रामनगर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: पंजाब एंड सिंध बैंक के 35 खाते जांच के घेरे में, एक पर मुकदमा
रामनगर स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के 35 खातों में साइबर ठगी से जुड़े लेन-देन का मामला सामने आया है। 129 शिकायतें मिलने के बाद पुलिस ने सभी खाते फ्रीज कर एक खाताधारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Punjab के Ferozepur में AAP नेता गुरप्रीत की हत्या, चार हमलावरों ने की फायरिंग
आम आदमी पार्टी (आप) के नेता गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की यहां चार हथियारबंद हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को बताया कि यह हत्या चुनाव से जुड़े एक विवाद के कारण हुई। शनिवार शाम को ममदोट के मुख्य बाज़ार में कार से आए चार हमलावरों ने अपनी गाड़ी से उतरकर मोटरसाइकिल पर सवार 45 वर्षीय सिंह और हरप्रीत उर्फ हैप्पी (22) पर गोलीबारी की। पहले आयी खबरों में कहा गया था कि पीड़ित कार में थे। सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (आप) नेता और ममदोट नगर पंचायत के नवनियुक्त अध्यक्ष विक्की मैनी एक अलग कार में सिंह के पीछे चल रहे थे। सूत्रों ने बताया कि उन पर भी हमला हुआ, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। घायलों को तत्काल सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने ‘आप’ नेता गुरप्रीत सिंह को मृत घोषित कर दिया। वहीं, हरप्रीत को बेहतर इलाज के लिए लुधियाना के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भूपिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि हत्या हाल ही में हुए नगर पालिका परिषद चुनाव से जुड़ी व्यक्तिगत रंजिश का नतीजा है। सिंह के पिता बलकार सिंह कांग्रेस के पूर्व नेता थे, जबकि उनकी भाभी भी हाल ही में नगर पंचायत सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई थीं।
पंजाब के फिरोजपुर में आप नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या, कार में आए थे हमलावर
Punjab: पंजाब के फिरोजपुर ममदोट इलाके में आम आदमी पार्टी के नेता गुरप्रीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पुरानी रंजिश का मामला साबित हुआ है। चुनावी ऐंगल से भी इसकी जांच की जा रही है।
'गर्भपात का दबाव, फिर जिंदा जलाया', पंजाब की इन्फ्लुएंसर मंजीत की मौत के बाद मां ने लगाए संगीन आरोप
पंजाबी इन्फ्लुएंसर मंजीत कौर की मौत के मामले में नया खुलासा हुआ है कि वह सात सप्ताह की गर्भवती थी।
SC आरक्षण में सब-कोटा क्यों चाहते हैं जीतन राम मांझी? पंजाब से बिहार तक का जिक्र कर बताया कारण
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच SC आरक्षण में उप-वर्गीकरण को लेकर मतभेद गहरा गए हैं। मांझी वंचित वर्गों तक लाभ पहुंचाने के लिए उप-कोटा की वकालत कर रहे हैं।
Guru Randhawa Birthday: कभी शादियों में गाकर किया गुजारा, आज Bollywood और Punjab के चार्टबस्टर किंग
म्यूजिक इंडस्ट्री के सबसे सफल और पॉपुलर सिंगर गुरु रंधावा आज 30 अगस्त को अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। लाखों युवाओं को गुरु रंधावा अपने म्यूजिक पर झूमने को मजबूर कर देते हैं। लेकिन इस कामयाबी और चमक-धमक के पीछे गुरु रंधावा की कड़ी मेहनत और नाकामी का एक लंबा दौर रहा है। गुरु कभी हिम्मत नहीं हारे और लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। तो आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर सिंगर गुरु रंधावा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार पंजाब के गुरदासपुर जिले में 30 अगस्त 1991 को गुरु रंधावा का जन्म हुआ था। उनका असली नाम गुरशरणजोत सिंह रंधावा है। संगीत के प्रति उनके अंदर बचपन से ही जुनून था। लेकिन गुरु की राह इतनी आसान नहीं थी। शुरूआत में वह अपने संगीत के प्रति प्रेम को जीवित रखने के लिए छोटे स्टेज शो, शादियों और प्राइवेट पार्टियों में गाते थे। इस दौरान गुरु रंधावा को कई तरह की आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। म्यूजिक इंडस्ट्री में पहचान बनाने के लिए सिंगर को करीब 2 सालों तक कड़ी मेहनत करती रही। इसके बाद भी हर मोड़ पर उनको असफलता मिलती रही। लगातार मिली असफलता साल 2012 में गुरु रंधावा ने अपने पहले गाने से म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखा। लेकिन यह गाना लोगों को आकर्षित करने में नाकाम रहा। जिसके बाद उन्होंने दूसरा गाना लॉन्च किया। इस बार भी उनको किस्मत का साथ नहीं मिला। लगातार दो गाने फ्लॉप होने के बाद भी गुरु ने खुद पर कभी निराशा को हावी नहीं होने दिया। गुरु ने अपनी कमियों से सीखा और अपने संगीत को और ज्यादा बेहतर बनाने की कोशिश की। रातों-रात बदली किस्मत उसी दौर में गुरु रंधावा की मुलाकात फेमस रैपर बोहेमिया से हुई। जिससे उनके करियर की दिशा पूरी तरह से बदल गई। बोहेमिया ने गुरु की प्रतिभा को पहचाना और उनको अपने साथ काम करने का बड़ा मौका दिया। साल 2015 में गुरु और बोहेमिया दोनों का एक गाना रिलीज हुआ। इस गाने ने पूरे देश में धूम मचा दी और रातों-रात यह गाना चार्टबस्टर बन गया। वहीं इस गाने के साथ ही गुरु रंधावा को वह मौका मिल गया, जिसका सिंगर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। इसके बाद सिंगर पंजाबी और बॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्री की पसंद बन गए। सफलता मिलने के बाद गुरु ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज सिंगर के खाते में दर्जनों सुपरहिट गाने दर्ज हैं। उनके गाने हर शादी और पार्टी में आपको सुनने को मिलेंगे। वहीं सोशल मीडिया पर भी आप सिंगर की पॉपुलैरिटी का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि गुरु के गानों को यूट्यूब पर 80 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है। सिंगर ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित कर दिखाया कि अगर लगन सच्ची है, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता है। लव लाइफ एक्ट्रेस शहनाज गिल और गुरु रंधावा के अफेयर की अफवाहें उड़ी थीं। एक रोमांटिक म्यूजिक वीडियो मूनराइज के दौरान स्क्रीन पर उनकी केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया था। फिर गुरु एक्ट्रेस की फिल्म थैंक यू फॉर कमिंग की स्क्रीनिंग पर पहुंचे और रेड कार्पेट पर साथ पोज दिया। हालांकि गुरु रंधावा ने इस अफेयर की खबरों को सिरे से नकार दिया था।
Punjab Weather 30th August: अभी राहत नहीं! मानसून सुस्त, सीमित हुआ बारिश का दायरा
पंजाब में उमस और गर्मी का दौर जारी है, मौसम विभाग ने तत्काल राहत का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, 1 और 2 सितंबर को कई जिलों में बारिश की संभावना है।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर रंधावा के बीच 'स्लीपर सेल' बयान को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। रंधावा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर वड़िंग को जवाब दिया।
शिअद ने अनीष पुरी को व्यापार विंग पंजाब का महासचिव बनाया
लुधियाना| शिरोमणि अकाली दल बादल ने पार्टी के उद्योग एवं व्यापार विंग, पंजाब के महासचिव पद पर अनीष पुरी नीशू की नियुक्ति की। नियुक्ति की जानकारी पार्टी नेतृत्व और स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों की मौजूदगी में दी गई। पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल के साथ एन.के शर्मा, आर.डी शर्मा (हल्का इंचार्ज) और भूपिंदर सिंह भिंदा (प्रधान, जिला अकाली दल) की ओर से यह जिम्मे अनीष पुरी नीशू ने नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, उसे वह पूरी लगन और ईमानदारी से निभाने का प्रयास करेंगे।
Jammu News: आलमगिर को पछाड़ पंजाब के पहलवान मेजर सिंह ने जीती कुश्ती
Jammu and kashmir
Mohali News: पंजाब सरकार की सफाई मुहिम की मोहाली में निकली हवा, पॉश इलाकों में कूड़े के अवैध ढेर
Punjab government's cleanliness drive falls flat in Mohali; illegal garbage dumps in posh areas
Maharajganj News: नेपाल प्रशासन ने लौटाई पंजाब के गैर सरकारी संस्था की राहत सामग्री
Nepalese administration returned relief material from a Punjab-based NGO.
पंजाब के सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को दे रहे मात : केजरीवाल
Punjab government schools are outperforming private schools: Kejriwal
Panchkula News: हॉकी में पंचकूला ने पंजाब यूनिवर्सिटी को हराया
Panchkula defeated Punjab University in hockey.
किसान संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। आंदोलन की रणनीति के तहत गुरदासपुर के हर गांव में किसान संगठनों के झंडे लगाकर लोगों को लामबंद किया जा रहा है। किसान नेता निर्मल सिंह अदी ने बताया कि आगामी 31 अगस्त को पूरे पंजाब में उपायुक्त (DC) कार्यालयों के सामने एक दिवसीय विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसान नेताओं के अनुसार, यह तीखा संघर्ष शंभू और खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के दौरान पंजाब सरकार द्वारा किए गए कथित विश्वासघात के विरोध में है। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि मान सरकार ने बैठक के बहाने आंदोलनकारी नेताओं को बुलाया और बाद में विरोध प्रदर्शन को दबाने व खत्म करने के लिए कथित तौर पर भाजपा के साथ हाथ मिला लिया। करोड़ों के सामान की लूट और गिरफ्तारियों का दावा किसान नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि इस आंदोलन के दौरान कई किसानों, मजदूरों और महिलाओं को जबरन जेलों में डाल दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मंत्रियों और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से प्रदर्शनकारी किसानों का लगभग 3 करोड़ 77 लाख रुपये का सामान कथित तौर पर लूट लिया गया। किसानों ने स्पष्ट किया कि फसलों पर एमएसपी (MSP) गारंटी कानून और पूर्ण कर्ज माफी उनकी सबसे मुख्य मांगें हैं, जिससे वे पीछे नहीं हटेंगे। 14 सितंबर से मंत्रियों के आवासों का 5 दिवसीय घेराव किसानों ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 31 अगस्त के प्रदर्शन के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 14 सितंबर से मौजूदा मंत्रियों के आवासों का पांच दिवसीय घेराव किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यदि इस पांच दिवसीय घेराव के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो संघर्ष को और उग्र किया जाएगा, जिसके तहत राज्य भर में रेलवे ट्रैक जाम (रेल रोको आंदोलन) करने जैसा सख्त कदम भी उठाया जा सकता है। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ कूच करने की तैयारी आंदोलन को सफल बनाने के लिए इस समय जोन स्तर पर लगातार बैठकें आयोजित कर आम लोगों को एकजुट किया जा रहा है। किसान नेता रणबीर सिंह डुगरी और सतनाम सिंह खजांची ने जानकारी दी कि 31 अगस्त को गुरदासपुर डीसी कार्यालय में भारी संख्या में किसान पहुंचेंगे। इसके बाद 14 सितंबर को मंत्रियों के घरों के घेराव के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मोर्चेबंदी की बड़ी तैयारी है। इस महत्वपूर्ण घोषणा और तैयारी बैठक के अवसर पर सुखदेव सिंह अल्लार पिंडी, करनैल सिंह मल्ही, खजान सिंह अली नंगल, लखविंदर सिंह नंगल डाला, करसाज सिंह, निशान सिंह नूरपुर, शिव कुमार हरदोछन्नी, बीबी मनजिंदर कौर और जसकीरत कौर सहित कई अन्य वरिष्ठ किसान नेता मौजूद थे।
