पानी की एक-एक बूंद को बचाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए झुंझुनूं शहर में एक शानदार पहल की गई है। शहर के स्वर्ण जयंती स्टेडियम से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत प्रभात फेरी और जागरूकता साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को पानी बचाने और पर्यावरण की रक्षा करने के प्रति जागरूक करना था। युवाओं में दिखा भारी उत्साह पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, अभियान के संयोजक राकेश और प्रवक्ता कमलकांत शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। रैली में शहर के युवाओं, भाजपा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। साइकिलों पर सवार लोग हाथों में जल संरक्षण के संदेश लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। पानी और पर्यावरण बचाने की ली सामूहिक शपथ रैली के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने एक सुर में पर्यावरण और पानी को बचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सभी लोगों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई कि वे जल स्रोतों (जैसे कुएं, बावड़ी और तालाब) को साफ और सुरक्षित रखेंगे। बारिश के पानी को बचाने (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) के लिए प्रयास करेंगे। पानी की बर्बादी को रोकेंगे और ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएंगे। पानी बचना सरकारी काम नहीं, हमारा सामाजिक फर्ज है इस मौके पर भाजपा नेताओं और अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने कहा कि पानी को बचाना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सभी का सामाजिक दायित्व है। जब तक हर घर का व्यक्ति इस अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक हम अपनी आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भविष्य नहीं दे पाएंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के संदेश को झुंझुनूं के हर घर तक पहुंचाएंगे ताकि यह अभियान एक बड़ा जन आंदोलन बन सके।
रामपुर में बहुजन मुक्ति पार्टी ने रविवार को डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में अनोखा प्रदर्शन किया। पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय सिंह और उनके छह साथियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक स्कूटी और बाइक को धक्का मारते हुए रैली निकाली। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में सौंपा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम आदमी का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बढ़ती महंगाई के कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल रामपुर तक सीमित नहीं है। पार्टी ने देश के लगभग 600 जिलों में एक साथ ऐसे ही प्रदर्शन आयोजित किए हैं। सभी जिलों में जिला अधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि ईंधन के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आम आदमी के लिए वाहन चलाना असंभव हो जाएगा। इसी संदेश को जनता और सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से कार्यकर्ताओं ने अपने वाहनों को स्टार्ट करने के बजाय धक्का मारते हुए यह रैली निकाली। ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई है कि केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं ताकि पेट्रोल, डीजल और गैस की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके और आम जनता को राहत मिल सके। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ नारेबाजी भी की और सरकार से जल्द प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
उन्नाव की पुरवा और मौरावां नगर पंचायतों में नामित सभासदों के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान भाजपा विधायक अनिल सिंह का एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कार्यक्रम में दिए गए उनके संबोधन का वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस शुरू हो गई है। शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए विधायक अनिल सिंह ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक योजनाओं और कथित अवैध गतिविधियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पहले गरीबों के राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें मिलती थीं, लेकिन अब ऐसी व्यवस्थाओं पर काफी हद तक रोक लग चुकी है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक उदयराज यादव का नाम लेते हुए राजनीतिक टिप्पणी भी की, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है। सट्टा, जुआ और नशे के कारोबार पर जताई सख्ती विधायक ने क्षेत्र में कथित रूप से संचालित सट्टा, जुआ, अवैध शराब और मादक पदार्थों के कारोबार का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों पर प्रशासन की नजर है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग अब भी अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सट्टा, जुआ, स्मैक, गांजा और अवैध शराब के कारोबार में शामिल लोगों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी का दावा विधायक ने अपने संबोधन में विशेष जांच एजेंसियों और पुलिस की सक्रियता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संबंधित एजेंसियां क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कानून-व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए बाहरी पुलिस बल की मदद भी ली जा रही है, ताकि निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वीडियो वायरल होने के बाद छिड़ी बहस विधायक के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक इसे अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों से जुड़े कुछ लोग इसे राजनीतिक टिप्पणी करार दे रहे हैं। पूर्व विधायक की नहीं आई प्रतिक्रिया वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों और टिप्पणियों को लेकर पूर्व विधायक उदयराज यादव की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर बहस और प्रतिक्रियाओं का सिलसिला जारी है।
भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र में एक छात्रा की सल्फास खाने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार शनिवार देर रात पिता ने उसे मोबाइल फोन चलाते देख फटकार लगाई थी। इसके बाद छात्रा ने कथित रूप से सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से हुई थी पास गुनगा थाना पुलिस के अनुसार रतुआ क्षेत्र निवासी खुशी कुशवाहा (17) पिता जगदीश कुशवाहा परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके परिवार में एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। खुशी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी और भानपुर स्थित एक निजी कॉलेज में प्रवेश की तैयारी कर रही थी। मोबाइल चलाते देख पिता ने लगाई फटकार परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार देर रात खुशी मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान उसके पिता ने उसे मोबाइल चलाते देख डांट दिया। इसके बाद वह नाराज होकर घर के बाथरूम में चली गई। कुछ समय बाद खुशी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने सल्फास खा लेने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सदस्य उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान हुई मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) की ओर से आयोजित स्कूल लेक्चरर,लेक्चरर एग्रीकल्चर और कोच प्रतियोगी परीक्षा -2025 कड़े सिक्योरिटी इंतजाम के बीच शुरू हुई।भीलवाड़ा में वाली इस परीक्षा के कुल 28 परीक्षा सेंटर बनाए गए हैं।इन सेंटर्स पर कुल जहां 9 हजार 264 केंडिडेट परीक्षा दे रहे हैं। कड़ी सिक्योरिटी के बाद मिली एंट्री परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आयोग की ओर से सख्त व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।सभी परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच, फ्रिस्किंग और वीडियोग्राफी की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष तक पहुंचने की अनुमति दी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल, उड़नदस्ता दल और परीक्षा पर्यवेक्षक लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। दो शिफ्ट में आयोजित हो रही परीक्षा पहली पारी में सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन विषय की परीक्षा आयोजित की जा रही है।इसके लिए जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर 6 हजार 308 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।वहीं दूसरी पारी में हिंदी विषय की परीक्षा होगी, जिसके लिए 8 परीक्षा केंद्रों पर 2 हजार 956 अभ्यर्थियों ने नामांकन दर्ज कराया है। गाइड लाइन की पालना करवाई गई राजेंद्र मार्ग विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं परीक्षा केंद्र प्रभारी राजेंद्र सिंह गहलोत ने बताया कि उनके केंद्र पर कुल 528 परीक्षार्थी आवंटित किए गए हैं।उन्होंने कहा कि आरपीएससी के निर्देशानुसार अभ्यर्थियों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। निर्धारित समय के बाद प्रवेश पूरी तरह बंद कर दिया गया।आयोग की गाइडलाइन के अनुसार प्रत्येक अभ्यर्थी की स्क्रीनिंग दस्तावेज सत्यापन और वीडियोग्राफी कराई जा रही है। तय समय से लेट पहुंचे तो एंट्री की रिक्वेस्ट की इस दौरान कई ऐसे अभ्यर्थी भी देखने को मिले जो निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे। आयोग के नियमों के अनुसार समय सीमा समाप्त होने के बाद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। प्रवेश नहीं मिलने पर कुछ अभ्यर्थी रोते-बिलखते और अधिकारियों से अनुरोध करते हुए भी नजर आए, लेकिन नियमों का सख्ती से पालन किया गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने प्रयागराज में केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, बिजली व्यवस्था, बेरोजगारी, पेपर लीक, लोकतंत्र और विदेश नीति जैसे विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरा। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के दाम कम नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है, जबकि पहले सस्ती दरों पर ईंधन देने के दावे किए गए थे। बिजली व्यवस्था को लेकर प्रमोद तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जबकि बिजली बिल और अतिरिक्त शुल्क लगातार बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज कर उन पर आर्थिक बोझ डाल रही है। विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए तिवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने इटली के प्रधानमंत्री को 'चॉकलेट पकड़ाकर आने' को बचपना बताया। उन्होंने कहा कि विदेश यात्राओं और प्रतीकात्मक आयोजनों से ज्यादा जरूरी देश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर ध्यान देना है, और सरकार को उन देशों से मजबूत संबंध बनाने चाहिए जिन्होंने भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दिया है। छात्रों के प्रदर्शन और पेपर लीक के मुद्दे पर प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस का समर्थन दोहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। तिवारी ने कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद भी छात्रों का भविष्य असुरक्षित होता जा रहा है और देश में बेरोजगारी की समस्या लगातार बढ़ रही है। लोकतंत्र और हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और दमन के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों से भटकने का आरोप लगाया और कहा कि देश की जनता इसका जवाब देगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि देश 'लोकतंत्र नहीं, लाठीतंत्र' की ओर बढ़ रहा है।
जालौन को मिला नया सीएमओ:डॉ. हरिनंदन प्रसाद को स्वास्थ्य विभाग की कमान सौंपी गई
उत्तर प्रदेश शासन ने डॉ. हरिनंदन प्रसाद को जालौन का नया मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नियुक्त किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, डॉ. प्रसाद को तत्काल प्रभाव से यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति के बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग में नई कार्यशैली और सेवाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, डॉ. हरिनंदन प्रसाद इससे पहले संयुक्त निदेशक ग्रेड के पद पर कार्यरत थे और उन्नाव में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। शासन ने प्रशासनिक आवश्यकताओं को देखते हुए उनका स्थानांतरण जालौन जनपद में किया है। इस संबंध में शासन के विशेष सचिव रवि रंजन ने कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। जारी आदेश में डॉ. हरिनंदन प्रसाद को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल अपने नवीन तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना शासन को दें। माना जा रहा है कि नए सीएमओ के आने से जिले में चल रही स्वास्थ्य योजनाओं के संचालन में तेजी आएगी और चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा। जालौन में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से कई चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में नए सीएमओ से लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, अस्पतालों में सुधार, दवाओं की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की उम्मीद है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में भी इस नियुक्ति को लेकर चर्चा का माहौल है।
इटावा में समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर रविवार को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू समेत पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उनके जीवन, कार्यों और योगदान पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने वर्ष 1767 से 1795 तक मालवा साम्राज्य का सफल नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि उनका शासन न्याय, जनकल्याण और प्रशासनिक दक्षता के लिए आज भी याद किया जाता है। उन्होंने अहिल्याबाई की न्यायप्रियता का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने न्याय के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और अपने पुत्र के मामले में भी कठोर निर्णय लेने का साहस दिखाया था। कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए किए कार्य भरथना विधायक राघवेंद्र गौतम ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर मालवा साम्राज्य की महान और दूरदर्शी शासिका थीं। उन्होंने अपने शांतिपूर्ण, कुशल और जनहितकारी शासन से इतिहास में विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि लोकमाता के नाम से विख्यात अहिल्याबाई ने समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अनेक कार्य किए। यही कारण है कि उन्हें आज भी सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। बड़ी संख्या में मौजूद रहे पदाधिकारी कार्यक्रम में सपा जिला महासचिव वीरभान सिंह भदौरिया वीरू, प्रदेश सचिव केपी शाक्य, पूर्व चेयरमैन फुरकान अहमद, पूर्व प्रत्याशी सर्वेश शाक्य, एसआईआर प्रभारी उदयभान सिंह, जिला उपाध्यक्ष आशीष राजपूत, रवींद्र शुक्ला, प्रवक्ता विक्की गुप्ता, जिला सचिव सीमा पाल, संगीता राजपूत सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन अहिल्याबाई होल्कर के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।
सलूंबर जेल में बंदियों के लिए योग शुरू:योग, प्राणायाम और ध्यान का महत्व समझाया, सराहना मिला
सलूंबर जिला कारागृह में बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए एक नियमित योग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है। यह पहल आयुर्वेद विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बंदियों को तनावमुक्त जीवन, मानसिक शांति और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान, आयुर्वेद विभाग के डॉ. जितेंद्र जोशी ने बंदियों को योग, प्राणायाम और ध्यान का महत्व समझाया। उन्होंने अनुलोम-विलोम, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास भी कराया। डॉ. जोशी ने बताया- नियमित योगाभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है, भावनात्मक संतुलन बना रहता है और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है। कैदियों ने सराहना की योग सत्र के दौरान, बंदियों को आत्मनियंत्रण, मानसिक शांति और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। कारागृह प्रशासन और उपस्थित अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बंदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ-साथ उनके पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह योग कार्यक्रम प्रत्येक सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सुबह 6:30 बजे से 7:00 बजे तक नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इसमें बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। आयुर्वेद विभाग और जिला प्रशासन की यह संयुक्त पहल कारागृह में सकारात्मक वातावरण बनाने, मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और बंदियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अजमेर के जेएलएन अस्पताल के टॉयलेट में पांच दिन पहले मृत मिली बालिका के मामले में कोतवाली थाना पुलिस जांच में जुटी है। अस्पताल में लगे सीसीटीवी के फुटेज सहित संदिग्ध महिलाओं के रिकॉर्ड पुलिस ने अस्पताल से लिए है। सीसीटीवी में टॉयलेट के बाहर खड़ी एक ग्रामीण महिला व स्ट्रेचर पर लाई गई एक महिला संदिग्ध लग रही है। हालाकिं पुलिस ने फिलहाल कोई खुलासा नहीं किया, लेकिन पुलिस को इससे अहम सुराग हाथ लगने की उम्मीद है। अस्पताल के डिप्टी सुपरीटेंडेंट डॉ. अमित यादव ने बताया-्पुलिस को सीसीटीवी व कुछ महिला मरीजों की जांच व अन्य रिकॉर्ड भी उपलब्ध करा दिया गया है। वहीं, मामले में कोतवाली थाने के एएसआई व जांच अधिकारी सुखपाल ने कहा कि मामले में पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल किसी को आईडेन्टीफाई नहीं किया है। 25 मई की रात 1 बजे मिली थी जवाहर लाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन यूनिट के एमओटी के निकट बने महिला टॉयलेट में 25 मई की रात एक बजे नवजात बालिका मिली। एक मरीज की परिजन जब टॉयलेट में गई तो उसे वहां नवजात दिखी। मामले की सूचना प्रशासन को दी और नवजात को एडमिट कर उपचार शुरू किया। लेकिन उसे मृत पाया। बॉडी को मॉर्च्यूरी में शिफ्ट किया और पुलिस को सूचना कर दी। अस्पताल के डिप्टी सुपरीटेंडेंट डॉ. अमित यादव ने बताया- बेबी में कोई रेस्पिरेशन नहीं थी, हार्ट रेट नहीं थी और लाइफ के कोई भी साइन नहीं थे, ऐसे में उसे मृत मानते हुए मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया है। बेबी का टाइमिंग 18 सप्ताह और 330 ग्राम वजन था। अस्पताल में लगे सीसीटीवी के फुटेज पुलिस को उपलब्ध करा दिए। ………. ………… पढें ये खबर भी… अजमेर में पलटा मौसम, तापमान में 2 डिग्री की गिरावट:सुबह भी बरसात हुई, सड़कों से बहा पानी; गर्मी से मिली राहत नए पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार शाम से अचानक मौसम बदल गया। रात को भी तेज हवाएं चली और कईं जगहों पर बरसात हुई। ठंडी हवाओं के कारण पारे में गिरावट हुई और गर्मी से राहत मिली। बीते 24 घंटों की बात करें तो तापमान में करीब 2 डिग्री की गिरावट हुई और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। बरसात बीते 24 घंटों में 11 एमएम दर्ज की गई। रविवार सुबह भी बादल छाए है और कहीं रिमझिम बरसात हुई। पूरी खबर पढें
सिरसा जिले में रानियां के संतनगर गांव के लोगों ने दहेज प्रताड़ना के आरोपियों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाते हुए जीवननगर चौकी का घेराव किया। इस दौरान उन्होंने रोष प्रकट किया। संतनगर निवासी रश्मित कौर की शादी 20 फरवरी, 2024 को मानसा निवासी गुरविंदर सिंह से हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के करीब 6 महीने बाद ससुराल वालों ने दहेज के लिए उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। प्रताड़ना के बाद रश्मित कौर अपने मायके संतनगर में आकर रहने लगीं। रश्मित के भाई शहजाद सिंह ने बताया कि उनकी बहन के ससुराल वालों के खिलाफ धारा 498 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने में ढिलाई बरत रही है, जिसके कारण आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। सास-ससुर ने की गाली-गलौज शहजाद सिंह ने बताया कि संतनगर में रहने के बाद हमारे यहां पर मस्तानगढ़ में एक भेणी साहिब का होल्ला मोहल्ला होता है, उस समय भी मेरी बहन के ससुर और उसका पति मस्तानगढ़ में आए हुए थे। उस समय उन दोनों ने मेरी बहन का रास्ता रोककर उसको खूब गाली गलौज की और उसे प्रताड़ित किया। वहीं उसके ऊपर दबाव बनाया गया कि जो उसने हमारे ऊपर एफआईआर करवाई है उसको वो जल्द से जल्द वापस ले लें। भाई बोला- शादी में 60 लाख खर्च किए शहजाद सिंह का ये भी कहना है कि हमने मेरी बहन की शादी में 20 लाख कैश 25 तोले सोने सहित कुल मिलाकर 60 लाख रुपए खर्च किए थे। उसके बाद भी उसके ससुराल वाले उसको आए दिन यही शब्द बोलते कि उसके मायके वाले संतनगर गांव से जमीन बेचकर हमारे पास हमारे साथ (मानसा) में बिजनेस करें। जिसको लेकर मेरी बहन और उसके ससुराल में काफी खिंचावनी हो गई। पुलिस पर लगाए कार्रवाई न करने के आरोप वहीं लड़की ( रश्मित कौर) के भाई ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए यह भी बताया है कि हम कई बार एसपी सिरसा से भी मिल चुके हैं और एसपी सिरसा की ओर से हमें बार बार समय दे दिया जाता है कि जल्द से जल्द कार्रवाई करेंगे। वहीं उन्होंने एएसपी आदर्शदीप पर भी आरोप लगाते हुए बताया कि हम नहीं जानते कि एसपी आदर्शदीप सिंह का मानसा वाले लोगों के साथ क्या कनेक्शन है वो इस मामले में कार्रवाई नहीं होने दे रहे। परिजनों ने दी जाम लगाने की चेतावनी लगभग 3 घंटे जीवनगर चौकी का घेराव किया गया। वहीं जब इस मामले में एसएचओ रानिया से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि हम स्वयं वहां पहुंचे और उन्होंने परिजनों को यह आश्वासन दिया गया कि एक सप्ताह के अंदर पूरी तरह से इन्वेस्टिगेशन करके शख्स से सख्त कार्रवाई दोषियों के खिलाफ की जाएगी। वहीं परिजनों ने चेतावनी भी दी है कि अगर एक हफ्ते के अंदर कार्रवाई नहीं होगी तो हम लोग रोड जाम करेंगे और पुलिस प्रशासन के पुतले भी फूंकेंगे।
जामताड़ा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करमाटांड़ थाना क्षेत्र से तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर पिंडारी, सकलपुर, तिलैया और बरमुंडी गांवों में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान पिंडारी गांव से दो सगे भाई प्रीतम दास (25) और विनोद दास (23) को गिरफ्तार किया गया, जबकि बरमुंडी गांव से मोहम्मद तूफान उर्फ तूफान अंसारी (28) को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद किए हैं। जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था। बैंक ग्राहकों को बनाते थे निशाना डीएसपी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी एचडीएफसी बैंक, एसबीआई सहित अन्य बैंकों के ग्राहकों को फोन कर अपना शिकार बनाते थे। वे ग्राहकों को बताते थे कि उनका डेबिट या क्रेडिट कार्ड बंद हो गया है। नया कार्ड जारी कराने के नाम पर उन्हें झांसे में लेते थे। इसके बाद वे ग्राहकों से कार्ड नंबर, ओटीपी, सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर लेते थे और ई-वॉलेट के माध्यम से उनके खातों से पैसे उड़ा लेते थे। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाकर ठगी कर रहा था। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 31/26 दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। साइबर डीएसपी अमित रविदास ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी बैंक कभी फोन पर कार्ड नंबर, ओटीपी या अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है।
