पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस आलाकमान ने संगठन में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल किया है। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और दिग्गज राजनेता परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह फैसला अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के महज कुछ दिनों बाद आया है, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ मतभेदों के कारण पद छोड़ दिया था। पार्टी ने एक बयान में कहा, माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री परगट सिंह को तत्काल प्रभाव से पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी निवर्तमान PCC अध्यक्ष श्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के योगदान की सराहना करती है। पंजाब में चुनाव से जुड़ी विभिन्न समितियों के कार्यकारी अध्यक्ष, चेयरमैन और सह-चेयरमैन पहले की तरह ही काम करते रहेंगे। हॉकी खिलाड़ी से राजनेता बने परगट सिंह को चन्नी और सचिन पायलट (जो पंजाब के लिए पार्टी के महासचिव प्रभारी हैं) का करीबी माना जाता है। उनकी नियुक्ति को 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके ज़रिए कांग्रेस पंजाब में सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है। वडिंग ने परगट सिंह को उनकी नियुक्ति पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने X पर कहा, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (@INCPunjab) का अध्यक्ष नियुक्त होने पर सरदार @PargatSOfficial जी को बधाई। वडिंग का इस्तीफ़ा और पायलट पर निशाना राज्य में पार्टी के नेतृत्व को लेकर चन्नी के साथ मतभेदों के कारण वडिंग ने 30 सितंबर को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। पार्टी आलाकमान को लिखे अपने इस्तीफ़ा पत्र में - जिसे उन्होंने दिन में लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी को सौंपा था - वडिंग ने कहा कि उन्होंने नेतृत्व को पंजाब में कांग्रेस के सामने आने वाली चुनौतियों और उसकी ताकतों के बारे में बता दिया है। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर सेवा करने का मौका देने के लिए पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया और भरोसा दिलाया कि जब भी पार्टी को उनकी ज़रूरत होगी, वे पार्टी की सेवा करते रहेंगे। लेकिन शुक्रवार को इससे पहले, उन्होंने पायलट पर निशाना साधा और संकेत दिया कि उनके इस्तीफ़े में पायलट की भूमिका थी। दिल्ली में पार्टी लीडरशिप से मिलने के बाद न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए वारिंग ने कहा कि पायलट ने शायद यह तय कर लिया होगा कि अब 'राजा' को पद से हटाने का समय आ गया है; हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अपनी बात साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। साथ ही, उन्होंने कहा कि वह पार्टी की सेवा करते रहेंगे। वारिंग ने कहा, राजनीति में मेरे लंबे सफ़र को देखते हुए, मुझे लगता है कि सचिन पायलट ने तय कर लिया होगा कि अब 'राजा' को पद से हटाने का समय आ गया है। मेरे पास इसका कोई पक्का सबूत नहीं है, लेकिन शायद जनरल सेक्रेटरी को लगा होगा कि राजा को हटा दिया जाना चाहिए... वरना, कोई खास मुद्दा नहीं है। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
'पंजाब के हकों की आवाज बनूंगा', पंजाब कांग्रेस के नए चीफ का पहला बयान, क्या है परगट सिंह का प्लान?
परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जिन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया में पंजाब के हकों की आवाज बनने का संकल्प लिया।
Punjab Congress अध्यक्ष बने Pargat Singh, बोले संगठन मजबूत करने के लिए पूरी निष्ठा से करूंगा काम
चंडीगढ़, तीन अक्टूबर कांग्रेस की पंजाब इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद परगट सिंह ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताते हुए शनिवार को कहा कि वह पूरी निष्ठा के साथ पार्टी को मजबूत करने तथा राज्य की जनता की सेवा करने के लिए काम करेंगे। कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफा देने के बाद शुक्रवार को परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया। सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुझे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपने के लिए मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, के. सी. वेणुगोपाल, पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं पंजाब में कांग्रेस को मजबूत करने और अपने राज्य की जनता की सेवा करने के लिए पूरी निष्ठा तथा प्रतिबद्धता के साथ काम करूंगा।’’परगट सिंह (61) भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं और उन्होंने 1992 तथा 1996 ओलंपिक में भारतीय टीम की कप्तानी की थी। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत शिरोमणि अकाली दल के साथ की थी, लेकिन बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वह जालंधर छावनी से तीन बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व कैबिनेट मंत्री भी हैं। पंजाब के दोआबा क्षेत्र से आने वाले सिंह को ऐसे समय प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी गई है, जब राज्य इकाई के नेतृत्व को लेकर कई सप्ताह से अंदरूनी खींचतान जारी थी और इससे विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के अभियान पर असर पड़ने की आशंका थी। राज्य में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले परगट सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपे जाने पर प्रदेश कांग्रेस के कई नेताओं ने उन्हें बधाई दी। जालंधर में शुक्रवार रात परगट सिंह की पत्नी बरिंदर प्रीत कौर ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी ने उन्हें (परगट सिंह को) बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कहा कि परगट खेल पृष्ठभूमि से आते हैं और उन्होंने जीवन में जो भी किया है, वह पूरी दृढ़ता के साथ किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ‘बदलाव’ का इंतजार कर रही है और आगामी विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस को सत्ता में लाएगी।
हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पंजाब के 5 लाख रुपये के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी और लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। हिसार STF की टीम ने आरोपी को राजगढ़ रोड स्थित बाईपास फ्लाईओवर के पास से दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान पंजाब के अबोहर स्थित राजीव नगर निवासी शक्ति कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़ा हुआ है। STF ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध 32 बोर पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी अबोहर के कारोबारी संजय वर्मा के मर्डर में शामिल रहा है। एनकाउंटर में मारे गए रामरतन ने दिया था हथियार.. 5 लाख का इनाम और 2 राज्यों में मुकदमे पंजाब के अबोहर में हुई इस हत्या के मामले में थाना सिटी-1 (फाजिल्का) में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(3)(5) और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज था। वारदात के बाद से फरार चल रहे शक्ति कुमार पर पंजाब पुलिस ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं, हिसार में अवैध हथियार और लॉरेंस गैंग का सक्रिय सदस्य होने के नाते आरोपी के खिलाफ थाना आजाद नगर (हिसार) में 2 अक्टूबर 2026 को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a, 25(6), 54 और 59 के तहत FIR नंबर 520 दर्ज की गई है। हिसार STF आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है, जिसके बाद उसे पंजाब पुलिस के हवाले किया जाएगा।
सुबह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद, कांग्रेस हाईकमान ने पूर्व ओलंपियन परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है।
Pargat Singh बने Punjab Congress के नए अध्यक्ष, वरिष्ठ नेताओं ने दी बधाई
चंडीगढ़, दो अक्टूबर कांग्रेस द्वारा परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के कुछ ही समय बाद, पार्टी की प्रदेश इकाई के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी। यह नियुक्ति राज्य में होने वाले चुनावों से कुछ महीने पहले हुई है। प्रदेश इकाई के कई अन्य नेताओं के साथ मिलकर वडिंग को हटाने की मांग कर रहे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने परगट सिंह को प्रदेश इकाई का प्रमुख नियुक्त करने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले का स्वागत किया। चन्नी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, हम पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के अध्यक्ष के तौर पर परगट सिंह जी की नियुक्ति के लिए कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी, श्री राहुल गांधी जी, श्री सचिन पायलट जी के फैसले का स्वागत करते हैं। वडिंग ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त होने पर सरदार परगट सिंह जी को बधाई। मेरी शुभकामनाएं। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी परगट सिंह को बधाई दी। जालंधर में परगट सिंह की पत्नी वरिंदर प्रीत कौर ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पार्टी ने परगट को एक बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राणा गुरजीत सिंह और राज कुमार वर्का ने भी परगट को बधाई दी।
पंजाब कांग्रेस ने पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और विधायक परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। उनके सामने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की अंदरूनी कलह को समाप्त कर संगठन को एकजुट करने की बड़ी चुनौती है।
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश प्रधान की नियुक्ति को लेकर आखिरी वक्त पर ऐसा सियासी उलटफेर हुआ कि सुबह तक अध्यक्ष पद के लिए लगभग तय माने जा रहे विजय इंदर सिंगला का नाम पीछे छूट गया और पूर्व हॉकी कप्तान व जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को कमान सौंप दी गई। 2 अक्टूबर को दिल्ली से चंडीगढ़ तक सिंगला के समर्थक बधाई की तैयारी कर रहे थे, लेकिन हाईकमान ने ऐन वक्त पर अपना फैसला बदल दिया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बदलाव में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की राहुल गांधी से हुई मुलाकात अहम रही। सूत्रों के अुनसार, वड़िंग ने सिंगला के नाम पर आपत्ति जताते हुए उनके चन्नी खेमे से करीबी और इससे पार्टी के दूसरे गुटों में बढ़ने वाली नाराजगी का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही पंजाब में जट्ट सिख चेहरे को नेतृत्व सौंपने, चन्नी गुट से दूरी बनाए रखने, संगरूर में पहले हुए विरोध और दोआबा में भाजपा के बढ़ते फोकस जैसे सियासी समीकरण भी चर्चा में रहे। आखिर हाईकमान ने सिंगला के नाम पर आगे बढ़ने के बजाय परगट सिंह को क्यों चुना? राजा वड़िंग की राहुल गांधी से मुलाकात ने फैसले को किस तरह प्रभावित किया और इस नियुक्ति के पीछे कांग्रेस की क्या रणनीति रही….पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी… ************ ये खबर भी पढ़ें: विधायक परगट सिंह पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान बने: मंत्री और ओलिम्पियन हॉकी टीम के कैप्टन रह चुके; सुबह वडिंग ने राहुल गांधी को इस्तीफा सौंपा था कांग्रेस ने जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का अध्यक्ष बनाया है। इसके अलावा यूपी में आराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। दोनों राज्यों में 2027 में चुनाव होने हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
रक्तदान में पंजाब देशभर में तीसरे स्थान पर, दिल्ली में किया गया सम्मानित
केंद्र सरकार के ई-रक्तकोष पोर्टल के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब ने प्रति 10 लाख आबादी पर स्वैच्छिक रक्तदान में देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
सुखबीर बादल का युवाओं पर फोकस, लॉन्च किया 'Vibe Punjab Di' कैंपेन
पंजाब चुनाव से पहले SAD ने युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं से जुड़ने के लिए ‘Vibe Punjab Di’ अभियान शुरू किया है. पटियाला में सुखबीर सिंह बादल ने छात्रों से कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, रोजगार, अर्थव्यवस्था और कर्ज जैसे मुद्दों पर बातचीत की. पार्टी 6 अक्टूबर से घर-घर अभियान शुरू करेगी.
ओलंपिक कप्तान से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष तक: पगरट सिंह ने संभाली कमान
2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने राज्य संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक पगरट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। 61 वर्षीय पगरट सिंह के पास अंतरराष्ट्रीय खेल, प्रशासन और सक्रिय राजनीति—तीनों का अनुभव है। वह […]
नए कैप्टन के साथ कांग्रेस ने पंजाब में शुरू की है अपनी लड़ाई... गोल मारेंगे या खाएंगे?
पंजाब में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष चुना है. कई बातें हैं जिनका फायदा परगट सिंह को मिला.
परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने पर सचिन पायलट ने दी बधाई
New Delhi, 2 अक्टूबर . कांग्रेस ने पंजाब में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की है. पंजाब में परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंपी गई है. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि उनके ... Read more
पाकिस्तान : पंजाब में पांच साल में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 1.95 लाख से अधिक मामले दर्ज
इस्लामाबाद, 2 अक्टूबर . Pakistan में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. एक मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले पंजाब प्रांत में 2021 से 2025 के बीच महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा के 1,95,787 मामले दर्ज किए गए. पीस एंड जस्टिस नेटवर्क Pakistan की ‘नेशनल जेंडर-बेस्ड वायलेंस क्राइम ... Read more
हॉकी टीम के कैप्टन से पंजाब कांग्रेस के 'कमांडर' तक... कौन हैं परगट सिंह
परगट सिंह को कांग्रेस ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है. परगट सिंह तीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. वह 1992 और 1996 के ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रहे हैं. 2012 में अकाली दल के टिकट पर जालंधर कैंट से चुनाव जीतकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा. बाद में कांग्रेस में शामिल होकर इसी सीट से विधायक चुने गए.
पंजाब कांग्रेस को पूर्व ओलंपियन और हॉकी टीम के पूर्व कप्तान परगट सिंह के रूप में नया प्रदेश अध्यक्ष मिला है। जालंधर कैंट से तीन बार विधायक रह चुके परगट सिंह को अब पार्टी संगठन को एकजुट करने और आगामी चुनावों की तैयारी की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस में बड़ा बदलाव, यूपी और पंजाब में नए चेहरों को कमान
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है।
कांग्रेस ने यूपी में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को बनाया प्रदेश अध्यक्ष, परगट सिंह को पंजाब की कमान
New Delhi, 2 अक्टूबर . कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश और पंजाब में संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है. पार्टी ने आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (यूपीसीसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया है. वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को प्रदेश कांग्रेस का वर्किंग प्रेसिडेंट बनाया गया है. ... Read more
अमरिंदर राजा वड़िंग के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद नए प्रधान का एलान हो गया। पार्टी ने परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रधान नियुक्त किया है।
परगट सिंह बने पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष, राजा वड़िंग की लेंगे जगह
कांग्रेस ने परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है. वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालेंगे. राजा वड़िंग के 2 अक्टूबर को इस्तीफा देने के बाद पार्टी ने यह जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंपी है.
