Who is Ranjeet Singh Neeta: रंजीत सिंहनीता को KZF मॉड्यूल का मास्टरमाइंड भी बताया गया था, जिसके सदस्यों को दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था. यह मॉड्यूल पंजाब में आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा था.
यमुनानगर में सहारनपुर हाईवे पर कलानौर पुलिस चौकी के पास आज सुबह मटर से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में सड़क किनारे खड़ी एक पुलिसकर्मी की निजी कार और बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो बैरिकेड भी टूट गए। ट्रक पलटते ही उसमें लदे मटर सड़क पर बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। हादसे की सूचना मिलते ही कलानौर पुलिस चौकी से टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक व मटर के कट्टों को सड़क से हटवाया। पुलिस की तत्परता से कुछ ही देर में मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात बहाल कर दिया गया। पंजाब से यूपी जा रहा था ट्रक जानकारी के अनुसार ट्रक यमुनानगर नंबर का था, जिसमें मटर लोड कर पंजाब से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ले जाया जा रहा था। सुबह करीब सात बजे जब ट्रक कलानौर पुलिस चौकी के पास पहुंचा तो अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि हादसे के समय आसपास कोई राहगीर मौजूद नहीं था और ट्रक चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा। दोपहर के समय सड़क पर गिरे मटर को इकट्ठा कर दूसरे ट्रक में लोड किया गया, जिसके बाद माल को उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया। काफी मटर खराब भी हो गया। बेकाबू होने के कारण हुआ हादसा कलानौर पुलिस चौकी के इंचार्ज राजीव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसा ट्रक के बेकाबू होने के कारण हुआ है। चालक के अनुसार अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रक साइड में चला गया और पलट गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि कलानौर पुलिस चौकी के पास बीते एक माह में यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले भी तेज रफ्तार ट्रक ने नेशनल हाईवे-344 पर बने डिवाइडर पर चढ़कर पुलिस नाके की लोहे की पोस्ट को टक्कर मार दी थी। उस हादसे में पुलिस पोस्ट पर लगा सरकारी सीसीटीवी कैमरा, पांच स्ट्रीट लाइटें और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे थे।
सिरसा जिला साइबर क्राइम थाना की विशेष टीम ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने बताया कि दोनों आरोपियों को पंजाब के अबोहर क्षेत्र से काबू किया गया है। यह मामला रानियां थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति से करीब 12 लाख 22 हजार 165 रुपए की ठगी से जुड़ा है। आरोपियों ने पीड़ित को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगा था। टेलीग्राम ऐप के जरिए दिया गया झांसा पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 11 अक्टूबर 2025 को उसे एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने उसे टेलीग्राम ऐप से जुड़ने और शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा कमाने का सुझाव दिया। शुरुआत में साइबर अपराधियों ने पीड़ित के निवेश पर दोगुना मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद पीड़ित ने कुल 12 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश कर दी। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो लिंक बंद मिला और वह ठगी का शिकार हो गया। पहले भी तीन आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत पर 12 अक्टूबर 2025 को साइबर थाना सिरसा में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया था। अब दो और आरोपियों — लवजोत सिंह निवासी सिड्स फार्म कच्चा अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) और प्रिंस निवासी तनेजा कॉलोनी पीर नगर, फाजिल्का (पंजाब) — को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस ठगी नेटवर्क में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फाजिल्का के शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने ध्वज फहराया। इससे पहले गुलाब चंद कटारिया भारत- पाकिस्तान सरहद के नजदीक आसफवाला में बनी 1965-71 के युद्ध में शहीदों की समाधि पर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद फाजिल्का में राज्य स्तरीय समारोह में पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि 8 फरवरी से फाजिल्का से वह नशे के खिलाफ पदयात्रा की शुरुआत करेंगे । गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आज उन्हें फाजिल्का में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां की धरती ने शहीदों का आंचल अपने हृदय में छिपाया हुआ है। यही वजह वह राज्य स्तरीय समारोह में शामिल होने से पहले वह फाजिल्का के भारत- पाक सरहद के नजदीक आसफवाला में 1965-71 की भारत पाक युद्ध में शहीद जवानों के समाधि स्थल पर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। पंजाब की धरती सुरक्षा की रीढ: राज्यपाल राज्यपाल ने कहा कि पंजाब की धरती देश की सुरक्षा की रीढ़ है। सीमाओं की रक्षा से लेकर राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में अनुकरणीय भूमिका निभाई है। हाल ही में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों की साहस और शक्ति देखने को मिली है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के लोगों ने साबित कर दिया कि वह हर पल पंजाब के लिए डटकर खड़े है। राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें 10 लाख रुपए तक बीमा आम लोगों को स्वास्थ्य के लिए मिलेगा। राज्य में कुल 356 हाईटेक एम्बुलेंस तैनात है। राज्यपाल ने रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से जिला प्रशासन को एम्बुलेंस देने की घोषणा की। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब के घरों को फ्री बिजली मिली रही है। जिससे प्रति परिवार को प्रति वर्ष 25000 रुपए का लाभ हो रहा है। पंजाब में आई शिक्षा की क्रांति: गुलाबचंद उन्होंने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाई गई है। सिंगापुर जैसे देशों में शिक्षकों को भेजा गया। बेटियों की शिक्षा में कोई बाधा न आए इसके लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था दी जा रही है। जिससे करीब 10 हजार बच्चियों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण केंद्र लाइब्रेरी खोली है। नहरी पाने की उपलब्धता 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 72 प्रतिशत तक कर दी गई है।
गणतंत्र दिवस पर सोमवार को कर्तव्य पथ पर होने वाली 90 मिनट की परेड में पंजाब की झांकी भी दिखेगी। यह झांकी केवल कला का नमूना ही नहीं है, बल्कि मानवता, बलिदान और सिख सिद्धांतों का संदेश दे रही है। झांकी गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है। सीएम भगवंत मान ने झांकी को परेड में शामिल किए जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे देश-विदेश में बैठे लोगों को गुरु साहिब के जीवन के बारे में जानने का मौका मिलेगा। झांकी में दिखेगी शहादत की कहानी इस मौके पर पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारी रनदीप सिंह आहलूवालिया ने बताया कि यह झांकी गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने बताया कि झांकी में भाई मति दास, भाई सति दास और भाई दियाल जी के अद्वितीय बलिदान को दिखाया जाएगा। झांकी दो भागों में है। ट्रैक्टर पार्ट पर जो हाथ दिखाया गया है, वह धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित करने का प्रतीक है, जैसे गुरु साहिब ने दूसरे धर्मों की धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित किया। जबकि पीछे खंडा साहिब है। इसके साथ गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का मॉडल है, जहां गुरु तेग बहादुर ने मानवता के लिए अपनी शहादत दी। झांकी के साइड पैनलों पर भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दियाल जी की शहादत को दिखाया गया है। 2024 में झांकी को लेकर हुआ था विवाद इस बार पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मनाया था। इस दौरान श्री आनंदपुर साहिब में एक दिन के लिए विधानसभा का आयोजन किया गया था। वर्ष 2024 में जब कर्तव्य पथ की परेड में पंजाब की झांकी को शामिल नहीं किया गया था, उस समय काफी बवाल हुआ था। पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को पंजाब के साथ भेदभाव का मामला बताया था, क्योंकि यह झांकी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और चंद्रशेखर आज़ाद पर आधारित थी। उस समय दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार थी। ऐसे में पंजाब सरकार ने उक्त झांकी को दिल्ली और पंजाब के सभी शहरों और गांवों में प्रदर्शित किया था। इसमें पंजाब सरकार के सभी मंत्री गांव-गांव और शहरों में गए थे। उसके बाद से लगातार पंजाब की झांकी शामिल हो रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने उस समय साफ किया था कि झांकी चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसने यह तय किया है। कमेटी के मानकों के मुताबिक झांकी को तैयार नहीं किया गया था। तीन बार झांकी को मिल चुका है अवॉर्ड पंजाब की झांकी को तीन बार अवॉर्ड मिल चुका है। अप्रैल 2019 में हुए जलियांवाला हत्याकांड की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर एक विनम्र श्रद्धांजलि को समर्पित झांकी को 2019 में तीसरा अवॉर्ड मिला था।यह पुरस्कार नई दिल्ली में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रदान किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने निदेशक अनींदिता मित्रा के साथ इसे ग्रहण किया थी। विभाग को 1967 और 1982 में भी तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।
सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब के साथ होने वाली मीटिंग से पहले हरियाणा सीएम नायब सैनी ने आज मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सीनियर ऑफिसर शामिल होंगे। इसमें एसवाईएल से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। दरअसल, हरियाणा और पंजाब की चंडीगढ़ में 27 जनवरी (मंगलवार) को हरियाणा निवास में एसवाईएल को लेकर मीटिंग होनी है, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सहित दोनों सरकारों के सीनियर अफसर भी शामिल होने वाले हैं। इससे पहले भी SYL नहर विवाद को सुलझाने के लिए जुलाई, अगस्त और नवंबर 2025 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठकें हो चुकी हैं। इन दोनों बैठकों में कोई हल निकला था, जिसके बाद अब इस साल की एसवाईएल को लेकर ये पहली बैठक बुलाई गई है। केंद्र कर चुका है किनारा नवंबर में हुई बैठक में सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर केंद्र सरकार मध्यस्थता से पीछे हटते हुए दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र ने अपनी अगुआई में पंजाब और हरियाणा के बीच पांच दौर की द्विपक्षीय बैठकें करवाई, लेकिन किसी में भी ठोस नतीजा नहीं निकला है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों राज्य एसवाईएल नहर पर आपसी बातचीत कर समाधान खोजें। पत्र में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार दोनों राज्यों को आवश्यक सहयोग देगी। मंत्रालय ने बताया कि 5 अगस्त 2025 को हुई बैठक में दोनों राज्यों ने सकारात्मक भावना से आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी, इसलिए अब दोनों को अपनी प्रस्तावित योजनाओं पर बातचीत करनी चाहिए। उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में नदी पानी के सभी मुद्दे टाले 17 नवंबर को फरीदाबाद में हुई उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी पानी से जुड़े सभी मुद्दों को फिलहाल के लिए मुल्तवी कर दिया। इससे पहले चंडीगढ़ को राष्ट्रपति के सीधे नियंत्रण में लाने के प्रस्ताव का पंजाब में तीखा विरोध हो चुका है, जिसके बाद केंद्र को कदम पीछे खींचने पड़े थे। पंजाब पहले ही कह चुका कि, 'देने को एक बूंद पानी नहीं'वहीं जानकारों का कहना है कि अब जब केंद्र मध्यस्थता से हट गया है, तो पंजाब किसी भी सूरत में खुद बातचीत शुरू नहीं करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ कर चुके हैं कि पंजाब के पास देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल नहर निर्माण का सवाल ही पैदा नहीं होता। 214 किमी. में से 122 किमी. पंजाब का हिस्सा अटका कुल 214 किमी लंबी एसवाईएल नहर में से पंजाब का 122 किमी हिस्सा अभी भी बिना निर्माण के पड़ा है।जनवरी 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को पानी समझौते के मुताबिक नहर बनाने के लिए कहा था।हरियाणा नहर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुका है।8 अगस्त को इस मामले की आखिरी सुनवाई हुई थी। अगली तारीख तय नहीं है। मुख्यमंत्रियों की 5 बैठकें, मगर नहीं निकला कोई भी हल पहली बैठक: 18 अगस्त 2020 दूसरी बैठक: 14 अक्टूबर 2022 (चंडीगढ़) तीसरी बैठक: 4 जनवरी 2023 (दिल्ली) चौथी बैठक: जुलाई 2025 पांचवीं बैठक: 5 अगस्त 2025 में 1981 समझौता रद्द करने का विवाद भी जुड़ा 2004 में पंजाब के तत्कालीन CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा के जरिए 1981 के पानी समझौते को रद्द कर दिया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को अमान्य करार दिया। इसके बाद से मामला लगातार अदालत और केंद्र-राज्य स्तर की बैठकों में अटका हुआ है। जानें क्या है SYL विवाद, कब कब क्या हुआ SYL नहर का पूरा विवाद पंजाब ने हरियाणा से 18 नवंबर,1976 को 1 करोड़ रुपए लिए और 1977 को SYL निर्माण मंजूरी दी। बाद में पंजाब ने SYL नहर के निर्माण को लेकर आनाकानी करनी शुरू कर दी। 1979 में हरियाणा ने SYL के निर्माण की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पंजाब ने 11 जुलाई, 1979 को पुनर्गठन एक्ट की धारा 78 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। 1980 में पंजाब सरकार बर्खास्त होने के बाद 1981 में PM इंदिरा गांधी की मौजूदगी में दोनों राज्यों का समझौता हुआ। 1982 में इंदिरा गांधी ने पटियाला के गांव कपूरी में टक लगाकर नहर का निर्माण शुरू करवाया। इसके विरोध में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने SYL की खुदाई के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। 1985 में राजीव-लोंगोवाल समझौता हुआ, जिसमें पंजाब नहर के निर्माण पर सहमति जताई गई। 1990 में 3 जुलाई SYL के निर्माण से जुड़े दो इंजीनियरों की भी हत्या कर दी गई। हरियाणा के तत्कालीन CM हुकम सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि निर्माण का काम BSF को सौंपा जाए।1996 में सुप्रीम कोर्ट ने 2002 को पंजाब को एक वर्ष में SYL नहर बनवाने के निर्देश दिए। 2015 में हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने का अनुरोध किया। 2016 में गठित 5 सदस्यों की संविधान पीठ ने पहली सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को बुलाया। 8 मार्च को दूसरी सुनवाई में पंजाब में 121 किमी लंबी नहर को पाटने का काम शुरू हो गया। 19 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश देते हुए नहर पाटने का काम रुकवा दिया। 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य नहर का निर्माण नहीं करते हैं तो कोर्ट खुद नहर का निर्माण कराएगा। 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए नोटिस जारी किया है। 4 जनवरी 2023- दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तीसरी बैठक हुई। जुलाई 2025- दिल्ली में ही चौथी बैठक हुई।5 अगस्त 2025 को SYL के हल लिए पांचवी बैठक हुई। नवंबर 2025- केंद्र आपसी समझौते से पीछे हटा, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मिलकर हल निकालने के लिए पत्र लिखा।
सलेरन बांध पर इको हट्स का उद्घाटन, पंजाब में पर्यावरण-पर्यटन को नई उड़ान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को सलेरन बांध पर पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियों का उद्घाटन करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर्यटन स्थलों का विकास करके रोजगार बढ़ा रही है
गणतंत्र दिवस 2026 पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (स्वर्ण, रजत और कांस्य) देने की घोषणा की गई है। पुलिसवालों के अलावा पंजाब के पूर्व डीआईजी इंदरजीत सिद्धू को भी सम्मानित किया जाएगा। पूर्व डीआईजी शहर में फैली गंदगी को उठाकर कूड़ेदान में गिराते थे। आईजी पुष्पेंद्र कुमार, वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, जिन्होंने 11 फरवरी 1992 को एएसआई के रूप में सेवा शुरू की थी, वर्तमान में थाना मलोया में एसएचओ के रूप में कार्यरत हैं। दोनों को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल सुरिंदर पाल को भी राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। इन्हें मिलेगा डीजीपी कमेंडेशन डिस्क आईपीएस अनुराग दारू आईपीएस जसबीर सिंह आईपीएस पी. अभिनंदन हरदित सिंह, सीपीएस (डीएसपी) हरजीत कौर, सीपीएस (डीएसपी) इंस्पेक्टर केहर सिंह इंस्पेक्टर दया राम सब-इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार एएसआई/एलआर भूपिंदर हेड कॉन्स्टेबल कमलेश कौर सीनियर कॉन्स्टेबल भूदेव कॉन्स्टेबल सुनीता कुमारी
गणतंत्र दिवस पर इस बार पंजाब की झांकी कर्तव्य पथ पर देखने को मिलेगी। केंद्र सरकार की समिति ने इसके लिए पंजाब की झांकी का चयन कर लिया है। वहीं, पंजाब के 18 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान तीन अधिकारियों विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक व 15 को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से सूची जारी कर दी गई है। इसके अलावा, इस बार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे। CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी। उन्होंने कहा कि, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शिक्षाएं पूरी दुनिया को मानवाधिकारों, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक आजादी के प्रति जागरूक करती हैं। इन महान विचारों से युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को परिचित करवाना समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य को लेकर हमारी सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। बता दें कि, 2024 में पंजाब की झांकी काे लेकर बड़ा विवाद हुआ था। उस समय झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद पंजाब की झांकी को पूरे पंजाब व दिल्ली में प्रदर्शित किया था। पंजाब सरकार ने साथ ही केंद्र सरकार पर हमला बोला था। यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची... होशियारपुर में ध्वज फहराएंगे सीएम मान पंजाब सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार सीएम होशियारपुर तो गवर्नर गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे। पहले उनका प्रोग्राम पटियाला में था। जिसे बदल दिया गया है। ऐसे में ऐट होम समारोह गवर्नर की तरफ से फाजिल्का में रखा गया है। जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी मंत्रियों की ड्यूटियां भी विभिन्न जिलों में लगाई गई हैं, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य भर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाए। सरकार की तरफ से जारी की गई सूची...
