सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर घिरे दीपेंद्र हुड्डा, पंजाब चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए बढ़ी मुश्किल
Punjab में Drug Video पर गरमाई सियासत, हरभजन सिंह ने AAP सरकार को घेरा
पंजाब की ड्रग समस्या से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर BJP सांसद हरभजन सिंह एक और राजनीतिक विवाद के केंद्र में हैं; पंजाब पुलिस ने अब पुष्टि की है कि उनके द्वारा शेयर किया गया फुटेज जगराओं का है। पूर्व क्रिकेटर ने एक वीडियो शेयर किया था जिसमें एक युवक जगराओं पुल के नीचे कथित तौर पर ड्रग्स लेते हुए दिख रहा था। पुलिस ने कहा कि फुटेज पुरानी हो सकती है, लेकिन पुष्टि की कि इसमें दिख रहे व्यक्ति को लुधियाना पुलिस ने 12 अगस्त को गिरफ्तार किया था। इसे भी पढ़ें: Ayodhya Fish Feast Row: Ajay Rai की BJP को चुनौती - सबूत दिखाओ, पद छोड़ दूंगा! यह क्लिप सबसे पहले BJP नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने X पर पोस्ट की थी। हरभजन ने उनके पोस्ट को कोट करते हुए अपने आलोचकों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब पैसे लेकर ट्रोल करने वाले यह दावा करेंगे कि जगरांव पुल भी राजस्थान में है। यह स्पष्टीकरण तब आया है जब राजस्थान के एक वीडियो को पंजाब का फुटेज बताकर शेयर करने के लिए हरभजन की आलोचना हुई थी। बाद में उस क्लिप की सच्चाई की जांच की गई और पता चला कि वह राजस्थान के श्री गंगानगर का था। पंजाब पुलिस ने कहा कि हाल का वीडियो पुराना हो सकता है, लेकिन पुष्टि की कि जगरांव पुल के नीचे कथित तौर पर ड्रग्स लेते हुए दिखे व्यक्ति को लुधियाना पुलिस ने 12 अगस्त को गिरफ्तार किया था। यह घटनाक्रम पंजाब में ड्रग्स की समस्या को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के बीच सामने आया है, जिसमें विपक्ष के नेता वायरल वीडियो का इस्तेमाल करके भगवंत मान सरकार पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ड्रग्स और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ अपनी कार्रवाई को उजागर कर रही है। इसे भी पढ़ें: Revanth Reddy ब्रिटेन दौरा बीच में खत्म कर Hyderabad लौटे, लंबित मसलों पर रहेगा ध्यान 11 अगस्त को हरभजन सिंह ने ड्रग्स से जुड़ा एक और वीडियो शेयर किया। उन्होंने एक क्लिप पोस्ट की जिसमें सड़क पर दो लोग अजीब और बेजान हालत में खड़े दिखे, जो नशे में लग रहे थे। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवा इससे बेहतर के हकदार हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया और कई यूज़र्स ने दावा किया कि वे लोग ज़ॉम्बी ड्रग के असर में थे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। ਜਗਰਾਉਂ ਪੁਲ ਵੀ ਰਾਜਸਥਾਨ ਵਿੱਚ ਹੈ ਦੱਸੋ paid trollers ?? ਹੁਣੇ ਏਨਾ paid trollers ਨੇ ਇੱਸ ਵੀਡੀਓ ਨੂੰ ਵੀ ਗੰਗਾਨਗਰ ਦੀ ਸਾਬਿਤ ਕਰ ਦੇਣਾ । ਪੰਜਾਬ https://t.co/g5pnDCeYTH — Harbhajan Turbanator (@harbhajan_singh) August 22, 2026
नई दिल्ली: आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने चुनावी राज्यों में संगठन को मजबूत करने, नेताओं की जिम्मेदारियां तय करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक पार्टी का फोकस संगठनात्मक ढांचे को मजबूत […] The post कांग्रेस ने कसी कमर, चुनावी राज्यों के लिए नई रणनीति तैयार! पंजाब से उत्तराखंड तक नेताओं को मिली जिम्मेदारी first appeared on Sanjeevni Today .
पंजाब यूनिवर्सिटी में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की परीक्षा के दौरान केंद्र के अंदर की तस्वीर सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। चन्नी एमए लोक प्रशासन की परीक्षा दे रहे थे। चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और पीयू के पूर्व सीनेट-सिंडिकेट सदस्य देवेश मौदगिल ने आज विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले की जांच कराने की मांग की है। मौदगिल ने पीयू चांसलर, कुलपति, पंजाब के मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं चंडीगढ़ प्रशासक को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने परीक्षा केंद्र के अंदर तस्वीर सामने आने के मामले की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। परीक्षा हाल में कैमरा कैसे पहुंचा, PU जवाब दें चन्नी के परीक्षा देने वाली फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी पंजाब ने भी इस मामले को उठाया। आप के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट कर परीक्षा केंद्र की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने चन्नी के परीक्षा देते हुए दो फोटो साझा कीं और पूछा कि हॉल के अंदर कैमरा कैसे पहुंचा। परीक्षा हॉल में फोन और कैमरा ले जाने पर पाबंदी नील गर्ग ने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी के नियमों के मुताबिक परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर पाबंदी है। ऐसे में परीक्षा हॉल के अंदर से ये तस्वीरें बाहर कैसे आईं? उन्होंने सवाल किया कि क्या आम छात्रों के लिए नियम अलग हैं और वीआईपी के लिए अलग? भाजपा इस मामले पर चुप क्यों है? उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए पूछा कि NEET और पेपर लीक के मामलों पर बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा इस मामले पर चुप क्यों है। नील गर्ग ने पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन से स्पष्ट करने की मांग की कि परीक्षा के दौरान नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से किया जाता है या नहीं। 20 अगस्त को पेपर देने पहुंचे थे चन्नी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी गुरुवार, 20 अगस्त को पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में परीक्षा देने पहुंचे। चन्नी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एमए कर रहे हैं। उनका पेपर दोपहर साढ़े 12 बजे तक था। परीक्षा समाप्त होने के बाद वह एग्जाम हॉल से बाहर आते हुए नजर आए। कर्मियों और स्टाफ को हॉल से बाहर रखा इसी दौरान परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा देते हुए चन्नी की फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। तस्वीरों में वह अन्य छात्रों के बीच बैठकर पेपर लिखते दिखाई दे रहे हैं। चन्नी की सुरक्षा में तैनात कर्मियों और अन्य स्टाफ को परीक्षा हॉल से बाहर रखा गया था। पेपर खत्म होने के बाद चन्नी ने परीक्षा केंद्र के बाहर मीडिया से बातचीत भी की। हालांकि, परीक्षा हॉल के अंदर से उनकी फोटो और वीडियो सामने आने के बाद अब विवाद खड़ा हो गया है। मामले को लेकर परीक्षा नियमों के पालन और परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जांच कर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
पिज्जा डिलीवर करते समय न्यूयॉर्क में पंजाब के युवक की गोली मारकर हत्या, 13 साल पहले गया था अमेरिका
न्यूयॉर्क, 24 अगस्त . अमेरिका में पंजाब के एक युवक की पिज्जा डिलीवरी करते समय गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में न्यूयॉर्क स्थित भारतीय मिशन ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और पीड़ित के परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा दिलाया है. अमेरिका में रह रहे पंजाब के कपूरथला निवासी 28 ... Read more
महाराष्ट्र में लापरवाही का कहर! अमरावती NICU में लगी भयानक आग! हादसे में 3 नवजातों की दर्दनाक मौत
महाराष्ट्र के अमरावती शहर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सोमवार तड़के ज़िला महिला अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में आग लगने से 3 नवजात शिशुओं की दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल कर्मियों और राहत दल की सतर्कता से 36 अन्य नवजात शिशुओं को सुरक्षित बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के एनआईसीयू में एक वेंटिलेटर में तड़के करीब सवा तीन बजे आग लग गई। इकाई के इस हिस्से में समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार शिशुओं को देखरेख के लिए रखा जाता है। अमरावती के पुलिस आयुक्त राकेश ओला के अनुसार, यह हादसा तड़के करीब 3:15 से 4:00 बजे के बीच अस्पताल की नई इमारत में स्थित NICU वार्ड में हुआ। महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं अमरावती के पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उन्होंने घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने घायलों को सभी आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन भी दिया। ओला ने बताया कि एनआईसीयू के तीन हिस्से हैं। इनमें एक अस्पताल में जन्मे शिशुओं, दूसरा बाहर से आए शिशुओं और तीसरा अस्पताल से छुट्टी दिए जाने के लिए तैयार बच्चों की देखभाल के लिए है। इन तीनों हिस्सों में कुल 39 शिशु भर्ती थे। उन्होंने बताया कि बाहर से लाए गए शिशुओं वाले हिस्से में रखे एक वेंटिलेटर में आग लग गई। इसे भी पढ़ें: Pakistan Terrorist Attack | खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षाकर्मियों की जांच चौकी पर बड़ा आतंकी हमला, दो जवानों की मौत ओला ने बताया कि वहां मौजूद तीन शिशुओं की आग लगने के कारण मौत हो गई, जबकि छह अन्य को बचा लिया गया। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि छह शिशुओं को एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बावनकुले ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ड्यूटी पर मौजूद अस्पताल के कर्मचारी आग लगते ही मौके पर पहुंचे और उन्होंने अन्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल की नयी इमारत में स्थित विशेष नवजात देखभाल इकाई में तड़के करीब चार बजे आग लगी। उन्होंने बताया कि इस इकाई में समय से पहले जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं का इलाज किया जा रहा था।बावनकुले ने बताया कि कुछ शिशुओं को आगे के इलाज के लिए ‘डिवीजनल रेफरल सर्विसेज’ अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने बताया कि वहां चार बच्चों का इलाज किया जा रहा है और इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। इसे भी पढ़ें: Punjab Governor Gulab Chand Kataria ने Fazilka बॉर्डर पर BSF पोस्ट का दौरा किया ओला ने बताया कि अग्निशमन विभाग के कर्मियों और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की विद्युत शाखा को इस घटना के बारे में सूचना दे दी गई है और वे आग लगने के कारणों का पता लगाएंगे। बावनकुले ने शिशुओं की मौत पर गहरा दुख जताते हुए उनके परिजनों को सरकार की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, ‘‘अमरावती में आज हुई घटना से मैं बेहद दुखी हूं। मेरा मन बहुत व्यथित है।’’ मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार मृत बच्चों के परिजनों के साथ खड़ी है और सरकार एवं प्रशासन हरसंभव मदद मुहैया करा रहे हैं।’’ बावनकुले ने कहा कि उन्होंने घटना के बारे में संबंधित अधिकारियों से बातचीत की है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi #WATCH | Amravati, Maharashtra: Three newborn babies lost their lives after a fire broke out in the Neonatal Intensive Care Unit (NICU) of the District Women’s Hospital. According to preliminary information, the fire erupted at around 3.30 am on the third floor of the hospital,… pic.twitter.com/fhSQvykujw — ANI (@ANI) August 24, 2026
SIR पर रार: तीन देशों में भारत के राजदूत रहे, फिर भी नागरिकता पर शक; नवदीप सूरी बोले- आम नागरिक का क्या होगा?---Former Indian Envoy Navdeep Suri Questions Punjab SIR Process Over Citizenship Verification
Punjab Governor Gulab Chand Kataria ने Fazilka बॉर्डर पर BSF पोस्ट का दौरा किया
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने रविवार को फाजिल्का सीमा पर स्थित बीएसएफ की मौजम बेस सीमा चौकी का दौरा किया। उन्होंने आसफवाला युद्ध स्मारक भी जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और युवा पीढ़ी से शहीदों के सपनों को पूरा करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। सीमा चौकी के दौरे के दौरान कटारिया ने जवानों से बातचीत की और उन्हें फलों की टोकरी तथा मिठाइयां भेंट कीं। उन्होंने इस दौरान एक पौधा भी लगाया। कटारिया ने प्रभावी तरीके से सीमा की सुरक्षा करने के लिए बीएसएफ की सराहना की और कहा कि जवानों को कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बीएसएफ के अबोहर सेक्टर के डीआईजी सुकुमार सारंगी ने उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। कटारिया ने हिंदी में सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज फाजिल्का सीमा पर बीएसएफ की मौजम बेस सीमा चौकी का दौरा किया और हमारे बहादुर जवानों से बातचीत की। मैं उनके साहस, समर्पण और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता को नमन करता हूं...।”फाजिल्का स्थित आसफवाला युद्ध स्मारक पर उन्होंने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि वे देश का गौरव और अनमोल धरोहर हैं। उन्होंने कहा, “उनके बलिदान की वजह से ही आज नागरिक उस स्वतंत्रता का आनंद ले रहे हैं, जो हमें मिली है।
Congress: चुनावी राज्यों पर कांग्रेस की नजरें, तैयार की जा रही खास रणनीति; पंजाब से उत्तराखंड तक प्लान क्या?