कौन हैं परगट सिंह जो बने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने दिया था इस्तीफा
कांग्रेस पार्टी ने पंजाब इकाई के लिए परगट सिंह को अपना नया अध्यक्ष चुना है। वह पूर्व हॉकी कप्तान और ओलंपियन रह चुके हैं। अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
पंजाब के कपूरथला जिले के अंतर्गत आते खानोवाल गांव में हुई अंधाधुंध फायरिंग के चर्चित मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। कपूरथला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 6 अवैध पिस्तौल और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी (सदर) शीतल सिंह ने बताया कि बीते 21 सितंबर को गांव खानोवाल स्थित गुज्जरों के डेरे पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। इस हमले में रहीम अली नामक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। पीड़ित की पत्नी जेनम के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गहन तफ्तीश के दौरान पुलिस ने सिधवां दोना गांव के रहने वाले दो आरोपियों जसकरण सिंह उर्फ कटर और जशनदीप सिंह खतरा को दबोच लिया। मध्य प्रदेश से लाते थे अवैध हथियार, विदेशों से जुड़े थे तार पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं आरोपी विदेश में बैठे अपने आकाओं और साथियों के निर्देशों पर काम करते थे। ये आरोपी मध्य प्रदेश से अवैध हथियारों की खेप लाकर पंजाब के विभिन्न इलाकों में अपराधियों को सप्लाई करते थे। आरोपियों का अपराधिक रिकार्ड पुलिस के अनुसार आरोपी इलाके में लूटपाट की वारदातों में भी सक्रिय रहे हैं। पकड़ा गया आरोपी जसकरण सिंह उर्फ कटर पुराना अपराधी है, जिस पर पहले से ही दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके पूरे अपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। 3 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहाँ से कोर्ट ने उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी, ताकि हथियार तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य सदस्यों और विदेश में बैठे उनके आकाओं का पर्दाफाश किया जा सके।
'खेड़न वतन पंजाब दियां' के तहत तरनतारन जिले में जिला स्तरीय खेल मुकाबलों का आयोजन किया गया। इन मुकाबलों में विभिन्न स्कूलों व क्लबों के युवा खिलाड़ियों ने अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्कृष्ट स्थान हासिल किए। जिला स्पोर्ट्स ऑफिसर सतवंत कौर ने बताया कि तरनतारन जिले में मुख्य रूप से सर्कल स्टाइल कबड्डी, वॉलीबॉल, फेंसिंग (तलवारबाजी) और गतका के मुकाबले आयोजित कराए गए थे। सर्कल स्टाइल कबड्डी के परिणाम अंडर-14 (लड़कियां): गवर्नमेंट हाई स्कूल सांगे ने पहला और गग्गोबुआ ने दूसरा स्थान हासिल किया। अंडर-17 (लड़कियां): गवर्नमेंट कन्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुर सिंह पहले, गग्गोबुआ दूसरे और सांगे तीसरे स्थान पर रहे। अंडर-21 (लड़कियां): श्री गुरु नानक देव क्लब भोजरावाला ने पहला तथा गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुर सिंह ने दूसरा स्थान पाया। अंडर-14 (लड़के): बीबी रत्नी फुटबॉल कोचिंग सेंटर कसेल पहले, घरियाला दूसरे और श्री गुरु अमरदास आदर्श स्कूल तीसरे स्थान पर रहे। फेंसिंग (तलवारबाजी) के परिणाम: अंडर-17 (लड़कियां): जरमनजीत कौर ने प्रथम, मनप्रीत कौर ने द्वितीय और दिलप्रीत कौर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अंडर-21 (लड़कियां): गोबिंदनूर कौर पहले, गुरसुखमन कौर दूसरे, जबकि अनमोलप्रीत कौर और मुस्कानप्रीत कौर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। गतका (सिंगल स्टिक) के परिणाम: अंडर-14: बाबा दीप सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुविंड साहिब ने पहला, विजडम स्कूल ने दूसरा, जबकि बाबा बस्ता सिंह स्कूल व श्री गुरु हरकिशन पब्लिक स्कूल सुर सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया। अंडर-17: बाबा बस्ता सिंह स्कूल पहले, माउंट लिट्रा (माउंट लिटिल) स्कूल दूसरे और विजडम स्कूल तीसरे स्थान पर रहे।
Amarinder Singh Raja Warring ने Rahul Gandhi को सौंपा Punjab Congress अध्यक्ष पद से इस्तीफा
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर कांग्रेस की पंजाब इकाई में पिछले कई महीनों की खींचतान के बाद शुक्रवार को अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से पार्टी नेतृत्व को सौंप दिया। पार्टी सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही नए प्रदेश अध्यक्ष के बारे में फैसला करेगा। वड़िंग ने शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और उन्हें औपचारिक रूप से अपना त्यागपत्र सौंपा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष से मुलाकात के बाद उन्होंने यह कहा कि गांधी ने उन्हें हमेशा की तरह बहुत प्यार दिया। वड़िंग ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने उनसे पंजाब में हालात, वहां क्या हो रहा है और पार्टी को आगे क्या करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अपने साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। मैंने बताया कि हमारी चुनौतियां क्या हैं, इन चुनौतियों का सामना कैसे करना है और हमारी ताकत क्या है। इन सभी विषयों पर उनके साथ विस्तार से चर्चा हुई।’’वड़िंग ने यह भी कहा कि उनका कांग्रेस से जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा और पार्टी को जब भी उनकी जरूरत होगी, वह उपलब्ध रहेंगे। बाद में उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘राहुल गांधी के साथ कई व्यक्तिगत और पारिवारिक मुद्दों के साथ-साथ पंजाब की राजनीति पर भी चर्चा हुई और बातचीत सकारात्मक रही। कुछ अन्य बातें आंतरिक हैं, इसलिए मैं उन्हें कैमरे के सामने सार्वजनिक करना पसंद नहीं करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब का संगठनात्मक ढांचा बहुत मजबूत है और हमने बूथ स्तर से लेकर राज्य स्तर तक एक पूरा संगठन खड़ा किया है। कांग्रेस जमीनी स्तर पर बहुत मजबूत है।’’वड़िंग ने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘मुझसे किसी ने इस्तीफा देने के लिए नहीं कहा था। मुझे कुछ समय से अहसास हो गया था कि क्या परिस्थितियां हैं और जब मुझे लगा कि ऐसी स्थितियां पैदा हो गई हैं, तो मैंने खुद अपना इस्तीफा दे दिया और अपने सोशल मीडिया हैंडल पर ‘पूर्व पीसीसी अध्यक्ष’ लिख दिया।’’पायलट के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘जहां तक सचिन पायलट की बात है, आपको उनसे पूछना चाहिए। शायद उन्हें लगा हो कि मेरे लिए पीसीसी अध्यक्ष के रूप में बने रहना उचित नहीं था...सुनने में यह रहा है कि पायलट चाहते थे कि मैं हटूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘चन्नी साहब की जीत हो गई।’’वड़िंग अप्रैल 2022 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने थे और करीब साढ़े चार साल तक इस पद पर रहे। उनका इस्तीफा ऐसे समय हुआ है जब पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की चर्चा चल रही है। वडिंग ने भले ही अब पद छोड़ा हो, लेकिन इस बदलाव की जमीन कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट के प्रदेश प्रभारी का कार्यभार संभालने से पहले ही तैयार हो चुकी थी। सूत्रों ने बताया कि वडिंग के नेतृत्व को लेकर असंतोष से कांग्रेस नेतृत्व उस समय भी अवगत था, जब भूपेश बघेल पंजाब के प्रभारी थे। पार्टी नेतृत्व पंजाब के सांसदों और अन्य प्रमुख नेताओं के साथ सीधे लगातार संपर्क में था। सूत्रों के अनुसार, बदलाव पहले इसलिए नहीं किया गया क्योंकि पार्टी इस बात पर विचार कर रही थी कि चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलना उचित होगा या नहीं। पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद की दौड़ में पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला, पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा केपी सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी चर्चा में हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ऐसे नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है जो 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले वडिंग और चन्नी, दोनों गुटों को साथ लेकर चल सके। पंजाब विधानसभा चुनाव में अगले साल फरवरी-मार्च में संभावित है।
आप सरकार पंजाब में अपनी छवि चमकाने के लिए खर्च कर रही करोड़ों रुपए : सुखबीर बादल
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान की आलोचना की। होशियारपुर में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता के पैसे का इस्तेमाल अपनी छवि चमकाने और खुद को ईमानदार साबित करने के लिए कर रही है।
वडिंग के साथ क्या वही हुआ जो अमरिंदर सिंह के साथ हुआ, पंजाब कांग्रेस क्या दोहरा रहा इतिहास?
अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने हवा का रुख भांपकर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि वह नहीं चाहते थे कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व किसी दबाव में आए.
पाकिस्तानी घुसपैठ की कोशिश नाकाम, बीएसएफ ने पंजाब बॉर्डर पर दो को किया ढेर
पाकिस्तानी घुसपैठ की कोशिश नाकाम, बीएसएफ ने पंजाब बॉर्डर पर दो को किया ढेर
पंजाब के तरनतारन में समाना इलाके की मिड-डे मील वर्करों ने पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका। वर्करों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार अपना वादा निभाने में पूरी तरह विफल रही है और उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। विरोध के दौरान वर्कर नेता राजेंद्र कौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले मानदेय दोगुना करने का वादा किया था। लेकिन भगवंत मान सरकार के लगभग साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी मानदेय में एक रुपये का भी इजाफा नहीं हुआ है। क्या है मिड डे मील वर्करों की राय 10 अक्टूबर को संगरूर में 'महा रोष रैली' का ऐलान डेमोक्रेटिक एम्प्लॉइज फेडरेशन ने वर्करों के इस आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है। 'मानभत्ता वर्कर्स जॉइंट फ्रंट' ने फैसला किया है कि सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 10 अक्टूबर को संगरूर में एक विशाल महा रोष रैली निकाली जाएगी।इस प्रदर्शन और बैठक में हरजिंदर कौर, परमजीत कौर, वीरपाल कौर, कवलजीत कौर सहित बड़ी संख्या में मिड-डे मील वर्कर शामिल हुईं।
सीएम भगवंत सिंह मान के इस बड़े फैसले से पंजाब की माताओं-बहनों में दौड़ी खुशी की लहर
पंजाब (Punjab) के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य से इस वक्त प्रदेश की मातृशक्ति के लिए एक बहुत ही बड़ी, सुखद और चेहरे पर मुस्कान लाने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (CM Bhagwant Mann) ने राज्य की महिलाओं से किए गए अपने वादों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाते हुए एक बार फिर से सूबे की पात्र महिलाओं के बैंक खातों में आर्थिक सम्मान राशि (Financial Honor Amount) सीधे ट्रांसफर कर दी है। सरकार के इस जनहितकारी और कल्याणकारी कदम से पंजाब के कोने-कोने में मौजूद लाखों माताओं, बहनों और बेटियों के बीच भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार का यह मानना है कि जब तक समाज की आधी आबादी को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर नहीं बनाया जाता, तब तक किसी भी राज्य का वास्तविक विकास संभव नहीं है। आज के इस विस्तृत, राजनीतिक विश्लेषणात्मक और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आलेख में हम आपको मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा उठाए गए इस कदम, महिलाओं के खातों में भेजी गई इस सम्मान राशि के फायदों और इसके दूरगामी प्रभावों के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।पंजाब सरकार की इस कल्याणकारी योजना से महिलाओं को मिल रही बड़ी आर्थिक मजबूतीआज के इस आधुनिक और महंगाई भरे दौर में समाज के हर वर्ग के सामने अपनी आजीविका चलाना और परिवार की छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है, और इसमें सबसे ज्यादा संघर्ष ग्रामीण तथा मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं को करना पड़ता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इसी जमीनी और सामाजिक सच्चाई को समझते हुए महिलाओं के लिए इस महत्वाकांक्षी सम्मान राशि योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत नियमित रूप से उनके बैंक खातों में सीधे पैसे भेजे जा रहे हैं। डीबीटी (DBT - Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से भेजी जाने वाली इस राशि के सीधे बैंक खाते में आने से बिचौलियों या किसी भी प्रकार की प्रशासनिक धांधली की कोई गुंजाइश नहीं बचती है, और पूरा का पूरा पैसा सीधे लाभार्थी महिला के पास पहुंचता है। इस आर्थिक सहयोग से महिलाएं अपने और अपने बच्चों की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी अन्य पर निर्भर रहने के बजाय खुद सक्षम महसूस कर रही हैं।मुख्यमंत्री भगवंत मान का बड़ा ऐलान: महिलाओं का सशक्तिकरण ही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकताजब भी पंजाब सरकार के मंचों से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जनता को संबोधित करते हैं, तो वे हमेशा इस बात पर विशेष जोर देते हैं कि राज्य के विकास का मुख्य रास्ता महिलाओं के कल्याण से होकर गुजरता है। सरकार का यह स्पष्ट विजन रहा है कि पंजाब की माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करके ही एक सशक्त समाज की नींव रखी जा सकती है। इस बार जब महिलाओं के खातों में यह सम्मान राशि क्रेडिट होने के मैसेज उनके मोबाइल फोन पर पहुंचे, तो पंजाब के विभिन्न जिलों की महिलाओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर और एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाकर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। ग्रामीण इलाकों की महिलाओं का कहना है कि सरकार की इस वित्तीय मदद से उन्हें घर की रसोई चलाने, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने और अपनी छोटी-मोटी प्राथमिक आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत बड़ी राहत मिल रही है।विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं और पंजाब की राजनीति में इस योजना के सियासी मायनेकिसी भी राज्य में जब सरकार इस प्रकार की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजनाएं लागू करती है, तो उसके राजनीतिक और चुनावी मायने भी बहुत गहरे होते हैं। विपक्षी दलों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि पंजाब सरकार का यह कदम राज्य के आगामी राजनीतिक समीकरणों को मजबूत करने में एक बहुत बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। जहां एक तरफ विपक्ष इस प्रकार की योजनाओं को लेकर अपनी अलग राजनीतिक दलीलें देता है, वहीं आम आदमी पार्टी का यह स्पष्ट तर्क है कि जनता के टैक्स के पैसे का सही उपयोग आम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और गरीबों की मदद करने में होना चाहिए। महिलाओं के एक बहुत बड़े वर्ग का सीधा जुड़ाव इस योजना से होने के कारण राजनीतिक रूप से इस कदम को सरकार का एक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जो जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत कर रहा है।पंजाब में सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी नीतियों का बढ़ता दायरामुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के कार्यकाल के दौरान पंजाब में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और महिला सशक्तिकरण जैसे बुनियादी क्षेत्रों में लगातार बड़े और क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। महिलाओं के खातों में सम्मान राशि भेजने का यह नियमित अभियान इस बात का प्रमाण है कि सरकार केवल चुनावी वादे करके भूलने वाली सरकारों में से नहीं है, बल्कि अपने हर एक वादे को धरातल पर उतारने का माद्दा रखती है। इस योजना के सफल संचालन से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि वे परिवार के आर्थिक निर्णयों में भी अधिक सक्रिय रूप से अपनी हिस्सेदारी निभाने लगी हैं। आने वाले समय में सरकार इस योजना के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने तथा अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को इसके साथ जोड़ने की योजना पर काम कर रही है, जिससे पंजाब के सामाजिक ताने-बाने को और अधिक मजबूती मिलेगी।
पाकिस्तानी घुसपैठ की कोशिश नाकाम, BSF ने पंजाब बॉर्डर पर दो को किया ढेर
पंजाब के तरनतारन सेक्टर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर दो पाकिस्तानी नागरिकों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई. सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी के बाद भी दोनों आगे बढ़ते रहे, जिसके बाद कार्रवाई में दोनों मारे गए.