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पंजाब के किसान परिवार के बेटे को अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने साढ़े 30 लाख रुपए ऐंठ लिए। लेकिन बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। यहां भी उसे 3 महीने रखकर वापस भेज दिया। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खानपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरशरण सिंह (29) BA पास करने के बाद बेरोजगार था। उसके रिश्तेदार हरप्रीत सिंह ने उनको शाहाबाद के दपंती नवजोत सिंह और उसके पिता से मिलवाया। नवजोत सिंह ने खुद को रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंट बताया। अमेरिका में वर्क वीजा भेजना तय किया आरोपी नवजोत सिंह ने उसके बेटे गुरशरण को अमेरिका भेजने के लिए पहले 50 लाख रुपए मांगे। बात 45 लाख पर तय हुई। 16 जनवरी 2023 को नवजोत सिंह, उसकी पत्नी और गुरमीत सिंह उसके घर खानपुर आए और 5 लाख रुपए नकद के साथ पासपोर्ट, फोटो जैसे दस्तावेज ले गए। साढ़े 30 लाख रुपए ले गए आरोपी उसके बाद उसने आरोपियों के कहे अनुसार 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर, 17 मार्च को 4.5 लाख रुपए, 19 मार्च को 5 लाख रुपए और 18 अप्रैल को 15 लाख रुपए RTGS करने समेत कुल साढ़े 30 लाख रुपए दिए थे। पैसे लेकर आरोपी ने दावा किया कि उसने गुरशरण को अमेरिका में वर्क परमिट पर भेज दिया है। दुबई भेजकर पहला धोखा दिया आरोपी ने उसके बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। वहां से भी करीब 3 महीने बाद गुरशरण को घर वापस आना पड़ा। उसने आकर खुलासा किया आरोपी ने उसे दुबई में रखा था। उसने आरोपी से अपने सारे पैसे वापस मांगे, तो आरोपी धमकी देने लगा और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। कनाडा से अमेरिका गया गुरशरण उधर, आरोपी का दावा है कि गुरशरण उसका रिश्तेदार है। उसने उसे चंडीगढ़ के प्रदीप से मिलवाया था। गुरशरण ने प्रदीप के अकाउंट में साढ़े 20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। साल 2023 वह और गुरशरण दुबई गए। यहां उसकी टांग टूट गई और दोनों वापस आ गए। बाद में प्रदीप ने गुरशरण को कनाडा भेज दिया और वहां से गुरशरण अमेरिका चला गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पंजाब में वाघा बॉर्डर से सिर्फ 35 किमी दूर अजनाला नाम का एक छोटा सा शहर है। यहां गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इस कुएं को ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ के नाम से जाना जाता है। कुएं तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सीढ़ियों से उतरकर नीचे जाने पर कुआं नजर आने लगता है, पास में ही एक लोहे का बक्सा रखा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। आपको ये जानकर थोड़ा झटका लग सकता है कि ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। 2014 में पहली बार खुदाई में ये अवशेष निकले। प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार, राज्य सरकार सभी को लगातार चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन शहीदों के बचे-खुचे कंकाल और अवशेषों को अब तक लोहे का बक्सा ही हासिल हो पाया है। 168 से ज्यादा साल बीत चुके हैं। न तो किसी सरकार ने इन शहीदों का अंतिम संस्कार करवाने की पहल की। न इन अवशेषों को सम्मान के साथ किसी म्यूजियम में रखा गया। शर्म की बात ये है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले अंग्रेज अफसर फ्रेडरिक हेनरी कूपर के नाम पर अमृतसर में एक रोड है। क्रिस्टल चौक से रेलवे ब्रिज की तरफ जाने वाली इस रोड का नाम है- कूपर रोड। राज्य में कांग्रेस, अकाली-BJP और AAP की सरकार भी आ गई, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं मिली। केंद्र में मोदी सरकार को भी लेटर लिखे गए, लेकिन अभी तक ये शहीद सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, पहचान का इंतजार कर रहे हैं। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर इन शहीदों की कहानी याद करें… भारतीय सैनिकों का नरसंहार, जो इतिहास में खो गयाये कहानी सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स को कबाड़ में मिली एक किताब से शुरू हुई। 1857 में अमृतसर का डिप्टी कमिश्नर था फ्रेडरिक हेनरी कूपर। इसी फ्रेडरिक ने 1858 में ब्रिटेन में एक किताब लिखी थी, द क्राइसिस इन द पंजाब। (The Crisis in the Punjab From The 10th Of May Until the fall of Delhi) इस किताब को भारत में कोई नहीं जानता था। ये अमृतसर की मोती लाल नेहरू लाइब्रेरी में रखी थी। ये लाइब्रेरी अंग्रेजों के जमाने में बने टाउन हॉल में है, जो गोल्डन टेंपल से महज कुछ दूरी पर है। सौ साल से ज्यादा समय तक रखी इस किताब को 2003 में लाइब्रेरी में ही रद्दी के ढेर में फेंक दिया गया। इसी लाइब्रेरी में अमृतसर के सुरेंद्र कोछड़ जाया करते थे। उन्होंने ये किताब पढ़ने के लिए ले ली। किताब के पेज नंबर 151 पर चैप्टर-6 है। इसमें 1857 में मौजूद 26वीं नेटिव इन्फैन्ट्री बटालियन का जिक्र है। इस चैप्टर में मेजर स्पेंसर की हत्या और उस रेजिमेंट के टोटल डिस्ट्रक्शन की बात है। इसी चैप्टर में हेनरी कूपर ने अजनाला के सूखे कुएं में 282 सैनिकों को मारकर दफनाने का जिक्र किया है। यहीं से सुरेंद्र कोछड़ की खोज शुरू हुई। 11 साल तक ढूंढा, 2007 में कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बन गया थासुरेंद्र कोछड़ के मुताबिक, ‘किताब में लिखा था कि अजनाला थाने के पास कैंपिंग ग्राउंड है। पहले वहां एक छोटा कुआं था। इसमें 20-30 लोगों को ही फेंका जा सकता था। उससे करीब 100 मीटर दूर एक बड़ा सूखा कुआं मिल गया।' 'इसके बाद कूपर ने उसी कुएं में गोलियों से मारे गए सैनिक और भूख-प्यास से जिंदा, लेकिन अधमरे हो चुके सैनिकों को दफना दिया था। पहले तो ये लगा कि अगर ये सच होता तो पंजाब के अजनाला या अमृतसर में इसकी चर्चा जरूर होती। कई साल तक लगातार पड़ताल के बाद भी हमें ऐसे कुएं के बारे में जानकारी नहीं मिली।’ ‘कोई दस्तावेज नहीं मिल रहा था, कई साल गुजर गए। हमें 1928 में प्रयागराज से पब्लिश एक पत्रिका मिली। इस पत्रिका में अजनाला के रहने वाले बाबा जगत सिंह का इंटरव्यू छपा था। अजनाला हत्याकांड उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।’ ‘उनके हवाले से लिखा गया था कि 26 नंबर की पलटन के कुछ थके हुए सिपाही अमृतसर की एक तहसील अजनाला से 6 मील दूर रावी नदी के किनारे पड़े थे। ये वही सिपाही थे, जो 30 जुलाई की रात को लाहौर की छावनी से भागे थे। इन्हें शक के आधार पर पकड़ लिया गया। इसके बाद मार दिया गया। इस पत्रिका में कूपर की दरिंदगी का भी जिक्र था।’ सुरेंद्र आगे बताते हैं, ‘इसी के बाद मुझे इस कहानी पर यकीन हो गया। जिस कैंपिंग ग्राउंड में छोटे कुएं और उसके 100 मीटर की दूरी पर बड़े कुएं की बात हो रही थी। उसकी 1857 और 1957 यानी 100 साल बाद की भी फोटो मिल गई। 1857 की पहली फोटो में बंद कुएं के आसपास झाड़ियां नजर आ रही हैं। 1957 की फोटो में उस कुएं के आसपास ईंट की चारदीवारी बना दी गई थी। कुछ बच्चे और लोग खड़े थे। साल 2007 के आसपास उसी कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बना दिया गया था।’ पत्नी-बच्चों की कसम खाई तो खुदाई शुरू हुईसुरेंद्र ने कूपर की किताब तो पढ़ ली थी, लेकिन इस घटना की दूसरे ऐतिहासिक सोर्स से जांच-पड़ताल भी जरूरी थी। 11 साल तक वे अलग-अलग किताबों और जरियों से पड़ताल करते रहे। उन्हें भरोसा हो गया था, लेकिन कुएं की खुदाई कराने को कोई तैयार नहीं हो रहा था। गुरुद्वारा प्रशासन, स्थानीय लोग, राज्य सरकार सबको बताया, लेकिन कोई इस सच को मानने के लिए तैयार नहीं था। सुरेंद्र कोछड़ को कहना पड़ा कि अगर सिपाहियों के कंकाल न मिलें तो मुझे भी इसी कुएं में दफना देना। कंकालों के हाथ ऊपर की तरफ थे, मरने से पहले निकलना चाहते थेसुरेंद्र बताते हैं, ‘10 फीट के बाद लोग सवाल उठाने लगे थे, लेकिन थोड़ा ही नीचे पहला कंकाल नजर आ गया। वो कंकाल एक हाथ का हिस्सा था। कुएं में नीचे से ऊपर की तरफ। मानो मरने वाला कुएं से बाहर निकलने की आखिरी कोशिश में था, पर निकल न सका। उसी हालात में उस सैनिक की मौत हो गई होगी। इसके बाद एक-एक कर कंकाल निकलने लगे।’ सुरेंद्र ये बताते हुए इमोशनल हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘खुदाई के दौरान मिले दो सैनिकों के कंकाल को मैं कभी नहीं भूल सकता। एक सैनिक के कंकाल के जबड़े में कुछ दबा हुआ था। उसे खोला तो जबड़े में उंगली डाली हुई थी। उंगली में एक अंगूठी भी थी। वो अंगूठी किसी महिला की थी। सोने और हीरे की बनी हुई। शायद उसकी याद में मरते हुए सैनिक ने उसे मुंह में दबा लिया होगा। ऐसा लगता है कि या तो उस सैनिक की नई शादी हुई होगी या फिर सगाई होने वाली होगी। दूसरा कंकाल मुझे याद है, उसकी हाथ की मुट्ठी बंद थी। उस कंकाल की हथेली को खोला गया, तब उसमें 7 सिक्के मिले। उसने अपनी मेहनत की कमाई और परिवार की याद में सिक्के दबा रखे होंगे। इस उम्मीद में कि अगर कुएं से जिंदा निकल गए तो शायद परिवार को दे सकेंगे। दुख इस बात का है कि किसी ने भी इन सैनिकों की पहचान तक करने की कोशिश नहीं की।’ कूपर ने अपनी किताब में सैनिकों के कत्लेआम के बारे में क्या लिखा, पढ़िए कुएं से क्या-क्या मिलासुरेंद्र कोछड़ बताते हैं, ‘खुदाई के दौरान 282 लोगों के कंकाल मिले थे। इनमें जो काफी हद तक बेकार हो चुके थे, उन्हें तो हमने खुद हरिद्वार में जाकर जल प्रवाह करा दिया। कुछ कंकाल आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास हैं। बाकी जो दांत मिले थे, वो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में जांच के लिए रखे हैं।’ ‘इनके अलावा सैनिकों की काफी निशानियां मिली थीं, जैसे उस समय के चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठियां, हीरे की अंगूठी, सोने के कई सामान, हाथ के कड़े और कुछ मालाएं। ये सब हमने गुरुद्वारा कमेटी के पास ही रख दिए थे। ये निशानियां आज भी उनके पास ही रखी हैं। हम चाहते थे कि ये सामान भारत सरकार के पास रहे। इन्हें लोगों को दिखाने के लिए किसी म्यूजियम में रखा जाए।’ सैनिकों को गोली मारी, गोलियां खत्म हुईं तो पत्थरों से मार डालादैनिक भास्कर ने हेनरी कूपर की लिखी किताब 'क्राइसिस इन पंजाब' पढ़ी। सुरेंद्र कोछड़ के अलावा बरामद कंकालों की साइंटिफिक जांच करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से भी बात की। कंकालों की DNA जांच में जुटे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘10-10 लोगों के हाथ पीछे की तरफ बांधकर कैंपिंग ग्राउंड में ले गए। फिर उन्हें गोली मार दी गई। गोलियां कम पड़ गईं, तो उन्हें पत्थर की गोलियां मारी गईं। इसके सबूत हमें कंकालों की जांच में मिले हैं। हथियार के बट से सैनिकों के सिर के पीछे हमला किया गया, जिसके निशान उन खोपड़ियों पर मिले हैं।’ हेनरी कूपर की किताब और सुरेंद्र कोछड़ से बात कर हम भारतीय सैनिकों के साथ हुई दरिंदगी की 3 बड़ी निशानियों तक पहुंचे। पहली निशानी- अंग्रेजों के जमाने की पुरानी तहसीलअब इस तहसील के पास ही टेलीफोन एक्सचेंज का दफ्तर है। पुरानी तहसील इतनी जर्जर हालत में है कि यहां ताला लगा रहता है। हम उस ताले को खुलवाकर अंदर पहुंचे। आसपास की दीवारें जर्जर, दरवाजे टूटे-फूटे। किनारे-किनारे आसपास घने और लंबे पेड़। इन्हीं पेड़ों और जर्जर दीवारों के बीच में जर्जर गुंबदनुमा बुर्ज वाली छोटी कोठरी है। इसमें एक भी खिड़की नहीं है। लोहे के दो गेट हैं, जिन्हें तहसील के जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। अजनाला थाने में जगह कम पड़ गई तो इसी 7 फुट चौड़े और करीब 8-9 फुट लंबे गुंबद के आकार वाली कोठरी में 60-70 सैनिकों को रखा गया था। इन सैनिकों को पहले यहीं के पेड़ों पर फांसी देने की तैयारी थी। बारिश और लकड़ियों की कमी से सैनिकों को जिंदा ही सूखे कुएं में डाल दिया गया था। दूसरी बड़ी निशानी कैंपिंग ग्राउंडये जगह उस सूखे कुएं से 100 मीटर और अजनाला थाने से चंद कदम दूर है। पहले भी यहां सैनिकों की छावनी हुआ करती थी। आज भी छावनी है। गेट पर आर्मी के जवान तैनात मिले। इन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। न ही अंदर जाने दिया। बात करते हुए ये जरूर बताया कि यहां आने पर हमें पता चला कि अजनाला नरसंहार के दौरान अंग्रेजों ने इसी कैंपिंग ग्राउंड में 1857 के दौरान भारतीय सैनिकों को मारा था। इसी कैंपिंग ग्राउंड में थाने में बंद सैनिकों को 10-10 की संख्या में खड़ा करके गोली मारी गई थी। जब ये सैनिक मर गए तब उन्हें सूखे कुएं में फेंक दिया गया था। तीसरी निशानी सूखा कुआंहम इसी कैंपिंग ग्राउंड के किनारे-किनारे उस गुरुद्वारे तक पहुंचे, जहां सूखे कुएं में 282 सैनिकों को दफनाया गया था। उस कुएं तक पहुंचे तो वहां एक संदूक मिला। इसमें आज भी एक संदूक में उन गुमनाम सैनिकों की अस्थियां पड़ी मिलीं। इसके बाद अजनाला से करीब 10-11 किमी दूर रावी नदी तक पहुंचे। यहां सोफियां गांव से आगे रावी नदी से कुछ दूर पाकिस्तान शुरू हो जाता है। आखिर कब इन सैनिकों को सम्मान मिलेगा, अंतिम संस्कार होगाकुएं के पास ले जाकर सुरेंद्र हमें एक लोहे का बक्सा दिखाते हैं। ये एक सामान्य बक्सा है, जैसा घरों में सामान या कपड़े रखने के लिए इस्तेमाल होता है। वे इस बक्से का ढक्कन खोलते हैं और हाथ में एक इंसानी हड्डी लेकर हमें दिखाने लगते हैं। सुरेंद्र कोछड़ उदास होकर कहते हैं, ‘साल 2014 में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच गुरुद्वारे के नीचे खुदाई हुई थी। इसमें से 282 सैनिकों के कंकाल मिले। खुदाई के 12 साल बाद और दफन होने के 168 साल बाद भी इनके कंकाल आज भी उसी कुएं के पास 2 बाई 1 के एक संदूक में बंद हैं।' मैंने कई बार केंद्र और राज्य सरकार को जानकारी दी। सैनिकों के काफी अवशेष आज भी लैब में पड़े हैं। ये सैनिकों की सबसे बड़ी तौहीन है। इनके साथ ऐसा होगा इसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। न PMO ने सुनी न पंजाब सरकार ने, अभी जांच ही चल रहीऐसा भी नहीं है कि सरकारों को इस घटना की जानकारी नहीं है। दैनिक भास्कर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, सैनिकों के नाम और पहचान के लिए 16 मई 2022 को पीएमओ के ऑनलाइन पोर्टल पर डिमांड की गई थी। इसके तीन दिन बाद ही 18 मई को इसके लिए उस समय के अंडर सेक्रेटरी मुकुल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई थी। हमने उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे पहले, गृह मंत्रालय की तरफ से भी 26 मार्च 2014 को लेटर जारी हुआ था। ये लेटर ब्रिटेन भी भेजा गया था। अब तक ब्रिटेन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सैनिकों के कंकाल और निशानियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण को 2024 में लेटर लिखा गया था। हालांकि जवाब मिला कि ये स्थल संरक्षण योग्य नहीं है। सुरेंद्र कोछड़ ने 25 जुलाई 2025 को पंजाब के मुख्यमंत्री को एक लेटर लिखा था। इसका ज्ञापन अजनाला के एसडीएम रविंद्र सिंह अरोड़ा को भी दिया था। लेटर में सवाल किया गया था कि अजनाला से खुदाई में मिले अवशेषों को पंजाब सरकार कब्जे में क्यों नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेएस सहरावत को जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि हम लोग इस पर लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही साइंटिफिक तरीके से एक रिपोर्ट पब्लिश करेंगे। उस रिपोर्ट पर सहमति मिल जाएगी, तभी हम उस बारे में मीडिया को जानकारी दे सकेंगे। .................................स्टोरी का दूसरा पार्ट 26 जनवरी, सोमवार को पढ़िएयूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीदअजनाला के कुएं में मिले कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले प्रोफेसर और सैनिकों के संभावित परिवारों से बात की है। ये रिपोर्ट पढ़िए 26 जनवरी को...
