सोशल मीडिया पर हथियार के साथ फोटो डालकर रौब दिखाना इंदरगढ़ के एक युवक को महंगा पड़ गया। दतिया के इंदरगढ़ थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को गिरफ्तार किया। मामले में हथियार का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हुई थी, जिसमें इंदरगढ़ क्षेत्र का रहने वाला मोहित कमरिया अपने हाथ में राइफल लिए नजर आ रहा था। फोटो में उसके साथ खड़ा युवक अनुज तिवारी बताया जा रहा है, जिसके नाम पर राइफल का लाइसेंस दर्ज है। फोटो सामने आते ही पुलिस ने संज्ञान लिया और जांच शुरू की। थाना रिकॉर्ड खंगालने पर सामने आया कि राइफल अनुज तिवारी के नाम लाइसेंसी है, जबकि फोटो में मोहित कमरिया उसे हाथ में लिए दिखाई दे रहा है। इसके बाद पुलिस ने मोहित कमरिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक कान पकड़कर अपनी गलती मानते नजर आ रहा है। पुलिस ने मामले में आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। साथ ही लाइसेंसी हथियार के दुरुपयोग को लेकर राइफल के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कानूननि अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
धार जिले के 16 वर्षीय शतरंज खिलाड़ी अथर्व दशोरा ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में उन्होंने नर्मदापुरम (होशंगाबाद) में आयोजित खेलो एमपी अभियान के तहत राष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता। यह उपलब्धि अथर्व के अनुशासन और निरंतर प्रयासों का परिणाम है। यह तीन दिवसीय प्रतियोगिता 28, 29 और 30 जनवरी 2026 को आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से सैकड़ों जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों ने भाग लिया। अथर्व की यह जीत जिले के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। अथर्व अब तक 7 अंतरराष्ट्रीय, 30 राज्य स्तरीय और 25 राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित अनेक जिला व स्थानीय टूर्नामेंट्स में हिस्सा ले चुके हैं। उनके नाम 150 से अधिक मेडल, सर्टिफिकेट और सम्मान दर्ज हैं। वर्तमान में उनकी FIDE रेटिंग 1587 है, जो उनके प्रदर्शन की निरंतरता को दर्शाती है। उनकी प्रोफाइल ChessBase जैसे अंतरराष्ट्रीय डेटाबेस पर भी दर्ज है। रोज तीन घंटे करते हैं अभ्यासअथर्व SATVS चेस एकेडमी में गुरु तन्मय कुलश्रेष्ठ के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। उन्होंने खंडवा में हुए एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में श्रीलंका की पांच बार की राष्ट्रीय खिलाड़ी सचिनी राणासिंघे को हराकर तीसरा स्थान हासिल किया था। विभिन्न FIDE टूर्नामेंट्स में उन्हें कई ग्रैंडमास्टर्स और इंटरनेशनल मास्टर्स से सीखने का अवसर मिला है। अथर्व प्रतिदिन तीन घंटे अभ्यास करते हैं, जो प्रतियोगिताओं के दौरान छह घंटे तक बढ़ जाता है। पढ़ाई में भी वे उत्कृष्ट हैं; उन्होंने 10वीं बोर्ड परीक्षा में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। 15 अगस्त 2025 को धार कलेक्टर द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया था। युवा ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश उनके आदर्श हैं। अथर्व दशोरा और धार के ही एक अन्य युवा खिलाड़ी महिम्न मंडलोई, जिन्होंने साढ़े तीन वर्ष की उम्र में ऑल इंडिया शतरंज प्रतियोगिता में यंगेस्ट अवॉर्ड जीता था।
25 लाख रुपयों के साथ दो गिरफ्तार:आरोपी राशि के संबंध में नहीं दे पाए जानकारी, आयकर विभाग को दी सूचना
जोधपुर पश्चिम डीएसटी और शास्त्रीनगर थाना टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए 25 लाख से ज्यादा राशि के साथ दो आरोपियों को पकड़ा है। शास्त्रीनगर थानाधिकारी जुल्फिकार ने बताया कि मुखबीर की सूचना पर श्री श्याम ईवी सर्विस सैन्टर, खेमे का कुआ, शास्त्रीनगर में चेकिंग के दौरान संदिग्धा सुनिल शर्मा और गुलाब चन्देल के पास मिले थेलो की चैकिंग के दौरान कुल 25,69,948 रूपयें मिले जिनके बारे में गहनता से पूछताछ की गई। रुपयों तो स्वामित्व से संबंधित किसी प्रकार का कोई दस्तावेजात पेश नहीं करने पर उक्त राशि को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त की जाकर मौके से दोनों धारा 170 बीएनएसएस में गिरफ्तार किये गये। जब्तशुदा राशि एवं मौके से जब्त हिसाब किताब सामग्री के संबंध में आयकर विभाग को सूचित किया है। जब्तशुदा राशि के संबंध में जांच जारी है। इनको किया गिरफ्तार 1- सुनिल शर्मा पुत्र केवलचन्द्र उम्र 24 वर्ष, निवासी गांव रिडि, पुलिस थाना श्रीडुंगरगढ बीकानेर हाल चौपासनी हाउसिंग बोर्ड जोधपुर पश्चिम। 2- गुलाब चन्देल पुत्र शेषकरण उम्र 39 वर्ष निवासी वार्ड नम्बर 15, पचपदरा रोड, पुलिस थाना बालोतरा, जिला बालोतरा।
बुरहानपुर के ग्राम मोहम्मदपुरा में अवैध कॉलोनी निर्माण के मामले में पुलिस ने 7 कॉलोनाइजरों पर दो एफआईआर दर्ज की हैं। यह कार्रवाई एसडीएम अजमेरसिंह गौड़ के प्रतिवेदन के आधार पर तहसीलदार प्रवीण ओहरिया की शिकायत पर लालबाग थाने में की गई है। पुलिस ने यह एफआईआर मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61-घ के तहत दर्ज की है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने बताया कि मोहम्मदपुरा में अवैध तरीके से कॉलोनी का निर्माण कराया गया था। एक मामले में लालबाग थाना पुलिस ने छह कॉलोनाइजरों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें हमीदपुरा निवासी शफी उल्ला पिता कुदरत उल्ला, अंडा बाजार गांधी चौक निवासी एहसान उल्ला पिता कुदरत उल्ला, सूरत गुजरात निवासी पठान सरफराज पिता रमजा खान, अंडा बाजार गांधी चौक निवासी इरफान उल्ला पिता कुदरत उल्ला, हमीदपुरा निवासी शेख जावेद पिता अब्दुल हक और सूरत गुजरात निवासी पठान नुसरत खान पिता रमजान खा शामिल हैं। दूसरे मामले में तहसीलदार की शिकायत पर गीता सांई नगर, बुरहानपुर निवासी कॉलोनाइजर संदेश पिता अनिल कुमार माहेश्वरी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में आगे की जांच जारी है। तहसीलदार प्रवीण ओहरिया ने यह भी बताया कि अवैध कॉलोनी निर्माण से संबंधित कई अन्य मामले भी एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन हैं। इन मामलों में जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगरा फोर्ट–बांदीकुई रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्य के दौरान सोमवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। बिचपुरी इलाके में काम कर रही एक निजी कंपनी के ट्रक की टक्कर से सूखा पेड़ रेलवे ट्रैक पर गिर गया। पेड़ गिरते ही एहतियातन ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कुछ ही देर में पेड़ हटवाया, जिससे रेल संचालन फिर सामान्य हो सका। रेलवे लाइन पर काम कर रही कंपनी के ट्रक से हुई इस घटना की जानकारी ठेकेदार ने तुरंत रेलवे अधिकारियों को दी। कंट्रोल ऑफिस के निर्देश पर आने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया था। हालांकि समय रहते कार्रवाई होने से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में रेलवे अधिकारी संजीव कुमार की ओर से कंपनी के ठेकेदार सहित तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया कि आगरा फोर्ट–बांदीकुई रेलवे लाइन पर दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। इसके लिए गिरिराज जी क्रिएटिव (जीवी), 40 जी सिद्धार्थ एन्क्लेव, मथुरा रोड को ठेका दिया गया है। कंपनी के एलओपी सुनील अग्रवाल हैं, जबकि अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ अग्रवाल हैं। घटना 4 फरवरी की है। सुबह करीब 6:35 बजे ईदगाह–बिचपुरी रेलवे लाइन के बीच किलोमीटर संख्या 07/14–15 पर कंपनी का ट्रक बैलास्ट लेकर पहुंचा था। नियमों के अनुसार सूर्योदय से पहले काम नहीं होना था, इसके बावजूद ट्रक साइट पर आ गया। चालक ट्रक को बैक कर रहा था, तभी वह एक सूखे पेड़ से टकरा गया। टक्कर के बाद पेड़ रेलवे लाइन पर गिर गया। घटना की सूचना एजेंसी सुपरवाइजर पवन कुमार ने रेलवे अधिकारी योगेंद्र कुमार को दी। इसके बाद कंट्रोल ऑफिस ने तुरंत ट्रेनों को रोकने के निर्देश दिए। कुछ ही समय में पेड़ को हटा दिया गया, जिससे रेल यातायात बहाल हो गया। प्राथमिक जांच में कंपनी की लापरवाही सामने आई है। एफआईआर में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ अग्रवाल, सुपरवाइजर पवन कुमार और ट्रक चालक दयाशंकर को नामजद किया गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
पटना- पप्पू यादव के आवास पर पहुंची पुलिस:धोखाधड़ी मामले में कुर्की का आदेश, 7 फरवरी को सुनवाई
राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। करीब साढ़े तीन दशक पुराने एक मामले में पटना की एक विशेष अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए पप्पू यादव समेत तीन आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती (Attachment of Property) का आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद पटना पुलिस की टीम शुक्रवार को कार्रवाई के लिए उनके मंदिरी स्थित आवास पहुंची। पप्पू यादव से पुलिस रिक्वेस्ट कर रही है चलने के लिए, लेकिन उन्होंने कहा कि अभी हम नहीं जाएंगे। कानून भी ऐसा नहीं कहता है। कोर्ट के लिए ही तो हम आए हैं, कल हम जाएंगे। उनसे पुलिस लगातार रिक्वेस्ट कर रही है कि हम लोग आपको कोर्ट लेकर चलेंगे लेकिन पप्पू यादव का रहे हैं कि नहीं हम आपके साथ नहीं जाएंगे। क्या है पूरा मामला? यह विवाद साल 1995 का है, जब पटना के गर्दनीबाग थाने में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी कर उनका मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक का दावा है कि किराए पर लेते समय यह जानकारी छिपाई गई थी कि वहां सांसद का कार्यालय चलाया जाएगा। लंबे समय से गैरहाजिरी यह मामला पिछले 30 वर्षों से लंबित है। बताया जा रहा है कि कोर्ट में बार-बार बुलाए जाने के बावजूद आरोपी पेश नहीं हो रहे थे, जिसके बाद अदालत ने यह कड़ा कदम उठाया है। विशेष अदालत ने केवल पप्पू यादव ही नहीं, बल्कि इस मामले में नामजद दो अन्य सहयोगियों पर भी कार्रवाई का निर्देश दिया है: पप्पू यादव (सांसद, पूर्णिया), शैलेंद्र प्रसादचंद्र नारायण प्रसाद 7 फरवरी को अगली सुनवाई पुलिस की सक्रियता और कुर्की के आदेश ने हलचल तेज कर दी है। अदालत ने इस मामले में 7 फरवरी की तारीख अगली सुनवाई के लिए मुकर्रर की है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सांसद कोर्ट में आत्मसमर्पण करते हैं या कानूनी टीम के जरिए राहत पाने की कोशिश करेंगे।
विदिशा रेलवे स्टेशन पर एक पुलिस आरक्षक और उसके रिश्तेदार द्वारा दो छात्रों की पिटाई का वीडियो सामने आया है। यह घटना प्लेटफॉर्म क्रमांक 3 पर हुई, जहां सार्वजनिक स्थान पर कानून के रखवाले ही कानून तोड़ते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई की है। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक युवक छात्रों को लगातार थप्पड़ मार रहा है। मारपीट इतनी देर तक चली कि आरोपी का हाथ दर्द करने लगा, जिसके बाद उसने थप्पड़ मारना बंद किया। घटना के समय आरक्षक वर्दी में नहीं था। प्लेटफॉर्म पर मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे। पूरी घटना का वीडियो प्लेटफॉर्म नंबर 4 की ओर बने फुटओवर ब्रिज से किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। धक्का देने को लेकर कहासुनी हो गई थीसूत्रों के अनुसार, कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक प्रयागराज गुर्जर अपने एक रिश्तेदार के साथ मेमो ट्रेन से विदिशा आ रहे थे। ट्रेन से उतरते समय बासौदा से विदिशा के एसएटीआई कॉलेज में एमएससी एप्लाइड केमिस्ट्री की पढ़ाई करने वाले दो छात्रों रानू राजपूत और आशीष सूर्यवंशी से धक्का लगने को लेकर कहासुनी हो गई। यह मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि स्टेशन पर उतरने के बाद फिर से बहस हुई, जिसके बाद आरक्षक ने आपा खो दिया और दोनों छात्रों को सार्वजनिक रूप से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को लाइन हाजिर कर दिया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
दरभंगा प्रमंडल के आयुक्त हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में शुक्रवार को प्रमंडलीय सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया। आम नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की गई और उनके त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान पर विशेष जोर दिया गया।जनता दरबार में समाज कल्याण विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग (मिड-डे मील), प्रशासन सहित विभिन्न विभागों से संबंधित 20 से अधिक परिवाद प्राप्त हुए। इनमें भूमि विवाद, मिड-डे मील से जुड़ी शिकायतें और अतिक्रमण हटाने के मामले प्रमुख रूप से शामिल थे। परिवादी स्वयं उपस्थित होकर अपनी समस्याओं से आयुक्त को अवगत कराया। कई मामलों का मौके पर ही विभागीय स्तर पर समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। आयुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि प्राप्त परिवादों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए और अधिकतम 7 दिनों में अनुपालन प्रतिवेदन जन शिकायत कोषांग में उपलब्ध कराया जाए।आयुक्त ने कहा कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। 40 से अधिक फरियादी हुए शामिल जिलाधिकारी कौशल कुमार ने अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए 40 से अधिक फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनी।जनता दरबार में खाद्य आपूर्ति, शिक्षा, समाज कल्याण, पंचायती राज, परिवहन और राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। फरियादियों ने राशन कार्ड, पेंशन, छात्रवृत्ति, भूमि विवाद, परिवहन सेवाओं समेत अन्य प्रशासनिक समस्याएं रखीं।कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य मामलों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को अग्रसारित कर शीघ्र जांच एवं निवारण के निर्देश दिए गए। इस दौरान एक छात्र द्वारा नाम और जन्मतिथि सुधार से संबंधित आवेदन पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनसमस्याओं का समयबद्ध, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण समाधान करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिथिला संस्कृत संस्थान में निर्माण कार्यों का डीएम ने किया निरीक्षण जिलाधिकारी कौशल कुमार ने मिथिला संस्कृत स्नातकोत्तर अध्ययन और शोध संस्थान, दरभंगा में चल रहे विभिन्न निर्माणाधीन कार्यों का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने गेस्ट हाउस, चाहरदीवारी, बॉयज हॉस्टल और अन्य संरचनाओं की प्रगति का जायजा लिया।कार्यपालक अभियंता विनोद कुमार रंजन ने बताया कि संस्थान की चहारदीवारी का निर्माण 1060 मीटर लंबाई में पूर्ण हो चुका है। जिलाधिकारी ने जर्जर भवनों को नियमानुसार ध्वस्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रशासनिक भवन, गेस्ट हाउस और आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान बीएसईआईडीसीएल के कार्यपालक अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मुजफ्फरनगर में एक युवक की पत्नी 90,000 रुपए नकद और महत्वपूर्ण दस्तावेज लेकर लापता हो गई है। पीड़ित पति ने मुख्यमंत्री सहित उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उत्तरी रामपुरी, थाना कोतवाली निवासी विकास कुमार ने बताया कि उन्होंने सविता से 29 सितंबर 2025 को लव मैरिज के रूप में हुई थी। विकास का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद सविता किसी अज्ञात व्यक्ति से मोबाइल पर लगातार बात करने लगी। इस बारे में पूछने पर उनके बीच घरेलू विवाद बढ़ने लगा। पीड़ित के अनुसार, 6 फरवरी 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे सविता बिना बताए घर से चली गईं। बाद में उन्होंने फोन कर बताया कि वह अपने सभी दस्तावेज साथ ले जा रही हैं। जब विकास ने घर में रखी नकदी की जांच की, तो 90 हजार रुपये गायब मिले। विकास का आरोप है कि सविता यह रकम भी अपने साथ ले गई हैं। विकास ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें बाद में पता चला कि सविता की पहले 'अनिल' नामक व्यक्ति से शादी हो चुकी थी। यह जानकारी विवाह के समय उनसे छिपाई गई थी। पीड़ित ने आशंका जताई है कि सविता उसी व्यक्ति के साथ गई हैं, जिससे वह पहले रात-रात भर बात करती थीं। उन्होंने मोबाइल नंबरों के दुरुपयोग और किसी अनहोनी की भी आशंका व्यक्त की है। यह मामला फिलहाल प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्रवाई सामने नहीं आई है।
हरियाणा में ब्लॉक स्तर पर लागू होगी मानसिक स्वास्थ्य योजना
हरियाणा सरकार जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है
रायसेन नगर के वार्ड 16 स्थित अंबेडकर प्रांगण में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के लिए बनने वाले पेडस्टल प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने नगर पालिका अध्यक्ष सविता सेन के साथ यह भूमिपूजन किया। इस पेडस्टल का निर्माण 14 लाख रुपए की लागत से किया जाएगा। इस अवसर पर विधायक डॉ. चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में समानता और समता लाने के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने समाज की कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ आवाज उठाई और कमजोर वर्ग को सशक्त बनाने का कार्य किया। विधायक ने यह भी बताया कि पेडिस्टल निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा, जिसके बाद यहां बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष सविता सेन और भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने भी संबोधित किया। रायसेन नगर पालिका की सीएमओ सुरेखा जाटव ने आयोजन और चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। भूमिपूजन के बाद विधायक डॉ. चौधरी ने सांची रोड पर स्थित स्वच्छता चौपाटी का शुभारंभ किया। उन्होंने वहां विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी लिया। इसके अतिरिक्त, सागर रोड पर बिजली कंपनी के सामने और भोपाल रोड पर नगर पालिका द्वारा नवनिर्मित सार्वजनिक शौचालयों का भी लोकार्पण किया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवी जीएल शाक्या, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी एमएल राठौरिया, वार्ड एक से राजकुमारी शाक्या, पार्षद कैलाश ठाकुर, विमलेश कुमार सहित विभिन्न वार्डों के पार्षद, नगर पालिका अधिकारी और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
पति ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप:रामपुर एसपी से आत्मत्या मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग
रामपुर में आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे हैं। मृतका के पति ने पटवाई थाना पुलिस पर निष्पक्ष जांच न करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर उच्चस्तरीय जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। यह मामला पटवाई थाना क्षेत्र के ग्राम चिट्ठी रामनगर का है, जहां महिपाल नामक महिला ने 29 अगस्त 2025 को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। पटवाई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मृतका के पति ने संदीप उर्फ संजीव पुत्र जयपाल, शकुंतला पत्नी जयपाल, बबीता पत्नी संजीव और किरन पुत्री जयपाल को आरोपी बनाया है, जो भीतखेड़ा, थाना मूंडापांडे, मुरादाबाद के निवासी हैं। पति का आरोप है कि इन आरोपियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के कारण महिपाल ने यह कदम उठाया। पीड़ित ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद जांच में लापरवाही बरती जा रही है और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच किसी उच्च अधिकारी से कराने और सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। थाना पटवाई इंचार्ज नरेश कुमार ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच चल रही है।
संभल बना UP का पहला AI-सक्षम जिला न्यायालय:HC के जज ने टूल का उद्घाटन किया, तीन दिवसीय दौरे पर हैं