भाजपा नेता रवनीत बिट्टू का तंज- 'नशामुक्त पंजाब के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह फेल'
भास्कर न्यूज | लुधियाना डिवीजन नंबर 3 के अंतर्गत पड़ते कश्मीर नगर इलाके में बहते नाले में से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद होने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने पानी में शव को बहता देखकर तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पीसीआर और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकालकर जांच शुरू की।डिवीजन नंबर 3 के थाना प्रभारी गुरजीत सिंह कि यह लाश पीछे से आई है जो करीब 4 दिन पुरानी है जो कूड़े में फसी हुई थी उन्होंने बताया कि अभी तक डेड बॉडी की पहचान नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र करीब 37 साल लग रही है, जिसकी अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने जब शव की तलाशी ली, तो उसकी जेब में से नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज और पाइपें बरामद हुईं। इससे प्राथमिक दृष्टि में यह आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की मौत नशे के अत्यधिक सेवन (ओवरडोज) के कारण हुई होगी और वह नाले में गिर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बेहद चिंताजनक बात है कि महज 11 दिन पहले भी इसी स्थान से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। उस समय भी पुलिस ने गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद शव को नाले से बाहर निकाला था। एक ही जगह पर बार-बार लाशें मिलने से आसपास के निवासियों में दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंचे पीसीआर के एएसआई सुखविंदर सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से नाले में शव होने की सूचना मिली थी। गोताखोरों की मदद से शव को कब्जे में लेकर 72 घंटे की पहचान के लिए सिविल अस्पताल की मॉर्चरी (शवगृह) में रखवा दिया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में गुमशुदगी की रिपोर्टों को खंगाल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। वही डिवीजन नंबर 7 के अंतर्गत आरती स्टील चौक के पास सड़क पर गिरा युवा शव मिला थाना ड्यूटी इंचार्ज मलकीत सिंह ने बताया कि व्यक्ति जिसकी उम्र करीब 32 साल थी जिसने नशा किया हुआ था उसको सिविल हॉस्पिटल में जमा करवा दिया है अभी तक उसकी पहचान नहीं हुई है वही जी आर पी पुलिस ने भी लाईनों के पास लावारिश लाश मिली है जिसको सिविल हॉस्पिटल में लाश को जमा करवा दिया है। वही नशे को लेकर एक वीडियो वायरल हो रही है। जिसमें युवा जगराओं पुल के नीचे अपनी नसों में इंजेक्शन लगा रहे है जिसके बाद भाजपा नेता रवनीत बिट्टू ने पंजाब सरकार के ऊपर सवाल खड़े कर दिए है जगराओं पुल के नीचे 4 युवकों के सरेआम नशे के इंजेक्शन लगाने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक युवक दूसरे को इंजेक्शन लगाता नजर आ रहा है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने यह वीडियो सोशल मीडिया (X) पर शेयर किया है। वीडियो में सीएम भगवंत मान के भाषण के अंश भी इस्तेमाल किए गए हैं, जिसमें वे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को लेकर बात कर रहे हैं। बिट्टू ने इस वीडियो को शेयर करने के साथ लिखा- पंजाब को नशामुक्त बनाने के सरकार के बड़े-बड़े दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। इसके बाद आप छोड़कर बीजेपी में गए राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने भी इसे री-ट्वीट करते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा-क्या जगराओं पुल भी राजस्थान में है, पेड ट्रोलर्स बताओ। दरअसल, हाल ही में नशे का एक वीडियो शेयर करने को लेकर भज्जी ट्रोल हुए थे। भज्जी ने इसे पंजाब का बताया था, लेकिन आप नेताओं ने उस वीडियो को पंजाब का नहीं बताया था। अब जगराओं पुल का वीडियो सामने आने के बाद हरभजन सिंह ने फिर सरकार को घेरा है। डीसीपी संदीप बडेरा ने बताया कि जगराओं पुल के नीचे चल रही वायरल वीडियो पुरानी है इस वीडियो पर पहले ही मुकदमा दर्ज हो चुका है और आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं उन्होंने बताया कि कोतवाली थाने के अंतर्गत अब तक नशे के खिलाफ 72 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।
जतिंदर सिंह सेवक बने पंजाब बस स्टैंड कमेटी के डायरेक्टर
लुधियाना| पंजाब सरकार के प्रशासनिक आदेश के तहत जतिंदर सिंह सेवक को पंजाब स्टेट बस स्टैंड मैनेजमेंट कमेटी का निदेशक नियुक्त किया गया। इस नियुक्ति की जानकारी सामने आने के बाद आतम नगर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखा गया। आतम नगर के कई निवासियों ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि राज्य स्तर की संस्था में प्रतिनिधित्व मिलने से स्थानीय मुद्दों को भी प्राथमिकता मिलने की उम्मीद बढ़ी है।
बच्चे-बुजुर्गों ने तंदुरुस्त पंजाब का लिया संकल्प
भास्कर न्यूज | जालंधर जालंधर में आयोजित ‘यूथ रन पंजाब’ 2026’ पंजाब के बदलते यूथ कल्चर का एक मजबूत सिंबल बनकर उभरा। इसमें हजारों युवा और खिलाड़ी नशा-मुक्त, तंदरुस्त और प्रगतिशील पंजाब के लिए एक साथ दौड़े। आम आदमी पार्टी (आप) यूथ विंग के ‘वॉर अगेंस्ट ड्रग्स’ कैंपेन के हिस्से के तौर पर आयोजित की गई इस मैराथन ने एनर्जी, विश्वास और उम्मीद का मैसेज दिया। पंजाब के युवाओं ने ड्रग्स और निराशा के बजाय खेल, फिटनेस और क्रिएटिव कामों को चुना। सीनियर आप लीडर और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण ने मैराथन को हरी झंडी दिखाई और बाद में विजेताओं को उनकी खेल प्राप्तियों के लिए कैश प्राइज देकर सम्मानित किया। समारोह के दौरान, प्रतिभागियों को टी-शर्ट और पार्टिसिपेशन मेडल भी दिए गए।
27 को पंजाब महाबंद सफल बनाने का निर्णय
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब पेंशनर्स यूनियन (संबंधित एटक) की राज्य कार्यकारिणी समिति ने 27 अगस्त को प्रस्तावित पंजाब महाबंद के दौरान सरकारी कामकाज ठप रखने के आह्वान को सफल बनाने का निर्णय लिया। बैठक स्थानीय कामरेड जसवंत सिंह समरा भवन में राज्य अध्यक्ष जगदीश सिंह चाहल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य महासचिव प्रेम चावला, वर्किंग चेयरमैन अवतार सिंह गगड़ा, राज्य मुख्य सलाहकार गुरमेल सिंह मैलडे, स्वर्ण सिंह हठूर, मनजीत सिंह गिल, इकबाल सिंह पठानकोट, अवतार सिंह तारी, डॉ. दर्शन सिंह चीमा काला अफगाना, प्रितपाल सिंह पंडोरी और कुलवंत सिंह चानी सहित कई पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं ने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा कर्मचारियों के लिए प्रयुक्त शब्दों पर आपत्ति है और इसकी निंदा की गई। बैठक में आरोप लगाया गया कि सरकार ने लंबित मांगें, हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार 18 प्रतिशत डीए, पुरानी पेंशन योजना बहाली और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने के मुद्दों पर कदम नहीं उठाया। वहीं, 3 से 6 सितंबर तक खजियार (हिमाचल प्रदेश) में सैद्धांतिक स्कूल की तैयारियों को अंतिम रूप देने और 1 सितंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में प्रस्तावित रैली में शामिल होने का भी निर्णय लिया गया।
Mohali News: डेराबस्सी रोड पर कूड़े के ढेर, मिशन क्लीन पंजाब पर सवाल
Garbage piles on Dera Bassi Road; questions raised over 'Mission Clean Punjab'
प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, चली वाटर कैनन; देखें पंजाब में कैसे मचा बवाल
पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने पंजाब में भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रविवार को भारी तादाद में कर्मचारियों ने भगवंत मान के गांव की ओर कूच किया. इस दौरान उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की जिसे प्रदर्शनकारियों ने तोड़ने की कोशिश की. फिर पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया. देखें वीडियो.
हिमाचल से निकलकर दूषित पानी सतलुज को दूषित कर ही रहा है. वहीं पंजाब की जीवनरेखा मानी जाने वाली सरहिंद नहर और बिस्त दोआब नहरों तक भी गंदगी पहुंच रही है.
पानीपत की CIA-1 पुलिस ने रिफाइनरी क्षेत्र से बाइक चोरी करने वाले शातिर पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे व निशानदेही पर चोरी की गई कुल 13 बाइक बरामद की हैं। मामले की जानकारी देते हुए CIA-1 प्रभारी सब इंस्पेक्टर अनिल पवार ने बताया कि शनिवार दोपहर उनकी टीम गश्त पर तैनात थी, तभी सूचना मिली कि HSIIDC क्षेत्र में दो संदिग्ध युवक एचएफ डीलक्स बाइक पर घूम रहे हैं, जो चोरी की हो सकती है। पंजाब के रहने वाले पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दोनों युवकों को काबू कर लिया। जब पुलिस ने उनसे बाइक के कागजात मांगे, तो वे टालमटोल करने लगे। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने कबूला कि यह बाइक उन्होंने गत 17 अगस्त को रिफाइनरी के गेट नंबर-1 के बाहर से चुराई थी। इस संबंध में मुनक (करनाल) निवासी सोनू की शिकायत पर थाना सदर में मामला पहले से दर्ज था। आरोपियों की पहचान सतनाम पुत्र पूर्ण सिंह और उसके बेटे मनप्रीत निवासी चौधरी वाला, गुरदासपुर (पंजाब) के रूप में हुई। नशे की लत के लिए करते थे चोरी पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बाइक चोरी की 12 अन्य वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दोनों रिफाइनरी में मजदूरी का काम करते थे और नशे के आदी हैं। अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए उन्होंने रिफाइनरी के बाहर पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाना शुरू किया। झाड़ियों में छुपाते थे चोरी की बाइक चोरी का तरीका बताते हुए उन्होंने कहा कि वे बाइक चुराकर HSIIDC की झाड़ियों में छिपा देते थे और उनके टायर निकालकर राह चलते कबाड़ियों को बेच देते थे, ताकि नशे के लिए तुरंत पैसे मिल सकें। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर झाड़ियों से 12 अन्य बाइकें बरामद कीं।
बैल से खिंचवाई नई नवेली कार... पंजाब में मालिक का अनोखा विरोध
पंजाब के मोगा में नई कार की RC पांच महीने तक न बनने से परेशान एक ग्राहक ने अनोखे अंदाज में विरोध किया. 31 लाख 30 हजार रुपये की गाड़ी खरीदने वाले दविंदरपाल सिंह ने अपनी नई कार पर चारा लादा और उसे बैल से खिंचवाकर सड़क पर प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि बिलिंग में गड़बड़ी के चलते गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अटका हुआ है और बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ.
Stocks to Watch: सुजलॉन, लेंसकार्ट से मीशो तक... 24 अगस्त को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स
Stocks to Watch: सोमवार, 24 अगस्त के कारोबारी सत्र में 15 कंपनियों के शेयर अहम खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें सरकारी कंपनियों के नए प्रोजेक्ट, ब्लॉक डील, फंड जुटाने, नियामकीय कार्रवाई और बड़े कारोबारी अपडेट शामिल हैं।Suzlon Energyरिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Suzlon Energy ने FY26 में 16,679 करोड़ रुपये की कंसोलिडेटेड कमाई दर्ज की। कंपनी का EBITDA 3,022 करोड़ रुपये रहा। FY26 में रिकॉर्ड 2,456 मेगावाट की सालाना डिलीवरी हुई। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की नेट कैश पोजिशन 2,384 करोड़ रुपये रही।Power Gridसरकारी कंपनी Power Grid गुजरात में रिन्यूएबल एनर्जी के लिए बड़ा ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी को TBCB के तहत सफल बोलीदाता चुना गया। इस प्रोजेक्ट के लिए तय टैरिफ 822.91 करोड़ रुपये सालाना है।Lenskartआईवियर कंपनी Lenskart के शेयर बड़ी ब्लॉक डील की खबर से फोकस में रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक करीब 2,900 करोड़ रुपये की डील हो सकती है। यह डील पिछले बंद भाव से करीब 4% के डिस्काउंट पर होने की संभावना है।NTPC Green Energyसरकारी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी NTPC Green Energy की सहायक कंपनी ने SECI की बोली में 500 मेगावाट क्षमता हासिल की। यह क्षमता 6 रुपये प्रति यूनिट की दर पर मिली है। इलेक्ट्रॉनिक नीलामी 21 अगस्त को पूरी हुई थी।Meeshoई-कॉमर्स कंपनी Meesho में भी बड़ी ब्लॉक डील की संभावना है। Y Combinator करीब 1.05% हिस्सेदारी बेच सकता है। डील का आकार लगभग 957.5 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। ब्लॉक प्राइस 197.5 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।Zee Entertainmentमीडिया कंपनी Zee Entertainment ने प्रमोटर समूह से जुड़ी Sunbright Mauritius को 20.94 करोड़ पूरी तरह कन्वर्टिबल वारंट आवंटित किए। हर वारंट की कीमत 126 रुपये रखी गई। इस आवंटन को पहले ही जरूरी मंजूरियां मिल चुकी थीं।GHCLकेमिकल कंपनी GHCL को NGT से राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने गुजरात के ग्रीनफील्ड सोडा ऐश प्रोजेक्ट की पर्यावरण और वन मंजूरियों को चुनौती देने वाली तीनों अपीलें खारिज कर दीं। इससे कंपनी का प्रोजेक्ट आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ।Bank of Barodaसरकारी बैंक Bank of Baroda ने 5 साल की अवधि वाले सीनियर अनसिक्योर्ड बॉन्ड के जरिए 40 करोड़ डॉलर जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली। इससे बैंक की फंडिंग मजबूत होगी।Punjab National Bankपब्लिक सेक्टर के पंजाब नेशनल बैंक ने भारतीय सेना के साथ एक्सक्लूसिव MoU किया है। इसके तहत सेना के अधिकारियों के लिए PNB LUXURA Metal Credit Card और JCO व अन्य रैंक के जवानों के लिए PNB Parakram Credit Card लॉन्च किया जाएगा।Jubilant Pharmovaफार्मा कंपनी Jubilant Pharmova को अमेरिका की USFDA से वॉशिंगटन स्थित Spokane प्लांट की नई Line 3 पर पहले कमर्शियल बैच के मैन्युफैक्चरिंग की मंजूरी मिल गई है। कंपनी ने बताया कि मंजूरी 22 अगस्त को मिली। इस यूनिट को उसकी सहयोगी कंपनी Jubilant HollisterStier चलाती है।JSW Cementसीमेंट कंपनी JSW Cement को 81.03 करोड़ रुपये का GST डिमांड शो-कॉज नोटिस मिला है। यह नोटिस FY21 से FY23 की अवधि से जुड़ा है। कंपनी को यह नोटिस 20 अगस्त 2026 को मिला।Natco Pharmaफार्मा कंपनी Natco Pharma की हैदराबाद यूनिट का USFDA ने निरीक्षण किया। जांच 17 से 21 अगस्त तक चली। निरीक्षण पूरा होने के बाद कंपनी को फॉर्म 483 जारी किया गया, जिसमें चार ऑब्जरवेशन दर्ज हैं।Axis Bankप्राइवेट सेक्टर के बैंक Axis Bank को 30 करोड़ डॉलर के सीनियर नोट्स की लिस्टिंग के लिए अंतिम मंजूरी मिल गई। यह मंजूरी India INX और NSE IX के डेट मार्केट से मिली है।ICICI Bankप्राइवेट बैंक ICICI Bank ने श्री रेणुका शुगर्स में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। बैंक ने 4.61 करोड़ से ज्यादा इक्विटी शेयर बेच दिए। इससे उसकी हिस्सेदारी में 2.17% की कमी आई।Apollo Micro Systemsडिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर की कंपनी Apollo Micro Systems को SEBI से ओपन ऑफर से जुड़ा पत्र मिला है। यह पत्र Premier Explosives के 1.40 करोड़ तक इक्विटी शेयरों के प्रस्तावित अधिग्रहण से संबंधित है।Shadowfax में क्वालकॉम ने बेची ₹184 करोड़ की हिस्सेदारी, सोमवार को शेयर में दिख सकता है जबरदस्त एक्शनDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
न्यूयॉर्क में पंजाब के 28 साल के युवक की हत्या, पिज्जा डिलीवरी के दौरान मारी गोली
अमेरिका में पंजाब के एक युवक की मौत का दुखद मामला सामने आया है। न्यूयॉर्क शहर में पिज्जा डिलीवरी के दौरान 28 वर्षीय गुरदीप सिंह की एक अज्ञात शूटर ने गोली मारकर हत्या कर दी। पंजाब के बेगोवाल स्थित उनके गांव के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरदीप सिंह …
स्वर्गीय तारा सिंह के नियमितीकरण, पुरानी पेंशन और पारिवारिक पेंशन के दावे पर हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से योजनाओं और कल्याणकारी घोषणाओं का विस्तृत हलफनामा मांगा है।
पंजाब में '5 करोड़' वाले आरोपों पर बवाल जारी, अकाली और कांग्रेस AAP पर बरसे; जज को भेजा नोटिस
Punjab News: पंजाब में सीएम भगवंत मान की पत्नी पर 5 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगने के आरोपों पर विपक्षी दल हमलावर हैं. कांग्रेस और अकाली दल ने इस मामले में आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है.
