सागर हादसा : 9 बच्चों की मौत पर तीन दोषी, अदालत ने सुनाई 5 साल की सजा
शाहपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान दीवार गिरने से नौ बच्चों की मौत के करीब 19 महीने बाद स्थानीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है और तीन लोगों को लापरवाही का दोषी ठहराया है
यूपी के मौसम में उठापटक चल रही है। अगले कुछ दिन या महीने कैसे रहने वाले हैं, इसको लेकर ‘दैनिक भास्कर’ ने लखनऊ के आंचलिक मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह से बात की। उन्होंने बताया, इस सीजन पश्चिम यूपी में हीटवेव (लू) के दिन कम रहने वाले हैं। इस हिस्से में दिन का टेम्परेचर 30-42C के बीच रहने का अनुमान है। मतलब, गर्मी कम परेशान करेगी। वहीं, पूर्वांचल के लोगों को धूप तपाएगी। यहां आमतौर पर हीटवेव 3 से 5 दिन चलती हैं, लेकिन अनुमान है कि इस बार पूर्वांचल में 10-15 दिनों तक गर्म हवा के थपेड़े परेशान कर सकते हैं। मार्च के महीने में यूपी में 9.3 मिमी बारिश हुई। अब 10 अप्रैल तक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने का अनुमान है। मतलब- फिर बारिश का दौर आएगा। 1 अप्रैल को यूपी में औसत से 1100% ज्यादा बारिश हुई। वैज्ञानिकों को 0.1 मिमी बारिश की उम्मीद थी, इसकी जगह 1.2 मिमी रिकॉर्ड की गई। अब पूरे अप्रैल में 104% से ज्यादा बारिश होने का अनुमान है। कुछ जिलों में ओले भी पड़ सकते हैं। इस सीजन में गर्मी कितना परेशान करेगी? हीट वेव कितने दिन चलेगी? पढ़िए रिपोर्ट… सवाल. क्या यूपी में इस सीजन झुलसा देने वाली गर्मी पड़ेगी? जवाब. नहीं, ये पूरी तरह से ठीक नहीं है। यूपी के मौसम को दो हिस्सों में समझते हैं। पहला- पूर्वांचल का, दूसरा- पश्चिम यूपी। पूर्वांचल में अप्रैल से जून महीने तक हीटवेव (लू) लोगों को परेशान करेगी। यहां दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा यानी 41 डिग्री सेल्सियस से 45 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। गर्मियों में हीटवेव आमतौर पर 3 से 5 दिनों तक चलती है। इस बार ये 10 से 15 दिन या उससे ज्यादा समय तक भी बनी रह सकती है। वहीं, पश्चिम यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में हीटवेव नहीं चलेगी। इसकी वजह ये है कि यहां बारिश ज्यादा होने की वजह से तापमान सामान्य से कम रह सकता है। मतलब, दिन में झुलसा देने वाली गर्मी नहीं पड़ेगी। वहीं, पूरे यूपी में अप्रैल से जून के महीनों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहने का अनुमान है, इसका मतलब ये हुआ कि रातें गर्म होंगी। यूपी के अलग-अलग इलाकों में इस बार मौसम में अंतर देखने को मिलने वाला है। कहीं तेज गर्मी तो कहीं बारिश की वजह से थोड़ी राहत रहेगी। सवाल. अचानक आंधी-बारिश हो रही है, फिर तेज धूप निकल रही है, इसकी क्या वजह है? जवाब. अचानक आंधी-बारिश की वजह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हैं। ये इस सीजन में नॉर्मल है। हर साल इस सीजन में आंधी-तूफान के साथ बारिश होती है। हालांकि, इस साल वेस्टर्न डिस्टर्बेंस बहुत जल्दी-जल्दी आ रहे हैं। इस वजह से लगातार आंधी-बारिश का मौसम बना हुआ है। 10-15 दिन पहले तक ऐसा मौसम नहीं था। बारिश की वजह से लोगों को थोड़ी देर के लिए राहत जरूर मिलती है, लेकिन धूप निकलने के बाद फिर उमस बढ़ जाती है। अगले 10 दिनों में दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इससे आने वाले हफ्तों में इसी तरह का मौसम बना रहेगा। सवाल. क्या इस साल बारिश ज्यादा होने वाली है? मानसून अपने समय पर होगा या जल्दी आएगा? जवाब. यूपी में मार्च में सामान्य बारिश हुई है। अप्रैल में सामान्य से ज्यादा बारिश होने के आसार हैं। हालांकि, मानसून को लेकर अभी से कोई अनुमान नहीं दिया जा सकता। इसके बारे में अप्रैल के आखिरी हफ्तों में कुछ अनुमान आएंगे। मानसून आने की तारीख तो मई में ही पता चल सकेगी। यूपी में बारिश और ओले गिरने की 2 तस्वीरें सवाल 4. बारिश, ओले गिरने से खेती पर क्या असर पड़ेगा? जवाब. इस समय सभी फसलें मेच्योरिटी स्टेज में हैं, तो फसलों को नुकसान होना तय है। इस समय बेमौसम बारिश हो रही है, तेज हवा चल रही है, ओले भी गिर रहे हैं तो ये सब फसलों को नुकसान ही पहुंचाएंगे। अगर हवा न चल रही होती, सिर्फ बारिश होती तो थोड़ा-बहुत फायदा हो सकता था। हवा की वजह से फसलें खेतों में गिर जा रही हैं। गेहूं, सरसों, दलहन, तिलहन की फसल को नुकसान हो रहा है। पिछले 5 दिन में 15 से 20 हजार किसानों की फसल को नुकसान पहुंच चुका है। मार्च में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से आंधी-बारिशमार्च के महीने की शुरुआत में हल्की गर्मी हुई। फिर तेज आंधी और बारिश हुई। पूरे महीने का औसत तापमान 21C से 35C के बीच रहा। आम तौर पर मार्च में 1-2 दिन ही बारिश होती है, लेकिन इस बार मार्च में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ज्यादा सक्रिय रहे। इसकी वजह से 15 से 20 मार्च के बीच 27 जिलों में आंधी-बारिश और ओले गिरे। फिर 26 से 31 मार्च के बीच लगातार 4-5 दिन मौसम खराब रहा। 38 जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं। मार्च में यूपी के 48 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। मार्च के महीने में 9.3 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। जबकि औसत बारिश 8.8 मिमी होती है, इस तरह से महीने में 6% ज्यादा बारिश हुई। 1 अप्रैल को पूरे यूपी में 1.2 मिमी बारिश हुई। जबकि औसत बारिश 0.1 मिमी होनी चाहिए थी। इस तरह से 1100% ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। बिजनौर में सबसे ज्यादा बारिश संभल में सबसे कम बारिश सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, बदायूं, एटा, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, अमरोहा, नोएडा, गाजियाबाद में औसत बारिश रिकॉर्ड हुई। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… .…………………… ये पढ़ें - लखनऊ समेत 20 शहरों में बारिश, फर्रुखाबाद में ओले गिरे:40 जिलों में अलर्ट; किसान बोले- फसलें गिरकर खराब हुईं यूपी में बेमौसम बारिश हो रही है। बुधवार तड़के से लखनऊ-अमेठी समेत 20 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। तेज हवाएं चल रही हैं। फर्रुखाबाद में देर रात ओले गिरे।मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बिगड़ा है। पढ़िए पूरी खबर…
महावीर स्वामी और हनुमान जयंती की संधि बेला पर संस्था सार्थक द्वारा रवींद्र नाट्य गृह में आयोजित समर्पण के प्रतीक महावीर कार्यक्रम आध्यात्मिक समागम का केंद्र बना। मुख्य अतिथि राम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने कहा कि सज्जनों की एकजुटता ही राष्ट्र को बलवान बनाएगी। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा थोपी गई गुलामी के चिन्हों को समाप्त करने और ऋषि-मुनि परंपरा के पोषण पर जोर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअल जुड़कर इस समन्वयकारी पहल की सराहना की। आचार्य लोकेश मुनि ने अयोध्या के रामलला मंदिर के मूर्तिकार प्रशांत पांडेय और पोशाक निर्माता मनीष त्रिपाठी को महावीर सम्मान से अलंकृत किया। उन्होंने कहा कि सनातन और जैन परंपरा एक ही चेतना के स्वर हैं। कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। संस्था प्रमुख दीपक जैन टीनू ने विषय प्रवर्तन किया और दुबई में भारतीयों की सहायता करने वाले धीरज जैन का भी सम्मान किया गया। एकता और समर्पण का संदेश कार्यक्रम में आचार्य लोकेश मुनि ने स्पष्ट किया कि सनातन धर्म और जैन दर्शन अलग नहीं हैं, दोनों ही करुणा और अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं। वहीं, स्वामी गोविंद देव गिरी ने आह्वान किया कि यदि सभी राष्ट्रप्रेमी एकजुट हो जाएं तो भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर आसीन होगा। आयोजन में सफाई मित्रों, गोंड, गुर्जर और सिख समाज सहित विभिन्न वर्गों ने अतिथियों का स्वागत कर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।
मोगा पुलिस को लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से 13 नई हाईटेक इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) और पीसीआर गाड़ियां मिली हैं। जिला पुलिस प्रमुख अजे गांधी ने पुलिस लाइन मोगा में इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एसएसपी अजे गांधी ने बताया कि ये गाड़ियां डायल 112 प्रोजेक्ट के तहत पूरे राज्य में लॉन्च की गई 508 नई हाईटेक बोलेरो इमरजेंसी रिस्पॉन्स गाड़ियों का हिस्सा हैं। मोगा पुलिस को मिली इन 13 गाड़ियों को जिले के विभिन्न थानों में तैनात किया गया है, ताकि आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हैं वाहन बता दे कि ये वाहन आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हैं। एसएसपी ने कहा कि ये गाड़ियां जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी और आपात स्थिति में लोगों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने में सहायक होंगी। पुलिस ने की आमजन से अपील एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि डायल 112 पर प्राप्त होने वाली हर शिकायत का त्वरित और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जाए। इसका उद्देश्य लोगों का पुलिस पर विश्वास बढ़ाना है। एसएसपी अजे गांधी ने आम जनता से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में बिना झिझक 112 नंबर पर संपर्क करें, ताकि उन्हें तत्काल सहायता मिल सके। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
'अगर मैंने गलती की है तो मेरा पति है, मेरे सास-ससुर हैं, मेरा पूरा परिवार है, सजा देने का हक सिर्फ मेरे अपने लोगों को है। समाज और गांव के लोग मुझे सजा देने वाले कौन होते हैं। मैं कैसी हूं, मैंने जो भी किया, उसे मेरे पति देखेंगे, गांव के लोगों को कोई हक नहीं है कि मेरे साथ दरिंदगी करें। मुझे पूरे समाज में बेइज्जत करें।' ये बातें नालंदा के नूरसराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 32 साल की महिला ने कहीं। महिला के साथ क्या हुआ था? महिला आखिर किस बात को लेकर गांव के लोगों पर गंभीर आरोप लगा रही है? महिला की ओर से पुलिस को क्या बताया गया है? पुलिस ने महिला की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई की है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए पूरा मामला क्या है? नूरसराय थाना क्षेत्र की रहने वाली 32 साल की शादीशुदा महिला के साथ 26 मार्च की शाम को गैंगरेप की कोशिश की गई। महिला को सेमी न्यूड कर गांव में उसकी परेड कराई गई। इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने महिला के साथ दरिंदगी की कोशिश का वीडियो भी बनाया। हालांकि, वारदात के दौरान गांव के कुछ लोगों की ओर से बीच बचाव भी किया। इसके बाद महिला को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया गया। वहीं, महिला ने मामले की शिकायत पुलिस से की तो आरोपियों ने महिला के साथ दरिंदगी की कोशिश के बनाए गए वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक, महिला दो बच्चों की मां है। महिला का पति प्राइवेट जॉब के सिलसिले में बिहार से बाहर रहता है। महिला अपने बच्चों, सास-ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहती है। वारदात वाले दिन महिला घर से राशन लाने के लिए निकली थी। महिला के मुताबिक, राशन लेकर वो लौट रही थी, तभी गांव के तीन लड़कों ने अंधेरे का फायदा उठाकर दबोच लिया। तीनों आरोपियों ने गैंगरेप की कोशिश की। किसी तरह खुद को आरोपियों के चंगुल से छुड़ा लिया। अब जानिए महिला ने क्या कहा? वीडियो सामने आने के बाद मीडियाकर्मियों ने बुधवार को पीड़ित महिला से बातचीत की कोशिश की। इस दौरान महिला मीडिया के सामने नहीं आई, लेकिन दरवाजे के पीछे खड़े होकर अपनी बातें बताई। महिला ने कहा कि गांव के लोगों को किसने हक दिया कि वो मुझे गलत तरीके से हाथ लगाएंगे। मैंने जो किया था, उसे मेरे परिवार तक पहुंचाना चाहिए था, जो परिवार को मंजूर होता, उसकी सजा मैं भुगत लेती, मेरे साथ गलत हरकत कर वीडियो बनाना कहां का न्याय है? मेरे साथ जिसने भी गलत किया है, उनका चेहरा वीडियो में दिख रहा है, पुलिस उन्हें चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करें। महिला बोली- पुलिस कार्रवाई कर रही है मीडियाकर्मियों से बातचीत में पीड़ित महिला ने कहा कि मैंने प्रशासन को बता दिया है। पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है, लेकिन मुझे मीडिया से कोई बात नहीं करनी है। अगर कोई मुझे इस मामले में दोषी मान रहा है, तो ठीक है, मैं दोषी हूं। पुलिस को जो कार्रवाई करनी होगी, करेगी। अब जानिए सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में क्या है? 42 सेकेंड के वीडियो को आरोपियों ने 3 क्लिप में बांटा और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि महिला और एक अन्य शख्स एक मकान की खिड़की से नीचे कूद रहे हैं। खिड़की के पास गांव के लोगों की भीड़ जुटी है। महिला और शख्स जैसे ही खिड़की से कूदकर बाहर आते हैं, गांव के लोग दोनों को पकड़ लेते हैं। एक अन्य वीडियो में दिख रहा है कि गांव के लोग पकड़े गए शख्स के साथ मारपीट कर रहे हैं, उसे गालियां दी जा रही है। वीडियो में यह भी दिख रहा कि महिला को तीन लोग पकड़े हुए हैं, जिनकी पहचान अशोक यादव, रविकांत और मुन्ना पांडे के रूप की गई है। महिला की ओर से अशोक यादव और रविकांत को आरोपी बनाया गया है। महिला का कहना है कि भीड़ के चंगुल से छुड़ाने में मुन्ना पांडे ने मेरी मदद की थी, वो आरोपियों में शामिल नहीं है। गांव के लोगों मुताबिक, आरोपी अशोक यादव पेशे से ट्रक ड्राइवर है, जबकि रविकांत पढ़ाई करता है। तीसरे वीडियो में दिख रहा है कि महिला को गांव के कुछ लड़कों ने गलत तरीके से पकड़ा है। आरोपी महिला को घसीटते हुए आगे की ओर बढ़ रहे हैं। इस दौरान महिला आरोपियों से बार-बार खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही है, लेकिन उसके साथ मौजूद लड़के उसके साथ लगातार बदतमीजी करते हैं और गालियां देते दिख रहे हैं। आरोपियों के आगे कुछ लड़के चल रहे हैं, जिससे आरोपी वीडियो बनाने की बात कह रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने महिला को गांव में कुछ दूर तक घुमाया, उसके साथ गैंगरेप की कोशिश की। वीडियो में कुछ महिलाएं दिख रही है, जिनके पास महिला लिपटकर खुद को बचा रही है। अब जानिए महिला ने क्यों कहा- गलती की है तो पति सजा देगा वायरल वीडियो में महिला एक युवक के साथ निकलते दिख रही है। इस संबंध में जब गांव के लोगों से दैनिक भास्कर ने बातचीत की, तो गांव के लोगों ने प्रेम प्रसंग की बात बताई। गांव के लोगों ने बताया कि महिला का गांव के एक लड़के से प्रेम प्रसंग चल रहा था। गांव में सभी को इसकी जानकारी है। स्थानीय महिला सुनीता देवी ने बताया कि पूरा टोला इस संबंध से वाकिफ था। 10 मार्च को भी रजरप्पा में दोनों को पकड़ा गया था, जिसके बाद विवाद हुआ था। आरोपी रविकांत की मां ने क्या कहा आरोपी रविकांत कुमार की मां देवंती देवी ने बताया कि घटना वाले दिन मेरा बेटा शाम के समय अपनी जींस ठीक करवाने (कटाने) गया था। इसी दौरान अचानक शोर मचा कि एक लड़का और लड़की किसी कमरे में बंद हैं। कुछ युवकों ने कमरे का ताला लगा दिया था और हंगामा शुरू कर दिया था। शोर सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और स्थानीय युवक जुट गए, जिसमें रविकांत भी शामिल था। भीड़ ने लड़के-लड़की को बाहर निकाला और उनके साथ मारपीट शुरू की। इस दौरान रविकांत ने लड़की को बचाने की कोशिश की। असली दोषियों को छोड़कर मेरे बेटे का नाम इस मामले में घसीटा जा रहा है। मेरे बेटे की उम्र 18 साल है और वो पढ़ाई कर रहा है। वह केवल भीड़ का हिस्सा बनकर खड़ा था और अपने मोहल्ले की साख बचाने की कोशिश कर रहा था। प्रशासन मामले की गहनता से जांच करे, लेकिन निर्दोष को दंडित न किया जाए। ‘महिला अपना मोबाइल ठीक कराने मेरे बेटे के दुकान पहुंची थी’ पीड़ित महिला के प्रेमी घनश्याम साव की मां प्रमिला देवी ने बताया कि गांव की महिला अपना खराब मोबाइल ठीक कराने के लिए पहुंची थी। दुकान बंद होने की वजह से वो दलान के पास चली गई। इसी दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़कर हंगामा शुरू कर दिया। प्रेम प्रसंग की बात अफवाह है। मेरे बेटे और महिला के बीच किसी तरह का कोई संबंध नहीं है। मोबाइल मरम्मत के पैसे के लेनदेन को लेकर महिला उनके बेटे के पास आई थी, जिसे कुछ लोगों की ओर से गलत तरीके से पेश किया। ग्रामीणों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे डरकर वह गांव छोड़कर झारखंड चला गया है। पुलिस एक्शन पर क्या कहते हैं गांववाले वारदात के मुख्य आरोपियों में शामिल मतलू महतो की बेटी ने कहा कि मेरे पिता की उम्र 48 साल है। वीडियो में मेरे पिता कहीं भी नहीं दिख रहे हैं, इसके बावजूद महिला ने मेरे पिता को आरोपी बना दिया है। मेरे पिता ने सिर्फ पुलिस को घटना की जानकारी दी थी। मतलू महतो की बेटी ने बताया कि महिला के साथ गलत होता देख पुलिस को फोन किया। लेकिन पुलिस ने उन्हीं को गिरफ्तार कर लिया, जबकि वीडियो में मेरे पिता कहीं नहीं दिख रहे हैं। क्या पुलिस को सूचना देना अपराध है? दोषी खुलेआम घूम रहे हैं और निर्दोष को सलाखों के पीछे भेज दिया गया। गांव की दूसरी महिला उर्मिला देवी ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग घटनास्थल पर तमाशबीन थे या जिन्होंने मदद की, पुलिस उन्हें ही पकड़ रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर अब तक 8 गिरफ्तार बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने बताया कि पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर दो मुख्य अभियुक्तों अशोक यादव और मतलू महतो उर्फ नवनीत कुमार नरोत्तम को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। इसके बाद मंगलवार यानी 31 मार्च की रात छापेमारी कर 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें रंजन, सचिन, दशरथ, शैलेश, डोमन और सोनू शामिल है। एसपी बोले- कड़ी धाराओं के साथ स्पीडी ट्रायल की तैयारी एसपी ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (मर्यादा भंग करना), 75 (यौन उत्पीड़न) और 76 (निर्वस्त्र करने का प्रयास) के तहत मामला दर्ज है। अब इसमें आईटी एक्ट की धाराएं और बीएनएस की धारा 70 को भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस 30 दिनों के भीतर जांच पूरी कर न्यायालय से स्पीडी ट्रायल का अनुरोध करेगी, ताकि दोषियों को आजीवन कारावास जैसी कड़ी सजा दिलाई जा सके।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर पंजाब भाजपा हेडक्वार्टर के बाहर ब्लास्ट होने को लेकर रही। दूसरी बड़ी खबर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की रही। ईरान ने अमेजन ऑफिस पर हमला किया। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान ने बहरीन में अमेजन ऑफिस पर हमला किया; माइक्रोसॉफ्ट, एपल और गूगल भी निशाने पर ईरान ने बहरीन में अमेरिकी कंपनी अमेजन वेब सर्विस के डेटा सेंटर पर हमला किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के बाद उस जगह पर आग लग गई। दरअसल, ईरान ने धमकी दी थी कि वह मिडिल ईस्ट में 18 अमेरिकी कंपनियों के ऑफिस पर हमला करेगा। इनमें माइक्रोसॉफ्ट, एपल, गूगल, मेटा जैसी कंपनियां शामिल हैं। ट्रम्प- ईरान से डील की जरूरत नहीं: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते (डील) की जरूरत नहीं है। अमेरिका यह युद्ध 2 से 3 हफ्तों में खत्म कर सकता है। खबर से जुड़े अहम अपडेट्स… पूरी खबर पढ़ें… 2. पंजाब BJP हेडक्वार्टर के बाहर ब्लास्ट, खालिस्तानी संगठन ने जिम्मेदारी ली चंडीगढ़ में भाजपा के पंजाब हेडक्वार्टर के बाहर जोरदार ब्लास्ट हुआ। धमाके से गाड़ियों के शीशे टूट गए और दीवार पर छर्रों के निशान मिले। मौके पर बम स्क्वायड और फोरेंसिक टीमें जांच कर रही हैं। ग्रेनेड फेंकता दिखा शख्स: मामले का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें संदिग्ध शख्स ग्रेनेड फेंककर भागता दिख रहा है। इसके अलावा पुलिस को CCTV में 2 संदिग्ध भी नजर आए, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर की ओर से एक पोस्ट भी सामने आई, जिसमें खालिस्तानी संगठन हमले की जिम्मेदारी ले रहा है। पूरी खबर पढ़ें... 3. चोर का पीछा कर रहे सिपाही के ट्रेन से दोनों पैर कटे, गोंडा स्टेशन पर आरोपी हिरासत से भागा यूपी के गोंडा रेलवे स्टेशन पर पुलिस हिरासत से भाग रहे चोर को पकड़ने में GRP सिपाही ट्रेन की चपेट में आ गया। उसके दोनों पैर कट गए। एक पैर कटकर अलग हो गया, जबकि दूसरा खाल के सहारे लटक गया। घटना मंगलवार रात 12 बजे की है। जख्मी सिपाही आकाश सिंह ने आरोपी को पकड़ लिया। लखनऊ KGMU ट्रामा सेंटर में उनका इलाज चल रहा है। मारपीट की सूचना पर पहुंचे आकाश: जीआरपी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दो युवकों में मारपीट होने लगी। इसमें एक युवक ने सुनील कुमार पर पैसे चोरी का आरोप लगाया। मारपीट होती देख सिपाही आकाश सिंह पहुंच गए। वह दोनों युवकों को पकड़कर जीआरपी थाने ले आए। पूछताछ के बाद सुनील को शक के आधार पर बैठा लिया। सिपाही से हाथ छुड़ाकर भागा चोर: कुछ ही देर में प्लेटफॉर्म-1 पर लखनऊ की ओर जा रही डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस आ गई। अचानक सुनील ने सिपाही आकाश से अपना हाथ छुड़ाया और चलती ट्रेन में चढ़ने के लिए भागने लगा। आकाश ने दौड़ लगाकर आरोपी को बाहर खींचा। इसी दौरान वह ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच आ गए। पूरी खबर पढ़ें… 4. बरेली में भाजपा नेत्री को सेक्सी बताने वाले प्रॉक्टर को घेरा, प्रिंसिपल ऑफिस में लड़कियां मारने दौड़ीं बरेली कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर ने भाजपा नेत्री की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- बाबी (साध्वी) भी कम सेक्सी नहीं होती। पोस्ट वायरल होने पर छात्र उग्र हो गए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने प्रिंसिपल ऑफिस का घेराव किया। मार से बचने के लिए छिपे प्रॉक्टर: प्रिंसिपल ऑफिस में घुसकर प्रॉक्टर आलोक खरे के साथ हाथापाई की। छात्राएं उनको मारने के लिए आगे बढ़ीं, तो प्रॉक्टर लोगों के पीछे छुप गए। कॉलेज के स्टाफ ने किसी तरह बचाकर उन्हें वहां से निकाला। प्रिंसिपल ने हालात को बिगड़ता देख चीफ प्रॉक्टर को पद से हटा दिया है। पूरी प्रॉक्टोरियल टीम को भंग करने का आदेश दिया है। माध्वी लता ने ओवैसी के खिलाफ लड़ा चुनाव: प्रोफेसर ने भगवा भेष में जिस महिला की तस्वीर शेयर की, वो भाजपा नेत्री कोम्पेला माध्वी लता हैं। 2024 में उन्होंने हैदराबाद से AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, चुनाव में उनकी हार हुई थी। पूरी खबर पढ़ें… 5. टेक कंपनी ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारी निकाले, मेल कर लिखा- आज लास्ट वर्किंग डे दुनिया के छठे सबसे अमीर कारोबारी लैरी एलिसन की टेक कंपनी ओरेकल ने करीब 30 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया है। इनमें 12 हजार भारतीय कर्मचारी हैं। 31 मार्च की सुबह कर्मचारियों को मेल मिला कि आज उनका आखिरी दिन है और कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। AI की वजह से छंटनी: कंपनी ने अभी तक छंटनी का कारण नहीं बताया, लेकिन दावा किया जा रहा है कि AI की वजह से कर्मचारियों को निकाला गया है। पूरी खबर पढ़ें… 6. इंडिगो ने हवाई किराया बढ़ाया, घरेलू उड़ानें ₹950, इंटरनेशनल ₹10,000 तक महंगी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की फ्लाइट्स आज से महंगी हो गईं हैं। घरेलू उड़ानों के लिए अधिकतम 950 रुपए तक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए अधिकतम 10 हजार रुपए तक ज्यादा चार्ज देना होगा। इंडिगो ने क्यों बढ़ाया किराया: कंपनी के मुताबिक, यह फैसला जेट फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण लिया गया है। इंडिगो ने 18 दिन में दूसरी बार हवाई किराया बढ़ाया है। इससे पहले 14 मार्च को कंपनी ने फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। पूरी खबर पढ़ें... 7. धुरंधर-2 ने 13 दिनों में वर्ल्डवाइड कमाए 1435 करोड़, चौथी हाईएस्ट ग्रॉसिंग इंडियन फिल्म बनी धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड बना रही है। फिल्म ने 13 दिनों में दुनियाभर से 1435 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। साथ ही RRR के ऑल टाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया। इसके साथ ही यह भारत की चौथी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। कमाई के मामले में दंगल, पुष्पा-2 और बाहुबली-2 अब भी आगे हैं। आदित्य धर ने बॉलीवुड में बनाया रिकॉर्ड: धुरंधर और धुरंधर 2 के डायरेक्टर आदित्य धर बॉलीवुड के इकलौते निर्देशक बन गए हैं, जिन्होंने 1000 करोड़ से ज्यादा कमाई वाली दो फिल्में दी हैं। उनसे पहले एसएस राजामौली भी बाहुबली और बाहुबली 2 जैसी दो 1000 करोड़ कमाने वाली फिल्में बना चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... चीन में डॉग की पढ़ाई पर खर्च हो रहे लाखों रुपए चीन में अब कुत्ते भी स्कूल जाने लगे हैं। एक महिला ने अपने डॉग का डेढ़ लाख रुपए में 'डॉग किंडरगार्टन' में एडमिशन करवाया है। इसमें पिक-अप, ड्रॉप और पर्सनालिटी ट्रेनिंग शामिल है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें… ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि के लोगों को रुका पैसा मिलने की संभावना है। धनु राशि वालों को दोस्तों की मदद से आर्थिक राहत मिल सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
पश्चिम बंगाल में 26 फरवरी से 1 अप्रैल तक पुलिस ने ₹274 करोड़ से ज्यादा के कैश, शराब, नशीले पदार्थ और अन्य सामान जब्त किए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। इन जब्तियों में ₹6.56 करोड़ कैश और ₹43.37 करोड़ की शराब शामिल हैं। इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को X पर यमराज से मुलाकात का वीडियो शेयर किया है। राहुल गांधी ने बताया कि यह मुलाकात केरल के बालुस्सेरी में बस यात्रा के दौरान हुई। वीडियो में यमराज के वेश में एक व्यक्ति उनसे बातचीत करता नजर आता है। राहुल ने मजाकिया अंदाज में कहा कि UDF की ₹25 लाख रुपए तक की हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम से यमराज खुश नहीं हैं, क्योंकि इससे उनका काम कम हो जाएगा, लेकिन उनके लिए कोई दूसरा काम खोज लिया जाएगा। चुनाव से जुड़े बड़े अपडेट्स:
