पंजाब के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 31 ब्लैक कॉरिडोर ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहां औसतन हर पांच घंटे में एक सड़क हादसा हो रहा है।
कोविड महामारी के बाद पहली बार भारत में नेशनल हाईवे पर होने वाली मौतों में 4.1% की गिरावट दर्ज की गई है, हालांकि कुल सड़क दुर्घटनाओं में मौतें बढ़ी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने भाखड़ा-ब्यास बिजली बकाए पर पंजाब को सख्त चेतावनी दी, कहा कि आदेश न मानने की आदत है और नतीजों के लिए तैयार रहें।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों के भव्य समापन समारोह के साथ ही खेल जगत में एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। ग्लास्गो ने खेलों की आधिकारिक बैटन भारत को सौंपकर 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण (24वें संस्करण) के लिए अहमदाबाद आने का शानदार न्योता पूरी दुनिया को दे दिया है। समापन समारोह में रविवार को ग्लास्गो ने राष्ट्रमंडल खेलों की बैटन भारत को सौंपी। इससे पहले संगीत और नृत्य के ताने बाने में तैयार किये गए अद्भुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में रखी जहां परंपरा और आधुनिकता साथ में बसते हैं। इसे भी पढ़ें: ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ दिल्ली में 1.45 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण किंग चार्ल्स तृतीय के प्रतिनिधि प्रिंस एडवर्ड (ड्यूक आफ एडिनबर्ग) ने खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की।उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से आपने प्रतिस्पर्धा की, खेलों का आयोजन किया और समर्थन किया , उसके लिये धन्यवाद। आपने आज एक बार फिर राष्ट्रमंडल की भावना और मूल्यों को जीवंत कर दिया। शुक्रिया ग्लास्गो।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ मैं सभी देशों और प्रदेशों के खिलाड़ियों को भारत के अहमदाबाद आने का न्योता देता हूं जहां चार साल बाद 24वें राष्ट्रमंडल खेल होंगे जो इन खेलों का शताब्दी संस्करण भी है।’’ समापन समारोह में जैसमीन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक थी जिन्होंने महिला मुक्केबाजी 57 किलोवर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। औपचारिक तौर पर ध्वज सौंपने का कार्यक्रम राष्ट्रमंडल खेलों के ध्वज की पूरे परिसर में सांकेतिक यात्रा के साथ शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Punjab SIR: तीन अगस्त की समयसीमा से पहले पूरा हुआ डिजिटलीकरण स्कॉटलैंड और भारत के ध्वज वाहकों की अगुवाई में जुलूस ने गेम्स के मुड़े हुए झंडे को नीचे उतारा। इसके बाद ग्लास्गो की लॉर्ड प्रोवोस्ट जैकलीन मैकलारेन ने इसे राष्ट्रमंडल खेल स्कॉटलैंड की उपाध्यक्ष सुसान जैक्सन, स्कॉटिश नेटबॉल खिलाड़ी एमिली निकोल, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे, दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और आखिर में गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी को सौंपा। इसके साथ ही स्कॉटलैंड से भारत को मेजबानी की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर सौंप दी गई।इसके बाद से समारोह भारत की सांस्कृतिक विरासत के जश्न में डूब गया। भारत की प्रस्तुति तीन खंडों में थी जिसमें दर्शकों को एक ऐसी यात्रा पर ले जाया गया जिसे आयोजकों ने साझा मूल्यों, संस्कृति और आपसी जुड़ाव का जश्न मनाने वाला बताया। इसकी थीम ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ थी जो राष्ट्रमंडल के एकता और दोस्ती के आदर्शों के अनुरूप है। पहली प्रस्तुति में भारत के राष्ट्रगीत वंदेमातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया और नृत्य की अगुवाई अभिनेत्री मानुषी छिल्लर ने की। शानदार डिजिटल दृश्यों के बीच सैकड़ों नर्तकों ने भारत की विविधता की एक जीवंत तस्वीर पेश की, जबकि गायक शंकर महादेवन के दिल को छू लेने वाले संगीत ने ऑर्केस्ट्रा की भव्यता को भारतीय संगीत परंपराओं के साथ मिलाया। इस प्रस्तुति का उद्देश्य भारत को एक ऐसी सभ्यता के रूप में प्रस्तुत करना था जो अपनी विविध भाषाओं, रीति-रिवाजों और कलात्मक परंपराओं के माध्यम से दुनिया का स्वागत करती है। एक विशेष रूप से निर्मित फिल्म के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों का अहमदाबाद से परिचय कराया गया।दूसरी प्रस्तुति भारत और स्कॉटलैंड के बीच सबसे मजबूत सेतु यानी संगीत पर आधारित थी। भारत के सितारवादक ऋषभ शर्मा और स्कॉटलैंड के संगीतकार रोस ऐंसली ने सितार और स्कॉटिश पाइप की इस अनूठीर सांस्कृतिक जुगलबंदी ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आखिरी प्रस्तुति में शंकर महादेवन अपने बेटो सिद्धार्थ और शिवम के साथ फिर मंच पर लौटे और भारत के कुछ सुपरहिट गीत पेश किये जिनमें ‘सुनो गौर से दुनिया वालों’, ‘भाग मिल्खा’, ‘ऐ वतन मेरे वतन’ और ‘लहरा दो ’ शामिल था। गुजराती पार्श्वगायिका भूमि त्रिवेदी ने मेजबान प्रदेश की ओर से खास प्रस्तुति दी। ग्लास्गो ने विदाई समारोह में स्कॉटिश संगीत, कविता और नृत्य के कार्यक्रम पेश किये।
पंजाब भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पठानकोट विधायक अश्विनी शर्मा के घर से करीब 150 मीटर दूर तेज धमाका होने से इलाके में हड़कंप मच गया।
पंजाब में रविवार को मौसम शुष्क रहा, लेकिन अगले दो दिनों तक कुछ जिलों में बारिश की संभावना है। बुधवार से पूरे प्रदेश में मौसम सामान्य रहेगा, जिससे उमस बढ़ सकती है।
घर बैठे डाउनलोड करें सेहत कार्ड; एक क्लिक में मिलेगी इलाज की जानकारी
भास्कर न्यूज| जालंधर सरकार की मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए एक राहत की खबर है। अब आपको अपना सेहत कार्ड (मुख्यमंत्री हेल्थ बीमा कार्ड) डाउनलोड करने के लिए सीएफसी सेंटर या सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने अपने आधिकारिक पोर्टल को पूरी तरह से अपग्रेड और यूजर-फ्रेंडली बना दिया है, जिससे अब घर बैठे ही खुद हेल्थ बीमा कार्ड की कॉपी निकाल सकते हैं। वहीं जिले में मुख्यमंत्री हेल्थ बीमा कार्ड 3.5 लाख से ज्यादा कार्ड बने है। जिले के 15 सरकारी और 49 प्राइवेट अस्पतालों (कुल 64 अस्पताल) में इस योजना में मरीजों का कैशलेस इलाज हो रहा है। एक क्लिक पर अस्पतालों और इलाज की लिस्ट: पहले मरीजों को अस्पतालों की सूची जानने के लिए लंबी-चौड़ी पीडीएफ फाइलें ढूंढनी पड़ती थीं। अब पोर्टल पर एक ही क्लिक में आपके जिले के सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों की लिस्ट तथा वहां उपलब्ध इलाज की जानकारी मिल जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने बदलाव करते हुए नाक की हड्डी, हाइड्रोसील और पित्त की थैली के ऑपरेशन जैसी 17 बीमारियों/प्रोसीजरों को डी-रिजर्व कर दिया है। अब मरीज इनका इलाज सरकारी के साथ-साथ सूचीबद्ध प्राइवेट अस्पतालों में भी करवा सकेंगे। इन डी-रिजर्व की लिस्ट भी पोर्टल पर ही मिलेगी। अब घर बैठे ही डाउनलोड होगा सेहत कार्ड: जानें स्टेप्स... लाभार्थी अब सीधे sha.punjab.gov.in पोर्टल पर जाकर कुछ ही सेकंड में अपना कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। स्टेप 1: पोर्टल sha.punjab.gov.in पर जाएं स्टेप 2: होमपेज पर दिए गए Download Health Card विकल्प पर क्लिक करें। स्टेप 3: अपना आधार कार्ड, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर या हेल्थ कार्ड नंबर में से कोई भी एक जानकारी दर्ज करें। स्टेप 4: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, उसे पोर्टल पर दर्ज करें स्टेप 5: ओटीपी सबमिट करते ही आपका हेल्थ कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा और डाउनलोड हो जाएगा। कार्ड के लिए लाइन में लगने या दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत खत्म। किसी भी आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचते ही कार्ड दिखाकर मरीज को भर्ती कराने और एडमिशन की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी।
जालंधर लिटरेरी फोरम और जागदा पंजाब ने लगाए पौधे
जालंधर | जालंधर के सोडल नगर पार्क में जालंधर लिटरेरी फोरम (रजि.) और जागदा पंजाब एनजीओ ने न्यू सनराइज वेलफेयर सोसायटी तथा श्री सिद्ध बाबा तपस्वी महाराज वेलफेयर सोसायटी के सहयोग से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए और उनकी देखभाल व संरक्षण का संकल्प दोहराया गया। अभियान का नेतृत्व अशोक शर्मा, विपन, पवन जग्गी और सनी ने किया। स्थानीय निवासियों व सोसायटी पदाधिकारियों में विक्की शर्मा, विंका महाजन, सनी शर्मा, मनोज मंट, मोनू सैनी और सुधीर बहल सहित अन्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान दैनिक भास्कर की मुहिम एक पेड़ एक जिंदगी को वैचारिक समर्थन देने की बात भी कही गई। सनी ने बताया कि सोसायटी पहले से कई हरित पट्टियों का विकास और रखरखाव कर रही है, जिनमें नए पौधों से विस्तार होगा। जागदा पंजाब के संयोजक व वरिष्ठ पत्रकार श्री राकेश शांतिदूत के अनुसार, दोनों संस्थाएं 2018 से मानसून में पौधारोपण अभियान चला रही हैं और 35 से अधिक रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटियां इससे जुड़ चुकी हैं।
कांग्रेस-आप सरकारों ने रंगला पंजाब को बनाया कंगला पंजाब: मलिक
अमृतसर| पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने आप और कांग्रेस पर हमला बोलते कहा कि दोनों दलों की नीतियों ने पंजाब को गंभीर संकट में धकेल दिया है और रंगला पंजाब को कंगला पंजाब बना दिया है। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बन रहा है कि राज्य का विकास भाजपा के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही संभव है। श्वेत मलिक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकाल में आपसी कलह, भ्रष्टाचार, गुटबाजी और निजी स्वार्थों ने विकास को पीछे धकेला। उन्होंने कहा कि 2017 से 2022 के बीच कांग्रेस सरकार के दौरान लगभग 1 लाख करोड़ का नया कर्ज चढ़ा और कुल कर्ज करीब 2.83 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। उन्होंने कहा कि मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद कर्ज की रफ्तार तेज हुई और वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट अनुमानों में कुल बकाया कर्ज 4,47,754 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
अल-नीनो के कारण इस मानसून सीजन के पहले दो महीनों यानी जून-जुलाई में देशभर में सामान्य से 13 फीसदी कम बारिश हुई है।
स्वतंत्रता दिवस से पहले पंजाब में आतंकी साजिश, ISI एजेंट राणा भाई के चार गुर्गों की तलाश
पुलिस आइएसआइ एजेंट राणा भाई के चार फरार गुर्गों की तलाश कर रही है, जो अमृतसर देहात और तरनतारन में छिपे होने की आशंका है।
