हरियाणा के कुरुक्षेत्र में जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दिग्विजय चौटाला समेत अन्य नेताओं पर FIR दर्ज करने का मामला तूल पकड़ गया। आज गुरुवार को मामले को लेकर JJP के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. जसविंदर खैहरा अपने साथियों के साथ कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में वाइस चांसलर प्रो. सोमनाथ सचदेवा को ज्ञापन देने पहुंचे। यहां उनकी केयू के चीफ सिक्योरिटी इंचार्ज (CSO) आनंद कुमार के साथ तीखी बहस हो गई। JJP नेताओं ने CSO आनंद कुमार से उनके नाम FIR में डालने को लेकर सवाल किया। इस सवाल CSO ने घटना की वीडियो का जिक्र करते हुए पुलिस को जांच के लिए शिकायत देने की बात कही। इस पर दोनों पक्ष में बहस हो गई। रजिस्टार ने लिया ज्ञापन इस दौरान JJP के कार्यकर्ताओं ने केयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बढ़ता देख रजिस्ट्रार लेफ्टिनेंट विरेंद्र पाल सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला शांत करवाने की कोशिश की। इसके बाद JJP के नेताओं ने रजिस्ट्रार विरेंद्र पाल सिंह को अपना ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन दिया। गेट बंद करने का लगाया आरोप उधर, JJP नेताओं ने CSO आनंद पाल पर उनको देखकर VC कार्यालय के गेट बंद करने का आरोप लगाया। आरोप लगाया कि उनको जानबूझकर बाहर रोका गया। साथ ही उन्होंने CSO को ज्ञापन देने से इनकार दिया, जिस पर CSO ने भी ज्ञापन नहीं लेने की बात कही। JJP ने VC से CSO आनंद को सस्पेंड करने की मांग रखी। 7 अप्रैल को हुआ था प्रोग्राम CSO आनंद कुमार के मुताबिक, 2 अप्रैल को डॉ. आरके सदन में 7 अप्रैल को एक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अनुरोध आया था। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को नशे से दूर रहने के बारे में बताना और राजनीति में युवाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। यह कार्यक्रम केयू के असिस्टेंट प्रोफेसर अजायब सिंह के माध्यम से बुक किया गया था। बाहरी लोग घुसाए गए CSO ने आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यक्रम होने के कारण इसे मंजूरी दी गई थी। प्रोग्राम के दिन सदन में 300 से 400 स्टूडेंट और बाहर के लोग शामिल हुए। प्रोग्राम में ड्रग्स से जुड़ा कोई सेशन नहीं हुआ, बल्कि राजनीतिक भाषण दिए गए, जो छात्रों में दुश्मनी और राइवलरी पैदा करने वाले थे। करीब 80 कुर्सियां तोड़ी गईं। साथ ही अन्य प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचाया गया था। सिक्योरिट कहां गायब रही डॉ. जसविंदर खैहरा ने उनके खिलाफ शिकायत करवाने वाले केयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (CSO) आनंद कुमार पर बदतमीजी करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 7 अप्रैल को कार्यक्रम के लिए डॉ. आरके सदन की बुकिंग के लिए 42 हजार रुपए भरे थे। साथ ही सिक्योरिटी के लिए 25 हजार रुपए अलग दिए गए थे। फिर जब कुर्सियां टूटी तो सिक्योरिटी क्यों नहीं आई। जानबूझकर नहीं तोड़ी गई कुर्सियां उन्होंने कहा कि वे घटना के अगले दिन केयू प्रशासन से मिले थे। केयू प्रशासन ने उनके सामने दो विकल्प यूनिवर्सिटी, जिस कांट्रेक्टर से रिपेयर करवाती है, उससे कुर्सियां की ठीक करवा दिया। दूसरा नुकसान की भरपाई कर दे। उनकी केयू प्रशासन के साथ नुकसान की भरपाई करने की सहमति हो गई थी। SP से मिले JJP नेता इस घटना के बाद JJP नेता SP चंद्रमोहन से मुलाकात की। उन्होंने SP से उनके खिलाफ दर्ज FIR को रद्द और CSO के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग रखी। खैहरा ने कहा कि कार्यक्रम में जानबूझकर कोई तोड़फोड़ नहीं हुई। नुकसान की भरपाई के लिए पहले ही लिखित में दिया गया था इसके बावजूद FIR दर्ज करना गलत है।
बूंदी जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन के तहत स्थापित 107 आरओ प्लांट पिछले ढाई महीने से बंद पड़े हैं। इन प्लांटों का उद्देश्य ग्रामीणों को फिल्टर युक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन इनके बंद होने से ग्रामीण फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। प्रशासन की उदासीनता के कारण ग्रामीणों की बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। ये 107 आरओ प्लांट राज्य सरकार द्वारा 2017-2018 में 4 फर्मों के माध्यम से बूंदी, तालेड़ा, केशवरायपाटन और नैनवा उपखंड क्षेत्रों में लगाए गए थे। इन प्लांटों से ग्रामीणों को 20 पैसे प्रति लीटर की दर से शुद्ध पानी मिल रहा था। 31 जनवरी 2026 को सभी प्लांट बंद कर दिए गए थे। हालांकि, कुछ समय बाद कुछ प्लांट फिर से चालू हुए, लेकिन अप्रैल में सभी प्लांट दोबारा बंद हो गए, जिससे ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधानकेशवरायपाटन उपखंड की लेसरदा पंचायत के ईश्वर नगर गांव में सरकारी आरओ प्लांट पिछले 5 साल से बंद है। इस गांव में खारा और फ्लोराइड युक्त पानी होने के कारण पूरा गांव इस प्लांट पर निर्भर था। ग्रामीणों ने कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। इसी तरह, सेदड़ी निवासी परमानंद मीणा ने बताया कि देहित पंचायत के सेदड़ी चांदनहेली स्कूल परिसर में लगा सरकारी आरओ प्लांट भी दो साल से बंद है। इसके चलते स्कूली बच्चे फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंद पड़े सभी आरओ प्लांट को तत्काल चालू करवाने की मांग की है। आरओ प्लांट के पूर्व साइड इंचार्ज हर्ष अग्रवाल ने बताया कि प्लांटों का अनुबंध 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया था। आगे का टेंडर जारी नहीं होने के कारण सभी स्टाफ को हटा दिया गया और आरओ प्लांट बंद कर दिए गए। उन्होंने आश्वासन दिया कि नया टेंडर जारी होने पर प्लांटों को फिर से चालू कर दिया जाएगा।
करीब एक महीने पहले सोशल मीडिया में पीली फाइल लेकर वीडियो जारी करने वाले बीजेपी नेता जय प्रकाश यादव को राजनांदगांव पुलिस ने फरार घोषित करते हुए उस पर 5 हजार रुपए का इनाम रख दिया है। जय प्रकाश यादव वही नेता है जिन्होंने मार्च महीने में वीडियो जारी कर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन को जान से मारने की साजिश का खुलासा किया था। हालांकि इससे पहले ही जय प्रकाश यादव पर राजनांदगांव और दुर्ग में नौकरी का झांसा देकर ठगी का मामला दर्ज हो चुका था। जय प्रकाश यादव मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के राष्ट्रीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं। वो पूर्व पार्षद भी रहे हैं और वैशाली नगर विधानसभा से बीजेपी से बागी होकर चुनाव भी लड़ चुके हैं। हालांकि उसके बाद जय प्रकाश यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया है। जय प्रकाश यादव पर राजनांदगांव और दुर्ग जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर एफआईआर दर्ज है। राजनांदगांव के डोंगरगढ़ में 5 लोगों से 11 लाख की ठगी तो दुर्ग के सुपेला थाना में 6 लोगों से 16 लाख की ठगी का आरोप है। आरोपी जय प्रकाश यादव की तलाश में राजनांदगांव पुलिस जुटी हुई है। उसे पकड़ने या उसके बारे में सही जानकारी देने वाले को 5 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की गई है। पुलिस ने इसका पोस्टर भी सोशल मीडिया पर जारी किया है। सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ऐंठे पैसे22 अप्रैल को जय प्रकाश यादव को फरार घोषित किया गया। उसके खिलाफ डोंगरगढ़ थाना में मामला दर्ज है। यह केस 24 फरवरी को दर्ज हुआ था, जिसमें उस पर 5 लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने और वापस न करने का आरोप है। जानिए क्या है पूरा मामलाडोंगरगढ़ के रहने वाले धीरज साहू ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। धीरज ने बताया कि उसकी पहचान डोंगरगढ़ निवासी देवेंद्र कुमार गोरले से थी। बातचीत के दौरान देवेंद्र अक्सर भिलाई निवासी जय प्रकाश यादव से फोन पर बात कराता था। दोनों मिलकर कहते थे कि उनकी बड़े अधिकारियों तक पहुंच है और वे सरकारी नौकरी लगवा सकते हैं। धीरज के अनुसार दोनों ने उसे कलेक्टर ऑफिस खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले 5 लाख रुपए मांगे गए। धीरज ने उनकी बातों में आकर 7 अप्रैल 2023 को 2 लाख रुपए नगद दे दिए। पैसे देने के बाद भी उसकी नौकरी नहीं लगी और रकम भी वापस नहीं मिली। नौकरी दिलाने के नाम पर 5 लोगों से लिया था पैसाबाद में प्रार्थी को पता चला कि वह अकेला शिकार नहीं है। इसी तरह कई और लोगों से भी पैसे लिए गए थे। इनमें बसंत साहू से 2.5 लाख रुपए, बृजभूषण सिन्हा से 2 लाख रुपए, उमा भारती लिल्हारे से 1.5 लाख रुपए और शिव कुमार टेम्भुरकर से 3 लाख रुपए लिए गए। इस तरह कुल 11 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। इस मामले में राजनांदगांव पुलिस ने देवेंद्र कुमार गोरले और जय प्रकाश यादव के खिलाफ धारा 420 और 34 के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में देवेंद्र कुमार गोरले को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जय प्रकाश यादव फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। 9 फरवरी को दुर्ग में भी दर्ज हुई थी एफआईआरदुर्ग जिले में भी जय प्रकाश यादव के खिलाफ एक और बड़ा मामला दर्ज है। यहां उस पर 6 किसानों से करीब 16 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। यह मामला सुपेला थाना क्षेत्र का है, जहां 9 फरवरी को उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। दुर्ग में की गई शिकायत के अनुसार, जय प्रकाश यादव खुद को बड़े नेताओं और मंत्रियों से जुड़ा हुआ बताता था। वह गांवों में जाकर लोगों को भरोसा दिलाता था कि वह उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिला सकता है। इसी भरोसे में आकर कई किसानों ने उसे पैसे दिए। हर पोस्ट के लिए अलग से तय थी राशिदुर्ग में हुई शिकायत में बताया गया कि अलग-अलग नौकरियों के लिए अलग-अलग रकम तय थी। सब इंस्पेक्टर और स्टाफ नर्स की नौकरी के लिए 4-4 लाख रुपए लिए गए। वहीं, प्यून और अन्य पदों के लिए 1 से 2 लाख रुपए तक वसूले गए। कुल मिलाकर 6 लोगों से करीब 16 लाख रुपए लिए गए। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने पैसे देने के लिए अपनी जमीन तक बेच दी और कुछ ने लोन भी लिया। उन्हें उम्मीद थी कि उनके बच्चों को सरकारी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब उन्होंने पैसे वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करता रहा। दुर्ग एसएसपी से हुई थी शिकायतइस मामले में किसानों ने दुर्ग के एसएसपी से शिकायत की थी। उनके पास कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और अन्य सबूत भी मौजूद हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। लेकिन अब इस मामले में राजनांदगांव पुलिस ने जय प्रकाश यादव पर इनाम घोषित किया है। राजनांदगांव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को जय प्रकाश यादव के बारे में जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और 5 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर आए थे चर्चा मेंजय प्रकाश यादव कोसा नगर में रहते हैं। नौकरी के नाम पर पैसे ठगने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मार्च में जेपी यादव ने सोशल मीडिया में वीडियो जारी किया था। इसमें उसने एक पीली फाइल दिखाते हुए विधायक रिकेश सेन की हत्या की साजिश का खुलासा किया था। वीडियो में जय प्रकाश यादव ने दावा किया था कि फाइल में सभी साजिशकर्ताओं के नाम हैं, लेकिन उसके बाद न तो वो फाइल सार्वजनिक हुई और न ही जय प्रकाश यादव कहीं नजर आए।
गुना में बुधवार शाम करीब 5 बजे हड्डी मील इलाके में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से 24 वर्षीय संजीव अहिरवार की मौत हो गई। वह नानाखेड़ी मंडी से काम खत्म कर अपने गांव तिल्ली खेड़ा (बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र) लौट रहा था। हादसे के बाद उसे गंभीर हालत में निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने मौत की सूचना छिपाकर उनसे 41 हजार रुपए जमा कराए और बाद में शव सौंपा। गुरुवार सुबह पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। रोज की तरह ड्यूटी से लौट रहा था गांव संजीव अहिरवार (24) पुत्र देवीलाल अहिरवार बजरंगगढ़ थाना इलाके के तिल्ली खेड़ा गांव का रहने वाला था। वह नानाखेड़ी स्थित एक प्राइवेट फर्म में सेल्समैन का काम करता था। बुधवार शाम 5 बजे वह रोजाना की तरह काम खत्म कर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान हड्डी मील इलाके में पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। दुर्घटना में संजीव बुरी तरह घायल हो गया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सरकारी अस्पताल भिजवाया और परिवार वालों को सूचना दी। सरकारी से निजी अस्पताल ले गए परिजन सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। संजीव की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बाहर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां रात भर उसका इलाज चला। रात 1 बजे डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। हालांकि, इस दौरान एम्बुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी। परिजनों का कहना है कि उन्हें भी अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्थिति के बारे में कुछ साफ नहीं बताया गया। छोटे भाई का आरोप- 41 हजार जमा करने के बाद बताया मृत मृतक के छोटे भाई प्रेमनारायण ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर गुमराह करने और पैसे ऐंठने का आरोप लगाया है। प्रेमनारायण ने कहा… सुबह 6 बजे तक डॉक्टरों ने भाई को बाहर नहीं ले जाने दिया। सुबह हमसे कहा कि 41 हजार रुपए जमा करो। पैसे जमा कर दिए, तब डॉक्टरों ने कहा कि आपके भाई की मौत हो गई है, आप बॉडी ले जाओ। डॉक्टरों ने रात भर गुमराह किया। भाई प्रेमनारायण ने मांग की है कि निजी अस्पताल प्रबंधन ने पैसों की खातिर मौत की सूचना देर से दी, इसलिए उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। निजी अस्पताल में मौत के बाद शव को वापस जिला अस्पताल भेज दिया गया। गुरुवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
कटनी में तीन अवैध बसें जब्त:नियम उल्लंघन पर परिवहन विभाग ने की कार्रवाई
कटनी जिले में यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने कार्रवाई की है। परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के तहत जिले के विभिन्न मार्गों पर तीन बसों को जब्त किया गया है। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) संतोष पॉल ने नियमों का उल्लंघन करने वाले इन वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की। जांच अभियान के दौरान दो यात्री बसें पकड़ी गईं, जो अपनी 15 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा पूरी कर चुकी थीं। इन बसों का संचालन बिना किसी वैध परमिट के किया जा रहा था। इनमें वाहन क्रमांक MP09FA3323 को बरही थाने में और वाहन क्रमांक MP21P0225 को बड़वारा थाने में जब्त किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी बसों का बिना फिटनेस और परमिट के चलना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जोखिम भरा है। इस गंभीरता को देखते हुए दोनों बसों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर लिया गया। अभियान के दौरान एक स्कूल बस (क्रमांक MP21P0293) भी पकड़ी गई। जांच में पाया गया कि इस बस के पास न तो वैध फिटनेस प्रमाण पत्र था, न ही परमिट और बीमा। इसके अतिरिक्त, वाहन का टैक्स भी वर्ष 2024 से बकाया था। इन तमाम कमियों के बावजूद बस में स्कूली बच्चों को लाया-ले जाया जा रहा था, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका थी। इस स्कूल बस को भी जब्त कर बरही थाने में खड़ा कराया गया है। स्कूल बस जब्त करने के बाद बच्चों की सुविधा और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संतोष पॉल ने बस में सवार बच्चों को स्वयं के वाहन से उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया। यातायात नियम में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विशेषकर स्कूली वाहनों के मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। सभी वाहन मालिक अपने दस्तावेज जैसे फिटनेस, परमिट, बीमा और टैक्स समय पर अपडेट रखें। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।— संतोष पॉल, अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, कटनी
गुमला जिले के कुरूमगढ़ थाना क्षेत्र के लूरु गांव में अज्ञात अपराधियों ने एक वृद्ध दंपती पर हमला किया। इस हमले में 75 वर्षीय शिबू उरांव की गला दबाकर हत्या कर दी गई, जबकि उनकी पत्नी घानो देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना गुरुवार को मिलने पर कुरूमगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसआई दिनेश कुमार ने शिबू उरांव के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। घायल घानो देवी को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। मृतक के परिजन बाबूलाल ने घटना के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार को उनकी बहू घर में केवल वृद्ध दंपती को छोड़कर एक शादी समारोह में गई हुई थी। इसी दौरान अज्ञात अपराधी घर में घुस आए। अपराधियों ने पहले शिबू उरांव पर हमला किया और गला दबाकर तथा मारपीट कर उनकी हत्या कर दी। शोर सुनकर जब उनकी पत्नी घानो देवी वहां पहुंचीं, तो हमलावरों ने उन पर भी हमला कर दिया और उनका गला दबाने लगे। घानो देवी के शोरगुल को सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद अपराधी वहां से भाग निकले। गुरुवार को जब बहू घर लौटी, तब उसे घटना की जानकारी हुई। उसने देखा कि शिबू उरांव की मौत हो चुकी थी और घानो देवी घायल अवस्था में कराह रही थीं। घटना के पीछे के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस भूमि विवाद या अंधविश्वास के कारण हत्या होने की आशंका जता रही है। हालांकि, पुलिस इस मामले पर फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार कर रही है।
छोटीसादड़ी में टेंट गोदाम में लगी आग:लाखों का सामान जला, दूर तक दिखाई दिया धुएं का गुबार
प्रतापगढ़ के छोटीसादड़ी में गुरुवार को एक टेंट गोदाम में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गोदाम उसकी चपेट में आ गया और अंदर रखा लाखों का सामान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार, नगर के मामल के पास स्थित इस गोदाम में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। देखें आगजनी से जुड़े PHOTOS सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता अधिक होने के कारण इसे नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस जवान भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास किया। स्थानीय ग्रामीण भी दमकल टीम के साथ मिलकर आग बुझाने में सहयोग किया। ये टेंट गोदाम मुकेश कुमार माली का बताया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस आगजनी में करीब 60 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है।
घाटमपुर में किसान की बंबा में गिरकर मौत:बेटे के इलाज के रुपए देकर लौट रहा था घर, सुबह मिला शव