पंजाब में कैंसर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है और हर 21 मिनट में एक व्यक्ति की जान जा रही है।
Mohali News: कौमी इन्साफ मोर्चा की पंजाब में बड़े चक्का जाम की तैयारी, बंदी सिखों की रिहाई मांग
Qaumi Insaaf Morcha prepares for a massive road blockade in Punjab, demands release of imprisoned Sikhs
बेअदबी की जवाबदेही से बचने के लिए पंजाब छोड़ने की फिराक में सुखबीर : पन्नू
Sukhbir planning to leave Punjab to evade accountability for sacrilege: Pannu
पंजाब यूनिवर्सिटी के 30 छात्रों को एसडीएम कोर्ट का समन, 24 अगस्त को पेश होने के आदेश
Panchkula News: पंजाब सरकार से कल्याणकारी योजनाओं का पूरा ब्योरा तलब
Full details of welfare schemes sought from the Punjab government.
हरियाणा सीएम का पंजाब मुख्यमंत्री पर तंज, बोले- जोक्स सुना कर टाइम पास कर रहे भगवंत मान
हरियाणा सीएम का पंजाब मुख्यमंत्री पर तंज, बोले- जोक्स सुना कर टाइम पास कर रहे भगवंत मान
राजा वड़िंग ने 2027 चुनाव अभियान और राहुल गांधी के पंजाब दौरे पर बात की। उन्होंने नशे की बढ़ती समस्या पर मान सरकार को घेरा और कार्रवाई की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) की महिला विंग की पंजाब प्रधान डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान के खिलाफ विपक्षी नेताओं द्वारा लगाए गए कथित आरोपों को पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद बताते हुए तीखा पलटवार किया है। एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. अरोड़ा ने कहा कि विकास के मुद्दों पर पिछड़ चुका विपक्ष अब ओछी राजनीति और चरित्र हनन पर उतर आया है। डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने मान सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान हुए जनहित के कार्यों का ब्योरा देते हुए कहा कि पंजाब में हुए अभूतपूर्व विकास से विपक्षी दल पूरी तरह से बौखला गए हैं। उन्होंने सरकार की मुख्य उपलब्धियां गिनाईं।हजारों युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां देना । घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिल जीरो करना। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और खेतों के टेल (आखिरी छोर) तक नहरी पानी पहुंचाना। बिजली आपूर्ति में सुधार और बुजुर्गों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा जैसी जन-कल्याणकारी योजनाएं। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना, नीतिगत विरोध करना और आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन किसी की निजी जिंदगी, परिवार और सम्मान पर बेबुनियाद कीचड़ उछालना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्टी फंड के आरोपों को सिरे से नकारा मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) राजवीर सिंह और अन्य करीबियों पर लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए डॉ. अरोड़ा ने कहा कि इन दावों के पीछे कोई ठोस सबूत या दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने पार्टी फंड के नाम पर किसी भी तरह की अवैध मांग या वसूली के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल छवि खराब करने की साजिश करार दिया। सुखपाल खैहरा के जीजा को कानूनी नोटिस, 24 घंटे का अल्टीमेटम प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. अरोड़ा ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा के जीजा सरदार रणजीत सिंह द्वारा हाल ही में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए झूठे आरोपों को लेकर डॉ. गुरप्रीत कौर मान की ओर से उन्हें एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। इस कानूनी नोटिस में सरदार रणजीत सिंह से 24 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की गई है। यदि तय समय सीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गई, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। तथ्यों के साथ बात करे विपक्ष, अन्यथा अदालत देगी जवाब अंत में डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने विपक्षी पार्टियों को नसीहत देते हुए कहा कि यदि उनके पास सरकार के खिलाफ कोई वास्तविक मुद्दा है, तो उसे तथ्यों और पुख्ता दस्तावेजों के साथ जनता के सामने रखें। सुनी-सुनाई बातों और व्यक्तिगत आक्षेपों के आधार पर राजनीति करना बंद करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'आप' किसी की आवाज को दबाना नहीं चाहती, लेकिन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों का जवाब अब पूरी तरह से कानूनी तरीके से अदालत में दिया जाएगा।
काउंसलर पद के लिए एलएलबी जरूरी या नहीं? पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट करेगा फैसला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विधिक सेवा समिति के काउंसलर पद के लिए मनोविज्ञान के साथ कानून की डिग्री अनिवार्य करने को चुनौती दी गई है।
सोनीपत में नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) पर सेक्टर-7 फ्लाईओवर के पास शुक्रवार देर रात करीब एक बजे सड़क हादसा हो गया। दरअसल, पंजाब रोडवेज की बस पहले सड़क किनारे खड़े कैंटर से टकरा गई। इसके बाद बस चालक और परिचालक नीचे उतरकर नुकसान देखने लगे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिचालक घायल हो गया। सूचना मिलने पर बहालगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। दिल्ली जा रही थी पंजाब रोडवेज की बस जानकारी के अनुसार, पंजाब के गुरदासपुर निवासी 30 वर्षीय जसविंदर सिंह पंजाब रोडवेज के कपूरथला डिपो की बस चला रहे थे। बस यात्रियों को लेकर दिल्ली की ओर जा रही थी। सेक्टर-7 फ्लाईओवर के पास पहुंचने पर बस सड़क किनारे खड़े कैंटर के पीछे से टकरा गई। टक्कर से बस को भी नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त बस को देख रहे थे चालक-परिचालक कैंटर से टक्कर के बाद चालक जसविंदर सिंह और परिचालक सरबजीत सिंह बस से नीचे उतर आए। दोनों बस को हुए नुकसान को देखने लगे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए ट्रक ने पंजाब रोडवेज की बस को जोरदार टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। चालक की मौके पर मौत, परिचालक घायल ट्रक की टक्कर की चपेट में आने से चालक जसविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। परिचालक सरबजीत सिंह भी हादसे में घायल हुए। सूचना मिलने पर बहालगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल परिचालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। बस में सवार यात्रियों को भी हादसे के बाद परेशानी का सामना करना पड़ा। परिजनों के अनुसार, जसविंदर सिंह करीब पांच साल से पंजाब रोडवेज में चालक के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी और दो साल का बेटा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। ट्रक चालक की तलाश में पुलिस बहालगढ़ थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों को सौंप दिया। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच करने के साथ आरोपी ट्रक चालक की तलाश कर रही है।
सज्जन कुमार को ‘मिसाल’ बताने पर घिरे दीपेंद्र हुड्डा, पंजाब में सियासी बवाल; BJP और अकाली दल ने कांग्रेस को घेरा
Nayab Singh Saini ने Bhagwant Mann पर कसा तंज, कहा- पंजाब में सिर्फ मजाक कर रहे सीएम
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को आरोप लगाया कि पंजाब के उनके समकक्ष भगवंत मान मजाकिया बातें करते हुए समय बिता रहे हैं। सैनी ने कहा कि पंजाब के लोगों ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने मान से सवाल कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) ने महिलाओं और युवाओं से जो वादे किए थे, उनका क्या हुआ। सैनी ने पंजाब के पटियाला जिले के घनौर कस्बे में आयोजित तीज महोत्सव में महिलाओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, आम आदमी पार्टी ने महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का वादा किया था और सरकार के करीब पांच साल पूरे हो चुके हैं। अब अगले चुनाव भी नजदीक हैं। फिर भी पंजाब के मुख्यमंत्री मंच से महिलाओं से पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें एक महीने का पैसा, दो महीने का पैसा या तीन महीने का पैसा उनके खाते में जमा करना चाहिए।”सैनी ने कहा, अगर यह मजाक नहीं है तो और क्या है? सैनी ने आरोप लगाया कि खराब कानून-व्यवस्था के कारण पंजाब से उद्योग दूसरे राज्यों में जा रहे हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार का संकट पैदा हो रहा है और हताश युवा तेजी से नशे की लत के जाल में फंस रहे हैं। इस अवसर पर हरियाणा के पूर्व मंत्री असीम गोयल और तीज महोत्सव के संयोजक विकास शर्मा भी मौजूद थे। सैनी ने आरोप लगाया कि पिछले चुनाव में आप ने पंजाब के लोगों को “गुमराह” करके वोट हासिल किए थे, लेकिन इस बार लोग पूरी तरह जागरूक हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने फिर दोहराया कि हरियाणा की तरह पंजाब के किसानों की सभी फसलों की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद की जाएगी, जबकि आलू तथा अन्य सब्जियों और फलों के लिए भावांतर भरपाई योजना लागू की जाएगी।
लुधियाना में रह रही 15 साल की गर्लफ्रेंड से मिलने उसका बॉयफ्रेंड करीब 1000 किलोमीटर दूर प्रयागराज से पहुंच गया। यहां उसने पहले लड़की को घर से बाहर बुलाया और फिर शादी का झांसा देकर अपने साथ भगा ले गया। परिवारवालों को जब बेटी के गायब होने का पता चला, तो उन्होंने तलाश शुरू की। करीब 2 हफ्ते तक कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवारवालों ने पुलिस को बॉयफ्रेंड का मोबाइल नंबर दिया। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, तो दोनों के फोकल पॉइंट इलाके में होने का पता चला। शनिवार सुबह परिवार वहां पहुंचा और लड़की को सड़क पर घूमते हुए पकड़ लिया। कुछ देर बाद बॉयफ्रेंड भी वहां पहुंच गया। परिवारवालों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। परिवारवालों का कहना है कि बॉयफ्रेंड ने बेटी से रेप किया है। पुलिस अब लड़की का मेडिकल टेस्ट करवाएगी, जिससे पता चल सके कि उसके साथ रेप हुआ या नहीं। यूपी से लुधियाना आकर गर्लफ्रेंड को भगाने की पूरी कहानी जानिए… 14 दिन साथ रही लड़की, परिवार ने रेप की आशंका जताई लड़की के परिवारवालों का कहना है कि वह करीब 14 दिन तक बॉयफ्रेंड के साथ रही। इस दौरान उसके साथ रेप किया गया है। पुलिस अब लड़की का मेडिकल करवाएगी। मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही यह साफ हो पाएगा कि उसके साथ रेप हुआ है या नहीं। जांच अधिकारी राज गोपाल के अनुसार, आरोपी को पकड़ लिया गया है। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल अपहरण और लड़की को कैद में रखने से संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। अगर लड़की के मेडिकल और जांच में रेप की पुष्टि होती है, तो एफआईआर में संबंधित धाराएं जोड़ी जाएंगी। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें- अयोध्या में रिश्वत दीजिए, रामलला के दर्शन कीजिए, ज्यादा पैसे दोगे तो दरोगा साथ जाएगा, रील भी बनवाएगा; स्टिंग में देखिए पूरी सौदेबाजी ‘राममंदिर में दर्शन हो जाएंगे। मजिस्ट्रेट साहब के यहां से प्रोटोकॉल जारी करा देंगे, फिर दरोगा खुद ले जाएगा और दर्शन कराएगा।’ यह कहना है अयोध्या में राममंदिर के बाहर दर्शन कराने वाले दलाल शुभम दुबे का। यह पैसे लेकर दर्शन कराने वाले गिरोह में शामिल है। चार्ज है- 7300 रुपए। जबकि, राममंदिर में दर्शन के लिए कोई शुल्क नहीं है। पढ़ें पूरी खबर
सब कुछ 'नीयत' का खेल है: अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी की तारीफ की
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में शिक्षा के बुनियादी ढांचे में आए बदलाव की तारीफ की। उन्होंने सरकारी स्कूलों के बारे में बनी धारणाओं को चुनौती देने के लिए राज्य के मानसा ज़िले के एक सरकारी स्कूल में नई बनी लाइब्रेरी का वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि यह सब 'नीयत' की बात है, और जोर देकर कहा कि सरकारी स्कूल भी ऊँचे स्टैंडर्ड तक पहुँच सकते हैं। इसे भी पढ़ें: मायावती के आरोपों पर Akhilesh Yadav का पलटवार, कहा- SP कभी गठबंधन नहीं तोड़ती केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर यह वीडियो पोस्ट किया। इसे सबसे पहले पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शेयर किया था, जिन्होंने भैनी भागा के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की लाइब्रेरी को एक शानदार और अच्छी सुविधाओं वाली जगह बताया, जहाँ छात्र अब पढ़ सकते हैं, सीख सकते हैं और बड़े सपने देख सकते हैं। इस बीच, शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के घर के बाहर 180 से ज़्यादा एलिमेंट्री टीचर ट्रेनिंग (ETT) शिक्षकों ने अपने परिवार वालों के साथ धरना दिया। यह विरोध प्रदर्शन ETT शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया के दौरान विभाग के क्लर्कों द्वारा कथित तौर पर बड़े पैमाने पर की गई गड़बड़ियों और गलत कामों के खिलाफ था। प्रदर्शन में शामिल एक व्यक्ति ने ANI को बताया कि हम शिक्षा विभाग के उस क्लर्क को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं जिसने अपने लोगों को नौकरी दिलाने के लिए इतना बड़ा घोटाला किया। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री का कहना है कि उनके पास क्लर्क को सस्पेंड करने का अधिकार नहीं है और वे मुख्यमंत्री के साथ बैठक कराने का वादा करते हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है। वे बस बहाने बना रहे हैं... हम 10 साल से न्याय की मांग कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के Pune कार्यक्रम पर BJP का आरोप, इन्फ्लुएंसर्स को दिए 35 हजार रुपये एक और प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार और विभाग के एक क्लर्क के बीच मिलीभगत है, ताकि दोषी क्लर्क को बचाया जा सके। एक IAS रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह मामला क्लर्क की गलती की वजह से खड़ा हुआ। इसमें हम 180 ETT शिक्षकों की कोई गलती नहीं थी; फिर भी, पिछले हफ़्ते कई बैठकें होने के बावजूद हमें कोई न्याय नहीं मिला... हम न्याय की उम्मीद में चंडीगढ़ आए थे, लेकिन हमारे शिक्षकों के साथ मारपीट और हिंसा की जा रही है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
