जालंधर के नकोदर इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक धार्मिक शोभा यात्रा पर पथराव कर दिया गया। चुंगी के पास स्थित एक खाली प्लॉट में खड़े एक शख्स ने अचानक वहां से गुजर रही संगत पर ईंटें चलानी शुरू कर दीं। इस हमले में कई श्रद्धालु घायल हो गए हैं। मौके पर मौजूद भीड़ ने आरोपी को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद प्राप्त जानकारी के अनुसार, नकोदर में बड़े ही श्रद्धा भाव से शोभा यात्रा निकाली जा रही थी। जैसे ही यात्रा एक खाली प्लॉट के पास पहुंची, वहां मौजूद एक युवक ने ऊपर से ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं। चश्मदीदों के मुताबिक, हमला इतना अचानक था कि लोगों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। ईंटें लगने के कारण कई लोगों के सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई हैं। मौके पर मची चीख-पुकार घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी हजूम इकट्ठा हो गया। लोगों में इस बात को लेकर भारी गुस्सा था कि बिना किसी कारण के संगत को निशाना बनाया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि आरोपी युवक प्लॉट के अंदर छिपा हुआ था और लगातार ईंटें मार रहा था। वहां मौजूद कुछ युवाओं ने हिम्मत दिखाई और प्लॉट के अंदर घुसकर आरोपी को काबू किया। आरोपी का अजीबोगरीब तर्क पकड़े जाने के बाद जब आरोपी से पूछताछ करने की कोशिश की गई, तो उसने दावा किया कि लोग उसके प्लॉट के अंदर घुस रहे थे और उसका सामान उठाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि वह नशे की हालत में लग रहा था और बेवजह संगत पर हमला कर रहा था। लोगों का कहना है कि शोभा यात्रा शांतिपूर्वक निकल रही थी और किसी ने भी उसके प्लॉट में हस्तक्षेप नहीं किया था। पुलिस की कार्रवाई और जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने उत्तेजित भीड़ से आरोपी को बचाया और उसे थाने ले गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि भाईचारा बना रहे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि हमला किसी साजिश का हिस्सा था या युवक की व्यक्तिगत सनक।
लुधियाना के गिल रोड स्थित प्रो लाइफ हॉस्पिटल के पास शनिवार रात एक भीषण हादसे में ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। 16 टायरी ट्राले के हाईटेंशन बिजली की तारों की चपेट में आने से गाड़ी में अचानक आग लग गई। जान बचाने के लिए बाहर निकलने की कोशिश कर रहे ड्राइवर को बिजली का जोरदार झटका लगा जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान होशियारपुर निवासी हरविंदर सिंह के रूप में हुई है। रात 8 बजे हुआ हादसा, ट्रांसफार्मर से टकराया था ट्राला फायर ब्रिगेड अधिकारी ने बताया कि रात करीब 8 बजे कंट्रोल रूम में सूचना मिली थी कि गिल रोड के पास एक गाड़ी में आग लगी है। मौके पर जब फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची तो वहां एक 16 टायरी ट्राला आग की लपटों में घिरा हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्राला सड़क किनारे लगे एक ट्रांसफार्मर और हाईटेंशन तारों की चपेट में आ गया था। तारों के संपर्क में आते ही पूरी गाड़ी में करंट दौड़ गया और देखते ही देखते आग लग गई। बचाव की कोशिश में गई जान हादसे के वक्त ड्राइवर हरविंदर सिंह ने केबिन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने की कोशिश की थी। जैसे ही उसने ट्राले से नीचे उतरने के लिए पैर बाहर निकाला, वह हाईटेंशन तारों और ट्राले के बीच पैदा हुए अर्थ (करंट) की चपेट में आ गया। करंट इतना जबरदस्त था कि हरविंदर को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का एकमात्र सहारा था हरविंदर मृतक हरविंदर सिंह पिछले 25 वर्षों से ड्राइविंग का काम कर रहा था और वर्तमान में टुडे लॉजिस्टिक्स कंपनी में कार्यरत था। उसके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता पत्नी और तीन बच्चे (दो बेटियां और एक बेटा) हैं। हरविंदर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। वह अपने घर का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर प्रो लाइफ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
अलीगढ़ में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सवर्ण संगठनों ने UGC रेगुलेशन एक्ट 2026 के विरोध में मंगलवार को मशाल जुलूस निकालकर आंदोलन को जारी रखने की शपथ ली। धर्म समाज महाविद्यालय परिसर में सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता एकत्र हुए, जहां सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस पर रोक लगाए जाने पर आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान मशाल जलाकर आंदोलन में सहयोग देने वालों का धन्यवाद किया गया और शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया। आपस में बांटने वाला कानून प्रदेश अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि एक ओर देश में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदुओं को आपस में बांटने वाला कानून थोपा जा रहा है। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमित शिब्बोजी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसे शिक्षा और छात्रों के हित में बताया। गांव स्तर तक किया जाएगा जागरूक मंडल अध्यक्ष विवेक प्रताप सिंह ने कहा कि यह लड़ाई शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। संगठन गांव स्तर पर भी इसे लेकर संपर्क करेगा। संगठन एकजुट रहकर अपना मांग पत्र जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक पहुंचाएंगे। लोगों को बताए जाएंगे कानून के प्रभाव ब्राह्मण महासभा के जेसी शर्मा ने स्पष्ट किया कि अगला न्यायिक निर्णय आने तक आंदोलन सांकेतिक रूप से जारी रहेगा। किसी भी तरह का उग्र प्रदर्शन नहीं किया जाएगा और जन-जागरूकता अभियान चलाकर आम लोगों को कानून के प्रभावों से अवगत कराया जाएगा। लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा संघर्ष किसान मजदूर संगठन के बंटी जादौन ने कहा कि सरकार को जनता की आवाज सुननी होगी और यह संघर्ष पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ेगा। वहीं जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि भले ही फिलहाल बड़े विरोध कार्यक्रम स्थगित हैं, लेकिन नुक्कड़ बैठकों, जनसंवाद और जागरूकता अभियानों के जरिए आंदोलन लगातार चलता रहेगा। प्रदर्शन में यह रहे मौजूद कार्यक्रम में अरविंद पंडित, वीरांगना भावना चौहान, स्नेहलता चौहान, कविता राघव, अनीता सिंह, मीरा जादौन, धीरू पहलवान, युवराज सिंह, चेतन राणा, संदीप चौहान, घनश्याम सिंह, कपिल कुमार सिंह, प्रिंस कुमार सिंह, सुनील जादौन, हरीश प्रताप सिंह, रॉबिन खंडेलवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अररिया में बिजली उपभोक्ताओं को रविवार, 1 फरवरी को चार घंटे की बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग ने शहर के दो प्रमुख 33 केवी फीडरों पर आवश्यक रखरखाव कार्य की घोषणा की है, जिसके चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। यह जानकारी सहायक विद्युत अभियंता विकास कुमार ने दी है। विभाग के अनुसार, सबसे पहले 33 केवी अररिया शहरी फीडर का रखरखाव किया जाएगा। इससे अररिया शहरी विद्युत शक्ति उपकेंद्र से निकलने वाली सभी 11 केवी फीडर प्रभावित होंगी, जिसके परिणामस्वरूप अररिया शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक कटौती इसी प्रकार, 33 केवी गुणवंती फीडर पर भी कार्य होगा, जिससे हांसा विद्युत शक्ति उपकेंद्र से जुड़ी सभी 11 केवी फीडरों में सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली गुल रहेगी। इन दोनों फीडरों से जुड़े हजारों घरेलू, व्यावसायिक और अन्य उपभोक्ता प्रभावित होंगे। सहायक विद्युत अभियंता विकास कुमार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने दैनिक कार्यों को सुबह 9 बजे से पहले ही पूरा कर लें। इसमें खाना बनाना, कपड़े धोना और मोबाइल चार्जिंग जैसे कार्य शामिल हैं। उन्होंने अस्पतालों, स्कूलों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों को वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की सलाह भी दी है। विभाग ने आश्वासन दिया है कि कार्य समय पर पूरा होने के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। नियमित रखरखाव से ब्रेकडाउन की संभावना कम विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह रखरखाव कार्य बिजली प्रणाली की सुरक्षा, विश्वसनीयता और बेहतर प्रदर्शन के लिए अनिवार्य है। नियमित रखरखाव से भविष्य में लंबी बिजली कटौती या ब्रेकडाउन की संभावना कम होती है। अररिया जैसे क्षेत्रों में बढ़ती बिजली की मांग को देखते हुए ऐसे कार्य समय-समय पर आवश्यक हो जाते हैं। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे इस दौरान बिजली विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें। किसी भी असुविधा के लिए विभाग से संपर्क करें और आपात स्थिति में निकटतम बिजली कार्यालय या हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। विभाग का लक्ष्य है कि कार्य जल्द से जल्द पूरा हो और सामान्य आपूर्ति बहाल की जाए।
नोएडा में 11 बाइक के साथ दो गिरफ्तार:15 लाख आंकी गई कीमत, झाड़ियों में छिपाकर रखते थे बाइक
रेकी कर दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का थाना सेक्टर-113 पुलिस ने पकड़ा है। पुलिस ने गिरोह के सरगना और उसके एक साथी को गिरफ्तार करते हुए चोरी की 11 बाइक और दो चाकू बरामद किए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे और इनके खिलाफ दिल्ली व नोएडा के अलग-अलग थानों में कई मुकदमे दर्ज है। एडिशनल डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली के गीता कॉलोनी निवासी मोहम्मद नौशाद उर्फ गोलू और एटा मूल निवासी धीरज उर्फ बाबे के रूप में हुई है। धीरज वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-121 स्थित गणेश होम्स में किराए का कमरा लेकर रह रहा है। गिरोह का सरगना मोहम्मद नौशाद महज 23 साल का है और वह अशिक्षित बताया जा रहा है। जबकि 21 साल धीरज सातवीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले इलाके में घूम-घूमकर रेकी करते थे। वे यह देखते थे कि कौन सी मोटरसाइकिल लंबे समय से एक ही जगह खड़ी है, कहां सुरक्षा के इंतजाम कमजोर हैं और किस समय लोगों की आवाजाही कम रहती है। इसके बाद मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चोरी कर लेते हैं। चोरी के बाद आरोपी वाहनों को तुरंत बेचने के बजाय झाड़ियों और सुनसान जगहों में छुपा देते थे, ताकि पुलिस की नजर से बच सकें। झाड़ियों में छुपाकर रखते थे चोरी के वाहनपुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों से चोरी की 11 मोटरसाइकिल बरामद की हैं। ये सभी वाहन झाड़ियों और खाली प्लॉटों में छुपाकर रखे गए थे। पुलिस का दावा है कि बरामद मोटरसाइकिलों व पार्टस की कुल कीमत करीब 15 लाख रुपये के आसपास है। इसके साथ ही आरोपियों के पास से दो चाकू भी मिले हैं, जिनका इस्तेमाल वे डराने-धमकाने या जरूरत पड़ने पर वारदात के दौरान कर सकते थे। बदमाशों का लंबा आपराधिक इतिहासपुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोहम्मद नौशाद के खिलाफ दिल्ली और नोएडा के अलग-अलग थानों में कुल पांच मुकदमे दर्ज हैं। वहीं उसके साथी धीरज उर्फ बाबे के खिलाफ भी पांच आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इनमें वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख चुके थे और लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
NEET छात्रा रेप-मौत केस में आखिरकार जांच सेंट्रल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (CBI) को सौंपी जा रही है। 22 दिन में SIT किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। 18 लोगों के DNA सैंपल फेल हो गए, एम्स की राय अब तक आई नहीं है। इधर, परिवार पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगा रहा है। अब बड़ा सवाल यह है कि CBI की एंट्री क्यों करवाई जा रही है। क्या SIT किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। या परिवार एसआईटी की जांच से संतुष्ट नहीं है, या विधानसभा में जवाबदेही से बचने के लिए रास्ता निकाला गया है। इन सवालों के जवाब जानने के लिए भास्कर ने लीगल एक्सपर्ट हाई कोर्ट के वकीलों से राय ली… ये जाना कि SIT की जांच में कहां कमी रह गई? परिवार क्या सवाल उठा रहा है? और CBI के लिए मामला कितना चुनौतीपूर्ण होगा। पढ़िए रिपोर्ट…? अब 10 पॉइंट में समझिए CBI को जांच क्यों सौंपी गई…? 1. सरकार की सबसे बड़ी चुनौती 2 फरवरी से शुरू होनेवाला विधानसभा सत्र बिहार में 2 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से ठीक पहले NEET छात्रा रेप-मौत केस की जांच CBI को सौंपने के फैसले को सियासी टाइमिंग से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार पर लगातार बढ़ते सवाल, SIT की नाकामी और DNA रिपोर्ट के बाद विपक्ष हमलावर है। ऐसे में सरकार के सामने सदन में हर दिन जवाब देने की मजबूरी बन रही थी। CBI जांच की सिफारिश कर सरकार ने यह संकेत दिया कि अब मामला राज्य पुलिस के हाथ में नहीं रहा। इससे विधानसभा के भीतर सीधे जवाबदेही से बचने का रास्ता खुल गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार सरकार को घेर रहे हें। उन्होंने लिखा, “बिहार का प्रशासनिक ढांचा भ्रष्ट और अयोग्य है, जो एक रेप-मर्डर केस भी नहीं सुलझा पा रहा।' यही सब सवाल विधानसभा में उठने वाले हैं, इसलिए सीबीआई का रास्ता निकाल लिया गया। 2. SIT 22 दिन में किसी रिजल्ट पर नहीं पहुंची किसी भी संगीन अपराध में शुरुआती दो से तीन दिन ही निर्णय वाले होते हैं। यहां 22 दिन बीतने के बाद भी SIT यह तय नहीं कर पाई कि अपराध कब, कहां और किसने किया। केस थ्योरी बार-बार बदल रही है, पहले सुसाइड, फिर संदिग्ध मौत, फिर रेप। इससे पता चल रहा है कि जांच दिशाहीन चल रही है। DNA मिलान जांच का सबसे प्रमुख हथियार था अब वो भी फेल हो रहा है। 18 सैंपल लिए गए, जिनमें हॉस्टल मालिक, उसके बेटे, हॉस्टल से जुड़े लोग, मददगार, परिजन, लेकिन सभी के सैंपल फेल हो गए। इससे दो बातें निकलती हैं: या तो सही संदिग्धों तक पहुंच नहीं हुई, या सैंपलिंग/सीन-मैनेजमेंट में खामी रही। 3. एम्स की राय अभी तक आई ही नहीं, केस पहले ही ट्रांसफर अभी तक पूरी एसआईटी विशेषज्ञ राय (AIIMS) की रिपोर्ट का इंतजार रही थी। हर सवाल पर एक ही जवाब था, रिपोर्ट का इंतजार करिए। प्राइवेट पार्ट में चोट, कैथेटर थ्योरी, दवाओं का असर, मृत्यु का कारण सभी वहीं से स्पष्ट होना था। SIT अब तक सभी आवश्यक दस्तावेज एकसाथ एम्स को नहीं दे पाई। बिना विशेषज्ञ ओपिनियन के केस डायरी अधूरी है। अब बिना रिपोर्ट का इंतजार किए CBI को जांच सौंप दी गई। 4. सीन ऑफ क्राइम को देर से सील करना, सबूत कमजोर हुए FIR में देरी और हॉस्टल कमरे का समय पर सील न होना। CCTV, DVR का फॉरेंसिक ऑडिट देर से होना, ये सब शुरुआती दौर में ही चूक हुई, इससे सबूत मिट गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्राइवेट पार्ट में ताजा चोटें, शरीर पर रगड़ के निशान के बावजूद शुरुआती दिनों में सुसाइड पर ही जोर रहा। परिवार का आरोप है कि सुसाइड मानने का दबाव बनाया गया, बार-बार पूछताछ हुई और सुरक्षा नहीं मिली। 5. सीसीटीवी पूरी तरह स्पष्ट नहीं, देर से पहुंची पुलिस 5 जनवरी रात 9:30 से 6 जनवरी दोपहर 2 बजे तक सबसे संदिग्ध समय रहा। यही वो टाइम था, जब छात्रा अपने घर से हॉस्टल पहुंची और पिता से फोन पर बात की। लेकिन इन 17 घंटों का सीसीटीवी पुलिस शायद नहीं जुटा पाई है। या स्पष्ट नहीं है, जिससे यह नहीं पता चल पा रहा कि छात्रा के कमरे का दरवाजा किसने तोड़ा और कब तोड़ा। कमरे में कौन गया और कौन बाहर निकला। 6. सियासत शुरू, लोगों का भरोसा पुलिस से उठता जा रहा लीगल एक्सपर्ट कहते हैं, न्याय केवल होना नहीं चाहिए, होता दिखना भी चाहिए। नीट छात्रा के मामले में पुलिस शुरू से ही ढीला रवैया अपनाती रही। पुलिस की प्राइमरी थ्योरी पर ही एसआईटी आगे बढ़ती रही। यही कारण है कि सियासत तेजी से शुरू हो गई। धरना-प्रदर्शन हुए और अब जिम्मेदारी से बचने के लिए मामला सीबीआई को सौंप दिया गया है। अब जानिए SIT की सबसे कमजोर थ्योरी 1. आत्महत्या थ्योरी पर शुरु से ही लगी रही SIT की सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि उसने शुरुआत से ही केस को आत्महत्या के फ्रेम में देखना शुरू कर दिया। जबकि अस्पताल के शुरुआती संकेत, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज संघर्ष के निशान और बाद में FSL रिपोर्ट इस थ्योरी से मेल नहीं खाते थे। आत्महत्या मान लेने से जांच की दिशा सीमित हो गई और कई अहम साक्ष्य उसी नजरिए से इकट्ठा किए गए। कानून कहता है कि जब तक सभी संभावनाएं खारिज न हों, किसी एक निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाना चाहिए। यहां उल्टा होता दिखाई दिया। निष्कर्ष पहले, जांच बाद में होती रही। 2. DNA को ही निर्णायक मान लेना SIT ने DNA मिलान को लगभग “फाइनल टेस्ट” मान चल रही थी। 18 सैंपल फेल होने के बाद जांच ठहर सी गई। क्योंकि एसआईटी को लग रहा था कि DNA एक मजबूत साक्ष्य है, इसमें किसी न किसी का सैंपल मैच कर जाएगा और उसी पर मामला खोल दिया जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। इससे यह भी पता चल रहा है कि एसआईटी सही संदिग्धों तक पहुंच ही नहीं हुई। 3. अस्पताल से मिले सबूतों को देर से जोड़ना इलाज के दौरान अस्पताल स्टाफ को यौन हिंसा के संकेत मिले थे। लेकिन SIT ने इन्हें शुरुआती थ्योरी का हिस्सा नहीं बनाया। मेडिकल इनपुट को जांच में देर से शामिल किया गया, जिससे साक्ष्य कमजोर होते गए। इसके बाद पुलिस ने आनन फानन में प्रेस कांफ्रेंस कर दी कि रेप हुआ ही नहीं। बाद में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने सारे मामले को उलट दिया। अगर अस्पताल से मिले संकेत से ही पुलिस एक्टिव होती तो केस की दिशा कुछ और ही होती। 4. हाॅस्टल के बजाए, परिवार पर लगातार शक परिवार का आरोप है कि SIT ने बाहरी संदिग्धों की बजाय परिवार और रिश्तेदारों पर ज्यादा फोकस किया। DNA, बार-बार पूछताछ और दबाव की शिकायतों ने जांच की दिशा पर सवाल उठाए। कानून के मुताबिक पीड़ित पक्ष को सहयोगी माना जाता है, न कि प्राथमिक संदिग्ध। इस असंतुलन ने SIT की थ्योरी को कमजोर हो गई। अब जानिए इस पूरे मामले में CBI के सामने क्या चुनौतियां होंगी 1. समय बीतने से साक्ष्य कमजोर होते जा रहे CBI को सबसे बड़ी चुनौती समय की देरी से मिलेगी। घटना को कई हफ्ते बीत चुके हैं। डिजिटल डेटा ओवरराइट हो सकता है, गवाहों के बयानों में अंतर आ सकता है, फिजिकल साक्ष्य की ताजगी कम हो चुकी है। CBI को अब रीकंस्ट्रक्शन के आधार पर केस बनाना होगा, जो हमेशा मुश्किल होता है। 2. एसआईटी की जांच की कमियों को दूर करना CBI को SIT की शुरुआती गलतियों के बावजूद केस को दोबारा खड़ा करना होगा। सीन ऑफ क्राइम, सैंपलिंग और टाइमलाइन की खामियों को बचाव पक्ष कोर्ट में हथियार बनाएगा। CBI को यह दिखाना होगा कि नई जांच कैसे निष्पक्ष और वैज्ञानिक है, ताकि पुरानी थ्योरी केस को न डुबो दें। 3. परिवार-गवाहों का भरोसा जीतना परिवार और कुछ गवाह पहले ही दबाव और डर की बात कह चुके हैं। CBI के लिए जरूरी होगा कि वह गवाहों की सुरक्षा और परिवार का विश्वास बहाल करे। बिना भरोसे के कोई भी गवाह खुलकर बयान नहीं देगा। यह सामाजिक और मनोवैज्ञानिक चुनौती है, सिर्फ कानूनी नहीं। 4. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और एम्स रिपोर्ट का कंपरीजन CBI को पोस्टमॉर्टम, FSL और एम्स ओपिनियन सबको साइंटिफिक तरीके से जोड़ना होगा। मेडिकल राय में जरा-सी गड़बड़ी बचाव पक्ष को संदेह का लाभ दे सकती है। यह सबसे तकनीकी और संवेदनशील चुनौती होगी। CCTV, कॉल डिटेल, टावर डंप और मोबाइल डेटा इन सबका टाइम-सिंक जरूरी है। अगर एक भी डेटा सेट मेल नहीं खाया, तो पूरी डिजिटल थ्योरी कमजोर पड़ जाएगी। संदिग्धों का कराना चाहिए था लाई डिटेक्टर टेस्ट- हाईकोर्ट एडवोकेट पटना हाईकोर्ट की एडवोकेट मीनू कुमारी के अनुसार, SIT सही तरीके से जांच नहीं कर पाई है। हॉस्टल की बिल्डिंग को सील करना चाहिए था। ताकि सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना न बने। हॉस्टल में लगे CCTV के DVR की जांच FSL से करवानी चाहिए थी। इससे पता चलता कि कहीं सबूतों को मिटाने की कोशिश तो नहीं हुई। संदिग्धों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहिए था। जहां तक बात CBI की है तो वो एक प्रोफेशनल जांच एजेंसी है। केस की डेफ्थ में जाकर वो जांच करेगी तो रिजल्ट मिल सकता है। प्रभात मेमारियल की रिपोर्ट को सही मानना पुलिस की गलती- हाईकोर्ट एडवोकेट पटना हाई कोर्ट के एडवोकेट माधव राज के अनुसार, /प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल की रिपोर्ट को सही मानकर पटना पुलिस ने जो कहा था कि लड़की के साथ किसी प्रकार का सेक्सुअल असॉल्ट नहीं हुआ है। यही पटना पुलिस की सबसे बड़ी गलती रही। जबकि, PMCH के पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में वॉयलेंस और सेक्सुअल असॉल्ट की संभावना जताई गई। इससे पब्लिक में गलत मैसेज गया। परिवार शुरू से प्रभात मेमोरियल की रिपोर्ट को गलत बता रहा था। फिर भी पुलिस रिपोर्ट को सही मानती रही। एसआईटी ने क्या जांच की, इसकी ऑफिशियल डिटेल नहीं आई। पीड़ित परिवर और पब्लिक को एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं हो रहा था।' ‘सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ही केस की जांच CBI को देने की अनुशंसा की है। जो एक इंडिपेंडेंट एजेंसी है। इसके जांच करने के तरीके थोड़े अलग होंगे। ये एजेंसी साइंटिफिक तरीके से जांच करती है। गहराई से जांच कर घटना को अंजाम देने वाले तक पहुंचना ही इस सेंट्रल एजेंसी की प्राथमिकता होगी। पब्लिक को भरोसा है कि CBI अपराधी को पकड़ लेगी।’
झांसी में शादी से पहले लापता बहन को खोजने निकले छोटे भाई की एक्सीडेंट में मौत हो गई। बहन की सगाई हो चुकी थी और 25 फरवरी को शादी थी। मां का कहना है कि वो आधी रात को छत से कूदकर प्रेमी के साथ भाग गई। जब मंगेतर को खबर मिली तो वो भड़क गया। बोला- उसे खोजकर लाओ, नहीं तो गोली मारकर सुसाइड कर लूंगा और सबको फंसा दूंगा। वो बेटे को लेकर बाइक से खोजने निकला। रास्ते में वाहन की टक्कर से बाइक डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बेटे की मौत हो गई, जबकि होने वाला दामाद घायल है। हादसा चिरगांव थाना क्षेत्र के पारीछा नहर के पास हुआ था। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए रिश्तेदार से चल रहा था अफेयर जालौन के कोंच निवासी चंदा देवी ने बताया- मेरे 6 बेटे और 3 बेटियां हैं। एक बेटी का अफेयर मेरी बहन की देवरानी के बेटे से चल रहा था। जब हम लोगों को रिश्ते की जानकारी हुई तो बेटी को समझाया। इसके बाद उसकी शादी विक्रम से तय कर दी थी। लगभग 3 महीने पहले दोनों की सगाई हो चुकी थी। अब 25 फरवरी को शादी होनी थी। शादी की तैयारी चल रही थी। इस बीच 29 जनवरी की रात को बेटी छत से कूदकर भाग गई। वो अपने कपड़े भी साथ ले गई। जब हम लोग सुबह जगे तो बेटी घर पर नहीं थी। बाद में पता चला कि उसे प्रेमी ही भगाकर ले गया। उसकी दतिया के रिछारी गांव में होने की जानकारी हुई। मरने की धमकी दे रहा था मंगेतर मां ने आगे बताया- बेटी के घर से भागने की खबर विक्रम को पता चल गई। वह बेटे संजय यादव (20) से कहने लगा था कि मुझे शाम तक लड़की चाहिए। नहीं तो अपने आपको गोली मार लूंगा या किसी को मार दूंगा। फिर तुम लोगों को फंसा दूंगा। तब बेटे ने पूछा कि क्या करना है? तो वो बोला कि मेरे साथ चलो। बेटी के रिछारी गांव में होने की जानकारी मिली। तब बेटा संजय और विक्रम बुलेट बाइक से रवाना हो गए। मेरे दामाद भरत यादव झांसी में रहते हैं। दोनों को पहले झांसी आकर भरत से मिलना था। फिर सभी को रिछारी गांव जाना था। टक्कर के बाद डिवाइडर से टकराई बाइक मां ने आगे बताया- गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे मेरी बेटे संजय से बात हुई तो बोला कि चिरगांव के पास पहुंच गए। थोड़ी देर में झांसी पहुंच जाएंगे। इसके बाद उसका फोन नहीं लगा। थोड़ी देर बाद सूचना आई कि बेटे का एक्सीडेंट हो गया। उसे किसी वाहन ने टक्कर मारी। इसके बाद बाइक डिवाइडर से टकरा गई। इसके बाद बाइक डिवाइडर से जा भिड़ी। हम लोग झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां हम लोगों को बेटे संजय यादव की लाश मिली। जबकि विक्रम को मामूली चोट आई है। पूरे मामले की छानबीन की जाए बेटा कैसे मरा है। संजय समोसे की दुकान पर काम करता था। दो बाइकों की टक्कर हुई इस मामले में चिरगांव थाना प्रभारी राहुल राठौर ने बताया कि सूचना मिली थी पारीछा नहर के पास दो बाइकों की टक्कर हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल कालेज भेजा गया। जहां संजय यादव को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। आगे की जांच की जा रही है।
