शाहजहांपुर में गुरुवार को हुए लाठीचार्ज का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व एमएलसी जयेश प्रसाद ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ गांव जाकर लाठीचार्ज से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की। ग्रामीणों ने पूर्व एमएलसी को घटना की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें लगातार परेशान कर रही है। यह लाठीचार्ज गुरुवार को तब हुआ था, जब ग्रामीणों ने पुलिस चौकी का घेराव किया था। ग्रामीण 9 जून की रात एक साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हुए पुलिस एनकाउंटर को फर्जी बता रहे थे। मुठभेड़ में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी। जयेश प्रसाद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अगर पुलिस उन्हें फिर परेशान करती है तो वे तुरंत उन्हें फोन करें। उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी ग्रामीणों के साथ खड़ी है। सपा नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समय अंग्रेजों से भी ज्यादा जुल्म किया जा रहा है। प्रशासन से लड़ेंगे और उसके बाद कोर्ट जाएंगे… पूर्व एमएलसी ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी को भी गांव से भागने की जरूरत नहीं है और किसी भी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें कोई राजनीति नहीं है, बल्कि उनका उद्देश्य इन लोगों की मदद करना है। जयेश प्रसाद ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) को भी इस स्थिति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी इस घटना से अवगत कराएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रमुख सचिव गृह से मिलकर अल्टीमेटम देंगे कि यदि दो दिन में न्याय नहीं मिला तो यहां स्थिति उग्र हो सकती है। प्रसाद ने लाठीचार्ज में महिलाओं पर क्रूरतापूर्ण तरीके से लाठी चलाने का भी जिक्र किया। कहा कि इस गांव के लोग उनके परिवार की तरह हैं। उन्होंने बताया कि वह इस प्रकरण में खुद प्रार्थना पत्र लेकर एडीजी से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को अगर न्याय नही मिला तो उसके बाद हाइकोर्ट में याचिका दायर कराएंगे। उन्होने कहा कि न्याय के लिए हम प्रशासन से लड़ेंगे और उसके बाद कोर्ट जाएंगे ।
पानी को लेकर हुए विवाद में छोटे भाई ने अपने परिवार के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से वार कर बड़े की हत्या कर दी। इस दौरान एक भाई ने जब बड़े भाई को बचाने को कोशिश को तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया। मामला कोटपूतली-बहरोड़ जिले के प्रागपुरा थाना क्षेत्र के बेरीबांध गांव की दयाराम सिंह की ढाणी का है। प्रगापुरा थाना अधिकारी भजनाराम ने बताया-घटना शुक्रवार रात 9 बजे की है। मृतक अशोक के बेटे अमित सिंह ने प्रागपुरा थाने में रिपोर्ट दी है। पानी को ज्यादा काम में लेने को लेकर चल रहा था विवाद अमित ने बताया- रात 9 बजे मेरे पिता अशोक कुमार घर के बाहर स्थित पानी की टंकी पर पानी पी रहे थे। इस दौरान मेरे चाचा मुकेश सिंह और उनके बेटे श्याम सुंदर, संदीप सिंह, चाची कुसुम कंवर कुल्हाड़ी और फरसा लेकर अशोक कुमार के पास पहुंचे। इस दौरान पानी ज्यादा काम में लेने को लेकर चारों अशोक सिंह से विवाद करने लगे। विवाद के दौरान चारों ने मिलकर अशोक कुमार पर हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस पर अशोक जान बचाने के लिए घर की ओर भागे। इस दौरान आरोपी उन पर वार करते रहे। इस पर अशोक लहूलुहान होकर घर के आगे जमीन पर गिर पड़े। अशोक को बचाने के लिए उनके बड़े भाई उम्मेद सिंह बीच बचाव के लिए आए तो आरोपियों ने उम्मेद सिंर के सिर पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया। बचाने आए परिवार के लोगों पर भी किया हमला झगड़ देखकर उम्मेद सिंह की पत्नी संतोष कंवर, अशोक की पत्नी गुलाब कंवर, अशोक का छोटा बेटा मनोज सिंह और उम्मेद सिंह का बेटा जलदीप सिंह मौके पर पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और मौके से फरार हो गए। तीन घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज अमित ने बताया- परिजन अशोक और उम्मेद सिंह को घायल हालत में कोटपूतली के राजकीय बीडीएम अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने अशोक को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल उम्मेद सिंह, गुलाब और संतोष का अस्पताल में इलाज चल रहा ह। आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही टीम थानाधिकारी भजनाराम ने बताया-मृतक के भाई मुकेश सिंह, श्याम सुंदर, संदीप सिंह और कुसुम कंवर के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थानाक्षेत्र स्थित जन्नत बार एंड रेस्टोरेंट में एक युवक ने फायरिंग कर दी। इस दौरान वहां भगदड़ मच गई। युवक का बाउंसरों की बात न मानने के बाद विवाद हो गया था। पुलिस ने आरोपी युवक के 3 साथियों को हिरासत में ले लिया है। वहीं, आरोपी अभी फरार है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12:26 बजे मिलेनियम सिटी के पास स्थित रेस्टोरेंट के बाहर फायरिंग की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि मोहनलालगंज निवासी सौरभ सिंह चौहान नाम के युवक ने फायरिंग की थी। कंसोल पर चढ़कर डांस करने से रोकने पर गुस्साया सौरभ अपने साथियों के साथ बार में जन्मदिन मनाने आया था। बताया गया कि पार्टी के दौरान सौरभ और उसके साथी बार में बने कंसोल पर चढ़कर डांस करने का प्रयास कर रहे थे। बाउंसरों ने उन्हें ऐसा करने से रोका, जिस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर बाउंसरों ने युवकों को बार से बाहर कर दिया। आरोप है कि बाहर निकलने के बाद सौरभ सिंह चौहान ने अपनी काली स्कॉर्पियो से असलहा निकाला और हवाई फायरिंग कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इसके बाद आरोपी अपनी गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है पुलिस ने आरोपी के साथी सुधांशु यादव, अमन यादव और विनायक यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, विवाद के दौरान कुछ बाउंसरों को मामूली चोटें आई हैं। सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी सौरभ सिंह चौहान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
करौली में 343 गाड़ियों के काटे चालान:बिना हेलमेट, सीट बेल्ट, काली फिल्म वाले वाहनों पर एक्शन
करौली में पुलिस ने सड़क हादसों में कमी लाने और लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिलेभर में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। अभियान में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, काली फिल्म लगे वाहनों, मॉडिफाइड वाहनों, प्रेशर हॉर्न, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, तेज रफ्तार और शराब पीकर वाहन चलाने वालों के चालान काटे गए। साथ ही लोगों को यातायात नियमों की पालना के लिए समझाइश भी दी गई। आगे भी जारी रहेगा अभियानडीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि कलेक्ट्रेट सर्किल सहित क्षेत्र में विशेष अभियान चलाया गया। इसमें सदर थाना, कोतवाली थाना, महिला थाना और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए कुल 191 चालान किए। वहीं, ट्रैफिक पुलिस द्वारा अलग से 152 चालान बनाए गए, जिससे कुल चालानों की संख्या 343 हो गई। डीएसपी ने कहा कि पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने वाहनों पर लिखे जाति विशेष, पदनाम या अन्य अवैध शब्दों को हटाने के निर्देश देते हुए कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय मजदूर संघ की संभागीय कार्यशाला शुरू:इंदौर संभाग के 8 जिलों के 40 पदाधिकारी ले रहे प्रशिक्षण
भारतीय मजदूर संघ (BMS) की ओर से इंदौर संभाग के कार्यकर्ताओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला पीथमपुर के नजदीक एक निजी होटल में शुरू हुई है। यह कार्यशाला 13 और 14 जून को आयोजित की जा रही है। इसमें इंदौर संभाग के सभी आठ जिलों से कुल 40 चयनित पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें जिला अध्यक्ष, जिला मंत्री, कोषाध्यक्ष और महिला कार्यकर्ता शामिल हैं। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संगठन की रीति-नीति और तकनीकी समझ से लैस कुशल कार्यकर्ताओं का निर्माण करना है। भारतीय मजदूर संघ मध्य प्रदेश के अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि संगठन अपनी स्थापना (वर्ष 1955) से ही कार्यकर्ताओं के वैचारिक और व्यावहारिक विकास के लिए लगातार अभ्यास वर्ग और कार्यशालाएं आयोजित करता रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का लक्ष्य कार्यकर्ताओं को इस प्रकार तैयार करना है, जिससे वे पूरी तरह प्रशिक्षित होकर मजदूर क्षेत्र के कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकें। संगठन हित की दी जानकारी दो दिवसीय सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं को संगठन के हित में 'क्या करना है, क्यों करना है, किसके लिए करना है और किस पद्धति से करना है' इसका गहन बोध कराया जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि यह कार्यशाला सामान्य अभ्यास वर्गों की तुलना में अधिक चर्चात्मक और संवादात्मक है। कार्यशाला में भारतीय मजदूर संघ के अधिष्ठान, कार्यपद्धति और ट्रेड यूनियन के क्षेत्र में काम करने के लिए आवश्यक कानूनी व तकनीकी बारीकियों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। कार्यकर्ताओं को विषय की गहराई से अवगत कराने के लिए भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय पदाधिकारी, प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञ मार्गदर्शन दे रहे हैं।
कानपुर देहात में सपा के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सपा जिलाध्यक्ष समेत 25 नामजद और 200 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई 11 जून को जिला मुख्यालय पर हुए विरोध प्रदर्शन के संबंध में की गई है। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने महंगाई, बेरोजगारी, यूरिया की किल्लत और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। सपा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार बबलू राजा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे थे। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान यातायात और आमजन का आवागमन प्रभावित हुआ था। अधिकारियों द्वारा समझाने और रोकने के प्रयास के बावजूद प्रदर्शन जारी रखा गया, जिससे कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बाधित हुई। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अमित कुमार ने बताया कि प्रदर्शन के लिए पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमें में सबसे पहला नाम समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष अरुण यादव बबलू राजा का है। इसके अलावा पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे राम सिंह यादव भोगनीपुरपुर विधानसभा से प्रत्याशी रहे नरेंद्र पाल मनु, अकबरपुर रनियां विधानसभा से प्रत्याशी रहे नीरज सिंह गौर पूर्व जिला अध्यक्ष वीरसेन यादव समरथ पाल समेत 25 नामजद और 200 अज्ञात नेताओं कार्यकर्ताओं पर कार्यवाई हुई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की गई है। फिलहाल पुलिस वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर रही है। मामले की जांच जारी है।
जांजगीर-चांपा जिले के पेंड्री गांव में 19 वर्षीय युवक अजय कश्यप का शव खेत में पेड़ से लटका मिला। युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, अजय शुक्रवार रात को खेत की रखवाली के लिए घर से निकला था। शनिवार सुबह जब वह घर नहीं लौटा, तो उसके दादा खेत देखने पहुंचे। वहां उन्होंने अजय को पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका पाया। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। सिटी कोतवाली पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से नीचे उतारा। पुलिस ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी परिजनों से पूछताछ में पता चला कि अजय कश्यप की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और उसका इलाज चल रहा था। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
सिंगरौली जिले के बरगवां तहसील क्षेत्र के ग्राम पचौर में शासकीय तालाब से अवैध मिट्टी खनन पर प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। तहसीलदार दीपेंद्र सिंह तिवारी के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर छापा मारा और खनन में लगी हाईवा गाड़ियों तथा पीसी मशीन को जब्त कर लिया। जानकारी के अनुसार, पचौर स्थित शासकीय तालाब से पीसी मशीन का उपयोग कर बड़े पैमाने पर मिट्टी निकाली जा रही थी। यह मिट्टी टीएचडीसी परियोजना से जुड़ी सिमकोन कंपनी द्वारा देवरा स्थित निजी रेलवे साइडिंग तक पहुंचाई जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। शिकायतों के आधार पर टीम ने मौके पर दबिश दी। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि तालाब की खुदाई कर मिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। इससे न केवल शासकीय संपत्ति को नुकसान हो रहा था, बल्कि तालाब की जल संग्रहण क्षमता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी। तहसीलदार दीपेंद्र सिंह तिवारी ने कहा, शासकीय भूमि, तालाब और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया। उनका कहना था कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया जाता, तो तालाब को भारी क्षति पहुंच सकती थी। उन्होंने प्राकृतिक जल स्रोतों और शासकीय भूमि की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई को आवश्यक बताया। राजस्व एवं खनिज विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध खनिज अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद में एसी कंप्रेसर फटने से एक युवक की मौत हो गई। घटना गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा इलाके में देर शाम हुई, जब युवक घर में एसी में गैस भर रहा था। जानकारी के अनुसार, असालतपुरा के रहने वाले मोहम्मद तोहिद के घर से तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मोहम्मद तोहिद के पुत्र मोहम्मद कैफ गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। एसी का कंप्रेसर फटा हुआ था। परिजन तत्काल कैफ को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन बिना पोस्टमार्टम कराए शव को घर वापस ले आए। शनिवार सुबह युवक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। युवक के पिता मोहम्मद तोहिद ने बताया कि उनका बेटा मोहम्मद कैफ कई वर्षों से एसी रिपेयरिंग का काम कर रहा था। देर शाम वह अपने घर में लगे एसी में गैस भर रहा था, तभी अचानक जोरदार धमाके के साथ कंप्रेसर फट गया। कंप्रेसर फटने से कैफ गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके।
भिंड शहर के झांसी मोहल्ला निवासी एक परिवार के चार लोगों की बाजार से खरीदे गए बूंदी के लड्डू खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने पर सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में इसे फूड पॉइजनिंग का मामला बताया है। घटना की जानकारी मिलने पर फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने संबंधित डेयरी और उसके गोदाम से सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल भेज दिए हैं। जानकारी के अनुसार, झांसी मोहल्ला के रहने वाले दिलशाद खान रात के समय अपने परिवार के लिए बस स्टैंड स्थित रानी डेयरी से बूंदी के लड्डू खरीदकर लाए थे। लड्डू खाने के कुछ समय बाद ही दिलशाद खान, उनकी पत्नी खुशबू खान और दोनों बेटों अरशद व अयान की तबीयत खराब होने लगी। पेट दर्द और उल्टियां होने पर पड़ोसियों की मदद से चारों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज जारी है। डेयरी और गोदाम से लिए गए खाद्य सामग्री के सैंपलअस्पताल से मामले की शिकायत मिलने के बाद फूड सेफ्टी अधिकारी किरण सेंगर अपनी टीम के साथ बस स्टैंड स्थित रानी डेयरी पहुंचीं। टीम ने डेयरी और उसके गोदाम का निरीक्षण किया। इस दौरान वहां से बूंदी के लड्डू, बेसन, तेल सहित अन्य खाद्य सामग्रियों के सैंपल लिए गए। फूड सेफ्टी अधिकारी किरण सेंगर ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। सैंपलों को टेस्टिंग के लिए भोपाल भेज दिया गया है और जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। डेयरी संचालक का दावा- अन्य ग्राहकों ने नहीं की शिकायतदूसरी तरफ, रानी डेयरी के संचालक संजय गुप्ता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उनके प्रतिष्ठान पर साफ-सफाई और गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाता है तथा लड्डू बनाने का बेसन भी वे स्वयं तैयार करते हैं। संचालक ने कहा कि वे फूड सेफ्टी विभाग की जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं। संचालक संजय गुप्ता ने अपनी बात रखते हुए कहा, जिस दिन शिकायत करने वाले परिवार ने लड्डू खरीदे थे, उसी दिन कई अन्य ग्राहकों को भी वही लड्डू बेचे गए थे, लेकिन किसी अन्य व्यक्ति की ओर से ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवार ने लड्डू के अलावा दिनभर में क्या खाया था, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। लड्डू की गुणवत्ता में कोई खराबी नहीं थी और पूरी स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक मामले का खुलासा करते हुए राजस्थान निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने धोखाधड़ी कर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1 लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए थे। पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, प्रार्थी शिवेन्द्र मिश्रा (37), निवासी सहपुर जिला रीवा (मध्यप्रदेश), वर्तमान में सीएएफ कैंप एडगुड, कांकेर में पदस्थ हैं। उन्होंने थाना लोहत्तर में शिकायत दर्ज कराई थी कि 29 दिसंबर 2025 को एक अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी कर उनके बैंक खाते से 1 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए। साइबर सेल की जांच से मिला सुराग घटना के बाद प्रार्थी ने संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क कर राशि वापस करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड तोड़कर फेंक दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना लोहत्तर में अपराध क्रमांक 01/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 के तहत जांच शुरू की गई। साइबर सेल और थाना लोहत्तर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान आरोपी की पहचान राजस्थान के पाली जिले के निवासी सुनील जयपाल के रूप में हुई। पूछताछ में कबूला अपराध पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी ने बैंक खाते से रकम ट्रांसफर करने की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक ओप्पो मोबाइल फोन और जियो सिम कार्ड बरामद कर जब्त कर लिया। आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 238 भी जोड़ी गई। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने 11 जून 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। राजस्थान का रहने वाला है आरोपी गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुनील जयपाल (23), पिता लूम्बा राम जयपाल,ढाबर कला, थाना रोहत, जिला पाली (राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अधिकारियों ने लोगों से ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या बैंकिंग जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है।
जौनपुर में सघन पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन हेतु आयोजित जिला टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने कड़े निर्देश दिए। बैठक से अनुपस्थित रहने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर और बक्शा के एमओआईसी का एक दिन का वेतन बाधित करने तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगने के आदेश दिए गए। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ 28 जून को बूथ गतिविधियों के साथ किया जाएगा। अभियान के पहले दिन जिले के सभी पोलियो बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई जाएगी। इसके बाद, 29 जून से 03 जुलाई तक आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। 05 जुलाई को बी-टीम गतिविधि संचालित की जाएगी, जिसमें विशेष निगरानी की जाएगी। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए जनपद में कुल 1,866 पोलियो बूथ, 1,242 घर-घर भ्रमण टीमें, 105 ट्रांजिट टीमें और 52 विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, प्रमुख चौराहों और ईंट-भट्टों जैसे संवेदनशील स्थानों पर विशेष रूप से कार्य करेंगी। इस अभियान के तहत 6,06,187 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने और 7,65,825 घरों का भ्रमण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि पल्स पोलियो अभियान जनस्वास्थ्य से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी शून्य से पांच वर्ष तक का बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। साथ ही, अभियान की नियमित निगरानी, प्रभावी पर्यवेक्षण और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों की टीम गठित करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में अपंजीकृत एवं अवैध चिकित्सालयों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाने तथा आवश्यक विधिक एवं दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
