आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (IKGPTU) और यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल (UBS) सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) पर एक इंटरेक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य विद्यार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को एमओयू के लाभों और बारीकियों से अवगत कराना था। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने कहा कि यह करार पंजाब के विद्यार्थियों को नए और प्रभावी अवसर प्रदान करेगा। राज्यसभा सदस्य और प्रख्यात पर्यावरणविद् संत बाबा बलबीर सिंह सींचेवाल सम्मानित अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। IKGPTU के कुलपति प्रो. (डॉ.) सुशील मित्तल ने कार्यक्रम का प्रतिनिधित्व किया। यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा और पंजाब स्टेट फूड कमीशन के चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने विशेष अतिथि के रूप में इस अकादमिक सत्र को संबोधित किया। पंजाब के मुख्यमंत्री के पूर्व ओएसडी मंजीत सिंह सिद्धू भी समारोह में मेहमान रहे। UBS सिडनी, ऑस्ट्रेलिया से हुआ समझौता यह एमओयू हाल ही में IKGPTU और UBS सिडनी, ऑस्ट्रेलिया के बीच हस्ताक्षरित हुआ है। इसे पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे लाभकारी कार्यों की श्रृंखला का एक हिस्सा माना जा रहा है। तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक विभाग, पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी इस एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। यह अकादमिक कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के श्री गुरु नानक देव जी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया, जिसमें यूनिवर्सिटी से संबद्ध विभिन्न कॉलेजों के चेयरमैन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल, फैकल्टी और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ शबद गायन और ज्ञान ज्योति प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू ने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया। इसके बाद, यूनिवर्सिटी के डीन इंटरनेशनल कोलेबोरेशन डॉ. आरपीएस बेदी ने करार के संदर्भ में विस्तृत जानकारी साझा की। यूनिवर्सल बिजनेस स्कूल के प्रेसिडेंट गैरी मल्होत्रा ने करार के तहत विद्यार्थी और फैकल्टी के अकादमिक आदान-प्रदान और इससे जुड़े नियमों की जानकारी दी। अकादमिक इंटरेक्शन सत्र में एमओयू की सकारात्मक और लाभकारी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। युवाओं का करियर बनाने में मददगार साबित होंगे एकेडमिक प्रोग्राम्स : संधवा इस दौरान विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि आज इस यूनिवर्सिटी के लाखों स्टूडेंट्स कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, जर्मनी, अमेरिका जैसे देशों में ऊंचे पदों पर बैठे हैं। 1995 तक पंजाब के स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग जैसे सब्जेक्ट्स की पढ़ाई के लिए देश के दूसरे राज्यों पर डिपेंड रहना पड़ता था और साल 1997 में बनी इस यूनिवर्सिटी ने आज ऐसा मोड़ लिया है कि अब बिहार, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, कश्मीर जैसे दूसरे राज्यों से भी हर साल हजारों स्टूडेंट्स इस यूनिवर्सिटी और इसके 200 काबिल कॉलेजों में पढ़ने आते हैं। यह एकेडमिक कॉ-ऑपरेशन एग्रीमेंट एकेडमिक क्रेडिट्स (अचीवमेंट नंबर्स) के ट्रांसफर के लिए एक फ्रेमवर्क बनाएगा, जो दोनों तरफ की सरकारों और दूसरे एलिजिबल इन्स्टीट्यूशन्स को मंजूर होगा। ये जॉइंट एकेडमिक प्रोग्राम्स काम के लिए किसी भी रिलेटेड फील्ड्स में अपना करियर शुरू करने में मददगार साबित होंगे। इसके अलावा, इसमें बैचलर डिग्री और मास्टर डिग्री दोनों की पढ़ाई की जा सकेगी। इस जॉइंट एजुकेशन प्रोग्राम के ज़रिए स्टूडेंट्स को रिसर्च वर्क, एकेडमिक प्रोग्राम वगैरह के लिए एक-दूसरे के इंस्टीट्यूशन में ट्रैवल करने और काम करने की आजादी मिलेगी। पंजाब के युवाओं के लिए इमोशनल कमिटमेंट : संत सींचेवाल सांसद संत बलवीर सिंह सींचेवाल ने कहा कि यह पंजाब के युवाओं के लिए एक इमोशनल कमिटमेंट है। पंजाब के हर स्टूडेंट की आँखों में एक सपना होता है। लेकिन कई के दिल में डर होता है, सपने के महंगे होने का डर, मौका मिलने या न मिलने का डर, पीछे छूट जाने या रास्ते से भटक जाने का डर। सरकार की ऐसी पहल डरों से छुटकारा दिलाने में बहुत असरदार साबित होगी! यह एग्रीमेंट हमारे स्टूडेंट्स को एक मज़बूत मैसेज भी देता है कि आप ग्लोबल स्टेज पर आगे हैं, सरकारें आपके साथ हैं, आपकी यूनिवर्सिटी आपके साथ है! अतिथि रहे चेयरमैन बाल मुकुंद शर्मा ने पंजाब की फ़ूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में जरूरत एवं अवसर पर बात रखी। कुलपति प्रो. डॉ. सुशील मित्तल ने कहा कि यह एग्रीमेंट उन स्टूडेंट्स के लिए भी फायदेमंद होगा जो मेरिटोरियस हैं, मतलब वे पढ़ाई कर रहे हैं और फॉरेन एजुकेशन में अपनी मेरिट के आधार पर स्कॉलरशिप भी चाहते हैं। यह एग्रीमेंट उन्हें मेरिट के आधार पर तुरंत एजुकेशन स्कॉलरशिप देगा। अंत में धन्यवाद का प्रस्ताव डीन अकादमिक प्रो. डॉ. यादविंदर सिंह बराड़ ने पढ़ा। मंच संचालन डिप्टी रजिस्ट्रार रजनीश शर्मा ने किया। इस अवसर पर डीन कालेज विकास डा.बलकार सिंह, डीन आर एंड डी डा.परवीन बांसल, डीन विद्यार्थी भलाई डा.सतबीर सिंह, कंट्रोलर परीक्षाएं डा.परमजीत सिंह, वित्त अधिकारी डा.सुखबीर वालिया एवं अन्य उपस्थित रहे।
हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं JJP नेता दुष्यंत चौटाला करनाल में आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन में उनके साथ JJP नेता दिग्विजय चौटाला भी मौजूद रहे। सम्मेलन के बाद मीडिया से बातचीत में दुष्यंत चौटाला ने एसवाईएल मुद्दे पर हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों की बैठक को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा के मुख्यमंत्री चाहते तो यह मामला 6 महीने पहले हुई बैठक में ही सुलझ सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आगामी पंजाब चुनाव को देखते हुए जानबूझकर इस मुद्दे को टाल रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर फैसला करने के आदेश दे रखे हैं, लेकिन दो साल बीतने के बाद भी कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। हरियाणा सरकार चाहे तो कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट भी दायर कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। इससे साफ है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री ही नहीं चाहते कि पंजाब के साथ एसवाईएल पर कोई अंतिम फैसला हो। यूजीसी गाइडलाइंस पर जताई गंभीर चिंता दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज देश में सबसे महत्वपूर्ण बहस यूजीसी की दो नई गाइडलाइंस को लेकर है। पहली गाइडलाइन वाइस चांसलर की नियुक्ति से जुड़ी है और दूसरी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के भीतर कमेटियां बनाकर मॉनिटरिंग करने से संबंधित है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कॉन्क्रेंट लिस्ट के विषय को कमजोर कर इसे केंद्र के कानून के रूप में लागू करना चाहती है, जो बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा कि अगर किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी की कमेटी कार्रवाई नहीं करती तो उसे यूजीसी से वंचित करने का प्रावधान रखा गया है। वहीं वाइस चांसलर की नियुक्ति पहले राज्य का विषय था, जिसे अब केंद्र की कमेटियों के अधीन लाया जा रहा है। इससे राज्यों के पास यह अधिकार ही नहीं बचेगा कि वे अपनी यूनिवर्सिटियों के वाइस चांसलर नियुक्त कर सकें। शिक्षित समाज से विरोध की अपील दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वह तब हैरान रह गए, जब उत्तर प्रदेश सरकार के एक सीटीएम ने यूजीसी गाइडलाइंस के विरोध में इस्तीफा दे दिया। अगर पढ़े-लिखे और शिक्षित लोग इसे खतरा मान रहे हैं तो सोचिए देश की 55 प्रतिशत आबादी, जो उच्च शिक्षा में है या आने वाली है, उसके लिए यह कितना बड़ा खतरा है। कर्ण चौटाला के बयान पर प्रतिक्रिया इनेलो नेता कर्ण चौटाला के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिन्हें जनता ने नकार दिया, उनके बारे में वह बात नहीं करना चाहते, दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जनता ने JJP को सिर्फ नकारा ही नहीं, बल्कि कई जगह पूचकारा और गले भी लगाया है। उन्होंने ऐलान किया कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए युवा योद्धा अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा और 13 मार्च को डॉ. अजय सिंह चौटाला के जन्मदिन पर प्रदेशभर का युवा एकजुट होगा। दिग्विजय चौटाला का यूजीसी और एसवाईएल पर तीखा बयान JJP नेता दिग्विजय चौटाला ने यूजीसी मुद्दे पर कहा कि केंद्र सरकार जनमानस की भावनाओं के साथ खेलना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो लोग इतिहास से नहीं सीखते, वे सुनहरा भविष्य नहीं देख सकते। उन्होंने युवाओं से कहा कि भाजपा से नहीं, बल्कि आरएसएस की सोच से लड़ने की जरूरत है। एसवाईएल मुद्दे पर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि भाजपा और केंद्र की राजनीति करने वाले लोग इस मुद्दे को कभी सुलझने नहीं देंगे। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही अपने-अपने राज्यों में राजनीतिक हितों को सुरक्षित रखना चाहते हैं। अगर वे हरियाणा में एसवाईएल की बात करेंगे तो पंजाब में इसका नुकसान झेलना पड़ेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि एसवाईएल की लड़ाई सिर्फ JJP ही लड़ेगी। इनेलो पर दिग्विजय चौटाला का तंज इनेलो नेता कर्ण चौटाला के बयान पर दिग्विजय चौटाला ने तंज कसते हुए कहा कि एक कहावत है- चीन नहीं तो कोचिन ही सही। उन्होंने कहा कि इनेलो के युवा सम्मेलनों में 90 प्रतिशत भीड़ बुजुर्गों की होती है। उन्होंने कर्ण चौटाला को नसीहत दी कि पहले अपनी पार्टी में युवाओं के लिए लड़ाई लड़ें। उन्होंने सौरव गांगुली का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे गांगुली अपने करियर का आखिरी मैच खेलने के लिए बीसीसीआई से मिन्नतें करते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुना, वैसा ही हाल मेरे चाचा और उनकी पार्टी का है। उन्होंने कहा कि इनेलो के पास न कोई विजन है, न सोच और न ही कोई प्रगतिशील एजेंडा, सिर्फ डराने और धमकाने की राजनीति बची है।
Punjab SYL Canal Dispute: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने SYL नहर विवाद को लेकर चर्चा की.