कानपुर में रुपए के लालच में अपनी किडनी बेचने वाला आयुष हैलट अस्पताल के ICU में एडमिट है। पुलिस ने आयुष से परिजनों को जानकारी देने की बात कही। इस पर वह पुलिसकर्मियों के पैर पकड़कर रोने लगा। कहा- सर, मेरी मां को कुछ मत बताना। मैं नौकरी करने की बात कहकर कानपुर आया था। पुलिस का कहना है कि इसके बाद आयुष ने बिहार के बेगूसराय में रहने वाली अपनी गर्लफ्रेंड से हमारी बात कराई। वह आयुष से मिलने कानपुर आई। गर्लफ्रेंड को देखते ही आयुष की आंखों से आंसू निकल पड़े। वह फूट-फूटकर रोने लगा। उसने कहा- मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। गर्लफ्रेंड ने सिर पर हाथ फेरकर दिलासा दिया। कानपुर में किडनी गैंग के डॉक्टरों के चंगुल में फंसे MBA स्टूडेंट आयुष ने अपनी किडनी बेच दी। इसके बाद भी जब रुपए नहीं मिले, तो उसने मामले का पर्दाफाश कर दिया। किडनी निकलने के बाद उसकी तबीयत पूरी तरह सही नहीं है। उसे मेडिकल टीम की निगरानी में रखा गया है। आयुष बिहार के समस्तीपुर और लड़की बेगूसराय की है। इधर 6 लोगों को गिरफ्तर कर जेल भेजने के बाद पुलिस ने इस गैंग से जुड़े चार फरार डॉक्टरों के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है। एक टीम मेरठ रवाना हुई है। वहां से पुलिस को जरूरी इनपुट मिला है। गर्लफ्रेंड ने आयुष से पूछा- आखिर किडनी क्यो डोनेट की?दरअसल, किडनी डोनेट मामले में छापेमारी के बाद पुलिस ने आयुष को हैलट अस्पताल के सुपर स्पेशसिलयिटी के 6वें फ्लोर में बने आईसीयू में एडमिट कराया गया है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की कड़ी सुरक्षा में आयुष की गर्लफ्रेंड को उससे मिलवाया गया। बिहार से कानपुर पहुंचने के बाद उसकी सुरक्षा में रावतपुर थाने के तीन पुरुष, एक महिला दरोगा और एक कांस्टेबल थे। 3 दरोगा आयुष की गर्लफ्रेंड के साथ आईसीयू में थे, जबकि दो पुलिसकर्मी पीजीआई के नीचे मौजूद थे। गर्लफ्रेंड ने उसके सिर पर हाथ फेरते हुए उसे ढांढ़स बंधाते हुए उसके आंसू पोछे। लड़की ने आयुष से पूछा- आखिर किडनी क्यो डोनेट की? जिस पर उसने कहा कि फीस के लिए पैसे जमा नहीं हो रहे थे। इसी कारण वह दो महीने से परेशान था। इस दौरान उसकी मुलाकात शिवम अग्रवाल से हो गई, उसकी बातों में आकर उसने किडनी ट्रांसप्लांट कर दी। गर्लफ्रेंड बोली- आयुष की मां परेशान हैंआयुष की गर्लफ्रेंड ने उससे नाराजगी जाहिर की। इस पर आयुष ने उसका हाथ पकड़ कर बेड से उठने का प्रयास किया, लेकिन दर्द की वजह से उठ नहीं सका। लड़की ने डॉक्टरों और हॉस्पिटल स्टाफ से आयुष के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उसने आयुष को बताया कि उसकी मां काफी परेशान है। उनके साथ आने की बात कह रही थीं। उसने पुलिस को बताया कि आयुष का छोटे भाई ऋषभ भी है। वह प्राइवेट जॉब करता है। करीब एक घंटे तक आईसीयू में रहने के बाद वह जैसे ही बाहर निकली, तो उसे मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। इसके बाद वह दोबारा आईसीयू में चली गई। फिर पुलिसकर्मियों ने उसे अस्पताल के पिछले गेट से बाहर निकलवाया। गर्लफ्रेंड देहरादून के उसी ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में पढ़ती है, जहां आयुष पढ़ता है। वह दूसरे सेमेस्टर में है, जबकि आयुष फोर्थ सेमेस्टर में है। आईसीयू के बाहर दिन भर बैठा रहा पारूल का भाईमेरठ निवासी रिसीवर पारुल तोमर के पति विकास तोमर बुधवार को कानपुर नहीं पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने उनसे फोन पर बात की। बुधवार को पारुल का भाई दिव्यांक कानपुर आया। वह बिजनौर के धौलपुर का रहने वाला है। वह हैलट के सुपर स्पेशलियटी पीजीआई के 6वें फ्लोर में बने आईसीयू में दिन भर बाहर बैग लेकर बैठा रहा। उसे मिलने नहीं दिया गया। उसने बताया कि डॉ. अफजल बहन को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कानपुर लाया था। किडनी डोनेट में कितने पैसे दिए गए? इस सवाल पर उसने कहा कि जीजा ने पैसे दिए थे, हम नहीं जानते। इसके बाद उसने किसी भी सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया। आयुष ने पुलिस को बताया- इस तरह गैंग के चंगुल में फंसाडीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि आयुष कुमार अब बातचीत करने की स्थिति में है। बुधवार को उससे पूछताछ की गई। डीसीपी के मुताबिक आयुष ने बताया कि 6 लाख रुपए में किडनी का सौदा हुआ था। आधे रुपए नकद और बाकी ऑपरेशन के बाद अकाउंट में डालने को कहा गया था। ऑपरेशन के बाद साढ़े तीन लाख रुपये ही खाते में दिए गए। आयुष के मुताबिक सबसे पहले वह अली नाम के एक व्यक्ति के संपर्क में आया। उसने डॉ. अनुराग उर्फ अमित से बात कराई। इसके बाद डॉ. वैभव से बात हुई। फिर उसने डॉ. अफजल से मिलवाया। डॉ. अफजल ने आयुष की पूरी मेडिकल रिपोर्ट मंगवाई। उसके बाद उसे एजेंट शिवम से मिलवाया। शिवम ने इसकी पूरी रिपोर्ट नोएडा में डॉ. रोहित को भेजी। डॉ. रोहित के कहने पर ही कानपुर के आहूजा अस्पताल में ऑपरेशन करने की बात बनी। पूरी बात होने पर ही आयुष कानपुर आया। मेरठ में अल्फा अस्पताल चलाता है डॉ. अफजलडीसीपी के मुताबिक, डॉ. अफजल मेरठ में अल्फा अस्पताल का संचालक है। डॉ. अफजल के अलावा डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ अमित मेरठ के ही रहने वाले हैं। इसीलिए उनकी तलाश में एक टीम मेरठ भेजी गई है। डॉ. रोहित का पता लगाने के लिए शिवम की कॉल डिटेल निकाली जा रही है। यह लोग देश छोड़कर भाग न जाएं, इसलिए लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आयुष का कहना है कि दो गाड़ियों से 8 डॉक्टरों की टीम आहूजा हॉस्पिटल आई थी। जिसमें डॉ. अफजल, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग समेत 5 लोग एक गाड़ी में थे। जबकि दूसरी कार में 3 लोग मौजूद थे। सीसीटीवी फुटेज में मिले नंबरों के आधार पर जांच आगे बढ़ी, तो पुलिस को पता चला कि एक गाड़ी लखनऊ और दूसरी गाजियाबाद की ओर रवाना हुई है। गाजियाबाद में टैक्सी वाले को यूपीआई से किराया ट्रांसफर किया गया है। इसके बाद डॉक्टर समेत पूरे मेडिकल स्टॉफ ने मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया है। डीसीपी वेस्ट ने बताया कि आरोपियों की तलाश में लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा में पुलिस टीम लगी हुई है। देर रात तक गिरफ्तारी की संभावना है। आयुष गिड़गिड़ाकर बोला- सर बाकी रुपए दिलवा दीजिएबिहार के समस्तीपुर का रहने वाले आयुष कुमार ने पुलिस को अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बताई। कहा- घर की जमीन गिरवी रखी है। इसके चलते उसे लोन नहीं मिला। साइबर अपराधियों के चक्कर में भी फंस गया। उनके कहने पर म्यूल अकाउंट खुलवाया था। साइबर अपराधियों ने 20 हजार रुपए देने को कहा था, वह भी नहीं दिया। पिता के न रहने पर घर की स्थिति खराब है। पढ़ाई न छूट जाए इसके लिए किडनी बेचने का फैसला लिया था, लेकिन उसे पैसा भी नहीं दिया गया। उसने पुलिस अधिकारियों से हाथ जोड़कर गुहार लगाई के शेष रकम दिलवा दीजिए। 3 संदिग्धों को पुलिस ने उठायाकानपुर में किडनी के अवैध ट्रांसप्लांट मामले में 6 को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस अब फरार चार लोगों की तलाश में जुटी है। उन सभी के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। फरार डॉक्टरों को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम मेरठ गई है। इस पूरे खेल में अल्फा अस्पताल के संचालक डॉ. अफजल के साथ डॉ. रोहित उर्फ राहुल, डॉ. वैभव और डॉ. अनुराग उर्फ अमित की पुलिस को तलाश है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल में 100 से अधिक ट्रांसप्लांट कराए गए हैं। इस अस्पताल का संचालक किडनी कांड में फरार डॉ. अफजल ही है। इसलिए पुलिस उसकी तलाश में लगी है। इसके बाद मेरठ के लिए एक टीम रवाना हो गई है। इसके साथ ही बुधवार को पुलिस 3 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। डीसीपी वेस्ट एमए कासिम आबिदी ने बताया- एजेंट शिवम अग्रवाल ने पूछताछ में बताया कि डॉ. अफजल ने अपने हॉस्पिटल में भी अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट कराने की बात कबूली है। साथ ही जांच में सामने आया है कि कानपुर के IMA की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा के आहूजा अस्पताल का रजिस्ट्रेशन सितंबर 2025 में हुआ था, जबकि रजिस्ट्रेशन से पहले भी अस्पताल में कई ट्रांसप्लांट किए गए है। ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन थिएटर देते थे शहर के अस्पतालपुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि एजेंट शिवम अग्रवाल के संपर्क में शहर के आहूजा, प्रिया, मेड लाइफ समेत 6-7 अस्पताल थे। इनमें वह किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध कराते थे, साथ ही पोस्ट ऑपरेटिव केयर भी देते थे। डीसीपी वेस्ट के मुताबिक, डॉ रोहित और डॉ अफजल की गिरफ्तारी के लिए मेरठ, नोएडा, दिल्ली पुलिस टीमें रवाना की गई है। मेरठ पुलिस ने को-ऑर्डिनेट कर अल्फा अस्पताल का लेखा-जोखा लिया जा रहा है। इसके साथ ही अस्पताल में लगे कैमरों की डीवीआर भी जब्त की जाएगी। हालांकि कानपुर की तरह मेरठ के भी अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे बंद कर ऑपरेशन कराए जाने की आशंका है। मरीजों के ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों की टीम लाने वाले डॉ. रोहित की गिरफ्तारी के बाद अन्य अस्पतालों के नाम भी सामने आएंगे। साउथ अफ्रीका की महिला को किसने डोनेट किया, इसकी जांचसाउथ अफ्रीका की महिला अरेबिका के किडनी ट्रांसप्लांट के मामले में पुलिस के हाथ अभी कोई सुराग नहीं लगा है। एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि साउथ अफ्रीकन महिला को किडनी किसने डोनेट की, वह शहर में कहां और कितने दिन रुकी, इसकी भी जांच की जा रही है। प्रिया, मेड लाइफ और आहूजा हॉस्पिटल के डीवीआर कब्जे में ले लिए गए है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डाटा का एनालिसिस भी किया जा रही है, जिससे साउथ अफ्रीकन महिला के बारे में जानकारी मिल सके। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए… चोर का पीछा कर रहे सिपाही के दोनों पैर कटे:गोंडा स्टेशन पर आरोपी हिरासत से भागा, सिपाही पकड़ने दौड़ा तो ट्रेन की चपेट में आया यूपी के गोंडा रेलवे स्टेशन पर पुलिस हिरासत से भाग रहे चोर को पकड़ने की कोशिश में GRP सिपाही ट्रेन की चपेट में आ गया। उसके दोनों पैर कट गए। एक पैर कटकर अलग हो गया, जबकि दूसरा खाल के सहारे लटका है। घटना मंगलवार रात 12 बजे की है। जख्मी होने के बाद भी सिपाही आकाश सिंह (29) ने चोर सुनील कुमार (35) को पकड़ लिया। चीख-पुकार सुनकर जीआरपी स्टेशन से पुलिसवाले आ गए। उन्होंने चोर को दबोच लिया। पढ़ें पूरी खबर…
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‘मैं फौज में हूं। शिलांग में तैनात हूं। मेरी जमीन पर दूसरे आदमी ने रास्ता बना दिया, थाना में लिखकर दे दिया। जमीन विवाद निपटाने के लिए छुट्टी लेकर आया हूं। यहां काम नहीं हो रहा। ऑफिस-ऑफिस भटक रहा हूं। अब 6 महीने बाद छुट्टी मिलेगी। पता नहीं कैसे विवाद निपटेगा।' यह पीड़ा है पटना के बभनपुरा में रहने वाले देवव्रत शर्मा की। जमीन से जुड़े काम के लिए फुलवारी अंचल कार्यालय पहुंचे, लेकिन हड़ताल के चलते निराश होकर लौटना पड़ा। यह सिर्फ एक ऑफिस या एक व्यक्ति की बात नहीं। 9 मार्च से करीब 1100 राजस्व अधिकारी और 11 फरवरी से 3500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसके चलते 537 अंचलों में काम बंद है। रोज 5,500 म्यूटेशन और 10,000 परिमार्जन के आवेदन पेंडिंग हो रहे हैं। 40 लाख से ज्यादा मामले लटक गए हैं। दूसरी ओर विभागीय मंत्री का दावा है कि अंचल कार्यालयों में लोगों के काम हो रहे हैं। भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर जाकर इसकी पड़ताल की कि हड़ताल के चलते आम लोगों को किस तरह की परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। फुलवारी अंचल कार्यालय में नहीं हो रहा काम, लौट रहे लोग हम फुलवारी अंचल कार्यालय पहुंचे। देखा कि यहां की पूरी रौनक गायब है। हमारी मुलाकात राजू से हुई। वह ऑफिस के बाहर फॉर्म आदि बेचकर गुजारा करते हैं। हड़ताल के चलते परेशान हैं। राजू ने कहा, ‘बहुत दयनीय स्थिति हो गई है। दाखिल-खारिज और दूसरे काम बंद हैं। कर्मचारी और सीओ हड़ताल पर हैं। सैकड़ों लोग लौट रहे हैं।’ इसके बाद हम ऑफिस के अंदर पहुंचे। देखा कि गेट के पास ऑनलाइन आवेदन लिया जा रहा है। यहां CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) की व्यवस्था है। यहां सिर्फ आवेदन लिया जा रहा है। स्ट्राइक की वजह से आवेदनों पर कार्यवाही नहीं हो पा रही है। CSC काउंटर पर काम कर रहे नीतीश कुमार ने कहा, ‘आवेदन लिया जा रहा है। सीओ और हलका कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इसलिए पहले की तरह काम नहीं हो रहा। लोग लौट रहे हैं। लोगों को पता चल गया है कि हड़ताल है, इसलिए अब ऑफिस आने वालों की संख्या काफी घट गई है। लोग हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं।’ जमीन की रसीद नहीं कट रही, बंद हैं दाखिल खारिज ज्यादातर लोग अंचल कार्यालय दाखिल खारिज और परिमार्जन करवाने, एलपीसी (लैंड पोजिशन सर्टिफिकेट) लेने और जमीन की मापी के लिए आवेदन देने आ रहे हैं। फुलवारीशरीफ अंचल कार्यालय में हमारी मुलाकात जक्कनपुर के मनोज कुमार से हुई। मनोज ने कहा, ‘मैं जमीन की रसीद कटवाने आया हूं, लेकिन रसीद नहीं कट रही। हड़ताल के बाद आने के लिए कहा गया है।’ जमीनी विवाद का निबटारा नहीं हो रहा देवव्रत शर्मा शिलांग में भारतीय सेना में नौकरी करते हैं। पटना के बभनपुरा से अंचल कार्यालय आए हैं। उन्होंने कहा, ‘जमीनी विवाद के निबटारे के लिए भटक रहा हूं। छुट्टी लेकर पटना आया हूं। मेरी जमीन पर रास्ता बना लिया गया है, जिससे विवाद हो गया है। थाना से मैसेज आया। कहा गया कि जनता दरबार में जाइए।’ मेरे प्लॉट में रकबा दर्ज नहीं, 6 महीने में नहीं हुआ काम इस्माइलपुर के कुरकुरी से आए अखिलेश कुमार मेहता ने कहा, ‘मैं परिमार्जन (जमीन के पेपर में सुधार) के लिए आया हूं। 5-6 महीना पहले अप्लाई किया था। नापी के लिए लिखा गया है।’ ‘उन्होंने कहा, जो कुछ (पैसा) देता है, उसका काम जल्दी कर देते हैं। रजिस्टर टू में जानकारी कर्मचारी दर्ज करते हैं। वे रसीद में ठीक से जमीन से जुड़ी जानकारी नहीं लिखते। मेरे प्लॉट में रकबा अंकित नहीं किया गया है। ये लोग अपने लालच के लिए दौड़ा रहे हैं। अभी तो हड़ताल भी हो गई है।’ जमीन की नापी नहीं हो रही मंगलेश कुमार जमीन की नापी करवाने के लिए सोरमपुर पंचायत के धड़ाईचक गांव से आए हैं। उन्होंने कहा, ‘कर्मचारी और सीओ हड़ताल पर हैं। इसलिए मेरा काम नहीं हो रहा है। एक माह से दौड़ रहा हूं। 5-6 बार ऑफिस आया हूं। बहुत परेशान हूं। एक बार आने-जाने में 4-5 सौ रुपए खर्च हो जाते हैं।’ राजस्व सेवा के अफसर-कर्मचारी क्यों पड़ताल पर? हड़ताल की वजह जानने के लिए हमने यूनाइटेड बिहार राजस्व सेवा संघ के अध्यक्ष आदित्य शिवम शंकर से बात की। उन्होंने बताया कि बिहार राजस्व सेवा नियमावली 2010 के आधार पर DCLR (Deputy Collector Land Reform) का पद बना था। अब DCLR की जगह उसके समकक्ष ADLO (Assistant District Land Acquisition Officer) पद बना दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘DCLR के समकक्ष ADLO पद बनाए जाने के खिलाफ हड़ताल की जा रही है। पहले हमारी हड़ताल 2 फरवरी से 5 फरवरी तक चली। उसके बाद 9 मार्च से फिर से हम सभी हड़ताल पर हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से निवेदन है कि हमारी मांग पूरा करें। क्या है DCLR बनाम ADLAO मामला? हड़ताल कर रहे हलका कर्मचारी के क्या हैं काम? बिहार के हलका कर्मचारी 11 फरवरी से अपनी 17 सूत्री मांगों के साथ हड़ताल पर हैं। इससे राजस्व सेवा के अफसरों की हड़ताल को ताकत मिल रही है। हलका कर्मचारियों के काम अंचल में दाखिल खारिज, जमीन का रसीद काटना, सरकारी जमीन का रिकॉर्ड रखना, परिमार्जन करना, जमीन सर्वे में सहयोग करना, खतियान और खसरा को अपडेट करना हैं। हड़ताल पर विभागीय मंत्री विजय सिन्हा के तेवर सख्त मंत्री विजय सिन्हा एक के बाद एक पत्र जारी कर अफसरों पर हड़ताल खत्म करने को कह रहे हैं। 18 मार्च को 3 राजस्व पदाधिकारियों को निलंबित किया गया। मंत्री ने हड़ताल को अवैध करार देते हुए अल्टीमेटम दिया था कि 25 मार्च तक राजस्व अधिकारी काम पर लौट जाएं, नहीं तो सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी हड़ताल जारी है। सरकार ने कई स्थानों पर CO का प्रभार BDO को दिया है। 27 मार्च को विजय सिन्हा ने कहा कि 1 अप्रैल से हर अंचल में काम होगा, जो अधिकारी काम पर नहीं हैं, उनकी जगह काम कर रहे अधिकारियों को तुरंत अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। प्रधान सचिव ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी प्रधान सचिव सी. के. अनिल ने पत्र जारी कर कहा कि जो अधिकारी हड़ताल में शामिल नहीं हैं, उन्हें उनके मूल पद के साथ-साथ अन्य रिक्त अंचलों का भी अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब तक BDO को दिया गया अंचल का अतिरिक्त प्रभार पर्याप्त नहीं है क्योंकि उनके पास पहले से ही कई जिम्मेवारियां हैं। इसलिए अब सीधे राजस्व सेवा का कार्यरत अधिकारियों को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अतिरिक्त प्रभार पाने वाले अधिकारियों को पूर्ण वित्तीय अधिकार दिए जाएंगे। प्रधान सचिव ने कहा है कि काम पर लौट रहे अधिकारियों को डराने की कोशिश संघ द्वारा न की जाए नहीं तो ऐसे मामलो में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 132, 351, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अब तक दो दर्जन अधिकारी काम पर लौट चुके हैं।
काशी का महामूर्ख मेला 58 साल का हो गया। बुधवार, एक अप्रैल को गधे की आवाज निकालकर इसका शुभारंभ हुआ। सम्मेलन में अमेरिका-ईरान युद्ध के साथ तेल और सिलेंडर का संकट देखने को मिला। आदमी दुल्हन तो महिला दूल्हा बनी। सम्मेलन को देखने करीब 10 हजार लोग पहुंचे। आप भी महामूर्ख सम्मेलन का VIDEO देखिए और मजे लीजिए…
चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब बीजेपी के मुख्यालय के बाहर बुधवार शाम ब्लास्ट हुआ। इससे मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए और आसपास की दीवार पर छर्रों के निशान बन गए। घटना के 2 वीडियो वायरल हुए, जिसमें से एक में व्यक्ति ग्रेनेड बम फेंकता दिखा। जबकि, दूसरे वीडियो में बाइक पर जाते दो लोग दिखे, जिन्हें हमलवार बताया गया। वहीं, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली। अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने कहा था कि क्रूड जैसी चीज फेंकी गई है। अब चंडीगढ़ पुलिस के साथ, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), भारतीय सेना और पंजाब पुलिस की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। अब सारा मामला 6 पॉइंट्स में जानिए
कन्नौज में डीएम-एसपी के नहीं आने पर कार्यक्रम छोड़कर जाने वाले समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण चर्चा में हैं। उन्होंने कहा - ये मेरी व्यक्तिगत बात नहीं है। मुझे 45 मिनट तक वेट करना पड़ा। वहां 100-200 लोगों को भी वेट करना पड़ा, रोज ही ऐसा होता है। कन्नौज से अखिलेश यादव सांसद हैं। उनके साथ बतौर BJP विधायक तालमेल पर कहते हैं- वो सांसद रहते हुए सिर्फ कब्रिस्तान की दीवारें बनवा रहे, 2 महीने में यहां आते हैं, एक्सप्रेस-वे से ही लौट जाते हैं। बतौर पुलिस अफसर सपा के शासन में कैसा दबाव रहता था? इस सवाल पर मंत्री अरुण ने कहा- ‘वो (सपा) तो ATS को ही खत्म कर देना चाहते थे। आतंकवादियों के केस वापस लेने के लिए अर्जी दाखिल कर दी थी। उस वक्त ज्यूडिशियरी ने स्टैंड लिया था। सपा आतंकवादियों को लेकर कैसा रुख रखती है, ये सबको पता है।’ पढ़िए BJP विधायक असीम अरुण का पूरा इंटरव्यू… सवाल. अखिलेश यादव कन्नौज के सांसद हैं, उनके साथ कैसा तालमेल है? असीम. अखिलेशजी से तालमेल तो कुछ भी नहीं है। उनके चुने जाने पर मैंने बधाई दी थी, कन्नौज के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए, लेकिन उनकी तरफ से ऐसा कभी मुझे कुछ नहीं दिखा। बल्कि मैं तो अखबार में रिपोर्ट भी देख रहा था कि सांसद निधि उन्होंने केवल कुछ कब्रिस्तानों की दीवारों को बनाने के लिए दी है। सांसद के रूप में दो-ढाई साल में उन्होंने कुछ भी काम नहीं किया। कन्नौज भी शायद 2 महीने में एक बार आते हैं। एक्सप्रेस-वे पर लोगों से मिलकर वापस चले जाते हैं। इस तरह का उनका व्यवहार रहता है। मगर, ये उनका विषय है। वो अपनी राजनीति अलग तरीके से करते हैं। हम लोग जमीन की राजनीति करते हैं। सवाल. सपा सरकार में आप एटीएस चीफ थे। कभी किसी तरह कोई दबाव आया हो? असीम. सपा सरकार ने तो एटीएस को बंद करने का ही मूड बना लिया था। आपने देखा होगा, किस तरीके से आतंकवादियों के खिलाफ जितने भी केस थे, उन्होंने सारे वापस लेने का निर्णय लिया और अर्जी भी दाखिल की थी। मैं धन्यवाद दूंगा अपनी ज्यूडिशियरी का, जिन्होंने स्टैंड लिया। आतंकवादियों के खिलाफ सपा का क्या रुख था, ये तो हम सब जानते हैं। सवाल. विपक्ष आरोप लगाता है कि अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों की सुनते नहीं हैं? क्या आप इससे सहमत हैं? असीम. ऐसा नहीं है, बेसिकली डेमोक्रेसी और ब्यूरोक्रेसी, ये दोनों सरकार के अहम पहलू हैं। संविधान ने तय किया कि सांसद-विधायक होंगे। जो डायरेक्शन देना है, वो चयनित लोगों को देना है। अब ब्यूरोक्रेसी, पुलिस विभाग अपने काम को अच्छे से कर रहा है। हां, जवाबदेही योगी सरकार ने बढ़ा दी है। शिकायतों पर जांच के बाद दंडित भी किया जाता है। सवाल. कन्नौज में आपको डीएम ने लंबा इंतजार कराया, नाराजगी जाहिर की, पत्र भी लिखा।असीम. उस कार्यक्रम में मुझे बुलाया गया था। 45 मिनट तक कार्यक्रम शुरू ही नहीं हुआ। अधिकारी आए ही नहीं, मैंने ऐतराज जताया। उन अधिकारियों ने माफी मांग ली। मैंने उनको माफ भी कर दिया, यहां बात खत्म हो गई। ये मेरी व्यक्तिगत बात नहीं है कि मुझे 45 मिनट तक वेट करना पड़ा। वहां 100-200 लोगों को वेट करना पड़ा। रोज ही ऐसा होता है। इस घटनाक्रम को अच्छे पहलू के रूप में यूज करना भी जरूरी है, इसलिए मैंने एक अभियान शुरू किया है कि हम ऑफिस समय पर आएंगे। परिवार को भी समय देंगे। सवाल. आपने कन्नौज कलेक्ट्रेट का निरीक्षण किया, कई अफसर अनुपस्थित रहे, कोई फर्क क्यों नहीं पड़ रहा? असीम. अपने विभाग में हमने फेशियल रिकग्निशन अटेंडेंस लगाई। अब निरीक्षण कम करना पड़ता है, क्योंकि एप पर ही मुझको दिख जाता है। हमने जो नियम बनाए, उसमें कोई 15 मिनट लेट आता है, तो उसको वार्निंग दी जाती है। दोबारा लेट हो जाता है तो उसकी छुट्टी कर दी जाती है। सवाल. लंबे समय से यूपी में स्थाई डीजीपी नहीं है, इस परिपाटी को आप कैसे देखते हैं? असीम. यूपी में डीजीपी तो है ही, सुप्रीम कोर्ट का एक ऑर्डर आया था। उसके आधार पर यूपीएससी की एक प्रक्रिया निर्धारित की गई। मैं समझता हूं कि वो प्रक्रिया भेदभाव करने वाली है। आप समझिए उसके तहत तीन लोगों का पैनल बनाया जाएगा। 10 साल की स्टडी करें, तो सिर्फ वो लोग चयनित होंगे, जो 21-22 साल की उम्र पर सेवा में आए। 25-26 साल पर सेवा में आने वाले कभी डीजीपी नहीं बन सकते हैं। दूसरे, जो आरक्षण से आए हैं, अनुसूचित जाति या शेड्यूल ट्राइब हैं, वो 10 साल तक कभी डीजीपी बन ही नहीं पाएंगे, क्योंकि इंपैनलमेंट में टॉप तीन में आएंगे ही नहीं। ये मेरी व्यक्तिगत राय है और मुझे लगता है कि इस पर सुप्रीम कोर्ट को पुनर्विचार करना चाहिए। मुझे लगता है कि प्रदेश सरकार को चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी जैसे महत्वपूर्ण पद को चुनने का पूरा अधिकार होना चाहिए। सवाल. आप 4 साल पहले कन्नौज के विधायक बने, जनता से जो वादे किए थे, उन्हें कितना पूरा कर सके? असीम. कन्नौज की लाइफलाइन जीटी रोड और PWD की सभी सड़कें मजबूत बना दी गईं हैं। आप समझिए कि 30% कम कॉस्ट पर काम करवाए गए। मतलब 1 करोड़ स्वीकृत हुआ, लेकिन कंस्ट्रक्शन 70 लाख में पूरे करवा दिए गए। क्योंकि भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार निरीक्षण किए गए। लोकल लोगों ने बहुत सपोर्ट किया। समाज कल्याण विभाग की बड़ी जिम्मेदारी वृद्धों को पेंशन देना है, पूरे यूपी में अभियान चलाया। सिर्फ कन्नौज के 400 बच्चे सर्वोदय विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। सवाल. विधायक के रूप में कोई ऐसा काम, जो लगता हो कि बहुत पहले हो जाना चाहिए था? असीम. मुझे लगता है कि कन्नौज में 3 अच्छे तालाब हैं, पिछली सरकार में उपेक्षा के कारण वो गंदे रहे, अमृत-2 योजना के तहत 1 करोड़ रुपए से तीनों तालाब को खोदा गया, अब उसमें फ्रेश पानी है। इसमें मछलियां हैं, जहां गंदगी थी, वहां अब सुंदरता है। सवाल. कोई ऐसा काम जो अभी तक आप करवा नहीं सके हैं? असीम. ऐसे तो बहुत लंबी लिस्ट होगी, हमने विधानसभा के साथियों से पूछा- विधायक निधि कहां खर्च होनी चाहिए। सबने कहा- स्वास्थ्य और शिक्षा पर ही खर्च करना चाहिए। नतीजा ये हुआ कि 40 स्कूल ऐसे हैं, जिनमें 20-20 लाख रुपए हमने दिए। हमने पीएचसी (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) को अपग्रेड किया। जिला अस्पताल के 3 मुख्य वार्ड को आधुनिक बना दिया। आगे हम कन्नौज के जिला अस्पताल की इमरजेंसी को बेस्ट बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इसका प्रस्ताव सीएमएस तैयार कर रहे हैं। 1.5 करोड़ के फंड का संकल्प लिया गया है। हम चाहते हैं कि विषम परिस्थिति में ही कोई कन्नौज से दिल्ली, लखनऊ, कानपुर रेफर किया जाए। सवाल. आपने खाकी छोड़कर खादी पहन ली, 4 साल हो गए। कैसा अनुभव रहा? असीम. वर्दी में पुलिस के काम करने का तरीका अलग होता है, वहां आदेश दिया जाता है, लेकिन पॉलिटिक्स में अनुरोध होता है, क्योंकि यहां सब समान कार्यकर्ता हैं। रही समाज कल्याण विभाग की बात, तो वहां ऑर्डर चलता है, लेकिन पुलिस विभाग की तरह हुकुम की तामील नहीं होती, ये मैंने समझा। मुझे कुछ तेज अधिकारी मिल गए हैं, रिजल्ट भी अच्छे मिल रहे हैं। सवाल. 28 साल बनाम 4 साल कौन सा बेहतर है? असीम. दोनों बहुत अच्छे हैं। क्या पुलिस की जॉब में सब कुछ मीठा-मीठा था...नहीं। कभी कड़वा भी मिला। कभी पत्थर भी खाए, कई बार गोली भी खानी पड़ी। अब राजनीति में हैं, क्या हमेशा यहां सब कुछ मीठा-मीठा मिलेगा। दोनों स्वीकार हैं। सवाल. आप कानपुर में पुलिस कमिश्नर थे। चुनाव की घोषणा हुई। आपने अचानक इस्तीफा देकर भाजपा जॉइन कर ली। अचानक ख्याल कैसे आ गया? असीम. भाजपा बड़ी स्ट्रॉन्ग पार्टी है। दूसरी पार्टियों का परिवारवाद नए नेता को उभरने नहीं देता। भाजपा में नए नेता क्रिएट किए जाते हैं। यही नीति भाजपा को आगे लेकर जा रही है। मैं अकेला नहीं हूं, 12 डॉक्टर भी भाजपा में MLA हैं, पीएचडी होल्डर्स हैं, वकील, बिजनेसमैन और मीडिया के लोग हैं। भाजपा विविधता और विशेषज्ञता को डेवलप करने के लिए काम करती है। मैं भी उसी का हिस्सा हूं। सवाल. भाजपा ने आपको चुना या आपने भाजपा को? असीम. मैं भाजपा का बहुत आभारी हूं, क्योंकि अवसर देना भाजपा की ही रीति-नीति है। मैं समझता हूं, बाकी पार्टियां परिवारवाद देखती हैं। वो अपने बच्चों को बढ़ाने में बिजी हैं, भाजपा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से भी नेता निकलकर आते हैं। चुनाव और लोगों का दिल कैसे जीता जाता है, भाजपा इसको समझती है। सवाल. आपने परिवारवाद की बात की। कल्याण सिंह की तीसरी पीढ़ी सियासत में है, राजनाथ सिंह के बेटे विधायक हैं। क्या यह परिवारवाद नहीं है? असीम. परिवारवाद से मेरा मतलब ये है कि किसी का बेटा-बेटी काबिल नहीं हैं, लेकिन उन्हें आगे बढ़ाया जा रहा है, ये गलत है। लेकिन कोई काबिल है, लेकिन उसको सिर्फ इसलिए नहीं चुना जा रहा है कि वो किसी नेता का बेटा-बेटी है। ये संतुलन समझने की जरूरत है। भाजपा में हमारे साथियों के माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी राजनीति में रहे, वो मेहनत कर रहे हैं। उनके लिए टिकट से लेकर चुनाव लड़ना, उतना ही कठिन है, जितना मेरे जैसे फर्स्ट जनरेशन पॉलिटिशियन के लिए है। सवाल. कभी ऐसा लगा कि खाकी छोड़ने का फैसला गलत हो गया? असीम. बिल्कुल भी नहीं, खाकी पहनने का आनंद है, लेकिन अब मैं पॉलिटिक्स में हूं, सौभाग्य से कन्नौज के लोगों ने मुझे आशीर्वाद दिया। सवाल. भाजपा संगठन और सरकार में दलितों की भागीदारी को आप पर्याप्त मानते हैं? असीम. भाजपा में हम सबको साथ लेकर चलते हैं। हम उसके लिए भी काम करते हैं, जो हमको वोट नहीं देता है। मान लेते हैं कि अगली बार उनके भी वोट मिल जाएंगे। मुझे कन्नौज का विधायक चुना गया है, तो जिसने मुझे वोट नहीं दिया, वो भी मेरी जिम्मेदारी में है। भाजपा सबको जोड़ने का काम करती है। सवाल. मायावती को दलितों का मसीहा भी कहा जाता है। दिन-ब-दिन कमजोर होती जा रही हैं। इसके पीछे की वजह क्या मानते हैं? असीम. अगर 1989 से शुरू करें, तो अगले 30 साल एक सामाजिक न्याय की राजनीति का समय था। बैकवर्ड राजनीति आगे बढ़ी, इसके कुछ अच्छे परिणाम भी हुए। लेकिन हमारी पॉलिटिक्स मेच्योर हो रही है। मोदीजी ने देश को वोट बैंक पॉलिटिक्स से बाहर निकाला है। लोकतंत्र में एक प्रत्याशी की तरह किसी बिरादरी के 20 हजार वोट को अपना मान लूं, तो मैं काम करना ही बंद कर दूंगा। अगर शंका रहेगी तो दौड़-दौड़कर उनके लिए काम करूंगा। बसपा में कांशीरामजी ने बहुत बड़ा काम किया। मगर, वोट बैंक पॉलिटिक्स से बाहर आने की जरूरत है, क्योंकि तब भी पार्टियां आपके दरवाजे पर आएंगी। सवाल. संभल में एक सीओ कहते हैं कि जो ईरान का समर्थन करता है, वो ईरान चला जाए, पुलिस में इसको आप कैसे देखते हैं? असीम. यह बयान मेरी जानकारी में नहीं है। लेकिन जब हम पुलिस की वर्दी पहनते हैं तो हम धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा के भाव से अलग हो जाते हैं। अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… …………… ये पढ़ें - ब्रजेश पाठक हाथ जोड़कर प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे:बोले- मैं खुद सवर्ण, लखनऊ में UGC नियमों के खिलाफ शंख बजाकर प्रदर्शन लखनऊ में सवर्ण मोर्चा के लोगों ने बुधवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का आवास घेर लिया। प्रदर्शनकारी यूजीसी के नए नियमों को काला कानून बताते हुए शंख बजाकर नारेबाजी करने लगे। इसी बीच ब्रजेश पाठक उनके बीच पहुंचे। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रदर्शन कर रहे लोगों अभिवादन किया। डिप्टी सीएम के इस तरह सम्मान करने पर प्रदर्शनकारियों ने हंगामा बंद कर दिया। सभी ने ब्रजेश पाठक को उन्हीं के अंदाज में प्रणाम किया। इसके बाद डिप्टी सीएम खुद सभी को अंदर ले गए। पढ़िए पूरी खबर...