भगवंत मान की पत्नी पर गंभीर आरोपों के बाद हमलावर विपक्ष, मांगा पंजाब के मुख्यमंत्री का इस्तीफा
भगवंत मान की पत्नी पर गंभीर आरोपों के बाद हमलावर विपक्ष, मांगा पंजाब के मुख्यमंत्री का इस्तीफा
15 दिन में दूसरी बार आज मिलेंगे सीएम मान और पंजाब गवर्नर, हवारा की पैरोल पर हो सकती है चर्चा
मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया से मुलाकात करेंगे। बैठक में जगतार सिंह हवारा की पैरोल, किसान बंद और पंजाब के राजनीतिक-प्रशासनिक हालात पर चर्चा संभव है।
कौमी इंसाफ मोर्चा सिख संगठनों का समूह है। यह अपनी सजा पूरी कर चुके बलवंत सिंह राजोआना और देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर जैसे बंदी सिखों की जेल से रिहाई और पैरोल की मांग कर रहा है।
कुलदीप धालीवाल ने दीपेंद्र हुड्डा के सज्जन कुमार संबंधी कथित बयान पर कांग्रेस से कार्रवाई मांगी। उन्होंने अकाली दल-भाजपा संभावित गठजोड़ को पंजाब और किसान विरोधी बताया।
Rape Case दबाने के लिए 5 Crore की मांग? NHRC ने CM Mann की पत्नी से मांगे जवाब, BJP हुई हमलावर
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने उन आरोपों का संज्ञान लिया है जिनमें कहा गया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने रेप के एक मामले को दबाने के लिए 5 करोड़ रुपये मांगे थे। ये आरोप NHRC में दर्ज कराई गई एक शिकायत में बताए गए थे, जिसमें कहा गया था कि ये आरोप पंजाब के पूर्व जज जस्टिस रंजीत सिंह ने लगाए थे। प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली NHRC बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी अधिकारियों से कहा गया है कि वे दो हफ़्ते के अंदर आयोग को 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' (ATR) सौंपें। NHRC ने यह मामला भारत सरकार के गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग को भी भेजा है। आयोग ने कहा है कि 'की गई कार्रवाई की रिपोर्ट' मिलने के बाद वह आगे की कार्रवाई पर फ़ैसला करेगा। NHRC ने एक बयान में कहा कि लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में चिंता जताई गई है कि इस तरह के दखल से पीड़ित के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसमें आरोपों की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और जांच को कमजोर करने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। NHRC ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता ने इस बात पर जोर दिया था कि किसी भी तरह के प्रभाव से पीड़ित के न्याय पाने के अधिकार से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। आयोग ने कहा की शिकायतकर्ता इस बात पर ज़ोर देता है कि रेप पीड़िता के न्याय पाने के अधिकार को किसी भी तरह के प्रभाव, रुतबे या पद से ऊपर रखा जाना चाहिए। मानवाधिकार संस्था के अनुसार, शिकायत में लगाए गए आरोपों से पहली नज़र में ऐसा लगता है कि पीड़िता के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ हो सकता है। इसलिए, आयोग ने पंजाब के संबंधित अधिकारियों को इन आरोपों की जांच करने और अपने निर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया। भाजपा ने मांगा इस्तीफा बीजेपी नेता मनोरंजन कालिया ने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने मांग की है कि नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) के नोटिस के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर से जुड़े आरोपों पर जवाब दें। कालिया ने सत्ताधारी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि वह पूरी तरह ईमानदार से पूरी तरह बेईमान हो गई है। उन्होंने मंत्रियों और अहम विधायकों पर लगे भ्रष्टाचार के कई आरोपों का ज़िक्र करते हुए कहा कि अब इस मामले में मुख्यमंत्री का परिवार भी शामिल हो गया है। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं कालिया ने कहा कि असल बात यह है कि NHRC ने पंजाब के DGP से रिपोर्ट मांगी है। यह पूरा मामला पूर्व जस्टिस सरदार रंजीत सिंह ने उठाया है। इसका मतलब है कि पूर्व जस्टिस ने कोई बेबुनियाद दावा नहीं किया होगा; बल्कि, ये आरोप तथ्यों पर आधारित हो सकते हैं। उन्होंने पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल से मान के इस्तीफे की मांग करने को भी कहा और कहा कि इसे देखते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को सफाई देनी चाहिए और पार्टी प्रमुख श्री केजरीवाल को भगवंत मान के इस्तीफे की मांग करनी चाहिए। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Jantar Mantar पर आरक्षण के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन, कई हिरासत में; आर्थिक आधार पर देने की मांग
शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जब जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में जंतर-मंतर पर लोगों की भारी भीड़ जमा हुई थी। इस प्रदर्शन को मुख्य रूप से सोशल मीडिया के ज़रिए रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन ने संगठित किया था। यह इंस्टाग्राम पर चलने वाला एक कैंपेन है, जिसने अपने फ़ॉलोअर्स से इस प्रत्यक्ष विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। इंस्टाग्राम पर इस पेज के लगभग 56 लाख (5.6 मिलियन) फ़ॉलोअर्स हैं। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी विरोध प्रदर्शन स्थल पर बार-बार यह मांग उठाई गई कि सरकारी सहायता और लाभ पाने का आधार केवल जाति नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से पिछड़ापन होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा, कोटा नीतियों में बदलाव और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों (EWS) के लिए ज़्यादा समर्थन की भी मांग की। 'रिज़र्वेशन हटाओ आंदोलन' के बैनर तले प्रदर्शनकारी जाति-आधारित आरक्षण का विरोध कर रहे थे। वे बैनर, पोस्टर और केसरिया झंडे लिए हुए थे और मांग कर रहे थे कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (ABKM) से जुड़े एक प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा कि हमारी मांग है कि सरकारी मदद की ज़रूरत किसे है, यह तय करते समय आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखा जाना चाहिए। जाति से परे, किसी गरीब व्यक्ति को शिक्षा, कोचिंग और अन्य ज़रूरतों के लिए मदद मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थितियों को देखते हुए आरक्षण नीति की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरक्षण में क्रीमी-लेयर का नियम लागू किया जाए और अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए नीतियों में बदलाव किया जाए। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं उन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के ढांचे पर भी सवाल उठाए। एक और प्रदर्शनकारी के हवाले से कहा गया कि हम कई सालों से यह मुद्दा उठा रहे हैं। हमारा कहना है कि सरकार को इस बात की जांच करनी चाहिए कि क्या मौजूदा सिस्टम अपने मकसद को पूरा कर रहा है और क्या ज़मीनी स्तर पर लोगों तक फ़ायदे पहुँच रहे हैं। बाद में दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना था कि उनके पास जंतर-मंतर पर किसी भी तरह के प्रदर्शन या जमावड़े की इजाज़त नहीं थी। हालांकि, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के DCP ऑफिस से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाज़त दी गई थी और इसके लिए 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) भी जारी किया गया था। वहीं, पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था के नज़रिए से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Akhilesh Yadav के 'चवन्नी' वाले बयान पर Mayawati का पलटवार, कहा- जाट समाज से मांफी मांगें
बीएसपी प्रमुख मायावती ने 22 अगस्त को समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव की आलोचना की। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) प्रमुख और पूर्व सहयोगी जयंत चौधरी पर की गई टिप्पणी के लिए अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया और कहा कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समुदाय से माफ़ी मांगनी चाहिए। मायावती ने अखिलेश यादव के बयान हम लोगों ने चवन्नी को रुपया बना दिया, फिर भी छोड़कर चले गए को बेहद अभद्र, अशोभनीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख को इन टिप्पणियों के लिए न केवल पार्टी और उसके नेता से, बल्कि जाट समुदाय से भी माफ़ी मांगनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी उन्होंने समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक संकीर्ण सोच और जातिवादी नफरत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन्हीं वजहों से भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बार-बार राजनीतिक और चुनावी फायदा मिला है और उत्तर प्रदेश में धर्मनिरपेक्ष ताक़तें कमज़ोर हुई हैं। उन्होंने कहा कि SP के तौर-तरीके, उसका चरित्र और चेहरा हमेशा से ही – चाहे उसके विरोधी हों या सहयोगी – राजनीतिक संकीर्ण सोच और जातिवादी नफ़रत से ग्रस्त रहे हैं, जिससे वह काफ़ी हद तक नापसंद और अविश्वसनीय बन गई है। 1995 की लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस की घटना का ज़िक्र करते हुए मायावती ने याद दिलाया कि कैसे समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था, जब BSP ने मुलायम सिंह यादव की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था। उन्होंने SP के व्यवहार को ऐसा बताया जिसमें पार्टी अपने फ़ायदे के लिए गठबंधन का इस्तेमाल करती है और फिर अपना रुख़ बदलकर अभद्र भाषा का सहारा लेती है। उन्होंने लिखा कि यह SP का पुराना व्यवहार है, और समाज के अलग-अलग वर्गों से अपील की कि वे इस पार्टी की राजनीति से सावधान रहें। मायावती की ये टिप्पणियां अखिलेश यादव के उस हमले के बाद आईं जिसमें उन्होंने जयंत चौधरी पर निशाना साधा था। जयंत चौधरी ने 2024 में BJP के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) में शामिल होने के लिए SP गठबंधन छोड़ दिया था। अखिलेश यादव का 25 पैसे को एक रुपया बनाने वाला बयान, चौधरी के 2022 के उस बयान का जवाब था जिसमें उन्होंने BJP के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा था, मैं कोई चवन्नी हूं जो पलट जाऊंगा? इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं अखिलेश यादव की टिप्पणी के जवाब में, जयंत चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर जाट समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीति की लड़ाई में, अगर आपको कुछ घटिया शब्द इस्तेमाल करने ही थे, तो कम से कम मेरा नाम लेकर कहते। इससे कोई समस्या नहीं होती। जाट समुदाय को निशाना बनाना और यह कहना कि ABCD हमने सिखाई? मैंने यह अहंकार करीब से देखा है, और मेरा मानना है कि ऐसे व्यवहार से सिर्फ़ पतन ही होता है! देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी
अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, शिरोमणि अकाली दल (SAD) लगातार BJP के साथ अपना गठबंधन फिर से शुरू करने की इच्छा जता रहा है। हालांकि, BJP ने साफ़ कर दिया है कि किसी भी गठबंधन में पार्टी की भूमिका बड़े भाई वाली होगी। अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया कहा कि पंजाब के लिए दोनों पार्टियों का गठबंधन समय की ज़रूरत है। इससे एक दिन पहले उनकी बहन और पूर्व केंद्रीय मंत्री व बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने संगरूर में एक रैली में इसी तरह के संकेत दिए थे। इसे भी पढ़ें: Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज मजीठिया ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सद्भाव, कानून-व्यवस्था, विकास और रोज़गार से जुड़ी चिंताओं के कारण लोग अब चाहते हैं कि BJP और SAD साथ आएं। उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला दोनों पार्टियों का नेतृत्व करेगा और आने वाले दिनों में स्थिति और साफ़ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विवादित कृषि कानूनों की वजह से गठबंधन टूट गया था, लेकिन तब से हालात बदल गए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अब हालात बदल गए हैं और तरीका भी बदलना होगा। पंजाब में चार-तरफ़ा चुनावी मुक़ाबला पिछले लोकसभा चुनाव में, BJP और SAD ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। BJP पंजाब की 13 में से कोई भी सीट नहीं जीत पाई, लेकिन उसे 18.56 प्रतिशत वोट मिले। SAD ने 13.42 प्रतिशत वोट के साथ एक सीट जीती। इन पार्टियों को कुल मिलाकर लगभग 32 प्रतिशत वोट मिले थे। बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगर कुछ और वोट मिल जाएं, तो यह गठबंधन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को कड़ी टक्कर दे सकता है, क्योंकि उनके अनुसार AAP को 'एंटी-इनकंबेंसी' (सरकार के खिलाफ नाराजगी) का सामना करना पड़ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में आंकड़े अलग थे। SAD ने 18.38 प्रतिशत वोट के साथ 117 में से तीन सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने 6.60 प्रतिशत वोट के साथ दो सीटें जीती थीं। इसलिए, BJP का लोकसभा वोट शेयर उसके विधानसभा वोट शेयर से लगभग तीन गुना था। अगर गठबंधन पक्का होता है, तो उम्मीद है कि BJP पिछली बार की तुलना में ज़्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करेगी। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं बीजेपी ने 38 सीटों पर मज़बूत प्रदर्शन किया लोकसभा चुनाव में बीजेपी 23 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही, जबकि SAD नौ सीटों पर आगे रही। BJP लगभग 17 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर रही और SAD 14 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। BJP पांच सीटें 5,000 से कम वोटों के अंतर से और 10 सीटें 10,000 से कम वोटों के अंतर से हारी। BJP का मानना है कि इससे पता चलता है कि 38 विधानसभा सीटों पर उसकी स्थिति मज़बूत और स्वतंत्र है। दोनों पार्टियों के बीच 1996 से 2020 तक गठबंधन रहा। 1997 में उन्हें भारी जीत मिली, जब SAD ने 75 और BJP ने 18 सीटें जीतीं। 2007 में, SAD ने 49 और BJP ने 19 सीटें जीतीं। 2012 में, उन्होंने लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रचा; SAD को 56 और BJP को 12 सीटें मिलीं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अमृतसर में पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ अब केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सामाजिक स्तर पर भी व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुद्वारा साहिबों में युवाओं को नशे से दूर रखने और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विशेष अरदास की जा रही है। साथ ही संगत को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर परिवारों से अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने और उन्हें सही दिशा प्रदान करने की अपील की जा रही है। इस मुहिम से जुड़े लोगों का कहना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई तभी सफल हो सकती है, जब पुलिस और प्रशासन के साथ-साथ समाज, धार्मिक संस्थाएं और परिवार भी अपनी जिम्मेदारी निभाएं। गुरुद्वारों के माध्यम से युवाओं तक पहुंचाए जा रहे हैं संदेश उनका मानना है कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए उन्हें खेल, शिक्षा, रोजगार और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है। गांवों में गुरुद्वारों के माध्यम से युवाओं तक सीधे संदेश पहुंचाए जा रहे हैं। हाल ही में अमृतसर देहाती पुलिस ने विभिन्न गांवों के गुरुद्वारों में घोषणाएं करवाकर युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की थी। पुलिस ने लोगों से नशा बेचने या उसकी आपूर्ति करने वालों की सूचना देने का आग्रह भी किया और भरोसा दिलाया कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक स्थलों से चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य केवल युवाओं को जागरूक करना नहीं, बल्कि पूरे समाज को इस मुहिम से जोड़ना है। साथ ही यह संदेश भी दिया जा रहा है कि नशे की चपेट में आए युवाओं को उपचार, सहयोग और उचित मार्गदर्शन देकर मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास किए जाएं।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर मजीठा विधानसभा से पप्पलप्रीत सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन, देखें पंजाब आजतक
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है... जगतार सिंह हवारा की पैरोल और जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर पंजाब बंद रहा... सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक कई जिलों में बाजार बंद रहे, स्कूल बंद रहे और कई जगह हाईवे तक जाम किए गए... इस बंद को अकाली दल समेत कई सिख संगठनों का समर्थन मिला... वहीं प्रदर्शनकारियों ने भगवंत मान सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा...
Punjab Weather 22nd Augsut: पंजाब में आज भारी बारिश का अलर्ट; कल से मानसून पकड़ेगा जोर!
पंजाब में शनिवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 23 अगस्त के बाद बारिश घटेगी और 24-25 अगस्त को मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
Chandigarh News: पंजाब बंद........... बंद के आगे थमे पहिये, बस अड्डों पर ठिठकी जिंदगी
पंजाब बंद...........बंद के आगे थमे पहिये, बस अड्डों पर ठिठकी जिंदगी
Mohali News: जीरकपुर में पंजाब बंद का मिला-जुला असर, मुख्य बाजारों में गिरे शटर
जीरकपुर में पंजाब बंद का मिला-जुला असर, मुख्य बाजारों में गिरे शटर
Panchkula News: पंजाब बंद से रामगढ़ से डेराबस्सी तक बस सेवा ठप
Bus service from Ramgarh to Derabassi disrupted due to Punjab bandh
Panchkula News: पंजाब-हरियाणा सीमा पर आठ घंटे जाम
Punjab-Haryana border jammed for eight hours
Ambala News: इंस्टाग्राम पर घोड़े की फर्जी तस्वीर डालकर 7 लाख रुपये ठगे, पंजाब से आरोपी काबू
इंस्टाग्राम पर घोड़े की फर्जी तस्वीर डालकर 7 लाख रुपये ठगे, पंजाब से आरोपी काबू
Una News: पंजाब बंद से हिमाचल में थमे एचआरटीसी बसों के पहिये, 20 रूट प्रभावित
पंजाब में बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को बुलाए गए बंद की तपिश हिमाचल तक पहुंची।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के नामों की घोषणा हो गई है, जिसमें देश के ज्यादातर राज्यों से शिक्षकों का चयन किया गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने राज्य में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं और टीवी पैनलिस्टों के साथ-साथ पदाधिकारियों की एक और नई सूची जारी की है। पार्टी के राज्य प्रभारी मनीष सिसोदिया और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा द्वारा जारी इस सूची में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों (हलकों) के लिए नए संगठन प्रभारी, ब्लॉक अध्यक्ष और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। 23 प्रवक्ता, 29 टीवी पैनलिस्ट और 19 संगठनात्मक पदाधिकारियों की सूची की जारी पार्टी द्वारा जारी की गई सूची में कुल 23 प्रवक्ता घोषित किए हैं। जिनमें गुरमीत सिंह मीत हेयर, डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, मालविंदर सिंह कंग, दिनेश चड्ढा, डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर, जगदीप गोल्डी कंबोज, देवेंद्र सिंह लड्डी ढोस आदि शामिल हैं। 4 हलका प्रभारी, 14 ब्लॉक अध्यक्ष और 1 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त जबकि, कुल 29 टीवी पैनलिस्टों में अरविंदर सिंह भट्टी, रणबीर सिंह ढींडसा, करमजीत कौर संधू, कंचन देओल, अमंदीप संधू आदि शामिल हैं। इसके अलावा, 19 संगठनात्मक पदाधिकारियों में 4 हलका प्रभारी, 14 ब्लॉक अध्यक्ष और 1 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
Deepender Hooda के Role Model बयान पर मची रार, Sajjan Kumar विवाद में Punjab Congress ने झाड़ा पल्ला
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के उस बयान से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को देश भर के लिए रोल मॉडल बताया था। पार्टी नेताओं गुरजीत सिंह औजला और राज कुमार वेरका ने कहा कि वे हिंसा के पीड़ितों के साथ खड़े हैं। अमृतसर में बोलते हुए कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि कुमार को उनके कामों के लिए सज़ा मिली है और पार्टी उन लोगों के साथ है जिनकी जान गई। इसे भी पढ़ें: क्या कैप्टन ने सरकार के 'कप्तान' पर ही सवाल उठा दिये हैं? अमरिंदर ने Modi-ism का जिक्र कर क्या संदेश दिया? औजला ने कहा कि सज्जन कुमार ने गलत काम किए। उन्हें उनके कामों के लिए सज़ा मिली है। कोई नेता दूसरों को नुकसान पहुँचाने का काम नहीं करता। हम उन लोगों के साथ हैं जिनकी मौत उनकी वजह से हुई। हुड्डा की टिप्पणी पर औजला ने कहा, यह हुड्डा जी की निजी राय हो सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि जो कुछ भी हुआ और जिसके साथ भी हुआ, हम उनके यानी पीड़ितों के साथ खड़े हैं। पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने भी कहा कि पार्टी की प्राथमिकता पीड़ितों और हिंसा से प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना है। वेरका ने कहा सज्जन कुमार का जीवन विवादों से भरा रहा है। यह मामला पंजाब से जुड़ा है और पंजाबियों को इससे दुख पहुंचा है। अगर इसके लिए सज्जन कुमार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो हम सबसे पहले उन बेगुनाह लोगों के समर्थन में खड़े हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab Bandh से थमी रफ्तार, बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर बाजार और सड़कें बंद हुड्डा की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि किसने क्या कहा। हम पंजाबी हैं और पंजाबियों के साथ खड़े रहेंगे। वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने हुड्डा के बयान पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा मैंने वह बयान नहीं पढ़ा है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा... अगर वह कुछ कह रहे हैं, तो वह उस पर बात करने में सक्षम हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया शुक्रवार को सीकर आए। उन्होंने कहा- ओबीसी रिजर्वेशन को लेकर जो भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं, वो अपवाद हो सकते हैं। ऐसा कुछ है तो उस पर विचार किया जाएगा। पूनिया ने कहा- शहरों में भाजपा की विचारधारा ज्यादा मजबूत है, ऐसा माना जाता है। शहर में बीजेपी को लगभग हर चुनाव में किसी न किसी रूप में सफलता मिलती है। आगामी निकाय चुनाव में भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय नेतृत्व की पूरी टीम को यहां लगाया है, जो पहली बार अंतिम कार्यकर्ता से संवाद करेगी। पूनिया ने बताया- पंजाब प्रभारी के तौर पर भाजपा ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। पंजाब में भाजपा के कार्यकर्ता मजबूत हैं, वहां विधानसभा चुनाव में अकाली दल से गठबंधन के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी। ये फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर होगा। गुड गवर्नेंस के लिए बीजेपी को करेंगे वोट सतीश पूनिया ने कहा- पिछले ढाई साल में भजनलाल सरकार ने पेपर लीक, ERCP और यमुना जल समझौते जैसे मामलों को अंजाम तक पहुंचाया है। नगर निकायों में रहने वाले लोग डबल इंजन की सरकार से जुड़ने और गुड गवर्नेंस के लिए वोट करेंगे। पिछली कांग्रेस सरकारों ने नगर निकायों को कमजोर करने का काम किया है। पंजाब में भाजपा कार्यकर्ता मजबूत सतीश पूनिया पंजाब प्रभारी बनने के बाद पहली बार सीकर पहुंचे। स्थानीय भाजपा जिला ऑफिस में उनका स्वागत-सम्मान किया गया। सीकर पहुंचने भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक रतन जलधारी, पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष महेश शर्मा आदि मौजूद थे। भाजपा के मुख्य संगठन के साथ ही भाजपा युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने गुलाब का फूल और बड़ी फूलमाला पहनाकर राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया का स्वागत किया।
जेलों में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की अगुआई में आज पंजाब बंद किया गया। विभिन्न सिख संगठनों के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे जिससे बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मोहाली में जहां हाईवे जाम हो गया तो वहीं जालंधर से फगवाड़ा हाईवे पर कौमी इंसाफ मोर्चे के प्रदर्शन के दौरान शादी के लिए जा रहे दूल्हे को पहले रोका गया और फिर उन्हें वहां से भेज दिया गया। दूल्हे को रोकने की वीडियो वहां पर मौजूद लोगों ने बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उधर, मोहाली में प्रदर्शन के दौरान निहंग सुक्खा सिंह माणकपुर बंदर को लेकर पहुंचे। ऊपर क्लिक कर VIDEO में देखें पंजाब बंद….