Rahul Gandhi से मुलाकात के बाद Raja Warring ने खोले पत्ते, इस्तीफे पर दिया साफ जवाब
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद हुई इस मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व बदलाव के बीच अहम माना जा रहा है। वड़िंग ने मुलाकात के बाद बताया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनकी बहुत अच्छी बातचीत हुई। उन्होंने कहा, राहुल गांधी ने मुझे बहुत प्यार और स्नेह दिया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली। राहुल गांधी से किन मुद्दों पर हुई बात? वड़िंग के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने पंजाब में कांग्रेस के सामने मौजूद चुनौतियों, उनसे निपटने के तरीकों और पार्टी की ताकत के बारे में राहुल गांधी से विस्तार से चर्चा की। वड़िंग के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी के भीतर कई नामों पर चर्चा चल रही है। इनमें पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है। #WATCH | Delhi | On meeting with Congress central leadership, Congress MP Amarinder Singh Raja Warring says, ...I met my leader, Rahul Gandhi. I answered the questions he asked about Punjab and shared my thoughts. He showed great affection. After that meeting, my wife and I came… pic.twitter.com/HmboLbJfPc — ANI (@ANI) October 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने कांग्रेस की लोकतंत्र बचाओ यात्रा को बताया वंशवाद बचाओ नाटक मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया वड़िंग ने साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया था, बल्कि उन्होंने खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह बना रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे। कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। इसे भी पढ़ें: Bihar विधान परिषद चुनाव: Congress ने 5 सीटों पर उतारे प्रत्याशी, 3 पर RJD से होगा मुकाबला नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चा तेज वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पार्टी में चर्चा तेज है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख दावेदारों में है। उनके अलावा परगट सिंह, राणा केपी सिंह, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नाम भी चर्चा में हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गयाजी के पितृपक्ष मेले में पिंडदान और श्राद्ध के साथ मानव सेवा की मिसाल भी देखने को मिल रही है। पंजाब के बठिंडा की विष्णुपद सेवा संघ सोसायटी की ओर से चलाए जा रहे नि:शुल्क लंगर में रोजाना चार से पांच हजार श्रद्धालु भोजन करते हैं।
आधी सैलरी से कैसे चले घर? पंजाब में टीचर्स ने घेरी सिसोदिया की कोठी
शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी मांग को लेकर बार-बार अधिकारियों और मंत्रियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्हें चंडीगढ़ के वीआईपी इलाके में आकर मंत्रियों की कोठियों का घेराव करने पर मजबूर होना पड़ा.
राजा वडिंग की राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात, पंजाब पर क्या हुई बात? - ABP News
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PPSC ने पंजाब लेक्चरर परीक्षा 2026 के लिए उत्तर कुंजी जारी की
पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) ने 2026 के लिए पंजाब लेक्चरर परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी की है। उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट से विषयवार उत्तर कुंजी डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा 19 से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 1,067 पदों के लिए भर्ती की जा रही है। उम्मीदवार अपनी संभावित अंक की गणना कर सकते हैं और उत्तर कुंजी पर आपत्ति उठाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जानें पूरी प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियाँ इस लेख में।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने गांधी जयंती पर 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत स्वच्छता अभियान चलाया। इस दौरान राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी. एल. संतोष भी मौजूद रहे, और पंचकूला में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सफाई की।
‘मैं योद्धा हूं, लड़ता रहूंगा’ राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर पहली बार खुलकर रखी बात
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी से पार्टी को हुए नुकसान को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि वह संघर्ष जारी रखेंगे और लक्ष्य हासिल करके ही रुकेंगे।
‘अमृतसर 450' की थीम पर गूंजी पंजाब की विरासत, स्टूडेंट्स ने बिखेरा कल्चर का रंग
भास्कर न्यूज| अमृतसर जीएनडीयू के युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित 3 दिवसीय ‘बी' जोन जोनल यूथ फेस्टिवल का समापन हो गया। 29 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चले इस फेस्टिवल में ए-डिवीजन में स्वामी स्वतंत्र नंद मेमोरियल कॉलेज (दीनानगर) और बी-डिवीजन में श्री गुरु अंगद देव कॉलेज (खडूर साहिब) ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। इस युवा मेले में विभिन्न संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपनी कला के जरिए न सिर्फ सांस्कृतिक विधाओं में अपना हुनर दिखाया, बल्कि खास ‘अमृतसर 450' थीम के तहत अमृतसर की ऐतिहासिक, सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी मंच पर बखूबी जीवंत किया। जीएनडीयू के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह ने अपने संदेश में विजेताओं को बधाई दी और छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो छात्र जीत से चूक गए हैं, वे इस अनुभव को एक चुनौती के रूप में लें और अपने कौशल को और निखारने की दिशा में काम करें। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जीएनडीयू के रजिस्ट्रार डॉ. केएस चाहल ने विजेता छात्रों को बधाई दी और टीमों को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। युवा कल्याण विभाग के डायरेक्टर डॉ. अमनदीप सिंह ने मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत करते हुए फेस्टिवल के अंतिम परिणामों की घोषणा की। ए-डिवीजन में स्वामी स्वतंत्र नंद मेमोरियल कालेज दीनानगर चेंपियन रहा। आरआरएमके आर्या महिला महाविद्यालय फर्स्ट रनरअप, पंडित मोहन लाल एसडी कालेज फॉर वुमन गुरदासपुर सेकंड रनर-अप रही। बी डिवीजन में श्री गुरु अंगद देव कालेज खडूर साहिब ओवरआल चैंपियन रहा, जबकि गुरु अर्जन देव खालसा कालेज चोहला साहिब फर्स्ट रनरअप और सिख नेशनल कालेज कादियां सेकंड रनरअप रहा।
पंजाब में मानसून की विदाई छह दिन लेट है, लेकिन बारिश नहीं हो रही। बठिंडा में तापमान 37 डिग्री पहुंचा। पांच अक्टूबर तक मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
डीसीएम यंग एंटरप्रेन्योर्स स्कूल में पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन की वार्षिक बैठक
लुधियाना| डीसीएम यंग एंटरप्रेन्योर्स स्कूल (यस) में पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन (पीटीए) की वार्षिक आम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंजाब के पूर्व स्पेशल डीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) एवं आईपीएस अधिकारी अर्पित शुक्ला ने की।बैठक में पीटीए के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एवं डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के सीईओ अनिरुद्ध गुप्ता, सेक्रेटरी जनरल एसपी शुक्ला, टेक्निकल डायरेक्टर शिव कुमार, ऑफिस सेक्रेटरी हरमीत सिंह, प्रेस सेक्रेटरी निखिल हंस सहित विभिन्न जिला इकाइयों के प्रेसीडेंट व सेक्रेटरी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अनिरुद्ध गुप्ता व अन्य सदस्यों ने प्रेसीडेंट अर्पित शुक्ला का स्वागत किया। बैठक में पीटीए के ट्रेजरर एडवोकेट करण ठाकुर के पिता सुनील ठाकुर को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। एसपी शुक्ला ने वर्ष 2025-26 के दौरान गतिविधियों व उपलब्धियों की रिपोर्ट रखी, साथ ही बजट और स्पोर्ट्स कैलेंडर पर चर्चा हुई। होशियारपुर की आंचल शर्मा के वर्ल्ड स्कूल गेम्स के लिए चयन पर बधाई दी गई और कोच विशाल शर्मा को सम्मानित किया गया। अंत में सेक्रेटरी जनरल शिव प्रकाश ने सभी का आभार जताया।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के प्रेशर में हाईकमान ने आखिरकार पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से इस्तीफा ले लिया। राजा वड़िंग ने बुधवार देर रात अपने इस्तीफे की पेशकश की। इसके बाद गुरुवार को वह दिल्ली पहुंच गए। आज (शुक्रवार, 2 अक्टूबर) सुबह 11 बजे वह राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। वहीं, पार्टी हाईकमान ने चन्नी-रंधावा गुट को साफ कह दिया है कि पार्टी गुटबाजी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने हाईकमान को पंजाब की जो रिपोर्ट सौंपी, उसमें साफ कह दिया था कि पार्टी का एक बड़ा धड़ा राजा वड़िंग को प्रधान मानने को तैयार नहीं है। ऐसे में वड़िंग को हटाए बिना पार्टी में गुटबाजी खत्म करना संभव नहीं। राजा वड़िंग को हटाकर एक न्यूट्रल प्रधान चाहिए। राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद आज ही पंजाब कांग्रेस को नया प्रधान मिल सकता है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट की मानें तो नॉन कंट्रोवर्शियल फेस होने के कारण विजयइंदर सिंगला का प्रधान बनना लगभग तय है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल के सामने रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद राजा वड़िंग को इस्तीफा देने के लिए राहुल गांधी ने खुद फोन किया। नए प्रधान के लिए न्यूट्रल नेताओं के तौर पर पार्टी में सबसे पहले विजयइंदर सिंगला के नाम पर चर्चा हुई। हालांकि, परगट सिंह, सुख सरकारिया, प्रताप सिंह बाजवा समेत कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा हुई है। 3 पॉइंट्स में जानिए, कैसे हुआ राजा वड़िंग को बदलने का फैसला हिंदू चेहरे से भाजपा को घेरने की तैयारी पार्टी सोर्सेज के मुताबिक, विजयइंदर सिंगला के नाम पर राहुल गांधी ने भी अपनी सहमति दी है। दरअसल, राहुल गांधी देशभर में उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनाव से पहले राम मंदिर के चंदा चोरी प्रकरण पर एक बड़ी मुहिम शुरू करने जा रहे हैं, ताकि हिंदू वोट को भाजपा से दूर किया जा सके। क्या कहते हैं एक्सपर्ट जानिए…
5 जून 1984, खालिस्तानी चरमपंथी जरनैल सिंह भिंडरांवाले ने सैकड़ों हथियारबंद साथियों के साथ स्वर्ण मंदिर पर कब्जा कर रखा था। वह सिखों की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था अकाल तख्त पर बैठकर अलग सरकार चला रहा था। उसने ऐलान किया- ‘10 जून तक पूरे पंजाब पर कब्जा कर लेंगे और एक अलग देश 'खालिस्तान' बनेगा।’ इसके बाद सेना ने गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया, लेकिन भिंडरांवाले को भरोसा था कि फौज कभी पवित्र गुरुद्वारे के अंदर कदम नहीं रखेगी। शाम करीब साढ़े 4 बजे लाउडस्पीकर पर सेना के अफसरों की आवाज गूंजी- ‘हथियार डालकर सरेंडर कर दो।’ पर कोई बाहर नहीं आया। आखिरकार रात साढ़े 10 बजे सेना गुरुद्वारे में घुसी, तभी अंदर से गोलियां चलने लगीं। फौज ने बख्तरबंद गाड़ियां भेजीं, लेकिन चरमपंथियों ने रॉकेट लॉन्चर से गाड़ियों को उड़ा दिया। कई जवान मारे गए। अब सेना ने टैंक बुलाने का फैसला किया। सुबह 5 बजे अकाल तख्त के सबसे ऊपरी हिस्से को निशाना बनाकर टैंकों से गोले दागे जाने लगे। एक के बाद एक, करीब 80 गोले दागे गए। एक घंटे की भारी गोलाबारी के बाद अंदर से गोलियां चलनी बंद हो गईं। सुबह 10 बजे फौज अंदर दाखिल हुई। अकाल तख्त के आंगन में भिंडरांवाले की लाश पड़ी थी। उसके 300 से ज्यादा साथी और करीब 100 सैनिक मारे गए। अकाल तख्त की मुख्य इमारत तबाह हो गई। स्वर्ण मंदिर को भारी नुकसान पहुंचा। इससे देशभर के सिखों की धार्मिक भावनाएं भड़क गईं। ये भारतीय सेना का चलाया गया 'ऑपरेशन ब्लू स्टार' था। असली मुश्किल अब शुरू होने वाली थी… 8 जून 1984, अमृतसर से 1663 किमी दूर रांची का रामगढ़ सिख रेजिमेंटल सेंटर, तब ये बिहार में था। छावनी में सबकुछ आम दिनों सा। जवान ड्यूटी पर थे, अफसर अपने दफ्तरों में। इसी बीच, सिपाही गुरनाम सिंह डिप्टी कमांडेंट कर्नल जगदेव सिंह के पास पहुंचा। चेहरे पर गुस्सा, लेकिन आवाज शांत। बोला- ‘सर, अमृतसर में जो हुआ, गलत हुआ। मैं अमृतसर जाना चाहता हूं।’ कर्नल जगदेव सिंह ने कहा- ‘वहां जाने की इजाजत नहीं है।’ गुरनाम सिंह कुछ पल चुपचाप खड़ा रहा। फिर मुड़ा और चल दिया। उस रात उसने खाना नहीं खाया। जैसे उसके भीतर कुछ उबल रहा हो। यह उबाल अकेले गुरनाम सिंह के भीतर नहीं था, छावनी के तमाम सिख सैनिक ऐसे ही बेचैन थे। 2 दिन बाद, 10 जून, सुबह 10 बजे… छावनी के गुरुद्वारे में सैकड़ों सिख सैनिक जमा हुए। शबद-कीर्तन हुआ। संगत खड़ी हुई। फिर अरदास हुई। सैनिकों ने मत्था टेका। प्रसाद लिया और आगे बढ़ने लगे। लेकिन बाहर आते ही सबकुछ बदल गया। जवान बैरकों में लौटने के बजाय हथियार घर की तरफ बढ़ने लगे। उनके कदम तेज हो गए और बातें युद्ध घोष में बदल गईं- ‘जो बोले सो निहाल... सत श्री अकाल!’ जवानों ने हथियार घर का गेट तोड़ दिया और हथियार निकाल लिए। गोला-बारूद लेकर बाहर आ गए। इसके बाद वहां खड़ी गाड़ियों पर कब्जा कर लिया। यह खबर छावनी में आग की तरह फैली। जनरल ऑफिसर इन कमांड GOC ब्रिगेडियर एससी पुरी फौरन कार से हथियार घर पहुंच गए। उन्होंने सैनिकों को रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक हालात हाथ से निकल चुके थे। जवानों ने गोलियां चला दीं। अफरातफरी मच गई। एक गोली एससी पुरी को लगी, दूसरी उनके सिख ड्राइवर को। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। ब्रिगेडियर पुरी के साथी डिप्टी कमांडेंट कर्नल जगदेव सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए। अब छावनी में हथियारबंद सैनिक घूम रहे थे। उन्हें लग रहा था कि उनके सबसे बड़े धर्म स्थल की बेअदबी हुई है। वे ट्रकों और दूसरी गाड़ियों पर कब्जा कर छावनी से बाहर निकल गए। रामगढ़ शहर पहुंचे तो कुछ आम लोगों की गाड़ियां भी लूट लीं। करीब 1400 सैनिकों का काफिला अमृतसर बढ़ने लगा। रामगढ़ से करीब 450 किमी दूर सक्तेशगढ़, मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के पास उन्हें रोकने की कोशिश हुई, लेकिन ज्यादातर सैनिक बच निकले। बनारस पहुंचते ही सैनिकों ने खुद को अलग-अलग टुकड़ियों में बांट लिया, ताकि सभी एक साथ न पकड़े जाएं। काफिला बनारस से बाहर निकला तो 21वीं मैकेनाइज्ड रेजिमेंट ने रास्ता रोक लिया। सभी को घेरकर गिरफ्तार कर लिया गया। एक टुकड़ी बच निकली, जिसे इलाहाबाद के करीब सेना की माउंटेन डिवीजन और पैदल सेना की यूनिट्स ने घेर लिया। कुछ देर जोरदार गोलीबारी के बाद ज्यादातर सैनिकों ने सरेंडर कर दिया। बाद में जांच हुई तो सामने आया कि इस बगावत का लीडर सिपाही गुरनाम सिंह था। पंजाब के पूर्व मुख्य सूचना आयुक्त रमेश इंदर सिंह अपनी किताब ‘Turmoil in Punjab Before and After Blue Star’ में लिखते हैं- 'अधिकारियों को दरबार लगाकर सैनिकों को समझाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।' अब जरा कहानी में पीछे चलते हैं… ऑपरेशन ब्लू स्टार से करीब एक महीने पहले, 1 मई 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी रामगढ़ पहुंची थीं। उन्होंने जवानों को संबोधित किया था। इसी दौरान उन्होंने वहां मौजूद जनरल से पूछा- ‘रांची से अमृतसर की दूरी कितनी है?’ कुछ पल रुककर जनरल ने कहा- सीधी ट्रेन जाती है। जनरल इस सवाल के पीछे छिपी इंदिरा की मंशा को समझ नहीं पाए। ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद जनरल ने बिहार के उस समय के गृह सचिव एसएच धनोआ से कहा- ‘अगर इंदिरा गांधी ने आने वाली घटना का जरा भी इशारा किया होता, तो हम अपने सैनिकों को मानसिक रूप से तैयार कर लेते।’ इसका जिक्र रमेश इंदर सिंह अपनी किताब में करते हैं। रामगढ़ के बाद बगावत की खबर राजस्थान के श्रीगंगानगर से आई। यहां सिख रेजिमेंट की 9वीं बटालियन ने विद्रोह कर दिया। यह वही बटालियन थी, जिसने 1971 की जंग में नौगांव सेक्टर में पाकिस्तानी सेना को खदेड़ा था। करीब 46 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा ली थी। बटालियन के सैनिक बीबीसी पर पत्रकार मार्क टली की आवाज सुनी- ‘अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा है। भिंडरांवाले और उसके कई साथी मारे गए हैं।’ बटालियन में युवा सैनिक तरलोचन सिंह मनोचाहल भी था। वह भिंडरांवाले के सहयोगी गुरबचन सिंह मनोचाहल का भाई था। उसका साथी हवलदार ज्ञान सिंह ‘रनर’ था- 400 और 800 मीटर में एशियाई चैंपियन। ज्ञान सिंह ने कहा- ‘सारा कड़ाह प्रसाद खा जानेओ, हुन कुछ करो।’ यानी कड़ाह का प्रसाद खा लिया, अब कुछ करने का वक्त है।' यह बात तरलोचन और उसके साथियों को चुभ गई। अगली रात सैनिकों ने हथियार घर पर धावा बोल दिया। हथियार और गोला-बारूद निकालकर सेना के पांच ट्रकों पर कब्जा किया। 8 जून की रात। करीब 387 सैनिक छावनी से निकल पड़े। रास्ते में लेफ्टिनेंट कर्नल इकबाल सिंह सभरवाल के घर पर भी गोलियां चलाईं। सिपाही सतनाम सिंह और हवलदार मेजर करम सिंह उन्हें समझाने पहुंचे, तो बागी सैनिकों ने उनकी पिटाई कर दी। काफिला अमृतसर की तरफ बढ़ रहा था। गंगानगर के पास पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। सैनिकों ने जयकारा लगाया- ‘जो बोले सो निहाल... सत श्री अकाल!’ गोलियां चलीं। नाकाबंदी टूट गई। काफिला अब पंजाब की अबोहर-मालोट सड़क पर था। यहां 94 फील्ड रेजिमेंट के जवान पहले से मोर्चा संभाले थे। फायरिंग हुई। आगे की गाड़ियां निकल गईं, लेकिन पीछे की तीन फंस गईं। मुठभेड़ में 13 सैनिक मारे गए। अब सैनिक समझ चुके थे- अमृतसर का रास्ता आसान नहीं होने वाला है। वे पंजाब के मुक्तसर पहुंचे। आगे किसी रुकावट से बचने के लिए आशाबुत्तर गांव की तरफ मुड़ गए और नहर किनारे सड़क पर चलने लगे। लेकिन मोगा के पास कोट सुखिया पहुंचते ही रास्ता बंद मिला। सामने सेना के टैंक थे। चारों तरफ घेराबंदी। टैंकों की कमान एक सिख जनरल के हाथ में थी। उन्होंने सैनिकों से कहा- ‘स्वर्ण मंदिर में लड़ाई खत्म हो चुकी है। अमृतसर जाकर कुछ हासिल नहीं होगा। सरेंडर कर दो।’ आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं था। आखिरकार 387 सैनिकों ने हथियार डाल दिए। उन्हें राजस्थान के सूरतगढ़ ले जाया गया और हथियार जब्त कर लिए गए। बाद में मुकदमा चला। तरलोचन सिंह और तीन साथियों को 14 साल की सजा हुई। हालांकि, 6 साल बाद वीपी सिंह सरकार ने उन्हें माफी दे दी। बाद में 9वीं सिख बटालियन को हमेशा के लिए भंग कर दिया गया। इसके बगावत की खबर जम्मू-कश्मीर के उरी से आई। खबर मिलते ही कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल पीएन हून हेलिकॉप्टर से सीधे उस फुटबॉल मैदान पहुंचे, जहां सैनिक जमा थे। हून ने सैनिकों से कहा- ‘आप लोगों ने रेडियो पाकिस्तान पर जो सुना है, वह झूठ है। आप खुद अमृतसर जाकर देख लो।’ इसके बाद उन्होंने एक सवाल किया- ‘यहां से पाकिस्तान सिर्फ दो मील दूर है, जो पाकिस्तान जाना चाहता हो, हाथ उठाए।’ मैदान में सन्नाटा छा गया। एक भी हाथ नहीं उठा। बिना एक गोली चले विद्रोह खत्म हो गया। लेखक राजेश भट्ट की किताब Radio Kashmir in Times of Peace and War के मुताबिक, ‘रेडियो पाकिस्तान और रेडियो त्रारखल 1947 से 1989 तक कश्मीरियों की भावनाओं से खेलकर भारत के खिलाफ झूठी जानकारी फैलाते थे।’ अब कहानी उरी से आगे बढ़ी। करीब 350 किमी दूर जम्मू के करीब मीरान साहिब में भी हलचल बढ़ गई। यहां 18वीं सिख बटालियन के 80 सैनिक बैरक छोड़कर अमृतसर निकल पड़े, लेकिन गुरदासपुर पहुंचते ही सेना ने उन्हें रोक लिया। सामने उनके अपने साथी सैनिक थे। न नारे लगे, न गोलियां चलीं। हथियार जब्त कर सभी को वापस यूनिट भेजा गया। इसके बाद खबर आई 14वीं सिख बटालियन से। इसके 127 जवान अमृतसर जा रहे थे। उन्हें महाराष्ट्र में पकड़ लिया गया। इधर, 11 जून को असम में तीसरी सिख रेजिमेंट की छावनी के 200 से ज्यादा सैनिक हथियार लेकर बाहर निकल पड़े। वे अलग-अलग टुकड़ियों में बंट गए। मंजिल थी- अमृतसर। कर्नल जेएस कहलो उन्हें रोकने पहुंचे। हाथ जोड़कर बोले- ‘रुक जाओ। तुम लोग गलत कर रहे हो।’ सैनिक नहीं रुके। हालांकि, कुछ दूर बढ़ते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और सभी को वापस ले जाया गया। इसके बाद ठाणे, पुणे, अलवर से भी सिख सैनिकों के विद्रोह की खबरें आईं। हालांकि, इनमें चौथी हॉर्स रेजिमेंट के दफादार गुरजंत सिंह स्वर्ण मंदिर पहुंचने में कामयाब रहा। वह सेना की जीप लेकर भागा था, उसे स्वर्ण मंदिर परिसर से ही पकड़ लिया गया। बाद में सेना ने कार्यवाही में करीब 365 बागी सैनिकों को सेना से बर्खास्त कर दिया गया। 277 को सिविल जेल भेजा गया। लेकिन सैनिकों के बगावत की एक और वजह उनके पास पहुंच रहे भिंडरांवाले के रिकॉर्डेड कैसेट्स थे। केएस बराड़ लिखते हैं- ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार से पहले ही भिंडरांवाले के रिकॉर्डेड कैसेट छावनियों और गुरुद्वारों में पहुंच रहे थे, जिसमें अलग सिख होमलैंड के लिए समर्थन मांगा जा रहा था। जब सेना ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया तो मीडिया पर पाबंदी के कारण सैनिकों तक सही जानकारी नहीं पहुंच सकी।’ रमेश इंदर सिंह के मुताबिक- ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देशभर में करीब 2,900 सिख सैनिकों ने बगावत की थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक- इस बगावत में कुल 47 सैनिक मारे गए थे। बाकी गिरफ्तार कर लिए गए। लेकिन यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद गुस्सा और गहरा गया। 4 महीने बाद, 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा भड़की। पंजाब लंबे समय तक आतंकवाद में फंसा रहा। 24 जुलाई 1985 को राजीव गांधी और संत हरचंद सिंह लोंगोवाल के बीच समझौता हुआ- चंडीगढ़, नदी जल विवाद, बर्खास्त लोगों के पुनर्वास और हिंसा के पीड़ितों को मुआवजे जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। लेकिन पंजाब का जख्म इतनी जल्दी नहीं भरा। 21 साल बाद, 11 अगस्त 2005 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राज्यसभा में माफी मांगी- 'जो कुछ हुआ वह राष्ट्रीय भावना के खिलाफ था और इसलिए मेरा सर शर्म से झुक जाता है।' इस बगावत की एक और बड़ी वजह- सिख सैनिकों का उनके धर्म से करीबी नाता। अंग्रेजों के दौर से ही वे गुरु ग्रंथ साहिब की शपथ लेते आए हैं। धार्मिक परंपराएं युद्ध के मैदान में भी निभाते रहे हैं। सिखों से जुड़ी तीनों रेजिमेंट का युद्धघोष है- 'जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल है।' सिख रेजिमेंट का इतिहास भी वीरता से भरा है- दो परमवीर चक्र (1948 में करम सिंह, 1962 में जोगिंदर सिंह), 24 महावीर चक्र और 67 वीर चक्र इसी को मिले हैं। ***** रेफरेंस: 1- Turmoil in Punjab Before and After Blue Star: By Ramesh Inder Singh 2- ऑपरेशन ब्लू स्टार का सच: केएस बराड़ की किताब 3- Radio Kashmir in Times of Peace and War : By Rajesh Bhat -------------------------------- 1- पावर प्ले- चूहों का ऐसा आतंक कि वायुसेना को बम बरसाने पड़े:देश से अलग होने से बचा मिजोरम, एक चूहा मारने पर 20 पैसे इनाम रात के 8 बजे हैं। चांद आधा खिला है। मिजोरम के चम्फाई इलाके का पहाड़ी खेत। लालथनसांगा नाम का एक किसान खेत की ओर तेजी से बढ़ रहा है। एक हाथ में मशाल, दूसरे में चूहे पकड़ने वाला बांस का फंदा। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें… 2- पावर प्ले- हत्यारे प्रभाकरण को राजीव गांधी ने खुद दी बुलेटप्रूफ जैकेट:सेना के हेलिकॉप्टर से गुपचुप पहुंचा था दिल्ली, बेटे राहुल से मंगवाकर गिफ्ट दी जून 1985 का एक दिन। दिल्ली का पांच सितारा अशोका होटल। समय- दोपहर के करीब 2 बजे। होटल की पांचवीं मंजिल पर अचानक हलचल बढ़ गई। गलियारे को एसपीजी जवानों ने घेर लिया। आने-जाने वाले हर शख्स पर नजर। सबसे ज्यादा सुरक्षा कमरा नंबर- 518 के आसपास। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें…
सहारनपुर: 425 कारतूस और हथियारों के जखीरे के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार, पंजाब से लाकर करते थे सप्लाई
मेरठ एसटीएफ को सहारनपुर और शामली में हथियार सप्लाई किए जाने का इनपुट मिला था। जांच की तो अवैध असलहों की तस्करी का मामला सामने आया। पकड़े गए बदमाशों के खिलाफ पूर्व में भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
Saharanpur News: पंजाब से हथियार लाकर वेस्ट यूपी में कर रहे थे सप्लाई, तीन गिरफ्तार
Three arrested for sourcing weapons from Punjab and supplying them in Western UP.
'आपसी कलह की वजह से पंजाब कांग्रेस को हुआ नुकसान', इस्तीफे के बाद अमरिंदर वड़िंग का बड़ा बयान
Amarinder Warring: पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुरुवार को पार्टी की अंदरूनी कलह को लेकर बड़ा बयान दिया है। CNN-News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने माना कि कांग्रेस में चल रही आपसी कलह से पार्टी को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि संगठन के अंदर उन्हें किसी से कोई परेशानी नहीं है।CNN-News18 की पत्रकार पल्लवी घोष से बातचीत में वड़िंग ने संकेत दिया कि पंजाब कांग्रेस के कुछ नेताओं को शायद उनसे दिक्कत हो सकती है। हालांकि, उन्होंने किसी भी नेता का नाम नहीं लिया।पायलट की एंट्री के बाद वड़िंग का इस्तीफावड़िंग का इस्तीफा कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाए जाने के एक महीने से भी कम समय बाद आया है। पार्टी ने सचिन पायलट को पंजाब का महासचिव प्रभारी नियुक्त किया है। उन्होंने इस पद पर पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह ली है।बता दें कि पंजाब में कांग्रेस अंदरूनी मतभेदों से जूझ रही है, जहां अलग-अलग गुट अगले विधानसभा चुनावों से पहले ज्यादा अहमियत पाने की कोशिश कर रहे हैं। वारिंग को पहले भी पार्टी के कुछ हिस्सों से अपने कामकाज और लीडरशिप को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा है।चन्नी संग वायरल फोटो पर वड़िंग ने तोड़ी चुप्पीपंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ अपनी एक वायरल तस्वीर और राज्य इकाई के भीतर चल रही आपसी खींचतान के बारे में बात करते हुए वड़िंग ने कहा, देखिए, कहीं भी अगर आपसी खींचतान होती है, तो उससे नुकसान ही होता है। और हमें भी इसकी वजह से नुकसान उठाना पड़ा है। सच कहूं तो, इसमें कोई दो राय नहीं है।PTI ने पार्टी के कई सूत्रों के हवाले से बताया कि पंजाब कांग्रेस यूनिट के अध्यक्ष पद से वड़िंग को हटाने का फैसला, पंजाब के लिए पार्टी के प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा लिए गए संगठनात्मक फीडबैक के बाद लिया गया।बता दें कि पायलट, जिन्हें 5 सितंबर को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह इस पद पर नियुक्त किया गया था, ने नेतृत्व में बदलाव पर फैसला लेने के लिए पार्टी हाईकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपने से पहले राज्य के पार्टी नेताओं के साथ कई बैठकें कीं।यह भी पढ़ें:वाटर ग्रिड और रिवर ड्रेजिंग का फॉर्मूला... नितिन गडकरी लेकर आए वो प्लान जिससे खत्म हो जाएगी बिहार की बाढ़?
जानकीदास मर्डर केस में हथियार सप्लायर धर्मेंद्र उर्फ गोली पेश, पंजाब में दर्ज हैं 32 आपराधिक मामले
सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार कैमिस्ट के कैशियर जानकी दास की हत्या के मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने हथियार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाने वाले हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र उर्फ...