पंजाब के सीएम के भगवंत मान आज यानी गुरुवार को फाजिल्का दौरे पर है। वह फाजिल्का की अनाज मंडी में राज्य स्तर पर होने वाली रैली को संबोधित करेंगे। वह विकास कार्यों को लेकर शहर वासियों जो सरप्राइज भी दे सकते हैं। आम आदमी पार्टी विधायक नरेंद्र पाल सवना ने अनाज मंडी का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रबंधों का जायजा लिया और अधिकारियों के संग बैठक की। विधायक ने दावा किया कि सीएम मान फाजिल्का को बड़ी सौगात देकर जाएंगे। विधायक नरेंद्रपाल सवना ने बताया कि राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन फाजिल्का में किया जा रहा है। जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पहुंच रहे हैं। विधायक ने कहा कि हजारों की तादाद में पहुंचने वाले लोगों के इस हजूम को जहां सीएम मान संबोधित करेंगे। विधायक ने दावा किया कि आज तक करोड़ों रुपए खर्च कर शहर में विकास कार्य करवाए गए हैं। पिछले 4 वर्षों में पंजाब सरकार ने फाजिल्का में भरपूर विकास किया हैं। इसलिए कल का दिन उनके लिए बेहद खास है। क्योंकि रैली में पहुंचने वाला प्रत्येक शख्स उनके लिए मेहमान होगा। जिसकी खातिरदारी करना उनकी जिम्मेदारी है। विधायक ने कहा कि आज उनके द्वारा अनाज मंडी में लगाए जा रहे इस पंडाल पर पहुंच सुरक्षा व्यवस्था और अन्य प्रबंध का जायजा लिया गया है। फिलहाल उन्होंने इलाके के लोगों को कल सीएम मान की रैली में पहुंचने की अपील की है।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच देश भर में गैस सिलेंडर का संकट खड़ा हो गया है। पेट्रोल-डीजल को लेकर भी लोगों को डर सता रहा है। पंजाब में सिलेंडर बुकिंग को लेकर स्थिति गड़बड़ाई है। वहीं डीजल को लेकर चिंता ज्यादा है क्योंकि जल्द ही गेहूं की कटाई और धान की बिजाई-रोपाई का सीजन आ रहा है। पंजाब में गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की क्या स्थिति है, सरकार संकट से निपटने के लिए क्या कर रही, आपदा में अवसर ढूंढने वाले जमाखोरों पर सरकार क्या एक्शन ले रही, पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़े तो क्या सरकार वैट में राहत देगी, इन सब सवालों को लेकर दैनिक भास्कर ने पंजाब की AAP सरकार के फूड एवं सिविल सप्लाई मंत्री लालचंद कटारूचक्क से विस्तृत बातचीत की। पढ़ें उसके प्रमुख अंश… सवाल: इस पूरे संकट में केंद्र सरकार के रोल को कैसे देखते हैंमंत्री कटारूचक्क: लंबे अरसे तक तो केंद्र सरकार लोगों को एक तरह गुमराह करती रही है। लोगों से सब कुछ छुपाती रही है। देश के लोगों को तब चिंता हुई, जब अमेरिका के फाइनेंस मिनिस्टर ने हमारे देश को डिक्टेट किया कि आप लोग रूस से तेल मत खरीदो। भारत प्रभुसत्ता संपन्न देश है। इसको कहां जाना है, किससे खरीदारी है? ये व्हाइट हाउस तय नहीं कर सकता। क्या मजबूरी है केंद्र की लगातार अमेरिका द्वारा ऐसे बयान दिए जाते हैं तो उसका प्रतिरोध नहीं करते। सवाल: पंजाब सरकार इसको लेकर क्या कर रही है?मंत्री कटारूचक्क: पेट्रोल-डीजल और गैस का संकट को देख हमने पंजाब विधानसभा के भीतर एक रेजोल्यूशन पास किया। इसे मैं ही लाया था। हमने केंद्र से अपील की कि इन तीनों चीजों की सप्लाई लाइन का कोई सब्सिट्यूट निकाला जाए ताकि लोगों को दिक्कत न हो। अभी ईरान के अंदर संकट है तो 30-40 मुल्क और है जहां पर ये पेट्रोलियम पदार्थ मिलते हैं। वहां से इंतजाम करना चाहिए। हमारी पार्टी और हमारी सरकार देश के लोगों और पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है। सवाल: पंजाब में कालाबाजारी-जमाखोरी पर सरकार ने क्या किया?मंत्री कटारूचक्क: पंजाब में हमने 1700 गैस एजेंसी-पेट्रोल पंपों पर चेकिंग की। आप इसे रेड भी कह सकते हैं। हमने 100 के करीब घरेलू सिलेंडर बरामद किए, जिनका कॉमर्शियल यूज किया जा रहा था। सरकार पूरी तरह अलर्ट है। स्टेट के पास भी एक स्टॉक होता है। बेसिकली तो यह सेंटर का सब्जेक्ट है। रिक्वायरमेंट के हिसाब से सेंटर स्टेटों को डिलीवर करता है। स्टेट नीचे नजर रखते हैं कि इसका मिसयूज न हो। कहीं रेट न बढ़ें, हमारी सब तरफ नजर है। सवाल: सिलेंडर का कितने दिन का स्टॉक है?मंत्री कटारूचक्क: मेरे हिसाब से गैस सिलेंडर पर केंद्र सरकार को ज्यादा फोकस करना चाहिए। जैसे-जैसे समय बीत रहा, स्थिति थोड़ी नॉर्मल जरूर हुई है। लोग भी पैनिक हुए। लोगों को लगा शायद हमारे घर का चूल्हा नहीं चलेगा। वह पहले एक सिलेंडर लेते थे, फिर 2-2 लेने लगे। इसमें थोड़ा सुधार होना चाहिए। लोग पैनिक न हों। रूटीन में जैसे सिलेंडर लेते थे, उसी तरह से इस्तेमाल कीजिए। सवाल: पेट्रोल-डीजल को लेकर क्या स्थिति है?मंत्री कटारूचक्क: हमारी चिंता ये है कि पंजाब के अंदर गेहूं का सीजन आरंभ हो चुका है। किसान को डीजल भी चाहिए। उसको कंबाइन के अंदर डालना है या और आने वाले समय में धान का सीजन भी शुरू हो जाएगा। धान की बुआई और पनीरी भी लगानी है। हम चाहते हैं कि किसान को दिक्कत ना हो। गोदाम से गेहूं-चावल की मूवमेंट के लिए भी डीजल चाहिए। केंद्र सरकार को इसके वैकल्पिक रास्ते खोजकर रखने चाहिए, ताकि संकट गहराने पर देश व पंजाब के लोगों को दिक्कत न हो। सवाल: केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम की है, जंग लंबी चली तो क्या पंजाब वैट घटाएगा?मंत्री कटारूचक्क: अगर देश के ऊपर संकट है तो पंजाब भी अछूता नहीं रहेगा। पंजाब भी उसकी लपेट में आएगा। थोड़ा बहुत है भी है। अगर पंजाब के लोगों के लिए कुछ करना पड़ेगा तो पंजाब सरकार उसके लिए हमेशा रेडी है।
जगराओं में लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर बुधवार देर रात एक सड़क हादसे में 22 वर्षीय युवक तीर्थ सिंह की मौत हो गई। वह गांव हठूर का निवासी था। इस दुर्घटना में उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, तीर्थ सिंह अपने साथी के साथ बाइक पर मोगा की तरफ से आ रहा था। लुधियाना रोड पर पहुंचने पर उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बेकाबू होकर गिर गई और दोनों युवक सड़क पर जा गिरे। घायल को कराया अस्पताल में भर्ती इस हादसे में तीर्थ सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे रोड सेफ्टी फोर्स के जवानों ने तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। तीर्थ सिंह की मौत की खबर से गांव हठूर में गम का माहौल है।
राजस्थान: 'नक्सली' टिप्पणी पर विवाद, बीएपी सांसद ने बताया आदिवासी समुदाय का अपमान
लोकसभा में वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) पर चर्चा के दौरान की गई एक टिप्पणी ने एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के सांसद राजकुमार रोत ने इसे आदिवासी समुदाय का अपमान बताते हुए माफी की मांग की है
लुधियाना जिले में जगराओं के एक नजदीकी गांव में एक कलयुगी बाप द्वारा अपनी इकलौती बेटी से रेप की कोशिश करने के शर्मनाक मामला सामने आया है। मामले के बाद गांव की पंचायत द्वारा मौके पर पहुंच कर पहले तो आरोपी बाप की जमकर धुनाई की गई और इसके बाद आरोपी पिता को थाना सदर की पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिस समय थाना सदर के एसएचओ मौके पर गांव पहुंचे उस समय आरोपी पिता नशे में धुत था। फिलहाल पुलिस आरोपी को अपने साथ थाना सदर ले आई है। जिसके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। बकरी चरा रहे तीन लोगों ने देखा जानकारी के अनुसार, नजदीकी गांव को जाते रस्ते पर स्थित सेम नाले के किनारे प्रवासी मजदूर अपनी झुग्गी में अपनी तीन साल की बेटी के साथ रेप की कोशिश कर रहा था। इस दौरान पास ही कुछ बकरी चरा रहे लोगों ने झुग्गी से आ रही चीखने चिल्लाने की आवाज सुनी तो वह तुरंत झुग्गी के अंदर चले गए। अंदर बिना कपड़ों के पिता को देख कर तीनों लोगों के होश उड़ गए। इसके बाद उन्होंने गांव की पंचायत और सरपंच को तुरंत सूचित किया। सूचना मिलने के तुरंत बाद पंचायत सदस्य और गांव का सरपंच मौके पर पहुंचे, जिन्होंने हकीकत जानकर पहले तो आरोपी पिता की जमकर धुनाई की और उसके बाद थाना सदर की पुलिस को सूचित करके मौके पर बुलाया। कल किया जाएगा कोर्ट में पेश मौके पर पहुंचे एसएचओ सदर सुरजीत सिंह ने बताया कि उन्हें गांव के सरपंच की ओर से एक व्यक्ति द्वारा अपनी ही 3 वर्ष की बेटी के साथ रेप की कोशिश की सूचना मिली थी जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मामले में सच्चाई है। इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह का कहना है कि इस मामले में आरोपी व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। गांव के सरपंच जगतार सिंह ने बताया कि आरोपी पिता नशे में धुत था और बाद में हाथ जोड़ माफी मांग रहा था।
किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की नौकरी के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति बनाई। महंगे रिसॉर्ट में खाना और फैमिली ट्रिप उनके लग्जरियस लाइफ स्टाइल का हिस्सा रहा है। पूर्णिया में जिस बंगले में वे रहते हैं, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं, फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। उनकी पत्नी सरकारी टीचर हैं, लेकिन 35 लाख रुपए की थार से चलती हैं। पिछले मंगलवार (31 मार्च) को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें पूर्णिया के 3, किशनगंज के 2, जबकि पटना, अररिया और सिलीगुड़ी के एक-एक ठिकाने शामिल हैं। छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में किए गए निवेश से जुड़े डाक्यूमेंट्स बरामद किए गए। इसके अलावा 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं। पद से हटाए गए गौतम कुमार DSP गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं। वे छुट्टियों में परिवार के साथ अपने पुश्तैनी घर आते-जाते रहते हैं। पूर्णिया में उनका ससुराल है। वे 1994 बैच के SI हैं। गौतम कुमार को तत्काल पद से हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का आदेश दिया गया है। उनकी जगह पर एसडीपीओ 2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें… तीन साल के अफेयर के बाद की शादी गौतम कुमार की निजी जिंदगी भी काफी चर्चित रही है। 1995 में नौकरी लगने के करीब एक साल बाद उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड रूबी कश्यप से इंटरकास्ट मैरिज की। पूर्णिया की रहने वाली रूबी और गौतम के बीच 3 साल से अफेयर चल रहा था। पूर्णिया के कोरठबाड़ी में गौतम का ससुराल है। शादी के बाद उनके परिवार में तीन बेटों का जन्म हुआ। कुछ साल बाद उनकी पत्नी रूबी कश्यप की भी सरकारी नौकरी लग गई और वे रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित एक सरकारी स्कूल में टीचर बन गईं। परिवार बढ़ने और पत्नी की नौकरी को देखते हुए गौतम कुमार ने पूर्णिया के हाउसिंग कॉलोनी में एक आलीशान बंगला बनवाया। जिसकी कीमत करोड़ों में है। ये बंगला उनकी संपत्ति का प्रमुख हिस्सा है। उनके दो बेटे बिहार से बाहर पढ़ाई कर रहे हैं। जबकि पत्नी और सबसे छोटा बेटा पूर्णिया में ही रहते हैं। पत्नी की थार पर पुलिस का लोगो पत्नी भले ही सरकारी स्कूल की टीचर हैं, लेकिन उनकी लाइफ स्टाइल चर्चा में है। वे करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से चलती हैं। पति की पावर की हनक ऐसी की थार पर पुलिस का लोगो भी लगा रखा है। ससुराल में रहने वाले सदस्यों के पास भी अपनी पर्सनल कार है। सभी सरकारी जॉब में हैं। साला मनीष डगरूआ प्रखंड में सरकारी शिक्षक है। साली रूमा राज मुंगेर की पूर्व मेयर और दूसरी साली रमा राज पंजाब नेशनल बैंक में ब्रांच मैनेजर हैं। 1996 में किशनगंज में पोस्टिंग, पूर्णिया में 10 साल ड्यूटी गौतम कुमार ने साल 1994 में पुलिस सेवा जॉइन की थी। दो साल बाद, 1996 में उनकी पहली पोस्टिंग बतौर दरोगा किशनगंज में हुई। उनके बैच के साथियों के मुताबिक, उन्होंने शुरुआत से ही एक सख्त और कड़क पुलिस अफसर की छवि बनाई। नाम न बताने की शर्त पर साथी बताते हैं कि अपराधी उनके नाम से ही खौफ खाते थे। इसी छवि को उन्होंने धीरे-धीरे अपना सबसे बड़ा हथियार बना लिया। अपराधियों, माफियाओं और जालसाजों के बीच डर का माहौल खड़ा कर उन्होंने अपनी पकड़ मजबूत की, जो आगे चलकर उनके करियर की पहचान भी बनी और अब सवालों के घेरे में भी है। इसके बाद पूर्णिया में ट्रांसफर हो गया। उन्होंने यहां 10 साल ड्यूटी की। वीके. हाट सहायक खजांची थाना में SI रहे। वे डगरूआ में थाना प्रभारी भी बनाए गए। 2004 से 2005 में सहायक खजांची प्रभारी बने। इसी दौरान माधोपारा के आशियाना कॉलोनी के रहने वाले ठिकेदार शमीम से उनकी जान पहचान हुई। घर आना जाना बढ़ गया। इसी दौरान उनकी मुलाकात शमीम की 5 बेटियों में से एक शगुफ्ता परवीन से हुई। गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी जमीन दोनों की नजदीकियां बढ़ी और दोनों का प्यार भी परवान चढ़ा। शगुफ्ता के पिता ठिकेदार थे। इनकी ही मदद से DSP ने जमीन खरीदी। ये लैंड गर्लफ्रेंड शगुफ्ता के नाम से खरीदी गई। इसी जमीन को बाद में बेटे के नाम पर ट्रांसफर करा लिया। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने अधिकतर समय सीमांचल के चार जिलों किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार में ही सेवा दी। वे जिस थाने के थानेदार बने वहां अवैध बालू खनन, लॉटरी माफिया, तस्करी और लूट के कई मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। इससे कई बड़े गिरोहों का भंडाफोड़ हुआ था। इनसे काली कमाई का आरोप लगा। इसी के बाद वे EOU की रडार पर आए। आर्थिक अपराध इकाई ने SDPO गौतम कुमार के खिलाफ 29 मार्च को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में केस दर्ज किया। 3600 स्क्वायर फीट में 4 मंजिला आलीशान मकान EOU के मुताबिक पूर्णिया में उनका करीब 3600 स्क्वायर फीट में 4 मंजिला आलीशान मकान है, जिसकी कीमत लगभग 2.5 करोड़ है। मकान निर्माण में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। छापेमारी में महंगी घड़ियां, क्रेटा और थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी बरामद हुई। पटना में नर्सिंग होम खोलने की योजना से जुड़े नक्शे भी मिले हैं, जिसकी जांच जारी है। वहीं, ससुराल से उनकी पत्नी के सोने के गहने और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम के घर से 7 प्लॉट के कागजात और करीब 60 लाख रुपए के गहने बरामद हुए हैं। साथ ही उनके बैंक खाते में गौतम कुमार की ओर से पैसे जमा करने और ट्रांसफर करने के सबूत भी मिले हैं। किशनगंज स्थित सरकारी आवास से 1.37 लाख रुपए नकद और निवेश से जुड़े कागजात मिले हैं। पटना के पैतृक घर से भी 4 प्लॉट के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। गौतम कुमार ने सिलीगुड़ी में चाय बागान और नोएडा-गुड़गांव में भी संपत्ति में निवेश किया है। इसके अलावा कई बदमाशों और माफियाओं से सांठगांठ की भी बात सामने आई है। विधायक के साथ चाय बागान, नोएडा में फ्लैट जांच में पता चला है कि DSP गौतम कुमार पहले भी अररिया में अवैध वसूली करते हुए निगरानी के हत्थे चढ़ चुके हैं। चर्चा है कि उन्होंने पूर्णिया के एक विधायक के साथ सिलीगुड़ी में चाय बागान खरीदा है। इसके अलावा नोएडा और गुरुग्राम के डीएलएफ में भी उनके फ्लैट और निवेश की बात सामने आई है। EOU अब उनके 1994 के भर्ती रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है। उसकी संपत्ति सिलिगुड़ी, गंगटोक में भी है।
16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में RJD के फैसल रहमान और कांग्रेस के मनोहर प्रसाद सिंह समेत महागठबंधन के 4 विधायकों ने वोटिंग से दगा दिया। नतीजा-NDA ने सभी पांचों सीटें जीत लीं। अब 15 दिन बाद विपक्ष के बागी विधायकों को नीतीश सरकार ने सम्मान देना शुरू कर दिया है। बिहार विधानसभा स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने बागी फैसल रहमान और मनोहर प्रसाद सिंह को एक-एक महत्वपूर्ण समिति का सभापति बनाया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने अपने तीनों विधायकों को शो-कॉज नोटिस तो थमा दिया, लेकिन असली कार्रवाई की जिम्मेदारी दिल्ली के आलाकमान पर डाल दी। और तेजस्वी यादव ने तो आज तक एक साधारण नोटिस तक जारी नहीं किया। सवाल- कांग्रेस और RJD अपने विधायकों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर पा रही। क्या पार्टी अनुशासन से ज्यादा तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष के बंगले का मोह सता रहा है। जानिए आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाहीं में… पूरा खेल, पूरा गणित और सियासी मजबूरी। सवाल-1ः राज्यसभा चुनाव में हुआ क्या था? पूरा मामला क्या है? जवाबः 16 मार्च को राज्यसभा की 5 सीटों के लिए वोटिंग हुई। सभी सीटों पर NDA के कैंडिडेट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, RLM अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम की जीत हुई। सवाल-2ः तेजस्वी यादव ने अपने विधायक पर क्या कार्रवाई की? जवाबः चुनाव बीते 15 दिन से ज्यादा हो गए, लेकिन तेजस्वी यादव ने अपने ढाका के विधायक फैसल रहमान पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अब तक शोकॉज नोटिस तक जारी नहीं किया गया है। सवाल-3ः तेजस्वी ने अपने विधायक पर कार्रवाई क्यों नहीं की? जवाबः कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन एक बड़ा कारण प्रतिपक्ष की कुर्सी माना जा रहा है। इसे ऐसे समझिए… तेजस्वी यादव की RJD के अभी 25 विधायक हैं। बिहार में विधानसभा की 243 सीटें हैं। तेजस्वी को मिलती है मंत्री वाली सुविधा नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। इस तरह तेजस्वी यादव को कैबिनेट मंत्री वाली सारी सुविधाएं मिल रही हैं। सरकारी बंगला और उन्हें हर महीने 2 लाख 60 हजार रुपए सैलरी मिलती है। यह घट-बढ़ सकती है। इसके अलावा कई सुविधाएं मिलतीं हैं... अगर नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी गई तो तेजस्वी से मंत्री वाली सुविधा वापस ले ली जाएगी। विधायक वाली सुविधा मिलेगी। सरकारी बंगला खाली करना पड़ सकता है। विधायक फ्लैट में जाना पड़ सकता है। सवाल-4ः कांग्रेस ने दगाबाज विधायकों पर क्या कार्रवाई की? जवाबः राज्यसभा चुनाव के दूसरे दिन बिहार कांग्रेस ने अपने 3 विधायकों सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अब प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने तीनों के जवाब को पार्टी आलाकमान को भेज दिया है। साथ ही पार्टी संविधान के मुताबिक कार्रवाई की अनुशंसा की है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति के प्रमुख कपिलदेव यादव ने कहा कि तीनों पर लगे आरोप और उनकी ओर से दिए गए जवाब के आधार पर पार्टी नेतृत्व इनके खिलाफ कार्रवाई के बारे में फैसला करेगा। सवाल-5ः कांग्रेस क्या अपने विधायकों पर सख्त कदम उठा सकती है? जवाबः अभी तक की ढुलमूल नीति से लगता तो नहीं है। इसके 2 बड़े कारण हैं। 1. RJD खुद अपने विधायक पर कार्रवाई करने में पीछे राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की तरफ से RJD (राष्ट्रीय जनता दल) ने अपना प्रत्याशी उतारा था। खुद RJD का एक विधायक वोटिंग से गायब रहा। पार्टी ने उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। पॉलिटिकल एनालिस्ट प्रियदर्शी रंजन कहते हैं, ‘जब RJD अपने प्रत्याशी से दगाबाजी करने वाले पर ही नरम है तो कांग्रेस अपने विधायकों पर क्यों कार्रवाई करेगी। ज्यादा संभव है कि पार्टी कोई सख्त कदम नहीं उठाएगी।’ 2. पार्टी जानती है- हमारी कार्रवाई से नहीं जाएगी सदस्यता बिहार में कांग्रेस के 6 विधायक हैं। चुनाव के 4 महीने बीत जाने के बाद भी आज तक विधायक दल का नेता नहीं चुना जा सका है। विधायक दल का नेता नहीं चुने जाने के चलते सचेतक (व्हिप) नहीं नियुक्त हो सका है।
नालंदा के मघड़ा शीतला माता मंदिर में मंगलवार को 25 हजार श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद थी। मंदिर के पुजारी दिलीप पांडे ने 24 घंटे के लिए 90 हजार रुपए में मिथिलेश पांडे को मंदिर का ठेका दे दिया। टारगेट था श्रद्धालुओं से एक दिन में 3 लाख रुपए कमाना। इसके लिए मंदिर के एग्जिट गेट भी बंद कर दिए गए और श्रद्धालुओं की जान दांव पर लगा दी गई। यह खुलासा दैनिक भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में हुआ है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पढ़िए और जानिए कि मंदिर के अंदर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भगदड़ मच गई? मंदिर के पुजारियों से ऐसी कौन-सी चूक हुई, जिसकी वजह से 9 लोगों की जान चली गई। मंगलवार सुबह 9:30 बजे नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ मची, जिसमें 8 महिला समेत 9 लोगों की मौत हो गई। चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार होने की वजह से श्रद्धालुओं की भीड़ काफी ज्यादा थी। दैनिक भास्कर के इन्वेस्टिगेशन में खुलासा हुआ है कि मंदिर के पुजारियों ने श्रद्धालुओं से 3 लाख रुपए कमाने का टारगेट रखा था। इसके लिए पुजारी पिछले दरवाजे से पैसे लेकर श्रद्धालुओं को एंट्री दे रहे थे। भीड़ लगातार बढ़ रही थी, लेकिन पुजारी पैसे वसूलने में व्यस्त थे। VIP एंट्री के लिए 500 से 1000 रुपए की डिमांड सबसे पहले रिपोर्टर मंदिर के उस स्थान पर पहुंचा, जहां भगदड़ मची थी और लोगों की मौत हुई थी। घटना स्थल मंदिर परिसर से लगभग 1 फीट गहरा था। रिपोर्टर ने चश्मदीदों से मिलकर यह जानने की कोशिश की कि भगदड़ की शुरुआत कैसे हुई। मौके पर मौजूद संतोष कुशवाहा ने बताया कि श्रद्धालुओं को रोकने के लिए मंदिर के मुख्य गेट को बांस से घेर दिया गया था। बांस को नारियल की रस्सी से बांधा गया था। वहां मंदिर के वॉलेंटियर अनुज पांडे और अवधेश पांडे खड़े थे। दोनों वॉलेंटियर बांस खोलकर एक बार में 20-25 श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश दे रहे थे। दूसरी तरफ, मंदिर के पिछले दरवाजे पर पुजारी 500-1000 रुपए लेकर VIP एंट्री दे रहे थे। इसके कारण मंदिर के सामने लंबी लाइन लगती चली गई। जब भी वॉलेंटियर बांस खोलकर श्रद्धालुओं को अंदर जाने देते, लाइन में लगे दूसरे लोग धक्का-मुक्की करते हुए भीतर घुसने की कोशिश करने लगते थे। जहां बांस बांधा गया था, वह स्थान करीब एक फीट गहरा था। इसी वजह से धक्का-मुक्की के दौरान कई श्रद्धालु असंतुलित होकर नीचे गिरने लगे, जिससे हालात और बिगड़ गए। भीड़ के दबाव से रस्सी टूटी, एक के बाद एक गिरने लगे श्रद्धालु मंदिर के गर्भगृह में पिछले दरवाजे से एंट्री दी जा रही थी, जिसके कारण मुख्य लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। जो श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंच रहे थे, उनसे बिना पैसे लिए पुजारी पूजा नहीं करने दे रहे थे। इस कारण अंदर से बाहर निकलने में भी अधिक समय लग रहा था। ऐसे में बाहर लाइन में खड़े श्रद्धालु लगातार धक्का-मुक्की कर मंदिर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे। इससे बांस पर लगातार दबाव पड़ रहा था। बार-बार दबाव पड़ने से बांस को बांधने वाली रस्सी टूट गई। रस्सी टूटते ही लाइन में खड़े हजारों श्रद्धालु एक साथ गर्भगृह की ओर बढ़ गए। इसकी वजह से कई महिलाएं असंतुलित होकर गिर गईं। पीछे से आ रही भीड़ उनके ऊपर चढ़ती चली गई, जिससे करीब डेढ़ दर्जन महिलाएं और पुरुष दब गए। इधर मंदिर के दोनों एग्जिट गेट पर अन्य पुजारी पैसे लेकर वीआईपी एंट्री देने में लगे हुए थे। गर्भगृह के दोनों गेट बंद थे, जिसकी वजह से गर्भगृह में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। अफरा-तफरी के बीच लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरते चले गए। जो नीचे दब गए, उनकोउठने का मौका नहीं मिला। रामसूरत सिंह ने बताया कि मंदिर में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि लोग आगे बढ़ने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे थे। इसी दौरान वहां मौजूद वॉलेंटियर्स श्रद्धालुओं पर लाठियां भांजने लगे। इससे भीड़ और ज्यादा अनियंत्रित हो गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। मंदिर के निकास द्वार पर भी भारी भीड़ जमा थी, जिससे गर्भगृह में मौजूद श्रद्धालु अंदर ही फंस गए थे। भास्कर रिपोर्टर जब मंदिर परिसर में पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि मंदिर में एक एंट्री गेट और दो एग्जिट गेट हैं। मंदिर के गर्भगृह में एक समय में मुश्किल से 20-25 लोग ही जा सकते हैं। इन्वेस्टिगेशन के दौरान यह सामने आया कि मंदिर के पुजारियों ने दोनों एग्जिट गेट आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए थे और वहां से VIP एंट्री दी जा रही थी। जिसके कारण आम श्रद्धालुओं की लाइन लगातार लंबी होती गई। यह लाइन करीब 1 किलोमीटर तक पहुंच गई थी, जिसमें लगभग 5 हजार लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बिना पैसे लिए पुजारी करने नहीं देते पूजा मंदिर में गुड्डू पासवान नाम का एक युवक मिला, जो घटना के दौरान वहीं मौजूद था। गुड्डू ने बताया कि मंदिर के पुजारी बिना पैसे लिए न तो पूजा कराते हैं और न ही माता का दर्शन करने देते हैं। मंदिर के पीछे की ओर खुलने वाले एग्जिट गेट पर पुजारी खड़े होकर पैसे लेने के बाद ही श्रद्धालुओं को अंदर जाने दे रहे थे। वीआईपी एंट्री के कारण ही भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, श्रद्धालुओं की लाइन और लंबी होती गई। गुड्डू के मुताबिक, पुजारी हर श्रद्धालु से पैसे मांग रहे थे, जिसके कारण पुजारियों से कई श्रद्धालुओं का विवाद हुआ। इसी दौरान बांस के बाहर खड़े लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर बाद बांस की रस्सी अचानक टूट गई। भीड़ में आगे खड़े श्रद्धालु गर्भगृह की सीढ़ियों पर गिर पड़े और पीछे से आ रही भीड़ उन्हें कुचलते हुए आगे बढ़ गई। अफरा-तफरी के बीच भीड़ छंटी, तो जगह-जगह लाशें बिखरी पड़ी थीं। गुड्डू ने बताया, वह मंजर बेहद डरावना और भयावह था। नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ को लेकर अलग-अलग लोगों ने अलग-अलग वजहें बताईं। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ में एक महिला की मौत की अफवाह फैल गई, जिसके बाद लोग पीछे हटने लगे। इसी दौरान कुछ लोग धक्का-मुक्की करते हुए आगे बढ़ने लगे, जिससे स्थिति अनियंत्रित हो गई। वहीं, घटना के समय मौके पर मौजूद पूजा देवी ने बताया कि एक महिला पूजा करने के लिए झुकी, उसके गले से किसी ने सोने की चेन चुरा ली। जब महिला को इसका पता चला, तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। यह देखकर आसपास की महिलाएं भी अपने गहने जांचने लगीं। इसी बीच पीछे से अचानक तेज धक्का लगा और बांस टूट गया। बांस टूटते ही लाइन में लगी भीड़ तेजी से अंदर घुसने लगी और लोग एक-दूसरे पर चढ़ते चले गए, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। महिला का ये भी कहना है कि बिना पैसे लिए नारियल तक फोड़ने नहीं दिए जाते। एक नारियल फोड़ने के 100 रुपए लिए जाते हैं। नारियल फोड़ने के लिए भी गर्भगृह में भारी भीड़ मौजूद थी। हर दिन अलग-अलग पुजारी कराते हैं पूजा, रेट भी तय अब सवाल था कि मंदिर के पुजारी पिछले दरवाजे से एंट्री क्यों दे रहे थे और बिना पैसे लिए पूजा क्यों नहीं करवा रहे थे। इस पॉइंट पर जब भास्कर ने इन्वेस्टिगेशन किया तो पता चला कि मंदिर को हर दिन अलग-अलग लोगों को पैसे पर ठेका दिया जाता है। पुजारी इस कोशिश में रहते हैं कि ठेके में लगाया गया पैसा एक ही दिन में वसूल लिया जाए। इसी वजह से हर दिन अलग-अलग पुजारी का टर्म रहता है। मंगलवार को दिलीप पांडे का पूजा कराने का टर्म था। जब दिलीप पांडे से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह मंदिर काफी पुराना है। गांव में करीब 60 ब्राह्मण परिवार हैं, जो इस मंदिर में पूजा कराते हैं। अलग-अलग दिन अलग-अलग परिवारों की बारी होती है। पहले यह जिम्मेदारी एक ही परिवार के पास थी, लेकिन जैसे-जैसे परिवार बढ़ता गया, वैसे-वैसे आपसी सहमति से अलग-अलग दिनों का बंटवारा कर लिया गया। मंदिर के सामने दुकान चलाने वाले अजय ने बताया कि मंदिर पर गांव के ही कुछ पंडितों का कंट्रोल है। इनके साथ ही पूजा कराने के लिए अलग-अलग दिनों की टर्म तय रहती है। जिस दिन जिस पंडित की बारी होती है, उस दिन वह पूजा कराने का अधिकार अपने पास रखता है। अजय के अनुसार, इन पंडितों के बीच आपस में बोली भी लगती है। जो सबसे ज्यादा बोली लगाता है, उसे उस दिन का अधिकार मिल जाता है। इसके बाद वह अधिक कमाई के लालच में बिना पैसे लिए किसी भी श्रद्धालु को पूजा नहीं करने देता है। ज्यादा कमाने के लिए पुजारी VIP एंट्री करवाते हैं वहीं, घटना के दौरान मौके पर मौजूद मघड़ी गांव के संतोष कुशवाहा ने बताया कि भले ही गांव के अलग-अलग परिवारों का अलग-अलग दिन टर्म आता है, लेकिन सभी परिवार मंदिर में पूजा कराने नहीं आते। कुछ ही परिवार नियमित रूप से पूजा कराते हैं। जिस दिन जिस परिवार का टर्म होता है, उस दिन वे आपस में बोली लगाते हैं और फिर कोई एक व्यक्ति या पुजारी उस दिन का ठेका ले लेता है। जिस परिवार का टर्म रहता है, वह एक दिन के लिए करीब 1 लाख रुपए तक की बोली लगाता है। इसके बाद ठेका लेने वाले पुजारी कोशिश करते हैं कि एक ही दिन में इससे ज्यादा रकम वसूल सकें। मंगलवार को चैत्र महीने का आखिरी मंगलवार होने के कारण भीड़ ज्यादा होने की उम्मीद थी, इसलिए 90 हजार रुपए की बोली लगी थी। बोली की रकम से ज्यादा कमाई करने के लिए पुजारी पिछले दरवाजे से श्रद्धालुओं को एंट्री दे रहे थे और हर व्यक्ति से पैसे वसूल रहे थे। बिना पैसे लिए किसी को पूजा करने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इससे मंदिर के सामने भीड़ लगातार बढ़ती गई। स्थिति और गंभीर तब हो गई, जब अंदर भीड़ पहुंचने के बावजूद निकास के दोनों गेट बंद थे। अगर दोनों गेट खुले होते, तो भीड़ आसानी से बाहर निकल सकती थी, लेकिन गेट पर पुजारी खड़े थे, जिसके कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए और हालात बेकाबू हो गए। भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत का वीडियो सामने आया इधर, इस भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत का वीडियो भी सामने आया है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं जमीन पर पड़ीं दिख रही हैं। लोग उन्हें उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग लोगों को आगे धक्का देते दिखाई दे रहे हैं। कुछ महिलाएं बांस की बैरिकेडिंग को पकड़कर बचने की कोशिश कर रही हैं। लोगों के चिल्लाने की आवाज आ रही हैं। लोग कह रहे हैं डरो मत, आओ, हाथ दो। घबराओ मत। अरे उसे पहले बचाओ। मंदिर अध्यक्ष, सचिव-कोषाध्यक्ष समेत 20 पर FIR वहीं, दीपनगर थाने की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन पर मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत 20 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी। गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध पैदा किया गया ताकि अवैध वसूली की जा सके। भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई। अब तक इस मामले में नामजद पुजारी अनुज कुमार पांडे, अवधेश कुमार मिश्रा, विवेकानंद पांडे, निरंजन कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पूरी खबर पढ़ें… ------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नालंदा भगदड़ में 9 मौतें- लापरवाही के 5 जिम्मेदार चेहरे:DM-SP राष्ट्रपति के कार्यक्रम में व्यस्त, थाना प्रभारी भीड़ देखने नहीं गए, मंदिर वाले पैसे वसूलते रहे नालंदा के शीतला माता मंदिर में मंगलवार (31 मार्च) को भगदड़ हुई। इसमें 9 लोगों की मौत हो गई। सुबह 9.30 बजे हादसा हुआ और शाम होते-होते प्रशासन की तरफ से सबकुछ सामान्य दिखाने की कोशिश की गई। मृतकों के परिजन को मुआवजा राशि दी गई। मंदिर में संध्या आरती भी की गई। मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा में राष्ट्रपति के दौरे के चलते जब पूरा इलाका हाई अलर्ट पर था, उस वक्त हुए इस हादसे के बाद प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पूरी खबर पढ़ें…