सिरसा में दो महिला और युवक के जरिए नशा सप्लाई करने वाली मुख्य सप्लायर आरोपी महिला को पुलिस पंजाब से गिरफ्तार कर लेकर आई है। आरोपी महिला मनप्रीत उर्फ प्रवीण कौर पंजाब के फाजिल्का के घुबाया की रहने वाली है। उसके तार सिरसा के कंगनुपर रोड एरिया निवासी संदीप सिंह, उसकी पत्नी राजदीप कौर व महिला सुमनदीप कौर से जुड़े थे। सुमनदीप कौर पंजाब के अबोहर की रहने वाली है। ऐसे में कई दिनों से आपस में चारों का संपर्क था। अब पुलिस ने आरोपी महिला सप्लायर मनप्रीत को कोर्ट में पेश कर जेल में भेज दिया है। अभी पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस के अनुसार, संदीप और उसकी पत्नी राजदीप व सुमनदीप तीनों ही नशे के आदी है। युवक ने पत्नी को नशे की लत लगाई युवक ने पहले अपनी पत्नी को भी नशे देना शुरू किया और उसे नशे की लत लगा दी। फिर नशे की आपूर्ति व पैसे के लिए दोनों पति-पत्नी मिलकर नशा बेचने लगे, ताकि पुलिस को शक न हो। कई दिन तक नशा बेचते रहे, पर आखिर में दोनों पकड़े गए। शहर थाना पुलिस ने 9 ग्राम 74 मिलीग्राम हेरोइन बरामदगी मामले में महिला सप्लायर मनप्रीत को पंजाब के फाजिल्का क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ थाना शहर सिरसा में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। गौरतलब है कि बीती 23 जनवरी को सीआईए सिरसा की एक पुलिस टीम ने गश्त के दौरान रेलवे फाटक कंगनपुर क्षेत्र में स्कूटी सवार संदीप सिंह व उसकी पत्नी राजदीप कौर व एक अन्य महिला सुमनदीप कौर को चेकिंग के दौरान पकड़ा। और इनके कब्जे से 9 ग्राम 74 मिलीग्राम हेरोइन बरामद की। पुलिस पूछताछ में तीनों ने बताया कि यह हेरोइन फाजिल्का निवासी मनप्रीत उर्फ प्रवीण कौर से लेकर आए थे।
एक फरवरी को पंजाब आएंगे पीएम मोदी:डेरा सचखंड बल्ला जाकर माथा टेकेंगे, शाम को चार बजे के बाद जाएंगे
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर आ रहे है। वह एक फरवरी को श्री गुरु रविदास जयंती के मौके जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्ला में जाकर माथा टेकेंगे। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि शाम को चार बजे के बाद वह पंजाब पहुंचे।
जालंधर प्रशासन द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए 27 से 29 जनवरी 2026 तक 'पंजाब सखी शक्ति मेला' का आयोजन किया जा रहा है। रेड क्रॉस भवन में आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय मेले में स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा तैयार हस्तशिल्प और शुद्ध खाद्य पदार्थों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिसका उद्देश्य स्थानीय महिलाओं को उनके उत्पादों की बिक्री के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करना है। जालंधर के जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए एक विशेष पहल की है। जिला प्रशासन द्वारा 27 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक 'पंजाब सखी शक्ति मेला-2026' का आयोजन किया जा रहा है। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) नवदीप कौर ने बताया कि यह तीन दिवसीय मेला आजीविका मिशन के तहत जिला उद्योग केंद्र के सहयोग से लगाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार मुहैया करवाना है। मेले का स्थान और समय यह मेला जालंधर के लाजपत नगर स्थित स्थानीय रेड क्रॉस भवन में आयोजित किया जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में शहरवासी सुबह से शाम तक खरीदारी और मनोरंजन का आनंद ले सकेंगे। मेले में क्या होगा खास मेले में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल होंगे। मनोरंजन और फूड स्टॉल खरीदारी के साथ-साथ मेले में खाने-पीने का भी विशेष व्यवस्था की जाएंगी। यहां लाइव फूड स्टॉल लगाए जाएंगे जहां लोग लजीज व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। बच्चों के मनोरंजन के लिए मैजिक शो और झूले लगाए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मेले की रौनक बढ़ाने के लिए विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए जाएंगे। अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर नवदीप कौर ने जालंधर वासियों से अपील की है कि वे अपने परिवारों के साथ इस मेले में बढ़-चढ़कर पहुंचें और महिला उद्यमियों का उत्साह बढ़ाएं।
Who is Ranjeet Singh Neeta: रंजीत सिंहनीता को KZF मॉड्यूल का मास्टरमाइंड भी बताया गया था, जिसके सदस्यों को दिसंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था. यह मॉड्यूल पंजाब में आतंकवादी हमले करने की योजना बना रहा था.
यमुनानगर में सहारनपुर हाईवे पर कलानौर पुलिस चौकी के पास आज सुबह मटर से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क पर पलट गया। हादसे में सड़क किनारे खड़ी एक पुलिसकर्मी की निजी कार और बाइक क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि दो बैरिकेड भी टूट गए। ट्रक पलटते ही उसमें लदे मटर सड़क पर बिखर गए, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। हादसे की सूचना मिलते ही कलानौर पुलिस चौकी से टीम मौके पर पहुंची और तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक व मटर के कट्टों को सड़क से हटवाया। पुलिस की तत्परता से कुछ ही देर में मार्ग को पूरी तरह साफ कर यातायात बहाल कर दिया गया। पंजाब से यूपी जा रहा था ट्रक जानकारी के अनुसार ट्रक यमुनानगर नंबर का था, जिसमें मटर लोड कर पंजाब से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ले जाया जा रहा था। सुबह करीब सात बजे जब ट्रक कलानौर पुलिस चौकी के पास पहुंचा तो अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सड़क किनारे पलट गया। गनीमत रही कि हादसे के समय आसपास कोई राहगीर मौजूद नहीं था और ट्रक चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा। दोपहर के समय सड़क पर गिरे मटर को इकट्ठा कर दूसरे ट्रक में लोड किया गया, जिसके बाद माल को उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया। काफी मटर खराब भी हो गया। बेकाबू होने के कारण हुआ हादसा कलानौर पुलिस चौकी के इंचार्ज राजीव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसा ट्रक के बेकाबू होने के कारण हुआ है। चालक के अनुसार अचानक संतुलन बिगड़ने से ट्रक साइड में चला गया और पलट गया। हादसे में किसी को चोट नहीं आई है। मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि कलानौर पुलिस चौकी के पास बीते एक माह में यह दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले भी तेज रफ्तार ट्रक ने नेशनल हाईवे-344 पर बने डिवाइडर पर चढ़कर पुलिस नाके की लोहे की पोस्ट को टक्कर मार दी थी। उस हादसे में पुलिस पोस्ट पर लगा सरकारी सीसीटीवी कैमरा, पांच स्ट्रीट लाइटें और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए थे, जबकि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे थे।
सिरसा जिला साइबर क्राइम थाना की विशेष टीम ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर श्याम सुंदर ने बताया कि दोनों आरोपियों को पंजाब के अबोहर क्षेत्र से काबू किया गया है। यह मामला रानियां थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति से करीब 12 लाख 22 हजार 165 रुपए की ठगी से जुड़ा है। आरोपियों ने पीड़ित को शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगा था। टेलीग्राम ऐप के जरिए दिया गया झांसा पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 11 अक्टूबर 2025 को उसे एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने उसे टेलीग्राम ऐप से जुड़ने और शेयर मार्केट में निवेश कर मुनाफा कमाने का सुझाव दिया। शुरुआत में साइबर अपराधियों ने पीड़ित के निवेश पर दोगुना मुनाफा दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद पीड़ित ने कुल 12 लाख रुपए से अधिक की राशि निवेश कर दी। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो लिंक बंद मिला और वह ठगी का शिकार हो गया। पहले भी तीन आरोपी गिरफ्तार पीड़ित की शिकायत पर 12 अक्टूबर 2025 को साइबर थाना सिरसा में मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही तीन आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार किया था। अब दो और आरोपियों — लवजोत सिंह निवासी सिड्स फार्म कच्चा अबोहर, जिला फाजिल्का (पंजाब) और प्रिंस निवासी तनेजा कॉलोनी पीर नगर, फाजिल्का (पंजाब) — को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति इस ठगी नेटवर्क में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फाजिल्का के शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया गया। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने ध्वज फहराया। इससे पहले गुलाब चंद कटारिया भारत- पाकिस्तान सरहद के नजदीक आसफवाला में बनी 1965-71 के युद्ध में शहीदों की समाधि पर पहुंचे और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद फाजिल्का में राज्य स्तरीय समारोह में पहुंचे। इस दौरान राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि 8 फरवरी से फाजिल्का से वह नशे के खिलाफ पदयात्रा की शुरुआत करेंगे । गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि आज उन्हें फाजिल्का में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। यहां की धरती ने शहीदों का आंचल अपने हृदय में छिपाया हुआ है। यही वजह वह राज्य स्तरीय समारोह में शामिल होने से पहले वह फाजिल्का के भारत- पाक सरहद के नजदीक आसफवाला में 1965-71 की भारत पाक युद्ध में शहीद जवानों के समाधि स्थल पर पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। पंजाब की धरती सुरक्षा की रीढ: राज्यपाल राज्यपाल ने कहा कि पंजाब की धरती देश की सुरक्षा की रीढ़ है। सीमाओं की रक्षा से लेकर राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में अनुकरणीय भूमिका निभाई है। हाल ही में पंजाब में आई बाढ़ के दौरान पंजाब के लोगों की साहस और शक्ति देखने को मिली है। सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के लोगों ने साबित कर दिया कि वह हर पल पंजाब के लिए डटकर खड़े है। राज्यपाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की शुरुआत की गई है, जिसमें 10 लाख रुपए तक बीमा आम लोगों को स्वास्थ्य के लिए मिलेगा। राज्य में कुल 356 हाईटेक एम्बुलेंस तैनात है। राज्यपाल ने रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से जिला प्रशासन को एम्बुलेंस देने की घोषणा की। राज्यपाल ने कहा कि पंजाब के घरों को फ्री बिजली मिली रही है। जिससे प्रति परिवार को प्रति वर्ष 25000 रुपए का लाभ हो रहा है। पंजाब में आई शिक्षा की क्रांति: गुलाबचंद उन्होंने कहा कि पंजाब में शिक्षा क्रांति लाई गई है। सिंगापुर जैसे देशों में शिक्षकों को भेजा गया। बेटियों की शिक्षा में कोई बाधा न आए इसके लिए ट्रांसपोर्ट व्यवस्था दी जा रही है। जिससे करीब 10 हजार बच्चियों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के ज्ञान के लिए महत्वपूर्ण केंद्र लाइब्रेरी खोली है। नहरी पाने की उपलब्धता 21 प्रतिशत से बढ़ाकर 72 प्रतिशत तक कर दी गई है।