रेवाड़ी की सीमा धारूहेड़ा से बावल तक राजस्थान से सटा हुआ है। जो अब रेवाड़ी में अपराध की बड़ी वजह बनता जा रहा है। जिले में होने वाली अधिकतर आपराधिक वारदातों में राजस्थान का लिंक जुड़ा है। दिसंबर में हुई कार लूट, मंदिर में चोरी, गुगेल चोर गैंग और दो सरपंचों के बीच 'चौधर' को लेकर हुए हर विवाद में राजस्थान के अपराधियों का नाम जुड़ा है। दिसंबर से अब तक घटनाओं से कुछ ऐसा ही देखने को मिला है। रायपुर के बवदेव मंदिर में चोरीरायपुर के एतिहासिक बनदेव मंदिर में 6-7 जनवरी को चोरी हुई। पुलिस ने चोरी के आरोप में राजस्थान के तीन युवकों को गिरफ्तार किया। जिनमें रेवाड़ी के सीमा से जुड़े राजस्थान के गांव खेडाती निवासी मोहित साढे 18, बासली निवासी सचिन (20) और महावीर खेडा ठाकरान महावीर (24) शामिल थे। 12वीं पास 18 साल के मोहित ने इसकी साजिश रचि थी। ड्राइवर को गोली मारकर लूटी कारराजस्थान के अजमेर निवासी पीएचडी स्कॉलर देवांशु ने यूपी आजमगढ़ निवासी शुभम के साथ दिल्ली रेलवे स्टेशन से जयपुर के लिए टैक्सी किराए पर ली। बनीपुर चौक पर ड्राइवर संजय को गोली मारकर टैक्सी लूटी और संजय को फेंककर फरार हो गए। इस मामले का मास्टरमाइंड भी राजस्थान के अजमेर निवासी देवांशु ही था। सरपंचों की लड़ाई से जुड़े तारगांव माजरा और भाखली गांव के सरपंचों के बीच 19 से 26 जनवरी के बीच दो बार भिड़ंत हुई। 19 को माजरा के सरपंच रविंद्र हाथी और 26 को भालखी के सरपंच प्रतिनिधि सुरेंद्र उर्फ डालिया पर हमला हुआ। सुरेंद्र डालिया पर हुए हमले के आरोपी में गिरफ्तार कोटपुतली बहरोड़ के गांव काठुवास निवासी साहिल व राजस्थान के जिला कोटपुतली बहरोड़ के गांव परतापुर निवासी पंकज को गिरफ्तार किया है। हमले में प्रयोग हथियार भी हमलावरों में शामिल परतापुर के रवि के खेत से बरामद हुए हैं। काली का भी राजस्थान से नाताचोरी की तीन दर्जन मामलों में नामजद गुगेल चोर गिरोह के तार भी राजस्थान से जुडे हैं। महेंद्रगढ़ के गांव पड़तल निवासी काली की शादी भी राजस्थान में हुई थी। जो अपने पिता की मौत के बाद मायके आकर बस गई। काली ने अपने बच्चों के साथ चोर गिरोह बनाया। काली व उसका बेटा विजय 10-10 हजार और बेटी पिंकी पांच हजार की इनामी बदमाश हैं। दूसरे जिलों से भी जुड़े ताररेवाड़ी के अंकित उर्फ चमन और बहाला निवासी कारोबारी मोहन के चर्चित हत्याकांड से भी बाहरी बदमाशों के नाम जुड़े है। मोहन हत्यकांड में सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू को मुख्य आरोपी माना जा रहा है। चमन हत्याकांड में रेवाड़ी के गोकलगढ़ के इनामी बदमाशों के साथ रोहतक, जींद के आरोपियों के नाम जुड़े है। चोरी, स्ननेचिंग में मेवात, फरीदाबाद, नारनौल, गुरुग्राम जैसे पड़ोसी जिलों का नाम जुड़ता रहा है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर एबी रोड का नाम बदलकर अटल बिहारी मार्ग किए जाने के बाद इंदौर नगर निगम शहर में बड़े पैमाने पर नामकरण की तैयारी में है। नगर निगम की नामकरण समिति ने शहर के 15 मार्गों और 19 उद्यानों के नए नाम तय कर लिए हैं। समिति द्वारा तैयार प्रस्ताव को अब मेयर-इन-काउंसिल (MIC) में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एमआईसी से स्वीकृति मिलते ही नामकरण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। तय किए गए नामों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला, आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज सहित कई महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के नाम शामिल हैं। 23 प्रस्तावों पर चर्चा, पारदर्शी प्रक्रिया का दावा नामकरण समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और संस्थाओं से प्राप्त 23 प्रस्तावों पर विचार किया गया। राठौर ने बताया कि नामकरण की प्रक्रिया पारदर्शी, संतुलित और जनहित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। अटल जी के नाम AB रोड के बाद अब उद्यान भी नगर निगम पहले ही 25 दिसंबर को एबी रोड (आगरा-बॉम्बे रोड) का नाम बदलकर अटल बिहारी मार्ग करने का निर्णय ले चुका है। अब शक्ति नगर उद्यान का नाम भी अटल बिहारी वाजपेयी उद्यान रखने का प्रस्ताव है। रास्तों-चौराहों-उद्यानों के नामकरण की प्रक्रिया
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। राजनीतिक पारी की तैयारी में एसपी साहबबड़वानी के एसपी जगदीश डावर के रिटायरमेंट पर ऐसा जुलूस निकाला गया, मानो किसी बड़े नेता का रोड शो हो। शहरभर में बैनर-पोस्टर लगाए गए और जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। एसपी साहब खुली जीप में सवार नजर आए। आगे-आगे डीजे पर गाने बज रहे थे, जिनकी धुन पर लोग थिरकते हुए साथ चल रहे थे। अब चर्चा यह है कि रिटायर्ड एसपी जगदीश डावर राजनीति में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वे बड़वानी जिले के ही निवासी हैं और उनके परिवार के सदस्य पहले से राजनीति से जुड़े हुए हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वे भी जल्द राजनीतिक पारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि जुलूस को लेकर एसपी साहब का कहना है कि यह उनके प्रति जनता के प्यार का इजहार मात्र है। कांग्रेस नेताओं की सीएमओ मैडम से बहसनर्मदापुरम में गांधी जी की पुण्यतिथि के मौके पर नगर पालिका की सीएमओ और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तकरार देखने को मिली। इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। दरअसल, कांग्रेस नेता गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के लिए पहुंचे थे। वहां गंदगी देख उन्होंने नगर पालिका की सीएमओ को बुलाकर शिकायत की। इस पर सीएमओ ने कहा कि यह काम मिस हो गया। इससे कांग्रेस नेता नाराज हो गए। इतना ही नहीं, सीएमओ ने उल्टा कांग्रेस नेताओं से पूछ लिया कि गांधी जी के विचार क्या थे। यह सुनते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सीएमओ वहां से चली गईं। फिलहाल यह पूरा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाने की होड़मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जब रीवा के गुढ़ पहुंचे, तो मंच पर उनके स्वागत और उनके साथ फोटो खिंचवाने को लेकर नेताओं में होड़ मच गई। कई नेता मुख्यमंत्री के चरण छूते नजर आए। एक नेता ने तो इस अंदाज में पैर छुए कि मुख्यमंत्री का कुर्ता तक ऊपर हो गया। मुख्यमंत्री का स्वागत एक विशाल माला से किया गया। इस दौरान हर कोई उस माला के भीतर नजर आने को उत्साहित दिखा। रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा ने भी बड़ी माला में अपनी जगह बना ली। खरी बात यह है कि हर कोई मुख्यमंत्री के साथ दिखना चाहता था, ताकि राजनीति में उसका जलवा बरकरार रह सके। भजनों पर झूमे विधायक जयवर्धन सिंहदिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह कथा के दौरान भजनों पर जमकर थिरकते नजर आए। इस कार्यक्रम के वीडियो उन्होंने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए हैं। जयवर्धन सिंह ने बैठकर कथा भी सुनी और मौजूद लोगों से संवाद भी किया। इनपुट सहयोग - सचिन राठौर (बड़वानी), धर्मेंद्र दीवान (नर्मदापुरम), अभिलाष मिश्रा (रीवा), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें - कांग्रेस विधायक ने लिया सीएम मोहन यादव से आशीर्वाद: क्रिकेट मैदान पर कैलाश और सज्जन की जुगलबंदी सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर से कांग्रेस विधायक विपिन जैन के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। यह वीडियो सामने आते ही कयासबाजियों का दौर शुरू हो गया। लोग तरह-तरह की बातें करने लगे। अपने-अपने हिसाब से इसके मायने निकालने लगे। फिर विधायक को सफाई देनी पड़ी। पूरी खबर पढ़ें
तीन भर्तियों में ओएमआर शीट में गड़बड़ी कर 38 अभ्यर्थियों को एग्जाम पास कराया गया था। इस मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के पूर्व चेयरमैन बीएल जाटावत से भी पूछताछ करेगी। उनके कार्यकाल में जिस फर्म राभव लिमिटेड को ओएमआर शीट जांचने का ठेका दिया था, उसके मालिक रामप्रवेश की भी गिरफ्तारी हो सकती है। एसओजी ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर संजय माथुर और सिस्टम एनालिस्ट प्रवीण गंगवाल सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रामप्रवेश पहले से पेपर में गड़बड़ी के चलते विवादित था। उसकी एक कंपनी ब्लैकलिस्ट हो चुकी थी। एसओजी के मुताबिक, तत्कालीन चेयरमैन बीएल जाटावत के कार्यकाल में टेंडर उसी विवादित व्यक्ति की कंपनी को दे दिया गया। जब वही कंपनी (राभव लिमिटेड) उत्तर प्रदेश में ओएमआर शीट में गड़बड़ी के विवादों में आई तो बोर्ड ने आनन-फानन में एक जांच कमेटी बना दी। चौंकाने वाली बात ये है कि जांच का जिम्मा भी संजय माथुर और प्रवीण गंगवाल को दिया गया था, जबकि ये दोनों ही अफसर पेपर की गड़बड़ियों में शामिल थे। आज संडे बिग स्टोरी में पढ़िए अबतक इस मामले में क्या-क्या सामने आए हैं... जिसे टेंडर दिया वो फर्म हो चुकी थी ब्लैक लिस्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 2019 में गोपनीय फर्म राभव लिमिटेड कंपनी को सरकारी भर्तियों में OMR शीट जांचने का ठेका दिया था। तब बोर्ड के चेयरमैन बीएल जाटावत थे। उन्हीं की ओर से ही टेंडर पास किया गया था। इस कंपनी के डायरेक्टर राम प्रवेश का प्रोफाइल पहले से ही विवादित था। साल 2018 में राम प्रवेश ने एक फर्म एक्सिस डिजी नेट लिमिटेड बनाई थी। फर्जीवाड़े के चलते पहले ही साल में वह ब्लैकलिस्ट हो गई थी। तब उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज मामले में कार्रवाई कर रामप्रवेश सिंह को अरेस्ट किया था। इस मामले में जेल से बाहर आने पर साल 2019 में रामप्रवेश सिंह ने ब्लैकलिस्ट फर्म को छोड़कर दो नई फर्म बनाई। इसमें से एक राभव लिमिटेड थी। ये कंपनी नई दिल्ली के एड्रेस- सी-136, मंगोलपुरी इण्डस्ट्रियल एरिया, फेज-1 पर रजिस्टर्ड थी। एसओजी के मुताबिक, सवाल उठता है कि टेंडर देने के दौरान नियमों को ताक पर रखा गया। फर्म के सही होने की पुष्टि कर रामप्रवेश का टेंडर पास कर दिया गया। दोषी खुद ही कर रहे थे जांचराम प्रवेश यादव की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने 15 अगस्त 2019 को दलाल शादान और विनोद गौड़ को भी अरेस्ट किया था। इनके पास से तब राजस्थान की तीन भर्तियों महिला पर्यवेक्षक, कृषि पर्यवेक्षक और प्रयोगशाला सहायक की कई OMR शीट मिली थी। तब राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने जांच के लिए आनन-फानन में एक टीम बना दी। जांच टीम का हेड तकनीकी प्रमुख संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल को बनाया गया। ये दोनों अधिकारी खुद ही लंबे समय से उस कंपनी के साथ मिलकर ओएमआर शीट्स में गड़बड़ी कर रहे थे। यही वजह रही कि इस मामले में कंपनी पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। आरोप है कि तत्कालीन बोर्ड चेयरमैन बीएल जाटावत ने फर्म के विवादों में आने के बाद भी उस कंपनी को सौंपे गए किसी एग्जाम की जांच नहीं करवाई। सरकार से भी छिपाए रखा सचउत्तर प्रदेश में फर्म राभव लिमिटेड के मालिक पर हुई कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी के बाद भी राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इसकी जानकारी सरकार से छिपाई। सरकार को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई कि उनके द्वारा नियुक्त की गई फर्म उत्तर प्रदेश में OMR शीट्स में गड़बड़ी करने के मामले में पकड़ी गई है। पकड़ी गई फर्म और राजस्थान में काम कर रही फर्म का मालिक एक है। फर्म संचालक खुद देता था निर्देशबोर्ड का उपनिदेशक (सिस्टम एनालिस्ट) संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल से हुई पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों फर्म संचालक राम प्रवेश यादव के डायरेक्ट संपर्क में थे। यादव जिन कैंडिडेट को पास कराने की डील करता था, उनकी OMR शीट के नंबर सीधे प्रवीण गंगवाल और संजय माथुर को भेजता था। यादव से मिले निर्देश के बाद वह खाली छोड़े प्रश्नों में गोले भर दिया करते थे। इसके बाद OMR शीट आगे जाती थी। एग्जाम में बैठे सभी कैंडिडेट की OMR शीट एक साथ स्कैन होने के लिए बाद में यादव की ही फर्म में जाती थी। जहां उनके अंक दिए जाते थे। संजय माथुर ने साली के लिए परीक्षा में की थी धांधलीसंजय माथुर ने एसओजी रिमांड के दौरान बताया कि उसकी साली को परीक्षा में पास कराने के लिए उसने ओएमआर शीट्स में धांधली की थी। इसके बाद अन्य परीक्षाओं में भी पैसा लेकर अभ्यर्थियों को पास कराना शुरू कर दिया था। अब रामप्रवेश और बीएल जाटावत से पूछताछ करेगी SOGएसओजी राजस्थान का कहना है कि आरोपी राम प्रवेश सिंह यादव को भी वह जल्द पूछताछ के लिए जयपुर लेकर आएंगे। फर्म के कौन-कौन से कर्मचारी इस काम में शामिल थे, इसका भी पता लगाएंगे। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई में एसओजी जांच व पूछताछ के बाद उसकी गिरफ्तारी भी कर सकती है, जिसके बाद बीएल जाटावत की भूमिका के पूरे सबूत जुटाने के बाद अगली कड़ी में पूछताछ की जाएगी। इससे पहले एसओजी OMR शीट्स में फर्जीवाड़ा कर जॉब पाने वाले 38 कैंडिडेट्स से पूछताछ कर अरेस्ट करेगी। कर्मचारी चयन बोर्ड से डेटा गायब!राभव लिमिटेड ने राजस्थान में 3 एग्जाम के अभ्यर्थियों की OMR शीट जांची थी। बोर्ड के पास अभ्यर्थियों की OMR शीट का रिकॉर्ड रहता है। लेकिन अब इनका डेटा ही गायब होने की आशंका है। एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख ने बताया कि पिछले एक साल से करीब 5 बार बोर्ड को पत्र लिखकर तीनों एग्जाम में पास हुए अभ्यर्थियों की OMR शीट्स मांग चुके हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अभी तक बोर्ड केवल 5 अभ्यर्थियों की ओएमआर शीट उपलब्ध करा सका है। बोर्ड के इस तरह से रवैये को लेकर भी एसओजी का शक अन्य लोगों पर भी गहराता जा रहा है। पिछले 8 साल का रिकॉर्ड खंगालेगी एसओजीएसओजी के रिमांड पर चल रहे पांचों आरोपियों को एसओजी ने रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में आईटी हेड संजय माथुर और प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल कई साल से परीक्षा करवा रहे थे। वर्ष 2018 में हुई परीक्षा में की गई धांधली के बाद एसओजी को शक है कि आरोपियों ने वर्ष 2025 तक हुई कई अन्य परीक्षा में भी धांधली की होगी, इसलिए 8 साल के रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। पूर्व चेयरमैन बोले- हमने तो खुद आरोपियों के नाम ढूंढकर FIR करवाईकर्मचारी चयन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बीएल जाटावत ने कहा- इस मामले में हमने खुद सांगानेर थाने में 25 नवंबर, 2019 और 27 दिसंबर, 2019 को दो FIR करवाई थी। इन मामलों को दर्ज करवाने से पहले अपने स्तर पर जांच की गई थी, इसके लिए कर्मचारी चयन बोर्ड के सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की थी। जाटावत ने बताया कि पहले इस मामले की जांच गोमती नगर एसओजी-एटीएस उत्तर प्रदेश ने शुरू की थी। ओएमआर शीट से संबंधित ये मामला जब हमारी जानकारी में आया, तो ये उच्च स्तरीय समिति गठित की गई थी। संबंधित परीक्षाओं की भी पूरी स्कैनिंग की गई थी। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर बोर्ड के सचिव ने संदिग्ध कैंडिडेट्स की नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में हाईकोर्ट में भी कुछ रिट याचिकाएं लगाई गई थीं, जिन्हें हाईकोर्ट ने सराहनीय मानते हुए खारिज कर दिया था। संबंधित संदिग्ध कैंडिडेट्स के सिलेक्शन की तो कोई बात ही नहीं है, क्योंकि हमारी जांच के बाद शुरुआती लिस्ट में ही इन संदिग्धों की पहचान हो गई थी। बोर्ड ने फिर री स्केलिंग के बाद रिजल्ट जारी किया था। फिर भी एसओजी या कोई अन्य एजेंसी जांच करेगी तो पूरा सहयोग करेंगे। SOG के अधिकारी बोले- अभी होंगी और गिरफ्तारियांडीआईजी परिस देशमुख ने बताया कि जिस समय यूपी पुलिस की एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी, उस दौरान बोर्ड ने एक शिकायत सांगानेर थाने में दी थी। एसओजी ने जब जांच ली तो पता चला कि यूपी एसआईटी ने दर्ज केस में चालान पेश कर दिया है। चालान में राजस्थान में हुई गड़बड़ी को लेकर कोई भी पॉइंट पेश नहीं किए गए थे। उसी को बेस बनाते हुए हमने यह कार्रवाई शुरू की है। कार्रवाई का यह पहला चरण है। आगे और बड़ी गिरफ्तारियां की जाएंगी। एसओजी ने 5 आरोपियों को किया था गिरफ्तारSOG ने 20 जनवरी को बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया था। RSSB के तकनीकी प्रमुख संजय माथुर सहित प्रवीण गंगवाल, शादान खान, विनोद कुमार गौड़ और पूनम माथुर को अरेस्ट किया था। प्रवीण गंगवाल राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर में प्रोग्रामर है। दोनों आरोपी पूरी OMR शीट्स की स्कैनिंग और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया के प्रभारी थे। इन दोनों ने आउटसोर्स फर्म के कर्मचारी शादान खान और विनोद कुमार गौड़ के साथ मिलीभगत की। इस तरह 38 लोगों की नौकरी लगवाई गई। डी-बार हुए अभ्यर्थी हुए अंडर ग्राउंडओएमआर शीट्स में नंबर बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपए तक देने वाले 38 अभ्यर्थियों के घर जब एसओजी की टीम पहुंची तो वह सभी अंडर ग्राउंड हो चुके हैं। एसओजी की टीम निरंतर संभावित ठिकानों पर दबिश दे कर डीबार किए गए अभ्यर्थियों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। ------------------- नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े की यह खबर भी पढ़िए... फेल अभ्यर्थियों को पास किया, 38 सरकारी नौकरी लगे:पैसे लेकर 2 नंबर के 206 कर दिए; 5 गिरफ्तार, 60 लाख रुपए जब्त स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया था। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के तकनीकी प्रमुख सहित 5 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी ...(CLICK कर पढ़ें)
गोरखपुर में श्री राम कथा के दौरान राजन जी महाराज के टीम मेंबर को गोली मारने की धमकी मिली। इस घटना के बाद राजन जी ने आगे की कथा को बीच में छोड़कर जाने का मन बना लिया था। यह पुरा मामला श्रीराम कथा के तीसरे दिन का है जहां आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर महाराज जी के टीम के साथ भीड़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों लोगों में कहासुनी हुई, फिर उसी बीच राजन महाराज के टीम को गोली से मारने की बात भी सामने आई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथावाचक राजन जी महाराज पूरे घटना पर बोलते नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में राजन जी कहते हैं कि- ‘अभी कल कथा में बवाल हो गया, मंच पर चढ़ने के लिए। हमने चढ़ाना ही बंद करा दिया। हमको दुख जानते हैं किस बात का है ये घटना हमारे घर में हुई। गोरखपुर हमारा घर है, 16 साल की यात्रा में पहली बार ये घटना घटी है। हमारे घर में भगदड़ हुआ है और ऊपर से हमारे टीम के लोगों को गोली मारने को कहा गया, के के माई दूध पिअवले बा मार के देखाव… अब विस्तार से पढिए पूरा मामला गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में 9 दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन 27 जनवरी से किया जा रहा। जिसका समापन 04 फरवरी को होगा। इसी दौरान कथा के तीसरे दिन एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। जिसने सभी कथा प्रेमियों को झकझोर कर रख दिया। कथा के दौरान आयोजक और राजन जी के टीम से किसी बात को लेकर तालमेल नहीं बन पाया। धीरे धीरे बात बढ़ते गई और उसी में से किसी ने महाराज जी के टीम को गोली मारने की बात कह दी। इसके बाद राजन जी ने कथा को बीच में ही छोड़कर वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से हुए एक जनप्रतिनिधि ने उनको मनाने का काम किया। जिसके बाद राजन जी और उनकी टीम यहां रुकी। राजन जी ने इस घटना का जिक्र अगले दिन अपनी कथा करते हुए बोले- ‘16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम नहीं बोलते हैं, हम प्रेम से घर में कथा गाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए और एक बात कहूं हमको एक महीने से कान में खबर आ रही है कि हमसे मिलने के लिए पैसा लिया जा रहा है 1100 रूपया ’। हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में पूरे देश विदेश में कथा करता हूँ, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते इसको समझिएगा। मिलने का समय निश्चित होता है प्रत्येक कथा में दोपहर में 1 घंटे। इस पूरे मामले में लोगों का कहना है कि शुरू से कथा आयोजकों के बीच आपसी तालमेल न होने से ये सब बातें सामने आ रही हैं। गोरखपुर में कथा आयोजन में ऐसी बातें होना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी बीच पाँचवे दिन की कथा का भक्तों ने रसपान किया। भक्तों की संख्या रोज़ बढ़ते जा रही है लगभग हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का आनंद उठा रहे हैं।
जिले के राघौगढ़ इलाके से गायब नाबालिग को पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही उसे बहला फुसलाकर ले जाने वाले युवक को भी पुलिस ने पकड़ा है। दोनों गुना से उज्जैन पहुंच गए थे। पुलिस ने दोनों को उज्जैन में बरामद कर लिया। राघौगढ़ पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को एक पिता द्वारा थाने पर अपनी बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी कक्षा 10 की छात्रा है। गुरुवार शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सो गई थी। जब सुबह उठकर देखा तो वह अपने कमरे में नहीं थी। उसकी शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने अनुसार SP अंकित सोनी द्वारा जिले में नाबालिगों से संबंधित मामलों में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में राघौगढ़ पुलिस ने नाबालिग की तलाश शुरू की। इसके लिए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। साथ ही विभिन्न तकनीकी संसाधनों की मदद ली गई। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी लगी कि लड़की उज्जैन में है। जानकारी मिलने पर पुलिस की एक टीम उज्जैन रवाना हुई। वहां पुलिस ने नाबालिग को रेलवे स्टेशन के पास से बरामद कर लिया। साथ ही उसका अपहरण कर ले गए आरोपी मिथुन पुत्र लखन कुशवाह उम्र 20 साल निवासी बरवटपुरा राघौगढ को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस टीम दोनों को साथ लेकर राघौगढ आई और आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की गई।
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में महिला की हत्या में 2 युवकों के शामिल होने के साक्ष्य मिले हैं। स्कूटी पर लादकर बरघट्टा पुल के पास कातिल पहुंचे हैं। यहां से 20 फीट नीचे तक लाश लेकर गए है। इसके बाद महिला के सारे कपड़े निकालकर उसे न्यूड किया गया, फिर पहचान छिपाने के लिए चेहरा कूचा गया है। क्राइम-स्पॉट पर मिले खून के निशान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य यही बयां कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो फारेंसिक टीम की भी यही रिपोर्ट है। जिसके आधार पर पुलिस ने जांच की तो अहम सुराग भी हाथ लगे हैं। घटना स्थल को देखकर यही कहा जा रहा है कि महिला का शरीर भारी होने की वजह से उसे उठाकर ले जाते समय 3 जगहों पर कातिल रूककर आराम किए हैं। इन जगहों पर खून के निशान भी मिले हैं। इससे इस बात का अंदाजा लगाया जा रहा है। इसके बाद सड़क से 20 फीट दूर लाश ठिकाने लगाई गई है। नशेबाजों का लगता है जमावड़ा जिस स्थान पर महिला का शव फेंका गया। वह जगह बगल में रहने वाले जय नाथ की दुकान और मकान के ठीक सटे है। जय नाथ उस जमीन और आसपास के मकानों के मालिक बताए जा रहे हैं। आस-पास के लोगों के अनुसार उनका भतीजा पास में ऑटो पार्ट्स की दुकान चलाता है और शाम के समय अंडे की दुकान भी लगाता है। इस कारण शाम होते ही वहां लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और नशेबाजों का जमावड़ा भी लगा रहता है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर रातभर कई थानों की फोर्स मौके पर तैनात रखी। पुलिस ने अब तक 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा 10 से अधिक लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पूछताछ के दौरान दो संदिग्धों के बयान में विरोधाभास सामने आया है। जिससे उन पर पुलिस का शक और गहरा गया है। हत्या के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। इसके साथ ही पूर्व में तैनात रहे पुराने थाना प्रभारियों को भी टीम में शामिल किया गया है, ताकि उनके अनुभव का लाभ लिया जा सके। झोपड़ी में रहने वाली महिला का लिया बयानजहां शव फेंका गया, उसके ठीक बगल में आरती देवी की झोपड़ी है। आरती देवी अकेले वहीं रहती हैं। उनके दो बेटे हैं, जो शाम के समय घर आकर रुकते हैं, लेकिन रात में कहीं और चले जाते हैं। आरती देवी ने पुलिस को बताया कि घटना की रात उन्हें किसी भी तरह की आहट या शोर सुनाई नहीं दिया। सुबह जब आसपास हल्ला हुआ, तब वे बाहर निकलीं और घटना की जानकारी मिली। हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 6 टीमों का गठन किया है। इनमें से 4 टीमें जसवल रोड से लेकर महाराजगंज तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। फुटेज के आधार पर कई संदिग्ध वाहनों की पहचान की गई है। पुलिस अब उन वाहनों के आने-जाने के समय का मिलान कर रही है। साथ ही संदिग्ध वाहनों के मालिकों की पहचान के लिए आरटीओ से जानकारी मांगी गई है। अधिकारियों का मानना है कि सीसीटीवी फुटेज जांच में अहम कड़ी साबित हो सकती है। 15 संदिग्ध हिरासत में, दो पर गहराया शकपुलिस ने अब तक 15 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा करीब एक दर्जन लोगों को पूछताछ के लिए उठाया गया है। पूछताछ के दौरान दो संदिग्धों के बयान में विरोधाभास सामने आया है, जिससे उन पर पुलिस का शक और गहरा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच कई एंगल से की जा रही है। हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन पुलिस को उम्मीद है कि फॉरेंसिक साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। इस संबंध में सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने बताया कि हर एंगल पर जांच की जा रही है। हत्या से संबंधित कुछ साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा। शुक्रवार को मिली थी महिला की न्यूड लाश गोरखपुर के पीपीगंज इलाके में शुक्रवार की भोर 35 साल की महिला की न्यूड लाश मिली है। सूचना पर पुलिस और फारेंसिक टीम पहुंची। मौके से सबूत जुटाए। अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या करके लाश यहां फेंकी है। पहचान छिपाने के लिए सिर कूंच दिया गया है। पीपीगंज के बरघट्टा पुल के नीचे सुबह टहलने निकले लोगों ने महिला की लाश देखी। महिला के शरीर पर एक भी कपड़े नहीं थे। सिर ईंट से कूंचा गया है। इसके अलावा शरीर पर कई और जगहों पर चोट के निशान मिले हैं। एसएसपी राज करन नय्यर ने कहा- लाश कब्जे में लिया गया है। पहचान कराई जा रही है। 2 तस्वीरें देखिए- शव जहां मिला था, वहां से पुल पर चढ़ते हुए बैरघट्टा गांव में डॉग स्क्वायड गया। करीब 200 मीटर बाद डॉग लौट आया। SSP राज करन नय्यर ने मौके पर जांच पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, कहीं और महिला की हत्या कर लाश ठिकाने लगाई गई है। घटना स्थल पर थोड़ी दूर घसीटने के निशान मिले हैं। हत्या के मिले सुराग घटनास्थल पर डॉग स्कॉवयड टीम ने भी जांच पड़ताल की है। सूत्रों की मानें तो हत्या से जुड़े कुछ अहम सुराग भी पुलिस के हाथ लगे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि शाम तक पुलिस इस घटना का पर्दाफाश भी कर सकती है। फिलहाल एसएसपी ने पुलिस की दो टीमें बनाई हैं। एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई है। दूसरी टीम हत्या की घटना पर्दाफाश करने में लगाई गई है। बरघट्टा गांव से 5 किमी दूर संतकबीरनगर जिला शुरू हो जाता है। ऐसा भी मानना है कि दूसरे जिले में हत्या कर लाश गोरखपुर में ठिकाने लगाई गई है। पुलिस टीम सड़क के दोनों तरफ जहां भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां फुटेज देख रही है।
