जम्मू-कश्मीर में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग डूबे
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल और जम्मू जिलों में दो अलग-अलग घटनाओं में तीन लोग डूब गए। अधिकारियों ने बताया कि मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के गुंड के रामवारी इलाके के पास एक बिजली नहर में दो लोग लापता हो गए
ऑनलाइन निवेश फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, चार शहरों में 8 ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोलकाता जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत ऑनलाइन निवेश फ्रॉड के एक मामले में 1 और 4 जून 2026 को मुंबई, ठाणे, बैंगलोर और गुरुग्राम में आठ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया।
लखनऊ फर्जी आईपीएस पकड़ा गया:नोएडा में पोस्ट होने की बात कही, पुलिस से बोला- सैल्यूट करो
लखनऊ के महानगर इलाके में फर्जी आईपीएस पकड़ा गया। जलसाज पुलिस को अर्दब में लेने का प्रयास कर रहा था। इसके बाद शक होने पर पुलिस ने आईडी कार्ड मांगा तो नहीं दिखा सका। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम गोल मार्केट चौराहे पर चेकिंग के दौरान सूचना मिली एक व्यक्ति दुकानदारों से झगड़ा कर रहा है। मौके पर पहुंचने पर जानकारी हुई एक युवक को आईपीएस अधिकारी बताकर दुकानदार पर जब गांठ रहा है। इसके बाद पुलिस ने पूछताछ की तो उनसे भी सैल्यूट करने का दबाव बनाने लगा। पुलिस को संदेह हुआ तो उन्होंने आईडी कार्ड मांगा। इस पर जालसाज नाराज हो गया और उनके नाम पूछने लगा। उसके हाव-भाव से संदेह होने पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मामले में चौकी प्रभारी आर्यन शर्मा ने बताया हिरासत में लिए गए व्यक्ति का नाम मिथलेश शुक्ला (40) है। लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित भारत नगर में रहता है। मिथिलेश खुद को नोएडा में पोस्टेड आईपीएस बता रहा था। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने मालवीय नगर स्थित क्वीन्स हब क्लब में चल रहे अवैध हुक्का बार पर देर रात छापा मारकर क्लब के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 3 हुक्के, 17 पाइप, 5 चिलम और विभिन्न प्रकार के नशीले फ्लेवर जब्त किए हैं। वहीं हुक्का पार्टी कर रहे दो युवकों के खिलाफ कोटपा एक्ट के तहत चालान भी किया गया है। डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया किपुलिस को 15 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मालवीय नगर के गिरधर मार्ग स्थित क्वीन्स हब क्लब में ग्राहकों को खाने-पीने की सामग्री के साथ हुक्का परोसा जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लब में दबिश दी। जांच के दौरान क्लब के अंदर कुछ युवक टेबल पर रखे हुक्कों के जरिए तंबाकूयुक्त फ्लेवर का सेवन करते मिले। पुलिस ने टेबल पर रखे 3 हुक्के, 17 पाइप, 5 चिलम और फ्लेवर के पैकेट जब्त कर लिए। पूछताछ में क्लब मैनेजर इरशाद कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने क्लब मैनेजर इरशाद (31) निवासी जिला नूंह, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही हुक्का पी रहे दो युवकों के खिलाफ कोटपा अधिनियम के तहत चालान कर जुर्माना वसूला गया। पुलिस का कहना है कि शहर में अवैध हुक्का बार और देर रात पार्टियां आयोजित करने वालों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
करनाल में नीलोखेड़ी के पास दर्दनाक सड़क हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई। दोनों बच्चे अपनी मां और मामा के साथ बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। रास्ते में खड़ी कार का दरवाजा अचानक खुलने से बाइक टकरा गई और संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान पीछे से आ रहे डंपर ने बच्चों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वही घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया। मामा की हालत गंभीर होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक दोनों सगे भाई, गांव संगोहा के रहने वालेगांव संगोहा निवासी 14 वर्षीय संकेत और 10 वर्षीय देव इस हादसे के शिकार हुए। संकेत नौवीं कक्षा में पढ़ता था, जबकि देव सातवीं कक्षा का छात्र था। दोनों अपनी मां के साथ मामा के घर गए हुए थे और सोमवार को मामा उन्हें बाइक पर वापस घर छोड़ने आ रहा था। खड़ी कार का दरवाजा खुलते ही हुआ हादसापरिजन दीपक सैनी के अनुसार नीलोखेड़ी के पास सड़क किनारे एक कार खड़ी थी। जैसे ही कार सवार ने दरवाजा खोला, बाइक उससे टकरा गई और चारों लोग सड़क पर गिर गए। तभी पीछे से आ रहे डंपर ने दोनों बच्चों को कुचल दिया। हादसे में मां और मामा भी घायल हो गए। पुलिस ने डंपर चालक को पकड़ा, कार चालक फरारघटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को कब्जे में लेकर चालक को पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि डंपर राजस्थान नंबर का था। वहीं कार चालक मौके से फरार हो गया। परिजनों ने मांग की है कि डंपर चालक के साथ-साथ कार चालक के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाए। घायलों का इलाज जारी, मामा की हालत गंभीरहादसे में घायल मां और मामा को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामा की हालत ज्यादा गंभीर होने के कारण उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे शवपुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। मृतकों के पिता ने दोनों बेटों को मुखाग्नि दी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़परिजनों के अनुसार कुछ समय पहले ही बच्चों के दादा-दादी का भी निधन हो चुका है। अब परिवार में माता-पिता ही बचे हैं। एक ही हादसे में दोनों बेटों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
जवाहर सर्किल थाना पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड के करोड़ों रुपये मूल्य के भूखंड पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कब्जा करने वाले आरोपी गोपाल लाल मीणा (45) निवासी रोपाड़ा, दांतली को गिरफ्तार किया है। मामले में हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों और दलालों की संलिप्तता भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। कम कीमत में खरीदा करोड़ों का भूखंड डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि आरोपी गोपाल लाल मीणा ने फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये के भूखंड को बेहद कम कीमत में अपने नाम करवाने की साजिश रची। आरोपी के कब्जे से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराई गई रजिस्ट्री भी जब्त की गई है। शिकायत से हुआ पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा 13 मई को परिवादी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उन्हें साल 2005 में हाउसिंग बोर्ड द्वारा आवासीय भूखंड संख्या 5/एच/73, क्षेत्रफल 266.700 वर्ग मीटर आवंटित किया गया था। बाद में राजस्थान आवासन मंडल से मिले एक पत्र में उल्लेख था कि उन्होंने साल 2007 में उक्त भूखंड गुल मोहम्मद को बेच दिया और बाद में साल 2010 में गुल मोहम्मद ने यह संपत्ति गोपाल लाल मीणा के नाम कर दी। जांच में सामने आया कि परिवादी के जाली हस्ताक्षर और पुरानी फोटो का दुरुपयोग कर फर्जी इकरारनामा, मुख्त्यारनामा और वसीयतनामा तैयार किए गए थे। हाउसिंग बोर्ड कर्मचारियों की मिलीभगत से कराया नियमितीकरण पुलिस जांच में सामने आया कि झूठे गवाहों और फर्जी दस्तावेजों की मदद से गुल मोहम्मद और गोपाल लाल मीणा ने हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों की मिलीभगत से आवासीय भूखंड का नियमितीकरण अपने पक्ष में करवा लिया। मामले में थाना जवाहर सर्किल में मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान राजस्थान आवासन मंडल से भूखंड की संपूर्ण फाइल प्राप्त की गई। आरोपी गोपाल लाल मीणा से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की निशानदेही पर एक मूल Conveyance Deed-Allottee और Rajasthan Housing Board Perpetual Lease दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस के अनुसार मामले में वांछित आरोपी विक्रम सिंह, हाउसिंग बोर्ड के कुछ कर्मचारियों और दलालों की तलाश जारी है। पुलिस पूरे फर्जीवाड़े के नेटवर्क की जांच कर रही है।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित लखनौती गांव के पास सोमवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने पीछे से बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार मां-बेटे सड़क पर जा गिरे। हादसे में मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो चालक तेज गति और लापरवाही से वाहन चला रहा था। इसी दौरान उसने आगे चल रही बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार मां-बेटे कई फीट उछलकर सड़क पर जा गिरे। सूचना मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को तत्काल अस्पताल भिजवाया। वहीं, महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है और हादसे के कारणों की जांच जारी है। ग्वालियर के बिलौआ जौरासी के रहने वाले 32 वर्षीय मोनू यादव पुत्र रघुनाथ यादव सोमवार की शाम अपनी मां 55 वर्षीय गजरा देवी को बाइक पर पीछे बैठाकर किसी काम से शहर आया था। शाम करीब साढ़े छह बजे के आसपास जैसे ही मोनू की बाइक लखनौती गांव के पास हाईवे पर पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक सफेद रंग की स्कार्पियो गाड़ी क्रमांक: UP93 CC-1826 के चालक ने लापरवाही और तेज गति से गाड़ी दौड़ाते हुए बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। सड़क पर सिर के बल गिरने और गंभीर अंदरूनी चोटें आने के कारण गजरा देवी की मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई। वहीं मोनू यादव भी सड़क पर घिसटने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क पर पड़ी मां की मौत, बेटा घायलहादसे के बाद राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे देखकर आरोपी स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से तेजी से भाग निकला। स्थानीय नागरिकों की सूचना पर झांसी रोड थाना पुलिस तत्काल घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए घायल बेटे मोनू को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए शवगृह रवाना किया। झांसी की महिला के नाम दर्ज है स्कॉर्पियो पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा नोट किए गए स्कॉर्पियो के नंबर UP93 CC-1826 की जानकारी परिवहन विभाग के डेटाबेस से जुटाई। जांच में पता चला कि यह वाहन उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी रेखा पत्नी अजुदी अहिरवार के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस ने दर्ज किया केस, तलाश जारी झांसी रोड थाना पुलिस ने स्कॉर्पियो चालक के खिलाफ तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाकर दुर्घटना व मौत कारित करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया गया है। साथ ही झांसी मार्ग और विभिन्न टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फरार चालक का जल्द पता लगाया जा सके। झांसी रोड थाना टीआई शक्ति सिंह यादव ने बताया लखनौती गांव के पास स्कॉर्पियो की टक्कर से बाइक सवार महिला की मौत और उनके बेटे के घायल होने का मामला सामने आया है। स्कॉर्पियो के नंबर के आधार पर झांसी की महिला मालिक की जानकारी मिली है। उत्तर प्रदेश (झांसी) पुलिस से संपर्क साधकर गाड़ी और उसके चालक का पता लगाया जा रहा है। घायल युवक का इलाज जारी है और मृतका का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ग्वालियर के मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहने वाली एक 26 वर्षीय विवाहिता के साथ छल-कपट और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला उजागर हुआ है। आरोपी ने महिला की मजबूरी का फायदा उठाते हुए पहले नौकरी लगवाने का लालच दिया और फिर शादी का झांसा देकर उसका लगातार शारीरिक शोषण किया। पीड़ित ने सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए सोमवार रात मुरार थाना में जहर खाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे बचाकर अस्पताल पहुंचाया है। पीड़िता की लिखित शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न गंभीर धाराओं मामला दर्ज कर लिया है। एक बार पहले भी महिला शिकायत कराने आई थी और फिर मना कर गई थी। साथ ही जहर खाने की हरकत पहले भी कर चुकी है। बच्ची को पढ़ाने ग्वालियर आई थी पीड़ितामुरार थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से भिंड की रहने वाली महिला की शादी वर्ष 2016 में भिंड में ही हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के बाद उसकी दो छोटी बच्चियां (5 वर्ष और 3 वर्ष) हैं। करीब 4 साल पहले पीड़िता अपनी बड़ी बेटी को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए ग्वालियर में किराये का मकान लेकर रहने आई थी। मोहल्ले में ही आरोपी गजेंद्र केवट की एक ऑनलाइन (कियोस्क सेंटर) दुकान थी। पीड़िता अक्सर अपने बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए गजेंद्र की दुकान पर जाती थी, जिसके चलते दोनों के बीच जान-पहचान हो गई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान होने के बाद बातचीत शुरू हो गई। मजबूरी का उठाया फायदा, मई 2024 में पहली बार बनाए संबंधबातचीत के दौरान आरोपी गजेंद्र केवट को पता चला कि महिला अपने पति से दूर बच्चों की पढ़ाई के लिए ग्वालियर में अकेली रहती है। उसने महिला की आर्थिक स्थिति का फायदा उठाने के लिए जाल बुना। गजेंद्र ने पीड़िता से कहा कि तुम बच्चों के साथ अकेली रहती हो, तुम्हें पैसों की सख्त जरूरत होगी। मैं तुम्हारी एक अच्छी जगह नौकरी लगवा दूंगा। इसी बहाने से माह मई 2024 में आरोपी नौकरी का झांसा देकर महिला के किराये के कमरे पर पहुंचा और वहां उसके साथ पहली बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी लगातार नौकरी लगवाने का लालच देकर महिला का शारीरिक शोषण करता रहा। जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे अपने जाल में फंसाए रखने के लिए कहा कि तुम अपने पति से कानूनी तौर पर तलाक ले लो, तो मैं तुमसे कोर्ट मैरिज (शादी) कर लूंगा।इसके बाद से लगाकार ब्लैकमेल कर संबंध बना रहा था। 23 मई 2026 तक आरोपी ने संबंध बनाए अब शादी से मुकर गया है। सुनवाई न होने पर जहर खाने का किया प्रयाससोमवार को महिला मुरार थाना पहुंची और सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए जहर खाने का प्रयास किया। जिस पर वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने तत्काल उसे रोक लिया और तत्काल मेडिकल के लिए हॉस्पिटल पहुंचाया है। पुलिस ने महिला के लौटने पर तत्काल आरोपी के खिलाफ नौकरी व शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया है। पहले भी कर चुकी है ऐसा पुलिस ने बताया कि महिला पहले भी मामला दर्ज कराने आई थी और पूरी रिपोर्ट टाइप कराने के बाद जब मामला दर्ज करने की बारी आई तो आरोपी से समझौता कर चली गई थी। इसके बाद एक बार पहले भी वह जहर खाने का प्रयास कर चुकी है। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी ने बताया एक महिला ने अपने साथ नौकरी के नाम पर दुष्कर्म की शिकायत की है। महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है, जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
भास्कर अपडेट्स:UPSC प्रीलिम्स 2026 का रिजल्ट जारी, 13,343 उम्मीदवार मेन्स के लिए क्वालिफाई
UPSC ने सोमवार को सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। 1,016 रिक्तियों के मुकाबले 13,343 उम्मीदवार मेन्स परीक्षा के लिए क्वालिफाई हुए हैं। प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को हुई थी। पिछले साल 1,087 पदों के लिए 14,161 उम्मीदवार मेन्स के लिए चुने गए थे। UPSC ने कहा कि मेन्स परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को 19 से 28 जून के बीच अपने विवरण अपडेट करने होंगे। इसी दौरान शुल्क जमा करना, कैडर प्रेफरेंस भरना और अन्य जरूरी जानकारी देना अनिवार्य होगा। आयोग के मुताबिक, सभी योग्य उम्मीदवारों को पोर्टल पर लॉगिन कर आवेदन फॉर्म फाइनल सबमिट करना होगा। ऐसा नहीं करने पर उन्हें आगे की परीक्षा प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। UPSC ने यह भी कहा कि प्रीलिम्स के अंक, कट-ऑफ और आंसर-की अंतिम परिणाम आने के बाद जारी किए जाएंगे। आज की अन्य बड़ी खबरें….