चूरू के कोतवाली थाना क्षेत्र से लापता हुई एक नाबालिग लड़की को पुलिस ने महज 10 घंटे में डिटेन कर लिया। 17 वर्षीय लड़की को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने बताया कि परिजनों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार उनकी 17 वर्षीय बेटी घर से बिना बताए चली गई थी और काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाधिकारी सुखराम चोटिया ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने लड़की की तलाश शुरू की और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एएसआई छगनलाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और संभावित मार्गों के आधार पर गहन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने लड़की को गढ़ चौराहा क्षेत्र के पास से सुरक्षित ढूंढ निकाला। दस्तयाबी के बाद लड़की को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से परिजनों ने राहत महसूस की।
शामली में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश खटीक ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की उपलब्धियों का बखान किया। मंत्री खटीक ने कहा कि जहां पूरी दुनिया में पेट्रोल और डीजल को लेकर संकट चल रहा है, वहीं भारत में ऐसी कोई समस्या नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 150 करोड़ की आबादी होने के बावजूद भारत किसी भी मामले में अन्य देशों से पीछे नहीं है। उन्होंने पड़ोसी देश पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां लोग बड़ी-बड़ी लाइनों में लगकर महंगा आटा खरीद रहे हैं, जबकि भारत में प्रधानमंत्री 81 करोड़ नागरिकों को खाद्यान्न उपलब्ध करा रहे हैं। खटीक ने आगे कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ऐतिहासिक कार्य कर रही है और देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि केवल देश ही नहीं, उत्तर प्रदेश भी विकास के मामलों में लगातार अग्रसर है। उन्होंने किसानों की प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों में किसानों का शोषण होता था, लेकिन वर्तमान सरकार में किसान भी उन्नति की राह पर हैं। शामली में आयुष मलिक के धर्मांतरण के मामले पर पूछे जाने पर मंत्री खटीक ने स्पष्ट किया कि यह योगी सरकार है और किसी भी सूरत में धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करने को संगठन ठोस फैसला लेने जा रहा है। इसे लेकर जिलाध्यक्षों की मीटिंग में निर्णय हुआ है। सीधे तौर पर राहुल गांधी की एंट्री हो गई है। अब जिले की कमान पार्टी जिलाध्यक्ष ही संभालेंगे। जिला स्तर पर पार्टी से हर कार्यक्रम की जिम्मेदारी जिलाध्यक्ष की होगी। अगर कोई संगठन से बाहर चलेगा या काम नहीं करेगा, उस पर संगठन एक्शन लेगा। सभी जिलाध्यक्षों को कल शुक्रवार को करनाल में बुलाया गया था और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह व प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने मीटिंग ली थी। उसमें सभी जिलाध्यक्षों ने अपने विवार रखे और समस्याओं से अवगत करवाया। तब ये फैसला लिया गया। हिसार व सिरसा में संगठन को लेकर खास चर्चा हुई। सिरसा में यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस व विधायकों के अलग-अलग प्रदर्शन से जिलाध्यक्ष ने अवगत कराया और कहा, संगठन से कोई चर्चा नहीं थी और खुद अपने स्तर पर कर रहे हैं। इस पर प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र ने आश्वासन दिया है कि आगे से ऐसा नहीं होगा। जो भी कांग्रेस के बैनर तले जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे, वो जिलाध्यक्ष की अनुमति से होंगे। पहले जिलाध्यक्ष से अनुमति लेनी होगी और उसके बाद ही प्रदर्शन या आंदोलन किया जाएगा। ये भी कहा कि यह आदेश नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हैं। अगर कोई इन आदेशों को नहीं मानेंगे तो एक्शन लेंगे। जो पार्टी कार्यक्रम या संगठन के अनुसार काम नहीं करेगा, उसकी रिपोर्ट जिलाध्यक्ष संगठन को करेंगे। इससे लिया सबक पार्टी में लगातार पिछले कुछ दिनों से नेताओं व विधायकों में खींचतान व गुटबाजी चल रही थी। इसी गुटबाजी के चलते प्रदर्शन भी अलग-अलग किए। कुछ नेताओं की आपस में कंट्रोवर्सी भी चली। पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह व सिरसा विधायक गोकुल सेतिया में भी एक-दूसरे पर बयानबाजी से विवाद चला था। ऐसे में संगठन ये सब चीजें दूर करने को यह कदम उठा रहा है। हाल ही में हिसार में किसी प्रदर्शन के लिए नेताओं ने सीधे प्रदेशाध्यक्ष से अनुमति मांगी थी, उसके लिए उनको जवाब दिया कि पहले जिलाध्यक्ष से मिले और इसके बाद वह संगठन को पत्राचार करेंगे। हर कार्य की जानकारी देना अनिवार्य जिलाध्यक्ष के अनुसार, ग्रामीण आंचल में पंचायत और एसआईआर को लेकर पार्टी की ओर से बीएलओ की नई कमेटियां बनी है, उनको भी यह आदेश जारी होंगे। बीएलओ की जो मीटिंग या प्रशिक्षण शिविर लगेगा, उसकी जानकारी जिलाध्यक्ष को देनी होगी। पार्टी कार्यक्रम के लिए संगठन से अनुमति लेने को प्रदेशाध्यक्ष ने आदेश पहले ही जारी कर दिया था। अब जिलाध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य या हर कार्य की रिपोर्ट करने के लिए नया आदेश जल्द जारी हो जाएगा। कोई जिलाध्यक्ष नहीं बदला जाएगा :संतोष बैनिवाल जिलाध्यक्ष संतोष बैनिवाल ने बताया, मीटिंग में कई विषयों पर चर्चा हुई है। किसी भी जिलाध्यक्ष को हटाने की सूचना को पार्टी प्रदेशाध्यक्ष ने खारिज कर दिया है और कहा, ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है। कोई भी नेता या वर्कर पार्टी के कार्यक्रम करेगा। उस बारे में पहले जिलाध्यक्ष को अवगत कराना होगा। यदि कोई काम नहीं करेगा तो उसकी रिपोर्ट प्रदेशाध्यक्ष को की जाएगी। इसके लिए राहुल गांधी स्वयं लेटर जारी करेंगे। उन्होंने ही जिलाध्यक्षों की नियुक्त की है।
ग्रेटर नोएडा में ऑनलाइन ऑर्डर किए गए खाने की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक को रेस्टोरेंट से मंगाए गए वेज पुलाव में कीड़े मिलने का दावा किया गया। युवक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया। मामला ग्रेटर नोएडा के रामपुर मार्केट स्थित एक निजी रेस्टोरेंट से जुड़ा है। पाली गांव निवासी राहुल ने एक ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप के जरिए रेस्टोरेंट से वेज पुलाव समेत अन्य खाद्य सामग्री ऑर्डर की थी। इसके लिए उन्होंने डिलीवरी बॉय को करीब 400 रुपए का भुगतान किया था। परिवार के साथ खाना खाते समय दिखे कीड़े राहुल के मुताबिक, जब उन्होंने घर पर परिवार के सामने खाना परोसा, तो वेज पुलाव में कीड़े दिखाई दिए। यह देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। इसके बाद राहुल ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने पर रेस्टोरेंट संचालक ने मांगी माफी वीडियो वायरल होने के बाद रेस्टोरेंट संचालक ने राहुल से संपर्क कर माफी मांगी। राहुल ने बताया कि जिस रेस्टोरेंट से खाना मंगाया गया था, उसका संचालक उनका रिश्तेदार है। इसी वजह से वह मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं करना चाहते। राहुल ने बताया कि रेस्टोरेंट संचालक द्वारा माफी मांगने के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से वीडियो भी हटा दिया है। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने खाने की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से निकाली गई असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर-2024 भर्ती के रिक्रूटमेंट पोर्टल में अवैध रूप से छेड़छाड़ करने और 3 कैंडिडेट्स के ऑनलाइन फार्म विड्रॉ करने का मामला सामने आया है। आयोग के उप निदेशक (आईटी) एवं एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर रघुवीर गुर्जर ने साइबर थाने में रिपोर्ट दी। सीओ शमशेर खां ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आयोग की जांच में आवेदन विड्रॉ करने के लिए प्रयुक्त ई-मेल आईडी, एसएसओ आईडी और IP एड्रेस सामने आया है। सभी तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी। भर्ती में शामिल अभ्यर्थियों की अस्थाई सूची की थी जारी सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग जयपुर की ओर से संचालित रिक्रूटमेंट पोर्टल पर RPSC और कर्मचारी चयन बोर्ड की भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाते हैं। सहायक खनिज अभियंता भर्ती-2024 के लिए 22 जुलाई 2024 से 20 अगस्त 2024 तक आवेदन लिए गए थे। इसके बाद 7 मई 2025 को लिखित परीक्षा आयोजित हुई। 31 जुलाई 2025 को परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों में से लगभग दोगुने अभ्यर्थियों की अस्थाई सूची जारी की गई थी। पोर्टल पर छेड़छाड़ का ऐसे आया मामला सामने अभ्यर्थी का आवेदन खुद विड्रॉ हुआ इस लिस्ट में शामिल शामिल अभ्यर्थी रवि कुमार ने बताया कि 29 दिसंबर 2025 को शाम 7.32 बजे आयोग की ओर से एसएमएस मिला था कि उसका आवेदन उसके अनुरोध पर वापस ले लिया गया है। रवि कुमार ने दावा किया कि उसने कभी आवेदन वापस लेने का अनुरोध नहीं किया और आवेदन को पुनः बहाल करने की मांग की। अभ्यर्थी ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 को आयोग को ई-मेल भेजकर बताया कि उसका आवेदन किसी गंभीर तकनीकी समस्या के कारण स्वतः विड्रॉ हो गया है। उस दिन खुली ही नहीं थी विड्रॉ विंडो शिकायत मिलने के बाद जब आयोग ने जांच कराई तो पाया कि जिस दिन आवेदन विड्रॉ होने का एसएमएस जारी हुआ, उस दिन भर्ती से संबंधित एडिटिंग या एप्लीकेशन विदड्रॉ की कोई विंडो खुली ही नहीं थी। सामान्य प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थी को अपनी एसएसओ आईडी में लॉगिन कर ओटीपी के माध्यम से आवेदन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी करनी होती है। जांच में सामने आया पोर्टल में अनधिकृत एक्सेस आयोग ने मामले की जांच के लिए 27 फरवरी और 25 मार्च 2026 को DoITC को पत्र लिखे। विभाग ने 18 मार्च और 25 मई 2026 को भेजे जवाब में बताया कि किसी तकनीकी जानकारी रखने वाले व्यक्ति ने जानबूझकर रिक्रूटमेंट पोर्टल में अनधिकृत रूप से प्रवेश किया। जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 को शाम 6.16 बजे एक नया यूजर क्रिएट किया गया था और उसके माध्यम से कुल तीन अभ्यर्थियों के आवेदन विड्रॉ किए गए। जांच में आवेदन विड्रॉ करने के लिए प्रयुक्त ई-मेल आईडी, एसएसओ आईडी और IP एड्रेस सामने आया है। भर्ती प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल एफआईआर में कहा गया है कि अनधिकृत व्यक्ति या व्यक्तियों ने विचारित सूची में शामिल तीन अभ्यर्थियों की अभ्यर्थिता समाप्त कर अन्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने और भर्ती प्रक्रिया की शुचिता को प्रभावित करने का प्रयास किया है। साथ ही अभ्यर्थियों के निजी डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता भी प्रभावित हुई है, जिससे रिक्रूटमेंट पोर्टल की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पोर्टल में अनधिकृत प्रवेश करने वाले व्यक्ति या गिरोह की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
पाली जिले के सुमेरपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 लाख रुपए बाजार कीमत की 233.16 ग्राम एमडी जब्त की है। मामले में सिरोही जिले के शिवगंज के रायचंद कॉलोनी छावणी निवासी 43 साल के नितिन पुत्र सतीश कुमार को गिरफ्तार किया। जिससे पूछताछ जारी है। सुमेरपुर थाने के SHO सवाईसिंह ने बताया कि 12 जून को सूचना मिली कि सुमेरपुर में जाखानगर रोड स्थित कैलाश ट्रांसपोर्ट पर अवैध एमडीएम की बडी खेप मिल सकती है। इस पर भवंर सिंह उनिपु मय जाप्ता कैलाश ट्रासपोर्ट पहुंचें। जहां बाहर खड़ा एक व्यक्ति गली में भागने लगा जिसको पकड़ा। जिसने अपना नाम नितिन पुत्र सतीश कुमार निवासी गली नम्बर 3 रायचंद कालोनी छावणी शिवगंज जिला सिरोही बताया। तलाशी ली गई तो उसके पास दो थैलियों में सफेद एवं ब्राउन रंग का धानेदार एवं डलीदार पदार्थ था मिला। जिसको सूंघा एवं चखने से अवैध मादक पदार्थ एमडीएमए की सुगंध आ रही थी, जिस पर इलेक्ट्रॉनिक कांटा से वजन किया गया तो दोनों थैलियों का वजन 233.16 ग्राम अवैध सिंथेटीक ड्रग एमडीएमए होना पाया गया। इस पर आरोपी के खिलाफ मामाल दर्जकर उसे गिरफ्तार किया। बाजार कीमत करीब 15 लाखथानाप्रभारी सवाई सिंह ने बताया कि जब्त की गई एमडी की बाजार कीमत करीब 15 लाख है। मार्केट में एक ग्राम एमडी दो से ढा़ई हजार रुपए में बिकती है।
बारिश के बाद बस्ती में गर्मी से राहत:पारा 36 डिग्री पर पहुंचा, झमाझम बारिश से बदला मौसम
बस्ती जिले में शनिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश से भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली। दोपहर करीब 12 बजे आसमान में घने बादल छा गए और तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे तक हुई इस बारिश से मौसम सुहाना हो गया और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से जिले में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था। शनिवार की बारिश के बाद पारा गिरकर 36 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। बारिश शुरू होते ही सड़कों पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। वहीं, बच्चों और युवाओं ने बारिश का खूब आनंद लिया। बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी मौसम में आए इस बदलाव की चर्चा होती रही। किसानों के लिए भी यह बारिश लाभदायक मानी जा रही है, क्योंकि इसे खरीफ फसलों की तैयारी के लिए अच्छा बताया गया है। हालांकि, तेज बारिश के कारण शहर की कुछ निचली बस्तियों और गलियों में जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। कई स्थानों पर पानी जमा होने से राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर क्षेत्र की कुछ सड़कों पर जलनिकासी व्यवस्था की खामियां भी सामने आईं। इस मौसमी बदलाव से लोगों को गर्मी से तत्काल राहत मिली है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है, जिससे तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इस बारिश ने तपती गर्मी के बीच जिलेवासियों को बड़ी राहत प्रदान की है।
झालावाड़ में अब जल्द शुरू होंगे बंद पड़े फव्वारे:10 लाख रुपए से होगी मरम्मत, शुरू हुआ काम
झालावाड़ नगर परिषद शहर में खराब पड़े फव्वारों की मरम्मत और उन्हें फिर से शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए खर्च करेगी। इस पहल से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और भीषण गर्मी में आमजन को राहत मिलेगी। शहर में मांम भानेज चौराहा, जनाना अस्पताल सर्किल, बस स्टैंड सर्किल और पार्कों में स्थित कई फव्वारे लंबे समय से उपेक्षित पड़े थे। लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए ये फव्वारे असामाजिक तत्वों द्वारा कीमती उपकरण चुराए जाने के कारण केवल शोपीस बनकर रह गए थे। साफ-सफाई का काम हुआ शुरूनगर परिषद के जेईएन संदीप काशवानी ने बताया कि फव्वारों को शुरू करने के लिए 10 लाख रुपए की लागत के कार्य आदेश ठेकेदार को जारी कर दिए गए हैं। वर्तमान में साफ-सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। भास्कर की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आयाकाशवानी के अनुसार जैसे ही फव्वारों के लिए आवश्यक उपकरण बाहर से झालावाड़ पहुंचेंगे, इन्हें फिर से चालू कर दिया जाएगा।इन फव्वारों की बदहाल स्थिति को लेकर दैनिक भास्कर ने शुक्रवार 12 जून को एक खबर प्रकाशित की थी। इस खबर के बाद नगर परिषद प्रशासन हरकत में आया और तुरंत फव्वारों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य शुरू किया।
कानपुर देहात में न्याय की मांग को लेकर एक महिला करीब 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला ने गांव के कुछ लोगों पर लूट, मारपीट और दुष्कर्म के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई न होने पर जान देने की चेतावनी दी। करीब दो घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और प्रशासन के आश्वासन पर महिला नीचे उतरी। मामले में अब मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला मंगलपुर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पति के साथ लौट रही थी गांव पीड़िता का आरोप है कि 9 जून की रात वह अपने पति के साथ गांव लौट रही थी। गांव से कुछ दूरी पहले कई लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने महिला के गले से मंगलसूत्र और उसके पति से नकदी लूट ली। विरोध करने पर दोनों के साथ जमकर मारपीट की गई, जिसमें महिला के पति का हाथ टूट गया और उन्हें गंभीर चोटें आईं। लोगों ने उसके कपड़े फाड़े महिला का आरोप है कि मारपीट के दौरान कुछ लोगों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और झाड़ियों की ओर खींच ले गए, जहां दुष्कर्म का प्रयास किया गया। शोर सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद वह उसी रात थाने पहुंची थी, लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। कार्रवाई न होने से नाराज महिला ने मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध जताया और न्याय की मांग की। सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का भरोसा दिया। आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही पुलिस पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर आठ नामजद और छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ लूट, मारपीट, छेड़छाड़ और दुष्कर्म के प्रयास समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) और NIT जमशेदपुर के रिसर्चर्स ने ऐसा लो-कॉस्ट सिस्टम डेवलप किया है, जो महंगे कंट्रोल सिस्टम का सस्ता विकल्प बनेगा। ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस और पावर ग्रिड जैसे हाईटेक सेक्टर में इस्तेमाल होने वाली महंगी मोटर कंट्रोल टेक्नोलॉजी अब बेहद कम बजट में तैयार हो सकेगी। इस इनोवेशन को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल गया है। MMMUT के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रो. अशोक कुमार पांडेय, रिसर्च स्कॉलर गौरव कुमार मिश्र और NIT जमशेदपुर के डॉ. ओम हरि गुप्ता ने यह टेक्नोलॉजी तैयार की है। यह सिस्टम DC मोटर, सर्वो मोटर और स्टेपर मोटर की स्पीड, डायरेक्शन और पोजिशन को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकता है। कम खर्च में मिलेगा हाई परफॉर्मेंस कंट्रोल सिस्टम इस टेक्नोलॉजी को ओपन-सोर्स आर्डयूनो इकोसिस्टम पर तैयार किया गया है। इसमें माइक्रोकंट्रोलर के साथ मोटर ड्राइवर, की-पैड, इन्फ्रारेड रिमोट कंट्रोल, अल्ट्रासोनिक सेंसर और रोटरी एन्कोडर जैसे डिवाइस जोड़े गए हैं। इससे कम खर्च में हाई परफॉर्मेंस वाला मोटर कंट्रोल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट की खास बात इसका लाइटवेट रोबोटिक आर्म है। प्रो. अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि इसे एल्यूमिनियम और ABS मटेरियल से बनाया गया है। इसका वजन दो किलो से कम है और यह करीब 500 ग्राम तक वजन उठा सकता है। कम कीमत के बावजूद यह महंगे रोबोटिक आर्म की तरह काम करने में सक्षम है। रिसर्च टीम के अनुसार, अभी इस्तेमाल होने वाले रीयल-टाइम मोटर कंट्रोल सिस्टम की कीमत करीब 20 लाख रुपये से ज्यादा होती है। नई टेक्नोलॉजी की मदद से ऐसा सिस्टम करीब 10 हजार रुपये में तैयार किया जा सकेगा। वहीं, मार्केट में उपलब्ध करीब एक लाख रुपये का रोबोटिक आर्म इस तकनीक से लगभग 15 हजार रुपये में बनाया जा सकेगा। कॉलेज, स्टार्टअप और इंडस्ट्री को मिलेगा फायदाइस टेक्नोलॉजी का सिमुलेशन स्टडी और हार्डवेयर टेस्टिंग के जरिए सफल ट्रायल किया गया है। टेस्टिंग में मोटर की स्पीड, पोजिशन कंट्रोल और रोबोटिक आर्म के मूवमेंट में बेहतर रिजल्ट मिले हैं। यह इनोवेशन इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलीटेक्निक इंस्टीट्यूट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, रिसर्च लैब, रोबोटिक्स ट्रेनिंग सेंटर और छोटे उद्योगों के लिए फायदेमंद साबित होगा। MMMUT की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी में रिसर्च, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस सफलता के लिए पूरी रिसर्च टीम को बधाई दी।
इंदौर में घर से मजदूरी करने निकली एक महिला को शातिर ठग ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने महिला को 600 रुपए मजदूरी का लालच दिया और बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसने महिला से कहा कि मंदिर में गहने पहनकर काम करना मना है। इसके बाद उसने महिला के पैरों में पहने करीब 500 ग्राम वजनी चांदी के कड़े उतरवा लिए। महिला को झांसा देकर ठग कड़े लेकर फरार हो गया। पुलिस अब आरोपी की तलाश में जुटी है। चंदन नगर पुलिस के अनुसार, यह घटना पटेल नगर निवासी गुलाबबाई गेदेले (48) के साथ हुई। महिला ने पुलिस को बताया कि वह मजदूरी का काम करती है। शुक्रवार को वह खजराना चौराहे पर मजदूरी मिलने की उम्मीद में खड़ी थी। तभी बाइक सवार एक व्यक्ति वहां पहुंचा और बोला कि चंदन नगर के आगे एक जैन मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है, जहां खाना बनाने के लिए महिला मजदूर की जरूरत है। उसने 600 रुपए मजदूरी देने की बात कही। आरोपी की बातों में आकर महिला उसके साथ बाइक पर बैठ गई और काम पर जाने के लिए निकल पड़ी। पहले ले गया सराफा बाजार एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि आरोपी महिला को सीधे मौके पर नहीं ले गया, बल्कि वह महिला को पहले सराफा बाजार ले गया। जहां कुछ देर रुकने के बाद उसने महिला से कहा कि अम्मा मंदिर में गहने पहनकर काम पर नहीं करते हैं। इसलिए दोनों पैरों के कड़े उतारकर रख लो। महिला भी ठग की बातों में आ गई और अपने 500 ग्राम वजनी चांदी के कड़े उतारकर कपड़े की पोटली में रख लिए। चांदी के कड़ों की पोटली लेकर ठग हुआ फरार शातिर ठग ने ऐसा जाल बुना कि महिला उसके इरादों को भांप नहीं सकी। वह महिला को ग्राम सिंहासा ले गया और वहां कहा कि वह गहनों की पोटली सुरक्षित नहीं रख पाएगी, इसलिए उसे दे दे। महिला फिर उसकी बातों में आ गई और पोटली उसे सौंप दी। इसके बाद आरोपी ने महिला से कहा कि वह मंदिर से होकर आता है और चांदी के कड़ों से भरी पोटली लेकर फरार हो गया। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। उसने परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। एसीपी शिवेंदु जोशी ने बताया कि महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश के लिए आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
