विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट, ग्वालियर अतुल यादव के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान ट्रेन क्रमांक 12138 पंजाब मेल की पेन्ट्रीकार से बिना निर्माता विवरण एवं आवश्यक लेबलिंग वाली 200 से अधिक अनधिकृत पानी की बोतलें जब्त की गईं।
तरनतारन जिले में खेडां वतन पंजाब दियां 2026 के तहत ब्लॉक लेवल टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। यह टूर्नामेंट मंगलवार को चोहला साहिब के श्री गुरु अर्जन देव स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू हुआ। इसमें अंडर 14 से लेकर 70 साल से ज्यादा उम्र के ग्रुप के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, खो-खो और कबड्डी नेशनल के मुकाबले हुए। यह टूर्नामेंट डिप्टी कमिश्नर राहुल और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर सतवंत कौर के निर्देशन में हो रहा है। इस दौरान चेयरमैन हरजीत सिंह संधू, चेयरमैन अमरिंदर सिंह एमी, नायब तहसीलदार रतनजीत खुल्लर, बीडीपीओ गुरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह और सरपंच केवल कृष्ण सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। पहले दिन खिलाड़ियों ने किया कड़ा प्रदर्शन टूर्नामेंट के पहले दिन खिलाड़ियों ने कड़ा प्रदर्शन किया। अंडर 14 एज ग्रुप में एकमदीप सिंह ने 600 मीटर दौड़ में पहला, मनकीरत सिंह ने दूसरा और अभिनय ने तीसरा स्थान हासिल किया। अंडर 17 एज ग्रुप की 400 मीटर दौड़ में सरबंस दीप सिंह ने पहला, पारस ने दूसरा और अभिजोत सिंह ने तीसरा स्थान जीता। फुटबॉल के अंडर 17 मुकाबले में खान छाबड़ी की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। वॉलीबॉल के अंडर 14 वर्ग में शाह हरबंस की टीम विजेता रही। इसी तरह, चोहला साहिब ने अंडर 17 वॉलीबॉल का खिताब जीता।
इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बना दिया गया है। आने वाले एक साल में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में ये जिम्मेदारी उनके लिए बहुत बडी है। नई जिम्मेदारी के बाद पायलट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। खबरों की माने तो पंजाब कांग्रेस प्रभारी के तौर पर पायलट की नियुक्ति को पार्टी हाईकमान की महत्वपूर्ण रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना चाहती है। पायलट की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत प्रदेश के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब संगठन को एकजुट कर आम आदमी पार्टी और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत करने पर है। पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के साथ पायलट की राष्ट्रीय भूमिका भी बढ़ी है। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें ऐसे राज्य की कमान दी है, जहां पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौतियों के साथ मजबूत राजनीतिक मुकाबला भी है।pc- ndtv raj
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पंजाब सरकार पर नशों के खिलाफ युद्ध के नाम पर केवल झूठा प्रचार करने और सवाल उठाने वाली जनता व विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। अश्वनी शर्मा ने संगरूर के मोहनजीत सिंह के साथ पुलिस की ओर से किए गए कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर और हरपाल चीमा का नाम लेकर जहर निगलने वाले गुलजार सिंह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार सवालों से डर रही है। पंजाब में नशा 5 मिनट में डोर-स्टेप पर उपलब्ध है, जबकि सरकार नशे के खिलाफ युद्ध की उपलब्धियां गिनवा रही है। 5 पॉइंट में पढ़ें क्या बोले अश्वनी शर्मा…
पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबे समय से लंबित मांगों के विरोध में पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट मास मीडिया यूनियन (PSMSU) जिला गुरदासपुर ने जिले के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने बताया कि पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली कर्मचारियों की सबसे अहम मांगों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से पहले पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब इसमें लगातार देरी हो रही है। कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने की मांग इसके अलावा, कर्मचारियों ने 18 प्रतिशत DA की बकाया रकम जारी करने, अलग-अलग विभागों में काम कर रहे कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने और कर्मचारियों से जुड़े विवादित लेटर वापस लेने की मांग की। सावन सिंह, लखविंदर सिंह और सरबजीत सिंह मुल्तानी ने कहा कि सरकार के कार्यकाल का बड़ा हिस्सा बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों से किए गए कई वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। 13 सितंबर को मंत्रियों के घर-दफ्तर घेरेंगे के चेतावनी डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन गुरदासपुर के जनरल सेक्रेटरी और दूसरे यूनियन नेताओं ने साफ किया कि अगर सरकार ने जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 13 सितंबर को अलग-अलग जिलों में कैबिनेट मंत्री कटारूचक और दूसरे मंत्रियों के घरों या दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को सामूहिक छुट्टी लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
8th Pay Commission: लेवल 7 पेंशन हर महीने 58,000 रुपये तक पहुंच सकती है? पूरा कैलकुलेशन देखें
pc: punjab kesari केंद्र सरकार ने 3 नवंबर, 2025 को जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की हेड के तौर पर 8वां पे कमीशन बनाया था। कमीशन ने सैलरी, अलाउंस और पेंशन रिविज़न पर अपनी फ़ाइनल रिपोर्ट जमा करने के लिए अपने 18 महीने के टर्म में से 10 महीने से ज़्यादा पहले ही पूरे कर लिए हैं। 8वां पे कमीशन पेंशन बढ़ोतरी चेन्नई, पुडुचेरी (9 सितंबर से), चंडीगढ़ (16 सितंबर से), और बेंगलुरु (7 अक्टूबर से) में होने वाली आने वाली मीटिंग्स में पेंशन के मुद्दे सुर्खियों में आएंगे। कई ताकतवर एम्प्लॉई और पेंशनर यूनियन रिटायरमेंट बेनिफिट्स में बड़े बदलाव की मांग कर रहे हैं। जाने-माने यूनियनों की एक मुख्य मांग 'ओल्ड पेंशन स्कीम' (OPS) के तहत पेंशन को पिछली सैलरी के 50% से बढ़ाकर 67% करना है। कुछ ग्रुप पिछली सैलरी के 50% के बराबर फ़ैमिली पेंशन की भी मांग कर रहे हैं। एक और बड़ी मांग सिविलियन पेंशनर्स को 'वन रैंक, वन पेंशन' (OROP) जैसे फायदे देना है। हालांकि, 8th Pay Commission द्वारा तय किया गया फाइनल फिटमेंट फैक्टर इन मांगों को पूरा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। 6 सितंबर तक, कोई ऑफिशियल अपडेट नहीं है; फाइनल रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद है। अभी, 7th Pay Commission के तहत, पेंशन आखिरी बेसिक पे के 50% या पिछले 10 महीनों के एवरेज बेसिक पे, जो भी ज़्यादा हो, पर कैलकुलेट की जाती है। 7th Pay Commission के तहत हर लेवल के लिए मिनिमम बेसिक पे के आधार पर मिनिमम पेंशन पर एक नज़र: लेवल 4: ₹12,750 (बेसिक: ₹25,500), लेवल 5: ₹14,600 (बेसिक: ₹29,200), लेवल 6: ₹17,700 (बेसिक: ₹35,400), और लेवल 7: ₹22,450 (बेसिक: ₹44,900)। अगर हम मौजूदा मिनिमम पेंशन को 2.15, 2.28, और 2.57 जैसे संभावित फिटमेंट फैक्टर से गुणा करें, तो नई पेंशन रकम काफी बढ़ सकती है। लेवल 7 कर्मचारी के लिए, 2.57 फैक्टर का मतलब ₹57,697 पेंशन हो सकता है। नोट: ये सिर्फ उदाहरण हैं। तो, यह साफ़ है कि अगर 8th Pay Commission 2.57 फिटमेंट फ़ैक्टर (जो 7th Pay Commission के लिए इस्तेमाल किया गया था) का इस्तेमाल करता है, तो लेवल 7 कर्मचारी की मिनिमम पेंशन ₹22,450 से बढ़कर लगभग ₹57,697 हो सकती है—यानी लगभग ₹58,000 प्रति माह। लेकिन नेशनल काउंसिल – जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), ऑल इंडिया डिफ़ेंस एम्प्लॉइज़ फ़ेडरेशन (AIDEF), और भारतीय प्रतिरक्षा मज़दूर संघ (BPMS) जैसी यूनियनें और भी ज़्यादा फिटमेंट फ़ैक्टर के लिए ज़ोर दे रही हैं। कुछ 3.8 से 4 के मल्टीपल का लक्ष्य बना रही हैं। यह याद रखना ज़रूरी है कि ये सिर्फ़ संभावित फिटमेंट फ़ैक्टर के आधार पर कैलकुलेशन हैं। असल पेंशन रिविज़न पूरी तरह से 8th Pay Commission की फ़ाइनल सिफारिशों और केंद्र सरकार के फ़ैसले पर निर्भर करेगा। अभी के लिए, रिटायर्ड और मौजूदा दोनों कर्मचारियों को यह जानने के लिए ऑफिशियल अनाउंसमेंट का इंतज़ार करना होगा कि उनके रिटायरमेंट बेनिफिट्स में असल में कितनी बढ़ोतरी होगी। इन आंकड़ों को सिर्फ़ अंदाज़े के तौर पर देखा जाना चाहिए।
शिक्षकों को पंजाब की तर्ज पर दिया मोबाइल भत्ता : संघ
राजकीय टीजीटी कला संघ ने प्रदेश सरकार से शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को पंजाब की तर्ज पर मोबाइल भत्ता देने की मांग की है।
2027 के विधानसभा चुनाव में मुकाबला केवल स्थानीय संगठन की ताकत से तय नहीं होगा।
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के प्रतिष्ठित डगशाई पब्लिक स्कूल में रैगिंग करने वाले पांचों छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। सभी आरोपी स्टूडेंट्स पंजाब के रहने वाले हैं और 11वीं व 12वीं कक्षा में पढ़ाई करते हैं। जिस छात्र की रैगिंग हुई है, वह भी पंजाब का निवासी है। वहीं, डगशाई पुलिस ने पीड़ित छात्र तलविंदर मानेश और अन्य की शिकायत पर सोमवार शाम को ही विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। डगशाई पुलिस आज स्कूल पहुंचकर पांचों आरोपी छात्रों से पूछताछ करेगी। आरोपी छात्रों के अलावा हॉस्टल वार्डन से भी पूछताछ की जाएगी। इसी मामले में डगशाई पुलिस ने स्कूल के प्रिंसिपल रविंद्र वोहरा के बयान भी सोमवार शाम कलमबद्ध कर लिए हैं। क्या है पूरा मामला? हॉस्टल से खींचकर की मारपीट, हथियार रखने का आरोप दरअसल, पांच सितंबर को डगशाई पब्लिक स्कूल में पांच सीनियर छात्रों ने नौवीं कक्षा के एक स्टूडेंट को उसके हॉस्टल के कमरे में जबरन खींचा और उसके साथ मारपीट की। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें एक छात्र थप्पड़ मारते हुए दिख रहा है। वीडियो में आरोपी छात्र की गालियां भी सुनाई दे रही हैं। चार महीने से डराने व मारपीट के आरोप पुलिस को दी शिकायत में आरोप है कि सीनियर छात्र पिछले चार महीनों से जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग, डराने-धमकाने, शारीरिक मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। हथियार रखने के आरोप इन सीनियर स्टूडेंट्स पर हथियार रखने के भी आरोप लगे थे, जिससे पूरी शिक्षण संस्था में डर का माहौल है। इस घटना के बाद से हॉस्टल के छात्र काफी डरे हुए हैं और गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। इससे हटकर, कुछ छात्रों के परिजनों ने स्कूल मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। शिकायत मिलते ही पांचों छात्र सस्पेंड: प्रिंसिपल डगशाई स्कूल की प्रिंसिपल रविंद्र वोहरा ने बताया कि घटना के बाद रैगिंग की शिकायत मिलते ही अगले ही दिन उन्होंने पांचों छात्रों को सस्पेंड कर जांच बिठा दी थी। उन्होंने बताया कि बच्चों के पेरेंट्स को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Sher-E-Punjab T20 Cup का 17वां मुकाबला बीते सोमवार, 07 सितंबर को मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएस बिंद्रा स्टेडियम में खेला गया था। इस मुकाबले में Amritsar Soormas के कप्तान Abhishek Sharma ने मैदान पर अपनी बैटिंग से हाहाकर मचाया और Shubman Gill की कप्तानी वाली Fazilka Falcons के खिलाफ महज़ 15 गेंदों पर 49 रन ठोके। गौरतलब है इसी बीच अभिषेक ने विपक्षी तेज गेंदबाज़ Jasan Jindal को आढ़े हाथ लिया और उनके एक ओवर से 25 रन बटोरे। ये घटना अमृतसर सूरमास की पारी के तीसरे ओवर में घटी। फाजिल्का फाल्कन्स के कप्तान शुभमन गिल ने ये ओवर डालने के लिए अपने तेज गेंदबाज़ जसनजिंदल को बुलाया था जो कि अपने कोटे का दूसरा ओवर करने आए थे। यहां पर ही अभिषेक शर्मा का आक्रमक अंदाज देखने को मिला। अमृतसर के कप्तान अभिषेक ने जसनको पहली गेंद से टारगेट किया और सबसे पहले डीप एक्स्ट्रा कवर की तरफ छक्का मारा। इसके बाद तो मानो शेर के मुंह पर खून लग गया हो। उन्होंने अगली गेंद पर लॉन्ग-ऑन और फिर डीप एक्स्ट्रा कवर की तरफ चौका लगा दिया। जसन जिंदल अपनी पहली तीन गेंदों पर 14 रन लुटा चुके थे और फिर अपनी लाइन लेंथ ही खो बैठे। उन्होंने एक गेंद वाइड डाली। हालांकि इसके बावजूद अभिषेक ने उन पर कोई रहम नहीं दिखाई और आखिरी तीन गेंदों पर भी एक चौका और एक छक्का लगा दिया। तो इस तरह अभिषेक ने जसन के ओवर में चौके-छक्के से 24 रन ठोके और अमृतसर की टीम को कुल 25 रन मिले। आप इस घटना का वीडियो नीचे देख सकते हो। Sharma ji ka beta on Catch all the Sher-E-Punjab T20 action LIVE on FanCode [Sher-E-Punjab T20, Abhishek Sharma, Six, Cricket, Explore] #SherEPunjabT20 pic.twitter.com/vsmAxJ1D0p — FanCode (@FanCode) September 7, 2026 मैच का हाल: मोहाली के मैदान पर अमृतसर की टीम ने टॉस जीतकर फाजिल्का फाल्कन्स को पहले बल्लेबाज़ी करने का न्योता दिया था जिन्होंने अपनी पारी के 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 191 रन बनाए। उनके लिए कप्तान शुभमन गिल ने 35 गेंदों पर 67 रनों की पारी खेली। Also Read: LIVE Cricket Score इसके जवाब में अमृतसर सूरमास के लिए राहुल कुमार ने 35 गेंदों पर 53 रन ठोके और अभिषेक शर्मा ने 15 गेंदं पर 49 रनों की पारी खेली। इन्हीं पारियों के दम पर टीम ने 19.3 ओवर में 192 रनों का लक्ष्य हासिल किया और आखिर में 4 विकेट से जीत दर्ज की।
लंबित DA और नोटिस के विरोध में पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की आज हड़ताल, सभी दफ्तरों में मास लीव
पंजाब के सरकारी कर्मचारी लंबित डीए और पिछली हड़ताल में मिले नोटिस के विरोध में आज सामूहिक अवकाश पर हैं। इससे सभी सरकारी दफ्तरों में कामकाज ठप होने की आशंका है।
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी के जीवनकाल में सजा का आदेश जारी हो चुका हो तो मृत्यु के बाद कार्रवाई खत्म नहीं होती।
मुस्लिम संगठन पंजाब की जिला इकाई का गठन
जालंधर| अमृतसर के ग्लोआरी गेट स्थित बाजार लोहारां में बबलू मंडल के निवास पर मुस्लिम संगठन पंजाब की बैठक प्रो. जुनैद खान की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में संगठन के प्रधान एडवोकेट नईम खान और महासचिव मजहर आलम उपस्थित रहे। बैठक में मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा हुई। एडवोकेट नईम खान ने बताया कि संगठन राज्य के प्रत्येक जिले में अलग-अलग इकाइयों का पुनर्गठन कर रहा है ताकि लोगों की समस्याएं प्रभावी ढंग से उठाई जा सकें। महासचिव मजहर आलम मजाहिरी ने जिला पदाधिकारियों के लिए प्रस्तावित नाम रखे। इसके बाद एडवोकेट नईम खान और समाजसेवी जुनैद खान ने मानिक अली को मुस्लिम संगठन अमृतसर का जिला प्रधान तथा खुर्शीद अहमद को महासचिव नियुक्त करने की घोषणा की।
मुस्लिम संगठन पंजाब की बैठक मानिक अली बने जिला प्रधान
अमृतसर| मुस्लिम संगठन पंजाब की एक महत्वपूर्ण बैठक प्रो. जुनैद खान की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संगठन के प्रधान एडवोकेट नईम खान और महासचिव मजहर आलम विशेष रूप से शामिल हुए, जहां मुस्लिम समाज के मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान एडवोकेट नईम खान ने घोषणा की कि संगठन पंजाब के प्रत्येक जिले में नई इकाइयों का पुनर्गठन कर रहा है। महासचिव मजहर आलम मजाहिरी द्वारा रखे गए प्रस्तावों के आधार पर मानिक अली को मुस्लिम संगठन अमृतसर का नया जिला प्रधान और खुर्शीद अहमद को महासचिव नियुक्त किया गया। इस मौके पर प्रो. जुनैद खान, बबलू मंडल, मुस्लिम डेवलपमेंट बोर्ड के जिला चेयरमैन रियाजुद्दीन खान, नफीस अहमद, रिजवान खान, चमन खान, कासि उच्चम अली, मुनीर अहमद, एसके राजू, हाजी सैफुद्दीन, हाजी मोइन, मोहम्मद नाजिम, मुजफ्फर अहमद अली आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री को पंजाब से फुर्सत नहीं, हरियाणा में हर वर्ग सड़कों पर : दीपेंद्र
मुख्यमंत्री को पंजाब से फुर्सत नहीं, हरियाणा में हर वर्ग सड़कों पर : दीपेंद्र
Sonipat News: पंजाब में गिरफ्तार किसानों की रिहाई समेत सात मांगें उठाईं
Seven demands raised, including the release of farmers arrested in Punjab.