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के ककरऊ इलाके में एक ट्रक चालक पर उसके मालिक द्वारा मारपीट करने और सिर में लोहे की कील ठोकने का गंभीर आरोप लगा है। घायल चालक की हालत गंभीर होने पर उसे आगरा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। यह घटना शनिवार देर रात सामने आई। जानकारी के अनुसार, ककरऊ निवासी कोमल नामक युवक ट्रक चालक है। आरोप है कि शनिवार रात करीब 11 बजे किसी बात को लेकर उसका अपने ट्रक मालिक से विवाद हो गया। विवाद के दौरान ट्रक मालिक ने कथित तौर पर कील लगी फंटी से उसकी पिटाई की और फिर उसके सिर में लोहे की कील ठोक दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही घटना के बाद, परिजनों और स्थानीय लोगों ने घायल को तत्काल सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे आगरा के एस.एन. मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना उत्तर इंस्पेक्टर अंजीश कुमार मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घायल पक्ष और अन्य लोगों से पूछताछ कर घटना के संबंध में जानकारी जुटाई है। फिलहाल, घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच और तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
एटा के नयागांव थाना क्षेत्र स्थित ग्राम फुल्कियागंज में आंखों की बीमारी से पीड़ित एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान फुल्कियागंज निवासी रीता (45) पत्नी सुनील सिंह के रूप में हुई है। वह लंबे समय से आंखों की बीमारी से जूझ रही थीं और उनका इलाज दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में चल रहा था। परिजनों ने बताया कि बीमारी के कारण उनकी आंखों की रोशनी काफी कम हो गई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहती थीं। बताया गया है कि रीता ने शुक्रवार सुबह करीब 4 बजे अपने घर के सामने स्थित एक बबूल के पेड़ पर दुपट्टे के सहारे फांसी लगा ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार और ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। मृतका के मायके पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि रीता अपनी आंखों की बीमारी और लगातार कम होती रोशनी को लेकर बहुत चिंतित और परेशान थीं। थाना नयागांव के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि रीता पत्नी सुनील सिंह ने अपने घर के सामने बबूल के पेड़ पर दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मृतका आंखों की बीमारी से पीड़ित थीं और उनका इलाज एम्स में चल रहा था। मायके पक्ष ने भी बीमारी के कारण उनकी परेशानी की बात कही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
बूंदी में जल संरक्षण के लिए साइकिल रैली:जिला प्रशासन ने पर्यावरण और ईंधन बचत का संदेश दिया
बूंदी में रविवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026' के तहत एक विशाल साइकिल रैली का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन और जिला खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र ने संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया। इस रैली का उद्देश्य शहरवासियों को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। यह साइकिल रैली खेल संकुल से शुरू हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, संजय लाठी और राजकुमार श्रृंगी ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली अंबेडकर सर्किल, पुलिस कंट्रोल, कोटा रोड, कलेक्ट्रेट और सर्किट हाउस से होते हुए वापस खेल संकुल पर समाप्त हुई। इसमें युवाओं, खिलाड़ियों, स्काउट गाइड और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा, सीईओ रवि वर्मा, भरत शर्मा और शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा ने स्वयं साइकिल चलाकर संदेश दिया। उन्होंने जल एवं पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और बूंदी को स्वच्छ व कचरामुक्त बनाने पर जोर दिया। जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा ने इस अवसर पर कहा कि जल और जल स्रोतों को बचाने के इस अभियान में आमजन की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भविष्य के लिए ईंधन बचाने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह चुंडावत, स्काउट सीओ प्रदीप चित्तौड़ा, सांख्यिकी निरीक्षक विकास हाड़ा, हैंडबॉल संघ के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी, शक्ति तोषनीवाल और जिला युवा अधिकारी अशोक कुमार मेघवाल भी उपस्थित थे। इनके साथ पुलिस, स्काउट, शिक्षा एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में युवा एवं खिलाड़ी भी मौजूद रहे।
सीतापुर के शहर कोतवाली इलाके में प्राइवेट आरोग्यं हॉस्पिटल के बाहर प्रसूता की मौत के बाद हंगामा मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डीएम की त्रिस्तरीय जांच रिपोर्ट में अस्पताल संचालकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों ने प्रसूता के शरीर में कम ब्लड होने के बावजूद जान बूझकर प्रसव के दौरान ऑपरेशन पर डिलीवरी कराई। जिससे उसकी मौत लखनऊ में हो गई थी। डीएम के निर्देश के बाद अब संचालकों के खिलाफ कार्रवाई तय है। जानकारी के अनुसार खैराबाद थाना इलाके के ग्राम धरैचा निवासी सुमन देवी पत्नी खुशीराम को बीती 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल मेंके भर्ती कराया था। जहां से आशा बहू के बरगलाने पर परिजन महिला को लेकर प्राइवेट अस्पताल आरोग्य अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बच्चे की जन्म दिया। उसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो लखनऊ रेफर कर दिया। जहां वेंटिलेटर से हटाकर परिजन उसे सीतापुर लेकर आ रहे थे,जहां उसकी मौत हो गई। अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने बीती 29 मई की शाम शव अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा काटा और अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाया। देर रात डीएम के निर्देश पर त्रिस्तरीय टीम ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपी है। जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई हैं। वही एंबुलेस चालक के बयानों में यह स्पष्ट हुआ कि एंबुलेस में परिजनों ने मरीज का दो बार ऑक्सीजन हटाया था। जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई और रास्ते में ही मौत हो गईं। डीएम के निर्देश पर अब अस्पताल संचालकों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सीएमओ अस्पताल संचालकों और डॉक्टरों के विरोध जल्द कार्रवाई कर सकते है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ब्लड पॉइजनिंग से मौत की पुष्टि हुई है।
देवास शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने एक नई पहल की है। पहली बार शहर के उन अघोषित कचरा पॉइंट्स पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जहां लोग लगातार कचरा फेंकते थे। नगर निगम आयुक्त दलीप कुमार के निर्देश पर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत शहर के लगभग 20 चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों में कैद होने वाली रिकॉर्डिंग के आधार पर कचरा फेंकने वाले लोगों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना भी शामिल है। निगम अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता को लेकर यह पहली बार है जब इस तरह की तकनीकी निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य उन लोगों पर अंकुश लगाना है जो सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंककर शहर की स्वच्छता को प्रभावित करते हैं। अघोषित कचरा पॉइंट्स बन गए हैं नगर निगम ने बताया कि लगातार समझाइश के बावजूद कुछ स्थानों पर लोग कचरा डालना बंद नहीं कर रहे थे, जिसके कारण ये स्थान अघोषित कचरा पॉइंट्स बन गए हैं। अब कैमरों की मदद से निगरानी कर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के नोडल सौरभ त्रिपाठी ने जानकारी दी कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग के आधार पर अब कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि नगर निगम की टीम स्वच्छता के लिए लगातार काम कर रही है और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। नगर निगम को उम्मीद है कि इस पहल से शहर में गंदगी फैलाने वालों पर रोक लगेगी और देवास स्वच्छता के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकेगा।
दमोह में नौतपा के सातवें दिन छाए बादल:तापमान गिरा; छह दिन बाद बाजार और सड़कों पर चहल-पहल
दमोह में नौतपा के सातवें दिन रविवार को मौसम में बदलाव देखा गया। आसमान में बादल छाने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। मौसम बदलने के साथ ही बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई। दोपहर करीब 1 बजे तक अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को तेज धूप के कारण बाजारों में भीड़ कम थी और लोग गर्मी से परेशान थे, लेकिन रविवार को मौसम बदलने के बाद बादल छाए रहे। मौसम में आए इस बदलाव का असर यह रहा कि जिस धूप में लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे, उसी दिन दोपहर 1 बजे खेल मैदान में कई बच्चे क्रिकेट खेलते नजर आए। शहर की सड़कों पर भी लोग बिना सिर ढके या तौलिया लिए चलते दिखे, जिससे पता चलता है कि उन्हें धूप का एहसास नहीं हो रहा था। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले एक-दो दिन मौसम ऐसा ही बना रहेगा और बारिश की भी संभावना है। नौतपा की शुरुआत से ही मौसम में परिवर्तन हो रहा है। बीच में एक बार अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जिसके बाद यह 45 डिग्री के आसपास बना रहा। रविवार को तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
संभल में ईदगाह के पूर्व इमाम और प्रख्यात इस्लामी विद्वान मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी क़ादरी रहमतुल्लाह अलैह का 15वां सालाना उर्स रविवार को मनाया गया। यह आयोजन संभल के कोट शर्क़ी स्थित क़ादरी मंज़िल में श्रद्धा और अकीदत के साथ संपन्न हुआ। इस उर्स में उलेमा-ए-किराम, इमामों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने शिरकत कर मरहूम को खिराज-ए-अकीदत पेश की। कार्यक्रम का शुभारंभ क़ारी मोहम्मद इमरान द्वारा पवित्र क़ुरआन शरीफ़ की तिलावत से हुआ। इसके उपरांत सैयद मिन्हाजुल क़ादिर ने नात-ओ-मनक़बत प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित जनसमूह ने ध्यानपूर्वक सुना। इस अवसर पर हज़रत मुफ़्ती मोहम्मद फ़ारूक़ हामिदी रहमतुल्लाह अलैह की धार्मिक, शैक्षिक और सामाजिक सेवाओं को विशेष रूप से याद किया गया। मुरादाबाद से आए मुख्य वक्ता मुफ़्ती मिस्बाहुल हसन नईमी ने अपने संबोधन में मुफ्ती फारुक हामिदी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मुफ़्ती हामिदी ने अपना पूरा जीवन इस्लाम की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार, धार्मिक मार्गदर्शन, फ़तवा-निगारी और समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने हमेशा प्रेम, भाईचारे, एकता और इंसानियत का संदेश दिया, जिससे समाज को सही दिशा मिली। उनकी लिखी धार्मिक पुस्तकें आज भी लोगों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत हैं। इंसानियत की सेवा के कार्यों को जारी रखने का संकल्प इस अवसर पर मौलाना फैजान अशरफ हामिदी ने शजरा शरीफ़ पढ़ा। सलातो-सलाम के बाद मौलाना सैयद यज़दानी मियाँ ने विशेष दुआ कराई। इस दुआ में मरहूम की मग़फ़िरत, उम्मत की बेहतरी, देश में अमन-ओ-अमान और संभल की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने 'आमीन' कहकर दुआ में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के समापन पर क़ारी बुरहान अशरफ हामिदी और कारी गाजी अशरफ हामिदी द्वारा लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मौजूद लोगों ने हज़रत मुफ़्ती फ़ारूक़ हामिदी के मिशन को आगे बढ़ाने और समाज की भलाई तथा इंसानियत की सेवा के कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया। उर्स में मौलाना नफ़ीस अख़्तर अशरफ़ी, मौलाना क़ारी इरफ़ान लतीफ़ी, मौलाना शुऐब अमजदी, मौलाना सलीम अशरफ़ हामिदी, मौलाना मुज्तबा हसन अशरफ़ी, क़ारी बद्र आलम निज़ामी, मुफ़्ती गुलफ़ाम रज़ा, मुफ़्ती अय्यूब मिस्बाही, मुफ़्ती ज़ैनुल आबिदीन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ।
मैहर में करंट से भैंस की मौत:ग्राम सिंघौल में हुई घटना; अवैध कनेक्शन का आरोप
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघौल में करंट लगने से एक भैंस की मौत हो गई। पशुपालक महिला ने पड़ोसी पर अवैध बिजली कनेक्शन का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सिंघौल निवासी सावित्री साहू की भैंस शनिवार शाम चरने के लिए घर से निकली थी। देर रात तक वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। रविवार सुबह सावित्री साहू अपने परिवार के साथ भैंस की तलाश करते हुए मरहा नदी के किनारे पहुंचीं। वहां भैंस मृत अवस्था में पड़ी मिली। पीड़िता का आरोप है कि भैंस नदी के पास से गुजर रहे बिजली के तार में फंसी हुई थी। उनका कहना है कि पास में रहने वाले एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अवैध कटिया कनेक्शन के माध्यम से नदी के दूसरी ओर बिजली पहुंचाई थी। यह तार नदी क्षेत्र में नीचे लटक रहा था, जिसके संपर्क में आने से आसपास करंट फैल गया था। परिजनों का अनुमान है कि भैंस नदी किनारे घास चरने गई होगी और उसी दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित महिला ने ताला थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अंबाला जिले के नेशनल हाईवे 344 पर एक तेज रफ्तार डंपर ने स्कूटी सवार महिला को टक्कर मार दी। इस हादसे में महिला का एक हाथ बुरी तरह कुचल गया, जबकि उसके दो बच्चों को मामूली चोटें आईं। टक्कर के बाद डंपर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दिए बयान में शाहजादपुर सोंतली रोड निवासी राकेश कुमार (58) ने बताया कि उसकी बेटी काजल की शादी 2015 में शाहबाद (कुरुक्षेत्र) निवासी रमन से हुई थी, जिनकी 2019 में मृत्यु हो गई थी। बच्चों की स्कूल की छुट्टियां होने के कारण, राकेश अपनी बेटी काजल को लेने शाहबाद गए थे। राकेश कुमार के अनुसार, शाम करीब 5:15 बजे काजल अपने दोनों बच्चों, 11 वर्षीय डेविश और 8 वर्षीय प्रियांशी के साथ अपनी स्कूटी पर शाहबाद से अपने गांव शाहजादपुर के लिए निकली थी। राकेश अपनी बाइक पर उनसे करीब 20 कदम पीछे चल रहा था। ड्राइवर ने लापरवाही से मोड़ी गाड़ी शाम करीब 5:50 बजे, जब वे एनएच 344 पर गांव शेरगढ़ के पास निर्माणाधीन पुल के कट पर पहुंचे, तो साहा की तरफ से आ रहे मिट्टी से ओवरलोड डंपर के ड्राइवर ने लापरवाही से मोड़ काटते हुए काजल की स्कूटी को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों बच्चे उछलकर दूर जा गिरे, जिससे उन्हें मामूली चोटें आईं। वहीं, काजल स्कूटी सहित सड़क पर गिर गई और उसकी स्कूटी डंपर के अगले दोनों पहियों के बीच फंस गई। इस हादसे में काजल का दाहिना हाथ बुरी तरह कुचल गया और उसके शरीर पर भी गंभीर चोटें आईं। घायल काजल को राहगीरों की मदद से तुरंत अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जीएमसीएच सेक्टर-32 चंडीगढ़ रेफर कर दिया। घायल महिला का पंचकूला में चल रहा इलाज वहां भी सही इलाज न मिलने पर परिजन उसे पंचकूला के एल्केमिस्ट अस्पताल ले गए, जहां प्लास्टिक सर्जरी का खर्च करीब साढ़े 3 लाख रुपए बताया गया। वर्तमान में घायल महिला का इलाज पार्क अस्पताल (नियर मनसा देवी मंदिर, पंचकूला) में चल रहा है। साहा थाना के ASI रघुबीर सिंह ने बताया कि उन्हें डायल 112 के माध्यम से हादसे की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लिया। चश्मदीद राकेश कुमार की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट (MLR) के आधार पर पुलिस ने अज्ञात डंपर ड्राइवर के खिलाफ धारा 281, 125(A) और 324(4) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया है और डंपर को कब्जे में लेकर आरोपी ड्राइवर की तलाश तेज कर दी है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के खरेंगा गांव में श्मशान घाट से मानव कंकाल मिलने के मामले ने सियासी तूल पकड़ लिया है। अवैध रेत खनन के दौरान कब्रें खोदकर मानव अवशेष बाहर आने की घटना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध खनन इस कदर बेलगाम हो चुका है कि अब कब्र में दफन शव भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि प्रदेश में रेत माफियाओं को खुली छूट मिली हुई है। सरकार खनिज संसाधनों की सुरक्षा करने के बजाय कमीशनखोरी में व्यस्त है। भगवान भी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को माफ नहीं करेगा। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के संरक्षण में काम चल रहा है। नेता और अफसर भ्रष्टाचार करने में मशगूल है। उत्खनन में 10 कंकाल बाहर आ गए थे दरअसल, धमतरी जिले के खरेंगा गांव स्थित श्मशान घाट में अवैध रेत उत्खनन के दौरान 6 से 7 फीट गहरी कब्रें खोद दी गईं, जिससे करीब 10 मानव कंकाल बाहर आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने कंकालों को दोबारा दफना तो दिया, लेकिन अब यह पता नहीं है कि किसके परिजन के अवशेष कहां दफन किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद भी रेत माफियाओं की गतिविधियां नहीं रुकीं। कंकाल मिलने की रात भी अवैध खनन जारी रहा। इससे लोगों में भय और नाराजगी दोनों बढ़ गई है। गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने कहा कि अब उन्हें मौत के बाद भी सम्मान मिलने की उम्मीद नहीं रह गई है। श्मशान घाट में उत्खनन प्रशासनिक विफलता: कांग्रेस कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि श्मशान घाट जैसी संवेदनशील जगहों पर भी अवैध खनन नहीं रुक रहा, तो यह प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मामले की न्यायिक जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। घटना के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, वहीं ग्रामीण लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला अब अवैध खनन और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। गांव के लड़कों को मजदूर बना रहे माफिया ग्राम व्यवस्था समिति के सचिव तामेश्वर साहू का आरोप है कि, अवैध खनन करने वाले लोग गांव के युवाओं का इस्तेमाल करते हैं। 17-18 साल के लड़कों को पहले मजदूरी पर रखते हैं। बाद में उन्हीं से ट्रैक्टर चलवाते हैं। कई के पास लाइसेंस भी नहीं होता। तामेश्वर कहते हैं कि इससे गांव के लोगों के लिए विरोध करना मुश्किल हो जाता है। सामने अपना ही गांव का लड़का दिखाई देता है, इसलिए लोग झगड़ा नहीं करना चाहते। असली लोग पीछे रहते हैं। वे बताते हैं कि कई बार शिकायतें की गईं। प्रशासन आता है, कार्रवाई का भरोसा देता है और एक-दो दिन खनन रुक जाता है। लेकिन उसके बाद फिर रात में ट्रैक्टर चलने लगते हैं। शिकायतें हुईं, लेकिन खनन नहीं रुका ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब अवैध खनन की शिकायत हुई हो। गांव की सरपंच नीलम साहू बताती हैं कि पंचायत और ग्राम विकास समिति कई बार बैठक कर चुकी है। मुनादी कराई गई थी कि श्मशान घाट में रेत खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सूचना देने वाले को 2 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा भी की गई थी। लेकिन इसके बावजूद खनन जारी रहा। हैरानी की बात यह है कि 10 कंकाल निकलने के बाद भी उसी रात फिर रेत निकाली गई। आज भी दूसरे रास्ते से गाड़ियां निकाली गई हैं। 5 ट्रैक्टर जब्त, माइनिंग इंस्पेक्टर को नोटिस धमतरी कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने बताया कि, मामले में 5 ट्रैक्टर जब्त किए गए हैं। संबंधित क्षेत्र के माइनिंग इंस्पेक्टर को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर ने कहा कि जिस जगह रेत भंडारण की अनुमति दी गई थी, उसे भी निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि एनजीटी के आदेश के मुताबिक 15 जून तक सभी रेत खदानों को बंद किया जाना है। अविनाश मिश्रा के मुताबिक जिन क्षेत्रों में खनन की अनुमति है, वहां दोबारा सीमांकन कराया जाएगा। साथ ही अवैध रेत खनन और परिवहन के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर इन दिनों आमों की खुशबू और रंगों से सराबोर है। यहां आयोजित नेशनल मैंगो फेस्टिवल में देश-विदेश की 250 से ज्यादा किस्मों के आम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कोई इन अनोखे आमों के साथ तस्वीरें खिंचवाता नजर आया, तो कोई एक्सपर्ट्स और किसानों से नई किस्मों, खेती की नई तकनीकों की जानकारी लेता दिखा। महोत्सव में 6 किलो वजनी हाथीझूल आम और सबसे छोटा लाल लड्डू आम आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं दशहरी, लंगड़ा, चौसा, केसर और अल्फांसो जैसी लोकप्रिय किस्मों के अलावा जापान की प्रीमियम किस्म मियाजाकी, हाथीझूल और दुर्लभ नूरजहां आम को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह देखा गया। छत्तीसगढ़ के खास 5 आम भी चर्चा में रहे। देखिए पहले ये तस्वीरें- एक्जाटिक वैरायटी के आमों ने किया आकर्षित महोत्सव में विदेशी आमों की कई दुर्लभ किस्मों ने लोगों को आकर्षित किया। यहां 30 से अधिक एक्जॉटिक वैरायटी के आम प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें जापान की चर्चित प्रीमियम किस्म मियाजाकी सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है इसके अलावा अमेरिका की इर्विन किस्म, ऑस्ट्रेलिया की किंग्स्टन प्राइड और थाईलैंड-ताइवान की आइवरी किस्म भी लोगों को खूब पसंद आई। आमों के नाम भी उतने ही दिलचस्प प्रदर्शनी में केवल आम ही नहीं, उनके अनोखे नाम भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से आई किस्मों में कलुआ, केलवा, सीपिया, आमीन, देसी गिलास, करेलहा, जर्दालु तुकमी, लखनऊवा और टुमरु जैसे नाम शामिल हैं। दक्षिण भारत और अन्य राज्यों से आई किस्मों में महमूद, टेन्नेरु, पूट्टू, सरदार, जमादार, माया और रामकेला जैसे नाम लोगों को चौंका रहे हैं। बस्तर, बीजापुर और कोंडागांव क्षेत्र से भी कई स्थानीय और पारंपरिक किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। छत्तीसगढ़ के आमों की अपनी पहचान भी राष्ट्रीय आम महोत्सव में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की विकसित लगभग 25 आम किस्मों को भी प्रदर्शित किया गया है। इनमें पांच ऐसी किस्में शामिल हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ की पहचान माना जाता है। इनमें छत्तीसगढ़ स्वर्णप्रभा, छत्तीसगढ़ नंदीराज, छत्तीसगढ़ अचार, छत्तीसगढ़ गौरव और छत्तीसगढ़ पवन प्रमुख हैं। इन किस्मों को अच्छे स्वाद, ज्यादा गूदे, अधिक पैदावार और अचार, जूस जैसे उत्पाद बनाने के लिए उपयुक्त गुणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आम की 11 गुठलियां लाने पर 1 आम फ्री आम महोत्सव में आमों के प्रदर्शन के साथ साथ आम से बनने वाले प्रोडक्ट को भी प्रदर्शित किया गया है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही यहां 11 गुठलियां लाने पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से 1 आम फ्री दिया गया। इसके अलावा यहां आम से बनने वाली अलग-अलग डिश तैयार की गई। शेफ ने वहां पहुंचे लोगों को आम से कई तरह की डिश बनाना भी सिखाया। UP की दशहरी-चौसा ने लुभाया पिछले 3 सालों से राष्ट्रीय आम महोत्सव में हिस्सा ले रहीं उत्तर प्रदेश के मलियाबाद की आम उत्पादक रिषिका गुप्ता ने बताया कि, रायपुर आना हमेशा उनके लिए एक अच्छा अनुभव रहा है। यहां लोगों का उत्साह और आमों के प्रति लगाव काफी आकर्षित करता है। इस बार वे अपने साथ पूसा, दशहरी और चौसा जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में आम महोत्सव के लिए लाए गए हैं। अफगानिस्तान के ‘आमीर गोल’ ने बटोरी सुर्खियां दल्लीराजहरा से आए आम उत्पादक बलजीत सिंह ने बताया कि उनके स्टॉल में प्रदर्शित ‘आमीर गोल’ अफगानिस्तान की एक खास किस्म है। इसका स्वाद आम और अनानास (पाइनएप्पल) के मिक्स फ्लेवर जैसा होता है। उन्होंने बताया कि यह किस्म बैंगनफल्ली के समान मानी जाती है और इसमें रेशा बहुत कम होता है, जिससे इसका स्वाद और गुणवत्ता बेहतर हो जाती है। वर्तमान में यह आम 120 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। आम उत्पादन में छत्तीसगढ़ 17वें स्थान पर छत्तीसगढ़ में करीब 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और औसत उत्पादकता लगभग 11 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। राज्य में 250 से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं और यहां की जलवायु भी आम उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसके बावजूद आम उत्पादन में छत्तीसगढ़ का स्थान देश में लगभग 16वें-17वें स्थान पर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार, साल 1987 से विश्वविद्यालय में आम की अलग-अलग किस्मों पर शोध किया जा रहा है। रायपुर कैंपस में 23 और बिलासपुर में 52 किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। राज्य की अपनी उन्नत किस्में विकसित होने के बावजूद यहां महाराष्ट्र का अल्फांसो, गुजरात का केसर और उत्तर प्रदेश का दशहरी भी बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि, आम की दुनिया में हर किस्म की अपनी अलग पहचान होती है। स्वाद, खुशबू, रंग और बाजार की मांग यह तय करते हैं कि कौन-सी किस्म किसानों और उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनेगी।
राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर इन दिनों आमों की खुशबू और रंगों से सराबोर है। यहां आयोजित नेशनल मैंगो फेस्टिवल में देश-विदेश की 250 से ज्यादा किस्मों के आम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। कोई इन अनोखे आमों के साथ तस्वीरें खिंचवाता नजर आया, तो कोई एक्सपर्ट्स और किसानों से नई किस्मों, खेती की नई तकनीकों की जानकारी लेता दिखा। महोत्सव में 6 किलो वजनी हाथीझूल आम और सबसे छोटा लाल लड्डू आम आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं दशहरी, लंगड़ा, चौसा, केसर और अल्फांसो जैसी लोकप्रिय किस्मों के अलावा जापान की प्रीमियम किस्म मियाजाकी, हाथीझूल और दुर्लभ नूरजहां आम को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह देखा गया। छत्तीसगढ़ के खास 5 आम भी चर्चा में रहे। देखिए पहले ये तस्वीरें- एक्जाटिक वैरायटी के आमों ने किया आकर्षित महोत्सव में विदेशी आमों की कई दुर्लभ किस्मों ने लोगों को आकर्षित किया। यहां 30 से अधिक एक्जॉटिक वैरायटी के आम प्रदर्शित किए गए हैं, जिनमें जापान की चर्चित प्रीमियम किस्म मियाजाकी सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है इसके अलावा अमेरिका की इर्विन किस्म, ऑस्ट्रेलिया की किंग्स्टन प्राइड और थाईलैंड-ताइवान की आइवरी किस्म भी लोगों को खूब पसंद आई। आमों के नाम भी उतने ही दिलचस्प प्रदर्शनी में केवल आम ही नहीं, उनके अनोखे नाम भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश से आई किस्मों में कलुआ, केलवा, सीपिया, आमीन, देसी गिलास, करेलहा, जर्दालु तुकमी, लखनऊवा और टुमरु जैसे नाम शामिल हैं। दक्षिण भारत और अन्य राज्यों से आई किस्मों में महमूद, टेन्नेरु, पूट्टू, सरदार, जमादार, माया और रामकेला जैसे नाम लोगों को चौंका रहे हैं। बस्तर, बीजापुर और कोंडागांव क्षेत्र से भी कई स्थानीय और पारंपरिक किस्मों को प्रदर्शित किया गया है। छत्तीसगढ़ के आमों की अपनी पहचान भी राष्ट्रीय आम महोत्सव में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) की विकसित लगभग 25 आम किस्मों को भी प्रदर्शित किया गया है। इनमें पांच ऐसी किस्में शामिल हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ की पहचान माना जाता है। इनमें छत्तीसगढ़ स्वर्णप्रभा, छत्तीसगढ़ नंदीराज, छत्तीसगढ़ अचार, छत्तीसगढ़ गौरव और छत्तीसगढ़ पवन प्रमुख हैं। इन किस्मों को अच्छे स्वाद, ज्यादा गूदे, अधिक पैदावार और अचार, जूस जैसे उत्पाद बनाने के लिए उपयुक्त गुणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आम की 11 गुठलियां लाने पर 1 आम फ्री आम महोत्सव में आमों के प्रदर्शन के साथ साथ आम से बनने वाले प्रोडक्ट को भी प्रदर्शित किया गया है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। इसके साथ ही यहां 11 गुठलियां लाने पर प्रकृति की ओर सोसायटी की ओर से 1 आम फ्री दिया गया। इसके अलावा यहां आम से बनने वाली अलग-अलग डिश तैयार की गई। शेफ ने वहां पहुंचे लोगों को आम से कई तरह की डिश बनाना भी सिखाया। UP की दशहरी-चौसा ने लुभाया पिछले 3 सालों से राष्ट्रीय आम महोत्सव में हिस्सा ले रहीं उत्तर प्रदेश के मलियाबाद की आम उत्पादक रिषिका गुप्ता ने बताया कि, रायपुर आना हमेशा उनके लिए एक अच्छा अनुभव रहा है। यहां लोगों का उत्साह और आमों के प्रति लगाव काफी आकर्षित करता है। इस बार वे अपने साथ पूसा, दशहरी और चौसा जैसी लोकप्रिय किस्मों के आम लेकर आई हैं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी मात्रा में आम महोत्सव के लिए लाए गए हैं। अफगानिस्तान के ‘आमीर गोल’ ने बटोरी सुर्खियां दल्लीराजहरा से आए आम उत्पादक बलजीत सिंह ने बताया कि उनके स्टॉल में प्रदर्शित ‘आमीर गोल’ अफगानिस्तान की एक खास किस्म है। इसका स्वाद आम और अनानास (पाइनएप्पल) के मिक्स फ्लेवर जैसा होता है। उन्होंने बताया कि यह किस्म बैंगनफल्ली के समान मानी जाती है और इसमें रेशा बहुत कम होता है, जिससे इसका स्वाद और गुणवत्ता बेहतर हो जाती है। वर्तमान में यह आम 120 रुपए प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। आम उत्पादन में छत्तीसगढ़ 17वें स्थान पर छत्तीसगढ़ में करीब 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में आम की खेती होती है और औसत उत्पादकता लगभग 11 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। राज्य में 250 से अधिक किस्मों के आम पाए जाते हैं और यहां की जलवायु भी आम उत्पादन के लिए अनुकूल मानी जाती है। इसके बावजूद आम उत्पादन में छत्तीसगढ़ का स्थान देश में लगभग 16वें-17वें स्थान पर है। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार, साल 1987 से विश्वविद्यालय में आम की अलग-अलग किस्मों पर शोध किया जा रहा है। रायपुर कैंपस में 23 और बिलासपुर में 52 किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। राज्य की अपनी उन्नत किस्में विकसित होने के बावजूद यहां महाराष्ट्र का अल्फांसो, गुजरात का केसर और उत्तर प्रदेश का दशहरी भी बड़े पैमाने पर उगाया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि, आम की दुनिया में हर किस्म की अपनी अलग पहचान होती है। स्वाद, खुशबू, रंग और बाजार की मांग यह तय करते हैं कि कौन-सी किस्म किसानों और उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनेगी।
नीमच जिले के कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम सेमली आंतरी में शुक्रवार शाम हुए नदी हादसे के करीब 40 घंटे बाद रविवार सुबह 20 वर्षीय पवन उर्फ लखन का शव पानी के ऊपर आ गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाकर मनासा शासकीय अस्पताल पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद पिता दशरथ सिंह और बेटे पवन के शव परिजनों को सौंप दिए गए। जब दोनों के शव एक साथ गांव पहुंचे, तो पूरे अंचल में शोक छा गया। पिता और इकलौते बेटे की अर्थी एक साथ उठने पर श्मशान घाट पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। यह घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे हुई थी। दशरथ सिंह चंद्रावत अपने इकलौते बेटे पवन के साथ खेत पर खरबूजे का काम निपटाकर पास की नदी में नहाने गए थे। गहराई का अंदाजा न होने के कारण पवन पानी में डूबने लगा। बेटे को बचाने के लिए पिता दशरथ सिंह ने कपड़ों सहित नदी में छलांग लगा दी, लेकिन तेज लहरों के कारण दोनों पानी में समा गए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने शुक्रवार को ही पिता का शव निकाल लिया था। बेटे पवन के लिए शनिवार देर शाम तक चला सर्चिंग ऑपरेशन नाकाम रहा था। रविवार को उसका शव मिलने के बाद इस परिवार की पूरी युवा पीढ़ी समाप्त हो गई। दशरथ सिंह अपने माता-पिता के अकेले बेटे थे और कॉलेज में पढ़ रहा पवन भी उनका इकलौता पुत्र था। अब वृद्ध दादा ईश्वर सिंह पर बहू और पोती की जिम्मेदारी आ गई है।
ग्वालियर के मुरार क्षेत्र में पालतू कुत्तों को खुला छोड़ने की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। घासमंडी इलाके में पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने घर के बाहर खेल रही 8 साल की बच्ची पर हमला कर दिया। घटना में बच्ची घायल हो गई। पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर शनिवार को कुत्ता मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बिना माउथ-कैप के घूम रहा था कुत्ता मुरार थाना पुलिस के अनुसार पुरानी कचहरी के पास घासमंडी निवासी धीरज मित्तल की बेटी तृषा 28 मई की रात करीब 9 बजे घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोसी सुनील सोनी का पालतू कुत्ता बिना पट्टे और बिना माउथ-कैप के गली में घूम रहा था। पैर में काटकर किया घायल बताया गया है कि कुत्ते ने अचानक बच्ची पर हमला कर दिया। हमले में बच्ची जमीन पर गिर गई और कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया। बच्ची के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची को कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया। हमले में बच्ची के पैर में चोट आई। घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची का उपचार किया और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए। परिजनों के अनुसार घटना के बाद बच्ची काफी सहमी हुई है। कुत्ता मालिक के खिलाफ मामला दर्ज घटना के बाद धीरज मित्तल ने मुरार थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कुत्ता मालिक सुनील सोनी के खिलाफ लापरवाही से चोट पहुंचाने सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने जारी किया नोटिस मुरार थाना पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपी कुत्ता मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उसे नोटिस जारी कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से पालतू कुत्तों को सुरक्षा मानकों के अनुसार रखने की अपील भी की है।
बालोद जिले के नगर पंचायत पलारी के निर्वाचन के लिए शनिवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। अब प्रत्याशी और उनके समर्थक सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रचार नहीं कर सकेंगे। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और 1 जून को 15 मतदान केंद्रों में मतदान कराया जाएगा। मतदान से पहले रविवार सुबह 8 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पलारी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम से मतदान दलों को चुनाव सामग्री बांटा गया। निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पहली बार चुनी जाएगी नगर सरकार नगर पंचायत गठन के बाद पलारी में पहली बार अध्यक्ष और 15 वार्डों के पार्षदों के लिए चुनाव कराया जा रहा है। पहली बार अपनी नगर सरकार चुनने को लेकर मतदाताओं और प्रत्याशियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी मतदान केंद्रों में महिला अधिकारी संभालेंगी जिम्मेदारी निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी 15 मतदान केंद्रों में पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी क्रमांक 1, 2 और 3 के पदों पर महिला अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके लिए 15 मुख्य मतदान दल और 3 रिजर्व दल गठित किए गए हैं। महिला अधिकारियों को जिम्मेदारी दिए जाने से निर्वाचन प्रक्रिया में महिला सहभागिता भी बढ़ी है। दो सेक्टरों में बांटा गया मतदान क्षेत्र मतदान केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरे क्षेत्र को दो सेक्टरों में विभाजित किया गया है। दोनों सेक्टरों में सेक्टर अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो मतदान प्रक्रिया पर लगातार नजर रखेंगे। संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। भाजपा और कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत चुनाव प्रचार के अंतिम दिन भाजपा और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया, वहीं कांग्रेस ने भी जनसंपर्क और सभाओं के जरिए मतदाताओं तक पहुंचने का प्रयास किया। वहीं संजारी-बालोद विधायक और महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा अनर्गल बयानबाजी कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने हमेशा किसानों और आम जनता के हित में काम किया है तथा जनता का समर्थन कांग्रेस के साथ है। रोचक मुकाबले की उम्मीद नगर पंचायत के पहले चुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी बनी हुई है। प्रचार अभियान समाप्त होने के बाद अब सबकी नजर मतदान और परिणामों पर टिकी है। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य प्रत्याशियों के मैदान में होने से चुनावी मुकाबला रोचक होने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुग्राम में पॉश इलाके डीएलएफ फेज-1 के अर्जुन मार्ग में रहने वाले दो बिजनेसमैनों के बीच रोड रेज की घटना सामने आई है। पीड़ित ने अपने एक पड़ोसी फैबरिक बिजनेसमैन पर धमकी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मार कर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। बिजनेसमैन की शिकायत पर पुलिस ने बीएमडल्ब्यूडी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह द पाम्स स्प्रिंग्स, एम्मार सोसाइटी में रहता है। सुबह करीब साढ़े सात बजे वह सोसाइटी के गेट पर पहुंचा था। इसी दौरान फैबरिक का बिजनेस करने वाले रोहिन गुप्ता अपनी BMW कार लेकर पहुंचा। उसने पीड़ित को रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। कार को बार-बार टक्कर मारी पीड़ित यतीन का आरोप है कि बीएमडब्ल्यू कार मालिक ने पहले तो उन्हें मारने की धमकी दी, फिर जानबूझकर उनकी कार को कई बार टक्कर मारीं। टकराने की वजह से उनकी कार को नुकसान पहुंचा है। घटना के दौरान आरोपी ने उन्हें रास्ता रोककर आगे बढ़ने नहीं दिया और सोसाइटी के गार्ड्स के सामने ही यह सब किया। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में बेहद पॉश इलाके डीएलएफ फेज-1 के अर्जुन मार्ग में रहने वाले दो बिजनेसमैनों के बीच रोड रेज की घटना सामने आई है। पीड़ित ने अपने एक पड़ोसी फैबरिक बिजनेसमैन पर धमकी, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और उनकी कार को जानबूझकर टक्कर मार कर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। बिजनेसमैन की शिकायत पर पुलिस ने बीएमडल्ब्यूडी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह द पाम्स स्प्रिंग्स, एम्मार सोसाइटी में रहता है। सुबह करीब साढ़े सात बजे वह सोसाइटी के गेट पर पहुंचा था। इसी दौरान फैबरिक का बिजनेस करने वाले रोहिन गुप्ता अपनी BMW कार लेकर पहुंचे। उसने पीड़ित को रोक लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। कार को बार-बार टक्कर मारी पीड़ित का आरोप है कि बीएमडब्ल्यू कार मालिक ने पहले तो उन्हें मारने की धमकी दी, फिर जानबूझकर उनकी कार को कई बार टक्कर मारीं। टकराने की वजह से उनकी कार को नुकसान पहुंचा है। घटना के दौरान आरोपी ने उन्हें रास्ता रोककर आगे बढ़ने नहीं दिया और सोसाइटी के गार्ड्स के सामने ही यह सब किया। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही पुलिस के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगर में सूर्य के चारों ओर दिखा चमकीला घेरा:वैज्ञानिकों ने बताया इसे 'सोलर हेलो' या सूर्य वलय
आगर मालवा जिले में रविवार को आसमान में एक अनोखा दृश्य दिखाई दिया। दोपहर के समय सूर्य के चारों ओर एक बड़ा, गोलाकार और चमकीला घेरा बना, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस दृश्य को देखकर लोगों में कौतूहल पैदा हो गया। कई लोगों ने इसे अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक या प्राकृतिक संकेत माना, जबकि अन्य ने इसे मौसम परिवर्तन से जोड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य के चारों ओर दिखाई देने वाले इस घेरे को सोलर हेलो या सूर्य वलय कहा जाता है। यह घटना तब होती है जब वायुमंडल में अधिक ऊंचाई पर मौजूद पतले बादलों में बर्फ के सूक्ष्म कण होते हैं। सूर्य का प्रकाश इन कणों से गुजरकर मुड़ता है, जिससे सूर्य के चारों ओर एक गोलाकार चमकीली आकृति बनती है। वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक सामान्य प्राकृतिक घटना है, हालांकि यह दृश्य लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बना रहा। जिले में दिनभर लोग इस अनोखे नजारे और उससे जुड़ी चर्चाओं में व्यस्त रहे।
अबकी बार नौतपा में सागर में भीषण गर्मी, हीटवेव की बजाय हवा-आंधी और बारिश का दौर जारी है। नौतपा के छठे दिन जिले के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश हुई। रविवार सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं। हवाओं में ठंडक है। बादल छाने और हवाएं चलने से लोगों को लू और भीषण गर्मी से राहत मिली है। दिन का तापमान लुढ़ककर 39 डिग्री पर आ गया है। वहीं रात का पारा गिरकर 22 डिग्री पर आया है। जबकि दो दिन पहले सागर में दिन का पारा 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लू से लोगों के हाल-बेहाल थे। लेकिन अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से राहत दी है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में जिले में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 40 से 50 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। दोपहर के समय गर्मी का असर बना रहेगा। लेकिन शाम को बादल छाने और बारिश हो सकती है। 2 जून तक ऐसा ही मौसम बना रहने की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही है नमीमौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में मध्य पाकिस्तान से लेकर उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश तक राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा होते हुए समुद्र तल से 0.9 किमी ऊंचाई पर एक सक्रिय ट्रफ लाइन बनी हुई है। यह ट्रफ सीधे मध्यप्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। जिससे सागर इसका सक्रिय प्रभाव क्षेत्र बना हुआ है। इसी कारण उत्तर-पश्चिम की गर्म और शुष्क हवाओं व बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही नम हवाओं का मिलन हो रहा है। इससे वातावरण में अस्थिरता बढ़ रही है। प्री-मानसून एक्टिविटी तेज हो रही है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी का प्रवाह और बढ़ता है तो 1 से 4 जून के बीच सीजन की पहली प्रभावी प्री-मानसून बारिश भी हो सकती है। इस दौरान दोपहर में गर्मी, शाम को बादल, हवा-आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बनेगी। हालांकि फिलहाल तेज बारिश की संभावना कम है।