गणतंत्र दिवस पर सोमवार को कर्तव्य पथ पर होने वाली 90 मिनट की परेड में पंजाब की झांकी भी दिखेगी। यह झांकी केवल कला का नमूना ही नहीं है, बल्कि मानवता, बलिदान और सिख सिद्धांतों का संदेश दे रही है। झांकी गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित है। सीएम भगवंत मान ने झांकी को परेड में शामिल किए जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे देश-विदेश में बैठे लोगों को गुरु साहिब के जीवन के बारे में जानने का मौका मिलेगा। झांकी में दिखेगी शहादत की कहानी इस मौके पर पंजाब सरकार के सीनियर अधिकारी रनदीप सिंह आहलूवालिया ने बताया कि यह झांकी गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस को समर्पित है। उन्होंने बताया कि झांकी में भाई मति दास, भाई सति दास और भाई दियाल जी के अद्वितीय बलिदान को दिखाया जाएगा। झांकी दो भागों में है। ट्रैक्टर पार्ट पर जो हाथ दिखाया गया है, वह धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित करने का प्रतीक है, जैसे गुरु साहिब ने दूसरे धर्मों की धार्मिक आज़ादी को सुनिश्चित किया। जबकि पीछे खंडा साहिब है। इसके साथ गुरुद्वारा शीश गंज साहिब का मॉडल है, जहां गुरु तेग बहादुर ने मानवता के लिए अपनी शहादत दी। झांकी के साइड पैनलों पर भाई मति दास, भाई सती दास और भाई दियाल जी की शहादत को दिखाया गया है। 2024 में झांकी को लेकर हुआ था विवाद इस बार पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर का 350वां शहीदी दिवस मनाया था। इस दौरान श्री आनंदपुर साहिब में एक दिन के लिए विधानसभा का आयोजन किया गया था। वर्ष 2024 में जब कर्तव्य पथ की परेड में पंजाब की झांकी को शामिल नहीं किया गया था, उस समय काफी बवाल हुआ था। पंजाब सरकार ने इस मुद्दे को पंजाब के साथ भेदभाव का मामला बताया था, क्योंकि यह झांकी शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और चंद्रशेखर आज़ाद पर आधारित थी। उस समय दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार थी। ऐसे में पंजाब सरकार ने उक्त झांकी को दिल्ली और पंजाब के सभी शहरों और गांवों में प्रदर्शित किया था। इसमें पंजाब सरकार के सभी मंत्री गांव-गांव और शहरों में गए थे। उसके बाद से लगातार पंजाब की झांकी शामिल हो रही है। हालांकि केंद्र सरकार ने उस समय साफ किया था कि झांकी चयन के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जिसने यह तय किया है। कमेटी के मानकों के मुताबिक झांकी को तैयार नहीं किया गया था। तीन बार झांकी को मिल चुका है अवॉर्ड पंजाब की झांकी को तीन बार अवॉर्ड मिल चुका है। अप्रैल 2019 में हुए जलियांवाला हत्याकांड की शताब्दी वर्षगांठ के अवसर पर एक विनम्र श्रद्धांजलि को समर्पित झांकी को 2019 में तीसरा अवॉर्ड मिला था।यह पुरस्कार नई दिल्ली में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रदान किया गया। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्कालीन सचिव गुरकीरत कृपाल सिंह ने निदेशक अनींदिता मित्रा के साथ इसे ग्रहण किया थी। विभाग को 1967 और 1982 में भी तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।
सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर पंजाब के साथ होने वाली मीटिंग से पहले हरियाणा सीएम नायब सैनी ने आज मीटिंग बुलाई है। इस मीटिंग में सीनियर ऑफिसर शामिल होंगे। इसमें एसवाईएल से जुड़े हर पहलू पर चर्चा की जाएगी। दरअसल, हरियाणा और पंजाब की चंडीगढ़ में 27 जनवरी (मंगलवार) को हरियाणा निवास में एसवाईएल को लेकर मीटिंग होनी है, इस मीटिंग में मुख्यमंत्री नायब सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के सहित दोनों सरकारों के सीनियर अफसर भी शामिल होने वाले हैं। इससे पहले भी SYL नहर विवाद को सुलझाने के लिए जुलाई, अगस्त और नवंबर 2025 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में दिल्ली में बैठकें हो चुकी हैं। इन दोनों बैठकों में कोई हल निकला था, जिसके बाद अब इस साल की एसवाईएल को लेकर ये पहली बैठक बुलाई गई है। केंद्र कर चुका है किनारा नवंबर में हुई बैठक में सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद पर केंद्र सरकार मध्यस्थता से पीछे हटते हुए दिखाई दे रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र ने अपनी अगुआई में पंजाब और हरियाणा के बीच पांच दौर की द्विपक्षीय बैठकें करवाई, लेकिन किसी में भी ठोस नतीजा नहीं निकला है। इससे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर कहा है कि दोनों राज्य एसवाईएल नहर पर आपसी बातचीत कर समाधान खोजें। पत्र में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार दोनों राज्यों को आवश्यक सहयोग देगी। मंत्रालय ने बताया कि 5 अगस्त 2025 को हुई बैठक में दोनों राज्यों ने सकारात्मक भावना से आगे बढ़ने पर सहमति जताई थी, इसलिए अब दोनों को अपनी प्रस्तावित योजनाओं पर बातचीत करनी चाहिए। उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में नदी पानी के सभी मुद्दे टाले 17 नवंबर को फरीदाबाद में हुई उत्तरी जोनल काउंसिल की बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी पानी से जुड़े सभी मुद्दों को फिलहाल के लिए मुल्तवी कर दिया। इससे पहले चंडीगढ़ को राष्ट्रपति के सीधे नियंत्रण में लाने के प्रस्ताव का पंजाब में तीखा विरोध हो चुका है, जिसके बाद केंद्र को कदम पीछे खींचने पड़े थे। पंजाब पहले ही कह चुका कि, 'देने को एक बूंद पानी नहीं'वहीं जानकारों का कहना है कि अब जब केंद्र मध्यस्थता से हट गया है, तो पंजाब किसी भी सूरत में खुद बातचीत शुरू नहीं करेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ कर चुके हैं कि पंजाब के पास देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है, इसलिए एसवाईएल नहर निर्माण का सवाल ही पैदा नहीं होता। 214 किमी. में से 122 किमी. पंजाब का हिस्सा अटका कुल 214 किमी लंबी एसवाईएल नहर में से पंजाब का 122 किमी हिस्सा अभी भी बिना निर्माण के पड़ा है।जनवरी 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब को पानी समझौते के मुताबिक नहर बनाने के लिए कहा था।हरियाणा नहर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर चुका है।8 अगस्त को इस मामले की आखिरी सुनवाई हुई थी। अगली तारीख तय नहीं है। मुख्यमंत्रियों की 5 बैठकें, मगर नहीं निकला कोई भी हल पहली बैठक: 18 अगस्त 2020 दूसरी बैठक: 14 अक्टूबर 2022 (चंडीगढ़) तीसरी बैठक: 4 जनवरी 2023 (दिल्ली) चौथी बैठक: जुलाई 2025 पांचवीं बैठक: 5 अगस्त 2025 में 1981 समझौता रद्द करने का विवाद भी जुड़ा 2004 में पंजाब के तत्कालीन CM कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा के जरिए 1981 के पानी समझौते को रद्द कर दिया था। 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को अमान्य करार दिया। इसके बाद से मामला लगातार अदालत और केंद्र-राज्य स्तर की बैठकों में अटका हुआ है। जानें क्या है SYL विवाद, कब कब क्या हुआ SYL नहर का पूरा विवाद पंजाब ने हरियाणा से 18 नवंबर,1976 को 1 करोड़ रुपए लिए और 1977 को SYL निर्माण मंजूरी दी। बाद में पंजाब ने SYL नहर के निर्माण को लेकर आनाकानी करनी शुरू कर दी। 1979 में हरियाणा ने SYL के निर्माण की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पंजाब ने 11 जुलाई, 1979 को पुनर्गठन एक्ट की धारा 78 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी। 1980 में पंजाब सरकार बर्खास्त होने के बाद 1981 में PM इंदिरा गांधी की मौजूदगी में दोनों राज्यों का समझौता हुआ। 1982 में इंदिरा गांधी ने पटियाला के गांव कपूरी में टक लगाकर नहर का निर्माण शुरू करवाया। इसके विरोध में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने SYL की खुदाई के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। 1985 में राजीव-लोंगोवाल समझौता हुआ, जिसमें पंजाब नहर के निर्माण पर सहमति जताई गई। 1990 में 3 जुलाई SYL के निर्माण से जुड़े दो इंजीनियरों की भी हत्या कर दी गई। हरियाणा के तत्कालीन CM हुकम सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि निर्माण का काम BSF को सौंपा जाए।1996 में सुप्रीम कोर्ट ने 2002 को पंजाब को एक वर्ष में SYL नहर बनवाने के निर्देश दिए। 2015 में हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट से सुनवाई के लिए संविधान पीठ बनाने का अनुरोध किया। 2016 में गठित 5 सदस्यों की संविधान पीठ ने पहली सुनवाई के दौरान सभी पक्षों को बुलाया। 8 मार्च को दूसरी सुनवाई में पंजाब में 121 किमी लंबी नहर को पाटने का काम शुरू हो गया। 19 मार्च तक सुप्रीम कोर्ट के यथास्थिति के आदेश देते हुए नहर पाटने का काम रुकवा दिया। 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्य नहर का निर्माण नहीं करते हैं तो कोर्ट खुद नहर का निर्माण कराएगा। 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए नोटिस जारी किया है। 4 जनवरी 2023- दिल्ली में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों की तीसरी बैठक हुई। जुलाई 2025- दिल्ली में ही चौथी बैठक हुई।5 अगस्त 2025 को SYL के हल लिए पांचवी बैठक हुई। नवंबर 2025- केंद्र आपसी समझौते से पीछे हटा, दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को मिलकर हल निकालने के लिए पत्र लिखा।