पंजाब सरकार की फ्लैगशिप खेल पहल 'खेडां वतन पंजाब दीयां-2026' के तहत मोगा में आयोजित जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं के रोमांचक नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) जसपिंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रतियोगिताओं में जिले के विभिन्न ब्लॉकों, गांवों और स्कूलों के बाल व युवा खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल विभाग के अधिकारियों ने विजेता खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और कोचों को बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य में अनुशासन और निष्ठा के साथ आगे बढ़ने और आगामी राज्य स्तरीय खेलों में मोगा जिले का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिताओं के विस्तृत परिणाम: 1. कबड्डी (लड़के): अंडर-14: जी.बी.आई.एस. आदर्श स्कूल (दौलतपुरा नीवां) प्रथम, बिलासपुर द्वितीय। अंडर-17: सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (बिलासपुर) प्रथम, रौंता द्वितीय। अंडर-21: बी.जे.एस. पब्लिक स्कूल (रौंता) प्रथम, भागू द्वितीय, भगत सेवाएं जमीर स्पोर्ट्स क्लब (समालसर) तृतीय। 2. फुटबॉल: अंडर-14 (लड़के): घल्ल कलां प्रथम, चंद पुराणा द्वितीय, महिणा तृतीय। अंडर-17 (लड़के): कोट ईसे खां प्रथम, पंजाब कॉन्वेंट स्कूल (बाघापुराना) द्वितीय, घलोटी तृतीय। अंडर-21 (लड़के): महिणा प्रथम, कोकरी फूला सिंह द्वितीय, भूपिंदरा खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल तृतीय। 21-30 वर्ष (पुरुष): महिणा प्रथम, मद्दोके द्वितीय, बिलासपुर तृतीय। अंडर-21 (लड़कियां): पंजाब कॉन्वेंट स्कूल (बाघापुराना) प्रथम, महिणा द्वितीय। 3. जूडो (लड़कियां): अंडर-14 आयु वर्ग: 32 किग्रा: हीरत कौर (प्रथम), जसलीन कौर (द्वितीय), खुशनूर कौर व गुरनाज कौर (तृतीय)। 36 किग्रा: सिवनूर कौर (प्रथम), परनीत कौर (द्वितीय), करणवीर कौर (तृतीय)। 40 किग्रा: लवलीन कौर (प्रथम), जैस्मीन कौर (द्वितीय), सुखमनप्रीत कौर (तृतीय)। 44 किग्रा: गुरनूर कौर (प्रथम), काजल (द्वितीय), शगनप्रीत कौर (तृतीय)। 48 किग्रा: करणवीर कौर (प्रथम)। 57 किग्रा: इशमीत कौर (प्रथम)। अंडर-21 आयु वर्ग: 44 किग्रा: हरसिमरन कौर (प्रथम), राजदीप कौर (द्वितीय), गुरलीन कौर (तृतीय)। 48 किग्रा: गुरप्रीत कौर (प्रथम), प्रवीण कौर (द्वितीय)। 52 किग्रा: शुभकिरण कौर (प्रथम)। 57 किग्रा: महिकदीप कौर (प्रथम)। 63 किग्रा: जस्मनप्रीत कौर (प्रथम)।
Gen-Z Trend के जरिए Akhilesh Yadav का तंज, बोले- एक कचौड़ी दो समोसा, BJP पर नहीं भरोसा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय बीजेपी-शैली की इमरजेंसी से गुज़र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाशिए पर मौजूद वर्गों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो रहे हैं और आवाज़ उठाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश यादव ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे एक 'कचौड़ी, दो समोसा...' राइम का इस्तेमाल सत्ताधारी दल पर तंज कसने के लिए किया। इसे भी पढ़ें: Punjab में Drugs के मुद्दे को वोट का सौदा न बनाए BJP, Mundra Port का जिक्र कर बोले Bajwa सोशल मीडिया के ट्रेंड हो रहे पंक्ति को लेकर अखिलेश यादव ने नया नारा दिया। एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा। उन्होंने इस अनोखे अंदाज़ के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और शासन पर निशाना साधा। यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। सब लोग भाजपा को हटाने में सपा की मदद करें। आने वाले समय में पीडीए और जेन जी भाजपा का सफाया कर देंगे। जनता को भाजपा पर भरोसा नहीं है। नई पीढ़ी के लोग भाजपा से बहुत नाराज हैं, समाजवादी पार्टी नई पीढ़ी के नौकरी, रोजगार के लिए अपने घोषणा पत्र में कई चीजें शामिल करेगी। समाजवादी सरकार ने लैपटाप बांटा, आईटी सिटी बनाया, डायल 100 और अन्य सेवाओं की शुरुआत की। आने वाले समय में भी इसी तरह के काम होंगे। भविष्य में टेक्नालॉजी को जोड़कर किसान, गरीब और नई पीढ़ी के लिए काम करेंगे। यादव ने कहा कि विकास का पैसा भाजपाइयों की जेब में जा रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। नदियां नहीं साफ हुई, बजट का पैसा साफ हो गया। हालत यह है कि मुख्यमंत्री जी गोरखपुर की सड़क को ही ठीक नहीं बना पाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में 45 किलोमीटर में 74 गड्ढे हो गए हैं। 91 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे सात हजार करोड़ में बनी है, इसमें बजट की लूट हो गयी। जमकर गोरखधंधा हुआ। सपा सरकार में बना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे आज भी बिना मेंटेनेंस के उसी तरह से चल रहा है। कहीं कोई गड्ढा नहीं है। इसे भी पढ़ें: Urdu Festival पर BJP के विरोध के बीच बोले मंत्री UT Khader, वेन्यू बदलना प्रतिष्ठा का सवाल नहीं अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। इस सरकार में एक भी यूनिट नई बिजली नहीं बनी। जब बिजली नहीं बनायी है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जहां जाएंगे, उन्हें जनता के सवालों को सुनना ही पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी, भाजपा को चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए। भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर दिया है, लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। मीरापुर में महिलाओं पर पुलिस द्वारा रिवाल्वर तानने वाली तस्वीर कोई नहीं भूल सकता है। उत्तर प्रदेश में हुए सभी उपचुनाव रामपुर, मीरापुर, कुन्दरकी, बीकापुर, कटेहरी में भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर बेईमानी और धांधली की। भाजपा ने टारगेट करके वोट काटा। उन्होंने कहा कि भाजपा हटेगी, तभी लोकतंत्र बचेगा। समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग की नियुक्ति के तरीके के खिलाफ हैं। एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा। • माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/oGwhij2DTA — Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 1, 2026
Punjab में Drugs के मुद्दे को वोट का सौदा न बनाए BJP, Mundra Port का जिक्र कर बोले Bajwa
पंजाब में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने राज्य से ड्रग्स खत्म करने के लिए 2029 की समय-सीमा तय की थी। बाजवा ने ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने और इसके कथित सरगनाओं (किंगपिन) पर कार्रवाई करने में केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने ड्रग्स की समस्या से निपटने में बीजेपी के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुंद्रा पोर्ट और लक्षद्वीप के पास पकड़ी गई ड्रग्स का ज़िक्र करते हुए पूछा कि पार्टी पंजाब में इस समस्या को खत्म करने के लिए तीन साल का समय कैसे मांग सकती है। चंडीगढ़ में ANI से बात करते हुए बाजवा ने कहा अमित शाह जी ने कहा कि अगर लोग भारतीय जनता पार्टी को वोट देते हैं, तो वे 31 दिसंबर 2029 तक ड्रग्स की समस्या को खत्म कर देंगे। मैं गृह मंत्री से यह पूछना चाहता हूं: क्या इसका मतलब यह है कि जब तक पंजाब में आपकी सरकार सत्ता में नहीं आती, तब तक आप इस मामले से पल्ला झाड़ लेंगे और कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेंगे? इस सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा कौन करेगा? ड्रग्स की इस चेन को कौन तोड़ेगा? बड़े ड्रग सिंडिकेट के सरगनाओं—यानी 'बड़े मगरमच्छों'—को कौन गिरफ्तार करेगा? यह आपकी ज़िम्मेदारी है—राज्य सरकार के साथ मिलकर निभाई जाने वाली ज़िम्मेदारी, भले ही राज्य सरकार सहयोग न कर रही हो। आप बस इतना कह सकते हैं कि राज्य सरकार आपके साथ सहयोग नहीं करती है। इसे भी पढ़ें: 4 साल बाद पंजाब को मिलेगा रेगुलर DGP, High Court ने सरकार से मांगा हलफनामा उन्होंने ड्रग्स से निपटने के मामले में बीजेपी के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने बॉर्डर पार करके आने वाले ड्रोन का ज़िक्र किया और पार्टी से पूछा कि वे किसी ऐसे बीजेपी-शासित राज्य का नाम बताएं जिसे उन्होंने ड्रग-फ़्री बनाया हो। उन्होंने कहा, लेकिन हम पूछ रहे हैं। बॉर्डर पार से इतने सारे ड्रोन आ रहे हैं, और वहां बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) काम करती है; इसके अलावा, हमारे बॉर्डर वाले ज़िले—जिन्हें ड्रग्स के कारोबार के लिहाज़ से 'बेहद संवेदनशील' घोषित किया गया है—आपके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए, इसे वोट का सौदा न बनाएं। पंजाबियों से यह न कहें कि 'हमें वोट दें, और हम बदले में यह करके दिखाएंगे।' ऐसा नहीं होता है। बस हमें यह बताएं: भारत में भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित कौन सा राज्य ड्रग-फ़्री है? किसी एक ऐसे राज्य का नाम बताएं जिसे आपने ड्रग-फ़्री बनाया हो। उन्होंने आगे कहा तभी हम मान सकते हैं कि आपका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। असल में आपके शासन वाले राज्यों में ही सबसे ज़्यादा मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए जा रहे हैं। मुंद्रा पोर्ट पर तीन हज़ार किलोग्राम हेरोइन ज़ब्त की गई; लक्षद्वीप के पास पांच सौ छब्बीस किलोग्राम ज़ब्त की गई। आप इन राज्यों में शासन करते हैं। तो फिर, आप पंजाबियों से ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए तीन साल का समय कैसे मांग सकते हैं? अगर आपकी नीयत साफ़ हो, तो सब कुछ मुमकिन है। लेकिन असल में, आपकी नीयत साफ़ नहीं है।
श्री अकाल तख्त साहिब ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी और अन्य पवित्र ग्रंथों की बेअदबी के मामलों को लेकर बनाए गए कानून में संशोधन के मुद्दे पर पंजाब सरकार के रवैये पर कड़ा एतराज जताया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने संशोधन प्रक्रिया में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी जताई है। जत्थेदार ने सरकार से मांग की है कि जब तक दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर आपसी सहमति नहीं बन जाती, तब तक इस कानून को निलंबित रखा जाए। सरकार पर आरोप हो कि वह उसने मामले को लटकाया। सचिवालय इंचार्ज ने पिछले घटनाक्रम का हवाला देते हुए बताया कि इसको लेकर समय सीमा का पालन नहीं किया गया। समय सीमा के अंतिम दिन भेजा जवाब, सरकार पर लटकाने का आरोप अकाल तख्त साहिब के सचिवालय इंचार्ज बगीचा सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार के गृह विभाग ने 30 सितंबर को पत्र भेजकर जानकारी दी कि सरकार ने 16 सितंबर 2026 को एक सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया था, जो कानून संशोधन के सुझावों पर विचार कर रही है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज नेसरकार के इस ढुलमुल रवैये को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने कहा कि 16 सितंबर को कमेटी गठित होने के बावजूद इसकी सूचना समय सीमा के अंतिम दिन (30 सितंबर) भेजी गई। इससे साफ जाहिर होता है कि सरकार मामले का समयबद्ध समाधान निकालने के बजाय इसे केवल लंबित रखने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी दी जा चुकी है समय सीमा कानून निलंबित करने की मांग बगीचा सिंह ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के रुख को दोहराते हुए कहा कि पंजाब सरकार को तुरंत एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर इस विवादित कानून को उस समय तक निलंबित (suspend) रखना चाहिए, जब तक कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित कमेटी और सरकार के बीच पूर्ण सहमति नहीं बन जाती।
सराफा में सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है, वहीं दिसावरी मंडियों में गेहूं, चावल और दालों के भाव सामान्य बने हुए हैं। मंडियों व सराफा में ताजा रेट जारी हुए हैं।
अमित शाह जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं; पंजाब से खत्म होगा नशा : सतीश पुनिया
भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पुनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा ‘नशामुक्त पंजाब’ के मुख्य मुद्दे पर लड़ेगी। सतीश पुनिया ने कहा कि अमित शाह जो कहते हैं, उसे पूरा करते हैं।
4 साल बाद पंजाब को मिलेगा रेगुलर DGP, High Court ने सरकार से मांगा हलफनामा
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार एक रेगुलर डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (DGP) नियुक्त करे। साथ ही, कोर्ट ने मुख्य सचिव से कहा है कि वे 13 अक्टूबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई तक अनुपालन हलफ़नामा (compliance affidavit) दाखिल करें। यह निर्देश वकील निखिल थम्मन द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान दिया गया। उन्होंने बताया कि पंजाब में चार साल से ज़्यादा समय से कोई रेगुलर DGP नहीं है। याचिका में प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले और रेगुलर DGP की नियुक्ति से संबंधित निर्देशों का ज़िक्र किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, DGP की नियुक्ति यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) द्वारा अनुशंसित पैनल से की जानी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Delhi-NCR में आज से पेट्रोल पंपों पर कैमरा कर रहा हर गाड़ी की पहचान, No PUCC No Fuel नियम लागू हुआ थम्मन के अनुसार, पंजाब सरकार को जुलाई के पहले हफ़्ते में ही UPSC का पैनल मिल गया था, लेकिन नियुक्ति नहीं की गई थी। सुनवाई के दौरान, पंजाब सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि UPSC द्वारा सुझाए गए पैनल पर विचार किया जा रहा है। इन बातों के बाद, हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार को एक रेगुलर DGP नियुक्त करने का निर्देश दिया और मुख्य सचिव को अगली सुनवाई की तारीख तक अनुपालन हलफ़नामा (compliance affidavit) रिकॉर्ड पर रखने का आदेश दिया। पत्रकारों से बात करते हुए थम्मन ने कहा, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने निर्देश दिया है कि सरकार तुरंत एक रेगुलर DGP नियुक्त करे। साथ ही, पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि अगली सुनवाई की तारीख, यानी 13 अक्टूबर 2026 तक, कोर्ट में एक अनुपालन हलफ़नामा दाखिल करें कि आज के निर्देशों का पालन करते हुए हमने एक रेगुलर DGP नियुक्त कर लिया है। उन्होंने आगे कहा कि अगर 13 अक्टूबर तक नियुक्ति नहीं की जाती है, तो वह मुख्य सचिव के ख़िलाफ़ अवमानना याचिका (contempt petition) दायर करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर 2026 को होगी।
LPU में अशांति सोची-समझी साजिश, BJP सांसद Ashok Kumar Mittal ने खारिज किए ऑनलाइन दावे
बीजेपी सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक कुमार मित्तल ने यूनिवर्सिटी कैंपस में हाल ही में हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों को पंजाब में अराजकता फैलाने और राज्य को अस्थिर करने की एक बहुत सुनियोजित साज़िश बताया है। इस मामले पर बात करते हुए मित्तल ने उन ऑनलाइन दावों को खारिज कर दिया जिनकी वजह से छात्रों में भारी गुस्सा फैल गया था। उन्होंने कहा कि यह अशांति मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'रेडिट' पर फैलाई गई मनगढ़ंत अफ़वाहों का नतीजा थी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों की शुरुआती जांच और संस्थान की अपनी जांच में कथित हमले का कोई सबूत नहीं मिला, जिसके कारण ये विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए थे। इसे भी पढ़ें: Raja Warring ने बदला अपना X बायो, Punjab Congress में नए PPCC अध्यक्ष को लेकर सियासी हलचल तेज मित्तल ने LPU की घटना से ठीक 24 घंटे पहले राजपुरा की चितकारा यूनिवर्सिटी में बिना पुष्टि वाली अफ़वाहों से जुड़ी एक ऐसी ही घटना का ज़िक्र किया, जिससे पंजाब के कैंपस में अशांति का एक पैटर्न दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि Reddit प्लेटफ़ॉर्म पर फैली अफ़वाह पूरी तरह से झूठी है। शुरुआती जांच से पुष्टि हुई है कि ऐसी कोई घटना कभी हुई ही नहीं। यह LPU को अस्थिर करने के लिए किया गया था। एक दिन राजपुरा की चितकारा यूनिवर्सिटी में घटना हुई और ठीक अगले ही दिन—24 घंटे के अंदर—मेरे साथ भी ऐसा हुआ। इससे पता चलता है कि यह बुरी नीयत वाले लोगों की एक बहुत बड़ी और सुनियोजित साज़िश थी, चाहे वे राज्य के अंदर के हों, बाहर के हों या विदेश के हों। पंजाब में सामाजिक-राजनीतिक असर पर चिंता जताते हुए, मित्तल ने अशांति के दौरान कैंपस में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रतीकों पर हुए हमलों की निंदा की। उन्होंने खास तौर पर उन वीडियो की आलोचना की जिनमें कुछ लोग भारतीय वायु सेना द्वारा उपहार में दिए गए और यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास स्मारक के तौर पर रखे गए रिटायर हो चुके MiG-23 फाइटर जेट पर चढ़कर नाचते हुए दिख रहे थे। मित्तल ने कहा कि पंजाब में हिंदू और सिख समुदायों के बीच दरार पैदा करने की कोशिशें हो रही हैं। पूरे राज्य में अराजकता फैलाने की कोशिश की जा रही है... एयर फ़ोर्स की तरफ़ से मुझे तोहफ़े में मिला एक MiG-23 विमान मुख्य गेट पर यादगार के तौर पर रखा गया है। आपने शायद ऐसे वीडियो देखे होंगे जिनमें लोग उस पर चढ़कर नाचते हैं। हमारी सेना का मनोबल गिराने की कोशिशें हो रही हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Congress में leadership change की अटकलों पर बोले Raja Warring, कुछ मामले अंदरूनी होते हैं यह अशांति सोशल मीडिया पर वायरल हुई उन पोस्ट्स के बाद शुरू हुई, जिनमें लड़कियों के हॉस्टल में एक गंभीर घटना का आरोप लगाया गया था। इन पोस्ट्स में दावा किया गया था कि एक बाहरी व्यक्ति ने छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न किया। इन दावों के कारण ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हुआ और बड़ी संख्या में छात्र इकट्ठा होकर जवाबदेही, बेहतर सुरक्षा और यूनिवर्सिटी प्रशासन से कार्रवाई की मांग करने लगे।