रामगढ़ताल में सुरक्षा पर GDA की रहेगी नजर:निगरानी के लिए टीम गठित; बोटिंग संचालन पर रहेगा ध्यान
रामगढ़ताल में हुई घटना के बाद यहां सुरक्षा को लेकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। यहां सुरक्षा और सफाई की निगरानी के लिए 3 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। बोटिंग के दौरान स्टंटबाजी तथा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की घटनाओं के चलते यह कदम उठाया गया है। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने रामगढ़ताल क्षेत्र में निगरानी के लिए विशेष टीम गठित की है। GDA के सहायक अभियंता राज बहादुर को टीम का प्रभारी बनाया गया है। उनके नेतृत्व में टीम ताल क्षेत्र का नियमित निरीक्षण करेगी और बोटिंग संचालन के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी करेगी। रामगढ़ताल में वर्षों से बोटिंग गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन ताल के भीतर आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने के सवाल लगातार उठते रहे हैं। पूर्व में भी ताल में नाव पलटने जैसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में एक तालाब में क्रूज डूबने की घटना के बाद जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधन को लेकर बहस तेज हुई, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर व्यापक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जा सके। अब जीडीए ने जेटी और बोटिंग प्वाइंट्स पर विशेष निगरानी की योजना बनाई है। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाया जाए, सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों और संचालन के दौरान किसी भी प्रकार की स्टंटबाजी या लापरवाही न हो। इसके साथ ही ताल क्षेत्र में जल पुलिस की तैनाती अथवा त्वरित बचाव व्यवस्था विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके। GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल का कहना है कि रामगढ़ताल को सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जाएगा
बेतिया में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक शादी टूट गई। घटना सोमवार की है। लड़की पक्ष के लोगों ने बताया कि शादी के दिन लड़के पक्ष के लोगों ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग की जिसे हम नहीं दे पाएं। उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद बारात का इंतजार करते रहे लेकिन बारात नहीं आई। वहीं सूचना पर पुलिस भी पहुंची। पूरा मामला योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा बाजार की है। सभी तैयारियां पूरी हो गई थी लड़की के पिता जनाब साहब ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी शबनम खातून की शादी जिले के ही रूदलपुर के जनाब गुलाब अंसारी के बेटे अरमान साहब से तय की थी। लेकिन बारात न लाने की वजह से शादी नहीं हो सकी। उन्होंने यह भी कहा कि विवाह के लिए घर में सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। रिश्तेदार और मेहमान भी पहुंच गए थे और बारात के स्वागत की व्यवस्था की गई थी। शादी के दिन 50 हजार की डिमांड लडकी के पिता ने बताया कि शादी तय होने के समय लड़के पक्ष को मोटरसाइकिल, फर्नीचर और लगभग डेढ़ लाख रुपये नकद दिए गए थे। इसके बावजूद, शादी के दिन लड़के पक्ष ने अतिरिक्त 50 हजार रुपये की मांग की। परिजनों ने बताया कि वे यह अतिरिक्त राशि देने में असमर्थ थे। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं थानाध्यक्ष धुर्व नारायण सिंह ने जानकारी मिलते ही 112 की पुलिस ने बताया कि यदि पीड़ित परिवार द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिमला में ईडी की बड़ी कार्रवाई, क्रिप्टो फ्रॉड केस में जुनेजा बंधुओं के ठिकानों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शिमला ऑफिस ने 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002' की धारा 17(1) के तहत क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में विजय जुनेजा और मासूम जुनेजा के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र के सिंहपुर स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाली विधवा महिला रेडियो एनाउंसर ने अपने पड़ोसी युवक पर लगातार अश्लील संदेश भेजने, अभद्र टिप्पणियां करने और सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे तोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस चौकी में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर पीड़िता के अनुसार उनके पति एक बैंक में कार्यरत थे, जिनका कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। वर्तमान में वह अपनी 18 वर्षीय बेटी के साथ अपार्टमेंट में रहती हैं। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाला युवक पिछले दो वर्षों से उन्हें मोबाइल फोन पर अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजकर परेशान कर रहा है। इतना ही नहीं, वह आए दिन अभद्र टिप्पणियां भी करता है, जिससे वह और उनकी बेटी मानसिक तनाव में हैं। महिला का कहना है कि आरोपी युवक अपने घर पर अक्सर दोस्तों के साथ शराब पार्टी करता है। कई बार समझाने के बावजूद उसकी हरकतों में कोई सुधार नहीं आया। लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने अपने फ्लैट के बाहर सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जिसकी जानकारी सोसाइटी सचिव को भी दी गई थी। आरोप है कि कैमरे लगने के बाद युवक ने उन्हें हटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। सोमवार को युवक ने कथित रूप से सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल की और महिला को चौकी बुलाकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने चौकी में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पनकी में घर में घुसकर महिला से छेड़छाड़:विरोध करने पर पिता-पुत्री को पीटा, दो पर मुकदमा दर्ज
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ घर में घुसकर छेड़छाड़ और मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। शाम को घर में घुसकर की अभद्रता पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शनिवार शाम करीब 6:30 बजे वह अपने माता-पिता के साथ घर में मौजूद थी। आरोप है कि इसी दौरान सरायमीता निवासी जीतू सिंह और अंकित चंदेल उसके घर में घुस आए। महिला का आरोप है कि दोनों ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और उसके कपड़े खींचकर अभद्रता की। विरोध करने पर हुई मारपीट महिला के शोर मचाने पर उसके माता-पिता बीच-बचाव के लिए पहुंचे। आरोप है कि इस पर दोनों युवक भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। मारपीट में महिला और उसके पिता को चोटें आईं। पीड़िता का कहना है कि घटना के दौरान आरोपितों ने जान से मारने की धमकी भी दी। डायल-112 पर दी सूचना घटना के बाद पीड़िता ने तुरंत डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। इसके बाद महिला ने पनकी थाने में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। जिसके आधार पर पुलिस ने सोमवार को मुकदमा दर्जकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा पनकी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ बीबीडी क्षेत्र के सराय शेख में घर के बाहर टहल रहे एक व्यक्ति से बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चेन लूट ली। बाइक सवार बदमाश सिगरेट खरीदने के बहाने पास पहुंचे। इसके बाद घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। सराय शेख शिव नगर कॉलोनी निवासी रामचंदर सिंह के मुताबिक, 9 जून की रात करीब 8:30 बजे वह अपने मकान के सामने टहल रहे थे। इसी दौरान मकान के पीछे वाले रास्ते से बाइक पर सवार दो युवक पहुंचे। एक युवक बाइक पर बैठा रहा, जबकि दूसरा उनकी दुकान पर पहुंचकर सिगरेट मांगने लगा। उन्होंने दुकान में सिगरेट न होने की बात कही, तभी युवक ने झपट्टा मारकर उनके गले से करीब दो तोला वजन की सोने की चेन खींच ली और साथी के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। घटना के बाद रामचंदर सिंह और उनकी पत्नी ने बदमाशों का पीछा किया, लेकिन बाइक की रफ्तार के कारण उन्हें पकड़ नहीं सके। पीड़ित का कहना है कि उनकी पत्नी ने बदमाश को करीब से देखा है और सामने आने पर पहचान सकती हैं। पीड़ित के अनुसार, बदमाश सराय शेख से पश्चिम दिशा की ओर भागे और आगे बीबीडी कोतवाली की तरफ जाने वाले मार्ग पर मुड़ गए। दोनों ने करीब 500 मीटर तक उनका पीछा किया। इसके बाद जगन्नाथ मंदिर के पास पहुंचकर बदमाश लक्ष्मणपुर की ओर निकल गए। इंस्पेक्टर राम सिंह का कहना है पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
बदायूं में सोमवार देर शाम आई तेज आंधी के कारण एक ट्रांसफार्मर पोल समेत उखड़कर झोपड़ी पर जा गिरा। इस हादसे में झोपड़ी में बैठे 11 वर्षीय भाई और 5 वर्षीय बहन की मौत हो गई। पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया है। यह घटना हजरतपुर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव में हुई। गांव निवासी संतोष राठौर के खेत में लगे ट्यूबवेल के पास एक झोपड़ी पर 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आई आंधी में ट्रांसफार्मर और उसका पोल गिर गया। झोपड़ी में संतोष के बेटे विशेष (11) और बेटी अनामिका (5) बैठे थे। झोपड़ी के धंसने से दोनों बच्चे मलबे में दब गए। गांव वाले मौके पर पहुंचे और मलबे से दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बताया गया है कि संतोष के कुल छह बच्चे हैं। इस घटना के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। देर रात दातागंज विधायक राजीव सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने दैवीय आपदा राहत कोष से आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया।
मिर्जापुर के लालगंज ब्लॉक परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब एक सफाईकर्मी ने मंच से ही विभागीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठा दिए। सफाईकर्मी का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कई कर्मचारियों के कार्यालयों में अटैच होने और वेतन व्यवस्था को लेकर टिप्पणी करता दिखाई दे रहा है। कार्यक्रम में केंद्र सरकार की उपलब्धियों और विकास योजनाओं पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान ब्लॉक में तैनात सफाईकर्मी मजनू को अपनी बात रखने का अवसर मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई सफाईकर्मी गांवों में सफाई कार्य करने के बजाय विभिन्न कार्यालयों में तैनात हैं, जबकि उनके हिस्से का काम अन्य कर्मचारियों से कराया जा रहा है। सफाईकर्मी ने मंच से जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष मांग रखी कि यदि कर्मचारी कार्यालयों में अधिकारियों की तरह कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें उसी अनुरूप वेतन और सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। बयान के दौरान लिया गया माइक प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सफाईकर्मी की बात के दौरान मंच पर मौजूद अधिकारियों में असहजता दिखाई दी। कुछ देर बाद उनका माइक ले लिया गया, जिसके बाद कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया। इसके बाद विकासखंड अधिकारी (बीडीओ) विजय शंकर तिवारी ने मंच से कहा कि समस्याओं और शिकायतों को संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विषय को उठाने का एक निर्धारित मंच और प्रक्रिया होती है। कार्रवाई की चेतावनी वाला वीडियो भी चर्चा में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में बीडीओ विजय शंकर तिवारी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि भविष्य में इस तरह की बातें करने पर कार्रवाई की जा सकती है। वीडियो वायरल होने के बाद कार्यक्रम और अधिकारियों की प्रतिक्रिया को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। सरकार की उपलब्धियां बताने के लिए हुआ था कार्यक्रम कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कनौजिया मौजूद रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है। वहीं, वीडियो को लेकर प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया था। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर पक्ष और विपक्ष दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कानपुर के सजेती थाना क्षेत्र अंतर्गत कोटरा मकरंदपुर गांव में सोमवार शाम जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। निर्माणाधीन मकान को लेकर हुए विवाद में पहले पथराव कर एक वृद्ध को घायल किया गया, फिर कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायरिंग कर दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दंपति को तमंचे सहित हिरासत में ले लिया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विक्रम निषाद अपने पिता गजराज निषाद के साथ मकान निर्माण कार्य स्थल पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के ही जीत कुमार और उसकी पत्नी रामगीता वहां पहुंचे और कथित रूप से बेवजह गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। आरोप है कि जीत कुमार और रामगीता ने आक्रामक रुख अपनाते हुए विक्रम और उसके पिता पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में वृद्ध गजराज निषाद गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। विक्रम निषाद का आरोप है कि इसके बाद जीत कुमार ने तमंचा निकाल लिया और गजराज निषाद को निशाना बनाकर फायर कर दिया। गोली उन्हें नहीं लगी, लेकिन घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।आरोप है, कि इसके बाद विक्रम पर भी फायर किया गया, हालांकि गोली उसके सिर के ऊपर से निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गया। घटना की सूचना मिलते ही सजेती थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से आरोपी जीत कुमार और उसकी पत्नी रामगीता को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से तमंचा भी बरामद किया गया है। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन का विवाद होने की बात सामने आई है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तमंचा कब्जे में लेकर आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, तथा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मुरैना जिले के दिमनी थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विवाद खाना परोसने को लेकर शुरू हुआ था, जो बाद में हिंसक रूप ले गया। खाना परोसने की बात पर हुआ विवादपुलिस के अनुसार, दिमनी थाना क्षेत्र के सहरियन का पुरा गांव निवासी धर्मेंद्र जाटव (38) सोमवार शाम शराब के नशे में घर पहुंचा। उसने अपनी पत्नी निशा जाटव (33) से खाना परोसने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि पत्नी ने उसके नशे में होने का विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी। लात-घूंसों और डंडे से मारपीट के बाद सरिया से किया हमलाआरोप है कि धर्मेंद्र ने पहले पत्नी को लात-घूंसों और डंडे से पीटा। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने लोहे की सरिया से निशा के सिर पर वार कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने से निशा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी घर से फरार हो गया। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, धर्मेंद्र शराब पीने का आदी है और अक्सर नशे की हालत में घर पहुंचता था। इसी कारण पति-पत्नी के बीच आए दिन विवाद होता रहता था। सोमवार को भी वह शराब के नशे में घर पहुंचा था, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ और घटना घटित हो गई। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिसघटना की सूचना मिलने पर दिमनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। डीएसपी विजय भदौरिया ने बताया कि महिला के शरीर पर चोट के कई निशान मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सिर में लगी गंभीर चोट को मौत का कारण माना जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। उन्होंने बताया कि आरोपी पति फरार है और उसकी तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। मामले की जांच जारी है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर लोकतंत्र को नष्ट करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समाजवादी पार्टी और विपक्षी दल सतर्क नहीं रहे तो 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रदेश का अंतिम चुनाव साबित हो सकता है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को लोकतंत्र बचाने के लिए पूरी एकजुटता और बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी का आह्वान किया। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा लोकतंत्र के लिए खतरा है। वह लोकतांत्रिक व्यवस्था को नष्ट करने पर उतारू है। समाजवादी पार्टी की पूरी जिम्मेदारी लोकतंत्र बचाने की है। अन्यथा 2027 का उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव अंतिम चुनाव होगा। 2027 यूपी चुनाव लोकतंत्र बचाने का चुनाव अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव सामान्य चुनाव नहीं, बल्कि लोकतंत्र बचाने का चुनाव होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि सभी एकजुट होकर पूरी ताकत से लोकतंत्र की रक्षा के लिए जुटें। उन्होंने कहा, “वोटर लिस्ट और बूथ पर पूरा ध्यान लगाएं। सभी कार्यकर्ताओं की भाषा और व्यवहार शिष्ट हो।” प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और 2027 में भाजपा का सत्ता से बाहर जाना तय है। भाजपा पर तीखा हमला अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और किसानों-नौजवानों के साथ धोखे का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है। हर स्तर पर घोटाले हो रहे हैं, जनता भ्रष्टाचार से त्रस्त है। भूमाफियाओं को संरक्षण मिला हुआ है, जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। भाजपा नकारात्मक और सांप्रदायिक राजनीति करती है। पीडीए के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा पीडीए की दुश्मन है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने पीडीए का आरक्षण छीना, उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए, प्रताड़ित किया और फर्जी एनकाउंटर कराए। पीडीए बड़ी ताकत है। पीडीए समाजवादी पार्टी के साथ है, इसीलिए भाजपा घबराई हुई है। भाजपा पीडीए के खिलाफ साजिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाजवादी पार्टी का एजेंडा प्रेम, दया और अपनापन है। किसान और युवाओं के साथ है सपा अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसानों और युवाओं के साथ है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि खाद-बीज का संकट गहरा रहा है। बिजली मिल नहीं रही है। डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ गई है। किसान आत्महत्या करने पर मजबूर हैं। इसी तरह युवाओं के बारे में उन्होंने कहा कि गांव-गांव में पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगार घूम रहे हैं। सरकार जानबूझकर भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक कराती है। भाजपा ने नौजवानों से झूठे वादे किए थे। कानून-व्यवस्था और विकास पर भी उठाए सवाल अखिलेश ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। हर दिन हत्या, लूट और महिला अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं। महिलाओं का सम्मान सुरक्षित नहीं है। दस साल के भाजपा शासन में लोककल्याण का कोई काम नहीं हुआ। निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और लूट हो रही है। समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के विकास का रास्ता दिखाया था। एक्सप्रेसवे, आईटी सिटी, स्टेडियम, सड़कें बनाने का काम किया, लेकिन भाजपा दो कार्यकाल में विकास के रास्ते पर एक कदम नहीं चल पाई। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल, सांसद आदित्य यादव, विधायक बृजेश यादव, विधायक हिमांशु यादव, पूर्व विधायक प्रेम पाल यादव, आबिद रजा, आशीष यादव, भूपेंद्र सिंह राठौर, मुशरत अली, आर.के. वर्मा, यासीन उस्मानी, सुनीता पाल, उदयवीर शाक्य, नाथूराम कश्यप सहित बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समदड़ी-लूनी रेललाइन के बीच सतलाना यार्ड में तकनीकी कार्य के चलते 21 जून को 5 ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। यात्री सुविधा और सुगम रेल संचालन को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन फाटक संख्या 227 पर रेलवे अंडर ब्रिज (आरयूबी) निर्माण कार्य कर रहा है। इसके लिए लिए जा रहे ब्लॉक के कारण कुछ ट्रेनों के संचालन में बदलाव किया गया है। जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया कि इस दौरान 1 ट्रेन रद्द,2 आंशिक रूप से रद्द तथा 2 ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 21 जून को ट्रेन संख्या 74839,भगत की कोठी-बाड़मेर डेमू रद्द रहेगी,जबकि ट्रेन संख्या 74840 बाड़मेर-भगत की कोठी डेमू का 22 जून को संचालन नहीं होगा। इसके अलावा ट्रेन संख्या 14896,बाड़मेर-भगत की कोठी एक्सप्रेस 21 जून को भगत की कोठी तक नहीं जाकर समदड़ी तक संचालित होगी। वहीं ट्रेन संख्या 14893,भगत की कोठी-पालनपुर एक्सप्रेस भगत की कोठी के स्थान पर समदड़ी से पालनपुर के बीच चलेगी। साबरमती-जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट बदले मार्ग से चलेंगीइस कार्य के कारण 21 जून को ट्रेन संख्या 20485/20486 साबरमती-जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट एक्सप्रेस को महेसाना-मारवाड़ जंक्शन-लूनी के परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। परिवर्तित मार्ग में ट्रेन ऊंझा,सिद्धपुर,पालनपुर,आबूरोड,पिंडवाड़ा,सुमेरपुर,जवाई बांध,फालना,रानी,मारवाड़ जंक्शन और पाली मारवाड़ स्टेशनों पर ठहराव करेगी। जबकि पाटन,भीलड़ी,धनेरा, रानीवाड़ा,मोकलसर,समदड़ी और दुंदाड़ा स्टेशनों पर नहीं जाएगी। बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस रेलसेवा रीशड्यूल रहेगी रेलवे द्वारा बीकानेर-मेडता रोड रेलखण्ड पर नागौर-बदवासी-अलाई स्टेशनों के मध्य सम्पूर्ण रेल पथ नवीनीकरण कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार यह कार्य के कारण गाडी संख्या 22632, बीकानेर-मदुरै एक्सप्रेस ट्रेन दिनांक 21 जून, 28 जून, 5 जुलाई व 12 जुलाई को बीकानेर से अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी। कटिहार -सोनैली और कटिहार-कुरेठा रेलखंड के बीच दोहरीकरण कार्य, ट्रेन रेल सेवाएं मार्ग परिवर्तित रहेंगी। पूर्वोतर सीमांत रेलवे द्वारा कटिहार -सोनैली और कटिहार-कुरेठा रेलखंड के बीच दोहरीकरण कार्य के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार गाड़ी संख्या 15623, भगत की कोठी-कामाख्या जो दिनांक 16 जून को भगत की कोठी से प्रस्थान करेगी। वह अपने निर्धारित मार्ग के स्थान पर परिवर्तित मार्ग कटिहार-कुमेदपुर-मुकुरिया होकर संचालित होगी। मार्ग परिवर्तन के कारण यह रेलसेवा सोनैली स्टेशन पर ठहराव नहीं करेगी। जोधपुर-दिल्ली-जोधपुर रेलसेवा में डिब्बों की अस्थायी बढ़़ोतरी रेलवे द्वारा अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए जोधपुर-दिल्ली-जोधपुर रेलसेवा में 1 सैकण्ड एसी व 1 थर्ड एसी इकोनोमी श्रेणी के डिब्बों की अस्थाई बढोतरी की जा रही है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार गाडी संख्या 22491/22492, जोधपुर-दिल्ली-जोधपुर रेलसेवा में जोधपुर से दिनांक 16 जून से 30 जून तक और दिल्ली से 17 जून से 1 जुलाई तक 1 सैकण्ड एसी और 1 थर्ड एसी इकोनोमी श्रेणी के डिब्बों की अस्थाई बढोतरी की जा रही है।