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखने वाले बटाला शहर को पूर्ण राजस्व जिला घोषित करने की मांग को लेकर क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। पंजाब सरकार द्वारा लगातार इस मांग की अनदेखी किए जाने के विरोध में आजादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त तक बटाला को जिला घोषित नहीं किया गया, तो 20 अगस्त के बाद पंजाब सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह निर्णय आजादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरिंदर सिंह कलसी शुकरपुरा की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक को संबोधित करते हुए कलसी ने कहा कि बटाला एक ऐतिहासिक और औद्योगिक शहर है, जो एक पूर्ण राजस्व जिला बनने की सभी प्रशासनिक व भौगोलिक शर्तों को पूरा करता है। इसके बावजूद पंजाब सरकार लगातार इसे अनदेखा कर रही है। 130 से अधिक मांग पत्र, फिर भी सरकार खामोश सुरिंदर सिंह कलसी ने बताया कि पार्टी बटाला को जिला बनाने के लिए अब तक पंजाब सरकार को कम से कम 130 मांग पत्र सौंप चुकी है और कई बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुकी है। लेकिन सरकार की ढुलमुल कार्यशैली के कारण बटाला निवासियों की यह पुरानी मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। 15 अगस्त पर घोषणा की मांग, 20 अगस्त से आंदोलन पार्टी ने पंजाब सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें 15 अगस्त 2026 (स्वतंत्रता दिवस) के अवसर पर बटाला को पूर्ण राजस्व जिला घोषित किया जाए। बटाला शहर के लिए नए मेडिकल कॉलेज और सरकारी कॉलेज को तत्काल मंजूरी दी जाए। यदि पंजाब सरकार 15 अगस्त तक हमारी इन मांगों को पूरा करने की घोषणा नहीं करती है, तो बटाला की जनता के सहयोग से 20 अगस्त के बाद सरकार के खिलाफ एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू किया जाएगा।
फरीदकोट में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शहर के प्रसिद्ध नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव गोयल और उनके साथियों को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर जमकर निशाना साधा। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पंजाब का दर्द समझने वाले लोग अब भाजपा के रूप में एक नई उम्मीद की किरण देख रहे हैं। हरियाणा समेत देश के जिन राज्यों में भाजपा की डबल इंजन सरकार है, वहां विकास तेजी से हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 चुनाव में पंजाब में भी भाजपा की सरकार बनेगी और राज्य विकास की नई बुलंदियों को छुएगा। पंजाब की आप सरकार पर हमला बोलते हुए सैनी ने कहा कि नशा मुक्त पंजाब बनाने का वादा करके सत्ता हासिल की थी, लेकिन नशा खत्म करने की बजाय उनके अपने नेता ही विधानसभा में नशे की हालत में पहुंचने लगे। ऐसे लोगों से उम्मीद नहीं रखी जा सकती। उन्होंने अपनी 19 माह की हरियाणा सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं और कहा कि हरियाणा की तरह पंजाब के भी किसान, मजदूर, महिलाओं, युवाओं, खिलाड़ियों और समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया जाएगा। उन्होंने पंजाब में फार्मेसी भर्ती परीक्षा विवाद में आप सरकार को आड़े हाथों लिया। विमुक्त जातियों कबीलों की मांगें पूरी करेंगे-सैनी इसके बाद सीएम सैनी ने सादिक अनाज मंडी में आयोजित अखिल भारतीय समस्त डीएनटी समाज संगठन के सम्मेलन में भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में भाजपा सरकार बनने पर विमुक्त जातियों और कबीलों की लंबित मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह देसू जोधा ने कहा कि आप सरकार ने उनके समाज को मिलने वाले 2 प्रतिशत आरक्षण का लाभ बंद कर उनके साथ नाइंसाफी की है।
भारतीय टीम के ओपनर अभिषेक शर्मा ने पंजाब इंटर-डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट के एक वनडे मैच में दोहरा शतक जड़ा है। अमृतसर मेंस सीनियर टीम की ओर से खेलते हुए अभिषेक ने तरन तारन मेंस सीनियर टीम के खिलाफ यह कारनामा किया। उनकी इस पारी की बदौलत अमृतसर की टीम ने 50 ओवर में 500 रन का आंकड़ा पार कर लिया। 15 चौके और 25 छक्के लगाए अभिषेक ने इस मुकाबले में 91 गेंदों का सामना करते हुए 233 रन की पारी खेली। उन्होंने 250 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। अपनी पारी के दौरान उन्होंने 15 चौके और 25 छक्के लगाए। यानी उन्होंने सिर्फ बाउंड्री के जरिए ही 202 रन बना डाले। इस मैच में अभिषेक के दोहरे शतक और अभय चौधरी की 91 रनों की पारी के दम पर अमृतसर मेंस सीनियर टीम ने 50 ओवर में 8 विकेट पर 533 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। खराब फॉर्म के बाद जोरदार वापसी हाल के समय में अभिषेक शर्मा भारतीय टीम के लिए खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट की पिछली सात पारियों में वे एक भी अर्धशतक नहीं लगा पाए हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ हालिया तीन मैचों की सीरीज में उन्होंने 1, 8 और 2 रन बनाए थे।
Chamba Minjar Mela: होशियारपुर एफसी बनी फुटबॉल चैंपियन, वॉलीबॉल में पंजाब टीम ने जीता खिताब
चंबा के मिंजर मेले में फुटबॉल और वॉलीबॉल प्रतियोगिताओं का समापन हुआ। फुटबॉल में होशियारपुर एफसी ने डीएफए तरनतारन को हराकर खिताब जीता, जबकि वॉलीबॉल में पंजाब टीम विजेता बनी।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र में पुलिस ने पंजाब की एक महिला को नशा तस्करी के आरोप में पकड़ा है। महिला से 5.90 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। महिला ने पुलिस टीम को देखकर अपनी जेब से काले रंग की पॉलीथिन निकालकर जमीन पर फेंक दी, लेकिन पुलिस ने तुरंत उसे काबू कर लिया। बरामद हेरोइन के साथ उसकी इलेक्ट्रिक स्कूटी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस को देखकर घबरा गई महिला पुलिस के अनुसार, पुलिस चौकी ब्राह्मणवाला प्रभारी एएसआई दलबीर सिंह अपनी टीम के साथ नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए ब्राह्मणवाला से रियोद कलां रोड पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अनाज मंडी के पास बने एक कमरे के बाहर खड़ी एक महिला पुलिस वाहन देखकर घबरा गई और अपनी पंजाबी सूट की जेब से काले रंग की पॉलीथिन निकालकर जमीन पर फेंक दी। मानसा जिले की रहने वाली आरोपी महिला पुलिसकर्मी की मदद से उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान पंजाब के मानसा जिले के गांव रियोद कलां निवासी पलविंद्र कौर उर्फ गगन के रूप में बताई। महिला पॉलीथिन के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। पुलिस ने ब्राह्मणवाला के सरपंच प्रतिनिधि जीवन सिंह को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में पॉलीथिन की तलाशी ली गई, जिसमें हेरोइन बरामद हुई। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया केस कंप्यूटर कांटे से वजन करने पर पॉलीथिन सहित कुल 5.90 ग्राम हेरोइन मिली। पुलिस ने हेरोइन को सील कर कब्जे में लिया और मौके से बरामद काले रंग की इलेक्ट्रिक स्कूटी भी जब्त कर ली। रतिया सदर थाना प्रभारी शीशपाल सिंह के अनुसार, मामले में आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21बी, 61 और 85 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
E20 पर सियासत, पंजाब के किसानों को हो रही मक्का-गन्ने की चिंता
शनिवार को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवल के नेशनल टाउनहॉल कार्यक्रम के बाद E20 को लेकर बहस तेज हो गई है. पंजाब के मक्का और गन्ना किसानों ने इस पॉलिसी को वापस न लिए जाने की मांग की है.
आसमान से नहीं होगी तस्करी आसान, पंजाब में AI से बनाई 'बाज आंख'; आठ किलोमीटर दूर ही पकड़ लेंगे ड्रोन
पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से होने वाली ड्रोन तस्करी रोकने के लिए AI आधारित 'बाज आंख' एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की है। यह सिस्टम 8-10 किमी दूर से ड्रोन का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर सकता है।
Punjab: अब इस एयरपोर्ट में चेहरे से होगी एंट्री, यात्रियों को बड़ी राहत; डिजी सुविधा का मिलेगा लाभ
यह सुविधा मोबाइल एप पर एक बार पंजीकरण करने के बाद इस्तेमाल की जा सकती है। इसके माध्यम से एयरपोर्ट प्रवेश और संबंधित प्रक्रियाएं काफी तेज हो जाएंगी।
Punjab Weather: मानसून होगा एक्टिव! अगले तीन दिन के लिए मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
पंजाब में अगले तीन दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा, जिसमें उत्तर और पूर्वी जिलों में बारिश की अधिक संभावना है। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर सहित कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
अग्रवाल भलाई बोर्ड में नियुक्तियां, सुरेश पंजाब सदस्य, सतीश जिला चेयरमैन बने
भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार द्वारा अग्रवाल समाज के विकास को बनाएं अग्रवाल भलाई बोर्ड में शनिवार को नई नियुक्तियां की गई, जिसका समाज के लोगों ने स्वागत किया है। महाराजा अग्रसेन अग्रवाल सभा के प्रधान रंजन अग्रवाल ने अपने साथियों सहित नवनियुक्त पंजाब सदस्य सुरेश कुमार गोयल और जिला चेयरमैन सतीश अग्रवाल का सिरोपा पहनाकर सम्मान किया। इस मौके पर रंजन अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने समाज के अग्रणी और कर्मठ बंधुओं को बोर्ड का सदस्य बनाकर समाज को समर्पण का इनाम है। उन्होंने कहा कि गोयल और अग्रवाल हमेशा ही समाज हित के कार्यों के लिए पहली पंक्ति में रहते हैं। अग्रवाल ने कहा कि उनका अनुभव और समर्पण को नई दिशा प्रदान करेगा। इस मौके पर गोयल ने सरकार और बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी अग्रवाल का धन्यवाद करते आगे से सेवा कार्य में बढ़ चढ़ काम करने की शपथ ग्रहण की। उन्होंने कहा कि हम सभी को मिलकर समाज को संगठित करने के लिए काम करना चाहिए ताकि हमारा समाज मजबूत हो। वहीं सतीश अग्रवाल ने कहा कि सरकार ने जो जिम्मेदारी उन को दी है वह उसे निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगें। इस मौके पर महासचिव संदीप अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, रमन अग्रवाल समेत कई लोग मौजूद रहे।
Mohali News: फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा, 13 अगस्त से आंदोलन
Fire brigade employees up in arms against the Punjab government; agitation to begin on August 13
Budaun News: पंजाब में ट्रेन से उतरते समय गिरे मजदूर की मौत
रेहड़िया। वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव नदवारी निवासी महीपाल मौर्य (40) की पंजाब के रोपड़ रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय गिरने से मौत हो गई।
बघेल के सामने ही चन्नी के सपोर्ट में नारेबाजी, भड़के पंजाब प्रभारी, बोले-पार्टी से निकालेंगे
पटियाला और संगरूर में आयोजित पार्टी के कार्यक्रमों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल ने कहा कि अनुशासनहीनता करने वालों को पार्टी से निकाल देंगे.
