खेडां वतन पंजाब दियां:जिला टीमों के चयन के लिए 10 खेलों के ट्रायल
लुधियाना| खेडां वतन पंजाब दियां 2026 के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए जिला टीमों के चयन को लेकर 10 खेलों के चयन ट्रायल आयोजित किए जाएंगे। यह ट्रायल पंजाब के अलग-अलग जिलों में विभिन्न मितियों पर होने वाले राज्य स्तरीय टूर्नामेंटों के लिए खिलाड़ियों की छंटनी के उद्देश्य से रखे गए हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार लुधियाना जिले में बेसबॉल के ट्रायल 6-7 अक्टूबर 2026 को सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गिल में होंगे। साइक्लिंग (रोड रेस व ट्रैक) के ट्रायल 3-4 अक्टूबर 2026 को पीएयू साइक्लिंग वेलोडरम में रखे गए हैं। जिमनास्टिक के ट्रायल 1-10-2026 को मल्टीपरपज हॉल, गुरु नानक स्टेडियम, लुधियाना में होंगे, जबकि कराटे के ट्रायल 5-10-2026 को पी ए यु लुधियाना में कराए जाएंगे। रगबी के लिए स्थान सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल साहनेवाल और रोइंग के लिए जी एच जी खालसा कॉलेज गुरुसर सुधार तय किया गया है। जिला खेल अफसर मनदीप कौर के अनुसार ट्रायल के लिए उम्र वर्ग अंडर-14, 17, 21, 21-30 और 31-40 निर्धारित हैं।
‘जो सरकार खुद नशे में हो, वह नशा क्या खत्म करेगी, अब पंजाब को कर रहे बर्बाद’
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नशा मुक्त पंजाब यात्रा के नौंवें दिन लुधियाना में एक विशाल रैली का आयोजन किया गया। रैली में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे दिल्ली से भाजपा सांसद और अभिनेता-गायक मनोज तिवारी ने राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखे राजनीतिक हमले किए। मनोज तिवारी ने मंच से तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में नशा खत्म किया जा सकता है, लेकिन जो सरकार खुद नशे में आ जाए वह इसे क्या खत्म करेगी? उनहोंने ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं ने हमेशा जनता से झूठे वादे किए हैं। आप ने दिल्ली के लोगों से 10 साल तक बड़े-बड़े वादे किए और राजधानी की विकास रफ्तार को 20 साल पीछे कर दिया। अब वही फॉर्मूला पंजाब में अपनाया जा रहा है। तिवारी ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने राज्य को नशा मुक्त करने के तीन बार झूठे वादे किए, लेकिन हकीकत यह है कि सत्ताधारी दल के अपने कार्यकर्ता ही नशा तस्करों के साथ मिले हुए हैं। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। मंच पर प्रदेश महामंत्री रजनीश धीमान, जीवन गर्ग, कोर कमेटी सदस्य जीवन गुप्ता, खजांची गुरदेव शर्मा डेबी, वरिष्ठ नेता एसएस चन्नी, जिला्् प्रधान सुनील मौदगिल, पूर्व जिला अध्यक्ष परवीन बंसल, पुष्पेंद्र सिंगल, बीना कपाड़िया, रंजन कामरा, अमरजीत सिंह, राजेंद्र गुप्ता और अजय टामटा सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
Palwal News: हरियाणा की महिला-पुरुष टीमों का दबदबा, पंजाब दोनों मुकाबला हारा
हरियाणा की महिला-पुरुष टीमों का दबदबा, पंजाब दोनों मुकाबला हारा
स्वजन ने जिस रनदीप मथारू उर्फ सोनू सिंह पर आरोप लगाए हैं, वह पंजाब का निवासी है और झारखंड के पते पर आधार कार्ड बनवाया था।
पंजाब सरकार द्वारा आयोजित की जा रही 'खेडां वतन पंजाब दियां' प्रतियोगिताएं अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इन खेलों में राज्य के युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग खिलाड़ियों में भी अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में तरनतारन के श्री गुरु अर्जन देव स्पोर्ट्स स्टेडियम में 70 से 80 वर्ष आयु वर्ग की खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें वरिष्ठ एथलीटों ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। पट्टी के सरबजीत सिंह ने शॉटपुट में जीता स्वर्ण पदक प्रतियोगिता में उपमंडल पट्टी के 74 वर्षीय बुजुर्ग खिलाड़ी सरबजीत सिंह शींह ने उत्कृष्ट खेल भावना का परिचय देते हुए दो पदक अपने नाम किए। उन्होंने शॉटपुट (गोला फेंक) मुकाबले में 9 मीटर की दूरी तय कर जिला स्तर पर पहला स्थान हासिल करते हुए स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) पर कब्जा जमाया। इसके अलावा, डिस्कस थ्रो (चक्का फेंक) स्पर्धा में भी उन्होंने 14 मीटर थ्रो के साथ जिले में दूसरा स्थान (रजत पदक) हासिल किया। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए हुए चयनित जिला स्तर पर शानदार प्रदर्शन के बाद अब सरबजीत सिंह शींह आगामी अक्टूबर माह में लुधियाना में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय 'खेडां वतन पंजाब दियां' प्रतियोगिताओं में तरनतारन जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। उनकी इस उपलब्धि पर जिला खेल अधिकारी (DSO) सतवंत कौर ने उन्हें पदक पहनाकर सम्मानित किया और राज्य स्तरीय खेलों के लिए शुभकामनाएं दीं। इस सम्मान समारोह और खेल आयोजन के अवसर पर गुरिंदर सिंह, प्रभजोत सिंह, प्रेम सिंह, कश्मीर सिंह, कोच सरूप सिंह, रणकीरत सिंह और डीएसपी तरसेम मसीह विशेष रूप से मौजूद रहे और विजेता बुजुर्ग खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया।
Punjab Mandi Rates: सोने-चांदी में गिरावट, दिसावरी मंडियों में अनाज व किराना की कीमतों में दिखी हलचल
सराफा में सोना-चांदी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँचे, वहीं पंजाब की दिसावरी मंडियों में अनाज, दलहन, तेल-तिलहन और किराना जिंसों के भावों में मिला-जुला फेरबदल दर्ज किया गया।
धीरेंद्र शास्त्री ने ऐसा क्या बोला कि भड़क गए पंजाब के शाही इमाम, दे दी वॉर्निंग
लुधियाना में श्री हनुमंत कथा के दौरान बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर विवाद छिड़ता नजर आ रहा है। आखिर किस बात पर पंजाब के शाही इमाम ने कड़ा ऐतराज जताया है?
'कर्नाटक, पंजाब और हिमाचल में क्या EC सही?’, स्मृति ईरानी का राहुल से सवाल
Smriti Irani Vs Rahul Gandhi on EC: चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने सामने हैं. कांग्रेस की CWC बैठक में राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को फर्जी बताया और EVM में हेरफेर व वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया. राहुल ने विपक्षी दलों के साथ शांतिपूर्ण विरोध की बात कही. स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस हार की समीक्षा करने के बजाय चुनाव आयोग पर हमला कर रही है.
गांव के मैदानों से ओलंपिक पोडियम तक, पंजाब के खेल कल्चर को फिर से जीवित करना है : सीएम भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने को लेकर एक विस्तृत पोस्ट साझा की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर लिखे अपने लेख में उन्होंने कहा कि उनका सपना पंजाब को फिर से देश में खेलों की 'नर्सरी' बनाना है और 2036 ओलंपिक में भारत की मेडल टैली में पंजाब का बड़ा योगदान होना चाहिए।
Delhi Police HQ पर AAP का प्रदर्शन, Parvesh Verma पर FIR की मांग के बीच हिरासत में कई नेता
मंगलवार को दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन दिल्ली के पीडब्ल्यूडी (PWD) मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ कथित तौर पर थप्पड़ मारने की घटना के बाद एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर किया गया था। यह विरोध प्रदर्शन तिलक नगर में बढ़ते तनाव के बीच हुआ, जहां सादे कपड़ों में AAP के प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग कर रहे दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी। इसे भी पढ़ें: LPU में अशांति और पुलिस कार्रवाई पर भड़के Charanjit Singh Channi, AAP सरकार को घेरा पुलिस ने इस कथित मारपीट के मामले में AAP नेता सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और पार्टी के कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। साहिब सिंह के खिलाफ एक अलग एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, जब दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तिलक नगर के दौरे पर थे, तब एक हेड कॉन्स्टेबल वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। आरोप है कि तभी AAP समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद उस अधिकारी का मेडिकल टेस्ट कराया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल पर हमले के मामले में FIR दर्ज की गई है। FIR में सौरभ भारद्वाज, जरनैल सिंह और AAP कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं। साहिब सिंह के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है। अरविंद केजरीवाल कल तिलक नगर के दौरे पर थे। दिल्ली पुलिस का हेड कॉन्स्टेबल सादे कपड़ों में वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था। AAP समर्थकों की भीड़ ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल का मेडिकल टेस्ट कराया गया। सरकारी कर्मचारी को उसके काम में बाधा डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसे भी पढ़ें: Rajasansi में Punjab Bachao Rally से Sukhbir Badal का AAP पर वार, Arvind Kejriwal पर उठाए सवाल ये घटनाएँ रविवार को तिलक नगर में सड़क के निरीक्षण के दौरान मंत्री प्रवेश वर्मा से जुड़े एक विवाद के बाद हुई हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में वर्मा एक व्यक्ति को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं, जो उस घटनाक्रम का वीडियो बना रहा था। बताया जा रहा है कि यह विवाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुआ था। AAP दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने वर्मा पर बिना किसी उकसावे के एक युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले, प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने मीडिया के सामने बिना किसी उकसावे के 22 साल के एक युवक को थप्पड़ मारा। वह युवक भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर वीडियो बना रहा था। मंत्री ने उसका फ़ोन छीनकर फेंक दिया और फिर वहाँ से भाग गए। पुलिस ने उन्हें भागने में मदद की। यह सिर्फ़ प्रवेश वर्मा की बात नहीं है। ये कौन लोग हैं जो हर जगह गुंडागर्दी करते हैं? BJP के लोग लोगों को धमकाते और डराते हैं ताकि भ्रष्टाचार का मुद्दा न उठाया जा सके और उनसे सवाल न पूछे जाएँ। इस संस्कृति को खत्म करने की ज़रूरत है। पूरा देश यह सब देख रहा है।
LPU में हिंसा के दौरान पुलिस एक्शन पर क्यों सवाल? देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक के स्पेशल बुलेटिन में आज दिखाएंगे फगवाड़ा में LPU (लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सटी) में हिंसा के दौरान पुलिसिया एक्शन पर क्यों उठाए जा रहे हैं सवाल, यूनिवर्सिटी में आगजनी और तोड़फोड़ के पीछे की वजह क्या हैं. क्या छात्रों का गुस्सा था या कोई साजिश, साथ ही देखेंगे गायत्री विश्नाई को लेकर विपक्ष के निशाने पर क्यों है मान सरकार. अमेरिकी राजदूत ने क्यों किया अमृतसर का दौरा. लेकिन उससे पहले नजर हेडलाइंस पर.
