विभाग ने यह निर्णय जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया है, ताकि अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवार और जरूरतमंद परिवार इस सरकारी योजना का लाभ उठा सकें और उनके बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।निजी स्कूलों में 25% सीटें आरक्षितउप जिला शिक्षा अधिकारी एलिमेंट्री डीजी सिंह ने योजना के तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत सभी प्राइवेट बिना सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और वंचित वर्गों के बच्चों के लिए आरक्षित होती हैं। इन सीटों पर चयनित बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा प्रदान की जाती है।केवल ऑनलाइन आवेदन ही होंगे मान्यअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। इच्छुक अभिभावकों को सरकारी आरटीई पोर्टल https://rte.epunjabschool.gov.in पर जाकर फॉर्म भरना होगा। किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 2 मई के बाद पोर्टल बंद कर दिया जाएगा और कोई नया आवेदन दर्ज नहीं हो सकेगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शीअधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि दाखिले की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। पहले की तरह ही ऑनलाइन ड्रॉ (लॉटरी सिस्टम) के माध्यम से बच्चों का चुनाव किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि पात्रता मानदंड और अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों ने अपील की है कि इच्छुक माता-पिता समय रहते आवेदन करें ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक छोटे से मामले में सरकार की लंबी मुकदमेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। मामला सिर्फ ₹16,890 की रिकवरी का था, लेकिन इसे लेकर करीब 14 साल तक केस चलता रहा। कोर्ट ने कहा कि न्याय व्यवस्था का मकसद लोगों को राहत देना है, न कि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करना। दरअसल, यह मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से जुड़ा है। कर्मचारी को 1999 में 24 साल की सेवा पूरी करने पर एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ मिला था। लेकिन अक्टूबर 2007 में रिटायरमेंट के कुछ समय बाद ही यह लाभ वापस ले लिया गया। इसके बाद उसका वेतन घटा दिया गया और रिटायरमेंट के पैसों से ₹16,890 की रिकवरी कर ली गई। इससे परेशान होकर कर्मचारी ने पंजाब रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जरिए औद्योगिक विवाद उठाया। मामले की सुनवाई करने वाले ट्रिब्यूनल ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला देते हुए रिकवरी को गलत ठहराया और रकम वापस करने के आदेश दिए। सरकार ने ट्रिब्यूनल के फैसले को दी चुनौती आम तौर पर ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद इस विवाद का यहीं अंत हो जाना चाहिए था, क्योंकि आदेश साफ था कि कर्मचारी से की गई रिकवरी गलत है और उसे राशि वापस की जाए। लेकिन इसके उलट राज्य सरकार ने इस फैसले को मानने के बजाय इसे चुनौती देने का फैसला लिया। सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करवाने की मांग की। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझता चला गया। सुनवाई की तारीखें पड़ती रहीं, विभागों से जवाब मांगे जाते रहे और फाइलें अलग-अलग स्तरों पर घूमती रहीं। इस दौरान न तो कर्मचारी को पूरी राहत मिल सकी और न ही विवाद खत्म हुआ। केस कई सालों तक लंबित रहा, जिसमें सरकारी विभागों, वकीलों और अधिकारियों की ओर से बार-बार पेशियां होती रहीं। इस लंबी प्रक्रिया के कारण एक छोटी सी राशि का मामला भी बड़ा कानूनी विवाद बन गया। वहीं, दूसरी तरफ बुजुर्ग कर्मचारी को भी बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े, जिससे उसे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। करीब 14 साल तक मामला हाई कोर्ट में चलता रहा, जबकि इसमें कोई जटिल कानूनी सवाल भी नहीं था। यही वजह रही कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि राज्य 2012 से इतनी छोटी रकम के लिए केस लड़ रहा है, जबकि कर्मचारी अब करीब 75 साल का हो चुका है। कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ रकम का मामला नहीं, बल्कि समझदारी और संतुलन का मुद्दा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के केस सरकार की मुकदमेबाजी प्रणाली की खामियों को दिखाते हैं। पंजाब की नीति के अनुसार छोटे मामलों और व्यक्तिगत विवादों में अपील से बचना चाहिए, लेकिन फिर भी यह मामला कई स्तरों से गुजरते हुए हाई कोर्ट तक पहुंच गया। अनावश्यक मुकदमों से बचने की जरूरत कोर्ट ने इस दौरान साफ किया कि कई विकसित देशों में सरकारों के लिए मुकदमेबाजी को लेकर स्पष्ट और सख्त मानक तय हैं। जैसे यूके, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह “मॉडल लिटिगेंट” के रूप में काम करे। इसका मतलब है कि सरकार केवल जरूरी और उचित मामलों में ही कोर्ट जाए, न कि हर छोटे विवाद को कानूनी लड़ाई बना दे। कोर्ट ने कहा कि “मॉडल लिटिगेंट” होने का अर्थ है निष्पक्षता, जिम्मेदारी और समझदारी के साथ फैसले लेना। सरकार को यह देखना चाहिए कि क्या मामला वास्तव में अदालत तक ले जाने लायक है या उसे प्रशासनिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है। खासकर छोटे आर्थिक विवादों या व्यक्तिगत मामलों में अनावश्यक अपील से बचना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की सोच न सिर्फ लोगों को बेवजह की परेशानी से बचाती है, बल्कि न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को भी कम करती है। सरकार ने वापस ली याचिका कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने अपनी याचिका वापस ले ली। हालांकि, उसने यह मांग की कि ट्रिब्यूनल का फैसला भविष्य में मिसाल न बने। कोर्ट ने यह बात मान ली और साफ कर दिया कि इस फैसले का फायदा अन्य कर्मचारियों को नहीं मिलेगा। हाई कोर्ट में पहले ही लंबित हैं लाखों केस कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि हाई कोर्ट में पहले से ही 4 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं, जिनमें कई ऐसे केस हैं जिनमें लोगों को वर्षों से न्याय का इंतजार है। ऐसे हालात में जब सरकार छोटी-छोटी बातों पर भी अपील करती है, तो इससे न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है और जरूरी मामलों की सुनवाई में देरी होती है। अदालत ने कहा कि हर केस को हाई कोर्ट तक ले जाना जरूरी नहीं होता। सरकार को यह समझना चाहिए कि किन मामलों में अपील करनी चाहिए और किन्हें वहीं समाप्त कर देना बेहतर है। अगर बिना ठोस कारण के हर फैसले को चुनौती दी जाएगी, तो इससे अदालतों का समय और संसाधन दोनों बर्बाद होंगे। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को “विवाद के लिए विवाद” करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए और जिम्मेदारी के साथ मुकदमेबाजी करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
फतेहाबाद जिले में CIA रतिया पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को भारी मात्रा में डोडा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 13 किलो 460 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है। मुखबिर की सूचना पर रोजावाली बस अड्डा के पास दबिश देकर पुलिस ने पंजाब के भिटीवाला निवासी बहादुर सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस को देखकर घबराए आरोपी ने कट्टा नीचे गिरा दिया, जिससे कुछ डोडा पोस्त जमीन पर बिखर गया। थाना सदर रतिया में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। बस अड्डे के पास मिला आरोपी CIA रतिया प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए घग्घर नाली पुल, रतिया के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति रोजावाली बस अड्डा के पास एक कमरे में पीले रंग के प्लास्टिक कट्टे में डोडा पोस्त लेकर बस का इंतजार कर रहा है। पुलिस को देखकर घबराया, गिरा दिया कट्टा सूचना को विश्वसनीय मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गया और उसने कट्टा नीचे गिरा दिया, जिससे कुछ डोडा पोस्त जमीन पर बिखर गया। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। पंजाब के भिटीवाला का है आरोपी पूछताछ में आरोपी की पहचान बहादुर सिंह निवासी भिटीवाला, जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। बरामद डोडा पोस्त का वजन करने पर कुल 13 किलो 460 ग्राम पाया गया। NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज पुलिस ने नियमानुसार नमूना लेकर शेष माल को सील कर अपने कब्जे में ले लिया। इस संबंध में थाना सदर रतिया में धारा 15(B), 61, 85 NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला 15 किलो डोडा पोस्त के साथ पकड़ीरतिया सीआईए पुलिस प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें एक गुप्त सूचना मिली। मुखबिर ने बताया कि पंजाब निवासी एक महिला नया बस अड्डा फतेहाबाद की ओर सिर पर प्लास्टिक का कट्टा लेकर आ रही है, जिसमें डोडा पोस्त हो सकता है। सूचना को विश्वसनीय मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की और बताए गए स्थान के पास नाकाबंदी कर दी। महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में संदिग्ध महिला को रोका गया। पूछताछ में उसकी पहचान कृष्णा कौर पत्नी गोरा सिंह, निवासी जैतो मंडी, जिला फरीदकोट (पंजाब) के रूप में हुई।
भाजपा ने सांसदों के आवासों की सुरक्षा में नाकाम रहने पर पंजाब पुलिस की आलोचना की
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आम आदमी पार्टी से जुड़े राजनीतिक गुंडों द्वारा सांसदों के आवासों पर कथित हमलों से सुरक्षा प्रदान करने में नाकाम रहने के लिए पंजाब पुलिस की आलोचना की
लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री सीरीज को लेकर नया ट्विस्ट आया है। अब लॉरेंस गैंग की एक नई पोस्ट सामने आई है। इसमें दावा किया गया है कि उनकी तरफ से फिल्म का विरोध करने वालों को कोई धमकी नहीं दी गई है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि वे खुद इस सीरीज के रिलीज न होने के पक्ष में थे, क्योंकि इससे केसों की जांच प्रभावित होती। हालांकि इस मामले में अब केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। इससे पहले शनिवार को एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें फिल्म के खिलाफ आवाज उठाने वालों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इनमें कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सिंगर सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह, डीजीपी पंजाब गौरव यादव, सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा समेत कई नाम शामिल थे। अब सारे मामले को चार पॉइंट में जानिए 1. राजा वड़िंग ने पीएम को पत्र लिखा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग को पता चला कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर लॉरेंस ऑफ पंजाब नाम से एक डॉक्यूमेंट्री आ रही है, जो कि 27 तारीख को रिलीज होगी। इसके बाद राजा वड़िंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 को कानूनी नोटिस भेजकर इसे 'पंजाबियत का अपमान' बताया, जिसके बाद केंद्र ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की। 2. पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर डॉक्यूमेंट्री पर रोक लगाने की मांग की। विशेष डीजीपी (साइबर क्राइम) वी नीरजा ने चेतावनी दी कि यह डॉक्यूमेंट्री संगठित अपराध का महिमामंडन करती है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। 3. घावों पर नमक छिड़कने जैसा- बलकौर सिंह गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह ने डॉक्यूमेंट्री पर कहा था कि गैंगस्टरों का महिमामंडन युवाओं के लिए जहर के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहीदों या वैज्ञानिकों के बजाय उनके बेटे के हत्यारे पर डॉक्यूमेंट्री क्यों बनाई जा रही है। उन्होंने इसे पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया और तुरंत प्रतिबंध की मांग की। 4. रंधावा ने डॉक्यूमेंट्री को देश विरोधी बताया था कांग्रेस सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ डॉक्यूमेंट्री का कड़ा विरोध करते हुए इसे “देशविरोधी” और पंजाब की विरासत के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यह डॉक्यूमेंट्री अपराधियों का महिमामंडन करती है, जिससे युवाओं में “गन कल्चर” को बढ़ावा मिल सकता है। रांधवा ने डीजीपी से हस्तक्षेप की मांग की रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ आवाज उठाने के बाद रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस प्रशासन को दे दी है।
श्रीगंगानगर जिले की लालगढ़ जाटान थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेना के जवान के घर में घुसकर दिनदहाड़े चोरी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरों ने चोरी किए हुए जेवरात बेचकर नशा खरीदा था। चोर नशा खरीदने के लिए चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। 24 मार्च को पुलिस को दी रिपोर्ट में वीरपाल कौर (53) ने बताया था- वह (वीरपाल) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है और घटना के समय ड्यूटी पर गई हुई थी। उनका लड़का हरदीप सिंह सेना में तैनात है और जम्मू में पोस्टेड है। बहू भी अपने पीहर गई हुई थी। 24 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे जब वह घर लौटी तो घर का ताला टूटा हुआ था अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। मकान में चोरी हो चुकी थी। महिला को शक हुआ तो पकड़े गए चोर घर से सोने के कांटे, तीन सोने की अंगूठियां, सोने का कड़ा, सोने का हार सेट और अलमारी में रखा करीब 18 कैश चोरी कर ले गए। घटना के दौरान हरप्रीत सिंह व एक अन्य युवक गली में संदिग्ध हालत में घूमते हुए दिखाई दिए, जिन पर महिला को शक हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और थाना प्रभारी गुरमेल सिंह के नेतृत्व में एएसआई बाबूराम द्वारा गहन जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान हरप्रीत उर्फ हैप्पी व सुनील उर्फ कालिया के रूप में हुई। दोनों आरोपी बनवाली सादुलशहर (श्रीगंगानगर) के रहने वाले हैं। ज्वेलरी बेच नशा खरीदा पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना कबूल किया। उन्होंने बताया- चोरी किए गए सभी सोने के जेवरात बठिंडा के एक नशा तस्कर आकाशदीप को बेच दिए और बदले में नशीले पदार्थ ले लिए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक सोने की अंगूठी बरामद की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
