निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू:युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नारायण सेवा संस्थान की पहल
लखनऊ में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम नारायण सेवा संस्थान, लखनऊ (जानकीपुरम शाखा) के सहयोग से राम-राम बैंक चौराहे के पास स्थित केसरिया भवन में आयोजित हुआ। इसमें बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के तहत दो माह के विशेष कौशल प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन किया गया। इसमें प्रतिभागियों को एसी, फ्रिज, विद्युत और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के रखरखाव तथा मरम्मत का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया जाएगा। संस्थान का लक्ष्य है कि प्रशिक्षण के बाद युवा तकनीकी रूप से दक्ष होकर स्वरोजगार की ओर बढ़ें और आत्मनिर्भर बनें। संस्था कौशल विकास और जरूरतमंदों के लिए कार्यरत केंद्र के प्रभारी अभिषेक दुबे ने नारायण सेवा संस्थान का परिचय देते हुए बताया कि संस्था लंबे समय से सामाजिक सेवा, कौशल विकास और जरूरतमंदों के उत्थान के लिए कार्यरत है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संस्थान देवा रोड, बरेठी, बाराबंकी में भी एक समान प्रशिक्षण केंद्र चला रहा है, जिससे कई युवा रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। मुख्य अतिथि स्वांत रंजन, अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने संबोधन में कहा कि नारायण सेवा संस्थान समाज को सकारात्मक दिशा देने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को कुशल बनाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करते हैं। कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की नींव है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रभु नारायण, पूर्व प्रांत संघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और संस्थापक अध्यक्ष, नारायण सेवा संस्थान लखनऊ ने कहा कि कौशल विकास आत्मनिर्भर भारत की नींव है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से युवा न केवल स्वयं रोजगार प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम बनते हैं। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक आनंद ने किया। इस अवसर पर जे.के सिन्हा (पूर्व मुख्य शासकीय अधिवक्ता, लखनऊ उच्च न्यायालय), मनोज श्रीवास्तव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी), देवेंद्र स्वरूप शुक्ला और रजनीश कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति तथा कार्यकर्ता उपस्थित थे।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 88वीं बोर्ड बैठक में मथुरा की राया हेरिटेज सिटी परियोजना की समीक्षा की गई। इसे PPP मॉडल पर आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। बोर्ड के समक्ष संशोधित लेआउट रखा गया, जिसमें वृंदावन बाइपास के पास 17.5 हेक्टेयर का पिलग्रिम गेटवे कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण या क्रय की जिम्मेदारी YEIDA की होगी। बोर्ड ने संकेत दिए कि बांके बिहारी मंदिर विकास परियोजना से प्रभावित होने वाले परिवारों को हेरिटेज सिटी क्षेत्र की आवासीय योजनाओं में आरक्षण देने पर मौजूदा नीति के तहत विचार किया जाएगा, हालांकि इस पर अंतिम मंजूरी फिलहाल नहीं दी गई। वृंदावन में होटल और ठहराव की कमी को देखते हुए अधिसूचित क्षेत्र में आवासीय व मिक्स्ड-यूज योजनाएं लाने पर भी विचार किया जाएगा। OTS की डेडलाइन नहीं बढ़ेगी, 28 फरवरी अंतिम तारीखबोर्ड ने साफ कर दिया कि वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम की समयसीमा 28 फरवरी के बाद नहीं बढ़ेगी। अधिकारियों ने बताया कि YEIDA क्षेत्र में 7,197 डिफॉल्टर अलॉटी हैं, जिन पर करीब 4,948 करोड़ बकाया है। अब तक सात बार स्कीम लागू होने के बावजूद केवल 117 आवेदन आए हैं। 28 फरवरी के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा। स्कीम के तहत एकमुश्त भुगतान पर ब्याज माफी और मूल राशि पर 2% छूट, या किस्तों का विकल्प उपलब्ध है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल को 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर पर जमीनशिक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने सेक्टर-34 (PS-01) में 6 एकड़ जमीन 1 रुपए प्रति वर्ग मीटर की दर से मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल के लिए आवंटित करने को मंजूरी दी। यह स्कूल प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक संचालित होगा। जमीन बेसिक शिक्षा विभाग को संस्थागत श्रेणी में दी जाएगी, जिसमें भूमि उपयोग परिवर्तन या ट्रांसफर की अनुमति नहीं होगी। अटकी रियल एस्टेट परियोजनाओं में प्रगतिअमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत अटकी परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। नीति के अंतर्गत शामिल 11 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में से 9 डेवलपर्स ने अपने शुद्ध बकाये का 25% (करीब 402 करोड़) जमा किया है। इन 7 परियोजनाओं में 6,828 होमबायर्स शामिल हैं। अब तक 418 फ्लैट्स की रजिस्ट्री हो चुकी है और आगे की कार्रवाई नीति के अनुसार की जाएगी। किसानों को मुआवजे में 2,986 करोड़ का भुगतानकिसान मामलों पर बोर्ड को बताया गया कि 2014-15 से 2025-26 के बीच 2,986 करोड़ अतिरिक्त मुआवजा दिया गया है। इसमें जयप्रकाश इंफ्राटेक द्वारा LFD के तहत दिए गए 76.96 करोड़ भी शामिल हैं।29 गांवों के 6,263 किसानों को 7% आबादी भूखंड के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 4,246 भूखंड विकसित हो चुके हैं। शेष के लिए भूमि अधिग्रहण जारी है। इंडस्ट्रियल पार्क्स अगले साल तक होंगे ऑपरेशनलबोर्ड ने अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, MSME पार्क, टॉय पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक सभी पांचों पार्कों में निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। विवादित भूमि की खरीद इस साल और अगले साल तक पार्कों को ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा गया है। YEIDA की वित्तीय स्थितिYEIDA की वित्तीय स्थिति पर भी चर्चा हुई। कैपिटल रिसीट्स 20 जनवरी 2025 को 2,217 करोड़ से बढ़कर 20 जनवरी 2026 को 2,669 करोड़ हो गईं। वहीं, रेवेन्यू खर्च इसी अवधि में 2,293 करोड़ से बढ़कर 5,498 करोड़ तक पहुंच गया। कुल मिलाकर, YEIDA बोर्ड की इस बैठक में शहरी नियोजन, शिक्षा, किसानों, रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले महीनों में जमीन पर दिखने की उम्मीद है।
मेरठ की शिफा मलिक ने जीता गोल्ड:जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में बनी चैंपियन
मेरठ की शिफा मलिक ने जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। शास्त्री नगर आरटीओ कार्यालय के निकट रहने वाले शोएब मलिक की पुत्री शिफा ने यह उपलब्धि 'स्कूली कराटे नेशनल चैंपियनशिप-गेम्स सीजन 3' में हासिल की। यह प्रतियोगिता 24 और 25 जनवरी को जयपुर के मालवीय नगर स्थित ज्ञान विहार स्कूल में आयोजित की गई थी। इसमें देशभर से 100 से अधिक स्कूली टीमों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद शिफा मलिक ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनकी इस जीत से उनके परिवार और मेरठ शहर में खुशी का माहौल है। इस चैंपियनशिप में मेरठ की मेक अकादमी, मंगल पांडेय नगर के अन्य खिलाड़ियों ने भी सराहनीय प्रदर्शन किया। स्वर्ण पदक जीतने वालों में शिफा मलिक के साथ अथर्व सिंह भी शामिल हैं। काव्यांश सिंह ने रजत पदक जीता, जबकि कियाना तिवारी, इशी, प्रिया, आध्या, वंश और दक्ष सिंह ने कांस्य पदक हासिल किए। पदक विजेता शिफा, अथर्व, काव्यांश, कियाना, इशी और आध्या के.एल. इंटरनेशनल स्कूल के छात्र हैं। दक्ष सिंह दीवान पब्लिक स्कूल से हैं, जबकि वंश बृजभूषण बालेराम स्कूल के विद्यार्थी हैं। मेरठ कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर और सचिव नरेंद्र सिंह ने सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेरठ के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
मेरठ के राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक एवं पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारतीय ज्ञान परंपरा, सनातन धर्म और समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर भी चर्चा की गई। पंडित सुनील भराला ने मुख्यमंत्री के समक्ष भगवान परशुराम एकात्म विश्वविद्यालय, मेरठ की स्थापना का विस्तृत प्रस्ताव रखा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय को बागपत जनपद में स्थित श्री परशुरामेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थापित करने का विचार है, जो धार्मिक, पौराणिक और वैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। शैक्षणिक और तीर्थ स्थल एक साथउन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और वैश्विक एकात्मता के सिद्धांत पर आधारित होगा, जहां भगवान परशुराम के जीवन दर्शन, उनके आध्यात्मिक-वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सनातन परंपराओं को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा। साथ ही देशभर में भगवान परशुराम से जुड़े प्रमुख तीर्थ स्थलों जैसे अरुणाचल प्रदेश के परशुराम कुंड, मध्य प्रदेश के जनापाव, भिंड के जमदार, जबलपुर, राजस्थान के कुंभलगढ़ और पाली को वैचारिक एवं शैक्षणिक रूप से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। इसके साथ साथ बैठक के दौरान शिक्षा, संस्कृति, साइंस-इनोवेशन-रिसर्च (SIR), अवकाश नीति, जगतगुरुओं से जुड़े विषयों और उत्तर प्रदेश की आगामी राजनीतिक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रस्ताव को गंभीरता से सुना और इसे सनातन संस्कृति व राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही एक समिति का गठन कर इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही आगामी 6 फरवरी से रिलीज़ होने जा रही फिल्म गोदान के मुख्य कलाकार एवं पंडित सुनील भराला के पुत्र उत्कर्ष सिंह भारद्वाज ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर फिल्म की सफलता के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम बुचीहरदी में तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने साइकिल सवार 14 वर्षीय बालक आयुष यादव को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना बलौदा थाना क्षेत्र की है। मिली जानकारी के अनुसार, आयुष यादव अपने घर से पेट्रोल पंप के पास जाने के लिए साइकिल से निकला था। जब वह सड़क पार कर रहा था, तभी बलौदा से अकलतरा की ओर आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में नाबालिग की मौके पर मौत टक्कर इतनी भीषण थी कि आयुष साइकिल समेत सड़क पर जा गिरा और गंभीर चोटों के कारण घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और उसका चेचिस से डाला टूटकर बिखर गया। पिकअप में सवार दो लोगों को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं। मृतक के परिजनों को दी गई सहायता राशि घटना की सूचना मिलने पर बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक आयुष यादव के परिजनों को 25 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सिद्धार्थनगर में आयोजित कपिलवस्तु महोत्सव के तीसरे दिन शुक्रवार रात बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा के कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था देखने को मिला। रात 9 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में वीआईपी पास होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों को प्रवेश नहीं मिला। आरोप है कि प्रवेश व्यवस्था केवल प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के चहेते लोगों तक सीमित कर दी गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रात 9 बजे कार्यक्रम शुरू होने से पहले वीआईपी और वीवीआईपी गेट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वैध वीआईपी पास धारकों को भी प्रवेश नहीं दिया गया। सुरक्षाकर्मी और प्रशासनिक कर्मचारी केवल उन्हीं लोगों को अंदर जाने दे रहे थे, जिनकी सिफारिश उच्च स्तर से की गई थी। आरोप है कि दिनभर प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं के फोन गेट पर आते रहे, और उन्हीं के निर्देशों पर प्रवेश तय किया गया। अंदर मौजूद नेताओं के करीबी लोग बाहर आकर अपने परिचितों को भीतर ले जाते देखे गए। कई मौकों पर प्रशासनिक कर्मियों ने पहचान के आधार पर लोगों को अंदर जाने दिया, जबकि वैध पास धारक बाहर इंतजार करते रहे। कार्यक्रम देखने आईं महिलाएं और युवतियां सबसे अधिक परेशान रहीं। वीआईपी पास होने के बावजूद उन्हें घंटों गेट पर रोका गया। कई महिलाएं निराश दिखीं। दर्शकों ने कहा कि महोत्सव जनता के लिए होता है, लेकिन यहां आम लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे थे। कपिलवस्तु महोत्सव जैसे बड़े आयोजन में सामने आई इन अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रयागराज में शुक्रवार को आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान भूकंप आने की स्थिति को दिखाया गया, ताकि राहत और बचाव से जुड़ी टीमों की तत्परता और आपसी तालमेल को परखा जा सके।ड्रिल में भूकंप आने का सीन तैयार किया गया, जिसमें थाना झूंसी परिसर में स्थित बिल्डिंग गिरने की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर बचाव कार्य शुरू किया गया।मौके पर पहुंची संयुक्त रेस्क्यू टीमघटना की जानकारी मिलते ही फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने, उन्हें प्राथमिक उपचार देने और इलाके को सुरक्षित करने का अभ्यास किया गया। रेस्क्यू के दौरान आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल भी किया गया।अधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूदमॉक ड्रिल के दौरान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर सर्विस के अग्निशमन अधिकारी राजेश कुमार मौजूद रहे। उनके साथ राकेश चौबे, राम शिव यादव, रवि भान उपाध्याय और अखिलेश कुमार गोस्वामी सहित अन्य कर्मचारी भी बचाव कार्य में शामिल रहे।आपदा से निपटने के लिए तैयारी जरूरीअधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का मकसद यह देखना होता है कि आपदा के समय सभी विभाग कितनी तेजी से काम करते हैं और आपस में कितना बेहतर तालमेल बनता है। इससे असली हालात में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।ड्रिल के जरिए यह संदेश दिया गया कि प्रयागराज में आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
लखनऊ में शुक्रवार को पशु प्रेमियों ने विरोध प्रदर्शन किया। हजरत गंज चौराहा पर तेलंगाना में कुत्तों और बंदरों की मौत पर नाराजगी जताई। हाथों में तख्ती लेकर विरोध किया। इसमें बड़ी संख्या में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े सदस्य , सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान स्ट्रीट डॉग के समर्थन में लिखे हुए स्लोगन और नारे वाली तख्ती लेकर नारेबाजी किया। डॉग्स को जहर देने का विरोध किया प्रदर्शन में शामिल डाक्टर पूजा ने कहा कि तेलंगाना में 900 स्ट्रीट डॉग्स और 80 बंदरों को जहर देकर मार दिया गया। हम लोग इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से बेजुबानों की आवाज बने हैं जो अपना दर्द कह नहीं सकते। बेजुबानों को जहर देकर मार देना बेहद शर्मा है। इतनी बड़ी संख्या में जानवरों की जान चली गई और जिम्मेदार खामोश है। जो जानवर बोल नहीं सकते उन्हें जहर देकर मारा जा रहा है। लोग लगातार सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ‘घटना का विरोध जरूरी’ आसरा द हेल्पिंग हैंड की अध्यक्ष चारु ने कहा कि तेलंगाना घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है। डॉग्स को भी तकलीफ होती है उन्हें भी जीने का अधिकार है यह बात इंसान कब समझेंगे। अगर कहीं कोई डॉग बाइट की एक हाथ घटना हो जाती है तो चारों तरफ कोहराम मच जाता है। मगर इतनी बड़ी घटना पर लोगों की चुप्पी बेहद शर्मनाक है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने है सबको बेहद विचलित किया उसका भी है लगातार विरोध कर रहे हैं। ABC नियम लागू करने की मांग चारु ने कहा कि ABC नियम 2001, के अनुसार पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रमों के लिए धन और दक्षता बढ़ाई जाए। रेबीज टीकाकरण को 100% सुरक्षित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए। स्ट्रीट डॉग्स के साथ सकारात्मक रवैया अपनाना चाहिए। इसके साथ ही CNVR ( Catch, Neuter, Vaccinate, and Release) को लागू करने की मांग किया। ABC नियम जबतक सख्ती से लागू नहीं होगा तब तक स्ट्रीट डॉग्स से संबंधित समस्याओं में कमी नहीं आएगी।
महाकुम्भ 2025 ने प्रयागराज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। शहर की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ हवाई यातायात में भी जबरदस्त उछाल आया। एयरपोर्ट ने 2025 में पहली बार किसी कैलेंडर वर्ष यानी जनवरी से दिसम्बर महीने में 10.50 लाख से अधिक यात्रियों का रिकॉर्ड कायम किया। कुल 10,56,311 यात्रियों ने यहां से हवाई यात्रा की, जो एयरपोर्ट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है। दो साल पहले 2023 में यह संख्या महज 6,27,966 थी। महाकुम्भ के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। जिसने यह कमाल कर दिखाया। विमानों की आवाजाही में भी रिकॉर्ड बना। 2025 में 8,915 उड़ानें दर्ज हुईं जबकि 2022 में यह 7,822 तक सीमित थी। महाकुम्भ के दौरान एक दिन में सौ से ज्यादा विमान उतरने-उड़ने लगे थे।इसके दम पर प्रयागराज एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। लखनऊ और वाराणसी के बाद यह सबसे व्यस्त एयरपोर्ट बना। स्थानीय अधिकारियों ने इसे महाकुम्भ की अपार सफलता का प्रमाण बताया।
बालाघाट जिले में शुक्रवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की जान चली गई। दोपहर में किरनापुर में दो युवकों की मौत के बाद देर शाम लांजी क्षेत्र में भी एक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। लांजी-आमगांव मार्ग पर कुलपा और कारंजा गांव के बीच गुड़ाखु फैक्ट्री के पास दो बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। मिरिया निवासी विनोद उपराड़े अपनी पत्नी बुलबुल और बेटे समर्थ के साथ अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे सेवेन्द्र राऊत की बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में विनोद उपराड़े की मौके पर ही मौत हो गई। घायल गोंदिया रेफर हादसे में विनोद की पत्नी, बेटा और दूसरी बाइक पर सवार सेवेन्द्र राऊत और उनकी चाची सरिता राऊत गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सूचना मिलने पर डायल 112 और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को लांजी सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए बुलबुल उपराड़े और सेवेन्द्र राऊत को इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है। पुलिस जांच शुरू अन्य दो घायलों का इलाज लांजी अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर लांजी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। एक ही दिन में हुए इन हादसों से जिले में शोक का माहौल है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 के सफल और निष्पक्ष आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह परीक्षा राज्यभर के 1,762 परीक्षा केंद्रों पर 2 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में कुल 13,17,846 परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिनमें 6,75,844 छात्राएं और 6,42,002 छात्र हैं। पटना जिले में 84 परीक्षा केंद्र, 73 हजार से अधिक परीक्षार्थी पटना जिले में इंटर परीक्षा के लिए कुल 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। यहां 73,963 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे, जिनमें 38,037 छात्राएं और 35,926 छात्र शामिल हैं। बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परीक्षा को पूरी तरह कदाचारमुक्त कराने के लिए कई अहम निर्देश दिए हैं। परीक्षा से एक घंटा पहले मिलेगा प्रवेश, गेट समय से पहले बंद बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। पहली पाली में सुबह 9:30 बजे परीक्षा है, जिसके लिए 8:30 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 9:00 बजे मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। वहीं दूसरी पाली में 2:00 बजे परीक्षा है, इसके लिए 1:00 बजे से प्रवेश मिलेगा और 1:30 बजे गेट बंद हो जाएगा। गेट बंद होने के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा जबरन प्रवेश पर FIR, दो साल तक परीक्षा से निष्कासन यदि कोई परीक्षार्थी गेट बंद होने के बाद दीवार फांदकर या जबरन परीक्षा केंद्र में घुसने की कोशिश करता है, तो इसे आपराधिक अतिक्रमण माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो साल के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और प्राथमिकी भी दर्ज होगी। इसके साथ ही लापरवाही बरतने वाले केंद्राधीक्षक और कर्मियों पर भी कार्रवाई होगी। दो स्तर पर होगी फ्रिस्किंग, मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले और परीक्षा कक्ष में प्रवेश के समय दो स्तर पर तलाशी (फ्रिस्किंग) अनिवार्य होगी। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, ईयरफोन, कैलकुलेटर और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हर परीक्षा कक्ष में कम से कम दो वीक्षक तैनात रहेंगे। CCTV, वीडियोग्राफर और धारा 163 लागू कदाचार रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। हर 500 परीक्षार्थियों पर एक वीडियोग्राफर की तैनाती होगी। परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 लागू रहेगी, ताकि अनधिकृत लोगों की भीड़ न जुट सके। व्हाट्सएप ग्रुप और कंट्रोल रूम से होगी निगरानी परीक्षा से जुड़ी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के लिए बिहार बोर्ड ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसके अलावा 1 फरवरी से 13 फरवरी तक कंट्रोल रूम भी सक्रिय रहेगा। किसी भी समस्या की सूचना कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0612-2232257 या 0612-2232227 पर दी जा सकती है।