बीजेपी में शामिल हुए मालिक, इसलिए LPU को बनाया निशाना? पंजाब के पूर्व CM ने उठाए सवाल
दूसरी तरफ, राजनीतिक आरोपों और पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने पुलिस की कार्रवाई का बचाव किया है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे से एक दिन पहले जालंधर के रेडक्रॉस भवन की दीवारों पर ‘भाजपा भगाओ, पंजाब बचाओ’ और ‘पंजाब दा हल खालिस्तान’ जैसे नारे लिखे मिले। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर इन नारों की जिम्मेदारी ली और दावा किया कि पंजाब के युवाओं ने इन्हें लिखा है। उसने भाजपा और अमित शाह को पंजाब में चिट्टे का होलसेलर बताया। हालांकि बाद में प्रशासन ने दीवारों पर लिखे नारों को कालिख पोतकर मिटा दिया गया। शाह 30 सितंबर को जालंधर के परागपुर क्षेत्र में ‘नशामुक्त पंजाब’ यात्रा को संबोधित करेंगे। भाजपा की ओर से निकाली जा रही चार ‘नशामुक्त पंजाब यात्राओं’ का समापन इसी रैली में होगा। डीसीपी आदित्य वारियर ने बताया कि मंगलवार सुबह इसके बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद स्पेशल टीम गठित कर दी गई है। मामला दर्ज करके आसपास के इलाके के सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जा रहे हैं। वीडियो में आतंकी पन्नू ने ये बातें कही… 28 एकड़ में लगाया जा रहा पंडाल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की 30 सितंबर को प्रस्तावित महारैली करीब 63 एकड़ जमीन पर होगी। इसमें 28 एकड़ में पंडाल बनाया जा रहा है। पहले रैली के लिए 40 एकड़ जमीन तय थी, जिसे बाद में 50 और अब लोगों की संख्या बढ़ने के अनुमान के बाद 63 एकड़ कर दिया गया है। भाजपा की ओर से निकाली जा रही चार ‘नशामुक्त पंजाब यात्राओं’ का समापन इसी रैली में होगा। आयोजकों के मुताबिक, इसे अब तक की सबसे बड़ी रैली बनाने की तैयारी है। पंडाल पूरी तरह एयर कंडीशन्ड होगा और इसमें 25 हजार से ज्यादा कुर्सियां लगाई जा रही हैं। पंडाल के अंदर और बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई जाएंगी, ताकि बाहर खड़े कार्यकर्ता भी भाषण सुन सकें। रैली में 3 हजार से ज्यादा बसों और करीब 2 हजार छोटे वाहनों के पहुंचने का अनुमान है। इसके लिए चार पार्किंग साइट तैयार की गई हैं। पंडाल के पास वीआईपी पार्किंग होगी, जबकि तीन अन्य पार्किंग दोआबा, माझा और मालवा से आने वाले लोगों के रूट के हिसाब से अलग-अलग दिशाओं में बनाई जा रही हैं। पार्किंग की व्यवस्था इस तरह की जा रही है कि ट्रैफिक प्रभावित न हो। ************ ये खबर भी पढ़ें: गोल्डी बराड़ पर ₹10 करोड़ का इनाम: अमेरिका में FBI की टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में, लॉरेंस गैंग से जुड़ा, निज्जर की हत्या कराने का आरोप अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को टॉप-10 मोस्ट वॉन्टेड की लिस्ट में शामिल किया है। बराड़ की जानकारी देने वाले को 10 लाख डॉलर (करीब 9.5 करोड़ रुपए) तक का इनाम देने की घोषणा की गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों के बीच विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सौहार्दपूर्ण चर्चा हुई। मुलाकात के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इसमें चंडीगढ़ के विकास, शहर से जुड़े प्रशासनिक एवं जनहित के मुद्दों के साथ-साथ उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर भी मुलाकात का विशेष महत्व रहा। वाइस चांसलर नियुक्ति की प्रक्रिया जारीउपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन विश्वविद्यालय के चांसलर हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी के प्रशासन, शिक्षा व्यवस्था, शोध, नवाचार और विद्यार्थियों से जुड़े विषय चर्चा के प्रमुख संदर्भों में रहे। हाल ही में उपराष्ट्रपति ने चंडीगढ़ दौरे के दौरान पंजाब यूनिवर्सिटी में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और टेक इनोवेशन फोरम से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। पंजाब यूनिवर्सिटी में नियमित वाइस चांसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया भी जारी है। विश्वविद्यालय के प्रशासन और शैक्षणिक व्यवस्था से जुड़े विषय इस समय महत्वपूर्ण हैं। चंडीगढ़ के विकास को लेकर भी चर्चाकटारिया चंडीगढ़ के प्रशासक होने के नाते शहर के विकास और प्रशासन से जुड़े मुद्दों को देखते हैं। ऐसे में मुलाकात के दौरान चंडीगढ़ के विकास, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, युवाओं और शहर की भविष्य की जरूरतों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने विचार साझा किएहाल के दिनों में प्रशासक की ओर से शहर की स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा भी की गई है। मुलाकात के दौरान पंजाब और चंडीगढ़ के महत्वपूर्ण विषयों को लेकर दोनों नेताओं ने विचार साझा किए।
Punjab: LPU बवाल में वायरल वीडियो से लेकर नकाबपोशों की तलाश तक, पुलिस जांच में सामने आए कई सवाल
एलपीयू हिंसा को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आम आदमी पार्टी, अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर मामले में भूमिका होने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की कथित साजिश से जोड़ते हुए कई आरोप लगाए।
20 हजार करोड़ के AI फंड में पंजाब को मिले उचित हिस्सा, केबीएस सिद्धू ने केंद्र से की मांग
केबीएस सिद्धू ने केंद्र सरकार के 20 हजार करोड़ के नेशनल फ्रंटियर एआई एंड कंप्यूट फंड में पंजाब के लिए हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
पंजाब में 'जश्न-ए-इंकलाब', CM मान बोले- 'शहीद भगत सिंह के सपनों का पंजाब बना रही हमारी सरकार'
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना में 'जश्न-ए-इंकलाब' कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों का पंजाब बना रही है।
पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए पंजाब का मतदाता पहचान पत्र अनिवार्य किए जाने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सवाल उठाया है।
सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को FBI ने अपनी टॉप 10 मोस्ट वांटेड भगोड़ों की सूची में शामिल किया है. पंजाब के छात्र से अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क के कथित संचालक तक का उसका सफर एक बार फिर चर्चा में है. एफबीआई ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया है.
Kangra News: चिट्टे के साथ पकड़े गए पंजाब के युवक को एक साल की कैद
कंडवाल बैरियर के पास 7.33 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़े गए पंजाब निवासी गुरप्रीत सिंह को अदालत ने दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
दिल्ली में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पंजाब के वरिष्ठ नेता शामिल हो सकते हैं। सचिन पायलट की मौजूदगी में संगठन, एकजुटता और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा होगी।
नशा मुक्ति पंजाब यात्रा पर बैठक की
भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई ने नशा मुक्ति पंजाब यात्रा के शहर पहुंचने से पहले तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला भाजपा कार्यालय में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुनील मौदगिल ने की और यात्रा के स्वागत व कार्यक्रम प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारियां तय की गईं। सुनील मौदगिल ने बताया कि नशे के खिलाफ जनजागरण संदेश के साथ यह यात्रा आज सुबह 11 बजे लुधियाना पहुंचेगी। उनके अनुसार, समराला चौक पर भाजपा युवा मोर्चा की ओर से स्वागत प्रस्तावित है। इसके बाद यात्रा लुधियाना सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के ईसा नगर पुली चौक पहुंचेगी, जहां सांसद मनोज तिवारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सरदार रवनीत सिंह बिट्टू और एचएस फूलका सहित वरिष्ठ नेतृत्व का संबोधन कार्यक्रम रखा गया है।
Chandigarh News: पंजाब एफसी ने आईएफए शील्ड में 7-0 से दर्ज की जीत
पंजाब एफसी ने आईएफए शील्ड में 7-0 से दर्ज की जीत
Chandigarh News: मनीमाजरा में बनेगा पंजाब सहित पांच राज्यों की बसों का नया केंद्र
मनीमाजरा में बनेगा पंजाब सहित पांच राज्यों की बसों का नया केंद्र
Mohali News: खेडां वतन पंजाब दियां की जिलास्तरीय प्रतियोगिताएं 2 से शुरू होंगीं
The district-level competitions of 'Khedan Watan Punjab Diyan' will begin on the 2nd
Ballia News: पंजाब-बिहार, कोलकाता का सफर होगा आसान
Travel between Punjab, Bihar, and Kolkata will become easier.
Etawah News: रामलीला के लिए तैयार हो रहे मुखौटे, पंजाब से मंगाईं गईं तलवारें
रामलीला के लिए तैयार हो रहे मुखौटे, पंजाब से मंगाईं गईं तलवारें
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर पंजाब में कांग्रेस का प्रदर्शन
फिरोजपुर, 28 सितंबर . पंजाब के फिरोजपुर में Monday को हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने उन पर देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य ... Read more
'शहीद भगत सिंह के सपनों का पंजाब बना रहे हैं', जश्न-ए-इंकलाब में बोले CM भगवंत मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह की जयंती पर आयोजित 'जश्न-ए-इंकलाब' कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार देशभक्ति, समानता, इंसाफ और लोककल्याण पर आधारित पंजाब बनाने के लिए काम कर रही है
बलजिंदर सिंह को सऊदी अरब में मौत की सज़ा सुनाई गई है. अब उनका परिवार भारत सरकार और पंजाब सरकार से मदद की अपील कर रहा है.
Saurabh Bharadwaj पहुंचे Vikaspuri थाना, मंत्री Parvesh Sahib Singh पर केस दर्ज करने की मांग
तिलक नगर में थप्पड़ मारने के विवाद को लेकर राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है। दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, पार्टी के विधायकों और पार्षदों के साथ सोमवार को विकासपुरी पुलिस स्टेशन पहुंचे और दिल्ली के PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की मांग की। यह विरोध प्रदर्शन एक वायरल वीडियो के बाद हो रहा है, जिसमें मंत्री प्रवेश साहिब सिंह कथित तौर पर तिलक नगर में सड़क के निरीक्षण के दौरान एक स्थानीय युवक को थप्पड़ मारते हुए दिख रहे हैं। यह घटना तब हुई जब विपक्षी नेताओं ने PWD द्वारा बनाई गई सड़क के घटिया निर्माण का मामला उठाया था। दिल्ली पुलिस ने आज कहा कि प्रवेश साहिब सिंह और AAP विधायक जरनैल सिंह से जुड़े तिलक नगर विवाद के संबंध में अब तक पांच शिकायतें मिली हैं। इस मामले में दिल्ली पुलिस को अब तक कुल पांच शिकायतें मिली हैं। इनमें से एक शिकायत जरनैल सिंह के सहयोगी साहिब सिंह ने दर्ज कराई थी। इसे भी पढ़ें: Punjab को प्रयोग नहीं विकास और सुरक्षा चाहिए, AAP पर बरसे SAD चीफ Sukhbir Badal पुलिस ने बताया कि PWD कर्मचारियों ने जरनैल सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ दो शिकायतें दर्ज कराईं। इससे पहले, मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के साथ दुर्व्यवहार को लेकर BJP कार्यकर्ताओं ने दो शिकायतें दर्ज कराई थीं। ये सभी पांच शिकायतें दिल्ली के विकासपुरी और तिलक नगर पुलिस स्टेशनों में दी गई थीं। उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस सभी शिकायतों की जांच कर रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने कहा अभी तक किसी भी शिकायत के आधार पर कोई FIR दर्ज नहीं की गई है। सड़क के दोनों तरफ का इलाका विकासपुरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि गुरुद्वारा तिलक नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, सिंह ने इन आरोपों से इनकार किया है और दावा किया है कि AAP कार्यकर्ताओं ने उनके परिवार के साथ बदसलूकी और दुर्व्यवहार किया। इसे भी पढ़ें: Rajasansi में Punjab Bachao Rally से Sukhbir Badal का AAP पर वार, Arvind Kejriwal पर उठाए सवाल एक्स पर पोस्ट किए गए एक वीडियो बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि AAP विधायक जरनैल सिंह के समर्थकों ने उनके परिवार के साथ गाली-गलौज की। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि AAP विधायक ने सड़क परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों से कमीशन की मांग की थी, और कहा कि सरकारी काम में बाधा डालने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया था कि पीड़ित साहेब सिंह के खिलाफ MCD कर्मचारी के साथ मारपीट का एक आपराधिक मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है।
एलपीयू प्रकरण पर फतेहजंग बाजवा ने पंजाब सरकार को घेरा, बोले-सरकार छुपा रही नाकामी
मोहाली, 28 सितंबर . लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) मामले को लेकर पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने आम आदमी पार्टी (आप) Government की आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और प्रशासन पर Government का नियंत्रण नहीं रह गया है. फतेहजंग सिंह बाजवा ने समाचार ... Read more