फरीदकोट में आम आदमी पार्टी ने जिलाध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा और विधायक गुरदित्त सिंह सेखों के नेतृत्व में पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के एक साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के विरोध में प्रदर्शन किया और इन पर पंजाब के हितों के साथ विश्वासघात करने के आरोप लगाया। आप कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पार्टी छोड़कर जाने वाले राज्यसभा सांसदों के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया और उनके पुतले फूंककर विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने इन नेताओं को बड़े भरोसे के साथ राज्यसभा भेजा था ताकि वे संसद में पंजाब के लोगों की आवाज बुलंद कर सकें। विधायक सेखों बोले- सांसदों का कर्तव्य था कि वे राज्य के हितों की रक्षा करते उन्होंने कहा कि इन सांसदों का कर्तव्य था कि वे राज्य के हितों की रक्षा करते, लेकिन उन्होंने इसके उलट कदम उठाते हुए बीजेपी का दामन थाम लिया। विधायक सेखों ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय जांच एजेंसियों का दबाव बनाकर इन नेताओं को अपने साथ मिलाया है। उन्होंने कहा कि यदि ये नेता सच में ईमानदार और सिद्धांतों पर टिके होते, तो वे किसी भी दबाव से डरते नहीं और पार्टी छोड़ने की बजाय सच्चाई का सामना करते। उन्होंने आगे कहा कि इन नेताओं का यह कदम केवल व्यक्तिगत स्वार्थों को दर्शाता है और उन्होंने पंजाब के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। आप जिलाध्यक्ष गुरतेज सिंह खोसा व विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने कहा कि पंजाब की जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर ऐसे नेताओं को इसका जवाब जरूर देगी। उन्होंने कहा कि जनता के साथ विश्वासघात करने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा और उन्हें भविष्य में लोगों के बीच जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर पंजाब सरकार और उसके नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा सांसदों के घरों के बाहर गद्दार लिखवाना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने सीधा निशाना साधते हुए कहा कि अगर आज कोई गद्दार है, तो वह खुद भगवंत मान और उनसे भी बड़े गद्दार अरविंद केजरीवाल हैं। आम आदमी पार्टी ने पंजाब की जनता से बड़े वादे किए थे,रोजगार देने के, उद्योग लाने के और राज्य को खुशहाल बनाने के। लेकिन आज हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। उन्होंने कहा कि पंजाब का खजाना खाली हो रहा है और सरकार अपने वादों पर पूरी तरह विफल रही है। मजीठिया ने वीआईपी कल्चर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो पार्टी सादगी की बात करती थी, आज वही भारी सुरक्षा और सुविधाओं का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को भी पंजाब के संसाधनों से सुरक्षा और हेलीकॉप्टर सुविधा दी जा रही है। DGP को चेतावनी, सुरक्षा नीति पर सवाल इसके अलावा मजीठिया ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को चेतावनी देते हुए कहा कि पहले सिद्धू मूसेवाला को मरवा दिया, अब क्या हरभजन सिंह की बारी है? कल तक उसे सुरक्षा की जरूरत थी, और आज जैसे ही उसने सरकार छोड़ी, उसकी सुरक्षा हटा ली गई। यह कैसी नीति है? अगर कोई भगवंत मान और केजरीवाल के साथ है तो उसे सुरक्षा चाहिए, और अगर छोड़ दे तो नहीं? डीजीपी साहब, ध्यान दें-कहीं ऐसा न हो कि सिद्धू मूसेवाला की तरह हरभजन सिंह का भी नंबर लगवा दिया जाए। सरकार की कार्यशैली पर तीखी आलोचना पंजाब में मजाक बन चुका है। कल जो धमकियां आई हैं, लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री को लेकर—वह धमकी आपको भी है, मुझे भी है, और कई अन्य नेताओं को भी है। वे कह रहे हैं कि अब पैसे नहीं मांगेंगे, सीधे गोली मारेंगे। ऐसे लोगों से कहना चाहता हूं कि न आप इतने काबिल हैं, न आपकी औकात है ऐसी बातें करने की। पंजाब में यह सब चल क्या रहा है? आप हमें बुरा कहते थे ठीक है, हम मान लेते हैं कि हम बुरे हैं और आप अच्छे हैं। लेकिन अगर आप अपनी कारगुजारी पर नजर डालें, तो शर्म आती है। आप दिल्ली वालों के साथ मिले हुए हैं। आज अगर आपके साथी आपको छोड़कर चले जाते हैं, तो वे गद्दार बन जाते हैं। अंत में मैं यही कहना चाहता हूं कि लोगों, जो कुछ हो रहा है वह ठीक नहीं है, जागो। जो सांसद बने हैं, उनमें अगर मैं हरभजन सिंह की बात करूं, तो उन्होंने देश के लिए खेला है, देश का नाम रोशन किया है। और गुप्ता जी जैसे लोग आज कई लोगों को रोजगार दे रहे हैं ये गद्दार नहीं हैं। मैं मानता हूं कि ये लोग अपने बिजनेस में अच्छे हैं, लेकिन राजनीति में अच्छे नहीं हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी को अस्पताल से शनिवार देर रात ही छुट्टी दे दी गई। एनगिडी शनिवार को दिल्ली में पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान चोटिल हो गए थे। वह एक कैच लेने की कोशिश में हवा में उछले और अनियंत्रित होकर सिर के बल जमीन पर गिर पड़े थे। जांच में उनकी रीढ़ की हड्डी या दिमाग में कोई गंभीर चोट नहीं पाई गई है। हालांकि, डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल आराम करने की सलाह दी है। अस्पताल में सीटी स्कैन और टेस्ट, हालत स्थिर एनगिडी के अस्पताल में न्यूरोसर्जन की देखरेख में टेस्ट और सीटी स्कैन किए गए। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि उनके स्पाइन और सिर में कोई इंटरनल इंजरी नहीं है। कुछ घंटों के ऑब्जर्वेशन के बाद हालत स्थिर पाई गई और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। वे टीम होटल लौट आए हैं। कैच के प्रयास में बिगड़ा संतुलन यह घटना पारी के दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर हुई। अक्षर पटेल की गेंद पर पंजाब के ओपनर प्रियांश आर्य ने शॉट हवा में खेला। बाउंड्री पर लुंगी एनगिडी ने कैच के लिए दौड़ लगाई और गोता लगाया। वे गेंद की रफ्तार और दिशा सही से नहीं भांप पाए। गेंद उनके हाथ के पास से निकल गई और वे पीठ व सिर के बल गिरे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वे देर तक दर्द से कराहते रहे और सिर पकड़ लिया। मैदान पर पहुंची एम्बुलेंस, पोंटिंग और बदानी भी पहुंचे एनगिडी के गिरते ही मेडिकल स्टाफ स्ट्रेचर लेकर उनकी ओर दौड़ा। उन्हें चोटिल देख दिल्ली के हेड कोच हेमंग बदानी और पंजाब किंग्स के कोच रिकी पोंटिंग मैदान में पहुंचे। टीम के साथी ट्रिस्टन स्टब्स और डेविड मिलर भी उनके पास आए। एनगिडी उस वक्त होश में थे और मेडिकल स्टाफ से बात कर रहे थे। एहतियात के तौर पर उन्हें स्ट्रेचर से एम्बुलेंस में शिफ्ट कर सीधे अस्पताल ले जाया गया। दिल्ली पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर बनाया, 11 मिनट में अस्पताल पहुंचे शनिवार शाम एनगिडी चोटिल हुए, तब दिल्ली की सड़कों पर भारी ट्रैफिक था। उनकी स्थिति देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अरुण जेटली स्टेडियम से पूसा रोड स्थित बीएलके मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तक 'ग्रीन कॉरिडोर' बनाया। इससे एम्बुलेंस 11 मिनट में अस्पताल पहुंच गई। ग्रीन कॉरिडोर' एक विशेष मार्ग है, जो अंग प्रत्यारोपण के लिए रास्ते को यातायात मुक्त बनाता है। यह मैन्युअल रूप से संचालित होता है। भारत में इसकी अवधारणा 2014 से प्रचलित है। अगले मैच में खेलना मुश्किल, मिचेल स्टार्क ले सकते हैं जगह डॉक्टरों ने एनगिडी को कुछ दिन पूरी तरह आराम करने को कहा है। ऐसे में सोमवार के अगले मैच में उनका खेलना नामुमकिन लग रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी जगह ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है। स्टार्क फिटनेस के कारण शुरुआती मैचों में उपलब्ध नहीं थे, लेकिन अब वापसी के लिए तैयार बताए जा रहे हैं।
Preity Zinta Playfully Punch Prayansh Arya Video: श्रेयर अय्यर (Shreyas Iyeer) की कैप्टेंसी वाली पंजाब किंग्स (Punjab Kings) की टीम ने बीते शनिवार, 25 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन (IPL 2026) के 35वें मुकाबले में 18.5 ओवर में 265 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल करके दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) को 6 विकेट से धूल चटाई। गौरतलब है कि PBKS की इस धमाकेदार जीत के बाद टीम की सह-मालकिन प्रीति जिंटा (Preity Zinta) बेहद खुश हुई और उन्होंने मस्ती में टीम के युवा बल्लेबाज़ प्रियांश आर्य (Prayansh Arya) को पेट पर पंच कर दिया। जी हां, ऐसा ही हुआ। दरअसल, IPL ने खुद अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से इस घटना का वीडियो साझा किया है जिसमें देखा जा सकता है कि दिल्ली में PBKS की जीत के बाद टीम की सह-मालकिन अपनी टीम के खिलाड़ियों से मिलने मैदान पर जाती है और इसी बीच प्रियांश आर्य को गले से लगा लेती है। यहां वो प्रियांश के साथ मस्ती भी करती है और उन्हें धीमे से पेट पर मुक्का मार देती है। आप ये वीडियो नीचे देख सकते हो। बताते चलें कि प्रिती जिंटा अक्सर ही अपनी टीम को सपोर्ट करने मैदान पर आती है और टीम के हर एक खिलाड़ी से मुकाबला खत्म होने के बाद मुलाकात करती हैं। वो 24 साल के प्रियांश को भी बेहद पसंद करती हैं, क्योंकि ये छोटी उम्र का खिलाड़ी पंजाब किंग्स टीम के लिए मौजूदा समय मेंबड़ी ताकत बन चुका है। प्रियांश ने दिल्ली कैपिटल्स के सामने भी खुद को साबित किया और PBKS के लिए ओपनिंग करके महज़ 17 गेंदों पर 43 रन ठोके। प्रियांश साल 2026 के सीजन में अब तक पंजाब किंग्स के लिए 6 मैचों में 42.33 की औसत और 249.01 की स्ट्राइक रेट से 254 रन ठोक चुके हैं। खास बात ये है कि पंजाब किंग्स ने भी प्रियांश के टैलेंट को सराहा है और उन्हें पूरे 3 करोड़ 80 लाख रुपये में रिटेन किया है। @PunjabKingsIPL Red-hot #PBKS register the Highest Successful Run-Chase in #TATAIPL history Captain Shreyas Iyer remained unbeaten on to see his side over the line Scorecard https://t.co/0oSkMZgNAV #KhelBindaas | #DCvPBKS pic.twitter.com/3dVwbjbGV0 — IndianPremierLeague (@IPL) April 25, 2026 बात करें अगर दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले की तो दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मेजबान टीम ने केएल राहुल (67 गेंदों पर नाबाद 152 रन) और नितीश राणा (44 गेंदों पर 91 रन) की धमाकेदार पारी के दम पर 20 ओवर में 2 विकेट खोकर स्कोर बोर्ड पर 264 रन टांग दिए थे। Also Read: LIVE Cricket Score हालांकि इसके जवाब में पंजाब किंग्स के लिए प्रभसिमरन सिंह (26 गेंदों पर 76 रन), श्रेयस अय्यर (36 गेंदों पर नाबाद 71 रन) और प्रियांश आर्य (17 गेंदों पर 43 रन) ने भी तूफानी पारी खेली जिसके दम पर टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बनाकर 6 विकेट से जीत हासिल की। बताते चलें कि PBKS की टीम पॉइंट्स टेबल पर 7 मैचों में 6 जीत और 13 अंकों के साथ पहले पायदान पर मौजूद है।
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट हो गई। पंजाब के 6 सांसदों ने अचानक पार्टी छोड़ दी। इनमें से 3 राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा जॉइन कर ली। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि पंजाब में AAP के MLA भी टूटेंगे या नहीं। वहीं एक तरफ सत्ताधारी पार्टी की टूट और फिर भाजपा में जाना, बड़ा सवाल ये है कि AAP की फूट का पंजाब में BJP को कितना बैनिफिट मिलने वाला है। खासकर, राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे चेहरे, जिनकी बदौलत AAP ने 2022 में 'बदलाव' का माहौल बनाकर 117 में से रिकॉर्ड 92 सीटें जीत लीं थी। वहीं अशोक मित्तल भले ही सियासी तौर पर नए हों लेकिन एजुकेशन और कारोबारी सेक्टर में वह पंजाब के जाने-माने नाम हैं। सांसदों की टूट के बाद AAP के नुकसान से BJP को क्या फायदा मिलेगा?, इसके लिए दैनिक भास्कर ने 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रोफेसर डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू, इंजीनियर पवनदीप शर्मा और सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश से बात कर। इस बातचीत से क्या निचोड़ निकला, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें…. भास्कर पैनल के 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट राघव चड्ढा से AAP की अंदरूनी बातें बाहर आएंगी साल 2022 में AAP की सरकार बनने के बाद राघव चड्ढा पंजाब में पार्टी के सबसे ताकतवर चेहरा बनकर रहे। टिकट बंटवारा व कैंपेन ही नहीं बल्कि मंत्रिमंडल से लेकर सरकार चलाने तक में उनकी प्रभावी भूमिका रही। इस दौरान किस AAP नेता ने क्या किया, सरकार में दिल्ली का कितना दखल रहता है, AAP ने फंड वगैरह कैसे जुटाए, ये तमाम बातें बाहर आईं तो सीधे तौर पर AAP को नुकसान पहुंचाएंगी। वहीं कई बड़ा नेता एक्सपोज हुए तो इससे पंजाबियों में AAP के खिलाफ नैरेटिव बनेगा। पंजाबी कभी भी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं करते हैं। चड्ढा के जरिए AAP की नेगेटिव ब्रॉन्डिंग करवाकर भाजपा खुद को मजबूत करने की कोशिश करेगी। चड्ढा की कही बातों का भरोसा भी ज्यादा होगा क्योंकि वह सरकार के शुरूआती 2 साल पंजाब में पार्टी और सरकार के सेंटरपॉइंट रह चुके हैं। AAP को उनकी बातों को झुठलाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी। संदीप पाठक के जरिए 2022 जैसी स्ट्रेटजी का फायदा संदीप पाठक का अचानक पार्टी छोड़ना और भाजपा में जाना AAP के लिए सबसे बड़ा झटका है। इसकी बड़ी वजह उनका पॉलिटिकल स्ट्रेटजिस्ट होना है। 2022 में बैकएंड यानी पर्दे के पीछे से उनकी बनाई स्ट्रेटजी AAP के लिए कामयाब रही। टिकट बंटवारे से लेकर कैंपेन डिजाइन और फिर दिल्ली व पंजाब के नेताओं के बीच कोऑर्डिनेशन के साथ 92 विधायकों को संभालने में उनका बड़ा रोल रहा। उनके जाने से AAP के लिए सीधे तौर पर रणनीतिक वैक्यूम क्रिएट हो गया है। वहीं 2022 में जैसी हालत AAP की पंजाब में थी, वैसी ही BJP की अकाली दल से गठबंधन के टाइम से है। भाजपा कुछेक सीटें जीतती जरूर है लेकिन कभी प्रभावी रोल में नहीं आ सकी। 2027 में पहली बार भाजपा फुल फ्लैश सरकार बनाने के हिसाब से वर्किंग कर रही है। 2022 में जब AAP को रिकॉर्डतोड़ जीत मिली तो इसने सबको हैरान कर दिया। तब ऐसा माहौल था कि कांग्रेस तत्कालीन सीएम चरणजीत चन्नी के जरिए सरकार रिपीट कर सकती है। ऐसी ही स्थिति CM भगवंत मान के नाम पर अब AAP भी मानकर चल रही है। मगर, संदीप पाठक के जरिए भाजपा फिर से उसी तरह की रणनीति बनाकर चुनावी में चौंका सकती है। इसके अलावा उनके विधायकों से रिश्तों का फायदा तो मिलेगा ही, जिसमें AAP से टिकट कटने पर भाजपा उन्हें उम्मीदवार बनाने में देरी नहीं करेगी। AAP को जिनसे फाइनेंशियल डेंट, BJP को उनका फायदा चुनाव लड़ने के लिए संगठन के साथ फंड भी बहुत जरूरी है। ताबड़तोड़ रैलियां, वर्करों-प्रचारकों के लिए इंतजाम के लिए पैसा चाहिए। शायद यही सोचकर AAP ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक मित्तल, ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन राजिंदर गुप्ता और सन ग्रुप के मालिक विक्रमजीत साहनी को अपने साथ जोड़ा। कोई पॉलिटिकल बैकग्राउंड न होने के बाद भी उन्हें सीधे राज्यसभा में भेज दिया। हालांकि AAP ने 2027 की जिस सोच के साथ इन्हें बैठे-बैठाए राज्यसभा सांसद बनाया, वह चुनाव से पहले ही गच्चा दे गई। AAP को उम्मीद थी कि 2027 के चुनाव में तीनों से उन्हें चुनाव लड़ने के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट मिलेगा लेकिन इस पर पानी फिर गया। इसके साथ ही पिछले चुनाव में फाइनेंशियल प्लानिंग करने वाले राघव चड्ढा भी भाजपा में ही जा चुके हैं। ऐसे में चुनाव से ऐन पहले AAP को चुनावी जंग के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट के लिए भी जूझना होगा। लीडरशिप के लिहाज से BJP में काफी स्पेस है। भाजपा ये नैरेटिव बनाएगी कि AAP में गलत काम हो रहा। राघव चड्ढा ने भी पार्टी छोड़ते हूुए साफ कहा कि वहां गलत काम हो रहे थे, जिसमें वह भागीदार नहीं बन सकते। इससे पहले कुमार विश्वास जैसे नेताओं ने भी यही आरोप लगाए थे। चुनाव के ठीक पहले BJP आप में इंटरनल कॉन्ट्रोवर्सी को और बढ़ाएगी ताकि AAP खुद को संभालने में इतनी मजबूर हो जाए कि चुनावी ग्राउंड में मुकाबले में कमजोर पड़ सके। BJP की पंजाब को लेकर क्या चुनावी तैयारी है? केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कह चुके हैं कि अकेले चुनाव लड़ेंगे। इस बारे में पॉलिटिकल एक्सपर्ट पूर्व डिप्टी डायरेक्टर प्रो. कृष्ण कुमार रत्तू कहते हैं- BJP बहुत एग्रेसिव ढंग से 2027 में पंजाब चुनाव पर वर्किंग कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेरा सचखंड बल्लां आ चुके। डेरा ब्यास वालों से भी कई मंत्री मिल चुके। दूसरे डेरों से भी भाजपा की नजदीकियां जगजाहिर हैं। ऐसे में उनकी पूरी प्लानिंग तैयार है। सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश कहते हैं - भाजपा को 117 सीटों पर चुनाव लड़ना है और उसके लिए उन्हें विनिंग कैंडिडेट चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ कमजोर है। इसीलिए नेताओं को जॉइन कराया जा रहा है। चुनाव और नजदीक आने दीजिए, अभी AAP ही नहीं बल्कि कांग्रेस और अकाली दल से भी नेता टूटकर भाजपा में जाते नजर आएंगे। पंजाब के 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP को 6% ही वोट मिले। 