बटाला से वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मनजीत सिंह हंसपाल ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान हंसपाल ने बटाला विधानसभा क्षेत्र सहित पूरे पंजाब में कांग्रेस पार्टी की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और संगठनात्मक ढांचे को लेकर विस्तार से चर्चा की। मुलाकात के दौरान मनजीत सिंह हंसपाल ने एआईसीसी महासचिव को बटाला हलके के वर्तमान राजनीतिक माहौल और कार्यकर्ताओं की भावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने पंजाब में पार्टी संगठन को निचले स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने को लेकर कई अहम सुझाव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास गवाह है कि जब-जब राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार रही है, तब-तब पंजाब का सर्वांगीण विकास हुआ है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा बिना किसी राजनीतिक पक्षपात के हर वर्ग को बुनियादी सुविधाएँ प्रदान की हैं और लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। विरोधी दलों में बौखलाहट, 2027 की तैयारियों में जुटी कांग्रेस पंजाब के मुद्दों का जिक्र करते हुए हंसपाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने राज्य की प्रमुख समस्याओं को हमेशा प्राथमिकता के आधार पर हल करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि आज पंजाब के लोग मौजूदा सरकार की नीतियों से निराश होकर एक बार फिर बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस का राजनीतिक ग्राफ लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जिससे विरोधी राजनीतिक दलों में भारी चिंता और बौखलाहट देखी जा रही है। हंसपाल ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी ही एकमात्र ऐसा संगठन है जिसने हर मुश्किल समय में पंजाब और पंजाबियों के हक की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी हाईकमान और स्थानीय नेतृत्व ने वर्ष 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए अभी से ज़मीनी स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पंजाब कांग्रेस में जारी संगठनात्मक खींचतान और अंदरूनी मतभेदों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से वरिष्ठ व निष्ठावान नेताओं की अनदेखी न करने और सभी को साथ लेकर चलने की अपील की है। चन्नी ने स्पष्ट किया कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए आपसी मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उछालने के बजाय बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। नोटिस और निलंबन के मुद्दे पर हाईकमान से करेंगे बात चन्नी ने संगठनात्मक कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि पूर्व विधायक सुरजीत सिंह धीमान को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है।उन्होंने घोषणा की कि वे जल्द ही पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पार्टी हाईकमान से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे मांग रखेंगे कि किसी भी नेता को दरकिनार करने के बजाय एकजुटता बनाए रखने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास अनुभवी, जनाधार वाले और संघर्षशील नेताओं की कोई कमी नहीं है। ऐसे नेताओं को पार्टी की असली ताकत के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि उन्हें पार्टी के भीतर ही कमजोर करने की कोशिश की जाए। कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील पार्टी बैठकों और रैलियों में हो रही गुटबाजी पर चिंता जताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से अपील की कि वे किसी भी मंच या बैठक के दौरान नारेबाजी, एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी और हंगामे से बचें। उन्होंने कहा कि संगठन में शांति, अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान का माहौल बनाए रखना इस समय की सबसे बड़ी जरूरत है। लड़ाई कुर्सी की नहीं, पंजाब के जनसरोकारों की है अपनी भूमिका पर स्थिति स्पष्ट करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उनकी यह कोशिश किसी पद, व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा या प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी के लिए नहीं है, बल्कि पंजाब के बुनियादी हितों और जनता के मुद्दों की रक्षा के लिए है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में नौकरियां खत्म हो रही हैं और पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में कांग्रेस का प्राथमिक कर्तव्य आपसी खींचतान में उलझने के बजाय इन जनहित के ज्वलंत मुद्दों पर सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर मजबूती से संघर्ष करना है।
पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक परगट सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष दिए गए आश्वासनों के बावजूद राज्य सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े कानून में जरूरी संशोधन करने में विफल रही है। परगट सिंह का कहना है कि आप सरकार और भाजपा मिलकर सिख समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर वादाखिलाफी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछली 29 जुलाई को श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहब ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और पूर्व मंत्री डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर सहित सभी मंत्रियों और विधायकों को बुलाया था। उस दौरान सभी ने हाथ खड़े करके और अरदास करके एक महीने के भीतर सभी हितधारकों के साथ चर्चा करने का वादा किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि सर्वदलीय बैठक, सिख बुद्धिजीवियों और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) को साथ लेकर कानून में आवश्यक संशोधन किए जाएंगे। हालांकि, सरकार अपने इस वादे से पूरी तरह मुकर गई है और एक महीने के भीतर न तो कोई बैठक बुलाई गई और न ही SGPC या किसी अन्य संस्था को विश्वास में लिया गया। सत्र की तारीख टालने और अकाल तख्त साहिब की मर्यादा का मुद्दा कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि पहले विधानसभा का सत्र 24 तारीख को रखा गया था, लेकिन बाद में इसे 3 अगस्त तक के लिए टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हर वह हथकंडा अपनाना चाहती है, जिससे श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल ही में जत्थेदार साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस पर चिंता जताई थी। सरकार की ओर से जो पत्र मिला है, उसमें मुख्य मुद्दों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। 2015 से 2022 की जांचों का दिया हवाला परगट सिंह ने 2015 के बेअदबी मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से 2022 के दौरान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में जो जांचें हुईं, वे तार्किक अंजाम तक पहुंचने के बेहद करीब थीं। उन्होंने कहा कि 2023 में लाया गया नया कानून सिख समुदाय के खिलाफ एक गहरी साजिश का हिस्सा है। भाजपा और आप की मिलीभगत का लगाया आरोप परगट सिंह ने दावा किया कि बेअदबी के मामलों में दोषियों को बचाने के पीछे असली 'मास्टरमाइंड' भारतीय जनता पार्टी है। उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, तब कानून के प्रारूप को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई थी। उन्होंने कहा कि 2018 में पास कर भेजा गया कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) और देश के कानूनी मापदंडों के हिसाब से पूरी तरह से सही था। इसके बावजूद, भाजपा और आप सरकार ने मिलकर उस कानून को अटका दिया और विधानसभा में गलत तथ्य पेश किए।
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के 282 अमर शहीदों की पावन स्मृति में शुक्रवार (1 अगस्त) को ऐतिहासिक कालियावाला शहीदी कुएं पर एक गरिमामय श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल (BSF), भारतीय सेना, पंजाब पुलिस, सिविल प्रशासन, पूर्व सैनिकों और भारी संख्या में पहुंचे स्थानीय निवासियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर देश के महान सपूतों की शहादत को नमन किया। समारोह के दौरान बीएसएफ की टुकड़ी ने शहीदों की याद में शस्त्र उल्टे कर गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की और देश की अखंडता व संप्रभुता को बनाए रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने संबोधित करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति के ये सूरमा भारत की आजादी की नींव थे, जिनकी अमर कुर्बानी युगों-युगों तक देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। पंजाब राज्य सूचना आयोग के सदस्य परवीन कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 से हर साल 1 अगस्त को सेना, बीएसएफ और प्रशासन के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सन 1857 में चार अंग्रेज अधिकारियों को ढेर कर ये भारतीय सैनिक रावी नदी पार करके अजनाला पहुंचे थे। यहाँ उन्हें अंग्रेजों ने बंदी बना लिया और 1 अगस्त को गोलियों से भूनकर उनके शवों को इसी कुएं में फेंक दिया था। राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने और 'आधुनिक संग्रहालय' की मांग समारोह के दौरान गुरुद्वारा कमेटी के सचिव काबल सिंह शाहपुर ने दशकों पुरानी कुछ प्रमुख मांगें उठाईं। मांग की गई कि ऐतिहासिक कालियावाला कुएं को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा दिया जाए। कुएं की खुदाई के दौरान मिलीं प्राचीन गोलियों, सिक्कों, कड़ों और अंगूठियों जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए एक अत्याधुनिक संग्रहालय बनाया जाए। शहीदी स्थल तक पहुँचने के लिए सड़क को चौड़ा किया जाए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों को सहूलियत हो। युवाओं को इतिहास से जोड़ना हर नागरिक का फर्ज अजनाला की एसडीएम डॉ. चारूमिता ने कहा कि 1857 के इन अमर नायकों की कुर्बानियों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने अपील की कि अभिभावक अपने बच्चों को ऐसे ऐतिहासिक स्थलों पर जरूर लाएं, ताकि नई पीढ़ी देश के इस गौरवशाली और संगीन इतिहास से रूबरू हो सके।
पंजाब स्वास्थ्य विभाग के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने मानसा के जच्चा-बच्चा अस्पताल परिसर में एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर राज्य स्तरीय बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। सीएचओ यूनियन की जिला प्रधान मनदीप कौर ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि पंजाब सरकार ने 29 जुलाई को उनकी मांगों पर विस्तृत चर्चा के लिए एक आधिकारिक बैठक बुलाई थी। हालांकि, जब यूनियन का प्रतिनिधिमंडल तय समय पर बैठक के लिए पहुंचा, तो सरकार की ओर से बैठक नहीं की गई। सरकार के इस रवैये से सीएचओ कर्मचारियों में गहरा रोष और अविश्वास का माहौल है। सीएचओ यूनियन की प्रमुख मांगें जिला प्रधान ने प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की दो मुख्य मांगें प्रमुख हैं। सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार लागू किए गए 5,000 रुपये के भत्ते को अलग से देने के बजाय कर्मचारियों के मूल वेतन में शामिल किया जाए। स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे सभी सीएचओ कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से नियमित (रेगुलर) किया जाए। 'मांगें न मानीं तो चक्का जाम' — बड़े आंदोलन का ऐलान मनदीप कौर ने साफ किया कि मानसा में किया गया प्रदर्शन महज एक सांकेतिक भूख हड़ताल था। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी जायज मांगों की अनदेखी जारी रही, तो पंजाब स्तर की राज्य यूनियन के आह्वान पर पूरे प्रदेश में सड़कें जाम (चक्का जाम) की जाएंगी और सरकार के खिलाफ एक तीखा संघर्ष छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के बीच मनीष तिवारी का पोस्ट, क्या है इसका संकेत? कांग्रेस में अटकलें तेज
