मैहर की कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने शनिवार शाम करीब 7 बजे सिविल अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सुरक्षा में चूक, खाने की खराब क्वालिटी और बंद पड़े ऑपरेशन थिएटर को लेकर कलेक्टर ने जमकर फटकार लगाई। अस्पताल की रसोई की जांच करते समय कलेक्टर तब भड़क गईं, जब उन्हें पता चला कि मरीजों को खुद के बर्तन लाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि यह जिम्मेदारी ठेकेदार की है और अगर वह काम नहीं कर पा रहा, तो उसे तुरंत बाहर का रास्ता दिखाया जाए। उन्होंने खाने की क्वालिटी और सफाई को लेकर भी भारी नाराजगी जाहिर की। 5 दिन में चालू होगा ऑपरेशन थिएटर निरीक्षण में सामने आया कि पिछले एक महीने से ऑपरेशन थिएटर (OT) बंद होने के कारण सिजेरियन डिलीवरी नहीं हो पा रही है और मरीजों को दूसरे शहरों में रेफर किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को कड़े निर्देश दिए कि अगले 5-6 दिनों के भीतर निर्माण कार्य पूरा कर इसे चालू किया जाए, ताकि गरीब मरीजों को भटकना न पड़े। परिवार नियोजन में काम होने पर जताई नाराजगी प्रसूति वार्ड में जब कलेक्टर को पता चला कि एक महिला ने अपनी पांचवीं संतान को जन्म दिया है, तो उन्होंने इसे जमीनी अमले (ANM, आशा और CHO) की बड़ी नाकामी बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भी अगर लोग लड़के की चाहत में इतने बच्चे पैदा कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि परिवार नियोजन को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने रूढ़िवादी सोच को बदलने पर जोर दिया। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्राथमिकता कलेक्टर ने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि आज मध्य प्रदेश में 31% कलेक्टर और कई SDM महिलाएं हैं, इसलिए बेटियों को बोझ समझना गलत है। उन्होंने कहा कि मैहर नया जिला है, इसलिए चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन एनीमिया और कुपोषण को खत्म करना उनकी पहली प्राथमिकता है। जल्द ही विशेषज्ञों की कमी को दूर कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर में खेत में बने मकान से पकड़े गए 10 टन विस्फोटक (अमोनियम नाइट्रेट) मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा एंजेंसियां एक्टिव हो गई हैं। भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। NIA इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचेगी। नागौर जिला कलेक्टर ने भी पूरे प्रकरण में शामिल पांच मुख्य आरोपियों के खिलाफ तीन दिन में ही अभियोजन स्वीकृति दे दी। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA की एंट्री चूंकि मामला इतनी बड़ी मात्रा में जानलेवा विस्फोटक से जुड़ा था, इसलिए इसमें केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गई। मामले के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने की आशंका के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी जांच एनआईए को सौंपने के आदेश दिए। इसके बाद एनआईए की जयपुर शाखा ने केस को आधिकारिक रूप से अपने हाथ में लेते हुए नए सिरे से पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है। एनआईए की टीम ने अपनी जांच पूरी करने के बाद 22 अप्रैल को जिला कलेक्टर नागौर के सामने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए अभियोजन स्वीकृति की फाइल पेश की थी। जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कलेक्टर ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत सुलेमान खान सहित पांचों आरोपियों के विरुद्ध अभियोजन की मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब यह पूरा मामला एनआईए के पास चला गया है। खेत में बने मकान से मिला था मौत का सामान यह पूरा मामला 24 जनवरी को सामने आया था। नागौर पुलिस की टीम ने हरसौर क्षेत्र में सुलेमान खान के फार्म हाउस पर दबिश दी थी। पुलिस को सुलेमान के खेत पर बने मकान के कमरों में भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री मिली। यह मात्रा लगभग 10,000 किलोग्राम यानी 10 टन निकली। पुलिस ने मौके से सारा सामान जब्त कर सुलेमान खान को गिरफ्तार कर लिया था। SIT की जांच में खुले कई और नाम पूरे इलाके को दहला देने के लिए काफी इस विस्फोटक की इतनी बड़ी खेप मिलने के बाद नागौर एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया था। एसआईटी की जांच में यह खुलासा हुआ कि सुलेमान खान इस काले कारोबार में अकेला नहीं था। जांच के दौरान महेंद्र पाल सिंह, बंशीलाल बंजारा, भरत कुमार सांखला और देवराज मेड़तिया के नाम भी सामने आए। ये सभी आरोपी मिलकर बिना किसी वैध लाइसेंस के विस्फोटक की खरीद-बिक्री कर रहे थे।
मुज़फ़्फ़रनगर में बढ़ती गर्मी के कारण आग लगने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। शनिवार को जिले में अलग-अलग स्थानों पर आग लगने की चार घटनाएं सामने आईं, जिससे दमकल विभाग दिनभर अलर्ट रहा। पहली घटना दोपहर लगभग 1:45 बजे भोपा रोड स्थित ईवान हॉस्पिटल के पास हुई। यहां बिजली के केबिलों में अचानक आग लग गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पाया। दूसरी घटना दोपहर करीब 3 बजे दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर छपार थाना क्षेत्र के बिजोपुरा के पास हुई। सड़क किनारे सूखी घास-फूस में भीषण आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही थी, जिसे दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर नियंत्रित किया। शाम लगभग 7:30 बजे उसी स्थान पर दोबारा आग भड़कने की सूचना मिली। इस बार झाड़ियों से उठी आग ने पास के एक हरे-भरे पेड़ को भी अपनी चपेट में ले लिया। दमकल टीम ने दोबारा मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार कर आग बुझाई। दिनभर की घटनाओं से निपटने के बाद दमकल टीम जैसे ही झांसी की रानी स्थित फायर स्टेशन पहुंची, तभी रात करीब 8:20 बजे नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की बचन सिंह कॉलोनी की गली नंबर 9 में एक ट्रांसफार्मर में आग लगने की सूचना मिली। दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया। इन लगातार हो रही घटनाओं से स्पष्ट है कि बढ़ती गर्मी और सूखी परिस्थितियां आग के खतरे को बढ़ा रही हैं। राहत की बात यह रही कि सभी घटनाओं में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और कोई बड़ा नुकसान या जनहानि नहीं हुई।
फाजिल्का जिले में नशे के खिलाफ एसएसपी गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसके तहत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जिले भर के संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज बनाने के संकल्प के साथ पुलिस ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर यह कार्रवाई की है, जिससे नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। इस बड़े सर्च ऑपरेशन में करीब 300 पुलिस कर्मियों की टीमों ने अबोहर, जलालाबाद और फाजिल्का के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ दबिश दी। विशेष रूप से जलालाबाद की गोबिंद नगरी पुलिस के मुख्य निशाने पर रही, जहां खंडहर हो चुकी इमारतों में युवाओं द्वारा नशा करने की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह सील कर घरों और संदिग्ध ठिकानों की गहन तलाशी ली, ताकि नशे के नेटवर्क को जड़ से मिटाया जा सके। सात गिरफ्तार, 6 मुकदमे दर्ज पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस छापेमारी में भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं, जिनमें 9500 प्रतिबंधित कैप्सूल, 250 नशीली गोलियां और 5.30 ग्राम हेरोइन शामिल है। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने थाना अरणीवाला, सिटी 1 अबोहर, खुईखेड़ा, सदर अबोहर, सिटी जलालाबाद और सिटी फाजिल्का में कुल 6 मुकदमे दर्ज किए हैं। आरोपियों से नेटवर्क के बारे में ली जाएगी जानकारी एसएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे पूछताछ कर नशे की सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह नशीली खेप कहां से लाई गई थी और इसमें कौन-कौन से बड़े तस्कर शामिल हैं। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की गहराई से तफ्तीश की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
राजगढ़ जिले में बाल विवाह का मामला सामने आया है। प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही दूल्हा-दुल्हन और परिजन मौके से फरार हो गए, जिससे शादी का मंडप खाली मिला। यह मामला गुरुवार को तब उजागर हुआ जब बाल विवाह कंट्रोल रूम और चाइल्डलाइन से सूचना मिलने पर महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस, वन स्टॉप सेंटर और कोतवाली थाना की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम को मौके पर सन्नाटा मिला, लेकिन ग्रामीणों से पूछताछ में दो नाबालिग लड़कियों के विवाह की पुष्टि हुई। जांच के दौरान परिजनों की ओर से कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और शादी का कार्ड जब्त किया। शिक्षा विभाग से प्राप्त रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों लड़कियों की उम्र क्रमशः 12 और 14 वर्ष पाई गई, जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 का स्पष्ट उल्लंघन है। 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल विवाह कराने और उसमें सहयोग करने वाले कुल 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अधिकारियों ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में बाल विवाह के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि विवाह सीजन के दौरान जहां भी ऐसी सूचना मिलेगी, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह जैसी घटनाओं की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते रोकथाम की जा सके। यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी जारी बाल विवाह की चुनौती को उजागर करती है, जिसमें समाज और प्रशासन दोनों की सक्रिय भूमिका जरूरी है।
जोधपुर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते कल कई कॉलोनियों में निर्धारित समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने मेंटेनेंस कार्य के लिए शटडाउन लिया है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में करीब तीन घंटे तक बिजली बंद रहेगी। विभाग ने प्रभावित इलाकों की सूची जारी कर लोगों से पहले से जरूरी काम निपटाने की अपील की है। बिजली विभाग के अनुसार, 33/11 केवी कमला नेहरू नगर सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में कल सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह शटडाउन लाइनों के रखरखाव और तकनीकी कार्यों के चलते लिया जा रहा है। इस दौरान 11 केवी रखा बेरा फीडर से गुजरने वाले क्षेत्र प्रभावित रहेंगे, जिनमें शुभम हॉस्पिटल, महिला पीजी कॉलेज, ऐश्वर्या कॉलेज, शिवलाल माधुर नगर, अरिहंत नगर, गोकुल विहार, गोपी कृष्णा विहार, गुरु का तालाब सहित आसपास के इलाके शामिल हैं। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद इसके अलावा सुबह 8 बजे से 11 बजे तक नैनोमैक्स, नैनो की ढाणी, आशापूर्णा टाउनशिप और आसपास के क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। बिजली विभाग ने बताया कि निर्धारित समय के बाद सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे शटडाउन के दौरान सहयोग करें और असुविधा से बचने के लिए पहले से जरूरी व्यवस्थाएं कर लें।
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में रविवार को आईपीएल मैच के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव रहेगा। लखनऊ सुपर जायंट्स और कलकत्ता नाइट राइडर के बीच होने वाले मुकाबले को देखते हुए पुलिस ने 14 रूटों पर डायवर्जन लागू किया है। यह व्यवस्था दोपहर 3 बजे से मैच खत्म होने तक जरूरत के अनुसार लागू रहेगी। डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी ने दर्शकों और आम वाहन चालकों से शहीद पथ के बजाय वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। इमरजेंसी सेवाओं—जैसे एंबुलेंस, दमकल और शव वाहन—को प्रतिबंधित मार्गों से गुजरने की अनुमति रहेगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम (9454405155) पर संपर्क किया जा सकता है। ये रहेंगे प्रमुख डायवर्जन शहीद पथ पर मैच के दौरान रोडवेज व अन्य सभी बसें व व्यवसायिक वाहन (छोटे बड़े) प्रतिबन्धित रहेगी । अन्य वैकल्पिक मार्ग खुले होंगे, जिनका प्रयोग कर सकेंगे । निजी वाहनो एवं किराये की टैक्सी/कार आदि पर रोक नहीं होगी। सुल्तानपुर रोड पर उपरोक्त वाहन अमूल तिराहा से डायवर्ट होंगे एवं अर्जुनगंज कैण्ट की तरफ से आ रहे वाहन कटाई पुल से।रोजवेज की तरफ से निर्गत डायवर्जन प्लान प्राईवेट बसें भी सख्ती से पालन करेंगे। सिटी बसें और ई-रिक्शा मैच के दौरान सिटी बसें चलेंगी, जो शहीद पथ पर हुसड़िया एवं सुशान्त गोल्फ सिटी के मध्य नही रूकेंगी एवं सड़क की दाईं ओर चलेंगी।ई-रिक्शा शहीद पथ पर प्रतिबन्धित है। ई-रिक्शा सर्विस रोड पर भी मैच के दिन प्रतिबन्धित रहेगा। इसी प्रकार आटो भी शहीद पथ पर प्रतिबन्धित रहेंगे। अर्जुनगंज की तरफ से आने वाली ई-रिक्शा/ऑटों अहिमामऊ से बायें मुड़कर पीएचक्यू, यूपी-112 , मातृत्व अस्पताल के पीछे वाली सड़क पर सवारी उतारेंगे एवं पीएचक्यू के सामने से होते हुये जी-20 तिराहें से गोमतीनगर की तरफ जायेंगे। सुल्तानपुर रोड से आने वाले आटो/ई-रिक्शा बायें मुड़कर लूलू मॉल की तरफ जाकर सवारी उतारेंगे। किसी भी दशा में अहिमामऊ से 500 मी0 की परिधि में सवारी न उतारेंगे न बैठायेंगे। ओला/ऊबर व अन्य किरायें के वाहन सिटी बस की तरह हुसड़िया से सुशान्त गोल्फ सिटी के बीच शहीद पथ पर सवारी न बैठायेंगे और न ही सवारी उतारेंगे। एयरपोर्ट की तरफ से आने वाले वाहन अहिमामऊ से पहले सवारी उतारेंगे।अर्जुनगंज की तरफ से आने वाली वाहन अहिमामऊ से बायें मुड़कर पीएचक्यू , यूपी-112, मातृत्व अस्पताल के पीछे वाली सड़क पर सवारी उतारेंगे एवं पीएचक्यू के सामने से होते हुए जी-20 तिराहे से गोमतीनगर के तरफ जायेंगे। निजी वाहन और दो पहिया वाहन जिन वाहन स्वामियों के पास वाहन पास होगा वह अहिमामऊ से एचसीएल की तरफ जाकर वाटर टैंक तिराहा से प्लासियों होते हुए चिन्हित पार्किंग में वाहन पार्क करेंगे। जिन वाहन स्वामियों के पास वाहन पास उपलब्ध नही है वह भी अहिमामऊ से एचसीएल होकर जायेंगे । उनमें से पहले आने वाले वाहन स्वामियों को प्लासियों मॉल में पार्किंग दिया जायेगा । प्लासियों मॉल की पार्किंग भर जाने के पश्चात वाटर टैंक तिराहे से एचसीएल के बीच पार्किंग होगी।समस्त दो पहिया वाहन अहिमामऊ से एचसीएल तिराहा होते हुये प्लासियों माल के पीछे वाहन पार्क करेंगें।वीवीआईपी/वीआईपी के साथ आने वाले स्कोर्ट स्टेडियम से वापस होकर मॉल अथवा पीएचक्यू के पीछे वाली सड़कों पर वाहन पार्क करेंगे । स्टेडियम के पास किसी भी दशा में वाहन पार्क न किया जाय।वाहनों का प्लासियों मॉल के सामने या स्टेडियम के सामने ईधर-ऊधर अवैध पार्किंग करने पर टोईंग एवं क्लैम्प लगाने की कार्यवाही की जायेगी।टिकट पर क्यूआर कोड दर्ज होगा जिसको स्कैन करने पर पार्किंग स्थलों का विवरण मैप सहित प्रदर्शित होगा।सुरक्षाकर्मी जो विशिष्ट अथवा अतिविशिष्ट दर्शकों के साथ आयेंगे , उन्हें अन्दर जाने की अनुमति नही होगी। पार्किंग क्षेत्र स्थापित रहेंगें। मात्र टिकट धारक ही विभिन्न प्रकार के स्टैण्ड में प्रवेश करेंगे। मैच प्रारम्भ होने के 03 घण्टे पूर्व प्रवेश दिया जायेगा । अंतिम प्रवेश दूसरी पारी के मध्य तक दिया जायेगा, फिर प्रवेश अनुमन्य़ नहीं होगा। स्टेडियम में दुबारा प्रवेश अनुमन्य नहीं है अर्थात मैच छोड़कर बाहर निकल जाने पर दोबार स्टेडियम में प्रवेश नही मिलेगा। पीएचक्यू, यूपी-112 मुख्यालय के पीछे की सड़क की तरफ अस्थाई पिक एण्ड ड्राप स्टैण्ड होगा, जहाँ निजी वाहन, ऑटो रिक्शा सवारी उतार सकेंगे, बैठा सकेंगे ।कोई भी व्यक्ति बिना ड्यूटी कार्ड या टिकट के स्टेडियम के अन्दर प्रवेश नही करेगा, पकड़े जाने पर सख्त कार्यवाही की जायेगी एवं अनाधिकृत प्रवेश दण्डनीय अपराध होगा।सिक्का, ईयरफोन, ज्वलनशील पदार्थ आदि आईसीसी/वीसीसीआई के निर्देशानुसार पूर्णतः प्रतिबन्धित है। स्टेडियम के आस पास रहने वाले लोगों से अपील है कि मैच देखने के लिये स्टेडियम की तरफ जायें अन्यथा अन्य वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें । दर्शकों से अपील है कि 7:30 बजे से शुरू हो रहे मैच के लिए 6 बजे से 8 बजे तक का पीक आवर से बचते हुये उसके पूर्व अथवा बाद में आने का प्रयास करें । नोट- मैच के दिन शहीद पथ और आसपास के इलाकों में भीड़ अधिक रहेगी, इसलिए समय से निकलें और ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करें।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शनिवार शाम 6:30 बजे रायसेन पहुंचे। उन्होंने जिला कलेक्ट्रेट में विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र की गेहूं उपार्जन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीद प्रक्रिया में किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों। बाद में, उन्होंने पत्रकारों से भी चर्चा की। मंत्री चौहान ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में गेहूं का बंपर उत्पादन हुआ है और सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी। उन्होंने स्लॉट बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी कहा कि मानसून की बारिश शुरू होने से पहले ही पूरी खरीदी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को खरीदी केंद्रों पर बेहतर इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई मंत्री चौहान ने जानकारी दी कि पिछले वर्ष प्रदेश में लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी। इस वर्ष केंद्र से 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था, लेकिन बंपर उत्पादन के कारण अब यह आंकड़ा बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचने की संभावना है, जो पिछले साल से लगभग 23 लाख मीट्रिक टन अधिक है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में खरीदी व्यवस्थाओं में कई सुधार किए गए हैं। अब छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों की उपज खरीदी जाएगी। किसानों की मांग पर, अब सप्ताह में 5 दिन के बजाय 6 दिन खरीदी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, खरीदी केंद्रों पर वजन मशीनों (कांटों) की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। चौहान ने कहा कि खरीदी कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है और 9 मई तक स्लॉट बुकिंग जारी रहेगी। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि केंद्रों पर किसानों के लिए छाया, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा, भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष सविता सेन, कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, एसपी आशुतोष गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। रायसेन जिले की स्थिति
दो बुलेट बाइक की टक्कर में एक सवार की मौत:गया-रजौली रोड पर हादसा, 3 जख्मी लोग अस्पताल में भर्ती
गयाजी में रफ्तार ने एक युवक की जान ले ली। शनिवार शाम गया-रजौली मुख्य सड़क पर द्वारिका गांव के पास दो बुलेट बाइक की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था कि टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी। तीन लोग घायल हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक की पहचान वजीरगंज थाना क्षेत्र के पतेड़ गांव निवासी 30 साल के जितेंद्र मिस्त्री के रूप में हुई है। घायलों में एक युवक टनकुप्पा थाना क्षेत्र के कनवां गांव का है। एक अन्य घायल भी पतेड़ गांव का ही रहने वाला है। लेकिन उसकी पहचान साफ नहीं हो सकी है। तीसरी घायल एक महिला है। उसे हल्की चोट आई है। जितेंद्र मिस्त्री अपने एक साथी के साथ बाइक से गया की ओर से पतेड़ गांव को लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी बुलेट बाइक ने सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक के परखच्चे उड़ गए। यही नहीं पीछे से आ रही एक तीसरी बाइक भी इस हादसे की चपेट में आ गई। वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में जा गिरी। उस बाइक पर सवार महिला घायल हो गई। डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी घटना की सूचना मिलते ही टनकुप्पा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। अस्पताल मे एक की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम इलाज में जुटी है। हादसे के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर जाम की स्थिति बन गई। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में ग्रामीणों व पुलिस की पहल पर जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हुआ। थानाध्यक्ष नीरज कुमार ने बताया कि फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। खबर लिखे जाने तक मृतक के परिजन मौके पर नहीं पहुंचे थे। गांव में मातम पसरा हुआ है।