Rajasansi में Punjab Bachao Rally से Sukhbir Badal का AAP पर वार, Arvind Kejriwal पर उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सरकारी मशीनरी, पुलिस और सार्वजनिक संपत्ति के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया और कहा कि राज्य को विकास, शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, सुरक्षा और रोजगार की जरूरत है। सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग के मुद्दे पर बात करते हुए बादल ने कहा कि पंजाब सरकार को इसकी उचित जांच करानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रॉपर्टी में AAP नेता अरविंद केजरीवाल रुके थे, उसके मालिक ने बाद में पार्टी छोड़ दी थी और इस घटनाक्रम से जुड़े हालात पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी प्रॉपर्टी और सरकारी आवासों पर बाहरी लोगों का कब्ज़ा हो रहा है और दावा किया कि AAP ने पूरे पंजाब में सरकारी प्रॉपर्टी पर कब्ज़ा कर लिया है। बादल ने कहा कि अगर SAD सत्ता में वापस आती है, तो उनकी पार्टी सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग की जांच करेगी और ज़िम्मेदार लोगों से जनता का पैसा वसूल करेगी। एक्स पर एक पोस्ट में SAD प्रमुख ने राजासांसी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों का पार्टी की 'पंजाब बचाओ' रैली में शामिल होने के लिए आभार भी व्यक्त किया। इसे भी पढ़ें: LPU में रातभर हंगामा, सुबह फिर हाईवे जाम; रेप के दावे पर Punjab Police ने क्या कहा? उन्होंने लिखा सोढ़ी पातशाह श्री गुरु रामदास जी' की कृपा के लिए मैं अपना आभार कैसे व्यक्त कर सकता हूँ? मैं राजासांसी निर्वाचन क्षेत्र की संगत और माझा की धरती से शिरोमणि अकाली दल के लिए उठे समर्थन के ज़बरदस्त सैलाब के प्रति बहुत आभारी हूँ। उन्होंने आगे कहा, मैं राजासांसी निर्वाचन क्षेत्र में 'पंजाब बचाओ' रैली के लिए उमड़े अकाली योद्धाओं के जनसैलाब के सामने श्रद्धा से नतमस्तक हूँ। इन तस्वीरों को देखिए; आपको एहसास होगा कि यह पूरी भीड़ किसी सरकारी पद या निजी फ़ायदे के लिए शिरोमणि अकाली दल की रैली में नहीं आई थी, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम के कारण आई थी। 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में AAP सरकार पर निशाना साधते हुए बादल ने कहा, लोग अब दिल्ली-आधारित पार्टियों और 'वायरस' [विघटनकारी राजनीतिक तत्वों] की असलियत समझ गए हैं। पंजाब को किसी नए प्रयोग या और धोखे की ज़रूरत नहीं है। पंजाब को अब विकास, शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, सुरक्षा और अपने बच्चों के लिए रोज़गार की ज़रूरत है। पंजाबी अब शिरोमणि अकाली दल की सरकार चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: LPU में छात्रों के प्रदर्शन पर Punjab DGP बोले: पुलिस ने बरता संयम, किया न्यूनतम बल प्रयोग पोस्ट में लिखा था मैं आज माझा के शेर-दिल बेटों द्वारा दिखाए गए अटूट विश्वास और जोशीले संकल्प को सलाम करता हूँ। रैली की सफलता पर सम्मानित समुदाय के नेता और निर्वाचन क्षेत्र के प्रभारी जत्थेदार वीर सिंह लोपोके और उनकी टीम को बधाई। बादल ने युवा प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल गुंडा फ़ोर्स के तौर पर किया जा रहा है। सरकार। बादल ने कहा, मैं पुलिसकर्मियों से कहना चाहता हूं कि वे अपना कर्तव्य निभाएं और सही-गलत की पहचान करें। ऐसी बातों पर आंखें मूंद लेना भी गलत काम है।
Punjab को प्रयोग नहीं विकास और सुरक्षा चाहिए, AAP पर बरसे SAD चीफ Sukhbir Badal
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की आलोचना की और सरकारी संसाधनों, पुलिस और सार्वजनिक संपत्तियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को विकास, शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, सुरक्षा और रोज़गार की ज़रूरत है। संसाधनों के कथित गलत इस्तेमाल के मुद्दे पर बात करते हुए, बादल ने पंजाब सरकार से इसकी गहन जांच की मांग की। इसे भी पढ़ें: PWD Minister Parvesh Verma को आज ही करें गिरफ्तार, Arvind Kejriwal की PM Modi से मांग उन्होंने दावा किया कि जिस संपत्ति में AAP नेता अरविंद केजरीवाल रुके थे, उसके मालिक ने बाद में पार्टी छोड़ दी; उन्होंने इस घटना से जुड़े हालात पर सवाल उठाए। बादल ने यह भी आरोप लगाया कि बाहरी लोगों ने सरकारी संपत्तियों और सरकारी आवासों पर कब्ज़ा कर लिया है और कहा कि AAP ने पूरे पंजाब में सरकारी संपत्तियों पर अपना नियंत्रण कर लिया है। उन्होंने कहा कि अगर SAD सत्ता में वापस आती है, तो पार्टी कथित दुरुपयोग की जांच करेगी और ज़िम्मेदार लोगों से जनता का पैसा वसूल करेगी। X पर एक पोस्ट में, बादल ने पार्टी की ‘पंजाब बचाओ’ रैली के दौरान समर्थन के लिए राजासांसी निर्वाचन क्षेत्र के निवासियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि मैं ‘सोढ़ी पातशाह श्री गुरु रामदास जी’ की कृपा के लिए अपना आभार कैसे व्यक्त कर सकता हूँ? मैं राजासांसी निर्वाचन क्षेत्र की संगत और माझा की धरती से शिरोमणि अकाली दल के लिए उठे समर्थन के ज़बरदस्त सैलाब के प्रति अत्यंत आभारी हूँ। उन्होंने आगे कहा कि मैं राजासांसी विधानसभा क्षेत्र में 'पंजाब बचाओ' रैली के लिए जुटे अकाली योद्धाओं के जनसैलाब के सामने श्रद्धा से सिर झुकाता हूं। इन तस्वीरों को देखिए; आपको एहसास होगा कि यह पूरी भीड़ शिरोमणि अकाली दल की रैली में किसी सरकारी पद या निजी फायदे के लिए नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम के कारण आई थी। इसे भी पढ़ें: Tilak Nagar Slap Controversy पर Parvesh Verma की सफाई, जरनैल सिंह पर लगाए गंभीर आरोप 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले AAP सरकार पर निशाना साधते हुए बादल ने कहा कि लोग अब दिल्ली-आधारित पार्टियों और 'वायरस' [विघटनकारी राजनीतिक तत्वों] की असलियत समझ गए हैं। पंजाब को अब किसी नए प्रयोग या और धोखे की ज़रूरत नहीं है। पंजाब को अब विकास, शांति, सांप्रदायिक सद्भाव, सुरक्षा और अपने बच्चों के लिए रोज़गार की ज़रूरत है। पंजाब के लोग अब शिरोमणि अकाली दल की सरकार चाहते हैं।
अमृतपाल सिंह की एंट्री से अकाली दल की सियासी जमीन पर मंडराया संकट
पंजाब की राजनीति अपनी जटिल जातीय समीकरणों, धार्मिक भावनाओं और अप्रत्याशित उठापटक के लिए पूरे देश में हमेशा से एक अलग पहचान रखती है। जैसे-जैसे राज्य में विधानसभा चुनावों का वक्त नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे वहां की राजनीतिक फिजा में नए-नए समीकरण और चुनौतियां आकार लेने लगी हैं। इस चुनावी सरगर्मी के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) के लिए एक ऐसा नया और संवेदनशील राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है जिसने पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकारों की नींद उड़ा दी है। अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) और उनके संगठन 'वारिस पंजाब दे' (Waris Punjab De) की बढ़ती सक्रियता और उसके वैचारिक प्रभाव ने अकाली दल के पारंपरिक सिख वोटबैंक में सेंध लगाने की पूरी तैयारी कर ली है। एक ऐसी पार्टी जो खुद को सिखों की एकमात्र नुमाइंदा होने का दावा करती आई है, उसके लिए पंथक राजनीति के इस नए और आक्रामक चेहरे से निपटना किसी बड़ी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में गहराई से समझते हैं कि चुनाव के मुहाने पर खड़े पंजाब में 'वारिस पंजाब दे' का यह उभार अकाली दल के लिए एक बड़ी चुनौती क्यों बनता जा रहा है और इसके आगामी चुनावी नतीजों पर क्या गहरे प्रभाव पड़ सकते हैं।शिरोमणि अकाली दल की पंथक राजनीति और उसकी पारंपरिक ज़मीन पर मंडराता नया खतराशिरोमणि अकाली दल का यह राजनीतिक इतिहास रहा है कि उसने दशकों तक पंजाब में सिख पंथ, गुरुद्वारों के प्रबंधन और धार्मिक मुद्दों को अपनी राजनीति की मुख्य धुरी बनाकर शासन किया है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में तेजी से बदलाव आया है और युवा पीढ़ी के एक बड़े वर्ग का झुकाव अधिक आक्रामक और कट्टर धार्मिक तथा क्षेत्रीय मुद्दों की तरफ बढ़ा है। अमृतपाल सिंह और उनके संगठन 'वारिस पंजाब दे' ने जिस प्रकार से ग्रामीण युवाओं के बीच अपनी पैठ बनाई है और पंथक अधिकारों तथा बेअदबी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर आक्रामक तेवर दिखाए हैं, उसने अकाली दल के सामने एक गंभीर वैचारिक संकट पैदा कर दिया है। अकाली दल के नेता जो पारंपरिक तरीके से अपनी रोटियां सेकते आए हैं, वे इस नए और अप्रत्याशित राजनीतिक तेवर का सटीक और प्रभावी जवाब देने में फिलहाल संघर्ष करते नजर आ रहे हैं, जिससे पार्टी का पारंपरिक वोट बैंक छिटकता हुआ दिखाई दे रहा है।'वारिस पंजाब दे' की कार्यशैली और युवाओं के बीच उसकी अपील का बढ़ता हुआ दायराअमृतपाल सिंह और 'वारिस पंजाब दे' संगठन की सबसे बड़ी ताकत यह रही है कि उन्होंने सीधे तौर पर ग्रामीण इलाकों के बेरोजगार और धर्म के प्रति संवेदनशील युवाओं को अपने साथ जोड़ने में सफलता हासिल की है। अमृत बंचन, नशामुक्ति अभियानों के नाम पर शुरू किए गए उनके दौरों और पंजाब के अधिकारों की हुंकार ने कम समय में ही एक बड़ा जनसमूह जुटा लिया है, भले ही इसके कानूनी और प्रशासनिक परिणाम काफी विवादित रहे हों। जेल की सलाखों के पीछे होने के बावजूद अमृतपाल सिंह और उनके समर्थकों का प्रभाव राजनीतिक गलियारों में पूरी तरह कायम है, और चुनाव के समय उनकी वैचारिक उपस्थिति का असर प्रत्याशियों की हार-जीत पर पड़ना तय माना जा रहा है। अकाली दल के रणनीतिकार इस बात से सबसे ज्यादा डरे हुए हैं कि यदि यह पंथक और कट्टरपंथी वोट बैंक पारंपरिक अकाली खेमे से अलग होकर किसी अन्य विकल्प या निर्दलीय उम्मीदवारों के पाले में चला गया, तो पार्टी के लिए अपनी पुरानी सियासी जमीन बचाना बेहद मुश्किल हो जाएगा।चुनावों पर पड़ने वाला दूरगामी असर: क्या अकाली दल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने में होगा कामयाब?पंजाब का हर एक चुनाव केवल सीटों की हार-जीत का खेल नहीं होता, बल्कि यह राज्य के अस्तित्व, पहचान और सामाजिक ताने-बाने की परीक्षा होती है। आगामी विधानसभा चुनावों में जब मतदाता अपने मत का प्रयोग करने पोलिंग बूथ पर पहुंचेंगे, तो उनके मन में आर्थिक विकास के साथ-साथ धार्मिक और क्षेत्रीय अस्मिता के मुद्दे भी प्रमुख रूप से हावी रहेंगे। शिरोमणि अकाली दल के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह एक तरफ तो उदार और विकासवादी छवि पेश करे, और दूसरी तरफ अपनी पारंपरिक पंथक पहचान को भी बचाए रखे ताकि 'वारिस पंजाब दे' के प्रभाव वाले युवाओं को काउंटर किया जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का यह मानना है कि यदि अकाली दल इस नाजुक संतुलन को साधने में नाकाम रहता है, तो सिख राजनीति का एक बहुत बड़ा हिस्सा हमेशा के लिए उसके हाथ से निकल सकता है, जो दल के भविष्य के लिए एक बड़ा झटका साबित होगा।पंजाब की राजनीति का नया मोड़ और आने वाले सियासी समीकरणों की एक झलककुल मिलाकर, चुनाव से ठीक पहले अमृतपाल सिंह और 'वारिस पंजाब दे' का फैक्टर पंजाब की राजनीति को एक ऐसे अनिश्चित दौर में धकेल चुका है जहां हर राजनीतिक दल को फूंक-फूंक कर कदम रखना पड़ रहा है। शिरोमणि अकाली दल के लिए यह समय आत्ममंथन और अपनी खोई हुई राजनीतिक साख को पुनर्जीवित करने का अंतिम अवसर साबित हो सकता है, बशर्ते वे समय रहते जनता के नब्ज को पहचान सकें। चुनावी मंचों से लेकर सोशल मीडिया के गलियारों तक, इस बात की चर्चा आम हो चुकी है कि इस बार का मुकाबला केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि वैचारिक वर्चस्व की एक लंबी लड़ाई है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि अकाली दल इस दोधारी तलवार जैसी चुनौती का सामना किस राजनीतिक कौशल और रणनीति के साथ करता है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।
गायत्री बिश्नोई को सरकारी आवास आवंटन को लेकर विपक्ष के बीच छिड़ी जंग
देश के किसी भी राज्य में जब विधानसभा चुनाव या चुनावी सरगर्मी का दौर नजदीक आता है, तो वहां की राजनीतिक फिजा में आरोप-प्रत्यारोप और बयानों के तीर चलना एक आम बात बन जाती है। पंजाब (Punjab) राज्य में आगामी चुनावों के मद्देनजर इस समय राजनीतिक गलियारों से एक बेहद गरमागरम और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जिसने सूबे के सियासी तापमान को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। चुनावी सरगर्मी के बीच राजधानी में एक हाई-प्रोफाइल सरकारी बंगले और आवास के आवंटन को लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) और विपक्षी दलों के बीच एक भयंकर राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। मामला गायत्री बिश्नोई (Gayatri Bishnoi) को एक प्रमुख सरकारी आवास आवंटित किए जाने से जुड़ा हुआ है, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर भाई-भतीजावाद और नियमों की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष का यह दावा है कि यह आवंटन पूरी तरह से प्रशासनिक और कानूनी नियमों के दायरे में रहकर किया गया है। आइए इस विस्तृत और विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले बंगले की इस सियासत के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है और इससे राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ रहा है।क्या है पूरा मामला? गायत्री बिश्नोई के सरकारी बंगले के आवंटन पर क्यों मचा है सियासी बवालविवाद की शुरुआत तब हुई जब प्रशासनिक स्तर पर गायत्री बिश्नोई को एक प्रतिष्ठित सरकारी आवास आवंटित किए जाने की फाइल को मंजूरी मिली और इसकी भनक विपक्षी दलों के नेताओं तक पहुंची। विपक्षी दलों का यह कहना है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले या चुनावी सुगबुगाहट के दौर में इस तरह के बड़े सरकारी बंगलों का आवंटन करना सरासर सत्ता का दुरुपयोग है और इसके जरिए राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब की राजनीति में प्रतीकों का बहुत बड़ा महत्व होता है, और ऐसे में किसी विशिष्ट हस्ती को सरकारी आवास दिया जाना विपक्षी दलों के हाथ में एक बड़ा चुनावी मुद्दा थमा देता है। जैसे ही यह खबर सार्वजनिक हुई, विभिन्न दलों के प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और इसे लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।