नमस्कार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन कोच पर खालिस्तान समर्थन के नारे लिखे गए। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने पूर्व PM डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर बड़ा दावा किया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे किए पाकिस्तानी से आने वाली सूखी हवाओं का असर मानसूनी बारिश पर हुआ। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. सुप्रीम कोर्ट में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई। 2. सुप्रीम कोर्ट में हवाई टिकटों की मनमानी कीमतों और अतिरिक्त शुल्क पर नियंत्रण के लिए नियम बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई। 3. इंग्लैंड महिला बनाम भारत महिला एकमात्र टेस्ट मैच का चौथा दिन। कल की बड़ी खबरें... 1. PM मोदी के पंजाब दौरे से पहले ट्रेन में खालिस्तानी नारे लिखे, आतंकी पन्नू की वीडियो में खालड़ा का जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से पहले फिरोजपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर दिल्ली जाने वाली ट्रेन के डिब्बों पर 'खालिस्तान जिंदाबाद' और 'मोदी मुर्दाबाद' के नारे लिखे गए। प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने इसका वीडियो जारी किया। आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जसवंत सिंह खालड़ा का जिक्र किया। इन्हीं पर बनी फिल्म सतलुज पर बैन लगा है। मोदी 15 से 17 तक पंजाब में: प्रधानमंत्री का 3 दिन का पंजाब दौरा होना है। वह लुधियाना और जालंधर जा सकते हैं। जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन की नई बनी बिल्डिंग का उद्घाटन होना है। चंडीगढ़ में भी 4 प्रोजेक्टों का उद्घाटन किया जाना है। पंजाब में पीएम की सुरक्षा पर सवाल, 2 मामले जनवरी 2026: PM नरेंद्र मोदी के पंजाब दौरे से एक दिन पहले 31 जनवरी को जालंधर के 4 स्कूलों में बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। कैंब्रिज स्कूल, केएमवी संस्कृति स्कूल, ब्रिटिश ओलिवा स्कूल और सीजेएस पब्लिक स्कूल को धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। हालांकि जांच के इस दौरान कुछ नहीं मिला था। जनवरी 2022: जनवरी 2022 को पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई थी। हुसैनीवाला जाते समय प्यारेआणा ब्रिज (फ्लाईओवर) पर प्रदर्शनकारी किसानों ने रास्ता जाम कर दिया था। इस वजह से पीएम का काफिला लगभग 15-20 मिनट तक फंसा रहा था। इसके बाद पीएम बिना रैली किए बठिंडा एयरपोर्ट वापस लौट गए थे। पूरी खबर पढ़ें... 2. पूर्व CEC का दावा, मनमोहन ने कहा था- सुसाइड कर लूंगा: कुरैशी बोले- पूर्व PM की बात सुनकर चौंक गया था पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने अपनी किताब ‘इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर’ में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि 2012 में चुनाव आयोग के खिलाफ कुछ मंत्रियों ने कमेंट किए। जब इनकी शिकायत मनमोहन सिंह की गई तो उन्होंने कहा था - अगर आपको ऐसा लगता है, तो मैं आत्महत्या कर लूंगा। कुरैशी के मुताबिक मनमोहन सिंह ने यही भी कहा था कि इलेक्शन कमीशन सिर्फ भारत का गौरव नहीं है, यह देश के लोकतंत्र की आत्मा है और अगर हम इसे खो देते हैं, तो हम सब कुछ खो देंगे। कुरैशी ने कहा कि मनमोहन सिंह ऐसे नेता थे, जिनके लिए संवैधानिक मर्यादा बातचीत का मुद्दा नहीं बल्कि एक जीता-जागता विश्वास था। भारत के 13वें प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह : डॉ. मनमोहन सिंह 2 मई 2004 से 26 मई 2014 तक लगातार दो कार्यकाल तक भारत के 13वें प्रधानमंत्री रहे। उन्हें दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और नीति-निर्माताओं में गिना जाता है। वे भारत के पहले सिख प्रधानमंत्री थे। वे ऐसे पहले प्रधानमंत्री भी थे, जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष और वित्त मंत्री जैसे पदों पर काम किया था। उनका निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली में 92 साल की उम्र में हुआ था। पूरी खबर पढ़ें... 3. राम मंदिर: केजरीवाल बोले- चढ़ावा चोरों को फांसी मिलेगी, महंत कमलनयन ने कहा- चंपत राय चोर नहीं अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने कहा, “राम जन्मभूमि आंदोलन और मंदिर निर्माण में चंपत राय का बड़ा योगदान रहा है। लोगों ने उनके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कोई चोरी नहीं की।” चोरों को फांसी की सजा जरूर मिलेगी: दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि चंदा चोरों को फांसी की सजा जरूर मिलेगी। भाजपा ने भगवान राम के नाम पर वोट मांगकर केंद्र और 21 राज्यों में सरकार बनाई। बदले में प्रभु श्रीराम के साथ विश्वासघात किया। पोस्टर लगवाने वाले सपा नेता समेत 3 गिरफ्तार: गोरखपुर में चढ़ावा चोरी को लेकर पोस्टर लगवाने वाले सपा नेता अरविंद शुक्ला समेत 3 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तीनों ने शुक्रवार रात पोस्टर लगवाए थे। जिस पर लिखा था- ‘राम नाम जपना, श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया दान अपना। रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा, चोर करेगा मंदिर में चोरी, चौकीदार देखता रह जाएगा।’ पढ़ें पूरी खबर… 4. पाकिस्तान से आ रहीं सूखी हवाओं ने बारिश रोकी, अब प्रशांत महासागर के सिस्टम से उम्मीद मौसम की वेबसाइट ऑल इंडिया वैदर की रिपोर्ट के अनुसार देश के लगभग 70% हिस्से से मानसून के बादल गायब हो गए हैं। इसका कारण पाकिस्तान की ओर से आ रही सूखी हवाएं बताई जा रही हैं। ये सूखी हवाएं अरब सागर, मध्य भारत और दक्षिण भारत तक फैल गई हैं। इनकी वजह से राजस्थान, दिल्ली-NCR, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र में अगले 5 दिन तक बारिश की संभावना भी कम है। बारिश रुकने से तापमान बढ़ा: बारिश रुकने से मध्य प्रदेश, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान बढ़ गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में तापमान 42C दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है। 5. डिलीवरी एजेंट जबरन घर में घुसा, प्राइवेट पार्ट दिखाया: बेंगलुरु की महिला का आरोप- मना करने के बावजूद अश्लील हरकत की बेंगलुरु में फ्लिपकार्ट डिलीवर एजेंट ने महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाया। पार्सल देने के बाद महिला से वॉशरूम इस्तेमाल करने की इजाजत मांगी, लेकिन मना करने के बावजूद वह अंदर चला गया। वॉशरूम से बाहर आने के बाद आरोपी ने अश्लील हरकत की। महिला ने वॉशरूम से निकलते समय डिलीवरी एजेंट का वीडियो भी बनाया जिसमें उसकी पैंट की जिप खुली दिखाई दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें... 6. ट्विशा शर्मा के स्किन टिश्यू जिम बेल्ट पर मिले:दिल्ली AIIMS ने 11 पेज की फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में CBI को सौंपी भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत मामले में दिल्ली AIIMS के मेडिकल बोर्ड ने अपनी अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीबीआई को सौंपी। सूत्रों के मुताबिक, हिस्टोपैथोलॉजिकल और अन्य लैब जांच में फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर स्किन टिश्यू मिलने और बेल्ट के निशानों का गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क से मेल खाने की बात सामने आई। हालांकि, रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: केजरीवाल बोले- राममंदिर के चंदा चोरों को फांसी जरूर मिलेगी: महंत कमलनयन ने कहा- चंपत राय चोर नहीं; नई टीम संभालेगी कमान (पूरी खबर पढ़ें) 2. स्पोर्ट्स: यस्तिका लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला, 158 गेंद में 113 रन बनाए; 14 चौके मारे (पूरी खबर पढ़ें) 3. स्पोर्ट्स: दावा- इंग्लैंड दौरे के बाद भारत का कोचिंग स्टाफ बदलेगा: गंभीर के दो भरोसेमंद कोच हट सकते हैं, फील्डिंग कोच दिलीप पर भी दबाव (पूरी खबर पढ़ें) 4. बिहार: ई-रिक्शा ड्राइवर के खाते में ₹759 करोड़ आए: वृद्धा पेंशन के ₹1100 निकालने गया था, बैलेंस देख होश उड़े; लोग बोले- आप तो अरबपति बन गए (पूरी खबर पढ़ें) 5. बॉलीवुड: गायिका एस जानकी का अंतिम संस्कार हुआ: पोती ने चिता को मुखाग्नि दी; 'बोल बेबी बोल', 'यार बिना चैन' समेत 48 हजार गाने गाए थे (पूरी खबर पढ़ें) 6. एंटरटेंमेंट: 'स्पाइडरमैन' फेम टॉम हॉलैंड ने पी कटिंग चाय: 'द ओडिसी' के भारत में प्रीमियर से पहले क्रिस्टोफर नोलन के साथ पहुंचे कैफे (पूरी खबर पढ़ें) 7. एंटरटेंमेंट: सोहेल खान ने सीमा से तलाक पर किया खुलासा: कहा- काम ठीक नहीं चल रहा था, अपने बर्ताव के कारण मैंने उसे खो दिया (पूरी खबर पढ़ें) 8. स्पोर्ट्स: अर्जेंटीना छठी बार फुटबॉल वर्ल्डकप सेमीफाइनल में: स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराया, एक्स्ट्रा टाइम में 2 गोल दागे; अब इंग्लैंड से मुकाबला (पूरी खबर पढ़ें) 9. एंटरटेंमेंट: टीवी एक्टर रोहित चंदेल पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार: 16 साल की नाबालिग से छेड़छाड़, पीछा करने और मारपीट के आरोप (पूरी खबर पढ़ें) 10. बिहार: महिला होमगार्ड को अगवा कर रेप: बीच बाजार से उठाया, बेहोशी की हालत में मिली; छोटी बहन बोली- आरोपी दीदी का फिजिकल ट्रेनर (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... 14 बेटों की एक साथ शादी, ट्रैक्टरों पर आए दूल्हा-दुल्हन मध्य प्रदेश के सतना में एक परिवार ने अपने 14 बेटों की शादी एक ही मंडप में कराई। इस अनोखे सामूहिक विवाह की वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: 3 देशों से क्या-क्या लेकर लौटे पीएम मोदीः ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम, इंडोनेशिया से बंदरगाह की डील; ये चीन-अमेरिका को कितना खलेगा 2. स्पाई फाइल्स: भारत ने जानबूझकर आतंकियों से अपना प्लेन अपहरण कराया:नकली पिस्तौल, लकड़ी का हथगोला, RAW की वो चाल जिससे पाकिस्तान के टुकड़े हुए; ऑपरेशन गंगा पार्ट-2 3. साइबर लिटरेसी: वीडियो देखो, पैसा कमाओ’: इस एड से सावधान! स्कैमर अकाउंट खाली कर देंगे, एक्सपर्ट से समझें, फ्रॉड से कैसे बचें 4. जरूरत की खबर: बॉलीवुड एक्टर को कीड़े ने काटा: बारिश में कीड़ों से सावधान, ये 8 संकेत इग्नोर न करें, कीड़ों से बचाव के 9 टिप्स 5. ग्राउंड रिपोर्ट: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर नहीं चला सकेंगे बाइक:AI कैमरे हादसे पर देंगे अलर्ट, टोल 3 गुना ज्यादा; देश का पहला बैरियर फ्री हाईवे 6. MP एक्सप्लेनर: क्या नरोत्तम मिश्रा का टिकट मोहन यादव ने कटवाया:फॉर्म खरीद लिया, प्रचार में जुटे थे; फिर अचानक क्या हुआ, अब आगे क्या करेंगे? करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि के नौकरीपेशा लोगों को अच्छे काम की वजह से तरक्की मिल सकती है। कुंभ राशि वालों की रुकी हुई इनकम दोबारा शुरू होने के योग हैं।जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
सिरसा आश्रम से 50 टोंटियां चोरी:24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार, पंजाब का रहने वाला, वहीं काम करता था
सिरसा जिले में पुलिस के एबीवीटी स्टाफ ने डेरा सच्चा सौदा से 50 टोंटियां चोरी होने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी किया गया पूरा सामान बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार, डेरा सच्चा सौदा की प्लंबर समिति में कार्यरत प्रवीण कुमार ने शहर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि डेरा परिसर में टोंटियों की मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान जांच में सामने आया कि परिसर के अलग-अलग स्थानों से जैगवार कंपनी की लगभग 50 से 60 टोंटियां गायब थीं। शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। आरोपी पंजाब का रहने वाला जांच के दौरान, एबीवीटी स्टाफ को महत्वपूर्ण सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई करते हुए गुरप्रीत सिंह पुत्र सोनी राम, निवासी गांव पावरी, जिला जालंधर (पंजाब) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी गुरप्रीत सिंह ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। उसने पुलिस को बताया कि वह काफी समय से डेरा सच्चा सौदा में सफाई सेवा कर रहा था और इसी दौरान उसकी नीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसने परिसर से महंगी टोंटियां एक-एक करके चोरी करनी शुरू कर दीं। आरोपी के कब्जे से 50 टोंटियां बरामद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई जैगवार कंपनी की सभी 50 टोंटियां बरामद कर ली हैं। एबीवीटी स्टाफ प्रभारी ने बताया कि बरामद सामान को कब्जे में लेकर आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला गया, जिसमें थाना सदर सिरसा में भी उसके खिलाफ चोरी का एक अन्य मामला दर्ज होना पाया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और जो भी व्यक्ति चोरी की घटना में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में रविवार को युवक ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक का शव गऊ चरांद के श्मशान घाट के अदंर पेड़ पर परने (गमछे) के सहारे लटका मिला। आसपास के लोगों ने शव लटका देखा तो तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान गांव गऊ चरान के रहने वाले 25 वर्षीय रमनदीप के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में घटना के कारणों का पता नहीं चल पाया है। रमन का श्मशान घाट के पास में ही घर है। रमन की मौत से उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। रमन अभी कोई काम नहीं करता था। SIR ड्यूटी के दौरान मिली सूचना जानकारी के मुताबिक, गऊ चरांद में SIR का कार्य चल रहा था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने श्मशान घाट में पेड़ पर युवक का शव लटका देखा। इसके बाद तुरंत डायल-112 पर सूचना दी गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पिता बिस्तर पर, भाई पंजाब में कर रहा नौकरी रमन के पिता गुरदेव सिंह घर पर ही रहते हैं। कुछ समय पहले गुरदेव सिंह का एक्सीडेंट हो गया था। जिस कारण वह चलने फिरने में असमर्थ है और बिस्तर पर रहते हैं। उसका भाई पंजाब में किसी फैक्ट्री में काम करता है। रमन के घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। परिजनों के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई उधर, थाना सिटी पिहोवा में कार्यरत जांच अधिकारी ASI पवन कुमार ने बताया कि अभी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चन्नी और राजा वडिंग की आपसी जंग में बीजेपी की एंट्री, पंजाब में कांग्रेस की बढ़ी टेंशन
पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के बीच की तल्खी अब किसी से छिपी नहीं है। लेकिन इस बार कहानी में ट्विस्ट यह है कि कांग्रेस की इस आपसी 'सिरफुटौवल' पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की पैनी नजर है और उसने इसमें अपना सियासी छौंका लगाना शुरू कर दिया है, जिससे कांग्रेस आलाकमान की सांसें फूलने लगी हैं।चन्नी और वडिंग के बीच क्यों बढ़ी तकरार?पंजाब की सियासत में लंबे समय से यह चर्चा आम थी कि चन्नी और वडिंग के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बयानों के तीर और अंदरूनी खींचतान अब सार्वजनिक मंचों तक आ पहुंची है। दोनों ही नेता राज्य में अपनी-अपनी जमीन मजबूत करने और खुद को पंजाब कांग्रेस का असली चेहरा साबित करने की होड़ में हैं। टिकट बंटवारे से लेकर सांगठनिक फैसलों तक, दोनों गुटों के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है।मौके की तलाश में बीजेपी: लगा दिया सियासी छौंकाकांग्रेस की इस कमजोरी को बीजेपी एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है। पंजाब में अपनी जमीन तलाश रही बीजेपी ने इस विवाद पर चुटकी लेते हुए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि जो पार्टी अपने कुनबे को एक साथ नहीं रख सकती, वह पंजाब का भला क्या करेगी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बीजेपी इस गुटबाजी का फायदा उठाकर कांग्रेस के असंतुष्ट नेताओं को साधने की रणनीति पर काम कर रही है।कांग्रेस आलाकमान की बढ़ी चिंता, कैसे थमेगी यह रार?इस नए घटनाक्रम ने दिल्ली में बैठे कांग्रेस आलाकमान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। एक तरफ जहां पार्टी को आम आदमी पार्टी (AAP) से मुकाबला करना है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के शीर्ष स्थानीय नेताओं का इस तरह आपस में भिड़ना आगामी चुनावों में भारी पड़ सकता है। अगर समय रहते चन्नी और वडिंग के बीच के इस विवाद को नहीं सुलझाया गया, तो पंजाब में कांग्रेस की बची-खुची सियासी जमीन खिसकने में देर नहीं लगेगी।
फतेहाबाद पुलिस ने टोहाना और रतिया क्षेत्र के शराब ठेकों पर हुई लूट के मामले में तीन आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक आरोपी गांव रत्ताथेह निवासी सिकंदर है। जो पांच हजार रुपए का इनामी है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बाइक, 32 बोर का अवैध पिस्टल, 315 बोर का अवैध देसी कट्टा तथा वारदात में प्रयुक्त गंडासी भी बरामद कर ली है। एएसपी दिव्याशी सिंगला ने बताया कि 2 जुलाई की रात गांव रुपावाली स्थित शराब ठेके पर भी हमला कर सेल्समैन से मारपीट करते हुए 14 हजार नकद एवं शराब लूट ली। इस संबंध में थाना सदर टोहाना में केस दर्ज हुआ। इसी गिरोह ने उसी रात गांव घासवा स्थित शराब ठेके पर हथियारों के बल पर सेल्समैन से मारपीट कर लगभग 30 हजार की नकदी लूट ली। इस बारे में थाना सदर रतिया में केस दर्ज हुआ। घटना के तुरंत बाद विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस को सूचना मिली कि, कुछ अपराधी पंजाब सीमा से सटे जाखल क्षेत्र में अवैध हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। इस सूचना के आधार पर एसआई जग्गा सिंह के नेतृत्व में सीआईए टोहाना की टीम ने सिकंदर निवासी रत्ताथेह को गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल बरामद हुई। हत्या के मामले में फरार चल रहा था सिकंदर गिरफ्तार आरोपी सिकंदर 11 अगस्त 2025 को हत्या के चर्चित मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। इस हत्याकांड में उसके 8 साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि सिकंदर लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर पांच हजार का इनाम घोषित किया गया था। इसी दौरान एएसआई जयदेव सिंह के नेतृत्व में दूसरी टीम ने जाखल के निकट रेलवे पुल कड़ैल चौक पर नाकाबंदी के दौरान विजय उर्फ चांदी निवासी गांव कुलरिया, जिला मानसा (पंजाब) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 315 बोर का अवैध देसी कट्टा बरामद हुआ। दोनों आरोपियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने गांव घासवा एवं रुपावाली के शराब ठेकों पर हुई दोनों लूट की वारदातों को स्वीकार कर लिया। तीसरे आरोपी को चांदपुरा से पकड़ा इनके खुलासे पर तीसरे आरोपी जश्न सिंह उर्फ राठा निवासी कुलरिया, तहसील बुढलाडा, जिला मानसा (पंजाब) को थाना सदर टोहाना पुलिस ने चांदपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया तथा उसके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त गंडासी भी बरामद कर ली। तीनों आरोपियों से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, अवैध हथियार एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए गए हैं। आरोपी सिकंदर एवं विजय को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
सिरसा जिले के डबवाली में मलोट रोड पर एक कॉटन फैक्ट्री सुपरवाइजर से पिस्तौल की नोक पर बाइक लूट ली। बदमाश घटना को अंजाम देकर पंजाब सीमा पार कर फरार हो गया। श्री मुक्तसर साहिब के गांव सिंधेवाला स्थित श्री साईं एग्रो कॉटन फैक्ट्री में सुपरवाइजर भवानी सिंह (बीकानेर निवासी) शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे अपनी मोटरसाइकिल पर डबवाली आ रहे थे। अबोहर कैंचियों के पास एक युवक ने उन्हें रुकने का इशारा किया। पुलिस ने किया बदमाश का पीछा, नहीं आया पकड़ में पुलिस चेकिंग समझकर भवानी सिंह ने बाइक रोकी। तभी आरोपी ने जेब से पिस्तौल निकालकर उन्हें धमकाया और बाइक छीन ली। अपनी जान बचाने के लिए भवानी सिंह पीछे हट गए और आरोपी बाइक लेकर फरार हो गया। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर हरियाणा पुलिस की 112 नंबर की पीसीआर टीम मौजूद थी। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी का पीछा भी किया, लेकिन वह हाईवे छोड़कर तंग गलियों में घुस गया और पुलिस को चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। स्कूटी और रेहड़ा चालक से भी लूट का प्रयास स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी आरोपी ने बाइक लूटने से पहले एक स्कूटी चालक और एक रेहड़ा चालक को भी पिस्तौल दिखाकर लूटने का प्रयास किया था। हालांकि, वे दोनों वारदातें असफल रहीं, जिसके बाद उसने सुपरवाइजर को निशाना बनाया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी कर्मजीत कौर ने बताया कि आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है।
हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के उपमंडल अंब में नॉर्दन रेंज की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने मुबारकपुर शिव मंदिर के पास से 60.45 ग्राम चिट्टे के साथ पंजाब के 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में अंब पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। एसटीएफ नारकोटिक्स कांगड़ा की एएसपी रेणु कुमारी के निर्देश पर एएसआई सुरेश कुमार और अंकुश के नेतृत्व में टीम पंजाब से सटे बॉर्डर पर चिट्टा तस्करी की सूचनाओं पर नजर रख रही थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि पंजाब के होशियारपुर जिले के तलवाड़ा से चिट्टे की एक खेप हिमाचल में दौलतपुर चौक की ओर लाई जा रही है। सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई और दौलतपुर चौक से संदिग्ध वाहनों पर निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद एक मोटरसाइकिल पर सवार 2 युवक मुबारकपुर रोड की ओर जाते दिखे। टीम ने उनका पीछा किया और मुबारकपुर शिव मंदिर के पास उन्हें रोक लिया। तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल के टूलबॉक्स में छिपाकर रखी गई 60.45 ग्राम चिट्टे की खेप बरामद हुई। तलवाड़ा के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान होशियारपुर के तलवाड़ा निवासी 19 वर्षीय मुनीश पुत्र रवि वर्मा और होशियारपुर जिले के दोसड़का तलवाड़ा निवासी 20 वर्षीय कारण के रूप में हुई है। एसटीएफ यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये युवक ड्रग पैडलर हैं या बड़े सप्लायर। टीम चिट्टे की इस खेप के गंतव्य और इसके बैकलिंक व फॉरवर्ड लिंक भी खंगाल रही है। अंब पुलिस थाने में मामला दर्ज डीएसपी अनिल पटियाल ने अंब पुलिस थाने में मामला दर्ज होने की पुष्टि की है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि उनसे गहन पूछताछ की जा सके और मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
रेवाड़ी जीआरपी और आरपीएफ के संयुक्त टीम ने तलाशी अभियान के दौरान 34 किलो 130 ग्राम चूरा पोस्त बरामद कर नशे की बड़ी खेप पकड़ी है। बाजार में जिसकी कीमत करीब 4.5 लाख रुपए बताई जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसनदीप उर्फ जग्गू निवासी वार्ड नंबर-10, गिल्लावाड़ा, कुआं तलवंडी साबो तथा तख्तदीप निवासी गिल्लावाड़ा, कुआं तलवंडी साबो पंजाब के रूप में हुई है। जीआरपी ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। तलाशी के दौरान बैग में मिली नशे की खेप जीआरपी एसएचओ कृष्ण कुमार ने बताया कि आरपीएफ और जीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने स्टेशन पर तलाशी अभियान चलाया था। इसी दौरान दो यात्रियों के बैगों की तलाशी के दौरान चूरा पोस्त मिला। जांच करने पर जिसका वजर 34.130 ग्राम मिला। जसनदीप के कब्जे से 16. 430 किलो और तक्षदीप के कब्जे से 17. 700 ग्राम चूरा पोस्त मिला। बाजार में जिसकी कीमत करीब 4.5 लाख रुपए हैं। राजस्थान से पंजाब करना था सप्लाई प्रारंभिक जांच मं पता चला है कि आरोपी राजस्थान से चूरा पोस्त खरीदकर लाए थे। जिसे ट्रेन के जरिए पंजाब ले जाया जा रहा था। इसके बाद सप्लाई होनी थी। उन्होंने कहा कि अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि आरोपियों के साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। नशा कहां से खरीद और उसे कहां सप्लाई करना था। इसके लिए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने का प्रयास किया जाएगा। जिससे नशा तस्करी से जुड़े मामले की तह तक जाया जा सके।