गोरखपुर के गोरखनाथ स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में 2027 के स्टूडेंट काउंसिल के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूल के स्टूडेंट्स ने रंगारंग प्रोग्राम की प्रस्तुति से शाम को और भी शानदार बना दिया। मुख्य अथिति के तौर पर IPS ASP अरूण कुमार शानमुगम मौजूद रहे। जिनका स्वागत प्रिंसिपल ने किया। दीप प्रज्ज्वलित कर प्रोग्राम शुरू कियाप्रोग्राम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उसके बाद सभी नवनिर्वाचित विद्यार्थियों को उनके पद के अनुसार गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराया और उन्हें बैज पहना कर सम्मानित किया गया। बच्चे ही देश के भविष्य हैइस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि बच्चे ही देश के भविष्य हैं। बच्चो में नेतृत्व की क्षमता विद्यालय में ही विकसित होती है और यह ही आगे चलकर राष्ट्र और समाज का नेतृत्व करते हैं इसमें अध्यापक उनके भविष्य निर्माता है। अच्छा नागरिक बनकर देश की सेवा करेंउन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए तथा उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप सभी अच्छा नागरिक बनकर देश की सेवा करें। उसके लिए उन्होने जीवन में अनुशासन के साथ पढ़ाई को अनिवार्य बताया। चुनौतियों के सामना से गुणों में निखार होती- प्रिंसिपलइस अवसर पर प्रधानाचार्य ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामना देते हुए कहा कि वह अपने पद की गम्भीरता को समझते हुए अपने जीवन का निर्वहन करें और विद्यालय को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं। समाज और देश की सेवा करें। इसके साथ अपने व्यक्तिव विकास के लिए हर चुनौतियों का सामना करते हुए अपने गुणों को निखारें। इस अवसर पर विद्याार्थियो ने कई रंगा-रंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस क्रम प्रधानाचार्य और मुख्य अतिथि महोदय ने विद्यार्थियों के उनके पद के अनुसार गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराया और उन्हें बैज प्रदान किया। अंत में उन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का आभार प्रकट किया । कार्यक्रम का समापन स्कूल बैंड के द्वारा राष्ट्रगान धुन से हुआ।
कटिहार के स्टेशन हेड क्वार्टर में 25 अप्रैल 2026 को शौर्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में भूतपूर्व सैनिकों, वीर नारियों और विधवाओं की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में भागलपुर के जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार, स्टेशन हेड क्वार्टर के एडम कमांडेंट कर्नल प्रणव ओकता, कार्यवाहक स्टेशन कमांडर कर्नल सौरभ सिद्धार्थ, और जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के क्लर्क सूबेदार अजय कुमार मिश्रा तथा धनंजय कुमार झा मौजूद रहे। इस संवाद कार्यक्रम में लगभग 39 भूतपूर्व सैनिक, 9 विधवाएँ और 1 वीर नारी उपस्थित थीं। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल संजय कुमार, कार्यवाहक स्टेशन कमांडर कर्नल सौरभ सिद्धार्थ और ECHS पॉलीक्लिनिक के कर्नल कबींद्र कुमार मिश्रा ने सभी की समस्याओं को सुना और उनके हर संभव निदान का भरोसा दिलाया। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि कटिहार जिले में जल्द ही एक जिला सैनिक कल्याण कार्यालय शुरू किया जाएगा। इस पहल में राज्य सैनिक निदेशालय और कटिहार जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के क्लर्क सूबेदार अजय कुमार मिश्रा ने बिहार सरकार की 'बायोवृद्ध योजना' के बारे में जानकारी दी। इस योजना के तहत 80 वर्ष से अधिक आयु के भूतपूर्व सैनिकों और विधवाओं को प्रति वर्ष 24,000 रुपये की एकमुश्त राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना इसी वर्ष से लागू की गई है, जिसका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी विधवाओं और वीर नारियों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यवाहक स्टेशन कमांडर कर्नल सौरभ सिद्धार्थ ने भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं, वीर नारियों और उपस्थित सभी पदाधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पाकबड़ा में उजाला हेल्थ केयर को सील कर दिया है। एमडीए का कहना है कि संचालक ने अवैध रूप से 120 वर्ग मीटर में बेसमेंट और भूतल व प्रथम तल का निर्माण कर रखा था। मानचित्र प्रस्तुत नहीं किए जाने पर एमडीए द्वारा इस अस्पताल को सील कर दिया गया।एमडीए द्वारा अवैध निर्माण व प्लाटिंग के खिलाफ कार्रवाई का क्रम जारी है। इसी क्रम में शनिवार को एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह के निर्देश पर समाथल रोड स्थित शाहजी नगर में बिना स्वीकृत मानचित्र बिल्डिंग बनाकर संचालित किए जा रहे उजाला हेल्थ केयर अस्पताल को सील कर दिया। टीम द्वारा पहले अस्पताल को खाली कराया गया इसके बाद सील किए जाने की कार्रवाई की गई। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के समाथल रोड स्थित शाहजी नगर में रफी प्रधान द्वारा उजाला हेल्थ केयर नाम से 120 वर्ग मीटर में बेसमेंट, भूतल, प्रथम और द्वितीय तल तक निर्माण कराया गया है। इसके बाद यहां अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया। कुछ अन्य लोग भी इसमें साझेदार बताए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में बगैर डिग्री के अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं। बहरहाल एमडीए अधिकारी लगातार नोटिस भी देते रहे। लेकिन इसके बाद भी अस्पताल संचालक ने अस्पताल को बंद नहीं किया। एमडीए वीसी के आदेश पर शनिवार को एमडीए की टीम ने इस अस्पताल को सील कर दिया।
छतरपुर (नौगांव)। जिले का नौगांव क्षेत्र इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। अप्रैल के अंतिम दिनों में मौसम ने ऐसा रूप ले लिया है कि मानो आसमान से आग बरस रही हो। शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 23.02 डिग्री रहा, जो इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात मानी जा रही है। भीषण गर्मी का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही शहर की रफ्तार थम जाती है। सड़कें वीरान हो जाती हैं और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। केवल छात्र और जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग ही इस तपिश का सामना कर रहे हैं। शनिवार को छुट्टी के चलते बाजार और दफ्तरों में सन्नाटा और गहरा गया। एक हफ्ते में दूसरी बार 44 डिग्री पार यह पहला मौका नहीं है जब नौगांव का पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा हो। इससे पहले बीते रविवार को 44.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया था। मौसम विशेषज्ञ कालीचरण रैकवार के अनुसार राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाएं मंगलवार तक लू का असर बनाए रखेंगी, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। गर्मी का असर अब केवल दिन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रातें भी गर्म बनी हुई हैं। लोगों को अब रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि बिजली आपूर्ति सामान्य रहने से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है। मंगलवार के बाद मिल सकती है आंशिक राहत, लेकिन मई और कठिन मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार के बाद हल्के बादल छाने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन अनुमान है कि मई की शुरुआत और अधिक गर्म रहेगी, जहां तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे दोपहर की तेज धूप में लौटते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है। कई अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया है।
पीलीभीत में युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या की:नशे का आदी था, घरेलू कलह बनी मौत की वजह
पीलीभीत शहर के कोतवाली क्षेत्र स्थित मोहल्ला जोशीटोला में शनिवार को एक 30 वर्षीय युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जोशीटोला निवासी अभिषेक (30) शनिवार सुबह अपने घर पर था। परिवार के अन्य सदस्य दैनिक कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान, अभिषेक ने एकांत पाकर घर के एक कमरे में प्रवेश किया और दुपट्टे से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक अभिषेक की कोई आहट न मिलने पर परिवार का एक सदस्य कमरे में गया। वहां अभिषेक का शव फंदे से झूलता देख परिजनों के होश उड़ गए। शोर सुनकर पड़ोसी और अन्य परिजन भी मौके पर जमा हो गए। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि अभिषेक लंबे समय से नशे का आदी था। नशे की इस लत के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर होने के साथ-साथ गंभीर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से भी जूझ रहा था। परिजनों के अनुसार, 'वह अक्सर नशे के लिए पैसों की मांग करता था, जिसे लेकर घर में आए दिन कलह होती रहती थी। हमने उसे कई बार सुधारने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी आदतों से मजबूर था।' परिवार ने अभिषेक को सुधारने के कई प्रयास किए थे। घटना की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, जिसका मुख्य कारण नशे की लत और घरेलू तनाव बताया जा रहा है।
बलिया की बांसडीह विधानसभा सीट पर भाजपा विधायक केतकी सिंह को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 72% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। हलाकिं भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद सत्यपाल गंगवार हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद समाजवादी पार्टी की है। दूसरे नंबर पर भाजपा, तीसरे नंबर पर कांग्रेस है, जबकि चौथे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद केतकी सिंह हैं। उन्हें 43% लोगों ने पसंद किया है। अश्विनी सिंह लिटिल को 14% और अजय शंकर पाण्डेय कनक को 11% लोगों ने अपनी पसंद बताया है। पूर्व विधायक शिव शंकर चौहान को 10% और अमरेन्द्र सिंह को 3% लोगों ने पसंद किया है। समाजवादी पार्टी में नीरज सिंह गुड्डू 86% वोटों के साथ पहली पसंद हैं। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी को 13% लोगों ने पसंद किया है, जबकि यशपाल सिंह को एक प्रतिशत से भी कम लोगों का समर्थन मिला है। कांग्रेस पार्टी में प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक को 67% लोगों ने पहली पसंद बताया है। उमाशंकर पाठक को 27% लोगों ने पसंद किया है। बहुजन समाज पार्टी के लिए सुरेन्द्र और अनिल यादव को 38-38% लोगों ने पसंद किया है।
जालंधर के नकोदर क्षेत्र में बिलगा पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन कार्रवाइयों में कुल 260 नशीली गोलियां और 55 बोतल अवैध देसी शराब बरामद की है। पुलिस स्टेशन बिलगा के एसएचओ गुरशरण सिंह ने बताया कि एएसआई चरणजीत सिंह ने अपनी टीम के साथ तलवन एक्सप्रेस हाईवे फ्लाईओवर से गुरजंट सिंह उर्फ जनता पुत्र हरबंस सिंह और मनदीप सिंह उर्फ लाडी पुत्र रंजीत सिंह, दोनों निवासी गांव बुर्ज हसन, जिला जालंधर को गिरफ्तार किया। गुरजंट सिंह के पास से 200 और मनदीप सिंह के पास से 60 नशीली गोलियां बरामद हुईं। एक अन्य मामले में, एसएचओ गुरशरण सिंह ने जानकारी दी कि एएसआई बगीचा सिंह अपनी टीम के साथ गांव संगोवाल पहुंचे थे। मुखबिर से सूचना मिली कि मनजीत कौर उर्फ रानो पत्नी बलकार सिंह निवासी गांव संगोवाल, सतलुज नदी के किनारे अवैध शराब बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रही है। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने मनजीत कौर उर्फ रानो को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 41250 मिलीलीटर (55 बोतल) अवैध देसी शराब एक रबर ट्यूब में बरामद की गई। इस मामले में भी संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
बिजनौर थाना क्षेत्र में शनिवार देर शाम एक जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के निजी चालक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ थाना अंतर्गत सरायवन का पुरवा निवासी अभिषेक दीक्षित (28) के रूप में हुई है। अभिषेक बिजनौर के ओमेक्स सिटी में रहने वाले और कानपुर में जीएसटी असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात कैलाश नाथ पाल के निजी ड्राइवर थे। वह पिछले करीब ढाई वर्षों से उनके मकान की तीसरी मंजिल पर एक कमरे में रह रहे थे। अधिकारी की पत्नी ने देखा लटकता शव कैलाश नाथ पाल कानपुर में थे, जबकि उनका परिवार ओमेक्स सिटी स्थित घर में था। शाम करीब 7 बजे कैलाश नाथ की पत्नी अनुराधा पाल ने कार से कहीं जाने के लिए अभिषेक को उसके कमरे से बुलाया। दरवाजा अंदर से बंद था और कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर अभिषेक कमरे के अंदर पंखे के हुक से प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका हुआ दिखा भाई को सूचना देकर बुलाया अनुराधा पाल ने तुरंत इसकी सूचना निलमथा में रहने वाले अभिषेक के भाई उमेश को दी। उमेश के पहुंचने के बाद बिजनौर पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़ा, अभिषेक को नीचे उतारा और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अभिषेक ने रायबरेली निवासी अपने एक दोस्त से कुछ रुपए उधार लिए थे, जिसको लेकर वह काफी परेशान चल रहा था। पिता की मौत के बाद परेशान था पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि मृतक के पिता की करीब एक माह पहले मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि अभिषेक इस बात को लेकर भी परेशान चल रहा था। फिलहाल, आत्महत्या का स्पष्ट कारण पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है और जांच के बाद ही सही कारण सामने आ पाएगा। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी मन्नू, 6 वर्षीय बेटी गौरी और 4 वर्षीय बेटा शंभू हैं।
मैनपुरी में इंजेक्शन के बाद विवाहिता की मौत:निजी क्लीनिक पर लापरवाही के आरोप
जिले में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान 27 वर्षीय विवाहिता की मौत से हड़कंप मच गया। हल्के बुखार का इलाज कराने पहुंची महिला को कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही घंटों में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। गेहूं की कटाई के लिए मायके आई थी महिला जानकारी के अनुसार, किशनी थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मांगतपुर जोराई निवासी रजनी (27) पत्नी सुधीश अपने मायके गेहूं की कटाई के लिए आई हुई थी। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे उसे हल्का बुखार आया, जिसके बाद परिजन उसे भामवत चौराहा स्थित एक निजी क्लीनिक लेकर पहुंचे। इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत परिजनों का आरोप है कि क्लीनिक में इलाज के दौरान रजनी को इंजेक्शन लगाया गया, जिसके कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर क्लीनिक में अफरा-तफरी मच गई। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया स्थिति बिगड़ती देख परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रजनी को मृत घोषित कर दिया। यह घटना शनिवार शाम लगभग 7:30 से 8 बजे के बीच की बताई जा रही है। क्लीनिक पर लापरवाही के गंभीर आरोप मृतका के परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और लोगों में निजी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने शुरू की प्रारंभिक जांच सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा भामवत चौराहा चौकी पर शिकायत दर्ज कराई गई है। फिलहाल कोतवाली में कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है, लेकिन मामले की जानकारी ली जा रही है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शादी के बाद पहली फसल में आया मातम जानकारी के अनुसार, रजनी की शादी फिरोजाबाद जनपद के सिरसागंज थाना क्षेत्र के जमाई गांव में हुई थी। मायके में आई रजनी की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच में जुटे हैं, जबकि परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।
वाराणसी में शनिवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन बिल के समर्थन में शनिवार को महिलाओं ने बिना हेलमेट पहने 'जनआक्रोश स्कूटी रैली' निकाली। शहर के सिगरा तिलक प्रतिमा से शुरू होकर लहुराबीर आज़ाद पार्क तक महिलाएं बिना हेलमेट के स्कूटी पर नजर आईं। पहले कुछ महिलाएं हेलमेट के साथ पहुंची थी लेकिन प्रमुख पदाधिकारियों को बिना हेलमेट के देखकर उन्होंने भी हेलमेट उतार दिया। हालांकि कुछ महिलाएं हेलमेट पहने भी रहीं। वहीं रैली में भाजपा के काशी क्षेत्र, जिला संगठन और महानगर अध्यक्ष समेत महानगर संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। महिलाओं की स्कूटी रैली के दौरान यातायात भी प्रभावित रहा और सड़क पर कोई डायवर्जन भी नहीं किया गया था। अतिरिक्त फोर्स के नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूटी रैली में महिलाओं ने पीएम के काशी आगमन पर स्वागत के नारे भी लगाए। रैली में महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी शालिनी यादव, भाजपा काशी क्षेत्र मंत्री पूजा दीक्षित, बेटी बचाओ समिति की काशी क्षेत्र अध्यक्ष सुष्मिता सेठ समेत कई पदाधिकारी और महिला मोर्चा की महिलाएं शामिल रहीं। तस्वीरों में देखिए बिना हेलमेट 'जनआक्रोश स्कूटी रैली'
औरैया के अजीतमल में शनिवार को एक सड़क हादसे में बीएससी की छात्रा की मौत हो गई। यह हादसा कोतवाली क्षेत्र के मोहारी स्थित राजकमल होटल के सामने हुआ, जब बाइक का टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। इस दुर्घटना में बाइक सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अब जानिए पूरी घटना… जानकारी के अनुसार, सराय टडवा मंतला निवासी रीतू (19) पुत्री बीरेंद्र सिंह और कल्ले का पुरवा निवासी विपिन (20) पुत्र जयप्रकाश उर्फ भैयालाल अपाचे बाइक से अजीतमल की ओर आ रहे थे। मोहारी में राजकमल होटल के सामने पहुंचते ही अचानक बाइक का टायर फट गया, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। इलाज के दौरान छात्रा की मौत घटना की सूचना मिलने पर 112 पीआरबी के पुलिसकर्मी अखिलेश कुमार और चालक प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अजीतमल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। देर शाम उपचार के दौरान रीतू ने दम तोड़ दिया, जबकि विपिन की हालत गंभीर बनी हुई है। होमगार्ड भर्ती का एडमिट कार्ड निकलवाने जा रही थी घायल विपिन के पिता जयप्रकाश ने बताया कि उनका पुत्र नोएडा में निजी नौकरी करता है और एक दिन पहले ही घर लौटा था। मृतका रीतू के पिता बीरेंद्र सिंह के अनुसार, रीतू बीएससी की छात्रा थी और होमगार्ड भर्ती का एडमिट कार्ड निकलवाने घर से निकली थी। वह दुर्घटना स्थल तक कैसे पहुंची, इसकी जानकारी नहीं हो सकी। क्षेत्राधिकारी अजीतमल मनोज गंगवार ने बताया- सड़क दुर्घटना में घायल युवती की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
सपा एमएलसी मान सिंह यादव पीड़ित परिवार से मिले:परिजनों ने कहा- आश्वासन नहीं, इंसाफ चाहिए
कौशांबी के करारी थाना क्षेत्र स्थित छोटा अड़ाहरा गांव में हुए भारत यादव हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार में गहरा असंतोष है। घटना के एक सप्ताह बाद भी न्याय और ठोस कार्रवाई न होने से परिवार खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विभिन्न राजनीतिक दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी लगातार उनसे मिलने आ रहे हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन देकर लौट जाते हैं। परिवार का कहना है कि अब तक न तो कोई आर्थिक मदद मिली है और न ही उनकी मुख्य मांगों पर कोई गंभीर पहल हुई है। परिजनों के अनुसार, उन्होंने मृतक के अंतिम संस्कार से पहले ही प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी थीं। हालांकि, एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद उन पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे परिवार में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार देर शाम समाजवादी पार्टी के एमएलसी मानसिंह यादव अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया और जिलाधिकारी (डीएम) तथा पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुआवजे की मांग उठाने की बात कही। एमएलसी यादव ने यह भी कहा कि वह जल्द ही पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिलकर पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहयोग की मांग करेंगे। हालांकि, परिवारजन इन सभी आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि उन्हें केवल वादे नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और न्याय चाहिए। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया है कि मामले के दो मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही है। उन्होंने बताया कि वह हर आने वाले प्रतिनिधिमंडल के सामने यह बात रखती हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पीड़ित परिवार अब न्याय, आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और वास्तविक मदद की मांग पर अड़ा हुआ है। वहीं, इस पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