रायपुर में 16वीं छत्तीसगढ़ राज्य पैरा एथलीट संगठन प्रतियोगिता का आज समापन हुआ। यह प्रतियोगिता तीन दिन तक चली, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ से करीब 350 दिव्यांग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के साथ उनके परिजन, कोच और ऑफिशियल भी मौजूद रहे। इस दौरान दौड़, गोला फेंक, तवा फेंक, लंबी कूद और बैडमिंटन जैसे खेल आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गिरीश चंदेल रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रायपुर नगर निगम के सभापति सूर्यकांत राठौर थे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने की। अतिथियों का स्वागत पैरा एथलीट संगठन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा और संगठन के पदाधिकारियों ने किया। अपने संबोधन में गिरीश चंदेल ने कहा कि यह प्रतियोगिता हर साल होनी चाहिए। उन्होंने आयोजन की सराहना की, जिसे खिलाड़ियों ने तालियों के साथ समर्थन दिया। सभापति सूर्यकांत राठौर ने कहा कि आकाश तिवारी द्वारा किया गया यह आयोजन खेलों के प्रति उनकी सकारात्मक सोच को दिखाता है। आकाश तिवारी ने कहा कि यह आयोजन हाल ही में सोचा गया था, जो पैरा एथलीट संगठन के सहयोग से सफल हुआ। समापन से पहले आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा दिखाई।फिर मिलेंगे” का दिया संदेश तीन दिवसीय प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों के विजेताओं को सम्मानित किया गया। 100, 200, 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, तवा फेंक और अन्य स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अंत में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने ध्वज उतारकर सलामी दी और प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का समापन “फिर मिलेंगे” के संदेश के साथ हुआ।
मेरठ की एक मोबाइल मार्किट में शुक्रवार को दिल्ली की कंपनी ने छापा मारा। कंपनी को सूचना मिली थी कि यहां एप्पल का नकली सामान बेचा जा रहा है। गुपचुप रेकी करने के बाद टीम ने आठ दुकानों से बड़ी मात्रा में कंपनी का डुप्लीकेट माल जब्त किया और सील कर थाने आ गई। इस दौरान दुकानदारों ने हंगामे का प्रयास भी किया लेकिन पुलिस के सामने उनकी एक ना चली। कंपनी के प्रतिनिधि की ओर से आठ दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पहले जानते हैं क्या है मामला उत्तर पश्चिमी दिल्ली की जेजे कालोनी स्थित एक कंपनी एप्पल के कॉपीराइट से जुड़े मामले देखती है। शुक्रवार को कंपनी के मैनेजर मोहम्मद तौकीर ने नौचंदी पुलिस को साथ लेकर यहां गढ़ रोड पर नौचंदी थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित नंदिनी प्लाजा की आठ मोबाइल शॉप पर छापा मारा और एप्पल कंपनी का लोगो लगाकर बेचा जा रहा माल जब्त कर लिया। टीम ने बड़ी मात्रा में सामान सीज किया और थाने लेकर आ गई। व्यापारियों ने किया हंगामा कंपनी की इस कार्रवाई को लेकर वहां की एसोसिएशन ने विरोध कर दिया। देखते ही देखते हंगामा खड़ा हो गया। दुकानदारों का कहना था कि वह यह माल दिल्ली से लाकर बेचते हैं। ऐसे में कंपनी को वहां से सप्लाई रोकनी चाहिए। यहां का व्यापारी वहां से माल लाकर बेचता है ना कि खुद तैयार करता है। चर्चा है कि व्यापारियों की पुलिस से नोकझोंक तक हो गई। उन्होंने पुलिस को अपनी दुकानों की चाबियां तक सौंपने की कोशिश की। आठ दुकानों क खिलाफ FiRबड़ी मात्रा में सामान जब्त करने के बाद टीम नौचंदी थाने आ गई। इसके बाद आठ दुकानदादों के खिलाफ FiR दर्ज करा दी गई। इनमें गौरव पुत्र राजकुमार, संजय कुमार पुत्र जयकिशन, वजाहत पुत्र इश्तेयाक, विशाल पुत्र सोनू भटनागर, पंकज गुप्ता पुत्र जीतेंद्र गुप्ता, विकास कुमार पुत्र सोमवीर सिंह, रोहित पुत्र योगेश और तरुण कुमार पुत्र ओमप्रकाश शामिल रहे। दुकानों से यह माल हुआ जब्त - गौरव के यहां से 528 पीस स्पेयर पार्ट्स। - संजय की दुकान से 554 पीस स्पेयर पार्ट्स, 16 पीस बैट्री व 61 पीस बैक पैनल। - वजाहत की दुकान से 24 पीस स्पेयर पार्ट्स, 159 पीस बैक पैनल। - विशाल के यहां से 117 पीस बैक पैनल, 3 पीस एडोप्टर, 17 पीस स्पेयर पार्ट्स। - पंकज के यहां से 161 पीस बैक कवर, 206 पीस बैक पैनल। - विकास की दुकान से 58 पीस बैक कवर, 3 पीस केबल। - रोहित की दुकान से 133 पीस बैक कवर, 220 पीस बैक पैनल, 3 पीस बैट्री, 3 पीस एडोप्टर, 1 पीस केबल। - तरुण की दुकान से 168 पीस बैक कवर। इन धाराओं में दर्ज हुई FiR- कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 51- कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 63- ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 103- ट्रेड मार्क अधिनियम 1999 की धारा 104- भारतीय न्याय संहिता यानि बीएनएस, 2023 की धारा 318(4) व्यापारी बोले- अफसरों से करेंगे शिकायतनंदिनी प्लाजा एसोसिएशन के अध्यक्ष राजकुमार खुराना ने कहा कि जिस माल को डुप्लीकेट बताकर कंपनी ने कार्रवाई की है, वह माल दिल्ली से यहां आता है। कंपनी को वहां रोक लगानी चाहिए। यह व्यापारियों का उत्पीड़न है। जल्द इस मामले में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों से मिला जाएगा।
मऊगंज जिले में मऊगंज बाईपास क्षेत्र से अनिल पांडेय उर्फ लल्लू पिछले 48 घंटे से लापता है। भूमि विवाद के चलते युवक के अचानक गायब होने से परिवार और ग्रामीणों में गहरी चिंता है। अनिल पांडेय के भाई अनुपेंद्र पांडेय ने आरोप लगाया है कि बाईपास स्थित जमीन को लेकर चल रहे विवाद के कारण लल्लू पर भारी दबाव था। परिवार का दावा है कि भाजपा विधायक प्रदीप पटेल और उनके सहयोगियों की वजह से लल्लू मानसिक तनाव में था। इस विवाद के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए लल्लू की जेसीबी और डंपर भी जब्त कर लिए गए थे। धरने के बाद दर्ज हुआ था मामला घटनाक्रम के अनुसार, 3 जनवरी को विधायक प्रदीप पटेल विवादित जमीन पर धरने पर बैठे थे, जहां ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। इसके बाद विधायक के निजी सचिव की शिकायत पर पुलिस ने करीब 100 से 150 लोगों पर केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने लल्लू सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त ही लल्लू ने खुद को जान का खतरा बताया था। घर से टहलने निकला और नहीं लौटा लल्लू 28 जनवरी की रात घर पर खाना खाने के बाद बाहर टहलने निकला था, जिसके बाद से वह वापस नहीं आया। लल्लू का मोबाइल फोन भी लगातार बंद आ रहा है। परिजन ने 29 जनवरी की रात मऊगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। युवक की मां ने प्रशासन से बेटे को सुरक्षित ढूंढ निकालने की भावुक अपील की है। पुलिस फिलहाल मामले की छानबीन कर रही है।
राजस्थान पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा देर शाम खाटूश्यामजी पहुंचे। DGP राजीव कुमार शर्मा ने बाबा श्याम के धोक लगाई। DGP शर्मा ने बाबा श्याम के वार्षिक फाल्गुनी लक्खी मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। DGP राजीव कुमार ने मेले की व्यापक सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने यातायात मार्ग, 52 बीघा पार्किंग स्थल, तोरण द्वार, चारण मेला मैदान, लखदातार मेला ग्राउंड तथा दर्शन मार्ग, मंदिर परिसर के चप्पे-चप्पे का जायजा लिया। श्रीश्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान व पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान ने उन्हें श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर श्याम प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। DGP राजीव कुमार ने कहा कि 21 से 28 फरवरी तक होने वाले फाल्गुनी लक्खी मेले में 35 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचेंगे, ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ रखने के साथ-साथ भक्तों को सुगमता पूर्वक श्याम दरबार तक पहुंचाना पुलिस-प्रशासन की प्रायोरिटी है। DGP राजीव कुमार ने बाबा श्याम के दर्शन कर मेले के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर लाॅ एंड ऑर्डर ADG वीके सिंह, स्टाफ ऑफिसर DIG कुंवर राष्ट्रदीप, IG एचजीआर सुहासा, SP प्रवीण नायक नूनावत, ASP डॉ. तेजपाल सिंह, ASP दीपक गर्ग, DSP राव आनंद और थानाधिकारी पवन चौबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रह। DGP राजीव कुमार ने सीकर पुलिस लाइन के गेस्ट हाउस में रात्रि विश्राम किया और कल नीमकाथाना जाएंगे।
मंदसौर सिटी कोतवाली पुलिस ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक आरोपी को गुजरात के सूरत शहर से गिरफ्तार किया है। यह आरोपी वर्ष 2024 से फरार था और मजदूरी की आड़ में सूरत में छिपा हुआ था। उस पर कोरियर, नकली दवाइयों और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर ठगी करने का आरोप है। थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर के नेतृत्व में सिटी कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी की पहचान लक्ष्मण उर्फ शिव (उम्र 22 वर्ष) पुत्र ओमप्रकाश राठी, निवासी सोडोकोर, थाना लाठी, जिला जैसलमेर (राजस्थान) के रूप में हुई है। उसे सूरत से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी 23 मार्च 2024 को दर्ज एक मामले से संबंधित है। पहले डराता, फिर धोखाधड़ी करता थाफरियादिया नेहल जैन, निवासी महावीर कॉलोनी मंदसौर, ने अपनी शिकायत में बताया था कि 15 मार्च को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें फोन किया। उसने ईरान भेजे गए एक कोरियर में नकली दवाइयों, संदिग्ध पदार्थों और मनी लॉन्ड्रिंग का हवाला देकर डराया। बाद में यह पूरी कहानी धोखाधड़ी निकली। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जैसलमेर में बैंक खातों और संदिग्धों की गहन पड़ताल की। तकनीकी जांच के दौरान आरोपी की मोबाइल लोकेशन सूरत में मिली। इसके बाद, एक विशेष टीम को सूरत भेजा गया, जिसने आरोपी को आरटीएम टेक्सटाइल मिल से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार कर ली है। उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर मंदसौर लाया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
घर खरीदने, प्लॉट लेने या सुरक्षित निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए दैनिक भास्कर का ‘मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो’ एक बड़ा अवसर बनकर सामने आया है, जिसका भव्य शुभारंभ शुक्रवार को बीटीआई ग्राउंड, शंकरनगर में हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन गजेंद्र यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर मीनल चौबे ने की। वहीं, विशेष अतिथि के रूप में क्रेडाई छत्तीसगढ़ के मेंबर्स राकेश पांडे भी मौजूद रहे। पहले देखिए तस्वीरें मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रॉपर्टी एक्सपो की सराहना एक्सपो के उद्घाटन पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपने सुकून भरे घर का सपना देखता है, जहां क्वालिटी और बेहतर सुविधाएं हों। प्रॉपर्टी एक्सपो के माध्यम से लोगों को शहर के हर कोने की आवासीय परियोजनाओं के बेहतरीन विकल्प एक ही मंच पर मिल रहे हैं। यहां घर खरीदने से लेकर निवेश तक की पूरी जानकारी और सही विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे आम नागरिक को बड़ा लाभ होगा। इस मंच से आम नागरिक का घर का सपना होगा साकार: महापौर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि सामाजिक सरोकार की दिशा में भास्कर का यह सराहनीय प्रयास है। इस मंच से लोगों के अपने घर का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि रायपुर तेजी से विकसित हो रहा है और नगर निगम लगातार बेहतर नागरिक सुविधाएं देने की दिशा में कार्य कर रहा है। क्रेडाई के राकेश पांडेय ने कहा कि एक्सपो में हर जरूरत और बजट के अनुरूप प्रॉपर्टी विकल्प उपलब्ध हैं। मौजूदा समय निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। यह आयोजन घर खरीदारों के साथ-साथ बिल्डर्स के लिए भी बेहतर अवसर साबित होगा। कार्यक्रम में बिल्डर व डेवलपर्स, दैनिक भास्कर के स्टेट हेड देवेश सिंह, स्टेट एडिटर शिव दुबे और भास्कर टीम मौजूद रही। मेगा प्रॉपर्टी एक्सपो के पहले ही दिन लोगों का शानदार रिस्पांस मिला। यहां काफी लोगों ने ऑफर्स के साथ प्रॉपर्टी की बुकिंग कराने विजिट की। एक्सपो से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए 97701-19955 और 89829-67169 पर संपर्क किया जा सकता है। एक ही जगह पर हर समाधान एक्सपो में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी के तमाम विकल्प हैं। यहां प्लॉट, फ्लैट, डुप्लेक्स, विला, ऑफिस स्पेस और शॉप आदि के विकल्प मौजूद हैं। लोग अपने बजट, जरूरत और लोकेशन के अनुसार सही प्रॉपर्टी का चयन कर सकते हैं। ऑन-द-स्पॉट बुकिंग पर खास फायदे एक्सपो में बिल्डर्स और डेवलपर्स ने ऑन-द-स्पॉट बुकिंग पर बड़े ऑफर्स और बेहतरीन सुविधाएं दी हैं। ये ऑफर्स आम दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा फायदेमंद हैं, जिससे खरीदारों को बड़ा लाभ मिलेगा। बैंक होम लोन की सुविधा एक्सपो में बैंकों के भी स्टॉल लगे हैं। यहां होम लोन की ब्याज दर, ईएमआई, जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया की पूरी जानकारी एक ही स्थान पर मिल रही है, जिससे घर खरीदने का फैसला और आसान हो गया है। निवेशकों के लिए भी बेहतरीन मौका यह एक्सपो केवल घर खरीदने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि सुरक्षित और लाभकारी रियल एस्टेट निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए भी खास है। विजिटर्स के लिए खास इंतजाम एक्सपो में फैमिली सहित आने वाले विजिटर्स के लिए सरप्राइज गिफ्ट्स, जनरल हेल्थ चेकअप स्टॉल, बच्चों के लिए फन जोन और स्वादिष्ट व्यंजनों के लिए फूड स्टॉल हैं, जिनका सभी ने आनंद लिया। एक्सपो में शामिल प्रमुख बिल्डर्स एवं डेवलपर्स अविनाश ग्रुप, रहेजा ग्रुप, वाॅलफोर्ट ग्रुप, क्लासिक ग्रुप, आरसीपी इंफ्राटेक, एम्बियंस नेचर, गोल्ड ब्रिक्स, अष्टविनायक रियल्टीज, श्री स्वास्तिक ग्रुप, भारद्वाज बिल्डर्स, श्री बालाजी बिल्डर्स, वीजीआर रियल एस्टेट, पायोनियर होम्स, रायपुर होम्स एंड रायपुर बिल्डर्स, गौरव प्रमोटर्स एंड बिल्डर्स, वीबी टॉवर, चैत्नय ग्रुप, अर्हम ग्रुप आदि शामिल हैं। प्रॉपर्टी एक्सपो के एसोसिएट पार्टनर हेल्थ पार्टनर-इट्सा हॉस्पिटल, बैंकिंग पार्टनर-बैंक ऑफ महाराष्ट्र और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सोलर पार्टनर-स्विचसोल, फूड पार्टनर-द सिल्वर क्राउन व न्यू देहली स्वीट्स आैर डिजिटल पार्टनर-एसपी एडवरटाइजिंग, आउटडोर पार्टनर-एएसए और जीके टीएमटी हैं।
विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत पर हंगामा:परिजनों ने शव रखकर लगाया जाम, पति-सास गिरफ्तार
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने शव रखकर जमकर हंगामा किया। दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों को लेकर मृतका के परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया है। मृतका के भाई शिवम ने थाना सदरपुर में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उसकी बहन की शादी को अभी दो वर्ष भी पूरे नहीं हुए थे। शादी में परिजनों ने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, इसके बावजूद ससुराल पक्ष द्वारा लगातार 10 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की जा रही थी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर मृतका के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती थी। 29 जनवरी की शाम उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में थाना सदरपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार देर शाम महमूदाबाद–सेमरी रोड स्थित सेमरी चौराहे पर महमूदाबाद–रेउसा हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने “न्याय दो” और “पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाए। सूचना पर महमूदाबाद, चांदपुर, रामपुर मथुरा और सदरपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभाला। क्षेत्राधिकारी महमूदाबाद वेद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में मृतका के पति और सास को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद हंगामा खत्म कर दिया। परिजनों के अनुसार शव का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि विवेचना निष्पक्ष रूप से जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छेड़खानी से परेशान युवती ने पिया फिनायल:हालत गंभीर, दो दिन पहले शिकायत पर नहीं हुई थी कार्रवाई
भदोही के औराई थाना क्षेत्र में छेड़खानी से परेशान एक युवती ने फिनायल पी लिया। जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। यह घटना तब सामने आई जब युवती की मां ने बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही थाने में युवक के खिलाफ छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी लगातार युवती को परेशान करते रहे। आज दोपहर करीब 4 बजे युवती ने परेशान होकर फिनायल पी लिया। उसकी हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। युवती की गंभीर स्थिति की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मां की तहरीर पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पीड़ित युवती की मां ने बताया कि गांव में कुछ आगे रहने वाले निक्कू और दूधनाथ नामक युवक उनकी बेटी को लगातार छेड़ते थे। घर पर शिकायत करने पर उनके परिजन मारपीट पर उतारू हो जाते थे और जान से मारने की धमकी भी देते थे। मां ने यह भी बताया कि पुलिस में शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, और आज फिर छेड़खानी से तंग आकर बेटी ने यह कदम उठाया। इस संबंध में थाना अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि मामला पहले संज्ञान में नहीं था किंतु आज जैसे ही तहरीर मिली है। मां द्वारा दिए गए तहरीर के आधार पर दो आरोपी को गिरफ्तार किया गया है पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में आरोपी को गंभीर चोट लगने के मामलों में पुलिस अधिकारियों के लिए 6-पॉइंट गाइडलाइंस जारी की हैं। जस्टिस अरुण कुमार देशवाल की बेंच ने स्पष्ट किया कि जिले के पुलिस प्रमुख, जिसमें पुलिस अधीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और कमिश्नर शामिल हैं, अगर अपने अधिकार क्षेत्र में एनकाउंटर के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पीयूसीएल बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन नहीं करते हैं, तो वे कोर्ट की अवमानना के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। यह आदेश मिर्जापुर के राजू उर्फ राजकुमार की जमानत अर्जी पर दिया गया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर की जांच के मामलों में पूरी, प्रभावी और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्ड प्रक्रिया के रूप में महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं। दिलचस्प बात यह है कि उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘हाफ-एनकाउंटर’ के तरीकों पर कड़ी फटकार लगाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि उनके सामने कई ऐसे मामले आए हैं, जहां पुलिस अधिकारी केवल समय से पहले प्रमोशन, वरिष्ठ अधिकारियों की तारीफ़ पाने या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए “अनावश्यक रूप से हथियार का इस्तेमाल करते हैं और आरोपी के घुटने के ठीक नीचे पैर में गोली मारकर चोट पहुंचाते हैं।” कोर्ट ने कहा- कानून की नज़र में ऐसा काम स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि आरोपी को सज़ा देने का अधिकार न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है। इसे भारत के संविधान के मूल्यों और निर्देशों के अनुसार चलाया जाना चाहिए, जो विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका की भूमिका को स्पष्ट रूप से अलग करता है। कोर्ट ने कहा कि तारीफ़ पाने या अन्य बाहरी उद्देश्यों के बहाने, पुलिस अधिकारियों को अनावश्यक फायरिंग करके और यहां तक कि शरीर के गैर-महत्वपूर्ण हिस्से पर चोट पहुंचाकर किसी अपराधी को सज़ा देने के लिए न्यायपालिका का काम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह आदेश तब पारित किया गया जब कोर्ट ने एक आरोपी द्वारा दायर जमानत याचिका को मंज़ूरी दी, जिसे पुलिस एनकाउंटर में गंभीर चोटें आईं। कोर्ट ने देखा कि पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्थापित देश के कानून के बावजूद, उत्तर प्रदेश में पुलिस अक्सर अनिवार्य प्रक्रियाओं को नज़रंदाज़ करती है। कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस मामले में और इससे जुड़े कई मामलों में किसी भी पुलिस अधिकारी को कोई चोट नहीं लगी थी, जिससे हथियारों के इस्तेमाल की ज़रूरत और अनुपात पर सवाल उठता है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस पर ज़ोर देते हुए कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को सख्ती से पालन करने के लिए गाइडलाइंस जारी की। 1. अगर किसी जानकारी के आधार पर पुलिस पार्टी मौके पर पहुंचती है और मुठभेड़ होती है जिसमें पुलिस पार्टी द्वारा हथियार का इस्तेमाल किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप आरोपी या किसी अन्य व्यक्ति को गंभीर चोट लगती है तो इस संबंध में एक प्राथमिकी उसी पुलिस स्टेशन या पास के पुलिस स्टेशन में पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के प्रमुख द्वारा दर्ज की जाएगी, लेकिन उक्त प्राथमिकी की जांच सीबीसीआईडी या किसी अन्य पुलिस स्टेशन की पुलिस टीम द्वारा एक सीनियर पुलिस अधिकारी की देखरेख में की जाएगी, जो पुलिस मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के प्रमुख से कम से कम एक स्तर ऊपर हो। 2. प्राथमिकी में मुठभेड़ में शामिल पुलिस पार्टी के सदस्यों के नाम आरोपी/संदिग्ध की श्रेणी में बताना ज़रूरी नहीं है, बल्कि केवल टीम, चाहे वह एसटीएफ हो या रेगुलर पुलिस, का उल्लेख किया जा सकता है। 3. घायल अपराधी/पीड़ित को मेडिकल सहायता दी जानी चाहिए और उसकी चोट की जांच की जानी चाहिए। उसके बाद उसका बयान मजिस्ट्रेट या मेडिकल ऑफिसर द्वारा घायल व्यक्ति के फिटनेस सर्टिफिकेट के साथ रिकॉर्ड किया जाना चाहिए। 4. पुलिस एनकाउंटर की घटना की पूरी जांच के बाद रिपोर्ट सक्षम कोर्ट को भेजी जानी चाहिए, जो पीयूसीएल के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले में बताए गए प्रोसीजर का पालन करेगा। 5. पुलिस एनकाउंटर होने के तुरंत बाद पुलिस पार्टी के ऑफिसर को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन या गैलेंट्री अवॉर्ड नहीं दिया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे अवॉर्ड तभी दिए जाएं या रिकमेंड किए जाएं, जब पुलिस हेड द्वारा बनाई गई एक कमेटी द्वारा व्यक्ति की बहादुरी बिना किसी शक के साबित हो जाए। 6. अगर पुलिस एनकाउंटर में घायल व्यक्ति का परिवार पाता है कि ऊपर बताए गए प्रोसीजर का पालन नहीं किया गया या स्वतंत्र जांच में कमी है या किसी भी अधिकारी द्वारा दुर्व्यवहार या पक्षपात का पैटर्न मौजूद है तो वह पुलिस एनकाउंटर की घटना वाली जगह पर क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र वाले सेशंस जज से शिकायत कर सकता है। उक्त शिकायत मिलने पर संबंधित सेशंस जज शिकायत की मेरिट पर विचार करेंगे और उसमें उठाई गई शिकायत का समाधान करेंगे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति पुलिस एनकाउंटर में मौत या गंभीर चोटों के संबंध में कार्रवाई न होने से दुखी है तो वह सेशंस जज के सामने एक एप्लीकेशन फाइल कर सकता है। इसमें आगे कहा गया कि सेशंस जज शिकायत पर कार्रवाई कर सकते हैं। उचित मामलों में मामले को हाईकोर्ट को भेज सकते हैं ताकि डिस्ट्रिक्ट पुलिस चीफ के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सके, जहां पुलिस एनकाउंटर पर पीयूसीएल के मामले में दिए गए दिशानिर्देशों का घोर उल्लंघन बताया गया। ---------------- ये भी पढ़ें- मंत्री स्वतंत्र देव का BJP विधायक ने रास्ता रोका:काफिले के आगे 50 गाड़ियां लगाईं, धक्का-मुक्की-बवाल; अखिलेश बोले- ये हारने वाले हैं यूपी के महोबा जिले में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। पढ़िए पूरी खबर…
