पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कादियां हलके का एक वीडियो जारी करते हुए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर हमला बोला है। बाजवा द्वारा पोस्ट की गई वीडियो में कुछ लोग हथियार लहराते और गोलियां चलाते दिख रहे हैं। जिस पर प्रताप बाजवा ने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है और पुलिस-प्रशासन लाचार होकर केवल मूकदर्शक बना बैठा है। पुलिस प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि अगर पुख्ता वीडियो सबूत होने के बावजूद पुलिस प्रशासन इन अपराधियों को पहचानने और पकड़ने में असमर्थ है, तो वे खुद आगे आकर इनकी पहचान कराने में पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं, ताकि इन दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके। वहीं, प्रताप बाजवा द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर की गई वीडियो पर लोग मिलीजुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो में दिख रहे लोगों के घर का आंगन है। अगर कोई अपने आंगन में लाइसेंसी हथियारों को लहराता भी है तो उसमें गलत क्या है। जबकि, कुछ इसे पाकिस्तानी सीमा के जरिए भारत में आए हथियार बता रहा है तो किसी ने इसे फिल्म का सीन बताया है। सरेआम हथियार लहरा रहे लोग, कर रहे फायरिंग बाजवा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई इस वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ लोग हाथों में हथियार लहरा रहे हैं और सरेआम गोलियां चला रहे हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कई लोगों के हाथ में एक से अधिक अत्याधुनिक हथियार भी हैं। हालांकि, प्रताप बाजवा द्वारा जिस फेसबुक पेज से इस वीडियो की स्क्रीन रिकॉर्डिंग की है, उस आईडी से इस वीडियो को हटा दिया गया है। राजनीतिक संरक्षण और 'दाम, दंड, भेद' की नीति पर घेरा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रताप सिंह बाजवा ने सवाल उठाया कि इन समाज विरोधी तत्वों को किस राजनीतिक शक्ति का संरक्षण हासिल है, जिसके कारण पुलिस और प्रशासन कार्रवाई करने से पीछे हट रहा है? उन्होंने आगे लिखा कि पंजाब की आप सरकार पर मनीष सिसोदिया का 'साम, दाम, दंड, भेद' का सिद्धांत हावी हो चुका है, जहां राजनीतिक फायदे के लिए राज्य की शांति और सुरक्षा को दांव पर लगा दिया गया है। भगवंत मान बताएं – पंजाब में संविधान का राज है या गैंगस्टरों का? बाजवा ने गृह मंत्री का पद संभाल रहे मुख्यमंत्री भगवंत मान से सीधा जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पंजाब की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य में संविधान और कानून का शासन चल रहा है या फिर बेलगाम गैंगस्टरों और उपद्रवियों की हुकूमत? उन्होंने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री इस तरह चुप बैठकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकते, उन्हें राज्य की जनता को जवाब देना ही होगा।
जींद पुलिस ने नशा सप्लायर सहित चार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। सीआईए नरवाना ने कैथल रोड पर स्विफ्ट कार में सवार तीन तस्करों के पास 25 ग्राम हेरोइन मिली। शहर पुलिस ने नशा तस्करी में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद नशा मुहैया करवाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान पंजाब पटियाला के घग्गा निवासी सुखविंद्र उर्फ लाडी के रूप में हुई है। कार में हेरोइन के साथ गिरफ्तार आरोपियों में मानसा निवासी विक्रमजीत, कैथल के वजीरखेड़ा निवासी बिट्टू व जींद के लोहचब निवासी रविंद्र शामिल है। नरवाना सीआईए ने की कार्रवाई नरवाना सीआईए इंजार्च यादवेंद्र सिंह ने बताया कि सीआईए को स्विफ्ट कार में नशा तस्करी की सूचना मिली। सूचना के बाद सीआईए ने कैथल रोड पर वाहनों की चेकिंग शुरू की। जींद ओवरब्रिज के पास पुलिस को एक संदिग्घ कार खड़ी दिखाई दी। जांच के दौरान कार सवारों के पास 25 ग्राम हेरोइन मिली। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस का केस दर्ज कर कार सहित उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। नरवाना में करते थे सप्लाई शहर थाना पुलिस ने नरवाना की चमेला कॉलोनी निवासी प्रदीप उर्फ दीपड़ को 10.26 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। आरोपी से पूछताछ में पुलिस के सामने पंजाब के नशा सप्लायर का नाम सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने पटियाला के घग्गा निवासी सुखविंद्र उर्फ लाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है।
दिल्ली और पंजाब सरकार के बीच पराली को लेकर जुबानी जंग तेज
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण और हवा की खराब गुणवत्ता के बाद राजनीतिक सियासत गर्मा गई है. पराली जलाने को लेकर दिल्ली और पंजाब सरकार आमने-सामने हैं. बीजेपी नेता मजिंदर सिंह सिरसा ने भगवंत मान सरकार पर गुमराह करने का आरोप लगाया, वहीं पंजाब के पटियाला से खेतों में पराली जलने की तस्वीरें सामने आई हैं.
दिल्ली में हवा हुई जहरीली, पंजाब में पराली जलाने पर कार्रवाई, देखें बड़ी खबरें
राजधानी दिल्ली में हवा बेहद जहरीली हो चुकी है. दिल्ली के प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 400 के पार पहुंच चुका है, जबकि जहांगीरपुरी में यह 450 से भी अधिक दर्ज किया गया. जहरीली धुंध और बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है. डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को बाहर न निकलने और मास्क पहनने की सलाह दी है. वहीं पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिस पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना और FIR दर्ज की है.
अग्निपथ योजना के विस्तार का पंजाब भाजपा ने किया स्वागत, पीसीएस परीक्षा में गड़बड़ी पर जांच की मांग
अग्निपथ योजना के विस्तार का पंजाब भाजपा ने किया स्वागत, पीसीएस परीक्षा में गड़बड़ी पर जांच की मांग
डीए बकाया मामले में पंजाब सरकार को राहत, Supreme Court ने अवमानना कार्यवाही पर लगाई रोक
New Delhi, 5 नवंबर . Supreme Court ने Thursday को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य अधिकारियों के खिलाफ पंजाब और Haryana हाई कोर्ट द्वारा शुरू…
जींद के शाहपुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में पंजाब के एक कंबाइन ड्राइवर की मौत हो गई। मृतक की पहचान संगरूर जिले के तोंगा गांव निवासी 37 वर्षीय जरनैल सिंह के रूप में हुई है। उसकी पत्नी ब्रह्मजीत कौर ने कंबाइन मालिक और उसके साथियों पर पैसों के लेनदेन तथा पुराने विवाद के चलते पति की पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, जरनैल सिंह धान कटाई के सीजन में कंबाइन चलाने के लिए हरियाणा आया हुआ था। बुधवार सुबह वह जींद के शाहपुर गांव में बेसुध मिला। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जरनैल सिंह के दो बेटे हैं, जो 10वीं और छठी कक्षा में पढ़ते हैं। कंबाइन मालिक से पैसों को लेकर विवाद मृतक की पत्नी ब्रह्मजीत कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पति जरनैल सिंह कंबाइन चलाने के साथ मशीन की मरम्मत का काम भी करता था। पिछले कुछ समय से वह हरियाणा में कंबाइन के साथ आया हुआ था। बुधवार को उसे सूचना मिली कि पति की तबीयत खराब है और उसे जींद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह परिवार के साथ अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। कंबाइन मालिक से था पैसों का लेनदेन ब्रह्मजीत कौर के अनुसार, उसके पति का कंबाइन मालिक के साथ पिछले कई दिनों से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। कंबाइन पर काम करने वाले कुछ अन्य लोगों के साथ भी उसका झगड़ा हुआ था। पति अक्सर फोन पर इन विवादों के बारे में बताता था। पत्नी ने आशंका जताई कि आरोपियों ने शराब पिलाने के बाद उसके पति के साथ मारपीट की, जिससे लगी चोटों के कारण उसकी मौत हुई। कई लोगों से हुई थी मारपीट जानकारी के अनुसार, जरनैल सिंह कंबाइन ड्राइवर के साथ मिस्त्री का काम भी करता था। वह कैथल के पाई-भाणा क्षेत्र में कंबाइन चला रहा था। इसी दौरान पैसों के लेनदेन को लेकर कंबाइन मालिक के साथ विवाद हो गया। इसके बाद उसे एक अन्य कंबाइन ड्राइवर करनाल के मोर माजरा (असंध) ले गया, जहां कंबाइन मालिक और अन्य लोगों पर उसके साथ मारपीट करने के आरोप हैं। बताया गया है कि इसी बीच एक अन्य कंबाइन मालिक जरनैल सिंह को अपने साथ जींद के शाहपुर गांव ले आया। बुधवार सुबह वह वहां बेसुध मिला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट का इंतजार सदर थाना प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि विवाद करनाल के मोर माजरा और कुरुक्षेत्र के पाई क्षेत्र से जुड़ा है। विवाद के बाद जरनैल सिंह अपने किसी परिचित के साथ शाहपुर आया था। पुलिस के अनुसार, मामले में पत्नी की शिकायत पर पूंडरी थाना पुलिस कार्रवाई कर रही है। अज्ञात लोगों पर हत्या का केस दर्ज पूंडरी थाना के जांच अधिकारी ने बताया कि अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम और बिसरा रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को सुप्रीम कोर्ट से डीए बकाया मामले में बड़ी राहत मिली है, जहां आपराधिक अवमानना कार्यवाही पर रोक लगा दी गई है।
केजरीवाल और भगवंत मान के इशारे पर आम आदमी पार्टी पंजाब में चला रही ‘पेपर लीक माफिया’ : भाजपा
New Delhi, 5 नवंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (पीपीएससी) मेन्स परीक्षा में कथित रूप से धांधली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.…
केजरीवाल और भगवंत मान के इशारे पर आम आदमी पार्टी पंजाब में चला रही 'पेपर लीक माफिया' : भाजपा
केजरीवाल और भगवंत मान के इशारे पर आम आदमी पार्टी पंजाब में चला रही 'पेपर लीक माफिया' : भाजपा
New Delhi, 5 नवंबर . दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने Thursday को शास्त्री पार्क स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का दौरा किया. यह सेंटर…
'दिल्ली की हवा 3 दिन में कैसे हुई खराब...', मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब को लेकर उठाए कई सवाल
'बस कर बहन कितना गले लगेगी', लव गिल पर काम्या पंजाबी ने कसा तंज
रियालिटी शो 'बिग बॉस 20' (Bigg Boss 20) में कंटेस्टेंट्स के बीच के रिश्ते, समीकरण और विवाद हर दिन एक नया मोड़ ले रहे हैं। शो के भीतर पंजाबी एक्ट्रेस लव गिल (Love Gill) और मशहूर ई-स्पोर्ट्स गेमर स्काउट ओपी (Scout OP) की इक्वेशन शुरुआत से ही दर्शकों और टीवी सितारों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। अब दिवाली और फैमिली वीक के स्पेशल एपिसोड के दौरान दोनों के बीच दिखी एक बार फिर की नजदीकियों पर टीवी इंडस्ट्री की सीनियर एक्ट्रेस और पूर्व बिग बॉस कंटेस्टेंट काम्या पंजाबी (Kamya Punjabi) ने सोशल मीडिया पर जोरदार तंज कसा है। काम्या ने बिना नाम लिए लव गिल के बिहेवियर पर ऐसा तंज कसा कि देखते ही देखते उनका पोस्ट इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।#1 फैमिली वीक में मां का मैसेज सुनकर इमोशनल हुईं लव गिल और बार-बार स्काउट को लगाया गलेबिग बॉस 20 के हालिया एपिसोड में मेकर्स ने दिवाली और फैमिली वीक के मौके पर सभी घर वालों को उनके परिवार के सदस्यों के वीडियो और ऑडियो मैसेज सुनाए। इस दौरान लव गिल को भी उनकी मां का एक प्यार भरा इमोशनल मैसेज मिला, जिसे सुनकर वह काफी भावुक हो गईं और खुशी से झूम उठीं। हालांकि, इस खुशी के पल में लव अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रख पाईं और बार-बार स्काउट ओपी को गले लगाती दिखीं। स्टेज से नीचे उतरते ही लव गिल ने सबसे पहले स्काउट को कसकर हग किया, जिसके बाद रूम के अंदर और लिविंग एरिया में भी कई बार वे स्काउट से लिपटती नजर आईं। दोनों की इन तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स ने सोशल मीडिया पर फैंस का ध्यान खींचा।#1 'बस कर बहन कितना गले लगाएगी...' काम्या पंजाबी का तीखा पोस्ट हुआ वायरलकाम्या पंजाबी, जो बिग बॉस के हर सीजन पर बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक क्रिप्टिक लेकिन तीखा पोस्ट शेयर किया। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिखा, लेकिन उनका निशाना साफ तौर पर लव गिल और स्काउट ओपी के इस बिहेवियर पर ही था।काम्या ने तंज कसते हुए अपने पोस्ट में लिखा:बस कर बहन कितना गले लगाएगी। वैसे किस-किस को लगा कि वो सारे गले इमोशनल कम और रिवेंज वाले ज्यादा थे? अब भाई-बहन के रिश्ते में कौन किसे पहले टेक्स्ट करेगा, ये तनाव भी तो था ना बहन को।काम्या के इस पोस्ट के आते ही बिग बॉस के फैंस दो गुटों में बंट गए और पोस्ट पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई यूजर्स ने काम्या के इस तंज पर सहमति जताते हुए लव के बिहेवियर को गेम और फुटेज के लिए 'अति' करार दिया।#1 सलमान खान और रोहित शेट्टी की क्लास के बाद भी नहीं सुधरे समीकरणउल्लेखनीय है कि लव गिल और स्काउट ओपी के इस 'भाई-बहन' वाले बॉन्ड और शारीरिक नजदीकियों (Physical Proximity) पर इससे पहले 'वीकेंड का वार' में खुद होस्ट सलमान खान और बाद में शो में आए रोहित शेट्टी भी सवाल उठा चुके थे। यहां तक कि स्काउट की गर्लफ्रेंड काश्वी हिरनंदानी के शो में आकर सीमा तय करने की बात कहने के बाद दोनों के बीच कुछ समय के लिए दूरी आ गई थी। हालांकि, दिवाली वीक में एक बार फिर दोनों की इस तरह की नजदीकियों ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। काम्या पंजाबी ने इससे पहले भी लव और स्काउट को रिश्ते में 'बाउंड्रीज' तय करने की सलाह दी थी। अब देखना यह होगा कि काम्या के इस नए तंज पर वीकेंड का वार में सलमान खान क्या रिएक्शन देते हैं।
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने दिवाली से पहले राज्य के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसका लाभ नवंबर के वेतन और दिसंबर में मिलने वाले भुगतान में दिखाई देगा। The post Punjab DA Hike 2026: भगवंत मान सरकार का दिवाली गिफ्ट, DA में 3% बढ़ोतरी appeared first on Rashtriya Ujala .