आम आदमी पार्टी (AAP) का तीखा पलटवार: 'विपक्ष के पास और कोई मुद्दा नहीं बचा, इसलिए फैला रहे हैं भ्रम'विपक्षी दलों के लगातार तीखे हमलों और आरोपों से घिरी आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी बिना देर किए बहुत ही आक्रामक रुख अपनाते हुए विपक्ष के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि गायत्री बिश्नोई को आवास का आवंटन पूरी तरह से निर्धारित नियमों, पात्रता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया गया है, और इसमें किसी भी प्रकार के विशेष पक्षपात का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। आप नेताओं ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए यह कहा कि जब भी राज्य में विकास के कार्य होते हैं या सरकार पारदर्शी तरीके से अपने प्रशासनिक निर्णय लेती है, तो विपक्ष के पास केवल झूठी बयानबाजी करने के अलावा और कोई काम नहीं बचता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते देखकर विपक्षी दल जानबूझकर जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के बेबुनियाद मुद्दों को तूल दे रहे हैं, जिन्हें पंजाब की जनता अच्छी तरह समझती है।चुनावी माहौल और क्षेत्रीय राजनीति पर पड़ने वाले प्रभाव: क्या विपक्ष को मिल गया एक नया हथियार?पंजाब की राजनीति अपनी अप्रत्याशित चालों और क्षेत्रीय समीकरणों के लिए पूरे देश में मशहूर है, जहां एक छोटा सा विवाद भी रातों-रात बड़े चुनावी मुद्दे में तब्दील हो सकता है। चुनाव से ठीक पहले बंगले की इस राजनीति ने राजनीतिक दलों को जनता के बीच एक-दूसरे को घेरने का बेहतरीन मौका दे दिया है, और हर कोई यह साबित करने में लगा है कि कौन सा दल जनता के हितों के प्रति ज्यादा वफादार है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में इस बात की चर्चाएं आम हो चुकी हैं कि राजनेता जनता के वास्तविक मुद्दों—जैसे बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और कृषि संकट—को छोड़कर केवल आवास और महलों की राजनीति में उलझे हुए हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी रैलियों और जनसभाओं में विपक्षी दलों द्वारा सरकार के खिलाफ एक बड़े अस्त्र के रूप में इस्तेमाल किए जाने की पूरी संभावना है, जिससे चुनावी मुकाबला और अधिक दिलचस्प होता जा रहा है।निष्पक्षता और प्रशासनिक पारदर्शिता की मांग: जनता की अदालत में क्या तय होगी सही दिशा?इस पूरे राजनीतिक ड्रामे के बीच आम नागरिकों और बुद्धिजीवियों का यह मानना है कि सरकार और प्रशासन को ऐसे संवेदनशील मामलों में पूरी तरह से पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार के अनर्गल संदेह की कोई गुंजाइश ही न बचे। चुनावी मौसम में जब हर एक फैसले को राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, तब प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह दूध का दूध और पानी का पानी करके सच्चाई को जनता के सामने रखे। पंजाब की जनता हमेशा से ही जागरूक रही है और वह जानती है कि किसे चुनना है और किसे नकारा साबित करना है। कुल मिलाकर, गायत्री बिश्नोई के सरकारी आवास आवंटन को लेकर शुरू हुई यह रार तब तक थमने वाली नहीं है जब तक चुनावी रण का मैदान शांत नहीं हो जाता, और इस पर राजनीतिक विशेषज्ञों की पैनी नजर लगातार बनी हुई है।
LPU में छात्रों के प्रदर्शन पर Punjab DGP बोले: पुलिस ने बरता संयम, किया न्यूनतम बल प्रयोग
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में दुष्कर्म की कथित घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के हिंसा पर उतरने के आरोप के एक दिन बाद सोमवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने विश्वविद्यालय का दौरा किया और कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ न्यूनतम बल प्रयोग किया गया। परिसर में रविवार को कथित हंगामे और तोड़फोड़ की घटना पर यादव ने कहा कि पुलिस ने अब तक संयम बरता है, लेकिन तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्र विश्वविद्यालय परिसर में दुष्कर्म की कथित घटना को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। राष्ट्रीय राजधानी में हाल में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए यादव ने छात्रों में व्याप्त नाराजगी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा घटना से निपटने में पुलिस ने रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाया है और न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। डीजीपी ने पंजाब में कपूरथला जिले के फगवाड़ा में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) का दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान के स्थिति का आकलन करने का निर्देश देने के बाद किया। पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लेकर छात्रों की शिकायतों को दूर कराने के लिए इस निजी विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ उनकी बातचीत कराई। यादव ने कहा, ‘‘हमारे अधिकारियों ने तय किया कि न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जाएगा। छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग नहीं करने का फैसला बहुत सोच-समझकर लिया गया।’’उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़ी छात्रों की शिकायतों को बातचीत के जरिए सुलझाने के प्रयास किए गए। छात्रों द्वारा दुष्कर्म की कथित घटना का दावा किए जाने के बारे में यादव ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘प्रशासन से जुड़ी शिकायतों में लड़कियों के छात्रावासों में केवल महिला कर्मचारियों की तैनाती की मांग और कुछ अन्य मुद्दे शामिल थे। हमने इन शिकायतों को सुलझाने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई।’’रविवार शाम प्रदर्शन के कथित तौर पर हिंसक हो जाने पर यादव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और पुलिस के वाहनों पर पथराव किया गया। उन्होंने कहा, ‘‘पुलिस ने काफी संयम बरता। पुलिसकर्मियों ने यह सोचकर संयम से काम लिया कि छात्र हमारे बच्चों जैसे हैं और उनकी शिकायतों का समाधान होना चाहिए। इनमें से ज्यादातर शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन से संबंधित थीं। बैठकें आयोजित की गईं।’’तोड़फोड़ में शामिल लोगों को संदेश देते हुए डीजीपी ने कहा कि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने छात्रों से बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी अपील की। परिसर में वॉकी-टॉकी मिलने की कथित खबरों के आधार पर बाहरी लोगों की संभावित भूमिका के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘मैं स्थिति का समग्र आकलन करने और यह देखने आया हूं कि पर्याप्त पुलिस बल तैनात है या नहीं। हम आपको उचित जानकारी देंगे। हर घटना की बारीकी से जांच की जाएगी।’’एसआईटी की जांच और प्राथमिकी के बारे में उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एलपीयू और चितकारा विश्वविद्यालय में हुए प्रदर्शनों के बीच किसी संबंध के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा, ‘‘हम सभी ने जंतर-मंतर पर हुई घटना देखी है। छात्र समुदाय में नाराजगी है। हमारा दृष्टिकोण रचनात्मक रहा है और हम छात्रों को साथ लेकर उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहते हैं।’’एलपीयू में यह घटना पटियाला स्थित चितकारा विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई। वहां भी दो छात्राओं द्वारा परिसर में कथित तौर पर आत्महत्या किए जाने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था और कथित तौर पर पुलिस के एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था। एलपीयू के छात्रों ने रविवार को विश्वविद्यालय परिसर के बाहर नयी दिल्ली-अमृतसर राजमार्ग के एक हिस्से को अवरुद्ध कर दिया था। उनका दावा था कि किसी बाहरी व्यक्ति ने विश्वविद्यालय परिसर में एक छात्रा से दुष्कर्म किया। अधिकारियों ने सोमवार सुबह बताया कि सड़क से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है और यातायात बहाल कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार शाम प्रदर्शन ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, उनके वाहनों पर हमला किया और कुछ वस्तुओं में आग लगा दी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
भीलवाड़ा: पंजाब के 65 वर्षीय चालक की मशीन से गिरकर मौत, फूलिया कलां का हादसा
पंजाब के संगरूर से फसल कटाई के लिए भीलवाड़ा आए बुजुर्ग चालक का मशीन की देखरेख के दौरान संतुलन बिगड़ा, शाहपुरा अस्पताल में मृत घोषित।
LPU विवाद के बीच पंजाब पुलिस सख्त, कहा- बिना पुष्टि के खबरें शेयर न करें
पंजाब के फगवाड़ा स्थित LPU में बवाल के बाद तनाव के बीच पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और खबर शेयर करने से पहले उसकी पुष्टि करने की अपील की है. यूनिवर्सिटी में 10 दिनों के लिए क्लासेस सस्पेंड और एग्जाम रद्द कर दिए गए हैं.
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से कथित बलात्कार की खबर ने रविवार को ऐसा बवाल खड़ा किया कि पूरा परिसर हिंसा की चपेट में आ गया। छात्रों का प्रदर्शन देखते ही देखते आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से झड़प और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के जाम तक पहुंच गया। हालांकि पुलिस ने अभी तक बलात्कार की घटना की पुष्टि नहीं की है और विश्वविद्यालय ने आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है। हालात को देखते हुए विश्वविद्यालय ने 10 दिनों के लिए कक्षाएं बंद कर दी हैं और मध्यावधि परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी हैं। बताया जा रहा है कि मामला तब भड़का जब शनिवार रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित बलात्कार और एक महिला छात्रा की आत्महत्या से जुड़ी बातें फैलने लगीं। रविवार तड़के छात्राएं और अन्य विद्यार्थी छात्रावास के बाहर जुटने लगे। आरोप लगाया गया कि किसी बाहरी व्यक्ति ने छात्रा के साथ यौन अपराध किया और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विशेष जांच दल गठित कर दिया है। जांच में सीसीटीवी फुटेज, वैज्ञानिक साक्ष्य और दूरभाष अभिलेखों की जांच की जा रही है। इसे भी पढ़ें: LPU में रातभर हंगामा, सुबह फिर हाईवे जाम; रेप के दावे पर Punjab Police ने क्या कहा? लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। विश्वविद्यालय की संपत्तियों में तोड़फोड़ हुई, दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा, कुछ वाहनों में आग लगा दी गई और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 को जाम कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, राजमार्ग खाली कराने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और स्थिति और बिगड़ गई। दो पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई, कई अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हुए और कई पुलिसकर्मी घायल हुए। हिंसा के बीच विश्वविद्यालय परिसर के भीतर स्थित दुकानों और एटीएम केंद्र में तोड़फोड़ के दृश्य भी सामने आए। कुछ वीडियो में लोगों को दुकानों से खाद्य सामग्री और अन्य सामान उठाते हुए देखा गया। कुछ प्रदर्शनकारियों के चेहरे ढके हुए भी दिखाई दिए। पुलिस अब सीसीटीवी के जरिये हिंसा और कथित लूटपाट में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है। उधर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पूरे प्रकरण में बलात्कार के आरोप को सिरे से खारिज किया है। विश्वविद्यालय ने जांच में सहयोग करने की बात कही है। इसी बीच विश्वविद्यालय में पहले हुई एक तेलंगाना निवासी छात्र की आत्महत्या का मुद्दा भी प्रदर्शनकारियों की मांगों में शामिल हो गया। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा है और कहा है कि जांच में किसी तरह के आपराधिक पहलू के प्रमाण मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी। छात्रों की ओर से छात्रावास व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हिंसा का सबसे बड़ा असर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर पड़ा। फगवाड़ा में दिल्ली-अमृतसर मार्ग का यह महत्वपूर्ण हिस्सा करीब 15 घंटे तक प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ना पड़ा। आज सुबह पुलिस ने बताया कि यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। विश्वविद्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात है। उधर, हालात की गंभीरता को देखते हुए लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 28 सितंबर से दस दिनों के लिए नियमित कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। मध्यावधि परीक्षाएं भी अगली सूचना तक टाल दी गई हैं। विश्वविद्यालय ने छात्रों को अभिभावकों से सलाह लेकर अपने घर जाने की अनुमति दी है, जबकि परिसर में रुकने वाले छात्रों को छात्रावास या निवास स्थान के भीतर रहने और किसी भी अशांति से दूर रहने की सलाह दी गई है। सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र सामान लेकर परिसर से निकलते और बस अड्डे तथा रेलवे स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए। दूसरी ओर, इस मामले ने अब पंजाब सरकार का ध्यान भी खींच लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुलिस महानिदेशक गौरव यादव को विश्वविद्यालय पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आदेश देते हुए साफ कहा है कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। देखा जाये तो एलपीयू का यह पूरा घटनाक्रम अब केवल एक कथित अपराध की जांच का मामला नहीं रह गया है। असली सवाल यह है कि अपुष्ट सूचना इतनी तेजी से कैसे फैली, छात्रों का आक्रोश हिंसा में कैसे बदला और विश्वविद्यालय परिसर में बाहरी लोगों की मौजूदगी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे दावों की सच्चाई क्या है? फिलहाल बलात्कार के आरोप की पुष्टि बाकी है, लेकिन आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से टकराव और राष्ट्रीय राजमार्ग को घंटों बंधक बनाने की घटना निर्विवाद रूप से सामने है। अब जांच समिति को यह तय करना है कि इस पूरे मामले के पीछे सच क्या था? बहरहाल, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी का घटनाक्रम बताता है कि किसी गंभीर आरोप की सच्चाई सामने आने से पहले ही अफवाह किस तरह हालात को विस्फोटक बना सकती है। यौन अपराध जैसे संवेदनशील मामले में शिकायत की निष्पक्ष और तेज जांच जरूरी है, लेकिन जांच से पहले हिंसा, आगजनी और कानून हाथ में लेना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि सच सामने आए, दोषी पर कार्रवाई हो और निर्दोष को निशाना न बनाया जाए। इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा सबक यही है कि सच की लड़ाई सबूतों से होनी चाहिए, सड़कों पर हिंसा से नहीं।