देवरिया जिले में एक सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसका 19 वर्षीय साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना शनिवार दोपहर को हुई जब दोनों युवक अपनी फूफी के घर से मिठाई देकर लौट रहे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान खुखुंदू थाना क्षेत्र के नदौली खेमकरन निवासी गुलाब रब्बानी अंसारी (20) पुत्र रियाज अंसारी के रूप में हुई है। वह अपने दोस्त समीर अंसारी (19) पुत्र नसीम अंसारी के साथ भटनी थाना क्षेत्र के बेहरा डाबर गांव में अपनी फूफी के घर गया था। गुलाब ने हाल ही में यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा पास की थी, जिसकी खुशी में फूफी ने मिठाई मांगी थी। मिठाई देकर दोनों शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बाइक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया में भर्ती कराया गया। वहां चिकित्सकों ने गुलाब रब्बानी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन गुलाब रब्बानी को गोरखपुर ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार के लोग शव लेकर रात करीब 8 बजे वापस देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे। चिकित्सकों की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल समीर अंसारी का इलाज देवरिया मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बीकानेर शहर में बढ़ती वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोटगेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की सात मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य वारदातों के संबंध में भी जांच जारी है। कोटगेट थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि विशेष निगरानी और मुखबिर की सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जय सांखला उर्फ जयकिशन (26) निवासी नत्थूसर बास, बीकानेर के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से अलग-अलग तिथियों में मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से अब तक चोरी की कुल सात मोटरसाइकिलें बरामद की जा चुकी हैं। बरामद वाहनों के संबंध में अनुसंधान और सत्यापन की कार्रवाई जारी है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। शहर में वाहन चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस का अभियान लगातार जारी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में अलग-अलग सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। मड़ियांव के पुरनिया पुल पर तेज रफ्तार कार पलट गई। जिसमें एक युवक की मौत हो गई। गोमतीनगर विस्तार में तेज रफ्तार कार की टक्कर से युवक की मौत हो गई। पीजीआई थानाक्षेत्र में ई-रिक्शा चालक की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। डॉ. पन्नालाल रोड डालीगंज निवासी राहुल गौड़ अपने दोस्त सैफ के साथ कार से अलीगंज से सीतापुर रोड की तरफ जा रहे थे। कार राहुल चला रहे थे। कार की रफ्तार काफी तेज थी। पुरनिया पुल पर केशवनगर मोड़ से पहले अचानक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और पलट गई। हादसे के दौरान राहुल कार के नीचे दब गए। राहुल के सिर में गंभीर चोट आई। जिसकी वजह से राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं साथ में बैठा सैफ खिड़की टूट जाने की वजह से बाहर निकल आया। घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि कार से शराब की बोतल और गिलास भी मिले हैं। राहुल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जी-20 रोज पर बाइक में मारी टक्कर पीजीआई स्थित रेवतीपुर निवासी जितेंद्र कुमार यादव (26) विभूतिखंड स्थित आइस्क्रीम शॉप में नौकरी करता था। भाई अनुराग ने बताया कि शुक्रवार शाम जितेन्द्र बाइक से अपने दोस्त राजकुमार के साथ कहीं गया था। रात करीब 10:30 बजे दोनों लोग घर लौट रहे थे। जी-20 चौराहे के पास पहुंचे थे तभी अज्ञात वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से जितेन्द्र और राजकुमार उछल दूर जा गिरे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों घायलों को इलाज के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने जितेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। दोस्त राजकुमार इलाज चल रहा है। परिवार में पिता मिश्रीलाल, मां व तीन भाई हैं। ई-रिक्शा चालक अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर पीजीआई के एकता नगर निवासी संतोष (40) ई-रिक्शा चलाते थे। बेटे आयुष ने बताया कि पिता संतोष शुक्रवार रात 11 बजे ई-रिक्शे लेकर घर लौट रहे थे। रास्ते में सभा खेड़ा के पास अज्ञात वाहन ने ई-रिक्शा में टक्कर मार दी। जिससे ई-रिक्शा पलट गया और संतोष गंभीर रूप से घायल हो गए। वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल हालत में इलाज के लिए एपेक्स ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। इलाज के दौरान संतोष की मौत हो गई। उनके परिवार में पत्नी सुमन, चार बेटे दो बेटियां हैं। वहीं हरदोई के संडीला स्थित कल्ली खेड़ा निवासी छोटक्के (45) मजदूर था। साले नंदराम ने बताया छोटक्के शुक्रवार रात 8 बजे अपनी बाइक से रहीमाबाद के गहदो किसी काम से जा रहे थे। रास्ते में पांडेय खेड़ा के पास अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। मौके पर मौजूद लोगों ने जेब में मिले मोबाइल से परिजन को सूचना दी और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर ने छोटक्के को मृत घोषित कर दिया। परिवार में पत्नी शकुंतला दो बच्चे हैं।
शिवाजी महाराज पर बागेश्वर बाबा का बयान: सीएम ने नकारा, महाराष्ट्र में भारी विरोध
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, जिन्हें 'बागेश्वर बाबा' के नाम से जाना जाता है, के एक दावे के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने दावा किया है कि छत्रपति शिवाजी महाराज लगातार लड़ाइयों से थक गए थे और समर्थ रामदास स्वामी के पास गए; उन्होंने अपना मुकुट उतारकर संत के चरणों में रख दिया और उनसे राज्य का शासन संभालने का आग्रह किया।
गाजियाबाद में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा 25 अप्रैल 2026 से शुरू हो गई है। पहले दिन बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जिले में कुल 20 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है। आज आयोजित परीक्षा में हजारों अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ देखी गई। अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे, जिसका अधिकांश ने पालन किया। प्रवेश के दौरान कड़ी जांच की गई ताकि किसी भी अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी गई। इसके अतिरिक्त, पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी लापरवाही या नकल के प्रयास पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती के कारण पहले दिन की परीक्षा बिना किसी बड़े विवाद के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में सामान्य ज्ञान, रीजनिंग, हिंदी और न्यूमेरिकल एबिलिटी से संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे गए। अभ्यर्थियों के अनुसार, प्रश्न पत्र का स्तर सामान्य से मध्यम रहा। यह परीक्षा 26 और 27 अप्रैल को भी जारी रहेगी। प्रशासन शेष दिनों के लिए भी इसी तरह की तैयारियों के साथ मुस्तैद है।
मोगा जिले के निहाल सिंह वाला कस्बे के गांव घोलिया खुर्द में घरेलू विवाद के चलते एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, पति जगतार सिंह ने अपनी पत्नी अमनदीप कौर पर हथौड़े से हमला कर दिया। इस घटना से गांव और आसपास के क्षेत्रों में रोष व्याप्त है। स्थानीय निवासियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हमले के बाद अमनदीप कौर को तुरंत मोगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है और इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि आरोपी पति जगतार सिंह नशे की हालत में था और घरेलू विवाद के दौरान उसने यह हमला किया। आरोपी की तलाश में छापेमारी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जगतार सिंह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। पुलिस ने पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपी के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। किसान नेता सुख गिल मोगा अपने साथियों के साथ पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानून का सख्ती से पालन आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
लइटावा के बिठौली थाना क्षेत्र के कालेश्वर गड़िया गांव में एक ही परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा कि पूरे गांव में सन्नाटा फैल गया। महज 12 दिन के भीतर दो सगे भाइयों की सड़क हादसों में मौत हो गई। शुक्रवार शाम खेत से घर लौट रहे बड़े भाई की बाइक दुर्घटना में जान चली गई, जबकि इससे पहले छोटे भाई की भी सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इस दोहरे हादसे ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। खेत से लौटते समय हुआ दर्दनाक हादसा बिठौली थाना क्षेत्र के कालेश्वर गड़िया निवासी गोलू (34) पुत्र कमल सिंह शुक्रवार शाम खेत से काम निपटाकर घर लौट रहे थे। जैसे ही वह लालपुरा तिराहा मोड़ के पास पहुंचे, सामने से आ रही तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोलू गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस हादसे में दूसरी बाइक का चालक भी घायल बताया जा रहा है। 12 दिन पहले छोटे भाई की भी गई थी जान परिजनों ने बताया कि परिवार अभी पहले हादसे के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि दूसरी दुखद घटना हो गई। मृतक गोलू के छोटे भाई अर्जुन सिंह की 12 दिन पहले गुरुग्राम में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। घर में अभी अर्जुन की मौत का शोक चल ही रहा था कि गोलू की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया। गर्भवती पत्नी और मासूम बेटे का सहारा छिना मृतक गोलू पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। अब परिवार में केवल तीन भाई ही बचे हैं। गोलू अपने पीछे एक मासूम बेटा और पत्नी लाली को छोड़ गया है। पत्नी लाली गर्भवती है और पति की मौत की खबर सुनते ही वह बदहवास हो गई। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
बड़वानी में मृत शिक्षक को जनगणना ड्यूटी पर लगाया:ट्रेनिंग लिस्ट में नाम सामने आने पर लापरवाही उजागर
बड़वानी के पाटी में जनगणना की ड्यूटी लगाने में प्रशासन से एक बड़ी चूक हो गई है। तहसीलदार की तरफ से जारी लिस्ट में एक ऐसे टीचर का नाम भी शामिल कर दिया गया, जिनकी मौत हो चुकी है। ट्रेनिंग के दौरान जब यह बात सामने आई, तो हड़कंप मच गया। पाटी तहसीलदार बबली बरड़े ने शिक्षा विभाग के 32 कर्मचारियों को 27 से 29 अप्रैल तक ट्रेनिंग के लिए बुलाया था। इस लिस्ट में 23वें नंबर पर संतोष मालवीय का नाम था, जो रावतलिया फलियां स्कूल में टीचर थे। ताज्जुब की बात यह है कि संतोष मालवीय की मौत 13 अप्रैल को ही हो चुकी थी, लेकिन अफसर बेखबर रहे और उनके नाम का आदेश जारी कर दिया। पुराने रिकॉर्ड से हुई गड़बड़ कहा जा रहा है कि ड्यूटी लिस्ट बनाते वक्त पुराने रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया। पोर्टल पर टीचर की मौत की जानकारी अपडेट नहीं थी, जिसकी वजह से यह गलती हुई। अब प्रशासन लिस्ट में सुधार कर रहा है और मृतक शिक्षक की जगह दूसरे कर्मचारी को ट्रेनिंग पर भेजने की तैयारी है। 32 कर्मचारी गायब, थमाया नोटिस एक तरफ जहां मरे हुए टीचर की ड्यूटी लग गई, वहीं दूसरी तरफ जो कर्मचारी जिंदा हैं, उनमें से 32 लोग ट्रेनिंग से गायब मिले। इसे लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि काम में कोताही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। आगे से संभलकर काम करने के निर्देश तहसीलदार ने माना कि जानकारी न होने की वजह से यह गड़बड़ी हुई। अब अफसरों ने आदेश दिए हैं कि आगे से किसी की भी ड्यूटी लगाने से पहले उसका पूरा रिकॉर्ड चेक किया जाए, ताकि दोबारा ऐसी किरकिरी न हो।
संतकबीरनगर में उत्तर प्रदेश होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा शनिवार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हो गई। तीन दिनों तक चलने वाली यह परीक्षा जनपद के सात केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जिसमें कुल 12,960 अभ्यर्थी शामिल होंगे। पहले दिन, 4,320 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 3,483 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 837 अनुपस्थित रहे। पहले दिन की उपस्थिति 80.62 प्रतिशत दर्ज की गई। नोडल अधिकारी एवं एएसपी सुशील कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल को आयोजित की जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है। प्रत्येक पाली में 2,160 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। केंद्रवार उपस्थिति के आंकड़ों के अनुसार, हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज में 960 में से 772, एचआर पीजी कॉलेज खलीलाबाद में 960 में से 784, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में 480 में से 393, और नेहरू कृषक इंटर कॉलेज में 480 में से 377 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। इसी प्रकार, पीबी गर्ल्स इंटर कॉलेज और राजकीय कन्या इंटर कॉलेज खलीलाबाद में 480-480 में से 388-388 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। संत कबीर आचार्य रामविलास इंटर कॉलेज, मगहर में 480 में से 381 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना और ऑब्जर्वर अशोक कुमार वर्मा ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। नकल विहीन परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसओजी टीम को सक्रिय रखा गया है। इसके अतिरिक्त, दो जोनल मजिस्ट्रेट, तीन सेक्टर मजिस्ट्रेट और आठ क्यूआरटी टीमों की तैनाती की गई है ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
अलवर के मालाखेड़ा थाना पुलिस ने बुजुर्ग महिला का किडनैप और लूट मामले में खुलासा किया है। पुलिस ने 69 साल की तुलसा देवी के अपहरण और लूट के मामले में उसके ही पोते धीरज पुत्र रतन सिंह (20) को गिरफ्तार किया है, जो रेबारी मोहल्ला पृथ्वीपुरा का रहने वाला है। हालांकि, आरोपी से अभी तक लूट का सामान बरामद नहीं हुआ है और पुलिस उसके साथियों की तलाश में जुटी है। मालाखेड़ा थाना SHO ने बताया की घटना 22 अप्रैल की रात करीब 1 बजे हरिपुरा गांव की है, जब आरोपी पोता अपने साथियों के साथ नकाब पहनकर घर में घुसा और दादी के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उसे किडनैप कर लिया। इसके बाद बदमाश बुजुर्ग महिला को कई किलोमीटर दूर जंगल में ले जाकर फेंक गए। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और पुलिस ने तलाश शुरू की और करीब 3 घंटे बाद महिला घायल हालत में जंगल में मिली आरोपियों ने महिला के करीब सवा किलो चांदी के कड़े और लगभग 3 तोला सोना लूट लिया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। बरामदगी के भी प्रयास जारी है।
पुलिस ने मझिला थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्ची को गोली मारने के मामले का खुलासा कर दिया है। इस संबंध में शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो बाल अपचारी शामिल हैं। घटना का कारण हाईस्कूल परीक्षा में कम नंबर आना और प्रेमिका द्वारा बात न करना बताया गया है। फर्रुखाबाद जनपद के मोहल्ला कादरीगेट निवासी सीमा अपनी दो पुत्रियों वैष्णवी, आयुषी और पुत्र शिवा के साथ शुक्रवार सुबह मझिला थाना क्षेत्र के पारा गांव स्थित मायके से अपने घर लौट रही थीं। वे ई-रिक्शा से शाहाबाद जा रही थीं, जहां से उन्हें फर्रुखाबाद के लिए बस लेनी थी। लोकपुर गांव के पास बाइक सवार तीन नकाबपोशों ने उन पर तमंचे से गोली चला दी। गोली 10 वर्षीय आयुषी को लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल आयुषी को पिहानी सीएचसी ले जाया गया, जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। आयुषी के पिता बृजेश ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। थानाध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को कुम्हरुआ पुल के पास से पारा गांव निवासी अंशुल को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, दो बाल अपचारियों को भी हिरासत में लिया गया है। पूछताछ में एक आरोपी ने बताया कि उसकी वैष्णवी से बातचीत होती थी, लेकिन कुछ समय से वैष्णवी उससे बात नहीं कर रही थी। दोनों ने इसी साल हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। 23 अप्रैल को आए परिणाम में आरोपी के 62 प्रतिशत और वैष्णवी के 84 प्रतिशत अंक आए थे। वैष्णवी से कम नंबर आने पर वह परेशान हो गया।इस दौरान आरोपी ने वैष्णवी को फोन किया, लेकिन उसने बात नहीं की। इससे नाराज होकर आरोपी ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर वैष्णवी को गोली मारने की योजना बनाई थी। हालांकि, गलती से गोली आयुषी को लग गई। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक तमंचा बरामद किया है।
छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक बार फिर मासूम नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की गई। आरोपी बच्ची को दुकान में चॉकलेट दिलाने के बहाने सुनसान जगह की ओर ले जा रहा था। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उसे देख लिया। ग्रामीणों ने बच्ची को समय रहते बचाया और तुरंत आरोपी युवक को पकड़ लिया। स्थानीय लोगों ने गुस्से में आकर आरोपी युवक की मौके पर ही जमकर पिटाई की और फिर उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। यह मामला भिलाई-3 थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने की पुष्टि- दुष्कर्म की कोशिश हुई, दुष्कर्म नहीं घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पूरे इलाके को घेर लिया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने पुष्टि की है कि यह दुष्कर्म की कोशिश थी, दुष्कर्म हुआ नहीं है। घटना शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच की बताई जा रही है। इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी सुखनंदन राठौर और सीएसपी प्रशांत कुमार सहित कई बड़े पुलिस अधिकारी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
संभल में 5वीं कक्षा के एक छात्र के प्राइवेट पार्ट में दोस्तों द्वारा पेन डालने का आरोप लगा है। गंभीर चोट लगने के बाद बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद अस्पताल पहुंचकर बच्चे और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। चंदौसी तहसील के थाना बनियाठेर क्षेत्र के एक गांव की है। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बच्चे की मां ने पुलिस को शिकायत दी। उन्होंने बताया कि गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई के दौरान बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। बच्चों ने अध्यापक से शिकायत की, जिसके बाद अध्यापक ने उन्हें डांटा। मां के अनुसार, स्कूल की छुट्टी होने के बाद तीन सहपाठी उनके बच्चे को अपने साथ ले गए। उन्होंने बच्चे के हाथ पकड़े और उसके पैरों पर खड़े होकर उसके साथ गलत हरकत की। पीड़ित बच्चे ने पुलिस को दिए बयान में अपनी मां की शिकायत की पुष्टि की है और बताया कि वह इस घटना से काफी डरा हुआ है। यह घटना 17 अप्रैल की बताई जा रही है। 20 अप्रैल को जब बच्चे की तबीयत बिगड़ी और मां ने उससे पूछा, तब उसने पूरी घटना बताई। परिवार के सदस्य उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए, जहां 20 अप्रैल से उसका उपचार जारी है। थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी उन्हें आज दोपहर में मिली है। उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में भर्ती बच्चे के बयान दर्ज किए हैं। जांच के लिए एक पुलिस टीम को स्कूल भेजा गया था, लेकिन छुट्टी होने के कारण घटना की तत्काल पुष्टि नहीं हो पाई। थाना प्रभारी ने यह भी कहा कि चूंकि आरोपी भी बच्चे हैं, इसलिए मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कटिहार में जनगणना जागरूकता अभियान:दिव्यांगों ने फेरी निकालकर लोगों को संदेश दिया, सैकड़ों लोग शामिल
कटिहार में कोशी क्षेत्रीय विकलांग विधवा वृद्ध कल्याण समिति ने जनगणना जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान दिव्यांगजनों ने प्रभात फेरी निकाली और मानव श्रृंखला बनाई। इसका उद्देश्य जिले के नागरिकों, विशेषकर दिव्यांगजनों को उनके अधिकारों और जनगणना से होने वाले लाभों के प्रति जागरूक करना था। जागरूकता अभियान का शुभारंभ यज्ञशाला मैदान, शिव मंदिर चौक, बड़ा बाजार, कटिहार से हुआ। दिव्यांगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समूह शिव मंदिर चौक से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए वापस शिव मंदिर चौक पहुँचा। इस दौरान जुगल मंडल के गीतों ने कार्यक्रम में उत्साह भरा। कार्यक्रम के समापन पर शिव मंदिर चौक, बड़ा बाजार क्षेत्र में सभी दिव्यांगों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर मानव श्रृंखला बनाई। इसके माध्यम से समाज को एकजुटता का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के सचिव और बिहार राज्य सलाहकार बोर्ड (समाज कल्याण विभाग, बिहार सरकार) के सदस्य शिव शंकर रमानी ने की। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह दिव्यांगों और वंचितों के हक और अधिकार की लड़ाई है। रमानी ने जोर दिया कि सही आंकड़ों से ही सरकार भविष्य की कल्याणकारी योजनाएं बना सकेगी। उन्होंने सभी से जनगणना में अपनी सही भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि कोई भी मिलने वाले लाभों से वंचित न रहे। इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अवधेश देव, सुरेश शर्मा, योगेश पूर्व, जय प्रकाश बारिक, राजीव कुमार सिंह, जूली शर्मा, लक्ष्मी देवी, डेजी कुमारी, प्रशांत कुमार, मोनिका कुमारी, रवि कुमार रविदास, मोहम्मद अफसर, लोको, अंशु राज, अमित कुमार, गीता देवी, कृष्ण देव भगत, मुन्ना साह, लेलू मंडल, अनंत शर्मा सहित कई अन्य कार्यकर्ता प्रमुख रूप से शामिल थे।