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट' (FTSC) के लिए केंद्र प्रायोजित योजना को पांच साल और बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य बलात्कार के मामलों और 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम, 2012 के तहत दर्ज अपराधों में त्वरित सुनवाई और समय पर न्याय सुनिश्चित करना है। यह योजना अगले पांच वर्षों तक लागू रहेगी और इसके तहत देश भर में मौजूदा 779 सक्रिय अदालतों के नेटवर्क का विस्तार करके इनकी संख्या 850 कर दी जाएगी। उम्मीद है कि इस फैसले से महिलाओं और बच्चों से जुड़े यौन अपराधों के लंबित मामलों को निपटाने में न्यायिक प्रणाली की क्षमता मजबूत होगी। इस फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना के जारी रहने से न्याय मिलने में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को एक्स पर लिखा, कम देरी, जल्दी न्याय! इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Agnipath Scheme में हुए बदलाव का Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand Assembly Elections पर क्या असर पड़ेगा? फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों के लिए 3,788 करोड़ रुपये आवंटित इस योजना को कुल 3,788.04 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई है। इसमें से केंद्र सरकार 2,353.15 करोड़ रुपये देगी, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश मिलकर 1,434.89 करोड़ रुपये का योगदान देंगे। केंद्र सरकार का हिस्सा 'निर्भया फंड' से दिया जाएगा। स्वीकृत फंडिंग व्यवस्था के तहत, इन अदालतों के संचालन खर्च को पूरा करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय सहायता दी जाती रहेगी। इसे भी पढ़ें: PM Modi संग बहस की चुनौती पर बोले Rahul Gandhi, पांच मिनट में साबित कर दूंगा आरोप देश भर में 850 अदालतें काम करेंगी इस विस्तारित योजना के तहत, सरकार फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतों की संख्या को मौजूदा 779 से बढ़ाकर 850 करने की योजना बना रही है। यह विस्तार इस बात पर निर्भर करेगा कि किस जिले में बलात्कार और POCSO (पोक्सो) से जुड़े कितने मामले लंबित हैं। हर अदालत में एक समर्पित न्यायिक अधिकारी, एक विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) और छह सहायक कर्मचारी होंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन संवेदनशील मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाए और इनकी सुनवाई व फैसला जल्द से जल्द हो सके। इन अदालतों को 'वल्नरेबल विटनेस डिपोजिशन सेंटर' (संवेदनशील गवाहों के बयान दर्ज करने के केंद्र) और विशेष रूप से तैयार की गई कोर्टरूम सुविधाओं का भी सहयोग मिलेगा। इन इंतजामों का मकसद पीड़ितों और गवाहों को न्यायिक कार्यवाही के दौरान एक सुरक्षित, अधिक आरामदायक और बच्चों के अनुकूल माहौल प्रदान करना है। इस विस्तारित योजना से बलात्कार और POCSO मामलों के पीड़ितों को क्या लाभ होगा? योजना को जारी रखने से बलात्कार और POCSO मामलों के बड़े बैकलॉग (लंबित मामलों) को निपटाने में मदद मिलेगी, जिससे पीड़ितों को कम समय में न्याय मिल सकेगा। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देकर, यह पहल समाज के कमजोर वर्गों के लिए न्याय तक पहुंच को बेहतर बनाने का प्रयास करती है। विशेष रूप से तैयार की गई अदालती सुविधाएं और समर्पित कर्मचारी, न्यायिक प्रक्रिया को पीड़ितों खासकर बच्चों की जरूरतों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाएंगे। इसे भी पढ़ें: Energy Storage के लिए 14,500 करोड़ रुपये की योजना, PM Modi ने की सराहना सरकार फास्ट ट्रैक अदालतों के कामकाज की निगरानी करेगी न्याय विभाग, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के साथ मिलकर इस विस्तारित योजना के क्रियान्वयन की निगरानी करेगा। अदालतों के कामकाज पर नज़र रखने के लिए FTSC डैशबोर्ड, समय-समय पर आने वाली प्रगति रिपोर्ट और खर्च के विवरण का उपयोग किया जाएगा। केंद्र सरकार, योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा करने और व्यावहारिक चुनौतियों को दूर करने के लिए उच्च न्यायालयों और राज्य सरकारों के साथ नियमित परामर्श भी करेगी। इस नेटवर्क का विस्तार अलग-अलग जिलों में लंबित बलात्कार और POCSO मामलों की संख्या पर निर्भर करेगा, ताकि जिन जगहों पर सबसे ज्यादा जरूरत है, वहां अतिरिक्त अदालतें स्थापित की जा सकें।
पराली जलाने से पंजाब की हवा खराब: अब तक 2196 मामले, तरनतारन सबसे आगे
पंजाब में धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाओं का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। राज्य में कल तीन नवंबर को एक दिन में ही 584 जगह पराली जला दी गई। ऐसे में राज्य के विभिन्न शहरों की हवा की गुणवत्ता भी बिगड़ गई है। खन्ना में जहां 401 एक्यूआई के साथ हवा […]
पीपीएससी मेन्स के रिजल्ट पर पंजाब में बवाल, रवनीत बिट्टू, ढिल्लों और सुनील जाखड़ ने धांधली का आरोप, सीबीआई जांच की मांग
AAP के गढ़ से क्यों कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के इस बुलेटिन में आज आपको दिखाएंगे आम आदमी पार्टी के गढ़ और सीएम भगवंत मान के विधानसभा सीट संगरूर से कांग्रेस का चुनावी शंखनाद, कहां लगाई गई 84 सीख दंगों की प्रदर्शनी, आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेता के अपमान पर क्यों किया प्रदर्शन, क्या है जालंधर नॉर्थ सीट पर चुनावी मिजाज. सूबे से जुड़ी हर अहम खबर लेकिन पहले देखेंगे हेडलाइंस.
भारतीय राजनीति में कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिनका महत्व उनके प्रत्यक्ष घटनाक्रम से कहीं ज्यादा होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता शरद पवार के बीच हुई फोन पर बातचीत भी कुछ ऐसी ही है। प्रधानमंत्री मोदी ने शरद पवार से कहा कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखिए, सुप्रिया सुले तैयार हैं, देश की चिंता हम दोनों कर लेंगे। सुनने में यह एक आत्मीय संवाद है, लेकिन इसके भीतर छिपे राजनीतिक संकेतों को नजरअंदाज करना आसान नहीं है। दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के एक होने की चर्चाएं तेज हैं। एक तरफ सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट है, जो पहले से ही भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा है। दूसरी तरफ शरद पवार की एनसीपी (एसपी) है, जो विपक्षी गठबंधन INDIA के साथ खड़ी रही है। ऐसे में प्रधानमंत्री का शरद पवार से संवाद और उसमें सुप्रिया सुले का विशेष उल्लेख राजनीतिक गलियारों में नई संभावनाओं के दरवाजे खोल रहा है। क्या एनडीए में आएंगे शरद पवार? देखा जाये तो शरद पवार भारतीय राजनीति के उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने सत्ता के गलियारों में कई दशक बिताए हैं। उनकी राजनीतिक समझ, महाराष्ट्र के सहकारी क्षेत्र पर प्रभाव और मराठा राजनीति में उनकी पकड़ आज भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री मोदी भी कई मौकों पर शरद पवार के राजनीतिक अनुभव और क्षमताओं की सराहना कर चुके हैं। अब सवाल यह है कि क्या मोदी की इस पहल के पीछे महाराष्ट्र में एनडीए को और मजबूत करने की कोई बड़ी रणनीति है? माना जा रहा है कि यदि शरद पवार अपनी पार्टी के साथ एनडीए में आते हैं तो यह केवल एक राजनीतिक दल का गठबंधन बदलना नहीं होगा, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े राजनीतिक अध्याय का अंत और नए अध्याय की शुरुआत होगी। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: Agnipath Scheme में हुए बदलाव का Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand Assembly Elections पर क्या असर पड़ेगा? सुनेत्रा पवार और शरद पवार के गुट साथ आए तो क्या होगा? फिलहाल सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाला एनसीपी गुट एनडीए के साथ है। यदि शरद पवार का एनसीपी (एसपी) भी इस गठबंधन में शामिल होता है तो महाराष्ट्र में एनसीपी की दोनों राजनीतिक धाराएं एक ही सत्ता पक्ष के साथ आ जाएंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा एनडीए को होगा। उसे महाराष्ट्र में मराठा समाज और ग्रामीण राजनीति के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मिलेगा। शरद पवार का राजनीतिक अनुभव और सुप्रिया सुले की संसदीय सक्रियता एनडीए के लिए अतिरिक्त राजनीतिक ताकत बन सकती है। लेकिन इस एकीकरण की राह आसान नहीं होगी। सबसे बड़ा सवाल नेतृत्व और राजनीतिक वर्चस्व का होगा। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले गुट की अपनी संगठनात्मक पहचान है, जबकि शरद पवार का गुट अपने संस्थापक नेता की राजनीतिक विरासत और कार्यकर्ताओं के आधार पर खड़ा है। दोनों को एक साथ लाने के लिए सत्ता, संगठन, चुनावी टिकट और नेतृत्व में संतुलन बनाना होगा। INDIA गठबंधन को लगेगा बड़ा राजनीतिक झटका! साथ ही यदि शरद पवार एनडीए के साथ आते हैं तो विपक्षी गठबंधन INDIA के लिए यह महाराष्ट्र में बड़ा झटका होगा। शरद पवार केवल एक क्षेत्रीय नेता नहीं हैं, बल्कि विपक्षी एकजुटता की कोशिशों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। सुप्रिया सुले भी विपक्षी गठबंधन की प्रमुख संसदीय आवाजों में शामिल रही हैं। ऐसे में यदि पवार परिवार का राजनीतिक आधार एनडीए के साथ चला जाता है तो कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के सामने महाराष्ट्र में नई चुनौती खड़ी हो सकती है। विपक्षी गठबंधन का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक स्तंभ कमजोर होगा और इसका संदेश राष्ट्रीय स्तर पर भी जाएगा। इसे भी पढ़ें: PM Modi संग बहस की चुनौती पर बोले Rahul Gandhi, पांच मिनट में साबित कर दूंगा आरोप मोदी की रणनीति का बड़ा संदेश देखा जाये तो इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शरद पवार के साथ संवाद का रास्ता खुला रखा है। यह भाजपा की उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, जिसमें विरोधी खेमे के प्रभावशाली नेताओं के साथ संवाद और नए राजनीतिक समीकरणों की संभावनाओं को महत्व दिया जाता है। हालांकि, अभी न तो शरद पवार ने एनडीए में शामिल होने की घोषणा की है और न ही दोनों एनसीपी गुटों के विलय पर कोई अंतिम मुहर लगी है। बहरहाल, इतना तय है कि मोदी और पवार के बीच हुई इस बातचीत ने महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलों को नई हवा दे दी है। यदि आने वाले दिनों में दोनों एनसीपी गुट एक साथ आते हैं और शरद पवार भी एनडीए का हिस्सा बनते हैं, तो महाराष्ट्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति और मजबूत हो सकती है। आने वाला वक्त बतायेगा कि क्या मोदी महाराष्ट्र में पवार परिवार की पूरी राजनीतिक ताकत को एक मंच पर लाकर विपक्ष के सामने एक ऐसी चुनौती खड़ी करने जा रहे हैं, जिसका असर 2029 के लोकसभा चुनाव तक दिखाई दे सकता है?
