सीएम मान का पुतला फूंका, पुलिस पर पर्चा दर्ज नहीं किया तो पूरे पंजाब में काम ठप करने की दी चेतावनी
भास्कर न्यूज | लुधियाना बरनाला में अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का विरोध अब पूरे प्रदेश में सुलगने लगा है। इसका जोरदार सेक औद्योगिक नगरी लुधियाना में भी देखने को मिला। शुक्रवार को लुधियाना की दो प्रमुख कर्मचारी संस्थाओं संघर्ष कमेटी और म्यूनिसिपल कर्मचारी दल ने अलग-अलग मोर्चे खोलकर पंजाब सरकार और बरनाला पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन किया। जिससे कई जगह लगा जाम। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बदलाव वाली सरकार में सफाई सेवकों पर अमानवीय अत्याचार किए गए हैं। दोनों ही संगठनों ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर पर्चा दर्ज करने, घायलों को मुआवजा देने और कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का करने की मांग उठाई है। कमिश्नर को सौंपा मांग पत्र, बरनाला के एसएसपी के तबादले की मांग संघर्ष कमेटी लुधियाना की अगुवाई में दर्जनों कर्मचारियों ने नगर निगम जोन-ए से घंटाघर चौक तक विशाल रोष मार्च निकाला। घंटाघर चौक पर एकत्रित होकर प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार का पिट-सियापा किया और मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला फूंकाया। कमेटी के नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्वक धरना दे रहे कर्मचारियों, महिलाओं और बेकसूरों को पुलिस ने बेरहमी से निशाना बनाया। बरनाला के डीएसपी, एसएचओ व अन्य संबंधित अधिकारियों को तुरंत बर्खास्त किया जाए और उन पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो। घायलों को मुआवजा और सभी कर्मचारियों को पक्का किया जाए। प्रदर्शन का नेतृत्व संयुक्त रूप से नरेश धींगान, संजीव गिल, दीपक हंस, नेता जी सौंधी, विपन कल्याण, अजयपाल दिसावर, रवि बाली व आनंद कुमार ने किया। इसमें पूर्व डिप्टी मेयर आर.डी. शर्मा और समाज सेवक परमिंदर मेहता भी विशेष रूप से शामिल हुए। इसके अलावा पप्पा बतरा, जतिंदर आदया, लक्की नाहर, पिंका चंडालिया, राज गिल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। संघर्ष कमेटी दूसरी ओर म्यूनिसिपल कर्मचारी दल ने प्रधान चौधरी यशपाल की अध्यक्षता में नगर निगम जोन-ए से पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक रोष मार्च निकाला। यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा से मुलाकात कर उन्हें पंजाब सरकार और बरनाला पुलिस के नाम ज्ञापन सौंपा। चौधरी यशपाल ने बताया कि बरनाला में स्थिति तब और भयावह हो गई जब पुलिस ने कर्मचारियों को दुकानों व धर्मशालाओं से खींच-खींचकर पीटा। कई कर्मचारियों के सिर पर सीधे डंडे मारे गए, जिससे वे लहूलुहान हो गए। कई मुलाजिम गंभीर रूप से अपाहिज होने की कगार पर हैं। उनकी मांग है कि दोषी पुलिस मुलाजिमों पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) व एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर नौकरी से निकाला जाए। बरनाला एसएसपी का तुरंत तबादला हो, घायलों को मुआवजा मिले और कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। इस दौरान देव राज असुर, महिक सिंह चौहान, अशोक बंटू, जिंदरपाल ढलोच, रमनजीत लाली, अरुण सिद्धू, संजय दिशावर, शाम बोहत, संजीव बेगड़ा सहित कई यूनियन नेता व कर्मचारी उपस्थित थे। म्यूनिसिपल कर्मचारी दल मल्हार रोड रक लागा जाम आर-पार के मूड में यूनियनें: दोनों ही संगठनों के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में पूरे पंजाब के सफाई कर्मचारी काम ठप कर आंदोलन को और उग्र करेंगे।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को 24 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। बिट्टू को कुछ समय पहले भाजपा ने राज्यसभा की टिकट नहीं दी थी, जिस वजह से वे अब सांसद नहीं थे। वे केंद्र सरकार में पंजाब से BJP के इकलौते राज्य मंत्री थे, उन्हें रेल राज्य और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग दिया गया था। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। अब बिट्टू अगले साल होने वाला पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। रवनीत बिट्टू ने लुधियाना से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा सांसद बनाया। इसके बाद 21 जून को कार्यकाल खत्म हो गया। इसके बाद भाजपा ने उनकी जगह अमृतसर से भाजपा नेता तरुण चुघ को राज्यसभा भेज दिया। हालांकि नियमों के मुताबिक बिट्टू बिना सांसद बने भी 6 महीने यानी 21 दिसंबर तक मंत्री बने रह सकते थे, लेकिन उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार किया बिट्टू बोले- अब मेरा टाइम पंजाब के लिए है इस्तीफे को लेकर रवनीत बिट्टू ने कहा- मैंने 2–3 महीने पहले ही इस बारे में रिक्वेस्ट की थी। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर आए थे, उस दिन भी मैंने ये बात कही। पिछले सेशन में भी मैं शामिल नहीं हुआ था। जिस दिन मेरी राज्यसभा की टर्म खत्म हुई, मैंने उसी दिन इस्तीफा दे दिया था। मैं कल फिर उनसे मिला था। अब मेरा टाइम पंजाब के लिए है। आज भी मैं कई जगहों पर गया था। अब मुझ पर पंजाब में सरकार बनाने की जिम्मेदारी है, मैं इसी काम पर लगा हूं। उन्होंने X(पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर दिया। भारत के लोगों, विशेषकर मेरे पंजाब के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं सेवा, राष्ट्रवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखूंगा। जनसेवा की मेरी यात्रा नए संकल्प और समर्पण के साथ आगे भी जारी रहेगी। AAP बोली- बिट्टू सतलुज के बहाव में बह गए AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत बिट्टू सतलुज के बहाव में बह गए। यह बात इसलिए कही गई क्योंकि दिलजीत दोसांझ की सतलुज मूवी को लेकर बिट्टू ने ही सबसे ज्यादा आलोचना की थी। हालांकि भाजपा के बड़े नेताओं ने उन्हें नसीहतें दी थी। बिट्टू ने 'सतलुज' फिल्म मेकर्स को चुनौती थी दी केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ फिल्म 'सतलुज' को लेकर कहा था फिल्म पंजाब के उग्रवाद के दौर की केवल एकतरफा कहानी दिखाती है। उनके अनुसार, पंजाब पूरी सच्चाई का हकदार है, आधी कहानी का नहीं। फ़िल्म निर्माताओं को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि फिल्म में 25,000 लोगों के लापता होने या अवैध अंतिम संस्कार का दावा किया गया है, तो उसके समर्थन में आधिकारिक रिकॉर्ड या दस्तावेज पेश किए जाएं, अन्यथा यह स्पष्ट किया जाए कि यह संख्या आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं है। बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर भी निशाना साधते हुए उन्हें इम्पोस्टर (ढोंगी) कहा और कहा था कि उनकी आपत्ति फिल्म से ज्यादा उसके नैरेटिव और सार्वजनिक प्रस्तुति को लेकर है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि सरकार का OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर सीधा नियंत्रण नहीं होता। सरकार ने इस फिल्म को OTT पर रिलीज होने के दूसरे दिन भी भारत में बैन कर दिया था। बेअंत सिंह की विरासत मिली, कांग्रेस से बगावत की रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में बेअंत सिंह परिवार की तीसरी पीढ़ी का चेहरा हैं। पूर्व CM बेअंत सिंह के पोते होने के कारण उन्हें शुरुआत से ही कांग्रेस की विरासत मिली। 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री की। इसके बाद लुधियाना सीट से 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर अपनी पकड़ बनाई। कांग्रेस में रहते हुए बिट्टू को पार्टी के आक्रामक और मुखर नेताओं में गिना जाता था। किसान आंदोलन, कानून-व्यवस्था और पंजाब से जुड़े मुद्दों पर वे खुलकर अपनी राय रखते रहे। 2021 में उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का नेता भी बनाया गया, लेकिन पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व विवादों के बीच उनका पार्टी से मोहभंग बढ़ता गया। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। यह कदम पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया, क्योंकि भाजपा को पहली बार एक मजबूत जट्ट सिख चेहरा मिला। हालांकि वे लुधियाना लोकसभा चुनाव हार गए, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया था। ********** ये खबर भी पढ़ें: रवनीत बिट्टू की 'सतलुज' फिल्म मेकर्स को चुनौती: बोले-25 हजार लापता लाशों के डॉक्यूमेंट्स दें, नहीं तो कानूनी एक्शन लेंगे; डेटा सही तो माफी मांगूंगा केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ‘सतलुज’ फिल्म के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह-संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
कोटा में रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने 54 किलो 940 ग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा के साथ दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया। वहीं अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप और अपहरण के मामले में पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी को दबोच लिया। अपराध और मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो थाना क्षेत्रों में यह कार्रवाई की गई। सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया- रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक भारी मात्रा में डोडा चूरा लेकर ट्रेन से पंजाब जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने टीटीई विश्राम गृह के पास दोनों को दो ट्रॉली बैग और दो हैंड बैग के साथ पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान पंजाब के बठिंडा निवासी गगनदीप उर्फ गगन (20) और आकाशदीप सिंह (19) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर दोनों के बैगों से कुल 54 किलो 940 ग्राम अफीम डोडा चूरा बरामद हुआ। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी चित्तौड़गढ़ और आसपास के क्षेत्रों से सस्ते दामों में डोडा चूरा खरीदकर पंजाब में महंगे दामों में बेचते थे। पुलिस ने दोनों से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। अपहरण, लूट का इनामी आरोपी गिरफ्तार वहीं, अनंतपुरा थाना पुलिस ने हनी ट्रैप, अपहरण और लूट के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पांच हजार रुपए के इनामी आरोपी अजय मीणा उर्फ बिड्डू (22) को गिरफ्तार किया। आरोपी अजय पर एक व्यक्ति को लोन दिलाने का झांसा देकर युवती से बुलाने, झूठे दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर अपहरण करने और एटीएम से 95 हजार रुपए निकलवाने का आरोप है।