मनीष तिवारी ने भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के बीच हबीब जालिब की कविता साझा कर सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। इसे पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल में अनदेखी और अंदरूनी घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
बीबीएमबी विवाद में केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लिए कैशलेस सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब से दो सप्ताह में जवाब मांगा, 12 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।
सिख कौम की संख्या और ताकत बनाए रखने के लिए हर सिख दंपति को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए।
Mohali: पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल बोले-आप को कांग्रेस ही हरा सकती है, किया एकजुटता का दावा
पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने दावा किया है कि आप को हराने की क्षमता केवल कांग्रेस के पास है।
पंजाब कांग्रेस के हताश वर्कर्स में उत्साह फूंकने के लिए इंचार्ज भूपेश बघेल आज शनिवार को पटियाला और सुनाम में 2 मीटिंग करेंगे। पटियाला में सुबह 10 तो सुनाम में दोपहर 3 बजे मीटिंग रखी गई हैं। प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व सीएम चरनजीत चन्नी के बीच चली पावरगेम से हुए नुकसान की भरपाई के लिए हाईकमान यूथ और बूथ पर फोकस कर रही है। पॉलिटिकल एनालिस्ट डॉ. केके रत्तू का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल 9 दिन के दौरे पर पंजाब में मिशन पैचअप के तहत ही पहुंचे हैं। इसी अंदरूनी कलह को शांत करने और पुराने दिग्गजों को एक मंच पर लाया जा रहा है। इन नेताओं में अमर सिंह और ब्रह्म मोहिंदरा समेत तमाम नेता अपने संघर्ष की कहानियां सुना रहे हैं। इन कहानियों के जरिए पंजाब की ग्राउंड लेवल की क्रांगेस लीडरशिप का ध्यान राजा वड़िंग और चन्नी गुट के बीच चल रही बयानबाजी से हटाया जा रहा है। इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पंजाब मामलों के प्रभारी एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कमान संभाल रखी है। बता दें कि कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ चुकी है। एक तरफ संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत रखने की राजा वड़िंग की कोशिशें हैं, तो दूसरी तरफ चन्नी गुट नेतृत्व और चुनाव रणनीतियों पर अपनी मजबूत दावेदारी ठोक रहा है। चन्नी गुट ने अपने ही प्रभारी की मीटिंग्स से दूरी बनाकर रखी है। चन्नी और वड़िंग में वर्चस्व की जंग और सीएम फेस पर घमासानराजा वड़िंग को दोबारा पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपे जाने के बाद से पंजाब कांग्रेस की अंतरकलह सार्वजनिक मंचों पर सामने आई। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का मानना है कि पंजाब में लगभग 32 फीसदी दलित आबादी को ध्यान में रखते हुए पार्टी को आगामी चुनावों से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे या मजबूत नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हाल ही में बंद कमरे में भूपेश बघेल के साथ हुई बैठकों के बाद चन्नी के बयानोंने इस गुटबाजी को और सार्वजनिक कर दिया। दूसरी ओर, आक्रामक शैली और युवाओं में पकड़ रखने वाले राजा वड़िंग का तर्क है कि पार्टी आलाकमान का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने हालिया बयानों में यह स्पष्ट किया कि यदि आलाकमान कल उन्हें पद से हटा भी दे या टिकट न दे, तब भी वे सच्चे सिपाही की तरह कांग्रेस के साथ रहेंगे। प्रभारी बघेल का बूथ अभियान के बहाने मिशन पैचअप पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी को दूर करने के लिए प्रभारी भूपेश बघेल ने चंडीगढ़ और फतेहगढ़ साहिब का लगातार दौरा कर सीनियर नेताओं के साथ मैराथन मीटिंगें की हैं। बघेल ने चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ वन टू वन भी बात की। मिशन पैचअप से इनकार करते हुए बघेल ने गुटबाजी पर कहा कि विचार-विमर्श लोकतंत्र का हिस्सा है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर लड़ेगी और पार्टी का मुख्य चेहरा राहुल गांधी रहेंगे। जानें हर बूथ कांग्रेस मजबूत से पार्टी को क्या फायदा
पहली बार पंजाब से 488 यात्री कर सकेंगे हज यात्रा, कोटा 110 सीट बढ़ा
पुशांत मोदगिल | लुधियाना हज यात्रा 2027 के लिए पंजाब स्टेट हज कमेटी और प्रदेश के मुस्लिम समुदाय को ऐतिहासिक सफलता मिली है। पंजाब से हज यात्रा के लिए जमा किए गए सभी 488 आवेदकों के चयन को केंद्र और राज्य स्तर पर पूर्ण स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। पंजाब स्टेट हज कमेटी के चेयरमैन हाशिम सूफी के अनुसार, सभी 488 आवेदकों के शत-प्रतिशत चयन के बाद प्रशासनिक स्तर पर अगले चरणों की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है। विगत वर्षों में पंजाब का हज कोटा और स्वीकृत अर्जियों की संख्या महज 378 तक सीमित रह जाती थी। पंजाब स्टेट हज कमेटी के नए प्रबंधन और बेहतर प्रशासनिक समन्वय के चलते इस बार पंजाब राज्य के कोटे में 110 सीटों की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सबसे विशेष बात यह रही कि इस बार प्रदेश से भेजा गया एक भी आवेदन निरस्त नहीं हुआ है। वेबसाइट (hajcommittee.gov.in ) पर सभी 488 चयनित आवेदकों की अंतरिम चयन सूची अपलोड कर दी गई है। चयनित आवेदक अपने यूनिक कवर नंबर और पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल पर लॉगिन करके अपना चयन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। हज कमेटी ऑफ इंडिया के नियमानुसार चयनित आवेदकों को 10 अगस्त तक पहली किश्त के रूप में 1,51,300 रुपए जमा कराने होंगे। हज यात्रा के लिए अप्रैल 2027 के अंतिम सप्ताह से उड़ानों का दौर शुरू होने की संभावना है। चेयरमैन ने बताया कि हाजियों के मार्गदर्शन, इमिग्रेशन प्रक्रिया, कागजी कार्रवाई और आवश्यक टीकाकरण के लिए मालेरकोटला, जालंधर, अमृतसर और लुधियाना जैसे प्रमुख केंद्रों पर विशेष मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से यात्रियों को उड़ान, सऊदी अरब में स्थानीय परिवहन, ठहरने और धार्मिक रस्मों के पालन से जुड़ी संपूर्ण जानकारी दी जाएगी। चेयरमैन हाशिम सूफी ने राज्य सरकार से मांग की है कि पंजाब के यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य के ही अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से सीधी उड़ानों की व्यवस्था की जाए। इसके अतिरिक्त पूरे राज्य में प्रशिक्षण शिविरों, प्रशासनिक प्रबंधों और हाजियों की सुविधा हेतु हज कमेटी को विशेष सरकारी बजट व फंड जारी किया जाए। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि हज कमेटी की ओर से वित्तीय सहायता देने का कोई प्रावधान नहीं होता है। उन्होंने जायरीनों को शारीरिक फिटनेस, चिकित्सीय जांच और धार्मिक नियमों के पालन पर ध्यान देने की सलाह दी। हाशिम सूफी ने शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी, मलेरकोटला से विधायक डॉक्टर जमील उर रहमान और राज्य प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए प्रदेश में आपसी सौहार्द व भाईचारे का संदेश दिया। वर्षों पुरानी आकांक्षाएं हुईं पूरी: शाही इमाम शाही इमाम पंजाब मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा, पंजाब में कई सरकारें आईं और गईं, कई चेयरमैन बने लेकिन मुस्लिम समाज की हमेशा से यही एक प्रमुख मांग रही थी कि पंजाब का हज कोटा बढ़ाया जाए। पंजाब स्टेट हज कमेटी के नए चेयरमैन हाशिम सूफी की निष्ठा और अथक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह मांग धरातल पर सच साबित हुई है। उनकी पुरजोर कोशिशों और बेहतर समन्वय की बदौलत ही पंजाब का कोटा बढ़ा है। जो कोटा पहले केवल 378 अर्जियों तक सीमित था वह अब बढ़कर 488 हो गया है। सबसे संतोषजनक बात यह है कि जितने भी आवेदन जमा किए गए थे वे सभी के सभी स्वीकार कर लिए गए हैं। चेयरमैन की मेहनत, केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर तालमेल से ही यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी है। मैं हाशिम सूफी को बधाई देता हूं।
Mohali News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सरकार से मांगे 450 करोड़ रुपये
Punjab School Education Board seeks 450 crore from the government
Una News: हिमाचल के सीमू गैंग के दो गुर्गे पंजाब में गिरफ्तार
हिमाचल प्रदेश में सक्रिय सीमू गैंग के दो गुर्गों को पंजाब की रूपनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
ऊना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 4 क्विंटल 52 किलो 660 ग्राम चूरा पोस्त बरामद किया है। इस मामले में पंजाब के दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पंजाब के होशियारपुर जिले के जोगा सिंह निवासी बीनेवाल, गढ़शंकर और हरप्रीत सिंह निवासी पंडोरी, गढ़शंकर के रूप में हुई है। दोनों के खिलाफ पुलिस थाना मैहतपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी चूरा पोस्त की यह खेप कहां से लाए थे और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि इस तस्करी के स्रोत का पता लगाया जा सके। नाकाबंदी के दौरान पकड़े गए तस्कर एसपी ऊना सचिन हीरेमठ ने बताया कि 30-31 जुलाई की मध्य रात्रि को मैहतपुर थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। फतेहपुर मंदिर के पास ऊना-संतोषगढ़ रोड पर नाकाबंदी की गई थी। नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक टाटा ऐस वाहन को रोका। तलाशी लेने पर वाहन से आठ बोरियों में 1 क्विंटल 62 किलो 640 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने वाहन ड्राइवर जोगा सिंह और उसके साथी हरप्रीत सिंह को हिरासत में ले लिया। ट्रैक्टर-ट्रॉली से 2 क्विंटल 90 किलो चूरा पोस्त हुआ बरामद हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ की गई। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लमलेहड़ा में खड़ी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली की तलाशी ली। इस ट्रैक्टर-ट्रॉली से 2 क्विंटल 90 किलो 20 ग्राम चूरा पोस्त और बरामद हुआ। इस प्रकार, पुलिस ने कुल 4 क्विंटल 52 किलो 660 ग्राम चूरा पोस्त जब्त किया है। एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस तस्करी के बैकवर्ड लिंकेज का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर राजवंत सिंह के घर से चोरों ने ताला तोड़कर लाखों के सोने-चांदी के गहने, घड़ियां और अन्य सामान चोरी कर लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
धार्मिक कार्यक्रम कर मान सरकार क्यों सवालों के घेरे में? देखें पंजाब आजतक
पंजाब में भगवंत मान सरकार इन दिनों धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए अपनी राजनीतिक और सामाजिक पहुंच बढ़ाने में जुटी है...लेकिन रोपड़ में सरकार के एक धार्मिक कार्यक्रम ने अब मान सरकार को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है... आरोप है कि ‘एक शाम शिव के नाम’ कार्यक्रम के लिए सरकारी कॉलेज के स्पोर्टस ग्राउंड को इस तरह बर्बाद किया गया कि ..वहां पर बने एथलेटिक्स ट्रैक्स को उखाड़ दिया गया...मैदान में जगह-जगह गड्ढे कर दिए गए. देखें...