गाजीपुर के नोनहरा थाना पुलिस ने सोमवार रात अटवा मोड़ पक्का पुल मंदिर के पास मुठभेड़ के दौरान दो शातिर गोतस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी।
पुलिस मुठभेड़ में पंजाब का तस्कर घायल, साथी गिरफ्तार; VIDEO
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पंजाब कांग्रेस की अमृतसर और तरनतारन लीडरशिप ने आज श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचकर एकजुटता का संदेश दिया। सांसद गुरजीत सिंह औजला की अगुवाई में दोनों जिलों के करीब 15 विधानसभा क्षेत्रों के नेता दरबार साहिब में माथा टेकने पहुंचे। रास्ते में सांसद गुरजीत औजला ने एक वीडियो जारी कर कहा कि अमृतसर और जालंधर के जो वरिष्ठ कांग्रेसी नेता हैं सभी हमारे साथ मौजूद हैं। हम सभी श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने जा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर माझा क्षेत्र की करीब 15 विधानसभा सीटों पर काम कर रही है। इस समय तरनतारन और अमृतसर की करीब 15 सीटों के सभी नेता यहां मौजूद हैं। औजला बोले- सरकार भी कांग्रेस पार्टी की बनेगीउन्होंने कहा कि एकजुटता के प्रतीक के रूप में हम श्री हरिमंदिर साहिब जाकर नतमस्तक होने जा रहे हैं। हम लोक मुद्दों और पंजाब हित की सरकार बनाने के लिए पूरी एकजुटता और तनदेही के साथ काम करेंगे। उन्होंने दावा किया का सरकार भी कांग्रेस पार्टी की बनेगी। इस दौरान जिला कांग्रेस प्रधान सौरव मिट्ठू मदान, पूर्व डिप्टी सीएम ओम प्रकाश सोनी और पूर्व विधायक सुनील दत्त समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नेताओं ने कहा कि वे 2027 के चुनाव में पंजाब के हितों और लोक मुद्दों को प्राथमिकता देने वाली सरकार के लिए मिलकर काम करेंगे। इस दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सूरज ठाकुर भी मौजूद रहे। राजा वड़िंग और चन्नी के बीच मतभेद सार्वजनिकपंजाब कांग्रेस में लंबे समय से अंदरूनी खींचतान चल रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच मतभेद भी सार्वजनिक रहे हैं। सितंबर की शुरुआत में कांग्रेस हाईकमान ने भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया था। पायलट के आने के बाद 15 सितंबर को एक प्रदर्शन के दौरान राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे नेता एक मंच पर दिखे थे।
अमृतसर के राजासांसी हलके के कस्बा लोपोके में आज शिरोमणि अकाली दल बादल की ओर से ‘पंजाब बचाओ रैली’ आयोजित की जा रही है। रैली का आयोजन पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक जत्थेदार वीर सिंह लोपोके के नेतृत्व में किया जा रहा है। रैली में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया समेत पार्टी के अन्य नेता विशेष रूप से पहुंचेंगे। इस दौरान सुखबीर बादल पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, कानून-व्यवस्था और विभिन्न मुद्दों पर संबोधित करेंगे। हलका इंचार्ज वीर सिंह लोपोके ने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए पिछले कई दिनों से हलके के अलग-अलग गांवों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों से संपर्क किया गया। गांव-गांव जाकर कार्यकर्ताओं को रैली में शामिल होने के लिए लामबंद किया गया। स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं की होगी भागीदारीआज होने वाली रैली में राजासांसी हलके के स्थानीय नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। रैली को लेकर अकाली कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी की ओर से रैली के लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखेंगेरैली के दौरान अकाली दल के नेता पंजाब से जुड़े राजनीतिक और जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी बात रखेंगे। वहीं, स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं की भागीदारी को भी रैली के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिरोजपुर की दाना मंडी पहुंची भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
फिरोजपुर की दाना मंडी पहुंची भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’
ममदोट पहुंची भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा
ममदोट पहुंची भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा
Mohali News: पंजाब की 750 करोड़ रुपये की ग्रामीण योजना पर भेदभाव का आरोप
Allegations of discrimination regarding Punjab's 750-crore rural scheme
Jind News: किसान के बेटे प्रवीन दलाल ने पंजाब में जीता बेस्ट रेडर का अवॉर्ड
लाना पहुंचने पर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। प्रवीन दलाल ने बताया कि पंजाब के अकालगढ़ में 22 से 25 सितंबर तक सर्कल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा निकाली जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ रविवार को काउंके कलां से होती हुई जगराओं पहुंची। यात्रा के दौरान काउंके कलां में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने राज्य में बढ़ते नशे और उससे हो रही मौतों का मुद्दा उठाते हुए पंजाब की भगवंत मान सरकार पर चौतरफा निशाना साधा। काउंके कलां में नशे से 16 मौतें, मंच से उजागर की पीड़िता की व्यथा केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि अकेले काउंके कलां गांव में ही नशे की ओवरडोज और इससे जुड़ी वजहों से 16 परिवारों के लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। जनसभा के दौरान नशे की बलि चढ़े परिवार की एक महिला अपने बच्चे, सास और मां के साथ भाजपा नेताओं से मिलने पहुंची। मंत्री टम्टा ने उस पीड़िता को मंच पर बुलाकर पंजाब में पसरे नशे की भयावह असलियत और सरकार की नाकामी को जनता के सामने उजागर किया। टम्टा ने एक अन्य दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जगराओं इलाके के गांव शेरेवाल में एक बेबस मां ने नशे के कारण अपने परिवार के 5 सदस्यों को खो दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी त्रासदियों के बीच राज्य सरकार के नशा-विरोधी दावे पूरी तरह खोखले साबित होते हैं। 'बिना सरकारी मिलीभगत के घर-घर नशा बिकना असंभव' केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब में आज नशीले पदार्थों का काला कारोबार घर-घर तक पहुंच चुका है। उन्होंने सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन और सरकार की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर नशे की बिक्री हो पाना नामुमकिन है। टम्टा ने कहा कि यदि राज्य सरकार नीयत साफ रखकर गंभीर प्रयास करे, तो कुछ ही समय के भीतर नशे के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त और नियंत्रित किया जा सकता है। भाजपा सरकार बनते ही नशे पर होगी निर्णायक कार्रवाई अजय टम्टा ने राज्य की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि पंजाब में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती है, तो प्रदेश से नशे का पूरी तरह खात्मा करना सरकार की पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने के साथ-साथ इस अवैध कारोबार को चलाने वाले तस्करों और उनके नेटवर्क पर सख्त से सख्त निर्णायक कानूनी कार्रवाई करेगी। जगराओं में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जगराओं पहुंचने पर भाजपा के जिलाध्यक्ष डॉ. राजिंदर शर्मा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान यात्रा के जिला प्रभारी अजीत अखाड़ा, गेज़ा राम वाल्मीकि, पूर्व सांसद अमरीक सिंह अलीवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री व भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू, पार्षद सतीश कुमार पप्पू, टोनी वर्मा और अनिल कुमार 'शंटी' चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
अमृतसर में कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंजाब की कानून-व्यवस्था, सरपंचों पर हमलों, फिरौती की घटनाओं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। औजला ने कहा कि पंजाब में आम लोगों के साथ-साथ चुने हुए प्रतिनिधि भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। औजला ने अजनाला के गांव महिमद मंदरावाला की सरपंच के पति कुलजीत सिंह संधू की संदिग्ध मौत का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि कुलजीत सिंह 21 सितंबर को घर से निकले थे और वापस नहीं लौटे। 23 सितंबर को गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक तहसील के गांव हरदौरवाल में सड़क के किनारे उनका शव बरामद हुआ। परिवार ने इसे सामान्य सड़क हादसा मानने पर सवाल उठाए हैं। मोबाइल एक्टिव, फिर भी तलाश नहीं हो सकी औजला ने कहा कि कुलजीत सिंह के लापता होने के बाद उनका मोबाइल करीब 14 से 15 घंटे तक एक्टिव रहा। परिवार का आरोप है कि इस दौरान पुलिस सही लोकेशन ट्रेस नहीं कर सकी। औजला ने कहा कि आधुनिक तकनीक होने के बावजूद करीब 20 से 25 किलोमीटर के दायरे में समय रहते उनकी तलाश क्यों नहीं हो सकी, यह सवाल जांच का विषय है। औजला ने CBI जांच की मांग की औजला ने पंजाब सरकार से इस मामले की CBI जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब पुलिस मामले की तह तक पहुंचने में सक्षम नहीं है तो जांच CBI को सौंपनी चाहिए। उन्होंने परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए मामले को कोर्ट तक ले जाने और जरूरत पड़ने पर संघर्ष करने की बात कही। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम हो चुका है और मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।र कानून-व्यवस्था को लेकर औजला ने कहा कि सरपंचों और आम लोगों को फिरौती की कॉल मिल रही हैं। उन्होंने तरनतारन और अमृतसर बाईपास के पास सरपंचों पर फायरिंग, दुकानदारों से एक से फिरौती मांगने और कांग्रेस नेता नवनीत कौर के परिवार पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। सरकारी कोठियों में बाहरी लोगों के रहने का आरोप औजला ने सरकारी कोठियों को लेकर भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि दिल्ली और राजस्थान से आए कुछ लोग सरकारी आवासों में रहकर पंजाब के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने गमाडा में 10 हजार करोड़ रुपए के कथित घोटाले का भी जिक्र किया। चुनाव प्रक्रिया पर औजला ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट में नियमों के खिलाफ बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन लोकतंत्र के मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करेगा।
पुलिस ने मेरठ में पंजाब से बिहार ले जाई जा रही एक करोड़ रुपये की अंग्रेजी शराब से भरा ट्रक पकड़ा है। शराब को वाल पुट्टी और अन्य बोरों में छिपाकर ले जाया जा रहा था; चालक को गिरफ्तार कर सरगना की तलाश जारी है।
सरकारी नौकरी का अवसर, पंजाब में क्लर्क, ड्राइवर और ट्रांसलेटर के 70 पदों पर निकली वैकेंसी
पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (PSSSB) ने क्लर्क, ड्राइवर, फील्ड आर्टिस्ट और ट्रांसलेटर के 70 पदों पर भर्ती निकाली है। योग्य उम्मीदवार 19 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
Punjab की Lovely Professional University में भयंकर बवाल, छात्रा से रेप की खबर के बाद तोड़फोड़, आगजनी
पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस में रविवार तड़के सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक अपुष्ट खबर के बाद भारी हंगामा हुआ। छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी की खबर सामने आई, जिसके बाद जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी जाम हो गया
LPU Protest Updates: एलपीयू में बवाल के बाद FIR और SIT, पांच छात्र भी जांच टीम में शामिल