Industries up in arms over power crisis; production drops by 50%; warning issued to leave Punjab if situation doesn't improve within seven days
Firozabad News: झारखंड में तैनात पंजाब के सिपाही की ट्रेन से गिरकर मौत
झारखंड में तैनात पंजाब के सिपाही की ट्रेन से गिरकर मौत
Bilaspur News: बसों की चेकिंग में 57 ग्राम चिट्टा बरामद, पंजाब के दो युवक गिरफ्तार
बिलासपुर। जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई की है।
दुबई में UAE निवेशकों को पंजाब में इन्वेस्ट का निमंत्रण, राज्य सरकार ने पूर्ण सहयोग का दिया भरोसा
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब अधिक अनुकूल उद्यमी माहौल, शानदार मल्टीमॉडल संपर्क, कुशल तकनीकी कर्मचारी और एक पारदर्शी प्रशासनिक ढांचा प्रस्तुत करता है. हम यू.ए.ई. के व्यापारिक नेताओं को पंजाब की इस प्रभावी आर्थिक विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का निमंत्रण देते हैं.
मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर सवाल उठाना अनुचित, पंजाब भाजपा ने ‘आप’ सरकार को घेरा
चंडीगढ़, 7 सितंबर . पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Monday को पंजाब एवं Haryana हाईकोर्ट के पूर्णकालिक मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) Government द्वारा उठाए जा रहे सवालों को अनुचित बताया. एक बयान में ढिल्लों ने कहा कि मुख्य ... Read more
मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर सवाल उठाना अनुचित, पंजाब भाजपा ने 'आप' सरकार को घेरा
मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर सवाल उठाना अनुचित, पंजाब भाजपा ने 'आप' सरकार को घेरा
पंजाब सरकार फिर लेगी 1200 करोड़ का कर्ज, बाजवा ने साधा निशाना, बोले- पंजाब आपका एटीएम नहीं
पंजाब सरकार पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। एक बार फिर आम आदमी पार्टी सरकार ने 1200 करोड़ रुपए का कर्ज लेने का फैसला किया है...
पंजाब की घरेलू क्रिकेट लीग शेर-ए-पंजाब टी20 लीग (Sher-e-Punjab T20 League 2026) में सोमवार (7 सितंबर) को फाजिल्का फाल्कन्स और अमृतसर सूरमाज के बीच आईएस बिंद्रा स्टेडियम, मोहाली में मुकाबला खेला गया। इस मैच में टीम इंडिया के दो स्टार खिलाड़ी शुभमन गिल (Shubman Gill) और अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) आमने-सामने थे। फाजिल्का फाल्कन्स के कप्तान शुभमन गिल इस मुकाबले में अर्धशतक लगा चुके थे। इसके बाद 10वें ओवर में उनका सामना अमृतसर सूरमाज के कप्तान और पार्ट-टाइम बाएं हाथ के स्पिनर अभिषेक शर्मा से हुआ। गिल ने अभिषेक को देखते ही आक्रामक रुख अपना लिया। ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने गेंदबाज के सिर के ऊपर से शानदार छक्का जड़ दिया। इसके बाद तीसरी गेंद पर चौका लगाया और फिर पांचवीं गेंद को भी छक्के के लिए बाउंड्री के पार पहुंचा दिया। इस तरह एक ही ओवर में गिल ने अभिषेक की गेंदों पर दो छक्के और एक चौका जड़कर उन पर दबाव बना दिया। गिल ने आखिरी गेंद पर एक बार फिर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की। अभिषेक ने हालांकि आखिरी गेंद पर अपना हिसाब चुकता कर लिया। उन्होंने हाफ ट्रैकर गेंद डाली, जिसे गिल ने पुल करते हुए छक्के के लिए भेजने की कोशिश की। इस बार उनका शॉट बाउंड्री पार नहीं पहुंच सका और गेंद बाउंड्री लाइन पर खड़े नमन धीर के हाथों में चली गई। नमन धीर ने सही समय पर छलांग लगाकर शानदार कैच पूरा किया और गिल की पारी का अंत कर दिया। विकेट मिलते ही अभिषेक शर्मा काफी खुश नजर आए और उन्होंने अपने साथियों के साथ हंसते हुए इस विकेट को सेलीब्रेट किया। VIDEO: View this post on Instagram A post shared by Sher-E-Punjab T20 League (@sherepunjabt20) शुभमन गिल ने आउट होने से पहले सिर्फ 35 गेंदों में 67 रन की शानदार पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी के दौरान के 8 चौके और 3 छक्के लगाए। Also Read: LIVE Cricket Score वहीं, अभिषेक शर्मा ने गेंद से 4 ओवर में 37 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। इस दौरान शुभमन गिल का विकेट उनके लिए सबसे अहम रहा, क्योंकि गिल उस समय फाजिल्का फाल्कन्स की पारी को तेजी से आगे बढ़ा रहे थे।
15 को मोहाली में जुटेंगे पंजाब सेवा केंद्र के कर्मचारी, प्रदेशव्यापी बंद का एलान; लोग होंगे परेशान
पंजाब सेवा केंद्र कर्मचारी 15 सितंबर को मोहाली में श्रम विभाग के बाहर राज्य स्तरीय धरना देंगे, जिसके कारण प्रदेशभर के सेवा केंद्र बंद रहेंगे।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में पंजाब के शहरों ने अपनी स्थिति दर्ज कराई है, जिसमें चंडीगढ़ ने 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में देशभर में सातवां स्थान हासिल किया।
YouTuber Ajeet Bharti को Delhi Court से झटका, SC/ST Act मामले में Anticipatory Bail अर्जी खारिज
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को यूट्यूबर और आरक्षण सुधार कार्यकर्ता अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी। उनके खिलाफ SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। अगस्त में नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद की अगुवाई वाली आज़ाद समाज पार्टी (कांशी राम) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष की शिकायत पर दिल्ली के नॉर्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में भारती के खिलाफ इस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। सोमवार को सुनवाई के दौरान भारती के वकील ने तर्क दिया कि उन्होंने कोई जातिसूचक टिप्पणी नहीं की थी, बल्कि अपने परिवार के सदस्य के ख़िलाफ़ गंभीर उकसावे का जवाब दिया था। इसे भी पढ़ें: भारत का नया Strategic Power Centre बनने जा रहा है Great Nicobar, Andaman को परमाणु ताकत से लैस करने की तैयारी 'बार एंड बेंच' की एक रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अदालत से कहा कि अजीत भारती की अग्रिम ज़मानत याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने कहा कि इस बात की कोई आशंका नहीं होनी चाहिए कि सिर्फ़ मामला दर्ज होने की वजह से उन्हें गिरफ़्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह ने भारती की याचिका खारिज कर दी। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, विस्तृत आदेश का इंतज़ार है और उम्मीद है कि यह सोमवार शाम तक उपलब्ध हो जाएगा। यह शिकायत भारती के 22 अगस्त के YouTube ब्रॉडकास्ट - जिसका शीर्षक SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti था - से लिए गए एक क्लिप की वजह से की गई थी। इस क्लिप में उन पर जातिवादी, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में 'गुटबाजी राजनीति' के माहिर खिलाड़ी Sachin Pilot आखिर कैसे Punjab Congress को एकजुट कर पाएंगे? भारती ने आज़ाद के ख़िलाफ़ जातिसूचक शब्द का इस्तेमाल करने से इनकार किया था। उन्होंने FIR को दबाव में आकर की गई कार्रवाई बताया था और दावा किया था कि यह मामला अदालत में दो मिनट भी नहीं टिकेगा। अजीत भारती उन इन्फ्लुएंसर्स में से एक हैं जिन्होंने जाति-आधारित आरक्षण और UGC के इक्विटी नियमों (जिन पर अब रोक लगी हुई है) में सुधार के लिए ऑनलाइन कैंपेन चलाए थे। उनका कहना था कि ये नियम गलत तरीके से ऊंची जातियों को निशाना बनाते हैं। भारती की ये बातें उस घटना के एक दिन बाद सामने आईं, जब ऊंची जातियों के हज़ारों लोग नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा हुए थे। यह उन समूहों का शक्ति-प्रदर्शन था जो UGC के इक्विटी नियमों (जिन पर अब रोक है) का विरोध कर रहे थे और जाति-आधारित आरक्षण में सुधार की मांग कर रहे थे।
पूर्व सीएम चन्नी का दिल्ली में कांग्रेस की अहम बैठक से अनुपस्थित रहना पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी को हवा दे रहा है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग ने नए प्रभारी सचिन पायलट से मिलकर चुनावी रणनीति पर चर्चा की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ में राज्य कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को हिरासत में ले लिया। उन्होंने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद एक ऐतिहासिक मस्जिद को सरकार द्वारा गिराए जाने के विरोध में प्रदर्शन का नेतृत्व किया था। पत्रकारों से बात करते हुए राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला और सरकार के कदमों को ज़बरदस्ती वाला और अन्यायपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, सरकार ज़बरदस्ती कर रही है; अन्याय और दमन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने पर हमें ज़बरदस्ती गिरफ़्तार किया जा रहा है। हम इस ज़ुल्म के ख़िलाफ़ ज़रूर लड़ेंगे। आज मुसलमानों को निशाना बनाने वाली इस सरकार को हम उखाड़ फेंकेंगे और कांग्रेस कार्यकर्ता मुस्लिम समुदाय के ख़िलाफ़ होने वाले किसी भी और अत्याचार के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़े रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Rajasthan में 'गुटबाजी राजनीति' के माहिर खिलाड़ी Sachin Pilot आखिर कैसे Punjab Congress को एकजुट कर पाएंगे? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद को शनिवार सुबह गिरा दिया गया, क्योंकि कोर्ट ने इसे हटाने के आदेश को सही ठहराया था। इससे पहले रविवार को राय ने कहा कि हालात को समझने के लिए 7 सितंबर को एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम सहारनपुर पहुंचेगी। राय ने कहा, यह बहुत दुखद है। हमारी फैक्ट-फाइंडिंग टीम 7 सितंबर को सहारनपुर पहुंचेगी और हालात को समझने के लिए अधिकारियों से मिलेगी। कहा जाता है कि यह मस्जिद लगभग सौ साल पुरानी थी और कलेक्ट्रेट बनने से पहले से ही वहां मौजूद थी। इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh समेत 5 States Assembly Elections की तारीखों को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी अवैध मस्जिद को गिराए जाने की निंदा की। शुक्रवार, 4 सितंबर को डिस्ट्रिक्ट जज की कोर्ट ने मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर दी और सिटी मजिस्ट्रेट के पहले के आदेश को बरकरार रखा। सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने 17 जुलाई को सरकारी ज़मीन पर कथित कब्ज़े और उसके गलत इस्तेमाल के मामले में इस ढांचे को गिराने और लगभग 6.41 करोड़ रुपये का मुआवज़ा लगाने का आदेश दिया था। सहारनपुर के DIG अभिषेक सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की गई।
राजस्थान में एक समय बगावत का रायता फैलाने वाले सचिन पायलट आखिर पंजाब कांग्रेस को एकजुट कैसे रख पाएंगे? यह सवाल इसलिए अहम है क्योंकि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट की खुली जंग का खामियाजा कांग्रेस को विधानसभा चुनावों में उठाना पड़ा था। विडंबना देखिए, उस समय पंजाब के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी थे। अब भूमिकाएं बदल चुकी हैं। सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बन गए हैं और रंधावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं तथा चन्नी गुट के साथ खड़े हैं। ऐसे में पायलट के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो नेता अपने गृह प्रदेश में गुटबाजी की आग को नहीं बुझा पाया, वह पंजाब में बिखरी कांग्रेस को कैसे एकजुट करेगा? हम आपको बता दें कि कांग्रेस हाईकमान ने एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट को भूपेश बघेल की जगह पंजाब का प्रभारी बनाकर भेजा है। भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस के पास अंदरूनी कलह सुलझाने के लिए बहुत अधिक समय नहीं है। ऐसे में 49 वर्षीय सचिन पायलट की नियुक्ति को कांग्रेस की ओर से एक बड़े राजनीतिक प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। लेकिन सवाल उठता है कि राजस्थान का कभी का ‘बागी’ क्या अब पंजाब में ‘शांतिदूत’ की भूमिका निभा पाएगा? इसे भी पढ़ें: Uttar Pradesh समेत 5 States Assembly Elections की तारीखों को लेकर सामने आया बड़ा अपडेट देखा जाये तो सचिन पायलट का अपना राजनीतिक इतिहास इस जिम्मेदारी को और दिलचस्प बनाता है। 2014 में राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने संगठन को खड़ा किया और 2018 में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लेकिन सत्ता मिलते ही अशोक गहलोत और पायलट के बीच नेतृत्व, संगठन और राजनीतिक भविष्य को लेकर संघर्ष शुरू हो गया। जुलाई 2020 में यह संघर्ष खुली बगावत में बदल गया। पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो गए, राज्य सरकार संकट में आई और उन्हें उपमुख्यमंत्री तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। सचिन पायलट ने तब भाजपा में जाने से साफ इंकार किया था और कहा था कि उनकी लड़ाई कांग्रेस से नहीं, बल्कि गहलोत से है। वह कांग्रेस में रहे, लेकिन गहलोत-पायलट की प्रतिद्वंद्विता वर्षों तक पार्टी के लिए सिरदर्द बनी रही। बाद में सार्वजनिक तौर पर रिश्तों में नरमी दिखाई गई। 