गणतंत्र दिवस परेड 2026 के विजेताओं के नाम को बुधवार को एलान किया गया। इसमें इंडियन नेवी के मार्चिंग दस्ते को तीनों सेनाओं बेस्ट माना गया। वहीं राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महाराष्ट्र ने बेस्ट झांकी की लिस्ट में टॉप किया। इसमें गणेश उत्सव को आत्मनिर्भरता के प्रतीक के रूप में दर्शाया गया था। पारंपरिक पोशाक पहनी महिलाओं ने झांकी के दोनों ओर लोक नृत्य किया। वहीं, संस्कृति मंत्रालय की वंदे मातरम की 150 साल की विरासत का जश्न मनाने वाली झांकी मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में विजेता रही। अधिकारियों ने बताया कि 30 जनवरी को पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में किया जाएगा। नेवी के मार्चिंग दल में 144 सैनिक शामिल थे नेवी के अधिकारियों ने बताया कि नेवी के मार्चिंग दल में 144 युवा कर्मी ऐतिहासिक कर्तव्य पथ पर कंधे से कंधा मिलाकर मार्च कर रहे थे। उन्होंने बताया कि नौसेना के मार्चिंग दल ने तीनों सेवाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल का शीर्ष पुरस्कार जीता। वहीं, दिल्ली पुलिस के दल को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल घोषित किया गया। मिनिस्ट्री ऑफ कल्चर ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया कल्चरल मिनिस्ट्री की झांकी ने वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाया। इसमें बंकिम चंद्र चटर्जी के गीत की रचना, एक प्रसिद्ध मराठी गायक द्वारा औपनिवेशिक काल की रिकॉर्डिंग और Gen Z का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह द्वारा इसका गायन दिखाया गया। 'वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार' थीम पर आधारित, झांकी के अग्रभाग में वंदे मातरम की पांडुलिपि को बनाते हुए दिखाया गया था। इसके निचले हिस्से में एक पैनल पर चटर्जी की एक छवि दिखाई गई थी। मध्य भाग में पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों का एक समूह था जिसने भारत की लोक विविधता को दर्शाया। कुछ लोगों ने आधुनिक पोशाकों में Gen Z का प्रतिनिधित्व करते हुए दिखाया। महाराष्ट्र की झांकी में थिएटर और गणेश चतुर्थी पर फोकस महाराष्ट्र की झांकी में कला प्रतिष्ठानों की एक श्रृंखला में मराठी सिनेमा और थिएटर के प्रसिद्ध अभिनेता और संगीतकार, विष्णु पंत पागनीस को गीत रिकॉर्ड करते हुए दिखाया गया था। वहीं, फांसी का सामना कर रहे स्वतंत्रता सेनानियों और तिरंगा पकड़े हुए भारत माता की छवि भी दिखाई गई। एक अधिकारी ने बताया कि यह उनके द्वारा गाए गए गाने की 1928 की दुर्लभ रिकॉर्डिंग का चित्रण था। राज्यों में कश्मीर दूसरे नंबर पर अधिकारियों ने बताया कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकी की कैटेगरी में जम्मू और कश्मीर ने दूसरा पुरस्कार जीता। वहीं केरल तीसरे स्थान पर रहा। केंद्रीय PWD की झांकी को विशेष पुरस्कार अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट की झांकी को एक विशेष पुरस्कार दिया जाएगा। इसकी झांखी में फूलों के साथ वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का जश्न मनाते दिखाया गया था। वहीं, वंदे मातरम: द इटरनल रेजोनेंस ऑफ इंडिया डांस ग्रुप को भी पुरस्कार दिया जाएगा। पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में असम रेजिमेंट को सबसे ज्यादा वोट MyGov पोर्टल पर किए गए एक ऑनलाइन पोल के आधार पर पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में, नागरिकों ने असम रेजिमेंट को तीनों सेवाओं में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल के रूप में वोट दिया। वहीं, CRPF ने CAPF और अन्य सहायक बलों में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल का पुरस्कार जीता। गुजरात की झांकी पॉपलर चॉइस कैटेगरी में टॉप पर गुजरात ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में अपनी झांकी 'स्वदेशी-आत्मनिर्भरता-स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम' के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। इस कैटेगरी में दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश (थीम - बुंदेलखंड की संस्कृति) और तीसरे नंबर पर राजस्थान (थीम - रेगिस्तान का सुनहरा स्पर्श: बीकानेर स्वर्ण कला) का रहा। उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग की झांकी (थीम - राष्ट्रीय शिक्षा नीति) को पॉपुलर चॉइस कैटेगरी में केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों में सर्वश्रेष्ठ झांकी के रूप में चुना गया। ----------- ये खबर भी पढ़ें… गणतंत्र दिवस परेड की 51 PHOTOS:पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ी देश ने सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड निकली। तीनों सेनाओं ने शक्ति प्रदर्शन किया और ताकत दिखाई। पहली बार दो मुख्य अतिथि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन शामिल रहे। पहली बार 2 कूबड़ वाले ऊंट और बाज दिखे, महिला जवान चलती बाइक पर 18 फीट ऊंची सीढ़ी चढ़ीं। पूरी खबर पढ़ें…
वाराणसी में पीड़ित का नाम केस से निकालने के लिए 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और 20 हजार रुपए लेने वाले दरोगा शिवाकर मिश्रा को डीसीपी ने सस्पेंड कर दिया है। काशी विद्यापीठ चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा के साथ उसका कारखास सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी भी निलंबित किया गया है। श् डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने आरोपी दरोगा और सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। वहीं पुलिस कमिश्नर ने दरोगा की फाइल और गोपनीय रिपोर्ट भी तलब की है। सीपी की पॉलिसी के चलते दरोगा शिवाकर मिश्रा को अगले एक साल तक चार्ज मिलना भी मुश्किल होगा। माना जा रहा है कि विभागीय जांच में पुराने मामले खुले तो दरोगा शिवाकर मिश्रा और सिपाही गौरव द्विवेदी की मुश्किलें अब और बढ़ेगी। वहीं पुलिस महकमे के कई इंस्पेक्टर और दरोगा आरोपी रिश्वतखोर शिवाकर मिश्रा को बचाने की फिल्डिंग सजाते रहे। एंटी करप्शन टीम आज दोपहर आरोपी दरोगा शिवाकर मिश्रा और उसके खास सिपाही गौरव कुमार द्विवेदी को एंटी करप्शन कोर्ट नंबर-5 में पेश करेगी, जहां से पुलिस न्यायिक रिमांड के लिए कोर्ट में केस की एफआईआर और प्राइमरी कॉपी पेश करेगी। जिसके आधार पर दरोगा जेल भेजा जाएगा। आपको बताते हैं पूरा मामला 2019 बैच का दरोगा शिवाकर मिश्रा की नौकरी का आगाज वाराणसी से हुआ और ट्रेनिंग के बाद काशी उसे पहला जनपद एलाट किया गया। शिवाकर मिश्रा की बतौर ट्रेनी पहले थाने पर तैनाती हुई फिर कुछ दिनों पर चौकी पर जिम्मेदारी मिली। पूर्वांचल के बस्ती निवासी शिवाकर ने एक इंस्पेक्टर से करीबियां बढ़ाई तो लंका थाना क्षेत्र की चौकियों पर लंबा समय बिताया। थाने की चार-पांच प्रमुख चौकियों पर लंबे समय तैनाती भी रहीं, वहीं आसपास के क्षेत्र में जिम्मेदारी बदलती रही। फिलहाल कुछ दिन पहले उसका तबादला सिगरा थाना क्षेत्र के काशी विद्यापीठ चौकी पर हुआ और ज्वाइनिंग के बाद ताबड़तोड सेटिंग शुरू कर दी। चौकी इंचार्ज को स्थानांतरित विवेचाओं पर होमवर्क शुरू किया तो सबसे पहले कमजोर फाइलें टारगेट पर आई। इन फाइलों में जांच पर पता चला कि आरोपी गुनहगार काम और निर्दोष या षडयंत्र में ज्यादा फंसाया गया है। इसके बाद उन सभी को चौकी पर बुलाना शुरू किया। केस की फाइलें देखकर आरोपी को बुलाया दरोगा शिवाकर मिश्रा ने जांच के दौरान चंदौली के अलीनगर मुगलचक के रहने वाले प्रहलाद गुप्ता के केस सामने आए। उसका पत्नी ममता गुप्ता का विवाद चल रहा है और महिला ने अपने पति के खिलाफ 5 केस दर्ज कराए थे। एक केस जेल में रहने के दौरान केस दर्ज कराने की बात भी सामने आई। इसके बाद दरोगा ने कारखास सिपाही गौरव द्विवेदी के जरिए प्रहलाद गुप्ता को बुलाया और मामले में चार्जशीट लगाने की बात कही। अगर केस में बचना है तो उसके लिए बड़ी रकम देने का रास्ता बताया। जेल में रहते दर्ज केस में आरोपी के बचने की संभावनाए देखते हुए सेफ गेम खेला। दरोगा शिवाकर पर आरोप है कि पीड़ित को धमकाते हुए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी और नहीं देने पर जेल भेजने की धमकी दी। अब पीड़ित ने गुहार लगाई तो कसाकशी के बाद मामला 20 हजार पर तय हुआ। दरोगा ने आज चाैकी पर रुपये लेकर बुलाया एंटी करप्शन की टीम लेकर पहुंचा प्रहलाद प्रहलाद ने दरोगा के रिश्वत मांगने का मामला एंटी करप्शन टीम को बताया और 20 हजार रुपये में मामला तय होने की बात कही। एंटी करप्शन की टीम ने प्रार्थना पत्र लेकर दरोगा शिवाकर मिश्रा और उसके चौकी के कारखास सिपाही गौरव द्विवेदी की फिल्डिंग लगानी शुरू कर दी। तय समय के अनुसार 28 जनवरी को प्रहलाद के साथ एन्टी करप्शन वाराणसी की टीम इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह के नेतृत्व में चौकी विद्यापीठ पहुंची। प्रहलाद चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा से मिले। दरोगा ने पैसे मांगे तो प्रहलाद ने 20 हजार रुपए जेब से निकालकर देने लगे। लेकिन दरोगा ने चौकी में मौजूद सिपाही गौरव को पैसे देने के लिए कहा। शिकायतकर्ता ने सिपाही गौरव द्विवेदी को 20 हजार रुपये दिया तो उसने नोट लेकर अपने पहने हुए जैकेट की जेब में रख लिया। इसके बाद टीम ने उसे दबोच लिया तो बैरक में घुसकर रुपयों को छिपा दिया। शाम 6 बजे सिपाही गौरव और चौकी प्रभारी शिवाकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। नोट भी बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को लालपुर पांडेयपुर थाने लाया गया। एंटी करप्शन टीम पहुंची तो सिपाही रिश्वत के रुपए फेंककर भागा, हालांकि बाद में वह पकड़ा गया। पूछताछ में बताया कि उसने दरोगा के कहने पर रुपए लिए थे। जहां पूछताछ चल रही है। एंटी करप्शन के इंस्पेक्टर की तहरीर पर थाने में दरोगा-सिपाही के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बाद में डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने दोनों को निलंबित कर दिया। पत्नी बोली, पति के खिलाफ साजिश दरोगा शिवाकर मिश्रा की पत्नी शिवानी ने बताया- मेरे पति को फंसाया गया है, जबकि वह निर्दोष है। मेरे पति को एंटी करप्शन टीम ने जबरदस्ती एक मामले में फंसाकर उठा लिया गया है। जो सरासर गलत है। मेरे पति ने बताया था कि एक एंटी करप्शन टीम के व्यक्ति ने देख लेने की धमकी दी। उन्होंने फर्जी केस बनाकर मेरे पति को फंसाया है। मेरे पति निर्दोष है। मैं सीएम योगी और बनारस के डीएम से मांग करती हूं कि इसकी निष्पक्षता से जांच कराई जाए।
यूपीपीएससी एलटी ग्रेड परीक्षा 2018 के प्रश्नपत्र लीक मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। कोलकाता निवासी याची अशोक चौधरी ने मांग की है कि एलटी ग्रेड परीक्षा 2018 के प्रश्नपत्र लीक होने की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराई जाए। साथ ही ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमे के अंतिम निर्णय पर रोक लगाई जाए। बता दें कि वाराणसी में प्रश्नपत्र लीक होने का आरोप लगाते हुए याची ने एसटीएफ लखनऊ को शिकायती पत्र दिया था। इस पर एसटीएफ ने जांच कर कोलकाता की प्रिटिंग प्रेस के मालिक और यूपीपीएसी के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार कर वाराणसी के चोलापुर थाने में 28 मई 2019 को एफआईआर दर्ज कराई। मुकदमे का ट्रायल सत्र न्यायालय में चल रहा है। इस बीच याची ने मामले की पुन: जांच की मांग करते हुए यह याचिका की है।
वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायालय की सीजेएम कोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को राहत दे दी। छह साल पहले दर्ज केस में आरोपी को पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी थी। कोर्ट में गिरफ्तारी के पहले आरोपी की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। आरोपी महाराजगंज जनपद निवासी मनव्वर पुत्र रमजान की अपील पर अधिवक्ता शाइनी शेख ने दलील पेश की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने पक्ष सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका मंजूर कर ली। आरोपी मनव्वर को अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। अभियोजन ने बताया कि शिकायतकर्ता छोटेलाल चौहान पुत्र स्वर्गीय मेवालाल चौहान ग्राम दशमीपुर थाना चोलापुर जिला वाराणसी ने धोखाधड़ी व छल कपट कर पैसे लेने का आरोप लगाया था। उसने वर्ष 2019 में मुकदमा नंबर 1801/19 दर्ज कराया था। इसमें मनव्वर पुत्र रमजान निवासी बभनौली जिला महाराजगंज सहित अन्य लोगों के विरुद्ध नामजद तहरीर दी और पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। आरोप लगाया था कि कुवैत में नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपीगण ने हमसे ₹5,40,000 नगद और बैंक अकाउंट में लिए हैं। और नौकरी भी नहीं लगवाया पासपोर्ट जप्त कर टिकट भी फर्जी दिया। इस मामले की सुनवाई करते हुए न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम वाराणसी ने आरोपी मनव्वर को 25000 के व्यक्तिगत बंध पत्र व समान धनराशि के दो बंध पत्र पर अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट में अग्रिम कार्रवाई अधिवक्ता शाइनी शेख ने पूरी कराई।
मेरठ के ब्रह्मपुरी इलाके में खुलेआम सट्टे की सूचना पर एसपी सिटी की स्पेशल टीम ने छापा मार दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने 29 सट्टेबाजों को हिरासत में लिया है। देर रात तक सभी सट्टेबाज थाने में ही मौजूद रहे। अंजान नंबर से आई सूचना एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह के फोन पर बुधवार देर रात एक कॉल आई। कॉलर ने बताया कि ब्रह्मपुरी के माधवपुरम में खुलेआम एक घर में सट्टा चल रहा है। यहां आने वाले लोगों से आस पास के लोग बहुत परेशान हैं। थाना पुलिस की मिलीभगत से यह सट्टा चल रहा है। अपनी टीम से लगवाया छापा एसपी सिटी ने सूचना मिलते ही अपनी टीम को एक्टिव किया। पहले सूचना की पुष्टि की गई। इसके बाद टीम ने माधवपुरम स्थित एक मकान पर छापा मार दिया। पुलिस को देखते ही यहां भगदड़ मच गई। लोग दीवार व छत फांदकर भागने लगे लेकिन पुलिस ने काफी लोगों को दबोच लिया। 29 लोग लिए गए हिरासत में ब्रह्मपुरी पुलिस को कार्रवाई की भनक तक नहीं लगने दी गई। टीम ने मौके से 29 लोगों को हिरासत में लिया और सीधे थाने लेकर आ गई। फिलहाल सभी के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है। पुलिस ने मौके से 57 हजार रुपये के अलावा 30 मोबाइल फोन, सट्टे की पर्ची बरामद की हैं। पुलिस की भूमिका की जांच जितने बड़े स्तर पर यह सट्टा चल रहा था, उसे सुनकर अफसर हैरान हैं। लोगों ने बताया कि अकसर हर रोज ही उनके यहां लोगों की भीड़ जुटती है। फैंटम पुलिस आती है और झांककर चली जाती है। शिकायत मिलने के बाद अफसरों ने जांच बैठा दी है। ब्रह्मपुरी पुलिस की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
मिलावटखोरों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई:इंदौर में 13 व्यापारियों पर 21 लाख से ज्यादा का जुर्माना
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ इंदौर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान प्रशासन ने बुधवार को 13 मिलावटखोरों पर 21 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया है। अपर कलेक्टर एवं न्याय निर्णायक अधिकारी नवजीवन विजय पवार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों से लाल मिर्च पाउडर, काला नमक, सौंफ, पनीर, घी, पेड़ा मिठाई, हींग चना और मिल्क पाउडर सहित कई खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में नमूनों को अमानक, मिलावटी, मिथ्या छाप सामग्री युक्त और अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार पाया गया। इन 13 प्रतिष्ठानों पर लगा जुर्मानाप्रशासन द्वारा जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें रिया स्वीट्स एंड लघु उद्योग पर 3 लाख रुपये, मोहनलाल प्रह्लाद दास एंड संस और गुडलक ट्रेड लिंक पर 1-1.50 लाख रुपए, सनी इंटरप्राइजेस और अरिहंत मिल्क प्रोडक्ट्स पर 2-2.50 लाख रुपए सहित कुल 13 प्रतिष्ठान शामिल हैं। सभी पर मिलाकर 21 लाख रुपए से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है। कलेक्टर बोले- जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहींकलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि इंदौर में फूड लैब खुलने के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। यहां प्रारंभिक रिपोर्ट जल्दी मिल जाती है इस वजह से कार्रवाई भी उसी स्पीड से कर रहे हैं। बीते दिनों नकली घी के मामले में एक माह से भी कम समय में रिपोर्ट आने पर घी फैक्ट्री संचालक पर केस दर्ज किया गया है। इंदौर में 10 से ज्यादा कार्रवाई कर पकड़े मिलावटखोर पालदा स्थित फर्म श्रीराम मिल्क फ़ूड एंड डेरी इंडस्ट्रीज में पैक हो रहे अलग-अलग ब्रांड के घी के 10 नमूने जांच के लिए भेजे। यहां से 3400 लीटर घी जब्त किया। अनियमितताएं पाए जाने पर घी की बिक्री पर रोक लगा दी।
प्रयागराज में एक आभूषण की दुकान से चोरी का CCTV फुटेज सामने आया है। शहर के चौक में स्थित मीरगंज इलाके के सर्राफा बाजार में इस चोरी को अंजाम दिया गया। आभूषण की एक दुकान का शटर काटकर अज्ञात बदमाश दुकान में रखे 34 लाख के सोने चांदी के जेवरात उठा ले गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। शातिर चोर मोबाइल की रोशनी में गहनों को निकलाता है, उन्हें छांटता है। वह काफी वक्त लगाता है ये देखने के लिए कौन से गहने महंगे वाले हैं। सीसीटीवी के नजरिये से देखें तो चोर बड़े ही आराम से वारदात को अंजाम देता नजर आता है। वह गहने के बाक्स को आराम से देख देख कर उसे एक झोले में रख्ता है। सीसीटीव के आधार पर कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। घटना 26 जनवरी की है। जब पूरा शहर गणतंत्र दिवस की छुटि्टयों में मशगूल था। लोग देश की आजादी पर जश्न मना रहे थे तभी प्लानिंग के तहत वारदात अंजाम दी गई। भोर में करीब 4 बजे दुकान से लाखों का सामान उड़ाया गया। शातिर जानता था कि ये वक्त गहरी नीदं का है। 34 लाख के जेवरातों की चोरी कारोबारी सेजल अनिकेत के यहां हुई है। यह चौक के कारोबारियों में एक हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल जिले की चंदौसी के तहसीलदार रविशंकर सोनकर को अपनी सफाई के साथ 11 फरवरी को हाजिर होने का निर्देश दिया है। तहसीलदार पर आरोप है कि संपूर्ण समाधान दिवस पर गांव सभा की जमीन गाटा संख्या 545 से अवैध अतिक्रमण हटाने की कमलेश की शिकायत पर तहसीलदार ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा कि गांव में चकबंदी चल रही है और चकबंदी कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही का उपबंध नहीं है। इसलिए राजस्व संहिता की धारा 67 की कार्यवाही नहीं की जा सकती। इसके एक महीने के बाद तहसीलदार ने याची को उसी गाटा से अपना अवैध कब्जा हटा लेने की नोटिस देते हुए कहा कि नहीं हटाया तो धारा 67 के तहत कार्यवाही की जायेगी। याची ने तहसीलदार के दोहरे रवैए को हाईकोर्ट में चुनौती दी कहा कि याची को जारी नोटिस अवैध है। जुगल किशोर व एक अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति प्रकाश पाड़िया ने तहसीलदार को पक्षकार बनाने का आदेश दिया और कठोर टिप्पणी की कि तहसीलदार को राजस्व संहिता का प्राथमिक ज्ञान नहीं है।बिना धारा 67 पढे कार्यवाही कर दी।जिस पर कोर्ट ने तहसीलदार से सफाई मांगी है।
सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2016 में कम योग्यता (शारीरिक दक्षता) वालों के चयन से जुड़े मामले में अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एडीजीपी, पदौन्नति एवं भर्ती बोर्ड (वर्तमान पुलिस कमिश्नर) सचिन मित्तल को तलब किया हैं। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने यह आदेश प्रतीप मीणा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को 30 जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। दरअसल याचिकाकर्ताओं ने भर्ती में कम योग्यता वालो के चयन को चुनौती दी थी। मिलीभगत करके लाभ पहुंचाने का आरोपअधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि एसआई भर्ती-2016 में 456 पदों पर भर्ती हुई थी। सफल अभ्यर्थियों को जुलाई 2021 में नियुक्ति दी गई। लेकिन भर्ती में 8 अभ्यर्थी ऐसे है, जो शारीरिक दक्षता पूरी नहीं करते हैं। हमने कोर्ट को बताया कि भर्ती नियमों के अनुसार पुरुष अभ्यर्थी की लंबाई 168 सेमी और चेस्ट की माप 81-86 सेमी होनी चाहिए। वहीं इन मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी मौजूद नहीं होने पर ही कम योग्यता वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जा सकता हैं। याचिकाकर्ता सभी योग्यता पूरी करते थे, लेकिन मिलीभगत करके इन 8 अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर जताई नाराजगीउन्होने बताया कि अदालत ने हमारी याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती बोर्ड को 14 मार्च 2024 को आदेश देते हुए नए सिरे से इन चयनित 8 अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं की हाइट और चेस्ट मापन रिपोर्ट पेश करने करने के निर्देश दिए थे। साथ ही उस समय मापी गई रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा। लेकिन पुलिस विभाग ने तीन बार शपथ पत्र पेश करके केवल पुरानी रिपोर्ट ही पेश की। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए तत्कालीन एडीजीपी को तलब कर लिया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार को बिट्टू सिंह उर्फ ठाकुर सिंह नामक उस अपीलार्थी की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया है, जिसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर तथा न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर हम यह मानते हैं कि अपीलार्थी नंबर दो विजय उर्फ प्राण की मृत्यु हो चुकी है। इसलिए उसकी अपील समाप्त हो जाती है। सीजेएम हरिद्वार ने अपीलार्थी क्रमांक एक बिट्टू सिंह उर्फ ठाकुर सिंह के बारे में बताया है कि वह बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती है लेकिन विवरण बहुत अस्पष्ट है। इसलिए सीजेएम, हरिद्वार के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से आवश्यक जांच के बाद बिट्टू के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति और बीमारी के बारे में समुचित रिपोर्ट दें। यह रिपोर्ट 11 फरवरी तक मांगी गई है। इस प्रकरण में उसी दिन सुनवाई होगी। रजिस्ट्रार जनरल, उत्तराखंड उच्च न्यायालय के माध्यम से मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार को आदेश से 24 घंटों के भीतर सूचित करने का निर्देश दिया गया है। अपीलार्थी की तरफ से 1987 में अपील दायर की गई है। अपीलार्थियों को आइपीसी की धारा 302 और 396 के तहत अपराध के आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। सहारनपुर सत्र न्यायालय से सुनाई गई सजा को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट को बताया गया कि अपीलार्थी क्रमांक दो विजय कुमार उर्फ प्राण पुत्र किशनलाल के संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिद्वार ने पुलिस रिपोर्ट के साथ अवगत कराया है कि उसकी मृत्यु पहली फरवरी 2014 को हो गई थी। नगर निगम हरिद्वार से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र इस रिपोर्ट के साथ संलग्न है। कोर्ट ने कहा, हम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सहारनपुर की रिपोर्ट पर भरोसा करना पसंद करेंगे, जिसमें शपथ पर दर्ज किए गए बयानों के आधार पर तथ्य की पुष्टि की गई है। 10 जनवरी 2019 को दर्ज किया गया पहला बयान सब इंस्पेक्टर रनबीर सिंह का है, जो उस समय कोतवाली हरिद्वार में तैनात थे। उन्होंने शपथ पर यह तथ्य सत्यापित किया है कि विजय उर्फ प्राण की मृत्यु हुई हो गई। इस तथ्य की पुष्टि स्थानीय पार्षद मंजू गर्ग से की गई थी। तथ्य की पुष्टि मृतक की पत्नी इला देवी और बेटे आशीष कुमार के अलावा उनके दामाद अरुण कम्बोज से भी की गई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 10 जनवरी 2019 को इला देवी और उनके बेटे आशीष कुमार का बयान दर्ज किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट इसी दिन अरुण कम्बोज पुत्र विकास कम्बोज का बयान दर्ज किया जो मृतक का दामाद है।