जालंधर में आयोजित 49वीं बीएसएफ अंतर-फ्रंटियर हॉकी चैंपियनशिप-2026 का शुक्रवार को समापन हो गया। फाइनल मुकाबले में गत वर्ष की विजेता जम्मू फ्रंटियर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब फ्रंटियर को 5-0 से करारी शिकस्त देकर चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम कर ली। यह प्रतियोगिता सीमा सुरक्षा बल के हीरक जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में बीएसएफ परिसर, जालंधर स्थित अश्विनी स्टेडियम में आयोजित की गई थी। समापन समारोह में पंजाब पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एम.एफ. फारूकी, आईपीएस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के महानिरीक्षक डॉ. अतुल फुलझेले, आईपीएस सहित बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, खेल जगत से जुड़ी हस्तियां और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे। फाइनल मुकाबले में जम्मू फ्रंटियर के खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और पंजाब फ्रंटियर को कोई मौका नहीं दिया। जम्मू फ्रंटियर की जीत के बाद स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह के दौरान बीएसएफ जिम्नास्टिक दल ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं, बीएसएफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल जालंधर के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समारोह में चार चांद लगा दिए। मुख्य अतिथि ने विजेता जम्मू फ्रंटियर टीम को चैंपियनशिप ट्रॉफी और पदक प्रदान किए, जबकि पंजाब फ्रंटियर को उपविजेता ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि एम.एफ. फारूकी ने विजेता टीम को बधाई देते हुए सभी खिलाड़ियों, अधिकारियों और आयोजकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं आपसी सौहार्द, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना को मजबूत करने के साथ-साथ बल के जवानों में शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता और ‘एस्प्रिट-डी-कोर’ की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।
बहराइच में गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर 'वारिस पंजाब दे' संगठन के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और बहराइच पुलिस की संयुक्त टीम ने मनवीर सिंह ढिल्लों (कैलिफोर्निया, अमेरिका) और विक्रमजीत सिंह (भगत सिंह नगर, पंजाब) को दबोचा। ये दोनों 2023 के अजनाला थाना हमले में नामजद थे और लंबे समय से फरार चल रहे थे। जांच में सामने आया है कि पीलीभीत के पूरनपुर निवासी जोगा सिंह ने इन आरोपियों को अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराने और शरण देने का पूरा नेटवर्क तैयार किया था। जोगा सिंह पूरनपुर के एक धार्मिक स्थल का मुख्य सेवादार है और 'वारिस पंजाब दे' संगठन का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मनवीर सिंह ढिल्लों अपने परिवार के साथ नेपालगंज एयरपोर्ट पहुंचा था। वहीं, विक्रमजीत सिंह पिछले एक साल से काठमांडू में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पूछताछ के दौरान विक्रमजीत ने स्वीकार किया कि वह पहले भी पुलिस से बचने के लिए जोगा सिंह के घर रुका था। शुक्रवार तड़के रुपईडीहा आउटपोस्ट पर बिना वीजा भारत में घुसपैठ करते समय दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। पूछताछ में पता चला कि सीमा पार कराने के बाद जोगा सिंह ने उनके लिए रुपईडीहा बॉर्डर पर एक कार का इंतजाम किया था, जिससे उन्हें पूरनपुर पहुंचना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बहराइच पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जोगा सिंह को पूरनपुर के मोहनपुर क्षेत्र से हिरासत में ले लिया है। पुलिस उसे बहराइच ले गई है, जहां सुरक्षा एजेंसियां इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और इसकी फंडिंग के पहलुओं पर गहन पूछताछ कर रही हैं। 23 दिसंबर 2024 को पीलीभीत पुलिस की पंजाब में पुलिस स्टेशन पर बम से हमला करने वाले तीन खालिस्तानी आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में वीरेंद्र सिंह, गुरविंदर सिंह और जसवंत प्रीत नाम के तीन आतंकी ढेर हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि पंजाब में पुलिस स्टेशन पर हमला करने के बाद आरोपी विदेश भागने के लिए पीलीभीत आए थे।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को 24 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया है। बिट्टू को कुछ समय पहले भाजपा ने राज्यसभा की टिकट नहीं दी थी, जिस वजह से वे अब सांसद नहीं थे। वे केंद्र सरकार में पंजाब से BJP के इकलौते राज्य मंत्री थे, उन्हें रेल राज्य और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग विभाग दिया गया था। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बेअंत सिंह के पोते हैं। अब बिट्टू अगले साल होने वाला पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। रवनीत बिट्टू ने लुधियाना से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वह हार गए थे। इसके बाद भाजपा ने उन्हें राजस्थान से राज्यसभा सांसद बनाया। इसके बाद 21 जून को कार्यकाल खत्म हो गया। इसके बाद भाजपा ने उनकी जगह अमृतसर से भाजपा नेता तरुण चुघ को राज्यसभा भेज दिया। हालांकि नियमों के मुताबिक बिट्टू बिना सांसद बने भी 6 महीने यानी 21 दिसंबर तक मंत्री बने रह सकते थे, लेकिन उन्होंने अचानक इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार किया बिट्टू बोले- अब मेरा टाइम पंजाब के लिए है इस्तीफे को लेकर रवनीत बिट्टू ने कहा- मैंने 2–3 महीने पहले ही इस बारे में रिक्वेस्ट की थी। जिस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर आए थे, उस दिन भी मैंने ये बात कही। पिछले सेशन में भी मैं शामिल नहीं हुआ था। जिस दिन मेरी राज्यसभा की टर्म खत्म हुई, मैंने उसी दिन इस्तीफा दे दिया था। मैं कल फिर उनसे मिला था। अब मेरा टाइम पंजाब के लिए है। आज भी मैं कई जगहों पर गया था। अब मुझ पर पंजाब में सरकार बनाने की जिम्मेदारी है, मैं इसी काम पर लगा हूं। उन्होंने X(पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने मुझे भारत सरकार में राज्य मंत्री के रूप में देश की सेवा करने का अवसर दिया। भारत के लोगों, विशेषकर मेरे पंजाब के लोगों की सेवा करना मेरे लिए सम्मान की बात रही है। मैं सेवा, राष्ट्रवाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखूंगा। जनसेवा की मेरी यात्रा नए संकल्प और समर्पण के साथ आगे भी जारी रहेगी। AAP बोली- बिट्टू सतलुज के बहाव में बह गए AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि रवनीत बिट्टू सतलुज के बहाव में बह गए। यह बात इसलिए कही गई क्योंकि दिलजीत दोसांझ की सतलुज मूवी को लेकर बिट्टू ने ही सबसे ज्यादा आलोचना की थी। हालांकि भाजपा के बड़े नेताओं ने उन्हें नसीहतें दी थी। बिट्टू ने 'सतलुज' फिल्म मेकर्स को चुनौती थी दी केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ फिल्म 'सतलुज' को लेकर कहा था फिल्म पंजाब के उग्रवाद के दौर की केवल एकतरफा कहानी दिखाती है। उनके अनुसार, पंजाब पूरी सच्चाई का हकदार है, आधी कहानी का नहीं। फ़िल्म निर्माताओं को चुनौती देते हुए कहा था कि यदि फिल्म में 25,000 लोगों के लापता होने या अवैध अंतिम संस्कार का दावा किया गया है, तो उसके समर्थन में आधिकारिक रिकॉर्ड या दस्तावेज पेश किए जाएं, अन्यथा यह स्पष्ट किया जाए कि यह संख्या आधिकारिक रूप से सत्यापित नहीं है। बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर भी निशाना साधते हुए उन्हें इम्पोस्टर (ढोंगी) कहा और कहा था कि उनकी आपत्ति फिल्म से ज्यादा उसके नैरेटिव और सार्वजनिक प्रस्तुति को लेकर है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि सरकार का OTT प्लेटफॉर्म के कंटेंट पर सीधा नियंत्रण नहीं होता। सरकार ने इस फिल्म को OTT पर रिलीज होने के दूसरे दिन भी भारत में बैन कर दिया था। बेअंत सिंह की विरासत मिली, कांग्रेस से बगावत की रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब की राजनीति में बेअंत सिंह परिवार की तीसरी पीढ़ी का चेहरा हैं। पूर्व CM बेअंत सिंह के पोते होने के कारण उन्हें शुरुआत से ही कांग्रेस की विरासत मिली। 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा पहुंचकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री की। इसके बाद लुधियाना सीट से 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर अपनी पकड़ बनाई। कांग्रेस में रहते हुए बिट्टू को पार्टी के आक्रामक और मुखर नेताओं में गिना जाता था। किसान आंदोलन, कानून-व्यवस्था और पंजाब से जुड़े मुद्दों पर वे खुलकर अपनी राय रखते रहे। 2021 में उन्हें लोकसभा में कांग्रेस का नेता भी बनाया गया, लेकिन पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व विवादों के बीच उनका पार्टी से मोहभंग बढ़ता गया। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले बिट्टू ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। यह कदम पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया, क्योंकि भाजपा को पहली बार एक मजबूत जट्ट सिख चेहरा मिला। हालांकि वे लुधियाना लोकसभा चुनाव हार गए, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री बनाया था। ********** ये खबर भी पढ़ें: रवनीत बिट्टू की 'सतलुज' फिल्म मेकर्स को चुनौती: बोले-25 हजार लापता लाशों के डॉक्यूमेंट्स दें, नहीं तो कानूनी एक्शन लेंगे; डेटा सही तो माफी मांगूंगा केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने ‘सतलुज’ फिल्म के मेकर्स को खुली चुनौती दी है। बिट्टू ने मेकर्स को कहा कि उन 25,000 लापता या अवैध रूप से दाह-संस्कार किए गए शवों के पुख्ता दस्तावेजी सबूत, आधिकारिक रिकॉर्ड पेश करें, जो फिल्म में दिखाए गए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)