पंजाब के बटाला में शनिवार को मिड-डे मील और सफाई वर्कर यूनियन आजाद के बैनर तले सरकारी स्कूलों की महिला कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भाई सुखा सिंह भाई मेहताब पार्क में एकत्रित होकर महिला कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों और मानदेय (भत्ते) में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। यूनियन के प्रादेशिक महासचिव मनजीत राज बटाला और मजबी सिख समाज मोर्चा के नेता मक्खन सिंह ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब सरकार मिड-डे मील कर्मचारियों को महज 3,000 रुपये मासिक भत्ता दे रही है। आज के महंगाई के दौर में इतनी कम राशि पर गुजारा करना अत्यंत कठिन है। नेताओं ने आरोप लगाया कि कम मानदेय के बावजूद स्कूलों में इन महिला कर्मचारियों से तय काम से कहीं ज्यादा अतिरिक्त काम भी लिया जा रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी मांगें पूरी न होने के कारण नाराज कर्मचारियों ने 1 जुलाई से सरकारी स्कूलों में खाना बनाना पूरी तरह बंद कर दिया है। साढ़े चार साल बीते, पर 'आप' का वादा अधूरा यूनियन नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) को उसका चुनावी वादा याद दिलाते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी ने कर्मचारियों से वादा किया था कि सरकार बनते ही उनका मानदेय बढ़ाकर 8,000 रुपये किया जाएगा और अन्य मांगें भी तुरंत मानी जाएंगी। लेकिन आज सरकार का साढ़े चार साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी यह वादा वफा नहीं हो सका है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा और नाराजगी है। 10 लाख का बीमा और वर्दी देने की उठाई मांग यूनियन ने पंजाब सरकार के समक्ष अपनी मुख्य मांगें रखते हुए कहा कि मिड-डे मील वर्करों का मासिक मानदेय तुरंत बढ़ाकर 8,000 रुपये किया जाए। इसके साथ ही प्रत्येक वर्कर का 10 लाख रुपये का दुर्घटना व जीवन बीमा कराया जाए, स्कूलों में काम करने के लिए उन्हें मुफ्त वर्दी (यूनिफॉर्म) उपलब्ध कराई जाए और अन्य सभी लंबित मांगों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला महासचिव सतिंदर कौर बटाला, अध्यक्ष स्वरूप सिंह चाहल कला, दलबीर सिंह भट्टी, विजय कुमार, रचना, परमजीत कौर, जसबीर कौर सहित भारी संख्या में मिड-डे मील व सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुस्लिम संगठन पंजाब ने ईदगाह में 25 पौधे लगाए
जालंधर। मुस्लिम संगठन पंजाब ने गुलाब देवी रोड स्थित ईदगाह में 25 छायादार पौधे लगाए। संस्था के प्रतिनिधिमंडल एडवोकेट नईम खान ने बताया कि मुहिम का मुख्य उद्देश्य लगातार बढ़ रहे प्रदूषण को कम करना है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे न केवल पौधे लगाएं, बल्कि बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल भी करें। सदस्यों ने पर्यावरण हरा-भरा रखने का संकल्प लिया। यहां शकील खान, सैयद अली, अर्श बदरूल खान, अरमान खान और अन्य मौजूद थे।
महिलाओं ने पंजाब को दिया एक्वा-बिजनेस का नया मॉडल
राष्ट्रीय मत्स्य किसान दिवस के अवसर पर गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ फिशरीज ने विभिन्न जलीय कृषि गतिविधियों से जुड़ी छह उत्कृष्ट महिला मत्स्य उद्यमियों को सम्मानित किया। सम्मानित महिलाओं ने मत्स्य पालन, झींगा पालन, सजावटी मछली पालन, एक्वा-टूरिज्म, एकीकृत मत्स्य पालन और बायोफ्लॉक एक्वाकल्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। सब्सिडी और सूझबूझ से महिलाओं ने पंजाब में एक्वा-बिजनेस का नया मॉडल खड़ा किया है। विश्वविद्यालय के उप-कुलपति डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने बताया कि भारत के 2.80 करोड़ मत्स्य समुदाय में 44.28 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो मत्स्य मूल्य श्रृंखला में अहम योगदान दे रही हैं। कार्यक्रम में छात्रों के लिए शैक्षणिक कॉर्नर और सजावटी मछली प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें करीब 250 छात्रों ने भाग लिया। मंडी अरनीवाला (फाजिल्का) की 50 साल की जसप्रीत कौर इलाके में झींगा फार्मिंग का एक जाना-माना नाम बन चुकी हैं। शुरुआत में महज 1 एकड़ से काम शुरू करने वाली जसप्रीत आज 6 एकड़ में झींगा पालन कर रही हैं, जहां अनुकूल परिस्थितियों में प्रति एकड़ 24 से 30 क्विंटल तक का उत्पादन होता है। जालंधर की बी.टेक आईटी ग्रेजुएट कमल साहनी ने अपने करियर को बदलकर 50 लाख रुपए के निवेश से 50 टैंक्स का एक विशाल बायोफ्लॉक सेटअप तैयार किया है, जो पारंपरिक खेती के मुकाबले 80 से 90 प्रतिशत पानी बचाता है। वहीं, जालंधर की ही 31 साल की बी.एससी. बायोटेक्नोलॉजी ग्रेजुएट अहनीर ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 60% सब्सिडी का लाभ उठाकर 10 कनाल की जमीन पर मछली, बत्तख और पोल्ट्री का एक बेहतरीन इंटीग्रेटेड मॉडल विकसित किया है। इन सफल उद्यमियों के साथ-साथ रुपिंदर कौर जैसी प्रगतिशील महिला किसान भी मत्स्य पालन को अपनाकर समाज और युवा पीढ़ी के लिए आत्मनिर्भरता की एक अद्भुत मिसाल बन चुकी हैं। मत्स्य व झींगा पालन में बेटियों का कमाल गालिब कलां गांव जगराओं की जसविंदर कौर आज इलाके में बड़े स्तर पर फिश फार्मिंग (मत्स्य पालन) कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। साल 2021 में पति की अचानक मृत्यु के बाद जसविंदर कौर ने टूटने के बजाय पूरे कारोबार की कमान खुद अपने हाथों में ले ली। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से काम करने की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और आज वे कुल 17 एकड़ के विशाल क्षेत्र में पूरी तरह लीज (ठेके) पर जमीन लेकर सफलतापूर्वक आईएमसी कल्चर से मछलियों का उत्पादन कर रही हैं। जसविंदर के अनुसार खरीददार और शिकारी खुद सीधे उनके फार्म पर आते हैं। वहीं से हार्वेस्टिंग करते हैं और तुरंत नगद भुगतान करके माल ले जाते हैं। वे 15 महीने के अंतराल में दो फसलें आसानी से ले लेती हैं। खुद मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी भी उनके इस जज्बे को देखकर उन्हें अक्सर विभिन्न सरकारी सेमिनारों और ट्रेनिंग कार्यक्रमों में विशेष तौर पर आमंत्रित करते हैं।
जिले में डाक्टरों की कमी दूर करने की कोशिश, भर्ती होंगे 46 हाउस सर्जन
लुधियाना| पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अस्पतालों में डाक्टरों की कमी दूर करने के लिए एक बार फिर से हाउस सर्जनों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। जिसमें राज्य में 523 पदों पर हाउस सर्जन की होगी। इस भर्ती में लुधियाना जिले के लिए 46 पदों का आवंटन किया गया है। जो जिला अस्पताल और सब डिवीजन अस्पताल में मरीजों को देखेंगे। इन पदों के लिए इच्छुक उम्मीदवार वेबसाइट nhm.punjab.gov.in पर 26 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं । चयनित उम्मीदवारों की काउंसलिंग की प्रक्रिया 28 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे जिला सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित की जाएगी । इस भर्ती की मुख्य शर्तों के अनुसार, चयनित हाउस सर्जन को 70,000 रुपये का मासिक मानदेय दिया जाएगा । उम्मीदवार का एमबीबीएस पास होने के साथ-साथ पंजाब मेडिकल काउंसिल या संबंधित नेशनल मेडिकल काउंसिल में पंजीकृत होना अनिवार्य है । इसके अलावा, उम्मीदवार का मैट्रिक स्तर तक पंजाबी भाषा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है और आयु 37 वर्ष से कम होनी चाहिए । यह नियुक्ति 6 महीने की अवधि के लिए होगी और इसमें चयनित डॉक्टर को सामान्य, आपातकालीन और विशेष कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा। उम्मीदवारों का इंटरव्यू कमेटी की तरफ से होगा। जिसमें सिविल सर्जन, असिस्टेंट सिविल सर्जन, डीसी का रिप्रजेंटेटिव और जिला सोशल जस्टिस एंपावरमेंट ऑफिसर रहेंगे।
पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष डॉक्यूमेंट्री अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में चौथे दिन मोगा जिले के विभिन्न गांवों में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई। रामा और हिम्मतपुरा गांवों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इसे देखा। संत के विचारों का प्रचार है अभियान का उद्देश्य मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि यह डॉक्यूमेंट्री श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, दर्शन और उनके समानता, सामाजिक न्याय, ईश्वर भक्ति तथा सर्वजन भाईचारे के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस अभियान के तहत जिले के प्रत्येक गांव में यह डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु साहिब की शिक्षाओं और आदर्शों से परिचित कराना है। संत के विचारों के माध्यम से भाई चारे का संदेश डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद ग्रामीणों ने पंजाब सरकार के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह श्री गुरु रविदास जी महाराज को सच्ची श्रद्धांजलि है। ग्रामीणों के अनुसार, गुरु साहिब का समानता, भाईचारे और भेदभाव रहित समाज का संदेश आज भी प्रासंगिक है। ऐसी पहल नई पीढ़ी को उनके आदर्शों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इस अवसर पर गांवों के पंचायत प्रतिनिधि, समाजसेवी, धार्मिक हस्तियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
मोबाइल पर सुनाई देने वाली परिचित ‘टूं -टूं’ नोटिफिकेशन की आवाज अब पंजाब में महज एक अलर्ट नहीं रह गई है। यह हजारों सोशल मीडिया रीलों की पहचान बन चुकी है, जिनमें पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना का जश्न मनाया जा रहा है। गांवों के आंगनों से लेकर शहरों की चहल-पहल तक महिलाएं गुनगुना रही हैं, नृत्य कर रही हैं, हास्य-व्यंग्य कर रही हैं और इस योजना से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रही हैं। उन्होंने एक कल्याणकारी योजना को राज्य के सबसे अनोखे डिजिटल ट्रेंड में बदल दिया है। आमतौर पर सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की चर्चा नीति घोषणाओं, बजट आवंटन, लाभार्थियों की संख्या और आधिकारिक प्रचार अभियानों तक ही सीमित रहती है। बहुत कम ऐसा होता है कि स्वयं लाभार्थी ही किसी योजना के सबसे बड़े प्रचारक बन जाए। मावां धियां सत्कार योजना ने इस परंपरा को बदल दिया है। पूरे पंजाब में महिलाएं इस योजना से प्रेरित हास्य रीलें, डांस वीडियो, लिप-सिंक प्रस्तुतियां और रचनात्मक सोशल मीडिया पोस्ट तैयार कर रही हैं। उन्होंने इस योजना को जमीनी स्तर पर एक सोशल मीडिया आंदोलन का रूप दे दिया है। ट्रेंड को एक अलग पंजाबी रंग मिला इस ट्रेंड की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह स्वाभाविक (ऑर्गेनिक) है। इसे आगे बढ़ाने के लिए न तो किसी सेलिब्रिटी का सहारा लिया गया है और न ही किसी पेड इन्फ्लुएंसर का। इसके बजाय लाभार्थी महिलाएं स्वयं ट्रेंडिंग ऑडियो, लोकप्रिय रील फॉर्मेट और रोजमर्रा के हास्य के माध्यम से अपनी खुशी अपनी स्थानीय बोली में व्यक्त कर रही हैं, जिससे इस ट्रेंड को एक अलग पंजाबी रंग मिला है। ये वीडियो दोस्तों और परिवारों के बीच तेजी से साझा किए जा रहे हैं और अब ‘टूँ-टूँ ‘ की आवाज घरों, गलियों और बाजारों में गूंजने लगी है। महिलाएं प्रभावी संचारक बनकर उभरी इस पूरी प्रक्रिया में महिलाएं इस योजना की सबसे प्रभावी संचारक बनकर उभरी हैं। वे अपनी रचनात्मकता और निजी अनुभवों के जरिए अपने सामाजिक दायरे में योजना का परिचय करा रही हैं। हर रील न केवल किसी एक व्यक्ति के अनुभव को सामने लाती है, बल्कि पीयर-टू-पीयर शेयरिंग के माध्यम से जागरूकता भी बढ़ाती है और उन लोगों तक पहुंचती है, जहां पारंपरिक प्रचार अभियान अक्सर नहीं पहुंच पाते। सोशल मीडिया पर छाए एक लोकप्रिय गीत की शुरुआत इन चर्चित पंक्तियों से होती है। “टूं -टूं बजे… टूं-टूं बजे…” एक अन्य लोकप्रिय गीत मजाकिया अंदाज में कल्पना करता है कि पैसे आने के बाद खरीदारी कैसी होगी। “देखना लिफाफों में सूट आएंगे मित्रा” इन आकर्षक धुनों और गीतों ने हजारों महिलाओं को अपने-अपने संस्करण बनाने के लिए प्रेरित किया है और अब ये गीत इस योजना की पहचान बन चुके हैं। इस ट्रेंड ने पुरुषों को भी हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक रैप में वे मजाकिया अंदाज में पूछते हैं कि लाभ केवल महिलाओं को ही क्यों मिल रहा है। “सीएम मान को मेरा सीधा-सा संदेश पहुंचा दो,पुरुषों के खाते में भी 500 रुपए डाल दो।सारा पैसा सिर्फ बीबियों पर ही मत लगा दो,हमें भी थोड़ा-बहुत ‘टूं-टूं’ सुना दो। रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुकी यह हास्य दर्शाता है कि यह योजना अब लोगों की रोजमर्रा की बातचीत का हिस्सा बन चुकी है। एक कल्याणकारी योजना अब सांस्कृतिक चर्चा का विषय बन गई है, जिसने मनोरंजक, सहज और व्यापक रूप से साझा किए जाने वाले डिजिटल कंटेंट को जन्म दिया है। इन रीलों की लोकप्रियता यह भी दिखाती है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म किस तरह जनसंचार का स्वरूप बदल रहे हैं। छोटे वीडियो वाले मंच अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे। वे ऐसे मंच बनते जा रहे हैं, जहां आम नागरिक अपनी आवाज, हास्य और अनुभवों के माध्यम से सरकारी नीतियों को अपने अंदाज में प्रस्तुत करते हैं और कई बार पारंपरिक प्रचार से कहीं अधिक प्रभावी ढंग से योजनाओं को लोगों तक पहुंचाते हैं। मावां धियां सत्कार योजना कसौटी पर खरी संचार विशेषज्ञ लंबे समय से मानते रहे हैं कि सबसे प्रभावी अभियान वही होता है, जिसमें लोग स्वेच्छा से भागीदारी करें। मावां धियां सत्कार योजना इस कसौटी पर खरी उतरती दिखाई देती है। इसके लाभार्थी अब केवल किसी कल्याणकारी योजना के प्राप्तकर्ता भर नहीं रह गए हैं, बल्कि वे कहानीकार, कंटेंट क्रिएटर और अनजाने में ही योजना के सबसे विश्वसनीय ब्रांड एंबेसडर बन गए हैं। उनकी भागीदारी इस योजना को प्रामाणिकता प्रदान करती है और परिवारों, पड़ोस तथा समुदायों के बीच इस पर संवाद और चर्चा को भी बढ़ावा देती है। योजना को ऑनलाइन आंदोलन में बदला मावां धियां का यह अनुभव पंजाब की उस पुरानी परंपरा को भी दर्शाता है, जिसमें सामाजिक परिवर्तन को संगीत, हास्य और कहानी कहने की कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया जाता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस परंपरा को एक नया मंच प्रदान किया है। लोकप्रिय संस्कृति और व्यक्तिगत अनुभवों के मेल से महिलाओं ने एक कल्याणकारी योजना को एक जीवंत ऑनलाइन आंदोलन में बदल दिया है, जो आर्थिक सहायता का जश्न गर्व, रचनात्मकता और आशावाद के साथ मना रहा है। टूं -टूं‘ की परिचित धुन के माध्यम से फैल रहा जैसे-जैसे सरकारें नागरिकों से अधिक सार्थक तरीके से जुड़ने के नए रास्ते तलाश रही हैं, मावां धियां सत्कार योजना एक महत्वपूर्ण सीख प्रस्तुत करती है। सबसे प्रभावशाली संवाद अक्सर विज्ञापन एजेंसियों या आधिकारिक प्रचार अभियानों से नहीं, बल्कि उन लोगों की आवाज से जन्म लेता है, जिनके जीवन पर किसी नीति का प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। पंजाब में लाभार्थियों ने एक कल्याणकारी योजना को जन-चर्चा में बदल दिया है—एक ऐसा संवाद , जो सरकारी नारों के बजाय वास्तविक आवाजों, साझा अनुभवों और ‘टूं -टूं‘ की परिचित धुन के माध्यम से फैल रहा है।