2025 में गहलोत ने यहां तक कहा कि “हम कब अलग थे?” लेकिन राजनीतिक इतिहास इतनी आसानी से मिटता नहीं। पायलट और गहलोत के बीच मतभेद खत्म होने के दावे के बावजूद समय-समय पर दोनों खेमों की दूरियां सामने आती रही हैं। यही नहीं, 2028 में होने वाले राजस्थान विधानसभा चुनावों से पहले गहलोत-पायलट की प्रतिस्पर्धा फिर तेज हो सकती है। ऐसे में यह सवाल स्वाभाविक है कि जिस नेता ने अपने ही प्रदेश में मजबूत राजनीतिक गुट खड़ा किया और गुटबाजी को हवा दी, वह दूसरे प्रदेश में गुटबाजी खत्म करने का कौन-सा सफल फार्मूला अपनाएगा? हालांकि पंजाब में पायलट के अनुभव का दूसरा पहलू भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्वयं देखा है कि अनसुलझी नेतृत्व की लड़ाई किसी राज्य इकाई को कितना नुकसान पहुंचा सकती है। शायद इसी अनुभव के कारण हाईकमान उन्हें एक ‘ऑर्गेनाइजेशनल फिक्सर’ के तौर पर आजमा रहा है। उधर, पंजाब कांग्रेस में संकट गंभीर है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाला एक गुट राजा वारिंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करता रहा है। हाईकमान ने जुलाई में वारिंग को पद पर बनाए रखा और चन्नी को चुनाव अभियान समिति की कमान दी, लेकिन इससे असंतोष खत्म नहीं हुआ। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं बताए जाते। सुखजिंदर सिंह रंधावा और विजय इंदर सिंगला जैसे नेता भी वारिंग विरोधी खेमे में रहे हैं। भूपेश बघेल इस खींचतान को खत्म नहीं कर पाए। उन पर वारिंग के ज्यादा करीब होने और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने के आरोप लगे। उनके खिलाफ पंजाब के कुछ इलाकों में पोस्टर तक लगाए गए। अब पायलट की नियुक्ति को वारिंग विरोधी नेताओं को संतुष्ट करने की कोशिश माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि वारिंग, चन्नी और रंधावा, सभी ने पायलट की नियुक्ति का स्वागत किया है। लेकिन असली परीक्षा स्वागत संदेशों से नहीं होगी। सवाल यह है कि क्या चन्नी वारिंग को हटाने की मांग छोड़ेंगे? क्या बाजवा, रंधावा और अन्य वरिष्ठ नेता एक मंच पर वास्तविक रूप से साथ आएंगे? इसके साथ ही राहुल गांधी का प्रस्तावित पंजाब बस दौरा, सचिन पायलट की पहली बड़ी परीक्षा हो सकता है। पायलट को केवल नेताओं की बैठकें नहीं करानी होंगी। उन्हें गुटों के बीच भरोसा पैदा करना होगा, टिकट वितरण को नए संघर्ष का कारण बनने से रोकना होगा और महत्वाकांक्षी नेताओं को समझाना होगा कि एक-दूसरे को कमजोर करने से अधिक नुकसान कांग्रेस का होगा। 2027 में कांग्रेस का मुकाबला भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार से है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठजोड़ से मुकाबला और जटिल हो सकता है। क्षेत्रीय राजनीतिक ताकतें भी समीकरण बदल सकती हैं। इसलिए पंजाब सचिन पायलट के लिए महज एक नई जिम्मेदारी नहीं है। यह उनकी राजनीतिक परिपक्वता की सबसे कठिन परीक्षा है। राजस्थान में वह कभी कांग्रेस के भीतर बगावत का चेहरा बने थे, पंजाब में उन्हें समझौते और एकजुटता का चेहरा बनना है। देखना होगा कि क्या पायलट अपने अतीत से सबक लेकर पंजाब कांग्रेस को जोड़ पाएंगे, या पंजाब की गुटबाजी साबित करेगी कि कांग्रेस के भीतर कुछ दरारें इतनी गहरी हैं जिन्हें कोई भी प्रभारी भर नहीं सकता? -नीरज कुमार दुबे
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कठुआ में अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 2.672 किलो अफीम जब्त की है। इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो गुजरात से पंजाब तक फैले एक सिंडिकेट का हिस्सा थे।
भारतीय राजनीति और देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस के भीतर संगठनात्मक मोर्चे पर एक बार फिर से राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता और तेज-तर्रार रणनीतिकार सचिन पायलट के कंधों पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ पड़ी है। राहुल गांधी के आगामी बहुप्रतीक्षित पंजाब दौरे से ठीक पहले राज्य इकाई के भीतर लंबे समय से सुलग रही गुटबाजी, आपसी खींचतान और बगावती तेवरों को शांत करना सचिन पायलट के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं साबित हो रहा है। पंजाब की राजनीति हमेशा से अपने अनूठे समीकरणों और बयानों के लिए जानी जाती रही है, ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व द्वारा सचिन पायलट को इस संवेदनशील राज्य की कमान सौंपकर आंतरिक कलह को खत्म करने का जो टास्क दिया गया है, उस पर पूरे देश की राजनीतिक निगाहें टिकी हुई हैं। यदि पायलट इस मिशन में कामयाब हो जाते हैं, तो यह न केवल पंजाब में कांग्रेस के खोए हुए सियासी वजूद को वापस लाने में मददगार साबित होगा, बल्कि पार्टी के भीतर उनके कद को भी और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी और नेताओं के बीच शीत युद्धपंजाब का राजनीतिक इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि जब भी कांग्रेस पार्टी ने आंतरिक एकता का प्रदर्शन नहीं किया है, तब-तब उसे चुनावी मैदान में भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। पिछले कुछ विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के भीतर मचे घमासान, वरिष्ठ नेताओं के बीच व्यक्तिगत वर्चस्व की लड़ाई और अलग-अलग धड़ों में बंटी प्रदेश इकाई ने कैडर का मनोबल बुरी तरह तोड़ दिया था। हाल के महीनों में भी राज्य स्तर पर कई ऐसे मौके आए हैं जहां पार्टी के नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने से नहीं चूके, जिससे केंद्रीय नेतृत्व की चिंताएं लगातार बढ़ती चली गईं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के जाने के बाद से लेकर अब तक पंजाब कांग्रेस एक स्थिर और सर्वमान्य नेतृत्व की तलाश में संघर्ष कर रही है, और हर बार जब भी कोई बड़ा राष्ट्रीय नेता राज्य के दौरे पर आने वाला होता है, तो यह आंतरिक फूट और ज्यादा सतह पर आ जाती है। इसी बिखराव को रोकने और सभी नाराज क्षत्रपों को एक मंच पर लाने के लिए अब हाईकमान ने सचिन पायलट को विशेष दूत के रूप में मैदान में उतारा है, जिनकी राजनीतिक संवाद शैली को संकट प्रबंधन के लिए सबसे मुफीद माना जाता है।राहुल गांधी के आगामी पंजाब दौरे का राजनीतिक महत्व और टाइमिंग की अहमियतकांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी का आगामी पंजाब दौरा पार्टी की आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसके तहत वे राज्य के कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और जमीनी मुद्दों पर सरकार को घेरने की योजना बना रहे हैं। लेकिन राहुल गांधी के पंजाब पहुंचने से पहले यदि पार्टी के भीतर चल रही धड़ेबंदी और खींचतान को खत्म नहीं किया गया, तो यह दौरा सफल होने के बजाय पार्टी के लिए और अधिक असहज स्थिति पैदा कर सकता है। राहुल गांधी के सामने जब स्थानीय नेता गुटों में बंटे हुए नजर आएंगे, तो इससे जनता के बीच एक बहुत ही नकारात्मक संदेश जाएगा कि कांग्रेस आज भी खुद को ही संभालने में उलझी हुई है। यही वजह है कि सचिन पायलट को समय रहते पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ से लेकर जिलों तक के दौर करने और तमाम असंतुष्ट नेताओं, विधायकों तथा पूर्व मंत्रियों के साथ मैराथन बैठकें करने की सख्त जिम्मेदारी दी गई है। पायलट यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि राहुल गांधी के दौरे के वक्त मंच पर केवल कांग्रेस की एकजुटता दिखाई दे, न कि व्यक्तिगत अहंकारों की टकराहट, जिसके लिए वे लगातार व्यक्तिगत स्तर पर संवाद स्थापित कर रहे हैं।सचिन पायलट की राजनीतिक शैली और इस मुश्किल मिशन के सामने खड़ी जमीनी चुनौतियांयुवाओं के बीच खासी लोकप्रियता रखने वाले और जमीनी राजनीति की नब्ज को अच्छी तरह समझने वाले सचिन पायलट को संकट के समय पार्टी के भीतर आग बुझाने वाले नेता के तौर पर हमेशा याद किया जाता रहा है। इससे पहले भी पार्टी के कई अन्य राज्यों में उपजे राजनीतिक संकटों को सुलझाने में उन्होंने जिस परिपक्वता का परिचय दिया था, उसी का परिणाम है कि आज हाईकमान ने उन्हें पंजाब जैसे जटिल और संवेदनशील राज्य की कमान सौंपी है। हालांकि, पंजाब की डगर इतनी आसान नहीं है क्योंकि यहां के नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं और आपसी समीकरण काफी पेचीदा माने जाते हैं, जहां हर कोई खुद को सबसे आगे देखना चाहता है। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे सभी विरोधी धड़ों के नेताओं को एक मेज पर लाएं और उन्हें यह समझाएं कि पार्टी की मजबूती के बिना किसी का भी व्यक्तिगत राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं रह सकता है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि सचिन पायलट अपनी इस प्रतिष्ठा के अनुरूप पंजाब कांग्रेस में कड़वाहट को भुलाकर एक नई शुरुआत करवाने में कितने सफल होते हैं, और उनकी यह कूटनीतिक पहल पार्टी के लिए संजीवनी साबित होती है या नहीं।
नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे लोग, पंजाब के सरकारी केंद्रों में 164% बढ़े दाखिले
पंजाब में नशा छोड़ने के लिए सरकारी इलाज का सहारा लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2024 के मुकाबले 2025 में नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिले 164 प्रतिशत से ज्यादा बढ़े.
गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी क्यों घिर गई है?
पंजाब के फिरोजपुर में चर्चित गैंगस्टर गुरप्रीत सेखों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है. 2016 के नाभा जेलब्रेक कांड के मास्टरमाइंड रहे सेखों के आप में शामिल होने पर विपक्षी दलों ने निशाना साधते हुए राज्य में गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने सोमवार को अपने जन्मदिन पर टेरिटोरियल आर्मी में शामिल होने के दिन को याद करते हुए पोस्ट किया है। पायलट ने टेरिटोरियल आर्मी की अपनी यूनिट 124 सिख रेजिमेंट का हिस्सा होने को गर्व की बात बताया है। पायलट को शनिवार को ही कांग्रेस ने पंजाब के प्रभारी महासचिव की जिम्मेदारी दी है। सचिन पायलट ने X पर लिखा- साल 2012 में इसी दिन मुझे तत्कालीन सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह ने टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के तौर पर कमिशन्ड किया। पीछे मुड़कर देखें तो लगता है, केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम करते हुए कमीशन मिलना अपने आप में कई चुनौतियों और जिम्मेदारियों वाला अनुभव था। पायलट ने आगे लिखा- लोगों की जिम्मेदारियों और सेना की सेवा के लिए जरूरी अनुशासन और समर्पण के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं था, लेकिन यह एक ऐसा सफर रहा है, जिसे मैंने बेहद गर्व और पक्के संकल्प के साथ पूरा किया है। पायलट ने केंद्रीय मंत्री रहते 2012 में जॉइन की थी टेरिटोरियल आर्मी सचिन पायलट ने सितंबर 2012 में केंद्रीय मंत्री रहते हुए लेफ्टिनेंट के पद पर टेरिटोरियल आर्मी जॉइन की थी। इसके बाद उन्हें कैप्टन पद पर प्रमोशन मिला था। पायलट ने अक्टूबर 2023 में मेजर पद पर प्रमोशन के लिए परीक्षा दी थी। अब मेजर के पद पर हैं। पायलट हर साल कुछ समय के लिए टेरिटोरियल आर्मी में सेवाएं देते हैं। पायलट कई बार दिल्ली कैंट में अपनी यूनिट में जाते हैं। बैठकों में शामिल होते हैं। हाल ही पंजाब के प्रभारी बने हैं पायलट सचिन पायलट को कांग्रस ने पंजाब का प्रभारी महासचिव बनाया है। पायलट ने जन्मदिन के मौके पर टेरिटोरियल आर्मी की अपनी यूनिट 124 सिख रेजिमेंट पर गर्व जताया है। पंजाब प्रभारी के तौर पर इसे स्थानीय कनेक्ट से जोड़कर देखा जा रहा है। सिख रेजिमेंट से पंजाब भावनात्मक रूप से जुड़ता है। सचिन के पिता राजेश पायलट एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर थे सचिन पायलट के परिवार का बैकग्राउंड सेना का रहा है। पायलट के पिता राजेश पायलट राजनीति में आने से पहले एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर रहे थे। राजेश पायलट ने फाइटर पायलट के तौर पर भारत-पाक युद्ध में कई हवाई हमलों में हिस्सा लिया था। युद्ध होने पर मोर्चे पर भी जाना पड़ सकता है पायलट को टेरिटोरियल आर्मी एक वॉलंटियर सर्विस होती है। इसमें शामिल होने के लिए आर्मी जैसा ही सिलेक्शन प्रोसेस है। प्रवेश के लिए लिखित, फिजिकल और मेडिकल फिटनेस परीक्षा पास करनी होती है। रिटन टेस्ट के बाद सिलेक्ट होने वालों को आर्मी की ट्रेनिंग दी जाती है। टेरिटोरियल आर्मी में अफसर बनने वालों को साल में कुछ दिन अलॉटेड यूनिट में सेवा देनी होती है। युद्ध में जरूरत पड़ने पर टेरिटोरियल आर्मी के अफसर और जवानों को बुलाया जा सकता है। युद्ध हुआ तो सचिन को भी मोर्चे पर या जहां आर्मी बुलाएगी, वहां सेवाएं देनी होंगी। टेरिटोरियल आर्मी में अफसर बनने के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएट होना पहली शर्त है। बाद में लिखित और दूसरी परीक्षाएं पास करनी होती हैं। जरूरत पड़ने पर ड्यूटी पर बुलाया जाता है टेरिटोरियल आर्मी में टेस्ट पास करके नेताओं से लेकर आम आदमी तक शामिल हो सकता है। सरकारी कर्मचारी और अफसर भी अपने विभाग से अनुमति लेकर टेरिटोरियल आर्मी जॉइन कर सकते हैं। जवान और अफसर के लिए अलग-अलग परीक्षाएं होती हैं। इसमें रेगुलर सैलरी नहीं मिलती। जब इमरजेंसी यानी जरूरत पड़ती है तभी ड्यूटी पर बुलाया जाता है। उस ड्यूटी के बदले रैंक के हिसाब से सैलरी दी जाती है।
पंजाब कांग्रेस खरगे विवाद पर एकजुट है, हालांकि चंडीगढ़ में सोमवार का कार्यक्रम टल गया। अब पार्टी 8 सितंबर को पंजाब सरकार के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन करेगी।
सचिन पायलट राजस्थान के एक ऐसे राजनेता हैं जिनकी राष्ट्रीय राजनीति में भी एक बड़ी भूमिका रहती है.
Punjab Congress के प्रभारी महासचिव बनाए गए Sachin Pilot, बढ़ी हलचल, Raja Warring की कुर्सी पर संकट?
राहुल गांधी की पंजाब यात्रा से पहले कांग्रेस ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया है. पायलट की एंट्री ऐसे वक्त हुई है, जब पंजाब कांग्रेस कई गुटों में बंटी हुई है और पार्टी के भीतर संगठन से लेकर आने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे तक कई सवाल हैं.