उदयपुर की अंबामाता थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चोरी के बाद वाहन के टोल से गुजरने पर आए मैसेज से पुलिस को अहम सुराग मिला। इसके बाद टीम ने नूंह मेवात से पंजाब तक करीब 100 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और आखिरकार चोरी की स्कॉर्पियो के साथ आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस गिरोह से जुड़ी अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ कर रही है। आरोपियों के कब्जे से 16 अगस्त की रात पूला पुलिया के पास से चोरी हुई स्कॉर्पियो-एन कार भी बरामद कर ली गई है। पकड़े गए आरोपियों में करण सिंह (22) नॉर्थ वेस्ट दिल्ली का रहने वाला है। जबकि हरप्रीत सिंह (24) मोहाली और करणवीर (25) जालंधर (पंजाब) के रहने वाले हैं। पूला पुलिया के पास चोरी हुई थी स्कॉर्पियो एसपी अमृता दुहन ने बताया कि इस पूरे मामले का खुलासा मोबाइल पर आए एक टोल टैक्स मैसेज की कड़ी जोड़ते हुए हुआ। 16 अगस्त की रात करीब 11 बजे पूला पुलिया के पास यह चोरी हुई थी। परिवादी अपने दोस्त से मिलने गया था और जल्दबाजी में कार की चाबी अंदर ही छूट गई। करीब 20-25 मिनट बाद जब वह लौटा तो गाड़ी मौके से गायब मिली। स्थानीय स्तर पर तलाश के बाद भी जब गाड़ी नहीं मिली तो अगले दिन सुबह परिवादी के फोन पर जयपुर के पास मनोहरपुर टोल कटने का मैसेज आया। इसी मैसेज से साफ हुआ कि बदमाश गाड़ी लेकर राजस्थान की सीमा पार करने की फिराक में हैं। उदयपुर से मेवात और पंजाब तक 100 से ज्यादा कैमरों की जांच अंबामाता थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि मनोहरपुर टोल की लोकेशन मिलते ही अंबामाता थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से पीछा शुरू किया। पुलिस टीम उदयपुर से हरियाणा के नूंह (मेवात) होते हुए सीधे पंजाब तक पहुंची। इस दौरान रास्ते के सभी प्रमुख टोल नाकों, हाई-वे और रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों बदमाशों को दबोचा सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल से मिले तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के तीनों बदमाशों को दबोच लिया। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं और अलग-अलग राज्यों में घूमकर लग्जरी गाड़ियां चुराने का काम करते हैं। 3 दिन के पुलिस रिमांड पर, अन्य वाहन बरामद होने संभावना पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 3 दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान गिरोह के अन्य नेटवर्क, चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े मामलों में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में चोरी के अन्य वाहनों और वारदातों का भी बड़ा खुलासा हो सकता है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने भाजपा से गठबंधन की इच्छा जताई है, लेकिन बादल परिवार के नेतृत्व वाले अकाली दल से नहीं। उन्होंने साझा एजेंडे पर आधारित गठबंधन की बात कही है।
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति और प्रबंधन पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में पंजाब भाजपा के चुनावी प्रभारी सीआर पाटिल ने नई दिल्ली में राज्य से पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी से मुलाकात की। यह बैठक इसलिए भी बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि हाल ही में सीआर पाटिल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के साथ बैठक की थी। उस मुलाकात के दौरान राज्य में चुनाव-पूर्व गठबंधन की संभावनाओं और यदि समझौता बनता है तो सीट-शेयरिंग फॉर्मूले पर प्राथमिक चर्चा हुई थी। पंजाब के वर्तमान राजनीतिक माहौल पर हुई चर्चा सूत्रों के मुताबिक, सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने सीआर पाटिल के साथ पंजाब की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक ढांचे और चुनावी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सीआर पाटिल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब में चुनाव प्रबंधन और रणनीति की कमान संभालने का अनौपचारिक जिम्मा सौंपा है। हालांकि पाटिल की इस नियुक्ति की अभी आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है, लेकिन उन्होंने पंजाब की चुनावी बागडोर संभालते हुए प्रमुख नेताओं और सहयोगियों से बैठकें शुरू कर दी हैं। विक्रमजीत सिंह साहनी पहले आम आदमी पार्टी के नेता थे। वे इसी साल अप्रैल में 'आप' के उन 7 राज्यसभा सांसदों के गुट में शामिल थे जिन्होंने भाजपा का दामन थामा था। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के पंजाब दौरे के दौरान उनका स्वागत करने वाले साहनी इकलौते आप पूर्व-सांसद थे। 31 अगस्त से पंजाब दौरे पर रहेंगे भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सीआर पाटिल के पंजाब दौरे की तारीखों का ऐलान होना अभी बाकी है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा के पंजाब मामलों के प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव सतीश पूनिया 31 अगस्त से पंजाब के दौरे पर रहेंगे। वे राज्य स्तरीय नेताओं के साथ बैठक कर आगे का पूरा चुनावी प्लान तैयार करेंगे। कौन हैं सीआर पाटिल और पंजाब में क्यों हैं अहम?गुजरात के नवसारी से लगातार चार बार रिकॉर्ड अंतर से लोकसभा चुनाव जीतने वाले सीआर पाटिल को संगठन और माइक्रो-मैनेजमेंट का मास्टर माना जाता है। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भी चुनाव प्रबंधन और विकास कार्यों की कमान संभालते रहे हैं। पंजाब में भाजपा के अकेले या अकाली दल के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के दोनों ही विकल्पों पर सीआर पाटिल की रणनीति बेहद निर्णायक साबित होने वाली है।
रेसलर खली का हुआ एक्सीडेंट, पंजाब से सोनीपत जाते वक्त हादसा
पानीपत टोल प्लाजा के पास द ग्रेट खली की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई. खली पंजाब से सोनीपत जा रहे थे. हादसे में वे बाल-बाल बच गए. उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई है.
मोहाली में पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय के पास तीन साल से बंद सड़क का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। याचिकाकर्ता ने सुरक्षा और सार्वजनिक आवागमन के बीच संतुलन बनाते हुए सड़क खोलने की मांग की है।
'प्राइवेट स्कूल भी फेल हैं इनके सामने', अरविंद केजरीवाल ने की पंजाब के सरकारी स्कूलों की जमकर तारीफ
अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की सराहना की, कहा कि वे निजी स्कूलों से बेहतर हैं और शिक्षा की तस्वीर बदल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि AAP सरकार ने 19,200 स्कूलों को बदला है और BJP शासित राज्यों को स्कूलों के संयुक्त निरीक्षण की चुनौती दी।
अमृतसर में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के पत्रों की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बकाया महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन और नियमितीकरण समेत मांगें पूरी करने की मांग की।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने स्पष्ट कर दिया कि राहुल गांधी बहुत जल्द पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। उन्होंने कहा क राहुल गांधी की टीम दौरे की अनुमति दे चुकी है। राजा वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी की सिक्योरिटी टीम अब दौरे की डेट को लेकर विश्लेषण कर रही है। सिक्योरिटी टीम जैसे ही अपनी प्लानिंग पूरी कर देगी वैसे ही पंजाब दौरे का शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। दरअसल कुछ दिनों से कांग्रेस का एक धड़ा राहुल गांधी की पंजाब में बस यात्रा फिलहाल टालने की बात कर रहा था। राजा वड़िंग ने आज उन सभी अटकलों को विराम लगा दिया है। पंजाब कांग्रेस ने राहुल गांधी को भेजे हैं तीन प्रपोजल पंजाब कांग्रेस ने राहुल गांधी के पंजाब दौरे के लिए तीन प्रपोजल भेजे गए हैं। एक प्रमोजल के मुताबिक राहुल गांधी से दो दिन का दौरा करने को कहा गया है। बस यात्रा गोल्डन टेंपल से शुरू करके पंजाब भर के अलग-अलग जिलों में जाएगी। दो दिन तक यात्रा तरनतारन, फिरोजपुर, बठिंडा समेत मालवा के कुछ जिलों को कवर करेंगे। उसके बाद दूसरे दिन लुधियाना से होते हुए फतेहगढ़ साहिब में यात्रा का समापन करेंगे। दूसरे प्लान के मुताबिक पंजाब कांग्रेस ने चार दिन का समय मांगा है। चार दिन के दौरे में पंजाब के मालवा, दोआबा व माझा में बस यात्रा निकाली जाएगी। तीसरे प्लान में छह दिन का समय मांगा है। इस दौरान राहुल गांधी तीन दिन मालवा में और बाकी दोआवा व माझा में रहेंगे। हालांकि राहुल गांधी की टीम ने अभी किसी भी प्रपेाजल को फाइनल नहीं किया। सुखजिंदर रंधावा से पूछूंगा कि कौन हैं कंप्रोमाइज्ड राजा वड़िंग ने कहा कि सुखजिंदर सिंह रंधावा बार बार कंप्रोमाइज्ड नेताओं की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रंधावा पहले भी पार्टी में स्लीपर सेल की बात करते रहे हैं और राहुल गांधी से शिकायत करने को कहते रहे। उन्होंने कहा कि कुछ नेता अमित शाह व भगवंत मान से मिलकर बात करते हैं। इस बात पर उन्होंने रवनीत सिंह बिट्टू और सुनील जाखड़ का उदाहरण दिया और निशाना रंधावा पर साधा है, क्योंकि हाल ही में रंधावा ने अमित शाह से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा कि रंधावा से जरूर कंप्रोपाइज्ड नेताओं के बारे में पूछूंगा।
देश के सोशल मीडिया जगत और पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक बेहद दर्दनाक और सनसनीखेज मामला तेजी से तूल पकड़ रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यशैली पर कई बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी सक्रियता और रील्स के जरिए खासी पहचान बनाने वाली लोकप्रिय पंजाबी सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मंजीत कौर की निर्मम हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। शुरुआती विवरणों के अनुसार, मंजीत कौर को कुछ अज्ञात या आपसी रंजिश रखने वाले दबंगों द्वारा बेरहमी से एक पेड़ से बांध दिया गया और फिर उन्हें जिंदा आग के हवाले कर दिया गया। इस वीभत्स घटना में गंभीर रूप से झुलसने के बाद आखिरकार उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही पंजाब से लेकर चंडीगढ़ तक हड़कंप मचा हुआ है और मृतका के परिजनों तथा स्थानीय समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में अब केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के एक थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कर ली गई है, जबकि पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं, जिससे यह पूरा प्रकरण अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।घटना की खौफनाक दास्तान और सोशल मीडिया पर सदमे का माहौलमंजीत कौर जो अपनी जिंदादिल शख्सियत और वीडियो कंटेंट के लिए इंटरनेट की दुनिया में जानी जाती थीं, उनके साथ हुई इस अमानवीय हिंसा ने हर किसी को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। अपराधियों ने जिस बेरहमी से उन्हें एक पेड़ के सहारे जकड़कर आग के हवाले किया, वह किसी मध्यकालीन और पैशाचिक कृत्य जैसा प्रतीत होता है। जब इस घटना की तस्वीरें और शुरुआती जानकारियां सोशल मीडिया पर फैलीं, तो उनके चाहने वालों और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच शोक की लहर दौड़ गई। लोग इस बात पर यकीन नहीं कर पा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर खुलकर मुस्कुराने वाली एक महिला को इतनी भयानक मौत का सामना करना पड़ा। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद से ही डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार न्याय की मांग उठाई जा रही है और लोग मांग कर रहे हैं कि इस वीभत्स अपराध को अंजाम देने वाले दरिंदों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में कसकर सबसे कड़ी सजा दी जाए, ताकि समाज में इस तरह के घिनौने अपराधों की पुनरावृत्ति न हो सके।चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज और कानूनी प्रक्रिया की शुरुआतइस मामले के तूल पकड़ने और न्याय की गुहार लगाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है, जिसके तहत चंडीगढ़ में इस जघन्य हत्याकांड के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। चूंकि मामला दो राज्यों की सीमाओं और कार्यक्षेत्र से जुड़ा हुआ है, इसलिए पुलिस महकमे में भी इसको लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। चंडीगढ़ पुलिस अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि इस खौफनाक वारदात को असल में किस जगह अंजाम दिया गया था और इसके पीछे की असली साजिश क्या थी। मृतका के परिजनों ने चंडीगढ़ प्रशासन से यह उम्मीद जताई है कि उन्हें यहां निष्पक्ष न्याय मिलेगा, क्योंकि स्थानीय स्तर पर उन्हें उचित सहायता नहीं मिल पा रही थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच अधिकारियों ने तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल्स और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि उन तमाम चेहरों बेनकाब किया जा सके जो इस पूरी साजिश के पीछे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं।पंजाब पुलिस पर लगे गंभीर लापरवाही और मिलीभगत के आरोपइस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि मृतका के परिवारजनों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने पंजाब पुलिस की भूमिका पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं। परिजनों का साफ तौर पर कहना है कि जब इस तरह की धमकियां मिल रही थीं या जब शुरुआती स्तर पर प्रताड़ना का दौर चल रहा था, तब स्थानीय पंजाब पुलिस ने समय रहते कोई ठोस कदम उठाने या एफआईआर दर्ज करने में भारी टालमटोल की। आरोप तो यहां तक लगाए जा रहे हैं कि यदि पुलिस प्रशासन ने थोड़ी सी भी तत्परता और संवेदनशीलता दिखाई होती, तो शायद एक उभरती हुई इनफ्लुएंसर की जान इस तरह से नहीं जाती। इस तरह की गंभीर शिकायतों के सामने आने के बाद पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है कि वे अपने मातहत कर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराएं। पुलिस पर लग रहे इन लापरवाही के दागों ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम नागरिकों और विशेषकर सोशल मीडिया पर मुखर रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमारी व्यवस्था कितनी गंभीर है।सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स की सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा का बढ़ता संकटआज के इस डिजिटल दौर में जहां हर दूसरा युवा सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाने की जद्दोजहद कर रहा है, वहीं इनफ्लुएंसर्स पर बढ़ते खतरे एक नई चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। मंजीत कौर हत्याकांड ने इस कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है कि वर्चुअल दुनिया में मिलने वाली लोकप्रियता कई बार वास्तविक जीवन में कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। कई बार व्यक्तिगत रंजिश, धमकियों और सोशल मीडिया की वर्चुअल दुश्मनी की आंच असल जिंदगी तक पहुंच जाती है, जिसके शिकार लोग अपनी सुरक्षा के अभाव में हो जाते हैं। इस घटना के बाद से देश भर के कंटेंट क्रिएटर्स और इनफ्लुएंसर्स में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। वे अब मांग कर रहे हैं कि सोशल मीडिया हस्तियों को मिलने वाली धमकियों को गंभीरता से लेते हुए साइबर और लोकल पुलिस थानों में एक विशेष सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाना चाहिए, ताकि किसी अन्य को अपनी जान इस तरह से न गंवानी पड़े।न्याय की उम्मीद और इस सनसनीखेज मामले की आगे की दिशामंजीत कौर हत्याकांड में चंडीगढ़ में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पूरे देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस इस मामले की गुत्थी को कितनी जल्दी और कितनी पारदर्शिता के साथ सुलझा पाती है। जनता और उनके प्रशंसक लगातार सोशल मीडिया पर कैंपेन चलाकर इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं, ताकि दोषियों को उनके किए की सजा मिल सके। पुलिस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह उन सभी आरोपियों को बेनकाब करे जिन्होंने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया और साथ ही उन पुलिसकर्मियों की जवाबदेही भी तय करे जिनकी कथित लापरवाही के कारण यह नौबत आई। न्याय की यह लड़ाई अब सिर्फ एक इनफ्लुएंसर की मौत का बदला लेने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह कानून के राज और पुलिसिया संवेदनशीलता की साख का सवाल बन चुकी है, जिसका फैसला आने वाला वक्त ही करेगा।
PSEB 10 th Supplementary Result 2026: पंजाब बोर्ड 10वीं सप्लीमेंट्री रिजल्ट जारी, ऐसे करें चेक
सप्लीमेंट्री परीक्षा के जरिए छात्रों को दोबारा परीक्षा देकर अपना रिजल्ट सुधारने का एक और मौका मिलता है। अब परीक्षा देने वाले छात्र अपना रिजल्ट चेक करके आगे की पढ़ाई की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर पंजाब के युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा सामने आती है। गांवों से निकले ये खिलाड़ी बैडमिंटन, क्रिकेट, तैराकी, हॉकी, एथलेटिक्स और बास्केटबॉल में चमक रहे हैं।
पेड़ से बांधकर लगा दी आग, दो महीने लड़ी जिंदगी की जंग; पंजाब इन्फ्लुएंसर की मौत
पंजीब इन्फ्लुएंसर मनजीत कौर को किडनैप करने के बाद उन्हें पेड़ से बांधा गया और आग लगा दी गई। इसके बाद 54 दिनों से वह जिंदगी-मौत की जंग लड़ रही थीं। शनिवार को अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
पंजाब चुनाव: अकाली सियासत में नए खिलाड़ी तैयार, वारिस पंजाब दे और पुनर सुरजीत ने तेज किया अभियान
पंजाब की अकाली राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बनने लगे हैं।
हेरोइन बरामदगी मामले में गिरफ्तार दीपक थापा चंडीगढ़ में खन्ना सीआईए टीम को चकमा देकर फरार हो गया। उसने बाथरूम जाने के बहाने हथकड़ी खुलवाई और पुलिसकर्मियों की आंखों में लाल मिर्च पाउडर डालकर भाग निकला।
पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच अकाली दल वारिस पंजाब दे के राजनीतिक दल के रूप में सामने आने से सियासी समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है।
साल-2027 मिशन के लिए पंजाब सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने भी कमर कस ली है।
CM Bhagwant Mann का ऐलान, Punjab की 1 करोड़ महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार एक करोड़ महिलाओं को ‘मावां धीयां सत्कार योजना’ के दायरे में लाने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने यहां ‘रखड़ी पुनिया’ के अवसर पर योजना के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में तीन महीने की ‘सम्मान राशि’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपये जमा किए। इसके साथ ही योजना के लाभार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 70.92 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक करोड़ महिलाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मान ने बाद में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘बाबा बकाला साहिब से रखड़ी पुनिया के अवसर पर सभी पंजाबियों को हार्दिक शुभकामनाएं। रखड़ी पर अपनी बहनों से किया वादा पूरा करते हुए ‘सत्कार योजना’ के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में ‘शगुन’ के रूप में 181.50 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। अब तक कुल 70.92 लाख माताओं और बहनों को इस योजना का लाभ मिल चुका है।’’मान ने यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘आज के कई ‘मसंद’ (धार्मिक उपदेशक) इस अवसर पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने के लिए रैलियां कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘ये लोग धर्म का इस्तेमाल कर पंजाब की जनता को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन लोग इनके बहकावे में नहीं आएंगे।’’मान ने कहा, ‘‘आज के ये ‘मसंद’ हमले में लगी अपनी चोटें दिखाकर लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए किसी भी हद तक गिर रहे हैं।’’मान ने शिरोमणि अकाली दल पर तीखा हमला करते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अगर अकाली नेताओं का हालचाल जानने के लिए फोन भी कर दें तो वे भाजपा के साथ गठबंधन के सपने देखने लगते हैं।’’मान ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता की भूख मिटाने के लिए अकाली दल अब उस भाजपा से गठबंधन की गुहार लगा रहा है, ‘‘जो किसान विरोधी काले कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत की जिम्मेदार है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अकाली दल और भाजपा का गठबंधन किसी विचारधारा पर आधारित नहीं होगा। इसका एकमात्र मकसद राज्य की सत्ता हासिल करना होगा लेकिन लोग इन दलों के बहकावे में नहीं आएंगे और आने वाले दिनों में इन्हें करारा जवाब देंगे।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा किसी भी राज्य में जीत सकती है लेकिन उसे महान गुरुओं, संतों, पैगंबरों और शहीदों की इस धरती पर जीतने का सपना भी नहीं देखना चाहिए। राज्य के लोग भाजपा के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे उसे निश्चित रूप से सबक सिखाएंगे।’’पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। मान ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा पंजाब को पंजाब विश्वविद्यालय, भाखड़ा बांध, नदी के पानी और उसके हर जायज अधिकार से वंचित करना चाहती है। उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों ने पंजाब के हिस्से का जायज अनुदान रोक रखा है ताकि राज्य के विकास को बाधित किया जा सके लेकिन भाजपा को राज्य में एक भी सीट नहीं मिलेगी और लोग उसे करारा जवाब देंगे।’’मान ने कांग्रेस की पंजाब इकाई में जारी अंदरूनी कलह पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘वे अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए सत्ता को लेकर आपस में लड़ रहे हैं जबकि राज्य सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है।
राहुल गांधी सितंबर में पंजाब आएंगे! श्री हरिमंदिर साहिब से बस यात्रा की तैयारी, दौरे की तैयारी तेज
राहुल गांधी के सितंबर में पंजाब दौरे की संभावना है। हरमंदिर साहिब से बस यात्रा प्रस्तावित है। गुटबाजी के बीच चुनाव समितियों के विस्तार और संगठन एकजुटता पर नजर है।
पंजाब में शनिवार से उत्तरी जिलों में बारिश के आसार हैं। एक सितंबर को बारिश का दायरा बढ़ सकता है। शुक्रवार को बठिंडा सबसे गर्म रहा और कोई चेतावनी नहीं है।
Punjab Mandi Rates 29th August: पंजाब के मंडी भाव; गेहूं, चावल, दाल और Gold-Silver Price
पंजाब की मंडियों में अनाज, दालों और किराना जिंसों के भाव में उतार-चढ़ाव रहा। जालंधर में जीरा-लाल मिर्च मजबूत रहे, जबकि अमृतसर में बासमती धान के भाव ऊंचे बने।
हाड़ों की तबाही मैदानी पंजाब तक पहुंचा सकती है, सरकार अलर्ट रहे
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना पंजाब में हिमालयी क्षेत्र में बार-बार आ रही बाढ़, बादल फटना और भूस्खलन की घटनाओं को लेकर आपदा-तैयारी पर सरकार जल्द मंथन करे। लुधियाना के मत्तेवाड़ा जंगल, सतलुज नदी और बुद्धा दरिया से जुड़े सार्वजनिक कार्रवाई समिति (पीएसी) के सदस्य कर्नल सीएम लखनपाल ने इस बाबत चिंता जताते हुए कहा, अत्यधिक वर्षा, हिम-गलन, भूस्खलन और भूकंप जैसी घटनाओं से पानी के साथ मलबा, बोल्डर और पेड़ बहकर नदी घाटियों से होते हुए तराई व मैदानी इलाकों में तबाही बढ़ा सकते हैं। कर्नल सीएम लखनपाल ने प्राकृतिक नालों पर अतिक्रमण रोकने, नदियों-नहरों से अवरोध हटाने, बाढ़ मैदानों की सुरक्षा, आर्द्रभूमियों को बचाने और मानसून से पहले जिलों में मानक संचालन प्रक्रिया व चेतावनी तंत्र तैयार करने पर जोर दिया।
गाजियाबाद: पंजाब नेशनल बैंक में लगी भीषण आग, फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
थाना मसूरी क्षेत्रांर्तगत रफीकाबाद कट के पास स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में देर रात अचानक आग लग गई।
Mohali News: पावरकाम कर्मचारियों ने पंजाब सरकार पुतला फूंककर किया प्रदर्शन
Powercom employees staged a protest by burning an effigy of the Punjab government
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्कार योजना के तहत 5.30 लाख महिलाओं के खातों में 181.50 करोड़ रुपये का शगुन भेजा। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।
तरनतारन बाबा बकाला साहिब की ऐतिहासिक धरती पर अकाली दल वारिस पंजाब की ओर से ‘सच्चा गुर लधो रे’ पंथिक सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में पंजाब में बढ़ते नशा संकट पर गंभीर चर्चा हुई। पार्टी ने ड्रग्स के फैलाव, सप्लाई चेन और इससे जुड़ी कथित राजनीतिक भागीदारी की जांच के लिए व्हाइट पेपर जारी करने का संकल्प लिया। साथ ही नशे से प्रभावित परिवारों को न्याय और युवाओं के पुनर्वास का भरोसा दिया गया। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण बापू तरसेम सिंह द्वारा भाई अमृतपाल सिंह की प्रतिज्ञा का पाठ रहा। प्रतिज्ञा के अनुसार, जब पंजाबियों के हाथ में निर्णय लेने की शक्ति आएगी, तब 1997 से 2027 तक की सरकारों के कार्यकाल में ड्रग्स के फैलाव, मौतों, सप्लाई चेन, राजनीतिक भागीदारी और पुलिस-सुरक्षा तंत्र की कथित मिलीभगत पर व्हाइट पेपर जारी किया जाएगा। पार्टी ने पेश किया ड्रग्स के खिलाफ विजन डॉक्यूमेंट इस दौरान पार्टी की ओर से ड्रग्स के खिलाफ विजन डॉक्यूमेंट भी पेश किया गया। वक्ताओं ने नशे के मुद्दे के साथ पंजाब के युवाओं, खेती, पानी, रोजगार, राज्य के अधिकारों और पंथिक मामलों पर भी विचार रखे। नेताओं ने पारंपरिक राजनीतिक दलों पर नशे के प्रसार को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ड्रग्स का मुद्दा केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और ठोस नीति के साथ प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। सम्मेलन में पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य मनप्रीत सिंह अयाली, बापू तरसेम सिंह, मुख्य कमेटी के सदस्य और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
अमृतसर के बाबा बकाला साहिब में 'रक्खड़ पुन्निया' मेले में आस्था संग सियासत का जमावड़ा दिखा। आप, बीजेपी और अकाली दल सहित कई पार्टियों के राजनेता यहां पहुंचें और जनता को संबोधित किया।