मध्यप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस अब सिर्फ जमीन पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के सबसे निचले स्तर यानी 'बूथ' तक अपनी पैठ मजबूत करने में जुट गई है। इसी रणनीति के तहत मध्य प्रदेश कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग ने आज रविवार को 'सोशल मीडिया वॉरियर्स' अभियान का शंखनाद किया। इस अभियान के जरिए पार्टी का सीधा फोकस हर विधानसभा के साथ-साथ बूथ स्तर पर मजबूत डिजिटल टीम खड़ी करना है। पोस्टर हुआ लॉन्चभोपाल के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ नेताओं ने इस अभियान का पोस्टर लॉन्च किया। पार्टी की योजना चुनाव से पहले एक ऐसी आक्रामक और रचनात्मक डिजिटल सेना तैयार करने की है, जो सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर भाजपा के नैरेटिव का मुकाबला कर सके। इस अभियान के जरिए पहली बार कांग्रेस पारंपरिक कार्यकर्ताओं से अलग हटकर समाज के उन चेहरों को टारगेट कर रही है, जिनकी सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ है। राइटर्स, वीडियो और रील्स मेकर्स को जोड़ेगी कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से प्रदेश भर के युवाओं और इन्फ्लुएंसर्स को सीधे संगठन से जोड़ने जा रही है। पार्टी की नजर समाज के उन रचनात्मक लोगों पर है जो राइटर्स, वीडियो एडिटर्स, ग्राफिक डिजाइनर्स, कार्टूनिस्ट, कवि, लेखक, ब्लॉगर, मोटिवेशनल स्पीकर और लोक कलाकार के रूप में डिजिटल स्पेस में सक्रिय हैं। कांग्रेस इन सभी को अपने विचार से जोड़कर चुनाव में परोक्ष या प्रत्यक्ष रूप से इस्तेमाल करने की तैयारी में है। इसके साथ ही हर विधानसभा क्षेत्र से नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली युवाओं, महिलाओं और स्थानीय पत्रकारों को भी इस मंच के जरिए जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। ऑनलाइन आवेदन एक महीने भरे जाएंगे अभियान के पोस्टर लॉन्चिंग के मौके पर नेताओं ने साफ किया कि आज यानी 31 मई से ही इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक लोग गूगल फॉर्म के जरिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश स्तर पर इस शुरुआत के बाद अब 1 से 3 जून के बीच प्रदेश के सभी जिलों में जिला कांग्रेस अध्यक्षों द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस अभियान को ब्लॉक और बूथ स्तर तक पहुंचाया जाएगा। इस कवायद की मॉनिटरिंग के लिए हर जिले में सोशल मीडिया विभाग के विशेष प्रभारी भी तैनात कर दिए गए हैं, जो आवेदनों की छंटनी से लेकर इंटरव्यू तक की प्रक्रिया संभालेंगे। डिजिटल टीम को मुस्तैदी से तैयार करने के लिए कांग्रेस ने बाकायदा एक टाइमलाइन तय की है, जिसके तहत जून के आखिरी दिन तक पूरी टीम फाइनल कर ली जाएगी। अभियान की टाइमलाइन प्रदेश कांग्रेस के संगठन महासचिव डॉ. संजय कामले और सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष चंचलेश व्यास ने मीडिया को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि यह अभियान सिर्फ राजनीतिक नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं को मंच देने का जरिया है जो लोकतंत्र और संविधान को बचाने के संघर्ष में भागीदार बनना चाहते हैं। इस अवसर पर सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अविरल हरि जैन, अभिषेक सोनी, प्रदेश महासचिव मिर्जा आसिफ बेग, शाज खान, राज नागदा और नीमच युवा कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और डिजिटल विंग के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी का दावा है कि जून के अंत में लिस्ट जारी होने के बाद यह डिजिटल टीम तुरंत ग्राउंड और सोशल मीडिया पर एक्टिव हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश की लाइफलाइन कही जाने वाली ऐतिहासिक कांगड़ा घाटी नैरोगेज रेल सेवा के यात्रियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पठानकोट-जोगिंदरनगर रेल मार्ग पर आगामी 2 जून से ट्रेनों का संचालन फिर से बहाल होने जा रहा है। सुरक्षा और ट्रैक मॉनिटरिंग को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में सीमित संख्या में ही ट्रेनें चलाई जाएंगी। चक्की पुल के बह जाने के कारण यह सेवा लंबे समय से बाधित थी, जिसे अब रेलवे ने पूरी तरह दुरुस्त कर लिया है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, इसके लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा। अगस्त 2023 से बंद था मार्ग बता दें कि 20 अगस्त 2023 को भारी बारिश और आपदा के कारण चक्की रेलवे पुल के दो पिलर बह गए थे। इसके बाद सुरक्षा कारणों से इस पूरे रूट पर ट्रेनों की आवाजाही ठप कर दी गई थी। इस व्यवधान के कारण पिछले कई महीनों से स्थानीय कारोबारियों, रोजाना सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और हिमाचल घूमने आने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ₹70 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक पुल रेलवे ने आपदा को अवसर में बदलते हुए चक्की नदी पर लगभग 70 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक नया और अत्याधुनिक पुल तैयार किया है। इस साल फरवरी 2026 में रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) ने नए पुल का बारीकी से निरीक्षण किया था और इसे ट्रेनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया था। CRS की हरी झंडी मिलने के बाद से ही रेलवे इस ट्रैक को दोबारा शुरू करने की तैयारियों में जुट गया था। चरणबद्ध तरीके से चलेंगी ट्रेनें, पठानकोट सिटी से ही मिलेगी सुविधा व्यापार और पर्यटन को मिलेगा नया बूस्ट यह रेल सेवा पंजाब के पठानकोट और हिमाचल प्रदेश के अंदरूनी इलाकों के बीच व्यापारिक गतिविधियों का मुख्य जरिया है। इसके शुरू होने से स्थानीय बाजार और माल ढुलाई को नई गति मिलेगी। वहीं, धौलाधार की खूबसूरत वादियों से होकर गुजरने वाला यह ट्रैक सैलानियों के बीच बेहद लोकप्रिय है। जून के इस पीक समर सीजन में ट्रेन सेवा की वापसी से हिमाचल के पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ा उछाल मिलने की उम्मीद है।
गयाजी में विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) शाखा और ब्रह्माकुमारी संस्था ने शहर में एक जन-जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का उद्देश्य लोगों को तंबाकू सेवन के गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और नशामुक्त, स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था। जागरूकता रैली आईएमए शाखा परिसर से शुरू हुई। सरकारी बस स्टैंड, गेवाल बीघा मोड़, जयप्रकाश झरना होते हुए गांधी मैदान तक गई। जिसमें डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता और ब्रह्माकुमारी संस्था के सदस्य शामिल थे। उन्होंने हाथों में तंबाकू विरोधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया। पूरे मार्ग में 'तंबाकू छोड़ो, जीवन जोड़ो' और 'स्वस्थ भारत का सपना, तंबाकू मुक्त हो अपना' जैसे नारों के माध्यम से नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम का नेतृत्व आईएमए गयाजी शाखा के अध्यक्ष डॉ. बी.बी. सिंह और सचिव डॉ. विमलेंदु विमल ने किया। रैली के जरिए युवाओं से अपील इस अवसर पर डॉ. बी.बी. सिंह ने कहा कि तंबाकू दुनिया भर में लाखों लोगों की असमय मृत्यु का कारण बन रहा है। धूम्रपान और अन्य तंबाकू उत्पादों के सेवन से कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की गंभीर बीमारियां, स्ट्रोक और अन्य घातक रोगों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। स्वस्थ समाज के लिए तंबाकू के खिलाफ सामूहिक अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया। रैली के दौरान डॉक्टरों ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि तंबाकू उत्पादों का सेवन न करें। अपने परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं को नशे की लत से बचने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता हुए शामिल इस मौके पर डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. प्रांशु कुमार, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. राहुल सहाय, डॉ. दीप शिखा, डॉ. ऋषिकेश कुमार, डॉ. ए.एन. राय, डॉ. उमेश कुमार वर्मा, डॉ. विनय कुमार जैन, डॉ. रतन कुमार, डॉ. शिवबचन सिंह सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बुरहानपुर में अखिल विश्व गायत्री परिवार ने पांच दिवसीय राष्ट्रव्यापी व्यसन मुक्ति जनजागरण अभियान चलाया। यह अभियान गायत्री शक्तिपीठ से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। अभियान के दौरान विजय आचार्य और नारायण पाटिल ने तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट और शराब जैसे व्यसनों के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक दुष्परिणामों पर जानकारी दी। लोगों को व्यसन मुक्ति गीतों और प्रेरक संदेशों के माध्यम से जीवनभर व्यसनमुक्त रहने का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान संकल्प पत्र भी भरवाए गए। जागरूकता रैली भी निकाली गईनगर में एक जागरूकता रैली भी निकाली गई। रैली में व्यसनमुक्ति के नारे लगाते हुए नागरिकों को व्यसनों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया और निःशुल्क साहित्य वितरित किया गया। मेघराज महाजन और राजेश पटेल ने बताया कि गायत्री परिवार देशभर में लंबे समय से व्यसनमुक्ति अभियान चलाकर समाज को स्वस्थ और संस्कारित बनाने का कार्य कर रहा है। अभियान के तहत रविवार को दस गांवों में रैलियां निकाली गईं। इन गांवों में चौपालों पर नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें व्यसनजनित बीमारियों, पारिवारिक विघटन और सामाजिक हानियों को प्रभावी ढंग से समझाया गया। रात्रिकालीन कार्यक्रमों में प्रोजेक्टर के माध्यम से व्यसन के दुष्परिणामों को दर्शाने वाली शिक्षाप्रद फिल्में भी दिखाई गईं। इन फिल्मों में तंबाकू और अन्य नशों से होने वाले घातक रोगों, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों और उनके भयावह परिणामों को दिखाया गया। इसके माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया और व्यसन छोड़ने के सरल उपाय भी बताए गए। 250 नागरिकों ने व्यसनमुक्त का संकल्प पत्र भरागायत्री परिवार के संजय राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 250 नागरिकों ने व्यसनमुक्त जीवन जीने का संकल्प पत्र भरा। इसे समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है। इस अभियान में जय चौधरी, मेघराज महाजन, नितिन मोड़े, नारायण पाटिल, विजय आचार्य, मधुकर चौरे, अरुण महाजन, राजेश पटेल, दिनेश सुगंधी, तुकाराम पवार, जीवन शिंदे, सोहम आचार्य, करण प्रजापति, विजय पेशवानी और मनोज चौरे सहित लगभग 50 युवा कार्यकर्ताओं और महिला मंडल की सदस्यों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। गायत्री परिवार ने स्वस्थ, सुखी और संस्कारित समाज के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक से स्वयं व्यसनमुक्त बनने और दूसरों को भी व्यसन छोड़ने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया है।
बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में गागर नदी पुल के 50 मीटर नीचे शनिवार सुबह 22 साल का युवक डूब गया। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाश शुरू की, लेकिन देर शाम तक उसका कोई पता नहीं चल सका। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम डकवा में शादी समारोह में शामिल होने के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे लगभग 10 युवक गागर नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान बरियों उरांव पारा निवासी फुलसाय लकड़ा नदी के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। साथी बचाने में नाकाम उसके साथियों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। नदी में पानी की अधिक गहराई के कारण युवक का पता लगाने में शुरुआती कठिनाई हुई। युवक की तलाश के लिए बलरामपुर से गोताखोरों की एक टीम बुलाई गई। दिनभर चला सर्च अभियान गोताखोरों की टीम ने पूरे दिन नदी में सघन सर्च अभियान चलाया। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस और गोताखोरों द्वारा लगातार खोजबीन की गई, लेकिन देर शाम तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
वामा सारथी समर कैंप में बच्चों ने दिखाई प्रतिभा:उन्नाव में बुक फेयर भी रहा आकर्षण का केंद्र
उन्नाव में वामा सारथी उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन ने रिजर्व पुलिस लाइन में समर कैंप और बुक फेयर का आयोजन किया। यह कार्यक्रम वामा सारथी की जनपदीय अध्यक्षा नीतू सिंह के नेतृत्व और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में वार्षिक कैलेंडर के अनुसार आयोजित किया गया। समर कैंप का मुख्य उद्देश्य पुलिस परिवार के बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण को बढ़ावा देना था। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए योग सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। उनकी रचनात्मक क्षमता को निखारने के लिए एक पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं और विचारों को सुंदर चित्रों के रूप में प्रस्तुत किया। समर कैंप के दौरान आयोजित बुक फेयर बच्चों और अभिभावकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों ने विभिन्न विषयों की पुस्तकों का अवलोकन किया और पढ़ने की आदत विकसित करने में रुचि दिखाई। इसके अतिरिक्त, म्यूजिकल चेयर सहित कई मनोरंजक खेलों का भी आयोजन किया गया, जिनमें बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन गतिविधियों ने बच्चों में आत्मविश्वास, टीम भावना और सहभागिता की भावना को मजबूत किया। पुलिस लाइन परिसर में रहने वाले बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सभी प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में बच्चों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह सराहनीय रहा। कार्यक्रम के समापन पर वामा सारथी की जनपदीय अध्यक्षा नीतू सिंह और क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह ने प्रतिभागी बच्चों को उपहार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों को भविष्य में भी ऐसी रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी लाइन विनी सिंह, प्रतिसार निरीक्षक सचिन राय, पुलिस वेलफेयर शाखा के उपनिरीक्षक विमलेश शुक्ला, महिला आरक्षी मोनिका, आरक्षी अजय कुमार, वामा सारथी टीम के कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष श्रीवास्तव, महिला आरक्षी संयोगिता शुक्ला और महिला आरक्षी कोमल शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
जिले में रविवार को स्कूल व्याख्याता परीक्षा शुरू हुई। पहली पारी की परीक्षा सुबह दस बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इस परीक्षा में 7562 अभ्यर्थी ने आवेदन किया था। जिसमें से 5156 ने ही परीक्षा दी। इसमें 2406 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। यानी कि 68.18 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने भाग्य आजमाया है। करीब 32 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। इससे पहले परीक्षा के लिए सुबह 8 बजे से जिला मुख्यालय पर बनाए गए 18 परीक्षा सेंटरों पर प्रवेश देना शुरू कर दिया था। कड़ी चेकिंग के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले परीक्षा सेंटर के गेट बंद कर दिए गए। परीक्षा सेंटरों में किसी भी तरह की डिजीटल-जेवर आदि सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं थी। वहीं, दूसरी शिफ्ट दोपहर 2.30 बजे से 5.30 बजे तक हिंदी विषय का पेपर होगा। इसके बाद 1 जून को इतिहास और अंग्रेजी, 2 जून को कॉमर्स और केमिस्ट्री, जबकि 3 जून को जीके ग्रुप-बी और राजनीति विज्ञान की परीक्षा होगी। इसके बाद 4 और 5 जून को भूगोल, बायोलॉजी, संस्कृत, फिजिक्स और मैथ्स के पेपर होंगे। कड़ी चेकिंग के बाद मिली एंट्री अभ्यर्थियों को परीक्षा देने के लिए ओरिजनल आधार कार्ड लेकर उपस्थित होना जरूरी है। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होंगे। परीक्षा में कड़ी निगरानी के लिए ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं।
बदायूं में DM-SSP ने कछला घाट का निरीक्षण किया:ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया
ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर बदायूं के कछला गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। रविवार को जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कछला गंगा घाट पहुंचकर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने मोटरबोट के जरिए गंगा के भीतर जाकर भी सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। उन्होंने घाट पर स्नान कर रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को परखा। अधिकारियों ने महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और घाट क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि स्नान के दौरान किसी भी श्रद्धालु को परेशानी का सामना न करना पड़े। गंगा में बढ़ी भीड़ को देखते हुए फ्लड पीएसी की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। फ्लड पीएसी द्वारा लाउडस्पीकर के माध्यम से श्रद्धालुओं को गहरे पानी में न जाने की चेतावनी दी जा रही थी। जल पुलिस और गोताखोरों की टीमें भी घाट पर तैनात रहीं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। अधिकारियों ने मोटरबोट से नदी के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह, एसडीएम सदर मोहित कुमार, क्षेत्राधिकारी उझानी सुनील कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक उझानी प्रवीण कुमार सहित अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
जौनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय और चिकित्सालय परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों, उपलब्ध सुविधाओं और अस्पताल संचालन में आ रही समस्याओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण की शुरुआत प्रशासनिक भवन से हुई। जिलाधिकारी ने भवन के विभिन्न हिस्सों में सफाई, केबल प्रबंधन, रेलिंग सुरक्षा और अन्य अधूरे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। अस्पताल भवन के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने ओपीडी पंजीकरण काउंटर, विभिन्न विभागों की ओपीडी और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 1500 से 2000 मरीज उपचार के लिए आते हैं। मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए, जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में साइनेज व्यवस्था, साफ-सफाई और वातानुकूलन प्रणाली सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को फायर सेफ्टी संबंधी सभी कार्य तुरंत पूरे करने का भी निर्देश दिया। बड़ी संख्या में मरीजों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निर्माणाधीन सीसीयू भवन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने समयबद्ध ढंग से निर्माण कार्य पूरा करने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, सब स्टेशन, विद्युत व्यवस्था और जलापूर्ति जैसी आधारभूत सुविधाओं से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से जुड़े सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि मरीजों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाएगी और वे स्वयं प्रत्येक माह निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का मूल्यांकन करेंगे। उन्होंने जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की चेतावनी दी।
छतरपुर में रेलवे लोको पायलट जीतेंद्र चौरसिया हत्याकांड के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र चौरसिया उर्फ डी.के. की शनिवार को मौत हो गई है। वह इस चर्चित हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद सतना जेल में न्यायिक अभिरक्षा में बंद था। तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। धर्मेंद्र चौरसिया (36 वर्ष) पिता अशोक कुमार चौरसिया, निवासी सुभाष वार्ड गढ़ीमलहरा, जिला छतरपुर, रेलवे लोको पायलट जीतेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी था। मौत के बाद उसका शव गढ़ीमलहरा लाया गया है, जहां आज (रविवार) अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि शनिवार को उक्त मामले की पेशी सतना कोर्ट में थी। मामले में एक आरोपी नीरज चौरसिया उर्फ छोटू और गुलाब यादव जमानत हैं, वहीं एक आरोपी पवन प्रजापति सतना जेल में ही है। फिरौती के लिए रची थी अपहरण की साजिशपुलिस जांच के अनुसार, 21 दिसंबर 2024 को गढ़ीमलहरा निवासी जीतेंद्र चौरसिया, जो रेलवे में लोको पायलट थे और सतना में किराए के मकान में रहते थे, अचानक लापता हो गए थे। उनके पिता वीरेंद्र कुमार चौरसिया ने सतना कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बचपन के दोस्त की हत्या की थी जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र चौरसिया, जो जीतेंद्र का बचपन का मित्र था, विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुका था और एफएमजी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। कथित तौर पर डिग्री संबंधी लेन-देन के लिए बड़ी रकम की जरूरत होने पर उसने अपने साथियों गुलाब सिंह यादव, पवन प्रजापति और चचेरे भाई नीरज चौरसिया के साथ मिलकर जीतेंद्र के अपहरण की साजिश रची थी। योजना के तहत जीतेंद्र को घूमने के बहाने बुलाया गया। शराब पिलाने के बाद उसे नींद की दवा दी गई और बोलेरो वाहन से पन्ना जिले की ओर ले जाया गया। आरोपियों की योजना परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने की थी। साजिश उजागर होने के डर से मार दी गोलीपुलिस के अनुसार, रास्ते में जब जीतेंद्र को साजिश का अंदेशा हुआ तो उसने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद पवई क्षेत्र के चांदसी घाट पर उसे वाहन से उतारकर धर्मेंद्र ने उसके सिर में गोली मार दी। हत्या के बाद शव को घाटी में फेंक दिया गया था। घटना के बाद आरोपी मृतक का मोबाइल फोन लेकर कटनी और जबलपुर गए तथा मोबाइल चालू कर पुलिस और परिजनों को गुमराह करने की कोशिश की। बाद में पुलिस की पूछताछ में धर्मेंद्र टूट गया और उसकी निशानदेही पर पन्ना जिले की घाटी से शव बरामद किया गया। हथियार, वाहन और मोबाइल किए गए थे जब्तविवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त कट्टा, कारतूस, बोलेरो वाहन, मृतक का मोबाइल फोन, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बरामद किए थे। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया था। ये थे मामले के आरोपी और उनकी स्थिति अब मुख्य आरोपी धर्मेंद्र चौरसिया की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
6.3 ग्राम हेरोइन के साथ युवक गिरफ्तार:कुचामन सिटी में कार्रवाई, 1 बाइक भी की जब्त
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए एक युवक को 6.3 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से मादक पदार्थ और बाइक कर ली है। कुचामन सिटी थाना पुलिस की टीम ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपी मनोज कुमार को रोका। तलाशी के दौरान उसके पास से 6.3 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने मनोज कुमार को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी से बरामद हेरोइन और उसकी बाइक को जब्त कर लिया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी यह मादक पदार्थ कहां से लाया था और इसे किन लोगों को बेचा जाना था।डीडवाना-कुचामन पुलिस ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीडवाना में 6 मॉडिफाइड बुलेट जब्त:पुलिस का शिकंजा, अभियान तेज किया गया
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने मॉडिफाइड बुलेट बाइकों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। आमजन की शिकायतों और बढ़ते पब्लिक न्यूसेंस के मद्देनजर यह कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में डीडवाना पुलिस ने 6 मॉडिफाइड बुलेट मोटरसाइकिलें जब्त कीं। पुलिस के मुताबिक, जब्त की गई इन बाइकों में अवैध रूप से तेज आवाज वाले साइलेंसर और अन्य नियम विरुद्ध बदलाव किए गए थे। इस कार्रवाई से पहले भी पुलिस 6 ऐसी ही मॉडिफाइड बुलेट बाइकें जब्त कर चुकी है। हाल ही में आयोजित सीएलजी बैठक में आमजन ने मॉडिफाइड बुलेट से होने वाले अत्यधिक शोर और पब्लिक न्यूसेंस का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने यह विशेष अभियान शुरू किया है और लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार का पब्लिक न्यूसेंस बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आमजन से भी यातायात नियमों का पालन करने और वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन न करवाने की अपील की है। पुलिस ने बताया कि मॉडिफाइड वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
बलरामपुर में युवक की मौत से तनाव:परिजनों ने रोका अंतिम संस्कार, विधायक-प्रशासन के आश्वासन पर माने
बलरामपुर के गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के अहिरौला गांव में मारपीट में गंभीर रूप से घायल युवक धनराज मौर्य की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में तनाव बढ़ गया। परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। बाद में स्थानीय विधायक रामप्रताप वर्मा और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुआ। यह घटना 27 मई को अहिरौला गांव में हुई थी। विवाद के दौरान दूसरे पक्ष के लोगों पर लाठी-डंडों से हमला करने का आरोप है। इस हमले में धनराज मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जबकि मीना देवी सहित कई अन्य लोग भी जख्मी हुए थे। धनराज को उपचार के लिए लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण 28 मई को उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन 30 मई को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मीना देवी का इलाज अभी भी जारी है। घटना के संबंध में राजू मौर्य की तहरीर पर आसिफ, साजिद, माजिद, सलीम, आकिब, वारिस और वाजिद के खिलाफ दंगा और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। धनराज की मौत के बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा भी जोड़ दी है। पुलिस अब तक आसिफ, साजिद, माजिद, सलीम और वारिस को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि आकिब और वाजिद की तलाश जारी है। शनिवार भोर में धनराज की मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। 30/31 मई की देर रात शव घर पहुंचने पर परिजनों ने फिर से अंतिम संस्कार से इनकार करते हुए फरार आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने गांव में कई थानों की पुलिस तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