इंदौर सहित देशभर में डांसिंग कॉप के नाम से जाने वाले चर्चित ट्रैफिक पुलिसकर्मी रंजीत सिंह को महिला द्वारा लगाए गए झूठे आरोपो के मामले में सजा मिली है। पुलिस विभाग द्वारा उन पर कारवाई करते हुए उन्हें कार्यवाहक प्रधान आरक्षक से वापस आरक्षक बना दिया गया है। कार्यवाहक प्रधानारक्षक 146 रंजीत सिंह वर्तमान पदस्थापना रक्षित केंद्र इंदौर को विभागीय कार्रवाई के आधार पर उच्च पद प्रधान आरक्षक का कार्यवाहक प्रभार वापस लेते हुए मूल पद आरक्षक पर वापस किया गया है। इस मामले में पुलिस विभाग में एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के कार्यालय से मीडिया को जानकारी साझा की गई है।रंजीत के ऊपर मुंबई की एक महिला ने मनगढंत आरोप लगाए थे। जिसमें उन पर अश्लील चेटिंग करने और इंदौर आकर मिलने की बात कही थी। इसके बाद रंजीत को ड्यूटी से हटाकर लाइन में सेवा देने भेजा गया था। इसके बाद मुख्यालय डीसीपी को उनकी जांच सौपी गई थी। देशभर में किया नाम, कई अवॉर्ड मिलेरंजीत ने डांसिग जवान को लेकर देशभर में अपनी पहचान बनाई है। कई राज्यो में वह ट्रैफिक संभालने भी गए हैं। वहीं फेसबुक और इंस्ट्राग्राम पर भी उनके लाखों फॉलोअर हैं। उन्हें लेकर हाईकोर्ट जज भी सराहनीय टिप्पणी कर चुके हैं। ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर के डांसिंग कॉप पर युवती ने लगाया आरोप इंदौर के डांसिंग कॉप हवलदार रंजीत सिंह पर राधिका सिंह नाम से इंस्टाग्राम आईडी चलाने वाली युवती ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने एक वीडियो वायरल कर कहा है कि ट्रैफिक का सिपाही जो काफी फेमस है। उसने दोस्ती करने के लिए मैसेज किए। इंदौर आने की बात कही। युवती को रंजीत का इस तरह का मैसेज अच्छा नहीं लगा।पूरी खबर देखेंजॉन अब्राहम भी कर चुके हैं डांसिंग-कॉप के साथ डांस इंदौर के चर्चित ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल रंजीत सिंह इन दिनों विवादों में हैं। 25 साल की नौकरी में डेढ़ सौ से भी ज्यादा सम्मान और अवॉर्ड पाने वाले रंजीत की छवि को एक इंस्टाग्राम गर्ल राधिका के साथ उनकी बातचीत वायरल होने के बाद नुकसान पहुंचा है।पूरी खबर देखें
मुरैना के सबलगढ़ से 75 किलोमीटर दूर खुटका के जंगल में मंगलवार सुबह एक टाइगर ने 47 वर्षीय महिला रामरती रावत पर हमला कर दिया। महिला अपने पति भागीरथ रावत के साथ जंगल में साधु बाबा केशव पुरी से मिलने गई थी। पत्नी रामरती की चीख सुनकर पति भागीरथ रावत तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बहादुरी दिखाते हुए टाइगर को वहां से भगा दिया, जिससे रामरती की जान बच सकी। यह घटना सुबह करीब 7:30 से 7:45 बजे के बीच खुटका के जंगल में स्थित एक मंदिर के पीछे हुई। टाइगर के हमले में महिला रामरती रावत के दोनों हाथों, एक पैर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। हमले में महिला के गले, चेहरे और छाती पर भी टाइगर के पंजे लगने से चोटें आई हैं। उनके उल्टे हाथ में फ्रैक्चर हो गया है। इस हमले में टाइगर ने महिला के शरीर से मांस भी नोच लिया था। बता दें कि हमले में घायल रामरती को उनके पति भागीरथ पहले मुरैना के सरकारी अस्पताल ले गए। वहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने तत्काल उनका इलाज शुरू किया। फिलहाल रामरती ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। वह मुरैना जिले के सबलगढ़ की रहने वाली हैं।
गणतंत्र दिवस समारोहों की कड़ी में 29 जनवरी 2026 को मोतीलाल नेहरू स्टेडियम (लाल परेड मैदान) में ‘बीटिंग द रिट्रीट’ कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम को लेकर शहर के प्रमुख हिस्सों में यातायात दबाव रहने की संभावना जताई गई है। इसी को देखते हुए नगरीय पुलिस यातायात ने ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था तय की है। इन मार्गों पर रहेगा यातायात दबाव29 जनवरी को शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक रोशनपुरा से कंट्रोल रूम और लिली टॉकीज तक यातायात का दबाव रहेगा। इस अवधि में इस मार्ग पर व्यावसायिक और अनुमति प्राप्त भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित किया जाएगा, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो और कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके। पार्किंग और प्रवेश की व्यवस्थाकार्यक्रम में शामिल होने वाले वीवीआईपी पासधारी वाहन सत्कार द्वार से प्रवेश करेंगे और मंच के पीछे स्थित वीआईपी पार्किंग में अपने वाहन खड़े कर सकेंगे। वहीं सामान्य दर्शक विजय द्वार से प्रवेश कर सकेंगे। चार पहिया वाहनों के लिए मंच के बाएं ओर स्टैच्यू तिराहे के पास पार्किंग निर्धारित की गई है, जबकि दो पहिया वाहन डीआईजी कार्यालय के पास तय पार्किंग स्थल पर खड़े किए जा सकेंगे। पुलिस ने की अपीलनगरीय पुलिस भोपाल ने आम जनता से अपील की है कि वे स्वयं और अन्य नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात नियमों का पालन करें और व्यवस्था में सहयोग करें। किसी भी प्रकार की असुविधा की स्थिति में यातायात दूरभाष नंबर 0755-2677340, 0755-2443850 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 7587602055 पर संपर्क किया जा सकता है।
माह के अंतिम दिन खाद्यान्न वितरण ई-पॉस मशीनों में तकनीकी खराबी के कारण बाधित हो गया। इस समस्या के चलते प्रदेश भर में हजारों राशन कार्डधारक खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित रह गए। हालांकि, सरकार ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए वितरण की अंतिम तिथि को दो दिन बढ़ाकर 30 जनवरी तक कर दिया है। दिनभर राशन की दुकानों पर दौड़ लगाने के बावजूद कार्डधारकों को कोटेदारों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि ई-पॉस मशीनें तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रही हैं। यह समस्या केवल एक जिले तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे प्रदेश में खाद्यान्न वितरण प्रभावित हुआ। समस्या की जानकारी मिलते ही शासन ने तत्काल संज्ञान लिया। लाभार्थियों की परेशानी को देखते हुए खाद्यान्न वितरण की अंतिम तिथि को 28 जनवरी से बढ़ाकर 30 जनवरी 2026 तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया। इस अवधि के दौरान ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित वितरण जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त, मोबाइल ओटीपी के माध्यम से वितरण की सुविधा भी 28 जनवरी के साथ-साथ 30 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी। कार्डधारकों को 30 जनवरी 2026 तक पोर्टेबिलिटी के माध्यम से आवश्यक वस्तुएं प्राप्त करने की सुविधा भी मिलेगी। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र लाभार्थी खाद्यान्न प्राप्त करने से वंचित न रहे। जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि ई-पॉस मशीन में तकनीकी खराबी की सूचना दिनभर लाभार्थियों से मिलती रही। शाम को शासन से निर्देश प्राप्त हुए कि तकनीकी खराबी के कारण वितरण की अवधि को 2 दिन बढ़ाकर 30 जनवरी तक मान्य किया गया है। अब लाभार्थी 30 जनवरी तक अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।
प्रयागराज के कीडगंज इलाके में किराए के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में सरगना महिला समेत चार महिलाओं और चार पुरुषों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह बीते चार महीनों से सक्रिय था और मकान के भीतर कैमरे लगाकर पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था। लगातार मिल रही थी सूचना पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि कीडगंज के माधवपुर इलाके में स्थित एक मकान में संदिग्ध युवक और युवतियों का लगातार आना-जाना है। मोहल्ले के लोगों ने भी कई बार इसकी शिकायत की थी। बुधवार को एक बार फिर सूचना मिलने पर एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव के नेतृत्व में कीडगंज इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह की टीम ने छापेमारी की। आपत्तिजनक हालत में मिले युवक-युवतियां छापेमारी के दौरान मकान के अंदर चार महिलाएं और चार पुरुष मौजूद मिले, जिनमें से कुछ आपत्तिजनक हालत में थे। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई। सभी को थाने लाकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। धूमनगंज की महिला निकली सरगना पूछताछ में सामने आया कि पकड़ी गई चार महिलाओं में से एक महिला, जो धूमनगंज की रहने वाली है, पूरे रैकेट की सरगना है। उसी ने 7000 प्रतिमाह किराए पर यह कमरा लिया था और करीब चार महीनों से यहां अवैध गतिविधियां चला रही थी। मकान मालिक उसी मकान में अपने परिवार के साथ रहता था, लेकिन उसे इस गोरखधंधे की भनक तक नहीं लगी। आरोपी महिला जब भी युवतियों और युवकों को लेकर आती, तो उन्हें अपना पारिवारिक सदस्य बताकर मकान मालिक को गुमराह करती रही। प्रयागराज के ही ग्राहक पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई तीन महिलाएं प्रयागराज की ही रहने वाली हैं। वहीं गिरफ्तार चारों युवक उनके ग्राहक बताए जा रहे हैं, जो शहर के अलग-अलग मोहल्लों के निवासी हैं। इनमें साहिल, मोईन, गोविंद ओझा और इंद्रजीत शामिल हैं। 24 दिन पहले भी पकड़ा गया था सेक्स रैकेट गौरतलब है कि कीडगंज इलाके में यह कोई पहली घटना नहीं है। करीब 24 दिन पहले भी इसी क्षेत्र में एक सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ था। उस दौरान एक महिला आईएएस अधिकारी के मकान में चल रहे सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया गया था, जहां से चार महिलाओं और पांच युवकों को आपत्तिजनक हालत में गिरफ्तार किया गया था। अनैतिक देह व्यापार अधिनियम में केस एसीपी कर्नलगंज राजीव यादव ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। सभी को गुरुवार को न्यायालय में पेश कर रिमांड की अर्जी दी जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किसी बड़े नेटवर्क से तो नहीं जुड़े हैं।
मैनपुरी SP ने देर रात किए तबादले:एक साथ 20 दरोगाओं के ट्रांसफर, तबादला सूची में संशोधन भी हुए
मैनपुरी पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा के आदेश पर 20 उप निरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर दिया गया है। यह निर्णय जनपदीय पुलिस स्थापना बोर्ड की 28 जनवरी 2026 को हुई गोष्ठी में लिया गया था। जारी सूची के अनुसार कुरावली में तैनात उप निरीक्षक संजय सिंह को थाना भोगांव भेजा गया है। पुलिस लाइन में कार्यरत राजकुमार गौतम को नवीगंज चौकी प्रभारी, थाना बेवर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नवीगंज चौकी प्रभारी सुखवीर सिंह को ईसई खास चौकी प्रभारी नियुक्त किया गया है। राहुल देव को पुलिस लाइन से बुझिया चौकी प्रभारी, थाना करहल भेजा गया है। अभियोजन कार्यालय में तैनात योगेश कुमार दीक्षित को हन्नूखेड़ा चौकी प्रभारी, थाना बिछवां स्थानांतरित किया गया है। इसके अतिरिक्त, कई अन्य उप निरीक्षकों को पुलिस लाइन, थाना कोतवाली, थाना बरनाहल, औंछा, किशनी, करहल और महिला थाना जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर नई तैनाती मिली है। तबादला सूची में कुछ संशोधन भी किए गए हैं। दन्नाहार में किया गया एक स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। संबंधित उप निरीक्षक को पुनः थाना औंछा से बरौली चौकी प्रभारी के रूप में तैनात करने का आदेश जारी हुआ है। यह दर्शाता है कि विभाग ने तैनाती में संतुलन और क्षेत्रीय आवश्यकताओं का ध्यान रखा है। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद साहा ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें।
STF की मेरठ फील्ड यूनिट ने अंतराज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन तस्करों को दबोचा गया है, जिनके पास से करीब 30 लाख रुपये कीमत का एक कुंतल से अधिक गांजा बरामद किया गया है। उड़ीसा से लाया जा रहा था गांजाSTF मेरठ फील्ड यूनिट के प्रभारी एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले काफी समय से उनकी यूनिट मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के पीछे लगी है। बुधवार को सूचना मिली कि उड़ीसा राज्य से बड़ी मात्रा में गांजा लाया जा रहा है। रामपुर की ओर से यह तस्कर प्रवेश करेंगे, जिसके बाद मुरादाबाद में सप्लाई दी जानी है। मुरादाबाद पुलिस को लेकर कार्रवाईएएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस सूचना के बाद टीम ने मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया। लोकल पुलिस की मदद से पुलिस ने बागड़पुर कट पर चेकिंग शुरु करा दी। इसी दौरान एक ट्रक आता दिखाई दिया। सीओ राजेश यादव की मदद से तत्काल ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसके अंदर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हो गया। इनको किया गया गिरफ्तार पुलिस ने राकेश कुमार पुत्र अतर सिंह निवासी ग्राम जटपुरा थाना डिलारी जनपद मुरादाबाद, नन्हें पुत्र लेखराज निवासी ग्राम जटपुरा थाना डिलारी जनपद मुरादाबाद और आसिफ पुत्र इरशाद निवासी ग्राम कंकरखेड़ा थाना डिलारी जनपद मुरादाबाद को दबोच लिया। यह बातें निकलकर आई सामनें :- पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में गांजा सप्लाई होना था। - मादक पदार्थों की तस्करी से जुटाई रकम से यह ट्रक खरीदा गया था। - उड़ीसा से 7 हजार रुपये किलोग्राम खरीदकर 10 हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक बेचा जाता है। - 2.5 लाख रुपये देकर गांजे की तस्करी कराई जा रही थी।
मिर्जापुर के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत समोगरा गांव के पास बुधवार को भीषण सड़क हादसा हो गया। हाइवा और ट्रक की टक्कर के दौरान बाइक सवार युवक उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान बिकना गांव निवासी मिथलेश विश्वकर्मा (26) के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का इकलौता पुत्र बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, मिथलेश नकहरा से बाइक से अपने गांव बिकना लौट रहा था। बिकना अंडरपास के पास नो-एंट्री के कारण कई घंटों से खड़ा एक हाइवा अचानक आगे बढ़ा। इसी दौरान सामने से आ रहे ट्रक से उसकी टक्कर हो गई। जिसमें मिथलेश की बाइक फंस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मिथलेश ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मृतक के परिजनों को सूचना दी। घटना स्थल से महज आधा किलोमीटर दूर रहने वाले परिजनों पर जैसे ही इकलौते बेटे की मौत की खबर पहुंची, घर में कोहराम मच गया। दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने हाइवा वाहन में आग लगा दी। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना के चलते रीवा राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही देहात कोतवाली प्रभारी अमित मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और संबंधित वाहनों के चालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
डायल 112 पुलिस पर मारपीट का आरोप, VIDEO:जालौन में युवक को घसीटकर ले गए, दो भाइयों में हुआ था झगड़ा
जालौन में मकान के बंटवारे को लेकर दो सगे भाइयों के बीच हुए विवाद हो गया। परिजनों का आरोप है कि सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस पर एक भाई के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे घसीटते हुए ले गए। इस पूरी घटना का वीडियो परिजनों द्वारा बनाया गया है। मामला कदौरा थाना क्षेत्र के बबीना बस स्टैंड के पास का है। महेश साहू के दो पुत्र रविकांत और शशिकांत के बीच बुधवार देर शाम मकान के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि इस दौरान बड़े भाई रविकांत शराब के नशे में था और किसी बात को लेकर दोनों में कहासुनी हो गई, जिसके बाद हाथापाई शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर पिता महेश साहू ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पीआरवी डायल 112 वाहन संख्या यूपी 32 बीजी 5701 मौके पर पहुंची। परिजनों का आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने विवाद को शांत कराने के बजाय नशे में धुत रविकांत के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक को बेरहमी से पीटा और घसीटते हुए गाड़ी में बैठाने की कोशिश की। इस दौरान परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई का वीडियो बना लिया, जिसमें कथित रूप से पुलिसकर्मी युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। परिजनों का कहना है कि पुलिस युवक को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर जोल्हुपुर की ओर ले जाने लगी। विरोध करने पर उसे कदौरा थाने ले जाया गया। बाद में परिजनों द्वारा कदौरा थाना पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों की बात सुनी। पुलिस की मौजूदगी में दोनों भाइयों और परिवारों के बीच समझौता हो गया। हालांकि, परिजनों ने आरोप लगाया है कि डायल 112 के पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अनावश्यक रूप से मारपीट की। इस संबंध में कदौरा थाना प्रभारी प्रभात सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। वीडियो और शिकायत के आधार पर तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एनिकट निर्माण के दौरान हादसा, दो मजदूरों की मौत:मानपुरा में हुआ हादसा, तीन मजदूर गंभीर घायल हुए
सलूम्बर जिले के ईसरवास पंचायत के मानपुरा क्षेत्र में हो रहे एनिकट निर्माण कार्य के दौरान आज शाम को निर्माण कार्य ढहने से दो मजदूरों की मौत हो गई तथा तीन मजदूर गम्भीर रूप से घायल हो गए। जोधसागर के तालाब के नजदीक मानपुरा में मजदूर सीमेंट पत्थर के निर्माण के मलबे के नीचे दब गए। सूचना मिलते ही सलूम्बर थानाधिकारी हेमन्त चौहान जाब्ता मौके पर पंहुचे। ग्रामीणो एवं अन्य मजदूरों की मदद से सभी घायलों को मलबे से बाहर निकाला ओर सलूंबर जिला चिकित्सालय पहुंचाया।अस्पताल में उपचार के दौरान प्रभु मीणा तथा कचरा मीणा की मौत हो गई। निर्माण कार्य ढहने की इस घटना में मजदूर थावरा मीणा, गौतम मीणा और प्रभु मीणा गम्भीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर लाम्बी डूंगरी के पास जेतेला फला गांव के निवासी है। दोनों मृतक मजदूरों के शव जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया।
कानपुर में एकतरफा प्यार में एक युवक ने लड़की पर सर्जिकल ब्लेड से हमला कर दिया। युवक ने युवती के चेहरे और कलाई पर 13 वार किए। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े। आरोपी को पकड़ लिया और पीटकर पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं लड़की को घरवालों ने हैलट में भर्ती कराया है। गुस्साए घरवालों और लोगों ने कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में हंगामा किया। परिजनों ने बताया कि 7 फरवरी को युवती की शादी होनी है। मामला नजीराबाद थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरा घटनाक्रमनजीराबाद थानाक्षेत्र के भदौरिया चौराहा इलाके में रहने वाली 24 वर्षीय युवती के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई-बहन हैं। युवती के भाई ठेला लगाते हैं। परिजनों ने बताया कि उनके घर के पास एल्युमिनियम कारखाना है। जिसमें बीते दो साल से गोलू नाम का युवक काम करता है। गोलू का युवती के घर आना जाना था। युवती ने बताया कि बुधवार देर शाम गोलू आया और उसने रेस्टोरेंट चलकर खाना खाने की बात कही। इस पर युवती ने उसके नशे में होने की बात कहकर गोलू को घर जाने को कहा। आरोप है कि इस पर गोलू ने सर्जिकल ब्लेड से चेहरे और कलाई पर करीब 13 बार हमला कर दिया। इस पर युवती ने दोनों हाथों से खुद को बचाने का प्रयास किया। जिसमें उसके दोनों हाथों और चेहरे में कई जगह ब्लेड लगने से वह लहुलूहान हो गई। शोर सुनकर मोहल्ले के लोग दौड़े और गोलू को जमकर पीटा। हंगामे की सूचना पर नजीराबाद पुलिस मौके पर पहुंची। जिस पर आक्रोशित परिजनों ने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस की परिजनों और आक्रोशित लोगों से तीखी नोंकझोंक भी हुई। हंगामे की जानकारी पर एडीसीपी सेंट्रल समेत सर्किल का फोर्स मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। नजीराबाद थाना प्रभारी राजकेसर ने बताया कि युवती के परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कानपुर के घाटमपुर स्थित जहांगीराबाद में एक डंपर और ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों घायलों को पतारा सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायलों को कानपुर ले जाने के लिए सीएचसी पहुंची एंबुलेंस (गाड़ी संख्या 8906) के चालक और ईएमटी ने केवल एक घायल को ही गाड़ी में बैठाया। जब सीएचसी में मौजूद लोगों ने दूसरे गंभीर घायल को भी ले जाने को कहा, तो एंबुलेंस चालक उसे छोड़कर ही कानपुर रवाना हो गया। इसके चलते दूसरा गंभीर घायल लगभग आधे घंटे तक सीएचसी में एंबुलेंस के इंतजार में तड़पता रहा। करीब आधे घंटे बाद भीतरगांव से दूसरी एंबुलेंस पहुंची, जिससे उसे कानपुर जिला अस्पताल भेजा गया। यह घटना घाटमपुर थाना क्षेत्र के जहांगीराबाद गांव स्थित बलहापारा मोड़ के पास हुई। ईंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली कानपुर-सागर हाईवे पर पहुंची थी, तभी घाटमपुर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उसे टक्कर मार दी। राहगीरों की सूचना पर पतारा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। खबर लिखे जाने तक दोनों घायलों की पहचान नहीं हो सकी थी। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
माघ मेला के संगम तट पर दंडी स्वामियों और साधु-संतों ने UGC अध्यादेश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर-तख्तियां थामे साधुओं ने कैंडल मार्च निकाला और केंद्र सरकार से बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की। सवर्णों पर खतरा, हिंदुत्व को तोड़ने की साजिश अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष दंडी स्वामी ब्रह्माआश्रम ने कहा कि यह UGC अध्यादेश सवर्णों के लिए घातक है। सवर्ण, बैकवर्ड, SC-ST के बीच भेदभाव पैदा करेगा। सवर्ण समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने सरकार से अपील की कि अध्यादेश वापस हो और पुरानी व्यवस्था बहाल रहे। चार वर्णों की एकता पर जोर देते हुए कहा कि हम चार वर्ण हैं, इन्हें लड़ाने का काम हो रहा है। इससे हिंदुत्व और सनातन धर्म खतरे में पड़ जाएगा। अंग्रेजों-मुगलों ने भी ऐसा नहीं किया। समान कानून की बात करते हैं लेकिन एक को जेल, एक को बेल? दिल्ली में डॉक्टर को ब्लैकमेल का मामला इसका उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि बिल न लौटा तो दिल्ली तक मार्च होगा। काले कानून से छात्रों का भविष्य अंधकारमय श्यामदेवाचार्य और अन्य संतों ने मां गंगा की गोद में संकल्प लिया। संत का कहना कि संकल्प का अर्थ दृढ़ता है। चार वर्णों को तोड़कर एक वर्ग को लाभ देकर सरकार चैन से नहीं बैठ सकती।उसामान्य वर्ग के विधायक-सांसद-अधिकारी अगर नहीं उठे तो जनता मार-मारकर भगाएगी। जनता ने बनाया, जनता उतारेगी। UGC बिल को काला कानून बताते हुए संत बोले कि बिना जांच-पड़ताल के झूठा आरोप लगेगा तो छात्रों का फ्यूचर बर्बाद। उच्च शिक्षा कॉर्पोरेट्स के हाथों बिक जाएगी। संस्थानों की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी। शिक्षा का धार्मिक-आध्यात्मिक मूल्य नष्ट हो जाएगा। सनातन बचाना है तो जोड़ो, तोड़ो मत।