जस्टिस मिश्रा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर ली शपथ, समारोह से शामिल नहीं हुए सीएम मान
सितंबर में होगा 2027 की जंग का शंखनाद: पंजाब में लगेगा दिग्गजों का जमावड़ा, पार्टियों ने कसी कमर
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर सियासी तौर पर बेहद अहम रहने वाला है।
न्यायमूर्ति अश्वनी मिश्रा ने Punjab and Haryana High Court के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ ली
न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा ने सोमवार को यहां पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। न्यायमूर्ति मिश्रा जून से उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थे। उन्हें यहां लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में हरियाणा के राज्यपाल असीम कुमार घोष, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण, शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया और पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा उपस्थित थे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित नहीं हुए। उनकी सरकार ने न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किया था। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की ओर से न्यायमूर्ति मिश्रा को पदोन्नत करने की सिफारिश किए जाने के करीब एक माह बाद केंद्र सरकार ने शनिवार को उनकी नियुक्ति के संबंध में अधिसूचना जारी की। पंजाब मंत्रिमंडल ने रविवार शाम एक प्रस्ताव पारित कर केंद्र से आग्रह किया कि जब तक राज्य सरकार की चिंताओं का उचित समाधान नहीं हो जाता, तब तक न्यायमूर्ति मिश्रा के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए।
बठिंडा से ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ का शुभारंभ, 10 लाख खिलाड़ी दिखाएंगे दम; विजेताओं को मिलेंगे 12.50 करोड़ रुपये
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुग्राम की भोंडसी जिला जेल में बंद अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रमों के बीच मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवंत मान दिल्ली के कपूरथला हाउस से अपने विशेष काफिले के साथ करीब एक बजे गुरुग्राम के लिए रवाना होंगे और दोपहर बाद जेल प्रशासन की अनुमति से यह मुलाकात होगी। मई माह में भी की थी मुलाकात तीन महीने पहले 23 मई 2026 को भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अचानक भोंडसी जेल का दौरा किया था। उस दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने जेल के भीतर बंद कमरे में लगभग 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से मुलाकात की थी और कानूनी लड़ाई में पार्टी के उनके साथ डटकर खड़े होने का भरोसा दिया था। तीन महीने बाद आज एक बार फिर सीएम मान उनसे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। मनी लांड्रिंग-जीएसटी बिलिंग धोखाधड़ी के आरोप पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग घोटाले से जुड़े आरोपों में इस साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि अरोड़ा ने अपनी फर्जी शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन किए और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था। हालांकि, उनके विभागों को अन्य मंत्रियों को सौंप दिया गया है, लेकिन वे अभी भी मान कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। राजनीतिक और कानूनी रणनीति पर चर्चा आज होने वाली इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान संजीव अरोड़ा के केस से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और आगामी जमानत याचिकाओं को लेकर गहन चर्चा होने की संभावना है। आम आदमी पार्टी शुरू से ही ईडी की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। 'आप' का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके पंजाब में विपक्ष और उनके नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुग्राम की भोंडसी जिला जेल में बंद अपनी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं। मौजूदा राजनीतिक और कानूनी घटनाक्रमों के बीच मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवंत मान दिल्ली के कपूरथला हाउस से अपने विशेष काफिले के साथ करीब एक बजे गुरुग्राम के लिए रवाना होंगे और दोपहर बाद जेल प्रशासन की अनुमति से यह मुलाकात होगी। तीन महीने पहले 23 मई 2026 को भी मुख्यमंत्री भगवंत मान और 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अचानक भोंडसी जेल का दौरा किया था। उस दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने जेल के भीतर बंद कमरे में लगभग 20 मिनट तक संजीव अरोड़ा से मुलाकात की थी और कानूनी लड़ाई में पार्टी के उनके साथ डटकर खड़े होने का भरोसा दिया था। तीन महीने बाद आज एक बार फिर सीएम मान उनसे मिलकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। मनी लांड्रिंग और जीएसटी बिलिंग धोखाधड़ी के आरोपपंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और ₹100 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिलिंग घोटाले से जुड़े आरोपों में इस साल 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि अरोड़ा ने अपनी फर्जी शेल कंपनियों के नेटवर्क के जरिए अवैध वित्तीय लेनदेन किए और गुरुग्राम में करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियां खरीदीं। गिरफ्तारी के बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया था। हालांकि, उनके विभागों को अन्य मंत्रियों को सौंप दिया गया है, लेकिन वे अभी भी मान कैबिनेट में मंत्री बने हुए हैं। राजनीतिक और कानूनी रणनीति पर चर्चाआज होने वाली इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान संजीव अरोड़ा के केस से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया और आगामी जमानत याचिकाओं को लेकर गहन चर्चा होने की संभावना है। आम आदमी पार्टी शुरू से ही ईडी की इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताती रही है। 'आप' का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके पंजाब में विपक्ष और उनके नेताओं को डराने का प्रयास कर रही है।
पंजाब सरकार के विरोध के बावजूद, जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे।
‘पराये धन’ को अपना बनाना भाजपा से बेहतर कोई नहीं जानता... ‘पीडीए’ तंज पर अखिलेश यादव का तीखा पलटवार
उत्तर प्रदेश की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच जुबानी जंग चरम पर पहुंच गई है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े द्वारा सपा के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले को 'पराया धन अपना' बताए जाने पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने करारा हमला बोला है। बिधूना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि पराया धन कैसे अपना बनाया जाता है, यह भाजपा से बेहतर कोई नहीं जानता। ये सभी पराये धन वाले लोग हैं, जो भाजपा में भरे पड़े हैं। विनोद तावड़े पर तंज कसते हुए सपा प्रमुख ने कहा, प्रभारी जी आए हैं, अच्छी बात है। 'पी' से प्रभारी भी होता है और 'पी' से 'पी.ए.जी.ए.एल.' भी होता है। इसे भी पढ़ें: Punjab Cabinet ने High Court के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अधिसूचना पर जताया कड़ा विरोध अखिलेश यादव ने यहां बिधूना में पत्रकारों से कहा, ‘‘पराया धन ही अपना नहीं है, वे पार्टी का धन भी अपना बनाना जानते हैं। पराया धन कैसे अपना बनाया जाता है, यह भाजपा से बेहतर कौन जानता है। ये सभी पराये धन वाले लोग हैं, जो भाजपा में हैं।’’ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने शनिवार को सपा के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा के पीडीए का मतलब ‘‘पराया, धन, अपना’’ है। उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने के बाद पहली बार प्रदेश पहुंचे तावड़े ने पत्रकारों से बातचीत में यह टिप्पणी की थी। इसे भी पढ़ें: Akhilesh Yadav ने BJP पर साधा निशाना, बोले- पराए धन को अपना बनाना सत्तारूढ़ दल खूब जानता है सपा मुख्यालय से जारी एक बयान के मुताबिक तावड़े को लेकर एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘खबर चल रही है कि कई राजनीतिक दल जिनका कोई लेना-देना नहीं है, उनके खाते में कई सौ करोड़ रुपया आया है। सब पराया धन वाले लोग है।’’ यादव ने कहा, ‘‘समाजवादी पार्टी और हमारा जो गठबंधन पहले से है, वह सरकार बनाने जा रहा है। इसीलिए भाजपा वाले अपना सामान समेटने और लूटने में लग गए हैं।’’ उन्होंने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण और नेताजी (मुलायम सिंह यादव) ने समाजवादी समाज और समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने के लिए काम किया लेकिन प्रदेश सरकार ने जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को बेच दिया। अखिलेश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘‘संत से बड़ा सच बोलने वाला कोई नहीं होता, लेकिन हमारे संत थोड़े अलग हैं, वह झूठ के अलावा कुछ नहीं बोलते।’’ उन्होंने सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद गिराए जाने के मामले पर सरकार की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘जब नौकरी नहीं दे पा रहे हैं और महंगाई नहीं रोक पा रहे हैं, इसलिए इन्होंने सहारनपुर में मस्जिद गिराने का काम किया। इसमें शामिल लोगों को कानून सजा देगा।’’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारा समाज तब मजबूत होगा, जब हम दूसरे धर्मों का सम्मान करेंगे। एक सच्चा सनातनी और सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं कर सकता।’’ सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को शनिवार तड़के प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। सहारनपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया था कि सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा इसे अवैध घोषित किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। सपा प्रमुख ने सवाल उठाते हुए कहा अगर किसी को दूसरी अदालत में जाने का मौका नहीं देंगे और 12 घंटे में कार्रवाई कर देंगे तो न्याय कैसे मिलेगा? उन्होंने कहा कि सहारनपुर में मस्जिद गिराने की क्या जल्दी थी, अगर मस्जिद के पक्षकार न्याय के लिए उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय चले जाते तो क्या दिक्कत हो जाती? प्रशासन द्वारा मस्जिद गिराने से लोग दुःखी है, चुप हैं और यही सब लोग मिलकर सांप्रदायिक भाजपा को हटाने का काम करेंगे। यादव ने कहा कि भाजपा का जब गठन हुआ था तो भाजपा ने खुद को सेकुलर दिखाने के लिए पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष का प्रस्तावक मुस्लिम को बनाया था। सबसे ज्यादा चंदा मुस्लिम लोगों से लिया था। अखिलेश ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े सवाल पर कहा, ‘‘जो राम हैं, वही कृष्ण हैं और जो कृष्ण हैं, वही राम हैं। जब भगवान श्रीराम के मंदिर में चोरी हुई तो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए कानून का सहारा लेना पड़ रहा है।’’ अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान और कानून से नहीं चल रही है, पूरी तरह से नाकाम है। यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि भाजपा निम्नतम स्तर पर पहुंच कर एआई का खेल खेल रही है। भाजपा अगर ऐसा करेगी तो समाजवादी पार्टी एआई के माध्यम से उनका इलाज कर देगी। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
पंजाब में मानसून फिर कमजोर पड़ गया है। मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया। सात और आठ सितंबर को कुछ जिलों में बारिश होगी, नौ सितंबर से मौसम शुष्क रहेगा।
विपक्ष मुझे बदनाम करने और Punjab को फिर लूटने की ताक में: Bhagwant Mann
बठिंडा, छह सितंबर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को विपक्षी नेताओं पर उन्हें बदनाम करने की कोशिश करने और ‘‘वर्षों तक अपना खजाना भरने के बाद एक बार फिर पंजाब को लूटने’’ का मौका तलाशने का आरोप लगाया। बठिंडा के घुड्डा गांव में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इस बात से परेशान है कि उनकी सरकार लोगों के कल्याण पर पैसा खर्च कर रही है। भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि दोनों पूर्व सहयोगी एक बार फिर गठबंधन की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ नेता ‘‘मोदी कोटे’’ से हैं और कुछ ‘‘राहुल गांधी कोटे’’ से, जबकि वह अकेले ‘‘जनता के कोटे’’ से हैं। मान ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों का पंजाब और उसके लोगों के खिलाफ काम करने का ‘‘संदिग्ध रिकॉर्ड’’ रहा है और उनके कृत्यों को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी), सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर, हरिके नहर, गणतंत्र दिवस की झांकियों, ग्रामीण विकास कोष (आरडीएफ) और सीमावर्ती क्षेत्र के कोष जैसे मुद्दों पर भाजपा ने हमेशा पंजाब के साथ अन्याय किया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ‘‘काले कृषि कानूनों’’ के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए पंजाब के 700 से अधिक किसानों के खून से भाजपा के हाथ रंगे हैं और पंजाब की जनता इसे कभी नहीं भूलेगी। कांग्रेस के रिकॉर्ड की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘इसी पार्टी ने श्री अकाल तख्त साहिब में टैंक भेजे थे।’’मान ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में फैले नशे के खतरे को रोकने के लिए कुछ नहीं किया और बेअदबी की घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिलाने में भी विफल रही। शिअद पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि अकाली दल सत्ता में लौटने के लिए भाजपा के साथ गठबंधन की ‘‘भीख मांग रहा है’’ और इस गठबंधन के पीछे न कोई विचारधारा है, न पंजाब के लिए दृष्टिकोण और न ही लोगों की चिंता। शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर कटाक्ष करते हुए मान ने दावा किया कि वह जीवनभर सुख-सुविधाओं से घिरे सुरक्षित माहौल में रहे हैं और पंजाब की जमीनी हकीकत नहीं समझते। उन्होंने कहा कि बादल को राज्य की बुनियादी भौगोलिक जानकारी तक नहीं है और किसानों की समस्याओं की भी उन्हें बहुत कम जानकारी है। कांग्रेस में ‘‘अंदरूनी कलह’’ पर तंज कसते हुए मान ने कहा कि कांग्रेस नेता सत्ता के लिए आपस में लड़ रहे हैं, जबकि राज्य सरकार लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।
Punjab Cabinet ने High Court के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति अधिसूचना पर जताया कड़ा विरोध
चंडीगढ़, छह सितंबर पंजाब मंत्रिमंडल ने रविवार शाम पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को अधिसूचित करने के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल का कहना है कि यह कदम राज्य सरकार की राय का इंतजार किए बिना, संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार करके उठाया गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अलग-अलग पत्र लिखकर केंद्र से आग्रह किया है कि वे न्यायमूर्ति मिश्रा को शपथ दिलाने की प्रक्रिया को तब तक आगे नहीं बढ़ाएं ‘‘जब तक राज्य सरकार की चिंताओं का उचित समाधान नहीं हो जाता’’। न्यायमूर्ति मिश्रा को मुख्य न्यायाधीश के तौर पर सोमवार को शपथ दिलायी जानी है। हालांकि, भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने कहा कि नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार की ओर से उठाया गया विवाद ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और पूरी तरह अनुचित’’ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास अपनी राय भेजने के लिए पर्याप्त समय था। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छह अगस्त को आठ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए नामों की सिफारिश की थी। जैन ने एक बयान में कहा, ‘‘पंजाब को छोड़कर सभी राज्य सरकारों ने एक हफ्ते के भीतर अपनी राय भेज दी थी... किसी को भी न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने और एक गैर-राजनीतिक मुद्दे का राजनीतिकरण करने के इरादे से प्रस्ताव को अनिश्चित काल तक रोके रखने का अधिकार नहीं है।’’उन्होंने यह भी कहा कि इन नियुक्तियों पर राज्यों के पास ‘‘वीटो’’ अधिकार नहीं होती है। केंद्र सरकार ने शनिवार को न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। यह कदम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा उनकी पदोन्नति की सिफारिश किए जाने के लगभग एक महीने बाद उठाया गया। वह जून से ही यहां उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे हैं और सोमवार को राज्य के राज्यपाल उन्हें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले, मान सरकार ने केंद्र के फैसले के विरोध में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मंत्रिमंडल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि नियुक्ति और शपथ दिलाने की प्रक्रिया को तब तक रोक दिया जाए, जब तक पंजाब सरकार की राय नहीं मिल जाती और उस पर उपयुक्त रूप से विचार नहीं कर लिया जाता। बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के संवैधानिक अधिकारों और स्थापित प्रक्रिया को ‘‘दरकिनार’’ करने की ‘‘एक और घटना’’ की कड़ी निंदा की। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है; वह पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा से मिलने दिल्ली जा रहे हैं, जो धन शोधन के आरोपों में जेल में बंद हैं। बैठक के बाद एक्स पर पंजाबी में किये गए एक पोस्ट में मान ने कहा, ‘‘आज, पंजाब मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों और संवैधानिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सर्वसम्मति से एक अहम प्रस्ताव पारित किया।’’उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहमति लिए बिना पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के नये मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना, तय प्रक्रियाओं और संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादले की प्रक्रिया ज्ञापन के पैरा 6 में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत के प्रधान न्यायाधीश की सिफारिश के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री संबंधित राज्य सरकार की राय लेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘राज्य सरकार की राय मिलने के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री प्रधानमंत्री को प्रस्ताव सौंपेंगे, जो फिर चयन के बारे में राष्ट्रपति को सलाह देंगे।’’बयान में कहा गया है, ‘‘यह नियुक्ति राज्य सरकार की सहमति लिए बिना की गई है, जिससे सभी संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया है।
Punjab Cabinet ने High Court के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया
चंडीगढ़, छह सितंबर पंजाब मंत्रिमंडल ने रविवार शाम पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर अश्विनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति को अधिसूचित करने के केंद्र सरकार के कदम के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। मंत्रिमंडल का कहना है कि यह कदम राज्य सरकार की राय का इंतजार किए बिना, संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार करके उठाया गया। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि नियुक्ति और शपथ दिलाने की प्रक्रिया को तब तक रोक दिया जाए, जब तक पंजाब सरकार की राय नहीं मिल जाती और उस पर उपयुक्त रूप से विचार नहीं कर लिया जाता। उच्चतम न्यायालय कॉलेजियम की सिफारिश के लगभग एक महीने बाद, केंद्र सरकार ने शनिवार को न्यायमूर्ति मिश्रा की नियुक्ति की घोषणा कर दी। वह जून से ही यहां उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के तौर पर काम कर रहे हैं और सोमवार को पंजाब के राज्यपाल उन्हें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह से कुछ घंटे पहले, मान सरकार ने केंद्र के फैसले के खिलाफ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मंत्रिमंडल की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। बयान में कहा गया है कि मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा राज्य के संवैधानिक अधिकारों और स्थापित प्रक्रिया को ‘‘दरकिनार’’ करने की ‘‘एक और घटना’’ की कड़ी निंदा की। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भगवंत मान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना नहीं है; वह पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा से मिलने दिल्ली जा रहे हैं, जो धन शोधन के आरोपों में जेल में बंद हैं। बैठक के बाद एक्स पर पंजाबी में किये गए एक पोस्ट में मान ने कहा, ‘‘आज, पंजाब मंत्रिमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों और संवैधानिक नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सर्वसम्मति से एक अहम प्रस्ताव पारित किया।’’उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहमति लिए बिना पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के नये मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करना, तय प्रक्रियाओं और संवैधानिक नियमों का सीधा उल्लंघन है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीशों और न्यायाधीशों की नियुक्ति और तबादले की प्रक्रिया ज्ञापन के पैरा 6 में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भारत के प्रधान न्यायाधीश की सिफारिश के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री संबंधित राज्य सरकार की राय लेंगे। इसमें कहा गया है, ‘‘राज्य सरकार की राय मिलने के बाद, केंद्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री प्रधानमंत्री को प्रस्ताव सौंपेंगे, जो फिर चयन के बारे में राष्ट्रपति को सलाह देंगे।’’बयान में कहा गया है, ‘‘यह नियुक्ति राज्य सरकार की सहमति लिए बिना की गई है, जिससे सभी संवैधानिक नियमों और तय प्रक्रियाओं को दरकिनार किया गया है।
पंजाब के बिजली संयंत्रों के लिए पर्याप्त कोयला : केंद्र
Sufficient coal for Punjab's power plants: Centre
आंदोलन कल खत्म होगा या आगे बढ़ेगा? पंजाब सरकार के फैसले पर टिकी नजर, क्या है किसान नेताओं की मांग?