पंजाब में गणतंत्र दिवस पर स्टेट लेवल प्रोग्राम इस बार पाकिस्तान से लगते जिले फाजिल्का में होगा। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया वहां तिरंगा फहराएंगे और लोगों को सम्मानित करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में तिरंगा फहराएंगे। वहीं, जिलों में मंत्री तिरंगा फहराएंगे। इस बार दिल्ली के कर्तव्य पथ पर पंजाब की झांकी भी दिखाई जाएगी। यह झांकी गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी पर्व को समर्पित है। इस दौरान 24 पुलिस मुलाजिमों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के मौके पर पंजाब पुलिस के 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पदक व विशेष सेवा मेडल से सम्मानित किया जाएगा। जबकि, पंजाब-चंडीगढ़ की 4 बड़ी हस्तियों को पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इनमें क्रिकेटर हरमनदीप कौर, संत निरंजन दास और हॉकी कोच बलदेव सिंह व चंडीगढ़ की सड़कों को साफ करने वाले पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह का नाम शामिल है। जिन्हें सम्मान मिल रहा उनके बारे में जानिए... महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री भारत की मशहूर महिला क्रिकेटर और टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री देने का ऐलान किया गया है। इन्होंने वल्र्ड कप जीतने वाली टीम की अगुवाई की थी। वे पंजाब के मोगा जिले की रहने वाली हैं।हरमनप्रीत कौर को खेल के क्षेत्र में उनके बेहतरीन योगदान के लिए भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें महिला क्रिकेट को नई पहचान देने, टीम को कई ऐतिहासिक जीत दिलाने और युवाओं के लिए प्रेरणा बनने के लिए दिया गया। पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिद्धू को पद्म श्री 88 साल के पंजाब के पूर्व डीआईजी इंद्रजीत सिंह सिद्धू को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें पद्म पुरस्कार 2026 के तहत सामाजिक कार्य के क्षेत्र में दिया जाएगा। वे पंजाब पुलिस के रिटायर्ड डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हैं। वे चंडीगढ़ के सेक्टर 49 (IAS-IPS ऑफिसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटी) में रहते हैं। वहां पिछले 10 से ज्यादा वर्षों से वे सेनिटेशन कार्ट उधार लेकर हर दिन सुबह 6 बजे सड़कें और नालियां साफ करते हैं। उन्हें सामाजिक कार्य करने और कई लोगों को प्रेरित करने के लिए पद्म श्री अवॉर्ड मिल रहा है। उनकी यह मेहनत कई बार सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई है। संत निरंजन दास को धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री पंजाब के संत निरंजन दास जी को भी उनके धार्मिक कार्यों के लिए पद्म श्री मिलेगा। वो एक प्रसिद्ध आध्यात्मिक नेता और धर्म गुरु हैं। वे डेरा सचखंड बल्लां (Dera Sachkhand Ballan) के प्रमुख संत हैं, जो सबसे बड़े रविदासिया धार्मिक समुदायों में से एक का नेतृत्व करता है। हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्म श्री भारतीय हॉकी को कई स्टार प्लेयर देने वाले हॉकी कोच बलदेव सिंह को इस बार पद्म श्री अवॉर्ड के लिए चुना गया है। शाहाबाद (हरियाणा) में उन्होंने लंबे समय तक हॉकी अकादमी चलाई, जो महिला हॉकी की नर्सरी के रूप में प्रसिद्ध हुई। रानी रामपाल जैसे प्लेयर उन्होंने दिए है। अब वह मोगा में अकाडमी चलाते है। बाद में उन्होंने खालसा कॉलेज हॉकी अकादमी, अमृतसर में भी भूमिका निभाई है, जहां युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण मिलता रहा है। उनके द्वारा प्रशिक्षित खिलाड़ियों में रानी रामपाल-भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, नवजोत कौर, भूपिंदर कौर, सुरिंदर कौर, जितसीत कौर, राजविंदर कौर, रीतू रानी, ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों सहित लगभग 16 खिलाड़ी शामिल हैं। हिमाचल कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल को भी पद्म श्री इस सूची में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले से संबंध रखने वाले प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल गौतम का नाम भी शामिल है। उन्हें विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा जाएगा। डॉ. प्रेम लाल गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में हुआ था। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज सोलन से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) दिल्ली से एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी और पौध प्रजनन के क्षेत्र में देश के अग्रणी वैज्ञानिकों में से एक हैं। उन्होंने गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और कूटू सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। चंडीगढ़ के आईजी-इंस्पेक्टर को मिलेगा राष्ट्रपति पदक गणतंत्र दिवस 2026 पर चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार और इंस्पेक्टर जसबीर सिंह को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों को डीजीपी कमेंडेशन डिस्क (स्वर्ण, रजत और कांस्य) देने की घोषणा की गई है। आईजी पुष्पेंद्र कुमार, वर्तमान में यूटी चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर तैनात हैं। वहीं, इंस्पेक्टर जसबीर सिंह, जिन्होंने 11 फरवरी 1992 को एएसआई के रूप में सेवा शुरू की थी, वर्तमान में थाना मलोया में एसएचओ के रूप में कार्यरत हैं। दोनों को पुलिस सेवा में उत्कृष्ट और सराहनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा हेड कॉन्स्टेबल सुरिंदर पाल को भी राष्ट्रपति पदक के लिए चुना गया है। CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी। 24 पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री रक्षक पद पंजाब के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री रक्षक पदक पुरस्कार के लिए एक पीपीएस अधिकारी डीएसपी सुनाम उधम सिंह वाला हरविंदर सिंह और चार पुलिस अधिकारियों के नामों की घोषणा की है, जिनमें इंस्पेक्टर निर्मल सिंह, हेड कॉन्स्टेबल सुखमनप्रीत सिंह, एएसआई बलबीर चंद तथा सीनियर कॉन्स्टेबल धर्मपाल सिंह शामिल हैं। इसी प्रकार एआईजी एसपी बलजीत सिंह, एसपी मुख्यालय फरीदकोट मनिंदर वीर सिंह, डीएसपी इन्वेस्टिगेशन दलजीत सिंह तथा एसपी दविंदर सहित चार पीपीएस अधिकारी उन 19 अधिकारियों/कर्मचारियों में शामिल हैं, जिन्हें ड्यूटी के प्रति उत्कृष्ट समर्पण के लिए मुख्यमंत्री पदक हेतु चुना गया है। शेष 15 अधिकारियों/कर्मचारियों में इंस्पेक्टर मनदीप सिंह, इंस्पेक्टर रुशिका, इंस्पेक्टर प्रभजोत कौर, इंस्पेक्टर कुलवंत सिंह, इंस्पेक्टर सुमित मोर, इंस्पेक्टर पुष्विंदर सिंह, एसआई गुरपाल सिंह, एसआई भूपिंदर सिंह, एएसआई गुरजंट सिंह, एएसआई गुरवीर सिंह, एएसआई गुरप्रीत सिंह, एएसआई कुलजीत सिंह, एचसी मनदीप सिंह, एचसी सुखविंदर सिंह तथा सीनियर कॉन्स्टेबल अनु बाला शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत सिंह मान ने भी सभी को बधाई दी। यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची... चंडीगढ़ में ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा चंडीगढ़ में गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर सेक्टर-17 स्थित परेड ग्राउंड के आसपास 26 जनवरी को ट्रैफिक में बड़े बदलाव किए गए हैं। समारोह के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिस एडवाइजरी जारी की है। सुबह साढ़े 6 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक कई सड़कों को बंद करने और डायवर्ट करने का फैसला लिया है। इन सड़कों पर केवल आपातकालीन वाहनों को ही आने-जाने की अनुमति होगी। इन सड़कों पर रहेगा ट्रैफिक बंद
सलेरन बांध पर इको हट्स का उद्घाटन, पंजाब में पर्यावरण-पर्यटन को नई उड़ान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को सलेरन बांध पर पर्यावरण-अनुकूल झोपड़ियों का उद्घाटन करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर्यटन स्थलों का विकास करके रोजगार बढ़ा रही है
गणतंत्र दिवस पर इस बार पंजाब की झांकी कर्तव्य पथ पर देखने को मिलेगी। केंद्र सरकार की समिति ने इसके लिए पंजाब की झांकी का चयन कर लिया है। वहीं, पंजाब के 18 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान तीन अधिकारियों विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक व 15 को सराहनीय सेवा के लिए पदक दिया जाएगा। इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से सूची जारी कर दी गई है। इसके अलावा, इस बार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान होशियारपुर में और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे। CM ने पोस्ट डालकर दी यह जानकारी सीएम भगवंत मान ने कहा कि जहां हम ‘हिंद दी चादर’ साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत शताब्दी को पूरे राज्य में श्रद्धा और सम्मान के साथ राज्य-स्तरीय कार्यक्रमों के माध्यम से मना रहे हैं। वहीं गुरु साहिब के जीवन फलसफे और उनकी अद्वितीय शहादत को समर्पित एक झांकी गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भी भेजी गई है, जो इस वर्ष 26 जनवरी की परेड की शोभा बनेगी। उन्होंने कहा कि, गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शिक्षाएं पूरी दुनिया को मानवाधिकारों, समानता और धार्मिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक आजादी के प्रति जागरूक करती हैं। इन महान विचारों से युवाओं सहित समाज के हर वर्ग को परिचित करवाना समय की जरूरत है। इसी उद्देश्य को लेकर हमारी सरकार के प्रयास निरंतर जारी हैं। बता दें कि, 2024 में पंजाब की झांकी काे लेकर बड़ा विवाद हुआ था। उस समय झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया था। इसके बाद पंजाब की झांकी को पूरे पंजाब व दिल्ली में प्रदर्शित किया था। पंजाब सरकार ने साथ ही केंद्र सरकार पर हमला बोला था। यहां देखे गणतंत्र दिवस पर सम्मानित होने वाले अफसरों की सूची... होशियारपुर में ध्वज फहराएंगे सीएम मान पंजाब सरकार की तरफ से गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस बार सीएम होशियारपुर तो गवर्नर गुलाब चंद कटारिया फाजिल्का में तिरंगा फहराएंगे। पहले उनका प्रोग्राम पटियाला में था। जिसे बदल दिया गया है। ऐसे में ऐट होम समारोह गवर्नर की तरफ से फाजिल्का में रखा गया है। जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी मंत्रियों की ड्यूटियां भी विभिन्न जिलों में लगाई गई हैं, ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य भर में परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन किए जाएंगे। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाए। सरकार की तरफ से जारी की गई सूची...
