फाजिल्का में शिरोमणि अकाली दल के नेता और पूर्व जिलाध्यक्ष एडवोकेट सतिंदर सिंह 'सवि' काठपाल ने पंजाब के 117 विधायकों को मिलने वाले मासिक टेलीफोन भत्ते पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब विधानसभा को पत्र लिखकर इस खर्च की तत्काल समीक्षा करने और इसे कम करने की मांग की है। अकाली नेता ने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक विधायक को प्रति माह ₹15,000 टेलीफोन भत्ता दिया जाता है। इस हिसाब से प्रदेश के 117 विधायकों पर हर महीने ₹17.55 लाख से अधिक का खर्च आ रहा है, जो सालाना ₹2 करोड़ से ज्यादा बैठता है। सतिंदर सिंह सवि ने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग किसी व्यक्तिगत राजनीति या पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकारी खजाने के सही और पारदर्शी उपयोग के लिए उठाई गई जनहित की आवाज है। उन्होंने कहा कि एक तरफ कर्मचारी DA को लेकर संघर्ष कर है और दूसरी और ऐसे में सरकारी पैसा व्यर्थ जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग किसी विधायक या राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि जनता के पैसे की मितव्ययी और उचित उपयोग से जुड़ी हुई है। अकाली दल की मुख्य मांगें और तर्क: वर्तमान दरों के हिसाब से समीक्षा: पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं की दरों में भारी गिरावट आई है। ऐसे में पुराना फिक्स्ड टेलीफोन भत्ता आज के समय में व्यावहारिक नहीं है। रीइम्बर्समेंट सिस्टम लागू हो: फिक्स्ड अलाउंस की जगह विधायकों द्वारा जमा किए गए वास्तविक मोबाइल/टेलीफोन बिलों के आधार पर भुगतान (Reimbursement) की व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए। जनता के पैसे की बचत: इस भत्ते में कटौती कर बचाए गए सालाना ₹2 करोड़ रुपये को अन्य जनहित कार्यों या कर्मचारियों के लंबित डीए (DA) जैसे मुद्दों पर खर्च किया जा सकता है।
पंजाब में चुनाव से पहले क्या बिखर जाएगी पंजाब कांग्रेस?
कांग्रेस के सामने पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है. भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को प्रभारी बनाने के बाद अब चरणजीत चन्नी गुट प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग को हटाने की मांग कर रहा है. पार्टी के सामने जाट सिख और दलित नेतृत्व के बीच संतुलन साधने की चुनौती है. 2022 में कांग्रेस केवल 18 सीटें जीत सकी थी, जबकि 2024 में सात लोकसभा सीटें जीतीं.
नूंह जिले के रोजका मेव थाना क्षेत्र में अवैध शराब की एक खेप पकड़ी गई है। पुलिस ने खेड़ा खलीलपुर के पास केएमपी एक्सप्रेसवे पर कार्रवाई की। एक कैंटर से 472 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसमें कुल 5664 बोतलें थीं। इस मामले में कैंटर सवार 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, फिरोजपुर झिरका सीएस स्टाफ की टीम गश्त पर थी। तभी उन्हें सूचना मिली कि खेड़ा खलीलपुर के पास केएमपी एक्सप्रेसवे से शराब से भरा एक कैंटर गुजरने वाला है। इस सूचना के आधार पर टीम ने नाकाबंदी की। कट्टों के पीछे छिपाई थी शराब की पेटियां कुछ देर बाद बताए गए हुलिए के महिंद्रा कैंटर को रोका गया और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कैंटर में कार्टन के कट्टों के पीछे शराब की पेटियां छिपाई हुई मिलीं। पुलिस ने बताया कि शराब को इस तरह रखा गया था कि बाहर से देखने पर कैंटर में सिर्फ कार्टन का सामान दिखे। जांच के दौरान कुल 472 पेटियों में 5664 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन निवासी खरावड़, थाना सांपला, जिला रोहतक, हाल निवासी अर्जुन नगर, बिहारी चौक, पानीपत और राकेश राठौर निवासी ईदगाह कॉलोनी, थाना मॉडल टाउन, पानीपत के रूप में हुई है। पंजाब से पश्चिम बंगाल ले जाई जा रही थी शराब मौके पर आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी शराब से संबंधित कोई वैध लाइसेंस, परमिट या बिल पेश नहीं कर सके। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शराब पंजाब से लोड की गई थी और इसे पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। रोजका मेव थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से आई थी और इसे पश्चिम बंगाल तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।
मानसा में खेती के लिए बिजली के लंबे और अघोषित कटों से परेशान होकर बुढ़लाडा के किसानों का सब्र आखिरकार टूट गया। अपनी फसलों को बचाने के लिए किसानों ने रतिया रोड पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार और पावरकॉम विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रोष व्यक्त किया। धरने पर बैठे किसान नेताओं राम सिंह, मेजर सिंह, काला सिंह मंडेर, जगदेव सिंह और हरबंस सिंह ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि क्षेत्र में बिजली की सप्लाई का बुरा हाल है। धान की फसल को इस समय सबसे ज्यादा पानी की जरूरत है, लेकिन बिजली न मिलने के कारण खेत सूख रहे हैं और फसलें बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। सरकार ने बड़े बड़े दावे किए लेकिन हकीकत बदहाल किसान नेताओं ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, सरकार बड़े-बड़े दावे करती है कि किसानों को निर्बाध बिजली दी जा रही है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। सरकार ने हमसे रोजाना 8 घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन हमें सिर्फ 3 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इतने कम समय में धान की सिंचाई करना नामुमकिन है। अधिकारियों की बेरुखी के बाद लिया सड़क जाम का फैसला किसानों ने बताया कि वे अपनी इस गंभीर समस्या को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों के पास भी गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि अधिकारी उनकी समस्या का कोई समाधान निकालेंगे, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। प्रशासन और विभाग की इसी बेरुखी और अड़ियल रवैये से नाराज होकर किसानों को मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ा। मांग पूरी होने तक जारी रहेगा चक्का जाम प्रदर्शनकारी किसानों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक बिजली विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर आकर उन्हें लगातार और पर्याप्त बिजली सप्लाई का ठोस भरोसा नहीं देते, तब तक रतिया रोड पर यह जाम इसी तरह जारी रहेगा। सड़क जाम होने के कारण रतिया रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि वे आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, लेकिन अपनी फसलों को बचाने के लिए उनके पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
CJP School Theek Karo Abhiyan: Punjab Govt की तारीफ और फिर बताई कमियां | Saurav Das | Dipke। AAP
सौरव दास और उनकी टीम ने पंजाब के स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ की, वहीं कुछ स्कूलों में शौचालयों की सफाई और टूटे गेट जैसी कमियों को भी सामने रखा। लुधियाना के स्कूलों का दौरा करने के बाद CJP की टीम ने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट और सुझाव सौंपे।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने गुलजार सिंह के परिवार से मुलाकात कर सरकार पर नौकरी के नाम पर गुमराह करने का आरोप लगाया और हरपाल सिंह चीमा पर कार्रवाई मांगी।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बॉर्डर रेंज के पुलिस अधिकारियों पर गैंगस्टरों से सांठगांठ के आरोप लगाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के मोबाइल और कॉल डिटेल की जांच की मांग की।
गुलजार सिंह मामले पर पंजाब में कांग्रेस का प्रदर्शन, एसपी और एसएसपी कार्यालयों का करेंगे घेराव
पंजाब कांग्रेस आज गुलजार सिंह मामले को लेकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी, जिसमें वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की जाएगी।
पंजाब की राजनीति में नशे का मुद्दा एक बार फिर तेजी से गरमाता दिख रहा है। बीजेपी की बैठक में पहुंचे राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भगवंत मान सरकार पर नशे की समस्या को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे की स्थिति गंभीर है और सरकार के दावों के बावजूद […] The post राघव चड्ढा का AAP पर तंज: ‘दिलजले आशिक की तरह नस न काट लें’, पंजाब में नशे के मुद्दे पर BJP का बड़ा प्लान appeared first on https://rajsattaexpress.com .
अरविंद केजरीवाल ने सौरभ दास से क्या कहा? पंजाब पहुंच गई थी कॉकरोचों की टीम - Hindustan
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अभिजीत दीपके की टीम पंजाब के स्कूल पहुंची, कैसा था अरविंद केजरीवाल का रिएक्शन
स्कूल ठीक करो मुहिम के तहत कॉकरोच जनता पार्टी ने पंजाब का भी दौरा कर लिया है। खास बात है कि राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार है और सीजेपी पर आप से सांठगांठ के आरोप लगते रहे हैं। अब इसपर अरविंद केजरीवाल ने रिएक्ट किया है।
कांग्रेस का पंजाब मिशन: नए प्रभारी सचिन पायलट ने बदला माहौल, चन्नी और रंधावा का रुख हुआ नरम
सचिन पायलट ने पंजाब में विधानुसभा चुनाव लड़ने की पार्टी की रणनीति को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहापूरी टीम मिलकर चुनाव लड़ेगी और बहुमत मिलने के बाद भूमिका और जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
संगरूर के तूर बंजारा में गुलजार सिंह द्वारा सुसाइड किए जाने के मामले में अकाली दल 'वारिस-पंजाब दे' के कार्यकर्ता पंजाब भर में मंत्रियों के घरों का घेराव करेंगे। इस दौरान सभी कार्यकर्ता और नेता पगड़ियों पर काले रिबन बांधेंगे। पार्टी ने घोषणा की है कि पंजाब की जनता से जुड़े अहम और गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए आज पंजाब मांगता है जवाब अभियान के तहत पंजाब सरकार के सभी मंत्रियों का राज्य स्तर पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से घेराव किया जाएगा। पठानकोट से जिलाध्यक्ष उमराव सिंह कंग ने कहा कि अकाली दल 'वारिस पंजाब' ने समस्त पंजाबवासियों से अपील की है कि वे आजो होने वाले इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। सरकार को एकजुट होकर यह संदेश दें कि सवाल पंजाब के हैं, जवाब सरकार को देना ही पड़ेगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि आज पंजाब का हर नागरिक सरकार की चुप्पी से परेशान है और चार मुख्य सवालों के जवाब मांग रहा है। 4 बड़े मुद्दे और पार्टी की प्रमुख मांगें…
संगरूर सुसाइड केस में कैसे बढ़ रही AAP की मुश्किलें, देखें पंजाब आजतक
पंजाब के संगरूर में गुलजार सिंह की आत्महत्या का मामला अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है. ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत को लेकर मान सरकार पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों हमलावर हैं. परिवार का आरोप है कि गुलजार सिंह पर माफी मांगने और चुप रहने का दबाव बनाया जा रहा था. देखें पंजाब आजतक.
AAP पर बरसे राघव चड्ढा, वोटर लिस्ट विवाद से लेकर पंजाब के ड्रग संकट पर उठाए सवाल|
राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी के रवैये की तुलना एक्स-गर्लफ्रेंड से की और पंजाब में ड्रग्स के बढ़ते मामलों पर भी गंभीर सवाल उठाए।
पंजाब में गुलजार सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस का आज हल्ला बोल है। कांग्रेस के कार्यकर्ता सभी जिलों में एसपी कार्यालयों का घेराव करेंगे।
Punjab Weather 11th September: पंजाब में 37 डिग्री के पार पहुंचा पारा, अलर्ट जारी; जल्द मिलेगी राहत!
पंजाब में तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच गया है। रविवार तक गर्मी बढ़ने के आसार हैं, जबकि उसके बाद राहत मिलने के आसार बन रहे हैं।
OPD List: पंजाब के 5 बड़े अस्पतालों की ओपीडी सूची, आज 11 सितंबर को कौन से डॉक्टर रहेंगे उपलब्ध
पंजाब के पांच बड़े सरकारी अस्पतालों में 11 सितंबर को ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। मरीज अस्पताल जाने से पहले संबंधित विभाग और डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी देख सकते हैं।
खेडां वतन पंजाब दियां:पांच ब्लॉकों में शुरू हुआ खेलों का दूसरा चरण
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना खेडां वतन पंजाब दियां 2026 के तहत वीरवार को जिले के 13 ब्लॉकों में जारी ब्लॉक स्तरीय खेलों के दूसरे चरण में कूमकलां, डेहलों, जगराओं, दोराहा और समराला में प्रतियोगिताएं शुरू कराई गईं। कूमकलां में सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल साहनेवाल खुर्द में अंडर-17 बालक 100 मीटर में जगजीत सिंह, 200 में लविश वर्मा, 800 में विकास यादव और 1500 में कार्तिक प्रथम रहे। अंडर-17 बालिका 100 में प्रभलीन कौर, 200 व 400 में रौशनी तथा लंबी कूद में नवनीत कौर ने पहला स्थान लिया। अंडर-21 बालक 100 में रणवीर सिंह, 200 में तुषार, 400 में नवजीत सिंह और लंबी कूद में रणबीर सिंह अव्वल रहे। डेहलों के संतोक सिंह मर्दिंग स्टेडियम, गांव दुलेय में कबड्डी नेशनल अंडर-17 बालक में पिंड कालख तथा बालिका वर्ग में किला रायपुर की टीम पहले स्थान पर रही। जगराओं के कलगीधर स्टेडियम, कमालपुरा में फुटबॉल अंडर-17 में अमरगढ़ कलेर की टीम जीती। दोराहा के संत ईशर सिंह स्टेडियम, पिंड घलोटी में फुटबॉल अंडर-14 में अलूणा तोला और अंडर-17 में संत बाबा ईशर सिंह राड़ा साहिब की टीम पहले स्थान पर रही। समराला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पिंड माणकी में जिला खेल कोऑर्डिनेटर श्री कुलवीर सिंह ने भाग लिया; कबड्डी सर्कल स्टाइल अंडर-17 में माणकी तथा फुटबॉल अंडर-14 में सरकारी हाई स्कूल सलौदी की टीम विजेता रही।
कॉकरोच जनता पार्टी का पंजाब के स्कूलों में सोशल ऑडिट
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की टीम ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के लिए लुधियाना में एक स्वतंत्र सोशल ऑडिट अभियान चलाया। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास अपनी टीम के साथ जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को परखने के लिए लुधियाना के तीन प्रमुख स्कूलों में पहुंचे। इस पूरी विजिट का एक विस्तृत वीडियो सौरव दास ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया, जिसमें राज्य की शिक्षा प्रणाली की खूबियों के साथ-साथ गंभीर खामियों को भी उजागर किया गया। दौरे के दौरान शहर के दो स्कूलों में बढ़िया ढांचा और आधुनिक सुविधाएं देखकर टीम प्रभावित हुई, तो वहीं एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में टॉयलेट की बदहाली और हाइजीन की बड़ी लापरवाही सामने आई। शिक्षा मंत्री बोले- तुरंत दूर करेंगे कमियां - सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने ऑडिट रिपोर्ट पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को सौंपी। बैंस ने कहा कि सरकार फीडबैक का स्वागत करती है और वे व्यक्तिगत रूप से इन समस्याओं के समाधान की निगरानी करेंगे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास का धन्यवाद किया और कमियों को जल्द से जल्द ठीक करने का आश्वासन दिया। सीजेपी अपनी टीम के साथ लुधियाना के स्कूल में पहुंची। लड़कियों का वॉशरूम । सौरव दास के दौरे और केजरीवाल के तारीफ वाले ट्वीट पर निशाना, कहा- जर्जर स्विमिंग पूल और बदहाल खेल मैदान क्यों नहीं दिखाए? लुधियाना के एक स्कूल ऑफ एमिनेंस में सौरव दास के दौरे और उसके बाद अरविंद केजरीवाल की ओर से की गई तारीफ को लेकर केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सवाल उठाए हैं। बिट्टू ने आरोप लगाया कि यह दौरा स्कूल की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने के बजाय सरकार के प्रचार के लिए किया गया सुनियोजित फोटो-ऑप्ट था। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने हाल ही में इसी स्कूल ऑफ एमिनेंस का दौरा किया था। इस दौरान स्कूल के जर्जर स्विमिंग पूल और बदहाल खेल मैदानों की स्थिति सामने आई थी और उन्होंने इन सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका कहना है कि यदि सरकार के दावे के मुताबिक स्कूल में सब कुछ शानदार है, तो सौरव दास के दौरे के दौरान इन समस्याओं को क्यों नहीं दिखाया गया। उन्होंने सवाल किया कि यह दौरा वास्तव में स्कूल की स्थिति का जायजा लेकर समस्याओं का समाधान करने के लिए था या फिर केवल तारीफ और सुर्खियां बटोरने के लिए पहले से तय कार्यक्रम। सीजेपी टीम ने सेक्टर-32 स्थित स्कूल ऑफ एमिनेंस, सरकारी प्राइमरी स्कूल जंडियाली और सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंडियाली की स्थिति की समीक्षा की। स्कूल ऑफ एमिनेंस (सेक्टर-32) टीम ने इस स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर की जमकर सराहना की। यहां निजी स्कूलों से भी बेहतर एआई लैब, कंप्यूटर लैब, स्विमिंग पूल और रैंप की सुविधाएं मिलीं। हालांकि, वॉशरूम के रखरखाव में थोड़ा सुधार की जरूरत बताई गई। सरकारी प्राइमरी स्कूल जंडियाली करीब 12 साल पहले शिक्षकों के व्यक्तिगत प्रयासों और कॉरपोरेट सहयोग से बना यह पंजाब का पहला स्मार्ट स्कूल है। यहां शिक्षण का स्तर अच्छा मिला, लेकिन पुरानी इमारत के कारण आधुनिक सुविधाओं का अभाव नजर आया। सीजेपी ने मिड-डे मील वर्करों के 3,000 रुपए के मानदेय को भी बेहद कम बताया।{सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल जंडियाली : 1936 में बनी इस पुरानी इमारत वाले स्कूल में सफाई स्टाफ और हाइजीन की भारी कमी दिखी। सबसे चिंताजनक स्थिति लड़कियों के टॉयलेट की रही, यहां करीब 500 छात्राओं के लिए महज तीन वॉशरूम थे, जिनमें दरवाजे तक नहीं लगे थे।