बिलासपुर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। विशेष जांच दल (एसडीटी) ने 2 अलग-अलग मामलों में कुल 158 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद कर 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी एसपी अभिषेक धीमान ने दी। पहला मामला पुलिस थाना घुमारवीं क्षेत्र का है। एसडीटी ने बालोह-मल्यावर लिंक रोड पर नाकाबंदी के दौरान एक वोल्वो बस की तलाशी ली। इस दौरान बस में सवार रणजीत सिंह उर्फ राणा (40) और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श (22) के कब्जे से 104 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद हुई। दोनों आरोपी पंजाब के तरनतारन जिले के निवासी हैं। पुलिस थाना घुमारवीं में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत एफआईआर नंबर 172/2026 दर्ज की गई है। दूसरी कार्रवाई पुलिस थाना स्वारघाट क्षेत्र में कैचीमोड़ फोरलेन फ्लाईओवर, टनल नंबर-1 के पास की गई। किरतपुर से मंडी-भराड़ी की ओर जा रही एक अन्य वोल्वो बस की जांच के दौरान दो यात्रियों, जगजीत सिंह (21) और सुखविंद्र सिंह (48) के पास से 54 ग्राम चिट्टा/हेरोइन मिली। ये दोनों भी पंजाब के तरनतारन जिले के डल्ल गांव के रहने वाले हैं। पुलिस ने एफआईआर नंबर 63/2026 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस नशीले पदार्थ की आपूर्ति के स्रोत और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि पिछले दो महीनों में जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 67 मामले दर्ज किए गए हैं और 146 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस अवधि में लगभग 1.2 किलोग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की गई है। छह महीनों में लगभग 300 ग्राम चिट्टा पकड़ा वहीं, वर्ष के पहले छह महीनों में लगभग 300 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था। पुलिस ने अन्य राज्यों से जुड़े 15 प्रमुख सप्लायरों को भी गिरफ्तार किया है। एसपी अभिषेक धीमान ने कहा कि पुलिस नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सुखबीर बादल ने माझा को अकाली दल का मजबूत गढ़ बताते हुए कहा कि पार्टी को कमजोर करने से पंजाब के अधिकारों और पंथक संस्थाओं को नुकसान पहुंचता है।
रखड़ पुन्नियां मेले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने 2027 में आप सरकार दोबारा बनाने की अपील की।
MOTN Survey: PM की रेस में Abhijeet Dipke ने Arvind Kejriwal को पछाड़ा, बढ़ी CJP की ताकत
'इंडिया टुडे-सीवोटर मूड ऑफ़ द नेशन' (MOTN) सर्वे के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) के एक पूर्व कार्यकर्ता, जिन्होंने बाद में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) बनाई, प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी पसंद के मामले में अब अपने पूर्व बॉस अरविंद केजरीवाल से आगे निकल गए हैं। CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दिपके प्रधानमंत्री पद के लिए AAP प्रमुख केजरीवाल की तुलना में ज़्यादा पसंद किए जाने वाले उम्मीदवार के तौर पर उभरे हैं; ताज़ा MOTN सर्वे में दिपके को 1.3% और केजरीवाल को 1.2% समर्थन मिला है। भले ही अंतर सिर्फ़ 0.1 प्रतिशत अंक का हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने साफ़ हैं। डिपके, जिन्होंने 2020 से 2023 तक केजरीवाल के नेतृत्व में AAP की कम्युनिकेशन टीम के साथ काम किया था, हाल के महीनों में एक पॉलिटिकल कम्युनिकेशन प्रोफेशनल से बदलकर युवाओं के दबाव वाले आंदोलन का चेहरा बन गए हैं। डिपके का कद अब उस व्यक्ति से थोड़ा आगे निकल गया है, जिसके लिए उन्होंने कभी काम किया था; यह बात तब सामने आई जब लोगों से पूछा गया कि उनके हिसाब से भारत का अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति कौन है। इसे भी पढ़ें: Kejriwal का BJP को चैलेंज: Punjab के 1000 Schools बनाम Gujarat के 1000 Schools, आओ करें तुलना 'मूड ऑफ़ द नेशन' साल में दो बार होने वाला एक सर्वे है, जिसे इंडिया टुडे ग्रुप पिछले लगभग दो दशकों से करवा रहा है। अगस्त 2026 का सर्वे CVoter ने किया था, जिसमें 1 जुलाई से 25 अगस्त के बीच 25,184 लोगों का सीधा सर्वे किया गया। अगस्त 2026 के 'मूड ऑफ़ द नेशन' के नतीजे तैयार करने के लिए CVoter की रेगुलर ट्रैकिंग के तहत पिछले छह महीनों में किए गए 91,795 इंटरव्यू का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि, मुख्य दावेदारों की तुलना में डिपके का 1.3% का आंकड़ा काफी कम है, लेकिन केजरीवाल के आंकड़ों के साथ तुलना करने पर उनकी स्थिति काफी अहम हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पसंदीदा उम्मीदवार बने हुए हैं; 48.7% लोगों ने उन्हें अगला प्रधानमंत्री बनने के लिए सबसे उपयुक्त माना है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी 27.1% के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि चुनावी राजनीति में आने के बाद एक बड़ी राजनीतिक ताकत के तौर पर उभरे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 9.2% के साथ तीसरे स्थान पर हैं।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2% के साथ हैं, और उनके बाद समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 1.7% के साथ हैं। इसके बाद 1.3% के साथ दिपके हैं, जो 1.2% वाले केजरीवाल से थोड़ा आगे हैं। इसे भी पढ़ें: सब कुछ 'नीयत' का खेल है: अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी की तारीफ की राहुल गांधी के बाद, विजय विपक्ष के नेता के तौर पर सबसे पसंदीदा विकल्प हैं जब यह पूछा गया कि मौजूदा विपक्षी नेताओं में से कौन विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त है, तो केजरीवाल की लोकप्रियता कम होती दिखी और एक नए चेहरे, विजय ने कहीं ज़्यादा बड़ा असर डाला है। पक्ष के नेतृत्व के लिए पसंद के मामले में राहुल गांधी 29% के साथ सबसे आगे बने हुए हैं; जनवरी 2026 में यह आंकड़ा 28.6% था। विजय, जो पहले के सर्वे में विकल्पों की सूची में शामिल नहीं थे, 12.2% के साथ सूची में आए और तुरंत दूसरे स्थान पर पहुंच गए। ममता बनर्जी 8.5% के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि केजरीवाल 7.5% पर हैं।
मान सरकार से क्यों नाराज हैं सरकारी कर्मचारी, देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक में आज बात करेंगे पंजाब में मान सरकार से क्यों नाराज हैं सरकारी कर्मचारी. साथ ही दिखाएंगे सीएम मान के विधानसभा क्षेत्र संगरूर के सिविल अस्पताल की तस्वीरें भी, जहां मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अस्पताल की व्यवस्थाएं खुद दम तोड़ रही हैं. और साथ ही रक्षाबंधन पर इस बार क्या खास है. लेकिन उससे पहले खबर हेडलाइंस पर.
83 लाख रुपये की Google की जॉब छोड़ दी... फिर पंजाब लौटकर क्या किया?
गूगल की करीब 83 लाख रुपये सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर पंजाब लौटे मंतज सिंह सिद्धू की कहानी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने अपने चचेरे भाई के साथ ऑर्गेनिक खेती का ऐसा मॉडल शुरू किया, जिसमें शहरों में रहने वाले परिवारों को खेत का एक हिस्सा अलॉट कर उनके लिए सब्जियां उगाई जाती हैं.
दरबार साहिब में नतमस्तक हुए अकाली नेता, डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
दरबार साहिब में नतमस्तक हुए अकाली नेता, डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना
गूगल में करियर, मोटी सैलरी और डबलिन में ज़िंदगी-मंताज सिद्धू के पास वह सब कुछ था, जिसके लिए कई प्रोफ़ेशनल्स मेहनत करते हैं। फिर भी, इस बड़ी टेक कंपनी में लगभग 5 साल बिताने के बाद, उन्होंने इसे छोड़कर पंजाब लौटने का फ़ैसला किया। यह बदलाव सिर्फ़ नौकरी बदलने जैसा नहीं था। सिद्धू ने गूगल एड्स पार्टनरशिप और बिज़नेस स्ट्रैटेजी पर काम करने से हटकर ऑर्गेनिक खेती का बिज़नेस शुरू किया।2022 में सिद्धू ने गूगल छोड़ दिया और बाद में पंजाब में 'गिल ऑर्गेनिक्स' नाम की 'फार्म-टू-टेबल' (खेत से सीधे खाने की मेज़ तक) कंपनी शुरू की। खाने-पीने की चीज़ों को लेकर शुरू हुई उनकी निजी चिंता धीरे-धीरे एक ऐसे बिज़नेस में बदल गई, जो परिवारों को उस खेत से सीधे जोड़ता है जहाँ उनका खाना उगाया जाता है।हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में सिद्धू ने कहा, मैं साफ़ तौर पर देख सकता था कि उस सीढ़ी का सबसे ऊपरी सिरा कैसा दिखता है, और मुझे एहसास हुआ कि अगर मैं पूरी मेहनत से ऊपर तक चढ़ भी जाता, तो भी वह ऐसी मंज़िल नहीं थी जहाँ मैं असल में पहुंचना चाहता था। सिधू का Google में करियर 2018 में हैदराबाद से शुरू हुआ। बाद में वे कंपनी की डबलिन टीम में चले गए, जहाँ उन्होंने UK की बड़ी एडवरटाइज़िंग एजेंसियों के लिए Google Ads पार्टनरशिप और बिज़नेस स्ट्रैटेजी पर काम किया।Covid-19 महामारी की वजह से उनका आयरलैंड जाना टल गया। 2021 के आखिर में डबलिन जाने से पहले, उन्होंने लगभग दो साल तक डबलिन टीम के साथ दूर से (रिमोटली) काम किया। ऊपर से देखने पर सब कुछ ठीक लग रहा था। उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक में इंटरनेशनल रोल मिला था और बोनस व शेयर मिलाकर उनका पैकेज लगभग €100,000 का था। उस समय यह रकम लगभग 83 लाख रुपये के बराबर थी।लेकिन अच्छी सैलरी हमेशा इस सवाल का जवाब नहीं देती कि आगे क्या करना है। जून 2022 तक, सिधू गंभीरता से भारत लौटने के बारे में सोच रहे थे। कुछ महीनों बाद, उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में ऊँचे पदों पर बैठे लोगों को भी देखा और खुद से सवाल किया कि क्या वे वैसी ज़िंदगी जीना चाहते हैं। उन्होंने कहा, उनकी रोज़मर्रा की दिनचर्या, दबाव और ज़िंदगी मेरी ज़िंदगी से बहुत अलग नहीं थी, बस उन्हें ज़्यादा सैलरी मिलती थी।इस सोच ने आखिरकार उनके करियर को देखने का नज़रिया बदल दिया। सिधू ने कहा, टर्निंग पॉइंट तब आया जब मुझे एहसास हुआ कि मैं गलत दिशा में भाग रहा था। सिद्धू के लिए, पंजाब लौटना सिर्फ़ Google की नौकरी छोड़ने से कहीं ज़्यादा था। वे खेती-बाड़ी वाले माहौल में पले-बढ़े थे और यूरोप में बिताए समय ने खाने-पीने और खेती के बारे में उनकी सोच बदल दी थी। भारत लौटने के बाद, उन्हें खाने की चीज़ों के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और कीटनाशकों की चिंता होने लगी और यह भी कि आम लोगों को इस प्रक्रिया के बारे में बहुत कम जानकारी होती है।जब उन्होंने अपने परिवार के बारे में सोचा, तो यह चिंता और भी अहम हो गई। यहीं से ऑर्गेनिक खेती का आइडिया आया। सिद्धू ने अपने कज़िन, डॉ. बलजीत सिंह गिल के साथ मिलकर यह वेंचर शुरू किया। 'गिल ऑर्गेनिक्स' के मुताबिक, दोनों कज़िन खेती करने वाले परिवार में पले-बढ़े थे और ऑर्गेनिक खेती के प्रति अपने दादाजी के नज़रिए से प्रभावित थे।सिद्धू टेक्नोलॉजी, एडवरटाइज़िंग और बिज़नेस की समझ लेकर आए, जबकि उनके कज़िन ने खेती-बाड़ी से जुड़ी जानकारी दी। दोनों ने मिलकर 'गिल ऑर्गेनिक्स' का 'क्लाउड फ़ार्म' प्रोग्राम शुरू किया, जिससे परिवार तय प्लॉट पर सब्ज़ियाँ उगा सकते हैं। ग्राहक फ़ार्म पर जा सकते हैं या घर पर ही उपज पा सकते हैं, जिससे खाने और खेती से उनका जुड़ाव मज़बूत होता है।उनके नए बिज़नेस से होने वाली कमाई अब उनकी पिछली सैलरी से कहीं ज़्यादा है। हालाँकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरी रकम उनकी निजी कमाई बन गई। बिज़नेस चलाने में ऑपरेटिंग कॉस्ट भी आती है और 'गिल ऑर्गेनिक्स' में पैसा दोबारा भी लगाया गया है। नतीजतन, सिद्धू की निजी कमाई Google में मिलने वाली सैलरी से कम ही है।उन्होंने कहा, Google में उस पैकेज को पाने का मतलब था कि मैं अपने जागते हुए समय का लगभग आधा हिस्सा किसी और के विज़न को पूरा करने में लगा रहा था। आज, भले ही मेरे बैंक अकाउंट में निजी कमाई कम हो, लेकिन मैं जो समय, ऊर्जा और फ़ोकस लगाता हूँ, वह पूरी तरह से मेरा अपना है।
पंजाब चुनाव को लेकर दिल्ली में हलचल बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव की तैयारियां मिशन मोड पर शुरू कर दी। प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक सभी एक्शन मोड में हैं और लगातार बैठकें कर रहे हैं। इसी बीच भाजपा के पंजाब चुनाव प्रभारी व केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल और सुखबीर सिंह बादल के बीच एक अहम मीटिंग हुई। मीटिंग में दोनों नेताओं के बीच चली इस लंबी बैठक में गठबंधन के रोडमैप पर चर्चा की। पंजाब में भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन फाइनल हो चुका है और अब इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। भाजपा और शिअद नेताओं की लगातार बैठकें हो रही हैं। हाल ही में भाजपा के पंजाब प्रभारी व केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल व शिअद प्रधान सुखबीर बादल के बीच एक बैठक हुई। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब चुनाव को लेकर महामंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में पंजाब प्रभारी डॉ सतीश पुनिया शामिल हुए जबकि संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने पंजाब दौरे की पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को दी। बीएल संतोष की रिपोर्ट पर भी बैठक में लंबी चर्चा हुई। सीआर पाटिल व सुखबीर बादल की बैठक के क्या मायने जानिए…
25 साल पुराने पेंशन मामले में जवाब दाखिल नहीं करने पर पंजाब सरकार पर हाई कोर्ट ने 50 हजार रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया। राशि दो अधिकारियों के वेतन से कटेगी।
Punjab Weather 28th August: पंजाब में इस सप्ताह बारिश रहेगी कमजोर, फिर 40 डिग्री तक पहुंचेगा पारा!