Raja Warring ने बदला अपना X बायो, Punjab Congress में नए PPCC अध्यक्ष को लेकर सियासी हलचल तेज
पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 1 अक्टूबर को X पर अपना बायो अपडेट किया। इसमें उन्होंने खुद को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का पूर्व अध्यक्ष बताया, जबकि राज्य इकाई में नेतृत्व बदलने की अटकलें तेज़ हो रही हैं। जब इन अफ़वाहों के बारे में उनसे पूछा गया, तो वडिंग ने कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, कुछ मामले अंदरूनी होते हैं और आगे कहा कि मैं किसी भी चीज़ पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। सही समय आने पर मैं आपको बता दूँगा। उन्होंने इस बात की पुष्टि करने से भी इनकार कर दिया कि क्या वह दिल्ली में कांग्रेस दफ़्तर जाने की योजना बना रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Congress पंजाब में बदलेगी प्रदेश अध्यक्ष, Sachin Pilot की रिपोर्ट के बाद Warring की छुट्टी तय इस बीच, पूर्व लोक निर्माण विभाग मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला ने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई और ज़ोर दिया कि सभी सदस्य राजा वडिंग के नेतृत्व में मिलकर काम कर रहे हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपनी संभावित नियुक्ति से जुड़े सवालों पर सिंगला ने कहा, मेरी जानकारी में ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, मैं पार्टी का एक वफ़ादार सिपाही हूँ और हमेशा पार्टी के एक कार्यकर्ता के तौर पर मुझे जो भी ज़िम्मेदारी दी गई, मैंने उसे बखूबी निभाया है। और आगे भी हम सभी के साथ मिलकर इसी तरह काम करेंगे। सिंगला अभी कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति के अध्यक्ष हैं। इसे भी पढ़ें: आधी रात को बड़ा उपद्रव! BJP हेडक्वार्टर पर पथराव, कांग्रेस से आर-पार की जंग, अमित शाह के दौरे से क्यों सुलगी केरल की राजनीति? नेतृत्व में संभावित बदलाव की ये खबरें 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और अलग-अलग गुटों के ज़्यादा प्रभाव जमाने की कोशिशों के बीच आई हैं। ये घटनाक्रम कांग्रेस द्वारा छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी महासचिव नियुक्त किए जाने के कुछ ही समय बाद सामने आए हैं। इसके अलावा, कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब में होने वाले चुनावों की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। रंधावा ने कहा कि हम (पंजाब) चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम जबरन वसूली, गैंगस्टरवाद, कानून-व्यवस्था, युवाओं और राज्य की अर्थव्यवस्था के मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे।
साल 2007 में अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ के लीड रोल वाली ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट थी. फिल्म की कहानी मनोज कुमार की पूरब पश्चिम से थोड़ी मिलती जुलती थी.
Congress पंजाब में बदलेगी प्रदेश अध्यक्ष, Sachin Pilot की रिपोर्ट के बाद Warring की छुट्टी तय
चंडीगढ़, एक अक्टूबर कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने का फैसला पार्टी के राज्य प्रभारी महासचिव सचिन पायलट द्वारा संगठन से ली गई प्रतिक्रिया के बाद किया गया है। पार्टी सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि पांच सितंबर को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह पंजाब प्रभारी नियुक्त किए गए पायलट ने राज्य के पार्टी नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं और इसके बाद पार्टी आलाकमान को अपनी रिपोर्ट सौंपी, ताकि नेतृत्व में बदलाव पर फैसला लिया जा सके। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश इकाई में कई सप्ताह से चल रही अंदरूनी कलह के बीच वडिंग को बदला जाना तय है और नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है। पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी पिछले कई दिनों से राज्य में नेतृत्व के मुद्दे पर चर्चा कर रही थी और इसके बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को बदलने का फैसला किया गया। कांग्रेस ऐसे नेता को नियुक्त करना चाहती है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के विभिन्न गुटों को साथ लेकर चल सके। पार्टी सूत्रों ने कहा कि पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला आगामी चुनाव से पहले इस पद की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, सिंगला के अलावा पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा के.पी. सिंह, राजा सांसी से विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में हैं।
पंजाब कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी प्रधान सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे, पार्टी में कथित गुटबाजी और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बात रखी। अमृतसर में मीडिया से बातचीत के दौरान डैनी बंडाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में किसी तरह की कोई कलह नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस एक परिवार की तरह है और सभी नेता व कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार के कामकाज से परेशान है और 2027 में कांग्रेस को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। गांवों और कस्बों का दौरा करेंगे डैनी बंडाला ने कहा कि वह जब भी गांवों और कस्बों का दौरा करते हैं तो लोगों में कांग्रेस के प्रति उत्साह और समर्थन देखने को मिलता है। पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। संगठन में बदलाव पर हाईकमान का फैसला पार्टी में संगठनात्मक बदलाव और गुटबाजी के सवाल पर डैनी बंडाला ने कहा कि कांग्रेस में सभी फैसले लेने का अधिकार हाईकमान के पास है। संगठन में बदलाव करना और नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपना भी हाईकमान का फैसला है। एक अनुशासित कार्यकर्ता के तौर पर सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इन फैसलों को स्वीकार कर उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करना चाहिए। राहुल गांधी के पंजाब दौरे की संभावना उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का पंजाब से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। वह कई बार गोल्डन टेंपल में माथा टेकने के साथ सेवा भी कर चुके हैं। राहुल गांधी किसानों, मजदूरों, दलितों और आम लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझते हैं। जल्द ही उनका पंजाब दौरा तय होने की संभावना है और वह चुनाव प्रचार में भी हिस्सा लेंगे।
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के मालिक व चांसलर अशोक मित्तल ने पहली बार हिंसा को लेकर खुलकर बात की। दिल्ली में न्यूज एजेंसी से बातचीत में मित्तल ने कहा कि उन्हें पंजाब में डर लग रहा है। यहां नशाखोरी-गैंगस्टरवाद है। सरेआम सड़कों पर लूट-किडनैपिंग हो रही है। एक ही पैटर्न पर पहले चितकारा और फिर LPU में हालात खराब हुए। मित्तल ने कहा कि इस सबसे पंजाब का बिजनेसमैन डरा हुआ है। उन्होंने इसे बहुत बड़ी साजिश करार देते हुए कहा कि जिसने भी ये किया, उनकी सच्चाई सामने लानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये सब LPU या मेरे खिलाफ नहीं बल्कि पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश है। बता दें कि रविवार रात को LPU में जमकर हिंसा हुई थी। जिसमें यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ की गई और करीब 18 घंटे तक हाईवे भी जाम रखा गया। LPU चांसलर अशोक मित्तल की अहम बातें अब जानिए, LPU हिंसा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ ************LPU हिंसा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
job news 2026: क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर सहित कई पदों के लिए निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने अलग-अलग सरकारी विभागों में ग्रुप सी के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट समेत 70 पदों को भरा जाना है। भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। पदों का नाम- क्लर्क, ड्राइवर, ट्रांसलेटर और फील्ड असिस्टेंट कुल पद -70 योग्यता- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- पदों के आधार पर आवेदन की लास्ट डेट-19 अक्टूबर 2026 उम्र सीमा- न्यूनतम उम्र सीमा 18 वर्ष और अधिकतम सीमा 30 वर्ष ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट sssb.punjab.gov.in देख सकते हैं pc- northyorks.gov.uk
Akhilesh Yadav के दावे पर बोले UP Deputy CM Brajesh Pathak, BJP का एक भी MLA नहीं टूटेगा
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव के उन दावों को खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि बीजेपी विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी का एक भी विधायक विपक्ष में शामिल नहीं होगा। गुरुवार को बात करते हुए पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को अपने ही परिवार पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें भारतीय जनता पार्टी से एक भी विधायक नहीं मिलने वाला है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि बीजेपी, अपने कार्यकर्ताओं और कैडर के मामले में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते, दूसरी पार्टियों के विधायकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Karnataka में Form 7 के दुरुपयोग पर मांगी आपराधिक जांच पाठक ने कहा कि दूसरी पार्टियों के कई विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के इच्छुक हैं। सही समय आने पर, भारतीय जनता पार्टी निश्चित रूप से ऐसे सभी सम्मानित विधायकों के बारे में सोचेगी और उन पर काम करेगी। उन्होंने यह भरोसा भी जताया कि बीजेपी 2027 में उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि मैं फिर से कहता हूं, भारतीय जनता पार्टी 2027 में भारी बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर पाठक ने धैर्य रखने को कहा कि आप थोड़ा इंतज़ार करें, भारतीय जनता पार्टी के सभी उम्मीदवार... हम जल्द ही आपके सामने सूची पेश करेंगे। ये बयान अखिलेश यादव के उस दावे के एक दिन बाद आए हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि बीजेपी के कई विधायक समाजवादी पार्टी के संपर्क में हैं, लेकिन उन्हें शामिल करने में कुछ दिक्कतें हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab में BJP सरकार बनने पर 2029 तक खत्म होगा नशा, Amit Shah का वादा मीडिया से बातचीत के दौरान, यादव ने संकेत दिया कि पार्टी अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव में ज़्यादातर उन्हीं सहयोगियों के साथ उतरेगी जिनके साथ उसने हाल के चुनावों में गठबंधन किया था, और जल्द ही गठबंधन की घोषणा करने की योजना है। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं, और गठबंधन वैसा ही रहेगा जैसा पहले था। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले को लेकर भी बीजेपी की आलोचना की और कहा कि चंदा चोरी करके कोई बड़ी अर्थव्यवस्था नहीं बनाई जा सकती।
राजा वडिंग की जगह किसे मिलेगी पंजाब कांग्रेस की कमान? इस नाम पर बनी सहमति की चर्चा
पंजाब कांग्रेस में बदलाव की चर्चा के बीच प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट को भी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने करीब तीन सप्ताह तक पंजाब के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और संगठन से जुड़े पदाधिकारियों से अलग-अलग स्तर पर बातचीत की।
AAP नेता Saurabh Bharadwaj का आरोप, BJP राज में Delhi की Forest Land पर हो रहा अवैध कब्जा
दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने BJP के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर राष्ट्रीय राजधानी में कई सौ करोड़ रुपये की वन भूमि पर कब्ज़ा होने देने का आरोप लगाया है। उन्होंने 1 अक्टूबर को X पर एक पोस्ट में ये आरोप लगाए। भारद्वाज ने दावा किया कि वन क्षेत्रों में हरी और नीली टिन-शीट की दीवारों के पीछे अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई हो रही थी। उन्होंने लिखा कि रेखा गुप्ता सरकार की शह पर कई सौ करोड़ की वन भूमि पर कब्ज़ा किया जा रहा है। ज़ोर-ज़ोर से DJ बजाने की आड़ में, इन अवैध हरी/नीली टिन-शीट दीवारों के पीछे अवैध रूप से पेड़ काटे जा रहे हैं और रातों-रात अवैध दीवारें खड़ी करके सैकड़ों करोड़ की वन भूमि पर कब्ज़ा किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Karnataka में Form 7 के दुरुपयोग पर मांगी आपराधिक जांच उन्होंने खास तौर पर छतरपुर 100-फुट रोड के आस-पास 'बिल्डर माफिया' की गतिविधियों की ओर इशारा किया और कहा कि ये सब राजनीतिक संरक्षण में हो रहा है। भारद्वाज ने कहा कि छतरपुर 100-फुट रोड पर राजनीतिक संरक्षण में बिल्डर माफिया सक्रिय है। इस इलाके में कुछ लग्ज़री मॉल बनने के बाद नेताओं का लालच जंगल की आग की तरह बढ़ रहा है। AAP नेता ने प्रदूषण पर भाषण देने के बावजूद पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने में नाकाम रहने के लिए BJP सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह आपके फेफड़ों की कीमत पर हो रहा है। BJP सरकार प्रदूषण और 'एक पेड़ मां के नाम' जैसे मुद्दों पर भाषण तो देती है, लेकिन असल में इस वन क्षेत्र में हज़ारों पेड़ अवैध रूप से काटे जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab में BJP सरकार बनने पर 2029 तक खत्म होगा नशा, Amit Shah का वादा भारद्वाज ने मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व वाले पर्यावरण और वन विभाग पर भी आरोप लगाया और कहा कि ऐसा लगता है कि यह वन भूमि हड़पने की आपराधिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मंत्री के अधीन पर्यावरण और वन विभाग जंगलों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह वन भूमि को लूटने की आपराधिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कई एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम (MCD), मुख्यमंत्री कार्यालय और उपराज्यपाल कार्यालय को टैग किया।
Punjab Congress में leadership change की अटकलों पर बोले Raja Warring, कुछ मामले अंदरूनी होते हैं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने राज्य पार्टी लीडरशिप में संभावित बदलाव की अफ़वाहों पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया और कहा कि कुछ मामले अंदरूनी होते हैं। जब उनसे इस अटकल के बारे में पूछा गया कि क्या वह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे सकते हैं, तो वडिंग ने जवाब दिया, मैं किसी भी चीज़ पर टिप्पणी नहीं करना चाहता। सही समय आने पर मैं आपको बता दूँगा। दिल्ली में कांग्रेस दफ़्तर के संभावित दौरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने फिर कहा कि कुछ मामले अंदरूनी होते हैं। इसे भी पढ़ें: आधी रात को बड़ा उपद्रव! BJP हेडक्वार्टर पर पथराव, कांग्रेस से आर-पार की जंग, अमित शाह के दौरे से क्यों सुलगी केरल की राजनीति? ये बातें ऐसे समय में सामने आई हैं जब ऐसी अटकलें तेज़ हो गई हैं कि कांग्रेस आलाकमान उन्हें राज्य इकाई प्रमुख के पद से हटाने पर विचार कर रहा है। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ हफ़्तों से अंदरूनी मतभेद चल रहे हैं। हाल ही में, कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब के लिए पार्टी का महासचिव नियुक्त किया है। पंजाब में कांग्रेस को अंदरूनी गुटबाजी का सामना करना पड़ा है, जहाँ अलग-अलग गुट आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले ज़्यादा असर जमाने की कोशिश कर रहे हैं। वारिंग को पहले भी पार्टी के कुछ सदस्यों से कामकाज और लीडरशिप के मुद्दों पर आलोचना का सामना करना पड़ा है। अगस्त में, वारिंग ने पंजाब में कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर हुई आलोचना पर अपना बचाव किया और 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की हार के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराने की कोशिशों पर सवाल उठाए। इसे भी पढ़ें: BJP ने UP Assembly Elections 2027 के लिए बनाई रणनीति, Lucknow और Mathura में होंगी बैठकें उन्होंने कहा कि एकमात्र गलती यह है कि जब कांग्रेस पार्टी के पास 80 सीटें थीं, तो हम 80 से घटकर 18 सीटों पर आ गए। क्या यह मेरी गलती है? कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दो बार सरकार का नेतृत्व किया। हम 80 सीटों से घटकर 18 सीटों पर आ गए। इससे पहले, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने मांग की थी कि उन्हें 2027 के चुनावों के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए। वारिंग ने एक समर्थक को मंच पर बुलाकर और उन्हें फोन पर चन्नी से बात कराने की पेशकश करके तनाव कम करने की कोशिश की।
राजा वडिंग की जगह पंजाब कांग्रेस की कमान किसे? क्या खत्म होगी गुटबाजी
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले गुटबाजी खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब संगठन की कमान बदलने की तैयारी कर ली है. प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग द्वारा पद छोड़ने की पेशकश के बाद पार्टी अब वड़िंग और चन्नी खेमे को एकजुट रख सकने वाले नए सर्वमान्य चेहरे की तलाश में जुटी है.