Kangra News: पुलिस हिरासत से भागा आरोपी पंजाब में गिरफ्तार
एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार होने के बाद बैजनाथ पुलिस की हिरासत से भागा आरोपी को पंजाब के बलोंगी से गिरफ्तार कर लिया गया।
Mohali News: एनडीपीएस मामले में पंजाबी गायक वड्डा ग्रेवाल बरी, आरोप साबित नहीं
Punjabi singer Vadda Grewal acquitted in NDPS case; charges not proven
एनसीएससी पैनल ने आत्महत्या पीड़ित के परिजनों से की मुलाकात, पंजाब सरकार की कार्रवाई पर जताई नाराजगी
चंडीगढ़, 10 सितंबर . नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल्ड कास्ट्स (एनसीएससी) की एक टीम ने Thursday को संगरूर जिले के एक गांव का दौरा किया और स्वर्गीय गुलजार सिंह के परिवार से उनके घर पर मुलाकात की. टीम ने परिवार से बातचीत की और Government द्वारा की गई कार्रवाई का जायजा लिया. विपक्षी पार्टियां राज्य के ... Read more
त्योहारों पर रेलवे का तोहफा, बिहार से दिल्ली और पंजाब के लिए चलेंगी दर्जनों स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए कई स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। ये ट्रेनें पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी समेत बिहार के विभिन्न शहरों को दिल्ली, चंडीगढ़, फिरोजपुर और ऋषिकेश से जोड़ेंगी, जो सितंबर से नवंबर तक चलेंगी।
पंजाब कांग्रेस ने गुलजार सिंह मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है।
रुद्रपुर, 10 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने Thursday को उत्तराखंड के रुद्रपुर में आयोजित पंजाबी गौरव सम्मेलन को संबोधित किया और गुरु नानक देव जी, गुरु गोविंद सिंह जी और चार साहिबजादों के त्याग को नमन करते हुए देश को विकसित बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया. भाजपा ... Read more
शिरोमणि अकाली दल के जिला अध्यक्ष लखविंदर सिंह घुम्मण ने गुरु नानक देव जी की पवित्र भूमि गुरुद्वारा श्री अचल साहिब में मत्था टेका। इस दौरान गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर मलकीत सिंह बसरावां ने उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर बातचीत करते हुए घुम्मण ने कहा कि पंजाब के लोग बहुत कठिन दौर से गुजर रहे हैं और राज्य में जंगल राज फैला हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी ने जनता से जो वादे किए थे, वे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। अकाली दल ने किया पंजाबियों की भलाई के लिए काम : घुम्मण घुम्मण ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने जनता से वादा किया था कि सरकार बनने के चार महीने के भीतर पंजाब नशामुक्त हो जाएगा। लेकिन, 'आप' सरकार राज्य को नशामुक्त बनाने में नाकाम रही है। उन्होंने आगे कहा कि शिरोमणि अकाली दल ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जिसने हमेशा पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम किया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पंजाब और पंजाबियों के अहम मुद्दों को प्राथमिकता दे रहे हैं और जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। भारी बहुमत से जीतेंगे 2027 के विधानसभा चुनाव घुम्मण ने दावा किया कि पंजाब में आने वाला समय शिरोमणि अकाली दल का है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंजाब की जनता 2027 के विधानसभा चुनावों में शिरोमणि अकाली दल को भारी बहुमत से जिताएगी। इस मौके पर हीरा सिंह (जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष), रणजीत सिंह (जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष), सुरजीत सिंह जैतो सरजा, सविंदर सिंह लकी, सज्जन सिंह कंडीला, सुख बब्बरी नंगल (जिला उपाध्यक्ष), मेजर सिंह बरियार (जिला महासचिव), अवतार सिंह जैतो सरजा (जिला प्रचार सचिव) और कुलवंत सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
पंजाब की प्रमुख मंडियों में 10 सितंबर के कृषि जिंसों के भाव सामने आए। अमृतसर में 1121 धान 5700 रुपये तक, जबकि जालंधर में गेहूं 2925 रुपये क्विंटल रहा।
पंजाब बीजेपी आने दिनों में नशा मुक्त पंजाब को लेकर यात्रा निकालने जा रही है। इसी यात्रा को कामयाब बनाने के लिए पंजाब प्रभारी आज सतीश पूनिया मीटिंग ने मीटिंग। मीटिंग में पहली बार सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, शामिल हुए। वह दोनों कई कड़ी सुरक्षा में चंडीगढ़ पहुंचे थे। इस दौरान संदीप पाठक ने पहले बीजेपी आफिस की दहलीज को नमन किया। इसके बाद वह मीटिंग में पहुंचे । मीटिंग में सांसद सतनाम सिंह संधू और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे। इस तरह यात्रा की योजना है पंजाब के संगठन की कई मीटिंग हुई है। पंजाब भाजपा प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने यात्रा की तैयारियों बारे बताए। सूत्रो की माने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अगले दिन 18 सितंबर से इन यात्राओं की शुरुआत होगी। 18 सितंबर को पहली यात्रा पठानकोट से, 19 सितंबर को दूसरी यात्रा छोटे साहिबजादों की शहादत की धरती फतेहगढ़ साहिब से, 20 सितंबर को तीसरी यात्रा फाजिल्का से और 21 सितंबर को चौथी यात्रा तख्त श्री दमदमा साहिब से रवाना की जाएगी। चारों यात्राएं 30 सितंबर को जालंधर पहुंचकर संपन्न होंगी। यहां पार्टी की ओर से बड़ी जनसभा की जाएगी। इसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन या केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पहुंचने की संभावना है। संदीप पाठक को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी डॉ. संदीप पाठक भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार पंजाब भाजपा दफ्तर पहुंचे थे। वह पंजाब की राजनीति को अच्छी तरह समझते हैं। आम आदमी पार्टी की पंजाब में जीत के रणनीतिकार के तौर पर उन्हें ही पार्टी का ‘चाणक्य’ कहा जाता है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में उन्हें अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। लुधियाना-बरनाला में रजिंदर गुप्ता की भूमिका राज्यसभा सदस्य रजिंदर गुप्ता को लुधियाना और बरनाला क्षेत्र में यात्रा से जुड़ी अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। भाजपा की ओर से यात्रा की तैयारियों को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। पार्टी का प्रयास है कि यात्रा को सिर्फ राजनीतिक कार्यक्रम के बजाय नशे के खिलाफ जन-जागरूकता अभियान के तौर पर पेश किया जाए। चर्चा यह भी है कि अप्रैल 2026 में पंजाब से राज्यसभा भेजे गए सात सदस्यों में से छह के भाजपा में शामिल होने के बाद अब पहली बार ये सभी पंजाब भाजपा के मंच पर एक साथ नजर आएंगे। राघव चड्ढा का पंजाब में दूसरा दौरा आम आदमी पार्टी छोड़ने के बाद राघव चड्ढा का यह पंजाब का दूसरा दौरा होगा। इससे पहले वह लुधियाना में भाजपा की बैठक में शामिल हो चुके हैं। हाल ही में मोहाली की वोटर लिस्ट में अपना नाम ट्रांसफर किए जाने को लेकर चड्ढा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए थे। अब भाजपा की बैठक में उनकी मौजूदगी को पार्टी की आने वाली राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Tarun Chugh का आरोप, Punjab Police ने जबरन कराया दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार
भाजपा के राज्यसभा सदस्य तरुण चुग ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि पंजाब पुलिस ने संगरूर के एक दलित व्यक्ति का अंतिम संस्कार उसके परिवार की इच्छा के विरूद्ध कराया। संगरूर निवासी गुलजार सिंह (47) ने आत्महत्या कर ली थी। चुग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर इस समुदाय के प्रति ‘‘अन्याय की सारी हदें’’ पार करने का आरोप भी लगाया। संगरूर जिले के दिरबा निवासी सिंह की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने से मौत हो गई। उनके परिवार का कहना है कि छह सितंबर को दिरबा में हुए एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने (सिंह ने) वित्त मंत्री हरपाल चीमा से इलाके में मादक पदार्थ की आपूर्ति के बारे में सवाल पूछा था। चुग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि पुलिस ने जबरदस्ती सिंह का अंतिम संस्कार कराया। उन्होंने कहा, ‘‘आम आदमी पार्टी का शर्मनाक, धोखेबाज और घिनौना चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है।’’सांसद ने सिंह के परिवार का एक वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘भगवंत मान के अयोग्य अधिकारियों ने दावा किया कि दलित मजदूर गुलजार सिंह का अंतिम संस्कार परिवार की सहमति से किया गया था, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मर्जी के खिलाफ जबरदस्ती अंतिम संस्कार कराया।’’उन्होंने यह भी दावा किया कि सिंह के परिवार को सरकार से उचित मदद या मुआवजा नहीं मिला है। चुग ने कहा कि पंजाब के लोग पूछ रहे हैं कि चीमा को अभी तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और गुरु द्रोही भगवंत मान सरकार ने पंजाब में दलितों के साथ अन्याय की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पूरा पंजाब पूछ रहा है कि मंत्री हरपाल चीमा को अब तक बर्खास्त क्यों नहीं किया गया है और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में चीमा के खिलाफ कोई मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया है।’’सिंह के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें वह चीमा से अपने इलाके में मादक पदार्थ की उपलब्धता के बारे में सवाल पूछते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह भी स्वीकार किया कि उनका बेटा भी मादक पदार्थ का सेवन करता था। सिंह का वीडियो वायरल होते ही विपक्षी दलों ने भगवंत मान सरकार से मामले की जांच तथा चीमा के इस्तीफे की मांग की। सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर, पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाने) और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
YS Jagan का Nara Lokesh पर बड़ा प्रहार, DSC Scam में CBI Inquiry और इस्तीफे की मांग तेज
पूर्व मुख्यमंत्री और YSRCP अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे और DSC 2025 की CBI जांच की मांग दोहराई। उनका आरोप है कि इसमें भारी अनियमितताएं हुई हैं और ऐसे उम्मीदवारों को आसानी से नौकरियां दे दी गईं जिन्होंने परीक्षा भी नहीं दी थी। मीडिया से बात करते हुए, YS जगन मोहन रेड्डी ने उन मामलों का ज़िक्र किया जिनमें सभी नियमों और सावधानियों को ताक पर रखकर नौकरियां दी गईं। जगन ने यह भी दावा किया कि DSC का मामला सामने आने के बाद गठबंधन सरकार ने APPSC की परीक्षाएं रोक दीं। जगन ने आरोप लगाया कि उन टूर्नामेंट्स के पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट के आधार पर उम्मीदवारों को नौकरियां दी गईं जो कभी हुए ही नहीं थे। उन्होंने DSC को चंद्रबाबू के घोटालों की सूची में एक बड़ा घोटाला बताया और कहा कि DSC 2025 के मामले में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। एक प्रेस रिलीज़ के अनुसार, जगन ने आगे आरोप लगाया कि जहाँ मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू अपने बेटे को बचाने के लिए इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं अधिकारियों के पास आरोपों का बचाव करने के लिए कोई जवाब नहीं बचा है; और नौकरी देने से पहले सात बार वेरिफिकेशन किए जाने का उनका दावा तो मज़ाक जैसा लगता है। इसे भी पढ़ें: 10 साल से फरार आरोपी Harnek Singh को CBI ने US से प्रत्यर्पण कर दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा जगन ने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे स्पोर्ट्स कोटा के तहत बिना कोई परीक्षा दिए नौकरियां दी गईं। जगन का दावा है कि स्पोर्ट्स कोटा में 39 नौकरियां दी गईं, जिनमें से कुछ लोगों ने ऐसे टूर्नामेंट में भाग लेने के सर्टिफिकेट दिए जो खम्मम में कभी हुआ ही नहीं था। जगन ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति और उसकी बहन को स्पोर्ट्स कोटा के तहत 'फैमिली पैक' की तरह नौकरियां दी गईं; आधार यह बताया गया कि उन्होंने नलगोंडा में हुई खो-खो चैंपियनशिप में मेडल जीते थे, जबकि ऐसी कोई प्रतियोगिता कभी हुई ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना खो-खो एसोसिएशन ने भी इस दावे की पुष्टि की है। जगन ने दावा किया कि कुरनूल जिले में एक और व्यक्ति को TET परीक्षा दिए बिना नौकरी दे दी गई, जबकि ज़रूरी 75% अंकों के बजाय उसे केवल 65% अंक मिले थे। इसे भी पढ़ें: Tarun Chugh ने Punjab में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर Amit Shah से की CBI और NIA जांच की मांग पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, हम इस मुद्दे को लेकर कोर्ट में भी लड़ रहे हैं, क्योंकि ऐसी अनियमितताओं और गड़बड़ियों को छिपाने की कोशिशों से सिस्टम खराब हो रहा है। चंद्रबाबू सरकार ने APPSC परीक्षाओं में स्पोर्ट्स कोटा का इस्तेमाल करके वन विभाग में पद भरने के लिए भी वही तरीका अपनाने की कोशिश की थी, लेकिन DSC घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद उन्हें पीछे हटना पड़ा। जगन रेड्डी ने आगे कहा, यह घोटाला तब शुरू हुआ जब प्रश्न बैंक तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने की ज़िम्मेदारी एक ही व्यक्ति को सौंप दी गई। गड़बड़ी तब सामने आई जब आउटसोर्सिंग पर रखे गए उस व्यक्ति को पेपर मिल गया, उसने पहली रैंक हासिल की, और बाद में मेरिट लिस्ट से उसका नाम हटा दिया गया। हालांकि इस बात के ऑडियो-वीडियो सबूत थे कि नौकरियां दी जा रही थीं, लेकिन मामले की उस तरह से जांच नहीं की गई जैसी की जानी चाहिए थी।