हर मां-बाप अपने बच्चों के सुखद भविष्य के लिए सपने देखते हैं। वो उन्हें कुछ बनता देखना चाहते हैं। हमने भी अंतु को इंजीनियर बनाने का सपना देखा था लेकिन पता नहीं था कि इतनी जल्दी सपना टूट जाएगा। रीनू ने भी मां होने का फर्ज निभाया और अंतु को डाट दिया। हमें क्या पता था कि बेटा इतनी जल्दी हिम्मत हार जाएगा। वो हमें ही नहीं पूरे मोहल्ले को बिलखता छोड़कर गया है...! यह दर्द है अपने इकलौते बेटे को खोने वाले मेरठ के शास्त्री नगर सेक्टर-3 निवासी विनय चौहान का। 26 जनवरी को जब पूरा शहर गणतंत्र दिवस मना रहा था तो उनके घर में बड़ा हादसा हो गया। उनके 14 वर्षीय बेटे अनंत उर्फ अंतु ने केवल अपनी मां के डाटने पर फांसी लगा ली। पूरे परिवार पर मानों दुखों का पहाड़ टूट गया। काफी देर तक आस पड़ौस को भी यकीन नहीं हुआ कि हमेशा हंसता खिलखिलाता रहने वाला अंतु उन्हें छोड़कर चला गया है। आइए जानते हैं क्या हुआ था उस दिन विनय चौहान ड्राइविंग करते हैं और सुबह ही ड्यूटी पर निकल जाते हैं। वह बताते हैं कि 26 जनवरी को वह ड्यूटी पर निकल गए। उनकी बेटी काव्यांजलि अपने स्कूल चली गई। घर पर उनकी पत्नी रीनु, पिता बिजेंद्र सिंह चौहान और बेटा अनंत उर्फ अंतु रह गए। अनंत ने पड़ौस में रहने वाले अपने दोस्त के साथ उसकी गाड़ी साफ कराई। घर आया तो उसकी मां ने डाट दिया। बोला- बाहर के सारे काम कराया कर, बस अपने घर का कोई काम मत कर लेना। मां रीनु से अनंत की खूब नोकझोंक हुई। पढ़ाई के लिए टोकते ही वह और ज्यादा नाराज हो गया और सीधे घर की दूसरी मंजिल पर पहुंच गया। पहले चाची और फिर बहन पहुंची मनाने पहले मां रीनु की नाराजगी पतंग उड़ाने से थी। दो दिन तक उसने खूब पतंग उड़ाई। अब उसका प्रोग्राम दोस्तों के साथ पतंग उड़ाने का था। मां ने मना कर दिया और अंतु छत पर चला गया। चाची लता ने शोर सुना तो वह पहुंच गई। वह सीधे अंतु को मनाने दूसरी मंजिल पर आ गई। अंतु ने कहा कि वह पतंग उड़ाकर उतर आएगा। थोड़ी देर बाद बड़ी बहन काव्यांजलि उसे लेने पहुंची जो वह उससे भी लड़ गया। बोला- मेरा दिमांग खराब मत कर। चली जा। मैं पतंग उड़ाकर खुद नीचे आ जाऊंगा। दीपांशु चिल्लाया तो सब छत पर भागे विनय बताते हैं कि कुछ देर बाद अंतु का दोस्त दीपांशु घर पर आया। उसने पूछा- आंटी अंतु कहा है? मां ने कहा- वह नाराज होकर छत पर चला गया है, तू ही उसको नीचे ले आ। दीपांशु जितनी तेजी से छत पर पहुंचा, उससे कहीं अधिक गति से वह वापस आया। बोला- आंटी देखो अंतु ने क्या कर लिया है। सब दूसर मंजिल पर बने कमरे पर पहुंचे तो अंदर फंदे के सहारे अंतु लटका था। मां रीनू ने शोर मचाया और दीपांशु की मदद से किसी तरह फंदा खोला। पड़ौसी की मदद से डाक्टर के ले गए आस पड़ोस के लोग अंतु को उठाकर पास ही डा. अशोक गर्ग के क्लीनिक पर पहुंचे। वहां से उन्हें लोकप्रिय अस्पताल भेज दिया गया। तब तक पिता विनय को केवल यही बताया गया था कि अंतु की तबियत बहुत खराब है। विनय उनसे पहले अस्पताल पहुंच गए और स्ट्रेचर लेकर इंतजार करने लगे। अंतु के पहुंचते ही उन्होंने नब्ज देखी और फफक पड़े। फिर भी स्टाफ अंदर आईसीयू में ले गया लेकिन 10 मिनट बाद उन्होंने अंतु की मौत की सूचना दे दी। दादा बोले- अंतु यह तूने क्या किया विनय बताते हैं कि डा. अशोक गर्ग के क्लीनिक से लोकप्रिय ले जाते वक्त रास्ते में अंतु ने एक बार अपनी आंख खोली थी। उसके दादा बोले- अंतु यह तूने क्या कर लिया। वह उसे जगाए रखने का प्रयास कर रहे थे लेकिन अचानक अंतु की आंख बंद हो गईं और वह रोने लगे। अपने भाई को ढूंढ रहीं काव्यांजलि की आंखे जिस वक्त यह सब हुआ, उससे कुछ देर पहले ही काव्यांजलि स्कूल से लौटी थी और घर के बाहर बैठी मोबाइल चला रही थी। वह भी भाई को मनाने गई लेकिन भाई नहीं माना। अंतु को खो जाने का एहसास काव्यांजलि को है। वह उस दृश्य को बताते बताते सहम जाती है। काव्यांजलि कहती है कि उसका अपने भाई से कभी कोई झगड़ा नहीं होता था। मम्मी-पापा भी घर पर नहीं होते थे तो दोनों एक दूसरे का पूरा ध्यान रखते थे। 14 फरवरी को उसका जन्म दिन था। उसे सेलिब्रेट करने की योजना बना रहे थे, उससे पहले ही वो चला गया। उस दिन नहीं जला किसी घर में चूल्हा पड़ोसी अमित गुप्ता बताते हैं कि अंतु को सभी पसंद करते थे। वह हमेशा हर किसी से हंसकर बात करता था। जिस दिन उसकी मौत हुई, उस दिन शायद ही मोहल्ले के किसी घर में चूल्हा जला हो। कोई उसे भुला नहीं पा रहा है। ऐसा लगता है कि वह अभी खिलखिलाकर सामने आ जाएगा। उसने यह कदम क्यों उठाया, यह समझ से परे है। अन्य पड़ौसी राजीव बताते हैं कि अंतु का हर किसी से लगाव था। उनका बेटा उसका दोस्त था जो उसे बार बार याद करता है। वह ऐसे सवाल करता है, जिनका उनके पास जवाब नहीं है।
सार्वजनिक जगह पर ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके बनाया होलिका दहन का चबूतरा नगर निगम की टीम ने ध्वस्त कर दिया। इसको लेकर लोगों का आक्रोश भड़क गया। नगर निगम की टीम ने क्षेत्रीय पार्षद दीपक वर्मा से हाथापाई के साथ ही गाली-गलौज भी की। इससे क्षेत्र में आक्रोश भड़क गया है। वार्ड 77 शहीद नगर के पार्षद दीपक वर्मा का कहना है-बुधवार को नगर निगम की टीम ने चमरौली में खेलकूद के मैदान पर बने अस्थायी होलिका दहन के स्थल को तोड़ दिया। इस चबूतरे को ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित करके बनवाया था। यह सार्वजनिक जमीन खेलकूद मैदान के नाम दर्ज है। पार्षद का कहना है-मोहल्ला चमरौली में होलिका दहन खेलकूद के नाम से जमीन पर 50-60 साल से होलिका दहन हो रहा है। 5-6 दिन पहले गांव के लोगों के लोगों ने मीटिंग हुई थी। जिसमें तय किया गया था कि होलिका दहन के लिए यहां पर अस्थायी चबूतरा बनवाया जाएगा। इस पर पार्षद ने भी अपनी मोहर लगा दी थी। तय हुआ था कि जब खेलकूद के मैदान पर पार्क विकसित होगा, तब चबूतरे को हटवा देंगे। इसके बाद चंदा एकत्रित करके होलिका दहन के लिए एक कच्चा चबूतरा बनवाया। उसको बुधवार को नगर निगम की टीम ने तोड़ दिया। पार्षद का आरोप है कि नगर निगम ने हमारा पूजा स्थल को तोड़ दिया। उनका कहना है कि सूचना के बाद जब वे मौके पर पहुंचे तो नगर निगम के आरआई ने उनके साथ हाथापाई और गाली गलौज की। सूचना के बाद के लोगों ने मुझे बचाया। हमने हमने ये मामला नगर आयुक्त को बता दिया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने साइबर अटैक से निबटने के लिए किए गए प्रयास को लेकर कहा है कि राज्य डेटा सेंटर को हैक करने के एक संगठित प्रयास की पहचान कर रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से उसके स्रोत का पता लगाने का काम जिस तरह से किया गया, वह अच्छा प्रयास है और आगे और भी सतर्क रहने की जरूरत है। सीएस को बताया गया कि भारत सरकार को पूरे देश में इसी प्रकार के हैकिंग प्रयासों की पहचान करने में सहयोग दिया तथा उनकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी करने में भी भूमिका निभाई गई। सीएस ने कहा कि सभी जिलों में जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने स्टेट डाटा सेंटर की वर्किंग का इंस्पेक्शन करते हुए कहा कि पीएम गति शक्ति से समन्वय कर डेटा एक्सचेंज करें। राज्य शासन के सभी विभाग इस ऐप का राज्य की जनहितकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर के सेंटर के विस्तार के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रम और एमपी एसईडीसी के एमडी आशीष वशिष्ठ और प्रोजेक्ट डायरेक्टर स्वान अंशुमान राज की मौजूदगी में मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया। जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाएउन्होंने ड्रोन डेटा डिपॉजिटरी का अवलोकन किया और खनिज, जल जीवन मिशन, ग्रामीण सड़क, सेंट्रल विस्टा जैसे प्रोजेक्ट के लिए किए जा रहे ऑनलाइन कार्य को भी देखा। उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्वालियर के पटवारी से भी आधुनिक तकनीक से नक्शा आदि बनाने की जानकारी ली। मुख्य सचिव जैन ने इस परियोजना को आमजन के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि जीआईएस लैब से नक्शा विहीन और विस्थापित ग्रामों के नक्शा आदि को तैयार करने के उनके विजन को गुणवत्ता से पूर्ण होते देखना सराहनीय है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी जिलों में जीआई सिस्टम के लिए एक्सपर्ट की नियुक्ति की जाए और अभी जिन 28 जिलों में यह सुविधा है, वहां के कार्यों की जानकारी ली जाए। साइबर अटैक से निपटने के प्रयासों की जानकारी लीमुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डेटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य का अवलोकन किया। मुख्य सचिव जैन ने मध्यप्रदेश की सभी शासकीय वेबसाइट और डेटा की सुरक्षा के लिए किए जा रहे टूल आधारित कार्य को देखा। उन्होंने साइबर अटैक से निबटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी ली।मुख्य सचिव ने MPSEDC एवं MP SIRT की टीम की सराहना की है, जिन्होंने राज्य डाटा सेंटर को हैक करने के एक संगठित प्रयास की पहचान कर रिवर्स इंजीनियरिंग के माध्यम से उसके स्रोत का पता लगाया तथा चिन्हित की गई इंट्रूज़न्स को सैनिटाइज करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त टीम द्वारा भारत सरकार को पूरे देश में इसी प्रकार के हैकिंग प्रयासों की पहचान करने में सहयोग दिया तथा उनकी रोकथाम के लिए एडवाइजरी जारी करने में भी भूमिका निभाई गई। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप यह सुविधा अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान एवं प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुकी है। एआई बेस्ड सर्वर और जीपीयू स्थापित होगामुख्य सचिव जैन को बताया गया कि डेटा सेंटर की क्षमता बढ़ाने के लिए एआई आधारित सर्वर और जीपीयू स्थापित किए जाने की योजना है। मुख्य सचिव जैन ने डेटा सेंटर संचालन की क्षमता 6 से 10 मेगावाट किए जाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव जैन ने एमपीई सेवा एप्लिकेशन सहित अन्य ऐप की जानकारी ली तथा निर्देश दिए कि तय अवधि में सभी एप्लिकेशन तैयार करें, जिससे आमजन के लिए उपयोग में लाए जा सके।
कोर्ट से लौट रहे युवक पर जानलेवा हमला:पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश, तीन गिरफ्तार
एमपी नगर इलाके में मंगलवार शाम वर्चस्व के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विशाल मेगा मार्ट के पास कोर्ट से पेशी कर लौट रहे युवक से मारपीट की गई और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का प्रयास किया गया। बीच-बचाव में आए युवक के सिर पर डंडा मारा गया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पेशी से लौटते वक्त घेरकर हमलापुलिस के मुताबिक दिनेश सिंह (30) दुर्गा मंदिर के पीछे एवीआई रेसिडेंसी, नीलबड का रहने वाला है। वह सड़क निर्माण का ठेकेदार है। दिनेश ने बताया कि मंगलवार सुबह कमला नगर के नया बसेरा क्षेत्र में नरेन्द्र अहिरवार उर्फ भोले की दुकान के पास हिमांशु पाटील से पुरानी बात को लेकर विवाद हुआ था। मौके पर दोनों के बीच समझौता भी हो गया था। इसके बाद दिनेश किसी मामले में कोर्ट में पेशी के लिए गया। लौटते समय वह दोस्तों अमित लोंगरे और अजय यादव के साथ एमपी नगर जोन-01 स्थित विशाल मेगा मार्ट रोड पर चिकन खाने पहुंचा। ‘बहुत नेतागिरी दिखा रहा था…’ कहकर की मारपीटइसी दौरान नरेन्द्र अहिरवार उर्फ भोले, हिमांशु पाटील और अजय राठौर वहां पहुंच गए। तीनों ने गाली-गलौज करते हुए दिनेश से कहा कि “सुबह मोहल्ले में बहुत नेतागिरी दिखा रहा था।” विरोध करने पर तीनों ने मिलकर दिनेश के साथ मारपीट शुरू कर दी। मारपीट देख अमित लोंगरे और अजय यादव ने बीच-बचाव की कोशिश की। इसी दौरान आरोपी अजय राठौर ने अमित लोंगरे के सिर पर डंडा मार दिया, जिससे वह घायल हो गया। पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश, दुकानदारों ने बचायाहमले के दौरान नरेन्द्र अहिरवार उर्फ भोले और हिमांशु पाटील ने बोतल निकालकर दिनेश पर पेट्रोल डाल दिया। आग लगाने से पहले ही आसपास के दुकानदारों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पानी से भरे गड्ढे में डूबकर मासूम की मौत:संभल में ईंट भट्टा मालिक पर लापरवाही का आरोप
संभल में बुधवार रात को ईंट भट्टे के पास बारिश से भरे गड्ढे में डूबकर बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रियांश (8) पुत्र जितेंद्र के रूप में हुई है। मामला हयात नगर थाना क्षेत्र के बरवारी की मढ़ैया गांव का है। परिजनों के मुताबिक, प्रियांश की मां सरिता सब्जी बनाने के लिए घर के अंदर गई थीं। इसी दौरान प्रियांश खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गया। जब वह काफी देर तक नजर नहीं आया तो परिजनों ने ईंट भट्टे के आसपास करीब एक घंटे तक तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बाद में ग्रामीणों की सूचना पर परिजन बारिश के पानी से भरे गड्ढे में उतरे, जहां बच्चे का शव मिला। गड्ढे में पानी सिर तक भरा हुआ था और बाहर निकालने तक प्रियांश की मौत हो चुकी थी। मृतक के पिता जितेंद्र ने आरोप लगाया कि ईंट भट्टा मालिक ने उसी दिन जेसीबी से रास्ते के पास गड्ढा खुदवाया था। उन्होंने पहले ही गड्ढा खोदने से मना किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। जितेंद्र का यह भी आरोप है कि हादसे के बाद जब वे शिकायत करने पहुंचे तो भट्टे पर मौजूद लोगों ने उन्हें धमकाकर भगा दिया। मां सरिता ने बताया कि बेटा उनके पास ही बैठा था। थोड़ी देर के लिए वह रसोई में गईं और इसी दौरान वह बाहर चला गया। काफी खोजबीन के बाद गड्ढे में उसका शव मिला, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। थाना प्रभारी उमेश सोलंकी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को गांव भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के आलमबाग थाना क्षेत्र के कैलाशपुरी में दबंगों ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंची महिला को आरोपियों ने लोहे की रॉड से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपियों ने तमंचा लहराकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। कैलाशपुरी आलमबाग निवासी रोहिणी तिवारी के पति की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बेटा कृष तिवारी सोमवार रात करीब 9 बजे घर से बाहर सामान लेने जा रहा था। इस दौरान मोहल्ले के ही दिग्विजय सिंह अपने साथी आबू और भाई रणविजय के साथ वहां पहुंचा और कृष पर हमला कर दिया। तीनों ने युवक को पकड़कर जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। बीच बचाव करने पर महिला को पीटा बेटे की चीख-पुकार सुनकर रोहिणी तिवारी, उनकी बेटी और भाभी सुष्मिता द्विवेदी मौके पर पहुंचीं। दिग्विजय सिंह ने अपने हाथ में ली लोहे की रॉड से सुष्मिता के सिर पर वार किया। जिससे सिर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। इसके बाद कंधे और हाथ पर भी रॉड से हमला किया गया। हमलावरों ने सुष्मिता को जमीन पर पटक दिया और बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा। किसी तरह परिजन बेटे और भाभी को बचाकर घर ले आए लेकिन आरोपी यहीं नहीं रुके। वे घर के अंदर घुस आए और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। तमंचा लहराकर धमकाया पीड़िता का कहना है कि हमलावरों के हाथ में लोहे की रॉड थी जबकि उनके साथ मौजूद अन्य लोगों के हाथ में तमंचा था। जिसे लहराते हुए कहा अगर परिवार का कोई भी सदस्य बाहर दिखा तो उसे जिंदा नहीं छोड़ा जाएगा। घटना के बाद से आरोपी लगातार धमकियां दे रहे हैं। मामले में इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष चंद्र का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके आरोपियों की तलाश की जा रही है।
ग्वालियर में बुधवार को आए लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज में एकेडमिक प्राइज डिस्ट्रीब्यूशन कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर ने किसी को चिकित्सा का विद्यार्थी बनाया है, तो उसके पीछे उसकी कोई विशेष योजना होती है। भले ही लोग ईश्वर को देखें या न देखें, लेकिन दुनिया डॉक्टर को इस धरती पर ईश्वर अवश्य मानती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के अभूतपूर्व संकट में यदि किसी ने अपने जीवन को जोखिम में डालकर मानव समाज की रक्षा की, तो वह चिकित्सक ही थे। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने दीप प्रज्वलन कर किया। एमबीबीएस 2025 बैच के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। मंच पर राज्य मंत्री के साथ गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस. धाकड़, संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना, सेलीब्रेशन चेयरपर्सन डॉ. वृंदा जोशी, प्रेसिडेंट अकादमिक डॉ. पुनीत रस्तोगी, डॉ. जितेंद्र अग्रवाल तथा स्टूडेंट यूनियन प्रेसिडेंट सौम्या गुप्ता उपस्थित थीं।ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता की सेवा में करेंकार्यक्रम में युवा छात्रों को संबोधित करते हुए राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि चिकित्सा सेवा एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिसके माध्यम से पूरे मानव समाज की रक्षा संभव है। बड़े-बुजुर्ग दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते हैं, लेकिन चिकित्सकों के पास वह कौशल है, जिससे वे वास्तव में किसी व्यक्ति को दीर्घायु बना सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग मानवता की सेवा में करें।डीन ने गिनाई मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियांइस अवसर पर जीआरएमसी के अधिष्ठाता डॉ. आरकेएस धाकड़ ने महाविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि जीआरएमसी मध्यप्रदेश का पहला ऐसा चिकित्सालय होगा, जहां दो इन-हाउस सीटी स्कैन और एमआरआई सुविधाएं शीघ्र ही प्रारंभ होंगी, जिनके ऑर्डर दिए जा चुके हैं। उन्होंने प्रदेश के पहले रैबीज सॉफ्टवेयर रैबी ट्रैक पोर्टल की जानकारी भी साझा की। साथ ही उन्होंने अस्पताल भवनों की जर्जर स्थिति से राज्य मंत्री को अवगत कराते हुए इनके पुनर्निर्माण पर विचार करने का आग्रह किया। विद्यार्थियों को दिए गोल्ड मेडलकार्यक्रम के अंत में राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने विद्यार्थियों को पुरस्कार और गोल्ड मेडल प्रदान किए। इससे पूर्व उन्होंने फाइन आर्ट गैलरी का शुभारंभ किया, जहां ड्राइंग, पेंटिंग, रंगोली और पॉट डेकोरेशन को देखकर विद्यार्थियों की सराहना की। इस अवसर पर डॉ.सुधा आयंगर, डॉ. डीके शाक्य, डॉ.संजय चंदेल, डॉ.अमित निरंजन, डॉ.सचिन जैन, डॉ.शक्ति सिंघल, डॉ.मीना मूंदड़ा, डॉ.नीलिमा टंडन सहित अन्य चिकित्सा शिक्षक व सैकड़ों की संख्या में यूजी-पीजी चिकित्सा छात्र मौजूद थे। डिप्टी सीएम ने दी शुभकामनाएंउप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित वार्षिक उत्सव पर महाविद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। वीडियो संदेश के माध्यम से उन्होंने कहा कि गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय नवाचार और गुणवत्ता के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। प्रदेश का पहला रैबीज सॉफ्टवेयर रैबी ट्रैक, आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियां और तकनीकी पहल इसकी पहचान बन चुकी हैं। राज्य सरकार द्वारा उच्च स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीन विभागों की स्थापना, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण तथा पीजी व एमबीबीएस सीटों में वृद्धि जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। छात्र-छात्राओं से समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
सहारनपुर में संरक्षित जानवर के अवशेष मिले:बजरंग दल का हंगामा, 4 पर केस दर्ज; पुलिस जांच में जुटी
सहारनपुर के शिवालिक वन प्रभाग की शाकुम्भरी रेंज में एक संरक्षित जंगली जानवर के क्षत-विक्षत अवशेष मिलने से इलाके में तनाव फैल गया। यह घटना मिर्जापुर थाना क्षेत्र के रामपुर बड़कला गांव के पास नागल माफी मार्ग के जंगलों से जुड़ी है। ग्रामीणों ने रात में जंगल से संदिग्ध आवाजें सुनी थीं, जिन्हें कुछ लोगों ने गोली चलने जैसी बताया। सुबह अवशेष मिलने के बाद अवैध शिकार की आशंका जताई गई, जिससे स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी गई। सूचना पर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने सड़क जाम कर वन क्षेत्र में निगरानी की कमी का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने शिकारियों की तत्काल गिरफ्तारी और वन क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया और जांच का भरोसा दिलाया। वन विभाग की तहरीर पर मिर्जापुर थाने में चार व्यक्तियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और विशेषज्ञों की मदद से यह स्पष्ट किया जाएगा कि शिकार कैसे और कब हुआ। विभाग ने दोषियों को बख्शा नहीं जाने का दावा किया है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर जंगलों में वन्यजीव सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
कोरबा पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष अभियान चलाया। बुधवार तड़के सुबह करीब 4 बजे, लूट और डकैती के मामलों में पहले से रिहा हो चुके 102 आरोपियों को उनके घरों से थानों में तलब किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी द्वारा जारी कड़े निर्देशों के तहत की गई, जिनका उद्देश्य अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। अभियान के दौरान, जिले के सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने दबिश दी। थानों में बुलाए गए इन आदतन अपराधियों की विधिवत परेड कराई गई। भविष्य में अपराध न करने की चेतावनी थाना स्तर पर सभी 102 आरोपियों का सत्यापन किया गया, उनके रिकॉर्ड की जांच की गई और उन्हें भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न होने की सख्त हिदायत दी गई। सक्रिय आरोपियों के खिलाफ धारा 110, 107, 116(3), 129 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई और कई पर प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की गई। आदतन अपराधियों के हिस्ट्री शीट भी खोले जाएंगे। कोरबा पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले, आदतन अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा, शांति और विश्वास बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध संबंधी सूचना तत्काल नजदीकी थाना/चौकी अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ऑटो खड़ा करने के विवाद में चाकूबाजी:2 युवकों पर चाकू से किया हमला, चार आरोपी गिरफ्तार
ऐशबाग थाना क्षेत्र की अहमद कॉलोनी में मंगलवार देर रात मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। ऑटो खड़ा करने को लेकर पड़ोसियों से हुई कहासुनी के बाद चार युवकों ने दो दोस्तों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में फाइज (18) और फरजान (27) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फाइज की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, फाइज के चेहरे और पीठ पर चाकू से वार किया गया, जबकि उसके बड़े भाई फरजान के हाथ पर गंभीर चोट आई है। दोनों अहमद कॉलोनी में रहते हैं। फाइज छात्र है और फरजान मैकेनिक का काम करता है। कहासुनी के बाद निकाला चाकू जानकारी के अनुसार, ऑटो खड़ा करने को लेकर अनस पिंडारी, साकिब, साजिद और सोहराब से दोनों भाइयों की कहासुनी हो गई थी। विवाद कुछ ही देर में बढ़ गया और आरोपियों ने चाकू निकालकर फाइज और फरजान पर हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर ऐशबाग थाना पुलिस देर रात हमीदिया अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया। चारों आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने बुधवार दोपहर कार्रवाई करते हुए अनस (20), साकिब (28), साजिद (55) और सोहराब (30) को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी अहमद कॉलोनी के रहने वाले हैं। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज हमीदिया अस्पताल में जारी है।