पंजाब में पानी और किसानों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन का भविष्य अब सरकार के रुख पर निर्भर करेगा। संयुक्त किसान मोर्चा सोमवार को बैठक कर आंदोलन की अगली रणनीति का एलान करेगा।
Punjab Power Crisis: कोयला संकट से पंजाब में 1500 MW उत्पादन ठप, बत्ती गुल
पंजाब में बिजली की स्थिति इन दिनों चिंता बढ़ाने वाली हो गई है। राज्य में कोयले की कमी के कारण बिजली उत्पादन में करीब 1500 मेगावाट की गिरावट आने का दावा किया गया है। इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योगों पर भी पड़ रहा है। राज्य सरकार का कहना है कि प्रमुख थर्मल पावर प्लांट को पर्याप्त कोयला नहीं मिल पाने से उन्हें अपनी पूरी क्षमता से कम उत्पादन करना पड़ रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार देशभर में घरेलू कोयले से बिजली बनाने वाले कई संयंत्रों के पास कोयले का भंडार बेहद कम रह गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की 4 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक देश के 57 कोयला आधारित बिजली प्लांट गंभीर रूप से कम भंडार की स्थिति में चल रहे थे। इन प्लांटों में उपलब्ध कुल कोयला करीब 2.71 करोड़ टन था, जबकि तय मानक के अनुसार करीब 5.77 करोड़ टन का भंडार होना चाहिए। इन 57 संयंत्रों में 52 घरेलू कोयले पर, चार आयातित कोयले पर और एक धुले हुए कोयले पर निर्भर है। उत्तर भारत में राजस्थान के सभी सात और उत्तर प्रदेश के चार थर्मल पावर प्लांटभी कम कोयला भंडार वाले प्लांटो में शामिल हैं। राष्ट्रीय थर्मल पावरनिगम और उससे जुड़े संयुक्त उपक्रमों के सात प्लांट भी इस सूची में बताए गए हैं। पंजाब की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र के थर्मल पावर प्लांटो के कोयला भंडार में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। लेहरा मोहब्बत प्लांट के पास करीब 13 दिन, रोपड़ संयंत्र के पास 29 दिन और गोइंदवाल प्लांट के पास लगभग 14 दिन का कोयला बचा है। वहीं निजी क्षेत्र के तलवंडी साबो संयंत्र में करीब पांच दिन और राजपुरा थर्मल पावर प्लांट में लगभग छह दिन का भंडार बताया गया है। गौरतलब है कि इन थर्मल पावर प्लांटोके पास आदर्श स्थिति में करीब 20 दिन का कोयला भंडार होना चाहिए। पंजाब में निजी क्षेत्र के राजपुरा और तलवंडी साबो प्लांटो की कुल उत्पादन क्षमता करीब 3380 मेगावाट है। कोयले की कमी के चलते दोनों संयंत्रों को कम क्षमता पर चलाना पड़ रहा है। पंजाब के बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने कहा है कि देश में गंभीर कोयला संकट के कारण राज्य का बिजली उत्पादन करीब 1500 मेगावाट घट गया है। उनके मुताबिक पिछले दो-तीन दिनों से पंजाब में बिजली की कमी महसूस की जा रही है और मजबूरी में घरेलू तथा औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली कटौती करनी पड़ रही है। सोंड का दावा है कि कोयले की कमी से देशभर में करीब 63 गीगावाट बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल कदम उठाकर कोयले की आपूर्ति सामान्य करने की मांग की है। उनका कहना है कि पंजाब के निजी ताप विद्युत प्लांट भी लगभग आधी क्षमता पर काम करने को मजबूर हैं। उधर, कोयला मंत्रालय के मुताबिक लंबे मानसून ने कोल इंडिया की खदानों में खनन गतिविधियों को प्रभावित किया है। कई कोयला परतें पानी के कारण गीली और चिपचिपी हो गईं, जबकि कुछ निचले हिस्सों में पानी भर गया। प्रभावित क्षेत्रों में पानी निकालने का काम चल रहा है और खदानों के भीतर परिवहन मार्गों की मरम्मत भी की जा रही है। ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे प्रमुख कोयला उत्पादक राज्यों में भारी बारिश ने खनन के साथ-साथ कोयले को बिजली संयंत्रों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ाया है। बारिश का असमान वितरण बिजली की मांग को भी प्रभावित कर रहा है। ऐसे में अगर कोयले की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं होती है तो पंजाब समेत कई राज्यों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बना रह सकता है। फिलहाल केंद्र और राज्य के बीच कोयला आपूर्ति को लेकर खींचतान के बीच उपभोक्ताओं और उद्योगों की नजर इस बात पर टिकी है कि हालात कब सामान्य होते हैं।
पंजाब की सियासत में अब राजस्थान के दो दिग्गज नेता, भाजपा के सतीश पूनिया और कांग्रेस के सचिन पायलट, आमने-सामने होंगे।
एक राजस्थान, दो पार्टी, तीन नेता और पंजाब में सत्ता की जंग
-राकेश दुबे राजस्थान के पंजाब में दखल का दिलचस्प संयोग बना है। गुलाबचंद कटारिया पंजाब के राज्यपाल हैं, डॉ. सतीश पूनिया वहां बीजेपी के प्रभारी और सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस के प्रभारी। यानी पंजाब के संवैधानिक शीर्ष पद से लेकर राजनीतिक शीर्ष दलों, बीजेपी और कांग्रेस के चुनावी संगठन तक राजस्थान के तीन राजनीतिक ... Read more
सचिन पायलट को पंजाब प्रभारी बनाने पर भाजपा का तंज, बोली-कांग्रेस खेल रही म्यूजिकल चेयर का खेल
New Delhi, 6 सितंबर . कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व Chief Minister भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का नया प्रभारी नियुक्त किया है. बघेल को असम के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है. इस पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी म्यूजिकल ... Read more
पंजाब हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति पर पंजाब सरकार और केंद्र आमने-सामने हैं। मान सरकार ने कैबिनेट प्रस्ताव पारित किया, जबकि सत्य पाल जैन ने प्रक्रिया पूरी होने का दावा किया।
कांग्रेस में सचिन पायलट का कैसे बढ़ गया कद, पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के पीछे क्या वजह?
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी उस समय और बढ़ गई जब कांग्रेस नेतृत्व ने अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का एक जुलाई को फैसला किया। भूपेश बघेल इस गुटबाजी को खत्म नहीं कर सके।
पाकिस्तान (Pakistan) के राजनीतिक और सामरिक गलियारों में इस समय एक ऐसा विस्फोटक बयान सामने आया है जिसने देश के भीतर और बाहर खलबली मचा दी है। पाकिस्तान के सबसे रसूखदार और बड़े प्रांत पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज (Maryam Nawaz) ने लाहौर (Lahore) में एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम के दौरान खुले तौर पर यह स्वीकार किया है कि उनके प्रांत को पारंपरिक दुश्मन देश भारत (India) से उतना खतरा नहीं है, जितना खतरा उन्हें अपने ही देश के अन्य पड़ोसी प्रांतों यानी खैबर पख्तूनख्वाह (Khyber Pakhtunkhwa) और बलूचिस्तान (Balochistan) से महसूस हो रहा है। शनिवार को लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मरियम नवाज ने यह सनसनीखेज बयान दिया, जिसके बाद से पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों द्वारा लगातार तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।प्रांतीय सीमाओं और त्रि-सीमा क्षेत्र से पंजाब में घुसपैठ करते हैं आतंकवादीसमारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह एक विडंबना और दुर्भाग्यपूर्ण सच्चाई है कि पंजाब को सबसे बड़ा खतरा बाहरी देशों से कहीं ज्यादा अपने ही मुल्क के भीतर स्थित पड़ोसी प्रांतों से मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय आतंकवाद और चरमपंथ की जड़ें इन्हीं प्रांतीय सीमाओं और संवेदनशील त्रि-सीमा क्षेत्रों (Tri-border areas) में फैली हुई हैं, जहां से आतंकवादी और असामाजिक तत्व आसानी से घुसपैठ करके पंजाब की सीमा में प्रवेश करते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी संतोष जताया कि तमाम चुनौतियों के बावजूद पंजाब देश का एक सुरक्षित और शांत प्रांत बना हुआ है, क्योंकि यहां की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए सरकार दिन-रात कड़े कदम उठा रही है। पारंपरिक रूप से पाकिस्तानी सेना और वहां की सत्ता में बैठे हुक्मरान हमेशा से देश के भीतर होने वाले हर बड़े आतंकवादी हमले के तार भारत या अफगानिस्तान से जोड़ने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन यह पहला मौका है जब किसी शीर्ष प्रांतीय नेता ने सार्वजनिक मंच से यह स्वीकार किया है कि पंजाब के लिए तात्कालिक और सबसे बड़ा खतरा बाहरी हमले से ज्यादा आंतरिक घुसपैठ और दूसरे प्रांतों से आने वाले चरमपंथी तत्वों से है।सुरक्षा व्यवस्था को पूर्वानुमान आधारित बनाने के लिए लॉन्च हुआ AI हब और PIFTACइस आंतरिक खतरे से प्रभावी तरीके से निपटने और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए ही पंजाब सरकार ने लाहौर में प्रांतीय इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड थ्रेट असेसमेंट सेंटर (PIFTAC) और अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब की स्थापना की है। मरियम नवाज के अनुसार, ये नए डिजिटल केंद्र सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह से बदलकर रख देंगे और पारंपरिक 'प्रतिक्रियात्मक' (Reactive) व्यवस्था से आगे बढ़कर इसे 'पूर्वानुमान आधारित' (Predictive) सुरक्षा प्रणाली में तब्दील कर देंगे, जिससे किसी भी संभावित खतरे का अंदेशा होने से पहले ही उसका सटीक पता लगाया जा सके। इन उच्चस्तरीय तकनीकी केंद्रों की मदद से जिला समन्वय समितियों को रियल-टाइम डिजिटल अलर्ट प्राप्त होंगे, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान सेकंडों में संभव हो सकेगा और किसी भी नई सुरक्षा चुनौती पर समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी। उन्होंने गर्व के साथ यह भी बताया कि पाकिस्तानी सेना और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा संस्थानों के आपसी सहयोग से महज कुछ ही महीनों के भीतर एआई तकनीक को प्रांत की सुरक्षा और खुफिया तंत्र में पूरी तरह से शामिल कर लिया गया है, और इस प्रकार पंजाब देश का ऐसा पहला प्रांत बन गया है जहां प्रांतीय स्तर पर इस तरह का एडवांस एआई इंटेलिजेंस हब स्थापित किया गया है।नदी किनारे के कच्चे इलाकों पर कड़ा नियंत्रण और अपराध दर में भारी गिरावट का दावाअपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने राज्य के नदी किनारे वाले कुख्यात 'कच्चा' (Katcha) इलाकों का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जो अतीत में खूंखार आतंकवादियों, कुख्यात अपहरणकर्ताओं और बड़े अपराधियों का सबसे सुरक्षित अड्डा माने जाते थे, लेकिन अब सरकार और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई से वहां राज्य की पकड़ पूरी तरह से बहाल हो चुकी है। इन संवेदनशील नदीवर्ती इलाकों में स्थापित संयुक्त पुलिस चेकपोस्टों को अब अत्याधुनिक बुलेटप्रूफ सुरक्षा सुरक्षा कवच, थर्मल इमेजिंग कैमरे और नाइट-विजन उपकरणों से लैस कर दिया गया है ताकि रात के वक्त भी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले जब इन इलाकों में सुरक्षा बलों पर हमले होते थे तो उन्हें भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता था क्योंकि आतंकवादियों और अपराधियों के पास अत्याधुनिक और बेहतर हथियार हुआ करते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से बदल चुकी है। मरियम नवाज ने यह भी दावा किया कि जब से उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला है, तब से प्रांत के भीतर कुल आपराधिक मामलों में लगभग 70 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल लंबी-चौड़ी सड़कें और बड़ी विकास परियोजनाएं बना देना ही काफी नहीं है, क्योंकि यदि राज्य का आम नागरिक अपने ही घर और संपत्ति में सुरक्षित महसूस नहीं करता है, तो ऐसे विकास का कोई भी वास्तविक अर्थ नहीं रह जाता है।मरियम नवाज के इस विवादित बयान के बाद पाकिस्तान में गरमाई सियासतमुख्यमंत्री मरियम नवाज का यह तीखा और वास्तविकता को उजागर करने वाला बयान सामने आते ही पूरे पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों, विशेषकर इमरान खान की पार्टी पीटीआई (PTI) और अन्य नेताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस तरह का गैर-जिम्मेदाराना बयान देश के भीतर प्रांतीय सद्भाव को गंभीर रूप से बिगाड़ने वाला है और यह खैबर पख्तूनख्वाह की जनता तथा वहां के स्वाभिमान का सीधा अपमान है, इसलिए मुख्यमंत्री को तुरंत अपने इस बयान के लिए सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए और इसे वापस लेना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का यह भी कहना है कि खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान के इलाके पिछले कई दशकों से आतंकवाद की सबसे भयानक और भारी कीमत चुका रहे हैं और वहां के लोग लगातार हिंसा झेल रहे हैं, ऐसे में देश के ही एक अन्य प्रांत की मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार की बयानबाजी करना राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करने का काम करता है। दूसरी तरफ, खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी मरियम नवाज के इस बयान को पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति में यह मुद्दा एक बहुत बड़ा और ज्वलनशील विवाद बनने वाला है।
हांसी में साइबर क्राइम पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर मोबाइल फोन चोरी कर बैंक खाते से करीब एक लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। आरोपी की पहचान मोहाली, पंजाब के सोहेल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और 2 दिन के रिमांड पर लिया है। सहायक उप निरीक्षक प्रेम कुमार ने बताया कि हांसी का रहने वाला शिकायतकर्ता 6 जून को रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सफर कर रहा था। इसी दौरान किसी अनजान शख्स ने उसका मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी होने के बाद शिकायतकर्ता ने तुरंत यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड बंद करवा दिए थे। कई ट्रांजैक्शन से निकाले करीब एक लाख 9 जून को जब उसने बैंक स्टेटमेंट चेक की, तो पता चला कि खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 99 हजार 990 रुपए निकाल लिए गए हैं। शिकायतकर्ता ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी शिकायत दर्ज करवाई। आरोपी से पूछताछ कर रही पुलिस साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी और साइबर तरीकों से जांच की। इसके बाद मामले में सोहेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लिया है। उससे चोरी हुए मोबाइल, पैसे के लेन-देन और इस घटना में शामिल दूसरे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसपी की लोगों से अपील एसपी विनोद कुमार के निर्देश पर साइबर ठगी के मामलों में आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर शिकायत करें। साथ ही, ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग से जुड़ी कोई भी गुप्त जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से शेयर न करें।
बीते कुछ समय से पंजाब कांग्रेस में चल रहे सियासी घमासान के बीच आलाकमान ने बड़ा बदलाव किया है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को कांग्रेस के जहाज को सही ढंग से लैंड कराने की जिम्मेदारी मिली है.