हरियाणा के यमुनानगर में बदमाशों ने सर्राफा व्यापारी से दिनदहाड़े 3 करोड़ रुपए का सोना लूट लिया। व्यापारी पंजाब के अमृतसर से यमुनानगर में ज्वेलर्स को 2 किलो सोने के रॉ-मैटेरियल डिलीवर करने आ रहे थे। भंभोली एरिया में बाइक पर आए बदमाशों ने व्यापारी की गाड़ी रुकवा बेटे के सिर पर पिस्टल लगा दी। व्यापारी ने जैसे ही विरोध किया, बदमाशों ने उनके पेट में चाकू मारकर गाड़ी में रखा बैग उठा लिया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बदमाश मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना छप्पर पुलिस, CIA-1 की टीम भी मौके पर पहुंच गई। घायल व्यापारी जयपाल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने पूरे एरिया की नाकाबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। छप्पर थाना प्रभारी अजय कुमार का कहना है कि व्यापारी से एक किलो, 1200 ग्राम के करीब सोना लूटा गया है। तलाशी अभियान की 2 तस्वीरें:- सिलसिलेवार जानिए, कैसे दिया घटना को अंजाम… घायल को अस्पताल पहुंचाया घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस ने घायल जयपाल सिंह को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। आसपास के ज्वेलर्स भी अस्पताल पहुंच गए। ज्वेलर्स का कहना है कि जयपाल सिंह लंबे समय से पंजाब से यहां सोने की सप्लाई करते थे। घटना पर पुलिस की 3 अहम बातें… आरोपियों की पहचान कर रहे छप्पर थाना प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाश को व्यापारी के रूट के बारे में पहले ही जानकारी थी। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। गाड़ी का शीशा तोड़ लूट की थाना छप्पर प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और हथियारों के बल पर लूटपाट की। व्यापारी द्वारा विरोध करने पर एक बदमाश ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे जयपाल सिंह के पेट के पास चोट लगी। करीब एक किलो सोना लूटा अजय कुमार के अनुसार, बदमाश ने व्यापारी के बेटे इंद्रवीर पर पिस्टल तान दी। जान का खतरा देखते हुए पिता-पुत्र ने बैग में रखा करीब एक किलो सोना बदमाशों के हवाले कर दिया। इसके बाद दोनों आरोपी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए।
आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पहली बार कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के NEET स्टूडेंट्स के प्रदर्शन पर सामने आए। राघव ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा- प्रधानमंत्री ने स्टूडेंट्स की चिंता और दर्द को परिवार के मुखिया की तरह समझा और तमाम एक्शन लिए। राघव ने ये भी दावा किया कि पंजाब में AAP सरकार बनने के बाद से 7 एग्जाम में गड़बड़ी हुई। फार्मेसी एग्जाम में लाइव चीटिंग हुई। पार्टी देखकर जवाबदेही तय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट किसी फ्लॉप पॉलिटिकल पार्टी के कमबैक के लिए नहीं है। जो स्टूडेंट्स को आगे कर खुद कैमरे की तरफ सेफ साइड में हो जाते हैं, जिनके खुद के फ्यूचर का पता नहीं, वह स्टूडेंट्स की लड़ाई क्या लड़ेंगे। राघव चड्ढा ने कहा- जब मैं अपोजिशन में था तो सवाल पूछता था, आज मैं सत्ता पक्ष की तरफ बैठता हूं तो सॉल्यूशन मेरी जिम्मेदारी है। राघव चड्ढा ने राज्यसभा में कहीं अहम बातें:- ************* ये खबर भी पढ़ें: राघव चड्ढा ने CM भगवंत मान का इस्तीफा मांगा: बोले- फर्जी रिपोर्ट से सच्चाई छिपाई; अच्छा हुआ, मैंने सही टाइम पर AAP छोड़ दी पंजाब के CM भगवंत मान के वीडियो विवाद में राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की एंट्री हो गई। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इस बात को लेकर जरा भी संदेह या शक था कि यह बेअदबी वाला वीडियो असली है, एआई से बनाया गया है या फर्जी है, उनके सारे संदेह और शंकाएं अब दूर हो गई हैं। भगवंत मान और आम आदमी पार्टी को असली बेअदबी वाले वीडियो को छिपाने के लिए एक फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवानी पड़ी। (पढ़ें पूरी खबर)
हरियाणा के सीएम ने पंजाब में पेपर लीक पर आप और राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाए
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन का जनता के सामने दिखाने वाला चेहरा अलग है और असल काम करने का तरीका अलग।
पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में राज्यव्यापी 'पंजाब बंद' के आह्वान का नकोदर शहर में व्यापक और पूर्ण असर देखने को मिला। मेडिकल, स्वास्थ्य और अन्य अति-आवश्यक आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर शहर के सभी मुख्य बाजार व व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। स्थानीय दुकानदारों ने सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के प्रति एकजुटता दिखाते हुए स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे नगर काउंसिल कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारियों ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की। इस रोष प्रदर्शन को नकोदर के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनसेवकों और समाजसेवियों का भी पुरजोर समर्थन मिला। दिग्गज नेता पहुंचे समर्थन में, कर्मचारियों ने दिया धन्यवाद प्रदर्शन स्थल पर उजाला सौंधी, पुरुषोत्तम बिट्टू, राणा रंधावा, पवन गिल और रजिंदर काकू सहित कई प्रमुख शख्सियतें कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचीं। हड़ताल में नगर काउंसिल नकोदर के स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मचारियों ने भी अपना कामकाज पूरी तरह ठप रखा। धरने पर बैठे सफाई सेवकों ने शहरवासियों और व्यापारियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने दुकानें बंद रखकर उनके हक की लड़ाई में साथ दिया। हड़ताल खत्म होने की खबरों को बताया 'झूठ', कचरा उठाव रहेगा बंद प्रदर्शन के दौरान यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी जायज मांगें पूरी नहीं की जातीं और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और शहर में कूड़े का उठाव पूरी तरह बंद रहेगा। नेताओं ने सरकार के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें हड़ताल खत्म होने की बात कही जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कुछ अप्रासंगिक लोगों के साथ बैठक कर हड़ताल खत्म करने की झूठी और भ्रामक घोषणा की है, जबकि संघर्षरत मुख्य प्रतिनिधियों से कोई सार्थक बात नहीं हुई है। नेताओं ने दोहराया कि न्याय मिलने तक संघर्ष इसी तरह जारी रहेगा।
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) प्रताप सिंह बाजवा ने गुरदासपुर जिले के गांव निमाणा में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर हुए हमले को लेकर राज्य सरकार और विरोधियों पर करारा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समय पंजाब में पूरी तरह से जंगलराज और गुंडागर्दी का माहौल है, जिसके चलते कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को सरेआम निशाना बनाया जा रहा है। प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में कादियां विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव निमाणा में हुई अंधाधुंध फायरिंग और तेजधार हथियारों से हुए हमले में घायल हुए कांग्रेस नेता राजपाल मसीह और जितेंद्र मसीह से मिलने गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल का दौरा किया। बाजवा ने डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और पीड़ित परिवारों को हर संभव कानूनी व नैतिक सहयोग का आश्वासन दिया। 'पगड़ी उतारने वालों को नहीं बख्शा जाएगा' इसके बाद बाजवा कादियां नगर परिषद चुनाव के दौरान मारपीट का शिकार हुए कांग्रेस नेता सरपंच जसपाल सिंह का हालचाल जानने उनके गांव भैणी पसवाल भी पहुंचे। वहां जसपाल सिंह के साथ उनके दर्जनों समर्थक मौजूद थे। घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए बाजवा ने दो टूक कहा कि सरपंच जसपाल सिंह के साथ धक्का-मुक्की करने और उनकी पगड़ी उछालने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। अवैध माइनिंग को राजनीतिक संरक्षण का आरोप पत्रकारों से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुरदासपुर-पठानकोट बेल्ट में बड़े पैमाने पर हो रही अवैध माइनिंग को सत्ताधारी नेताओं का सीधा राजनीतिक संरक्षण हासिल है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंच रहा है। बाजवा ने चेतावनी दी कि भविष्य में कांग्रेस सरकार बनने पर भ्रष्टाचार, अवैध खनन और गुंडागर्दी में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर उनके साथ सरपंच गगनदीप सिंह निमाणा, जिला परिषद सदस्य भूपिंदर सिंह, मंदीप सिंह मन्ना, लखविंदर सिंह छिछरा, बनियान मसीह, रविंदर मसीह, लखविंदर सिंह लाखा, कुलदीप सिंह पंच, बिक्रमजीत सिंह, ओंकार सिंह और सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता मौजूद थे।
बरनाला पुलिस द्वारा सफाई कर्मचारियों पर किए गए लाठीचार्ज के विरोध में आज सफाई सेवकों ने पंजाब बंद का आह्वान किया था। रूपनगर में इसका व्यापक असर दिखा, जहां मेडिकल सेवाओं को छोड़कर सभी बाजार पूरी तरह बंद रहे। दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखकर कर्मचारियों का समर्थन किया। सफाई सेवकों ने बेला चौक पर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी और शहर से कचरा नहीं उठाया जाएगा। देखिए बंद की 2 PHOTOS:- मुख्य प्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं हुई उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अपने स्तर पर कुछ लोगों से बात कर हड़ताल खत्म करने की घोषणा की थी, जबकि उनके मुख्य प्रतिनिधियों से कोई चर्चा नहीं हुई। नेताओं ने कहा कि जब तक उनके पंजाब प्रधान निर्देश नहीं देते, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। तुरंत सफाई कर्मचारियों की मांगें मा इस संघर्ष को विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। 'शेरे पंजाब किसान यूनियन' ने भी सफाई सेवकों का समर्थन किया है। यूनियन के नेता गिल ने सरकार से अपील की कि वह तुरंत सफाई कर्मचारियों की मांगें माने, क्योंकि वे शहर को साफ-सुथरा रखने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
बरनाला लाठीचार्ज को लेकर आज पंजाब बंद
भास्कर न्यूज | अमृतसर बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वीरवार को पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। डॉ. बीआर अंबेडकर वेलफेयर मंच के चेयरमैन ओम प्रकाश अनारिया और भगवान वाल्मीकि शक्ति दल के चेयरमैन डॉ. जैमल सिंह नडाला ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बंद की घोषणा की। नेताओं ने कहा कि बंद को संत समाज (संत मलकीत नाथ जी), डॉ. बीआर अंबेडकर भलाई मंच सहित विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला है। व्यापारियों, दुकानदारों, उद्योगपतियों और आम जनता से दुकानें व व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखकर सहयोग की अपील की है। डॉ. जैमल सिंह नडाला ने कहा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा। हमारा मकसद जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि पीड़ितों के लिए न्याय की आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचाना है। पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी के चेयरमैन कुमार दर्शन के अनुसार आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी और जरूरी सेवाओं को बंद से पूरी तरह बाहर रखा गया है। बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस सेवाएं, मेडिकल स्टोर और स्कूल खुले रहेंगे, ताकि मरीजों और विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पंजाब कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी गुट और अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट में दिन प्रतिदिन दूरियां बढ़ती जा रही हैं। चन्नी गुट ने रास्ता पार्टी लाइन से बिल्कुल अलग कर दिया। चन्नी अब पार्टी से हटकर अपने प्रोग्राम देने लगे हैं। चन्नी-राजा वड़िंग गुटों में बढ़ती दूरियों को कम करने के लिए पार्टी हाईकमान ने डिजाइनबॉक्स्ड कंपनी के नरेश अरोड़ा को जिम्मेदारी सौंपी है। नरेश अरोड़ा ने बाकायदा इस पर काम भी शुरू कर दिया है। नरेश अरोड़ा वो नीतिकार हैं जिन्होंने कर्नाटक में सिद्धरमैया व डीके शिवकुमार के बीच चुनाव से पहले समझौता करवाया और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनाई। हाईकमान ने पंजाब में दोनों गुटों का समझौता करवाने के लिए नरेश अरोड़ा को उतार दिया है। नरेश अरोड़ा पंजाब के नेताओं से जल्दी ही बैठक करके उन्हें कर्नाटक फार्मूला समझाएंगे। अब देखना होगा कि चन्नी गुट कर्नाटक फार्मूले पर राजा वडिंग के साथ काम करने को तैयार होता है या नहीं। वहीं, पार्टी हाईकमान के निर्देश पर पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल आज चंडीगढ़ पहुंचेंगे ओर कल से नौ दिन तक वो पंजाब के अलग-अलग जिलों में गुटबाजी की ग्राउंड रिएलिटी व इंपेक्ट का जायजा लेकर फाइनल रिपोर्ट तैयार करके हाईकमान को देंगे। बघेल के दौरे के बाद पार्टी हाईकमान गुटबाजी पर बड़ा फैसला लेगी। भूपेश बघेल 9 दिन करेंगे चन्नी गुट की ताकत का मंथन पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के भीतर छिड़ा अंदरूनी कलह शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। भूपेश बघेल आज चंडीगढ़ पहुंचेंगे और उसके बाद अगले नौ दिनों तक पंजाब के विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे। वे रोजाना दो-दो जिलों में ब्लॉक प्रधान, ब्लॉक पदाधिकारियों, जिला पदाधिकारियों, 2022 में चुनाव लड़ चुके उम्मीदवारों, विधायकों व सांसदों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में वो चन्नी और राजा वड़िंग गुटों की वास्तविक ताकत और इस गुटबाजी से पार्टी को होने वाले नुकसान का सटीक आंकलन करेंगे। बघेल दस दिन के दौरे की रिपोर्ट तैयार करके हाईकमान को देंगे और उनकी यह फाइनल रिपोर्ट तय करेगी कि पार्टी हाईकमान चुनाव से पहले क्या फैसला करता है। चन्नी गुट गुट ने ऐसे बनाई राजा वडिंग गुट से दूरी, जानिए… गुटबाजी खत्म करने के लिए नरेश अरोड़ा का '3-स्टेप फॉर्मूला' जानिए… 1. व्यक्तिगत चेहरे की जगह 'पार्टी ब्रांड' कर्नाटक में नरेश अरोड़ा ने दोनों गुटों को समझाया कि आपसी लड़ाई से दोनों का नुकसान होगा। उन्होंने चुनाव अभियान को व्यक्तिगत चेहरों के बजाय 5 गारंटी योजनाओं और भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचारके मुद्दे पर केंद्रित कर दिया। पोस्टर-बैनरों में सिद्धरमैया और डी.