ग्वालियर में मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। व्हाइट हाउस द्वारा अपने प्रत्याशियों की घोषणा के बाद, सोमवार देर शाम क्रिएटिव हाउस ने भी चुनावी मैदान में उतरने वाले उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया। हालांकि, अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है, जिससे चुनावी समीकरणों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्रिएटिव हाउस के प्रमुख राधेश्याम भाकर ने विजय गोयल, हेमंत गुप्ता, मुकेश अग्रवाल और महेश मुदगल की मौजूदगी में प्रत्याशियों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि संयुक्त अध्यक्ष पद के लिए सुरेश बंसल, उपाध्यक्ष पद के लिए संदीप नारायण अग्रवाल, सचिव पद के लिए राकेश अग्रवाल, सह सचिव पद के लिए राकेश अग्रवाल और कोषाध्यक्ष पद के लिए अजय गोयल को उम्मीदवार बनाया गया है। अध्यक्ष पद पर फिलहाल किसी प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है और इस संबंध में अंतिम निर्णय बाद में लिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में क्रिएटिव हाउस के नेताओं ने बताया कि संगठन ने ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जिनकी व्यापारिक समाज में साफ-सुथरी छवि है और जो लंबे समय से व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय रहे हैं। उनका कहना था कि प्रत्याशियों के चयन में बड़े व्यापारियों के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि व्यापार और उद्योग से जुड़ी हर वर्ग की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। अध्यक्ष पद को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में राधेश्याम भाकर ने कहा कि यदि क्रिएटिव हाउस अपना उम्मीदवार नहीं उतारता है, तो संगठन किसी योग्य अथवा निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन देने पर विचार कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्रिएटिव हाउस का प्रयास व्यापारियों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए एक मजबूत टीम तैयार करना है। इस दौरान जगदीश अग्रवाल, मयंक गर्ग, दिलीप अग्रवाल, बृजेश गोयल, मुकेश अग्रवाल (इलेक्ट्रॉनिक्स), दीपक जैन, कमल अग्रवाल और सत्येंद्र गुप्ता सहित कई अन्य व्यापारी नेता उपस्थित रहे।
बिहार में मत्स्यपालन क्षेत्र को नई मजबूती देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने पटना के मीठापुर स्थित मत्स्य विकास भवन में राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यालय के शुरू होने से बिहार में मछली उत्पादन, तकनीकी सहायता और मत्स्यपालकों को मिलने वाली सुविधाओं में तेजी आएगी। 15 जुलाई से पटना में शुरू होगी हेलीकॉप्टर सैर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि 15 जुलाई से लोग मात्र 2100 रुपये में हेलीकॉप्टर से पटना शहर का हवाई भ्रमण कर सकेंगे। इस योजना के तहत पर्यटकों को शहर के प्रमुख स्थलों का हवाई दृश्य देखने का अवसर मिलेगा। राजगीर, मुंडेश्वरी और वाल्मीकिनगर की भी होगी हवाई सैर मुख्यमंत्री ने बताया कि राजगीर, मुंडेश्वरी माता मंदिर, तुतला भवानी मंदिर, आसपास के जलप्रपात और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थलों की हेलीकॉप्टर यात्रा भी शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रति व्यक्ति 6000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जबकि राज्य सरकार अतिरिक्त सब्सिडी भी देगी। बिहार को मिलेगा मत्स्य क्षेत्र में नया लाभ उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यालय और प्रदर्शनी का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बिहार अब मछली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में राज्य अपनी जरूरत की लगभग 95 प्रतिशत मछली का उत्पादन स्वयं कर रहा है। अब लक्ष्य बिहार में उत्पादित मछलियों को दूसरे राज्यों और विदेशों तक पहुंचाने का है। उन्होंने बिना कांटे वाली और बेहतर गुणवत्ता की मछलियों के उत्पादन पर भी जोर दिया। हर पंचायत और प्रखंड में बढ़ेगा मछली उत्पादन मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पंचायत और प्रखंड में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए मत्स्यपालकों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता समितियां भी मछली उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। गांवों में एक साथ बिकेगा दूध, सब्जी और मछली ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने हाट आधारित मॉडल विकसित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि गांवों में ऐसे बाजार विकसित किए जाएंगे जहां दूध, सब्जी और मछली की एक साथ बिक्री हो सके। इससे किसानों, पशुपालकों और मत्स्यपालकों को अपनी उपज बेचने के लिए बेहतर बाजार मिलेगा और बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी। मत्स्यपालकों को सस्ता ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बिहार में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। राज्य सरकार के अधिकारी इस दिशा में जल्द कार्य करेंगे ताकि अधिक से अधिक लोग मत्स्यपालन से जुड़ सकें। 'सहयोग' कार्यक्रम से लोगों की समस्याओं का होगा समाधान अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा किया जा रहा है। यदि किसी आवेदन का 30 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योगों को मिलेगा स्वतः लाइसेंस मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत यदि उद्योग लगाने के लिए आवेदन करने वाले को 30 दिनों के भीतर लाइसेंस नहीं मिलता है तो 31वें दिन स्वतः लाइसेंस जारी माना जाएगा। इससे निवेशकों को सुविधा मिलेगी और राज्य में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। बिहार तेजी से विकास की राह पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार आज तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में उद्योग, पर्यटन, रक्षा क्षेत्र, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए व्यापक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार और झारखंड के विभाजन के बाद राज्य ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन अब विकास के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। तालाबों में मछली उत्पादन के साथ बनेगी सौर ऊर्जा मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों में मौजूद तालाबों का वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाएगा। तालाबों में नीचे मछली उत्पादन और ऊपर सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे किसानों और मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार के सहयोग से मिलेगा नया अवसर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार बिहार में मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि एनएफडीबी का क्षेत्रीय कार्यालय खुलने से राज्य के मत्स्यपालकों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और योजनाओं का लाभ आसानी से मिलेगा।
मधुबनी समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में सोमवार को पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में मासिक क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। यह बैठक शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक चली, जिसमें जिले के सभी एसडीपीओ, थाना अध्यक्ष, सर्किल इंस्पेक्टर सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में एसपी ने मई माह में किए गए कार्यों और अपराध नियंत्रण से जुड़ी उपलब्धियों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि मई माह में 950 मामलों के निष्पादन का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन पुलिस ने लगभग 1550 मामलों का निष्पादन कर लक्ष्य से अधिक उपलब्धि हासिल की। एसपी ने बताया कि जिले के 52 अनुसंधानकर्ताओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित लक्ष्य से अधिक मामलों का निष्पादन किया, जिनमें बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया गया। वहीं लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि लगातार चलाए जा रहे विशेष अभियानों का सकारात्मक असर दिख रहा है। पिछले माह जिले में लूट की कोई घटना दर्ज नहीं हुई, जिसे पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। मई माह में आर्म्स एक्ट के तहत 25 मामले और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े 12 मामले दर्ज किए गए। एसपी ने कहा कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। बैठक में एक नई पावर प्वाइंट रिपोर्टिंग प्रणाली लागू करने की भी जानकारी दी गई, जिसके तहत थाना स्तर से घटनाओं और कार्रवाई की नियमित रिपोर्टिंग की जाएगी। इससे अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। एसपी ने सभी अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
10 महीने से फरार गांजा तस्कर गिरफ्तार:बड़ौद पुलिस मंदसौर जिले के सुवासरा से पकड़कर लाई
आगर मालवा की बड़ौद पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। सोमवार को पुलिस ने बताया कि यह आरोपी पिछले साल 253 किलोग्राम से ज्यादा अवैध गांजा जब्ती के मामले में वांटेड था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। यह पूरा मामला 3 सितंबर 2025 का है, जब खजूरी जोड़ इलाके में मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक ट्रक (आरजे-17-जीए-5222) से 253.220 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया था। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत केस दर्ज किया था। जांच में सामने आया नाम, एसपी ने रखा था इनाम पुलिस की जांच के दौरान इस तस्करी में ग्राम मदकोटा के रहने वाले ईश्वरसिंह पिता भारतसिंह सौंधिया की मिलीभगत सामने आई थी, जिसके बाद से ही वह फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने आरोपी ईश्वरसिंह पर 10 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया था। पुलिस साइबर सेल, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से उसकी लगातार तलाश कर रही थी। मंदसौर के गांव में घेराबंदी कर पकड़ा हाल ही में बड़ौद पुलिस को सटीक सूचना मिली कि इनामी आरोपी ईश्वरसिंह मंदसौर जिले के सुवासरा थाना क्षेत्र के ग्राम आंबा भरपुर में छिपा हुआ है। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने बिना वक्त गंवाए योजनाबद्ध तरीके से गांव में घेराबंदी की और दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। पुलिस ने सोमवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। इस गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश और पूछताछ लगातार जारी है।
पंजाब में नशे की गिरफ्त के कारण युवाओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला मोगा जिले के बाघापुराना निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव मालके से सामने आया है, जहां कथित तौर पर 'चिट्टा' (सिंथेटिक ड्रग) न मिलने और मानसिक तनाव के कारण एक 26 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतक की पहचान गांव मालके (थाना बाघापुराना) निवासी लाभहीरा सिंह (26) के रूप में हुई है, जो पेशे से मजदूरी का काम करता था। घटना की सूचना मिलते ही थाना समालसर की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल, मोगा भेज दिया। नशा मुक्ति केंद्र से लौटकर दोबारा दलदल में फंसा मृतक के भाई बूटा सिंह ने रोते हुए बताया कि लाभहीरा सिंह पहले चिट्टे के नशे का आदी हो चुका था। परिवार ने काफी प्रयासों के बाद उसे एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया था, जहां वह पूरी तरह ठीक होकर लौट आया था। लेकिन, पड़ोस में सक्रिय नशा तस्करों के कारण वह दोबारा इस खतरनाक दलदल में फंस गया। एलसीडी या पैसे लाने पर ही नशा देने का था दबाव परिवार ने पड़ोस में रहने वाले सुखचैन सिंह और उसकी पत्नी सीमा कौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बूटा सिंह के अनुसार, यह दंपति लंबे समय से इलाके में खुलेआम चिट्टा बेचने का धंधा कर रहा है। आरोपी पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं, लेकिन जमानत पर बाहर आते ही वे फिर से नशा बेचना शुरू कर देते हैं। परिजनों का आरोप है कि रविवार को लाभहीरा सिंह आरोपियों के घर चिट्टा लेने गया था, लेकिन उसके पास पैसे नहीं थे। इस पर उसे नशा देने से मना कर दिया और कहा कि या तो वह घर से नकद पैसे लेकर आए या फिर घर की एलसीडी (LCD) निकालकर उन्हें सौंप दे। नशा न मिलने की तड़प और मानसिक रूप से प्रताड़ित होने के कारण लाभहीरा सिंह वापस घर लौटा और मानसिक तनाव में आकर फंदा लगा लिया। पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी जारी इस पूरी घटना पर थाना समालसर के एसएचओ (ASI) मंगल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मृतक के भाई गुरप्रीत सिंह के बयानों के आधार पर नामजद आरोपी सुखचैन सिंह और उसकी पत्नी सीमा कौर के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस इस मामले की हर पहलू से गहनता से जांच कर रही है। पीड़ित परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग मृतक के परिवार और ग्रामीणों ने प्रशासन से नशा तस्करों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक ऐसे बेखौफ घूम रहे बड़े नशा तस्करों पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक पंजाब के अन्य घरों के चिराग इसी तरह बुझते रहेंगे।
मेरठ के डोरली में अजगर दिखा:घंटों बाद पहुंची वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू, लोगों में दहशत
मेरठ के पल्लवपुरम स्थित डोरली में PAC नाले पर सोमवार को एक विशालकाय अजगर दिखाई देने से इलाके में हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी और अजगर की निगरानी करने में जुट गए घंटों बाद वहां वन विभाग की टीम पहुंची और अजगर का रेस्क्यू किया गया। पेड़ पर चढ़ा अजगर लोगों की मौजूदगी तो देखते हुए अजगर नाले की दीवार से चलकर एक पेड़ पर चढ़ गया। इसके बाद लंबे समय तक वह उसे पेड़ पर ही रहा और वहीं से टीम ने उसको रेस्क्यू किया। लोगों का कहना है कि नाले में सफाई न होने के कारण अजगर लंबे समय से देखा जा रहा था जिसको आज रेस्क्यू कर लिया गया है। रोजाना पकड़े जा रहे हैं अजगर नालेऔर जहां अधिक गंदगी है ऐसे क्षेत्रों में रोजाना अजगर दिखाई दे रहे हैं जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। लगातार लोग नगर निगम से ऐसे क्षेत्र की सफाई की अपील कर रहे हैं और शिकायत कर रहे हैं इसके बाद भी निगम के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जारहा है। वन विभाग की लापरवाही जहां भी अजगर दिखाई देते हैं वहां के लोगों का कहना है की सूचना देने के कई घंटे बाद टीम पहुंचती है, तब तक स्थानीय लोग अजगर की निगरानी करते रहते हैं और देखते रहते हैं कि अजगर कहां है ताकि उसको रेस्क्यू कराया जा सके। कई मामलों में जब तक टीम आती है तब तक अजगर वहां से चला जाता है जिसके बाद लोगों में और ज्यादा दहशत बढ़ जाती है
लालू प्रसाद के शासनकाल के दौरान हुए 1997 के अलकतरा घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को पटना स्थित सीबीआई कोर्ट ने फैसला सुनाया। इस मामले में फैसला सीबीआई-2 के न्यायाधीश मोहम्मद रुस्तम ने सुनाया है। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में तीन जूनियर इंजीनियर (जेई) को बरी कर दिया, जबकि एक ट्रांसपोर्टर को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष की सजा और 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया। किन लोगों पर चल रहा था ट्रायल इस मामले में चार आरोपी ट्रायल फेस कर रहे थे। इनमें तीन जूनियर इंजीनियर और एक ट्रांसपोर्टर शामिल थे। जिसमें जयनारायण प्रसाद (जूनियर इंजीनियर), हामिद राज अंसारी (जूनियर इंजीनियर), एक अन्य जूनियर इंजीनियर, ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह, ट्रायल के दौरान दो अन्य अभियुक्तों की मौत हो चुकी थी। क्या था मामला जयनारायण प्रसाद की ओर से 1997 से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद जी वर्मा के अनुसार, आरोप था कि 7 अगस्त 1994 के ऑर्डर संख्या 5501 के तहत 1000 मीट्रिक टन बिटुमन (अलकतरा) की आपूर्ति जहानाबाद डिवीजन में की जानी थी। इसके लिए हल्दिया से बरौनी होते हुए अलकतरा भेजा जाना था। मामले में 1053.92 मीट्रिक टन अलकतरा का उठाव किया गया था। आरोप था कि अलकतरा हल्दिया से उठाया तो गया, लेकिन उसे जहानाबाद नहीं भेजा गया और बीच में ही गड़बड़ी कर दी गई। कब दर्ज हुई थी एफआईआर मामले में एफआईआर 6 मार्च 1997 को दर्ज की गई थी। हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 20 फरवरी 1997 को मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। बाद में छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। कोर्ट ने क्या कहा सीबीआई-2 पटना सिविल कोर्ट ने माना कि तीनों जूनियर इंजीनियरों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। इसके चलते तीनों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। वहीं ट्रांसपोर्टर दूधेश्वर नाथ सिंह को दोषी पाया गया। कोर्ट ने उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई और 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
KGMU में सोमवार को जन्मजात और आनुवंशिक बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। पैथोलॉजी विभाग में भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) निदान केंद्र, नवीनीकृत स्नातक व स्नातकोत्तर प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ। कुलपति ने तीनों परियोजना का शुरुआत की। डीबीटी निदान परियोजना की प्रमुख डॉ.मिली जैन ने कहा कि डीबीटी की उम्मीद योजना के तहत यह केंद्र स्थापित किया गया है। इसका मकसद गर्भावस्था और जन्म के बाद बच्चों में होने वाली गंभीर आनुवंशिक एवं जन्मजात बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करना है। इन जांच की मिलेगी सुविधा डॉ.मिली जैन ने बताया कि केंद्र में गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में गर्भवती महिला और उसके पति की थैलेसीमिया जांच की जाएगी। जांच से गर्भ में पल रहे शिशु की विशेष जांच कर बीमारी के जोखिम का आकलन किया जाएगा। निदान केंद्र में जन्म के तीसरे से पांचवें दिन नवजात शिशु की एड़ी से खून का नमूना लेकर चार प्रमुख जन्मजात बीमारियों की जांच की जाएगी। इनमें जी-6-पीडी की कमी, जन्मजात हाइपोथायरॉयडिज्म, गैलेक्टोसीमिया और जन्मजात एड्रिनल हाइपरप्लासिया शामिल हैं। केंद्र पर सभी जांचें मुफ्त होंगी।
राजनांदगांव में नेशनल हाईवे बाईपास निर्माण का सर्वे 10 महीने बाद भी अधूरा है। इस लेटलतीफी के कारण दर्जनों गांवों के किसानों को परेशानी हो रही है, क्योंकि सर्वे के दायरे में आने वाली जमीनों की खरीदी-बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नतीजतन, किसान अपनी निजी और पारिवारिक जरूरतों जैसे बच्चों की शादी, मकान निर्माण, ट्रैक्टर या वाहन खरीदी और खेती-किसानी के कार्यों के लिए भी अपनी जमीन नहीं बेच पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी (PWD) के ईई सुनील कुमार चौरसिया और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह बाईपास लगभग 14 किलोमीटर लंबा होगा। इसकी अनुमानित लागत अभी तय नहीं हुई है और फिलहाल अलाइनमेंट सर्वे की प्रक्रिया जारी है। राजनांदगांव एसडीएम गौतम पाटिल ने इस संबंध में बताया कि गठुला में बाईपास निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है। विभाग द्वारा अलाइनमेंट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अलाइनमेंट फाइनल होते ही भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण) की कार्रवाई शुरू की जाएगी। पाटिल ने आश्वासन दिया कि सर्वे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। सर्वे संपन्न होते ही जमीनों की खरीदी-बिक्री पर लगा प्रतिबंध हटा दिया जाएगा। बाईपास निर्माण और उसके 1 किलोमीटर के दायरे में आने के कारण नवागांव, टोलगांव, बलहरी, गटुला, भेड़ीकला, पार्रीकला, सुंदरा और मनकी सहित दर्जनों गांवों की जमीनों की रजिस्ट्री रोक दी गई है। इन गांवों के किसान अब एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। उनकी मांग है कि या तो सर्वे का काम तेजी से पूरा कर मुआवजा दिया जाए, या फिर जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक तत्काल हटाई जाए। शहर को जाम से राहत देने के लिए बनेगा बाईपास राजनांदगांव शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए पेढरी-मनकी बाईपास परियोजना प्रस्तावित की गई है। इस बाईपास के बनने से भारी वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खैरागढ़ की ओर जाने वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन शहर में प्रवेश करने से पहले ही बाईपास से गुजर सकेंगे। वहीं दुर्ग की तरफ से आने वाले वाहन मनकी से चिचोला और पेढरी से खैरागढ़ की ओर आसानी से जा सकेंगे। यह बाईपास राजनांदगांव-कवर्धा स्टेट हाईवे से जुड़ेगा। इसके लिए गटुला के पास एक प्रमुख चौराहा भी बनाया जाएगा। जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक से कारोबार प्रभावित बाईपास परियोजना के कारण लंबे समय से जमीनों की खरीद-बिक्री और रजिस्ट्री पर रोक लगी हुई है। इससे इलाके का रियल एस्टेट कारोबार प्रभावित हो रहा है। नए सौदे नहीं हो पा रहे हैं और कई पुराने सौदे भी रद्द करने पड़ रहे हैं। इसका असर जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की आय पर पड़ रहा है। साथ ही रजिस्ट्री नहीं होने से सरकार को स्टाम्प ड्यूटी और अन्य करों के रूप में मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
KGMU में ठेका व्यवस्था की लापरवाही ने राहुल गौतम की जान ले ली। आरोप है कि फायर सेफ्टी का काम देखने वाली कंपनी को ही जलापूर्ति व्यवस्था के अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई। कंपनी एक ही कर्मचारी से अलग-अलग तरह के काम करा रही थी। नतीजा यह हुआ कि कर्मचारियों पर काम का दबाव बढ़ता गया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती रही। दुबग्गा के लीला खेड़ा निवासी राहुल गौतम मेसर्स गोविंद फायर सर्विसेस का कर्मचारी था। ये कम्पनी केजीएमयू में फायर सेफ्टी के साथ जलापूर्ति व्यवस्था के अनुरक्षण का भी काम करती है। एक ही कंपनी को दो या इससे अधिक ठेके रेवड़ी की तरह बांटे जा रहे हैं। मोटी कमाई के लालच में कंपनियां एक ही कर्मचारियों से दोनों प्रकार के ठेके का ज्यादातर काम कर रही है। 200 से ज्यादा पानी की टंकी राहुल की मौत ने गोविंद फायर सर्विसेस की कार्यशैली की पोल खोल दी है। KGMU में छोटी-बड़ी करीब 200 से ज्यादा पानी की टंकियां हैं। इनकी सफाई और रखरखाव जैसे कामों के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों को लगाया जाता है। आरोप है कि कई बार कर्मचारियों को बिना सेफ्टी किट और जरूरी सुरक्षा उपकरणों के टंकी सफाई जैसे जोखिम भरे कामों में उतारा जा रहा था। गोविंद फायर सर्विस में तैनात कर्मचारी राहुल गौतम भी इसी अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। बताया जा रहा है कि राहुल से कंपनी के मूल काम के अलावा दूसरे कार्य भी कराए जा रहे थे। काम के दबाव और जिम्मेदारियों के बोझ के बीच उसकी जान चली गई। घटना ने KGMU में आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक कंपनी को मिले कई टेंडर KGMU में एक ही कंपनी को कई-कई ठेके दिए जाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। इससे कंपनियां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के बजाय मौजूद कर्मचारियों से कई तरह के काम कराने लगी हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर फायर सेफ्टी, जलापूर्ति और तकनीकी कार्यों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत होती है। अब सवाल यह है कि मरीजों की सुरक्षा का दावा करने वाले संस्थान में कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता क्यों किया जा रहा था?
जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय ने बीजापुर में एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने समावेशी विकास और सशक्त शासन का एक नया अध्याय लिखा है। महापौर ने बताया कि इन वर्षों में गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, किसान और महिला सशक्तिकरण जैसे कई क्षेत्रों में ठोस परिणाम सामने आए हैं, जिनसे करोड़ों नागरिकों के जीवन में वास्तविक बदलाव आया है। उन्होंने वित्तीय समावेशन के महत्वपूर्ण कदमों का जिक्र करते हुए जनधन योजना को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने कमजोर वर्गों को आवास, स्वच्छ ईंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर सम्मान दिलाया है। किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं जैसी योजनाओं ने कृषि उत्पादन और ग्रामीण आय को मजबूत किया है। इसके साथ ही, गांवों तक सड़क, बिजली, पेयजल और इंटरनेट की पहुंच ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार किया है। पांडेय बोले- देश की तस्वीर बदली, सुरक्षा भी हुई मजबूत पांडेय ने देश की आधारभूत संरचना में हुए सुधारों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार, रेलवे के आधुनिकीकरण, वंदे भारत ट्रेनों के परिचालन और हवाई अड्डों व मेट्रो के विकास को देश की प्रगति का प्रमाण बताया। सुरक्षा के मोर्चे पर, सीमा सुरक्षा, नक्सलवाद और आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा सुरक्षा बलों के आधुनिकीकरण से देश अधिक सुरक्षित हुआ है। महापौर ने विशेष रूप से नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास और सुरक्षा के समन्वित प्रयासों की सफलता पर जोर दिया। महापौर ने आगे कहा कि महिला सशक्तिकरण, युवा कौशल विकास और रोजगार सृजन पर भी सरकार की नीतियां प्रभावी रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक जिम्मेदार और प्रभावी राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम जनता से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस प्रेस वार्ता में कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
वीरांगना लक्ष्मीबाई के 168वें बलिदान दिवस पर ग्वालियर में वीरांगना मेले का आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय यह मेला 17 जून से शुरू होगा, जिसके लिए सोमवार शाम को भूमि पूजन किया गया। लक्ष्मीबाई की समाधि पर यह 27वां आयोजन है। मेले की तैयारियां शुरू हो गई हैं और पंडाल सजाए जा रहे हैं। सोमवार शाम को मंत्रोच्चारण के साथ भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर मेले के संयोजक और मध्यप्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया विशेष रूप से उपस्थित थे। पवैया ने बताया कि 17 जून को झांसी से ज्योति यात्रा ग्वालियर आएगी। इस शहीद ज्योति यात्रा को शोभा यात्रा के रूप में ले जाया जाएगा। प्रतिवर्ष की भांति इस मेले में रानी लक्ष्मीबाई के मौलिक शस्त्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। राणा प्रताप की जयंती के अवसर पर एक विशेष नाट्य का मंचन किया जाएगा। 18 जून को खूब लड़ी मर्दानी नामक महानाट्य का मंचन होगा, जिसमें घोड़े और बग्घी सहित युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। इस दौरान क्रांतिवीर सम्मान प्रदान किए जाएंगे और शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा। अंत में एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा।
रिटायर्ड जस्टिस संगीत लोढ़ा सोमवार को पाली जिले के रोहट क्षेत्र स्थित नेहड़ा बांध पहुंचे। उन्होंने बांध में भरे पानी का जायजा लिया। बांध में भरा पानी नदी में बहने को लेकर नाराजगी जताई। इस दौरान मौजूद किसान रिटायर्ड जस्टिस से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग की गलती से नेहड़ा बांध में भरा प्रदूषित पानी नदी में बहाया जा रहा है, इस पर कार्रवाई होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर डॉ रविन्द्र गोस्वामी, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, सिंचाई विभाग के एक्सईएन शंकरलाल सहित कई जने मौजूद रहे। बता दें कि 2 दिन पहले बांध के गेट पर ऑयल-ग्रीसिंग के करने के दौरान बांध का गेट अटक गया था और वापस बंद नहीं हुआ। इस पर बांध में भरा पानी नदी में बह गया था। इसी बात पर किसानों ने नाराजगी जताई थी और किसान वागाराम विश्नोई बांध की पाल पर ही अनशन पर बैठ गए थे।
विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो सकता है। यह सत्र भी पिछले मानसून सत्रों की तरह छोटा ही रहने वाला है। सत्र की अवधि एक हफ्ते तक हो सकती है। मानसून सत्र के दौरान राज्य सरकार द्वारा विधेयक और वर्ष 2026-27 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच चर्चा के बाद विधानसभा सचिवालय ने वर्ष 2026-27 के मानसून सत्र की तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्यपाल को 20 जुलाई से मानसून सत्र शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद इसका नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। यह सत्र पांच से सात दिन की अवधि का होना संभावित बताया जा रहा है। चूंकि विधानसभा सत्र शुरू होने के एक माह पहले नोटिफिकेशन होना जरूरी है। इसलिए सत्र प्रारंभ करने का नोटिफिकेशन 19 जून तक होना तय माना जा रहा है। सत्र शुरू होने के नोटिफिकेशन होने के साथ ध्यानाकर्षण और नियम 139 के अंतर्गत की जाने वाली चर्चा समेत विधायकों से लिए जाने वाले अन्य प्रस्तावों की टाइम लिमिट भी तय की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग का विधेयक आएगा विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार तीन से पांच विधेयक ला सकती है। इसमें उच्च शिक्षा विभाग के भी विधेयक शामिल रहेंगे। इसके अलावा प्रथम अनुपूरक बजट भी सत्र के दौरान आएगा। इसके लिए वित्त विभाग द्वारा पहले ही सभी विभागों से प्रस्ताव बुलाए जा चुके हैं और उसका अध्ययन किया जा रहा है।
अशोकनगर जिले के कदवाया थाना क्षेत्र के माधोपुर कुकरया गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात दर्दनाक हादसा हो गया। एक मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर मां और बेटे की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब दोनों घर के कमरे में सो रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुराने मकान को तोड़कर बना रहा था नया घरपुलिस के अनुसार, गांव निवासी महेंद्र लोधी का पत्थर फर्शी वाला दो मंजिला मकान था। महेंद्र कदवाया में नया मकान बनवा रहा था। नए निर्माण कार्य में उपयोग के लिए वह पुराने मकान की पत्थर फर्शी निकाल रहा था और पिछले कुछ दिनों से मकान को तोड़ने का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि मकान की पहली मंजिल पहले ही ढहा दी गई थी, जबकि ऊपर की छत पर काफी मात्रा में मलबा जमा था। बारिश से बढ़ा मलबे का वजनरविवार रात क्षेत्र में हुई बारिश के कारण छत पर पड़ा मलबा भीग गया। इससे उसका वजन काफी बढ़ गया और कमजोर हो चुकी छत भार नहीं सहन कर सकी। अचानक पत्थर की फर्शियां और मलबा टूटकर नीचे कमरे में आ गिरा, जहां महेंद्र की पत्नी और बेटा सो रहे थे। दोनों मलबे में दब गए। मौके पर ही हो गई दोनों की मौतकदवाया थाना प्रभारी मनीष जादौन ने बताया कि हादसे में महेंद्र लोधी की पत्नी ममता लोधी (30) और पुत्र नंदराम लोधी (8) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बारिश के कारण छत पर रखे मलबे का अत्यधिक भार हादसे की वजह माना जा रहा है।
कोरबा में भाजपा नेता और पूर्व बालको मंडल अध्यक्ष शिव बालक सिंह तोमर पर सोमवार दोपहर जानलेवा हमला हुआ। इस मामले में पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली सहित तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घायल शिव बालक सिंह तोमर को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के अनुसार, यह घटना सोमवार दोपहर करीब 12 बजे की है। शिव बालक सिंह तोमर अपने भतीजे से मिलने जिला जेल गए थे। जेल के रास्ते में उनकी मुलाकात जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली से हुई। रज्जाक अली ने शिव बालक सिंह को अपने भतीजे से दूर रहने और उसका साथ न देने की नसीहत दी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर रज्जाक अली और उसके तीन साथी आक्रामक हो गए। चारों आरोपियों ने मिलकर शिव बालक सिंह के साथ मारपीट की। हमलावरों ने रॉड, डंडे और बेसबॉल स्टिक से उनके घुटने के नीचे के पैर पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले में भाजपा नेता घायल पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों में से एक तलवार लेकर आया था। हमले में शिव बालक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। एएसपी लखन पटले ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की गई और जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पुलिस तलवार सहित अन्य हथियारों की बरामदगी के लिए तलाश कर रही है। इस घटना को लेकर भाजपा नेताओं में गहरी नाराजगी है। कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन सहित कई भाजपा नेता घायल शिव बालक सिंह तोमर से मिलने मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। दूसरी ओर, गिरफ्तार जिला पंचायत सदस्य रज्जाक अली ने पूरे मामले को महिला संबंधी अपराध से जोड़ते हुए बयान दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अगले छह माह में बड़े त्योहार, सांस्कृतिक पर्व एवं मेले मनाएं जाएंगे। इसे देखते हुए संस्कृति विभाग सभी समाजों को, उनकी आस्था और सांस्कृतिक परम्पराओं को जोड़कर बड़े आयोजन करे। सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम से एक अलग अकादमी का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि भोपाल के पास जगदीशपुर में कैबिनेट बैठक की जाएगी। सोमवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का दायरा और तेजी से बढ़ेगा। विभागीय आंतरिक विशेषताओं और विशेषज्ञताओं का समुचित संयोजन करते हुए संस्कृति विभाग की और बेहतर पुनर्संरचना की जाए। उन्होंने कहा कि आल्हा-ऊदल वीर रस गायन के प्रतीक हैं, उनकी स्मृति में आयोजन किए जाएं। श्रावण महोत्सव और भुजरिया पर्व भी मनाएं। नागपंचमी पर जैव विविधता संरक्षण (सर्प प्रजातियों के संरक्षण) का संदेश दिया जाए। प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने योजना तैयार करें मुख्यमंत्री ने सोमवार को मंत्रालय में संस्कृति विभाग अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा बैठक में कहा कि मध्यप्रदेश की कला, संस्कृति, परम्पराएं और समृद्ध पुरातात्त्विक धरोहरें प्रदेश की अमूल्य पूंजी हैं, जिन्हें संरक्षित और संवर्धित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए योजनाबद्ध और प्रभावी प्रयास किए जाएं। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सांस्कृतिक अभ्युदय के लिए हमारी सरकार हर जरूरी प्रयास कर रही है। कला पंचांग कैलेंडर का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए तैयार किए गए 'कला पंचांग' का विमोचन भी किया। इसमें विभाग द्वारा वर्ष भर की जाने वाली कलात्मक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का पूरा कैलेंडर तैयार किया गया है। अब इन्हें सिलसिलेवार क्रियान्वित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभागीय गतिविधियों का आधुनिक संदर्भों में विस्तार भी किया जाए। उन्होंने कहा कि संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग सभी मिलकर काम करें, ताकि प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले। तीर्थ दर्शन योजना में एमपी के शक्तिपीठ करें शामिल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट वीर विक्रमादित्य के नाम से एक पृथक अकादमी का गठन किया जाए। इसमें विक्रमादित्य के जीवनवृत्त पर समग्र शोध एवं अन्य संगत गतिविधियां भी संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के बाहर के प्रसिद्ध मंदिरों और देव स्थानों के अतिरिक्त अब प्रदेश में मौजूद 2 ज्योतिर्लिंगों, जागृत एवं मंशापूर्ण शक्ति पीठों एवं अन्य धार्मिक स्थलों को भी मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन योजना में शामिल किया जाए। राम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय के धीमे काम से नाखुश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण पाथेय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इनके निर्माण कार्यों में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाएं धार्मिक आस्था के केंद्र होने के साथ ही प्रदेश के सांस्कृतिक और पर्यटन विकास की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनका कार्य शीघ्र पूर्ण होने से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। जगदीशपुर में होगी कैबिनेट मीटिंग मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के नजदीक जगदीशपुर स्थित पुराने किले की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि इस किले के इतिहास को जीवंत करने और इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए भविष्य में जल्द ही यहां स्टेट कैबिनेट मीटिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में जन्मे या यहां से निकलकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले गायकों, कलाकारों और अन्य जनों की जानकारी एकत्रित कर इन्हें मध्यप्रदेश में प्रस्तुति देने के लिए राज़ी किया जाए। इससे मध्यप्रदेश की कला एवं सांस्कृतिक विविधताओं को देश-दुनिया में नई पहचान और एक्सपोजर मिलेगा और अपनी माटी से जुड़कर ऐसे कलाकारों को भी खुशी होगी। पद्म पुरस्कारों के लिए संस्कृति विभाग करे अनुशंसा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्म पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कलाकारों, समाजसेवियों, पर्यावरणविदों के केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर संस्कृति विभाग भी अपनी ओर से अनुशंसा करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी पद्म पुरस्कार विजेताओं की आर्थिक मदद के लिए एक स्थायी योजना तैयार की जाए, ताकि जरुरतमंदों को शासन की योजना के तहत आर्थिक सहयोग दिया जा सके। एसीएस ने दी चालू निर्माण कार्यों की जानकारीमुख्य सचिव, संस्कृति, शिव शेख़र शुक्ला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 17 धार्मिक, सांस्कृतिक लोक और 20 संग्रहालयों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक संस्कृति विभाग के अधीन करीब 4160 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों पर काम जारी हैं। कुछ काम पूरे भी हो चुके हैं। जल्द ही लोकार्पण भी कराया जाएगा। प्रदेश में श्रीराम वन गमन पथ निर्माण पर 160 करोड़ रुपए के काम जारी हैं। श्री महाकाल लोक में मूर्ति स्थापना के कार्य प्रगति पर है। ओरछा में भगवान श्री राम राजा लोक एकदम नये स्वरूप में (छह नई थीम पर) तैयार किया जा रहा है। प्रदेश के सभी लोकों के नियमित संचालन के लिए स्थायी प्रबंधन भी किए जा रहे हैं। प्रदेश के सभी संगीत महाविद्यालयों और सांची स्थित बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के सुचारू संचालन के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश के नाट्य विद्यालय में विभाग द्वारा डिग्री कोर्सेस चलाए जा रहे हैं। यह विद्यालय इतना प्रसिद्ध है कि अब नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के पदाधिकारी विजिट करके यहां उपलब्ध सुविधाओं और कोर्सेस की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए उत्तरप्रदेश सरकार के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस को विकास दिखाई नहीं देता। उन्होंने गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि को वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम बताया और आने वाले समय में राहत मिलने की उम्मीद जताई। उपमुख्यमंत्री साव ने यह बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बिलासपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कही। इस दौरान उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि चकरभाठा एयरपोर्ट (बिलासपुर) के विकास, नाइट लैंडिंग सुविधा और हवाई सेवाओं के विस्तार पर सरकार लगातार काम कर रही है। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी के मामले पर साव ने कहा कि सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई कर रही है, ताकि भविष्य में इनकी पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकारें जनता के हित में निरंतर कार्यरत हैं। उपमुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं साव ने आगे कहा कि विकास, सुशासन और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने बीते 12 वर्षों में देश द्वारा विकास, सुरक्षा, गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल करने का उल्लेख किया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। जनधन योजना ने गरीबों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा, जबकि प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाओं ने आम लोगों का जीवन आसान बनाया है। उन्होंने कहा कि किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और सिंचाई योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे उनकी आय और उत्पादन में वृद्धि हुई है। साव ने यह भी बताया कि देश में सड़क, रेल, मेट्रो, एयरपोर्ट और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। छत्तीसगढ़ में नक्सवाद का खात्मा साव ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन, अमृत भारत स्टेशन योजना, नए राष्ट्रीय राजमार्ग और ग्रामीण सड़कों ने विकास को नई गति दी है। वहीं नक्सलवाद और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी बड़ी सफलता मिली है, जिससे छत्तीसगढ़ सहित कई क्षेत्रों में सामान्य माहौल बना है।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर मढ़ई नाके के पास सोमवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ढाबों को ध्वस्त कर दिया। वर्षों से सरकारी जमीन पर संचालित हो रहे मढ़ई ढाबा और अविनाश ढाबा को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पुलिस विभाग का अमला मौके पर मौजूद रहा। सरकारी जमीन पर था कब्जा एसडीएम प्रियंका भल्लावी ने बताया कि पंचायत बमोरीखुर्द की मुख्य सड़क के पास मढ़ई नाके पर अमित चौरसिया और महेंद्र सिंह द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर रखा गया था। इसी जमीन पर मढ़ई ढाबा और अविनाश ढाबा संचालित किए जा रहे थे। अतिक्रमण हटाने के संबंध में तहसीलदार द्वारा नवंबर माह में ही आदेश जारी किए गए थे। आदेश के पालन में सोमवार को कार्रवाई की गई। पुलिस और राजस्व अमला रहा मौजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नायब तहसीलदार रणजीत सिंह चौहान और सोहागपुर थाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी की मौजूदगी में की गई। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से ढाबों को हटाकर सरकारी भूमि को मुक्त कराया। गौरतलब है कि गिरीश त्रिपाठी ने दो दिन पहले ही सोहागपुर थाना प्रभारी का पदभार संभाला है। पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी मौजूदगी में हुई पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। अन्य अतिक्रमण भी होंगे चिन्हित एसडीएम प्रियंका भल्लावी ने बताया कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमणों की पहचान की जा रही है। जहां भी सरकारी जमीन पर कब्जा पाया जाएगा, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चलाया जाएगा।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को इंदौर के विभिन्न हॉस्टलों और खाद्य प्रतिष्ठानों में विशेष जांच अभियान चलाया। अधिकारियों की टीम ने इंद्रपुरी कॉलोनी, अहिल्यापुरी और मंगल नगर क्षेत्र के छात्रावासों का निरीक्षण कर कुल 16 खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। निरीक्षण के दौरान सत्कार गर्ल्स हॉस्टल, इंद्रपुरी कॉलोनी में किचन और स्टोर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई। यहां फूड हैंडलर्स के मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र और पानी की जांच रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। हॉस्टल से तुअर दाल, मिक्स दाल, आटा, मिर्च पाउडर, बेसन और चावल सहित 6 नमूने लिए गए। संबंधित संचालक को नोटिस जारी किया जाएगा। वहीं वीर भगत सिंह हॉस्टल और सत्कार हॉस्टल्स, मंगल नगर से भी खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए। अन्य हॉस्टलों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। इसके अलावा आओ मित्रों केक शॉप और टिंकूज़ कैफे का भी निरीक्षण किया गया। कैफे में खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता को लेकर जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। हॉस्टल, मेस और विद्यार्थियों से जुड़े खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अशोकनगर जिले के मुंगावली-चंदेरी रोड पर साजन महू गांव के मंदिर के पास सोमवार शाम एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना एक पिकअप वाहन द्वारा मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारने से हुई। मृतक की पहचान डोगरा निवासी 33 वर्षीय रवि पुत्र शिवलाल अहिरवार के रूप में हुई है। बाइक पर सवार डोंगरा निवासी 23 वर्षीय संजू पुत्र ओमप्रकाश अहिरवार का पैर फ्रैक्चर हो गया, वहीं मुंगावली निवासी 32 वर्षीय राजाबाबू पुत्र राम किशोर अहिरवार को मामूली चोटें आई हैं। बाइक सवार तीनों युवक मुंगावली से डोंगरा गांव की ओर जा रहे थे। तभी चंदेरी की ओर से मुंगावली आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद पिकअप चालक तेजी से मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल सहराई थाना प्रभारी धर्मेश दांगी को घटना की सूचना दी। सहराई थाने से आरक्षक समीर खान तुरंत मौके पर पहुंचा और एंबुलेंस को भी बुलाया गया। पुलिसकर्मी ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को मुंगावली सिविल अस्पताल पहुंचाया। एक घायल व्यक्ति को खुद पुलिसकर्मी अपने वाहन से लेकर पहुंचा। अस्पताल में डॉक्टरों ने रवि अहिरवार को मृत घोषित कर दिया। अन्य दोनों घायलों का इलाज जारी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया गया है, जिसका पोस्टमार्टम अगले दिन किया जाएगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र में 22 जून से मानसून सत्र, किसानों की कर्जमाफी पर सरकार-विपक्ष में तीखी बहस के आसार
महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी ने सोमवार को राज्य विधानसभा के मानसून सत्र की घोषणा की। यह सत्र 22 जून से शुरू होकर 10 जुलाई तक चलेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने 15 जून 2026 को मध्य प्रदेश सरकार की 25 अगस्त 2011 की अधिसूचना को रद्द कर दिया। इस अधिसूचना के जरिए लोकायुक्त के स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (SPE) को सूचना के अधिकार (RTI) कानून के दायरे से बाहर रखा गया था। कोर्ट ने कहा कि SPE कोई खुफिया या सुरक्षा संगठन नहीं है, इसलिए इसे RTI से छूट नहीं दी जा सकती। यह अधिसूचना कानून के विपरीत और ज्यादा पाई गई। एसपीई को इंटेलिजेंस या सिक्योरिटी संगठन नहीं माना जा सकता जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की बेंच ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त भ्रष्टाचार और लोक सेवकों से जुड़े मामलों की जांच करते हैं। SPE इन्हीं मामलों में सहायता करता है। 1981 के मध्य प्रदेश लोकायुक्त कानून के तहत उन्हें खुफिया या सुरक्षा संबंधी जांच का अधिकार नहीं है। इसलिए SPE को इंटेलिजेंस या सिक्योरिटी संगठन नहीं माना जा सकता। राज्य सरकार Section 24(4) RTI Act के तहत छूट दे सकती है, लेकिन केवल वास्तविक इंटेलिजेंस/सिक्योरिटी संगठनों को। SPE उस श्रेणी में नहीं आता। SPE ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की यह पूरा मामला कामता प्रसाद मिश्रा, एक पुलिस इंस्पेक्टर से शुरू हुआ। उन पर रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने का आरोप था। SPE ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया। जांच के बाद मिश्रा ने RTI के तहत कुछ दस्तावेज मांगे, जैसे सेंक्शन से संबंधित फाइल, नोटिंग्स और पत्राचार। SPE ने 2011 की अधिसूचना का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दिसंबर 2021 में SPE के रिजेक्शन ऑर्डर रद्द कर दिए और जानकारी देने का निर्देश दिया। इसके बाद SPE ने हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। अधिसूचना की वैधता पर कोर्ट का विश्लेषण 25 अगस्त 2011 की अधिसूचना को Section 24(4) of RTI Act के तहत जारी किया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे कानून के विपरीत पाया। कोर्ट ने suo motu अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए इस अधिसूचना की वैधता की जांच की। राज्य सरकार को पूरा अवसर दिया गया, लेकिन यह साबित नहीं हो सका कि SPE कोई इंटेलिजेंस या सिक्योरिटी संगठन है। इसलिए अधिसूचना को रद्द कर दिया गया। SPE का कार्यक्षेत्र और सीमाएं SPE का गठन मध्य प्रदेश स्पेशल पुलिस इस्टेबलिशमेंट एक्ट 1947 के तहत हुआ है। विभिन्न अधिसूचनाओं (1959, 1989, 2000, 2001) के माध्यम से इसका दायरा केवल लोक सेवकों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार, विश्वास भंग करने और धोखाधड़ी के मामलों तक ही सीमित रखा गया है। यह संगठन किसी भी प्रकार के खुफिया संग्रह, आंतरिक सुरक्षा या सीमा सुरक्षा जैसे कामों में शामिल नहीं है, जो सेकंड शेड्यूल में उल्लिखित केंद्रीय संगठनों (जैसे BSF, CRPF, NIA आदि) के कामों से अलग है। फैसले से यह होगा प्रभाव कोर्ट ने माना कि RTI एक्ट की Section 24(4) केवल वास्तविक इंटलिजेंस एंड सिक्योरिटी ऑर्गेनाइजेशंस को छूट देती है। SPE को इस श्रेणी में रखना एक्सेसिव और कानून के खिलाफ है। इसलिए हाई कोर्ट का आदेश बरकरार रखा गया और कामता प्रसाद मिश्रा को मांगी गई जानकारी (सेंक्शन प्रक्रिया संबंधी दस्तावेज) उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। यह फैसला RTI कानून के तहत पारदर्शिता को मजबूत करता है। ये है मामला कामता प्रसाद मिश्रा, जो कटनी के माधव नगर थाने में टीआई थे, पर 11 अप्रैल 2017 को ट्रैप केस में FIR दर्ज हुई। 20 मई 2020 को अभियोजन स्वीकृति मिली। उन्होंने 1 जुलाई 2020 को RTI आवेदन दायर किया, जिसे SPE ने 2011 की अधिसूचना के आधार पर अस्वीकार कर दिया। राज्य सूचना आयोग ने भी याचिका खारिज की, लेकिन मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने दिसंबर 2021 में SPE के आदेश रद्द कर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। SPE ने सुप्रीम कोर्ट में क्रिमिनल अपील दायर की, जिसमें यह फैसला 15 जून 2026 को सुनाया गया।