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे व सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 1984 सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के निधन के बाद उन्हें देश के लिए मिसाल बताया। दीपेंद्र हुड्डा के इस बयान पर पंजाब में राजनीति में बवाल मच गया। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दीपेंद्र हुड्डा का ये बयान कांग्रेस की मानसिकता दिखा रहा है। उधर, दंगा पीड़ितों के केस लड़ने वाले एडवोकेट एचएस फुल्का व शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी कांग्रेस पार्टी को सिख विरोधी बताया। नेताओं ने कहा कि सिखों के प्रति कांग्रेस के मन में आज भी नफरत है। जिस व्यक्ति को कोर्ट ने सिख दंगों का दोषी करार दिया था, उसे कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी व देश के लिए मिसाल यानी रोल मॉडल बता रहे हैं। पहले जानिए दीपेंद्र हुड्डा ने क्या कहा … हरियाणा के रोहतक से सांसद दीपेंद्र हुड्डा गुरुवार को सज्जन कुमार के दिल्ली स्थित घर उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा- देश के राजनीतिक क्षितिज पर ऐसी क्षति हुई है जिसकी पूर्ति संभव नहीं हो सकती। सज्जन कुमार जी न सिर्फ दिल्ली, दिल्ली देहात बल्कि पूरे उत्तर भारत की ऐसी शख्सियत थे जिनका लोगों से जो जुड़ाव था, वह एक मिसाल हैं। हमारे पूरे देश में उनकी मिसाल दी जाती है। वह किस तरीके से लोगों के सुख-दुख को निभाने वाले थे और दिल्ली के विकास में जो उनका योगदान रहा है, वह आज तक याद किया जाता है तथा उसके उदाहरण दिए जाते हैं। भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कसा तंज मनजिंदर सिंह सिरसा ने कांग्रेस पर सिख विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि सिखों के कत्लेआम के दोषी सज्जन कुमार को कांग्रेस द्वारा रोल मॉडल बताना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि अदालतों से सजा पाए व्यक्ति के निधन पर कांग्रेस नेताओं का दुख जताना उनकी सोच को उजागर करता है। सिरसा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस की पुरानी भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सिखों के हत्यारों का साथ देना कांग्रेस की सोच का हिस्सा रहा है और भविष्य में पार्टी ऐसे लोगों को भी अपने साथ जोड़ सकती है। एच.एस. फुल्का बोले- पहले पदों से नवाजा, अब रोल-मॉडल बता रहे एच.एस. फुल्का ने कहा कि 1984 के सिख नरसंहार के दोषी सज्जन कुमार को कांग्रेस द्वारा रोल मॉडल बताना शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सज्जन कुमार समेत कई आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया और उन्हें पदों से नवाजा। फुल्का ने कहा कि सज्जन कुमार के खिलाफ कार्रवाई में भी लंबे समय तक अड़चनें डाली गईं। उनके मुताबिक, कांग्रेस की सोच आज भी नहीं बदली और पार्टी ऐसे लोगों को ही अपना नेतृत्व व रोल मॉडल मान रही है। बिक्रम सिंह मजीठिया बोले-पंजाब कांग्रेस भी रुख साफ करे बिक्रम सिंह मजीठिया ने कांग्रेस से सज्जन कुमार को लेकर अपना रुख साफ करने की मांग की। कहा कि अगर कांग्रेस नेता उन्हें रोल मॉडल मानते हैं तो पंजाब कांग्रेस के नेताओं को भी अपनी स्थिति बतानी चाहिए। उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा से पूछा कि क्या वे हुड्डा के बयान से सहमत हैं और क्या अंतिम रस्मों का बहिष्कार करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार और कांग्रेस अब भी सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर जैसे नेताओं के साए से बाहर नहीं निकल पाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस को तुरंत स्पष्ट करना चाहिए कि सज्जन कुमार उनके लिए भी रोल मॉडल हैं या नहीं। -------------------------- यह भी पढ़ें- 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषी की मौत:तिहाड़ जेल में दम तोड़ा, उम्रकैद हुई थी; दंगा पीड़ित बोले- फांसी से मरना चाहिए था साल 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों के दोषी कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को 80 साल की उम्र में निधन हो गया। न्यूज एजेंसी ANI के सूत्रों के मुताबिक, उन्हें मृत अवस्था में सफदरजंग अस्पताल में में लाया गया था, जहां उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। पूरी खबर पढ़ें…
जनरल काउंसलरों की योग्यता में बदलाव के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, नोटिस जारी
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि काउंसलर का मुख्य कार्य वैवाहिक विवादों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े पारिवारिक मामलों में मध्यस्थता व व्यवहार संबंधी आकलन (बिहेवियरल पैटर्न असेसमेंट) करना है, जिसके लिए मनोविज्ञान की गहन समझ आवश्यक है।
Punjab Bandh से थमी रफ्तार, बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर बाजार और सड़कें बंद
‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का शुक्रवार को व्यापक असर देखने को मिला और राज्य में कई स्थानों पर दुकानें एवं बाजार बंद रहे तथा राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमृतसर, लुधियाना, मोहाली और जालंधर समेत पंजाब में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। बंद का आह्वान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए किया गया था। पटियाला, मोहाली और जालंधर समेत कई स्थानों पर कौमी इंसाफ मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों के समर्थकों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कई सड़कों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन खड़े कर मार्ग अवरुद्ध कर दिए तथा कुछ स्थानों पर यात्री प्रदर्शनकारियों से उन्हें उनके गंतव्य तक जाने देने का अनुरोध करते नजर आए। मोर्चा नेताओं ने कहा कि चिकित्सकीय आपात स्थिति, हवाई अड्डे की यात्रा, परीक्षाओं और विवाह समारोहों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने सिख कैदियों की रिहाई नहीं होने के विरोध में जालंधर, लुधियाना के लाढोवाल, होशियारपुर और फिरोजपुर में धरने दिए। उन्होंने शहरों में दोपहिया वाहनों से मार्च भी निकाले। संगरूर, लुधियाना और मोहाली समेत कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं। ‘फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स’ ने बंद के मद्देनजर अवकाश की घोषणा की थी जिसके कारण शुक्रवार को निजी स्कूल बंद रहे। मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर लगाए गए अवरोधकों के पास चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों के अलावा त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया। पटियाला में कौमी इंसाफ मोर्चा के नेता गुरचरण सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बस अड्डे के बाहर सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जिससे दोनों ओर यातायात ठप हो गया। इस नाकेबंदी के कारण पटियाला से बठिंडा, फिरोजपुर, फरीदकोट और राज्य के अन्य हिस्सों की ओर जाने वाली बसों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। बस अड्डे से बाहर निकलने वाली बसों को भी रोक दिया गया जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री फंस गए। पटियाला बस अड्डा शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में से एक है और वहां रास्ता अवरुद्ध किए जाने का शहर के यातायात पर सीधा असर पड़ा। फिरोजपुर में शहर और छावनी क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने बंद का स्वेच्छा से समर्थन किया। सुबह खुले कुछ प्रतिष्ठानों को प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने जीरा और लुधियाना की ओर जाने वाले शहर के प्रमुख निकास मार्ग ‘चुंगी नंबर सात’ को भी अवरुद्ध कर दिया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग की, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे अपनी सजा बहुत पहले पूरी कर चुके हैं। बंद के कारण शहर की कई सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात काफी कम रहा। फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भूपिंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और जिले में अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पटियाला में गुरचरण सिंह ने कहा कि ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई का मुद्दा काफी समय से लंबित है और सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार कर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को वर्षों तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। मोर्चा नेता के अनुसार, ऐसे कैदियों के लंबे समय से जेल में रहने के कारण उनके परिवारों को बहुत कष्ट झेलना पड़ रहा है और यह मामला सिख समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी विशेष समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य न्याय और संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को लागू कराना है। उन्होंने सरकार से ‘बंदी सिंहों’ के मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की भी अपील की। फगवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लुधियाना और जालंधर के बीच वाहनों को स्थानीय चीनी मिल से फगवाड़ा-नकोदर मार्ग की ओर मोड़ दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करनी पड़ी और परेशानी हुई। यातायात प्रभारी निरीक्षक अमन कुमार ने बताया कि अन्य क्षेत्रों से आए प्रदर्शनकारियों द्वारा जालंधर ग्रामीण जिले में एक भोजनालय के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किए जाने के कारण यातायात को दूसरे मार्ग पर भेजा गया। राजमार्ग के एक ओर माल से लदे ट्रकों और निजी वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं क्योंकि उन्हें तीखा बायां मोड़ लेना पड़ रहा था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत जनरल) और शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे समेत कई संगठनों ने बंद के आह्वान का समर्थन किया। भारती किसान यूनियन (राजेवाल) जैसे किसान संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया, जबकि किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से इसे सफल बनाने की अपील की। कौमी इंसाफ मोर्चा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल की मांग कर रहा है। हवारा के अलावा मोर्चा बलवंत सिंह राजोआना और देविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई की मांग कर रहा है। राजोआना 1995 में बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है, जबकि भुल्लर दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट के मामले में सजा काट रहा है।
कौमी इंसाफ मोर्चे के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का फरीदकोट जिले में व्यापक असर देखने को मिला। फरीदकोट शहर के अलावा कोटकपूरा और जैतो में भी अधिकांश बाजार बंद रहे। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही काफी कम रही। बंद के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। फरीदकोट में विभिन्न सिख संगठनों की ओर से शहर के बाजारों में रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर खुली दुकानों को भी बंद करवाया गया। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक डिंपी ढिल्लों की न्यू दीप कंपनी की बस को भी प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए बस को वापस बस स्टैंड भेज दिया। बंद के चलते जिले में ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। कई यात्रियों को बसों की आवाजाही कम होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और लगातार स्थिति पर नजर रखी। सिख संगठनों का दावा- आम लोगों का मिला समर्थन सिख संगठनों के नेताओं दलेर सिंह डोड, शरणजीत सिंह सरां और अन्य नेताओं ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई, भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने तथा डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह खालसा सहित अन्य सिख नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया गया था। उन्होंने दावा किया कि बंद को आम लोगों का समर्थन मिला। कोटकपूरा में अकाली दल वारिस पंजाब के नेता रछपाल सिंह सोसन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। जैतो में भी अधिकांश दुकानें बंद रहीं और बाजारों में चहल-पहल कम रही। बंद को देखते हुए जिला पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। फरीदकोट के एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने जिले का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को अमन-शांति बनाए रखने के निर्देश दिए।
Jaipur में CJP टीम पर हमला! अभिजीत दिपके बोले - BJP का डर है, स्कूल सुधार से डरते हैं
जयपुर में CJP सदस्यों पर हुए हमले पर इसके फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान सामने आया है। अभिजीत दिपके ने कहा कि आशुतोष पर हुआ हमला BJP के डर को दिखाता है। उन्हें डर है कि अगर गरीब बच्चों के स्कूलों में सुधार हुआ, तो लोग उनकी सरकार से सवाल पूछने लगेंगे। आशुतोष और उनकी टीम को तब निशाना बनाया गया जब वे एक सरकारी स्कूल की हालत दिखाने के लिए वहां गए थे; कहा जाता है कि यह स्कूल एक गौशाला में चल रहा था। टीम पर पत्थर फेंके गए, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और एक वॉलंटियर घायल हो गया। इसे भी पढ़ें: BJP और JDS विधायकों ने Vidhana Soudha तक निकाला मार्च, मंत्री नागेंद्र का मांगा इस्तीफा अभिजीत दिपके ने कहा कि जब सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है, तो कोई चिंता नहीं करता, लेकिन जैसे ही कोई सरकार की नाकामियों को उजागर करता है, उन पर हमला किया जाता है। हम गरीब बच्चों के लिए बेहतर स्कूलों और बेहतर भविष्य की बात करते रहेंगे। बीजेपी ने उन आरोपों से इनकार किया है कि उसके कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की टीम पर हमला किया। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और वॉलंटियर्स का दावा है कि रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक जर्जर सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने जाते समय उन पर हमला किया गया। रांका और CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि इस हमले के पीछे BJP के गुंडे थे। रंका ने X पर कहा कि CJP सदस्यों की हत्या करने के लिए बाहर से BJP के गुंडे भेजे गए थे। यह घटना रामपुर कंवरपुरा गांव के पास हुई, जहां CJP की टीम एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण करने और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं का जायजा लेने वाली थी। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। इसे भी पढ़ें: ‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी? राजस्थान बीजेपी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता CJP की आड़ में काम कर रहे हैं। बेढम ने ANI से कहा कि कांग्रेस के लोग अलग-अलग मुखौटे पहनकर गांवों में जाते हैं और वहां शांति भंग करना चाहते हैं। लोग उन्हें जवाब दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग CJP का मुखौटा पहने हुए हैं... कांग्रेस की कोई परवाह नहीं करता, इसलिए वे किसी और का मुखौटा पहन रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बीजेपी ने पंजाब के स्कूलों की बदहाल स्थिति का पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर किया
बूम ने पाया कि पंजाब बीजेपी द्वारा आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए शेयर किया गया वीडियो असल में 2018 का है. उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी.
पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने व्यक्ति-केंद्रित राजनीति पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा राजनीतिक सवाल दागा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पिछले एक दशक की उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए कैप्टन ने अंग्रेजी समाचार-पत्र में अपने आलेख के जरिए यह संकेत दिया है कि अब भाजपा और देश की राजनीति को सिर्फ एक नाम और एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सिमटने की बजाय मजबूत संस्थाओं, जवाबदेही और स्थायी लोकतांत्रिक ढांचे की ओर बढ़ना चाहिए। एक तरह से कैप्टन ने भाजपा को भी सलाह दे डाली है कि मोदी-इज़्म की अगली मंजिल केवल मोदी के नाम पर आगे बढ़ना नहीं, बल्कि ऐसी संस्था-केंद्रित व्यवस्था खड़ी करना होनी चाहिए, जो किसी एक नेता से परे जाकर देश की राजनीतिक और प्रशासनिक ताकत को स्थायी आधार दे सके। अपने आलेख में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि नरेंद्र मोदी के दौर ने भारतीय राजनीति और शासन की दिशा बदल दी है। उनके अनुसार, मोदी ने भारतीय जनता पार्टी को राजनीति के एक सीमित दायरे से निकालकर देशव्यापी शक्ति में बदला। डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता, आवास, बिजली और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में हुए कामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने माना कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि सरकार की पहुंच और डिलीवरी क्षमता का विस्तार रही है। इसे भी पढ़ें: ‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी? लेकिन कैप्टन का असली संदेश इससे आगे जाता है। उनका तर्क है कि किसी भी लोकतंत्र की सफलता को केवल एक शक्तिशाली नेता की उपलब्धियों से नहीं मापा जा सकता। मजबूत सरकार और मजबूत नेता महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लोकतंत्र की असली मजबूती मजबूत संस्थाओं, जवाबदेही और संवैधानिक संतुलन से आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी-इज़्म की अगली यात्रा आखिर किस दिशा में होगी? क्या वह एक व्यक्ति के नेतृत्व के इर्द-गिर्द सीमित रहेगा या फिर ऐसी संस्थागत व्यवस्था खड़ी करेगा, जो किसी भी व्यक्ति के सत्ता से हटने के बाद भी देश को आगे बढ़ाती रहे? यहीं से कैप्टन अमरिंदर सिंह का आलेख राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता होते हुए भी उन्होंने संसद की भूमिका, संसदीय समितियों की जांच, संघीय विमर्श, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दों को खुलकर उठाया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र केवल नियमित चुनावों का नाम नहीं है। चुनावी जीत किसी सरकार को जनादेश जरूर देती है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि सत्ता के इस्तेमाल पर संस्थागत नियंत्रण कितना प्रभावी है। कैप्टन ने विशेष रूप से संसद की समितियों और संसदीय जांच की भूमिका पर जोर दिया है। उनके अनुसार, बड़े फैसलों से पहले गंभीर विचार-विमर्श और समितियों की जांच को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। संघीय ढांचे के सवाल पर भी उनका संकेत साफ है कि केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति संतुलन तथा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की दीर्घकालिक मजबूती के लिए जरूरी है। उनका एक और महत्वपूर्ण तर्क कल्याणकारी योजनाओं को लेकर है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, आवास, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं को किसी नेता की उदारता या राजनीतिक उपहार के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकार और राज्य के दायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब शासन का आधार व्यक्ति की छवि से आगे बढ़कर संस्थागत अधिकारों और जवाबदेही पर टिकेगा, तभी विकास की प्रक्रिया स्थायी और निष्पक्ष बन सकेगी। आलेख में कैप्टन ने संविधान की मूल अवधारणाओं पर भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि बहुलतावाद, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्दों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था को केवल राजनीतिक नारों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। उनका तर्क है कि समाजवाद का अर्थ निजी क्षेत्र का विरोध या राज्य का पूर्ण नियंत्रण नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय तथा अवसरों की समानता भी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को नकारने की बजाय उन्हें भारत की नई राजनीतिक वास्तविकता का हिस्सा माना है। उनका कहना है कि पिछले एक दशक में भारत ने ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान हासिल की है। लेकिन उन्होंने यह भी चेताया है कि किसी नेता की ऐतिहासिक सफलता का अंतिम पैमाना केवल उसकी व्यक्तिगत लोकप्रियता या चुनावी जीत नहीं होती। असली कसौटी यह होती है कि उसके बाद देश की संस्थाएं कितनी मजबूत, स्वायत्त और सक्षम बनकर उभरती हैं। यानी, कैप्टन का संदेश सीधे तौर पर मोदी के नेतृत्व को खारिज करने का नहीं, बल्कि उसकी अगली मंजिल तय करने का है। उनका मानना है कि मोदी-इज़्म का अगला चरण व्यक्ति-केंद्रित राजनीति से संस्था-केंद्रित राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ना चाहिए। मजबूत नेतृत्व अपनी जगह जरूरी है, लेकिन उसे संविधान, संसद, न्यायिक एवं संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा। देखा जाये तो पंजाब के चुनावी माहौल में एक वरिष्ठ भाजपा नेता और दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से उठाया गया यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल पंजाब की राजनीति तक सीमित नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आलेख के जरिए राष्ट्रीय राजनीति के सामने एक बुनियादी सवाल रखा है कि क्या भारत का अगला विकास चरण केवल मजबूत नेता के भरोसे आगे बढ़ेगा, या फिर ऐसा संस्थागत ढांचा तैयार करेगा जो किसी भी नेता से बड़ा, ज्यादा टिकाऊ और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक जवाबदेह हो? कुल मिलाकर देखें तो कैप्टन के शब्दों का सार यही है कि भारत को मजबूत नेतृत्व चाहिए, लेकिन उससे भी ज्यादा मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं। और शायद यही वह बहस है, जिसे उन्होंने पंजाब चुनावों से पहले अपने आलेख के जरिए राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। -नीरज कुमार दुबे
‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी?
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने BJP के साथ फिर से गठबंधन की नई अटकलों को हवा दी है। उन्होंने ऐसे समझौतों के बारे में रहस्यमयी बातें कहीं जिनसे दिल्ली से पंजाब में विकास और तरक्की आ सकती है। लोंगोवाल में संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं शहादत की बरसी पर एक सभा को संबोधित करते हुए, हरसिमरत बादल—जो मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं—ने कहा कि वह इस मामले पर खुलकर बात करने से बच रही हैं और संकेत दिया कि लोगों को इसके बारे में खुद ही पता चल जाएगा। इसे भी पढ़ें: खूनी झड़प, गाड़ियों के टूटे शीशे, फाड़े गए कपड़े, जयपुर में स्कूल इंस्पेक्शन पर बवाल, CJP कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों ने फेंके पत्थर कौर ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद बना रहे और लोग हमें हिम्मत दें। ऐसे समझौतों के ज़रिए विकास और तरक्की से जुड़े काम दिल्ली से किए जाते थे, और एक बार फिर पंजाब में उसी विकास और तरक्की की नींव रखी जा रही है, जिससे पंजाब और वहां के लोगों को फ़ायदा होगा। SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इन अटकलों पर अपनी बात रखी और दोनों पार्टियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को याद किया। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, मजीठिया ने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि शिरोमणि अकाली दल और BJP ने साथ मिलकर काम किया है। वाजपेयी जी और बादल जी ने इस गठबंधन को मज़बूत किया और मोदी जी के समय में भी यह जारी रहा। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियां अलग हो गई थीं, लेकिन तर्क दिया कि पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सद्भाव व राज्य के सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंताओं के कारण दोनों पार्टियों के एक साथ आने की मांग फिर से उठी है। इसे भी पढ़ें: BJP से गठबंधन के कयासों को Harsimrat Kaur ने दी हवा, कहा पंजाब के विकास के लिए दिल्ली जरूरी मजीठिया ने कहा कि लोग चाहते हैं कि दोनों पार्टियां एक साथ आएं। वे एक साथ आएंगे या नहीं, यह बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व तय करेगा। हरसिमरत बादल ने लोगों की भावनाओं को व्यक्त किया है। इसका नतीजा क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
अकाली दल, BJP साथ लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनाव? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक में आज आपको दिखाएंगे कि क्या अकाली दल और बीजेपी एक साथ लड़ेंगे 2027 का विधानसभा चुनाव. बठिंडा में क्या वाकई हाथ से उखड़ने लगी सड़क, सीएम मान के ओएसडी ने ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले को लेकर क्या दी सफाई. पठानकोट क्यों बन रहा पर्यटकों का हब, मोगा से आई परिंदों और महिला की अनोखी कहानी, लेकिन उससे पहले खबर हेडलाइंस पर.
कपूरथला में आज कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के सभी प्रमुख बाजार और व्यापारिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे। बंद को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस शहर के संवेदनशील स्थानों और प्रमुख बाजारों में तैनात रहीं। पंजाब बंद का असर कपूरथला बस स्टैंड पर भी साफ दिखाई दिया। कई बसें खड़ी रहीं, जबकि यात्री बस सेवा शुरू होने का इंतजार करते नजर आए। बसों की आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले काफी प्रभावित रही, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, बंद का आह्वान करने वाली धार्मिक जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता स्टेट गुरुद्वारा साहिब में एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने बंद के समर्थन में मार्च निकाला। कौमी इंसाफ मोर्चा ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज और सड़क व रेल यातायात बंद रखने की अपील की थी। यह बंद बंदी सिंहों की रिहाई, जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था। आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जारी रही बंद के कारण व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं। लोगों की सुविधा को देखते हुए आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं। शहर में मेडिकल स्टोर, लैब और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं खुली रहीं, ताकि मरीजों और परिजनों को परेशानी न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जत्थेबंदियों ने लोगों से बंद को सफल बनाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करवाने की अपील की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी सक्रिय रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद बंद के कारण कपूरथला के बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। आमतौर पर व्यस्त रहने वाले प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद नजर आए। हालांकि, मेडिकल स्टोर, लैब और अन्य आवश्यक सेवाएं खुली रहने से लोगों को जरूरी सामान और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहीं। अब देखें बंद की PHOTOS:-
मोगा में पंजाब बंद का व्यापक असर:सुबह नहीं खुलीं दुकानें, बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सरकार घिरी
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान को मोगा में व्यापक समर्थन मिला। विभिन्न सिख और किसान संगठनों के सहयोग से मोगा शहर पूरी तरह बंद रहा। सुबह 9 बजे तक बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। बंद के मद्देनजर मोगा पुलिस ने विभिन्न चौकों पर भारी पुलिस बल तैनात किया। थाना सिटी मोगा के मुख्य अधिकारी गुरविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि एसएसपी मोगा के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी शरारती तत्व को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने लोगों और संगठनों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील की। किसान नेता ने सरकार को दी चेतावनी इस अवसर पर किसान नेता सुखजिंदर सिंह खोसा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब के लोग एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार बंदी सिंहों को पैरोल नहीं देती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। खोसा ने आगे कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संगठन संघर्ष को और तेज करेंगे और सरकार पर दबाव बढ़ाएंगे। उन्होंने मोगा निवासियों और दुकानदारों द्वारा मिले समर्थन को इस बात का प्रमाण बताया कि लोग बंदी सिंहों की रिहाई की मांग के साथ खड़े हैं।
कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर आज 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। सुबह सात बजे से ही पंजाब में बंद का असर नजर आ रहा है। मार्केट-दुकानें बंद है और सार्वजनिक वाहनों की पहिये थम गए हैं। दोपहर दो बजे तक स्थिति इसी तरह रहेगी।
कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का शुक्रवार को मोहाली के लालड़ू, हंडेसरा और आसपास के क्षेत्रों में मिला-जुला असर देखा गया। अकाली दल वारिस पंजाब ने भी इस बंद का समर्थन किया। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर यह बंद बुलाया गया था। लालड़ू में बाजार और निजी स्कूल बंद रहे, जबकि अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात सामान्य बना रहा। दूसरी ओर, हंडेसरा में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई। अंबाला-नारायणगढ़ मार्ग पर स्थित हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य निर्मैल सिंह जौला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना दिया। वाहनों ड्राइवरों को हुई परेशानी इस प्रदर्शन के कारण सड़क जाम हो गई, जिससे वाहन ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बंद के आह्वान के चलते लालड़ू मंडी और हंडेसरा के बाजारों में सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं। क्षेत्र के निजी स्कूल भी बंद रहे। हालांकि, दवा की दुकानें, चिकित्सकों के क्लीनिक, दूध और डेयरी से जुड़ी दुकानें खुली रहीं। सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य रूप से कामकाज जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान निर्मैल सिंह जौला ने कहा कि कई बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर विभिन्न सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है। जौला ने सरकार से बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की।
कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर किए गए पंजाब बंद का मानसा में पूर्ण असर देखने को मिला। व्यापारियों, दुकानदारों और बस ट्रांसपोर्टरों ने अपने कारोबार बंद रखकर बंद का समर्थन किया। शहर के बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। इस दौरान राष्ट्रीय इंसाफ मोर्चे के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शहर में मार्च भी निकाला। सिख नेताओं इंदरजीत सिंह, परविंदर सिंह, सहजप्रीत सिंह और अभि मौड़ ने कहा कि कई बंदी सिंह सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। सरकारों से बंदी सिंहों को तुरंत रिहा करने की मांग नेताओं ने सरकारों से बंदी सिंहों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 1984 के दौरान निहत्थे लोगों की हत्या के आरोपियों को पैरोल दी जा रही है, जबकि सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को पैरोल तक नहीं मिल रही। उन्होंने बंद को समर्थन देने के लिए शहर के दुकानदारों और व्यापारियों का धन्यवाद किया। देखें बंद के कुछ PHOTO:-
बरवाला डेराबस्सी मार्ग पर स्थित पंजाब सीमा सील