अयोध्या में सरयू नदी में डूबे दो बच्चे:परिवार के साथ नहाने गए थे, SDRF चला रही सर्च ऑपरेशन
अयोध्या के रौनाही थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह सरयू नदी में नहाने के दौरान दो बच्चे तेज धारा में बहकर डूब गए। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों बच्चों की तलाश के लिए SDRF और गोताखोरों की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, डेमवा पुल के नीचे सरयू नदी के ढेमवा घाट पर सुबह करीब 8 बजे शिवांश (10) पुत्र अर्जुन प्रजापति उर्फ पप्पू निवासी तरसवान का पुरवा, संजयगंज थाना रौनाही और दिव्यांशु (11) पुत्र ओमकार कसौधन निवासी सुचितागंज थाना रौनाही अपने परिजनों के साथ स्नान करने पहुंचे थे। नहाने के दौरान दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी सदर अरविंद सोनकर, नायब तहसीलदार रेशू जैन और थाना प्रभारी रतन शर्मा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को सूचना दी, जिसके बाद टीम ने नदी में तलाश अभियान शुरू किया। गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन देर शाम तक दोनों बच्चों का कोई पता नहीं चल सका था। इस हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। वहीं पूरे इलाके में शोक का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों पर सावधानी बरतने तथा बच्चों को बिना निगरानी के पानी में न जाने देने की अपील की है। सर्च ऑपरेशन जारी है।
पलवल के बागपुर गांव में प्रेम विवाह से नाराज लड़की पक्ष ने लड़के के पिता पर जानलेवा हमला किया है। हमलावरों ने पीड़ित को दुकान के अंदर घेरकर लाठी, डंडे, तलवार, फरसे और फावड़े से बेरहमी से पीटा। गंभीर रूप से घायल दुकानदार को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। चांदहट थाना पुलिस ने इस मामले में 13 नामजद सहित 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चांदहट थाना प्रभारी नरेश कुमार के अनुसार, बागपुर गांव निवासी महिला नेमवती ने शिकायत में बताया है कि उनके बेटे नरेश ने सोलडा गांव की करिश्मा से अपनी मर्जी से कोर्ट मैरिज की थी। लड़की के परिजन और रिश्तेदार थे नाराज इस शादी से लड़की के परिजन और रिश्तेदार बेहद नाराज थे। वे लगातार लड़के के परिजनों को जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। खतरे को देखते हुए नवविवाहित जोड़ा कुछ समय पहले पलवल के सेफ हाउस में भी रहा था। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपियों ने सेफ हाउस आकर भी उन्हें डराया-धमकाया था। शिकायत के अनुसार, घटना के दिन नेमवती अपने पति थान सिंह उर्फ धर्मी के साथ बागपुर चौक पर उनकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान पर बैठी थीं। इसी दौरान करीब 8-10 बाइकों पर सवार होकर आए युवकों ने दुकान पर धावा बोल दिया। 8-10 बाइकों पर सवार होकर आए हमलावर शिकायतकर्ता नेमवती के मुताबिक, बदमाशों ने आते ही उन्हें डंडे से मारा और धक्का देकर दुकान से बाहर फेंक दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके पति थान सिंह पर तलवार, फावड़े और लाठियों से ताबड़तोड़ वार किए। नेमवती चिल्लाती रहीं, लेकिन डर के कारण कोई बचाने नहीं आया। जब उनके पति बेहोश हो गए, तो आरोपी उन्हें मरा हुआ समझकर भाग गए। भागते समय आरोपित पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी भी दे गए। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में जुट गई है। इस पूरी वारदात का किसी राहगीर ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जिसे अब सबूत के तौर पर पुलिस को सौंप दिया गया है। परिजन घायल थान सिंह को तुरंत सामान्य अस्पताल पलवल ले गए, जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हॉयर सेंटर रेफर कर दिया। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने सोलडा गांव के रहने वाले नरपत, गोविंदा, तेज सिंह, राजबीर, ज्ञानी, रमन, पवन, मुकेश, अमर सिंह व बलई गांव के रहने वाले कृष्ण, भीम, राकेश उर्फ पप्पू फौजी एवं सौरभ के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
दुर्ग जिले के कलेक्टर कैंपस में स्थित लोक सेवा केंद्र में बीती रात चोरी की वारदात सामने आई है। लोक सेवा केंद्र कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के ठीक पीछे स्थित है। चोर यहां से करीब 6 से 7 हजार रुपए की चिल्लर लेकर फरार हो गए। हालांकि अंदर रखा बाकी सामान पूरी तरह सुरक्षित मिला है। जानकारी के मुताबिक चोर लोक सेवा केंद्र का ताला नहीं तोड़ पाए। इसके बाद उन्होंने दरवाजे की कुंडी उखाड़कर अंदर प्रवेश किया और वहां रखे नकदी वाले हिस्से को निशाना बनाया। चोरी के दौरान केवल पैसों को लिया गया, जबकि अन्य सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया। लोक सेवा केंद्र में रोजमर्रा के कामकाज के लिए कुछ नकदी रखी जाती थी। इसी रकम पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। पेंशन शाखा में भी चोरी का प्रयासचोरों ने लोक सेवा केंद्र में चोरी के बाद पास में ही स्थित पेंशन शाखा में ज्वाइंट डायरेक्टर के केबिन में भी चोरी का प्रयास किया है। कलेक्टर परिसर में मौजूद पेंशन शाखा में पैसों की चोरी के लिए सामान को फैलाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि यहां किसी भी तरह की चोरी की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना के बाद कर्मचारियों ने इसकी जानकारी अधिकारियों और पुलिस को दी। जांच में जुटी पुलिसघटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि वारदात को ऐसे लोगों ने अंजाम दिया हो सकता है जो नशे की हालत में थे या पैसों के लिए मौके की तलाश में थे। पुलिस का कहना है कि चूंकि केवल नकदी गायब हुई है और बाकी सामान को हाथ नहीं लगाया गया, इसलिए चोरी का मकसद सिर्फ पैसे ले जाना लग रहा है। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवीइस मामले में एक और बड़ी बात सामने आई है कि जिस परिसर में इतनी महत्वपूर्ण सरकारी गतिविधियां संचालित होती हैं, वहां संबंधित जगह पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। पुलिस अब आस-पास के लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की जांच कर रही है। जिससे चोरों की पहचान हो सके। कलेक्टर परिसर जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह में चोरी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
अजयगढ़ क्षेत्र में बालू से भरे एक ओवरलोड ट्रैक्टर ने सड़क किनारे चल रहे 45 वर्षीय राहगीर को रौंद दिया। यह हादसा शुक्रवार शाम धरमपुर थाना क्षेत्र के ग्राम छतैनी में हुआ, जिसमें मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम छतैनी निवासी रज्जू प्रसाद सेन (45 वर्ष) शुक्रवार, 12 जून 2026 की शाम लगभग 6 बजे अपने गांव से पैदल हीरापुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम हरदी टिकुरिहा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार और बालू से ओवरलोड ट्रैक्टर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रज्जू प्रसाद ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर फरार हो गया। मृतक रज्जू प्रसाद सेन अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पांच बेटियां हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। इस घटना से परिवार पर गहरा दुख आया है और पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है। पीएम के लिए तैयार नहीं परिजन शनिवार की सुबह जब पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू की, तो परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध किया। मृतक की बेटियों ने आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक आरोपी चालक की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे न तो पोस्टमार्टम होने देंगे और न ही अंतिम संस्कार करेंगे।
डीडवाना के निकटवर्ती ग्राम खारड़िया में 11 केवी हाईटेंशन विद्युत लाइन का तार टूट गया। सिंघाना से खारड़िया जाने वाली यह लाइन खारड़िया-चक मार्ग के पास खेतों में गिरी। तार में करंट प्रवाहित होने से उसकी चपेट में आकर दो गर्भवती और दुधारू गायों की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों गायें खेतों के समीप से गुजर रही थीं। करंट लगने के तुरंत बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनके अनुसार हाईटेंशन लाइन टूटने की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद करीब 30 मिनट से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग किसानों और अन्य लोगों की नियमित आवाजाही का प्रमुख रास्ता है। समय रहते लोगों को करंट की जानकारी मिलने से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया। ग्रामीणों के विरोध और लगातार शिकायतों के बाद डिस्कॉम की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने विद्युत आपूर्ति बंद करवाकर टूटे तार को हटाने और लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू किया। पुलिस के अनुसार हादसे में सोहनी देवी पत्नी नेमाराम की तीन वर्षीय सफेद गाय और गीता देवी पत्नी बनवारीलाल जोशी की तीन वर्षीय काली गाय की मौत हुई है। दोनों गायें दुधारू और गर्भवती थीं। घटना की सूचना पर डीडवाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पशु चिकित्सालय केराप की मेडिकल टीम को बुलाकर मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम करवाया गया। पुलिस ने आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी कर मामले की जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने, विद्युत लाइन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गोरखपुर के सर्किट हाउस में शनिवार को प्रदेश के सिंचाई और गोरखपुर के प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने प्रेस वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर उन्होंने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि बीते 12 सालों में गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। योजनाओं को कागजों से निकालकर सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया गया है, जिससे करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। प्रभारी मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण को अपनी प्राथमिकता बनाया। गरीबों को पक्का मकान, मुफ्त राशन, इलाज, बिजली, गैस कनेक्शन और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। पारदर्शी व्यवस्था से सीधे लाभार्थियों तक पहुंची मदद स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पिछले 12 सालों में शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। तकनीक के इस्तेमाल से योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ी है। अब सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। इससे करोड़ों परिवारों को राहत मिली है। 5.37 करोड़ परिवारों को मिला आवास का लाभ प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का काम किया है। योजना के तहत देशभर में करीब 5.37 करोड़ लोगों को आवास का लाभ मिला है। इससे गरीब परिवारों को बेहतर जीवन और सुरक्षा मिली है। 81.35 करोड़ लोगों को दिया जा रहा निशुल्क खाद्यान्न उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के जरिए करोड़ों लोगों को राहत दी जा रही है। देश के 81.35 करोड़ लोगों को निशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी जरूरतमंद परिवार भोजन जैसी बुनियादी जरूरत से वंचित न रहे। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव लेकर आई है। इस योजना से 45 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं। गरीब परिवारों को महंगे इलाज की चिंता से राहत मिली है और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बन रहे परिवारप्रभारी मंत्री ने पीएम सूर्य मुफ्त बिजली योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ परिवारों का बिजली खर्च कम करने की दिशा में काम कर रही है। योजना के तहत लाखों परिवारों को लाभ दिया गया है और सौर ऊर्जा को बढ़ावा मिला है। दुनिया में मजबूत हुई भारत की पहचानस्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास के साथ सुरक्षा के क्षेत्र में भी अपनी ताकत दिखाई है। सर्जिकल स्ट्राइक जैसे निर्णयों से दुनिया को संदेश मिला कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।प्रभारी मंत्री ने कहा कि आज भारत आत्मनिर्भर और मजबूत राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार गरीबों के कल्याण, युवाओं को अवसर देने, किसानों को मजबूत बनाने और देश के विकास को गति देने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नई उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है।
फतेहपुर में एक भाई ने अपनी शादीशुदा बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी। प्रेम प्रसंग से नाराज भाई ने शव को कुएं में फेंक दिया और फिर खुद थाने जाकर पुलिस को घटना की सूचना दी। यह घटना थरियांव थाना क्षेत्र के हसवा धनवा गांव में हुई। आरोपी संदीप यादव पुत्र शिव सिंह यादव ने अपनी 19 साल की बहन रंजू यादव की हत्या की। रंजू यादव की शादी सोनई बड़नपुर थाना राधानगर निवासी पिंटू उर्फ अजय यादव से हुई थी। हत्या के बाद संदीप ने शव को गांव के पास जंगल में बने एक कुएं में फेंक दिया। शव ठिकाने लगाने के बाद संदीप सीधे थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने अपनी बहन की हत्या कर दी है और शव कुएं में फेंक दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस टीम आरोपी को लेकर मौके पर पहुंची और कुएं से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों के अनुसार, रंजू यादव की शादी 1 मई को हुई थी। आरोपी भाई संदीप को शक था कि उसकी बहन शादी के बाद भी अपने पूर्व प्रेमी के संपर्क में थी। अहमदाबाद में काम करने वाले संदीप को जब इस बात की जानकारी मिली, तो वह दो दिन पहले फतेहपुर आया था। संदीप घर न जाकर सीधे अपनी बहन के ससुराल सोनई गांव पहुंचा। शुक्रवार शाम को वह अपनी बहन को लेकर गांव के लिए निकला, लेकिन घर पहुंचने के बजाय सीधे घटना स्थल पर गया। वहां उसने गला दबाकर रंजू की हत्या कर दी और शव को कुएं में फेंक दिया। रात भर जंगल में रहने के बाद, संदीप शनिवार सुबह करीब 7 बजे थाने पहुंचा और पुलिसकर्मियों को बहन की हत्या की जानकारी दी। थाना प्रभारी शमशेर बहादुर सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। थाना प्रभारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी भाई से पूछताछ की जा रही है।
गंगा का जलस्तर बढ़ा, राउटी तक पहुंचा पानी:फर्रुखाबाद में उफान के संकेत, घाटों के रास्ते बंद
फर्रुखाबाद में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति बनी है। जलस्तर बढ़ने से गंगा किनारे रहने वाले 'गंगा पुत्रों' की अस्थायी झोपड़ियों (राउटी) तक पानी पहुंच गया है, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते दो दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते शनिवार को गंगा पुत्रों को अपना सामान समेटते देखा गया। पानी बढ़ने से घाटों तक जाने वाले रास्ते भी अवरुद्ध हो गए हैं। दुर्वासा ऋषि आश्रम के सामने गंगा कटान भी कर रही है। स्नानार्थियों की सुविधा के लिए गंगा पुत्रों द्वारा बनाए गए मिट्टी के रास्ते पानी में बह गए हैं। पुल के पास बने घाट पर भी ऐसी ही स्थिति है, जहां रास्ते जलमग्न हो गए हैं। गंगा किनारे लगी गंगा पुत्रों की राउटी में पानी भर जाने से उन्हें अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ रहा है। गंगा पुत्रों ने बताया कि लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण उनकी झोपड़ियों में पानी घुस गया है, जिससे उन्हें अपने तख्त और अन्य सामान हटाकर सुरक्षित जगह पर जाना पड़ रहा है।
देवास जिले के जिनवाणी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कमलापुर बीट के कक्ष क्रमांक-94 में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान भीड़ ने पथराव किया, जिसमें 6 वनकर्मी घायल हो गए। हमलावरों ने जेसीबी मशीन और विभागीय वाहनों के कांच भी तोड़ दिए। जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पांच परिक्षेत्रों का वन स्टाफ और कमलापुर पुलिस बल मौके पर पहुंचा था। भीलआमला गांव के लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए वन अमले पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हमले में वनरक्षक मोहन पंचोनिया, ज्योति जाट, कमल राणा, देवकरण मालवीय, सूरज, वनपाल और परिक्षेत्र सहायक (जिनवाणी) केके परमार घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए कमलापुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आरआर हॉस्पिटल, चापड़ा में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। सरकारी कार्रवाई के दौरान वन अमले पर हुए इस हमले को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। 100 से ज्यादा लोगों ने घेरा बताया जा रहा है कि सुबह वन विभाग की टीम अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने गई थी। इसी दौरान ग्रामीणों ने टीम को घेरकर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि करीब सौ से ज्यादा ग्रामीण थे, उन्होंने वन विभाग की टीम पर पत्थर बरसाना शुरू कर दिए। साथ ही मौके पर खड़े वाहनों में जमकर तोड़ फोड़ कर दी है। जेसीबी में भी तोड़फोड़ की गई। एसडीओ की गाड़ी फोड़ी...ड्रोन तोड़ा बताया जा रहा है कि पूर्व सरपंच ने लोगों को भड़काया। इसके बाद भीड़ आक्रोशित हो गई और पत्थरबाजी शुरू कर दी। ग्रामीणों ने ड्रोन भी तोड़ दिया। वहीं एसडीओ बागली की गाड़ी में तोड़-फोड़ की गई। घटना के बाद कर्मचारी ने खुद को बचाया और इधर खेतों से निकलकर अपनी जान बचाई।
दमोह में सड़क हादसे में वृद्ध की मौत:जबलपुर निवासी शव की शिनाख्त के बाद परिजनों को सौंपा
दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया माला के पास एक सड़क हादसे में जबलपुर निवासी 60 वर्षीय वृद्ध की मौत हो गई। घायल अवस्था में मिले वृद्ध को जिला अस्पताल लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। शनिवार सुबह शव की शिनाख्त होने के बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक की पहचान जबलपुर जिले के इंद्राना थाना क्षेत्र के मझौली मार्ग गुलौदा निवासी चंदन सिंह के रूप में हुई है। चंदन सिंह शुक्रवार शाम इमलिया गांव के पास एक खाई में घायल अवस्था में मिले थे। डायल 112 की मदद से उन्हें दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतक के बेटे रंजीत सिंह ने बताया कि उनके पिताजी पौड़ी गांव में जमीन की जुताई कराने गए थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। उन्हें घायल अवस्था में खाई में पाया गया था। रंजीत सिंह ने आशंका जताई है कि उनकी बाइक को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी होगी। रात में जानकारी मिलने पर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे थे। जिला अस्पताल में शव को शवगृह में रखवाया गया था। शनिवार सुबह पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और फिर परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। नोहटा पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मुंगेली पुलिस ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने और उसका यौन शोषण करने के मामले में आरोपी युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस के अनुसार, 7 जनवरी 2026 को सिटी कोतवाली मुंगेली में एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 08/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के तहत मामला कायम कर जांच शुरू की गई। तकनीकी सबूतों से मिली सफलता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराज पटेल के निर्देश पर महिला संबंधी अपराधों और गुमशुदा बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने मुखबिरों से मिली सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नाबालिग की तलाश तेज की। जांच में पता चला कि नाबालिग बालिका ग्राम बैगाकापा में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका को बरामद किया। आरोपी के कब्जे से मिली नाबालिग पुलिस ने ग्राम बैगाकापा निवासी रामेश्वर साहू (18) के कब्जे से नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद किया। कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की गई। इसके बाद बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया और उसका बयान दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शादी का झांसा देकर किया यौन शोषण जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी रामेश्वर साहू नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ पुणे ले गया था। वहां उसने लगातार उसका यौन शोषण किया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामले में बीएनएस की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 भी जोड़ी गई। आरोपी ने कबूला अपराध पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में त्वरित जांच कर आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