कैथल में हिसार के सांसद जयप्रकाश जेपी ने भाजपा पर जोरदार हमला बोला है। सांसद जयप्रकाश ने कहा कि अगर भाजपा को केंद्र में स्पष्ट बहुमत मिल जाए, तो ये संविधान ही बदल देंगे। धार्मिक मुद्दों पर बोलते हुए जेपी ने कहा कि भाजपाई कहते हैं कि कांग्रेस राम के खिलाफ है, जबकि श्रीराम तो हमारे मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। भाजपा कुर्सी के लिए श्रीराम का दुरुपयोग करती है, लेकिन कांग्रेस उन्हें आदर्श के रूप में लेती है। जलयोद्धा का स्वागत करते तो एसवाईएल नहर की समस्या नहीं होती अपने कैथल कार्यालय से जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों के हक पर कुठाराघात किया है। एसवाईएल मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर 1985 में इनेलो के नेता ओम प्रकाश चौटाला ने उस समय के हालात में समझदारी दिखाकर जलयोद्धा का स्वागत कर लिया होता, तो आज एसवाईएल नहर की समस्या खड़ी ही नहीं होती। जेपी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री पर सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा का मुख्यमंत्री पंजाब के मुख्यमंत्री से बात करने क्यों गया, दोनों आपस में मिले हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के किसानों के हकों पर कुठाराघात करने की सबसे बड़ी जिम्मेदार हरियाणा की भाजपा सरकार है। यूजीसी के नियमों पर लगी रोक पर भी बोले उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा का नाम बदलकर भाजपा ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की योजना को खत्म कर दिया। यूजीसी के नियमों पर लगी रोक (स्टे) को लेकर सांसद जयप्रकाश ने कहा कि अगर इन्हें वापस ही लेना था तो लागू क्यों किया गया। मतलब साफ है कि लोगों को आपस में लड़ाने के लिए ये कदम उठाया गया और इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी कहा कि जिसने देश को आजाद करवाया, उसका कत्ल करने वाला भी आज इन्हीं के साथ खड़ा दिखाई देता है।
गुना के कैंट इलाके में ऑनलाइन सट्टे के बड़े गिरोह पर पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने 22 सटोरियों पर कार्रवाई करते हुए आठ सटोरियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से मोबाइल, कार सहित 15 लाख रुपए का माल जप्त किया है। कैंट पुलिस ने बताया कि SP अंकित सोनी के निर्देशन में जिले में अनैतिक, अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और CSP प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में क्रिकेट मैच पर सट्टे का हिसाब किताब कर रहे आरोपियों पर कार्रवाई की हैं। कैंट पुलिस ने बताया कि शहर के दशहरा मैदान क्षेत्र में एक कार क्रमांक MP09 AQ 5797 में चार व्यक्तियों के ऑनलाईन क्रिकेट मैचों के सट्टे का हिसाब-किताब किए जाने की मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस की एक विशेष टीम दशहरा मैदान पहुंची। टीम ने दशहरा मैदान पहुंचकर देखा, तो वहां मुखबिर के बताये हुलिये की कार में चार युवक मोबाईल चलाते हुए मिले। उन्हें पुलिस टीम द्वारा भागने का मौका न देते हुए पकड़ा गया। पूछताछ पर उन्होंने अपने नाम दिव्यांशु उर्फ नैना पुत्र विष्णुप्रसाद शर्मा उम्र 25 साल निवासी ग्राम झागर हाल विकास नगर, दीपांशु पुत्र दिनेश सिंह जाट उम्र 21 साल निवासी ग्राम रिछैरा हाल विकास नगर, शुभम पुत्र नीरज साहू उम्र 24 साल निवासी जाट मौहल्ला और राम पुत्र गोपाल गुर्जर उम्र 28 साल निवासी ग्राम लालोनी हाल बलवंत नगर बताए। पुलिस द्वारा उनके मोबाइल लेकर चेक करने पर उनमें ऑनलाइन सट्टे की आईडी चलती हुई मिली। इनमें ऑनलाईन सट्टे का हिसाब-किताब हो रहा था। पुलिस ने आरोपियों के दो मोबाईल फोन, कार और नगदी 1700 रूपये को जप्त किया गया। क्रिकेट पर ऑनलाइन खिला रहे थे सट्टा आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी दिव्यांशु शर्मा ने बताया कि उनका क्रिकेट मैचों पर ऑनलाईन सट्टा खिलाने का संगठित गिरोह है। इस गिरोह का वह भी एक सदस्य है। दीपांशु जाट, शुभम साहू और राम गुर्जर के द्वारा भी अपने साथ सट्टे का काम किया जाता है। साथ ही बताया कि उनके गिरोह में नवनीत किरार, अरविन्द धाकड़, आशीष सेन, रोहित गुप्ता आदि करीब 20-22 से भी अधिक सदस्य सुपर एडमिन, सब एडमिन, मास्टर, एजेंट और क्लाइंट के रूप में सट्टा आइडी संचालित की जाती है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कैंट थाने में गैंग में शामिल 22 सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू की गई। इसके लिए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दबिशें दी गईं। इसी क्रम में गिरोह के चार और सदस्य नवनीत पुत्र बृजमोहन किरार निवासी ग्राम ऐंदवाड़ा थाना धरनावदा, अरविन्द पुत्र रमेश धाकड़ निवासी कुशमौदा, आशीष पुत्र नरेन्द्र कुमार सेन निवासी चौधरी मौहल्ला और रोहित उर्फ मोन्टी पुत्र सुनील गुप्ता निवासी शहनाई गार्डन के पास बीजी रोड़ गुना को भी गिरफ्तार कर लिया। 6 मोबाइल सहित 8 आरोपी गिरफ्तार इनके कब्जे से 6 और मोबाइल जप्त किए गए। मामले में पुलिस द्वारा कुल 8 आरोपी गिरफ्तार किए गए। उनके कब्जे से कुल 8 मोबाईल कीमती करीब 5 लाख रूपये, एक कार कीमती करीब 10 लाख रूपये और 1700 रूपये नगदी सहित कुल करीब 15 लाख रूपये का माल जप्त किया है। बाकी फरार आरोपियों की तलाश पुलिस कर रही है। ऑनलाईन सट्टे के विरुद्ध गुना पुलिस की इस कार्यवाही में कैंट थाना प्रभारी TI अनूप कुमार भार्गव, SI बुन्देल सुनेरिया, राहुल शर्मा, आरक्षक महेंद्र वर्मा, अविनेश रघुवंशी, धर्मेन्द्र रघुवंशी, राजू बघेल, शुभम रघुवंशी, सूर्यभान जाट, सुरेंद्र पाल और साइबर सेल से आरक्षक कुलदीप यादव, नीलेश रघुवंशी, राजीव रघुवंशी, संजय जाट, नवदीप अग्रवाल, भूपेंद्र खटीक और आदित्य कौरव का योगदान रहा।
माघ मेला में आज माघ पूर्णिमा का स्नान हो रहा है। संगम नोज पर पैर रखने को जगह नहीं है। अरैल घाट पर भी लोग स्नान ध्यान कर रहे हैं। VIP मूवमेंट पूरी तरह से रोक दिए गए हैं। सिर्फ श्रद्धालु ही घाट तक पहुंच पा रहे हैं। गंगा के किनारे लोग दान दे रहे हैं। संगम की तरफ आने वाले रास्तों पर जाम की स्थिति है। प्रयागराज के पंडित कहते हैं- आज त्रिवेणी के पानी को अमृत की तरह माना जाता है। तारों के छिपने से पहले स्नान करने के फायदे बताए गए हैं। इससे देवताओं की कृपा होती है, पाप खत्म होते हैं। स्नान करने से पहले 'त्रिवेण्ये नमः' का उच्चारण करना चाहिए। फूल अर्पित करने चाहिए। जरूरतमंदों को दान देना चाहिए। इसके बिना व्यक्ति को मृत्यु के बाद मोक्ष नहीं मिलता है। हर साल माघ मेले की शुरुआत पौष पूर्णिमा से होती है, जो महाशिवरात्रि तक चलता है। आज माघी पूर्णिमा का स्नान होने के बाद सिर्फ महाशिवरात्रि का 15 फरवरी का स्नान और होगा। झूंसी बस अड्डे से 2250 बस चलेंगीयूपी रोडवेज मेले में इस बार 3800 बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 2250 बसों का संचालन झूंसी से हो रहा है। साथ ही, शहर से अलग-अलग एरिया के लिए भी शटल बसों का संचालन किया जा रहा है। झूंसी में बसों के संचालन की वजह से संगम क्षेत्र में जाम की समस्या कम हो गई है।
बजट सत्र कल से : 40 मजिस्ट्रेट के साथ 1000 पुलिस बल तैनात
बिहार विधानमंडल का बजट सत्र 2 से 27 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था कायम रखने के लिए 40 मजिस्ट्रेट, 50 पुलिस पदाधिकारी के साथ 1000 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। शनिवार को डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने विधानसभा परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों की ब्रीफिंग की। डीएम ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार त्रि-स्तरीय सुरक्षा-व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। आठ क्यूआरटी भी सक्रिय रहेगा। सभी प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को 2 फरवरी की सुबह 9 बजे पहुंचना है। इसके आगे प्रतिदिन विधानमंडल की कार्यवाही शुरू होने के एक घंटा पहले अपने प्रतिनियुक्ति स्थान पर आना है और प्रत्येक दिन विधानमंडल की बैठक की समाप्ति के बाद ही अपने-अपने प्रतिनियुक्ति स्थल को छोड़ना है।बजट सत्र के दौरान किसी भी अनधिकृत व्यक्ति की विधानमंडल परिसर में प्रवेश पर रोक है। यदि कोई भी अनधिकृत व्यक्ति प्रवेश करता है तो उसकी सारी जवाबदेही प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारी की होगी।
रोज 100 से कम टिकट काटने वाले रेलवे के रिजर्वेशन काउंटर बंद होंगे
पटना जंक्शन समेत अन्य रेलवे स्टेशनों पर रिजर्वेशन काउंटर कम होंगे। जिस काउंटर पर रोज 100 से कम टिकट कट रहे हैं, उन्हें बंद किया जाएगा। इसके लिए दानापुर, सोनपुर, समस्तीपुर, धनबाद और डीडीयू रेलमंडल द्वारा रिजर्वेशन काउंटरों का सर्वे किया जाएगा। इसमें देखा जाएगा कि लगातार 10-15 दिन तक औसतन कितने टिकट कटे हैं। दरअसल, यात्री रोजाना 85 से 95 फीसदी टिकट ऑनलाइन कटा रहे हैं। काउंटर से 10-15 फीसदी टिकट ही कट रहे हैं। आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से टिकट बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है। बंद होने वाले काउंटरों पर कार्यरत कर्मियों को अन्य स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। दानापुर मंडल के सीनियर डीसीएम अभिनव सिद्धार्थ ने कहा कि हर साल रिजर्वेशन काउंटरों का रिव्यू किया जाता है। देखा जाता है कि किस काउंटर से रोजाना कितने टिकट कट रहे हैं। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाता है। पटना जंक्शन पर 10 साल में 15 काउंटर बंद हो गए : पटना जंक्शन से सफर करने वाले 97 फीसदी यात्री ऑनलाइन रिजर्वेशन टिकट कटा रहे हैं। रोजाना करीब 40000 टिकट ऑनलाइन कटते हैं। इनमें करीब 3 फीसदी ही काउंटर से कटते हैं। यहां पिछले 10 साल में 15 काउंटर हटाए गए हैं। मेन हॉल में अभी 10 काउंटर हैं, जिनपर चार-पांच यात्री ही रहते हैं। तत्काल के समय ही भीड़ लगती है।
पटना एयरपोर्ट पर दो और एयरोब्रिज चालू, चौथा एयरोब्रिज डिपार्चर गेट नंबर 12 से जोड़ा गया
पटना एयरपोर्ट पर चौथा और पांचवां एयरोब्रिज शनिवार को चालू हो गया। कोलकाता और भुवनेश्वर एयरपोर्ट के बाद पूर्वी भारत का यह तीसरा एयरपोर्ट हो गया, जहां पांच एयरोब्रिज हैं। यहां तीन एयरोब्रिज पहले से ही चालू थे। दोनों एयरब्रिज को डीजीसीए की अनुमति के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू कर दिया गया। चौथा एरोब्रिज डिपार्चर गेट नंबर 12 से जोड़ा गया है। इससे सबसे पहले एअर इंडिया के विमान एआई 1746 दिल्ली-पटना के 178 यात्री पटना पहुंचे। इस विमान की पार्किंग वे संख्या 10 पर हुई। इसी एयरोब्रिज का उपयोग करते हुए इसी विमान से पटना-दिल्ली के 177 यात्री डिपार्चर से सीधे विमान में पहुंच गए। पांचवां एयरोब्रिज 12 ए से जोड़ा गया है। इससे सबसे पहले इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई6549 दिल्ली-पटना के 175 यात्री पटना पहुंचे। इस विमान की पार्किंग वे संख्या 11 पर हुई। इंडिगो की फ्लाइट 6 ई 6550 से पटना से दिल्ली जाने वाले 178 यात्री इसी एयरोब्रिज से डायरेक्ट विमान में पहुंचने के बाद रवाना हुए। ये फायदे होंगे
कालीचरण चौराहे पर स्थापित की मिसाइल
शहर का कालीचरण चौराहे पर नगर निगम ने 'कबाड़ से जुगाड़'' अभियान के तहत शनिवार को यहां स्वदेशी शक्ति की प्रतीक ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृति स्थापित की है। खास बात यह है कि इस मिसाइल को बनाने में शहर से निकले अनुपयोगी लोहे और पुराने टैंकरों का इस्तेमाल किया है। आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के साथ देशभक्ति से जोड़ना है। टीम ने 8 दिनों में इसे तैयार किया। कलाकारों के मेहनताने के अलावा अतिरिक्त कोई खर्च नहीं आया। अभी तक बच्चे केवल कैंट एरिया में पाकिस्तान का टैंक देखने जाते थे, लेकिन अब शहर के बीचों-बीच उन्हें भारतीय रक्षा तकनीक की झलक देखने मिलेगी। यह मिसाइल बच्चों को भारतीय सेना के बारे में जानने को प्रेरित करेगी।
क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया, मोबाइल हैक कर खाते से 3.41 लाख की निकासी की
साइबर अपराधियों ने तीन लोगों से ठगी की है। राजीवनगर के विवेक मिश्रा निजी कंपनी में काम करते हैं। विवेक को शातिर ने बैंक अधिकारी बनकर फोन किया। कहा-वह बैंक के क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट से बोल रहा है। उसने लिमिट बढ़ाने का झांसा दिया और कहा कि यह ऑफर कुछ ही समय के लिए है। इससे जुड़ी जानकारी आपको भेज रहा हूं। इसके बाद उनके मोबाइल पर एक एपीके फाइल भेज दी। एपीके फाइल में क्रेडिट कार्ड लिखा था। विवेक ने जैसे ही एपीके फाइल पर क्लिक किया उनका मोबाइल हैक हो गया। शातिर उनका मोबाइल ऑपरेट करने लगा। विवेक ने मोबाइल ऑफ कर दिया। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल ऑन किया और बैलेंस चेक किया तो पता चला कि उनके खाते से 3.41 लाख की निकासी हो गई है। पालीगंज के सुदीप राज को भी क्रेडिट कार्ड डिपार्टमेंट का अधिकारी बनकर फोन किया। उनके मोबाइल पर ओटीपी भी आया। सुदीप का कहना है कि उन्होंने शातिर को कोई जानकारी नहीं दी। इसके बाद भी खाते से 40 हजार की निकासी हो गई। न फोन, न ओटीपी आया, फिर भी खाते से 2.39 लाख की निकासी प्रिंस कुमार बाढ़ के रहने वाले हैं। उन्होंने साइबर थाने की पुलिस को बताया कि उनके पिता के खाते से 2.39 लाख की निकासी हो गई। शातिर ने उनके पिता को फोन नहीं किया। ओटीपी भी नहीं आया। जब खाता अपडेट कराया गया तो पता चला कि निकासी हो गई है। बैंक ने बताया कि निकासी यूपीआई से की गई है। एपीके फाइल आती है तो उसपर क्लिक नहीं करें। क्लिक करने पर आपका मोबाइल हैक हो जाएगा और खाता से निकासी हो जाएगी। ओटीपी, यूपीआई पिन, बैंक डिटेल्स या पासवर्ड किसी से शेयर नहीं करें। ठगी का शक होते ही इंटरनेट या वाईफाई बंद कर दें और तुरंत 1930 पर कॉल करें। cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें।
सीनियर रेसीडेंट के 40 पदों पर 3 फरवरी तक मांगे आवेदन
बीएमसी में सीनियर रेसीडेंट के 40 पदों पर भर्ती की जाना है। इनमें एक पद ईडब्ल्यूएस, 11 ओबीसी, 16 एसटी व 4 एससी अनारक्षित 8 पद हैं। योग्य उम्मीदवारों से वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से भरे जाएंगे। इसके लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह आवेदन 3 फरवरी को 11 बजे तक बीएमसी कार्यालय में जमा किए जाएंगे। इन पदों में एनाटॉमी में 2 जनरल मेडिसिन में 2, त्वचा रोग विभाग में 1, जनरल सर्जरी में 5, फिजियोलॉजी में 3, बायोकेमिस्ट्री में 3, ईएनटी में 1 ऑब्स एण्ड गायनी विभाग में 2, एनेस्थीसिया में 2, फोरेंसिक मेडिसिन में 3, पैथोलॉजी में 2, रेडियोडाइग्नोसिस विभाग में 4, रेडियोथेरेपी विभाग में 1, पीएसएम विभाग में 2, माइक्रोबायोलॉजी में 3, फार्माकोलॉजी विभाग में 3 व दंत रोग विभाग में 1 पद है।
दिन का तापमान सामान्य से 2 डिग्री नीचे, ठंड और बढ़ेगी
शनिवार सुबह से ठंडी हवा ने तेजी से पारा गिराया। दिन भर ठंड रही। इस कारण दिन अधिकतम तापमान सामान्य से डिग्री कम ही रहा। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। शनिवार को दिन भर बादलों और धूप के बीच लुकाछिपी चलती रही। इसके साथ बर्फीली हवा के असर से लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी। मौसम विभाग ने पहले ही बारिश का येलो अलर्ट जारी किया था, जिससे लोगों को भीगने की उम्मीद थी, लेकिन बादल बिना बरसे ही निकल गए। हालांकि, सर्द हवाओं के चलने से ठिठुरन बनी हुई है। सुबह से आसमान में घने बादलों का डेरा रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए धूप तो खिली, लेकिन उसकी तपिश गायब थी। यही कारण रहा कि दिन के तापमान में कोई बदलाव नहीं हुआ। शनिवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान में 1.9 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे रात का पारा 11.5 डिग्री पर पहुंच गया। हालांकि पिछले 24 घंटों में हवा में नमी (आर्द्रता) में गिरावट दर्ज की गई है। सुबह के समय: नमी 75% व शाम के समय 62% दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हवा में नमी और गिरते तापमान के कारण सुबह के समय मध्यम से घना कोहरा छाने की संभावना है। आने वाले 2-3 दिनों में उत्तर से आने वाली बर्फीली हवाओं के कारण रात के तापमान में दोबारा गिरावट आ सकती है। अगले कुछ दिनों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी।
सीएनजी व इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलने से वायु प्रदूषण 30 प्रतिशत तक कम हुआ
सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करने के फायदे राज्य के शहरों में सीएनजी व इलेक्ट्रिक वाहनों के चलने से परिवहन जनित वायु प्रदूषण 30% तक कम हुआ है। पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की 884 बसें चल रहीं हैं, जिनमें 366 सीएनजी और 25 ई-बसें हैं। ई-बसों के जरिए अबतक 25.67 लाख लीटर डीजल की बचत हुई। 6778 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हुआ है। डीजल बसों की तुलना में वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आई है। वहीं, पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य को जल्द 400 नई ई-बसें मिलने वाली हैं। इनके परिचालन से डीजल और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हो जाएगी। .कम प्रदूषण: सीएनजी वाहन कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और धुएं का उत्सर्जन काफी कम करते हैं। .ईंधन खर्च में बचत: सीएनजी की कीमत पेट्रोल और डीजल से कम होती है, प्रति किलोमीटर चलने की लागत घटती है। .इंजन की लंबी उम्र: सीएनजी से इंजन में कार्बन कम जमा होता है। कार्यक्षमता व उम्र बढ़ती है। .कम रखरखाव खर्च: इंजन पर कम दबाव और साफ दहन होने के कारण सर्विस और मेंटेनेंस पर कम खर्च होता है। स्टैंडों में हरित संरचना पर जोर निगम प्रदेश के 17 बस डिपो और बस स्टैंडों में कम से कम 30% क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित कर रहा है। इसमें पौधरोपण, हरित पट्टियों का विकास, सौर ऊर्जा आधारित स्ट्रीट लाइट, भवन प्रकाश व्यवस्था और पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन शामिल हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण को बल मिलने के साथ वायु और ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी। निगम चरणबद्ध तरीके से ई-बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी बनाएगा।
अलीगढ़ नगर निगम में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के सक्रिय होने का मामला सामने आया है। शनिवार को नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा जनसुनवाई कर रहे थे, तभी जन्म-मृत्यु काउंटर से मिली प्राथमिक सूचना ने पूरे फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। जनसुनवाई के दौरान लोगों ने फर्जी तरीके से बन रहे जन्म प्रमाणपत्रों की शिकायत की। लोगों का आरोप था कि नगर निगम में कुछ दलाल काम करते हैं, जो लोगों से मोटे पैसे लेकर फर्जी दस्तावेज थमाते हैं। शिकायत के साथ ही इस्माइल नदीम और कायनात नदीम के नाम से जारी जन्म प्रमाणपत्र भी नगर आयुक्त के सामने रखे गए। आधिकारिक पोर्टल से हुई जांच फर्जी प्रमाणपत्र होने की जानकारी पर नगर आयुक्त ने जोनल अधिकारी व सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह को आधिकारिक पोर्टल पर रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए। इसके बाद जांच में दोनों प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए। 1600 रुपए लिए गए जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से करीब 1600 रुपए लिए गए। इसके बाद बाहरी जनसेवा केंद्र के माध्यम से फर्जी प्रमाणपत्र तैयार कराए गए। यह भी सामने आया कि इस मामले में पूरा गिरोह संचालित है। गिरोह जन्म प्रमाणपत्र के अलावा अन्य भी फर्जी प्रमाणपत्र बनाता है। इस पर नगर आयुक्त ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सिविल लाइंस से पकड़े आरोपी जानकारी मिली कि यह प्रमाणपत्र थाना सिविल लाइंस के जमालपुर क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र से बनाए गए हैं। इस पर नगर निगम के प्रवर्तन दल ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर जमालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र में कार्रवाई की। चौकी प्रभारी के सहयोग से दो संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गिरोह की हो रही तलाश नगर आयुक्त ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल लाइन थाने में आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कराई गई है। साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वाले पूरे गिरोह की तलाश कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर आयुक्त ने नागरिकों से अपील की कि प्रमाण पत्र केवल अधिकृत माध्यमों से ही बनवाएं और किसी भी अनधिकृत एजेंट के झांसे में न आएं।
सिंहस्थ के पहले संचालन की तैयारी:उज्जैन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनेगा
उज्जैन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनेगा। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 विमान के हिसाब से निर्माण करवाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन हाल ही में जिला प्रशासन ने शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद हैं कि इसे जल्द स्वीकृति मिलेगी और काम शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि सिंहस्थ के पूर्व एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो सकेगा। सिंहस्थ की तैयारियों की कड़ी में उज्जैन-देवास मार्ग स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट के रूप में डेवलप कर रही हैं। वर्ष 2025 को 1 नवंबर को मप्र के स्थापना दिवस पर मप्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद से प्रक्रियाओं में तेजी आई। निर्माण स्थल पर मिट्टी परीक्षण हुआ। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के संचालन के प्रबंधन के हिसाब से निर्माण की प्लानिंग थी, लेकिन अब ये और भी विस्तारित हो गई है। जिला प्रशासन ने हाल ही में शासन को यहां बोइंग सी-20 के संचालन के हिसाब रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। इस विस्तार के पीछे ये मंशा... अब यह होगा संशोधन अधिग्रहण : अब तक 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी, अब दायरा बढ़कर 300 एकड़ से अधिक तक पहुंच सकता है। सर्वे टीम इसके बारे में बताएगी। रन-वे दोगुना होगा : अब तक रन-वे को 1800 मीटर किया जा रहा था, अब रन-वे 3600 मीटर में बनेगा। आसपास सहित 4100 मीटर जमीन चाहिएगी। लागत : अभी तक केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 45 करोड़ की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की थी। अब ये लागत और भी बढ़ जाएगी। अब तक दताना-मताना हवाई पट्टी को छोटे एटीआर-72 सीटर विमान के हिसाब से विस्तारित कर एयरपोर्ट की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट के लिए रिवाइज प्रस्ताव शासन को भेजा है। - रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर
ड्रेस सिलकर 225 करोड़ की आय करेंगी जीविका दीदियां
स्कूलों और आंगनबाड़ी के बच्चों की ड्रेस सिलाई का कारोबार जीविका दीदियों के हवाले है। जीविका दीदियों के बीच इसका सालाना कारोबार बढ़ाकर 225 करोड़ करने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2022 में शुरू जीविका दीदी के सिलाई घर के लिए 15 जिलों में 25 आधुनिक सिलाई सह उत्पादन केंद्र एवं प्रखंड स्तरीय 1050 सिलाई केंद्र स्थापित हैं। इन सिलाई केंद्रों पर सेवा देने के लिए 45 हजार 945 दीदियों को प्रशिक्षित किया गया है। जीविका दीदियों के माध्यम से आने वाले समय में एक लाख 13 हजार 971 स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। राज्य के सभी प्रमंडलों में करीब 50 लाख बच्चों को ड्रेस तैयार कर उन्हें प्रति वर्ष दो सेट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए ड्रेस की सिलाई का जिम्मा जीविका दीदियों को सौंपा गया है। राज्य में यह एक बड़ा आर्थिक बदलाव है। जीविका दीदियों के हाथों बच्चों का ड्रेस तैयार किए जाने से बड़े पैमाने पर टर्नओवर और रोजगार सृजन की संभावना बन रही है। आने वाले दिनों में इसे सरकारी स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।
मंत्री लखेंद्र ने अपने सरकारी बंगले को देखकर कहा- यह तो खंडहर है
एससी-एसटी कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन अपने आवंटित सरकारी बंगले की हालत देख खफा हैं। बंगला (26 एम स्ट्रैंड रोड) उनकी नजर में खंडहर है। रहने लायक नहीं है। इस बंगले में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव रहते थे। उनके खाली करने के बाद बंगले में पंखा, कुर्सी, सोफा, बल्ब, एसी और अन्य उपकरण जैसे कई जरूरी सामान नहीं हैं। लखेन्द्र ने जब बंगले का निरीक्षण किया तो यह सब दिखा है। उन्होंने कहा कि जब किसी जनप्रतिनिधि को सरकारी आवास दिया जाता है तो उसमें बुनियादी सुविधाएं पहले से होती हैं। लेकिन बंगले में उन्हें पंखा, एसी तो नहीं ही दिखे, कई जगह दरवाजों की कुंडी टूटी मिली तो छत का प्लास्टर उखड़ा मिला। आवास के इस हाल की जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी गई है। मरम्मत के बाद ही शिफ्ट होंगे। तेजप्रताप यादव किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। इसलिए नियमों के तहत उन्हें सरकारी आवास खाली करना पड़ा है। उन्होंने अपनी पार्टी बना ली है। राजद से उनका कोई नाता नहीं है।