बीवीएम के 3 खिलाड़ी 69वीं नेशनल हैंडबॉल में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे
लुधियाना| 69वें नेशनल लेवल हैंडबॉल टूर्नामेंट में भारतीय विद्या मंदिर, किचलू नगर के तीन खिलाड़ी पारस चड्ढा, चौधरी देवराज पंवार और यादित गोयल ने जगह बनाई है। इन तीनों खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय हैंडबॉल टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल करके अपने जिले का नाम रोशन किया। जिसमें 28 जिलों ने भाग लिया था। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें नेशनल गेम्स में जगह दिलाई और अब वह गांधी नगर गुजरात में 69वें नेशनल लेवल हैंडबॉल टूर्नामेंट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रिंसिपल रंजू मंगल ने खिलाड़ियों और उनके कोच रमनदीप शर्मा को बधाई दी।
झालावाड़ के झालरापाटन में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ रुपये की पंजाब निर्मित शराब जब्त की है। नाकाबंदी के दौरान जोधपुर निवासी तस्कर सज्जन सिंह को गिरफ्तार किया गया, जो ट्रक में 13,500 बोतलें भरकर गुजरात ले जा रहा था। एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक की शनिवार को गाजियाबाद में निहंगों ने पिटाई कर दी। वह निहंग विक्की थॉमस के साथ वीडियो में नजर आया। इस दौरान उसके साथ बैठे ही किसी निहंग ने उसे थप्पड़ जड़ा। इसके बाद कुल्ला करने वाला और उसका वीडियो बनाने वाला यानी दोनों युवक माफी भी मांगते हुए नजर आए। जिसके बाद युवक को गाजियाबाद पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। इस मामले में उसके खिलाफ गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में शिकायत हुई थी। गाजियाबाद पुलिस अब उसे अमृतसर पुलिस के हवाले करेगी। वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की तरफ से भी अमृतसर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। SGPC ने अपने स्तर पर गोल्डन टेंपल में युवक की जांच की तो पता चला कि वह बेअदबी की नीयत से ही यहां आया था। वह करीब 20 मिनट तक गोल्डन टेंपल में रहा लेकिन उसने माथा टेकने की कोशिश भी नहीं की। इससे पहले युवक ने 2 बार माफी मांगी लेकिन पहली बार हाथ जेब में और दूसरी बार सिर्फ एक बार हाथ जोड़ने के बाद सिख समुदाय ने उसके माफी मांगने के तरीके पर सवाल उठाए थे। वहीं इस मामले में कार्रवाई न करने पर SGPC की आलोचना हो रही थी। गोल्डन टेंपल में योग करने वाली गुजरात की अर्चना मकवाना जैसे इस युवक पर केस दर्ज न कराने से सवाल भी खड़े किए जा रहे थे। वहीं SGPC के कुछ कदम न उठाने के बाद निहंगों ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शिकायत दी थी। निहंगों ने पहले ही दी थी चेतावनीइस मामले में निहंगों का कहना था कि जिस तरह की हरकत युवक ने की, वह सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। निहंगों ने चेतावनी दी कि सिख समुदाय पर अक्सर कानून हाथ में लेने के आरोप लगाए जाते हैं, इसलिए वे सबसे पहले कानून के दायरे में रहकर पुलिस के पास आए हैं। वे चाहते हैं कि वह सार्वजनिक रूप से आकर सिख मर्यादा के अनुसार माफी मांगे वर्ना उनके पास युवक से जुड़ी पूरी जानकारी मौजूद है। युवक के कुल्ला करने, माफी मांगने का पूरा मामला पढ़ें.. पहले पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाईगोल्डन टेंपल में एक युवक के पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई गई। वीडियो को 'मुस्लिम शेर' लिखकर सोशल मीडिया पर डाला। कुल्ला करने वाले ने टोपी पहनी हुई थी। ये वीडियो सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच होगी। अगर यह ओरिजिनल है, तो फिर उस वक्त सेवादार कहां थे, इसकी जांच की जाएगी। हालांकि बाद में युवक ने माफी मांग ली। बता दें कि SGPC की तरफ से पहले ही धार्मिक भावनाओं को देखते हुए गोल्डन टेंपल परिसर में रील बनाने को लेकर रोक लगाई गई है। इसके लिए वहां सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है कि वे किसी को वहां इस तरह का आपत्तिजनक वीडियो न बनाने दें। मुंह में पानी भरा, सरोवर में थूका, गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली उठाईमुस्लिम युवक की रील वायरल हुई। जिसमें दिख रहा था कि वह गोल्डन टेंपल के सरोवर में पैर डालकर बैठा है और मुंह धो रहा है। इस दौरान वह 3 बार मुंह में पानी भरकर कुल्ला करता है और एक बार उस पानी को दोबारा सरोवर में ही थूक देता है। इसके बाद वह मुंह धोता है और फिर उंगली उठाते हुए गोल्डन टेंपल को भी दिखाता है। उसका एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह कह रहा था कि यहां सब पगड़ी वाले हैं। सिर्फ मैं टोपी पहनकर आया हूं लेकिन मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा। युवक की 2 बार माफी के बारे में पढ़िए... पहली बार माफी मांगते वक्त हाथ जेब में डाले हुए थेसरोवर में कुल्ला करने को लेकर विवाद हो गया। SGPC ने भी इस पर एतराज जताया। जिसके बाद सुब्हान रंगरीज ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। इसमें उसने कहा- भाइयों, मैं 3 दिन पहले श्री दरबार साहिब गया था। बचपन से मैं वहां जाना चाहता था। मुझे वहां की मर्यादा के बारे में नहीं पता था। मैंने सरोवर के पानी से वजू किया था, धोखे से मेरे मुंह से पानी निकलकर उसमें गिर गया। मैं सारे पंजाबी भाइयों से सॉरी बोलता हूं। मैं वहां आकर भी सॉरी बाेलूंगा। मैं पूरी सिख कम्युनिटी को सॉरी बोलता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। हालांकि इस दौरान उसके हाथ जेब में डाले हुए थे। दूसरी बार एक बार ही हाथ जोड़ाउसकी पहली माफी को सिख समुदाय ने सही नहीं माना। उनका कहना था कि युवक ने हाथ जेब में डाले हुए थे। इसके बाद युवक सुब्हान रंगरीज ने 17 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया। इसमें उसने कहा- जब मैं दरबार साहिब गया था, तब मुझसे एक बड़ी गलती हो गई। यह गलती भूलवश हुई थी। मुझे वहां की मर्यादा की पूरी जानकारी नहीं थी, नहीं तो मैं ऐसी गलती कभी नहीं करता। आप मुझे अपना बेटा समझकर, अपना भाई समझकर माफ कर दीजिए। इस दौरान उसने एक बार हाथ भी जोड़ा। वीडियो के ऊपर भी उसने सॉरी दिल से लिखा हुआ था।
मान सरकार की ऐतिहासिक पहल: गणतंत्र दिवस पर गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को समर्पित पंजाब की झांकी
Punjab on republic day 2026: 26 जनवरी 2026 की परेड में पंजाब की झांकी मानवता, आस्था और सिख मूल्यों का संदेश देने का काम करेगी. ये दिखाएगी कि भारत की ताकत त्याग, करुणा और एकता में है.
सरहिंद रेलवे स्टेशन की एक आउटर लाइन पर शुक्रवार रात करीब नौ बजे धमाका हुआ। देर रात करीब 11 बजे इसकी सूचना राजकीय रेलवे पुलिस को दी गई।
Punjab: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में अमृतसर-दिल्ली रेलवे लाइन पर धमाका हुआ है, जिससे ट्रैक को काफी नुकसान हुआ है. जानकारी के अनुसार, सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास खानपुर गांव में हुए इस विस्फोट में मालगाड़ियों के ट्रैक का 12 फीट हिस्सा उड़ गया. हालांकि विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई.