नर्मदापुरम में ट्राइडेंट कंपनी की एक महिला कर्मचारी के साथ 3.91 लाख रुपए की इंटरनेशनल साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यूनाइटेड किंगडम (इंग्लैंड) में बैठे एक ठग ने महिला से ऑनलाइन दोस्ती कर उसे महंगे गिफ्ट भेजने का झांसा दिया। इसके बाद कस्टम और अलग-अलग टैक्स क्लियरेंस के नाम पर महिला से लाखों रुपए ऐंठ लिए। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने नर्मदापुरम साइबर सेल में शिकायत की, जिसके आधार पर देहात थाना पुलिस ने शुक्रवार रात अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता नर्मदापुरम में रहती है और बुधनी स्थित टेक्सटाइल (ट्राइडेंट) कंपनी में कर्मचारी है। करीब एक महीने पहले ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उसकी संपर्क समीर अली नाम के एक व्यक्ति से हुआ था। समीर ने खुद को ब्रिस्टल (यूनाइटेड किंगडम) का निवासी बताया और धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद समीर ने महिला से कहा कि वह यूके से उसके लिए कुछ गिफ्ट और पैसे भेज रहा है। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह जब इंडिया आएगा तो अपना सामान वापस ले लेगा, तब तक वह इसे संभालकर रखे। साथ ही समीर ने कहा कि यूके से सामान इंडिया भेजने के लिए लगने वाले ट्रांसपोर्ट और टैक्स का पैसा फिलहाल वह (महिला) अपनी तरफ से दे दे। फेक इनकम टैक्स अधिकारी ने फोन कर मांगे पैसेसमीर से बात होने के अगले ही दिन महिला के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को इनकम टैक्स ऑफिसर बताया और पार्सल छोड़ने के एवज में रुपयों की मांग की। कथित अधिकारी ने महिला से ट्रांसपोर्ट, एनओसी (NOC) और एनपीआर (NPR) के नाम पर पैसे मांगे। ठगों के झांसे में आकर महिला ने 2 जून से 7 जून के बीच अलग-अलग क्यूआर कोड (QR Code) और यूपीआई (UPI) नंबरों पर पैसे भेज दिए। धीरे-धीरे कर महिला ने कुल 3 लाख 91 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। एमपी ऑनलाइन की दुकान पर जाने से खुली पोललाखों रुपए का पेमेंट करने के बाद भी जब महिला को न तो कोई सामान मिला और न ही पैसे वापस आए, तो उसे धोखाधड़ी का शक हुआ। अपने शक को दूर करने के लिए वह एक एमपी ऑनलाइन की दुकान पर गई और वहां पूरी बात बताई। दुकानदार ने सारी जानकारी सुनकर स्पष्ट कर दिया कि उसके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। अपने साथ हुई इस लाखों की ठगी का पता चलने पर महिला तुरंत नर्मदापुरम साइबर सेल पहुंची और पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की प्राथमिक जांच के बाद देहात थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ 3.91 लाख रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देवरिया DM ने IGRS मामलों की मौके पर की जांच:निस्तारण में पारदर्शिता और गुणवत्ता के निर्देश दिए
देवरिया में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईजीआरएस (IGRS) प्रकरणों के निस्तारण की वास्तविकता जांचने के लिए रुद्रपुर तहसील के विभिन्न गांवों का स्थलीय सत्यापन किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम तिवारी और कोइलगढ़हा में दर्ज शिकायतों की मौके पर जांच की और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्राम तिवारी निवासी इंद्रदेव नायक ने गाटा संख्या 329 की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई थी। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर निस्तारण रिपोर्ट का परीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी ग्राम के गौरीशंकर नायक ने गाटा संख्या 616 में निर्माण कार्य को लेकर शिकायत की थी। स्थलीय जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता स्वयं खलिहान की भूमि (रकबा संख्या 615) पर अतिक्रमण कर निर्माण कर रहा था। शिकायत असत्य पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उसे तुरंत निर्माण कार्य रोकने का निर्देश दिया। ग्राम कोइलगढ़हा निवासी संध्या देवी के प्रकरण की भी जिलाधिकारी ने जांच की। यह मामला पारिवारिक विवाद से संबंधित पाया गया, जिसमें राजस्व विभाग ने समझौता कराने का प्रयास किया था। जिलाधिकारी ने फरियादी को उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा-116 के तहत वाद दाखिल कर समाधान प्राप्त करने की सलाह दी। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी रुद्रपुर अवधेश निगम को निर्देश दिए कि आईजीआरएस प्रकरणों का निस्तारण पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण और वास्तविक तथ्यों के आधार पर हो। उन्होंने यह भी कहा कि असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्वयं मौके पर जाकर सत्यापन करें, केवल लेखपाल या राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट पर निर्भर न रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, रैंडम आधार पर मामलों की भौतिक जांच भी अनिवार्य रूप से की जाए।
नूंह जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर शनिवार सुबह एक सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। यह दुर्घटना थाना सदर फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में बघौला के पास हुई, जब जयपुर से दिल्ली जा रही एक अल्काजार हुंडई कार सड़क किनारे खड़े केले से भरे आयशर कैंटर से पीछे से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों में 45 वर्षीय महिला, 22 वर्षीय युवक, 15 वर्षीय लड़की और 10-12 वर्षीय बालक शामिल हैं, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, 55 वर्षीय व्यक्ति और 4 साल का एक मासूम बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घायलों की हालत नाजुक, जयपुर रेफर मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है, जबकि घायलों में 55 वर्षीय जवाहर लाल पुत्र मूलचंद और चार वर्षीय बच्चे अक्षय कुमार निवासी मेवली, सवाय माधोपुर, राजस्थान के रुप में हुई है। घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें नल्हड़ मेडिकल कालेज से जयपुर के लिए रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आयशर कैंटर सुबह करीब 6:24 बजे एक्सप्रेस-वे के 64/170 किलोमीटर प्वाइंट पर खड़ा हुआ था। इसके लगभग 11 मिनट बाद, सुबह 6:35 बजे तेज रफ्तार अल्काजार कार उसके पिछले हिस्से से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए थे। पुलिस ने गाड़ी से बाहर निकाले मृतक और घायल घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायलों और शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस इस हादसे की जांच कर रही है और यह भी पड़ताल की जा रही है कि आयशर कैंटर एक्सप्रेस-वे पर किन परिस्थितियों में खड़ा था और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
तेज अंधड़ से रेलवे स्टेशन का टीनशेड उड़ा:एसपी ऑफिस के रिकॉर्ड रूम का शेड गिरा, कई जगह नुकसान
चूरू में शुक्रवार देर शाम आए तेज अंधड़ ने शहर में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। कुछ ही मिनटों की इस आंधी ने पेड़, मकान और सरकारी भवनों को प्रभावित किया। तेज हवाओं के कारण मकड़ीनाथ रेलवे स्टेशन का टीनशेड उड़ गया। वहीं, एसपी कार्यालय परिसर स्थित रिकॉर्ड रूम का टीनशेड भी आंधी की चपेट में आकर एसपी कार्यालय भवन पर जा गिरा। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कई पेड़ उखड़ गए और कई मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली के खंभे गिरे, बिजली रही गुलआंधी के कारण शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभे गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कई क्षेत्रों में देर रात तक बिजली गुल रही। सड़कों पर पेड़ और मलबा फैलने से यातायात भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर प्रशासन, नगर परिषद, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। रास्तों को साफ करने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का कार्य शुरू किया गया। बारिश से लोगों को मिली राहततेज आंधी के बाद हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, जोधपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में 13-14 जून को भी मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश होने की संभावना है।
जावाल कस्बे में मांडानी मोड़ के पास एक अनियंत्रित बाइक बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार युवक रमेश कुमार (36) के सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। रमेश मूल रूप से बिठूड़ा (कैलाशनगर) का निवासी था और वर्तमान में शिवगंज तहसील के जुबलीगंज में रह रहा था। सूचना मिलने पर जावाल पुलिस चौकी के जवान मांगीलाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने गंभीर रूप से घायल रमेश को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से कर्नाटक का एक ट्रेन टिकट मिला, जो शुक्रवार दोपहर 11 बजे बनवाया गया था। पुलिस ने बताया कि रमेश कुमार सुबह ट्रेन का टिकट बनवाने के लिए बाइक से सिरोही आया था। तत्काल में टिकट बनवाने के बाद वह बाइक से वापस लौट रहा था। जावाल के अंबेडकर सर्किल से कैलाशनगर रोड पर मांडानी मोड़ के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गई। सिर पर गहरी चोट लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। मृतक के परिजनों ने बताया कि रमेश कुमार अपनी पत्नी सूरज, बेटे यस, गौरव और बेटी हिना के साथ कर्नाटक के बैलहोंगल में रहता था, जहां उसकी नाश्ते की एक छोटी दुकान थी। बच्चों की स्कूल की छुट्टियां होने के कारण वह डेढ़ महीने पहले ही अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ गांव आया था। शनिवार, 13 जून की सुबह उन्हें वापस कर्नाटक के लिए रवाना होना था, लेकिन इससे पहले यह हादसा हो गया। बच्चों की छुट्टियों में आया था गांव, शनिवार को थी रवानगीपरिजनों ने बताया कि रमेश कर्नाटक के बैलहोंगल में नाश्ते की एक छोटी दुकान चलाता था। बच्चों की स्कूल की छुट्टियां होने के कारण वह करीब डेढ़ महीने पहले अपने गांव जुबलीगंज आया था। 13 तारीख (शनिवार) की सुबह उसे अपनी पत्नी सूरज, दो बेटों और एक बेटी के साथ वापस बैलहोंगल (कर्नाटक) के लिए रवाना होना था। इसी यात्रा के लिए वह सिरोही बस का पास और रेलवे का कंफर्म टिकट लेने गया था। टिकट लेकर लौटते समय घर पहुंचने से ठीक पहले यह काल का ग्रास बन गया। रो-रोकर बुरा हुआ परिवार का हालजावाल अस्पताल प्रभारी डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि मृतक के शव को जावाल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। पुलिस द्वारा परिजनों को सूचना दिए जाने के बाद अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिन बच्चों के साथ रमेश कल कर्नाटक की यात्रा पर जाने वाला था, उनके सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। इस दुखद घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
फतेहाबाद जिले के गांव धारसूल के पास शनिवार सुबह ग्रामीणों ने बिजली कटौती से परेशान होकर जाखल-कुलां मार्ग जाम कर दिया। नहर पुल पर सड़क पर बैठे ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से गांव में बिजली आपूर्ति बाधित है। इस कारण खेती और घरेलू कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़क जाम करनी पड़ी। ग्रामीण सुरेश, संदीप, मुकेश, संतोष और कमला ने अपनी परेशानी व्यक्त करते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में उन्हें बिना बिजली रहना पड़ रहा है। जाम की सूचना मिलते ही कुलां चौकी इंचार्ज एएसआई जितेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ बिजली निगम के एसडीओ संजय सिंगला भी ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे। आखिरकार एसडीओ और सदर थाना प्रभारी बीर सिंह के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। अधिकारियों ने किया समझाने का प्रयास अधिकारी ग्रामीणों को समझाने और समस्या के समाधान का आश्वासन देने का प्रयास करते रहे। एसडीओ संजय सिंगला और एएसआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के साथ बातचीत की गई है। जाम के कारण कुलां-जाखल के बीच यात्रा कर रहे राहगीरों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ा। एसडीओ ने बताया कि ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि समस्या का समाधान होगा। इसके बाद उन्होंने जाम खोल दिया।
BRICS चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर दीपक शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए भारत की सक्रिय भूमिका जारी रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई देशों में चल रहे युद्ध और तनाव का असर व्यापार, माल की सप्लाई और निवेश पर पड़ रहा है, जिससे कारोबारियों और उद्योगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंडीगढ़ चैप्टर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि दुनिया में चल रहे युद्ध और संघर्षों के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसका असर व्यापारियों, निर्यातकों और उद्योगपतियों पर पड़ रहा है। माल ढुलाई का खर्च बढ़ने, सामान की सप्लाई में दिक्कत आने और बाजार में अनिश्चितता के कारण व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। पंजाब के व्यापार और उद्योग पर भी असर पत्र में कहा गया है कि पंजाब देश के प्रमुख कृषि और औद्योगिक राज्यों में से एक है। यहां का बड़ा कारोबार निर्यात और व्यापार पर निर्भर करता है। दुनिया में चल रहे युद्ध और तनाव का असर पंजाब के उद्योगों और व्यापार पर भी पड़ रहा है, जिससे लाखों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई है। भारत हमेशा बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से विवादों को सुलझाने की बात करता है। ऐसे में भारत विभिन्न देशों के बीच बातचीत को बढ़ावा देकर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभा सकता है। शांति से ही बढ़ेगा व्यापार और निवेश BRICS CCI ने पत्र में कहा कि दुनिया में शांति रहने से व्यापार बढ़ेगा, निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। संगठन ने कहा कि भारत को अपने अंतरराष्ट्रीय प्रभाव का उपयोग कर शांति प्रयासों का समर्थन करना चाहिए, ताकि दुनिया में स्थिरता बनी रहे और कारोबार बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।
कानपुर में श्रमिकों का प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, शनिवार को दादा नगर हरी मजार के पास स्थित करम कॉरपोरेशन के सैकड़ों कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। काम ठप करके कर्मचारियों ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप है कि फैक्ट्री मालिक उन्हें तय मिनिमम वेतन भी नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं एक शिफ्ट 8 घंटे की बजाए 12-12 घंटे की चल रही है। विरोध करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है। उन्हें सैलरी के नाम पर महज 7 से 8 हजार रुपये थमाए जा रहे हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी भी शामिल थी।कर्मचारियों ने साफ कहा है,कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। '12 घंटे काम और सैलरी 7 हजार, सरकार तय करे हमारा रेट' प्रदर्शन में शामिल शुभम और आरिफा खान ने बताया कि, कंपनी में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शुभम ने कहा, सरकार के हिसाब से ड्यूटी 8 घंटे की होनी चाहिए, लेकिन हमसे 10-10 घंटे काम लिया जाता है। हेल्परों को सिर्फ 7 से 8 हजार रुपये मिल रहे हैं, जबकि हमारी मांग है कि सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन (15,000 रुपये से ऊपर) दिया जाए। वहीं, कर्मचारियों की मांग है,कि अगर उनसे ओवरटाइम कराया जाए, तो उसका पैसा डबल मिलना चाहिए। संडे को काम पर बुलाने पर भी डबल रेट से भुगतान हो। 'देर रात छुट्टी और असुरक्षित माहौल, लेडीज स्टाफ परेशान' नए कर्मचारी अमन प्रजापति ने कंपनी के भीतर महिलाओं की सुरक्षा और व्यवहार पर बड़े सवाल उठाए। अमन ने बताया, महिला कर्मचारी कई किलोमीटर दूर से आती हैं। उन्हें रात 9-9 बजे तक रोका जाता है। इलाका बाहरी होने के कारण घर लौटते समय उनके साथ बड़ा हादसा हो सकता है। महिलाओं की टाइमिंग सुबह 9 से शाम 5:30 बजे तक होनी चाहिए। इसके अलावा, कंपनी में न तो कोई मेडिकल रूम है और न ही आग से निपटने के लिए कोई फायर सेफ्टी के इंतजाम हैं। कंपनी मालिकों की अफसरों से साठगांठ का आरोप विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों ने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एसी में बैठे अफसरों को मजदूरों का दर्द समझ नहीं आता है। कानपुर में ही श्रमायुक्त बैठते हैं, इसके बाद भी श्रमिकों के तय मिनिमम वेतन दिलाने पर असमर्थ हैं। डीए और कमिश्नर भी रसूखदार कंपनी मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने से बचते हैं। अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन का खामियाजा भी कर्मचारियों को ही भुगतना होगा। कर्मचारियों ने डीएम, मंडलायुक्त से लेकर श्रमायुक्त से गुहार लगाई है कि कंपनी सरकार की गाइड लाइन का पालन नहीं कर रही है। उन्हें निर्धारित वेतन से भी कई गुना कम वेतन दिया जा रहा है, इसका सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
नीलगाय मांस तस्करी में फरार आरोपी गिरफ्तार:पहले पकड़े जा चुके 2 बदमाश, गाड़ी से बरामद हुए थे 5 कट्टे
धौलपुर में नीलगाय के मांस की तस्करी के एक पुराने मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। कंचनपुर थाना पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह मामला करीब 2 पहले 18 अप्रैल का है। उस दिन पुलिस को सूचना मिली थी कि एक वाहन में नीलगाय का मांस भरकर ले जाया जा रहा है। पुलिस ने वाहन का पीछा किया, जिसके बाद वह बैनपुरा के पास एक पेड़ से टकरा गया।वाहन की तलाशी लेने पर उसमें मांस से भरे 5 कट्टे बरामद हुए थे। इस संबंध में कंचनपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। कोर्ट ने भेजा जेलइस मामले में पुलिस ने पहले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन एक आरोपी फरार चल रहा था। फरार आरोपी की तलाश के लिए थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी मुन्नी उर्फ मुन्शी (25), पुत्र रणवीर, निवासी जमूरा को गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड स्थित बंधवाड़ी टोल प्लाजा और सोहना-बल्लभगढ़ मार्ग पर बने नूनेरा टोल प्लाजा से लोगों को फिलहाल राहत नहीं मिलने वाली है। राज्य सरकार ने दोनों टोल प्लाजा पर शुल्क वसूली की अवधि बढ़ाकर अब 2 जुलाई तक कर दी है। इससे पहले 12 जून तक ही टोल संचालन जारी रहने की बात कही गई थी। नई समयावधि बढ़ाने के पीछे कोरोना महामारी के दौरान टोल संचालन बंद रहने को आधार बताया जा रहा है। 2009 में शुरू हुई थी टोल परियोजना वर्ष 2009 में शुरू हुई गुरुग्राम-फरीदाबाद टोल रोड परियोजना के तहत रिलायंस इंफ्रा द्वारा फरीदाबाद से गुरुग्राम और बल्लभगढ़ से सोहना तक सड़क का निर्माण किया गया था। परियोजना पूरी होने के बाद कंपनी ने गुरुग्राम में बंधवाड़ी और नूनेरा तथा फरीदाबाद में पाखल और पाली क्रेशर जोन में टोल प्लाजा स्थापित कर टोल वसूली शुरू की थी। इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी कंपनी के पास ही है। 31 मई को समाप्त होनी थी अवधि टोल वसूली की मूल अवधि 31 मई 2026 तक निर्धारित थी। इसके बाद कंपनी के अनुरोध पर इसे 12 जून तक बढ़ा दिया गया। टोल अधिकारियों के अनुसार, पहले नोटबंदी के दौरान प्रभावित हुए संचालन का हवाला देते हुए 11 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया था। अब 2 जुलाई तक जारी रहेगी वसूली 12 जून की समयसीमा पूरी होने के बाद सरकार ने एक बार फिर टोल वसूली की अवधि बढ़ाकर 2 जुलाई कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान टोल प्लाजा बंद रहने से हुए नुकसान की भरपाई के लिए यह अतिरिक्त समय दिया गया है। हालांकि, अब भी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 2 जुलाई के बाद टोल वसूली पूरी तरह बंद होगी या फिर अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। पीडब्ल्यूडी के अधीन संचालित हैं दोनों टोल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन संचालित इन दोनों टोल प्लाजा का अनुबंध समाप्त होने के कारण इनके बंद होने की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं। बड़खल से विधायक धनेश अदलखा ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर टोल समाप्त करने की मांग की थी। उनका कहना है कि टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम के कारण प्रतिदिन हजारों वाहन चालक प्रभावित होते हैं, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। रोज लगती हैं लंबी कतारें बंधवाड़ी टोल प्लाजा से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में यहां लंबी कतारें लगना आम बात हो गई है। कई बार एंबुलेंस, स्कूल बसें और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी भी जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में स्थानीय लोग जल्द से जल्द टोल प्लाजा बंद किए जाने की मांग कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें 2 जुलाई पर टिकी हैं कि इसके बाद लोगों को राहत मिलेगी या टोल वसूली का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