कनाडा के सरे शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में कमेटी कंट्रोल को लेकर हिंसक झड़प हो गई। खालिस्तानी गुट ने बुजुर्गों द्वारा चलाई जा रही सोसायटी पर कब्जा करने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की और मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें गुरुद्वारे के हॉल में भीड़ और हिंसा दिख रही है। यह वीडियो 30 मार्च का बताया जा रहा है। दरअसल 30 मार्च को गुरुद्वारे में बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों के बीच बैठक चल रही थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने बैनर लगाकर कमेटी पर कब्जा करने की कोशिश की। संगत ने इसका विरोध किया तो माहौल बिगड़ गया। लोग धक्का-मुक्की करने लगे और बात हाथापाई तक पहुंच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। यह गुरुद्वारा खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर से जुड़ा माना जाता है, जिनकी 2023 में यहीं की पार्किंग में हत्या हो गई थी। उसके बाद से यहां कमिटी कंट्रोल को लेकर तनाव बना हुआ है। गुरुद्वारा साहिब के कंट्रोल को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं। खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इस वजह से सरे में रहने वाले सिख खालिस्तान समर्थकों का विरोध करने लगे हैं। 88 सेकेंड के वायरल वीडियो में क्या हो रहा है, सिलसिलेवार जानिए… दोनों पक्षों के अपने-अपने दावेएक पक्ष का कहना है कि 7 साल से निज्जर समर्थक गुट गुरुद्वारे पर कब्जा किए हुए है। बुजुर्गों की पुरानी कमेटी को हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे खालिस्तान समर्गुथकों के गुट की साजिश बताया है। दूसरी ओर, गुरुद्वारे के कुछ समर्थक और वैंकूवर सरे टाइम्स जैसे अकाउंट्स ने इसे सुनयोजित घटना करार दिया है। उन्होंने दावा किया कि पेड इंडियन गुंडों ने गुरुद्वारे में घुसकर हिंसा फैलाई। सोशल मीडिया पोस्ट में इसे विदेशी दखलंदाजी बतायाऔर कहा कि यह सिख संस्थानों की संप्रभुता पर हमला है। सोशल मीडिया पर हो रही वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर गुरुद्वारा साहिब के अंदर हो रही लड़ाई का वीडियो वायरल हो रहा है। दोनों गुटों के समर्थक अपने अपने हिसाब से इस वीडियो को वायरल कर रहे हैं। बुजुर्ग कमेटी वाले खालिस्तान समर्थकों पर गुरुद्वारा साहिब पर कब्जा करने के आरोप लगा रहे हैं जबकि खालिस्तान समर्थक बुजुर्ग कमेटी के सदस्यों को भारत का एजेंट बता रहे हैं।
पंजाबी सिंगर रमन लखेसर ने अपने कंट्रोवर्शियल सांग “बादलां दा गढ़ लंबी थाना में बादलों” वाली लाइन हटाए जाने के बाद AAP सरकार को इनडायरेक्ट जवाब दिया है। गीत को लेकर हुई कंट्रोवर्सी के बाद रमन लखेसर ने नया गीत बाउंस बैक रिलीज किया। इसे रिलीज करते हुए लिका कि फ्रीडम विगनस भेयर फीयर एंडस (जहां से डर खत्म होता है वहीं से आजादी शुरू होती है)। नए गीत ने पंजाब सरकार को भी टारगेट करते हुए लिखा है कि, जब से बादलां दा गढ़ लंबी थाना ट्रेंड करने लगा तो दिल्ली की टीम ने मुझे ढूंढना शुरू कर दिया। दिल्ली की टीम पूछ रही है कि जरा पता तो करो कि ये रमन लखेसर चीज क्या है। अपने नए गीत से पंजाबी सिंगर ने फिर से लंबी थाने वाली लाइन एड कर दी है। अभी नए गीत को लेकर आम आदमी पार्टी नेताओं की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नए गीत में रमन लखेसर ने लिखा है कि, बादलों का लंबी पर उसी तरह से दावा रहेगा, जैसे पंजाब का चंडीगढ़ पर है। कल को यानी आने वाले इलेक्शन में क्या होगा, कोई नहीं जानता, लेकिन लंबी बादलों का गढ़ रहा है और हमेशा रहेगा। गीत में ये भी लिखा गया है कि, लंबी की चढ़ाई तो शुरू से ही रही है। रब्ब चाहे कि ये चढ़ाई ऐसे ही बनी रहे। मैंने कॉपी करके गीत नहीं लिखे हैं : रमन रमन लखेसर ने पिछले गीत माई वर्ल्ड-2 की कंट्रोवर्सी को लेकर कहा कि, कई लोग हमारी तरफ घूर-घूरकर देखते हैं। मैंने कभी इधर-उधर से कॉपी करते गीत नहीं लिखे हैं। बावजूद इसके मेरी लिखी लाइनों को काट दिया जाता है। जब भी मैं लिखता हूं तो सबको मेरी क्लास का पता लग जाता है क्योंकि मैं ठोककर लिखता हूं। शिअद नेता सुखबीर बादल पर गाए इस गाने की लिरिक्स में से जाणदा निआणा की सियाणा बल्लिए, बादलां दा गढ़ थाना लंबी बल्लिए वाली लाइन को हटा दिया गया है। गाने को सिंगर रमन लखेसर ने गाया है। 9 महीने पहले रिलीज हुए इस गाने पर पहले भी बादलों का नाम लेने पर कंट्रोवर्सी हो चुकी है। बता दें कि, 25 नंबर को रिलीज पुराने गीत की कंट्रोवर्सी पर सिंगर ने कहा था कि, बादलां दा गढ़ वाली लाइन किसी ने उससे नहीं डलवाई है, बल्कि वह इसी इलाके का रहने वाला है, तो ये लाइन नेचुरली उसके दिमाग में आई थी तो गाने में डाली है। बादलों की तारीफ को नकारा सिंगर ने बादलों की तारीफ के आरोपों को भी नाकारा था। गीत से ये लाइन हटने के बाद यूथ अकाली दल ने इसे लेकर AAP सरकार को घेरा था। उन्होंने आरोप लगाया कि आप की शह पर इस गीत से बादलों का नाम हटाया गया है। यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंझर ने एक्स पर वीडियो जारी कर कहा था कि सरकार बादलों के नाम से बौखला चुकी है। अब गीतों पर सेंसिरशिप' लगाने जैसा काम किया जा रहा है। पढ़ें] लखेसर ने नए के लिरिक्स क्या जवाब दिया... यारी ए जट्टां दी छोलियां दा वड्ड नी,तूं खड़ी रहीं बस पिछे पैर गड्ड नीं।आ लुंग लाणा सांभ लूं मैं आपे गोरीए,जे मन्न दे मना लै कल्ले मापे गोरीए।अड़ वैड़ पुणा फुल्ल, जग्ग जाणदा ए कुल,कुड़े बंदा मैं शरीफ साहब दा।ओ तेरे उत्ते दावा साड्डा इदां सोहणीए,नीं जिवें चंडीगढ़ उत्ते आ पंजाब दा। चेलियां चपाटियां नूं रक्खां घूर के।साड्डे नाल साले फिरदे आ खैहण नूं।मैं लैणा चक्क चक्क कदे लिखे गीत नीं।हां कट लग्ग जांदा साड्डी लिखी लैण ते।रखदी ए फट्टी पोच जदों लिखां ठोक-ठोक।पता लग्ग जांदा हुंदा नीं क्लास दा।ओ तेरे उत्ते दावा साड्डा इदां सोहणीए,नीं जिवें चंडीगढ़ उत्ते आ पंजाब दा। संघियां दा बण्या जो काली यूनी च,पुच्छीं कौण बिल्ला धालीवाल यूनी च।ओ गल्ल जित्थे धौण विच्च आ जे किल्ले दी,कल्ला ही वाधू सुणदी आ पिट्ठ बिल्ले दी।चैक करनी जे तढ़ देओ दोष ना जी मढ़,सिर साड्डे उत्ते महौल जे खराब दा।तेरे उत्ते दावा साड्डा एदां सोहणीए नी, जिवें चंडीगढ़ उत्ते आ पंजाब दा। जाणदा निआणा की सिआणा बलिए,नीं बादलां दा गढ़ लंबी ठाणा बलिए।लंबी दी चढ़ाई तां रही आ मुड्ढ तों, ते रब्ब रक्खे सुक्ख इदां ही रहू मिट्ठीए।कल्ल की आ होणा एह तां रब्ब जाणदा, साड्डे हुंदे तां ओ दब्बदा ही रहू मिट्ठीए।एह लखेसर के चीज पुच्छे दिल्ली वाली टीम, गाणा करदा ट्रेंड जदों यार दा।तेरे उत्ते दावा साड्डा इदां सोहणीए नी, जिवें चंडीगढ़ उत्ते आ पंजाब दा। इधरों जैकारा, उत्थों सुणू चीक नी, हत्थ तूं यारां दा केरा पै लैण दे।छड्ड के गए जो सानूं ओ वी याद ने, साले बैंददे आ जड़ां च कोई ना बैह लैण दे।कित्थे छड्डदे आ हिंड बिल्लो बॉडरां ते, पिंड रौला निजी नीं किसे ना, है विचार दा।तेरे उत्ते दावा साड्डा एदां सोहणीए नी, जिवें चंडीगढ़ उत्ते आ पंजाब दा। गीत में जिस बिल्ला धालीवाल का नाम लिया वो कौन… बिल्ला धालीवाल उर्फ रविंदर सिंह बिल्ला पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की छात्र राजनीति से उभरे छात्र नेता हैं। बिल्ला का सीधे तौर पर किसी पार्टी से संबंध नहीं है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के सदस्य हैं। हाल ही में हुए पंजाब यूनिवर्सिटी आंदोलन में उनका नाम सुर्खियों में आया था। बिल्ला को शिरोमणि अकाली दल के छात्र संगठन (SOI) और कांग्रेस समर्थित नेताओं के साथ मंच साझा करते देखा गया है। कांग्रेस विधायक दलवीर सिंह गोल्डी भी उनके चुनाव और आंदोलनों में उनका समर्थन कर चुके हैं। बिल्ला छात्र आंदोलन के समय आम आदमी पार्टी के खिलाफ काफी मुखर रहा था। जानिए, यूथ अकाली दल ने क्या कहा था...
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संसद में निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं की आड़ में की जा रही कथित लूट का मुद्दा उठाया। शून्यकाल के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे बुनियादी मुद्दे पर गरीब लोगों के साथ हो रहे शोषण और मरीज को ‘ग्राहक’ समझने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सदन में मांग की कि निजी अस्पतालों और बीमा कंपनियों की मनमानी पर लगाम कसी जाए। सीचेवाल ने कहा कि बीमा कंपनियों की शर्तें सरल और मातृभाषा में होनी चाहिए, ताकि उन्हें आसानी से पढ़ा और समझा जा सके। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने सुझाव दिया कि देश को पंजाब के मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के पैटर्न पर चलना चाहिए। इस योजना के तहत पंजाब में 10 लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर पूरे देश में आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। देश में पीजीआई जैसे और अस्पताल बनाएं जाएं : सीचेवाल सांसद ने बताया कि निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से बचने के लिए लोग चंडीगढ़ के पीजीआई जैसे सरकारी अस्पतालों का रुख करते हैं। हालांकि, वहां पहले से ही आठ राज्यों के मरीजों के आने से भारी दबाव है। उन्होंने मांग की कि देश में पीजीआई जैसे और अस्पताल बनाए जाने चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि जहां पहले डॉक्टर को दूसरा भगवान माना जाता था और स्वास्थ्य सेवाओं को एक पवित्र कार्य के रूप में देखा जाता था, वहीं अब यह एक बड़े मुनाफे वाले व्यवसाय में बदल गया है। निजी चिकित्सा सुविधाएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। बीमा कंपनियों पर कार्रवाई की मांग सीचेवाल ने कहा कि बीमा कंपनियां बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा तो करती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे पॉलिसी की शर्तों को इतना जटिल बना देती हैं कि आम आदमी खुद को ठगा हुआ महसूस करता है। बीमा कंपनियों और निजी अस्पतालों की इस व्यवस्था ने आम आदमी को एक ऐसे जाल में फंसा दिया है, जहां बीमारी से ज्यादा डर इलाज का हो गया है। संत सीचेवाल ने बातचीत के दौरान बताया कि महंगे इलाज के कारण कई बार परिवारों को अपनी जमा-पूंजी, गहने, यहां तक कि जमीन-जायदाद और घर तक बेचने पड़ जाते हैं।
श्रीमद जगद्गुरु मलूक दास जी महाराज का 452 वां जयंती महोत्सव भगवान सीताराम जी की निकुंज अष्टयाम लीला दर्शन एवं रस चर्चा के साथ मनाया जा रहा है। भगवान सीताराम जी की निकुंज अष्टयाम लीला का ब्रज में पहली बार आयोजन किया जा रहा है। इससे पहले करीब 225 वर्ष पहले अयोध्या के कनक भवन में यह लीला की गई थी। 7 अप्रैल को आयेंगे संघ प्रमुख वृंदावन के पानीघाट चौराहा स्थित श्री पहाड़ी बाबा भक्तमाली गौशाला में आयोजित इस आयोजन में 7 अप्रैल को संघ प्रमुख शिरकत करेंगे। कार्यक्रम के बारे जानकारी देते हुए श्रीमद जगद्गुरु द्वाराचार्य श्री अग्र पीठाधीश्वर एवं श्री मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉ राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज ने बताया कि ऐसा आयोजन प्रथम बार लगभग 225 वर्ष पूर्व अयोध्या कनक भवन में आयोजित किया गया था। उसके बाद से पहली बार श्री श्यामा श्याम जी की दिव्य लीलास्थली में आयोजित किया जा रहा है। भगवान सीताराम और श्यामा श्याम की लीला में नहीं पता चल रहा भेद राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने बताया कि रसिक संतों की पदावली और छंदों को गहनता से सुनने के बाद कहीं भी यह भेद नहीं जान पड़ता कि श्री सीताराम जी की अष्टयाम लीला और श्यामश्याम जी की कोई भी भिन्नता है। एक ही राग और भाव हैं, जिसका दर्शन और श्रवण का समस्त ब्रजवासियों के साथ साथ समस्त देश के विभिन्न स्थानों से आए श्रद्धालुओं द्वारा लाभ लिया जा रहा है। नामी गिरामी संत महंत होंगे उत्सव में शामिल राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज ने बताया कि जयंती उत्सव के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत 7 अप्रैल को मलूक दास जी महाराज का समाधि पूजन करेंगे। उन्होंने बताया कि आयोजन के दौरान देश के प्रसिद्ध संत, महंत भी सहभागिता करेंगे। इस अवसर पर स्वामी श्री हरिदास जी की परंपरा के संत गोरेलाल पीठ वाले महाराज जी ने श्री कुंज बिहारी जी के निर्देशन में आयोजित अष्ट याम लीला को रसिकों के लिए सर्वोपरि महत्व वाली साधना का एक सार बताया। आयोजन के विषय में बताते हुए श्री राधावल्लभ संप्रदाय के अन्यान्योपासक रसिक संत श्री रसिक माधव दास जी महाराज ने बताया कि जयंती महोत्सव में सिर्फ अष्ट याम लीला के दर्शन के साथ ही श्री निकुंज अष्ट याम लीला की रस चर्चा मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी के श्री मुख से सुनने को जो अवसर हम सभी को मिला है, यह सौभाग्य का विषय है। 8 दिन 8 पहर में होगा लीला का मंचन इस अवसर पर श्री सीता राम जी की निकुंज अष्ट याम लीला के अंतर्गत वन बिहार, स्नान एवं श्रृंगार लीला के मंचन एवं लीला रस चर्चा ने समस्त परिसर को भक्ति भाव मय कर दिया। भगवान सीताराम जी की अष्ट्यम लीला 8 दिन अलग अलग 8 पहर में होगी। इस अवसर पर गंगा दास जी महाराज, अनुराग दास जी महाराज परम हंस जी सहित अन्य संत भी उपस्थित रहे।
एमपी में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से पिछले 72 घंटे से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बदला रहा। वहीं, गुरुवार को भोपाल, इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि निमाड़ के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले भी गिर सकते हैं। अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं। 50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम… देखिए, बुधवार को मौसम बदलने की तस्वीरें… नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री, जबलपुर में भी दिन गर्म रहा प्रदेश में बुधवार को बारिश, आंधी और ओले वाले मौसम के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.6 डिग्री, रायसेन, दमोह-सागर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में तापमान 38.4 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री और उज्जैन में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी ये सिस्टम एक्टिव प्रदेश में अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से आंधी, बारिश और ओले का दौर चल रहा है। वहीं, प्रदेश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में दो चक्रवात और सक्रिय है। अप्रैल के पहले सप्ताह में ऐसा ही मौसम वर्तमान में प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल रही है। वहीं, 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसकी वजह से 10 अप्रैल तक कहीं आंधी चलेगी तो कहीं बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम आगे लौट जाएगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं, दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन, धार में बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल महीने में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में भी गर्म हवाएं चलती हैं। इस वजह से यहां भीषण गर्मी पड़ती है। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा। अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलग मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान सामान्य से 5C ज्यादा होने पर हीट वेव मानी जाती है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए इसका आधार अलग होता है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी में शुरुआत से ही दो बार ओले, बारिश और आंधी आई, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे कराया। 18 फरवरी से तीसरा दौर रहा, जिसका असर 19-21 फरवरी तक रहा। चौथा दौर 23-24 फरवरी को ओले-बारिश के रूप में आया। मार्च में गर्मी की शुरुआत हुई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हुई और एक दौर 4 दिन चला। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चित्रकूट में आंधी और बारिश से दीप सज्जा कार्यक्रम प्रभावित हुआ। चौथा दौर 29-30 मार्च को रहा। 30 मार्च को आधे प्रदेश में कहीं आंधी-बारिश और कहीं ओले गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड... एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक युवक ने 2 लड़कियों से शादी की है। एक ही मंडप में उसने दोनों दुल्हन के साथ सात फेरे लिए और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। लेकिन आदिवासी समाज ने इस शादी को लेकर नाराजगी जताई है। आदिवासी समाज ने कहा, ऐसी शादी का समाज समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह उनकी परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है। युवक ने युवतियों को बहला-फुसलाकर शादी की है। प्रशासन इसकी उच्च स्तरीय जांच करें और सख्त कार्रवाई की जाए। समाज का कहना है कि प्रशासन यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, तो वे आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं। दरअसल, युवक की 2 लड़कियों से शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वीडियो में दूल्हा दोनों दुल्हनों का हाथ थामकर अग्नि के फेरे लेते नजर आ रहा है। जश्न के दौरान दोस्तों और ग्रामीणों ने जमकर डांस करते दिखाई दिए। यह मामला फरसगांव ब्लॉक के बैलगांव का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- अब जानिए पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, युवक का नाम हितेश यादव है, जो कि खेती किसानी करता है। हितेश की पहली पत्नी शंकरपुर की रहने वाली फुलबती और दूसरी पत्नी बनियागांव गांव की रहने वाली यामिनी है। दूल्हे ने बताया कि पहली लड़की ने मेरा प्रपोजल ठुकरा दिया था, जबकि दूसरी ने तुरंत हां कह दी। इसके बाद पहली लड़की ने भी हां कह दिया। हालात ऐसे बने की दोनों ही शादी के लिए राजी हो गईं। पूरे विधि-विधान से रस्में हुईं विवाह खुले तौर पर गाजे-बाजे के साथ संपन्न हुआ, जिसमें 23 मार्च 2026 को मंडपाच्छादन और हरिद्रालेपन (हल्दी) की रस्में हुईं, जबकि 24 मार्च 2026 को पाणिग्रहण, लग्न और आशीर्वाद समारोह आयोजित किए गए। सभी रस्में पारंपरिक तरीके से पूरी की गईं। ग्रामीणों के अनुसार तीनों परिवारों की रजामंदी, समाज के बुजुर्गों के आशीर्वाद के साथ यह विवाह हुआ ताकि भविष्य में विवाद न हो। सर्व आदिवासी समाज ने जताया विरोध इस मामले पर सर्व आदिवासी समाज ब्लॉक फरसगांव के अध्यक्ष ईश्वर कोर्राम और अन्य पदाधिकारियों ने फरसगांव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ऐसी शादी का समर्थन नहीं करता है, क्योंकि यह उनकी परंपराओं और सामाजिक मर्यादाओं के विपरीत है। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि युवक ने दोनों युवतियों को बहला-फुसलाकर शादी की है। उन्होंने इसे नैतिक रूप से गलत और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला बताया। समाज ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है। आदिवासी समाज में परंपरा अलग इस मामले में अधिवक्ता निपेंद्र मिश्रा ने बताया कि हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत कोई व्यक्ति दो विवाह नहीं कर सकता। दूसरा विवाह तभी संभव है, जब पहली पत्नी से विधिवत तलाक लिया गया हो। हालांकि, आदिवासी समाज में अक्सर एक से अधिक विवाह की परंपरा देखी जाती है। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बॉयफ्रेंड ने एक ही मंडप में 2-गर्लफ्रेंड संग रचाई शादी:पहली ने प्रपोजल ठुकराया, दूसरी ने एक्सेप्ट किया, बाद में पहली भी मान गई छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक युवक ने दो लड़कियों से शादी की है। एक ही मंडप में उसने दोनों दुल्हन के साथ सात फेरे लिए और साथ जीने-मरने की कसमें खाईं। अब यह शादी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। पढ़ें पूरी खबर…
मध्यप्रदेश में किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की ताजा रिपोर्ट चौंकाने वाली तस्वीर पेश करती है। जहां एक तरफ डिंडौरी, बालाघाट और राजगढ़ जैसे जिले 70 से 79% तक कवरेज के साथ टॉप पर हैं, वहीं बड़े शहर इस दौड़ में पीछे छूट गए हैं। इंदौर महज 3.96 प्रतिशत कवरेज के साथ सबसे आखिरी स्थान पर है, जबकि राजधानी भोपाल भी 12.65% के साथ 43वें स्थान पर पहुंच गया है। यह स्थिति बताती है कि जागरूकता और संसाधनों के बावजूद बड़े शहरों में अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा। खास बात यह है कि बड़े शहर सिर्फ स्वास्थ्य के क्षेत्र में नहीं बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी पिछड़ते जा रहे हैं। इसी तरह का ट्रेंड हाल में जारी हुए 5वीं-8वीं के बोर्ड एग्जाम के दौरान देखने को मिला। देश के टॉप स्टेट में शामिल है मध्यप्रदेश राज्य स्तर पर एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान का कुल लक्ष्य 8 लाख 3 हजार 684 किशोरियों को टीका लगाने का है। अब तक 2 लाख 8 हजार 873 का टीकाकरण हो चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 25.99 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रदर्शन बेहतर है। टॉप स्टेट्स में एमपी शामिल है। हालंकि, शहरी क्षेत्रों के आंकड़े इस प्रदर्शन को कमजोर बना रहे हैं। हर साल सवा लाख महिलाएं आ रहीं चपेट में भारत में हर साल करीब 1.25 लाख महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की चपेट में आती हैं और लगभग 75 हजार महिलाओं की मौत हो जाती है। यह बीमारी धीरे-धीरे विकसित होती है और शुरुआती चरण में अक्सर लक्षण नहीं दिखते। डॉक्टरों का कहना है कि किशोरावस्था में वैक्सीनेशन भविष्य में इस बीमारी से बचाव का सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है। ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन अभिभावक यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा सीधे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर भी संपर्क किया जा सकता है। भोपाल में यह सुविधा 18 केंद्रों पर उपलब्ध है, जिनमें एम्स भोपाल, जिला अस्पताल, सिविल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। टीकाकरण के समय उम्र का प्रमाण, मोबाइल नंबर और अभिभावक की सहमति जरूरी होगी। टॉप पर छोटे जिले, 70% से ज्यादा कवरेज रिपोर्ट के अनुसार सबसे बेहतर प्रदर्शन डिंडौरी जिले का रहा है, जहां 79.26 प्रतिशत किशोरियों को टीका लगाया जा चुका है। इसके बाद बालाघाट (70.31%) और राजगढ़ (70.19%) दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।मंडला (67.74%), खरगोन (56.59%) और खंडवा (56.39%) भी 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज के साथ बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हैं। इन जिलों में स्वास्थ्य अमले की सक्रियता और जमीनी स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। 20 से 40% के बीच वाले जिले प्रदेश के कई जिले ऐसे हैं जहां टीकाकरण की रफ्तार औसत बनी हुई है। सागर (42.01%), रायसेन (39.62%), कटनी (35.41%) और मुरैना (33.92%) जैसे जिले 30 से 40 प्रतिशत के बीच हैं। इसी श्रेणी में जबलपुर (30.44%), टीकमगढ़ (30.86%) और सिवनी (30.66%) भी आते हैं। सबसे चौंकाने वाला पहलू बड़े शहरों का कमजोर प्रदर्शन है। इंदौर सिर्फ 3.96 प्रतिशत कवरेज के साथ प्रदेश में सबसे आखिरी स्थान पर है। भोपाल 12.65 प्रतिशत के साथ 43वें स्थान पर है, जबकि ग्वालियर 23.52 प्रतिशत और जबलपुर 30.44 प्रतिशत पर है। यह स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि इन शहरों में स्वास्थ्य सुविधाएं और संसाधन सबसे अधिक उपलब्ध हैं, फिर भी टीकाकरण की रफ्तार बेहद धीमी है। इन जिलों का प्रदर्शन भी चिंताजनकरिपोर्ट में कई जिले ऐसे भी हैं जहां स्थिति बेहद चिंताजनक है। रीवा (9.59%), धार (7.93%), शिवपुरी (7.88%) और इंदौर (3.96%) जैसे जिलों में टीकाकरण 10 प्रतिशत से भी नीचे है। इन जिलों में जागरूकता की कमी, टीकाकरण को लेकर हिचक और अभियान की कमजोर मॉनिटरिंग को संभावित कारण माना जा रहा है।
हरियाणा में भाजपा की कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और हिसार की नारनौंद विधानसभा से कांग्रेस MLA जस्सी पेटवाड़ आमने-सामने आ गए हैं। जस्सी पेटवाड़ ने एक पोस्ट डाली। जिसमें मंत्री श्रुति चौधरी की तोशाम रैली में भाषण की वीडियो डाली गई है। इसको लेकर दोनों आमने सामने आ गए हैं। विधायक जस्सी पेटवाड़ ने श्रुति चौधरी के भाषण पर चुटकी लेते हुए कटाक्ष किया। बता दें कि 31 मार्च को तोशाम में उन्नत सिंचाई उत्सव 2026 के शुभारंभ अवसर पर रैली का आयोजन किया गया। जिसमें बतौर मुख्यातिथि हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी पहुंचे। सीएम के कार्यक्रम के दौरान बारिश भी हुई। इसी रैली में कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी ने भाषण देते हुए कहा था कि प्रदेश के सीएम नायब सिंह सैनी आपका यहां पर भी आना जब होता है। मैं देखती हूं कि इंद्र देव हमेशा खुश होते हैं और हमेशा पानी बरसता है। इस बारिश ने किसान की साल भर की मेहनत बर्बाद कर दी इसी वीडियो को हिसार के नारनौंद विधानसभा से विधायक जस्सी पेटवाड़ ने अपनी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एडिट करके पोस्ट किया। जिसमें श्रुति चौधरी के भाषण के नीचे एक ओलावृष्टि की वीडियो भी लगाई गई है। इस पोस्ट के साथ विधायक जस्सी पेटवाड़ ने लिखा कि “इस बारिश ने किसान की साल भर की मेहनत बर्बाद कर दी, लेकिन मंत्री और सीएम को इसमें भी खुशी नजर आ रही है…! जमीन की हकीकत से इतनी दूरी क्यों?”