अगले साल होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले मोदी सरकार ने अग्निवीरों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि के बाद दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल देने का निर्णय किया है। इतना ही नहीं, इसके बाद उन्हें नियमित सैनिक बनने का अवसर भी मिलेगा। इस फैसले को अग्निपथ योजना को लेकर उठ रहे सवालों और चार साल बाद युवाओं के भविष्य की चिंता के संदर्भ में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे राज्यों में, जहां सेना में भर्ती होना हजारों युवाओं का सपना और गांव-गांव की सैन्य परंपरा का हिस्सा है, वहां सरकार के इस फैसले का असर केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके राजनीतिक मायने भी बेहद महत्वपूर्ण होंगे। इस फैसले की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से ही चार साल की सेवा और उसके बाद भविष्य की अनिश्चितता को लेकर सवाल उठते रहे थे। सरकार ने अब उसी चिंता का समाधान निकाला है। हम आपको बता दें कि पहले चार साल बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में रखने का प्रावधान था, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से बाहर होना पड़ता। अब इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर मिलेगा। इसके बाद उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानकों पर खरा उतरने के आधार पर नियमित सैनिक बनने का रास्ता भी खुलेगा। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस दूसरे कार्यकाल में अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे। मोदी सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ये तीनों राज्य सेना में युवाओं की भागीदारी और सैन्य परंपरा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में अग्निवीरों को लेकर लिया गया यह निर्णय राजनीतिक रूप से भी भाजपा और एनडीए के लिए बड़ा संदेश बन सकता है। उत्तर प्रदेश: सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश गांवों और सैन्य परिवारों तक उत्तर प्रदेश की बात करें तो आपको बता दें कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा यह राज्य मोदी सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा राजनीतिक लाभार्थी बन सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल और अवध तक सेना में जाने की परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है। गांवों में सेना की नौकरी केवल रोजगार नहीं, बल्कि सम्मान, सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार की आर्थिक सुरक्षा का माध्यम भी रही है। यही वजह है कि अग्निपथ योजना को लेकर उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में चार साल बाद सेवा समाप्त होने का सवाल राजनीतिक बहस का विषय बना था। खासकर उन परिवारों में, जहां पिता या दादा सेना में रह चुके हैं और अगली पीढ़ी भी वर्दी पहनने का सपना देखती है। अब मोदी सरकार के फैसले से ऐसे परिवारों को यह संदेश दिया जा सकता है कि उनके बच्चों का सेना से जुड़ाव केवल चार साल तक सीमित नहीं रहेगा। दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल और उसके बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर युवाओं के सामने सेना में कॅरियर को आगे बढ़ाने की नई संभावना लेकर आया है। भाजपा के लिए इसका राजनीतिक महत्व इसलिए भी बड़ा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटें हैं। यहां युवाओं, ग्रामीण मतदाताओं और सैन्य परिवारों के बीच इस फैसले को लेकर सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जा सकती है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, जहां सेना में भर्ती की परंपरा मजबूत रही है, वहां यह मुद्दा चुनावी विमर्श में जगह बना सकता है। उत्तराखंड: सैन्य परंपरा वाले राज्य में सीधा असर उत्तराखंड की बात करें तो यहां सेना और सैनिक परिवारों का रिश्ता सामाजिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। पहाड़ के अनेक गांवों में शायद ही कोई ऐसा परिवार मिले, जिसका सेना से किसी न किसी रूप में संबंध न रहा हो। गढ़वाल और कुमाऊं की सैन्य परंपरा देशभर में पहचानी जाती है। ऐसे राज्य में अग्निवीरों के लिए दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं है। इसका सीधा संबंध उन परिवारों की उम्मीदों से है, जिनके लिए सेना में नौकरी पीढ़ियों से आजीविका और सम्मान का बड़ा आधार रही है। उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने अगले विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार को दोबारा सत्ता में लाने की चुनौती होगी। ऐसे में केंद्र का यह फैसला राज्य सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। सैन्य परिवारों के बीच यह संदेश पहुंचाना आसान होगा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया और अग्निवीरों के लिए सेना में आगे बढ़ने का रास्ता खोला है। पंजाब: जहां फौज में जाना युवाओं का सपना है साथ ही पंजाब में अग्निवीरों को लेकर सरकार का फैसला और भी महत्वपूर्ण राजनीतिक अर्थ रखता है। पंजाब के अनेक गांवों में सेना में भर्ती होना युवाओं के लिए रोजगार के साथ-साथ गौरव का विषय रहा है। मालवा, माझा और दोआबा के इलाकों में सैन्य सेवा की मजबूत परंपरा रही है। यहां अग्निपथ योजना को लेकर चार साल की सेवा के बाद भविष्य का सवाल स्वाभाविक रूप से राजनीतिक मुद्दा बन सकता था। अब दो साल के विस्तार और नियमित सेवा में शामिल होने के अवसर से उस सवाल का नया जवाब सरकार के पास है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है और 117 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में 2027 का चुनाव भाजपा के लिए भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का अवसर होगा। भाजपा इस फैसले को केंद्र सरकार की युवा और सैनिक परिवारों के प्रति प्रतिबद्धता के तौर पर पेश कर सकती है। खासकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां सेना में भर्ती होने की इच्छा रखने वाले युवाओं और उनके परिवारों की संख्या बड़ी है। राष्ट्रीय स्तर पर अग्निवीरों के लिए नया रास्ता इसके अलावा, इस फैसले का असर केवल इन तीन चुनावी राज्यों तक सीमित नहीं रहेगा। देशभर में सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। हम आपको याद दिला दें कि अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू हुई थी। इसके तहत चार साल की सेवा के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान था। शेष 75 प्रतिशत को सेवा निधि पैकेज के साथ वापस लौटना था। उनके लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस और अन्य सरकारी विभागों में आरक्षण तथा रोजगार के अवसर भी घोषित किए गए थे। लेकिन सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल रोजगार के वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराना नहीं थी। चुनौती उस मानसिकता और सामाजिक अपेक्षा से जुड़ी थी, जिसमें सेना की नौकरी को जीवनभर की स्थायी सेवा और आर्थिक सुरक्षा के रूप में देखा जाता है। देखा जाये तो ग्रामीण भारत में एक युवा जब सेना में भर्ती होता है तो उसके पीछे पूरे परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। परिवार चाहता है कि बेटा सेना में जाए, नियमित वेतन पाए, लंबे समय तक सेवा करे और सेवानिवृत्ति के बाद भी आर्थिक सुरक्षा हासिल करे। चार साल की अवधि इस पारंपरिक सोच से मेल नहीं खाती थी। मोदी सरकार ने दूसरे रोजगार के रास्ते खोले, लेकिन स्थायी सैन्य सेवा की चाह पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अब इसी मोर्चे पर सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पहले चार साल में चयनित 25 प्रतिशत अग्निवीर नियमित सेवा में शामिल होंगे। बाकी 75 प्रतिशत को दो साल का दूसरा सेवा कार्यकाल दिया जाएगा। इस दौरान बेहतर वेतन, बढ़ी हुई सेवा निधि और वरिष्ठता से जुड़े लाभ मिलेंगे। इसके बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानकों के आधार पर नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा। हम आपको बता दें कि पहली अग्निवीर भर्ती के लगभग 18,300 जवानों के दिसंबर 2026 तक चार साल पूरे होने वाले थे। ऐसे समय में आया यह फैसला उन युवाओं के लिए विशेष महत्व रखता है, जिनके सामने कुछ ही सप्ताह में सेवा समाप्त होने की स्थिति आने वाली थी। चुनावी राजनीति में मोदी सरकार का बड़ा दांव साथ ही इस पूरे फैसले का राजनीतिक पहलू समझना जरूरी है। फरवरी-मार्च 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। निर्वाचन आयोग ने अभी चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है, लेकिन इन राज्यों में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। ऐसे समय में अग्निवीर योजना में बदलाव भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक हथियार बन सकता है। विपक्ष ने अग्निपथ योजना को लेकर लगातार सवाल उठाए थे। चार साल बाद 75 प्रतिशत युवाओं के सेना से बाहर होने की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की कोशिश की थी। अब सरकार के पास उन सवालों का जवाब देने के लिए एक नया फैसला है। भाजपा इस बदलाव को इस रूप में पेश कर सकती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने युवाओं की आकांक्षाओं और सेना के अनुभवों के आधार पर योजना में बदलाव किया। सरकार ने अग्निपथ योजना को खत्म नहीं किया, बल्कि उसके भीतर ही ऐसा रास्ता तैयार किया है, जिससे ज्यादा अग्निवीरों को लंबे समय तक सेना से जुड़े रहने और नियमित सैनिक बनने का अवसर मिल सके। साथ ही इसका सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश उन गांवों तक पहुंच सकता है, जहां सेना में भर्ती होना आज भी युवाओं का सबसे बड़ा सपना है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों से लेकर उत्तराखंड के पहाड़ी गांवों और पंजाब के सैन्य परंपरा वाले क्षेत्रों तक इस फैसले को भाजपा अपनी युवा-केंद्रित और सैनिक परिवारों के हित में उठाए गए कदम के तौर पर प्रचारित कर सकती है। बहरहाल, अग्निवीरों को दो साल का एक्सटेंशन देकर मोदी सरकार ने केवल सेवा अवधि नहीं बढ़ाई है, बल्कि 2027 के चुनाव से पहले एक ऐसे वर्ग की चिंता को संबोधित किया है, जिसकी नाराजगी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकती थी। अब भाजपा के सामने इस फैसले को गांव-गांव, युवा-युवा और सैन्य परिवारों तक पहुंचाने का अवसर है। जिस अग्निपथ योजना को विपक्ष ने राजनीतिक घेराबंदी का मुद्दा बनाया था, उसी योजना में बदलाव करके सरकार ने चुनावी बहस की दिशा बदलने की कोशिश की है।
जींद जिले के जुलाना में चोर एक मकान से लाखों रुपए के गहने और 20 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गए। आरोपी ताला तोड़कर घर में घुसे और अलमारी से सोने-चांदी के आभूषण समेट लिए। वारदात के समय मकान मालिक अंशु अपने मायके जींद गई हुई थी, जबकि उसका पति प्रवीण रेलवे की परीक्षा देने पंजाब के भठिंडा गया था। घर में किसी के नहीं होने का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपी घर के बाहर गली में मोटरसाइकिल और छत पर हेलमेट छोड़कर फरार हो गए। सूचना मिलने पर जुलाना सदर थाना पुलिस ने अंशु की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जेठ ने ताला टूटा देखकर दी सूचना जुलाना के वार्ड-2 निवासी अंशु ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 30 अक्टूबर को अपने मायके जींद चली गई थी। 3 नवंबर की सुबह उसका पति प्रवीण मकान को ताला लगाकर रेलवे की परीक्षा देने भठिंडा (पंजाब) चला गया। 4 नवंबर की सुबह जेठ विनोद ने मकान का ताला टूटा देखा तो फोन कर इसकी सूचना दी। घर लौटने पर अंशु ने देखा कि अंदर सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद डायल 112 पर सूचना दी गई। अलमारी से सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले अंशु के अनुसार, घर की अलमारी का ताला भी टूटा हुआ था। जांच करने पर सोने का मंगलसूत्र, गले का सेट, 2 जोड़ी कानों की बालियां, 2 अंगूठियां, नथ और टीका गायब मिले। इसके अलावा चांदी की तागड़ी, पायजेब, कडुल्ली, 2 चेन और 6 अंगूठियां-चुटकी भी चोरी हुई हैं। शिकायत के मुताबिक, कुल करीब 60 तोले के आभूषण और घर में रखे 20 हजार रुपए नकद गायब मिले। घर के बाहर बाइक और छत पर मिला हेलमेट अंशु ने बताया कि घर की छत पर हेलमेट पड़ा मिला, जबकि बाहर गली में एक संदिग्ध मोटरसाइकिल खड़ी थी। उसने आशंका जताई कि आरोपी बाइक पर आए थे और चोरी के दौरान किसी के आने पर छत के रास्ते फरार हो गए। जांच अधिकारी रविंद्र ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
ओछी टिप्पणी... पंजाब CM भगवंत मान पर शराब पीने वाले आरोप पर AAP का राहुल गांधी पर तंज
राहुल गांधी के भगवंत मान पर दिए शराब वाले आरोपों को आप नेता सौरभ भारद्वाज ने 'स्तरहीन' बताते हुए कहा कि इस तरह के संगीन और व्यक्तिगत आरोप लगाया जाना राजनीति का निचला स्तर है.