मध्य प्रदेश में जनगणना 2027 का पहला पड़ाव पूरा हो गया है। एमपी में 'मकान सूचीकरण और मकानों की गणना' (HLO) का फील्ड काम तय समय सीमा के भीतर 30 मई को पूरा हो गया। एक महीने तक चले इस अभियान की शुरुआत 1 मई 2026 को हुई थी, जिसके तहत प्रदेश के हर कोने में डिजिटल माध्यम से आंकड़ों को कलेक्ट किया गया। हाईटेक तरीके से हुई मकानों की गिनती इस बार की जनगणना पूरी तरह से हाईटेक और डिजिटल रंग में रंगी नजर आई। प्रगणकों ने घर-घर जाकर मोबाइल ऐप के जरिए मकानों की स्थिति, परिवारों को मिलने वाली सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़े कुल 33 अधिसूचित प्रश्नों के जवाब दर्ज किए। पोर्टल पर की गई दर्ज जानकारी मकानों की गणना की पूरी प्रक्रिया की कड़ाई से मॉनिटरिंग एक विशेष पोर्टल के माध्यम से की गई, जिससे काम की गुणवत्ता और रफ्तार दोनों बनी रही। खास बात यह रही कि फील्ड वर्क से पहले 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक राज्य में 'स्व-गणना' (सेल्फ एनुमरेशन) का विकल्प भी दिया गया था, जिसमें प्रदेश के 7 लाख से अधिक परिवारों ने खुद आगे आकर ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कराई। डेढ़ लाख कर्मचारियों की जनगणना इस महाभियान को जमीन पर उतारने के लिए एक विशाल अमला तैनात किया गया था। मप्र के 55 जिलों, 425 नगरीय निकायों और 449 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 54,923 गांवों में यह काम पूरा किया गया। इसके लिए बनाए गए 1,37,000 से अधिक मकानसूचीकरण ब्लॉकों में 1,44,000 से ज्यादा प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने दिन-रात एक करके ड्यूटी निभाई, जबकि 15,000 कर्मियों को रिज़र्व में रखा गया था। गोपनीय रहेगी जानकारी प्रशासन, फील्ड स्टाफ और आम जनता के इसी सक्रिय तालमेल की बदौलत यह कठिन कार्य समय पर पूरा हो सका। इसके साथ ही जागरूकता फैलाने में मीडिया और सोशल मीडिया ने भी बेहद सराहनीय भूमिका निभाई। सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर सरकार ने साफ किया है कि इस प्रक्रिया में ली गई हर व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इन आंकड़ों का इस्तेमाल सिर्फ जनकल्याणकारी योजनाओं और भविष्य की नीतियों को तैयार करने के लिए होगा, जिन्हें भारत सरकार पूरी जनगणना प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सही समय पर जारी करेगी। इस महत्वपूर्ण पड़ाव के पूरे होने पर निदेशक जनगणना कार्य मध्य प्रदेश ने राज्य के सभी नागरिकों को उनके अभूतपूर्व सहयोग के लिए दिल से धन्यवाद दिया है। अब सबकी नजरें इसके दूसरे और सबसे महत्वपूर्ण चरण 'जनसंख्या की गणना' (Population Enumeration) पर टिकी हैं, जो फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।
खेतों में अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिला:धौलपुर पुलिस ने जांच शुरू की, पहचान के प्रयास जारी
धौलपुर के सैंपऊ थाना क्षेत्र के विक्रमपुरा गांव के समीप खेतों में एक अज्ञात व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई और यह खबर पूरे इलाके में फैल गई। सूचना मिलने पर डीएसपी अनूप यादव और सैंपऊ थानाधिकारी प्रमेन्द्र रावत पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया, आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव को कब्जे में लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शव को पोस्टमार्टम और पहचान की कार्रवाई के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंपऊ की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक की शिनाख्त के लिए उसके फोटो विभिन्न थाना क्षेत्रों और आसपास के जिलों में भेजे गए हैं। थानाधिकारी प्रमेन्द्र रावत ने बताया कि मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं। पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि शव काफी क्षत-विक्षत हालत में था, जिससे प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस ने जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
शाहजहांपुर में भाजपा सांसद अरुण सागर के आवास पर रविवार को दर्जनों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सांसद ने कार्यालय में सभी की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। फरियादियों ने बिजली विभाग से जुड़ी शिकायतें, सड़कों पर गड्ढों की समस्या, थानों में सुनवाई न होने और कार्रवाई में पक्षपात के आरोप लगाए। कुछ फरियादी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग लेकर भी आए थे। सांसद अरुण सागर ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी के साथ अन्याय न हो और जरूरतमंदों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने बताया कि इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने भाजपा सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। सांसद ने बताया कि युवाओं को रोजगार दिया गया है और देश में ही उत्पादों का निर्माण शुरू होने से लोगों को काफी रोजगार मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गरीब कन्याओं का विवाह संभव हो रहा है।उन्होंने कहा कि प्रदेश से अपराधियों का राज खत्म हो चुका है और अब केवल कानून का राज है। सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बढ़ती लोकप्रियता का भी जिक्र किया।
मथुरा के वृंदावन में मनचलों की शर्मनाक हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। बाइक सवार दो युवकों ने परिक्रमा दे रही युवतियों पर पानी की बोतल मारी। युवकों की इस हरकत का वीडियो पीछे दूसरी बाइक पर चल रहे अन्य युवकों ने बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बाइक सवार युवकों की शर्मनाक हरकत का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अब युवकों की तलाश कर रही है। वृंदावन परिक्रमा का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो वृंदावन परिक्रमा मार्ग का है। यहां पुरुषोत्तम माह के चलते बड़ी संख्या में भक्त परिक्रमा दे रहे हैं। यहां परिक्रमा देने वालों में महिला,बच्चे और युवाओं की संख्या भी अच्छी है। ऐसे में कुछ विकृत मानसिकता के लोग अपनी शर्मनाक हरकतों को बाज देने से नहीं आ रहे। दूसरे बाइक सवार युवकों ने बनाया वीडियो परिक्रमा मार्ग के रास्ते में शर्मनाक हरकत कर रहे बाइक सवार युवकों को देख उनके पीछे एक बाइक पर दो युवक चल दिए। पीछा कर रहे युवकों ने इनकी शर्मनाक हरकत का वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर उनकी बाइक रुकवा कर उनको सबक सिखाया। युवती के बोतल मारते ही पीछे बाइक पर चल रहे युवकों ने हरकत करने वाले युवकों की बाइक को साइड मैं रुकवाया और उसके बाद उसकी मज़ामत कर दी। पुलिस कर रही तलाश वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसका पुलिस ने संज्ञान लिया। पुलिस अब शर्मनाक हरकत करने वाले युवकों की तलाश कर रही है। वृंदावन पुलिस का कहना है कि इस मामले में ऐसे युवकों की शिनाख्त होने के बाद कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मधेपुरा में शुक्रवार को एक कोचिंग के शिक्षक ने 13 वर्षीय पांचवीं क्लास की छात्रा के साथ रेप किया। घटना के बाद आरोपी संचालक फरार है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोचिंग सेंटर को सील कर दिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। घटना कुमारखंड प्रखंड के बेलारी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव की है। बताया गया कि 13 वर्षीय पीड़िता अपने मौसा के घर पर रहकर पढ़ाई कर रही थी। वह अन्य दिनों की तरह शुक्रवार को भी सुबह 6 बजे की पाली में कोचिंग पढ़ने गई थी। इस कोचिंग सेंटर का नाम 'रेनबो साइंस सर्किट' है, जिसका संचालक शंकर कुमार है। कोचिंग में छुट्टी होने के बाद सभी बच्चे अपने-अपने घर चले गए। लेकिन, पीड़िता कोचिंग में लगी फोटो स्टेट मशीन से अपने आधार कार्ड की छायाप्रति (फोटोकॉपी) कराने के लिए वहां रुक गई। मुंह में कपड़ा ठूंसकर किया रेप इसी अकेलेपन का फायदा उठाकर कोचिंग संचालक शंकर कुमार ने छात्रा को जबरन क्लासरूम के अंदर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने लगा। छात्रा की चीख-पुकार बाहर न जा सके, इसके लिए आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। काफी देर बीत जाने के बाद भी जब छात्रा घर वापस नहीं लौटी, तो उसके मौसा अनहोनी की आशंका में उसे तलाशते हुए कोचिंग सेंटर पहुंचे। जहां कोचिंग संचालक शंकर कुमार को अपनी भांजी के साथ रेप करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इस दौरान मासूम छात्रा दर्द के कारण बेहोश पड़ी थी और उसके मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। जैसे ही पीड़ित छात्रा के मौसा उसके मुंह से कपड़ा निकालने और उसे संभालने लगे, इसी बीच मौके का फायदा उठाकर आरोपी दुष्कर्मी शिक्षक वहां से भाग निकला। परिजन ने तत्काल इस पूरे मामले की सूचना बेलारी थाना अध्यक्ष वरुण कुमार को दी। सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और बेहोश छात्रा को तुरंत इलाज और मेडिकल टेस्ट के लिए सदर अस्पताल मधेपुरा भेजा, जहां उसका डॉक्टरों की देखरेख में इलाज किया गया। शनिवार को छात्रा का कोर्ट में बयान कराया गया। आरोपी शिक्षक की तलाश जारी घटना को लेकर पीड़िता के मौसा के लिखित बयान के आधार पर महिला थाना में आरोपी कोचिंग संचालक शंकर कुमार के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के बाद महिला थाना अध्यक्ष और बेलारी थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा फरार दुष्कर्मी शिक्षक के संभावित ठिकानों पर देर रात से ही छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
कहने को तो यह शहर की मुख्य सड़कों में से एक है, लेकिन प्रशासनिक अनदेखी के कारण आज यह राहगीरों के लिए किसी दुःस्वप्न (बुरे सपने) जैसी बन चुकी है। हम बात कर रहे हैं झुंझुनू शहर की चूरू रोड की, जो पिछले दो सालों से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। शहर के मुख्य सर्किल चूरू बाईपास (सगीरा सर्किल) से चूरू की तरफ मात्र 500 मीटर आगे बढ़ते ही सड़क का ऐसा रूप सामने आता है कि वाहन चालकों के हाथ-पांव फूल जाते हैं। समझ ही नहीं आता कि आगे कैसे बढ़ा जाए। 30 फीट की रोड पर 60 फीट पानी स्थिति इतनी विकट है कि यहां 30 फीट चौड़ी सड़क पर करीब 60 फीट की लंबाई तक गंदा पानी भरा हुआ है। इस जलजमाव के बीच 15 से 20 फीट के जानलेवा गड्ढे हो चुके हैं। सबसे ज्यादा परेशानी उन नए वाहन चालकों को होती है जो पहली बार इस रास्ते से गुजरते हैं। पानी भरा होने के कारण नीचे के गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे गाड़ियां सीधे इन खड्डों में समा जाती हैं। बिना गाड़ी को नुकसान पहुंचाए यहां से निकल पाना किसी चमत्कार से कम नहीं है। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी भयानक हो जाती है। तब यह मुख्य सड़क किसी छोटी-मोटी सड़क नहीं, बल्कि एक गहरे तालाब जैसी नजर आने लगती है। रोज टूट रहे वाहन, गिर रहे बाइक सवार इस 50 मीटर से अधिक लंबे जलभराव और छिपे हुए गड्ढों के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। आए दिन कार सवार और बाइक सवार इन गड्ढों का अंदाजा न मिलने के कारण संतुलन खोकर गिर जाते हैं। अब तक न जाने कितने लोग चोटिल हो चुके हैं और कितने ही वाहनों के पार्ट्स टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि रोज किसी न किसी के गिरने की आवाजें आती हैं, लेकिन प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय निवासी और व्यापारी बेहाल इस समस्या ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सड़क पर हर समय पानी भरा रहने और कीचड़ के कारण ग्राहकों ने यहाँ आना बंद कर दिया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों का धंधा चौपट हो रहा है। हफ्तों तक जमा रहने वाले इस दूषित पानी से इलाके में सड़न और बदबू फैल रही है।
उत्तर प्रदेश में B.Ed कोर्स में दाखिले के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा रविवार को प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया गया। आगरा मंडल के चार जिलों - आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में बनाए गए 46 परीक्षा केंद्रों पर 20,000 से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चली। इसमें अभ्यर्थियों ने सामान्य ज्ञान और भाषा का पेपर दिया। परीक्षा देकर केंद्रों से बाहर निकले परीक्षार्थियों ने बताया-पहली पाली का पेपर उम्मीद से काफी आसान रहा। छात्रा प्रिया शर्मा ने कहा-सुरक्षा व्यवस्थाएं बहुत अच्छी थीं। केंद्र पर चेकिंग के बाद किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। GK का पेपर आसान था। राजनीति विज्ञान, भारतीय इतिहास और अर्थशास्त्र से पूछे गए सवाल सीधे थे। करेंट अफेयर्स भी पिछले 6 महीने के ही पूछे गए थे। जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने केंद्रों का निरीक्षण किया। मंडल समन्वयक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि सभी 40 केंद्रों पर CCTV, जैमर और बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था थी। नकल रोकने के लिए हर कमरे में दो-दो कक्ष निरीक्षक तैनात किए गए थे। कहीं से भी कोई अनुचित साधन प्रयोग की शिकायत नहीं मिली। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक होगी। इसमें अभ्यर्थी सामान्य अभिरुचि और विषय योग्यता का पेपर देंगे।परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में सुबह से ही उत्साह दिखा। केंद्रों के बाहर अभिभावक भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पुलिस ने केंद्रों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर रविवार सुबह से ही जदयू के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह सबसे पहले डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय झा के आवास पहुंचे। विधान परिषद चुनाव और संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चा होने की बात कही जा रही है। इसके बाद संजय झा भी 7 सर्कुलर रोड स्थित नीतीश कुमार के आवास पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच चुनावी रणनीति और संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। सूत्रों के मुताबिक विधान परिषद की 10 सीटों पर उम्मीदवारों के चयन और सहयोगी दलों के साथ तालमेल को लेकर मंथन किया गया। वहीं, अब राज्यसभा सांसद संजय झा के आवास पर जदयू नेताओं की बैठक हुई। बैठक में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक में विधान परिषद चुनाव की रणनीति, संभावित नामों और आगे की राजनीतिक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हो रही है। NDA में सीट बंटवारे का फॉर्मूला लगभग तय विधान परिषद की 9 सीटें खाली हो रही हैं, जबकि एक सीट पर उपचुनाव होना है। इस तरह कुल 10 सीटों पर चुनाव होगा। सूत्रों के मुताबिक एनडीए में सीट शेयरिंग का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है। जेडीयू के कब्जे वाली चारों सीटें पार्टी के पास ही रहेंगी। वहीं भाजपा के हिस्से में इस बार तीन सीटें आने की संभावना है। शेष दो सीटों में एक एलजेपी (रामविलास) और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा को दी जा सकती है। एनडीए के सभी घटक दलों में लगातार मंथन चल रहा है और जून के पहले सप्ताह में उम्मीदवारों के नामों की घोषणा हो सकती है। भाजपा ने 3 सीटों के लिए 12 नाम दिल्ली भेजे भाजपा ने अपने हिस्से की संभावित तीन सीटों के लिए उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया तेज कर दी है। पार्टी उम्मीदवार बनने के लिए 65 लोगों ने आवेदन किया था। सात चरणों की स्क्रूटनी के बाद भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने 12 नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। अब भाजपा की संसदीय समिति इन नामों में से तीन उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला करेगी। इन नामों की सबसे अधिक चर्चा दिल्ली भेजे गए नामों में राकेश कुमार सिंह, प्रेम रंजन पटेल, सरोज रंजन पटेल, अनामिका पासवान, संजय मयूख, राजेंद्र वर्मा, ललन मंडल, बलराम मंडल, लाजवंती झा, राजेंद्र सिंह, बृजेश रतन और मितलेश रजक शामिल हैं। भाजपा सामाजिक और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंतिम उम्मीदवारों का चयन कर सकती है। सहयोगी दलों में भी मंथन जारी एनडीए के अन्य घटक दल भी अपने संभावित उम्मीदवारों को लेकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि एलजेपी (रामविलास) अपने हिस्से की सीट पर चिराग पासवान के भांजे सीमांत पासवान को मौका दे सकती है। हालांकि इसको लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। 18 जून को होगा मतदान विधान परिषद चुनाव की अधिसूचना 1 जून को जारी होगी। 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। 18 जून को मतदान और मतगणना कराई जाएगी।
मनेंद्रगढ़ कप 2026 क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन हो गया है। टूर्नामेंट के 16वें संस्करण में वार्ड नंबर- 17 की टीम ने फाइनल मुकाबले में वार्ड क्रमांक 22 को हराकर खिताब जीता। समापन समारोह में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। साथ ही विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी, पुरस्कार दिए गए। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करते हैं। उन्होंने क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही फुटबॉल टूर्नामेंट आयोजित कराने और विधानसभा स्तरीय क्रिकेट टूर्नामेंट शुरू करने की घोषणा की। वहीं, आयोजन समिति ने खेल ग्राउंड में फ्लड लाइट लगवाने की मांग की। इस पर मंत्री ने नगर पालिका प्रशासन को जल्द ही इसका एस्टीमेट तैयार कर पेश करने का निर्देश दिया। उन्होंने आयोजन समिति को आश्वासन दिया कि ग्राउंड में जल्द ही फ्लड लाइट लगाई जाएंगी। अधिकारियों की सामूहिक बस यात्रा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों ने सामूहिक यात्रा कर स्वच्छता का संदेश दिया। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े और जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम सहित कई विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात पहुंचे। इस दौरान लगभग 50 किलोमीटर की यात्रा की गई। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के तहत की गई। प्रशासन का उद्देश्य सामूहिक यात्रा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना रहा। अमृतधारा जलप्रपात पहुंचने के बाद अधिकारियों ने श्रमदान कर परिसर की साफ-सफाई की। अभियान के दौरान जलप्रपात क्षेत्र में जगह-जगह शराब की खाली बोतलें और अन्य कचरा मिला, जिसे एकत्र कर नष्ट किया गया। पर्यटकों से स्वच्छता की अपील अधिकारियों ने पर्यटकों से अपील की कि वे पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखें और कचरा न फैलाएं। साथ ही कचरे के लिए निर्धारित डस्टबिन का उपयोग करने की सलाह दी गई। अमृतधारा जलप्रपात छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना रहा। कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि शासकीय अवकाश का सदुपयोग करते हुए सभी अधिकारी बस से सामूहिक रूप से यहां पहुंचे, जिससे पेट्रोल-डीजल की खपत कम हुई। उन्होंने कहा कि श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि प्रकृति और शहर को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है।
चूरू में विदेश भेजने के नाम पर शेखावाटी अंचल के 60 से ज्यादा लोग धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं। एजेंटों ने इन लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए ठग लिए। पीड़ित अब अपने पैसे वापस पाने के लिए नेताओं और पुलिस थानों के चक्कर लगा रहे हैं। रतनगढ़ निवासी विनोद कुमार, रघुनाथपुरा निवासी गौरीशंकर ऐचरा और सरदारशहर निवासी मो. सलीम सहित कई पीड़ितों ने बताया कि शहर के उम्मेद खान और राकेश कुमार नामक एजेंटों ने उनसे विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए लिए थे। उन्हें टूरिस्ट वीजा पर विदेश भेजा गया, जबकि काम और वेतन का झूठा आश्वासन दिया गया था। अब एजेंट घर या कार्यालय में नहीं मिल रहेपीड़ितों ने एजेंटों को कुछ राशि ऑनलाइन माध्यम से और कुछ नकद में दी थी। विदेश पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उन्हें बताया गया काम और वेतन नहीं मिलेगा। विदेश में फंसने के बाद, उन्हें अपने परिजनों से टिकट के पैसे मंगवाकर वापस भारत लौटना पड़ा। भारत लौटने के बाद, पीड़ितों ने एजेंटों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए अपने पैसे वापस मांगे। जवाब में एजेंटों ने कुछ लोगों को चेक दिए, जबकि अन्य को जल्द ही पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। हालांकि अब एजेंट अपने घर या कार्यालय में नहीं मिल रहे हैं।धोखाधड़ी के शिकार हुए इन लोगों ने अब न्याय के लिए पूर्व विधायक अभिनेश महर्षि से भी गुहार लगाई है। इसके अलावा उन्होंने पुलिस थाने में भी लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
बालोतरा में रविवार को अधिकमास पूर्णिमा के अवसर पर विशाल नगर परिक्रमा का आयोजन किया गया। सनातन धर्म सभा समिति और विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस परिक्रमा में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह 5 बजे माधवदास जी की बगेची स्थित वनखंडी महादेव मंदिर से शुरू हुई ये परिक्रमा 21 किलोमीटर लंबी थी, जिसे श्रद्धालुओं ने भीषण गर्मी और करीब 40 डिग्री तापमान के बावजूद पैदल पूरा किया। ये नगर परिक्रमा हर तीन वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है। इसे सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और लोक आस्था का प्रतीक माना जाता है। सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास, जिसे अधिक मास भी कहते हैं, भगवान का सबसे प्रिय मास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस मास में किए गए जप, तप, दान और पुण्य का फल कई गुना अधिक होता है। परिक्रमा में 5 हजार से अधिक महिलाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। श्रद्धालु 'जय श्रीराम' और 'हर-हर महादेव' के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे। कई स्थानों पर लोगों ने पेड़ों पर चुनरी बांधकर अपनी मनोकामनाएं भी मांगीं। इस नगर परिक्रमा के दौरान गाय के दूध की अखंड धारा भी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने इसे धार्मिक आस्था और पुण्य का प्रतीक मानकर दर्शन किए। भीषण गर्मी को देखते हुए आयोजक समिति ने परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पानी, शीतल पेय और विश्राम की व्यवस्था की थी। नेशनल और स्टेट हाईवे से गुजरने वाले मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रही और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हुई। इस नगर परिक्रमा के आयोजन से शहर में धार्मिक वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था का प्रदर्शन किया।