2 साल बाद 2024 में लोकसभा चुनाव हुए तो 19% वोट मिले। इस बार यहां चार कोणीय मुकाबला बन रहा है। ऐसे में भाजपा अगर 10% वोट बढ़ा ले गई तो फिर वह जरूर चौंका सकती है। किसान आंदोलन के वक्त सिखों के एक वर्ग में BJP के प्रति निगेटिव सोच बनी, मगर अब ये बदल रही है। भाजपा ने कई सिख चेहरे आगे किए। पंजाब में बड़े नेताओं की स्टेज पर भी सिख चेहरे ज्यादा प्रमुखता से दिखते हैं। डिबेट में भी सिख चेहरे जोरदार ढंग से भाजपा का पक्ष रखते हैं। ये सब भाजपा की चुनावी तैयारियों का हिस्सा ही है। BJP की तैयारी पूरी, लेकिन कैप्टन कौन होगा?इस सवाल पर सीनियर जर्नलिस्ट प्रमोद बातिश कहते हैं- कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के सबसे कद्दावर नेता हैं, लेकिन उम्र और स्वास्थ्य की वजह से वे अब उतने सक्रिय नहीं हैं। भाजपा उन्हें एक 'मार्गदर्शक' के रूप में इस्तेमाल करेगी। बिट्टू इस वक्त भाजपा के सबसे 'हॉट फेवरेट' सिख चेहरे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते होने के नाते उनके पास एक विरासत है। वे युवा हैं, आक्रामक हैं। इसी वजह से लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्र में मंत्री बनाया। भाजपा उन पर दांव खेल सकती है। बातिश आगे कहते हैं- चर्चा नवजोत सिद्धू की वापसी की भी है। उनकी पत्नी डॉ. नवजोत कौर भी कह चुकी हैं कि हमारी नाराजगी अकाली दल को लेकर थी। भाजपा ने हाल ही में अमृतसर लोकसभा सीट से पिछली बार चुनाव लड़ने वाले तरनजीत संधू को दिल्ली का नया LG बना दिया। फिलहाल ये सीट भाजपा में लोकसभा कैंडिडेट के लिहाज से खाली है। सिद्धू ने इसी सीट से अरूण जेटली को टिकट देने पर नाराजगी जताकर भाजपा छोड़ी थी। यह एक सीक्वेंस बनता दिख रहा है। सिद्धू भीड़ खींचने वाले नेता तो बनेंगे लेकिन उनका अनिश्चित स्वभाव पार्टी कैडर के लिए जरूर परेशानी वाला हो सकता है। बातिश के मुताबिक भाजपा का कोर वोट बैंक हिंदू है। सुनील जाखड़ जैसे नेता इस वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन पंजाब में 'सिख मुख्यमंत्री' की परंपरा को देखते हुए पार्टी किसी हिंदू चेहरे को आगे करने से बच सकती है, या फिर 'डिप्टी सीएम' का फार्मूला अपना सकती है। RSS की तरफ से BJP को क्या मदद मिल रही?RSS पंजाब में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ गोष्ठियां कर रहा है। लोगों को पंच परिवर्तन के जरिए राष्ट्र निर्माण की बात करते हुए मोदी सरकार के कुछ बड़े फैसलों का जिक्र भी कर रहें। भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनी गतिविधियां शुरू कर दी हैं। आरएसएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अक्तूबर माह से आरएसएस पंजाब भर में स्वयंसेवकों को जोड़ने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। ************ ये खबरें भी पढ़ें: 7 सांसदों ने AAP छोड़ी, क्या पंजाब में टूट होगी: 2022 में चड्ढा-पाठक ने चुनाव जितवाया, दिल्ली हार के बाद बगावत संभाली; अब 30-35 MLA पर नजर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले AAP के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। इनमें 6 सांसद पंजाब के हैं। AAP के इलेक्शन स्ट्रेटजी के चाणक्य डॉ. संदीप पाठक और सुपर CM कहे जाने वाले राघव चड्ढा तो कल ही BJP में भी शामिल हो गए। इनका BJP में जाना इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि 2022 में AAP को पंजाब की 117 में से 92 सीटें जिताने वाली टीम में ये सबसे अहम जोड़ी थी। (पढ़ें पूरी खबर) --------राघव चड्ढा विवाद- इससे पहले 35 नेता AAP छोड़ चुके:सबसे ज्यादा 20 पंजाब के, इनमें सांसद-MLA भी; कुमार विश्वास का न इस्तीफा, न निकाला राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी (AAP) को छोड़ने वाले पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक 35 बड़े नेता इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले प्रमुख चेहरों में कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें…
प्रभसिमरन सिंह ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आईपीएल 2026 के मुकाबले में ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया। पावरप्ले के आखिरी ओवर में उन्होंने मुकेश कुमार को पूरी तरह निशाने पर लिया और लगातार 6 चौके जड़ दिए। उनकी इस आक्रामक पारी ने पंजाब किंग्स को ऐतिहासिक जीत की राह पर डाल दिया। दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स के बीच दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में (25 अप्रैल) को खेले गए आईपीएल 2026 के इस हाई-स्कोरिंग मुकाबले में बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिला। 265 रन के विशाल लक्ष्य का पीछे करते हुए पावरप्ले में ही पंजाब किंग्स के ओपनर्स ने आक्रामक तेवर दिखा दिए थे। प्रियांश आर्य के साथ मिलकर प्रभसिमरन ने तेजी से रन बटोरे और टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। लेकिन असली तूफान तब आया जब दिल्ली कैपिटल्स की ओर से पावरप्ले का आखिरी ओवर लेकर मुकेश कुमार आए। इस ओवर में प्रभसिमरन ने हर गेंद को बाउंड्री तक पहुंचाया। उन्होंने लगातार 6 गेंदों पर 6 चौके जड़कर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास में एक ओवर में 6 चौके लगाने वाले गिने-चुने बल्लेबाजों में शामिल हो गए। इससे पहले यह कारनामा अजिंक्य रहाणे और पृथ्वी शॉ ही कर पाए थे। VIDEO: This is unreal hitting 6 balls, 6 boundaries for Prabhsimran Singh, only the 3rd player to do it in TATAIPL . Punjab Kings ends the powerplay in a commanding position, Will we witness the highest ever run chase of TATA IPL tonight? pic.twitter.com/z1Tggdi51B — Star Sports (StarSportsIndia) April 25, 2026 इतना ही नहीं, अगला ओवर डाल रहे अक्षर पटेल की पहली गेंद पर भी उन्होंने चौका जड़ दिया और लगातार 7 गेंदों पर 7 चौके लगाने का कमाल भी कर दिखाया। प्रभसिमरन ने सिर्फ 18 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और 26 गेंदों में 76 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। अगर मैच की बात करें तो दिल्ली कैपिटल्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 264 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। केएल राहुल ने नाबाद 152 रन बनाए, जबकि नितीश राणा ने 91 रन की शानदार पारी खेली। Also Read: LIVE Cricket Score लेकिन पंजाब किंग्स के बल्लेबाजों ने इस बड़े लक्ष्य को भी छोटा साबित कर दिया। टीम ने 18.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया और IPL इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज कर रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। प्रभसिमरन के अलावा प्रियांश आर्य ने 17 गेंदों में 43 रन बनाए, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने 31 गेंदों में नाबाद 62 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
आईपीएल 2026: 'हाई स्कोरिंग' मैच में पंजाब किंग्स की जीत, दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराया
Indian Premier League: पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 35वें मुकाबले में 265 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) को 6 विकेट से हराया। इस जीत के साथ पीबीकेएस ने प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष स्थान पर मजबूती बना ली है। पंजाब किंग्स 7 में से 6 मुकाबले अपने नाम कर चुकी है। वहीं, दिल्ली कैपिटल्स को 7 मुकाबलों में चौथी हार मिली है। अरुण जेटली स्टेडियम में टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स ने 2 विकेट खोकर 264 रन बनाए। इस टीम ने 28 के स्कोर पर पथुम निसांका (11) का विकेट खो दिया था, जिसके बाद केएल राहुल ने नितीश राणा के साथ दूसरे विकेट के लिए 95 गेंदों में 220 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। नितीश 44 गेंदों में 4 छक्कों और 11 चौकों के साथ 91 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद केएल राहुल ने तूफानी पारी खेलकर आईपीएल इतिहास में दिल्ली कैपिटल्स को उसके सर्वोच्च स्कोर तक पहुंचाया। केएल राहुल 67 गेंदों में 152 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी इस पारी में 9 छक्के और 16 चौके शामिल रहे। इसी के साथ केएल राहुल आईपीएल इतिहास में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय बने। विपक्षी खेमे से अर्शदीप सिंह ने 49 रन देकर 1 विकेट निकाला, जबकि जैवियर बार्टलेट ने 69 रन देकर 1 विकेट हासिल किया। इसके जवाब में पंजाब किंग्स ने 18.5 ओवरों में जीत हासिल कर ली। इस टीम को सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। प्रभसिमरन सिंह ने प्रियांश आर्य के साथ 6.5 ओवरों में 126 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया था। प्रियांश 17 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 43 रन बनाकर आउट हुए, जबकि प्रभसिमरन ने 26 गेंदों में 5 छक्कों और 9 चौकों के साथ 76 रन की पारी खेली। इस दौरान छठे ओवर की सभी 6 गेंदों पर चौके लगाए। इस टीम ने 145 के स्कोर तक अपने 3 विकेट खो दिए थे, लेकिन यहां से नेहल वढेरा ने श्रेयस अय्यर के साथ चौथे विकेट के लिए 31 गेंदों में 56 रन की साझेदारी करते हुए टीम को जीत की पटरी पर ला दिया। प्रियांश 17 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 43 रन बनाकर आउट हुए, जबकि प्रभसिमरन ने 26 गेंदों में 5 छक्कों और 9 चौकों के साथ 76 रन की पारी खेली। इस दौरान छठे ओवर की सभी 6 गेंदों पर चौके लगाए। Also Read: LIVE Cricket Score पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी के दौरान फील्डिंग करते हुए दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी पीठ के बल जमीन पर गिरे। इस दौरान उनके सिर पर काफी चोट आई, जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया। उनके स्थान पर विपराज निगम ने कनकशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर शेष मुकाबला खेला। Article Source: IANS
DC vs PBKS: पंजाब किंग्स ने रचा इतिहास, दिल्ली के खिलाफ चेज़ किए 265 रन
इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के 35वें मुकाबले में पंजाब किंग्स ने इतिहास रचते हुएदिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रन चेज़ कर दिए। दिल्ली के लिए इस मैच मेंकेएल राहुल ने नाबाद 152 रनों की शतकीय पारी खेली थी जिसके दम पर पंजाब किंग्स के सामने उन्होंने 265 रनों का लक्ष्य रखा था लेकिन पंजाब के बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को 19वें ओवर में चेज़ करते हुए इतिहास रच दिया। इस मैच में दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। केएल राहुल ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के ठोककर नाबाद 152 रन ठोके। वहीं दूसरी तरफ नितीश राणा ने भी 44 गेंदों पर 11 चौके और 4 छक्के लगाकर 91 रन बनाए। इन्हीं पारियों के दम पर दिल्ली कैपिटल्स ने 20 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 264 रन स्कोर बोर्ड पर टांग दिए। पंजाब किंग्स के लिए अर्शदीप सिंह और जेवियर बार्टलेट ही एक-एक विकेट निकाल पाए। इसके बाद जब पंजाब किंग्स की टीम इस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो उनके ओपनर्स प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने पावरप्ले में ही दिल्ली के होश उड़ा दिए और 6.5 ओवर में 126 रनों की साझेदारी कर डाली। आर्या ने आउट होने से पहले 17 गेंदों में 43 रन बनाए जबकि प्रभसिमरन ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए 25 गेंदों में 76 रन बनाए और पंजाब को 7 गेंद रहते हुए 265 के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। Also Read: LIVE Cricket Score इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी 36 गेंदों में नाबाद 71 रन बनाए जबकि नेहाल वढेरा ने भी 25 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। दिल्ली के लिए इस मैच में कुलदीप यादव ने सबसे ज्य़ादा 2 विकेट लिए जबकि अक्षर पटेल और विपराज निगम ने भी 1-1 विकेट लिए। इस जीत के साथ पंजाब की टीम 13 अंकों के साथ टॉप पर बनी हुई है और वो अभी तक एक भी मैच नहीं हारे हैं।
KL Rahul Record: दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के सलामी बल्लेबाज़ केएल राहुल (KL Rahul) ने शनिवार, 25 अप्रैल को आईपीएल 2026 (IPL 2026) के 35वें मुकाबले में पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के सामने महज़ 67 गेंदों पर 16 चौके और 9 छक्के ठोककर नाबाद 152 रन बनाए। गौरतलब है कि इसी के साथ उन्होंने कई खास रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिए हैं। तोड़ा ऋषभ पंत का रिकॉर्ड: केएल राहुल दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब IPL में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने DC के पूर्व कैप्टन ऋषभ पंत का रिकॉर्ड तोड़कर ये कारनामा किया है। ऋषभ ने साल 2018 में दिल्ली के लिए सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 128 रनों की पारी खेली थी। इसके अलावा केएल राहुल दिल्ली के लिए IPL में शिखर धवन और डेविड वॉर्नर की बराबरी करके संयुक्त रूप से सर्वाधिक शतक मारने वाले बैटर भी बन गए हैं। इन तीनों ही खिलाड़ियों ने 2-2 बार ये कारनामा किया है। तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा का भी रिकॉर्ड टूटा: केएल राहुल ने अपनी 152* रनों की पारी के दम पर अब बतौर भारतीय टी20 क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लियाहै। उन्होंने तिलक वर्मा का रिकॉर्ड तोड़कर ये कारनामा किया है जिन्होंने साल SMAT 2024/25 के सीजन में हैदराबाद के लिए मेघायल के सामने 151 रन ठोके थे। ध्यान दें कि सिर्फये दो खिलाड़ी ही बतौर भारतीय टी20 में 150 या उससे ज्यादा रन बना पाए हैं। इसके अलावा केएल राहुल बतौर भारतीय IPL में भी सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले बैटर भी बन चुके हैं। इससे पहले ये रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम दर्ज था। उन्होंने साल 2025 के सीजन में पंजाब किंग्स के सामने ही 141 रनों की पारी खेली थी। What A Knock it was by KL Rahul! pic.twitter.com/YjJnDz2Bfy — CRICKETNMORE (@cricketnmore) April 25, 2026 क्रिस गेल की कर ली बराबरी: केएल राहुल ने अपने आईपीएल करियर का छठा शतक ठोका है और अब वो IPL टूर्नामेंट में क्रिस गेल की बराबरी करके तीसरे सर्वाधिक शतक बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में उनसे ऊपर सिर्फ विराट कोहली (8 शतक) और जोस बटलर (7 शतक) ही मौजूद हैं। सुरेश रैना को भी पछाड़ा: 34 साल के केएल राहुल ने IPL में अपने 5,579 रन पूरे कर लिए हैं और अब वो मिस्टर आईपीएल सुरेश रैना को पीछे छोड़कर इस टूर्नामेंट में पांचवें सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इस लिस्ट में सबसे ऊपर विराट कोहली हैं जिन्होंने अब तक 8,989 रन बनाए हैं। उनके अलावा रोहित शर्मा (7,183 रन), शिखर धवन (6,769 रन) और डेविड वॉर्नर (6,565) भी केएल राहुल से आगे हैं। KL Rahul scripts history as Delhi Capitals shatter records! pic.twitter.com/R59qjUIfVP — CRICKETNMORE (@cricketnmore) April 25, 2026 DC ने PBKS के सामने रखा 265 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य: IPL 2026 का 35वां मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जा रहा है जहां मेजबान टीम दिल्ली कैपिटल्स ने केएल राहुल (67 गेंदों पर नाबाद 152 रन) और नितीश राणा (44 गेंदों पर 91 रन) की तूफानी पारियों के दम पर अपनी इनिंग के 20 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 264 रन स्कोर बोर्ड पर टांगे हैं। Also Read: LIVE Cricket Score यानी यहां से ये मुकाबला जीतने के लिए अब पंजाब किंग्स को 120 गेंदों पर 265 रन बनाने होंगे। ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प रहेगा कि वो ये पहाड़ जैसा लक्ष्य हासिल कर पाते हैं या नहीं। बता दें कि वो खबर लिखे जाने तक 2.3 ओवर में बिना कोई विकेट खोए 43 रन ठोक चुके हैं। पंजाब किंग्स ने टूर्नामेंट में अब तक कोई मुकाबला नहीं हारा है। देखें लाइव स्कोर कार्ड