जिला अस्पताल की तीन में से दो लिफ्ट लंबे समय से खराब है तो एक कार्मिक नहीं होने से लगभग बंद ही रखी जाती है। जिला अस्पताल की न्यू टीचिंग बिल्डिंग के थर्ड फ्लोर पर 5.39 करोड़ रुपए की लागत से बने प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के 30-30 बेड के दो वार्ड दो साल पहले तथा 30 बेड का मेल मेडिसिन वार्ड एक साल पहले शुरू किया था, ग्राउंड फ्लोर से वार्ड तक पहुंचने के लिए लिफ्ट लगाई थी लेकिन आज तक उसका संचालन नहीं हुआ। वहीं एमसीएच विंग में लगी दो में से एक लिफ्ट ठीक लेकिन दूसरी खराब है। प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में सर्जरी के दो व मेडिसिन का एक वार्ड संचालित अस्पताल प्रशासन की ओर से प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड में दो साल पहले सर्जरी विभाग के 30-30 बेड के मेल व फीमेल वार्ड शुरू किए थे। एक साल पहले मेल मेडिसिन वार्ड डी को भी शुरू किया गया। 90 बेड मरीजों से ओवरलोड रहने के बाद भी तीसरी मंजिल तक पहुंचने के लिए मरीजों को रेम्प से जाना पड़ रहा है। ऑपरेशन से ऑपरेशन के लिए स्ट्रेचर पर पुरानी बिल्डिंग के मॉड्यूलर ओटी तक पहुंचाना पड़ता है। ऑपरेशन के बाद वार्ड में शिफ्ट करने में परिजनों को दिक्कतें हो रही हैं। अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड को प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड और लिफ्ट लगाने का वर्क ऑर्डर दिया गया था। अधूरे वार्ड को अस्पताल प्रशासन ने हैंडओवर कर लिया, लेकिन घटिया क्वालिटी के कारण लिफ्ट अब तक नहीं ली गई। गंभीर शिशु रोगियों को भी सीढ़ियों से वार्ड तक पहुंचाना पड़ रहा है। फर्म ने लगाई घटिया क्वालिटी की लिफ्ट जो अब तक शुरू ही नहीं हुई प्री-फेब्रिकेटेड वार्ड बनाने के साथ संबंधित अपरमेया इंजीनियरिंग लिमिटेड फर्म को लिफ्ट की व्यवस्था भी करनी थी। अस्पताल प्रशासन ने कई कमियों व लिफ्ट के तैयार नहीं होने से पहले ही वार्ड हैंडओवर कर लिया था लेकिन लिफ्ट को हैंडओवर नहीं किया। संबंधित फर्म की ओर से लिफ्ट तो लगाई गई लेकिन घटिया क्वालिटी की होने से शुरू ही नहीं हुई। गंभीर मरीजों को वार्ड तक ले जाना मुश्किल हो रहा है। “एमसीएच विंग की एक लिफ्ट चालू है। दूसरी जल्द शुरू करवाई जाएगी। न्यू टीचिंग बिल्डिंग की लिफ्ट की क्वालिटी सही नहीं होने से हैंडओवर नहीं की गई।” -डॉ. हनुमानराम चौधरी, अधीक्षक जिला अस्पताल
नमस्कार, कल की बड़ी खबर कांग्रेस के दावे से जुड़ी रही। पार्टी ने कहा कि एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम है। वहीं, दूसरी बड़ी खबर अविमुक्तेश्वरानंद के सीएम योगी पर दिए बयान को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. कांग्रेस बोली- PM मोदी यौन अपराधी एपस्टीन से मिले थे, ट्रम्प के फायदे के लिए इजराइल में नाचे थे कांग्रेस ने दावा किया कि यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम है। पार्टी ने कहा कि एपस्टीन खुद लिखता है कि भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने उसकी सलाह मानी और ट्रम्प को फायदा पहुंचाने के लिए इजराइल में नाच-गाना किया। यह राष्ट्रीय शर्म का विषय है। कांग्रेस ने PM मोदी से तीन सवाल किए हैं। पहला- मोदी, एपस्टीन से कैसी सलाह ले रहे थे?दूसरा- मोदी, ट्रम्प के किस फायदे के लिए इजराइल में नाच और गा रहे थे?तीसरा- एपस्टीन ने लिखा है- 'IT WORKED!'...आखिर इसका मतलब क्या है? सरकार ने आरोपों को खारिज किया: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके एपस्टीन फाइल्स में लगाए गए आरोपों का खंडन किया। सरकार ने कहा कि एपस्टीन घोषित अपराधी है। उसकी बातें गंभीरता से नहीं लेनी चाहिए। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी करता था और उनका यौन शोषण करता था। वो पार्टियां करता था, जहां नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण होता था। इसमें ट्रम्प, बिल गेट्स समेत दुनियाभर के कई बड़े नेताओं के नाम आए हैं। 2008 में एपस्टीन को सजा मिली। जेल से निकलने के बाद भी उस पर लड़कियों की तस्करी के आरोप लगे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर… 2. अजित के निधन के चौथे दिन पत्नी सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री बनीं, महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी सीएम बनीं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें शपथ दिलाई। सुनेत्रा को राज्य उत्पादन शुल्क, खेल-युवा कल्याण और अल्पसंख्यक विकास विभाग मिले हैं। वहीं, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने वित्त विभाग अपने ही पास रखा है। शरद बोले- अजित चाहते थे कि दोनों NCP एक हों: महाराष्ट्र में दोनों NCP गुटों का विलय 12 फरवरी को होना था। शरद पवार ने कहा कि यह अजित पवार की यही इच्छा थी। लेकिन दुर्भाग्य से अजित उससे पहले हमें छोड़कर चले गए। पढ़ें पूरी खबर... 3. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- योगीजी गाय को राज्य माता बनाएं, आपको PM बनवाएंगे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री बनने के लिए सपोर्ट देने का ऑफर दिया। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगर योगी खुद को सच्चा हिंदू साबित करना चाहते हैं तो गाय को राज्य माता घोषित करें और गोमांस पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाएं। योगी को हमने 40 दिन का समय दिया है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ऐसा करने पर वे योगी का नाम प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर योगी ये फैसला नहीं ले सके तो संत समाज उन्हें निरस्त करने का काम करेगा। पढ़ें पूरी खबर… 4. ईरान के 7 शहरों में धमाकों की खबर, 5 मौतें; 14 लोग घायल ईरान के शहर बंदर अब्बास में धमाके के बाद की तस्वीर। ईरान के 7 शहरों में धमाके हुए हैं, जिसमें 5 से ज्यादा लोगों की मौत और 14 लोग घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजधानी तेहरान, परंद, तबरीज, कोम, अहवाज, नंताज और बंदर अब्बास में विस्फोट हुए। हालांकि, ईरानी सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं है। अमेरिका-इजराइल बोले- इसमें हमारा कोई रोल नहीं: CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस धमाके से अमेरिका का कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, इजराइल ने भी कहा कि इन विस्फोटों में वो शामिल नहीं है। पढ़ें पूरी खबर... 5. बजट में सोना-चांदी सस्ते हो सकते हैं, कस्टम ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना आज पेश होने वाले बजट में सोने-चांदी के सस्ते होने की उम्मीद है। सरकार सोने-चांदी पर लगने वाले टैक्स को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। ऐसा होने पर सोना करीब 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपए सस्ती हो सकती है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी: अभी यानी जनवरी 2026 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.50 लाख और एक किलो चांदी 3.50 लाख रुपए में मिल रही है। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास करीब 34,600 टन सोना है, जिसकी कीमत लगभग ₹500 लाख करोड़ बैठती है। यह भारत की ₹370 लाख करोड़ GDP से भी ज्यादा है। पढ़ें पूरी खबर… 6. पाकिस्तानी PM बोले- कर्ज मांगने में अब शर्म आती है, दूसरे देशों के सामने हमारा सिर झुका रहता है PM शहबाज के बयान से जाहिर है कि पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है। (फाइल फोटो) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्हें दुनिया से कर्ज मांगने में शर्म आती है। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान के लिए जब मैं और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर दुनियाभर से कर्ज मांगते हैं तो हमें शर्म आती है। दूसरे देशों के सामने हमें सिर झुकाना पड़ता है। कई बार हमें कॉम्प्रोमाइज करना पड़ता है और उनकी शर्तें मांगना पड़ता है। कर्ज लेना हमारे आत्मसम्मान पर बहुत बड़ा बोझ है।' पाकिस्तान पर ₹76 लाख करोड़ का कर्ज: पाकिस्तान पर कुल सरकारी कर्ज मार्च 2025 तक 76 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है, जो चार साल में लगभग दोगुना हो गया। जबकि उसकी कुल GDP करीब 35 लाख करोड़ रुपए है। पाकिस्तान कर्ज चुकाने और डिफॉल्ट से बचने के लिए बार-बार IMF और चीन पर निर्भर है। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... आंखों को स्कैन करने के बाद मिलेगी खाने की थाली दिल्ली CM रेखा गुप्ता ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर अटल कैंटीन का उद्घाटन किया था। दिल्ली की अटल कैंटीन में अब आखों को स्कैन करने के बाद ही खाने की थाली दी जाएगी। ताकि कोई व्यक्ति एक से ज्यादा थाली न ले पाए। इसके लिए 86 अटल रसोई में रेटिना स्कैनिंग कैमरे लगाएं हैं। भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों की गलतफहमियां दूर होंगी। मिथुन राशि वालों का रुका काम पूरा हो सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
चौड़ीकरण:लीकेज व नाली के पानी से सड़कों पर कीचड़, पैदल चलना भी संभव नहीं
शहर में चल रहा सड़क चौड़ीकरण कार्य जनता के लिए राहत बनने के बजाय परेशानी का सबब बनता जा रहा है। धीमी रफ्तार से हो रहे काम के चलते सबसे गंभीर समस्या पाइपलाइन लीकेज और नाली के गंदे पानी की है, जो सड़कों पर फैलकर लोगों की आवाजाही को मुश्किल बना रही है। बियाबानी से तेलीवाड़ा तक की सड़क पर हालात इतने खराब है कि वाहन निकालना जोखिम भरा है ही, पैदल चलना भी संभव नहीं हो पा रहा है। रोजाना चौड़ीकरण के दौरान कई जगहों पर पाइपलाइन फूट रही है। पीएचई विभाग द्वारा लीकेज सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सुधार कार्य ज्यादा ठीक से नहीं हो पा रहा। लीकेज ठीक होते ही उसी स्थान से जेसीबी मशीन गुजरने पर पाइप दोबारा क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। इससे न केवल पानी बर्बाद हो रहा है, बल्कि सड़क पर कीचड़-फिसलन भी बढ़ती जा रहा है। अब स्थिति यह है कि पहले जहां केवल पाइपलाइन का पानी सड़क पर बहता था, वहीं अब नाली का गंदा पानी भी उसमें मिल रहा है। नाली निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। कई जगह पर नालियां अधूरी पड़ी हैं, तो कहीं मलबा समय पर नहीं हटने के कारण पानी का बहाव रुक गया है। इससे नालियों का पानी सड़क पर फैल रहा है। मुख्य शहर में कोतवाली थाना क्षेत्र सहित कुछ हिस्सों में अभी तक चौड़ीकरण साइट पूरी तरह क्लियर नहीं हो पाई है, जिससे समस्या और बढ़ सकती है। निगम अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह ने बताया कि पीएचई की टीम मौके पर पहुंच लीकेज सही कर रही है। निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहीं साइट भी क्लियर करते हुए तेजी से कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। केडी गेट मार्ग में भी सड़कों पर पानी खजूर वाली मस्जिद से केडी गेट तक का क्षेत्र भी बीते तीन माह से नाली के पानी से प्रभावित है। यहां करीब 100 मीटर नाली निर्माण हुआ है, जबकि अधिकांश प्रभावित मकानों का हिस्सा हटाया जा चुका है। इसके बावजूद मलबा और अधूरा निर्माण नालियों को जाम कर रहा है। रहवासियों ने जल्द से जल्द लीकेज और नाली निर्माण कार्य को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने की मांग की है, ताकि उन्हें इस बदहाल स्थिति से राहत मिल सके। सिंहस्थ तक काम पूरा होगा, इस पर कलेक्टर को संदेह, फटकार लगाई कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने निगम अधिकारियों से चौड़ीकरण पर चर्चा की। साथ ही सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने निगम पर संदेह जाहिर किया है कि ऐसी ही गति से काम होता रहा तो सिंहस्थ तक पूरा होना मुश्किल है। अधिकारियों को फटकारा और कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने नगर निगम को मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक सप्ताह नगर निगम मार्ग चौड़ीकरण के कार्यों की रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत करें और रिपोर्ट में किए कार्यों की फोटो भी संलग्न करें। इस दौरान कलेक्टर ने नगर निगम के सहायक यंत्री और उप यंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए हैं।
नीट छात्रा के रेप और हत्या मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। गृह मंत्री व उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार सुबह 8.40 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। अपने पोस्ट में गृह मंत्री ने लिखा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से पटना में हुई नीट छात्रा की हत्या के मामले की जांच सीबीआई से कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि घटना का पारदर्शी और न्यायपूर्ण तरीके से उद्भेदन सुनिश्चित किया जाए। मामला सीबीआई को जाने के बाद पीड़िता के परिजन नाराज हैं। पीड़िता के पिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हमने सीबीआई जांच की मांग नहीं की थी।मामले को लटकाने के लिए सीबीआई को सौंपा गया है। सीबीआई भी वही करेगी, जो एसआईटी कर रही थी। हमने न्यायिक जांच की मांग की है। हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिए। एफएसएल की रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म मिला है। रिपोर्ट के बाद एसआईटी ने अब तक 25 संदिग्धों के ब्लड सैंपल लिए हैं। इनमें 10 छात्रा के परिजन भी शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, 18 संदिग्धों की डीएनए रिपोर्ट एसआईटी को मिल चुकी है। लेकिन किसी का भी डीएनए छात्रा के कपड़ों से मिले स्पर्म के डीएनए से मैच नहीं किया है।शेष संदिग्धों की डीएनए रिपोर्ट का इंतजार है। छात्रा के पिता भी पहुंचे कोर्ट नीट छात्रा की मौत मामले की जांच हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग को लेकर मृत छात्रा के पिता नवीन कुमार ने पटना हाई कोर्ट में आपराधिक रिट याचिका दायर की है। -शेष पेज 13 पर हॉस्टल संचालक की लापरवाहियां पटना पुलिस ने कहां-कहां चूक की पुलिस के आरोप पर पिता ने कहा- हमें साक्ष्य दिखाएं, दोषी हैं तो जेल भेज दीजिए पीड़िता के पिता और अन्य परिजन शुक्रवार को डीजीपी से मिले। मुलाकात के दौरान पिता डीजीपी के तर्कों से सहमत नहीं हुए। इसके बाद परिजन बैठक से बाहर निकल आए। पिता से गृहमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने का अनुरोध किया गया। लेकिन परिजनों ने मिलने से इनकार कर दिया। पिता ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि उनकी बेटी के साथ रेप के बाद हत्या की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में बड़े-बड़े लोगों का हाथ है। शुरू से ही लीपापोती की जा रही है। जानिए कब क्या हुआ... एसआईटी को पटना में साक्ष्य नहीं मिले एसआईटी रिपोर्ट में पटना को लेकर क्या सामने आया है? एसआईटी की जांच में अब तक पटना में छात्रा के साथ घटना होने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। तमाम वैज्ञानिक जांच के बाद भी पटना में वारदात की पुष्टि नहीं हुई है। छात्रा कब पटना से गई और कब हॉस्टल लौटी? छात्रा 26 दिसंबर 25 को पटना से अपने माता-पिता के साथ हॉस्टल से घर गई थी। वह 5 जनवरी को दोपहर 3.34 बजे दोबारा हॉस्टल लौटी। इस अवधि से जुड़े कौन-कौन से साक्ष्य जांचे गए? इस दौरान के सीसीटीवी फुटेज, छात्रा के मोबाइल के सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्य एसआईटी ने खंगाले हैं। वैज्ञानिक साक्ष्यों से क्या निष्कर्ष निकला? जवाब : सूत्रों के अनुसार, सभी वैज्ञानिक साक्ष्य खंगालने के बाद भी पटना में किसी घटना के प्रमाण नहीं मिले हैं। इन साक्ष्यों का आगे क्या होगा? एसआईटी इन सभी साक्ष्यों को सूचीबद्ध कर रही है। इन्हें आगे की जांच के लिए सीबीआई को सौंपा जाएगा। इस मामले में जांच की शुरुआत कब हुई? 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में पीड़िता के पिता के बयान पर केस दर्ज हुआ। इसके बाद पटना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस पर क्या आरोप लगे? पटना पुलिस पर लापरवाही बरतने और दोषियों को बचाने के आरोप लगे। इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। एसआईटी का गठन कब और किसके नेतृत्व में हुआ? डीजीपी के आदेश पर 16 जनवरी को आईजी सेंट्रल रेंज के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई। सीआईडी की भूमिका कब शुरू हुई? एसआईटी के गठन के कुछ दिनों बाद सीआईडी ने भी मामले की जांच शुरू की। शेष पेज-13 राज्य सरकार से जवाब तलब पटना हाई कोर्ट ने राज्य में निजी छात्रावासों के संचालन और निगरानी से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा है कि राज्य में निजी छात्रावासों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के लिए संचालित छात्रावासों की सुरक्षा, संरक्षा, भोजन और स्वच्छता की निगरानी के लिए कोई वैधानिक या नियामक निकाय है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को तय की गई है। 18 संदिग्धों का डीएनए मैच नहीं पिता बोले-यह मामला लटकाने के लिए नीट छात्रा रेप-हत्या केस- राज्य सरकार ने की अनुशंसा रिपोर्टर : डीजीपी से मुलाकात में क्या बात हुई? पिता : डीजीपी ने कहा कि आपकी बच्ची के साथ परिवार के लोगों ने ही गलत किया है। उन्होंने इसे आत्महत्या बताया। लेकिन कोई साक्ष्य नहीं दिखाया। हमने कहा कि अगर सबूत है तो हमें जेल भेज दीजिए। डीजीपी ने कहा कि आत्महत्या मान लीजिए। केस सीबीआई को गया तो तीन साल परेशान रहिएगा। हमने कहा कि यह अन्याय है। रिपोर्टर : अब जांच सीबीआई करेगी, क्या न्याय की उम्मीद है? पिता : मामला लटकाने के लिए सीबीआई को दिया गया है। हमने कभी सीबीआई जांच की मांग नहीं की। हमारी मांग न्यायिक जांच की है। हमें न्याय चाहिए।रिपोर्टर : एसआईटी तो लगातार संपर्क में है? पिता : एसआईटी हमें प्रताड़ित कर रही है। कहा जा रहा है कि घटना जहानाबाद में हुई। सच्चाई यह है कि घटना हॉस्टल में हुई। बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। रिपोर्टर : लीपापोती का आरोप किस पर है? पिता : चित्रगुप्त नगर की तत्कालीन थानेदार रौशनी पर आरोप है। वह पैसे लेकर दोषियों को बचा रही थी। डॉ. सतीश ने इलाज में लापरवाही की। हॉस्टल संचालिका नीलम अग्रवाल ने केस उठाने को कहा। उन्होंने पैसे देने की बात कही। वार्डन चंचला और नीतू की भूमिका भी संदिग्ध है। रिपोर्टर : गृहमंत्री से मिलने से इनकार क्यों किया? पिता : जब डीजीपी ही आत्महत्या बता रहे थे तो मिलने का क्या लाभ। पुलिस जबरन मिलवाना चाह रही थी।
‘मेरी बहन सिर्फ 14 साल की थी। दरिंदगी करने वाले 5 लड़के थे, मगर पुलिस ने सिर्फ 1 लड़के को आरोपी बनाया। हम झूठ क्यों बोलेंगे, किसी को जानते नहीं, किसी से दुश्मनी नहीं। हमारी शिकायत भी बदलवा दी गई। सिर्फ बहन को इंसाफ दिलाना है।’ रेप पीड़िता की बहन ये आरोप लगाते हुए रोने लगी। 25 जनवरी को रेप होने के बाद लड़की ने सल्फॉस खा लिया। 30 जनवरी को लड़की ने दम तोड़ दिया। परिवार ने हंगामा किया। भाई कहते हैं- बहन लहूलुहान हालत में मिली। वो इतने सदमे में थी कि खुद के बारे में सिर्फ टूटी-फूटी बातें कह पा रही थी। दर्द में थी, गांव में बेइज्जती का सोचकर उसने जान दे दी। ऐसे आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। मरने वाली लड़की OBC बिरादरी से है। सियासत न शुरू हो जाए, इसलिए बहसूमा इलाके के महमूदपुर सिखेड़ा गांव की तरफ आने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। पुलिस सिर्फ गांव के रहने वालों को ही जाने दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… परिवार के मुताबिक, पूरा घटनाक्रम समझिए आरोपी सिर्फ 1.5 Km दूर रहता, रात में बुलाकर शराब पिलाईमेरठ से 30 Km दूर महमूदपुर सिखेड़ा गांव है। यहां 25 जनवरी की रात 3 बजे लड़की अपने घर से करीब 1.5 Km दूर आरोपी अनुज के घर जाती है, वो दोनों पहले से एक दूसरे को जानते थे। आरोप है कि अनुज लड़की को शराब पिलाता है, फिर उसका रेप करता है। सौरभ, यामीन, अमन और एक अज्ञात लड़का भी लड़की से रेप करते हैं। फिर लहूलुहान हालत में लड़की को छोड़कर भाग जाते हैं। सुबह अनुज की मां ही लड़की को लेकर उसके घर जाती है, वो उस वक्त भी बेहद खराब हालत में थी। थोड़ा संभलने के बाद लड़की अपने साथ हुई आपबीती सुनाती है। लड़की को लेकर उसके परिवार के लोग अनुज के घर जाते हैं, मगर अनुज की मां कहती हैं- इस तरह से मैं तुम्हारी लड़की को नहीं रख सकती हूं। घर वापस लौटने के बाद लड़की ने घर में रखा सल्फॉस खा लिया। बेटी की हालत बिगड़ने के बाद उसको मेडिकल कॉलेज में एडमिट किया गया। हालत बिगड़ने के बाद 29 जनवरी को उसे वेंटिलेटर पर लाया गया। दिमाग काम नहीं कर रहा, रात में ही दाह संस्कार का दबावडॉक्टर ने बताया कि लड़की का दिमाग ठीक से काम नहीं कर रहा है। शरीर सुन्न हो गया। 30 जनवरी को शाम 5 बजे पीड़िता ने वेंटिलेटर पर ही दम तोड़ दिया। रात 8 बजे पुलिस ने उसका पोस्टमॉर्टम कराया, फिर रात को ही पुलिस उसकी डेडबॉडी को गांव में लाई। रात में अंतिम संस्कार का दबाव बनाती रही, लेकिन घरवाले नहीं माने। पुलिस ने पूरे गांव को सील कर दिया। गांव के सभी एंट्री प्वाइंट पर फोर्स लगाकर बैरिकेडिंग कर दी गई। गांव में एंट्री रोक दी गई। खुद एसपी देहात, सीओ मवाना और 5 थानों की फोर्स गांव के अंदर और बाहर तैनात रही। 31 जनवरी को दोपहर 1 बजे काफी मानमनोव्वल और हंगामे के बाद पीड़िता का अंतिम संस्कार पुलिस की निगरानी में हुआ। परिजन बोले- बात नहीं कर सकते, पुलिस वाले मोबाइल चेक करते हैंलड़की के परिवार ने बताया- हम किसी से बात न कर सके, इसलिए पूरे गांव का इंटरनेट बंद कर दिया गया है। हमारे लोगों को गांव के अंदर भी आने नहीं दिया जा रहा है। न ही हमें किसी से मिलने दिया जा रहा है। पुलिस बार-बार हमारे मोबाइल चेक कर रही है। पूरे गांव के सभी एंट्री पॉइंट ब्लॉक है, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रखी है। परिजन कहते हैं- हम सिर्फ अपनी बच्ची के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। परिवार का आरोप है- 26 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने FIR नहीं लिखी। 29 जनवरी को FIR लिखी गई, तब हमें पता चला कि हमारा शिकायत लेटर भी बदल गया है। पुलिस ने रेप का 1 ही आरोपी अनुज को बनाया है, जबकि हमारी बच्ची के साथ गैंगरेप हुआ था। अनुज और उसके साथियों के नाम शिकायत में दिए थे, लेकिन पुलिस ने वो नाम FIR में नहीं लिखे। केवल अनुज उसकी मां, पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा लिखा है। पुलिस ने केवल अनुज को अरेस्ट किया, बाकी उसके घर के सारे लोगों को पुलिस बचा रही है, उनको फरार कर दिया है। अब पीड़िता की बहन की बात भाइयों से कैसे बताती कि ब्लीडिंग नहीं रुक रही?बड़ी बहन कहती हैं- अनुज की मां मेरी बहन को बदहवास हालत में हमारे घर लेकर आई थी। सुबह के 4 बज रहे होंगे, बहन उनके कंधे पर सहारा लिए हुई थी। सबसे पहले मेरी मम्मी ने उनको देखा। अनुज की मां ने जैसे ही मेरी बहन को छोड़ा, वो गिर पड़ी। मैं भी बाहर आ गई। देखा कि बहन के अंदर से बाहर तक सारे कपड़ों पर खून था। वो जहां गिरी, वहां भी फर्श पर खून हो गया। हम घबराए कि ये क्या हुआ। अनुज की मां अपने घर लौट गई। मेरी बहन उस वक्त कुछ सही से बोल नहीं पा रही थी। ऐसा लग रहा था उसे किसी ने शराब पिलाई है, वो नशे में थी। सुबह मेरी बहन ने किसी तरह बताया कि अनुज उसके साथियों ने उसके साथ रेप किया है। फिर हम लोग बहन को लेकर अनुज के घर गए। जहां अनुज के घरवालों ने हमारे ऊपर हमला किया। हमें भलाबुरा भी कहा। इसके बाद हम अपने घर लौटे, तो मेरी बहन ने घबराकर और अनुज के परिवार के लोगों का रवैया देखकर घर में रखी कीटनाशक दवा पी ली। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी वो चिल्लाने लगी। बहन आगे कहती है कि मुझे भाइयों को बताते हुए भी शर्म आ रही थी कि उसकी ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। हमें अपनी बहन के वो खून से सने कपड़े भी नहीं मिले जो कपड़े अस्पताल में डॉक्टरों ने चेंज कराए थे। डाक्टरों ने खुद कहा कि ये अकेले का काम नहीं है, गैंगरेप है। मेरी बहन को उन लड़कों ने इतना डराया हुआ था कि वो केवल अनुज का नाम बता पाई, किसी और का नाम नहीं बता पाई। वह कहती हैं- मेरी बहन की उस लड़के से दोस्ती थी, वो लड़का खुद कह रहा है कि मेरी बहन उसके साथ 4 साल से दोस्ती में थी। तो मेरी बहन अभी कुल 14 साल की थी, वो लड़का क्या 10 साल से मेरी बहन का शोषण कर रहा था। माना प्यार था, तो प्यार तो केवल एक के साथ था, या उसके यार-दोस्तों के भी साथ भी था। अब मां की बात मेरी फूल सी बेटी को दरिंदों ने कुचल दिया मां ने कहा- मेरी फूल सी बेटी को उन दरिंदों ने कुचल दिया और अब वो खुले घूम रहे हैं उन पर मुकदमा भी नहीं लिखा गया। पुलिस ने केवल एक आरोपी पकड़कर कह दिया कि न्याय हो गया। मेरी बेटी सांस तक नहीं ले पा रही थी। डॉक्टर ने कहा कि इसकी बच्चेदानी तक फटी हुई है, ऐसा चार-पांच लोग जब मिलकर गलत काम करते हैं, तब होता है। OBC सियासत न हो, इसलिए गांव छावनी में तब्दीलमेरठ में 8 जनवरी को सरधना में हुए कपसाड़ कांड के बाद पुलिस इस मामले में पहले से ही सतर्कता बरतती नजर आई। कहीं कपसाड़ की तरह यहां भी नेता गांव में आकर राजनीति न शुरू कर दें, इससे पुलिस पहले ही पूरी तैयारी कर चुकी थी। 30 जनवरी की रात से ही गांव में पुलिसबल लगाया गया। अंदर, बाहर फोर्स रही और गांव में एंट्री बंद कर दी है। अभी भी पीड़िता के घर के आसपास से लेकर पूरे गांव में फोर्स तैनात है। एसपी खुद पूरी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अब पुलिस की बात पढ़िए... पूरे मामले में एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि थाना बहसूमा पर एक किशोरी के साथ रेप की घटना की शिकायत आई थी। जिसमें एक आरोपी अनुज का नाम लिखा गया था। साथ ही उसके माता, पिता पर झगड़ा करने का आरोप था। शिकायत के आधार पर आरोपी अनुज उसके माता, पिता और भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी अरेस्ट किया जा चुका है। अन्य लोगों पर भी कार्यवाही की जा रही है। वहीं दूसरे पक्ष का भी आरोप है कि पीड़िता की जहर खाने से मृत्यु उसके अपने घर पर हुई है, उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। इसकी भी जांच की जा रही है। मुकदमे में विवेचना चल रही है, दोनों तरफ के साक्ष्यों की जांच की जा रही है। किशोरी का दाह संस्कार परिवार की तरफ से कर दिया गया है। गांव में शांति है, परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में पूरी सुरक्षा लगाई गई है। दोनों पक्षों के वीडियो पर बयान हो रहे हैं। ------------- ये पढ़ें - गैंगरेप पीड़ित की मौत, गांव में तनाव: 4 थानों की फोर्स तैनात रही, बैरिकेडिंग करके लोगों को रोका, 20 घंटे बाद अंतिम संस्कार मेरठ में बंधक बनाकर गैंगरेप के बाद 14 साल की लड़की ने जहर खा लिया। अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद शुक्रवार रात उसने दम तोड़ दिया। पीड़ित की मौत के बाद परिवार ने हंगामा कर दिया। पुलिस पर एक्शन न लेने का आरोप लगाया। पुलिस ने आनन-फानन में देर रात ही लड़की का पोस्टमॉर्टम कराया और फोर्स के साथ डेडबॉडी गांव भेज दी। पढ़िए पूरी खबर...
यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव है। मोदी सरकार आज आम बजट पेश करेगी। इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, वित्त मंत्रियों और वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिवों के साथ प्री-बजट बैठक की थी। यूपी से वित्त मंत्री सुरेश खन्ना और विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार इसमें शामिल हुए थे। सुरेश खन्ना ने यूपी में कानून व्यवस्था, सामाजिक न्याय, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला, किसान सहित 33 सेक्टर के लिए बजट की मांग रखी थी। इसके बाद सभी राज्यों ने अपनी-अपनी डिमांड केंद्र को भेजी है। यूपी की योगी सरकार ने आबादी के आधार पर केंद्रीय करों में ज्यादा हिस्सेदारी मांगी है। पश्चिमी यूपी में बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए एक एम्स की मांग की गई है। वहीं, केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजना में शामिल नमामि गंगे की बकाया राशि भी मांगी गई है। बढ़ते शहरीकरण के चलते शहरों में आधारभूत सुविधाओं के लिए भी बजट मांगा गया है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्र के 2021 के बजट में यूपी को खास पैकेज मिले थे। तब वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। इसी तरह की सौगात पिछली बार बिहार को भी मिली थी। उम्मीद है, इस बार चुनाव को देखते हुए यूपी को भी विशेष तवज्जो मिलेगी। दैनिक भास्कर की संडे बिग स्टोरी में पढ़िए केंद्रीय बजट से यूपी ने कौन-कौन सी सौगात चुनावी गिफ्ट के तौर पर मांगी हैं… पश्चिमी यूपी के लिए मांगा एम्सदेश में सबसे ज्यादा आबादी यूपी में है। अभी तक प्रदेश में 2 ही AIIMS हैं। पहला मध्य यूपी के रायबरेली में और दूसरा पूर्वांचल के गोरखपुर में। इस बार योगी सरकार की ओर से पश्चिमी यूपी के लिए भी एक AIIMS की मांग की गई है। अभी यहां के लोग गंभीर बीमारी में इलाज के लिए दिल्ली जाते हैं। पश्चिमी यूपी में एम्स होने से पूरा प्रदेश कवर हो जाएगा। हेल्थ एक्सपर्ट मोहम्मद मोनिश सिद्दीकी कहते हैं- हेल्थ सेक्टर की बात करें एम्स के अलावा यूपी में फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस का बड़ा हब बन सकता है। सरकार इसकी बात भी कर रही है। लेकिन, इसके लिए उत्तराखंड और हिमाचल की तरह सुविधाएं भी देनी होंगी। इसके लिए केंद्रीय बजट से बड़ी उम्मीद है। अगर उद्यमियों (एंटरप्रेन्योर्स) के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तो वे इस सेक्टर में आगे आ सकते हैं। आयुष्मान भारत योजना में गरीबों के लिए 5 लाख तक के कवरेज को और बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशनराष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत पिछली बार के बजट में 25,459 करोड़ रुपए का प्रावधान शामिल किया गया था। इसकी ज्यादातर राशि यूपी में खर्च होनी थी। लेकिन, बजट का बड़ा हिस्सा यूपी को नहीं मिल पाया। ऐसे में सरकार की ओर से बकाया राशि जारी करने का अनुरोध किया गया है। जिससे गंगा को स्वच्छ रखने के लिए जारी स्कीमों के लिए पर्याप्त रकम मिल पाए और अटके हुए प्रोजेक्ट पूरे हो सकें। शहरी क्षेत्र में आधारभूत ढांचे के लिए मांगे पैसेकेंद्र सरकार स्मार्ट सिटी स्कीम बंद कर चुकी है, जबकि शहरीकरण लगातार बढ़ता जा रहा। शहरों में आधारभूत ढांचा बनाने के लिए यूपी सरकार की ओर से विशेष बजट की मांग की गई है। नीति आयोग के सामने भी इसे उठाया जा चुका है। केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगीपिछली बार बजट में यूपी को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तौर पर 2.55 लाख करोड़ और बाद में 38 हजार करोड़ रुपए मिले थे। इस तरह यूपी को कुल 2.93 लाख करोड़ रुपए मिले थे। इस बार सरकार ने केंद्रीय करों में अधिक हिस्सेदारी मांगी है। अनुमान है, 3 लाख करोड़ से अधिक रुपए यूपी को मिलेंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्र के प्रोफेसर अरविंद मोहन कहते हैं- चुनावी साल होने की वजह से यूपी को बजट में विशेष तवज्जो मिलती हुई दिखेगी। दो तरीके से इसकी संभावना है। पहला- आधारभूत ढांचे के तौर पर, दूसरा- डायरेक्ट बेनिफिट स्कीम। केंद्र की स्कीम वाली योजनाओं की अटकी राशि भी मिलेगी। खासकर केंद्र का फोकस सीधे आम लोगों को प्रभावित करने वाली योजनाओं पर होगा। ये मांगें भी रखी गईं एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज पीएम-श्री योजना के तहत 797 राजकीय इंटर कॉलेजों के लिए 655 करोड़ और माध्यमिक शिक्षा की सभी तक पहुंच के लिए एक न्याय पंचायत-एक इंटर कॉलेज मांगा है। इसके अलावा हर जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना करने की मांग की गई है। महिलाओं को AI में सक्षम बनाना होगाविकसित भारत के लिए महिलाओं को AI और Data Analytics में सक्षम बनाने के लिए विशेष केंद्रीय प्रायोजित योजना और वित्तीय प्रावधान की मांग की गई है। रेलवे की जमीन के इस्तेमाल की मंजूरी दी जाएभारतीय रेल की कई जमीनें भूमि इस्तेमाल में नहीं हैं। ऐसी जमीन के जनहित उपयोग के लिए राज्यों को सरल एवं व्यावहारिक अनुमति व्यवस्था देने की मांग की गई है।इसके अलावा गांवों में शुद्ध पानी के लिए 6 हजार करोड़ मांगे गए हैं। वाल्मीकि समाज के लिए अलग से आवास योजना वाल्मीकी समाज के कई परिवार बेघर होने से प्रधानमंत्री आवास योजना के मानकों को पूरा नहीं कर पाते। इनके लिए अलग से घर योजना शुरू करने की मांग की गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत जिन आवासों में पक्की दीवारें एवं टीनशेड की छत है, उन्हें भी पात्र आवास की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग की गई है। ईंट-भट्ठा, पान मसाला और तंबाकू की GST की समीक्षा होईंट-भट्ठा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। GST से पहले इससे लगभग 700 करोड़ वार्षिक राजस्व मिलता था। यह GST के बाद घटकर 250 करोड़ रह गया है। इसकी समीक्षा करने की मांग की गई है। इसके अलावा GST से पहले पान मसाला और तंबाकू उत्पादों से लगभग ₹1,000 करोड़ का टैक्स मिलता था, जो वर्तमान में घटकर 300 करोड़ रह गया है। जबकि खपत में कमी नहीं आई है। इसकी भी समीक्षा करने की मांग की गई है। पश्चिमी यूपी के जिलों को लखनऊ बेंच से जोड़ा जाएपश्चिमी यूपी से बड़ी संख्या में मुकदमे उच्च न्यायालय में जाते हैं। लेकिन, खंडपीठ के अभाव में नागरिकों को दूर जाना पड़ता है। इसलिए पश्चिमी जनपदों को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ से संबद्ध किए जाने की मांग की गई है। ये मांगें भी केंद्रीय बजट से पूरी हो सकती हैं इनकम टैक्स: 13 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री हो सकती है इनकम टैक्स की नई रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपए किया जा सकता है। इससे सैलरीड लोगों की 13 लाख रुपए की इनकम टैक्स-फ्री हो जाएगी। अभी 12.75 लाख रुपए तक की इनकम टैक्स फ्री है। आबादी के लिहाज से यूपी को इसका सबसे अधिक फायदा होगा। मिडिल क्लास के हाथ में आने वाला पैसा बढ़ेगा। हर महीने उसकी कुछ हजार रुपए की बचत हो सकती है। ये रकम खर्च, सेविंग या निवेश में काम आएगी। किसान सम्मान निधि: 50% बढ़ सकती है सालाना रकमपीएम-किसान योजना की राशि 6 हजार से 9 हजार रुपए सालाना की जा सकती है। बीते 3 साल से इसे बढ़ाने की बात हो रही है। यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं। यहां वर्तमान में 1.89 लाख किसानों को ये राशि मिल रही है। 2019 में योजना शुरू होने के बाद से इसमें बदलाव नहीं हुआ है। 2024 में संसदीय स्थायी समिति ने रकम दोगुना करके 12 हजार रुपए सालाना करने की सिफारिश की थी। किसान संगठनों की ओर से भी ऐसी ही मांग उठाई गई है। बिहार सरकार अपने स्तर से 3 हजार रुपए जोड़कर दे रही है। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार तो केंद्र के बराबर 6 हजार रुपए दे रही। इस बजट में इसे 9 हजार तक बढ़ाने की तैयारी है। इससे यूपी के 1.89 करोड़ किसान परिवारों को फायदा होगा। इस एक्स्ट्रा राशि से किसान अपनी खेती की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। आयुष्मान भारत: 60 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को फायदा सरकार आयुष्मान भारत (PM-JAY) योजना का दायरा बढ़ा सकती है। वर्तमान में 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों को इस योजना का फायदा मिल रहा है, जिसे घटाकर 60 साल किया जा सकता है। साथ ही, सालाना ₹5 लाख के मुफ्त इलाज की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। जिससे कैंसर और हार्ट सर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का खर्च कवर हो सके। यूपी में आयुष्मान कार्ड धारी 5.42 करोड़ हैं। इसमें से 60 से 70 साल की उम्र के लोगों की संख्या लगभग 1 करोड़ है। इसमें से 80 प्रतिशत के पास कोई हेल्थ इंश्योरेंस नहीं है। गंभीर बीमारियों के लिए वे अपनी जमापूंजी खर्च करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार इन्हें राहत दे सकती है। 5 लाख की लिमिट बढ़ने से परिवारों को बड़े ऑपरेशनों के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। मरीजों को बड़े और स्पेशलिस्ट अस्पतालों में भी मुफ्त इलाज मिल सकेगा। रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर: नई अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनें मांगीं सरकार नई ट्रेनें चलाकर 2030 तक रिजर्वेशन की वेटिंग लिस्ट खत्म करना चाहती है। यूपी में चुनाव होने हैं। सबसे अधिक ट्रेनों की डिमांड भी यूपी-बिहार से है। यहां से ही सबसे अधिक पलायन भी है। ऐसे में धार्मिक पर्यटन और यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए सरकार की ओर से यूपी को 20 से 25 नई अमृत भारत और वंदेभारत स्लीपर ट्रेनों की मांग की गई है। अभी पीक सीजन में डिमांड और सीट उपलब्धता में करीब 20-25% का अंतर रहता है। इसके लिए ट्रेनें बढ़ाने के साथ ट्रैक विस्तार भी करना होगा। पीएम सूर्य घर योजना: 2 KW के सोलर पैनल पर ₹80 हजार सब्सिडी बजट में 2 किलोवाट (KW) तक के सोलर सिस्टम पर सब्सिडी को 30 हजार प्रति किलोवाट से बढ़ाकर 40 हजार करने का ऐलान हो सकता है। मौजूदा नियमों के मुताबिक, 2 KW का सोलर सिस्टम लगवाने पर 30 हजार प्रति किलोवाट के हिसाब से कुल 60 हजार रुपए की सब्सिडी मिलती है। अगर बजट में सब्सिडी 10 हजार रुपए प्रति किलोवाट बढ़ाई गई, तो 2KW के सोलर सिस्टम पर कुल 80 हजार रुपए सब्सिडी मिलेगी। यानी 20 हजार रुपए की बचत। वहीं 2 से 3 KW के बीच के सिस्टम के लिए सब्सिडी 18 हजार रुपए प्रति किलोवाट है। 3 KW से ऊपर के सिस्टम के लिए सब्सिडी 78 हजार रुपए पर सीमित है। यूपी में अब तक पीएम सूर्य घर योजना के तहत 3.57 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। इससे 1227 मेगावाट की सौर क्षमता उपलब्ध हो चुकी है। अभी तक 10.94 लाख आवेदन आ चुके हैं। सब्सिडी बढ़ने से 2 KW का सिस्टम लगवाने वाले परिवारों को 20 हजार रुपए की एक्स्ट्रा बचत होगी। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले केंद्रीय बजट में यूपी को क्या मिला थाकोविड का दौर था। इसके बावजूद 2021-22 के केंद्रीय बजट में वाराणसी और नोएडा के लिए मेट्रो परियोजनाओं, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए धन और पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए वित्तीय सहायता मिली थी। PM आत्मनिर्भर स्वास्थ्य भारत योजना के तहत यूपी में हर जिले में मेडिकल कॉलेज, लैब और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर खोलने के लिए राशि मिली थी। केंद्रीय करों से 7.36 प्रतिशत हिस्सा मिला था। गोरखपुर में एम्स चालू हुआ था, उसके लिए भी बजट मिला था। इस बार कोविड जैसी कोई आपदा भी नहीं है। बिहार को जिस तरीके से पिछले बजट में विशेष योजनाएं मिली थीं, सियासी जानकार मानते हैं कि यूपी को भी इस बार के बजट में कई सौगात मिल सकती हैं। बिहार को चुनाव से पहले केंद्रीय बजट क्या मिला था2025 में बिहार को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में लगभग ₹1.43 लाख करोड़, अनुदान के रूप में 54,575 करोड़ मिले थे। यह राशि राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों की लगभग 74% थी। बजट में बिहार को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लंबी अवधि (50 साल) के लिए लगभग 15 हजार करोड़ रुपए का ब्याज-रहित कर्ज भी मिला था। प्रमुख घोषणाएं ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… बजट उम्मीद- सोना, चांदी सस्ते हो सकते हैं, ड्यूटी घटकर 4% होने की संभावना एक फरवरी को पेश होने वाले बजट के बाद सोना-चांदी खरीदना सस्ता हो सकता है। सरकार इस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 6% से घटाकर 4% कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोना प्रति 10 ग्राम करीब 3 हजार और चांदी 6 हजार रुपए सस्ती हो सकती है। 2025 में सोना 75% और चांदी 167% बढ़ी है। अभी यानी जनवरी 2026 में 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1.50 लाख और एक किलो चांदी 3.50 लाख रुपए में मिल रही है। पढ़ें पूरी खबर
अयोध्या का भदरसा गैंगरेप केस। डेढ़ साल पहले यह मामला पूरे यूपी की सुर्खियों में था। 72 साल के सपा नेता मोईद खान और उनके 20 साल के नौकर राजू खान पर 14 साल की बच्ची से रेप का आरोप था। दोनों गिरफ्तार हुए, जेल भेजे गए। मोईद और उनके रिश्तेदार से जुड़ी संपत्ति पर बुलडोजर की कार्रवाई हुई। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट ने मोईद खान को बाइज्जत बरी कर दिया। राजू खान को 20 साल की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट पहुंच गया है। मोईद खान पक्ष का कहना है कि वहां भी ऐसा ही फैसला आएगा। इस पूरे मामले में दैनिक भास्कर की टीम ने दोनों पक्षों से बात की। कोर्ट के 32 पेज के जजमेंट का एनालिसिस किया। वकीलों से बात की। पुलिस जांच की खामियों को भी समझा। आइए सब कुछ एक तरफ से जानते हैं। सबसे पहले केस पर नजर डालते हैं… 14 साल की लड़की का मोईद की बेकरी में रेप हुआअयोध्या जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर भदरसा गांव है। यहीं मोईद खान का घर है। घर से करीब 500 मीटर दूर उनकी बेकरी है। इतनी ही दूरी पर 14 साल की उस लड़की का घर है। जिसने 29 जुलाई, 2024 को मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर गैंगरेप की FIR दर्ज करवाई। उस वक्त लड़की 2 महीने की प्रेग्नेंट थी। कहा कि दोनों ने बेकरी में बुलाकर बार-बार मेरा रेप किया। जिस वक्त FIR दर्ज हुई, उस वक्त मिल्कीपुर में विधानसभा का उपचुनाव होना था इसलिए यह मामला तूल पकड़ गया। केस लिखवाने के अगले ही दिन मोईद खान और राजू खान को पूरा कलंदर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अगले महीने यानी अगस्त में मोईद खान की बेकरी और 2 मंजिला कॉम्प्लेक्स जमींदोज कर दिया गया। इस कॉम्प्लेक्स में 52 दुकानें थीं। कॉम्प्लेक्स मोईद के भाई महमूद खान का था। इसकी देखरेख मोईद और उनके बेटे कर रहे थे। पहले बयान में मोईद का नाम नहींहमारी टीम ने कोर्ट के 32 पेज के फैसले को पढ़ा। फिर मोईद के वकील सईद खान से बात की। सईद उसी फैसले को कोट करते हुए कहते हैं- जब लड़की ने शिकायत दर्ज करवाई थी, उस वक्त उसका मजिस्ट्रेट के सामने 164 के तहत बयान दर्ज करवाया गया। उसमें पीड़िता ने मोईद के बजाय मोहित का नाम लिया। उस वक्त मजिस्ट्रेट ने बयान को पढ़कर भी सुनाया। लड़की ने किसी तरह की कोई आपत्ति नहीं की, कहा कि सब ठीक है। इस बयान के बाद लड़की का दूसरा बयान दर्ज करवाया गया। तर्क दिया गया कि उस वक्त उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। इसलिए उसने मोईद के बजाय मोहित का नाम ले लिया। दूसरे बयान में उसने मोईद का नाम लिया और इसके बाद केस आगे बढ़ा। सईद कहते हैं- हमने कोर्ट के सामने यह बात रखी कि अगर लड़की ने मोहित का नाम लिया तो पुलिस ने मोहित के संबंध में कोई जांच क्यों नहीं की? क्या यह जानने की कोशिश नहीं की कि मोहित कौन है? हमने पूछा कि क्या आपने अपने स्तर पर इसे जांचा? इस पर सईद कहते हैं- हमने जांच की तो पता चला कि मोहित लड़की की बड़ी बहन का देवर है। उसका परिवार रजिस्टर, पिता का नाम सब कुछ कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने इस मामले में माना कि पुलिस ने जांच नहीं की। दूसरी बात यह कि लड़की को जब पुलिस घटनास्थल पर ले गई, तो उसने घटनास्थल बेकरी न दिखाकर 100 मीटर दूर चिलबिल का पेड़ बताया। लड़की से पूछा गया कि मोईद कैसा दिखता है? इस पर उसने कहा कि मोईद मोटा-सा है, जबकि ऐसा नहीं है। पुलिस ने CDR लोकेशन नहीं निकाली, वीडियो नहीं मिलालड़की ने बताया था कि उसकी राजू खान से अपनी मां के मोबाइल से बातचीत होती थी। उसके बुलाने पर ही वह बेकरी गई थी। वहां कुछ खिला दिया गया, जिसके बाद उसके साथ मोईद ने और फिर राजू ने रेप किया। पुलिस ने इस बयान के आधार पर दोनों की कॉल डिटेल नहीं निकलवाई। न ही घटना के वक्त की लोकेशन की जांच की। लड़की ने एक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल की बात कही। पुलिस ने दोनों के ही फोन को जब्त किए, लेकिन ऐसा कोई भी वीडियो नहीं मिल सका। सईद खान कहते हैं- लड़की ने अपने बयान में कहा था कि वह बेकरी में खून से लथपथ थी। उसे खोजते हुए उसकी मां आई और फिर साथ ले गई। हमने कोर्ट के अंदर पीड़िता से इस मामले पर बात की। उसने जज साहब के सामने इस तरह की कोई भी घटना होने से इनकार कर दिया। लड़की ने जो एप्लिकेशन थाने में दी, उसके बारे में भी पूछा। उसने बताया कि कस्बे की एक दुकान पर बोल-बोल कर लिखवाया। हमने उसी एप्लिकेशन से ब्लैकमेल जैसे शब्दों का मतलब पूछा, पीड़िता नहीं बता सकी। दुकान दिखाने की बात कही, लेकिन वह भी नहीं दिखा सकी। हमने कहा, क्या ऐसा हो सकता है कि भाजपा के नेताओं ने यह कागज लिखवाकर दिया हो, उसने कहा कि हो सकता है। भाजपा नेता की वजह से मेरे पिता को फंसाया गयाहमने इस केस के सिलसिले में मोईद के बड़े बेटे जहीर अहमद से बात की। वह कहते हैं- कोर्ट का धन्यवाद, जिन्होंने सही-गलत का फैसला सुनाया। हम कभी कोर्ट-कचहरी नहीं आए थे, लेकिन इस डेढ़ साल में खूब चक्कर लगाए। जहीर अहमद कहते हैं- लड़की की पहली शिकायत में मेरे पिताजी का नाम नहीं था। स्थानीय भाजपा नेता मंजू निषाद ने मेरे पिता का नाम दिया। वह भदरसा से नगर पंचायत का चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गईं। इसलिए मेरे पिताजी को दुश्मनी के तहत फंसा दिया। इन लोगों ने सीएम योगी को भी गलत जानकारी दी। पीड़िता की मां ने कहा था कि अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद मोईद खान को बचा रहे हैं। डीएनए रिपोर्ट बदलवा दी गई। इस पर जहीर कहते हैं- ऐसे कैसे डीएनए रिपोर्ट बदल सकती है। क्या वह किसी के हाथ में होती है? अगर ऐसा होता तो यह भी हो सकता है कि FIR भी फर्जी दर्ज करवाई जा सकती है। जहीर कहते हैं- प्रशासन ने हमारी बेकरी को गिरा दिया। बताया कि वह तालाब की जमीन पर है, जबकि उस पर मुकदमा चल रहा। जानकी प्रसाद से एग्रीमेंट है। हमारे बड़े अब्बा के कॉम्प्लेक्स को गिरा दिया गया, जबकि उन्होंने जमीन बैनामा करवाई थी। क्या तालाब की जमीन का बैनामा हो सकता है? इसके बाद हमारी टीम घटनास्थल पर गई। जिस कॉम्प्लेक्स को गिराया गया था, उसमें 52 दुकानें थीं। जिनसे जमीन ली गई, उनका भी बगल में ही घर है। मोईद के एक दूसरे बेटे हमें जमीन के पिछले हिस्से को दिखाते हुए कहते हैं- अगर ये तालाब था, तो इसके पीछे की जमीन प्रवीण निषाद की कैसे हो सकती है? हालांकि हम इस पर कुछ नहीं कहेंगे। अब जो होना था, वह हो गया। हमारे पिता पर लगा दाग छूट गया। सरकारी वकील बोले- फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगेहमने इस सिलसिले में लड़की के वकील विनोद उपाध्याय से बात की। विनोद यूपी सरकार की तरफ से नियुक्त किए गए थे। वह कहते हैं- हम कोर्ट पर किसी तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहते। हम हाईकोर्ट में इस फैसले को चैलेंज करेंगे। मैंने पूरी फाइल बनाई थी, सारे एविडेंस मोईद खान के खिलाफ थे। छोड़ने लायक नहीं था। हमने पूछा कि वीडियो बनाए जाने और घटनास्थल को लेकर क्या मामला था? विनोद कहते हैं- राजू खान के मोबाइल से वीडियो बनाया गया, लेकिन तुरंत फोन नहीं जब्त किया गया। राजू की गिरफ्तारी के 15-20 दिन बाद उसके परिवार ने एक फोन दे दिया। अब कैसे पता कि वह राजू का ही फोन था? इसी तरह से घटनास्थल को लेकर विवाद हुआ। लड़की के साथ घटना कई बार हुई, पहली घटना बेकरी में हुई। अयोध्या की पॉक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने मोईद खान को बाइज्जत बरी करने का निर्देश दिया। वहीं, राजू को 20 साल की सजा सुनाई। हालांकि, मोईद खान की रिहाई अभी नहीं होगी। उनके ऊपर गैंगस्टर के तहत भी केस दर्ज हुआ था। वकीलों का कहना है कि जल्द ही उस मामले में भी जमानत मिलने की संभावना है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… मोईद का बेटा बोला- योगी को गलत फीडबैक दिया गया, अब्बू बेगुनाह तो गैंगस्टर कैसे अब्बू को कोर्ट ने बरी कर दिया, लेकिन आज भी लोगों को यकीन दिलाना पड़ता है कि मेरे वालिद ने रेप नहीं किया। मेरे पिता बेगुनाह तो गैंगस्टर का केस कैसे लगा। पहली एफआईआर में अब्बू का नाम नहीं था, बाद में उनका नाम जोड़ा गया। यह कहना है अयोध्या के चर्चित गैंगरेप मामले में आरोपी रहे सपा नेता मोईद के बेटे जहीर खान का। पढ़ें पूरी खबर
महाकाल मंदिर मुख्य मार्ग का अतिक्रमण भी नहीं हटा पा रहे
महाकाल मंदिर मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण हटाने के बाद तुरंत फिर तेजी से शुरू हो चुका है। नगर निगम ने भले ही सख्ती दिखाकर अतिक्रमण हटाया, लेकिन अब फिर 24 मीटर चौड़ी सड़क पैदल निकलने वालों के लिए भी नहीं बची है। दुकानदार और ई-रिक्शा-ऑटो वाले बीच में खड़े होकर सड़क जाम कर रहे हैं। कुछ लोग सड़कों पर ही नीचे बैठकर दुकानें लगा रहे हैं। निगम की अतिक्रमण गैंग और पास में महाकाल थाना होने के बावजूद समस्या हल नहीं हो पा रही। श्रद्धालु जैसे-तैसे मंदिर तक पहुंच रहे हैं। अतिक्रमण गैंग, निगम अधिकारी और पुलिसकर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
कोहरा छंटते ही रात का तापमान 4.5 डिग्री बढ़ा