भदोही के गोपीगंज कोतवाली क्षेत्र में डीसीएम की टक्कर से दो दोस्तों की मौत हो गई। हादसे में एक अन्य दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे बीएचयू रेफर किया गया है। हादसा शनिवार रात करीब 10 बजे का बताया जा रहा है। तीनों अपने एक अन्य साथी को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। गोपीगंज कट के पास उनकी बाइक की टक्कर मिर्जापुर की तरफ आ रहे डीसीएम से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं। खून बहने के कारण अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक अन्य घायल युवक का बीएचयू में इलाज जारी है। परिजनों ने बताया कि दोनों दोस्त अपने एक अन्य दोस्त की शादी में शामिल होने आए थे। शादी 13 मई को थी। कार्यक्रम के बाद दोस्त वहीं पर रुके हुए थे। तीनों एक अन्य दोस्त को छोड़ने के लिए स्टेशन की तरफ निकले थे की हादसा हो गया। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज की मदद से दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन की तलाश कर रही है। पहले 2 तस्वीरें देखिए- अब मामला विस्तार से पढ़िए ... मृतकों की पहचान भोगांव निवासी 24 वर्षीय अक्का यादव पुत्र श्याम यादव और विट्ठलपुर, औराई निवासी 20 वर्षीय अमन मिश्रा पुत्र जयशंकर मिश्रा के रूप में हुई है। कटारी, औराई निवासी 22 वर्षीय शुभम यादव पुत्र सोनू यादव इस हादसे में घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, रात करीब 10:30 बजे अक्का यादव, अमन मिश्रा और शुभम यादव एक अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार होकर औराई से गोपीगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। उन्हें अपने दोस्त हैप्पी बरनवाल को दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठाना था। गोपीगंज कट के पास मिर्जापुर की ओर जा रही एक चार पहिया वाहन से उनकी मोटरसाइकिल टकरा गई। एक महीने पहले खरीदी थी अपाचे बाइक हादसे के बाद, हैप्पी बरनवाल और उसका एक अन्य दोस्त जो दूसरी अपाचे पर थे, मौके से भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और तीनों घायलों को गोपीगंज अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने अक्का यादव और अमन मिश्रा को मृत घोषित कर दिया। अक्का के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जबकि अमन के सिर में चोट लगने से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे उनकी मौत हो गई। शुभम यादव घायल हो गए थे। उन्होंने फोन कर अपने परिवार के सदस्यों को बुलाया, जिसके बाद परिवार उन्हें लेकर चला गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रयागराज में आउटसोर्सिंग की नौकरी करता था अमन अमन मिश्रा के दादा तिलोकी नाथ मिश्रा ने बताया कि अमन उनके बेटे जयशंकर का पुत्र था, जो मुंबई में काम करते हैं। अमन अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मां शशिकला और बहन खुशी का रो-रोकर बुरा हाल है। अमन ने एक साल प्रयागराज में आउटसोर्सिंग की नौकरी करके एक महीने पहले ही अपाचे मोटरसाइकिल खरीदी थी। कोतवाल सच्चिदानंद पांडे ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है।
लातेहार जिले के चंदवा स्थित इंदिरा गांधी चौक पर शनिवार तड़के करीब 4 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। बालूमाथ की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कोयला लोड हाइवा अनियंत्रित होकर मैक्लुस्कीगंज से आ रहे एक ट्रक से टकरा गई और चौक पर स्थित एसके सुपर मार्ट दुकान में जा घुसी। इस हादसे में हाइवा चालक सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान हाइवा चालक कार्तिक कुमार, रिंकू यादव, जोभा भुईयां और श्री राम दुबे के रूप में हुई है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि हाइवा और ट्रक दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दुकान को भी काफी नुकसान पहुंचा। लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा दुर्घटना के बाद एनएच-75 (रांची–मेदिनीनगर मार्ग), एनएच-99 (रांची–चतरा मार्ग) और चंदवा–मैक्लुस्कीगंज सड़क पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क पर हाइवा फंसे होने के कारण चारों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त हाइवा को हटाया जा सका। इसके बाद सुबह लगभग 9 बजे यातायात व्यवस्था बहाल हुई। इस दौरान चंदवा शहर में भारी वाहनों का भीषण जाम लगा रहा। सूचना मिलते ही पुनि सह थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में चंदवा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में सहयोग किया और वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करते हुए स्थिति को सामान्य कराया। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त हाईवा में लदा कोयला वैध था या अवैध, इसकी जांच की जा रही है। मामले की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र में रामगढ़ताल में शनिवार सुबह एक व्यक्ति की लाश मिली। मॉर्निंग वॉकर ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने ताल से लाश बाहर निकलवाकर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन पता नहीं चल पाया। इसके बाद उसे जिला अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया गया। थोड़ी ही देर बाद एक परिवार कैंट थाने एक महिला पहुंची, उसने पति के लापता होने की सूचना दी। पुलिस ने उसे लेकर मोर्चरी गई, जहां महिला ने शव की पहचान करते हुए बताया कि मेरे पति रोहित साहनी हैं। वह घर से नाराज होकर 3 दिन पहले निकले थे। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… कैंट क्षेत्र के मोहद्दीपुर तुर्कलानी टोला में रोहित साहनी अपने परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी पिंकी साहनी और दो बच्चे 12 साल का रोहन और 10 साल का साहिल है। पिंकी ने बताया कि रोहित घर पर ही सिलाई का काम करते थे। उन्होंने घर के अंदर एक कमरे में मशीन लगाई थी। गुरुवार शाम को पति से नोक-झोंक हो गई थी। इसके बाद वह घर से नाराज होकर कहीं चले गए। उनका मोबाइल भी बंद बता रहा था। हम लोग रिश्तेदारी और अन्य जगहों पर उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन कहीं भी उनका पता नहीं चला। इसी बीच शनिवार सुबह रामगढ़ताल में एक लाश मिलने की सूचना मिली। कैंट पुलिस से संपर्क किया गया। मोर्चरी में शव जाकर देखी तो मेरी पति का था। रिश्तेदार पर लगाया आरोप मौत की सूचना के बाद से ही परिवार में कोहराम मच गया है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिंकी ने आरोप लगाया है कि पति की मौत के पीछे साढ़ू का हाथ हो सकता है। फिलहाल पुलिस हर पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है। कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि शव दो दिन पुराना लग रहा है। कहीं कोई चोट के निशान भी नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद मौत की सही वजह सामने आएगी।
गोंडा के बाबा दुखहरनाथ मंदिर में एक श्रद्धालु की जेब से 20 हजार रुपए नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हो गए। यह घटना मंदिर के गर्भगृह में हुई, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। घटना 11 जून की सुबह करीब 8 बजे की बताई जा रही है। इसका वीडियो अब सामने आया है। इटियाथोक थाना क्षेत्र के करुआपारा निवासी अनिल कुमार दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिर पहुंचे थे। आरोप है कि जब वह शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए झुके, तभी एक चोर ने उनकी जेब से नकदी और कागजात निकाल लिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहा है कि सफेद शर्ट पहने और कंधे पर गमछा डाले एक संदिग्ध युवक पीड़ित के ठीक पीछे खड़ा था। जैसे ही श्रद्धालु जल चढ़ाने के लिए झुका, युवक ने उसकी जेब साफ कर दी और बिना जलाभिषेक किए गर्भगृह से बाहर निकल गया। पीड़ित अनिल कुमार ने स्थानीय थाने में लिखित तहरीर देकर बताया कि उनकी जेब से 20 हजार रुपये नकद और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हो गए हैं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हुलिए के आधार पर संदिग्ध की तलाश की जा रही है। यह घटना नगर कोतवाली से कुछ ही दूरी पर स्थित प्रसिद्ध बाबा दुखहरनाथ मंदिर परिसर में हुई है, जिससे मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी मंदिर के दानपात्र में चोरी की घटना सामने आ चुकी है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि तहरीर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। चोरी की घटना में शामिल व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फर्रुखाबाद में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए पुलिस अधीक्षक (एसपी) आरती सिंह ने दो थानाध्यक्षों की तैनाती में फेरबदल किया है। इसके तहत अमृतपुर थानाध्यक्ष को शहर कोतवाल बनाया गया है, जबकि शहर कोतवाल को अमृतपुर भेजा गया है। एसपी के आदेशानुसार, शहर कोतवाल उपनिरीक्षक दर्शन सिंह को अमृतपुर का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, अमृतपुर में तैनात थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह गहलोत को फर्रुखाबाद शहर कोतवाली का प्रभार सौंपा गया है। इसके अतिरिक्त, पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक राम सहाय सिंह को कमालगंज थाने का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। यह बदलाव जिले में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इसी क्रम में, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने पुलिस लाइन के सभागार में एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य महिला संबंधी अपराधों और गुमशुदा से संबंधित विवेचनाओं की प्रगति का जायजा लेना था। अपर पुलिस अधीक्षक ने विवेचकों को गुमशुदा लोगों की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने लंबित प्रकरणों का गुण-दोष के आधार पर जल्द से जल्द निस्तारण करने पर भी जोर दिया। बैठक में सीओ कायमगंज सहित अन्य विवेचक मौजूद रहे।
सुल्तानपुर में शनिवार को आयोजित होने वाली 'जन चौपाल' की तैयारियों को भारी बारिश और तेज हवाओं से बड़ा झटका लगा है। भदैया ब्लॉक के बभनगवां रोड स्थित प्राइमरी कन्या पाठशाला पन्नाटिकरी के प्रांगण में यह कार्यक्रम मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में होना है, जिसमें प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। शनिवार सुबह लगभग 10:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने कार्यक्रम स्थल पर व्यापक नुकसान पहुंचाया। बारिश के कारण लगाए गए टेंट गिर गए, कई कुर्सियां टूट गईं और पूरे आयोजन स्थल पर पानी भर गया। इस अप्रत्याशित मौसम के बदलाव से आयोजक मंडल सकते में आ गया है। कार्यक्रम की व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो गईं। अब अधिकारी और कर्मचारी एक बार फिर से युद्धस्तर पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुट गए हैं ताकि निर्धारित समय पर कार्यक्रम का आयोजन किया जा सके। बता दें कि प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव, जो उत्तर प्रदेश सरकार में खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी हैं, केंद्र सरकार के 'विश्वास, विकास और जनकल्याण' के सफल कार्यकाल पर मीडिया से भी संवाद करेंगे। यह संवाद अपराह्न 3 बजे सुलतानपुर के कलेक्ट्रेट सभागार में प्रस्तावित है। मंत्री के इस कार्यक्रम से पहले कलेक्ट्रेट और आसपास के सरकारी कार्यालयों में भी बारिश के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं।
मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, मर्यादित और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराने के उद्देश्य से राजनांदगांव में पुलिस प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत मुहर्रम के दौरान डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, आतिशबाजी और शेर के स्वांग जैसी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने दिए सुरक्षा और कानून व्यवस्था के निर्देश पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में आयोजित बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर, एसडीएम गौतम पाटिल और नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेंडर किरो सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुहर्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, जुलूस मार्ग, यातायात प्रबंधन और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वक्फ बोर्ड के निर्देशों की दी गई जानकारी बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी साझा की गई। बोर्ड ने सभी ताजिया, दरगाह, उर्स कमेटियों और मुतवल्लियों से अपील की है कि मुहर्रम एवं अन्य धार्मिक आयोजन केवल कुरआन-ए-करीम, अहादीस-ए-मुबारका और शरीअत-ए-मुतहहरा के अनुरूप ही आयोजित किए जाएं। निर्देशों के अनुसार मुहर्रम के दौरान डीजे, धुमाल, बैंड-बाजा, नाच-गाना, आतिशबाजी और अन्य गैर-शराई गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही शेर या अन्य किसी प्रकार का स्वांग धारण कर प्रदर्शन करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी जुलूस या धार्मिक आयोजन में इन निर्देशों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित कमेटी और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित कमेटी को तत्काल प्रभाव से भंग किया जा सकता है। साथ ही 50 हजार रुपये तक का आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित कमेटी और इंतजामिया पर होगी। मुस्लिम समाज ने किया समर्थन बैठक के दौरान मुस्लिम समाज के पदाधिकारियों ने प्रशासन और वक्फ बोर्ड के निर्देशों का समर्थन किया। समाज के प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि शहर में मुनादी और जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को शेर या अन्य किसी प्रकार का स्वांग धारण नहीं करने की समझाइश दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि समझाइश के बावजूद कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके लिए समाज या कमेटी जिम्मेदार नहीं होगी और प्रशासन उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकेगा। इमामों से की गई विशेष अपील वक्फ बोर्ड और प्रशासन ने जिले के इमाम साहबानों से अपील की है कि मुहर्रम से पहले आने वाले जुमा (शुक्रवार) की नमाज में इन निर्देशों को पढ़कर सुनाया जाए। साथ ही मस्जिदों के नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा कर लोगों को जागरूक किया जाए। सौहार्द बनाए रखने की अपील बैठक के अंत में पुलिस प्रशासन ने सभी जिलेवासियों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा नहीं करने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर कस्बे में शनिवार सुबह एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हथौड़े से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। मृतक महिला की पहचान कैथल निवासी पूजा पति नायब के रूप में हुई है, जो पिछले 15-16 वर्षों से फर्रुखनगर में अपने परिवार के साथ रह रही थी। उसका पति नायब इलाके में ईंट सप्लाई का काम करता है। दंपती का एक लगभग 10 वर्षीय बेटा भी है। पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर नायब ने कथित तौर पर हथौड़े से पूजा के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण पूजा की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों के बीच चल रहा था तनाव प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति को पत्नी के चरित्र पर संदेह था, जिसके चलते दोनों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। घटना की सूचना मिलते ही फर्रुखनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित श्याम प्रेस कंपाउंड में खाटू श्याम मंदिर परिसर में आज से श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया। भागवत कथा से पूर्व शहर में एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं अपने सिर पर कलश धारण कर चल रही थीं। भागवत आचार्य राघव जी महाराज भी कलश यात्रा में मुख्य रूप से उपस्थित थे। यह कलश यात्रा अलीगढ़ रोड से निकली। कलश यात्रा का जगह-जगह जोरदार स्वागत किया गया और पूजा-अर्चना हुई। इस दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस मौके पर पुलिस फोर्स भी मौजूद था। 20 जून को होगा भागवत कथा का समापन... यह कलश यात्रा श्याम प्रेस कंपाउंड स्थित खाटू श्याम मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। भागवत आचार्य राघव जी महाराज कथा का वर्णन करेंगे। भागवत कथा सप्ताह का समापन 20 जून को होगा। इस कार्यक्रम के लिए पिछले कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं।
चंडीगढ़ की उपिंदर कौर सेखों ने ब्रेन ट्यूमर और मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों को मात देकर 38वीं मलेशियन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 4 पदक जीतकर भारत और चंडीगढ़ का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता के बाद वह अब चंडीगढ़ लौट आई हैं। उपिंदर कौर सेखों मंत्री विक्रमादित्य की सास हैं। उपिंदर कौर ने डिस्कस थ्रो और 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीते, जबकि 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में रजत पदक हासिल किए। उनकी इस उपलब्धि की पूरे ट्राइसिटी में चर्चा हो रही है और खेल प्रेमी उनकी सफलता की सराहना कर रहे हैं। 3 पाइंट में जानिए उपिंदर कौर की बताई बातें मलेशिया जाने से पहले ही कर लिया था लक्ष्य तय उपिंदर कौर ने बताया कि मलेशिया रवाना होने से पहले ही उन्होंने खुद से वादा कर लिया था कि खाली हाथ वापस नहीं लौटेंगी। प्रतियोगिता में एक खिलाड़ी अधिकतम चार स्पर्धाओं में हिस्सा ले सकता था। ऐसे में उन्होंने चारों इवेंट्स में नामांकन कराया और अपने परिवार व दोस्तों से पहले ही कह दिया था कि वह चार मेडल जीतकर ही लौटेंगी। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास रंग लाया व उन्होंने चारों स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपना लक्ष्य हासिल कर लिया। 150 से ज्यादा मेडल, फिर भी हर मेडल खास उपिंदर कौर के पास विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के 150 से अधिक पदक हैं। उनके लिए हर मेडल उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना पहला मेडल। वह अपने मेडल्स को बेहद संभालकर रखती हैं। इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। उपिंदर बताती हैं कि उन्होंने एक बार एक ओलंपियन खिलाड़ी की कहानी पढ़ी थी, जिसका गोल्ड मेडल यात्रा के दौरान सामान चोरी होने पर खो गया था। तभी से उन्होंने तय कर लिया कि मेडल कभी भी सामान के साथ नहीं रखेंगी। आज भी वह प्रतियोगिताओं में जीते मेडल अपने छोटे पर्स में रखती हैं और उन्हें अपने से अलग नहीं होने देतीं।
बस्ती जिले के कुढ़वा गांव में शनिवार सुबह एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घर में फ्रिज का तार जोड़ते समय 28 वर्षीय राजदेव यादव बिजली की चपेट में आ गए। इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं उनके चार माह के मासूम बेटे ने पिता को खो दिया। जानकारी के अनुसार, कुढ़वा गांव निवासी राजदेव यादव (28) पुत्र राधेश्याम यादव शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे अपने घर में खराब फ्रिज का तार जोड़ रहे थे। इसी दौरान उन्हें अचानक बिजली का करंट लग गया। करंट लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़े। परिजनों ने तुरंत उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद राजदेव को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सूचना मिलने पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। राजदेव यादव गुजरात में एक निजी कंपनी में इलेक्ट्रीशियन के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने आईटीआई से इलेक्ट्रिशियन ट्रेड की पढ़ाई की थी। वे अपने परिवार के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे। उनकी असामयिक मौत ने परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है। राजदेव का विवाह 15 अप्रैल 2025 को कुदरहा ब्लॉक के सिसई पंडित गांव निवासी ज्योति के साथ हुआ था। दंपती का एक चार माह का पुत्र है। पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी ज्योति बदहवास हो गईं। मां मिश्रालवती और 14 वर्षीय बहन रोशनी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
DM ने टीबी मुक्त अभियान की समीक्षा की:हाई रिस्क ग्राम पंचायतों में स्क्रीनिंग तेज करने के निर्देश
जौनपुर में राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा की गई। डीएम सैमुअल पॉल एन. ने कलेक्ट्रेट सभागार में 24 मार्च से संचालित इस अभियान की प्रगति का जायजा लिया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जिले की कुल 848 हाई रिस्क ग्राम पंचायतों में से अब तक केवल 313 में ही आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर टीबी स्क्रीनिंग का कार्य किया गया है। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों को अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जनपद को मिली चार हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीनों का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि हाई रिस्क ग्राम पंचायतों में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, मधुमेह रोगी, धूम्रपान व शराब का सेवन करने वाले, कुपोषित व्यक्ति और टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले लोगों की प्राथमिकता के आधार पर एक्स-रे जांच कर टीबी की स्क्रीनिंग की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने सभी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर साझा करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य व्यापक स्तर पर लोगों को टीबी रोग के संबंध में जागरूक करना है। बैठक में 100 दिवसीय अभियान की प्रगति का प्रस्तुतिकरण कार्यक्रम के जिला समन्वयक सलिल कुमार यादव द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गंगा राम गौतम, समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य सहयोगी विभागों के जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।