कानपुर के घाटमपुर क्षेत्र में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में किसान की मौत हो गई। रेउना थाना क्षेत्र के घुघुआ पुल के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर नहर (बंबा) में जा गिरी। रात में घटना की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने नहर में बाइक और शव देखा, जिसके बाद हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान अमिरतेपुर गांव निवासी 50 वर्षीय सुरेश के रूप में हुई है। वह पेशे से किसान थे। उनके बेटे कामता ने बताया कि सुरेश अपनी बेटी के गांव केवड़िया गए थे, जहां उसका इलाज चल रहा था। वे आर्थिक मदद देने पहुंचे थे और देर शाम बाइक से घर लौट रहे थे। अंधेरे में नहीं लगी भनक, सुबह हुआ खुलासा घुघुआ पुल के पास बंधा मार्ग पर उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। अंधेरा होने के कारण किसी को हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी। सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर निकले, तब उन्होंने नहर में बाइक और शव देखा और पुलिस को सूचना दी। सुरेश परिवार के मुखिया थे। उनके एक बेटा और छह बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उनकी अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक का माहौल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी अनुज राजपूत ने बताया कि परिजनों को सूचना देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज पुलिस ने 101 गुमशुदा मोबाइल बरामद किए:CEIR पोर्टल की मदद से असली मालिकों को सौंपे
महराजगंज पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 101 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने इन सभी फोनों को उनके असली मालिकों को सौंप दिया। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि यह बरामदगी एक विशेष अभियान के तहत सर्विलांस टीम द्वारा की गई है। टीम ने IMEI नंबर आधारित ट्रैकिंग, आधुनिक तकनीकी संसाधनों और निरंतर निगरानी का उपयोग कर विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन खोज निकाले। उन्होंने तकनीक के प्रभावी उपयोग और टीम के समर्पण को इस सफलता का श्रेय दिया। अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस पाकर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सर्विलांस टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आम जनता से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। महराजगंज पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत हुई है।
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार को मछलीशहर तहसील के अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र से तहसीलदार रवि रंजन कश्यप और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत की है। अधिवक्ताओं ने दोनों अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं में लिप्त होने का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार रवि रंजन कश्यप और नायब तहसीलदार विवेक श्रीवास्तव बिना पैसे लिए कोई काम नहीं करते। उनके अनुसार, बिना धन उगाही के किसी भी पत्रावली पर निर्णय नहीं लिया जाता और मोल-भाव किया जाता है। कई पत्रावलियां छह से आठ महीने तक आदेश के लिए लंबित रखी जाती हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि ये अधिकारी न तो जनता दर्शन में बैठते हैं और न ही किसी प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई करते हैं। छात्र-छात्राओं के आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों पर भी आख्या नहीं मांगी जा रही है, जिससे कई छात्रों की प्रमाण पत्र जमा करने की अंतिम तिथि निकल चुकी है और वे परेशान हैं। अधिवक्ताओं ने बताया कि हर न्यायालय में निजी मुंशी काम कर रहे हैं, जबकि शासन का सख्त आदेश है कि निजी कर्मचारियों को न्यायालयों से हटाया जाए। इसके अतिरिक्त, बिना किसी पूर्व सूचना के अधिवक्ताओं की मेज-कुर्सियां फेंककर तोड़ दी गईं और पंखे भी क्षतिग्रस्त कर दिए गए। तहसीलदार पर न्यायालय के पश्चिम में स्थित सार्वजनिक शौचालय को भी ताला लगवाकर बंद करवाने का आरोप है, जबकि यह जनता की सुविधा के लिए बनाया गया था। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हवाला देते हुए कहा कि इन अधिकारियों के कारण शासन-प्रशासन की छवि खराब हो रही है। अधिवक्ता संघ ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि दोनों अधिकारियों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए और भ्रष्टाचार की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, ताकि शासन और प्रशासन की छवि धूमिल न हो।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के भाभानगर में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सिलेंडर न मिलने से नाराज लोगों ने चंदेल गैस एजेंसी के खिलाफ हंगामा किया और सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। आकाश, समीर और जावेद जैसे उपभोक्ताओं ने बताया कि वे कई दिनों से गैस सिलेंडर के लिए एजेंसी के चक्कर लगा रहे थे। उन्हें लगातार 'स्टॉक खत्म' होने का जवाब दिया जा रहा था। गुरुवार को भी सिलेंडर न मिलने पर आक्रोशित उपभोक्ता एकत्र हो गए और सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि एजेंसी मनमानी कर रही है और कालाबाजारी के कारण आम लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नारेबाजी करते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन पुलिस के आश्वासन के बाद जाम खुलवाया गया। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया गया है। उन्होंने कहा कि तहरीर मिलने पर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
झालावाड़ जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने एसआरजी अस्पताल के पुराने भवन में स्थित जिला क्षय रोग निवारण केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि भवन की मूल पहचान को सुरक्षित रखते हुए इसे हेरिटेज लुक में विकसित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां जिले की पुरानी स्थापत्य विरासत से परिचित हो सकें। अधिकारियों को दिए निर्देशकलेक्टर राठौड़ ने बताया कि पुराने भवन केवल संरचनाएं नहीं होते, बल्कि वे इतिहास, संस्कृति और विरासत के प्रतीक होते हैं। ऐसे भवनों का संरक्षण करते हुए उन्हें उपयोगी स्वरूप देना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन की मरम्मत, रंग-रोगन, संरचनात्मक मजबूती और आवश्यक सुधार कार्यों के लिए विस्तृत वित्तीय प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, जिससे कार्य समयबद्ध रूप से शुरू हो सके। कलेक्टर ने व्यवस्थाओं का लिया जायजानिरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भवन की खिड़कियों, दरवाजों, दीवारों और अन्य संरचनात्मक व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देश दिए कि जर्जर खिड़की-दरवाजों की मरम्मत करवाई जाए और परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया जाए। साथ ही, आमजन और मरीजों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय में बैठने हेतु पर्याप्त बेंच, स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. संजय पोरवाल, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मुकेश बंसल सहित अन्य डॉक्टर और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
राजसमंद में ‘ऑपरेशन गरिमा’ के तहत श्रीनाथ नर्सिंग कॉलेज में जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं को साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में कालिका-4 टीम के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग प्रोफेशनल्स को कानून, व्यक्तिगत सुरक्षा और डिजिटल युग में बढ़ती चुनौतियों के प्रति सजग करना रहा। ऑपरेशन गरिमा पुलिस टीम ने छात्राओं को ‘ऑपरेशन गरिमा’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सार्वजनिक स्थानों, शिक्षण संस्थानों और कार्यस्थलों पर किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या अभद्र व्यवहार को सख्ती से रोका जाएगा। साथ ही, अपनी सुरक्षा के लिए उपलब्ध हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की गई। इस दौरान उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को ‘राजकॉप सिटीजन ऐप’ डाउनलोड करवाया गया। टीम ने बताया कि इस ऐप के माध्यम से नागरिक पुलिस सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं और आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
सीतापुर के अटरिया थाना क्षेत्र के रनुवा पारा गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने एक बंद पड़े मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। इस वारदात के बाद गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी विमल शुक्ला बुधवार को अपने परिवार के साथ लखनऊ जनपद के इटौंजा क्षेत्र में एक रिश्तेदारी में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। इसी दौरान घर बंद पड़ा हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि चोर पीछे की दीवार फांदकर मकान के अंदर दाखिल हुए। घर के भीतर पहुंचने के बाद चोरों ने कमरे में रखे बक्सों को खंगाला और एक बक्से का ताला तोड़कर उसमें रखे कीमती जेवरात और नगदी चोरी कर ली। वारदात को अंजाम देने के बाद चोर आसानी से मौके से फरार हो गए। देर रात जब परिवार कार्यक्रम से वापस लौटा तो घर का टूटा ताला और बिखरा सामान देखकर उनके होश उड़ गए। पीड़ित परिवार ने तुरंत अटरिया पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। पीड़ित विमल शुक्ला के मुताबिक करीब 10 लाख रुपये के जेवरात चोरी हुए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पलामू में चैनपुर थाना क्षेत्र के लोहरसिमी गांव में गुरुवार सुबह एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने मोपेड सवार दंपती को टक्कर मार दी। इस हादसे में पति मुनीफ अंसारी (62) की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी मतिमा बीबी (55) गंभीर रूप से घायल हो गईं। मतिमा बीबी का इलाज मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) में चल रहा है। परिजनों ने बताया कि मुनीफ अंसारी अपनी पत्नी मतिमा बीबी का इलाज कराने के लिए मोपेड पर सवार होकर मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दोनों पति-पत्नी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को इलाज के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने मुनीफ अंसारी को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि यह ट्रैक्टर ईंट भट्ठे का था। घटना की सूचना मिलते ही चैनपुर थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रैक्टर को जब्त कर फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश में जुट गई है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) हाई स्कूल का परिणाम शाम चार बजे जारी किया जाएगा। जिले में हाइस्कूल में 20 हजार 88 छात्र पंजीकृत हुए थे। जिनका परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर जाकर देख सकते है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार भी अच्छा परिणाम आएगा। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्ध नगर में करीब 60 परीक्षा केंद्रों पर दसवीं की परीक्षा 18 फरवरी से कराई गई थी जोकि 12 मार्च तक चली। परिणाम से पहले छात्रों के चेहरों पर बेचेनी भी साफ दिख रही है। वहीं स्कूल प्रबंधन की ओर से भी खास तैयारी की गई है। पिछले तीन सालों का परीक्षा परिणाम
फिरोजाबाद में गुरुवार को व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के विरोध में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया। फिरोजाबाद उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अंबेश शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारी जिला मुख्यालय पर धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह धरना प्रांतीय आवाहन पर आयोजित किया गया था। व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर में आ रही विसंगतियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। वक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए समस्या बन गए हैं, जिससे बिजली बिलों में अनियमित बढ़ोतरी, गलत रीडिंग और तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। व्यापारी वर्ग इन समस्याओं के कारण आर्थिक दबाव का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर प्रणाली में पारदर्शिता की कमी है, जिससे उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी हो रही है। अंबेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि जब तक स्मार्ट मीटर की खामियों को दूर नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उग्र आंदोलन करने को मजबूर उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान जल्द नहीं हुआ, तो व्यापारी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। धरने के दौरान व्यापारियों ने सरकार से कई मांगें कीं। इनमें स्मार्ट मीटर की जांच कराना, उपभोक्ताओं की शिकायतों का तत्काल निस्तारण करना और पुराने मीटर सिस्टम को बहाल करने पर विचार करना शामिल है। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में व्यापारियों की मौजूदगी से जिला मुख्यालय परिसर में काफी हलचल रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। व्यापारियों ने दोहराया कि यह लड़ाई केवल उनके हितों की नहीं, बल्कि आम जनता के अधिकारों की भी है। उन्होंने कहा कि वे इस आंदोलन को हर हाल में जारी रखेंगे।
लखनऊ में चलेगी हीट वेव:मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, सामान्य से अधिक रहेगी गर्मी
लखनऊ में लगातार गर्म हवा चल रही। तेज धूप निकली हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 42 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री रहने की संभावना है। बुधवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 41.1 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री रहा। यह सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 43 फीसदी और न्यूनतम आर्द्रता 16 फीसदी रही। सामान्य से अधिक रहेगी गर्मी प्रदेश में गर्मी का प्रकोप अभी जारी रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक राज्य के कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण कुछ जगहों पर तापमान में हल्की गिरावट देखी गई है। फिलहाल लू का असर हरदोई तक सीमित रहा है। आने वाले दिनों में मौसम सामान्य रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी और तेज महसूस होगी। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से मौसम में थोड़ा बदलाव शुरू होगा। बादल आने लगेंगे और 27 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इससे तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आएगी और लू से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन गर्मी सामान्य से अधिक बनी रहेगी।
वाराणसी सॉलिड वेस्ट सेल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के 500 कर्मियों ने गुरुवार की सुबह हड़ताल कर दी। सभी हेल्पर और वाहन चालक आदमपुर जोन के पालीकोठी स्थित धनेसरा डंपिंग यार्ड में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्हें अभी तक सैलरी नहीं मिली है अप्रैल माह की जबकि आज 23 तारीख हो गई है। मौके पर तीन थानों की फोर्स के साथ डीसीपी काशी गौरव बंसवाल पहुंचे और उन्हें समझाया पर वो अधिकारियों को बुलाने के लिए डटे रहे। मौके पर शहर की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहीं अपर नगर आयुक्त सविता यादव पहुंची और दो दिन में सैलरी आने का आश्वासन दिया। जिसपर एक बार फिर कर्मी हड़ताल पर बैठ गए और आज ही पैसे की मांग कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें शाम तक सैलेरी देने का आश्वासन दिया गया है जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौटे। इस दौरान पांच डंफर और 40 छोटी गाड़ियां में कूड़ा यार्ड में ही पड़ा रहा और करसड़ा में डंपिंग प्लांट नहीं जा सका। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिये… वेतन न मिलने पर हड़ताल पर गए सुपरवाइजर निलेश ने बताया - कर्मचारियों का वेतन नहीं मिल पा रहा है समय से इसलिए आज सभी हड़ताल पर चले गए हैं। 3 मार्च को ज्यादातर लोगों के अकाउंट में 5 हजार रुपए आए थे। जबकि सैलेरी 1200 है। उसके बाद आज अप्रैल की 23 तारीख हो गई किसी के अकाउंट में पैसा नहीं आया। ऐसे में आज सभी डंपिंग यार्ड में गाड़ियां खड़ी करके हड़ताल पर चले गए हैं। आश्वासन पर आश्वासन दे रहे अधिकारी आदमपुर जोन के गाड़ी ड्राइवर धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया - हमारी दो महीने की सैलरी नहीं मिली है। लगातार अधिकारी आश्वासन पर आश्वासन दे रहे हैं। आश्वासन से हमारे घर का चूल्हा नहीं जलेगा। हमें सैलरी चाहिए। बच्चों की कॉपी किताब कैसे खरीदेंगे एक अन्य कर्मचारी राकेश ने बताया - अप्रैल के महीने में बच्चों का एडमिशन होता है। जब सैलरी ही नहीं मिलेगी तो किस तरह से हम लोग अपने बच्चों को पढ़ाएंगे। अनुज भाटी प्रोजेक्ट हेड हैं और ये बार बार आश्वासन देते हैं कहते हैं नगर निगम से पैसा नहीं मिला तो कैसे आप को दें। अपर नगर आयुक्त के आश्वासन पर माने मौके पर अपर नगर आयुक्त और नगर निगम की सफाई व्यवस्था देखने वाली सविता यादव भी पहुंची और कर्मचारियों से बात की । उन्होंने कहा कि मैने साइन कर दिया है और दो दिन में तनख्वाह सभी के खाते में आ जाएगी । जिसके बाद सभी कर्मचारी आज ही सैलरी देने के लिए डट गए। जिसके बाद उन्होंने शाम तक सैलरी देने की बात कही जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ में चल रही सम-सेमेस्टर परीक्षाओं की सुचिता रखने के लिए निकाला। लालगंज क्षेत्र के श्री शारदा माता प्रसाद महाविद्यालय में पी.जी.के परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे थे। कुलपति ने परीक्षार्थियों से बात करके पूछा कि बिजली पानी और प्रकाश की समुचित व्यवस्था है। कुलपति प्रथम परीक्षा की सुचिता व व्यवस्था से प्रथम दृश्टया संतुष्ट दिखे परंतु महाविद्यालयो में संसाधनों को और बेहतर करने का सुझाव दिया। कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार परीक्षा की सुचिता को परखने के लिए कई महाविद्यालय के औचक निरीक्षण किए, महाविद्यालयो में व्याप्त गंदगी प्रकाश की व्यवस्था न होना तथा दो एक महाविद्यालय में बाउंड्री ना पाए जाने पर शीघ्र कमिर्यों को दूर करने का निर्देश दिया और यह भी निर्देश दिए की सीसीटीवी दौरान परीक्षा प्रतिपल ऑन रहनी चाहिए। इसकी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही करने की जाएगी। सभी महाविद्यालय अनिवार्य रूप से परीक्षा के दिशा-निर्देशों का पालन करें। परीक्षा के दौरान ऑन रखें सीसीटीवीकुलपति ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान सभी केंद्र अपने सीसीटीवी कैमरे ऑन रखें। ताकि परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने बताया कि सुचिता पूर्ण परीक्षा संपन्न करने के लिए महाविद्यालयों को समय-समय पर जो भी दिशा निर्देश जारी किए हैं। उसका शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर संजीव कुमार के इस निरीक्षण का मुख्य मकसद जिले में होने वाली परीक्षाओं को सुचिता पूर्ण संपन्न कराना है।
अझौर पंचायत में नल जल योजना विफल:वार्ड संख्या 5, 6, 7, 9 और 10 के ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल पा रहा