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों की सुनवाई के दौरान पुलिस के रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इसके चलते हाईकोर्ट ने मामले में चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस दोनों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। यह जवाब इस केस की अगली सुनवाई 30 जनवरी को दाखिल करना होगा। बार एसोसिएशन ने जो मांगपत्र चीफ जस्टिस को सौंपा है, उसमें पुलिस की सुस्त और देर से चल रही जांच पर चिंता जताई गई है। बार का कहना है कि यह सिर्फ कुछ वकीलों की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि इससे बार की साख और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी जुड़ा हुआ है। बार के सचिव गगनदीप जम्मू ने बताया कि जनरल हाउस बैठक में वकीलों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर फैसला लिया कि इन मामलों में अदालत के स्तर पर दखल की मांग की जाएगी। पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल बैठक में वकील कृष्ण कुमार गोयल की पत्नी की हत्या और उनके घर से सोना, चांदी और नकदी लूटे जाने के मामले पर गंभीर चिंता जताई गई। बार का कहना है कि आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन लूटा गया ज्यादातर सामान अब तक बरामद नहीं हुआ है। कृष्ण कुमार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने अब तक उनके घर से चोरी हुए सामान में से एक भी सामान आरोपियों से बरामद नहीं किया है। इसके अलावा, जसमीत सिंह भाटिया के घर में दिनदहाड़े हुई चोरी का मामला भी उठाया गया। बार ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को केस दर्ज होने और आरोपियों की पहचान होने के बावजूद, एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन न तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी का सामान मिला है। मोहाली में भी पुलिस की ढिलाई तीसरा मामला विशाल हांडा के मोहाली स्थित घर में हुई चोरी से जुड़ा है। इस घटना को करीब चार महीने हो चुके हैं। आरोपी की पहचान होने के बावजूद, मोहाली पुलिस अब तक न तो किसी को पकड़ सकी है और न ही चोरी का सामान बरामद कर पाई है। इन सभी मामलों को लेकर जनरल हाउस ने फैसला किया कि चीफ जस्टिस को लिखित रूप में पूरी जानकारी दी जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया है कि इन मामलों को गंभीरता से लेकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बार एसोसिएशन ने 27 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाकर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है।
रणजी ट्रॉफी के छठे राउंड के दूसरे दिन शुभमन गिल की कप्तानी वाली पंजाब टीम को सौराष्ट्र के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। टर्निंग पिच पर खेले गए इस मुकाबले में पंजाब दूसरी पारी में सिर्फ 125 रन पर सिमट गई। पहली पारी की बढ़त के दम पर सौराष्ट्र ने 194 रन से मैच जीत लिया और दो दिन के भीतर ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। उधर, मुंबई के लिए सरफराज खान ने दोहरा शतक लगा दिया। उन्होंने 227 रन की जबरदस्त पारी खेलते हुए हैदराबाद के खिलाफ मुंबई को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। सरफराज ने पारी में 19 चौके और 9 सिक्स भी लगा दिए। गिल फिर सस्ते में आउट सौराष्ट्र ने पंजाब के खिलाफ दो दिन में मुकाबला खत्म किया। दूसरी पारी में पार्थ भुट और धर्मेंद्रसिंह जडेजा ने पांच-पांच विकेट लिए। सौराष्ट्र ने पहली पारी में 33 रन की बढ़त लेने के बाद दूसरी पारी में 286 रन बनाए, जबकि स्कोर 75/5 तक गिर चुका था। 319 रन का लक्ष्य पंजाब के लिए टर्नर पर असंभव साबित हुआ और टीम 125 पर सिमट गई। शुभमन गिल का यह मैच खराब रहा और उन्होंने 0 व 14 रन बनाए। झारखंड ने 561 रन बनाए अन्य मुकाबलों में झारखंड ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ पहली पारी में 561 रन बनाकर दबदबा बना लिया। बंगाल ने सर्विसेज के सामने 519 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। मध्य प्रदेश के खिलाफ कर्नाटक की टीम संघर्ष करती नजर आई, जबकि छत्तीसगढ़ ने दिल्ली के खिलाफ खुद को मजबूत स्थिति में पहुंचा लिया है। ओडिशा के खिलाफ तमिलनाडु ने भी मैच पर मजबूत पकड़ बना ली है। बेहतरीन गेंदबाजी के बाद तमिलनाडु ने स्टंप्स तक कुल 164 रन की बढ़त हासिल कर ली, जिससे उसकी जीत की राह आसान होती दिख रही है। विदर्भ से यश का शतक विदर्भ के यश राठौड़ के शतक से टीम ने 45/4 से उबरते हुए आंध्र के खिलाफ 295 रन बनाए। राठौड़ ने 115 रन की पारी खेली, जबकि निचले क्रम में दर्शन नालकंडे (36) और नचिकेत भुटे के योगदान से विदर्भ को पहली पारी में 75 रन की बढ़त मिली। सरफराज खान का दोहरा शतक मुंबई के लिए सरफराज खान ने 227 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 19 चौके और 9 छक्के शामिल रहे। यह पारी लगभग रन-ए-बॉल से भी तेज रही। सिद्धेश लाड ने शतक लगाया, जबकि सुवेद पारकर ने 75 रन जोड़े। जवाब में हैदराबाद की शुरुआत खराब रही, लेकिन गहलौत सिंह और कोडिमेला हिमतेजा ने पारी संभाली। चंडीगढ़ को बढ़त मनन वोहरा और अर्जुन आजाद के शतकों से चंडीगढ़ ने केरल के खिलाफ बड़ी बढ़त बना ली। पहली पारी में 277 रन की लीड लेने के बाद केरल को 257 रन और बनाने थे, लेकिन वह 21/2 पर फंस गया और पारी से हार का खतरा मंडराने लगा। ऋतुराज ने 66 रन बनाएऋतुराज गायकवाड के 111 गेंदों में 66 और सौरभ नवल के नाबाद 95 रनों से महाराष्ट्र ने गोवा के खिलाफ 97 रन की बढ़त हासिल कर ली, जबकि उसके दो विकेट शेष थे। आयुष पांडे और अग्रिम तिवारी के शतकों से छत्तीसगढ़ ने दिल्ली पर 135 रन की बढ़त बना ली। पहली पारी में दिल्ली 216 पर सिमट गई थी, जिसके जवाब में छत्तीसगढ़ 351/2 तक पहुंच गया। झारखंड ने शरणदीप सिंह (139) और कुमार कुशाग्र (102) के शतकों की मदद से 561/6 पर पारी घोषित की। चार अन्य अर्धशतक भी लगे। जवाब में उत्तर प्रदेश 32/3 पर लड़खड़ा गया। सोनू यादव के 5 विकेटतमिलनाडु के सोनू यादव ने 5/30 की शानदार गेंदबाजी कर ओडिशा के खिलाफ टीम को पहली पारी की अहम बढ़त दिलाई। ओडिशा 148 पर ढेर हो गई। तमिलनाडु दिन के अंत में दूसरी पारी में 26/1 रहा और कुल मिलाकर 164 रन आगे हो गया। बंगाल के लिए आकाश दीप और मोहम्मद शमी ने मिलकर पांच विकेट लिए, जिससे सर्विसेज की टीम फॉलोऑन के करीब पहुंच गई। कलाईनी में सर्विसेज 126/8 पर थी और अब भी 393 रन पीछे। कर्नाटक के 8 विकेट गिरेग्रुप-बी की टॉप टीम कर्नाटक, मध्य प्रदेश के 323 रन के जवाब में 168/8 बना पाई। सारांश जैन ने तीन विकेट लिए। मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल खाता नहीं खोल सके, जबकि करुण नायर 12 रन ही बना पाए। अनीश केवी ने नाबाद 80 रन बनाए। बड़ौदा 6 रन से जीता बड़ौदा ने नागालैंड को एक पारी और छह रन से हराया। बड़ौदा की ओर से ज्योत्स्निल सिंह, शिवालिक शर्मा, क्रुणाल पंड्या और महेश पिठिया ने अर्धशतक लगाए। नागालैंड दूसरी पारी में 141 पर ढेर हो गया। उत्तराखंड ने 128/6 से शानदार वापसी करते हुए 299/6 बनाए और त्रिपुरा पर 33 रन की बढ़त ली। जे सुचित (84)* और सौरभ रावत (80)* ने 171 रन की नाबाद साझेदारी कर मैच का रुख पलट दिया। प्रशांत वीर को चोट लगी लखनऊ में झारखंड ने पहली पारी में 561 रन बनाकर पारी घोषित की। जवाब में उत्तर प्रदेश की शुरुआत खराब रही और टीम 32 रन पर तीन विकेट खो बैठी। इसी मैच में उत्तर प्रदेश के प्रशांत वीर को कंधे में गंभीर चोट लगी, जिससे वह कम से कम तीन सप्ताह तक बाहर रहेंगे। उनकी जगह शिवम शर्मा को टीम में शामिल किया गया।
पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के बजट सत्र में शामिल होने को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि इस मामले में सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथॉरिटी) सात दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। गौरतलब है कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होना है। बता दें कि, इससे पहले जब हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई थी, उस समय एक जज ने स्वयं को इस केस से अलग कर लिया। इसके बाद आज फिर सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने सात दिनों में फैसला लेने के आदेश दिए थे। साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया। इससे पहले भी वह दो बार सेशन में जाने की याचिका लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिली थी। जेल से लिखा स्पीकर और गृहमंत्री को पत्र अमृतपाल सिंह ने अपने वकीलों के माध्यम से यह याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थी। एडवोकेट ईमान सिंह खारा ने बताया कि अमृतपाल सिंह की तरफ से 17 जनवरी को जेल से ही डीसी अमृतसर, होम सेक्रेटरी पंजाब, केंद्रीय गृहमंत्री और लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा गया है। जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उन्हें संसद के सेशन में शामिल होना है, क्योंकि वह अपने एमपी लैंड फंड का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। दूसरे, उनके इलाके में गंभीर बाढ़ आई हुई थी, जिसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है। इस मामले को भी उन्हें उठाना है। इसके अलावा बॉर्डर एरिया में नशे आदि की दिक्कत भी काफी है। ऐसे में उन्हें बजट सत्र में शामिल होने की मंजूरी दी जानी चाहिए। पिछली बार नहीं मिल पाई मंजूरी एडवोकेट ने बताया जब पिछली बार विंटर सेशन चल रहा था। उस समय जो याचिका लगाई गई थी। उस समय वकीलों की हड़ताल चल रही थी। जब केस की सुनवाई हुई थी, तो उसमें एक दिन ही दिन शेष रह गया था। ऐसे में हाईकोर्ट ने उन्हें दोबारा याचिका लगाने की अनुमति दी थी। जिसके चलते ही हमने यह याचिका लगाई है। याद रहे कि अमृतपाल ने जेल से ही इलेक्शन लड़ा था और चुनाव जीता था। जब से उन पन एनएसए लगा है। तब सह वह बाहर नहीं आ आ है।