कोहरा छंटते ही रात का पारा चढ़ने लगा है। शनिवार को न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री रहा जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 11 डिग्री से 4.5 डिग्री ज्यादा था। हालांकि दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री रहा जो कि शुक्रवार के 28 डिग्री से 2.5 डिग्री कम है। दिनभर बादल छाए रहे। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों तक शहर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने के साथ मावठे के आसार हैं।
स्लीपर बसों को कम्प्यूटर में लॉक करने से प्रदेश में 20 हजार बसें थमी, आठ लाख यात्री फंसे
उज्जैन जिले सहित प्रदेश के अन्य आरटीओ द्वार 2/2 स्लीपर टूरिस्ट तीर्थ यात्री बसों को कम्प्यूटर में लॉक करने से संचालकों के साथ ही यात्रियों की भी फजीहत हो गई है। टूर व तीर्थयात्रा पर गईं बसें जहां थी, वहीं चक्के थम गए हैं। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेशभर की 20 हजार बसों में करीब आठ लाख तीर्थ यात्री फंसे हुए हैं। यह कहना है कि मप्र टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन के पदाधिकारियों का। जो कि प्रदेशभर में कार्रवाई के विरोध की रणनीति बनाने के लिए शनिवार को उज्जैन के एक गार्डन में एकत्रित हुए। एसोसिएशन सचिव अनिल भावसार ने सवाल भी खड़े किए कि 2/2 स्लीपर यात्री बसें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं, तो अब तक किस आधार पर पंजीकरण, परमिट और फिटनेस की स्वीकृति दी जाती रही है। सालों से चल रही बसें अचानक कैसे अवैध हो गई? इस पर आरटीओ का तर्क है कि बसें मापदंडों के अनुसार हैं तो जांच करवाने में क्या दिक्कत हैं। ऑपरेटर बसों की जांच करवाए और अनलॉक करवाकर संचालन करें। मप्र की कई तीर्थ यात्री बसें देशभर के राज्यों में 40 से 50 दिनों की यात्रा पर गई हैं। ऐसी बसों को अनलॉक कर वापस आने की अनुमति दी जाना चाहिए। ऑपरेटरों ने यह भी कहा कि बसें लॉक होने से टूरिस्ट जहां हैं, वहां परेशान हैं। बैठक में एसोसिएशन के अध्यक्ष बद्रीलाल परमार, पूर्व अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, रमेश नाहर सहित करीब 150 ऑपरेटर मौजूद रहे। उज्जैन जिले में परिवहन विभाग द्वारा 838 स्लीपर यात्री बसों के संचालकों को नोटिस जारी कर इनके वाहनों को कम्प्यूटर में लॉक करने की कार्रवाई गई है। जानिए... यह है पूरा मामला यात्रियों की सुविधा व सुरक्षित सफर की दृष्टि से 2019 में बस बॉडी कोड कंडक्ट लागू हुआ। इसके तहत बसों में आपातकाल विंडो, दरवाजे, अग्निशमन यंत्री व एस्केप हैच आदि की अनिवार्यता किया है। 2023 के बाद स्लीपर यात्री बसें रजिस्टर होना बंद हो गई, लेकिन इस तर्क के साथ ही उक्त अवधि से पहले की जो बसें रजिस्टर हैं, उनमें से भी कुछ में कमी है। बसों को लॉक से संचालक, चालक, परिचालक सहित करीब एक लाख से अधिक लोगों के परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट है। टूरिस्ट के अलावा शादी-ब्याह वाले परिवार भी प्लानिंग नहीं कर पा रहे हैं। नियम का पालन करना पड़ेगा ऑपरेटरों के दबाव में आकर हम गलत काम नहीं करेंगे। कोर्ट व सरकार के जो नियम हैं, उनका पालन करना ही पड़ेगा। लॉक की 838 में से अब तक एक बस जांच के लिए आई हैं। - संतोष मालवीय, आरटीओ मध्यप्रदेश टूरिस्ट बस ऑपरेटर एसोसिएशन ने शासन से की ये मांगें 2/2 स्लीपर बसों को आरकेआई श्रेणी के तहत एआईएस-119 मानक में जोड़ा जाए, ताकि इन बसों का संचालन विधिक रूप से स्पष्ट श्रेणी में किया जा सके। { बाहर फंसी बसों को वापस आने के लिए विशेष अनुमति दी जाए। न्यायालय जाएंगे: एसोसिएशन ने उम्मीद जताई हैं कि शासन बसों को अनलॉक करवाकर संचालन करने देगा। बावजूद बात नहीं बनती है तो सीएम से मिलकर समस्या से अवगत करवाएगा। जरूरत पड़ी तो न्यायालय भी जाएंगे।
जीवन में सबसे बड़ी ताकत हार न मानने का जज्बा होता है। दुश्मन की गोलियों से गंभीर रूप से घायल होने के बाद डॉक्टरों ने मुझे जीवनभर व्हीलचेयर पर रहने की सलाह दी थी। यह वह पल था, जब किसी भी इंसान के सपने टूट सकते थे लेकिन मैंने इसे अपनी मंज़िल की दीवार नहीं बनने दिया। यह कहना है कि सेवानिवृत्त मेजर दीपेंद्रसिंह सेंगर का। उन्होंने यह बात इंदौर में आयोजित रोटरी मंडल 3040 अधिवेशन इंद्रधनुष में कही। सेंगर भारतीय सेना के वे साहसी मेजर है जिन्होंने 1998-199 में उत्तर-पूर्व और कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाया था। तब युद्ध में गोलियां लगने बाद उन्हें जीवनभर विकलांग रहने की आशंका जताई गई थी। डॉक्टरों की भविष्यवाणी को जज्बे से हराया जब डॉक्टरों ने यह कहा कि अब वह कभी खड़े नहीं हो सकेंगे तो कुछ पल के लिए लगा कि जीवन में जो कुछ सोचा था, सब खत्म हो गया। महज 24 घंटे के भीतर खुद से वादा किया मैं फिर मुख्यधारा में लौटूंगा और कुछ अलग करूंगा। क्या अलग होगा, यह तब नहीं जानता था लेकिन इतना तय था कि हार नहीं माननी है। कठिन परिस्थितियों से जूझते हुए खुद को खड़ा किया। संघर्ष के बीच अधूरी रस्में, लेकिन अडिग लक्ष्य अपने जीवन के सबसे कठिन दौर को याद करते हुए उन्होंने बताया कि घायल अवस्था में उनकी रिंग सेरेमनी भी उनके बिना ही संपन्न हुई। हालात ऐसे थे कि मैं अपनी मंगेतर जया से खुद कहा डॉक्टरों ने कहा है कि मैं कभी खड़ा नहीं हो पाऊंगा, आप सगाई तोड़कर किसी और से शादी कर लीजिए। इस पर मंगेतर का जवाब था कि अगर यह घटना शादी के बाद होती, तो क्या मैं साथ छोड़ देती। उन्होंने साफ कहा कि वह सगाई नहीं तोड़ेगी। मंगेतर के इसी साहस और निस्वार्थ समर्थन ने मुझे युद्ध के मैदान से भी ज्यादा मजबूत बनाया। फौज से मैनेजमेंट तक का सफर उन्होंने का कि व्हीलचेयर पर आने के बाद एक समय ऐसा भी आया जब उन्होंने सोचा कि अब फौज छोड़नी पड़ेगी, क्योंकि वापसी संभव नहीं लग रही थी। मुझे अपनी रेजीमेंट से बेहद लगाव था। फिर नया कुछ करने के लिए सैन्य अनुभव काम आए। यहीं से मैनेजमेंट की ओर रुख किया। इसके लिए CAT की तैयारी की। इसके लिए 4थी से 12वीं तक की मैथ्य की खास तैयारी की और MBA किया ताकि जीवन को नई दिशा दे सकें। गौरतलब है कि उनके असाधारण जीवन संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरित होकर फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने उनके जीवन पर फिल्म बनाई “जीत की ज़िद” जो आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका मानना है कि अनुभव ही सबसे बड़ा शिक्षक होता है जो सिखाता है कि हालात चाहे जैसे हो, उनसे लड़ा कैसे जाता है। आचार्य बालकृष्ण (पतंजलि) ने कहा कि सेवा ही मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है और रोटरी जैसी संस्थाएं समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक राष्ट्र निर्माण का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य, शिक्षा और सहयोग पहुंचाना ही सच्ची सेवा है। उन्होंने आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों को लेकर बताया कि आंवला, एलोवेरा, गिलोय जैसी औषधीय वनस्पतियों को आधुनिक रूप में तैयार कर घर-घर तक पहुचाया गया। इससे लोग प्राकृतिक उपचार की ओर लौट रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत इंदौर के विबग्योर स्कूल की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक गणेश वंदना नृत्य से हुई, जिसने पूरे सभागार को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में डिस्ट्रिक्ट गवर्नर सुशील मल्होत्रा, रूबी मल्होत्रा, गजेंद्र नारंग, दिनेश मेहता (रोटरी इंटरनेशनल प्रेसिडेंट रिप्रेजेंटेटिव), डीजीई संस्कार कोठारी, डीजीएन मुकेश साहू, डीजीएनडी सुखदेव सिंह घुम्मन,मनोज चांडक (को - चेयरमैन), हितेश ठाकुर (को -चेयरमैन), प्रशांत श्रॉफ डिस्टिक एक्सक्यूटिव सेक्रेटरी, रोटरी मंडल 3040 के पूर्व मंडलाध्यक्षगण , घनश्याम सिंह (पब्लिक इमेज चेयरमैन, रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040) तथा कॉन्फ्रेंस चेयरमैन ब्रजेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में रोटेरियन उपस्थित रहे। कॉन्फ्रेंस का आयोजन रोटरी क्लब ऑफ इंदौर मेघदूत की अध्यक्ष संतोष मुंदडा और सचिव स्वाति अग्रवाल द्वारा किया गया अधिवेशन का पहला दिन उत्साह, प्रेरणा और सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इसमें सुधांशु मनी (मैन बिहाइंड वन्दे भारत), उदय दहिया ( कॉमेडियन) एवं गजल कालरा ने भी अपने संबोधन से समा बांधा।
सात निश्चय-3 ही होगा बजट का मुख्य एजेंडा, आमदनी बढ़ाने पर होगा फोकस
बिहार सरकार के बजट-2026 का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सात निश्चय-3 के वादों को पूरा करने पर होगा। पिछले विधानसभा चुनाव में किए वादों को इसी में समाहित कर बिहार की प्रति व्यक्ति आमदनी पांच साल में दोगुना करने पर बजट का मुख्य फोकस होगा। पांच साल में प्रति व्यक्ति आमदनी दोगुना करने के लिए वर्तमान प्रति व्यक्ति आय में सालाना कम से कम 16 फीसदी की वृद्धि का लक्ष्य हासिल करना होगा। अपर मुख्य सचिव रहे नवीन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हाल ही में गठित एक कमेटी के सुझावों को भी बजट में शामिल किए जाने पर फोकस किया जा रहा है। यह कमेटी प्रति व्यक्ति आय दोगुना करने के अलावा राजस्व के नए स्रोतों के बारे में भी सलाह देगी। इसका आकार 10 फीसदी बढ़ने अनुमान है। अधिक नियुक्तियां पिछले बजट के बाद एक लाख से अधिक नियुक्तियां हुई हैं। अनुपूरक बजटों में इनका प्रावधान कर सैलरी की व्यवस्था की गई। 2026-27 के बजट में भी इन नौकरियों में नियुक्त हुए लोगों के लिए वेतन राशि का प्रावधान करना होगा। 2026 में भी बड़े पैमाने पर बिहार सरकार की ओर से नियुक्तियां प्रस्तावित हैं।
सरकार विकास की राशि बताएगी, विपक्ष फिलहाल सदन में बहस के मुद्दे तलाश रहा
बिहार की नई एनडीए सरकार का पहला बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 19 बैठकों वाले इस सत्र में सरकार भविष्य का रोडमैप पेश करेगी। इस बार बजट का मुख्य आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपए की बड़ी राशि देने का प्रावधान किया जाना है। ऐसे में इस बड़ी राशि की व्यवस्था बजट में ही करनी है। वहीं बिखरे और संख्या बल से कमजोर विपक्ष को बजट सत्र में हंगामा करने का बड़ा ज्वलंत मुद्दा ‘नीट छात्रा शंभू गर्ल्स हॉस्टल’ मामला दिख रहा था जिसे सत्र शुरू होने के 48 घंटे पहले सत्ता पक्ष ने सीबीआई जांच की घोषणा कर करीब-करीब छीन लिया है। अब मुख्य विपक्षी दल राजद के रणनीतिकार सदन में सरकार को घेरने के लिए नये मुद्दे तलाश रहे हैं। बजट सत्र के कार्य 2 फरवरी- राज्यपाल का संबोधन, आर्थिक सर्वेक्षण पेश, 3 फरवरी- बजट पेश, 5 फरवरी- राज्यपाल के अभिभाषण पर सरकार का उत्तर, 6 से 20 फरवरी के बीच बजट पर सामान्य विमर्श और मतदान, 24-26 फरवरी- राजकीय विधेयक, 25-27 फरवरी- गैर सरकारी संकल्प। नई सरकार का पहला बजट सत्र कल से... इस बार बजट का मुख्य आकर्षण ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ है
पटना एयरपोर्ट : रडार लगाने के लिए एक एकड़ जमीन देगा जिला प्रशासन
पटना एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए रडार लगेगा। एयरपोर्ट प्रशासन ने इसके लिए एक एकड़ जमीन राज्य सरकार से मांगी थी। जमीन नहीं मिलने से यह नहीं लग पा रहा था। अब जिला प्रशासन ने जमीन चिह्नित की है। यह भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की है। इसे जल्द ही एयरपोर्ट प्रशासन को हस्तांतरित किया जाएगा। इसके साथ ही बिहार राज्य रोड विकास निगम के पीछे एक एकड़ जमीन बियाडा की है। इस पर बियाडा मॉल बनाने पर विचार कर रहा था, लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से रोक लगा दी। अब यह जमीन भी एयरपोर्ट को मिलेगी। जिला प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, एयरपोर्ट प्रशासन द्वारा इन दोनों जमीन की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इस संबंध में पूछने पर एयरपोर्ट प्रशासन की ओर से बताया गया कि 1200 करोड़ की लागत से नया टर्मिनल भवन बन गया, लेकिन जमीन की कमी की वजह से अबतक रडार नहीं लगा है। अभी विजुअल और नेविगेशन सिस्टम से विमानों का संचालन पटना में अभी विजुअल और नेविगेशन सिस्टम से विमानों का संचालन हो रहा है। यहां से 45 जोड़ी विमानों का ऑपरेशन हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक रडार लगने के बाद राज्य के सभी छोटे-बड़े एयरपोर्ट को रियल टाइम डाटा मिलेगा। एक ही रनवे पर ज्यादा विमानों का ऑपरेशन हो सकेगा। 120 विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ संभव होगी। अंतरराष्ट्रीय विमानों का ऑपरेशन भी संभव होगा। छह माह का समय लगेगा : एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक जमीन हस्तांतरित होते ही रडार लगाने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसकी कागजी कार्रवाई और रडार लगाने में छह महीने का समय लगेगा। रडार लगने से एक ही रनवे पर तीन गुना ज्यादा उड़ानें संभव होंगी। बिहार में अभी दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट एयरफोर्स बेस में रडार लगा है। गया एयरपोर्ट पर भी रडार नहीं लगा है।
दो पैसेंजर ट्रेनें 28 फरवरी तक पांच हॉल्ट पर रुकेंगी
2 फरवरी से होने वाली इंटर परीक्षा में करीब 13 लाख परीक्षार्थी शामिल होने वाले हैं। वहीं 17 फरवरी से होने वाली मैट्रिक परीक्षा में 16 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनकी सुविधा के लिए पूर्व मध्य रेल द्वारा 2 से 28 फरवरी तक दो जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का दो मिनट का ठहराव पांच अतिरिक्त हॉल्ट पर दिया गया है। इनमें चंपापुर, सालिमपुर बिहार, करौटा, मंझौली ग्राम और बुद्धदेवचक यादवनगर हॉल्ट शामिल हैं। 63221/22 मोकामा-पटना-मोकामा मेमू और 53203/04 झाझा-दानापुर-झाझा फास्ट पैसेंजर का ठहराव होगा। परीक्षा अवधि के दौरान सभी पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन समय पर होगा, ताकि परीक्षार्थियों को परेशानी न हो। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कोच भी लगाए जा सकते हैं। 63221 मोकामा-पटना मेमू : सुबह 6:17 बजे चंपापुर, 6:24 बजे सालिमपुर बिहार, 6:27 बजे करौटा, 6:30 बजे मंझौली ग्राम, 6:42 बजे बुद्धदेवचक यादवनगर हॉल्ट। 63222 पटना-मोकामा मेमू : शाम 6:51 बजे बुद्धदेवचक यादवनगर, 7:03 बजे मंझौलीग्राम, 7:06 बजे करौटा, 7:09 बजे सालिमपुर बिहार, 7:15 बजे चंपापुर हॉल्ट। 53203 झाझा-दानापुर फास्ट पैसेंजर : सुबह 6:32 बजे चंपापुर, 6:40 बजे सालिमपुर बिहार, 6:48 बजे मंझौली ग्राम, 7:02 बजे बुद्धदेवचक यादवनगर हॉल्ट। 53204 दानापुर-झाझा फास्ट पैसेंजर : शाम 6:34 बजे बुद्धदेवचक यादवनगर, 6:50 बजे मंझौली ग्राम, 6:58 बजे सालिमपुर बिहार, 7.05 बजे चंपापुर हॉल्ट।
मेला में ठेकेदार ने वीआईपी पार्किंग पर जड़ा ताला, प्राधिकरण ने तुड़वाया
ग्वालियर मेले में पार्किंग ठेकेदार की गुंडागर्दी अब सिर चढ़कर बोल रही है। आम सैलानियों को अपनी दबंगई से डराने वाले ठेकेदार अब सीधे प्रशासन को चुनौती दे रहा है। दुस्साहस का आलम यह है कि पार्किंग ठेकेदार ने शनिवार को मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित वीआईपी पार्किंग के गेट पर ही अपना ताला जड़ दिया। इस हरकत साफ हो गया कि मेले में व्यवस्थाएं अब अफसरों के नहीं, बल्कि ठेकेदार के हिसाब से चल रही हैं। प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। व्यापारियों ने बताया कि पार्किंग ठेकेदार के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह किसी की सुनने को तैयार नहीं है। जब प्राधिकरण अपनी पार्किंग सुरक्षित नहीं रख पा रहा, तो लोगों की सुरक्षा का क्या होगा? ठेकेदार बेलगाम: मेले की शर्मनाक तस्वीर... मेले में पार्किंग ठेकेदार का रवैया शुरू से ही विवादों में है। वाहनों की हवा निकालना, मनमाना शुल्क वसूलना (40 के बजाय 50 रुपए लेना) और खुल्ले पैसों के नाम पर सैलानियों से ठगी करना रोजाना की बात है। लेकिन शनिवार को ठेकेदार की हरकत ने अफसरों तक को हैरत में डाल दिया। हैरानी की बात यह है कि तमाम शिकायतों के बावजूद मेला प्राधिकरण अब तक केवल ‘नोटिस-नोटिस’ का खेल खेल रहा है। शनिवार को वीआईपी पार्किंग पर ताले की खबर मिलने पर प्राधिकरण के कर्मचारी अभिषेक को मौके पर भेजा गया और आनन-फानन में ताला तुड़वाया गया। मामला गंभीर है, आयुक्त से भी करूंगा शिकायतवीआईपी पार्किंग पर ठेकेदार के ताला लगाने की सूचना जैसे ही मिली थी मैंने प्राधिकरण कर्मचारी को भेजकर ताला तुड़वा दिया था। ठेकेदार की हिम्मत कैसे हुई। मैं संभागीय आयुक्त को इस शिकायत संबंधी प्रस्ताव भेज रहा हूं। इस पर गंभीरता से विचार होगा। - सुनील त्रिपाठी, सचिव, ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण
रामसर थाना इलाके का मामला:गाड़ी पलटी, एक ही परिवार के 28 लोग घायल, देवी दर्शन कर लौट रहे थे
जिले के रामसर थाना इलाके में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया। श्रद्धालुओं से भरी एक बोलेरो कैंपर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पलटी खा गई। हादसे के वक्त गाड़ी में कुल 29 लोग सवार थे, जिनमें से 28 घायल हो गए हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायल एक ही परिवार के हैं, जो देवी दर्शन कर अपने गांव लौट रहे थे। जानकारी के अनुसार भलीसर गांव का एक परिवार जैसलमेर के फतेहगढ़ जाजरा गांव में स्थित धार्मिक स्थल पर दर्शन के लिए गया था। शनिवार शाम करीब सवा 6 बजे जब वे वापस लौट रहे थे, तभी बालेवा रोड स्थित जानकी गांव के पास गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीण, 3 एम्बुलेंस व निजी वाहनों से घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसा इतना भीषण था कि कई सवारियां गाड़ी में ही फंस गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही रामसर थाना इंचार्ज पदमाराम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत रामसर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज किया। इसके बाद सभी 28 घायलों को बाड़मेर रेफर किया। रामसर से तीन एम्बुलेंस और तीन प्राइवेट गाड़ियों में घायलों को लेकर आए। हॉस्पिटल में एएसपी नीतेश आर्य, डीएसपी रमेश कुमार शर्मा, कोतवाल मनोज कुमार, महिला थानाधिकारी देवीचंद ढाका समेत पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे। बाड़मेर जिला अस्पताल पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल धूड़ी पत्नी सालाराम को जोधपुर रेफर किया। वहीं पदमाराम, पुष्पा, कुंभाराम, लालराम, मोरू, गीता, ठाकराराम, प्रवीण, मोहन, संजय, कैलाश, पवन, पारु, कांता, वर्षा, मालाराम, गुड़ी, पप्पूराम, सगताराम, संजय, ताराराम, देवाराम, दिनेश, भंवरी, बसंती, रोहित, विष्णु, रमेश घायल हो गए। जिनका बाड़मेर जिला अस्पताल में उपचार किया गया। इनसाइट - 5-7 लोगों के बैठने की क्षमता, बिठाए 29 लोग महज 5-7 लोगों की क्षमता वाली बोलेरो कैंपर में बच्चों और महिलाओं समेत 29 लोग भरे हुए थे। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गाड़ी में सवार 29 में से 28 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। “घटना की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। कैंपर में करीब 29 लोग सवार थे, जिनमें से 28 को चोटें आई हैं। घायलों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल है। फिलहाल घायलों का उपचार कराया जा रहा है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।” - पदमाराम, थानाधिकारी, रामसर
झारखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के 4 फरवरी तक राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह के समय हल्के से मध्यम स्तर का कोहरा या कुहासा देखने को मिल सकता है। सुबह के बाद आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ हो जाएगा। यह स्थिति मध्य झारखंड, दक्षिणी झारखंड, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के जिलों में लगभग एक समान रहने की संभावना है। राजधानी रांची और इसके आसपास के इलाकों में भी सुबह कोहरा रहेगा, जबकि दिन में मौसम शुष्क और सुहावना बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान बारिश या किसी तरह की मौसमी गतिविधि की संभावना नहीं है। 3-4 डिग्री तक पारा में बढ़ोतरी की संभव तापमान की बात करें तो अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि अगले चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। रांची में 31 जनवरी को अधिकतम तापमान 26 डिग्री और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके बाद अधिकतम तापमान 27 से 28 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। मौसम विभाग ने 5 और 6 फरवरी को भी सुबह हल्का कोहरा और बाद में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई है। इस पूरे अवधि में मौसम को लेकर किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिन का पारा चढ़ा, रात में अब भी हल्की ठंड मौसम केंद्र रांची द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 31 जनवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया। चाईबासा में राज्य का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जमशेदपुर में 28.8, डालटनगंज में 28.4, बोकारो में 28.1 और चाईबासा में 29.8 डिग्री तापमान रहा। रांची में अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 0.9 डिग्री चढ़ा। अधिकांश स्थानों पर दिन के तापमान में 1 से 3 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान की बात करें तो रांची में यह 10.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि डालटनगंज में सबसे कम 8.8 डिग्री दर्ज किया गया। जमशेदपुर और चाईबासा में न्यूनतम तापमान क्रमशः 16.0 और 14.2 डिग्री रहा। कई जिलों में रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन ठंड पूरी तरह से विदा नहीं हुई है। दिन के तापमान में होगी लगातार वृद्धि झारखंड में अगले पांच दिनों के दौरान दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। खासकर उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी झारखंड के जिलों में गर्मी का असर ज्यादा रहेगा। देवघर, धनबाद, दुमका, जामताड़ा, गोड्डा और पाकुड़ में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। गोड्डा और पाकुड़ में 2 फरवरी को अधिकतम तापमान 31 डिग्री तक जा सकता है। दक्षिणी झारखंड के पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम तथा सरायकेला-खरसावां में भी 4 फरवरी तक तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार हैं। वहीं मध्य झारखंड के रांची, हजारीबाग, बोकारो और रामगढ़ में अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री के बीच रहेगा। न्यूनतम तापमान में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी और यह 10 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