अजमेर में शनिवार को दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। पहला मामला एक नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, अस्पताल में अचेत अवस्था में छोड़ने और परिजनों को धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरा मामला अलवरगेट थाना क्षेत्र का है, जहां एक बुजुर्ग ऑनलाइन साइबर ठगी का शिकार होकर 6.15 लाख रुपए गंवा बैठा। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और धमकी देने का मामला 16 वर्षीय नाबालिग को कुछ युवक रात के समय बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। परिजनों का आरोप है कि बाद में युवकों ने नाबालिग को जेएलएन अस्पताल में अचेत अवस्था में भर्ती कराया और वहां से फरार हो गए। परिजनों ने आशंका जताई है कि बच्ची के साथ कोई गलत घटना हुई है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपियों में से एक ने फोन कर पुलिस में रिपोर्ट करने पर पूरे परिवार को जान से मारने और नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 6.15 लाख की ऑनलाइन ठगी, बुजुर्ग से जाली दस्तावेज दिखाकर ठगे रुपए अलवरगेट थाना क्षेत्र के एक 62 वर्षीय बुजुर्ग राजेंद्र कुमार ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो गए। पीड़ित की शिकायत के अनुसार, अज्ञात साइबर ठगों ने अपनी पहचान छिपाकर और जाली दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर उन्हें विश्वास में लिया और 6 लाख 15 हजार 480 रुपए की ठगी कर ली। शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज होने के बाद जीरो नंबर एफआईआर संबंधित थाने को भेजी गई। पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव से पहले किया गया मोर आवास-मोर अधिकार का वादा पूरा किया और लाखों गरीब परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार किया। विजय शर्मा ने पत्र में पूर्व कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि उस समय प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए राशि आवंटित नहीं की गई, जिससे लाखों पात्र हितग्राही आवास से वंचित रह गए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तत्कालीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने गरीबों के आवास के लिए राशि उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए विभाग से इस्तीफा तक दे दिया था। डिप्टी सीएम ने लिखा कि भाजपा ने मोर आवास-मोर अधिकार अभियान के दौरान वादा किया था कि सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में गरीबों के आवास को मंजूरी दी जाएगी। सरकार बनने के बाद 14 दिसंबर 2023 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में 18.12 लाख से अधिक आवासों को पूरा करने का संकल्प लिया गया। पत्र के मुताबिक, सरकार ने अपूर्ण 2.46 लाख आवास, 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची के 6.99 लाख आवास, आवास प्लस सूची के 8.19 लाख आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के 47 हजार से अधिक आवासों को स्वीकृति दी। इसके अलावा पीएम जनमन योजना और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष परियोजनाओं के तहत भी आवास निर्माण कराया जा रहा है। विजय शर्मा ने दावा किया कि राज्य सरकार ने 26,908 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराकर गरीबों के पक्के मकानों का सपना पूरा किया। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद ढाई वर्षों में प्रदेश में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं। पत्र में छत्तीसगढ़ को देश में आवास निर्माण के मामले में अग्रणी बताते हुए कहा गया है कि अप्रैल से अक्टूबर 2025 के बीच प्रतिदिन करीब 2 हजार आवास पूर्ण किए गए, जबकि वर्तमान में भी प्रतिदिन 1600 से अधिक आवास पूरे किए जा रहे हैं। वर्ष 2025-26 में राज्य में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण होने का दावा भी किया गया है। पत्र के अंत में विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और प्रेरणा से प्रदेश के लाखों गरीबों को पक्का मकान मिल सका है।
बूंदी जिले के हिण्डोली थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार पिकअप ने महिला के टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर घायल महिला मनभर (49) की इलाज के दौरान कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में मौत हो गई। घटना शुक्रवार दोपहर 4:30 बजे के बीकरण गांव की है। बताया जा रहा है कि गांव से डेढ़ किमी दूरी पर नेशनल हाईवे का टोल है। टोल बचाने के लिए पिकअप सवार गांव के रास्ते गाड़ी को निकाल रहा था। कोटा हॉस्पिटल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। सड़क किनारे खड़ी थी महिला बेटे चंद्रप्रकाश ने बताया मां किसी काम से घर के बाहर सड़क किनारे गईं थी। शुक्रवार दोपहर साढ़े 4 बजे के आसपास टोकड़ा रोड़, बड़ी बीकरण की तरफ से तेज रफ्तार पिकअप आई। सड़क किनारे खड़ी मां को टक्कर मार दी। गाड़ी छोड़कर भागा ड्राइवर हादसे के बाद चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया। पता लगने पर गांव वालों ने मां को संभाला। मां के पैर सहित अन्य जगहों पर चोट लगी। उन्हें इलाज के लिए शुक्रवार शाम को कोटा लाए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गईं। टोल बचाने गांव के रास्ते से निकाली गाड़ी चंद्रप्रकाश ने बताया कि गांव से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर ही नेशनल हाईवे का टोल नाका है। टोल बचाने के लिए कई वाहन चालक हमारे गांव के रास्ते होकर निकलते हैं। रोज स्पीड से गाड़ी निकलती है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज हिंडोली थाना ASI इंदर सिंह ने बताया मृतका के बेटे ने रिपोर्ट दी है। जिसमें बताया कि उसकी मां सड़क किनारे काम कर रही थी। उसी दौरान सिंगल रोड से गुजर रहे पिकअप सवार ने टक्कर मार दी। परिजन की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला जिले में कालका के गांधी चौक के समीप कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा सरकार पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। धरना-प्रदर्शन में पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता अजय सिंगला, जिला परिषद चेयरमैन सुनील शर्मा, नरेश मान, पार्षद अश्विनी कुमार, सचिन शर्मा, खेड़ावाली राजेंद्र, सुनील श्याम और इंदर सिंह सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार कालका के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। प्रदर्शनकारियों ने पानी और सड़कों के लिए ना रुलाओ, ना तड़पाओ, जैसे नारों के साथ पानी की कमी और खराब सड़कों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के इस मौसम में कालका क्षेत्र के लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, जबकि क्षेत्र की सड़कों की बदहाल स्थिति किसी से छिपी नहीं है। आम जनता को रोजमर्रा की जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी ने कहा कि वे हमेशा जनता की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे। उन्होंने जोर दिया कि पानी, सड़कें और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाएं किसी भी क्षेत्र की बुनियादी आवश्यकताएं हैं और इनके अभाव में लोगों का जीवन प्रभावित होता है। चौधरी ने कहा कि कालका की जनता इन्हीं समस्याओं से जूझ रही है और इन्हें दूर करवाने के लिए कांग्रेस जनहित की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में 65 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा सुबह करीब 11 बजे सहज पब्लिक स्कूल के सामने हुआ। एक कार ने सड़क पर आए बुजुर्ग को टक्कर मार दी, जिससे उनके पैर में गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना के बाद कार चालक और उसमें सवार अन्य लोगों ने घायल बुजुर्ग को तुरंत शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उनका उपचार किया जा रहा है। घायल की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन पैर में गंभीर चोट के कारण इलाज जारी है। घायल बुजुर्ग की पहचान भदौनी निवासी प्रहलाद के रूप में हुई है। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रहलाद प्रतिदिन काम के लिए शाजापुर आते हैं और खेती-किसानी का काम करते हैं। हादसे के वक्त भी वे किसी काम से शहर आए हुए थे। घटना की जानकारी मिलने पर लालघाटी थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि घायल का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। उनके बयान दर्ज होने के बाद दुर्घटना के संबंध में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धनबाद के टुंडी प्रखंड की ऋषिभिट्टा पहाड़ी पर इन दिनों जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड डेरा डाले हुए है। गिरिडीह क्षेत्र से आए लगभग 25 हाथियों का यह दल पिछले एक महीने से यहां मौजूद है। इस झुंड में पांच छोटे हाथी भी शामिल हैं। हाथियों की उपस्थिति के कारण आसपास के ग्रामीण सतर्क हैं, जबकि वन विभाग उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहा है। शुक्रवार को ऋषिभिट्टा पहाड़ी पर बने चेकडैम में हाथियों की जलक्रीड़ा देखी गई। छोटे हाथियों ने भी पानी में उछल-कूद कर आनंद लियादो बच्चों सहित सात हाथी पानी में उतरकर खेलते हुए नजर आए। हाथियों ने अपनी सूंड में पानी भरकर एक-दूसरे पर उड़ेला और काफी देर तक चेकडैम में मस्ती करते रहे। छोटे हाथियों ने भी पानी में उछल-कूद कर आनंद लिया। पहाड़ी के आसपास घने बांस के जंगल हैंवन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऋषिभिट्टा पहाड़ी हाथियों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गई है। यहां पर्याप्त मात्रा में भोजन और पानी उपलब्ध है। पहाड़ी के आसपास घने बांस के जंगल हैं, जो हाथियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं। यही कारण है कि हाथियों का झुंड यहां कुछ समय तक रुकना पसंद करता है। डीएफओ विकास पालीवाल ने बताया कि गिरिडीह, जामताड़ा और हजारीबाग क्षेत्रों से हाथियों का आवागमन सामान्य है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पहाड़ी पर चेकडैम का निर्माण कराया है। वनकर्मियों और मशालियों की एक टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना और मानव-हाथी संघर्ष को रोका जा सके।
टीकमगढ़ में कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने शनिवार को प्राचीन तालाबों को जोड़ने वाली नहरों के मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। यह कार्य बारिश का पानी तालाबों तक पहुंचाने के उद्देश्य से कराया जा रहा है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून से पहले मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए। कलेक्टर ने तहसीलदार और जनपद सीईओ के साथ पठा तालाब से महेंद्र सागर तालाब को जोड़ने वाली नहर के मरम्मत कार्य का जायजा लिया। यह नहर पिछले साल कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद कलेक्टर ने इसकी मरम्मत के निर्देश दिए थे। कलेक्टर ने बताया कि महेंद्र सागर तालाब को पठा तालाब से जोड़ने वाली आवक नहर ग्राम पंचायत माडूमर में नन्हे जी के खेत के वेस्टवेयर के पास, अस्तौन पुलिया के पास और सिंचाई विभाग के कार्य क्षेत्र में यादव के खेत के पास क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसका सुधार कार्य ग्राम पंचायत और सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि अगले एक सप्ताह में यह कार्य पूर्ण हो जाएगा। पिछले साल इसी नहर के माध्यम से महेंद्र सागर तालाब में भरपूर पानी आया था, जिससे तालाब लबालब भर गया था। हालांकि, अधिक वर्षा के कारण नहर को दो-तीन स्थानों पर पानी मोड़ने के लिए खोल दिया गया था। अब मानसून से पहले नहर की मरम्मत की जा रही है, ताकि बारिश का पानी एक बार फिर तालाब तक पहुंच सके। इस अवसर पर तहसीलदार टीकमगढ़ सत्येंद्र सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ मनीष शेंडे, ईई सिंचाई विभाग दीपेंद्र सिंह कुशवाह सहित संबंधित अधिकारी और स्टाफ उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय दौरे पर शनिवार को दोपहर गोरखपुर पहुंचेंगे। पहले दिन वह चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र को 300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इनमें 319 परियोजनाएं हें। महुआपार के गांधी इंटर कालेज में आयोजित कार्यक्रम में 152.21 करोड़ की लागत से तैयार 122 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे और 143.25 कराड़ की लागत से बनने वाली 197 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। वहां मुख्यमंत्री जनसमूह को संबोधित भी करेंगे। सीएम आजमगढ़ से गोरखपुर पहुंचेंगे। इन सभी परियोजनाओं से चिल्लूपार विधानसभा और बांसगांव लोकसभा क्षेत्र में यातायात तो सुगम होगा। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ने के साथ ही बाढ़ बचाव के प्रबंध भी पुख्ता होंगे। कार्यक्रम दोपहर 1 बजे से शुरू होगा। कार्यक्रम स्थल पर लोग पहुंच चुके हैं। मुख्यमंत्री का इंतजार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं का होगा लोकार्पण जिला प्रशासन के अनुसार लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में 57.81 करोड़ की लागत से उरुवा-धुरियापार-शाहपुर बेलघाट मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, 10.81 करोड़ की लागत से कोहरा बुजुर्ग में नवनिर्मित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित 15 से अधिक प्राथमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और अन्य सुविधाओं का विकास आदि शामिल है। इसी तरह राप्ती और सरयू किनारे बांध की मजबूती के लिए किए गए विभिन्न कार्य भी शामिल हैं। अपने प्रवास के दूसरे दिन रविवार की शाम मुख्यमंत्री, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां वह करीब 950 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।
कानपुर में गंगा नदी में लाखों मछलियां मरी पाई गईं। इससे आसपास से बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए। लोग मरी हुई मछलियाें को जाल लगाकर छानने लगे। कई लोग थैलों में भरकर ले गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि केमिकल युक्त पानी के कारण मछलियों की मौत हुई है। मृत मछलियों की संख्या लाखों में बताई जा रही है। इस घटना पर साधु-संतों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यह मामला जाजमऊ के पास का है। पहले यह 3 तस्वीर देखिए… दूर-दूर तक मरी हुई मछलियां दिखीं जाजमऊ के डबलाबोर्ड गंगा तट पर शनिवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गंगा नदी में लाखों की संख्या में मछलियां मृत अवस्था में उतराती दिखाई दीं। गंगा की सतह पर दूर-दूर तक तैरती मरी हुई मछलियों का दृश्य देखकर स्थानीय लोग दहशत में आ गए। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे। स्थानीय निवासी शंकर सिंह, पूजा कुमारी, रवि चौरसिया और अंकित का आरोप है कि जाजमऊ क्षेत्र की टेनरियों और ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी नालों के जरिए गंगा में पहुंच रहा है, जिससे नदी का जल लगातार दूषित हो रहा है। उनका दावा है कि इस संबंध में कई बार शासन और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते जल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच नहीं कराई गई तो यह स्थिति बड़े पर्यावरणीय संकट का रूप ले सकती है। घटना को लेकर साधु-संतों में भी भारी आक्रोश देखने को मिला। जूना अखाड़ा के संत ने गंगा की दुर्दशा पर चिंता जताई मौके पर पहुंचे जूना अखाड़े के संत दिगंबर महाराज ने गंगा की दुर्दशा पर चिंता जताते हुए जटेटा कंपनी के संचालक रिज़वान नादरी को इसका जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कठघरे में खड़ा किया। उनका आरोप है कि गंगा स्वच्छता के दावे तो किए गए, लेकिन गंगा को प्रदूषित करने वाली इकाइयों के खिलाफ शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। फिलहाल प्रशासन की ओर से मछलियों की मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रीय लोगों ने जल के नमूने लेकर उच्चस्तरीय जांच, दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जूना अखाड़े से दिगंबर आनंदपूरी महाराज ने बताया कि वह गंगा की आरती करवाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, गंगा में टेनरियां और ट्रीटमेंट प्लांट संचालक रिजवान नादरी गंगा में केमिकलयुक्त पानी बहते हैं, जिसके चलते इनके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज होने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कई दूषित पानी होने से कई ट्रक मछलियाँ मर गई। उन्होंने इसकी जानकारी डायल 112 और जाजमऊ थाना पुलिस को सूचना देकर मौके पर बुलाया और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने प्लांट संचालक रिजवान नादरी, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि ये सरकार साधु संतों की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने चेतवानी दी है कि, वह अनसन करेंगे, पहले ही पिंडदान कर चुके हैं और अपनी समाधि बना देंगे।
हरियाणा के रोहतक में महिला XEN के बेटे के किडनैपरों का पानीपत पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला भी शामिल है। दो आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, पानीपत निवासी महिला XEN सुनीता के पति समीर DGM है, जोकि जयपुर में पोस्टेड है। शुक्रवार को इन आरोपियों ने पानीपत में एक्सईएन के घर से उनके 12 वर्षीय बेटे को किडनैप कर लिया था। इसके बाद से ही पानीपत सीआईए-2, गोहाना पुलिस और रोहतक सदर थाना पुलिस इनके पीछे लगी हुई थी। अपहरणकर्ता पानीपत नंबर की डिजायर गाड़ी में बच्चे को लेकर भाग रहे थे। रास्ते में खुद को पुलिस से घिरता देख तीनों ने बच्चे को गाड़ी से नीचे फेंक दिया था। इसमें बच्चा भी घायल हो गया। उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया है। पुलिस महिला और दोनों बदमाशों से पूछताछ कर रही है। बताया गया है कि एक छात्र भी इस साजिश में शामिल है। 12 जून की शाम को घर से किया अपहरण थर्मल चौकी पुलिस को दी शिकायत में महिला XEN सुनीता ने बताया था कि वह थर्मल कॉलोनी की रहने वाली है। वह थर्मल पानीपत में बतौर XEN पद पर तैनात है। वह दो बच्चों की मां है। उसका छोटा बेटा कबीर(12) है, जोकि 7वीं कक्षा में पढ़ता है। 12 जून की शाम करीब 5 बजे वह अपने बेटे को घर पर छोड़कर दफ्तार गई थी। रात करीब 9:30 बजे आकर उसने चेक किया, तो बेटा घर पर नहीं था। उसने अपने बेटे की तलाश की, लेकिन उसका कही कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। व्हाट्सएप नंबर से कॉल कर एक करोड़ की फिरौती मांगी सुनीता ने पुलिस को बताया कि इसी दौरान उसके पास एक व्हाट्सएप नंबर से कॉल आई थी। इसमें बदमाशों ने बच्चा उनके पास होने की बात कही। साथ ही डेढ़ करोड़ रुपए की फिरौती भी मांगी थी। फ़िरौती न देने पर बच्चों के साथ बुरा अंजाम होने की बात कही थी। यह सूचना जैसे ही पुलिस को मिली तो पुलिस की टीम में बदमाशों का पता लगाने में जुट गई थी। रोहतक के अलावा पानीपत की टीम को बदमाशों के पीछे लगाया गया था। रोहतक में मिली लोकेशन, पुलिस को देख फायरिंग शुरू की शनिवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि बदमाश रोहतक जिले में है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां बदमाशों ने पुलिस पर भी फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं पुलिस की गाड़ी को भी टक्कर मारी गई। खुद को घिरता देख बदमाशों ने चलती गाड़ी से बच्चे को बाहर फेंक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बच्चे को सकुशल बरामद कर उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। वहीं, जब पुलिस पर फायरिंग हुई तो पुलिस ने भी फायरिंग की। जिस दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लगी और उन्हें पकड़ लिया गया। गाड़ी से महिला आरोपी को भी पकड़ा गया। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिस्वरंजन की अध्यक्षता में रेडक्रॉस सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दोनों विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और पहले दिए गए निर्देशों के पालन की जानकारी ली गई। बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति, रिक्त पदों, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, महतारी वंदन योजना, आभा आईडी, आधार सत्यापन और टेक होम राशन वितरण की समीक्षा की गई। सीईओ ने कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग को सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टीकाकरण और ऑनलाइन रिकॉर्ड अपडेट करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीबी, कुष्ठ रोग, मौसमी बीमारियों की रोकथाम और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। अधिकारियों को यू-विन पोर्टल में सभी जानकारी समय पर दर्ज करने, एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाने और जननी पोर्टल में सभी निजी अस्पतालों की जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। ऐसा नहीं करने वाले संस्थानों को नोटिस देने की बात भी कही गई। सोनोग्राफी सुविधा और शिकायतों पर विशेष ध्यान सीईओ ने बिरगांव और अभनपुर में सोनोग्राफी सुविधा के लिए आवश्यक समझौते करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में मिलने वाली शिकायतों का जल्द और संतोषजनक समाधान करने पर जोर दिया। बैठक में सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैल ठाकुर और दोनों विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