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पंजाब के किसान परिवार के बेटे को अमेरिका में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एजेंट ने साढ़े 30 लाख रुपए ऐंठ लिए। लेकिन बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। यहां भी उसे 3 महीने रखकर वापस भेज दिया। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के खानपुर निवासी परमजीत सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरशरण सिंह (29) BA पास करने के बाद बेरोजगार था। उसके रिश्तेदार हरप्रीत सिंह ने उनको शाहाबाद के दपंती नवजोत सिंह और उसके पिता से मिलवाया। नवजोत सिंह ने खुद को रजिस्टर्ड ट्रैवल एजेंट बताया। अमेरिका में वर्क वीजा भेजना तय किया आरोपी नवजोत सिंह ने उसके बेटे गुरशरण को अमेरिका भेजने के लिए पहले 50 लाख रुपए मांगे। बात 45 लाख पर तय हुई। 16 जनवरी 2023 को नवजोत सिंह, उसकी पत्नी और गुरमीत सिंह उसके घर खानपुर आए और 5 लाख रुपए नकद के साथ पासपोर्ट, फोटो जैसे दस्तावेज ले गए। साढ़े 30 लाख रुपए ले गए आरोपी उसके बाद उसने आरोपियों के कहे अनुसार 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर, 17 मार्च को 4.5 लाख रुपए, 19 मार्च को 5 लाख रुपए और 18 अप्रैल को 15 लाख रुपए RTGS करने समेत कुल साढ़े 30 लाख रुपए दिए थे। पैसे लेकर आरोपी ने दावा किया कि उसने गुरशरण को अमेरिका में वर्क परमिट पर भेज दिया है। दुबई भेजकर पहला धोखा दिया आरोपी ने उसके बेटे को अमेरिका की बजाय दुबई भेज दिया। वहां से भी करीब 3 महीने बाद गुरशरण को घर वापस आना पड़ा। उसने आकर खुलासा किया आरोपी ने उसे दुबई में रखा था। उसने आरोपी से अपने सारे पैसे वापस मांगे, तो आरोपी धमकी देने लगा और पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। कनाडा से अमेरिका गया गुरशरण उधर, आरोपी का दावा है कि गुरशरण उसका रिश्तेदार है। उसने उसे चंडीगढ़ के प्रदीप से मिलवाया था। गुरशरण ने प्रदीप के अकाउंट में साढ़े 20 लाख रुपए ट्रांसफर किए। साल 2023 वह और गुरशरण दुबई गए। यहां उसकी टांग टूट गई और दोनों वापस आ गए। बाद में प्रदीप ने गुरशरण को कनाडा भेज दिया और वहां से गुरशरण अमेरिका चला गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
पंजाब में वाघा बॉर्डर से सिर्फ 35 किमी दूर अजनाला नाम का एक छोटा सा शहर है। यहां गुरुद्वारा सिंह सभा के कैंपस में एक कुआं है। इस कुएं को ‘शहीदों का कुआं या ‘कलियांवाला खोह’ के नाम से जाना जाता है। कुएं तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। सीढ़ियों से उतरकर नीचे जाने पर कुआं नजर आने लगता है, पास में ही एक लोहे का बक्सा रखा है। इस बक्से में इंसानों की हड्डियां भरकर रखी गई हैं। आपको ये जानकर थोड़ा झटका लग सकता है कि ये हड्डियां 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने वाले 282 सैनिकों की हैं। इन सैनिकों को इस कुएं में जिंदा दफना दिया गया था। 2014 में पहली बार खुदाई में ये अवशेष निकले। प्रधानमंत्री, केंद्र सरकार, राज्य सरकार सभी को लगातार चिट्ठियां लिखी गईं, लेकिन शहीदों के बचे-खुचे कंकाल और अवशेषों को अब तक लोहे का बक्सा ही हासिल हो पाया है। 168 से ज्यादा साल बीत चुके हैं। न तो किसी सरकार ने इन शहीदों का अंतिम संस्कार करवाने की पहल की। न इन अवशेषों को सम्मान के साथ किसी म्यूजियम में रखा गया। शर्म की बात ये है कि इस नरसंहार को अंजाम देने वाले अंग्रेज अफसर फ्रेडरिक हेनरी कूपर के नाम पर अमृतसर में एक रोड है। क्रिस्टल चौक से रेलवे ब्रिज की तरफ जाने वाली इस रोड का नाम है- कूपर रोड। राज्य में कांग्रेस, अकाली-BJP और AAP की सरकार भी आ गई, लेकिन किसी को फुर्सत नहीं मिली। केंद्र में मोदी सरकार को भी लेटर लिखे गए, लेकिन अभी तक ये शहीद सम्मान का इंतजार कर रहे हैं, पहचान का इंतजार कर रहे हैं। आइए, इस गणतंत्र दिवस पर इन शहीदों की कहानी याद करें… भारतीय सैनिकों का नरसंहार, जो इतिहास में खो गयाये कहानी सुरेंद्र कोछड़ नाम के शख्स को कबाड़ में मिली एक किताब से शुरू हुई। 1857 में अमृतसर का डिप्टी कमिश्नर था फ्रेडरिक हेनरी कूपर। इसी फ्रेडरिक ने 1858 में ब्रिटेन में एक किताब लिखी थी, द क्राइसिस इन द पंजाब। (The Crisis in the Punjab From The 10th Of May Until the fall of Delhi) इस किताब को भारत में कोई नहीं जानता था। ये अमृतसर की मोती लाल नेहरू लाइब्रेरी में रखी थी। ये लाइब्रेरी अंग्रेजों के जमाने में बने टाउन हॉल में है, जो गोल्डन टेंपल से महज कुछ दूरी पर है। सौ साल से ज्यादा समय तक रखी इस किताब को 2003 में लाइब्रेरी में ही रद्दी के ढेर में फेंक दिया गया। इसी लाइब्रेरी में अमृतसर के सुरेंद्र कोछड़ जाया करते थे। उन्होंने ये किताब पढ़ने के लिए ले ली। किताब के पेज नंबर 151 पर चैप्टर-6 है। इसमें 1857 में मौजूद 26वीं नेटिव इन्फैन्ट्री बटालियन का जिक्र है। इस चैप्टर में मेजर स्पेंसर की हत्या और उस रेजिमेंट के टोटल डिस्ट्रक्शन की बात है। इसी चैप्टर में हेनरी कूपर ने अजनाला के सूखे कुएं में 282 सैनिकों को मारकर दफनाने का जिक्र किया है। यहीं से सुरेंद्र कोछड़ की खोज शुरू हुई। 11 साल तक ढूंढा, 2007 में कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बन गया थासुरेंद्र कोछड़ के मुताबिक, ‘किताब में लिखा था कि अजनाला थाने के पास कैंपिंग ग्राउंड है। पहले वहां एक छोटा कुआं था। इसमें 20-30 लोगों को ही फेंका जा सकता था। उससे करीब 100 मीटर दूर एक बड़ा सूखा कुआं मिल गया।' 'इसके बाद कूपर ने उसी कुएं में गोलियों से मारे गए सैनिक और भूख-प्यास से जिंदा, लेकिन अधमरे हो चुके सैनिकों को दफना दिया था। पहले तो ये लगा कि अगर ये सच होता तो पंजाब के अजनाला या अमृतसर में इसकी चर्चा जरूर होती। कई साल तक लगातार पड़ताल के बाद भी हमें ऐसे कुएं के बारे में जानकारी नहीं मिली।’ ‘कोई दस्तावेज नहीं मिल रहा था, कई साल गुजर गए। हमें 1928 में प्रयागराज से पब्लिश एक पत्रिका मिली। इस पत्रिका में अजनाला के रहने वाले बाबा जगत सिंह का इंटरव्यू छपा था। अजनाला हत्याकांड उन्होंने अपनी आंखों से देखा था।’ ‘उनके हवाले से लिखा गया था कि 26 नंबर की पलटन के कुछ थके हुए सिपाही अमृतसर की एक तहसील अजनाला से 6 मील दूर रावी नदी के किनारे पड़े थे। ये वही सिपाही थे, जो 30 जुलाई की रात को लाहौर की छावनी से भागे थे। इन्हें शक के आधार पर पकड़ लिया गया। इसके बाद मार दिया गया। इस पत्रिका में कूपर की दरिंदगी का भी जिक्र था।’ सुरेंद्र आगे बताते हैं, ‘इसी के बाद मुझे इस कहानी पर यकीन हो गया। जिस कैंपिंग ग्राउंड में छोटे कुएं और उसके 100 मीटर की दूरी पर बड़े कुएं की बात हो रही थी। उसकी 1857 और 1957 यानी 100 साल बाद की भी फोटो मिल गई। 1857 की पहली फोटो में बंद कुएं के आसपास झाड़ियां नजर आ रही हैं। 1957 की फोटो में उस कुएं के आसपास ईंट की चारदीवारी बना दी गई थी। कुछ बच्चे और लोग खड़े थे। साल 2007 के आसपास उसी कुएं के ऊपर गुरुद्वारा बना दिया गया था।’ पत्नी-बच्चों की कसम खाई तो खुदाई शुरू हुईसुरेंद्र ने कूपर की किताब तो पढ़ ली थी, लेकिन इस घटना की दूसरे ऐतिहासिक सोर्स से जांच-पड़ताल भी जरूरी थी। 11 साल तक वे अलग-अलग किताबों और जरियों से पड़ताल करते रहे। उन्हें भरोसा हो गया था, लेकिन कुएं की खुदाई कराने को कोई तैयार नहीं हो रहा था। गुरुद्वारा प्रशासन, स्थानीय लोग, राज्य सरकार सबको बताया, लेकिन कोई इस सच को मानने के लिए तैयार नहीं था। सुरेंद्र कोछड़ को कहना पड़ा कि अगर सिपाहियों के कंकाल न मिलें तो मुझे भी इसी कुएं में दफना देना। कंकालों के हाथ ऊपर की तरफ थे, मरने से पहले निकलना चाहते थेसुरेंद्र बताते हैं, ‘10 फीट के बाद लोग सवाल उठाने लगे थे, लेकिन थोड़ा ही नीचे पहला कंकाल नजर आ गया। वो कंकाल एक हाथ का हिस्सा था। कुएं में नीचे से ऊपर की तरफ। मानो मरने वाला कुएं से बाहर निकलने की आखिरी कोशिश में था, पर निकल न सका। उसी हालात में उस सैनिक की मौत हो गई होगी। इसके बाद एक-एक कर कंकाल निकलने लगे।’ सुरेंद्र ये बताते हुए इमोशनल हो जाते हैं। वे कहते हैं, ‘खुदाई के दौरान मिले दो सैनिकों के कंकाल को मैं कभी नहीं भूल सकता। एक सैनिक के कंकाल के जबड़े में कुछ दबा हुआ था। उसे खोला तो जबड़े में उंगली डाली हुई थी। उंगली में एक अंगूठी भी थी। वो अंगूठी किसी महिला की थी। सोने और हीरे की बनी हुई। शायद उसकी याद में मरते हुए सैनिक ने उसे मुंह में दबा लिया होगा। ऐसा लगता है कि या तो उस सैनिक की नई शादी हुई होगी या फिर सगाई होने वाली होगी। दूसरा कंकाल मुझे याद है, उसकी हाथ की मुट्ठी बंद थी। उस कंकाल की हथेली को खोला गया, तब उसमें 7 सिक्के मिले। उसने अपनी मेहनत की कमाई और परिवार की याद में सिक्के दबा रखे होंगे। इस उम्मीद में कि अगर कुएं से जिंदा निकल गए तो शायद परिवार को दे सकेंगे। दुख इस बात का है कि किसी ने भी इन सैनिकों की पहचान तक करने की कोशिश नहीं की।’ कूपर ने अपनी किताब में सैनिकों के कत्लेआम के बारे में क्या लिखा, पढ़िए कुएं से क्या-क्या मिलासुरेंद्र कोछड़ बताते हैं, ‘खुदाई के दौरान 282 लोगों के कंकाल मिले थे। इनमें जो काफी हद तक बेकार हो चुके थे, उन्हें तो हमने खुद हरिद्वार में जाकर जल प्रवाह करा दिया। कुछ कंकाल आज भी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास हैं। बाकी जो दांत मिले थे, वो बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में जांच के लिए रखे हैं।’ ‘इनके अलावा सैनिकों की काफी निशानियां मिली थीं, जैसे उस समय के चांदी के सिक्के, सोने की अंगूठियां, हीरे की अंगूठी, सोने के कई सामान, हाथ के कड़े और कुछ मालाएं। ये सब हमने गुरुद्वारा कमेटी के पास ही रख दिए थे। ये निशानियां आज भी उनके पास ही रखी हैं। हम चाहते थे कि ये सामान भारत सरकार के पास रहे। इन्हें लोगों को दिखाने के लिए किसी म्यूजियम में रखा जाए।’ सैनिकों को गोली मारी, गोलियां खत्म हुईं तो पत्थरों से मार डालादैनिक भास्कर ने हेनरी कूपर की लिखी किताब 'क्राइसिस इन पंजाब' पढ़ी। सुरेंद्र कोछड़ के अलावा बरामद कंकालों की साइंटिफिक जांच करने वाले प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे से भी बात की। कंकालों की DNA जांच में जुटे बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे बताते हैं, ‘10-10 लोगों के हाथ पीछे की तरफ बांधकर कैंपिंग ग्राउंड में ले गए। फिर उन्हें गोली मार दी गई। गोलियां कम पड़ गईं, तो उन्हें पत्थर की गोलियां मारी गईं। इसके सबूत हमें कंकालों की जांच में मिले हैं। हथियार के बट से सैनिकों के सिर के पीछे हमला किया गया, जिसके निशान उन खोपड़ियों पर मिले हैं।’ हेनरी कूपर की किताब और सुरेंद्र कोछड़ से बात कर हम भारतीय सैनिकों के साथ हुई दरिंदगी की 3 बड़ी निशानियों तक पहुंचे। पहली निशानी- अंग्रेजों के जमाने की पुरानी तहसीलअब इस तहसील के पास ही टेलीफोन एक्सचेंज का दफ्तर है। पुरानी तहसील इतनी जर्जर हालत में है कि यहां ताला लगा रहता है। हम उस ताले को खुलवाकर अंदर पहुंचे। आसपास की दीवारें जर्जर, दरवाजे टूटे-फूटे। किनारे-किनारे आसपास घने और लंबे पेड़। इन्हीं पेड़ों और जर्जर दीवारों के बीच में जर्जर गुंबदनुमा बुर्ज वाली छोटी कोठरी है। इसमें एक भी खिड़की नहीं है। लोहे के दो गेट हैं, जिन्हें तहसील के जरूरी कागजात सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया था। अजनाला थाने में जगह कम पड़ गई तो इसी 7 फुट चौड़े और करीब 8-9 फुट लंबे गुंबद के आकार वाली कोठरी में 60-70 सैनिकों को रखा गया था। इन सैनिकों को पहले यहीं के पेड़ों पर फांसी देने की तैयारी थी। बारिश और लकड़ियों की कमी से सैनिकों को जिंदा ही सूखे कुएं में डाल दिया गया था। दूसरी बड़ी निशानी कैंपिंग ग्राउंडये जगह उस सूखे कुएं से 100 मीटर और अजनाला थाने से चंद कदम दूर है। पहले भी यहां सैनिकों की छावनी हुआ करती थी। आज भी छावनी है। गेट पर आर्मी के जवान तैनात मिले। इन्होंने कैमरे पर बात नहीं की। न ही अंदर जाने दिया। बात करते हुए ये जरूर बताया कि यहां आने पर हमें पता चला कि अजनाला नरसंहार के दौरान अंग्रेजों ने इसी कैंपिंग ग्राउंड में 1857 के दौरान भारतीय सैनिकों को मारा था। इसी कैंपिंग ग्राउंड में थाने में बंद सैनिकों को 10-10 की संख्या में खड़ा करके गोली मारी गई थी। जब ये सैनिक मर गए तब उन्हें सूखे कुएं में फेंक दिया गया था। तीसरी निशानी सूखा कुआंहम इसी कैंपिंग ग्राउंड के किनारे-किनारे उस गुरुद्वारे तक पहुंचे, जहां सूखे कुएं में 282 सैनिकों को दफनाया गया था। उस कुएं तक पहुंचे तो वहां एक संदूक मिला। इसमें आज भी एक संदूक में उन गुमनाम सैनिकों की अस्थियां पड़ी मिलीं। इसके बाद अजनाला से करीब 10-11 किमी दूर रावी नदी तक पहुंचे। यहां सोफियां गांव से आगे रावी नदी से कुछ दूर पाकिस्तान शुरू हो जाता है। आखिर कब इन सैनिकों को सम्मान मिलेगा, अंतिम संस्कार होगाकुएं के पास ले जाकर सुरेंद्र हमें एक लोहे का बक्सा दिखाते हैं। ये एक सामान्य बक्सा है, जैसा घरों में सामान या कपड़े रखने के लिए इस्तेमाल होता है। वे इस बक्से का ढक्कन खोलते हैं और हाथ में एक इंसानी हड्डी लेकर हमें दिखाने लगते हैं। सुरेंद्र कोछड़ उदास होकर कहते हैं, ‘साल 2014 में 28 फरवरी से 3 मार्च के बीच गुरुद्वारे के नीचे खुदाई हुई थी। इसमें से 282 सैनिकों के कंकाल मिले। खुदाई के 12 साल बाद और दफन होने के 168 साल बाद भी इनके कंकाल आज भी उसी कुएं के पास 2 बाई 1 के एक संदूक में बंद हैं।' मैंने कई बार केंद्र और राज्य सरकार को जानकारी दी। सैनिकों के काफी अवशेष आज भी लैब में पड़े हैं। ये सैनिकों की सबसे बड़ी तौहीन है। इनके साथ ऐसा होगा इसकी उम्मीद हमने कभी नहीं की थी। न PMO ने सुनी न पंजाब सरकार ने, अभी जांच ही चल रहीऐसा भी नहीं है कि सरकारों को इस घटना की जानकारी नहीं है। दैनिक भास्कर के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक, सैनिकों के नाम और पहचान के लिए 16 मई 2022 को पीएमओ के ऑनलाइन पोर्टल पर डिमांड की गई थी। इसके तीन दिन बाद ही 18 मई को इसके लिए उस समय के अंडर सेक्रेटरी मुकुल दीक्षित को जिम्मेदारी दी गई थी। हमने उनसे कॉन्टैक्ट करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। इससे पहले, गृह मंत्रालय की तरफ से भी 26 मार्च 2014 को लेटर जारी हुआ था। ये लेटर ब्रिटेन भी भेजा गया था। अब तक ब्रिटेन की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। सैनिकों के कंकाल और निशानियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किए जाने के लिए भारतीय पुरातत्व संरक्षण को 2024 में लेटर लिखा गया था। हालांकि जवाब मिला कि ये स्थल संरक्षण योग्य नहीं है। सुरेंद्र कोछड़ ने 25 जुलाई 2025 को पंजाब के मुख्यमंत्री को एक लेटर लिखा था। इसका ज्ञापन अजनाला के एसडीएम रविंद्र सिंह अरोड़ा को भी दिया था। लेटर में सवाल किया गया था कि अजनाला से खुदाई में मिले अवशेषों को पंजाब सरकार कब्जे में क्यों नहीं ले रही है। जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जांच के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेएस सहरावत को जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि हम लोग इस पर लगातार काम कर रहे हैं। जल्द ही साइंटिफिक तरीके से एक रिपोर्ट पब्लिश करेंगे। उस रिपोर्ट पर सहमति मिल जाएगी, तभी हम उस बारे में मीडिया को जानकारी दे सकेंगे। .................................स्टोरी का दूसरा पार्ट 26 जनवरी, सोमवार को पढ़िएयूपी, बिहार, बंगाल से हैं अजनाला के 282 शहीदअजनाला के कुएं में मिले कंकालों की वैज्ञानिक जांच और DNA सैंपलिंग की भी कोशिशें हुई हैं। जांच से साबित हो रहा है कि सैनिक पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के रहने वाले थे। दो से तीन परिवार भी सामने आए, लेकिन अवशेष लोहे के बक्से में कैद हैं। दैनिक भास्कर ने कंकालों की जांच करने वाले प्रोफेसर और सैनिकों के संभावित परिवारों से बात की है। ये रिपोर्ट पढ़िए 26 जनवरी को...
बीवीएम के 3 खिलाड़ी 69वीं नेशनल हैंडबॉल में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे
लुधियाना| 69वें नेशनल लेवल हैंडबॉल टूर्नामेंट में भारतीय विद्या मंदिर, किचलू नगर के तीन खिलाड़ी पारस चड्ढा, चौधरी देवराज पंवार और यादित गोयल ने जगह बनाई है। इन तीनों खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय हैंडबॉल टूर्नामेंट में शीर्ष स्थान हासिल करके अपने जिले का नाम रोशन किया। जिसमें 28 जिलों ने भाग लिया था। उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें नेशनल गेम्स में जगह दिलाई और अब वह गांधी नगर गुजरात में 69वें नेशनल लेवल हैंडबॉल टूर्नामेंट में पंजाब का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रिंसिपल रंजू मंगल ने खिलाड़ियों और उनके कोच रमनदीप शर्मा को बधाई दी।
झालावाड़ के झालरापाटन में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ रुपये की पंजाब निर्मित शराब जब्त की है। नाकाबंदी के दौरान जोधपुर निवासी तस्कर सज्जन सिंह को गिरफ्तार किया गया, जो ट्रक में 13,500 बोतलें भरकर गुजरात ले जा रहा था। एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस संगठित अपराध के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक की शनिवार को गाजियाबाद में निहंगों ने पिटाई कर दी। वह निहंग विक्की थॉमस के साथ वीडियो में नजर आया। इस दौरान उसके साथ बैठे ही किसी निहंग ने उसे थप्पड़ जड़ा। इसके बाद कुल्ला करने वाला और उसका वीडियो बनाने वाला यानी दोनों युवक माफी भी मांगते हुए नजर आए। जिसके बाद युवक को गाजियाबाद पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। इस मामले में उसके खिलाफ गाजियाबाद के अंकुर विहार थाने में शिकायत हुई थी। गाजियाबाद पुलिस अब उसे अमृतसर पुलिस के हवाले करेगी। वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की तरफ से भी अमृतसर पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई है। SGPC ने अपने स्तर पर गोल्डन टेंपल में युवक की जांच की तो पता चला कि वह बेअदबी की नीयत से ही यहां आया था। वह करीब 20 मिनट तक गोल्डन टेंपल में रहा लेकिन उसने माथा टेकने की कोशिश भी नहीं की। इससे पहले युवक ने 2 बार माफी मांगी लेकिन पहली बार हाथ जेब में और दूसरी बार सिर्फ एक बार हाथ जोड़ने के बाद सिख समुदाय ने उसके माफी मांगने के तरीके पर सवाल उठाए थे। वहीं इस मामले में कार्रवाई न करने पर SGPC की आलोचना हो रही थी। गोल्डन टेंपल में योग करने वाली गुजरात की अर्चना मकवाना जैसे इस युवक पर केस दर्ज न कराने से सवाल भी खड़े किए जा रहे थे। वहीं SGPC के कुछ कदम न उठाने के बाद निहंगों ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शिकायत दी थी। निहंगों ने पहले ही दी थी चेतावनीइस मामले में निहंगों का कहना था कि जिस तरह की हरकत युवक ने की, वह सिखों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। निहंगों ने चेतावनी दी कि सिख समुदाय पर अक्सर कानून हाथ में लेने के आरोप लगाए जाते हैं, इसलिए वे सबसे पहले कानून के दायरे में रहकर पुलिस के पास आए हैं। वे चाहते हैं कि वह सार्वजनिक रूप से आकर सिख मर्यादा के अनुसार माफी मांगे वर्ना उनके पास युवक से जुड़ी पूरी जानकारी मौजूद है। युवक के कुल्ला करने, माफी मांगने का पूरा मामला पढ़ें.. पहले पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाईगोल्डन टेंपल में एक युवक के पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई गई। वीडियो को 'मुस्लिम शेर' लिखकर सोशल मीडिया पर डाला। कुल्ला करने वाले ने टोपी पहनी हुई थी। ये वीडियो सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि वीडियो की जांच होगी। अगर यह ओरिजिनल है, तो फिर उस वक्त सेवादार कहां थे, इसकी जांच की जाएगी। हालांकि बाद में युवक ने माफी मांग ली। बता दें कि SGPC की तरफ से पहले ही धार्मिक भावनाओं को देखते हुए गोल्डन टेंपल परिसर में रील बनाने को लेकर रोक लगाई गई है। इसके लिए वहां सेवादारों की ड्यूटी लगाई गई है कि वे किसी को वहां इस तरह का आपत्तिजनक वीडियो न बनाने दें। मुंह में पानी भरा, सरोवर में थूका, गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली उठाईमुस्लिम युवक की रील वायरल हुई। जिसमें दिख रहा था कि वह गोल्डन टेंपल के सरोवर में पैर डालकर बैठा है और मुंह धो रहा है। इस दौरान वह 3 बार मुंह में पानी भरकर कुल्ला करता है और एक बार उस पानी को दोबारा सरोवर में ही थूक देता है। इसके