पंजाब में 28 अगस्त से 3 सितंबर तक बारिश कमजोर रहने का अनुमान है। इस दौरान तापमान 40 डिग्री तक पहुंच सकता है और कई जिलों में गर्मी सामान्य से ज्यादा रहेगी।
पठानकोट में रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने पंजाब के पांच जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रोपड़ में बारिश की संभावना जताई है। चंडीगढ़ में भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने और बूंदाबांदी के आसार हैं। हालांकि, राज्य में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है। पंजाब का औसत तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने 27 अगस्त को भी पांच जिलों में बारिश की संभावना जताई थी। इस दौरान चंडीगढ़ में दो बार बारिश जैसा मौसम बना और बूंदाबांदी भी हुई, लेकिन बारिश रिकॉर्ड नहीं हुई। रोपड़ में 3.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। राज्य के अन्य स्टेशनों पर बारिश नहीं हुई। पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान 33.3 से 39.9 डिग्री के बीच रहा। अब पांच प्वाइंट में जानिए मौसम:- डैम खतरे के निशान से नीचे भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,634.61 फीट है। यहां 32,881 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है, जबकि 25,717 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पोंग डैम का जलस्तर 1,365.88 फीट है। इसमें 25,476 क्यूसेक पानी आ रहा है और 16,405 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल दोनों डैम का जलस्तर नियंत्रण में है और खतरे की स्थिति नहीं है। 27 अगस्त को भाखड़ा डैम का जलस्तर 1,634.22 फीट था, जो अब 0.39 फीट बढ़कर 1,634.61 फीट हो गया है।
अध्ययन में खुलासा: ट्रांस हिमालय की 2292 झीलें हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक मचा सकती हैं तबाही
ट्रांस हिमालय से जुड़े क्षेत्र में ग्लेशियरों के पिघलने से बन रहीं झीलें हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक नेपाल की तरह तबाही मचा सकती हैं।
Jammu News: पंजाब के रोनी पहलवान ने रियासी के सुरजीत को पटककर एक लाख जीते
Jammu and kashmir
पंजाब बंद : सिविल अस्पताल की ओपीडी बंद, इमरजेंसी में बढ़ा मरीजों का दबाव
Punjab Bandh: Civil Hospital OPD closed; patient load increases in Emergency
Punjab Strike से सरकारी दफ्तरों में काम ठप, अस्पतालों में बंद रहीं OPD सेवाएं
पंजाब में तीन लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने लंबित महंगाई भत्ते (डीए) को जारी करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी हड़ताल की जिसके कारण विभिन्न सरकारी विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ और अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं भी बाधित रहीं। मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच जालंधर में प्रस्तावित बैठक उस समय रद्द कर दी गई, जब मान ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को स्पष्ट किया कि बातचीत तभी होगी, जब वे हड़ताल खत्म कर देंगे। कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने से इनकार कर दिया और बिना किसी शर्त के बैठक किए जाने पर जोर दिया। पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के बैनर तले 150 से अधिक कर्मचारी संगठनों ने लंबे समय से लंबित अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ‘महा हड़ताल’ में हिस्सा लिया। हड़ताल में 3.50 लाख से अधिक पेंशनभोगी भी शामिल हुए। राज्य के सरकारी कार्यालयों में या तो सन्नाटा पसरा रहा या कर्मचारियों की उपस्थिति बेहद कम रही। कई कर्मचारियों ने आकस्मिक अवकाश ले लिया। सरकारी कर्मचारियों की यह हड़ताल सरकार के खिलाफ सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक मानी जा रही है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने जिला मुख्यालयों और अन्य जगहों पर भी धरना-प्रदर्शन किया और भगवंत मान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राज्य सरकार के ‘आम आदमी क्लीनिक’ फिरोजपुर में बंद रहे। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। होशियारपुर में पंजाब सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (पीसीएमएसए) ने विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए सिविल अस्पताल होशियारपुर और जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) सेवाओं का बहिष्कार किया। पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति पंजाब के संयोजक और सरकारी शिक्षक संघ पंजाब के सचिव जसवीर सिंह तलवाड़ा ने बताया कि पंजाब के होशियारपुर जिले में सरकारी स्कूल बंद रहे तथा शिक्षकों और लिपिकीय कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश लिया। सरकारी कॉलेज प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष अमृत समरा ने बताया कि सरकारी कॉलेज, होशियारपुर में भी छात्रों की उपस्थिति कम रही, क्योंकि लगभग सभी नियमित शिक्षक और लिपिकीय कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से आकस्मिक अवकाश लिया। अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल में चिकित्सकों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। अस्पताल में प्रदर्शन कर रहे एक चिकित्सक ने बताया कि ओपीडी सेवाएं बंद रहीं लेकिन आपातकालीन सेवाएं चालू रहीं। होशियारपुर में उपायुक्त कार्यालय, एसडीएम और तहसील कार्यालय, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बागवानी विभाग, कृषि विभाग, सिविल सर्जन कार्यालय, जिला उद्योग केंद्र, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, आबकारी विभाग और कोषागार विभाग समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारियों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। ‘रिटायर्ड पेंशनर्स यूनियन’ के सदस्य रविंदर लूथरा ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) ने चुनाव से पहले कई वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद वह उन्हें पूरा करने में ‘‘विफल’’ रही। इसी तरह के प्रदर्शन लुधियाना, फगवाड़ा और जालंधर समेत राज्य के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिले। हड़ताल के दौरान सरकारी बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और उनकी हर जायज मांग सुनने के लिए हम तैयार हैं लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन बातचीत तभी होगी, जब हड़ताल खत्म की जाएगी।’’मान ने यह भी दावा किया कि पंजाब सरकार के कर्मचारियों को देश के सभी सरकारी कर्मचारियों की तुलना में सबसे अधिक वेतन मिलता है। मान ने जालंधर में कहा, “अगर केंद्र सरकार किसी कर्मचारी को 30,000 से 32,000 रुपये देती है तो पंजाब सरकार 50,000 रुपये देती है। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि राज्य सरकार अपने उन कर्मचारियों को सबसे अधिक वेतन देती है, जो उसकी रीढ़ हैं।’’पंजाब सरकार ने बाद में उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी, जो ड्यूटी से अनुपस्थित रहे। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को अनुपस्थित कर्मचारियों की सूची तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग को कार्यदिवस समाप्त होने तक भेजने को कहा, ताकि लागू सेवा नियमों के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस बीच, पंजाब में विपक्षी दलों ने सरकारी कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर ‘आप’ सरकार पर निशाना साधा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद तरुण चुग ने भगवंत मान सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की व्यापक ‘महा हड़ताल’ ‘आप’ सरकार के ‘‘वित्तीय कुप्रबंधन और उसकी प्रशासनिक विफलता’’ को सीधे तौर पर दर्शाती है। चुग ने कहा कि ‘आप’ सरकार कहती है कि उसके पास कर्मचारियों का वैध बकाया चुकाने के लिए संसाधन नहीं हैं, लेकिन प्रचार, विज्ञापनों और अन्य गैर-जरूरी खर्चों के लिए उसे धन की कमी नहीं होती। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी ‘आप’ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्मचारी अपनी मेहनत की जायज कमाई मांग रहे हैं, वे पैसे की भीख नहीं मांग रहे। मजीठिया ने इसे पंजाब के इतिहास की ‘‘सबसे बड़ी’’ हड़ताल करार देते हुए कहा, ‘‘यह केवल हड़ताल नहीं है। यह इस अहंकारी सरकार के खिलाफ पंजाब का फैसला है। आज पंजाब का हर वर्ग, हर दुकानदार, किसान और मजदूर कर्मचारियों के साथ खड़ा है।’’कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान की मांग कर रहे कर्मचारियों के प्रति मुख्यमंत्री के कथित टकराव वाले रवैये की निंदा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की आज की ‘महा हड़ताल’ इस बात की याद दिलाती है कि आप सरकार ने उन लोगों के साथ किस तरह विश्वासघात किया है जिन्होंने कभी फूलों से उसका स्वागत किया था। आज इन कर्मचारियों को अपने वैध अधिकार हासिल करने के लिए सड़कों पर उतरने और अदालतों का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। लंबित महंगाई भत्ते का बकाया जारी करने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने और कर्मचारियों को नियमित करने की उनकी मांगें जायज हैं।’’पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के नेता सुखचैन सिंह खैरा ने कहा कि सरकारी कर्मचारी किसी कार्रवाई से डरते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी शुक्रवार और शनिवार को मुख्यमंत्री के पुतले फूंकेंगे। खैरा ने कहा कि आगे की रणनीति तय करने के लिए रविवार को लुधियाना में सभी कर्मचारी संगठनों की बैठक होगी। प्रदर्शनकारी कर्मचारी लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करने और संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग कर रहे हैं।
'आप' सांसद ने भगवंत मान सरकार में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया : पंजाब भाजपा
पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी...
पंजाब में रोजगार को लेकर सियासत लंबे समय से होती रही है, लेकिन अब रोजगार को लेकर तस्वीर तेजी से बदल रही है। 27 अगस्त 2026 का दिन 1,746 परिवारों के लिए खास रहा, जब 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इन नियुक्तियों को सरकार ने बिना सिफारिश और बिना रिश्वत, योग्यता और मेहनत के आधार पर रोजगार देने के अपने मॉडल की मिसाल बताया। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार के अनुसार अप्रैल 2022 से अगस्त 2026 तक पंजाब में 70,840 से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। नौकरी मिलना सिर्फ रोजगार नहीं इन आंकड़ों की असली अहमियत सरकारी फाइलों में नहीं, बल्कि उन घरों में दिखाई देती है जहां नियुक्ति पत्र पहुंचा है। पंजाब के सामान्य परिवार के लिए बेटे या बेटी को नौकरी मिलना सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि घर की आर्थिक चिंता कम होने, माता-पिता की उम्मीद पूरी होने और युवा के अपने पैरों पर खड़े होने का नाम है। यही वजह है कि रोजगार को लेकर मान सरकार की नीति को युवाओं के बीच सकारात्मक संदेश के तौर पर पेश किया जा रहा है। कंपनियों और उद्योगों को भी जोड़ा जा रहा पंजाब में रोजगार की कहानी सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। सरकार के अनुसार राज्य में 6.36 लाख से अधिक निजी क्षेत्र की नौकरियां सृजित या सुगम की गई हैं और करीब 23 लाख युवाओं को रोजगार मेलों, प्लेसमेंट कैंपों और रोजगार सहायता नेटवर्क से जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि नौकरी के अवसर पैदा करने के लिए सरकारी भर्ती के साथ-साथ निजी कंपनियों और उद्योगों को भी रोजगार की व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है। 562 युवाओं का चयन, 618 शॉर्टलिस्ट जुलाई 2026 में सुनाम में आयोजित मेगा जॉब फेयर इसका उदाहरण है, जहां 562 युवाओं का चयन हुआ और 618 युवाओं को शॉर्टलिस्ट किया गया। ऐसे रोजगार मेले पंजाब के युवाओं को सीधे कंपनियों तक पहुंचने का मौका देते हैं। जिस युवा को नौकरी के लिए लंबे समय तक भटकना पड़ता था, उसके सामने अब एक ही जगह कई कंपनियों और अवसरों तक पहुंच बनाने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। नई परियोजनाओं को आकर्षित करने की कोशिश पंजाब में बढ़ता निवेश भी रोजगार की इस कहानी को मजबूती दे रहा है। राज्य में करीब 1,83,837 करोड़ रुपए यानी लगभग 1.84 लाख करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया गया है। नई औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहनों और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल के जरिए नई परियोजनाओं को आकर्षित करने की कोशिश हो रही है। निवेश बढ़ता है तो उसके साथ फैक्ट्रियों और कंपनियों में सीधे रोजगार के अलावा ट्रांसपोर्ट, सर्विस, सप्लाई, छोटे कारोबार और स्थानीय बाजार में भी रोजगार के नए अवसर बनते हैं। भगवंत मान सरकार के लिए रोजगार अब सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान का मुद्दा भी बन चुका है। आम आदमी पार्टी जिस बात को सबसे ज्यादा जोर देकर सामने रख रही है, वह है कि युवा को नौकरी पाने के लिए किसी नेता के दरवाजे पर सिफारिश लेकर जाने की जरूरत न पड़े। नौकरी उसकी योग्यता और मेहनत से मिले। यही संदेश पंजाब के उन परिवारों से सीधे जुड़ता है जिन्होंने वर्षों तक सरकारी नौकरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं का इंतजार किया है। युवाओं के बीच अपना काम दिखाने का मौका अब Gen Z और आने वाली Gen Alpha की पीढ़ी भी राजनीति को पुराने तरीके से नहीं देखती। ये युवा सोशल मीडिया पर सिर्फ भाषण नहीं देखते, बल्कि यह देखना चाहते हैं कि सरकार उनके लिए कर क्या रही है। रोजगार, पारदर्शिता, अवसर और भविष्य की सुरक्षा उनके लिए बड़े मुद्दे हैं। ऐसे में नियुक्ति पत्र, रोजगार मेले, निजी क्षेत्र में अवसर और निवेश जैसे कदम आम आदमी पार्टी को युवाओं के बीच अपना काम दिखाने का मौका देते हैं। बेरोजगारी की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई पंजाब के लिए रोजगार का सवाल और भी भावनात्मक है। पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवाओं का दूसरे राज्यों या विदेश की तरफ जाना लंबे समय से परिवारों की चिंता रहा है। अगर पंजाब में ही सरकारी और निजी क्षेत्र में अच्छे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, तो इसका फायदा सिर्फ युवा को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा। यही कारण है कि पंजाब में रोजगार बढ़ाने की कोशिश को युवाओं के भविष्य और पंजाब के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। बेरोजगारी की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। सरकार की प्राथमिकताओं में ऊपर रखा युवाओं के लिए पर्याप्त अवसर पैदा करना लगातार बड़ी जिम्मेदारी बनी हुई है, लेकिन 70,840 से ज्यादा सरकारी नौकरियां, 6.36 लाख से ज्यादा निजी रोजगार के अवसरों का दावा, 23 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार नेटवर्क से जोड़ना और करीब 1.84 लाख करोड़ रुपए के निवेश के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि रोजगार को सरकार की प्राथमिकताओं में ऊपर रखा गया है। 