सचिन पायलट ने बदली पंजाब की तस्वीर, राजा वडिंग ने दिया इस्तीफा, जल्द नए अध्यक्ष का ऐलान
पंजाब कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग का इस्तीफा स्वीकार कर नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया है. नए अध्यक्ष का चयन 48 घंटे में हो सकता है.
पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले सूबे की राजनीति से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कई महीनों से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वडिंग के बीच जारी वर्चस्व की जंग और तीव्र गुटबाजी के बाद आखिरकार केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप पर यह बड़ा फैसला लिया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगले 24 से 48 घंटों के भीतर नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा। पार्टी में गुट बन गए थे, जिसमें पंजाब कांग्रेस के नेता और विधायक दोनों नेताओं में से किसी एक का पक्ष ले रहे थे और अपनी ताकत दिखाने के लिए केंद्रीय लीडरशिप के पास जा रहे थे।सूत्रों के अनुसार, वडिंग के हटने के बाद इस पद के लिए जिन नामों पर विचार किया जा रहा है, उनमें पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला, जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हैं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस लीडरशिप ने सिंगला के नाम को अंतिम रूप दे दिया है और 2 अक्टूबर को इसकी आधिकारिक घोषणा की जा सकती है। यह कदम पंजाब में पार्टी के राज्य अध्यक्ष को बदलने की योजना का हिस्सा है। इस बीच, सूत्रों के अनुसार, प्रताप सिंह बाजवा के पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर बने रहने और अपना पद बरकरार रखने की उम्मीद है। वडिंग-चन्नी विवाद और पंजाब कांग्रेस लीडरशिप की खींचतान 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब कांग्रेस में चन्नी और वडिंग के बीच मतभेद तनाव का एक बड़ा कारण बन गए थे। यह विवाद जून 2026 में तब और बढ़ गया जब कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में पार्टी की संगठनात्मक स्थिति का आकलन करने के लिए अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव की तीन सदस्यीय ऑब्जर्वर पैनल का गठन किया। पैनल ने सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और ज़िला-स्तरीय पदाधिकारियों सहित लगभग 67 पार्टी नेताओं से बातचीत की। रिपोर्टों के अनुसार, जिन लोगों से बातचीत की गई, उनमें से ज़्यादातर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चन्नी का समर्थन किया था। फीडबैक के बावजूद, कांग्रेस लीडरशिप ने 1 जुलाई को वारिंग को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखा और चन्नी को 2027 के चुनावों के लिए पार्टी की कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया। इस फैसले से चन्नी के समर्थकों में नाराजगी फैल गई, जो राज्य की लीडरशिप में बदलाव चाहते थे। 3 जुलाई को, कांग्रेस के 20 से ज़्यादा मौजूदा और पूर्व विधायक और कई सीनियर नेता रूपनगर में चन्नी के घर पर इकट्ठा हुए और खुले तौर पर उनका समर्थन किया। इस ग्रुप ने लीडरशिप के फैसले पर फिर से विचार करने की मांग की। चन्नी खेमे का कहना था कि पंजाब में पार्टी को टॉप लेवल पर बदलाव की ज़रूरत है। इसके बाद कांग्रेस ने गुटबाजी के झगड़े को शांत करने की कोशिशें तेज़ कर दीं। पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने 11 जुलाई को चन्नी और उनके समर्थकों से मुलाकात की। चन्नी खेमे के नेताओं ने वारिंग को हटाने की अपनी मांग दोहराई, जबकि बघेल ने कहा कि पार्टी नेताओं की चिंताओं को हाई कमान तक पहुंचाया जाएगा। वारिंग उस बैठक में शामिल नहीं थे। अगस्त में भी मतभेद साफ़ दिखे, जब कांग्रेस के संगठनात्मक कार्यक्रम हर बूथ कांग्रेस मज़बूत के दौरान चन्नी और वारिंग खेमे के समर्थक पोस्टर कैंपेन, नारेबाज़ी और झड़पों में शामिल रहे। इन घटनाओं ने राज्य यूनिट के भीतर गुटबाजी की खाई को उजागर किया। सितंबर तक, दोनों नेताओं ने कुछ समय के लिए अपने मतभेदों को भुला दिया। 15 सितंबर को, चन्नी और वारिंग ने चंडीगढ़ में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में पंजाब के नए प्रभारी सचिन पायलट के साथ मंच साझा किया। राज्य की लीडरशिप को लेकर महीनों के मतभेद के बाद एकता का यह सार्वजनिक प्रदर्शन हुआ, हालांकि पुरानी प्रतिद्वंद्विता पंजाब कांग्रेस की एक अहम विशेषता बनी रही। इसके बावजूद लीडरशिप का विवाद पार्टी पर हावी रहा। सितंबर में, बघेल की जगह राज्य प्रभारी बनने के बाद पायलट ने पंजाब में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत की। यह कवायद 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले संगठनात्मक चिंताओं को दूर करने के हाई कमान के प्रयासों का हिस्सा थी। लंबे समय से चल रही खींचतान का नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस ने अपनी पंजाब इकाई के प्रमुख को बदलने का फ़ैसला किया और वारिंग ने 30 सितंबर, 2026 को इस पद से इस्तीफ़ा दे दिया। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi
'2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाएंगे', अमित शाह का बड़ा बयान
पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले राज्य में नशीले पदार्थों के गंभीर मुद्दे पर राजनीति बेहद तेज हो गई है. जालंधर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की नशा मुक्त यात्रा के भव्य समापन समारोह में देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने पंजाब को पूरी तरह से ड्रग्स के चंगुल से मुक्त करने को लेकर एक बड़ी समय सीमा की घोषणा कर दी है. अमित शाह ने दावा किया कि अगर जनता ने बीजेपी को मौका दिया, तो 31 दिसंबर 2029 तक पूरे पंजाब से नशे के कारोबार को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा.
Clash in Punjab Congress: कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रदेश इकाई में कई सप्ताह से जारी अंदरूनी कलह के बीच बुधवार (30 सितंबर) को अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश कर दी। सूत्रों ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मंत्री और सांसद विजय इंदर सिंगला इस पद के लिए सबसे आगे बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस आलाकमान ने वडिंग को पद से हटाने के अपने फैसले से अवगत करा दिया है, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की। कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य सिंगला को एक जुलाई को पार्टी के चुनाव प्रबंधन एवं समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।सिंगला के अलावा पूर्व ओलंपियन एवं जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा के. पी. सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के नए अध्यक्ष की घोषणा जल्द होने की उम्मीद है।गुटबाजी के बाद वारिंग को हटना पड़ाअमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने यह कदम पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुटों के साथ महीनों से चल रहे मतभेदों के बाद उठाया है। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने राज्य के नए प्रमुख की नियुक्ति के मुद्दे पर चर्चा की थी।सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ऐसे नेता को नियुक्त करना चाहती है जो 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले वारिंग और चन्नी गुटों को एक साथ ला सके। पंजाब कांग्रेस गुटबाज़ी से जूझ रही है। यह स्थिति तब से बनी हुई है जब पार्टी ने 1 जुलाई को वारिंग को राज्य प्रमुख बनाए रखने और चन्नी को अपनी चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया था।सिंगला सबसे आगेकांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और पूर्व मंत्री सिंगला को 1 जुलाई को पार्टी की चुनावमैनेजमेंट और समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। सिंगला के अलावा, इस पद के लिए पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक राणा केपी सिंह, राजा सांसी के विधायक सुखबिंदर सिंह सरकारिया, चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा के नामों पर भी चर्चा हो रही है। पार्टी ने पहले राज्य इकाई के भीतर मतभेदों को दूर करने के प्रयास में वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल को पंजाब भेजा था। लेकिन पार्टी कार्यक्रमों में विरोधी गुटों के बीच तनाव सामने आता रहा।कांग्रेस के सामने चुनावी चुनौती2027 के पंजाब चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए गुटबाजी एक अहम मुद्दा बनकर उभरी है। पार्टी के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' कैंपेन के दौरान चन्नी के समर्थकों ने उनके समर्थन में नारे लगाए। वहीं कुछ बैठकों में चन्नी और वडिंग के समर्थकों के बीच झड़प की खबरें भी आईं। पंजाब कांग्रेस को पहले भी ऐसी ही अंदरूनी गुटबाजी का सामना करना पड़ा है। 2021 में नवजोत सिंह सिद्धू के साथ लंबे समय तक चले विवाद के बाद पार्टी ने अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया था। बाद में चन्नी को इस पद पर नियुक्त किया गया था।ये भी पढे़ं- Petrol-Diesel Price Today October 1: पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें जारी, जानें- दिल्ली से मुंबई और लखनऊ से पटना तक बड़े शहरों के ताजा रेट
फिरोजपुर में शहीद भगत सिंह यूनिवर्सिटी के फुटबॉल मैदान पर खेड़ां वतन पंजाब दियां-2026 सीजन-4 के फुटबॉल फाइनल में आर्मी पब्लिक स्कूल (एपीएस) फिरोजपुर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से जीत दर्ज की। टीम की जीत में उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के ताजपुर निवासी कप्तान सौरभ सिंह की अहम भूमिका रही। सौरभ सूबेदार डीपी सिंह के पुत्र हैं। फाइनल में सौरभ ने दो गोल किए और एक गोल में असिस्ट दिया। पूरे टूर्नामेंट में उनके दमदार डिफेंस और आक्रामक खेल की बदौलत उन्हें ‘बेस्ट प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। सौरभ ने कहा कि जर्सी पंजाब की है, लेकिन दिल में हिंदुस्तान है। वह जहां भी खेलेंगे, अपना शत-प्रतिशत देने का प्रयास करेंगे। फौजी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सौरभ के खेल में अनुशासन और जुनून नजर आया। फाइनल जीतने के बाद विजेता टीम को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया। कोच ने कहा कि सौरभ ने अपने प्रदर्शन से साबित किया है कि मजबूत इरादों के साथ कोई भी सीमा खिलाड़ी के रास्ते में बाधा नहीं बन सकती। अब एपीएस फिरोजपुर की विजेता टीम 29 नवंबर को पटियाला में होने वाले महा-फाइनल में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेगी।
पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (शोध) एक्ट-2026’ को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को पत्र भेजकर 7 सदस्यीय कमेटी के गठन की जानकारी दी है। सरकार ने कमेटी में धार्मिक, न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े सदस्यों को शामिल किया है। यह कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ बैठकें कर एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर सहमति बनाने का काम करेगी। दोनों कमेटियों के बीच तालमेल के लिए पंजाब सरकार ने पीसीएस अधिकारी हरजीत सिंह संधू को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। हरजीत संधू नोडल अफसर नियुक्तपंजाब सरकार द्वारा हरजीत सिंह संधू पीसीएस को 23.09.2026 के आदेशों के माध्यम से नोडल अफसर नियुक्त किया गया है। वह पंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इस कमेटी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से प्राप्त सुझावों और मार्गदर्शन को पूरे सत्कार के साथ विचार के अधीन लाया जा रहा है। यह काम करेगी कमेटीपंजाब सरकार द्वारा गठित कमेटी विचार-विमर्श करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित कमेटी के साथ आवश्यक विचार-विमर्श और तालमेल करेगी। सभी सुझावों एवं विचारों को ध्यान में रखते हुए मामले को अंतिम रूप दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के पद से अपना इस्तीफा आलाकमान को भेज दिया है। इसके साथ ही अब ये सवाल भी उठने लगे हैं कि अध्यक्ष पद की रेस में किन नेताओं का नाम चल रहा है? आइए जानते हैं इस बारे में।
राजा वडिंग के इस्तीफे के बाद कौन बनेगा पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष? रेस में कई नाम
Punjab Congress Chief: पार्टी सूत्रों का कहना है कि हिंदू चेहरे के रूप में विजय इंदर सिंगला का नाम सबसे ऊपर है। राज्य के हिंदू मतदाताओं को साधने के लिए कांग्रेस उनके चेहरे पर दांव खेल सकती है।
अमित शाह का जालंधर में बड़ा ऐलान, बोले- 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करेंगे; रैली से पहले बम की धमकी से मचा हड़कंप
पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी सचिन पायलट की रिपोर्ट के बाद राहुल गांधी ने राजा वड़िंग को फोन किया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि, अभी पार्टी की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने राजा वड़िंग से कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो उन्हें प्रधान पद से इस्तीफा देना होगा। इसके बाद वड़िंग इस्तीफा देने के लिए तैयार हो गए। पार्टी जल्द ही पूर्व मंत्री विजयइंदर सिंगला को नया प्रधान घोषित कर सकती है। हालांकि, प्रधान पद की दौड़ में सिंगला के अलावा परगट सिंह, सुख सरकारिया, राणा गुरजीत, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हाईकमान विजयइंदर सिंगला को दिल्ली बुलाकर उनके साथ बैठक कर चुका है। उन्हें 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी का पूरा प्लान भी समझाया गया है। दो अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन नए प्रधान के नाम का ऐलान हो सकता है। इसी प्लान के तहत सचिन पायलट ने यूथ और पार्टी प्रधानों को दिल्ली बुलाया था। उन्होंने साफ कहा था कि गुटबाजी में शामिल पाए जाने वाले नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वड़िंग से इस्तीफा लेने का फैसला किया गया, ताकि नेतृत्व परिवर्तन के दौरान पार्टी में दोबारा गुटबाजी न बढ़े। वहीं, चरणजीत सिंह चन्नी गुट राजा वड़िंग को प्रधान पद से हटाए जाने को अपनी सैद्धांतिक जीत मान रहा है। चन्नी गुट की शुरुआत से ही मांग थी कि वह राजा वड़िंग की प्रधानगी में काम नहीं करेगा। पंजाब लिए क्या सचिन पायलट का प्लान…. ********** ये खबर भी पढ़ें: अमित शाह ने पूरा पंजाब एक ही मुद्दे पर समेटा: युवा-महिलाएं टारगेट; AAP का काउंटर- नशा गुजरात की देन; एक्सपर्ट बोले- एक मौके वाली रणनीति जालंधर में गृह मंत्री अमित शाह 2027 चुनाव के लिए पंजाब BJP को नशामुक्ति का मुद्दा थमा गए। उन्होंने पूरे पंजाब को एक ही मुद्दे में समेट दिया और कहा कि वह आने वाला चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ने वाले हैं। अपने 25 मिनट के भाषण में अमित शाह ने नशे पर पहली बार CM भगवंत मान, आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। (पढ़ें पूरी खबर)
Punjab Weather 1st October: पंजाब में मानसून की बेरुखी, सामान्य से 41% कम बारिश; क्या आज होगी बारिश?