बाद वह मुंह धोता है और फिर उंगली उठाते हुए गोल्डन टेंपल को भी दिखाता है। उसका एक और वीडियो सामने आया, जिसमें वह कह रहा था कि यहां सब पगड़ी वाले हैं। सिर्फ मैं टोपी पहनकर आया हूं लेकिन मुझे किसी ने कुछ नहीं कहा। युवक की 2 बार माफी के बारे में पढ़िए... पहली बार माफी मांगते वक्त हाथ जेब में डाले हुए थेसरोवर में कुल्ला करने को लेकर विवाद हो गया। SGPC ने भी इस पर एतराज जताया। जिसके बाद सुब्हान रंगरीज ने वीडियो जारी कर माफी मांगी। इसमें उसने कहा- भाइयों, मैं 3 दिन पहले श्री दरबार साहिब गया था। बचपन से मैं वहां जाना चाहता था। मुझे वहां की मर्यादा के बारे में नहीं पता था। मैंने सरोवर के पानी से वजू किया था, धोखे से मेरे मुंह से पानी निकलकर उसमें गिर गया। मैं सारे पंजाबी भाइयों से सॉरी बोलता हूं। मैं वहां आकर भी सॉरी बाेलूंगा। मैं पूरी सिख कम्युनिटी को सॉरी बोलता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। हालांकि इस दौरान उसके हाथ जेब में डाले हुए थे। दूसरी बार एक बार ही हाथ जोड़ाउसकी पहली माफी को सिख समुदाय ने सही नहीं माना। उनका कहना था कि युवक ने हाथ जेब में डाले हुए थे। इसके बाद युवक सुब्हान रंगरीज ने 17 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया। इसमें उसने कहा- जब मैं दरबार साहिब गया था, तब मुझसे एक बड़ी गलती हो गई। यह गलती भूलवश हुई थी। मुझे वहां की मर्यादा की पूरी जानकारी नहीं थी, नहीं तो मैं ऐसी गलती कभी नहीं करता। आप मुझे अपना बेटा समझकर, अपना भाई समझकर माफ कर दीजिए। इस दौरान उसने एक बार हाथ भी जोड़ा। वीडियो के ऊपर भी उसने सॉरी दिल से लिखा हुआ था।
डबवाली पुलिस ने लगभग 11 करोड़ रुपए कीमत की 2.95 लाख नशीली गोलियों के मामले में दो मुख्य सप्लायरों को अमृतसर और बठिंडा, पंजाब से गिरफ्तार किया है। अमृतसर से मुख्य सप्लायर जसविंदर सिंह उर्फ जस्सी, निवासी मलोट (पंजाब) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 15 लाख रुपए कीमत का बिस्कुट नुमा सोना और 2 लाख की ड्रग मनी बरामद हुई। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 5 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। इसी मामले में, पुलिस ने दूसरे आरोपी मोहम्मद मुसाफिर अंसारी, निवासी कुशीनगर (उत्तर प्रदेश), जो वर्तमान में मॉडल टाउन बठिंडा (पंजाब) में रहता है, को बठिंडा से गिरफ्तार किया। उसे भी कोर्ट में पेशकर 4 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। आर्टिगा कार से बरामद हुई थी नशीली गोलियां सीआईए स्टाफ डबवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजपाल ने बताया कि इस मामले की शुरुआत 20 दिसंबर 2025 को हुई थी। एक सूचना के आधार पर खुईयां मलकाना टोल प्लाजा पर एक अर्टिगा कार को रोका गया। तलाशी के दौरान, कार में रखे गत्ते के 6 कार्टूनों से 590 डिब्बे बरामद हुए, जिनमें कुल 2 लाख 95 हजार प्रतिबंधित नशीली गोलियां थीं। मौके पर ही कार चालक कुलदीप उर्फ काला, निवासी खोखर, थाना बरीवाला, जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) को गिरफ्तार कर थाना सदर डबवाली में मामला दर्ज किया गया था। पंजाब के मलोट में होनी थी सप्लाई पुलिस पूछताछ में कुलदीप उर्फ काला ने खुलासा किया कि वह नशीली गोलियां मलोट, पंजाब ले जा रहा था और जसविंदर उर्फ जस्सी उसकी गाड़ी को पायलट कर रहा था। दोनों मोहम्मद मुसाफिर अंसारी के साथ मिलकर पंजाब में इन गोलियों की सप्लाई करने वाले थे। जांच में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी पिछले करीब चार साल से नशा तस्करी में शामिल थे। वे गुजरात से फर्जी बिलों और अलग-अलग नामों से नशीली गोलियां मंगवाते थे। फिर, दिल्ली में एक फर्जी फार्मा कंपनी के नाम से बने गोदाम में स्टॉक करके उन्हें पंजाब में सप्लाई करते थे। नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड लिया गया है, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, सप्लाई चैन, खरीदारों, परिवहन साधनों और ड्रग मनी के स्रोतों का खुलासा किया जा सके।डबवाली पुलिस ने साफ किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मान सरकार की ऐतिहासिक पहल: गणतंत्र दिवस पर गुरु तेग बहादुर साहिब की शहादत को समर्पित पंजाब की झांकी
Punjab on republic day 2026: 26 जनवरी 2026 की परेड में पंजाब की झांकी मानवता, आस्था और सिख मूल्यों का संदेश देने का काम करेगी. ये दिखाएगी कि भारत की ताकत त्याग, करुणा और एकता में है.
Punjab: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले में अमृतसर-दिल्ली रेलवे लाइन पर धमाका हुआ है, जिससे ट्रैक को काफी नुकसान हुआ है. जानकारी के अनुसार, सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास खानपुर गांव में हुए इस विस्फोट में मालगाड़ियों के ट्रैक का 12 फीट हिस्सा उड़ गया. हालांकि विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई.
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने वकीलों से जुड़े गंभीर अपराधों के मामलों की सुनवाई के दौरान पुलिस के रवैये के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। इसके चलते हाईकोर्ट ने मामले में चंडीगढ़ व पंजाब पुलिस दोनों से जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। यह जवाब इस केस की अगली सुनवाई 30 जनवरी को दाखिल करना होगा। बार एसोसिएशन ने जो मांगपत्र चीफ जस्टिस को सौंपा है, उसमें पुलिस की सुस्त और देर से चल रही जांच पर चिंता जताई गई है। बार का कहना है कि यह सिर्फ कुछ वकीलों की व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि इससे बार की साख और कानून व्यवस्था पर लोगों का भरोसा भी जुड़ा हुआ है। बार के सचिव गगनदीप जम्मू ने बताया कि जनरल हाउस बैठक में वकीलों के साथ हुई आपराधिक घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने एकमत होकर फैसला लिया कि इन मामलों में अदालत के स्तर पर दखल की मांग की जाएगी। पुलिस जांच पर उठ रहे सवाल बैठक में वकील कृष्ण कुमार गोयल की पत्नी की हत्या और उनके घर से सोना, चांदी और नकदी लूटे जाने के मामले पर गंभीर चिंता जताई गई। बार का कहना है कि आरोपी पकड़े जा चुके हैं, लेकिन लूटा गया ज्यादातर सामान अब तक बरामद नहीं हुआ है। कृष्ण कुमार ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस ने अब तक उनके घर से चोरी हुए सामान में से एक भी सामान आरोपियों से बरामद नहीं किया है। इसके अलावा, जसमीत सिंह भाटिया के घर में दिनदहाड़े हुई चोरी का मामला भी उठाया गया। बार ने बताया कि 25 दिसंबर 2025 को केस दर्ज होने और आरोपियों की पहचान होने के बावजूद, एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन न तो किसी की गिरफ्तारी हुई है और न ही चोरी का सामान मिला है। मोहाली में भी पुलिस की ढिलाई तीसरा मामला विशाल हांडा के मोहाली स्थित घर में हुई चोरी से जुड़ा है। इस घटना को करीब चार महीने हो चुके हैं। आरोपी की पहचान होने के बावजूद, मोहाली पुलिस अब तक न तो किसी को पकड़ सकी है और न ही चोरी का सामान बरामद कर पाई है। इन सभी मामलों को लेकर जनरल हाउस ने फैसला किया कि चीफ जस्टिस को लिखित रूप में पूरी जानकारी दी जाएगी। मुख्य न्यायाधीश ने भरोसा दिलाया है कि इन मामलों को गंभीरता से लेकर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बार एसोसिएशन ने 27 जनवरी को दोबारा बैठक बुलाकर अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करने का भी निर्णय लिया है।
पंजाब के खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के बजट सत्र में शामिल होने को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को आदेश दिया कि इस मामले में सक्षम प्राधिकारी (कंपीटेंट अथॉरिटी) सात दिनों के भीतर निर्णय ले। इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया। गौरतलब है कि बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होना है। बता दें कि, इससे पहले जब हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई थी, उस समय एक जज ने स्वयं को इस केस से अलग कर लिया। इसके बाद आज फिर सुनवाई हुई। जिसमें हाईकोर्ट ने सात दिनों में फैसला लेने के आदेश दिए थे। साथ ही याचिका का निपटारा कर दिया। इससे पहले भी वह दो बार सेशन में जाने की याचिका लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें मंजूरी नहीं मिली थी। जेल से लिखा स्पीकर और गृहमंत्री को पत्र अमृतपाल सिंह ने अपने वकीलों के माध्यम से यह याचिका हाईकोर्ट में लगाई गई थी। एडवोकेट ईमान सिंह खारा ने बताया कि अमृतपाल सिंह की तरफ से 17 जनवरी को जेल से ही डीसी अमृतसर, होम सेक्रेटरी पंजाब, केंद्रीय गृहमंत्री और लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा गया है। जिसमें उन्होंने साफ कहा कि उन्हें संसद के सेशन में शामिल होना है, क्योंकि वह अपने एमपी लैंड फंड का प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। दूसरे, उनके इलाके में गंभीर बाढ़ आई हुई थी, जिसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है। इस मामले को भी उन्हें उठाना है। इसके अलावा बॉर्डर एरिया में नशे आदि की दिक्कत भी काफी है। ऐसे में उन्हें बजट सत्र में शामिल होने की मंजूरी दी जानी चाहिए। पिछली बार नहीं मिल पाई मंजूरी एडवोकेट ने बताया जब पिछली बार विंटर सेशन चल रहा था। उस समय जो याचिका लगाई गई थी। उस समय वकीलों की हड़ताल चल रही थी। जब केस की सुनवाई हुई थी, तो उसमें एक दिन ही दिन शेष रह गया था। ऐसे में हाईकोर्ट ने उन्हें दोबारा याचिका लगाने की अनुमति दी थी। जिसके चलते ही हमने यह याचिका लगाई है। याद रहे कि अमृतपाल ने जेल से ही इलेक्शन लड़ा था और चुनाव जीता था। जब से उन पन एनएसए लगा है। तब सह वह बाहर नहीं आ आ है।