करनाल जिला के कुंजपुरा स्थित गेहूं भंडारण केंद्र से जुड़े स्टॉक घोटाले का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस बार विवाद की वजह जांच कमेटी का गठन और शिकायतकर्ता को जांच प्रक्रिया से बाहर रखना है। विभाग द्वारा ऐसे अधिकारी को कमेटी में शामिल किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं, जिसकी भूमिका पहले ही जांच के दायरे में रही है। वहीं शिकायतकर्ता की एफसीआई गोदाम में एंट्री बैन कर दी गई है, जिससे निष्पक्ष जांच को लेकर शंकाएं और गहरी हो गई हैं। घोटाले की शिकायत और शुरुआती कार्रवाईकुंजपुरा गेहूं गोदाम में स्टॉक में गड़बड़ी को लेकर गांव खराजपुर विकास शर्मा ने विभाग को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि गोदाम के बाहर और कवर्ड शेड के अंदर लगे चट्टों में भारी मात्रा में गेहूं कम है। जांच के दौरान बाहर लगे चट्टों में करीब 68 लाख रुपए मूल्य का गेहूं कम पाया गया था। इस मामले में कुंजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी और शुरुआती जांच के बाद इंस्पेक्टर अशोक शर्मा और सब इंस्पेक्टर संदीप को सस्पेंड कर दिया गया था। पहली कमेटी और दोबारा गठन की कहानीमामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यालय की ओर से 08 जुलाई 2025 को एक कमेटी गठित की गई थी, जिसे पूरे स्टॉक की जांच के आदेश दिए गए थे। इस कमेटी में शिकायतकर्ता को भी जांच के दौरान मौके पर शामिल किया गया था। बाद में कुछ सदस्यों के ट्रांसफर और कुछ के निलंबन के चलते इस कमेटी का पुनर्गठन जरूरी बताया गया। इसी कड़ी में पत्र क्रमांक 254 के जरिए 12 जनवरी 2026 को नई जांच कमेटी गठित की गई। नई जांच कमेटी में कौन-कौन शामिलजिला खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक, करनाल ने चार सदस्यीय नई कमेटी बनाई है। इसमें एएफएसओ मुकेश गुप्ता करनाल, इंस्पेक्टर नवीन असंध, इंस्पेक्टर रणधीर इंद्री और सब इंस्पेक्टर अमजद को सदस्य बनाया गया है। इस कमेटी को कुंजपुरा केंद्र पर भंडारित गेहूं (2025-26) के उचित प्रबंधन, सेग्रिगेशन और फ्यूमिगेशन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खराब स्थिति में पाए गए गेहूं का प्राथमिकता के आधार पर भारतीय खाद्य निगम को सफल प्रेषण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जांच कमेटी के सदस्य पर ही उठे सवालशिकायतकर्ता विकास शर्मा का आरोप है कि जिस एएफएसओ मुकेश गुप्ता को नई कमेटी में शामिल किया गया है, उनकी भूमिका पहले से ही संदेह के घेरे में रही है। विकास शर्मा का कहना है कि गेहूं स्टॉक में गड़बड़ी के समय इंस्पेक्टर अशोक शर्मा, सब इंस्पेक्टर संदीप और एएफएसओ मुकेश गुप्ता की ड्यूटी लगी हुई थी। अशोक शर्मा और संदीप को सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन मुकेश गुप्ता पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि मुकेश गुप्ता 20 प्रतिशत रिकवरी भरने के हकदार बताए गए, इसी वजह से न तो उन्हें नोटिस दिया गया और न ही सस्पेंड किया गया। हर 15 दिन की रिपोर्ट और मंडी बिक्री का सवालविकास शर्मा का कहना है कि नई जांच कमेटी में मुकेश गुप्ता को ही हेड बनाया गया है, जिनके अंडर में स्टॉक की रिपोर्ट हर 15 दिन में उच्चाधिकारियों को भेजी जानी है। उनका आरोप है कि अगर रिपोर्ट नियमित भेजी गई और कागजों में स्टॉक पूरा दिखाया गया, जबकि हकीकत में गेहूं मंडी में बेचा गया, तो यह गंभीर अनियमितता है। सवाल यह भी है कि अगर गेहूं मंडी में बिका है, तो गोदाम के रिकॉर्ड में स्टॉक पूरा कैसे दिखाया गया। विकास शर्मा ने इसे ‘दूध की रखवाली के लिए बिल्ली को बैठाने’ जैसा बताया। शिकायतकर्ता को जांच से बाहर रखने पर नाराजगीविकास शर्मा ने डीएफएससी को पत्र लिखकर मांग की थी कि एएफएसओ मुकेश गुप्ता को जांच कमेटी से हटाया जाए और उन्हें भी जांच में शामिल किया जाए। इसके उलट विभाग ने शिकायतकर्ता की ही एफसीआई गोदाम में एंट्री बैन कर दी और निर्देश दिए कि वे गोदाम के अंदर नहीं जाएंगे और जांच से दूरी बनाए रखेंगे। विकास शर्मा का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि अंदर लगे चट्टों में गेहूं की कमी दोबारा सामने न आ सके और मामला मीडिया की सुर्खियों में न आए। पुलिस जांच में क्या सामने आयाविकास शर्मा के मुताबिक, पुलिस जांच में यह खुलासा हो चुका है कि मंडी से खरीदा गया गेहूं गोदाम तक पहुंचने से पहले ही बेच दिया गया था। इस स्टॉक के वेरिफिकेशन और खरीद के समय रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी एएफएसओ मुकेश कुमार की थी। ऐसे में उनकी भूमिका और जिम्मेदारी पर पहले से सवाल खड़े हैं, इसके बावजूद उन्हें जांच कमेटी में शामिल किया गया है। हाईकोर्ट जाने की चेतावनीविकास शर्मा ने साफ कहा है कि यदि उन्हें जांच में शामिल नहीं किया गया और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जांच के दौरान चट्टों और बोरियों में गेहूं कम न मिले, तो सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। मामले ने एक बार फिर विभागीय कार्यप्रणाली और जांच की निष्पक्षता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
हरियाणा में रात से ही पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज प्रदेश के 17 जिलों में बारिश और 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर और दक्षिण हरियाणा के जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 50 से लेकर 75% तक बारिश के चांस बन रहे हैं। वहीं 2 फरवरी को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने लगेगा, लेकिन राज्य के कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। इक्का-दुक्का स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी। अधिकतम तापमान में गिरावटहरियाणा में शनिवार को अधिकतम तापमान में औसतन 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट देखी गई, जिससे दिन का पारा सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंचन्सय गया है। राज्य का सबसे गर्म स्थान चरखी दादरी रहा, जहां 23.0 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके विपरीत, करनाल में दिन का तापमान काफी कम (16.2 डिग्री सेल्सियस) रहा, जो सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे है। फरीदाबाद में पिछले 24 घंटों के भीतर 5.4 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई है। अधिकांश जिलों में दिन का तापमान 16 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। बादलवाई के कारण न्यूनतम तापमान बढ़ेगापश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलवाई के कारण रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है। न्यूनतम तापमान 8C से 11C के बीच रहने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बाद चलने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं रात की ठिठुरन को बढ़ा देंगी। सुबह के समय कई इलाकों में मध्यम से घना कोहरा छाए रहने की भी आशंका है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। आने वाले दिनों में जब आसमान साफ होगा, तब रात के तापमान में फिर से 2-3 डिग्री की गिरावट आने की उम्मीद है। एक्सपर्ट ने बताया आगे कैसा रहेगा मौसम… 1 जनवरी से बदलेगा मौसम : वहीं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर डागर ने बताया कि 31 जनवरी रात्रि से पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण राज्य में मौसम में बदलाव होने से 31 जनवरी देर रात्रि व 1 फरवरी को ज्यादातर क्षेत्रों में हवाओं व गरज चमक के साथ कहीं हल्की व कहीं मध्यम बारिश की संभावना है। 2 और 3 फरवरी को बारिश होगी : इसी के प्रभाव से 2 व 3 फरवरी को राज्य के उत्तरी व दक्षिणी जिलों में कहीं कहीं बूंदाबांदी या हल्की बारिश की संभावना है। परंतु 4 फरवरी से मौसम खुश्क व शीत हवाएं चलने की संभावना है जिससे रात्रि तापमान में फिर से गिरावट आने की संभावना है।
खेतों में अवैध कॉलोनी बसाने वालों ने प्लॉट बेचने के नाम पर लोगों को धोखा देने का नया तरीका निकाला है। वे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) से कॉलोनी का नक्शा पास एवं राजस्व से डायवर्सन कराकर कॉलोनी को वैध बताकर प्लॉट एवं सिंगलेक्स (सिंगल फ्लोर घर) बेच रहे हैं। कॉलोनाइजर और उनका स्टाफ 1500 रुपए प्रतिवर्ग वर्ग फीट में भूखंड और 32 से 50 लाख रुपए में सिंगलेक्स बेच रहे हैं। उनका कहना है कि टीएनसीपी की स्वीकृति और डायवर्सन है। नगर निगम से नहीं है, लेकिन जब सौदा हो जाएगा, तब नगर निगम से स्वीकृति कराकर दे दी जाएगी। दैनिक भास्कर की टीम ने ग्राहक बनकर ऐसे कॉलोनाइजर व उनके स्टाफ से बात की, जिन्होंने सोशल मीडिया पर रील बनाकर ग्राहकों को लुभावने का काम किया है। टीएनसीपी के आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार साल में कॉलोनाइजरों ने टीएनसीपी से 424 कॉलोनी के लिए नक्शे पास कराए। इनमें सिर्फ 80 कॉलोनी बसाने की परिमिशन निगम से ली गई। ज्यादातर अवैध कॉलोनी वार्ड 61 से 66 में बसाई जा रही हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2016 के बाद बसी सभी कॉलोनियों को अवैध करार दिया है। निगम के आंकड़े बताते हैं कि साल 2016 के बाद 931 अवैध कॉलोनी बस चुकी हैं, अब इनकी संख्या 1000 के पार हो चुकी है। ग्वालियर: 4 साल में TNCP से 424 कॉलोनियों के लेआउट पास, निगम से सिर्फ 80 ने ली अनुमति... नगरीय सीमा के 66 वार्डों में कॉलोनी तभी वैध होगी, जब निगम से कॉलोनी बसाने की स्वीकृति पहले ली जाए। निगम सीमा में पिछले 30-35 साल में सिर्फ 297 फार्म फोर कॉलोनी बसी हैं। समझिए... कहां हो रहा है असली खेल?अवैध कॉलोनाइजर चालाकी यह करते हैं कि वे टीएनसीपी से नक्शा तो पास करा लेते हैं, लेकिन निगम की प्रक्रिया से बचते हैं। क्योंकि, निगम से अनुमति लेने पर कॉलोनाइजर को भारी फीस चुकानी पड़ती है और 45% जमीन विकास कार्यों के लिए छोड़नी पड़ती है। इतना ही नहीं, निगम कॉलोनाइजर के कुछ प्लॉट भी ‘बंधक’ रखता है, ताकि वह विकास कार्य न कराए, तो निगम उन प्लॉट को बेचकर सड़क-सीवर बनवा सके। इस नियम से बचने के लिए माफिया टीएनसीपी का कागज दिखाकर प्लॉट बेचकर निकल जाते हैं। निगम व जनता दोनों को लग रही चपत... एक 10 बीघा की कॉलोनी को वैध कराने कॉलोनाइजर को ~25 लाख की फीस, सुपरविजन चार्ज और शेल्टर निधि जमा करनी होती है। अवैध कॉलोनियों के कारण निगम को करोड़ों के राजस्व का घाटा हो रहा है। वहीं, आम आदमी जब प्लॉट खरीद लेता है, तो उसे न वहां सीवर मिलता है, न पानी की लाइन और न ही पक्की सड़कें। निगम भी इन कॉलोनियों में विकास कराने से हाथ खींच लेता है क्योंकि वे रिकॉर्ड में अवैध होती हैं। कॉलोनाइजर करते हैं वादा- सौदा होने पर निगम से दिला देंगे स्वीकृति तीन उदाहरण से समझें... घर का सपना देखने वालों को ऐसे कर रहे गुमराह 1. कुंज नगर मोतीझील, ट्रिपल आईटीएम के पास मंगलम: यहां जमीन का सौदा कराने वाले शिव शर्मा ने बताया कि 3 कॉलोनी बसा रहे हैं। कुंज नगर में 32 लाख का सिंगलेक्स 900 वर्गफीट में है। जब सौदा करेंगे, उस वक्त सारी परमिशन करा देंगे। 800 वर्गफीट में 50 लाख का सिंगलेक्स ट्रिपल आईटीएम के पास है।2. ऐरो सिटी: डीडी नगर के पीछे ऐरो सिटी बना रहे हैं। यहां कॉलोनाइजर के सेल्स मैनेजर प्रशांत तरोलिया ने बताया कि 19X40 और 19X55 साइज के भूखंड हैं। जिनका प्रति वर्गफीट रेट 1800 रुपए है। टीएनसीपी और डायवर्सन है। प्लॉट का सौदा होने पर नगर निगम से भी परमिशन करा देंगे।3. बड़ागांव हाईवे: यहां 500 मीटर अंदर बांके बिहारी के नाम से काम करने वाले लवकुश शर्मा ने बताया कि दो साइज में भूखंड हैं- 20X65 और 20X55। इनकी रेट 1500 से 2200 रुपए वर्गफीट है। उसने कहा टीएनसीपी से परमिशन और डायवर्सन करा दिया है। निगम में एप्लाई किया, अभी परमिशन मिली नहीं है। प्लॉट खरीदने से पहले ये 5 बातें जरूर चेक करें... कॉलोनाइजर लाइसेंस: क्या कॉलोनाइजर के पास कॉलोनी का वैध लाइसेंस है?डायवर्जन: क्या उस खेती की जमीन का डायवर्जन हो चुका है?निगम की अनुमति: क्या नगर निगम से ‘फार्म-4’ के लिए पत्र मिला है?बंधक प्लॉट: क्या कॉलोनी के कुछ प्लॉट निगम के पास बंधक रखे गए हैं?नक्शा: क्या मौके पर सड़क, पार्क और नाली के लिए जगह छोड़ी गई है? टीएंडसीपी से पास नक्शे के आधार पर कॉलोनी नहीं बसाई जा सकती टीएनसीपी सिर्फ लेआउट प्लान पास करता है, वह कॉलोनी बसाने की अंतिम अनुमति नहीं है। बिना नगर निगम और अन्य सक्षम विभागों की एनओसी के कॉलोनी विकसित करना पूरी तरह गैर-कानूनी है। - केके कुशवाह, संयुक्त संचालक, टीएनसीपी एक्सपर्ट - विनोद शर्मा, सेवानिवृत्त निगमायुक्त सिंगल विंडो सिस्टम हो, इंदौर की तर्ज पर बने ‘तोड़ू गैंग’अवैध कॉलोनियों को पनपने से पहले ही तोड़ देना चाहिए। इंदौर की तर्ज पर ग्वालियर में भी एसडीएम, पुलिस और निगम की एक संयुक्त ‘तोड़ू गैंग’ होनी चाहिए। इसके साथ ही नई कॉलोनी के लिए निगम में सिंगल बिंडो सिस्टम हो। जिससे कोई आवेदन आए तो निगम ही टीएंडसीपी और डायवर्सन करार कॉलोनी की स्वीकृत दे। वहीं जनता को केवल टीएनसीपी का नक्शा ही नहीं, बल्कि फॉम-4 भी देखना चाहिए। जिससे जरूरत पड़ने पर उसे बैंक लोन भी आसानी से मिले। जिम्मेदार बोले- नंबर जारी करेंगे, जहां लोग पूछ सकें कॉलोनी वैध है या अवैधयदि बिना विधिक प्रक्रिया के भूखंड काटकर विक्रय किए जा रहे हैं, तो गंभीर मामला है। संबंधित प्रकरणों का परीक्षण कर एफआईआर कराई जाएगी। नगर निगम में इसके लिए कॉलोनी सेल में एक नंबर जारी करेगा। जिसमें कोई भी नागरिक संपर्क कर किसी कॉलोनी के अवैध होने की जानकारी ले सकता है।-संघ प्रिय,आयुक्त ननि ग्वालियर
पूर्णिमा आज:माघ पूर्णिमा पर रवि पुष्य व प्रीति योग, दान-पूजन का खास अवसर
माघ पूर्णिमा पर रविवार को रवि-पुष्य और प्रीति योग का विशेष संयोग बन रहा है। रवि पुष्य योग सुबह 7.10 बजे से बनेगा और यह रात 11:58 बजे तक रहेगा। माघ नक्षत्र के प्रभाव के कारण ही इसे माघी पूर्णिमा कहा जाता है। शास्त्रों में इस तिथि को स्नान, दान और पुण्य कर्मों के लिए श्रेष्ठ बताया गया है। वेद प्रचारक, मंत्र अन्वेषक अजय कुमार श्यामानंदी के अनुसार इस दिन कंबल, सूती कपड़े दान, पगड़ी, जूते दान, गोशाला में गाय माता की सेवा, बच्चों को तिल के लड्डू और गर्म कपड़ों का अपने वैभव के अनुसार दान विशेष पुण्य देता है। मत्स्य पुराण के अनुसार इस दिन जो व्यक्ति ब्रह्मवैवर्त पुराण' का दान करता है, उसे ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। इस दिन पूर्णमासी का व्रत रखकर भगवान विष्णु- सत्यनारायण भगवान की विधिवत पूजा-अर्चना करने का विधान है। इस शुभ तिथि पर भगवान शालीग्राम को दूध, दही, घी, शहद और आटे के चूरे से स्नान करा तुलसीजी अर्पित करना शुभ माना गया है। कथा श्रवण का समय सुबह या संध्याकाल उत्तम माना गया है। मान्यता है कि इस दिन प्रारंभ किया गया कोई भी शुभ कार्य सफल होता है। माघ पूर्णिमा पर सूर्य मकर राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा पर सूर्य मकर राशि में और चंद्रमा कर्क राशि में रहने से यह दिन पुण्यकारी बन जाता है। गुरु दीक्षा ले चुके श्रद्धालुओं को गुरु पूजन, वस्त्र-पादुका दान और पांच माला जप करना शुभ माना है। माघ की प्रत्येक तिथि पुण्यपर्व है, उनमें भी माघी पूर्णिमा का धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व है। इस दिन स्नानादि से निवृत्त होकर भगवत्पूजन, श्राद्ध, दान करने का विशेष फल है। इस दिन भगवान शिव-हनुमानजी की पूजा करना भी शुभ माना है। प्रदोषकाल में करते हैं माता लक्ष्मी की पूजा माघ पूर्णिमा माघ मास का अंतिम दिन होता है, इस दिन भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन लोग व्रत-उपवास रखकर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनते हैं। माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोषकाल में करने की परंपरा रही है। प्रदोषकाल सूर्यास्त के बाद शुरू होता है। माघ पूर्णिमा पर सूर्यास्त का समय शाम 6 बजे है। इसके बाद आप लक्ष्मी पूजा कर सकते हैं, वहीं निशिता पूजा मुहूर्त देररात 12.08 से लेकर मध्य रात्रि 1.01 तक है।
हरियाणा में 2029 में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर तैयार किए गए बीजेपी के शैडो प्लान की रिपोर्ट अच्छी नहीं आई है। पार्टी के 12 ऐसे नेता हैं, जो अपने हलकों को छोड़कर विपक्षी दलों के विधायकों के यहां एक्टिव नहीं हो रहे हैं। इनमें मंत्री और विधायकों के नाम शामिल हैं। हाल ही में हुई पार्टी की एक स्टेट लेवल मीटिंग में इसको लेकर शीर्ष नेतृत्व ने नाराजगी जाहिर की और दो टूक कहा है कि अब राजनीति अपने क्षेत्र तक सीमित रहने वाली नहीं है। पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों और विधायकों को दो टूक संदेश दे दिया है कि जो नेता सिर्फ अपनी विधानसभा तक सिमटकर रहेंगे, वे रणनीति का हिस्सा नहीं माने जाएंगे। पार्टी खासतौर पर उन मंत्रियों और विधायकों से नाराज बताई जा रही है, जिन्हें विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में ‘शैडो विधायक’ की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन वे वहां अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा सके। सूत्रों के मुताबिक, ऐसे नेताओं की संख्या करीब एक दर्जन है और उनकी कार्यशैली पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के रडार पर है। यहां पढ़िए क्या है बीजेपी का शैडो प्लान... लॉन्ग-टर्म रणनीति लॉन्ग-टर्म हरियाणा में शैडो विधायक प्लान BJP की एक लॉन्ग-टर्म चुनावी रणनीति है, जिसके तहत पार्टी अपने मंत्रियों और विधायकों को विपक्षी विधायकों की विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंप रही है। इसके तहत एक BJP नेता = अपनी विधानसभा + एक विपक्षी विधायक की विधानसभा दोनों में समान रूप से सक्रिय रहेगा। शैडो विधायक की भूमिका क्या होगी? BJP नेतृत्व ने साफ निर्देश दिए हैं कि शैडो विधायक विपक्षी विधायक के क्षेत्र में स्थायी मौजूदगी, नियमित दौरे, कार्यकर्ता बैठकों, सामाजिक और स्थानीय कार्यक्रमों में भागीदारी करेगा, ताकि जनता को लगे “यह नेता भी हमारे बीच है।” सरकार की योजनाओं का ग्राउंड प्रमोशन जीरामजी/ मनरेगा, पेंशन, राशन, आवास, रोजगार योजनाओं से बीजेपी लाभार्थियों को सीधे जोड़ना चाहती है। ग्राउंड पर नेताओं के एक्टिव रहने से विपक्ष के “भेदभाव” वाले आरोपों को ये आसानी से खारिज कर पाएंगे। कांग्रेस विधायक की घेराबंदी बीजेपी इस प्लानिंग के जरिए स्थानीय मुद्दों पर सवाल उठा सकेगी, विकास कार्यों की तुलना, आपका विधायक क्या कर रहा है?” वाला नैरेटिव सेट करेगी। इसका मतलब साफ है कि विपक्षी विधायक को लगातार डिफेंस पर रखना। 2029 के लिए संगठन तैयार करना इसके अलावा बीजेपी इस प्लान के जरिए बूथ स्तर पर अपनी पकड़ को मजबूत कर सकेगी। BLA-2 की नियुक्ति में स्थानीय चेहरे और संभावित उम्मीदवारों की पहचान करने में आसानी होगी। यानी बीजेपी ये भी तय कर रही है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से टिकट मैनेजमेंट। ये मिला है मंत्री-विधायकों को टास्क हरियाणा बीजेपी की ओर से सभी मंत्रियों और विधायकों को टास्क भी दिए गए हैं। अपनी विधानसभा में 5 सम्मेलन करने होंगे। इसके अलावा यही पांच सम्मेलन विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में भी आयोजित करने होंगे। इन सम्मेलनों में योजनाओं के लाभ, सरकारी आंकड़े और ठोस तथ्यों के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। क्यों बनाया बीजेपी ने ये प्लान...ये चार वजहें 1. 42 हारी हुई सीटों को रिकवर करने की तैयारी BJP, 2024 में जिन 42 विधानसभा सीटों पर हारी है, पार्टी उन्हें “लॉस्ट जोन” नहीं बल्कि रिकवर करने योग्य सीटें मान रही है। शैडो विधायक उसी इलाके में लगातार मौजूद रहकर संगठन को खड़ा करेंगे। इसके अलावा ये शैडो विधायक लोगों के बीच जाकर स्थानीय मुद्दों की फाइल बनाएंगे। 2029 से पहले ही विपक्षी विधायक की पकड़ कमजोर करेंगे। इसका मतलब है कि चुनाव से पहले नहीं, अभी से बीजेपी माहौल बदलना चाहती है। 2. एंटी-इंकम्बेंसी को डायल्यूट करने का फॉर्मूला हरियाणा बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व यह जानता है कि सरकार में रहते हुए स्वाभाविक रूप से एंटी-इंकम्बेंसी आती है। शैडो प्लान से BJP सरकार और संगठन को अलग-अलग चेहरा दे रही है। ये नाराजगी को सिर्फ सत्ताधारी विधायक पर सीमित नहीं रहने दे रही, हम आपके बीच हैं का नैरेटिव मजबूत कर रही है। इससे सत्ता विरोधी माहौल की धार कमजोर होती है। 3. कांग्रेस के नैरेटिव को शुरुआत में ही काउंटर करना हरियाणा में कांग्रेस इन दिनों जीरामजी जैसी योजनाओं को लेकर सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार, भेदभाव का नैरेटिव गढ़ने में लगी है। BJP का ये शैडो प्लान जमीनी स्तर पर डेटा और लाभार्थियों के साथ जवाब देने का काम करेगा। विपक्षी विधायक के ही क्षेत्र में कांग्रेस के आरोपों को चुनौती देगा। मीडिया, सोशल और ग्राउंड तीनों मोर्चों पर कंट्रोल बनाएगा। नैरेटिव बनने से पहले ही नैरेटिव तोड़ने की बीजेपी की ये रणनीति है। 4. निकाय चुनाव ये 2029 का सेमीफाइनल हरियाणा बीजेपी ये शैडो प्लान के जरिए निकाय चुनाव में भी बेहतर परिणाम देने का प्लान कर रही है। बीजेपी के नेता ये मान रहे कि पंचकूला, सोनीपत, अंबाला जैसे शहरी निकाय चुनाव BJP के लिए 2029 का ट्रायल रन हैं। शैडो विधायक के जरिए शहरी वोटर का माइंडसेट पढ़ेंगे। बूथ मैनेजमेंट और BLA-2 नेटवर्क मजबूत करेंगे। इसके अलावा जीतने योग्य चेहरों की पहचान करेंगे। यानी 2029 की स्क्रिप्ट निकाय चुनाव से लिखी जा रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से बजट 2024-25 में ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों को आवास व भोजन की सुविधा को लेकर छात्रावास की घोषणा होने के बाद करीब सवा साल पहले करीब सवा दो करोड़ की लागत से छात्रावास का निर्माण तो शुरु हुआ। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने व कछुआ चाल निर्माण होने के चलते सवा साल बाद भी ईडब्ल्यूएस छात्रावास का निर्माण कार्य पूर्ण नही हो सका। छात्रावास भवन का निर्माण नही होने के चलते विभागीय अधिकारियों की ओर से ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों को राजकीय अंबेडकर छात्रावास में ठहराव की सुविधा तो की गई। लेकिन, जमीनी हकीकत में ईडब्ल्यूएस व एससी-एसटी विद्यार्थियों को भारी असुविधाओं से जूझना मजबूरी हो रहा। गौरतलब है कि नदबई मुख्यालय पर कक्षा 6 से 12वीं तक के ईडब्ल्यूएस योजना में शामिल विद्यार्थियों के ठहराव व भोजन की सुविधा को लेकर विभाग की ओर से करीब दो करोड़ 80 लाख का बजट स्वीकृत होने के बाद ईडब्ल्यूएस छात्रावास का निर्माण शुरु हुआ। लेकिन, कछुआ चाल निर्माण होने व अधिकारियों की प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने से विद्यार्थियों को ईडब्ल्यूएस छात्रावास निर्माण की उम्मीद धूमिल होती दिख रही। निर्माण के दौरान प्रभावी मॉनिटरिंग नहीं होने से हुई देरी 2025 की अवधि भी निकली... 2024-25 बजट में घोषणा में छात्रावास के नवीन भवन के लिए 2 करोड 80 लाख बजट स्वीकृत हुआ। बाद में नदबई में लालचाह के समीप जिला प्रशासन की ओर से जमीन स्वीकृत होने के बाद दिसम्बर 2024 में पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब दो करोड़ 21 लाख 91376 रुपए का वर्क ऑर्डर जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरु कराया जो अगस्त 2025 तक पूर्ण होना सुनिश्चित था। लेकिन, प्रभावी मॉनीटरिंग नही होने के चलते करीब सवा साल बाद भी छात्रावास का निर्माण पूर्ण नही हुआ। अंबेड़कर छात्रावास में ईडब्ल्यूएस विद्यार्थियों का आवास छात्रावास भवन नही होने पर अधिकारियों ने योजना में शामिल 28 विद्यार्थियों के ठहराव को लेकर राजकीय अंबेडकर छात्रावास में सुविधा तो की। लेकिन, छात्रावास के तीन हॉॅल में अंबेडकर छात्रावास के 26 व ईडब्ल्यूएस के 28 विद्यार्थियों का ठहराव होने व जगह अभाव में दो विद्यार्थियों को एक बेड की सुविधा दी जा रही। लेकिन, विभागीय अधिकारियों की ओर से समस्या समाधान को लेकर महज कागजी कार्रवाई की जा रही। ईडब्ल्यूएस छात्रावास भवन निर्माण नही होने से ईडब्ल्यूएस योजना के 28 विद्यार्थियों का ठहराव अंबेडकर छात्रावास में ही किया जा रहा। निर्धारित तीन हॉल होने के बावजूद व्यवस्थाओं के अनुरुप विद्यार्थियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। ईडब्ल्यूएस छात्रावास का नवीन भवन निर्माण होने के बाद अलग-अलग व्यवस्था होगी। -विष्णु कुमार, छात्रावास अधीक्षक अंबेडकर छात्रावास नदबई। “शुरुआत में जमीन की प्रक्रिया के चलते ईडब्ल्यूएस छात्रावास निर्माण में देरी हुई। छात्रावास में बिल्डिंग का कार्य पूर्ण हो गया। फिलहाल, फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। मार्च तक निर्माण कार्य पूर्ण होते ही विभाग को भवन सुपुर्द किया जाएगा।” -धीरज सिंह, एईएन पीडब्ल्यूडी नदबई।