कोटा पुलिस ने नशे की तस्करी और साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने पंजाब के एक तस्कर को 14.35 किलो डोडा चूरा के साथ पकड़ा है। आरोपी तस्कर ट्रेन के जरिए मादक पदार्थ को पंजाब ले जाने की फिराक में था। वहीं, दूसरे मामले में साइबर ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़ित के मोबाइल पर अपडेट करने का मैसेज आया तो पीड़ित ने मोबाइल को अपडेट किया। मोबाइल कुछ समय हैंग हुआ तो उसके अकाउंट से 35 हजार रुपए निकल गए। फिलहाल पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पहली कार्रवाई: पंजाब ले जाने की फिराक में था डोडा चूरा कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने पंजाब निवासी 26 वर्षीय सुखवीर सिंह को 14 किलो 350 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ने ट्रॉली बैग में मादक पदार्थ छिपाकर नीमच से ट्रेन के जरिए पंजाब ले जाने की फिराक में था। संदिग्ध गतिविधि के आधार पर पुलिस ने उसे रोका और तलाशी में डोडा चूरा बरामद किया। आरोपी के पास से एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। दूसरी कार्रवाई: मोबाइल पर आया अपडेट का मैसेज, निकले 35 हजार रुपए कोटा सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि नयापुरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में जोधपुर निवासी 22 वर्षीय उवेश खान को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 9 जून को नयापुरा निवासी दिनेश प्रजापति के मोबाइल पर अपडेट का मैसेज आया था। अपडेट करने के बाद पीड़ित का मोबाइल हैंग हो गया और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 35 हजार 168 रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की गई। पुलिस टीम ने जोधपुर से आरोपी को डिटेन कर गिरफ्तार किया। पुलिस अब ठगी की रकम बरामद करने और वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की जानकारी जुटा रही है।
जिस बेटे का कर दिया था 'अंतिम संस्कार', वह पंजाब की जेल में मिला जिंदा
पंजाब के कपूरथला से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें अंतिम संस्कार के बाद एक परिवार को उनका बेटा जिंदा मिल गया...
पाकिस्तान के पंजाब को भारत से नहीं, खैबर पख्तूनख्वाह और बलूचिस्तान से खतरा; मरियम नवाज का बड़ा दावा
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने लाहौर में PIFTAC और एआई हब के उद्घाटन पर कहा कि पंजाब को पड़ोसी देश भारत से कम और अपने ही प्रांतों खैबर पख्तूनख्वाह तथा बलूचिस्तान से कहीं अधिक खतरा है। उनके मुताबिक आतंकवाद इन्हीं प्रांतीय सीमाओं और त्रि-सीमा क्षेत्र से पंजाब में प्रवेश करता है।
जिस बेटे का कर दिया था ‘अंतिम संस्कार’, वह पंजाब की जेल में मिला जिंदा
कपूरथला , 6 सितंबर . पंजाब के कपूरथला से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें अंतिम संस्कार के बाद एक परिवार को उनका बेटा जिंदा मिल गया. इस कॉल से पता चला कि जिस युवक को परिवार ने मृत मान लिया था, वह असल में जीवित था और जेल में बंद था. ... Read more
जिस बेटे का कर दिया था 'अंतिम संस्कार', वह पंजाब की जेल में मिला जिंदा
जिस बेटे का कर दिया था 'अंतिम संस्कार', वह पंजाब की जेल में मिला जिंदा
कांग्रेस पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ा फेरबदल करते हुए छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब कांग्रेस के प्रभारी पद से हटा दिया है। पिछले काफी समय से पंजाब कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच वर्चस्व की जो तानसेन वाली लड़ाई चल रही थी, उसने पार्टी हाईकमान की नींद उड़ा रखी थी। भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान इन दोनों गुटों के बीच की दूरियां कम होने के बजाय और अधिक बढ़ती चली गईं, जिसके चलते पार्टी की अंदरूनी कलह सार्वजनिक सड़कों और मंचों पर दिखने लगी थी। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने खुलेआम भूपेश बघेल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे और बैठकों का बहिष्कार तक किया जाने लगा था। इसी अंतर्कलह और गुटबाजी के दलदल में घिरकर आखिरकार भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटना पड़ा है और उन्हें अब असम की जिम्मेदारी सौंप दी गई है।चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग की गुटबाजी बनी विदाई की मुख्य वजहपंजाब इकाई के भीतर चल रहे इस शीतयुद्ध की जड़ें काफी गहरी थीं। एक तरफ जहां प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपने पद पर बने रहना चाहते थे, वहीं दूसरी तरफ पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी लगातार यह मांग कर रहे थे कि नेतृत्व में बदलाव किया जाए और उन्हें आगामी चुनावों के मद्देनजर बड़ी कमान सौंपी जाए। सूत्रों के अनुसार भूपेश बघेल की रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि राज्य में तत्काल किसी नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता नहीं है, जिससे चन्नी खेमा उनसे बेहद खफा हो गया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि भूपेश बघेल के दौरों के दौरान उनके विरोध में नारेबाजी तक देखने को मिली। पार्टी के भीतर यह आम चर्चा बन गई थी कि पंजाब प्रभारी तटस्थ रहने के बजाय किसी एक गुट का पक्ष ले रहे हैं, जिससे उनका नियंत्रण पूरी तरह से कमजोर हो गया था। जब पार्टी का आंतरिक संकट चुनावों से ठीक पहले हाईकमान के लिए सिरदर्द बन गया, तो राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खर्गे को इस पर कड़ा और त्वरित फैसला लेना ही पड़ा।राहुल गांधी के विजन और मास्टर प्लान में एकदम फिट बैठे सचिन पायलटभूपेश बघेल की विदाई के बाद कांग्रेस हाईकमान ने इस बेहद संवेदनशील और राजनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य की कमान युवा और ऊर्जावान नेता सचिन पायलट के हाथों में सौंप दी है। राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले सचिन पायलट की छवि एक ऐसे मास लीडर की है जो युवाओं के बीच गहरी पैठ रखते हैं और विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने में माहिर माने जाते हैं। आने वाले दिनों में राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे और राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला पूरी तरह से राजनीतिक नफा-नुकसान को परखकर लिया गया है। सचिन पायलट के पास सांगठनिक अनुभव के साथ-साथ यह खूबी भी है कि वे नाराज चल रहे नेताओं को एक मंच पर लाने का माद्दा रखते हैं। पार्टी आलाकमान को पूरी उम्मीद है कि पायलट का यह नया राजनीतिक समीकरण पंजाब कांग्रेस के बिखरे हुए कुनबे को एकजुट करने में पूरी तरह कामयाब साबित होगा।सचिन पायलट के सामने खड़ी हैं कई बड़ी और गंभीर चुनौतियांनये पंजाब प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभालते ही सचिन पायलट के सामने सबसे पहली और बड़ी चुनौती अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी के इन विरोधी खेमों के बीच सुलह कराना होगी। दोनों ही नेता अपने राजनीतिक कद के हिसाब से पार्टी में मजबूत पकड़ रखते हैं, ऐसे में दोनों को संतुष्ट किए बिना चुनावी मैदान में उतरना कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। हालांकि, सचिन पायलट की नियुक्ति के तुरंत बाद दोनों ही नेताओं की तरफ से सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और उन्होंने नए प्रभारी का स्वागत किया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर तालमेल बिठाना और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करना पायलट के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा। पंजाब की सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही कांग्रेस के लिए यह फेरबदल कितना कारगर साबित होता है, यह आने वाला वक्त ही तय करेगा।
New Delhi, 6 सितंबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान का ध्यान खींचने के लिए काले झंडे दिखाने की कोशिश पर एक युवक को Police द्वारा बुरी तरह पीटे जाने को लेकर BJP MP तरुण चुघ की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की प्रतिक्रिया सामने आई है. से बातचीत करते ... Read more
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर 1 सितंबर से चल रहा 32 किसान यूनियनों का पक्का मोर्चा रविवार को छठे दिन भी जारी है। आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज किसान नेता राकेश टिकैत धरना स्थल पर पहुंचे। उनके पहुंचने से आंदोलन में किसानों की मौजूदगी और बढ़ गई। किसान संगठन आज अहम बैठक कर धरने को 7 सितंबर के बाद आगे बढ़ाने या खत्म करने को लेकर फैसला करेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि पंजाब सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। किसानों के 13 मुद्दों पर सरकार को चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का सही दाम मिलना चाहिए। अगर सरकार किसानों की मांगें मान लेती है तो धरना कल ही खत्म किया जा सकता है। पहले पंजाब सरकार, फिर केंद्र से हो बातचीत राकेश टिकैत ने कहा कि पंजाब सरकार को पहले किसानों से बातचीत करनी चाहिए और इसके बाद केंद्र सरकार के साथ बातचीत होनी चाहिए। उन्होंने एमएसपी (MSP) की मांग को किसानों का हक बताते हुए कहा कि किसान इस मांग को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसान ही नहीं बचेंगे और अन्नदाता अनाज पैदा नहीं कर पाएगा तो लोगों के घर कैसे चलेंगे। किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। कई और किसान संगठनों ने दिया समर्थन आंदोलन के छठे दिन कई अन्य किसान संगठनों की ओर से भी किसानों को समर्थन दिया जा रहा है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में किसान नेता पहुंचे हैं। इससे आंदोलनकारियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसान संगठनों की ओर से अब सड़क की दूसरी तरफ भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी की जाने लगी हैं। इससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन से बैठक में एक तरफ रास्ता खुला रखने पर बनी थी सहमति एक दिन पहले प्रशासन के साथ हुई बैठक में यह तय हुआ था कि सड़क की एक तरफ का रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए खुला रखा जाएगा। हालांकि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ने के कारण अब किसानों को दूसरी तरफ भी इन्हें खड़ा करना पड़ रहा है। ऐसे में बॉर्डर पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बन रही है। आज की बैठक में तय होगी आगे की रणनीति किसान संगठनों की आज होने वाली बैठक में आंदोलन को 7 सितंबर के बाद आगे बढ़ाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में पंजाब सरकार के साथ बातचीत और किसानों की 13 मांगों को लेकर भी रणनीति तय की जाएगी।
जालंधर। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी FBI ने भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक मंजीत सिंह बेदी को कथित तौर पर 6 लाख डॉलर से अधिक के SNAP बेनिफिट फ्रॉड मामले में अपनी 'मोस्ट वॉन्टेड फ्रॉडस्टर्स' सूची में शामिल किया है। इस बीच, पंजाब पुलिस ने बेदी को जालंधर से गिरफ्तार कर लिया है।
फिल्मी स्टाइल में पंजाब रोडवेज की बस चोरी, बोलेरो से आए चोर और उड़ा ले गए
लुधियाना में चोरों ने पंजाब रोडवेज (PRTC) की हाईटेक बस को फिल्मी अंदाज में चोरी कर लिया. 28 अगस्त की रात 7-8 आरोपी बोलेरो से पहुंचे और करीब दो घंटे रेकी के बाद बस को पार्किंग से निकाल ले गए. जगराओं पुल के पास ऑटो और स्कूटी से बस को एस्कॉर्ट किया गया. करीब 21 किलोमीटर दूर बस के टायर और बैटरियां निकालकर उसे ईंटों पर खड़ा कर दिया गया.
बघेल की विदाई के पीछे क्या थी वजह? जानें क्यों हुई पंजाब कांग्रेस बचाने के लिए सचिन पायलट की एंट्री
कांग्रेस ने पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को जिम्मेदारी दी है। भूपेश को बदलने का एक कारण उनका राज्य में विरोध बताया जा रहा है।
कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, बघेल की जगह पायलट बने पंजाब के नए प्रभारी
कांग्रेस पार्टी के भीतर एक बहुत बड़ा संगठनात्मक फेरबदल देखने को मिला है. पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह और खींचतान के बीच आलाकमान ने बड़ा फैसला लिया है. पार्टी ने भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटा दिया है और अब उन्हें असम राज्य की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. भूपेश बघेल की जगह राजस्थान के दिग्गज नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है. यह फैसला पंजाब में पार्टी के आंतरिक विवादों को शांत करने के उद्देश्य से लिया गया माना जा रहा है.
Meerut News: मेरठ स्थित सरधना के गांव अटेरना में पपिंद्र की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बताया कि 10 साल पहले पंजाब में बलराम की हत्या हुई थी। उसके भाई कल्लू को शक था कि हत्या में पपिंद्र भी शामिल है। इसी शक में पपिंद्र की हत्या की गई।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान, जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटा; राजस्थान पर क्या असर?