सम्भल के जिला न्यायालय (चंदौसी) में शुक्रवार को प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने गवाहों के बयान रिकॉर्ड करने के लिए ट्रांसक्रिप्शन आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का उद्घाटन किया। इस दौरान कम्प्यूटरीकृत कॉपिंग सेंटर और पोस्ट ऑफिस का भी लोकार्पण किया गया। इस उद्घाटन के साथ सम्भल जनपद उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहाँ न्यायिक कार्यवाही में AI तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यह पहल न्यायालयों में गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने में सहायक होगी, जिससे समय की भी बचत होगी। प्रशासनिक न्यायमूर्ति के इस प्रयास को न्यायिक व्यवस्था को त्वरित, तकनीकी रूप से सशक्त और जनोपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न्यायिक प्रणाली में दक्षता आएगी और लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने में मदद मिलेगी। उद्घाटन के बाद, प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने मुख्य जनपद न्यायालय सम्भल स्थित चंदौसी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान जनपद न्यायाधीश डॉ. विदूषी सिंह और सीजेएम भी उपस्थित रहीं। गौरतलब है कि प्रशासनिक न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल जनपद सम्भल के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने 5 फरवरी को पहले दिन का दौरा किया था, और 6 फरवरी को दूसरे दिन का दौरा किया। वे 7 फरवरी को भी सम्भल में रहेंगे। न्यायमूर्ति के दौरे को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है।
औरैया के सहार में वाहन ने व्यक्ति को मारी टक्कर:मौके पर ही तोड़ा दम, बाजार से घर लौटते समय हुआ हादसा
सहार थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। शुक्रवार शाम सहार बाजार से अपने घर लौटते समय एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मृतक की पहचान बदरियापुर गांव निवासी जगदीश अली पुत्र अब्दुल अली के रूप में हुई है। यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब जगदीश अली सहार बाजार से अपने घर जा रहे थे। अज्ञात वाहन की टक्कर से वे सड़क के नीचे जा गिरे। वहां से गुजर रहे लोगों ने उन्हें देखा और तुरंत उनके परिवार वालों को सूचना दी। सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची और जगदीश अली को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहार ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टर पुष्पेन्द्र सागर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर थाना प्रभारी रमेश सिंह और एसआई अब्दुल सत्तार मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जगदीश अली के परिवार में चार बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें से दो बेटियों और एक बेटे की शादी हो चुकी है। इस दुखद घटना के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
बिहार सरकार के शहरी विकास एवं आवास विभाग का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बिहार में औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिसके लिए ग्रेटर नोएडा से जानकारी प्राप्त करने आए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इस दौरान जमीन अधिग्रहण से लेकर आवंटन तक की प्रक्रिया और नीतियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। बैठक में एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव, महाप्रबंधक वित्त स्वतंत्र गुप्ता, प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, ओएसडी नवीन कुमार सिंह और प्रबंधक अरविंद मोहन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजन, बिल्डिंग प्लान और आवंटन प्रक्रिया सहित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की। प्राधिकरण के भूलेख विभाग ने जमीन अधिग्रहण की सभी धाराओं और किसानों को दिए जाने वाले लाभों की जानकारी दी। नियोजन विभाग ने मास्टर प्लान, सेक्टर ले-आउट, बिल्डिंग बायलॉज और बसावट से जुड़े नियमों व प्रक्रियाओं से अवगत कराया। परियोजना विभाग ने ग्रेटर नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। वित्त विभाग के महाप्रबंधक स्वतंत्र गुप्ता ने वित्तीय मॉड्यूल प्रस्तुत किया और प्राधिकरण को स्ववित्त पोषित बनाने की प्रक्रिया को समझाया। प्राधिकरण के उद्योग विभाग के प्रबंधक अरविंद मोहन सिंह ने ग्रेटर नोएडा में लागू औद्योगिक नीतियों, योजनाओं और आवंटन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटीजीएनएल के इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल टाउनशिप का भ्रमण भी किया, जहां उन्होंने प्लग एंड प्ले सिस्टम, वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट और बिजली-पानी की 24 घंटे उपलब्धता के बारे में जानकारी प्राप्त की। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा और आईआईटीजीएनएल के इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की। उन्होंने यहां से प्राप्त जानकारी को बिहार के शहरी विकास एवं आवास विभाग द्वारा नीति बनाने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए बेहद उपयोगी बताया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस का हमला: किसानों के लिए ‘मौत की घंटी’
पंजाब कांग्रेस नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर गंभीर चिंता जताते हुए शुक्रवार को कहा कि इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर भारतीय बाजारों में आ जाएंगे
मुंगेर में फिरौती के लिए दो युवकों के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में मद्य निषेध विभाग के सिपाहियों की संलिप्तता उजागर हुई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सिपाही को अरेस्ट कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। 5 फरवरी को सत्यमेव को बाइक सवारों ने उटाया था घटना 5 फरवरी की शाम की है। नयागांव केशोपुर निवासी अभिषेक कुमार ने ईस्ट कॉलोनी थाना में आवेदन देकर बताया कि वह अपने 15 साल के भतीजे सत्यमेव कुमार के साथ आरपीएफ मैदान में टहल रहे थे। इसी दौरान चार लोगों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जबरन दोनों को दो बाइकों पर बैठाया और जंगल की ओर ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने परिजनों से 50 हजार रुपये की मांगी थी फिरौती आरोपियों ने दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और परिजनों को कॉल कर 50 हजार रुपये की फिरौती मांगी। धमकी दी गई कि पैसे नहीं देने पर दोनों को जान से मार दिया जाएगा। अपहरणकर्ताओं ने परिजनों को यह कहने का दबाव भी बनाया कि दोनों युवकों को शराब के साथ पकड़ा गया है और पैसे मिलने के बाद ही छोड़ा जाएगा। एसपी ने बनाई स्पेशल टीम,सीसीटीवी की फुटेज खंगाली मामला दर्ज होने के बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और ईस्ट कॉलोनी थानाध्यक्ष वीरभद्र कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी जांच में मद्य निषेध विभाग की एक गाड़ी, एक अपाचे और एक स्प्लेंडर बाइक संदिग्ध रूप से घटनास्थल के पास देखी गई। जांच में पता चला कि उस दिन मद्य निषेध विभाग की टीम अवर निरीक्षक पिंटू कुमार के नेतृत्व में छापेमारी पर निकली थी। हालांकि टीम वापस लौट गई थी, लेकिन सिपाही विकास कुमार और एमटीएस नीरज कुमार वहीं रुक गए थे। पुलिस ने सिपाही विकास को हिरासत में लेकर की पूछताछ पुलिस ने सिपाही विकास कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में उसने एमटीएस नीरज कुमार और दो निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि फिरौती के तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन परिजनों ने गांव में कर्ज लेकर 16 हजार रुपये दिए, जिसके बाद दोनों युवकों को घटवारी जंगल इलाके में छोड़ दिया गया। डीएसपी बोले-एमटीएस सहित अन्य आरोपियों के लिए छापेमारी डीएसपी अभिषेक आनंद ने बताया कि आरोपी सिपाही विकास कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। एमटीएस नीरज कुमार सहित दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिस विभाग पर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग के कर्मियों पर अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर आरोप लगना पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
कन्नौज में हाइवे किनारे खेत में मिली जली हुई युवती के शव की शिनाख्त का मामला एक बार फिर उलझ गया है। जिस युवती की हत्या का दावा किया जा रहा था, उसके कथित प्रेमी ने पुलिस के सामने चौंकाने वाला बयान देते हुए युवती के जीवित होने की बात कही है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने शव को दोबारा अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। खेत में मिला था जला हुआ शव 4 फरवरी की दोपहर कन्नौज के ऋतुकाला गांव में हाइवे किनारे आलू के खेत में एक युवती का जला हुआ शव मिला था। शव पूरी तरह जला हुआ था, जबकि चेहरा आंशिक रूप से सुरक्षित था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त के प्रयास शुरू किए थे। परिजनों ने की थी बेटी के रूप में पहचान शिनाख्त के दौरान सदर कोतवाली क्षेत्र के अहमदपुर रौनी गांव की एक महिला ने शव को अपनी बेटी बताया था। परिजनों का कहना था कि उनकी बेटी करीब 20 दिन पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। इस आधार पर पुलिस ने युवती के प्रेमी और उसके एक दोस्त को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की थी। प्रेमी का चौंकाने वाला दावा पुलिस अभिरक्षा में पूछताछ के दौरान प्रेमी ने युवती के जिंदा और सुरक्षित होने का दावा किया। उसने पुलिस को इस संबंध में कुछ साक्ष्य भी प्रस्तुत किए, जिससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया। शव दोबारा कब्जे में, डीएनए जांच की तैयारी प्रेमी के बयान के बाद पुलिस ने शव को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया है। अब शव की पहचान की प्रक्रिया नए सिरे से की जा रही है। पुलिस द्वारा शव को डीएनए परीक्षण के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
दतिया में कल कई इलाकों में बिजली कटौती:मेंटेनेंस के चलते सात घंटे सप्लाई प्रभावित होगी
दतिया जिले के कई क्षेत्रों में कल (शनिवार) बिजली कटौती की जाएगी। यह कटौती 33 केवी एवं 33/11 केवी सबस्टेशनों पर मानसून मेंटेनेंस कार्य के कारण होगी। सुरक्षा कारणों से, विभिन्न फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित समय के अनुसार, बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। 33 केवी नयाखेड़ा फीडर से जुड़े बसई एवं नयाखेड़ा सबस्टेशन के सभी 11 केवी फीडर क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। इसी तरह, 11 केवी मोटल, सीतासागर, राजघाट-2 एवं गौतम विहार फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, उनाव, रिछारी, पिपरौदा कला, दुरसड़ा, खोदन, जिगना, भादोना, बेहरूका एवं बरधुआ आबादी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली कटौती प्रभावी रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से इस असुविधा के लिए सहयोग की अपील की है। विभाग ने यह भी सूचित किया है कि आवश्यकतानुसार विद्युत आपूर्ति के समय में कमी या वृद्धि की जा सकती है।
शामली पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़:दो बदमाश गिफ्तार, दो फरार; हेड कांस्टेबल घायल
शामली के कैराना कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। लूट की योजना बना रहे चार बदमाशों में से दो को पुलिस ने गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मुठभेड़ के दौरान एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गया। घायल बदमाशों और पुलिसकर्मी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नहर पटरी पर हुई मुठभेड़ अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला ने बताया कि पुलिस को बदमाशों की गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद कैराना कोतवाली पुलिस ने तीतरवाड़ा गांव के पास नहर पटरी पर घेराबंदी कर चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। दो बदमाश गिरफ्तार, दो फरार गिरफ्तार बदमाशों की पहचान शाहरुख और जहांगीर के रूप में हुई है। दोनों सहारनपुर जनपद के मानकमऊ, थाना कुतुबशेर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, जहांगीर सहारनपुर जनपद का टॉप-10 अपराधी है और लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के दो साथी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। हेड कांस्टेबल भी घायल मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल रिंकू भाटी को भी गोली लगने से चोट आई है। घायल पुलिसकर्मी और दोनों बदमाशों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हथियार और कार बरामद पुलिस ने गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से दो देशी तमंचे, जिंदा कारतूस और एक बिना नंबर की कार बरामद की है। पूछताछ में सामने आया है कि बदमाश किसी बड़ी लूट की योजना बना रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जहांगीर पर 22 से अधिक और शाहरुख पर करीब 13 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। दोनों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
भागलपुर जिले के अंतिचक थाना क्षेत्र अंतर्गत काशरी गांव के पास शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में 70 वर्षीय वृद्ध महिला की मौत हो गई। दुर्घटना में पांच अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है। मृतक महिला की पहचान सजोर थाना क्षेत्र के चंद्रभानपुर गांव निवासी गणेश राम की पत्नी के रूप में हुई है। घायलों में अमरपुर थाना क्षेत्र के लौसा गांव की जितनी देवी, राधिका कुमारी, श्वेता कुमारी, नूतन कुमारी और सरिता कुमारी शामिल हैं। ये सभी महिलाएं एक ही परिवार या रिश्तेदार बताई जा रही हैं। सभी महिलाएं गुरुवार को कहलगांव के नदिया टोला में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। शादी संपन्न होने के बाद शुक्रवार सुबह वे सीएनजी ऑटो में सवार होकर कहलगांव से बटेश्वर स्थान गंगा स्नान के लिए जा रही थीं। इसी दौरान ओरियप और काशरी गांव के बीच स्थित पुलिया के पास तेज रफ्तार ऑटो अचानक अनियंत्रित हो गया। ऑटो सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया, जिससे हादसा हुआ। ग्रामीणों ने सभी को ऑटो से बाहर निकाला हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को ऑटो से बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से कहलगांव अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां इलाज के दौरान वृद्ध महिला ने दम तोड़ दिया। शेष 5 घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें मायागंज अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही अंतिचक पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को जब्त कर लिया गया। तेज रफ्तार के कारण हादसा हुआ अंतिचक थानाध्यक्ष उमाशंकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण ऑटो की तेज रफ्तार और चालक का नियंत्रण खो देना प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।हादसे के बाद मृतक महिला के परिवार में मातम पसरा हुआ है, गांव में भी शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुलिया के पास सुरक्षा व्यवस्था और गति नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
जमानत मिलने के बाद कैदी की मौत:इलाज के लिए ले जाते समय तोड़ा दम, दहेज हत्या में हुई थी सजा
दहेज हत्या के मामले में सजा काट रहे एक बुजुर्ग कैदी की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। 67 वर्षीय आनंद सिंह को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) रेफर किया गया था। उनकी मौत बस्ती जिले के कप्तानगंज कस्बे के पास हुई। गोरखपुर जिले के चिलुवाताल थाना क्षेत्र के डोहरिया गांव निवासी आनंद सिंह पुत्र राज नारायण सिंह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार को चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर किया था। एम्बुलेंस से ले जाते समय उनकी बहू अनुराधा सिंह उनके साथ मौजूद थीं। कप्तानगंज कस्बे के पास अचानक आनंद सिंह की तबीयत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी सांसें थम गईं। साथ चल रहे गोरखपुर जेल के पुलिस कांस्टेबल आदर्श कुमार गौरव और जितेंद्र कुमार दूबे ने एम्बुलेंस को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कप्तानगंज पहुंचाया। वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. राघवेंद्र वर्मा ने जांच के बाद कैदी को मृत घोषित कर दिया। मृतक की बहू अनुराधा सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ही आनंद सिंह की जमानत भी हो गई थी। हालांकि, जमानत मिलने के कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई, जिससे परिवार में शोक का माहौल है। बताया गया कि वर्ष 2011 में चिलुवाताल थाने में दहेज को लेकर पुष्पा सिंह की हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी मामले में 2 अगस्त 2023 को आनंद सिंह, उनकी पत्नी गायत्री देवी, भाई अरुण सिंह और परिवार के अन्य सदस्यों को जेल भेजा गया था। शुक्रवार को इसी प्रकरण में अमित सिंह को भी जमानत मिली है। कप्तानगंज थाना पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को दे दी गई है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व सपा जिलाध्यक्ष के कॉलेज में लगी आग:फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, पुलिस ने जांच शुरू की
प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के देहगरी जमालपुर गांव स्थित स्वर्गीय सुंदर लाल यादव डिग्री कॉलेज में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। यह कॉलेज समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव से संबंधित बताया जा रहा है, जो वर्तमान में गैंगस्टर एक्ट के मामले में जेल में बंद हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कॉलेज के अन्य हिस्सों को अधिक नुकसान होने से बचा लिया गया। पुलिस और प्रशासन ने एहतियातन कॉलेज परिसर को सीज कर दिया है। जानकारी के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के दौरान यह कॉलेज पहले ही कुर्क किया जा चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि आग लगने की वास्तविक वजह सामने आ सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आग दुर्घटना थी या किसी साजिश का परिणाम। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है।
अम्बेडकरनगर में महिला सिपाही से मारपीट, गाली-गलौज:अकबरपुर में क्लिनिक संचालक पर FIR, पूछताछ जारी
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के रगड़गंज इलाके में एक महिला आरक्षी के साथ मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संबंध में महिला सिपाही की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस लाइन में तैनात महिला आरक्षी आकांक्षा द्विवेदी रगड़गंज में किराए के मकान में रहती हैं, जो पुलिस लाइन के बगल में है। उनका आरोप है कि उनके पड़ोस में 'बेबी केयर सेंटर' नामक क्लिनिक चलाने वाला धीरेंद्र वर्मा उनके घर के बाहर से वीडियो बना रहा था।जब महिला आरक्षी आकांक्षा द्विवेदी ने धीरेंद्र वर्मा को वीडियो बनाने से रोका और इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि धीरेंद्र वर्मा ने महिला आरक्षी के साथ मारपीट की और उन्हें गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।घटना से परेशान महिला सिपाही ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी धीरेंद्र वर्मा को पकड़कर थाने ले आई। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर नितीश तिवारी ने बताया कि महिला आरक्षी की तहरीर के आधार पर आरोपी धीरेंद्र वर्मा, निवासी अमेदा इब्राहिमपुर, के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।अधिकारियों ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा विधिक कार्रवाई की जा रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी दोहराया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में नाली बंद, सड़क पर गंदा पानी जमा:दबंगों पर आरोप, घरों में भी पानी, डीएम को दिया ज्ञापन