बेगूसराय सदर प्रखंड की अझौर पंचायत में हर घर नल जल योजना विफल हो गई है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद, वार्ड संख्या 5, 6, 7, 9 और 10 के ग्रामीणों को पेयजल नहीं मिल पा रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ ही लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। पेयजल आपूर्ति बाधित स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि वार्ड 9 में बिल्कुल भी पानी नहीं आता है। उनके अनुसार, पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है, नल टूटे हुए हैं और पाइप फटे हुए हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति बाधित है। प्रभावित ग्रामीणों में कुर्बान, गोसूल ,किस्मत, यूनिश, एजायूल, पंकज साहनी और लालो साह शामिल हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह योजना वर्षों से पूरी तरह बंद पड़ी है। गांव में बिछाए गए पाइप कई स्थानों से फट चुके हैं, जिसके कारण पानी सड़कों पर बह रहा है और घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं स्थानीय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मीडिया प्रभारी शशि राज ने इस संबंध में बताया कि भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नल जल योजना होने के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ वार्ड 9 ही नहीं, बल्कि अझौर पंचायत के अधिकांश वार्डों में योजना की स्थिति संतोषजनक नहीं है। लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है। संबंधित विभाग के अधिकारी इस समस्या पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जल्द से जल्द नल जल योजना को सुचारु कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है।
हापुड़ में टीन शेड में चल रहा था अवैध स्कूल:BSA ने 10वीं तक की कक्षाएं संचालित करने पर नोटिस दिया
हापुड़ में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया है। BSA ने टीन शेड में चल रहे स्कूल में 10 वीं की कक्षाएं बिना मान्यता संचालित करने पर नोटिस दिया है। जबकि DIOS ने इंटर कॉलेज में छात्र कम मिलने पर नाराजगी जताई। साथ ही नोटिस भी जारी किया जाएगा।। पहला मामला सिंभावली क्षेत्र में स्थित श्रीगणपति पब्लिक स्कूल में बिना मान्यता के 10वीं तक की कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। जांच में यह भी पाया गया कि स्कूल एक जर्जर भवन पर टीन शेड डालकर चलाया जा रहा था, जिससे छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) रितु तोमर द्वारा किए गए निरीक्षण में स्कूल की मान्यता संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके अतिरिक्त, भवन की स्थिति भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए BSA ने विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है और आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी है। BSA रितु तोमर ने बताया कि बिना मान्यता के स्कूल का संचालन पूरी तरह अवैध है और यह बच्चों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। DIOS ने भी किया दौरा इसी क्रम में, गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) श्वेता पुठिया ने भी पसवाड़ा स्थित एक इंटर कॉलेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में छात्रों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम पाई गई। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए DIOS ने संबंधित कॉलेज को नोटिस जारी करने की बात कही है। DIOS श्वेता पुठिया ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से जिले के अन्य स्कूलों में भी सतर्कता बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नोएडा: यूपी बोर्ड 12वीं का परिणाम आज:वेबसाइट पर देखे रिजल्ट, 22 हजार 745 छात्र हुए थे शामिल
माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) इंटरमीडिएट का परिणाम गुरुवार को जारी होने जा रहा है। जिनका परीक्षा परिणाम बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in पर जाकर देख सकते है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस बार 22 हजार 745 छात्र पंजीकृत है। परीक्षा परिणाम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम की उत्सुकता ज्यादा है। क्योंकि यही परिणाम ही प्रतियोगी परिक्षाओं में सिलेक्ट हुए छात्रों का भविष्य तय करेगा। स्कूलों में इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है। हालांकि अधिकांश बच्चे घर पर ही मोबाइल के जरिए ही रिजल्ट देखेंगे। तीन साल का परीक्षा परिणाम
अंबिकापुर के राम मंदिर रोड स्थित मुकेश प्लास्टिक दुकान में भीषण आग लग गई है। यह प्लास्टिक की होलसेल की दुकान है। कुछ ही देर में आग दूसरे माले तक पहुंच गई। दुकान में लाखों रुपए के प्लास्टिक सामानों का भंडारण किया गया है। सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की तीन टीमें पहुंच गई है। घनी आबादी वाले इलाके में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई है। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है।
दिबियापुर (औरैया) में विद्युत विभाग ने बिजली चोरी और बकाया बिलों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया है। विद्युत वितरण खंड दिबियापुर के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग की विजिलेंस टीम पूरे जिले में लगातार छापेमारी कर रही है। अवैध रूप से बिजली का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि बिजली चोरी न केवल एक अपराध है, बल्कि इससे ईमानदारी से बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ता है। सुनील कुमार ने क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं से बकाया बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा में बिल जमा न करने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। पुनः कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क भी देना होगा। स्मार्ट मीटर के संबंध में, अधिशासी अभियंता ने बताया कि विभाग तेजी से स्मार्ट मीटर लगा रहा है। इन मीटरों से उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नज़र रखने और समय पर बिल भुगतान करने में सुविधा मिलेगी। इससे बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक विवाद कम होंगे। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी उपभोक्ताओं को नियमों का पालन करना और ईमानदारी से बिजली का उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बिजली चोरी की कोई भी जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई कर सुचारु विद्युत व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
देवघर जिले में अवैध हथियारों की संभावित सप्लाई को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी और झारखंड एटीएस ने संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर दोनों एजेंसियों ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिला था कि क्षेत्र में हथियार तस्करी से जुड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी सूचना के बाद रणनीति बनाकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। दो स्थानों से संदिग्धों को हिरासत में लिया गया छापेमारी के दौरान टीम ने सबसे पहले नंदन पहाड़ के पास स्थित नंदी नगर मोहल्ले में दबिश दी, जहां से एक युवक को हिरासत में लिया गया। बताया जा रहा है कि वह अपने ननिहाल में ठहरा हुआ था। इसके बाद टीम ने भुरभुरा मोड़ के पास दूसरी कार्रवाई करते हुए एक और संदिग्ध युवक को पकड़ा। दोनों को तत्काल नगर थाना लाया गया, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अब तक की कार्रवाई में किसी प्रकार का हथियार या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। बिहार के आरा से जुड़ रहे हैं तार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नंदी नगर से पकड़ा गया युवक मूल रूप से बिहार के आरा जिले का रहने वाला है। उसके पिता देवघर के एक निजी स्कूल में वाहन चालक के रूप में कार्यरत हैं। परिवार कुंडा थाना क्षेत्र के चितोलोढ़िया इलाके में रहता है। बताया जा रहा है कि युवक पिछले कुछ दिनों से अपने मामा के घर पर रह रहा था। एजेंसियां इस कड़ी को गंभीरता से लेते हुए बिहार कनेक्शन की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल दोनों संदिग्धों से नगर थाना में एनआईए और एटीएस के अधिकारी संयुक्त रूप से पूछताछ कर रहे हैं। अभी किसी तरह का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
हांसी के जिला सचिवालय में गुरुवार को आयोजित समाधान शिविर में आमजन की समस्याओं की भरमार रही। एसडीएम राजेश खोथ और तहसीलदार सुरेश कुमार ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। शिविर में मॉडल टाउन निवासी देवेंद्र नगर सुधार मंडल के पास एक प्लॉट पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे। वहीं, सेक्टर-6 के एक व्यक्ति ने वर्षों से खाली पड़े प्लॉट में गंदगी और आवारा पशु डाले जाने की समस्या उठाई, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। सोरखी गांव के स्टेडियम की चारदीवारी और गंदे पानी की निकासी को लेकर भी शिकायत दर्ज की गई। इस पर बीडीपीओ अशोक मेहरा ने बताया कि समस्या का समाधान बरसात सीजन से पहले कर दिया जाएगा। ग्रामीणों ने की बिजली सब-डिवीजन बदलने की मांग रामायण गांव से एक व्यक्ति फैमिली आईडी में संशोधन की मांग लेकर पहुंचा, जबकि ग्रामीणों ने बिजली सब-डिवीजन बदलने की मांग भी रखी। सिंघवा खास के ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी कर्मचारियों के खराब व्यवहार और पानी लीकेज की शिकायत की। जगदीश कॉलोनी की महिलाओं ने पेयजल संकट को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद को बार-बार कहने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, मोहला के किसानों ने खेतों में गंदे पानी की निकासी होने से फसल खराब होने की शिकायत की। जिला सचिवालय के शौचालयों की सफाई व्यवस्था बदहाल शिविर में जिला सचिवालय के शौचालयों की सफाई और व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। सुल्तानपुर की एक महिला ने 2.56 लाख रुपये के बिजली बिल के एरियर को लेकर आपत्ति जताई, जिस पर एसडीएम ने जांच के निर्देश दिए। इसके अलावा, अनीपुरा से जलभराव के कारण फसल खराब होने और हांसी से पृथ्वी सिंह सैनी द्वारा प्लॉट टैक्स से जुड़ी शिकायत भी रखी गई। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। शिविर में राशन कार्ड और फैमिली आईडी से जुड़ी शिकायतें भी बड़ी संख्या में पहुंचीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर में लेंसकार्ट स्टोर पर हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। नई मंडी स्थित स्टोर पर बुधवार शाम कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा। यह घटना देशभर में धार्मिक प्रतीकों को लेकर चल रहे लेंसकार्ट विवाद के बीच हुई है। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया पर यह विवाद सामने आया था कि लेंसकार्ट के कुछ स्टोर्स में कर्मचारियों को तिलक, बिंदी, कलावा या सिंदूर जैसे धार्मिक प्रतीक न पहनने की सलाह दी जा रही है। हालांकि, कंपनी ने इस पर किसी आधिकारिक प्रतिबंध की पुष्टि नहीं की है, फिर भी कई स्थानों पर इसका विरोध हो रहा है। इसी क्रम में मुजफ्फरनगर में शिवसेना के युवा जिलाध्यक्ष शौंकी शर्मा अपने साथियों के साथ स्टोर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को तिलक लगाया, कलावा बांधा और चेतावनी दी कि यदि धार्मिक प्रतीकों पर किसी भी तरह की रोक की बात सामने आई, तो जिले में लेंसकार्ट के स्टोर नहीं चलने दिए जाएंगे। स्टोर के कर्मचारियों ने तिलक और कलावा स्वीकार किया। स्टोर मैनेजर सौरभ शर्मा ने शुक्रवार को बताया कि उन्हें इस तरह के किसी प्रतिबंध की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह लगभग दो साल से कंपनी में कार्यरत हैं, लेकिन कंपनी की ओर से कभी भी तिलक, कलावा या हिजाब को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। फिलहाल, यह मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा स्टोर पहुंचकर तिलक लगाने और कलावा बांधने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रेवाड़ी जिले में प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी का एक और मामला सामने आया है। इस बार एक छात्रा से न सिर्फ उसका सरकारी पास मानने से इनकार किया गया, बल्कि पैसे लेने के बावजूद उसे टिकट भी नहीं दिया गया। क्या है पूरा मामला: फतेहपुरी गांव की रहने वाली छात्रा ज्योति का हैं, जो मीरपुर विश्वविद्यालय में M.Sc सेकंड ईयर की छात्रा है, रेवाड़ी बस स्टैंड से प्राइवेट बस (HR-47 E-3561) में अपने घर लौट रही थी। बस में कंडक्टर ने उससे टिकट मांगा, जिस पर छात्रा ने अपना सरकारी पास दिखाया। आरोप है कि कंडक्टर ने पास मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद छात्रा ने मजबूरी में 50 रुपये दिए, जिसमें से कंडक्टर ने 20 रुपये वापस कर दिए और 30 रुपये किराया रख लिया। पैसे लिए, टिकट नहीं दिया छात्रा का आरोप है कि किराया लेने के बावजूद कंडक्टर ने उसे टिकट भी नहीं दिया। जब उसने टिकट की मांग की तो उसे नजरअंदाज कर दिया गया। यह पूरी घटना छात्रा ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली। वीडियो बना सबूत: छात्रा ने कंडक्टर को सरकार के आदेशों की जानकारी भी दी, लेकिन इसके बावजूद उसने नियमों की अनदेखी की। छात्रा द्वारा बनाई गई वीडियो अब इस मामले का अहम सबूत बन गई है। पिता ने दी शिकायत छात्रा के पिता विजयपाल ने कहा कि वह इस मामले की शिकायत CM विंडो और RTA रेवाड़ी में करेंगे। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने पास मान्य करने के आदेश दिए हैं, तो उनका पालन नहीं होना गंभीर लापरवाही है। छात्रा और उसके पिता ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे बस चालकों और कंडक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा न हो।
गोपालगंज के थावे थाना क्षेत्र अंतर्गत उदंत राय के बंगरा गांव के पास गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका भतीजा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब दोनों बाइक से शादी के लिए कपड़ा खरीदने बाजार जा रहे थे। ई-रिक्शा और बाइक की जोरदार टक्कर जानकारी के अनुसार, बाइक और अनियंत्रित ई-रिक्शा के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि उसका भतीजा भी चोटिल हो गया। मृतका की पहचान सियापति देवी (पति सुनील बीन) के रूप में की गई है, जो मांझागढ़ थाना क्षेत्र के छवही गांव की रहने वाली थीं। उनका भतीजा चंदन इस हादसे में घायल हो गया, जिसका इलाज गोपालगंज मॉडल अस्पताल में चल रहा है। बेटे की शादी की तैयारी के बीच हादसा परिजनों के अनुसार, सियापति देवी के बेटे की शादी 27 अप्रैल को तय थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं और खुशियों का माहौल था। इसी दौरान वह अपने भतीजे चंदन के साथ बाइक से महाराजगंज बाजार कपड़े खरीदने जा रही थीं। टक्कर के बाद दोनों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने सियापति देवी को गोरखपुर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घर में खुशियां मातम में बदलीं मृत्यु की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे परिवार में कोहराम मच गया। जिस घर में शादी की तैयारियां और मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां अब चीख-पुकार और मातम का माहौल है। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और ई-रिक्शा चालक की पहचान की कोशिश की जा रही है।
मधुबनी में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बुधवार को पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब साढ़े 13 क्विंटल गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगी में से एक मानी जा रही है। लौकही थाना क्षेत्र में 450 किलो गांजा और स्कॉर्पियो जब्त फुलपरास अनुमंडल के लौकही थाना क्षेत्र में पुलिस ने 450 किलोग्राम गांजा और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। थानाध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आंधरामठ की ओर से आ रही संदिग्ध स्कॉर्पियो का पीछा किया। पुलिस को देखते ही वाहन चालक स्कॉर्पियो को लौकही थाना क्षेत्र के ठंगराहा गांव की गलियों में छोड़कर फरार हो गया। तलाशी के दौरान वाहन में रखे 15 बोरों में गांजा जैसा पदार्थ बरामद किया गया। इस मामले में अज्ञात तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। देवधा थाना क्षेत्र में 206 किलो गांजा बरामद जयनगर अनुमंडल के देवधा थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने मादक पदार्थ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 206 किलोग्राम गांजा बरामद किया। इस मामले में भी अज्ञात तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पंडौल में नारकोटिक्स विभाग की बड़ी रेड, 7 क्विंटल गांजा बरामद पंडौल थाना क्षेत्र में बुधवार शाम नारकोटिक्स विभाग ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की। पटना नारकोटिक्स विभाग को सूचना मिली थी कि पंडौल इंडस्ट्रियल एरिया और पंडौल डीह टोल के पास भारी मात्रा में गांजे की खेप उतारी जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद विभाग ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से दोनों स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में करीब 700 किलोग्राम (7 क्विंटल) गांजा बरामद किया गया और मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। बरामद गांजे की कीमत करीब 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है। तीन तस्कर गिरफ्तार, पटना ले जाकर पूछताछ गिरफ्तार किए गए तीनों तस्करों को आगे की पूछताछ के लिए पटना ले जाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान पूरे तस्करी नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े बड़े गिरोह का खुलासा होने की संभावना है। एसपी ने दी जानकारी, बड़े नेटवर्क पर नजर मधुबनी एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुलिस और नारकोटिक्स विभाग लगातार सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रहे हैं और नशे के नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में काम जारी है। एक साथ कई जगहों पर बड़ी कार्रवाई एक ही दिन में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई इन कार्रवाइयों से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी सूरत में नशे के कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा।
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया मानहानि मामले में आज अमृतसर की अदालत में पेश हुए। उन्होंने अपनी हाजिरी लगवाई और पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि अब जज के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। मजीठिया ने इस दौरान बताया कि इस केस के मुख्य आरोपी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहले ही उनसे लगाए गए आरोपों को लेकर माफी मांग चुके हैं। इसकी कानूनी प्रक्रिया भी दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि केजरीवाल के साथ-साथ पार्टी के अन्य नेताओं ने भी माफी मांगी थी, जिससे केस का मुख्य मुद्दा काफी हद तक साफ हो जाता है। कोर्ट के फैसले के बाद उठाएंगे अगला कदम उन्होंने कहा कि अब केवल एक टिप्पणी के आधार पर मामला चल रहा है और अदालत के फैसले के बाद ही अगला कदम तय किया जाएगा। इस दौरान मजीठिया ने पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में बड़े स्तर पर बिजली कटौती का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे आम लोग, किसान और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। बोले- अकाली दल के राज में पंजाब पावर सरप्लस राज्य था मजीठिया ने दावा किया कि अकाली दल के शासनकाल में पंजाब पावर सरप्लस राज्य था और लोगों को 24 घंटे बिजली मिलती थी, जबकि मौजूदा भगवंत मान सरकार में हालात खराब हो गए हैं। उन्होंने बिजली बोर्ड से जुड़े मामलों में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की। लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू और मूसेवाला की हत्या पर सरकार को घेरा मजीठिया ने लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू और सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी का महिमामंडन नहीं होना चाहिए और इस मामले में मूसेवाला के परिवार की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं सरकार की नाकामी को दर्शाती हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि हालात सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और राज्य में कानून व विकास का माहौल बना रहे।
भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी हर बार मैच खेलने से पहले कार्टून देखते हैं। इस बात का खुलासा उन्होंने खुद किया है। बुधवार को राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजाइंट्स के बीच मुकाबला खेला गया था, जिसमें वैभव की टीम RR ने जीत हासिल की। इस दौरान जब उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने भोजपुरी में जवाब देते हुए कहा कि, 'सबके प्लान ईहे बा कि अगला मैच में अच्छा करे के बा, जीत के 2 पॉइंट ली, प्लेऑफ के तरफ बढ़ी। वैभव ने इस मैच में रिकॉर्ड भी बनाए हैं। उन्होंने अपने IPL करियर में 500 रन पूरे कर लिए हैं। वे लीग में सबसे कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। मैच से पहले कार्टून देखने की आदत- वैभव मैच के बाद जब उनसे भोजपुरी में सवाल किया गया कि जिस उम्र में सब कार्टून देखते हैं, उस उम्र में आप गेंदबाज के गेंद को कार्टून बनाते हैं। आपके दिमाग में क्या चलते रहता है? इस पर वैभव ने जवाब दिया कि, ‘मेरे दिमाग में कुछ नहीं चलता है। आज भी मैं हर दिन मैच से पहले कार्टून देखता हूं, क्योंकि मेरी आदत है देखने की। मगर फोकस गेम पर है।’ वैभवन ने बताया कि, ‘अगले मैच में हमारा यही प्लान है कि अच्छा करना है। जीत का 2 पॉइंट लेना है और आगे प्लेऑफ की तरफ बढ़ना है।’ वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा मैक्सवेल का रिकॉर्ड वैभव सूर्यवंशी ने अपने IPL करियर में 500 रन पूरे कर लिए हैं। वे लीग में सबसे कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ मैच में पहली ही गेंद पर चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। वैभव ने सिर्फ 227 गेंदों पर 500 रन बनाए हैं। इसके साथ ही वैभव ने ग्लेन मैक्सवेल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जिन्होंने 260 गेंदों में अपने पहले 500 रन पूरे किए थे। प्रियांश आर्या ने ये कमाल 278 गेंदों में किया। वहीं सहवाग को 500 रन बनाने में 280 गेंदें लगी थी। नमन धीर ने 283 गेंदों में 500 विकेट पूरे किए। वैभव के आउट होने पर गोयनका ने भगवान को दिया धन्यवाद वैभव सूर्यवंशी ने सबसे तेज 500 रन तो पूरे कर लिए लेकिन कल के मैच में ये खिलाड़ी मैच में फेल साबित हुए। इस मैच में वैभव 11 गेंदों पर सिर्फ 8 रन ही बना सके। मोहसिन खान ने अपने पहले ही ओवर में विकेट-मेडेन ओवर डाला। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। वैभव के आउट होने पर LSG के मालिक संजीव गोयनका ने भगवान की तस्वीर जेब से निकालकर माथे पर लगाई।
UP बोर्ड (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) आज 23 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित कर रहा है। जनपद में 118 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा में हाईस्कूल में 46300 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। परीक्षा 18 फरवरी से शुरू हुई थी। CCTV की निगरानी में परीक्षा आयोजित हुई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने पीएम श्री क्वींस कालेज में जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया था। यहीं से 24 घंटे परीक्षा केंद्रों व केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम की मानीटरिंग की जा रही थी। आज शाम चार बजे शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव व यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा। इसके लिए 08 जोनल मजिस्ट्रेट, 12 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 117 स्टैट्रिक मजिस्ट्रेट, 117 बाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं 117 आंतरिक केंद्र व्यवस्थापक लगाए गए थे। जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने पीएम श्री क्वींस कालेज में जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया था। यहीं से 24 घंटे परीक्षा केंद्रों व केंद्रों पर बने स्ट्रांग रूम की मानीटरिंग की जा रही थी। आज शाम चार बजे शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव व यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से परीक्षा परिणाम घोषित किया जाएगा।
बांसवाड़ा में बाइक का बैलेंस बिगड़ा, पुल से गिरा युवक:सिर फटा, पैर फ्रैक्चर; उदयपुर रेफर किया
बांसवाड़ा के आंबापुरा थाना क्षेत्र के बोरपाड़ा गांव में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां एक तेज रफ्तार बाइक अनबैलेंस होकर गिर गई। इसपर सवार युवक उछल कर सीधे पुल के नीचे जा गिरा। हादसे में युवक के सिर फट गया व पैर फ्रैक्चर हो गया। गंभीर चोटों के चलते उसे प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया है। दुकान जा रहा था युवक जानकारी के अनुसार, बोरपाड़ा निवासी 22 वर्षीय उमेश पिता गवजी अपनी बाइक से आंबापुरा स्थित दुकान पर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में बाइक अचानक डगमगाई और अनियंत्रित होकर पलट गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उमेश पुल की रेलिंग से टकराकर नीचे गहरी खाई में गिर गया। विधायक बामनिया पहुंचे अस्पताल घटना के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए निजी वाहन की मदद से घायल उमेश को जिला अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता था। इधर, हादसे की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अर्जुन सिंह बामनिया भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से घायल के स्वास्थ्य को लेकर फीडबैक लिया और परिजनों को ढांढस बंधाया। सिर में गंभीर चोट, उदयपुर में उपचार जारी युवक के सिर में अंदरूनी चोट लगने के कारण उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। सिर में 15 टांके आए हैं। गंभीर घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत उदयपुर रेफर कर दिया गया।
हजारीबाग जिले के पदमा ओपी थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा हुआ। इटखोरी मोड़ के पास रांची-पटना मुख्य मार्ग पर दो मालवाहक ट्रकों की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर के बाद दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दोनों ट्रक जलने लगे। इस घटना के बाद हाईवे पर अफरातफरी मच गई और सुरक्षा कारणों से यातायात रोक दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि वाहनों के इंजन से चिंगारी निकली और तुरंत आग लग गई। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी जानकारी के अनुसार, एक ट्रक में भारी मात्रा में कोल्ड ड्रिंक लदा था, जबकि दूसरे में स्पंज था। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल पदमा ओपी पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पदमा ओपी प्रभारी संचित दुबे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल बरही से फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कोल्ड ड्रिंक से लदा ट्रक पूरी तरह जलकर राख हो चुका था। राहत की बात यह रही कि इस भीषण दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। दोनों वाहनों के चालक और सह-चालक समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई पदमा ओपी प्रभारी संचित दुबे ने बताया कि दो मालवाहक गाड़ियों के बीच टक्कर हुई थी। एक ट्रक पर कोल्ड ड्रिंक और दूसरे में स्पंज लदा था। दमकल टीम ने आग बुझा दी है। हादसे के बाद सुरक्षा के मद्देनजर हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई थी, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आग बुझने और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल वन-वे (एकतरफा) मार्ग खोलकर यातायात सामान्य कर दिया गया है।
भोपाल में बढ़ती गर्मी के साथ बच्चों में उल्टी-दस्त (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। पिछले एक हफ्ते से अस्पतालों में इस तरह के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है। हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में 20 से 25 प्रतिशत मरीज उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हमीदिया के बाल एवं शिशु रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. राजेश टिक्कस बताते हैं कि मौजूदा मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण बच्चों में लू के हल्के लक्षणों के साथ उल्टी, दस्त और बुखार का कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। पिछले 5 से 7 दिनों में ऐसे मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दें कि हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 250 से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से करीब 50 से अधिक बच्चे उल्टी-दस्त (गैस्ट्रोएंटेराइटिस) से पीड़ित हैं। पिछले एक हफ्ते से ऐसे मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दवा से ज्यादा जरूरी है पानी की कमी पूरी करना डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश अभिभावक उल्टी-दस्त को तुरंत बंद कराने के लिए दवाओं पर जोर देते हैं, जबकि सबसे अहम जरूरत शरीर में पानी और लवण की कमी को पूरा करना है।डॉ. टिक्कस के अनुसार “उल्टी-दस्त के दौरान शरीर से फ्लूइड और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं। इसे पूरा करना ही प्राथमिक उपचार है, जिसमें ओआरएस सबसे प्रभावी उपाय है।” ओआरएस ही सबसे कारगर उपाय उन्होंने सलाह दी कि बच्चों को WHO मानक वाला ओआरएस घोल सही तरीके से तैयार कर थोड़ा-थोड़ा पिलाना चाहिए। इसके अलावा स्तनपान कराने वाली माताएं बच्चों को दूध देना जारी रखें। साथ ही नारियल पानी, चावल का माड़, पतली खिचड़ी, दलिया और शिकंजी जैसे तरल पदार्थ भी फायदेमंद हैं। बचाव ही बेहतर उपाय विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सलाह दी है कि बच्चों को तेज धूप में अनावश्यक बाहर न ले जाएं, बाहर ले जाते समय हल्के सूती कपड़े पहनाएं, बाहर निकलने से पहले हल्का भोजन या तरल जरूर दें। डॉ. टिक्कस के अनुसार उल्टी-दस्त पूरी तरह ठीक होने में 48 से 72 घंटे तक का समय लग सकता है। इसलिए घबराने के बजाय इस दौरान बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाना सबसे जरूरी है।
नूंह जिले के पुनहाना क्षेत्र में एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से 15 इंच लंबा तेजधार चाकू बरामद किया है। आरोपी की पहचान बिछौर निवासी मौसम उर्फ डोजर के रूप में हुई है, जो गोकशी के एक मामले में भी वांछित चल रहा था। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि मौसम उर्फ डोजर गांव बीमका से बिछौर की ओर पैदल जा रहा था। नीमका चौक क्षेत्र में उसे संदिग्ध गतिविधि के कारण रोका गया। पूछताछ के बाद तलाशी ली गई, जिसमें उसके पिट्ठू बैग से चाकू मिला। आर्म्स एक्ट में केस दर्ज, जेल भेजा चाकू बरामद होने के बाद उसे हिरासत में लिया गया और संबंधित थाने ले जाया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मौसम उर्फ डोजर पहले से ही गोकशी से जुड़े एक मामले में वांछित था और उसकी तलाश की जा रही थी। उसकी गिरफ्तारी को इस पुराने मामले से भी जोड़ा जा रहा है। फिलहाल, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि हथियार के स्रोत और उसके उपयोग के उद्देश्य का पता चल सके। पुलिस उसके खिलाफ पहले दर्ज मामलों की भी जांच कर रही है।
इकाना स्टेडियम में दर्शकों में मारपीट:चप्पल से मारा, धक्का देने से गिरा, फैंस दे रहे प्रतिक्रिया
लखनऊ के इकाना स्टेडियम में LSG और RR के बीच हुए मैच के दौरान दर्शकों में मारपीट हो गई। इसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। सामने आए वीडियो में एक दर्शक दूसरे को धक्का दे रहा। जिससे वह गिर गया। इस बीच चप्पल से मारपीट हो रही। इसपर दर्शक कई तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
चलती हुई स्कॉर्पियो के पर स्टंट करने वाले 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक युवक काले रंग की SUV का गेट खोलकर खड़ा है। युवक और उसके साथी को चिकसाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों युवकों ने स्टंट का वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किया था। जैसे ही पुलिस के संज्ञान में यह मामला आया। तभी पुलिस ने गाड़ी के नंबर से दोनों युवकों की पहचान की और, आज दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। गाड़ी नंबर से युवक की हुई पहचान प्रोवेजनल थाना अधिकारी IPS एम एन भरत ने बताया कि 2 दिन पहले एक वीडियो सामने आया था। जिसमें दो युवक स्कॉर्पियो से स्टंट कर रहे थे। वीडियो संज्ञान में आते ही पुलिस की टीम ने स्कॉर्पियो के नंबर से उसके मालिक की पहचान की गई। गाड़ी अजय सिंह निवासी खेमरा खुर्द के नाम से रजिस्टर्ड पाई गई। सोशल मीडिया पर डाला था वीडियो स्कॉर्पियो के नंबर से स्टंट करने वाले युवकों की पहचान की गई। जिसके बाद स्टंट करने वाले युवक अजय सिंह, शिव सिंह निवासी खेमरा खुर्द को आज गिरफ्तार कर लिया गया। साथ स्टंट के उपयोग में ली गई स्कॉर्पियो को भी जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों ने स्कॉर्पियो से स्टंट कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। स्कॉर्पियो के गेट पर खड़ा था यह वीडियो रात में बनाया गया था। जिसमें अजय सिंह चलती स्कॉर्पियो के गेट पर खड़ा है। उसके पीछे एक व्यक्ति चल रहा है वह अजय का वीडियो बना रहा है। यह वीडियो बनाकर अजय सिंह ने अपने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किया था।
युवक की थाने में पिटाई मामले में एसपी का एक्शन:राजेसुल्तानपुर थाने के तीन सिपाही लाइन हाजिर
अंबेडकरनगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाने में एक युवक की कथित पिटाई के मामले में पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के देवरिया बुजुर्ग निवासी अंकित तिवारी ने आरोप लगाया था कि सोमवार को पुलिस ने उन्हें एक झगड़े के मामले में हिरासत में लिया था। अंकित के अनुसार, थाने ले जाने के बाद उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया और रात भर बेल्ट से पीटा गया। युवक ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। पीड़ित की आपबीती सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद एसपी ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की। राजेसुल्तानपुर थाने में तैनात तीन सिपाहियों- हिमांशु, सतीश यादव और संजीत पाठक को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इसके साथ ही, विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि जांच में यदि अन्य पुलिसकर्मी भी दोषी पाए गए तो उन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसपी की इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, पीड़ित परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जमीन विवाद में व्यक्ति की पिटाई कर हत्या:बांका में 3 आरोपी हिरासत के बाद PR बॉन्ड पर रिहा
बांका के जयपुर थाना क्षेत्र के केरवार गांव में जमीन रजिस्ट्री विवाद के बीच महेन्द्र यादव (42) की हत्या कर दिए जाने का मामला बुधवार की संध्या सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें बहला-फुसलाकर पहले शराब पिलाई गई और फिर पीट-पीटकर मार डाला गया। पत्नी ने जमीन रजिस्ट्री विवाद में हत्या का आरोप लगाया। मृतक की पत्नी उर्मिला देवी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने पति को जमीन रजिस्ट्री कराने के बहाने साथ ले गए थे। पहले उन्हें शराब पिलाई गई और फिर बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव को घर के दरवाजे पर लाकर छोड़ दिया और फरार हो गए। वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया पत्नी के आवेदन पर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया, पीआर बांड पर छोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही जयपुर थानाध्यक्ष कन्हैया कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक की पत्नी के आवेदन पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नामनद तीनों आरोपियों कांग्रेस यादव, विनोद यादव और बमभोला यादव को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर पीआर बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया, जिससे परिजनों में आक्रोश देखा जा रहा है। बेलहर एसडीपीओ रविन्द्र मोहन प्रसाद और कटोरिया सर्किल इंस्पेक्टर रंजीत कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी परिजनों के अनुसार माहेन्द्र यादव खतियानी जमीन की बिक्री के सिलसिले में बांका रजिस्ट्री कार्यालय गए थे। इस दौरान गांव के ही कांग्रेस यादव, विनोद यादव और बमभोला यादव रजिस्ट्री कराने के लिए साथ ले गए थे। जब इस बात की जानकारी जब उनकी पत्नी उर्मिला देवी को मिली, तो वह भी रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गईं। बताया जाता है कि उन्हें देखते ही सभी आरोपी वहां से भाग निकले और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम आज यानी 23 अप्रैल को शाम चार बजे घोषित किए जाएंगे। इसको लेकर जिले के 92,135 परीक्षार्थियों में उत्सुकता चरम पर है। बोर्ड की आधिकारिक घोषणा के बाद छात्र अपना परिणाम देखने के लिए बेताब हैं। प्रशासन ने इस बार परीक्षाओं को नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए जिले को सात जोन और 17 सेक्टर में विभाजित किया था। सुरक्षा के मद्देनजर 129 स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए थे। 130 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा, 4 अप्रैल तक चला मूल्यांकन इस वर्ष जिले में कुल 130 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 18 फरवरी से 12 मार्च तक दो पालियों में परीक्षाएं संपन्न कराई गईं। बरेली जिले में हाईस्कूल के 49,977 (27,528 छात्र और 22,449 छात्राएं) और इंटरमीडिएट के 42,158 (23,654 छात्र और 18,504 छात्राएं) विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। 18 मार्च से 4 अप्रैल तक कॉपियों का मूल्यांकन कार्य चला, जिसके बाद आज शाम 4 बजे परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। बरेली जिला: 2026 की संक्षिप्त जानकारी कुल परीक्षा केंद्र: 130 कुल पंजीकृत छात्र-छात्राएं: 92,135 परीक्षा का स्वरूप: नकल विहीन और सीसीटीवी की निगरानी में पिछले 5 वर्षों के विस्तृत आंकड़े (बरेली जिला - हाईस्कूल) वर्ष: 2025 कुल छात्र: 48,200 कुल छात्राएं: 44,500 पास कुल विद्यार्थी: 83,600 कुल पास प्रतिशत: 90.25% छात्राओं की स्थिति: 93.80% पास वर्ष: 2024 कुल छात्र: 47,500 कुल छात्राएं: 43,800 पास कुल विद्यार्थी: 81,800 कुल पास प्रतिशत: 89.55% छात्राओं की स्थिति: 93.10% पास वर्ष: 2023 कुल छात्र: 46,900 कुल छात्राएं: 42,600 पास कुल विद्यार्थी: 80,300 कुल पास प्रतिशत: 89.78% छात्राओं की स्थिति: 93.34% पास वर्ष: 2022 कुल छात्र: 45,800 कुल छात्राएं: 41,200 पास कुल विद्यार्थी: 76,700 कुल पास प्रतिशत: 88.18% छात्राओं की स्थिति: 91.60% पास वर्ष: 2021 (कोविड प्रमोशन वर्ष) कुल छात्र: 44,500 कुल छात्राएं: 40,100 पास कुल विद्यार्थी: 84,300 कुल पास प्रतिशत: 99.53% छात्राओं की स्थिति: 99.60% पास