सेंसर बोर्ड और आधिकारिक पाबंदियों के बावजूद विवादों में घिरी फिल्म 'सतलुज' को लेकर पंजाब की सियासत और सामाजिक गलियारों में एक नया मोड़ आ गया है। कड़े विरोध और सरकारी रोक के बाद भी पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों के गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सिख श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।प्रतिबंध के बाद भी गुरुद्वारों के परिसरों में उमड़ी भारी भीड़सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय कमेटियों और धार्मिक संगठनों ने इसे सीधे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। पंजाब के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारों के सामुदायिक हॉलों और खुले परिसरों में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म 'सतलुज' को दिखाया जा रहा है। आयोजकों का तर्क है कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास, पानी के संकट और सामाजिक सच्चाई को बयां करती है, इसलिए इसे लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।फिल्म देखकर रो पड़े दर्शक, पंजाब के पुराने जख्म हुए हरेइस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। पंजाब के काले दौर और सामाजिक त्रासदियों पर आधारित दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखें नम हो गईं। फिल्म देखकर बाहर निकले दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद संजीदगी से कहा कि पंजाब ने अतीत में जो संताप और दर्द झेला है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों ने हाथ जोड़कर दुआ की कि भगवान करे पंजाब की धरती पर वो खौफनाक और काला दौर कभी दोबारा वापस न आए।कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपीलबिना अनुमति के हो रही इस स्क्रीनिंग ने स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर राज्य का माहौल या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। खुफिया तंत्र भी इस बात की जांच कर रहा है कि फिल्म के प्रदर्शन के पीछे किन संगठनों का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों से भी शांति और कानून का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान कथित वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं और यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं और उनके नाम का राजनीतिक लाभ नहीं उठाया जाना चाहिए। 2027 का चुनाव गुरु नानक देव जी के वचन व श्रीराम के नाम पर लड़ेगी कांग्रेस पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मौजूदगी में श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और भगवान राम के आदर्शों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने फिल्म 'सतलुज' से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन ऐसे लोगों के साथ किया गया, जो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रस्ट को जानबूझकर सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। निजी सुरक्षा एजेंसी पर भी उठाए सवाल कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पहले से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल तैनात हैं, तो निजी सुरक्षा एजेंसी रखने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एजेंसी भाजपा से जुड़े एक व्यक्ति की है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संभव हुआ, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका पूरा राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं, किसी एक दल के नहीं। पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर दिया जवाब पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर श्रीनेत ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं। कांग्रेस में हर नेता को अपनी बात रखने की आजादी है।
करनाल जिले में बसताड़ा टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में अमेरिका से लौट रहे 79 वर्षीय एनआरआई बुजुर्ग केवल सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतक के परिजन बिजेंद्र सिंह ने बताया कि केवल सिंह अपने बेटे और दामाद के साथ अमेरिका से भारत आए थे और पंजाब के नवांशहर जा रहे थे। वे रात करीब 9 बजे दिल्ली पहुंचे थे। वहां से उन्होंने टैक्सी ली और मुरथल के एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद वे आगे के लिए रवाना हुए और रात करीब 2 बजे बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। CNG भरवाने के दौरान परिवार से हुए अलग परिजनों के अनुसार, टोल के पास गाड़ी में सीएनजी भरवाई जा रही थी। इसी दौरान केवल सिंह बाथरूम के लिए गाड़ी से नीचे उतर गए। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने उन्हें आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर इंतजार करने के बाद परिवार वहां से आगे निकल गया। 6 घंटे बाद लौटने पर मिला शव जब केवल सिंह घर नहीं पहुंचे, तो परिजन करीब छह घंटे बाद दोबारा बसताड़ा पहुंचे। वहां पास के एक पेट्रोल पंप के नजदीक उनका शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज परिजनों ने बताया कि केवल सिंह पिछले काफी समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और अमेरिका में उनका इलाज चल रहा था। इसी बीमारी के कारण वह दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और परिवार से अलग हो गए। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यह बिछड़ना हमेशा के लिए जुदाई बन जाएगा। बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे जांच अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि केवल सिंह अमेरिका में रहते थे और मानसिक रूप से परेशान थे। उनका वहां इलाज भी चल रहा था। वे अपने बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस वाहन से हुआ। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके।
मानसा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने 10 जुलाई को 'मांग पत्र दिवस' को 'काला दिवस' के रूप में मनाया। इस दौरान मानसा जिला कचहरी में सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में वह बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कर्मचारी नेताओं रंजीत कौर (प्रधान), सोनम गुप्ता और परमजीत कौर ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन पंजाब सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की थी। पंजाब सरकार ने सत्ता में आने से पहले मानदेय दोगुना करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से एफआरएस (FRS) योजना बंद करने की मांग की। उनका कहना था कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को भोजन वितरित करते समय आधार कार्ड लिंक न होने के कारण कई परेशानियां आती हैं। 1000 रुपये देने की योजना में आंगनवाड़ी वर्करों की अनदेखी इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को 1000 रुपये देने की योजना में आंगनवाड़ी हेल्परों की सेवाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नियुक्त 'सखियों' को प्रति फॉर्म 300 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर वे आंगनवाड़ी हेल्परों की सहायता के बिना काम नहीं कर पातीं। उचित मानदेय नहीं मिलने का लगाया आरोप इसके बावजूद, हेल्परों को कोई उचित मानदेय या अतिरिक्त भुगतान नहीं मिल रहा है। आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों को स्वीकार करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गयाजी में जिला पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। बाराचट्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चेकपोस्ट डोभी पर एक एक ट्रक से भारी मात्रा में 860 किलो गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। मौके से 2 तस्करों की भी गिरफ्तारी हुई है। जानकारी के मुताबिक बिहार STF और स्थानीय पुलिस को गुरुवार शाम गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप इस मार्ग से गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर तुरंत एक्शन लेते हुए टीम ने डोभी चेकपोस्ट पर कड़ा पहरा लगा दिया। आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान ओडिशा की तरफ से आ रहे एक ट्रक को रोका गया। जांच करने पर उसमें छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। ओडिशा से पंजाब ले जाई जा रही थी खेप बाराचट्टी के थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अमरेंद्र किशोर ने ट्रक(PB 05AB 9181) ओडिशा से गांजे की खेप लेकर पंजाब की ओर जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से ड्राइवर परमिंदर सिंह और खलासी जस्सी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों पंजाब के रहने वाले हैं, इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के अहम हिस्से के रूप में काम कर रहे थे। पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एक और मुख्य तस्कर की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है, जिसके लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस गिरोह के तार ओडिशा से लेकर बिहार और पंजाब तक जुड़े हुए हैं। पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस पूरे बड़े नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुनौती बढ़ती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने बघेल से सीधे मुलाकात करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। चंडीगढ़ में चार दिन से डटे बघेल लगातार नेताओं से मुलाकात कर संगठन में चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका पांच दिन का दौरा अब तीन दिन और बढ़ सकता है। चन्नी ने मुलाकात के लिए रखी दो शर्ते सूत्रों के मुताबिक, चन्नी गुट ने मुलाकात से पहले दो शर्तें रखी हैं। पहली, बैठक कांग्रेस भवन में नहीं होगी और दूसरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे। चन्नी की ओर से दो प्रतिनिधियों के जरिए बातचीत की पेशकश की गई है, जिसमें सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान के हस्तक्षेप के बावजूद पंजाब में गुटबाजी पूरी तरह खत्म होती नहीं दिख रही। हालांकि, चन्नी के बातचीत के लिए तैयार होने से पार्टी नेतृत्व पर बना तत्काल दबाव कुछ कम हुआ है। दूसरी ओर, राजा वड़िंग लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते नजर आ रहे हैं। भूपेश बघेल भी पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सभी पक्षों को साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहते है चन्नी बताया जा रहा है कि सांसद चन्नी फिलहाल सीधे प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मिलने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात करना चाहते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में किसी भी बड़ी जिम्मेदारी या राजनीतिक फैसले पर अंतिम सहमति राहुल गांधी से ही होनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी को जल्द नहीं सुलझा पाए, तो आने वाले समय में संगठन के भीतर विवाद और गहरा सकता है। ऐसे में पंजाब में कांग्रेस को एकजुट रखना अब बघेल के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है।
25 ग्राम हेरोइन के साथ पंजाब का युवक गिरफ्तार