गयाजी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 10 किलो मारिजुआना बरामद किया है। थाईलैंड से थाई एयरवेज की फ्लाइट से पहुंचीं पंजाब की दो महिलाएं चार बैग में गांजे की खेप छिपाकर ला रही थीं।
Rahul Gandhi ने PM Modi Challenge पर Amit Shah को दिया जवाब | Punjab Sangrur Rally | Congress
Rahul Gandhi ने PM Modi Challenge पर Amit Shah को दिया जवाब
इंटरनेट डेस्क। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब के संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित किया। रैली में राहुल ने कहा कि पंजाब को एक ऐसी सरकार चाहिए जो यहां के लोगों के लिए काम करे। राहुल गांधी ने कहा कि पंजाब में सबसे बड़ा मुद्दा नशा है। 11 बजे शराब की बदबू आती थी राहुल गांधी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार पर नशे को रोकने में फेल होने का आरोप लगाया। मीडिया रिपोटर्स की माने तो राहुल गांधी ने कहा, “दूसरी कहानी बताता हूं, आपके चीफ मिनिस्टर के बारे में, मैं लोकसभा में था सुबह-सुबह हमारे पास बैठकर हमें चुटकुले सुनाते थे और 11 बजे सुबह उनके मुंह से शराब की बू आती थी। हर शाम नशा नहीं कर सकता राहुल गांधी ने कहा, “मैं यह नहीं कह रहा हूं कि भगवंत मान जी को शराब नहीं पीनी चाहिए, वह उनका पर्सनल मामला है, अगर वह शराब पीना चाहते हैं उनका पर्सनल मामला है मगर भाईयों और बहनों, अगर आप नशे से लड़ना चाहते हो तो आपका चीफ मिनिस्टर हर शाम नशा नहीं कर सकता। राहुल ने कहा, ”पंजाब ने भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर भरोसा किया। उनका वादा राज्य को नशा मुक्त करने का था। मैं पूछना चाहता हूं कि पंजाब के किस कोने से नशा खत्म हुआ है। ये नशा नहीं हटा सकते हैं। PC- AAJ TAK
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत और जापान के बीच फाइनल आज, पंजाब सीएम मान होंगे शामिल
मोहाली, 5 नवंबर . हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का फाइनल मेजबान India और जापान के बीच Thursday को शाम 7 बजे से मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह…
Delhi में लगातार चौथे दिन हवा बहुत खराब, AQI 368 और PM2.5 बना मुख्य प्रदूषक
गुरुवार को लगातार चौथे दिन दिल्ली की हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रही, जबकि राजधानी के आसमान पर घना धुंध छाया रहा। सुबह 7.05 बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 368 दर्ज किया गया। बुधवार को 24 घंटे का औसत AQI 377 रहा, जबकि मंगलवार को यह 350 और सोमवार को 324 था। पिछले शुक्रवार को शहर का AQI 60 दर्ज किया गया था, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है; यह पिछले चार वर्षों में अक्टूबर का सबसे साफ दिन रहा। इसे भी पढ़ें: Punjab Stubble Burning | पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर CAQM सख्त, 12 जिलों के DC और SSP के साथ समीक्षा बैठक शहर के 59 रिपोर्टिंग स्टेशनों में से 18 ने AQI रीडिंग 'गंभीर' (severe) श्रेणी में, 36 ने 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में और 5 ने 'खराब' (poor) श्रेणी में दर्ज की। जहांगीरपुरी में सबसे खराब AQI (459) दर्ज किया गया, इसके बाद IIT-दिल्ली (447) और पंजाबी बाग (446) का नंबर रहा। ओखला फेज II (399), बुराड़ी क्रॉसिंग (397), ITO (397), द्वारका सेक्टर 8 (396), मंदिर मार्ग (393) और जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम (391) में दर्ज की गई रीडिंग 'गंभीर' श्रेणी के करीब रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) AQI रीडिंग को इस तरह वर्गीकृत करता है: 0-50 को अच्छा, 51-100 को संतोषजनक, 101-200 को मध्यम, 201-300 को खराब, 301-400 को बहुत खराब और 401-500 को गंभीर। सुबह 7 बजे, CPCB के अनुसार दिल्ली के 59 रिपोर्टिंग स्टेशनों में से 53 में PM2.5 मुख्य प्रदूषक था, जबकि बाकी छह स्टेशनों में PM10 मुख्य प्रदूषक था। एक दिन पहले इसी समय, ये आंकड़े क्रमशः 54 और पांच थे। इसे भी पढ़ें: Kolkata के Rabindra Sarobar में 6 साल बाद Chhath Puja की तैयारी, सरकार देगी सशर्त छूट NASA के उपग्रह ने 1 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की 2,251 घटनाएं दर्ज कीं (पंजाब में 2,025 और हरियाणा में 226), जिनमें से 246 घटनाएं 4 नवंबर को हुईं। पिछले साल इसी अवधि के दौरान, उपग्रह ने पराली जलाने की 2,579 घटनाएं दर्ज की थीं। हालांकि, इस तुलना को सावधानी से समझने की जरूरत है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में पराली जलाने का समय बाद के घंटों में खिसक गया है। 2025 में मेटियोसैट (Meteosat) द्वारा दर्ज की गई आग की घटनाओं में से लगभग 98% दोपहर 3 बजे के बाद हुईं, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 94% था। दोनों सीज़न के आंकड़ों में अंतर का एक कारण यह बदलाव भी हो सकता है। ये दोनों आंकड़े असल संख्या से कम हैं, क्योंकि पराली जलाने की अधिकांश घटनाएं दोपहर 1:45 बजे के आसपास उपग्रह के उस क्षेत्र से गुजर जाने के बाद होती हैं।
परविंदर झोटा की पत्नी को ₹2 करोड़ और सरकारी नौकरी, Joint Action Committee का धरना खत्म
बुधवार को मानसा में, नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार और 'जॉइंट एक्शन कमिटी' के सदस्यों के साथ पांच घंटे तक चली बैठक के बाद, पंजाब सरकार उनकी पत्नी को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने पर सहमत हो गई है। इस समझौते के साथ ही झोटा की हत्या को लेकर चल रहा 22 दिन पुराना आंदोलन खत्म हो गया है। इसके साथ ही, एक्शन कमिटी ने 5 नवंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास का घेराव करने की अपनी योजना को भी स्थगित करने पर सहमति जताई है। इसे भी पढ़ें: Punjab Stubble Burning | पंजाब में पराली जलाने के बढ़ते मामलों पर CAQM सख्त, 12 जिलों के DC और SSP के साथ समीक्षा बैठक इस बैठक में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व किया। मुआवजे और रोजगार के आश्वासन के अलावा, सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर भी सहमत हो गई है। इससे जेल में बंद लाखा सिधाना और अन्य लोगों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस समझौते के बाद, झोटा का परिवार उनके पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए सहमत हो गया। 13 अक्टूबर को उनकी हत्या के बाद से ही उनका शव मानसा के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ था। इसे भी पढ़ें: पंजाब: Parwinder Singh Jhota के अंतिम संस्कार पर बनी सहमति, 22 दिन बाद खत्म हुआ प्रदर्शन सरकार और आंदोलनकारी समूहों के बीच हुए समझौते का एक अहम हिस्सा यह भी था कि प्रदर्शनकारियों (जिनमें लक्खा सिधाना भी शामिल हैं) के खिलाफ दर्ज मामले वापस लिए जाएं। सरकार इस बात पर भी सहमत हुई कि भम्मे कलां के दलजीत सिंह—जिनकी 27 अक्टूबर को मौत हो गई थी—के परिवार के एक सदस्य को 50 लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाएगी। बातचीत के दौरान, जेल में बंद लक्खा सिधाना और अन्य नेताओं की रिहाई का मुद्दा एक बड़ा अड़चन बना रहा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पंजाब में पराली (धान के अवशेष) जलाने की बढ़ती घटनाओं पर अत्यंत गंभीर रुख अपनाया है। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने और प्रभावी प्रशासनिक उपाय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में 12 संवेदनशील जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों के सीएक्यूएम अध्यक्ष राजेश वर्मा ने की। इसमें राज्य के पर्यावरण सचिव, कृषि सचिव और 12 जिलों के उपायुक्तों (डीसी) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) ने भाग लिया। सोमवार और मंगलवार के बीच, पंजाब में पराली जलाने के 584 नए मामले सामने आए, जो केवल एक दिन में हुई भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है। बैठक में शामिल डीसी और एसएसपी फिरोजपुर, संगरूर, बठिंडा, पटियाला, बरनाला, फरीदकोट, जालंधर, फाजिल्का, लुधियाना, मलेरकोटला, मोगा और मानसा जिलों से थे। तकनीकी सदस्य के नेतृत्व में सीएक्यूएम की एक उच्चस्तरीय टीम जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करने के लिए पहले से ही बठिंडा में मौजूद है। आयोग ने निर्देश दिया कि निगरानी और प्रवर्तन अभियान को तेज किया जाए तथा निगरानी में कमी और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में विफलता के लिए नोडल अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए। आयोग ने दोहराया कि किसी भी लापरवाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, तीन नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने की कुल घटनाएं बढ़कर 2,196 हो गईं, जबकि सोमवार को यह संख्या 1,612 थी। ज़मीनी स्तर पर निगरानी और नोडल अधिकारियों की जवाबदेही सीएक्यूएम की एक उच्चस्तरीय तकनीकी टीम जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए पहले से ही बठिंडा में मौजूद है। बैठक के दौरान आयोग ने निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए: निगरानी एवं प्रवर्तन अभियानों में तेज़ी: सभी 12 जिलों में पुलिस और प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि पराली जलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। नोडल अधिकारियों की जवाबदेही: आयोग ने स्पष्ट किया कि फील्ड स्तर पर तैनात नोडल अधिकारियों की यदि निगरानी में ढिलाई या विफलता पाई जाती है, तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई: आयोग ने दोहराया कि निर्देशों के अनुपालन में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली की हवा बुधवार को और खराब होकर 377 AQI पर पहुंच गई। पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं के कारण CAQM ने पंजाब के जिलों को नोटिस जारी किया है।
Punjab and Haryana High Court ने दी अनुमति, मानसा के पैतृक गांव में होगा दलजीत का अंतिम संस्कार
चंडीगढ़, चार नवंबर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने बुधवार को अपने पहले के आदेश में बदलाव करते हुए दलजीत सिंह का अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के बजाय मानसा जिले में उनके पैतृक गांव में करने की अनुमति दे दी। दलजीत (35) की 27 अक्टूबर को भम्मे कलां गांव में मौत हो गई थी। आशंका है कि नशीले पदार्थ की अधिक मात्रा लेने से उनकी मौत हुई, हालांकि पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। इस घटना और नशे की समस्या को लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने पंजाब पुलिस और राज्य सरकार की आलोचना की है। न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ ने कहा कि मृतक का अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर से पहले उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। मृतक की पत्नी और मां ने अदालत में याचिका दायर कर दलजीत का अंतिम संस्कार पैतृक गांव में करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था। अदालत ने मंगलवार को दलजीत के शव का पोस्टमार्टम चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) में कराने का आदेश दिया था। हालांकि, अदालत ने बुधवार को आदेश में कहा , ‘‘सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के संबंधित अधिकारी मृतक का शव पुलिस अधिकारियों के एक दल को सौंपेंगे। यह दल पर्याप्त सुरक्षा के बीच शव को सीधे चंडीगढ़ से भम्मे कलां गांव के श्मशान घाट ले जाएगा।’’
गोरखपुर होकर चलेंगी दो और स्पेशल ट्रेन:बिहार, दिल्ली और पंजाब जाने वालों को राहत
दीपावली और छठ के बाद यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दो और त्योहार स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इनमें मुजफ्फरपुर से आनंद विहार टर्मिनस के बीच चलने वाली ट्रेन गोरखपुर होकर दो फेरे लगाएगी। वहीं, सरहिंद से सहरसा के बीच चलने वाली अनारक्षित त्योहार स्पेशल ट्रेन भी गोरखपुर होकर तीन फेरे लगाएगी। मुजफ्फरपुर-आनंद विहार ट्रेन 21 और 28 नवंबर को मुजफ्फरपुर से चलेगी, जबकि वापसी में 22 और 29 नवंबर को आनंद विहार से रवाना होगी। दूसरी ओर, सरहिंद-सहरसा ट्रेन 5, 9 और 12 नवंबर को सरहिंद से तथा 6, 10 और 13 नवंबर को सहरसा से चलेगी। इन ट्रेनों के चलने से गोरखपुर के रास्ते बिहार, दिल्ली और पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी। मुजफ्फरपुर से सुबह 6:30 बजे चलेगी ट्रेन 05283 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार टर्मिनस त्योहार विशेष ट्रेन 21 और 28 नवंबर को मुजफ्फरपुर से सुबह 6:30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन मोतीपुर, मेहसी, चकिया, पिपरा, बापूधाम मोतिहारी, सगौली, बेतिया, नरकटियागंज, हरिनगर और बगहा होते हुए दोपहर 3 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से बस्ती, गोंडा, लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर और मुरादाबाद होते हुए अगले दिन सुबह 5 बजे आनंद विहार टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में 05284 आनंद विहार-मुजफ्फरपुर त्योहार विशेष ट्रेन 22 और 29 नवंबर को सुबह 7 बजे आनंद विहार से रवाना होगी। यह ट्रेन मुरादाबाद, शाहजहांपुर, हरदोई और लखनऊ होते हुए शाम 9:10 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से बगहा, हरिनगर, नरकटियागंज, बेतिया, सगौली, बापूधाम मोतिहारी, पिपरा, चकिया, मेहसी और मोतीपुर होते हुए अगले दिन सुबह 4:50 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। 22 कोच के साथ चलेगी मुजफ्फरपुर-दिल्ली स्पेशल इस ट्रेन में कुल 22 कोच होंगे। इनमें एक जनरेटर सह लगेज कोच, एक दिव्यांगजन के लिए कोच, चार जनरल, छह स्लीपर और 10 एसी थर्ड क्लास कोच शामिल हैं। इससे यात्रियों को स्लीपर और एसी में सफर के लिए ज्यादा सीटें मिलेंगी। सरहिंद-सहरसा अनारक्षित स्पेशल के तीन फेरे दूसरी ट्रेन 04528 सरहिंद-सहरसा अनारक्षित त्योहार विशेष 5, 9 और 12 नवंबर को सरहिंद से सुबह 11:25 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन राजपुरा, अंबाला कैंट, यमुनानगर जगाधरी, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली और सीतापुर होते हुए अगले दिन सुबह 5:25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से देवरिया सदर, सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया और सिमरी बख्तियारपुर होते हुए शाम 5 बजे सहरसा पहुंचेगी। वापसी में 04527 सहरसा-अंबाला कैंट अनारक्षित त्योहार विशेष ट्रेन 6, 10 और 13 नवंबर को सहरसा से शाम 7:15 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन सिमरी बख्तियारपुर, खगड़िया, बेगूसराय, बरौनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर होते हुए अगले दिन सुबह 6:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। यहां से गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, सहारनपुर और यमुनानगर जगाधरी होते हुए रात 10:20 बजे अंबाला कैंट पहुंचेगी। सभी 17 कोच होंगे अनारक्षित सरहिंद-सहरसा स्पेशल ट्रेन में कुल 17 कोच होंगे। इनमें 15 जनरल और स्लीपर कोच के साथ दो एसएलआर कोच शामिल हैं। रेलवे के मुताबिक, ट्रेन के सभी यात्री कोच अनारक्षित होंगे। इससे त्योहार के दौरान बिना रिजर्वेशन सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।