पंजाब के जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्र अभी भी यूनिवर्सिटी परिसर में इकट्ठा हैं। इस बीच यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस की बैठक चल रही है। छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम यानी एसआईटी भी बनाई गई है। इस टीम में पांच छात्रों को शामिल किया गया है। वाइस चांसलर ने क्या कहा? एलपीयू के वाइस चांसलर डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा, “पुलिस ने छात्रों के आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। हर जरूरी मदद दी जाएगी। जांच करने वाली एसआईटी में पांच छात्रों को शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि अगर घटना सही पाई जाती है, तो उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाइस चांसलर ने बताया कि छात्रों की कुछ और मांगें भी हैं, जिनमें जरूरी सुविधाओं से जुड़ी मांगें शामिल हैं। इन पर यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी बैठकर चर्चा करेंगे। डॉ. जसपाल सिंह संधू ने कहा, “मुझे तो इस घटना के बारे में पता भी नहीं था।” #WATCH | Jalandhar, Punjab: Students hold protest at Lovely Professional University (LPU) Dr. Jaspal Singh Sandhu, Vice Chancellor of LPU, says, The police registered an FIR based on the students' allegations. All necessary support will be provided. Five students have been… https://t.co/IEWXNrr3Rz pic.twitter.com/EJlAYzYRvs — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: LPU में रातभर हंगामा, सुबह फिर हाईवे जाम; रेप के दावे पर Punjab Police ने क्या कहा? पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों की बैठक जारी जालंधर रेंज के डीआईजी नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रों की कुछ मांगें हैं और फिलहाल यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों के साथ अंदर बैठक चल रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों में हॉस्टल और दूसरे सामान्य मुद्दों से जुड़ी मांगें शामिल हैं, जिन पर चर्चा की जा रही है। डीआईजी ने कहा, “हमने एफआईआर दर्ज कर ली है और एसआईटी बना दी है। हम उनके प्रतिनिधियों के साथ मिलकर जांच करेंगे, जिसमें वैज्ञानिक जांच भी शामिल होगी।” उन्होंने कहा कि अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो पुलिस उसे जरूर पकड़ेगी। इसे भी पढ़ें: LPU Phagwara: सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों का उग्र प्रदर्शन सीसीटीवी और वैज्ञानिक सबूतों की होगी जांच नवीन सिंगला ने बताया कि पुलिस की टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई सुराग मिलता है, तो उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डीआईजी के मुताबिक, छात्रों ने बताया कि कमरा नंबर 504 में एक लड़की थी। उन्होंने कहा, “हम जांच करेंगे कि वह लड़की कौन थी या असल में क्या हुआ था।” उन्होंने बताया कि इसका पता सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी व वैज्ञानिक सबूतों के जरिए लगाया जाएगा।
हनुमानगढ़ जिले में 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और पीलीबंगा थाना पुलिस ने कार्रवाई की।एएनटीएफ की सूचना पर पीलीबंगा बस स्टैंड मंडी से तीन तस्करों को 18 किलो 260 ग्राम डोडा-पोस्त के साथ पकड़ा गया। एक पुराने मामले में फरार पंजाब का हेरोइन सप्लायर भी पकड़ा गया। पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर पीलीबंगा थानाधिकारी रायसिंह और उपनिरीक्षक वीरचंद सहित स्टाफ ने यह कार्रवाई की। पकड़े गए आरोपियों में संगरिया निवासी सुखप्रीत सिंह, सुखविंदर सिंह और अरमान सिंह शामिल हैं। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया है। थानाधिकारी रायसिंह ने बताया कि तस्कर यह खेप आगे सप्लाई करने की तैयारी में थे। एएनटीएफ की जानकारी के बाद पुलिस ने बस स्टैंड मंडी पर निगरानी बढ़ाई, जिससे आरोपी भाग नहीं सके।गोलूवाला थानाधिकारी रजनदीप कौर मामले की जांच कर रही हैं। आरोपियों से सप्लाई चेन और अन्य साथियों की पूछताछ जारी है। एसपी बी. आदित्य के निर्देश पर जिले में नाकाबंदी और निगरानी जारी है।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जारी आंकड़े बताते हैं कि पंजाब के लोग सैर-सपाटे के काफी शौकीन हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को लेकर उत्साह अधिक है।
अमृतसर पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी, पंजाब में डबल इंजन सरकार का दावा
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अमृतसर में पंजाब सखी शक्ति मेले का शुभारंभ, 8 जिलों की महिला उद्यमियों ने लगाए 75 स्टॉल
अमृतसर में पंजाब सखी शक्ति मेले का शुभारंभ, 8 जिलों की महिला उद्यमियों ने लगाए 75 स्टॉल
पंजाब में कबड्डी के जाने-माने कबड्डी खिलाड़ी जग्गू ने आधी रात को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लाइव वीडियो जिसमें वो फूट-फूट कर रोते हुए नजर आए। करीब 4:50 मिनट के इस लाइव वीडियो को उन्होंने दो हिस्सों में शेयर किया। इस वीडियो में उन्होंने भारी हंगामे और रेफरी बॉयकॉट से दुखी होकर यह कसम खाई है कि वे अब कभी भी पंजाब की धरती पर कबड्डी नहीं खेलेंगे। आखिर मैच में हुआ क्या था? दरअसल बघियाने में एक कबड्डी टूर्नामेंट चल रहा था जिसके सेमीफाइनल मैच के दौरान भारी बवाल हो गया। विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि अंपायरिंग कर रहे रेफरी ने जग्गू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बात यहां तक पहुंच गई कि कमेंटेटर ने भरे ग्राउंड में माइक पर यह घोषणा कर दी कि सिर्फ एक खिलाड़ी (यानी जग्गू) के कारण रेफरी अपनी ड्यूटी नहीं कर रहे हैं। सरेआम हुए इस अपमान ने जग्गू को अंदर तक तोड़ दिया। वीडियो में जग्गू ने क्या कहा? जग्गू ने अपने इंस्टाग्राम लाइव में अपना दर्द बयां करते हुए ये बातें कहीं: हेलो। हांजी सत श्री अकाल भाई सभी को। एक छोटी सी बात करनी थी भाई आपके साथ। आज भाई टूर्नामेंट पे बघियाने में जो हुआ ना, गलती हुई, रौला (हंगामा) हुआ, मैच खराब हुआ। बहुत गलत हुआ भाई। और आज भाई रेफरी भगवान होते हैं ना भगवान का ही फैसला था। मैं आज के बाद पंजाब में कबड्डी नहीं खेलेगा। आज के बाद मैं पंजाब के टूर्नामेंट नहीं खेलता। सॉरी भाई सभी को। धन्यवाद भाई। दूसरी वीडियो में हेलो। हांजी भाई पहले मैं लाइव आया था ना भाई। उस वक्त नेटवर्क मैंने पीछे एक वीडियो डाली है पर उसमें नेटवर्क कम हो गया था, इसलिए वो आपके पास पूरी नहीं आई, आधी बीच में से ही कट गई थी। थोड़ी सी ही बात थी उसमें ना भाई, कि रेफरी भगवान होते हैं। कि रेफरी का फैसला, भगवान का फैसला होता है, जिसको कोई नहीं टालता। सेमीफाइनल मैच में, मैं सबसे पहले ही ग्राउंड से बाहर आ गया था। और वहां कमेंटेटर भाई ने बोला कि एक प्लेयर के कारण रेफरी, रेफरीइंग नहीं कर रहे हैं। रेफरीइंग नहीं कर रहे, ऐसी बात हो गई ना। मैंने अपनी टी-शर्ट उठाई, पहन कर ग्राउंड में माथा टेक कर भाई मैं बाहर आ गया। कि भाई भगवान का फैसला है ना, इसको कौन बदल सकता है। (नेटवर्क चेक करते हुए) हेलो, आ रही है भाई आवाज़ हां भाई, मैं यही बात कर रहा था ना,कि रेफरी का फैसला भगवान का फैसला समझ केकि उन्होंने रेफरीइंग नहीं करनी क्योंकि मैं लड़ाई करता हूं, हो जाती है ना। कि मेरे कारण रौला (हंगामा) पड़ जाता है। इस कारण भाई मैंने यही कहा था पिछली वीडियो में कि मुझे सब कुछ भाई पंजाब की कबड्डी ने दिया है ना। और जो भी मेरे पास है, एक-एक चीज़ मुझे पंजाब की कबड्डी ने दी है भाई। और कल को मैं किसी और टूर्नामेंट पे जाऊं, किसी टीम से पैसे लेकर खेलूं, और वहां रेफरी कहें कि 'जग्गू खेल रहा है हम रेफरीइंग नहीं करेंगे'। कि भगवान कह रहे हैं कि 'हम रेफरीइंग नहीं करेंगे अगर जग्गू खेलेगा'। तो यही बात बोली थी भाई मैंने पिछले लाइव में, पर वहां नेटवर्क कट गया था। कि आज के बाद आपका ये भाई पंजाब की कबड्डी नहीं खेलेगा। मैं आप सभी से माफ़ी मांगता हूं। कि आज मैंने ये फैसला लिया है। मैं किसी और का टूर्नामेंट नहीं खराब करना चाहता। ना किसी की टीम खराब करना चाहता हूं। आज के बाद आपका ये भाई पंजाब में कबड्डी नहीं खेलेगा। धन्यवाद भाई। थैंक यू सभी का। 7 महीने पहले घर टूटने के समय भी छलके थे आंसू जग्गू के लिए यह साल बहुत ही उतार-चढ़ाव और मुश्किलों भरा रहा है। आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब जग्गू यूं सबके सामने इस तरह से टूट गए हों। आज से ठीक 7 महीने पहले, मानसा में उनके घर को तोड़े जाने को लेकर भी एक बड़ा प्रशासनिक और सियासी विवाद खड़ा हुआ था। उस वक्त भी अपने घर पर हुई इस कार्रवाई को लेकर जग्गू का दर्द छलक पड़ा था और उनके रोने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। उस पुरानी घटना और नुकसान के गहरे सदमे से जग्गू अभी पूरी तरह से बाहर भी नहीं आ पाए थे कि अब खेल के मैदान में साथी अंपायरों द्वारा किए गए इस बॉयकॉट ने उन्हें भीतर तक हिला कर रख दिया है। आधी रात को दिए गए इस भावुक बयान के बाद से सोशल मीडिया पर कबड्डी प्रेमी जग्गू के समर्थन में उतर आए हैं। अब देखना यह होगा कि खेल विभाग और टूर्नामेंट के आयोजक इतने बड़े खिलाड़ी के इस तरह रोते हुए संन्यास जैसे ऐलान पर क्या कदम उठाते हैं।
पंजाब में 27 सितंबर को मौसम बिगड़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने 9 जिलों में तेज हवाओं और भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 28 सितंबर से मौसम साफ रहेगा।
जालंधर आ रही स्लीपर बस ट्रॉले में घुसी किशोर की मौत, पंजाब के 3 यात्री घायल
नोएडा से जालंधर जा रही यात्रियों से भरी स्लीपर वोल्वो बस शनिवार तड़के 4:30 बजे हादसे का शिकार हो गई। अम्बाला-अमृतसर नेशनल हाईवे स्थित कालका चौक पर बस आगे चल रहे ट्रॉले के अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे जा टकराई। हादसे के वक्त बस में करीब 40 यात्री सवार थे और ज्यादातर नींद में थे। अचानक हुए जोरदार धमाके और झटके से यात्री अपनी बर्थ से गिर पड़े। हादसे में 14 वर्षीय किशोर छोटू निवासी नॉर्थ ईस्ट दिल्ली की मौत हो गई, जबकि करीब 8 यात्री घायल हुए। इनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं व 2 को रेफर किया गया है। टक्कर लगते ही कुछ सेकंड तक बस के अंदर किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है व चीख-पुकार शुरू हो गई। यात्री एक-दूसरे को संभालने लगे और जल्द से जल्द बस से बाहर निकलने लगे। घायल यात्रियों की लिस्ट...हादसे में दिल्ली के अरविंद (30), लुधियाना के जमालपुर के निखार (33), जालंधर के सूर्या (23) और मनीष (22), दिल्ली के ध्रुव (22), श्रेयसा और मुस्कान यात्री गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें कैंट व सिटी के नागरिक अस्पतालों में उपचार मिला।
Chandigarh News: आईएफए शील्ड में आज कोलकाता कस्टम्स से भिड़ेगा पंजाब एफसी
आईएफए शील्ड में आज कोलकाता कस्टम्स से भिड़ेगा पंजाब एफसी
Chitkara University Patiala में भूत की अफवाह पर बवाल, छात्रों ने तोड़ दी Punjab Police की गाड़ी
Chitkara University Patiala में भूत की अफवाह पर बवाल, छात्रों ने तोड़ दी Punjab Police की गाड़ी पंजाब के पटियाला में एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी की गर्ल्स हॉस्टल में शुक्रवार की रात को हंगामा मच गया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
अमृतसर में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु पंजाब सखी शक्ति मेले का शुभारंभ हुआ है। यह तीन दिवसीय मेला महिला उद्यमियों के उत्पादों को बढ़ावा देगा और मनोरंजन के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी देगा।
झांसी में करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले डॉक्टर वीरेंद्र सिंगरिया और उसकी पत्नी पूजा शर्मा को पुलिस ने पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया है। दोनों ने पार्टनर बनाने का झांसा देकर रिटायर्ड स्टेशन मास्टर से 25 लाख रुपए की ठगी की थी। इसके अलावा भी उनके खिलाफ ठगी के लगभग आधा दर्जन केस दर्ज हैं। दोनों लगभग दो साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। पुलिस ने डॉ. वीरेंद्र पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा था। शुक्रवार को उनकी लोकेशन मिली। तब पुलिस ने दबिश देकर दोनों को मोहाली के सेक्टर-77 से अरेस्ट कर लिया। शनिवार को उनको झांसी लाया गया। आरोपी डॉ. वीरेंद्र सिंगरिया झांसी मेडिकल कॉलेज में ईएमओ रह चुका है। दो साल पहले दर्ज हुआ था केस उरई निवासी ओमप्रकाश वर्मा ने 3 अक्टूबर 2024 को नवाबाद थाने में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। ओमप्रकाश चिरगांव स्टेशन मास्टर पद से रिटायर्ड हुए थे। उनकी बहू पूजा ने लैब टेक्निशियन का कोर्स किया है। पूजा ने ही डाॅ. वीरेंद्र से ओमप्रकाश का परिचय कराया था। डाॅ. वीरेंद्र ने अपनी पत्नी पूजा के साथ मिलकर उनको पार्टनर बनाने के नाम पर 25 लाख रुपए ले लिए। शिवाजी नगर में विद्या हेल्थ केयर के नाम पर उसने कई लोगों से ठगी की थी। मामला दर्ज होने के बाद दोनों आरोपी झांसी से भाग निकले। सर्विलांस टीम भी उनको तलाश रही थी। लोकेशन मिलने पर नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव की अगुवाई में पुलिस टीम मोहाली पहुंच गई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करके झांसी लाया गया। यहां उनसे पूछताछ की जा रही है। एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक आरोपी चिकित्सक पर नवाबाद, कोतवाली, गुरसराय समेत उरई में भी धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामले दर्ज हैं। सात मामलों में वांछित है डा. वीरेंद्र मेडिकल कॉलेज में करीब तीन साल पहले ईएमओ रहा डा. वीरेंद्र सात मामलों में वांछित है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामले दर्ज कराए गए। उसके खिलाफ नवाबाद, कोतवाली, गुरसराय समेत उरई कोतवाली में कुल सात मामले दर्ज हैं। यह सभी मामले धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, विश्वासघात समेत धमकाने के आरोप में दर्ज हैं। पुलिस को लगातार चकमा देने पर एसएसपी ने पिछले साल ही 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था।