27 अगस्त को 1,746 पुलिस जवानों के हाथ में नियुक्ति पत्र पहुंचना इसी पूरी तस्वीर का नया अध्याय है। किसी युवा के हाथ में आया नियुक्ति पत्र उसके परिवार के लिए सिर्फ नौकरी का कागज नहीं होता। वह वर्षों की मेहनत का फल, माता-पिता की उम्मीद और बेहतर भविष्य का भरोसा होता है। पंजाब में रोजगार अब सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी सरकार अब इसी भरोसे को अपनी ताकत बनाने की कोशिश कर रही है। संदेश सीधा है, सिफारिश नहीं, रिश्वत नहीं; मेहनत और योग्यता से रोजगार। अगर सरकारी भर्तियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार, नए निवेश और उद्योगों का विस्तार इसी दिशा में आगे बढ़ता है, तो पंजाब के युवाओं के लिए सबसे बड़ा बदलाव यही होगा कि उन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में अपने घर और अपनी जमीन से दूर जाने की मजबूरी कम हो। पंजाब में रोजगार अब सिर्फ चुनावी मुद्दा नहीं, युवाओं के भविष्य और सरकार के प्रदर्शन की सबसे बड़ी कसौटी बन चुका है।
‘आप’ सांसद ने भगवंत मान सरकार में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया : पंजाब भाजपा
चंडीगढ़, 27 अगस्त . पंजाब भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Thursday को आम आदमी पार्टी (आप) Government पर तीखा हमला करते हुए कहा कि ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमएडीए) में फैले भ्रष्टाचार का खुलासा खुद उसी पार्टी के एक सांसद ने किया है. ढिल्लों ने एक बयान में कहा, “जीएमएडीए ... Read more
Punjab में 3 लाख Employees का बड़ा Protest, OPD सेवाएं ठप: DA Arrears पर गतिरोध गहराया
शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के अनुसार, पंजाब में 3 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों ने 27 अगस्त को सामूहिक छुट्टी लेकर विरोध प्रदर्शन किया और अपना बकाया महंगाई भत्ता (DA) जारी करने की मांग की। बादल ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय को शर्मिंदा किया है। उन्होंने दावा किया कि कोई भी पीआर (PR) कोशिश या मीडिया पर पाबंदी इस विरोध प्रदर्शन को छिपा नहीं सकती। इसे भी पढ़ें: कांटे की टक्कर में योगी को पछाड़ रहे अखिलेश! UP के सर्वे ने चौंकाया सोशल मीडिया पर बादल ने कहा कि चंडीगढ़ में पंजाब सचिवालय के अंदर से हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां 3 लाख से ज़्यादा सरकारी कर्मचारियों ने आज अपना बकाया DA पाने के लिए छुट्टी ली। एक प्रतिष्ठित दफ़्तर को कितनी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है! अब कोई भी पीआर या मीडिया पर रोक काम नहीं आएगी। गुरु के विरोधी भगवंत मान, आप पंजाब मुर्दाबाद! इसके जवाब में, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ज़ोर देकर कहा कि बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं हो सकते। उन्होंने आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और हम उनकी हर जायज़ बात सुनने को तैयार हैं... लेकिन बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते... सरकार हर मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल वापस ले ली जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पंजाबी में भी यही बात दोहराई। इस हड़ताल का असर राज्य भर के सरकारी अस्पतालों की आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाओं पर पड़ा है। इसे भी पढ़ें: सच्चाई vs भ्रम: मनुस्मृति में नारी को लेकर ऐसा लिखा क्या है? जिस पर होता है बवाल अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल के प्रेसिडेंट और पैरा-मेडिकल और हेल्थ एम्प्लॉइज की कोऑर्डिनेशन कमेटी के ज़िला प्रेसिडेंट नरेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारी साढ़े चार साल से ज़्यादा समय से भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सिंह ने मांगों के बारे में विस्तार से बताया, जिनमें कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को रेगुलर करना, अलग-अलग कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए पेंशन फ़ायदे लागू करना, DA की रुकी हुई किस्तों का भुगतान करना और आंगनवाड़ी वर्कर, हेल्पर, मिड-डे मील वर्कर और दूसरे स्टाफ़ को रेगुलर करना शामिल है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
सुखबीर बादल का अमृतपाल सिंह पर निशाना, वीडियो में बोले- ‘वारिस पंजाब दे’ का मकसद बंदी सिखों की रिहाई नहीं
पंजाब सरकार द्वारा युवाओं को नशों से दूर रखने, उन्हें खेल संस्कृति से जोड़ने और राज्य में नई खेल प्रतिभाओं को तराशने के उद्देश्य से 'खेदान वतन पंजाब दियान-2026' का शंखनाद कर दिया गया है। इसी कड़ी में तरनतारन जिले में आगामी 7 सितंबर से विभिन्न खेल मुकाबले शुरू होने जा रहे हैं। एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) डॉ. आदित्य शर्मा ने जिले के निवासियों, युवाओं और खिलाड़ियों को इन खेल प्रतियोगिताओं में रिकॉर्ड तोड़ गिनती में भाग लेने का खुला निमंत्रण दिया है। विभिन्न विभागों के उच्च अधिकारियों के साथ हुई एक विशेष समीक्षा बैठक के दौरान डॉ. आदित्य शर्मा ने बताया कि डिप्टी कमिश्नर राहुल के कुशल नेतृत्व में तरनतारन जिला इन खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। दो चरणों प्रतियोगिता 1. ब्लॉक स्तरीय मुकाबले (7 से 12 सितंबर): पहले चरण में ब्लॉक स्तर पर एथलेटिक्स, कबड्डी (नेशनल स्टाइल), कबड्डी (सर्कल स्टाइल), खो-खो, वॉलीबॉल (स्मैशिंग), फुटबॉल और टेनिस बॉल क्रिकेट जैसी पारंपरिक और लोकप्रिय खेल विधाओं के मुकाबले करवाए जाएंगे। 2. जिला स्तरीय मुकाबले (21 से 30 सितंबर): दूसरे चरण में जिला स्तर पर रोमांच और बढ़ेगा। इसमें एथलेटिक्स, दोनों स्टाइल की कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, फुटबॉल, टेनिस बॉल क्रिकेट के साथ-साथ बैडमिंटन, किक बॉक्सिंग, रोलर स्केटिंग और शूटिंग (निशानेबाजी) जैसे खेलों में खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे। ऑनलाइन के साथ 'ऑन द स्पॉट' रजिस्ट्रेशन की सुविधा एडीसी डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि इन खेल मुकाबलों में विभिन्न आयु वर्ग (एज ग्रुप) के खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं। खेलों में भाग लेने के लिए खिलाड़ी खेल विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://sports.punjab.gov.in/login पर जाकर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकते हैं। खिलाड़ियों के लिए विशेष छूट जो खिलाड़ी किसी कारणवश ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएंगे, उनके लिए खेल मैदानों पर 'ऑन द स्पॉट' (मौके पर ही) पंजीकरण की विशेष सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। अधिक जानकारी के लिए खिलाड़ी जिला खेल कार्यालय से सीधा संपर्क कर सकते हैं। युवाओं को नशे से दूर कर नाम रोशन करने की अपील डॉ. आदित्य शर्मा ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य एजेंडा युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना और खेल के प्रति उनका रुझान बढ़ाना है। उन्होंने जिले के खेल संस्थानों, कोचों (प्रशिक्षकों) और अध्यापकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक बच्चों को इस खेल महाकुंभ का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें, ताकि तरनतारन के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब का नाम रोशन कर सकें। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एसडीएम (SDM) तरनतारन डॉ. करणवीर सिंह, जिला खेल अधिकारी सतवंत कौर, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी (DDPO) देविंदर सिंह सहित विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
जनता भाजपा सरकार की दी महंगाई से त्रस्त और मुख्यमंत्री पंजाब में मस्त : दुष्यंत चौटाला
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दिनों-दिन महंगाई आसमान को छू...
आम आदमी पार्टी अमृतसर देहात के पूर्व जिला प्रधान बलजिंदर सिंह थांदे आज वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए। थांदे ने कहा कि राज्य में नशे की समस्या गंभीर है और इस बदलाव की उम्मीद थी, वह पूरी तरह दिखाई नहीं दिया। इस दौरान पार्टी के संरक्षक और सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने पंजाब की राजनीति और पंथक मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी। तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब के लोग अब क्षेत्रीय और पंथक ताकत को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि वारिस पंजाब दे आने वाले समय में युवाओं को नशे से दूर करने के लिए अभियान चलाएगा। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता लगातार अकाली दल वारिस पंजाब के साथ जुड़ रहे हैं, जिससे पार्टी का संगठन मजबूत हो रहा है। पार्टी को किसी से पंथक होने का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं सुखबीर बादल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए तरसेम सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी को किसी से पंथक होने का प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए सबसे बड़ा प्रमाण पंजाब की जनता का समर्थन है। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह को मिले समर्थन का भी जिक्र किया। अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधा तरसेम सिंह ने अकाली दल के नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान जनता में उनके प्रति नाराजगी पैदा हुई। उन्होंने अकाली नेताओं से अपील की कि वे अकाल तख्त साहिब पर जाकर अपनी गलतियों और गुनाहों के लिए माफी मांगें और उन्हें स्वीकार करें। जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने की तैयारी उन्होंने कहा कि पंजाब के हित, युवाओं का भविष्य और नशे के खिलाफ लड़ाई को लेकर वह पार्टी के साथ काम करेंगे। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में युवाओं को जोड़ने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का अभियान तेज किया जाएगा।
Nepal Flash Floods: क्या दोबारा फटेगी झील? वैज्ञानिकों ने Bhote Koshi और Trishuli पर दी बड़ी चेतावनी
नेपाल-चीन बॉर्डर पर पिछले तीन दिनों से अचानक बाढ़ (flash floods) आ रही है और खतरा अभी टला नहीं है। 26 अगस्त को ग्लेशियर टूटने से नेपाल की भोटेकोशी नदी में पानी की एक खतरनाक लहर उठी; उसी सुबह हुए मडस्लाइड (कीचड़ के बहाव) ने चीन के ग्यारोंग पोर्ट क्रॉसिंग को मलबे में दबा दिया। अब, जब यह इलाका पहले ही काफी मुश्किलों का सामना कर रहा है, वैज्ञानिकों का कहना है कि नदी के ऊपरी हिस्से में बनी एक नई झील अगले तीन दिनों में फट सकती है और नीचे की ओर पानी का एक और तेज़ बहाव आ सकता है। इसे भी पढ़ें: Punjabi Bagh में 60 लाख की चोरी का आरोपी पकड़ा गया, नेपाल भागने की फिराक में था नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ की वजह क्या थी? नेपाल के हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग (DHM) का कहना है कि यह बाढ़ बारिश की वजह से नहीं आई थी। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा - जो शायद लांगटांग लिरुंग के उत्तरी हिस्से में था - लगभग 5,200 मीटर की ऊंचाई से टूटकर करीब 1,200 मीटर नीचे लेंडे नदी में गिरा, जो भोटेकोशी की एक सहायक नदी है। गिरती हुई बर्फ और चट्टानों ने एक प्राकृतिक बांध की तरह संकरी घाटी का रास्ता रोक दिया, और फिर वह टूट गया, जिससे पानी, बर्फ और बड़े पत्थरों की एक गाढ़ी, कीचड़ भरी लहर रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन की ओर तेज़ी से बढ़ी। चीन की तरफ़ एक और आपदा क्यों आई? उसी सुबह, नेपाल के साथ व्यापार का एक अहम रास्ता, चीन के ज़िजैंग इलाक़े में ग्यिरोंग पोर्ट के पास ज़मीन खिसकने (मडस्लाइड) की एक और घटना हुई। चीन के सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV ने बताया कि वहाँ कुछ जगहों पर कीचड़ पाँच फ़ीट से ज़्यादा गहरा जमा हो गया था, जिससे सड़कें और कम्युनिकेशन लाइनें कट गईं। गुरुवार सुबह तक, चीन की तरफ़ तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 558 लोग लापता थे, जिसके बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बड़े पैमाने पर खोज और बचाव अभियान चलाने का आदेश दिया। अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की है कि मडस्लाइड (कीचड़ का बहाव) और भोटेकोशी बाढ़ का स्रोत एक ही है या नहीं। क्या नेपाल में एक और बाढ़ आने वाली है? चीन के जल संसाधन मंत्रालय का कहना है कि छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदियों के संगम के पास एक बैरियर झील बन गई है। गुरुवार सुबह तक इसमें लगभग 20 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा हो गया था और यह पहले से ही ओवरफ्लो हो रही है। अगले तीन दिनों में इसमें और 30 लाख क्यूबिक मीटर पानी आ सकता है, जिससे इसके टूटने का खतरा बढ़ गया है। चीनी इंजीनियर इस स्थिति से निपटने की तैयारी के लिए बाढ़ सिमुलेशन कर रहे हैं, जबकि नेपाल ने भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से कहा है कि वे अगली सूचना तक नदी के किनारों से दूर रहें।