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने हिसार में पुलिस और पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के बीच हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बराला ने कहा कि इस मामले की ठीक प्रकार से जांच होनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी पूरे मामले की जांच करवाएंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। बराला ने जांच की बात पर जोर देते हुए कहा कि दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें कही जा रही हैं। दोनों ही पक्ष खुद को सही ठहरा रहे हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। जेजेपी नेताओं द्वारा हरियाणा में 'सरकार नाम की कोई चीज न होने' के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बराला ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। बराला ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शायद इन लोगों को वही काम सरकार के लगते थे, जो उनके इशारों पर होते थे, जिसमें अव्यवस्था, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी होती थी। सीएम नायब सैनी की जनता के प्रति जवाबदेही उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा में जनता द्वारा चुनी हुई सरकार है, जिसका नेतृत्व एक ईमानदार मुख्यमंत्री नायब सैनी कर रहे हैं। बराला ने कहा कि जनता द्वारा बनाई गई सरकार को 'सरकार नाम की कोई चीज न होना' कहना, सरकार चलाने वालों का नहीं, बल्कि सरकार बनाने वाली जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है और इस जवाबदेही को बखूबी निभा रही है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) जयपुर, विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी कमला कुमारी ने आवेदन के दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार से जारी एम.ए. (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग द्वारा सत्यापन के दौरान यह डिग्री फर्जी पाई गई, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने ऐसी कोई डिग्री जारी नहीं की थी। इस मामले में 20 मार्च 2023 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी अंकतालिकाएं, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और चरित्र प्रमाण पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों की नकली मुहर और ध्वजकीर्ति शर्मा के हस्ताक्षर भी किए गए। मुख्य आरोपी ध्वजकीर्ति शर्मा (55 वर्ष), निवासी भीलवाड़ा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 22 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी फर्जी डिग्री बनाने के मामलों में संलिप्त रह चुका है। इस पूरे प्रकरण में अब तक कमला कुमारी सहित कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह मामला सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेज सत्यापन की सख्ती और फर्जीवाड़े के खिलाफ एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाता है।
उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के बीच रेल से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए गुरुवार को अधिकारियों का दल विशेष सैलून से आसपास के प्रस्तावित होल्डिंग एरिया और फ्लैग स्टेशनों का निरीक्षण करने पहुंचा। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे रतलाम से उज्जैन पहुंचे एडीआरएम अक्षय कुमार के साथ एडीजी राकेश गुप्ता, संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित एक दर्जन से अधिक अधिकारी पंवासा, नईखेड़ी, पिंगलेश्वर, मोहनपुरा, विक्रमनगर और चिंतामन स्टेशनों पर पहुंचे। उज्जैन स्टेशन तक नहीं आएगी ट्रेनें एडीआरएम अक्षय कुमार ने बताया कि पर्व और शाही स्नान के दिनों में भीड़ को देखते हुए ट्रेनों को उज्जैन स्टेशन तक नहीं लाया जाएगा। सभी ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोका जाएगा, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों ने अलग-अलग स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास मार्गों का निरीक्षण किया। साथ ही भीड़ नियंत्रण और यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जानकारी ली। बस सेवा और नए प्लेटफॉर्म की तैयारी मेला अधिकारी आशीष सिंह ने स्टेशनों से घाटों तक बस सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। वहीं रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नईखेड़ी स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और अन्य फ्लैग स्टेशनों पर भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
बदायूं के कुंवरगांव क्षेत्र में एक शादी समारोह में नेग को लेकर हुए विवाद में किन्नरों ने फायरिंग कर दी। इस घटना में दूल्हे का भाई घायल हो गया। ग्रामीणों ने छह किन्नरों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। यह घटना बुधवार रात हुसैनपुर गांव में प्रेम शंकर की बेटी की बारात में हुई। मूसाझाग क्षेत्र के कथरा गांव से नेमचंद्र के घर से बारात आई थी। फेरों की रस्म शुरू होने से पहले कार से आधा दर्जन किन्नर पहुंचे। उन्होंने दूल्हा पक्ष से 11 हजार रुपये का नेग मांगा। दूल्हे के पिता ने 1100 रुपये देने की पेशकश की, लेकिन किन्नर 11 हजार रुपये पर अड़े रहे। नेग की मांग पूरी न होने पर किन्नरों ने अभद्रता शुरू कर दी, जिसका बारातियों ने विरोध किया। इसी बात पर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर एक किन्नर ने कार से तमंचा निकालकर फायरिंग कर दी। फायरिंग में दूल्हे का भतीजा गौरव (निवासी कथरा) घायल हो गया। फायरिंग से बारात स्थल पर भगदड़ मच गई। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और किन्नरों को बंधक बना लिया फिर उन्हें पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने घायल गौरव को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने मौके से किन्नरों की कार से दो तमंचे, कैंची, लाठी-डंडे बरामद किए हैं। छह किन्नरों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें सपा किन्नर महासभा के जिलाध्यक्ष भी शामिल हैं। CO सिटी ने बताया कि बवाल और फायरिंग की सूचना पर पहुंची कुंवरगांव पुलिस ने घायल दूल्हे के भाई को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। वहीं कार की तलाशी लेने पर उसमें दो तमंचे, कैंची, लाठी डंडे रखे मिले। पुलिस ने छह किन्नरों को हिरासत में लिया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा
पंजाब सरकार की 'नशे के विरुद्ध जंग' मुहिम के तहत जालंधर पुलिस और नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कुख्यात नशा तस्कर दलीप सिंह उर्फ लाडा द्वारा किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया है। आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। जालंधर पुलिस और नगर निगम की टीमों ने आज ने जीएमपी फैक्ट्री के पास स्थित बाबा दीप सिंह नगर में नशा तस्कर दलीप सिंह उर्फ लाडा के ठिकाने पर दबिश दी। इसके बाद लाडा के घर पर कार्रवाई बुलडोजर कार्रवाई की। अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर एडीसीपी-1 आकर्षी जैन ने बताया कि आरोपी दलीप सिंह ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा (अतिक्रमण) कर रखा था। नगर निगम की टीम के सहयोग से पुलिस ने इस अवैध निर्माण को पूरी तरह से डिमोलिश (ध्वस्त) कर दिया है। नोटोरियस क्रिमिनल है दलीप सिंहपुलिस अधिकारी के अनुसार, दलीप सिंह उर्फ लाडा एक 'नोटोरियस क्रिमिनल' है। उस पर अब तक कुल 6 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। इनमें से 5 मामले एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत नशा तस्करी से जुड़े हैं, जबकि एक मामला धारा 188 के उल्लंघन का है। नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जाएडीसीपी ने जानकारी दी कि आरोपी फिलहाल बेल पर बाहर है। नगर निगम द्वारा उसे अवैध कब्जे को लेकर कई बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उसने कोई सहयोग नहीं किया। इसी के चलते आज भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। नशा तस्करों को सख्त चेतावनी पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के जरिए बनाई गई अवैध संपत्तियों और सरकारी जमीन पर किए गए कब्जों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य तस्करों पर भी ऐसी ही कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा:मेयर के बयान पर विरोध, पुलिस से नोकझोंक
लखनऊ में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का जोरदार हंगामा विरोध प्रदर्शन। हजरतगंज चौराहे पर सपा कार्यकर्ता जमा होकर नारेबाजी और हंगामा करने लगे। गाजीपुर की घटना और मेयर सुषमा खारवाल के द्वारा समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। टिप्पणी के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में रोज है और लगातार वह मेयर के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। राज साहनी ने कहा कि गाजीपुर में एक विश्वकर्मा समाज की बेटी की हत्या कर दी गई। उत्तर प्रदेश में बेटियों के खिलाफ लगातार अपराध और जुल्म बढ़ता जा रहा है। जब पीड़ित परिवार से हमारा समाजवादी पार्टी का डेलिगेशन मिलने गया तो पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दिया। पीड़ित परिवार को यह सरकार न्याय नहीं दे पा रहीहै। महिलाओं के सम्मान और अधिकार का सिर्फ यह लोग नाटक करते हैं। समाजवादी पार्टी पूरे देश की महिलाओं की सम्मान की लड़ाई लड़ रहीहै। प्रदर्शन में शामिल आनंद यादव ने कहा कि हम समाजवादी लोग हैं उत्तर प्रदेश के एक-एक नागरिक को न्याय दिलाएंगे। जिस प्रकार से हमारी बहन के साथ अन्याय हुआ है उसको हम लोग न्याय जरूरदिलाएंगे। पीड़ित परिवार से मिलने हमारा डेलिगेशन जा रहा था सरकार ने पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग करते हुए हमारे लोगों को परिवार से मिलने नहीं दिया और उनके ऊपर अत्याचार किया। इसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसके साथी उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से लखनऊ के मेयर सुषमा खारवाल ने नेता अखिलेश यादव का अपमान किया है यह भी निंदनीय है। हमारे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं जिनके सम्मान का पूरा ध्यान रखना चाहिए। हम लोग इसकी कड़ी निंदा करते हैं और मेयर को इस माफी मांगना चाहिए।
जलालाबाद से पूर्व विधायक रमिंदर आंवला के कर्मचारी को एक लाख रुपए की लाटरी लगी है। उसने 200 रुपए का लॉटरी का टिकट खरीदा था। उनका इनाम लगने पर लॉटरी विक्रेता ने न केवल उन्हें नोटों की माला पहनाई बल्कि 500-500 रुपए के नोटों की बारिश की। रूपचंद लाटरी के संचालक बॉबी ने बताया कि जलालाबाद से पूर्व विधायक रमिंदर आंवला के पराली से बिजली पैदा करने के लिए लगाए गए प्लांट पर काम करने वाले कर्मचारी गुलाब सिंह द्वारा उनके यहां से राजलक्ष्मी नाम की 200 रुपये कीमतर का लॉटरी का टिकट खरीदा गया था । इसके टिकट नंबर 5749 पर उन्हें एक लाख रुपये का इनाम लगा है । उन्होंने कहा कि रमिंदर आंवला के कर्मचारी को लाटरी लगने पर उन्हें इतनी खुशी है कि उन्होंने न सिर्फ उनके कर्मचारी के गले में नोटों का हार पहना उनका स्वागत किया बल्कि उन पर 500-500 के नोटों की वर्षा भी की । लॉटरी विजेता गुलाब सिंह ने कहा कि वह गुरुहरसहाय के रहने वाले हैं। फिरोजपुर मोगा रोड पर रमिंदर आंवला के पराली से बिजली बनाने वाले प्लांट में यार्ड इंचार्ज के तौर पर काम करते हैं । कल वह अपने दोस्त के साथ निजी काम के लिए फाजिल्का आए हुए थे। जिस दौरान उनके द्वारा फाजिल्का के महरिया बाजार में रूपचंद लॉटरी के यहां से एक लाटरी टिकट का खरीदा गया था। 200 रुपए में खरीदे गए टिकट पर उन्हें एक लाख रुपए का इनाम लगा है । जब उन्हें इस बात का पता चला तो वह इनाम की राशि लेने के लिए आज फाजिल्का आ गए । हालांकि उन्होंने कहा कि पहले ही परमात्मा की उन पर बहुत कृपा है । ऐसे में निकली इस इनाम राशि से जहां दोस्तों में पार्टी करेंगे । वही बच्चों और पत्नी सहित परिवार को शॉपिंग करवाएंगे ।
मुरादाबाद में पति ने की पत्नी की हत्या:जिम जाने को लेकर हुआ था झगड़ा, सिर पर मिले चोट के निशान
मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र में जिम जाने को लेकर हुए विवाद में एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। आरोपी ने वारदात को हादसा दिखाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की सतर्कता से मामला खुल गया और उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस के अनुसार, डबल फाटक इलाके के टावर वाली गली निवासी स्क्रैप कारोबारी शोभित गुप्ता अपनी पत्नी पूनम गुप्ता (35) के जिम जाने का विरोध करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। बुधवार सुबह पूनम जिम से लौटीं तो पति-पत्नी के बीच फिर विवाद शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर शोभित ने दुकान का शटर खोलने वाला लोहे का हैंडल उठाया और पूनम के सिर पर वार कर दिया। इस हमले से पूनम की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शोभित ने खुद को बचाने के लिए एक साजिश रची। उसने पत्नी के शव को बेड पर लिटा दिया और कई घंटों तक घर में ही पड़ा रहने दिया। शाम करीब छह बजे उसने पुलिस और एंबुलेंस को फोन कर बताया कि उसकी पत्नी घर में काम करते समय गिरकर घायल हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला मृत अवस्था में मिली। उसके सिर पर गहरी चोट के निशान देखकर पुलिस को मामला संदिग्ध लगा। पुलिस ने तत्काल शोभित को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने पूरी घटना स्वीकार कर ली। घटना के समय दंपती की बेटी स्कूल गई हुई थी। जब वह घर लौटी और मां के बारे में पूछा तो आरोपी ने उसे बहला दिया कि उसकी मां बाहर गई है और जल्द लौट आएगी। बाद में उसने बेटी को खाना खिलाकर दूसरे कमरे में सुला दिया और अपनी साजिश को अंजाम देने में लगा रहा।
फतेहाबाद में वाहन चोर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार:एक हिसार का रहने वाला; चोरी की चार बाइक बरामद
फतेहाबाद की सिटी थाना पुलिस ने बाइक चोरी के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरीशुदा बाइक बरामद की हैं। दोनों बाइक चोरों में से एक जींद, जबकि दूसरा हिसार का रहने वाला है। इन दोनों ने फतेहाबाद और टोहाना में बाइक की है। डीएसपी कुलवंत सिंह ने बताया कि पहले मामले में गांव बोसवाल (ढाणी रूपनगर) निवासी राजेंद्र सिंह की शिकायत पर कार्रवाई की गई। 11 अप्रैल को उसकी बाइक पुराने बस अड्डा स्थित एसबीआई एटीएम के पास से चोरी हो गई थी। इस मामले में 22 अप्रैल को केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी भूना निवासी राहुल को काबू कर उसके कब्जे से दो चोरीशुदा बाइक बरामद की। जींद के युवक की चुराई थी बाइक वहीं दूसरे मामले में जींद के विकास की बाइक 20 अप्रैल को रतिया रोड स्थित एक शादी समारोह के दौरान पार्किंग से चोरी हो गई थी। इस पर 21 अप्रैल को केस दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी पवन कुमार (निवासी बिठमड़ा, हिसार, हाल भुना) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से भी दो चोरीशुदा बाइक बरामद हुई हैं। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी पुलिस के अनुसार बरामद बाइकों में एक फतेहाबाद और एक टोहाना क्षेत्र से चोरी की गई पाई गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है और अन्य मामलों में भी खुलासे की उम्मीद है। आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई।
पलवल जिले में सीआईए होडल टीम ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी चार माह पहले पकड़े गए एक नशा तस्कर से पूछताछ के बाद हुई है, जो जिम जाने वाले युवाओं को प्रतिबंधित इंजेक्शन बेचता था। सीआईए होडल प्रभारी जगमिंदर सिंह ने बताया कि, 13 जनवरी को एएसआई मुबारिक के नेतृत्व में एक टीम उटावड थाना क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि नूंह जिले के कैराका गांव निवासी रिजवान लंबे समय से ट्रक चालकों और जिम जाने वाले युवाओं को नशे की सप्लाई करता है। वह मलाई गांव के सरकारी स्कूल के पास इंजेक्शन बेचने की फिराक में खड़ा है। प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और रिजवान को 240 प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार कर लिया। पलवल के जिला औषधि नियंत्रक ने इन इंजेक्शनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रतिबंधित बताया था। सीआईए प्रभारी ने बताया कि रिजवान से पूछताछ के दौरान उसके मुख्य सप्लायर मठेपुर गांव निवासी वकील का नाम सामने आया था। चार माह बाद अब सीआईए टीम ने वकील को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस आरोपी वकील को पूछताछ के लिए रिमांड पर लेने की प्रक्रिया कर रही है। सीआईए प्रभारी ने दोहराया कि नशा नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
कैमूर जिले में नशे के रूप में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और अवैध औषधियों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए उत्पाद विभाग और ड्रग विभाग ने एक व्यापक अभियान शुरू किया है। उत्पाद अधीक्षक गौतम कुमार और ड्रग इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पिछले दो दिनों से रामगढ़, नुआंव और मोहनिया जैसे प्रमुख क्षेत्रों में गहन छापेमारी की जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित सिरप, जैसे कोडीन युक्त दवाएं, बेचने वालों पर कार्रवाई करना है।उत्पाद अधीक्षक गौतम कुमार ने मीडिया को बताया कि विभाग को विभिन्न स्रोतों से दवाओं के अवैध स्टॉक की सूचना मिल रही थी। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले 48 घंटों में लगभग 10-12 मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई है। स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक में अनियमितताएं पाई गईं इस दौरान कई स्थानों पर स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक में अनियमितताएं पाई गईं। संदिग्ध दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।अधीक्षक गौतम कुमार ने मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि वे केवल लाइसेंस की शर्तों के अनुसार ही दवाओं की बिक्री करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टर के पर्चे के नशीली प्रकृति की दवाएं बेचना एक गंभीर अपराध है। यदि किसी दुकान में स्टॉक का मिलान सही नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई शामिल है। सघन अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा उन्होंने आम जनता से भी अपील की है कि वे नशे के रूप में किसी भी प्रकार की दवाओं का उपयोग न करें, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है। यदि किसी को भी अवैध दवा बिक्री की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत उत्पाद विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचित करें। विभाग का यह सघन अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।
आग से धधक रही थी गाड़ियां, चिल्ला रहे थे लोग… मिर्जापुर हादसे में जान गंवाने वाले 11 कौन?