देश के पांच राज्यों में अगले तीन दिन मौसम में बदलाव रहेगा। मध्य प्रदेश के भोपाल में बुधवार दोपहर को बाद तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने भोपाल में ओले गिरने का अलर्ट भी जारी किया है। उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश हो रही है। बुधवार को लखनऊ-अमेठी समेत 20 शहरों में बारिश हो रही है। तेज हवाएं चल रही हैं। फर्रुखाबाद में देर रात ओले गिरे। मौसम विभाग ने प्रदेश के 40 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजस्थान में 2 अप्रैल से फिर एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने और उससे बारिश का दौर शुरू होने का अलर्ट है। राज्य में पिछले 24 घंटे में 10 जिलों के मौसम में दोपहर बाद बदलाव हुआ। हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से 7 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा। वहीं 100 गांवों में खड़ी गेहूं, सरसों और चने की फसल खराब हो गई। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग की सोनप्रयाग घाटी में ओले गिरे और केदारघाटी में बारिश हुई। बाकी जगह मौसम साफ रहा। मौसम विभाग के अनुसार 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। अगले 2 दिन मौसम का हाल
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल की ओर जाने वाले रास्ते पर कुछ निहंगों ने एक व्यक्ति को घेरकर उसकी पिटाई कर दी। व्यक्ति को डांटते हुए पहले एक निहंग ने जोरदार थप्पड़ मारा। इसके बाद का बाकी निहंगों ने उसमें एक-एक थप्पड़ जड़ा। इस दौरान व्यक्ति हाथ जोड़ते और पैर छूते नजर आया। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें निहंग उस व्यक्ति को डांट रहे हैं और थप्पड़ मार रहे हैं। एक निहंग डंडे भी मारते दिख रहा है। निहंगों का कहना था कि यह व्यक्ति और उसके जैसे कुछ अन्य लोग दरबार साहिब आने वाले श्रद्धालुओं को परेशान कर रहे थे। ये श्रद्धालुओं पर 200-200 रुपये में कमरे लेने का दबाव बना रहे थे और उन्हें अपनी ओर खींच रहे थे। इससे श्रद्धालुओं के मन में गलत छवि बन रही थी। एक मिनट के वीडियो में क्या दिख रहा ठेके-मीट की दुकान बंद कराने के लिए प्रदर्शन कर रह थे यह घटना सोमवार (30 मार्च) की है। इसके बारे में निहंग नेता परमजीत सिंह अकाली ने बताया कि वह और उनके साथी विरासत मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे थे। वह मांग कर रहे थे कि दरबार साहिब के आसपास मीट और शराब की दुकानों को बंद किया जाए। उन्होंने कहा- सरकार ने ऐलान किया था कि दरबार साहिब के रास्ते में न शराब की दुकान होगी और न तंबाकू-बीड़ी की। फिर भी हालात वही हैं। श्री दरबार साहिब के जाने वाले रास्तों में होटलों में भी देह व्यापार होता है, शराब बिकती है। इस पर संगतों को बहुत एतराज है। यह सरकार की गलती है। व्यक्ति लोगों को रोककर परेशान कर रहा था परमजीत सिंह अकाली के अनुसार, जब वह प्रदर्शन कर लौट रहे थे, तब उनकी नजर कुछ लोगों पर पड़ी। जिस व्यक्ति को पीटा है, वह रास्ते से गुजर रही जनता को रोक रहा था और होटल में 200-200 रुपये के कमरे लेने के लिए मजबूर कर रहा था। उन्होंने बताया कि इससे मार्ग पर गुजरने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों के लिए असुविधा हो रही थी। अकाली ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि हजारों श्रद्धालु और आम लोग इस मार्ग से गुजरते हैं। यदि कोई गंदे शब्दों या बर्ताव से लोगों को परेशान करता है, तो इससे अमृतसर और गोल्डन टेंपल की छवि देश और विदेश में खराब होती है। अकाली बोले- मैं चोट नहीं पहुंचाना चाहता था निहंग नेता ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को चोट पहुंचाना नहीं था। इससे पहले भी उन्होंने ऐसे लोगों को समझाने की कोशिश की थी, लेकिन जब वे नहीं माने, तो उन्हें मजबूरन कठोर कदम उठाना पड़ा। उनका कहना है कि यह कार्रवाई केवल चेतावनी देने और मार्ग पर अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई थी। इसे व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए। SHO बोलीं- कोई बात हो तो पुलिस को बताएं इस घटना के समय थाना रामबाग की SHO अमनदीप कौर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने निहंगों से पूरा मामला सुना और मौके पर मौजूद लोगों से बात कर भी जानकारी ली। इसके बाद कहा कि कोई भी बात हो, पुलिस को सूचित किया जाए। हालांकि, इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स की सप्लाई बाधित होने और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। फार्मा इंडस्ट्री में लगने वाले रॉ मटेरियल के रेट में 30% से लेकर 50% तक की बढ़ोत्तरी हुई है। इन बढ़े हुए रेट में भी रॉ मटेरियल की सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे फार्मा यूनिट्स में काम बंद होने की नौबत आ गई है। एमपी की 300 फार्मा यूनिट्स में अब तीन शिफ्ट की जगह सिर्फ एक ही शिफ्ट में दवाओं का प्रोडक्शन हो रहा है। नजीता यह है कि रोजमर्रा में काम आने वाली पैरासिटामोल, एजिथ्रोमाइसिन, शुगर और बीपी की दवाएं महंगी हो गई हैं। फार्मा इंडस्ट्री में दवाओं के प्रोडक्शन में ये समस्याएं इंडियन ड्रग्स मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन (IDMP) मप्र के सचिव डॉ. अनिल सबरवाल ने बताया कि ड्रग्स में रॉ मटेरियल महंगा होने के कारण प्रोडक्शन रेट बड़ाना मजबूरी हो गया है। सरकार का डीपीसीओ यानी ड्रग एंटरप्राइजेज कंट्रोल अथॉरिटी है, उसने एक प्राइज दे रखा है कि आप किसी चीज को तय रेट से ज्यादा महंगा नहीं बेच सकते हैं। अब ओवरहेड खर्चें बढ़ गए हैं। 15 रुपए में 10 गोली का प्रोडक्शन कॉस्ट ही नहीं आ रहा है। ऐसे में सरकार 20 से 25% रेट बढ़ाने का रिलेक्शन देती है, जो पहले ही दे चुकी है। फार्मा इंडस्ट्री को मिडिल ईस्ट तनाव के कारण रॉ मटेरियल और पैकेजिंग सामग्री की उपलब्धता प्रभावित हो रही है। सप्लाई चेन बाधित है, लागत में वृद्धि हो रही है और इंजेक्टेबल दवाओं के निर्माण के लिए आवश्यक गैस की भी कुछ स्थानों पर कमी देखी जा रही है। रेट बढ़ाना दवा कंपनियों की मजबूरी ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने बताया कि एमपी की जो फार्मा इंडस्ट्री की दवाईयां सबसे ज्यादा मिडिल ईस्ट कंट्री में सप्लाई की जाती है। अभी राॅ मटेरियल जैसे एपीआई, साल्वेंट और एल्यूमिनियम की शॉर्टेज चल रही है। दवा कंपनियों ने इस समस्यों के बाद अपने रेट बढ़ाए हैं। जहां तक फार्मा इंडस्ट्री के शट-डॉउन की बात है तो जब तक रॉ मटेरियल, एपीआई और साल्वेंट नहीं मिलेगा तो शट-डाउन तो करना ही पड़ेगा। हांलाकि अभी तक आम आदमी पर इसका असर देखने को नहीं आया है। सरकार ने वैसे 6.5 प्रतिशत से ज्यादा का प्राइस हाइक कर दिया है जिसे हर साल किया जाता है। चीन से आने वाले रॉ मटेरियल की सप्लाई रुकी फार्मा इंडस्ट्री में दवाओं के उत्पादन के लिए सबसे ज्यादा रॉ मटेरियल चीन से आता है। वर्तमान में चीन से आने वाले रॉ मटेरियल की सप्लाई चैन पूरी तरह से टूट गई है। पीथमपुर एसोसिएशन के कोठारी ने बताया कि चीन से आने वाले रॉ मटेरियल जैसे डाइक्लोफेनेक, एमाक्सी, एजिथ्रोमाइसिन, पैरा-एमिनोफेनोल एम्पीसिलिन, पेनिसिलिन सहित अन्य ड्रग साल्वेंट की सप्लाई पूरी तरह से रुक गई है। पेट्रोकेमिकल से बनने वाले रॉ मटेरियल के बिना प्रोडक्शन मुश्किल फार्मा इंडस्ट्री के सबरवाल ने बताया कि पेट्रोकेमिकल का सबसे बड़ा इम्पैक्ट प्लास्टिक इंडस्ट्री के बाद किसी पर आता है तो वह फॉर्मा इंडस्ट्री है। पेट्रोकेमिकल से प्रोपलीन ग्लाइकोल, पीजी 400, पीजी 6000, पीजी 5000, एसीटोन, एमडीसी, आईसोप्रोपाइल पेट्रोकेमिकल से बनते हैं। पेट्रोकेमिकल से बने रॉ मटेरियल के प्रोडक्ट के बिना बनी दवाएं सांस भी नहीं ले सकती हैं। इन सभी का उपयोग दवाओं को साफ करने, फिनिश करने और पालिशिंग के लिए किया जाता है। इंप्योरिटीज को अलग करने के लिए इन रॉ मटेरियल की जरूरत पड़ती है। एम्पुल को लेकर समस्या बढ़ेगी फार्मा इंडस्ट्री के एक्सपर्ट का कहना है कि आने वाले समय में एम्पुल यानी कांच की बोटल जिसमें इंजेक्शन लगाने की दवाई पैक की जाती है, उसको लेकर समस्या बढ़ेगी। इंजेक्शन बनाने वाली कंपनियों को एलपीजी गैस की सप्लाई सुचारू नहीं होने के कारण दिक्कत आ रही है। इंजेक्शन बनाने के लिए जो लॉकिंग की जाती है वह एलपीजी से ही हो पाती है। पीएनजी से लॉकिंग प्रॉपर नहीं हो पाती है। लॉकिंग के लिए फ्रैक्शन ऑफ सेंकड्स के अंदर ग्लास को मेल्ट करना होता है। पीएनजी में इतना प्रेशर या हीट नहीं होती है जिससे फ्रैक्शन ऑफ सेंकड्स के अंदर ग्लास को मेल्ट कर लॉकिंग की जा सकें। इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी भी तीन शिफ्ट की जगह एक शिफ्ट पर ही काम कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… 190 देशों को दवा सप्लाई रुकी, शटडाउन का खतरा रान-इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर अब मध्य प्रदेश के दवा उद्योग पर दिखने लगा है। प्रदेश की लगभग 100 फार्मा कंपनियों का निर्यात पूरी तरह ठप हो गया है। रेड सी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर युद्ध के खतरे को देखते हुए शिपिंग कंपनियों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे 190 देशों को होने वाली दवाओं की सप्लाई रुक गई है।पूरी खबर पढ़ें
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (जीएमसी) भोपाल में ‘सीधी भर्ती’ के विरोध में चिकित्सा शिक्षकों का आंदोलन लगातार दूसरे दिन भी तेज होने जा रहा है। हमीदिया हॉस्पिटल के ब्लॉक-2 पोर्च पर दोपहर 12:00 से 1:00 बजे तक समस्त चिकित्सा शिक्षक एक घंटे का कार्य बंद आंदोलन करेंगे। शिक्षकों ने साफ संकल्प लिया है कि यदि भर्ती की विज्ञप्ति तुरंत निरस्त नहीं की जाती, तो यह आंदोलन प्रतिदिन क्रमिक रूप से और अधिक बढ़ाया जाएगा। इससे पहले भी एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में डॉक्टरों ने भाग लिया। संघ का आरोप है कि पदोन्नति के पदों पर सीधी भर्ती लागू कर वर्षों की सेवा और वरिष्ठता के साथ अन्याय किया जा रहा है। मंगलवार को चिकित्सा शिक्षक संघ (MTA) के आह्वान पर दोपहर 12:00 से 1:00 बजे तक एक घंटे का ‘पेन डाउन’ आंदोलन किया गया। इस दौरान जीएमसी के एडमिन ब्लॉक में बड़ी संख्या में डॉक्टर और संकाय सदस्य एकत्रित हुए। अधिष्ठाता कार्यालय और शासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने सीधी भर्ती प्रक्रिया का विरोध जताया। इस आंदोलन में जीएमसी के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, डिमॉन्स्ट्रेटर और मेडिकल ऑफिसर बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। सीधी भर्ती पर आपत्ति, डीपीसी से पदोन्नति की मांगचिकित्सा शिक्षकों का कहना है कि वर्षों से कार्यरत पात्र शिक्षकों की पदोन्नति डीपीसी (DPC) के माध्यम से की जानी चाहिए, लेकिन इसके बजाय सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया है। संघ के अनुसार यह निर्णय नियमों के विपरीत है और इससे अनुभवी शिक्षकों के अधिकार प्रभावित होंगे। वरिष्ठता और आर्थिक नुकसान का मुद्दासंघ का आरोप है कि यदि सीधी भर्ती लागू होती है तो वर्तमान शिक्षकों की वर्षों की सेवा शून्य हो जाएगी। इससे ग्रेच्युटी, एनपीएस, वेतन वृद्धि और भविष्य में मिलने वाली पेंशन पर सीधा असर पड़ेगा। शिक्षकों ने इसे उनके करियर और आर्थिक सुरक्षा के साथ अन्याय बताया है। अधिष्ठाता को सौंपे बहिष्कार पत्रसंघ के उपाध्यक्ष डॉ. जे.पी. अग्रवाल ने बताया कि एक दिन पहले हुई एग्जीक्यूटिव मीटिंग में 42 से अधिक पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से इस भर्ती का विरोध किया। इसके बाद पात्र शिक्षकों ने व्यक्तिगत रूप से बहिष्कार पत्र भी अधिष्ठाता को सौंपे। विज्ञप्ति निरस्त नहीं होने पर आंदोलन प्रतिदिन और तेज किया जाएगा। महासचिव डॉ. अविनाश ठाकुर ने कहा कि यदि प्रशासन ने सीधी भर्ती की विज्ञप्ति तुरंत निरस्त नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। वहीं, अध्यक्ष डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि चिकित्सा शिक्षकों के अनुभव और वरिष्ठता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार भी किया जाएगा।
हरियाणा की राजनीति में बंसीलाल परिवार की विरासत अब नई पीढ़ी के हाथों में दिख रही है। भिवानी के तोशाम में हुई एक रैली में राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने कहा- अब उनकी बेटी श्रुति चौधरी क्षेत्र की कमान संभालेंगी। किरण चौधरी ने भावुक और जोश भरे अंदाज में संबोधित करते हुए कहा… 21 साल मैंने आपकी सेवा की, अब एक नए युग की शुरुआत है। श्रुति आपके बीच आ गई है, अब इसे संभालना आपका काम है। किरण ने श्रुति का परिचय कराते हुए कहा कि वह बचपन से ही अपने दादा (पूर्व सीएम चौधरी बंसीलाल) और पिता (स्व. सुरेंद्र सिंह) के साथ राजनीति की बारीकियों को समझती आई हैं। श्रुति अपने दादा की उंगली पकड़कर मंच पर आती थी। उसने दिल्ली से लेकर तोशाम तक वोट मांगी है। घर-घर के लोग उसे जानते हैं। इस दौरान किरण चौधरी ने अपनी उम्र का जिक्र भी किया, उन्होंने कहा कि वह अब 70 साल की हो गई हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि किरण चौधरी अब अलगा चुनाव नहीं लड़ेंगी। राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें प्रत्याशी नहीं बनाया था। 9 अप्रैल को राज्यसभा से उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है। किरण के राजनीति से रिटायर होने के 3 बड़े संकेत… विरोधियों पर निशाना और बीजेपी की तारीफ भाषण के दौरान किरण चौधरी ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब मैं विपक्ष में थी, तो सुबह से शाम तक मेरी टांग खिंचाई होती थी। सारी नौकरियों और विकास को एक खास इलाके (रोहतक) तक सीमित कर दिया गया था। मगर मैंने तोशाम की नाक नीचे नहीं होने दी। मैं लड़-झगड़कर आपके हक लेकर आती थी। अब 3 पॉइंट में पढ़िए…कौन हैं किरण चौधरी
हरियाणा की नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र से इंजीनियरिंग कर रहे स्टूडेंट पवन कुमार के सुसाइड केस में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि पवन को ऑनलाइन गेमिंग का चस्का था। वह काफी समय से स्टेक (STAKE) नाम के ऑनलाइन गेमिंग एप में पैसे लगाता था। इसके लिए उसने अपने दोस्तों से रुपए उधार लिए थे। रुपए हारने के बाद उसके दोस्त ब्याज सहित रुपए वापस करने का दबाव बना रहे थे। पुलिस को पवन के कमरे से नोटबुक और उसका सुसाइड नोट भी मिला है। नोटबुक में खर्च का हिसाब-किताब लिखा हुआ है। हालांकि, परिवार ने ऑनलाइन गेमिंग की बात से इनकार किया है। मगर, दोस्तो के रुपए के लिए दबाव बनाने की शिकायत उन्होंने पुलिस से जरूर की है। चाचा का तो यहां तक कहना है कि उसने पवन के कुछ दोस्तों को रुपए वापस भी किए थे। साथ ही चेताया भी था कि भविष्य में पवन को रुपए ना दें। फिलहाल, पुलिस इस मामले में गहनता से जांच कर रही है। 31 मार्च की शाम को पवन का शव हॉस्टल में लटका मिला था जिला नूंह के घासैड़ा गांव का रहने वाला पवन कुमार (22) NIT कुरुक्षेत्र के हॉस्टल नंबर-8, ब्लॉक-सी, कमरा नंबर 452 में अकेला रहता था। पवन NIT से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के तीसरे साल में पढ़ रहा था। मंगलवार यानी 31 मार्च की शाम करीब 7 बजे पवन का शव उसके हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। छात्र पवन के पिता ने क्या-क्या आरोप लगाए…. बेटे ने कई बार परेशानी के बारे में बताया विजेंद्र ने बताया कि बेटे के दोस्तों ने अपने क्रेडिट कार्ड से पैसे दिए और कुछ क्रेडिट कार्ड पवन के पास भी रख दिए। बेटे ने कई बार फोन पर उन्हें इस परेशानी के बारे में बताया था। मैंने सारे पैसे चुकता कर दिए थे, लेकिन दबाव कम नहीं हुआ। उनकी फोन पर भी पवन के साथ बातचीत हुई थी। कमरे से नोटबुक और हिसाब-किताब बरामद पिता ने दावा कि पुलिस को पवन के कमरे से नोटबुक और उसका सुसाइड नोट मिला है। नोटबुक में खर्च का हिसाब-किताब लिखा हुआ है। चचेरे भाई अतुल ने आरोप लगाया कि सुसाइड नोट में निखिल समेत 5 का नाम लिख है। ये लोग उसके साथ ही घूमते थे, लेकिन पैसे के लिए दबाव बना रहे थे। यहां जानिए पुलिस को अब तक जांच में क्या मिला… यहां जानिए सरकार ऑनलाइन गेम्स पर क्या कानून लाई.... सरकार की ओर से ऑनलाइन गेमिंग एप को लेकर जो बिल लाई थी, उसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है और ये कानून बन गया है। इससे पहले 21 अगस्त 2025 को राज्यसभा ने और उससे एक दिन पहले लोकसभा ने प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मंजूरी दी थी। इस बिल को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पेश किया था। इस बिल में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक लगेगी। रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी होगा। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी। सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है। ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिलेगा। ---------------------ये खबर भी पढ़ें... गुरुग्राम में बेटिंग एप की लत में युवक का सुसाइड:सरकार के बैन से ₹5 लाख फंसे तो परेशान हुआ; भाजपा नेता का भाई, 2 बच्चों का पिता था हरियाणा के गुरुग्राम में एक युवक के ऑनलाइन बेटिंग एप में 5 लाख रुपए फंस गए। इससे परेशान होकर उसने रस्सी से फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। युवक मूल रूप से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के बुटीडीह गांव का रहने वाला था। वर्तमान में वह पत्नी और दो बच्चों के साथ मानेसर में रह रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की कमर छूने के मामले में राज्य महिला आयोग ने आज (2 मार्च) भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह को फरीदाबाद में पेश होने के लिए बुलाया है। पवन सिंह के साथ अंजलि भी आयोग के सामने पेश होकर अपना पक्ष रखेंगी। अंजलि ने आयोग को ई-मेल के जरिए पवन सिंह की शिकायत की थी, जिसमें कुछ सबूत भी भेजे गए थे। इसके बाद 24 मार्च को पवन सिंह को नोटिस भेजा गया था। अंजलि ने कहा था- लखनऊ में शो के दौरान पवन सिंह ने गलत तरीके से उनकी कमर छुई थी। यह अनुचित व्यवहार था। बाद में बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट और झूठा प्रचार किया गया। हरियाणा महिला आयोग ने इससे पहले सिंगर बादशाह को भी समन भेजकर पेश होने के लिए कहा था। बादशाह के पेश न होने पर आयोग ने उनके खिलाफ FIR तक कराने के आदेश दिए थे। अब पढ़िए…मामले पर क्या बोलीं आयोग अध्यक्ष पढ़िए…अंजलि ने शिकायत में क्या कहा था अपमानजक पोस्ट हटवाई जाए: अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा था- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। अंजलि ने आगे लिखा था कि मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। पीआर टीम ने धमकी दी: अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। हालांकि पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे और बदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाह भी फैलाई गई। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की: शिकायत में आगे लिखा था- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। ------------- यह खबर भी पढ़ें… अंजलि की कमर छूने पर हरियाणा महिला आयोग सख्त: चेयरपर्सन बोलीं- हरियाणवी एक्ट्रेस-पवन सिंह को फरीदाबाद बुलाएंगे; नोटिस भेजने की तैयारी हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर पवन सिंह द्वारा कमर छूने पर महिला आयोग ने सख्ती दिखाई है। अंजलि ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत कर ई-मेल के जरिये सबूत भेजे थे, जिसके बाद दोनों पक्षों को फरीदाबाद बुलाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें)
‘मेरे साथ वो बहुत प्यार से रहती थी। प्यार भरी बातें भी करती थी। मुझे कभी एहसास नहीं होने दी कि उसने ही मेरे दादा की हत्या की है। वो मुझे पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती थी।’ ये कहना है 2 मर्डर करने वाली शिल्पी के एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश कुमार का, जो अपनी गर्लफ्रेंड की गिरफ्तारी के बाद गांव पहुंचा है। वहीं, शिल्पी ने पुलिस की पूछताछ में कहा कि अगर नीतीश को उसके पास बुला देंगे तो फिर से सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा। वो किसी से नहीं लड़ेगी, न ही किसी की हत्या करेगी। नीतीश-शिल्पी की कैसे हुई मुलाकात? कब से चल रहा था अफेयर? क्या अपने बॉयफ्रेंड के साथ भी करती थी कुछ अजीब हरकतें? शिल्पी का सायकोपन कैसे बढ़ा? इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 50KM दूर उसके गांव पहुंची। यहां युवती की हरकत से ग्रामीण नाराज दिखें। उनके अंदर उसको लेकर बहुत गुस्सा भरा हुआ था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… घटना से जुड़ी कुछ तस्वीरें देखिए… सबसे पहले जानिए क्या है मामला दरअसल, पूर्वी चंपारण में BA सेकेंड ईयर की छात्रा शिल्पी ने 5 साल की बच्ची अंशिका की हत्या कर दी। अपने प्रेमी को पाने की सनक में उसने मासूम को मार डाला। इससे पहले भी उसने एक्स बॉयफ्रेंड के दादा की मई 2025 में हत्या कर दी थी। प्यार में जो भी बाधा बन रहा था, उसे वो मौत के घाट उतार देती थी। हत्या को हादसा बनाकर लगातार वो पुलिस के साथ-साथ लोगों को भी गुमराह करती रही। वहीं, अंशिका की हत्या के बाद कुछ लोगों का कहना था कि शिल्पी ने बच्ची के खून से अपने माथे और गले पर खून का तिलक लगाया और महायज्ञ में शामिल हुई। एक्स बॉयफ्रेंड ने कहा- सरस्वती पूजा में हुई थी पहली मुलाकात एक्स बॉयफ्रेंड नीतीश ने बताया कि हम दोनों की पहली मुलाकात 2024 के सरस्वती पूजा के दौरान हुई थी। मेरे घर के बाहर सरस्वती मां की मूर्ति बैठाई गई थी। मैं अपने घर के बाहर मूर्ति के पास बैठा था, तभी वो लाल रंग की साड़ी पहने मेरे सामने आई। पहले उसने मां के दर्शन किए, इसके बाद उसकी नजर मुझ पर पड़ी। इस दौरान मैं शिल्पी को देख रहा था। हम दोनों के बीच आई कॉन्टैक्ट हुआ। मुझे वो एक नजर में पसंद आ गई। हालांकि, भीड़ ज्यादा होने की वजह से हम दोनों सिर्फ एक दूसरे को देखे और फिर वो मेरे हाथ से प्रसाद लेकर अपने घर चली गई। दूसरे दिन मूर्ति विसर्जन था। इस दौरान भी वो सज-धज कर मेरे पास आई और मुझे देखकर स्माइल किया। इसके बाद हमने एक-दूसरे का नंबर एक्सचेंज किया। शुरूआत में हम दोनों के बीच सिर्फ चैटिंग होती थी। एक ही गांव में रहने की वजह से कभी मुलाकात नहीं हो पाती थी। धीरे-धीरे वो मुझे कॉल करने लगी। घंटों हमारी कॉल पर बात होने लगी। इसके बाद वो गांव में ही मुझसे मिलने की जिद करने लगी। मैंने उसे कई बार समझाया था कि गांव में मिलना सही नहीं है, लेकिन वो मेरी बात सुनने को तैयार नहीं थी। शिल्पी अपनी जिद को मनवाना जानती थी नीतीश ने बताया कि शिल्पी जिद्दी लड़की थी। उसे किसी का डर और खौफ नहीं था। उसकी जिद्द पर मैं 1-2 बार उससे मिलने उसके घर चला गया था। वहीं, जब मेरे परिवार वाले बाहर जाते थे तो 2-3 बार वो मेरे घर मुझसे मिलने आई थी। एक दिन मेरे दादा जी को हमारे रिलेशन के बारे में पता चल गया था, इसपर उन्होंने मुझे और शिल्पी को खूब पीटा था। दादा ने हम दोनों से कहा, तुमलोग अब कभी ऐसे अकेले में नहीं मिलोगे। इस रिलेशन का कोई मतलब नहीं है। सब खत्म कर दो। इसी वजह से वो मेरे दादा जी पर नाराज थी और उसने मेरे दादा की दर्दनाक तरीके से हत्या कर दी। धीरे-धीरे बदलने लगा व्यवहार नीतीश के अनुसार, समय बीतने के साथ शिल्पी के व्यवहार और गतिविधियों में बदलाव आने लगा था। उसने बताया कि गांव में आगजनी, मारपीट जैसी घटनाओं में उसका नाम सामने आने लगा था। शिल्पी के व्यवहार में बदलाव आ गए थे। वो मुझसे तो बहुत प्यार से बात करती थी, लेकिन गांववालों के साथ अक्सर लड़ाई-झगड़े और मारपीट करती थी। ये सब जानने के बाद मुझे उसके साथ सेफ फील नहीं होता था, इसकी वजह से मैंने भी उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। 2025 में करना चाहता था ब्रेकअप नीतीश ने आगे बताया कि 2025 के जुलाई में मैं उससे ब्रेकअप करना चाहता था। मैंने उससे इस मामले को लेकर कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन वो हर बार इस बात को टाल देती थी। जैसे ही मैं उससे अलग होने के लिए कहता वो मुझे अपने पास बैठा कर और प्यार भरी बातें करना शुरू कर देती थी। वो हमेशा कहती थी, मुझे तुम्से दूर नहीं होना है। इसी सब वजह से उससे दूर होने के लिए मैंने गांव छोड़ दिया। मैंने 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद शहर की तरफ चला गया। मैंने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। गांव से निकलने के बाद मैंने उसे नहीं देखा था। हालांकि, उसके कई कारनामे सुने थे। मेरे परिवार वाले बताते थे कि वो थोड़ा अजीब हरकत करती है। डर के कारण बनाई दूरी नीतीश ने स्पष्ट कहा कि शिल्पी के बदलते व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों के कारण मैंने उससे दूरी बना ली। यह फैसला अपनी सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया था। अंशिका की हत्या हुई, तब पुलिस ने गहन जांच शुरू की। इसी जांच में शिल्पी की भूमिका सामने आई और उसे मुख्य अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार किया गया। शिल्पी बात करने में नॉर्मल और सिंपल लड़की लगती थी। लेकिन उसके अंदर इतनी सारी बातें चल रही थी, जिसकी जानकारी मुझे नहीं थी। वो मुझे ये सारी बातें शेयर नहीं करती थी। कहती थी मैं पूरे गांववालों को खुद ही हैंडल कर लूंगी। 2 साल से लगातार हो रही थी अलग-अलग घटनाएं नीतीश से बात करने के बाद हम गांव में खेत की तरफ बढ़े, जहां हमने नीतीश के पिता सूरज कुमार से बात की। सूरज कुमार ने बताया कि पिछले 2-3 साल से मेरे घरवालों के साथ कई तरह की घटनाएं हो रही थी। कभी मेरे छत पर रखे अरहर के बोझा में आग लग जा रहा था, तो कभी मेरे पुआल में आग लग जा रही थी। कभी मेरे घर का नल टूट जा रहा था तो कभी छत पर सूख रहे कपड़े जलने लगते थे। करीब एक साल पहले मेरे पापा पर किसी ने छत से ईंट फेंककर मारने की कोशिश की, लेकिन उस समय पिताजी को कुछ नहीं हुआ था। वो ईंट सिर पर न गिरकर उनके बगल में गिरी थी। हमलोग जब दौड़ते हुए छत पर पहुंचे तो वहां पर कोई नहीं था। इस घटना के 3-4 दिन बीत जाने के बाद मेरे पिताजी की हत्या कर दी गई। पेट्रोल छिड़ककर लगा दी थी आग दरअसल, मेरे पिताजी अपने घर के बरामदे में सो रहे थे। हमलोग अंदर वाले कमरे में सो रहे थे। इसी दौरान उनके बिस्तर पर किसी ने आग लगा दी और वहां से भाग गया। हमलोग जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि मेरे पापा के बिस्तर के पास एक बाल्टी में पेट्रोल रखा था, वहीं दूसरी तरह उसका डिब्बा रखा था। पिताजी पूरी तरह से जल गए थे। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। हालांकि, उस समय हमें शिल्पी पर कोई शक नहीं हुआ था। आज उसने अपने कबूलनामे में इस बात का जिक्र किया है। इस लड़की ने जिस तरह से मेरे पापा पर पेट्रोल छिड़ककर उनकी हत्या की थी। इसके लिए मैं न्यायलय से रिक्वेस्ट करूंगा कि उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। फांसी दे दी जाए, ताकि आगे चलकर कोई इस तरह की घटना को अंजाम देने से पहले सोचे। सूरज के दर्द को सुनने के बाद हम अंशिका के घर की तरफ बढ़े, जहां हमारी मुलाकात उसके दादा कालिकांत राय से हुई। घर के अंदर मेरी पोती की हत्या कर दी गई मृतका अंशिका के दादा कालिकांत राय ने बताया, 20 मार्च की शाम आंधी-बारिश की वजह से मेरी पोती अपने घर के पास खेल रही थी। इसी दौरान शिल्पी ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उसे अपने घर ले जाकर दिनभर बंधक बनाकर रखा। बच्ची के गायब होने के 2 घंटे बाद हमलोगों ने उसे बहुत खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। इस दौरान शिल्पी ने किसी को भनक तक नहीं लगने दी कि बच्ची उसके पास है। फिर शिल्पी ने देर रात मेरी पोती अंशिका की हत्या अपने ही घर के अंदर कर दी। शव को छिपाने के लिए ट्रंक (बक्से) में रख दिया था। करीब 2-3 घंटे तक बक्से में बंद रहने के बाद उसने देर रात शव को खेत की तरफ फेंक दिया। हत्या के बाद महायज्ञ और जल-यात्रा में हुई शामिल परिजनों के मुताबिक, अंशिका की हत्या के बाद उसका शव रात के समय घर से बाहर फेंक दिया गया। अगली सुबह ग्रामीणों को बच्ची का शव मिला, जिससे पूरे गांव में सनसनी फैल गई। कालीकांत ने बताया कि घटना के बाद भी शिल्पी सामान्य व्यवहार करती रही। न ही उसे बच्ची की हत्या करने का अफसोस था, न ही उसे डर था। मेरी पोती की हत्या करने के बाद वो पहले महायज्ञ में गई, फिर चैन की नींद सोई। घटना के दूसरे दिन वो जल यात्रा में भी शामिल हुई। इससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ। हालांकि, बाद में पुलिस जांच में उसका नाम सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। साक्ष्य में मिले अहम सुराग जांच के दौरान घटनास्थल के पास कुछ अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि शव के पास से शिल्पी के परिजनों से जुड़े निशान (फुटप्रिंट) मिले है। इसके अलावा, एक अन्य युवक का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी पहचान स्थानीय स्तर पर की जा रही है। पुलिस इस कड़ी को भी जांच में शामिल कर रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी शिल्पी कुमारी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की। बाकी आरोपियों की तलाश भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। दो साल से बना था तनाव, दिन-रात रहता था डर वहीं, गांववालों का कहना है कि बीते करीब 2 सालों से इलाके में लगातार संदिग्ध घटनाएं हो रही थी। इससे हर समय भय और तनाव का माहौल बना रहता था। पिछले दो साल से गांव में अजीब घटनाओं का सिलसिला जारी था। कभी आगजनी, कभी विवाद, तो कभी अचानक होने वाली घटनाओं ने लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर दिया था। एक ग्रामीण कमलेश ने बताया कि दिन हो या रात, हर समय डर बना रहता था। ऐसा नहीं था कि सिर्फ रात में ही घटनाएं होती थी। कई बार दिन में भी ऐसी घटनाएं हो जाती थी, जिससे 24 घंटे टेंशन बना रहता था। आगजनी की घटनाओं से बढ़ा खौफ ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और आसपास के इलाकों में आग लगने की घटनाओं ने लोगों को और डरा दिया था। इन घटनाओं के पीछे क्या कारण है, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, जिससे लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगीं थी। कुछ लोगों ने इन घटनाओं को अंधविश्वास से जोड़ दिया और गांव में भूत-प्रेत जैसी बातें भी फैलने लगीं थी। कभी शक नहीं हुआ कि लड़की हो सकती है आरोपी ग्रामीणों ने कहा कि हमे कभी इस बात का शक नहीं हुआ कि इन घटनाओं के पीछे किसी लड़की का हाथ हो सकता है। लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब लोगों को पूरे मामले की गंभीरता समझ में आ रही है। एक ग्रामीण ने कहा, हम पुलिस से यही अनुरोध करते हैं कि दोषी को ऐसी सजा मिले, जिससे समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
जम्मू : एनडीपीएस एक्ट के तहत 88 एफआईआर दर्ज, 127 नशा तस्कर गिरफ्तार
जम्मू जिला पुलिस ने एक जनवरी से 31 मार्च तक नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कई अहम उपलब्धियां हासिल कीं
बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी : दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में बाल तस्करी की बढ़ती समस्या पर दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना की है। कोर्ट ने कहा कि लगता है अब दिल्ली बाल तस्करी की मंडी बन गई है
भास्कर अपडेट्स:वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सरकार सख्त, बिना प्रिस्क्रिप्शन के नहीं बिकेंगी
केंद्र सरकार ने जीएलपी-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की अवैध बिक्री और विज्ञापन पर सख्ती बढ़ा दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने इन दवाओं की निगरानी तेज कर दी है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ लाइसेंस रद्द करने व कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सरकार के अनुसार, ये दवाएं चिकित्सीय परामर्श वाली दवा (प्रिस्क्रिप्शन मेडिसिन) हैं, जिनका उपयोग टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे के लिए होता है। इनके गंभीर साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, इसलिए इन्हें केवल विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह पर ही लेना चाहिए। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और क्लीनिकों पर इनकी बढ़ती ‘ऑन-डिमांड’ उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। आज की बाकी बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में e-KYC पूरा न करने पर 68 लाख 'लाड़की बहन' खाते बंद महाराष्ट्र सरकार की मुख्य योजना 'लाड़की बहिन योजना' के तहत लगभग 68 लाख खाते बंद कर दिए गए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लाभार्थियों ने डेडलाइन से पहले जरूरी e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं की थी। इसके चलते अब सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है। e-KYC पूरा करने की डेडलाइन बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है। अधिकारियों ने संकेत दिया कि इस समय सीमा में विस्तार के बाद बंद किए गए खातों की संख्या में बदलाव हो सकता है। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों की पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये का भत्ता देती है। टेलीकॉम विभाग ने मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM-बाइंडिंग की डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ाई सरकार ने इंडस्ट्री की मांग पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिगनल जैसे मोबाइल मैसेजिंग ऐप्स के लिए SIM-बाइंडिंग की डेडलाइन बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। SIM-बाइंडिंग नियम के तहत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को किसी मोबाइल डिवाइस पर अपनी सर्विस तभी देने की अनुमति है, जब उस डिवाइस में कोई एक्टिव SIM मौजूद हो। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने ऐप्स के वेब वर्जन के लिए अनिवार्य छह घंटे के लॉगआउट नियम को भी हटाकर, उसकी जगह रिस्क एनालिसिस पर आधारित लॉगआउट नियम लागू कर दिया है। इससे पहले 28 नवंबर 2025 को सर्विस प्रोवाइडर्स को निर्देश जारी किए थे कि वे यह सुनिश्चित करें कि 26 फरवरी से उनकी सेवाएं डिवाइस में मौजूद एक्टिव SIM कार्ड से लगातार जुड़ी रहें, और 28 मार्च तक इस नियम के पालन की रिपोर्ट जमा करें। 7 साल बाद दहेज का केस, कोर्ट ने रद्द की एफआईआर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वैवाहिक विवादों में बिना ठोस वजह के एफआईआर दर्ज करने में देरी केस के लिए घातक हो सकती है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ 498ए समेत केस रद्द कर दिया, जिसमें 7 साल की देरी से शिकायत की गई थी। अदालत ने कहा कि कानून उन्हीं की मदद करता है जो अपने अधिकारों के प्रति सतर्क रहते हैं। बिना ठोस सबूत और सामान्य आरोपों के आधार पर वर्षों बाद की गई कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार के इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को भी पलट दिया। जीएसटी कलेक्शन 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ पार मार्च में कुल जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गया, जो मार्च 2025 के 1.83 लाख करोड़ रुपए से 8.8% अधिक है। बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) में कुल जीएसटी संग्रह 22.27 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 20.55 लाख करोड़ रुपए से 8.3% ज्यादा है। दिल्ली में 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरे हटेंगे, सुरक्षा कारणों से नई तकनीक से होंगे रिप्लेस राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बुधवार को बताया कि शहर में लगाए गए करीब 1.4 लाख चीनी सीसीटीवी कैमरों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। सरकार का कहना है कि सभी पुराने कैमरों को विश्वसनीय और सुरक्षित सिस्टम से बदला जाएगा। दिल्ली में फिलहाल पीडब्ल्यूडी के तहत करीब 2.74 लाख सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से 50 हजार कैमरों को पहले चरण में बदलने की मंजूरी मिल चुकी है। मंत्री ने पूर्व सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना सुरक्षा पहलुओं पर विचार किए चीनी कैमरे लगाए गए थे, जबकि ऐसे फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होते हैं
भोजपुरी गायक भाजपा सांसद मनोज तिवारी 'मृदुल' को सुनने के लिए शीतला मंदिर संगीत समारोह की दूसरी निशा में बुधवार को प्रशंसकों की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के चरणों में शीश नवाने के बाद वह मंच की ओर बढ़े तो दशाश्वमेध घाट पर हलचल भी बढ़ गई। बहुतेरे प्रशंसक सेल्फी लेने को आतुर हो उठे। मनोज ने सबको निवेदन पूर्वक बैठाया। इसके बाद देवी गीत, चैती, पचरा आदि की झड़ी लगा दी। अपने हिंदी एल्बम 'ममता की छांव' का गीत 'आंख खुले तो सबसे पहले दर्शन मैया तेरा हो...' चैती 'राम जी के भईले जनमवा हो चइत महिनवा ना...', 'ए राजा जी...', 'हां हम सनातनी हैं जी...', 'शीतला घाट पे काशी में...','इज्जत बचाय लिया हे हो महतारी...', 'काला टीका काला टीका...', 'शेर पर सवार रुपवा मनवा मोहत बा...' आदि गीत सुनाते गए और श्रोता मस्त होकर सुनते गए। 'हर हर महादेव शंभू काशी विश्वनाथ गंगे...' से मनोज ने अपने कार्यक्रम को विराम दिया। वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें…
लखनऊ में छात्रा का अपहरण, मां बोली- जान का खतरा:31 जनवरी से लापता, चार लोगों पर जबरन भगाने का आरोप
लखनऊ के बीबीडी थाना क्षेत्र से एक 22 वर्षीय छात्रा के अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर बेटी की सकुशल बरामदगी की मांग की है। पीड़ित मां सुमन उपाध्याय के मुताबिक उनकी बेटी सजल उपाध्याय को 31 जनवरी को गोयल इंस्टीट्यूट से जबरन अगवा कर लिया गया। इस मामले में मंजित यादव, रघुनाथ यादव, अजीत यादव और भुजबल यादव पर आरोप लगाया गया है। मां का कहना है कि घटना के बाद से लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन अब तक बेटी का कोई पता नहीं चल सका है। आरोप है कि नामजद लोग उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। पीड़िता की मां ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उनकी बेटी से जबरन हाईकोर्ट लखनऊ में रिट दाखिल कराई थी, जिसे बाद में खारिज कर दिया गया। मां ने आशंका जताई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी बेटी की हत्या भी की जा सकती है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में स्कूली वाहनों पर 15 दिन का सख्त अभियान:पहले दिन 13 वाहन सीज, 28 का हुआ चालान
लखनऊ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। 1 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिलेभर में स्कूली वाहनों की सघन जांच की जा रही है। अभियान के पहले ही दिन कार्रवाई करते हुए कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को थानों में खड़ा करा दिया गया। कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई परिवहन विभाग की चार प्रवर्तन टीमों ने कानपुर रोड, दुबग्गा, काकोरी, सीतापुर रोड, आशियाना और महानगर समेत कई इलाकों में एक साथ चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन वाहनों को खासतौर पर निशाने पर रखा गया जिनकी फिटनेस, परमिट या अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं थे। 13 वाहन सीज, 28 का चालान अभियान के दौरान 13 स्कूली वाहनों को फिटनेस और परमिट समाप्त मिलने पर थानों में खड़ा करा दिया गया, जबकि 28 वाहनों का चालान किया गया। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। नए पोर्टल से होगी निगरानी परिवहन विभाग ने स्कूली वाहनों की निगरानी के लिए UPISVMP (upisvmp.com) पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल पर सभी स्कूलों को अपने वाहनों और चालकों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। अभियान के दौरान अधिकारी स्कूलों में जाकर वाहनों का भौतिक निरीक्षण और तकनीकी जांच भी करेंगे। जांच के समय वाहन की फोटो पोर्टल पर अपलोड की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। मानक पूरे न होने पर फिटनेस रद्द जांच में यदि कोई वाहन मानकों के अनुरूप नहीं पाया जाता है तो उसकी फिटनेस तत्काल निरस्त कर दी जाएगी। संबंधित स्कूलों और वाहन मालिकों को दोबारा फिटनेस हासिल करने के निर्देश दिए जाएंगे। हर स्तर पर निगरानी की व्यवस्था इस पूरी व्यवस्था की निगरानी परिवहन आयुक्त से लेकर एआरटीओ, जिलाधिकारी, डीआईओएस और बीएसए स्तर तक की जाएगी। सभी अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन आईडी दी गई है, जिससे स्कूलों और वाहनों का निरीक्षण ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकेगा।
लखनऊ में ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना एक युवक को भारी पड़ गया। आशियाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने Swiggy कस्टमर केयर बनकर 95,999 रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित निगम कुमार के मुताबिक, 8 मार्च को उन्होंने Swiggy से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी में देरी होने पर ऑर्डर कैंसिल कर दिया। रिफंड के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर ढूंढकर कॉल किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। कुछ देर बाद एक अन्य नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को कंपनी का कर्मचारी बताया और एक फाइल भेजकर कहा कि इसे खोलते ही पैसा वापस आ जाएगा। पीड़ित ने जैसे ही फाइल खोली, खाते से दो बार में कुल 95,999 रुपए निकल गए। घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद अब आशियाना थाने में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करवाई है।
विवाहिता की मौत पर किन्नरों का हंगामा:ससुरालीजनों पर लगाया हत्या का आरोप,पुलिस जांच में जुटी
आगरा के थाना कमलानगर क्षेत्र में विवाहिता की मौत के बाद किन्नरों ने जमकर हंगामा किया। किन्नरों का आरोप है कि युवती को ससुरालीजनों ने गला दबाकर मारा है। मृतका का विवाह किन्नरों ने ही किया था और वे उसे अपनी मुंहबोली बेटी मानते थे। हंगामा करने वाले किन्नरों का नेतृत्व यमुना पार टेड़ी बगिया के किन्नर अध्यक्ष कर रहे थे, जो मृतक लड़की का चाचा है। किन्नरों ने घर में तोड़फोड़ की और गेट तोड़ने की कोशिश की, साथ ही शीशे भी फोड़े। किन्नरों का कहना है कि युवती की शादी ससुरालीजनों ने बहुत ही धूमधाम से की थी, लेकिन बाद में वे उसे प्रताड़ित करने लगे। किन्नरों का आरोप है कि ससुरालीजनों ने युवती को गला दबाकर मार डाला है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और किन्नरों को शांत करने की कोशिश की जा रही है। किन्नरों का कहना है कि वे अपनी मुंहबोली बेटी के लिए न्याय चाहते हैं और ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लखनऊ में संपत्तियों के रिकॉर्ड को पारदर्शी और अपडेट रखने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी आवंटित आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों का डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। प्राधिकरण के अनुसार, इस अभियान से जहां संपत्तियों का रिकॉर्ड अपडेट होगा, वहीं फर्जीवाड़े की संभावनाओं पर भी लगाम लगेगी। फिलहाल कई संपत्तियों के रिकॉर्ड अधूरे या अनुपलब्ध हैं, जिससे न केवल प्राधिकरण का काम प्रभावित होता है, बल्कि आवंटियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। डिजिटाइजेशन से जुड़ेगा पूरा डेटा LDA पहले से ही संपत्तियों की फाइलों को डिजिटल रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है। सत्यापन अभियान के जरिए जमीनी हकीकत और रिकॉर्ड का मिलान कर डेटा को पूरी तरह सटीक बनाया जाएगा। एजेंसी करेगी सर्वे, कर्मचारियों को मिलेंगे आईडी कार्ड सत्यापन का जिम्मा पीसीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी प्रा. लि. को दिया गया है। एजेंसी के कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे। सभी कर्मचारियों को प्राधिकरण की ओर से आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे, ताकि लोग उनकी पहचान कर सकें। आवंटियों से मांगी जाएंगी जरूरी जानकारी सर्वे के दौरान संपत्ति मालिकों से मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज और अन्य पहचान पत्र लिए जाएंगे। इसके लिए LDA ने सभी जोन के अधिकारियों को प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि लोग इस प्रक्रिया से अवगत रहें। लोगों से सहयोग की अपील उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे सर्वे टीम का सहयोग करें। इससे न केवल रिकॉर्ड दुरुस्त होगा, बल्कि भविष्य में मिलने वाली सेवाएं भी अधिक आसान और पारदर्शी बनेंगी।
चंडीगढ़ में क्रेस्ट घोटाले के मामले में पुलिस ने करीब 83 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के इस केस में क्रेस्ट के अकाउंट्स विभाग के प्रमुख साहिल कुक्कर को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में चंडीगढ की आर्थिक अपराध शाखा में 12 मार्च 2026 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जिसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों—अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि—पर लगभग 83,04,85,582 रुपये की ठगी का आरोप है। शिकायत क्रेस्ट सेक्टर-19 के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा दी गई थी। अकाउंट्स हेड की अहम भूमिका सामने आई जांच के दौरान सामने आया कि साहिल कुक्कर का मोबाइल नंबर ही आईडीएफसी बैंक में क्रेस्ट के खाते से जुड़ा हुआ था। खाते से होने वाले सभी लेन-देन की एसएमएस जानकारी इसी नंबर पर आती थी। इसके अलावा, फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार करने में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद साहिल कुक्कर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब उसे 3 अप्रैल 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। कैश ट्रेल खंगाल रही पुलिस पुलिस अब इस मामले में पैसों की पूरी कड़ी (कैश ट्रेल) को खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि धोखाधड़ी की रकम कहां-कहां ट्रांसफर की गई और किन लोगों तक पहुंची। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना है। एक आईएफएस अफसर का नाम आया सामने चंडीगढ़ में क्रेस्ट और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 200 करोड़ रुपये के घोटाले में जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। मामले में गिरफ्तार प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह पर आरोप है कि उसने करीब 2.50 करोड़ रुपये अपनी मां, दोस्त और अपने खातों में ट्रांसफर करवाए। अब इस मामले के तार एक आईएफएस अफसर तक भी जुड़ते नजर आ रहे हैं। जांच में सामने आया है कि यह मामला चंडीगढ़ प्रशासन के बड़े अधिकारियों तक पहुंच सकता है। सूत्रों के मुताबिक, एक ऑडियो रिकॉर्डिंग और कुछ चैट्स पुलिस के हाथ लगी हैं, जिनमें संबंधित आईएफएस अफसर द्वारा सुखविंदर को गिरफ्तारी से पहले भागने और अग्रिम जमानत लेने की सलाह देने की बात सामने आई है। पुलिस जल्द ही इस आईएफएस अफसर से पूछताछ कर सकती है। वहीं, मामले को गंभीरता से देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। मां और दोस्त के खातों में ट्रांसफर किए पैसे आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने पूछताछ में बताया कि सुखविंदर सिंह ने करीब 2.5 करोड़ रुपये अपने खाते, अपनी मां सुरिंदर कौर के खाते और अपने दोस्त दीपक के खाते में ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा कैपको फिनटैक और स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट नाम की कंपनियों के जरिए भी करोड़ों रुपये का गड़बड़झाला किया गया। आरोप है कि कुछ पैसा नकद लिया गया और बाद में एचडीएफसी बैंक में जमा कराया गया। शेल कंपनियों के कर्मचारियों ने भी किया खुलासा जांच में पता चला है कि शेल कंपनियों से जुड़े कर्मचारियों-मनीष, भूपिंदर सिंह और अमरजीत पाल सिंह-ने माना है कि उन्होंने सुखविंदर को नकद पैसा दिया था। इससे घोटाले का दायरा और बढ़ गया है। इस मामले में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की पूर्व सीएफओ नलिनी भी जांच के घेरे में आ गई हैं। पुलिस ने नलिनी की बहन के घर से कार, लैपटॉप, पेन ड्राइव और जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं। हालांकि नलिनी ने आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि वह धार्मिक यात्रा पर गई हुई हैं और लौटने के बाद जांच में शामिल होंगी। ऑडिट मैनेज करने के लिए लगवाए गए सोलर पैनल रिभव ऋषि ने पुलिस पूछताछ में बताया कि हर तीन महीने में बैंक की ऑडिट होती थी। उनकी ब्रांच में ऑडिटर के रूप में नरेश सुखीजा और दीपक कुमार आते थे। ऑडिट में गड़बड़ियों को छिपाने के लिए उन्हें खुश रखने के उद्देश्य से उनके घरों पर सोलर पैनल लगवाए गए। इसके लिए ऋषि ने अपने सेविंग अकाउंट से रकम ट्रांसफर कर क्रेस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर अबरोल के खाते में डाली थी। पुलिस ने हाल ही में सुखविंदर अबरोल को भी गिरफ्तार किया है, जिसे पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है।
प्रयागराज में दुकान पर बिस्किट लेने गई आठ साल की मासूम से रेप की कोशिश की गई। आरोप है कि दुकानदार ने उसे दुकान के भीतर खींचकर गलत काम करने का प्रयास किया। बच्ची के चीखने पर आसपास के लोग जुट गए और फिर उसे जमकर पीटा। इसके बाद पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी को मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। घर में ही चलाता है दुकानआरोपी प्रभुनारायण सिंह फौज से रिटायर होने के बाद धूमनगंज में रहता है। घर में ही वह दुकान भी चलाता है जिसमें किराना का सामान बेचता है। स्थानीय लोगों ने बताया, शाम करीब चार बजे पड़ोस में रहने वाली आठ साल की बच्ची उसकी दुकान पर बिस्किट लेने पहुंची।दुकान के भीतर खींच लियाउस वक्त सुनसान था और बच्ची को अकेला देखकर दुकानदार ने उसे भीतर खींच लिया। इसके बाद गलत काम करने का प्रयास किया। इस पर बच्ची चीखने लगी। आसपास के लोगों ने बच्ची के चीखने की आवाज सुनी तो घरों से बाहर निकल आए। तब तक बच्ची के परिजन भी आ गए। घरवालों को देखकर बच्ची जोर-जोर से रोने लगी और बताया कि अंकल मुझे जबरदस्ती दुकान में खींच लिए। पुलिस ले गई थानेघरवालों के साथ मोहल्ले के लोगों ने यह बात सुनी तो वह आक्रोशित हो उठे। उन्होंने दुकानदार को पीटना शुरू कर दिया। उसे घेरकर जमकर पीटा। सूचना पर पुलिस पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने गई। जहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और आरोपी पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया और बच्ची के घरवालों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। प्रभारी निरीक्षक धनंजय पांडेय ने बताया कि आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है।
बैंकिंग प्रणाली में भरोसे को झटका देने वाले मिसरोद शाखा भ्रष्टाचार मामले में सीबीआई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन शाखा प्रबंधक पियूष चतुर्वेदी और सहअभियुक्त मोहनसिंह सोलंकी को दोषी ठहराया है। सीबीआई प्रकरणों की सुनवाई कर रही अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीलम शुक्ला की अदालत ने दोनों को विभिन्न धाराओं में 7-7 वर्ष के कठोर कारावास सहित जुर्माने की सजा सुनाई। 2014 में फर्जीवाड़ा, 2016 में हुई शिकायत मामला जुलाई 2014 का है, जब बैंक ऑफ इंडिया की मिसरोद शाखा में पदस्थ शाखा प्रबंधक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कई व्यक्तियों और फर्मों के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टर्म लोन और कैश क्रेडिट लिमिट स्वीकृत की। इन खातों से संबंधित वास्तविक खाताधारकों को इसकी जानकारी तक नहीं दी गई और रकम आहरित कर ली गई।इस अनियमितता की शिकायत वर्ष 2016 में सीबीआई एसीबी भोपाल को दी गई, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू हुई। ‘विजन कम्प्यूटर’ के नाम पर 12.5 लाख का खेल जांच में सामने आया कि आरोपियों ने ‘मेसर्स विजन कम्प्यूटर’ के नाम पर 12.50 लाख रुपए का ऋण स्वीकृत किया। इसके लिए कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया गया और बाद में यह राशि खाताधारक की जानकारी के बिना मोहनसिंह सोलंकी द्वारा संचालित अन्य फर्म के खाते में ट्रांसफर कर दी गई। कोर्ट ने बढ़ाईं धाराएं, साक्ष्यों के आधार पर सजा सीबीआई ने शुरू में आरोप पत्र भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, 420 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में पेश किया था। लेकिन सुनवाई के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने धारा 467, 468 और 471 को भी शामिल किया और इन्हीं धाराओं में दोष सिद्ध पाया। अलग-अलग धाराओं में सजा और जुर्माना वहीं, पियूष चतुर्वेदी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित 13(1)(d) के तहत 5 वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपए जुर्माना, तथा जुर्माना अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास सुनाया गया।
अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मारी:उन्नाव में चाचा-भतीजे की मां समेत तीन घायल, रेफर
उन्नाव में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में चाचा, भतीजा और भतीजे की मां शामिल हैं। यह घटना पुरवा थाना क्षेत्र के हाबूसा पुलिया के पास उस समय हुई जब वे घर लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार, पुरवा थाना क्षेत्र के काली खेड़ा निवासी सोनेलाल (50 वर्ष) अपने भतीजे सुमित और सुमित की मां तारावती के साथ बाइक से घर जा रहे थे। हाबूसा पुलिया के पास पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई और तीनों सवार दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से तीनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, सोनेलाल को गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। सुमित और तारावती को भी शरीर के विभिन्न हिस्सों में चोटें लगी हैं और उनका इलाज जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर मारने वाला वाहन मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और निरीक्षण किया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, परिजनों ने आरोपी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्कूलों के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना पर गंभीरता से विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह आदेश स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। इसका उद्देश्य रियल टाइम में ट्रैफिक को नियंत्रित करना है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स द्वारा वर्ष 2020 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया। इस याचिका पर पहले भी सुनवाई हो चुकी है और न्यायालय ने स्कूलों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के संबंध में कई निर्देश दिए हैं। इस बार की सुनवाई में राज्य सरकार की ओर से एक अनुपालन रिपोर्ट पेश की गई। इसमें 18 स्कूलों में तैनात मार्शलों के कामकाज का आकलन प्रस्तुत किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि कुछ स्कूलों में मार्शल ट्रैफिक नियंत्रण में प्रभावी हैं, जबकि कई स्कूलों के मार्शलों की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं पाई गई। सुनवाई के दौरान डीसीपी, ट्रैफिक रवीना त्यागी ने न्यायालय को बताया कि स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम के माध्यम से प्रमुख चौराहों और सड़कों की निगरानी की जा रही है। इसी तर्ज पर स्कूलों के आसपास सीसीटीवी लगाने से ट्रैफिक को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। इस पर न्यायालय ने राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि सभी संबंधित विभागों और स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठक कर इस प्रस्ताव पर विस्तार से विचार किया जाए। सुनवाई में यह भी जानकारी दी गई कि सरकार ने लोरेटो स्कूल का गेट नंबर 6ए खोलने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इससे छात्रों को स्कूल परिसर के अंदर छोड़ा जा सकेगा और ट्रैफिक का दबाव कम होगा। मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
लखनऊ के गोमती नगर स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया पार्क में बुधवार को 10वां लंतरानी हास्य उत्सव हंसी और ठहाकों के बीच आयोजित किया गया। हर साल 1 अप्रैल को होने वाला यह अनोखा कार्यक्रम इस बार भी अपने खास अंदाज के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक मौजूद रहे। आयोजन की खास बात यह रही कि यहां पारंपरिक सम्मान के बजाय मजाकिया अंदाज में अतिथियों को अनोखे उपहार दिए गए। कार्यक्रम के सूत्रधार सर्विस संस्थान की ओर से बृजेश पाठक को खाली सिलेंडर भेंट किया गया, जबकि अपर्णा बिष्ट यादव को लॉलीपॉप देकर सम्मानित किया गया। हास्यपूर्ण उपहार देकर माहौल को मनोरंजक बनाया पूरे आयोजन का मकसद गंभीरता से हटकर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना रहा। मंच पर अतिथियों को ऊंट-पटांग और हास्यपूर्ण उपहार देकर माहौल को मनोरंजक बनाया गया, जिससे दर्शक लगातार ठहाके लगाते रहे। इस अवसर पर ‘लंका रानी सम्मान’ दिल्ली के प्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. प्रवीण शुक्ला को प्रदान किया गया। उनके साथ मंच पर हास्य कवि चेतन चर्चित, हेमंत पांडे, उत्कर्ष उत्तम और मुकुल महान ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं पढ़ी कार्यक्रम में देश और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने हास्य, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं सुनाकर दर्शकों को देर तक बांधे रखा। कविताओं के बीच-बीच में चुटीले संवाद और हल्के-फुल्के व्यंग्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।हंसी के इस अनोखे उत्सव ने एक बार फिर साबित कर दिया कि व्यस्त जिंदगी के बीच ऐसे आयोजन लोगों को सुकून और मुस्कुराने का मौका देते हैं।
ग्वालटोली थानाक्षेत्र में IDFC बैंक की गेट-टू-गेदर पार्टी के दौरान नशे में धुत दो कर्मचारियों ने साथी कर्मचारी को बुरी तरह पीटने के बाद कपड़े तक फाड़ दिए। इस दौरान महिला सहकर्मी ने बीच बचाव का प्रयास किया तो आरोपी कर्मचारियों ने उन्हें सड़क पर घसीट कर पीटा, जिससे उनके कपड़े भी फट गए। इस दौरान आरोपी उनकी चेन भी लूट गए। पीड़ित महिला कर्मी कोतवाली थाने पहुंची जहां बाद में घटनास्थल ग्वालटोली निकला। जिसके बाद पीड़िता ने वहां पहुंचकर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। पार्टी में 20 से 25 लोग शामिल हुए थे केशवपुरम में रहने वाली महिला मालरोड स्थित IDFC बैंक में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को सिविल लाइंस स्थित मर्चेंट्स चेंबर के पास उनके बैंक की गेट-टूगेदर पार्टी थी, जिसमें करीब 20 से 25 लोग शामिल हुए थे। आरोप है कि नशे में धुत बैंक के दो कर्मचारी शिव सिंह और विवेक ने साथी कर्मचारी विवेक यादव के साथ मारपीट करते हुए उन्हें चप्पलों से पीटा जिससे उनके कपड़े तक फट गए। इस पर उन्होंने बीच-बचाव का प्रयास किया तो दोनों ने उन्हें बाल पकड़कर घसीटा और सड़क पर गिराकर पीटा जिससे उनके कपड़े तक फट गए। मारपीट के दौरान दोनों ने उनकी चेन तक लूट ली। घटना को अंजाम देने के बाद दोनों धमकाते हुए भाग निकले। इस पर वह साथी कर्मचाारियों के साथ पहले महिला थाना और बाद में कोतवाली पहुंची, जहां घटनास्थल का थाना ग्वालटोली बताया गया। पुलिस बोली- लूट का आरोप गलत इस पर पीड़िता ने ग्वालटोली थाने पहुंचकर एसीपी कर्नलगंज अमित चौरसिया को तहरीर दी। एसीपी ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर उन्हें मेडिकल के लिए भेजकर आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है। लूट का आरोप गलत है।
राजधानी के विश्वेश्वरैया सभागार में बुधवार को ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और कला का रंगीन संगम देखने को मिला। ‘लखनऊ ओडिशा समाज’ की ओर से आयोजित उत्कल दिवस समारोह इस बार खास रहा। कार्यक्रम को महान ओडिसी नृत्य गुरु केलुचरण महापात्र के जन्म शताब्दी वर्ष को समर्पित किया गया, जिससे आयोजन का महत्व और बढ़ गया। समारोह की मुख्य अतिथि प्रख्यात लेखिका और शिक्षाविद् डॉ. सरोजिनी साहू रहीं। साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें ‘लखनऊ ओड़िया साहित्य सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने समाज में महिलाओं के सामने मौजूद ‘ग्लास सीलिंग’ को तोड़ने और पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने में साहित्य की अहम भूमिका पर जोर दिया। सम्मान-पत्र का वाचन समाज के उपाध्यक्ष प्रोफेसर सुकांत चौधरी ने किया। वर्षभर की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष गोपबंधु पटनायक के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद सचिव प्रोफेसर डी.आर. साहू ने वर्षभर की गतिविधियों और उपलब्धियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान समाज की वार्षिक स्मारिका ‘निर्मल्य’ का विमोचन भी किया गया। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष (सेवानिवृत्त आईपीएस) एस.एन. सबत ने ओड़िया संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज के प्रयासों की सराहना की। ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं शाम होते ही सांस्कृतिक संध्या ने माहौल को जीवंत कर दिया। आईसीसीआर से मान्यता प्राप्त कलाकार डॉ. मनोरंजन प्रधान और मिनति प्रधान की मंडली ने ओडिसी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भावपूर्ण अभिव्यक्ति और लयबद्ध मुद्राओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरा सभागार तालियों की गूंज से भर उठा और ओडिशा की सांस्कृतिक सुगंध लखनऊ में महसूस की गई। ओड़िया फूड फेस्टिवल का आयोजन किया कार्यक्रम के अंत में ओड़िया फूड फेस्टिवल का आयोजन किया गया, जहां पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ गया।यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि लखनऊ में रह रहे ओड़िया समुदाय की एकजुटता, सांस्कृतिक पहचान और विरासत के गर्व का सशक्त प्रदर्शन बनकर उभरा।
इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के पीछे बनी पॉश कॉलोनी शांति निकेतन में मंगलवार दोपहर एक कार से हादसा हो गया। सड़क पर खेल रहे एक बच्चे के ऊपर से कार के दोनों पहिए गुजर गए। घटना का बुधवार को सीसीटीवी वायरल हो गया। हादसे में कार मालिक संजय अग्रवाल ने बच्चे का बॉम्बे अस्पताल में उपचार कराया। उसके पैर में फ्रैक्चर है। वहीं, अपने ड्राइवर को खुद थाने भेजकर एफआईआर दर्ज कराई। टीआई तारेश सोनी के मुताबिक मंगलवार दोपहर को एक व्यक्ति संजय अग्रवाल का ड्राइवर कार लेकर निकला था। रास्ते में दो बच्चे खेल रहे थे। इस दौरान एक बच्चे के ऊपर से कार का पहिया गुजर गया। हादसे की जानकारी संजय को लगी तो उन्होंने खुद उसे अस्पताल भेजा। वहीं, उपचार कराने के बाद मामले में ड्राइवर को थाने भेजकर जानकारी दी। मंगलवार को ही इस मामले में ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर हो गई थी। देखें हादसे की 3 तस्वीरें…
डॉ. अंबेडकर जन्मोत्सव पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा:समिति ने प्रशासन से मांगी अनुमति
डॉ. भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव समारोह समिति ने 14 अप्रैल को आयोजित होने वाली शोभायात्रा पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की अनुमति मांगी है। समिति ने इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह को ज्ञापन सौंपा है। यह शोभायात्रा भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर निकाली जाएगी। मेरठ के अंबेडकर अनुयायियों द्वारा आयोजित यह शोभायात्रा भैंसाली ग्राउंड से शुरू होकर कचहरी स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंचेगी। शोभायात्रा का समापन कमिश्नर, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ किया जाएगा। समिति के अनुसार, यह मेरठ में अंबेडकर जयंती समारोह की एक पुरानी परंपरा रही है। समिति की अध्यक्ष प्रमोद खड़ौली ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि शोभायात्रा पर उसी प्रकार फूलों की वर्षा की जाए, जैसे प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा पर की जाती है। उन्होंने 135वीं जयंती को भव्य बनाने के लिए सर्वसमाज से भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया।
लखनऊ में 150वीं मां गोमती महाआरती:चैत्र पूर्णिमा पर सनातन महासभा ने झूलेलाल वाटिका में की
चैत्र पूर्णिमा के अवसर पर सनातन महासभा ने बुधवार को झूलेलाल वाटिका स्थित गोमती तट पर 150वीं आदि गंगा माँ गोमती महाआरती और सनातन समागम का आयोजन किया। शाम होते ही नदी तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए। स्वामी कौशिक चैतन्य और स्वामी आनंद नारायण के सानिध्य में सात मंचों से शंखनाद और मंत्रोच्चार किया गया। माँ गोमती की महाआरती आरंभ होते ही घाट दीपों से जगमगा उठा। इस दौरान 'हर-हर महादेव' और 'जय माँ गोमती' के जयकारे गूंजे। विधि-विधान से पूजा-अर्चना की महाआरती से पूर्व श्री महालक्ष्मी धन प्राप्ति महायज्ञ आयोजित किया गया। आचार्यों के मार्गदर्शन में यजमानों ने लगभग दो घंटे तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस यज्ञ में विश्व शांति और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर सनातन महासभा के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण ने युवाओं को गोमती नदी के संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि नदी केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि जीवन का आधार है, जिसकी रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं महाआरती के पश्चात 251 दीपों से गोमती तट रोशन हो गया। नदी किनारे दीपों की रोशनी से आकर्षक दृश्य निर्मित हुआ। बच्चों और महिलाओं के लिए रामायण, गीता और शरीर विज्ञान पर आधारित प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।।भजन गायिकाओं शशि गुप्ता, मीरा तिवारी और गीता निगम ने भजन प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण भक्तिपूर्ण हो गया। श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के समापन पर धर्म विस्तार के संकल्प के साथ पदाधिकारियों को गंगाजल और कृपाण भेंट कर सम्मानित किया गया। इस आयोजन में प्रदेश अध्यक्ष रवि कचरू, उमेश त्रिपाठी, सुधांशु शुक्ल, पल्लवी सिंह, संजीव पांडेय, राकेश अग्रवाल, शैलेन्द्र श्रीवास्तव, सुशील तिवारी, सुनीता गोस्वामी, अतुल तिवारी, रेनू शर्मा, तेजस्वी गोस्वामी और शक्ति सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और समाजसेवी उपस्थित थे।
गोरखपुर के बेनीगंज स्थित भाजपा महानगर कार्यालय में मंगलवार को मनोनीत पार्षदों के स्वागत और अभिनंदन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। भाजपा महानगर इकाई की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महानगर संयोजक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त पार्षदों का स्वागत करना और उन्हें उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देना रहा। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गोरखपुर नगर निगम में मनोनीत किए गए 10 पार्षदों का कार्यक्रम में सम्मान किया गया। इनमें दुर्गेश बजाज, चंदन आर्या, आलोक सिंह विशेन, वीर सिंह सोनकर, शिवम पाण्डेय, रितेश सिंह बब्बू, अष्टभुजा श्रीवास्तव, संजय कुमार वैश्य, अरविंद निषाद और ममता जायसवाल शामिल रहे। सभी पार्षदों को फूलमालाओं से स्वागत कर मंच पर सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। जिम्मेदारी निभाने की सलाह कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महानगर इकाई के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, महिला मोर्चा और अन्य मोर्चों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर नवनियुक्त पार्षदों का स्वागत किया और संगठन की मजबूती का संदेश दिया। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि पार्षद बनने के बाद जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्र में लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें और उनका समाधान कराने का प्रयास करें। साथ ही विकास कार्यों पर ध्यान देने और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने की बात कही गई। नवनियुक्त पार्षदों ने जताया आभार नवनियुक्त पार्षदों ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है, उसके लिए वे प्रदेश के मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश व राष्ट्रीय नेतृत्व के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि वे पूरी मेहनत और ईमानदारी से काम करेंगे और जनता के विश्वास को बनाए रखने की कोशिश करेंगे। कार्यक्रम का संचालन महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा ने किया। इस दौरान अच्युतानंद शाही, शशिकांत सिंह, जितेन्द्र चौधरी जीतू, अमिता गुप्ता, रमेश प्रताप गुप्ता, दयानंद शर्मा, वीरेंद्र पांडेय, श्वेता श्रीवास्तव, पदमा गुप्ता, मनोज अग्रहरी, अनुपमा पांडेय, रजूला रावत, रागीनी जायसवाल सहित कई पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
छात्र की हत्या के पांचवे दिन थाने का घेराव:हत्यारों के घरों पर बुलडोजर चलाने और सरकारी नौकरी की मांग
बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र के संजय नगर अशोक विहार में इंटरमीडिएट के छात्र शिवा पटेल की निर्मम हत्या के विरोध में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ इज्जतनगर थाने का घेराव किया। पीड़ित परिवार के साथ बड़ी संख्या में वकील भी पहुंचे। उन लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और मामले में फरार अन्य आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मामूली विवाद में सीने पर उतारे चाकूघटना बीते शुक्रवार 27 मार्च की है, जब 17 वर्षीय शिवा पटेल अपने घर पर खाना खा रहा था। तभी उसके कुछ दोस्त उसे बुलाकर घर से महज 400 मीटर दूर चार खंभा गली में ले गए। वहां विवाद के दौरान आरोपियों ने शिवा को पकड़ लिया और गौरव नामक युवक ने उसके सीने, पेट और पीठ पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। शनिवार सुबह इलाज के दौरान शिवा ने दम तोड़ दिया। शिवा के भाई हिमांशु ने बताया कि हमलावरों ने साजिश के तहत उसे घेरा था और चाकू इतने गहरे मारे थे कि उसकी आंतें तक बाहर आ गई थीं। हाईकोर्ट के वकील पहुंचे पीड़ित के घर, सुरक्षा और मुआवजे की मांगबुधवार को हाईकोर्ट के वकील अमरेंद्र सिंह बाहुबली पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने छात्र की हत्या को जघन्य अपराध बताते हुए दोषियों को फांसी की सजा देने, परिवार को सरकारी नौकरी, उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने केवल 3 आरोपियों को पकड़ा है, जबकि मौके पर एक दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे। आश्वासन के बाद शांत हुए लोगप्रदर्शन के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे, तो इंस्पेक्टर के मौजूद न होने पर आक्रोश बढ़ गया। फोन करने पर इंस्पेक्टर विजेंद्र सिंह ने खुद को बीमार बताया, जिससे भीड़ और भड़क गई। हालांकि, बाद में इंस्पेक्टर ने मौके पर आकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार शाम दिल्ली में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ मप्र के सांसदों और केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय सह संगठन् महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह मौजूद थे। बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, डॉ. वीरेंद्र कुमार, एल मुरुगन, दुर्गादास उईके मौजूद थे। इस बैठक में मध्य प्रदेश के सांसद शिवमंगल सिंह तोमर (मुरैना), आशीष दुबे (जबलपुर), महेंद्र सिंह सोलंकी (देवास), राहुल सिंह लोधी (दमोह), सुधीर गुप्ता (मंदसौर), डॉ. राजेश मिश्रा (सीधी) और राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी मौजूद थे। 6 अप्रैल को 18 जिलों में बीजेपी कार्यालयों का भूमिपूजन भाजपा के स्थापना दिवस के मौके पर 6 अप्रैल को प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा के जिला कार्यालयों का एक साथ भूमिपूजन होगा। इन भूमिपूजन समारोहों में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल वर्चुअल जुडेंगे। स्थानीय जिला अध्यक्ष, विधायक, सांसद और मंत्री गण अपने जिले में भूमिपूजन में मौजूद रहेंगे।
गोरखपुर के रहने वाले राम सिंह यादव को दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित कॉन्टेस्ट में बंपर इनाम मिला है। मोबाइल की दुकान चलाने वाले राम सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि नियमित रूप से खबरें पढ़ने की आदत ही उन्हें इस इनाम तक लेकर आई। उन्हें LG का डबल डोर फ्रिज पुरस्कार के रूप में मिला है, जिससे उनके परिवार में खुशी का माहौल है। दैनिक भास्कर से बातचीत में राम सिंह यादव ने कहा कि मैं पिछले करीब पांच सालों से रोजाना दैनिक भास्कर ऐप पर खबरें पढ़ रहा हूं। इस ऐप पर मुझे अपने गोरखपुर जिले की खबरों के साथ-साथ देश-विदेश की भी पूरी जानकारी मिल जाती है। फोटो और वीडियो के साथ खबरें होने से समझना आसान हो जाता है और किसी खबर को छोड़ना नहीं पड़ता। सही जवाब दिए और मिल गया इनाम उन्होंने बताया, “कुछ दिन पहले ऐप पर कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा कि इसमें हिस्सा लेना चाहिए। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए। इसके बाद मुझे पता चला कि मेरा नाम बंपर इनाम के लिए चुना गया है। जब मुझे LG का डबल डोर फ्रिज मिला तो मुझे बहुत खुशी हुई। यह मेरे लिए बड़ी बात है।” जानिए कोन हैं राम सिंह… राम सिंह यादव ने बताया कि वह शंकरपुर, बेलघाट के रहने वाले हैं और अपनी मोबाइल की दुकान से परिवार का खर्च चलाते हैं। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी, भाई-बहन और बच्चे समेत कुल 8 सदस्य हैं। उन्होंने कहा, “यह इनाम हमारे पूरे परिवार के लिए काफी काम का है। इससे घर की जरूरतों में मदद मिलेगी और सभी लोग बहुत खुश हैं।” राम सिंह ने बातचीत में कहा, “जो छात्र पढ़ाई कर रहे हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए दैनिक भास्कर ऐप बहुत फायदेमंद है। यहां करंट अफेयर्स की अच्छी जानकारी मिलती है। रोज पढ़ने से ज्ञान भी बढ़ता है और तैयारी भी मजबूत होती है।”
राजधानी जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना पुलिस ने लूट की वारदात का 24 घंटे में खुलासा करते हुए हिस्ट्रीशीटर सोहेल कुरैशी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूट का सामान भी बरामद कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी स्मैक और शराब के नशे का आदी है और नशे की पूर्ति के लिए चोरी, जेबतराशी और लूट जैसी वारदातों को अंजाम देता था। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि 30 मार्च को पीड़ित गुरुदयाल दमन पुत्र कजोड़मल, उम्र 31 साल, निवासी नारदपुरा रोड, नागल सुसावतान, आमेर ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया कि वह देर रात करीब 3 से 4 बजे के बीच ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे के पास विक्रम टैम्पो लेकर जा रहा था, तभी एक युवक अचानक आया और उसकी जेब से जबरदस्ती पर्स निकालकर फरार हो गया। पीड़ित के पर्स में 9 हजार रुपए नकद, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। इस पर ट्रांसपोर्ट नगर थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। ऐसे देता था वारदात को अंजाम डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सुनसान स्थानों पर राह चलते लोगों को निशाना बनाता था। मौका मिलते ही वह जेबतराशी, चोरी और लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता था। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और वह थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। पुलिस के अनुसार आरोपी स्मैक और शराब के नशे का आदी है और नशे के लिए पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम देता था। सैकड़ों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपी तक पहुंची पुलिस मामला दर्ज होने के बाद गठित पुलिस टीम ने घटना स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही आने-जाने वाले रास्तों पर लगे सैकड़ों कैमरों की रिकॉर्डिंग चेक की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और पुराने चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध सोहेल कुरैशी (27) को डिटेन किया। पूछताछ में आरोपी ने लूट की वारदात करना स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया और बाद में जेल भेज दिया गया।
इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। मामला BPCL (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के फ्लीट कार्ड और लॉयल्टी ऐप से जुड़ा है। पुलिस ने इंदौर के 7 व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने BPCL के पेमेंट गेटवे और लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति कराई, जबकि कंपनी के खाते में पैसे नहीं गए। फ्लीट कार्ड से ट्रक, बस और अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए जारी किया जाता है। इससे ड्राइवर नकद पैसे रखे बिना पेट्रोल-डीजल भरवा सकते हैं। पैसा सीधे कंपनी के बैंक खाते से कटता है। BPCL स्टेशन पर भरवाते थे डीजल-पेट्रोल BPCL ने 17 दिसंबर 2021 से फ्लीट, कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए लॉयल्टी ऐप के माध्यम से पेमेंट गेटवे सुविधा शुरू की। इस ऐप से ग्राहक नेट बैंकिंग, यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड से वॉलेट रिचार्ज कर सकते हैं। रिचार्ज के बाद वॉलेट का पैसा देशभर के BPCL स्टेशन पर डीजल-पेट्रोल भरवाने में इस्तेमाल होता है। लॉयल्टी ऐप और पेमेंट गेटवे में सेंध BPCL का लॉयल्टी ऐप रेजरपे और पाइनलैब्स पेमेंट गेटवे के साथ जुड़ा है। रेजरपे के माध्यम से रिचार्ज की राशि सीधे BPCL के खाते में जाती है। 31 मार्च 2023 को रेजरपे की जोखिम मूल्यांकन टीम ने BPCL को बताया कि लॉयल्टी ऐप और गेटवे सिस्टम में संदिग्ध रिचार्ज हुए हैं। कंपनी ने डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 1093 ग्राहकों के वॉलेट में 129 करोड़ रुपए का रिचार्ज हुआ था, जबकि बैंक खाते में पैसा जमा नहीं हुआ। इसके बाद कंपनी ने सभी खाते ब्लॉक किए और कुछ रकम वापस ली। तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाया गया मांगलिया पुलिस चौकी प्रभारी विश्वजीत सिंह तोमर के अनुसार, BPCL के प्रादेशिक प्रबंधक (रिटेल) विक्रांत हाठे की शिकायत पर 7 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। आरोपियों में विशाल सिंह, शशि सिंह, दलवीर सिंह, बलजिंदर सिंह, वाहिक खान, नरेंद्र सिंह वासू और बलबीर सिंह हैं। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने लॉयल्टी ऐप की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर अपने फ्लीट वॉलेट में पैसा दिखाया, जबकि कंपनी के खाते में कोई रकम जमा नहीं हुई। इसके बाद वे लगातार डीजल भरवाते रहे। चौकी प्रभारी ने बताया कि आरोपियों को पता था कि उनके खातों से पैसा कट नहीं रहा है, फिर भी उन्होंने इसका गलत फायदा उठाया। बाद में कंपनी ने रकम लौटाने को कहा, लेकिन उन्होंने पैसे वापस नहीं किए। फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया जांच में पाया गया कि इंदौर के 7 व्यापारी और ट्रांसपोर्टर इस स्कैम में शामिल थे। उन्होंने ऐप और गेटवे की तकनीकी गड़बड़ी का फायदा उठाकर फर्जी तरीके से वॉलेट रिचार्ज दिखाया और ईंधन भरवाया। मांगलिया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइबर धोखाधड़ी दर्ज की। पुलिस का कहना है कि यह धोखाधड़ी केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। इसके तार देश के कई शहरों से जुड़े हैं। जांच जारी है और आने वाले दिनों में और आरोपियों की पहचान हो सकती है। ……………………….. यह खबर भी पढ़ें एमपी में किल्लत की अफवाह, पेट्रोल पंपों पर भीड़ मध्य प्रदेश के कई जिलों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह ने हालात अचानक बिगाड़ दिए। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक खबरों के कारण लोग घबरा गए और पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई जगह लंबी कतारें लग गईं और लोग घंटों इंतजार करते रहे। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में दोगुना मुनाफा देने का झांसा देकर महिला से 9.13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7.05 लाख रुपये वापस करा दिए। देवी सहाय नगर निवासी नीलम कुमारी ने 26 मार्च को थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को उनके पास एक इंटरनेशनल कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच दिया और उन्हें अपने झांसे में ले लिया। टेलीग्राम ग्रुप के जरिए कराया निवेश आरोपियों ने नीलम को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ दिया, जहां उन्हें लगातार निवेश के लिए प्रेरित किया गया। भरोसा दिलाकर उनसे अलग-अलग खातों में आठ बार में कुल 9.13 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। कुछ समय बाद जब रकम वापस नहीं मिली तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर टीम की मदद से रकम होल्ड मामला दर्ज होने के बाद कल्याणपुर पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी, उन्हें ट्रैक कर धनराशि को होल्ड कराया गया। त्वरित कार्रवाई के चलते पुलिस ने 7.05 लाख रुपये सुरक्षित कर लिए, जिसे बुधवार रात पीड़िता को वापस करा दिया गया। रकम वापस मिलने पर पीड़िता ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई न होती तो पूरी रकम गंवानी पड़ सकती थी। लोगों से सतर्क रहने की अपील कल्याणपुर प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. सुमेध मिलिंद जाधव ने बताया कि साइबर टीम की सहायता से रकम होल्ड कराकर वापस कराई गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश के झांसे में न आएं और सतर्कता बरतें।
गुरु नानक एजुकेशनल सोसाइटी में आयोजित कविता प्रतियोगिता में एलकेजी के छात्र आरुष पाठक ने शानदार प्रदर्शन कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। नन्हे छात्र की इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। आरुष पाठक ने अंग्रेजी माध्यम की कविता एली द एलीफेंटपढ़ी है। आरुष की उम्र 6 वर्ष है और वह lkg का छात्र है। एलजी किताब का यह बुक है और यह शुरुआत से ही पड़ रहा है। कविता पढ़ने की प्रेरणा अपनी शिक्षिकाओं से मिला है। आरुष पाठक के पिता अपूर्व पाठक ने बताया कि आरुष को बचपन से ही कविता पढ़ने और सुनाने में विशेष रुचि है। वह पढ़ाई के प्रति भी बेहद सजग रहता है और हर समय कुछ नया सीखने का प्रयास करता है। विद्यालय के शिक्षकों ने भी आरुष की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में उसकी अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में आरुष इसी तरह आगे बढ़कर विद्यालय और जनपद का नाम रोशन करेगा। शिक्षिका पूजा यादव,साधना शर्मा,शीलम पाण्डेय ,नेहा विश्वकर्मा व मंजू ने उज्जवल भविष्य की कामना की
कर्नाटक सरकार ने एक मसौदा नीति की घोषणा की, जिसका उद्देश्य छात्रों के बीच जिम्मेदार डिजिटल उपयोग को बढ़ावा देना है
पीएम ने 'मन की बात' में की सराहना:मेरठ के अरुण कुमार को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित
मेरठ के सरुरपुर खुर्द निवासी अरुण कुमार को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता का ऑनग्रिड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के लिए सम्मानित किया गया है। प्रधानमंत्री ने 29 मार्च को 'मन की बात' कार्यक्रम में उनके इस कार्य की सराहना की थी। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह और मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने कलेक्ट्रेट सभागार में संयुक्त रूप से अरुण कुमार को शॉल और प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान के अवसर पर अरुण कुमार ने बताया कि नवंबर 2025 से मार्च 2026 तक उनके घर का बिजली बिल शून्य आया है। साथ ही, उन्होंने कुल 1333 रुपये की बिजली ग्रिड को निर्यात की है। उन्हें राज्य सरकार और भारत सरकार से 1,08,000 रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है। अरुण कुमार ने कहा कि सोलर सिस्टम लगाने के बाद उनका परिवार बहुत खुश है और उन्हें इस योजना से काफी लाभ हुआ है। इस अवसर पर यूपीनेडा मेरठ के परियोजना प्रभारी, ई.जी सोलर सोल्यूशन के एमडी लोकेश वत्स, मैसर्स गेट सोलर ई.पी.सी इंडिया के शगुन सोनकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बरेली : घर में नमाज पढ़ने से रोकने वाली याचिका हाईकोर्ट से निस्तारित
उत्तर प्रदेश के बरेली में घर में नमाज पढ़ने से रोकने को लेकर दाखिल याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई
फरीदकोट जिला पुलिस के बेड़े में बुधवार को 11 नए इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहन शामिल किए गए। इन वाहनों को एसएसपी डॉ.प्रज्ञा जैन की अगुवाई में ड्यूटी के लिए रवाना किया गया। ये वाहन फील्ड में तैनात कर दिए गए हैं, ताकि आम जनता को आपात स्थिति में बिना किसी देरी के पुलिस सहायता उपलब्ध करवाई जा सके। इस मौके पर एसएसपी फरीदकोट ने इमरजेंसी रिस्पॉन्स वाहनों पर तैनात कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डायल-112 पर आने वाली हर कॉल पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए और मौके पर कम से कम समय में पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में कदम एसएसपी डॉ.प्रज्ञा जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य में पुलिसिंग को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और डीजीपी गौरव यादव के निर्देशन में पंजाब पुलिस को आधुनिक व तकनीक आधारित बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है। पुलिस सहायता और अधिक प्रभावी होगी उन्होंने कहा कि इन वाहनों के शामिल होने से जिले में पुलिस सहायता और अधिक तेज व प्रभावी हो जाएगी। ये वाहन डायल-112 सेवा के तहत जिले की सभी सब-डिवीजनों में तैनात किए गए हैं और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, जो मौके पर पहुंचकर बेहतर कार्रवाई करने में सहायक साबित होंगे। कई अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर एसपी हेडक्वार्टर मनविंदर बीर सिंह और डीएसपी हेडक्वार्टर नवीन कुमार भी मौजूद रहे। एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन ने कहा कि इस नए इजाफे से जिले की इमरजेंसी सेवाओं को मजबूती मिलेगी और डायल-112 कॉल्स पर पुलिस का रिस्पॉन्स पहले से ज्यादा तेज और प्रोफेशनल होगा। इससे जनता में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी तथा पुलिस और पब्लिक के बीच विश्वास भी बढ़ेगा।
बिरला मंदिर के पास शराब दुकान खुली:स्थानीय लोगों और महिलाओं ने किया विरोध, पुलिस मौके पर पहुंची
मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र में बिरला मंदिर के पास एक नई शराब की दुकान खुलने पर विवाद खड़ा हो गया है। बुधवार को दुकान के पहले ही दिन स्थानीय लोगों, विशेषकर महिलाओं ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। आबकारी विभाग द्वारा नए वित्तीय वर्ष के तहत शराब की दुकानों का नया आवंटन किया गया है। इसी क्रम में बंगाली कॉलोनी में स्थित एक शराब की दुकान को स्थानांतरित कर बिरला मंदिर के समीप खोला गया है। मंदिर के पास दुकान खुलने की जानकारी मिलते ही क्षेत्रवासियों में नाराजगी फैल गई। शाम करीब पौने सात बजे दर्जनों महिलाएं और पुरुष दुकान के बाहर एकत्रित हुए। उन्होंने नारेबाजी करते हुए दुकान को तुरंत अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंदिर के पास शराब की दुकान खुलने से धार्मिक भावनाएं आहत होंगी और क्षेत्र का माहौल भी खराब होगा। विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बिरला मंदिर चौकी प्रभारी अजीत मलिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। प्रदर्शनकारियों ने चौकी प्रभारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें दुकान को दूसरी जगह ले जाने की मांग की गई थी। चौकी प्रभारी अजीत मलिक ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनकी मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांत होकर वापस लौट गए। हालांकि, इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
कुशीनगर में इंटरनेशनल बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव-2026 के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में स्वास्थ्य, निवेश, पर्यटन और प्रतिभा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। कॉन्क्लेव के तहत एक दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि राकेश जायसवाल और जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने इसे हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और समाज में अनुशासन व सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में महापरिनिर्वाण स्थल पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की संभावनाओं पर एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। विधायक मनीष जायसवाल ने सत्र की अध्यक्षता की, जिसमें विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सत्र में बताया गया कि कुशीनगर कृषि संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र है। यहां खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के विकास की अपार संभावनाएं हैं। सांसद विजय कुमार दुबे ने कहा कि कुशीनगर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक पहचान रखता है। उन्होंने बताया कि यहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बन रहा है। सांसद ने निवेशकों से क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने की अपील की। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में सुधार होगा। कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि प्रदेश में पराली से बायो-सीएनजी उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विभिन्न कंपनियों के सहयोग से 25 बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें हजारों करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। कुशीनगर में भी बड़े स्तर पर सीएनजी उत्पादन की योजना है। इससे हजारों घरों को गैस आपूर्ति संभव हो सकेगी। अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम ने कहा कि यह कॉन्क्लेव कुशीनगर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करेगा। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि जनपद में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सड़क नेटवर्क और लॉजिस्टिक सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
ड्यूटी पर पुलिसकर्मी को मिर्गी का दौरा आया:साथियों ने तत्परता से अस्पताल पहुंचाया, जान बची
मथुरा के टैंक चौराहा क्षेत्र में बुधवार को ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी को अचानक मिर्गी का दौरा पड़ गया। दौरा पड़ते ही पुलिसकर्मी सड़क पर गिरकर तड़पने लगा, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पुलिसकर्मी चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाल रहा था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह सड़क पर गिर गया। इस घटना को देखकर मौके पर भीड़ जमा हो गई, लेकिन लोग तुरंत स्थिति को समझ नहीं पाए। इसी बीच, वहां से गुजर रहे दो अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बीमार पुलिसकर्मी को संभाला। उन्होंने बिना समय गंवाए उसे अपनी बाइक पर बैठाकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर इलाज मिलने से पुलिसकर्मी की जान बच गई। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद पुलिसकर्मी की हालत खतरे से बाहर बताई है। चिकित्सकों के अनुसार, उसे समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया। इस घटना का वीडियो मौके पर मौजूद एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इजरायली संसद द्वारा हाल ही में पारित सज़ा-ए-मौत के फैसले की कड़ी निंदा की है। बुधवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए इस फैसले को फलस्तीनियों के खिलाफ भेदभाव और मानवता पर हमला बताया। सांसद बर्क ने अपने पोस्ट में लिखा कि यह फैसला केवल एक नया कानून नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम का प्रमाण है जो अब बेनकाब हो चुका है। उन्होंने तर्क दिया कि जब कानून का उद्देश्य न्याय देना नहीं, बल्कि एक विशेष पहचान, यानी फलस्तीनियों को निशाना बनाना हो, तो 'इंसाफ की भावना मर चुकी होती है'। उन्होंने इस कानून को पूरी तरह भेदभावपूर्ण बताया। बर्क के अनुसार, स्टेट ऑफ इजरायल को नकारने की मंशा जैसे अस्पष्ट आरोपों के आधार पर अब मौत की सज़ा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहाँ दलीलें समाप्त हो जाती हैं, वहाँ अक्सर ताकतवर मौत का डर पैदा करने लगता है। सांसद बर्क ने इस स्थिति को नस्लकुशी करार दिया, जो दुनिया की आँखों के सामने हो रही है। उन्होंने कहा कि इसे किसी और नाम से पुकारना सच्चाई से मुँह मोड़ना होगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। बर्क ने कहा कि जब दुनिया की प्रतिक्रिया उदासीन होती है और शक्तिशाली देशों की जवाबदेही तय नहीं होती, तो धीरे-धीरे अन्याय को ही सामान्य मान लिया जाता है। सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस बात पर जोर दिया कि फलस्तीन की गलियों में जो कुछ हो रहा है, वह केवल फलस्तीनियों के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के अस्तित्व पर हमला है। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाली पीढ़ियाँ सवाल करेंगी कि जब न्याय का जनाज़ा निकल रहा था और मासूमों का खून बह रहा था, तब लोग कहाँ थे। उन्होंने लोगों से अपनी आवाज़ उठाने का आग्रह करते हुए कहा कि अत्याचार के खिलाफ खामोश रहना भी अत्याचारी का साथ देना ही है।