सुखना लेक के कैचमेंट एरिया में नए निर्माण को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले में चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से एफिडेविट दाखिल कर कैचमेंट एरिया में की गई कार्रवाई की जानकारी कोर्ट को दी गई। प्रशासन ने बताया कि कैचमेंट एरिया में नियमों के उल्लंघन को लेकर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है और हाल में भी नए निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से उन लोगों की डिटेल भी हाईकोर्ट में बंद लिफाफे में दाखिल की गई, जिन्होंने कैचमेंट एरिया में नए निर्माण किए हैं। इससे पहले हाईकोर्ट ने कैचमेंट एरिया में रोक के बावजूद हो रहे निर्माण को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा था और निर्माण करने वालों की पहचान सामने रखने के निर्देश दिए थे। नए निर्माण पर रोक, इसलिए बिजली कनेक्शन की अनुमति नहीं सुनवाई के दौरान पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) की ओर से भी एक एप्लीकेशन दाखिल की गई। इसमें कांसल इलाके में कुछ बिजली कनेक्शन देने की अनुमति हाईकोर्ट से मांगी गई थी। हाईकोर्ट ने इस मांग को अनुमति देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सुखना कैचमेंट एरिया में नए निर्माण पर रोक है। ऐसे में इस इलाके में नए निर्माण को किसी तरह की सुविधा देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कोर्ट के रुख से साफ है कि कैचमेंट एरिया में निर्माण संबंधी प्रतिबंधों को लेकर हाईकोर्ट फिलहाल किसी तरह की ढील देने के पक्ष में नहीं है। बिजली कनेक्शन का मामला भी इसी प्रतिबंध के दायरे में देखा गया है। प्रशासन ने बताया- समय-समय पर हो रही कार्रवाई चंडीगढ़ प्रशासन ने अपने एफिडेविट में कहा है कि कैचमेंट एरिया में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाती है। हाल में भी प्रशासन की टीमों ने ऐसे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें खेती योग्य जमीन पर फार्म हाउस आदि बनाने के लिए किए गए निर्माण और बाउंड्री वॉल जैसी गतिविधियां शामिल रही हैं। हाईकोर्ट पहले भी इस बात पर नाराजगी जता चुका है कि रोक के बावजूद कैचमेंट एरिया में नए निर्माण कैसे जारी रहे। कोर्ट ने अधिकारियों से निर्माण करने वालों की पहचान और कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। सुखना के लिए महत्वपूर्ण है कैचमेंट एरिया सुखना लेक का कैचमेंट एरिया इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि बारिश के दौरान इसी क्षेत्र से पानी बहकर लेक तक पहुंचता है। कैचमेंट में निर्माण और जमीन की प्राकृतिक स्थिति में बदलाव होने से पानी के बहाव पर असर पड़ सकता है। इससे भविष्य में सुखना लेक के जलस्तर और उसके इकोसिस्टम पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। 28 सितंबर को होगी अगली सुनवाई मामले की सुनवाई के दौरान प्रशासन का एफिडेविट रिकॉर्ड पर लिया गया, जबकि कांसल में बिजली कनेक्शन देने की PSPCL की मांग को हाईकोर्ट ने अनुमति नहीं दी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी।
आम आदमी पार्टी से भाजपा में आए छह राज्यसभा सदस्य पहली बार पंजाब भाजपा की बैठक में पहुंचे। प्रस्तावित नशा मुक्त पंजाब यात्रा में उन्हें अहम जिम्मेदारियां मिलने की तैयारी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान काली झंडी दिखाने वाले युवक की कथित पिटाई का मामला अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया। संगरूर के शेरों गांव निवासी मोहनजीत सिंह के पिता गुरमेल सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उनका आरोप है कि उनके बेटे को केवल काली झंडी दिखाने के कारण पुलिस ने बेरहमी से पीटा। याचिका में गुरमेल सिंह ने पंजाब पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मामले में पंजाब पुलिस के अधिकारियों की भूमिका पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में उसी विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने हाईकोर्ट से मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की है, ताकि घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो सके। पंजाब पुलिस की जांच पर सवाल उठाए याचिकाकर्ता गुरमेल सिंह ने कहा है कि मामले में जिन पुलिस अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उन्हीं के विभाग की ओर से जांच किए जाने के कारण निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा होता है। इसी आधार पर उन्होंने हाईकोर्ट से CBI जांच के निर्देश देने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना में उनके बेटे के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। इसलिए पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होना जरूरी है, ताकि घटना की वास्तविक स्थिति सामने आ सके और यदि किसी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से मामले में अब तक की गई जांच की स्थिति रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने सरकार से यह बताने को कहा है कि शिकायत मिलने के बाद अब तक क्या कार्रवाई की गई और जांच किस स्तर तक पहुंची है। हाईकोर्ट ने सरकार से मामले में हुई जांच की विस्तृत जानकारी पेश करने के निर्देश दिए हैं। अब सरकार की ओर से अदालत के सामने जांच की प्रगति और अब तक उठाए गए कदमों की जानकारी रखी जाएगी। सरकार ने बताया- जांच के लिए SIT बनाई सुनवाई में सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया जा चुका है। सरकार ने अदालत के सामने जांच की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी दी। हालांकि, CBI जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने अब तक हुई जांच की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगी है। अदालत के निर्देश के बाद सरकार को मामले की जांच से संबंधित जानकारी रिपोर्ट के रूप में पेश करनी होगी। छत से दिखाई थी काली झंडी यह मामला संगरूर के शेरों गांव का है। यहां मुख्यमंत्री का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह ने कार्यक्रम स्थल के पीछे स्थित एक घर की छत से मुख्यमंत्री के काफिले की ओर काली झंडी दिखाई थी। आरोप है कि काली झंडी दिखाए जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने मोहंजीत सिंह के साथ कथित तौर पर मारपीट की। उसके पिता गुरमेल सिंह ने इसी घटना को लेकर हाईकोर्ट का रुख किया है। पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग की मोहनजीत सिंह के पिता का आरोप है कि उनके बेटे के साथ जिस तरह से कथित मारपीट की गई, वह गंभीर मामला है। उन्होंने अदालत से मांग की है कि घटना की पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए। यदि जांच में कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। अब हाईकोर्ट में पंजाब सरकार की ओर से पेश की जाने वाली स्टेटस रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि मामले में अब तक क्या जांच हुई है, किस स्तर पर जांच चल रही है और SIT ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
New Delhi, 10 सितंबर . पंजाब के संगरूर में आत्महत्या के मामले को लेकर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी Government पर तीखा हमला बोला है. कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति द्वारा Chief Minister से अपने जिले के मंत्री को लेकर सवाल पूछे जाने के बाद उस पर दबाव बनाया गया. ... Read more
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की गिरफ्तारी की मांग की है और संगरूर जिले में दलित मजदूर गुलज़ार सिंह की आत्महत्या की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने का अनुरोध किया है। गुरुवार को, चन्नी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताने के लिए गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ बैठक में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। प्रतिनिधिमंडल ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर गैंगस्टरवाद को बढ़ावा देने और नागरिकों के विरोध करने के अधिकार पर रोक लगाने का आरोप लगाया। इसे भी पढ़ें: भारत और भगवा का अपमान बर्दाश्त नहीं, Gerua Samman Yatra के दौरान राष्ट्रविरोधी तत्वों पर जमकर बरसे Suvendu Adhikari बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि हमने आज पंजाब के गवर्नर से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति और राज्य सरकार द्वारा 'गैंगस्टरवाद' को बढ़ावा दिए जाने के मुद्दे पर मुलाकात की। पंजाब सरकार हमसे विरोध करने का अधिकार छीन रही है। आज पंजाब में लोकतंत्र नहीं है। आप (पंजाब सरकार) कहते हैं कि राज्य में ड्रग्स नहीं हैं। गुलज़ार नाम के एक व्यक्ति ने ड्रग्स का मुद्दा उठाया, लेकिन आपने उसके घर पुलिस भेज दी। उसके बेटे को अपने पिता को श्रद्धांजलि देने का मौका तक नहीं मिला। उन्होंने ड्रग तस्करी में AAP के कुछ विधायकों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया और वित्त मंत्री चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। चन्नी ने कहा कि उनके (AAP के) विधायक खुद ड्रग्स के मामलों में शामिल हैं। हमारी मांग है कि चीमा जी इस्तीफा दें और उन्हें गिरफ्तार किया जाए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का जिक्र करते हुए चन्नी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक दलित परिवार का दर्द समझा है और यह भी समझा है कि कैसे पंजाब सरकार ड्रग्स को बढ़ावा दे रही है। केजरीवाल और भगवंत मान को अपने बयानों पर शर्म आनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Chidambaram को BJP का करारा जवाब, कहा- कांग्रेस को हो रहा 'FOMO' और 'नाराज़ फूफा' जैसी बौखलाहट कांग्रेस के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा, वरिंदरमीत सिंह पाहड़ा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा भी चन्नी के साथ थे। ANI से बात करते हुए चन्नी ने फिर कहा कि हम गुलज़ार सिंह के मामले में CBI जांच चाहते हैं। हम चाहते हैं कि FIR में हरपाल चीमा का नाम शामिल हो। उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए और उन्हें गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने गुलज़ार सिंह के अंतिम संस्कार के तरीके की भी आलोचना करते हुए कहा, परिवार ने कभी मंज़ूरी नहीं दी थी (अंतिम संस्कार के लिए)। मैं रात में अस्पताल पहुँचा था। वे ज़बरदस्ती उन्हें अस्पताल से ले गए, ज़बरदस्ती उनका अंतिम संस्कार किया और पुलिस और सरकार ने सब कुछ ज़बरदस्ती किया। वे गैंगस्टरों को बढ़ावा दे रहे हैं। AAP ने हज़ारों लोगों के सामने मंच पर एक ऐसे गैंगस्टर का स्वागत किया जिस पर 47 मामले दर्ज हैं, उसे पार्टी में शामिल किया और अब उसे टिकट देने जा रही है।
Bank FD Rates: शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी सबसे पसंदीदा जरिया बना हुआ है। सितंबर 2026 में देश के स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFBs) अपने ग्राहकों को 8.25% तक का सालाना ब्याज ऑफर कर रहे हैं।अगर आप भी अपनी रिटायरमेंट पूंजी या जमा राशि में से ₹15 लाख की FD करने की योजना बना रहे हैं, तो जानिए अलग-अलग ब्याज दरों के हिसाब से आपकी सालाना और मासिक कमाई कितनी होगी, और बैंकों की पूरी रेट लिस्ट क्या है।बैंकों की कैटेगरी-वाइज एफडी रेट लिस्ट (सितंबर 2026)1. स्मॉल फाइनेंस बैंक (सबसे ज्यादा ब्याज): Suryoday Small Finance Bank: 8.25% तक Utkarsh Small Finance Bank: 8.10% तक Equitas, ESAF, Jana, Shivalik SFB: 8.00% तक Ujjivan Small Finance Bank: 7.80% तक Slice Small Finance Bank: 7.75% तक AU Small Finance Bank: 7.40% तक 2. प्राइवेट और फॉरेन बैंक: SBM Bank India: 7.65% तक DCB Bank: 7.50% तक Bandhan Bank: 7.45% तक YES Bank: 7.25% तक RBL Bank: 7.20% तक Deutsche Bank: 7.00% तक HDFC, ICICI, Axis Bank: 6.50% तक 3. सरकारी बैंक (Public Sector Banks): Bank of India & Punjab & Sind Bank: 6.85% तक Bank of Baroda & Central Bank of India: 6.75% तक Bank of Maharashtra & Indian Bank: 6.65% तक Canara Bank & Indian Overseas Bank: 6.60% तक 15 लाख रुपये की FD पर कितनी होगी कमाई?अगर आप ₹15 लाख की राशि अलग-अलग ब्याज दर वाले बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट करते हैं, तो आपकी अनुमानित ब्याज आय इस प्रकार रहेगी: (नोट: मासिक ब्याज भुगतान का विकल्प चुनने पर डिस्काउंटेड दर लागू हो सकती है, जबकि कंपाउंडिंग FD में मैच्योरिटी पर कुल रिटर्न ज्यादा मिलेगा। सीनियर सिटीजन्स को आमतौर पर 0.25% से 0.50% का एक्स्ट्रा ब्याज मिलता है)।रिटायरमेंट फंड जमा करने वाले निवेशकों के लिए एक्सपर्ट टिप्स₹5 लाख का इंश्योरेंस कवर (DICGC Rule): स्मॉल फाइनेंस बैंक भी आरबीआई (RBI) के तहत रेगुलेटेड होते हैं और DICGC के तहत हर बैंक में ग्राहक के ₹5 लाख तक के डिपॉजिट (मूलधन + ब्याज) का बीमा होता है।डाइवर्सिफिकेशन फॉर्मूला: अगर आपके पास ₹15 लाख की बड़ी रकम है, तो पूरा पैसा एक ही बैंक में लगाने के बजाय इसे 3 अलग-अलग बैंकों (जैसे ₹5-5 लाख रुपये) में बांटकर FD करें। इससे आपका पूरा पैसा इंश्योर्ड भी रहेगा और बेहतर रिटर्न भी मिलेगा।सीनियर सिटीजन बेनिफिट: अगर आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है, तो कई स्मॉल फाइनेंस बैंक आपको एफडी पर 8.50% से 8.75% तक का एक्स्ट्रा रिटर्न भी दे रहे हैं।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
मोगा जिला प्रशासन ने सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने वाले लोगों के लिए एक खास पहल की है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने 'राह-वीर' शिकायत निवारण सेल बनाया है। यह सेल ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करेगा, सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करते हैं। उन्हें किसी भी तरह की परेशानी से बचाएगा। संबंधित विभागों को राह-वीरों की शिकायतों का तुरंत निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि मोटर व्हीकल्स एक्ट, 1988 की धारा 134A के तहत सड़क हादसे के पीड़ितों की मदद करने वालों को कानूनी सुरक्षा मिलती है। इस कानून को ठीक से लागू करने के लिए यह सेल काम करेगा। यह सेल जिला मजिस्ट्रेट और जिला रोड सेफ्टी कमेटी, मोगा के चेयरमैन की देखरेख में चलेगा। हर्षिता शर्मा बनाई गई जिला नोडल अधिकारी स्पेशल ड्यूटी (अर्बन अफेयर्स) श्रीमती हर्षिता शर्मा को इस सेल का जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है। नोडल अधिकारी राह-वीरों की शिकायतें दर्ज करेंगी। इन शिकायतों के निपटारे के लिए वे पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन और दूसरे संबंधित विभागों से तालमेल करेंगी। सागर सेतिया ने बताया कि राह-वीर अपनी शिकायत acg.revenue.moga@punjab.gov.in पर ईमेल से भेज सकते हैं। हर शिकायत को एक शिकायत/संदर्भ नंबर दिया जाएगा। शिकायत मिलने की पुष्टि तीन कार्यदिवसों के भीतर प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि हादसे के पीड़ित की मदद करने वाले किसी भी व्यक्ति को पुलिस थाने, अस्पताल या सरकारी दफ्तर के बेवजह चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अगर कानूनी तौर पर राह-वीर की मौजूदगी या बयान जरूरी होगा, तो भी कार्रवाई निष्पक्ष और बिना किसी परेशानी के की जाएगी। जान बचाने के लिए पहला घंटा बेहद जरुरी डिप्टी कमिश्नर ने यह भी कहा कि सड़क हादसे के बाद का गोल्डन आवर (पहला घंटा) घायल की जान बचाने के लिए बहुत जरूरी होता है। ऐसे समय में किसी आम आदमी द्वारा पीड़ित को तुरंत मेडिकल मदद दिलाना बहुत कीमती साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों को बिना किसी झिझक के हादसा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सेतिया ने बताया कि लागू दिशा-निर्देशों के अनुसार योग्य राह-वीर को 25 हजार रुपए की वित्तीय प्रोत्साहन राशि और प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। योग्य सहायता के कार्यों के लिए यह सम्मान एक वर्ष में अधिकतम पांच बार दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राह-वीर योजना का उद्देश्य केवल वित्तीय प्रोत्साहन देना नहीं है, बल्कि लोगों में दया, साहस और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है, ताकि हादसे के पीड़ित को संकट की घड़ी में तत्काल सहायता मिल सके। डीसी ने दिए समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश डिप्टी कमिश्नर ने एसएसपी मोगा, सिविल सर्जन, रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी मोगा और अन्य संबंधित विभागों को अपने-अपने विभागीय नोडल अधिकारी नामित करके सेल के साथ निकट समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कहा है। जिले के सरकारी एवं निजी अस्पतालों, ट्रॉमा सेंटरों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को भी राह-वीर योजना के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। हादसे के पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को, जहां तक संभव हो, योजना के संबंध में जानकारी दी जाएगी और पीड़ित को बिना अनावश्यक देरी के तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राह-वीर योजना के क्रियान्वयन की समय-समय पर जिला रोड सेफ्टी कमेटी द्वारा समीक्षा की जाएगी। नोडल अधिकारी द्वारा समिति की बैठकों में प्राप्त शिकायतों की संख्या, प्रकार, की गई कार्रवाई और निपटारे की स्थिति संबंधी स्थिति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी।