के. शिवकुमार दोनों को समान कद और जगह दी गई। पंजाब में भी अरोड़ा राजा वड़िंग या चन्नी में से किसी एक को बड़ा दिखाने के बजाय आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की विफलताओं जैसे पेपर लीक, कानून-व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बनाने का प्रस्ताव देंगे। चुनाव प्रचार अभियान ऐसा तैयार किया जाएगा कि दोनों गुटों के नेताओं का कद और उपस्थिति एक समान दिखे। 2. नेताओं के बीच 'रोल और जिम्मेदारी' का बंटवारा कर्नाटक में सिद्धरमैया को मास अपील वाला नेता मानते हुए पूरे राज्य में रैलियां करने, ओबीसी, दलित को साधने की जिम्मेदारी दी गई। वहीं, डी.के. शिवकुमार को संगठन को मजबूत करने, बूथ मैनेजमेंट और पार्टी संसाधनों का जिम्मा सौंपा गया। दोनों के अधिकार क्षेत्र अलग तय किए गए ताकि सीधा टकराव न हो। पंजाब में भी नरेश अरोड़ा इसी फॉर्मूले पर काम करने का प्रस्ताव दे सकते हैं। चन्नी को कैम्पेन और पब्लिक कनेक्ट का मुख्य चेहरा बनाने का ऑफर दिया जा सकता है। वहीं, राजा वड़िंग को बतौर प्रदेश अध्यक्ष संगठन को संभालने, जिला स्तर पर तालमेल और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का जिम्मा दिया जा सकता है। 3. 'एकजुटता' का पब्लिक मैसेज नरेश अरोड़ा ने दोनों नेताओं के बीच एक अनऑफिशियल वीडियो/तस्वीरें शूट करवाई थीं, जहां सिद्धरमैया और शिवकुमार साथ बैठकर चाय पीते और खुशमिजाज माहौल में कर्नाटक की योजनाओं पर चर्चा करते दिखे। साथ ही, दोनों को इस बात पर सहमत कराया गया कि पहले सरकार बनाई जाएगी, मुख्यमंत्री का फैसला चुनाव के बाद हाईकमान करेगा। पंजाब में भी नरेश अरोड़ा अगर दोनों गुटों में समझौता करवाने में सफल हुए तो यहां भी ऐसा ही कुछ किया जाएगा ताकि कार्यकर्ताओं के बीच एक संदेश जाए कि अब पार्टी नेता एकजुट हैं। लेकिन यह सब तभी संभव है जब चन्नी गुट राजा वड़िंग के साथ काम करने को तैयार हो।
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों आज बठिंडा के तलवंडी साबो स्थित गांव गाटवाली पहुंचे। उन्होंने इस दौरान मौजूदा पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा और राज्य की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। ढिल्लों ने कहा कि एक समय पंजाब देश में नंबर एक राज्य हुआ करता था, लेकिन आज यह 22वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसके लिए मौजूदा सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि वह हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर आए हैं। प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया है कि पंजाब के लिए जो भी करना पड़ेगा, केंद्र सरकार वह सब करेगी। मीडिया से बातचीत में केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। खुलेआम नशा बिक रहा है और गैंगस्टर सक्रिय हैं। उन्होंने संगरूर में बीजेपी कार्यालय पर हुए हमले का भी जिक्र किया। अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंजाब को लूटने आए हैं, जैसे अहमद शाह अब्दाली आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को लूटने के लिए केजरीवाल जिम्मेदार हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा उन्होंने पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। ढिल्लों ने बताया कि सिर्फ फरीदकोट ही नहीं, पंजाब में कुल 6 पेपर लीक हुए हैं, लेकिन किसी भी मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि AAP नेता दिल्ली जाकर नारे लगाते हैं, लेकिन पंजाब में उनका मुंह बंद रहता है। भगवंत मान के पास कोई अधिकार नहीं ढिल्लों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास कोई अधिकार नहीं है और उन्हें दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मान केवल एक मुखौटा हैं, असली शासन केजरीवाल चला रहे हैं। कांग्रेस में कुर्सी की लड़ाई पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल के दौरे पर टिप्पणी करते हुए ढिल्लों ने कहा कि कांग्रेस में कुर्सी की लड़ाई चलती रहेगी और यह कभी खत्म नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस अब खत्म हो चुकी है। इसके विपरीत, भाजपा में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर कोई भ्रम नहीं होता। उन्होंने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा संगठन में ऐसे व्यक्ति को भी मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को अब बड़ा समर्थन मिला है। गुरदासपुर ट्रेड यूनियन और स्थानीय व्यापारियों ने 30 जुलाई को सफाई सेवकों द्वारा बुलाए गए 'पंजाब बंद' के आह्वान का पूर्ण समर्थन करने की घोषणा की है। वहीं, ट्रेड यूनियन की मध्यस्थता के बाद सफाई कर्मचारियों ने शहर की सीवर व्यवस्था को जाम करने का अपना कड़ा फैसला वापस ले लिया है, जिससे शहरवासियों को एक बड़ी राहत मिली है। पक्के करने की मांग को लेकर 30 जुलाई को 'पंजाब बंद' सफाई कर्मचारी पिछले काफी समय से अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर काम बंद हड़ताल पर हैं। मुख्य मांग: सफाई कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग अपनी सेवाओं को पक्का (स्थायी) करना है। पंजाब बंद: सरकार द्वारा मांगों पर ध्यान न दिए जाने के विरोध में 30 जुलाई को पूरे पंजाब में बंद का आह्वान किया गया है, जिसका असर गुरदासपुर में भी व्यापक रूप से दिखेगा। ट्रेड यूनियन की अपील पर सीवर जाम करने की चेतावनी वापस इससे पहले आंदोलन को उग्र करते हुए सफाई कर्मचारी यूनियन ने पूरे शहर के सीवर जाम करने की चेतावनी दी थी, जिससे शहर में गंभीर जलभराव और स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता था। दर्शन महाजन की पहल: स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष दर्शन महाजन ने सफाई कर्मचारी यूनियन के सदस्यों और नेताओं के साथ बैठक की। जनहित में फैसला: महाजन ने यूनियन को समझाया कि सीवर जाम करने से आम नागरिकों और शहरवासियों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इस अपील को स्वीकार करते हुए सफाई कर्मचारियों ने सीवर जाम करने का फैसला वापस ले लिया। व्यापारियों का समर्थन, सरकार से मांगें मानने की अपील ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष दर्शन महाजन और गुरदासपुर के व्यापारी वर्ग ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज ठहराते हुए सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कर्मचारियों की मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार कर हड़ताल समाप्त कराई जाए। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरदासपुर शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के विशाल ढेर लगे हुए हैं, जिससे बदबू और बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है तथा आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बरनाला में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने कल पंजाब बंद का आह्वान किया है। समाज ने बाजार, स्कूल, कॉलेज, मॉल और अन्य संस्थानों को बंद रखने की अपील की है। लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट और गुरदासपुर की विभिन्न संस्थाओं ने बंद को समर्थन दिया है। हालांकि, जालंधर में बंद नहीं रहेगा। यहां केवल प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन नेताओं का दावा है कि कार्रवाई में कई सफाई कर्मचारी घायल हुए और उनके सिर फोड़ दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने महिला सफाई कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने बरनाला के डीएसपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बुधवार को अमृतसर में वाल्मीकि समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के पुतले तैयार किए, जिन्हें महिलाओं के कपड़े पहनाए गए। गुरदासपुर में बंद को सपोर्टगुरदासपुर ट्रेड यूनियन ने 30 जुलाई को सफाई कर्मचारियों द्वारा बुलाए गए पंजाब बंद के आह्वान का समर्थन करने की घोषणा की है। सफाई कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उधर, लुधियाना में भाजपा और दलित भाईचारे के नेता यशपाल चौधरी ने कहा कि कल बंद की कॉल हमने दी हुई है। सुबह से शाम 4 बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से बाजार बंद करवाए जाएंगे। लोगों का भी साथ हमें मिल रहा है। लोगों से भी अपील है कि बंद में सहयोग दें। जालंधर में कल बंद नहीं जालंधर की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने कहा कि कुछ संगठनों की ओर से पंजाब बंद की खबरें प्रसारित की जा रही हैं, लेकिन जालंधर के लोग पहले ही 27 जुलाई को बंद का समर्थन कर चुके हैं। इसलिए 30 जुलाई को जालंधर में किसी भी तरह का बंद नहीं रखा जाएगा। बंद के दौरान मेडिकल स्टोर खुले रहेंगेबुधवार को अमृतसर में डॉ. बीआर अंबेडकर भलाई मंच के चेयरमैन ओम प्रकाश अनारिया और भगवान वाल्मीकि शक्ति दल के चेयरमैन डॉ. जैमल सिंह नडाला ने कहा कि पूरे पंजाब में शांतिपूर्ण बंद का आह्वान किया गया है। इस बंद को संत समाज, संत मलकीत नाथ जी, डॉ. बीआर अंबेडकर भलाई मंच और कई सामाजिक व धार्मिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने अमृतसर के दुकानदारों, उद्योगपतियों और आम लोगों से अपील की कि वे इस बंद को सफल बनाने में सहयोग करें और न्याय की इस लड़ाई में समाज के साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस सेवाएं और मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे, ताकि लोगों को आवश्यक सेवाओं में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। ------------- ये खबर भी पढ़ें… पंजाब बंद के बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म, मंत्री बैंस बोले- पुलिस लाठीचार्ज की जांच के लिए SIT बनाई, सरकार ने सैलरी भी बढ़ाई बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज की हड़ताल अब खत्म हो गई। सरकार ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है। साथ ही सरकार ने 1 अगस्त से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सफाई सेवकों और सीवरेज मैन को बढ़ा हुआ वेतन देने की बात कही है। (पढ़ें पूरी खबर)
दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के नूरमहल आश्रम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव उल्लास से मनाया गया। इस भव्य आयोजन में पंजाब भर से 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वैदिक मंत्रोच्चारण, भव्य आरती, आध्यात्मिक प्रवचन और भक्ति संगीत के माध्यम से संपूर्ण आश्रम परिसर अलौकिक ऊर्जा से सराबोर हो उठा।संत-विद्वानों ने मानव जीवन में गुरु की महत्ता, आत्ममंथन और वर्तमान समय की वैश्विक चुनौतियों में ब्रह्मज्ञान की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।इस पावन समागम का भव्य शुभारंभ सर्वश्री आशुतोष महाराज जी के ब्रह्मज्ञानी शिष्य-शिष्याओं द्वारा किए गए पवित्र वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। वेद-रीतियों की दिव्य ध्वनियों ने समूचे आश्रम परिसर को अलौकिक सकारात्मकता और शांति से परिपूर्ण कर दिया। पंजाब भर से पहुंचे 5 लाख से अधिक श्रद्धालु मंच का कुशल संचालन करते हुए साध्वी तपस्विनी भारती ने पंजाब के दूर-दराज भागों से पधारे 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन किया। इसके उपरांत समस्त मानवता के कल्याण, विश्व शांति, सामाजिक सद्भाव और प्रत्येक प्राणी के सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक एवं भावपूर्ण प्रार्थना की गई। दिव्य आरती एवं विधिवत पूजन संपन्न हुआ प्रार्थना के बाद पूज्य सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य आरती एवं विधिवत पूजन संपन्न हुआ। सैकड़ों प्रज्वलित दीपों की पावन ज्योति, सुगंधित पुष्पों की महक और हजारों श्रद्धालुओं के एकस्वर भाव ने ऐसा आध्यात्मिक दृश्य प्रस्तुत किया, मानो हर हृदय में गुरु-भक्ति का अलौकिक दीप प्रज्वलित हो उठा हो। गुरु पूर्णिमा शिष्य के लिए आत्ममंथन की पावन कसौटी आध्यात्मिक विचारों की श्रृंखला में साध्वी वैष्णवी भारती ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शिष्य के लिए आत्ममंथन की एक पावन कसौटी है। यह पर्व हमें यह विचार करने का अवसर देता है कि बीते 365 दिनों में हम गुरु की आज्ञाओं पर कितने खरे उतरे। सच्चा समर्पण केवल बाहरी क्रियाओं में नहीं, बल्कि गुरु के सिद्धांतों को अपने आचरण में ढालने में है। गुरु के निर्देशों का निष्काम भाव से पालन करें स्वामी मोहनपुरी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु के निर्देशों का निष्काम भाव से पालन करना और जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य के मार्ग पर स्थिर रहना ही वास्तविक गुरु-पूजा है। जो शिष्य निष्ठा के साथ गुरु के मार्ग पर चलता है, वह संसार की प्रशंसा, निंदा या प्रतिकूल परिस्थितियों से विचलित नहीं होता। कार्यक्रम के अंतिम सोपान में स्वामी सज्जनानंद ने नूरमहल आश्रम की आध्यात्मिक महिमा पर प्रकाश डाला। वर्तमान युग की परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए साध्वी मानस्विनी भारती जी ने कहा की कुटिल चाल कलिकाल चल रहा, युग की गति पहचानो। आज विश्व भर में युद्ध, प्राकृतिक असंतुलन और नैतिक मूल्यों का ह्रास देखने को मिल रहा है। ऐसे संकटपूर्ण समय में केवल ब्रह्मज्ञान से जागृत साधक ही अपने विवेक, साधना और गुरु के मार्गदर्शन के बल पर निर्भय और सुरक्षित रह सकता है।
बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने संसद में पंजाब में कथित पेपर लीक मामलों का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य में पिछले चार वर्षों के दौरान सामने आए छह प्रमुख परीक्षा घोटालों की केंद्रीय एजेंसी से जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन मामलों से लगभग पांच लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। संसद में अपनी बात रखते हुए हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब में भर्ती परीक्षाओं और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा घोटाले अब आम बात बन चुके हैं, जिससे युवाओं का भर्ती प्रक्रियाओं पर विश्वास कमजोर हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न सरकारी विभागों की भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आए विवादों ने राज्य सरकार की निष्पक्ष भर्ती कराने की क्षमता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद बादल ने कहा कि कई मामलों में विवाद अदालतों तक पहुंचे हैं और कुछ परीक्षाओं की प्रक्रिया पर न्यायालयों द्वारा रोक भी लगाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के बजाय मामलों को दबाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार, सरकार सार्वजनिक रूप से पेपर लीक की घटनाओं से इनकार करती रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के मार्च 2023 के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें पंजाब राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (PSTET) का पेपर लीक होने की बात कही गई थी। इसके अलावा हाल ही में चर्चा में आए फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा विवाद का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुईं और कुछ उम्मीदवारों को ब्लूटूथ उपकरणों के माध्यम से अनुचित लाभ पहुंचाया गया। हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया कि पंजाब में पिछले चार वर्षों के दौरान नायब तहसीलदार भर्ती परीक्षा, टीईटी परीक्षा, पीएसईबी की बारहवीं कक्षा की अंग्रेजी परीक्षा, कृषि विकास अधिकारी परीक्षा, फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा तथा पीएसएसएसबी ग्रुप-बी अधिकारी परीक्षा समेत कई मामलों में गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से लाखों छात्र प्रभावित हुए हैं और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है। सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित विभागों और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियां सामने आने के बावजूद शीर्ष अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि जनता अब इन मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच चाहती है। हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय गृह मंत्री से अनुरोध किया कि पंजाब में कथित पेपर लीक और भर्ती घोटालों की केंद्रीय स्तर पर जांच करवाई जाए, ताकि प्रभावित छात्रों को न्याय मिल सके और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दी जा सके। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से ही युवाओं का परीक्षा और भर्ती प्रणाली पर भरोसा बहाल किया जा सकता है।
कपूरथला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से लोगों को परेशानी हो रही है। इस बीच, नगरपालिका कर्मचारी संगठन ने बरनाला लाठीचार्ज के विरोध और लंबित मांगों को लेकर 30 जुलाई को पूरे पंजाब में बंद का ऐलान किया है। हालांकि, मेडिकल स्टोर और आपातकालीन सेवाएं इस दौरान जारी रहेंगी। नगरपालिका कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल थापर ने बताया कि पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों की किसी भी मांग पर सहमति नहीं जताई, जिसके बाद आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया है। थापर ने की सरकार के रवैये की निंदा थापर ने सरकार के रवैये की निंदा करते हुए कहा कि बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार कर्मचारियों की सभी मांगें स्वीकार नहीं करती, हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि 30 जुलाई को 'पंजाब बंद' के दौरान आम जनता को होने वाली किसी भी असुविधा या आर्थिक नुकसान की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। हड़ताल के कारण कपूरथला सहित कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित है और कूड़े के ढेर बढ़ रहे हैं। 30 जुलाई के पंजाब बंद के मद्देनजर, प्रदेश के कई निजी और सरकारी स्कूलों ने एहतियात के तौर पर विद्यार्थियों के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी है। प्रशासन की नजर अब 30 जुलाई के बंद पर टिकी है। यदि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द कोई सहमति नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में आम जनजीवन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
पंजाब के बठिंडा से आ रही एक मालगाड़ी के टैंक से अचानक एलपीजी (LPG) गैस का रिसाव होने से रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटना हिसार रेलवे स्टेशन के पास स्थित सूर्यनगर फाटक के पास घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में हुई। बीच बस्ती के पास गैस लीकेज की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों के हाथ-पांव फूल गए और तुरंत राहत कार्य शुरू किया गया। संभावित बड़े खतरे को देखते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को मौके पर तैनात कर दिया गया है। आपात स्थिति से निपटने में जुटी टीमें मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिसार के स्थानीय अधिकारियों के अलावा पंजाब से भी रेलवे के उच्च अधिकारी और टेक्निकल टीमें आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पहुंच गईं। बठिंडा से झज्जर जा रही थी ट्रेन रेलवे के अनुसार एक मालगाड़ी एलपीजी लेकर बठिंडा से झज्जर जा रही थी। गाड़ी हिसार स्टेशन पर पहुंची थी। यहां गाड़ी पर तैनात कर्मचारियों को सुबह करीब 8 बजे पता चला कि एक टैंकर से गैस लीक हो रही है। इस पर टैंकर को गाड़ी से अलग करके सूर्यनगर फाटक के पास एकांत जगह पर ले जाया गया, ताकि कोई हादसा न हो। यहां लीकेज बंद करने के लिए संबंधित स्टाफ को बुलाया गया। टैंकर के ऊपरी हिस्से से गैस रिसाव रेलवे अधिकारियों के अनुसार सुबह 8 बजे टैंकर से गैस का रिसाव होने का पता चलते ही दूर जगह ले जाया गया। करीब 8:45 बजे गैस रिसिव दूर करने का प्रयास किया गया। जांच करने पर पता चला कि टैंकर के ऊपरी हिस्से पर बने ढक्कन में से गैस रिसाव हो रहा था। इसके बाद डीएफएससी, दमकल और रेलवे पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू किया। टेक्निकल टीमों को बुलाकर ढक्कन से रिस रही गैस को ठीक किया गया। करीब ढाई से तीन घंटे तक टीमें यहां लगी रही। इस टैंकर में करीब 37 टन एलपीजी गैस भरी हुई थी।
पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर अब हाईकमान आर-पार के मूड में है। हाईकमान गुटबाजी पर स्ट्रिक्ट एक्शन लेने से पहले ग्राउंड रियलिटी चेक करना चाहता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल अब ग्राउंड लेवल पर आकर ब्लॉक लेवल से लेकर तमाम नेताओं से चन्नी गुट का फीडबैक लेंगे। कल (30 जुलाई) से भूपेश बघेल 10 दिन के पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। वह 9 दिन में जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और 2022 में चुनाव लड़ चुके नेताओं के साथ-साथ संबंधित जिलों के विधायकों व सांसदों के साथ बैठक करेंगे। बैठक में भूपेश बघेल पार्टी नेताओं से 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ राहुल गांधी की रैलियों का स्थान तय करने पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस जल्द ही पंजाब में राहुल गांधी की 4 बड़ी रैलियां करने पर विचार कर रही है। हालांकि, इससे पहले वह पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने का प्रयास करेगी, ताकि राहुल गांधी के स्टेज पर कांग्रेस एक जुट रहे। पार्टी सूत्रों ने बताया है कि राहुल के पंजाब दौरे से पहले हाईकमान बागी गुट पर ठोस एक्शन ले सकता है। उधर, चरणजीत सिंह चन्नी गुट को राहुल गांधी अब ज्यादा तरजीह नहीं दे रहे हैं। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक, चन्नी गुट राहुल गांधी से लगातार मिलने का समय मांग रहा है, लेकिन राहुल गांधी के दफ्तर से उसे समय नहीं मिल रहा है। चन्नी गुट को राहुल गांधी की व्यस्तता की बात कहकर टाइम नहीं दिया जा रहा है। चन्नी गुट को उम्मीद है कि 13 जुलाई के बाद राहुल गांधी से उसे वक्त मिल जाएगा और वह एक बार अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे। 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा बैठकों के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की राय जानने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरना और उन्हें एकजुट करना है। इस महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत 31 जुलाई को शहीदों की धरती फतेहगढ़ साहिब से होगी। संगठन में बदलाव की उम्मीद राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। इस दौरे के जरिए भूपेश बघेल पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करने, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने का प्रयास करेंगे। इससे संगठन में संभावित बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है। पहले भी चंडीगढ़ में कर चुके बैठक गौरतलब है कि इससे पहले भी भूपेश बघेल 6 दिन तक चंडीगढ़ में रहकर पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने पार्टी में चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी थी। इसके बाद हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस की चुनाव समितियों और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावनाओं से इनकार कर दिया था। मीटिंग में शामिल होने वाले लोग मीटिंगों में जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पदाधिकारी, हलके (विधानसभा क्षेत्र) के मंडल अध्यक्ष, हलके के BLA-1, वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, जिले से संबंधित पूर्व MP व पूर्व MLA, अग्रणी संगठनों के जिलाध्यक्ष (यूथ कांग्रेस, सेवा दल, महिला कांग्रेस, इंटक, एससी, ओबीसी विभाग, आरजीपीआरएस, सोशल मीडिया), नगर पार्षद, जिला परिषद व ब्लॉक समिति के सदस्य, जिले से संबंधित AICC और PPCC के सदस्य शामिल होंगे। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस में आर-पार की लड़ाई शुरू:वड़िंग गुट को तोड़ने लगे चन्नी, अमृतसर के दिग्गज नेता को साथ मिलाया; रील बना जवाब दिया पंजाब कांग्रेस की नेतृत्व की लड़ाई में अब आर-पार की सिचुएशन बन गई है। जालंधर से सांसद व पूर्व CM चरणजीत चन्नी व गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग के गुट से पहले ही दूरी बना रखी है। अब ऐसा माना जाने लगा है कि ये चन्नी-रंधावा गुट कांग्रेस हाईकमान से भी किनारा करने लगे हैं। इसका नजारा सोमवार को स्पष्ट दिखा। पढ़ें पूरी खबर…