मध्य प्रदेश की ओर से चना लादकर आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ट्रक का ब्रेक फेल हो गया था, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।
कानपुर के रेलबाजार थाना क्षेत्र में सगे भाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर में घुसकर परिवार पर हमला कर दिया। इस घटना में एक दृष्टिहीन बुजुर्ग मां सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर वारदात के बाद जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। मीरपुर तल्लवा के रहने वाले पीड़िता फरजाना बेगम ने बताया कि उनकी मां खुर्शीदा बेगम पूरी तरह दृष्टिहीन हैं। फरजाना का भाई राशिद और उसकी पत्नी अक्सर मां के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार करते थे। हालात बिगड़ने पर फरजाना बुधवार की रात को अपनी मां को अपने घर ले आई थीं। फरजाना के अनुसार, मां को अपने घर लाने की बात राशिद और उसकी पत्नी को नागवार गुजरी। उसी रात करीब 9:30 बजे राशिद अपने साथी सूफियान, रियाज, कल्लू, अपने बेटे अब्दुल राशिद और 10-12 अज्ञात लोगों के साथ पीड़िता के घर पहुंचा। हमलावरों के हाथों में लोहे की रॉड, सरिया, हॉकी और डंडे थे। घर में घुसते ही उन्होंने परिवार पर हमला बोल दिया। आरोप है कि उन्होंने दृष्टिहीन बुजुर्ग महिला को जान से मारने की धमकी भी दी। मलावरों ने महिलाओं के कपड़े फाड़े और अश्लील हरकतें भी कीं इस हमले में पीड़िता फरजाना, उनकी मां खुर्शीदा बेगम, भाई इमरान, बहन शबा, असरार की पत्नी और नाबालिग बच्ची इकरा घायल हो गईं। आरोप है कि हमलावरों ने महिलाओं के कपड़े फाड़े और अश्लील हरकतें भी कीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। मारपीट के दौरान मां और भाई के बेहोश होने की बात सामने आई है। आरोपी जाते-जाते पूरे परिवार को जान से मारने और नाबालिग बच्ची को अगवा करने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। थाना रेलबाजार प्रभारी अमान सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। भाकियू जिलाध्यक्ष नवल सिंह पटेल के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में जनपद के किसानों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं। इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। भाकियू पदाधिकारियों ने मांग की है कि जिले के सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों की फसल की सुचारु खरीद सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में क्रय केंद्र प्रभारियों और किसान संगठन के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार रोकने की भी मांग की। यूनियन ने जिले में हो रही विद्युत कटौती पर तत्काल रोक लगाने और शाम 6 बजे से निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। भीषण गर्मी को देखते हुए नहरों में तुरंत पानी छोड़ने की भी मांग उठाई गई, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके। ज्ञापन में गंगा नदी में हो रहे अवैध बालू खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग प्रमुखता से की गई। भाकियू नेताओं का आरोप है कि पुलिस और खनन विभाग की मिलीभगत से बिना वैध पट्टों के बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है। इसके अतिरिक्त, जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने की मांग भी शामिल थी। यूनियन ने इंडेन और भारत गैस एजेंसियों द्वारा गैस बुकिंग में आ रही समस्याओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। भारतीय किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस अवसर पर राजन सिंह, अशोक उत्तम, विवेक यादव, जितेन सिंह, विपिन यादव, पंकज साहू, देवेंद्र सिंह, शुभम और दीपक मौर्य सहित कई अन्य पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे।
नवादा में रूपौ थाना क्षेत्र अंतर्गत कनौलिया गांव के पास बुधवार की रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। इसमें शादी से महज छह दिन पहले होने वाले दूल्हे की मौत हो गई। मृतक की पहचान दिलीप कुमार (30) के रूप में हुई है। उनकी शादी 28 अप्रैल को तय थी, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक घटना हो गई। शादी की तैयारी के बीच निकले थे कार्ड बांटने जानकारी के अनुसार, दिलीप कुमार अपने रिश्तेदारों को शादी का कार्ड बांटने के लिए बाइक से निकले थे। इसी दौरान कनौलिया मोड़ के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दिलीप कुमार ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया, जिससे उसकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। शादी की खुशियां मातम में बदलीं घर में जहां शहनाई बजने की तैयारी चल रही थी, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिवार में शादी की खरीदारी, मेहमानों का आना-जाना और रस्मों की तैयारी चल रही थी, लेकिन एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया। 28 अप्रैल को निकलनी थी बारात, अब निकली अर्थी मृतक की शादी 28 अप्रैल को तय थी। पूरे घर में उत्सव का माहौल था, लेकिन अब उसी तारीख पर बारात की जगह अंतिम यात्रा निकलेगी। शादी के लिए लाई गई सभी तैयारियां और सामान घर में ही बेकार पड़े हैं। दिलीप कुमार अपने परिवार के बड़े पुत्र थे। उनकी अचानक मौत से माता-पिता पूरी तरह टूट गए हैंष परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और बार-बार बेहोश हो रहे हैं। दुल्हन पक्ष में भी शोक की लहर इस घटना की जानकारी मिलते ही दुल्हन पक्ष के परिवार में भी कोहराम मच गया। दोनों परिवार इस अप्रत्याशित त्रासदी से गहरे सदमे में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनौलिया मोड़ पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन से इस क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर, संकेत बोर्ड और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी खंगाले जा रहे रूपौ थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी अविनाश कुमार ने बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
AAP ने खाली छोड़ा मैदान, दिल्ली में क्यों भाजपा को दिया बिना लड़े जीत का मौका
पंजाब, गुजरात से गोवा तक में विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने इस साल भी दिल्ली में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है।
कोरबा में पिछले 24 घंटों के दौरान हुए अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। ये घटनाएं मंगलवार और बुधवार को हुईं। पहली घटना मंगलवार को हुई। बालको नगर के एल्युमिनियम सिटी निवासी बहरुराम रात्रे अपनी पत्नी के साथ दुपहिया वाहन से गोढ़ी गांव में एक दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कचंदा नाला के पास एक भारी वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। पहली घटना में पति-पत्नी की मौत हो गई इस भीषण टक्कर में बहरुराम रात्रे की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आईं, जिनकी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मार्ग पर भारी वाहनों की गति को नियंत्रित करने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सके। हाइवा एक्टिवा की भिड़ंत में 1 मौत दूसरी घटना बुधवार सुबह कटघोरा मुख्य मार्ग पर बगदेवा मोड़ के बाईपास के पास हुई। एक तेज रफ्तार हाइवा ने एक्टिवा सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। हादसे में एक्टिवा सवार व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। वे दोनों एक्टिवा पर सवार होकर बाकी मोगरा जा रहे थे। ग्रामीणों ने किया चक्काजाम इस हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम कर दिया। बाईपास के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उचित मुआवजे और कार्रवाई के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। कार अनियंत्रित होकर गहरे नाले में गिरी बुधवार को तीसरी बड़ी घटना कोरबा-छुरी मार्ग पर सामने आई। यहां एक अर्टिगा कार तेज रफ्तार ट्रेलर से बचने की कोशिश में अनियंत्रित होकर गहरे नाले में जा गिरी।
कानपुर के उर्सला अस्पताल में भर्ती अखिलेश दुबे की सेहत में सुधार हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि उनका बीपी और शुगर अब सामान्य हो गया है। पहले से मौजूद सेप्टीसीमिया व यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) की समस्या भी काफी हद तक ठीक हो चुकी है। उनका 15 दिनों तक मानसिक उपचार जारी रहेगा। हालांकि अखिलेश दुबे अभी कुछ दिन और अस्पताल में निगरानी में रखा जाएगा। 6 अप्रैल को भर्ती कराया गया था डॉक्टरों ने बताया कि अखिलेश दुबे को 6 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुरुआती जांच में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें सामने आई थीं। करीब 15 दिन तक इलाज चलने के बाद उनकी स्थिति में सुधार आया है। हाल ही में हुई जांच रिपोर्ट में संक्रमण नियंत्रित पाया गया और अन्य जरूरी पैरामीटर भी सामान्य मिले हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा डॉक्टरों के अनुसार, शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार के साथ अब उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बताया गया है कि इलाज के दौरान उन्हें तनाव, घबराहट और बेचैनी जैसी समस्याएं महसूस हो रही थी। इसी को देखते हुए मानसिक रोग विशेषज्ञ की देखरेख में उनका उपचार शुरू किया गया है। अगले 15 दिनों तक उनका मानसिक इलाज उर्सला में किया जाएगा। उर्सला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉक्टर शैलेन्द्र ने बताया कि जब उनकी सभी रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी, तब घुटने की समस्या के लिए सर्जरी की जाएगी। इसके लिए ऑर्थो सर्जन की निगरानी में आगे की तैयारी की जा रही है।
डीघ विकासखंड क्षेत्र के सोनपुर गांव के ग्रामीणों ने आज कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बस्ती के बीच स्थापित कंपोजिट शराब की दुकान को तत्काल अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की। ग्रामीणों ने इस संबंध में जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह शराब की दुकान रात 10 बजे के निर्धारित समय के बाद भी संचालित होती है। इसके कारण वहां गाली-गलौज और अराजक तत्वों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे बस्ती के लोग भयभीत रहते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शराब की दुकान से कुछ ही दूरी पर एक विद्यालय है, जहां बच्चों का आवागमन रहता है। नशे की हालत में शराबियों द्वारा की जाने वाली अनाप-शनाप बातें बच्चों पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए पत्रक में उल्लेख किया गया है कि दुकान के पास ही भगवान शिव का मंदिर है। सुबह-शाम श्रद्धालु दर्शन-पूजन के लिए जाते हैं, और रास्ते में शराब की दुकान उनकी आस्था को ठेस पहुंचा रही है। बस्ती के बीच शराब की दुकान होने से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने कहा कि प्रदेश सरकार नारी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। ऐसे में बस्ती के बीच यह दुकान महिलाओं के लिए समस्या पैदा कर रही है, जिसे तुरंत हटाया जाना चाहिए। इस अवसर पर हिंदू सविता, नगीना, अजमत, संगीता, धर्मेंद्र कुमार, लवकुश, संजय कुमार, कोमल यादव सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
नारी वंदन अधिनियम को संसद में पारित नहीं होने देने के विरोध में गुरुवार को अजमेर भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किया। महिला कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट तक रैली निकालते हुए कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और अपना विरोध दर्ज कराया। भाजपा महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ता होटल अजमेरु में एकत्रित हुईं, जहां से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचीं। इस दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट के बाहर कांग्रेस सांसदों के फोटो लगाकर रावण का पुतला बनाया गया, जिसे पहले जूते-चप्पलों से मारा गया और बाद में काली पट्टियां बांधकर जलाया गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करती नजर आईं। पूरे क्षेत्र में विरोध के चलते माहौल गरमाया रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए कलेक्ट्रेट के बाहर पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया था। इस मौके पर भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मधु शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेश किए गए नारी वंदन अधिनियम का कांग्रेस ने विरोध कर महिलाओं के सपनों को तोड़ने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ काम किया और साधारण परिवारों की महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के अवसरों को नुकसान पहुंचाया। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष रमेश सोनी सहित बड़ी संख्या में महिला पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
राजसमंद जिले के केलवाड़ा थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग महिला की हत्या और शव जलाने के मामले का सनसनीखेज खुलासा किया है। आरोपी ने लूट के इरादे से पहले महिला की हत्या की। इसके बाद वारदात को हादसा दिखाने के लिए गैस सिलेंडर की पाइप काटकर आग लगा दी। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। केलवाड़ा थाना अधिकारी मनमंथ आढा ने बताया- 13 अप्रैल की सुबह थाना क्षेत्र के बुजड़ा की भागल, बनोकड़ा में प्रताबीबाई (65) पत्नी देवसिंह खरवड़ राजपूत का अधजला शव उसके घर में मिला था। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां करीब 50 प्रतिशत जला हुआ शव बरामद हुआ। सुबह महिला के घर से नहीं निकलने पर हुआ संदेह बुजुर्ग महिला घर में अकेली रहती थी। जबकि उसके परिजन पास ही दूसरे मकान में रहते थे। सुबह घर से बाहर नहीं निकलने पर पड़ोसियों को संदेह हुआ। इस पर लोग जब घर में पहुंचे तो महिला का अधजला शव मिला। घटना को लेकर परिजनों ने हत्या के साथ लूट की आशंका जताई थी। परिजनों ने बताया कि महिला के गले से सोने का हार और कानों के टॉप्स गायब थे। हालांकि बाकी के आभूषण घर में ही सुरक्षित मिले। थाना अधिकारी ने बताया- घटना को देखते हुए एफएसएल और एमओबी टीम ने मौके का निरीक्षण कर सैंपल लिए। वहीं मृतका के बेटे किशनसिंह की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर सादड़ा निवासी मोती सिंह (49) को गिरफ्तार किया। हादसे का रुप देना चाहता था आरोपी मोती सिंह से पूछताछ में सामने आया कि उसने घर में बुजुर्ग महिला को अकेला पाकर लूट की। इसके बाद वारदात को हादसे का रूप देने और सबूत मिटाने के लिए गैस सिलेंडर की नली काटकर उसमें आग लगा दी। मगर जल्दबाजी में वह घर में रखी अन्य कीमती चीजें और नगदी नहीं ले जा सका। केलवाड़ा थाना अधिकारी मनमंथ आढा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर माल बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
सोनीपत पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने बुधवार देर रात सड़क पर उतरकर जिले की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। यह निरीक्षण आगामी महापौर, नगर निगम पार्षद चुनाव और पंचायती राज उपचुनावों के मद्देनजर किया गया। पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने शहर के प्रमुख नाकों का दौरा किया और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने तथा प्रभावी चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था भंग करने के प्रयास से सख्ती से निपटा जाएगा। मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने के दिए निर्देश सीपी ममता सिंह ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सोनीपत पुलिस जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। इस अवसर पर पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान और सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजीत सिंह भी मौजूद रहे। सोनीपत पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे चुनाव के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। यहां देखें फोटो…
नालंदा के अलग-अलग इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर आम लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली अफवाह ने लोगों को इस कदर परेशान कर दिया है कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। सुबह से लेकर देर रात तक लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कई जगहों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। हालांकि, जिला प्रशासन और तेल कंपनियों के अधिकारियों ने इस पूरे मामले को महज एक अफवाह करार दिया है। स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। कहीं भी कोई तकनीकी या उत्पादन संबंधी कमी नहीं है। अफवाह से बढ़ी परेशानी स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों का कहना है कि तेल की आवक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन ग्राहकों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव ने संकट जैसी स्थिति पैदा कर दी है। राणा बीघा स्थित साधना पेट्रोल पंप के संचालक उजाला प्रसाद ने बताया कि उन्हें हर माह की तरह निर्धारित मात्रा में तेल मिल रहा है, लेकिन जो स्टॉक पूरे 24 घंटे चलता था, वह अब भीड़ के कारण मात्र 6 घंटे में ही समाप्त हो जा रहा है। गगन दीवान पंप के मैनेजर विपिन बिहारी ने बताया कि जिस व्यक्ति को मात्र 50 या 100 रुपए के पेट्रोल की जरूरत है, वह भी अफवाहों के डर से टंकी फुल कराने की कोशिश कर रहा है। कई लोग तो अवैध रूप से जरकिन और गैलनों में तेल जमा करने की होड़ में लगे हैं, जिससे पंप मालिकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। घंटों इंतजार करना पड़ रहा है ग्राहक मोहम्मद इकबाल ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के कारण रोजगार में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई पंपों ने भीड़ को देखते हुए या स्टॉक खत्म होने के डर से अपनी सेवाएं बंद कर दी है, जिससे चालू पंपों पर दबाव बढ़ गया है। गगन दीवान और कारगिल चौक जैसे इलाकों में भी लोग आधे-आधे घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। कुछ पंपों पर अब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तेल की बिक्री सीमित कर दी गई है, जहां बड़ी गाड़ियों को केवल एक से दो हजार रुपए तक का ही डीजल दिया जा रहा है। ताकि सभी को जरूरत भर ईंधन मिल सके। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है वहीं, प्रशासन ने इस पर सख्त रूख अपनाया है। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अंजनी कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है। यह केवल एक भ्रम है कि तेल खत्म होने वाला है, जिसके कारण लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा कर रहे हैं। किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। जरकिन या अन्य असुरक्षित माध्यमों में तेल का भंडारण न करें, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह नियमों के खिलाफ भी है। फिलहाल, स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