बरनाला लाठीचार्ज के विरोध में यूनियन ने आज पठानकोट नगर निगम का घेराव किया गया। अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन (रजि. 44) के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने यह प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की अध्यक्षता पंजाब प्रधान रमेश गिल (कट्टू) ने की, जबकि खजांची सुदेश गिल (बब्बी) और जनरल सेक्रेटरी राजेश कुमार (चांदी) ने आंदोलन का संचालन किया। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि बरनाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक धरने पर बैठे वाल्मीकि समाज की महिलाओं व सफाई कर्मचारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यूनियन नेताओं का कहना है कि इस घटना से वाल्मीकि और सफाई कर्मचारी समाज में भारी रोष व्याप्त है। पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग यूनियन ने मांग की कि लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग भी की गई। बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो सफाई कर्मचारी यूनियन और वाल्मीकि समाज पूरे पंजाब में बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करेगा। किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आंदोलन में काम बंद हड़ताल, जिला स्तर पर रोष प्रदर्शन और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पुतले फूंककर विरोध दर्ज कराने जैसे कार्यक्रम शामिल हो सकते हैं। आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। ये लोग रहे मौजूद इस अवसर पर अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन, ड्राइवर यूनियन और सीवरमैन यूनियन के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इनमें दिनेश भट्टी, मनोज भट्टी, नरिंदर लवली, राजेश कुमार डॉक्टर, संजीत, विक्की मलिक, रमेश कुमार पप्पू, भारत कुमार मंटू, ड्राइवर यूनियन से सोहन, अमित चोपड़ा, रविंदर भट्टी तथा सीवरमैन यूनियन से राहुल, जॉनी, राहुल गिल, सुनील पोंगा और विनोद कुमार सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य शामिल थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एम/एस संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ शुक्रवार को कई स्थानों पर छापेमारी की।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री व जालंधर से सांसद चरणजीत चन्नी कांग्रेस हाईकमान को बड़ा झटका दे सकते हैं। चन्नी गुट से जुड़े नेताओं के मुताबिक वह जल्द ही 2027 चुनाव की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन का पद छोड़ सकते हैं। दिल्ली में 2 दिन हुई हाईकमान की मीटिंग के बाद यह हालात बनते जा रहे हैं। मीटिंग में मौजूद कुछ नेताओं के मुताबिक दिल्ली में केसी वेणुगोपाल की अगवाई में हुई बैठक में चन्नी गुट ने फिर से बागी तेवर अपनाए। चन्नी ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को यहां तक कह दिया कि पंजाब में मौजूदा प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की अगुआई में कांग्रेस चुनाव नहीं जीत सकती। अगर वड़िंग कुर्सी पर बरकरार रहे तो हार या जीत की जिम्मेदारी आपकी होगी। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक तल्खी तब ज्यादा बढ़ी जब कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चरणजीत सिंह चन्नी समेत उनके गुट के नेताओं को कहा कि पार्टी ने आपको इतने बड़े पद दिए हैं और आप फिर भी साथ चलने को तैयार नहीं हैं। यह सुनते ही चन्नी ने पलटकर कहा कि अगर ऐसा है तो वह कंपेन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देते हैं। इस दिल्ली मीटिंग में प्रधान राजा वडिंग पहले चुप रहे लेकिन जब चन्नी गुट ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया तो राजा वडिंग ने कह दिया कि अगर नेताओं को उनसे प्रॉब्लम है तो वो इस्तीफा दे देते हैं। जिस पर केसी वेणुगोपाल ने उन्हें टोक दिया और कहा कि राजा वडिंग को हाईकमान ने प्रधान बनाया है। वही प्रधान रहेंगे। केसी वेणुगोपाल ने सुखजिंदर सिंह रंधावा की भी क्लास लगाई और कहा कि पिछली मीटिंग में जब सब कुछ ठीक हो गया था तो आपने फिर राजा वडिंग के खिलाफ स्टेटमेंट क्यों दी जिस पर सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी कह दिया कि उन्होंने जो कहा सच कहा। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक जब तल्खी ज्यादा हुई तो केसी वेणुगोपाल मीटिंग छोड़कर चले गए। वेणुगोपाल के जाते ही चरणजीत सिंह चन्नी भी मीटिंग से चले गए। चन्नी गुट की नाराजगी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि उनमें से किसी ने भी हाईकमान के साथ हुई बैठक की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर नहीं की। पंजाब कांग्रेस की दिल्ली बैठक में क्या-क्या हुआ जानिए.. मीटिंग की फोटो नहीं की चन्नी गुट ने शेयरदिल्ली में मीटिंग खत्म होने के बाद केसी वेणुगोपाल, भूपेश बघेल, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सुखपाल सिंह खैहरा समेत अन्य नेताओं ने दिल्ली में हुई बैठक के फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा व उनके गुट के नेताओं ने ये फोटो शेयर नहीं किए। सूत्रों के मुताबिक चन्नी गुट ने नाराजगी जताने के लिए इन फोटोज को शेयर नहीं किया है। इससे पहले उन्होंने नियुक्ति को लेकर भी न कुछ पोस्ट किया और न ही हाईकमान का धन्यवाद किया था। जिससे साफ है कि कांग्रेस हाईकमान के साथ चरणजीत सिंह चन्नी गुट की अभी सुलह नहीं हुई है। दिल्ली के प्रदर्शन में पंजाब के सांसदों में रही सुपर दिखने की होड़दिल्ली में केवल बंद कमरे की बैठक ही नहीं, बल्कि सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों में भी नेताओं के बीच खुद को हाईकमान का सबसे करीबी दिखाने की होड़ साफ दिखी। जब राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेसी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना दिया, तो पंजाब के नेता भी अग्रिम पंक्ति में दिखे। राजा वडिंग धरना स्थल पर राहुल गांधी के ठीक पास बैठकर नारेबाजी करते दिखे। पुलिस अधिकारियों के साथ बहस के दौरान भी वडिंग राहुल गांधी के साथ साये की तरह डटे रहे और जिस बस में राहुल को हिरासत में लिया गया, वडिंग उसकी छत पर चढ़ गए। दूसरी ओर, हिरासत में लिए जाने पर चरणजीत सिंह चन्नी भी आक्रामक अंदाज में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर बरसे। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि वह राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरी तरह समर्पित हैं और हाईकमान के हर फैसले के साथ खड़े हैं। चन्नी को अलग-थलग नहीं करना चाहता हाईकमानपॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में चन्नी हाशिए पर चल रहे थे और हाईकमान उन्हें ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पंजाब दौर पर डेरा सचखंड बल्लां के संत निरंजन दास से बार-बार मुलाकात करने से कांग्रेस को अपना दलित वोट बैंक खिसकने का डर बना है। ऐसे में अगर चरणजीत सिंह चन्नी को किनारे कर दिया तो कांग्रेस का यह पारंपरिक वोट बैंक पूरी तरह से डायवर्ट हो जाएगा। इसलिए कांग्रेस हाईकमान चरणजीत सिंह चन्नी को फिर से तवज्जो देने लगी। चन्नी को दिया था यह ऑफर
पंजाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश के बाद फिलहाल मानसून की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती जरूर आई है, लेकिन मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि यह विराम महज कुछ दिनों का ही है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य में अगले तीन दिनों तक मौसम मिला-जुला रहने के बाद 25 जुलाई से मानसून एक बार फिर जोर पकड़ेगा और 27 जुलाई को मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होगा। हालांकि, पिछले दिनों हुई बारिश के चलते तापमान सामान्य स्तर पर आ गया है, जिससे उमस भरी गर्मी से परेशान आम जनता को बड़ी राहत मिली है और ज्यादातर जिलों में मौसम सुहाना बना हुआ है।24 और 26 जुलाई को राहत, आसमान में छाए रहेंगे हल्के बादलमौसम विभाग के अनुसार, आज 24 जुलाई और आगामी 26 जुलाई को पूरे पंजाब में किसी भी जिले के लिए कोई बड़ी मौसम चेतावनी यानी अलर्ट जारी नहीं किया गया है। आज शुक्रवार को अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला और मोहाली समेत राज्य के सभी जिलों में आमतौर पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछेक स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या फुहारें पड़ने की संभावना है। इसी तरह 26 जुलाई रविवार को भी पूरे प्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा और मानसूनी गतिविधियां सामान्य बनी रहेंगी, जिससे लोगों को बिना किसी बाधा के अपने जरूरी कामकाज निपटाने का मौका मिलेगा।25 जुलाई को तीन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्टभले ही आज और परसों मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन कल यानी 25 जुलाई शनिवार को मानसून एक बार फिर अपनी सक्रियता दिखाएगा। मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया है। इन तीनों जिलों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, राज्य के बाकी अन्य जिलों में इस दिन किसी तरह का विशेष चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन छिटपुट बारिश का दौर जारी रह सकता है।27 जुलाई को सबसे ज्यादा खतरनाक रहेगा मौसम, ऑरेंज अलर्ट घोषितमौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 27 जुलाई सोमवार को मानसून सबसे अधिक उग्र रूप में नजर आएगा और राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश तबाही जैसी स्थिति या जलभराव पैदा कर सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर और होशियारपुर जिलों के लिए सबसे गंभीर श्रेणी का ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया है। इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर और रूपनगर में भारी बारिश के मद्देनजर येलो अलर्ट घोषित किया गया है। हालांकि, दक्षिणी और दक्षिण-पश्चिमी पंजाब के जिलों जैसे फिरोजपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, मानसा और संगरूर में इस दौरान फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं रखी गई है।तापमान सामान्य, बठिंडा में सबसे ज्यादा गर्मी तो कपूरथला में हुई सबसे अधिक बारिशवीरवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में एक दिन पहले की तुलना में 0.2 डिग्री सेल्सियस की हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा सामान्य के आसपास ठहर गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान बठिंडा हवाई अड्डे पर सबसे अधिक तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि राजधानी चंडीगढ़ में 34.7, पटियाला में 34.3, लुधियाना में 33.4 और अमृतसर में 30.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज हुआ। बारिश के मामलों में कपूरथला सबसे आगे रहा जहां 38.5 मिलीमीटर की सर्वाधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि भाखड़ा क्षेत्र में 26.5 और पठानकोट में 25 मिलीमीटर पानी बरसा, जिससे सूबे का आबोहवा पूरी तरह खुशनुमा हो गई है।
पंजाब में प्राइवेट स्कूलों की फीस को लेकर पंजाब सरकार के नए अध्यादेश के खिलाफ स्कूल मालिक हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। 'फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशंस ऑफ पंजाब' ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका पर सुनवाई दो जजों की बैंच ने शुरू कर दी है। वीरवार को फेडरेशन आफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब एडवोकेट राजीव आत्माराम और बृजेश भोंसला कोर्ट में पेश हुए और उन्होंने कोर्ट को बताया कि 25 जुलाई 2026 से सरकार स्कूलों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर सकती है। उन्होंने कोर्ट से अपील की है कि 25 जुलाई से पहले इस पर सुनवाई की जाए। दो जजों की बैंच ने स्कूल संचालकों की याचिका आज सुनवाई करने का फैसला किया है। स्कूल संचालकों ने 21 जुलाई को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को अपनी याचिका रजिस्टर की थी। स्कूल संचालकों को सरकार के इन फैसलों पर है ऐतराज, जानिए... पंजाब सरकार के अध्यादेश में क्या क्या है, जानिए ..