ललितपुर नगर पालिका परिषद के वार्ड नंबर 14 रावतयाना के चौका बाग में रहवासियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंगों ने नाली बंद कर दी है, जिससे घरों और सड़क पर गंदा पानी जमा हो रहा है। इससे स्कूली बच्चों को परेशानी हो रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार को 12 से अधिक मोहल्लेवासी जिलाधिकारी सत्य प्रकाश से मिले। उन्होंने बताया कि उनके मोहल्ले में पानी निकासी के लिए दो नालियां थीं। एक नाली पर दबंगों ने कब्जा कर उसे बंद कर दिया, जबकि दूसरी नाली को भी आगे से अवरुद्ध कर दिया गया है। नालियां बंद होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर भर रहा है और कई घरों में भी घुस रहा है। रहवासियों ने जल्द से जल्द नालियां खुलवाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। इस समस्या के निस्तारण के लिए एक दिन पहले नगर पालिका परिषद की टीम भी मौके पर पहुंची थी। टीम ने सड़क पर भरे नाली के पानी की निकासी के लिए कार्रवाई भी की, लेकिन समस्या का स्थायी हल नहीं निकल सका। ज्ञापन सौंपते समय कई अन्य लोग भी उपस्थित थे।
प्रेरणा दिवस पर शोभित विश्वविद्यालय में खेलों का महाकुंभ शुरू
शोभित विश्वविद्यालय, मेरठ में शुक्रवार को प्रेरणा दिवस के अवसर पर तीन दिवसीय अंतर-विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिताओं का भव्य शुभारंभ किया गया
रामपुर जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़:डॉक्टरों की कमी से इलाज व्यवस्था पर बढ़ा दबाव
मौसम में बदलाव का सीधा असर रामपुर जिला अस्पताल पर पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 750 से 800 नए मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि प्रतिदिन 100 से 150 मरीजों को इमरजेंसी में भर्ती किया जा रहा है।मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण जिला अस्पताल की इलाज व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बन गया है। मरीजों को पर्चा बनवाने और डॉक्टरों से परामर्श लेने के लिए लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। इस भीड़ के कारण अस्पताल में तैनात डॉक्टरों की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। रामपुर जिला अस्पताल में मानक के अनुसार 30 डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में केवल 11 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इनमें से एक डॉक्टर सीएमओ कार्यालय से संबद्ध हैं, जिससे अस्पताल में केवल 10 डॉक्टरों पर ही सैकड़ों मरीजों के इलाज का पूरा भार आ गया है। इस स्थिति में डॉक्टरों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ रही है, जिससे उन्हें भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और जल्द ही जिला अस्पताल को पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस बी. सक्सेना ने जानकारी दी कि डॉक्टरों की कमी को लेकर शासन को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। उल्लेखनीय है कि रामपुर जिला अस्पताल 150 बिस्तरों का प्रस्तावित अस्पताल है। गर्मी के मौसम में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि एक-एक बिस्तर पर दो से तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ता है। सीमित संसाधनों के बावजूद डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों और चिकित्सा कर्मचारियों दोनों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
मथुरा में ट्रक चालक की हत्या के विरोध में शुक्रवार को मृतक के परिजनों और वाहन चालक यूनियन के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन किया। एटा से मथुरा पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह घटना 3 फरवरी की है। थाना हाईवे क्षेत्र में आगरा-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर जयगुरुदेव मंदिर के पास ट्रक चालक अनूप कुमार यादव की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। अनूप कुमार यादव एटा जिले के निवासी थे। मृतक के भाई सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि घटना के दिन कुछ लोग नशे की हालत में उनके भाई के ट्रक का पीछा कर रहे थे। आरोप है कि वे लूटपाट के इरादे से ट्रक को रुकवाना चाहते थे। जब चालक ने वाहन नहीं रोका, तो जाम में फंसने के बाद आरोपियों ने अनूप कुमार पर हमला कर दिया। इस हमले में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोपियों को फांसी की सजा देने, पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की गई। परिजनों ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन कुछ अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। परिजनों ने फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में एसडीएम ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन स्वीकार किया और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। वाहन चालक कल्याण एकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश गौतम ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से दोषियों को सख्त सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चंदौसी में शुक्रवार दोपहर एक मृत गाय की खाल उतारे जाने की घटना सामने आई। इसे शुरुआत में गोकशी माना गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। हालांकि, बाद में हुए पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि गाय की मौत 14 घंटे पहले निमोनिया से हुई थी। यह घटना माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी के विधानसभा क्षेत्र में हुई। यह मामला चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के बदायूं चुंगी फाटक के पास पावर हाउस कॉलोनी के एक खाली प्लॉट का है। दोपहर करीब 3 बजे कुछ लोग एक गाय की खाल उतारकर मांस निकाल रहे थे। लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कटी हुई गाय तथा काटने के उपकरण बरामद किए। घटना की जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ता भी आधे घंटे के भीतर मौके पर पहुंच गए। चंदौसी निवासी कौशल किशोर वंदे मातरम् भी वहां मौजूद थे। लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस ने गाय को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। विहिप के राजेश गुप्ता ने बताया कि संगठन ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर ने बताया कि सूचना मिलते ही वे स्वयं मौके पर पहुंचे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि गाय की मृत्यु 14 घंटे पहले निमोनिया के कारण हुई थी। पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है जो मृत गाय की खाल या मांस निकाल रहे थे। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। आपको बता दे की पोस्टमार्टम होने के बाद जेसीबी में जाकर बड़ा गड्ढा खोला गया और उसमें गौ माता का विधि-विधान पूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया गया। क्षेत्र में हुई इस घटना से जहां हिंदूवादी संगठनों में रोष है वहीं आम जनमानस में भी रोष व्याप्त है।
भिनगा में लापता युवक का शव फंदे से लटका मिला:दो दिन से घर से गायब था, पुलिस जांच जारी
श्रावस्ती जिले के भिनगा कोतवाली क्षेत्र में एक लापता युवक का शव जंगल में फंदे से लटका मिला है। 28 वर्षीय अखिलेश कुमार उर्फ रामू, जो बुधवार से लापता था, उसका शव शुक्रवार को अंटा तिराहे के पास जंगल से बरामद किया गया। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी भिनगा कोतवाली में दर्ज कराई थी। परिजनों के अनुसार, अखिलेश बुधवार से घर से लापता था। परिवार के सदस्यों ने उसकी तलाश रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस भी युवक की तलाश में जुटी हुई थी। शुक्रवार को परिजनों को किसी व्यक्ति ने अंटा तिराहे के पास जंगल में एक युवक का शव फंदे से लटके होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने शव की पहचान अखिलेश कुमार उर्फ रामू के रूप में की। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राज प्रकाश सिंह पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस गश्त के दौरान बुधवार देर रात अंटा तिराहे के पास से युवक की बाइक लावारिस हालत में बरामद हुई थी, जिसकी पहचान परिजनों से कराई गई थी। मृतक अखिलेश की शादी लगभग चार वर्ष पूर्व हुई थी और उसके एक बेटा तथा एक बेटी हैं। वह निजी वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। फिलहाल, युवक की मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
बिलासपुर में फायर स्टेशन बनाने को लेकर चल रही मनमानी अब नहीं चलेगी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच में राज्य शासन ने शपथपत्र में बताया कि नए फायर स्टेशन के निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। ठेकेदार को 15 दिनों के अंदर अनुबंध करने को कहा गया है। डिवीजन बेंच ने कहा कि अब इस जनहित याचिका में निर्माण कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी। दरअसल, फायर स्टेशन निर्माण के लिए साल 2020 में मंजूरी मिल गई थी। लेकिन, ढाई साल में जिला प्रशासन के जिम्मेदार अफसर जगह की तलाश नहीं कर पाए। पिछले दिनों मोपका स्थित विद्युत वितरण कंपनी के सब स्टेशन और दुकानों में आग लगने के बाद फायर स्टेशन निर्माण का मामला फिर से उठा। इसे लेकर मीडिया में खबरें भी आई, जिसे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने संज्ञान में लेकर जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की। इस केस में हाईकोर्ट ने राज्य शासन से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था। ढाई साल में जगह तलाश नहीं कर पाए अफसर मामले में राज्य शासन की तरफ से शपथपत्र प्रस्तुत किया गया है, जिसमें बताया गया कि 2020 में फायर स्टेशन की स्वीकृति मिली थी। इसके लिए सकरी रोड और कोनी जैसे विकल्पों पर विचार करने के बाद आखिरकार कुदुदंड में जगह फाइनल की गई। यहां की जमीन दलदली होने के कारण निर्माण के लिए विशेष राफ्ट फाउंडेशन तकनीक की जरूरत पड़ी, जिस पर संशोधित एस्टीमेट को पास कराने में ही प्रशासन ने दो साल और लगा दिए। इसके बाद नियमों का पालन न होने की वजह से पुराने टेंडर को रद्द करना पड़ा, क्योंकि एसई कार्यालय से समय पर चेकलिस्ट ही नहीं भेजी गई थी। शहर की सुरक्षा अस्थायी फायर स्टेशन के भरोसे शहर की सुरक्षा वर्तमान में आगजनी जैसी घटनाओं के दौरान शहर की सुरक्षा व्यवस्था अस्थायी फायर स्टेशन के भरोसे है। यहां न तो पर्याप्त कर्मचारी हैं और न ही आधुनिक उपकरण। पुराने वाहनों और पानी के कम भंडारण की वजह से किसी बड़ी आपात स्थिति में बचाव कार्य करना लगभग असंभव है। अब हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रशासन ने कोर्ट को बताया है कि 1.55 करोड़ की लागत से बनने वाले इस स्टेशन के लिए वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। ठेकेदार को 15 दिनों के भीतर अनुबंध पूरा करने का निर्देश दिया गया है, ऐसा नहीं करने उसकी अमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। पूरे प्रदेश के फायर स्टेशन की मांगी जानकारी हाईकोर्ट ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के साथ ही पूरे प्रदेश में फायर स्टेशनों की स्थिति पर जवाब मांगा है। जानकारी के अनुसार, प्रदेश में वर्तमान में केवल 9 स्थानों पर ही पूरी तरह से तैयार फायर स्टेशन संचालित हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि निर्माण कार्य की समय सीमा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस मामले की लगातार निगरानी की जाएगी।
नीमच कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने परीक्षाओं के दौरान बच्चों की पढ़ाई में खलल रोकने और शोर-शराबे पर लगाम लगाने के लिए आदेश जारी किए हैं। अब जिले में लाउडस्पीकर और डीजे बजाने पर कड़ी पाबंदी रहेगी। यह आदेश 6 अप्रैल 2026 तक लागू रहेगा। प्रशासन के आदेश के मुताबिक, अब किसी भी शादी, पार्टी या कार्यक्रम में लाउडस्पीकर, डीजे, बैंड या प्रेशर हॉर्न बजाने के लिए पहले सक्षम अधिकारी से मंजूरी लेनी होगी। बिना अनुमति के इनका इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दिया गया है। आयोजन के लिए कड़े नियम अगर अनुमति मिल भी जाती है, तो एक प्रोग्राम में ज्यादा से ज्यादा दो मध्यम साइज के ही लाउडस्पीकर या डीजे बजाए जा सकेंगे। साउंड सिस्टम किराए पर देने वालों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे एक पार्टी में दो से ज्यादा मशीनें न दें। साथ ही, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह का साउंड सिस्टम बजाना पूरी तरह मना है। प्रेशर हॉर्न पर रोक और कानूनी कार्रवाई शोर कम करने के लिए प्रशासन ने प्रेशर हॉर्न के स्टॉक और बिक्री पर भी पाबंदी लगा दी है। कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि जो भी इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भागलपुर जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र के तकिचक मोहल्ले में शुक्रवार को एक इंटर की छात्रा से छेड़खानी की गई। विरोध करने पर उसके परिवार पर हमला किया गया। इस हिंसक घटना में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें एक की हालत नाजुक है। सभी घायलों को भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल परिजनों ने बताया कि छात्रा शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे इंटर की दूसरी पाली की परीक्षा देने घर से निकली थी। घर से कुछ दूरी पर मोहल्ले के रियाजुल नामक युवक ने उसका दुपट्टा खींचकर छेड़खानी की। छात्रा के विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की। छात्रा के शोर मचाने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और रियाजुल को समझाने का प्रयास किया। छात्रा के चाचा के सिर में चोट लगी इसी दौरान रियाजुल के साथ अकबर रज्जी, समीर और बुड्ढन भी वहां आ गए। इन सभी ने मिलकर परिवार के सदस्यों पर लाठी-डंडे, ईंट और चाकू से हमला कर दिया। हमले में छात्रा के चाचा के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनके हाथ में चाकू के निशान मिले। एक अन्य युवक का हाथ टूट गया, जबकि छात्रा और एक महिला को भी हल्की चोटें लगी हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, घायलों में से एक की हालत चिंताजनक बनी हुई है। हबीबपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित परिवार की ओर से अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संतकबीरनगर में जनसभा की अनुमति न मिलने से नाराज आजाद समाज पार्टी (आसपा) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को हंगामा किया। कार्यकर्ता स्टेडियम गेट से पैदल मार्च करते हुए एसपी कार्यालय तक पहुंचे और कोतवाली परिसर में आक्रोश जताया। सूचना मिलने पर सीओ सदर अमित कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने आसपा के प्रदेश महासचिव डॉ. मोहम्मद याकिब और अन्य कार्यकर्ताओं से बातचीत कर स्थिति को शांत कराया। सीओ सदर ने बताया कि अनुमति पत्र में कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी न होने के कारण फिलहाल जनसभा की अनुमति नहीं दी गई है। आसपा के प्रदेश महासचिव डॉ. मोहम्मद याकिब ने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद रावण का 8 फरवरी को संतकबीरनगर में कार्यक्रम प्रस्तावित है। जिलाध्यक्ष राम प्रसाद राव ने 17 जनवरी को जनसभा की अनुमति के लिए प्रशासन और पुलिस को लिखित सूचना दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 दिन बीत जाने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी रही और उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। याकिब ने चेतावनी दी कि यदि जनसभा की अनुमति नहीं मिली पार्टी के निर्देश पर कड़ा कदम उठाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। सीओ सदर अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोजकों से कार्यक्रम की रूपरेखा के संबंध में 5-6 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि आवश्यक विवरण उपलब्ध कराए जाने के बाद ही जनसभा की अनुमति पर विचार किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष राम प्रसाद राव, पूर्व जिलाध्यक्ष सोनू राव, संदीप कुमार, अवनीश कुमार, सूरज राव, राघवेंद्र प्रताप, आज्ञाराम चौधरी, अमरनाथ बागी, अरविंद कुमार, मंगल सिंह राव, अनिल कुमार और विकास कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महोबा के खन्ना थाना क्षेत्र में एक लापता युवक का शव मिलने के बाद जमकर बवाल हुआ। 1 फरवरी से गायब 21 वर्षीय रवि का शव आज गांव के तालाब में उतराता मिला। इससे गुस्साए परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानपुर-सागर हाईवे पर जाम लगा दिया। बन्नी गांव के मजरा बरमपुरवा निवासी रवि 1 फरवरी की रात संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गया था। परिजनों का दावा है कि वह केवल चड्डी-बनियान पहने हुए था और उसके जूते-कपड़े घर पर ही मिले थे। परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने का अंदेशा जताया है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस ने केवल गुमशुदगी की कागजी खानापूर्ति की और युवक को खोजने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया। परिजनों की मानें तो यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होती तो शायद रवि की जान बच सकती थी। हत्या के आरोप और पुलिस की कथित लापरवाही के विरोध में परिजनों ने कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर चक्का जाम कर दिया। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक चले इस जाम के कारण सड़क के दोनों ओर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हंगामे की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह और भारी पुलिस बल मौके पर पहुँचा। एएसपी ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और हर संभव मदद का भरोसा दिया। पुलिस के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब दो घंटे बाद हाईवे पर आवागमन सुचारू हो सका।
कोटा ग्रामीण पुलिस ने 52-किलो डोडा चूरा पकड़ा:कार में भरकर ले जा रहे थे, 3 तस्कर गिरफ्तार
कोटा ग्रामीण जिले के पुलिस थाना बपावर कलां ने अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस मुख्यालय राजस्थान जयपुर द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन रूट क्लियरेंस के तहत प्रभावी कार्रवाई की गई। पुलिस ने 7 लाख 83 हजार रुपए की अंतरराष्ट्रीय कीमत के 52 किलो 200 ग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा-चूरा को जब्त करते हुए शुक्रवार को तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। साथ ही तस्करी में शामिल एक कार को भी जब्त किया गया है। नाकाबंदी में की कार्रवाई कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया- एडिशनल एसपी रामकल्याण मीना, डीएसपी नरेंद्र जैन के सुपरविजन में थानाधिकारी मदनलाल ढाका के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया था। टीम बारां-झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर खानपुर तिराहा पर नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से भारी मात्रा में अवैध डोडा चूरा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से महेंद्र, सुरेंद्र भाकल एवं बलवीर को गिरफ्तार किया, जो नागौर जिले के निवासी हैं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जांच की जा रही है।