Punjabi Bagh में 60 लाख की चोरी का आरोपी पकड़ा गया, नेपाल भागने की फिराक में था
पश्चिम दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके के एक घर में 60 लाख रुपये की कथित चोरी करने के मामले में वांछित आरोपी 22 वर्षीय घरेलू सहायक को बिहार में नेपाल की सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान बिहार के सुपौल निवासी शशिकांत के रूप में हुई है, जिसने चोरी से ठीक एक दिन पहले शिकायतकर्ता के घर काम पर आना शुरू किया था। पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त को पंजाबी बाग थाने को चोरी के संबंध में फोन कर सूचना दी गई। पूछताछ के दौरान, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि शशिकांत ने पंजाबी बाग एक्सटेंशन स्थित उनके घर से लगभग 60 लाख रुपये के आभूषण चोरी किए और भाग गया। इस बाबत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और आरोपी का पता लगाने के लिए एक टीम का गठन किया गया। पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण, ‘कॉल डिटेल रिकॉर्ड’, ‘मोबाइल टावर लोकेशन’ और तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस को बिहार के बेलाही गांव की जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि पुलिस की एक टीम बिहार पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से गांव में छापेमारी की। हालांकि, पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही शशिकांत भाग निकला। डीसीपी के मुताबिक, स्थानीय पूछताछ से संकेत मिला कि वह नेपाल भागने की फिराक में है जिसके बाद आगे की तकनीकी निगरानी से पुलिस ने कुनौली सीमा के पास उसका पता लगाया जहां से उसे पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने चोरी के आभूषण और अन्य कीमती सामान अपने आवास पर एक संदूक में छुपाए थे। पुलिस उसे बेलाही गांव स्थित उसके घर ले गयी, जहां उसकी निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि बरामद वस्तुओं में लगभग 450 ग्राम वजन की चांदी की प्लेट और सिक्के, हीरे की तीन चेन, सोने की एक चेन, एक हीरे का सेट, एक हीरे की अंगूठी, पांच हीरे के लॉकेट, दो कलाई घड़ियां और एक हीरे की बाली शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद माल की कुल कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है। आगे की जांच जारी है।
भगवंत, चन्नी, राघव चड्ढा या बादल? पंजाब में CM की पहली पसंद पर सर्वे में बड़ा दावा
चुनाव आयोग ने अभी चुनाव का बिगुल नहीं बजाया है, लेकिन पंजाब 2027 की लड़ाई शुरू हो चुकी है। फ़र्क बस इतना है कि यह लड़ाई अभी वोटरों तक नहीं पहुँची है। फ़िलहाल, यह लड़ाई राजनीतिक पार्टियों के अंदर ही लड़ी जा रही है। लेकिन इस शुरुआती हलचल में एक दिलचस्प बात है। इस चरण में, पंजाब की राजनीतिक पार्टियाँ सिर्फ़ वोटरों को मनाने की कोशिश नहीं कर रही हैं। वे सबसे पहले अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने, उन्हें अनुशासित करने और कुछ मामलों में उन्हें फिर से एकजुट करने की कोशिश कर रही हैं। पार्टियों के बड़े राष्ट्रीय नेता पंजाब का दौरा कर रहे हैं, बूथ कमेटियाँ सक्रिय हो रही हैं, रैलियाँ फिर से शुरू हो रही हैं और संगठनात्मक बैठकें तेज़ी से हो रही हैं। चुनाव में भले ही अभी कुछ समय बाकी हो, लेकिन असल चुनावी अभियान से पहले की तैयारी शुरू हो चुकी है। हो सकता है कि यही पंजाब 2027 की पहली असली लड़ाई हो। वोट वाइब के स्टेट वाइब सर्वे में इस सवाल पर लोगों से राय ली गई।सवाल के जवाब में लोगों ने अपनी राय देते हुए पंजाब में मुख्यमंत्री की पहली पसंद सीएम भगवंत मान को बताया है। इसे भी पढ़ें: Bhagwant Mann की दो टूक: Punjab में हड़ताल खत्म होने के बाद ही होगी बातचीत पंजाब में सीएम की कुर्सी के लिए किसकी दावेदारी कितनी मजबूत? पंजाब में मुख्यमंत्री पद की रेस में भगवंत मान शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि 20.6 फीसदी समर्थन के साथ पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल 11.7 फीसदी लोगों की पसंद बनकर तीसरे नंबर पर मौजूद हैं। बीजेपी नेता केवल सिंह ढिल्लों को 6.1 फीसदी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को 5.3 फीसदी लोग सीएम पद पर देखना चाहते हैं। सके अलावा, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को 1.8 फीसदी, सुखजिंदर सिंह रंधावा को 0.6 फीसदी और बीजेपी के सुनील जाखड़ को महज 0.5 फीसदी लोगों का समर्थन मिला है। दिलचस्प बात यह है कि 7 फीसदी लोग इन नेताओं से अलग किसी नए चेहरे को सूबे की कमान सौंपना चाहते हैं, जबकि 6.3 फीसदी लोगों ने इस पर कोई राय जाहिर नहीं की है। बीजेपी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए संदेश बिल्कुल साफ़ है। BJP के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने पंजाब में दो दिन बिताए और पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में ज़ोनल बैठकें कीं। पार्टी का कहना है कि वह सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इससे भी अहम बात यह है कि यह कवायद बूथ स्तर तक पहुँच गई है और BJP पूरे पंजाब में संगठन के ढांचे को और मज़बूत बनाने पर काम कर रही है। कई दशकों तक पंजाब में बीजेपी की राजनीतिक मौजूदगी शिरोमणि अकाली दल-बादल से गहराई से जुड़ी रही। उसकी ताकत मुख्य रूप से शहरी सीटों पर केंद्रित थी, जबकि गठबंधन में ग्रामीण और पंथिक मोर्चे की जिम्मेदारी काफी हद तक अकाली दल के पास थी। अगर बीजेपी सच में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, तो उसे उन इलाकों में अपना संगठन खड़ा करना होगा जहां वह कभी अपने सहयोगी दल पर बहुत ज़्यादा निर्भर थी। कांग्रेस कई दशकों तक पंजाब में बीजेपी की राजनीतिक मौजूदगी शिरोमणि अकाली दल-बादल से गहराई से जुड़ी रही। उसकी ताकत मुख्य रूप से शहरी सीटों पर केंद्रित थी, जबकि गठबंधन में ग्रामीण और पंथिक मोर्चे की जिम्मेदारी काफी हद तक अकाली दल के पास थी। अगर बीजेपी सच में सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है, तो उसे उन इलाकों में अपना संगठन खड़ा करना होगा जहां वह कभी अपने सहयोगी दल पर बहुत ज़्यादा निर्भर थी। पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज भूपेश बघेल ने संगठन को मज़बूत करने की मुहिम के तहत कई ज़िलों का दौरा किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाक़ात की। अब एक बड़ी राजनीतिक यात्रा की योजना बनाई जा रही है, जिसमें राहुल गांधी के राज्य-व्यापी बस यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है। शुरुआती योजना के अनुसार, वे यात्रा में शामिल होने से पहले अमृतसर में श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेकेंगे; इस यात्रा का पहला चरण अमृतसर से हुसैनिवाला की ओर जाएगा। आम आदमी पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थिति अलग है क्योंकि वह सत्ता में है। 2022 में, बदलाव की ज़बरदस्त लहर पर सवार होकर उसने 117 में से 92 सीटें जीती थीं। 2027 में, वह बदलाव का वादा करने वाले बाहरी उम्मीदवार के तौर पर नहीं, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के तौर पर अपने कामकाज के आधार पर वोट मांगेगी। पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ज़िला-स्तर पर संगठन की बैठकें कर रहे हैं, जबकि सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ प्रभारियों की बैठकें करने की योजना है। इसका मकसद संगठन को मज़बूत करना और मान सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को सीधे लोगों के घरों तक पहुँचाना है। अकाली दल SAD के लिए 2027 का चुनाव सिर्फ़ एक और चुनाव नहीं है। यह कई सालों की चुनावी गिरावट के बाद अपनी राजनीतिक ज़मीन वापस पाने की लड़ाई है। इसकी 'पंजाब बचाओ' रैलियाँ अब एक नए चरण में पहुँच गई हैं, जिसके तहत अगस्त और सितंबर में पूरे राज्य में रैलियाँ और राजनीतिक सम्मेलन आयोजित किए जाएँगे।
तरनतारन में साझा मुलाजिम मंच पंजाब के आह्वान पर विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और पेंशनरों ने आज 27 अगस्त 2026 को प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में रोष रैली निकाली। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार का पुतला भी फूंका। यह विरोध प्रदर्शन सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की जायज मांगों पर सरकार द्वारा कोई सकारात्मक जवाब न दिए जाने के कारण किया गया। साझा मुलाजिम मंच ने पहले ही सरकार को अपनी मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा था। इन मांगों में 2.59 मल्टीप्लायर, कैशलेस स्कीम, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना, डीए की बकाया किस्तें जारी करना, 15-01-2015 का पत्र रद्द करना, परिवीक्षा अवधि के दौरान पूरा वेतन और भात्ते देना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 17-07-2020 और 4,9,14 को जारी पत्रों के अनुसार केंद्रीय पैटर्न पर नई भर्ती के पत्र को रद्द करने और एसीपी योजना की बहाली की भी मांग की गई। मिड-डे मील और आशा वर्कर बहनों से संबंधित मांगें भी इसमें शामिल थीं। मिड डे मील और आशा वर्करों की मांगे भी पूरी नहीं रैली को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनरों, मिड-डे मील और आशा वर्कर बहनों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो साझा मुलाजिम मंच पंजाब चंडीगढ़ द्वारा दिए गए अगले तीखे एक्शन प्रोग्राम को तरनतारन जिले में बिना किसी चूक के लागू किया जाएगा। इस अवसर पर सुखप्रीत सिंह पन्नू (जिला संयोजक), गुरसेवक सिंह सरां (अध्यक्ष), अंग्रेज सिंह रंधावा (महासचिव), तरसेम सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), जसपाल सिंह (वित्त सचिव पीएसएमएस यूनियन तरनतारन), कुरविंदर सिंह चीमा (अध्यक्ष), शिवकरण सिंह चीमा (महासचिव डीसी ऑफिस क्लर्क यूनियन), बिक्रमजीत सिंह खैरा, निसान सिंह (अध्यक्ष), स्वराज सिंह (महासचिव), इकबाल सिंह और सरबजीत सिंह सहित कई नेता और सदस्य मौजूद रहे।
महेंद्रगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने करीब 1.99 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पांचवें आरोपी दमन कपूर निवासी मंडी (हिमाचल प्रदेश) को मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया, जिसके दौरान उसने 5 लाख रुपए लौटाए, जबकि शेष 15 लाख रुपए वापस करने का लिखित एग्रीमेंट दिया। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। फैक्ट्री लगाने का दिया झांसा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक फैजल खान ने बताया कि मामले की शिकायत 25 फरवरी 2026 को झगड़ौली निवासी विनोद कुमार ने दर्ज कराई थी, जो राजकीय आईटीआई नारनौल में प्रधानाचार्य हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष और उनके साथियों ने उन्हें अच्छी जमीन दिलाने, एमएसएमई योजना के तहत बैंक से लोन दिलवाने और फैक्ट्री स्थापित कराने का झांसा दिया। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि यदि जमीन नहीं मिली तो पूरी रकम ब्याज सहित लौटा दी जाएगी। जमीन में निवेश का लालच दिया शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने बाद में कोलकाता स्थित 'एंजल इंडस्ट्री' में निवेश का लालच भी दिया और बेहतर मुनाफे का दावा किया। जमीन, निवेश और अन्य योजनाओं के नाम पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार से करीब 1 करोड़ 99 लाख रुपए ले लिए। जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपी संपर्क से बचने लगे और कथित रूप से जान से मारने व परिवार का अपहरण करने की धमकी भी दी। 20 लाख हुए थे ट्रांसफर जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता की दी गई राशि में से 20 लाख रुपए दमन कपूर के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस इससे पहले मीर सिंह, उसके पुत्र आशुतोष, राकेश और सुमित कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। अब दमन कपूर की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। मुख्य आरोपी के खिलाफ 15 मामले पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपियों के खिलाफ महेंद्रगढ़ जिले में धोखाधड़ी के पांच मामले दर्ज हैं, जबकि हरियाणा के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों में भी करीब 10 अन्य मुकदमे लंबित हैं। पुलिस आरोपियों की संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और कोलकाता स्थित कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक या साइबर ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि की रिकवरी सुनिश्चित की जा सके।
पंजाब में PTI शिक्षकों के 2 हजार पदों पर निकली भर्ती, आवेदन के लिए पूरी करनी होगी ये शर्त
Punjab Physical Education Teacher Bharti: पंजाब स्कूल शिक्षा भर्ती बोर्ड के तहत इन हजारों भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. राज्य के तमाम सरकारी स्कूलों में इन फिजिकल टीचर्स की नियुक्ति की जाएगी.