रोहतक में आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने पर कहा कि अरविंद केजरीवाल के 7 कबूतर उड़ गए है। अभी पंजाब के 27 विधायकों की लिस्ट भी तैयार हो चुकी है, जो कभी भी पार्टी छोड़ सकते हैं। इससे भगवंत मान की पंजाब सरकार को भी खतरा है। नवीन जयहिंद ने कहा कि 2007 से अरविंद केजरीवाल के साथ काम किया। अन्ना आंदोलन की 20 लोगों की कोर कमेटी में भी शामिल रहे। 2013-14 में जब आप की सरकार 28 दिन के लिए बनी, उस समय विधायक भाग रहे थे। उन विधायकों के घर बंदूकधारी भेजने वाला नवीन जयहिंद ही था। ईडी का नहीं, बल्कि सीडी का खेल नवीन जयहिंद ने कहा कि आप नेता बोल रहे कि ईडी का खेल है, जिसके कारण सांसदों ने पार्टी छोड़ी। लेकिन यह ईडी का नहीं, बल्कि सीडी का खेल है। इसकी सीडी उसके पास, उसकी सीडी इसके पास। कल ही अरविंद केजरीवाल ने घर शिफ्ट किया और कल ही कांड हो गया। शीश महल छोड़ते ही 7 एमपी चले गए। राघव चड्ढा को बनाया था सुपर सीएम नवीन जयहिंद ने कहा कि राघव चड्ढा को विधायक का चुनाव लड़वाया, वह हार गया। सांसद का चुनाव लड़वाया, वो भी हार गया। फिर पंजाब का सुपर सीएम बनाकर भेजा, जबकि सीएम भगवंत मान थे। सुपर सीएम बनाने के पीछे अरविंद केजरीवाल की मंशा यह थी कि वह उसे अपनी विरासत सौंपना चाहते थे, जो राघव के शादी करने के बाद पूरी नहीं हो सकी। पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की बताई संपत्ति नवीन जयहिंद ने चुनाव आयोग को सौंपी रिपोर्ट के अनुसार पार्टी छोड़ने वाले सांसदों की संपत्ति का खुलासा करते हुए कहा कि राघव चड्ढा की 36 लाख, 10वीं पास राजेंद्र गुप्ता की 5 हजार करोड़, विक्रमजीत सिंह साहनी 498 करोड़, संजीव अरोड़ा 460 करोड़, मित्तल के एक साल का रेवेन्यू 1100 करोड़, हरभजन सिंह 81 करोड़ व सुशील गुप्ता 171 करोड़ का मालिक है। स्वाति मालीवाल के बारे में पूछते ही चुप हो गए नवीन स्वाति मालीवाल के बारे में नवीन जयहिंद से पूछने पर वह चुप हो गए और बोले कि उसका इस बात से कोई लेना देना नहीं है। पंजाब वालों के बारे में ही अभी बताया है, जबकि स्वाति मालीवाल तो दिल्ली की है। उसका इस बात से कोई लेना देना नहीं है। लड़की छेड़ने वालों का सपोर्ट करने वाले कर रहे पंचायत नवीन जयहिंद ने कहा कि दुष्यंत चौटाला कब से छात्र हो गए। छात्र पंचायत पार्क में नहीं बल्कि यूनिवर्सिटी में होनी चाहिए। दिग्विजय चौटाला ने तो सुभाष बराला का सपोर्ट किया था, जब उसके बेटे ने लड़की के साथ छेड़छाड़ की थी। लड़की छेड़ने वालों का सपोर्ट करने वाले कौन सी पंचायत कर रहे हैं। अगर हिम्मत है तो सीएम व डीजीपी का पुतला फूंके। जो सीआईए टीम नेताओं की गाड़ी रोकेगी, उन्हें देंगे घी नवीन जयहिंद ने कहा कि जो सीआईए टीम के सदस्य नेताओं की गाड़ी रोकने का काम करेंगे, उनके सामने खड़े होंगे, उन्हें वह 5 किलो व 11 किलो घी देंगे। जितने लठ मारोगे, उन्हें उतने किलो घी दिया जाएगा। दिग्विजय ने केजरीवाल से मुलाकात की, क्या एसवाईएल के बारे में बात की। पहले पुलिस महात्मा, आज कैसे हो गई राक्षस नवीन जयहिंद ने कहा कि जब दुष्यंत चौटाला डिप्टी सीएम थे, उस समय क्या पुलिस मारपीट नहीं करती थी। आज ये एक एफआईआर से भाग गए, इन्हें तो लठ लगने चाहिए थे। जब दुष्यंत डिप्टी सीएम थे तो पुलिस महात्मा थी, आज राक्षस कैसे हो गई। ये लोग अपने लिए लड़ रहे हैं, इन्हें छात्रों से कोई लेना देना नहीं है।
फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम ने नए बस अड्डे के पास पंजाब के एक तस्कर को भारी मात्रा में डोडा पोस्त सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 10 किलो 120 ग्राम डोडापोस्त बरामद हुआ है। आरोपी डोडापोस्त पंजाब लेकर जाना चाह रहा था। उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। आरोपी की पहचान पंजाब के बठिंडा जिले के गांव जोधपुर रोमाना निवासी सोनी सिंह के रूप में हुई है। बस के इंतजार में खड़ा था आरोपी जानकारी देते हुए सीआईए फतेहाबाद प्रभारी वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम मताना मोड़ पर गश्त के दौरान मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सोनी सिंह डोडा पोस्त की बड़ी खेप लेकर नए बस अड्डे के पास बस के इंतजार में खड़ा है और इसे पंजाब ले जाने की फिराक में है। सूचना विश्वसनीय होने पर पुलिस टीम ने तुरंत बस अड्डे के बाहर बने चाय के खोखे के पास दबिश देकर आरोपी को काबू कर लिया। नियमानुसार उसकी तलाशी लेने पर आरोपी के पास मौजूद सफेद प्लास्टिक कट्टे से 10 किलो 120 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज मामले में आरोपी के खिलाफ सिटी थाना फतेहाबाद में एनडीपीएस एक्ट की धारा 15बी, 61, 85 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वह यह डोडापोस्त कहां से लेकर आया ताकि पूरे नेटवर्क को पकड़ा जा सके।
लगातार बिजली कटौती से परेशान किसानों ने मानसा और बुढलाडा में बिजली विभाग के दफ्तरों का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति के दावे कर रही है, लेकिन गांवों में स्थिति इसके विपरीत है। उनके अनुसार, सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली बंद रहती है और रात में भी बार-बार कटौती होती है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी हो रही है। कटौती से खेती और पशुपालन पर असर, बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारी किसान नेताओं राम सिंह भैणी बाघा, जगसीर सिंह और कुलदीप सिंह कोरवाला ने बताया कि बिजली कटौती का असर केवल घरेलू जीवन पर ही नहीं, बल्कि खेती और पशुपालन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पशुओं के लिए पानी और हरे चारे की सिंचाई के लिए भी बिजली उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे किसानों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली कटौती बंद कर 24 घंटे नियमित आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन उगराहां द्वारा बिजली विभाग और पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में CIA ने भारी मात्रा में नशा बरामद किया है। पुलिस की CIA टीम ने भारतमाला रोड पर गांव आशा खेड़ा के पास एक संदिग्ध ट्रक को रोककर तलाशी ली, जिसमें भारी मात्रा में चूरा पोस्त बरामद हुआ। तलाशी के दौरान ट्रक से कुल 52 किलो 180 ग्राम चूरा पोस्त (पोपी हस्क) जब्त किया गया। बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपए आंकी जा रही है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों, अरविंदर और रिंपी को गिरफ्तार किया है, जो पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। दोनों ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। मध्य प्रदेश लाए, पंजाब में सप्लाई करनी थी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे की यह खेप मध्य प्रदेश से लेकर आए थे। उनकी योजना इसे पंजाब में सप्लाई करने की थी। तस्करी को छिपाने के लिए ट्रक में घरेलू सामान और मक्के के बीज भी लोड किए गए थे, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस आरोपियों का रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। अब पुलिस इनसे गहनता से पूछताछ करेगी ताकि इस बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। इसके साथ ही, पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।
आईपीएल 2026: डीसी ने टॉस जीत चुनी बल्लेबाजी, अपने घर में पंजाब किंग्स को रोकना चुनौती
Sunrisers Hyderabad: आईपीएल 2026 का 35वां मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया है। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने कहा, हम पहले बल्लेबाजी करेंगे। हम अच्छा टोटल बनाना चाहते हैं और उसे डिफेंड करना चाहते हैं। दूसरी पारी में पिच धीमी हो सकती है। सभी टीमें अच्छा खेल रही हैं, हम भी अच्छा खेलने की कोशिश कर रहे हैं। हम छोटी-छोटी गलतियां कर रहे हैं और जरूरी मौकों पर जीत नहीं पा रहे हैं। हमें उस पर काम करने की जरूरत है। प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं है। पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा, टॉस जीतने के बाद मैं गेंदबाजी ही चुनता। सीजन फिलहाल बहुत अच्छा चल रहा है। हमें वर्तमान में रहना होगा। सही आदतें अपनानी होंगी। इस मैच में भी हम उसी टीम के साथ उतर रहे हैं। पंजाब किंग्स को अपने घर में हराना दिल्ली कैपिटल्स के लिए बड़ी चुनौती है। पंजाब सीजन में शानदार प्रदर्शन कर रही है। इस मैच से पहले पंजाब 6 मैचों में बिना एक भी मैच गंवाए 11 अंक लेकर अंकतालिका में शीर्ष पर है। वहीं दिल्ली फिलहाल छठे स्थान पर है। दिल्ली के 6 मैचों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक हैं। दिल्ली कैपिटल्स प्लेइंग इलेवन: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, कुलदीप यादव, टी. नटराजन, मुकेश कुमार। दिल्ली कैपिटल्स इम्पैक्ट सब्स: विप्रज निगम, करुण नायर, दुष्मंथा चमीरा, आशुतोष शर्मा, औकिब नबी डार दिल्ली कैपिटल्स प्लेइंग इलेवन: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), नीतीश राणा, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, कुलदीप यादव, टी. नटराजन, मुकेश कुमार। Also Read: LIVE Cricket Score इम्पैक्ट सब्स: नेहल वढेरा, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, यश ठाकुर, विष्णु विनोद Article Source: IANS
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि पंजाब की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी गंगानगर और हनुमानगढ़ तक पहुंच रहा है। जो कैंसर की बड़ी वजह बन सकता है। राज्यपाल भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल के 23वें कैंसर सर्वाइवर्स डे पर महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में बोल रहे थे। इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा- कैंसर से बचाव की दिशा में अर्ली डिटेक्शन सबसे अहम कड़ी है। अगर समय रहते बीमारी की पहचान हो जाए तो इलाज अधिक प्रभावी हो सकता है। केंद्र सरकार कैंसर के इलाज को लेकर गंभीर है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस दिशा में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। एंटी कैंसर दवाओं को भी आयुष्मान आरोग्य योजना से जोड़ा जा रहा उन्होंने बताया- केंद्र सरकार ने डे केयर सेंटरों की संख्या बढ़ाई है। 450 से अधिक सेंटर पहले से ही ऑपरेशनल स्टेज में हैं। एंटी कैंसर दवाओं को भी आयुष्मान आरोग्य योजना में जोड़ा जा रहा है। इससे आमजन को राहत मिलेगी। सर्वाइकल कैंसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा- फरवरी से केंद्र सरकार ने सर्वाइकल कैंसर टीकाकरण कार्यक्रम शुरू किया है। जो भविष्य में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम साबित होगा। मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की तारीफ की उपराष्ट्रपति ने राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे कार्यों के लिए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की तारीफ करते हुए कहा- राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी काम कर रही है। राज्यपाल बोले- कैंसर मुक्त राजस्थान का लक्ष्य तय हो राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा- कुछ समय पहले तक कैंसर को बेहद खतरनाक माना जाता था। लेकिन अब नई तकनीकों और आधुनिक इलाज के कारण कैंसर पर जीत हासिल की जा रही है। जैसे टीबी मुक्त राजस्थान की बात हो रही है, वैसे ही कैंसर मुक्त राजस्थान का लक्ष्य भी तय किया जाना चाहिए। पानी के लिए पंजाब के राज्यपाल को पत्र लिखा राज्यपाल ने कहा- कैंसर से बचाव के लिए शुद्ध पानी जरूरी है। पंजाब की फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी संभवतः गंगानगर और हनुमानगढ़ तक पहुंच रहा है। जो कैंसर का कारण बन सकता है। इस संबंध में मैंने पंजाब के राज्यपाल को पत्र भी लिखा है। मुझे लगता है, आने वाले वक्त में इसका समाधान होगा। राज्यपाल ने कहा कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट से कैंसर होता है। लेकिन काफी बार ऐसा देखा गया है कि बीडी, सिगरेट और तंबाकू खाने वाले लोगों को कुछ नहीं होता है। तब लोग कहते हैं कि तुम ऐसा कैसे कह सकते हो। हम तो इतने सालों से यह खा रहे हैं, हमारे कुछ नहीं हो रहा है। राजस्थान में 35 हजार करोड़ का मेडिकल बजट मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि प्रदेश में 35 हजार करोड़ रुपए का मेडिकल बजट रखा गया है। भजनलाल सरकार ने मेडिकल क्षेत्र में 60 हजार नियुक्तियों की घोषणा की है, जिनमें से 25 हजार गैजेटेड और नॉन-गैजेटेड मेडिकल स्टाफ की नियुक्तियां की जा चुकी हैं। पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में केवल 13 हजार नियुक्तियां की थीं। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत विभिन्न बीमारियों में 68 लाख से अधिक मरीजों को 13 हजार करोड़ रुपए का लाभ दिया गया है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत वार्षिक सर्वे के माध्यम से कैंसर स्क्रीनिंग भी की जा रही है। सर्वाइकल कैंसर, जो देश में दूसरा सबसे अधिक फैलने वाला कैंसर है, उसकी रोकथाम और जागरूकता के लिए केंद्र सरकार विशेष प्रयास कर रही है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान से सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत की थी।
अमृतसर में सांसद अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल से पंजाब लेकर आने की मांग को लेकर बाइक रैली निकाली गई। अकाली दल वारिस पंजाब के नेतृत्व में यह रैली गोल्डन गेट से अटारी तक निकली। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया और सरकार के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अमृतपाल सिंह पर लगी राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) खत्म हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें पंजाब नहीं लाया जा रहा। उनकी पेशी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करवाई जा रही है, जिसे वे उनके अधिकारों का उल्लंघन मानते हैं। अमृतपाल को पंजाब की अदालत में पेश करने की मांग वारिस पंजाब दे के नेताओं ने आरोप लगाया कि यह मामला मानवाधिकारों से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि अमृतपाल सिंह पंजाब के निवासी हैं, इसलिए उन्हें पंजाब की अदालतों में पेश होने का पूरा अधिकार मिलना चाहिए। संगठन के नेताओं का यह भी कहना है कि सरकार उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराई हुई है, इसी कारण उन्हें राज्य से बाहर रखा जा रहा है। नेताओं ने यह भी दावा किया कि जब अमृतपाल सिंह पंजाब में सक्रिय थे, तब उन्होंने नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलाई थी, जिससे कई युवाओं ने नशा छोड़कर धार्मिक जीवन अपनाया। रैली से पहले नेताओं की नजरबंदी का आरोप, विरोध के बाद रिहाई सुखचैन सिंह (सांसद अमृतपाल सिंह के चाचा) का कहना था कि रैली से पहले कुछ नेताओं को नजरबंद किए जाने की भी बात सामने आई, लेकिन लोगों के विरोध के बाद पुलिस को उन्हें रिहा करना पड़ा। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस बल तैनात रहा।
कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने भाजपा में शामिल हुए नेताओं पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विशेष रूप से राघव चड्ढा और अन्य सांसदों पर निशाना साधते हुए कहा कि इन नेताओं का दोहरा चेहरा अब जनता के सामने आ गया है। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में गरमागरमी बनी हुई है। कटारूचक्क ने कहा कि जो नेता अपने निजी फायदे के लिए पार्टी बदलते हैं, वे जनता के सच्चे हितैषी नहीं हो सकते। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेताओं के पार्टी छोड़ने से संगठन और मजबूत होगा तथा साफ-सुथरी राजनीति को बढ़ावा मिलेगा। पंजाब सरकार के मंंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों का निरीक्षण करने और गांवों के सरपंचों को विकास कार्यों के लिए चेक देने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने राघव चड्ढा और पार्टी छोड़ने वाले अन्य सांसदों पर निशाना साधा राघव 9 माह पहले ही पार्टी से किनारा कर लिया था मंत्री ने यह भी दावा किया कि राघव चड्ढा पिछले लगभग 9 महीनों से पार्टी से जुड़े नहीं थे और पहले ही किनारा कर चुके थे। इसलिए, उनके जाने से पार्टी को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी में वही लोग टिकते हैं जो ईमानदारी से काम करते हैं और जनता की सेवा करते हैं। कटारूचक्क ने आगे कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और समय आने पर ऐसे नेताओं को जवाब देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अपने सिद्धांतों पर कायम है और विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रही है।
पंजाब सरकार की ' युद्ध नशे के विरुद्ध ' मुहिम के तहत जालंधर जिला प्रशासन और डी.ए.वी. कॉलेज ने मिलकर 'वाकाथोन 1.0' का आयोजन किया। इस पैदल मार्च में 600 से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए जागरूक करना था। जालंधर के जिला प्रशासन ने डीएवी कॉलेज के सहयोग से इस विशेष वॉकथॉन का आयोजन किया। इसमें सैकड़ों विद्यार्थियों ने न केवल हिस्सा लिया, बल्कि समाज से नशे को जड़ से खत्म करने और इस मुहिम में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ भी ली। एसडीएम ने दिखाई हरी झंडी एसडीएम जालंधर-1, नवदीप सिंह ने स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम से इस वॉकथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पैदल मार्च स्टेडियम से शुरू होकर मॉडल टाउन के शिवानी पार्क पर समाप्त हुआ। एसडीएम ने खुद भी इस पैदल मार्च में शामिल होकर युवाओं का उत्साह बढ़ाया। जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार इस अवसर पर एसडीएम नवदीप सिंह ने कहा कि पंजाब सरकार की इस मुहिम का मकसद हर नागरिक को जागरूक करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज वॉकथॉन में चला गया हर एक कदम नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने में मील का पत्थर साबित होगा। विशेष बच्चों और कलाकारों की भागीदारी इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें रेड क्रॉस और प्रयास स्कूल के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों ने भी बड़े उत्साह से भाग लिया। पंजाबी गायक दलविंदर दयालपुरी ने अपने गीतों के जरिए स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। साथ ही, डी.ए.वी. बैंड और भांगड़ा की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी कार्यक्रम में एसीपी मनमोहन सिंह, डी.ए.वी. कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. अनूप कुमार और कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी व शिक्षाविद मौजूद रहे। मॉडल टाउन शॉपकीपर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी इस नेक कार्य में अपना समर्थन दिया। इन संस्थानों ने लिया हिस्सा वॉकथॉन में डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर, डी.ए.वी. इंस्टीट्यूट ऑफ फिजियोथेरेपी, महात्मा हंस राज डी.ए.वी. इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग और पुलिस डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल सहित कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के छात्रों और स्टाफ ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री पर लगी रोक के बाद अब डीजीपी गौरव यादव, राजा वडिंग, सांसद सुखजिंदर रंधावा और बलकौर सिंह और पंजाब के एजी को धमकी मिली है। यह धमकी विदेशी व्हाट्सऐप नंबर से भेजी गई है। मैसेज में उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई है। सभी को मैसेज आए हैं। मैसेज के सामने आने के बाद पुलिस एक्शन में आ गई है। लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्युमेंट्री जरूर चलेगी धमकी देने वालों ने कहा है कि लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्युमेंट्री जरूर चलेगी और अपने कफन की तैयारी कर लो। किसी से पैसा नहीं लेंगे गोली संताली जा बम से उड़ने की तैयारी समझो लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप। अब जानिए जिन लोगों को धमकी भरा मैसेज आया उन्होंने क्या किया - 1. राजा वड़िंग गए, पीएम को पत्र लिखा पत्र जैसे ही पता चला है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर लॉरेंस ऑफ पंजाब नाम से एक सीरीज आ रही है। जो कि 27 तारीख को रिलीज होगी। इसके बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 को कानूनी नोटिस भेजकर इसे 'पंजाबियत का अपमान' बताया, जिसके बाद केंद्र ने इसकी रिलीज पर रोक लगा दी है। इसी बीच प्रधानमंत्री को पत्र लिखा और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की। 2. पंजाब पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखा पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर सीरीज पर रोक लगाने की मांग की। विशेष डीजीपी (साइबर क्राइम) वी नीरजा ने चेतावनी दी कि यह सीरीज संगठित अपराध का महिमामंडन करती है, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है। 3. घावों पर नमक छिड़कने जैसा सिगर सिद्धू मूसेवााल के पिता बलकौर सिंह ने सीरीज पर कहा था कि गैंगस्टरों का महिमामंडन युवाओं के लिए जहर के समान है। उन्होंने सवाल उठाया कि शहीदों या वैज्ञानिकों के बजाय उनके बेटे के हत्यारे पर सीरीज क्यों बनाई जा रही है। उन्होंने इसे पीड़ितों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया और तुरंत प्रतिबंध की मांग की। रंधावा ने सीरीज को देश विरोधी बताया था कांग्रेस सांसद और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज का कड़ा विरोध करते हुए इसे “देशविरोधी” और पंजाब की विरासत के लिए अपमानजनक बताया। उन्होंने तर्क दिया कि यह सीरीज अपराधियों का महिमामंडन करती है, जिससे युवाओं में “गन कल्चर” को बढ़ावा मिल सकता है और समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रंधावा ने केंद्र और राज्य सरकार से इस पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। सीरीज के खिलाफ आवाज उठाने के बाद रंधावा को लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से कथित तौर पर धमकी भरे संदेश भी मिले हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने पुलिस प्रशासन को दे दी है।
हरियाणा के सिरसा जिले में पंजाब के एक्साइज डिपार्टमेंट के इंस्पेक्टर का शव कार में पड़ा मिला। यह कार डबवाली के पास अमृतसर-जामनगर भारतमाला रोड पर हाईवे किनारे खड़ी थी। जब काफी देर से कार में कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास के लोगों ने मौके पर जाकर देखा तो इंस्पेक्टर फ्रंट की दोनों सीटों के बीच फंसे हुए थे। सीट बेल्ट पेट पर कसी हुई थी। पास में ही सरकारी पिस्टल भी पड़ी थी। इसकी सूचना मिलते ही डबवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मोबाइल नंबर, आईडी कार्ड के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। उधर, परिवार ने घटना पर शक जताते हुए कहा कि तैनाती स्थल से 200 किलोमीटर दूर इंस्पेक्टर यहां कैसे पहुंचे, ये उन्हें नहीं पता। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही इंस्पेक्टर की पिस्टल को भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल आदि से पता किया जा रहा है कि इंस्पेक्टर यहां कैसे पहुंचे। विभाग से भी जानकारी जुटाई जा रही है। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… परिवार ने जताया शक, डबवाली कैसे पहुंचा पारिवारिक सदस्यों ने करमजीत के डबवाली पहुंचने को लेकर संदेह व्यक्त किया है। परिवार का कहना है कि मोगा और डबवाली की दूरी करीब 200 किलोमीटर है। ऐसे में यहां अकेले आना मुमकिन नहीं और न ही कोई सूचना दी। बताया कि मृतक अपने पीछे दो बेटों को छोड़ गया हैं। परिवार इस घटना से स्तब्ध है। पुलिस मान रही हार्टअटैक, शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शहर थाना पुलिस से एएसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। वास्तविक स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आईपीएल 2026 का 35वां मुकाबला रविवार को दोपहर 3:30 से दिल्ली कैपिटल्स (डीसी) और पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के बीच अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम, नई दिल्ली में खेला जाएगा। अपने घरेलू मैदान पर डीसी जीत की राह पर लौटने के इरादे से खेलेगी। दिल्ली कैपिटल्स को अपने पिछले 4 मैचों में 3 में हार का सामना करना पड़ा है। डीसी ने अपना पिछला मैच सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ 47 रन से गंवाया था। टीम सीजन में 6 मैचों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक लेकर छठे स्थान पर है। डीसी अपने घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स के खिलाफ जीत की राह पर लौटने के लक्ष्य के साथ खेलेगी, जो आसान नहीं होने वाला है। पंजाब के खिलाफ डीसी को जीत के लिए कप्तानी, बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। पंजाब किंग्स का सीजन में शानदार प्रदर्शन रहा है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पंजाब ने अभी तक एक भी मैच नहीं गंवाया है। पंजाब 6 मैचों में 5 जीत और एक रद्द मैच से 1 अंक लेकर कुल 11 अंक के साथ अंकतालिका में पहले स्थान पर है। पंजाब की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही संतुलित हैं, और डीसी की उसके घर में कड़ी परीक्षा लेने के लिए तैयार है। दिल्ली कैपिटल्स को अपने पिछले 4 मैचों में 3 में हार का सामना करना पड़ा है। डीसी ने अपना पिछला मैच सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) के खिलाफ 47 रन से गंवाया था। टीम सीजन में 6 मैचों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 अंक लेकर छठे स्थान पर है। डीसी अपने घरेलू मैदान पर पंजाब किंग्स के खिलाफ जीत की राह पर लौटने के लक्ष्य के साथ खेलेगी, जो आसान नहीं होने वाला है। पंजाब के खिलाफ डीसी को जीत के लिए कप्तानी, बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। Also Read: LIVE Cricket Score दोनों टीमों के बीच सीजन का यह पहला मुकाबला है। अब तक खेले गए 35 मुकाबलों में दोनों ही टीमों ने 17-17 मैच जीते हैं। एक मैच का परिणाम नहीं आया है। Article Source: IANS
एएआई चैंपियंस ने पंजाब सुपर किंग्स को 72 रनों से हराया
जालंधर | आदमपुर हवाई अड्डे के खेल महोत्सव के तहत खेले गए क्रिकेट मुकाबले में एएआई चैंपियंस ने पंजाब सुपर किंग्स को 72 रनों से पराजित किया। आदमपुर में हुए मैच में एएआई चैंपियंस के कप्तान सूरज यादव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। टीम ने 12 ओवर में 6 विकेट खोकर 163 रन बनाए और पंजाब सुपर किंग्स के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा। एएआई चैंपियंस की ओर से सूर्य प्रताप ने 5 छक्कों के सहारे 45 रन बनाए। नवदीप ने 1 चौके और 6 छक्कों की मदद से 45 रन जोड़े। गेंदबाजी में पंजाब सुपर किंग्स की तरफ से हरविंदर और कमलवीर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि रिकी को 1 विकेट मिला। लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब सुपर किंग्स 12 ओवर में 91 रन ही बना सकी। जसप्रीत सिंह ने 27 और हरदीप ने 18 रन बनाए। एएआई चैंपियंस के लिए सूर्य प्रताप और नवदीप ने 2-2 विकेट लिए, जबकि मनीष ने 1 विकेट झटका। ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए नवदीप को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
डिप्टी कमिश्नर ने आपदा मित्र, पंजाब को बाढ़ राहत कार्यों के लिए सम्मानित किया
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने आपदा मित्र, पंजाब को 2025 के दौरान बाढ़ रोकथाम, राहत और बचाव कार्यों में योगदान के लिए सम्मानित किया। जिला प्रशासन की ओर से संगठन कोप्रशंसा प्रमाणपत्र देकर कार्यों की सराहना की गई। प्रशासन के अनुसारआपदा मित्र, पंजाब की टीम ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने, राहत सामग्री के समन्वय और मौके पर बचाव सहयोग में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वयंसेवकों ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी लगातार सेवा जारी रखी। सम्मान समारोह मेंआपदा मित्र टीम की ओर से हरकिरत सिंह अरोड़ा (इंचार्ज), मनदीपकुमार और रोहित मिश्रा मौजूद रहे। हरकिरत सिंह अरोड़ा (इंचार्ज,आपदा मित्र ) ने कहा कि यह सम्मान सभी स्वयंसेवकों केपरिश्रम और समर्पण का परिणाम है।
IPL 2026 का 35वां मैच पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला 3:30 बजे से अरुण जेटली स्टेडियम में होगा। पॉइंट्स टेबल में पंजाब किंग्स 6 मैचों में 11 अंकों के साथ टॉप पर है। टीम ने 5 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता के खिलाफ एक मैच बारिश से धुल गया था। दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स 6 मैचों में 3 जीत और 3 हार के साथ छठे स्थान पर है। दोनों टीमों के बीच अब तक 34 मैच खेले गए हैं। इनमें 16 दिल्ली और 17 पंजाब किंग्स ने जीते हैं। एक मैच टाई रहा है। पिछले सीजन में दोनों के बीच एक मुकाबला हुआ था, जिसे दिल्ली ने जीता था। दिल्ली के मिडिल ऑर्डर पर दबाव दिल्ली कैपिटल्स की सबसे बड़ी चिंता उनकी इनकंसिस्टेंट बैटिंग है। केएल राहुल, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स और समीर रिजवी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ओपनर पथुम निसांका अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पा रहे हैं। इससे मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ रहा है। कप्तान अक्षर पटेल को बल्ले से अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। समीर रिजवी ने 6 मैचों में 150 की स्ट्राइक रेट से 209 रन बनाए हैं और वह टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। लुंगी एनगिडी 7 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हैं। पिछले मैच में अक्षर पटेल के कुछ कप्तानी फैसलों की आलोचना हुई थी। अभिषेक शर्मा के खिलाफ उन्होंने खुद या कुलदीप यादव जैसे फ्रंटलाइन बॉलर्स के बजाय नीतीश राणा से गेंदबाजी कराई, जो महंगी साबित हुई। इसके अलावा, दिल्ली की खराब फील्डिंग भी हार की बड़ी वजह रही है। टीम ने अहम मौकों पर स्टंपिंग, रन-आउट और कैच छोड़े, जिससे मैच हाथ से निकल गए। पंजाब किंग्स सीजन की सबसे संतुलित टीम पंजाब किंग्स ने इस सीजन का सबसे बड़ा टोटल 254 रन लखनऊ के खिलाफ बनाया है। टीम की ताकत उनकी गहरी बल्लेबाजी है। ओपनर प्रभसिमरन सिंह (211 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर (208 रन) शानदार फॉर्म में हैं। प्रियांश आर्या और कूपर कोनोली ने भी टीम को मजबूती दी है। कोनोली 223 रनों के साथ टीम के टॉप रन स्कोरर हैं। पंजाब की सफलता का राज है कि वे किसी एक गेंदबाज पर निर्भर नहीं हैं। अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, मार्को यानसेन, विजयकुमार वैशाख और जेवियर बार्टलेट की चौकड़ी लगातार विकेट ले रही है। अर्शदीप सिंह 6 विकेट लेकर टीम के टॉप विकेट टेकर हैं। पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम की पिच IPL में बल्लेबाजी के लिए अनुकूल मानी जाती है। यहां की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री (60-66 मीटर) के कारण हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं। इस पिच पर IPL के 98 मैच खेले गए हैं। इनमें 48 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है, जबकि 50 बार चेज करने वाली टीम जीती है। एक मैच रद्द हुआ। मौसम 25 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में मौसम गर्म रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना न के बराबर है। तापमान 30-35C के आसपास रहने और उमस भरी स्थिति की उम्मीद है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 पंजाब किंग्स: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), प्रियांश आर्या, कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वधेरा, शशांक सिंह, मार्कस स्टोयनिस, मार्को यानसन, जेवियर बार्टलेट, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल और विजयकुमार वैशाख। दिल्ली कैपिटल्स: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश राणा, समीर रिजवी, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, आशुतोष शर्मा, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन और मुकेश कुमार।