मेरठ के सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज में शुक्रवार को नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) द्वारा एक व्यापक मोबिलाइज़ेशन एक्सरसाइज का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपातकालीन या आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को मजबूत करना रहा। बचाव के तरीको को बताना रहा उदेश्यमोबिलाइज़ेशन एक्सरसाइज के दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता, राहत एवं बचाव कार्यों की रणनीति पर त्वरित निर्णय क्षमता को परखा गया। एनडीआरएफ की टीम ने वास्तविक परिस्थितियों जैसी स्थिति बनाकर रेस्क्यू, सुरक्षित निकासी और प्राथमिक सहायता से जुड़े अभ्यास कराए। इस अभ्यास में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग, सिविल डिफेंस, स्काउट एंड गाइड सहित अन्य सहयोगी एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी विभागों ने आपसी तालमेल के साथ कार्य करते हुए यह प्रदर्शित किया कि आपदा के समय किस प्रकार संयुक्त रूप से कार्य कर जनहानि को न्यूनतम किया जा सकता है। इसके साथ ही आपदा के समय बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित निकासी के तरीकों तथा प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मोबिलाइज़ेशन एक्सरसाइज भविष्य में आने वाली किसी भी संभावित आपदा से निपटने में बेहद कारगर साबित होती हैं और इससे प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों को मजबूती मिलती है।
इटावा में एआरटीओ कार्यालय में मारपीट:कार में लगाई आग, दमकल विभाग ने पाया काबू; जांच में जुटी पुलिस
इटावा में फेसबुक पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद शुक्रवार शाम इटावा में हिंसक झगड़े और आगजनी में तब्दील हो गया। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एआरटीओ कार्यालय में पहले मारपीट हुई। इसके बाद पीड़ित युवक की कार छीन ली गई। कुछ देर बाद एआरटीओ कार्यालय के बाहर खड़ी कर उसमें आग लगा दी गई। घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। एआरटीओ कार्यालय में मारपीट का आरोप भरथना चौराहा निवासी राहुल गुप्ता पुत्र रामशरण शुक्रवार शाम किसी कार्य से एआरटीओ कार्यालय पहुंचे थे। राहुल का आरोप है कि वहां मौजूद संविदाकर्मी रवि दुबे और उसके साथियों ने फेसबुक पोस्ट को लेकर उनसे विवाद किया और जमकर मारपीट की। मारपीट के बाद राहुल ने मोहल्ले में रहने वाले अपने बड़े भाई को फोन कर घटना की जानकारी दी। शिकायत कराने जाते समय छीनी कार राहुल गुप्ता के अनुसार, उनका एक मित्र अल्टो कार (नंबर UP 51 R 2590) से मौके पर पहुंचा। इसके बाद दोनों सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराने जा रहे थे। इसी दौरान जिला अस्पताल के पास रवि दुबे अपने 10–12 साथियों के साथ वहां पहुंचा और एक बार फिर मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने कार छीन ली और कुछ देर बाद एआरटीओ कार्यालय के बाहर लाकर उसमें आग लगा दी। दमकल विभाग ने पाया आग पर काबू कार में आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम एक फायर टेंडर के साथ मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। सिविल लाइन थाना प्रभारी केके मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।वहीं, एफएसओ सुभाष चंद्र ने बताया कि कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर दमकल टीम को मौके पर भेजा गया था और आग को समय रहते बुझा लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।
जयपुर में क्रीड़ा भारती सांगानेर महानगर की ओर से आयोजित 'कबड्डी खेल महोत्सव' का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। प्रतियोगिता में 32 टीमें हिस्सा ले रही हैं। जहां उद्घाटन के साथ ही खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान क्रीड़ा भारती के क्षेत्रीय संयोजक मेघ सिंह चौहान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में सांगानेर विभाग के सहविभाग संघचालक एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी डी. डी. सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांगानेर महानगर क्रीड़ा भारती के अध्यक्ष बिरदी चंद शर्मा ने की। मुख्य अतिथि ने कहा- भारत वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। इस अवसर पर प्रांत घुमंतू कार्य प्रमुख महेंद्र सिंह राजावत, सांगानेर विभाग के सहकार्यवाह उत्तम, और सांगानेर महानगर क्रीड़ा भारती के उपाध्यक्ष मोहित टेलर सहित गणपत, चेतन आदि मौजूद रहे। ओलंपिक 2036 पर लक्ष्य मुख्य अतिथि मेघ सिंह चौहान ने कहा- भारत वर्ष 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि कबड्डी को ओलंपिक खेलों में स्थान दिलाने के लिए क्रीड़ा भारती अखिल भारतीय स्तर पर जनजागरूकता अभियान चला रही है। विशिष्ट अतिथि डी. डी. सिंह ने खिलाड़ियों को खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहने की शपथ दिलाई। वहीं महेंद्र सिंह राजावत और मोहित टेलर ने भी खेल के महत्व पर विचार साझा किए। रोमांचक मुकाबलों की शुरुआत उद्घाटन समारोह के बाद खिलाड़ियों ने दांव-पेच और फुर्ती से दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के समापन पर सांगानेर महानगर क्रीड़ा भारती के संयोजक मनीष शर्मा एवं सहसंयोजक सत्यवीर योगी ने सभी अतिथियों और खिलाड़ियों का आभार व्यक्त किया।
कानपुर के कल्याणपुर आवास विकास-3 की रहने वाली महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, बेटा न होने पर प्रताड़ना, मारपीट और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी 17 फरवरी 2012 को हुई थी। शादी में पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर खर्च किया, लेकिन बेटी के जन्म के बाद ही हालात बदल गए। 28 फरवरी 2013 को पहली बेटी आस्था पैदा हुई तो ससुराल वाले नाराज हो गए। बेटा न होने का ताना देकर देखभाल बंद कर दी गई। हालत इतनी बिगड़ी कि नवजात को महज 14 दिन की उम्र में मायके भेज दिया गया, जहां इलाज से उसकी जान बची। आरोप है कि इसके बाद जब भी वह गर्भवती हुई, ससुरालियों ने ओझा-तांत्रिकों के बहकावे में आकर लड़की होने की बात कहकर दो बार जबरन गर्भपात करा दिया। विरोध करने पर तलाक की धमकी दी जाती रही। चौथी बार गर्भवती होने पर वह मायके चली गई, जहां 7 फरवरी 2019 को दूसरी बेटी शिविका का जन्म हुआ। कुछ समय बाद पति उसे वापस ससुराल लाया और कोचिंग सेंटर खोलने के नाम पर पिता से 80 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से कुल 3.60 लाख रुपये और ले लिए गए, लेकिन आज तक वापस नहीं किए। पीड़िता का कहना है कि सास, ससुर, पति, देवर और देवरानी लगातार गाली-गलौज और मारपीट करते थे। बेटियों को लेकर भी अपमानजनक बातें कही जाती थीं। ननद फोन पर पति को दूसरी शादी के लिए उकसाती थी। कई बार पति पैसे न मिलने पर बच्चों समेत छोड़कर चला जाता था और घर में न राशन छोड़ता था, न खर्च। होली पर जब भाई हालचाल लेने पहुंचा तो उससे दो लाख रुपये मांगे गए। मना करने पर हमला कराने की कोशिश हुई। दीपावली के दिन बेटियों को प्रसाद देने पर ससुरालियों ने बेरहमी से पीटा और रात में ही घर से निकाल दिया। इस मामले में एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।
ग्रेटर नोएडा में एक युवती ने सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है- महादेव, अब मेरी जिंदगी में बचा ही क्या है। मैं अब जीना नहीं चाहती। मेरी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार न ठहराया जाए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह मामला ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र में गुरुवार रात की है। विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… नाना के पास रहती थी युवतीमृतका की पहचान जौनपुर जिले के खोजी गांव की मूल निवासी बरखा सिंह (30) के रूप में हुई है। वह ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव स्थित ट्विंस बिल्डिंग में अपनी नानी के साथ रहती थी। बरखा की मां का निधन उसके बचपन में ही हो गया था, जबकि पिता उससे अलग रहते हैं। पुलिस के अनुसार, बरखा का पालन-पोषण उसकी नानी ने किया था। परिजनों ने बताया कि युवती पिछले कई दिनों से मानसिक तनाव में थी। वह मेकअप आर्टिस्ट बनने का सपना देखती थी और इसके लिए लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन निजी और पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वह अवसादग्रस्त रहने लगी थी। सुसाइड नोट के आधार पर जांच कर रही है पुलिसपुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी में सिंध जलावर्धन योजना की पाइपलाइन फिर फूटी:दो दिन बाधित रहेगी शहर की जलापूर्ति
शिवपुरी शहर को पेयजल आपूर्ति करने वाली सिंध जलावर्धन योजना की पाइपलाइन शुक्रवार को एक बार फिर फूट गई है। इस घटना के कारण हजारों गैलन पानी बर्बाद हो गया और शहर में अगले दो दिनों तक जलापूर्ति बाधित रहेगी। यह पाइपलाइन फूटने की पहली घटना नहीं है, जिससे शहरवासियों को बार-बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। पाइपलाइन मणिखेड़ा बांध के पास नरवर रिसॉर्ट के नजदीक क्षतिग्रस्त हुई है। बताया गया है कि जियो कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्य के दौरान मशीनों की चपेट में आने से यह पाइपलाइन फूट गई। नगर पालिका सीएमओ इशांक धाकड़ ने बताया कि पाइपलाइन जियो कंपनी के कार्य के कारण फूटी है और मरम्मत का कार्य भी वही कंपनी कराएगी। मरम्मत में लगने वाले समय को देखते हुए अगले दो दिनों तक शहर में पानी की आपूर्ति नहीं हो पाएगी। हालांकि, नगर पालिका ने वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास शुरू कर दिए हैं। करोड़ों रुपए की लागत से बनी सिंध जलावर्धन योजना में पहले भी खामियों और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। इन्हीं कारणों से वर्षों बाद भी शहरवासियों को लगातार और सुचारु पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
दरभंगा के TVS बाइक शोरूम के मालिक अंजय कुमार राय (48) को 5 जनवरी को एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर +916546359099 से फोन आया। फोन करने वाले ने कहा, 'मैं पाकिस्तान से बोल रहा हूं, बम सेट कर दिया है, भुगतान कर दीजिए।' जब कारोबारी ने पूछा कि कॉल कहां लगाया है। कॉलर ने दावा कि मैं पाकिस्तान से बोल रहा हूं। कारोबारी ने कहा कि ये कॉल इंडिया में लगा है। जिसके बाद फोन करने वाले ने कॉल काट दिया। काबोबारी ने कहा कि ऑडियो मेरे मोबाइल में रिकॉर्ड हो गया है, जिसे पुलिस को पेन ड्राइव में सौंप दिया है। धमकी भरे कॉल से मैं भयभीत हो गया था। 6 जनवरी को थाना में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने एफआईआर दर्ज ली है। कारोबारी अंजय सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र में सिंहवाड़ा बाजार हैं। ऑडियो और मोबाइल नंबर की जांच की जा रही है सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष वसंत कुमार ने बताया कि रिकॉर्ड ऑडियो और मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच की जा रही है। कॉलर की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए टेक्निकल सेल की मदद ली जा रही है। सदर एसडीपीओ-2 शोभेन्द्र कुमार सुमन ने भी मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मामला अंतरराष्ट्रीय प्रकृति का है, इसलिए दरभंगा जिला टेक्निकल सेल के साथ-साथ पटना मुख्यालय को भी सूचना दी गई है। पुलिस सभी पहलुओं से गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें फिलहाल पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर और तकनीकी जांच के आधार पर जल्द ही कॉलर की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि मामला साइबर अपराध, फर्जी धमकी या किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ तो नहीं है।
जमुई के सोनो थाना परिसर में शुक्रवार को एक अनोखी और मानवीय पहल देखने को मिली। पुलिस की मौजूदगी और प्रयास से तीन सालों से प्रेम संबंध में रह रहे एक प्रेमी जोड़े का विवाह संपन्न कराया गया। थाना परिसर के शिव मंदिर में हुई इस शादी में पुलिस न केवल सुरक्षा में तैनात रही, बल्कि सामाजिक सरोकार निभाते हुए बाराती की भूमिका में भी नजर आई। 1 को घर से निकले, 2 को पटना सिविल कोर्ट में की मैरिज जानकारी के अनुसार, अभिषेक कुमार (22 वर्ष), पिता केदार मंडल, और चांदनी कुमारी (19 वर्ष), पिता राम लखन गुप्ता, के बीच पिछले तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों की पहचान रिश्तेदारी के माध्यम से हुई थी, जो धीरे-धीरे गहरे प्रेम में बदल गई। साथ जीवन बिताने के फैसले के बाद दोनों 1 फरवरी को घर से निकलकर पटना चले गए, जहां 2 फरवरी को पटना सिविल कोर्ट में कोर्ट मैरिज कर ली। लड़की के पिता ने की शिकायत, दोनों बोले-मर्जी से कर रहे शादी इधर, चांदनी के पिता ने सोनो थाना में आवेदन देकर बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। आवेदन मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को ट्रैक किया और पटना से सोनो बुलाया। जांच के दौरान पुलिस ने स्पष्ट किया कि दोनों युवक-युवती बालिग हैं और अपनी मर्जी से विवाह करने के लिए स्वतंत्र हैं। शादी के बाद की देखें PHOTOS परिवारों की सहमती के बाद सोनो थाना परिसर में कराया विवाह इसके बाद पुलिस ने दोनों परिवारों को थाना बुलाकर समझाया। बातचीत और आपसी सहमति के बाद शुक्रवार, 6 फरवरी को सोनो थाना परिसर स्थित शिव मंदिर में दोनों की विधिवत शादी कराई गई। विवाह समारोह में दोनों पक्षों के परिजन, स्थानीय जनप्रतिनिधि और थाना के पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अभिषेक बोला- परिवारों की रजामंदी से हुई शादी अभिषेक कुमार ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से सूरत की एक कंपनी में काम कर रहा है और चांदनी के साथ उसका तीन साल पुराना प्रेम संबंध है। उसने कहा कि यह विवाह दोनों परिवारों की रजामंदी से हुआ है। वहीं, चांदनी और अभिषेक के पिता ने भी कहा कि जब बच्चे एक-दूसरे से शादी कर चुके हैं, तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और उन्होंने पूरे मन से आशीर्वाद दे दिया है। अंतरजातीय विवाह होने से थी नाराजगी,अब सब ठीक स्थानीय मुखिया जमादार सिंह ने बताया कि दोनों कानूनी रूप से बालिग हैं और अपनी मर्जी से विवाह कर रहे हैं। यह शादी परिवारों की सहमति से संपन्न हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, चांदनी कुछ वर्ष पहले पैरामटिहाना गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आई थी, जहां उसकी मुलाकात अभिषेक से हुई। दोनों के घरों की दूरी लगभग पांच किलोमीटर है। अंतरजातीय विवाह होने के कारण शुरुआत में परिवारों में नाराजगी थी, लेकिन पुलिस की पहल से मामला सुलझ गया। थाना अध्यक्ष ने कहा-दोनों बालिग हैं, कानून के अनुसार स्वतंत्र इस संबंध में सोनो थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि दोनों बालिग हैं और कानून के अनुसार स्वतंत्र हैं। परिवारों को समझाकर आपसी सहमति से विवाह कराया गया है। पुलिस का उद्देश्य सामाजिक शांति बनाए रखना और मानवीय समाधान सुनिश्चित करना है। इस अनोखी शादी की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है, जहां पुलिस की संवेदनशील और सकारात्मक भूमिका की लोग सराहना कर रहे हैं।
शिवपुरी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय चरस तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नेपाल से चरस लाकर टमाटर वाहन की आड़ में भारत में बेचने वाले फरार तस्कर शिवम उर्फ मोहन ठाकुर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से सब्जी परिवहन की आड़ में मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। थाना देहात प्रभारी जितेंद्र मावई ने बताया कि पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ के निर्देश पर एनडीपीएस मामलों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत आरोपी शिवम उर्फ मोहन ठाकुर को उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किया गया आयशर डीसीएम वाहन भी जब्त कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिवम उर्फ मोहन ठाकुर नेपाल से चरस की खेप लाता था। वह इसे टमाटर से भरे आयशर डीसीएम वाहन में छिपाकर भारत लाता और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था। इससे पहले, आरोपी शिवपुरी जिले में चरस की एक बड़ी खेप खपाकर फरार हो गया था। सीतापुर से पकड़ा गया आरोपीइस नेटवर्क का खुलासा 4 सितंबर 2025 को हुआ, जब थाना देहात पुलिस ने कोटा-झांसी फोरलेन पर मझेरा गांव के पास चरस खरीदने वाले आरोपी संदीप सिंह सिख को गिरफ्तार किया। संदीप के पास से 6 करोड़ 21 लाख रुपए कीमत की 30 किलो 295 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पूछताछ में संदीप ने बताया था कि यह चरस उसे टमाटर वाहन चालक शिवम उर्फ मोहन ठाकुर ने सप्लाई की थी। संदीप सिंह के खुलासे के बाद से ही मुख्य तस्कर शिवम उर्फ मोहन ठाकुर फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और लगातार दबिश के बाद उसे सीतापुर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आयशर डीसीएम वाहन क्रमांक यूपी 41 एटी 9732 भी जब्त किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
उदयपुर में नगर उपखंड सप्तम क्षेत्र में उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से नांदेश्वर प्राइसिंग मैन लाइन पर एयरबॉल शिफ्टिंग का कार्य किए जाने के चलते शनिवार को कई इलाकों में जलापूर्ति प्रभावित होगी। इसके चलते विभिन्न जलाशयों से होने वाली जलापूर्ति शनिवार को कई कॉलोनियों में निर्धारित जलापूर्ति को एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। इस दौरान न्यू भूपालपुरा, प्रेम नगर, केशव नगर तथा यूआईटी डिग्री रोड टंकी से जुड़े क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रहेगी।
सजदे में जाते ही मस्जिद में युवक पर की फायरिंग:मां-बेटा और चाची घायल, प्रेम-प्रसंग के चलत हुई घटना
शाहजहांपुर के एक गांव में अंधाधुंध फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना में गोली लगने से एक युवक और उसकी मां घायल हो गए, जबकि पथराव में युवक की चाची को भी चोटें आई हैं। यह घटना प्रेम-प्रसंग से जुड़ी बताई जा रही है। थाना पुवायां क्षेत्र के खिरिया पाठक गांव निवासी 19 वर्षीय ममनून शुक्रवार की दोपहर गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था। ममनून के सजदे में जाते ही दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे मस्जिद के अंदर पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर ममनून के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। ममनून अपनी जान बचाकर मस्जिद से बाहर भागा, तभी आरोपियों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली ममनून को लगी और दूसरी उसकी मां को। बीच-बचाव करने आई उसकी चाची के साथ भी मारपीट की गई और उन पर पथराव किया गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और आरोपी मौके से फरार हो गए। तीनों घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। उनका इलाज जारी है। घायल ममनून ने बताया कि करीब एक साल पहले गांव की एक युवती से उसका प्रेम-प्रसंग चल रहा था। युवती के परिवार को इसकी जानकारी होने पर पहले भी विवाद हुआ था, जिसे तब शांत करा दिया गया था। ममनून का दावा है कि उसने एक साल से युवती से बात करना बंद कर दिया था। हालांकि, दूसरे पक्ष को शक था कि वह अभी भी युवती से बात करता है। इसी शक के चलते नमाज पढ़ते समय उस पर हमला किया गया। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। तीनो घायलों का इलाज चल रहा है। तहरीर मिलते ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी है।
भरवारा के गंगोत्री विहार फेज-टू में नाले पर अवैध कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बीच शुक्रवार को नगर निगम की टीम कार्रवाई करने पहुंची। इस दौरान आरोप है कि सुभाषपा विधायक बेदी राम ने फोन कर नगर निगम के लेखपाल को गालियां दी और कार्रवाई करने से रोकने की बात कही। मौके पर विधायक के बेटे और भतीजे भी पहुंच गए। नगर निगम के लेखपाल ने बताया कि मामले में अधिकारियों को जानकारी दी है। कार्रवाई नहीं हुई तो नौकरी छोड़ देंगे। इस बीच इसका वीडियो भी सामने आया है, जब नगर निगम की टीम कार्रवाई करने गई तो लेखपाल के पास में आरोप है कि विधायक ने फोन करके कहा कि कहा कि तुम वहां पर पहुंच कैसे गए हो। इस दौरान विधायक स्थानीय महिला पार्षद ममता रावत को भी गाली दे रहे। इसके साथ ही लेखपाल को भी धमकी मिल रही की नौकरी नहीं करने देंगे। धमकी मिलने के बाद नगर निगम की टीम बैरंग वापस लौट आई। लेखपाल कौशल का कहना है कि मामले में अब पुलिस से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराएंगे। वहीं, स्थानीय पार्षद ममता रावत ने कहा कि मामले में मेयर सुषमा खर्कवाल को जानकारी देंगे। उनका कहना है कि नाले की जमीन पर कब्जा करने के कारण पीछे कॉलोनी में जलभराव हो रहा है। इससे लोग परेशान हैं। मामले में नगर आयुक्त और मेयर भी यहां पर निरीक्षण कर चुके हैं। खबर अपडेट की जा रही है…