अनूपपुर जिले में पुलिस ने चोरी के पांच और एक सुनार सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में हुई तीन बड़ी चोरियों का पता चला है। गुरुवार रात राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के लीला गांव में गश्त के दौरान थाना प्रभारी और महिला आरक्षक ने सड़क किनारे खड़ी संदिग्ध कार में युवकों को बैठे देखा। पूछताछ के दौरान युवक सही जवाब नहीं दे पाए और घबरा गए। पुलिस ने कार में बैठे राकेश नागेश्वर, आर्यन बहारे, अर्जुन चौधरी और अभिषेक चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने राजेंद्रग्राम, डिंडौरी और अन्य जगहों पर चोरी करना स्वीकार किया। सुनार के पास से जेवरात बरामद पूछताछ में आरोपियों ने चोरी का सामान सुनार अंकित सोनी को बेचना बताया। पुलिस ने अंकित सोनी से पूछताछ के बाद चोरी के जेवरात बरामद किए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 27 ग्राम सोना, 1300 ग्राम चांदी, तीन मोबाइल फोन, ताला तोड़ने के औजार और कार जब्त की है। पुलिस ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। तीन बड़ी चोरियों का खुलासा राजेंद्रग्राम थाने में दर्ज तीन चोरी के मामलों की गुत्थी सुलझी है। 26 अक्टूबर 2025 को सरला पडवार के सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। 7 जनवरी को जवाहर वर्मा के घर से जेवरात और नकदी चोरी हुई थी। 15 जनवरी को अजय कुमार अग्रवाल के घर से नकदी चोरी हुई थी। इन मामलों में पुलिस काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी।
हरदा में ओवरलोड रेत ट्रक में लगी आग:ड्राइवर ने कूदकर बचाई जान; एनएच सर्विस रोड पर टायर जलने से हादसा
हरदा जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक रेत से भरे ट्रक में आग लग गई। यह घटना टेमागांव चौकी के पास इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर रात करीब 9 बजे हुई। हादसे में ट्रक चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेत से भरा ट्रक ओवरलोड था। अत्यधिक वजन के कारण टायरों पर दबाव पड़ा और उनमें आग लग गई। ट्रक सोडलपुर की तरफ जा रहा था। बुझाने में एक घंटे लग गएसूचना मिलने पर टिमरनी से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यह ट्रक खंडवा निवासी महमूद नामक व्यक्ति का है। ट्रक का ड्राइवर और कंडक्टर नर्मदापुरम से रेत लेकर खंडवा जा रहे थे।
ईडी भोपाल ने दो अलग-अलग मामलों में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर वाहनों की डिलीवरी किए बगैर बैंक के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में छतरपुर जिले के प्रभारी प्रधानाचार्य की 1.23 करोड़ की अवैध आमदनी पर कोर्ट में पीसी दर्ज कराई गई है। वहीं केनरा बैंक से लोन लेकर 18.32 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट के माध्यम से बैंक के डूबे हुए 45 करोड़ रुपए की वसूली में मदद की है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा केनरा बैंक के साथ की गई धोखाधड़ी के मामले में 45 करोड़ रुपए की वसूली में मदद की है। यह वसूली जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। जिसमें सीबीआई, बीएस एंड एफसी, नई दिल्ली ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। ईडी के अनुसार, केनरा बैंक के साथ धोखाधड़ी से लगभग 18.32 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। जिसमें ब्याज की राशि शामिल नहीं है। बताया जा रहा है कि एएमडब्ल्यू, उसके निदेशक पुष्पेंद्र सिंह और परिवार के सदस्यों और बैंक अधिकारियों के खिलाफ इस धोखाधड़ी पर मामला दर्ज किया गया था। फर्जी दस्तावेजों से लोन लेकर नहीं करते थे वाहन डिलीवरी ईडी की जांच से पता चला है कि जगदंबा एएमडब्ल्यू ऑटोमोटिव्स प्राइवेट लिमिटेड और इसके निदेशक और मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके और वाहनों की डिलीवरी न करके कई वाहनों पर लोन धोखाधड़ी से हासिल किए। इस प्रकार मिले लोन को उन्होंने अपने अन्य व्यवसाय, परिवार के सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किया और अपने निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया। इससे दूसरों के बकाया का भुगतान किया गया। इस तरह आरोपियों ने फर्जी उधारकर्ताओं के नाम पर लिए गए ऋण की राशि को अपने निजी लाभ के लिए हड़प लिया, जिससे कैनरा बैंक, जबलपुर को नुकसान हुआ। कंपनी डायरेक्टर की प्रॉपर्टी कर चुके कुर्क ईडी की अब तक की जांच से पता चला है कि आरोपियों द्वारा अर्जित अपराध की आय 18.32 करोड़ रुपए है। भोपाल ईडी ने पहले पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत आरोपी पुष्पेंद्र सिंह और अन्य की 5.32 करोड़ रुपए की अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया था। इसके बाद अभियोजन शिकायत 13 मार्च 2024 को दायर की गई और शिकायत का संज्ञान विशेष न्यायालय (पीएमएलए) जबलपुर द्वारा लिया गया और आरोप तय किए गए। केनरा बैंक ने 9 जनवरी 2025 को पीएमएलए की धारा 8(8) के तहत कुर्क की गई संपत्तियों की बहाली के लिए एक आवेदन दायर किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायालय (पीएमएलए) जबलपुर ने 29 जनवरी 2026 को एक आदेश पारित किया। जिसमें केनरा बैंक के पक्ष में 45 करोड़ की संपत्तियों की बहाली का निर्देश दिया गया। छतरपुर के प्रभारी प्रधानाचार्य के खिलाफ 1.23 करोड़ की अवैध आय पर पीसी दर्ज एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भोपाल ने सरकारी बी.एड कॉलेज छतरपुर के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाचार्य संतोष कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के अंतर्गत अभियोग शिकायत दर्ज की है। विशेष पीएमएलए न्यायालय भोपाल में 28 जनवरी 2026 को यह शिकायत दर्ज की गई। इसके अलावा अभियुक्तों के खिलाफ पूर्व संज्ञान सुनवाई के लिए नोटिस जारी किया गया है। ईडी ने लोकायुक्त पुलिस भोपाल द्वारा विशेष न्यायालय भोपाल में संतोष कुमार शर्मा और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। ईडी की जांच में पता चला कि संतोष कुमार शर्मा ने लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए अपने पद का आपराधिक दुरुपयोग किया और अपनी ज्ञात आय के स्रोतों के विपरीत 1 करोड़ 23 लाख 32 हजार 57 रुपए की संपत्ति अर्जित की। यह भी पता चला कि वह और उनके परिवार के सदस्य अपराध की आय का लाभ ले रहे थे और उन्होंने अनुसूचित अपराध से हासिल अपराध की आय के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया। वैध आय से 95 प्रतिशत अधिक मिली अवैध आमदनी जांच के दौरान ईडी, भोपाल जोनल कार्यालय द्वारा 29 अगस्त 2025 को अनंतिम कुर्की आदेश जारी किया गया। इसमें 1 करोड़ 19 लाख रुपए की अचल संपत्ति और 3 लाख 52 हजार 571 रुपए की चल संपत्ति, कुल मिलाकर 1 करोड़ 22 लाख 61 हजार 571 रुपए कुर्क की गई। जांच अवधि के दौरान आरोपी ने 1 करोड़ 30 लाख 27 हजार 494 रुपए की वैध आय अर्जित की, जबकि उसके कुल व्यय और निवेश का आकलन 2 करोड़ 53 लाख 59 हजार 551 रुपए किया गया, जिसके परिणामस्वरूप 1 करोड़ 23 लाख 32 हजार 57 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति हुई, यानी उसकी वैध आय से लगभग 95% अधिक रही है। आरोपी ने कथित तौर पर अपने नाम के साथ-साथ अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर पर्याप्त चल और अचल संपत्तियां अर्जित कीं, जो स्वामित्व को छिपाने और अवैध स्रोतों से प्राप्त धन को छुपाने के प्रयासों का संकेत देती हैं। बेहिसाब कैश, वित्तीय लेन-देन का भी हुआ खुलासा जांच से यह भी पता चला कि संपत्तियों और परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिए बेहिसाब नकदी, अस्पष्ट जमा और कई स्तरों के वित्तीय लेनदेन का इस्तेमाल किया गया था। आरोपी ने काफी मात्रा में ऐसे व्यक्तिगत और घरेलू खर्च भी किए, जिनकी पुष्टि नहीं की जा सकती थी और उसने सीमित वैध आय के साथ मिलाकर अपराध की आय को वैध दिखाने का प्रयास किया। ईडी के अनुसार, प्रथम दृष्टया तथ्यों से यह सिद्ध होता है कि सार्वजनिक पद का दुरुपयोग, अनुपातहीन संपत्ति का कब्ज़ा और अवैध धन को बेदाग संपत्ति के रूप में प्रदर्शित करना भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत अपराध है और यह पीएमएलए 2002 के अंतर्गत अपराध है।
उदयपुर में 31 जनवरी शनिवार को आवश्यक रखरखाव के चलते कई इलाकों में बिजली बंद रहेगी। इन इलाकों में बिजली सप्लाई सुबह 11 से शाम 5 बजे तक बंद रहेगी।बिजली निगम के अनुसार बड़ी गांव, हवाला रोड, मोया चोराया, सिकलवास सम्पूर्ण गांव, बड़ी, लिओ का गुड़ा, लाई का गुड़ा, हाथीधरा, टाईगर हिल, बड़गांव तहसील ऑफिस, नारायण सेवा, बड़ी रोड , टीबी हॉस्पिटल,उपली बड़ी बाबा की पालड़ी, चिकलवास, रामदेव मंदिर के पीछे, ढिमड़ी, मेवाड़ बॉटलिंग, गुरु की पालड़ी, कटारा, टाइगर हिल एरिया, तहसील कार्यालय, बड़ी रोड, वन विभाग नर्सरी, पुलिस अन्वेषण भवन, ग्रेटर कैलाश नगर, लियो का गुड़ा, नोहरा इसी प्रकार टीबी हॉस्पिटल, एड्वेंट कॉलेज, नारायण सेवा संस्थान, मिराज पाइप फैक्ट्री, हाथीदरा, अग्रवाल नमकीन, जनकपुरी और आसपास का क्षेत्र प्रभावित रहेगा।
गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर हड़पे लाखों रुपये:भू माफिया गजेंद्र नेगी समेत 3 पर केस दर्ज,
कानपुर के महाराजगंज जेल में बंद भू माफिया गजेंद्र सिंह नेगी व उसकी पत्नी व मैनेजर सहित स्टॉफ पर पुलिस ने गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर लाखों रुपये हड़पने का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर मामले की जांच पड़ताल मे जुट गई है। रावतपुर थाना क्षेत्र के विनायकपुर निवासी अशोक श्रीवास्तव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने बेटी के विवाह समारोह के लिए केशवपुरम स्थित होटल नेगी ग्रैंड को 15 व 16 नवंबर 2025 के लिए बुक कराया था। इसके एवज में 31 मार्च 2025 को होटल मालिक गजेंद्र सिंह नेगी को 3.50 लाख रुपये अग्रिम के रूप में दिए गए थे। बाद में होटल और उसके मालिक से जुड़े विवादों की खबरें सामने आने पर उन्होंने होटल मालिक की पत्नी प्रीति बाजपेयी से संपर्क किया। आरोप है कि प्रीति बाजपेयी ने होटल का पूरा प्रबंधन अपने हाथ में होने और विवाह समारोह धूमधाम से कराने का भरोसा दिलाया। उनके आश्वासन पर विश्वास कर प्रार्थी ने 3 नवंबर 2025 को 1.50 लाख और 7 नवंबर 2025 को 2.50 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद भोजन व्यवस्था और अन्य खर्चों के नाम पर 4 लाख रुपये कैटरिंग के लिए लिए गए, लेकिन इसकी कोई रसीद नहीं दी गई। 13 नवंबर 2025 को उसे जानकारी मिली कि होटल नेगी ग्रैंड में विवाद के चलते कुछ लोगों ने लॉन पर कब्जा कर लिया है और होटल में तोड़फोड़ भी की गई है। जब इस संबंध में प्रीति बाजपेयी से संपर्क किया गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया कि अब होटल में विवाह समारोह नहीं हो सकता।जब जमा धनराशि 11.50 लाख वापस मांगी तो प्रीति बाजपेयी, होटल मैनेजर और स्टाफ ने धमकाते हुए पैसा वापस करने से इनकार कर दिया। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्जकर जांच की जा रही है। गेस्ट हॉउस बुकिंग के नाम पर पैसा लिया गया था। मामले मे जांच कर कार्रवाई की जायेगी।
जोधपुर में दिनदहाड़े एक युवक के अपहरण मामले में पुलिस ने वारदात में शामिल 5 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अपहृत युवक को भी दस्तयाब कर लिया गया। इस मामले में एक हैरान करने वाला मोड़ तब आया। जब जांच के दौरान पुलिस विभाग के ही दो कांस्टेबलों की भूमिका संदिग्ध होने के संकेत मिले। कमिश्नर ओमप्रकाश ने दोनों कांस्टेबलों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। खांडा फलसा थाने के कांस्टेबल परसाराम और कांस्टेबल जगदीश को निलंबित किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार तकनीकी साक्ष्य और कॉल डिटेल्स के आधार पर इन पुलिसकर्मियों की भूमिका जांच के दायरे में आई है। इसके बाद कमिश्नर ने विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। जोधपुर कमिश्नरेट के खांडा फलसा थाना क्षेत्र में गुरुवार को मेड़ती गेट निवासी मोहम्मद उमर के बेटे मनान का अपहरण हो गया था। सफेद बलेनो कार में आए थे बदमाश घटनाक्रम के मुताबिक, 29 जनवरी को दोपहर करीब 12 बजे मेड़ती गेट निवासी मोहम्मद उमर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी ने बताया कि उनका बेटा मनान चाय पीने के लिए स्कूल के पास शनिश्चर जी के थान की तरफ जा रहा था। तभी एक सफेद रंग की बलेनो कार वहां आई। कार में सवार 4-5 लड़कों ने, जिनके मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था, मनान को जबरदस्ती गाड़ी में डाला और अगवा कर ले गए। घटना की जानकारी मनान के साथी राकिब ने पिता को दी थी। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके लिए पूरे शहर की नाकाबंदी करवाई गई। पिता को सूचना देने वाला ही साजिश में शामिल निकला पुलिस उपायुक्त (पूर्व) पी.डी. नित्या ने बताया कि पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें सबसे अहम बात ये भी सामने आई कि अपहृत मनान के पिता को अपहरण की सूचना देने वाला राकिब खुद अपहरण की साजिश में शामिल था। इस मामले में पुलिस ने सिवांची गेट निवासी फैजान शाह (20) पुत्र इकलास शाह, उदयमंदिर आसन मदरसा निवासी राकिब (20) पुत्र जाकिर हुसैन अब्बासी, आसिफ अली (24) पुत्र लियाकत अली कुरैशी निवासी कुरैशियों का बास रोहिट, पुलिस थाना रोहिट, जिला पाली, कमलेश कुमार (23) पुत्र रामकिशन, जाति विश्नोई, निवासी रूघानियों की ढाणी इटादा चितलवाना, पुलिस थाना झाब, जिला जालौर और भावेश पटेल (18) पुत्र सोहनराम पटेल निवासी देवपुरा की ढाणी धांधिया, पुलिस थाना लूणी को गिरफ्तार किया गया है। लेनदेन का विवाद, दोनों कांस्टेबल भी साजिश में शामिल पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्ष पूर्व में एक-दूसरे से परिचित हैं और उनके बीच रुपये-पैसे के लेनदेन का विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते अपहरण की इस घटना को अंजाम दिया गया। हैरानी की बात ये भी सामने आई कि इस वारदात में राकिब से पूछताछ और उसके मोबाइल की छानबीन हुई, तो पुलिस को इस वारदात से जुड़े अहम सुराग मिल गए। मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और घटनाक्रम में दो कांस्टेबलों से राकिब के लगातार संपर्क में होने के संकेत मिले। इतना ही रहीं, राकिब अपहृर्ताओं के भी संपर्क में था। इस पर सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस आयुक्त ने खांडा फलसा थाने के कांस्टेबल परसाराम (बेल्ट नं. 2553) और कांस्टेबल जगदीश (बेल्ट नं. 1663) को निलंबित कर दिया। निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दोनों के विरुद्ध विभागीय जांच प्रस्तावित होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। निलंबन काल के दौरान इन दोनों का मुख्यालय पुलिस लाइन, जोधपुर रहेगा। पुलिस टीमों में शामिल अधिकारी-जवान दिनदहाड़े हुई इस वारदात का खुलासा करने के लिए एडीसीपी वीरेन्द्र सिंह और एसीपी (सेंट्रल) मंगलेश चुंडावत की अगुवाई में अलग-अलग टीमें गठित की गई थी। इनमें खांडाफलसा थानाधिकारी बलवंतराम, सदर बाजार थानाधिकारी माणक राम, सदर कोतवाली थानाधिकारी अनिल यादव, लूणी थानाधिकारी सुरेश चौधरी और पाली जिले के रोहट थानाधिकारी पदमदान शामिल रहे। इनके सहयोग के लिए खांडाफलसा के उप निरीक्षक किशोर सिंह, साइबर सेल (पूर्व) के एएसआई राकेश और रोहट थाने के एएसआई मोडाराम को भी टीम में जोड़ा गया। इसके अलावा रोहट थाने से हेड कांस्टेबल कमल सिंह, कांस्टेबल गणेश, मनसुख, भैराराम, भंवर लाल, चालक श्रवणराम और दिनेश ने भी अहम भूमिका निभाई। टीम में डीएसटी (पूर्व) के कांस्टेबल गोपीचंद सहित पूरी डीएसटी टीम, सीएसटी टीम, नागोरी गेट थाना टीम और कमांड कंट्रोल रूम की टीम भी शामिल थी। इन सभी के साझा प्रयासों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों को दबोच लिया।
दमोह-जबलपुर मार्ग पर शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। अपनी साली की शादी में शामिल होने जबलपुर जा रहे 32 वर्षीय युवक राजेंद्र गौड़ तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसा इतनी भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबलपुर जाते समय हुआ हादसा दमोह के खजरी मोहल्ला निवासी राजेंद्र गौड़ शुक्रवार शाम अपनी बाइक से जबलपुर के लिए निकला था। उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य सुबह ही वहां पहुंच चुके थे। जैसे ही राजेंद्र तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के पाटन मार्ग पर पहुंचा, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में राजेंद्र के सिर पर गंभीर चोट आई, जो जानलेवा साबित हुई। सड़क पर लगा वाहनों का जाम हादसे के बाद राजेंद्र का शव काफी देर तक सड़क पर पड़ा रहा, जिससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रावेन्द्र बागरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को 108 एम्बुलेंस की मदद से तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया और यातायात बहाल कराया। अज्ञात वाहन की तलाश जारी स्थानीय लोगों ने बताया कि राजेंद्र के पिता का पहले ही देहांत हो चुका है, और अब इस हादसे से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कैमूर के कुदरा प्रखंड की भदौला पंचायत में पंचायत सरकार भवन के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता के आरोप लगे हैं। वार्ड सदस्य अखिलेश चतुर्वेदी और स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर यह खुलासा किया है। उनका दावा है कि निर्माण में घटिया ईंटों का उपयोग किया जा रहा है और कई जगहों पर ढलाई के दौरान छड़ें खुली दिख रही हैं, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। वार्ड सदस्य अखिलेश चतुर्वेदी ने कहा, यह निर्माण कार्य पूरी तरह लापरवाहीपूर्ण है। घटिया सामग्री से बने भवन से ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। पंचायत वासियों ने भी निर्माण में भारी गड़बड़ी की शिकायत करते हुए तत्काल जांच की मांग की है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग इस संबंध में कुदरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी और कैमूर के जिला पदाधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्थानीय लोग इस मामले में उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोका जा सके। यह घटना पंचायती राज विभाग की निगरानी पर भी सवाल उठा रही है।
शिवपुरी जिले के करैरा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में शुक्रवार को दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि अस्पताल परिसर में कुर्सियां और स्ट्रेचर तक फेंके गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे पर हमला करते दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, यह विवाद ग्राम रमगढ़ा में खेत पर मशीन चलाने को लेकर शुरू हुआ था। गांव में हुए झगड़े के दौरान लाठी और कुल्हाड़ी से मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। इन घायलों को मेडिकल परीक्षण के लिए करैरा सीएचसी लाया गया था। कुर्सियां व स्ट्रेचर फेंके गएअस्पताल में आमने-सामने आने के बाद पुरानी रंजिश फिर भड़क उठी। देखते ही देखते दोनों पक्ष एक बार फिर आपस में भिड़ गए, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मारपीट के दौरान अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि लोग एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं और कुर्सियां व स्ट्रेचर फेंके जा रहे हैं। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए अस्पताल की सामान्य व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुईं। पुलिस बल की मदद से काबू पायामौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल भी अस्पताल पहुंचा, जिससे हालात पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। एक ही परिवार के हैं दोनों पक्षथाना प्रभारी विनोद छावई ने बताया कि दोनों पक्ष एक ही परिवार के हैं और उनके बीच विवाद गांव में ही शुरू हुआ था। मेडिकल कराने के दौरान अस्पताल में वे फिर आमने-सामने आ गए, जिसके बाद मारपीट हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 15 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। देखिए मारपीट की तीन तस्वीरें…
मौलाना रजवी ने असम में बढ़ती बयानबाजी पर जताई चिंता:नेताओं से संयम और जिम्मेदारी से बोलने की अपील
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने असम की राजनीति में बढ़ती बयानबाजी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि चुनावी माहौल में नेताओं को संयम और जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए, क्योंकि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की हर बात का समाज पर सीधा असर पड़ता है। मौलाना रजवी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा के बयानों का जिक्र किया। उनका कहना था कि सत्ता संभालने के बाद से मुख्यमंत्री के कई बयान सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते दिख रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक राज्य में मुख्यमंत्री केवल एक वर्ग या समुदाय के नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनता के प्रतिनिधि होते हैं। उन्होंने आगाह किया कि धार्मिक और सामाजिक मुद्दों पर की जाने वाली टिप्पणियां आपसी भाईचारे को कमजोर कर सकती हैं, जिसका नुकसान पूरे समाज को उठाना पड़ता है। आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए मौलाना रजवी ने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे राजनीति केवल विकास, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों तक सीमित रखें। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाले बयानों से बचने का विशेष आग्रह किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य का नेतृत्व संविधान की भावना का पालन करते हुए सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार करेगा और असम में शांति व सद्भाव बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