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मशहूर अभिनेत्री और मॉडल सरगुन मेहता आज यानी की 06 सितंबर को अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत से पंजाबी और हिंदी मनोरंजन इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने टीवी और पंजाबी सिनेमा में अपनी गहरी छाप छोड़ी है। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर एक्ट्रेस सरगुन मेहता के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार चंडीगढ़ में 06 सितंबर 1986 को सरगुन मेहता का जन्म हुआ था। वह एक पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता का नाम हरीश मेहता और मां का नाम आराधना मेहता है। सरगुन ने कॉलेज के दौरान थिएटर से अपने करियर की शुरूआत की थी। टेलीविजन डेब्यू साल 2009 में सरगुन मेहता ने '12/24 करोल बाग' टीवी शो से अपना डेब्यू किया था। लेकिन सरगुन को असली पहचान साल 2011-2012 में आए शो 'फुलवा' से मिली थी। इसके बाद एक्ट्रेस ने 'गीता का धर्मयुद्ध', 'क्या हुआ तेरा वादा' और 'बालिका वधू' जैसे शो करके घर-घर में अपनी पहचान बनाई। पंजाबी सिनेमा में डेब्यू इसके बाद साल 2015 में फिल्म 'अंग्रेज' से सरगुन ने पंजाबी सिनेमा में कदम रखा। इस फिल्म के लिए एक्ट्रेस को पीटीसी पंजाबी फिल्म अवॉर्ड मिला। उनको फिल्म 'लाहौरिए' और 'लव पंजाब' के लिए दो फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी मिले। इसके अलावा उन्होंने 'काला शाह काला', 'किस्मत 2', 'जिंदुआ', 'झल्ले', 'सुर्खी बिंदी' और 'सौंकन सौंकने' जैसी कई पंजाबी फिल्मों में काम किया है। वहीं सरगुन 'तितलियां' और 'किस्मत' जैसे सुपरहिट पंजाबी म्यूजिक वीडियो का हिस्सा रही हैं। बॉलीवुड डेब्यू वहीं हाल ही में एक्ट्रेस ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है। वह अक्षय कुमार और रकुलप्रीत सिंह के साथ फिल्म 'कठपुतली' में नजर आई हैं। इस फिल्म में सरगुन ने SHO परमार का रोल निभाया है। इस फिल्म को मिलीजुली प्रतिक्रिया मिली है। वहीं फिल्म में सरगुन की एक्टिंग को काफी पसंद किया गया है। एक्ट्रेस होने के साथ-साथ सरगुन और उनके पति रवि दुबे का प्रोडक्शन हाउस है, जिसका नाम 'ड्रीमियाता एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड' है। वह टीवी शोज 'उड़ारियां', 'स्वर्ण घर' और 'जुनूनीयत' की प्रोड्यूसर भी हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस मामलों का प्रभारी नियुक्त किया है, भूपेश बघेल की जगह। उनकी मुख्य चुनौती 2027 चुनाव से पहले पार्टी की गुटबाजी को नियंत्रित कर संगठन को एकजुट करना होगी।
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान में नागरिकों की गुप्त सूचनाएं पुलिस के लिए बड़ी ताकत बनीं। हेल्पलाइन से मिली 51,979 सूचनाओं पर 25,339 आरोपित गिरफ्तार किए गए।
भूपेश बघेल से नहीं संभला चन्नी-वडिंग विवाद, सचिन पायलट को मिली पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी
कांग्रेस पार्टी ने पंजाब समेत कुछ राज्यों में प्रभारियों का बदलाव किया है। विधानसभा चुनाव के पहले पंजाब के विवाद को थामने की जिम्मेदारी सचिन पायलट को दी गई है। अभी तक भूपेश बघेल इसे शांत करवाने की कोशिश कर रहे थे।
नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) के 100वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि विमेंस टी-20 एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को हराया। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. पीएम मोदी की 13 साल बाद श्रीराम कॉलेज में स्पीच: कहा- मैंने लाल किले से होम्योपैथी की गोली दी, सारे दिमागी नक्सल बौखलाने लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 15 अगस्त पर लाल किले से 'दिमागी नक्सल' कहकर होम्योपैथी की ऐसी गोली दी, जिससे सारे नक्सल बाहर आ गए। आज 2013 के मुकाबले देश आर्थिक और सामाजिक रूप से कहीं ज्यादा सुरक्षित है, पर कुछ लोगों में बौखलाहट शुरू हो गई है। पीएम ने जेन-जी को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी लैंग्वेज में कहूं तो SRCC के सभी पूर्व छात्र OG (ओरिजनल गैंग्स्टर) हैं। वे धुरंधर भले न हों, पर दुनियाभर में धूम तो मचाई है। पीएम मेट्रो से सफर करके SRCC पहुंचे थे। रास्ते में उन्होंने अन्य यात्रियों और बच्चों से बातचीत की थी। मोदी बोले- देश में कुछ लोग नाराज फूफा जैसे: पीएम मोदी ने कहा कि देश में अलग-अलग प्रजाति के लोग हैं। एक वो जो पॉजिटिव तरीके से समाज की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति में बदलते हैं। और दूसरे जो हर चीज में नाराज फूफा बन जाते हैं। उनका एक ही डायलॉग है- इसकी क्या जरूरत है। पूरी खबर पढ़ें... 2. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट पंजाब कांग्रेस प्रभारी बने, राहुल गांधी के दौरे से पहले बदलाव, चन्नी गुट की मांग मानी गई कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया। पायलट को भूपेश बघेल की जगह ये जिम्मेदारी दी गई। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रह चुके बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया है। पायलट की नियुक्ति राहुल गांधी के दौरे से पहले हुई। दरअसल, पंजाब के पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दोबारा पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से चन्नी गुट नाराज था। उनका कहना था कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िंग-बघेल को हटाकर किसी मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। बघेल के बाद अब अमरिंदर सिंह की कुर्सी पर भी खतरा मंडरा रहा है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. UP में विकास कराने के लिए रिश्वत ले रहे विधायक:भाजपा-सपा विधायक को भास्कर ने ऑनकैमरा बेनकाब किया यूपी में विधायक खुद विकास के नाम पर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए ये अनुशंसा-पत्र तभी लिखते हैं, जब इन्हें 35% से 40% कमीशन मिलता है। अनुशंसा-पत्र विधायक का वह लेटर है, जिसके आधार पर CDO (चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर) विधायक निधि से पैसा जारी करते हैं। दैनिक भास्कर ने अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए रिश्वत लेने वाले 2 विधायकों को ऑन कैमरा बेनकाब किया। भास्कर रिपोर्टर ने NGO मैनेजर बनकर विधायकों से फंड जारी करने की डील की। विधायकों ने हिडन कैमरे पर कमीशन लेकर विधायक निधि जारी करने के लिए अनुशंसा-पत्र दे दिया। इन 2 विधायकों में 1 भाजपा और 1 सपा का है। पढ़िए, पूरा इन्वेस्टिगेशन… 4. यूपी में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में मस्जिद ढहाई, अखिलेश बोले- सच्चा हिंदू दूसरे धर्मों का अपमान नहीं करता यूपी में सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में 70 साल पुरानी मस्जिद पूरी तरह से ढहा दी गई। शनिवार तड़के 4 बजे से 6 बुलडोजर चलने शुरू हुए। शाम करीब 4 बजे मस्जिद गिरा दी गई। एहतियात के तौर पर 5 कंपनी PAC, RAF और पुलिस के 200 जवान तैनात रहे। इसके बाद मलबा हटाया गया। शुक्रवार रात मस्जिद तोड़े जाने की अफवाह फैली: कोर्ट ने मस्जिद को अवैध बताया था। इससे पहले, शुक्रवार रात 11 बजे अफवाह फैली कि प्रशासन मस्जिद को तोड़ने जा रहा है। इसके बाद भारी भीड़ जुट गई थी। तुरंत ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। लोगों को हटाया। मायावती बोलीं कार्रवाई रोके सरकार: कार्रवाई के खिलाफ सहारनपुर आ रहीं कैराना सांसद इकरा हसन को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। अखिलेश यादव ने कहा- सच्चा हिंदू कभी दूसरे धर्म का अपमान नहीं कर सकता। ये इसलिए हो रहा है, क्योंकि भगवान राम के मंदिर में चोरी करते हुए पकड़े गए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार से कार्रवाई रुकवाने की अपील की। पूरी खबर पढ़ें… 5. यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम बने अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल:डॉ. दिनेश शर्मा भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम और वर्तमान में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अभी 2 महीने (नवंबर, 2026 तक) बाकी है। वह एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) की जगह लेंगे। डॉ. शर्मा ने जिम्मेदारी मिलते ही प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया। लखनऊ के मेयर रह चुके दिनेश शर्मा: डॉ. दिनेश शर्मा 2007 से 2017 तक लखनऊ नगर निगम के महापौर रह चुके हैं। वह 2017 से मार्च, 2022 तक यूपी के डिप्टी सीएम रहे। फिर 2023 में राज्यसभा सदस्य चुने गए। पूर्व डिप्टी सीएम अवध क्षेत्र के बड़े ब्राह्मण चेहरे: दिनेश शर्मा 1998 से अब तक लगातार किसी न किसी पद पर रहे हैं। वहीं, डॉ. शर्मा को उपराज्यपाल बनाकर भाजपा ने यूपी के ब्राह्मण समाज को साधने की कोशिश की है। अवध क्षेत्र में डॉ. दिनेश शर्मा बीजेपी के बड़े ब्राह्मण चेहरे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 6. तमिलनाडु में स्कूल के खाने में गोबर पाउडर मिलवाया: रसोइया के पति पर आरोप; पत्नी को नौकरी से निकाले जाने का बदला लेना चाहता था तमिलनाडु के इरोड में सरकारी स्कूल के खाने बनाने वाली महिला को नौकरी से निकाल दिया गया। इस बात से नाराज महिला के पति ने स्कूल के खाने में गोबर का पाउडर मिला दिया। एक महिला शिक्षक ने नाश्ता योजना के तहत तैयार सांभर चखा तो उसे स्वाद कड़वा लगा। उसने इसकी शिकायत हेडमिस्ट्रेस से की। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अरुमुगम (48) ने टीचरों के लिए रखे खाने में गोबर पाउडर मिलाया था। उसने स्कूल की ही छात्रा को 10 रुपए देकर गोबर का पैकेट मंगाया था। पुलिस के मुताबिक स्कूल में 51 बच्चे पढ़ते हैं, सभी स्वस्थ हैं। पूरी खबर पढ़ें... 7. भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से हराया: PAK टीम 55 रन ही बना सकी; हरमनप्रीत ने सिक्स लगाकर जिताया भारतीय महिला टीम ने टी-20 एशिया कप में पाकिस्तान को 7 विकेट से हरा दिया। उसने 56 रन का टारगेट 8.4 ओवर में 3 विकेट पर चेज कर लिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में पाकिस्तानी टीम 55 रन पर ऑलआउट हो गई। यह टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का सबसे छोटा स्कोर है। 8 बल्लेबाज ही दहाई तक नहीं पहुंच सकी थीं। सबसे ज्यादा 14 रन शवाल जुल्फिकार ने बनाए। भारत-पाकिस्तान की कप्तानों ने हाथ नहीं मिलाया: टॉस के समय भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बार फिर पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना से हाथ नहीं मिलाया। भारतीय कप्तान ने 14 जून को खेले गए विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के मैच में भी पाकिस्तानी कप्तान से हाथ नहीं मिला था। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: देश के 48 टीचर्स को नेशनल अवॉर्ड: महाराष्ट्र के वैभव ने वीडियो बनाकर मैथ्स आसान की; राजस्थान के दिव्येंदु ने पेड़ों पर QR कोड लगाकर पढ़ाया (पूरी खबर पढ़ें) 2. बिजनेस: जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा पर FIR: फर्जी नेटवर्थ दिखाकर ₹1,322 करोड़ लोन लेने का आरोप, LIC ने CBI से शिकायत की (पूरी खबर पढ़ें) 3. एंटरटेंमेंट: मिस वर्ल्ड 2026 का ग्रैंड फिनाले में भारत की निकिता पोरवाल टॉप-20 में नहीं पहुंचीं, टॉप-40 राउंड तक बनाई जगह (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: CJP कार्यकर्ता के पिता से पिटाई मामले में स्वतंत्र गिरफ्तार: कल पुलिस ने कहा था- 72 घंटे में एक्शन लेंगे; हिंदू संगठनों का थाने के बाहर प्रदर्शन (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: मोदी ने पूछा- पब्लिक से कैसे बात करें, टिप्स दें:महिला टीचर का जवाब- कॉन्फिडेंस चाहिए; पीएम की राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से . मुलाकात (पूरी खबर पढ़ें) 6. महाराष्ट्र: खाना बनाने से इनकार करने पर पति ने पीटा: नागपुर में इलाज के दौरान मौत; पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर, आंतों में चोट (पूरी खबर पढ़ें) 7. मौसम: कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी:राजस्थान, MP-UP में बारिश, नदियां उफान पर, स्कूल बंद; बिहार में बाढ़, 6.65 लाख लोग प्रभावित (पूरी खबर पढ़ें) 8. कर्नाटक: बेंगलुरु में लोन चुकाने को लेकर महिला का अपहरण, मारपीट: घर बुलाकर बंधक बनाया, कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने का आरोप; 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ओवैसी भी भड़के (पूरी खबर पढ़ें) 16. मध्य प्रदेश: रीवा संजय गांधी अस्पताल में जिंदा मरीज को मुर्दा बताया:जूनियर डॉक्टर ने पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा; 1 घंटे बाद मॉर्च्यूरी में चलने लगी पल्स (पूरी खबर पढ़ें) 17. केरलम: महिला कांग्रेस विधायक के साथ हाथापाई: कार्यकर्ताओं ने हाथ मरोड़ा, धक्का-मुक्की की; राम्या हरिदास अस्पताल में भर्ती, 7 लोगों पर FIR (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... ₹7 करोड़ा का गद्दा, वारंटी 25 साल स्वीडन की गद्दे बनानी वाली कंपनी ने ₹7 करोड़ से ज्यादा कीमत का गद्दा बनाया है। इसकी वारंटी भी 25 साल है। इसमें फोम की जगह घोड़े की पूंछ के बाल, कॉटन और ऊन भरा है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: प्राइवेट पार्ट्स चुराने के आरोप में 80 से ज्यादा हत्याएं, कोई साजिश या कोरी अफवाह, इन देशों में आखिर चल क्या रहा है 2. आपका पैसा: करोड़पति अपना पैसा कैसे मैनेज करते हैं:क्या वे भी SIP करते हैं, जानें करोड़पतियों के 7 मनी रूल्स, क्या गलतियां न करें 3. जरूरत की खबर: पेनकिलर खाने से खराब हुई किडनी:डॉक्टर से जानें इसके साइड इफेक्ट्स, कब पेनकिलर लेना सही, बिना दवा दर्द कैसे कम करें 4. भास्कर इन्वेस्टिगेशन: UP में विकास कराने के लिए रिश्वत ले रहे विधायक: भाजपा-सपा विधायक को भास्कर ने ऑनकैमरा बेनकाब किया; 35% कमीशन पर अड़े रहे 5. नेपाल से भास्कर: टनल के अंदर चार मंजिला बिल्डिंग, बिना ऑक्सीजन फंसे मजदूर:माउंट एवरेस्ट विजेता रेस्क्यू में जुटे; कहीं बिना सिर की बॉडी, कहीं सिर्फ पैर मिला 6. स्पाई फाइल्स: परमाणु उपकरण लगाकर चीन की जासूसी कर रहे थे भारत-अमेरिका:बर्फीले तूफान में दिखा हिम मानव, खतरनाक डिवाइस पहाड़ पर छोड़कर भाग आए; पार्ट-1 7. भास्कर एक्सक्लूसिव: क्या जयंत चौधरी पत्नी चारू को चुनाव लड़ाएंगे?: सहारनपुर में सिर्फ 2 मिनट बोलीं; अखिलेश को जवाब देकर लूटी महफिल 8. ग्राउंड रिपोर्ट: मिर्जापुर का खंडहर स्कूल अब कॉन्वेंट को दे रहा टक्कर: पहले 50 से कम बच्चे, अब AI-कंप्यूटर की पढ़ाई; प्रिंसिपल बोलीं- मां-बाप को भरोसा दिलाया 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: फीस में सिर्फ एक पौधा, 250 को बनाया आर्मी अफसर:ऑपरेशन सिंदूर के शूरवीरों के गुरु; महू के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल की अनोखी पाठशाला 10. राजस्थान एक्सप्लेनर: भाजपा-कांग्रेस, किसने बांटे जेन-जी को ज्यादा टिकट:विधानसभा चुनाव की तरह एजेंसियों की निकाय चुनाव में एंट्री; जानिए- राजस्थान में कितनी बदली लोकल पॉलिटिक्स 11. बिहार फाइल्स: 1000 लोगों का जेल पर कब्जा, बम-AK-47 से हमला:रणवीर सेना के 12 लोगों की हत्या; 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कहा- नशे और अपराध के कारण पंजाब अब रहने लायक नहीं बचा
लुधियाना| आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे राजनीतिक हमले करते हुए अकाली दल के नेताओं ने कहा कि 2016-17 में भगवंत मान की ओर से किक्लियां डालकर और जागो निकालकर तत्कालीन सिस्टम पर तंज कसे जाते थे। नेताओं ने कहा कि सिस्टम पर तंज कसना ही उस समय उनका पेशा और रोजी-रोटी का साधन था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ड्रामे करते-करते भगवंत मान मुख्यमंत्री बन गए, लेकिन आज भी उनका काम वही है और वह केवल विरोधियों पर तंज कसते नजर आते हैं। अकाली नेताओं ने कहा कि जिस सिस्टम का उस समय मजाक उड़ाया जाता था, उसकी स्थिति इतनी खराब नहीं थी, लेकिन आज पंजाब के हालात हर क्षेत्र में दयनीय और डांवाडोल हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशा घर-घर पहुंच रहा है, घरों में घुसकर मारपीट, लूटपाट और हत्या की घटनाएं हो रही हैं तथा भ्रष्टाचार सभी हदें पार कर चुका है। नेताओं ने कहा कि सरकार विनाश को विकास बताकर पेश कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति खराब है और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने पेपर लीक और कथित फर्जी दाखिलों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोग अब कहने लगे हैं कि पंजाब मौजूदा परिस्थितियों में रहने लायक नहीं रहा। जमीनी हालात लोगों के सामने रखने के लिए अकाली दल की ओर से नूरवाला रोड मार्केट के सहयोग से नूरवाला रोड पर कैंडल मार्च निकाला गया। नेताओं ने कहा कि पिछले करीब छह महीनों से नूरवाला रोड की हालत बेहद खराब है। सड़क की बदहाली के कारण दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई दुकानदार बिना बोहनी किए ही लौटने को मजबूर हैं। नेताओं ने दावा किया कि अब तक लोगों और दुकानदारों का करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है, जबकि जनप्रतिनिधि इस समस्या को लेकर गंभीरता नहीं दिखा रहे। कैंडल मार्च में अकाली जत्था लुधियाना के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह भिंदा, रछपाल सिंह फौजी, सरबजीत सिंह लाडी, डॉ. अश्वनी पासी, तेजा सिंह खालसा, बलविंदर सिंह एमडी, कमलजीत सिंह निक्कू ग्रेवाल, नेक सिंह सेखेवाल, कुलदीप सिंह खालसा, काउंसलर कमल अरोड़ा, गुरमेल सिंह जज्जी, सिमरनजीत सिंह हनी, स्विंदरपाल सिंह रीतू, सिमरजीत सिंह समरा, सुखविंदर सिंह ढिल्लों, बलवीर सिंह, मुनीश सहगल, करनैल सिंह, जतिंदर सिंह खालसा, सिमरन ओबरॉय, बलकार सिंह आनंदपुर, डॉ. कुलवंत सिंह, सिमरनजीत सिंह राजू, शिव वर्मा, परमजीत सिंह पम्मा, सुरजीत सिंह और अवतार सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। अकाली दल की ओर से बताया गया कि अगला कैंडल मार्च शनिवार, 12 सितंबर को शाम 5:30 बजे राहों रोड पर निकाला जाएगा।