पंजाब से BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के वोट को लेकर सियासत गरमाई हुई है। गुरुवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि राघव चड्ढा ने 26 अगस्त को वोट के लिए अप्लाई किया था और दो सितंबर को दिल्ली के राजिंदर नगर में उनका वोट बन गया था। उन्होंने कहा कि जिस गति से उनका वोट बना था, उस गति से मोदी जो बुलेट ट्रेन भारत लाने वाले थे, वह नहीं चलती। उन्होंने कहा कि अगर वोट पहले ही बन गया था तो तीन सितंबर को उन्होंने ट्विटर पर पंजाब सरकार पर आरोप क्यों लगाए। उन्होंने कहा इससे पता चलता है कि बीजेपी व राघव चड्ढा पंजाब से कितनी नफरत करते हैं। दरअसल, 3 अगस्त को राघव चड्ढा ने कहा था कि मोहाली में ड्राफ्ट सूची में उनका नाम हटा दिया गया और उन्हें ‘शिफ्टेड’ की कैटेगरी में डाल दिया गया। ये सामान्य क्लेरिकल गलती नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा था कि SIR के नियमों के तहत ऑब्जेक्शन दाखिल कर दिया है। अनुराग ढांडा ने क्या कहा, जानिए… --------- AAP ने राघव चड्ढा के मोहाली फ्लैट का VIDEO दिखाया, ढांडा बोले- यहां सिर्फ दीमक; दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम कैसे जुड़ा BJP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची से नाम हटाने के दावे पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने पलटवार किया है। मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने कहा कि मोहाली के जिस फ्लैट नंबर 103 का राघव चड्ढा जिक्र कर रहे हैं, वहां अब कोई नहीं रहता। (पढ़ें पूरी खबर)
मोहाली के खरड़ में शिअद की पंजाब बचाओ रैली, युवाओं को साधा; AAP सरकार पर जड़े आरोप
शिरोमणि अकाली दल ने मोहाली के खरड़ में 'पंजाब बचाओ रैली' आयोजित कर आम आदमी पार्टी सरकार पर पंजाब को कर्ज में डुबोने और विकास की बजाय प्रचार पर ध्यान देने का आरोप लगाया।
भारत में ऐसा ही होता है! ऑस्ट्रेलियाई हाई कमिश्नर ने ली शताब्दी की सवारी, बताया कैसा रहा अनुभव
भारत में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने हाल ही में आम भारतीय जीवन का अनुभव करने के लिए ट्रेन का सफर किया। 9 सितंबर को उन्होंने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने नई दिल्ली से चंडीगढ़ तक शताब्दी एक्सप्रेस में अपनी यात्रा की झलक दिखाई। वीडियो में ग्रीन ने मई 2026 में भारत यात्रा के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ की कही एक बात को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो कोई भी सच में भारत को समझना चाहता है, उसे ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Bengal में उप-चुनाव से पहले BJP ने बनाई 263 सदस्यीय कार्यसमिति इसके बाद ग्रीन ने अपनी यात्रा की झलक दिखाई। उन्होंने रास्ते के नज़ारे दिखाए और बताया कि भारत में ट्रेन का सफ़र क्यों खास है। उन्होंने कहा कि ट्रेन की यात्रा अक्सर लोगों से मिलने-जुलने और रोज़मर्रा की बातचीत के ज़रिए देश के बारे में और जानने का मौका देती है। उन्होंने कहा कि यह लोगों से मिलने और बातचीत करने का एक शानदार मौका है। अक्सर हम क्रिकेट के बारे में बात करते हैं। कभी-कभी, कोई प्यारा सा भारतीय परिवार मुझे कुछ खाने को भी देता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में और ट्रेनों में ऐसा ही होता है। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand में 2027 चुनाव के लिए BJP ने कसी कमर, नितिन नवीन ने भरा कार्यकर्ताओं में जोश ऑस्ट्रेलियाई राजदूत ने यह भी कहा कि वह पंजाब और हरियाणा में नए मौकों को तलाशने और भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों को और मज़बूत करने के लिए उत्सुक हैं। यह बयान तब आया है, जब प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने 1991 में एक बैकपैकर के तौर पर अपनी पहली भारत यात्रा को याद किया। उस अनुभव के बारे में बात करते हुए, उन्होंने यात्रियों को सलाह दी कि अगर वे देश को गहराई से समझना चाहते हैं, तो उन्हें बस या ट्रेन से यात्रा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन दिनों मैं कुछ अलग तरह से यात्रा करता था। मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि अगर आप भारत को समझना चाहते हैं, तो बस या ट्रेन में सफ़र करें। वहाँ के लोगों का अपनापन और गर्मजोशी को खुद अनुभव करना एक शानदार एहसास है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। My Prime Minister, @AlboMP , often says the best way to get to know is by travelling on its trains . So it was fitting to arrive in Chandigarh by train - a journey I thoroughly enjoyed. Looking forward to exploring opportunities in Punjab & Haryana to further deepen ties. pic.twitter.com/55jPPStbAx — Philip Green OAM (@AusHCIndia) September 9, 2026
DA मामले में आदेश की पालना न होने पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को फटकार लगाई। सरकार को अपील की खामियां दूर कर दस दिन में सुनवाई कराने का निर्देश दिया।
12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला। मंगलवार सुबह रूस के तीन मिलिट्री विमानों ने एयरपोर्ट के रनवे पर लैंडिंग की। नए बने इस एयरपोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी विदेशी मिलिट्री विमान ने यहाँ लैंड किया है। इसे भी पढ़ें: Prabhasakshi NewsRoom: BRICS Summit का पूरा Schedule जारी, जानिए कब और किन वैश्विक नेताओं से मिलेंगे PM Modi विमान सुबह करीब 5:30 बजे रनवे पर उतरे। इनमें रूस का मिलिट्री ट्रांसपोर्ट विमान IL-76 भी शामिल था। इन विमानों से रूस की एक एडवांस टीम और मिलिट्री अधिकारी भारत पहुंचे। इस लैंडिंग को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा और दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS समिट की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी इस हाई-प्रोफाइल डिप्लोमैटिक इवेंट के लिए तैयारियां कर रही है। एयरपोर्ट पर खड़े रूसी विमान तीनों मिलिट्री विमान बुधवार पूरे दिन एयरपोर्ट के रनवे पर खड़े रहे। एयरपोर्ट के सिक्योरिटी अधिकारी और रूसी टीमें विमानों पर नज़र रख रही हैं और सिक्योरिटी इंतज़ामों की देखरेख कर रही हैं। भारत आने वाले विदेशी मिलिट्री विमान आम तौर पर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते रहे हैं। नोएडा एयरपोर्ट पर रूसी विमानों की लैंडिंग इस नई सुविधा के लिए एक अहम शुरुआत है। इसे भी पढ़ें: Punjab के पूर्व कैबिनेट मंत्री Bhagat Chunni Lal का 93 वर्ष की उम्र में निधन 12-13 सितंबर को BRICS समिट 18वां BRICS समिट 12 और 13 सितंबर को दिल्ली के भारत मंडपम में होगा। इसमें कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार के प्रमुख शामिल होंगे। पुतिन भी इस समिट में हिस्सा लेंगे। नोएडा एयरपोर्ट पर रूसी मिलिट्री विमानों की लैंडिंग और पार्किंग इंटरनेशनल प्रोटोकॉल और विदेशी मेहमानों की आवाजाही से जुड़ी तैयारियों का हिस्सा है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi Russian Air Force IL-76 lands at Noida International Airport ahead of President Vladimir Putin’s India visit for the BRICS Summit 2026. Noida Airport handled 1,044 flights and 77,000+ passengers in the first full month of operations in July 2026. pic.twitter.com/ON7gXbkC8a — The Uttar Pradesh Index (@theupindex) September 9, 2026
Punjab के पूर्व कैबिनेट मंत्री Bhagat Chunni Lal का 93 वर्ष की उम्र में निधन
पंजाब के पूर्व मंत्री भगत चुन्नी लाल का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। उनके बेटे और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने यह जानकारी दी। चुन्नी लाल ने जालंधर स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार में बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा, ‘‘चुन्नी लाल भगत जी अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन से हम बेहद दुखी हैं।’’उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार शाम पांच बजे जालंधर में किया जाएगा। चुन्नी लाल के निधन के बाद पंजाब सरकार ने आधे दिन के अवकाश की घोषणा की है। चुन्नी लाल 2012 में तत्कालीन शिरोमणि अकाली दल (शिअद)-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली सरकार में उनके पास स्थानीय निकाय तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभागों का प्रभार था। चुन्नी लाल का जन्म एक दिसंबर 1932 को सियालकोट (अब पाकिस्तान) में हुआ था। विभाजन के बाद उनका परिवार जालंधर में बस गया था। उन्होंने 1985 में जालंधर दक्षिण विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपना पहला चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1997 में उन्होंने इसी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीता। वह 2007 और 2012 में भी विधायक चुने गए। 2012 में परिसीमन प्रक्रिया के बाद उन्होंने जालंधर पश्चिम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। चुन्नी लाल ने 2011 में पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। उनके बेटे मोहिंदर भगत ने अप्रैल 2023 में भाजपा छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था।
गुलजार सिंह की मौत पर चौतरफा गिरी मान सरकार, देखें पंजाब आजतक
पंजाब के गुलजार सिंह सुसाइड केस पर मान सरकार घिरती नजर आ रही है. AAP सरकार के खिलाफ कांग्रेस-बीजेपी और अकाली दल ने मोर्चा खोल दिया है. वहीं पुलिस ने इस मामले में एक्शन लेते हुए सरपंच समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. दूसरी ओर मामले की जांच के लिए मान सरकार ने भी SIT गठित की है. देखें पंजाब आजतक.
खगड़िया में 12 घंटे के अंदर दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गोली मारकर दो लोगों की हत्या कर दी गई है। पहला मामला बेलदौर थाना क्षेत्र के सकरोहर गांव का है। यहां घर की छत पर सो रहे युवक की अज्ञात अपराधियों ने सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। मृतक की पहचान सकरोहर पंचायत के वार्ड नंबर 11 राम टोला निवासी दुखभंजन राम के बेटे ज्योतिष राम (24) के रूप में हुई है। परिजन ने बताया कि ज्योतिष राम दूसरे प्रदेश में मजदूरी करता था। वह रक्षाबंधन में घर आया हुआ था एक-दो दिन में वापस काम पर जाने वाला था। रक्षाबंधन पर उसकी बहन लक्ष्मी देवी भी राखी बांधने घर आई थी। परिजनों के अनुसार, ज्योतिष का किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं थी। खाना खाने के बाद छत पर गया था सोने परिजन के अनुसार, बुधवार रात करीब आठ बजे खाना खाने के बाद ज्योतिष घर की छत पर सोने चला गया था। देर रात अज्ञात अपराधियों ने छत पर पहुंचकर उसके सिर में गोली मार दी। मृतक के बड़े भाई नीतीश ने बताया कि उनके पिता पंजाब में मजदूरी करते हैं। ज्योतिष भी मकान निर्माण में मजदूरी करता था। घटना के समय गोली चलने की आवाज सुनकर बड़ी बहन लक्ष्मी छत पर पहुंची थी, लेकिन ज्योतिष को सोया समझकर वापस लौट गई। वहीं छोटी बहन पूजा ने बताया कि रात करीब आठ बजे उसकी ज्योतिष से फोन पर बात हुई थी। पड़ोसी और रिश्ते में चाची सुनीता देवी ने भी देर रात गोली चलने की आवाज सुनने की बात कही है। छज्जे के सहारे छत पर पहुंचा आरोपी पुलिस के मुताबिक, अपराधी पड़ोसी बेचन राम के सुनसान घर के छज्जे के सहारे छत पर पहुंचे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। दूसरी घटना पिछली रात पसराहा थाना क्षेत्र में हुई। यहां भी गोली मारकर एक व्यक्ति की हत्या की गई। महज 12 घंटे के अंदर दो हत्याओं से पुलिस की कार्यशैली और अपराध नियंत्रण पर सवाल खड़े हो गए हैं। बेलदौर घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पुलिस दोनों मामलों में हत्या के कारणों, घटना में शामिल अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
खेडां वतन पंजाब दियां-2026 के तहत फिरोजपुर में ब्लॉक स्तरीय खेल मुकाबले जारी
खेडां वतन पंजाब दियां-2026 के तहत फिरोजपुर में ब्लॉक स्तरीय खेल मुकाबले जारी
राघव चड्ढा का नाम पंजाब की मतदाता सूची से कट गया है।
पंजाब प्रभारी बनते ही सचिन पायलट वहां की राजनीति में एक्टिव हो गए हैं। यहां पायलट का मुकाबला राजस्थान बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पंजाब प्रभारी सतीश पूनिया से होगा। यह पहला मौका है, जब दोनों पार्टियों ने पंजाब की जिम्मेदारी राजस्थान के नेताओं को सौंपी है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पंजाब में पूनिया और पायलट अपनी-अपनी पार्टियों को कितना मजबूत कर पाएंगे। राजस्थान के इन दोनों नेताओं को ही पंजाब क्यों भेजा? नई जिम्मेदारी से राजस्थान की राजनीति में क्या-क्या बदलेगा? जानेंगे आज के राजस्थान एक्सप्लेनर में… सबसे पहले राजस्थान के जिन दो दिग्गजों के बीच पंजाब की राजनीति में टक्कर होनी है, उनका परिचय जान लेते हैं। सवाल-1: पंजाब में राजस्थान के नेताओं को ही क्यों भेजा गया? जवाब: मोटे तौर पर तीन कारण सबसे अहम दिखते हैं… पहला: सीमावर्ती कनेक्शन के साथ सामाजिक-राजनीतिक समझ राजस्थान के श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ और पंजाब के फाजिल्का-फिरोजपुर बेल्ट का रिश्ता सिर्फ नक्शे का नहीं है। यहां की राजनीति में खेती, सिंचाई, नहर, MSP, किसान असंतोष और ग्रामीण नेटवर्क जैसे कॉमन मुद्दे गहराई से असर डालते हैं। सतीश पूनिया जाट-किसान पृष्ठभूमि से आते हैं। लंबे समय से किसान, ग्रामीण और संगठन आधारित राजनीति का हिस्सा रहे हैं। सचिन पायलट भी गुर्जर-किसान सामाजिक आधार वाले नेता माने जाते हैं। उत्तर भारत के सियासी मुद्दों को करीब से समझते हैं। दूसरा: संगठन संभालने का अनुभव पूनिया राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष (सितंबर 2019 से मार्च 2023 तक) रहे हैं। हरियाणा में प्रभारी रहते हुए चुनाव जिताकर अपना संगठनात्मक कौशल साबित कर चुके हैं। उनकी पहचान ऐसे नेता की रही है, जो कैडर, ढांचे और चुनावी तैयारी पर काम करते हैं। पायलट के पास बतौर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष 6 साल (2014 से 2020) से ज्यादा प्रदेश संगठन चलाने का अनुभव है। राजस्थान विधानसभा चुनाव-2018 में कांग्रेस की सत्ता में वापसी से पहले संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं को ऊर्जा देने में उनका अहम योगदान था। दोनों नेताओं के पास सिर्फ जनाधार ही नहीं, बल्कि कमजोर या बिखरे संगठन में फिर से जोश-ऊर्जा भरने का अच्छा-खासा अनुभव भी है। तीसरा: पार्टी की जरूरत के अनुसार दोनों नेता फिट भाजपा की चुनौती पंजाब में पार्टी विस्तार की है। अकाली दल से अलग होने के बाद उसे अपने दम पर 117 सीटों पर लड़ने लायक संगठन, स्थानीय चेहरे और सामाजिक पहुंच बनानी है। यहां पूनिया की उपयोगिता एक संगठन खड़ा करने वाले नेता की है। उनसे उम्मीद यह नहीं है कि वे अचानक करिश्माई लहर बना देंगे, बल्कि यह है कि वे बूथ से जिला लेवल तक पदाधिकारी और नए स्थानीय चेहरों को जोड़कर भाजपा को ‘अकेले लड़ने लायक’ ढांचे में बदलें। कांग्रेस की चुनौती अलग है। उसके पास पंजाब में भाजपा से ज्यादा राजनीतिक जमीन तो है, लेकिन फिलहाल अंदरूनी खींचतान ज्यादा है। वडिंग, चन्नी, रंधावा और बाजवा जैसे अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच तालमेल बनाना सबसे मुश्किल काम है। यहां पायलट की उपयोगिता एक संवादकारी और संतुलन बनाने वाले नेता की है। राजस्थान की राजनीति में लंबे समय तक अलग-अलग शक्ति केंद्रों के बीच काम करने का अनुभव उन्हें पंजाब में उपयोगी बना सकता है। सवाल 2: सतीश पूनिया के सामने असली चुनौती क्या है और वे किस रणनीति से काम कर रहे हैं? जवाब: भाजपा ने ऐलान किया है कि वह 2027 में पंजाब की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। लंबे समय तक पंजाब में भाजपा की राजनीति शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर टिकी रही। 2020 में किसान कानूनों के मुद्दे पर यह गठबंधन टूट गया। इसके बाद भाजपा को पंजाब में अपना अलग आधार खड़ा करना पड़ा। 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 73 सीटों पर चुनाव लड़ा, सिर्फ 2 सीटें जीतीं और उसका वोट शेयर 6.6% रहा। लोकसभा चुनाव-2024 में वोट प्रतिशत बढ़कर 18.6% हुआ, लेकिन एक भी सीट नहीं मिल पाई। यहीं से पूनिया की असली परीक्षा शुरू होती है। 117 सीटों पर उम्मीदवार उतारने से पहले वहां बूथ स्तर तक काम करने वाला संगठन खड़ा करना है। संगठन की ताकत और कमजोरी समझने के लिए पूनिया ने पंजाब पहुंचते ही पदाधिकारियों, जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठकें शुरू कर दी हैं। गठबंधन के दौरान भाजपा का आधार मुख्य रूप से शहरी और हिंदू बहुल सीटों पर था, जबकि अकाली दल के पास ग्रामीण और सिख वोट का नेटवर्क था। 