फरीदाबाद के सैनिक कॉलोनी चौक पर शुक्रवार देर शाम एक व्यापारी पर बाइक सवार बदमाशों ने कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। बदमाशों ने पहले व्यापारी की कार में जमकर तोड़फोड़ की, फिर उसे कार से बाहर खींचकर पीटा और कार में रखे करीब पांच लाख रुपए लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल व्यापारी को उपचार के लिए बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बड़खल क्षेत्र में जामिया स्कूल के पास रहने वाले वसीम अकरम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सेक्टर-49 स्थित अचीवर सोसइटी में उसकी सरिए की दुकान है। शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे वह अपनी दुकान बंद कर वैगनआर कार से घर लौट रहा था। जब वह सैनिक कॉलोनी चौक पर रेड लाइट पर रुका, तभी पीछे से बाइक पर सवार तीन से चार युवक वहां पहुंच गए। कुल्हाड़ी और डंडों से किया हमला पीड़ित के अनुसार, आरोपियों में से एक युवक समीर था, जो बड़खल गांव का रहने वाला है। आरोप है कि समीर के हाथ में कुल्हाड़ी थी, जबकि उसके साथियों के हाथों में डंडे थे। आते ही बदमाशों ने पहले कार के पीछे का शीशा तोड़ दिया और फिर ड्राइवर साइड के शीशे पर डंडों से हमला कर उसे भी तोड़ दिया। इसके बाद बदमाशों ने वसीम को जबरन कार से बाहर खींच लिया और जमीन पर गिराकर कुल्हाड़ी व डंडों से हमला कर दिया। हमले में वसीम अकरम को गंभीर चोटें आईं। उनके दोनों पैरों में गहरी चोट लगी है और एक उंगली भी टूट गई है। इसी दौरान बदमाश कार में रखे बिक्री के करीब पांच लाख रुपए भी लूटकर फरार हो गए। वसीम ने बताया कि उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे, जिसके बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से भाग गए। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना के बाद घायल व्यापारी किसी तरह अनखीर पुलिस चौकी पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को उपचार के लिए बीके अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों द्वारा की गई मेडिकल जांच में वसीम के शरीर पर कुल सात चोटें दर्ज की गई हैं, जिनमें दाहिनी जांघ, हाथ की उंगलियों, पिंडली, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगी चोटें शामिल हैं। कुछ चोटों के लिए एक्स-रे और ऑर्थोपेडिक की सलाह भी दी गई है। सूरजकुंड थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह के अनुसार आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
डीग जिले में बढ़ती भीषण गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर मयंक मनीष ने आदेश जारी कर कक्षा 1 से 8 तक के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदल दिया है। अब 27 अप्रैल 2026 से ग्रीष्मावकाश शुरू होने तक ये कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगी। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। गर्मी का कहर, प्रशासन अलर्ट डीग जिले में लगातार तापमान बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने भीषण गर्मी और लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। ऐसे में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी के तहत यह अहम निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों को दोपहर की तेज धूप और लू से बचाया जा सके। कक्षा 1 से 8 तक का नया समय जिला कलेक्टर एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष मयंक मनीष ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार ये रहेगा समय कक्षा 1 से 8 तक की कक्षाएं- सुबह 07:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगी। यह व्यवस्था 27 अप्रैल 2026 से ग्रीष्मावकाश शुरू होने तक लागू रहेगी। यह आदेश केवल कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों पर लागू होगा। कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों की समय-सारणी और सभी स्कूल स्टाफ का समय पहले की तरह ही यथावत रहेगा। आदेश नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए। यदि कोई भी विद्यालय इन नियमों की अवहेलना करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की पहल पर लिया गया फैसला यह निर्णय मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी के अनुरोध पर लिया गया है। उद्देश्य साफ है—भीषण गर्मी में स्कूली बच्चों को सुरक्षित रखना और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले जोखिम को कम करना।
शिवपुरी में आत्महत्या करने वाले 28 वर्षीय युवक ने मरने से पहले एक वीडियो बनाकर अपनी आपबीती रिकॉर्ड की थी। वीडियो में उसने पत्नी और ससुराल पक्ष पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक फिजिकल थाना क्षेत्र के साईं बाबा मंदिर इलाके में रहने वाले 28 वर्षीय उत्कर्ष शिवहरे ने 19 अप्रैल की शाम सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में अब नया खुलासा सामने आया है कि उत्कर्ष ने मौत से पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो में उत्कर्ष ने अपनी पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे, साले ध्रुव और साली रियम शिवहरे पर मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए थे। परिजनों के मुताबिक, उत्कर्ष को लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था और उससे लाखों रुपए लिए जा चुके थे। एक साल पहले हुआ था विवाहबताया गया है कि उत्कर्ष की शादी 2 फरवरी 2025 को भोपाल निवासी रिया से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही विवाद शुरू हो गया था। होली के बाद रिया अपने मायके भोपाल चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इसी दौरान उत्कर्ष को कथित रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। घटना के दिन उत्कर्ष ने घर में सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से इंदौर रेफर किया गया, लेकिन बदरवास के पास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी, ससुर, साले और साली के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने शनिवार को पत्नी रिया शिवहरे, ससुर जितेंद्र शिवहरे और साले ध्रुव को भोपाल से गिरफ्तार कर शिवपुरी ले आई है। वहीं एक अन्य आरोपी साली, जो पुणे में रहती है, अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मंडला में 55 हजार की अवैध शराब पकड़ी:6 केस दर्ज, नर्मदा किनारे के ठिकानों और ढाबे पर कार्रवाई
मंडला में आबकारी विभाग ने अवैध शराब के कारोबारियों पर कार्रवाई की है। शुक्रवार रात और शनिवार को नर्मदा किनारे कई जगहों पर छापे मारे गए, जिसमें करीब 55 हजार रुपए की शराब जब्त की गई है। टीम ने मूडीज मून ढाबा और गोंझी इलाके में दबिश दी। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध देसी-विदेशी शराब और हाथ भट्टी से बनी कच्ची महुआ शराब पकड़ी गई। शराब जब्त और लाहन किया नष्ट कार्रवाई के दौरान विभाग ने 37.6 लीटर विदेशी शराब और 15 लीटर कच्ची शराब अपने कब्जे में ली। इसके अलावा, शराब बनाने के लिए छिपाकर रखे गए 160 डब्बे महुआ लाहन को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया गया। 6 लोगों पर केस दर्ज अवैध शराब की बिक्री और निर्माण करने वालों के खिलाफ आबकारी कानून के तहत कुल 6 केस दर्ज किए गए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि शराब माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।
प्रयागराज में उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती (एनरोलमेंट-2025) की लिखित परीक्षा 25 अप्रैल से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को जिले के 37 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। पहले दिन परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार और जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने पुलिस लाइन में बनाए गए कंट्रोल रूम और विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न हो। अधिकारियों ने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया और कैमरों के जरिए हो रही निगरानी को देखा। इसके साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए कि वे लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करते रहें और परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराएं। परीक्षा खत्म होने के बाद सभी सामग्री सुरक्षित रूप से जमा कराने के भी निर्देश दिए गए। परीक्षा दो पालियों में हो रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि पूरी व्यवस्था को इस तरह बनाया गया है ताकि सभी अभ्यर्थियों को निष्पक्ष माहौल मिल सके और परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक पूरी हो।
शामली जनपद में होमगार्ड भर्ती परीक्षा आज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। जिले के दर्जनों परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में कुल 8824 अभ्यर्थियों में से 6885 उपस्थित रहे, जबकि 1939 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थिति प्रतिशत लगभग 78.02% दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इस परीक्षा के लिए जनपद में कई परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इनमें ब्रिगेडियर होशियार सिंह इंटर कॉलेज माजरा रोड, राष्ट्रीय किसान इंटर कॉलेज करनाल रोड, हिन्दू कन्या इंटर कॉलेज मिल रोड, पब्लिक इंटर कॉलेज पानीपत रोड कैराना, वी.वी. इंटर कॉलेज एम.एस.के रोड, विजय सिंह पथिक राजकीय महाविद्यालय पानीपत रोड कैराना, लाला लाजपत राय कन्या इंटर कॉलेज रेलवे रोड थानाभवन, लाला लाजपत राय इंटर कॉलेज रेलवे रोड थानाभवन, किसान इंटर कॉलेज मौहल्ला खैल थानाभवन, श्री चंदन लाल नेशनल इंटर कॉलेज रेलवे रोड कांधला और राजकीय बालिका इंटर कॉलेज रेलवे रोड कांधला शामिल थे। प्रथम पाली में कुल 4416 अभ्यर्थियों में से 3426 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 990 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस पाली में उपस्थिति प्रतिशत लगभग 77.58% और अनुपस्थिति प्रतिशत लगभग 22.42% रहा। द्वितीय पाली में कुल 4408 अभ्यर्थियों में से 3459 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, वहीं 949 अभ्यर्थी अनुपस्थित पाए गए। इस पाली में उपस्थिति प्रतिशत लगभग 78.47% और अनुपस्थिति प्रतिशत लगभग 21.53% दर्ज किया गया। दोनों पालियों को मिलाकर कुल 8824 अभ्यर्थियों में से 6885 अभ्यर्थी उपस्थित रहे और 1939 अनुपस्थित रहे। जनपद प्रशासन और शामली पुलिस द्वारा परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे। संपूर्ण परीक्षा प्रक्रिया शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।
राजस्थान हाईकोर्ट के इतिहास में शनिवार को संभवत: पहली बार जयपुर बेंच की स्थापना के बाद सभी जज एक साथ सुनवाई के लिए जयपुर बेंच में मौजूद रहे। लेकिन शनिवार-वर्किंग के विरोध में वकीलों के स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार के चलते एक भी वकील कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस. पी. शर्मा की लार्जर बेंच ने नाराज़गी जताई। बार एसोसिएशन को उनके फैसले को फिर से रिव्यू करने की सलाह दी। बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को पता चलना चाहिए कि जज उनके केस सुनने के लिए तैयार हैं, तो वकीलों को इसमें क्या एतराज़ हो सकता है। आखिर वकील भी कोर्ट ऑफिसर हैं, उनका दायित्व बनता है। लेकिन आज न तो सीनियर वकील उपस्थित हुए और न ही सरकार की ओर से महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल ) ने उपस्थिति दी। क्या सरकार ने एडवोकेट जनरल (एजी) को नहीं आने की सलाह दी है? बेंच ने कहा- कोर्ट के काम को रोकने का यह तरीका नहीं हो सकता है। यह स्थिति तब रही, जब आज सीजेआई सूर्यकांत जयपुर में ही मौजूद थे। सुप्रीम कोर्ट में कार्य बहिष्कार पर नहीं जाने का शपथ पत्र दरअसल, लार्जर बेंच आज एक मामले पर सुनवाई कर रही थी। मामले में आदेश लिखवाते हुए बेंच ने कहा- हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जयपुर ने साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दिया था कि वकील कार्य बहिष्कार पर नहीं जाएंगे। लेकिन उसके बाद भी कार्य बहिष्कार किया जा रहा है। वकीलों पर कोर्ट में उपस्थिति नहीं देने का दबाव बनाया जा रहा है। हम बार पदाधिकारियों और अध्यक्ष को सलाह देते हैं कि वे अपने इस फैसले को रिव्यू करें। अदालत ने आदेश की कॉपी तीनों बार एसोसिएशन और बार काउंसिल ऑफ इंडिया को भिजवाने के निर्देश दिए। बार ने कहा- एसीजे का राजस्थान से बाहर ट्रांसफर करें टकराव के चलते राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर ने सीजेआई को पत्र लिखकर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का ट्रांसफर राजस्थान से बाहर करने की मांग की है। पत्र में एसोसिएशन ने लिखा- बार और बेंच न्याय व्यवस्था के दो पहिए हैं, जिनके समन्वय से ही न्याय प्रणाली सुचारू रूप से संचालित होती है। लेकिन वर्तमान में यह संतुलन प्रभावित हो रहा है। शनिवार वर्किंग को लेकर चल रहा गतिरोध दरअसल, पिछले साल दिसंबर में जैसलमेर में सीजेआई की उपस्थिति में हाईकोर्ट की पूर्णपीठ की बैठक में साल 2026 से प्रत्येक माह के दो शनिवार (पहला-तीसरा) को वर्किंग का फैसला हुआ था। लेकिन पहले दिन से ही हाईकोर्ट की तीनों बार इस फैसले के विरोध में थीं। इसके बाद भी हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में 17 शनिवार को कार्यदिवस घोषित कर दिए, जिसके तहत 24 जनवरी, 7 फरवरी, 21 फरवरी, 7 मार्च, 25 अप्रैल, 2 मई, 16 मई, 4 जुलाई, 18 जुलाई, 1 अगस्त, 22 अगस्त, 5 सितंबर, 26 सितंबर, 31 अक्टूबर, 21 नवंबर, 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को सुनवाई होगी।
शाहजहांपुर के तिलहर थाना क्षेत्र के ढकिया रघा गांव में शनिवार को एक हादसा हो गया। दोस्त के घर जन्मदिन की पार्टी में आए 16 वर्षीय किशोर सोविंद का शव करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद कठिना नदी से बरामद किया गया। हालांकि, परिजनों ने डूबने की बात को सिरे से नकारते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। देखें 3 तस्वीरें… जानिए पूरा मामला… कांट थाना क्षेत्र के ग्राम बलीपुर निवासी सोविंद पुत्र रामकृष्ण शुक्रवार (24 अप्रैल) की सुबह घर से अपने दोस्त के घर ढकिया रघा गांव गया था। वहां शाम को जन्मदिन का कार्यक्रम था। रात अधिक होने के कारण वह वहीं रुक गया। शनिवार दोपहर करीब 1 बजे सोविंद अपने दो दोस्तों, नन्हे उर्फ विकास और अजय के साथ गांव से 1 किमी दूर स्थित कठिना नदी में नहाने गया था। साथ गए दोस्तों के मुताबिक, वे दोनों नदी से बाहर निकलकर साबुन और शैम्पू लगा रहे थे, तभी सोविंद गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे डूबता देख दोनों दोस्त घबराकर गांव की ओर भागे और शोर मचाया। 4 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही बिरसिंहपुर चौकी पुलिस और भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम 5 बजे ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने सोविंद का शव नदी से बाहर निकाला। खास बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सक्रियता के चलते गोताखोरों को बुलाने की नौबत नहीं आई। परिजनों के आरोप: यह हादसा नहीं, हत्या है शव मिलते ही कोहराम मच गया। घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों ने हत्या का सीधा आरोप लगाया है। हालांकि, उन्होंने किसी पुरानी रंजिश या झगड़े की बात से इनकार किया है, लेकिन उनका कहना है कि मामला संदिग्ध है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अधिकारी का कथन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शरीर पर चोट के कोई प्रत्यक्ष निशान नहीं मिले हैं और कपड़े भी तट पर रखे मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। उसी के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। — जुगलकिशोर पाल, कोतवाल तिलहर
गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में शनिवार को प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पीड़ित सियाराम विश्वकर्मा के घर का दौरा किया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आवास संबंधी दस्तावेज सौंपे। मंत्री राजभर ने परिवार को डेढ़ बीघा जमीन के पट्टे के कागजात, 5 लाख रुपए का चेक और मुख्यमंत्री आवास योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव मदद सुनिश्चित कर रही है। मौके पर मंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई बड़ी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन अखिलेश यादव उन स्थानों पर नहीं जाते, खासकर जब किसी घटना में यादव समुदाय का नाम सामने आता है। सहायता मिलने पर सियाराम विश्वकर्मा ने सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने न्याय की अपनी मांग दोहराते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई।
उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) में शनिवार को उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) कुलदीप रांका पहुंचे। कुलदीप रांका ने यूनिवर्सिटी के डीन्स, डायरेक्टर्स और विभागाध्यक्षों के साथ बातचीत की। रांका ने कहा कि पिछले 20 सालों में दुनिया और शिक्षा व्यवस्था में बहुत बड़ा बदलाव आया है। आज के दौर में ग्लोबलाइजेशन और तकनीक ने सब कुछ बदल दिया है। मोहनलाल सुखाड़िया यूनिवर्सिटी में शिक्षा अधिकारी कुलदीप रांका ने कहा कि अब हुनर ही सबसे बड़ी चीज है। जिसके पास हुनर होगा, वही आगे बढ़ेगा। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल गया है। भारत में युवाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि हुनर सिखाना जरूरी है, ताकि वे नौकरी मांगने की जगह नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत सिल्वर इकोनॉमी, केयर इकोनॉमी और डिजिटल इकोनॉमी के महत्व पर भी बात की। क्लासरूम से बाहर भी सीखें: रांका का सुझाव रांका ने कहा कि पढ़ाई सिर्फ क्लासरूम तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने 'आउटसाइड क्लासरूम लर्निंग' को बढ़ावा देने की बात कही, जिसमें फील्ड विजिट और इंटर्नशिप के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएं। उन्होंने नई भर्तियों और शिक्षकों के प्रमोशन में तेजी लाने की बात भी कही। शिक्षकों ने अपनी समस्याओं और योजनाओं को लेकर उनसे सवाल भी पूछे। पेंशन की चिंता: कुलगुरु का मुद्दा कार्यक्रम में कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वे यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि रिटायर्ड कर्मचारियों को समय पर पेंशन मिलती रहे। उन्होंने अपने पिछले 6 महीने के कार्यकाल को अच्छा बताते हुए यूनिवर्सिटी के स्टाफ की मेहनत की सराहना की। रांका ने उदयपुर संभाग के कॉलेजों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक में नए सत्र की शुरुआत और एडमिशन की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए।
मुजफ्फरनगर में गैस सिलेंडर की तय कीमत से अधिक वसूली को लेकर हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि ₹928 के सिलेंडर को ₹960 में बेचा जा रहा था। जब एक अधिवक्ता ने इसका विरोध किया, तो सप्लायर की पत्नी ने उनके साथ बदसलूकी की और धमकी दी। यह घटना नगर कोतवाली क्षेत्र के रामलीला टिल्ला इलाके की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक महिला गुस्से में अधिवक्ता को धमकाते हुए कहती है, थप्पड़ इतने मारूंगी ना...। वह हाथ में चप्पल उठाकर मारने का इशारा करते हुए कहती है, “ये देखी चप्पल?” करीब 37 सेकंड के इस वीडियो में, पीड़ित अधिवक्ता शांत भाव से गैस सिलेंडर की ओवररेटिंग का विरोध करते हुए अपनी बात रखते दिखाई देते हैं। वहीं, महिला लगातार अभद्र भाषा का प्रयोग करती नजर आती है। यह वीडियो शनिवार दोपहर से सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इस मामले में अब तक कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस या जिला पूर्ति विभाग को कोई तहरीर नहीं मिली है। जिला पूर्ति अधिकारी हरिओम उपाध्याय ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं आया है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