सीकर में 22 साल के नीट स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया है। उद्योग नगर थाना इलाके में स्टूडेंट ने अपने फ्लैट में चुन्नी से फांसी का फंदा बनाकर पंखे से लटककर सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे सुसाइड कर लिया। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। उद्योग नगर थाना SHO राजेश कुमार बुडानिया ने बताया कि घटना इलाके में स्थित एक प्राइवेट रेजिडेंसी की है। जहां फ्लैट में रहने वाले 22 साल के नीट स्टूडेंट उमेश माली पुत्र लक्ष्मणराम निवासी कारी नवलगढ़ ने फांसी के फंदे पर लटककर सुसाइड कर लिया। इसके शव का परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम करवाकर सौंप दिया गया है। उमेश के पिता मुंबई में टाइल्स की ठेकेदारी का काम करते हैं। यहां उनका रेजीडेंसी में फ्लैट है। जहां उमेश अपनी बड़ी बहन, छोटे भाई और मां के साथ रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। इस बार उसका तीसरा अटेम्प्ट था जिसकी एग्जाम 21 जून को होनी थी, लेकिन उसके पहले ही उसने सुसाइड कर लिया। उमेश सोमवार सुबह ही अपनी मां को गांव छोड़कर वापस लौटा था। उमेश ने चुन्नी से फांसी का फंदा बनाया और फिर पंखे से लटककर सुसाइड किया। उमेश की बड़ी बहन और छोटा भाई जब दोपहर में फ्लैट पर लौटे तो उन्हें सुसाइड का पता चला। सूचना पर उद्योग नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जहां से पुलिस को सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में स्टूडेंट ने लिखा: मैं बहुत दूर जा रहा हूं,पता नहीं कहां जा रहा हूं। सॉरी… पुलिस ने सुसाइड नोट बरामद करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अब तक सुसाइड का कारणों का पता नहीं लग पाया है।
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने सोमवार शाम को नगर परिषद परिसर में आयोजित शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन कर आमजन को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली। जिला कलक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सरल, सहज और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है। कलेक्टर ने प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण करने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया। निरीक्षण के दौरान, जिला कलेक्टर ने शिविर में आए नागरिकों से संवाद किया और उनकी समस्याएं व सुझाव सुने। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंशा है कि आमजन को विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर मिलें, ताकि उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके। शहरी सेवा शिविर में विभिन्न विभागों ने आमजन को योजनाओं की जानकारी दी, आवेदन प्राप्त किए और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। नागरिकों ने शिविर के माध्यम से मिल रही सुविधाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, नगर परिषद सचिव अभिषेक सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
भारत ने अंडर-20 जूनियर IHF ट्रॉफी जीती:नवादा के तौसीफ रसूल बने बेस्ट प्लेयर
बांग्लादेश में आयोजित अंडर-20 जूनियर आईएचएफ ट्रॉफी में भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 48-27 के बड़े अंतर से पराजित किया। इस भारतीय टीम में बिहार के दो खिलाड़ी शामिल थे, जिनमें नवादा के तौसीफ रसूल और बेगूसराय के शिवा प्रमुख थे। प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले के बाद नवादा के तौसीफ रसूल को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'बेस्ट प्लेयर' अवार्ड से सम्मानित किया गया। उनकी इस उपलब्धि ने भारतीय हैंडबॉल टीम के साथ-साथ बिहार और विशेष रूप से नवादा जिले का मान बढ़ाया है। प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा को निखारा जिले के हैंडबॉल संघ के अधिकारी और शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि नवादा के बड़ी दरगाह पार के निवासी तौसीफ ने बचपन से ही खेल के प्रति जुनून दिखाया। उन्होंने हरिशचंद्र स्टेडियम नवादा से हैंडबॉल की शुरुआत की और वहीं से प्रारंभिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, पटना की खेल अकादमी और भारतीय खेल प्राधिकरण, गांधीनगर, गुजरात में भी प्रशिक्षण लिया। उन्होंने कई राज्यों में प्रशिक्षण शिविरों में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा को निखारा है। तौसीफ रसूल को बधाई और शुभकामनाएं दी इस जीत पर खेल मंत्री श्रेयशी सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से तौसीफ रसूल को बधाई और शुभकामनाएं दीं। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्र शंकरन ने भी तौसीफ रसूल को बधाई दी। इसके अतिरिक्त, नवादा जिले के एमएलसी अशोक यादव, विधायक विनीता मेहता, विधायक विभा देवी, जिला परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी और सीनियर खिलाड़ियों ने भी तौसीफ रसूल को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर सोमवार को पहली बार धार पहुंचे। उनके आगमन पर भाजपा और युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने शहर में भव्य स्वागत की तैयारियां की थीं। शहीद चौक से भाजपा कार्यालय तक जगह-जगह स्वागत मंच बनाए गए, बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर लगाए गए और डीजे व ढोल-ताशों के साथ उनका अभिनंदन किया गया। टेलर के स्वागत के लिए पूरे मार्ग को राजनीतिक रंग में रंग दिया गया था। शहीद चौक से भाजपा कार्यालय तक कई स्थानों पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग स्वागत मंच बनाकर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान फूल-मालाओं और नारों के बीच प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया गया। हालांकि, इस पूरे आयोजन के दौरान प्रदेश अध्यक्ष का काफिला जिस मार्ग से गुजरा, उसी मार्ग पर जिला अस्पताल सहित शहर के दो बड़े निजी अस्पताल स्थित हैं। अस्पतालों के बाहर डीजे, ढोल-ताशे और स्वागत मंच लगाए गए थे। अस्पतालों के बाहर तेज ध्वनि वाले उपकरणों के उपयोग को लेकर कांग्रेस के धार जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह स्वागत कार्यक्रम के नाम पर शक्ति प्रदर्शन था, जबकि इसी मार्ग पर स्थित अस्पतालों में मरीज उपचाररत हैं। ठाकुर ने बताया कि दिनभर मरीजों और उनके परिजनों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद अस्पतालों के आसपास तेज ध्वनि वाले उपकरणों का उपयोग किया गया, जिससे मरीजों की सुविधा और अस्पताल क्षेत्र की संवेदनशीलता को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने जिला प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और कहा कि अस्पतालों के आसपास शांति बनाए रखने की आवश्यकता होती है, लेकिन स्वागत कार्यक्रम में इसका ध्यान नहीं रखा गया।
भरतपुर में जूस के गिलास में मांस का टुकड़ा निकलने के बाद हंगामा हो गया। जूस पी रहे युवक का आरोप है कि मैंगो शेक में किशमिश बताई गई थी, लेकिन हकीकत में वह मांस का टुकड़ा था। उसे कई बार धोकर भी चेक किया। हालांकि विवाद बढ़ा तो दुकानदार ने उस टुकड़े को फेंक दिया। मौके पर बजरंग दल के जिला संयोजक भी पहुंचे। हालांकि तलाशी के दौरान जूस की दुकान के पास एक थैली भी मिली। दावा है कि थैली में मांस भरा हुआ था। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने दुकानदार को पीट दिया। मामला शहर के लूपिन चौराहे के पास सोमवार शाम 6 बजे का है। मथुरा गेट थानाधिकारी हरलाल मीणा का कहना है कि एक दुकान पर जूस में मांस का टुकड़ा निकलने पर विवाद हुआ था। आरोपी को हिरासत में लिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। पहले देखिए- 2 PHOTOS पहले बताया किशमिश, धोने पर निकला मांस का टुकड़ा बजरंग दल के जिला संयोजक शुभम सैंथरा ने बताया- जूस की दुकान के मालिक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था, जिसमें दुकानदार कह रहा है कि मैं अपना असली नाम बताऊं या नकली नाम बताऊं। हम इसी सिलसिले में आज दोपहर को उसकी दुकान पर गए थे। हमने उससे कहा कि जो भी तेरा असली नाम है, वह बता दे। इसी दौरान एक युवक वहां जूस पी रहा था। उसने दुकानदार से कहा कि मेरे ग्लास में कुछ आ गया है। इसे चेक करना। दुकान मालिक ने कहा कि यह किशमिश है। तब दुकान मालिक को दोबारा चेक करने को कहा। जब उस टुकड़े को धोकर देखा तो वह मांस का टुकड़ा था। शुभम ने बताया- इसके बाद हमने जूस की दुकान को चेक किया तो उसके पास ही काली थैली मिली। उसमें मांस का बड़ा टुकड़ा था। इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। फिलहाल दुकान मालिक को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि दुकान पर काम करने वाले कर्मचारी फरार हो गए। पुलिस ने मांस के टुकड़े को जब्त करवा कर मेडिकल के लिए भिजवाया है।
नूंह में फरार घोषित अपराधी गिरफ्तार:28 साल से दे रहा था चकमा; राजस्थान पुलिस को सैंपा
नूंह पुलिस ने लगभग 28 साल से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को बाद में राजस्थान पुलिस के हवाले कर दिया गया। यह अपराधी वर्ष 1998 में दर्ज एक मामले में वांछित था और लंबे समय से पुलिस से बच रहा था। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान नगीना थाना क्षेत्र के खेड़ली गांव निवासी दीन अजीज पुत्र जारी के रूप में हुई है। उसके खिलाफ राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के सुभाष नगर थाने में वर्ष 1998 में एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में अदालत ने उसे घोषित अपराधी घोषित किया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। आरोपी को राजस्थान पुलिस को सौंपा आरोपी की तलाश कई वर्षों से जारी थी। हाल ही में मिली सूचना के आधार पर उसे नूंह क्षेत्र से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के दस्तावेजों और पहचान का सत्यापन किया गया। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे राजस्थान पुलिस की टीम को सौंप दिया गया। लगभग तीन दशक तक फरार रहने के बाद हुई यह गिरफ्तारी पुराने मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और अदालती रिकॉर्ड के आधार पर गिरफ्तारी यह गिरफ्तारी ऐसे मामलों में एक मिसाल है, जहां आरोपी लंबे समय तक कानून से बचते रहते हैं, लेकिन पुलिस और अदालती रिकॉर्ड के आधार पर उनकी तलाश जारी रहती है। ऐसी गिरफ्तारियों से लंबित कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने का मार्ग प्रशस्त होता है।
गोरखपुर के कई इलाकों में मंगलवार को बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सड़क चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग, ब्रेकर बदलने और बिजनेस प्लान के तहत होने वाले कार्यों के लिए बिजली निगम अलग-अलग उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों को बंद रखेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से पानी सहित अन्य जरूरी इंतजाम पहले ही पूरा करने की अपील की है। खोराबार में दो घंटे बाधित रहेगी बिजली सप्लाई33/11 केवी खोराबार विद्युत उपकेंद्र पर ब्रेकर बदलने का काम किया जाएगा। इसके चलते खोराबार उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। राप्तीनगर और इंडस्ट्रियल एरिया में चार घंटे कटौतीसड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग कार्य के कारण राप्तीनगर विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी कृष्णानगर, मोतीपोखरा फीडर और इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र के 11 केवी पश्चिमी फीडर से जुड़े इलाकों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंदराप्तीनगर न्यू विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर पर भी सड़क चौड़ीकरण का काम कराया जाएगा। इसके चलते इन क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। वहीं शाहपुर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक सप्लाई प्रभावित होगी। बक्शीपुर क्षेत्र में शाम 4 बजे तक असरबिजनेस प्लान के कार्यों के चलते बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी कोतवाली (खूनीपुर क्षेत्र) और मान चौराहा (अस्करगंज क्षेत्र) फीडर की बिजली आपूर्ति सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी। काम पूरा होने के बाद बिजली सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित D3 त्रिवेणी कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स और डिजिटल क्रिएटर्स के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं, रोजगार, शिक्षा, निवेश, अयोध्या के विकास और प्रदेश की बदलती पहचान को लेकर अपनी सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा अब पहचान के संकट से बाहर निकल चुका है और आज प्रदेश में रोजगार तथा अवसरों की कोई कमी नहीं है। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर एवं शिक्षक वेदांत सिंह हजारी ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में करीब एक करोड़ नए युवा मतदाता पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में शिक्षा, रोजगार और अवसरों को लेकर जागरूक इस युवा वर्ग को सरकार पर भरोसा क्यों करना चाहिए। 2017 से पहले की स्थिति याद रखने की जरूरत: योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवाब देते हुए कहा कि आज का युवा प्रतिभाशाली और ऊर्जा से भरपूर है। उन्होंने कहा कि 2027 में मतदान करने वाला 18 से 25 वर्ष का युवा वर्ष 2017 से पहले की परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से नहीं जानता। उस समय उत्तर प्रदेश की पहचान दंगों, कर्फ्यू, भ्रष्टाचार और विकास के अभाव से जुड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब प्रदेश के कई युवा खुद को उत्तर प्रदेश का बताने में संकोच करते थे। राज्य की छवि देश और दुनिया में अच्छी नहीं थी, जिसका सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ा। रोजगार और अवसरों की कमी के कारण उन्हें संघर्ष करना पड़ता था। पहचान से अवसर तक, बदली यूपी की तस्वीर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की छवि बदलने का संकल्प लिया था और आज उसका परिणाम सामने है। उन्होंने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश का युवा देश और दुनिया में सम्मान के साथ अपनी पहचान बनाता है। उन्होंने कहा कि पहले लोग यूपी के युवाओं से दूरी बनाते थे, जबकि अब उन्हें सम्मान और अवसर दोनों मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश का माहौल बना है और देश में सर्वाधिक निवेश आकर्षित करने वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश अग्रणी है। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक परियोजनाओं ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान है। उन्होंने बताया कि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की परिकल्पना वर्षों पहले हुई थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे जमीन पर उतारने का काम किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उन्हें पहली उड़ान में आमंत्रित किया गया। किसानों ने लखनऊ पहुंचकर उनसे मुलाकात की और सरकार के प्रति संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं में किसानों और युवाओं को साझेदार बनाया जा रहा है। अयोध्या आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक मॉडल D3 त्रिवेणी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों को विरासत में देने योग्य एक अनुपम उपहार है। अयोध्या ने यह साबित किया है कि आध्यात्मिक पर्यटन किसी शहर के विकास का मजबूत आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग अयोध्या का नाम लेने और वहां जाने से भी डरते थे, जबकि आज अयोध्या चारों दिशाओं से फोर लेन सड़कों, डबल ब्रॉडगेज रेलवे लाइन और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ चुकी है। विपक्ष पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि अब रामभक्ति की बात वे लोग भी कर रहे हैं जिन्होंने कभी रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने संत समाज की उपेक्षा की थी, उन्हें अब साधु-संतों के सम्मान की याद आ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश विकास, सांस्कृतिक विरासत और सुशासन के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है और आने वाले वर्षों में युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।
सिरसा जिले में मंडी डबवाली के निकट गांव देसूजोधा के पास एक माइनर में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। यह घटना सोमवार सुबह हुई। मृतक की पहचान 38 वर्षीय सतनाम सिंह के रूप में हुई है। सतनाम सिंह अविवाहित था और पिछले कुछ वर्षों से अपने ननिहाल गांव देसूजोधा में रह रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि उसके अचानक निधन से गांव में दुख का माहौल है। सोमवार सुबह सतनाम सिंह माइनर के किनारे से गुजर रहा था। उसे प्यास लगने पर वह पानी पीने के लिए माइनर की सीढ़ियों से नीचे उतरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीढ़ियों पर उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह माइनर में जा गिरा। माइनर में पानी का बहाव तेज होने के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाया और डूब गया। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने बचाव कार्य शुरू किया। काफी प्रयासों के बाद सतनाम सिंह को माइनर से बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में उपचार के लिए सिविल अस्पताल डबवाली ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह हादसा पैर फिसलने के कारण होने की बात सामने आई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से माइनरों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और फिसलन वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके। सतनाम सिंह की असामयिक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
ताला तोड़कर पतंजलि स्टोर में चोरी की, आरोपी गिरफ्तार:शिवपुरी में चोरी का लैपटॉप और नकदी बरामद
शिवपुरी कोतवाली थाना पुलिस ने पतंजलि मेगा स्टोर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया एचपी कंपनी का लैपटॉप, नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का सरिया बरामद हुआ है। यह मामला 13 अप्रैल 2026 का है, जब कृष्णपुरम कॉलोनी निवासी तरुण सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कमलागंज एबी रोड स्थित उनके पतंजलि मेगा स्टोर का ताला तोड़कर अज्ञात चोर लैपटॉप और अन्य सामान चुरा ले गए थे। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधीक्षक शिवपुरी श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई। जांच के दौरान मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गांधी पार्क मानस भवन के पास से सूरज उर्फ सराफत शाक्य (19 वर्ष), निवासी कोलिया की माता मंदिर के सामने, शिवपुरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात स्वीकार की। आरोपी के पास से चोरीका लैपटॉप मिलापुलिस ने आरोपी के पास से करीब 40 हजार रुपये कीमत का लैपटॉप, 700 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल लोहे का सरिया बरामद किया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है
उन्नाव में रोलर की चपेट में आकर लड़के की मौत:हादसे में बड़ा भाई घायल, परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम
उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक सड़क हादसे में 10 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। उन्नाव-लालगंज मार्ग पर पचोड्डा गांव के पास एक रोलर की चपेट में आने से बाइक सवार किशोर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। जानकारी के अनुसार, पचोड्डा गांव निवासी रमनी का 10 वर्षीय पुत्र अफजल अपने बड़े भाई रिजवान के साथ सिकंदरपुर कर्ण बाजार गया था। दोनों भाई आम बेचकर बाइक से घर लौट रहे थे। उन्नाव-लालगंज मार्ग पर गांव के पास एक ही दिशा में जा रहे रोलर से उनकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर पीछे बैठे अफजल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक चला रहा उसका बड़ा भाई रिजवान गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और घायल रिजवान को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही मृतक किशोर के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर शव को उन्नाव-लालगंज हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को असुविधा हुई। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी मधुप नाथ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अचलगंज और बीघापुर थाने की पुलिस ने भी स्थिति को संभाला। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खुलवाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने हादसे के बाद रोलर और उसके चालक के संबंध में जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। किशोर की मृत्यु से गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
लखीमपुर में तेंदुए ने महिला को मार डाला। सोमवार शाम वह अपने पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थीं, तभी तेंदुए ने हमला कर दिया। महिला की गर्दन को अपने जबड़े में दबोचकर भागने लगा। महिला की चीख सुनकर पति और वहां खेत में मौजूद महिलाओं ने पीछा किया, लेकिन तेंदुआ महिला को लेकर भाग निकला। आधे घंटे बाद महिला का शव खेत से 50 मीटर दूर जंगल में मिला। तेंदुआ महिला की गर्दन, आंख, कान बुरी तरह खा चुका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पूरा मामला मझगई थाना क्षेत्र का है। देखिए 2 तस्वीरें.... अब जानिए पूरा मामला… खालेपुरवा गांव के रहने वाले गेंदल खेती-किसानी करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने बताया- सोमावर शाम वो खेत मे काम कर रहे थे। पत्नी कोकिला देवी (50) शाम करीब 6 बजे पशुओं के लिए चारा लेने खेत पर गई थीं। खेत के पास घात लगाए बैठे एक तेंदुए ने हमला कर दिया। गर्दन दबोचकर कोकिला को घसीटते हुए जंगल में ले गया। मैं और ग्रामीण शोर मचाते हुए पीछे दौड़े, तेंदुआ नहीं रुका। कुछ ही पलों में वह गायब हो गया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और ग्रामीण ने पत्नी को खोजबीन शुरू की। करीब आधे घंटे बाद पत्नी बुरी तरह घायल जंगल में पड़ी मिली। घायल महिला को तत्काल पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कोकिला देवी के 5 बेटे और 3 बेटियां हैं। इस घटना के बाद ग्रामीणों में डर है। लोगों ने वन विभाग के अफसरों से क्षेत्र में तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी, तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए तीन पिंजरे घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित कुमार सिंह ने घायल महिला के पति को तत्काल सहायता के रूप में ₹25 हजार की आर्थिक मदद प्रदान की। साथ ही तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे सुरक्षित पकड़ने के लिए प्रभावित क्षेत्र में तीन पिंजरे लगाए गए हैं। वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विभागीय कर्मचारी दिन-रात निगरानी में जुटे हैं ताकि वन्यजीव और स्थानीय लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। ग्रामीणों से भी अपील की गई है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं और तेंदुए की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। ---------------------ये खबर भी पढ़ें..राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के 3 जिम्मेदार:चंपत राय ने ट्रस्ट के सदस्यों से चोरी छिपाई; गोपाल राव ने CCTV चेक नहीं किए अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला देशभर की सुर्खियों में है। ट्रस्ट अपने स्तर पर छापेमारी और कैश रिकवरी की कार्रवाई कर रहा है। लेकिन, अब तक FIR दर्ज नहीं कराई गई है।पूरी खबर पढ़ें…