Bhagwant Mann की दो टूक: Punjab में हड़ताल खत्म होने के बाद ही होगी बातचीत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों से स्पष्ट कहा कि उनसे बातचीत तभी की जाएगी, जब वे अपनी हड़ताल खत्म कर देंगे। मान को बृहस्पतिवार को जालंधर में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों और समस्याओं पर चर्चा करने के लिए बैठक करनी थी। पंजाब में सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने के लिए बृहस्पतिवार को राज्यव्यापी हड़ताल की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना भी शामिल है। सरकारी कर्मचारियों की ‘महा हड़ताल’ के कारण विभिन्न सरकारी विभागों का कामकाज प्रभावित हुआ और अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) की सेवाएं भी बाधित रहीं। मान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उनकी सरकार कर्मचारियों की हर जायज मांग और चिंता सुनने के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकती। मान ने कहा, “कर्मचारी हमारे परिवार का अहम हिस्सा हैं और उनकी हर जायज मांग सुनने के लिए हम तैयार हैं। लेकिन बातचीत और हड़ताल एक साथ नहीं चल सकतीं। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी, जब हड़ताल खत्म की जाएगी।”पंजाब सांझा मुलाजिम मंच के बैनर तले 150 से अधिक कर्मचारी संगठनों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा कराने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से ‘महा हड़ताल’ में हिस्सा लिया। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रहीं। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना और संविदा कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद राज्य सरकार उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने में “विफल” रही है।
पठानकोट में ठप पड़े विकास कार्यों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश के पूर्व अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक अश्वनी शर्मा की अगुवाई में जुटे पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा नेताओं का कहना है कि एक सप्ताह बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। उनका आरोप है कि जनता को राहत देने के लिए प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके चलते उन्हें दोबारा प्रदर्शन करना पड़ा। धरने को संबोधित करते हुए विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा:- पहले भी नगर निगम परिसर में किया था प्रदर्शन बता दें कि, पिछले सप्ताह भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने इन्हीं जनसमस्याओं को लेकर नगर निगम परिसर में प्रदर्शन किया था। उस दौरान निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भाजपा ने समस्याओं के जल्द समाधान के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया था।
चंडीगढ़, 27 अगस्त . Chief Minister भगवंत मान ने पंजाब में Governmentी कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा है कि बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते. उन्होंने कहा कि Government हर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल खत्म हो जाएगी. Chief Minister भगवंत मान ने social media ... Read more
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल पर कहा है कि बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि सरकार हर मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बातचीत तभी होगी जब हड़ताल खत्म हो जाएगी।
'बातचीत और हड़ताल साथ-साथ नहीं चल सकते', पंजाब में सरकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन पर बोले सीएम भगवंत मान
पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय सांसद अमृतपाल सिंह की माता बलविंदर कौर ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग 25 साल तक पंथक बनकर सत्ता में रहे, उन्होंने पंजाब के लिए क्या किया यह जनता अच्छी तरह जानती है। बलविंदर कौर ने गुरु ग्रंथ साहिब के 328 लापता स्वरूपों का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि जिन लोगों के कार्यकाल में यह मामला सामने आया, वे किस आधार पर खुद को पंथक कहते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब नेताओं को अच्छी तरह पहचान चुकी है। अब 4 पाइंट में पढ़ें क्या बोलीं बलविंदर कौर:- क्या बोले थे सुखबीर बादल:-
पंजाब सरकार ने एनालॉग पनीर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल की रोक लगाई है। उल्लंघन करने वालों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी।
पंजाब सरकार की ओर से मिशन क्लीन के फेज-दो की शुरुआत 29 अगस्त से की जाएगी। 10 दिन तक चलने वाले इस विशेष सफाई अभियान में सभी विधायक, नगर निगम/नगर निकायों के प्रतिनिधि, अधिकारी और एनजीओ शामिल होंगे। यह जानकारी पंजाब के लोकल बॉडी मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने दी। उन्होंने बताया कि सफाई अभियान में बड़ी बात है कि लोग हमें गंदगी की फोटो एप के माध्यम से भेज पांएगे। जिसके बाद हम उस एरिया की सफाई कर उन्हें सूचित करेंगे। उन्होंने लोगों से भी मुहिम का हिस्सेदार बनने की अपील की है। खुले में कूड़ा फेंकने वाली जगहों पर फोकस बैंस ने बताया कि अभियान के दौरान उन जगहों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां लोग खुले में कूड़ा फेंकते हैं। ऐसे स्थानों को गारबेज वल्नरेबल प्वाइंट्स (जीवीपी) कहा जाता है। इन जगहों पर विशेष रूप से डीप क्लीनिंग करवाई जाएगी। डीसी से लेकर ईओ तक फील्ड में उतरेंगे मंत्री ने कहा कि अभियान में सभी डिप्टी कमिश्नर (डीसी), नगर निगम कमिश्नर, कार्यकारी अधिकारी (ईओ) और विधायक शामिल होंगे। ये सभी फील्ड में जाकर सफाई व्यवस्था का जायजा लेंगे और अभियान को प्रभावी तरीके से लागू करवाएंगे। एम-सेवा पर फोटो भेजकर कर सकेंगे शिकायत बैंस ने कहा कि आम लोग भी इस अभियान में शामिल हो सकते हैं। पंजाब सरकार के एम-सेवा ऐप के माध्यम से लोग गंदगी या कूड़े वाले स्थान की फोटो भेज सकेंगे। शिकायत मिलने के बाद उसकी आईडी जनरेट की जाएगी और संबंधित व्यक्ति को इसकी जानकारी दी जाएगी। इसके बाद उस स्थान की सफाई करवाई जाएगी।
अमृतसर में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पंजाब सरकार और खेल विभाग की ओर से आयोजित इन खेलों के तहत ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर विभिन्न खेल मुकाबले करवाए जाएंगे। खेलों के प्रति युवाओं और आम लोगों में उत्साह पैदा करने के उद्देश्य से राज्यभर में मशाल रिले यात्रा निकाली जा रही है। यह मशाल यात्रा 28 अगस्त को जिला अमृतसर पहुंचेगी। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) पल्लवी मिश्रा ने बताया कि 12 अगस्त को जिला संगरूर से शुरू हुई मशाल रिले यात्रा विभिन्न जिलों से होते हुए 28 अगस्त को गुरदासपुर के रास्ते अमृतसर पहुंचेगी। सुबह करीब 10 बजे मशाल यात्रा गांव जैंतीपुर के रास्ते जिले में प्रवेश करेगी। इसके बाद यात्रा वेरका बाईपास चौक, बटाला रोड, संत सिंह सुखा सिंह चौक और नॉवेल्टी चौक से होते हुए जिला खेल अधिकारी के कार्यालय और गुरु नानक स्टेडियम पहुंचेगी। जिले के विभिन्न स्थानों पर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की ओर से मशाल यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके जरिए युवाओं को खेलों से जुड़ने और अधिक से अधिक संख्या में प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। 29 अगस्त को अगले पड़ाव के लिए रवाना इसके बाद 29 अगस्त को सुबह 9 बजे गुरु नानक स्टेडियम से मशाल रिले यात्रा अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। यह यात्रा एलिवेटेड रोड और तारांवाला पुल से होते हुए गांव चब्बा पहुंचेगी, जहां मशाल जिला खेल अधिकारी, तरनतारन को सौंप दी जाएगी। अमृतसर जिले में ‘खेडां वतन पंजाब दियां-2026’ के ब्लॉक स्तरीय मुकाबले 8 सितंबर से 17 सितंबर तक दो चरणों में करवाए जाएंगे। इन प्रतियोगिताओं में एथलेटिक्स, फुटबॉल, कबड्डी नेशनल स्टाइल, कबड्डी सर्कल स्टाइल, वॉलीबॉल स्मैशिंग, वॉलीबॉल शूटिंग और खो-खो के मुकाबले शामिल होंगे। इस वर्ष टेनिस बॉल क्रिकेट को प्रदर्शन खेल के तौर पर भी शामिल किया गया है। पहले चरण में पांच ब्लॉकों में मुकाबले पहले चरण में 8 से 11 सितंबर तक चौगावां, तरसिक्का, अटारी, वेरका और अजनाला ब्लॉक में मुकाबले होंगे। वहीं दूसरे चरण में 14 से 17 सितंबर तक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, रईया, मजीठा, जंडियाला गुरु और हरशा छीना ब्लॉक में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेल मुकाबलों में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ी पंजाब खेल विभाग की वेबसाइट (https://sports.punjab.gov.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। खिलाड़ियों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपना पंजीकरण करवाकर अधिक से अधिक संख्या में खेलों में हिस्सा लें और अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें।
सरकार के खिलाफ धरने पर मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारी, देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक में आज बात करेंगे फिरोजपुर में करोड़ों की लागत से बना आंखों का सरकारी अस्पताल कैसे हुआ बदहाली का शिकार, आपको दिखाएंगे आम आदमी क्लीनिक के कर्मचारी सरकार के खिलाफ क्यों धरने पर उतरे, चीनी की बढ़ी कीमतों को लेकर कैसे चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और गवर्नर हाउस के पास प्रदर्शन किया. लेकिन उससे पहले खबर हेडलाइंस पर.
शहर छोड़ पंजाब में गांव की ओर चली भाजपा, अमृतपाल सिंह से सीधा मुकाबला; सकते में अकाली
पारंपरिक रूप से शहरी सीटों तक सीमित रहने वाली भाजपा के लिए यह नई रणनीति पंजाब की राजनीति में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। पार्टी ग्रामीण मतदाताओं को साधने के लिए दो मुख्य रणनीतियों पर काम कर रही है।
सुधार में पंजाब बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे शिक्षक
सुधार में पंजाब बंद के समर्थन में सड़क पर उतरे शिक्षक
वापस लौटना, NEET टॉपर आर्यन से पंजाब CM भगवंत मान ने कही दिल की बात, मिली सबसे मलाईदार MBBS सीट
NEET Topper AIR 1 Aryan Gupta : सीएम से मिलने के बाद आर्यन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें नीट की तरह ही कड़ी मेहनत जारी रखने के लिए मार्गदर्शन, प्रेरणा और प्रोत्साहन दिया। साथ ही उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन बनाए रखने के लिए मेहनत करने को कहा।
पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की 27 अगस्त को प्रस्तावित हड़ताल का अमृतसर में व्यापक असर दिखेगा, जिसमें करीब सात हजार कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
भाजपा का पंजाब चुनाव के लिए रोडमैप: इस मुद्दे पर निकालेगी विरोध यात्रा, शाह-नबीन से मांगा समय
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में इस यात्रा का रोडमैप भी साझा किया।
भाजपा का पंजाब मिशन: नई टीम का समन्वय परख गए संतोष, हाईकमान को देंगे रिपोर्ट; गठबंधन पर भी जानी राय
चुनाव से पहले भाजपा को पंजाब में 25,332 बूथों पर टीम तैयार करनी है। हर बूथ पर 11 सक्रिय सदस्य होंगे लेकिन अभी 11 हजार से अधिक बूथों पर टीमें ही नहीं हैं।
Punjab Weather 27th August: पंजाब में फिर बढ़ी गर्मी और उमस, तापमान सामान्य से ऊपर; सुस्त हुआ मानसून
पंजाब में तापमान सामान्य से ऊपर रहने से गर्मी और उमस बढ़ी। बठिंडा सबसे गर्म रहा। गुरुवार को हिमाचल से सटे जिलों में छुटपुट बारिश के आसार हैं, कोई अलर्ट नहीं।
पंजाब के लाखों सरकारी कर्मचारी 27 अगस्त को अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, जिससे सरकारी कामकाज ठप रहेगा।
उपकार सिंह आहूजा इनोवेशन मिशन पंजाब के सलाहकार नियुक्त
भास्कर न्यूज | लुधियाना चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स (सीआईसीयू) के अध्यक्ष एवं न्यू स्वान ग्रुप के सीएमडी उपकार सिंह आहूजा को इनोवेशन मिशन पंजाब का सलाहकार नियुक्त किया गया है। यह मिशन पंजाब में स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए उद्योग, संस्थानों, मेंटर्स और उद्यमियों को एक मंच पर लाने का काम करता है। आहूजा के पास उद्योग नेतृत्व, उद्यमिता, मैन्युफैक्चरिंग और एमएसएमई विकास का लंबा अनुभव है। उनकी नियुक्ति से पंजाब के पारंपरिक उद्योगों और नए स्टार्टअप व इनोवेशन क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद है। आहूजा ने कहा कि पंजाब को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उद्योग-स्टार्टअप सहयोग, तकनीक को अपनाना और इनोवेशन आधारित उद्यमिता जरूरी है। वह युवा उद्यमियों को मार्गदर्शन, उद्योग मेंटरशिप और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नए समाधान विकसित करने के अवसर बढ़ाने में योगदान देंगे।