नौतपा के बीच मौसम में आई नरमी के दौरान रविवार को उज्जैन जिले के बड़नगर में लोगों को आसमान में एक दुर्लभ प्राकृतिक नजारा देखने को मिला। यहां सूरज के चारों ओर इंद्रधनुषी रंगों का एक चमकदार घेरा दिखाई दिया, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ‘सन हेलो’ या ‘सूर्य का प्रभामंडल’ कहा जाता है। इस दृश्य की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे है। 33 डिग्री तापमान के बीच दिखा अनोखा दृश्य रविवार को बड़नगर का अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो नौतपा के दौरान सामान्य तापमान से कम रहा। इसी बीच आसमान में सूरज के चारों ओर बना चमकदार घेरा लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गया। बड़नगर के मोबाइल व्यापारी शुभम देवड़ा ने बताया कि सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आसमान की ओर देखा। वहां सूरज के चारों ओर स्पष्ट रूप से चमकदार घेरा दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है। देश के कई शहरों में भी दिख चुका है सन हेलो हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, संतकबीरनगर और मेंहदावल के अलावा राजस्थान के बीकानेर और बेंगलुरु सहित देश के कई हिस्सों में भी ऐसा ही दृश्य देखा गया था। क्या होता है सन हेलो खगोलविदों के अनुसार सूरज के चारों ओर दिखाई देने वाले इस चमकदार घेरे को ‘सन हेलो’ कहा जाता है। इसे वैज्ञानिक रूप से ‘22 डिग्री हेलो’ भी कहा जाता है। यह कोई रहस्यमयी या अलौकिक घटना नहीं, बल्कि प्रकाश और वायुमंडल से जुड़ी एक सामान्य वैज्ञानिक प्रक्रिया है। 22 डिग्री हेलो नाम क्यों पड़ा विशेषज्ञों के मुताबिक यहां 22 डिग्री का संबंध तापमान से नहीं, बल्कि प्रकाश के कोण से है। ऊंचाई पर मौजूद बर्फ के सूक्ष्म क्रिस्टलों से गुजरते समय सूर्य की किरणें अपवर्तित और परावर्तित होती हैं। इस प्रक्रिया में प्रकाश लगभग 22 डिग्री के कोण पर फैलता है, जिससे सूरज के चारों ओर गोलाकार घेरा दिखाई देता है। इसी कारण इसे ‘22 डिग्री हेलो’ कहा जाता है। सीधे सूरज की ओर देखने से बचने की सलाह विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि सन हेलो का अवलोकन करते समय सीधे सूर्य की ओर लगातार नहीं देखना चाहिए, क्योंकि सूर्य की तीव्र रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसे कैमरे, सनग्लासेस या अन्य सुरक्षित माध्यमों से देखना अधिक उपयुक्त माना जाता है।
अंबाला में क्रॉकरी स्टोर में चोरी:तीसरी मंजिल की जाली तोड़कर घुसे चोर, कैश और कीमती सामान ले गए
अंबाला जिले के नारायणगढ़ में एक क्रॉकरी स्टोर में अज्ञात चोरों ने चोरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर नारायणगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना परशुराम चौक, बस स्टैंड के पास स्थित एक क्रॉकरी स्टोर में हुई। चोरों ने बड़ी चालाकी से दुकान की तीसरी मंजिल पर लगी जाली को तोड़ा और अंदर प्रवेश किया। पजलासा चौक निवासी राहुल ढींगरा पुत्र रमेश कुमार ने पुलिस को बताया कि वे 26 मार्च 2026 को अपनी कंपनी के काम से गोवा गए थे। 29 मार्च 2026 को रात करीब 9:30 बजे जब वे दुकान पर लौटे, तो उन्होंने तीसरी मंजिल की जाली टूटी हुई पाई। कीमती सामान और कैश ले गए चोर राहुल ढींगरा ने बताया कि दुकान का शटर खोलने पर अंदर सारा सामान बिखरा हुआ था। चोरों ने दुकान से जूसर, लंच बॉक्स, पानी की बोतलें, जूसर कैटल और सैंडविच मेकर सहित लगभग डेढ़ से 2 लाख रुपए का सामान चुरा लिया। इसके अतिरिक्त, गल्ले में रखे ₹5,000 की नकदी भी गायब मिली। पीड़ित व्यापारी ने अपनी प्रारंभिक छानबीन के बाद 30 मई 2026 को नारायणगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस थाना नारायणगढ़ पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा नंबर 201, धारा 331(4) और 305 BNS के तहत केस दर्ज कर रजिस्टर कर लिया है। पुलिस टीम ने मौका-ए-वारदात का मुआयना किया है और आरोपियों की पहचान के लिए दुकान और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि जल्द से जल्द शातिर चोरों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
अंबाला शहर में एक दुकानदार के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 93 हजार रुपए निकाल लिए। यह ठगी तब हुई जब खाते से बड़ी रकम निकाले जाने का कोई मैसेज या ईमेल दुकानदार को नहीं मिला। बैंक मैनेजर ने बताया कि खाता हैक कर यह वारदात की गई है। पीड़ित की शिकायत पर अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुरानी घास मंडी निवासी 27 वर्षीय ऋषभ जैन, जैन बाजार में पंसारी की दुकान चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका मोबाइल नंबर उनके आईसीआईसीआई बैंक खाते से लिंक है। 26 मई को उनके खाते में 1 लाख 81 हजार 266 रुपए का बैलेंस था। उसी दिन उन्हें खाते से 95 हजार 2 रुपए निकलने का एक ईमेल मैसेज मिला था। एक्सिस बैंक में ट्रांसफर की गई रकम ऋषभ ने अगले दिन 27 मई की सुबह जब ऑनलाइन बैंक स्टेटमेंट चेक की, तो पता चला कि 95 हजार 2 रुपए की निकाली गई राशि कुछ देर बाद खाते में वापस आ गई थी। हालांकि, इसके तुरंत बाद उनके खाते से 93 हजार 1 रुपया फिर निकाल लिए गए। यह राशि एक्सिस बैंक के एक खाता संख्या में ट्रांसफर की गई थी। ऋषभ जैन ने बताया कि इस 93,001 रुपये की निकासी का उन्हें कोई मैसेज या ईमेल नहीं मिला। इस ठगी के बाद उनके खाते में केवल 88 हजार 265.71 रुपए बचे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ट्रांजेक्शन उन्होंने नहीं की थी। बैंक मैनेजर बोले- खाता हैक किया गया दुकानदार ने जब बैंक मैनेजर से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका खाता हैक कर यह ठगी की है। इसके बाद ऋषभ जैन ने 30 मई को अंबाला साइबर क्राइम थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। साइबर थाने के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) महताब सिंह ने जानकारी दी कि ऋषभ जैन के बयान और साइबर पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर तुरंत कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4) और 111(2)(B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे-44 (जीटी रोड) दूध सप्लाई कर लौट रहे पिता-पुत्र की गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई। इस हादसे में बेटे की मौत हो गई, जबकि उसका पिता घायल हो गया। एक्सीडेंट के बाद बाप-बेटा गाड़ी में ही फंसे रहे। पुलिस ने राहगीरों की मदद से गाड़ी का दरवाजा तोड़कर केबिन काटकर उनको बाहर निकाला। मृतक की पहचान 21 साल के प्रिंस निवासी कलवेहड़ी जिला करनाल के रूप में हुई। प्रिंस अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी ट्रक के पीछे फंस गई। फिलहाल प्रिंस के पिता का इलाज चल रहा है। पंचकूला से दूध सप्लाई कर लौट रहे थे पुलिस के मुताबिक, रामसरूप (53) निवासी कलवेहड़ी ने अपनी अशोक लेलैंड गाड़ी को मदर डेयरी के बूथों पर दूध सप्लाई के लिए लगाया हुआ है। रामसरूप अपनी गाड़ी पर करनाल से पंचकूला तक दूध सप्लई करता है। 30 मई की रात करीब 1 बजे रामसरूप करनाल से दूध लेकर पंचकूला रवाना हुआ था। बेटा प्रिंस करता था हेल्प रामसरूप के साथ उसका इकलौता बेटा प्रिंस हेल्पर के तौर पर गया था। दोनों बाप-बेटा पंचकूला में दूध सप्लाई करके करनाल अपने गांव लौट रहे थे। सुबह करीब साढ़े 9 बजे जीटी रोड पर शाहाबाद एरिया में नौ गजा पीर से आगे पहुंचे तो आगे चल रहे ट्रक (HR38W 5640) के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी गाड़ी सीधे ट्रक के पीछे जा टकराई। काफी मशक्क्त के बाद निकाले टक्कर के बाद गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बाप-बेटा काफी देर तक गाड़ी के अंदर फंसे रहे। मौके पर पहुंचे राहगीरों और पुलिस टीम ने काफी मशक्कत के बाद गाड़ी के दरवाजे तोड़े और कुछ हिस्से काटकर दोनों को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से आदेश अस्पताल मोहड़ी पहुंचाया। बेटे प्रिंस को किया रेफर यहां प्रिंस की हालत गंभीर होने पर उसे करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। रामसरूप को हादसे में मामूली चोटें लगीं। एक्सीडेंट के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर मौके से भाग गया। शाहाबाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी।
उमरिया जिले में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए हैं। दोनों वाहन बिना वैध दस्तावेजों के रेत का परिवहन करते पाए गए। यह कार्रवाई तहसीलदार दिलीप सोनी और सहायक खनिज अधिकारी दिवाकर चतुर्वेदी के नेतृत्व में खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। रेलवे फाटक के पास पकड़े गए वाहन संयुक्त टीम ने सिंगलटोला स्थित रेलवे फाटक के पास वाहनों की जांच की। इस दौरान ट्रैक्टर इंजन क्रमांक NKG2DEJ0001 के चालक राजेश चौधरी और ट्रैक्टर इंजन क्रमांक E3490636 के चालक सज्जन कोल को रेत परिवहन करते हुए रोका गया। दोनों चालक ग्राम बड़ेरी के निवासी हैं और जांच के दौरान रेत परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज अधिकारियों ने तत्काल दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर लिए। आरोपियों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज अवैध अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन ने कहा है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
हनुमानगढ़ जिले में शनिवार को आए धूलभरे अंधड़ और बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। भीषण गर्मी से जूझ रहे जिले को इससे बड़ी राहत मिली है। रविवार को भी आसमान में हल्के बादल छाए रहे और तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान करीब 42 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले दिनों की तुलना में लगभग 5 डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान भी गिरकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि सुबह के समय 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास तापमान रहने से ठंडक बनी रही। पिछले सप्ताह जिले में तापमान 47 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। 2 जून तक सामान्य रहेगा मौसममौसम विशेषज्ञों ने बताया कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के मौसम में यह बदलाव आया है। इसके चलते 2 जून तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इस अवधि में कहीं-कहीं मेघगर्जन, तेज हवाएं और हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे पहले गुरुवार शाम को भी हनुमानगढ़ जिले में बारिश और ओलावृष्टि हुई थी, जिसके बाद शुक्रवार को तापमान में कुछ कमी आई थी। शनिवार के अंधड़ और बारिश ने इस राहत को और बढ़ा दिया। रविवार सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, जिससे धूप का असर कम महसूस हुआ। 5 जून तक फिर बारिश के आसारमौसम विभाग के 7 दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 5 जून तक जिले में मेघगर्जन और बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 41 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से हाल ही में बोई गई नरमा की फसल को फायदा मिलेगा।
हरदोई के अरवल थाना क्षेत्र के निकामदपुर गांव में शनिवार शाम गंगा नदी में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। दोनों बच्चे भैंस चराने गए थे और नहाते समय गहरे पानी में चले गए। लगभग चार घंटे की तलाश के बाद गोताखोरों ने उनके शव बरामद किए। जानकारी के अनुसार, निकामदपुर निवासी रामशंकर के 9 वर्षीय पुत्र ध्रुव और बृजपाल के 10 वर्षीय पुत्र किशन शनिवार शाम गांव से करीब 500 मीटर दूर गंगा नदी किनारे भैंस चराने गए थे। गर्मी से राहत पाने के लिए दोनों नदी में नहाने उतरे थे। इसी दौरान ध्रुव गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के प्रयास में किशन भी नदी की तेज धार में बह गया। नदी किनारे मौजूद लोगों ने बच्चों को डूबते देख शोर मचाया। सूचना मिलने पर परिजन और थानाध्यक्ष अनिल सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गोताखोरों ने लगभग चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जाल डालकर दोनों बच्चों के शवों को नदी से बाहर निकाला। मृतक किशन प्राथमिक विद्यालय जीवनपुरवा में कक्षा 5 का छात्र था। वह अपने दो भाइयों और चार बहनों में चौथे स्थान पर था। ध्रुव इसी स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था और अपने पांच भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। घटना की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार राजेश कुमार पटेल ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी और सरकारी सहायता का आश्वासन भी दिया। थानाध्यक्ष अनिल सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर से कुछ ही दूरी पर स्थित खाटू श्याम मंदिर में रविवार तड़के चोरी हो गई। चोर भगवान का मुकुट, कुंडल, छत्र और आरती का सामान ले गए। यह पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि चोरी करने से पहले चोर नंगे पैर मंदिर में दाखिल हुआ और भगवान के चरण स्पर्श किए। इसके बाद उसने कीमती धार्मिक सामान चुराया और फरार हो गया। सुबह मंदिर खुलने पर पुजारियों और श्रद्धालुओं को चोरी का पता चला। चोरी की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में जमा हो गए और घटना पर नाराजगी व्यक्त की। लोगों ने कहा कि थाने के इतनी नजदीक होने के बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। सूचना मिलने पर थाना मक्खनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। क्षेत्राधिकारी शिकोहाबाद ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और पुलिस टीम को जल्द खुलासे के निर्देश दिए। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है। मंदिर समिति और श्रद्धालुओं ने पुलिस से जल्द से जल्द चोरी का खुलासा कर सामान बरामद करने की मांग की है। इंस्पेक्टर चमन शर्मा ने बताया कि मंदिर में हुई चोरी की घटना की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोर की पहचान कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। उन्होंने जल्द ही घटना का खुलासा करने का आश्वासन दिया।
जयपुर शहर में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कहीं सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं तो कहीं खराब सड़कें, खुले सीवर चैंबर और जलभराव की समस्या लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। कई क्षेत्रों में हाल ही में हुए विकास कार्य भी लोगों को राहत देने के बजाय नई परेशानियां खड़ी कर रहे हैं। आमजन का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। ऐसे में लोगों ने भास्कर समाधान के जरिए अपनी आवाज उठाकर जिम्मेदार विभागों से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट में मुद्दे उठने के बाद कुछ मामलों में संबंधित विभागों ने कार्रवाई करते हुए राहत भी पहुंचाई है। कहीं सीवर की समस्या का समाधान हुआ तो कहीं पार्क में बच्चों के टूटे झूले ठीक कर दिए गए। (आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें।) सफाई के बाद कचरा नालियों में डाला शंकर नगर, गंगापोल रोड से गजानंद अग्रवाल ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में सफाई व्यवस्था केवल दिखावे तक सीमित होकर रह गई है। उनका आरोप है कि सफाईकर्मी सड़क और गलियों से कचरा इकट्ठा तो कर लेते हैं, लेकिन उसे उठाकर ले जाने के बजाय नालियों में ही डाल देते हैं। इससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदगी की समस्या और बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सफाईकर्मियों को ऐसा करने से रोका जाता है तो भी स्थिति में कोई सुधार नहीं होता। नालियों में जमा कचरे के कारण पानी की निकासी प्रभावित हो रही है और बरसात के दौरान जलभराव का खतरा भी बढ़ जाता है। लोगों ने सफाई व्यवस्था की निगरानी बढ़ाने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है। गड्ढों और जाम ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें जयसिंहपुरा खोर की द्वारकापुरी कॉलोनी से गौरव सैनी ने पोस्ट किया कि क्षेत्र में रोजाना ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं और यातायात धीमा हो जाता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को रोजाना जाम की समस्या झेलनी पड़ रही है। लोगों ने सड़क की मरम्मत कराकर यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की है। खुला सीवर चैंबर बना हादसों का खतरा उषा नगर, मानसरोवर से तरुण वशिष्ठ ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी का मुख्य सीवर चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है। चैंबर पर ढक्कन नहीं होने के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कॉलोनी में बच्चे खेलते रहते हैं और बुजुर्ग भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते चैंबर को नहीं ढका गया तो कोई भी व्यक्ति इसमें गिरकर घायल हो सकता है। नई सड़क बनी, लेकिन बारिश में भर जाता है पानी शेखावाटी नगर, हरमाड़ा से विष्णु जांगिड़ ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी में हाल ही में सीसी रोड का निर्माण किया गया था, लेकिन सड़क की ढाल सही नहीं होने के कारण हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने के बाद राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अब जलभराव की नई समस्या सामने आ गई है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा हो जाने से वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है और कई बार लोगों को दूसरे रास्तों का उपयोग करना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर उचित सुधार करवाने की मांग की है। बार-बार ओवरफ्लो होने वाली सीवर लाइन से मिली राहत पुरानी बस्ती, जयपुर से सुनीता ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में सीवर लाइन बार-बार जाम होकर भर जाती थी। लगभग हर 15 दिन में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता था, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। बदबू, गंदगी और मच्छरों के कारण आसपास का माहौल भी खराब हो गया था। स्थानीय लोगों का कहना था कि सीवर ओवरफ्लो होने के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता था। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती थी। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर सीवर लाइन की सफाई और आवश्यक मरम्मत का कार्य कराया। कार्रवाई के बाद सीवर लाइन की समस्या का समाधान हुआ और क्षेत्रवासियों को राहत मिली। बंद रोड लाइटें हुईं शुरू, कॉलोनीवासियों को मिली राहत श्रीनगरपुरा, गोपाल नगर से शैलेश जैन ने पोस्ट किया था कि उनकी कॉलोनी में काफी समय से रोड लाइटें बंद पड़ी थीं। इसके कारण रात होते ही क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। स्थानीय लोगों का कहना था कि अंधेरे के कारण क्षेत्र में 2-3 बार चोरी की घटनाएं भी हो चुकी थीं, जिससे रहवासियों में भय का माहौल था। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई करते हुए खराब रोड लाइटों को ठीक करवाया। अब क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बहाल हो गई है, जिससे कॉलोनीवासियों को राहत मिली है और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। आज के पब्लिक के स्टार : हिमांशु शर्मा श्रीनगरपुरा, गोपाल नगर से शैलेश जैन ने पोस्ट किया था कि उनकी कॉलोनी में लंबे समय से रोड लाइटें बंद पड़ी थीं। रात के समय पूरे क्षेत्र में अंधेरा छा जाता था, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी होती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार अंधेरे का फायदा उठाकर क्षेत्र में 2-3 बार चोरी की घटनाएं भी हो चुकी थीं, जिससे रहवासियों में डर का माहौल बना हुआ था। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद AEN, हिमांशु शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित टीम को मौके पर भेजा। टीम ने खराब रोड लाइटों को ठीक करवाकर उन्हें पुनः चालू कराया। रोड लाइटें शुरू होने के बाद क्षेत्र में रोशनी की व्यवस्था बहाल हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है और सुरक्षा को लेकर भी उनका भरोसा बढ़ा है। आमजन की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में सेवा सदन मार्ग से नहीं उठ रहा कचरा:रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में सीवर ओवरफ्लो से बढ़ी परेशानी;रविन्द्र सिंह बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान पर उठ रही आवाज:सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं जयपुर की समस्याएं, गंदे पानी की निकासी हुई; ओम थानवी बने पब्लिक के स्टार 3.जयपुर के हालातों में नहीं हो रहा सुधार:भास्कर समाधान पर आ रही शिकायतें; कहीं सीवर का सैलाब, कहीं सड़क पर खतरा, बदहाल तस्वीर आई सामने 4.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:जगदंबा नगर में हटा मलबा, चमकीं स्ट्रीट लाइटें; थानवी लोगों की समस्या दूर कर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.भास्कर ‘समाधान’ असर, कई समस्याओं का हुआ समाधान:एक पोस्ट में भरा दो साल पुराना गड्ढा, मलबा हटा तो रास्ता हुआ सुगम 6.भास्कर समाधान का असर, सीवर-कचरे की समस्या हुई दूर:बंद पड़ी रोड लाइट, कहीं सीवर बना मुसीबत; ओम थानवी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.भास्कर 'समाधान' असर: 48 घंटे में ठीक हुई सीवर समस्या:साफ पानी मिलने लगा, ओम थानवी बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 8.जयपुर में भास्कर समाधान का असर:शिकायत के बाद नगर निगम ने उठाया कचरे का ढेर, मनोज भीवाल बने 'पब्लिक के स्टार' 9.जयपुर में खुले गड्ढों से हादसे का डर:टूटी सड़कें, सीवर और ट्रैफिक जाम, भास्कर में समस्या पोस्ट करने पर कई वार्डों में समाधान 10.जयपुर में स्ट्रीटलाइट बंद होने से चोरियों का डर:कचरा नहीं उठने और जलभराव से लोग परेशान; भास्कर की पोस्ट से हुआ समस्याओं का समाधान
गोरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य-औषधि प्रशासन विभाग ने फल विक्रेताओं के खिलाफ तीन दिवसीय विशेष जांच अभियान चलाया। इस अभियान के तहत लगभग 10 किलोग्राम सड़े आम और दर्जनों केले मौके पर ही नष्ट किए गए। पेंड्रा और गौरेला के बस स्टैंड, संजय चौक, गांधी चौक, दुर्गा चौक सहित विभिन्न क्षेत्रों में फल विक्रेताओं की दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान फलों की गुणवत्ता की जांच की गई। विक्रेताओं को खाद्य पंजीयन लेने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। उन्हें सड़े-गले फलों की बिक्री न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य पदार्थ मिल सकें। जिला स्तरीय खेल प्रशिक्षण शिविर शुरू पेंड्रा में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह शिविर नगर पालिका परिषद पेंड्रा के तरणताल में संचालित हो रहा है। आकांक्षी विकासखंड गौरेला के जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले बैगा बालक-बालिकाओं को उनके परिवारों से विशेष आग्रह कर शिविर में लाया गया है। सुबह-शाम दो पालियों में अभ्यास शिविर में शामिल बच्चे प्रतिदिन सुबह और शाम दोनों पालियों में तैराकी का अभ्यास कर रहे हैं। उन्हें पानी में संतुलन, सांस नियंत्रण और तैराकी की बुनियादी तकनीकें सिखाई जा रही हैं। राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ी बच्चों को गहन प्रशिक्षण दे रहे हैं। फ्रीस्टाइल, बैक स्ट्रोक, बटरफ्लाई स्ट्रोक और ब्रेस्ट स्ट्रोक जैसी विभिन्न तैराकी विधाओं का अभ्यास कराया जा रहा है। सीखने की प्रक्रिया और चुनौतियां विशेषज्ञों के अनुसार तैराकी सीखने में समय और निरंतर अभ्यास की जरूरत होती है। कम समय में सभी तकनीकों में दक्ष होना कठिन है, लेकिन शिविर में बच्चे तेजी से सीख रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। बैगा बच्चों के लिए नया अनुभव बैगा समुदाय के बच्चे जंगल, पहाड़ और नदी-नालों के वातावरण से परिचित हैं, लेकिन तरणताल में तैराकी का अनुभव उनके लिए नया और रोमांचक है। यह प्रशिक्षण उनके लिए एक अलग और उपयोगी अवसर साबित हो रहा है। भविष्य में संभावनाएं आने वाले शिक्षा सत्र में इस प्रशिक्षण के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बैगा बहुल क्षेत्रों के बच्चे स्कूल स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में तैराकी जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाएंगे।