2022 में भाजपा का वोट शेयर 6.6% और अकाली दल का 18.38% था। इसका मतलब है कि भाजपा को अब उस ग्रामीण और सिख स्पेस में भी घुसना होगा, जहां वह पहले कमजोर रही है। इसी दिशा में 2 अगस्त 2026 को नई राज्य टीम बनाई गई। इसमें 12 उपाध्यक्षों में से कुछ नेता ऐसे शामिल किए गए, जो कांग्रेस, अकाली दल या अन्य पार्टियों से भाजपा में आए थे। यानी पूनिया का मिशन सिर्फ पुराने कैडर को सक्रिय करना नहीं, बल्कि नए स्थानीय चेहरों के जरिए नई सामाजिक-राजनीतिक जमीन भी तैयार करना है। सवाल 3: सचिन पायलट के लिए बड़ी परीक्षा क्या है? जवाब: पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती कांग्रेस को अंदरूनी तौर से संभालने की है। पंजाब कांग्रेस में इस समय कई पावर सेंटर हैं। एक तरफ प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग हैं। दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में असंतुष्ट खेमा है, जो वडिंग को हटाने की मांग करता रहा है। इसके अलावा सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और विधायक परगट सिंह जैसे नेता भी सक्रिय हैं। जुलाई में चन्नी और रंधावा की बैठक के बाद इस खेमे ने हाईकमान तक यह संदेश पहुंचाया कि वडिंग के नेतृत्व में 2027 का चुनाव जीतना मुश्किल होगा। इसके बावजूद कांग्रेस ने जुलाई में वडिंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखा। साथ ही चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन, रंधावा को कोर कमेटी का चेयरमैन और प्रताप सिंह बाजवा को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाए रखा। यानी हाईकमान ने किसी एक नेता को पूरी कमान देने के बजाय अलग-अलग नेताओं में जिम्मेदारियां बांटकर संतुलन बनाने की कोशिश की। लेकिन यही मॉडल नई समस्या बन गया। संगठन वडिंग के पास, चुनावी अभियान चन्नी के पास और विधानसभा में नेतृत्व बाजवा के पास है। ऐसे में अलग-अलग पावर सेंटर के बीच तालमेल चुनौती बना हुआ है। जुलाई-अगस्त में चन्नी और वडिंग समर्थकों के बीच कई कार्यक्रमों में नारेबाजी और टकराव की खबरें भी सामने आईं। सवाल-4: पायलट को भूपेश बघेल की जगह क्यों भेजा गया? जवाब: क्योंकि कांग्रेस का पिछला मैनेजमेंट मॉडल पंजाब में काम नहीं कर पाया। भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाकर गुटों के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश की गई थी। लेकिन चन्नी-रंधावा खेमे ने उन पर वडिंग के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाया। कुछ कार्यक्रमों में बघेल के खिलाफ पोस्टर और नारे भी लगे। इसके बाद 5 सितंबर को कांग्रेस ने बघेल को पंजाब से हटाकर असम भेज दिया और उनकी जगह पायलट को नया प्रभारी बना दिया। नियुक्ति के अगले ही दिन चन्नी, रंधावा और वडिंग तीनों ने पायलट का सार्वजनिक तौर पर स्वागत किया और सहयोग का भरोसा दिया। लेकिन इससे विवाद खत्म मान लेना जल्दबाजी होगी। उन्हें किसी एक गुट का नहीं, बल्कि ऐसा मध्यस्थ बनना है, जिस पर सभी पक्ष भरोसा कर सकें। सवाल 5: दोनों की परीक्षा में सबसे बड़ा फर्क क्या है? जवाब: पूनिया के सामने सवाल है- भाजपा की जमीन कितनी बढ़ेगी? पायलट के सामने सवाल है- कांग्रेस की जमीन कितनी बचाई और जोड़ी जा सकेगी? भाजपा 2022 में सिर्फ 2 सीटें जीत सकी थी। 2024 लोकसभा में वोट बढ़े, लेकिन सीट नहीं मिली। इसलिए पूनिया के लिए सफलता का पैमाना संगठन विस्तार और वोट को सीट में बदलना होगा। पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 में कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन 2024 लोकसभा चुनाव में 13 में 7 सीटें जीतकर वापसी के संकेत दे चुकी है। पायलट के लिए सबसे बड़ी चुनौती इस बढ़त को विधानसभा चुनाव में जीत में बदलना और उससे पहले अंदरूनी लड़ाई को रोकना है। सवाल 6: पंजाब के नतीजों का दोनों नेताओं की सियासी पारी पर क्या असर होगा? जवाब: अगर सचिन पायलट पंजाब में कांग्रेस के धड़ों को साथ रखकर बेहतर प्रदर्शन कराते हैं, तो इससे उनका राष्ट्रीय संगठनात्मक कद बढ़ेगा। अगर पूनिया भाजपा को अकाली दल के साए से बाहर निकालकर पंजाब में सीट और वोट शेयर दोनों स्तर पर विस्तार दिला पाते हैं, तो यह बढ़त उनकी संगठनात्मक क्षमता के खाते में जाएगी। यानी पंजाब के नतीजों का असर सिर्फ चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा। जयपुर में भी यह देखा जाएगा कि राजस्थान के इन दोनों नेताओं ने दूसरे राज्य में मिली बड़ी राजनीतिक परीक्षा को कैसे संभाला।
पंजाब में मानसून कमजोर पड़ने से तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री ऊपर पहुंच गया। पटियाला सबसे गर्म रहा। 10 से 13 सितंबर तक उत्तरी और कुछ मध्य जिलों में बारिश संभव है।
खेडां वतन पंजाब दिया-2026: डीसी ने खुद बैडमिंटन में कराया रजिस्ट्रेशन
भास्कर न्यूज|लुधियाना डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और विधायकों मदन लाल बग्गा, अशोक पप्पी पराशर, मनविंदर सिंह गयासपुरा और जगतार सिंह दयालपुरा ने अलग-अलग खेल संघों, विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों और संबंधित सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने ‘खेडां वतन पंजाब दियां 2026’ के चौथे संस्करण में ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनसे पूरे सहयोग की अपील की। खासकर 14 से 70 साल और उससे ज़्यादा उम्र के प्रतिभागियों के बीच रजिस्ट्रेशन बढ़ाने के महत्व पर जो दिया। डीसी ने कहा कि उन्होंने खुद भी बैडमिंटन खेल के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है और लोगों से अपील की कि वे https://sports.punja b.gov.in लिंक पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करें। डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर नौ आयु वर्गों में 38 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। साथ ही टेनिस बॉल क्रिकेट भी शामिल है। पैरा गेम्स राज्य स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। विजेताओं को 12 करोड़ रुपये से ज़्यादा की इनामी राशि और ग्रेडेशन सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। अंडर-14, अंडर-17, अंडर-21, 21–30, 31–40, 41–50, 51–60, 61–70 और 70 साल से ज़्यादा के गेम में भाग ले सेंगे। डिप्टी कमिश्नर ने यह भी बताया कि सात खेलों में ब्लॉक-लेवल की प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं और 15 सितंबर तक चलेंगी। इनमें एथलेटिक्स, खो-खो, कबड्डी (नेशनल स्टाइल), कबड्डी (सर्कल स्टाइल), फुटबॉल, वॉलीबॉल (स्मैशिंग) और वॉलीबॉल (शूटिंग) शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट-लेवल की प्रतियोगिताएं 20 सितंबर से 30 सितंबर तक होंगी।
गहलोत से मिलीं सुप्रिया, बोलीं- पंजाब में बनेगी कांग्रेस सरकार
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत बुधवार को जयपुर आई। कांग्रेस की सोशल मीडिया विंग का कार्यक्रम था। हालांकि इसको लेकर दिल्ली आलाकमान के पास कुछ शिकायतें पहुंची थी। लेकिन श्रीनेत आते ही पूर्व सीएम अशोक गहलोत से मिलने पहुंची। उसके बाद हाल ही पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए गए पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को लेकर बड़ा बयान दिया। सुप्रिया श्रीनेत ने पायलट को ‘यूथ आइकॉन’ बताया। जयपुर में मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पंजाब में पायलट को भेजना पार्टी की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। वे वहां युवाओं से संवाद कर कांग्रेस के पक्ष में माहौल तैयार करेंगे। उन्होंने पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को लेकर कहा कि पंजाब में कोई गुटबाजी नहीं है। सीएम पर्ची से बने, काम कुछ नहीं किया : सुप्रिया ने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो को लेकर कहा कि भजनलाल शर्मा ‘पर्ची’ से बने हुए मुख्यमंत्री हैं। उनके पास कोई डिसीजन पावर नहीं है। न ही उन्हें प्रशासन चलाना है। उन्हें तो केवल पर्ची के माध्यम से आने वाले आदेशों की पालना करनी है। उनकी नाक के नीचे पेपर लीक हो रहे हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है। गहलोत सरकार की जो अच्छी योजनाएं थीं, उन्हें बंद कर दिया गया है।
Chandigarh News: चंडीगढ़ को स्मार्ट-ग्रीन सिटी और पंजाब को न्यू-एज इंडस्ट्री हब बनाने पर जोर
चंडीगढ़ को स्मार्ट-ग्रीन सिटी और पंजाब को न्यू-एज इंडस्ट्री हब बनाने पर जोर
Mohali News: नशे के खिलाफ भाजपा का प्रदर्शन, पंजाब सरकार को चेतावनी
BJP protests against drug abuse, warns Punjab government
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर विकसित पंजाब बनाया जाएगा और हरियाणा की योजनाएं लागू होंगी।
लुधियाना में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा से कथित बेअदबी की घटना को लेकर वाल्मीकि समाज में रोष है। रूपनगर में वाल्मीकि समाज के नेता और नगर कौंसिल रोपड़ के सफाई सेवकों के प्रधान अजय भट्टी ने घटना की कड़ी निंदा की है। अजय भट्टी ने कहा कि कुछ समाज विरोधी तत्व महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ कर पंजाब की शांति और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भट्टी ने समाज के लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना के जिम्मेदार व्यक्ति को जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। भट्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने मामले में ढिलाई बरती तो वाल्मीकि और अंबेडकर समाज की ओर से पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। अजय भट्टी ने समाज के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह या भड़काऊ गतिविधि पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
कपूरथला में ‘खेलां वतन पंजाब दियां-2026’ के चौथे सीजन में जिले से अधिक से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए डीसी आकाश बांसल ने यूनिवर्सिटी, कॉलेज और स्कूल प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से खेल विभाग के साथ मिलकर विद्यार्थियों और अन्य योग्य प्रतिभागियों को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने की अपील की। डीसी ने कहा कि प्रतियोगिताओं में रजिस्ट्रेशन बढ़ाना जरूरी है। खासकर 14 साल से लेकर 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को खेलों से जोड़ने के लिए सभी विभागों और संस्थानों को मिलकर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, ग्रामीण विकास एवं पंचायत और युवा सेवाएं विभागों से खिलाड़ियों, खेल क्लबों और टीमों का अधिक से अधिक पंजीकरण करवाने में सहयोग करने को कहा। सरकारी कर्मचारियों को भी अपनी पसंद के खेलों में भाग लेने और इस अभियान का सक्रिय दूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार लड़के और लड़कियों के लिए ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर 9 आयु वर्गों में 38 खेल प्रतियोगिताएं करवाई जा रही हैं। इनमें टेनिस बॉल क्रिकेट प्रदर्शनी खेल और चार पैरा-खेल भी शामिल हैं। विजेताओं को मिलेगा प्रमाण पत्र विजेताओं को ग्रेडेशन प्रमाण पत्र के साथ 12 करोड़ रुपए से अधिक की पुरस्कार राशि दी जाएगी। एथलेटिक्स, खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल और वॉलीबॉल सहित सात खेलों की ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं, जो 18 सितंबर तक चलेंगी। जिला स्तरीय मुकाबले 20 से 30 सितंबर तक होंगे। सज्जन सिंह चीमा और एडवोकेट करमबीर सिंह चंदी ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 5 सितंबर को बठिंडा में चौथे सीजन का उद्घाटन किया था। इसका समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा। पिछले सीजन में करीब 5 लाख खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था, जबकि इस बार 10 लाख प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य है। इच्छुक प्रतिभागी प्रचार सामग्री पर दिए QR कोड को स्कैन कर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
Rahul Gandhi ने Punjab Drug का जिक्र कर Bhagwant Mann को सुनाया | Arvind Kejriwal | Gulzar Singh
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से पंजाब में नशे के मुद्दे पर की गई टिप्पणी को लेकर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया है
कैथल में पुलिस ने चोरी की चार बाइकों के साथ पंजाब के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एक बाइक नरवाना जिला जींद से व 3 बाइक पंजाब में विभिन्न जगहों से चोरी की थी। दोनों के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव सतराणा जिला पटियाला पंजाब निवासी सोनू राम पुत्र दयालु राम व सोनू पुत्र जीता राम के रूप में हुई है। वे चोरी की बाइक औने पौने दाम में बेच देते थे। डीएसपी ने की प्रेसवार्ता मामले को लेकर डीएसपी सुशील प्रकाश ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि गांव धर्मपुरा निवासी बलदेव सिंह कि शिकायत अनुसार वह ट्रक ड्राइवर का काम करता है। 27 अगस्त को वह पातड़ा से माता गुजरी चौक खरकां तक एक अज्ञात व्यक्ति के मोटरसाइकिल पर लिफ्ट लेकर आया था। करीब 9 बजे वह माता गुजरी चौक खरकां से पैदल सड़क की साइड जा रहा था। कपड़ों का बैग सड़क किनारे रख दिया इसी दौरान पेट में दर्द होने के कारण उसने अपने कपड़ों का बैग सड़क किनारे रख दिया और खेतों में लघुशंका के लिए चला गया। लघुशंका करने के बाद जब वह वापस बैग की तरफ आ रहा था, तभी खरकां की तरफ से मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आए और सड़क किनारे रखा बैग चोरी करके मौके से फरार हो गए। मोटरसाइकिल पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी। हरियाणा और पंजाब से बाइक चुराई मामले में चौंकी रामथली की टीम ने आरोपी गांव सतराणा जिला पटियाला पंजाब निवासी सोनू राम पुत्र दयालु राम तथा सोनू राम पुत्र जीता राम को काबू कर लिया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी किया हुआ बैग, 13 हजार रुपए व अन्य 4 चोरी की बाइक बरामद कर ली गई। आरोपियों ने वारदात में प्रयुक्त बाइक सहित एक बाइक नरवाना जिला जींद व 3 बाइक पंजाब के विभिन्न स्थानों से चोरी करनी कबूल की हैं। आरोपी सोनू राम पुत्र दयालु राम पर लड़ाई-झगड़े व चोरी के 7 मामले व आरोपी सोनू राम पुत्र जीता राम पर चोरी का एक मामला दर्ज हैं। दोनों न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए।
मानसा में ‘खेलां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन को अच्छे से करवाने के लिए डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने एक समीक्षा बैठक की। यह बैठक जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में हुई, जिसमें अलग-अलग विभागों के प्रमुख और खेल एसोसिएशनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पंजाब सरकार का यह खेल महाकुंभ प्रदेश की छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का अच्छा मौका है। डिप्टी कमिश्नर नवजोत कौर ने बताया कि इन खेलों में हर उम्र के खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिलेगा। इस बार कुल 38 खेल शामिल किए गए हैं, जिनमें 4 पैरा-खेल भी हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉक स्तर की प्रतियोगिताएं शुरू हो चुकी हैं। इसके बाद जिला स्तर और फिर राज्य स्तर पर खेल मुकाबले होंगे। DC का आदेश- शहरों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। राज्य स्तर पर पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले विजेताओं को क्रमशः 10 हजार, 7 हजार और 5 हजार रुपये का नकद इनाम मिलेगा। इसके अलावा, 40 साल से कम उम्र के विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में खेल कोटे के लिए ग्रेडेशन का फायदा भी दिया जाएगा। बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने एडीसी जनरल और एडीसी (ग्रामीण विकास) को निर्देश दिए कि शहरों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। उन्होंने अधिकारियों और खेल एसोसिएशनों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएं, क्योंकि सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को बहुत आसान बनाया है।
गुलजार सिंह की मौत पर गरमाई पंजाब की सियासत
पंजाब, 09 सितंबर2026 । पंजाब में एक व्यक्ति की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पंजाब की AAP सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच और पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के इस्तीफे की मांग […] The post गुलजार सिंह की मौत पर गरमाई पंजाब की सियासत appeared first on Rashtriya Ujala .