अम्बाला | नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईए नारायणगढ़ की टीम ने 25 ग्राम 04 मिलीग्राम हेरोइन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रोहित सिंह निवासी गांव मोहर, जिला नवांशहर (पंजाब) के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। सीआईए प्रभारी उप निरीक्षक जरनैल सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बराड़ा-शाहबाद रोड पर नाकाबंदी ॑कर कार की चेकिंग की तो आरोपी के कब्जे से हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बराड़ा में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से पुलिस रिमांड हासिल किया गया।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बृहस्पतिवार को जींद में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि AAP के जो सांसद लालच और डर में भाजपा में शामिल हुए हैं, वे पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएंगे। गुप्ता ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता भाजपा को एक भी सीट नहीं देगी। गुप्ता ने भाजपा को वोट चोर, विधायक चोर, सांसद चोर और चंदा चोर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब में एक बार फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। इंजन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर झूठ बोल रहे केंद्रीय मंत्री : गुप्ता उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 2023 से पहले बने पेट्रोल इंजन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से नहीं चल सकते, जिससे वाहनों में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस समस्या का समाधान करने के बजाय झूठ बोल रहे हैं और कुछ कार निर्माता कंपनियों से भी झूठ बुलवा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को जनता और केंद्र सरकार के सामने उठाया है। हरियाणा में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की हरियाणा को लेकर सुशील गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। जींद समेत प्रदेश के सभी जिलों में अपहरण, हत्या, फिरौती और लूटपाट की वारदातें लगातार हो रही हैं। उनके अनुसार, हरियाणा अपराधियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बन गया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उनके गुर्गों पर अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों में एफबीआई द्वारा की गई कार्रवाई पर गुप्ता ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल गुर्गों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि उनके आकाओं को भारत सरकार खुद संरक्षण दे रही है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भारत की जेलों में गैंगस्टरों की पूरी सेवा कर रही है।
पानीपत के समालखा में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम ने 60 ग्राम हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान करनाल के गांव पोपड़ा निवासी दिनेश के रूप में हुई है, जिसे सिवाह बस अड्डा के सामने फ्लाईओवर पुल के नीचे से पकड़ा गया। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि बुधवार दोपहर गश्त के दौरान उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, करनाल निवासी एक युवक मादक पदार्थ लेकर सिवाह बस अड्डा के सामने फ्लाईओवर पुल के नीचे घूम रहा था। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और युवक को काबू किया। नशा करने का आदी है आरोपी युवक पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान दिनेश निवासी पोपड़ा, करनाल के रूप में बताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार बापौली जोगिंद्र धनखड़ की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। दिनेश की लोअर की जेब से पॉलीथिन में पैक 60 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। सब इंस्पेक्टर सुभाष के अनुसार, पूछताछ में आरोपी दिनेश ने बताया कि वह नशे का आदी है। नशे की लत पूरी करने और जल्दी पैसे कमाने के लिए वह एक दिन पहले पंजाब के अमृतसर से एक युवक से कम कीमत पर 60 ग्राम हेरोइन खरीदकर लाया था। बुधवार को वह पानीपत के सिवाह बस अड्डा के पास हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में घूम रहा था। पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया आरोपी दिनेश के खिलाफ थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें काबू करने का प्रयास करेगी।
आम आदमी पार्टी (AAP) हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने गुरुवार को पानीपत के सेक्टर-25 स्थित जिला कार्यालय में जला के सक्रिय सदस्यों की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक ली। इस बैठक के दौरान सांगठनिक समीक्षा करने के साथ-साथ पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के चुनाव की प्रक्रिया को सर्वसम्मति से पूरा करवाया गया। बैठक में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। कांग्रेस और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू, AAP ही एकमात्र विकल्प बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आप प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर राजनीतिक बाण चलाए। उन्होंने कहा कि आज पूरे हरियाणा में आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तार और समीक्षा का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनता को जोड़ रहे हैं। बीजेपी पर निशाना साधते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज हरियाणा अपराधियों के लिए आरामगाह बन चुका है। प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। नेता और ब्यूरोक्रेसी मिलकर जनता को लूट रहे हैं। जब भी कोई घोटाला सामने आता है, तो सरकार केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, जबकि असली रसूखदार दोषी बच निकलते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता का कांग्रेस और बीजेपी दोनों से मोहभंग हो चुका है और अब आम आदमी पार्टी ही प्रदेश में बीजेपी का एकमात्र व स्वाभाविक विकल्प है। अमित शाह की एक कॉल पर होता है हरियाणा के पानी का सौदा डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश में पानी के संकट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज हरियाणा के किसानों और आम जनता को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सिर्फ एक कॉल आने पर प्रदेश की भाजपा सरकार हरियाणा के हितों का सौदा कर देती है। पानी जैसे बुनियादी हक पर भी केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत साफ उजागर हो रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पर कसा तंज- पंजाब में नकली सरदार बनकर घूम रहे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने प्रदेश की सुध लेने के बजाय यहां से गायब रहते हैं और पंजाब में नकली सरदार बनकर घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने हरियाणा में ऐसा क्या विकास कर दिया है, जिसका हिसाब वे पंजाब में जाकर दे रहे हैं? नायब सैनी के शासनकाल में हरियाणा की जनता को न तो पानी मिला, न रोजगार और न ही सुरक्षा मिला तो सिर्फ अपराध और भ्रष्टाचार। राष्ट्रीय परिषद सदस्य बनने पर सुरेंद्र अहलावत ने जताया आभार आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य चुने जाने पर एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता और पानीपत के सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।
पंजाब की एक युवती का विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवती को वर्क वीजा पर यूरोप भेजने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। यूरोप के लिए वीजा लगाना था एसपी को दी शिकायत में जसप्रीत कौर निवासी परस राम नगर, बठिंडा (पंजाब) ने बताया- वह वर्क वीजा पर यूरोप जाना चाहती थी। इस दौरान उसे श्रीगंगानगर के कपिल बंसल इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप के बारे में पता चला। जिसके बाद जसप्रीत कौर ने 29 दिसंबर 2025 को श्रीगंगानगर आकर कपिल बंसल को अपने सारे डॉक्यूमेंट और शुरुआती 20 हजार कैश दे दिए। बाद में 11 जनवरी 2026 तक टोटल 3.50 लाख रुपए कैश व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दिए। युवती को यूरोप जाने का टोटल खर्च 9.50 लाख रुपए बताया गया था। बाकी पैसे यूरोप पहुंचने पर जमा करने की बात हुई थी। दुबई रूट से भेजने की बात कही कपिल बंसल की पत्नी पूनम ने जसप्रीत को बताया कि वीजा दुबई रूट से लगेगा। वहां काम करने के बाद एम्प्लॉयी आईडी बनाकर यूरोप भेज दिया जाएगा। 18 जनवरी 2026 को आरोपी ने जसप्रीत कौर को 2 फरवरी की दुबई टिकट बुक करने को कहा। टिकट बुक हो गई, लेकिन कुछ दिन बाद एंट्री पास न आने का बहाना बनाकर वापस बुला लिया। फोन उठाना बंद किया जसप्रीत कौर ने बार-बार फॉलोअप किया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। फोन उठाना बंद कर दिया। ऑफिस में जाने पर मिलते ही नहीं थे। आखिरकार 30 मई 2026 तक भेजने का आश्वासन दिया और कहा कि अगर नहीं भेज पाए तो सारा पैसा लौटा देंगे। 30 मई के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो जसप्रीत कौर ने ऑफिस और घर पर कई बार जाकर पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करते रहे और अंत में पैसे लौटाने से मना कर दिया। जिसके बाद जसप्रीत ने पहले सदर थाना, श्रीगंगानगर में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसपी के समक्ष पेश हुई। फिलहाल सपा के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सतवीर सिंह कर रहे हैं।
नाबालिग से रेप का आरोपी पंजाब से गिरफ्तार:कुचामन सिटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पकड़ा
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने नाबालिग से रेप के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के निर्देशन में की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा और वृत्ताधिकारी गरिमा चौधरी का सुपरविजन रहा, जबकि थाना कुचामन सिटी प्रभारी उप निरीक्षक महावीर प्रसाद मीणा ने टीम का नेतृत्व किया। पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 को एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ आरोपी ने रेप किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर 30 जून 2026 को कुचामन सिटी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे फरीदकोट, पंजाब से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे का अनुसंधान जारी है।
सिरसा में तीन लाख नशीली गाेलियों से भरा पार्सल पकड़ा गया है। इसकी मार्केट वैल्यू करीब लाखों रुपए हैं। ये गोलियां पंजाब से बठिंडा से यहां मेडिकल स्टोर के नाम से बुक पार्सल में भेजी गई थी। बठिंडा से गाड़ी लेकर शहर पहुंचा तो एएनसी टीम ने मौक पर पकड़ लिया। पार्सल की तलाश ली तो उसमें करीब तीन लाख नशीली गोलियां बरादम हुई। इस पर ड्राइवर बोला-उसे नहीं पता, वह तो पार्सल लेकर आया था। पार्सल के बारे में पता नहीं। जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाई सिरसा एएनसी की संयुक्त टीम ने की है। पुलिस टीम ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया और उस पार्सल देने वाले का पता लगाने के लिए पंजाब के बठिंडा में गई हुई है। वहीं से पार्सल देने वाले का पता चलेगा कि किस दिया जाना था। पुलिस मेडिकल संचालक का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने ड्राइवर पर ही शक जताया है और उसे पूछताछ जारी है। पुलिस मामले में जल्द खुलासा करेगी। मामले में एएसपी आदर्शदीप सिंह का कहना है कि पुलिस टीम जांच में जुटी है और नशीली गोलियां बरामद कर ली है। वहीं, इसके अलावा सीआईए और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में दो जगह और मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल संचालक के घर से 6.5 लाख की 33800 नशीली गोलियां व कैप्सूल और कन्फेक्शनरी दुकान से 5100 नशीली दवाएं बरामद की है। पहला केस:जयदेव चौक से ड्राइवर की गाड़ी से मिली तीन लाख नशीली गोलियां सूत्रों की मानें तो एएनसी और ड्रग विभाग टीम की ओर से शहर के जयदेव चौक के पास से तीन लाख नशीली गोलियां पकड़ी है। इन गोलियों की मार्केट कीमत लाखों रुपए हैं। ये गोलियां ड्राइवर के पास से मिली है और गाड़ी में पार्सल में पैक थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर पंजाब के बठिंडा से पार्सल लेकर यहां सिरसा ला रहा था। इसकी रिपोर्ट एएनसी को लगी और ड्राइवर को यहां जयदेव चौक के पास आने पर पकड़ लिया। पार्सल में चेक किया तो तीन लाख नशीली गोलियां मिली। ड्राइवर से पता लगाया जा रहा है कि वह यह पार्सल कहां से और किससे लेकर आया। बठिंडा से सिरसा के मेडिकल स्टोर के नाम से भेजा गया है। ड्राइवर से पूछताछ जारी है और उसे लेकर जांच में शामिल पुलिस बठिंडा लेकर गई है। ये कार्रवाई मंगलवार रात्रि को की है। दूसरा केस:प्रताप नगर में मेडिकल संचालक के घर पर रेड सीआईए ऐलनाबाद पुलिस तथा औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने ऐलनाबाद थाना क्षेत्र के गांव प्रताप नगर स्थित मकान पर छापा मारकर करीब 6.5 लाख रुपये कीमत की 23,510 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां तथा 10,290 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद किए हैं। प्रताप नगर निवासी लवप्रीत सिंह पुत्र गुरबाज सिंह को काबू किया। आरोपी गांव संत नगर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है और मेडिकल की आड़ में अपने घर से युवाओं को नशीली दवाइयों की सप्लाई करता है। तलाशी में भारी मात्रा में नशीली गोलियां और कैप्सूल की खेप बरारमद हुई। आरोपी को आगामी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया और नोटिस जारी किया है। तीसरा केस: बेगू रोड दुकान पर छापेमारी सीआईए सिरसा पुलिस ने बीती रात्रि बेगू रोड स्थित एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर छापेमारी कर 5100 नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। दुकान मालिक कृष्ण कुमार सहित तीन युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी शुरू की। 3300 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां और 1800 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद हुए। ड्रग कंट्रोल विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मौके पर बुलाया। पुलिस ने कल्याण नगर निवासी आरोपी कृष्ण कुमार और पारस और सन्नी निवासी संगरिया (जिला हनुमानगढ़, राजस्थान) को बरामद दवाइयों सहित ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया।