बीजापुर में दो नशा तस्कर गिरफ्तार:पुलिस ने गांजा और नशीली गोलियों के साथ की कार्रवाई
बीजापुर पुलिस ने जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने एक साथ तीन टीमों के माध्यम से नगर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर गांजा और नशीली गोलियों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान विजय नगर क्षेत्र से 47 वर्षीय पापैया गोनेट को अवैध गांजे के साथ पकड़ा गया। वहीं, अटल आवास क्षेत्र से 30 वर्षीय सहजान खान को नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। बरामदगी के बाद, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। बीजापुर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि नशा कारोबारियों के खिलाफ यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
बिलासपुर में जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 4 बिल्हा के अंतर्गत नगपुरा से धमनी, कड़ार, कया, बुंदेला और झाल तक जर्जर सड़क के निर्माण की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इसी क्रम में जिला पंचायत सदस्य अनिता राजेंद्र शुक्ला ने कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपकर स्वीकृत निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। जिला पंचायत सदस्य अनिता राजेंद्र शुक्ला ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों पर आरोप लगाया है। उनके अनुसार, सड़क निर्माण के बारे में पूछने पर अधिकारी बार-बार टेंडर होने और जल्द कार्य शुरू करने का जवाब देते हैं, लेकिन इसके बावजूद काम शुरू नहीं किया जा रहा है। सड़क जर्जर, बारिश में कीचड़ और सूखे में धूल से मुश्किल बढ़ी शुक्ला ने बताया कि बारिश के दिनों में यह जर्जर सड़क कीचड़ से भरे दलदल में बदल जाती है, जिससे स्कूली बच्चों को विशेष परेशानी होती है। सूखे मौसम में धूल और गड्ढों के कारण लोगों का आवागमन जोखिम भरा हो जाता है। जिला पंचायत सदस्य ने यह भी कहा कि नगपुरा से झाल तक की सड़क इतनी खराब है कि इससे आम लोगों को हमेशा दुर्घटना का डर बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से किसी अनहोनी से पहले तत्काल सड़क निर्माण शुरू करने का आग्रह किया। उनके अनुसार, सड़क का काम शुरू न होने से ग्रामीणों में गहरा असंतोष है।
भागलपुर के स्नोहला थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक सड़क हादसा हुआ। कमालपुर पेट्रोल पंप के पास गाड़ी की टक्कर से बाइक सवार चाचा-भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। घायलों की पहचान आजमपुर गांव निवासी गौरव कुमार (17) और उनके चाचा जितेंद्र यादव (30) के रूप में हुई है। दोनों स्नोहला बाजार से सामान खरीदकर एक ही बाइक पर अपने गांव लौट रहे थे। कमालपुर पेट्रोल पंप के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात हाइवा वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हाइवा चालक वाहन समेत मौके से फरार हादसे के बाद हाइवा चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत स्नोहला थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। उन्होंने घायलों को तत्काल स्नोहला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। मायागंज अस्पताल में इलाजरत दोनों घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए हैं। स्नोहला थानाध्यक्ष ने बताया कि यह दुर्घटना अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है। फरार वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी वाहन चालक को जल्द ही चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व वरिष्ठ नेता शकील अहमद द्वारा राहुल गांधी पर दिए गए बयान को लेकर पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है। इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ऐसे बयान न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि पार्टी के संघर्ष को कमजोर करने वाले भी हैं। चुनाव के समय से ही पार्टी में बना हुआ है टकराव पूर्व विधायक शकील अहमद खान ने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय से ही पूर्व सांसद के बयानों को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार दिए जा रहे बयान न तो तथ्यों पर आधारित हैं और न ही उनका सच्चाई से कोई लेना-देना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान पार्टी के भीतर भ्रम पैदा करते हैं और आम कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है। सरकार के खिलाफ संघर्ष की जरूरत, लेकिन भटकाव पैदा किया जा रहा मौजूदा राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए शकील अहमद खान ने कहा कि आज देश में सरकार के खिलाफ मजबूत संघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में संविधान और उसके संरक्षण पर लगातार हमले हो रहे हैं। पूर्व विधायक के अनुसार, संविधान की मूल भावना के साथ लगातार छेड़छाड़ की जा रही है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में पार्टी को एकजुट होकर संघर्ष को धार देने की जरूरत है, लेकिन इसके उलट निराधार आरोप लगाकर भटकाव पैदा किया जा रहा है। किसान, महिला और युवा सबसे अधिक परेशान शकील अहमद खान ने कहा कि देश में किसान, महिलाएं और युवा वर्ग गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। किसान अपनी फसलों के उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं, महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही हैं और युवा बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने के बजाय अगर कांग्रेस के भीतर ही इस तरह के बयान दिए जाएंगे, तो इसका सीधा फायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इन बयानों से सबसे ज्यादा खुशी भाजपा को हो रही है। यूजीसी के नए नियमों पर भी जताई चिंता यूजीसी के नए नियमों से जुड़े एक सवाल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शकील अहमद खान ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसरों में आज भी जातीय सूचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है, जिससे संबंधित वर्गों को गहरी मानसिक पीड़ा होती है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय हजारों वर्षों से सामाजिक उत्पीड़न का शिकार रहा है और उन्हें जातीय आधार पर पीछे रखा गया। यही वजह है कि सामाजिक समानता स्थापित करने के लिए आरक्षण जैसी नीतियां लाई गईं। आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक गैर-बराबरी को खत्म करना पूर्व विधायक ने कहा कि जब ओबीसी आरक्षण लागू हुआ था, तब भी उसका विरोध किया गया। बाद में पदोन्नति में आरक्षण का मुद्दा आया, तो उस पर भी सवाल खड़े किए गए। उन्होंने कहा कि आरक्षण का मूल उद्देश्य किसी वर्ग को विशेषाधिकार देना नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही सामाजिक गैर-बराबरी को खत्म करना है। समानता और सामाजिक न्याय के लिए ठोस प्रयास जरूरी शकील अहमद खान ने जोर देकर कहा कि समाज में बराबरी और सामाजिक न्याय स्थापित करने के लिए ठोस और ईमानदार प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के पक्ष में रही है और पार्टी को इसी रास्ते पर मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने अंत में कहा कि कांग्रेस के भीतर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से निराधार बयान देकर पार्टी और आंदोलन को कमजोर करना उचित नहीं है।
मुजफ्फरपुर पुलिस महकमे में फेरबदल हुआ है। नगर थानाध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह को मात्र 9 दिन में उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह अनुज कुमार को मुजफ्फरपुर नगर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह कार्रवाई योग्यता शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण की गई है। अंजनी कुमार सिंह को हाल ही में नगर थानाध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय की ओर से निर्धारित शर्तों को पूरा न कर पाने के कारण उन्हें पदमुक्त कर दिया गया। वैशाली में उनके खिलाफ एक उत्पाद मामला लंबित था, जिसके कारण उनकी सेवा शर्तों पर तकनीकी पेंच फंसा। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए अंजनी कुमार सिंह को पुलिस केंद्र (लाइन) वापस बुला लिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। धनंजय कुमार पर भी कार्रवाई की नगर थानेदार के अलावा, कांटी थाने में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) धनंजय कुमार पर भी कार्रवाई की गई है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) पश्चिमी-01 की जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें कार्य में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है। एसएसपी ने धनंजय कुमार को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए पुलिस केंद्र भेज दिया है। उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है और स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। पुलिस महकमे में हुए इन बदलावों को पुलिसिंग की छवि सुधारने और मुख्यालय के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। एसएसपी के इस कड़े रुख से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि ड्यूटी में लापरवाही या नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए नगर थानाध्यक्ष अनुज कुमार के सामने अब शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराध पर लगाम लगाने की बड़ी चुनौती होगी।
नवादा में करंट से युवक की मौत:खेत में खाद डालते समय तार की चपेट में आने से हुआ हादसा
नवादा के नारदीगंज थाना क्षेत्र में बिजली के करंट की चपेट में आने से एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना कहुआरा गांव के भट्टा हाट स्थित एक खेत में खाद डालते समय हुई। मृतक की पहचान कहुआरा गांव निवासी स्व. लखन राजवंशी के पुत्र अशोक राजवंशी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, अशोक राजवंशी दोपहर करीब 1 बजे अपने घर से खेत में खाद डालने निकले थे। भट्टा हाट के समीप अपने गेहूं के खेत में खाद डालते समय वह खेत में गिरे बिजली के तार के संपर्क में आ गए। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए कुछ देर बाद जब उनकी पत्नी पूनम देवी खेत में पहुंचीं, तो उन्होंने अशोक को जमीन पर गिरा हुआ पाया। उनके शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। अशोक को तत्काल सीएचसी नारदीगंज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही एएसआई दुर्गानंद ठाकुर सहित अन्य पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए सदर अस्पताल नवादा भेज दिया। पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति देने की मांग की मृतक अशोक राजवंशी के परिवार में उनकी पत्नी पूनम देवी, तीन पुत्र अंकित कुमार, दिलखुश कुमार, गोलू कुमार और एक पुत्री करीना कुमारी हैं। सरपंच नागेंद्र कुमार सिन्हा, पूर्व मुखिया राकेश कुमार, शिक्षक देवेंद्र कुमार और रूपलाल मांझी सहित कई ग्रामीण सीएचसी पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। स्थानीय नेताओं और ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से आपदा प्रबंधन कोष से पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति देने की मांग की है। बताया गया है कि अशोक राजवंशी अपने परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे।
प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। इस हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना गड़वारा चौकी अंतर्गत भदौसी गांव के मोड़ पर रात करीब 8:30 बजे हुई। घायल युवकों की पहचान तेजगढ़ थाना क्षेत्र के बासुपुर गांव निवासी के रूप में हुई है। इनमें से शनी सिंह की हालत नाजुक बताई जा रही है। जबकि अन्य दो युवक भी गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय लोगों ने तत्काल गड़वारा चौकी पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज भिजवाया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भदौसी गांव का यह मोड़ संकरा होने और तेज रफ्तार के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और चेतावनी संकेतक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
करीब 2 हजार करोड़ से बने अयोध्या के भव्य राममंदिर परिसर में तीन आधुनिक लिफ्ट स्थापित कर दी गई हैं। राममंदिर ट्रस्ट को औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद फरवरी माह से इन लिफ्टों का संचालन शुरू हो सकेगा। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और विशेष आवश्यकता वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के ऊपरी तल रामदरबार तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी। लिफ्ट की क्षमता 6 से 10 लोगों कीमंदिर के उत्तर दिशा में एक लिफ्ट (VVIP उपयोग के लिए) और पश्चिम दिशा में 2 लिफ्ट लगाई गई हैं, जो श्रद्धालुओं को पहली और दूसरी मंजिल तक ले जाने में सक्षम है। लिफ्ट की क्षमता 6 से 10 लोगों की है। इन लिफ्टों को मंदिर की वास्तुकला से मेल खाते हुए लाल बलुआ पत्थर के स्ट्रक्चर में लगाया गया है। इमरजेंसी अलार्म, पावर बैकअप और ओवरलोड सेंसर लगाए गए हैं तकनीकी दृष्टि से ये लिफ्टें अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार की गई हैं। लिफ्टों में ऑटोमैटिक डोर सिस्टम, इमरजेंसी अलार्म, पावर बैकअप और ओवरलोड सेंसर लगाए गए हैं, जिससे अधिक भार की स्थिति में लिफ्ट खुद रुक जाएगी। आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम से सीधा कनेक्शन भी उपलब्ध कराया गया है। श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित अनुभव मिलेगा राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि लिफ्टों का संचालन प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों की निगरानी में किया जाएगा और नियमित सुरक्षा ऑडिट भी होंगे। यह सुविधा शुरू होने के बाद दर्शन व्यवस्था और अधिक सुव्यवस्थित होगी और श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित अनुभव मिलेगा। उम्मीद है कि फरवरी के दूसरे सप्ताह से यह सुविधा शुरू हो जाएगी। नृपेंद्र मिश्र 29 को आ रहे, 2 दिन समीक्षा बैठक करेंगेराम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र 29 जनवरी को अयोध्या पहुंच रहे हैं। वे 2 दिनों तक 30 व 31 जनवरी को निर्माण कार्यों की समीक्षा करेंगे। बैठक में कार्यदायी संस्था के इंजीनियर कार्यों की प्रगति रिपोर्ट और आगे की योजनाओं का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। बैठक में रामकथा संग्रहालय के सुंदरीकरण कार्य की भी समीक्षा की जाएगी। नृपेंद्र मिश्र बृहस्पतिवार शाम को निर्माण कार्यों का निरीक्षण करेंगे। शुक्रवार की सुबह समीक्षा बैठक शुरू होगी। बैठक में परिसर के उप मंदिरों को श्रद्धालुओं के लिए खोलने पर मंथन किया जाएगा।
भागलपुर में 2 फरवरी से 13 फरवरी तक इंटरमीडिएट वार्षिक सैद्धांतिक परीक्षा आयोजित होगी। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा के शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समीक्षा भवन में केंद्र अधीक्षकों और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में परीक्षा से जुड़ी सभी आवश्यक व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों को अंतिम रूप दिया गया। इस साल भागलपुर जिले में कुल 59 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें सदर अनुमंडल में सर्वाधिक 40 केंद्र, नवगछिया अनुमंडल में 10 और कहलगांव अनुमंडल में 9 परीक्षा केंद्र शामिल है। पहली पाली की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि द्वितीय पाली के लिए यह समय दोपहर 1:30 बजे निर्धारित किया गया है। तय समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं। केंद्र अधीक्षक के अलावा किसी भी अधिकारी, कर्मी या परीक्षार्थी को मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र परिसर में फोटो स्टेट मशीन, कॉपीयर, डुप्लीकेटर जैसी मशीनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार को छोड़कर सभी पार्श्व अथवा पीछे के द्वारों को सुबह 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। परीक्षार्थियों के लिए भी DM ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा केंद्र में जूता-मोजा पहनकर प्रवेश वर्जित रहेगा। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा कक्ष में एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाया जाएगा, ताकि अनुशासन और निगरानी बनी रहे। परीक्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति या शिकायत के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा। यह नियंत्रण कक्ष अनुमंडल कार्यालय, सदर भागलपुर परिसर स्थित सभाकक्ष में संचालित किया जाएगा। नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी वंदना कुमारी को सौंपी गई है, जिनके साथ अन्य पदाधिकारी भी तैनात रहेंगे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा कराना है, ताकि परीक्षार्थी बिना किसी दबाव के परीक्षा दे सकें।
उदयपुर में मिनी ट्रक ने एक नाबालिग बच्चे को कुचल दिया। बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार गोरांग शर्मा (11) निवासी आशापुरा नगर स्कूल से छुट्टी होने के बाद रोज की तरह साइकिल से घर लौट रहा था। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। उदयपुर के प्रताप नगर थाना क्षेत्र स्थित नाकोड़ा नगर बुधवार देर शाम यह हादसा हुआ। हादसा इतना भयानक था कि पिकअप का पहिया बच्चे के सिर पर होकर गुजरा। बच्चे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बच्चे की साइकिल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मिनी ट्रक को छोड़कर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद आसपास लोगों की भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई। सूचना पर प्रतापनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने रो-रोकर बुरा हाल, ड्राइवर की तलाश में जुटी पुलिसघटना के बाद राहगीरों की मदद से बच्चे को तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर हॉस्पिटल पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जानकारी के अनुसार बच्चा रोज की तरह स्कूल जा रहा था। तभी उसे मिनी ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। पुलिस ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इधर, पुलिस ने मौके से मिनी ट्रक को जब्त कर लिया। मौके से फरार हुए ड्राइवर का पता नहीं लगा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
किशनगंज में मवेशी तस्करी के खिलाफ कार्रवाई:6 मवेशी जब्त, 2 तस्कर किए गए गिरफ्तार
किशनगंज के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में पुलिस ने मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तस्करी के लिए ले जाए जा रहे 6 मवेशियों को एक पिकअप वाहन (BR-11-GD-1750) से जब्त किया। इस दौरान वाहन चालक मो. मोहसिन और तस्कर माजिद (निवासी- हल्दीखोड़ा, थाना- कोचाधामन, जिला- किशनगंज) को गिरफ्तार किया गया। टेढ़ागाछ थाना पुलिस को क्षेत्र में मवेशियों की अवैध तस्करी की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने सतर्कता बढ़ाते हुए नाकाबंदी और जांच अभियान तेज किया। कोई वैध कागजात या परमिट प्रस्तुत नहीं किया जा सका जांच के दौरान एक पिकअप वाहन को रोका गया, जिसमें क्रूरतापूर्वक 6 मवेशी भरे हुए थे। वाहन चालक और तस्कर से पूछताछ में मवेशियों के संबंध में कोई वैध कागजात या परमिट प्रस्तुत नहीं किया जा सका। ये मवेशी तस्करी के उद्देश्य से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाए जा रहे थे। तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त अभियान किशनगंज पुलिस मवेशी तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है। जिले का नेपाल सीमा से सटा होना इस समस्या को गंभीर बनाता है, जहां अंतरराज्यीय और सीमा पार तस्करी के प्रयास आम हैं। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के निर्देश पर ऐसी कार्रवाइयों को और तेज किया जा रहा है ताकि अवैध धंधे पर अंकुश लगाया जा सके। टेढ़ागाछ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ टेढ़ागाछ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जब्त मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आम जनता से ऐसी अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत देने की अपील की है ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साइबर सेल ने पीड़ित के रुपए लौटाए:साइबर ठगी का हुआ था शिकार, 40 हजार रुपए वापस मिले
रामपुर साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसकी पूरी धनराशि वापस दिलाई है। शाहबाद थाना क्षेत्र के पीड़ित के खाते से कटे 40 हजार 240 रुपए शत-प्रतिशत वापस कराए गए हैं। आवेदक योगेन्द्र सिंह, निवासी ग्राम ढकिया, थाना शाहबाद, रामपुर ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से 40 हजार 240 रुपए संदिग्ध तरीके से कट गए थे। शिकायत दर्ज होते ही साइबर सेल थाना शाहबाद ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक साइबर क्राइम उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक रामपुर और अपर पुलिस अधीक्षक रामपुर (नोडल अधिकारी साइबर अपराध) के पर्यवेक्षण में साइबर सेल ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर त्वरित कार्रवाई की। पीड़ित योगेन्द्र सिंह के खाते से कटी हुई पूरी धनराशि 40 हजार 240 रुपए उनके बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई। इस दौरान, साइबर सेल ने आवेदक को साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूक भी किया। पुलिस ने सलाह दी कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक खाता संख्या, पिन, ओटीपी, सीवीवी नंबर जैसी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। साइबर फ्रॉड की स्थिति में तुरंत साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने की अपील की गई। धनराशि वापस मिलने पर आवेदक योगेन्द्र सिंह और उनके परिजनों ने साइबर सेल तथा रामपुर पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस कार्रवाई से आम जनता के बीच पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
कटिहार में 50 हजार की पॉकेटमारी:कपड़ा खरीदारी के दौरान महिला सीसीटीवी में कैद