प्रयागराज के धूमनगंज थाना क्षेत्र में पिकअप ड्राइवर की लापरवाही ने एक छात्रा की जान ले ली। शुक्रवार दोपहर स्कूटी सवार छात्रा को पिकअप ने टक्कर मारी। इसके बाद पिकअप लेकर भागते समय छात्रा उसमें फंसकर करीब 20 मीटर तक घिसटती चली गई थी। इससे उसकी मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना शहर के धूमनगंज इलाके में मुंडेरा मंडी के गेट नंबर दो के सामने हुई। हादसे की वजह से करीब आधे घंटे तक प्रयागराज-कानपुर रोड पर आवागमन बाधित रहा। धूमनगंज पुलिस ने शव व दुर्घटनाग्रस्त स्कूटी को हटवाया, तब जाकर आवागमन बहाल हुआ। कौशांबी की रहने वाली कौशांबी जिले के चरवा थानांतर्गत समसपुर गांव निवासी भइया लाल प्रजापति मजदूरी करते हैं। उनके तीन बच्चों में 18 वर्षीया नेहा इकलौती बेटी थी। वह इलाहाबाद इंटर कालेज में इंटरमीडिएट की छात्रा थी। वह मुंडेरा में किराये पर कमरा लेकर रहती थी। शुक्रवार दोपहर वह स्कूटी में पेट्रोल भरवाने धूमनगंज के पंप पर गई थी। वहां से वापस कमरे पर लौटने लगी। मुंडेरा मंडी के गेट नंबर दो के सामने जैसे ही पहुंची, पीछे से आए पिकअप ने स्कूटी में जोरदार टक्कर मारी। नेहा का कपड़ा पिकअप में फंस गया, जिस कारण वह करीब 20 मीटर तक घिसटते चली गई। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बैग में मिला मोबाइल नंबर दुर्घटना के कारण प्रयागराज-कानपुर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। मौके पर पहुंची धूमनगंज पुलिस को मृतका के बैग से कुछ कागजात व मोबाइल फोन मिला। इसमें लिखे मोबाइल नंबरों पर फोन लगाया तो उसकी पहचान नेहा के रूप में हो गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया। डाॅक्टर बनना चाहती थी नेहा के घरवालों को उससे बड़ी उम्मीद थी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे घरवालों ने बताया कि वह शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी थी। वह डॉक्टर या आइएएस बनना चाहती थी। पढ़ाई में तेज होने की वजह से उसे मुंडेरा में किराये पर कमरा दिलाया गया। स्कूल आने-जाने में दिक्कत न हो, इसके लिए स्कूटी भी खरीद कर दी थी।
गोपालगंज में दंगा नियंत्रण टीम का गठन:SP की मौजूदगी में हुआ रूटीन परेड और अभ्यास
गोपालगंज पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी के निर्देश पर दंगा नियंत्रण टीम (ART) का गठन किया गया है। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस पहल के तहत चार दंगा नियंत्रण ART का गठन किया गया है। गठित ART में नियुक्त सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश दिए गए। नियमित परेड और अभ्यास का भी आयोजन किया गया पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी की उपस्थिति में दंगा नियंत्रण टीम की नियमित परेड और अभ्यास का भी आयोजन किया गया। इस दौरान बलों ने दंगा नियंत्रण उपकरणों के साथ मॉक ड्रिल और मार्च कर त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तत्परता और समन्वय को मजबूत करना है। वर्तमान में जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति सामान्य और पूरी तरह नियंत्रण में है। ऊर्जावान पुलिस कर्मियों को मिलाकर तैयार की गई विशेष टीम यह विशेष टीम जिले के विभिन्न थानों से चुने गए ऊर्जावान पुलिस कर्मियों को मिलाकर तैयार की गई है। टीम को आधुनिक संसाधनों जैसे एंटी-रॉयट गन, टियर गैस (अश्रु गैस), हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर और लाठी से सुसज्जित किया गया है। टीम के गठन का प्राथमिक उद्देश्य किसी भी संभावित सांप्रदायिक तनाव, उग्र प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देना है।
भारत–नेपाल सीमा पर तैनात 45वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर ने अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। सुपौल जिले में शुक्रवार को की गई प्रभावी कार्रवाई के दौरान एसएसबी की सीमा चौकियों ने भारी मात्रा में नेपाली मुद्रा और नेपाली शराब जब्त करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर एसएसबी ने की कार्रवाई इस संबंध में 45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह ने बताया कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए एसएसबी द्वारा लगातार सघन निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 30 जनवरी को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि सीमा चौकी भीमनगर के जिम्मेदारी क्षेत्र में सीमा स्तंभ संख्या 206/7 के पास नेपाली मुद्रा की तस्करी की जा सकती है। सूचना के आधार पर एसएसबी ने संबंधित इलाके में विशेष चेकिंग एवं निगरानी अभियान शुरू किया। लगभग 14:10 बजे नेपाल से भारत की ओर आ रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मोहम्मद सद्दाम हुसैन, निवासी ग्राम दिमान, जिला सप्तरी (नेपाल) बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से कुल 5 लाख 12 हजार रुपये नेपाली मुद्रा बरामद की गई। जब उससे बरामद राशि के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई भी संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद नेपाली मुद्रा को विधिवत जब्त करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। इसी दौरान सीमा चौकी पिपराही द्वारा पेट्रोलिंग ड्यूटी के क्रम में कोशी (पलार) क्षेत्र से 252 लीटर नेपाली शराब भी बरामद की गई। इस शराब की तस्करी भारत में किए जाने की आशंका जताई जा रही है। गिरफ्तार व्यक्ति और जब्त नेपाली मुद्रा को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए कस्टम कार्यालय, भीमनगर को सुपुर्द कर दिया गया है, जबकि जब्त की गई नेपाली शराब को मद्य निषेध विभाग, सिमराही के हवाले किया गया। पूरी कार्रवाई निरीक्षक (सामान्य) अजीत कुमार, उप निरीक्षक (सामान्य) धीरज सिंह तथा अन्य बलकर्मियों की मौजूदगी में संपन्न हुई।
घाटमपुर सर्किल के रेउना थाना क्षेत्र अंतर्गत मुगलरोड स्थित शाखा जनवारा गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। अनियंत्रित ट्रक ने बाइक सवार युवक को टक्कर मारते हुए कुचल दिया। जिससे मौके पर ही उसकी हालत गंभीर हो गई। घायल अवस्था में युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान रेउना थाना क्षेत्र के ललकी पुरवा निवासी 32 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है। बताया गया कि नरेंद्र बाइक से दूध लेकर मूसानगर गया था। दूध डालने के बाद जब वह वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी शाखा जनवारा गांव के पास पीछे से आ रहे ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। सड़क पर गिरने के बाद युवक ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत नाजुक हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया। इधर युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण सीएचसी पहुंच गए। गुस्साए ग्रामीण शव को लेकर गांव के सामने सड़क पर बैठ गए और मुआवजे की मांग को लेकर जाम लगा दिया। ग्रामीण मृतक के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग कर रहे थे। जाम की सूचना मिलते ही घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को काफी देर तक समझाया। साथ ही फोन पर घाटमपुर एसडीएम अविचल प्रताप सिंह से भी बात कराई गई। अधिकारियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई और हर संभव सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद करीब दो घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए और जाम खोल दिया गया। इस दौरान मुगलरोड पर करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत यादव ने बताया कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है, और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है। आश्वासन के बाद ग्रामीणों मुगल रोड पर जाम समाप्त कर दिया।
सहारनपुर में वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य मुख्यालय लखनऊ और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार के निर्देश पर नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। यह प्रशिक्षण 27 जनवरी से 16 फरवरी 2026 तक टीबी सेनेटोरियम हॉल, सहारनपुर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें आशा कार्यकर्ता, एएनएम, लैब टेक्नीशियन (एलटी) और स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों को संवेदीकरण और दक्षता प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शुक्रवार शाम को इसी कड़ी में ब्लॉक नकुड़ की 93 आशा कार्यकर्ताओं, 4 एएनएम, 1 बीएचडब्ल्यू, 1 स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और 1 एलटी सहित कुल 100 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि जनपद को इस वर्ष मलेरिया मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय टीमों द्वारा निरीक्षण भी प्रस्तावित है। उन्होंने यह भी बताया कि 1 फरवरी को जनपद के चिकित्सकों के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें मेडिकल कॉलेज मेरठ की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अनुपमा शर्मा प्रशिक्षण प्रदान करेंगी। जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवांका गौड़ ने प्रतिभागियों को डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। आशा कार्यकर्ताओं को उनके क्षेत्रों में बुखार के रोगियों की पहचान करने, मलेरिया की जांच करने और घर-घर सर्वेक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान लोगों को यह भी बताया गया कि कूलर,गमले,छत पर रखे पुराने टायर, बोतलें, टंकियां और अन्य बर्तनों में जमा पानी को साप्ताहिक रूप से खाली करें।इस पर विशेष जोर दिया गया, क्योंकि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ रुके हुए पानी में पनपता है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि कूलर को भरने से पहले उसे अच्छी तरह रगड़कर साफ करना चाहिए,क्योंकि एडीज मच्छर के अंडे लंबे समय तक चिपके रह सकते हैं।ग्राम स्तर पर वीएचएसएनसी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति) और प्रधानों के माध्यम से क्या करें-क्या न करें संबंधी प्रचार-प्रसार किया जाएगा।लक्षणों के संबंध में,तेज बुखार होने पर पैरासीटामोल लेने, ठंडे पानी से शरीर पोंछने और तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी गई। मरीजों को एस्प्रिन और स्टेरॉयड जैसी दवाओं से बचने के लिए भी कहा गया। यदि खून आने जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत अस्पताल पहुंचने और रोगी को मच्छरदानी में रखने की हिदायत दी गई।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर क्षेत्र में वर्ल्ड कॉलेज के पास गुरुवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद आरोपी कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव बिरहेड़ा निवासी सपना अपने 16 वर्षीय बेटे कार्तिक और 10 वर्षीय बेटी माही के साथ किसी काम से फर्रुखनगर आई थीं। गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे तीनों वापस अपने गांव लौट रहे थे। जब वे वर्ल्ड कॉलेज के नजदीक सड़क पर चल रहे थे, तभी सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। बेटी की मौके और बेटे की इलाज के दौरान मौत टक्कर इतनी भयानक थी कि तीनों सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार ड्राइवर बिना रुके मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने माही को मृत घोषित कर दिया। वहीं कार्तिक की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। घायल सपना का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि सपना के पति एक निजी कंपनी में ठेकेदार के तौर पर काम करते हैं। एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से गांव बिरहेड़ा में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस फर्रुखनगर थाने के जांच अधिकारी ASI बलवंत कुमार ने बताया कि अज्ञात कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। हादसे वाली जगह के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अभी तक कार की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि जल्द ही वाहन और आरोपी ड्राइवर की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
मधुबनी की अररियासंग्राम थाना पुलिस ने एक कुख्यात चोर को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रघुनंदनपुर गांव निवासी संतोष चौपाल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। संतोष चौपाल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने शुक्रवार शाम इस गिरफ्तारी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अररियासंग्राम पुलिस को शराब के खिलाफ संदिग्ध स्थलों पर छापेमारी के दौरान एक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, रघुनंदनपुर से सुगरवे नदी की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित पुलिया के पास एक व्यक्ति हथियार के साथ घूम रहा था। देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद सूचना का सत्यापन करने के बाद, अररियासंग्राम थानाध्यक्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की गाड़ी देखते ही आरोपी भागने लगा, लेकिन पुलिस बल ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान संतोष चौपाल के रूप में बताई। तलाशी के दौरान, उसकी जींस पैंट की बाईं तरफ कमर से एक देसी कट्टा और दाहिनी जेब से एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया संतोष चौपाल बरामद हथियार और कारतूस के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। पुलिस ने सभी बरामद सामानों की विधिवत जब्ती सूची तैयार की और आरोपी को गिरफ्तार कर थाने ले आई। गिरफ्तारी की सूचना स्थानीय चौकीदार के माध्यम से उसके परिजनों को दी गई। अररियासंग्राम थाना में संतोष चौपाल के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की पुलिस पूछताछ में संतोष चौपाल ने चोरी की कई घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि अंधरठाढी थाना क्षेत्र के एक घर में उसने अपने सहयोगियों के साथ चोरी की थी। इसके अतिरिक्त, 10 जनवरी की रात अररियासंग्राम थाना क्षेत्र के वीरेंद्र कुमार झा के घर से हुई रुपये और जेवरात की चोरी में भी वह अपने साथियों के साथ शामिल था। आरोपी ने सुपौल में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात कबूली और अपने सहयोगियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं।
वाराणसी में चलती गाड़ी से कूदी महिला:सिर फटने से मौत, शिनाख्त में जुटी पुलिस
वाराणसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ-पांचोशिवाला पंचक्रोशी मार्ग पर शुक्रवार दोपहर बाद एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। चलती सवारी गाड़ी से कूदने के चलते एक महिला की मौत हो गई। महिला के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण घटनास्थल पर ही उसने दम तोड़ दिया। हादसे के बाद सवारी वाहन का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। महिला की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर बाद हरहुआ चौराहे की ओर से एक मैजिक सवारी वाहन यात्रियों को बैठाकर पांचोशिवाला की तरफ जा रहा था। वाहन लेकर चालक पंचक्रोशी मार्ग पर पांचोशिवाला के पास पहुंचा था, तभी उसमें सवार एक महिला ने अचानक चलती गाड़ी से नीचे छलांग लगा दी। सड़क पर गिरते ही महिला का सिर फट गया। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते और मदद के लिए आगे बढ़ते, उससे पहले ही महिला की मौत हो गई। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल बड़ागांव थाने को सूचना दी। थानाध्यक्ष बड़ागांव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। हालांकि महिला कहाँ की रहने वाली है और कहाँ जा रही थी, तथा वह गाड़ी से छलांग क्यों लगाई इसके बारे में अभी तक पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोगों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि महिला वाहन से उतरना चाह रही होगी। संभव है कि उसने चालक से गाड़ी रोकने को कहा हो, लेकिन गाड़ी न रुकने पर उसने जल्दबाजी में चलती गाड़ी से कूद गई होगी। हालांकि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका सही कारण अभी साफ नहीं हो सका है। इस बारे में थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में महिला की मौत हुई है। अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। पहचान के लिए महिला की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की गई है। वहीं, फरार वाहन चालक की तलाश भी की जा रही है।
हमीरपुर में 2016 के एक अपहरण, गैंगरेप और हत्या के मामले में कोर्ट ने 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कीर्ति माला सिंह ने हत्या में दोषी पाए गए तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला हमीरपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के शीतलपुर गांव का है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि 14 अक्टूबर 2016 को 16 वर्षीय इंटरमीडिएट की छात्रा घर से स्कूल के लिए निकली थी, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन के बाद सदर कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों ने अपनी तहरीर में कदौरा थाना क्षेत्र के हरचंदपुर निवासी गौरव, अजीत उर्फ बुग्गा और संदीप पर छात्रा के अपहरण का आरोप लगाया था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस की तलाश के चार दिन बाद सिटी फॉरेस्ट के जंगल में एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। मृतका की पहचान कपड़ों के आधार पर परिजनों ने की, जिसकी बाद में डीएनए जांच से भी पुष्टि हुई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अपहरण, गैंगरेप और हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने के बाद शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) कीर्ति माला सिंह ने गौरव, अजीत उर्फ बुग्गा और संदीप को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बागपत में अवैध खनन पर कार्रवाई, 9 वाहन सीज:अवैध खनन और ओवरलोड पर प्रशासन सख्त
बागपत में अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। शुक्रवार को प्रशासन और खनन विभाग की टीमों ने थाना खेकड़ा, बड़ौत और निवाड़ा चेक पोस्ट पर अभियान चलाते हुए कुल 9 वाहनों को सीज किया है। जिला खनन अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में थाना खेकड़ा क्षेत्र से 7 वाहन, बड़ौत से 1 वाहन और निवाड़ा चेक पोस्ट से 1 वाहन पकड़े गए। ये सभी वाहन वैध रॉयल्टी, परमिट और आवश्यक दस्तावेजों के बिना संचालित हो रहे थे। नियमानुसार,सभी वाहनों को संबंधित थानों में सीज कर दिया गया है। यह कार्रवाई रात तीन बजे चलाए गए एक बड़े ऑपरेशन के बाद भी जारी रही। इससे पहले, प्रशासन के विशेष रात्रिकालीन अभियान में 16 वाहनों पर कार्रवाई की गई थी, जिसमें 6 वाहनों से 5.90 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया और 10 वाहन सीज किए गए थे। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से अवैध खनन माफिया में हड़कंप मचा हुआ है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के सख्त निर्देशों और सतत निगरानी में खनन विभाग, तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें दिन-रात सड़कों पर गश्त कर रही हैं। प्रमुख मार्गों, अंतरजनपदीय सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में बैरिकेडिंग व चेक पोस्ट लगाकर हर खनन वाहन की रॉयल्टी रसीद और अन्य दस्तावेजों की सघन जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन से न केवल राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण को क्षति पहुंचती है, सड़कें खराब होती हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ता है। इसी के मद्देनजर, अब अचानक नाकेबंदी, मोबाइल चेकिंग टीमें और रूट-आधारित निगरानी को और मजबूत किया गया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध खनन या बिना रॉयल्टी वाले वाहन दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल प्रशासन या खनन विभाग को दें। सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दिन हो या रात, कार्रवाई तय है। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके और पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित हो।
कौशांबी जिले के भरवारी नगर पालिका परिषद में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी कुटी मंदिर प्रांगण में 26 जनवरी से 3 फरवरी तक चलने वाली इस कथा के चौथे दिन शुक्रवार रात को श्रीकृष्ण जन्म लीला का वर्णन किया गया। श्री धाम वृंदावन से आए आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री (राहुल महाराज) ने इस दिव्य लीला का हृदयस्पर्शी वर्णन किया। आचार्य सत्यम कृष्ण शास्त्री ने बताया कि कैसे कंस के कारागार में वसुदेव और देवकी की आठवीं संतान के रूप में भगवान विष्णु ने कृष्ण का रूप धारण किया। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि जन्म के तुरंत बाद कारागार के द्वार चमत्कारिक रूप से खुल गए, सभी रक्षक सो गए, और वसुदेव बालकृष्ण को यमुना पार कर गोकुल ले गए। गोकुल में नंद और यशोदा ने उनका पालन-पोषण किया। कथा में यह भी बताया गया कि कंस को जन्म के समय योगमाया नामक पुत्री प्राप्त हुई, जिसे वह आकाश में फेंकने पर भी नष्ट नहीं कर सका। इन प्रसंगों को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित भक्त भाव विभोर हो गए। कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण छा गया। कार्यक्रम के मुख्य यजमान संतोष कुमार वर्मा और शशि देवी हैं। इस अवसर पर राकेश कुमार स्वर्णकार, जितेंद्र कुमार स्वर्णकार, अमित कुमार, अंकित वर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य व्यक्ति और महिलाएं श्रद्धापूर्वक उपस्थित रहे।
खगड़िया समाहरणालय में शुक्रवार को जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए नागरिकों के कुल 131 आवेदनों की सुनवाई हुई। इस दौरान आम लोगों को अपनी समस्याओं को सीधे जिला प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, अतिक्रमण, जीविका योजना, श्रम विभाग, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (राशन) और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुई। जिलाधिकारी ने प्रत्येक आवेदन को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर मामलों की स्थिति की समीक्षा की। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी जिलाधिकारी नवीन कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी आवेदनों का नियमानुसार, पारदर्शी और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है। संबंधित विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी जनता दरबार में कई मामलों का तत्काल समाधान किया गया। जिन मामलों में विस्तृत जांच या संबंधित विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन्हें उचित दिशा-निर्देशों के साथ संबंधित विभागों को आगे भेजा गया। जिलाधिकारी ने दोहराया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि आमजन को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
जमुई में सरस्वती विसर्जन जुलूस में झड़प:कल्याणपुर से निकले जुलूस में विवाद, पुलिस ने कराया विसर्जन