पंजाब का जादूगर सम्राट शाका का जादुई शो उदयपुर में 23 जनवरी से शुरू होगा। इसमें कई हैरतअंगेज और नायाब करिश्मों से भरपूर मनोरंजन किया जाएगा। जादूगर शाका लड़की को तीन टुकड़ों में काटकर जोड़ेगा। जादूगर शाका ने बताया- जादू शो हिरणमगरी सेक्टर 4 के अटल सभागार में होगा। सात हजार से भी ज्यादा शो प्रस्तुत करने वाले जादूगर शाका ने बताया कि जादू एक कला है। तंत्र, मंत्र, भूत, प्रेत से इसका कोई नाता नहीं है। लोगों को अंधविश्वास से बचाना उनके जादुई मिशन का मुख्य उद्देश्य है। शो में दिखाएंगे ऐसे करतबसम्राट शाका ने बताया- उदयपुर में हजारों वर्ष पहले विलुप्त हो चुके डायनोसोर को मंच पर प्रकट कर दर्शकों को रोमांचित करना, लड़की को तीन टुकड़ों में काटकर जोड़ना, लड़की को हवा में उड़ाना, कागज पर हवा में तैरती लड़की, जापान के रहस्यमयी भूत, चलते पंखे से आर-पार होना, आईने से आर-पार होना आदि अनेक ऐसे करतब दिखाए जाएंगे। समन्वयक शबाना खान ने बताया- सभागार में रोजाना दो शो 4 बजे व 7 बजे दिखाए जाएंगे। शनिवार व रविवार को तीन शो होंगे। इनका समय 1 बजे, 4 बजे व 7 बजे रहेगा। स्कूल के बच्चों के लिए भी स्पेशल शो प्रदर्शित किए जाएंगे। हर शो 2 घंटे का होगा।
चंडीगढ़ में मेयर चुनाव के लिए आज नामांकन होगा। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक नामांकन का टाइम तय किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि अभी तक किसी भी पार्टी ने मेयर पद के लिए उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। नामांकन के लिए एक ही दिन मिलेगा। सोर्सेज के मुताबिक भाजपा काे टक्कर देने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस में फिर गठबंधन हो सकता है। हाल ही में AAP ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ मिलाकर हंसते हुए फोटो पोस्ट कर सवाल खड़े किए थे। AAP को इस चुनाव में पार्षदों की दलबदली का शक है, इसलिए सभी 11 पार्षदों को रोपड़ के एक होटल में ले जाया गया है। उनके मोबाइल भी बंद करा दिए गए हैं। आज दोपहर के समय महज उन पार्षदों को ही लाया जाएगा, जिनकी तरफ से नामांकन या फिर प्रस्तावित पार्षदों को लाया जाएगा। चुनाव तक इन सभी को शहर से बाहर रखने की तैयारी है। वहीं कांग्रेस की तरफ से इस मामले में AAP से गठबंधन की उम्मीद है। इसको लेकर चंडीगढ़ से कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी और प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की लगातार पार्षदों से मीटिंग कर रहे हैं। एचएस लक्की ने साफ किया कि AAP से गठबंधन नहीं सिर्फ अंडरस्टैंडिंग होगी। इसमें मेयर पद AAP और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर पद कांग्रेस के खाते में जाएंगे। पहली बार मेयर का चुनाव हाथ खड़े कर होगा। अब तक सीक्रेट बैलेट से वोटिंग होती थी। हालांकि हाथ हाउस में खड़े कराए जाएंगे या बंद कमरे में, इसको लेकर अभी स्थिति क्लियर नहीं है। निगम में मेयर चुनाव का गणित क्या?नगर निगम में मेयर चुनाव के लिए कुल 35 पार्षदों और 1 सांसद की वोट मान्य होती है। मेयर बनाने के लिए 19 पार्षदों का समर्थन चाहिए। मौजूदा वक्त में भाजपा के पास 18 पार्षद हैं। वहीं AAP के पास 11 पार्षद हैं। कांग्रेस के पास 6 पार्षद हैं जबकि सांसद भी कांग्रेस का है। ऐसे में अगर AAP और कांग्रेस साथ आए तो दोनों तरफ की वोटें 18-18 यानी बराबर हो जांएगी। इसी वजह से ये चुनाव दिलचस्प बना हुआ है। भाजपा कैसे बना सकती है मेयर, 3 सिनेरियो... 1. भाजपा के पास 18 पार्षद हैं, अभी भी भाजपा विपक्षी दलों के पार्षदों से संपर्क कर रही है। अगर कोई पार्षद उनके साथ आता है तो भाजपा के वोट 19 और विपक्ष के 17 रह जाएंगे, ऐसे में भाजपा मेयर बना सकती है। 2. दूसरा सिनेरियो ये है कि अगर विपक्ष का कोई पार्षद वोटिंग के वक्त गैरहाजिर हो जाता है और भाजपा के सभी पार्षद वोटिंग करते हैं तो फिर इससे भी भाजपा का मेयर बन सकता है। अगर ऐसा हुआ तो मेयर के साथ सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद भी भाजपा कब्जा सकती है। 3. कांग्रेस में खींचतान चल रही है। कांग्रेस के पास अभी 6 पार्षद बचे हैं। जिनमें सभी सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद पर दावेदारी ठोक रहे हैं। अगर उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया जाता तो वह बगावत कर सकते हैं। वह भाजपा के हक में वोटिंग कर सकते हैं या वोटिंग से गैरहाजिर भी रह सकते हैं। निगम में अब तक 4 मेयर कैसे बने? चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद चुनाव की टर्म 5 साल की होती है। हालांकि मेयर का चुनाव हर साल होता है। इस लिहाज से 5 साल में 5 मेयर बनते हैं। लेकिन पार्षद वही रहते हैं। निगम में कुल 35 पार्षद हैं। चंडीगढ़ के सांसद को एक्स ऑफिशियो मेंबर माना जाता है। उन्हें मेयर चुनाव में वोटिंग का भी अधिकार होता है। पहले चुनाव गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट से होता था। जिसमें अक्सर क्रॉस-वोटिंग या विवाद होते हैं। इसलिए इस बार वोटिंग हाथ खड़े करवाकर होगी।
‘रंगला पंजाब बनाने के लिए गैंगस्टरों पर ‘प्रहार’ शुरू‘
अमृतसर| आम आदमी पार्टी के जिला शहरी प्रधान प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि रंगला पंजाब बनाने के लिए पंजाब सरकार ने प्रदेश में गैंगस्टरों के खिलाफ 72 घंटे का बड़ा और प्रभावशाली अभियान ‘प्रहार’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत पूरे पंजाब में 2,000 से अधिक पुलिस टीमों को तैनात कर गैंगस्टर नेटवर्क पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीजीपी पंजाब द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार इस विशेष अभियान में 12,000 से अधिक पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया और एक साथ 1,374 स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान कई गैंगस्टरों, उनके साथियों और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े लोगों को काबू किया गया है। बराड़ ने कहा कि पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस गैंगस्टरवाद, नशाखोरी और संगठित अपराध को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
फाइनल में पंजाब की टीम से छत्तीसगढ़ को मिली हार
भास्कर न्यूज | बेमेतरा स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया व स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 20 जनवरी तक रायपुर में राष्ट्रीय शालेय खेल प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में गतका 17 वर्ष आयु वर्ग खेल में छत्तीसगढ़ की टीम में शामिल जेवरा विद्यालय की प्रियंका साहू ने शानदार प्रदर्शन कर फर्री सोंटी टीम इवेंट मे रजत पदक जीता है। प्रतियोगिता के पहले मैच में आंध्रा प्रदेश की टीम को 95-70 से क़्वार्टर फाइनल में जम्मू कश्मीर को 115-85 से सेमीफाइनल में मजबूत तमिलनाडु की टीम 115 - 105 से हराकर फाइनल में पहुंची। फाइनल मे चंडीगढ की टीम से छत्तीसगढ़ की टीम रोमांचक मैच में 90 - 85 अंको से पराजित होकर रजत पदक जीतने में सफल रही। बेमेतरा की रोशनी यदु ने सिंगल सोंटी टीम इवेंट में शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को रजत पदक तक पहुंचाया। इस प्रतियोगिता में प्रियंका साहू व रौशनी यदु को पदक जीतने पर बेमेतरा डीईओ जीआर चतुर्वेदी, सहायक संचालक एसपी कौशले, जेवरा स्कूल प्राचार्य मंगेश कुलकर्णी, सोमेश्वर देवांगन,बेमेतरा जिला गतका संघ अध्यक्ष जगजीत सिंह,सचिव अजय वर्मा, कोच नेहा वर्मा,दीपांकर मिर्जा, शाला प्रबंधन समिति जेवरा अध्यक्ष महेन्द्र पाटिल समेत अन्य लोगों ने हर्ष व्यक्त किया है। छत्तीसगढ़ की टीम ने पहले मैच में आंध्रप्रदेश को 70-55 से मध्य प्रदेश को 55-50 से सेमीफाइनल में हराया। फाइनल में पंजाब की टीम से 95-80 से पराजित होकर रजत पदक जीतने में सफल रही। टीम के कोच व पीटीआई शिक्षक जेवरा मृत्युंजय शर्मा थे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का रहने वाला एक आर्मी जवान लापता हो गया है। वह छुट्टी पूरी कर ड्यूटी पर लौटने के लिए पंजाब रवाना हुआ था, लेकिन अपनी तैनाती स्थल तक नहीं पहुंचा। इस मामले में परिजनों सिहावा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक, जवान का नाम सत्येंद्र शांडिल्य (30) है। जो कि ग्राम भीतररास का रहने वाला है। वह 21 दिसंबर अमृतसर एक्सप्रेस से अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए रवाना हुआ था। लेकिन 2-3 दिनों के बाद जवान निर्धारित समय पर जालंधर स्थित अपनी यूनिट में नहीं पहुंचा। इसके बाद सेना के अधिकारियों ने जवान के परिजनों को कॉल कर जानकारी दी कि जवान अभी तक यूनिट में नहीं पहुंचा। घबराए परिजन फौरन सिहावा थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जवान के तलाश में जुट गई है। इस मामले में एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि जवान 21 दिसंबर को पंजाब के लिए रवाना हुआ था। लेकिन पनी तैनाती स्थल तक नहीं पहुंचा। परिजनों के रिपोर्ट पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उसकी लास्ट लोकेशन पंजाब में ट्रेस की गई है। हालांकि, पुलिस जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल हनुमान मंदिर में महिलाओं ने किया हरिनाम संकीर्तन
अमृतसर| श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल श्री हनुमान मंदिर में मंगलवार को बावा लाल दयाल जी की जन्मोत्सव मनाया। मंदिर के चेयरमैन दविंदर भनोट और प्रधान पवन कुमार की अध्यक्षता में मनाए जन्मोत्सव दौरान सुबह 8 से 10 बजे तक हवन यज्ञ किया। जिसमें पंडित राकेश कुमार ने मंत्रोच्चारण करके बावा जी की प्रतिमा को दुग्ध स्नान कराए। इसके बाद पंडितों ने नवग्रह पूजन करके यज्ञशाला की पवित्र अग्नि में आहुतियां डलवाई। मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों ने मिलकर बावा जी का सुंदर शृंगार किया। 11 से 1 बजे तक मंदिर की महिला भजन मंडली ने संकीर्तन किया। जिसमें ‘बावा लाल जी तेरे दर तेरे भक्ता ने डेरे लाए ने’ समेत कई भजन गाए। इसी दौरान नारी शक्ति संकीर्तन मंडली की ओर से मंदिर कमेटी को जमीन खरीदने को 21 हजार रुपए की राशि दान दी। इसी दौरान मंदिर कमेटी ने सभी महिलाओं को सिरोपे डालकर सम्मानित किया। मंदिर कमेटी ने बावा जी की आरती उतारकर उन्हें फलों और मिठाई का भोग लगाकर प्रसाद बांटा। बाद दोपहर कमेटी ने संगत के सहयोग से कड़ी चावल का लंगर लगाया जो रात तक चलता रहा। इस मौके पर रमेश कुमार, सुरिंदर कुमार, पलविंदर कुमार, सुशील कुमार, राकेश कुमार, सुभाष चंद्र, पंडित राकेश कुमार, रोहित भनोट समेत कई भक्त मौजूद रहे।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