सांसद अमृतपाल की पार्टी ‘वारिस पंजाब दे’ के तरनतारन जिला प्रधान चमकौर सिंह को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को रोक लिया। चमकौर सिंह ने शाम 4 बजे इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर बताया कि वह इंग्लैंड से दिल्ली पहुंचे थे। उनकी फ्लाइट करीब 11:15 बजे लैंड हुई, जिसके बाद करीब 11:30 बजे इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया। चमकौर सिंह के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ में बंदी सिखों और भाई अमृतपाल सिंह की रिहाई को लेकर 28-29 तारीख को हुए प्रदर्शन के संबंध में उनके खिलाफ केस दर्ज है। इसी मामले के चलते उन्हें एयरपोर्ट पर रोके जाने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि करीब 4 से साढ़े 4 घंटे बीत चुके हैं। उनकी पंजाब जाने वाली ट्रेन भी छूट गई। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि चंडीगढ़ पुलिस की टीम दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। चमकौर सिंह ने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। वीडियो में चमकौर सिंह ने ये बातें कही… ********** ये खबर भी पढ़ें: सांसद अमृतपाल 2 सीटों से चुनाव लड़ेंगे:अयाली बोले- एक सीट मालवा दूसरी माझा से होगी; CM भगवंत मान से भी मुकाबला हो सकता है असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल 2027 में पंजाब की 2 सीटों से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनकी पार्टी अकाली दल-वारिस पंजाब दे की तरफ से इसे फाइनल कर लिया गया है। इसकी पुष्टि करते हुए अकाली दल-वारिस पंजाब दे के सीनियर नेता मनप्रीत अयाली ने कहा कि अमृतपाल किन 2 सीटों से चुनाव लड़ेंगे, ये पार्टी का पार्लियामेंट्री बोर्ड डिसाइड करेगा। (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब की प्रमुख मंडियों में खाद्यान्न व तिलहन के भावों में मिला-जुला रुख रहा, जबकि सराफा बाजार में गिरावट दर्ज की गई है।
पंजाब को नशे के जाल से निकालने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में निकाली जा रही 'ड्रग-फ्री पंजाब यात्रा' अपने 9वें दिन तरनतारन पहुंची। इस दौरान प्रदेश में फैले नशे की जाल को खत्म करने को लेकर संकल्प दोहाराया गया इस मौके पर आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, पूर्व मंत्री सुरजीत कुमार जियाणी, बीजेपी उपाध्यक्ष रविकरण सिंह कहलों और हलका इंचार्ज हरजीत सिंह संधू समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने वर्तमान मान सरकार पर तीखे हमले किए। औलख का हमला- वादे पूरे करने में नाकाम रही पंजाब सरकार रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख ने कहा कि वर्ष 2022 में तीन महीने के भीतर पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने का वादा किया गया था, लेकिन साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी स्थिति सुधरने की बजाय और विकराल हो गई है। उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 2017 में योगी सरकार के आने के बाद राजनीतिक इच्छाशक्ति और सख्त कानून-व्यवस्था के दम पर अपराध पर लगाम लगाई गई। पंजाब पुलिस बेहद सक्षम है, लेकिन उसे बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से काम करने की आजादी मिलनी चाहिए। औलख ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में बीजेपी पंजाब की आने वाली पीढ़ी को बचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जियाणी बोले- ड्रग्स सिर्फ सामाजिक नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुरजीत कुमार जियाणी ने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे में धकेलना केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। सीमा पार से ड्रोन के जरिए आ रहे ड्रग्स का मकसद हमारी युवा शक्ति और सुरक्षा को कमजोर करना है। राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था और बढ़ती डकैतियों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि जनता को झूठे वादों और नशे की राजनीति से ऊपर उठकर मतदान की ताकत का सही इस्तेमाल करना होगा। केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे धारा 370 को हटाकर असंभव को संभव बनाया गया, वैसे ही पंजाब को भी सुरक्षित और खुशहाल बनाया जाएगा। केवल वादे नहीं, सप्लाई पर लगेगी सख्त रोक रविकरण कहलों व हरजीत संधू प्रदेश उपाध्यक्ष रविकरण सिंह कहलों और हलका इंचार्ज हरजीत सिंह संधू ने कहा कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) सरकारों ने केवल दावे किए, जबकि जमीनी हकीकत आज भी पंजाब के परिवारों के दर्द में साफ झलकती है। बीजेपी की योजना केवल बातें करने की नहीं, बल्कि ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ने, प्रभावित युवाओं का सही इलाज कराने और उनके पुनर्वास की पुख्ता व्यवस्था करने की है। सब रो पड़े जब एक पीड़ित मां का छलका दर्द कार्यक्रम के दौरान चंदो के सरहाली की रहने वाली गुरमीत कौर ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, “मेरा एक बेटा नशे के इंजेक्शन से जान गंवा चुका है और दूसरा आज भी मेरी आंखों के सामने नशे की चपेट में है। मान सरकार और स्थानीय विधायक भुल्लर ने कुछ नहीं किया। मेरी बस एक ही गुहार है—नशे का यह कारोबार बंद करो ताकि किसी और मां का घर न उजड़े।” रैली में मीना तरनाइच समेत अन्य नेताओं ने भी विचार व्यक्त किए और पंजाब की जनता से अपील की कि वे इस अभियान को एक जनांदोलन बनाकर पंजाब को नशा मुक्त करने में बीजेपी का साथ दें।
जींद पुलिस ने पंजाब के 2 मोटरसाइकिल चोर पकड़े:चोरी की गई बाइक को भी किया बरामद; पूछताछ जारी
जींद पुलिस ने बाइक चोरी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर जुलानी गांव से चोरी की गई मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया है। आरोपियों की पहचान पंजाब मानसा के किसान गढ़ सैड़ा मानसा निवासी लखबीर सिंह और भट्ठा बस्ती निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। काम से आया था शहर पटियाला चौक चौकी इंजार्च रामनिवास ने बताया कि शहर पुलिस को शिकायत मिली थी। गांव जुलानी निवासी कर्मबीर बाइक चोरी की शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि वह किसी काम से शहर आया हुआ था। बाइक को खड़ी कर वह काम करने चला गया। वापस लौटा तो मोटरसाइकिल गायब मिली। आसपास पता करने पर भी कोई सुराग नहीं मिला। शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। आरोपियों से चल रही पूछताछ जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की बात कबूली। जिन्होंने अपनी पहचान पंजाब मानसा के किसान गढ़ सैड़ा मानसा निवासी लखबीर सिंह और भट्ठा बस्ती निवासी कुलदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की बाइक को बरामद कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ कर चोरी की अन्य वारदातों का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
फरीदकोट जिले के गांव वाड़ा दराका में राज्यभर से पहुंचे मछली पालक किसानों सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाया। योजनाओं और उनके हितों के साथ खिलवाड़ होने की बात कहते हुए रोष जातया। यहां आयोजित एक अहम राज्य स्तरीय बैठक में किसानों ने कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति बेपरवाह बनी हुई है। इस दौरान किसानों ने अपनी लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर पंजाब सरकार के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया और सरकार से जल्द से जल्द राहत प्रदान करने की मांग की। बैठक में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए किसानों ने कहा कि वे राज्य सरकार की नीतियों से प्रेरित होकर पारंपरिक खेती के साथ-साथ मछली पालन को सहायक धंधे के रूप में अपना रहे हैं। हालांकि इस व्यवसाय में पारंपरिक खेती के मुकाबले आय के अच्छे साधन हैं, लेकिन लगातार बढ़ रहे खर्चों और महंगी बिजली के कारण अब इसे जारी रखना काफी मुश्किल साबित हो रहा है। किसानों की प्रमुख मांगे: कृषि की तर्ज पर मुफ्त बिजली: मछली पालन और अन्य सहायक धंधे करने वाले किसानों को भी आम खेती की तरह मुफ्त बिजली की सुविधा दी जाए। सब्सिडी और वित्तीय सहायता: नए किसानों को मछली पालन शुरू करने के लिए विशेष सब्सिडी और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। फ़ीड के दामों पर नियंत्रण: मछलियों की बढ़ती फ़ीड (खुराक) की कीमतों पर रोक लगाई जाए ताकि उत्पादन लागत कम हो सके। सरकार पर उपेक्षा का आरोप किसान नेताओं ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार की तरह मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार भी उनकी जायज मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दे रही है। इसी अनदेखी के चलते राज्यभर के मछली पालक किसान अब एकजुट होकर संघर्ष के रास्ते पर उतरने को मजबूर हैं। किसान नेताओं की चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रणजोध सिंह और हरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि पंजाब के मछली फार्मों को देश के अन्य राज्यों के मुकाबले काफी महंगी दरों पर बिजली मिल रही है। ऊपर से फ़ीड के दाम भी आसमान छू रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने समय रहते मछली पालकों की समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो राज्य में पनप रहा यह सहायक धंधा पूरी तरह ठप होकर संकट में पड़ जाएगा।
गुमटाला में वारिस पंजाब दे के कार्यक्रम में नशे और बंदी सिंहों की रिहाई की उठी मांग
गुमटाला में वारिस पंजाब दे के कार्यक्रम में नशे और बंदी सिंहों की रिहाई की उठी मांग
चुनावी साल में मालवा की राजनीतिक नब्ज टटोलने वाले ऐतिहासिक छपार मेले का सियासी मंच इस बार असामान्य रूप से खाली नजर आ रहा है।
बठिंडा में पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्मश्री जतिंदर सिंह शंटी शानिवार यानि आज रामपुरा फूल और भगता भाईका में लंबित शिकायतों की सुनवाई करेंगे। इस दौरान विशेष सुनवाई कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मानवाधिकारों से संबंधित लंबित शिकायतों की सुनवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक भी किया जाएगा।पहला सुनवाई कैंप रामपुरा के फतह ग्रुप ऑफ कॉलेज में लगाया जाएगा। यह कैंप सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चलेगा। इसके बाद भगता भाईका स्थित स्टार व्यू रिजॉर्ट में दोपहर 2:30 बजे से शाम 4 बजे तक सुनवाई कैंप आयोजित किया जाएगा।
पैरा खेडां वतन पंजाब दीयां 25 नवंबर से
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना पैरा खेडां वतन पंजाब दीयां-2026 के तहत पैरा एथलेटिक्स, पैरा बैडमिंटन, पैरा पावर लिफ्टिंग और व्हीलचेयर बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन 25 नवंबर से 28 नवंबर 2026 तक प्रस्तावित है। आयोजन दो आयु वर्गों—जूनियर (19 वर्ष तक) और ओपन (19 वर्ष से ऊपर) में कराया जाएगा। जिला खेल प्रशासन के अनुसार, प्रतियोगिताओं में भाग लेने के इच्छुक पैरा खिलाड़ी 29 सितंबर 2026 को सुबह 9:00 बजे गुरु नानक स्टेडियम, लुधियाना में अपनी क्लासिफिकेशन प्रक्रिया के लिए रिपोर्ट करेंगे। क्लासिफिकेशन के आधार पर खिलाड़ियों की पात्रता और श्रेणी तय की जाएगी, जिससे विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा निष्पक्ष रूप से कराई जा सके।
Mohali News: यलो फीवर टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी एडवाइजरी, कहा-
Avoid vaccination at private hospitals; in Punjab, only the Mohali Civil Hospital is authorized
Panchkula News: टैगोर में दिखे पंजाब की लोक संस्कृति के रंग
टैगोर में दिखे पंजाब की लोक संस्कृति के रंग
RTO takes action for non-payment of Punjab tax; imposes fines and tax totaling 8.22 lakh
Bilaspur News: फोरलेन पर बस में 60.40 ग्राम चिट्टा बरामद, पंजाब का युवक गिरफ्तार
बिलासपुर। जिला पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम (एसडीटी) ने
भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आयोजित 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के दौरान अमृतसर में पार्टी के भीतर की अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। हल्का उत्तरी में यात्रा के स्वागत के लिए खड़े युवा नेता अक्षय शर्मा और उनके समर्थकों को इग्नोर करने के चक्कर में पार्टी के वरिष्ठ नेता यात्रा का ट्रक छोड़कर ही उतर गए। इस घटनाक्रम का वीडियो और चर्चा अब राजनीतिक गलियारों में जोर पकड़ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह 10 बजे खंडे वाला चौक से शुरू हुई यह यात्रा शहर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए मजीठा बाईपास पहुंचनी थी। यहां पार्टी के युवा नेता और 21 विधानसभा क्षेत्रों के युवा संपर्क अभियान के प्रभारी अक्षय शर्मा सैकड़ों समर्थकों, नशा पीड़ितों और बुजुर्गों के साथ सुबह से यात्रा के भव्य स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे। लेकिन जैसे ही यात्रा का काफिला पास पहुंचा, कथित तौर पर वरिष्ठ नेताओं ने अक्षय शर्मा और उनके समर्थकों को इग्नोर करते हुए यात्रा का रूट बदलने की कोशिश की। इसकी भनक लगते ही अक्षय शर्मा अपने समर्थकों के साथ बाईपास चौक की ओर बढ़ गए, जहां यात्रा के ट्रक और अक्षय शर्मा के समर्थकों का आमना-सामना हो गया। ट्रक छोड़कर भागे नेता; गटका, नुक्कड़ नाटक और 40 फीट की माला धरी की धरी रही प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अक्षय शर्मा के विशाल काफिले को सामने देखते ही जिला प्रधान सलिल कपूर, पूर्व सांसद श्वेत मलिक और नेता सुखमिंदर पाल पिंटू समेत अन्य वरिष्ठ नेता आनन-फानन में ट्रक से नीचे उतर गए और बिना लोगों से मिले वहां से चले गए। इसके बाद अक्षय शर्मा ने खुद कमान संभाली और समर्थकों का उत्साह बढ़ाते हुए ट्रक पर चढ़कर यात्रा को आगे बढ़ाया। अक्षय शर्मा की ओर से यात्रा के स्वागत के लिए गटका प्रदर्शन, नशे के खिलाफ नुक्कड़ नाटक और जेसीबी (JCB) व क्रेन के जरिए 100 किलो फूलों की 40 फीट लंबी माला पहनाने की भव्य तैयारी की गई थी, जो नेताओं के अचानक चले जाने से अधूरी रह गई। सफाई और अनदेखी पर उठ रहे सवाल बता दें कि इस यात्रा की शुरुआत केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने की थी, लेकिन फ्लाइट होने के कारण वे समय पर रवाना हो गए थे। वरिष्ठ नेताओं के इस तरह अचानक ट्रक से उतरने को लेकर पार्टी के अंदरूनी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चर्चा यह भी है कि पूर्व सांसद श्वेत मलिक के कहने पर जिला प्रधान सलिल कपूर ट्रक से नीचे उतरे थे। मामले पर सफाई देते हुए जिला प्रधान सलिल कपूर ने कहा कि वे यात्रा छोड़कर नहीं भागे, बल्कि उन्हें मजीठा क्षेत्र के लिए यात्रा हैंडओवर करनी थी। वहीं, इस मुद्दे पर जब पूर्व सांसद श्वेत मलिक से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मीटिंग का हवाला देकर फोन काट दिया। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब भाजपा के भीतर गुटबाजी को उजागर कर दिया है।