एमए अंग्रेजी में हरजोत कौर पंजाब यूनिवर्सिटी की टॉपर
लुधियाना| मॉडल टाउन स्थित गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर विमेन (गुजरखान कैंपस) की छात्रा हरजोत कौर ने पंजाब यूनिवर्सिटी की एमए (अंग्रेजी) सेमेस्टर द्वितीय परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। कॉलेज के अनुसार, अप्रैल-मई 2026 में आयोजित परीक्षा में हरजोत कौर ने 75 प्रतिशत अंक हासिल कर विश्वविद्यालय स्तर पर शीर्ष स्थान बनाया। परिणामों में हरलीन कौर ने 71.5 प्रतिशत अंकों के साथ कॉलेज में दूसरा और सिमरन ने 70.5 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की उपलब्धि पर प्रिंसिपल डॉ. मनीता काहलों ने बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनके समर्पण, कड़ी मेहनत और निरंतर अध्ययन का परिणाम है।
छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस और भाजपा की राजनीति 'शर्मनाक': पंजाब आप
पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) ने नीट पेपर लीक को लेकर देश भर में चल रहे छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति को 'शर्मनाक' बताया।
ईडी ने पंजाब के कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि उसने मोहाली की स्पेशल कोर्ट में कॉलोनाइजर अजय सहगल के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दायर की है
NEET परीक्षा पेपर लीक और देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा घोटालों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने केंद्र और पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष एवं विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा के दिशा-निर्देशों पर बटाला के ऐतिहासिक गांधी चौक में केंद्र और पंजाब सरकार का पुतला फूंका गया और उग्र प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन सिटी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संजीव शर्मा और जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गौतम सेठ गुड्डू के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सिटी कांग्रेस अध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर के प्रतिभावान छात्र दिल्ली में अपने अधिकारों और न्याय के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र सरकार छात्रों की वाजिब मांगों को सुनने और समस्या का समाधान करने के बजाय उन पर अत्याचार कर रही है। सपने टूट रहे युवाओं के दिन-रात मेहनत करके NEET और UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं का सपना पेपर लीक जैसी धांधलियों से चकनाचूर हो जाता है। केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक रोधी कड़े कानून लागू करने में पूरी तरह नाकाम रही है। “केंद्र के नक्शेकदम पर चल रही पंजाब सरकार” जिला उपाध्यक्ष गौतम सेठ गुड्डू ने राज्य और केंद्र सरकार दोनों पर हमला करते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं, लेकिन सरकारों की गलत और छात्र-विरोधी नीतियों के कारण आज युवाओं को पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। केंद्र सरकार ने जिस तरह पहले देश के किसानों और मजदूरों की आवाज़ दबाने का काम किया, ठीक उसी तरह अब विद्यार्थियों की आवाज को कुचला जा रहा है। पंजाब में भी कई परीक्षाओं के पर्चे लीक हुए हैं, जिससे यह साफ है कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार भी केंद्र सरकार के ही नक्शेकदम पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी देश के छात्रों और युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और किसी भी सूरत में विद्यार्थियों के साथ अन्याय व धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फरीदकोट में हुए चर्चित पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) युवा मोर्चा का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को मोगा में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिला भाजपा कार्यालय के बाहर एकत्र हुए बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार का पुतला फूंका। इस प्रदर्शन में पंजाब भाजपा के महासचिव सरदार परमिंदर सिंह बराड़ और भाजपा के जिला अध्यक्ष डॉ. हरजोत कमल विशेष रूप से शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों और युवाओं को संबोधित करते हुए नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में एक के बाद एक सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने पंजाब के लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है। पंजाब सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से करवाने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। बार-बार होती ऐसी धांधलियों से युवाओं का सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं पर से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है। निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग भाजपा नेताओं ने फरीदकोट पेपर लीक प्रकरण पर राज्य की भर्ती व्यवस्था की पोल खोलने का आरोप लगाया। उन्होंने मांग रखी कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध (टाइम-बाउंड) जांच करवाई जाए। इस साजिश के पीछे जितने भी मुख्य दोषी और भू-माफिया/नकल माफिया शामिल हैं, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। अगर दोषियों पर नकेल नहीं कसी गई तो मेहनत करने वाले योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य यूं ही बर्बाद होता रहेगा। हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी, व्यापक आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हाथों में पंजाब सरकार विरोधी तख्तियां और पार्टी के झंडे लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। हालांकि, मौके पर पुलिस प्रशासन तैनात रहा और पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था व सुरक्षा बनी रही, जिससे प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में भाजपा नेताओं ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि सरकार ने युवाओं के हितों की रक्षा के लिए तत्काल कठोर कदम नहीं उठाए, तो भारतीय जनता पार्टी और युवा मोर्चा पूरे पंजाब स्तर पर एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करेगा।
देश में लॉजिस्टिक्स लागत को घटाने, माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ाने और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को नया आयाम देने के लिए केंद्र सरकार का नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान अब तक के सबसे बड़े स्वरूप में सामने आ रहा है। उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों—उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा और झारखंड—को आपस में जोड़ने के लिए 10,389 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे और एक्सेस-नियंत्रित हाई-स्पीड कॉरिडोर नेटवर्क (High-Speed Corridor Network) तेजी से आकार ले रहा है। इस विशाल नेटवर्क के पूरी तरह तैयार होने के बाद न केवल उत्तर प्रदेश और बिहार से पंजाब-हरियाणा के औद्योगिक शहरों का सफर आधा रह जाएगा, बल्कि इससे पूर्वी और उत्तरी भारत के बीच व्यापार की एक नई क्रांति देखने को मिलेगी। आइए एक इंफ्रास्ट्रक्चर और पॉलिसी रिपोर्टर के नजरिए से समझते हैं कि यह प्रोजेक्ट क्या है और इससे आम लोगों व व्यापारियों को क्या लाभ होंगे।10,389 किमी कॉरिडोर नेटवर्क: उत्तर भारत को जोड़ने वाली मुख्य कड़ियांभारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के विजन के तहत विकसित किया जा रहा यह विशाल सड़क नेटवर्क कई प्रमुख आर्थिक गलियारों (Economic Corridors) को आपस में जोड़ेगा:अमृतसर-जामनगर और लुधियाना-अजमेर कॉरिडोर का विस्तार: यह कॉरिडोर पंजाब के कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों को पश्चिमी तटों और मध्य भारत के औद्योगिक हब से जोड़ता है।पूर्वांचल और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से कनेक्शन: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और निर्माणाधीन गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को इस नेटवर्क के जरिए सीधे पंजाब और हरियाणा से जोड़ा जा रहा है।बिहार और झारखंड की सीधी पहुंच: बिहार के पटना-बक्सर एक्सप्रेसवे और वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वी राज्यों के किसान, व्यापारी और छात्र चंद घंटों में यूपी और पंजाब तक पहुंच सकेंगे।इस मेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क के 4 सबसे बड़े फायदेसफर के समय और ईंधन में भारी बचत: एक्सप्रेसवे पर गाड़ियों की रफ्तार 100 से 120 किमी/घंटा रहेगी, जिससे यूपी और बिहार से पंजाब या दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों का सफर समय लगभग 40% तक घट जाएगा।लॉजिस्टिक्स और कृषि उत्पादों की त्वरित डिलीवरी: पंजाब और हरियाणा से अनाज, कपड़ा और मशीनरी तथा बिहार-यूपी से कच्चा माल व कृषि उत्पाद एक से दूसरे राज्य तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेंगे, जिससे सामान का नुकसान कम होगा।औद्योगिक गलियारों और रोजगार का सृजन: इन हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के दोनों तरफ मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP), फूड प्रोसेसिंग जोन और औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।कनेक्टिविटी से बदलेगी राज्यों की आर्थिक किस्मत: यूपी और बिहार जैसे घनी आबादी वाले राज्यों के छोटे शहरों को सीधे राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ने से स्थानीय रियल एस्टेट और व्यापार को अभूतपूर्व उछाल मिलेगा।अत्याधुनिक सुरक्षा और एआई-पावर्ड टोल सिस्टमइस 10,389 किमी लंबे एक्सप्रेसवे नेटवर्क को 'स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर' के मानकों पर तैयार किया जा रहा है:एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS): पूरे हाईवे पर एआई कैमरे और सेंसर तैनात रहेंगे जो ओवरस्पीडिंग, दुर्घटना या सड़क पर किसी भी रुकावट की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देंगे।जीपीएस-बेस्ड बैरियरलेस टोलिंग: टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सैटेलाइट (GNSS) आधारित टोल संग्रह प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे गाड़ी बिना रुके टोल पार कर सकेगी।