Mahatransco IPO: आईपीओ से ₹10000 करोड़ जुटा सकती है महाट्रांसको, जानिए क्या है कंपनी का प्लान
महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन कंपनी (एमएसईटीसीएल) आईपीओ से 10,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बताया। इस ट्रांसमिशन कंपनी को महाट्रांसको भी कहा जाता है। यह किसी राज्य सरकार की ट्रांसमिशन कंपनी का पहला आईपीओ होगा। अभी कंपनी का यह प्लान शुरुआती अवस्था में है।महाट्रांसको इनवेस्टमेंट बैंक की नियुक्ति करने वाली हैMaharashtra State Electricity Transmission Company Ltd (MSETCL) अभी इनवेस्टमेंट बैंक और लीगल काउंसल की नियुक्ति करने वाली है। इस मामले में जानकारी देने वाले सूत्रों ने बताया कि आईपीओ के साइज और स्ट्रक्चर के बारे में फैसला ड्राफ्ट पेपर्स फाइल होने के करीब हो सकता है।40000-50000 की वैल्यूएशन पर आ सकता है IPOइस मामले में जानकारी देने वाले एक सूत्र ने बताया, इस आईपीओ के करीब 40,000-50,000 की वैल्यूएशन पर आने की उम्मीद है। इस आईपीओ में ऑफर फॉर सेल (OFS) भी होगा। महाट्रांसको इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू करेगी, जबकि इसकी पेरेंट कंपनी एमएसईबी होल्डिंग कंपनी अपने कुछ शेयर बेचेगी।महावितरण भी इश्यू से 50-100 करोड़ डॉलर जुटाएगीमनीकंट्रोल ने सबसे पहले 18 अगस्त को यह बताया था कि महाट्रांसको ने अपने प्रस्तावित आईपीओ के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकर्स से बोलियां आमंत्रित की है। इससे पहले महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी (महावितरण) ने आईपीओ के लिए छह इनवेस्टमेंट बैंक नियुक्त किए हैं। ब्लूमबर्ग ने बताया है कि यह कंपनी 50 करोड़ डॉलर से 100 करोड़ डॉलर जुटा सकती है।राज्य सरकारों की ये कंपनियां पहले से सूचीबद्धशेयरों की लिस्टिंग के बाद महाट्रांसको और महावितरण राज्य सरकारों की कुछ चुनिंदा कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगी, जिनके शेयरों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजों में होती है। इस लिस्ट में Gujarat Energy, Gujarat Alkalies and Chemicals, Gujarat Mineral Development Corporation, Tamil Nadu Newsprint and Papers, Punjab Communications और Jammu & kashmir Bank शामिल हैं।काउंसल की नियुक्ति के लिए भी प्रस्ताव आमंत्रितरिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) के मुताबिक, महाट्रांसको छह मर्चेंट बैंकर्स का चुनाव कर सकती है। मर्चेंट बैंकर्स के लिए बोलियां सब्मिट करने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी। एलिजिबल बिडर्स की तरफ से 15 से 17 सितंबर के बीच प्रजेंटेशन होगा। कंपनी ने काउंसल की नियुक्ति के लिए लॉ फर्मों से भी अलग से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।यह भी पढ़ें:IPO News: एक-दो नहीं, खुले 6 कंपनियों के आईपीओ; इसकी GMP सबसे तगड़ीकंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइनमहाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद महाट्रांसको की शुरुआत हुई थी। इसका मालिकाना हक MSEB Holding Company के पास है। यह महाराष्ट्र सरकार की ट्रासमिशन यूटिलिटी के रूप में ऑपरेट करती है। कंपनी के पास 52,807 सर्किट किलोमीटर की ट्रांसमिशन लाइन और 760 एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज सबस्टेशन हैं, जिसका वह मेंटेनेंस भी करती है। इस तरह से यह देश की सबसे बड़ी स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी है।
Naman Dhir ने 64 गेंदों पर ठोके 173 रन, Amritsar Soormas ने Mohali Kings को हराया
Naman Dhir ने Sher-E-Punjab T20 League में 64 गेंदों पर 173 रन ठोककर Amritsar Soormas को Mohali Kings पर 67 रन की जीत दिलाई। Soormas ने 279/7 का सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बनाया।
11000 कर्मियों को नोटिस से डराने की कोशिश फेल! झुकी पंजाब सरकार
पंजाब सरकार द्वारा जारी 'कारण बताओ नोटिस' और 'नो वर्क, नो पे' आदेशों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई दो दौर की मैराथन बैठकों के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है. कर्मचारी संगठनों ने सचिवालय परिसर से अपना पक्का मोर्चा और धरना पूरी तरह समाप्त कर दिया है.
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पंजाब में नशे के मुद्दे और एक व्यक्ति की मौत की टिप्पणी पर जोरदार हमला बोला है। केजरीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि पंजाब में नशे का जाल कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा की सरकारों के दौर में फैला था, जिसे अब भगवंत मान सरकार साफ करने में जुटी है। राहुल गांधी की टिप्पणी पर जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि वे लाशों के ऊपर ओछी राजनीति करना बंद करें। ग्रामिणों ने कांग्रेसी विधायक को धक्के मार निकाला बाहर- केजरीवाल केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि जब कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैरा उस पीड़ित गांव में पहुंचे, तो वहां के ग्रामीणों ने उन्हें खदेड़ दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जो कुछ भी लिखा है, वह सरासर झूठ है। केजरीवाल ने चुनौती देते हुए कहा, मेरा आपसे निवेदन है कि आप खुद एक बार उस गांव का चक्कर लगाकर आएं, ताकि सच्चाई पता चल सके। मान सरकार नशे के खिलाफ लड़ रही निर्णायक जंग केजरीवाल ने दावा करते हुए कहा कि पूरे देश के इतिहास में पहली बार कोई राज्य सरकार नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए इस स्तर पर निर्णायक युद्ध लड़ रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दुखद मौत से पंजाब सरकार के किसी भी मंत्री या विधायक का कोई लेना-देना नहीं है। विरोधी दल अपनी पुरानी गलतियों को छिपाने के लिए आम आदमी पार्टी की सरकार को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
पंजाब डीजीपी के पद पर पिछले करीब 4 साल से नियमित नियुक्ति नहीं होने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार को इस मामले में हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर, 2026 को होगी। वकील निखिल थम्मन की ओर से दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि पुलिस महानिदेशक का पद लंबे समय से अतिरिक्त चार्ज के आधार पर चल रहा है। याचिका में इसे गंभीर संस्थागत मामला बताते हुए नियमित डीजीपी की नियुक्ति करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी अधिकारी को लंबे समय तक केवल अतिरिक्त चार्ज देकर पुलिस बल का प्रमुख बनाए रखना पुलिस व्यवस्था की स्वतंत्रता और स्थिरता से जुड़े सवाल पैदा करता है। याचिका में कहा गया है कि नियमित नियुक्ति से डीजीपी को निश्चित कार्यकाल मिलता है, जिससे पुलिस नेतृत्व में स्थिरता बनी रहती है। इससे कानून-व्यवस्था और पुलिस व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का दिया हवाला याचिका में सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2006 के महत्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले के फैसले और इसके बाद 13 मार्च, 2019 को जारी आदेशों का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में डीजीपी की नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा तैयार पैनल से चयन करने की प्रक्रिया तय की थी। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने डीजीपी के पद पर लंबे समय तक कार्यकारी या अस्थायी व्यवस्था चलाने को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए थे। इसी आधार पर पंजाब में अतिरिक्त चार्ज की व्यवस्था को चुनौती दी गई है। यूपीएससी का पैनल मिलने का दावा याचिका के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग की ओर से तैयार किया गया पैनल कथित तौर पर पंजाब सरकार को पहले ही मिल चुका है। इसके बावजूद नियमित डीजीपी की नियुक्ति नहीं की गई। इस पर याचिकाकर्ता ने 24 अगस्त, 2026 को संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर नियमित डीजीपी की नियुक्ति करने की मांग की थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने की। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को मामले में अपना हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस की कमान मिलने पर परगट सिंह ने मुलाकात कर दी बधाई
चंडीगढ़, 9 सितंबर . पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता परगट सिंह ने सचिन पायलट से मुलाकात की और बधाई दी. उन्होंने इस बात की जानकारी social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए दी. परगट सिंह ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “सचिन पायलट से मुलाकात की, जिन्हें पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी ... Read more
कांग्रेस के नवनियुक्त पंजाब मामलों के प्रभारी एवं महासचिव सचिन पायलट ने राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात कर राज्य में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है। पायलट ने स्पष्ट किया कि पंजाब के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के मार्गदर्शन में एकजुट होकर काम करने का आश्वासन दिया है। सचिन पायलट ने बताया कि उन्होंने राज्य के शीर्ष नेताओं से बातचीत की है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने भी पार्टी के भावी रोडमैप और राज्य में संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में ठोस रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी। सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है दरअसल, सचिन पायलट ने मंगलवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दिल्ली में बैठक के बाद एक मीडिया हाउस को दिए इंटरव्यू में यह दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता संगठन को नीचे से लेकर ऊपर तक मजबूत करना और सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है। पायलट ने कहा कि पंजाब में पार्टी का हर कार्यकर्ता और नेता एकजुट है और वे मिलकर राज्य की जनता के मुद्दों को उठाएंगे। सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाएंगे इंटरव्यू के दौरान पायलट ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार की विफलताओं को जनता के सामने लाना और कांग्रेस के जनाधार को फिर से मजबूत करना उनकी मुख्य रणनीति का हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ समन्वय बनाकर पार्टी पूरी मजबूती से आगे बढ़ेगी। पार्टी के सामने गुटबाजी खत्म करने की चुनौती पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाए जाने के बाद सचिन पायलट के सामने राज्य इकाई में जारी गुटबाजी को खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती है। विशेष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच चल रहे मतभेदों को सुलझाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
गुलजार सिंह की मौत के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया है। कांग्रेस ने जहां इसे सरकार की कथित संवेदनहीनता से जोड़कर सवाल उठाए हैं, वहीं पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
Punjab से नाम आउट, Delhi में एंट्री पर विवाद: Raghav Chadha के वोटर स्टेटस पर बहस!
पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में तब जोड़ा गया, जब वहां 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) चल रहा था। इससे कुछ दिन पहले ही उन्होंने पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से अपना नाम हटाए जाने के पीछे राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाया था। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त को जारी की गई थी, जबकि चड्ढा का नाम 8 सितंबर को दिल्ली में लिस्ट में शामिल किए गए 700 लोगों में से एक था। इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद चड्ढा का नाम दिल्ली की वोटर लिस्ट में कैसे शामिल किया गया। इसे भी पढ़ें: दिल्ली की मतदाता सूची में राघव चड्ढा का नाम शामिल, AAP ने उठाए प्रक्रिया पर सवाल AAP ने आरोप लगाया कि चड्ढा ने दिल्ली में गैर-कानूनी तरीके से खुद को वोटर के तौर पर रजिस्टर कराया। राज्यसभा सांसद ने अपनी पुरानी पार्टी पर छोड़े गए प्रेमी जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया। चड्ढा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की सभी प्रक्रियाओं का पालन किया। दिल्ली के चुनाव अधिकारियों ने बताया कि चड्ढा का नाम अपडेशन प्रोसेस के ज़रिए वोटर लिस्ट में जोड़ा गया था। AAP के पूर्व सांसद 2024 से पंजाब में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं। दिल्ली की ड्राफ्ट लिस्ट में उनका नाम राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तक दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में EROs ने वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए कुल 700 फॉर्म मंज़ूर किए। चड्ढा का नाम भी उनमें शामिल था। इस विवाद ने चड्ढा के वोटर रजिस्ट्रेशन पर सबका ध्यान खींचा है। इससे एक दिलचस्प सवाल भी उठा है। ड्राफ्ट रोल (प्रारंभिक सूची) के पब्लिश होने के बाद दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम कैसे शामिल किया गया? इंडिया टुडे ने इस मामले पर सफाई के लिए चुनाव आयोग से संपर्क किया है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Ballari में BJP की रैली को दी अनुमति, अधिकारियों को दिए निर्देश SIR प्रक्रिया के लिए दिल्ली की वोटर लिस्ट को 16 जून से 31 अगस्त के बीच रोक दिया गया था। दिल्ली के लिए ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त को पब्लिश की गई थी। 3 सितंबर को पंजाब की ड्राफ्ट लिस्ट से चड्ढा का नाम हटा दिया गया। दिल्ली के CEO ने एक बयान में कहा कि 31 अगस्त तक लगभग 2.14 लाख 'फॉर्म 6' मिले थे। 'फॉर्म 6' का इस्तेमाल वोटर लिस्ट में नए वोटर के रजिस्ट्रेशन के लिए किया जाता है। दावों और आपत्तियों के दौरान, फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए 7 सितंबर तक 25,011 और 'फॉर्म 6' जमा किए गए। फाइनल वोटर लिस्ट 4 नवंबर को पब्लिश की जाएगी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Rahul Gandhi ने पंजाब सरकार पर साधा निशाना, Harpal Cheema के इस्तीफे की मांग
नयी दिल्ली, नौ सितंबर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर एक ग्रामीण की कथित आत्महत्या को लेकर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री भगवंत मान से तुरंत वित्त मंत्री हरपाल चीमा का इस्तीफा लेने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस ग्रामीण ने राज्य में लगातार जारी नशीली दवाओं की आपूर्ति को लेकर मंत्री हरपाल चीमा से सवाल किया था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष गांधी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार के तहत एक ‘‘खतरनाक प्रवृत्ति’’ पैदा हो रही है कि यदि कोई सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाता है, तो उसे जवाब के तौर पर धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। संगरूर जिले के दिरबा के रहने वाले दलित गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने के बाद मौत हो गई। उनके परिवार के मुताबिक, उन्होंने छह सितंबर को दिरबा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री चीमा से इलाके में नशीले पदार्थों की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर सवाल किया था। गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पंजाब की ‘आप’ सरकार के तहत एक खतरनाक प्रवृत्ति उभर रही है- सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और प्रताड़ना से मिलेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलजार सिंह जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ इतना पूछा कि सरकार नशीले पदार्थ का कारोबार रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों है? बस इस बात पर उन्हें इतना प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने जहर खा लिया।’’कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए इलाज के अभाव में आखिरकार वह जिंदगी की जंग हार गए। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया।’’उन्होंने कहा कि सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को ‘‘कुचलना’’ नहीं। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘गुलजार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी प्राथमिकी में उनका नाम दर्ज किया जाए।’’कांग्रेस ने मंगलवार को भी चीमा को बर्खास्त करने की मांग की थी और कहा था कि गुलजार सिंह की मौत के लिए वह जिम्मेदार हैं। पंजाब में मादक पदार्थों का संकट राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। राज्य में ‘चिट्टा’ की लगातार हो रही आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल पूछने वाले गुलजार सिंह की कथित आत्महत्या के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एक प्राथमिकी के अनुसार, गुलजार सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर गुलजार के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है जिसमें दिहाड़ी मजदूर के रूप में काम करने वाले सिंह राज्य के वित्त मंत्री से अपने इलाके में नशीले पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते नजर आ रहे हैं। वह यह भी कहते सुने जा सकते हैं कि उनकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा और यह स्वीकार करते हैं कि उनका बेटा भी नशे का सेवन करता था। भावुक कर देने वाला यह वीडियो वायरल होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) समेत विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को घेरते हुए मामले की जांच की मांग की। इसका असर दिल्ली की राजनीति में भी देखने को मिला, जहां भाजपा और कांग्रेस ने भगवंत मान और हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। राज्य में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य सरकार पर संगरूर के ही एक अन्य ग्रामीण को कथित तौर पर हिरासत में प्रताड़ित करने के आरोपों को लेकर भी हमला बोला जा रहा है। आरोप है कि मादक पदार्थों के दुरुपयोग के मुद्दे पर ‘आप’ सरकार के खिलाफ काले झंडे लहराने और नारे लगाने के कारण उसे हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया गया।
राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा-‘दिख रहा खराब पैटर्न’
New Delhi, 9 सितंबर . Lok Sabha में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संगरूर निवासी गुलजार सिंह की मौत और मौत से पहले उनके social media पर सामने आए वीडियो को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) Government पर गंभीर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा ... Read more
राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा-'दिख रहा खराब पैटर्न'
राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत को लेकर पंजाब सरकार पर साधा निशाना, कहा-'दिख रहा खराब पैटर्न'
गुलजार सिंह की मौत पर राहुल गांधी ने पंजाब सरकार को घेरा
संगरूर में गुलजार सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. राहुल गांधी ने पंजाब सरकार पर सवाल उठाते हुए मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है.