Punjab: ED का दावा, सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया गमाडा अधिकारियों के साथ करते थे अनाधिकृत बैठकें
ED की टीम के लौटने से पहले गुरुवार सुबह से ही AAP कार्यकर्ता गमाडा मुख्यालय के बाहर जुटने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मुख्य गेट के बाहर बैरिकेडिंग की थी।
भारतीय जनता पार्टी की ओर से पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर निकाली जा रही नशा मुक्त यात्रा आज फरीदकोट शहर से अगले पड़ाव के लिए रवाना हुई। इसका नेतृत्व पंजाब भाजपा के सीनियर नेता फतेहजंग सिंह बाजवा, हॉबी धालीवाल और राजस्थान के विधायक गुरबीर सिंह बराड़ ने किया। फरीदकोट के जिला भाजपा अध्यक्ष संदीप सिंह सन्नी बराड़ और अनुशासन कमेटी के कन्वीनर डॉ. संजीव गोयल सहित पार्टी की स्थानीय लीडरशिप भी मौजूद रही। यात्रा के दौरान ऑफिसर क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा नेता फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि नशे को लेकर पंजाब में बने हालात से सभी लोग भली-भांति परिचित हैं। बाजवा ने दावा किया कि यदि वर्ष 2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है तो केंद्र की नारकोटिक्स एजेंसियां और राज्य का एंटी-ड्रग विभाग मिलकर नशे के कारोबारियों पर कार्रवाई करेंगे और कम समय में पंजाब को नशा मुक्त करने की दिशा में काम किया जाएगा। भाजपा को सत्ता में लाना जरूरीबाजवा ने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में पंजाब सरकार की ओर से केंद्र सरकार के साथ सहयोग नहीं किया जा रहा है। पंजाब के लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। पंजाब में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए भाजपा को सत्ता में लाना जरूरी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गुजरात से पंजाब में नशा आने संबंधी लगाए गए आरोपों पर बाजवा ने कहा कि यह केवल भ्रम फैलाने वाली बातें हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी दूसरे राज्य से नशा पंजाब में आता है तो उसे रोकने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं।
संगरूर नगर के पंजाब मोटर गैरेज में अचानक भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर स्वाहा हो गया। इस अग्निकांड में गैरेज मालिक प्रदीप सिंह को करीब 15 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है, जिसमें गैरेज में रखी ढाई लाख रुपये की नकदी भी शामिल है। गैरेज मालिक प्रदीप सिंह ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह उनके पड़ोसी ने उन्हें फोन पर गैरेज से धुआं और लपटें उठने की सूचना दी। वे जब तक भागकर मौके पर पहुंचे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक अधिकांश सामान जल चुका था। कैश, स्पेयर पार्ट्स और मशीनरी सब राख प्रदीप सिंह कार रिपेयरिंग का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास कई मिस्त्री काम करते हैं, जिसके चलते सभी गाड़ियों के नए फिल्टर, महंगे स्पेयर पार्ट्स, टूल और उपकरण एक कमरे में सुरक्षित रखे गए थे। आग की चपेट में आने से वह पूरा कमरा और उसमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया। सबसे बड़ा झटका यह लगा कि कमरे में रखा करीब 2.5 लाख रुपये कैश भी आग की भेंट चढ़ गया। रोजगार पर छाया संकट, आग के कारणों की जांच जारी पीड़ित प्रदीप सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस नुकसान के बाद अब उनके सामने दोबारा काम शुरू करने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दोबारा सामान खरीदने और काम को पटरी पर लाने के लिए भारी धनराशि की आवश्यकता होगी। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पाया। फिलहाल आग लगने के मुख्य कारणों का पता नहीं चल सका है और मामले की जांच की जा रही है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गमाडा के 6,400 करोड़ रुपए की रकम को लेकर पंजाब सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या किसी विशेष उद्देश्य के लिए रखी जाने वाली इस रकम को राज्य की संचित निधि में शामिल कर सामान्य बजट घाटा पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। मामला जसकिरत सिंह व अन्य की जनहित याचिका से जुड़ा है। हाईकोर्ट में इस याचिका के साथ गमाडा के प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज का मुद्दा भी उठाया गया है। चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच ने पंजाब सरकार को विशेष हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना कानून की धारा 10(3) के तहत गमाडा को कुल कितनी राशि जमा कराना जरूरी है और 6,400 करोड़ रुपए को सामान्य घाटा पूरा करने के लिए संचित निधि में शामिल किया जा सकता है या नहीं। अकाउंटेंट जनरल ने रकम की उपयोग पर उठाए सवाल याचिका में 3 जून को अकाउंटेंट जनरल की ओर से भेजे गए पत्र का हवाला दिया गया है। इसमें गमाडा की ओर से राज्य के खजाने में जमा कराए गए 6,400 करोड़ रुपए की लेखा व्यवस्था और रकम के इस्तेमाल पर सवाल उठाए गए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यह रकम सामान्य राजस्व के तौर पर नहीं, बल्कि विशेष उद्देश्य के लिए रखी जानी थी। अकाउंटेंट जनरल के अनुसार, कानून के तहत बहु-फसली सिंचित जमीन के अधिग्रहण की स्थिति में खाद्य सुरक्षा बढ़ाने के लिए बंजर जमीन को खेती योग्य बनाने या अधिग्रहित जमीन के मूल्य के बराबर रकम कृषि क्षेत्र में निवेश करने का प्रावधान है। खाद्य सुरक्षा पर 94,443 करोड़ खर्च किए पंजाब सरकार ने जनहित याचिका की स्वीकार्यता पर सवाल उठाया है। सरकार की ओर से कहा गया कि 2013 में कानून लागू होने के बाद पंजाब ने खाद्य सुरक्षा बढ़ाने पर 94,443 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। सरकार के अनुसार, ऐसे में 6,400 करोड़ रुपए को संचित निधि में शामिल कर सामान्य बजट घाटा पूरा करने में इस्तेमाल करने में कोई अनियमितता नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने याचिका की स्वीकार्यता का सवाल खुला रखा है और सरकार से विशेष हलफनामा मांगा है। 15 हजार करोड़ कर्ज पर मांगा हिसाब याचिका में गमाडा के एयरोसिटी/एयरोट्रोपोलिस प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तावित 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार, पहले करीब 2,000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था, लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं हुआ। अब परियोजना के लिए 15 हजार करोड़ रुपए जुटाने की प्रक्रिया प्रस्तावित है। कोर्ट के सामने यह सवाल भी उठाया गया कि 15 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की व्यवस्था करने के लिए एक निजी संस्था को करीब 191 करोड़ रुपए का भुगतान क्यों किया जाना प्रस्तावित है। हाईकोर्ट ने इस संबंध में भी पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। पंजाब के वित्तीय घाटे का भी याचिका में जिक्र याचिका में पंजाब के 2026-27 के बजट का हवाला देते हुए 21,955 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे और 39,971 करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटे का उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने गमाडा की रकम को सामान्य सरकारी खर्च में इस्तेमाल करने पर भी सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पंजाब सरकार को यह स्पष्ट करने को कहा है कि 6,400 करोड़ रुपए की रकम किस प्रावधान के तहत जमा की गई और क्या इसे सामान्य बजट घाटा पूरा करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
सिरमौर: नीम करोली बाबा के दर्शन कर पंजाब लौट रहा था परिवार, मारकंडा नदी में गिरी कार; सभी सुरक्षित
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भाजपा के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पंजाब सरकार पर आज तीखा हमला किया। उन्होंने राहुल गांधी की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया दी और उनके बयानों पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा। चुघ ने कहा कि राहुल के बयानों में कुंठा, ईर्ष्या, हताशा और निराशा दिखती है। उन्होंने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपील की कि वे राहुल गांधी का किसी अच्छे मनोचिकित्सक से इलाज कराएं। चुघ ने आरोप लगाया कि चुनावी हार के कारण राहुल हताश हैं। देश की संस्थाओं व लोकतांत्रिक व्यवस्था को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी पाकिस्तान जैसी भाषा बोलते दिखेभाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों और जॉर्ज सोरोस के कहने पर भारतीय संस्थाओं और चुनाव आयोग के खिलाफ बयान दे रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के शौर्य और मनोबल को लेकर भी राहुल गांधी पाकिस्तान जैसी भाषा बोलते दिखे। दिनदहाड़े बालियां छीने जाने की घटना का जिक्रपंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए चुघ ने तरसिक्का थाना क्षेत्र के पास एक महिला सरपंच से दिनदहाड़े बालियां छीने जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। पंजाब पुलिस ने ऐसी किसी एडवाइजरी को फर्जी बतायाचुघ ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार की नीतियों के कारण पंजाब पुलिस का मनोबल कमजोर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में पुलिस थानों पर ग्रेनेड हमले हुए हैं। पुलिस अधिकारियों पर गोलियां चलाने की घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए वर्दी न पहनने जैसी कथित एडवाइजरी का भी जिक्र किया। हालांकि, पंजाब पुलिस ने ऐसी किसी एडवाइजरी को फर्जी बताया है। रंगदारी मांगने वालों का दबदबा बढ़ रहाचुघ ने कहा कि सीमावर्ती राज्य पंजाब में गैंगस्टरों और रंगदारी मांगने वालों का दबदबा बढ़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की जिम्मेदारी जनता को सुरक्षा देना है, न कि ऐसी एडवाइजरी जारी करना। भाजपा नेता ने राज्य सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पंजाब सरकार ने पुलिस बल को मजबूत करने के लिए 450 सहायक सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) की सीधी भर्ती को मंजूरी दी है।
कैप्टन अमरिंदर सिंह बोले- पंजाब पर मुझसे कभी सलाह नहीं ली गई, हासिल क्या हुआ पता नहीं
इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या भाजपा पंजाब की राजनीति को पूरी तरह समझती है, तो अमरिंदर सिंह ने इसका नकारात्मक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा लंबे समय तक पंजाब में सत्ता में नहीं रही है और राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों को समझने के लिए जमीनी स्तर से काम करने की जरूरत है।
पंजाब के 5 प्रमुख अस्पतालों ने शुक्रवार के लिए डॉक्टरों का रोस्टर जारी कर दिया है। यदि आप शुक्रवार को डॉक्टर से मिलने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले विशेषज्ञों की सूची और ओपीडी का समय (सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक) अवश्य जांच लें।
पंजाब में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 25 से 28 सितंबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में सामान्य बारिश की संभावना जताई गई है।
खेडां वतन पंजाब दियां के जिला स्तरीय मुकाबले 28 सितंबर से
लुधियाना| जिले में जिला स्तरीय खेडां वतन पंजाब दियां खेल के इस महाकुंभ का आयोजन 28 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन में विभिन्न आयु वर्ग के 30,000 रजिस्टर्ड हुए है, जो अधिक खिलाड़ी पूरे जोश और उत्साह के साथ कुल 29 विभिन्न खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। जिले के अलग-अलग खेल स्टेडियमों और परिसरों में होने वाले इन मुकाबलों को लेकर खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार टेनिस बॉल क्रिकेट के भी मुकाबले होंगे। वहीं इन खेलों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जारी है। विभाग की तरफ से सभी गेम्स के लिए कन्वीनर तैनात किए गए है।खेल विभाग की तरफ से डिस्ट्रिक्ट लेवल गेम्स का शिड्यूल जारी कर दिया गया है। इसमें एथलेटिक्स के मुकाबले गुरु नानक स्टेडियम में होंगे। इसमें अंडर 14, 17, 21, 21 से 30, 31 से 40, 41 से 50, 51 से 60, 61 से 70 और 70 से ऊपर 28-29 सितंबर 2026 (सभी पुरुष वर्ग), 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक (सभी महिला वर्ग) के मुकाबले होंगे।