चंडीगढ़ में रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के सस्पेंड डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर और सह-आरोपी कृष्णु शारदा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विशेष अदालत ने सीबीआई की ओर से दायर प्रारंभिक जांच (पीई) से संबंधित अर्जी को मंजूर कर लिया। अदालत के इस फैसले के बाद जांच एजेंसी को मामले में आगे कार्रवाई करने का रास्ता साफ हो गया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। जांच एजेंसी को नए और अहम सबूत मिले हैं, जिनसे पंजाब के कई IAS-IPS अधिकारियों की भूमिका सामने आई है। सीबीआई ने अज्ञात अफसरों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (प्रिलिमनरी इंक्वायरी) जांच शुरू कर दी है। बचाव पक्ष ने किया विरोध सीबीआई की ओर से दायर इस अर्जी का दोनों आरोपियों की तरफ से जोरदार विरोध किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में अपने-अपने अलग-अलग जवाब दाखिल करते हुए कहा कि सीबीआई की यह अर्जी कानूनी रूप से सही नहीं है। उन्होंने दलील दी कि यह अर्जी अधिकार क्षेत्र से बाहर है और कानून के निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं करती, इसलिए इसे मंजूर नहीं किया जाना चाहिए। बचाव पक्ष के वकीलों ने यह भी कहा कि जांच एजेंसी बिना उचित आधार के कार्रवाई करना चाहती है और इस तरह की अनुमति देने से आरोपियों के अधिकारों का हनन हो सकता है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि सीबीआई की इस अर्जी को खारिज किया जाए और उन्हें किसी भी तरह की अतिरिक्त जांच की अनुमति न दी जाए। वहीं, सीबीआई की तरफ से दलील दी गई कि मामले में नए और अहम सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। एजेंसी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य मामले की सच्चाई तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सभी तथ्यों पर विचार किया और अंततः सीबीआई की अर्जी को मंजूरी दे दी। अदालत के इस फैसले से जांच एजेंसी को आगे की कार्रवाई करने और मामले की गहराई से जांच करने का अधिकार मिल गया है। CFSL रिपोर्ट अदालत में पेश सुनवाई के दौरान केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट भी अदालत में पेश की गई, जिसे इस मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। यह रिपोर्ट उन इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच के आधार पर तैयार की गई है, जिन्हें पहले जांच एजेंसी ने जब्त कर फॉरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा था। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट में शिकायतकर्ता और कथित बिचौलिए के बीच हुई बातचीत की ऑडियो सीडी या उससे संबंधित विश्लेषण शामिल हो सकता है। फॉरेंसिक जांच के जरिए इन ऑडियो क्लिप्स की सत्यता, एडिटिंग या छेड़छाड़ की संभावना, और आवाज की पहचान जैसे पहलुओं की जांच की जाती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बातचीत असली है या नहीं। यदि रिपोर्ट में बातचीत प्रमाणित होती है, तो यह मामले में एक मजबूत साक्ष्य के तौर पर सामने आ सकती है। इससे यह भी स्पष्ट हो सकता है कि कथित रूप से किस तरह रिश्वत की मांग या बातचीत की गई थी और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसी कारण CFSL रिपोर्ट को इस केस में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिस पर आगे की सुनवाई और जांच की दिशा काफी हद तक निर्भर कर सकती है। मोबाइल, दस्तावेज और नकदी जब्त करने की मांगी अनुमति सीबीआई ने मार्च में दायर अपनी प्रारंभिक जांच (पीई) अर्जी में अदालत से आरोपियों के मोबाइल फोन, मूल दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य संबंधित वस्तुएं व नकदी अपने कब्जे में लेने की अनुमति मांगी थी। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान कुछ अहम इलेक्ट्रॉनिक सबूत सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। सीबीआई के मुताबिक, मोबाइल फोन, चैट्स, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड में ऐसे सुराग मिल सकते हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचने में मदद करेंगे। इसलिए इन सभी चीजों को जब्त कर उनकी फॉरेंसिक जांच कराना जरूरी बताया गया है, ताकि आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके। CBI को अफसरों के बारे में क्या जानकारी मिली... DIG से पूछताछ में 14 अफसरों के नाम मिले CBI ने हरचरण सिंह भुल्लर को गिरफ्तार करने के बाद पहली बार 5 दिन का रिमांड लिया। CBI सोर्सेज के मुताबिक भुल्लर ने बताया कि पंजाब के अफसर पटियाला के प्रॉपर्टी डीलर के जरिए प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट करते हैं। इस पूछताछ में CBI को ऐसे 14 अफसरों का पता चला। जिसमें 10 IPS और 4 IAS अधिकारी थे। CBI ने जब छानबीन की तो पता चला कि 10 IPS में से 8 अभी भी फील्ड में अहम पदों पर तैनात हैं। वहीं 2 पंजाब पुलिस की एकेडमी में हैं। इसके अलावा 4 IAS अफसरों का संबंध किसी ने किसी तरह से मंडी गोबिंदगढ़ से है। इसके बाद CBI ने प्रॉपर्टी डीलर के पटियाला और लुधियाना के ठिकानों पर रेड कर डॉक्यूमेंट्स जब्त किए थे। बिचौलिए कृष्नु के मोबाइल से 50 अफसरों के लिंक मिले CBI कोर्ट में DIG हरचरण भुल्लर और बिचौलिए कृष्नु शारदा की पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने एक प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की थी। जिसमें कहा गया कि पिछले रिमांड में कृष्नु शारदा के मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खंगाली गईं। जिसके जरिए पता चला कि वह कई अफसरों की करप्ट डीलिंग में शामिल था। CBI ने डेटा के आधार पर बताया कि कृष्नु अफसरों के साथ मिलकर न केवल केसों की जांच को प्रभावित करता था बल्कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, आर्म्स लाइसेंस बनवाने से लेकर FIR दर्ज करवाने या पहले से दर्ज FIR खारिज करवाने तक का काम करता था। ऐसे करीब 50 अफसर हैं, जिनमें IAS और IPS अफसर भी शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा आज (24 अप्रैल) अपने दो साथी सांसदों के साथ BJP में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि हमारे साथ AAP के सात सांसदों ने पार्टी छोड़ी है। इनमें से 6 सांसद पंजाब से हैं। राघव चड्ढा AAP को छोड़ने वाले इकलौते या पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक अरविंद केजरीवाल से विवाद होने के चलते 35 बड़े चेहरे इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में कवि कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण शामिल हैं। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले पंजाब के प्रमुख नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका व गुरप्रीत घुग्गी शामिल हैं। AAP ने पंजाब से अपने दो सिटिंग लोकसभा सदस्यों धर्मवीर गांधी और हरिंदर सिंह खालसा को भी पार्टी से निकाल दिया था। उसके बाद धर्मवीर गांधी कांग्रेस में चले गए और 2024 में दोबारा सांसद चुने गए। यही नहीं AAP ने पंजाब में अपने कई सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल खैहरा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, जब उन्हें AAP से निकाला गया। एडवोकेट फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ी। कुछ दिन पहले वह भी BJP में शामिल हो गए। कुमार विश्वास अकेले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने न इस्तीफा दिया और न पार्टी ने कभी उन्हें निकालने की बात कही। आम आदमी पार्टी (AAP) का गठन 26 नवंबर 2012 को हुआ। तब से लेकर 2026 तक किस नेता को क्यों निकाला गया या फिर किसने पार्टी से क्यों दूरी बनाई, ये जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट… 1. योगेंद्र यादव पद : संस्थापक सदस्य, AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य। कारण: योगेंद्र यादव ने पार्टी के अंदर अनुशासन न होने के अलावा केजरीवाल पर तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। इस पर पार्टी ने उन्हें 21 अप्रैल 2015 को निकाल दिया। 2.प्रशांत भूषण पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) के सदस्य, वरिष्ठ वकील। कारण: प्रशांत भूषण को भी अप्रैल 2015 में योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 3. स्वाति मालीवाल पद: राज्यसभा सांसद, दिल्ली महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष कारण: स्वाति मालीवाल लगातार आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाती रहीं है। उन्होंने 2024 में आरोप लगाया कि जब वह केजरीवाल से मिलने उनकी कोठी में गईं तो केजरीवाल ने अपने सहयोगी विभव कुमार से उन्हें पिटवाया। उन्होंने केजरीवाल के जेल जाने पर दिल्ली की सीएम बनी आतिशी को डमी सीएम बताया। 4. कुमार विश्वास पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, प्रमुख प्रवक्ता और कवि। कारण: कुमार विश्वास AAP का प्रमुख चेहरा रहे। वह केजरीवाल के सबसे नजदीकी लोगों में गिने जाते थे। जब दिल्ली से राज्यसभा भेजने के लिए उन्हें नहीं चुना गया तो उन्होंने केजरीवाल का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि वह कहते रहे हैं कि उन्होंने न इस्तीफा दिया और न कभी उन्हें निकाला गया। 5. शाजिया इल्मी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की नेता, 2014 में लोकसभा उम्मीदवार रहीं। कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में AAP के अंदर आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पूरी पार्टी को चलाने और इसके मूल मूल्यों से भटकने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने खुद पार्टी छोड़ दी। 6. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता। कारण: गोपीनाथ ने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि कोर लीडरशिप कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। मई 2014 में उन्होंने खुद पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। 7. आनंद कुमार पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी निकाला गया। आनंद कुमार ने खुलकर अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी। 8. अजीत झा पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है। 9. मयंक गांधी पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख। कारण: मयंक गांधी AAP की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख थे। 2015 में केजरीवाल ने महाराष्ट्र यूनिट भंग कर दी जिससे नाराज होकर मयंक ने पार्टी छोड़ दी। 10. अंजलि दामनिया पद: महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख, राष्ट्रीय स्तर की नेता। कारण: अंजलि दामनिया ने केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग यानि कांग्रेस विधायकों को अपने साथ मिलाने के आरोप लगाए। केजरीवाल से मतभेद बढ़ने पर मार्च 2015 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 11. कपिल मिश्रा पद: केजरीवाल सरकार में मंत्री, रहे करावल नगर से MLA कारण: कपिल मिश्रा के केजरीवाल के करीबी कहे जाने वाले सत्येंद्र जैन के साथ मतभेद हो गए थे। इसके बाद केजरीवाल ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया। उन्होंने केजरीवाल व सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए तो पार्टी ने उन्हें बाहर निकाल दिया। 12. अलका लांबा पद: चांदनी चौक से 2015 में MLA बनी, दिल्ली इकाई का प्रमुख महिला चेहरा कारण: अलका लांबा ने राजीव गांधी पर AAP के प्रस्ताव का विरोध किया और पार्टी की कार्यशैली के बारे में कहा कि अब यह खास आदमी पार्टी बन गई है। उन्होंने सितंबर 2019 में AAP से इस्तीफा देकर कांग्रेस जॉइन कर ली। 13. आशुतोष पद: प्रमुख प्रवक्ता, पत्रकार से राजनेता बने, कभी केजरीवाल के करीबी रहे। कारण: आशुतोष दिल्ली से राज्यसभा जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने 2018 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर पार्टी छोड़ दी। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी लीडरशिप से मतभेद की बात स्वीकार की। 14. अशोक अग्रवाल पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य। कारण: अशोक अग्रवाल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे। 2014 में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की मनमानी पर सवाल उठाए और AAP को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बताते हुए खुद ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 15. इलियास आजमी पद: संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद। कारण: इलियास आजमी ने पार्टी में केजरीवाल की तानाशाही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने 2016 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया। 16. नवीन जयहिंद पद: आम आदमी पार्टी (AAP) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रहे। कारण : पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व से मतभेद हो गए। जयहिंद ने आरोप लगाया कि AAP अब आम आदमी की पार्टी नहीं रही, बल्कि एक परिवार या छोटे गिरोह के एकाधिकार वाली पार्टी बन गई है। उन्होंने 2022 में पार्टी छोड़ दी। 17. डॉ. धर्मवीर गांधी पद: 2014 के लोकसभा चुनाव में पटियाला से सांसद बने, पार्टी संसदीय दल के नेता रहे। कारण: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का समर्थन करना, उनकी बर्खास्तगी पर विरोध करना और राष्ट्रीय परिषद की बैठक से वॉकआउट इनके पार्टी से बाहर होने की वजह बने। AAP ने इन पर पार्टी में समानांतर संगठन बनाने और BJP-SAD से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। अप्रैल-2015 में इन्हें संसदीय दल के नेता पद से हटाया। 29 अगस्त 2015 को प्राथमिक सदस्यता सस्पेंड कर दी। बाद में गांधी ने कांग्रेस जॉइन कर ली। 18. प्रणब राय पद : पंजाब यूनिट के पूर्व स्टेट डिसिप्लिनरी कमेटी सदस्य, एडवोकेट और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक। कारण: प्रणब राय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का आरोप लगा। AAP ने इन्हें सितंबर 2015 में सस्पेंड किया। राय ने अक्टूबर 2015 में औपचारिक रूप से पार्टी छोड़कर अपना नया फ्रंट बना लिया। 19. हरिंदर सिंह खालसा पद: 2014 लोकसभा चुनाव में फतेहगढ़ साहिब से सांसद बने। कारण: डॉ. धर्मवीर गांधी के साथ मिलकर पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने और समानांतर संगठन बनाने का आरोप लगा। पार्टी ने 29 अगस्त 2015 को गांधी के साथ इन्हें प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया। 