मोगा जिले के धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र ने भारत निर्वाचन आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को पूरे पंजाब में सबसे पहले सफलतापूर्वक पूरा कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ई.आर.ओ.) धर्मकोट श्री गुरविंदर सिंह जौहल को विशेष रूप से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके कुशल नेतृत्व, प्रभावी योजना और पूरी टीम की समर्पित मेहनत का परिणाम है। निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी गुरविंदर सिंह जौहल ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सका। जौहल ने जिला प्रशासन, सभी सुपरवाइजरों, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और अभियान से जुड़े सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। डीसी ने कर्मचारियों के काम की सराहना की डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने भी गुरविंदर सिंह जौहल को बधाई दी। उन्होंने कहा कि धर्मकोट विधानसभा क्षेत्र द्वारा पंजाब में सबसे पहले एसआईआर प्रक्रिया पूरी करना पूरे मोगा जिले के लिए गर्व की बात है। सेतिया ने कहा कि यह उपलब्धि चुनाव अमले की टीम भावना, प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट प्रबंधन का प्रतीक है। उन्होंने निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी, समस्त चुनाव स्टाफ, बीएलओ, सुपरवाइजरों तथा अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। डिप्टी कमिश्नर ने जोर दिया कि लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ऐसे अभियानों को पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी मोगा जिले की चुनावी टीमें इसी समर्पण और लगन के साथ कार्य करती रहेंगी तथा पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखेंगी।
केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखा है। साथ ही राज्य में लंबित रेलवे परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण, वन स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक मंजूरियों में देरी के कारण कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं। अब 4 प्वाइंट में जानिए बिट्टू ने सीएम को पत्र में क्या लिखा है -1. फिरोजपुर-पट्टी रेल लाइन: पैसा मिला, लेकिन काम शुरू नहीं - यह 25.72 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन है। इसके लिए फिरोजपुर और तरनतारन में जमीन लेनी है। केंद्र सरकार ने जमीन खरीदने के लिए 194.11 करोड़ रुपये पंजाब सरकार को दे दिए थे, लेकिन जमीन अभी तक रेलवे को नहीं मिली। इसलिए निर्माण शुरू नहीं हो पाया। 2. राजपुरा-मोहाली रेल लाइन - जमीन की प्रक्रिया अटकी यह 18.11 किलोमीटर लंबी रेल लाइन पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और मोहाली से होकर जाएगी। इन तीन जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इसी कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही। 3. नंगल डैम-तलवाड़ा-मुकेरियां रेल लाइन - वन मंजूरी का इंतजार इस परियोजना के ज्यादातर वन अनुमति मिल चुकी है, लेकिन एक हिस्से के लिए वन्यजीव सुरक्षा योजना की मंजूरी अभी बाकी है। रेलवे ने योजना जमा कर दी है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही आगे का काम शुरू हो सकेगा। 4. रमन मंडी-सद्दा सिंघवाला रेल लाइन - मानसा और बठिंडा में जमीन बाकी यह परियोजना मानसा-बठिंडा रेलवे लाइन को दोहरी बनाने से जुड़ी है। इसके लिए मानसा और बठिंडा में 192.42 हेक्टेयर जमीन लेनी है। जमीन अधिग्रहण पूरा न होने से परियोजना में देरी हो रही है।
सिरसा जिले के डबवाली में संगरिया-चौटाला (भारतमाला) रोड पर ओवरटेक करने के प्रयास में एक कार आगे चल रहे ट्रक के पीछे जा टकराई। इस दुर्घटना में कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायल ड्राइवर की पहचान गांव शाहपीणी निवासी 35 वर्षीय जसबिंदर सिंह पुत्र हरमिंदर सिंह के रूप में हुई है। उनके साथ कार में सवार भतीजा बाल-बाल बच गया। जसबिंदर सिंह संगरिया के भगतपुरा रोड स्थित वीरा इंडस्ट्रीज में कार्यरत बताए जा रहे हैं और घटना के समय पंजाब से अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल जसबिंदर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र संगरिया पहुंचाया। प्राथमिक जांच में उनके सिर पर गंभीर चोट, कंधे की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन बेहतर इलाज के लिए जयपुर ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा चौटाला गांव के पास एक रेस्टोरेंट के नजदीक हुआ। कार ड्राइवर ने आगे चल रहे वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया, तभी कार ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। घटना की सूचना मिलते ही धन-धन श्री गुरु रामदास सेवा समिति के सेवादार राज किंगरा और उनकी टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने एंबुलेंस के माध्यम से घायल को अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
लंदन में खालसा एड के संस्थापक रवि सिंह खालसा ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से मुलाकात की। यह बैठक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के लंदन दौरे के दौरान हुई। इस दौरान दोनों के बीच मानवता की सेवा, सामाजिक कल्याण और पंजाब के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बुधवार को मुलाकात के दौरान रवि सिंह खालसा ने जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज को खालसा एड की ओर से दुनिया के विभिन्न देशों में किए जा रहे राहत और मानवता की सेवा से जुड़े कार्यों की जानकारी दी। दोनों ने सिख सिद्धांत ‘सरबत का भला’ के तहत सेवा कार्यों को और अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। साथ ही, इन प्रयासों को मीडिया के माध्यम से वैश्विक स्तर पर बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने को लेकर भी चर्चा हुई। मानवता की सेवा के कार्यों की सराहना जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने खालसा एड की ओर से किए जा रहे मानवता की सेवा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने रवि सिंह खालसा को सुझाव दिया कि पंजाब के माझा या मालवा क्षेत्र में ऐसी जगह पर आधुनिक सुविधाओं से लैस एक उच्च स्तरीय अस्पताल स्थापित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। एक स्कूल स्थापित करने का भी सुझाव दिया इसके अलावा, जत्थेदार ने पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र में एक स्कूल स्थापित करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों और बच्चों को शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। रवि सिंह खालसा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज के सुझावों पर रवि सिंह खालसा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और इन पर आगे काम करने का भरोसा दिलाया। मुलाकात के अंत में दोनों ने एक-दूसरे को दस्तार भेंट कर सम्मानित किया।
जालंधर में नए राशन कार्ड और सदस्य जोड़ने के लिए 11 अगस्त तक आवेदन करें
जालंधर| राशन कार्ड योजना के तहत नए राशन कार्ड बनाने और मौजूदा कार्डों में सदस्य जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला कंट्रोलर हरशरण जीत सिंह बराड़ ने बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब के ऐलान के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि पहल का उद्देश्य योग्य परिवारों और लाभार्थियों को निष्पक्ष प्रक्रिया के माध्यम से योजना में शामिल करना है। नए कार्ड या सदस्य जोड़ने के लिए फॉर्म विभागीय वेबसाइट http://foodsuppb.gov .in से अंग्रेजी व पंजाबी में डाउनलोड किए जा सकते हैं। आवेदन निकटतम सेवा केंद्र/कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन जमा करने पर 100 रुपये प्रति फॉर्म प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा, जबकि https://ercms.punjab .gov.in पोर्टल पर स्वयं ऑनलाइन जमा करने पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। आवेदक दस्तावेजों सहित फॉर्म और 100 रुपये शुल्क कार्यालय में जमा कर सकते हैं। सफल सबमिशन पर मोबाइल पर रसीद नंबर सहित संदेश मिलेगा। आवेदन 11 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे।
संसद मार्ग पर छात्रों पर लाठीचार्ज पंजाब के लिए खतरा: हवारा कमेटी
अमृतसर | जत्थेदार जगतार सिंह हवारा कमेटी ने दिल्ली के संसद मार्ग और जंतर-मंतर पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की निंदा की है। कमेटी ने इस घटना को पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर एक खतरनाक संकेत बताया है। हवारा कमेटी के प्रवक्ता प्रो. बलजिंदर सिंह, बापू गुरचरण सिंह, महाबीर सिंह सुल्तानविंड और डॉ. सुखदेव सिंह बाबा ने कहा कि एक तरफ बीजेपी पंजाब में सरकार बनाने के दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के छात्रों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में पुलिस प्रशासन ने नाबालिग छात्राओं व अन्य छात्रों के साथ बदसलूकी की, जो मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। कमेटी नेताओं ने कहा कि छात्रों का कसूर सिर्फ इतना है कि वे अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए परीक्षाओं में पारदर्शिता और पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच व संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
सुखजिंदर सिंह, डीएफएससी विक्की कुमार | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से नए राशन कार्ड बनाए जाने के ऐलान के बाद बुधवार से आवेदन शुरू हो गए। लोग विभाग के दफ्तर में भी फॉर्म भरकर नया राशन कार्ड बनवा सकेंगे। वहीं खुद अॉनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही सेवा केंद्र और सीएससी सेंटरों पर भी आवेदन किया जा सकेगा। अगर खुद इसका आवेदन करना होगा तो इसके कोई चार्जेस नहीं होंगे, जबकि सेवा केंद्र पर इसके 100 रुपए चार्जेस वसूले जाएंगे। सेवा केंद्र की ओर से इसकी डॉर स्टेप सर्विस भी दी जाएगी और इसके 150 रुपए चार्जेस लिए जाएंगे। फिलहाल 11 अगस्त तक लोग नए कार्ड के लिए आवेदन कर सकते है। लोग नए कार्ड बनवाने के साथ-साथ अपने कार्ड में नए सदस्यों को भी जोड़ सकेंगे। जिन लोगों की सालाना आय 8 लाख से कम है, वह भी नीले कार्ड बनवा सकेंगे। सरकार की ओर से पूरे परिवार की यह इनकम शर्त रखी गई है। वर्ष 2013-14 के समय जब लोगों के नीले कार्ड बनाए गए थे तो सालाना इनकम 60 हजार रुपए की शर्त ही रखी गई थी। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने कहा कि 11 अगस्त तक लोग स्मार्ट राशन कार्ड बनवा सकते हैं। फिलहाल सरकार के ऐलान के बाद बुधवार से ही इसके ऑनलाइन आवेदन भी शुरू कर दिए गए। लोग नया राशन कार्ड बनाने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह से ही आवेदन कर सकेंगे। नया राशन कार्ड बनाने के लिए ऑफलाइन फॉर्म भरने के लिए विभाग की वेबसाइट foodsuppb.gov.in से फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म भरकर उसके साथ संबंधित दस्तावेज लगाकर लघु सचिवालय स्थित तीसरी मंजिल में विभाग के दफ्तर में जमा करवाएं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए https://ercms.punjab .gov.in पोर्टल पर जाकर लोग अपना आवेदन कर सकते हैं। अगर खुद ही आवेदन करना होगा तो उसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। यह पोर्टल खोलने के साथ ही खुद फार्म भरने और सेवा केंद्र या डॉर स्टेप सर्विस की ऑप्शन उपलब्ध होगी। खुद आवेदन करने के समय पूरे परिवार की जानकारी, उनके दस्तावेज, परिवार की एक साथ फोटो आदि की सारी जानकारी भरनी होगी। ऑनलाइन आवेदन भरने के दौरान परिवार में कोई किसान/बेजमीन मेंबर था, जिसने आर्थिक तंगी के कारण खुदकुशी की, परिवार में ऐसे बच्चे हैं जिन्होंने कोविड-19 के दौरान अपने मां-बाप को गंवा दिया, परिवार ने कोविड-19 के दौरान अपना कमाउ मेंबर गंवा दिया, परिवार का कोई मेंबर नशा मुक्ति केंद्र ईलाज करवा रहा है या पिछले एक साल के दौरान नशा मुक्ति का इलाज करवा चुका है, जैसी जानकारी भी भरनी होगी। यह सब जानकारी भरने के फॉर्म को अपडेट करना होगा। गलत जानकारी या अधूरे दस्तावेज देने पर आवेदन रद्द हो सकता है। अंतिम तिथि 11 अगस्त के बाद आवेदन करने वालों को अगली प्रक्रिया का इंतजार करना पड़ सकता है। इस बार आय सीमा को बढ़ाकर 8 लाख करने से हजारों ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो अब तक राशन कार्ड नहीं बनवा पाए थे। सरकारी विभाग में कांट्रेक्ट, आउट सोर्स, दिहाड़ीदार कर्मचारी नया राशन कार्ड बनवा सकेंगे जिनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख से कम है। वहीं भारत या राज्य सरकार के विभाग या बोर्ड, निगम, निगम समिति, ट्रस्ट, संस्थान आदि में रेगुलर सरकारी कर्मचारी होंगे, वह यह कार्ड नहीं बनवा सकेंगे। आधार कार्ड (सभी सदस्यों का) .बिजली बिल/निवास प्रमाण .पासपोर्ट साइज फोटो और परिवार की सामूहिक फोटो .एलपीजी बुकलेट (यदि है) .फर्द (यदि कृषि भूमि हो) .दिव्यांगता, बीमारी, विधवा या अनाथ होने संबंधी प्रमाणपत्र (यदि लागू हों)जिले के सभी पात्र परिवार निर्धारित अवधि के भीतर नए स्मार्ट राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए जिला खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले कार्यालय या अपने नजदीकी सेवा केंद्र/कॉमन सर्विस सेंटर से संपर्क किया जा सकता है।
केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही रणनीतिक नीतियों के खिलाफ पंजाब में एक बार फिर किसानों का उग्र रूप देखने को मिल रहा है। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील (व्यापार समझौते) के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के देशव्यापी आह्वान के बाद पंजाब के विभिन्न हिस्सों में किसानों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कई प्रमुख राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा को पूरी तरह से फ्री करवा दिया, जिससे वाहन चालकों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ा। किसानों के इस आक्रामक तेवर से स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बलों में भी हड़कंप मच गया है।संयुक्त किसान मोर्चा का बड़ा प्रदर्शन, टोल प्लाजा पर कब्जासंयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिए गए निर्देश के तहत पंजाब के अलग-अलग जिलों में सुबह से ही किसान संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। किसानों का आरोप है कि इस ट्रेड डील से देश के छोटे किसानों, कृषि क्षेत्र और घरेलू उद्योगों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपने विरोध को दर्ज कराने के लिए किसानों ने टोल प्लाजा पर पहुंचकर बैरिकेडिंग हटा दी और कंपनियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान घंटों तक टोल प्लाजा पर वाहनों का आवागमन बिना किसी शुल्क के होता रहा, जिससे यातायात व्यवस्था भी काफी प्रभावित हुई।स्थानीय प्रशासन और पुलिस रही सतर्क, शांति बनाए रखने की अपीलकिसानों के इस अचानक और आक्रामक प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से सतर्क नजर आया। कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने न पाए, इसके लिए टोल प्लाजा और संवेदनशील स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, किसानों का प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण ढंग से नारेबाजी और धरने के रूप में जारी रहा, लेकिन प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखा। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि आम जनता और यात्रियों को कम से कम असुविधा का सामना करना पड़े।कृषि सेक्टर पर संकट का हवाला देकर सरकार पर बोला हमलाधरना प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार ने किसानों के हितों के खिलाफ जाकर इस ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। उनका मानना है कि विदेशी समझौतों के कारण देश का कृषि बाजार प्रभावित होगा और स्थानीय उत्पादों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। पंजाब से उठी इस विरोध की चिंगारी ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है, और आने वाले दिनों में किसान संगठनों की अगली रणनीतियों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लुधियाना जिले में 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने से जुड़े मामले का स्वत: (सुओ मोटो) संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार और जिला प्रशासन से जवाब तलब किया है। यह मामला CWP-PIL-169-2026 (Court on its Own Motion vs State of Punjab Others) के तहत सुनवाई में आया। हाईकोर्ट ने अपने 8 जुलाई 2026 के आदेश में कहा कि 31 मई 2026 को प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में लुधियाना में 48 घंटे के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने का गंभीर मामला सामने आया था। इस समाचार को आधार बनाते हुए अदालत ने स्वत: संज्ञान लिया। कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा मांगा कोर्ट ने पंजाब सरकार को निर्देश दिया है कि लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन, आईएएस का शपथपत्र दाखिल किया जाए। इसमें समाचार रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों तथा अब तक की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्यौरा शामिल हो।अदालत ने यह रिपोर्ट 10 दिनों के अंदर पेश करने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 तय की गई है। डी.सी बोले-निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जा रही इस संबंध में लुधियाना के डीसी हिमांशु जैन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं पूरे मामले की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं ताकि सभी तथ्यों की गहन जांच हो सके और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। यह आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने पारित किया। 48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने का मामला क्या था? मई 2026 के अंत में लुधियाना में लगातार दो दिनों के भीतर 9 लड़कियों के लापता होने की खबरों से शहर में हड़कंप मच गया। इनमें 8 लड़कियां नाबालिग थीं। सबसे अधिक मामले जमालपुर और आसपास के थाना क्षेत्रों से सामने आए। कैसे सामने आया मामला? पहले तीन नाबालिग लड़कियों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज हुई। अगले 48 घंटे में अलग-अलग इलाकों से पांच और लड़कियां गायब होने की शिकायतें मिलीं। कुल मिलाकर 48 घंटे में 9 लड़कियों के लापता होने की बात सामने आई, जिससे परिवारों में दहशत फैल गई। महिला आयोग ने भी लिया था संज्ञान मामले की गंभीरता को देखते हुए Punjab State Women Commission (महिला आयोग) ने स्वत: संज्ञान लिया और लुधियाना पुलिस कमिश्नर से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने यह जानना चाहा कि लड़कियां किन परिस्थितियों में लापता हुईं, कितनों को बरामद किया गया और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। बाद में हाईकोर्ट ने भी मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार से जवाब मांगा और मामले की स्थिति पर रिपोर्ट तलब की।
जींद में कार ने बाइक को मारी टक्कर:2 युवक गंभीर, रॉन्ग साइड से आई क्रूजर; पंजाब के रहने वाले
जींद जिले में दिल्ली-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर नरवाना क्षेत्र के बेलरखा गांव के पास मंगलवार को एक सड़क हादसा हो गया। यहां गलत दिशा से आ रही एक क्रूजर कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को नरवाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए दोनों को रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। जानकारी के मुताबिक, घायल दोनों युवक पंजाब के लुधियाना के रहने वाले हैं और किसी काम से दिल्ली जा रहे थे। पंजाब से दिल्ली जा रहे थे बाइक सवार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्रूजर कार बेलरखा गांव की ओर गलत दिशा में जा रही थी। इसी दौरान पंजाब से नरवाना होते हुए दिल्ली जा रहे बाइक सवार युवकों की कार से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेलरखा और आसपास के गांवों में जाने के लिए कई वाहन ड्राइवर अक्सर हाईवे पर गलत दिशा में वाहन चलाते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से रॉन्ग साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे हादसे लगातार हो रहे हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस राहगीरों और ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस से मांग की है कि गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। नरवाना सदर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार कार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
पाकिस्तान के पंजाब में बारिश का कहर
इस्लामाबाद, पाकिस्तान में बारिश कई इलाकों पर कहर बन कर टूटी है। खासकर पंजाब प्रांत गुजरांवाला, नारोवाल, पाकपत्तन और लाहौर शहरों में भारी बरसात ने तबाही मचा दी है।