जिला अस्पताल पहुंचे छतरपुर कलेक्टर:मरीजों को कॉल कर जाना, जांच रिपोर्ट समय पर मिली या नहीं
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने शुक्रवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान कलेक्टर ने ओपीडी में डॉक्टरों की उपस्थिति, इमरजेंसी वार्ड, नवनिर्मित पीडियाट्रिक यूनिट, मेडिकल रिपोर्ट विभाग, आई.पी.एच.एल. लैब, ब्लड बैंक और क्रिटिकल केयर यूनिट भवन का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर और वार्डों की साफ-सफाई का जायजा लिया। उन्होंने ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने सिविल सर्जन को 12, 13 और 14 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एनक्वास असेसमेंट की तैयारियों के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यक सुधार और व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि असेसमेंट के दौरान कोई लापरवाही सामने न आए। दावे की पुष्टि के लिए खुद मरीज को कॉल कियाआई.पी.एच.एल. लैब के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि मरीजों को दो घंटे के भीतर ब्लड सैंपल की रिपोर्ट उपलब्ध करा दी जाती है। इस दावे की पुष्टि के लिए कलेक्टर ने स्वयं एक मरीज के परिजन को फोन किया। परिजन ने बताया कि रात 8:50 बजे ब्लड सैंपल लिया गया था और डेढ़ घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल गई थी। समय पर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर ने ब्लड बैंक कलेक्शन टीम के कार्य की सराहना की। सुविधाओं के विस्तार पर जोर दियानिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नवीन भवन में स्थित क्रिटिकल केयर यूनिट के शेष अधोसंरचनात्मक कार्यों को लेकर बीडीसी को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य एक से डेढ़ माह के भीतर पूर्ण कर भवन हैंडओवर किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि नवीन भवन में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए विशेष सुविधाएं, लेबर रूम और मैटरनिटी विंग को आवश्यकतानुसार शिफ्ट किया जाएगा। कलेक्टर ने जोर दिया कि जिला चिकित्सालय में सुविधाओं का विस्तार और समयबद्ध सेवाएं आम मरीजों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यूपी के बरेली में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब वे पुलिस का बड़ा अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गायत्री नगर निवासी सुनीता सिंह के साथ एक ऐसी ही खौफनाक वारदात हुई है। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस का वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुनील कुमार गौतम बताया। फोन पर बातचीत के दौरान ठग ने सुनीता पर दबाव बनाया कि उनका बैंक खाता एक बड़े वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के फ्रॉड में इस्तेमाल हुआ है।जैसे ही सुनीता ने यह सुना, वे घबरा गईं। अपराधी ने इसी घबराहट का फायदा उठाया और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर वे इस केस से बचना चाहती हैं, तो उन्हें जांच के नाम पर अपनी राशि सरकारी खातों में सुरक्षित करनी होगी। अलग-अलग तारीखों में तीन खातों से किया ट्रांजैक्शनमहिला इस कदर खौफ में थी कि उसने बिना जांचे-परखे ठगों के बताए खातों में पैसे ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। ठगी का यह सिलसिला अगस्त से सितंबर तक चला। सुनीता ने बताया कि उन्होंने 20 अगस्त को सबसे पहले 5 लाख रुपये ट्रांसफर किए। इसके बाद 21 अगस्त को 80 हजार और 23 अगस्त को 50 हजार रुपये भेजे गए। ठगों का लालच यहीं नहीं थमा, उन्होंने फिर से संपर्क किया और 8 सितंबर को सुनीता से 9 लाख रुपये की बड़ी रकम एक साथ ट्रांसफर करा ली। कुल मिलाकर पीड़िता ने 15 लाख 30 हजार रुपये अपराधियों के हवाले कर दिए। साइबर थाने की टीम अलर्ट परजब सुनीता को अहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है, तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पीड़िता की तहरीर पर बरेली के साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एसएसपी अनुराग आर्य के सख्त निर्देशों के बाद साइबर सेल की टीम उन बैंक खातों और मोबाइल नंबर्स को ट्रेस करने में जुट गई है, जिनका इस्तेमाल इस वारदात में किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह किसी बड़े संगठित साइबर गिरोह का काम लग रहा है, जो पुलिस अधिकारियों की फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों को 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे दांव-पेच से डराते हैं। सावधान रहें: पुलिस कभी फोन पर नहीं मांगती पैसेइस घटना ने एक बार फिर आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है। साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली पुलिस, सीबीआई या कोई भी जांच एजेंसी कभी भी फोन पर किसी को गिरफ्तार करने की धमकी नहीं देती और न ही 'सेटलमेंट' के नाम पर पैसे मांगती है। यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर आपके खाते को संदिग्ध बताए, तो तुरंत फोन काटकर अपने नजदीकी थाने में सूचना दें। साइबर सेल खंगाल रही ट्रांजैक्शन हिस्ट्रीअब पुलिस की तकनीकी टीम यह पता लगा रही है कि ठगी गई रकम किन शहरों के बैंक खातों में गई है। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि आमतौर पर ये ठग 'म्यूल अकाउंट्स' (किराए के खातों) का इस्तेमाल करते हैं, ताकि असली मास्टरमाइंड तक न पहुंचा जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान कॉल्स पर अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर फ्रॉड से सुरक्षा टिप्स:
सुल्तानपुर में नवनियुक्त एसपी चारू निगम ने शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उसी दिन पुलिस लाइन्स स्थित परेड ग्राउंड पर साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली। परेड के माध्यम से उन्होंने कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ पुलिस बल में अनुशासन, एकरूपता और शारीरिक दक्षता को मजबूत करने का संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान एसपी चारू निगम ने परेड का सूक्ष्म अवलोकन किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी, टर्नआउट, शस्त्रों की स्थिति और रख-रखाव की गहन जांच की। अनुशासन को पुलिस बल की रीढ़ बताते हुए उन्होंने टोलीवार ड्रिल का निरीक्षण किया और बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों की सराहना की। वहीं, परेड में पाई गई कमियों को सुधारने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। परेड के बाद पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन्स परिसर का भ्रमण कर विभिन्न महत्वपूर्ण इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने फील्ड यूनिट को घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए रिस्पॉन्स टाइम सुधारने और घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य (फोरेंसिक एविडेंस) संकलन के लिए आधुनिक उपकरणों के साथ हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिए। इसके अलावा, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को मानव तस्करी के मामलों में सतर्कता बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जवानों के कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एसपी ने मैस का निरीक्षण किया और भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के अंतिम चरण में पुलिस अधीक्षक ने क्वार्टर गार्द में अर्दली रूम किया। इस दौरान उन्होंने लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण, रजिस्टरों के नियमित अद्यतन और पुलिस लाइन्स परिसर की साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की डिनर पॉलिटिक्स एक बार फिर चर्चा में रही। गुरुवार 5 फरवरी को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ सांसदों से मुलाकात की। केंद्र सरकार की योजनाओं पर हुई चर्चा इस मुलाकात में केंद्र सरकार की योजनाओं, आगामी बजट सत्र और संसद में उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय मंत्री हुए शामिल बैठक में केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शामिल हुए। साथ ही संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति के भाजपा सदस्य वरिष्ठ सांसद रविशंकर प्रसाद, डी. पुरंदेश्वरी से मुलाकात की। सांसद निवास में बांसुरी स्वराज, दर्शन चौधरी, घनश्याम तिवारी, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, डॉ. हेमांग जोशी, अभिजीत गंगोपाध्याय, राज्यसभा सांसद डॉ. भीम सिंह, डॉ. सिकंदर कुमार, सी. सदानंदन मास्टर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में शिक्षा, खेल, महिला एवं बाल विकास से जुड़े विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों ने बजट सत्र के दौरान समावेशी विकास, क्षेत्रीय संतुलन और लोक कल्याण से जुड़े मुद्दों को संसद में प्राथमिकता देने पर सहमति जताई। इसके साथ ही केंद्र सरकार की सामाजिक और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव भी साझा किए गए। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की बैठकों से न केवल राजनीतिक संवाद मजबूत होता है, बल्कि सतत विकास और नागरिक कल्याण के प्रयासों को भी नई दिशा मिलती है।
पंजाब के लुधियाना जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए शुक्रवार सुबह नकाबपोश बदमाशों ने एक वकील को निशाना बनाया। बार एसोसिएशन समराला के संयुक्त सचिव एडवोकेट कमलजीत सिंह जब सुबह करीब 8:45 बजे अपनी कार से समराला कोर्ट जा रहे थे, तब गांव राजगढ़ के पास एक सफेद स्कूटी पर सवार तीन नकाबपोश युवकों ने उनकी गाड़ी के आगे स्कूटी लगाकर उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने पिस्तौल तानकर वकील को बंधक बनाने की कोशिश की, लेकिन कमलजीत सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपियों को धक्का दिया और पास के खेतों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान हमलावर उनकी कार लेकर फरार हो गए। पुरानी रंजिश में हमला पीड़ित वकील कमलजीत सिंह ने पुलिस को दिए बयान में एक हमलावर की पहचान अवतार सिंह के रूप में की है, जो गांव ढींडसा का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि अवतार सिंह समराला कोर्ट में ही एक वकील के पास मुंशी का काम करता था। हाल ही में एक साथी वकील के साथ दुर्व्यवहार करने के कारण बार एसोसिएशन के निर्देश पर उसे काम से हटा दिया गया था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। थाना प्रभारी पवित्र सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी अवतार सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। वकीलों में भारी रोष, गिरफ्तारी की मांग इस घटना के बाद वकीलों में भारी डर और गुस्सा देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन समराला के अध्यक्ष एडवोकेट जसप्रीत सिंह कलालमाजरा ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए डीएसपी समराला और एसएचओ माछीवाड़ा से मुलाकात की। उन्होंने मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। जसप्रीत सिंह ने कहा कि सरेआम वकील पर हमला होना समाज के लिए खतरनाक संकेत है और ऐसे शरारती तत्वों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना जरूरी है ताकि आम जनता में सुरक्षा की भावना बनी रहे।
हरियाणा के करनाल जिले में धान खरीद और भंडारण से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 5 सरकारी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। देर रात हुई इस कार्रवाई से मंडी अफसरों में हड़कंप मचा है। इनमें इंद्री के हरियाणा वेयर हाउसिंग से जुड़े तकनीकी सहायक प्रदीप कुमार, इंद्री फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर रणधीर सिंह, तरावड़ी से फूड सप्लाई विभाग के इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, असंध में हैफेड मैनेजर प्रमोद कुमार और निसिंग में हैफेड मैनेजर दर्शन सिंह शामिल है। पुलिस के मुताबिक, एसआईटी की जांच में सामने आया कि सरकारी विभागों में तैनात जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आपसी मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया। रिकॉर्ड, दस्तावेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुटी हुई है। शुक्रवार की देर रात हुए एक्शन के बारे में ACP की तीन बातें… भाकियू ने बताया फर्जीवाड़े का पूरा तरीका… दूसरे प्रदेशों से खरीदी जाती है सस्ते दामों पर धानभाकियू के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान ने मंडियों में चल रहे फर्जी खेल का पूरा तरीका बताया। उनकी माने तो इस पूरे गिरोह में आढ़ती, किसान, मार्केटिंग बोर्ड के कर्मचारी और मंडी के अधिकारी शामिल होते हैं। रतनमान के अनुसार, कृषि विभाग ने प्रति एकड़ 35 क्विंटल का पोर्टल बना रखा है, जबकि असली उत्पादन 17 से 19 क्विंटल प्रति एकड़ ही है। ऐसे में पोर्टल पर बची हुई 16-17 क्विंटल की जगह को फर्जी धान दिखाकर भर दिया जाता है। कई जगह बारीकी धान की जगह पीआर किस्म का पोर्टल कर दिया जाता है, जिससे रिकॉर्ड में धान की आवक ज्यादा दिखाई जाती है। दूसरे प्रदेशों से सस्ते दामों पर धान खरीदी जाती है या फिर हरियाणा के किसानों से कम रेट पर धान ली जाती है। फिर उसे सरकारी रेट पर पोर्टल पर दिखाकर सरकार को बेच दिया जाता है। इसी कारण मंडियों में रिकॉर्ड तोड़ आवक दिखाई जा रही है। एक लाख क्विंटल धान के दो हजार गेटपासनई अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के तीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर करीब एक लाख क्विंटल धान के करीब दो हजार से ज्यादा फर्जी गेट पास काट दिए। ये फर्जी गेट पास असली किसानों के नाम पर नहीं, बल्कि फर्जी खातों या अन्य लोगों के नाम से तैयार किए जा रहे थे, जिससे सरकारी खरीद रिकॉर्ड में हेरफेर की गई । खास बात ये है कि ये सभी फर्जी गेट पास मंडी के गेट से नहीं बल्कि मंडी के बाहर बैठकर काटे गए हैं। इसके लिए तीनों निलंबित अधिकारियों ने अपने ही यूजर आईडी ओर पासवर्ड का इस्तेमाल तो किया लेकिन इस्तेमाल के लिए डिवाइस दूसरी ले ली। मामले की शिकायत होने पर गेट पास काटने वाली डिवाइसों की जांच की गई तो उनका आईपी एड्रेस अलग अलग लोकेशन का आया। इतना ही नहीं चर्चा में ये भी हैं कि इनकी यूजर आईडी और पासवर्ड एक साथ कई कई लोकेशन पर इस्तेमाल हो रहे थे। यानी इस मामले में इनके अलावा भी अन्य कई लोग शामिल रहे हैं। जिन्हें इन तीनों के यूजर आईडी और पासवर्ड की जानकारी थी। इस मामले की जांच अब मार्केट कमेटी के मुख्य अधिकारियों से लेकर तरावड़ी अनाज मंडी तक जाएगी। संशय है कि तरावड़ी अनाज मंडी के अधिकारी भी इस खेल में शामिल रहे हैं। फर्जी पोर्टल और गेटपास से चलता है पूरा नेटवर्करतनमान ने बताया कि इस फर्जीवाड़े में फर्जी पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है। गेटपास कटने के लिए फर्जी आईपी एड्रेस का उपयोग होता है ताकि सरकारी सिस्टम में पकड़े न जा सकें। सरकारी कंप्यूटरों के बजाय निजी सिस्टम से गेटपास काटे जाते हैं, जिससे पहचान मुश्किल हो जाती है और बाद में सब एडजस्ट कर दिया जाता है। यह कोई छोटा खेल नहीं है, बल्कि संगठित नेटवर्क के जरिए किया जाता है। मंडियों में जब धान की बोली लगाई जाती है तो एच रजिस्टर में खरीददारों की जानकारी दर्ज होती है, लेकिन कर्मचारी इसे मौके पर भरने की बजाय मनमाने ढंग से भर देते हैं। यही वजह है कि कई बार अच्छी क्वालिटी की धान की बोली 2500 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक चली जाती है, जबकि सरकारी खरीद 300 रुपये कम रेट पर होती है। कागजों में ही पैदा हो रही है धानरतनमान ने खुलासा किया कि अब तो धान कागजों में ही पैदा हो रही है। यानी मंडियों में धान आई भी नहीं, लेकिन जे-फॉर्म काट दिए गए और पेमेंट भी कर दी गई। जो किसान इस गिरोह का हिस्सा हैं, उनके खातों में पैसा पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में हर लेन-देन में हिस्सा तय होता है - 70 रुपये सेक्रेटरी के, 40-50 रुपये किसान के, जबकि आढ़ती को आढ़त बच जाती है क्योंकि असली धान आई ही नहीं। इस फर्जीवाड़े से सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है। सूत्रों की मानें तो करनाल मंडी में करीब 5 लाख क्विंटल धान के फर्जी पर्चे काटे गए। यदि इस मात्रा को सरकारी रेट 2389 रुपये से गुणा किया जाए, तो करोड़ों का घोटाला सामने आता है।
गुरुग्राम पुलिस ने अवैध हथियारों की आपूर्ति करने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने पहले एक आरोपी को अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा, जिसकी पूछताछ के आधार पर मुख्य हथियार सप्लायर तक पहुंचा जा सका। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 4 फरवरी 2026 को हुई। अपराध शाखा फर्रुखनगर की टीम ने थाना फर्रुखनगर क्षेत्र में बाइपास रोड के पास से हरिंद्र कुमार निवासी गांव बलेवा, जिला गुरुग्राम को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से एक अवैध पिस्टल, एक जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई। पुलिस ने तुरंत शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। हरिंद्र कुमार से पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसे यह अवैध हथियार उसके एक साथी ने उपलब्ध कराया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए दूसरे आरोपी को भी धर दबोचा। गुरुग्राम से पंचगांव से पकड़ा दूसरा आरोपी गिरफ्तार किए गए हथियार सप्लायर की पहचान राम निवासी गुरुनानक कॉलोनी, जिला खेड़तल, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी राम को गुरुग्राम के पंचगांव चौक से गिरफ्तार किया और उसे अभियोग में शामिल किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध हथियार नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
जोधपुर शहर में फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस और पाइप लाइनों के आवश्यक रखरखाव और सफाई के चलते 10 फरवरी को शहर के सभी फिल्टर हाउस से जलापूर्ति बंद रहेगी। कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 10 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 11 फरवरी को और 11 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 12 फरवरी को की जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) नगर वृत जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र मेहता ने बताया कि झालामण्ड एवं तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आसपास के क्षेत्रों में 10 फरवरी को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 11 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 12 फरवरी को एवं 12 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 13 फरवरी को होगी। 7 फरवरी को यहां रहेगी बिजली बंद बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते शनिवार सुबह 7 से 12 बजे तक गणेश होटल, गजे सिंह कॉलोनी, आंबेडकर कॉलोनी नांदड़ी, रमजान जी का हत्था एवं आस पास का क्षेत्र बिजली की सप्लाई नहीं होगी।