जमुई शहर में शुक्रवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान युवाओं के बीच झड़प हो गई। यह घटना शहर के कल्याणपुर इलाके से निकले जुलूस में महाराजगंज के पास हुई। कल्याणपुर स्थित विद्यार्थी वृंद समिति के युवा मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन कर रहे थे। जानकारी के अनुसार, जुलूस शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहा था, तभी महाराजगंज के समीप युवाओं के बीच कर्तव्य दिखाने और आगे-पीछे चलने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ युवक आपस में मारपीट करने लगे। स्थिति बिगड़ती देख जुलूस के साथ चल रही जमुई पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला। पुलिस ने पहले युवाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब वे नहीं माने तो बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ दिया। पुलिस की सख्ती के बाद मौके पर स्थिति नियंत्रण में आई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जमुई पुलिस ने स्वयं ही मां सरस्वती की प्रतिमा का विधिवत विसर्जन कराया। इसके बाद पूरे इलाके में शांति बहाल हो गई। टाऊन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान युवा आपस में ही उलझ गए थे। उन्होंने बताया मामला फिलहाल शांत है और प्रतिमा का विसर्जन पुलिस की देखरेख में करा दिया गया है। एहतियातन पुलिस बल मौके पर तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बागपत के भाजपा जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को अपने क्षेत्र का गुड़ भेंट किया। जिलाध्यक्ष वेदपाल उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के साथ जिले में चल रही प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने उन्हें पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाकर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संगठन द्वारा चलाए जा रहे वीबी जीरामजी और एसआईआर अभियानों पर भी विस्तार से बात की। मुख्यमंत्री योगी ने इन अभियानों को और मजबूत करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि पार्टी को और सशक्त किया जा सके। उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा और बागपत में संगठन के साथ मिलकर मजबूती से काम किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि प्रत्येक व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
प्रयागराज में 36 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त:PDA ने भू-माफियाओं के खिलाफ FIR की तैयारी की
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने शुक्रवार को अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। जोनल अधिकारी सूरज पटेल के नेतृत्व में प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाकर लगभग 36 बीघा जमीन पर की गई अवैध प्लॉटिंग और निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई जोन-01 के उपजोन-1ए और 1बी में की गई। इब्राहिमपुर बमरौली में मोहम्मद अख्तर उर्फ सुम्मु प्रधान और उनके सहयोगियों द्वारा लगभग 21 बीघा में की गई अवैध प्लॉटिंग को जमींदोज किया गया। मोहद्दिनपुर भरेठा में मोहम्मद उबैद और मोहम्मद जैद ने करीब 10 बीघा जमीन पर बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण और प्लॉटिंग की थी, जिसे ढहा दिया गया। इसी क्रम में, मलाका मोहद्दिनपुर (महगांव) में अजीत प्रताप कुशवाहा और अन्य द्वारा लगभग 05 बीघा में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। PDA ने स्पष्ट किया है कि केवल ध्वस्तीकरण ही पर्याप्त नहीं है। इन अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ संबंधित थानों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने के लिए तहरीर दी जाएगी। जोनल अधिकारी सूरज पटेल ने बताया कि बिना अनुमति के की जा रही ऐसी किसी भी प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी सूरज पटेल के साथ अवर अभियंता विनोद गुप्ता, सुपरवाइजर अरुण यादव और PDA की प्रवर्तन टीम मौजूद रही। भारी पुलिस बल की उपस्थिति में ध्वस्तीकरण की यह प्रक्रिया शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
औद्योगिक नगर पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र से एक 8 वर्षीय बालक के लापता होने की खबर सामने आई है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाला ऋषभ शुक्रवार शाम 4 बजे से घर से गायब है। लापता बालक का नाम ऋषभ है, जो अजय लोधी का पुत्र है। वह दुर्गा माता मंदिर, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी का निवासी है। परिजनों के अनुसार, ऋषभ मानसिक रूप से दिव्यांग है और बोल पाने में असमर्थ है, जिससे उसकी तलाश में कठिनाई आ रही है। पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन घटना की जानकारी मिलते ही सेक्टर एक थाना पुलिस सक्रिय हो गई है। पुलिस की टीमें बालक की तलाश में जुट गई हैं और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बालक की जानकारी साझा की है ताकि जल्द से जल्द उसका सुराग मिल सके। जनता से सहयोग की अपील पुलिस और परिजनों ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। यदि किसी को भी इस बालक के बारे में कोई जानकारी मिलती है या वह कहीं दिखाई देता है, तो तुरंत पीथमपुर सेक्टर एक थाना पुलिस को सूचित करें।
कैमूर में डिजिटल भूमि सुधार तेज:परिमार्जन प्लस, ई-मापी में प्रगति; अधौरा अंचल अग्रणी
कैमूर में बिहार सरकार के राजस्व महा-अभियान के तहत डिजिटल भूमि सुधारों में तेजी आई है। 'परिमार्जन प्लस' और 'ई-मापी' जैसे अभियानों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है, जिसमें अधौरा अंचल ने जिले में अग्रणी स्थान हासिल किया है। 'परिमार्जन प्लस' अभियान के तहत कुल 1,16,331 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 1,01,113 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया जा चुका है। अधौरा अंचल ने 91.8% निष्पादन दर के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नुआंव (91.7%) और रामगढ़ (91.3%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी प्रकार, ऑनलाइन जमाबंदी (लेफ्ट आउट) श्रेणी में 72,151 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 63,850 आवेदनों का निपटारा पूरा कर लिया गया है। इस श्रेणी में भी अधौरा अंचल 95.2% निष्पादन दर के साथ अग्रणी रहा, जिसके बाद कुदरा अंचल 93.1% के साथ दूसरे स्थान पर रहा। 'ई-मापी' पोर्टल पर जिले में अब तक 8,693 आवेदन दर्ज किए गए हैं। इनमें से 5,648 मापी रिपोर्टों को स्वीकृत कर नागरिकों को उपलब्ध कराया गया है। भभुआ अंचल में सर्वाधिक 1,495 आवेदन प्राप्त हुए हैं। मापी तिथि निर्धारण में 95% से अधिक दक्षता हासिल की गई है। जिला पदाधिकारी ने हाल ही में एक बैठक में सभी अंचल अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से चैनपुर और चाँद अंचलों में कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। नागरिक अपनी जमाबंदी में त्रुटि सुधार या डिजिटल रिकॉर्ड के लिए 'परिमार्जन प्लस' पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह अभियान भूमि विवादों को कम करने और एक पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
प्रयागराज में शुक्रवार शाम उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) और संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में 'चलो मन गंगा-यमुना तीर' कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। संगम तट और त्रिवेणी धाम के पास सेक्टर 3 स्थित किला गेट चौराहे पर आयोजित इस कार्यक्रम में आस्था और कला का संगम देखने को मिला। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत काशी के अमलेश शुक्ला के भजनों से हुई। उन्होंने 'मर्यादा है इस देश की पहचान है गंगा' और 'बम बम बोल रहा है काशी' जैसे भजन प्रस्तुत किए। इसके बाद भोजपुरी गायिका कुसुम पाण्डेय ने 'नजर लागी राजा तोरे बंगले पर' और 'दिलवा लगा ले श्री राम से' जैसे गीतों से श्रोताओं का मनोरंजन किया। शाम का मुख्य आकर्षण 'द थर्ड बेल' संस्था द्वारा प्रस्तुत नाटक 'कैकेयी वरदान' रहा। आलोक नायर के निर्देशन में कलाकारों ने रामायण के उस प्रसंग को जीवंत किया, जिसमें मंथरा की कुटिलता के कारण अयोध्या का उल्लास विषाद में बदल गया था। ऋतिका अवस्थी (कैकेयी), अतुल कुशवाहा (दशरथ) और शिवांक द्विवेदी (श्रीराम) के अभिनय ने दर्शकों को प्रभावित किया। असम की हिमांजली बरुआ ने शास्त्रीय 'सतरिया नृत्य' के माध्यम से भगवान कृष्ण की लीलाओं का प्रदर्शन किया। मिताली वर्मा ने 'कथक' के जरिए गंगा अवतरण की कथा को मंच पर प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ लेटे हनुमान मंदिर के छोटे महंत परमानंद पुरी जी महाराज और अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने सभी कलाकारों को पौधे भेंट कर सम्मानित किया।
युवक ने पंखे से लटककर की आत्महत्या:मथुरा में हुई घटना,पुलिस ने शव भेजा पोस्टमार्टम
मथुरा शहर के थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बनखंडी मोहल्ले में शुक्रवार को एक युवक ने आत्महत्या कर ली। 27 वर्षीय भारत सैनी का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, बनखंडी मोहल्ला निवासी राजेश सैनी के पुत्र भारत का शव शुक्रवार को उसके छोटे भाई ने देखा। छोटा भाई खर्चे के पैसे मांगने भारत के कमरे में पहुंचा, जहां उसने बड़े भाई को फंदे से लटका पाया। इसके बाद परिजनों और पड़ोसियों को सूचना दी गई। परिजनों ने बताया कि भारत की शादी करीब डेढ़ साल पहले हुई थी। वह बीती रात वृंदावन में अपने साले के बेटे के छठी पूजन कार्यक्रम से लौटा था, जबकि उसकी पत्नी मायके में ही रुकी हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले लगभग एक सप्ताह से पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था, जिससे भारत मानसिक रूप से परेशान था। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक टीम ने कमरे का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। कोतवाली प्रभारी विनोद बाबू मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। युवक नशे का आदी बताया जा रहा है। उसने अपने घर के ऊपर बने कमरे में पंखे से मफलर का फंदा लगाकर फांसी लगाई। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है और मामले की जांच जारी है।
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके के बसंतकुंज योजना में शुक्रवार दोपहर एक महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पड़ोसियों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। बसंतकुंज योजना निवासी विवेक त्रिपाठी आईआईएम दिल्ली में कार्यरत हैं। उनकी पत्नी सोनाली (30) अपनी 9 साल की बेटी विस्ता के साथ बसंतकुंज में रहती थीं। परिजनों के मुताबिक शुक्रवार सुबह बेटी स्कूल चली गई थी और घर में सोनाली अकेली थीं। इसी दौरान उन्होंने दुपट्टे का फंदा बनाकर पंखे के सहारे फांसी लगा ली। पड़ोसी को घर भेजा दोपहर में मोबाइल कॉल रिसीव न होने पर विवेक त्रिपाठी ने पड़ोसी से घर जाकर देखने को कहा। दरवाजा खुलने पर कमरे में सोनाली का शव फंदे से लटकता मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मेंटल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था रिश्तेदार लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि सोनाली का आगरा स्थित मेंटल हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह पिछले कई दिनों से डिप्रेशन में थीं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
पीलीभीत में शुक्रवार को एक गैर-जमानती वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर हमला किया गया। ग्रामीणों और वारंटी के परिजनों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज, हाथापाई और धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामला गजरौला थाना क्षेत्र का है। घटना गजरौला थाना क्षेत्र के नकटिया गांव की है। उप-निरीक्षक मो. आरिफ के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव निवासी इंद्र कुमार उर्फ इंद्रजीत पुत्र चोखेलाल को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इंद्रजीत के खिलाफ न्यायालय से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी हुआ था। पुलिस ने घेराबंदी कर इंद्रजीत को हिरासत में ले लिया था। परिजनों ने पुलिस का रास्ता रोका पुलिस के अनुसार, जैसे ही इंद्रजीत को हिरासत में लिया गया, उसके परिवार के सदस्य और अन्य ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस टीम का रास्ता रोक लिया और वारंटी को छुड़ाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ बहस हुई, जिसके बाद आरोपियों ने हाथापाई और धक्का-मुक्की शुरू कर दी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गजरौला थाना प्रभारी ब्रजवीर सिंह ने बताया कि इनमें 6 नामजद और 6 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने इस मामले में वारंटी इंद्र कुमार उर्फ इंद्रजीत, अंतराम, गोकुल प्रसाद, खेमकरन (सभी पुत्रगण चोखेलाल) और गायत्री (पुत्री चोखेलाल) को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया ने बताया- सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस टीम पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मुख्य आरोपी इंद्रजीत की पत्नी ओमवती अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
अस्पताल में डॉक्टर अनुपस्थित मिले, नोटिस जारी:छतरपुर में जिला पंचायत सीईओ औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे
छतरपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) नम: शिवाय अरजरिया ने शुक्रवार शाम जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान ओपीडी में दो डॉक्टर अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए हैं। सीईओ अरजरिया ने ओपीडी, लेबर रूम और एसएनसीयू वार्ड का गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की और सुधार के लिए निर्देश दिए। अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए बेहतर इंतजाम करने के सख्त आदेश दिए गए। निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टर पीयूष चतुर्वेदी और डॉक्टर आरके वर्मा अनुपस्थित मिले। सीईओ ने तत्काल दोनों डॉक्टरों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। सीईओ अरजरिया ने बताया कि अस्पताल की सेवाओं को अधिक प्रभावी और मरीज-केंद्रित बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। अधिकारियों ने जानकारी दी कि निरीक्षण के बाद दिए गए निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फाजिल्का में 15 किलो तांबा समेत चोर गिरफ्तार:घरों से चुराता था बर्तन, नशीली गोलियों समेत 3 युवक पकड़े
फाजिल्का में सिटी थाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए युवक से घरों से चोरी किए गए स्टील और तांबे के बर्तन सहित करीब 15 किलो तांबा बरामद हुआ है। हालांकि पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3 अन्य युवाओं को भी गिरफ्तार किया है। जिनसे 40 नशीली गोलियां मिली है। पकड़े गए इन तीनों युवाओं में से 2 पर पहले भी मुकदमे दर्ज है । 15 किलो तांबा बरामद फाजिल्का सिटी थाना के एसएचओ सचिन कंबोज ने बताया कि पुलिस लगातार सतर्क है। चोरी और नशे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी के तहत पुलिस ने एक घर से चोरी करने वाले युवक को पकड़ा है। इसके बाद उससे गहराई से पूछताछ की गई तो पुलिस ने उससे घरों से चोरी किए गए स्टील और तांबे के बर्तन बरामद किए है। करीब 15 किलो तांबा बरामद हुआ है। जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। और उसे अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। आरोपी की पहचान बलविंदर कुमार वासी जट्टीयां वाला मोहल्ला के रूप में हुई है। नशीली गोलियों समेत 3 गिरफ्तार एसएचओ सचिन कंबोज ने बताया कि पुलिस ने नशे के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जिसमें पुलिस ने 3 युवाओं को पकड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने राहुल, सनी और साहिल को पकड़ा है । जिनसे 40 नशीली गोलियां बरामद हुई है । पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीनों आरोपियों में से दो आरोपी साहिल और राहुल पर पहले भी एनडी के मुकदमे दर्ज है । फिलहाल इन्हें भी अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जा रहा है, और पूछताछ की जाएगी ।
जयपुर में दिनदहाड़े दो बदमाशों ने बुजुर्ग महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर लूट लिया। बदमाशों ने महिला को ऑटो में बैठाकर करीब ढाई घंटे तक शहर में घुमाया। इसके बाद दोनों हाथों से सोने के कड़े व अंगूठियां उतार ली। मानसरोवर में अग्रवाल फार्म स्थित थड़ी मार्केट में शुक्रवार को सावित्री शर्मा (78) से बदमाशों ने खाने के लिए रुपए मांगे। भरोसा जीतकर ऑटो में बैठाया। बाद में सावित्री शर्मा को बेहोशी करके एसएमएस अस्पताल के गेट नंबर-3 के पास छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता के परिजनों ने देर शाम एफआईआर दर्ज कराई। भरोसा जीता, ऑटो रिक्शा में बैठायापीड़िता सावित्री शर्मा शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे द्वारका अपार्टमेंट से थड़ी मार्केट गई थी। इसी दौरान बाजार में दो युवक उनके पास पहुंचे और खाने के लिए रुपए मांगने लगे। बातों में उलझाकर दोनों ने महिला का भरोसा जीत लिया। महिला जब आगे बढ़ीं तो बदमाशों ने पास खड़े एक ऑटो ड्राइवर को इशारा किया। बुजुर्ग महिला को घर छोड़ने की बात कहकर ऑटो में बैठा दिया। महिला के बैठते ही दोनों युवक भी पीछे बैठ गए। महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया, जेवर लूटेकुछ दूरी तय करने के बाद बदमाशों ने महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया। इसके बाद वे ऑटो से दुर्गापुरा होते हुए एसएमएस अस्पताल पहुंचे। इस दौरान आरोपियों ने महिला के हाथों से सोने के दो कड़े (करीब 30 ग्राम वजन) और दो अंगूठियां (करीब 10 ग्राम वजन) उतार लिए। लूटे गए जेवरों की कीमत करीब 7 लाख रुपए बताई जा रही है। महिला को बेहोशी की हालत में एसएमएस छोड़ गएदोपहर करीब 2 बजे बदमाशों ने महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल के गेट पर छोड़ दिया। कुछ देर बाद होश में आने पर महिला ने खुद ऑटो किया। अग्रवाल फार्म स्थित अपने अपार्टमेंट पहुंचीं। घर पहुंचने पर उनके बेटे विपिन शर्मा ने शिप्रापथ थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। डॉक्टर को बुलाकर महिला का उपचार करवाया। आरोपियों की धड़-पकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले को लेकर थानाप्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया- बदमाशों की तलाश के लिए थड़ी मार्केट और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही ऑटो ड्राइवरों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
गोरखपुर में चल रहे रोड चौड़ीकरण एवं विद्युत लाइन शिफ्टिंग के कार्य के चलते शनिवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। यह कार्य यातायात व्यवस्था को बेहतर करने और विद्युत लाइनों को सुरक्षित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। शनिवार सुबह 11.00 बजे से शाम 04.00 बजे तक विद्युत उपकेंद्र राप्तीनगर के 11 केवी राम जानकी नगर फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र विकास नगर के 11 केवी विकास नगर, विस्तार नगर, बरगदवा और मानीराम फीडर से जुड़े इलाकों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। निर्धारित समय में कार्य पूरा करने का दावा विद्युत विभाग के अनुसार लाइन शिफ्टिंग का कार्य तय कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा और इसे निर्धारित समय के भीतर पूरा करने का प्रयास रहेगा। कार्य समाप्त होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से पहले से तैयारी की अपील विभाग ने प्रभावित इलाकों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके।
चैनपुर थाना क्षेत्र के मदुरना गांव में शुक्रवार को एक 28 वर्षीय युवक की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान अभिषेक कुमार के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय राधेश्याम सिंह के पुत्र थे और मदुरना गांव के निवासी थे। यह घटना गांव से पूर्व दिशा में स्थित काली स्थान के निकट हुई। जानकारी के मुताबिक, अभिषेक कुमार गांव से काली स्थान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के किनारे उनका पैर फिसल गया और वह उसमें गिर गए। घटना के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिसके कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका और उनकी डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर चैनपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। पूर्व मुखिया प्रभु नारायण सिंह ने बताया कि यह हादसा पैर फिसलने के कारण हुआ। मृतक के परिजनों ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से आर्थिक मुआवजे की मांग की है। ग्रामीणों ने प्रशासन से ऐसे खतरनाक गड्ढों को भरवाने या चिह्नित करने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।
सजेती थाना क्षेत्र के अनूपुर मोड़ से बीबीपुर मार्ग पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 55 वर्षीय अधेड़ की मौत हो गई। मृतक हमीरपुर से ड्यूटी कर पैदल अपने गांव लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार मऊनखत निवासी रामबाबू (55) हमीरपुर स्थित एक गैस एजेंसी में कार्यरत थे। देर रात ड्यूटी समाप्त कर वह अनूपुर मोड़ पहुंचे और वहां से बीबीपुर मार्ग होते हुए पैदल अपने गांव मऊनखत जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से रामबाबू को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे। जहां शव देख परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के परिवार में दो बेटे राहुल (22) व आयुष (19) तथा दो बेटियां रचना (28) और छोटी (25) हैं। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। रामबाबू परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, जिससे उनकी मौत के बाद परिजनों के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कराई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
राजधानी रायपुर में तेज आवाज और फटाके जैसी आवाज निकालने वाले माडिफाई सायलेंसर पर अब पुलिस ने सख्त रुख अपना लिया है। रायपुर पुलिस ने न सिर्फ ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई तेज की है, बल्कि माडिफाई सायलेंसर बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी अभियान शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार 30 जनवरी को एम.जी. रोड स्थित ऑटो पार्ट्स की 8 दुकानों पर छापामार कार्रवाई की गई, जहां से अवैध माडिफाई सायलेंसर जब्त किए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है, कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एम.जी. रोड की दुकानों पर छापा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस आयुक्त रमेश ऐरेवार और यातायात थाना शारदा चौक प्रभारी निरीक्षक ढालू दास मानिकपुरी ने दल-बल के साथ एम.जी. रोड स्थित ऑटो पार्ट्स दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पूजा एसेसरीज में माडिफाई सायलेंसर बिक्री के लिए पाए गए, जिन्हें जब्त कर थाना मौदहापारा को सुपुर्द किया गया है। दुकान संचालक के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रॉयल इनफील्ड शोरूम्स की भी जांच इसी तरह शहर के अलग-अलग इलाकों में संचालित ऑटो पार्ट्स दुकानों और शोरूम्स की जांच की गई। सहायक पुलिस आयुक्त सतीश ठाकुर, यातायात थाना प्रभारी तेलीबांधा भुनेश्वर साहू, पंडरी यातायात थाना के एएसआई लच्छन निषाद और टाटीबंध यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक विशाल कुजूर की टीम ने अवंतीबाई चौक, तेलीबांधा और टाटीबंध स्थित रॉयल इनफील्ड शोरूम्स का निरीक्षण किया। शोरूम संचालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे न तो माडिफाई सायलेंसर बेचें और न ही किसी वाहन में फिट करें। 6 दिन में 130 से ज्यादा वाहन जब्त पुलिस का अभियान सिर्फ दुकानों तक सीमित नहीं है। शहर में माडिफाई सायलेंसर लगे बुलेट वाहनों के खिलाफ लगातार छठे दिन भी चेकिंग अभियान जारी रहा। बीते 6 दिनों में 130 से अधिक बुलेट वाहन चालकों पर मोटरयान अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई है और उनके माडिफाई सायलेंसर जब्त किए गए हैं।