पंजाब में अगले चार दिन मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन दिवाली के बाद नए पश्चिमी विक्षोभ से बारिश की संभावना है। राज्य में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, खन्ना में AQI 256 दर्ज किया गया है, जिससे चिंता बनी हुई है।
सुर्खियां: आज से अयोध्या में दीपोत्सव; हरियाणा में शाह की रैली; ट्रंप ने माना ईरान युद्ध बना हार की वजह- Deepotsav begins today in Ayodhya Amit Shah visit Haryana Punjabi belt shooting in Florida US Midterm Election
मौजूदा पंजाब सरकार से हर वर्ग दुखी : राजिंदर बेरी
भास्कर न्यूज | जालंधर संगरूर में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित इंसाफ रैली में जालंधर सेंट्रल हलके से राजिंदर बेरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली स्थल पर राजिंदर बेरी ने कहा कि यह रैली विधानसभा चुनावों की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की मौजूदा सरकार से हर वर्ग दुखी है और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर लोगों में चिंता है; दिनदहाड़े खुलेआम गोलियां चलने की घटनाओं का हवाला भी दिया गया। बेरी ने कहा कि रैली के माध्यम से पंजाब की जनता के लिए इंसाफ की मांग उठाई जाएगी और सरकार से पिछले पांच वर्षों का हिसाब मांगा जाएगा कि जनता के लिए क्या किया गया। इस मौके पर गुरनाम सिंह मुलतानी, परमजोत सिंह शैरी चड्ढा, डॉ. जसलीन सेठी, गुरविंदरपाल सिंह बंटी नीलकंठ, मनदीप कुमार जस्सल, जगदीश कुमार दकोहा, विजय कुमार दकोहा, मंगा सिंह मुधड़, दीना नाथ प्रधान और मक्खण सिंह मौजूद रहे।
पुराने वैट मामलों में ओटीसी-ब्याज माफी योजना लागू करे पंजाब सरकार: व्यापारी
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय व्यापार मंडल के प्रदेश प्रधान राजीव अनेजा और जिला प्रधान विकास नारंग ने केंद्र सरकार की ओर से बजट 2026-27 में व्यापारियों और एमएसएमई उद्योग के लिए घोषित सुधारों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में घोषित 7 दिन में जीएसटी रिफंड और 45,060 करोड़ रुपए का निर्यात पैकेज पंजाब के सीमावर्ती जिलों के व्यापारियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इससे कारोबार को गति मिलने की उम्मीद है। अनेजा और नारंग ने कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए तिमाही जीएसटी भुगतान, गलती पर दो बार तक जुर्माने से राहत और कॉर्पोरेट मित्र योजना जैसे प्रावधान उपयोगी हैं। डाक के माध्यम से निर्यात पर सब्सिडी मिलने से छोटे व्यापारी भी अपना सामान दुबई और कनाडा जैसे देशों तक भेज सकेंगे। उन्होंने बताया कि 7 दिन में जीएसटी रिफंड मिलने से व्यापारियों की कार्यशील पूंजी लंबे समय तक नहीं फंसेगी। 10 करोड़ रुपए तक के कारोबारियों को तिमाही जीएसटी भुगतान की सुविधा से हर महीने रिटर्न और भुगतान का दबाव कम होगा। वहीं, कॉर्पोरेट मित्र योजना के तहत 3 हजार रुपए में जीएसटी और अकाउंट विशेषज्ञ की मदद मिलने का प्रावधान है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि 45,060 करोड़ रुपए के निर्यात पैकेज के तहत शॉल, ज्वेलरी और पापड़-वड़ियां कारोबार को सस्ता कर्ज देने का प्रावधान किया गया है। छोटे पार्सल के निर्यात पर भी आरओडीटीईपी सब्सिडी का लाभ मिलेगा। उन्होंने पंजाब सरकार से पुराने वैट मामलों के निपटारे के लिए ओटीसी और ब्याज माफी योजना जल्द लागू करने की मांग की। साथ ही अटारी-वाघा व्यापार दोबारा शुरू करवाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने की अपील की।
स्टूडेंट ने दिखाई पंजाब की विरासत, नशा, मोबाइल की लत और विदेश पलायन जैसे मुद्दों को भी उठाया
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में इंटर कॉलेज यूथ फेस्टिवल 2026-27 का रंगारंग आयोजन हो रहा है। जिसमें बुधवार को ढोल की थाप और रंग-बिरंगी सांस्कृतिक शोभायात्रा के साथ विद्यार्थियों ने पंजाब की समृद्ध विरासत, संस्कृति और मौजूदा सामाजिक चुनौतियों को प्रदर्शित किया। शोभायात्रा में पंजाब की कृषि प्रधान पहचान, पांच नदियों का महत्व, बुजुर्गों का सम्मान और बच्चों के प्रति प्यार जैसे विषयों को दर्शाया गया। वहीं, नशे का बढ़ता चलन, मोबाइल की लत और युवाओं का विदेशों की ओर पलायन जैसे मुद्दे भी उठाए गए। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से पंजाब को फिर से 'रंगला पंजाब' बनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बुधवार को मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब समृद्ध और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत वाला प्रदेश है। यहां के युवाओं ने हमेशा यूथ फेस्टिवल, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेल गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पीएयू ने पंजाब को देश का अन्न भंडार यानी ब्रेड बास्केट ऑफ इंडिया बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 30 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। अब विश्वविद्यालय को गर्ल्स और बॉयज हॉस्टल के विस्तार और मजबूती के लिए अगली ग्रांट मिलने की उम्मीद है। इसके लिए उन्होंने पीएयू प्रशासन से प्रस्ताव तैयार कर भेजने को कहा, ताकि राशि आवंटित की जा सके। पीएयू के कुलपति डॉ. हरविंदर सिंह धालीवाल ने कहा कि यूथ फेस्टिवल का आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने, उसे निखारने और सामने लाने का अवसर देने के उद्देश्य से किया गया है। पीएयू ने डॉ. जेएस भल्ला और बल मुकुंद शर्मा जैसे कलाकारों के साथ डॉ. सुरजीत पातर, कुलवंत विर्क और प्रो. मोहन सिंह जैसे महान पंजाबी साहित्यकार दिए हैं। विश्वविद्यालय भविष्य में भी ऐसी प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रयासरत रहेगा। डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. केएस सूरी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए यूथ फेस्टिवल को जीवन का उत्सव बताया। यूथ फेस्टिवल में पीएयू के विभिन्न कॉलेजों और संस्थानों के विद्यार्थी उत्साह से भाग ले रहे हैं। इनमें लुधियाना स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर, कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज एंड ह्यूमैनिटीज और कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस शामिल हैं। इसके अलावा बल्लोवाल सौंखड़ी स्थित कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर तथा बठिंडा और गुरदासपुर के कृषि संस्थानों के विद्यार्थी भी विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के सदस्य डॉ. अशोक कुमार, पीएयू के पूर्व डीएसडब्ल्यू डॉ. निर्मल जौरा, जम्मू स्थित शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के पूर्व वीसी डॉ. जेपी शर्मा और आईसीएआर के एडीजी (हॉर्टिकल्चर) डॉ. वीपी पटेल को सम्मानित किया गया। अंत में पीएयू के कुलपति ने मुख्य अतिथि हरपाल सिंह चीमा को फुलकारी और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। डॉ. टीएस रियार, एडिशनल डायरेक्टर कम्युनिकेशन ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
Mahendragarh-Narnaul News: धानौता के लाल मनोज खटाणा बने पंजाब शेरनिज के सहायक कोच
गांव धानौता के पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी मनोज खटाणा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नई उपलब्धि हासिल की है। उन्हें प्रो महिला वॉलीबॉल लीग में पंजाब शेरनिज टीम का सहायक कोच नियुक्त किया गया है।
Patiala News: पराली की आग से बिगड़ी पंजाब की हवा, खन्ना का एक्यूआई 256
Stubble burning worsens air quality in Punjab; AQI in Khanna reaches 256
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों के संरक्षण को महत्वपूर्ण जनहित का मामला बताते हुए चरखी दादरी में खनन गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं।
Punjab Sangrur Rally में Rahul Gandhi ने मंच पर Sidhu Moosewala के पिता को क्यों बुलाया? Congress
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पंजाब के संगरूर में एक रैली के दौरान दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद किया. इस दौरान राहुल गांधी ने मंच से मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा सुनाया. राहुल ने कहा कि जब सिद्धू उनसे मिलने आए थे
Rahul Gandhi ने मंच PM Modi, Amit Shah को दे दिया बड़ा चैलेंज | Punjab Sangrur Rally
पंजाब के संगरूर में राहुल गांधी ने इंसाफ रैली में बीजेपी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी को भी घेरा. राहुल गांधी ने नशे का मुद्दा उठाते हुए मान सरकार के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह को ना सिर्फ घेरा बल्कि, सवाल भी उठाए
अलीगढ़ की अतरौली तहसील के छोटे से गांव नाह के रहने वाले नितिन माहेश्वरी को भाजपा ने पंजाब प्रदेश का विस्तारक प्रमुख बनाया है। उन्हें पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर संगठन विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंजाब में विस्तारकों की बैठक के दौरान प्रदेश संगठन मंत्री मंथरी श्रीनिवासलु ने पदाधिकारियों की मौजूदगी में उनके नाम की घोषणा की। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. सतीश, पंजाब के सह प्रभारी वीरेंद्र सचदेवा और प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों मौजूद रहे। एबीवीपी से शुरू हुआ संगठनात्मक सफर नितिन माहेश्वरी के पिता सत्यप्रकाश माहेश्वरी किसान हैं। नितिन ने एमसीए की पढ़ाई की है। वर्ष 2013 में धर्म समाज कॉलेज, अलीगढ़ में पढ़ाई के दौरान उनका संपर्क अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से हुआ। इसी साल उन्हें कॉलेज इकाई का अध्यक्ष बनाया गया। 2014-15 में उन्होंने अलीगढ़ महानगर मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2016 में पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने के बाद उन्हें पीलीभीत का जिला संगठन मंत्री बनाया गया। इसके बाद बरेली जिला संपर्क प्रमुख, 2019-20 में आगरा महानगर संगठन मंत्री और 2020 में आगरा विभाग संगठन मंत्री की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2022 में वह बरेली और बदायूं विभाग के संगठन मंत्री बनाए गए। 2024 में पंजाब भेजे गए, अब मिली बड़ी जिम्मेदारी वर्ष 2024 में संगठन ने उन्हें पंजाब भेजा। वहां उन्होंने अमृतसर और फिरोजपुर विभाग के संगठन मंत्री के रूप में काम किया। इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में संगठन विस्तार और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। वह 2023, 2024 और 2025 में राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में भी काम कर चुके हैं। नई जिम्मेदारी मिलने पर नितिन माहेश्वरी ने संगठन के पदाधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ दायित्व निभाएंगे। पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
मान सरकार पर कांग्रेस का निशाना, कहा- पंजाब के नुकसान की जिम्मेदार आप
मान सरकार पर कांग्रेस का निशाना, कहा- पंजाब के नुकसान की जिम्मेदार आप
भाजपा और उसकी एजेंसियां जितनी चाहें उतनी छापेमारी कर सकती हैं: पंजाब सीएम मान
चंडीगढ़, 4 नवंबर . पंजाब के Chief Minister भगवंत मान ने Wednesday को आम आदमी पार्टी (आप) नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों द्वारा बार-बार की जा रही छापेमारी…
राहुल गांधी ने पंजाब में कांग्रेस के चुनावी अभियान का किया आगाज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान का आगाज करते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। संगरूर जिले के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र फग्गूवाला गांव में आयोजित कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी […]
अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में ट्रंप की पार्टी की हार से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे वैश्विक और भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी आसमान छूने लगे हैं।
दिल्ली में बढ़ा पराली से प्रदूषण, पंजाब में AAP और BJP के बीच बढ़ी तकरार
दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसमें पराली जलने का योगदान महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पीएम 2.5 में पराली के धुएं की हिस्सेदारी बढ़ने का अनुमान है. इस बीच प्रदूषण के मुद्दे पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच जमकर राजनीति हो रही है. जहां बीजेपी पंजाब में जलने वाली पराली को मुख्य वजह बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि बीजेपी पंजाब और वहां के किसानों को बेवजह निशाना बना रही है.