झोलाछाप के इलाज से युवक की मौत:फिरोजाबाद में परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
फिरोजाबाद में एक युवक की कथित झोलाछाप चिकित्सक के इलाज के बाद मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है। थाना लाइनपार क्षेत्र के मेहताब नगर निवासी 35 वर्षीय जीतू पुत्र अशोक कुमार की सोमवार शाम उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, तबीयत खराब होने पर जीतू को आजाद नगर स्थित एक निजी क्लीनिक ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में कथित झोलाछाप चिकित्सक राजेश कुमार ने जीतू का उपचार किया। उपचार के बाद भी युवक की हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार को जीतू की मौत हो गई। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और मोहल्ले के लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।युवक की असामयिक मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, लोगों ने बिना मान्यता वाले चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
चंडीगढ़ में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े 116 करोड़ रुपए के एफडी घोटाले के कथित मास्टरमाइंड रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वधवा ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की है। वधवा ने अपनी अर्जी में दावा किया है कि जांच एजेंसी निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में चालान पेश नहीं कर सकी, इसलिए उसे कानून के तहत जमानत का लाभ मिलना चाहिए। मामले में दायर याचिका पर मंगलवार को जिला अदालत में सुनवाई होगी। इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि घोटाले की राशि और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए यह शहर के चर्चित आर्थिक अपराधों में शामिल है। तीन महीने पहले हुई थी गिरफ्तारी विक्रम वधवा को करीब तीन महीने पहले चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शुरुआती जांच चंडीगढ़ पुलिस द्वारा की जा रही थी, लेकिन बाद में मामले की गंभीरता और आर्थिक लेन-देन के व्यापक दायरे को देखते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई। वर्तमान में मामले की जांच सीबीआई कर रही है और एजेंसी ने इस संबंध में अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी है। वधवा के वकील ने अदालत में दायर अर्जी में कहा है कि जांच एजेंसी तय समय के भीतर चालान दाखिल नहीं कर सकी। इसी आधार पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 187(3) के तहत डिफॉल्ट बेल देने की मांग की गई है। अब अदालत यह तय करेगी कि आरोपी को इस आधार पर जमानत का लाभ दिया जा सकता है या नहीं। 10 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार सीबीआई और पुलिस जांच के दौरान इस मामले में अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह घोटाला सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था, जिसमें बैंक और अन्य संस्थानों से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इसी तरह के तरीके से पंचकूला में भी करीब 645 करोड़ रुपए के घोटाले को अंजाम दिया था। फर्जी कंपनियों के जरिए लगाया गया सरकारी पैसा जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों ने चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड की एफडी में जमा करीब 116 करोड़ रुपए की राशि को फर्जी कंपनियों के माध्यम से रियल एस्टेट कारोबार में निवेश किया। सरकारी धन के उपयोग को छिपाने के लिए स्मार्ट सिटी के नाम पर फर्जी एफडी दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का उद्देश्य धन के वास्तविक उपयोग को छिपाना और निवेश के जरिए भारी मुनाफा कमाना था। केस के अनुसार आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और स्मार्ट सिटी से जुड़े कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह घोटाला अंजाम दिया गया। आरोप है कि कई फर्जी कंपनियां बनाकर सरकारी धन को विभिन्न माध्यमों से बाजार में लगाया गया और उससे करोड़ों रुपए का लाभ कमाया गया। इस कथित घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी कारण मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए गृह मंत्रालय की सिफारिश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। चंडीगढ़-पंचकूला में दाखिल हो चुकी चार्जशीट सीबीआई ने पिछले महीने चंडीगढ़ और पंचकूला की जिला अदालतों में इस मामले से संबंधित चार्जशीट दाखिल की थी। एजेंसी का दावा है कि जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन, फर्जी कंपनियों और दस्तावेजों से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए हैं। अब अदालत में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं, जहां विक्रम वधवा की जमानत याचिका पर फैसला लिया जाएगा।
मैहर में सवा लाख की अवैध शराब पकड़ी:216 लीटर शराब के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, घर में स्टॉक की थी
मैहर में रामनगर पुलिस ने ग्राम हिनौती मझटोलवा टोला में छापेमारी कर 216 लीटर अवैध शराब जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख 24 हजार 750 रुपए है। पुलिस को सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम हिनौती मझटोलवा टोला निवासी सुनील उर्फ सोनू कुशवाहा अपने घर में बिक्री के उद्देश्य से अवैध शराब का जमा कर रहा है। घर से मिले 24 कार्टून सूचना के आधार पर पुलिस टीम गवाहों के साथ मौके पर पहुंची और नियमों के मुताबिक तलाशी की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से 24 कार्टून पेटियों में छिपाकर रखी गई कुल 1200 पाव अवैध शराब मिली। आबकारी एक्ट के तहत केस जब्त शराब में देशी मदिरा प्लेन प्रिंस लेमन, देशी मदिरा मसाला प्रिंस और अंग्रेजी गोवा व्हिस्की शामिल हैं। पुलिस ने आरोपी से शराब के संबंध में वैध दस्तावेज और लाइसेंस दिखाने को कहा, लेकिन वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने आरोपी सुनील उर्फ सोनू कुशवाहा के खिलाफ मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक विजय त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने की।
हरदोई में 4 सीओ का तबादला:सीओ हरियांवा अब सीओ नगर बने, लक्ष्मीकांत गौतम को हरियांवा की जिम्मेदारी
हरदोई पुलिस महकमे में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने जिले के चार पुलिस उपाधीक्षकों (सीओ) के कार्यक्षेत्रों में बदलाव के आदेश जारी किए हैं। इस फेरबदल का उद्देश्य पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न शाखाओं के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करना है। आदेश के अनुसार, सीओ हरियांवा अजीत चौहान को अब सीओ नगर बनाया गया है। उनके कार्यक्षेत्र में शहर कोतवाली, कोतवाली देहात और सुरसा थाना क्षेत्र शामिल होंगे। उन्हें वीआईपी ड्यूटी, व्यापारी सहायता प्रकोष्ठ, न्यायालय सुरक्षा, साइबर थाना, मीडिया सेल, सर्विलांस सेल और इंटरपोल सेल जैसे महत्वपूर्ण प्रभार भी सौंपे गए हैं। नवागत पुलिस उपाधीक्षक लक्ष्मीकांत गौतम को सीओ हरियांवा की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अधीन हरियांवा, टड़ियावां, पिहानी और बेनीगंज थाना क्षेत्र रहेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्हें अपराध शाखा, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन एवं समन सेल का प्रभार भी सौंपा गया है। सुश्री प्रभा पटेल, जो पहले सीओ लाइन और मिशन शक्ति सेल का कार्यभार संभाल रही थीं, अब सीओ बघौली नियुक्त की गई हैं। उनके कार्यक्षेत्र में बघौली, कछौना और महिला थाना शामिल हैं। उन्हें महिला सहायता प्रकोष्ठ, एंटी रोमियो स्क्वॉड, वन स्टॉप सेंटर, रानी लक्ष्मीबाई सेल, मिशन शक्ति सेल और यश ऐप का प्रभार भी दिया गया है। प्रवीण कुमार यादव को बघौली से स्थानांतरित कर सीओ हरपालपुर/लाइन बनाया गया है। उनके अधीन हरपालपुर, अरवल, लोनार, बेहटा गोकुल और सवायजपुर थाना क्षेत्र रहेंगे। उन्हें डीसीआरबी, नारकोटिक्स सेल, जन सूचना सेल, किशोर इकाई और चुनाव सेल की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस फेरबदल को जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बुरहानपुर में मंगलवार, 16 जून को बिजली कंपनी तीन फीडरों में रखरखाव कार्य करेगी, जिसके चलते शहर के कई हिस्सों में करीब चार घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। यह कार्य 11 केवी मोमिनपुरा, हमीदपुरा फर्स्ट और हरीरपुरा फीडर पर किया जाएगा। रखरखाव कार्य सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। इस दौरान मोमिनपुरा, टेड़ी इमली, गणपति नाका थाना क्षेत्र, जमालपुरा, बाजा फैक्ट्री, उद्योग नगर सहित कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। इन क्षेत्रों के घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में रहेगी कटौतीइसी तरह हरीरपुरा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इनमें कृषि उपज मंडी, हरीरपुरा, सुभाष स्कूल, राधेश्याम अस्पताल, शाह एन शाह मॉल, बीएसएनएल ऑफिस और आसपास के इलाके शामिल हैं। इस फीडर पर सुबह 8 बजे से 12 बजे तक और फिर 12 बजे से 12:30 बजे तक आपूर्ति बंद रहेगी। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री (एचटी मेंटेनेंस) रोहित भारती ने बताया कि यह रखरखाव कार्य आवश्यक है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर समय में बदलाव किया जा सकता है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री और डायवर्जन से जुड़े मामले में बलरामपुर के थोक दवा विक्रेता वरुण लाठ की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि दवा व्यापार का वैध लाइसेंस होना किसी व्यक्ति को एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई से स्वतः संरक्षण प्रदान नहीं करता। न्यायमूर्ति राजीव भारती की एकल पीठ ने यह आदेश बलरामपुर के तुलसीपुर थाने में दर्ज मुकदमे से संबंधित जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए पारित किया। रिकार्ड में गड़बड़ियां मिली थीं मामले के अनुसार, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) द्वारा कराए गए निरीक्षण में अशोक मेडिकल स्टोर पर कोडीन आधारित 'कोडीवा' कफ सिरप की खरीद और बिक्री के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई थीं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि बड़ी मात्रा में कफ सिरप का कारोबार किया गया, लेकिन उसके समर्थन में आवश्यक अभिलेख और बिक्री संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। सरकारी अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि जांच के दौरान आवेदक वरुण लाठ की भूमिका कोडीन युक्त कफ सिरप के कथित अवैध नेटवर्क से जुड़ी पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में संबंधित मात्रा व्यावसायिक श्रेणी की है, इसलिए एनडीपीएस अधिनियम की धारा 37 के तहत जमानत पर कड़े प्रतिबंध लागू होते हैं। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वरुण लाठ लाइसेंस प्राप्त थोक दवा विक्रेता हैं और कोडीन युक्त दवाओं का कारोबार कानूनन कर सकते हैं। साथ ही उनके पास से कोई आपत्तिजनक बरामदगी नहीं हुई है और उन्हें गलत तरीके से आरोपी बनाया गया है। हालांकि, न्यायालय ने उपलब्ध सामग्री और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बचाव पक्ष की दलीलों को इस स्तर पर स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने माना कि मामले की परिस्थितियों में एनडीपीएस अधिनियम के तहत जमानत के लिए आवश्यक मानदंड पूरे नहीं होते हैं, जिसके बाद जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।
गुरुग्राम पुलिस ने पालम विहार में परिवार को बंधक बनाकर हुई लूट का खुलासा किया है। इस मामले में 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं यह घटना 4 जून की रात पालम विहार के सेक्टर-23 में हुई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 अज्ञात बदमाश उनके मकान की पीछे की खिड़की की लोहे की ग्रिल काटकर घर में घुस आए थे। बदमाशों ने शिकायतकर्ता की पत्नी और बेटी को बंधक बना लिया था। आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटा आरोपियों ने परिवार से सोने-हीरे के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिया। वारदात को अंजाम देने से पहले उन्होंने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस संबंध में पालम विहार थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को बजघेड़ा अंडरपास के पास द्वारका रोड से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हिलाल, मामो खान, मोहम्मद खैरुल अरमान और मोहम्मद मामन के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी अंडरपास में कूद गए थे, जिससे वे घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सभी आरोपी बांग्लादेश के निवासी पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पहले बड़े मकानों की रेकी करते थे और फिर चोरी, लूट और डकैती की वारदातों को अंजाम देते थे। ये सभी आरोपी मूल रूप से बांग्लादेश के निवासी हैं और वारदात के बाद वापस भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उन्हें समय रहते पकड़ लिया। इन पर चोरी, डकैती, हत्या और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। कोर्ट ने 3 दिन के रिमांड पर भेजे अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद पुलिस ने मोहम्मद खैरुल शेख उर्फ अरमान और मोहम्मद मामुन को दोबारा गिरफ्तार किया। इसके बाद 14 जून को 4 अन्य आरोपियों कलीम उर्फ असलम, जावेद उर्फ राजा, मोहम्मद रज्जा उर्फ सानु और मोहम्मद आलमगीर को भी गिरफ्तार किया गया। जावेद की कार का इस्तेमाल वारदात में किया गया था, जबकि कुछ आरोपी बाहर रेकी कर रहे थे और अन्य घर के अंदर घुसे थे। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को अदालत में पेश कर 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस अब आरोपियों से अन्य वारदातों और उनके नेटवर्क के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर कटिहार में 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' आयोजित किया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जिला इकाई ने सिरसा स्थित अपने जिला कार्यालय में इस कार्यक्रम का आयोजन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज राय ने सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। जिलाध्यक्ष मनोज राय ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। शासन व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाया गया सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाहनवाज हुसैन ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्ष 'नागरिक देवो भवः' के मंत्र को समर्पित रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शासन व्यवस्था को नागरिक केंद्रित बनाया गया है। हुसैन ने दावा किया कि इन 12 वर्षों में सरकार की हर योजना और पहल का केंद्र आम नागरिक रहा है। हुसैन ने बताया कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिए अब तक 51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई है। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना, आयकर में राहत और डिजिटल सेवाओं के विस्तार को नागरिकों के जीवन को सरल, सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने में सहायक बताया। 12 सालों में कई ऐतिहासिक निर्णय और विकास कार्य देखे जिलाध्यक्ष मनोज राय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 सालों में कई ऐतिहासिक निर्णय और विकास कार्य देखे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप कटिहार में भाजपा एक मजबूत संगठन के रूप में उभरी है। इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, प्राणपुर विधायक निशा सिंह, कोढ़ा विधायक कविता पासवान, भाजपा प्रदेश मंत्री सीमा झा, पूर्व विधायक विभाष चंद्र चौधरी और जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। वक्ताओं ने मोदी सरकार की पहचान नागरिकों के जीवन को आसान बनाने, तकनीक के माध्यम से सशक्तिकरण और जनकेंद्रित सुशासन को बढ़ावा देने के रूप में बताई।
इंदौर के जवाहर मार्ग पर सोमवार देर शाम एक फर्नीचर की दुकान में आग लग गई। तीन मंजिला दुकान में आग की लपटें ऊपर तक पहुंच गईं। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारियों के मुताबिक, घटना शाम करीब साढ़े सात बजे की है। नंदलालपुरा के पास स्थित प्रिंस फर्नीचर की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद दमकल की दो गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। आग पर काबू पाने के लिए तीन पानी के टैंकर भी बुलाए गए। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद निचले हिस्से की आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया, लेकिन ऊपरी मंजिलों में आग बुझाने का काम देर रात तक जारी रहा। दोनों ओर का ट्रैफिक रोका आग की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय पार्षद और अन्य जनप्रतिनिधि भी घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआत में लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से ऊपरी हिस्सों में फैल गई। आगजनी में लाखों रुपए का फर्नीचर जलकर खाक हो गया। क्षेत्र में फर्नीचर और फोम से जुड़े कई प्रतिष्ठान हैं। हालांकि, दमकल की टीम ने समय रहते आग को आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया।
पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 17.50 लाख स्वीकृत:12 प्रार्थना पत्रों पर हुआ फैसला
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम ने पीड़ित प्रतिकर आवेदन पत्रों के जल्द निस्तारण के लिए सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) जयपुर महानगर प्रथम के अध्यक्ष ब्रजेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर महानगर प्रथम के सचिव किशोर कुमार तालेपा ने बताया- राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) के मासिक एक्शन प्लान के तहत मीटिंग का आयोजन किया गया। बैठक में राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 (यथा संशोधित 2015 एवं 2023) के अंतर्गत कुल 12 प्रार्थना पत्र विचारार्थ रखे गए। इन सभी मामलों पर विचार करने के बाद कुल 17 लाख 50 हजार रुपए की पीड़ित प्रतिकर राशि स्वीकृत की गई। बैठक में यह अधिकारी रहे उपस्थित इस महत्वपूर्ण बैठक में प्राधिकरण के कई सम्मानित सदस्य और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनमें आरती भारद्वाज (न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय क्रम-1), नुसरत बानो (न्यायाधीश, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण), पुलकित शर्मा (मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट), राजेन्द्र सिंह (अतिरिक्त जिला कलेक्टर, जयपुर शहर उत्तर), जिज्ञासा चौधरी (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर दक्षिण), राजेश शर्मा (अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जयपुर पूर्व), नरेश कुमार सैन (उपाध्यक्ष, दी बार एसोसिएशन), उमेश चौधरी (महासचिव, दी बार एसोसिएशन) शामिल रहे। बैठक से पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया।
संभल में युवक की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या:फोन पर बुलाकर वारदात, डेढ़ साल पहले दूसरी शादी की थी
संभल में युवक की लोहे की रॉड से पीटकर हत्या कर दी गई। घटना चंदौसी कोतवाली क्षेत्र के बदायूं-मुरादाबाद रोड स्थित आईटीआई के पास सोमवार शाम को हुई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक का शव करीब 25 मिनट तक खून से लथपथ जमीन पर पड़ा रहा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की पहचान 35 साल के राजेश प्रजापति के रूप में हुई है। वह पावर हाउस की मडिया बदायूं चुंगी, चंदौसी कोतवाली का रहने वाला था। राजेश को शाम 6:15 बजे किसी ने फोन कर मिलने बुलाया था। जब वह बाइक से जा रहा था, तभी उस पर लोहे की रॉड से हमला किया। सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।स्थानीय लोगों ने पूरी वारदात देखी, लेकिन आरोपी की पहचान नहीं हो पाई और वह फरार हो गया। राजेश बदायूं चुंगी पर शराब के ठेके के पास नमकीन, बिस्किट, पेप्सी और गिलास की दुकान चलाता था। घटना की जानकारी मिलते ही चंदौसी कोतवाली और थाना बनियाठेर पुलिस मौके पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) कुलदीप सिंह और सीओ चंदौसी विवेक जावला भी घटनास्थल पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए रात 8:50 बजे फॉरेंसिक टीम ने भी मौका-ए-वारदात का मुआयना किया। राजेश प्रजापति ने दो शादियां की थीं। उसकी पहली पत्नी फूलवती (33) बदायूं चुंगी वाले घर में रहती है, जबकि दूसरी पत्नी ममता (37) थाना बनियाठेर क्षेत्र के मोहल्ला अशोक नगर में रहती है। राजेश ने डेढ़ साल पहले ममता से प्रेम विवाह किया था। वह तोताराम की पत्नी थी। राजेश के पहली पत्नी से तीन बच्चे हैं। इनमें माही (8), चिराग (6) और चंगू (3) हैं। ममता के पहले पति से दो बच्चे हैं। वे पिता के साथ रहते हैं। युवक की हत्या के बाद लोगों में ममता को भगाकर शादी करने के बाद से चल रही रंजिश में हत्या करने की चर्चा हो रही है। हालांकि पुलिस को अभी इस संबंध में कोई भी सुराग नहीं लगा है, पुलिस सभी पहलुओं पर गहराई के साथ जांच कर रही है। एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया, युवक के सिर में गहरी चोट लगी है। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा रहे हैं। रिपोर्ट दर्ज करने के थाना पुलिस को निर्देश दिए हैं।