बेअदबी कानून की विवादित धाराओं में संशोधन के लिए पंजाब सरकार को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई एक महीने की समय-सीमा 28 जुलाई को पूरी हो गई है। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा इस संवेदनशील मुद्दे पर श्री अकाल तख्त साहिब से दोबारा कोई संपर्क न साधने पर जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सरकार की इस चुप्पी को शासकों का अहंकार करार देते हुए कहा कि यह रवैया सिख भावनाओं के प्रति सरकार की गंभीरता की कमी को साफ उजागर करता है। गुरु की गोलक और सिखी के सिद्धांत सर्वोपरि मीरी-पीरी खालसा मार्च के दौरान संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने स्पष्ट किया कि सिख कौम के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सर्वोच्च महत्ता, गुरु की गोलक और सिखी के मूल सिद्धांत सर्वोपरि हैं। इन पवित्र सिद्धांतों को ठेस पहुँचाने वाली किसी भी कानूनी व्यवस्था को सिख पंथ कभी स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गुरु की गोलक, सिख संस्थाओं और सिखी के सिद्धांतों को चुनौती देने वाले गुरु-द्रोही और पंथ विरोधी तत्वों को सिख कौम कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि वह सिख भावनाओं का सम्मान करते हुए बेअदबी कानून की विवादित धाराओं में तुरंत संशोधन करे और श्री अकाल तख्त साहिब से संपर्क कर इस मसले का समाधान निकाले। अकाल तख्त साहिब किसी सरकार के प्रभाव में नहीं: एडवोकेट धामी मोगा के दर्जनों कस्बों में संगतों ने किया 'खालसा मार्च' का भव्य स्वागत
पंजाब में नशे की काली छाया एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार को निगल गई। अमृतसर के रतन सिंह चौक (नई आबादी, फैजपुरा) में 26 वर्षीय रविंदर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रोते-बिलखते परिवार का आरोप है कि उसके इकलौते बेटे की जान नशे की ओवरडोज ने ली है। यह घटना न केवल एक परिवार की अंतहीन त्रासदी को दर्शाती है, बल्कि पुलिस प्रशासन के उन तमाम दावों की पोल भी खोलती है जिनमें राज्य को 'नशा मुक्त' करने की कसमें खाई जाती हैं। परिजनों का सीधा सवाल है कि जब गलियों में पानी से भी आसानी से नशा बिक रहा है, तो पुलिस की गश्त और कार्रवाई कहाँ है? 'पुनर्वास केंद्र से लौटता, लेकिन इलाके में ₹200 में मिल जाता चिट्टा' मृतक की बहन काजल ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि रविंदर पिछले दो सालों से दोबारा नशे की चपेट में आ गया था। परिवार ने उसे बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाया और कई बार नशा मुक्ति केंद्र (Rehab Center) में भर्ती कराया। वह इलाज कराकर ठीक होकर लौटता, लेकिन जैसे ही बाहर कदम रखता, इलाके में आसानी से उपलब्ध नशा उसे फिर दलदल में खींच लेता। काजल ने बताया कि भाई की शादी भी हुई थी लेकिन नशे की इस खौफनाक लत ने रविंदर की शादीशुदा जिंदगी भी तबाह कर दी; उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई। वह अकेला हो गया। इसके बाद अब नशे ने उसकी जिंदगी भी लील ली। फैजपुरा की गलियों में खुलेआम सौदेबाजी का आरोप परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फैजपुरा और आसपास के इलाकों में शाम ढलते ही चिट्टा (हेरोइन) और अन्य नशीले पदार्थों का खुला खेल शुरू हो जाता है। गलियों और बाजारों में महज ₹200, ₹300 और ₹500 में पुड़ियां बिक रही हैं। बहन काजल ने भावुक होकर कहा, मेरा इकलौता भाई नशे की भेंट चढ़ गया। अगर समय रहते नशा तस्करों पर नकेल कसी गई होती, तो आज मेरा भाई जिंदा होता। परिवार ने सरकार और उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि नशा बेचने वालों पर बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाए ताकि किसी और बहन का भाई न छीने। पुलिस का पक्ष: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, आरोपों पर दी सफाई मामले की जानकारी मिलते ही थाना रंजीत एवेन्यू की पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारी रोबिन हंस ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारी ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट (और विसरा जांच) आने के बाद ही हो सकेगी, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नशे के आरोपों पर सफाई:'सेफ पंजाब' पर दें सूचना: पुलिस अधिकारी ने परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चला रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि उनके इलाके में नशा बिक रहा है, तो वे 'सेफ पंजाब' (Safe Punjab) प्लेटफॉर्म या स्थानीय पुलिस को सूचना दें। पुलिस ने आश्वासन दिया कि सूचना देने वाले का नाम व पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।
पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और कथित उत्पीड़न के विरोध में पंजाब प्रदेश कांग्रेस के संसदीय दल ने एकजुट होकर आवाज उठाई है। कांग्रेस संसदीय दल ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) के चेयरमैन किशोर मकवाना से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। संसदीय दल में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एंव लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पटियाला सांसद धर्मवीर गांधी, फतेहगढ़ साहिब से सांसद डॉ. अमर सिंह और अमृतसर के सांसद गुरजीत सिंह औजला शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि आयोग पंजाब सरकार और बरनाला जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगे। कांग्रेस ने लाठीचार्ज के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयोग को सौंपा गया मांगपत्र राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को प्रतिनिधिमंडल ने मांग पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने लिखा कि पंजाब के बरनाला जिले में अपने जायज अधिकारों और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति समुदाय के सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए अत्याचारों की घटना में हमारे भाइयों और बहनों की शिकायतों को सुनने के बजाय, प्रशासन और पुलिस ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिसमें लाठीचार्ज भी शामिल है। परिणामस्वरूप कई कर्मचारी घायल हो गए। इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ घटना की निष्पक्ष जांच की जाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए, हम, लोकसभा के सदस्य, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से अनुरोध करते हैं कि वह कृपया इस मामले की जांच करे और अपने संवैधानिक जनादेश के तहत उचित कार्रवाई करे। आयोग को पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से एक रिपोर्ट भी मांगनी चाहिए, यह सुनिश्चित करना चाहिए कि एक निष्पक्ष जांच की जाए, और प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करने तथा कानून के अनुसार जवाबदेही सुनिश्चित करने के उपायों की सिफारिश करनी चाहिए। दलित समुदाय की गरिमा पर हमला: कांग्रेस कांग्रेस पार्टी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे दलित समुदाय के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की बात सुनने के बजाय प्रशासन ने उन पर लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कर्मचारी घायल हुए हैं। कांग्रेस सांसदों ने इन कर्मचारियों को 'रब्ब दे बंदे' बताते हुए उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाने का संकल्प जताया है। कांग्रेस द्वारा NCSC से ज्ञापन में की गई मुख्य मांगें:निष्पक्ष जांच की मांग: कांग्रेस सांसदों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से आग्रह किया है कि वह पंजाब के बरनाला जिले में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अनुसूचित जाति समुदाय के सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज की तत्काल एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे। पंजाब सरकार से रिपोर्ट तलब करने की मांग: पत्र में मांग की गई है कि आयोग पंजाब सरकार और बरनाला जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की विस्तृत स्थिति रिपोर्ट मांगे। SC/ST अधिनियम के तहत कार्रवाई: सांसदों ने दलित सफाई कर्मचारियों के मानवाधिकारों के उल्लंघन और उन पर हुए हमले के दोषियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान देश के सबसे कम संपत्ति वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में 5वें स्थान पर हैं। उनकी कुल संपत्ति 1.97 करोड़ रुपए है। पड़ोसी राज्य हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की संपत्ति 5.80 करोड़ रुपए है, जो मान से करीब 3 गुना अधिक है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू 7.81 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ इन दोनों से आगे हैं। यह खुलासा एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच की ताजा रिपोर्ट में हुआ है। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्रियों की ओर से चुनावी शपथ पत्रों में दी गई जानकारी पर आधारित है। इसमें देश के 31 मुख्यमंत्रियों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक कनार्टक के सीएम डीके शिवकुमार देश में सबसे अमीर ज्यादा संपत्ति वाले सीएम है। उनकी कुल संपत्ति1,413 करोड़ करोड़ रुपए है। जबकि, सबसे कम संपत्ति जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला की है। उन्होंने 55 लाख रुपए की संपत्ति घोषित की है। वार्षिक आय में मान दोनों पड़ोसी राज्यों के CM से आगे ADR रिपोर्ट के अनुसार, भगवंत मान अपने पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कम संपत्ति रखते हैं, लेकिन उनकी सालाना कमाई दोनों मुख्यमंत्रियों से ज्यादा है। उन्होंने अपने पेशे में केवल राजनीति का उल्लेख किया है। इससे उनकी वार्षिक आय 18.34 लाख रुपए है। जबकि, हिमाचल के CM सुक्खू ने खुद को पेंशनभोगी और ठेकेदार बताया है। उनकी वार्षिक आय 17.22 लाख रुपए है। वहीं, हरियाणा के CM नायब सैनी ने विधायक, मुख्यमंत्री और स्टोन क्रशर मालिक के रूप में 13.45 लाख रुपए की वार्षिक आय घोषित की है। कर्ज के मामले में हरियाणा के CM सबसे आगे तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक कर्ज हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी पर है। उन्होंने 74.82 लाख रुपए का कर्ज घोषित किया है। वहीं, पंजाब के CM भगवंत मान पर 30.35 लाख रुपए और हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर 22.42 लाख रुपए का कर्ज है। तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सैनी का क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं CM नायब सैनी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। वह देश के 17 ऐसे मुख्यमंत्रियों में शामिल हैं, जिनका आपराधिक रिकॉर्ड पूरी तरह साफ है। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों में सबसे अधिक हैं। इनमें एक गंभीर IPC धाराओं से जुड़ा मामला भी शामिल है। उन पर गैरकानूनी सभा, सरकारी आदेश की अवहेलना और लोगों की जान को खतरे में डालने जैसे आरोप हैं। पंजाब CM भगवंत मान के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है। इसमें एक गंभीर IPC धारा भी शामिल है। उन पर सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और दंगे से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… 2024-25 में 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कमाई 52% घटी:21 दलों ने कमाई से ज्यादा खर्च किया, ADR की रिपोर्ट 2024-25 में 36 क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की कुल आय में 51.57% की गिरावट दर्ज हुई है। इन दलों की कुल आय 1,192.94 करोड़ रुपए रही, जबकि 2023-24 में यह 2,463.17 करोड़ रुपए थी। यानी एक साल में 1,270.23 करोड़ रुपए की कमी आई। पढ़ें पूरी खबर…
पाकिस्तान के पंजाब में बारिश का कहर
इस्लामाबाद, पाकिस्तान में बारिश कई इलाकों पर कहर बन कर टूटी है। खासकर पंजाब प्रांत गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर शहरों में भारी बरसात ने तबाही मचा दी है।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