सिद्धू मूसेवाला के साथ जो हुआ, वह पंजाब में ‘फैशन’ बन चुका है... राहुल गांधी का बड़ा हमला
संगरूर में 'इंसाफ रैली' को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पंजाब के ड्रग्स मुद्दे उठाया. उन्होंने कहा कि ड्रग्स-फ्री पंजाब के लिए कांग्रेस की सरकार बनाइए.
1984 के जख्म और पंजाब में नशे की पीड़ा न्याय के बिना नहीं हो सकती दूर: रविशंकर प्रसाद
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को चंडीगढ़ में 'जख्म 84 दे' नाम से एक दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत की।
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'सिद्धू के गानों में पंजाब की आवाज थी', राहुल ने मूसेवाला को किया याद
पंजाब की रैली में राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला के पिता को मंच के पास बुलाया और गायक से अपनी पहली मुलाकात, कांग्रेस में उनकी एंट्री, धमकियों और हत्या को याद किया. उन्होंने आरोप लगाया कि मूसेवाला को निशाना बनाने वाली सोच अब पूरे पंजाब में घूम रही है और हुनरमंद लोगों को डराया जा रहा है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के सामने भरी हुंकार, बोले- पंजाब जीतेंगे तो पूरा भारत जीतेंगे
पंजाब,04 नवंबर 2026 | पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 4 नवंबर 2026 को संगरूर में आयोजित ‘इंसाफ रैली’ में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने की अपील की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में खरगे […] The post मल्लिकार्जुन खरगे ने राहुल गांधी के सामने भरी हुंकार, बोले- पंजाब जीतेंगे तो पूरा भारत जीतेंगे appeared first on Rashtriya Ujala .
संगरूर की इंसाफ रैली में राहुल गांधी ने भगवंत मान सरकार पर नशे, गैंगस्टरवाद और अधूरे चुनावी वादों को लेकर निशाना साधा। पीएम मोदी को बहस की चुनौती भी दी।
पंजाब की सियासत में 'कमल' की दस्तक और आम आदमी पार्टी का अंतर्विरोध
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तारीखें अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन राज्य की राजनीतिक बिसात पर शह और मात का खेल अपने चरम पर पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के ठीक बाद, पार्टी के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी एक बड़े विस्फोट में बदल गई है। अमृतसर नॉर्थ से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह, समाना से विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा, और सनौर से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा का एक साथ पाला बदलकर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होना केवल तीन विधायकों का इस्तीफा नहीं है, बल्कि यह भगवंत मान सरकार और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के लिए एक गहरा राजनीतिक और नैतिक झटका है। नई दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में 2 नवंबर 2026 को जिस तरह इन नेताओं को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई, उसने इस चर्चा को फिर से हवा दे दी है कि क्या पंजाब में भी भाजपा का बहुचर्चित 'ऑपरेशन लोटस' पूरी ताकत से सक्रिय हो चुका है। इस राजनीतिक उठापटक को समझने के लिए इसके कालक्रम और पृष्ठभूमि को देखना अनिवार्य है। विपक्षी खेमे और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पंजाब में आम आदमी पार्टी को कमजोर करने या सत्ता परिवर्तन की इस पटकथा की शुरुआत हाल-फिलहाल में नहीं हुई, बल्कि इसकी जड़ें काफी गहरी हैं। मार्च 2024 और उसके बाद के महीनों में जब आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों का एक बड़ा धड़ा, जिसमें राघव चड्ढा और डॉ. संदीप पाठक जैसे प्रमुख चेहरे शामिल थे, धीरे-धीरे पार्टी लाइनों से दूर हुआ और बाद में 7 राज्यसभा सांसदों के एक गुट ने तकनीकी रूप से भाजपा के साथ विलय का रास्ता चुना, तभी से पंजाब की सत्ताधारी पार्टी के भीतर दरारें साफ दिखाई देने लगी थीं। उस समय भी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे 'गद्दारी' करार दिया था और केंद्रीय एजेंसियों के दबाव में किया गया दलबदल बताया था। इसके बाद जब भगवंत मान सरकार ने जालंधर में अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए विधायकों की बैठक बुलाई, तो 94 विधायकों में से केवल 65 विधायक ही वहां पहुंचे। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि पार्टी के लगभग 29 विधायक या तो नेतृत्व से नाराज थे या किसी अन्य राजनीतिक विकल्प की तलाश में थे। अब, नवंबर 2026 की शुरुआत में तीन सिटिंग विधायकों का इस्तीफा देना इसी सिलसिले की अगली और अधिक आक्रामक कड़ी है। इसे भी पढ़ें: Punjab में Congress कार्यकर्ताओं को Mallikarjun Kharge का संदेश, एकजुटता से ही मिलेगी पूरे देश में जीत संसदीय लोकतंत्र में जब भी किसी राज्य में सत्ताधारी दल के विधायक विपक्षी दल में शामिल होते हैं, तो सत्ता पक्ष द्वारा इसे 'ऑपरेशन लोटस' की संज्ञा दी जाती है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा धनबल, बाहुबल और केंद्रीय जांच एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के डर का इस्तेमाल कर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। देश के राजनीतिक इतिहास में कर्नाटक, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में सरकारों का गिरना या विधायकों का बड़े पैमाने पर दलबदल करना इस रणनीति का हिस्सा माना जाता रहा है। पंजाब के संदर्भ में भी, तीन विधायकों के भाजपा में जाने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका तर्क है कि पंजाब की जनता ने 2022 में आम आदमी पार्टी को 92 सीटों का प्रचंड बहुमत देकर बदलाव की जो जिम्मेदारी सौंपी थी, भाजपा उसे चोर दरवाजे से हथियाना चाहती है। हालांकि, इस सिक्के का दूसरा पहलू भी है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पार्टी छोड़ने वाले विधायकों ने जो आरोप लगाए हैं, वे केवल राजनीतिक अवसरवाद की कहानी नहीं कहते, बल्कि वे शासन और प्रशासन की गंभीर विफलताओं की ओर इशारा करते हैं। इस्तीफा देने वाले तीनों नेताओं—कुंवर विजय प्रताप, चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा—ने मीडिया के सामने आकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कुंवर विजय प्रताप सिंह, जिन्होंने 2015 के कोटकपूरा और बहबल कलां गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी मामले की जांच करने वाली एसआईटी का नेतृत्व किया था, लंबे समय से आम आदमी पार्टी की कार्यप्रणाली से असंतुष्ट चल रहे थे। उनका आरोप है कि जिस बेअदबी मामले को सुलझाने और दोषियों को सजा दिलाने के वादे पर आम आदमी पार्टी सत्ता में आई थी, उस पर मान सरकार ने जानबूझकर ढीली पैरवी की और राजनीति की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पंजाब के 'स्कूल्स ऑफ एमिनेंस' के दावों पर सवाल उठाए और राज्य में फैले माफिया राज की निंदा की। वहीं, पूर्व मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने सीधे तौर पर पंजाब में बढ़ते नशे (चिट्टा) के कारोबार, कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने, बेलगाम गैंगस्टर संस्कृति और राज्य पर बढ़ते ढाई लाख करोड़ रुपये के कर्ज को अपनी नाराजगी का कारण बताया। इन नेताओं का सबसे गंभीर आरोप यह है कि पंजाब की चुनी हुई सरकार को चंडीगढ़ से नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठे कुछ खास लोगों और उनके सलाहकारों (जैसे विभव कुमार) द्वारा चलाया जा रहा है, जिससे स्थानीय विधायकों और मंत्रियों की गरिमा को ठेस पहुंची है। इस मोड़ पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के कितने और विधायक या नेता भाजपा का दामन थाम सकते हैं? राजनीतिक गलियारों और खुफिया रिपोर्टों में यह चर्चा आम है कि आम आदमी पार्टी के कम से कम 20 से 30 विधायक भाजपा और कांग्रेस के संपर्क में हैं। विशेष रूप से वे विधायक, जिन्हें डर है कि 2027 के चुनावों में उनका टिकट काटा जा सकता है, या जो भगवंत मान की कार्यशैली से लंबे समय से असंतुष्ट हैं, वे बहुत जल्द बड़ा कदम उठा सकते हैं। भाजपा के पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया और राज्य इकाई के अध्यक्ष के अनुसार, यह केवल शुरुआत है और आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी के कई और बड़े चेहरे भाजपा में शामिल होंगे क्योंकि 'झाड़ू' का कुनबा पूरी तरह बिखर चुका है। पार्टी के भीतर असंतोष का मुख्य कारण टिकट वितरण की नीति और हाल ही में किए गए संगठनात्मक बदलाव हैं। उदाहरण के लिए, समाना निर्वाचन क्षेत्र में चेतन सिंह जौड़ामाजरा की अनदेखी कर शिरोमणि अकाली दल के पूर्व वरिष्ठ नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को हलका इंचार्ज बना दिया गया, जिससे जौड़ामाजरा का टिकट कटना तय माना जा रहा था। इसी प्रकार, कई अन्य क्षेत्रों में भी पुराने वफादारों को दरकिनार कर पैराशूट नेताओं को तरजीह दी जा रही है, जो आने वाले समय में एक बड़ी भगदड़ का कारण बन सकता है। भाजपा के लिए पंजाब हमेशा से एक कठिन राजनीतिक मैदान रहा है, विशेष रूप से तीन कृषि कानूनों के विरोध में हुए किसान आंदोलनों के बाद से ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। लेकिन अब, शिरोमणि अकाली दल के कमजोर होने और आम आदमी पार्टी के भीतर मचे इस घमासान के बीच, भाजपा पंजाब में अपने दम पर एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी के कद्दावर हिंदू और सिख चेहरों को अपने पाले में लाकर भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह राज्य के सभी वर्गों को साथ लेकर चलने के लिए तैयार है। पूर्व आईपीएस अधिकारी और सिख चेहरे के रूप में कुंवर विजय प्रताप की साफ-सुथरी छवि का उपयोग भाजपा माझा और मालवा क्षेत्रों में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए करेगी। वहीं जौड़ामाजरा और पठानमाजरा जैसे जमीनी नेताओं के आने से पटियाला और उसके आसपास के जिलों में भाजपा का सांगठनिक ढांचा मजबूत होगा। भाजपा का यह रणनीतिक कदम स्पष्ट करता है कि वह पंजाब में केवल एक छोटी हिस्सेदार बनकर नहीं रहना चाहती, बल्कि 2027 में 'डबल इंजन' की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। दरअसल पंजाब की राजनीति इस समय एक बेहद संवेदनशील और अनिश्चित मोड़ पर खड़ी है। आम आदमी पार्टी जिसे अपनी सबसे सुरक्षित राजनीतिक जागीर समझ रही थी, वहां आंतरिक कलह और अंतर्विरोधों के कारण दरारें साफ दिखने लगी हैं। पहली लिस्ट आते ही जो बगावत शुरू हुई है, उसने यह साबित कर दिया है कि सत्ता का अति-केंद्रीकरण और विधायकों की आवाज को दबाना किसी भी राजनीतिक दल के लिए आत्मघाती हो सकता है। यह घटनाक्रम केवल विधायकों के दलबदल का मामला नहीं है, बल्कि यह पंजाब की जनता के उस जनादेश की परीक्षा है जो उसने पारंपरिक पार्टियों को नकार कर एक 'इंकलाब' के नाम पर दिया था। यदि भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल समय रहते अपने विधायकों के असंतोष को दूर करने और शासन व्यवस्था में सुधार करने में विफल रहते हैं, तो पंजाब में कमल का खिलना केवल समय की बात रह जाएगी। आगामी महीनों में होने वाले दलबदल और गठबंधन के नए समीकरण ही यह तय करेंगे कि पंजाब की कमान किसके हाथ में होगी, लेकिन फिलहाल के लिए इतना जरूर कहा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी का किला भीतर से दरक रहा है और इसकी गूंज दिल्ली से लेकर चंडीगढ़ तक साफ सुनी जा सकती है। - अशोक भाटिया वरिष्ठ स्वतंत्र पत्रकार, लेखक, समीक्षक एवं टिप्पणीकार
'सुबह 11 बजे उनके मुंह से शराब की बू आती थी', पंजाब CM पर राहुल गांधी का आरोप
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी संगरूर में इंसाफ रैली में पहुंचे. यहां जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था, ड्रग्स की समस्या और केंद्र सरकार पर हमले किए. उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी सवाल उठाए और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर शराब पीकर लोकसभा आने का आरोप लगाया.