मधुबनी के सात प्रखंडों में 19 प्राथमिक कृषि साख समिति (पैक्स) के चुनाव शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न हो गए। मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया गया। जिले के 54 मतदान केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 4:30 बजे तक वोट डाले गए। इन चुनावों में अंधराठाढ़ी प्रखंड के डुमरा पैक्स, झंझारपुर के नवानी, खजौली के चंद्रडीह एवं सराबे, खुटौना के कारमेघ उत्तरी, कारमेघ पश्चिमी, बीरपुर, लदनियां के खोजा, मधेपुर के गढ़गांव, द्वालख, पचही, परवलपुर, बकुआ, बाँकी, बाथ, भखराइन, महिशाम एवं महासिंह हसौली, तथा राजनगर के भटसिमर पूर्वी पैक्स शामिल थे। अंधराठाढ़ी, झंझारपुर, खजौली, खुटौना, लदनियां और राजनगर के संबंधित पैक्स की मतगणना मतदान के तुरंत बाद शुरू कर दी गई। वहीं, मधेपुर प्रखंड के पैक्सों की मतगणना 7 फरवरी को होगी। मतदान और मतगणना को स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने विधि-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से 7 जोनल/वरीय पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तथा 15 सेक्टर पदाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की थी। जोनल/वरीय दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को मतदान से 24 घंटे पूर्व अपने प्रभार वाले प्रखंड क्षेत्र में सघन गश्ती करने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। सभी वरीय दंडाधिकारियों को मतदान प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखने और सेक्टर दंडाधिकारियों व पीठासीन पदाधिकारियों के कार्यों का अनुश्रवण करने के भी निर्देश दिए गए। सेक्टर दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को प्रखंड मुख्यालय स्थित मतदान केंद्रों पर स्थिर रहकर शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने को कहा गया था।
सरकारी नौकरी के आवेदन में पुरानी एफआईआर का जिक्र न करने पर उम्मीदवारी रद्द करने के मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि अगर कोई उम्मीदवार किसी आपराधिक मामले में पहले ही बरी हो चुका है तो सिर्फ एफआईआर का जिक्र न करने की वजह से उसे सरकारी नौकरी से नहीं रोका जा सकता।अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में विभाग को बिना सोचे-समझे फैसला नहीं लेना चाहिए, बल्कि हर केस को ध्यान से देखकर और सही तरीके से जांचकर निर्णय करना चाहिए। जस्टिस जगमोहन बंसल ने दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पंजाब पुलिस को निर्देश दिए कि संबंधित याचिकाकर्ताओं को चार सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं। कोर्ट ने पाया कि विभागीय अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय कानूनी सिद्धांतों की अनदेखी करते हुए केवल एफआईआर के आधार पर उम्मीदवारी रद्द कर दी, जो उचित नहीं है। पूर्व सैनिक की उम्मीदवारी रद्द करने का मामलामामले में एक याचिकाकर्ता पूर्व सैनिक था, जिसने भारतीय सेना में 17 वर्षों तक सेवा दी थी। उसने पंजाब पुलिस में पूर्व सैनिक (अनुसूचित जाति) श्रेणी के तहत भर्ती के लिए आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया के सभी चरण सफलतापूर्वक पूरे करने के बावजूद, सत्यापन के दौरान उसके खिलाफ पहले दर्ज एक आपराधिक मामले का हवाला देकर उसकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई। यह मामला एक पुराने वैवाहिक विवाद से जुड़ा था, जिसमें उसकी पत्नी ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए, 406, 506 और 34 के तहत केस दर्ज कराया था। हालांकि यह मामला आवेदन करने से कई साल पहले ही समाप्त हो चुका था और ट्रायल कोर्ट ने आरोप साबित न होने के आधार पर उसे बरी कर दिया था। रिकॉर्ड देखने के बाद अदालत ने दी राहतहाईकोर्ट ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के पिता ने भी अदालत में बयान दिया था कि दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी और विवाद केवल पारिवारिक मतभेदों का नतीजा था। ऐसे में आरोपों को गंभीर नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही उम्मीदवार ने आवेदन पत्र में एफआईआर का उल्लेख नहीं किया हो, लेकिन केवल इसी आधार पर उसकी उम्मीदवारी रद्द करना न्यायसंगत नहीं है, खासकर जब वह पहले ही दोषमुक्त हो चुका हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवालाहाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के अवतार सिंह और पवन कुमार मामलों के फैसलों का जिक्र करते हुए कहा कि हर बार जानकारी न देने से कोई व्यक्ति अपने आप नौकरी के लिए अयोग्य नहीं हो जाता। ऐसे मामलों में नियोक्ता को सभी तथ्यों, आरोप किस तरह के थे और केस का क्या नतीजा निकला, इन सब बातों को देखकर ही फैसला लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि पंजाब पुलिस नियम, 1934 में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि अगर कोई खत्म हो चुके आपराधिक मामले की जानकारी नहीं देता, तो उसका आवेदन अपने आप रद्द कर दिया जाए। इसी वजह से अदालत ने विभाग की कार्रवाई को गलत और बिना सोचे-समझे की गई बताया।
फाजिल्का अबोहर में 11वीं कक्षा के एक छात्र ने रेलवे लाइन के किनारे बिजली के खंभे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान पक्का सीडफार्म निवासी 18 वर्षीय मलविंद्र सिंह पुत्र मंजीत सिंह के रूप में हुई है। रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि उन्हें नर सेवा नारायण सेवा समिति के माध्यम से सूचना मिली थी कि रेलवे लाइन पर खंभा नंबर 69/1 के पास एक लड़के का शव लटका हुआ है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सतीश कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस के अनुसार, मृतक ने अपनी शर्ट का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक बंद मोबाइल फोन बरामद हुआ। पुलिस ने जब मोबाइल ऑन किया, तो उस पर आई कॉल से मृतक की पहचान 18 वर्षीय मलविंद्र सिंह पुत्र मंजीत सिंह निवासी सीडफार्म पक्का के रूप में हुई। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर बताया कि मलविंद्र 11वीं कक्षा में पढ़ता था और स्कूल के बाद धागा फैक्ट्री में काम करने जाता था। घटना वाले दिन वह दोपहर को घर से काम पर जाने की बात कहकर निकला था, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद आ रहा था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। थाना प्रभारी ने नर सेवा समिति के सहयोग से शव को नीचे उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया। छात्र द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
अंबिकापुर के देवीगंज रोड स्थित होटल देव के पास शुक्रवार शाम फायरिंग की घटना हुई। दो राउंड गोली चलने की सूचना मिली है। फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। मौके पर सरगुजा ASP अमोलक सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचे। हालांकि, ASP ने फायरिंग की पुष्टि नहीं की है और कहा है कि वे घटना की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने होटल संचालक के घर से 6 पिस्टल बरामद की हैं। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के देवीगंज रोड के व्यस्त इलाके में स्थित देव होटल के पास शुक्रवार शाम दो राउंड फायरिंग हुई, जिससे लोग सहम गए। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो, CSP राहुल बसंल और कोतवाली के टीआई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर हालात का जायजा लिया और होटल में पहुंचकर जांच शुरू की। इस बीच बड़ी संख्या में लोग भी वहां जमा हो गए। ASP बोले-तस्दीक कर रहे, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि इलाके से फायरिंग की आवाज सुनने की सूचना मिली थी, इसलिए पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने कहा कि अभी तक फायरिंग होने की पुष्टि नहीं हुई है। होटल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। ASP ने बताया कि आपसी विवाद के दौरान कुछ लोगों द्वारा शाम को हनी सिंह का पीछा किए जाने की बात सामने आई है। बनारस रोड में हनी सिंह का फोरव्हीलर वाहनों में सवार लोगों ने पीछा किया था और उन्हें रोकने की कोशिश की थी। उन्हें शिकायत दर्ज कराने कहा गया है। ASP ने बताया कि CCTV की जांच एवं अन्य सबूत मिलने के बाद ही वे कुछ बता सकेंगे। होटल संचालक के घर मिले 6 गन होटल संचालक हनी सिंह द्वारा गोलियां चलाए जाने की खबर पर पुलिस ने होटल संचालक के घर की जांच की। होटल संचालक के घर से 6 पिस्टल जब्त किए जाने की खबर है। पुलिस ने सभी गन के दस्तावेज मंगाए हैं। पुलिस अधिकारियों ने गन मिलने के संबंध में कुछ भी कहने से फिलहाल इनकार किया है। पुलिस ने शहर में बढ़ाई पेट्रोलिंगफायरिंग की घटना के बाद शहर में पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार इलाके में निगरानी रखे हुए है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जयपुर में एक महिला वकील को कालवाड़ रोड पर सर्विस लेन से रॉन्ग साइड आने पर महिला CI ने रोक दिया। इसके बाद दोनों में कहासुनी हो गई। बाद में सीआई ने वकील का 10 हजार रुपए का चालान काट दिया और कार पुलिस चौकी ले गई। वहीं घटना का विरोध करते हुए वकीलों ने हाईकोर्ट के बाहर जाम लगा दिया। मामला शुक्रवार दोपहर कालवाड़ पुलिया के पास पुलिस चौकी का है। वकील सोनिया गिल ने बताया- वह सर्विस लेन से कालवाड़ रोड पर आ रही थी। जहां सीआई कविता शर्मा ने अन्य वाहनों को भी रोका हुआ था। उन्होंने मेरी कार को भी रोका और कहा कि आप रॉन्ग साइड आ रहे हो। मैंने उनसे कहा- नेशनल हाईवे के नियमों के तहत सर्विस लेन पर दोनों तरफ के वाहन चल सकते हैं। मैंने उन्हें बताया कि हाईकोर्ट में मेरे केस लगे हैं। मुझे समय पर कोर्ट पहुंचना है। लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने भी वकालत कर रखी है, मुझे मत समझाओ। वकील ने कहा- लाइसेंस नहीं होने और कार की नंबर प्लेट सही नहीं होने का 5-5 हजार रुपए का चालान काट दिया गया। वहीं मौके पर पहुंचे पुलिस उच्चाधिकारियों ने चालान माफ करने और मामले की निष्पक्ष जांच करने का आश्वासन दिया। इसके बाद वकीलों ने जाम खोला। वकील बोलीं- कार में बैठकर चौकी ले गई सीआई वकील सोनिया गिल ने कहा- मेरी इस बात पर आम जनता भी मेरी तरफ बोलने लगी। इसके बाद सीआई जबरन मेरी कार में बैठ गई और मुझे कालवाड़ पुलिस चौकी ले गई। वहां जाने के बाद उन्होने मेरे पास लाइसेंस नहीं होने और कार की नंबर प्लेट सही नहीं होने का 5-5 हजार रुपए का चालान काट दिया। जबकि मैंने उन्हें लाइसेंस और कार की RC दिखा दी थी। उन्होंने कहा- सीआई ने मुझे रॉन्ग साइड आने पर रोका था, लेकिन यातायात नियमों में सर्विस लेन पर रॉन्ग साइड का कोई चालान नहीं है। ऐसे में सीआई ने इसका चालान काटा ही नहीं। दूसरी गलती का चालान काट दिया। उन्होंने कहा- इस पूरे घटनाक्रम में करीब मेरे 45 मिनट खराब हो गए। इससे मैं कोर्ट समय पर नहीं पहुंच सकी। किरोड़ीलाल मीणा से भी हो चुकी कहासुनीमहिला वकील ने कोर्ट पहुंचकर पूरा घटनाक्रम अन्य साथी अधिवक्ताओं को बताया। इसके बाद गुस्साए अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट के बाहर जाम लगा दिया। इससे कुछ समय के लिए अंबेडकर सर्किल से स्टेच्यू सर्किल पर ट्रैफिक बाधित हो गया। मौके पर पहुंचे पुलिस उच्चाधिकारियों ने समझाइश करके जाम खुलवाया। वकील शेर सिंह महलां और अन्य वकीलों ने आरोप लगाया कि सीआई कविता शर्मा पहले भी विवादित रही हैं। महेश नगर सीआई रहते समय कैबिनेट मंत्री किरोड़ीलाल मीणा से भी उनकी कहासुनी हो गई थी।
नवादा में इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा-2026 का चौथा दिन 6 फरवरी को शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त माहौल में संपन्न हुआ। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना द्वारा आयोजित इस परीक्षा के चौथे दिन पहली पाली में अंग्रेजी और दूसरी पाली में हिंदी विषय की परीक्षा ली गई। जिला नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुचारु रूप से आयोजित की गई। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी परीक्षा केंद्रों पर लगातार निरीक्षण करते रहे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। परीक्षा दो पालियों में संचालित हुई। पहली पाली सुबह 09:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक थी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 02:00 बजे से शाम 05:15 बजे तक आयोजित की गई। उपस्थिति के आंकड़ों के अनुसार पहली पाली में कुल 20,331 परीक्षार्थियों में से 20,134 उपस्थित रहे, जबकि 197 अनुपस्थित पाए गए। वहीं दूसरी पाली में कुल 11,968 परीक्षार्थियों में से 11,758 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और 210 अनुपस्थित रहे।
छतरपुर में दो बाइकों की टक्कर, एक की मौत:पुर तिगैला के पास हुआ हादसा, दो की हालत गंभीर
छतरपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में पुर तिगैला के पास शुक्रवार देर शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान बिकौरा निवासी भागीरथ पाल के रूप में हुई है। वे अपने परिवार के साथ महाराजपुर से अपने गांव बिकौरा जा रहे थे। इसी दौरान, लवकुशनगर की ओर से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से उनकी बाइक की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि भागीरथ पाल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद, मौके पर मौजूद राहगीरों ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही 112 वाहन घटनास्थल पर पहुंचा। पायलट गौरव कुशवाहा और आरक्षक अवधेश मीणा ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। घायलों का अस्पताल में चल रहा इलाज घायलों की पहचान छतरपुर के पठापुर रोड निवासी रज्जू पिता बोदे श्रीवास्तव और देरी रोड निवासी राकेश पिता कन्हैया अनुरागी के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा किसकी लापरवाही से हुआ।
अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने एसईसीएल (SECCL) स्टोर से कॉपर केबल चोरी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 20 हजार रुपए कीमत की 14 मीटर केबल बरामद की है। यह चोरी 31 जनवरी और 1 फरवरी की रात को हसदेव क्षेत्र के रिजनल स्टोर में हुई थी। चोरों ने गोडाउन नंबर 5 की खिड़की की जाली काटकर अंदर रखे लकड़ी के बंडलों से कीमती कॉपर केबल निकाल ली थी। स्टोर के सुरक्षा गार्ड पवन कुमार जायसवाल ने 5 फरवरी को इसकी रिपोर्ट लिखवाई थी। एक आरोपी पकड़ा गया, साथी फरार पुलिस ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ निवासी 18 वर्षीय अरमान खटीक को धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी करना कबूल किया है। अरमान के बाकी साथी अभी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। कोर्ट में पेशी पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने कोतमा कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि कुल 80 हजार रुपए की केबल चोरी हुई थी, जिसमें से अभी एक हिस्सा बरामद हुआ है। बाकी आरोपियों के पकड़े जाने पर शेष माल भी मिल सकता है।
रायपुर में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और फिर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपए की उगाही करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। यह मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी का नाम नित्या कुमार बरिहा बताया है। आरोपी के गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने की है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला पीड़िता ने थाना पंडरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह 2019 से 2025 तक रिलायंस स्टोर में काम कर रही थी। वहां आरोपी नित्या कुमार बरिहा भी काम करता था। उसी दौरान आरोपी नित्या कुमार बरिहा ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और शादी का झांसा देकर मोवा-पंडरी स्थित किराए के मकान में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में आरोपी ने पैसों की जरूरत बताते हुए 18 जनवरी 2025 को पीड़िता से ऑनलाइन 52 हजार रुपए भी ले लिए। पीड़िता जब अपने पैसे वापस मांगने लगी, तो आरोपी ने धमकी दी कि उसने उसका अश्लील वीडियो बना लिया है और पैसे नहीं देने पर इसे वायरल कर देगा। इस तरह आरोपी ने ब्लैकमेल करके पीड़िता से ऑनलाइन और नकद मिलाकर कुल 3 लाख 67 हजार रुपए वसूल लिए। शिकायत के बाद थाना पंडरी में केस दर्ज किया गया है। तकनीकी जांच करके आरोपी पकड़ा मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने पंडरी थाना प्रभारी को आरोपी को पकड़ने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। कुछ दिन की फरारी के बाद पुलिस को आरोपी की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली और घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल नहीं लौटाने और वीडियो वायरल करने की धमकी दी, जिससे ब्लैकमेलिंग की पुष्टि हुई। इसी वजह से धारा 308(2) और 238 बीएनएस भी मामले में जोड़ दी गई। पुलिस आरोपी से आगे भी पूछताछ कर रही है।
बैतूल में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने शिकायतों के लंबे समय तक लंबित रहने को गंभीर मानते हुए 37 अधिकारियों के फरवरी माह के वेतन में कटौती के आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, एमपी स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन लिमिटेड, बैतूल के जिला प्रबंधक विख्यात हिडोंलिया का 9 दिन का वेतन काटा जाएगा। वहीं मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, बोरदेही के सहायक प्रबंधक संतोष कुमार चंदेल के 7 दिन के वेतन में कटौती के निर्देश दिए गए हैं। 6-6 दिन की वेतन कटौती मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत बैतूल सुश्री शिवानी राय तथा सचिव, कृषि उपज मंडी समिति सुरेश कुमार परते का 6-6 दिन का वेतन काटा जाएगा। इसके अलावा जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी की सीईओ तीजा पवार, श्रम पदाधिकारी धम्मदीप भगत और जनपद पंचायत मुलताई के सीईओ धर्मपाल सिंह मरकाम के 5-5 दिन के वेतन में कटौती के आदेश जारी किए गए हैं। 3 से 4 दिन की वेतन कटौती मुलताई के प्रभारी तहसीलदार संजय बरैया, एलएनवी विभाग की प्रीति पटेल, पीएचई विभाग के निखिल जैन और मनोज बघेल, तथा तहसीलदार चिचोली पीएस दीवान सहित कई अन्य अधिकारियों के 3 से 4 दिन के वेतन में कटौती की गई है। कलेक्टर की सख्त चेतावनीकलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें सीधे जनता से जुड़ी होती हैं और इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी शिकायतें लंबित पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस कार्रवाई की जद में विद्युत वितरण कंपनी, जनपद पंचायत, लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महिला एवं बाल विकास, कृषि, सहकारिता, परिवहन, चिकित्सा सहित अन्य विभागों के कुल 37 अधिकारी शामिल हैं।
पानीपत जिले के इसराना थाना क्षेत्र के गांव कैथ स्थित एक ईंट भट्ठे से अज्ञात चोरों ने पांच ट्रैक्टरों की बैटरी चोरी कर ली। यह वारदात 4 फरवरी की रात को हुई। चोरी की गई बैटरियों की कीमत लगभग 20,000 रुपये बताई जा रही है। मामले के अनुसार, गांव सिसाना, जिला सोनीपत निवासी राजपाल (37) ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपने पांच ट्रैक्टर गांव कैथ स्थित ईंट भट्ठे पर ईंटें सप्लाई करने के लिए लगा रखे हैं। 4 फरवरी को शाम के समय काम खत्म करने के बाद उन्होंने सभी ट्रैक्टर भट्ठे पर ही खड़े कर दिए थे और अपने घर सोनीपत चले गए थे। पांच ट्रैक्टरों की बैटरी चोरी अगले दिन, 5 फरवरी की सुबह जब राजपाल भट्ठे पर पहुंचे, तो एक नौकर ने उन्हें बताया कि रात के समय सभी ट्रैक्टरों से बैटरी गायब हो गई हैं। राजपाल ने भट्ठे पर काम करने वाले लोगों और आसपास पूछताछ की, लेकिन बैटरियों का कोई पता नहीं चल पाया। चोरों की तलाश में जुटी पुलिस इसके बाद, 5 फरवरी को ही उन्होंने थाना इसराना में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने जल्द चोरों को गिरफ्तार करने की बात कही है।
बठिंडा में किसानों के प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे किसानों को पुलिस ने संगरूर में रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और किसान आमने सामने हो गए। किसान आगे बढ़ने की जिद करते रहे और पुलिस उन्हें रोकने में जुटी रही। आखिरकार पुलिस ने किसानों पर लाठी चार्ज किया। किसानों और पुलिस के बीच हुए टकराव के दौरान कई किसानों को गंभीर चोटें आई और एक बुजुर्ग महिला बेहोश हो गई। पुलिस ने कुछ किसानों को एक दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया था ताकि वो बठिंडा न पहुंच सकें। वहीं पुलिस ने संगरूर में लाठीचार्ज के दौरान पुलिस ने जगतार सिंह काला झाड़ राज्य सचिव पीकेयू, मनजीत सिंह घराचों और हरजीत सिंह और हरजिंदर सिंह घराचों को हिरासत में लिया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए दो दिन पहले ही तैयारी कर दी थी। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया था कि किसानों को संगरूर से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने किसान नेताओं को पहले ही हिरासत में ले लिया था जबकि कई किसान नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद रखा। पुलिस ने किसानों के प्रदर्शन से निपटने के लिए संगरूर में हाईवे पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। सुबह किसान जब कूच करने लगे तो उन्हें जगह जगह पुलिस द्वारा रोका गया। इसी बीच संगरूर के महिला चौक पर शुक्रवार शाम को पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया।किसान पुलिस बैरीकेड तोड़कर आगे बढ़ रहे थे और पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास करती रही।