कासगंज जनपद के ढोलना थाना क्षेत्र के गांव भामो में रविवार को एक हादसा हो गया। गांव निवासी 60 वर्षीय चमेली देवी पत्नी जवाहर लाल अपने घर के बाहर बैठी थीं, तभी एक आवारा सांड ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांड ने वृद्ध महिला को पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सांड को भगाया, लेकिन तब तक महिला गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं। परिजन उन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही ढोलना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वृद्ध महिला की अचानक हुई मौत से परिवार में दुख का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा सांडों और छुट्टा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ रहा है। लोग आए दिन इनकी वजह से हादसों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों ने प्रशासन से आवारा पशुओं को पकड़वाने और गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
अमृतसर में स्कूल फीस के दबाव से परेशान 12वीं की एक छात्रा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान आज (31 मई) उसकी मौत हो गई। मरने से पहले छात्रा ने अस्पताल में एक वीडियो भी बनाया था, जिसमें उसने कहा कि उसे फीस के लिए बहुत मेंटल टॉर्चर किया गया। इसके लिए प्रिंसिपल उसे अलग कमरे में भी लेकर गई थी। इससे वह परेशान थी, इसलिए उसने यह कदम उठाया है। मृतका की पहचान 17 वर्षीय अमजोत कौर के रूप में हुई है, जो अमृतसर में 88 फीट रोड क्षेत्र की रहने वाली थी। वह अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहकर पढ़ाई कर रही थी। वीडियो में छात्रा ने ये बातें कहीं… छात्रा ने मरने से पहले बनाए गए वीडियो में स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगाए। उसने कहा कि 11 मई को मुझे स्कूल बुलाया गया था, जहां मुझे काफी मेनटली टॉर्चर किया गया। उसे क्लास के ग्रुप से भी हटा दिया गया था। वीडियो में उसने कहा कि उसकी मौजूदा हालत के लिए स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार है और वह जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रही है। उसने मामले में न्याय की मांग करते हुए कहा कि उसे इंसाफ मिलना चाहिए। 20 हजार रुपए जमा करने का दबाव बनाया परिजन के अनुसार, अमजोत की स्कूल फीस के करीब 20 हजार रुपए बकाया थे। उनका आरोप है कि फीस जमा करवाने के लिए स्कूल प्रबंधन की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मासी बोली- प्रिंसिपल दबाव डाल रही थी मृतका की मासी सरबजीत कौर ने आरोप लगाया कि डीडीआईएस स्कूल फतेहगढ़ चूड़ियां रोड की प्रिंसिपल शबनम शर्मा और क्लास टीचर आकांक्षा शर्मा फीस को लेकर बार-बार अमजोत पर दबाव डाल रही थीं। उनका कहना है कि इसी मानसिक दबाव के चलते अमजोत ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालांकि इस मामले में अभी स्कूल की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना के बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाना है। चौकी विजय नगर पुलिस ने परिजन के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। *********** ये खबर भी पढ़ें: जालंधर की सिल्वर प्लाजा मार्केट में बाप-बेटे पर हमला: तेजधार हथियार और पिस्तौल के बट से किया घायल, पुलिस मामले की जांच में जुटी जालंधर की सिल्वर प्लाजा मार्केट में पुरानी रंजिश के चलते एक पिता और पुत्र पर हमला किया गया। बदमाशों ने तेजधार हथियारों और पिस्तौल के बट से वार कर दोनों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है और थाना आठ की पुलिस को सूचना दी गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
इंदौर के पास महू में रविवार दोपहर नर्मदा-क्षिप्रा पाइप लाइन फट गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना इंदौर-खंडवा रोड स्थित भेरूघाट के पास करीब 12 बजे हुई। पाइपलाइन फटते ही तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और पानी का विशाल फव्वारा करीब 150 फीट ऊंचाई तक उठने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पाइपलाइन में पानी का दबाव इतना अधिक था कि फव्वारा पास से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन की ऊंचाई तक पहुंचता दिखाई दिया। देखते ही देखते बड़ी मात्रा में पानी आसपास के इलाके में फैल गया और कई घरों में घुस गया। इससे लोगों के घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा। आसपास की सड़क पर भी पानी भरा घटना के बाद भेरू मंदिर के आसपास की सड़क पर भी पानी भर गया। तेज बहाव के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई दोपहिया चालक पानी के बीच से निकलते नजर आए, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षा कारणों से अपने वाहन रोक दिए। बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो गया स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन फटने के दौरान हुई तेज आवाज काफी दूर तक सुनाई दी, जिससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद होने से लोगों ने भी चिंता जताई। सूचना मिलते ही संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल पाइपलाइन की जलापूर्ति बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है, जबकि पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी शुरू कर दिया गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पाइपलाइन फटने से क्षेत्र में जलभराव और यातायात प्रभावित रहा। अधिकारियों का कहना है कि पाइपलाइन फटने के कारणों की भी जांच की जाएगी।
बांका के धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव को लेकर चल रहे संघर्ष को सफलता मिली है। सांसद गिरधारी यादव की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने 15 जून तक ट्रेन के ठहराव की प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया है। धौनी रेलवे संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार शाम बांका सर्किट हाउस में सांसद से मुलाकात कर यह मांग उठाई थी। समिति के अध्यक्ष सिकंदर यादव, जीवन प्रसाद सिंह, पूर्व जदयू प्रखंड अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह और प्रमोद सिंह सहित अन्य सदस्यों ने सांसद का स्वागत किया। उन्होंने सांसद को बताया कि धौनी रेलवे स्टेशन पर कविगुरु एक्सप्रेस के ठहराव की मांग लंबे समय से लंबित है। पूर्व में भी रेलवे प्रशासन से इस संबंध में आश्वासन मिला था, लेकिन दो माह बीत जाने के बाद भी ठहराव शुरू नहीं हो सका, जिससे स्थानीय लोगों, व्यवसायियों और यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। 15 जून तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन सांसद गिरधारी यादव ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल रेलवे के उच्च अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने धौनी रेलवे स्टेशन पर जल्द से जल्द कविगुरु एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित करने की मांग की। सांसद की पहल पर रेलवे अधिकारियों ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और 15 जून तक इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का आश्वासन दिया। रेलवे संघर्ष समिति के सदस्यों ने कहा कि कविगुरु एक्सप्रेस के धौनी स्टेशन पर रुकने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों को विभिन्न शहरों में आने-जाने में समय और खर्च दोनों की बचत होगी, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रेलवे को भी अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि 15 जून तक ठहराव की व्यवस्था नहीं होती है, तो आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
अलवर शहर के एनईबी थाना क्षेत्र में एक युवक ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना मन्नाका रोड स्थित एक किराए के कमरे की है, जहां रहने वाले 23 वर्षीय निखिल राजपूत बंजारा ने फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी के अनुसार घटना मन्नाका रोड स्थित द्वारका सिंह के मकान की है। वहां गुरुग्राम के बादशाहपुर का निवासी निखिल राजपूत किराए से अपनी पत्नी के साथ रहता था। निखिल ने करीब 9 महीने पहले ही लव-मैरिज की थी। और दोनों दंपती साथ रहते थे। परिजनों के अनुसार, निखिल बीती रात शराब पीकर घर पहुंचा था, जिसके बाद पति-पत्नी में कहासुनी हो गई थी। सुबह भी दोनों में इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। गुस्से में निखिल ने अपना मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था। इसके बाद निखिल की पत्नी दुध लेने के लिए चली गई थी। पत्नी के बाहर जाने के बाद निखिल ने कमरे में वाइफ की चुन्नी से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पत्नी लौटी तो घटना का पता चला। जिसके बाद निखिल को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद निखिल की वाइफ ने आरोप लगाया कि कुछ युवक निखिल को जबरन नशा कराते थे। उसका कहना है कि पहले निखिल किसी प्रकार का नशा नहीं करता था, लेकिन कुछ लोगों की संगत में आने के बाद उसकी आदतें बदल गई थीं। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
शाहजहांपुर में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गदियाना मोहल्ले में जल निगम की पाइपलाइन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मंत्री खन्ना ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के नाम पर जनता को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कार्य पूर्ण होने के बाद सड़कें और अन्य व्यवस्थाएं तत्काल पूर्ववत की जाएं। खन्ना ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर घर तक मूलभूत सुविधाएँ पहुँचाना है। उन्होंने जल निगम और नगर निगम की टीम से कार्य की तकनीकी गुणवत्ता के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इस अवसर पर वार्ड नंबर 30 की पार्षद रीता राठौर, सुनीता गुप्ता, भाजपा महानगर उपाध्यक्ष मुकेश राठौर, सचिन सैनी, राधेश्याम राठौर, शैलेंद्र सक्सेना, ओमकार सक्सेना, सुरेंद्र सक्सेना, मनोज श्रीवास्तव, अनुसूचित मोर्चा अध्यक्ष विनोद कुमार कनौजिया, प्रदीप गौतम सहित नगर निगम के अधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देश में बढ़ती महंगाई और बढ़ते ईंधन दामों के खिलाफ कांग्रेस ने आज सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। पंजाब के जलालाबाद में शहीद उधम सिंह चौक के पास बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता एकत्र हुए और केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने खच्चर-रेहड़े पर बैठकर और गैस सिलेंडर साथ रखकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया, जिससे माहौल काफी गरम हो गया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाकर आम जनता की कमर तोड़ रही है। इस मौके पर पूर्व मंत्री हंस राज जोसन ने कहा कि हाल ही में पांच राज्यों के चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार ने तुरंत ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी कर दी, जिससे साफ है कि जनता को महंगाई के बोझ तले दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय अलग रुख और चुनाव के बाद अलग नीति अपनाकर सरकार आम लोगों के साथ अन्याय कर रही है। नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप वहीं नगर कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष विकासदीप चौधरी ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 400 रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1000 रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी लगभग 3000 रुपये तक पहुंच चुके हैं। पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार बढ़ोतरी से न सिर्फ परिवहन महंगा हुआ है, बल्कि रोजमर्रा की सभी वस्तुओं की कीमतों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बड़े कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचा रही है, जबकि आम नागरिक महंगाई की मार झेल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि एलपीजी, पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम किए जाएं ताकि आम जनता को राहत मिल सके। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
लखनऊ में बख्शी का तालाब थाना क्षेत्र में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने दुपट्टे के सहारे फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान प्रदीप कुमार (30) पुत्र गिरधारी लाल निवासी छठा मील के रूप में हुई है। वह हजरतगंज स्थित एक पैथोलॉजी में काम करता था। परिवार में पत्नी रितु और एक बेटा है। परिजनों के मुताबिक, प्रदीप और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद उसने घर में ही दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। काफी देर तक कमरे से बाहर न आने पर परिजनों को घटना की जानकारी हुई। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के भाई सरोज कुमार ने बताया कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद प्रदीप ने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके की जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना भारतीय किसान मजदूर यूनियन (पंजाब) द्वारा आज जिला लुधियाना के बस्ती चौक पर विशाल धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम किया गया। इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई मुख्य रूप से दिलबाग सिंह ने की। चक्का जाम के कारण पूरे इलाके में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। लंबे समय से मिल रहे हैं सिर्फ खोखले आश्वासन: दिलबाग सिंह धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता दिलबाग सिंह ने कहा कि इन जायज मांगों को लेकर वे लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा, हम अपनी मांगों को मनवाने के लिए इससे पहले कई बार टोल प्लाजा बंद कर चुके हैं और राहों रोड पर भी पक्का धरना लगा चुके हैं। लेकिन प्रशासन हर बार सिर्फ झूठा आश्वासन देकर हमें उठा देता है। धरातल पर कोई भी काम शुरू नहीं किया जाता। प्रशासन के इसी अड़ियल और ढुलमुल रवैए से तंग आकर आज हमें मजबूरन बस्ती चौक पर पक्का मोर्चा लगाना पड़ा है। किसान यूनियन की मुख्य मांगें: यूनियन ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं और चेतावनी दी है कि जब तक इन पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, धरना समाप्त नहीं होगा राहों रोड बस्ती चौक से मत्तेवाड़ा तक की मांग: राहों रोड बस्ती चौक से लेकर मत्तेवाड़ा तक के मार्ग से जुड़ी समस्याओं और अधूरें कामों को तुरंत पूरा किया जाए। अवैध माइनिंग और ओवरलोडेड टिप्परों पर रोक: नेशनल हाईवे अथॉरिटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर चल रहे अवैध माइनिंग वाले टिप्परों और ओवरलोडेड वाहनों पर तुरंत और पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। सड़कों के किनारे से अवैध कब्जे हटाना: पूरे लुधियाना शहर में सड़कों के किनारे लगी रेहड़ी-फड़ी और अवैध कब्जों को नगर निगम (कॉरपोरेशन) तुरंत हटाए। यदि निगम प्रशासन ने इन्हें नहीं हटाया, तो किसान संगठन खुद इन कब्जों को हटाने के लिए मजबूर होगा।सस राली बांध (पुश्ते) का रुका काम शुरू करना: सस राली बांध पर धरना देकर मार्च के महीने में काम शुरू करवाया गया था। लेकिन सरकार ने इसके लिए फंड जारी नहीं किया, जिसके कारण ठेकेदारों को पैसे नहीं मिले और काम पूरी तरह से बंद पड़ा है। सरकार तुरंत फंड जारी कर ठेकेदारों का भुगतान करे और इस काम को दोबारा शुरू करवाए। प्रशासन को सख्त चेतावनी किसान नेताओं ने साफ लफ्ज़ों में कहा कि अब वे प्रशासन की किसी भी कागज़ी या ज़ुबानी तसल्ली में नहीं आने वाले हैं। जब तक मौके पर आकर अधिकारी उनकी मांगों का लिखित और स्थाई समाधान नहीं निकालते तब तक बस्ती चौक पर यह चक्का जाम और धरना प्रदर्शन इसी तरह अनवरत जारी रहेगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
पिता के प्रेम, त्याग और समर्पण की भावनात्मक कहानी पर आधारित हिंदी फीचर फिल्म समर्पित : फादर्स लव को जयपुर में लॉन्च किया गया। फिल्म के प्रमोशन के तहत आयोजित विशेष इंटरैक्शन कार्यक्रम में कलाकारों और फिल्म से जुड़े प्रमुख लोगों ने फिल्म की कहानी, उद्देश्य और सामाजिक पहल को लेकर जानकारी साझा की। फिल्म नैशा फिल्म्स के बैनर तले बनाई गई है। फिल्म का लेखन और निर्देशन एहसान खान ने किया है, जबकि निर्माता साक्षी यादव हैं। फिल्म आगामी 19 जून 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की कहानी एक ऐसे पिता के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हर संघर्ष, कठिनाई और त्याग को खुशी-खुशी स्वीकार करता है। फिल्म में पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों की गहराई को भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में मुख्य भूमिका में अंकित यादव और कोमल हरपालानी नजर आएंगे। वहीं जयपुर के कलाकार अमित सक्सेना, आंचल पारिख, सुरेंद्र यादव और देवेंद्र गुप्ता ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अलावा मीत वर्मा, देव व्यास, प्राशिका शर्मा, जावेद हैदर और चर्चित अभिनेत्री जया भट्टाचार्य भी फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म के गीत प्रसिद्ध गायक शाहिद माल्या ने गाए हैं, जो रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। इस दौरान मुख्य अभिनेता अंकित यादव, अभिनेत्री कोमल हरपालानी, अभिनेता अमित सक्सेना, बॉलीवुड लेखक इकराम अख्तर, बॉलीवुड बाबा के संस्थापक नवीन श्रीवास्तव, राजेश पेसवानी, ललित सक्सेना, अनुराग शर्मा सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद रही। फिल्म से जुड़ी एक खास बात यह भी है कि इसमें बड़ी संख्या में राजस्थान के कलाकारों को मौका दिया गया है। आयोजकों के अनुसार इन कलाकारों का चयन विशेष रूप से बॉलीवुड बाबा के माध्यम से किया गया, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिला। फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका सामाजिक सरोकार है। निर्माता साक्षी यादव और नैशा फिल्म्स ग्रुप ने घोषणा की है कि फिल्म की नेट बॉक्स ऑफिस कमाई का 50 प्रतिशत हिस्सा कैंसर मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सहायता के लिए दान किया जाएगा।
अररिया के जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में जिला हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार भी उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को मजबूत करना, दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना रहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के किनारे किसी भी प्रकार की अनाधिकृत खान-पान की दुकान, ढाबा अथवा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित नहीं किए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में सड़क किनारे इस प्रकार के प्रतिष्ठानों को किसी भी प्रकार की लाइसेंस अथवा अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। 10 जून तक हटाया जाएगा अतिक्रमण सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग एवं सर्विस रोड पर स्थित अतिक्रमणों को चिन्हित कर 10 जून तक पूर्णतः हटाना सुनिश्चित करें। विशेष रूप से दुर्घटना संभावित एवं अति संवेदनशील स्थलों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी। बैठक में सड़कों पर अनावश्यक वाहन पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्देश दिया गया। सड़क किनारे अथवा यातायात बाधित करने वाले वाहनों को पेट्रोलिंग टीम द्वारा तत्काल हटवाया जाएगा। निर्देशों की अवहेलना करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए वाहन पेट्रोल पंपों पर लगने वाली वाहनों की कतारों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्थिति में वाहनों की लाइन मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचनी चाहिए। पेट्रोल पंप संचालक अपने परिसर के भीतर ही वाहनों की कतार लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने हेतु गुड सेमेरिटन (राहवीर) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया गया। बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने अथवा चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को सरकार की योजना के अंतर्गत सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा। सड़क सुरक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए सभी संवेदनशील एवं दुर्घटना संभावित स्थलों पर आवश्यक साइनेज, चेतावनी बोर्ड एवं अन्य सड़क सुरक्षा संकेतक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पत्नी के मायके चले जाने से परेशान एक युवक ने देर रात फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह परिजनों को घटना की जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके की जांच कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। देर रात पत्नी से फोन पर हुआ था विवादकल्याणपुर थाना क्षेत्र के इंद्रा नगर राजकीय उन्नयन बस्ती की निवासी रामसिंह डिफेंस से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनके परिवार में बेटा जीतू (30), बहू उर्वशी उर्फ निशा तथा दो बच्चे पारस (4 वर्ष) और हैप्पी (3 माह) हैं। पिता राम सिंह ने बताया कि जीतू कल दोपहर मे वैष्णो देवी के दर्शन कर वापस घर आया था। जीतू का अपनी पत्नी से अक्सर विवाद होता रहता था। इसी कारण करीब चार माह पहले उसकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी और तभी से वापस नहीं लौटी थी। अब जानिए पूरा मामला… पिता के मुताबिक जीतू पत्नी को वापस घर लाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। वह अक्सर फोन कर उसे मनाने की कोशिश करता था। शनिवार देर रात भी उसने पत्नी निशा को फोन कर घर लौटने के लिए कहा। इस दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। बताया जा रहा है कि फोन पर हुए विवाद के बाद जीतू काफी परेशान और तनाव में था।रविवार सुबह जब परिजन सोकर उठे तो जीतू के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संदेह होने पर परिजन ने खिड़की से अंदर झांका तो जीतू का शव पंखे के सहारे फंदे से लटका दिखाई दिया। यह दृश्य देखकर परिवार के लोगों के होश उड़ गए और घर में चीख-पुकार मच गई।घटना की सूचना डायल-112 पर दी गई। कल्याणपुर पुलिस व फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस भी मान रही विवाद को मौत की वजहकल्याणपुर कार्यवाहक थाना प्रभारी रईस अहमद ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने बताया कि बेटे का अक्सर अपनी पत्नी से विवाद होता था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अन्य विधिक कार्रवाई कि जा रही है।