बरवाला डेराबस्सी मार्ग पर स्थित पंजाब सीमा सील
Punjab Election 2027:पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव! बदलेंगे सियासी समीकरण ? | AAP | Akali Dal | Congress
Punjab Bandh: कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन, Chandigarh बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी
‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान के मद्देनजर राज्य में कुछ स्थानों पर शुक्रवार सुबह दुकानें एवं बाजार बंद रहे और चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। बंद का आह्वान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमृतसर, लुधियाना और जालंधर समेत राज्य में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर लगाए गए अवरोधकों के पास चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों के अलावा त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। कौमी इंसाफ मोर्चा के समर्थकों ने मोहाली और पटियाला समेत कई स्थानों पर अपने वाहन खड़े करके रास्ते अवरुद्ध कर दिए जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। संगरूर और मोहाली समेत कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं। हालांकि, दवा की दुकानें खुली रहीं। निजी विद्यालयों के एक महासंघ ने बंद के आह्वान के मद्देनजर शुक्रवार को विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा पहले ही कर दी थी जबकि पंजाब विश्वविद्यालय ने दिन में होने वाली परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया है। संगठन के नेताओं ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, परिवहन संचालकों और शैक्षणिक संस्थानों समेत समाज के सभी वर्गों से समर्थन देने का अनुरोध किया गया है। हालांकि, संगठन के नेताओं ने कहा कि चिकित्सकीय आपात स्थिति, हवाई अड्डे की यात्रा, परीक्षाओं और विवाह समारोहों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत जनरल) और शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे समेत कई संगठनों ने बंद के आह्वान का समर्थन किया है। भारती किसान यूनियन (राजेवाल) जैसे किसान संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है, किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से इसे सफल बनाने की अपील की है। कौमी इंसाफ मोर्चा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दिए जाने का समर्थन कर चुके हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा हवारा के अलावा बलवंत सिंह राजोआना और देविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई की मांग कर रहा है। राजोआना 1995 में बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है, जबकि भुल्लर दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट के मामले में सजा काट रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर अपने अभियान के तहत सात जनवरी 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और उससे सटे मोहाली के वाईपीएस चौक पर धरना दे रहा है।
फाजिल्का में पंजाब बंद का असर, व्यापार मंडल ने किया समर्थन
फाजिल्का में पंजाब बंद का असर, व्यापार मंडल ने किया समर्थन
जगराओं में निहंगों ने मार्च निकाल की पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी
जगराओं में निहंगों ने मार्च निकाल की पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी
जालंधर में कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से दी गई पंजाब बंद की कॉल के दौरान सिख जत्थेबंदी के लोगों के साथ झड़प देखने को मिली। मकसूदां की सर्विस रोड पर पत्नी का डायलसिस करवाने जाते व्यक्ति की बहस हो गई जिसके बाद दोनों पक्षों में थप्पड़ चले।वहीं बंद का शहर में मिलाजुला असर देखने को मिला। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा के सदस्यों ने गुरुनानक मिशन चौक में धरना दिया और कीर्तन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर दरियां बिछाकर बैठ गए और दुकानदारों व लोगों से बंद के समर्थन की अपील की। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस तैनात रही। वहीं, गुरुनानकपुरा इलाके में सड़कों पर सामान्य चहल-पहल दिखाई दी। पेट्रोल पंपों पर भीड़ रही, जबकि दूध, ब्रेड और बेकरी की दुकानें खुली रहीं। निहंग जत्थेबंदियों के लोग पैदल और वाहनों में घूमते नजर आए। लाउड स्पीकर के जरिए लोगों से बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बंद का समर्थन करने की अपील की गई। वहीं, जालंधर बस स्टैंड से सुबह से कोई बस नहीं चली। बस सेवा प्रभावित होने के कारण पंजाब और हिमाचल जाने वाले 100 से अधिक यात्री बस स्टैंड पर फंसे हुए हैं। कई यात्री खाली खड़ी बसों में अपनी सीट बुक करते नजर आए। देखें पंजाब बंद के 10 PHOTO:-
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब बंद, अमृतसर में भी दिखा व्यापक असर
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब बंद, अमृतसर में भी दिखा व्यापक असर
ग्वालियर में अग्निवीर पर शादी का झांसा देकर रेप करने, जबरन अबॉर्शन कराने और जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या करने का केस दर्ज किया गया है। युवती के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने पंजाब रवाना हो गई है। आरोपी अग्निवीर विकास बघेल चीनौर के खुर्दपाल का रहने वाला है। उसकी 19 वर्षीय पीड़ित युवती से करीब 3 साल पहले शादी की बातचीत चली थी। दोनों परिवार सहमत नहीं हुए तो रिश्ता तय नहीं हुआ लेकिन विकास युवती के संपर्क में बना रहा। पुलिस के मुताबिक, विकास ने शादी का भरोसा देकर युवती से 3 साल में कई बार दुष्कर्म किया। अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। बाद में इनके जरिए वो युवती को ब्लैकमेल करने लगा। लगातार संबंध बनाने के चलते 2025 में युवती प्रेग्नेंट हो गई। विकास ने प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद वह विकास पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। फोटो-वीडियो डिलीट कराने को लेकर विवाद विकास ने 7 अगस्त 2026 को युवती को बात करने के लिए बुलाया। वह परिजन को बिना बताए घर से निकली। ममेरे भाई ने उसे पोसम्पा कैफे के पास छोड़ा। यहां से विकास उसे हजार बिस्तर अस्पताल के पास एक कमरे में ले गया। युवती ने विकास को अपने अश्लील फोटो और वीडियो डिलीट करने के लिए कहा। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विकास ने इसी दौरान उसे जबरदस्ती जहरीला पदार्थ खिलाकर पानी पिला दिया। फिर वहां से भाग गया और पंजाब जाकर ड्यूटी जॉइन कर ली। मौत से पहले रिकॉर्ड बयान बना अहम सबूत तबीयत बिगड़ने पर युवती ने परिजन को फोन किया। वे उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले अस्पताल में युवती ने पुलिस को दिए बयान में विकास पर आरोप लगाए थे। युवती के परिजन ने पुलिस को उसका एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें वह विकास द्वारा जहर दिए जाने की बात कह रही है। आरोपी गिरफ्तार, ग्वालियर ला रही पुलिस सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली ने कहा- युवती के बयान, परिजन की गवाही और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर विकास के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। हमारी टीम पंजाब से उसे गिरफ्तार कर ग्वालियर ला रही है। ये खबर भी पढ़ें… लुटेरा दूल्हा…3 देशों की 11 महिलाओं से करोड़ों ठगे आपने 'लुटेरी दुल्हनों' की कई कहानियां सुनी होंगी लेकिन यह मामला एक ऐसे 'लुटेरे दूल्हे' का है, जिसने भारत समेत तीन देशों की 11 महिलाओं को शादी और प्रेम का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठग लिए। पीड़ितों में अधिकांश 40 वर्ष से अधिक उम्र की फर्स्ट क्लास अधिकारी, एडवोकेट, डॉक्टर और शिक्षक हैं। पढे़ं पूरी खबर…
जालंधर से अमृतसर तक पंजाब बंद का असर, कई इलाकों में पुलिस बल तैनात
सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे 'कौमी इंसाफ मोर्चा' ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है. पंजाब में कई स्कूल शुक्रवार को बंद हैं. पंजाब यूनिवर्सिटी ने 21 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं का समय बदल दिया है. कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है.
सिख कैदियों ('बंदी सिंहों') की रिहाई की मांग को लेकर 'कौमी इंसाफ मोर्चा' की ओर से बुलाए गए 7 घंटे के पंजाब बंद से शुक्रवार को राज्य भर में जनजीवन और व्यापारिक कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। मोर्चे को विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, किसान संगठनों और कई सिख राजनीतिक दलों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। मोर्चे ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पूरे राज्य में कमर्शियल प्रतिष्ठान बंद रखने और मुख्य हाईवे व रेलवे ट्रैक जाम करने का फैसला किया है। हालांकि पंजाब की शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को बंद करने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, लेकिन 'प्राइवेट अनएडेड स्कूल्स एसोसिएशन' और 'फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब' ने अपने सदस्यों को छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को अपने संस्थान बंद रखने की सलाह दी है। हालांकि, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने छुट्टी का कोई नोटिस जारी नहीं किया है। छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को होने वाली परीक्षाओं को टालने की घोषणा की। ये परीक्षाएं अब 10 सितंबर को होंगी। सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा 7 जनवरी, 2023 से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहा है। इसके नेताओं ने 15 अगस्त को पंजाब बंद की घोषणा की थी, जब चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब के गवर्नर के आवास की ओर मार्च के दौरान बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसे भी पढ़ें: Somalia Cargo Ship Hijacking | सोमालिया तट पर तुर्की के सैन्य हथियार ले जा रहे कार्गो जहाज का अपहरण, 6 भारतीय समेत 10 क्रू मेंबर सवार थे मेडिकल इमरजेंसी, एयरपोर्ट जाने, परीक्षाओं और शादियों को छूट मोर्चा नेताओं ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों, कमर्शियल प्रतिष्ठानों, ट्रांसपोर्टरों और शिक्षण संस्थानों सहित समाज के हर वर्ग से समर्थन मांगा है। हालांकि, मोर्चा नेताओं ने कहा है कि मेडिकल इमरजेंसी जैसी ज़रूरी सेवाओं के साथ-साथ एयरपोर्ट जाने, परीक्षाओं और शादी समारोहों के लिए आने-जाने की अनुमति होगी। मोर्चा के संयोजक पाल सिंह फ्रांस ने कहा, ट्रांसपोर्ट, दुकानें और अन्य कमर्शियल आउटलेट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे। अस्पताल और केमिस्ट की दुकानें खुली रहेंगी। एम्बुलेंस, शव वाहन और शादी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। इमरजेंसी में किसी भी व्यक्ति या यात्री को रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, हम जनता को परेशान नहीं करना चाहते और न ही रोज़मर्रा की ज़िंदगी और कारोबार में कोई रुकावट डालना चाहते हैं। इस बंद का मकसद उन सिख कैदियों के लिए न्याय मांगना है जो दशकों से अलग-अलग जेलों में बंद हैं। उन्हें पैरोल तक नहीं दी गई है। इसे भी पढ़ें: पुणे में गूंजेगी ‘छात्रों की आवाज’, राहुल गांधी के दौरे पर देवेंद्र फडणवीस और हर्षवर्धन सपकाल आमने-सामने SGPC और सिख राजनीतिक पार्टियों का बंद को समर्थन इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी समेत किसान संगठनों, कर्मचारी यूनियनों और SAD (पुनर्जीवित), SAD (अमृतसर) और अकाली दल वारिस पंजाब दे जैसी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है। बंद को देखते हुए, SGPC ने अमृतसर स्थित अपने मुख्यालय में होने वाली एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक को भी 22 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि बंद के समर्थन में 21 अगस्त को SGPC के सभी दफ़्तर और संस्थान बंद रहेंगे: SGPC सिख कैदियों की रिहाई के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और इस मकसद के लिए किए जाने वाले हर शांतिपूर्ण संघर्ष को पूरा समर्थन देती रहेगी। जिन सिख कैदियों की समय से पहले रिहाई या सज़ा कम करने की मांग की जा रही है, उनमें जगतार सिंह हवारा (2007 में दोषी करार, 2010 में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला गया), बलवंत सिंह राजोआना (2007, मौत की सज़ा), परमजीत सिंह भ्योरा (2010, उम्रकैद), जगतार सिंह तारा (2018, उम्रकैद) शामिल हैं। ये सभी 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी ठहराए गए थे। इनके साथ ही आतंकी गतिविधियों के दोषी गुरदीप सिंह खेरा (1991, उम्रकैद) और दविंदरपाल सिंह भुल्लर (2001 में दोषी करार, 2014 में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला गया) भी शामिल हैं। हाल ही में, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाक़ात की और हवारा को 10 दिन की पैरोल देने का समर्थन किया ताकि वह अपनी बीमार माँ से मिल सके। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi #WATCH | Moga, Punjab: On Punjab Bandh called by the Qaumi Insaaf Morcha, Inspector Gurwinder Singh Bhullar (SHO City 1 Moga) says, Since this morning, the Moga police, acting under the instructions of our SSP, have deployed a heavy police force here. I want to assure the public… pic.twitter.com/bDQ3HatjYU — ANI (@ANI) August 21, 2026
काैमी इंसाफ मोर्चा का पंजाब बंद: दुकानों के शटर नहीं उठे, मोहाली में हाईवे जाम; भारी पुलिस बल तैनात
कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है।
फिरोजपुर में पंजाब बंद के बावजूद सब्जी मंडी में चहल-पहल
फिरोजपुर में पंजाब बंद के बावजूद सब्जी मंडी में चहल-पहल
जगराओं में पंजाब बंद के दाैरान दुकानें बंद
जगराओं में पंजाब बंद के दाैरान दुकानें बंद
आज पंजाब बंद: मोहाली-चंडीगढ़ के बाॅर्डर सील, पंजाब में दुकानों के शटर नहीं उठे; भारी पुलिस बल तैनात
कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है।
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से आज 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर अब अमृतसर में भी दिखाई देना शुरू हो गया है। मोर्चा सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग कर रहा है। शहर के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित नजर आ रही है, वहीं अमृतसर के बस स्टैंड पर भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर कई यात्री बसों का इंतजार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बंद के चलते बसों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सुबह से ही यात्री बसों के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें काफी समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। बस स्टैंड पर मौजूद यात्री जसकीरत कौर ने बताया कि वह देहरादून से अमृतसर पहुंची हैं और उन्हें हरगोबिंदपुर जाना है। उन्होंने बताया कि सुबह से वह बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें हरगोबिंदपुर जाने के लिए कोई बस नहीं मिली है। जसकीरत कौर के मुताबिक, वह काफी समय से बस स्टैंड पर इंतजार कर रही हैं और बस मिलने का इंतजार कर रही हैं। इसी तरह कई अन्य यात्री भी अमृतसर के बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ यात्री अपने सामान के साथ बसों के आने की उम्मीद में खड़े हैं, जबकि कुछ यात्री बसों की जानकारी लेने के लिए इधर-उधर पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं।
कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने पंजाब बंद का किया आह्वान
कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने पंजाब बंद का किया आह्वान
राहुल गांधी की पंजाब बस यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह में, अमृतसर से हुसैनीवाला तक जाने की संभावना
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राहुल गांधी सितंबर के पहले सप्ताह में पंजाब की बस यात्रा शुरू कर सकते हैं। प्रस्तावित यात्रा अमृतसर से शुरू होकर हुसैनीवाला बॉर्डर तक जाने की संभावना है।