आज से 13 ब्लॉकों में दिखेगा खेडां वतन पंजाब दियां का जोश
खेडां वतन पंजाब दियां 2026’ के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। पूरे पंजाब में 39 हजार से अधिक खिलाड़ी रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। खिलाड़ी पंजाब खेल विभाग की वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। शनिवार से जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में सीधे भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। वहीं, 10 अगस्त से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए भी सीधे रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। जिला स्तर पर ब्लॉक प्रतियोगिताओं के विजेता भी हिस्सा लेंगे, जबकि 26 खेलों के विजेता राज्य स्तर पर पहुंचेंगे। छह से आठ सितंबर तक चार ब्लॉक में होंगे गेम्स, तैयारियां पूरीं 6 से 8 सितंबर 2026 तक होंगे। जिसमें लुधियाना-1 ब्लाक में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल ललतों कलां, मुल्लांपुर ब्लॉक में सरबजीत सिंह सिद्धू मेमोरियल स्पोर्ट्स स्टेडियम रकबा, मलौद सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सियाड़, गुरु गोबिंद सिंह स्टेडियम माछीवाड़ा में छह से आठ सितंबर तक गेम्स होंगे। नौ से 11 सितंबर तक कुंभ कलां में एसएसएस स्कूल साहनेवाल खुर्द, डेहलों में संतोष सिंह स्टेडियम गांव दुले, जगराओं में कलगीधर स्टेडियम गांव कमालपुरा, दोराहा के संत ईशर सिंह स्टेडियम में गांव घलोटी, समराला में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गांव मानकी में मुकाबले होंगे। 12 से 14 सितंबर तक शहर में गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना, खन्ना में नरेश चंद्र स्टेडियम, लुधियाना-2 मुख्यमंत्री खेल स्टेडियम गौंसगढ़, रायकोट में स्पोर्ट्स स्टेडियम रायकोट में मुकाबले होंगे। लुधियाना| जिले के सभी 13 ब्लॉकों के मैदानों में 6 से 14 सितंबर तक ब्लॉक स्तर की खेल प्रतियोगिताएं होंगी। हर ब्लॉक में तीन दिन तक मुकाबले होंगे। इसके बाद जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं होंगी। खेल विभाग ने आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। शनिवार को बठिंडा में सीएम भगवंत मान ने राज्यभर में इन खेलों का उद्घाटन किया। पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत लुधियाना ब्लॉक स्तरीय खेल मुकाबलों को लेकर तैयार है। विभाग ने मैदानों में विभिन्न ब्लॉकों में कोच और अधिकारियों की तैनाती कर दी है। जिला खेल अधिकारी की तरफ से जारी सूची के तहत टूर्नामेंट के ओवरऑल इंचार्ज/नोडल अफसर संजीव शर्मा एथलेटिक्स कोच को बनाया गया है। सभी ब्लॉक में खेल संपन्न कराने को 50 कोच की ड्यूटी लगाई गई है। ब्लॉक लेवल सभी 13 मैदानों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। गुरुनानक स्टेडियम में ठंडे पानी के वाटर कूलर को दुरुस्त किया गया है। इसके अलावा खन्ना के प्रिंसिपल नरेश चंद स्टेडियम में भी खेल होने हैं। मैदान में सफाई व्यवस्था प्रशासन ने करवाई है। पीने के पानी की व्यवस्था है। मैदान में घास की कटाई चल रही था। हालांकि रनिंग ट्रैक दुरुस्त नहीं किया गया था।
कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारी महासचिव/प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को अब छत्तीसगढ़ के स्थान पर पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा ने भी पिछले दिनों पंजाब का प्रभारी राजस्थान के ही डॉ. सतीश पूनियां को बनाया था। यानी अब दोनों प्रमुख दलों के पंजाब प्रभारी राजस्थान से ही होंगे। कांग्रेस ने असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को हटाकर उनके स्थान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी है। जितेंद्र सिंह ने असम में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रभारी पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। सुरजेवाला के पास कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। जितेंद्र सिंह, चेन्नीथला और मणिकम टैगोर के पास अब राज्यों का प्रभार नहीं है। मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर बने रहेंगे। पूनिया-पायलट में फिर सियासी मुकाबला, एक संगठन विस्तार तो दूसरा गुटबाजी साधने में जुटेगाराजस्थान की राजनीति में एक-दूसरे के मुकाबले रहे भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट अब पंजाब की सियासत में आमने-सामने होंगे। भाजपा ने कुछ दिन पहले पूनियां को पंजाब प्रभारी बनाया था, वहीं कांग्रेस ने अब पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि राजस्थान में दोनों करीब 10 महीने तक अपनी-अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए आमने-सामने रहे थे। पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठन को मजबूत कर विस्तार देने की चुनौती है। हरियाणा प्रभारी के तौर पर संगठन विस्तार का अनुभव उनके काम आएगा। वहीं पायलट के सामने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को साधकर चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती है। दिलचस्प संयोग यह भी है कि पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं। अब पायलट पंजाब के प्रभारी हैं और रंधावा उनके सामने महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। ऐसे में राजस्थान की सियासी जंग का असर अब पंजाब के चुनावी मैदान में भी दिखाई देगा।
कांग्रेस हाईकमान ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया है। पायलट को भूपेश बघेल की जगह ये जिम्मेदारी दी गई है। पायलट की नियुक्ति राहुल गांधी के दौरे से पहले हुई है। छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम रह चुके बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया है। पंजाब के पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी और उनका गुट बघेल और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से नाराज था। उनका आरोप था कि बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद हाईकमान को जमीनी हकीकत नहीं बताई। उनका कहना था कि चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के लिए किसी मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। हाईकमान ने यह मांग मान ली। फैसले पर चन्नी ने लिखा- सचिन पायलट जी का हार्दिक स्वागत। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए कांग्रेस पार्टी हाईकमान का दिल से धन्यवाद। सचिन पायलट की नियुक्ति का लेटर… राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी, चन्नी गुट के नेता और गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि पंजाब में पायलट की यूथ लीडर की छवि का फायदा मिलेगा। सचिन पायलट की मां पंजाबी हैं और पायलट भी पंजाबी अच्छी तरह समझते हैं। पायलट को नया प्रभारी क्यों बनाया..3 पॉइंट चन्नी गुट ने बघेल को हटाने की मांग रखी थी 3 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, राजा वड़िंग की बैठक राहुल गांधी की टीम से हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इसमें पंजाब की गुटबाजी पर चर्चा हुई। टीम ने राहुल गांधी को गुटबाजी की रिपोर्ट दी। चन्नी गुट ने पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए। भूपेश बघेल को बदलने की मांग रखी। 4 सितंबर को दिल्ली में संगठन की मीटिंग हुई। इसमें चन्नी गुट के राणा गुरजीत भी शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात केसी वेणुगोपाल और सचिन पायलट के साथ हुई। राणा गुरजीत ने कहा था- पायलट से मुलाकात के दौरान यह नहीं पता था कि उन्हें ही इंचार्ज बनाया जा रहा है। मैंने पायलट को कहा था कि पंजाब के लोग आपको पसंद करते हैं। पंजाब में पहली बार प्रभारी के लिए गो-बैक के पोस्टर अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद 31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच हर बूथ, कांग्रेस मजबूत अभियान चलाया था। इस दौरान पंजाब के इतिहास में पहली बार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किसी प्रदेश प्रभारी के खिलाफ गो-बैक के पोस्टर लगाए। ************ ये खबर भी पढ़ें: किसान आंदोलन बिगाड़ेगा BJP-AAP का चुनावी गणित: ग्रामीण वोट बैंक पर इंपैक्ट; पंजाब में कांग्रेस, अकाली और वारिस पंजाब दे को कैसे फायदा पंजाब में एक बार फिर किसानों ने मोर्चे लगाने शुरू कर दिए। चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में किसान संगठनों ने सात-सात दिन के मोर्चे लगाए हैं। किसानों के मोर्चों ने इस बार भाजपा व आप दोनों के चुनावी गणित को प्रभावित करना शुरू कर दिया। (पढ़ें पूरी खबर)
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। विवादों के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई। भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा ताजपोशी के बाद से चन्नी गुट नाराज था। चन्नी गुट के नेताओं के मुताबिक भूपेश बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की असल ग्राउंड रियलिटी की जानकारी नहीं दी। चन्नी गुट बघेल और राजा वड़िंग को उनके पदों से हटाने पर अड़ा हुआ था। पूर्व सीएम चन्नी और उनके गुट के नेता तर्क दे रहे थे कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िग-बघेल को हटाकर इनकी जगह किसी अन्य मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। हाईकमान को आखिरकार चन्नी गुट के आगे झुकना पड़ा। कांग्रेस हाईकमान ने जारी किया आदेश- छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी के बारे में जानिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। वे कई बार विधायक रहे। 2019 में वे भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, जहां जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2025 में उन्हें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी कांग्रेस की संसदीय जिम्मेदारी दी गई थी। अप्रैल 2025 में वे AICC ऑब्जर्वर भी बनाए गए। छत्तीसगढ़ में क्या रहेगी चुनौती? सुखदेव भगत लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रही है। सचिन पायलट के कार्यकाल में भी कांग्रेस ने प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। अब नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल बनाने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को तैयार करने की चुनौती होगी। संगठनात्मक स्तर बदलाव की संभावना कांग्रेस आने वाले चुनावों को लेकर अभी से तैयारियों में जुटी है। ऐसे में प्रभारी का बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में अहम माना जा रहा है। सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। पार्टी का फोकस संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर रहेगा। नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर और बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। पंजाब से क्यों हटाए गए भूपेश? दिल्ली मीटिंग में चन्नी गुट ने बघेल को हटाने की मांग रखी थी 3 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की बैठक राहुल गांधी की टीम से मीटिंग हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में पंजाब में चल रही गुटबाजी पर चर्चा हुई। जिसके बाद टीम ने राहुल गांधी को गुटबाजी की रिपोर्ट दी। भूपेश बघेल को लेकर चन्नी खेमा लगातार विरोध कर रहा था और पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल को बदलने की मांग रखी थी। इसके बाद 4 सितंबर को भी दिल्ली में संगठन की मीटिंग हुई। इसमें चन्नी गुट के राणा गुरजीत भी शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात केसी वेणुगोपाल के साथ भी भी हुई थी। उसके बाद राणा गुरजीत ने भी सचिन पायलट के साथ मुलाकात की। राणा गुरजीत ने कहा कि- जब कल सचिन पायलट से मुलाकात के दौरान पंजाब को लेकर बात जरूर हुई, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सचिन पायलट को इंचार्ज बनाया जा रहा है। मैंने पायलट को कहा था कि पंजाब के लोग आपको पसंद करते हैं। हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम हुआ था हंगामा पंजाब कांग्रेस के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान 31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच चलाया था। इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का जमकर विरोध किया था। 31 जुलाई 2026 (फतेहगढ़ साहिब): अभियान के पहले ही दिन दरारें साफ दिखीं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट के प्रमुख नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई। 1 अगस्त 2026 (संगरूर और पटियाला): संगरूर में भूपेश बघेल की मौजूदगी में बैठक के दौरान चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई और बघेल के सामने ही राजा वडिंग के खिलाफ व चन्नी के समर्थन में नारे लगे। इसी दिन पटियाला की संगठनात्मक बैठक में भी चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया और आलाकमान से चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। 2 से 5 अगस्त 2026: (मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला): मालवा बेल्ट के जिलों में दौरों के दौरान जगह-जगह विरोध जारी रहा। मुक्तसर साहिब (जो राजा वडिंग का गृह क्षेत्र है) में बघेल के आगमन से पहले ही 'भूपेश बघेल गो बैक' के पोस्टर चिपका दिए गए थे और बैठकों में हंगामा हुआ। बरनाला और बठिंडा में भी चन्नी समर्थकों ने समानांतर शक्ति प्रदर्शन किया। 6 अगस्त 2026 (लुधियाना): लुधियाना की संगठनात्मक बैठक में अंतर्कलह सबसे उग्र रूप में सामने आई। यहां चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने 'बघेल गो बैक' लिखी सफेद टी-शर्ट पहनकर विरोध किया। बैठक स्थल के बाहर और अंदर कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे और तीखी झड़प हुई, जिसे शांत करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी क्यों दी गई? अंदरूनी कलह और गुटबाजी को खत्म करना: पंजाब कांग्रेस लंबे समय से भीतरी गुटबाजी और नेताओं के बीच आपसी मतभेदों से जूझ रही है। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि सचिन पायलट एक ऐसे संकटमोचक नेता हैं, जो संगठन को एकजुट कर सकते हैं। राजस्थान में खुद राजनीतिक संकट और गुटबाजी का लंबा अनुभव होने के कारण वे पंजाब के नेताओं के बीच तालमेल बिठाने के लिए सबसे मुफीद चेहरा माने गए हैं। संगठन को मजबूत करना और युवाओं को जोड़ना: सचिन पायलट की छवि एक ऊर्जावान और जमीनी पकड़ रखने वाले नेता की है, जिनका युवाओं के बीच बड़ा क्रेज है। कांग्रेस आलाकमान पंजाब में संगठन को दोबारा पुनर्जीवित करना चाहता है। पायलट की संगठनात्मक क्षमता (जैसा उन्होंने 2018 में राजस्थान में कांग्रेस को जिताकर साबित किया था) का लाभ पार्टी अब पंजाब में उठाना चाहती है।
पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई में नागरिकों की भागीदारी एक महत्त्वपूर्ण ताकत के रूप में उभरकर सामने आई है।
बघेल की विदाई, पायलट का बढ़ा कद... पंजाब कांग्रेस में बदलाव के मायने समझिए
पंजाब में कांग्रेस अंदरूनी कलह से जूझ रही है. चन्नी के नेतृत्व वाले गुट ने वडिंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले का विरोध किया. समर्थकों का कहना है कि चन्नी को विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जाए.
इस एनफोर्समेंट अभियान के दौरान ₹22 करोड़ की नशीली दवाओं की बिक्री से अर्जित धनराशि अथवा नशीले पदार्थों की अवैध खरीद, बिक्री, वितरण या तस्करी के लिए रखी गई धनराशि भी ज़ब्त की गई है.
यूपी, पंजाब सहित 4 चुनावी राज्यों में पहले होगी जनगणना, 1 दिसंबर से शुरुआत
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक जनगणना होगी, जो आगामी चुनावों के कारण समय से पहले की जा रही है।
कांग्रेस ने शनिवार को बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए कई राज्यों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए प्रभारी नियुक्त किए हैं