4 नवंबर, बुधवार, संगरूर, पंजाब: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि जिस सोच ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की, वही आज पंजाब में घूम रही है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री, फैक्ट्री और खेती नहीं होगी तो नशा और गैंगस्टरवाद बढ़ेगा।
सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस बढ़ोतरी के लिए सरकार 3 फीसदी DA की किस्त जारी कर रही है. त्योहारों को देखते हुए कर्मचारियों के अकाउंट में कुल 3,988 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी.
फतेहाबाद में नहरबंदी के खिलाफ और ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे किसानों को बुधवार को सिरसा के कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने समर्थन दिया। उन्होंने भाजपा सरकार को तानाशाह और किसान विरोधी बताते हुए कहा कि वे हरदम किसानों के साथ हैं। किसानों की आवाज को विधानसभा में भी उठाएंगे। नहरों में महीने में 7 दिन पानी सप्लाई बता दें कि, नहरी विभाग द्वारा भाखड़ा नहरों में अब महीने में मात्र 7 दिन पानी सप्लाई शुरू की गई है। बाकी दिनों के लिए नहरबंदी का शेड्यूल बनाया गया है। इससे गेहूं बिजाई सीजन में किसानों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बीते दिनों रतिया क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मुआवजा भी किसान मांग रहे हैं। तीन जिलों के किसान धरने पर बैठे इन्हीं मांगों को लेकर बीते दिन पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले हिसार, फतेहाबाद और सिरसा के प्रभावित किसान लघु सचिवालय फतेहाबाद के बाहर धरने पर बैठे हैं। किसान नेताओं ने गोकुल सेतिया से कहा कि सबको साथ मिलकर संघर्ष करना होगा और इस सरकार से लड़ाई लड़नी होगी। किसानों के साथ हर समय तैयार: गोकुल सेतिया गोकुल सेतिया ने कहा कि काफी सालों से हमारा इलाका सरकार की तानाशाही से खराब हो रहा है। किसानों से पहले वे स्वयं नहरों में पानी की समस्या को लेकर आंदोलन करते आए हैं और अब भी किसानों के साथ हर समय तैयार खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने हमेशा किसानों की पीठ तोड़ने का काम किया है। इसी कारण किसानों को यहां से लेकर दिल्ली तक धरने देने पड़े। डबल और ट्रिपल इंजन की सरकार पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि सेंटर में भाजपा सरकार और यहां भी भाजपा सरकार है। यही कहा जाता है कि पीछे पंजाब से पानी कम आ रहा है। यदि कोई राज्य आपके हकों को छीन रहा है तो फिर आपकी डबल व ट्रिपल इंजन की सरकारें फेल क्यों हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जब हरियाणा के भाजपा नेता पंजाब जाकर वोट मांग सकते हैं तो वे पानी क्यों नहीं मांग सकते। मुआवजे और नए बीज की मांग पर सरकार कुछ नहीं करती गोकुल सेतिया ने कहा कि किसान आज नहरों में पानी मांग रहा है, लेकिन सरकार ने बेशर्मी धारण की हुई है। जब भी मुआवजे या नए बीज की मांग किसान करते हैं तो सरकार कुछ नहीं करती। उन्होंने कहा कि नहरबंदी से किसानों ही नहीं, शहरवासियों को भी पेयजल की दिक्कत आने वाली है। इसलिए सब मिलकर संघर्ष करें।
संगरूर (पंजाब), चार नवंबर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से एकजुटता बनाए रखने का आह्वान करते हुए मंगलवार को कहा कि यदि उनकी पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव जीतती है तो वह सारा भारत जीतेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत की शुरुआत पंजाब से होनी चाहिए और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। खरगे ने संगरूर में कांग्रेस की इंसाफ रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश की आम आदमी पार्टी की सरकार पर भी तीखा हमला बोला और अरविंद केजरीवाल की पार्टी को भाजपा की ‘बी टीम’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ गुजरात, गोवा और कई राज्यों में कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को ‘नशे और भ्रष्टाचार’ की सरकार करार दिया और आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल तथा उनके लोग पंजाब में ‘हफ्ता वसूली’ कर रहे हैं। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश इकाई के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में खरगे ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब में कांग्रेस के लोगों को एकजुटता बनाए रखनी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम पंजाब जीतेंगे तो सारा भारत जीतेंगे, यह मेरा दावा है। जीत यहां से शुरू होनी चाहिए और इसके लिए हम सबको मिलकर रहना चाहिए।’’कांग्रेस अध्यक्ष ने एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित रैली का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों और केंद्र में बैठी सरकारें वोट चोरी की सरकार हैं। इसी मुद्दे को लेकर वहां बहुत बड़ी रैली आयोजित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) देश में स्थापित प्रमुख संस्थाओं को खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि देश के लोगों को मतदान का अधिकार पंडित जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहेब आंबेडकर ने दिया था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने संविधान में संशोधन कर 18 वर्ष के युवाओं को भी मताधिकार प्रदान किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब को प्रगतिशील और बेहतर राज्य बनाने का वादा करके सत्ता हासिल की थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। खरगे ने आरोप लगाया कि आप ने पहले दिल्ली को बर्बाद किया और अब पंजाब को भी बर्बाद कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के ‘‘विजन’’ को पूरा करेगी। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री का पद त्याग दिया और मनमोहन सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी। इस मौके पर कांग्रेस महासचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि पंजाब के लोग चुनाव का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे कांग्रेस को जीत दिला सकें। पायलट ने कहा कि संगरूर से पूरे पंजाब में सकारात्मक संदेश जाएगा और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी।
नई दिल्ली। आईपीएल 2027 से पहले भारतीय ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की टीम बदलने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुंबई इंडियंस और पंजाब किंग्स के बीच संभावित खिलाड़ियों की अदला-बदली को लेकर बातचीत निर्णायक दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। इस सौदे के तहत पंजाब किंग्स की ओर से तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह […] The post हार्दिक पांड्या की पंजाब किंग्स में हो सकती है एंट्री, अर्शदीप सिंह और विष्णु विनोद को लेकर मुंबई इंडियंस कर रही सौदे पर विचार first appeared on Sanjeevni Today .
'दिल्ली के प्रदूषण में पंजाब के किसानों का कोई हाथ नहीं', बोले CM मान
CM मान ने दिल्ली के प्रदूषण के लिए पंजाब के किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मालवा के कई इलाकों में धान की कटाई शुरू भी नहीं हुई थी, फिर भी पंजाब से दिल्ली में धुआं पहुंचने की बातें होने लगीं.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के आरोपी का घर और दुकान ढहाए जाने के मामले में पंजाब सरकार से जवाब तलब किया है।
अकाली-बीजेपी के बीच गठबंधन का फॉर्मूला तय? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के इस बुलेटिन में आज आपको दिखाएंगे पराली से प्रदूषण को लेकर पंजाब से पाकिस्तान तक का पूरा सच क्या है. पंजाब में अकाली और बीजेपी के बीच गठबंधन का क्या फॉर्मूला है. और मानसा में राहुल गांधी को आने से किसने रोका. सूबे से जुड़ी हर अहम खबर लेकिन पहले देखेंगे हेडलाइंस.