सुल्तानपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक महिला अनियंत्रित होकर गिर गई। ड्यूटी पर तैनात जीआरपी और आरपीएफ स्टाफ की तत्परता से उसकी जान बचा ली गई। यह घटना शुक्रवार को हुई। महिला अयोध्या धाम-प्रयागराज जंक्शन के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 04113 माघ मेला स्पेशल में चढ़ने का प्रयास कर रही थी, तभी संतुलन बिगड़ने से वह गिर गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मौके पर मौजूद जीआरपी थानाध्यक्ष भोला शंकर, कांस्टेबल रामेश्वर प्रसाद, कांस्टेबल प्रवीण कुमार पाल, महिला हेल्प डेस्क पर तैनात महिला कांस्टेबल अंजली, क्यूआरटी टीम के कांस्टेबल संदीप और आरपीएफ कांस्टेबल अंकुश ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला को बचाया। बचाई गई महिला की पहचान 30 वर्षीय विनीता के रूप में हुई है। वह सुल्तानपुर जिले के कूरेभार थाना क्षेत्र के सराय गोकुल गांव की निवासी हैं। घटना के बाद महिला को प्राथमिक उपचार के लिए सुल्तानपुर जिला अस्पताल ले जाया गया। उपचार के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। सुल्तानपुर के रेलवे स्टेशन अधीक्षक और माघ मेला के यात्रियों ने जीआरपी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
हमीरपुर में नौ साल पुराने सामूहिक हत्याकांड मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (डकैती) अनिल कुमार खरवार की अदालत ने शुक्रवार को तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 19-19 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या से जुड़ा है। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मणिकर्ण शुक्ल ने बताया कि यह घटना 12 मई 2017 को हुई थी। थाना सिसोलर क्षेत्र के पासुन लेवा निवासी जुगुल किशोर ने मौदहा के कजियाना मोहल्ले में स्थित अपने बड़े पापा कृष्णपाल सिंह के घर में पांच शव मिलने की सूचना दी थी। मृतकों में कृष्णपाल सिंह, उनकी पत्नी कुसुमा देवी, पुत्री रानी, नातिन आकांक्षा और आकांक्षा की छह माह की पुत्री शामिल थीं। इस मामले में 13 मई 2017 को सौरभ सिंह निवासी पीपरी अठगइयां, थाना सिरसा कलार, जिला जालौन ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में जुगुल किशोर पर ही अपने साथियों के साथ मिलकर सामूहिक हत्या करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने जुगुल किशोर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन चार माह बाद जांच में वह निर्दोष पाया गया। जांच में नया मोड़ तब आया जब 13 सितंबर 2017 को एसओजी प्रभारी रामाश्रय यादव ने हत्या के बाद लूटे गए मोबाइल के ईएमआई नंबर की लोकेशन ट्रेस की। यह लोकेशन मौदहा के बड़े चौराहा क्षेत्र में मिली। टीम ने दबिश देकर कामता उर्फ अजय सिंह और मूलचंद्र उर्फ मुल्लू श्रीवास नामक दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश का खुलासा किया और मोबाइल मृतका रानी देवी के होने की पुष्टि हुई। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि कृष्णपाल का पारिवारिक भतीजा पुष्पेंद्र सिंह भी इस साजिश में शामिल था। पुष्पेंद्र ने उन्हें घर में भारी मात्रा में जेवरात और नकदी होने की जानकारी दी थी। लालच में आकर तीनों ने 10 मई 2017 को घर में घुसकर पहले सभी को शराब पिलाई। इसके बाद एक-एक कर सभी की गला घोंटकर और सिर पटककर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी जेवरात, नकदी और मोबाइल लूटकर फरार हो गए थे।
पंजाब के बठिंडा स्थित रामफूला क्षेत्र में एक घर से पिता-पुत्र के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर जब सहारा समाज सेवा बठिंडा की टीम मौके पर पहुंची तो घर के अंदर 80 वर्षीय रमेश कुमार और उनके 50 वर्षीय बेटे संजय कुमार के शव मिले। दोनों अलग-अलग बेड पर पड़े थे। यह करीब दस से 15 दिन पुराने लग रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। परिवार ने किसी पर संदेह नहीं जताया । इसके बाद की कानूनी कार्रवाई करने के बाद शवों का संस्कार कर दिया। पुलिस का कहना है कि मौत प्राकृतिक थी। शव देखने से 10 से 15 दिन पुराने लगे थाना सिटी रामपुरा पुलिस के इंस्पेक्टर हरबंस सिंह ने बताया कि, हमें सूचना मिली थी कि एक घर में दो शव पड़े हैं। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि रमेश कुमार और उनके बेटे संजय कुमार की मौत हो चुकी है। दोनों पिता-पुत्र थे। रमेश कुमार चलने-फिरने में असमर्थ थे। जांच में सामने आया कि संजय कुमार की मौत करीब 15–20 दिन पहले हो चुकी थी, जिससे उनका शव गल चुका था। इसके बाद बुजुर्ग रमेश कुमार को खाने-पीने के लिए कोई नहीं मिला, जिस कारण उनकी भी मौत हो गई। मौके का निरीक्षण करने पर किसी तरह की छेड़छाड़ के कोई निशान नहीं मिले। मृतकों के रिश्तेदारों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है और मौत को प्राकृतिक बताया है। दोनों के शव अलग बेड पर पड़े थे सहारा समाज सेवा संस्था के प्रधान संदीप ने बताया कि यह मामला रामफूल क्षेत्र का है। मुझे हमारे काउंसिल के पूर्व प्रधान सुनील कुमार का फोन आया कि एक घर में पिता-पुत्र के शव पड़े हैं। जब हमारी टीमें वहां पहुंचीं तो दोनों शव अलग-अलग बेड पर पड़े थे। खाने पीने को कुछ नहीं मिला मृतक रमेश कुमार के चार बच्चे थे, दो बेटे और दो बेटियां। संजय अविवाहित था और लंबे समय से दोनों अकेले रह रहे थे। शवों की स्थिति देखकर अनुमान है कि ये 8 से 10 दिन पुराने हैं। वह करीब 25 वर्षों से अकेले रह रहे थे। संजय की बॉडी करीब 15 दिन पुरानी थी, जबकि बुजुर्ग रमेश कुमार की मौत लगभग 10 दिन पहले हुई थी। लगता है कि बुजुर्ग को खाने पीछे को कुछ नहीं मिला कोई फोन नहीं उठा रहा था पता चल रहा है कि मृतक रमेश कुमार की बेटी लगातार उन्हें फोन कर रही थी। लेकिन दस 12 दिन से कोई फोन नहीं उठा रहा था। इस वजह से उसे लगा कि कुछ हो गया । ऐसे में वह सीधे अपने घर पहुंची तो सारी बात सामने आई है। दोनों डिप्रेशन में थे।
सीकर कलेक्ट्रेट में आज जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (सिटी) भावना शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में चिकित्सा विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और गतिविधियों की समीक्षा की गई। एडीएम भावना शर्मा ने एनसीडी, निशुल्क दवा योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना और अन्य सभी योजनाओं की रैंकिंग में सुधार तथा नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. निर्मल सिंह ने सभी बीसीएमओ को एनसीडी सर्वे, स्क्रीनिंग, फॉलोअप, एएनसी जांच, प्रसव, टीकाकरण, दवा योजना, परिवार कल्याण सहित सभी योजनाओं में टारगेट पूरे नहीं करने पर कार्रवाई होने और नोटिस जारी करने की चेतावनी दी। स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षाआरसीएचओ डॉ. विशाल सिंह ने 12 सप्ताह में एएनसी पंजीकरण, टीकाकरण, प्रेग्नेंट टेस्ट्स, संस्थागत प्रसव, मिसिंग डिलीवरी, स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्रों और मदरसों में की गई स्क्रीनिंग की समीक्षा करते हुए प्रोग्रेस रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए। एडिशनल सीएमएचओ डॉ. हर्षल चौधरी ने परिवार कल्याण कार्यक्रम की ब्लॉक वार उपलब्धियों की जानकारी देते हुए एन्क्वास कार्यक्रम के तहत जिले के 50 प्रतिशत संस्थाओं को सर्टिफाइड करवाए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अभी 2 ब्लॉक में एक भी संस्थान सर्टिफाइड नहीं है। उन्होंने सभी बीसीएमओ को कार्यक्रम के तहत फर्स्ट लेवल पर एसेसमेंट करने के लिए 50 संस्थाओं का नाम भिजवाने के निर्देश दिए। टीबी उन्मूलन और अन्य स्वास्थ्य पहलबैठक में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. रतनलाल ने बताया कि जिले के नीमकाथाना ब्लॉक में हैंड हैल्ड एक्स-रे मशीन उपलब्ध हो चुकी है। इसके अलावा भी जिले को कई मशीनें मिलेंगी। उन्होंने टीबी उन्मूलन के लिए सीबी नॉट जांच की ब्लॉकवार प्रोग्रेस के बारे में जानकारी दी। बैठक में जनाना अस्पताल के प्रभारी डॉ. राजेश मीणा, जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी तथा बीसीएमओ मौजूद रहे।
किशनगंज में शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की 11 सदस्यीय विशेष टीम ने भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर गहन जांच अभियान चलाया। पटना से पहुंची इस टीम ने दस्तावेजों और रजिस्टरों की बारीकी से पड़ताल की। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय की जांच की टीम में डीएसपी, इंस्पेक्टर सहित वरिष्ठ पुलिस और जांच अधिकारी शामिल थे। बताया गया कि टीम पहले किशनगंज पहुंची और फिर ठाकुरगंज प्रखंड के अंतर्गत गलगलिया के लिए रवाना हुई। टीम ने गलगलिया स्थित कस्टम कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की। यह कार्रवाई पटना से प्राप्त विशेष खुफिया सूचना के आधार पर की गई। जानकारी के अनुसार, टीम को सीमा पर सक्रिय तस्करी और माफिया गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं मिली थीं। हालांकि, इस संबंध में कोई भी अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। टीम में शामिल अधिकारियों ने भी मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया और चुप्पी साधे रखी। जांच के विवरण को गोपनीय रखा गया है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पर सक्रिय माफिया सिंडिकेट को निशाना बनाने के लिए की गई है। किशनगंज जिला नेपाल सीमा से सटा होने के कारण यहां तस्करी और अवैध गतिविधियां अक्सर होती रहती हैं। साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई गलगलिया क्षेत्र में पहले भी पुलिस, एसएसबी और अन्य एजेंसियों द्वारा कई बार छापेमारी की जा चुकी है, जिसमें ड्रग्स और नकली मुद्रा जैसी सामग्री बरामद हुई हैं। हाल ही में साइबर फ्रॉड और ड्रग तस्करी पर भी सख्त कार्रवाई हुई है। टीम के अगले कदम पर सभी की नजर है, जिससे बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पूर्णिया जिले के भवानीपुर प्रखंड के सुपौली पंचायत स्थित ब्रह्मज्ञानी कामत टोला में शुक्रवार शाम करीब साढ़े छह बजे भीषण आग लग गई। इस घटना में पांच परिवारों के घर और उनमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। आग की चपेट में आने से चार मवेशियों की भी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, आग से कामत टोला निवासी रंजीत ठाकुर, जयमाला देवी, मुकेश ठाकुर, बरुन ठाकुर और काला देवी के घर पूरी तरह जल गए। आग इतनी तेजी से फैली कि पीड़ित परिवार अपने घरों से पहनने वाले कपड़ों के अलावा कुछ भी नहीं बचा पाए। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, जरूरी कागजात और अन्य घरेलू सामान नष्ट हो गया। घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने बाल्टी और पंपिंग सेट की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही रुपौली थाना से दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक पांचों परिवारों के घर और उनमें रखा सारा सामान जलकर खाक हो चुका था। इस संबंध में भवानीपुर की सीओ ईशा रंजन ने बताया कि आग लगने की सूचना मिली है। उन्होंने संबंधित राजस्व कर्मचारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
लखनऊ में 1090 चौराहे से मुख्यमंत्री आवास तक भीषण जाम लगा, जिससे आम लोगों को काफी देर तक सड़क पर फंसे रहना पड़ा। मुख्यमंत्री आवास के बाहर ट्रैफिक पूरी तरह बेकाबू दिखा। वहीं 1090 से समता मूलक चौराहे की ओर जाने वाली सड़क पर भी वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम की स्थिति इतनी भयावह रही कि वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। देर शाम दफ्तर से लौटने वाले लोग जाम से जूझते हुए नजर आए। सिविल अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्ग पर भी भारी जाम के कारण मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जाम पुलिस के लिए बना चुनौती लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच ट्रैफिक नियंत्रण पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। राजधानी में लगभग हर रोज किसी न किसी इलाके में जाम की समस्या सामने आ रही है, जिससे आम नागरिकों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। अवैध पार्किंग भी जाम का एक बड़ा कारण स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, लेकिन उसे रोकने में संबंधित अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं। सड़कों के किनारे लगने वाली अस्थाई दुकानें और अवैध पार्किंग भी जाम का एक बड़ा कारण है। दिन के समय स्कूलों के आसपास जाम की स्थिति बनी रहती है। जबकि देर शाम होते-होते प्रमुख चौराहों का हाल बदहाल हो जाता है।
संगम नगरी में खेल और पत्रकारिता के संगम के रूप में पहचाने जाने वाले 'अब्बास राय मीडिया कप' क्रिकेट टूर्नामेंट का आगाज आज (शनिवार) से होने जा रहा है। शुक्रवार को इलाहाबाद न्यूज रिपोर्टर्स क्लब के गणेश शंकर विद्यार्थी सभागार में आयोजित एक सादे लेकिन भव्य समारोह में टूर्नामेंट की चमचमाती ट्रॉफी का अनावरण किया गया। कप्तानों की मौजूदगी में हुआ ट्रॉफी का अनावरण इलाहाबाद न्यूज रिपोर्टर्स क्लब के सचिव मुनेंद्र बाजपेई ने टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही सभी आठ टीमों के कप्तानों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ट्रॉफी को सार्वजनिक किया। इस मौके पर रेलवे ऑफिसर अमित मालवीय मौजूद रहे। इस दौरान खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आयोजन सचिव अमित श्रीवास्तव ने क्लब के पदाधिकारियों और कप्तानों का स्वागत कर प्रतियोगिता की रूपरेखा साझा की। मैदान पर भिड़ेंगी ये 8 टीमें इस बार प्रतियोगिता में सरकारी विभागों, प्रोफेशनल्स और क्लबों की दिग्गज टीमें हिस्सा ले रही हैं। ट्रॉफी अनावरण के मौके पर इन टीमों के कप्तान मौजूद रहे: फ्लाइंग डेगर्स: डॉ. अंकित सिंह सीडीए पेंशन: आयुष तिवारी पीडब्ल्यूडी सुपर किंग्स: चंद्रेश यादव एनसीआर ऑफिसर्स: राहुल सिंह सीए इलेवन: नितिन मेहरोत्रा इनविजिबल टाइटंस: सागर आलमाईटी इलेवन: आशीष शर्मा रेलवे राइजिंग स्टार: महेंद्र गुप्ता सुबह 9 बजे से पहला मुकाबला टूर्नामेंट का आधिकारिक उद्घाटन शनिवार सुबह 8:30 बजे केपी कॉलेज मैदान पर होगा। इसके तुरंत बाद सुबह 9:00 बजे से प्रतियोगिता का उद्घाटन मैच 'आलमाईटी इलेवन' और 'फ्लाइंग डेगर्स' के बीच खेला जाएगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए उत्तर मध्य रेलवे के पीआरओ अमित मालवीय, हेल्दी हैबिट फूड्स के दीपक सिंह व अतुल सिंह समेत कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। इनका रहा विशेष सहयोग कार्यक्रम का सफल संचालन सुधीर सिन्हा ने किया, जबकि मकसूद अहमद और सचिन प्रजापति ने आए हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। आयोजकों का कहना है कि यह टूर्नामेंट न केवल खेल भावना को बढ़ावा देगा, बल्कि विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय को भी मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 फरवरी को जालंधर दौरे पर आ रहे हैं। उनके प्रस्तावित दौरे से पहले आदमपुर एयरपोर्ट के नामकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस दौरान एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की मांग जोर पकड़ रही है। अभी कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की मांग उठाई थी। अब राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने भी इस मांग को दोहराया है। जिला प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां तेज कर रहा है। 2 साल पहले हुआ था वर्चुअल उद्घाटन मीडिया से बात करते हुए अशोक मित्तल ने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदमपुर एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया था। उस समय भी उन्होंने प्रधानमंत्री से एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखने की अपील की थी। सांसद मित्तल ने कहा कि अब 1 फरवरी को प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर इसी एयरपोर्ट पर आ रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इस बार वे आदमपुर एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम पर रखकर ही वापस जाएं।
खैरथल-तिजारा जिले की पंचायत समिति मुंडावर की ग्राम पंचायत सूरजपुरा में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर में स्थानीय कृषक भीम सिंह यादव ने अपनी मेहनत और नवाचार से आत्मनिर्भरता की एक प्रेरक कहानी प्रस्तुत की। उन्होंने जैविक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों का उपयोग कर यह साबित किया कि सही दिशा और सरकारी योजनाओं का समुचित उपयोग खेती को लाभकारी और टिकाऊ बना सकता है। रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैविक खाद इस्तेमाल की भीम सिंह यादव ने रासायनिक उर्वरकों के बजाय जैविक खादों को अपनाकर अपनी खेती की पद्धति में बदलाव किया। इस पहल से न केवल फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि खेतों की मिट्टी का स्वास्थ्य भी लगातार बेहतर हुआ है। जैविक खेती के साथ-साथ उन्होंने पशुपालन को भी आय का एक मजबूत साधन बनाया है। वर्तमान में उनके पास एक देशी गाय, एक भैंस, दो पाड़ी और एक बछड़ी है, जो उन्हें नियमित आय प्रदान करती हैं। एप्पल प्रजाति के 150 बेर के पौधों का रोपण किया फलोत्पादन के क्षेत्र में भी उन्होंने नवाचार किया है। जून 2025 में उन्होंने थाई एप्पल प्रजाति के 150 बेर के पौधों का रोपण किया। इस बगीचे में सरकारी योजना के तहत ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित की गई है,जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव हो सका है। दूसरे किसानों को भी कर रहे प्रेरित उन्होंने अपने खेत पर एक वर्मीकम्पोस्ट इकाई स्थापित की है, जिससे वे नियमित रूप से जैविक खाद का उत्पादन करते हैं। इस खाद का उपयोग वे अपनी खेती में करते हैं और साथ ही आसपास के किसानों को उच्च गुणवत्ता के केंचुए उपलब्ध कराकर उन्हें भी जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रहे हैं। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था हेतु वे पिछले पांच वर्षों से नेपीयर घास का उत्पादन कर रहे हैं, जिससे साल भर चारे की कोई कमी नहीं रहती। काले गेहूं की उन्नत किस्म की खेती भी अपनाई फसली विविधता के तहत उन्होंने सामान्य गेहूं के साथ-साथ काले गेहूं की उन्नत किस्म की खेती भी अपनाई है। इसके अलावा, कृषि वानिकी को बढ़ावा देते हुए उन्होंने खेत की मेड़ों पर 300 महोगनी पौधों का रोपण किया है, जिससे भविष्य के लिए स्थायी आय का एक मजबूत आधार तैयार हुआ है। भीमसिंह यादव ने सरकारी विभागीय योजनाओं का लाभ उठाते हुए फार्म पॉण्ड, वर्मीकम्पोस्ट इकाई, ड्रिप सिंचाई, मिनी फव्वारा प्रणाली और तारबंदी जैसी सुविधाएं स्थापित कीं, जिन पर उन्हें अनुदान भी प्राप्त हुआ।
झांसी के सीपरी बाजार थाना के प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा को हटा दिया गया। एसएसपी ने शुक्रवार को उनको लाइन हाजिर कर दिया। उनकी जगह अब अपराध शाखा के प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश चौबे को सीपरी बाजार थाना प्रभारी बनाया गया है। लगभग 4 माह पहले तत्कालीन सीपरी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद सिंह को भी हटाया गया था। तब प्रभारी मंत्री बेबी रानी मौर्य ने उनके खिलाफ अमर्यादित आचरण करने की शिकायत डीजीपी से कर दी थी। उसमें सीपरी बाजार थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग की गई। इस मामले ने भूचाल ला दिया। सोशल मीडिया पर प्रभारी मंत्री का पत्र वायरल हो गया। इसके बाद पुलिस अफसरों ने 10 सितंबर को आनंद सिंह का तबादला एएचटीयू शाखा में कर दिया था। 3 दिन बाद पुलिस लाइन से इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा को थाने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब विनोद मिश्रा को भी हटाया गया है।
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में औद्योगिक विकास करने का काम किया है। यह प्रयास पहले भी कई लोगों ने किए होंगे, लेकिन पहले राजस्थान में अस्थिर सरकार थी। कांग्रेस की सरकार में उसी के उप मुख्यमंत्री उनकी टांग खिंचाई करते रहते थे और वे अपनी सरकार को बचाने के लिए होटल में बैठे रहते थे। ऐसी अस्थिर सरकार में कोई भी उद्योगपति अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा नहीं लगाएगा। लेकिन अब जब उद्योगपति को लग गया है कि केंद्र और राज्य में बीजेपी की स्थिर सरकार है, तो निवेशक अपनी गाढ़ी कमाई राजस्थान में लगाने को तैयार हुए हैं। राइजिंग राजस्थान में 35 लाख करोड़ के एमओयू हुए, उसमें से 8 लाख करोड़ के एमओयू धरातल पर उतर गए हैं, उनका काम भी शुरू हो गया है। मदन राठौड़ शुक्रवार को बीजेपी युवा मोर्चा के नव नियुक्त अध्यक्ष शंकर गोरा के पदभार ग्रहण समारोह में पहुंचे थे। समारोह को संबोधित करते हुए मदन राठौड़ ने ये बातें कहीं। कार्यक्रम में सीएम भजनलाल शर्मा को भी शामिल होना था, लेकिन वो कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। बिचौलियों को हटा दिया तो भ्रम फैला रहे हैं मदन राठौड़ ने कहा - पहले भी देश में पैसा था, लेकिन बिचौलिए पैसा खा जाया करते थे। लेकिन पीएम मोदी ने पैसा खाने वालों को जेल की सलाखों में बंद करने का काम किया। इसलिए आज विकास के लिए पैसा मिल रहा है, कोई अपने घर से पैसा नहीं लगाता है। चोरों को पैसा नहीं खाने दिया, इसलिए पूरा पैसा विकास में लग रहा है। इन बिचौलियों को पैसा खाने का अवसर नहीं मिल रहा है, तो ये भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। लेकिन आप लोग भ्रम फैलाने वालों पर विश्वास मत कीजिए। पीएम नरेन्द्र मोदी और सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व पर भरोसा कीजिए। चुनावों में युवा मोर्चा की निर्णायक भूमिका रहेगी भाजयुमो के प्रदेशाध्यक्ष शंकर गोरा ने कहा कि युवा मोर्चा सरकार की योजनाओं और भर्ती कैलेंडर को जन-जन तक पहुंचाएगा और आगामी पंचायत व नगरीय निकाय चुनावों में बूथ स्तर तक सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनावों में भाजयुमो की भूमिका निर्णायक होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 19 पेपर लीक हुए, जिससे गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ। जबकि प्रदेश की भजनलाल सरकार ने पेपर लीक माफियाओं को जेल भेजने का काम किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा जारी एक लाख सरकारी नौकरियों के भर्ती कैलेंडर के लिए आभार व्यक्त किया।