अकाली दल वारिस पंजाब दे ने फिल्म 'सतलुज' पर लगी रोक का विरोध किया है। संगठन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से भेजा। संगरूर में 'अकाली दल वारिस पंजाब दे' की जिला इकाई ने ZEE5 OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्म 'सतलुज' पर रोक लगाए जाने पर आपत्ति जताई। यह ज्ञापन जिला अध्यक्ष मनप्रीत सिंह भट्टी के नेतृत्व में भारत सरकार और ZEE5 को 8 जुलाई को भेजा गया। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि फिल्म में पंजाब, सिख समुदाय, सिख इतिहास या सिख शहीदों के बारे में जानकारी दी जा रही है, तो यह सराहनीय है। संगठन का मानना है कि ऐसी जानकारी लोगों और आने वाली पीढ़ियों के लिए लाभदायक होगी। संगठन की मांग- फिल्म पर प्रतिबंध न लगाया जाए मेमोरेंडम में यह भी उल्लेख किया गया है कि फिल्म में पंजाब के इतिहास, सिख गुरुओं, शहीदों और सिख समुदाय के संघर्ष को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं किया गया है। इसके बजाय, इसमें सच्चाई को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया है। संगठन के अनुसार, यह फिल्म खालिदा साहब की जीवन घटना पर आधारित है। संगठन ने मांग की है कि फिल्म पर प्रतिबंध न लगाया जाए, बल्कि इसे अधिक से अधिक लोगों को दिखाया जाए ताकि उन्हें पिछले समय की घटनाओं के बारे में जानकारी मिल सके। इस अवसर पर चमनदीप सिंह मिल्खी और पूर्व सरपंच अवतार सिंह ने भी अपनी बात रखी।
केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ पर सीधा हमला बोला है। जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित हालिया फिल्म और OTT विवाद पर बोलते हुए बिट्टू ने दिलजीत को बहुरूपिया और पैसों का लालची करार दिया। लुधियाना में अपने निजी दौरे पर पहुंचे बिट्टू ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म कोई सिख पंथ या पंजाब की सेवा नहीं है बल्कि करोड़ों रुपये कमाने की एक सोची-समझी स्क्रिप्ट और पब्लिसिटी स्टंट है। अपने बयान में बिट्टू ने फिल्म चमकीला,1984 के सिख दंगों और अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए दिलजीत को बुरी तरह से घेरा। रवनीत बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर दागे गए सीधे तंज: तू बहुरूपिया है, जिधर पैसा दिखता है उधर चल पड़ता है: बिट्टू ने कड़े शब्दों में कहा,विदेशों में तू (दिलजीत) उन लोगों को बाहर निकालने को कहता है जो खालिस्तान का झंडा लेकर आते हैं। तू है क्या यार? तू हर तरफ से बहुरूपिया है। जहां से तुझे पैसा आता दिखता है, तेरा झोला उधर ही उठ कर चल पड़ता है। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर घेरा: बिट्टू ने कहा,जिस अमिताभ बच्चन ने 1984 में (राजीव गांधी का दोस्त होने के नाते) सिखों का सबसे बड़ा घाण (नरसंहार) करवाया, ये दिलजीत जाकर उसके पैरों में गिरता है, पैरियां पौंदा है (पैर छूता है)। उस इंसान के पैरियां हाथ लाता है, और आज ये सिखों के दर्द की बात करता है। महलों में बैठकर पंजाब का दर्द बता रहा है: बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा,इसे (दिलजीत) क्या दर्द है? विदेश के बड़े-बड़े महलों में बैठकर मजे ले रहा है। जब पंजाब में खालड़ा साहब संघर्ष कर रहे थे तब ये कहां था? इसका पूरा परिवार सरकारी नौकरियां करता था सरकार की ऐश लूटता था और आज इन्हें बातें आ रही हैं। चमकीला और 'गंदे गानों' का जिक्र: बिट्टू ने कहा,यही वो बंदा है जिसने आज तक के सबसे गंदे गाने गाए। जिस चमकीला ने पंजाब की बेटियों-बहनों के लिए सबसे गंदे गाने बनाए और जिसे आतंकवादियों ने मारा था, उस पर इसने फिल्म बनाई। अगर इसे बेटियों-बहनों की इतनी ही फिक्र होती तो कभी चमकीला फिल्म न बनाता। सबसे गंदी पिक्चर का ये किरदार बना और आज ये संत बन रहा है। OTT से फिल्म हटाना सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट': बिट्टू ने खुलासा किया कि फिल्म को OTT से हटाना कोई सरकारी दबाव नहीं था। इन्हें पता था कि दो-तीन दिन में इनका पैसा पूरा हो जाएगा। जब इनका 199 या 399 रुपये वाला टारगेट पूरा हो गया, तो पब्लिक स्टंट के लिए बोल दिया कि फिल्म हटाई जा रही है। OTT (Over The Top) पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं होता,ये जब चाहें फिल्म डाल सकते हैं आज डालें, कल डालें,कोई नहीं रोक रहा। यह सिर्फ इनका ड्रामा है। शहीद बेअंत सिंह और BJP पर क्या बोले बिट्टू?बेअंत सिंह के समय खालड़ा पर केस नहीं: बिट्टू ने इतिहास साफ करते हुए कहा,जब तक सरदार बेअंत सिंह मुख्यमंत्री रहे,जसवंत सिंह खालड़ा पर न तो कोई केस हुआ,न ही पुलिस ने उन्हें कभी बुलाया। 31 अगस्त को बेअंत सिंह जी की शहादत हुई और उसके बाद 6 सितंबर को खालड़ा को उठाया गया। जो लोग बिना जानकारी के बेअंत सिंह जी पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके समय में खालड़ा साहब को किसी ने उंगली तक नहीं लगाई थी। अपनी ही पार्टी (BJP) को नसीहत - हमारा क्या लेना-देना?: रवनीत बिट्टू ने पंजाब बीजेपी के नेताओं को भी खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा,मैं पंजाब बीजेपी की लीडरशिप से कहना चाहता हूं कि हर बात पर बैकफुट पर जाने की जरूरत नहीं है। 1980 से लेकर 95 तक पंजाब में या तो कांग्रेस की सरकार थी या गवर्नर रूल था। बीजेपी तब न केंद्र में थी, न पंजाब में। बीजेपी को क्यों सफाई देनी पड़ रही है? छाती तानकर मीडिया और लोगों के सामने आओ और कहो कि इसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
जाखल में पंजाब की महिला नशा तस्कर गिरफ्तार:कट्टे में डोडा पोस्त लेकर आई, पुलिस को देख बदला रास्ता
फतेहाबाद जिले में जाखल पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला को डोडा चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को महिला एएसआई सिलोचना अपनी टीम के साथ अपराध रोकथाम और गश्त पर थीं। वे बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाखल की ओर जा रही थीं, तभी अग्रसेन चौक के पास रेलवे स्टेशन की तरफ से एक महिला हाथ में सफेद प्लास्टिक का कट्टा लेकर आती दिखी। पंजाब की रहने वाली पुलिस वाहन को देखकर महिला घबरा गई और तेजी से गली की ओर जाने लगी। शक के आधार पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, जिसमें महिला ने अपनी पहचान सुखजीत कौर, निवासी गांव भलाईयाना, जिला मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में बताई। 8 किलो 756 ग्राम डोडा पोस्त बरामद महिला के पास नशीला पदार्थ होने के संदेह पर उसके हाथ में पकड़े कट्टे की तलाशी ली गई। कट्टे के अंदर रखी काले रंग की पॉलिथीन से डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ, जिसका वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटे से करने पर 8 किलो 756 ग्राम पाया गया। पुलिस ने नियमानुसार सैंपलिंग और सीलिंग की कार्रवाई पूरी कर मादक पदार्थ को कब्जे में ले लिया। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि बरामद डोडा चूरा पोस्त कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जाखल थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और नशे के कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है। गुरुद्वारा प्रबंधकों का दावा- इतिहास दबाने की कोशिश हुईपठानकोट के गुरुद्वारा प्रबंधक मनप्रीत सिंह का कहना है कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। उनका आरोप है कि पंजाब के इतिहास के एक अहम अध्याय को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए फिल्म को जानबूझकर OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया। उनका कहना है कि अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म नहीं दिखाई जाएगी तो गुरुघरों के माध्यम से इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी खालड़ा के संघर्ष, मानवाधिकारों की लड़ाई और उनके बलिदान से परिचित हो सके। सीनियर वकील बोले- गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग गैरकानूनी नहींOTT से हटाने के बावजूद इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर पठानकोट के सीनियर एडवोकेट विशाल कोहली ने कहा कि गुरुद्वारों में संगत के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग करना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म की सामग्री पहले ही अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों पर लोगों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से इसका प्रदर्शन करना गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। DSGMC का ऐलान- गुरुद्वारों के साथ स्कूल-कॉलेजों में भी दिखाई जाएगी फिल्मदिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) भी फिल्म के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी इस फिल्म को रोकना इतिहास को दबाने की कोशिश है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली के गुरुद्वारों में फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग कराई जाएगी। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, संघर्ष और मानवाधिकारों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सभी गुरुद्वारा कमेटियों से फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई है। दिलजीत की फिल्म में क्या दिखाया गया, जिस पर एतराज?दिलजीत की इस फिल्म में पूर्व CM बेअंत सिंह की बम ब्लास्ट में हत्या का सीन भी दिखाया गया है। फिल्म की कहानी के लिए इस सीन को पुलिस की क्रूरता के एक टर्निंग पॉइंट के रूप में दिखाया गया है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कैसे पुलिस की क्रूरता और निर्दोष लोगों पर बढ़ते अत्याचारों के कारण एक आम आदमी अंदर से टूट जाता है और आतंकवाद या इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाता है। इसमें तत्कालीन DGP केपीएल गिल को IPS बिट्टा के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है 31 अगस्त 1995 को तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या होती है और इस घटना के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 6 सितंबर 1995 को जसवंत सिंह खालड़ा का भी अपहरण कर लिया जाता है। मुख्यमंत्री की मौत के बाद जब राजनीतिक माहौल बदला, तो पुलिस को डर था कि खालड़ा उनके इस 25 हजार अवैध दाह-संस्कार के काले राज को दुनिया के सामने न ले आएं, इसलिए वे खालड़ा का अपहरण करने का कदम उठाते हैं। फिल्म हटाने को लेकर केंद्र की क्या चिंता, आगे क्या फैसला लिया?केंद्र ने फिल्म हटाने को लेकर अभी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि सरकारी सोर्सेज के जरिए मीडिया के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है। खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। हालांकि केंद्र ने भाजपा के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की अपील के बाद इस पर रिव्यू कमेटी बनाई है। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानिए, जिनके जीवन पर यह फिल्म बनी बैंक में काम करते थे, लावारिश लाशें खोजनी शुरू कर दीं1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार' में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में जलाई जा रही लावारिस लाशों के बीच कनेक्शन खोजना शुरू किया। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों में जली लाशों के डिटेल्स इकट्ठा किए। खालड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 4 बड़े दावे किए इस मामले में खालड़ा का कहना था कि पुलिस अधिनियम 1861 के तहत पंजाब पुलिस रूल्स, 1934 के चैप्टर 25 में नियम है कि किसी लाश का अंतिम संस्कार तभी हो सकता है, जब उसकी पहचान तय हो, लेकिन यहां तो सिस्टम खुद ही पहचान मिटा रहा था। दो दिन बाद DGP केपीएस गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया, 'हजारों सिख युवा फर्जी दस्तावेजों से विदेश चले गए हैं। उन्हीं की गुमशुदगी को खालड़ा पुलिस पर थोप रहे हैं।' इसके बाद खालड़ा ने गिल को ओपन डिबेट की चुनौती दी। उनके दावों के आधार पर पंजाब के लोकल अखबार खबरें छाप रहे थे। प्रशासन पर दबाव बढ़ा, तो उसने उल्टा खालड़ा से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच 31 अगस्त को सीएम बेअंत सिंह की खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’(BKI) ने बम धमाके में हत्या कर दी। इसके बाद 6 सितंबर 1995 का दिन आया। जसवंत सिंह अमृतसर के कबीर पार्क स्थित अपने घर के बाहर कार धो रहे थे। तभी एक सफेद गाड़ी आई। इसमें मौजूद हथियारबंद लोग उन्हें अगवा कर ले गए। पुलिस का कहना था कि जसवंत कैसे गायब हुए, इसकी जानकारी नहीं है। खालड़ा के मामले में जांच के बाद CBI ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, 'जसवंत सिंह ने लावारिस लाशों के मामले में आवाज उठाई। स्थानीय पुलिस को ये पसंद नहीं आया और उन्हें घर से अगवा कर लिया। उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने के बाद उनकी हत्या करके लाश हरीके इलाके में नहर में फेंक दी गई।' खालड़ा की हत्या का खुलासा कैसे हुआ6 सितंबर को ही जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके पति को पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों ने अगवा किया है। किडनैपिंग का मामला दर्ज किया गया। जसवंत का सुराग देने पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया। हालांकि पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई, तो परमजीत ने कोर्ट का रुख किया और नवंबर 1995 में कोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया। CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत के पड़ोसी किरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि जिस गाड़ी से जसवंत का अपहरण हुआ, उसमें 5 पुलिस अधिकारी- DSP जसपाल सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, SHO जसबीर सिंह, प्रिथीपाल सिंह और अमृतसर के झबाल थाने के SHO सतनाम सिंह थे। इन्हीं ने जसवंत को अगवा किया। दो दिन पहले, यानी 4 सितंबर को अवैध ड्रग्स के मामले में एक आरोपी कुलवंत सिंह झबाल थाने लाया गया था। उसने भी CBI को बताया कि DSP जसपाल सिंह और SHO सतनाम सिंह ही खालड़ा को थाने लाए थे। इस मामले में सबसे अहम गवाह बने स्पेशल पुलिस अफसर कुलदीप सिंह। उनकी तैनाती झबाल थाने में सतनाम सिंह के साथ ही थी। कुलदीप ने खालड़ा की हत्या तक के पूरे ब्योरे दिए… कुलदीप को थाने में खालड़ा को खाना खिलाने का काम मिला था। खालड़ा की सेहत बहुत खराब हो चली थी। एक शाम SSP अजीत सिंह संधू, DSP जसपाल सिंह, उनके बॉडीगार्ड अरविंदर सिंह एक बिना नंबर वाली कार में आए। दूसरी कार में SHO सतनाम सिंह, SHO जसबीर सिंह और प्रिथीपाल सिंह आए। सारे लोग खालड़ा के कमरे में गए। संधू ने खालड़ा से अपनी सारी एक्टिविटी बंद करने को कहा और उनकी पिटाई भी की। 3 दिन बाद सतनाम सिंह, खालड़ा को तरनतारन में संधू के घर ले गए। यहां बंद कमरे में बातचीत के बाद खालड़ा को वापस थाने लाया गया। कुछ दिन बाद DSP जसपाल सिंह, अरविंदर सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, जसबीर और प्रिथीपाल दोबारा थाने आए और खालड़ा को पीटना शुरू कर दिया। कुलदीप सिंह को गर्म पानी लाने के लिए कहा गया। वो कमरे से बाहर निकले, तो उन्होंने 2 गोलियां चलने की आवाज सुनी। खालड़ा की मौत हो गई थी। शरीर से खून बह रहा था। उनकी लाश को वैन की डिक्की में रखा गया। फिर कुलदीप सिंह समेत 7 पुलिस वाले तीन कारों से पास के गांव हरीके गए। जहां खालड़ा की लाश नहर में फेंक दी गई। कुलदीप सिंह की गवाही इस केस के लिए बहुत अहम साबित हुई। नवंबर 2005 में पटियाला की एक कोर्ट ने 4 आरोपी- सतनाम सिंह , सुरिंदर पाल, जसबीर और प्रिथीपाल को किडनैपिंग के आरोप में 7 साल जेल की सजा सुनाई। जबकी DSP जसपाल सिंह और अमरजीत सिंह को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा मिली। जबकि संधू ने मामले में फैसला होने से पहले ही 23 मई 1997 को खुदकुशी कर ली थी। जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की। 2007 में पंजाब हाईकोर्ट ने अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि 7 साल की सजा पाने वाले चारों आरोपियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। आरोपी पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल 2011 को उनकी अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा। CBI ने अंतरिम रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘2097 लाशों का लावारिस की तरह अंतिम संस्कार किया गया था। अकेले तरनतारन में 984 लाशों को 'लावारिस' के बतौर जलाया गया। पुलिस ने बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों की हत्या की थी।’ *************ये खबरें भी पढ़ें… दिलजीत की 2 दिन पहले रिलीज 'सतलुज' OTT से हटाई, दोसांझ ने पायरेसी की अपील की पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म को अचानक OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम 'पंजाब 95' था, जिसे 'सतलुज' नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब के पूर्व आईएएस अधिकारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र लिखकर पंजाब में सत्य, जवाबदेही एवं मेल-मिलाप आयोग गठित करने की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब फिल्म सतलुज के रिलीज होने और बाद में अचानक वापस लिए जाने के बाद एक बार फिर पंजाब के 1980 से 2000 के दौर को लेकर बहस तेज हो गई है। डॉ. राजू ने मंगलवार को लिखे पत्र में कहा कि चार दशक बीत जाने के बावजूद पंजाब आज भी उस दौर की घटनाओं को लेकर अलग-अलग और परस्पर विरोधी धारणाओं में बंटा हुआ है। जब तक उस समय की सच्चाई निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से सामने नहीं आएगी, तब तक स्थायी शांति और सामाजिक मेल-मिलाप संभव नहीं होगा। पीड़ितों को मिलेगा अपनी बात रखने का मंच पत्र में राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि वे पंजाब सरकार को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोग बनाने के लिए प्रेरित करें। प्रस्तावित आयोग का उद्देश्य वर्ष 1980 से 2000 के बीच पंजाब में उग्रवाद और हिंसा से जुड़े घटनाक्रमों का प्रामाणिक रिकॉर्ड तैयार करना होगा। साथ ही उस दौर के पीड़ितों, उनके परिवारों और अन्य संबंधित पक्षों को अपनी बात और साक्ष्य रखने का अवसर भी दिया जाए। डॉ. राजू ने यह भी सुझाव दिया है कि आयोग आतंकवाद के पीड़ितों, मानवाधिकार उल्लंघनों से प्रभावित लोगों और अन्य सभी प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे, पुनर्वास व राहत संबंधी सिफारिशें करे। इसके अलावा आयोग राजनीतिक जवाबदेही तय करने, संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने, मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक सुधारों की भी अनुशंसा करे। अतीत से सीख, भविष्य की राह पत्र के अंत में डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने कहा कि पंजाब अपने अतीत को बदल नहीं सकता, लेकिन उसे ईमानदारी से समझकर उससे सीख अवश्य ले सकता है। उनका मानना है कि सच्चाई, जवाबदेही और मेल-मिलाप के रास्ते पर आगे बढ़कर ही पंजाब आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक शांतिपूर्ण, एकजुट और विश्वास से भरा भविष्य तैयार कर सकता है।
चंडीगढ़ में ड्रंकन ड्राइव नाके पर एक महिला कांस्टेबल को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घायल महिला कांस्टेबल को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। फिलहाल वह घर पर आराम कर रही हैं। घायल महिला कांस्टेबल की पहचान मोनिका के रूप में हुई है, जो चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस में तैनात हैं। हादसे में उनके दोनों हाथों और पीठ में चोट आई हैं। पीड़ित महिला कांस्टेबल मोनिका ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शनिवार रात किसान भवन चौक के पास ट्रैफिक पुलिस की ओर से रात 10 से सुबह 3 बजे तक ड्रंकन ड्राइव का नाका लगाया गया था। नाका समाप्त होने के बाद सभी पुलिसकर्मी बैरिकेड हटाने और सरकारी वाहन में सामान रखने का काम कर रहे थे। सड़क पार करते समय हादसा मोनिका ने बताया कि वह भी अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद सड़क पार कर दूसरी ओर जा रही थीं। इसी दौरान करीब 3:15 से 3:20 बजे के बीच सेक्टर-22/23 की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई। कार ड्राइवर ने न तो वाहन की रफ्तार कम की और न ही सड़क पार कर रही महिला पुलिसकर्मी को देखकर ब्रेक लगाए। तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना के बाद कार ड्राइवर फरार टक्कर इतनी तेज थी कि मोनिका कई फीट दूर सड़क किनारे जा गिरीं। हादसे में उनके दोनों हाथों और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद कार ड्राइवर मौके पर रुके बिना फरार हो गया। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने मोनिका को उठाकर सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया और साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी। साथी पुलिसकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया हादसे के तुरंत बाद नाके पर मौजूद अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल महिला कांस्टेबल को संभाला। उस समय उन्हें दोनों हाथों और पीठ में तेज दर्द हो रहा था। साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए उन्हें सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर उपचार दिया। घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सेक्टर-36 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सड़क पर मौजूद साक्ष्यों की जांच की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची, जहां घायल महिला कांस्टेबल मोनिका के बयान दर्ज किए गए। उ लुधियाना की निकली कार पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि हादसा करने वाली कार पंजाब नंबर की है और उसका पंजीकरण लुधियाना का है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कार एक युवक चला रहा था। सेक्टर-36 थाना पुलिस का कहना है कि वाहन और उसके ड्राइवर की पहचान कर ली गई है। ड्राइवर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है
मिशन क्लीन पंजाब के तहत निगम कमिश्नर ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया
लुधियाना| मिशन क्लीन पंजाब के तहत नगर निगम के निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने मंगलवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया और जमीनी स्तर पर सेवाओं में सुधार के लिए निवासियों से सीधे फीडबैक लिया। नगर निगम की टीम ने आरके रोड, शेरपुर गांव, जमालपुर कॉलोनी, मेट्रो रोड और चीमा चौक सहित अन्य इलाकों में जाकर सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। आयुक्त ने आंतरिक क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से बातचीत की और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी जुटाई। ओजस्वी अलंकार ने बताया कि स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैन्स के नेतृत्व में चल रहे मिशन क्लीन पंजाब के तहत अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सफाई के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नियमित फीडबैक से वास्तविक स्थिति का पता चलता है और सेवाओं को अधिक दक्षता व पारदर्शिता के साथ लागू किया जा सकता है। साथ ही, जोनल आयुक्तों और स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों को भी रोजाना मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं।
अब खुद डाउनलोड करें हेल्थ कार्ड, जिलेवार अस्पताल की लिस्ट भी पोर्टल पर देख सकेंगे