शिमला के जुब्बल में पुलिस ने नेहनार-जुब्बल मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 33 ग्राम चिट्टे के साथ 18 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी पंजाब के लुधियाना का निवासी है।
ऊना: इस्माइल खान की मौत पर भड़का आक्रोश, शव सड़क पर रख पंचायत प्रतिनिधियों का प्रदर्शन; पंजाब के 8 लोगों पर कार्रवाई की मांग
लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में इंटर कॉलेज यूथ फेस्टिवल, वित्त मंत्री हरपाल चीमा पहुंचे
लुधियाना के पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में इंटर कॉलेज यूथ फेस्टिवल, वित्त मंत्री हरपाल चीमा पहुंचे
मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने एक ट्रक से 1187 कार्टन विदेशी शराब जब्त की है। जिसकी कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आंकी गई है। ट्रक ड्राइवर मनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। विभाग के मुताबिक, शराब करीब 1500 किमी दूर पंजाब से लाई गई थी। सभी कार्टन में पंजाब निर्मित विदेशी शराब थी। टीम मनप्रीत से पूछताछ कर रही है कि शराब किसने मंगाई और इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी। कार्रवाई नारायणपुर बेला में हुई। संदेह होने पर ट्रक की चेकिंग हुई सूचना के बाद एसआई नीरज कुमार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ट्रक की तलाशी ली और चालक से पूछताछ की। संदेह होने पर दोबारा बारीकी से जांच की गई, तब ट्रक से शराब मिली। इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार के अनुसार, मनप्रीत सिंह पंजाब का रहने वाला है। शुरुआती पूछताछ में वह मुजफ्फरपुर में किसी को पहचानने या शराब की खेप किसे पहुंचानी थी, इस बारे में साफ जानकारी नहीं दे पाया। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि ट्रक किसके निर्देश पर पंजाब से मुजफ्फरपुर पहुंचा और शराब की खेप के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
राहुल गांधी पंजाब के संगरूर में 'इंसाफ रैली' को करेंगे संबोधित
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बुधवार को पंजाब के संगरूर जिले में पार्टी की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करेंगे। राज्य के कांग्रेस नेताओं ने इस कार्यक्रम को पंजाब के लोगों के अधिकारों, भविष्य और न्याय से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया है।
2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों के बीच राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने के कुछ ही दिनों बाद, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक और पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के आवास पर छापेमारी की। कार्रवाई के समय विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा अपने मोगा स्थित आवास पर ही मौजूद थीं, जहां केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की और दस्तावेज खंगाले। अरोड़ा मोगा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और AAP की पंजाब महिला विंग की अध्यक्ष भी हैं। ED की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब AAP ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी की इस पहली सूची में अरोड़ा को फिर से मोगा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया है। इसे भी पढ़ें: IDBI Bank के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल खत्म मोगा में AAP विधायक के दो आवासों पर ED की तलाशी मिली जानकारी के अनुसार, ED के अधिकारी दो आवासीय परिसरों में पहुंचे और तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने विधायक से पूछताछ भी की। खबरों के मुताबिक, ED की टीम इस ऑपरेशन के लिए शिमला से मोगा पहुंची थी। तलाशी के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों जगहों के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि, ED ने अभी तक इस छापेमारी के दायरे या इसमें मिली चीजों के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: 13 साल से क्यों सिंगल हैं CID फेम Ansha Sayed? शादी और रिश्तों पर किया बड़ा खुलासा अमनदीप कौर अरोड़ा के आवासों पर ED ने छापेमारी क्यों की? छापेमारी का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि किस मामले की जांच चल रही है या किन आरोपों के चलते यह कार्रवाई की गई है। इसे भी पढ़ें: Azam Khan को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, Ghaziabad की डासना जेल भेजे गए दोनों जगहों से कुछ जब्त किए जाने या बरामद होने के बारे में भी कोई पक्की जानकारी नहीं है। खबर लिखे जाने तक तलाशी अभियान जारी था और आगे की जानकारी का इंतजार है। कौन हैं AAP विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा? डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा मोगा से AAP की मौजूदा विधायक हैं और पंजाब में पार्टी की महिला विंग की प्रमुख भी हैं। एक निर्वाचित प्रतिनिधि होने के साथ-साथ, वह पार्टी में एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद पर भी हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने हाल ही में 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पहली सूची में मोगा से उनकी उम्मीदवारी की घोषणा की है, जिससे उन्हें इस निर्वाचन क्षेत्र से एक और चुनाव लड़ने के लिए समर्थन मिला है। पार्टी द्वारा उन्हें फिर से उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा के कुछ ही समय बाद ED की छापेमारी हुई है।
राहुल गांधी पंजाब के संगरूर में 'इंसाफ रैली' को करेंगे संबोधित
राहुल गांधी पंजाब के संगरूर में 'इंसाफ रैली' को करेंगे संबोधित
ग्रेटर नोएडा के पंजाब नेशनल बैंक में ₹10.24 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के आधिकारिक खातों और आंतरिक वित्तीय प्रणालियों में हेरफेर कर ₹10.24 करोड़ के गबन के इस गंभीर मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कर्मचारी दीपांशी और उसके एक निजी सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। बैंक प्रबंधन की आंतरिक ऑडिट रिपोर्ट में भारी वित्तीय विसंगतियां पाए जाने और शाखा से अनाधिकृत लेन-देन का सुराग मिलने के बाद मामले की औपचारिक शिकायत सीबीआई को सौंपी गई थी। केंद्रीय एजेंसी ने प्रारंभिक जांच और पुख्ता इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।सिस्टम क्रेडेंशियल्स का दुरुपयोग और फर्जी खातों में फंड ट्रांसफरसीबीआई की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी बैंक कर्मी दीपांशी बैंक शाखा में तैनात थी और उसके पास कोर बैंकिंग सिस्टम (CBS) और आंतरिक खातों के संचालन से जुड़े विशेष डिजिटल क्रेडेंशियल्स उपलब्ध थे। आरोपी ने अपने पद और सिस्टम एक्सेस का दुरुपयोग करते हुए बैंक के इंटरनल सस्पेंस और सेटलमेंट खातों से रकम को धीरे-धीरे डाइवर्ट करना शुरू किया। बैंक की आंतरिक निगरानी से बचने के लिए आरोपी ने अपने सहयोगी और अन्य परिचितों के नाम पर खोले गए कई छद्म (म्यूल) बैंक खातों में छोटी और मध्यम किस्तों में धनराशि ट्रांसफर की। जांच अधिकारियों के अनुसार, ट्रांसफर की गई इस रकम को तुरंत विभिन्न एटीएम, चेक और तीसरे पक्ष के खातों में आरटीजीएस (RTGS) के जरिए निकाल लिया गया, जिससे कुल गबन की राशि ₹10.24 करोड़ तक पहुंच गई।सीबीआई की छापेमारी और आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य बरामदगिरफ्तारी से पूर्व सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा की विशेष टीमों ने ग्रेटर नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद स्थित आरोपियों के आवासीय और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी की। तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी को बैंक के आंतरिक दस्तावेजों, ट्रांसफर वाउचर, कई बेनामी पासबुक, चेकबुक, बैंक मुहरों के साथ-साथ आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और हार्ड ड्राइव जैसे डिजिटल उपकरण मिले हैं। फॉरेंसिक जांच में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस घोटाले में बैंक के किसी उच्चाधिकारी या बाहरी वित्तीय बिचौलियों की भी संलिप्तता थी।अदालत में पेशी और बैंक की सुरक्षा ऑडिट तेजसीबीआई ने दोनों आरोपियों को सक्षम विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष पेश कर विस्तृत पूछताछ और गबन की गई रकम की रिकवरी के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की है। वहीं, दूसरी ओर इस बड़े घोटाले के उजागर होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक प्रबंधन ने संबंधित शाखा के सभी इंटरनल लेजर्स का व्यापक फॉरेन्सिक ऑडिट शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल को कड़ा करते हुए शाखा के अन्य संदिग्ध कर्मचारियों की भूमिका की भी आंतरिक जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिस्टम में कोई अन्य सुरक्षा खामी न रह गई हो।
यूपी: आतंकी शहजाद भट्टी की धरपकड़ के लिए बढ़ा दायरा, पंजाब पहुंची एटीएस; सामने आया खालिस्तान कनेक्शन
जांच में सामने आया था कि गगनदीप और नाबालिग का आपराधिक इतिहास है। गगनदीप के खालिस्तानी संगठन से जुड़े होने की बात भी सामने आई थी। इसी कड़ी में एटीएस पुराने मुकदमों की जांच कर रही है।
पराली के धुएं से बिगड़ी पंजाब की हवा: तीन शहरों में एक्यूआई 200 पार, तरनतारन में सबसे ज्यादा मामले
धान की कटाई के साथ पराली जलाने की घटनाओं ने पंजाब की हवा बिगाड़नी शुरू कर दी है। प्रदेश के तीन शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच गया है।
राहुल गांधी आज पंजाब में चुनावी अभियान की करेंगे शुरुआत, संगरूर में कांग्रेस की बड़ी रैली
मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले में होगी बड़ी रैली, कानून-व्यवस्था, नशा और रोजगार जैसे मुद्दों पर विपक्ष के हमले के आसार
पंजाब में पराली जलाने से हवा में हानिकारक ब्लैक कार्बन की मात्रा बढ़ा रही है।
सीनियर नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप के लिए पंजाब टीम का चयन 10 से
संगरूर | नेटबॉल एसोसिएशन ऑफ पंजाब की महासचिव राजिंदर कौर ने बताया कि तीसरी मिक्स्ड सीनियर नेशनल नेटबॉल चैंपियनशिप 3 से 6 दिसंबर 2026 तक इंदौर (मध्य प्रदेश) में आयोजित की जाएगी। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए जिला मानसा के भोपाल रल्ला स्थित बाबा जोगी पीर पब्लिक स्कूल में ट्रायल व प्रशिक्षण कैंप का आयोजन किया जाएगा। यह कैंप 10 नवंबर 2026 से शुरू होकर टीम की रवानगी तक जारी रहेगा। इच्छुक खिलाड़ी 10 नवंबर को सुबह 10 बजे अपने पहचान पत्र और वर्ष 2025-26 के नेटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया रजिस्ट्रेशन के साथ पहुंचकर ट्रायल में भाग ले सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए मोबाइल नंबर 7814223634 पर संपर्क किया जा सकता है।
70वीं पंजाब स्कूल गेम्स: कबड्डी व नेटबाल मुकाबले शुरू
70वीं पंजाब स्कूल गेम्स के प्रदेशस्तरीय नेटबॉल अंडर 14 गर्ल्स और कबड्डी नेशनल अंडर 19 ब्वायज के मुकाबलों का मंगलवार को सेंट जेवियर स्कूल में आगाज हुआ। मुख्यातिथि डीईओ (से.) राजीव कुमार छाबड़ा ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। जिला स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर जसवीर सिंह ने स्वागत किया। नतीजे के अनुसार कबड्डी अंडर 19 के मुकाबलों में जालंधर ने फतेहगढ़ साहिब को 33-04, रूपनगर ने लुधियाना को 47-36, बरनाला ने मोगा को 26-09 और संगरूर ने कपूरथला को 60-22 अंकों से हराया। दूसरे मैदान में बठिंडा ने गुरदासपुर को 41-27, तरनतारन ने श्री मुक्तसर साहिब को 56-33 तथा पठानकोट ने पटियाला को बेहद रोमांचक मुकाबले में 32-31 अंकों से शिकस्त दी। नेटबॉल अंडर 14 गर्ल्स में होशियारपुर ने मानसा को 13-07, लुधियाना ने फिरोजपुर को 08-01, श्री अमृतसर साहिब ने गुरदासपुर को 05-04 और बरनाला ने पटियाला को 26-00 अंकों से पराजित किया। इस अवसर पर जगदीश कुमार सहित विभिन्न स्कूलों के शारीरिक शिक्षा अध्यापक, डीपीई और पीटीआई उपस्थित रहे।
Rampur News: बरेली के व्यक्ति के इशारे पर पंजाब भेजी जा रही थी अफीम की खेप
सैफनी में एक करोड़ रुपये की अफीम के साथ पकड़े गए तीनों तस्कर बरेली के एक व्यक्ति के इशारे पर मादक पदार्थ की सप्लाई कर रहे थे।
Hamirpur (Himachal) News: भालू के हमले में उतराला का पंजाब सिंह घायल
Punjab Singh from Utrala injured in a bear attack
Mohali News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को मिली नई सचिव, कल्पना ने संभाला कार्यभार
Punjab School Education Board gets a new Secretary; Kalpana takes charge
दिल्ली तक पराली का जहर; पंजाब के दो जिलों के SSP और DC को कारण बताओ नोटिस
दिल्ली में मंगलवार को AQI 350 पहुंच गया जो 287 दिनों में सबसे खराब है। वायु प्रदूषण में पराली का योगदान 15.3 फीसदी रहा। पंजाब में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामले सामने आए। अब CAQM ने गुरदासपुर और कपूरथला के DC तथा SSP को नोटिस जारी किया है।
महंगाई भत्ता बकाया भुगतान न करने पर पंजाब के मुख्य सचिव को अवमानना नोटिस
चंडीगढ़, 3 नवंबर . पंजाब और Haryana हाई कोर्ट ने Tuesday को पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा को Governmentी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लंबित महंगाई भत्ता (डीए)…
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि आज मंत्रिमंडल की बैठक...
सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के भाव लगातार गिर रहे हैं, जिससे खरीदारों को राहत मिली है। वहीं, मंडियों में भी कारोबार सामान्य रूप से जारी है।
दिवाली के बाद पंजाब में होगा महा-धमाका: BJP और अकाली दल का गठबंधन तय, CM फेस भी फाइनल!
अकाली दल से अलग हुए बागी गुट (जैसे अकाली दल पुनर्सुरजीत) भी इस गठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन अब ऐसा होना मुश्किल लग रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि यह गुट अभी तक एक रजिस्टर्ड पार्टी नहीं बन पाया है।
पाकिस्तान के पंजाब में अक्टूबर में 44 हजार से ज्यादा सड़क हादसे, 464 लोगों की मौत
इस्लामाबाद, 3 नवंबर . Pakistan के पंजाब प्रांत में अक्टूबर महीने के दौरान सड़क हादसों में 464 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23,543 लोग गंभीर रूप से…
गठबंधन फाइनल? मोदी के पंजाब दौरे पर हो सकता है औपचारिक ऐलान
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा, जिसने पहले संकेत दिया था कि वह पंजाब में गठबंधन के तहत अब ‘छोटे भाई’ की भूमिका स्वीकार नहीं करेगी, अब राज्य की कुल 117 विधानसभा सीटों में से करीब 40 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए सहमत हो गई है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल को 65 सीटें मिलने की संभावना […]
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा।
New Delhi, 3 नवंबर . दिल्ली-एनसीआर में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधा. दिल्ली में जहरीली होती…