देश में सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर पंजाब कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब कांग्रेस आज सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर रही है और केंद्र व राज्य सरकार के पुतले फूंकने का ऐलान किया है। पार्टी का आरोप है कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के कारण युवाओं का व्यवस्था से भरोसा टूट रहा है। पंजाब के हर जिले में राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन और पुतले दहन पंजाब कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बुधवार को राज्य के सभी जिलों में विरोध-प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा। इस दौरान केंद्र सरकार और पंजाब की भगवंत मान सरकार के खिलाफ रोष जताया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि NEET, फार्मासिस्ट भर्ती, 12वीं इंग्लिश और PSTET समेत कई परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आ रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि ग्रुप-बी पेपर लीक मामले में पिछले छह महीनों से कोई ठोस कार्रवाई या जांच नहीं हुई है, जिससे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मान सरकार के कार्यकाल में 3 बड़े पेपर लीक: कांग्रेस पंजाब कांग्रेस के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आप के शासनकाल में अब तक तीन बड़े पेपर लीक मामले सामने आ चुके हैं। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, सबसे पहले फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हुआ, इसके बाद 12वीं कक्षा के अंग्रेजी विषय और फिर PSTET का पेपर लीक हुआ। कांग्रेस का आरोप है कि इसके अलावा पिछले छह महीनों से ग्रुप-बी भर्ती पेपर लीक मामले में कोई ठोस जांच या कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी नेताओं ने दावा किया कि इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। NEET से लेकर राज्य परीक्षाओं तक युवाओं का टूटा भरोसा राष्ट्रीय स्तर पर NEET परीक्षा में कथित धांधली और राज्य स्तर पर रद्द हो रही व लीक हो रही परीक्षाओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकारों को घेरा है। पंजाब कांग्रेस का कहना है कि मोदी और मान सरकारें देश व प्रदेश के युवाओं को न्याय दिलाने में पूरी तरह विफल रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्षों तक मेहनत करने वाले छात्रों और उनके परिवारों के सपनों को पेपर लीक माफिया नुकसान पहुंचा रहा है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
प्याज से भरे ट्रक से डोडा- पोस्त जब्त, पंजाब ले जा रहे थे, दो गिरफ्तार
चूरू | सदर थाना पुलिस ने डीएसटी टीम की सूचना पर प्याज से भरे ट्रक के केबिन में छिपाकर पंजाब ले जाया जा रहा अवैध डोडा-पोस्त जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीएसटी प्रभारी किसनाराम के अनुसार सूचना मिली कि एक ट्रक में अवैध डोडा-पोस्त ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर चूरू सदर पुलिस को अवगत करवाया। इसके बाद एनएच 52 पर नाकाबंदी के दौरान प्याज से भरे एक ट्रक को रोक कर तलाशी ली, तो उसके केबिन से पांच किलो 590 ग्राम डोडा-पोस्त मिला। पुलिस ने उक्त डोडा पोस्त जब्त कर चालक आकाशदीप सिंह व उसके साथ बैठे कुलविंदर सिंह निवासी मोमनाबाद (पंजाब) को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि उक्त डोडा पोस्त मध्यप्रदेश से पंजाब ले जाया जा रहा था।
अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धार्मिक, राजनीतिक और जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जो भी आदेश जारी किया जाएगा शिरोमणि अकाली दल उसका पूरी श्रद्धा और प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और फैसलों का सम्मान करती आई है। सुखबीर बादल ने 24 जुलाई को निकाले जाने वाले खालसा मार्च का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल इस मार्च में पूरी भागीदारी करेगा। साथ ही उन्होंने बताया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी की ओर से मार्च की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पेपर लीक पर छात्रों से संवाद करे केंद्र सरकार प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने NEET समेत विभिन्न परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को छात्रों के साथ बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज मांगों को पूरा करना चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। पंजाब सरकार के रुख पर उठाए सवाल इसके साथ ही उन्होंने पंजाब सरकार पर भी सवाल उठाए। सुखबीर बादल ने कहा कि एक तरफ पंजाब सरकार जंतर-मंतर पर जाकर छात्रों के समर्थन की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ पंजाब में सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर भी साफ जवाब दे। हर व्यापार समझौता सार्वजनिक हो: बादल भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। किसानों की जो भी मांगें हैं, उन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के साथ होने वाले व्यापार या अन्य समझौते पूरी पारदर्शिता के साथ किए जाने चाहिए। ऐसे समझौतों की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि लोगों को पता रहे कि किन शर्तों पर समझौता हुआ है और उसका देश व किसानों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। बाढ़ पीड़ितों को तुरंत राहत देने की मांग बाढ़ की स्थिति पर बोलते हुए सुखबीर बादल ने आरोप लगाया कि प्रभावित इलाकों के लोग लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक पर्याप्त राहत और बचाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को तत्काल राहत मिलनी चाहिए। मान और केजरीवाल पर साधा निशानाप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने दोनों नेताओं को नास्तिक बताते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
फतेहाबाद पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल (एएनसी) ने पंजाब के दो अंतरराज्यीय तस्करों को 10 किलो 985 ग्राम डोडा पोस्त सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी रतिया क्षेत्र की ढाणियों में नशे की खेप सप्लाई करने पहुंचे थे। मगर पुलिस ने पहले ही घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मारुति ऑल्टो कार भी जब्त कर ली गई। एएनसी प्रभारी वेदप्रकाश ने बताया कि एएसआई अजीत सिंह के नेतृत्व में टीम रतिया-टोहाना बाईपास क्षेत्र में गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि पंजाब के जिला मानसा के बरेटा निवासी अजय कुमार और रोमि सिंह उर्फ रोमी सफेद रंग की ऑल्टो कार में डोडा पोस्त लेकर रतिया क्षेत्र की ढाणियों में सप्लाई देने आ रहे हैं। पुलिस ने नाकेबंदी करके घेरा सूचना मिलते ही पुलिस ने ढाणी शेरगढ़ के कच्चे रास्ते पर नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची। पुलिस को देखकर चालक ने कार मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को मौके पर ही काबू कर लिया। सीट पर रखे कट्टे से मिला डोडापोस्त तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट पर रखे प्लास्टिक के कट्टे से 10 किलो 985 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ और कार दोनों को कब्जे में लेकर आरोपियों के खिलाफ थाना शहर रतिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 15(बी), 61 और 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि डोडा पोस्त की खेप कहां से लाई गई थी, इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क में शामिल अन्य तस्कर कौन हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर जल्द ही नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
पीएम मोदी ने 12 जिलों को फायदा पहुंचाने वाले प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी : पंजाब भाजपा प्रमुख ढिल्लों
पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने सोमवार को कहा कि पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जालंधर दौरा राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से एक बहुत बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है
पंजाब के बहिबल कलां गोलीकांड मामले में पंजाब सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) के सामने आज शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पेश होंगे। SIT ने उन्हें पूछताछ के लिए सुबह 11 बजे बुलाया। यह कार्रवाई उस समय हुई है, जब CM भगवंत मान ने कल (15 जुलाई) ही मुकेरियां में एक जनसभा में कहा था कि अब जेल जाने की बारी सुखबीर बादल की है। इससे पहले भाजपा नेता विजय सांपला से भी पूछताछ हो चुकी है। CM मान ने ये बातें कही थीं… सुखबीर, अब तेरी बारी है: मान ने कहा था- सुखबीर बादल, मुझे लगता है, उसके सपने में भी भगवंत मान आता होगा। दिन-रात एक ही बात पर लगा है, एक मेरी बारी दे दो, क्या यह पानी की बारी है? सुखबीर सिंह, कान खोलकर सुन ले, अब तेरी और तेरे साले की राज करने की नहीं जेल जाने की बारी है। जो गुरू साहिब की बेअदबियां कराई हैं, उसमें से बच नहीं सकते। अपनी सरकार में केस कमजोर किया: भगवंत मान ने कहा- पहले अपनी सरकार थी, केस कमजोर कर लिया। फिर कैप्टन सरकार आई तो उनके साथ मिल गए। केसों पर कार्रवाई नहीं होने दी। अब कार्रवाई होगी। बड़ा टाइम लग गया हमें उन केसों को ठीक करने में। अब पता चलेगा, परमात्मा की चक्की पीसती बहुत धीमे है, लेकिन बहुत बारीक पीसती है। बेअदबी कानून को गलत बता रहे: CM बोले- इनकी मति मारी गई है। अब बेअदबी का जो कानून बनाया है, अकाली दल उसका विरोध कर रहा है। गलत बता रहा है। ये बना देते तो सही, 5 बार मुख्यमंत्री रहे बड़े बादल साहब, तब बना देते। 25 साल कांग्रेस ने राज किया, वह बना देते। बेअदबी मामले की जांच में ताजा क्या कार्रवाई हुई… क्राइम सीन री-क्रिएशन: जुलाई 2026 की शुरुआत में DIG हरजीत सिंह की अगुवाई वाली नई SIT ने फरीदकोट के बुर्ज जवाहर सिंह वाला, बरगाड़ी और बहबल कलां घटनास्थलों का दौरा कर पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया। टीम ने सबूतों का मिलान किया और बाजाखाना थाने का भी दौरा किया, जहां मामले की केस डायरी और अन्य दस्तावेज सुरक्षित हैं। अकाल तख्त के जत्थेदार का बयान: श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने जून 2026 में SIT के सामने अपना बयान दर्ज कराया। यह बयान अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की ओर से दिसंबर 2024 में अकाल तख्त के सामने मांगी गई बिना शर्त माफी के संदर्भ में दर्ज किया गया। नेताओं और अफसरों से पूछताछ: जून और जुलाई 2026 के दौरान SIT ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता विजय सांपला, पूर्व OSD गगनदीप सिंह बराड़ और तत्कालीन उपायुक्त मालविंदर सिंह जग्गी से समन जारी कर पूछताछ की। इसके अलावा अकाली दल के नेता मंतार सिंह बराड़ को भी SIT के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखना पड़ा। 2015 के दर्ज मामलों पर टिकी है जांच यह पूरी कवायद साल 2015 में थाना बाजाखाना में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के तहत की जा रही है। ये मुकदमे 14 अक्टूबर 2015 और 21 अक्टूबर 2015 को दर्ज किए गए थे। बेअदबी की घटनाओं और इसके बाद बहबल कलां में हुए गोलीकांड ने पंजाब की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला था। अब SIT इन प्रमुख लोगों से आमने-सामने पूछताछ कर मामले की गहराई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