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने अब सरकारी पोर्टल https://sha.punjab.gov.in/shapunjab/index.php को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बना दिया है। इस बदलाव के बाद अब मरीजों को अपने हेल्थ कार्ड के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाभार्थी अब अपना आधार कार्ड, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर या हेल्थ कार्ड नंबर डालकर पलक झपकते ही अपना हेल्थ कार्ड सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य इलाज की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बनाना है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिले में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत लाभार्थियों को 10 लाख तक के केशलैस इलाज की गारंटी दी जा रही है। लुधियाना जिले में अब तक करीब 5.5 लाख से अधिक लोगों के यह सेहत कार्ड बनाए भी जा चुके हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत जिले में 101 अस्पतालों (21 सरकारी- 82 प्राइवेट) अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। लेकिन पोर्टल में ठीक जानकारी न होने के चलते मरीजों को कई तरह की परेशानी आ रही थी। इस मुद्दे को दैनिक भास्कर ने 26 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित पोर्टल की खामियों को उजागर किया था। इसका संज्ञान लेते हुए अब विभाग की तरफ से धीरे-धीरे पोर्टल को दुरुस्त किया जा रहा है। हेल्थ कार्ड डाउनलोड होने के फायदे अब कार्ड पाने के लिए सरकारी दफ्तरों या केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आवेदन करने के बाद घर पर बैठे-बैठे, पलक झपकते ही इसे डाउनलोड कर सकते हैं। यदि अचानक इलाज की आवश्यकता पड़े, तो डिजिटल कार्ड होने से अस्पताल में एडमिशन और भर्ती की प्रक्रिया बहुत तेज और सुगम हो जाती है। मरीज को समय पर उपचार जाएगा पोर्टल में ये बदलाव हुए जून महीने में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत 17 प्रोसीजर को डी-रिजर्वेशन कैटेगरी में रख दिया गया था जिसके तहत अब यह प्रोसीजर सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में होंगे। इन 17 प्रोसीजर्स नाक की हड्डी को ठीक करना (फ्रैक्चर), एडेनोइडेक्टोमी, हाइड्रोसील का ऑपरेशन, फोड़े को चीरा लगाकर मवाद निकालना, पित्त की थैली का ओपन ऑपरेशन, पित्त की थैली का लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन द्वारा) ऑपरेशन आदि शामिल थे। जुलाई में पोर्टल पर हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने और प्रत्येक जिले में इंपैनल अस्पतालों की लिस्ट और उसमें मिलने वाला इलाज की सूची जारी की है। ऐसे कर सकते हैं अपना हेल्थ कार्ड डाउनलोड एक क्लिक पर इलाज की जानकारी मिलेगी: अभी तक पोर्टल पर योजना के तहत प्रदेश के इंपैनल अस्पतालों की पीडीएफ पड़ी हुई थी। इसके चलते मरीजों को अपने जिले के अस्पताल खोजने और इलाज की जानकारी मिलने में परेशानी आती थी। लेकिन, अब पोर्टल पर बदलाव हुआ है। मरीज अपने जिले की लिस्ट और उसमें सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मिलने वाले इलाज की जानकारी एक क्लिक पर ले सकते हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। लाभार्थी को https://sha.punjab.gov.in/ में जाना होगा। इसमें डाउन लोड हेल्थ कार्ड पर क्लिक करना होगा। इसके बाद लाभार्थी अब अपना आधार कार्ड, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर, हेल्थ कार्ड नंबर में से किसी एक को डालना होगा। इसके बाद रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी आएगा, जिससे पोर्टल पर डालना होगा और आपका हेल्थ कार्ड डाउनलोड हो जाएगा।
रोहतक में भारतीय किसान यूनियन (नैन) की राज्य स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष प्रकट किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ राष्ट्र स्तर पर आगामी आंदोलन की घोषणा भी की। भारतीय किसान यूनियन (नैन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात कर रही है। किसान चैलेंज देते हैं कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा में होने वाली 24 फसलों के नाम गिनवा दें। जो फसल हरियाणा में पैदा ही नहीं होती, उन फसलों को सरकार कहां से खरीदेगी। किसानों को फसलों पर नहीं मिल रहा एमएसपी जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा जूट, नारियल, रबड़ का नाम लेती है। साथ ही उन फसल व सब्जियों की बात करती है, जो हरियाणा में पैदा ही नहीं होती। जबकि किसानों को धान, कपास, गन्ना व गेंहू पर एमएसपी नहीं दे रही। सीएम नायब सैनी का हरियाणा के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरियाणा ही खुशहाल नहीं, पंजाब को कैसे करेंगे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी रोजाना पगड़ी बांधकर पंजाब में पहुंच जाते हैं। सीएम सैनी पंजाब जाकर भाषण दे रहे हैं कि पंजाब में हरियाणा जैसा माहौल बना देंगे। हरियाणा में तो कहीं खुशहाली नहीं है, फिर पंजाब को कैसे खुशहाल बनाएंगे। हरियाणा के किसान पानी के लिए तरस रहे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा का किसान पानी के लिए तरस रहा है। सीएम नायब सैनी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर राजस्थान को पानी देने की बात की है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं हरियाणा के चैनत गांव को भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। किसान मंत्री श्रुति चौधरी से पूछना चाहते है कि भाखड़ा के पानी को यमुना के क्षेत्र में क्यों पहुंचाया जा रहा है। भाजपा सांसदों को दिए जाएंगे ज्ञापन जोगेंद्र नैन ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में 22 से 24 जुलाई तक भाजपा के सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को ज्ञापन दिया जाएगा। 28-29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोर स्टेडियम में ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। साथ ही 10 अगस्त को ट्रेड डील के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। किसानों को 2-2 महीने तक नहीं मिली पेमेंट जोगेंद्र नैन ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का भुगतान 24 घंटे में होने का दावा करती है, लेकिन किसानों को 2-2 माह तक पेमेंट नहीं मिलती। सरकार ने खरीद के नए नियम लागू किए, जिससे किसान परेशान हुआ। लंबी-लंबी ट्रालियों की लाइन लगी। सरकार बताए कि नए नियमों से क्या फायदा हुआ। चैनत गांव के लोगों से सरकार ने किया धोखा भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान रणधीर सिंह ने चैनत गांव को लेकर कहा कि सरकार ने उन लोगों के साथ धोखा कर रही है। चैनत के ग्रामीणों को भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन दिया है। आज हरियाणा के 70 प्रतिशत गांवों में पीने का पानी नहीं है। नहरों को पक्का करने के कारण उनके साथ लगे हैंडपंप भी खत्म हो गए हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने पंजाब सरकार के निर्देशों पर बड़ी कार्रवाई की है। एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन आईएएस और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत (पीसीएस) के आदेशों के तहत, एडीए के रेगुलेटरी विंग ने 7 जुलाई 2026 को थाना कंबो पुलिस की मौजूदगी में 3 नई अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई गांव कंबो (रामतीर्थ रोड), गांव खैराबाद (मीरांकोट चौक से रामतीर्थ रोड, वेलकम सिटी के साथ) और गांव दालम (अजनाला रोड) में विकसित की जा रही कॉलोनियों में की गई। इन स्थानों पर किए गए सभी अवैध निर्माण कार्यों को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। जिला टाउन प्लानर ने बताया कि योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए कॉलोनी डेवलपर्स को पापरा एक्ट-1995 के तहत पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। नोटिसों के बावजूद निर्माण जारी रहने पर 3 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। गांव कंबो स्थित अवैध कॉलोनी के खिलाफ इससे पहले 10 अक्टूबर 2025 को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी और पुलिस विभाग को कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया था। इसी प्रकार, गांव दालम में 12 जून, 2026 को भी अवैध निर्माण हटाया गया था, लेकिन डेवलपर्स ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया था, जिसे अब फिर से ध्वस्त कर दिया गया है। अवैध कॉलोनियां बनाने पर कैद और जुर्माने का प्रावधान जिला टाउन प्लानर के अनुसार, पापरा एक्ट-1995 (संशोधन-2024) के तहत अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस संबंध में, राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन मालिकों और कॉलोनी डेवलपर्स के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी सूचित किया जा रहा है। एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसे पुडा/एडीए से विधिवत मंजूरी प्राप्त है। साथ ही, एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची अवश्य देखें, ताकि किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुडा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है।
कुल्लू जिले की मनाली पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। थाना मनाली क्षेत्र के झाड़ग, अलेऊ स्थित एक किराए के कमरे से 26.200 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है। इस मामले में अमृतसर निवासी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 26.200 ग्राम हेरोइन के साथ ₹20,000/- नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू, सिल्वर फॉइल, लाइटर और नशीले पदार्थों के सेवन व व्यापार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद हुई। इस संबंध में मनाली थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (35 वर्ष) पुत्र बलदेव सिंह निवासी फतेहगढ़ राजपूतां, गहनेशाह उर्फ अंश (22 वर्ष) पुत्र हरबंश सिंह, मनप्रीत कौर उर्फ काया (20 वर्ष) पत्नी गहनेशाह और गीता (35 वर्ष) पत्नी लवीश महाजन के रूप में हुई है। ये सभी अमृतसर, पंजाब के निवासी हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस डीएसपी शर्मा ने आगे बताया कि मामले की गहन छानबीन जारी है। पुलिस इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों, सप्लायरों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। मनाली पुलिस नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती मनाली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
फतेहाबाद सिटी थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में आरोपी को पकड़ा है। आरोपी की पहचान पंजाब के श्रीमुक्तसर साहिब जिले की मलोट तहसील के गांव काटीवाली निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा के रूप में हुई है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि 1 मार्च को भाटिया कॉलोनी निवासी एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसकी नाबालिग बेटी 28 फरवरी 2026 को घर से टेलर के पास कपड़े लेने के लिए गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी तलाश की, परंतु उसका कोई सुराग नहीं लगा। 1 मार्च को दर्ज किया था केस शिकायतकर्ता ने आशंका जताई कि उसकी नाबालिग पुत्री को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर सिटी थाना में 1 मार्च को बीएनएस की धारा 137(2), 64(2)(एम), 64(2)एफ और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की जांच गहनता से जारी जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, खुफिया सूचना एवं अन्य तथ्यों के आधार पर आरोपी गुरप्रीत सिंह उर्फ गोरा की पहचान कर उसे पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच गहनता से जारी है।
पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (DA) और वेतन आयोग (पे-कमिशन) एरियर से जुड़े मामले पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला पिछले कई दिनों से सूची में शामिल था, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में आज की सुनवाई पर कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें टिकी हुई हैं। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 8 अप्रैल को पंजाब सरकार को 30 जून तक लंबित डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सरकार ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सरकार से सीलबंद लिफाफे में भुगतान की योजना पेश करने को कहा था। अब सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार ने बकाया डीए के भुगतान के लिए क्या रोडमैप तैयार किया है। यह भी स्पष्ट होगा कि सरकार किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव रखती है या वित्तीय स्थिति का हवाला देकर और समय की मांग करती है। केंद्र से 18% पीछे पंजाब के कर्मचारी फिलहाल पंजाब के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत डीए अभी भी लंबित है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अंतर को समाप्त करने और बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से पेश वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि महंगाई भत्ता कोई बोनस या अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। इसी आधार पर कर्मचारी बकाया डीए के भुगतान की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठन हो रहे लामबंद कर्मचारी संगठनों ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती और भुगतान को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं आता, तो 17 जुलाई को पंजाब में महारैली और महाबंद का ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 40 लाख लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी आगामी समय में देखने को मिल सकता है।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