रोहतक जिले के सांपला कस्बे के वार्ड नंबर-14 में एक दीवार को लेकर चल रहा पारिवारिक विवाद झड़प में बदल गया। देर शाम हुई इस घटना में एक महिला पर चाकू से हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गई। घायल महिला सुनीता ने बताया कि उनके परिवार में काफी समय से एक दीवार को लेकर झगड़ा चल रहा है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। सुनीता का आरोप है कि एक महिला सहित तीन लोगों ने उनके साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। मामले की जांच कर रही पुलिस शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने घायल महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ में अंबेडकर चौराहा से बस स्टैंड तक बन रही सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ गए हैं। शनिवार को प्रभारी अध्यक्ष और डिप्टी कलेक्टर अंजली शर्मा ने पार्षदों के साथ सड़क का निरीक्षण किया। उन्होंने घटिया निर्माण पाए जाने पर ठेकेदार के कर्मचारियों को फटकार लगाई और गुणवत्ता सुधारने के सख्त निर्देश दिए। नगर पालिका द्वारा 1 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से इस खस्ताहाल सड़क का डामरीकरण कराया जा रहा है। अंबेडकर तिराहा से बस स्टैंड तक की यह सड़क पहले बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी। डिवाइडर वाली सड़क का एक हिस्सा करीब तीन महीने पहले पूरा हो चुका है, और अब दूसरे हिस्से पर काम चल रहा है। निरीक्षण के दौरान, डामरीकरण से पहले न तो सड़क के गड्ढे भरे गए थे और न ही मरम्मत में गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा था। प्रभारी अध्यक्ष अंजली शर्मा ने मौके पर सड़क के कुछ हिस्से की खुदाई करवाई, जिसमें घटिया निर्माण और डामर की कम मात्रा स्पष्ट दिखाई दी। ठेकेदार को लगाई फटकार इस पर अंजली शर्मा ने ठेकेदार के कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पहले सभी गड्ढे भरकर गुणवत्तापूर्ण डामरीकरण सुनिश्चित किया जाए। अंबेडकर चौराहा से बस स्टैंड तक की यह सड़क एक व्यस्त मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों यात्री बसें और बड़े डंपर गुजरते हैं। यदि सड़क की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह कुछ ही दिनों में फिर से खराब हो सकती है। अब देखना होगा कि प्रभारी अध्यक्ष की सख्ती के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है। सड़क की गुणवत्ता बताती तस्वीरें…
अमेठी में आज सुबह हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय, कोतवाली और डाक बंगला सहित कई सरकारी दफ्तरों में पानी भर गया। एसपी कार्यालय से पानी निकालने के लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ा। बारिश का पानी सड़क किनारे बने कई घरों में भी घुस गया, जिससे लोगों का सामान खराब हो गया। सुबह करीब 10 बजे तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हुई, जिसने पूरे जिले की स्थिति बदल दी। लगातार बारिश से निचले इलाकों और सरकारी कार्यालयों में जलभराव हो गया। कोतवाली परिसर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और डाक बंगला के कमरों तथा बरामदों में पानी भर गया था। 3 तस्वीरें देखिए- स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एसपी कार्यालय से पानी निकालने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई। फायर कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद कार्यालय परिसर से जमा पानी को बाहर निकाला। नगर के कई मोहल्लों और सड़क किनारे स्थित घरों में भी बारिश का पानी घुस गया, जिससे लोगों को अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर रखना पड़ा। कई घरों में बिजली के उपकरण भी खराब हो गए। पिछले दो घंटे से अधिक समय से हल्की बारिश लगातार जारी है। मौसम विभाग ने फिलहाल राहत के कोई आसार नहीं बताए हैं। लगातार बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया है, जिससे यातायात की गति धीमी पड़ गई है। नगर पालिका की टीम जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के काम में जुटी हुई है।
लखनऊ इस्कॉन मंदिर के प्रमुख श्याम प्रभु ने कहा है कि अधिकमास में जप, तप, दान अधिक फल देते हैं। इस महीने में किया गया दान सामान्य दिनों के दान की अपेक्षा कई गुना फलदायी हो जाता है। इस पूरे महीने सुबह-शाम दीपदान करना चाहिए। यह महीने भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित होता है। श्याम प्रभु ने मोहान रोड स्थित आनंद उत्सव लॉन में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर हरिनाम संकीर्तन और आध्यात्मिक प्रवचन के दौरान यह बात कही। कार्यक्रम का आयोजन भक्तों की ओर से कराया गया था। भगवान ने इसे विशेष प्रयोजन से बनाया श्याम प्रभु ने बताया कि भगवान श्रीहरि ने इस महीने को विशेष प्रयोजन से बनाया था। जब हिरण्यकश्यपु ने भगवान से वरदान मांगा कि मैं न आसमान में मरूं, न धरती पर। न मनुष्य मार पाए, न पशु। न दिन में मरूं, न रात में। किसी भी महीने में न मरूं। उसे यह वरदान कठोर तप की वजह से मिल गया, लेकिन भगवान ने उसे मारने के लिए अलग से महीना (अधिकमास) बनाया। भगवान को पुरुषोत्तम भी कहा जाता है इसलिए उनके बनाए इस विशेष महीने को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में किए गए जप, तप, दान और भक्ति का फल सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्राप्त होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को इस पवित्र मास में नियमित रूप से सुबह और शाम दीपदान करने की सलाह दी। श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय में 'पुरुषोत्तम योग' का संदेश इसके साथ ही, उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम स्कंध के 14वें अध्याय और श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय 'पुरुषोत्तम योग' का अध्ययन और चिंतन करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इन ग्रंथों में वर्णित शिक्षाओं को जीवन में अपनाने से व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ सकता है। कार्यक्रम के दौरान हरिनाम संकीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मोहान रोड सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में सभी भक्तों ने दिव्य प्रसाद ग्रहण किया और आध्यात्मिक माहौल का आनंद लिया।
जौनपुर में आंधी-बारिश से 1 डिग्री तापमान गिरा:उमस भरी गर्मी से राहत, मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ीं
जौनपुर में आंधी और बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, जुकाम और बुखार जैसी बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है। शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 24 घंटों में जिले के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिससे उमस भरी गर्मी बढ़ गई थी। शनिवार दोपहर 11:30 बजे आई तेज आंधी और बारिश के बाद अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे कुछ समय के लिए राहत मिली। तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते शुक्रवार को दिन में लोग घरों से निकलने से बचते रहे। सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर आवाजाही काफी कम हो गई थी। गर्मी से राहत पाने के लिए शीतल पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। चिकित्सकों ने लोगों को भीषण गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है। मौसम विज्ञान केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले दिनों में बारिश के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक क्लब में ड्यूटी के दौरान सिक्योरिटी गार्ड की मौत हो गई। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और वर्तमान में चंडीगढ़ के दड़वा गांव में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका जता रही है। जानकारी के अनुसार राधेश्याम (55) इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित प्लेबॉय क्लब में सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर कार्यरत था। शुक्रवार रात वह रोजाना की तरह अपनी ड्यूटी पर पहुंचा था। उसकी ड्यूटी रात 8 बजे से शनिवार सुबह 8 बजे तक थी। रात के दौरान वह क्लब परिसर में अकेला मौजूद था। सुबह शिफ्ट बदलने पहुंचे गार्ड ने देखा सुबह करीब 8 बजे दूसरी शिफ्ट का सिक्योरिटी गार्ड ड्यूटी संभालने के लिए क्लब पहुंचा। उसने मुख्य दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। काफी देर तक आवाज लगाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने अपने पास मौजूद दूसरी चाबी की मदद से दूसरे गेट से अंदर प्रवेश किया। अंदर जाने पर उसने देखा कि राधेश्याम जमीन पर पड़ा हुआ था। उसने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं उठा। इसके बाद उसने तुरंत क्लब प्रबंधन और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राधेश्याम को तुरंत इलाज के लिए सेक्टर-32 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत घटना की सूचना मिलते ही इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने क्लब के अंदर और आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई गई। इसके अलावा मौके से कुछ जरूरी नमूने और अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। शरीर पर नहीं मिले चोट के निशान पुलिस की शुरुआती जांच में मृतक के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। जिस कमरे में वह मिला, वहां भी कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया। इसी वजह से पुलिस फिलहाल हार्ट अटैक से मौत होने की आशंका जता रही है। हालांकि मौत की असली वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
प्रसूता की मौत पर नर्सिंग होम की ओटी सील:तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, बिसरा सुरक्षित
फर्रुखाबाद में एक नर्सिंग होम में उपचार के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में अस्पताल की ओटी (ऑपरेशन थिएटर) को सील कर दिया गया है। मृतका की पहचान मैनपुरी जनपद के कस्बा कुरावली निवासी संदीप कुमार की पत्नी संध्या सिंह के रूप में हुई है। उन्हें बुधवार को बजरिया रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में बुधवार शाम ऑपरेशन से संध्या ने एक बेटी को जन्म दिया था। शुक्रवार को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। परिजनों के हंगामे और लापरवाही के आरोपों के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुक्रवार देर शाम तीन चिकित्सकों के पैनल द्वारा शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, जिसके चलते बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। अब बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल पाएगा। इस मामले में एसीएमओ आरसी माथुर ने अस्पताल की ओटी को सील करने की कार्रवाई की है।
उमरिया में 18 जून तक लगेंगे जनकल्याण शिविर:शासन की योजनाओं का लाभ मिलेगा, अधिकारी करेंगे निगरानी
उमरिया जिले के सभी विकासखंडों और नगरीय निकायों में 18 जून तक जनकल्याण शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) तक चल रहे विशेष अभियान के तहत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। ये शिविर जनपद कार्यालय प्रांगण करकेली, स्टेडियम प्रांगण मानपुर, माध्यमिक शाला परिसर अमिलिहा पाली, सामुदायिक भवन लालपुर, गायत्री मंदिर के सामने पाली, टाउन हॉल चंदिया तथा सामुदायिक भवन वार्ड क्रमांक-7 नौरोजाबाद सहित विभिन्न स्थानों पर निर्धारित तिथियों में आयोजित होंगे। शिविरों में शासन की कई हितग्राहीमूलक योजनाओं से संबंधित आवेदन प्राप्त किए जाएंगे और उनका निराकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, कई जनहित गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। कलेक्टर राखी सहाय ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविर स्थलों पर छाया पंडाल, बैठक व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, कुर्सी, दरी और पानी के टैंकर सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। इन शिविरों की निगरानी जिला एवं विकासखंड स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। प्राप्त आवेदनों के संधारण एवं निराकरण के लिए पृथक रजिस्टर रखे जाएंगे। आवेदनों की प्रतिदिन पोर्टल पर प्रविष्टि कर रिपोर्ट वरिष्ठ कार्यालयों को भेजी जाएगी। कल लगेंगे शिविर जनपद कार्यालय प्रांगण करकेली में 14 जून को, स्टेडियम प्रांगण मानपुर में 15, 16 और 17 जून, माध्यमिक शाला परिसर अमिलिहा पाली में 16, 17 एवं 18 जून, सामुदायिक भवन लालपुर में 14 जून, गायत्री मंदिर के सामने प्रांगण पाली में 15, 16 एवं 17 जून, टाउन हॉल चंदिया में 16, 17 एवं 18 जून और सामुदायिक भवन वार्ड नंबर 7 नौरोजाबाद में 14 जून को शिविर आयोजित किए जाएंगे।
वाइट स्वान फेस्टिवल में कला-संस्कृति पर संवाद:लखनऊ में रिस्पॉन्सिबल म्यूजिक, डांस और आर्ट पर चर्चा
लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मेट्रो ऑडिटोरियम में वाइट स्वान आर्ट संस्था द्वारा 'वाइट स्वान फेस्टिवल' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कला, संस्कृति और सतत विकास पर सार्थक संवाद हुआ। 'रिस्पॉन्सिबल म्यूजिक', 'रिस्पॉन्सिबल डांस' और 'रिस्पॉन्सिबल आर्ट एंड सस्टेनेबल पहनावा' की अवधारणाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। वक्ताओं ने बताया कि भारतीय संस्कृति में कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसमें समाज को दिशा देने और सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति है। कार्यक्रम में भारतीय दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों पर आधारित विचारों का आदान-प्रदान किया गया। उत्तरदायी संगीत लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाता है भारतीय परंपरा में 'नाद ब्रह्म' की अवधारणा संगीत को सृष्टि का मूल मानती है। वक्ताओं ने कहा कि उत्तरदायी संगीत लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाता है, मन को शांति देता है और समाज में संवेदनशीलता विकसित करता है। उनका मत था कि जब व्यक्ति के भीतर संतुलन और शांति होती है, तभी समाज और विश्व में स्थायी शांति स्थापित हो सकती है। फेस्टिवल में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा और उसके सामाजिक महत्व पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि नाट्यशास्त्र में नृत्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों के प्रसार और समाज के मार्गदर्शन का सशक्त साधन माना गया है। उत्तरदायी नृत्य अनुशासन, सौंदर्य, संतुलन और आत्मिक जागरूकता का प्रतीक है, जो लोगों को प्रकृति और संस्कृति से जोड़ता है। कला संवाद और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा कला और सतत पहनावे के विषय पर भी विचार रखे गए। वक्ताओं ने बताया कि भारत की प्राचीन चित्रकला और हस्तशिल्प परंपराएं हमेशा से प्रकृति और मानवता के बीच संबंध को मजबूत करती रही हैं। उत्तरदायी कला संवाद, सहानुभूति और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देती है, जबकि सस्टेनेबल पहनावा पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। कार्यक्रम का मुख्य संदेश भारतीय दर्शन 'वसुधैव कुटुम्बकम्' पर आधारित रहा। वक्ताओं ने जोर दिया कि जब पूरी दुनिया एक परिवार है, तब शांति, करुणा, समावेशिता और सतत विकास हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बन जाते हैं। उन्होंने कला और संस्कृति को विश्व कल्याण तथा वैश्विक शांति का प्रभावी माध्यम बनाने का आह्वान किया।
सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग का आरोप:सर्वे टीम की छापेमारी में भूमाफिया फरार, नोटिस चस्पा
उन्नाव के ग्राम कटरी पीपर खेड़ा में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और प्लाटिंग की शिकायत मिली थी। इसके बाद राजस्व एवं सर्वे विभाग की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। कार्रवाई के दौरान कथित रूप से अवैध निर्माण करा रहे अज्ञात भूमाफिया मौके से फरार हो गए। टीम ने निर्माण स्थल पर नोटिस चस्पा कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन को शिकायत मिली थी कि ग्राम कटरी पीपर खेड़ा स्थित सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज परती भूमि संख्या 2078 (क) पर अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही है और बहुमंजिला इमारतों का निर्माण कराया जा रहा है। जांच के दौरान टीम को मौके पर कई मजदूर निर्माण कार्य करते हुए मिले। अधिकारियों के पहुंचने की सूचना मिलते ही कथित भूमाफिया मौके से फरार हो गए। टीम ने निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था। सर्वे एवं राजस्व विभाग की टीम ने अज्ञात निर्माणकर्ता के नाम नोटिस चस्पा किया। इसमें अवैध निर्माण को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जाजमऊ चौकी पुलिस को भी मामले की जानकारी देकर निर्माण कार्य पर निगरानी रखने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूमि अभिलेखों की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायतों के मद्देनजर प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर अवैध गतिविधियों की चर्चा थी। प्रशासनिक टीम की इस कार्रवाई के बाद ऐसे लोगों में हड़कंप मच गया है। राजस्व विभाग पूरे मामले की गहनता से जांच कर रहा है।
सरगुजा के ग्राम कंठी में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट में घायल 60 वर्षीय महिला की सरगुजा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मारपीट में महिला को गंभीर चोटें आई थीं। महिला की मौत के बाद पुलिस ने परिजनों को बयान दर्ज किया है। मामला दरिमा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कंठी में 7 जून को जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। विवाद के बाद शिवमंगल, आदित्य, संजय सहित अन्य लोगों ने रामवतार सहित उसके परिवारजनों के साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान उन्होंने महिलाओं के साथ भी मारपीट की। मारपीट में संजय की मां रामपति बाई गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इलाज के दौरान वृद्धा की मौत मारपीट में रामपति को गंभीर चोटें आई थी। उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया था। इलाज के दौरान बीती रात महिला की मौत हो गई। शनिवार को पुलिस ने रामपति के शव का पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया है। रामवतार ने बताया कि उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही थी, जिसे लेकर विवाद हुआ था। मारपीट में 15 से अधिक लोग शामिल थे। मामले में मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल चौकी पुलिस ने मृतका के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामला दरिमा पुलिस को भेजा जा रहा है। दरिमा थाना प्रभारी राजेश कुमार खलखो ने बताया कि पूर्व में इस मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज नहीं कराई गई है। केस डायरी मिलने के बाद मामले में अपराध दर्ज किया जाएगा।
कानपुर देहात में ट्रैफिक पुलिस की ई-चालान प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां एक स्कूटर मालिक को ऐसे वाहन का चालान भेजा गया है, जिसकी तस्वीर में मोटरसाइकिल दिखाई दे रही है। इस घटना ने ई-चालान व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। डेरापुर थाना क्षेत्र के कटेही गांव निवासी ओम प्रकाश को हाल ही में एक हजार रुपये के ई-चालान की सूचना मिली। जब उन्होंने ऑनलाइन चालान की जानकारी देखी, तो वे हैरान रह गए। चालान उनकी विक्की/स्कूटर के नंबर पर जारी किया गया था, लेकिन चालान रसीद में संलग्न तस्वीर में एक मोटरसाइकिल दिख रही थी, जिस पर तीन लोग सवार थे। पीड़ित ओम प्रकाश ने बताया कि वह 6 मई को ट्रेन से दिल्ली गए थे और उनकी स्कूटी गांव स्थित घर पर खड़ी थी। वह एक महीने बाद गांव लौटे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वाहन सड़क पर निकला ही नहीं, तो उसका चालान कैसे हो गया? साथ ही, यदि चालान हुआ भी तो तस्वीर किसी दूसरी मोटरसाइकिल की क्यों लगाई गई? इस मामले में यातायात प्रभारी विवेक यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संभव है किसी ने डुप्लीकेट नंबर प्लेट लगा रखी हो या चालान करते समय नंबर पढ़ने में त्रुटि हुई हो। उन्होंने वाहन स्वामी को कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, जिसके बाद जांच कर चालान निरस्त किया जा सकता है।
सागर जिले के कैंट थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने ऊपर एसिड अटैक होने का आरोप लगाया है। विट्ठल नगर निवासी 36 वर्षीय महिला अर्चना अहिरवार ने बताया कि शुक्रवार रात वह मेडिकल स्टोर से दवा लेकर घर लौट रही थी, तभी कजलीवन मैदान के पास दो युवक मिले। उन्होंने उस पर एसिड फेंक दिया। महिला का कहना है कि उसने शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सूचना दी। परिवार वाले उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। हमले में महिला की पीठ झुलस गई। हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस इस पूरी वारदात को संदेहास्पद मानकर भी चल रही है। देखिए तस्वीरें घटनास्थल पर नहीं लगे कैमरे, आसपास के फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। कैंट थाना प्रभारी रोहित डोंगरे के मुताबिक, जिस स्थान पर महिला के साथ यह घटना हुई है, वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा। आरोपियों की पहचान के लिए पुलिस उस मार्ग और आसपास के इलाकों में लगे अन्य सीसीटीवी खंगाल रही है। अभी तक की जांच में महिला पर हमले का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ सका है। टीआई ने बताया, महिला ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ से हमला किए जाने की बात कही है। पूछताछ में कुछ संदिग्धों के नाम भी बताए हैं। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। …………………………. ये खबरें भी पढ़ें पुणे एसिड अटैक की शिकार युवती ने तोड़ा दम पुणे में हुए एसिड अटैक में गंभीर रूप से झुलसी 21 वर्षीय युवती की 21 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवती ने मंगलवार, 10 जून को मुंबई के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। बुधवार को उसका शव उसके पैतृक गांव लाया गया, जहां अंतिम संस्कार किया गया। पढ़ें पूरी खबर सागर में पुलिस पर एसिड अटैक के आरोपी को उम्रकैद सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र में वारंट तामील करने गए एएसआई समेत पुलिस बल पर एडिस अटैक करने वाले आरोपी योगेश कुमार सोनी उर्फ लल्लू को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं आरोपी के परिवार के तीन सदस्यों को 2 माह 18 दिन के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। पढ़ें पूरी खबर