कटिहार के कुरसेला थाना क्षेत्र अंतर्गत कुरसेला हाट की कपड़ा पट्टी में बुधवार को पैकेटमारी की एक बड़ी घटना सामने आई है। दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले बाजार में कपड़ा खरीदारी के दौरान अज्ञात महिला पॉकेटमार ने एक ग्राहक की जेब से 50 हजार रुपये निकाल लिए और मौके से फरार हो गई। घटना के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई। कपड़ा खरीदने आए थे पीड़ित, जेब से गायब हो गया पैकेट पीड़ित की पहचान जालंधर पासवान, निवासी दमैली पासवान टोला, थाना मीरगंज, जिला पूर्णिया के रूप में हुई है। जालंधर पासवान कुरसेला हाट की कपड़ा पट्टी स्थित खेरिया निवासी राजकिशोर साह की दुकान पर कपड़ा खरीदारी कर रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह वारदात हुई। पीड़ित के अनुसार, उन्होंने अपनी जेब में 50 हजार रुपये का बंडल रखा हुआ था। कपड़ा पसंद करने के बाद जब दुकानदार को रुपये देने के लिए जेब टटोली गई, तो पैकेट से रुपये गायब थे। महिला ने जेब से निकाले रुपये, सीसीटीवी में कैद घटना के बाद आसपास के लोगों के सहयोग से खोजबीन की गई, लेकिन पैकेटमार का कोई सुराग नहीं मिला। बाद में जब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई तो एक महिला को पीड़ित की जेब से रुपये निकालते और तेजी से भागते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया। सीसीटीवी फुटेज में महिला की गतिविधियां कैद हो गई हैं, जिससे यह साफ हो गया है कि वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। बाजार में मचा हड़कंप, लोगों में दहशत घटना की जानकारी मिलते ही कुरसेला हाट की कपड़ा पट्टी में हड़कंप मच गया। दुकानदारों और ग्राहकों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार में भीड़ का फायदा उठाकर पॉकेटमार गिरोह सक्रिय है, जो मौका पाकर लोगों को निशाना बना रहा है। लोगों ने पुलिस से बाजार क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। थाने में दिया गया लिखित आवेदन पीड़ित जालंधर पासवान ने कुरसेला थाना में लिखित आवेदन देकर घटना की जानकारी दी है। आवेदन में उन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच कर रुपये की बरामदगी और दोषी महिला की गिरफ्तारी की मांग की है। पीड़ित का कहना है कि 50 हजार रुपये उनके लिए बड़ी रकम थी, जिसे वे जरूरी घरेलू खर्च के लिए लेकर आए थे। पुलिस जांच में जुटी, फुटेज खंगाले जा रहे घटना की सूचना मिलने के बाद कुरसेला थाना की पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को अपने कब्जे में लेकर महिला की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आसपास के अन्य दुकानों और बाजार के प्रवेश व निकास मार्गों पर लगे कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि महिला के भागने के रास्ते और पहचान का पता लगाया जा सके। बाजार में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल दिनदहाड़े बाजार में हुई इस पैकेटमारी की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कुरसेला हाट में नियमित पुलिस गश्त की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही पैकेटमार महिला को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लखनऊ के मूल निवासी कपिल शर्मा ने नवाचार और मतदाता जागरूकता के क्षेत्र में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके इसी योगदान को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान 25 जनवरी को राजधानी नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया। कपिल शर्मा को यह उपलब्धि बतौर चुनाव अधिकारी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लोकतंत्र से जोड़ने और मतदान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मिली है। भारत निर्वाचन आयोग में सेवाएं दे रहे कपिल शर्मा बिहार राज्य सेवाओं के अधिकारी हैं और हाल तक वे मुख्य निर्वाचन अधिकारी, बिहार के कार्यालय में चुनाव अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। इसी महीने उन्हें प्रतिनियुक्ति पर भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोशल मीडिया कैंपेन की खूब चर्चा रही इससे पहले बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें नोडल मीडिया और सोशल मीडिया अधिकारी की अहम भूमिका दी गई थी। इस दौरान उनके द्वारा चलाए गए रचनात्मक सोशल मीडिया कैंपेन की खूब चर्चा रही। फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के खिलाफ प्रभावी काउंटर स्ट्रेटजी तैयार करने के लिए उनकी विशेष सराहना की गई। बिहार राज्य सेवा के माध्यम से चयनित होकर चुनाव आयोग से जुड़े लखनऊ के ऐशबाग क्षेत्र के रहने वाले कपिल शर्मा ने बताया कि हम अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद नेशनल पीजी कॉलेज, लखनऊ से पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) से जनसंचार की शिक्षा प्राप्त की। जनसंचार में मिली इस ट्रेनिंग ने उनके प्रशासनिक कार्यों को नई दिशा दी, जिसका असर उनके काम में साफ नजर आता है। बिहार राज्य सेवा के माध्यम से चयनित होकर वे चुनाव आयोग से जुड़े और लगातार नई पहल करते रहे। फिल्मों के लिए लेखन कार्य कर चुके हैं कपिल शर्मा केवल एक अधिकारी ही नहीं, बल्कि एक रचनात्मक लेखक भी हैं। वे गीतकार और पटकथा लेखक के रूप में फिल्मों के लिए लेखन कार्य कर चुके हैं। इसके साथ ही यूपीएससी अभ्यर्थियों के जीवन संघर्ष पर आधारित उनका उपन्यास 'लैम्डा' भी प्रकाशित हो चुका है, जिसे पाठकों ने खूब सराहा है।
पूर्व प्रधान पति को वाहन ने मारी टक्कर, मौत:बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
पीलीभीत के दियोरिया कोतवाली क्षेत्र में बुधवार रात एक सड़क हादसे में पूर्व महिला प्रधान के पति बृजपाल उर्फ छोटे (55) की मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना बीसलपुर-बिलसंडा मार्ग पर हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और फरार वाहन की तलाश शुरू कर दी है। दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सनगवां निवासी बृजपाल उर्फ छोटे (55) अपनी पत्नी राजकुमारी, जो पूर्व प्रधान रह चुकी हैं, के साथ रहते थे। बुधवार को वह किसी निजी कार्य से बीसलपुर गए थे। रात करीब 8:30 बजे जब वह अपनी स्कूटी से गांव लौट रहे थे, तभी बिलसंडा मार्ग पर आरबीएल इंटर कॉलेज के पास सामने से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बृजपाल स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए और उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। राहगीरों ने तत्काल एंबुलेंस को सूचना दी और उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद बृजपाल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक खून के कारण उनकी मृत्यु अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। घटना की सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि दुर्घटना के बाद वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस आरोपी वाहन और चालक की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पूर्व विधायक योगेश वर्मा की मां का निधन:कल पैतृक गाँव धन्जू में होगा अंतिम संस्कार
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व हस्तिनापुर से पूर्व विधायक योगेश वर्मा की माता मालती देवी का आज दोपहर न्यूटीमा अस्पताल में निधन हो गया। बताया गया कि वे कुछ समय से अस्वस्थ थीं और अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। परिवार के अनुसार, यह समय उनके लिए बेहद कठिन और पीड़ादायक है। परिजनों ने कहा कि मातृ निधन ने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। श्रीमती मालती देवी पूर्व मेयर सुनीता वर्मा की सास थीं। उनके निधन की सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समर्थकों ने शोक जताया तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। परिवार ने बताया कि अंतिम संस्कार कल दोपहर 1 बजे पैतृक गाँव धन्जू में किया जाएगा। अंतिम दर्शन के लिए सुबह से लोग पहुँच सकेंगे। समाजवादी पार्टी की स्थानीय इकाई ने भी शोक संदेश जारी किया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वे वर्मा परिवार के साथ खड़े हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें।
किशनगंज में दिनदहाड़े चेन स्नैचिंग:डेमार्केट ओवर ब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने की वारदात
किशनगंज में शहर में अपराधियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए हैं। बुधवार को डेमार्केट ओवर ब्रिज के पास बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े एक 65 वर्षीय वृद्ध महिला से सोने की चेन छीन ली और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, वहीं लोगों में दहशत का माहौल बन गया है। दवा लेने निकली थीं महिला, रास्ते में हुई वारदात पीड़ित महिला की पहचान रूईधासा निवासी इति घोष (65) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, इति घोष डेमार्केट से दवा खरीदने के बाद डेमार्केट ओवर ब्रिज के पास स्थित एक साइबर कैफे की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बाइक सवार दो युवक उनके पास पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार युवक महिला के आगे बढ़े और जैसे ही महिला ओवर ब्रिज के पास पहुंची, बाइक पर पीछे बैठे युवक ने अचानक महिला को धक्का दिया और उनके गले से सोने की चेन झपट ली। धक्का लगते ही छीनी चेन, बदमाश फरार घटना इतनी अचानक हुई कि महिला कुछ समझ पाती, इससे पहले ही बदमाश तेजी से फरार हो गए। बाइक सवार दोनों युवक डुमरिया ओवर ब्रिज की ओर भाग निकले। वृद्ध महिला के अनुसार, बदमाशों की संख्या दो थी और दोनों युवक बाइक पर सवार थे। चेन छीने जाने के बाद महिला मौके पर ही चिल्लाने लगीं। उनकी आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर घटनास्थल पर जमा हो गए। लोगों ने किया पीछा, लेकिन हाथ नहीं लगे बदमाश घटना की जानकारी मिलते ही कुछ स्थानीय लोगों ने बदमाशों का पीछा भी किया, लेकिन तब तक वे काफी दूर निकल चुके थे। भीड़ बढ़ने के साथ ही घटना की सूचना सदर थाना की पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाकों में जांच शुरू की। पुलिस ने संभावित रास्तों पर चेक पोस्ट भी लगाया, लेकिन तब तक बदमाश पुलिस की पकड़ से बाहर हो चुके थे। पीड़िता ने पुलिस को बताई पूरी घटना पुलिस को दिए गए बयान में पीड़िता इति घोष ने बताया कि बाइक पर सवार दो युवक वारदात को अंजाम देकर फरार हुए हैं। उन्होंने बताया कि बदमाशों ने बेहद चालाकी से घटना को अंजाम दिया और कुछ ही सेकंड में मौके से भाग निकले। सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। डेमार्केट और ओवर ब्रिज के आसपास कई निजी और सरकारी प्रतिष्ठानों में कैमरे लगे हुए हैं, जिनके फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके। पुलिस का बयान—जल्द होगी गिरफ्तारी सदर थानाध्यक्ष अभिषेक रंजन ने बताया कि चेन छिनतई की शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई है। उन्होंने कहा,“मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” शहर में बढ़ती चेन स्नैचिंग से लोग सहमे दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद शहरवासियों में आक्रोश और डर दोनों देखने को मिल रहा है। खासकर बुजुर्ग महिलाओं में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेमार्केट और ओवर ब्रिज जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक इस वारदात का खुलासा कर बदमाशों को सलाखों के पीछे पहुंचाती है।
भोपाल से महाराष्ट्र की ओर जा रही वर्मा ट्रेवल्स की एक बस बुधवार रात इंदौर बायपास पर हादसे का शिकार हो गई। घटना रात करीब 9 से 9.30 बजे के बीच लसूड़िया थाना क्षेत्र में हुई। बताया जा रहा है कि एक अन्य वाहन चालक को बचाने के प्रयास में बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई है। हादसे के दौरान एक लोडिंग वाहन भी बस की चपेट में आ गया, जिससे उसका चालक घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। बस में यात्रियों के साथ बच्चे भी मौजूद थे। सूचना मिलते ही लसूड़िया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। यात्रियों को इमरजेंसी गेट और पीछे का कांच तोड़कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। बाद में वर्मा ट्रेवल्स की दूसरी बस से सभी यात्रियों को उनके गंतव्य तक भेजा गया। हादसे के चलते बायपास पर कुछ समय के लिए लंबा जाम लग गया। दुर्घटना में बस का आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस ने बताया कि बस चालक और लोडिंग वाहन चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट किया जा सके कि किसी ने शराब का सेवन तो नहीं किया था। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। दुर्घटनाग्रस्त बस का नंबर MP 04 ZL 8622 बताया गया है।
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत:5:30 बजे मौत हुई, 4 घंटे बाद इंस्टाग्राम पर सुसाइड नोट पोस्ट किया गया
पश्चिमी राजस्थान की कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हो गई। मामला तब पेचीदा हो गया, जब डॉक्टर द्वारा उन्हें मृत घोषित किए जाने के करीब 4 घंटे बाद उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से 'सुसाइड नोट' पोस्ट हुआ। कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम करीब 5:30 बजे मौत हो गई थी। एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने बताया- पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है। अस्पताल का घटनाक्रम: पिता ने कहा- इंजेक्शन से बिगड़ी तबीयत बुधवार शाम करीब 5:30 बजे साध्वी को उनके पिता और एक युवक कार से पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। वे बोरानाडा स्थित आश्रम से आए थे। हॉस्पिटल के डॉ. प्रवीण जैन ने बताया कि उन्होंने साध्वी को रिवाइव करने की काफी कोशिश की, लेकिन उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई और उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। डॉ. जैन के अनुसार, साध्वी के पिता ने उन्हें बताया कि साध्वी को बुखार था, जिसके लिए उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया था। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद वे निढाल हो गईं। एंबुलेंस लेने से किया इनकार डॉक्टर जैन ने शव को पोस्टमार्टम या आगे की प्रक्रिया के लिए एमडीएम हॉस्पिटल या महात्मा गांधी हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी। डॉ. जैन ने अपने हॉस्पिटल की एंबुलेंस उपलब्ध कराने की पेशकश भी की, लेकिन साध्वी के पिता ने इससे इनकार कर दिया और शव को अपनी निजी कार से ही लेकर जाने की बात कही। मौत और पोस्ट के समय में 4 घंटे का अंतर इस मामले में सबसे हैरान करने वाला पहलू साध्वी का सोशल मीडिया अकाउंट है। अस्पताल के मुताबिक, साध्वी की मौत शाम 5:30 बजे के आसपास हो चुकी थी। वहीं, उनके इंस्टाग्राम अकाउंट (@sadhvi_prembaisa) पर एक पोस्ट अपलोड हुई जिसमें लिखा था, मैं इस दुनिया से हमेशा के लिए अलविदा... मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा। सुसाइड पोस्ट के समय से उपजा संदेह: साध्वी की आईडी से यह पोस्ट रात करीब 9:28 बजे की गई। सवाल यह है कि जब साध्वी की मौत लगभग 5:30 बजे हो चुकी थी, तो करीब 4 घंटे बाद यह पोस्ट किसने की? क्या यह पोस्ट शेड्यूल की गई थी या किसी और ने इसे अपलोड किया? पोस्ट में क्या लिखा? इंस्टाग्राम पोस्ट में साध्वी ने लिखा, मैंने हर एक क्षण सनातन प्रचार के लिए जिया... मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखा, अग्नि परीक्षा के लिए निवेदन किया लेकिन प्रकृति को क्या मंजूर था? यह पोस्ट प्रथम दृष्टया सुसाइड नोट जैसी प्रतीत हो रही है। फिलहाल बोरानाडा पुलिस मामले की जांच में जुटी है और मौत के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
राष्ट्रीय पंचायतीराज ग्राम प्रधान संगठन के जिला महासचिव काशिफ खां को उनके उत्कृष्ट सामाजिक और पंचायत स्तरीय कार्यों के लिए 'रामपुर रत्न' सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें श्री बालाजी विकास सेवा संस्थान द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम में नगर विधायक आकाश सक्सेना और जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने संयुक्त रूप से काशिफ खां को सम्मानित किया। सम्मान मिलने की सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत मनकरा सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और समर्थकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताया। लोगों का कहना है कि काशिफ खां ने हमेशा पंचायत हित, जनसमस्याओं के समाधान और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। यह सम्मान उनके इन्हीं प्रयासों का प्रमाण है। कार्यक्रम के दौरान काशिफ खां ने श्री बालाजी विकास सेवा संस्थान के प्रबंधक विशाल सक्सेना का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें और अधिक जिम्मेदारी के साथ जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे आगे भी ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों के हितों की आवाज मजबूती से उठाते रहेंगे। सम्मान समारोह के बाद ग्राम मनकरा में समर्थकों ने मिठाइयां बांटकर खुशी मनाई। इस अवसर पर शहजान खां, सलीम अल्वी, विक्रमजीत सिंह विक्की, गुलाम साबिर, बब्लू खां, मुनीर अहमद, हीरालाल सैनी, इंद्रजीत सिंह, मुंतयाज़ मियां, गुलाम नबी, ताहिर अली, अली अहमद, नबी हुसैन, फकीर चंद, इकराम उल्ला खां, अख्तर अली, शाहिद अली, हनीफ मलिक, बाबू खां, आकिल मलिक, रवि कुमार और शानू रज़ा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि काशिफ खां के नेतृत्व में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को और गति मिलेगी।
कोरबा में ब्लू बर्ड स्कूल के एक छात्र पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना बुधवार दोपहर स्कूल की छुट्टी के बाद कोसाबाड़ी मुख्य मार्ग पर हुई। घायल छात्र को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई इस घटना में कक्षा आठवीं का 13 वर्षीय छात्र अपने घर काशीनगर जा रहा था। इसी दौरान आधा दर्जन से अधिक छात्रों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावरों ने छात्र के गले के पिछले हिस्से पर धारदार हथियार से वार किया और मौके से फरार हो गए। पुरानी रंजिश में किया हमला घायल छात्र के साथ मौजूद कक्षा सातवीं के 12 वर्षीय छात्र ने बताया कि हमलावरों में ब्लू बर्ड स्कूल के 5-6 छात्र और दो बाहरी लड़के शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया है। घायल छात्र का अस्पताल में इलाज जारी राहगीरों की मदद से घायल छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही छात्र के परिजन अस्पताल पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन ने मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी पुलिस को घटना की जानकारी दी है। परिजनों ने बताया कि स्कूल प्रबंधन को इस मारपीट की घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने पुलिस और स्कूल प्रबंधन दोनों से इस मामले में शिकायत करने की बात कही है। परिजनों ने घटना की गंभीरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें बच्चे की जान भी जा सकती थी।
उत्तरायणी कौथिग का समापन:लखनऊ में 15 दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव का सफल आयोजन
राजधानी लखनऊ में उत्तरायणी कौथिग 2026 पंद्रहवें दिन तक चला।यह आयोजन पंडित गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग पर रजत जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।समापन दिवस पर पर्वतीय महापरिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और हजारों आगंतुक कौथिग परिसर में उमड़ पड़े। अंतिम दिन मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्तराखण्डी व्यंजन, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों की खरीदारी की। आयोजकों के अनुसार, सतरंगी संस्कृति और लोकपरंपराओं से भरे इस मेले के 15 दिन कब बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ। समापन के समय सभी के चेहरों पर सफल आयोजन की खुशी और कौथिग के विदा होने की हल्की उदासी दिखाई दी। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर वर्ग ने इस सांस्कृतिक उत्सव का भरपूर आनंद लिया। समापन पर स्टार नाइट का आयोजन किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में समापन अवसर पर भव्य स्टार नाइट का आयोजन किया गया। लोकगायक राकेश खनवाल, फौजी ललित मोहन जोशी, हेमा नेगी करासी, हरू जोशी और लोकअभिनायक लच्छू की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हेमा नेगी करासी द्वारा प्रस्तुत भगवान बद्रीविशाल स्तुति, जाग नंदा पाणी का पैडलौं, ऊँचा डांडा कांठ मां जैसे लोकगीतों पर श्रोता देर तक तालियां बजाते रहे। समापन अवसर पर आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में खेल, मेधावी छात्र, वृद्ध दंपति, गायन, नृत्य, चित्रकला, खानपान, निबंध, ऐपण, छपेली और झोड़ा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, सामाजिक विभूतियों, महापरिषद के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, क्षेत्रीय शाखाओं और रामलीला समितियों को भी सम्मान प्रदान किया गया। फुटबॉल खिलाड़ी हेमा पाठक सहित 25 विशिष्ट व्यक्तियों को रजत जयंती अवार्ड से नवाजा गया। अध्यक्ष को 'बेस्ट अचीवर' और महासचिव को 'श्रेष्ठतम परिकल्पनाकार' पुरस्कार से सम्मानित किया महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने आयोजन की सफलता पर शासन-प्रशासन, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने कलाकारों और आगंतुकों को 15 दिन तक मेले की रौनक बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अध्यक्ष को 'बेस्ट अचीवर' और महासचिव को 'श्रेष्ठतम परिकल्पनाकार' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि विधायक ओ.पी. श्रीवास्तव रहे। उनका स्वागत संयोजक के.एन. चन्दोला,अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी और महासचिव महेन्द्र सिंह रावत ने किया।
खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 के तहत प्रदेशभर में चल रही राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में युवाओं का जोश और प्रतिस्पर्धा चरम पर है। कबड्डी, हॉकी, बॉक्सिंग, एथलेटिक्स, कयाकिंग-कैनोइंग और कुश्ती सहित कई खेलों में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। भोपाल के विभिन्न खेल स्थलों पर एक के बाद एक मुकाबलों ने दर्शकों को रोमांचित किया, वहीं पदक तालिका में जिलों के बीच कड़ी होड़ देखने को मिली। कोलार खेल स्टेडियम में गर्ल्स कबड्डी का रीवा बनाम जबलपुर और बॉयज कबड्डी का बालाघाट बनाम नर्मदापुरम मुकाबला खेला गया। मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में मंडला बनाम धार और शाजापुर बनाम नरसिंहपुर के बीच हॉकी मैच हुए। तात्या टोपे खेल स्टेडियम में बॉक्सिंग, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दमदार खेल दिखाया। दूसरी तरफ इसी सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को भोपाल के प्रमुख खेल स्थलों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और खिलाड़ियों से सीधे संवाद किया। मंत्री ने कोलार खेल स्टेडियम, मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम और तात्या टोपे खेल स्टेडियम पहुंचकर प्रतियोगिताओं की प्रगति देखी। उन्होंने खिलाड़ियों से आवास, भोजन, आवागमन, चिकित्सा सुविधा और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं पर फीडबैक लिया। कयाकिंग-कैनोइंग में भोपाल के खिलाड़ी चमके भोपाल के लोअर लेक में आयोजित कयाकिंग और कैनोइंग प्रतियोगिता की फाइनल स्पर्धाएं संपन्न हुईं।K1 बॉयज 1000 मीटर में के. संतोष सिंह (भोपाल) ने स्वर्ण, कोंजेंगबाम सिंह वांगथोई (उज्जैन) ने रजत और प्रिंस भाटी (टीकमगढ़) ने कांस्य पदक जीता।C1 बॉयज 1000 मीटर में प्रिंस गोस्वामी (भोपाल) स्वर्ण पदक विजेता रहे, जबकि नितेश (भिंड) को रजत और अभय तलियान (टीकमगढ़) को कांस्य पदक मिला। कुश्ती में इंदौर का दबदबा कुश्ती प्रतियोगिता के पहले दिन इंदौर के पहलवानों ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में बढ़त बनाई। अनुष्का बौरासी (65 किग्रा) और लक्ष्मी जरिया (50 किग्रा) ने स्वर्ण पदक जीते। वहीं पृथ्वी जोशी (77 किग्रा, ग्रीको-रोमन) और तुषांत जाधव (55 किग्रा, ग्रीको-रोमन) ने कांस्य पदक हासिल किए। इंदौर जिले ने कुल दो स्वर्ण और दो कांस्य पदक अपने नाम किए। अन्य खेलों में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तैराकी और एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। तैराकी में इंदौर, भोपाल, नीमच, जबलपुर और उज्जैन के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। नौ संभागों में 28 खेलों की प्रतियोगिताएं खेलो एमपी यूथ गेम्स 2026 के तहत भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में 28 खेलों की प्रतियोगिताएँ एक साथ आयोजित हो रही हैं। आने वाले दिनों में एथलेटिक्स, कबड्डी, क्रिकेट, शूटिंग, फेंसिंग, ताइक्वांडो, खो-खो और जूडो सहित अन्य खेलों के मुकाबले खेले जाएंगे, जिनसे अगले चरण के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
बागपत में लूट की योजना बनाते 7 गिरफ्तार:तीन नाबालिग भी पकड़े गए, अवैध हथियार और कार बरामद