पुलिस 25 साल में गवाह नहीं पेश कर पाई:बाइक चोर को कोर्ट उठने तक की सजा, 2000 रुपए का जुर्माना
हरदोई में 25 साल पुराने बाइक चोरी के एक मामले में पुलिस एक भी गवाह पेश नहीं कर पाई। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) रिचा वर्मा ने आरोपी बनारसी को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला 17 अक्टूबर 2001 को शहर कोतवाली में तत्कालीन कोतवाल ने मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि मझरेता पुलिया पर संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान एक बाइक पर दो लोग आते दिखे। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान सीतापुर जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र के बांसमंडी निवासी राजू उर्फ रिजवान और बनारसी के रूप में बताई। पुलिस ने दावा किया कि वे जिस बाइक पर सवार थे, वह चोरी की थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी रिजवान उर्फ राजू की मौत हो गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कोई भी गवाह पेश नहीं किया जा सका। शेष आरोपी बनारसी ने अपने अधिवक्ता के साथ न्यायालय में पेश होकर जुर्म कबूलने का प्रार्थना पत्र दाखिल किया। उसने अपनी गरीबी और मामले के 25 साल पुराने होने का हवाला देते हुए कहा कि वह मुकदमा नहीं लड़ना चाहता और भविष्य में कोई गलत काम न करने का भरोसा दिलाया। उसने कम से कम सजा देने की अपील की। पत्रावली का अवलोकन करने के बाद सीजेएम ने पाया कि आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और अभियोजन पक्ष 25 साल में उसके खिलाफ एक भी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया। इन तथ्यों के आधार पर सीजेएम ने अभियुक्त बनारसी को न्यायालय उठने तक की सजा और 2,000 रुपये का जुर्माना लगाया।
करनाल टोल प्लाजा पर फायरिंग:3 गाड़ियों में आए लोग, आपसी रंजिश की आशंका; पुलिस CCTV खंगाल रही
करनाल जिले में प्योंत टोल प्लाजा पर हवाई फायरिंग की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में सामने आया कि 3 गाड़ियों में सवार लोग वहां पहुंचे थे और उनके बीच आपसी रंजिश के चलते फायरिंग हुई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी को गोली नहीं लगी। पुलिस की प्राथमिक जांच के दौरान सामने आया कि 3 गाड़ियां टोल प्लाजा पर पहुंची थीं। इन्हीं गाड़ियों में सवार लोगों के बीच किसी बात को लेकर विवाद था, जिसके चलते फायरिंग हुई। घटना के बाद 2 गाड़ियां करनाल की तरफ वापस लौट गई, जबकि एक गाड़ी असंध की ओर चली गई। टोल कर्मियों से नहीं थी कोई रंजिश निसिंग थाना प्रभारी श्रीभगवान ने बताया कि टोल कर्मियों से पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि बदमाशों की टोल कर्मचारियों के साथ कोई कहासुनी या रंजिश नहीं थी। यह मामला पूरी तरह से गाड़ियों में सवार लोगों के बीच का ही था। सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू पुलिस ने टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज के आधार पर गाड़ियों के नंबर निकालने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। जल्द आरोपियों को किया जाएगा काबू निसिंग थाना प्रभारी श्रीभगवान के अनुसार, एक ही राउंड फायर हुआ है। फायरिंग करने वाले आरोपियों को जल्द ही राउंडअप कर लिया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की असल वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहनता से जांच कर रही है।
मेरठ के एसएसपी ने बुधवार को कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के अनुसार, 16 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टरों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया गया है। इस फेरबदल के तहत कई महत्वपूर्ण थानों और शाखाओं में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें अपराध शाखा, साइबर थाना, कोतवाली, गंगानगर, कंकरखेड़ा और देहलीगेट जैसे प्रमुख थाने शामिल हैं, ताकि पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। आदेश के अनुसार, निरीक्षक महावीर सिंह को रेलवे रोड से साइबर थाना भेजा गया है, जबकि मथुरा राठौर को साइबर थाना से रेलवे रोड स्थानांतरित किया गया है। जितेंद्र सिंह को कोतवाली से कंकरखेड़ा और विनय कुमार सिंह को कंकरखेड़ा से गंगानगर थाना भेजा गया है। पंकज कुमार सिंह को अपराध शाखा सरधना से कोतवाली, अनुप सिंह को गंगानगर से नौचंदी और इरम सिंह को नौचंदी से अपराध शाखा में तैनाती मिली है। अतुल कुमार सिंह को देहलीगेट, कमलेश कुमार को कोतवाली अपराध शाखा और महिला उपनिरीक्षक प्रीति सिंह को बहसूमा से पुलिस लाइन भेजा गया है। योगेश कुमार को बहसूमा से साइबर थाना, पूजा पंवार को मेडिकल से रोहटा, सचिन कुमार को स्वाट टीम से बहसूमा और अनुराग सिंह को रोहटा से टीपी नगर स्थानांतरित किया गया है। देवेंद्र कुमार मिश्रा को अहलपुरा चौकी से मुंडाली थाना भेजा गया है, जबकि रामगोपाल सिंह को मुंडाली से एसएसआई खरखौदा की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल अपनी नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। इस फेरबदल को पुलिसिंग को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
संभल में 6 दिन से लापता युवक का शव मिला:पेड़ों के बीच नाले से बरामद, भांग खाने का आदी था
संभल जिले में छह दिन से लापता एक 24 वर्षीय युवक का शव भांग के पेड़ों के बीच एक नाले से बरामद हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक 27 मार्च से लापता था।यह घटना संभल जनपद के थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र के गांव धारंगपुर की है। युवक की पहचान धारंगपुर निवासी मोहम्मद सलमान (24 वर्षीय) पुत्र इसरार के रूप में हुई है। सलमान 27 मार्च की शाम को घर से लापता हो गया था। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी थी, हालांकि कोई गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई गई थी। बुधवार शाम करीब 4 बजे युवक का शव मिलने की सूचना पर ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। नाले से शव बाहर निकालने के बाद परिजनों का बुरा हाल हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक भांग पीने का शौकीन था और आशंका जताई जा रही है कि भांग के पेड़ों के निकट बने नाले में गिरकर डूबने से उसकी मौत हुई है। थाना प्रभारी लवनीश चौधरी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम को सूचना देकर सभी साक्ष्य एकत्र कराए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शास्त्री नगर स्थित रंगोली मंडप में आयोजित ‘तिजोरी समर एग्जीबिशन’ ने बुधवार को शहरवासियों को फैशन और लाइफस्टाइल का शानदार अनुभव दिया। सुबह 11 बजे से शुरू हुए इस मेले में रात 8 बजे तक खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी रही। फ्री एंट्री के चलते महिलाओं और युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। दिल्ली, लखनऊ, बनारस, बरेली समेत कई शहरों से आए 70 से अधिक ब्रांड्स ने अपने लेटेस्ट कलेक्शन पेश किए। एथनिक वियर, डिजाइनर ज्वेलरी, होम डेकोर और हैंडमेड प्रोडक्ट्स की स्टॉल्स पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। आयोजकों के अनुसार, इस एग्जीबिशन का उद्देश्य मेरठ के लोगों को एक ही छत के नीचे अलग-अलग शहरों के प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराना था, जिसमें वे सफल रहे। पूरे दिन आयोजन स्थल पर उत्सव जैसा माहौल बना रहा और विजिटर्स ने इसे “बेहतरीन शॉपिंग एक्सपीरियंस” बताया।
रायबरेली में ट्रैक्टर-बाइक टक्कर में युवक की मौत:दूसरा गंभीर घायल; मौके पर ही गई जान
रायबरेली के शिवगढ़ थाना क्षेत्र में गूढ़ा-ओसाह संपर्क मार्ग पर सेमरगंज गांव के पास एक ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल की टक्कर हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल सवार दो युवकों में से एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। दूसरे गंभीर घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सक की सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शिवगढ़ थाना क्षेत्र के बहुदा खुर्द गांव निवासी अनूप कुमार राजपूत (22 वर्ष) पुत्र विश्राम अपने गांव के विनोद विश्वकर्मा (25 वर्ष) पुत्र राजाराम के साथ मोटरसाइकिल से अपनी ससुराल अकबरगंज जा रहे थे। गूढ़ा-ओसाह संपर्क मार्ग पर सेमरगंज गांव के पास पहुंचते ही एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर से दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ में डॉक्टरों ने विनोद कुमार को मृत घोषित किया, जबकि गंभीर रूप से घायल अनूप कुमार को जिला अस्पताल रेफर किया गया। शिवगढ़ थाना प्रभारी राजीव सिंह ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत हुई है और दूसरा घायल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीलीभीत में सौतेले पिता पर दुष्कर्म का आरोप:डरा-धमका कर बनाया शिकार, बेटी हुई गर्भवती; केस दर्ज
पीलीभीत के बरखेड़ा थाना क्षेत्र में एक सौतेले पिता पर नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह घटना तब उजागर हुई जब किशोरी के गर्भवती होने का पता चला। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थी। बुधवार को पेट में तेज दर्द होने पर उसे अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि किशोरी गर्भवती है। जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। लोक-लाज के डर के कारण किशोरी चुप रही जब मां ने बेटी से पूछताछ की, तो किशोरी ने बताया कि उसका सौतेला पिता लंबे समय से उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा था। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसकी मां को जान से मारने की धमकी देता था। लोक-लाज और डर के कारण किशोरी अब तक चुप रही थी। पीड़िता की मां ने जब इस बारे में अपने पति से बात की, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि यदि पुलिस में शिकायत की गई, तो वह गंभीर परिणाम भुगतेगा। इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर बरखेड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। बरखेड़ा थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है। थानाध्यक्ष प्रेमेंद्र कुमार ने बताया- पीड़िता की मां के शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की गहनता से जांच की जा रही है। आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
KGMU में एक विभाग के अध्यक्ष पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही पाए गए हैं। लिहाजा उनकी दो इंक्रीमेंट पर रोक लगा दी गई है। वहीं दूसरे विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के आरोप में चार्ज शीट देने का फैसला हुआ है। वहीं अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश व ज्वाइनिंग संबंधी मामले को राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला हुआ है। बुधवार को कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में KGMU कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में आधा दर्जन से ज्यादा मामले रखे गए। इसमें प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप में फंसे एक विभाग के अध्यक्ष पर कार्रवाई की संस्तुति की गई थी। निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के आरोप लगे विभागाध्यक्ष पर ठाकुरगंज के निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करने के गंभीर आरोप लगे थे। मरीज की मौत के बाद तीमारदारों ने विभागाध्यक्ष का वीडियो, पर्चे KGMU को मुहैया कराए थे। शिकायत के आधार पर KGMU प्रशासन ने जांच कराई थी। जांच में प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप सही मिले थे। KGMU कार्यपरिषद ने आरोपी विभागाध्यक्ष के दो इंक्रीमेंट रोकने के प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगा दी है। दूसरे डॉक्टर को मिली चार्जशीट वहीं, एक अन्य विभाग के डॉक्टर पर मरीज को बाहर की दवा लिखने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। जांच में आरोप सही मिले हैं। जांच कमेटी की संस्तुति के आधार पर कार्यपरिषद ने आरोपी डॉक्टर को चार्जशीट देने का फैसला सुनाया है। इसी प्रकार अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति के अवकाश संबंधी मामला राजभवन के सुपुर्द करने का फैसला कार्यपरिषद ने सुनाया है। पूर्व कुलपति ने तीन साल की छुट्टी की अनुमति ली थी। इसी दौरान राज्यपाल ने कुलपति का कार्यकाल छह माह और बढ़ा दिया था। लेकिन पूर्व कुलपति ने अवकाश आगे बढ़ाने के लिए नियमानुसार KGMU में अर्जी नहीं दी थी। करीब तीन माह से उनकी ज्वाइनिंग का मसला लटका है।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) खेलो इंडिया बास्केटबॉल एकेडमी की चार महिला खिलाड़ियों को जूनियर भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम के चयन ट्रायल के लिए आमंत्रित किया गया है। इन खिलाड़ियों में रेवाडिह वार्ड की निवासी अंजलि कोडापे के साथ एकेडमी की रेवा कुलकर्णी, रूमी कोनवर और श्वेता सिंह शामिल हैं। इनका चयन लुधियाना में आयोजित जूनियर नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। भारतीय बास्केटबॉल संघ ने इन खिलाड़ियों को 10 से 12 अप्रैल तक चेन्नई में होने वाले चयन ट्रायल के लिए बुलाया है। चयनित खिलाड़ी फीबा एशिया कप (SABA क्वालिफायर्स) में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। इसके बाद, वे 13 अप्रैल से 4 मई तक चेन्नई में आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में भी हिस्सा लेंगी। अंजलि कोडापे की सफलता की कहानी प्रेरणादायक है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली अंजलि के पिता ड्राइवर हैं और उनकी माता घरों में काम करती हैं। अंजलि छह बहनों में सबसे बड़ी हैं। अंजलि की तीन अन्य बहनें भी बास्केटबॉल खेलती हैं। अंजलि और उनकी बहन अदिति कोडापे ने सिंगापुर में आयोजित NBA राइजिंग स्टार इन्विटेशनल टूर्नामेंट में भी भाग लिया है। उनकी बहनें अदिति और पावनी ने नेशनल लेवल टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। छत्तीसगढ़ की वनांचल क्षेत्रों से प्रतिभाओं को निखारने का श्रेय अंतर्राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रशिक्षक कालवा राजेश्वर राव और कालवा राधा राव को जाता है। उन्होंने रेवाडिह जैसे क्षेत्रों में बास्केटबॉल कोर्ट बनवाकर बच्चों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया है। उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कई खिलाड़ी आज राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चमक रहे हैं और सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं। अंजलि और उनकी बहनों की इस उपलब्धि का पूरा श्रेय कोच कालवा राजेश्वर राव और राधा राव को दिया जाता है। साथ ही शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय रेवाडिह की शिक्षिका संजू मिश्रा और प्रधान पाठक अनुपराम कंवर का प्रोत्साहन भी सराहनीय रहा है। प्रमुख उपलब्धियां एक नजर में: रेवा कुलकर्णी: एशियन बास्केटबॉल प्रतियोगिता (डिवीजन II) में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय युवा टीम की कप्तान रह चुकी हैं।अंजलि, रूमी और श्वेता: जूनियर नेशनल में शानदार खेल के दम पर भारतीय ट्रायल में जगह बनाई।शिक्षा और समर्थन: अंजलि और उनकी बहनों की प्रतिभा को देखते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव ने उन्हें प्रवेश देकर उनके खेल और शिक्षा को नई ऊंचाई दी है।
कासगंज के गंजडुंडवारा क्षेत्र में पुलिस ने एक छह माह के मासूम से कुकर्म के आरोपी 22 वर्षीय अमन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में पुलिस की गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि आरोपी की लोकेशन मिलने पर पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को तुरंत कासगंज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके से एक तमंचा, तीन खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। एसपी ओम प्रकाश सिंह भी घायल आरोपी से घटना की जानकारी लेने जिला अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस जघन्य अपराध को लेकर क्षेत्र में आक्रोश है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आमजन में सुरक्षा का विश्वास बढ़ा है। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
धमतरी में बिना पर्ची कफ सिरप बेचा:संयुक्त टीम ने ग्राहक बनकर कार्रवाई की, मेडिकल स्टोर सील
धमतरी में बिना डॉक्टर की पर्ची के नशीली कफ सिरप बेचने पर एक मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। प्रशासन ने नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राहक बनकर दुकान से कफ सिरप खरीदा। जब्त किए गए सिरप का नाम प्लेनोकॉफ बताया गया है। यह कार्रवाई धमतरी जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के आमातालाब स्थित सुश्रुता मेडिकल स्टोर पर की गई। संयुक्त टीम में सीएसपी, ड्रग इंस्पेक्टर, नायब तहसीलदार, कोतवाली टीआई और कोतवाली व कांकेर पुलिस टीम के सदस्य शामिल थे। टीम के पहुंचते ही मेडिकल स्टोर संचालकों में हड़कंप मच गया और मौके पर भीड़ जमा हो गई। सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि कांकेर पुलिस से सूचना मिली थी कि कांकेर में एक लड़के के पास से प्लेनोकॉफ सिरप मिला था, जिसमें कोडिन पाया जाता है। कोडिन का इस्तेमाल नशे के लिए किया जाता है और इसकी बिक्री डॉक्टर की लिखित पर्ची के बिना प्रतिबंधित है। सीएसपी ने चेतावनी दी कि चंद पैसों के लिए लोगों का जीवन दांव पर न लगाएं, भविष्य में ऐसी कार्रवाई को और बड़े पैमाने पर अंजाम दिया जाएगा। कांकेर पुलिस की सूचना के आधार पर, धमतरी के सुश्रुता मेडिकल स्टोर से भी इसी तरह के सिरप खरीदे जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद, एक 'पॉइंटर' (गुप्त ग्राहक) भेजकर 8-9 सिरप खरीदे गए, जिसमें संचालक को बिना पर्ची के बेचते हुए पाया गया। मौके पर पंचनामा तैयार कर मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया। इसके बाद, टीम ने धमतरी के होलसेल रखेचा मेडिकल स्टोर पर भी स्टॉक की जांच की। पुलिस को अन्य मेडिकल स्टोर्स और जिलों में भी प्रतिबंधित दवाएं बेचे जाने की जानकारी मिली है, और आने वाले हफ्तों में ऐसी और कार्रवाईयां देखने को मिलेंगी। दुकान का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश करेंगे सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी दवा में पाया गया कंपोजीशन एनडीपीएस एक्ट के शेड्यूल में आता है, तो उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। यदि यह शेड्यूल एच1 ड्रग है और बिना डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन के बेचा जा रहा है, तो दुकान का लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। सीएसपी ने बताया कि कोडिन का बैच, लाइसेंस और 8-9 कोडिन जब्त कर लिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी अगर ऐसा कोई सामान बड़ा पैमाने पर बेचा गया तो सभी दुकानों में लगातार जांच की जाएगी। सीएसपी ने कहा कि ये दवा समाज के लिए खतरनाक है और इसे कभी भी नहीं बेचना चाहिए।
तरनतारन जिले के झबाल बाईपास पर एक थार कार की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को नाजुक हालत में अमृतसर रेफर किया गया है। पुलिस ने थार ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। बता दे कि यह घटना देर शाम 8 बजे झबाल बाईपास पर हुई। जहां चंबा कलां निवासी हरप्रीत सिंह ने बताया कि उनका भाई जगजीत सिंह अपने दोस्त के साथ खड़ी बाइक पर बैठकर बात कर रहे थे। इसी दौरान एक थार कार के ड्राइवर ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में एक की मौत, युवक घायल टक्कर इतनी भीषण थी कि जगजीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। जगजीत सिंह चंबा कलां का रहने वाला था और एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था। अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हादसे में पास खड़ी एक अन्य कार भी क्षतिग्रस्त हुई है। SHO नवदीप सिंह भट्टी ने बताया कि पुलिस ने थार चालक को हिरासत में ले लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पाली में 65 साल की बुजुर्ग महिला की जंगल में लाश मिली है। महिला के पैरों को बेरहमी से काटा गया। शुरुआती जांच में आशंका है महिला की हत्या की गई और गहने नहीं निकलने पर उसके पैरों को काटकर लुटेरे गहने ले गए। गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सैन भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामला पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन थाना क्षेत्र के काराड़ी गांव का है। पुलिस के अनुसार- काराड़ी गांव निवासी 65 साल की प्यारी देवी पत्नी रामलाल दोपहर की करीब 12 बजे घर से निकली थी। वह देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान ग्रामीणों को शाम को गांव में नाडी के पास जंगल में उसकी बॉडी मिली और उसके पैर निर्मम तरीके से कटे हुए थे। गले भी चोट के निशान थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। गहनों के लिए पैर काटने की आशंकापुलिस को आशंका है कि लूट के इरादे से आए बदमाशों ने बुजुर्ग महिला को अकेला देखकर उसकी हत्या की। उसके पैरों में पहने नहीं निकले तो उसके पैर काटकर गहने लेकर भाग गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी मोनिका सैन भी मौके पर पहुंची और मारवाड़ जंक्शन एसएचओ राजेन्द्र कुमार पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। पहले भी ऐसी हो चुकी है वारदातबता दें कि मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में कुछ साल पहले भी एक बुजुर्ग महिला की बॉडी इसी हालत में मिली थी। उसके भी पैर कटे हुए थे। जांच में सामने आया था कि बदमाशों ने पैर में पहने गहने नहीं खुलने पर महिला की नृशंस हत्या की थी। ये खबर भी पढ़िए… महिला के पैर काटकर 2.5 किलो चांदी के कड़े लूटे:गला रेतकर हत्या की, घटना से गुस्साए लोगों ने जाम लगाया सवाई माधोपुर में चांदी के कड़ों के लिए 65 साल की महिला बेरहमी से हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पहले महिला का गला काटा, इसके बाद दोनों पैर काटकर अलग कर दिए। पूरी खबर पढ़िए
इटावा में सड़क हादसे में महिला की मौत:शादी समारोह में जाते समय हुआ हादसा, परिजनों में शोक का माहौल
ऊसराहार थाना क्षेत्र के ग्राम किरतपुर में बुधवार शाम करीब 8 बजे एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई। महिला एक शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी, तभी तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। मृतक की पहचान ग्राम किरतपुर निवासी 55 वर्षीय मलेशा पत्नी करन सिंह के रूप में हुई है। वह गांव में रामवीर पुत्र जगन्नाथ सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने के लिए जा रही थीं। जानकारी के अनुसार, मलेशा सड़क पार कर रही थीं, तभी सामने से आ रही पल्सर मोटरसाइकिल ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल मलेशा को तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से सीएचसी सरसई नावर ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी बलराज सिंह भाटी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल को जब्त कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को राजनांदगांव जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया। उन्होंने भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही, जिले को 3 अन्य एम्बुलेंस की स्वीकृति भी मिली है, जिससे कुल 13 नई अत्याधुनिक एम्बुलेंस सेवाएं उपलब्ध हो गई हैं। इन 13 एम्बुलेंस में 8 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 2 एडवांस लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस शामिल हैं। इनका संचालन जीवीके ईएमआरआई (GVK EMRI) द्वारा किया जाएगा। ये एम्बुलेंस जीपीएस, मोबाइल डेटा टर्मिनल और लोकेशन बेस्ड सर्विस जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। इनका लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट के भीतर प्रतिक्रिया समय (रिस्पॉन्स टाइम) देना है। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई गति डॉ. रमन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नई संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस मिलने से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि ये एम्बुलेंस आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों जैसे बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्लूकोमीटर, नेबुलाइजर और ऑक्सीजन से लैस हैं। नई प्रणाली (मोबाइल डेटा टर्मिनल) के माध्यम से अब एम्बुलेंस की लाइव लोकेशन और रिस्पॉन्स टाइम की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद की काली छाया से बाहर निकलकर स्थायी शांति की ओर बढ़ रहा है। डॉ. सिंह ने इस ऐतिहासिक बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के मजबूत नेतृत्व को दिया। डॉ. सिंह ने बताया कि इस योजना का आगाज़ वर्ष 2011 में हुआ था। राजनांदगांव जिले में अब तक 1,26,990 लोगों को समय पर उपचार मिला है। पिछले वर्ष 8,463 महिलाओं ने आपातकालीन प्रसूति और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े सांसद संतोष पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं, महापौर मधुसूदन यादव ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का आभार जताते हुए कहा कि उन्नत तकनीक से लैस ये वाहन आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेंगे।
ललितपुर में हजरत बाबा सदनशाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर सालाना उर्स के दूसरे दिन बुधवार शाम समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने दरगाह पर पीडीए चादर चढ़ाई। इस दौरान सपा नेताओं ने देश में आपसी भाईचारे, अमन-चैन और सौहार्द के लिए दुआ मांगी। उन्होंने उर्स के पवित्र अवसर पर एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प भी लिया। जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव ने बताया कि बाबा सदनशाह की दरगाह सदियों से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सामाजिक समरसता का प्रतीक रही है। यहां सभी धर्मों और वर्गों के लोग एक साथ आकर श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष भजन लाल कुशवाहा, तिलक बानोनी, निर्भान सिंह, मो. अनवर खान, पूजा यादव, बाबूलाल पाल, नसीर पठान, नगराध्यक्ष अभि जैन खजुरिया, लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष परवेज पठान, अभिलाषा कुशवाहा, युवजन सभा जिलाध्यक्ष अरशद मंसूरी, राहुल रजक नीलू, छात्रसभा जिलाध्यक्ष गौरव विश्वकर्मा, नौशाद खान, अभि जैन पंसारी, जाविद खान, जुनैद अख्तर, अमन मंसूरी, अमन छोटू और जितेन्द्र जोशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
आगरा में पत्नी को जहर देने वाले दरोगा की ऑडियो सामने आई है। ऑडियो में दरोगा एक कॉल गर्ल को बुलाने की बात कह रहा है। सिपाही ने उससे कह रहा है कि 9 हजार में में आई है। उसकी फोटो आपको भेज दी है। ये ऑडियो उसकी पत्नी मीनाक्षी ने वायरल की है। मीनाक्षी का कहना है कि ये कॉल रिकॉड तब हुई थी, जब लोकेश अपने मौसी के लड़के से बात कर रहा था। तभी बीच में सिपाही कृष्ण को फोन आ गया था। कॉन्फ्रेस पर लेने के दौरान ये बातें रिकॉर्ड हो गईं। जब मैंने फोन चेक किया तो इसकी करतूत के बारे में पता चला। पत्नी मीनाक्षी ने पति दरोगा पर अन्य महिलाओं के साथ संबंध होने के आरोप लगाए है। जिसकी मीनाक्षी ने चैट भी वायरल की है। जिसमें कोई महिला उसे हैप्पी बर्थडे विश कर रही है। इसमें लोकेश बोलता है, थैंक्स मेरी लाइफ। मीनाक्षी ने दावा किया है कि ये वहीं महीला है जिससे इसके अवैध संबंध है। अब ये ओडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। पत्नी को जहर देने के आरोप में दरोगा लोकेश बुधवार को लाइन हाजीर कर दिया, लेकिन मुकदमा नहीं लिखा गया। इसके बाद ससुराल वालो ने शुक्रवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी से शिकायत की। इसके बाद डीसीपी सिटी अली अब्बास के पास भेजा गया। इसके बाद दरोगा पर मुकदमा दर्ज किया जा सका। मीनाक्षी के परिजन अब उसे अपने घर फरीदाबाद ले गए है। अब पूरा मामला विस्तार से… मीनाक्षी फरीदाबाद के वल्लभगढ़ क्षेत्र के चांदपुर गांव की रहने वाली है। उसकी मां ने बताया कि 21 अप्रैल, 2021 को बदायूं के रामपुर के रहने वाले लोकेश भाटी से बेटी की शादी की थी। लोकेश थाना न्यू आगरा में तैनात हैं। दोनों लॉयर्स कालोनी में किराए के मकान में रहते हैं। दोनों का 6 महीने का बच्चा भी है। लोकेश को दहेज में स्कार्पियो कार दी थी, लेकिन वह फॉर्च्यूनर मांगता रहता था। डिमांड न पूरी न होने पर बेटी को तलाक देने की धमकी देता था। लोकेश के अन्य लड़कियों के साथ अफेयर हैं। इसका विरोध करने पर वह बेटी को मारता पीटता है। जब जहर दे दिया तो हमने थाने में इसकी शिकायत की। लेकिन वर्दी का रौब दिखाकर पुलिस हमें ही धमका रही। आज फिर फ्लैट फॉर्च्यूनर के लिए बहस की दरोगा की पत्नी मीनाक्षी ने बताया- पति लोकेश रविवार को करीब 3 बजे घर पर खाना खाने के लिए आए थे। खाना खाने के बाद उन्होंने घर पर बात की। कुछ देर बाद फोन काट दिया। इसके बाद मेरे पास आए और बोले मैंने जो कहा था, तुमने जवाब नहीं दिया। मैंने कहा कि क्या जवाब नहीं दिया, तो बोले कि मैंने तुमसे एक फ्लैट और फॉर्च्यूनर गाड़ी के लिए बोला था। पिता ने शादी में 1 करोड़ खर्च किएमैंने कहा- मेरे पिता ने शादी में एक करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अभी शादी को दो साल हुए हैं। हमारे पास इतने पैसे नहीं कि हम तुम्हें फ्लैट और गाड़ी दे सकें। इसके बाद उन्होंने मारपीट शुरू कर दी, और मुझे जहर दे दिया। मेरी तबीयत खराब होती देख लोकेश घर से भाग गए। इसके बाद पड़ोसियों ने मुझे हॉस्पिटल पहुंचाया। दरोगा को लाइन हाजिर किया आगरा में पत्नी को जहर देने वाले दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सूचना मिलते ही महिला के परिजन फरीदाबाद से आगरा पहुंचे। उन्होंने दरोगा के खिलाफ थाना न्यू आगरा में शिकायत दी थी। पिता ने दरोगा लोकेश भाटी पर फॉर्च्यूनर कार की मांग पूरी न होने पर बेटी मीनाक्षी के साथ मारपीट कर जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया- शिकायत और पीड़िता के बयान के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच थाना न्यू आगरा में की जा रही है। इसको देखते हुए आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है।