पंजाब का जादूगर सम्राट शाका का जादुई शो उदयपुर में 23 जनवरी से शुरू होगा। इसमें कई हैरतअंगेज और नायाब करिश्मों से भरपूर मनोरंजन किया जाएगा। जादूगर शाका लड़की को तीन टुकड़ों में काटकर जोड़ेगा। जादूगर शाका ने बताया- जादू शो हिरणमगरी सेक्टर 4 के अटल सभागार में होगा। सात हजार से भी ज्यादा शो प्रस्तुत करने वाले जादूगर शाका ने बताया कि जादू एक कला है। तंत्र, मंत्र, भूत, प्रेत से इसका कोई नाता नहीं है। लोगों को अंधविश्वास से बचाना उनके जादुई मिशन का मुख्य उद्देश्य है। शो में दिखाएंगे ऐसे करतबसम्राट शाका ने बताया- उदयपुर में हजारों वर्ष पहले विलुप्त हो चुके डायनोसोर को मंच पर प्रकट कर दर्शकों को रोमांचित करना, लड़की को तीन टुकड़ों में काटकर जोड़ना, लड़की को हवा में उड़ाना, कागज पर हवा में तैरती लड़की, जापान के रहस्यमयी भूत, चलते पंखे से आर-पार होना, आईने से आर-पार होना आदि अनेक ऐसे करतब दिखाए जाएंगे। समन्वयक शबाना खान ने बताया- सभागार में रोजाना दो शो 4 बजे व 7 बजे दिखाए जाएंगे। शनिवार व रविवार को तीन शो होंगे। इनका समय 1 बजे, 4 बजे व 7 बजे रहेगा। स्कूल के बच्चों के लिए भी स्पेशल शो प्रदर्शित किए जाएंगे। हर शो 2 घंटे का होगा।
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव के लिए आज नामांकन होगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन का टाइम तय किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि अभी तक किसी भी पार्टी ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। नामांकन के लिए एक ही दिन मिलेगा। सोर्सेज के मुताबिक भाजपा काे टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस में फिर गठबंधन हो सकता है। हाल ही में AAP ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मिलाकर हंसते हुए फोटो पोस्ट कर सवाल खड़े किए थे। AAP को इस चुनाव में पार्षदों की दलबदली का शक है, इसलिए सभी 11 पार्षदों को रोपड़ के एक होटल में ले जाया गया है। उनके मोबाइल भी बंद करा दिए गए हैं। आज दोपहर के समय महज उन पार्षदों को ही लाया जाएगा, जिनकी तरफ से नामांकन या फिर प्रस्तावित पार्षदों को लाया जाएगा। चुनाव तक इन सभी को शहर से बाहर रखने की तैयारी है। वहीं कांग्रेस की तरफ से इस मामले में AAP से गठबंधन की उम्मीद है। इसको लेकर चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की लगातार पार्षदों से मीटिंग कर रहे हैं। एचएस लक्की ने साफ किया कि AAP से गठबंधन नहीं सिर्फ अंडरस्टैंडिंग होगी। इसमें मेयर पद AAP और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद कांग्रेस के खाते में जाएंगे। पहली बार मेयर का चुनाव हाथ खड़े कर होगा। अब तक सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होती थी। हालांकि हाथ हाउस में खड़े कराए जाएंगे या बंद कमरे में, इसको लेकर अभी स्थिति क्लियर नहीं है। निगम में मेयर चुनाव का गणित क्या?नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए कुल 35 पार्षदों और 1 सांसद की वोट मान्य होती है। मेयर बनाने के लिए 19 पार्षदों का समर्थन चाहिए। मौजूदा वक्त में भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। वहीं AAP के पास 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं जबकि सांसद भी कांग्रेस का है। ऐसे में अगर AAP और कांग्रेस साथ आए तो दोनों तरफ की वोटें 18-18 यानी बराबर हो जांएगी। इसी वजह से ये चुनाव दिलचस्प बना हुआ है। भाजपा कैसे बना सकती है मेयर, 3 सिनेरियो... 1. भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, अभी भी भाजपा विपक्षी दलों के पार्षदों से संपर्क कर रही है। अगर कोई पार्षद उनके साथ आता है तो भाजपा के वोट 19 और विपक्ष के 17 रह जाएंगे, ऐसे में भाजपा मेयर बना सकती है। 2. दूसरा सिनेरियो ये है कि अगर विपक्ष का कोई पार्षद वोटिंग के वक्त गैरहाजिर हो जाता है और भाजपा के सभी पार्षद वोटिंग करते हैं तो फिर इससे भी भाजपा का मेयर बन सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद भी भाजपा कब्जा सकती है। 3. कांग्रेस में खींचतान चल रही है। कांग्रेस के पास अभी 6 पार्षद बचे हैं। जिनमें सभी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। अगर उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाता तो वह बगावत कर सकते हैं। वह भाजपा के हक में वोटिंग कर सकते हैं या वोटिंग से गैरहाजिर भी रह सकते हैं। निगम में अब तक 4 मेयर कैसे बने? चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद चुनाव की टर्म 5 साल की होती है। हालांकि मेयर का चुनाव हर साल होता है। इस लिहाज से 5 साल में 5 मेयर बनते हैं। लेकिन पार्षद वही रहते हैं। निगम में कुल 35 पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को एक्स ऑफिशियो मेंबर माना जाता है। उन्हें मेयर चुनाव में वोटिंग का भी अधिकार होता है। पहले चुनाव गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट से होता था। जिसमें अक्सर क्रॉस-वोटिंग या विवाद होते हैं। इसलिए इस बार वोटिंग हाथ खड़े करवाकर होगी।
फाइनल में पंजाब की टीम से छत्तीसगढ़ को मिली हार
भास्कर न्यूज | बेमेतरा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 20 जनवरी तक रायपुर में राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में गतका 17 वर्ष आयु वर्ग खेल में छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल जेवरा विद्यालय की प्रियंका साहू ने शानदार प्रदर्शन कर फर्री सोंटी टीम इवेंट मे रजत पदक जीता है। प्रतियोगिता के पहले मैच में आंध्रा प्रदेश की टीम को 95-70 से क़्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को 115-85 से सेमीफाइनल में मजबूत तमिलनाडु की टीम 115 - 105 से हराकर फाइनल में पहुंची। फाइनल मे चंडीगढ की टीम से छत्तीसगढ़ की टीम रोमांचक मैच में 90 - 85 अंको से पराजित होकर रजत पदक जीतने में सफल रही। बेमेतरा की रोशनी यदु ने सिंगल सोंटी टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को रजत पदक तक पहुंचाया। इस प्रतियोगिता में प्रियंका साहू व रौशनी यदु को पदक जीतने पर बेमेतरा डीईओ जीआर चतुर्वेदी, सहायक संचालक एसपी कौशले, जेवरा स्कूल प्राचार्य मंगेश कुलकर्णी, सोमेश्वर देवांगन,बेमेतरा जिला गतका संघ अध्यक्ष जगजीत सिंह,सचिव अजय वर्मा, कोच नेहा वर्मा,दीपांकर मिर्जा, शाला प्रबंधन समिति जेवरा अध्यक्ष महेन्द्र पाटिल समेत अन्य लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ की टीम ने पहले मैच में आंध्रप्रदेश को 70-55 से मध्य प्रदेश को 55-50 से सेमीफाइनल में हराया। फाइनल में पंजाब की टीम से 95-80 से पराजित होकर रजत पदक जीतने में सफल रही। टीम के कोच व पीटीआई शिक्षक जेवरा मृत्युंजय शर्मा थे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का रहने वाला एक आर्मी जवान लापता हो गया है। वह छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर लौटने के लिए पंजाब रवाना हुआ था, लेकिन अपनी तैनाती स्थल तक नहीं पहुंचा। इस मामले में परिजनों सिहावा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, जवान का नाम सत्येंद्र शांडिल्य (30) है। जो कि ग्राम भीतररास का रहने वाला है। वह 21 दिसंबर अमृतसर एक्सप्रेस से अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए रवाना हुआ था। लेकिन 2-3 दिनों के बाद जवान निर्धारित समय पर जालंधर स्थित अपनी यूनिट में नहीं पहुंचा। इसके बाद सेना के अधिकारियों ने जवान के परिजनों को कॉल कर जानकारी दी कि जवान अभी तक यूनिट में नहीं पहुंचा। घबराए परिजन फौरन सिहावा थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवान के तलाश में जुट गई है। इस मामले में एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि जवान 21 दिसंबर को पंजाब के लिए रवाना हुआ था। लेकिन पनी तैनाती स्थल तक नहीं पहुंचा। परिजनों के रिपोर्ट पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उसकी लास्ट लोकेशन पंजाब में ट्रेस की गई है। हालांकि, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