बागपत की खेकड़ा कोतवाली पुलिस ने चेकिंग अभियान के दौरान लूट की योजना बनाते हुए सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से अवैध हथियार और एक कार बरामद की है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ युवक एक स्थान पर बैठकर लूट की वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घेराबंदी कर इन्हें पकड़ा।गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से एक स्विफ्ट डिजायर कार, दो अवैध तमंचे, एक खोखा कारतूस, एक जिंदा कारतूस, सात अवैध चाकू और सात मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार किए गए वयस्कों में नाजिम पुत्र कल्लू, शहजाद पुत्र असलम दोनों निवासी सैंडभर, बागपत, राकेश निवासी बागपत और रिहान पुत्र अफजल निवासी दिल्ली शामिल हैं। इनके साथ तीन नाबालिगों को भी पकड़ा गया है। खेकड़ा कोतवाली प्रभारी प्रभाकर केन्तुरा ने बताया कि सभी सात अभियुक्तों को लूट की योजना बनाते हुए गिरफ्तार किया गया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहन छानबीन कर रही है।
बरेली में 9 साल के प्यार का मर्डर से अंत:पत्नी ने पति का गला दबाया, फिर फांसी पर लटकाया
शादी को अभी दो महीने भी नहीं बीते थे कि जिस मोहब्बत के लिए जितेंद्र ने 9 साल इंतजार किया, उसी ने उसकी जान ले ली। इज्जतनगर की कैलाशपुरम कॉलोनी में आईवीआरआई (IVRI) के संविदाकर्मी जितेंद्र यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पहले इसे सुसाइड माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी पलट दी। रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई है। हत्या के बाद शव को फंदे पर टांगा, स्टूल पर टिके थे पैरसोमवार सुबह जब पुलिस कमरे में पहुंची, तो जितेंद्र का शव वेंटिलेटर से मफलर के सहारे लटका था। हैरानी की बात यह थी कि जितेंद्र के पैर नीचे रखे स्टूल पर टिके हुए थे और जीभ बाहर निकली हुई थी। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि जितेंद्र ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उसका गला घोंटकर उसे फंदे पर लटकाया गया ताकि मामला आत्महत्या लगे। जायदाद बेचो और मेरे नाम मकान-कार करोजितेंद्र के भाई अजय और ममेरे भाई विकास (जेल वार्डन) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों के मुताबिक, रोडवेज में कंडक्टर पत्नी ज्योति शादी के बाद से ही जितेंद्र पर दबाव बना रही थी कि वह अपनी पैतृक संपत्ति बेच दे और शहर में मकान व कार ज्योति के नाम पर खरीदे। ऐसा न करने पर ज्योति और उसके घरवाले पूरे परिवार को दहेज उत्पीड़न के केस में फंसाने की धमकी देते थे। नौ साल के प्रेम संबंध के बाद हुई इस शादी में दो महीने के भीतर ही पत्नी पर आरोप है कि पति की हत्या कर दी। आखिरी फोन मायके वालों को, पुलिस को साजिश का शकपुलिस की तफ्तीश में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जितेंद्र और ज्योति के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगालने पर पता चला कि वारदात के वक्त ज्योति ने आखिरी कॉल अपने मायके वालों को की थी। पुलिस का मानना है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने या शव को ठिकाने लगाने की योजना में ससुराल वाले भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब गली में लगे सीसीटीवी कैमरों और ज्योति के मायके वालों की लोकेशन ट्रेस कर रही है। एसएसपी ने कहा- हत्या की धारा में तरमीम होगा मुकदमाबरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने फिलहाल ज्योति और उसके कुछ रिश्तेदारों को हिरासत में ले लिया है। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने दोबारा घटनास्थल का मुआयना किया है। पुलिस का कहना है कि जो एफआईआर पहले 'आत्महत्या के लिए उकसाने' में दर्ज थी, उसे अब हत्या की धारा में तब्दील किया जा रहा है। वो 4 बड़े सवाल जिन्होंने 'सुसाइड' की थ्योरी को फेल कर दिया क्राइम टाइमलाइन (घटनाक्रम) 25 नवंबर 2025: शादी का दिनजितेंद्र और ज्योति ने 9 साल लंबे प्रेम प्रसंग के बाद लव मैरिज की थी। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे थे।26 जनवरी 2026: हत्या की तारीखशादी के ठीक 62 दिन बाद, विवाद के चलते जितेंद्र की गला दबाकर हत्या कर दी गई। साजिश के तहत शव को मफलर के सहारे वेंटिलेटर से लटकाया गया ताकि यह सुसाइड लगे।27 जनवरी 2026: पोस्टमार्टमपुलिस ने कमरे से शव बरामद किया। परिजनों के हंगामे और संदेह के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। भाई अजय की तहरीर पर शुरुआती FIR दर्ज हुई।28 जनवरी 2026: रिपोर्ट और खुलासापोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक हुई। रिपोर्ट में 'स्ट्रेंगुलेशन' (गला घोंटना) मौत का कारण बताया गया। इसी दिन पुलिस ने मामले को आत्महत्या से हत्या में बदलने की कार्रवाई शुरू की।
ड्यूटी के दौरान बैंक कर्मी ने खाया जहर, मौत:गाजीपुर में सिक्योरिटी गार्ड ने मेडिकल कॉलेज पहुंचाया
गाजीपुर के इलाहाबाद बैंक में ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी ने जहर खा लिया। जिससे कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ने से बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालदरवाजा स्थित बैंक का है। मृतक की पहचान नंदगंज थाना क्षेत्र के बरहपुर गांव निवासी इंद्रपाल सिंह उर्फ टिंकल सिंह के रूप में हुई है। इंद्रपाल सिंह रोज की तरह बैंक में ड्यूटी पर पहुंचे थे। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई। बैंक कर्मियों ने तत्काल सिक्योरिटी गार्ड की मदद से उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां जहर खाने की आशंका जताई गई। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने घंटों इलाज किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, इंद्रपाल सिंह शराब के आदी थे, जिसको लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। नशे के कारण उनकी तबीयत अक्सर खराब रहती थी। हालांकि, किन परिस्थितियों में उन्होंने जहर खाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। इंद्रपाल सिंह अपने पीछे पत्नी उषा सिंह, बेटी शिवांगी सिंह (कक्षा 9) और बेटा पार्थ सिंह (कक्षा 6) को छोड़ गए हैं। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है। बताया जा रहा है कि देर शाम चोचकपुर घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, इस मामले में सदर कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
रामपुर हाईवे पर कैंटर चालक जिंदा जला:21 घंटे बाद अज्ञात वाहन चालक पर केस, पुलिस जांच में जुटी
रामपुर जनपद में दिल्ली-लखनऊ हाईवे 24 पर हुए एक सड़क हादसे में कैंटर चालक जगदीश की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह घटना मंगलवार और बुधवार की मध्य रात्रि करीब 12 बजे अजीतपुर बाईपास के पास हुई। हादसे के 21 घंटे बाद थाना सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक तेज रफ्तार आईसर कैंटर ने हाईवे किनारे खड़े एक अज्ञात वाहन में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आईसर कैंटर के केबिन में तुरंत आग लग गई। आग की चपेट में आकर पंजाब के लुधियाना निवासी कैंटर चालक जगदीश केबिन में ही फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे के समय कैंटर में मृतक का बहनोई भी मौजूद था। उसने अपने साले को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आग और धुएं के कारण वह सफल नहीं हो सका। इस हादसे में बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने रामपुर के एक श्मशान घाट में मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि जगदीश दो भाइयों में छोटा था और दोनों ही वाहन चलाने का काम करते थे। जिस आईसर कैंटर से यह हादसा हुआ, वह मृतक जगदीश के नाम पर ही पंजीकृत था। जगदीश बरेली से स्क्रैप लेकर दिल्ली जा रहा था, तभी यह दुर्घटना हुई। मृतक के पिता सेवा सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। परिजनों ने पुलिस से आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
लखनऊ में भूजल स्तर गिरावट पर तकनीकी व्याख्यान:विशेषज्ञों ने जल संकट के भयावह भविष्य की चेतावनी दी
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (आई.ई.आई.) उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र की ओर से बुधवार को एक महत्वपूर्ण तकनीकी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘भूजल स्तर में गिरावट का प्रभाव – एक भयावह भविष्य हमारी प्रतीक्षा कर रहा है’ रहा। रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स भवन में हुए इस आयोजन में देश में तेजी से घटते भूजल स्तर और उससे जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि लगातार गिरता भूजल स्तर आने वाले समय में बड़ा संकट बन सकता है।मुख्य वक्ता के रूप में केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर (बिहार) के पूर्व कुलपति प्रो. आर.सी श्रीवास्तव उपस्थित रहे। भविष्य में जल संकट और भी भयावह रूप ले सकता उन्होंने कहा कि अनियंत्रित भूजल दोहन देश के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। इसका सीधा असर कृषि उत्पादन, पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संतुलन और मानव जीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अभी ठोस और व्यावहारिक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में जल संकट और भी भयावह रूप ले सकता है। प्रो. श्रीवास्तव ने वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और सतत इंजीनियरिंग समाधानों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अभियंताओं, नीति निर्माताओं और आम नागरिकों से सामूहिक प्रयास की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भूजल प्रबंधन में अभियंताओं की भूमिका बेहद अहम कार्यक्रम का आयोजन आई.ई.आई उत्तर प्रदेश राज्य केंद्र, लखनऊ के अध्यक्ष इं. वी.पी सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और भूजल प्रबंधन में अभियंताओं की भूमिका बेहद अहम है। इस अवसर पर पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. वी.बी सिंह और पूर्व अध्यक्ष इं. सत्य प्रकाश भी मौजूद रहे। कार्यक्रम ने जल संरक्षण को लेकर जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन की बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18234/18233) में अब एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच लगाए जाएंगे। यह सुविधा बिलासपुर से 30 मार्च और इंदौर से 31 मार्च से शुरू होगी। इन नए कोचों से यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा। रेलवे प्रशासन के अनुसार, एलएचबी कोच पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित होते हैं। इन कोचों के लगने से ट्रेन में सीटों की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे अधिक यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिल सकेगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी ट्रेनों में पुराने पारंपरिक कोचों को हटाकर नई तकनीक वाले एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव प्रदान करना है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्त पोषित शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षक, अनुदेशकों, कस्तूरबागांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक, अंशकालिक शिक्षकों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा देगी। विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा परिषद के करीब दस लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों को इसका लाभ मिलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्तपतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में यह दोनों प्रस्ताव सहित कुल 29 प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने लोक भवन में होने वाली कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया है। नोएडा में बनेगा मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की ओर से उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में योजित Special Leave to Appeal (Crl.) No (s).1251/2023 VIRENDRA SINGH NAGAR VS STATE OF UTTAR PRADESH ANR के तहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नोएडा में मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन बनाया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत गोरखपुर नगर निगम में सीवरेज योजना जोन ए-3 से संबंधित परियोजना के लिए 721 करोड़ 40 लाख 41 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत वाराणसी में नगर निगम में सीवरेज से 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों में से दुर्गाकुंड, नरिया सरायनंदन, जोल्हा, उत्तरी, भेलूपुर वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने और गृह संयोजन के लिए 266 करोड़ 49 लाख 44 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिन्ह और विज्ञापनों का विनियमन ) नियमावली 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 लागू करने का प्रस्ताव। शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्त पोषण के रूप में विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क निर्धारण, उद्हरण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। राजस्व में अभिवृद्धि एवं परिवहन विभाग के कर ढांचे में परिवर्तन किये जाने के प्रयोजनार्थ उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (यथा संशोधित, 2025) की धारा-4 की उपधारा (1-क) एवं उपधारा (2) के अन्तर्गत निर्गत एवं समय समय पर यथासंशोधित अधिसूचनाओं को अवक्रमित करते हुए नवीन अधिसूचनाएं निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में। (2) उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 (यथासंशोधित, 2025) के क्रम में शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण शुल्क में छूट दिए जाने सम्बन्धी निर्गत अधिसूचना के प्रख्यापन पर कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध में। (3) परिवहन विभाग के अंर्तगत फेसलेस सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली, 1998 में परिवहन विभाग की 04 सेवाओं-ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलना, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन को चलाने की अनुमति, पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण (रिटेंशन) एवं गैर उपयोग सूचना परमिट सम्बन्धी उपबंध किये जाने के संबंध में। उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। प्रदेश में सहायक मोटर यान निरीक्षक के नवस्जित 351 पद के लिए उपबंध करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (षष्टम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। बरेली में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना कराने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण, बरेली, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित किया जाएगा। मुरादाबाद में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना किए जाने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृति के अनुसंधानविदो के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली, 1982 में संशोधन का प्रस्ताव। उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली, 2001 में सप्तम संशोधन का प्रस्ताव। 16- दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना, जनपद-मुजफ्फरनगर की पेराई क्षमता विस्तार, तकनीकी अपग्रेडेशन एवं आधुनिकीकरण करते हुए नई चीनी मिल स्थापना करने का प्रस्ताव। सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. को आगामी पेराई सत्र 2025-2026 में गन्ना मूल्य भुगतान हेतु उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की व्यवस्था के लिए शासकीय गारण्टी प्रदान करने एवं उक्त शासकीय गारण्टी पर देय गारण्टी शुल्क को माफ करने का प्रस्ताव। नॉएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के भविष्य में विस्तारीकरण (स्टेज-2/ फेज-1) एवं (स्टेज-2/फेज-2 व स्टेज-2/फेज-3) के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव। निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा, निदेशालय लखनऊ का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 (भाग 1 से 9 तक) को राज्य विधान मण्डल के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पी०एम० मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक जलापूर्ति के लिए 16 एम०एल०डी० टी.टी.पी. के निर्माण, स्वच्छ जलापूर्ति (गोमती नदी से) के लिए 8.25 एम.एल. डी. इन्टेकवेल एवं राइजिंग मेन तथा स्वच्छ जलापूर्ति (भू-गर्भ जल से) के लिये 4.50 एम.एल. डी. ट्यूबवेल, पम्प हाउस एवं राइजिंग मेन से सम्बन्धित प्रायोजना के लिए 458 करोड़ 50 लाख 11 हजार रुपए का अनुमोदन हो सकता है। -उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) (प्रथम संशोधन), नियमावली, 2026 को मंजूर मिल सकती है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 में संशोधन करने का प्रस्ताव। वाराणसी/चन्दौली में मोहनसराय उपाध्याय नगर चकिया मार्ग (राज्य मार्ग सं0-120) के चैनेज 21.000 से चैनेज 32.235 तक 04/06 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (लम्बाई 11.235 कि0मी0) कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। देवरिया में देवरिया कसया मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-79) के चैनेज 1.600 से चैनेज 33.100 तक (लम्बाई 31.500 कि0मी0) 4 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। उत्तर प्रदेश राज्य में उप निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइज़ेशन किया जाएगा। प्रदेश के उप खनिजों के स्वामित्व (रायल्टी) की दर एवं वार्षिक अपरिहार्य भाटक (डेडरेन्ट) की दरों में संशोधन किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली, 2021 में द्वितीय संशोधन किया जाएगा। राजस्व ग्राम भरधापुर, ग्राम पंचायत आम्बा, परगना, धर्मापुर, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) जनपद बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर पुनर्वासित करने के लिए अपेक्षित भूमि की व्यवस्था एवं उक्त भूमि को आपदा प्रभावित परिवारों को आवंटित करते हुए उस पर अवस्थापना संबंधी अन्य विविध सुविधाएं दी जाएंगी। पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिन्दू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन की व्यवस्था सरकार करेगी।
वाराणसी। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार को मौसम के बिगड़े मिजाज ने हवाई यातायात को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। कम विजिबिलिटी के कारण काठमांडू हवाई क्षेत्र में पहुंचे कई विमानों को घंटों हवा में चक्कर लगाना पड़ा और अंत में उन्हें भारत के हवाई अड्डों पर डाइवर्ट करना पड़ा। इसी क्रम में दिल्ली से काठमांडू जा रहे एयर इंडिया को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतारा गया। इसके अलावा कुछ विमान लखनऊ भी डायवर्ट किये गए। 100 मिनट तक आसमान में मंडराता रहा विमानदरअसल, एयर इंडिया का विमान एआई 213 बुधवार सुबह 7:20 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रियों को लेकर काठमांडू के लिए रवाना हुआ था। विमान निर्धारित समय पर सुबह 8:30 बजे काठमांडू हवाई क्षेत्र में पहुंच गया, लेकिन वहां कम दृश्यता होने के कारण एटीसी ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी। पायलट ने मौसम साफ होने के इंतजार में करीब 1 घंटे 40 मिनट तक विमान को लेकर आसमान में चक्कर लगाता रहा। इस दौरान विमान ने काठमांडू हवाई क्षेत्र में विमान 10 चक्कर लगाया। जब काफी देर बाद भी मौसम में सुधार नहीं हुआ और विमान का ईंधन कम होने लगा, तो पायलट ने एटीसी से संपर्क कर सुरक्षा को देखते हुए विमान को वाराणसी डाइवर्ट करने का निर्णय लिया। वाराणसी में हुई लैंडिंग और रिफ्यूलिंगविमान सुबह 10:10 बजे काठमांडू से वाराणसी की ओर डाइवर्ट हुआ और 40 मिनट बाद, सुबह 10:50 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान सुरक्षित रूप से लैंड किया। वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान करीब दो घंटे तक खड़ा रहा और वाराणसी में उसकी रिफ्यूलिंग की गई। उसके बाद काठमांडू से मौसम साफ होने का सिग्नल मिलने के पर दोपहर 12:50 बजे विमान ने वाराणसी से पुनः नेपाल के लिए उड़ान भरा।
जांजगीर-चांपा जिले में ग्राम पीपरा और बरगांव के बीच खेत में मिली युवती पूजा महंत (21) के शव के मामले में पुलिस ने उसके बॉयफ्रेंड प्रवीण प्रकाश चंद्रा (28) को गिरफ्तार किया है। हत्या की वजह अफेयर में शक और गुस्सा बताया जा रहा है। यह मामला नवागढ़ थाना क्षेत्र का है। एएसपी उमेश कश्यप ने बताया कि 27 जनवरी की सुबह बरगांव में रामेश्वर साहू के खेत में एक अज्ञात युवती का अर्धनग्न शव मिला था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच में हत्या का मामला प्रतीत होने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें तड़के सुबह 4.38 बजे दो युवक बाइक पर जाते दिखाई दिए। इसके कुछ ही मिनट बाद 4.45 बजे मृतका पूजा महंत अकेली मोबाइल पर बात करते हुए उसी रास्ते से गुजरती नजर आई थी। युवती का शव खेत में अर्धनग्न अवस्था में मिला जांच में सामने आया कि पूजा महंत ग्राम किरीत में आयोजित वार्षिक उत्सव देखकर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच घर लौटी थी। उसके पिता ने उसे देखा भी था। इसके बाद तड़के करीब 4.45 बजे वह घर से निकली और कुछ ही देर बाद उसका शव खेत में कीचड़ से सनी अर्धनग्न अवस्था में मिला। पुलिस पूछताछ में आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा ने बताया कि उसे शक था कि पूजा उसे समय नहीं देती और किसी अन्य युवक से बातचीत करती है। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और गुस्से में उसने खेत में पूजा को धक्का देकर उसका सिर कीचड़ में दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अतिरिक्त, हत्या के बाद आरोपी को भागने में मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। पटना से पकड़ा गया मुख्य आरोपीघटना के बाद आरोपी को फरार कराने में उसके भाई लव प्रकाश चंद्रा (32) और दोस्त केशव चंद्रा (34) ने मदद की। दोनों ने प्रवीण को शिवरीनारायण बस स्टैंड से बाहर भेज दिया। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए आरोपी को पटना से गिरफ्तार किया। सबूत जब्त, तीनों न्यायिक रिमांड पर..पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन, पहने हुए कपड़े और आरोपी की मोटरसाइकिल बरामद की है। मुख्य आरोपी प्रवीण प्रकाश चंद्रा के साथ-साथ उसे भगाने में मदद करने वाले लव प्रकाश चंद्रा और केशव चंद्रा को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर बुधवार को आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की संयुक्त टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस से 600 दुर्लभ कछुए बरामद किए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस तस्करी के नेटवर्क से जुड़े पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो सुल्तानपुर के निवासी हैं। चेकिंग अभियान के दौरान हुआ खुलासाआरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार मीणा और जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अखलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में स्टेशन पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इस दौरान, मुखबिर से सूचना मिली कि जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस में प्रतिबंधित जीवों की तस्करी हो रही है। जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर 4/5 पर रुकी, पुलिस टीम ने जनरल कोच के पास संदिग्ध बैगों और बोरियों को देखा। इनमें हलचल और आवाजें सुनाई दीं, जिससे पुलिस को शक हुआ। बोरियों को खोलते ही अंदर कछुए नजर आए, जिनकी संख्या 600 से अधिक थी। सुल्तानपुर के तस्कर गिरफ्तारपुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान अरुण कुमार, अनीश कुमार, रवि कुमार, जितेन्द्र और अमीर खान के रूप में हुई है। ये सभी सुल्तानपुर जिले के हनुमानगंज क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे इन कछुओं को फतेहपुर जिले के नदियों और तालाबों से पकड़कर पश्चिम बंगाल के हावड़ा ले जा रहे थे। यहां इन कछुओं को विदेशी बाजारों में ऊंचे दामों पर बेचा जाना था। वन विभाग ने कछुओं को किया कब्जे में मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को सूचित किया गया। डिप्टी रेंजर रविन्द्र कुमार और वन दरोगा शिवदत्त सिंह की मौजूदगी में बरामद कछुओं की गिनती और स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। आरोपियों और कछुओं को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए वन विभाग के हवाले कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर संयुक्त जांच टीम ने कहा,हम तस्करी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