मुजफ्फरपुर में आज एक आभूषण व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सदर थाना क्षेत्र (कच्ची पक्की ओपी अंतर्गत) के माधोपुर चौक के पास बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद अपराधी व्यवसायी के पास से गहनों से भरा एक थैला लूटकर फरार हो गए। कारोबारी को सीने और कमर में गोली लगी है। मृतक की पहचान कच्ची पक्की थाना क्षेत्र के माधोपुर चौक पर आभूषण की दुकान चलाने वाले दीपक कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। वे देर शाम अपनी दुकान बंद कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। उनके पास दुकान के कीमती जेवरातों से भरा एक झोला था। लूटपाट का विरोध करने पर दागी बुलेट माधोपुर चौक से कुछ ही दूरी पर एक सुनसान जगह पर अपराधी पहले से घात लगाए बैठे थे। जैसे ही दीपक कुमार गुप्ता वहां पहुंचे, मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने उन्हें रोका। लूटपाट का विरोध करने पर अपराधियों ने उन पर गोलीबारी की। दीपक को शरीर में दो गोलियां लगीं, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद अपराधी गहनों से भरा झोला लेकर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मृतक व्यवसायी के साथ मौजूद उनके स्टाफ ने दी। वारदात के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घायल व्यवसायी को तुरंत बैरिया स्थित हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मां जानकी अस्पताल के संचालक डॉ. अमितांशु ने बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत अवस्था में लाया गया था। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर, जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि एक आभूषण कारोबारी की गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस को लूटपाट के दौरान हत्या की आशंका है। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की विशेष टीम का गठन कर दिया गया है। घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में सोमवार को मास्टर ऑफ जर्नलिज्म (एमजे) के मीडिया रिसर्च विषय की परीक्षा में हिंदी माध्यम के छात्रों को सिर्फ अंग्रेजी में प्रश्नपत्र बांट दिया गया। इससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने तत्काल आपत्ति दर्ज कराई। परीक्षा केंद्रों पर मचा हड़कंप, अधिकारियों ने कराया हिंदी अनुवाद विश्वविद्यालय ने एमजे एक वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा पहले 2 जून से रखी थी, लेकिन बाद में टाइम टेबल में बदलाव किया गया। 9 जून से एमजे की परीक्षा शुरू हुई। सोमवार को मीडिया रिसर्च का चौथा पेपर दोपहर 2 से शाम 5 बजे वाले सत्र में हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला व वाणिज्य महाविद्यालय को केंद्र बनाया गया, जहां परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को प्रश्न पत्र दिए गए। उसमें सिर्फ अंग्रेजी भाषा में प्रश्न पूछे गए। 100 अंक के इस पत्र में पांच प्रश्नों के जवाब विद्यार्थियों को देना था। प्रत्येक प्रश्न का विकल्प रखा गया, लेकिन हिन्दी माध्यम में प्रश्न नहीं पूछे गए। छात्रों ने दर्ज कराई आपत्ति इसे लेकर विद्यार्थियों ने केंद्राध्यक्ष को आपत्ति दर्ज कराई। तत्काल बाकी केंद्रों से भी विश्वविद्यालय कंट्रोल रूम में पेपर अंग्रेजी में आने के बारे में बताया गया। अधिकारियों ने प्रश्नों का हिन्दी अनुवाद करके विद्यार्थियों को बताने के निर्देश दिए। यहां तक कि विद्यार्थियों को अपने माध्यम से प्रश्नों के जवाब लिखने को कहा गया। विद्यार्थियों का कहना था कि जब पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम से पढ़ाया जा रहा है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी हिंदी में अध्ययन कर रहे हैं, तो परीक्षा का प्रश्न पत्र भी हिंदी में उपलब्ध न होना बड़ी चूक को दर्शाता है। जिम्मेदार अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास, जांच की बात कही सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा का कहना है कि केंद्रों से मौखिक शिकायत मिली है। इस संबंध में विद्यार्थियों से आवेदन नहीं मिला है। हालांकि, पूरे मामले को परीक्षा समिति के सामने रखा जाएगा। इस घटना में प्रश्न पत्र की छपाई को लेकर बड़ी लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि हिन्दी में प्रश्न नहीं पूछे गए। प्रिंटिंग के दौरान भी जिम्मेदारों ने प्रश्न पत्र पर ध्यान नहीं दिया है। पूरे मामले में अब विश्वविद्यालय की प्रिंटिंग प्रेस पर सवाल खड़े हो रहे हैं और पेपर सेटर की पूरी गलती बताई जा रही है। मामले में प्रेस कंट्रोलर डॉ. अजय तिवारी का कहना है कि हिन्दी में प्रश्न पत्र नहीं आने की शिकायत सामने नहीं आई है। वैसे, पूरे प्रकरण में जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। पहले भी सामने आ चुकी है विश्वविद्यालय की गड़बड़ी यह पहली बार नहीं है जब विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले भी इसी विषय के प्रश्न पत्र को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई थी। उस समय 100 अंकों के प्रश्न पत्र की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शिक्षकों ने 50 अंकों के आधार पर किया था। उस दौरान भी विद्यार्थी काफी परेशान हुए थे। मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय ने दोबारा विद्यार्थियों का मूल्यांकन किया था।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के बदले 2 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) बिलासपुर ने कार्रवाई की है। एसीबी ने जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप, सहायक ग्रेड-3 अविनाश ठाकुर और चपरासी लच्छन भानु को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी ने रिश्वत की रकम जब्त कर ली है और तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला एसीबी के अनुसार, ग्राम लिमतरा के रहने वाले अरुण कुमार भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी मां ग्राम पंचायत लिमतरा की सरपंच हैं। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत पंचायत में निर्मला घाट, नाली निर्माण समेत अन्य विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपए मंजूर किए गए थे। इनमें से 8 लाख रुपए का चेक पहले ही जारी हो चुका था, जबकि बाकी 12 लाख रुपए का चेक अभी जारी होना बाकी था। अरुण कुमार भारद्वाज की मां ने आगे की प्रक्रिया के लिए उन्हें अधिकृत किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बाकी 12 लाख रुपए का चेक जारी कराने के लिए जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर से संपर्क किया, तो दोनों ने इसके बदले 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग की। एसीबी बिलासपुर से शिकायत की उन्होंने बताया कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया और कार्रवाई की मांग की, तो उन्होंने एसीबी बिलासपुर से शिकायत की। शिकायत की जांच के दौरान एसीबी को पता चला कि आरोपी अविनाश ठाकुर ने अपने कार्यालय के चपरासी लच्छन भानु के जरिए पहले ही 1 लाख रुपए की पहली किस्त ले ली थी। इसके बाद बाकी 1 लाख रुपए की मांग की जा रही थी। इसी आधार पर एसीबी ने कार्रवाई करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की टीम ने रिश्वत लेते तीनों को रंगे हाथ पकड़ा योजना के तहत 15 जून 2026 को एसीबी की टीम ने शिकायतकर्ता को जनपद पंचायत कार्यालय सक्ती भेजा। सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत की रकम लेने के लिए बाबू अविनाश ठाकुर को कहा, और अविनाश ठाकुर ने आगे चपरासी लच्छन भानु को पैसे लेने के लिए निर्देश दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपए की रिश्वत चपरासी को दिए, एसीबी बिलासपुर की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को पकड़ लिया और पूरी रकम बरामद कर ली। एसीबी ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह भी बताया गया है कि पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की यह 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है, जिसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस्कॉन मंदिर में पुरुषोत्तम मास का समापन:गौरांग प्रभु ने भक्तों को श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाएं दीं
लखनऊ के श्री श्री राधा रमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में पुरुषोत्तम मास का समापन भक्ति और आध्यात्मिकता के संगम के साथ हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय मोटिवेशनल स्पीकर गौरांग प्रभु ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, श्रीमद्भगवद्गीता और कृष्ण भावनामृत की शिक्षाएं दीं। अपने प्रवचन में गौरांग प्रभु ने पुरुषोत्तम मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस पवित्र माह में किए गए सत्कर्म और भगवान की भक्ति का विशेष फल मिलता है। उन्होंने भक्तों से प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के कम से कम एक श्लोक का अध्ययन करने और हरे कृष्ण महामंत्र का नियमित जप करने का आग्रह किया। भगवान के प्रति समर्पण के महत्व के बारे में बताया गौरांग प्रभु ने जीवन में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और भगवान के प्रति समर्पण के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उनके विचारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। मंदिर परिसर भक्तिमय रहा और श्रद्धालु संदेश सुनते रहे। कार्यक्रम के अंत में मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम प्रभु ने गौरांग प्रभु का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों से भक्तों को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की नई ऊर्जा मिली है। अपरिमेय श्याम प्रभु ने उनसे भविष्य में भी लखनऊ आकर भक्तों को मार्गदर्शन देने का अनुरोध किया। इस आयोजन में लखनऊ सहित आसपास के कई जनपदों से सैकड़ों भक्त शामिल हुए। भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन, कीर्तन और नृत्य में भाग लिया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट प्रसादम वितरण के साथ हुआ।
कांग्रेस ने बदली प्रशिक्षण शिविर की तारीख:पहले 21 जून से था कार्यक्रम, अब 20 से शुरू होगा प्रशिक्षण
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर की तारीख में बदलाव किया गया है। पहले यह आवासीय प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक प्रस्तावित था, लेकिन अब अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने नई तारीख जारी कर दी है। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षण शिविर 20 से 29 जून 2026 तक आयोजित होगा। कांग्रेस संगठन की ओर से जारी नई सूचना में सभी जिला एवं शहर कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे 20 जून की शाम 6 बजे तक रायपुर जिले के अभनपुर स्थित श्री आशुतोष-अलका अग्रवाल मंगल भवन, चांदी मोड़ पहुंचना सुनिश्चित करें। संगठन सृजन अभियान के तहत होगा प्रशिक्षण यह प्रशिक्षण शिविर कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त किए गए जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों के लिए आयोजित किया जा रहा है। शिविर में संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन, जनसंपर्क, राजनीतिक रणनीति और कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले AICC ने 21-30 जून की तारीख तय की थी गौरतलब है कि कुछ दिन पहले कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा जारी पत्र में प्रशिक्षण शिविर 21 से 30 जून तक आयोजित करने की जानकारी दी गई थी। अब प्रदेश कांग्रेस संगठन की ओर से नई सूचना जारी कर कार्यक्रम को एक दिन पहले शुरू करने का फैसला लिया गया है। एक दिन के लिए आएंगे राहुल गांधी कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक प्रशिक्षण शिविर में वरिष्ठ राष्ट्रीय नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पहले जारी पत्र में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के किसी एक दिन शिविर में पहुंचकर जिला अध्यक्षों को मार्गदर्शन देने का भी उल्लेख किया गया था। प्रदेश कांग्रेस संगठन इस प्रशिक्षण को आगामी चुनावी तैयारियों और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहा है।
नवादा में खान सर के खिलाफ प्रोटेस्ट:छात्र नेता बोले- भाई की मौत के बाद जमानत, पुलिस चुप क्यों?
नवादा में प्रसिद्ध ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के डायरेक्टर रोशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर नवादा जिले में तनावपूर्ण माहौल है। परिजनों और छात्रों ने इस घटना में खान सर पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोपों के बाद नवादा की सड़कों पर प्रदर्शन और कैंडल मार्च का सिलसिला शुरू हो गया है। भगत सिंह चौक पर आयोजित कैंडल मार्च में सैकड़ों छात्र, युवा और स्थानीय लोग शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने खान सर के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रिंस यादव की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई छात्र नेता सुमित कुमार ने कहा, “यह कैसा कानून है कि भाई की मौत हो जाने के बाद भी आरोपी को जमानत मिल जाती है? खान सर ने पुलिस को गुमराह किया, फिर भी उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हो रही? फैजल खान जैसे लोग धर्म विशेष को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती?” प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रिंस यादव की मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई है। परिजनों ने इसे हत्या की साजिश बताया है। घटना के बाद से नवादा में छात्रों और युवाओं में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। कई छात्र संगठनों ने एकजुट होकर न्याय की मांग की है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी है। फिलहाल खान सर या फैजल खान पर कोई आधिकारिक कार्रवाई की खबर नहीं है, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ रही है। परिजनों और छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नवादा के विभिन्न इलाकों में रोड जाम और विरोध प्रदर्शन जारी हैं। मामले की जांच की मांग तेज होती जा रही है।
सतना जिले के रामपुर बघेलान बायपास स्थित एक शराब दुकान में जिला पंचायत सदस्य एकता सिंह के पति अनूप सिंह उर्फ अन्नू सिंह (मतहा) द्वारा कथित तौर पर हंगामा करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सोमवार शाम करीब 6:30 बजे अन्नू सिंह अपने बेटे श्रेयस के साथ दुकान पहुंचे और मुफ्त शराब की मांग की। सेल्समैन द्वारा इनकार करने पर दोनों ने गाली-गलौज और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। देखें घटनाक्रम की तीन तस्वीरें विवाद के बाद कार से कुचलने की कोशिश कीप्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान अन्नू सिंह ने गुस्से में सेल्समैन को अपनी कार से कुचलने का प्रयास किया। उन्होंने कथित तौर पर वाहन को कई बार आगे-पीछे कर कर्मचारी की ओर दौड़ाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कर्मचारी किसी तरह बच निकलने में सफल रहा। ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत शराब ठेकेदार की ओर से इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है। घटना का सीसीटीवी फुटेज और वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हंगामा साफ दिखाई दे रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में अब तक किसी ठोस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी का क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव है। हाल ही में उसके बेटे श्रेयस पर भी एक युवक पर चाकू से हमला करने का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। फिलहाल, वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रेलवे ट्रैक पर सोमवार को एक नाबालिग की ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को निगरानी में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आसपास के लोगों ने बताया है कि लड़की को ट्रैक पर खड़े देखा गया था। जिससे यह भी आशंका लगाई जा रही है कि उसने ट्रेन के सामने आकर खुदकुशी की हो। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस जांच कर रही है कि नाबालिग की मौत हादसा है या आत्महत्या। घर से निकलकर सीधे रेलवे ट्रैक पर पहुंची छात्राझांसी रोड थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि झांसी रोड में रेलवे ट्रैक पर एक नाबालिग लड़की का शव पड़ा हुआ है। लगता है जैसे लड़की की मौत ट्रेन की चपेट में आकर हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक नाबालिग की पहचान भूमि जाटव (16 वर्ष) पुत्री राजेश जाटव के रूप में हुई है, जो विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिंधिया नगर की रहने वाली है। ऐसा पता लगा है कि वह घर से पैदल-पैदल निकली थी और घटना स्थल तक पहुंची थी। स्पेशल राहत ट्रेन की चपेट में आकर भूमि की मौत हुई है। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस पहुंचा दिया है। काफी देर तक पटरी पर घूमते देखी गई थी मृतकाजब पुलिस ने घटना स्थल के आसपास छानबीन की तो कुछ स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि छात्रा काफी देर से पटरी के पास संदिग्ध हालत में घूम रही थी। जैसे ही सामने से तेज रफ्तार ट्रेन आती दिखी, वह अचानक ट्रैक के बीचों-बीच जाकर खड़ी हो गई। ट्रेन के टकराते ही मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना आत्महत्या तो वजह पर अभी भी 'सस्पेंस'आसपास रहने वाले लोगों ने जो जानकारी दी है, यदि पुलिस उसे सही मानती है तो मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। घटना के बाद मृतका के मोहल्ले में सनसनी फैल गई है। पुलिस के मुताबिक, मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। वह कक्षा 10वीं की छात्रा थी। इतनी कम उम्र में उसने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसे लेकर परिवार के लोग भी कुछ नहीं बता पा रहे हैं और गहरे सदमे में हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि ट्रेन से कटकर एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की मौत के मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है। प्राथमिक गवाहों के अनुसार, मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। मृतका के परिजन से बातचीत की जा रही है और उनके मोबाइल रिकॉर्ड व सहेलियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है कि आखिर किस मानसिक तनाव या कारण के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर के कोटड़ा क्षेत्र में बन रहे सेई बांध टनल से अब बड़ा फायदा होने वाला है। अब वहां बहकर पानी गुजरात नहीं जाएगा। इससे पश्चिमी राजस्थान के 3 जिलों को भरपूर पानी मिलेगा। इस टनल के कार्य को लेकर पशुपालन, गोपालन, डेयरी और देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने निरीक्षण किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बहुप्रतीक्षित सेई बांध की टनल (सुरंग) की चौड़ाई बढ़ाने के चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। मंत्री कुमावत ने खुद टनल के भीतर जाकर निर्माण कार्य की प्रगति को देखा और अधिकारियों से अब तक हुए कार्य, बची हुई खुदाई और कंक्रीट लाइनिंग के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री कुमावत ने बताया कि सेई बांध से अतिरिक्त पानी को जवाई बांध तक पहुंचाने के लिए बनी 6.7 किलोमीटर लंबी सुरंग को चौड़ा करने के लिए सरकार ने बजट में कुल 100 करोड़ का प्रावधान किया है। पिछले तीन साल से चल रहे इस कार्य का करीब 95 फीसदी हिस्सा पूरा हो चुका है। अब केवल 90 मीटर टनल का कार्य बाकी है, जिसे आगामी 15 जुलाई तक हर हाल में पूरा करने का टारगेट दिया गया है। श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा को लेकर दी हिदायत उन्होंने साफ किया कि पश्चिमी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। साथ ही, उन्होंने टनल के अंदर काम कर रहे श्रमिकों और इंजीनियरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रखने की हिदायत दी। जल निकासी क्षमता होगी 4 गुना, 22 दिन में भरेगा जवाई बांध कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस टनल का विस्तार होने से पानी की निकासी क्षमता 328 क्यूसेक से बढ़कर 1376 क्यूसेक हो जाएगी। क्षमता 4 गुना बढ़ने से मानसून के दौरान अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहकर गुजरात नहीं जाएगा। इससे पाली, सिरोही और जालोर जिलों को भरपूर पानी मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में टनल की चौड़ाई कम होने के कारण सेई बांध से जवाई बांध तक पानी पहुंचने में 45 से 50 दिन का समय लगता है। लेकिन यह कार्य पूरा होने के बाद मात्र 22 दिन में ही जवाई बांध को 74 MCFT पानी मिलने लगेगा, जो इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा। मारवाड़ के लिए संजीवनी है यह परियोजना सेई बांध और इसकी टनल मारवाड़ क्षेत्र, विशेषकर पाली जिले के लिए जीवनदायिनी मानी जाती है। कोटड़ा के सेई बांध से पानी को इस टनल के जरिए जवाई बांध में डाइवर्ट किया जाता है। जवाई बांध पाली और जोधपुर के कई इलाकों की प्यास बुझाता है। इंजीनियरों के अनुसार, वर्तमान में टनल की क्षमता कम होने के कारण मानसून के दौरान सेई बांध का अतिरिक्त पानी बहकर गुजरात चला जाता है। टनल की चौड़ाई बढ़ने से पानी का प्रवाह (डिस्चार्ज क्षमता) तेजी से बढ़ेगा। मानसून का अतिरिक्त पानी व्यर्थ बहने से बचेगा। जवाई बांध कम समय में और अधिक मात्रा में भरा जा सकेगा। पाली सहित पूरे मारवाड़ क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई संकट का स्थाई समाधान होगा। इको-टूरिज्म और सौंदर्यीकरण योजना कैबिनेट मंत्री कुमावत ने कहा कि अब इस बांध क्षेत्र को इको-टूरिज्म और स्थानीय पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत बांध की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग कर पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इस दौरान किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी, अनोप सिंह राठौड़, पूनम सिंह परमार, निम्बेश्वर महादेव ट्रस्ट के अध्यक्ष जगत सिंह, शिवराज सिंह बिठिया, सुमेरपुर नगर मंडल अध्यक्ष रविकांत रावल सहित कई लोग मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के सहयोग से सोमवार को अशोक मार्ग स्थित इंदिरा भवन के अकादमी कार्यालय परिसर में एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी पंजाबी भाषा और उसकी समृद्ध लिपि पर केंद्रित थी, जिसमें ‘पंजाबी लिपि की उत्पत्ति’ विषय पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में विद्वानों ने गुरुमुखी लिपि के ऐतिहासिक विकास, सांस्कृतिक महत्व और आधुनिक समय में उसकी उपयोगिता पर अपने विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में वरिष्ठ पंजाबी चिंतक सत्येंद्र पाल सिंह ने बताया कि पंजाबी भाषा के विकास के साथ उसकी लिपि का भी क्रमिक विकास हुआ। उन्होंने उल्लेख किया कि प्राचीन भारत की ब्राह्मी लिपि से कई क्षेत्रीय लिपियां विकसित हुईं, जिनमें से एक धारा से गुरुमुखी लिपि का विकास माना जाता है। पंजाब क्षेत्र में शारदा, टाकरी और लांडा जैसी लिपियां भी प्रचलित थीं, जिन्होंने पंजाबी लेखन परंपरा को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक नरेंद्र सिंह ने गुरुमुखी लिपि के विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि गुरु अंगद देव जी ने पूर्व प्रचलित लिपियों को एक व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया। उस समय धार्मिक ग्रंथों के लेखन में सिद्धमात्रिका लिपि का व्यापक उपयोग होता था, लेकिन गुरु अंगद देव ने गुरुमुखी वर्णमाला को वैज्ञानिक ढंग से व्यवस्थित कर उसे एक नई पहचान दी। यही कारण है कि गुरुमुखी आज पंजाबी भाषा की सबसे अधिक प्रचलित और मान्य लिपि है। साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि का माध्यम नवयुग कन्या महाविद्यालय की दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष मेजर डॉ. मनमीत कौर सोढ़ी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी भाषा की लिपि केवल लेखन का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह समाज की संस्कृति, इतिहास और परंपराओं की संरक्षिका भी होती है। उन्होंने बताया कि गुरु ग्रंथ साहिब सहित अनेक धार्मिक और साहित्यिक कृतियों का संरक्षण गुरुमुखी लिपि के माध्यम से ही संभव हो पाया है।
हांसी में आंधी से दीवार गिरी, युवक की मौत:बेटा घायल, सब्जी की रेहड़ी लगाता था; 2 बच्चों का पिता
हरियाणा के हांसी में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दीवार गिरने से एक युव की मौत हो गई, जबकि उनका 12 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान भाटिया कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय सोनू जांगड़ा और घायल की अभय के रूप में हुई। जानकारी के अनुसार, सोनू जांगड़ा त्रिकोणा पार्क के पास सब्जी-रोटी की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार दोपहर तेज तूफान के समय, जिस पुरानी दीवार के सहारे उन्होंने अपनी रेहड़ी लगाई हुई थी, वह अचानक ढह गई। दीवार की चपेट में आने से सोनू और उनके बेटे अभय को गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोगों ने तुरंत दोनों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। सोनू की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हिसार के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घायल अभय का उपचार जारी है। 2 बच्चों का पिता था सोनू मृतक सोनू का शव सोमवार शाम को हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया। मृतक के भाई ने बताया कि सोनू अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं, जिनमें घायल अभय बड़ा बेटा है, जबकि छोटा बेटा अभी पढ़ाई कर रहा है। परिवार को उचित आर्थिक सहायता की मांग घटना की सूचना मिलने पर वार्ड-27 के पार्षद देवेंद्र मुवाल अस्पताल पहुंचे और शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। भाजपा नेता रमेश ने भी परिवार को मुआवजा और हरसंभव सरकारी मदद उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। अस्पताल में जलभराव से गुजरना पड़ा इस दौरान सामान्य अस्पताल की बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर भी सामने आई। जब परिजन सोनू जांगड़ा के शव को अस्पताल के शवगृह तक लेकर पहुंचे तो रास्ते में जलभराव होने के कारण उन्हें पानी से होकर गुजरना पड़ा। बारिश के बाद अस्पताल परिसर और शवगृह के आसपास पानी जमा होने से परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं अस्पताल परिसर के बाहर फैले अंधेरे ने भी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए।