पंजाब में मानसून सत्र में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई। 6 जिलों में कमी 60 प्रतिशत से अधिक रही। आज व आने वाले दिन भी मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
SGPC ने आनंदपुर साहिब मामले में Punjab Govt से की CBI जांच की मांग
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने बुधवार को पंजाब सरकार से पूर्व एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ कथित दुष्कर्म मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश करने का आग्रह किया। एसजीपीसी प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि अगर पंजाब सरकार तीन दिन के भीतर मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंपती है तो वह अपनी मांग को लेकर राज्यपाल से मिलेंगे। धामी ने कहा कि बुधवार को एसजीपीसी की कार्यकारिणी समिति की बैठक में पंजाब सरकार से आनंदपुर साहिब की घटना को लेकर एक महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा कि औपचारिक मामला दर्ज होने के बाद इसकी जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए और जांच से जुड़े मुद्दों को ‘‘सोशल मीडिया ट्रायल’’ का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। एक महिला की शिकायत के बाद चावला के खिलाफ आनंदपुर साहिब में दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उन्होंने एसजीपीसी सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया था।
भाजपा ही पंजाब को नशामुक्त कर सकती है : तेजेंद्र
जालंधर| पंजाब को नशे की समस्या से बाहर निकालना आज सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। भाजपा नेता तेजेंद्र बिट्टू ने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई के साथ रोजगार, खेल और शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की जरूरत है। भाजपा ही पंजाब को नशे से मुक्त करवाने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ सकती है। केंद्र और राज्य स्तर पर बेहतर तालमेल, नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और नशे के शिकार लोगों के पुनर्वास से इस समस्या पर प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सकता है।
चावला केस: एसजीपीसी प्रधान धामी ने जताया पंजाब सरकार पर अविश्वास, सीबीआई जांच की सिफारिश
भास्कर न्यूज | अमृतसर एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने महिला से दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे अमरजीत सिंह चावला प्रकरण में पंजाब सरकार की जांच पर अविश्वास जताया है। धामी ने बुधवार को इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की सिफारिश पंजाब सरकार से कर दी है। स्थानीय एसजीपीसी मुख्यालय में 3 घंटे तक चली कार्यकारिणी की बैठक के बाद धामी ने कहा कि वह सीबीआई जांच का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर पंजाब सरकार की सिफारिश पर सीबीआई इस मामले की जांच करती है तो उन्हें इस पर कोई एतराज नहीं होगा और एसजीपीसी जांच में पूरा सहयोग करेगी। धामी ने पंजाब सरकार से आगामी तीन दिनों के भीतर सीबीआई जांच कराने की सिफारिश केंद्र को भेजने की मांग की। उन्होंने साफ किया कि यदि पंजाब सरकार अगले तीन-चार दिनों में इस प्रकरण की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है, तो उनकी अगुवाई में एसजीपीसी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा और सीबीआई जांच कराने की अपील करेगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके। धामी ने घोषणा की कि जैसे ही सीबीआई जांच शुरू होगी, वह एसजीपीसी के सदस्यों पर आधारित गठित 5 सदस्यीय जांच कमेटी को वापस ले लेंगे। गौर हो कि प्रकरण उजागर होने के तुरंत बाद, एक सप्ताह पहले धामी ने पांच सदस्यीय सब-कमेटी का गठन कर 15 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने की हिदायत दी थी। उन्होंने तब आश्वासन दिया था कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। होशियारपुर में अपने इस्तीफे की मांग को लेकर सिख संगठनों द्वारा किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसा न करें। धामी ने कहा कि वह उनके साथ बैठकर बातचीत करने को तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि इस्तीफे की मांग और धरनों के पीछे राजनीतिक मंशा है और इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह एसजीपीसी के आम चुनाव कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने केंद्र सरकार से ये चुनाव जल्द से जल्द कराने की मांग की है। भाई बलवंत सिंह राजोआणा की दया याचिका के संबंध में पूछे गए सवाल पर हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि आज श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज को कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से एक लिखित अपील सौंपी गई है। इसमें तख्तों के सिंह साहिबान से जल्द विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने की मांग की गई है। धामी ने बताया कि हाल ही में जब उनकी राजोआणा से मुलाकात हुई थी, तब राजोआणा ने एसजीपीसी से दया याचिका तुरंत वापस लेने की पुरजोर अपील की थी। जब केंद्र सरकार इस पर कोई फैसला नहीं ले रही है, तो कम से कम एसजीपीसी ही फैसला लेते हुए दया याचिका वापस ले, ताकि वे रोज-रोज मरने के बजाय एक ही दिन फांसी पर लटककर सुकून से सो सकें।
जालंधर में गृह मंत्री अमित शाह 2027 चुनाव के लिए पंजाब BJP को नशामुक्ति का मुद्दा थमा गए। उन्होंने पूरे पंजाब को एक ही मुद्दे में समेट दिया और कहा कि वह आने वाला चुनाव इसी मुद्दे पर लड़ने वाले हैं। अपने 25 मिनट के भाषण में अमित शाह ने नशे पर पहली बार CM भगवंत मान, आम आदमी पार्टी (AAP) सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला। उन्होंने नशे को खत्म करने की तारीख बताकर पंजाब के युवाओं को साधने की कोशिश की। साथ ही नशे के दलदल में फंसे युवाओं की माताओं को स्वस्थ परिवार की आशा दिखाकर अपने पाले में करने का प्रयास किया। इधर, पंजाब में BJP की ओर से नशे को मुद्दा बनाने के तोड़ में AAP सरकार ने गुजरात में पकड़े जा रहे नशे पर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। AAP सरकार ने गुजरात में पकड़े जा रहे नशे पर वीडियो जारी कर जवाब मांगा है कि यहां नशा न रुकने से पंजाब की जवानी बर्बाद हो रही है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट ने रैली पर अपनी अलग-अलग राय दी है। डॉ. केके रत्तू का मानना है कि पंजाब में भाजपा नशे के मुद्दे पर एग्रेसिवली लड़ेगी। शाह की रैली का फायदा बीजेपी को मिल सकता है। वहीं, एडवोकेट नईम खान कहते हैं कि रैली पूरी तरह राजनीतिक थी। पंजाब देश से बाहर नहीं है। केंद्र राज्य सरकार से पावरफुल होता है। वह चाहे तो नशा रोक सकता है। यह वोट लेने का पॉलिटिकली स्टंट है। नशे के बाद BJP का युवा और महिलाओं पर फोकस पंजाब में नशे के मुद्दे के अलावा गृह मंत्री का बड़ा फोकस पंजाब के युवा और महिलाएं रहीं। अपने भाषण में शाह ने युवाओं से 3 बार कमल के बटन को दबाने की अपील की। इसके साथ ही महिलाओं को नशे से मर रहे उनके बच्चों के इमोशन से जोड़ा। शाह ने माताओं-बहनों कहकर बार-बार उन घटनाओं का जिक्र किया, जिसमें नशे से उनके बच्चे मरे हैं। लुधियाना के जगरांव में 6 बेटे खोने वाली महिला का जोर देकर जिक्र किया गया। नशे को मुद्दा बनाने की बड़ी वजह वोटर सेंट्रलाइजेशन एक्सपर्ट मानते हैं कि नशे का मुद्दा पूरे पंजाब से जुड़ा है। पंजाब में इसके अलावा भी कई और मुद्दे हैं जिनमें पानी, बेरोजगारी भी है, लेकिन ये एक साथ पूरे पंजाब को कनेक्ट नहीं करता। पंजाब का 100 फीसदी वोट सीधा नशे के मुद्दे से जुड़ा है। इसलिए बीजेपी को लगता है कि एक मुद्दे से पूरे पंजाब के वोटर्स के दिमाग में बीजेपी के लिए जगह बनाई जा सकती है। पंजाब में 4 हजार किलोमीटर तक रैली निकालने की भी यही वजह रही। रैली में वोटर्स के सामने ये इमोशन कार्ड फेंके रैली पर एक्सपर्ट्स क्या बोले… पहली बार भाजपा वोटर्स के समाने बेबस दिखी राजनीतिक मामलों के माहिर डॉ. कृष्ण कुमार रत्तू ने कहा कि भाजपा को नशे के अलावा मुद्दों पर भी बात क्लियर करनी चाहिए थी। अमित शाह अपने करियर की पहली रैली में वोट के लिए गिड़गिड़ाते नजर आए। वह बार-बार वोट मांगते रहे। रैली में कई मुद्दों को छुआ ही नहीं गया। रत्तू कहते हैं- किसानों की MSP गारंटी की बात नहीं की। बंदी सिंह की रिहाई पर कुछ नहीं कहा। नशे पर ये भी बताना चाहिए था कि केंद्र सरकार के अधीन आते पंजाब के बॉर्डर से 50 किलोमीटर के अंदर के एरिया में कितना नशा पकड़ा गया। पंजाब के कर्ज का जिक्र किया, लेकिन पंजाब में आने पर इसका क्या करेंगे? ये नहीं बताया। विदेश में रह रहे बच्चों की प्रॉब्लम पर बात नहीं की। अपने ही सांसद और LPU चांसलर अशोक मित्तल की यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई, लेकिन इस पर एक शब्द नहीं बोला। नशे पर बार-बार कहना पंजाबियत का अपमान पॉलिटिकल एक्सपर्ट एडवोकेट नईम खान ने कहा कि पंजाब भाजपा की यह रैली नशा मुक्ति पर न होकर प्योरली राजनीतिक रैली थी। हर स्टेटमेंट पॉलिटिकल था। ड्रग्स पर बार-बार पंजाब का नाम लेने से पंजाबियत का अपमान किया गया है। गुजरात में पकड़ी ड्रग पर केंद्र सरकार चुप है। उस पर बात होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा- पंजाब के लोगों को मुद्दों से गुमराह करने की भी कोशिश की गई। पंजाब के लोग रैली में इसलिए गए थे कि उन्हें उम्मीद थी कि पंजाब के लिए राहत पैकेज की घोषणा होगी। रोजगार की बात होगी, लेकिन कुछ नहीं कहा। केंद्र सरकार सूबे की सरकार से पावरफुल होती है। गृह मंत्री के आने पर जब शहर का चप्पा-चप्पा सील हो सकता है तो क्या बॉर्डर से नशा सील नहीं हो सकता?
Mathura News: पंजाब के बुजुर्ग दंपति को अपना घर आश्रम ने दिया सहारा
मथुरासमाचार
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने राज्य इकाई में हफ्तों से चल रही अंदरूनी कलह के बाद अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है।
Hamirpur (Himachal) News: लापता महिला पंजाब से बरामद, गहनों पर लिया था दो लाख का ऋण
Missing woman found in Punjab; had taken a loan of ₹2 lakh against jewelry.
समाना, 30 सितंबर . पंजाब के समाना स्थित भाखड़ा नहर के पुल से एक व्यक्ति का वीडियो social media पर वायरल हो रहा है. वीडियो में व्यक्ति ने आम आदमी पार्टी के नेता और पंजाब Government में मंत्री अमन अरोड़ा, गांव के सरपंच और अपने भाई व भतीजों पर कथित रूप से परेशान करने के ... Read more
‘आप-दा सरकार ने राज्य को ड्रग्स के दलदल में धकेला’, नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर बोले अमित शाह
जालंधर, 30 सितंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Wednesday को आम आदमी पार्टी की पंजाब Government पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि नशा मुक्त पंजाब का नारा देकर सत्ता में आई Government ने प्रदेश को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा 31 दिसंबर 2029 से पहले पंजाब ... Read more
'आप-दा सरकार ने राज्य को ड्रग्स के दलदल में धकेला', नशा मुक्त पंजाब यात्रा के समापन पर बोले अमित शाह
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अमित शाह के आरोपों पर आप का जवाब: नशामुक्ति अभियान पंजाब नहीं, गुजरात से शुरू करें
आप ने नशीली दवाओं की बरामदगी और अंतर-राज्यीय नेटवर्क के जवाब में सभी राज्यों में राष्ट्रव्यापी, समन्वित नशीली दवाओ
गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा
गृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा amitshah,nashamuktpunjab,punjabगृहमंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा वरिष्ठ भाजपा नेता और गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि पंजाब को वर्ष 2029 के अंत तक नशा मुक्त बनाया जाएगा। आज जालंधर में […]
31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशे की समस्या खत्म कर देंगे, लेकिन... अमित शाह ने रख दी एक शर्त
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली 'आप' सरकार पर निशाना साधते हुए शाह ने आरोप लगाया कि सरकार ने पंजाब में ''चिट्टा'' का कारोबार खुलेआम चलने दिया। जालंधर पहुंचने पर गृह मंत्री ने श्री देवी तालाब मंदिर में पूजा-अर्चना की।