बीकानेर जिले की खाजूवाला पुलिस ने सरसों चोरी के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम को देखकर अनूपगढ़ शाखा नहर में छलांग लगा दी, लेकिन पुलिसकर्मियों की सतर्कता और सूझबूझ से उसे पकड़ लिया गया। करीब दस फीट गहरी नहर में इन दिनों पानी भी कम था। पुलिस के अनुसार खाजूवाला निवासी सुखदेव नारायण कुमावत ने 31 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि कृषि मंडी स्थित उसकी दुकान के बाहर रखे सरसों के तीन कट्टे 28-29 मार्च की रात चोरी कर लिए गए। परिवाद के आधार पर खाजूवाला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पहले दो आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार जांच के दौरान पुलिस ने मामले में अमित विश्नोई, मंगल सिंह और गजेंद्र सिंह उर्फ गज्जू को नामजद किया। पुलिस पहले ही अमित विश्नोई और मंगल सिंह को गिरफ्तार कर चुकी थी, जबकि गजेंद्र सिंह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस को देखकर नहर में कूदा आरोपी फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सहायक उप निरीक्षक मांगीलाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर आरोपी की तलाश की गई। पुलिस को देखकर आरोपी गजेंद्र सिंह गिरफ्तारी से बचने के लिए खाजूवाला क्षेत्र में अनूपगढ़ शाखा नहर में कूद गया। हालांकि पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए कांस्टेबल अरुण कुमार को नहर में उतारा और आरोपी को पकड़ लिया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। वारदात में प्रयुक्त वाहन भी बरामद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की वारदात में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कांस्टेबल अरुण कुमार की रही अहम भूमिका पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई में कांस्टेबल अरुण कुमार की विशेष भूमिका रही। उनकी तत्परता और साहस के कारण फरार आरोपी को गिरफ्तार करना संभव हो सका। यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बीकानेर रेंज ओमप्रकाश, पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बनवारीलाल मीणा और वृत्ताधिकारी अमरजीत चावला के सुपरविजन में की गई। वीडियो : इस्माइल खान, खाजूवाला
बिलासपुर में खाद की कालाबाजारी पर कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को सहायक संचालक शशांक शिंदे की टीम ने बंसल फर्टिलाइजर के गोदाम पर छापा मारा। जांच के दौरान दुकान के पीछे एक किराए के मकान में छिपाकर रखी गई 368 बोरी खाद जब्त की गई। सहायक संचालक शशांक शिंदे ने बताया कि संचालक ने इस खाद के भंडारण की जानकारी विभाग को नहीं दी थी। इसे अवैध भंडारण मानते हुए मौके से 179 बोरी यूरिया, 31 बोरी डीएपी, 96 बोरी पोटाश और 62 बोरी यूरिया जब्त की गई। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जिले में खाद की कमी बनी हुई है और किसान इसके लिए परेशान हो रहे हैं। कृषि विभाग के उप संचालक पीडी हथेश्वर ने दो दिन पहले रतनपुर स्थित एक ग्रेन मर्चेंट पर भी छापा मारा था, जहां से 180 क्विंटल अमानक एनपीके खाद जब्त की गई थी। 10 लाख की अवैध खाद जब्त विभाग के अनुसार अब तक करीब 10 लाख रुपए की अवैध खाद जब्त की जा चुकी है। जिले में 25,969 टन यूरिया की कमी बताई जा रही है। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारियों को फील्ड में जाकर कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। जिले में खाद की स्थिति गोदाम सील, जांच जारी अधिकारिक जानकारी के अनुसार कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर अब तक 91 से अधिक निजी और सहकारी उर्वरक विक्रय केंद्रों की जांच हो चुकी है। शनिवार को संयुक्त टीम ने बंसल फर्टिलाइजर के सेंदरी और लोफंदी स्थित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच में 368 बोरी उर्वरक ऐसे स्थान पर मिला जो लाइसेंस में दर्ज अधिकृत गोदाम में शामिल नहीं था। कारण बताओ नोटिस जारी संस्था ने बिना वैध अनुमति अतिरिक्त किराए के स्थान पर उर्वरक भंडारित किया था। दस्तावेज जांच में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर खाद जब्त कर सीलबंद कर दी गई। प्रारंभिक जांच में उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 की धारा-7 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। किसानों के लिए अपील कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। खरीद के समय पक्की रसीद जरूर लें। खाद की बोरी पर निर्माण तिथि, बैच नंबर, कंपनी नाम और गुणवत्ता विवरण अवश्य जांचें। विभाग ने सलाह दी है कि खुले या बिना पैकेजिंग वाले उर्वरक से बचें। किसी भी संदिग्ध खाद, बीज या कीटनाशक की सूचना तुरंत कृषि विभाग या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को दें।
टीकमगढ़ का लंगड़ा आम सीएम मोहन यादव को भाया:दोबारा मंगवाए गए, 100 साल पुराना है बनारसी बाग
टीकमगढ़ के शिवधाम कुंडेश्वर स्थित 100 साल पुराना बनारसी बाग अपने लंगड़ा आम के लिए पूरे बुंदेलखंड में प्रसिद्ध है। हाल ही में, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस बाग का लंगड़ा आम इतना पसंद आया कि उन्होंने इसे दोबारा मंगवाया है। पूर्व भाजपा विधायक राकेश गिरी ने लगभग एक सप्ताह पहले भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ये आम भेंट किए थे। जमड़ार नदी के किनारे स्थित यह राजशाही आम का बाग लगभग 8 एकड़ में फैला हुआ है। इसमें वर्तमान में करीब 120 आम के पेड़ लगे हैं, जिनमें लंगड़ा, दशहरी, जानसेन, बंगलुरु, मोहनभोग, छतरपुरी, मुंबई गिरी, कुआं पहाड़, सिंदूरी, बेलखास, सफेदा, चपटी बनारस और देसी आमों की किस्में शामिल हैं। इस बाग के लंगड़ा आमों की देश भर में विशेष मांग है। इस ऐतिहासिक आम के बगीचे को टीकमगढ़ के तत्कालीन महाराजा प्रतापसिंह जूदेव ने लगभग 100 साल पहले लगवाया था। उन्होंने अपने गुरु पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी के नाम पर इसका नाम बनारसी बाग रखा था। पंडित बनारसीदास महाराजा प्रताप सिंह के आग्रह पर करीब 14 साल तक कुंडेश्वर में रहे थे और उन्हें यहां का लंगड़ा आम बहुत पसंद था। वर्ष 1947 में सेटलमेंट के समय यह बगीचा शासन द्वारा अधिकृत कर लिया गया था। वर्तमान में यह टीकमगढ़ के उद्यानिकी विभाग के संरक्षण में है। विभाग द्वारा हर साल बोली के माध्यम से ठेकेदारों को बगीचा दिया जाता है, ताकि वे ऋतु फल प्राप्त कर सकें। इस वर्ष बगीचे का ठेका 5 लाख रुपये में तय हुआ है। ठेकेदार वसीम खान ने बताया कि मंगलवार को ये आम पूर्व विधायक मुख्यमंत्री के लिए भोपाल लेकर जाएंगे। बगीचे की देखरेख उद्यानिकी विभाग के भरोसे है, लेकिन ठेकेदार इसे और बेहतर ढंग से संरक्षित करने की आवश्यकता बताते हैं। ठेकेदार वसीम खान के अनुसार, पिछले कुछ सालों से बंदरों का आतंक बढ़ गया है। पेड़ों में आम लगते ही बंदर उन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे बड़ी मात्रा में आम खराब हो जाते हैं। इस बार आंधी के चलते भी बड़ी मात्रा में आम समय से पहले गिर गए। जिससे करीब 5 से 10 क्विंटल आम का उत्पादन कम हुआ है। इस बगीचे में बेल के 12 पेड़ और अमरूद के पेड़ भी लगे हुए हैं। यहां का अमरूद चंदेरी, गुना और अशोकनगर तक जाता है। जिसे लोग बनारसी बाग के नाम से खरीदते हैं। इन दिनों यहां का लंगड़ा आम 70 से 80 रुपए किलो बाजार में बिक रहा है। हालांकि बनारसी बाग का आम ज्यादातर लोग बगीचे से ही खरीद कर अपने रिश्तेदारों को दूर तक भेजते हैं।
समस्तीपुर में गंदे पानी के निकास को लेकर हुए विवाद में पति-पत्नी पर लोहे की रॉड से हमला किया गया। इस हमले में पत्नी का सिर फट गया, जबकि पति को भी चोट लगी है। इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल की पहचान सुरौली वार्ड-5 निवासी महेश मिश्रा के पुत्र संतोष कुमार मिश्रा(40) और लिमि भारती(36) के रूप में हुई है। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र की है। संतोष ने बताया कि पाटीदार अंजनी कुमार मिश्रा कई सालों से अपने घर का गंदा पानी मेरे बिल्डिंग के सामने बहा रहे थे। जब मेरी पत्नी ने रविवार को पानी बहाने से रोका तो, वो लोग भड़ गए। रॉड से हमला कर दिया। शोर सुनकर मैं तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां मेरे साथ भी मारपीट की गई। आसपास के लोगों ने मामला शांत कराया। इसके बाद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां से डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। सिर में लगे टांके आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉ. संतोष कुमार झा ने बताया कि महिला के सिर में गंभीर चोट लगी है। कई टांके लगाए गए हैं। सिर का सीटी स्कैन कराया जा रहा है। मामले की सूचना नगर थाने को दी गई है। बयान के आधार पर जांच वहीं, नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि मारपीट की सूचना मिली है। पुलिस पदाधिकारी हरी लाल यादव को मौके पर भेजा गया। घायल का बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में खनिज विभाग ने शनिवार को विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान बिना वैध अभिवहन पास के रेत और बोल्डर का परिवहन करते पाए जाने पर चार वाहनों को जब्त किया गया। कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान में खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने बताया कि सहायक खनि अधिकारी रामसुशील चौरसिया ने 31 मई की सुबह विभिन्न क्षेत्रों में वाहनों की जांच की। जांच के दौरान, ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 ए 4891 अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ी गई। चालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद वाहन को जब्त कर थाना माड़ा में खड़ा कराया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम जैतपुर क्षेत्र में एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली बोल्डर का परिवहन करते हुए मिली। चालक के पास वैध दस्तावेज नहीं थे। इसी अभियान में ट्रैक्टर-ट्रॉली क्रमांक एमपी 66 ए 1557 भी बिना वैध पास के रेत परिवहन करते पकड़ी गई। इन दोनों वाहनों को पुलिस चौकी जयंत में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया है। एक अन्य कार्रवाई में, एक बिना नंबर का डंपर भी अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाया गया। विभाग ने इस डंपर को जब्त कर थाना नवानगर में खड़ा कराया है। खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जब्त सभी वाहनों के विरुद्ध खनिज नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनिज परिवहन पर आगे भी लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बालाघाट में शनिवार को तेज हवाओं और बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में 7 घंटे तक बिजली गुल रही। शाम 5 बजे से शुरू हुई बिजली कटौती आधी रात 12 बजे तक जारी रही, जिससे मोतीनगर और प्रेमनगर सहित अन्य क्षेत्रों के निवासी परेशान रहे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, बिजली विभाग अक्सर रखरखाव के नाम पर घंटों बिजली काटता है। इसके बावजूद, तेज हवा और बारिश होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। शनिवार शाम को भी आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली बंद कर दी गई। पूछताछ करने पर विभाग ने बताया कि एहतियात के तौर पर 13 केवी लाइन बंद की गई है। हवा और बारिश थमने के बाद भी बिजली बहाल नहीं हुई। लोगों को 7 घंटे तक बिजली का इंतजार करना पड़ा। विभाग ने पहले बताया कि तूफान के कारण पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है और सुधार कार्य जारी है। बाद में विवेकानंद कॉलोनी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने की जानकारी दी गई। इस लंबी कटौती से प्रेमनगर और मोतीनगर के लोग आधी रात तक गर्मी और असुविधा से जूझते रहे। अंततः, देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच बिजली आपूर्ति बहाल की गई, जिससे भीषण गर्मी में परेशान लोगों को राहत मिली। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. तरुण विजयवार ने बिजली विभाग के मानसून पूर्व रखरखाव के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि रखरखाव के नाम पर बिजली काटी जाती है, तो फिर तेज हवा और बारिश में बिजली क्यों बंद हो जाती है? डॉ. विजयवार ने बताया कि बिजली गुल होने से न केवल घरों में बच्चे और अन्य सदस्य परेशान होते हैं, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों को भी नुकसान होता है। उन्होंने विभाग से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने की अपील की।
लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुरालवालों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि शादी के बाद से ही विवाहिता को कम दहेज लाने का ताना दिया जाता था और कार की मांग की जा रही थी। कानपुर के टीपी नगर बगाही निवासी सुनील कुमार वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया उन्होंने अपनी भतीजी की शादी 9 दिसंबर 2024 को सआदतगंज के झव्वारन काला फाटक निवासी सागर राजपूत से की थी। शादी में हैसियत के अनुसार करीब सात लाख रुपए नकद, तिलक और अन्य घरेलू सामान दिया गया था। इसके बावजूद पति सागर, ससुर राजेश, ननदोई अनु, ननद बरखा व चांदनी और बुआ सास आशा अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे और कार न मिलने पर विवाहिता को प्रताड़ित करते थे। कई बार फोन पर प्रताड़ना की जानकारी दी परिजनों का आरोप है कि विवाहिता ने कई बार फोन कर ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी दी थी। इसके बाद परिवार के लोग कई बार लखनऊ आकर दोनों पक्षों में समझौता कराने का प्रयास भी करते रहे। परिजन उसे यह कहकर समझाते रहे कि नई शादी है, समय के साथ हालात सुधर जाएंगे। सुनील कुमार वर्मा बे बताया शनिवार को रिश्तेदारों के माध्यम से सूचना मिली कि उनकी भतीजी ने फांसी लगा ली है। हालांकि मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालवालों ने उसकी हत्या कर दी और घटना को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। मामले में पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर सआदतगंज संतोष आर्या का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिरसा जिले में किसानों द्वारा गेहूं के अवशेष (पराली) जलाने की लापरवाही से राहगीरों को परेशानी हो रही है। खेतों में लगाई गई आग सड़क किनारे खड़े पेड़ों तक पहुंच जाती है, जिससे पेड़ नीचे से पूरी तरह जल जाते हैं। ऐसे पेड़ कमजोर होकर राहगीरों पर गिरने का खतरा पैदा करते हैं। रानियां के बालासर रोड पर भी खेतों में आग लगने के बाद सड़क किनारे के पेड़ों में आग लग गई। इन पेड़ों के तने जड़ से जल चुके हैं। वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों ने किसानों की इस लापरवाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग और कृषि विभाग को ऐसे किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने यह भी बताया कि जो पेड़ जल चुके हैं, वे सरकारी संपत्ति हैं और उन पर नंबर भी लगे हुए हैं। अधिकारी बोले- आरोपियों के खिलाफ करते हैं कार्रवाई जब कृषि विभाग के ब्लॉक एग्रीकल्चर ऑफिसर गुरदीप सिंह से इस संबंध में बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला वन विभाग, रानियां रेंज के अंतर्गत आता है। उनके विभाग को वन विभाग की ओर से इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है। गुरदीप सिंह ने आगे कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि वन विभाग उन्हें इस मामले से संबंधित कोई शिकायत देता है, तो वे खेत मालिक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अवश्य करेंगे। वहीं जब इस मामले में वन विभाग के अधिकारी सुरेंद्र कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि जैसे ही हमें सूचना मिलती है कि किसी जगह पर इस तरह से पेड़ जल रहे हैं और टीम भेजकर आग को बुझाया जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ एक किसानों के ऊपर हमारी तरफ से एक्शन भी लिया गया है। थाने में शिकायतें भी दी गई है।
कैथल में पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति दो जून को बड़ा प्रदर्शन करेगी। इसमें कैथल जिले के साथ साथ अन्य जिलों से भी कर्मचारी शामिल होंगे। इस संबंध में पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि दो जून को बड़ी संख्या में कर्मचारी सुबह कैथल शहीद स्मारक पर इकट्ठे होंगे और वहां से साइकिल यात्रा पूरे शहर में निकाली जाएगी। यात्रा निकालते हुए सचिवालय तक जाएंगे और प्रशासन को प्रधानमंत्री व सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रेस वार्ता के दौरान विजेंद्र धारीवाल ने बताया कि वे काफी लंबे समय से ओपीएस को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने आंदोलन भी किए और प्रदर्शन भी किए। इस दौरान उनको तरह तरह से आश्वासन भी मिले, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं की गई। अगर पुरानी पेंशन बहाल कर दी जाए तो वह न केवल कर्मचारियों बल्कि सरकार के लिए भी फायदेमंद है। 14 प्रतिशत पैसा आम जनता का नई पेंशन नीति में कर्मचारियों की 10 प्रतिशत सैलरी का हिस्सा काटा जाता है और सैलरी का 14 प्रतिशत इसमें सरकार इनवेस्ट करती है। ये 14 प्रतिशत पैसा आम जनता का है, जो सरकारी खजाने से कर्मचारियों की पेंशन के नाम पर शेयर मार्केट में निवेश किया जाता है। इसमें दुख की बात ये है कि जो पैसा मार्केट में लगाया गया, उसकी सेफ्टी की कोई गारंटी बिल में नहीं रखी गई है। युद्ध का शेयर मार्केट पर नकारात्मक प्रभाव उन्होंने खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का उदाहरण देते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण शेयर मार्केट पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इससे पैसा उनका कम हो रहा है। जब पैसा कम होगा तो कर्मचारियों के भविष्य पर भी प्रश्नचिह्न लग जाता है। रिटायरमेंट पर कर्मचारियों को 60 प्रतिशत जमा राशि दी जाती है और 40 प्रतिशत की पॉलिसी दी जाती है। उसी का कर्मचारी को ब्याज दिया जाता है। ऐसे में बयाज को पेंशन नहीं कहा जा सकता। आज भारत देश विश्व की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, लेकिन फिर भी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नहीं दी जा रही। शेयर मार्केट में पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए पैसा लगाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए।
अलवर जिले में मौसम विभाग ने रविवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं इससे पहले सुबह से मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही। दोपहर 12 बजे तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि पिछले सप्ताह के मुकाबले अभी भी तापमान कम बना हुआ है। लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है। विभाग के अनुसार- दिन में मौसम साफ रहने के बावजूद शाम को आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है। आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। 4 दिन पहले 46 डिग्री था तापमान, अब 9 डिग्री गिरा जिले में तीन दिन से आंधी, धूल भरे अंधड़ और हल्की बारिश का दौर देखने को मिला है। इससे तापमान में 8 से 10 डिग्री तक गिरावट दर्ज हुई है। चार दिन पहले जहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा था, वहीं अब 35 डिग्री तक पारा आ गया है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
बलरामपुर में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश:उमस भरी गर्मी के से मिली राहत, तापमान में गिरावट
बलरामपुर में पिछले कई दिनों से पड़ रही उमस भरी गर्मी के बाद रविवार दोपहर करीब 12:15 बजे आसमान में घने बादल छा गए और हवाओं के साथ शुरू हुई बारिश कुछ ही देर में तेज हो गई। तेज बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। सुबह से ही तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। दोपहर 12 बजे के बाद मौसम का मिजाज बदला और ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिसके बाद तेज बारिश शुरू हो गई। इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया, वहीं बच्चों और युवाओं ने इसका खूब आनंद लिया। इस बारिश से किसानों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। किसानों ने बताया कि खेतों में नमी बढ़ने से खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी। शहरवासियों ने भी राहत महसूस की और कई लोगों ने घरों की छतों व खुले स्थानों पर बारिश का लुत्फ उठाया। मौसम में आए इस बदलाव से वातावरण खुशनुमा हो गया है, जिससे गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे क्षेत्र में तापमान सामान्य बना रहेगा।
अभिषेक बनर्जी के बाद टीएमसी के एक और बड़े नेता पर हमला, कल्याण बनर्जी के साथ मारपीट
जब कल्याण बनर्जी और अन्य टीएमसी नेता थाने की ओर बढ़ रहे थे, उसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे लोगों ने काले झंडे दिखाए और सांसद के खिलाफ नारेबाजी की।
इंदौर के भंवरकुआ क्षेत्र स्थित एक होस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहे छात्र ने शनिवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार दो दिन पहले उसकी बाइक ड्रिंक एंड ड्राइव कार्रवाई में जब्त हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। एक महीने पहले आया था होस्टल भंवरकुआ पुलिस के अनुसार ग्राम कवटी, थाना महू निवासी 21 वर्षीय राजू पुत्र दिनेश निनामा भील निजी कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष का छात्र था। वह करीब एक महीने पहले भंवरकुआ क्षेत्र के एक होस्टल में रहने आया था। शनिवार को जब वह कमरे से बाहर नहीं निकला तो होस्टल संचालक सिद्धांत को संदेह हुआ। दरवाजा खुलवाने पर राजू का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। भाई ने बताई बाइक जब्त होने की बात मृतक के भाई शुभम ने बताया कि 27 मई की रात राजू की बाइक ड्रिंक एंड ड्राइव कार्रवाई में पुलिस ने जब्त कर ली थी। परिजनों का कहना है कि संभवतः वह यह बात घर पर नहीं बता पा रहा था और इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परदेशीपुरा में ड्राइवर ने की आत्महत्या एक अन्य मामले में परदेशीपुरा क्षेत्र में रहने वाले 30 साल के मयंक पुत्र रवि तिवारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह परिजनों ने उसे घर में फंदे पर लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। कुछ दिन पहले छोड़ी थी नौकरी पुलिस के अनुसार मयंक पेशे से ड्राइवर था और बेकरी का वाहन चलाता था। उसने कुछ दिन पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि घटना से एक दिन पहले वह शराब पीकर घर लौटा था। दोनों मामलों में मर्ग कायम पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों और परिचितों के बयान लिए जा रहे हैं।