पंजाब को गैंगस्टर मुक्त बनाने के उद्देश्य से पंजाब पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान ‘ऑपरेशन प्रहार’ लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कड़ी में अमृतसर देहाती क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 140 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी अमृतसर देहाती के एसएसपी सुहेल मीर ने मीडिया से बातचीत के दौरान दी। एसएसपी सुहेल मीर ने बताया कि पंजाब के डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों के तहत राज्यभर में 72 घंटे का विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत करीब 12 हजार पुलिस मुलाजिमों को मैदान में उतारा गया है, जिनमें लगभग 2 हजार पुलिसकर्मी गैंगस्टरों, उनके सहयोगियों और उनसे जुड़े नेटवर्क की गहन जांच में जुटे हुए हैं। गैंगस्टरों के हर नेटवर्क पर पुलिस की कड़ी नजर उन्होंने कहा कि अमृतसर देहाती क्षेत्र में इस ऑपरेशन को पूरी सख्ती और प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। गैंगस्टरों के हर नेटवर्क पर कड़ी नजर रखी जा रही है, चाहे वह लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले हों, पनाह देने वाले हों या फिर अन्य किसी भी तरह से अपराधियों की मदद करने वाले लोग हों। अलग-अलग गिरोहों से जुड़े 140 आरोपी दो दिन में गिरफ्तार एसएसपी ने बताया कि बीते दिन अमृतसर देहाती में अलग-अलग गैंगस्टर गिरोहों से जुड़े करीब 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो गैंगस्टरों को रहने की जगह, पैसे, मोबाइल सिम, वाहन या अन्य सुविधाएं मुहैया कराते थे। इसके अलावा, आज भी लगभग 50 अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जिनका किसी न किसी रूप में गैंगस्टर गतिविधियों से संबंध पाया गया है। एसएसपी सुहेल मीर ने स्पष्ट किया कि गैंगस्टर नेटवर्क कई स्तरों पर काम करते हैं, जिनमें मास्टरमाइंड, लॉजिस्टिक सपोर्ट देने वाले और शूटर शामिल होते हैं। पंजाब पुलिस इन सभी मॉड्यूल्स को पूरी तरह तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और ‘ऑपरेशन प्रहार’ आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।
श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल हनुमान मंदिर में महिलाओं ने किया हरिनाम संकीर्तन
अमृतसर| श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल श्री हनुमान मंदिर में मंगलवार को बावा लाल दयाल जी की जन्मोत्सव मनाया। मंदिर के चेयरमैन दविंदर भनोट और प्रधान पवन कुमार की अध्यक्षता में मनाए जन्मोत्सव दौरान सुबह 8 से 10 बजे तक हवन यज्ञ किया। जिसमें पंडित राकेश कुमार ने मंत्रोच्चारण करके बावा जी की प्रतिमा को दुग्ध स्नान कराए। इसके बाद पंडितों ने नवग्रह पूजन करके यज्ञशाला की पवित्र अग्नि में आहुतियां डलवाई। मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों ने मिलकर बावा जी का सुंदर शृंगार किया। 11 से 1 बजे तक मंदिर की महिला भजन मंडली ने संकीर्तन किया। जिसमें ‘बावा लाल जी तेरे दर तेरे भक्ता ने डेरे लाए ने’ समेत कई भजन गाए। इसी दौरान नारी शक्ति संकीर्तन मंडली की ओर से मंदिर कमेटी को जमीन खरीदने को 21 हजार रुपए की राशि दान दी। इसी दौरान मंदिर कमेटी ने सभी महिलाओं को सिरोपे डालकर सम्मानित किया। मंदिर कमेटी ने बावा जी की आरती उतारकर उन्हें फलों और मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद बांटा। बाद दोपहर कमेटी ने संगत के सहयोग से कड़ी चावल का लंगर लगाया जो रात तक चलता रहा। इस मौके पर रमेश कुमार, सुरिंदर कुमार, पलविंदर कुमार, सुशील कुमार, राकेश कुमार, सुभाष चंद्र, पंडित राकेश कुमार, रोहित भनोट समेत कई भक्त मौजूद रहे।
फतेहाबाद की रतिया शहर पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन के दिशा-निर्देशों के तहत की गई। थाना शहर रतिया की प्रभारी निरीक्षक पुष्पा सिहाग ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को हरजिंदर सिंह निवासी गांव मिराना, रतिया ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी काले रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (रजि. न. HR59D-2281, मॉडल 2017) सरकारी अस्पताल रतिया से चोरी हो गई थी। उन्होंने इंजन और चेसिस नंबर भी दिए थे। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा इस शिकायत के आधार पर, थाना शहर रतिया पुलिस ने 15 जनवरी 2026 को अपराध धारा 305 BNS के तहत मुकदमा संख्या 16 दर्ज किया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरविंदर सिंह निवासी गदरपत्ती, जिला मानसा और बावा सिंह उर्फ मुंगी निवासी नांगल कलां, जिला मानसा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है।पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि चोरी जैसी घटनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के तहत दंडित किया जाएगा।
सिरसा जिले में एक युवक से शादी करवाने के नाम पर गहने और नकदी की ठगी कर ली गई। सगाई के बाद दुल्हन बनी लड़की युवक के घर आकर रहने लगी। एक दिन वह अपनी फ्रेंड के साथ घर से जेवर एवं नकदी कीमती सामान लेकर रफू चक्कर हो गई। इसके बाद तीन से चार दिन तक वह घर नहीं लौटी। इससे परिवार का शक बढ़ गया, तो लड़की से फोन पर संपर्क किया और उसने आने से मना कर दिया। इसके बाद युवक ने अपने जानकारों से उसके बारे में पूछा] तो वे भी आनाकानी करने लगे और कहा कि उन्होंने अपनी फीस ले ली और सगाई कराने का काम था। अब वह आगे नहीं जानते। युवक लड़की के घर पर हिसार जा पहुंचा और वहां पर महिला दलाल मिली, जिसने लड़की को पालन-पोषण की बात कहकर अपने पास रखा हुआ था। वह भी आनाकानी करने लगी। युवक ने बिचौले से बात की, तो वह कहने लगा कि लड़की पंजाब में गई है, जल्द आ जाएगी। मगर वह कई दिनों तक नहीं लौटी, जिसके बाद युवक ने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत में युवक ने खैरेकां निवासी संजय, गोबिंद, हिसार से 12 क्वार्टर निवासी शिवानी व रेणू चौधरी पर आरोप लगाए हैं। अब पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए कैसे जाल में फंसाया युवक पुलिस को दी शिकायत में शहर के भादरा बाजार निवासी युवक ने बताया कि वह बिजली निगम पंजवाना में बतौर कांट्रेक्ट पर ड्राइवर है। उसके साथ ही सुनील बिश्नोई ड्राइवर है। सितंबर 2025 में सुनील बिश्नोई ने उसकी शादी करवाने बारे में बात की। उसके हां करने पर सुनील ने संजय व गोबिंद से संपर्क किया। दो-तीन दिनों बाद संजय व गोबिंद ने संपर्क करके बताया कि एक लड़की का रिश्ता करवाने की एवज में उनके द्वारा डेढ़ लाख रुपए लिए जाएंगे और लड़की व परिवार की जिम्मेवारी उनकी होगी। उसने हां भर दी। इसके बाद गोबिंद व संजय ने उसे हिसार के पड़ाव चौक स्थित मकान में उक्त शिवानी शर्मा से मिलवाया और शादी के लिए हां भरने के बाद वहीं पर सगाई करवा दी। डबवाली में पहले पकड़ा गया था गिरोह सिरसा के डबवाली में पहले भी पिछले साल फर्जी शादी कराने का गिरोह पकड़ा गया था। डबवाली के एक युवक की लड़की से शादी करवाई जा रही थी और डेढ़ से दो लाख रुपए ठग लिए थे। उसी वक्त पुलिस जा पहुंची और गिरोह का सरगना व महिला दलाल को काबू कर लिया गया था। शादी के बाद दुल्हनें घर से जेवर व नकदी लेकर फरार हो जाती थी।
पंजाब पुलिस की तरफ से नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए गहन आप्रेशन चलाया गया है। आदतन नशे की सप्लाई और तस्करी करने वाले अपराधियों को पुलिस ने एक साथ पकड़कर उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। यह वह अपराधी हैं जो पिछले समय पुलिस द्वारा पकड़े जाने के बाद जेल से जमानत पर बाहर आए थे और आते ही नशे की सप्लाई करने लगे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस ने सौ के करीब ऐसे अपराधियों को काबू किया है। इस संबंधी डायरेक्टर जरनल आफ पुलिस डीजीपी दोपहर के समय पत्रकारवार्ता कर जानकारी देंगे। बताया जा रहा है कि अकेले फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर समेत बार्डर एरिया से ही 50 के करीब अपराधियों को पकड़ा गया है।
‘कुड़ियां पंजाब दियां’ थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी शाम
भास्कर न्यूज |लुधियाना क्वींस क्लब ने नए साल की शुरुआत पारंपरिक पंजाबी विरसे को समर्पित कार्यक्रम ‘कुड़ियां पंजाब दियां’ के साथ की। कार्यक्रम की शुरुआत क्लब की सदस्याओं की सामूहिक प्रस्तुति से हुई, जिसमें ज्योति, अरविंदर, स्वीटी, नीना, राजी सहित अन्य सदस्यों ने बोलियां और टप्पे गाकर माहौल को पूरी तरह पंजाबी रंग में रंग दिया। पारंपरिक लोकगीतों की मधुर धुनों पर सभी ने ताल से ताल मिलाई और दर्शकों ने भी भरपूर सराहना की। इसके बाद जसपाल और लवलीन की युगल प्रस्तुति ने कार्यक्रम को और खास बना दिया। दोनों ने गीत ‘पंजाबी मुटियारा’ पर शानदार परफॉर्मेंस दी, जिसे सभी ने खूब पसंद किया। कार्यक्रम में लोहड़ी के अवसर पर तंबोला का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसके साथ ही मौके पर ही बुनाई प्रतियोगिता रखी गई, जिसमें महिलाओं ने अपनी कला और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। जैसे ही ढोल की थाप गूंजी, सभी सदस्य खुद को रोक नहीं पाईं और एक साथ नाचने लगीं। पूरा माहौल उल्लास और ऊर्जा से भर गया। कार्यक्रम के दौरान दलजीत भाटिया, अंजू ओबेरॉय और रीटा ओबेरॉय ने ‘सुंदर मुंदरिए’ गीत पर विशेष प्रस्तुति देकर लोहड़ी की परंपरा को जीवंत कर दिया। इस अवसर पर उपस्थित टीम मेंबर्स जैसमीन गिल, दलजीत भाटिया, अनु कपूर, सुरजीत ओबेरॉय, अंजू ओबेरॉय और रीटा ओबेरॉय ने सभी सदस्यों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम क्लब की एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का समापन खुशियों, तालियों और नए साल की शुभकामनाओं के साथ हुआ।
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