संगरूर सुसाइड केस का हरपाल चीमा के साथ क्या कनेक्शन? देखें पंजाब आजतक
संगरुर के गुलजार सिंह सुसाइड केस में मान सरकार सवालों के कठघरे में हैं ...क्योंकि एक तरफ पीडि़त परिवार हरपाल चीमा से माफी मांगने के लिए सरपंच समेत कई लोगों पर दबाव डालने का आरोप लगा रहा है ...तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस पूरे मामले की जांच CBI से कराने और FIR में वित्त हरपाल चीमा का नाम लिखने के लिए दबाव बना रहा है ...इस बीच पंजाब सरकार ने पूरे मामले की जांच के लिए चार मेंबरों वाली SIT का गठन किया ..जिसकी अगुवाई पटियाला रेंज के DIG कर रहे हैं ...आइए आपको गुलजार सिंह सुसाइड केस का वित्त मंत्री हरपाल चीमा से क्या है कनेक्शन ..और क्यों सरकार इस पूरे मामले में सवालों के कठघरे में है.
'नशे पर सवाल पूछने की इतनी बड़ी सजा?' पंजाब में गुलजार सिंह की मौत पर भड़के राहुल गांधी
राहुल गांधी ने गुलजार सिंह की मौत पर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे पर सवाल पूछने पर गुलजार सिंह को प्रताड़ित किया गया।
PNB 444 दिन स्पेशल एफडी: बचतकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या है खास ऑफर?
देश के दूसरे सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank - PNB) ने सुरक्षित निवेश और तय रिटर्न की तलाश कर रहे जमाकर्ताओं के लिए एक शानदार फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम पेश की है। पीएनबी की यह 444 दिनों (लगभग 14 महीने 19 दिन) की स्पेशल एफडी योजना उन सभी निवेशकों के लिए एक आदर्श विकल्प बनकर उभरी है, जो अपने पैसे को कई सालों के लंबे लॉक-इन पीरियड में फंसाए बिना कम समय में अधिकतम मुनाफा कमाना चाहते हैं। बैंक की आधिकारिक ब्याज दरों के अनुसार, इस अवधि पर रिटेल निवेशकों को 6.60% से लेकर 7.40% प्रति वर्ष तक का आकर्षक ब्याज दिया जा रहा है।भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट को स्थिर रखने और बैंकों के बीच कासा (CASA) व टर्म डिपॉजिट जुटाने की मची होड़ के बीच पीएनबी ने अपने इस खास बकेट को सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनाया है। आमतौर पर बैंक 1 साल से 3 साल की एफडी पर 6.00% से 6.30% के आसपास ब्याज दे रहे हैं, लेकिन पीएनबी ने ठीक 444वें दिन की अवधि पर ब्याज का एक विशेष प्रीमियम स्लैब तय किया है। यदि कोई निवेशक 443 दिन या 445 दिन की एफडी करता है, तो उसे कम ब्याज मिलता है, जबकि ठीक 444 दिन की अवधि चुनते ही ब्याज दर में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिलता है।ब्याज दरों का पूरा गणित: सामान्य, सीनियर और सुपर सीनियर नागरिकों को कितना मिलेगा रिटर्न?पंजाब नेशनल बैंक ने ₹3 करोड़ से कम की घरेलू सावधि जमा (Domestic Term Deposits) के लिए आयु वर्ग के आधार पर स्पष्ट और पारदर्शी ब्याज दरें लागू की हैं। वरिष्ठ नागरिकों और अति-वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सामाजिक सुरक्षा व सेवानिवृत्ति पूंजी पर अधिक लाभ देने के उद्देश्य से अतिरिक्त स्प्रेड दिया गया है।सामान्य नागरिक (आयु 60 वर्ष से कम): आम जनता को 444 दिनों की एफडी पर 6.60% प्रति वर्ष का ब्याज मिल रहा है। यह दर पीएनबी के सामान्य 1 वर्ष (6.25%) और 2 वर्ष (6.30%) के स्लैब से कहीं अधिक है।सीनियर सिटीजन (आयु 60 वर्ष से 80 वर्ष तक): 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बैंक सामान्य दरों के मुकाबले 50 बेसिस प्वाइंट्स (0.50%) का अतिरिक्त प्रीमियम दे रहा है। इसके तहत सीनियर सिटीजन्स को 444 दिनों की जमा पर सीधा 7.10% प्रति वर्ष का ब्याज मिलेगा।सुपर सीनियर सिटीजन (आयु 80 वर्ष और उससे अधिक): 80 वर्ष से अधिक आयु वाले अति-वरिष्ठ नागरिकों के लिए पीएनबी ने अतिरिक्त 30 बेसिस प्वाइंट्स यानी कुल 80 बेसिस प्वाइंट्स (0.80%) का लाभ सुनिश्चित किया है। इसके साथ ही सुपर सीनियर सिटीजन्स के लिए यह ब्याज दर 7.40% प्रति वर्ष के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाती है।इसके अलावा, जो निवेशक ₹1 करोड़ से ₹3 करोड़ के बीच गैर-निकासी योग्य (Non-Callable) 'पीएनबी उत्तम' (PNB Uttam) योजना चुनते हैं, उन्हें इस अवधि पर 7.50% तक का रिटर्न भी हासिल होता है। हालांकि, आम रिटेल निवेशकों के लिए कॉलेबल (Callable) योजना सबसे उपयुक्त है, जिसमें जरूरत पड़ने पर समय पूर्व निकासी की सुविधा उपलब्ध रहती है।444 दिनों की एफडी पर ₹1 लाख, ₹5 लाख और ₹10 लाख के निवेश पर कितना बनेगा मैच्योरिटी फंड?फिक्स्ड डिपॉजिट में ब्याज की गणना तिमाही चक्रवृद्धि आधार (Quarterly Compounding) पर की जाती है। इसका अर्थ यह है कि हर तीन महीने में अर्जित ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है, जिससे प्रभावी यील्ड (Effective Yield) घोषित वार्षिक दर से भी अधिक हो जाती है। आइए समझते हैं कि विभिन्न जमा राशियों पर 444 दिनों के बाद कुल कितना फंड तैयार होगा:जमा राशि (Principal)सामान्य नागरिक (6.60%)सीनियर सिटीजन (7.10%)सुपर सीनियर सिटीजन (7.40%)₹1,00,000₹1,08,290 (ब्याज: ₹8,290)₹1,08,940 (ब्याज: ₹8,940)₹1,09,330 (ब्याज: ₹9,330)₹2,00,000₹2,16,580 (ब्याज: ₹16,580)₹2,17,880 (ब्याज: ₹17,880)₹2,18,660 (ब्याज: ₹18,660)₹5,00,000₹5,41,450 (ब्याज: ₹41,450)₹5,44,700 (ब्याज: ₹44,700)₹5,46,650 (ब्याज: ₹46,650)₹10,00,000₹10,82,900 (ब्याज: ₹82,900)₹10,89,400 (ब्याज: ₹89,400)₹10,93,300 (ब्याज: ₹93,300)इस प्रकार, यदि कोई सेवानिवृत्त व्यक्ति या बुजुर्ग ₹10 लाख की एकमुश्त राशि 444 दिनों के लिए जमा करता है, तो उसे बिना किसी जोखिम के घर बैठे ₹89,000 से ₹93,000 से अधिक की सुनिश्चित आय प्राप्त हो जाती है।एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा और केनरा बैंक के मुकाबले कहां ठहरता है पीएनबी का 444 डेज प्लान?सार्वजनिक क्षेत्र के अन्य प्रमुख बैंकों की तुलना में पीएनबी की 444 दिनों की योजना वर्तमान में सबसे मजबूत स्थिति में खड़ी है।भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी स्पेशल 'अमृत वृष्टि' (Amrit Vrishti - 444 Days) योजना पर सामान्य ग्राहकों को 6.45%, वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% और सुपर सीनियर नागरिकों को 7.05% ब्याज दे रहा है।बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) की 'बॉब स्क्वायर ड्राइव' (BOB Square Drive - 444 Days) योजना में सामान्य नागरिकों को 6.45%, वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% और सुपर सीनियर नागरिकों को 7.05% का रिटर्न मिल रहा है।इंडियन बैंक (Indian Bank) की 'इंड सिक्योर' (444 Days) योजना सामान्य नागरिकों को 6.45%, वरिष्ठ नागरिकों को 6.95% और अति-वरिष्ठ नागरिकों को 7.20% ब्याज प्रदान करती है।इस सीधे तुलनात्मक अध्ययन से स्पष्ट है कि पीएनबी सामान्य नागरिकों को 15 बेसिस प्वाइंट्स और सुपर सीनियर नागरिकों को 20 से 35 बेसिस प्वाइंट्स का सीधा अतिरिक्त फायदा दे रहा है। इसलिए सरकारी बैंक की सुरक्षा और उच्च रिटर्न दोनों चाहने वालों के लिए पीएनबी पहली पसंद बना हुआ है।ब्याज भुगतान के विकल्प और टैक्स नियम: टीडीएस (TDS) से बचने के लिए फॉर्म 15G/15H का महत्वपीएनबी की इस 444 दिन वाली एफडी में ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार ब्याज निकासी के लचीले विकल्प मिलते हैं:संचयी विकल्प (Cumulative Option): इसमें मूलधन और चक्रवृद्धि ब्याज एक साथ 444 दिनों की मैच्योरिटी पर ही मिलता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो पूंजी को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं।गैर-संचयी विकल्प (Non-Cumulative Option): जो पेंशनभोगी या वरिष्ठ नागरिक अपने मासिक या तिमाही घरेलू खर्चों के लिए नियमित आय चाहते हैं, वे मंथली, क्वार्टरली या हाफ-ईयरली पे-आउट चुन सकते हैं।टैक्स और टीडीएस नियम:एफडी पर मिलने वाला ब्याज पूरी तरह कर-मुक्त नहीं होता। आयकर अधिनियम के अनुसार, सामान्य नागरिकों के लिए एक वित्तीय वर्ष में बैंक एफडी से होने वाली कुल ब्याज आय यदि ₹40,000 से अधिक होती है, तो बैंक 10% की दर से टीडीएस काटता है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए धारा 80TTB के तहत यह छूट सीमा ₹50,000 है।यदि आपकी कुल वार्षिक आय आयकर छूट सीमा (Tax Exemption Limit) से कम है और आपकी देय टैक्स देनदारी शून्य बनती है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G (सामान्य नागरिकों के लिए) या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) जमा कर सकते हैं। यह फॉर्म जमा करने के बाद बैंक आपकी ब्याज आय पर कोई टीडीएस नहीं काटेगा।समय पूर्व निकासी और लोन सुविधा: आपात स्थिति में नहीं होगी परेशानीपीएनबी अपने ग्राहकों को लिक्विडिटी की पूरी स्वतंत्रता देता है:लोन/ओवरड्राफ्ट की सुविधा: यदि एफडी अवधि के दौरान अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाए, तो आपको एफडी तोड़ने की आवश्यकता नहीं है। आप अपनी जमा राशि का 90% तक लोन या ओवरड्राफ्ट (OD) के रूप में तात्कालिक रूप से ले सकते हैं।प्रीमैच्योर क्लोजर (Premature Closure): यदि आप समय से पहले एफडी बंद करते हैं, तो बैंक के नियमों के मुताबिक 1% की पेनल्टी (Penal Interest) काटकर उस अवधि की लागू दर पर ब्याज का भुगतान कर दिया जाता है।ऑटो-रिन्यूअल की सावधानी: एफडी बुक करते समय मैच्योरिटी इंस्ट्रक्शन की सावधानीपूर्वक जांच करें। यदि ऑटो-रिन्यूअल सक्रिय है, तो 444 दिन पूरे होने पर बैंक उस समय की प्रचलित सामान्य दर पर एफडी को आगे बढ़ा देगा। इसलिए मैच्योरिटी पर राशि सीधे बचत खाते में क्रेडिट होने का विकल्प चुनना अधिक सुरक्षित रहता है।पीएनबी 444 दिन एफडी में ऑनलाइन और ऑफलाइन खाता कैसे खोलें?पीएनबी में इस विशेष सावधि जमा योजना का लाभ देश के किसी भी राज्य या शहर—चाहे आप लखनऊ, दिल्ली, पटना, भोपाल, चंडीगढ़ या जयपुर में हों—आसानी से उठाया जा सकता है:ऑनलाइन माध्यम (PNB ONE ऐप या नेट बैंकिंग):अपने मोबाइल में 'PNB ONE' ऐप खोलें और लॉगिन करें।होम स्क्रीन पर दिए गए 'Services' सेक्शन में जाकर 'Deposits' पर टैप करें।'Open Fixed Deposit' का विकल्प चुनें।जमा राशि दर्ज करें (न्यूनतम ₹100 से शुरू)।अवधि (Tenure) में 'Days' का चयन करें और ठीक 444 दर्ज करें।इंटरेस्ट पे-आउट मोड (Cumulative या Quarterly Payout) चुनें।नॉमिनी का विवरण और अपना टी-पिन (T-PIN) दर्ज करके सबमिट करें। आपकी डिजिटल एफडी रसीद तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगी।ऑफलाइन माध्यम (शाखा जाकर):यदि आप डिजिटल बैंकिंग का उपयोग नहीं करते हैं, तो अपनी नजदीकी पीएनबी शाखा में जाकर 'Term Deposit Account Opening Form' भरें। साथ में आधार कार्ड, पैन कार्ड, दो पासपोर्ट साइज फोटो और आयु प्रमाण (सीनियर सिटीजन लाभ हेतु) प्रस्तुत करें। चेक या बचत खाते से ट्रांसफर के जरिए तुरंत 444 दिनों की एफडी रसीद प्राप्त की जा सकती है।कम जोखिम, सरकारी गारंटी और 7.40% तक के शानदार रिटर्न के चलते यह योजना इस समय निश्चित आय वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो के लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रही है।
Punjab Congress के प्रदर्शन से दूर रहे Channi और रंधावा, वडिंग ने नकारी कलह
चंडीगढ़, आठ सितंबर आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ मंगलवार को अलग-अलग मुद्दों पर पंजाब कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान राज्य इकाई में जारी अंदरूनी कलह एक बार फिर सामने आ गई। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे बड़े नेता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। इन नेताओं की गैरमौजूदगी का असर कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पर भी दिखा। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी में कोई अंदरूनी कलह नहीं है और सभी को एकजुट होकर मैदान में काम करना चाहिए। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) ने मादक पदार्थ की समस्या और कथित तौर पर बिगड़ती कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर भगवंत मान सरकार के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। वडिंग के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान जब कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री मान के सरकारी आवास का घेराव करने के लिए आगे बढ़े तो चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन के दौरान अपने संबोधन में वडिंग ने कहा, ‘‘कोई कहता है कि राजा वडिंग कल या परसों चले जाएंगे। लेकिन आपको क्या करना है? आपको (कार्यकर्ताओं को) हाथों में पार्टी के झंडे लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ खड़ा होना होगा। कोई मतभेद नहीं है। हमारे बीच कोई दुश्मनी नहीं है।’’वडिंग ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘चाहे चन्नी साहब हों या कोई और बड़ा नेता, कोई आपसी कलह नहीं है। लेकिन मैं आपसे जमीनी स्तर पर एकजुट होने की अपील करना चाहता हूं।
मिशन क्लीन पंजाब के तहत सफाई अभियान चलाया
लुधियाना| नगर निगम के तहत मिशन क्लीन पंजाब के अंतर्गत लुधियाना सेंट्रल के विधायक अशोक पराशर पप्पी ने मंगलवार को दौलत कॉलोनी (वार्ड नंबर 10) में प्रमुख सफाई अभियान की शुरुआत की। अभियान के दौरान इलाके की साफ-सफाई के साथ-साथ निवासियों को ठोस कचरा प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया गया। इस मौके पर विधायक अशोक पराशर पप्पी ने नवस्थापित 12.5 एचपी ट्यूबवेल का उद्घाटन भी किया। बताया गया कि यह ट्यूबवेल लगभग 6.50 लाख रुपए की लागत से लगाया गया है। सफाई अभियान के दौरान पार्षद प्रदीप शर्मा गैबी सहित नगर निकाय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति जांचने के निर्देश भी दिए गए हैं।
Chandigarh News: कैंबवाला में रिटायर्ड अफसरों और पंजाब के नेताओं के फार्म हाउस पर चला बुलडोजर
कैंबवाला में रिटायर्ड अफसरों और पंजाब के नेताओं के फार्म हाउस पर चला बुलडोजर
Mohali News: पंजाब शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल, डीए जारी करने की मांग
Punjab Education Board employees stage pen-down strike demand release of DA
पंजाब में नशे का कहर: गर्भवती पत्नी की हत्या, दहेज और चिट्टे की मांग
The scourge of drugs in Punjab: Pregnant wife murdered, demands for dowry and Chitta
Punjab में नशा तस्करी पर सवाल उठाने वाले ग्रामीण की मौत, Harpal Cheema पर FIR की मांग