धार के मुख्य डाकघर में करीब 35 लाख रुपए के वित्तीय घोटाले का मामला सामने आया है। पोस्ट मास्टर कुणाल मकवाना पर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर ग्राहकों की जमा राशि का गबन करने का आरोप लगा है। आरोप है कि उसने लाड़ली लक्ष्मी योजना और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) सहित विभिन्न योजनाओं के खातों से रकम निकालकर निजी उपयोग में ली। जानकारी के अनुसार, लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत बच्चियों के खातों से 6 लाख 19 हजार रुपए, जबकि ग्राहकों की करीब 23 लाख रुपए की एफडी राशि का गबन किया गया। यह राशि राष्ट्रीय बचत पत्र (NSC), एफडी और लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत डाकघर में जमा थी। मामले में पोस्ट मास्टर के साथ डिप्टी पोस्ट मास्टर, डाक सहायक पाल सिंह और निर्मल सिंह परमार की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। शिकायत के बाद नर्मदापुरम से आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलने के बाद नौगांव थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी कुणाल मकवाना को होशंगाबाद (नर्मदापुरम) से गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस द्वारा की जा रही जांच में आशंका जताई जा रही है कि गबन की राशि 35 लाख रुपए से भी अधिक हो सकती है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने योजनाओं और जमाओं में बड़े पैमाने पर हेराफेरी कर राशि को निजी कार्यों में खर्च किया। उल्लेखनीय है कि मुख्य आरोपी कुणाल मकवाना राष्ट्रीय स्तर का पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी रहा है। उसने 1996, 1998 और 1999 में ऑल इंडिया बैडमिंटन चैंपियनशिप सहित राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कई खिताब जीते हैं। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उसे स्पोर्ट्स कोटे से डाक विभाग में पोस्ट मास्टर के पद पर नियुक्ति मिली थी। अब उसी पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
सहरसा में विकसित भारत ग्रेजुएट फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 को लेकर जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) गौरव कुमार ने शुक्रवार शाम प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि यह मिशन एक कुशल, सशक्त और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मिशन के तहत चार क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा डीडीसी गौरव कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य फोकस सशक्तिकरण (एंपावरमेंट), विकास (ग्रोथ), अभिसरण (कन्वर्जेंस) और संतृप्ति (सेंचुरेशन) पर आधारित है। मिशन के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जाएगा। इनमें जल सुरक्षा, मुख्य ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, आजीविका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और जलवायु परिवर्तन व मौसम संबंधी आपदाओं से निपटने की क्षमता विकसित करना शामिल है। इस मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ रोजगार पैदा करना और पंचायत स्तर पर सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना है। वित्तीय वर्ष में ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी दी जाएगी। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल और स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान से जोड़ा जाएगा। बुवाई और कटाई के चरम मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार हर साल कुल 60 दिनों की अवधि के लिए अधिसूचना जारी करेगी, इस दौरान अधिनियम के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे। यह योजना केंद्र प्रायोजित होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी क्रमशः 60 और 40 प्रतिशत रहेगी। केंद्र सरकार वस्तुनिष्ठ मापदंडों के आधार पर राज्यवार मानक आवंटन तय करेगी, जबकि अतिरिक्त खर्च राज्य सरकार को वहन करना होगा। प्राकृतिक आपदा या विशेष परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत पहुंचाने के लिए विशेष शिथिलता का प्रावधान भी किया गया है। डीडीसी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, स्पेशल टेक्नोलॉजी आधारित प्लानिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और मजबूत सोशल ऑडिट व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। मजदूरी दरें केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित की जाएंगी और वही मनरेगा की दरें लागू होंगी। बिहार में वर्तमान में मजदूरी दर 255 रुपए है, जिसे आगामी छह महीनों में योजना के तहत अधिसूचित किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि तय समय सीमा में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा।
रायपुर में सट्टा खिलाने वाले दो सटोरियों को पुलिस ने दबोचा है। आरोपियों के नाम नरेंद्र कोठले (32) और वरुण सोनी हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह मामला गुढ़ियारी थानाक्षेत्र का है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला गुढ़ियारी पुलिस को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग सट्टा पट्टी के जरिए अवैध जुआ खिला रहे हैं। मुखबिर की सूचना मिलते ही निरीक्षक की टीम ने आरोपियों के घर रेड मारी और उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 22,290 रुपए नगद, 6 डॉट पेन, 2 बोर्ड और 25 सट्टा पर्चियां जब्त की हैं। आरोपियों के खिलाफ धारा 6, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिबंध अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक्शन कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने चार्ज लेने के बाद अधीनस्थ अधिकारियों की बैठक लेकर निर्देश दिया है कि अवैध काम और आदतन अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसी कड़ी में जोनवार अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दिन के तीन बजे एक सड़क हादसे में बाइक सवार अधेड़ की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना रांटी पेड़ा चौक के पास हुई, जब एक ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान मधुबनी के खैरा संतनगर निवासी प्रहलाद कुमार करण उर्फ मुन्ना दास के रूप में हुई है। वह अपनी बेटी को मधुबनी से ड्रीम युगल लाइब्रेरी लाने जा रहे थे, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही राजनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मधुबनी भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने ट्रक चालक की लापरवाही को घटना का कारण बताया। घटना के बाद चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। मृतक की पहचान उसकी जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर की गई और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। राजनगर थानाध्यक्ष चंद्र किशोर टुद्दू ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक इस घटना के संबंध में पुलिस को कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
नरसिंहपुर जिले में सीआईएसएफ (CISF) की गाडरवारा इकाई ने एक जरूरतमंद छात्रा की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। जवानों और अफसरों ने मिलकर 10वीं की छात्रा सोनम मेहरा के ऑपरेशन के लिए महज दो दिन में 1 लाख 15 हजार 501 रुपए जुटाए और उसके खाते में जमा कराए। चीचली के कन्या स्कूल में पढ़ने वाली 14 साल की सोनम की रीढ़ की हड्डी में गंभीर दिक्कत है। एम्स भोपाल के डॉक्टर्स ने ऑपरेशन का खर्च 8 लाख रुपए बताया था। सोनम के पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और मां मजदूरी करके 5 बेटियों को पाल रही हैं। आयुष्मान कार्ड से 5 लाख की मदद तो मिल गई थी, लेकिन बाकी पैसों का इंतजाम करना परिवार के बस के बाहर था। जवानों ने 2 दिन में जुटाए पैसे जब 'UPAY' एनजीओ के जरिए सीआईएसएफ को इस बात का पता चला, तो उप कमांडेंट श्रेय कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में जवानों ने अपनी मर्जी से चंदा इकट्ठा करना शुरू किया। शुक्रवार को स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में यह राशि सोनम को सौंप दी गई। नई जिंदगी की उम्मीद मदद पाकर सोनम और उसकी मां भावुक हो गईं। उप कमांडेंट पाण्डेय ने कहा कि सीआईएसएफ सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि समाज की सेवा के लिए भी हमेशा तैयार रहती है। इस मदद से अब सोनम के ऑपरेशन का रास्ता साफ हो गया है और उसे एक नई जिंदगी की उम्मीद मिली है।
पटना- मरीन ड्राइव पर चलती कार में लगी आग:2 लोग थे सवार, चक्का से निकली चिंगारी फिर पूरी गाड़ी जल गई
राजधानी में आज लगातार दूसरे दिन चलती कार में आग लगने की घटना सामने आई है। कल देर शाम नेहरू पथ पर चलती कार में आग लग गई थी। आज देर शाम एक बार फिर से चलती कार में दीघा थाना के मरीन ड्राइव गोलंबर के पास चलती कार में आग लग गई। गाड़ी नंबर BR 01BQ8941 है। फिलहाल अग्निशमन के कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है। लेकिन गाड़ी पूरी तरह से जलकर खाक हो गई है। चश्मदीदों की माने तो अगले हिस्से से पहले धुआं निकला और इसके बाद तेजी से आग की लपट उठने लगी। देखते देखते पूरी अंदर के हिस्से में भी आग लग गई। घटना के बाद भीड़ जमा हो गई घटना के बाद मरीन ड्राइव पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। अब रेगुलेशन में लगे पदाधिकारी और गांधी मैदान ट्रैफिक थानेदार ब्रजेश चौहान एक एक कर के गाड़ियों को पास करा रहे हैं। वहीं, क्षतिग्रस्त गाड़ी को टो कर के हटाया जा रहा है। राहगीरों ने की खबर लोद्दीपुर अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है। मौके पर बड़ी और छोटी दोनों गाड़ियां गई थीं। खबर मिलने के बाद फौरन गाड़ी घटनास्थल के लिए निकल गई थी। पूरी तरह से तकरीबन आग बुझाने में 25 मिनट का समय लग गया। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग किस वजह से लगी, इसके बारे में पता किया जा रहा है। गाड़ी के चक्के से निकली चिंगारी ब्रजेश चौहान ने बताया कि गाड़ी में दो लोग सवार थे। बाटा फैक्ट्री के रामबाबू प्रसाद AGM किसी काम के सिलसिले में मरीन ड्राइव होते हुए मीठापुर की ओर जाने वाले थे। इसी बीच गोलंबर के पास चक्का से चिंगारी निकली। गाड़ी में दो लोग सवार थे। दोनों ने नीचे उतरकर अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन आग तेजी से अगले हिस्से से होते हुए पूरी बॉडी में फैल गई। जिससे गाड़ी पूरी तरह से जल गई। हालांकि दोनों कार सवार सुरक्षित हैं।
किशनगंज एसडीपीओ गौतम कुमार और जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने बेलवा में अवैध मिट्टी और बालू खनन पर छापेमारी की। यह कार्रवाई ओद्राघाट पूल और टेंगरमारी पूल के बीच के क्षेत्र में की गई। छापेमारी के दौरान, अवैध रूप से बालू का उत्खनन कर रही कई नावें पकड़ी गईं। अवैध खनन में इस्तेमाल की जा रही इन नावों को जब्त कर नष्ट कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, यह अवैध खनन कार्य कई महीनों से धड़ल्ले से चल रहा था। खनन माफियाओं ने सरकारी जमीन से जेसीबी लगाकर हजारों ट्रॉली मिट्टी काटकर बेची थी, जिसकी प्रशासन को पहले भनक तक नहीं लगी थी। नदी के किनारे बड़े पैमाने पर हुई मिट्टी कटाई से भविष्य में नदी का रुख बदलने का खतरा है। यदि नदी अपना रास्ता बदलती है, तो कई गांव इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा, खनन स्थल के दोनों ओर बने पुलों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विदिशा में प्रस्तावित डी-मार्ट मॉल के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन तेज हो गया है। पावर डिस्ट्रीब्यूटर संगठन के नेतृत्व में माधवगंज स्थित कांच मंदिर के पास पिछले चार दिनों से धरना-प्रदर्शन जारी है। व्यापारी इस परियोजना को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का आरोप है कि डी-मार्ट जैसे बड़े मॉल के खुलने से छोटे दुकानदारों का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो सकता है। उनका कहना है कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट आ जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में व्यापारियों के साथ आम नागरिक भी शामिल हुए हैं। उन्होंने डी-मार्ट जैसी बड़ी कंपनियों से विदिशा जैसे छोटे शहरों में मॉल न खोलने की अपील की है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि बड़े कॉरपोरेट मॉल स्थानीय व्यापार को बुरी तरह प्रभावित करते हैं। पावर डिस्ट्रीब्यूटर संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि डी-मार्ट परियोजना वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा। संगठन का कहना है कि यह केवल विदिशा का नहीं, बल्कि देशभर के छोटे व्यापारियों के अस्तित्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए। इस धरने को सराफा संघ, अनाज-तिलहन संघ, रेडीमेड एवं कपड़ा संघ, केमिस्ट एसोसिएशन, पान-मसाला संघ, पेय पदार्थ संघ और लघु अनाज संघ सहित कई प्रमुख व्यापारिक संगठनों का समर्थन प्राप्त है। आज धरना स्थल पर उपभोक्ताओं से संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें व्यापारियों ने आम जनता को डी-मार्ट के संभावित दुष्प्रभावों की जानकारी दी और स्थानीय व्यापार को बचाने के लिए समर्थन मांगा। व्यापारियों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार्य नहीं है जो स्थानीय दुकानों और रोजगार को समाप्त कर दे।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खन्ना में अकाली नेता यादविंदर सिंह यादू की गिरफ्तारी के मामले में सुनवाई की है। अदालत ने तत्कालीन एसएसपी, एसडीएम समेत पांच अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई 2026 को होगी। यादविंदर सिंह यादू ने आरोप लगाया है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव की वोटों की गिनती के दौरान उन्हें काउंटिंग सेंटर से जबरदस्ती उठाया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें करीब तीन घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया और फिर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। यादू के अनुसार, पुलिस उन्हें रात 8 बजकर 56 मिनट पर ले गई थी, जबकि एसडीएम द्वारा लिखित शिकायत रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दी गई। इसके बाद रात 12 बजे के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई गलत, गैरकानूनी और बेबुनियाद बताया है। इस मामले को लेकर यादू ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दर्ज किए गए केस को रद्द करने और झूठा मामला दर्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी के साथ इस तरह का अन्याय न हो। हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है, उनमें खन्ना के तत्कालीन एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस, एसडीएम स्वाति टिवाना, डीएसपी विनोद कुमार, सीआईए स्टाफ इंचार्ज नरपिंदर पाल सिंह और सिटी थाना-2 के एसएचओ हरदीप सिंह शामिल हैं। यादविंदर सिंह यादू ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की है। इस मामले को लेकर खन्ना के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और सभी की नजरें 12 मई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह शुक्रवार को शाजापुर के भीलवाड़िया गांव स्थित गोशाला पहुंचे। वहां उन्होंने गायों के रखरखाव और चारे-पानी की व्यवस्था देखी। इस दौरान उन्होंने गो-सेवा और गो-रक्षा को लेकर समाज की सक्रियता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि गो-तस्करी जैसी घटनाओं को केवल सरकारी कानूनों से नहीं, बल्कि समाज की जागरूकता से ही पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। भीलवाड़िया गोशाला का लिया जायजा अपने अल्प प्रवास के दौरान राजेंद्र सिंह भीलवाड़िया गांव स्थित गोशाला पहुंचे। वहां उन्होंने गायों के रखरखाव और चारे-पानी की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि गो-सेवा केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोशाला संचालकों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को भी सुना। 10 हजार गांवों तक पहुंची गो-यात्रा मीडिया से चर्चा करते हुए राजेंद्र सिंह ने बताया कि किसान मोर्चा साल 2016 से लगातार प्रदेश भर में गो-यात्राएं निकाल रहा है। अब तक प्रदेश की 150 विधानसभाओं के करीब 10 हजार गांवों में गो-रक्षा का संदेश पहुंचाया जा चुका है। इन यात्राओं का ही असर है कि प्रदेश में लगभग 30 हजार लोगों ने अपने घरों में व्यक्तिगत रूप से गाय पालना और उनकी सेवा करना शुरू कर दिया है। हर विधानसभा में बनेगा गो-अभ्यारण्य राजेंद्र सिंह ने सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सरकार गोशालाओं को प्रति गाय के हिसाब से आर्थिक मदद दे रही है। इसके अलावा, गो-वंश के संरक्षण के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में गो-अभ्यारण्य बनाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार तस्करी रोकने के लिए सख्त नियम बना रही है, लेकिन समाज को भी इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
पंजाबी महिला का ऑस्ट्रेलिया में कारनामा:पति को छोड़ा, PR से नाम हटाया; 50 लाख रुपए की ठगी का आरोप
पंजाब के लुधियाना की एकपंजाबी महिला का ऑस्ट्रेलिया में कारनामा सामने आया है। महिला ने पति को स्पाउस वीजा पर ऑस्ट्रेलिया बुलाने के बाद PR आवेदन से उसका नाम हटवा दिया, जिससे वह विदेश में फंस गया और आर्थिक रूप से तबाह हो गया। इस केस में थाना डाबा की पुलिस ने महिला उसके माता-पिता और रिश्तेदारों पर केस दर्ज किया है। महिला की शादी 2013 में हुई थी। दंपती के 2 बच्चे भी है। ऑस्ट्रेलिया बसने के समौते पर हुई थी शादी जानकारी मुताबिक गांव लोहारा के एमकेजे नगर निवासी हरप्रीत सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे नवकिरणजीत सिंह की शादी नवनीत कौर से इस समझौते पर हुई थी कि दोनों ऑस्ट्रेलिया में बसेंगे। नवनीत को स्ट्डी वीजा पर भेजा था ऑस्ट्रेलिया शिकायत के मुताबिक नवनीत कौर को स्टडी वीजा पर ऑस्ट्रेलिया भेजने, कॉलेज फीस और अन्य खर्चों पर परिवार ने करीब 50 लाख खर्च किए। बाद में महिला ने पति के लिए स्पाउस वीजा और PR दिलाने का भरोसा दिया। हरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि जब दंपती ऑस्ट्रेलिया में थे, तब नवनीत कौर के माता-पिता और रिश्तेदार लुधियाना स्थित उनके घर आए और करीब 200 ग्राम सोना व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। इस बात की जानकारी मिलने पर नवकिरणजीत ने पत्नी से सवाल किए, जिसके बाद दंपती के बीच विवाद हो गया। PR फाइल से पति का नाम हटाने का आरोपशिकायत में कहा गया है कि विवाद के बाद नवनीत कौर ने कथित तौर पर PR आवेदन से अपने पति का नाम हटवा दिया, जिससे वह ऑस्ट्रेलिया में अकेला, असहाय और ठगा हुआ महसूस कर रहा है। पुलिस ने नवनीत कौर, उसके माता-पिता तेजा सिंह नागरा और हरपाल कौर नागरा (निवासी मोहाली), और रिश्तेदार काका सिंह, फलेल सिंह (पटियाला), अमर सिंह नागरा (संगरूर), सुखदेव सिंह पटवारी और उसकी पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस बोली– जांच जारी, अभी गिरफ्तारी नहींथाना डाबा के ASI सुरिंदर कुमार ने बताया कि 13 जनवरी को शिकायत मिली थी, जिसके बाद प्राथमिक जांच कर FIR दर्ज की गई। मामला IPC की धारा 406 (आपराधिक विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी), 380 (चोरी) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत दर्ज किया गया है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। इमिग्रेशन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। इन थानों में भी हुए है धोखाधड़ी के मामले दर्ज 28 जनवरीदोराहा पुलिस ने कनाडा में रह रही महिला और उसके पिता के खिलाफ केस दर्ज किया। आरोप है कि शादी के बाद स्पाउस वीजा दिलाने का वादा कर पति को धोखा दिया गया। 20 अक्टूबर 2025लुधियाना के एक परिवार से कनाडा PR और स्पाउस वीजा के नाम पर ₹75 लाख की ठगी का मामला सामने आया। रायकोट पुलिस ने FIR दर्ज की। 17 सितंबर 2025गुरम गांव निवासी युवक से कनाडा भेजने के नाम पर ₹36 लाख की ठगी। पत्नी विदेश पहुंचते ही संपर्क तोड़ बैठी।