नवादा में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर 100 दिवसीय बाल विवाह उन्मूलन अभियान शुरू किया गया है। इसी कड़ी में बुधवार को व्यवहार न्यायालय के लाइब्रेरी हॉल में जीविका दीदियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'बाल विवाह मुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, नवादा, सुश्री शिल्पी सोनीराज ने की। इसका संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, श्री धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन में हुआ। प्रशिक्षण सत्र में एल०ए०डी०सी०एस (Legal Aid Defense Counsel System) के अधिकारियों द्वारा जीविका दीदियों को बाल विवाह से संबंधित कानूनों, इसके दुष्परिणामों और रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। जमीनी स्तर पर जागरूकता फैलाने की रणनीतियों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल और डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, नवादा ने जीविका दीदियों को बाल विवाह की सूचना मिलने पर अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं और संबंधित संस्थाओं को सूचित करने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव, अतिरिक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल, एल०ए०डी०सी०एस के सदस्यगण और बड़ी संख्या में जीविका दीदियाँ उपस्थित थीं। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य जीविका दीदियों को बाल विवाह रोकने में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
अवध लेडीज क्लब, लखनऊ ने 'अवध शक्ति सम्मान 2026' समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर कला, साहित्य, चिकित्सा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली अवध की प्रतिष्ठित महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ मंच संचालक अर्चना गुप्ता ने गरिमामय ढंग से किया। समारोह की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. विद्या बिंदु सिंह थीं, जबकि पूर्णिमा पाण्डे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने चयनित महिलाओं को 'अवध शक्ति सम्मान 2026' प्रदान किया। अवध लेडीज क्लब की स्थापना वर्ष 1936 में हुईं क्लब की अध्यक्ष ज्योति कौल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन क्लब के नब्बे वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित उत्सवों की श्रृंखला का पहला कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि अवध लेडीज क्लब की स्थापना वर्ष 1936 में अवध के नवाबों और बेगमों की प्रेरणा से की गई थी। क्लब की सचिव मनोरमा मिश्रा ने क्लब के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि अवध लेडीज क्लब साहित्यिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में निरंतर सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। उन्होंने कहा कि समय के साथ महिलाओं की भागीदारी हर क्षेत्र में बढ़ी है और क्लब की सदस्याएं भी प्रत्येक क्षेत्र में श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रही हैं। इसी उद्देश्य से हर वर्ष विशिष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। इन सदस्यों को 'अवध शक्ति सम्मान 2026' से सम्मानित किया गया इस अवसर पर मीरा गर्ग को नाट्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया। शीला तिवारी को सामाजिक उत्थान एवं चैरिटी कार्यों के लिए, जबकि आशा तिवारी को सामाजिक कार्यों के साथ क्लब की गतिविधियों में सक्रिय सहयोग के लिए सम्मान मिला। लोक गायन के क्षेत्र में दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित प्रतिष्ठित मंचों पर सक्रिय इंदु सारस्वत को भी सम्मानित किया गया। लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट शैली से पहचान बनाने वाली लेखिका डॉ. किरण दयाल तथा चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से समाज के आमजन को लाभान्वित करने वाली डॉ. सरोजनी सक्सेना को भी 'अवध शक्ति सम्मान 2026' से नवाजा गया।
फरीदाबाद में विजिलेंस टीम ने पकड़ी बिजली चोरी:अवैध तरीके से डाली तारे, दो खोका संचालकों पर कार्रवाई
फरीदाबाद जिले के एनआईटी तीन नंबर इलाके में बिजली चोरी के खिलाफ UHBVN–DHBVN की विजिलेंस टीम (LL1) ने कार्रवाई की है। जहां डीएवी कॉलेज, एनआईटी-3 के सामने बने दो खोकों में गुप्त तरीके से बिजली चोरी करते हुए दो खोका संचालकों को रंगे हाथों पकड़ा गया। बता दे कि दोनों खोका संचालक पास में लगे बिजली विभाग के ट्रांसफार्मर से सीधे तार जोड़कर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। खोकों पर नहीं लगा था वैध मीटर बता दे कि बिजली विभाग को इस संबंध में एक दिन पहले गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद विजिलेंस और बिजनेस टीम ने संयुक्त रूप से योजना बनाकर मौके पर छापेमारी की। जांच के दौरान पाया गया कि दोनों खोकों पर बिजली का कोई वैध मीटर नहीं लगा हुआ था। अवैध तरीके से चल रही थी बिजली साधारण तारों के माध्यम से ट्रांसफार्मर से सीधे कनेक्शन लेकर बिजली चलाई जा रही थी, जो पूरी तरह से अवैध है।बिजली विभाग के एक्सईएन जितेंद्र ढुल ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच में सामने आया है कि दोनों खोका संचालक करीब एक-एक किलोवाट लोड के हिसाब से बिजली चोरी कर रहे थे। दोनों का चालान किया गया तैयार विभाग द्वारा मौके पर ही लोड के अनुसार दोनों पर चालान तैयार कर दिया गया है। चालान की अंतिम राशि संबंधित सब-डिवीजन द्वारा तय की जाएगी। उन्होंने बताया कि यदि तय समय सीमा में दोनों खोका संचालक चालान की राशि जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ बिजली चोरी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अवैध कनेक्शन को हटाया साथ ही अवैध कनेक्शन को मौके पर ही हटवा दिया गया है।एक्सईएन जितेंद्र ढुल ने आम जनता और दुकानदारों से अपील की है कि यदि कहीं भी बिजली चोरी होती दिखाई दे, तो इसकी सूचना बिना किसी डर के बिजली विभाग के कार्यालय या अधिकारियों को दें।
मऊ में सवर्ण समाज ने यूजीसी कानून के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार की है। इस क्रम में 'सवर्ण एकता मंच' का गठन किया गया है, जिसके बैनर तले 04 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया जाएगा। आंदोलन की दिशा में यह बड़ा कदम बुधवार शाम को उठाया गया, जब नगर क्षेत्र स्थित रामस्वरूप भारती (मठिया मठ) मंदिर के पास सर्वदलीय सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी रणनीति और जनसंपर्क अभियान पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ व्यवसायी उमाशंकर उमर ने की, जबकि संचालन विजय प्रताप सिंह ने संभाला। इसमें जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से आए सभी राजनीतिक दलों से जुड़े सवर्ण पदाधिकारियों ने भाग लिया। यह बैठक दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक चली। बैठक के दौरान आंदोलन की रूपरेखा तय की गई। जनसंपर्क के माध्यम से संगठन को मजबूत करने, आर्थिक और शारीरिक सहयोग जुटाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। एक साझा मंच के नाम पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से 'सवर्ण एकता मंच' नाम तय किया गया। सर्वसम्मति से यह घोषणा की गई कि यूजीसी के 'काले कानून' के विरोध में 04 फरवरी 2026 को मऊ जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में 'सवर्ण एकता मंच' के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन के दौरान सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मंच, माला और औपचारिकताओं से दूर रहेंगे। वे गाँव-गाँव तक विभिन्न आधुनिक माध्यमों से सूचना पहुंचाकर जमीनी स्तर पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएंगे, ताकि आम जनता को आंदोलन से जोड़ा जा सके। इसके अतिरिक्त, यह भी तय किया गया कि आगे की बैठकें सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित की जाएंगी और आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए रणनीति को लगातार मजबूत किया जाएगा। इस बैठक में ताजेपुर के फलहारी बाबा, संत अमरजीत, केके पांडे, नरेंद्र सहित विभिन्न पार्टियों के युवा नौजवान साथी मौजूद रहे।
संभल में UGC कानून के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन तेज हो गया है। बुधवार को डीएसएम शुगर मिल राजपुरा के विद्यार्थियों ने गुन्नौर तहसील पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने UGC कानून को वापस लेने की मांग की। दोपहर 3 बजे एसडीएम कार्यालय पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और UGC कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने UGC गो बैक, काला कानून वापस लो और जातिगत भेदभाव बंद करो जैसे नारे लगाए। छात्रों का आरोप है कि यह कानून छात्रों के बीच जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देता है और सवर्ण छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित करेगा। उनका कहना है कि UGC के इस नियम से शिक्षा व्यवस्था में असमानता पैदा होगी, जिसका सीधा असर मेधावी छात्रों पर पड़ेगा। प्रदर्शन के बाद डीएसएम शुगर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में UGC कानून को तत्काल वापस लेने और सभी वर्गों के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की गई है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गौरतलब है कि जिले में UGC के खिलाफ यह दूसरा प्रदर्शन है। इससे एक दिन पहले भी संभल में UGC कानून के विरोध में दो अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन हुए थे। एसडीएम गुन्नौर अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि छात्रों द्वारा दिया गया ज्ञापन जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। ज्ञापन देने वाले छात्रों में ओजस कुमार शर्मा, मन कुमार, अंश, आदित्य, विभोर, अनंत, यथार्थ, वेदांश, अभय, दिवाकर, अक्षिता, भूमिका, आयुष आदि शामिल थे।
लखनऊ में व्यापारियों की बैठक, बजट 2026-27 पर सुझाव:कर प्रणाली सरल बनाने, GST सुधारों पर चर्चा हुई
आगामी केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर लखनऊ में व्यापारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बजट 1 फरवरी 2026 को पेश होना है। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने की, जिसमें कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापारियों ने सरकार के समक्ष अपनी जमीनी समस्याएं और सुझाव रखने का निर्णय लिया। अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि 7 जनवरी 2026 को सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह के माध्यम से और ई-मेल द्वारा वित्त मंत्री को कर सुधार संबंधी एक ज्ञापन भेजा गया था। बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया कि सरकार 'एक राष्ट्र-एक कर' की भावना के अनुरूप 'एक ट्रेड-एक टैक्स' की व्यवस्था लागू करे, जिससे व्यापारियों को जटिल कर ढांचे से राहत मिल सके। जीएसटी पोर्टल की तकनीकी खामियों के कारण लगने वाली पेनल्टी से राहत देने की भी अपील की व्यापारियों ने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पार्टनरशिप फर्मों पर कर दरों का युक्तिकरण, जीएसटी पंजीकरण सीमा सेवाओं के लिए 50 लाख रुपये और वस्तुओं के लिए 1 करोड़ रुपये तक बढ़ाना शामिल है।
दमोह के तेजगढ़ इलाके में बुधवार शाम एक प्राइवेट बैंक कर्मचारी का शव सागोनी के जंगल में मिला। मृतक के सिर को पत्थरों से कुचलकर बड़ी बेरहमी से मारा गया है। पुलिस ने मर्डर का केस दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पटेरा के कुड़ई गांव के रहने वाले 30 साल के विनोद अहिरवार के रूप में हुई है। जंगल में एक चरवाहे ने शव देखा और पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस को विनोद के सिर और चेहरे पर भारी पत्थरों के वार मिले। शव के पास ही उसकी मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है। वसूली करने निकला था बैंक कर्मी परिजनों के मुताबिक विनोद दमोह में एक प्राइवेट बैंक में काम करता था और महिलाओं के समूह को दिए गए लोन की वसूली (कलेक्शन) करता था। मंगलवार को वह पैसे इकट्ठा करने घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। तलाश करने के बाद घरवालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जुटी एसडीओपी अर्चना अहीर और थाना प्रभारी अरविंद ठाकुर ने पुलिस बल के साथ मौके का मुआयना किया। विनोद इस सुनसान जंगल तक कैसे पहुंचा और हत्या के पीछे किसका हाथ है, पुलिस इसकी जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
UGC द्वारा लागू की जा रही नई नीतियों के विरोध में सर्वण समाज, आगरा की ओर से मंगलवार को शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च शाम 5 बजे शहीद स्मारक, संजय पैलेस से शुरू हुआ, जिसमें शिक्षकों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। आयोजकों का कहना है कि UGC की नई नीतियां शिक्षा के मूल सिद्धांतों, समानता के अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों से समाज में विभाजन बढ़ेगा और इसका सीधा असर छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारों पर पड़ेगा। कैंडल मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार के भेदभाव और मनमानी का विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। सर्वण समाज, आगरा ने शहर के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस शांतिपूर्ण जनांदोलन में बढ़-चढ़कर समर्थन दें। कैंडल मार्च में कपिल बाजपेई, डॉ. मदन मोहन शर्मा, दिलीप बंसल, डॉ. मुनेश्वर गुप्ता सहित कई प्रमुख सामाजिक लोग मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसा हुआ है। भदौसी गांव के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे लगे खंभे से टकरा गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना बुधवार रात करीब 8 बजे हुई। मृतक की पहचान बासुपुर कटैया गांव निवासी शनि सिंह के रूप में हुई है। हादसे के समय बाइक पर शनि सिंह के साथ समर पाल और शिव प्रसाद भी सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि शनि सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। समर पाल और शिव प्रसाद को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। देखिए दो तस्वीरें… पुलिस के अनुसार, तीनों युवक बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। जानकारी के मुताबिक, तीनों युवक मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहे थे, तभी भदौसी गांव के पास यह दुर्घटना हुई। घायल शिव प्रसाद के भाई सौरभ ने बताया कि दुर्घटना की खबर मिलते ही परिवार में दुख का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही अंतू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
रीवा की मनगवां विधानसभा सीट से भाजपा विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति पर हमले और अभद्रता का वीडियो सामने आया है। घटना 25 जनवरी की है, जो सूरानाथ हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान हुई। वीडियो में आरोपी बेहद आक्रामक नजर आ रहा है और लगातार गालियां दे रहा है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच कर रही है। सामने आए वीडियो में आरोपी बेहद उग्र और आक्रामक नजर आ रहा है। वह लगातार गंदी और अश्लील गालियां देता हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज के अनुसार, करीब 40 सेकंड के भीतर आरोपी ने लगभग 30 बार आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया। वीडियो में यह भी साफ दिख रहा है कि गाली-गलौज के बीच एक आरोपी अचानक विधायक की ओर दौड़ता है और हमला करने की कोशिश करता है। उसी दौरान मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने सतर्कता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया, जिससे स्थिति और गंभीर होने से बच गई। शराब के नशे में पहुंचे थे, महिलाओं से भी अभद्रता विधायक ने मंगलवार को घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी रिंकू सिंह और गुड्डू उर्फ गड़ासा शराब के नशे में मौके पर पहुंचे थे और अचानक माहौल बिगाड़ने लगे। विधायक ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने कार्यक्रम में मौजूद माता-बहनों के साथ भी अभद्र व्यवहार किया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर तनाव फैल गया। विधायक का कहना है कि यदि कार्यकर्ता समय रहते हस्तक्षेप नहीं करते, तो उनके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती थी। विधायक बोले- यह साजिश है, अनहोनी हो सकती थी इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति ने पूरे घटनाक्रम को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा, दोनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस एक्सक्लूसिव वीडियो फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सड़क सुरक्षा कार्यशालाओं में आकाशवाणी अयोध्या और ग्राम प्रधानों को आरटीओ ने प्रशिक्षण दिया। सीएम के निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत जन-जन तक एव ग्राम प्रधानों के माध्यम से के उद्देश्य से इसका आयोजन किया गया। अपर मुख्य सचिव, परिवहन व परिवहन आयुक्त, के मार्गदर्शन के अनु गांव-गांव तक सड़क सुरक्षा संदेश पहुंचानेसार सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अयोध्या मण्डल ऋतु सिंह ने मंडल के दो ज़िलों में सड़क सुरक्षा कार्यशाला की। आकाशवाणी अयोध्या कार्यालय में सड़क सुरक्षा संबंधी विशेष प्रोग्राम रिकॉर्ड करने के साथ आकाशवाणी अयोध्या में कार्यक्रम प्रमुख संजय धर द्विवेदी के साथ अधिकारियों कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया गया। इससे पहले आरटीओ की अध्यक्षता में ग्राम प्रधानों की कार्यशाला बाराबंकी में हुई । ग्राम प्रधान कार्यशाला परिवहन विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त तत्वाधान में जिला पंचायत कार्यालय जनपद बाराबंकी में आयोजित की गयी जिसमें आरटीओ अयोध्या, एआरटीओ प्रशासन अंकिता शुक्ला, आरआई व नीलम पंचायती राज विभाग सहित लगभग 150 ग्राम प्रधान उपस्थित रहें। सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अयोध्या ने ग्राम प्रधानों को ग्रामीण जनता, चालकों हेतु मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण देते हुए शासन की मंशानुसार सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने में ग्राम प्रधानों की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रशिक्षण दिया। यातायात संकेतों का विस्तृत ज्ञान यथा-गोलाकार आदेशात्मक चिन्ह, सचेतात्मक त्रिभुजा संकेत चिन्ह, आयताकार सूचनात्मक चिन्हों के बारे में चित्रों के माध्यम से बताया गया तथा बताये गये नियमों तथा योजनाओं की जानकारी फ्लैक्स पर, दीवारों पर लिखवाने हेतु अपील की गई। यह भी बताया कि सड़क सुरक्षा के 10 सुनहरे नियमों को सभी ग्राम पंचायतों की दीवारों पर साफ सुथरे अक्षरों में पुनः पेण्ट करवा लें। भारत सरकार और यूपी सरकार के सड़क सुरक्षा गीतो और वीडियो का भी माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से अपना लर्निंग लाइसेंस आनलाईन बनवा सकते हैं। कहा कि ग्रामीण जनता को इन योजनाओं के बारे में भी बताया जाए ताकि वे अनाधिकृत व्यक्तियों के चंगुल में ना फसें।आरटीओ ऋतु सिंह की ओर से अपील की गयी कि सर्विस रोड या मुख्य मार्गों से मिलने वाली टी-जंक्शन पर लगाए जाने वाले यातायात संकेत भी अपने क्षेत्रों में सुनिश्चित करा लें और रास्ते के अधिकार के बारे में लोगो को जागरूक करें। अवैध कट न बनने दें और स्पीड ब्रेकर तोड़ने वालों या अवैध कट बनाने वालों के विरूद्ध भी कार्यवाही करवायें। ग्रामीणों को मालयान या ट्रैक्टरों में यात्रा करने से रोकें और रेट्रोरिफ्लेक्टिव टेप इत्यादि के बारे में जागरूक करें। एआरटीओ श्रीमती अंकिता शुक्ला द्वारा कैशलेस उपचार योजना और सभी ब्लाकों पर जागरूकता कार्यक्रम कराने के लिए बताया गया। इसके अतिरिक्त विस्तार से राहवीर योजना आदि में आवेदन करने की प्रक्रिया बताई।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बुधवार को लखनऊ की आंचलिक विज्ञान नगरी में नॉलेज ऑन स्फीयर और साइंस एक्सपो-2026 की नई सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विज्ञान, शिक्षा और शोध जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित अतिथि मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह में लखनऊ उत्तर के विधायक डॉ. नीरज बोरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सीएसआईआर-सीमैप, लखनऊ के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा और इसरो आईएसटीआरएसी की उप निदेशक नंदिनी हरिनाथ भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस दौरान वरिष्ठ वैज्ञानिक, छात्र और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया उद्घाटन के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने देश के प्रमुख वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया। इन संस्थानों में सीएसआईआर-सीमैप, इसरो आईएसटीआरएसी, एनबीआरआई, सीडीआरआई, जीएसआई, एनबीएफजीआर, आईसीएआर-आईएसआरआई, सीआईपीईटी, एनसीएसएम और केजीएमयू प्रमुख रूप से शामिल थे। उपमुख्यमंत्री ने नॉलेज ऑन स्फीयर (KOS) सुविधा का अनुभव किया और इसे विज्ञान संप्रेषण का एक अभिनव माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक सोच तथा जिज्ञासा को बढ़ावा देते हैं।इसरो की वरिष्ठ वैज्ञानिक नंदिनी हरिनाथ ने विज्ञान शिक्षा में नवाचार और रचनात्मकता के महत्व पर जोर दिया। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली के निदेशक विजय शंकर शर्मा ने जानकारी दी कि नॉलेज ऑन स्फीयर राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक विशेष पहल है। 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने केंद्र की जनजागरूकता गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सचल विज्ञान प्रदर्शनी के जरिए अब तक 40 लाख से अधिक लोग विज्ञान से जुड़े हैं। कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-सीआरआरआई के वैज्ञानिक डॉ. आर. रवि शंकर ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एक व्याख्यान दिया, जिसमें लगभग 700 छात्रों ने क्विज और प्रश्नोत्तरी में भाग लिया।
थाने से 200 मीटर दूर मंदिर में चोरी:राधा कृष्ण मंदिर से दान पेटी और गर्भगृह से हजारों की नकदी चोरी