पुश्तैनी संपत्ति के विवाद में छोटे भाई ने अपने बड़े भाई और भाभी पर लोहे के पाइप से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में पति-पत्नी के सिर में गंभीर चोट आई हैं। पीड़ित बड़े भाई का का आरोप है कि उसका छोटा भाई सरकारी पद पर होने का रौब दिखाता है। वह पंचायत समिति में असिस्टेंट प्रोग्रामर है। पुलिस भी उनकी शिकायत पर गंभीर नहीं लग रही है। मामला अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के मेंव बोर्डिंग के पास का है। परिवार के साथ मिलकर बड़े भाई को पीटा पीड़ित गोविंद शर्मा ने बताया कि उनका छोटा भाई रामानंद शर्मा पिछले तीन दिनों से उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहा था। विवाद शुक्रवार को ज्यादा बढ़ गया। आरोप लगाया कि छोटे भाई ने अपनी पत्नी उर्मिला और दो बच्चों के साथ मिलकर उन्हें और उनकी पत्नी मधु शर्मा पर अचानक हमला कर दिया। लोहे के पाइप और पत्थरों से वार किए, जिससे दोनों पति-पत्नी गंभीर घायल हुए हैं। दोनों का अलवर जिला हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। आरोपी छोटा भाई पंचायत समिति में असिस्टेंट प्रोग्रामर है। उसके पास अलवर में खुद का मकान है, लेकिन उसकी नीयत खराब है। वह लक्ष्मणगढ़ वाले हमारे मकान पर जबरन कब्जा करना चाहता है।
प्रयागराज में अचानक बदला मौसम, दिन में छाया अंधेरा:धूलभरी आंधी चलने के बाद 1 घंटे तक जोरदार बारिश
प्रयागराज में अचानक मौसम बदल गया। शनिवार सुबह 10 बजे से करीब 1 घंटे तक जोरदार बारिश हुई। इससे पहले करीब 9 बजे अंधेरा छा गया। तेज आंधी चलने लगी और झमाझम बारिश हुई। धूलभरी आंधी चली। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली, हालांकि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम की तस्वीरें देखिए… बारिश के बाद तापमान में करीब 5–6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम कुछ राहतभरा हो गया। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि आने वाले समय में भी मौसम में बदलाव के साथ तेज आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है।
बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ला गिर्द में बुधवार दोपहर 5 रुपए की चुस्की (बर्फ का गोला) को लेकर हुए विवाद में एक पारदी बदमाश ने आदिवासी पिता-पुत्री पर डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में 48 वर्षीय कल्याण सहरिया गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद गांव के सहरिया आदिवासियों में भारी आक्रोश है और उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन की टीम ने गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया है। पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, फरियादी कल्याण सहरिया (पिता फगनी सहरिया) बुधवार दोपहर करीब 2 बजे गांव के काली मैया मंदिर पर प्रसाद बना रहे थे। इसी दौरान कुख्यात बदमाश विक्की पारदी वहां चुस्की बेचने पहुंचा। जब कल्याण के बच्चे चुस्की लेने लगे, तो उन्होंने विक्की से 5 रुपए वाली चुस्की देने को कहा। इस बात पर विक्की भड़क गया और उसने कहा कि 5 रुपए वाली चुस्की नहीं है। जब कल्याण ने उसे गाली-गलौज करने से मना किया, तो विक्की पारदी ने डंडे से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आई बेटी को भी पीटाडंडे के प्रहार से कल्याण के दाहिने हाथ से खून बहने लगा और बाएं पैर के घुटने व कमर में गंभीर चोटें आईं। पिता को बेरहमी से पिटता देख उनकी बेटी मनीषा सहरिया बचाने दौड़ी, तो आरोपी ने उस पर भी डंडे से वार किए। इससे मनीषा के घुटने और जांघ में चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद रामकली सहरिया और दामाद नीलम सहरिया ने बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। गंभीर रूप से घायल कल्याण सहरिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत इतनी नाजुक है कि वे बोल भी नहीं पा रहे हैं। गांव में तनाव, पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने किया दौराबताया जा रहा है कि गढ़ला गिर्द गांव में पारदी समुदाय के डेरा जमाने के बाद से सहरिया आदिवासी परिवारों में असुरक्षा और भय का माहौल है। इस ताजा घटना के बाद आदिवासियों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी थी। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि क्षितिज लुंबा, सीएसपी प्रियंका मिश्रा और कैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव गांव पहुंचे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। इस दौरान क्षितिज लुंबा ने पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया और कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से ग्रामीणों की फोन पर बात कराई। दोनों ने पीड़ितों को हरसंभव मदद दिलाने और गांव को पूरी तरह से भयमुक्त बनाने का आश्वासन दिया है।
भरतपुर में जाट समाज को केंद्र में आरक्षण के लिए 22 जून को हुंकार सभा प्रस्तावित है। प्रशासन की तरफ से अभी तक सभा के लिए परमिशन नहीं मिली है। इसे लेकर समाज के लोगों ने चेतावनी दी-अगर हुंकार सभा में रुकावट हुई तो चक्का जाम कर देंगे। युवा जाट सेना के संयोजक भगत सिंह सूरौता ने बताया- भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण नहीं है। उसको लेकर 22 जून को एक हुंकार सभा का आयोजन किया जा रहा है। पहले हुंकार सभा नुमाइश मैदान में होनी थी लेकिन प्रशासन ने हमें बताया कि वहां कोई टेक्निकल समस्या आ रही है। अब तक क्या हुआ
सोनीपत के बहालगढ़ थाना क्षेत्र में एक मामूली कहासुनी खूनी झगड़े में बदल गई। ट्रांसपोर्ट कार्यालय के बाहर खड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि आरोप है कि प्लॉट मालिक ने अपने साथियों को बुलाकर कार्यालय में घुसकर हमला कर दिया। हमलावरों ने लोहे की राड और सरियों से ट्रांसपोर्ट कारोबारी की जमकर पिटाई की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। घायल को परिजन तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाने को लेकर विवाद गांव बढ़खालसा के रहने वाले सुमित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसने बहालगढ़ में खेवड़ा रोड स्थित शिवानी फैक्ट्री की जमीन में बने गोदाम में ट्रांसपोर्ट का कार्यालय खोल रखा है। 12 जून की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वह अपने कार्यालय में मौजूद था। इसी दौरान गली में प्लॉट नंबर-6 का मालिक विनोद निवासी असावरपुर ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंटें उतरवा रहा था। काफी समय बीत जाने के कारण सुमित को अपनी ट्रांसपोर्ट की गाड़ी बाहर निकालनी थी। उसने विनोद से ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाने का अनुरोध किया। गाली-गलौज के बाद की हाथापाई शिकायत के अनुसार ट्रैक्टर हटाने की बात सुनकर विनोद नाराज हो गया और गाली-गलौज करने लगा। इसके बाद सुमित स्वयं ट्रैक्टर हटाने लगा, जिस पर दोनों के बीच हाथापाई हो गई। विवाद बढ़ने पर सुमित अपने कार्यालय के अंदर चला गया। कार्यालय में घुसकर किया हमला आरोप है कि कुछ समय बाद विनोद अपने साथ 5-6 युवकों को लेकर कार्यालय में पहुंचा। सभी के हाथों में लोहे की सरिए और राड थी। आते ही उन्होंने सुमित पर हमला शुरू कर दिया। हमले में सुमित को शरीर पर कई गंभीर चोटें लगी और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। आरोपियों ने जाते समय उसे भविष्य में जान से मारने की धमकी भी दी। परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और घायल सुमित को उपचार के लिए एफआईएमएस अस्पताल, सोनीपत में भर्ती कराया। अस्पताल से पुलिस को सूचना भेजी गई कि झगड़े में घायल व्यक्ति उपचाराधीन है। सूचना मिलने पर जांच अधिकारी पुलिस टीम के साथ एफआईएमएस अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टर से घायल की स्थिति के बारे में रिपोर्ट ली गई। डॉक्टर द्वारा सुमित को बयान देने के लिए फिट घोषित किए जाने के बाद उसका लिखित बयान दर्ज किया गया। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच के आधार पर विनोद तथा उसके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(3), 190, 115(2), 351(3) और 333 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के एक होटल और रोहतक की मार्केट में हाल ही में हुई भीषण आग की घटना के बाद सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। सरकार अब बड़े और प्रमुख शहरों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम बनाने जा रही है। इसको लेकर 500 से 800 वायरलेस सेट की खरीद की जाएगी। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें भी आएगी। दरअसल, हरियाणा में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला इमारतों के निर्माण लगातार हो रहे हैं। प्रदेश का फायर विभाग इस हिसाब से अपडेट नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि अधिकांश जिलों में ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली हाइड्रोलिक लैडर तक उपलब्ध नहीं हैं और कई बार आग बुझाने के लिए दूसरे जिलों से वाहन मंगाने पड़ते हैं। जल्द खरीदे जाएंगे आधुनिक उपकरण अग्निशमन विभाग के निदेशक आईएफएस शेखर विद्यार्थी के अनुसार विभाग में संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है। विभाग प्रदेशभर के फायर स्टेशनों पर वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत करीब 500 से 800 वायरलेस उपकरणों की खरीद की जाएगी। इसके अलावा फायर सूट, कंबी टूल और अन्य आधुनिक उपकरण भी खरीदे जाएंगे ताकि अग्निशमन कर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ाई जा सके। 16 नई हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की तैयारी विभाग ने 16 नए हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और टर्नटेबल लैडर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है। इनमें विभिन्न ऊंचाई क्षमता वाले उपकरण शामिल हैं, 104 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, 90 मीटर क्षमता वाले प्लेटफॉर्म, 70 मीटर, 68 मीटर, 55 मीटर और 42 मीटर क्षमता की टर्नटेबल लैडर, फोम टेंडर और वाटर मिस्ट सिस्टम। हालांकि इनकी खरीद की प्रक्रिया अभी प्रारंभिक स्तर पर है और फिलहाल कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है। 50 प्रतिशत से ज्यादा पद खाली अग्निशमन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि विभाग में स्वीकृत पदों की तुलना में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। करीब 3831 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 1852 कर्मचारी कार्यरत हैं। यानी लगभग 52 प्रतिशत पद रिक्त हैं। ऐसे में बढ़ते शहरी क्षेत्रों और बहुमंजिला इमारतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। दमकल वाहनों की भी कमी प्रदेश में वर्तमान में करीब 485 फायर वाहन उपलब्ध हैं, जबकि आवश्यकता 671 वाहनों की बताई जा रही है। यानी विभाग को अभी भी लगभग 186 अतिरिक्त वाहनों की जरूरत है। संसाधनों की कमी के कारण कई बार किसी बड़े अग्निकांड के दौरान पड़ोसी जिलों से सहायता लेनी पड़ती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित हो सकते हैं। ऊंची इमारतों तक पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला और अन्य शहरी जिलों में सैकड़ों बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो चुकी हैं। लेकिन आग लगने की स्थिति में ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध नहीं हैं।विभाग के पास वर्तमान में ऐसी सीमित मशीनें हैं, जो लगभग 137 फीट तक पहुंच सकती हैं। वहीं गुरुग्राम में कई इमारतें 500 फीट तक ऊंची हैं। आपात स्थिति में विभाग को डीएलएफ की 295 फीट ऊंची मशीन जैसी निजी संसाधनों पर भी निर्भर रहना पड़ता है। अंबाला, पंचकूला और चंडीगढ़ क्षेत्र में केवल एक-एक हाइड्रोलिक लैडर उपलब्ध होने के कारण बड़े हादसों की स्थिति में प्रतिक्रिया समय बढ़ सकता है। दूसरे जिलों से बुलानी पड़ती हैं गाड़ियां कई जिलों में संसाधनों की कमी इतनी है कि बड़ी आग लगने पर अन्य जिलों से फायर वाहन बुलाने पड़ते हैं। इससे आग पर नियंत्रण पाने में देरी होती है। कई मामलों में वाहनों को 10 से 15 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय करके मौके पर पहुंचना पड़ता है, जिससे शुरुआती गोल्डन टाइम प्रभावित होता है।
सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र में खुटार मार्ग पर शुक्रवार देर रात हुए सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। रात करीब 11 बजे अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक के सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद वह सड़क किनारे पड़ा रहा, जबकि काफी देर तक मौजूद लोग उसकी मदद के लिए आगे नहीं आए। घायल युवक की पहचान वीरेंद्र सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दुर्घटना रजमिलान के पास हुई, जहां अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसके सिर में गिट्टी का बड़ा टुकड़ा धंस गया। तमाशबीन बने रहे लोग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी, लेकिन घायल को अस्पताल पहुंचाने की पहल किसी ने नहीं की। इसी दौरान क्षत्रिय कुलवंत संगठन के सदस्य वहां पहुंचे और युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। संगठन के सदस्यों ने पुलिस को भी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामले की सूचना माड़ा थाना पुलिस तक पहुंची। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार रात घटना की मौखिक सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलने तक घायल युवक को अस्पताल भेजा जा चुका था। शनिवार को मामले में औपचारिक कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दुर्घटना किस वाहन की टक्कर से हुई। इसके लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। युवक की हालत स्थिर डॉक्टरों के अनुसार घायल युवक का उपचार जारी है और उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और अज्ञात वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर रायपुर जिले में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। खमतराई थाना क्षेत्र स्थित मारुति नंदन स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-02 में संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान जोखिमपूर्ण कार्य में लगे 9 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, पुलिस विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन की संयुक्त टीम ने 12 जून को प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान बच्चों से श्रम कराए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें तत्काल वहां से मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन द्वारा 1 जून से 30 जून 2026 तक बाल श्रम उन्मूलन एवं बच्चों के अधिकारों के संरक्षण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य प्रतिष्ठानों में लगातार निरीक्षण और सघन जांच की जा रही है। बच्चों को कराया जायेगा सुरक्षित वातावरण उपलब्ध मुक्त कराए गए सभी बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही उनके पुनर्वास, परामर्श, शिक्षा और संरक्षण से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी जिला प्रशासन ने बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठान संचालकों को कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कड़ी चेतावनी दी है। मामले में किशोर न्याय अधिनियम, बालक एवं किशोर श्रम अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की तैयारी की गई है। चाइल्ड हेल्पलाइन पर दे सकते है जानकारी प्रशासन की ओर से प्रतिष्ठान के संचालक, प्रबंधक, ठेकेदार और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ खमतराई थाना में एफआईआर दर्ज कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिला बाल संरक्षण इकाई ने आमजन से अपील की है कि कहीं भी बच्चों से मजदूरी कराए जाने की जानकारी मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचना दें।
गिरिडीह के जमुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत नवडीहा ओपी के चोरगत्ता गांव में शुक्रवार देर रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने घर में घुसकर लाखों रुपए के जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चुरा लिए। यह घटना मदन चौधरी के घर में उस समय हुई, जब परिवार के सभी सदस्य गर्मी के कारण छत पर सो रहे थे। परिजनों ने बताया कि चोर घर के पीछे की ओर से छज्जे के सहारे छत पर चढ़े और फिर अंदर उतरकर मुख्य दरवाजा खोल लिया। इसके बाद उन्होंने घर में रखे लगभग 25 लाख रुपए के जेवरात और 50 हजार रुपए नकद पर हाथ साफ कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद चोर आराम से फरार हो गए। सुबह जब परिवार के लोग नीचे उतरे तो घर का सामान बिखरा देख उनके होश उड़ गए। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखें… चोरी के पीछे पुराने विवाद का कनेक्शन घटना के बाद पीड़ित परिवार ने जमीन से जुड़े दस्तावेज चोरी होने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का कहना है कि जेवर और नकदी की चोरी तो सामान्य बात हो सकती है, लेकिन जमीन के कागजात चुराए जाना किसी साजिश की ओर इशारा करता है। मदन चौधरी के पुत्र संतोष कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ष 2007 से गांव के कुछ लोगों के साथ उनका जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। उन्होंने अभिमन्यु चौधरी, राजदेव चौधरी, अभिनाश चौधरी, महेश चौधरी, प्रदीप चौधरी, फुलेंद्र चौधरी और मनोज चौधरी पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि जमीन के कागजात चोरी होने के पीछे इन्हीं लोगों की भूमिका हो सकती है। घटना के बाद घर से करीब 200 मीटर दूर एक बक्सा और जेवर रखने का खाली डिब्बा भी बरामद किया गया है। आवेदन मिलने के बाद होगी कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही नवडीहा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। ओपी प्रभारी सबिता कुमारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जेवरात, नकदी और जमीन से जुड़े कागजात चोरी होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार से आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, पीड़ित परिवार ने बताया कि उनका जीवनयापन ट्रक चलाकर और खेती-बाड़ी पर निर्भर है।
आगरा पुलिस के दो चौकी प्रभारियों की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। विजय नगर चौकी प्रभारी पर मकान निर्माण के बदले रुपये मांगने का आरोप लगा है, जबकि मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी का जनप्रतिनिधि को जूतों से पीटने की धमकी देने वाला वीडियो वायरल हुआ है। जांच के बाद एक दरोगा को चौकी से हटा दिया गया, जबकि दूसरे को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि विजय नगर क्षेत्र में उनका मकान निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान विजय नगर चौकी प्रभारी जयपाल ने उनसे रुपये की मांग की। नितेश अग्रवाल के मुताबिक, दरोगा ने कहा कि मकान बनवा रहे हो, हमें नहीं समझ रहे। इतना ही नहीं, निर्माण सामग्री लेकर आए एक वाहन को भी सीज कर दिया गया। शिकायत के बाद बढ़ी परेशानी सराफा अध्यक्ष ने मामले की शिकायत एसीपी हरीपर्वत से की, जिस पर एसीपी ने दरोगा को फटकार लगाई। आरोप है कि एसीपी के तबादले के बाद चौकी प्रभारी ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने डायल-112 पर अवैध खनन का कथित फर्जी इवेंट दर्ज कराया और खनन विभाग की टीम बुलाकर जेसीबी को सीज करवा दिया। इसके बाद सराफा कारोबारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से शिकायत की। जांच में सामने आया कि मौके पर किसी प्रकार का अवैध खनन नहीं हो रहा था। इसके बाद आरोपी दरोगा जयपाल को विजय नगर चौकी से हटाकर जगदीशपुरा थाने से संबद्ध कर दिया गया। वायरल वीडियो के बाद मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी निलंबित दूसरा मामला किरावली थाना क्षेत्र की मिढ़ाकुर चौकी का है। यहां चौकी प्रभारी नवजीत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह एक सरपंच के चौकी आने पर उसे जूतों से पीटने की बात कहते हुए सुनाई दे रहे हैं। करीब 2 मिनट 45 सेकंड के इस वीडियो में एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी दिखाई दे रहा है। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति का दावा है कि उसमें सुनाई दे रही अभद्र टिप्पणियां चौकी प्रभारी नवजीत सिंह की हैं। सरपंच ने लगाया अभद्रता का आरोप सकतपुर गांव के सरपंच रामप्रकाश सोलंकी ने चौकी प्रभारी पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धमकी देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वह एक पीड़ित पक्ष के समर्थन में चौकी पहुंचे थे, जहां उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए सम्मान की रक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। जांच में पुष्टि, दरोगा निलंबित डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने के बाद एसीपी अछनेरा से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने पर मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी नवजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि दरोगा के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है और जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। दो अलग-अलग मामलों में पुलिस अधिकारियों पर हुई कार्रवाई ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