सिरसा जिले के नागरिक अस्पताल में धारदार हथियारों से हमला करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया है। शहर थाना सिरसा की जेजे कॉलोनी पुलिस चौकी ने इस सनसनीखेज घटना में शामिल आरोपियों को धर दबोचा। शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर संदीप सिंह ने बताया कि हरि विष्णु कॉलोनी सिरसा निवासी राजेश कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले युवकों से पालतू कुत्ते को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद में आरोपियों ने राजेश कुमार के भाई के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया और उसे सिविल अस्पताल सिरसा में भर्ती कराया गया। बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला शिकायतकर्ता ने बताया कि जब परिवार के सदस्य अस्पताल में घायल से मिलने पहुंचे, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पांच अज्ञात युवक वहां आए। इन आरोपियों ने राजेश कुमार की पत्नी और भाई पर जान से मारने की नीयत से तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में उसके भाई के सिर पर गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक दीपक सहारन को मिलते ही उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद थाना शहर सिरसा में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जेजे कॉलोनी पुलिस चौकी की टीम ने महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुशील, अनिल, केशव (निवासी हरि विष्णु कॉलोनी सिरसा), सन्नी कुमार (निवासी चहड़ खुर्द भिवानी) और गोविंद (निवासी बडागुड़ा) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए तेजधार हथियार भी बरामद कर लिए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। मामले की जांच जारी है और घटना में संलिप्त किसी भी अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़कुल चौक निवासी 20 वर्षीय पार्श उर्फ केशु जैन की शुक्रवार सुबह साइलेंट अटैक से मौत हो गई। इस घटना से परिवार, स्थानीय व्यापारी वर्ग और जैन समाज में शोक छा गया। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे केशु जैन को घर पर नाश्ता करते समय अचानक सीने और पेट में तेज दर्द उठा। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन डीसी प्लाजा के समीप ही रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। परिजनों और आसपास के व्यापारियों ने बताया कि केशु अपनी मां के साथ मोनिका मैचिंग दुकान पर बैठता था और कॉलेज में पढ़ाई भी कर रहा था। वह एक स्वस्थ और ऊर्जावान युवक था, इसलिए उसकी अचानक हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लोग इसे साइलेंट अटैक से हुई मौत बता रहे हैं। परिवार के सदस्यों और कुछ स्थानीय लोगों का आरोप है कि कोविड महामारी के दौरान लगाई गई वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण हाल के वर्षों में युवाओं में हार्ट अटैक और साइलेंट अटैक जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने इस मामले की गहन जांच की मांग की है ताकि मौत का सही कारण सामने आ सके और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रेप का आरोपी दो महीने बाद गिरफ्तार:मऊगंज में युवती को शादी का लालच लेकर किया था दुष्कर्म
मऊगंज जिले की लौर पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले दो महीने से पुलिस को चकमा दे रहा था। यह पूरा मामला दिसंबर 2025 का है। ग्राम पकरा के रहने वाले 22 वर्षीय रोहित साहू पर आरोप है कि उसने एक युवती को शादी का लालच दिया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में जब शादी की बात आई, तो वह अपनी बात से मुकर गया। युवती की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। दो महीने से चल रहा था फरार आरोपी रोहित साहू लगातार ठिकाने बदल रहा था। लौर थाना प्रभारी राजेश पटेल और उनकी टीम उसकी तलाश में जुटी थी। शुक्रवार, 6 फरवरी को पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि आरोपी इलाके में देखा गया है, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा (जेल) में भेज दिया गया है।
राजगढ़ कलेक्टर गिरीश शर्मा ने जिले में नरवाई (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश शुक्रवार शाम को जारी किया गया और तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर हार्वेस्टर संचालकों और भूमि मालिकों पर अलग-अलग अर्थदंड निर्धारित किए गए हैं। कलेक्टर ने बताया कि नरवाई जलाने से खेतों में कीट और जीव-जंतु नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति को नुकसान पहुंचता है। मध्य प्रदेश शासन और पर्यावरण विभाग, भोपाल द्वारा जारी अधिसूचना के बाद भूमि की उर्वरता बचाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि हार्वेस्टर मशीन संचालकों को फसल कटाई के लिए स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) का उपयोग करना अनिवार्य होगा। इससे बची हुई नरवाई का भूसा मौके पर ही बनाया जा सकेगा। यदि कोई हार्वेस्टर संचालक स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के बिना फसल की कटाई करता पाया जाता है, तो उस पर 5,000 रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, हार्वेस्टर मशीन संचालकों को भूमि स्वामी, उनके संपर्क नंबर और कार्यक्षेत्र की जानकारी स्थानीय थाने में दर्ज करानी होगी। अधिसूचना का उल्लंघन करने वाले भूमि धारकों पर भी अर्थदंड लगाया जाएगा। 2 एकड़ से कम क्षेत्रफल वाले भूमि धारकों पर प्रति घटना 2,500 रुपए, 2 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर प्रति घटना 5,000 रुपए और 5 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर प्रति खेत 15,000 रुपए का अर्थदंड निर्धारित किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि आदेश लागू होने के बाद यदि नरवाई जलाने की कोई घटना होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बाड़मेर में शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के दौरान लिए गए नमकीन के सैंपल लैबोरेट्री जांच में मिलावटी पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित फर्म के खिलाफ न्यायालय में मामला पेश किया गया। जहां अब आगे की कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर टी. शुभ मंगला और जिला कलेक्टर बाड़मेर टीना डाबी के निर्देशन में चलाए जा रहे शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत की गई। जांच रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विष्णुराम बिश्नोई ने बताया कि प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में भोलेनाथ मार्केटिंग नवले की चक्की बाड़मेर खाद्य पदार्थ नमकीन ब्रांड ओम नंदी का नमूना अमानक और मिलावटी पाए गए हैं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी की ओर से मामलें की जांच पूरी कर न्याय निर्णयन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट बाड़मेर के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। अब कोर्ट तय करेगा आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिलावटी मामले को नियमानुसार कोर्ट में पेश कर दिया गया है। अब संबंधित फर्म पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कोर्ट द्वारा जुर्माना या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मिलावटी खाद्य पदार्थ से सेहत को खतरा जांच में अमानक पाए गए मावा बर्फी, मिल्क केक, दही, दूध, लाल मिर्च पाउडर और घी का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी खाद्य पदार्थों से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त, पेट दर्द की समस्या हो सकती है।
रायपुर जिला प्रशासन के प्रोजेक्ट आंगन के तहत परियोजना आरंग के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल सभा एवं पालक सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास के साथ-साथ पालकों को पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के पोषण स्तर और शारीरिक-मानसिक विकास में संतुलित आहार की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही समुदाय को गर्भावस्था के दौरान मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया गया। गर्भवती महिलाओं को सकारात्मक सोच और संतुलित आहार अपनाने के टिप्स भी साझा किए गए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY), जननी सुरक्षा योजना (JSY) और अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई, ताकि पात्र महिलाएं समय पर इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। उपस्थित पालकों और समुदायजनों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे मातृ और शिशु स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
मुंगेर के पोलो मैदान में एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मेले का उद्देश्य बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार और मार्गदर्शन प्रदान करना है। उद्घाटन के अवसर पर उप निदेशक, नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक, सहायक निदेशक मो. तोसीफ कयाम और जिला नियोजन पदाधिकारी राणा अमितेश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उपस्थित बेरोजगार युवक-युवतियों को संबोधित करते हुए डीएम निखिल धनराज निप्पणीकर ने कहा कि बिहार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य राज्य के युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से राज्य में औद्योगिकीकरण को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले में मदर डेयरी का प्लांट स्थापित किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही असरगंज प्रखंड क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने कहा कि आने वाले समय में युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस रोजगार मेले में कुल 22 कंपनियों के स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें फिलहाल अधिकांश नौकरियां राज्य के बाहर की हैं, लेकिन भविष्य में स्थिति में सकारात्मक बदलाव आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। उन्होंने युवाओं से धैर्य रखने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। डीएम ने यह भी कहा कि उद्योग विभाग द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ऋण के माध्यम से बेरोजगार युवक-युवतियां अपना स्वरोजगार भी प्रारंभ कर सकते हैं। वहीं, उप निदेशक नियोजन भागलपुर शम्भु नाथ सुधारक ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि इस मेले में 22 नियोजक भाग ले रहे हैं, जिनके माध्यम से 800 से 1000 बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि जिला नियोजनालय द्वारा स्वरोजगार से जुड़े 12 युवकों को टूल किट प्रदान की गई, जबकि 20 युवक-युवतियों को स्टडी किट दी गई, जो बीएसपी, रेलवे सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। मेले में शामिल बेरोजगार युवक-युवतियों ने इस आयोजन को लाभकारी बताया। उनका कहना था कि ऐसे रोजगार मेलों से न केवल नौकरी की संभावनाएं बढ़ती हैं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं। युवाओं ने सरकार की इस पहल की सराहना की।
मोहाली के डेराबस्सी–मुबारिपुर रोड स्थित वीआईपी इंक्लेव में एक रिटायर्ड फौजी और उनके बेटे पर हमला हुआ है। पांच से छह हमलावरों ने डंडों से उन पर हमला किया, जिससे पूर्व फौजी जनार्दन और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना सोसायटी में चल रहे विवाद के कारण हुई। सोसाइटी में चल रहा था विवाद घायल रिटायर्ड फौजी जनार्दन ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनकी सोसायटी के कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा था। शुक्रवार को यह विवाद हिंसक रूप ले बैठा। उनके अनुसार, पांच-छह युवक हथियारों से लैस होकर उनके घर के पास पहुंचे और उन पर डंडों से हमला कर दिया। जब उनके बेटे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो हमलावरों ने उसे भी बेरहमी से पीटा। सोसाइटी में अफरा तफरी मच गई हमले के दौरान सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। यह पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में हमलावरों को रिटायर्ड फौजी और उनके बेटे को डंडों से पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। घटना के बाद इलाके के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की हो। इस हमले ने वीआईपी इंक्लेव की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घायल पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत दे दी गई है। इस संबंध में मुबारकपुर चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को चौकी में बुलाया गया है। इसके बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ओंकारेश्वर में लव मैरिज के बाद सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने पहुंचे युवक पर उसके ससुराल पक्ष ने दिनदहाड़े चाकू से हमला कर दिया। इस घटना में दूल्हे का दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे खंडवा जिला अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं दूल्हा-दुल्हन के साथ भी मारपीट की गई। वारदात ओंकारेश्वर के पुराने बस स्टैंड पर हुई। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। मांधाता थाना पुलिस के अनुसार, भट्ट्याण बुजुर्ग निवासी नानकदास पिता लक्ष्मण पंवार (25) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। फरियादी ने बताया कि करीब दो साल पहले उसकी सगाई खरगोन जिले के ग्राम अंदड़ निवासी अरुणा पिता केसरीया से हुई थी, लेकिन लंबे समय से लड़की के पिता शादी नहीं करवा रहे थे। अरुणा अपने पिता के साथ गुजरात के सूरत में रह रही थी। सूरत से इंदौर लाकर किया प्रेम विवाह नानकदास ने बताया कि 4 फरवरी को वह अरुणा को सूरत से इंदौर लेकर आया, जहां आदेश्वर वैदिक संस्कार विवाह सेवा समिति से दोनों ने प्रेम विवाह कर प्रमाण पत्र प्राप्त किया। इसके बाद दोनों परिवारों की सहमति से सामाजिक रीति-रिवाज से फेरे कराने के लिए ओंकारेश्वर पहुंचे थे। दोपहर करीब 12 बजे ओंकारेश्वर के पुराने बस स्टैंड पर ससुर केसरीया, साले अरुण सावले और संदीप सावले सहित काका ससुर व मामा ससुर के दो नाबालिग बेटे पहुंचे। यहां लड़की को भगाकर लाने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। गाली-गलौज के बाद संदीप सावले ने धारदार चाकू से नानकदास की गर्दन पर वार करने की कोशिश की और उसके बाएं गाल पर चाकू मार दिया। बीच-बचाव में आए दोस्त राम हिरवे पर भी पीठ में चाकू घोंप दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। दुल्हन के साथ भी मारपीटझगड़ा छुड़ाने आई पत्नी अरुणा के साथ भी मारपीट की गई। आरोप है कि सागर सावले ने उसका गला दबाया, जबकि एक नाबालिग ममेरे भाई ने हाथ-मुक्कों से हमला किया। घटना के दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने बीच-बचाव किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों का मेडिकल कराया। गंभीर रूप से घायल राम हिरवे को खंडवा जिला अस्पताल रेफर किया गया। चार आरोपी गिरफ्तारमांधाता थाना प्रभारी अनोक सिंदिया ने बताया कि मारपीट के इस मामले में हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। मामले की आगे जांच जारी है।
वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में फायरिंग:वनकर्मियों पर हमला, एक गिरफ्तार; लकड़ी-हथियार जब्त
नरसिंहपुर जिले से सटे वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के डोंगरगांव परिक्षेत्र में वनकर्मियों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। यह वारदात 3 फरवरी को पश्चिम आमापानी बीट में हुई थी। टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मामले में सुआतला थाने में तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस ने शुक्रवार को एक आरोपी अन्नू पटेल निवासी कुम्हरोड़ा को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से एक बंदूक, बड़ी मात्रा में सागौन की लकड़ी, पेड़ काटने के औजार, अन्य हथियार और सांभर व चिंकारा के सींग जब्त किए गए हैं। नरसिंहपुर और सीमावर्ती वन क्षेत्रों में अवैध लकड़ी कटाई और वन्यजीवों के शिकार में शामिल गिरोहों से लगातार खतरा बना हुआ है। एफआईआर में दर्ज बयान के अनुसार, 3 फरवरी की दोपहर बीट गार्ड ऋषिकेश टैगोर और वनरक्षक अपने दो श्रमिकों संतोष ठाकुर और जगदीश नौरिया के साथ बाइक से गश्त कर रहे थे। वे तालाब की जांच के लिए एक टीले पर चढ़े, जहां उन्हें तीन व्यक्ति बंदूकों के साथ दिखाई दिए। वनकर्मियों द्वारा पूछताछ करने पर, उन व्यक्तियों ने उनकी ओर निशाना साधकर गोली चला दी। इस दौरान आसपास छिपे हुए अन्य अपराधी भी उनके साथ आ गए और उन्होंने भी गोलीबारी शुरू कर दी। वनकर्मियों के अनुसार, वारदात में लगभग सात-आठ लोग शामिल थे। तीन अरोपियों की पहचान हुई जब वनकर्मी वहां से नहीं हटे, तो अपराधियों ने तीन और राउंड फायरिंग की। इस दौरान वनकर्मियों ने आठ अपराधियों में से तीन की पहचान राजा लोधी (निवासी रमपुरा), अन्नू पटेल (निवासी कुम्हरोड़ा) और रामसेवक गौड़ (निवासी रमपुरा) के रूप में की। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। डॉग स्क्वायड कर रहा सर्चिंग टाइगर रिजर्व के डीएफओ रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि वारदात में वनकर्मियों को कोई भी हानि नहीं हुई है। आरोपियों के विरुद्ध सुआताला थाना में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। पुलिस बल व टाइगर रिजर्व में उपलब्ध डॉग स्क्वायड की सहायता से वन अमले द्वारा लगातार सर्चिंग जारी है। पुलिस के सहयोग से आरोपियों की लोकेशन भी प्राप्त कर उनके मकान आदि की सचिर्ंग की गई, जिसमें सागौन की इमारती लकड़ी, भाला, जानवरों को काटने के हथियार तथा जानवरों के अंग आदि जब्त किए गए हैं। एक आरोपी अन्नू पटेल को पकड़ लिया गया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सूने घर में चोरी हुई है। परिवार के सभी सदस्य रायपुर गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने पीछे का दरवाजा खोलकर घर में घुसकर 3 लाख 25 हजार रुपए की चोरी की और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार वार्ड क्रमांक 9, बेहरापारा स्थित बीएसएनएल टावर के पास रहने वाले रविन्द्र राय (54 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वे खेती-किसानी और ठेकेदारी का काम करते हैं और बुधवार को परिवार के साथ किसी काम से रायपुर गए थे। घर में ताला लगा हुआ था। इसी दौरान शुक्रवार सुबह पड़ोस में रहने वाली सूरजमती बाई ने उन्हें फोन कर बताया कि उनके घर का पीछे का दरवाजा खुला हुआ है और चोरी की आशंका है। सूचना मिलते ही रविन्द्र राय रायपुर से रायगढ़ के लिए निकले। शाम को घर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि पीछे का दरवाजा खुला था और घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा हुआ था। आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज घर की जांच करने पर पता चला कि अलमारी में रखे डेढ़ लाख रुपए कैश और सोना-चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। कुल मिलाकर करीब 3 लाख 25 हजार रुपए की चोरी हुई है। इसके बाद उन्होंने धरमजयगढ़ थाने पहुंचकर घटना की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने पर धरमजयगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