चंडीगढ़/नयी दिल्ली, आठ सितंबर पंजाब में मादक पदार्थों की समस्या मंगलवार को उस समय एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने एक ग्रामीण की कथित आत्महत्या को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को घेरा। ग्रामीण ने अपनी मौत से पहले के कथित वीडियो में कहा था कि ‘चिट्टे’ की तस्करी बेरोकटोक जारी है और उसने राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से भी इस मुद्दे पर सवाल किया था। संगरूर जिले के दिड़बा निवासी गुलजार सिंह (47) की सोमवार रात कथित तौर पर जहर खाने के बाद मौत हो गई। उसके परिवार ने कहा कि गुलजार ने छह सितंबर को दिड़बा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इलाके में मादक पदार्थों की आपूर्ति को लेकर चीमा से सवाल किया था। गुलजार सिंह का मंगलवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। गुलजार सिंह के परिवार की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुलजार सिंह के आखिरी पलों का एक कथित वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह वित्त मंत्री हरपाल चीमा से अपने क्षेत्र में मादक पदार्थों की उपलब्धता को लेकर सवाल करते दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कथित रूप से कहता है कि उसकी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होगा। गुलजार ने वीडियो में यह भी स्वीकार किया कि उसका बेटा भी नशा करता है। गुलजार सिंह का भावुक वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद शिरोमणि अकाली दल (शिअद) समेत विपक्षी दलों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को घेरा और हरपाल चीमा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। यह मामला दिल्ली तक पहुंच गया, जहां भाजपा और कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा वित्त मंत्री हरपाल चीमा के इस्तीफे की मांग की। दोनों दलों ने आरोप लगाया कि गुलजार सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया। आम आदमी पार्टी (आप) ने हालांकि भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर आरोप लगाया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए एक मौत का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। गुलजार सिंह की मौत ही राज्य में एकमात्र मुद्दा नहीं है। नशे के मुद्दे पर ‘आप’ सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने और काले झंडे दिखाने के आरोप में संगरूर के ही एक अन्य ग्रामीण के कथित हिरासत में उत्पीड़न को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा गया। भाजपा की पंजाब इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर संगरूर के एक ग्रामीण की संदिग्ध आत्महत्या मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की मांग की। भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पार्टी नेताओं सुभाष शर्मा, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, परमिंदर सिंह बराड़ और विनीत जोशी ने राज्यपाल से मुलाकात की। उन्होंने दोनों मामलों की जांच कराने की मांग की और इन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग की। पार्टी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने नयी दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के संबंध में मान और चीमा के इस्तीफे की मांग की। भाटिया ने कहा, ‘‘चीमा जब उसके गांव के दौरे पर आए थे तब गुलजार सिंह ने मादक पदार्थों की समस्या का मुद्दा उठाया था। सिंह ने चीमा को बताया कि उसका बेटा ‘चिट्टा’ लेता है और उसने मंत्री से इसकी तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया था।’’भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मंत्री के जाने के बाद गांव का सरपंच एवं ‘आप’ नेता गुलजार सिंह के घर गया और उससे अपनी टिप्पणी के लिए मंत्री से माफी मांगने को कहा।’’भाजपा प्रवक्ता ने संवाददाता सम्मेलन में एक वीडियो दिखाते हुए कहा कि अस्पताल में मौत से पहले गुलजार सिंह ने पूरा घटनाक्रम बताया था और चीमा के सामने मादक पदार्थों का मुद्दा उठाने पर उसे धमकाने वाले लोगों के नाम भी लिए थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि पंजाब में सत्तारूढ़ पार्टी ‘‘गैंगस्टर पार्टी’’ बन गई है। उन्होंने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर, 2016 में नाभा जेल से भागने के मुख्य आरोपियों में से एक गुरप्रीत सिंह सेखों के दो दिन पहले ‘आप’ में शामिल होने की ओर इशारा किया। कांग्रेस ने भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए ‘आप’ सरकार को घेरा। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि गुलजार सिंह पर सच बोलने के लिए माफी मांगने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने कहा कि मृतक पिता ने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनकी मौत के लिए मंत्री चीमा जिम्मेदार हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अगर आप सरकार नशा माफियाओं से नहीं मिली है तो संबंधित मंत्री की तुरंत बर्खास्तगी होनी चाहिए।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘सत्ता के अहंकार में आप नेता भूल गए हैं कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है। यह शर्मनाक है कि जो सरकार नशे को पूरी तरह खत्म करने के वादे के साथ आई थी, वह आज सवाल पूछने वालों की बलि ले रही है।’’रमेश ने कुछ दिन पहले पंजाब पुलिस द्वारा एक नौजवान मोहनजीत शेरों को कथित तौर पर प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि शेरों ने नशे के मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम में विरोध किया था। कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘जनता सब देख रही है। हर जुल्म और अहंकार का हिसाब देना ही होगा।’’कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, “उन्हें (गुलजार सिंह को) इतना अधिक परेशान किया गया और दबाव बनाया गया कि आखिरकार उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया।”कानून-व्यवस्था की कथित बिगड़ती स्थिति और नशे के मुद्दे को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन को चंडीगढ़ पुलिस ने रोक दिया। प्रदर्शनकारी जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के आवास की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि गुलजार को आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘दिड़बा के गुलजार सिंह ने हरपाल चीमा से मादक पदार्थ की समस्या के बारे में एक सवाल पूछा था, और आरोप है कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर दिया गया।’’उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने एक जनसभा में हरपाल चीमा से उनके बेटे की मादक पदार्थ की लत के बारे में सवाल किया था और पूछा था कि इस समस्या को खत्म करने के लिए क्या किया जा रहा है। इसके बाद, उन्हें कथित तौर पर ऐसी हालत में पहुंचा दिया गया कि उन्हें सल्फास (कीटनाशक) खाने के लिए मजबूर होना पड़ा।’’‘आप’ ने कहा कि पंजाब में विपक्षी दल बेहद असंवेदनशील तरीके से राजनीति कर रहे हैं और ये राजनीतिक दल हर घटना को सियासी मुद्दा बनाने में जुट जाते हैं। ‘आप’ की पंजाब इकाई के महासचिव बलतेज पन्नू ने एक वीडियो संदेश में कहा कि पंजाब एक संवेदनशील राज्य है और किसी व्यक्ति की मौत व उसके परिवार के दुख से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों, खासकर विपक्ष से अधिक संवेदनशीलता की उम्मीद की जाती है। ‘आप’ के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति किसी मंत्री के पास जाकर अपनी समस्या रखता है तो यह दिखाता है कि उसे उस सरकार पर भरोसा है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से अलग, गुलजार सिंह के परिवार में मातम पसरा है। गुलजार के बेटे लखविंदर सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब पुलिस पूछताछ के लिए उनके घर आई थी, तो आरोपियों ने उनके पिता का अपमान किया और उन पर जातिसूचक टिप्पणियां कीं। प्राथमिकी के मुताबिक, गुलजार के परिवार की शिकायत पर पांच ग्रामीणों -- बलजीत सिंह, सुखदेव सिंह, विक्की सिंह, गोना सिंह और बलजिंदर कौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिकी के अनुसार, बलजीत ने सात सितंबर को पंचायत की मौजूदगी में माफी मांगने के लिए गुलजार सिंह को अपने घर बुलाया था। प्राथमिकी में बताया गया कि गुलजार अपमान सहन नहीं कर पाए और उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। लखविंदर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी और पुलिस की कार्रवाई से परिवार संतुष्ट है। गुलजार के भतीजे करणवीर सिंह ने बताया कि जब उन्होंने चीमा के सामने यह मुद्दा उठाया, तो गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर ले जाकर माफी मांगने के लिए मजबूर किया, जिसके बाद उन्होंने जहर खा लिया। करणवीर ने कहा, ‘‘हमें न्याय चाहिए।’’कथित वीडियो में गुलजार सिंह को चीमा से उनके इलाके में मादक पदार्थ की उपलब्धता के बारे में सवाल करते हुए सुना जा सकता है। गुलजार को यह कहते हुए सुना गया, ‘‘मेरी मौत के लिए सरपंच जिम्मेदार होंगे। मैंने चिट्टा के बारे में सवाल किया था। मेरा बेटा इसका सेवन करता है। सब कुछ बिकता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘चिट्टा बंद नहीं हुआ है।’’गुलजार को पहले संगरूर के सिविल अस्पताल ले जाया गया और बाद में पटियाला के राजेंद्र अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें वापस संगरूर लाकर वहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, और फिर लुधियाना के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां सोमवार रात उनकी मौत हो गई।
मुंबई इंडियंस (MI) के ऑलराउंडर नमन धीर (Naman Dhir) ने 8 सितंबर को शेर-ए-पंजाब T20 लीग 2026 में मोहाली किंग्स के खिलाफ मुकाबेल में अमृतसर सूरमास के लिए खेलते हुए अपनी तूफानी बल्लेबाजी से धमाल मचा दिया। मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन आईएश बिंद्रा स्टेडियम में उन्होंने सिर्फ 64 गेंदों में 270 की स्ट्राईक रेस 173 रन की पारी खेली जिसमें 12 छक्के और 16 चौके जड़े। मोहाली किंग्स के कप्तान रमनदीप सिंह के टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला करने के बाद, अभिषेक शर्मा की जगह धीर ओपनिंग करने उतरे। उन्होंने पहले ओवर में तीन डॉट बॉल खेलीं और फिर अपना खाता खोला। अगले ओवर में उन्होंने दो छक्के लगाकर इसकी भरपाई की, जिसमें सहज धवन, आयुष गोयल का शिकार बने। राहुल कुमार भी जल्दी आउट हो गए, लेकिन इससे धीर ने एक छोर से कमाल जारी रखा और पावरप्ले के बाद उनका स्कोर 19 गेंदों में 53 रन था। 12वें ओवर में उन्होंने लवदीप चठा के खिलाफ दो चौके और लगातार तीन छक्के जड़े। चठा ने एक नो-बॉल भी डाली और उस ओवर में 30 रन दिए। धीर ने सिर्फ 38 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। धीर ने हरप्रीत बरार द्वारा डाले गए 16वें ओवर के दौरान 54 गेंदों में अपने 150 रन पूरे किए। Naman Dhir smashed 173 (64) in the Sher E Punjab league. pic.twitter.com/uiIT1Z9pJf — Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) September 8, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score धीर की शानदार पारी आखिरी ओवर की चौथी गेंद पर खत्म हुई। उनकी तूफानी पारी की बदौलत अमृतसर सूरमास ने 7 विकेट के नुकसान पर 279 का विशाल स्कोर बनाया। इस मुकाबले में अमृतसर ने 67 रन से जीत हासिल की, क्योंकि लक्ष्य का पीछा करने उतरी मोहली की टीम 9 विकेट के नुकसान पर 212 रन ही बना पाई।
संगरूर आत्महत्या मामले में मानवाधिकार आयोग सख्त, पंजाब सरकार और DGP को भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संगरूर में एक बुजुर्ग की आत्महत्या के मामले में पंजाब के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी किया है।
विशेष रेलवे मजिस्ट्रेट, ग्वालियर अतुल यादव के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के दौरान ट्रेन क्रमांक 12138 पंजाब मेल की पेन्ट्रीकार से बिना निर्माता विवरण एवं आवश्यक लेबलिंग वाली 200 से अधिक अनधिकृत पानी की बोतलें जब्त की गईं।
तरनतारन जिले में खेडां वतन पंजाब दियां 2026 के तहत ब्लॉक लेवल टूर्नामेंट की शुरुआत हुई। यह टूर्नामेंट मंगलवार को चोहला साहिब के श्री गुरु अर्जन देव स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुरू हुआ। इसमें अंडर 14 से लेकर 70 साल से ज्यादा उम्र के ग्रुप के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। पहले दिन एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, खो-खो और कबड्डी नेशनल के मुकाबले हुए। यह टूर्नामेंट डिप्टी कमिश्नर राहुल और डिस्ट्रिक्ट स्पोर्ट्स ऑफिसर सतवंत कौर के निर्देशन में हो रहा है। इस दौरान चेयरमैन हरजीत सिंह संधू, चेयरमैन अमरिंदर सिंह एमी, नायब तहसीलदार रतनजीत खुल्लर, बीडीपीओ गुरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह और सरपंच केवल कृष्ण सहित कई अन्य लोग मौजूद थे। पहले दिन खिलाड़ियों ने किया कड़ा प्रदर्शन टूर्नामेंट के पहले दिन खिलाड़ियों ने कड़ा प्रदर्शन किया। अंडर 14 एज ग्रुप में एकमदीप सिंह ने 600 मीटर दौड़ में पहला, मनकीरत सिंह ने दूसरा और अभिनय ने तीसरा स्थान हासिल किया। अंडर 17 एज ग्रुप की 400 मीटर दौड़ में सरबंस दीप सिंह ने पहला, पारस ने दूसरा और अभिजोत सिंह ने तीसरा स्थान जीता। फुटबॉल के अंडर 17 मुकाबले में खान छाबड़ी की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। वॉलीबॉल के अंडर 14 वर्ग में शाह हरबंस की टीम विजेता रही। इसी तरह, चोहला साहिब ने अंडर 17 वॉलीबॉल का खिताब जीता।
इंटरनेट डेस्क। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बना दिया गया है। आने वाले एक साल में यहां विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में ये जिम्मेदारी उनके लिए बहुत बडी है। नई जिम्मेदारी के बाद पायलट ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात का सिलसिला शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों में पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। खबरों की माने तो पंजाब कांग्रेस प्रभारी के तौर पर पायलट की नियुक्ति को पार्टी हाईकमान की महत्वपूर्ण रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अगले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना चाहती है। पायलट की नियुक्ति के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग समेत प्रदेश के कई नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। पार्टी नेतृत्व का फोकस अब संगठन को एकजुट कर आम आदमी पार्टी और भाजपा के खिलाफ कांग्रेस को मजबूत करने पर है। पंजाब की जिम्मेदारी मिलने के साथ पायलट की राष्ट्रीय भूमिका भी बढ़ी है। कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें ऐसे राज्य की कमान दी है, जहां पार्टी के सामने संगठनात्मक चुनौतियों के साथ मजबूत राजनीतिक मुकाबला भी है।pc- ndtv raj
भारतीय जनता पार्टी पंजाब के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पठानकोट से विधायक अश्वनी शर्मा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पंजाब सरकार पर नशों के खिलाफ युद्ध के नाम पर केवल झूठा प्रचार करने और सवाल उठाने वाली जनता व विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का गंभीर आरोप लगाया। अश्वनी शर्मा ने संगरूर के मोहनजीत सिंह के साथ पुलिस की ओर से किए गए कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर और हरपाल चीमा का नाम लेकर जहर निगलने वाले गुलजार सिंह का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार सवालों से डर रही है। पंजाब में नशा 5 मिनट में डोर-स्टेप पर उपलब्ध है, जबकि सरकार नशे के खिलाफ युद्ध की उपलब्धियां गिनवा रही है। 5 पॉइंट में पढ़ें क्या बोले अश्वनी शर्मा…
पंजाब सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों और लंबे समय से लंबित मांगों के विरोध में पंजाब सिविल सेक्रेटेरिएट मास मीडिया यूनियन (PSMSU) जिला गुरदासपुर ने जिले के अलग-अलग सरकारी दफ्तरों में हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को तुरंत पूरा करने की मांग की। यूनियन नेताओं ने बताया कि पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) की बहाली कर्मचारियों की सबसे अहम मांगों में से एक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव से पहले पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने का वादा किया था, लेकिन अब इसमें लगातार देरी हो रही है। कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने की मांग इसके अलावा, कर्मचारियों ने 18 प्रतिशत DA की बकाया रकम जारी करने, अलग-अलग विभागों में काम कर रहे कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को पक्का करने और कर्मचारियों से जुड़े विवादित लेटर वापस लेने की मांग की। सावन सिंह, लखविंदर सिंह और सरबजीत सिंह मुल्तानी ने कहा कि सरकार के कार्यकाल का बड़ा हिस्सा बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों से किए गए कई वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। 13 सितंबर को मंत्रियों के घर-दफ्तर घेरेंगे के चेतावनी डीसी दफ्तर कर्मचारी यूनियन गुरदासपुर के जनरल सेक्रेटरी और दूसरे यूनियन नेताओं ने साफ किया कि अगर सरकार ने जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि 13 सितंबर को अलग-अलग जिलों में कैबिनेट मंत्री कटारूचक और दूसरे मंत्रियों के घरों या दफ्तरों का घेराव किया जाएगा। इसके बाद 21 और 22 सितंबर को सामूहिक छुट्टी लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