20. सुच्चा सिंह छोटेपुर पद: AAP की पंजाब इकाई के कन्वीनर (स्टेट चीफ)। कारण: टिकट बांटने के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा। एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आया, जिसमें 60 लाख की मांग और 26 लाख पर सेटलमेंट का जिक्र हुआ। पार्टी ने जांच कमेटी बनाकर अगस्त 2016 में पंजाब कन्वीनर पद से हटा दिया। इसके बाद छोटेपुर ने खुद पार्टी छोड़ दी। 21. गुरप्रीत घुग्गी पद: AAP की पंजाब इकाई के कन्वीनर, कॉमेडियन-एक्टर कारण: भगवंत मान को पंजाब इकाई का चीफ बनाने का विरोध किया। पार्टी पर पिक एंड चूज की पॉलिसी अपनाने और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। 10 मई 2017 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। अब पॉलिटिक्स छोड़ चुके। 22. जस्सी जसराज पद: 2014 लोकसभा चुनाव में बठिंडा से AAP उम्मीदवार, पंजाबी सिंगर। कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियों और YouTube वीडियो में AAP नेतृत्व पर BJP, अकाली दल और कांग्रेस के पूर्व सदस्यों को शामिल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने अनुशासन भंग के आरोप में अप्रैल 2016 को 6 साल के लिए निकाल दिया। 23. एचएस फूलका पद: लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा से MLA; पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे, 1984 दंगों के प्रमुख वकील। कारण: पंजाब में दिल्ली के दखल, बेअदबी मामलों में कार्रवाई न करने और 1984 दंगों पर पार्टी का समर्थन न मिलने से नाराज रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी मूल सिद्धांतों से भटक गई। जून 2017 में LOP पद से इस्तीफा दिया। अक्टूबर 2018 में MLA पद से इस्तीफा दे दिया। 3 जनवरी 2019 को AAP से पूर्ण इस्तीफा दिया। अब BJP जॉइन कर चुके। 24. सुखपाल खैहरा पद: भुल्लथ से MLA; पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे कारण: पंजाब इकाई को स्वायत्तता न देने और पार्टी पर मूल विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया। जुलाई 2018 में नेता प्रतिपक्ष पद से हटाए गए। नवंबर 2018 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सस्पेंड किया। 5 जनवरी 2019 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। खैहरा अब कांग्रेस में विधायक हैं। 25. कंवर संधू पद: खरड़ से MLA रहे; पत्रकार पृष्ठभूमि। कारण: सुखपाल खैहरा के साथ केंद्रीय नेतृत्व पर हमले किए। पार्टी ने 3 नवंबर 2018 को सस्पेंड किया। 26. बलदेव सिंह पद: पंजाब की जैतों सीट से MLA रहे कारण: पार्टी पर तानाशाही और दोगली नीति का आरोप लगाया। कहा कि फैसले सहमति से नहीं, तानाशाही से लिए जा रहे हैं। जनवरी 2019 में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। 27. पिरमल सिंह पद: बरनाला की भदौड़ सीट से एमएलए रहे कारण: सुखपाल खैहरा के साथी। 2018 में खैहरा को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने का विरोध किया। जनवरी 2019 में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। जून 2021 में विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। 28. नवजोत ग्रोवर पद: अमृतसर से पार्टी नेता कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे। संगठनात्मक अनुशासन भंग करने का आरोप लगा। पार्टी की प्राथमिक सदस्य से सस्पेंड कर दिया गया। 29: बलजीत सिंह चन्नी पद: मोगा के मेयर रहे कारण: चन्नी पर नशा तस्करों का साथ देने का आरोप लगा। पार्टी ने 27 नवंबर 2025 को मेयर पद से हटाने के साथ पार्टी से निकाल दिया। 30: राघव चड्ढा पद: राज्यसभा सदस्य कारण: पार्टी लाइन से हटकर काम करने का आरोप। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया। पार्टी की तरफ से बोलने का टाइम न देने को कहा। राघव ने कहा कि ये पार्टी करप्शन खत्म करने के लिए बनी थी लेकिन यह अपना लक्ष्य भूल चुकी है। 31. अशोक मित्तल: पद: राज्यसभा सदस्य कारण: राघव चड्ढा के साथ उन्होंने भी 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ दी और भाजपा जॉइन कर ली। उन्होंने AAP में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। 32. हरभजन सिंह पद: राज्यसभा सदस्य कारण: राघव चड्ढा और अन्य के साथ मिलकर पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि हरभजन सिंह की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया। 33. राजिंदर गुप्ता पद: राज्यसभा सदस्य, ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक कारण: राघव चड्ढा और अन्य के साथ पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि राजिंदर गुप्ता की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया। 34. संदीप पाठक पद: राज्यसभा सदस्य, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन कारण: राघव चड्ढा के साथ 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ी। उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे और बाद में उन्हीं के साथ भाजपा जॉइन कर ली 35. विक्रमजीत सिंह साहनी पद: राज्यसभा सदस्य कारण: राघव चड्ढा और अन्य के साथ पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि खुद साहनी की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया। *************** AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में: कहा- 10 में से 7 सांसद साथ, अशोक मित्तल ने ED छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। (पढ़ें पूरी खबर)
KL Rahul 13 रन बनाते ही तोड़ गेंदे एमएस का रिकॉर्ड,PBKS के खिलाफ इतिहास रचने का मौका
दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के ओपनिंग बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) के पास शनिवार (25 अप्रैल) को दिल्ली के अरूण जेटली स्टेडियम में पंजाब किंग्स (Punjab Kings) के खिलाफ होने वाले आईपीएल 2026 के 35वें मुकाबले में एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया। राहुल के नाम आईपीएल इतिहास में 151 मैच की 142 पारियों में 45.60 की औसतसे 5427 रन दर्ज हैं। अगर इस मैच में वह 13 रन बना लेते हैं तो आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की लिस्टमें धोनी को पछाड़कर छठे नंबर पर आ जाएंगे। धोनी के नाम 278 मैच की 242 पारियों में 38.30 की औसत से 5439 रन दर्ज हैं। बता दें कि धोनी फिट ना होने के कारण मौजूदा सीजन में एक भी मैच नहीं खेले हैं। इसके अलावा टी-20 क्रिकेट में 350 छक्के पूरे करने के लिए 8 छक्के जड़ने की दरकार है। मौजूदा सीजन में भी तक राहुल का प्रदर्शन ठीक रहा है। उन्होंने छह पारियों में 34.16 की औसत और 166.66 की स्ट्राईक रेट से 205 रन बनाए हैं, जिसमें दो पचास प्लस स्कोर शामिल हैं। दिल्ली के रनों के मामले में सिर्फ समीर रिजवी (209) ही उनसे आगे हैं। टीमें दिल्ली कैपिटल्स टीम: पथुम निसांका, केएल राहुल (विकेटकीपर), समीर रिज़वी, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टन स्टब्स, औकिब नबी डार, लुंगी एनगिडी, कुलदीप यादव, टी नटराजन, मुकेश कुमार, विप्रज निगम, आशुतोष शर्मा, करुण नायर, दुशमंथा चमीरा, नितीश राणा, मिशेल स्टार्क, काइल जैमीसन, अजय जादव मंडल, पृथ्वी शॉ, त्रिपुरा विजय, अभिषेक पोरेल, साहिल पारख, माधव तिवारी। Also Read: LIVE Cricket Score पंजाब किंग्स टीम: प्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), मार्कस स्टोइनिस, शशांक सिंह, मार्को जानसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार विशक, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, नेहल वढेरा, विष्णु विनोद, हरप्रीत बराड़, सूर्यांश शेडगे, यश ठाकुर, मिशेल ओवेन, विशाल निषाद, पायल अविनाश, मुशीर खान, हरनूर सिंह, अजमतुल्लाह उमरजई, लॉकी फर्ग्यूसन, प्रवीण दुबे, बेन द्वारशुइस।
अकाली दल वारिस पंजाब दे ने 2027 विधानसभा चुनावों के लिए अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तानी समर्थक MP अमृतपाल सिंह उनकी ओर से मुख्यमंत्री पद का फेस होंगे। लुधियाना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह सहित पार्टी पदाधिकारियों ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए और इस फैसले को पंजाब के भविष्य के लिए निर्णायक बताया। सरकार पर लगाया साजिश का आरोप पार्टी नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अमृतपाल सिंह के खिलाफ सोची-समझी राजनीतिक साजिश रची गई है। नेताओं ने कहा कि अमृतपाल सिंह पर जानबूझकर NSA (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) लगाया गया ताकि उन्हें पंजाब की राजनीति से दूर रखा जा सके। अमृतपाल में रिहाई की मांग पार्टी ने स्पष्ट किया कि हालांकि बीते दिनों NSA हटा लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया, जो लोकतंत्र के खिलाफ है। क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब का हल इस मौके पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी ने जोर देकर कहा कि पंजाब के हितों की रक्षा न तो दिल्ली से चलने वाली पार्टियां कर सकती हैं और न ही राष्ट्रीय दल। उन्होंने कहा पंजाब की मिट्टी, पानी और किसानी के मुद्दों को केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही समझ सकती है। भाई अमृतपाल सिंह पंजाब के हक की आवाज हैं और 2027 में जनता उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में चुनेगी।
वारिस पंजाब संगठन ने निहाल सिंह वाला में पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन डिब्रूगढ़ जेल में बंद सिख कैदियों, जिनमें भाई अमृतपाल सिंह खालसा भी शामिल हैं, के मामले को लेकर किया गया। संगठन के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब के सिख कैदियों के मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उनका कहना था कि यह मुद्दा केवल कैदियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से इस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की। डिब्रगढ़ जेल में बंद सिख कैदियों को पंजाब स्थानांतरित करने की मांग संगठन के नेताओं ने मांग की कि डिब्रूगढ़ जेल में बंद सिख कैदियों को जल्द से जल्द पंजाब स्थानांतरित किया जाए और उनके अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार को भी चेतावनी दी कि सिख समुदाय के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मांग पूरी न होने पर संघर्ष तेज करने की मांग नेताओं ने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में अर्श उमरियाना, बब्बू पट्टो, सतनाम माछीके, जसवीर माछीके, रेशम मानूंके, गुरप्रीत सिंह धूड़कोट, हरविंदर फौजी, मनदीप गोरा और हैरी बधनी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रहा।
गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई के जीवन और उससे जुड़े घटनाक्रमों पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर उनके परिवार ने भी विरोध जता दिया है। लॉरेंस बिश्नोई के परिवार ने इस सीरीज के कंटेंट, इसके निर्माण की प्रक्रिया और इसके रिलीज होने के समय पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का साफ कहना है कि यह सीरीज न केवल तथ्यों से परे है, बल्कि न्यायिक प्रणाली और पंजाब की गौरवशाली संस्कृति का भी अपमान करती है। उनका कहना है कि जब तक कोर्ट से फैसला नहीं आ जाता तब तक इस पर रोक होनी चाहिए। परिवार का कहना है कि वेब सीरिज बनाने के लिए न तो परिवार से परमिशन ली गई है और न ही सरकार से। लॉरेंस के चाचा रमेश विश्नोई का कहना है कि फिल्म के प्रोड्यूसर पर इस मामले में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। विश्नोई परिवार को क्यों है वेब सीरिज पर एतराज जानिए… राजा वड़िंग ने वेब सीरिज पर प्रतिबंध लगाने मी मांग की इस विवाद ने पंजाब की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस सीरीज के विरोध में सबसे मुखर आवाज उठाई है। वड़िंग का मानना है कि पंजाब पहले से ही नशा और गन-कल्चर जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह का कंटेंट आग में घी डालने का काम करता है। राजा वड़िंग की तरफ से विरोध में उठाए गए कदमों के बारे में पढ़िए… इन संगठनों ने भी दर्ज कराई आपत्ति सिर्फ बिश्नोई परिवार और मुख्य विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि पंजाब के कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस सीरीज के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। लुधियाना और अमृतसर स्थित कई स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' जैसे शीर्षक ही राज्य के युवाओं को गलत संदेश देते हैं। इससे पंजाब की पहचान केवल अपराध और गैंगवार से जुड़ने लगती है। शिरोमणि अकाली दल और अन्य क्षेत्रीय दलों के कुछ नेताओं ने भी इस मामले में सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि राज्य सरकार को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि अगर इस वेब सीरिज में यह भी दिखाया जाए कि आप सरकार ने किस तरह उसका इंटरव्यू जेल में करवाया है तो मानेंगे कि इसमें तथ्य सही हैं। नहीं तो यह पंजाब को बदनाम करने की कोशिश की गई है।
फरीदकोट के कोटकपूरा स्थित गुरुद्वारा साहिब पातशाही दसवीं छावनी निहंग सिंह में वीरवार सुबह पंजाब में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून के लिए पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां का विशेष सम्मान किया गया। यह सम्मान समारोह गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार जत्थेदार बाबा कुलवंत सिंह चाणकिया की अगुवाई में आयोजित किया गया, जिसमें पंजाब सरकार का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत श्री सुखमनी साहिब के पाठ के भोग और सरबत के भले की अरदास के साथ हुई। समारोह के दौरान जत्थेदार बाबा कुलवंत सिंह चाणकिया ने कहा कि साल 2015 में बरगाड़ी बेअदबी कांड के बाद से ही संगत लगातार सख्त कानून की मांग कर रही थी, ताकि ऐसी घटनाओं पर नकेल कसी जा सके। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा यह कानून लाना गुरु साहिब के सम्मान की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है- स्पीकर संधवां इस दौरान मीडिया से बात करते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि गुरु से बढ़कर उनके लिए कुछ भी नहीं है और इस सेवा का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि सरकार ने संगत की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह सख्त कानून बनाया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि इस कानून को लेकर जालंधर के एक व्यक्ति द्वारा पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर अब अदालत ही फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने संगत की इच्छा के अनुसार ही यह कानून लागू किया है।