फतेहपुर में तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवार दो युवकों को रौंद दिया। हादसे में दोनों की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद डीसीएम अनियंत्रित होकर सैलून में घुस गई। दोनों आपस में रिश्तेदार थे।घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वाहन चालक को हिरासत में ले लिया है। घटना शाम 7:30 बजे की है। जहानाबाद थाना क्षेत्र में मोहल्ला गढ़ी के समीप दो बाइक सवारों बाजार से सामान खरीदकर घर लौट रहे थे। तभी बकेवर की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों आपस में रिश्तेदार थे। मृतकों की पहचान रामचंद्र (42 वर्ष, पुत्र गंगा प्रसाद, ग्राम आलमपुर, थाना बकेवर) और घनश्याम (43 वर्ष, पुत्र अज्ञात, ग्राम गोपालपुर, थाना बकेवर) के रूप में हुई। इसके बाद डीसीएम लगभग 25 मीटर दूर अनीश उर्फ तुल्लाह की सैलून की दुकान में घुस गई। इस दौरान बाइक सवार डीसीएम के नीचे आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर भीड़ जुट गई। लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर बकेवर थाना क्षेत्र और जहानाबाद क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। जहानाबाद थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहानाबाद पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद मृतकों की पहचान की और उनके परिजनों को सूचना दी। बताया गया है कि दोनों मृतक आपस में रिश्तेदार थे। सूचना मिलने पर अस्पताल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जहानाबाद में मौजूद, अग्रिम कार्रवाई हेतु परिजनों की सहमति हेतु पुलिस कर रही बात, मृतक के परिजन साधारण बात करने को अभी तैयार नहीं। थानाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह ने बताया कि डीसीएम चालक ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मारी और फिर अयान मोबाइल के बगल में स्थित अनीश उर्फ तुल्लाह की सैलून की दुकान में जा घुसी। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि दुकान में मौजूद लोग तुरंत खुद को बचाने में सफल रहे, लेकिन बाइक सवारों की दर्दनाक मौत हो गई। डॉ. जगज्योति सिंह ने भी पुष्टि की कि अस्पताल लाए गए दोनों युवकों की पहले ही मौत हो चुकी थी।
ललितपुर जिले के ग्राम करगन में पांच दिन पहले घायल मिले एक युवक की शनिवार को ग्वालियर में उपचार के दौरान मौत हो गई। युवक की पहचान 28 वर्षीय रामअवतार पुत्र सर्वेश सिंह के रूप में हुई है। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए ललितपुर मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस बीच, ग्वालियर से रामअवतार का शव लेकर आ रही एम्बुलेंस को पुलिस ने हाईवे पर लखनपुरा के पास रोक लिया। कोतवाली सदर अंतर्गत ग्राम करगन में 21 अप्रैल की सुबह करीब 6 बजे रामअवतार गांव के बाहर नाले में घायल और बेहोशी की हालत में मिला था। परिजनों ने उसे तत्काल ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। रामअवतार की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां भी स्थिति नाजुक बनी रहने पर उसे ग्वालियर भेजा गया, जहां शनिवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने तुवन मैदान पहुंचकर बताया कि रामअवतार गांव के निवासी लल्लू पंथ की भांजी की शादी में गया था। रामअवतार दुल्हन को ब्यूटी पार्लर से गांव लेकर आया था और उसने बारात का 5100 रुपये का टीका भी किया था। परिजनों के अनुसार, रात में बरातियों के बीच विवाद हो गया था। रामअवतार ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, जिससे नाराज होकर बारातियों और लल्लू के परिजनों ने उसे खेत की ओर दौड़ाया और उसके साथ मारपीट की। हमलावर उसे मरा हुआ समझकर भाग गए थे। रामअवतार की पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस घटना की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोपियों पर तत्काल मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है।
दरभंगा में एटीएम बदलकर 82 हजार की निकासी:FIR दर्ज, CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
दरभंगा के बिरौल क्षेत्र में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के एटीएम कार्ड को बदलकर एक व्यक्ति के खाते से 82 हजार रुपये से अधिक की निकासी कर ली गई। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के सुपौल जिरात गांव निवासी सुरेश सहनी ने इस संबंध में शुक्रवार को बिरौल थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आज इस मामले में एफआईआर दर्ज हुआ है। आवेदन में पीड़ित ने बताया कि 23 अप्रैल की सुबह करीब 11:30 बजे वह अपने बेटे प्रकाश कुमार के साथ सुपौल बाजार स्थित पीएनबी एटीएम पर पैसे निकालने गए थे। उनका बेटा एटीएम से पैसा निकालने का प्रयास कर रहा था, लेकिन ट्रांजैक्शन सफल नहीं हो सका। इसी दौरान 25 साल के करीब पांच अज्ञात युवक वहां पहुंचे। पीड़ित के अनुसार, उनमें से दो युवकों ने उन्हें धक्का दे दिया, जिससे उनका एटीएम कार्ड नीचे गिर गया।आरोपियों ने उनका असली एटीएम कार्ड उठा लिया और उसकी जगह दूसरा कार्ड उनकी जेब में रख दिया। इसके बाद सभी युवक मौके से फरार हो गए। खाते में महज 36 रुपये ही बचे थे घटना के अगले दिन 24 अप्रैल को जब सुरेश सहनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की हॉटी शाखा पहुंचे और खाते की जानकारी ली, तो उनके होश उड़ गए। खाते से 82,089 रुपये में से 82,053 रुपये की निकासी हो चुकी थी और खाते में महज 36 रुपये ही शेष बचे थे। हैरानी की बात यह रही कि निकासी को लेकर उनके मोबाइल पर कोई मैसेज भी प्राप्त नहीं हुआ।बैंक से स्टेटमेंट निकलवाने के बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। पीड़ित ने बताया कि वह अनपढ़ है, जिसका फायदा उठाकर ठगों ने उसे निशाना बनाया। आरोपियों की ओर से जेब में डाला गया दूसरा एटीएम कार्ड भी उसने पुलिस को सौंप दिया है। मामले को लेकर एसआई शशि भूषण रजक ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। एटीएम बूथ और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय सतर्क रहें और किसी भी अंजान व्यक्ति की मदद लेने से बचें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
पंचकूला जिले में जीरकपुर-शिमला नेशनल हाईवे पर पिंजौर के बिटना गांव के पास एक सड़क हादसे में चार युवक घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा तब हुआ जब तेज रफ्तार स्कूटी अनियंत्रित होकर पलट गई। जानकारी के अनुसार, चारों युवक स्कूटी पर सवार होकर कालका की ओर से आ रहे थे। बिटना गांव के समीप पहुंचते ही उनकी स्कूटी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे सभी युवक सड़क पर गिर पड़े। यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। हायर सेंटर रेफर किए गए घायल युवक नीतीश ने बताया कि वे काफी तेज गति से चल रहे थे। अचानक स्कूटी के टायर के आगे कुछ आ जाने से वाहन का संतुलन बिगड़ गया और हादसा हो गया। इस दुर्घटना में गुलशन, निवास और अरविंद को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि नीतीश को हल्की चोटें लगी हैं। हालत ठीक ना होने के कारण घायल युवक अपना पता भी नहीं बता पा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत कालका अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर रूप से घायल गुलशन, निवास और अरविंद को बेहतर इलाज के लिए सेक्टर-6 पंचकूला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
फर्रुखाबाद के मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में शनिवार शाम गंगा नदी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांद मियां अपने दोस्तों के साथ नहाने गया था। उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में शाम 5 बजकर 51 मिनट पर लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बिलाल शहर के कटरा बक्शी का निवासी था। वह अपने दोस्तों फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। जानकारी के अनुसार, बिलाल गहरे पानी में चला गया और डूब गया। जब बिलाल काफी देर तक दिखाई नहीं दिया, तो उसके साथियों ने शोर मचाना शुरू किया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद सहित अन्य लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बिलाल को पानी से बाहर निकाला। उसे तत्काल लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुँची। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है और परिजनों के आने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों के अनुसार, मृतक बिलाल अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था। उसके पिता चांद मियां जरदोजी का काम करते हैं और अक्सर अस्वस्थ रहते हैं।
गोरखपुर में हुजूर ताजुश्शरिया मुफ्ती मुहम्मद अख्तर रजा खां अलैहिर्रहमा का उर्स-ए-पाक शुक्रवार को अकीदत और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न मस्जिदों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। घंटाघर स्थित दारोगा मस्जिद अफगान हाता में कुरआन ख्वानी और फातिहा ख्वानी का आयोजन किया गया। इस दौरान नात व मनकबत पेश कर हुजूर ताजुश्शरिया को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। उलमा ने बताया इल्मी योगदानमस्जिद के इमाम कारी फिरोज आलम रजवी ने कहा कि हुजूर ताजुश्शरिया विश्व के प्रमुख आलिमों में शुमार थे। उन्होंने बताया कि उनके इल्म और फैसलों पर अहले सुन्नत व जमात के उलमा भरोसा जताते थे। उन्होंने आला हजरत की अरबी में लिखी कई किताबों का उर्दू में अनुवाद कर आम लोगों तक पहुंचाया और अपनी रचनाओं के माध्यम से विभिन्न मसलों का समाधान भी बताया। जटिल मसलों के समाधान में थी खास पहचानबेलाल मस्जिद अलहदादपुर के इमाम कारी शराफत हुसैन कादरी ने कहा कि हुजूर ताजुश्शरिया पेचीदा मसलों का समाधान करने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने धर्म और दर्शन समेत कई विषयों पर लेखन किया। ‘अजहरुल फतावा’ उनके फतवों का प्रमुख संग्रह माना जाता है। कार्यक्रम के अंत में दुरूद ओ सलाम पढ़कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी गई। उर्स में कारी अंसारुल हक, मौलाना हिदायतुल्लाह अजहरी, कारी मुहम्मद अय्यूब सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
गोंडा के नवाबगंज स्थित एक कम्पोजिट विद्यालय में शुक्रवार को महिला टीचर से छेड़छाड़ और मारपीट के आरोप में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहायक अध्यापक रशीद अंसारी को निलंबित कर दिया है। आरोपी शिक्षक को तत्काल ब्लॉक संसाधन केंद्र से संबद्ध कर दिया गया है। बीएसए ने आरोपी शिक्षक को सस्पेंड किया 24 अप्रैल को इस मामले में लेकर खंड शिक्षा अधिकारी हेमलता त्रिपाठी और प्राथमिक शिक्षक संघ ने बीएसए अमित कुमार सिंह से शिकायत की थी। इसके बाद बीएसए ने आरोपी शिक्षक रशीद अंसारी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए थे। जांच में आरोपी को दोषी पाया गया जांच रिपोर्ट में आरोपी शिक्षक को दोषी पाए जाने पर शनिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए ब्लॉक संसाधन केंद्र से संबंद्ध कर दिया गया है। आरोपी शिक्षक पर विद्यालय की अन्य शिक्षिकाओं और छात्राओं का भी वीडियो बनाने के आरोप हैं। वीडियो बनाने से मना करने पर छेड़खानी का आरोप दरअसल, शुक्रवार सुबह महिला टीचर अपने पति के साथ बाइक से विद्यालय पहुंचीं, तो आरोपी शिक्षक उनका वीडियो बनाने लगा। शिक्षिका ने जब इसका विरोध किया, तो आरोपी ने मारपीट और छेड़खानी शुरू कर दी। मौके पर मौजूद शिक्षकों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद आरोपी शिक्षक जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। मामले में तत्काल पीड़ित महिला टीचर अपने पति के साथ थाने पहुंची। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ और मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… नवाबगंज में महिला टीचर से छेड़छाड़ का आरोप गोंडा के नवाबगंज क्षेत्र में एक कम्पोजिट विद्यालय की सहायक शिक्षिका ने अपने सहकर्मी शिक्षक पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया है। पढ़िए पूरी खबर...
देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है और किसी भी प्रकार के अन्याय को अब स्वीकार नहीं करेगी। लोकसभा में हाल ही में हुई चर्चा के दौरान विपक्षी दलों द्वारा नारी सम्मान के मुद्दे को गंभीरता से नहीं लेने पर देशभर की महिलाओं में आक्रोश है। इसी आक्रोश के चलते महिलाएं सड़कों पर उतर रही हैं। यह बात सांसद लता वानखेड़े ने सागर में आयोजित जन आक्रोश महिला पदयात्रा के दौरान कही। भाजपा की महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। कार्यक्रम की शुरुआत चकराघाट पर मंचीय आयोजन से हुई, जिसके बाद पदयात्रा कोतवाली मार्ग से होते हुए तीनबत्ती तिराहे तक पहुंची। यहां महिलाओं ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप: महापौर आक्रोश सभा को संबोधित करते हुए महापौर संगीता तिवारी ने कहा कि यह रैली नारी सम्मान, नारी अधिकार और स्वाभिमान के समर्थन में जन-जन की आवाज है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की आधी आबादी को अधिकार देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है, जिसका देशभर की महिलाओं ने स्वागत किया है। महापौर ने आरोप लगाया कि वर्षों तक महिला आरक्षण का मुद्दा फाइलों में दबा रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे कानून का रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले महिलाओं के अधिकारों को टालते रहे, वही अब इस फैसले पर भ्रम फैलाने की राजनीति कर रहे हैं। विपक्ष पर हमला, महिलाओं से सजग रहने की अपील: विधायक जैन विधायक शैलेंद्र कुमार जैन ने कहा कि देश की नारी शक्ति अब अपने अधिकारों को लेकर जागरूक होकर सड़कों पर उतर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्षी दलों ने महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की, जिसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के लिए संविधान संशोधन और दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होता है, लेकिन विपक्ष ने अपेक्षित सहयोग नहीं दिया। जैन ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और लोकतंत्र में सही निर्णय लें। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम तिवारी, लीगल राइट्स काउंसिल इंडिया की प्रदेश अध्यक्ष अनुश्री जैन, पूर्व विधायक सुधा जैन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष रानी पटेल, नगर निगम अध्यक्ष वृन्दावन अहिरवार, कार्यक्रम सह संयोजक नेहा जैन, भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष संध्या भार्गव, सहसंयोजक मेघा दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
उर्रहट के रिहायशी इलाके में सुविधा सर्विसेज पर प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की है। ड्राई आइस के साथ भारी मात्रा में स्पार्कल बरामद किया है। खास बात यह है कि यह गोदाम एक निजी विद्यालय से महज 10 मीटर की दूरी पर संचालित हो रहा था, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह कार्यवाही शनिवार शाम हुई। जानकारी के मुताबिक, सुविधा सर्विसेज के संचालक पुष्पराज कुशवाहा द्वारा ड्राई आइस और स्पार्कल सहित अन्य फायरवर्क सामग्री की सप्लाई मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती है। लेकिन जिस स्थान पर इनका भंडारण किया गया था, वह पूरी तरह से रिहायशी इलाका है, जहां इस तरह की ज्वलनशील सामग्री रखना नियमों के विरुद्ध है। जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित फर्म ने नगर निगम से फायर एनओसी नहीं ली थी और न ही फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। मामले में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट राजीव शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए मौके पर स्पार्कल और ड्राई आइस बरामद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पार्कल पटाखों की श्रेणी में आता है और इसका भंडारण रिहायशी क्षेत्रों में करना नियमों के खिलाफ है। फिलहाल प्रशासन ने फर्म से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज तलब कर लिए हैं और उनकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है।
गर्मी की छुट्टियों में हरिद्वार जाने वाले लोगों के लिए रेलवे ने भावनगर-हरिद्वार साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन शुरू की है। यह ट्रेन भावनगर से हरिद्वार के बीच चलेगी और हर हफ्ते एक बार जाएगी। यह ट्रेन हर रविवार को भावनगर से चलेगी और शाम को जोधपुर से होकर गुजरेगी। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया- टर्मिनस-हरिद्वार साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन( 09271) भावनगर से सुबह 4:25 बजे रवाना होगी और शाम को 6:45 बजे जोधपुर पहुंचेगी। जोधपुर में यह ट्रेन 10 मिनट रुकेगी, फिर हरिद्वार के लिए रवाना हो जाएगी। यह ट्रेन 31 मई तक चलेगी। वापसी में, ट्रेन हरिद्वार से हर सोमवार को शाम 4:25 बजे चलेगी और मंगलवार को सुबह 10:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी। फिर यह बुधवार को सुबह 4:35 बजे भावनगर पहुंच जाएगी। इस ट्रेन में कुल 22 डिब्बे हैं, जिनमें एसी, स्लीपर और जनरल डिब्बे शामिल हैं। इससे यात्रियों को आराम से यात्रा करने में मदद मिलेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन लूनी, पाली मारवाड़, मारवाड़ जंक्शन, फालना, आबू रोड, पालनपुर, महेसाना, विरमगाम, रतनगढ़, चूरू, सादुलपुर, हिसार, रोहतक, पानीपत और अंबाला कैंट जैसे कई मुख्य स्टेशनों पर रुकेगी। इसके अलावा, गोटन, मेड़ता रोड, डेगाना, छोटी खाटू, डीडवाना, लाडनूं और सुजानगढ़ के यात्रियों को भी इस ट्रेन से फायदा होगा। गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस स्पेशल ट्रेन को चलाया गया है। इससे राजस्थान, गुजरात और हरियाणा के यात्रियों को हरिद्वार के लिए सीधी ट्रेन मिल जाएगी।
बरनाला जिले के रूड़ेके कलां गांव के युवक ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। उसका शव बठिंडा जिले के कराड़वाला गांव में बरामद हुआ है। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। पुलिस बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला प्रेम प्रसंग में धमकी देने का सामने आया है। मृतक 26 वर्षीय अमृतपाल सिंह की गांव की एक महिला के साथ दोस्ती थी व वे आपस में बात करते थे। इसके चलते उसके परिजनों ने अमृतपाल को धमकी दी थी। मृतक के पिता और रिश्तेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी में ढिलाई बरती, तो वे किसान और मजदूर संगठनों के साथ मिलकर संघर्ष करेंगे। महिला से दोस्ती पर परिजनों ने दी थी धमकी अमृतपाल के पिता गुलजार सिंह ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे अमृतपाल की गांव के एक व्यक्ति की पत्नी से दोस्ती थी और वे आपस में बातचीत करते थे। जब महिला के परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अमृतपाल के घर जाकर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। धमकियों से डर कर दी जान पिता का आरोप है किधमकियों से अमृतपाल बहुत डर गया था। इसी डर के कारण उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। बाद में परिजनों को सूचना मिली कि उनके बेटे का शव ड्रेन के पास पड़ा है। अमृतपाल का शव बठिंडा जिले के कराड़वाला गांव के पास बरामद हुआ। भौगोलिक क्षेत्राधिकार के आधार पर थाना सदर रामपुरा में पिता पुत्र पर मामला दर्ज किया गया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित किया जाए।
करनाल जिले के निसिंग थाना क्षेत्र के गोंदर गांव में हुए सूरज हत्याकांड के बाद दो समाज के लोगों के बीच सोशल मीडिया पर हो रही गैर जिम्मेदाराना बयानबाजी से बढ़ते जातिगत तनाव को देखते हुए प्रशासन ने शांति बनाए रखने के लिए अहम कदम उठाए हैं। मामले को लेकर पुलिस ने शांति कमेटी का गठन किया और थाना स्तर पर बैठक आयोजित कर दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर समझाया गया, ताकि माहौल बिगड़ने से रोका जा सके। थाना में करीब चार घंटे तक चली बैठक में असंध डीएसपी गोरखपाल राणा, करनाल डीएसपी संदीप कुमार और घरौंडा डीएसपी मनोज कुमार मौजूद रहे। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर फैल रही जातिगत टिप्पणियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से समाज का तानाबाना टूट रहा है और आपसी भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है। बाहरी लोगों की भूमिका पर उठाए सवाल बैठक में यह बात सामने आई कि मामले में बाहरी लोगों का दखल बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर एक- दूसरे पर तंज कस रहे हैं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकारियों ने इसे बेहद खतरनाक बताते हुए कहा कि इससे नई पीढ़ी में नफरत के बीज पनप सकते हैं। कानून अपना काम करेगा, अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सूरज हत्याकांड में कानूनी कार्रवाई लगातार जारी है और इसका इस बैठक से कोई संबंध नहीं है। कानून अपने स्तर पर काम करेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि सोशल मीडिया के जरिए माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कमेटी के सदस्यों को अपने-अपने समाज के युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। असली दोषियों तक पहुंचेगी जांच डीएसपी गोरखपाल राणा, संदीप कुमार व मनोज कुमार ने कहा कि हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि असली दोषियों और उनके मददगारों को सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां बंद होना जरूरी है, क्योंकि इससे असली मुद्दे से ध्यान भटकता है और नए विवाद पैदा होते हैं। दोनों पक्षों ने जताई सहमति बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर संयम बरतने पर सहमति जताई। प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस पहल से गांव में बढ़ रहा तनाव कम होगा और भाईचारा कायम रहेगा।
उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध हॉस्पिटल्स परिसर में ईको एंबुलेंस शुरू करने का निर्णय लिया गया है। जिससे गर्मी और बारिश के दौरान स्ट्रेचर पर मरीजों को ले जाने की समस्या से निजात मिलेगी। यह फैसला आरएमआरएस की बैठक में लिया गया, जिसमें मरीजों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई अहम निर्णय किए गए। दरअसल, शनिवार को आरएनटी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध हॉस्पिटल्स में रोगियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) की बैठक हुई। यह बैठक संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में हुई। हॉस्पिटल्स को मिलेगी 6 ईको एम्बुलेंस कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया कि मरीजों को एक से दूसरे हॉस्पिटल्स में लाने ले जाने के लिए स्ट्रेचर का उपयोग करना पड़ता है। इससे गर्मी-बारिश में बड़ी समस्या होती है। इस पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया और उदयपुर लोकसभा सांसद मन्नालाल रावत ने सांसद मद से 3-3 एयर कंडीशन मारुति ईको एम्बुलेंस देने की घोषणा की। इन 6 एंबुलेंस की लागत 60 लाख रुपए है। इससे हॉस्पिटल परिसर में मरीजों का ट्रांसफर सुरक्षित और आरामदायक हो सकेगा। 2.6 करोड़ में खरीदेंगे 3 जनरेटर उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने हॉस्पिटल में कैंसर और अन्य बीमारियों की जांच के लिए आधुनिक साइटोलॉजी लैब स्थापित करने के लिए विधायक मद से 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा डीएमएफटी फंड से 2.6 करोड़ रुपए लागत से तीन बड़े जनरेटर सेट खरीदने का प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा आधुनिक ब्लड डोनेशन बस, हिरण मगरी सेटेलाइट में सीटी स्कैन मशीन, ऑडिटोरियम में आधुनिक ऑडियो व माइक सिस्टम के लिए आरएएमएम को प्रस्ताव भेजने पर निर्णय हुआ। बैठक में ये रहे मौजूद बैठक में एडीएम दीपेंद्र सिंह, एमबी हॉस्पिटल, सुपर स्पेशियलिटी, पन्नाधाय चिकित्सालय, टी.बी. हॉस्पिटल(बड़ी), सेठ राम विलास भुवालका यक्ष्मा आरोग्य सदन, सेटेलाइट हिरणमगरी और सेटेलाइट अंबामाता के अधीक्षक समेत क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।
अमृतसर देहात पुलिस ने फिरौती और फायरिंग की वारदात में शामिल चार शूटरों को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शनिवार सुबह तकनीकी इनपुट और गहन जांच के आधार पर की गई। आरोपियों की पहचान राम सिंह उर्फ रोमन, हरप्रीत सिंह उर्फ हैप्पी, सतनाम सिंह और सिकंदर सिंह के रूप में हुई है। ये सभी गैंगस्टर हैप्पी जट्ट के लिए काम करते थे, जो इलाके में आपराधिक गतिविधियों के लिए कुख्यात है। वह इस समय विदेश में रहता है। हिमाचल के कौन से जिले से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिसकी अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। रात में की थी फायरिंग एसएसपी सोहेल मीर ने बताया यह पूरा मामला थाना जंडियाला गुरु क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां 19 अप्रैल 2026 की रात एक प्रॉपर्टी डीलर सुरिंदर कुमार उर्फ सोनू के घर पर फायरिंग की गई थी। जिसमें रात करीब 11 से 12 बजे के बीच दो मोटरसाइकिलों पर सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने घर पर ताबड़तोड़ 11 से 12 राउंड फायर किए। इनमें से लगभग 9 गोलियां घर के गेट और दीवारों पर लगीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। 20 अप्रैल को पुलिस ने किया था मामला दर्ज घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर 20 अप्रैल 2026 को थाना जंडियाला गुरु में बीएनएस की धारा 109, 3(5), 111 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया। एसएसपी ने बताया कि सोनू को कुछ महीने पहले एक धमकी भरी कॉल आई थी। उसी मामले को लेकर यह फायरिंग की गई थी। एसएसपी ने कहा पूरी कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए पूरे गिरोह की जांच तेजी से जारी है। पुलिस ने सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी ता जो मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। गैंगस्टर हैप्पी जट के खिलाफ हैं 18 मामले दर्ज बता दें गैंगस्टर हैप्पी जट्ट इस समय विदेश में बैठा है। उसके खिलाफ पंजाब भर में कुल 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें ज्यादातर टारगेट किलिंग, रंगदारी वसूलना, हत्या, हत्या प्रयास और मारपीट के मामले दर्ज हैं। हैप्पी जट मूल रूप से जंडियाला गुरु का ही रहने वाला है और किसी तरह पुलिस को गच्चा देकर विदेश फरार हो गया था।
बांसवाड़ा से करीब 80 किलोमीटर दूर आनंदपुरी थाना पुलिस ने भवानपुरा गांव में 27 किलो अवैध गांजे के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसके घर के आंगन से भारी मात्रा में अवैध गांजे के पौधे बरामद किए। बरामद किए गए पौधों का कुल वजन 26.960 किलोग्राम है। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने बताया कि उदयपुर रेंज में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 15 फरवरी से 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' चलाया जा रहा है। शनिवार को मुखबिर की सूचना पर आनंदपुरी थानाधिकारी कपिल पाटीदार की अगुवाई में पुलिस टीम ने भवानपुरा गांव में दबिश दी। तलाशी के दौरान एक व्यक्ति अशोक के घर के आंगन में भारी मात्रा में गीले गांजे के पौधे पड़े मिले। खेत में उगाए पौधे, आंगन में सुखाने रखे थे पूछताछ में आरोपी अशोक ने कबूल किया कि उसने ये पौधे पास ही स्थित अपने खेत में अवैध रूप से उगाए थे। पुलिस ने जब पौधों का वजन कराया तो वह करीब 27 किलो निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगामी जांच सल्लओपाट थानाधिकारी नागेंद्र सिंह को सौंपी गई है। इस कार्रवाई में एसएचओ कपिल पाटीदार के साथ एएसआई जितेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार, हेड कांस्टेबल महेशचंद्र और कांस्टेबल भरत कुमार की मुख्य भूमिका रही।
दमोह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार शाम महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित न होने के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने घंटाघर पर राहुल गांधी सहित सभी विपक्षी दलों का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले, भाजपा महिला मोर्चा की सदस्यों ने भाजपा कार्यालय से घंटाघर तक 'जन आक्रोश पदयात्रा' निकाली। इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में भाजपा नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेत्री कविता राय ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाला बिल ला रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस बिल को लोकसभा में पारित नहीं होने दिया, जिससे यह देश के लिए गौरव का क्षण नहीं बन पाया। कविता राय ने उस दिन को 'काला दिवस' बताया, जिस दिन यह बिल पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की महिला नेताओं ने भी महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ निर्णय लिया, जिसके कारण बिल लोकसभा में पास नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि यह 'काला दिवस' महिलाओं के अधिकारों को छीन रहा है और आने वाले समय में 'मातृशक्ति' इसका जवाब देगी। इस प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।
सोनीपत नगर निगम मेयर और पार्षद चुनाव के लिए नामांकन का आज अंतिम दिन रहा। मिनी सचिवालय स्थित एडीसी कार्यालय में सुबह से ही उम्मीदवारों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी आखिरी दिन नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया।मेयर पद के लिए कुल 13 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। इनमें अनल सिंघल निर्दलीय, आनंद कुमार इनेलो,दिव्यांक जैन ने कवरिंग कैंडिडेट बीजेपी, डॉ . कमलेश कुमार सैनी (निर्दलीय), हवा सिंह ( निर्दलीय), कमल दीवान (कांग्रेस), मेघा दीवान कवरिंग कैंडिडेट कांग्रेस, राजीव जैन बीजेपी , रमेशकुमार खत्री (निर्दलीय), संत धर्मवीर चोटिवाला निर्दलीय और सत्यवीर सिंह आप शामिल है। वहीं 110 पार्षदों ने नामांकन भरा है। आखिरी दिन निर्दलीयों की बढ़ी संख्या नामांकन के अंतिम दिन सबसे ज्यादा हलचल निर्दलीय उम्मीदवारों को लेकर रही। कई ऐसे नेता, जिन्हें प्रमुख दलों से टिकट नहीं मिला, उन्होंने स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरने का फैसला लिया। इससे चुनावी मुकाबला और ज्यादा बहुकोणीय हो गया है। बीजेपी में भी टिकट कटने पर नाराजगीएक तरफ एक कांग्रेस पार्टी में जमकर नाराजगी चल रही है तो वहीं भारतीय जनता पार्टी में भी टिकट वितरण को लेकर नाराजगी देखने को मिली। वार्ड नंबर 8 से पुनीत राई की टिकट कटने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल कर पार्टी के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच गरमाया माहौल नामांकन के दौरान विभिन्न दलों के कार्यकर्ताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला। उम्मीदवार शक्ति प्रदर्शन करते हुए समर्थकों के साथ पहुंचे, जिससे मिनी सचिवालय परिसर में पूरे दिन राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। चुनाव हुआ दिलचस्प, मुकाबला बहुकोणीय बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में उतरने से सोनीपत नगर निगम मेयर चुनाव अब पूरी तरह बहुकोणीय हो गया है। प्रमुख दलों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी परिणामों को प्रभावित करने की स्थिति में नजर आ रहे हैं, जिससे चुनावी समीकरण लगातार बदलते दिख रहे हैं।
महिला आरक्षण बिल 2026 को लेकर सरगुजा में भाजपा एवं कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने कांग्रेस पर महिलाओं का अधिकार छीनने का आरोप लगाते हुए इसके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाओं को उनका अधिकार मिले। वहीं कांग्रेस ने कहा कि भाजपा इस बहाने दुष्प्रचार अभियान चला रही है। वर्ष 2023 में ही महिला आरक्षण बिल पारित हो चुका है। भाजपा इसके बहाने राजनैतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। महिला बिल सांसद में गिरने के बाद भाजपा महिला मोर्चा ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की और महिला बिल गिरने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहाराया। जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया, महापौर मंजूषा भगत, जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए इसे देश की महिलाओं के साथ “विश्वासघात” बताया और कहा कि इसका राजनीतिक परिणाम विपक्ष को भुगतना पड़ेगा। महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि भाजपा हर बाधा को दूर कर महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। दिव्या सिंह सिसोदिया ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33ः प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम था। विपक्ष के विरोध के कारण यह साकार नहीं हो सका। यह देश की 70 करोड़ महिलाओं का अपमान है, जिसे देश की मातृशक्ति कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में पंचायतों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण की व्यवस्था दी थी। जिला महामंत्री अरुणा सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण को लेकर देशभर में सकारात्मक माहौल था, लेकिन कांग्रेस के “नकारात्मक रवैये” के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल गिरने पर विपक्ष ने संसद में जश्न मनाया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने कहा-भाजपा कर रही है दुष्प्रचार शुक्रवार को ही सरगुजा कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बैकुंठपुर की पूर्व विधायक अंबिका सिंहदेव ने कहा कि भाजपा आरोप लगा रही है कि कांग्र्रेस महिला विरोध पार्टी है। शायद वे भूल गए हैं कि अब तक पंचायत, नगरीय निकायों में महिला आरक्षण कांग्रेस ने ही दिया। कांग्रेस महिला बिल का विरोध कर रही होती को सितंबर 2023 में महिला बिल पास नहीं हो पाता। अंबिका सिंहदेव ने कहा कि महिला बिल 2023 में पास हो चुका है। उसपर हमारे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो चुके हैं। जिस बिल का कांग्रेस विरोध कर रही है, वह महिला बिल की आड़ में भाजपा जो परिसीमन का बिल पास कराने की कोशिश कर रही थी, उसका विरोध कर रहे हैं। अंबिका सिंहदेव ने कहा कि भाजपा इस बिल के गिरने पर देशभर में दुष्प्रचार कर लोगों को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस महिला विरोधी है, जबकि सबसे पहले नौकरी एवं जनप्रतिनिधित्व में आरक्षण की व्यवस्था कांग्रेस ने दी है। कांग्रेस यह कह रही है कि 2023 के बिल को लागू किया जाए, लेकिन वे परिसीमन से पहले इसे लागू करने के लिए तैयार नहीं हैं। भाजपा का यह दुष्प्रचार लोगों को बरगलाने के लिए किया जा रहा है। उनका यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा। पत्रकार वार्ता के दौरान महिला कांग्र्रेस की अध्यक्ष सीमा सोनी सहित अन्य महिला पदाधिकारी मंचासीन थीं।
योगी सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने शनिवार को वाराणसी में अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिए कि अब रविवार या किसी भी सरकारी छुट्टी वाले दिन निगेटिव बैलेंस होने पर किसी का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इसके अलावा, छोटे उपभोक्ताओं का खास ख्याल रखते हुए उन्होंने कहा कि 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं की बिजली निगेटिव बैलेंस होने पर भी कम से कम एक महीने तक नहीं काटी जाएगी। साथ ही, 2 किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक की रियायत देने की बात भी कही गई है। कनेक्शन काटने से पहले आएंगे 5 बार मैसेज ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं की सुविधा और पारदर्शिता के लिए एक नया नियम लागू करने को कहा है। अब किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से पहले उसे अनिवार्य रूप से पांच बार एसएमएस (SMS) अलर्ट भेजा जाएगा। इससे लोगों को अपना बिल जमा करने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। उन्होंने साफ किया कि वाराणसी एक प्रमुख धार्मिक नगरी है, इसलिए यहां की व्यवस्थाएं टॉप क्लास होनी चाहिए। अंडरग्राउंड केबलिंग के काम में तेजी लाने और बढ़ती मांग के हिसाब से भविष्य का प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वाराणसी में अब 24 घंटे काम करेगी ‘विद्युत वैन’ शहर में बिजली की खराबी को तुरंत ठीक करने के लिए मंत्री ने दो अत्याधुनिक '247 विद्युत वैन' का उद्घाटन किया। इन वैन में तैनात कर्मचारी 8-8 घंटे की तीन शिफ्टों में काम करेंगे। यानी अब दिन हो या रात, शहर में कहीं भी फॉल्ट होने पर ये वैन मौके पर पहुंचेंगी। ये गाड़ियां आधुनिक औजारों और सुरक्षा उपकरणों से लैस हैं, जो भारी ट्रांसफार्मर बदलने से लेकर बिजली के खंभों को ठीक करने और पेड़ों की छंटाई तक का काम तेजी से करेंगी। ट्रिपिंग मुक्त बिजली देने का संकल्प ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली का बार-बार आना-जाना (ट्रिपिंग) अब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फॉल्ट होने का इंतजार करने के बजाय लाइनों का नियमित सर्वे किया जाए ताकि समस्या आने से पहले ही उसे दूर कर लिया जाए। इन वैन के संचालन से न केवल बिजली लाइनों की उम्र बढ़ेगी, बल्कि आम जनता को अघोषित बिजली कटौती से भी बड़ी राहत मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर घर को बिना किसी रुकावट के उच्च गुणवत्ता वाली बिजली मिलती रहे।
नूंह जिले में जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉक्टर महेश गुप्ता के साथ मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में स्वयं को पत्रकार बताने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ थाना शहर नूंह में मामला दर्ज किया गया है। डॉक्टर महेश गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि 23 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 11 बजे स्वयं को पत्रकार बताने वाला शौकिन कोटला अपने एक साथी के साथ उनके कार्यालय पहुंचा। उस समय सचिव कार्यालय में मौजूद नहीं थे। दस्तावेजों की वीडियो बनानी शुरू की आरोप है कि दोनों ने कार्यालय में रखे दस्तावेजों की फोटो और वीडियो बनानी शुरू कर दी। साथ ही, वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच-पड़ताल की, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। महेश गुप्ता के अनुसार, जब उन्हें इस गतिविधि की जानकारी मिली तो वह तुरंत अपने कार्यालय में पहुंचे और आरोपियों का विरोध किया। जिस पर आरोपियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद मामला बढ़ गया और आरोपियों ने धक्का-मुक्की करते हुए उनके साथ मारपीट की। मोबाइल छीनने का प्रयास शिकायत में कहा गया है कि उन्हें थप्पड़ मारे गए, मोबाइल फोन छीनने का प्रयास किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस घटना में सचिव को हाथ, पैर, गर्दन और छाती में चोटें आई हैं। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कार्यालय के ही एक कर्मचारी महेश मलिक की इस पूरे घटनाक्रम में मिलीभगत हो सकती है। आरोप है कि उसी ने आरोपी को कार्यालय बुलाया और सचिव की गतिविधियों की जानकारी साझा की। पुलिस ने केस दर्ज किया पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर थाना शहर नूंह में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देवास में दो बहनों का बाल विवाह रोका:परिवार ने टीम से की बहस; दस्तावेज में 16 और 17 साल निकली उम्र
देवास के टोंकखुर्द थाना क्षेत्र में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने दो नाबालिग बहनों के बाल विवाह को मौके पर पहुंचकर रुकवा दिया। जानकारी के मुताबिक दोनों बहनों की शादी 30 अप्रैल को तय थी और इसके लिए रविवार को गणेश पूजन की तैयारी भी चल रही थी। इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली, जिसके बाद शनिवार शाम करीब चार बजे टीम गांव पहुंची और कार्रवाई शुरू की। दस्तावेज मांगे तो की टालमटोल, जांच में सामने आई सच्चाई टीम ने जब परिजनों से दोनों बालिकाओं के आयु संबंधी दस्तावेज मांगे तो वे टालमटोल करने लगे। पुलिस की सख्ती और कानूनी जानकारी देने के बाद जब जांच की गई तो खुलासा हुआ कि एक लड़की की उम्र 16 वर्ष और दूसरी की 17 वर्ष है, जो विवाह की कानूनी उम्र से कम है। दो घंटे चली समझाइश, परिवार ने जताया विरोध कार्रवाई के दौरान परिजनों ने विरोध जताते हुए शिकायतकर्ता का नाम बताने की मांग की। साथ ही उन्होंने आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए कहा कि वे गरीब हैं और यदि बेटियां घर छोड़कर चली गईं तो जिम्मेदारी कौन लेगा। करीब दो घंटे तक चली समझाइश और कानूनी चेतावनी के बाद आखिरकार परिजन बाल विवाह रोकने पर सहमत हो गए। इसके बाद टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग के संरक्षण अधिकारी संदीप किरार, आउटरीच कार्यकर्ता विनय निधार, संस्था ‘आस’ की फूल कुंवर राजपूत और टोंक खुर्द थाना पुलिस की अहम भूमिका रही।
दरभंगा के जानकी नवमी के पावन अवसर पर सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों की ओर से भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान मां जानकी के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने और इस पर्व को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प लिया गया। श्यामा माई परिसर में मिथिला स्टूडेंट यूनियन के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में 21 हजार दीप प्रज्ज्वलित कर भव्य दीपोत्सव मनाया गया। जानकी आरती, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उदय नारायण झा ने की। इस मौके पर यह संकल्प लिया गया कि जानकी नवमी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से मनाने के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि मिथिला की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को वैश्विक पहचान मिल सके। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया आयोजित मिथिला पेंटिंग प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में । वर्ग-ए में दीपक कुमार, अनामिका कुमारी और मानसी कुमारी क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहीं, जबकि वर्ग-बी में मंजीत कुमार, काजल कुमारी और पूजा कुमारी ने बाजी मारी। विद्यापति सेवा संस्थान के देखरेख में “जानकी पूजनोत्सव सह मैथिली दिवस समारोह” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, विधायक विनय कुमार चौधरी, डॉ. मुरारी मोहन झा, ईश्वर मंडल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने मां जानकी को त्याग, समर्पण और नारी सशक्तिकरण का सर्वोत्तम उदाहरण बताया। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने कहा कि मिथिला में माता सीता का जन्म होना हम सभी के लिए गौरव की बात है और पुनौरा धाम में भव्य मंदिर निर्माण मिथिला के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। विधायक विनय कुमार चौधरी ने जानकी नवमी को और भव्य रूप से मनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने जानकी नवमी को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने की दिशा में पहल करने की भी बात कही। संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने मां जानकी को त्याग व आदर्श जीवन की प्रतीक बताते हुए उनके चरित्र को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। दूसरी ओर, अखिल भारतीय मिथिला संघ दरभंगा द्वारा भी जानकी नवमी पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभा सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जिसमें बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगर प्रिया मल्लिक, तेजस्वी ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समग्र रूप से जिले में आयोजित कार्यक्रमों ने मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया।
किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत धनतोला पंचायत के पांचगाछी गांव में शनिवार शाम को एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब किसान अपने मक्का के खेत में सिंचाई कर रहा था। हमले में किसान को मामूली चोटें आई हैं, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें,पूरा मामला… खेत में पानी देते समय हमला पीड़ित किसान अक्षय कुमार गिरी ने बताया कि वह बूढ़ी कनकई नदी पार स्थित अपने खेत में पटवन कर रहे थे। इसी दौरान खेतों के बीच से अचानक एक तेंदुआ निकला और उन पर दो बार झपट्टा मारा। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया और मौके से भागकर जान बचाई। हमले में उनके पेट के पास हल्के खरोंच के निशान पाए गए हैं। FAO बोले-विभाग की टीम नजर बनाए हुए वन-क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मक्का के खेतों में अकेले न जाएं और सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी से काम लेना जरूरी है। वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि दिघलबैंक के सीमावर्ती धनतोला पंचायत क्षेत्र में पहले से ही जंगली हाथियों की सक्रियता बनी हुई है। ऐसे में अब तेंदुए की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। वनरक्षी ने कहा -तेंदुए के ठहरने के साक्ष्य नहीं वनरक्षी पंकज कुमार समेत अन्य कर्मियों ने पीड़ित किसान से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से मक्का के खेतों का निरीक्षण किया, हालांकि वहां तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर के ठहरने के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। पीड़ित बोला-तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया पीड़ित अक्षय कुमार ने बताया कि वह खेत में पटवन के लिए पानी देने गए थे। इसी दौरान पौधों के पीछे उन्हें एक तेंदुआ दिखाई दिया। अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह वह खुद को बचाते हुए वहां से भागे, हालांकि इस दौरान उन्हें हल्की चोटें आईं। घटना स्थल नेपाल सीमा से सटे है यहां से जंगल की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के नतीजों में इस बार योगी सरकार के सर्वोदय विद्यालयों ने कमाल कर दिया है। समाज कल्याण विभाग द्वारा चलाए जा रहे जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों का रिजल्ट प्राइवेट स्कूलों को टक्कर दे रहा है। इन स्कूलों में हाईस्कूल का कुल परिणाम 99.19 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का रिजल्ट 99.03 प्रतिशत रहा है। सरकारी स्कूलों के इस बेहतरीन प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि अगर गरीब बच्चों को अच्छी सुविधाएं और सही माहौल मिले, तो वे भी टॉप कर सकते हैं। गाजियाबाद की अंजलि और अंशिका ने जिले में लहराया परचम इस सफलता में बेटियों ने सबसे ज्यादा नाम कमाया है। गाजियाबाद के निडौरी स्थित सर्वोदय बालिका विद्यालय की छात्राओं ने जिले की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है। इंटर विज्ञान वर्ग में अंजलि पुंडीर ने 88.20 प्रतिशत अंक पाकर जिले में चौथा स्थान हासिल किया। वहीं, इसी स्कूल की अंशिका ने 87.40 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। इन बेटियों की कामयाबी ने यह साफ कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई का स्तर बहुत ऊंचा हो चुका है। हाईस्कूल और इंटर के मेधावियों ने मारी बाजी हाईस्कूल में गाजीपुर की उजाला निषाद 94.33 प्रतिशत अंक पाकर स्कूल की टॉपर रहीं, जबकि प्रयागराज की अनुष्का ने 93.16 प्रतिशत और बांदा के पवन कुमार ने 92.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। इंटरमीडिएट की बात करें तो कला वर्ग में बिजनौर की राधिका ने 86.80 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप किया। विज्ञान वर्ग में भी प्रदेश के अलग-अलग जिलों जैसे फतेहपुर के दीपक सिंह और देवरिया के विकास यादव ने शानदार अंक प्राप्त कर अपने स्कूल का नाम रोशन किया है। स्मार्ट क्लास और आधुनिक सुविधाओं से बदली तस्वीर समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इन स्कूलों की सूरत बदली गई है। अब सर्वोदय विद्यालयों में प्राइवेट स्कूलों की तरह स्मार्ट क्लास, हाईटेक लैब और अनुभवी टीचरों की तैनाती की गई है। बच्चों को किताबें और सुरक्षित माहौल भी मुफ्त मिलता है। यही वजह है कि आज सरकारी स्कूलों के छात्र न सिर्फ पास हो रहे हैं, बल्कि मेरिट लिस्ट में भी अपनी जगह सुरक्षित कर रहे हैं। इन परिणामों ने सरकारी शिक्षा प्रणाली पर लोगों का भरोसा और मजबूत किया है। भास्कर फॉर्मेट में दो अन्य हेडलाइन विकल्प: योगी सरकार के सर्वोदय विद्यालयों ने रचा इतिहास: बोर्ड परीक्षा में 99% से ज्यादा रहा रिजल्ट, प्राइवेट स्कूलों को छोड़ा पीछे सरकारी स्कूलों की बड़ी उड़ान: सर्वोदय विद्यालयों के 2400 से ज्यादा छात्र पास, गाजीपुर से लेकर गाजियाबाद तक मेधावियों का जलवा
यूपी को खेलों की दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट अब हकीकत बनने के करीब है। मेरठ के सरधना में बन रहे मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य अपने आखिरी दौर में पहुंच गया है। लगभग 91 एकड़ जमीन पर बन रहे इस विश्वविद्यालय का 85 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक हर हाल में निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि खिलाड़ियों को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। 369 करोड़ की लागत से बन रही हाईटेक यूनिवर्सिटी यह विश्वविद्यालय करीब 369 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसे आधुनिक सुविधाओं के मामले में दुनिया के बेहतरीन खेल संस्थानों की तर्ज पर बनाया जा रहा है। मेरठ का इलाका दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के करीब होने की वजह से न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि आसपास के राज्यों के खिलाड़ियों को भी यहां ट्रेनिंग लेने में आसानी होगी। फिलहाल भवन निर्माण का काम लगभग खत्म हो चुका है और अब फिनिशिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। खिलाड़ियों को मिलेगी पीएचडी तक की डिग्री विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि यहां सिर्फ खेल की ट्रेनिंग ही नहीं मिलेगी, बल्कि खेल शिक्षा में स्नातक (ग्रेजुएशन) से लेकर पीएचडी तक की पढ़ाई भी होगी। फिलहाल यहां बीपीईएस कोर्स चल रहा है, लेकिन आने वाले सत्र से बीपीएड, एमपीएड और बीएससी योगा जैसे नए विषय शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) से मंजूरी मांगी गई है। मई में होने वाली बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक के बाद करीब 300 नए छात्रों को प्रवेश देने का लक्ष्य रखा गया है। एक ही छत के नीचे होंगे 22 ओलंपिक खेल यह यूनिवर्सिटी अत्याधुनिक सुविधाओं का बड़ा केंद्र बनेगी। यहां हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक के साथ-साथ स्विमिंग पूल, जिम और स्पोर्ट्स साइंस लैब भी होगी। इस साल से यहाँ एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, कुश्ती और कबड्डी समेत कई खेलों की शुरुआत हो जाएगी, जबकि अगले साल से शूटिंग, तीरंदाजी और घुड़सवारी जैसे खेल भी शामिल किए जाएंगे। कुलपति ने कहा कि हमारा मिशन यूपी को खेलों का सबसे शक्तिशाली केंद्र बनाना है, जहां से भविष्य के ओलंपिक चैंपियन निकल सकें।
सीधी जिले के बघवार में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास जंगल में लगी भीषण आग चौथे दिन भी धधक रही है। रीवा की सीमा से शुरू हुई यह आग अब सीधी जिले के वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है। करीब एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैली इस आग ने सूखे पत्तों और झाड़ियों को अपना निशाना बनाया है। गर्मी और तेज हवाओं के कारण लपटें तेजी से बढ़ रही हैं। आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसकी चपेट में आने से जंगल का एक बड़ा हिस्सा राख हो गया है। दो जिलों की टीमें तैनात आग पर काबू पाने के लिए रीवा और सीधी दोनों जिलों का वन अमला मशक्कत कर रहा है। रीवा से 20 और सीधी जिले से 13 कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं। हालांकि, रात के अंधेरे और संसाधनों की कमी के कारण आग बुझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लापरवाही के आरोप और विभाग का पक्ष शनिवार शाम को इलाके के समाजसेवी तेज बहादुर सिंह ने वन विभाग पर सुस्त कार्यप्रणाली का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर शुरुआत में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो आग इतनी नहीं फैलती। वहीं, चुरहट रेंज के रेंजर नवीन सिंह का कहना है कि विभाग की टीम पूरी ताकत से जुटी हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
मेरठ में सेन्ट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल फॉर गर्ल्स में शनिवार को विद्यालय का 11वां स्थापना दिवस एवं वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ देशभक्ति गीत एवं प्रार्थना से हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सेंट चार्ल्स चर्च के प्रतिनिधि पारितोष नोएल उपस्थित रहे। उनके साथ विद्यालय की प्रधानाचार्या अरुणा जे. विल्फ्रेड भी मंच पर मौजूद रहीं।इस अवसर पर सत्र 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया। इनमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, आदर्श अनुशासन, सक्रिय सहभागिता और उत्कृष्ट उपस्थिति जैसी श्रेणियां शामिल रहीं। मुख्य अतिथि ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए अनुशासन, निरंतर मेहनत और सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की छात्राएं ही देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए। अंत में प्रधानाचार्या अरुणा जे. विल्फ्रेड ने कहा कि स्थापना दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि विद्यालय की उपलब्धियों और मूल्यों की यात्रा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक सफलता तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के नैतिक, सामाजिक और बौद्धिक विकास पर भी विशेष ध्यान देना है। साथ ही सभी पुरस्कृत छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मोहाली की एक महिला एडवोकेट के साथ एक व्यक्ति जाल में फंसाकर दुष्कर्म किया है। आरोपी ने उसकी अश्वलील फोटे लेकर ब्लैक मेल किया। इसके साथ कई बार मारपीट की है। महिला के बयान पर हरियाणा पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की है। महिला यह मामला पंजाब के थाना सदर खरड़ को आगे की कार्रवाई के लिए ट्रांसफर कर दिया गया है। महिला एडवोकेट ने अपनी शिकायत में बताया कि वह शादीसुदा। आरोपी से उसकी कोर्ट में दोस्ती हुई थी। आरोपी उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताडिता करता था और कई बार दुष्कर्म किया। उसके परिजन बी समझौते का दबाव बनाते थे। आरोपी ने उसको बुलाकर कई बार मरपीट भी की है। उसकी प्रताड़ना से ऊबकर महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। इसपर पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया। महिला के जुबानी सुनिये.. क्या क्या आरोप लगाए अस्पताल में बयान आरोपी और 4 रिश्तेदारों पर केस इसके बाद उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। हरियाणा के सरकारी अस्पताल में इलाज के दौरान, एक महिला पुलिस अधिकारी और लीगल एड काउंसिल की मौजूदगी में उसका बयान दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी और उसके 4 रिश्तेदारों के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि घटना का मुख्य स्थान मोहाली के खरड़ में पाया गया, इसलिए सिरसा पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए मामला संबंधित थाने को भेज दिया है।
दतिया में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार शाम भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह चल समारोह शाम करीब 7 बजे रासबिहारी मंदिर से शुरू हुआ, जिसमें सर्व ब्राह्मण समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे और भगवान परशुराम के जयकारों के साथ पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे। यात्रा के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। डीजे और बैंड-बाजों की धुन पर भक्ति गीत बजते रहे, जिन पर श्रद्धालु झूमते हुए आगे बढ़ते रहे। इससे पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन गया। जगह-जगह हुआ स्वागत, पुष्पवर्षा से अभिनंदन शोभायात्रा के मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत मंच बनाए गए थे, जहां श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के भाई सहित भाजपा और कांग्रेस के कई पदाधिकारी भी शामिल हुए। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए समाज की एकजुटता पर जोर दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा, शांतिपूर्ण रहा आयोजनशोभायात्रा के दौरान प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। पूरे मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा और यातायात व भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यह शोभायात्रा रासबिहारी मंदिर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई।
देवघर में आतंकवाद निरोधी दस्ता (ATS) झारखंड और देवघर पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई में अवैध हथियार तस्करी से जुड़े एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई देवघर नगर थाना कांड संख्या 170/26, दिनांक 24 अप्रैल 2026 के तहत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई। मामले के वादी, एटीएस झारखंड, रांची के थाना प्रभारी अभिनंदन कुमार द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट 25(1-बी)/26/35 के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि देवघर निवासी अजीत कुमार पांडे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अवैध हथियारों की तस्करी और आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे पैसों के बदले हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देने के लिए भी तैयार रहते थे। इससे यह संकेत मिलता है कि यह गिरोह केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि संगठित अपराध से भी जुड़ा हुआ है। संयुक्त छापेमारी के दौरान अजीत कुमार पांडे उर्फ अजीत कुमार मिश्रा (नंदी नगर, देवघर), पंकज कुमार सिंह (कृष्ण पुरी, देवघर) और सोनू कुमार सिंह (दौलतपुर, जमुई, बिहार) को गिरफ्तार किया गया। वहीं, एक अन्य आरोपी प्रवेश (मुंगेर, बिहार) की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। बरामदगी में अजीत के घर से एक देशी पिस्तौल, जिस पर “मेड इन यूएसए 99, 7.65 एमएम” अंकित है, के साथ 7 जिंदा कारतूस और एक स्मार्टफोन मिला। पंकज के पास से एक देसी कट्टा और मोबाइल फोन तथा सोनू के पास से एक मोबाइल जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। इस कार्रवाई में एटीएस और स्थानीय पुलिस के कई अधिकारी व जवान शामिल थे। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
कृषि मंत्री बोले- 16 लाख किसानों के बिल हुए माफ:सपाराज में 60% महंगी थी बिजली, किसान थे बदहाल
यूपी के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने शनिवार को समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में बिजली देने के नाम पर भेदभाव होता था। केवल इटावा, कन्नौज और रामपुर जैसे वीआईपी जिलों को 24 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि बाकी उत्तर प्रदेश अंधेरे में डूबा रहता था। शाही ने कहा कि आज योगी सरकार में किसानों की आय 52 हजार से बढ़कर 1 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच गई है, जो सरकार की सही नीतियों का नतीजा है। गन्ना भुगतान पर अखिलेश सरकार को घेराकृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के समय में सरकार मिल मालिकों के साथ मिलकर काम करती थी। इसी वजह से गन्ना किसानों का पैसा सालों-साल अटका रहता था और भुगतान होने में 34 महीने तक का समय लग जाता था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के पिछले 9 सालों में गन्ना किसानों को 3 लाख 15 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड भुगतान किया जा चुका है। अब किसानों को 8 से 10 दिन के भीतर उनके पसीने की कमाई मिल रही है। किसानों को मिली मुफ्त बिजली और सिंचाई की सुविधा सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि योगी सरकार ने प्रदेश के 16 लाख से ज्यादा किसानों के बिजली बिल माफ कर दिए हैं। इसके अलावा खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सोलर पैनल और नलकूपों की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने सरयू परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि दशकों से लटकी इस योजना को योगी सरकार ने पूरा किया, जिससे 14 लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई आसान हो गई है। एमएसपी पर फसल खरीद होने से किसानों का खेती और सरकार पर भरोसा बढ़ा है। एथेनॉल से बदली मिलों की सूरत कृषि मंत्री ने कहा कि अब गन्ने से एथेनॉल बनाया जा रहा है, जिससे चीनी मिलें आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं। इसी मजबूती के कारण किसानों का भुगतान आसान हो गया है। अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब वे सत्ता में थे तब सो रहे थे, और अब विपक्ष में बैठकर बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। जनता सपा सरकार की परेशानियों को भुगत चुकी है और अब उनके झांसे में नहीं आने वाली। आज यूपी गेहूं, चावल, आलू और तिलहन के उत्पादन में नए रिकॉर्ड बना रहा है।
पंचकूला पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी मानव सिंगला को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक डॉक्टर की बेटी को MBBS में मैनेजमेंट कोटा के तहत सीट दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए थे। आरोपी पिछले काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए लुका-छिपी का खेल खेल रहा था, जिसकी अग्रिम जमानत याचिकाएं पंचकूला जिला अदालत और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, दोनों ही जगहों से खारिज हो चुकी थीं। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर हरेन्द्र ने आरोपी को 24 अप्रैल को गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बठिंडा मेडिकल कॉलेज में दाखिले का भरोसा फरीदकोट (पंजाब) निवासी डॉ. कर्ण गुप्ता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी बेटी ने नीट-2024 में परीक्षा दी थी, लेकिन सरकारी कॉलेज में मेरिट न आने के कारण वे निजी कोटे से दाखिले के प्रयास में थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात जीरकपुर में प्राइम स्क्वायर मॉल में ऑफिस चलाने वाले मानव सिंगला से हुई। आरोपी ने पहले बठिंडा के आदेश मेडिकल संस्थान और बाद में हरियाणा के मेडिकल कॉलेजों में सीट दिलाने के नाम पर कुल 37 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि ऐंठ ली। जब दाखिला नहीं हुआ और डॉ. गुप्ता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने केवल 6.20 लाख रुपये लौटाए और शेष 30.80 लाख रुपये देने से इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर 22 दिसंबर 2025 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) 318(4) व धारा 61 के तहत पंचकूला के सेक्टर 7 थाना में मामला दर्ज किया था।