नवादा में मध्यस्थता के प्रचार-प्रसार हेतु न्यायिक पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर यह बैठक 30 जनवरी 2026 को अपराह्न 04:35 बजे व्यवहार न्यायालय, नवादा स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में हुई। इसकी अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा सुश्री शिल्पी सोनीराज ने की। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री सोनीराज ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार 90 दिवस – Mediation ‘For the Nation’ Drive 2.0 अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को मध्यस्थता के माध्यम से सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान न्यायालय की जटिल प्रक्रिया के बजाय संवाद और आपसी सहमति के आधार पर विवाद समाधान को प्राथमिकता देता है, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र और प्रभावी निपटारा संभव हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि पक्षकार इस अभियान के तहत ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड मोड में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करते हुए मध्यस्थता प्रक्रिया से अपने विवादों का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। लोग विवादों को समझौता से करा सकते हैं निस्तारण इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने जानकारी दी कि यह अभियान उन मामलों को कवर करता है जिनमें समझौते की संभावना अधिक होती है। इनमें परिवार वाद, क्लेम वाद, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, उपभोक्ता विवाद, सुलहनीय आपराधिक मामले, बंटवारा वाद, मकान मालिक एवं किरायेदार विवाद, भूमि अधिग्रहण सहित अन्य विवाद शामिल हैं। इन मामलों का निपटारा प्रशिक्षित मध्यस्थों के सहयोग से किया जाएगा। श्री पाण्डेय ने बताया कि जनवरी 2026 में ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित पक्षकारों को सूचना दी जाएगी और मध्यस्थता हेतु मामले सौंपे जाएंगे। मध्यस्थ अधिवक्ता पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर विवादों का समाधान कराएंगे। बैठक में ये अधिकारी उपस्थित रहे बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नवादा के साथ प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, नवादा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय, तृतीय, पंचम, षष्ठ (पॉक्सो), नवम एवं ग्यारह, अनन्य विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/जनजाति), अनन्य विशेष न्यायाधीश उत्पाद प्रथम एवं द्वितीय, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, नवादा, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी I, II, IV एवं V, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी, नवादा, मुंसिफ, नवादा, प्रधान दण्डाधिकारी किशोर न्याय परिषद, नवादा सहित न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी श्रीमती सोनल सरोहा, सुश्री अनिता कुमारी, श्री आदित्य आनंद, श्री कमरूजमी एवं श्री निखिल कुमार उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में हुए ब्लास्ट मामले में प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई 22 जनवरी 2026 को हादसे की जांच रिपोर्ट पर की गई है। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना होगा। बतादें कि बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में 22 जनवरी 2026 को हुए ब्लास्ट से 6 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। पहले देखिए तस्वीरें हादसे के बाद कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने जांच की। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के सहायक संचालक की ओर से जारी आदेश के अनुसार, गंभीर दुर्घटना की जांच में पाया गया कि कारखाना प्रबंधन ने कारखाना अधिनियम, 1948 और छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 में प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन किया है। सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि कारखाना प्रबंधन ने किल्न नंबर-01 को बंद किए बिना ही उसका संचालन जारी रखा। इससे मजदूरों और कर्मचारियों की जान खतरे में पड़ गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काम के दौरान जरूरी सुरक्षा इंतजाम और सुरक्षित तरीके अपनाए ही नहीं गए। किल्न क्रमांक 01 के डस्ट सेटलिंग चैंबर के भीतर जमे हुए गर्म राख को वेटस्क्रैपर में गिराने के कार्य के दौरान उचित कार्य अनुमति जारी नहीं की गई। नए मजदूरों को बिना अनुमति ऐसे खतरनाक काम पर रखा गया, जो प्रबंधन की बड़ी लापरवाही को दिखाता है। उत्पादन अनुमति नहीं और श्रमिकों को वेतन-पंजी नहीं इसके अलावा, कारखाना प्रबंधन ने जिला व्यापार और उद्योग केंद्र से वाणिज्यिक उत्पादन की अनुमति भी नहीं ली, जो नियमों के खिलाफ है। इसके साथ ही श्रमिकों को न्यूनतम वेतन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी पंजी भी उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में संविदा श्रमिक अधिनियम 1970 के प्रावधानों का भी उल्लंघन पाया गया। 20 या उससे अधिक श्रमिक होने पर ठेका श्रमिक अधिनियम 1970 के तहत अनुमति लेना जरूरी है, लेकिन प्रबंधन ने दो ठेकेदारों के जरिए 100 श्रमिकों से काम करवाने के बावजूद अनुमति नहीं ली। इसके अलावा, अंतराज्यीय प्रवासी श्रमिक अधिनियम 1979 के तहत बिना अनुमति के अन्य राज्यों के श्रमिकों से भी काम लिया जा रहा था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्लांट में इस तरह हुआ था हादसा विस्फोट प्लांट की कोल भट्टी (कोल किल्न) में 22 जनवरी 2026 गुरुवार सुबह करीब 9.40 बजे हुआ। ब्लास्ट के दौरान गर्म मलबा (राख) नीचे काम कर रहे मजदूरों पर गिरा, जिससे कई लोग झुलस गए। धमाके के बाद दूर तक धुएं का गुबार दिखा। वहीं हादसे में मृतक बिहार के रहने वाले थे। कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 20 लाख और घायलों को 5 लाख मुआवजा देने की घोषणा की। वहीं कांग्रेस ने इस मामले की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई है। .................................. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें बलौदाबाजार प्लांट हादसा, गर्म राख से जिंदा जले 6 मजदूर:ऐश पाइपलाइन में था लीकेज,मृतकों के परिजनों को 20 लाख देगी कंपनी, कांग्रेस करेगी जांच छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले के बकुलाही इलाके में स्थित स्पंज आयरन प्लांट में हुए ब्लास्ट से अब तक 6 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 5 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में ये सामने आया है कि डस्ट सेटलिंग चैंबर से गर्म राख (ऐश) ले जा रही पाइपलाइन में लीकेज हो गया था। पढ़ें पूरी खबर…
अलीराजपुर पुलिस ने गोवा पुलिस की टीम पर हमला करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह हमला 29 जनवरी को बोरी थाना क्षेत्र में उस समय हुआ था, जब गोवा पुलिस एक आरोपी हीरासिंह बामनिया को जोबट न्यायालय ले जा रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार आरोपियों के नाम नहीं बताएं हैं, पुलिस का कहना है कि कुछ आरोपी मौके से भाग गए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) रघुवंश सिंह ने 30 जनवरी को खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने ग्राम बेहड़िया और करचट में भारी पुलिस बल के साथ फरार अपराधियों और वारंटियों की धरपकड़ के लिए तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल सहित जिले के कई थानों का बल और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। तीन आरोपी गिरफ्तार, मोटर साइकिलें भी जब्त पुलिस की सक्रियता के चलते मामले में शामिल तीन आरोपियों को दबोच लिया गया है। साथ ही, पुलिस ने मौके से उन दो मोटरसाइकिलों को भी बरामद कर लिया है जिनका इस्तेमाल गोवा पुलिस पर हमले के दौरान किया गया था। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में क्षेत्र में लगातार दबिश दे रही है।
प्रयागराज नगर निगम के वाटर वर्क्स (जलकल) विभाग में 73.61 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप स्मार्ट सिटी बिल्डिंग में स्थित जनसुविधा केंद्र के वाटर टैक्स वसूली काउंटर पर तैनात रहे कर्मचारी सौरभ निषाद पर है। इस मामले में थाना खुल्दाबाद में उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज की गई है। स्मार्ट सिटी काउंटर से हुई थी टैक्स वसूली सौरभ निषाद, निवासी मोरी दारागंज, को 02 जुलाई 2024 को वाटर वर्क्स विभाग ने स्मार्ट सिटी बिल्डिंग स्थित जनसुविधा केंद्र के टैक्स कलेक्शन काउंटर पर तैनात किया था। उसकी जिम्मेदारी वाटर टैक्स, सीवर टैक्स और सीवर चार्ज की वसूली कर उसे विभाग के बैंक खातों में जमा कराने की थी। 1.38 करोड़ वसूले, 73.61 लाख नहीं किए जमा विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, तैनाती के दौरान आरोपी ने उपभोक्ताओं से कुल 1 करोड़ 38 लाख 3 हजार 954 रुपये की वसूली की। इसमें से केवल 64 लाख 42 हजार 907 रुपये ही नगर निगम के खाते में जमा कराए गए। शेष 73 लाख 61 हजार 47 रुपये की रकम जमा नहीं की गई। 878 रसीदों से गबन की पुष्टि बार-बार नोटिस और आदेश देने के बावजूद जब आरोपी ने जमा चालान नहीं दिखाए, तो उसे 05 जुलाई 2025 को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कराई गई विभागीय जांच में सामने आया कि सौरभ निषाद ने 878 रसीदों के जरिए वसूली गई रकम का स्थायी रूप से गबन किया। ऑडिट रिपोर्ट ने भी की पुष्टि मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य नगर लेखा परीक्षक से ऑडिट कराया गया। ऑडिट रिपोर्ट में भी आरोपी को 73.61 लाख रुपये के गबन का दोषी पाया गया और रकम की वसूली की संस्तुति की गई। पुलिस ने दर्ज किया केस विभागीय जांच और ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर वाटर वर्क्स विभाग की ओर से थाना खुल्दाबाद में तहरीर दी गई, जिस पर पुलिस ने FIR दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। नगर निगम में मचा हड़कंप करोड़ों रुपये के रेवेन्यू गबन का मामला सामने आने के बाद नगर निगम और वाटर वर्क्स विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। माना जा रहा है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने 7 से 29 जनवरी तक 8 अलग-अलग मामलों में 7.86 करोड़ का गांजा और नशीली सिरप जब्त किया है। पुलिस ने यूट्यूबर सहित 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, यूट्यूबर आकाश जाधव महाराष्ट्र का रहने वाला है। उसके यूट्यूब पर 5.68 मिनियन और इंस्टाग्राम पर 3 लाख 17 हजार फॉलोअर्स हैं। वह सांपों का रेस्क्यू करने का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करता है। महासमुंद और महाराष्ट्र पुलिस ने आकाश की डेढ़ लाख की सपंत्ति भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, आकाश जाधव ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन नेटवर्क चलाने वाले मुख्य सरगना था। पुणे के एक मामले में वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहा था। पिछले दिनों एम्बुलेंस की जरिए तस्करी किए जा रहे गांजे की खेप पुलिस ने पकड़ी थी, जो आकाश का ही था। पहले देखिए ये तस्वीरें- कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 950 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में महाराष्ट्र के जालना जिले के परिवहनकर्ताओं के साथ मुख्य व्यवस्थापक प्रदीप मुसदवले को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह एक अन्य मामले में पुलिस ने 520 किलो गांजा (कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपए) बरामद किया। इस मामले में पुणे के कुख्यात सोनवाने परिवार के रामदास सोनवाने, कुनाल सोनवाने और प्रतीक सोनवाने को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ओडिशा के कालाहांडी जिले के सप्लायर रंजन दुर्गा को भी पकड़ा गया है। ओडिशा से दुर्ग-रायपुर तक फैला नेटवर्क टूटा सिंघोड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर कार्रवाई करते हुए 50 किलो गांजा (कीमत करीब 25 लाख रुपए) के साथ परिवहनकर्ता कुशल सिंह और उत्तर प्रदेश के खरीदार राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 26 किलो गांजा (कीमत करीब 13 लाख रुपए) जब्त कर पुणे और महासमुंद के तस्करों के साथ ओडिशा के सप्लायर और वाहन मालिक को गिरफ्तार किया। इसके अलावा पुलिस ने नशीली सिरप के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करते हुए 146 नग नशीली सिरप जब्त की। इस कार्रवाई से ओडिशा से दुर्ग और रायपुर तक फैला नेटवर्क तोड़ा गया है। दो अन्य मामलों में पुलिस ने 32 किलो से अधिक गांजा भी जब्त किया है। ओडिशा से महाराष्ट्र तक के नेटवर्क को तोड़ने कार्रवाई पुलिस ने कंधमाल (ओडिशा) के सप्लायर शिबू बिधानी को गिरफ्तार किया है और रायपुर की समता कॉलोनी निवासी हर्षित सक्सेना को फॉरवर्ड लिंक के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं आरंग क्षेत्र से 4.930 किलो गांजा के साथ खरीदार ओमप्रकाश रात्रे को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नशे की तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई लगातार कर रही है। यूट्यूबर समेत 27 आरोपी गिरफ्तार एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के पुणे रहने वाले सुशील दाभाडे, रामदास चंदू, संजीव अहिरे, सागर बाग, कुणाल सोनवाने, प्रतीक सोनवाने और रंजन दुर्गा शामिल हैं। इनमें 35 वर्षीय यूट्यूबर आकाश जाधव भी शामिल है। ………………………….. यह खबर भी पढ़ें… एंबुलेंस से 2.60 करोड़ का गांजा जब्त...दवाई कार्टून में छिपाया: ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते ले जा रहे थे नागपुर, NH-53 छोड़कर अंदरूनी रूट चुना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए आंकी गई है। गांजे को तस्कर ओडिशा के भवानीपटना जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। मामला कोमाखान थाना के टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट का है। पढ़ें पूरी खबर…
सूरजपुर जिले के मोरभंज डेम के पास जंगल में एक युवती की गला रेंतकर हत्या कर दी गई। मृतका 29 जनवरी की दोपहर घर से निकली थी और वापस नहीं लौटी। शुक्रवार दोपहर बाद उसका शव जंगल किनारे पड़े होने की सूचना ग्रामीणों को मिली। मृतका ने अपने पहले पति को छोड़कर दूसरे युवक से लव मैरिज की थी। घटना जयनगर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे ग्रामीणों ने मोरभंज डेम के पास जंगल किनारे एक युवती का शव पड़ा देखा और सूचना पुलिस को दी। सूचना पर जयनगर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतका की शिनाख्त पिंकी सोलंकी (26 वर्ष) पिता परमेश्वर पाटिल, निवासी ग्राम गांधीनगर, अंबिकापुर के रूप में हुई है। पिंकी सोलंकी का गला धारदार हथियार से काटे जाने के निशान मिले हैं। युवती ने किया था लव मैरिजमृतिका की छोटी बहन रिंकी पाटिल ने बताया कि पिंकी ने पहले पति को छोड़ दिया था। उसकी करीब 7 साल की बेटी है। उसने पटना पंडोपारा निवासी हेमंत कुमार उर्फ गोलू से लव मैरिज किया था। दोनों पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे थे, लेकिन आपसी विवाद और झगड़ों के चलते रिश्तों में कड़वाहट आ गई। आए दिन के विवाद से परेशान होकर पिंकी अपनी बेटी को लेकर अलग किराए के मकान में रहने लगी थी। बेटी को बहन के पास छोड़कर बाजार निकली रिंकी ने बताया कि 29 जनवरी की दोपहर करीब 12.30 बजे पिंकी अपनी बेटी मंजू को उसके पास छोड़कर बाजार जाना बताकर निकली थी। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। 30 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजे सूचना मिली कि मोरभंज डेम के पास जंगल में एक युवती का शव पड़ा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने शव की पहचान पिंकी सोलंकी के रूप में की। परिजनों का आरोप- पति से रंजिश में हुई हत्या परिजनों का आरोप है कि पति हेमंत उर्फ गोलू के साथ उसका विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इसी रंजिश में उसकी हत्या की गई। घटना की सूचना पर SDOP अभिषेक पैकरा, जयनगर थाना प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुंतल एक्का मौके पर पहुंचकर घटना स्थल पर जांच किया। पुलिस ने शव को पंचनामा पश्चात् पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
झांसी में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा तस्करी में लिप्त तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 58 किलो 340 ग्राम गांजा, तीन मोबाइल फोन, एक आईपैड और 32,330 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बड़ागांव गेट चौकी क्षेत्र के मैरी तिराहा के पास तीन युवक गांजा लेकर सप्लाई के लिए निकलने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग शुरू की। इसी दौरान जानकारी मिली कि तीनों आरोपी बाबा का अटा, अशोक सनफ्रान रोड पर पहुंचे हैं।सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास मौजूद तीन ट्रॉली बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।थाने लाकर पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपने नाम अमित राय पुत्र नरेश राय, निवासी कृष्णा कॉलोनी, थाना ओरछा, जिला निवाड़ी, आशीष श्रीवास्तव पुत्र नरेश श्रीवास्तव, निवासी किला गेट, लोहा मंडी गुदड़ी मोहल्ला, थाना किला गेट, जिला ग्वालियर और महेंद्र यादव पुत्र राम गोपाल यादव, निवासी कृष्णा कॉलोनी, थाना ओरछा, जिला निवाड़ी बताए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे महाराष्ट्र के नागपुर से ट्रेन के जरिए गांजा लाते थे और झांसी व आसपास के इलाकों में इसकी सप्लाई करते थे।इस मामले में सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। साथ ही उनके तस्करी नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
लखनऊ में नालों से मिले 2 शव:एक पूड़ी विक्रेता तो दूसरा मानसिक दिव्यांग, पुलिस जांच में जुटी
लखनऊ में नालों में 2 शव पड़े मिले। दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पहला मामला आशियाना इलाके का है, जहां लापता पूड़ी विक्रेता का शव नाले में मिला, जबकि दूसरा मामला वजीरगंज क्षेत्र का है, जहां कई दिनों से गुमशुदा मानसिक दिव्यांग का शव नाले में उतराता मिला। आशियाना इलाके में गुरुवार से लापता पूड़ी विक्रेता उदय कुमार पासवान (50) का शव मिला। उदय बीएसयूपी कॉलोनी, बंगला बाजार का रहने वाला था। शुक्रवार सुबह सालेहनगर तिराहे के पास उनकी दुकान के नजदीक करीब छह फीट गहरे नाले में शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने शव देखकर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। दुकान बंद करने के बाद घर नहीं लौटा इंस्पेक्टर आशियाना छत्रपाल सिंह ने बताया- उदय गुरुवार रात दुकान बंद करने के बाद घर नहीं लौटे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह शराब के आदी थे। आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में संतुलन बिगड़ने से वह नाले में गिर गए। हालांकि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट होगा। वहीं, दूसरा मामला वजीरगंज थाना क्षेत्र का है। यहां 22 जनवरी से लापता मानसिक दिव्यांग मानवेंद्र श्रीवास्तव (48) निवासी आगामीर ड्योढ़ी, छाछी कुआं का शव शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे चौक फूलमंडी के पास नाले में उतराता मिला। शव की पहचान कपड़ों के आधार पर की गई। मृतक के भाई प्रवीण श्रीवास्तव ने बताया कि मानवेंद्र को मिर्गी के दौरे आते थे और उनकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। 22 जनवरी की दोपहर वह बिना बताए घर से निकल गए थे और वापस नहीं लौटे। अगले दिन मां आशा देवी ने वजीरगंज थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी चरक चौकी इंचार्ज लवनेंद्र कुमार ने शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी चौक नागेंद्र उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। दोनों मामलों में पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और परिस्थितियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीधी लोकसभा सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित मानस भवन में आयोजित 'वीबी जी राम जी' कार्यक्रम में शिरकत की। शाम 6 से 7 बजे तक चले इस आयोजन में सांसद ने ग्रामीणों को विकास और रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए। सांसद डॉ. मिश्रा ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने जानकारी दी कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसरों को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन करना है। उन्होंने बताया कि यह कानून ग्रामीण परिवारों को अधिक वित्तीय मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आत्मनिर्भर गांव और कौशल विकास सांसद ने स्पष्ट किया कि यह योजना केवल मजदूरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए गांवों में टिकाऊ विकास और कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि लोगों को काम की तलाश में शहरों की ओर पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नींव मजबूत होगी। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी और जनसंवाद इस अवसर पर सीधी विधायक रीती पाठक और भाजपा जिला अध्यक्ष देवकुमार सिंह सहित जिले के कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने नई योजना को लेकर उत्साह दिखाया और सांसद के प्रयासों की सराहना की। सांसद ने सभी से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
महात्मा गांधी की 77वीं पुण्यतिथि के मौके पर नर्मदापुरम स्थित जिला अस्पताल के सामने गांधी प्रतिमा स्थल पर सफाई न होने से कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हो गए। कांग्रेसियों ने नगर पालिका के सीएमओ हेमेश्वरी पटले से शिकायत की, लेकिन सीएमओ द्वारा गांधीजी के विचार पूछे जाने पर विवाद हो गया। कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका राष्ट्रपिता की प्रतिमा स्थल पर झाड़ू तक नहीं लगा पा रही, लेकिन सीएमओ विवाद को भड़काने के लिए गांधीजी के विचार पूछ रही हैं। कांग्रेसियों ने सौंपा श्रद्धांजलि और जताया विरोधपुण्यतिथि पर कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी प्रतिमा स्थल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे। नगर कांग्रेस अध्यक्ष कमलेश बाथरे, पूर्व जिला अध्यक्ष सत्येंद्र फौजदार, पूर्व प्रवक्ता महेश पांडे, नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया, अरुण दीक्षित, कुलदीप राठौर और धर्मेंद्र तिवारी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा स्थल की गंदगी और अव्यवस्था की शिकायत नगर पालिका सीएमओ हेमेश्वरी पटले से की। सीएमओ ने कांग्रेसियों की शिकायत सुनते हुए उनसे गांधीजी के विचार पूछे। इसके बाद कांग्रेसियों ने नारा लगाया कि नगर पालिका प्रतिमा स्थल की सफाई नहीं करवा पा रही है। गहमागहमी बढ़ते देख सीएमओ बैठक छोड़कर दूर चली गईं। कांग्रेसी नेताओं ने जताया विरोध और नाराजगी पूर्व प्रवक्ता महेश पांडे ने कहा, “आप हमसे गांधीजी के विचार पूछ रही हैं जबकि प्रतिमा स्थल पर झाड़ू तक नहीं लगी। हम एक घंटे तक आपको गांधीजी पर भाषण देंगे। नगर पालिका राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि पर यह जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा पा रही?” कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शिवकांत पांडे ने कहा कि इस तरह का रवैया खराब मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कार्यकर्ता पार्टी के हित में विरोध कर रहे हैं, तो वरिष्ठ पदाधिकारी उनका साथ देने के बजाय बचाव कर रहे हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष अनोखी राजोरिया मौके पर मौन रहकर सीएमओ का बचाव करते दिखे। वीडियो सामने आया सीएमओ और कांग्रेसियों के बीच हुई गहमा-गहमी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और सीएमओ के बीच तीखी बहस और नाराजगी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस बीच, गांधी पार्क में कांग्रेसियों ने एकत्र होकर गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर 77वीं पुण्यतिथि मनाई। पूर्व जिला अध्यक्ष कपिल फौज़दार ने गांधीजी की विचारधारा को देश की उन्नति और सामाजिक उत्थान का सूचक बताया।