पंजाब में नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक संगठित तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सीमा पार पाकिस्तान से संचालित हो रहा था। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 915 ग्राम आईसीई यानी मेथामफेटामाइन, पांच पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पंजाब DGP गौरव यादव ने बताया कि डीजीपी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान में बैठे तस्करों के संपर्क में थे और भारत में नशे तथा अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए स्थानीय हैंडलर के रूप में काम कर रहे थे। यह नेटवर्क न केवल युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा था, बल्कि राज्य की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन चुका था। अमृतसर में FIR दर्ज, जांच जारी उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में अमृतसर के गेट हकीमा थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का लक्ष्य है कि इस गिरोह से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचकर इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जाए। नशे और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी: डीजीपी गौरव यादव ने दोहराया कि पंजाब पुलिस राज्य में नशे, अवैध हथियारों और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी लगातार कार्रवाइयों से यह साफ संदेश जाता है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अयोध्या में भीषण गर्मी के बीच राम मंदिर अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र (पीएफसी) में बनाए गए दो वातानुकूलित प्रतीक्षालय आमजन के लिए खोल दिए गए हैं। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन प्रतीक्षालयों में अब श्रद्धालु आराम के साथ अपनी बारी का इंतजार कर सकेंगे। एयरपोर्ट लाउंज की तर्ज पर तैयार इन प्रतीक्षालयों में एक साथ करीब तीन हजार श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। यहां स्टील की आरामदायक कुर्सियां, पंखे और शीतल वातावरण के साथ स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति आरओ प्लांट से हो रही है। गर्मी से बचाव के लिए श्रद्धालुओं को ओआरएस घोल भी उपलब्ध कराया जा रहा है। भगवान राम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की लीला प्रतीक्षालय के भीतर भक्ति का माहौल भी खास है। मधुर भजनों की धुन के बीच बड़ी एलईडी स्क्रीन पर रामलला और राम परिवार के सजीव दर्शन कराए जा रहे हैं, जिससे श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठते हैं। वहीं 400 फीट लंबी दीवारों पर हाथ से बनी मधुबनी पेंटिंग में भगवान राम के जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक की लीलाओं को 22 पैनलों में उकेरा गया है, जो आध्यात्मिक वातावरण को और गहरा बनाता है। सुरक्षा के लिहाज से भी मंदिर परिसर को अत्याधुनिक बनाया गया है। अग्निशमन के लिए उत्तर दिशा में कंट्रोल रूम स्थापित है, जिसमें भूमिगत पानी के टैंक और ऑटोमेटिक पंप सिस्टम लगाए गए हैं। आपात स्थिति में स्वचालित स्प्रिंकलर सिस्टम सक्रिय होकर आग पर तुरंत काबू पाने में सक्षम है। अग्निशमन विभाग के अनुसार, पूरे परिसर में हाईटेक स्प्रिंकलर, फायर हाइड्रेंट और 24 घंटे तैनात फायर टेंडर जैसी व्यवस्थाएं मौजूद हैं, जिससे किसी भी आकस्मिक घटना से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।
मैहर में नरवाई जलाने पर सख्त प्रतिबंध:कलेक्टर के निर्देश, पटवारियों को जांच और कार्रवाई के आदेश
मैहर जिले में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट बिदिशा मुखर्जी के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। इसका उद्देश्य आग लगने की घटनाओं, सार्वजनिक संपत्ति को होने वाले नुकसान और पर्यावरणीय क्षति को रोकना है। अमरपाटन, मैहर और रामनगर के उपखण्ड मजिस्ट्रेटों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध मध्य प्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग की अधिसूचना और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देशों के अनुरूप है। वायु प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 के तहत धान और गेहूं के फसल अवशेषों को खेतों में जलाना पहले से ही प्रतिबंधित है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट मैहर ने 9 मार्च 2026 को भी इस संबंध में आदेश जारी किया था। इसके तहत, तहसील अमरपाटन, मैहर और रामनगर के सभी हल्का पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नरवाई जलाने की घटनाओं की तत्काल जांच करें। यह जांच कृषि विस्तार अधिकारी के साथ संयुक्त रूप से की जाएगी और जांच रिपोर्ट संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार को प्रस्तुत की जाएगी।
मोतिहारी के सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल में एक अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन काउंटर खोलने की योजना पर काम शुरू हो गया है। इस संबंध में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों और अस्पताल के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सिविल सर्जन डॉ. दिलीप कुमार, अस्पताल प्रबंधक कौशल कुमार दुबे, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि और बैंक पदाधिकारी शुभम कुमार शामिल थे। अधिकारियों ने अस्पताल में मरीजों की भीड़, मौजूदा रजिस्ट्रेशन व्यवस्था और नए काउंटर के लिए संभावित स्थानों का बारीकी से जायजा लिया। मौजूदा रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भारी भीड़ जमा हो जाती अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, प्रतिदिन ओपीडी में 1000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इस कारण मौजूदा रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भारी भीड़ जमा हो जाती है और मरीजों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल प्रबंधक कौशल कुमार दुबे ने बताया कि बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और मरीजों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी से अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन काउंटर की मांग की गई थी। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की टीम ने आज स्थल का निरीक्षण किया है और जल्द ही काउंटर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
टीकमगढ़ में लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को एक वनरक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कुंडेश्वर बीट में पदस्थ वनरक्षक अरुण अहिरवार पर मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश लकड़ी ले जाने की अनुमति देने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। यह कार्रवाई सागर लोकायुक्त पुलिस ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के बानपुर निवासी लकड़ी व्यापारी अरबाज खान की शिकायत पर की। अरबाज खान ने बताया कि वह किसानों से लकड़ी खरीदकर बानपुर में तख्त और कुर्सी बनाने का काम करते हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, वनरक्षक अरुण अहिरवार उनसे हर महीने 20 हजार रुपये की मांग करते थे और पैसे न देने पर कार्रवाई करने की धमकी देते थे। अरबाज खान ने बताया कि पिछली बार भी रुपए न देने पर उनका लकड़ी से भरा वाहन जब्त कर लिया गया था और उसे छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये मांगे गए थे। परेशान होकर अरबाज खान ने लोकायुक्त पुलिस, सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। लोकायुक्त टीम ने बुधवार को मिश्रा तिराहे पर वनरक्षक अरुण अहिरवार को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद लोकायुक्त टीम वनरक्षक को अंबेडकर चौराहे स्थित वन विभाग के पुराने कार्यालय ले गई। लोकायुक्त टीम वनरक्षक के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस पूरे मामले में डीएफओ राजाराम परमार की भूमिका संदिग्ध है। वनरक्षक का कहना है कि वह रिश्वत की राशि अधिकारी तक पहुंचना था।
अबोहर के गांव रायपुरा में एक किसान की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई। यह हादसा कल रात खेत में जुताई के दौरान हुआ। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। मृतक की पहचान करीब 50 वर्षीय राजपाल पुत्र हंसराज चार बच्चों का पिता था। राजपाल के भाई अंकुश ने घटना की जानकारी दी। अंकुश के अनुसार, राजपाल कल रात खेत में ट्रैक्टर के पीछे तवियां लगाकर जुताई कर रहा था। जुताई करते समय वह कुछ देर के लिए ट्रैक्टर से नीचे उतरकर खड़ा था। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर अपने आप चलने लगा। ट्रैक्टर और तवियां राजपाल के ऊपर से गुजर गईं, जिससे वह उनके नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के किसानों ने उसे ट्रैक्टर के नीचे फंसा देखकर बाहर निकाला। परिजन राजपाल को तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। थाना सदर पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है।
उन्नाव में घरेलू विवाद, बहू ने खाया जहर:इलाज के दौरान महिला की मौत, भाई ने हत्या का आरोप लगाया
उन्नाव के आसीवन थाना क्षेत्र में एक घरेलू विवाद के बाद 32 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से परिवार में मातम छा गया है। जानकारी के अनुसार, कादिरपुर गांव निवासी दिनेश सिंह की पत्नी सरिता सिंह (32) का बुधवार शाम अपनी सास से किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद सरिता ने घर में रखा जहरीला पदार्थ खा लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने तत्काल सरिता को मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद सरिता को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों से पूछताछ जारी है। गुरुवार को मृतका के भाई ने मोर्चरी हाउस पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। मृतका सरिता अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनमें 12 वर्षीय पुत्र अहम, 10 वर्षीय पुत्री अंशिका और 6 वर्षीय पुत्र रौनक शामिल हैं। आसीवन थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कोई तहरीर मिलती है, तो आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जमीन से जुड़े विवादों का निस्तारण विशेष टीम गठित करके किया जाए। जमीन का मालिकाना हक उसके वास्तविक स्वामी के पास ही होना चाहिए।
मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को प्लेटफॉर्म-1 पर रेल कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया। स्टेशन परिसर से काले धुएं का गुबार उठता देख यात्रियों और रेल कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है। बिजली के तारों से चिंगारी निकलने के बाद वहां रखे दस्तावेज और फर्नीचर आग की चपेट में आ गए। पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद दुकानें तुरंत बंद कर दी गई। वेंडर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। ट्रेन पकड़ने आए यात्रियों को काफी असुविधा हुई। बचाव कार्य में परेशानी सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान मौके पर पहुंचे। अग्निशमन विभाग को तुरंत सूचना दी गई। आनन-फानन में दमकल की 2 गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंची। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। स्टेशन के संकरे हिस्सों और प्लेटफॉर्म पर भीड़ के कारण बचाव कार्य में चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जानी नुकसान की पुष्टि नहीं हालांकि, इस घटना में अब तक किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन रेल कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण कागजात, कंप्यूटर और सरकारी संपत्ति के जलकर खाक होने की आशंका है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। सटीक कारणों की जांच के लिए कमेटी गठित करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
किशनगंज के कोचाधामन थाना क्षेत्र में दहेज प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक विवाहिता की कथित रूप से मारपीट के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मृतका की पहचान जीनत जबी के रूप में हुई है, जिनकी शादी करीब दो वर्ष पहले कोचाधामन थाना क्षेत्र के कलकली गांव निवासी दानिश आलम से हुई थी। शादी में दहेज देने के बाद भी बढ़ती गई मांग मृतका के परिजनों का आरोप है कि शादी के समय ही ससुराल पक्ष ने भारी दहेज की मांग की थी। आरोप है कि दानिश आलम, उनकी मां अनीसा बेगम, भाई रब्बानी, बहन सहनसबी और जीजा मनवर ने मिलकर मोटरसाइकिल के लिए एक लाख रुपये, डेढ़ भर सोना, 26 भर चांदी के जेवर और फर्नीचर सहित लगभग पांच लाख रुपये का दहेज लिया था। शादी के बाद लगातार प्रताड़ना का आरोप परिजनों के अनुसार शादी के कुछ ही महीनों बाद से जीनत जबी पर मायके से अतिरिक्त पांच लाख रुपये लाने का दबाव बनाया जाने लगा। जब वह इस मांग को पूरा नहीं कर पाती थीं, तो उन्हें खाना-पीना तक नहीं दिया जाता था और लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों ने बताया कि इस मामले को लेकर कई बार स्थानीय स्तर पर पंचायती भी हुई, लेकिन ससुराल पक्ष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। 10 अप्रैल को बेरहमी से पिटाई का आरोप परिजनों का आरोप है कि 10 अप्रैल 2026 को सभी नामजद आरोपियों ने मिलकर जीनत जबी पर पांच लाख रुपये की मांग को लेकर हमला किया। डंडा, लाठी और जूते से की गई बेरहमी से पिटाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उनके मुंह और नाक से खून बहने लगा और वह अधमरी हालत में पहुंच गईं। गंभीर हालत में परिजन उन्हें चूरीपट्टी स्थित साफी नर्सिंग होम लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पूरे परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू मृतका की मां सहनाज बेगम ने कोचाधामन थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इस घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कैथल में बुजुर्ग को ट्रक ने कुचला, मौत:पैदल पिहोवा की ओर जा रहा था; फरार ड्राइवर की तलाश जारी
कैथल जिले के चीका में एक ट्रक ड्राइवर ने सड़क पर जा रहे एक बुजुर्ग व्यक्ति को टककर मार दी। टक्कर लगने से बुजुर्ग की मौत हो गई। मौके पर मौजूद राहगीरों ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलते ही चीका पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को सूचित किया। परिजनों की सहायता से उसे चीका अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां से उसको कैथल नागरिक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहां पर जांच के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान चीका के रहने वाले 61 वर्षीय गुरबचन सिंह के रूप में हुई है। पैदल जाते हुए को टक्कर मारी चीका थाना एसएचओ संदीप कुमार ने बताया कि हादसा पिहोवा रोड पर हुआ। गुरबचन सिंह चीका पिहोवा रोड पर सुबह करीब 10 बजे पैदल जा रहा था। पीछे चीका की ओर से जा रहे एक ट्रक ने तेजगति व लापरवाही से वाहन चलाते हुए उसको टक्कर मार दी। उसके बाद ट्रक ड्राइवर अपने वाहन सहित मौके से भाग गया। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि मृतक व्यक्ति चार बच्चों का पिता था। आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी उन्होंने बताया कि पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। इस संबंध में पुलिस की ओर से परिजनों के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी ट्रक ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
मधुबनी में बालू अनलोड करते पलटा ट्रक, एक की मौत:JCB मशीन की मदद से हटवाया ट्रक, मौके पर पहुंची पुलिस
मधुबनी जिले के बासोपट्टी थाना क्षेत्र के छतौनी गांव में बुधवार रात एक हादसा हो गया। NH 227 सड़क पर बालू अनलोड करते समय एक 18 चक्की हाइवा ट्रक पलट गया। इस दुर्घटना में ट्रक के नीचे दबकर 55 वर्षीय राम मोहन झा उर्फ बौये झा की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतक राम मोहन झा ने अपने घर के निर्माण के लिए बालू खरीदा था। बालू लेकर आया ट्रक उनके घर के पास सड़क के नीचे बालू अनलोड कर रहा था। स्थानीय लोगों, जिनमें छोटे सिंह, रौशन साह और ओम प्रकाश झा शामिल हैं, ने बताया कि ओवरलोड होने के कारण ट्रक सड़क से नीचे गड्ढे में पलट गया, जिससे बालू खरीददार खुद ही उसके नीचे दब गए। जेसीबी मशीन की मदद से पलटे हुए हाइवा ट्रक को हटवाया घटना की सूचना मिलते ही बासोपट्टी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से पलटे हुए हाइवा ट्रक को हटवाया और उसके नीचे दबे राम मोहन झा उर्फ बौये झा को बाहर निकाला। बताया गया कि उनका सिर ट्रक की चपेट में आने से दब गया था, जिससे उनकी तत्काल मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेज दिया है। मामले की गहन जांच पड़ताल की जा रही थानाध्यक्ष विकास कुमार ने गुरुवार सुबह बताया कि पुलिस ने हाइवा ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद से ट्रक चालक और खलासी फरार बताए जा रहे हैं। मृतक राम मोहन झा के दो बेटे हैं जो दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलने पर वे भी घर के लिए रवाना हो गए हैं।
हापुड़ में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को लेकर व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है। इसी संबंध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अधिशासी अभियंता को सौंपा है। इसमें प्रीपेड स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाने की मांग की गई है। ज्ञापन में मंडल के जिलाध्यक्ष विजेंद्र पंसारी और जिला वरिष्ठ महामंत्री अमन गुप्ता ने बताया कि हापुड़ में तेजी से स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी प्रक्रिया में कई समस्याएं आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ताओं का उत्पीड़न हो रहा है और भ्रष्टाचार की शिकायतें भी मिल रही हैं। 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल व्यापारियों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि बिल जमा करने के बावजूद कई बार 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती। इससे गर्मी के मौसम में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। घरों में महिलाएं, छोटे बच्चे और छात्र इससे सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उपभोक्ताओं की शिकायतें समय पर हल नहीं हो रही हैं, जिससे बिजली विभाग के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। व्यापार मंडल ने जनहित में प्रीपेड स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर फिर से लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष विजेंद्र पंसारी, अमन गुप्ता, विजय अग्रवाल, पुरुषोत्तम, सौरभ गोयल, सौरभ अग्रवाल, गोविंद और योगेंद्र अग्रवाल (मोनू) सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।
मेरठ में स्मार्ट मीटर को लेकर व्यापारियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के बैनर तले व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर की शव यात्रा निकालकर विरोध जताया। ऊर्जा भवन के सामने आक्रोशित व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के पुतले को आग के हवाले कर दिया। न्यू मोहनपुरी स्थित कार्यालय से व्यापारियों का समूह स्मार्ट मीटर की अर्थी सजाकर निकला। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में व्यापारी शामिल रहे। सभी के हाथों में स्मार्ट मीटर विरोधी नारे लिखी तख्तियां थीं। यह शव यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए ऊर्जा भवन पहुंची, जहां व्यापारियों ने जोरदार नारेबाजी की। पहले देखिए 2 तस्वीरें… पुतला फूंककर जताया आक्रोशऊर्जा भवन के सामने व्यापारियों ने स्मार्ट मीटर के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। व्यापारियों का कहना है कि पहले से ही व्यापार मंदा चल रहा है, ऐसे में स्मार्ट मीटर ने उनकी स्थिति और खराब कर दी है। उनका आरोप है कि हजारों व्यापारियों की बिजली काट दी गई है और सर्वर की समस्या के कारण कनेक्शन जुड़ने में घंटों लग रहे हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र सौपा प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को राहत देने के लिए स्मार्ट मीटर हटाना ही एकमात्र विकल्प है। व्यापारियों का आरोप है कि इन मीटरों के कारण उत्पीड़न बढ़ गया है, जिसे वे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका कहना है कि जब तक प्रतिष्ठानों से स्मार्ट मीटर नहीं हटाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। नौ सूत्रीय मांग पत्र सोपा गया - स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म कर उपभोक्ता की स्वीकृति पर लगाया जाए। - उपभोक्ता की स्वीकृति पर जब मीटर लगे तो उसे पूरी जानकारी दी जाए। - उपभोक्ता को 5 साल की गारंटी वाला गारंटी कार्ड भी दिया जाए। - मीटर लगने के बाद उपभोक्ता को मौके पर ही ऐप, सीलिंग सर्टिफिकेट दिया जाए। - मीटर से जुड़ी शिकायत के लिए विशेष लैब तैयार की जाए ताकि तत्काल शिकायत का निस्तारण हो। - नए कनेक्शन में एस्टीमेट के नाम पर होने वाला उत्पीड़न बंद किया जाए। - पुराने पीडी कनेक्शन की आड़ में होने वाला उत्पीड़न बंद हो। - प्रीपेड मीटर के पोर्टल को इस तरह अपडेट किया जाए कि बिल जमा होते ही तुरंत आपूर्ति चालू हो जाए।- प्रीपेड मीटर लग जाने के बाद उपभोक्ता की सिक्योरिटी एडजस्ट करने का अकाउंट स्टेटमेंट तैयार कर उपभोक्ता को दिया जाए।