PM नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को जालंधर में अकाली दल को स्वार्थों में फंसे होने के बयान से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब पॉलिटिक्स में नई बहस छेड़ दी है। ये बहस चुनाव में अकाली दल से गठबंधन को लेकर हो रही है। पहले अकाली दल व भाजपा के गठबंधन को नाखून-मांस का रिश्ता कहा जाता था। मगर, PM के बयान से भाजपा के सभी 117 सीटों पर अकेले लड़ने की तैयारी दिख रही है। हालांकि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने PM के बयान को यह कहकर टाल दिया कि ये बात हमारे लिए नहीं कही। मगर, उनके करीबी सीनियर नेता विरसा सिंह वल्टोहा ने सीधे चैलेंज करते हुए कहा कि ये बंगाल नहीं है। अगर गठबंधन नहीं करना तो सर्वे क्यों करवा रहे हो। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या 29 साल पुराना भाजपा-अकाली गठबंधन फिर बनेगा या दोनों दल अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे?। गठबंधन को लेकर बहस क्यों छिड़ी गठबंधन को लेकर पार्टी में 2 रायप्रधानमंत्री के बयान से पहले भी भाजपा के भीतर गठबंधन को लेकर अलग-अलग संकेत मिल चुके हैं। गठबंधन पर BJP का औपचारिक पक्ष क्या है, पार्टी अध्यक्ष का बयान पढ़िए..भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कुछ दिन पहले जालंधर में दौरे के दौरान गठबंधन के सवाल पर कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है। चुनाव नजदीक आने पर पार्टी नेतृत्व परिस्थितियों के हिसाब से फैसला करेगा। फिलहाल गठबंधन को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जानिए, अकाली-भाजपा गठबंधन का पिछले चुनावों में कैसा प्रदर्शन रहाभाजपा और शिरोमणि अकाली दल का गठबंधन करीब 3 दशक तक पंजाब की राजनीति की सबसे सफल चुनावी गठजोड़ों में रहा। दोनों दलों ने 1997, 2007 और 2012 में मिलकर सरकार बनाई। भाजपा-अकाली गठबंधन की कामयाबी का राज क्या थाभाजपा-अकाली गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत दोनों दलों का अलग-अलग वोट बैंक था। अकाली दल की पकड़ ग्रामीण, किसान और पंथक इलाकों में थी, जबकि भाजपा शहरों और शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच मजबूत थी। दोनों दलों के साथ आने से गांव और शहर का चुनावी समीकरण बन जाता था। दूसरी बड़ी वजह थी तय सीट शेयरिंग और मजबूत संगठन। लंबे समय तक अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती रही। दोनों पार्टियां अपने-अपने मजबूत क्षेत्रों में चुनाव लड़ती थीं और कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी एक-दूसरे का साथ मिलता था। गठबंधन की वजह से दोनों दलों का वोट बंटने के बजाय एक जगह ट्रांसफर होता था और कई सीटों पर मुकाबला मजबूत बन जाता था। यही समीकरण 2012 में गठबंधन की बड़ी जीत का आधार बना, जब दोनों दलों ने मिलकर 68 सीटें जीतकर सरकार बनाई। लेकिन 2022 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों का वोट अलग-अलग बंट गया और दोनों दल दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। भाजपा-अकाली गठबंधन टूटने का विरोधियों पर असर *********** ये खबर भी पढ़ें: PM मोदी ने पंजाब BJP को 8 मुद्दे बताए: सबसे ज्यादा AAP के खिलाफ; जानिए हरे रंग की ही पगड़ी क्यों पहनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जालंधर में रैली कर पंजाब BJP को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए 8 मुद्दे थमा गए हैं। पीएम ने मंच से कर्ज, ड्रग्स, कमजोर लॉ एंड आर्डर, कर्मचारियों के डीए, महिलाओं को सोशल स्कीम, रोजगार, भ्रष्टाचार और कारोबार के मुद्दे उठाए। (पढ़ें पूरी खबर)
शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह लोक मिलनी कार्यक्रम के तहत संगरूर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पंजाब से जुड़े विभिन्न गंभीर मुद्दों पर विस्तार से अपनी बात रखी। पंजाब के मौजूदा हालातों पर बात करते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे व्यापारिक वर्ग में भारी निराशा का माहौल है। उन्होंने गैंगस्टरों की सक्रियता, चोरी, लूटपाट और जबरन वसूली की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों की जांच अमेरिकी एजेंसी एफबीआई भी कर रही है, और इस पूरे घटनाक्रम में पंजाब पुलिस की संलिप्तता सामने आना एक बेहद गंभीर चिंता का विषय है। एसआईटी जांच और स्थानीय रोजगार का मुद्दा सुखबीर बादल को एसआईटी द्वारा समन किए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मामले में केवल खानापूर्ति कर रही है और धरातल पर कुछ खास नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि पंजाब के युवाओं को नौकरी देने के नाम पर बाहरी राज्यों के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसके कारण पंजाब के स्थानीय योग्यता धारक युवा बेरोजगार हो रहे हैं। विशेष वित्तीय पैकेज और बिजली विभाग की स्थिति ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्र सरकार से मांग की कि पंजाब को भी अन्य राज्यों की तरह कानूनी छूट दी जानी चाहिए और इस समय सीमावर्ती राज्य होने के नाते पंजाब को एक विशेष वित्तीय पैकेज की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि पंजाब सरकार का खजाना पूरी तरह खाली है और बिजली विभाग के हालात इतने खराब हैं कि कर्मचारियों के पास काम के लिए तार खींचने तक का बजट उपलब्ध नहीं है। पंथक पार्टियों और जनता से एकजुटता की अपील राज्य के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उन्होंने पंजाब के लोगों, पंथक पार्टियों और आम जनता से एक मंच पर आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हम सभी पंजाबी हैं, पंजाब में रहते हैं और हमें यहीं रहना है, इसलिए राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर सभी को एकजुट होकर राज्य के हितों की रक्षा के लिए काम करना चाहिए। फिल्म सतलुज पर प्रतिबंध का विरोध सेंसरशिप के मुद्दे पर बोलते हुए ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने फिल्म 'सतलुज' पर लगाए गए प्रतिबंध को गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में सभी को अपनी बात कहने और अभिव्यक्ति का पूरा अधिकार है। उन्होंने 'कश्मीर फाइल्स' और 'केरल स्टोरी' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जब उन फिल्मों को हरी झंडी मिल सकती है, तो 'सतलुज' को क्यों रोका गया? उन्होंने कहा कि यदि फिल्म को समय पर रिलीज होने दिया जाता, तो मौजूदा विवादित स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
कुरुक्षेत्र जिले के मथाना गांव में प्लास्टिक पाइप बनाने वाली फैक्ट्री में काम की तलाश में आया वर्कर पानी के टैंक में डूबने मौत हो गई। वह 5 दिन पहले ही पंजाब से काम की तलाश में अपने भाई के पास मथाना आया था। वह पैर फिसलने से पानी में गिरा, लेकिन उससे बाहर नहीं आया गया। मृतक की पहचान यूपी के बहराइच जिले के अडुका गांव के 20 साल के ननकुन के रूप में हुई है। ननकुन अपने भाई चंद्रिका, मोती लाल और पंकज से छोटा था। परिवार के लोग उसके लिए रिश्ता देख रहे थे। मथाना गांव में काम मिलने के बाद उसे भी अपने गांव वापस जाना था, लेकिन उससे पहले ननकुन की मौत हो गई। 14 जुलाई को आया था भाई के पास मोती लाल ने बताया कि उसका छोटा भाई ननकुन पहले पंजाब में किसी फैक्ट्री में काम करता था। वहां से काम छोड़कर ननकुन 14 जुलाई को कुरुक्षेत्र आया था। यहां उसने अपने भाई को मथाना गांव की प्लास्टिक पाइप फैक्ट्री के ठेकेदार से मिलवाया था। अभी उसे फैक्ट्री में काम नहीं मिला था। टैंक के पास ही नहा रहा था बताया जा रहा है कि इस दौरान उसका भाई मोती लाल गांव चला गया, लेकिन ननकुन नौकरी की तलाश में फैक्ट्री में उसके भाई के दोस्त और अन्य वर्कर के पास रुक गया। यहां ननकुन शाम को फैक्ट्री के पास बने करीब 10 फीट गहरे पानी के टैंक के पास अपने कुछ साथियों के साथ नहा रहा था। कुछ देर बाद साथी अपने काम पर लौट गए, जबकि ननकुन वहीं अकेला रह गया। खुद जाल हटाकर नहाने लगा उनके जाने के बाद उसने टैंक के ऊपर लगा लोहे का सुरक्षा जाल हटा दिया और नहाने लगा। इस दौरान उसका पैर फिसल गया और वह सीधे गहरे पानी में जा गिरा। उसने टैंक से बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन उससे बाहर नहीं निकला गया। काफी देर तक ननकुन नहीं लौटा तो फैक्ट्री के अन्य कर्मचारी उसे देखने पहुंचे। जाल हटा देख कर्मचारियों को हुआ शक टैंक के पास पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उसके ऊपर लगे लोहे के जाल को हटाया हुआ है। शक होने पर अंदर देखा तो ननकुन पानी में पड़ा मिला। उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के लोग ननकुन की शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपा थाना सदर थानेसर पुलिस ने मृतक के पिता मुरली के बयान के आधार पर इत्तफाकिया रिपोर्ट दर्ज की। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पंजाब की भगवंत मान सरकार पर विपक्ष ने एक बार फिर हमला बोला है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मनरेगा कर्मचारियों की गिरफ्तारी और हिरासत में लिए जाने को लेकर सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों को इंसाफ देने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर मनरेगा कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि पहले कर्मचारियों पर लाठीचार्ज किया गया, फिर बड़े स्तर पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त किया गया और अब गिरफ्तारियां की जा रही हैं। यही भगवंत मान सरकार का असली चेहरा है। मनरेगा नेताओं को हिरासत में लेने का दावा राजा वड़िंग ने दावा किया कि अपने जायज हक और मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे मनरेगा के कई जिला और ब्लॉक स्तर के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने हिरासत में लिए गए नेताओं में बरिंदर, नरेंद्र, गुरविंदर और सुखविंदर के नाम बताए। इसके अलावा लुधियाना के एपीओ (असिस्टेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर) समेत कई अन्य प्रमुख नेताओं को भी पुलिस हिरासत में लिए जाने का दावा किया। ‘पुलिस के दम पर नहीं दबाई जा सकती मजदूरों की आवाज’ राजा वड़िंग ने कहा कि कोई सरकार पुलिस और धमकियों के दम पर अधिकारों के लिए लड़ रहे मजदूरों और कर्मचारियों की आवाज को दबा नहीं सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमन का रास्ता अपनाया है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की मांग कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करना बेहद निंदनीय है। सरकार को गिरफ्तारियां करने के बजाय कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी मांगों का समाधान करना चाहिए।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024