गैंगस्टर मामले में दोषी को दो साल की सजा:कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया, दो महीने बाद हो सकती है रिहाई
औरैया में अजीतमल थाना क्षेत्र के दो वर्ष पुराने गैंगस्टर एक्ट मामले में न्यायालय ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट अतीक उद्दीन ने जेल में बंद विजय प्रताप उर्फ राजा ठाकुर को दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए मुकदमे को समाप्त करने के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। इस फैसले के बाद, दोषी की लगभग दो माह बाद रिहाई संभव हो सकेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी ने पैरवी की। उनके अनुसार, थाना अजीतमल पुलिस ने ग्राम अकबरपुर डाढ़ा (फफूंद) निवासी विजय प्रताप उर्फ राजा ठाकुर को गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वह करीब दो वर्षों से जेल में बंद है। विजय प्रताप ने जेल से न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर अपना जुर्म स्वीकार किया था। उसने बताया था कि वह गरीब है और उसका कोई पैरोकार नहीं है। न्यायालय ने उसके प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए कहा कि अभियुक्त ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग किया और न्यायालय का समय बचाया। अदालत ने सजा पर उदार दृष्टिकोण अपनाते हुए उसे दो वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। यदि अर्थदंड अदा नहीं किया जाता है, तो उसे 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस सजा में उसकी जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगा।
नदी में सुसाइड करने उतरा युवक:सिविल डिफेंस की टीम ने पहुंचकर किया रेस्क्यू, बाद में निकला मॉक ड्रिल
शहर के बीचों-बीच बहने वाली नदी में एक युवक के डूबने की सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम तुरंत हरकत में आ गई। सूचना में बताया गया कि नदी के बीच युवक फंसा हुआ है और उसकी जान को खतरा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सिविल डिफेंस की टीम बिना समय गंवाए मौके के लिए रवाना हुई। नदी किनारे मौजूद लोगों को कुछ समय के लिए ऐसा लगा मानो कोई वास्तविक घटना हो रही हो, लेकिन बाद में यह पता चला कि यह कोई सच्ची घटना नहीं बल्कि सिविल डिफेंस की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम जैसे ही जिला प्रशासन को इस बारे में सूचना मिली, तुरंत सिविल डिफेंस को अलर्ट किया गया। सूचना कलेक्टर और एडीएम स्तर तक पहुंचते ही रेस्क्यू टीम को निर्देश दिए गए। सिविल डिफेंस की टीम बिना किसी देरी के जरूरी इक्विपमेंट्स के साथ घटनास्थल पर पहुंची। नदी में युवक को डूबता देख टीम के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए पानी में छलांग लगाई। पूरे ऑपरेशन के दौरान टीम ने आपसी तालमेल और अनुशासन का परिचय दिया, जिससे रेस्क्यू काम तेजी से आगे बढ़ सका। नदी से सुरक्षित निकाला गया युवक रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक युवक तक पहुंचकर उसे सहारा दिया और नदी से बाहर निकाला। बाहर निकालने के बाद टीम ने प्राथमिक सहायता की प्रक्रिया अपनाई। युवक के पेट में भरे पानी को बाहर निकालने की कोशिश की गई, ताकि उसकी हालत स्थिर हो सके। इस दौरान मौके पर एंबुलेंस भी पहुंच चुकी थी। प्राथमिक उपचार के बाद युवक को एंबुलेंस के जरिए हॉस्पिटल भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। पूरे घटनाक्रम को देखकर मौजूद लोग सिविल डिफेंस की कार्यकुशलता से प्रभावित नजर आए। मॉक ड्रिल के जरिए जांची गई आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था बाद में अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी घटना एक मॉक ड्रिल थी, जिसका उद्देश्य आपात स्थिति में सिविल डिफेंस की प्रतिक्रिया, समय प्रबंधन और समन्वय क्षमता की जांच करना था। इस अभ्यास के जरिए यह देखा गया कि सूचना मिलने पर टीम कितनी जल्दी मौके पर पहुंचती है, रेस्क्यू किस तरह किया जाता है और मेडिकल सहायता कितनी प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जाती है। मॉक ड्रिल के दौरान सभी प्रक्रियाओं का पालन वास्तविक स्थिति की तरह किया गया। 12 सदस्यीय टीम ने दिखाई तत्परता और समन्वय सिविल डिफेंस टीम के सदस्य कैलाश वैष्णव और राजू भोई ने बताया कि सूचना मिलते ही उनकी टीम सक्रिय हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल 12 सदस्यीय सिविल डिफेंस टीम शामिल थी, जिनके साथ 7 सहायक कर्मी भी मौजूद थे। सभी ने मिलकर निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन किया और मॉक ड्रिल को सफल बनाया। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की प्रैक्टिस भविष्य में किसी भी आपदा या आपात स्थिति से निपटने में काफी मददगार साबित होते हैं और टीम की तैयारियों को मजबूत बनाते हैं।
केंद्र की स्वामित्व योजना के तहत उत्तर प्रदेश में अब तक 1 करोड़ से अधिक घरौनियां वितरित की जा चुकी हैं। 1.14 करोड़ घरौनियां तैयार हुईं, इसमें से 1.01 करोड़ ग्रामीण परिवारों को मिल चुकी हैं। आबादी भूमि का भी मिला स्वामित्व गांवों की आबादी भूमि में रहने वाले परिवारों को भी उनकी संपत्ति का विधिक प्रमाण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से अब तक 72,961 ग्रामों में प्रपत्र-10 (डिजिटाइज्ड) जारी किए जा चुके हैं। यह सर्वे का 80.59 प्रतिशत है। इससे ग्रामीणों को पहली बार अपने मकान और भूमि पर स्पष्ट कानूनी स्वामित्व प्राप्त हुआ है। यह दस्तावेज अब बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए भी मान्य आधार बन गया है। भूमि विवादों में आई कमी स्वामित्व योजना के प्रभाव से गांवों में भूमि और मकान से जुड़े विवादों में उल्लेखनीय कमी देखी जा रही है। स्पष्ट रिकॉर्ड और डिजिटल दस्तावेजों के कारण फर्जी दावों और अवैध कब्जों पर रोक लगी है। निरंतर जारी है वितरण प्रक्रिया सरकार द्वारा घरौनियों के वितरण की प्रक्रिया जारी है। 18 जनवरी 2025 के बाद 13.12 लाख नई घरौनियां तैयार की जा चुकी हैं। इसका वितरण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। ड्रोन तकनीक से सर्वे की संभावनाएं स्वामित्व योजना के अंतर्गत प्रदेश के 1 लाख 10 हजार 344 अधिसूचित ग्रामों में से 90 हजार 530 ग्राम ऐसे हैं, जहां ड्रोन सर्वे कराया जाना तकनीकी रूप से संभव है। इन ग्रामों में आधुनिक तकनीक के माध्यम से सर्वे कर सटीक और पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं।
करनाल में यमुना नहर में मिला शव:जेब से 500 के नोट की गड्डी मिली, चंडीगढ़ के पते का आधार कार्ड बरामद
करनाल जिले में कैथल रोड के पास पश्चिमी यमुना नहर में एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला है। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोर की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया गया। प्रारंभिक जांच में शव की हालत देखकर उसके करीब एक सप्ताह पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से 500-500 के नोटों की गड्डी, आधार कार्ड और पर्स बरामद हुआ है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोर्च्युरी हाउस करनाल में भिजवा दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जेब से मिला कैश, पर्स और आधार कार्ड पुलिस और गोताखोर द्वारा ली गई तलाशी में मृतक की जेब से काले रंग का पर्स मिला। पर्स के अंदर 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियां थीं। पुलिस के अनुसार कुल रकम करीब 50 से 60 हजार रुपए के बीच आंकी जा रही है। इसके अलावा जेब से एक आधार कार्ड भी बरामद हुआ, जिस पर श्यामसुंदर नाम और सेक्टर-37 चंडीगढ़ का पता लिखा हुआ है। नहर में शव देख गोताखोर ने लगाई छलांग गोताखोर कर्ण ने बताया कि कैथल रोड की तरफ नहर में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया था। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे और नहर में छलांग लगाकर शव को बाहर निकाला। शव करीब एक सप्ताह पुराना लग रहा है। पहचान की पुष्टि पुलिस जांच का विषय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आधार कार्ड मृतक का ही है या किसी अन्य व्यक्ति का, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शव की पहचान होने के बाद परिजनों को शव सौंप दिया जाएगा। यदि पहचान नहीं हो पाती है तो पोस्टमार्टम के बाद संस्था के माध्यम से अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
मुंगेर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के पंचायती राज, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने की। यह बैठक शुक्रवार को मुंगेर समाहरणालय स्थित संग्रहालय सभागार में हुई। केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं की हुई समीक्षा बैठक में जिले में संचालित केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की विभागवार गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने बूडको और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा स्पष्ट और अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मंत्री ललन सिंह ने दोनों विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को आदेश दिया कि 15 दिनों के भीतर दोनों अभियंताओं से विस्तृत और स्पष्ट अग्रिम प्रतिवेदन प्राप्त कर प्रस्तुत करें। योजनाओं के लक्ष्य तक सीमित न रहें, परिणाम पर दें जोर बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम सभी जनता के सेवक हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर जिले के विकास के लिए कार्य करने का आह्वान किया। मंत्री ने योजनाओं को केवल लक्ष्य तक सीमित न रखकर परिणाम देने पर जोर दिया। 'हर घर नल का जल' योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने विशेष रूप से पीएचईडी की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि यदि लापरवाही के कारण जिले के लोगों को शत-प्रतिशत पेयजल सुविधा नहीं मिल पा रही है, तो यह कर्तव्यहीनता दर्शाता है। जॉब कार्ड वितरण को शत-प्रतिशत करने के निर्देश मनरेगा की समीक्षा में जॉब कार्ड वितरण को शत-प्रतिशत लक्ष्य के अनुरूप पूरा करने का निर्देश दिया गया। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत दिव्यांगजनों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रखंड स्तर पर पंचायतवार विशेष शिविर लगाने की बात कही गई, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का फायदा मिल सके। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना की समीक्षा में पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। राशन कार्ड से जुड़े मामलों में मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि एक भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों की तत्काल जांच कर स्वीकृति देने को कहा गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर खाद्यान्न सुरक्षा मिल सके। एंबुलेंस सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में मुफ्त दवा, जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्री ने भाव्या एप पर पंजीकरण की स्थिति की जानकारी मांगी, विशेषकर उन मरीजों के लिए जो मोबाइल नहीं रखते और ऑफलाइन काउंटर से पंजीकरण कराते हैं। साथ ही जिले में संचालित सभी एंबुलेंस सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया गया।बैठक में उद्योग, समाज कल्याण, शिक्षा, कृषि, ग्रामीण कार्य, जल संसाधन, विद्युत सहित कई अन्य विभागों की योजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि योजनाओं की धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर उनमें तेजी लाने की ठोस कार्ययोजना बनाई जाए।बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री ने जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के कार्यों की सराहना की और सभी पदाधिकारियों से मनोयोगपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया।इस अवसर पर जमुई सांसद अरुण भारती, जमालपुर विधायक नचिकेता मंडल, अपर समाहर्ता मनोज कुमार, उप विकास आयुक्त अजीत कुमार सिंह, नगर आयुक्त पार्थ गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर में आगामी संत रविदास जयंती और शब-ए-बारात पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार देर शाम जिला पंचायत सभागार में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने की। इसमें जनपद के गणमान्य नागरिक, धर्मगुरु और सामाजिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर और सभी क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस व प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। गोष्ठी में अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से उनकी समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की। संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी से अपील की कि वे एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें और जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। किसी भी संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया। सोशल मीडिया के दुरुपयोग को लेकर भी सख्त चेतावनी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी कोई पोस्ट साझा न की जाए जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों या आपसी सौहार्द बिगड़े। अधिकारियों ने बताया कि संत रविदास जयंती और शब-ए-बारात के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं और जुलूसों में शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन किया जाए। किसी भी नई परंपरा की शुरुआत न करने की हिदायत दी गई। शोभायात्राओं में शांति, अनुशासन और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के अंत में प्रशासन ने विश्वास जताया कि जनपद के सभी नागरिकों के सहयोग से आगामी पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होंगे।
शेखपुरा में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर सदर अस्पताल में कुष्ठ उन्मूलन शपथ समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (ACMO) डॉ. अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इसमें सदर अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, जीविका के प्रखंड स्तरीय अधिकारी, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी और जीएनएम कॉलेज की छात्राओं सहित कई लोगों ने भाग लिया। इस अवसर पर संबोधित करते हुए ACMO डॉ. सिंह ने बताया कि गांधीजी अस्पृश्यता को सामाजिक बुराई मानते थे और इसका उन्मूलन राष्ट्र निर्माण का आधार बताते थे। उन्होंने कहा कि यह शपथ लोगों को समानता, अहिंसा और भेदभाव त्याग की प्रतिबद्धता दिलाती है, जो संविधान के अनुच्छेद 17 से संबंधित है। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और रोगियों से भेदभाव रोकने पर जोर देना है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने कुष्ठ को लेकर फैली भ्रांतियों के संबंध में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संदेश से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी का जीवन कुष्ठ रोगियों की सेवा में व्यतीत हुआ था। इस अवसर पर सभी को शपथ दिलाई गई कि वे अपने आसपास के कुष्ठ प्रभावित लोगों को सरकार द्वारा स्वास्थ्य केंद्रों पर दी जाने वाली मुफ्त दवा के लिए प्रेरित करेंगे। शपथ के दौरान कुष्ठ रोगियों के प्रति किसी प्रकार का भेदभाव न अपनाने का संकल्प लिया गया। यह जानकारी भी दी गई कि कुष्ठ छुआछूत की बीमारी नहीं है और इसके विषाणु छूने से एक-दूसरे में नहीं फैलते हैं। सभी से कुष्ठ रोगियों के प्रति सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और उन्हें समाज का ही अंग मानने का आह्वान किया गया। यह भी बताया गया कि कुष्ठ लाइलाज बीमारी नहीं है, इसका इलाज संभव है और सभी को इसका इलाज कराना चाहिए। सरकार द्वारा कुष्ठ रोगियों के इलाज, देखभाल और पुनर्वास के लिए चलाई जा रही सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया।
नेशनल हाईवे 43,अंबिकाुपर-सूरजपुर रोड में केशवपुर के पेट्रोल पंप के पास तेज रफ्तार पिकअप बेकाबू होकर SECL के डिप्टी मैनेजर की कार को टक्कर मारते हुए उसके ऊपर पलट गई। हादसे में डिप्टी मैनेजर की स्वीफ्ट कार पूरी तरह से डैमेज हो गई। हादसे में डिप्टी मैनेजर को सिर में चोटें आई हैं। घटना का CCTV वीडियो भी सामने आया है। घटना विश्रामपुर थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, SECL के रेहर खदान में कार्यरत डिप्टी मैनेजर रणधीर सिंह शाम करीब 4 बजे ड्यूटी के बाद अपनी कार से वापस घर कुम्दा कालोनी जाने के लिए रवाना हुए। केशवपुर में नायरा पेट्रोल पंप में पेट्रोल भरवाने के लिए वे मुड़े, उसी दौरान किराना सामान लोड कर तेज रफ्तार में अंबिकापुर से सूरजपुर की ओर जा रहे पिकअप के ड्राइवर ने कार को टक्कर मार दी और कार को घसीटते हुए उसके ऊपर ही पलट गई। कार के परखच्चे उड़े, डिप्टी मैनेजर घायल हादसे में पिकअप और उसमें लोड सामानों से दबकर स्विफ्ट डिजायर कार पूरी तरह से डैमेज हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पेट्रोल पंप के कर्मी और आसपास के लोग मौके पर मदद के लिए पहुंचे। सूचना पर विश्रामपुर पुलिस भी मौके पर पहुंची। कार की बॉडी को कटर से काटकर मैनेजर को बाहर निकाला गया पिकअप में लदे सामानों को खाली कराया गया। फिर ट्रैक्टर में रस्सी बांधकर पिकअप को खींचकर सीधा किया गया। पूरी तरह क्षतिग्रस्त कार में फंसे मैनेजर को निकालने के लिए कार की बॉडी को कटर से काटा गया। उन्हें तत्काल केंद्रीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। केंद्रीय चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. निरंजन कुमार ने बताया कि रणधीर प्रसाद सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर करने की तैयारी की जा रही है। हादसा पेट्रोल पंप में लगे CCTV में कैद हो गया है। घटना के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार पिकअप ड्राइवर संभवतः नशे की हालत में था। विश्रामपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मतदाता बनने को मौका,शनिवार को विशेष प्रगाण पुनरीक्षण अभियान:18 वर्ष के नागरिक ले सकते है लाभ
अगर आप 18 साल के हो गए हैं और मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ना चाहते हैं तो आपके पास मौका है। 31 जनवरी को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें आप अपना नाम मतदाता सूची में जोड़वा सकते हैं। यह जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय में हुई बैठक में DM अरविंद मल्लपा बंगारी ने दी। जिलाधिकारी ने कहा-1-1-2026 के आधार पर विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का आलेख्य प्रकाशन 6-1-2026 को सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केन्द्रों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के कार्यालय एवं जिला निर्वाचन कार्यालय में किया जा चुका है। ड्राफ्ट रोल आलेख्य प्रकाशन को सभी बूथों पर बीएलओ द्वारा पढ़ा जाएगा, जिन मतादाताओं का किसी कारणवश नाम सूची में नहीं है वे अपने बूथ पर जाकर अपने बीएलओ से मिलकर उसकी जांच कर फॉर्म-6 और डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर अपना नाम मतदाता सूची में सम्मिलित करा सकते हैं। मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने हेतु अपना रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो, मोबाइल नम्बर, आयु प्रमाण-पत्र, निवास का पता एवं परिवार के किसी सदस्य का ईपिक/मतदाता फोटो पहचान-पत्र की छायाप्रति बूथ पर अवश्य ले जाएं। उन्होंने बताया कि गणना प्रपत्र पर जिन मतदाताओं द्वारा मोबाइल नंबर अंकित नहीं किया गया है, उनका मोबाइल नंबर लेकर दर्ज करा सकते हैं। दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि दिनांक 06-02-2026 तक हैं। उक्त विशेष अभियान तिथि में बूथ लेवल अधिकारी द्वारा अपने-अपने मतदेय स्थलों पर प्रातः 11 बजे से शाम 4 बजे तक उपस्थित रहकर आलेख्य मतदाता सूची तथा गणना चरण के दौरान अनुपस्थित, मृतक, दोहरी प्रविष्टि, अनट्रेस्ड तथा स्थानान्तरित मतदाताओं की सूची पढ़कर सुनायी जायेगी। बूथों पर मतदाता पंजीकरण से संबंधित फार्म-6, 7 व 8 तथा घोषणा पत्र भी उपलब्ध रहेगा।
आगरा के उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग-प्रथम ने संजय प्लेस स्थित प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ‘पिंच ऑफ स्पाइस’ के खिलाफ कड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने पाया कि ग्राहकों से जबरन 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज वसूलने के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो अनुचित व्यापार प्रथा (Unfair Trade Practice) के तहत आता है। रेस्टोरेंट को आदेश दिया गया कि वह परिवादी को मानसिक पीड़ा और वाद-व्यय के मद में कुल 55 हजार रुपये का भुगतान करे। जानकारी के अनुसार, कमलानगर निवासी आशीष गर्ग ने 23 जून 2025 को अपने परिवार के साथ रेस्टोरेंट में डिनर किया। शिकायत में उन्होंने कहा कि खाने की क्वालिटी खराब थी और बिल में नियमों के विरुद्ध 5 प्रतिशत सर्विस चार्ज जोड़ा गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला दिया, तो रेस्टोरेंट के स्टाफ और मैनेजर ने उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। सुनवाई के दौरान रेस्टोरेंट की ओर से कोई पक्ष नहीं रखा गया। आयोग ने एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए पाया कि अनिवार्य सर्विस चार्ज वसूलना दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूरी तरह अवैध है। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव सिंह ने कहा कि ग्राहकों को बिना उनकी स्वीकृति के सर्विस चार्ज बिल में जोड़ा नहीं जा सकता। आयोग ने आदेश दिया कि रेस्टोरेंट ‘पिंच ऑफ स्पाइस’ 50 हजार रुपये मानसिक पीड़ा की क्षतिपूर्ति और 5 हजार रुपये वाद-व्यय के रूप में 45 दिनों के भीतर परिवादी को चुकाए। भुगतान की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा। यदि रेस्टोरेंट समय पर भुगतान करने में विफल रहता है, तो ब्याज दर बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी जाएगी। इस आदेश के बाद उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में यह मामला अन्य रेस्टोरेंट्स के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय उपभोक्ता अधिकार कार्यकर्ता इसे ग्राहकों के हित में एक सकारात्मक कदम बता रहे हैं।