कानपुर के चकेरी थाना से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित राधा कृष्ण मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। चोरों ने मंदिर में रखी दो दान पेटियों और गर्भगृह का ताला तोड़कर हजारों रुपये की नकदी चुरा ली। बुधवार सुबह मंदिर के पुजारी के पहुंचने पर घटना का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सनिगवां के भाभानगर निवासी पुजारी महेश शास्त्री ने बताया कि वे बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्हें मंदिर की दो दान पेटियां और गर्भगृह का ताला टूटा हुआ मिला। चोरों ने लेबर रूम में रखे 7 हजार रुपये और दान पेटियों से हजारों रुपये चुराए। हालांकि, पुलिस को दी गई तहरीर में चोरी की गई राशि 20-25 हजार रुपये बताई गई है। पुजारी के अनुसार, चोर मंदिर की दीवार फांदकर अंदर घुसे और वारदात को अंजाम दिया। वे मंदिर के अंदर रखे पीतल के भगोने भी बाहर फेंककर भाग गए। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है। इसी बीच, रामादेवी चौराहे पर अराजकता और अव्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। इलाके के रमेश कुमार, अर्पित सिंह और राजेश यादव ने बताया कि सब्जी मंडी की आड़ में चोर राहगीरों और दुकानदारों को निशाना बनाते हैं। उनका कहना है कि अराजकता हटाने के लिए कई बार निरीक्षण हुए, लेकिन चौराहे की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। चौराहे पर अक्सर जाम लगता है, जिससे कई बार एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। आरोप है कि चौराहे पर मौजूद ट्रैफिककर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। इसके साथ नगर निगम और पुलिस के अफ़सर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान नहीं चलाते।
ट्रैफिककर्मी को बोनट पर 500 मीटर तक घसीटा:ग्रेटर नोएडा में घटना, आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस
ग्रेटर नोएडा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक कार चालक ने यातायात पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर अपनी गाड़ी के बोनट पर करीब 500 मीटर तक घसीटा। यह घटना बुधवार दोपहर बीटा टू थाना क्षेत्र के पी 3 गोल चक्कर पर हुई। यातायात पुलिसकर्मी गुरमीत अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जहां वाहनों का दबाव अधिक होने के कारण यातायात को नियंत्रित किया जा रहा था। इसी दौरान एक लाल रंग की हुंडई कार तेज रफ्तार से आई। पुलिसकर्मी गुरमीत और अन्य यातायात कर्मियों ने कार को रोकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि वह जल्दी में है और रुकेगा नहीं। जब गुरमीत ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगने से यातायातकर्मी गुरमीत गाड़ी के बोनट पर गिर गए। कार ड्राइवर उन्हें बोनट पर ही 400 से 500 मीटर तक घसीटता रहा, इस दौरान गुरमीत चिल्लाते रहे। लगभग 500 मीटर आगे जाकर चालक रुका, गुरमीत को बोनट से नीचे फेंका और गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। इस घटना में पुलिसकर्मी गुरमीत को चोटें आई हैं। उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर गाड़ी नंबर के जरिए अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब कार नंबर के आधार पर आरोपी ड्राइवर की तलाश कर रही है।
कटिहार के आजमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बैरिया पंचायत के सिकटिया गांव में 20 वर्षीय युवक असद की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे इस हत्याकांड के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के वर्तमान मुखिया अबू तालिब को आजमनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुखिया की गिरफ्तारी के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है। हत्या के बाद शव दफन, गांव में हुई थी पंचायती जानकारी के अनुसार, बीते दिनों सिकटिया गांव में 20 साल असद की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को गांव में ही दफना दिया गया और मामले को गांव स्तर पर पंचायती कर रफा-दफा करने की कोशिश की गई। बताया जाता है कि दबाव और समझौते के जरिए घटना को बाहर न आने देने का प्रयास किया गया। हालांकि, मृतक असद के पिता ने हार नहीं मानी और न्याय की गुहार लगाते हुए न्यायालय में परिवाद पत्र दायर किया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद आजमनगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। 70 दिन बाद कब्र से निकाला गया शव न्यायालय के आदेश पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में करीब 70 दिनों बाद कब्र से असद का शव निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी। लंबी मशक्कत के बाद मुखिया गिरफ्तार आजमनगर थानाध्यक्ष नीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। कई महीनों तक फरार रहने के बाद आखिरकार पुलिस ने इस हत्याकांड के तीसरे नंबर के नामजद आरोपी और बैरिया पंचायत के मुखिया अबू तालिब को सिकटिया गांव से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद थाने पर हंगामा मुखिया अबू तालिब की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही उनके समर्थक बड़ी संख्या में आजमनगर थाना पहुंच गए। समर्थकों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया और गिरफ्तारी का विरोध जताया। धरना दे रहे समर्थकों में हाजी मोहम्मद अजहर और मोहम्मद दानिश ने आरोप लगाया कि मुखिया को राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने दावा किया कि अबू तालिब बेगुनाह हैं और इस पूरे मामले में उन्हें झूठा फंसाया गया है। समर्थकों ने की रिहाई की मांग प्रदर्शन कर रहे समर्थकों ने पुलिस से मुखिया को अविलंब रिहा करने की मांग की। साथ ही उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई। समर्थकों का कहना है कि उन्हें कानून और प्रशासन पर भरोसा है और सच्चाई जरूर सामने आएगी। इलाके में तनाव, पुलिस बल तैनात मुखिया की गिरफ्तारी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए आजमनगर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और कानून के दायरे में की जा रही है। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस का दावा- जांच जारी, और गिरफ्तारी संभव पुलिस सूत्रों के अनुसार, असद हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस इस संवेदनशील मामले में हर पहलू पर नजर बनाए हुए है।
लखनऊ में दुकान और घर में चोरी:शहर से बाहर गया था परिवार, आर्टिफिशियल ज्वैलरी दुकान को बनाया निशाना
लखनऊ के गाजीपुर थानाक्षेत्र में चोरों ने एक घर को निशाना बनाया। घर से नगदी व कीमती जेवर लेकर गायब हो गए। वहीं अलीगंज में आर्टिफिसियल ज्वैलरी की दुकान का ताला तोड़कर सामान पार कर दिया। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। सेक्टर -17 इंदिरानगर निवासी प्रिया श्रीवास्तवा पत्नी अभीजित श्रीवास्तव ने बताया कि 17 जनवरी को सुबह घर से निकलकर परिवार के साथ गोहारी चली थी। चार दिन वहीं पर थी। 21 जनवरी को रात 9 बजे वापस लौटी तो घर के मेन गेट का ताला टूटा था। अंदर जाने पर देखा कि सारे कमरे का ताला और अलमारी टूटी है। घर में सारा सामान बिखरा है, सामान चेक किया तो अलमारी से लगभग 50 हजार रुपए व सोने -चांदी के हार, चेन, अंगूठी व पायल गायब मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। ज्वैलरी की दुकान में चोरी वहीं पाण्डेय टोला अलीगंज निवासी सौरभ वर्मा पुत्र सुशील कुमार वर्मा की डन्डड्या बाजार में वर्मा ज्वैलर्स एण्ड जेग्स स्टोर नाम से आर्टिफीशियल ज्वैलरी की दुकान है। 24 जनवरी को दुकान बंद कर घर चले गए। अगली सुबह करीब 8 बजे दुकान पहुंचे तो देखा दुकान का ताला टूटा हुआ था। दुकान में चांदी की नाक की कील का डिब्बा, बिछिया, पायले लगभग 250 ग्राम और फैन्सी ब्राइडल सेट एडी अगूंठी व कुछ अन्य आर्टिफीशियल सामान सहित 18 हजार 600 नगद गायब था। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। अलीगंज पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी की मदद से आरोपियों की तलाश की जा रही है।
समस्तीपुर में भाकपा (माले) और उसके सहयोगी संगठनों, इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) व आइसा ने आज जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भूमिहीनों के पुनर्वास, किसानों पर हमले और विभिन्न पुलिस मामलों की जांच सहित पांच सूत्री मांगों को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में हसनपुर थाना क्षेत्र के मंगलगढ़ स्थित पी. सुंदरैया नगर में लगभग 35 साल से बसे भूमिहीनों का मामला शामिल था। उन्होंने मांग की कि उच्च न्यायालय में लंबित होने के बावजूद बिना नोटिस दिए सैकड़ों घरों को उजाड़ने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करते हुए भूमिहीनों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। एक अन्य मांग त्रिवेणीगंज के किसानों (पशुपालकों) से संबंधित थी। हसनपुर थाना क्षेत्र के मालीपुर गांव में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की ओर से उनके साथ मारपीट, रंगदारी मांगने और रंगदारी न देने पर पुलिस के हवाले करने की घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस मामलों में भी कार्रवाई की मांग संगठनों ने विभिन्न पुलिस मामलों में भी कार्रवाई की मांग की। इनमें आरवाईए नेता राहुल राय पर उजियारपुर थाना कांड संख्या 353/25 की जांच कर निर्दोषों के नाम हटाने, पूसा थाना कांड संख्या 41/25 (झूठा मुकदमा) वापस लेने जैसे मांग शामिल है। कल्याणपुर अंचल के गोविंदपुर खजूरी पंचायत में छठियारी पोखर पर सात गांवों के श्मशान को संरक्षित करने और गरीबों पर बुलडोजर चलाने पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई। भाकपा (माले), आरवाईए और आइसा के झंडे-बैनर तले सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने मालगोदाम चौक स्थित पार्टी कार्यालय से स्टेशन रोड, ओवर ब्रिज होते हुए जुलूस निकाला। अनुमंडल कार्यालय होते हुए पुलिस अधीक्षक के मुख्य गेट को जामकर जमकर नारेबाजी की। घंटो जाम रहने के बाद दूरभाष के माध्यम पर जिला पदाधिकारी ने कल प्रतिनिधिमंडल से वार्ता करने की आश्वासन दिया, उसके बाद आंदोलन को स्थगित किया।
कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में गणतंत्र दिवस के दिन बस स्टैंड पहुंची युवती के साथ युवक ने छेड़छाड़ की। युवक टैक्सी चलाता है। युवती ने कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जब वह वापस बस स्टैंड पहुंची तो युवक अपनी कार में बैठा मिला। युवती ने युवक का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किया। पुलिस ने बुधवार को युवक को गिरफ्तार किया और उसका शहर में जुलुस निकाला। जानकारी के मुताबिक, गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने के लिए युवती बैकुंठपुर आई थी। वापस घर जाने के लिए वह बस स्टैंड पहुंची, जहां सड़क पर एक टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर अरशत ने सड़क पर उसके साथ छेड़छाड़ की। युवती ने इसका विरोध किया और कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। युवती ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया में किया वायरल अपने साथ हुए छेड़छाड़ की घटना से आक्रोशित युवती जब वापस बैकुंठपुर पहुंची तो उसने अरशत को बस स्टैंड में गाड़ी में बैठे देखा। युवती ने इसका वीडियो बनाना शुरू किया तो युवक ने कार स्टार्ट की और भाग निकला। युवती ने युवक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। मामले को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया आई और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग तो पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने गुरूवार को युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने अरशत के खिलाफ धारा 75 (1) (iv) के तहत कार्रवाई की। कोतवाली पुलिस ने छेड़छाड़ के आरोपी का शहर से जुलुस निकाला। युवक को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है। सोशल मीडिया में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
कैमूर में प्रधान सहायकों-लिपिकों को विशेष ट्रेनिंग:प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए कार्यशाला आयोजित
जिला प्रशासन कैमूर ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। इसी क्रम में सोमवार को भभुआ स्थित लिच्छवी भवन में जिले के सभी विभागों के प्रधान सहायकों और लिपिकीय संवर्ग के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य कार्यालयी कार्यों में गुणवत्ता, दक्षता और समयबद्धता सुनिश्चित करना था। कार्यशाला में स्थापना उप समाहर्ता एवं जिला कोषागार पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण प्रदान किया। बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के प्रधान सहायक और लिपिकीय कर्मचारी इस कार्यशाला में शामिल हुए। सेवा पुस्तिका से प्रोन्नति तक दी गई विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण सत्र के दौरान स्थापना उप समाहर्ता ने कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका के संधारण, सेवा संपुष्टि, वरीयता सूची निर्धारण, अनुशासनात्मक कार्यवाही, अवकाश नियम, एसीपी/एमएसीपी, प्रोन्नति प्रक्रिया और विभिन्न प्रशासनिक पंजियों के रख-रखाव से संबंधित नियमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सेवा पुस्तिका किसी भी कर्मचारी का महत्वपूर्ण दस्तावेज होती है और इसमें की गई छोटी सी गलती भविष्य में बड़े प्रशासनिक विवाद का कारण बन सकती है। इसलिए सभी प्रविष्टियों का संधारण नियमों के अनुरूप और समय पर किया जाना बेहद आवश्यक है। फाइल प्रबंधन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त स्थापना उप समाहर्ता ने फाइल प्रबंधन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि किसी भी कार्यालय की कार्यक्षमता फाइलों के सुव्यवस्थित संधारण पर निर्भर करती है। यदि फाइलें समय पर और सही तरीके से निपटाई जाएं, तो आम जनता के कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होगी। उन्होंने प्रतिभागियों से कहा, प्रधान सहायक और लिपिक किसी भी कार्यालय की आधारशिला होते हैं। नियमों की संपूर्ण जानकारी और सही अनुपालन से ही प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू और त्रुटिरहित रह सकती है। वित्तीय पारदर्शिता पर दिया गया विशेष प्रशिक्षण दूसरे सत्र में जिला कोषागार पदाधिकारी ने वित्तीय मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं से बचाव, ट्रेजरी नियमों का अनुपालन, ई-ट्रेजरी प्रणाली, तथा बिलों के सही और समयबद्ध भुगतान की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि लिपिकीय संवर्ग की भूमिका बजट के उचित आवंटन और सही उपयोग में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। छोटी सी चूक से न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हो सकता है, बल्कि संबंधित कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी संभव है। ई-ट्रेजरी से बढ़ेगी पारदर्शिता और गति जिला कोषागार पदाधिकारी ने ई-ट्रेजरी प्रणाली को पारदर्शी और तेज बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से न केवल भुगतान प्रक्रिया में तेजी आती है, बल्कि भ्रष्टाचार और मानवीय त्रुटियों की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाती है। प्रशासनिक सुधार की दिशा में सार्थक पहल कार्यशाला के अंत में अधिकारियों ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण में मिली जानकारियों को अपने-अपने कार्यालयों में पूरी निष्ठा के साथ लागू करने की अपील की। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनेगी। यह प्रशिक्षण कार्यशाला कैमूर जिले में कुशल प्रशासन, वित्तीय पारदर्शिता और बेहतर जनसेवा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल के रूप में देखी जा रही है।
नीमच में प्रशासन ने दो नाबालिग बहनों की शादी रुकवा दी है। बुधवार को बाल विवाह रोकथाम दल ने यह कार्रवाई की। लड़कियों की उम्र 16 और 17 साल पाई गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी अंकिता पंड्या को 28 जनवरी को खबर मिली थी कि ग्राम जवासा में 29 जनवरी को दो बहनों का विवाह होने वाला है। ये लड़कियां राजस्थान की रहने वाली हैं और अपने मामा के घर आई थीं। एक बारात राजस्थान से और दूसरी जावद के मोरका से आने वाली थी। मौके पर पहुंची टीम एसडीएम संजीव साहू की निगरानी में पुलिस, राजस्व और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की टीम जवासा पहुंची। जांच में पता चला कि लड़कियों के पिता और ननिहाल पक्ष के पास उम्र से जुड़ा कोई सरकारी कागज नहीं है। परिवार ने माना कि दोनों की उम्र 18 साल से कम है। परिवार ने दी लिखित सहमति अधिकारियों ने परिवार और गांव वालों को बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। इसके बाद लड़कियों के पिता और ननिहाल पक्ष ने शादी टालने का फैसला किया। मौके पर पंचनामा बनाया गया, जिसमें परिवार ने लिख कर दिया कि अब लड़कियां बालिग होने पर ही शादी करेंगे।
सहारनपुर के थाना कुतुबशेर क्षेत्र में बुधवार को एक निर्माणाधीन मकान की छत गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई। यह घटना रूपडी गांव में हुई, जहां ईगरीकला गांव का निवासी मजदूर काम कर रहा था। अचानक छत ढह गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई। प्रशासन ने यह भी आश्वासन दिया कि नियमानुसार अन्य सरकारी सहायता भी दी जाएगी। हादसे के बाद मृतक के गांव ईगरीकला और कार्यस्थल रूपडी गांव के लोगों के बीच तनाव की आशंका थी। इसे देखते हुए प्रशासन ने सक्रिय भूमिका निभाई। दोनों गांवों के गणमान्य नागरिकों, परिजनों और समाजसेवियों के साथ बैठक कर वार्ता कराई गई। आपसी समझदारी और संवाद के माध्यम से स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लिया गया। अंतिम संस्कार को लेकर भी सहमति बन गई। पुलिस ने क्षेत्र में एहतियातन सतर्कता बनाए रखी है। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस और सामाजिक संगठनों की त्वरित पहल की सराहना की। उनका कहना था कि समय पर हस्तक्षेप से न केवल पीड़ित परिवार को सहायता मिली, बल्कि दो गांवों के बीच सौहार्द भी बना रहा। आपसी सुलह समझौते के बाद परिजन मृतक के शव को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के अपने साथ ले गए और अंतिम संस्कार कर दिया।
वाराणसी के बहुचर्चित अधिवक्ता पुत्र हेमंत पटेल हत्याकांड में आरोपित स्कूल प्रबंधक के पुत्र को कोर्ट से फिर राहत नहीं मिली। इस हत्याकांड में जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपित खुशहाल नगर, नटिनियांदाई निवासी स्कूल प्रबंधक के पुत्र राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि की द्वितीय जमानत अर्जी मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दी। अदालत में वादी की ओर से वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, चंद्रबली पटेल व संदीप यादव ने पक्ष रखा। केस में सुनवाई के बाद जज ने फिर याचिका खारिज कर दी। अभियोजन ने बताया कि सिंधौरा निवासी वादी कैलाश चंद्र वर्मा एडवोकेट ने शिवपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 22 अप्रैल 2025 को दिन में लगभग 1 बजे खुशहाल नगर, नटिनियांदाई निवासी आरोपित राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि ने अपने मोबाइल से प्रार्थी के पुत्र हेमंत पटेल के मोबाइल पर फोन कर अपने विद्यालय बुलाया था। इसके बाद वादी के पुत्र को लाने के लिए शशांक एवं किशन नामक दो व्यक्तियों को भेजा। जिस पर उसका पुत्र हेमंत अपने दादा की बाइक से शशांक और किशन के साथ विद्यालय जाने के लिए निकला। दोपहर 2.03 बजे वादी के नाती प्रिंस उर्फ गोलू के मोबाइल पर आशीष पटेल ने फोन कर घटना की सूचना दी। बताया कि विद्यालय परिसर में विद्यालय प्रबंधक के कमरे में प्रबंधक के बेटे राज विजयेंद्र सिंह उर्फ राज विजेंद्र सिंह उर्फ रवि द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्टल से उसके पुत्र हेमंत पटेल को गोली मार कर उसकी हत्या कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने अगले दिन आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं इस घटना को लेकर कई दिनों तक इस मामले को लेकर वकीलों ने हंगामा किया और न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी। जिसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था। बाद में पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने का आश्वासन दिया, तब जाकर अधिवक्ता शांत हुए।
कैमूर में भाई की शादी में शामिल होने जा रही एक महिला के साथ रास्ते में चालाक चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। सदासपुर निवासी विनोद कुमार की पत्नी संजू देवी मोहनिया से रामगढ़ जाने के लिए ऑटो से यात्रा कर रही थीं। इसी दौरान ऑटो में सवार अज्ञात महिलाओं ने बेहोशी का फायदा उठाकर उनके गहनों पर हाथ साफ कर दिया। पीड़िता संजू देवी ने बताया कि मोहनिया से रामगढ़ जाने के लिए उन्होंने ऑटो लिया था। ऑटो में उनके साथ दो अज्ञात महिलाएं और एक बच्चा भी सवार थे। ऑटो कुछ दूर आगे बढ़ा ही था कि उन्हें अचानक चक्कर आने लगा और बेहोशी जैसा महसूस हुआ। किसी तरह वे रामगढ़ स्थित अपने घर पहुंचीं। घर पहुंचकर जब उन्होंने अपना बैग खोला तो उसमें रखे सोने-चांदी के गहने गायब थे। गहनों की अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है। महिला को पूरा संदेह है कि ऑटो में साथ सफर कर रही अज्ञात महिलाओं ने ही इस वारदात को अंजाम दिया। थाने में दिया आवेदन, जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद पीड़िता बुधवार को मोहनिया थाना पहुंचीं और अज्ञात चोरों के खिलाफ लिखित आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने पूरी घटना का विस्तार से उल्लेख किया है। मोहनिया थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। आवेदन के आधार पर जांच की जा रही है और ऑटो तथा संदिग्ध महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों के लिए चेतावनी इस तरह की घटनाएं सार्वजनिक वाहनों से यात्रा करने वाले लोगों के लिए चेतावनी हैं। पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि अज्ञात व्यक्तियों के साथ सफर करते समय सतर्क रहें और कीमती सामान की विशेष निगरानी रखें।
भागलपुर में हथियार से लैस गांजा तस्कर को पुलिस ने दबोचा है। हबीबपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए अपराधी हथियार लेकर घूम रहे हैं। इसके आधार पर पुलिस ने सूचना का सत्यापन कर वरीय अधिकारियों को जानकारी दी, जिसके बाद टीम का गठन किया गया। गठित टीम की ओर से इलाके में छापेमारी की गई, जिसके दौरान युवक को डिटेन किया गया। तलाशी लेने पर युवक के पास से पुलिस ने हथियार बरामद किया है। सिटी एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि हबीबपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बदलेआलमपुर इलाके में मोहम्मद इरफान नाम का व्यक्ति किसी बड़े अपराध को अंजाम देने की फिराक में अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। सूचना मिलते ही हबीबपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तलाशी ली तो आरोपी के पास से एक देसी कट्टा, एक देीसी पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, एक मोबाइल फोन और 8 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। सिटी एसपी ने बताया कि आरोपी मोहम्मद इरफान का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस आरोपी को भेजेगी जेल पुलिस आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर रही है। सिटी एसपी ने कहा कि आरोपी से अभी पूछताछ की जाएगी और बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की भी जांच की जाएगी कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस आरोपी युवक से पूछताछ कर रही है। आज के प्रेस वार्ता के दौरान विधि-व्यवस्था डीएसपी, हबीबपुर थानेदार सहित अन्य पुलिस बल मौजूद थे।