27 अप्रैल को ZEE5 पर रिलीज होने वाले लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूमेंट्री को लेकर अब पुलिस एक्शन में आ गई है। इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र लिखा गया है। साइबर क्राइम शाखा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा कि कि फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाई जाए। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69A(1) लागू करने की मांग की है। यह धारा सरकार को संप्रभुता, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के हित में ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार देती है। वहीं, इस मामले में कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर रोक लगाने की मांग की है। ट्रेलर को वैश्विक स्तर पर ब्लॉक करने की भी मांग पुलिस ने इस सीरीज़ के ट्रेलर को वैश्विक स्तर पर ब्लॉक करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है, युवाओं में कट्टरपंथ बढ़ सकता है और संगठित अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई प्रभावित हो सकती है। समाज में अपराध का महिमामंडन करती है वेब सीरिज: वड़िंग वड़िंग ने पीएम को लिखे पत्र में चिंता व्यक्त की है कि यह वेब सीरीज समाज में अपराध का महिमामंडन करती है। उन्होंने तर्क दिया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित इस तरह की सामग्री न केवल युवाओं को गलत संदेश देती है, बल्कि पंजाब की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। वड़िंग ने लिखा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस वेब सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने के निर्देश जारी करें। ऐसी सामग्री समाज में हिंसा और अपराधीकरण को बढ़ावा देती है। पंजाब पुलिस द्वारा लिखे गए पत्र को अब 2 प्वाइंट में जानिए -1. जांच पर असर पड़ सकता हैसाइबर क्राइम की स्पेशल डीजीपी वी. नीरजा ने इस बारे में केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि इस सीरीज में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की जिंदगी और उसके अपराधों को दिखाया गया है। इसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या जैसे बड़े मामलों का भी जिक्र है। पुलिस का कहना है कि ऐसी सीरीज से अपराध को बढ़ावा मिल सकता है और खासकर युवाओं पर गलत असर पड़ सकता है। इससे अपराध को सामान्य या आकर्षक दिखाया जा सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है और चल रही जांच भी प्रभावित हो सकती है। 2. इंटरनेट पर जल्दी केस फैलता है पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत मांग की है कि इस सीरीज को रिलीज न किया जाए और इसका ट्रेलर भी हटाया जाए। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट भी पहले ऐसे मामलों पर चिंता जता चुका है और कह चुका है कि इस तरह की सामग्री से अपराध को बढ़ावा मिल सकता है। अधिकारियों का कहना है कि इंटरनेट पर ऐसे वीडियो जल्दी फैलते हैं और लोगों पर ज्यादा असर डालते हैं। फिलहाल इस मामले में केंद्र सरकार की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
यमुनानगर जिले के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में अब लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। इस केस में जहां पहले ठगी और गैंगस्टर एंगल सामने आया था, वहीं अब जांच में एक और बड़े ठगी मामले और गैंग के नेटवर्क की परतें खुली हैं। 2022 में पंजाब के युवक को ठगा ताजा जांच में खुलासा हुआ है कि फरार पूर्व सरपंच ऋषिपाल पर साल 2022 में भी ठगी का केस दर्ज हो चुका है। पंजाब के अमृतसर जिले के गांव रईया के प्रिंस कुमार ने आरोप लगाया था कि उसे कनाडा भेजने के नाम पर करीब साढ़े आठ लाख रुपए ठग लिए गए। शिकायत के मुताबिक, जून 2022 में प्रिंस दुबई गया था, वहां पर उसे हरजिंद्र मिला था। उसने उसे कहा था कि उसका जीजा ऋषिपाल उर्फ काला गांव भूरे का माजरा का सरपंच है। वह उसे किसी अच्छे देश में भेज सकता है। जिसके बाद ऋषिपाल ने 20 लाख रुपए में बात पक्की की। पूर्व सरपंच, पत्नी-भाई समेत दो नौकरों पर केस उसका जीजा काला गांव भूरे का माजरा का रहने वाला है और गांव का सरपंच है। उसने उससे बात की, तो उसने कहा कि वह उसे 20 लाख रुपए में कनाडा भेज देगा। पीड़ित ने परिवार का सोना बेचकर और उधार लेकर 29 जून को साढ़े आठ लाख रुपए दिए। लेकिन न तो उसे विदेश भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए। मामले में पूर्व सरपंच, उसकी पत्नी, भाई और दो नौकरों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। इसके बाद जनवरी 2026 में पूर्व सरपंच पर नकली नोटों को असली बनाने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। जिसके बाद से वह अपनी पत्नी के साथ फरार चल रहा है। सरपंच के क्रिमिनल रिकॉर्ड के चलते पुलिस पुराने मामलों को जोड़कर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। फायरिंग केस में गैंग कनेक्शन गहराया वहीं, हाल ही में हुई फायरिंग की वारदात ने गैंगस्टर नेटवर्क की भी परतें खोल दी हैं। पूर्व सरपंच के साले अंकित ने इस फायरिंग में गैंगस्टर नोनी राणा, शुभम पंडित, अनिल उर्फ मोनू गुर्जर और कार्तिक शर्मा का हाथ होने की आशंका जताई है। उधर पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में कार्तिक शर्मा का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है, जिसे कुख्यात गैंगस्टर नोनी राणा का लोकल हैंडलर बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, कार्तिक शर्मा इलाके में गैंग के ऑपरेशन को जमीन पर संचालित करता था। हथियारों की व्यवस्था, शूटरों की मूवमेंट और टारगेट की रेकी जैसे काम उसी के जिम्मे थे। पुलिस को शक है कि गांव में दहशत फैलाने के लिए इस तरह की फायरिंग गैंग की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। इस केस में एक लाख के इनामी बदमाश शुभम पंडित और अन्य अपराधियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। पुलिस इस वारदात को रंगदारी और आपसी गैंग रंजिश से जोड़कर भी देख रही है। तीन बदमाशों ने किए थे 17 राउंड फायर मंगलवार-बुधवार देर रात गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच के बंद पड़े घर पर पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने 16-17 राउंड फायरिंग की थी। इस दौरान सामने वाले घर में रह रहे उसके साले पर भी गोली चलाई गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए थे। पुलिस को मौके से 17 खाली खोल मिले थे और पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की हुई है।
राजू सरीन पंजाब आबकारी एवं कर विभाग कमेटी के सदस्य नियुक्त
भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब सरकार द्वारा राजेश राजू सरीन को आबकारी एवं कर विभाग की विशेष कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है। अपनी नियुक्ति के बाद सरीन ने विभागीय अधिकारियों और व्यापारियों के बीच सेतु के रूप में काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। इस अवसर पर राजेश राजू सरीन ने लुधियाना की डिप्टी आबकारी एवं कर कमिश्नर (डीईटीसी) मैडम रणधीर कौर गिल से औपचारिक मुलाकात की। सरीन ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ व्यापारियों के हितों और विभाग के तालमेल के लिए काम करेंगे। मुलाकात के दौरान सरीन ने मैडम गिल के साथ लुधियाना के व्यापारियों को टैक्स और विभागीय कामकाज के दौरान आने वाली परेशानियों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जमीनी स्तर पर व्यापारियों को किन तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डिप्टी कमिश्नर रणधीर कौर गिल ने सरीन की नियुक्ति का स्वागत करते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाएगा।
महीने में 2800 करोड़ का नया कर्ज पंजाब को आर्थिक संकट की ओर धकेल रहा : करीमपुरी
भास्कर न्यूज | जालंधर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय इंचार्ज डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी ने पंजाब की मौजूदा आप सरकार की तरफ से महीने के भीतर दो बार 1500 करोड़ और 1300 करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने का विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि लगातार कर्ज उठाने से राज्य आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है और भविष्य पर बोझ डाला जा रहा है। डॉ. करीमपुरी ने कहा कि सरकार ने महीने में 2800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार जनता पर डाल दिया, जो वित्तीय विफलता का संकेत है। सूबे की हालत ऐसी हो गई है कि ‘कर्जदार पंजाब' के रूप में पहचाना जा रहा है, जिसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बसपा की ‘पंजाब संभालो' मुहिम का उद्देश्य राज्य को आर्थिक मंदहाली और कर्ज के दबाव से निकालना है। बसपा बढ़ते कर्ज, नशों की घर-घर आपूर्ति, बेरोजगारी, कमजोर प्रशासनिक ढांचे तथा किसानों, कर्मचारियों और कारोबारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। उन्होंने लोगों से मुहिम से जुड़ने की अपील की।
रोड मार्च से दिया नशा मुक्त पंजाब का संदेश
अमृतसर | इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स संघर्ष समिति ने बुधवार को नशे के खिलाफ एक विशाल रोड मार्च निकाला। भंडारी पुल से डॉ. बीआर अंबेडकर मूर्ति तक निकाले गए रोड मार्च का नेतृत्व कमेटी के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. हरीश शर्मा ने किया। इस दौरान नशा त्यागो, पंजाब बचाओ’ के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। रैली में युवाओं के साथ-साथ ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सी यूनियन के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। डॉ. हरीश शर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए अपील की कि वे नशे का दलदल छोड़कर सेहत और फिटनेस की ओर बढ़ें। उन्होंने युवाओं को जिम और स्पोर्ट्स ज्वाइन करने के लिए प्रेरित किया। दलित सुरक्षा सेना के राहुल मलिक और ऑटो यूनियन के प्रधान मिट्ठू ने पंजाब सरकार व अमृतसर पुलिस के एंटी-ड्रग कैंपेन की सराहना करते कहा कि नशे को जड़ से खत्म करने के लिए समाज की भागीदारी अनिवार्य है। इस मौके पर गीता गिल सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब सीरीज पर लगे रोक: कुंद्रा
अमृतसर | पंजाब में तेजी से पैर पसार रहे गैंगस्टर कल्चर और युवाओं में इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पार्षद पति सन्नी कुंद्रा ने रिलीज होने वाली नई वेब सीरीज लॉरेंस ऑफ पंजाब खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने केंद्र व पंजाब सरकार से गुजारिश की है कि इस वेब सीरीज के रिलीज होने पर रोक लगाई जाए। कुंद्रा ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर ऐसी वेब सीरीज बनाई जा रही हैं, जिनमें गैंगस्टरवाद को बढ़ा-चढ़ा दिखाया जाता है। ऐसी फिल्मों, सीरीज को देख प्रदेश की मासूम नौजवान पीढ़ी इन गैंगस्टरों को अपना आइकॉन मानकर फॉलो करने लगती है।
बीबीएमबी मामले में पंजाब सरकार की याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दी गई है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में पिछले वर्ष ही सुनवाई हो चुकी है। सरकार अपनी बात केंद्र सरकार के समक्ष रखे। यह याचिका उस समय दाखिल हुई थी जब बीबीएमबी द्वारा 8500 क्यूसिक अतिरिक्त पानी देने का फैसला लिया गया था। पंजाब सरकार ने दी थी चुनौती पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में BBMB के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हरियाणा को उसके हिस्से से अतिरिक्त 8,500 क्यूसेक पानी देने का निर्णय लिया गया था। पंजाब का कहना था कि हरियाणा पहले ही अपना पूरा हिस्सा इस्तेमाल कर चुका है, इसलिए उसे और पानी नहीं दिया जाना चाहिए। सरकार ने यह भी कहा कि BBMB के पास किसी राज्य को तय हिस्से से ज्यादा पानी देने का कानूनी अधिकार नहीं है। सुप्रीम कोर्ट भी पहुंची थी पंजाब सरकार पंजाब ने यह आरोप भी लगाया कि यह फैसला नियमों के खिलाफ लिया गया। जैसे बैठक के लिए जरूरी 7 दिन पहले नोटिस नहीं दिया गया और एजेंडा भी समय पर साझा नहीं किया गया। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने 6 मई 2025 को बांध की सुरक्षा और पानी के बंटवारे को लेकर जो आदेश दिए थे, उनके खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील (SLP) भी दायर की थी। साथ ही, हाईकोर्ट में एक पुनर्विचार याचिका भी लगाई, जिसमें कहा गया कि BBMB ने अदालत को गुमराह किया है।
फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक युवक और एक महिला को करीब 18 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी बिहार के रहने वाले है और दिल्ली से गांजा लाकर पंजाब में सप्लाई करते है। जीआरपी थाना पुलिस के अनुसार टीम गश्त और चेकिंग के दौरान रेलवे स्टेशन पर मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफॉर्म नंबर-1बी के दक्षिणी छोर पर एक युवक और महिला संदिग्ध हालत में बैठे हैं और उनके पास नशीला पदार्थ है। 18 किलो गांजा बरामद सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को काबू कर लिया। तलाशी की कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की गई। उनके पास मौजूद प्लास्टिक के कट्टे से 18 किलो गांजा बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रिकेश (23) और महिला रीना (26) शामिल है। दोनों ही आरोपी बिहार के रहने वाला है। पंजाब में करना था सप्लाई पूछताछ में सामने आया कि आरोपी इसे दिल्ली से पंजाब के भटिंडा ले जाकर सप्लाई करने की फिराक में थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20B के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पंजाबी मूल के ड्राइवर और कैनेडियन सिटिजन बलजीत सिंह (29) ने लापरवाही से ट्रक चलाते हुए कनाडा सिटीजन मां-बेटे को कुचल दिया। हादसे में महिला और उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई जबकि पति की हड्डियां टूट गईं। ये घटना 19 जुलाई, 2022 रात की है। घटना कनाडा के क्यूबेक शहर के ब्रॉसार्ड में हाइवे 30 पर हुई थी। 21 अप्रैल को कोर्ट ट्रायल के दौरान अब उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। कोर्ट से उसे उम्रकैद की सजा हो सकती है। उसने माना कि ट्रक चलते वक्त वह लूडो खेल रहा था। इस दौरान ध्यान हटने के ट्रक ने कार में जा रहे लोगों को हिट कर दिया। पहले भी 18 बार ऐसा कर चुका था बलजीत ने ये भी माना कि वह इससे पहले भी 18 बार ऐसा कर चुका था। पुलिस ने बलजीत के ट्रक के डैशकैम की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें वह लूडो खेलते नजर आ रहा है। हालांकि पील पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक नहीं किया है। पील पुलिस का कहना है कि कोर्ट में ट्रायल चलने के चलते अभी फुटेज सबूत के तौर पर कोर्ट में दी गई है। 53 फीट लंबे ट्रक को लूडो खेलते समय चला रहा था ड्राइवर बलजीत सिंह 53 फुट लंबा ट्रैक्टर-ट्रेलर चला रहा था। सड़क पर निर्माण कार्य के कारण ट्रैफिक बहुत धीमा था, लेकिन बलजीत ने समय पर ब्रेक नहीं लगाए। कोर्ट में पेश किए गए तथ्यों के अनुसार, बलजीत ने हादसे से ठीक एक घंटे पहले 18 बार अपने फोन का इस्तेमाल किया था। जब टक्कर हुई, उस समय वह अपने फोन पर लूडो गेम खेल रहा था। इससे ट्रक 7 वाहनों से जा टकराया। इस भीषण टक्कर में नैन्सी लेफ्रॉन्वा (42 वर्ष) और उनके 11 वर्षीय बेटे लोइक शेवेलियर की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। 0.35 सैकेंड में हुआ हादसा फॉरेंसिक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बलजीत के पास टक्कर से पहले रिएक्ट करने यानी ब्रेक लगाने के लिए केवल 0.35 सेकंड थे, जिसमें वह पूरी तरह चूक गया। बलजीत सिंह ने मॉन्ट्रियल के लॉन्गयुल कोर्ट में अपना गुनाह कबूल किया। उसने माना कि खतरनाक ड्राइविंग से मौत हुई है। अब उसे 4 जून, 2026 को सजा सुनाई जाएगी। एक्सीडेंट के बाद इंडिया आया, लौटने पर गिरफ्तार पील पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद 20 जुलाई 2022 की सुबह बलजीत को अस्पताल से छुट्टी मिली। उसने पुलिस को बताया कि उसे कुछ याद नहीं है। उसी दिन दोपहर 3 बजकर 37 मिनट पर उसने टिकट बुक की और हादसे के कुछ ही घंटों बाद कनाडा से फरार होकर पंजाब आ गया। वह लंबे समय तक भारत में रहा और फिर कैलिफोर्निया चला गया। जुलाई 2023 में उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय वारंट जारी हुआ। आखिरकार 21 अगस्त, 2025 को अमेरिकी संघीय एजेंटों ने उसे कैलिफोर्निया से गिरफ्तार किया और सितंबर 2025 में उसे वापस कनाडा लाया गया। कनाडा के ओंटारियों का सिटीजन बलजीत सिंह मूल रूप से पंजाब का रहने वाला है और कनाडा में ओंटारियो का सिटीजन है। बलजीत पंजाब में कहां का रहने वाला है इसके बारे में पुलिस ने कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया है। पुलिस का कहना है कि उनकी नजर में वह भारतीय मूल का कनाडाई निवासी है, जो हादसे के वक्त ओंटारियो में रह रहा था।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