गुप्त वृन्दावन धाम में शनिवार को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और जरूरतमंद लोगों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा। शिविर का आयोजन हरे कृष्णा मूवमेंट द्वारा किया गया, जिसमें संस्था के कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस दौरान अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने दंत, नेत्र, किडनी सहित विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांचें कीं। साथ ही मरीजों को आवश्यक परामर्श और मार्गदर्शन प्रदान किया गया तथा जरूरतमंदों को निशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। आयोजकों ने बताया कि अच्छे स्वास्थ्य को जीवन की आधारशिला मानते हुए इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि लोग स्वस्थ रहकर अपने जीवन में सुख, शांति और आध्यात्मिक प्रगति प्राप्त कर सकें। शिविर में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। आयोजकों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना और लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
साल 2021 में किसान आंदोलन के दौरान हुए चर्चित लखबीर सिंह हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। एक दलित मजदूर, जिसे बेअदबी के आरोप में निहंगों द्वारा अमानवीय तरीके से मार दिया गया, उसके शव के बर्बरता की गई। घटना के वीडियो वायरल हुए, आरोपियों ने खुद सरेंडर किया, लेकिन अदालत में कमजोर जांच और लचर पैरवी के चलते सभी आरोपी बरी हो गए। अब पीड़ित परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा है और पूरे मामले ने न्यायिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या था पूरा मामला: बेअदबी के आरोप में दी गई खौफनाक सजा15 अक्टूबर 2021 की सुबह सिंघु बॉर्डर पर पुलिस बैरिकेड से एक शव उल्टा लटका मिला। जिसकी पहचान पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव निवासी 35 वर्षीय लखबीर सिंह के रूप में हुई थी। आरोप लगाया गया कि लखबीर सिंह ने ‘सरबलोह ग्रंथ’ की बेअदबी करने का प्रयास किया था। इसी आरोप में निहंगों ने उसे ‘सजा’ देते हुए पहले बुरी तरह पीटा, फिर उसका हाथ और पैर काट दिया और शरीर पर तलवार व भालों से 14 वार किए। इसके बाद शव को बैरिकेड पर लटका दिया गया। इस पूरी घटना के वीडियो भी सामने आए, जिसने पूरे देश को हिला दिया। सरेंडर और स्वीकारोक्ति के बावजूद कमजोर पड़ गई केस की नींवघटना के कुछ घंटों बाद ही निहंग सरबजीत सिंह ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। अगले दिन नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंद प्रीत सिंह ने भी सरेंडर करते हुए हत्या की जिम्मेदारी ली। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल रस्सी और अन्य सबूत भी बरामद किए। इतना सब होने के बावजूद केस की जांच और सबूतों की कड़ी अदालत में मजबूत नहीं बन पाई। अदालत का फैसला: सबूतों के अभाव में आरोपी बरीमामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सिरोही की अदालत में हुई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा। इसी आधार पर चारों निहंग आरोपियों को बरी कर दिया गया। यह फैसला आते ही पुलिस की जांच प्रक्रिया और अभियोजन की कार्यशैली दोनों पर गंभीर सवाल उठने लगे। एक आरोपी अब भी फरार, कोर्ट ने किया भगोड़ा घोषितइस केस में एक अन्य आरोपी अमन सिंह की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसे पकड़ने में नाकाम रही, जिसके चलते अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। यह तथ्य भी जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार की गुहार: साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जाएलखबीर सिंह की बहन राजविंदर कौर ने शुरुआत से ही यह आरोप लगाया कि उसके भाई को सोची-समझी साजिश के तहत दिल्ली लाया गया और फिर उसे इस बर्बरता का शिकार बनाया गया। उन्होंने मांग की कि इस हत्या के पीछे जो लोग हैं, उन्हें सामने लाया जाए और सख्त सजा दी जाए। उनका कहना है कि केवल कुछ लोगों को आरोपी बनाकर असली साजिशकर्ताओं को बचाया गया है। पंजाब सरकार ने बनाई थी एसआईटी, लेकिन नतीजा शून्यमामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। उम्मीद थी कि SIT इस केस की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाएगी, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। इससे पीड़ित परिवार की उम्मीदें लगातार टूटती जा रही हैं।
चाईबासा में कोषागार से लाखों रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह निकासी पुलिस विभाग के खातों से की गई है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है। जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। टीम द्वारा संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आने की बात कही जा रही है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है। कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही: एसपीइस संबंध में एसपी अमित रेणु ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और कुछ लोगों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निकासी कैसे और किन परिस्थितियों में हुई। हालांकि अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि कुल कितनी राशि की अवैध निकासी की गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जांच टीम संबंधित खातों के ट्रांजेक्शन की पड़ताल कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निकासी किन माध्यमों से और किन लोगों की संलिप्तता से की गई। जरूरत पड़ने पर तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है। फिलहाल मामला जांच के दायरे में है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
नर्मदापुरम में राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2026 का आयोजन रविवार 26 अप्रैल को किया जाएगा। परीक्षा ओएमआर पद्धति से दो सत्रों में होगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:15 से 4:15 बजे तक आयोजित होगी। जिले में कुल 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 2557 परीक्षार्थी शामिल होंगे। मेंटेनेंस के कारण बिजली रहेगी बंद परीक्षा के दिन ही बिजली कंपनी आनंद नगर 11 केवी फीडर लाइन का मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते रविवार सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 बजे तक रसूलिया क्षेत्र की कई कॉलोनियों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। प्रभावित क्षेत्रों में विक्रमनगर, हनुमान नगर, न्यू हनुमान नगर, राघव नगर, अभिषेक नगर, राधे हाइट, रामनगर, चंदननगर, गोपालगंज, आशीर्वाद नगर, गौतम नगर, आशुतोष नगर, शिवाजी नगर, हंसराज कॉलोनी, एमपीबी कॉलोनी सहित अन्य इलाके शामिल हैं। हेलमेट अभियान आज से शुरूनर्मदापुरम में पुलिस द्वारा 26 अप्रैल से हेलमेट अभियान की शुरुआत की जा रही है, जो 10 मई तक चलेगा। यह अभियान एसपी साईंकृष्णा एस थोटा के नेतृत्व में चलाया जाएगा। अभियान के तहत बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जाएगा। निलंबित लाइसेंस की जानकारी पुलिस की POS मशीन में भी दिखाई देगी, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। यदि वाहन का मालिक और चालक अलग पाए जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में वाहन मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा इस दौरान थाना स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे, ताकि लोग हेलमेट के प्रति जागरूक हों।
नरसिंहपुर जिले में गेहूं खरीदी केंद्रों पर चल रही लापरवाही को लेकर कलेक्टर ने शनिवार को केंद्रों के निरीक्षण किया। इस दौरान इंतजामों में कमी और काम में गड़बड़ी मिलने पर कई समितियों को नोटिस थमा दिए गए हैं। प्रशासन ने तीन दिन के भीतर इन सभी से जवाब मांगा है। निरीक्षण में गेंहू की क्वालिटी में कमी, किसानों के बैठने के लिए छाया, पीने के लिए साफ पानी जैसी सुविधाओं में कमियां पाई गईं थीं। कलेक्टर के आदेश पर सिंहपुर, उसरी, मुंगवानी, धमना, नरसिंहपुर, बचई करहैया और कोदसा जैसी सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों, प्रभारियों और ऑपरेटरों को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा बकौरी के सरस्वती स्वसहायता समूह से भी जवाब-तलब किया गया है। गेहूं की क्वालिटी चेक करने वाली कंपनी आर.बी. एसोसिएट्स के सुपरवाइजर को भी चेतावनी दी गई है कि वे केंद्रों पर जरूरी जांच किट तुरंत मुहैया कराएं। अधिकारियों को फील्ड पर रहने के निर्देश कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि राजस्व, खाद्य, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी लगातार केंद्रों का दौरा करें। अगर आगे भी किसी केंद्र पर अनियमितता मिली, तो जिम्मेदार लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अब तक की खरीदी के आंकड़े जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 तक जिले के 15,360 किसानों ने गेहूं बेचने के लिए अपना स्लॉट बुक कर लिया है। इनमें से अब तक 3,707 किसानों से कुल 1,58,678 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। प्रशासन की कोशिश है कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी तरह की परेशानी न हो।
छतरपुर में पूर्व विधायक रेखा यादव को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों ने भाजपा के भीतर असंतोष पैदा कर दिया है। आधिकारिक घोषणा से पहले ही जिले के पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस संभावित नियुक्ति का खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है। शनिवार को बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी जिला कार्यालय पहुंचे और रेखा यादव के नाम पर आपत्ति जताई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि रेखा यादव लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रही हैं, इसलिए उन्हें किसी महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना संगठन के हित में नहीं होगा। ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी जताई बड़ामलहरा क्षेत्र के भाजपा पदाधिकारियों ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम जिला अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी नाराजगी व्यक्त की। विरोध यहीं नहीं रुका; कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता सीधे भोपाल के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वे शीर्ष नेतृत्व से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे। स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर लगातार बैठकें और चर्चाएं भी जारी हैं। पार्टी के अंदर बढ़ते विरोध को देखते हुए यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हालांकि, अभी तक संगठन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा नेता मानिक शर्मा और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह भी शामिल थे।
लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर शुक्रवार शाम तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से कार में जोरदार टक्कर मार दी। करीब 200 मीटर तक कार को घसीटता ले गया। हादसे में कार सवार परिवार बाल-बाल बच गया लेकिन कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पीड़ित कार मालिक और वहां मौजूद लोगों ने भाग रहे ट्रक ड्राइवर को पकड़ लिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। गोंडा निवासी पीड़ित अनुराग सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह शुक्रवार को अपने परिवार के साथ लखनऊ से अपने गांव लौट रहे थे। उनकी सफेद रंग की डिजायर कार में दो बुआ और चचेरा भाई भी सवार था। शाम करीब 5 बजे इंदिरा नहर के आगे शिखर ढाबा, अनौरा कला स्थित होंडा शोरूम के सामने पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि ट्रक ड्राइवर वीरेंद्र कुमार ने हादसे के बाद बचने और भागने के प्रयास में कार को करीब 200 मीटर तक घसीट दिया। इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ट्रक चढ़ाकर जान से मारने की धमकी दी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक ड्राइवर ट्रक से कूदकर भागने लगा लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान ड्राइवर ने अनुराग सिंह के साथ हाथापाई की गाली-गलौज की और ट्रक चढ़ाकर जान से मारने की धमकी दी। मौके पर भीड़ जुटने के बाद चौकी इंचार्ज भी पहुंच गए और मामले को शांत कराया। पीड़ित की शिकायत पर बीबीडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले में बीबीडी इंस्पेक्टर रामसिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।
रोहतक के गांव रिठाल फोगाट में छोटे भाई की पत्नी प्रवेश की हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी जसबीर को काबू कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस मामले में रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर रही है। गांव रिठाल फोगाट में 19 अप्रैल की रात को घर पर ससुर व बच्चों के साथ मौजूद महिला पर उसके जेठ जसबीर ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। जसबीर ने महिला को लहू लुहान करके छोड़ दिया और मौके से फरार हो गया। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर कमरे में सो रहे बेटे हितेश ने अपने मामा को फोन करके सारी बात बताई। सूचना के बाद महिला के भाई मौके पर पहुंचे तो वहां महिला खून में लथपथ हालत में पड़ी हुई थी और आसपास के लोग भी जमा थे। भाईयों ने तुरंत घायल महिला को पीजीआई के ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया, जहां ईलाज के दौरान महिला ने अंतिम सांस ली। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने महिला के भाईयों की शिकायत पर जसबीर के खिलाफ केस दर्ज किया। बाहर ना जाने को लेकर बना रहा था दबाव जांच में सामने आया कि आरोपी जसबीर छोटी-छोटी बातों को लेकर व घर से बाहर ना जाने बारे प्रवेश पर अनावश्यक दबाव रखता था। आरोपी ने एक महीना पहले भी प्रवेश को भात में ना जाने बारे कहा था। प्रवेश भात में चली गई। वारदात से पहले भी आरोपी ने पड़ोस में शादी में ना जाने बारे प्रवेश को कहा था। उसी दिन पता लगते ही आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया। जसबीर ने 2003 में की पत्नी की गला दबाकर की हत्याआरोपी जसबीर ने अप्रैल 2003 में अपनी पत्नी सोनीपत निवासी की गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में जसबीर पर मृतका के मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार किया। कुछ समय जेल में रहने के बाद आरोपी जमानत पर बाहर आया और अक्टूबर 2004 में जसबीर मामले में कोर्ट से बरी हो गया। पुलिस आरोपी से कर रही पूछताछ सदर थाना एसएचओ सुरेंद्र ने बताया कि गांव रिठाल फोगाट में महिला की हत्या करने वाले आरोपी जसबीर को काबू कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। हत्या में प्रयोग किए गए हथियार को जल्द बरामद किया जाएगा।
शिक्षक आत्महत्या मामले में ठेकेदार मंडल गिरफ्तार:इंजीनियर और एपीसी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
बीजापुर में प्रधानाध्यापक राजू पुजारी आत्महत्या मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार देबाशीष मंडल को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य दो आरोपियों की तलाश जारी है। मृतक राजू पुजारी ने अपने सुसाइड नोट में ठेकेदार, समग्र शिक्षा के एपीसी डोंगरे और इंजीनियर शैलेश वासम सहित विभाग को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था। इन धाराओं में कार्रवाई बीजापुर कोतवाली पुलिस ने देबाशीष मंडल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत हिरासत में लिया है। सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप राजू पुजारी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि भवन निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब थी और इसके लिए ठेकेदार, एपीसी और इंजीनियर जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है और उनके परिवार की जिम्मेदारी यही लोग संभालेंगे। कई बार की थी शिकायत बताया गया कि करीब 20 लाख 30 हजार रुपए की लागत से बन रहे भवन की गुणवत्ता को लेकर पुजारी ने कई बार उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। क्या कहती है धारा 108 BNS की धारा 108 आत्महत्या के लिए उकसाने या दुष्प्रेरण से जुड़ी है, जिसमें 10 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। वहीं धारा 3(5) ऐसे मामलों में लगाई जाती है, जहां कई लोग मिलकर एक समान इरादे से अपराध करते हैं। पुलिस का बयान कोतवाली टीआई दुर्गेश शर्मा ने बताया कि मामले में सबूत जुटाए जा रहे हैं और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि बाकी दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
ब्यावर में सीवरेज लाइन निर्माण कार्य आमजन और व्यापारियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। नगर परिषद की कथित लापरवाही के चलते काम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा, जिससे सड़कों की हालत खराब हो गई है और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि चांग चितार रोड के व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। अधूरा निर्माण बना खतरा शहर की कई सड़कों पर सीवरेज लाइन के लिए गड्ढे खोदे गए, लेकिन उन्हें ठीक तरीके से भरा नहीं गया। जगह-जगह असमतल और क्षतिग्रस्त सड़कें लोगों के लिए खतरा बन चुकी हैं। रोजाना राहगीरों को इन गड्ढों से गुजरना पड़ रहा है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है। राहगीरों और वाहन सवारों के लिए जोखिम खराब सड़कों के कारण पैदल चलने वाले लोग ठोकर खाकर घायल हो रहे हैं। वहीं दुपहिया वाहन सवारों के लिए स्थिति और भी खतरनाक है। कई बार असंतुलन के कारण वाहन चालक गिर रहे हैं, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है। व्यापारियों का फूटा गुस्सा समस्या से परेशान चांग चितार रोड के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर नगर परिषद के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग उठाई। उग्र आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन कर रहे व्यापारियों ने साफ कहा कि यदि सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी नगर परिषद ब्यावर की होगी। स्थानीय लोगों की मांग स्थानीय निवासियों ने भी प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि अधूरे और लापरवाहीपूर्ण कार्यों के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है, जिसे जल्द से जल्द ठीक करना जरूरी है।
नरसिंहपुर में हाइवा ड्राइवर की करंट से मौत:तिरपाल से रेत ढंकने गाड़ी के ऊपर चढ़ा था, तारों से टकराया
नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र के संसारखेड़ा गांव में शनिवार दोपहर रेत से भरे हाइवा पर तिरपाल डालते समय ड्राइवर बिजली की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, रायसेन जिले का रहने वाला 39 साल का वीरेंद्र आदिवासी रेत भरने के बाद हाइवा को तिरपाल (तारपोलिन) से ढंकने के लिए गाड़ी के ऊपर चढ़ा था। इसी दौरान वह ऊपर से गुजर रही बिजली की तारों से टकरा गया। दमकल और पुलिस ने संभाला मोर्चा हादसे की खबर मिलते ही डायल 112, एंबुलेंस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंचीं। करंट की वजह से वाहन से धुआं उठने लगा था, जिसे दमकल कर्मियों ने समय रहते बुझा दिया और बड़ा हादसा टल गया। जांच में जुटी पुलिस साईंखेड़ा थाना प्रभारी संधीर चौधरी ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 3 बजे के आसपास हुई। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि यह हाइवा किसका है और रेत कहां से लाई जा रही थी। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वीरेंद्र के परिजन को हादसे की सूचना दे दी गई है।
नूंह जिले के मेवली गांव में शनिवार दोपहर करीब एक बजे भीषण आग लग गई। इस आग में लगभग एक दर्जन कच्चे मकान, भूसा घर और लकड़ियों के ढेर जलकर राख हो गए। घटना से 10 से 12 परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। तेज हवाओं के कारण आग की लपटें कुछ ही मिनटों में एक घर से दूसरे घर तक पहुंच गईं। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण वे सफल नहीं हो सके। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियां सूचना मिलते ही फार ब्रिगेड सक्रिय हुआ। नूंह, तावडू और पुन्हाना से फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने लगभग तीन से चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के अन्य घरों को भी खतरा था, जिसे समय रहते टाल दिया गया। इस आगजनी में ग्रामीणों का काफी सामान जलकर राख हो गया, जिसमें ईंधन के लिए रखी लकड़ियां, भूसे के बोंगे, उपलों के बिटोड़े और घरेलू सामान शामिल हैं। कई परिवारों के घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। बड़ा हादसा टला : फायर स्टेशन अधिकारी फायर स्टेशन अधिकारी अभिमन्यु शर्मा ने बताया कि आग भीषण थी, लेकिन दमकल कर्मियों की तत्परता और बेहतर समन्वय से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो नुकसान और अधिक हो सकता था। घटना के बाद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन किया। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल पाया है और प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रभावित परिवार अब राहत और पुनर्वास की उम्मीद कर रहे हैं।