गोंडा जिले में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है आज गुरुवार को जिले का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है मौसम विभाग द्वारा आज 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है और लोगों को इससे बचाव के लिए चेतावनी दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 अप्रैल तक गोंडा के तापमान में लगातार वृद्धि होगी। हालांकि, 28 और 29 अप्रैल को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की उम्मीद है। कल बुधवार को जिले का तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस था, जिसमें आज और बढ़ोतरी दर्ज की गई। भीषण गर्मी के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। लोग धूप से बचने के लिए गमछा बांधकर, चश्मा लगाकर और सिर पर फाइल या कपड़े रखकर यात्रा करते दिख रहे हैं। बिना सिर ढके या शरीर को पूरी तरह ढके बिना कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं निकल पा रहा है। गर्मी को देखते हुए विद्यालयों के समय में भी बदलाव किया गया है, और लोग जगह-जगह ठंडा पानी पीते नजर आ रहे हैं। गोंडा जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में लगातार बढ़ते तापमान के कारण भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। उन्होंने लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए जागरूक किया है और बताया कि आने वाले कुछ समय तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। लोगों को अपने आप को बचाते हुए चलना चाहिए आवश्यक कार्य होने पर ही लोग दोपहर के समय निकले अन्यथा शाम के समय ही अपने घरों से निकले क्योंकि तापमान काफी बढ़ा हुआ है।
जोधपुर नगर निगम के क्रिया का झालरा क्षेत्र में (वार्ड संख्या 19 में) सड़क पर कचरा डालने पर मोहल्ले के लोग भड़क गए। इस दौरान उनकी निगम के वार्ड प्रभारी से बहस हो गई। वार्ड प्रभारी ने लोगों से कहा कि बदतमीजी करोगे तो मैं आपसे डबल बदतमीजी करूंगा। विवाद बढ़ता देख मौके पर पहुंचे CSI ललित रूपाणी ने मामले को शांत कराया। लोगों का कहना है कि निगम के सफाई प्रभारी ने वार्ड में बस्ती के बीच मनमर्जी से कचरा प्वाइंट बना दिया है। जिससे पूरे मोहल्ले में बदबू फैल रही है। उन्होंने मौके पर वार्ड प्रभारी (इंस्पेक्टर) इंद्रजीत को बुलाया। इस दौरान एक युवती ने उन्हें सफाई नहीं होने को लेकर उलाहना दिया तो वार्ड प्रभारी आक्रोशित हो गया। वार्ड प्रभारी ने मोहल्ले के लोगों को यहां तक कहा दिया कि आप यदि बदतमीजी करोगे तो मैं आपसे डबल बदतमीजी करूंगा। झालरा क्षेत्र में 100 घरों की बस्ती स्थानीय लोगों ने निगम की इस कार्यप्रणाली का विरोध जताया। यहां रहने वाली दिव्या ने बताया कि क्रिया का झालरा क्षेत्र में 100 के करीब घरों की बस्ती है। यहां पर नगर निगम की ओर से बस्ती के बीच में कचरे का प्वाइंट बना दिया है। जब इसको लेकर निगम के इंस्पेक्टर से बात की तो उसने यही कहा कि यह निगम की जमीन है और कचरा यहीं डालेंगे। जबकि मोहल्ले में 4-4 दिन तक कचरा गाड़ी नहीं आती है। सड़क पर कचरा डाल दिए जाने से लोग परेशान है इसको लेकर निगम के वार्ड प्रभारी को बताया तो हमसे उलझने लग गया। हमें कहा गया कि आप बदतमीजी से बात करोगे तो मैं आपसे डबल बदतमीजी करूंगा। गंदगी और बदबू से लोग परेशान मोहल्लेवासी कांता ने बताया कि ब्रह्मपुरी से कचरा लाकर हमारे मोहल्ले में डाल दिया जाता है। जिसमें मरे हुए जानवर भी शामिल है। गंदगी और बदबू से यहां रहना भी मुश्किल है। निगम को कई बार शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। अधिकारी कहेंगे तब आऊंगा, आपके कहने से नहीं निगम की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए भंवरलाल ने बताया कि यहां पर निगम की ओर से कचरा पॉइन बना दिया गया है। जब हमने विरोध किया तो हमसे ही बहस करने लग गया। सफाई नहीं होने को लेकर कहा तो वार्ड इंस्पेक्टर बोला कि आपके कहने से मैं थोड़ी आऊंगा। मेरे अधिकारी कहेंगे तो ही आऊंगा। इधर इस पूरे मामले को लेकर निगम के CSI ललित रुपाणी ने कहा कि मोहल्ले में कचरा नहीं डालने के लिए ठेकेदार को पाबंद किया जाएगा। आगे से कचरा गाड़ी मोहल्ले में आकर कचरा उठाएगी।
यूपी बोर्ड की ओर से आज हाईस्कूल का रिजल्ट जारी होने वाला है। जिसको लेकर छात्रों में डर और उत्साह का माहौल है। शाम चार बजे 67,642 छात्र- छात्राओं के भाग्य का फैसला सामने आएगा। वहीं स्कूलों में टॉपर्स के स्वागत के लिए तैयारियां चल रही है। साथ ही पैरेंट्स में भी उत्साह है। देखना यह है कि इस बार जिले का टॉपर कौन होता है। पिछले बार दो लड़कियों ने एक साथ बाजी मारी थी। इस बार जिले में कुल 198 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। रिजल्ट देखने के लिए बोर्ड का ऑफिशियल चेक कर सकते हैं। 2025 में 91.17 प्रतिशत रिजल्ट बना थासाल 2025 में 25 अप्रैल को यूपी बोर्ड हाईस्कूल का रिजल्ट जारी किया गया था। जिसमें 91.17 प्रतिशत छात्र- छात्राएं पास हुए थे। वहीं 2024 में 86.87 प्रतिशत रिजल्ट बना था। 2025 में हाईस्कूल के टॉप-10 छात्र यूपी बोर्ड के रिजल्ट में जिले की टॉपर की लिस्ट में लड़कियों की संख्या ज्यादा रही। जिसमें सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज आर्यनगर की उम्मे कुलसुम फातमा और कमला सिंह इंटर कॉलेज सहजनवा की अनन्या मोदनवाल 94.83 प्रतिशत के साथ पहले नंबर पर रहीं। वहीं 94. 50 प्रतिशत लाकर भारतीय इंटर कॉलेज की अनन्या जायसवाल दूसरे नंबर पर रही। जबकि पीएस इंटर कॉलेज की आकृति और आरएएस पब्लिक स्कूल की अंशिका यादव 94.17 परसेंट के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहीं। एलडीआरजे स्कूल की पूजा सिंह 94 प्रतिशत लाकर जिले में चौथे स्थान पर रहीं। वहीं जीपीएस इंटर कॉलेज की फलक सिद्दीकी और कमला सिंह गर्ल्स इंटर कॉलेज की हर्षिता 93.83 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से पांचवां स्थान हासिल किया। जबकि सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के छात्र सार्थक शुक्ला और संस्कार इंटर कॉलेज की अंजलि सिंह ने 93. 67 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से 6 वें स्थान पर रहें। इसके अलावा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के सुयांश कुमार शर्मा, सीडीएम इंटर कॉलेज की मीना और जीपी मौर्या इंटर कॉलेज के आदित्य सिंह 93. 50 प्रतिशत प्राप्त कर 7वां स्थान हासिल किया। वहीं बालिका इंटरमीडिएट कॉलेज की नैंसी और तीर्थराज चंद इंटर कॉलेज की अंकिता सिंह 93.33 प्रतिशत के साथ जिले में 8वें स्थान पर रहीं। दीनानाथ यादव स्कूल के बालाजी यादव ने 93. 17 प्रतिशत लाकर 9वां स्थान हासिल किया। एसटी मैरी इंटर कॉलेज की दीपशिखा मौर्या और एसएमटी एसआरडी इंटर कॉलेज के अंकुश गुप्ता 93 प्रतिशत के साथ संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर रहें।
केरलम के सबरीमाला मंदिर सहित धार्मिक स्थलों में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से जुड़ी याचिकाओं पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस बी.वी. नागरत्ना ने कहा कि वाट्सएप यूनिवर्सिटी से मिली जानकारी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। जस्टिस नागरत्ना ने यह टिप्पणी दाउदी बोहरा समुदाय की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल की दलील के जवाब में की थी। कौल ने कहा था कि ज्ञान और समझ, चाहे वह किसी भी सोर्स से मिली हो, उसे स्वीकार करने में कोई बुराई नहीं है। कौल एक अखबार में कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर के लिखे लेख का हवाला दे रहे थे, जिसमें धार्मिक मामलों में न्यायिक संयम बरतने की बात कही गई है। CJI सूर्यकांत ने कहा, हम सभी प्रतिष्ठित व्यक्तियों, विधिवेत्ताओं आदि का सम्मान करते हैं, लेकिन निजी राय निजी राय ही होती है। इसके पहले कोर्ट ने बुधवार को कहा कि किसी धार्मिक प्रथा को जरूरी (एसेन्शियल) या गैर-जरूरी घोषित करना कोर्ट के लिए मुश्किल है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली नौ जजों की संविधान बेंच ने कहा कि संविधान में ‘एसेन्शियल’ शब्द का जिक्र नहीं है। 7 सवाल, जिनपर सुप्रीम कोर्ट में बहस हो रही 22 अप्रैल: सुनवाई के दौरान 5 मुख्य टिप्पणियां सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से शुरू हुई सुनवाई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई है। पहले 3 दिन, 9 अप्रैल तक सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछले 7 दिन की सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री विवाद की टाइम लाइन सुप्रीम कोर्ट के 9 जजों की बेंच सुनवाई कर रही
मेरठ में गुरुवार को पूर्व विधायक योगेश वर्मा को पुलिस ने मुरादाबाद जाने से रोक दिया। उन्हें गढ़ रोड स्थित मऊ खास में सीओ कार्यालय के सामने रोका गया। वे मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा क्षेत्र के ग्राम नारायनपुर छगा में 16 अप्रैल की रात हुई घटना के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। मुरादाबाद की इस घटना में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने और जाटव समाज के लोगों के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। योगेश वर्मा समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देना चाहते थे। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने उन्हें मेरठ में ही रोक दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है, इसलिए किसी भी राजनीतिक गतिविधि या भीड़ को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। योगेश वर्मा और पुलिस अधिकारियों के बीच हल्की नोंकझोंक इस दौरान योगेश वर्मा और पुलिस अधिकारियों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। वर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को पीड़ितों से मिलने से रोकना उचित नहीं है। पुलिस अपने निर्णय पर कायम रही और प्रतिनिधिमंडल को आगे नहीं जाने दिया गया। कुछ देर के लिए मौके पर हलचल रही, लेकिन पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखा और प्रतिनिधिमंडल को वापस लौटना पड़ा। उधर, मुरादाबाद की मूल घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में आक्रोश बना हुआ है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
झज्जर में युवा किसान की गोली मारकर हत्या:खेत में 5 साथियों संग पी रहा था शराब; दो बच्चों का पिता
झज्जर जिले के बहु झोलरी क्षेत्र में एक वारदात सामने आई, जहां एक युवा किसान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी की तलाश की जा रही है। वहीं मृतक की पहचान योगेश पुत्र तेजेंद्र सिंह (उम्र करीब 30 वर्ष) निवासी गांव नौसवा जिला चरखी दादरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि योगेश अपने खेत में बने कमरे में देर रात अपने पांच साथियों के साथ बैठा हुआ था। सभी साथी एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया और उन्हीं में से एक साथी ने योगेश पर गोली चला दी। गोली लगते ही योगेश की मौके पर ही मौत हो गई। सभी साथी मौके से फरार घटना के बाद बाकी साथी मौके से फरार हो गए। हालांकि एक साथी ने ही पुलिस को मामले की सूचना दी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतक योगेश अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों के अनुसार, वह खेत में लगी कपास की फसल देखने गया था। घटना के बाद परिवार में शोक की लहर है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए झज्जर नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है। मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रतयुष अमृत, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के गुरुवार को जयनगर दौरे को लेकर बुधवार शाम से ही प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में मधुबनी जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक निरीक्षण किया। डीएम और एसपी ने किया जयनगर और बॉर्डर क्षेत्र का निरीक्षण बुधवार शाम को जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने जयनगर नेपाली रेलवे स्टेशन, भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा बेतौंहा बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश-निकास व्यवस्था और संवेदनशील स्थानों की समीक्षा की गई। एसएसबी मुख्यालय में हुई महत्वपूर्ण बैठक इसके बाद अधिकारियों ने बाजार समिति स्थित एसएसबी 48वीं बटालियन मुख्यालय में सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक समीक्षात्मक बैठक की। इस बैठक में सीमावर्ती क्षेत्र की मौजूदा स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और आगामी वीआईपी दौरे को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य सचिव और डीजीपी का दौरा गुरुवार को गुरुवार को मुख्य सचिव प्रतयुष अमृत और पुलिस महानिदेशक विनय कुमार जयनगर पहुंचेंगे। वे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की स्थिति का निरीक्षण करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेंगे। रेलवे स्टेशन और बॉर्डर पर विशेष फोकस दौरे के दौरान नेपाली रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था, यात्रियों की आवाजाही और बॉर्डर पर निगरानी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही एसएसबी 48वीं बटालियन मुख्यालय में भी सीमावर्ती क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों के साथ होगी विस्तृत चर्चा मुख्य सचिव और डीजीपी सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों, रेलवे अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान बॉर्डर की वर्तमान स्थिति, सुरक्षा चुनौतियों और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर चर्चा होगी। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में वीआईपी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जा रही है और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
उदयपुर के टीआरआई सभागार में जनजातीय क्षेत्र के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित हुई। इस वर्कशॉप का मुख्य मकसद आदिवासी इलाकों में काम कर रही सरकारी इकाइयों (इंटीग्रेटेड ट्राईबल डवलपमेंट एजेंसी) को और ज्यादा मजबूत और पावरफुल बनाना है। भारत सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय अब सीधे फील्ड से फीडबैक लेकर योजनाओं में बदलाव की तैयारी कर रहा है, ताकि विकास का लाभ सीधे आम आदमी तक पहुंच सके। यह कार्यशाला बुधवार को हुई। इसमें दिल्ली से आई जनजातीय कार्य मंत्रालय की निदेशक डॉ. वरनाली डेका ने बेहद सरल अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के कल्याण के लिए जितनी भी योजनाएं बनती हैं, उन्हें जमीन पर उतारने की असली जिम्मेदारी जिला इकाइयों की होती है। इसीलिए केंद्र सरकार चाहती है कि इन इकाइयों को और बेहतर बनाया जाए। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे खुलकर अपने सुझाव और फील्ड की परेशानियां साझा करें, क्योंकि आपके फीडबैक से ही सिस्टम को सुधारा जा सकता है। टीएडी विभाग के आयुक्त लक्ष्मी नारायण मंत्री ने राजस्थान की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिलहाल उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ और आबूरोड-सिरोही में पांच मुख्य एजेंसियां काम कर रही हैं। कमिश्नर ने इन जिला इकाइयों के पूरे ढांचे को स्पष्ट करते हुए इसे और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने जोर दिया कि अगर जिला स्तर पर टीमें मजबूत होंगी, तो योजनाओं का क्रियान्वयन भी उतना ही बेहतर होगा। टीआरआई के निदेशक ओ.पी. जैन ने बताया कि राजस्थान में ये पांचों जिला इकाइयां साल 1974-75 से लगातार काम कर रही हैं। जैन ने एक अहम बात उठाते हुए कहा कि आज के दौर में इन इकाइयों में 'तकनीकी विंग' को और मजबूत करने की सख्त जरूरत है ताकि तकनीकी कामों में देरी न हो। इसके साथ ही आबूरोड़ की उपायुक्त राजलक्ष्मी गहलोत ने सुझाव दिया कि जिला स्तर के साथ-साथ अब ब्लॉक स्तर पर भी ऐसी वर्कशॉप होनी चाहिए ताकि निचले स्तर के कर्मचारियों की समस्याओं को भी सुना जा सके। शिक्षा और खेल पर जोर देते हुए डूंगरपुर के उपायुक्त सत्यप्रकाश कस्वां ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रावासों (हॉस्टल्स) में केवल सुविधाएं देना काफी नहीं है, बल्कि वहां खेलकूद का माहौल बनाना और पढ़ाई की क्वालिटी को सुधारना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उदयपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा के उपायुक्तों ने भी अपने इलाकों की जरूरतों के हिसाब से सुझाव दिए। इस मंथन से निकले सुझावों के आधार पर अब जनजाति क्षेत्र के विकास का नया खाका तैयार किया जाएगा।
फरीदाबाद में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। इस बयान को लेकर हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में देश के प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नेता की नीतियों या कार्यों से असहमति हो सकती है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि देश के प्रधानमंत्री के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब कुछ देख रही है और इस प्रकार के बयान देकर कांग्रेस के नेता खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारने का काम कर रहे हैं। संसद के अंदर तक नहीं पहुंच पाएंगे कांग्रेस नेता : गोयल उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पिछले लगभग पंद्रह वर्षों से सत्ता से बाहर है और जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले पच्चीस से चालीस वर्षों तक भी कांग्रेस के नेता संसद के अंदर विपक्ष की बेंचों पर बैठने की स्थिति में भी नहीं पहुंच पाएंगे। जनता अब समझ चुकी है कि राजनीतिक जीवन में मर्यादा और शालीनता कितनी आवश्यक है। विपुल गोयल ने कहा कि सामाजिक जीवन और राजनीतिक जीवन दोनों में यह समझ होना जरूरी है कि किस तरह की शब्दावली का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री के लिए सम्मानजनक भाषा का प्रयोग होना चाहिए, लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस के नेताओं के पास इस बात की समझ नहीं है। बता दें कि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल अपनी विधानसभा क्षेत्र के बुढेना गांव में बुधवार शाम एक पुराने जोहड़ के सौंदर्यीकरण कार्य के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। तालाब के सौंदर्यकरण का किया उद्घाटन उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से गांव के पुराने जोहड़ की सफाई कर उसे एक सुंदर तालाब के रूप में विकसित किया जा रहा है। तालाब के आसपास लोगों के टहलने के लिए पैदल पथ भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही तालाब के पानी को साफ रखने और नियमित सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि तालाब के चारों ओर हरियाली विकसित करने का काम किया जाएगा ताकि गांव के लोगों को स्वच्छ और सुंदर वातावरण मिल सके। इसके अलावा गांव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगभग साढ़े चौदह करोड़ रुपए के कार्यों की प्रक्रिया भी चल रही है। गांव के एक अन्य जोहड़ को भी सुंदर बनाने का काम किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में बुढेना गांव आधुनिक और विकसित स्वरूप में नजर आएगा। कांग्रेस ने महिलाओं के सम्मान का विरोध किया वहीं, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर बोलते हुए विपुल गोयल ने कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध नहीं किया, बल्कि देश की पचास प्रतिशत महिलाओं के सम्मान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के अधिकारों का विरोध किया है और आने वाले समय में देश की महिलाएं ही इसका जवाब देंगी।
शिवपुरी की लॉज में युवती से दुष्कर्म:अधिक ब्लीडिंग होने पर अस्पताल में भर्ती, दो पर FIR
शिवपुरी में एक 20 वर्षीय युवती से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी युवक अपनी पहचान की युवती को एक लॉज में ले गया और वारदात को अंजाम दिया। युवती को अधिक ब्लीडिंग होने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जिसके बाद घटना का खुलासा हुआ। यह घटना मंगलवार रात की है। फिजिकल थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता अपनी मां के साथ देहात थाना क्षेत्र के अमन गार्डन में एक शादी समारोह में शामिल होने गई थी। वहां उसकी पहचान के मुड़ेनी गांव निवासी 21 वर्षीय गौरव रावत ने उसे फोन कर बाहर बुलाया। गौरव के साथ उसका दोस्त शिवम रावत (निवासी ककरवाया) भी था। ब्लीडिंग होने पर बिगड़ी हालत दोनों युवती को बाइक पर बैठाकर पोहरी चौराहा स्थित मातृछाया लॉज ले गए। लॉज के कमरे में गौरव ने युवती के साथ दुष्कर्म किया, जबकि उसका दोस्त शिवम कमरे के बाहर इंतजार करता रहा। दुष्कर्म के दौरान युवती को अत्यधिक ब्लीडिंग हुआ और वह दर्द से तड़पने लगी। इसके बाद गौरव और शिवम पीड़िता को वापस अमन गार्डन छोड़कर फरार हो गए। अधिक ब्लीडिंग होने पर परिजन युवती को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद मेडिकल कॉलेज ने पुलिस को सूचना दी। मंगलवार-बुधवार रात 3.30 बजे पीड़िता ने पुलिस को अपने साथ जबरन दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। देहात पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी गौरव रावत के खिलाफ दुष्कर्म की धाराओं में मामला दर्ज किया है। उसके साथी शिवम रावत को भी सह-आरोपी बनाया गया है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है।