गाजियाबाद के खोड़ा क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर टीम ने यह छापेमारी की। जहां भैंसो के तबेले में संचालित की जा रही 2 अचार फैक्ट्रियों पर छापेमारी कर करीब 3400 किलो अचार नष्ट कराया है। यह अचार वेस्ट यूपी के अलावा एनसीआर और दिल्ली में सप्लाई होता था। यह अचार 200 रुपये से लेकर 400 रुपये किलो तक बेचा जाता जाता था। सैंपल लेकर लैब भेजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले शनि बाजार स्थित पवन सिंह की अचार फैक्ट्री पर पहुंची। जांच के दौरान 20 ड्रमों में रखा करीब 1000 किलो आम और नींबू का अचार सड़ा-गला और खाने योग्य नहीं पाया गया। मौके पर ही पूरे अचार को नष्ट कराया गया। इसके अलावा 180 किलो मिक्स अचार और करीब 8800 किलो नमक को भी जब्त किया गया। विभागीय अधिकारियों ने मिक्स अचार, मसाले लगे आम के अचार और नमक के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए हैं। इसके बाद टीम ने मास्टर पार्क स्थित राहुल अचार वाले की इकाई पर कार्रवाई की। यहां 10 ड्रमों में रखा करीब 2000 किलो नींबू का अचार और 400 किलो मिक्स अचार खराब हालत में मिला। सभी अचार के 6-6 नमूने लिए गए हैं। दिल्ली पुलिस का रिटायर्ड दरोगा की फैक्ट्री अधिकारियों के बताया कि अचार से तेज बदबू आ रही थी और उसे साफ-सफाई के मानकों के विपरीत रखा गया था। विभाग ने पूरा स्टॉक जब्त कर मौके पर ही नष्ट करा दिया। यहां से नींबू अचार, मिक्स अचार और सिरके के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जिन परिसरों में अचार तैयार किया जा रहा था, वहां भैंसों का तबेला चल रहा था, इनमें दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड दरोगा का नाम भी सामने आया। खाद्य सामग्री तैयार और भंडारित किए जाने पर विभाग ने गंभीर आपत्ति जताई है। बताया जा रहा है कि जिस परिसर में यह गतिविधियां संचालित हो रही थीं, इसे दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड दरोगा ही देखरेख कर रहे थे। सैंपल लिए पूरी जांच की जा रही खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय का कहना है कि आम जनता तक सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। किसी भी कारोबारी को नियमों की अनदेखी कर लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जो लोग इनसे जुड़े हैं उनकी भी जांच की जा रही है। डीएम के आदेश पर छापा डीएम रविंद्र मांदड़ के निर्देश पर यह छापा मारा गया। डीएम ने गोपनीय सूचना मिली थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अधिकारी आशुतोष राया का कहना है कि इस अचार को नष्ट किया जाएगा। इसे अभी सील नहीं किया जाएगा। यह कब से चल रही थी इसकी जांच की जा रही है। अभी तक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
गोरखपुर के हरिओम नगर के वैष्णवी लॉन में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन की ओर से एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम में साल 2026 की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और टेक्निकल पढ़ाई की परीक्षाओं में 70% से अधिक नंबर लाने वाले प्रजापति समाज के लगभग 200 होनहार छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथियों के हाथों मेडल, सर्टिफिकेट, स्कूल बैग और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। महापुरुषों को याद कर हुई शुरुआत प्रोग्राम की शुरुआत दीप जलाकर और डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर, डॉक्टर रत्नाप्पा कुम्हार और संतराम बी.ए. की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर की गई। इसके बाद संस्था के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथियों—ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, महंत बालक दास (अयोध्या), वीरेंद्र प्रजापति, छितेश्वर प्रजापति, डॉक्टर बरदानी प्रजापति, बालकिशुन प्रजापति और डॉक्टर उमाशंकर प्रजापति का माला पहनाकर स्वागत किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति और चौधरी श्रीराम प्रजापति ने की, जबकि मंच का संचालन प्रभात और विनय प्रजापति ने संभाला। 'शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा' मंच से बोलते हुए प्रोफेसर डॉक्टर रामकोमल प्रजापति ने बच्चों से कहा कि वे एक मजबूत इरादे के साथ अपने बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाएं। वहीं महंत बालक दास ने शिक्षा की अहमियत बताते हुए कहा कि पढ़ाई के दम पर ही कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है, शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो पियेगा वही दहाड़ेगा। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राजेश प्रजापति ने कहा कि आजादी के इतने साल बाद भी हमारा समाज मुख्य धारा से पीछे है। इसलिए बच्चों को पूरी लगन के साथ पढ़ाई करनी चाहिए ताकि सफलता जरूर मिले। इनके अलावा ए.डी.जे. कमलापति प्रजापति, इंजीनियर वीरेंद्र कुमार, डॉक्टर विकास चक्रधारी और कुंदन प्रजापति जैसे कई बड़े अधिकारियों और डॉक्टरों ने भी बच्चों का हौसला बढ़ाया। इन होनहार बच्चों को मिला सम्मान सम्मान पाने वाले बच्चों में मुख्य रूप से हाईस्कूल में खुशी प्रजापति, रोशनी, सुनैना, अभय, सृष्टि और रोहन प्रजापति। इंटरमीडिएट में अनुराग प्रजापति, संध्या, विद्या, स्तुति, अंशु और शिवम प्रजापति। हायर एजुकेशन में पल्लवी प्रजापति और मिताली प्रजापति शामिल हैं। पूरी टीम की मेहनत से सफल रहा प्रोग्राम इस पूरे आयोजन को कामयाब बनाने में प्रजापति स्वाभिमान एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश प्रजापति के साथ उनकी पूरी टीम—विनय प्रजापति, राधेश्याम प्रजापति (टीचर), अजय प्रजापति, अंबिके प्रजापति, चंद्रभान प्रजापति (पार्षद), राधेश्याम प्रजापति (पत्रकार), इंजीनियर सुभाष प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, दुर्गा प्रसाद प्रजापति (बी.डी.ओ.), रामलखन प्रजापति, विवेश, संजय, अविनाश और असरफी लाल प्रजापति समेत सैकड़ों लोगों का अहम योगदान रहा।
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने संघ के रजिस्ट्रेशन की मांग को खारिज करते हुए कहा कि संगठन न तो गुप्त है और न ही जनता की नजर से दूर काम करता है। भागवत ने कहा- बहुत सी ऐसी चीजें चल रही हैं जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है। संगठन के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। हम खुले मैदानों में काम करते हैं। लोगों को बुलाते हैं और उन्हें बताते हैं कि हम क्या करते हैं। उन्होंने संघ के रजिस्ट्रेशन के सवाल पर बताया कि जो लोग सरकार से फंड चाहते हैं, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत होती है। वह होना ही चाहिए। लेकिन सरकार जानती है कि संघ का अस्तित्व है। दरअसल कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने RSS के 100 साल पूरे होने पर मोहन भागवत को लेटर लिखा था। खड़गे ने पूछा था- 100 साल का हिसाब बताएं। कानूनी दर्जा, फंडिंग और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करें। भागवत ने और क्या कहा, 5 पॉइंट… खड़गे ने पूछा था- RSS 100 साल का हिसाब बताए कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सोमवार को RSS के 100 साल पूरे होने पर बधाई देते हुए, मोहन भागवत को लेटर लिखकर संघ की कानूनी स्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा है। खड़गे ने RSS से कहा कि वह अपना रजिस्ट्रेशन कराए। अपनी कानूनी स्थिति स्पष्ट करे और फंडिंग, आय, खर्च और संपत्ति के स्रोतों की जानकारी सार्वजनिक करे। उन्होंने तर्क दिया कि संगठन को पारदर्शिता और संवैधानिक जवाबदेही बनाए रखनी चाहिए। 13 जून को लिखे लेटर में प्रियांक ने सवाल किया कि जब नागरिकों, मजदूर संगठनों, NGO, ट्रस्ट, मंदिरों और कंपनियों से कानून का पालन करने, रजिस्ट्रेशन कराने और जानकारी देने की उम्मीद की जाती है, तो RSS को इससे छूट क्यों मिलनी चाहिए।
बलरामपुर। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने रविवार को जिले में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले पांच चालकों को पकड़ा गया। कुल 54 वाहनों के चालान किए गए और ₹1.51 लाख की शास्ति अधिरोपित की गई।अभियान के तहत जांच टीम ने ऐसे पांच वाहन चालकों को पकड़ा, जो शराब या अन्य नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चला रहे थे। सभी के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई। इस अभियान में विभिन्न यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 54 वाहनों के चालान किए गए। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर कुल ₹1,51,000 (एक लाख इक्यावन हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया।सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन/प्रवर्तन) बृजेश ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया था। चेकिंग के दौरान नशे में वाहन चलाने वालों के साथ-साथ अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की गई।परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सड़क पर लापरवाही और नशे की हालत में वाहन चलाना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने बताया कि ऐसे अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
इंदौर में मजदूरी का काम दिलाने का झांसा देकर महिला के चांदी के आभूषण हड़पने वाले आरोपी को चंदन नगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से करीब 500 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, 12 जून 2026 की सुबह करीब 8 बजे एक महिला खजराना चौराहे पर मजदूरी के लिए खड़ी थी। इसी दौरान जितेंद्र राठौर उसके पास पहुंचा और उसे काम दिलाने की बात कही। आरोपी ने महिला को बताया कि चंदन नगर क्षेत्र के आगे स्थित एक जैन मंदिर में खाना बनाने का काम है, जहां प्रतिदिन 600 रुपए मजदूरी मिलेगी। महिला उसकी बातों में आ गई और जितेंद्र के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। आरोपी पहले उसे सराफा क्षेत्र ले गया और बाद में चंदन नगर के आगे ग्राम सिंहासा पहुंचा। वहां उसने महिला से कहा कि मंदिर परिसर में गहने पहनकर काम करने की अनुमति नहीं है, इसलिए वह अपने आभूषण उतारकर उसे दे दे। महिला ने आरोपी पर विश्वास कर अपने चांदी के आभूषण उसे सौंप दिए। इसके बाद आरोपी मंदिर में बात करने का बहाना बनाकर वहां से फरार हो गया। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। उसने अपने पति को फोन कर घटना की जानकारी दी और बाद में डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनसे आरोपी की बाइक का नंबर मिल गया। इसके आधार पर पुलिस ने जितेंद्र पुत्र शिवनारायण राठौर, निवासी कृष्ण बाग कॉलोनी, जो वर्तमान में संस्कृति रॉयल बाग, राऊ में रह रहा था, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से महिला के करीब 500 ग्राम वजनी चांदी के कड़े और अन्य आभूषण बरामद कर लिए हैं।
प्रतापगढ़ के जहाजपुर क्षेत्र में 35 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक के परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते छह लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान जहाजपुर निवासी बद्रीलाल मीणा (35) पुत्र कचरूलाल मीणा के रूप में हुई है। बद्रीलाल मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी, तीन बेटियां और एक बेटा है। मृतक की पत्नी शांतिबाई ने एसपी को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि उनका संबंधित आरोपियों से पुराना विवाद चल रहा था और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। शिकायत के अनुसार, 14 जून की रात करीब 11 बजे बद्रीलाल जब घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उनका रास्ता रोककर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को घर के बरामदे में छोड़कर फरार हो गए। उन्होंने परिवार को धमकाने का आरोप भी लगाया है। शांतिबाई ने नन्दुड़ी पत्नी बाबूलाल, बाबूलाल पुत्र देवा, मांगुड़ी पत्नी देवीलाल, तेजा पुत्र बाबूलाल, आशाराम पुत्र भुवान और मन्नालाल पुत्र देवा, सभी निवासी जहाजपुर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली थानाधिकारी शंभूसिंह झाला ने बताया- सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। मृतक की पत्नी की शिकायत पर छह नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जहानाबाद के निसरपुरा दोहरा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में सोमवार को तीन और आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले अभियुक्तों की कुल संख्या 11 हो गई है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की प्रगति की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस हत्याकांड में कुल 17 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से अब तक 8 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका था। सोमवार सुबह दो फरार अभियुक्तों ने माननीय न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जबकि पुलिस के लगातार दबाव के कारण एक अन्य अभियुक्त नीतीश ने भी पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। विधिवत कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई फरार अभियुक्तों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है। न्यायालय के आदेश पर अभियुक्त अंकित यादव के घर पर विधिवत कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई। इससे पहले भी इस कांड के पांच अन्य फरार अभियुक्तों के घरों की कुर्की की जा चुकी है। पुलिस का मानना है कि इन कार्रवाइयों से फरार अभियुक्तों पर आत्मसमर्पण करने का दबाव बढ़ रहा है। एसपी ने बताया कि शेष पांच फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी अभियान चला रही है। विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस ने जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। स्टैटिक फोर्स तैनात किया गया पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके घर पर स्थायी पुलिस बल (स्टैटिक फोर्स) तैनात किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि अनुसंधान कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है और जल्द ही मामले में चार्जशीट दाखिल कर इसे स्पीडी ट्रायल के लिए भेजा जाएगा, ताकि दोषियों को शीघ्र और कड़ी सजा मिल सके। जहानाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।
देवपुरी में अवैध प्लाटिंग पर निगम की कार्रवाई:बुलडोजर चलाकर सड़क काटी, निर्माण सामग्री भी जब्त
रायपुर में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। निगम के जोन-10 की टीम ने देवपुरी स्थित वर्धमान नगर के पीछे करीब एक एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करते हुए वहां बनाई गई मुरुम सड़क को काट दिया। साथ ही मौके से निर्माण सामग्री भी जब्त की गई। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक बिना अनुमति प्लाटिंग कर जमीन को बेचने की तैयारी की जा रही थी। इसकी सूचना मिलने पर जोन-10 नगर निवेश विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। थ्री-डी मशीन से काटी गई अवैध सड़क निगम की टीम ने अवैध प्लाटिंग को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई मुरुम सड़क को थ्री-डी मशीन की मदद से काट दिया, ताकि जमीन की खरीदी-बिक्री और आगे के विकास कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से पहले रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। निर्माण सामग्री भी जब्त कार्रवाई के दौरान मौके पर रखी भवन निर्माण सामग्री को भी जब्त किया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति के की जा रही प्लाटिंग और निर्माण गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई जोन कमिश्नर मोनेश्वर शर्मा के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के दौरान कार्यपालन अभियंता गजाराम कंवर, सहायक अभियंता सुशील अहीर, उप अभियंता नवीन वर्मा और मनोज साहू सहित नगर निवेश विभाग की टीम मौजूद रही। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्लॉट की खरीदारी से पहले उसकी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच अवश्य करें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों में हुई अस्थायी कामबंदी के बाद प्रभावित मजदूरों के हितों की सुरक्षा को लेकर मजदूर संगठनों ने आवाज बुलंद की है। सोमवार को विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित कामगारों के लिए मुआवजा, पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। जिलाधीश और श्रम विभाग को सौंपा संयुक्त ज्ञापन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन फेडरेशन (एटक) से संबद्ध कपड़ा मजदूर यूनियन, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन तथा मशराइज मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिलाधीश बालोतरा और श्रम विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के चलते बालोतरा, बिठूजा और जसोल क्षेत्र की कई औद्योगिक इकाइयों में अस्थायी रूप से कामकाज बंद हो गया है, जिससे हजारों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हुई है। 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों पर संकट मजदूर संगठनों का कहना है कि उद्योगों में कामबंदी के कारण करीब 50 हजार मजदूरों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। दैनिक आय पर निर्भर रहने वाले श्रमिकों के लिए रोजगार बंद होने से परिवारों का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित सभी कामगारों को श्रम कानूनों के तहत ले-ऑफ मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक राहत प्राप्त कर सकें। पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की भी उठाई मांग ज्ञापन में केवल मुआवजे ही नहीं, बल्कि प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास और वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। मजदूर नेताओं का कहना है कि जब तक उद्योगों में नियमित कामकाज शुरू नहीं होता, तब तक श्रमिकों के लिए अन्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज जारी करने की मांग भी की गई है। सीईटीपी और प्रशासन की लापरवाही का लगाया आरोप एटक जिला महासचिव एडवोकेट हनुमान प्रजापत, लोडिंग एवं हमाल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष गणपत जानी और मशराइज मजदूर यूनियन के सचिव सम्में खान ने वर्तमान स्थिति के लिए सीईटीपी, लघु उद्योग मंडल के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, जिसके परिणामस्वरूप उद्योगों में कामबंदी की स्थिति बनी और इसका सीधा असर हजारों मजदूरों पर पड़ा। राहत नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी मजदूर संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रभावित कामगारों को जल्द राहत, मुआवजा और रोजगार उपलब्ध नहीं कराया गया तो सभी श्रमिक संगठन संयुक्त रूप से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मजदूरों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और स्थिति को देखते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की समस्याओं के समाधान तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
खैरथल तहसील की ग्राम पंचायत इस्माईलपुर में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सालों से अवरुद्ध पड़े एक सार्वजनिक रास्ते को खुलवाया। यह रास्ता लंबे समय से बंद था, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही थी। शिविर में इस्माईलपुर निवासी मुंशरीफ पुत्र आसीन मेव ने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने खसरा संख्या 715 में दर्ज गैर-मुमकिन रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे अवरुद्ध किए जाने की शिकायत की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनके परिवार को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल राजस्व टीम को मौके पर भेजकर रिकॉर्ड और स्थिति की जांच के निर्देश दिए। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद तहसीलदार अभिषेक यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम, पटवारी सरजीत यादव, आईएलआर रूपसिंह बरेठ और ग्राम सरपंच मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जेसीबी की सहायता से अवरुद्ध रास्ते को तुरंत खुलवाकर आमजन के लिए सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया। रास्ता खुलने के बाद ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। महिलाओं ने इस कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण बताया। शिविर में भूमि विवादों के समाधान के लिए भी कार्रवाई की गई। एसडीएम सत्यवीर सिंह और तहसीलदार अभिषेक यादव ने आपसी समझाइश से तीन प्रकरणों का निस्तारण किया। संबंधित पक्षों को मौके पर ही खाता विभाजन के आदेश दिए गए। राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरण निपटाएइसके अतिरिक्त, राजस्व रिकॉर्ड शुद्धिकरण के 22 प्रकरणों का निपटारा किया गया। इससे किसानों और खातेदारों को राहत मिली। ग्रामीण सेवा शिविर में बिजली, कृषि, पशुपालन, सहकारिता और चिकित्सा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के प्रयास किए। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सम्भल के सिरसी स्थित करबला मोहल्ला शर्की सादात में दरगाह हजरत जैनब पर तीन दिवसीय वार्षिक मजलिसों का आयोजन संपन्न हुआ। इन धार्मिक मजलिसों में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और उलेमाओं के संबोधनों को सुना। तीन दिवसीय मजलिसों के दौरान विभिन्न उलेमाओं ने कर्बला की घटना और अहलेबैत के बलिदानों पर प्रकाश डाला। आखिरी दिन की मजलिस के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अंजुमन जुल्फकारे हैदरी के नौहाख्वानों ने नौहे पेश किए, जिस पर अकीदतमंदों ने मातम किया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना शादाब मेहंदी जाफरी ने कहा कि इंसान को हमेशा सच्चाई और हक के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कलम की ताकत को पहचानने और सच कहने से न डरने का आह्वान किया। मौलाना जाफरी ने यह भी बताया कि मासूमीन की शिक्षा है कि कितनी भी मुश्किलें आएं, इंसान को हमेशा सच्चाई का साथ देना चाहिए। उन्होंने आगामी मोहर्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अज़ादारी पूरी मर्यादा, सम्मान और निष्ठा के साथ की जाए, ताकि किसी व्यक्ति या समुदाय को कोई परेशानी न हो। मजलिस के अंत में हज़रत इमाम हुसैन के भाई हज़रत अब्बास अलमदार के मसाइब बयान किए गए। मजलिस के समापन के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर शहर में धार्मिक माहौल बना रहा। इस श्रृंखला की अन्य मजलिसों को मौलाना मोहम्मद अब्बास, मौलाना असगर अब्बास, मौलाना हुसैन अब्बास और मौलाना मीसम अब्बास ने भी संबोधित किया। उन्होंने कर्बला के संदेश को विस्तार से समझाया।
नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के करियन्ना गांव में ग्रामीणों की तत्परता से एक वारदात टल गई। पुलिस ने एक शातिर बदमाश को हथियार और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है, जो एक ग्रामीण की हत्या करने की नीयत से आया था। गिरफ्तार बदमाश की पहचान गोकुलपुर थाना क्षेत्र के बोधनगर निवासी अविनाश कुमार के रूप में हुई है, जिसका पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। सिलाव थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि रविवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे सूचना मिली कि करियन्ना गांव के लोगों ने एक युवक को अवैध कट्टे के साथ दबोच रखा है। सूचना मिलते ही कार्रवाई करते हुए पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर मौके पर भेजा गया। पुलिस सब-इंस्पेक्टर सलाउद्दीन अंसारी, प्रशिक्षु सब-इंस्पेक्टर घनश्याम कुमार और सशस्त्र बल की टीम ने तुरंत गांव पहुंचकर ग्रामीणों के कब्जे से आरोपी को अपने नियंत्रण में ले लिया। जब पुलिस ने पकड़े गए युवक की विधिवत तलाशी ली, तो उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। नाम पूछ कर सिर पर सटाया कट्टा इस मामले को लेकर करियन्ना गांव के निवासी पारस सिंह ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर आपबीती बताई। उन्होंने बताया कि वे सुबह अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी आरोपी अविनाश कुमार उनके पास आया और पूछा कि पारस सिंह किसका नाम है। जैसे ही उन्होंने खुद को पारस सिंह बताया, आरोपी ने तुरंत देसी कट्टा निकालकर उनकी कनपटी पर सटा दिया और कहा कि उसे पारस सिंह को मारने के लिए ही भेजा गया है। यह देखकर पारस सिंह ने शोर मचाना शुरू कर दिया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और इसकी सूचना सिलाव थाना को दी। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पीड़ित पारस सिंह के आवेदन के आधार पर सिलाव थाना में कांड दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार अविनाश कुमार एक पेशेवर अपराधी है और इस साल की शुरुआत में 28 जनवरी को भी वह हरनौत थाना में आर्म्स एक्ट के मामले में नामजद रह चुका है। पारस सिंह को मारने की सुपारी गांव के ही नीतीश ने दी थी। जिससे उनकी पुरानी दुश्मनी है फिलहाल नीतीश भी जेल में बंद है। नीतीश भी अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।