SIR:हर दूसरा अनमैप्ड वोटर अब भी बाहर, 35 हजार तो नोटिस के बाद भी नहीं मिले
जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया चुनौती बनती जा रही है। जिले में कुल 1.33 लाख अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान की गई थी, जिनकी सुनवाई और सत्यापन की जिम्मेदारी बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को दी गई है। अब तक 1.02 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 65.15 प्रतिशत मामलों में सुनवाई के बाद मतदाता विवरण को अप्रूव कर दिया गया है, जबकि 3.15 प्रतिशत मामलों में आवेदन रिजेक्ट हुए हैं। हालांकि, अब भी 49.85 प्रतिशत मतदाता या तो सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए, घर पर नहीं मिले या उनकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। आंकड़े बताते हैं कि 35,871 मतदाता यानी करीब 26.83 प्रतिशत अब भी पूरी तरह संपर्क में नहीं आ पाए हैं। विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति देखें तो इंदौर-1 और राऊ क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता अनुपस्थित या अनट्रेस हैं। इधर, सुनवाई प्रक्रिया तेज करने के लिए जिले में सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) के केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पहले 98 एईआरओ केंद्रों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे बढ़ाकर अब 193 किया गया है। निर्वाचन विभाग के अनुसार तार्किक (लॉजिकल) त्रुटियों की श्रेणी में करीब 5.39 लाख मतदाता शामिल हैं, जिनके नाम या जन्मतिथि में मामूली विसंगतियां पाई गई हैं। ये सभी नाम 2003 की मतदाता सूची से मैप किए जा चुके हैं, लेकिन विवरणों में अंतर होने के कारण इन्हें सत्यापन के दायरे में रखा गया है। इन मामलों में बीएलओ द्वारा दस्तावेज एकत्र कर घोषणा पत्र भरवाए जा रहे हैं और पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं। गंभीर विसंगति होने पर ही मतदाताओं को सुनवाई केंद्र पर बुलाया जा रहा है। नोटिस वितरण को लेकर बीएलओ नाराज नोटिस वितरण को लेकर बीएलओ में नाराजगी भी सामने आई है। बीएलओ का कहना है कि बार-बार नोटिस देने से मतदाता असहज और नाराज हो रहे हैं, जिससे फील्ड में तनाव की स्थिति बन रही है। उनका तर्क है कि जिन मामलों में दस्तावेज पहले ही ऑनलाइन अपलोड हो चुके हैं, उनका सत्यापन सीओ या एईआरओ स्तर पर किया जाना चाहिए, ताकि दोबारा नोटिस जारी करने की जरूरत न पड़े।
बजट में शिक्षकों की बहाली के लिए राशि का करेंगे प्रावधान : राधाकृष्ण
रांची वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि आगामी बजट में शिक्षकों की बहाली, विद्यालयों में आधारभूत संरचना का विकास, शौचालय, पेयजल आदि व्यवस्था के लिए राशि का प्रावधान किया जाएगा। वित्त मंत्री शनिवार को एक स्थानीय होटल में वित्त विभाग एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में बाल एवं जेंडर बजट पर आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक को केजीबीवी के नजदीक अवस्थित स्वास्थ्य केंद्रों के द्वारा विद्यालय की बच्चियों की जांच सप्ताह में दो दिन कराने का निर्देश दिया। वित्त मंत्री ने आश्वस्त किया कि जो सरकार इस कार्यशाला में प्राप्त हुए सुझावों को आगामी बजट में शामिल करने का प्रयास करेगी। मौके पर स्कूली बच्चे, सहायिका, सेविका, मंईयां सम्मान के लाभुक व विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व अन्य शामिल रहे। छात्राओं ने स्कूलों में शौचालय व पेयजल की मांग की कार्यशाला में स्कूली छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग की। इसके अलावा आधारभूत संरचना निर्माण, मातृभाषा में शिक्षा व खेल की सुविधा बहाल करने का प्रावधान बजट में करने की मांगें रखीं। साथ ही स्कूलों में शौचालय, पेयजल, स्वच्छता के साथ-साथ महिला कॉलेज की स्थापना और हॉस्टलों में सुविधाएं को लेकर भी ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर, वित्त सचिव ने कहा कि स्कूलों में 10,000 शिक्षकों की बहाली सरकार ने की है। भविष्य में 14,000 नए शिक्षक बहाल किए जाएंगे। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा है कि रविवार को केंद्रीय बजट आ रहा है। झारखंड सरकार को केंद्र से नया कुछ भी नहीं चाहिए, लेकिन राज्य को केंद्र से कई उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास राज्य सरकार का 1.36 लाख करोड़ रुपया बकाया है। वित्त मंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस बजट में झारखंड का बकाया देने की घोषणा करेगी। इसके साथ ही बिहार के तर्ज पर झारखंड की भी मंईयां को केंद्र सरकार 10-10 हजार रुपए देने की घोषणा करेगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी युक्तिकरण राज्य को करीब 4000 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। केंद्र सकार से यह राशि मिलने की राज्यवासियों की अपेक्षा है। वित्त मंत्री ने कहा कि जी राम जी योजना के कारण राज्य पर एक साल में करीब 5500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। इसलिए केंद्र से उम्मीद है कि इस अतिरिक्त भार का भुगतान उनके द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन पर करीब 12600 करोड़ रुपए खर्च कर दिया है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से अब राशि देने से मना किया जा रहा है। इससे राज्य पर करीब 6300 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बजट में यह राशि झारखंड सरकार को देने की घोषणा हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में चांदी की सबसे बड़ी मंडी भरतपुर में चांदी के भावों में एक दिन में 1.10 लाख रुपए की गिरावट से सर्राफा बाजार में दहशत है। भावों में पल-पल भारी उतार-चढ़ाव है। इस कारण विवाद भी बढ़ रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इसलिए ज्वैलर्स खरीद-फरोख्त से बच रहे हैं। हाल ये है कि भास्कर रिपोर्टर ने 6 दुकानों पर सोना-चांदी खरीदने/बेचने की पेशकश की, लेकिन सभी ने कहा कि हाजिर में माल नहीं है, केवल सटोरिया ही सक्रिय है। इसलिए दोपहर 3 बजे से पहले किसी ने भी सौदा करने से इनकार कर दिया। अगले दो दिन यानी एक फरवरी को बजट आने वाला है, जिसमें संभावना जताई जा रही है कि सरकार ड्यूटी घटा सकती है। इसलिए भी बाजार में सौदे नहीं हो रहे हैं। शनिवार की दोपहर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में 10 ग्राम सोना 1.51 लाख रुपए और एक किलो चांदी 2.90 लाख रुपए थी, लेकिन हाजिर में इसके भाव 1.64 और 3 लाख रुपए बोले गए। सर्राफा संघ के अध्यक्ष राकेश गोयल ने कहा कि हाजिर में माल और ग्राहक दोनों ही नहीं है। क्योंकि कई ज्वैलर्स लंबी चोट/नुकसान खाकर बैठे हैं। इसलिए अब केंद्रीय बजट के बाद ही कारोबार में तेजी आएगी। शादियों के सीजन में जेवर की डिमांड 80 फीसदी तक गिरी शादियों का सीजन पीक पर है। पूरे फरवरी लगातार और हैवी सावे हैं, लेकिन जेवरों की डिमांड ना के बराबर है। इस बार विवाद और बढ़ रहे हैं। ज्वैलर्स राजकुमार बंसल व मोनू काजलवाला ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए हैं कि बुकिंग के समय रेट कुछ था और बाद में कुछ और हो गया। 6 ज्वैलर्स से सौदे की बात कही, सभी ने किया इनकार भास्कर एक्सपर्ट - अतुल मित्तल, सीए और कॉमर्स एक्सपर्ट डॉलर गिरते ही सोना-चांदी की कीमतें होती हैं प्रभावित कॉमर्स विशेषज्ञ ट्रेड वॉर और जियो-पॉलिटिकल रिस्क के कारण सोने-चांदी को सेफ एसेट'' माना गया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने से डॉलर कमजोर हुआ। सोना-चांदी डॉलर में ट्रेड होते हैं, इसलिए डॉलर गिरते ही इनकी कीमतें उछल गईं। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे हैं। साल 2025 में भी करीब एक हजार टन सोना खरीदा गया। चांदी का पचास प्रतिशत से ज्यादा इस्तेमाल सोलर पैनल, ईबी बैटरी और चिप्स बनाने में होता है।
उम्मीदें... व्यापारी बोले- राज्य केंद्रित हो बजट, छोटे व्यापारियों को मिले सस्ता लोन, जीएसटी सरल हो
आम बजट रविवार को पेश होगा। व्यापार जगत इस वित्तीय वर्ष के यूनियन बजट से विशेष उम्मीदें रखता है। उनका कहना है कि बजट राज्य-केंद्रित होना चाहिए और इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे नेटवर्क, एक्सप्रेस-वे, औद्योगिक निवेश, स्पेशल ट्रेड जोन और मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस सेक्टर को प्राथमिकता दे। छोटे व्यापारियों और एमएसएमई के लिए सस्ता ऋण, ब्याज में रियायत, जीएसटी सरलीकरण और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन देने की जरूरत है। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, हाउसिंग और सामाजिक क्षेत्रों में ठोस बजटीय प्रावधान रोजगार बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने में मदद करेंगे। एमएसएमई को दें राहत : संजय जेसीपीडीए अध्यक्ष संजय अखौरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों और एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष राहत की जरूरत है। उन्होंने जीएसटी सरलीकरण, सस्ते ऋण, ब्याज में रियायत देने की मांग की। स्पेशल ट्रेड जोन बने : रोहित चैंबर के महासचिव रोहित अग्रवाल ने बजट में हेल्थकेयर, एजुकेशन, हाउसिंग और सस्टनेबिलिटी पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने प्रत्येक राज्य की राजधानी में स्पेशल ट्रेड जोन बनाने की मांग की। राज्य विकास का रोडमैप बने : महेश पूर्व चैंबर अध्यक्ष सह पूर्व राज्यसभा सांसद महेश पोद्दार ने कहा कि बजट केवल आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक विकास का रोडमैप होना चाहिए। बजट झारखंड 2050 को विकसित राज्य बनाने में मार्गदर्शक बने। करदाताओं के लिए राहत हो : कुणाल पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और सोशल सेक्टर पर ध्यान दिया जाना चाहिए। मध्यमवर्गीय करदाताओं के लिए राहत, स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े व टैक्स सरलीकरण जरूरी है। वनों की रक्षा के लिए राज्य को दें विशेष फंड : आदित्य चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि इस वित्तीय वर्ष का यूनियन बजट झारखंड-केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक यूनिट्स में निवेश को प्राथमिकता देने की मांग की। कहा कि वनों की रक्षा के एवज में राज्य को विशेष केंद्रीय फंड दिया जाए।
एक साल में छठी बार रहवासी क्षेत्र में पहुंचा तेंदुआ, सनावदिया में 4 बकरियों का शिकार
शहरी क्षेत्र के रहवासी इलाकों में तेंदुओं का मूवमेंट अब आम हो चला है। एक साल में छठी बार तेंदुआ रहवासी क्षेत्र में पहुंचा है। शहर से सटे सनावदिया में तीन-चार दिन से तेंदुए की हलचल थी। रहवासी काफी डरे-सहमे हुए थे। तेंदुआ शिकार न कर ले, इसके लिए एक ग्रामीण ने अपनी बकरियों को छत पर बांधना शुरू कर दिया था, लेकिन तेंदुआ छत तक भी पहुंच गया और चार बकरियों का शिकार कर लिया। लोगों की सूचना पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया। शनिवार को तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। देवगुराड़िया, सहारा सिटी, रालामंडल, तिल्लौर, आईआईटी कैंपस, सिंहासा, आरआर कैट का सिंहासा ऐसे इलाके हैं, जहां तेंदुओं ने अपना ठिकाना बना लिया है। रालामंडल में तो चार से पांच तेंदुए हो गए हैं। अंधेरा होने के बाद से तड़के तक वहां तेंदुआ घूमता रहता है। तिल्लौर तरफ भी नजर आ जाता है। देवगुराड़िया के आसपास की टाउनशिप में आए दिन तेंदुआ सीसीटीवी फुटेज में दिख जाता है। तीन महीने में तेंदुए का पांचवां रेस्क्यू तीन महीने में तेंदुए का पांचवां रेस्क्यू है। इसके पहले सहारा सिटी टाउनशिप, मोरोद स्थित 400 केवी सब स्टेशन के क्वार्टर, जामनिया खुर्द गांव के कुएं में, डबलचौकी में मृत अवस्था में तेंदुआ मिला था। किसी ने तेंदुए के पंजे तक काट लिए थे। महू में भी तेंदुआ खेत में लगाए वायर में उलझकर बुरी तरह घायल हो गया था। पांच साल में 66 तेंदुओ को बचाया 2021 से 2025 के बीच वन मंडल में 66 तेंदुओं सहित 337 वन्य जीवों का रेस्क्यू किया है। रेस्क्यू के दौरान किसी भी तेंदुए की जान नहीं गई। 2025 में लगभग हर माह एक से दो तेंदुओं का रेस्क्यू किया। बस्तियों तक क्यों पहुंच रहे तेंदुए, 3 बड़े कारण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। 2010 के बाद पहली बार बिहार में NDA को 200 से ज्यादा (202) सीटें मिली हैं। ऐसे में इस बार बिहार को केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक तरफ CM नीतीश कुमार जहां बार-बार अगले 5 साल में 1 करोड़ लोगों को नौकरी/रोजगार देने का वादा दोहरा रहे हैं। दूसरी तरफ सरकार लगातार लोक लुभावन योजनाओं का ऐलान कर रही है। इसके साथ ही बिहार में इंडस्ट्री से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में मदद के लिए केंद्र सरकार की तरफ देख रही है। ऐसे में इस बार संभावना जताई जा रही है कि बिहार को मिलने वाले फंड से लेकर इंडस्ट्री के क्षेत्र में नई घोषणाएं हो सकती हैं। बिहार को लेकर एयरपोर्ट, एक्सप्रेस वे, हाईवे और रेलवे के क्षेत्र में भी नई घोषणाएं हो सकती हैं। केंद्र से कर्ज की सीमा और इंटरेस्ट फ्री लोन में राहत की उम्मीद बिहार के वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने केंद्र से आग्रह किया है कि 'पूंजीगत व्यय' के लिए मिलने वाले 50 साल के ब्याज मुक्त ऋण की सीमा को बढ़ाकर ₹1 लाख करोड़ किया जाए। इससे राज्य को बड़े पुल, सड़कें और बिजली प्रोजेक्ट्स बनाने में मदद मिलेगी। फिलहाल राज्य सरकार मौजूदा GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) का करीब 3% कर्ज ले सकती है। बिहार ने मांग की है कि इसे बढ़ाकर 5% किया जाए ताकि राज्य के पास विकास के काम करने के लिए अधिक पैसे रहें। 80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेना चाहती है बिहार सरकार बिहार सरकर की मंशा 80 हजार करोड़ रुपए कर्ज लेने की है। पहले सरकार का विचार खुले बाजार समेत दूसरे माध्यमों से लगभग 1 लाख करोड़ रुपए कर्ज लेने का था, लेकिन राजकोषीय घाटा बहुत अधिक बढ़ने की आशंका के चलते कर्ज की राशि कंट्रोल में रखी जाएगी। यह 80 हजार करोड़ रुपए के आसपास हो सकती है। इसके बाद भी राजकोषीय घाटा के अधिकतम 3% की सीमा को पार कर जाने की आशंका है। आधुनिक खेती और राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड नीतीश सरकार का फोकस बिहार में 1 करोड़ नौकरी/रोजगार देने पर है। यही वजह है कि इस बार बिहार सरकार ने केंद्रीय बजट से राज्य में इंडस्ट्री लगाने की डिमांड रखी है। बिहार सरकार ने केंद्र से मांग की है कि राज्य में इंडस्ट्री लगाई जाए। बिहार में जल संसाधन और स्किल्ड लेबर की पर्याप्त उपलब्धता है। इसे देखते हुए बिहार सरकार की तरफ से केंद्रीय वित्त मंत्री से मांग की गई है कि राज्य में नई इंडस्ट्री लगाने में मदद करें। इसके लिए अलग पैकेज दिया जाए। बिहार में एग्रीकल्चर सेक्टर में भी काफी स्कोप है। इसे देखते हुए नीतीश सरकार ने केंद्र से रोजगार सृजन के लिए खेती को आधुनिक बनाने की मांग रखी है। सरकार की तरफ से कृषि क्षेत्र में AI, ड्रोन और ब्लॉकचेन जैसी नई तकनीकों पर आधारित केंद्र प्रायोजित योजनाओं की मांग की गई है।
DSPMU... तीसरे दिन भी तालाबंदी, फूड फेस्टिवल रद्द होने पर फूटा छात्रों का गुस्सा
रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमूय) में छात्रों का विरोध लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रहा। इस बार तालाबंदी का कारण फूड फेस्टिवल को रद्द किया जाना रहा। छात्रों का आरोप है कि मैनेजमेंट के किसी भी छात्र संगठन ने फूड फेस्टिवल के खिलाफ कोई विरोध नहीं किया, इसके बावजूद प्रशासन ने कार्यक्रम को रद्द कर दिया, जो मनमाना और छात्रहित के खिलाफ है। तालाबंदी के दौरान छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और निर्णय वापस लेने की मांग की। तालाबंदी कर रहे छात्रों को समझाने के लिए फाइनेंस अफसर डॉ. अनीता मेहता ने प्रयास किया। इसके बाद डीएसडब्ल्यू डॉ. सर्वोत्तम कुमार धरना स्थल पर पहुंचे, जहां छात्रों ने उन्हें घेर लिया और फूड फेस्टिवल रद्द करने की वजह पूछने लगे। बताते चलें कि पहले दो दिन फूड फेस्ट को रद्द करने के लिए तालाबंदी की गई थी। तालाबंदी कर रहे छात्रों और डीएसडब्ल्यू के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। डीएसडब्ल्यू ने साफ शब्दों में कहा कि कैंपस में किसी भी हालत में पकौड़ा या इस तरह की दुकानें लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कहा कि पिछले वर्ष भी फूड फेस्टिवल के दौरान कैंपस में डीजे बजाया गया था, जिससे अन्य विभागों के छात्रों को अकादमिक समस्याओं का सामना करना पड़ा था। एमबीए के छात्रों ने बताया कि फूड फेस्ट भी स्किल डेवलपमेंट से जुड़ा कार्यक्रम है। फूड फेस्टिवल स्किल डेवलपमेंट गतिविधि का हिस्सा है, जो एमबीए छात्रों के लिए जरूरी है। छात्रों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर छीन रहा है। मौके पर बीए के डायरेक्टर डॉ. गणेश चंद्र बसु भी पहुंचे और डीएसडब्ल्यू से बातचीत कर स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश की।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) ने एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर झारखंड का मान बढ़ाया है। एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के तत्वावधान में फकीर मोहन विश्वविद्यालय, बालासोर (ओडिशा) द्वारा आयोजित ‘ईस्ट जोन यूथ फेस्टिवल–2026’ में विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए जोनल स्तर पर द्वितीय (ओवरऑल रनर-अप) और झारखंड राज्य के विश्वविद्यालयों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 27 से 30 जनवरी तक चले इस प्रतिष्ठित महोत्सव में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के कुल 20 प्रमुख विश्वविद्यालयों ने शिरकत की। 31 जनवरी को आयोजित भव्य समापन समारोह में परिणामों की घोषणा की गई, जिसमें डीएसपीएमयू ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए संगीत, थिएटर और परफॉर्मिंग आर्ट्स श्रेणियों में ‘ओवरऑल चैंपियन’ का खिताब अपने नाम किया। सांस्कृतिक विकास का नया मील का पत्थर... विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के अनुशासन, निरंतर अभ्यास और शिक्षकों के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। यह गौरव न केवल विश्वविद्यालय के लिए है, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक मिसाल है कि राज्य की युवा प्रतिभा सांस्कृतिक और रचनात्मक क्षेत्रों में देश के किसी भी बड़े संस्थान को टक्कर देने में सक्षम है। संगीत एवं गायन: संगीत विभाग के लिए यह वर्ष स्वर्णिम रहा। ग्रुप सॉन्ग (भारतीय) और ग्रुप सॉन्ग (पाश्चात्य) दोनों ही श्रेणियों में विश्वविद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता। वहीं, क्लासिकल वोकल सोलो में द्वितीय और फोक ऑर्केस्ट्रा में भी द्वितीय स्थान हासिल किया। ललित कला: रचनात्मकता के क्षेत्र में डीएसपीएमयू के विद्यार्थियों ने अपनी कला का जादू बिखेरा। क्ले मॉडलिंग और कार्टूनिंग में विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान मिला, जबकि रंगोली प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। थिएटर एवं अभिनय: मंचीय प्रस्तुतियों में अपनी गहराई दिखाते हुए विश्वविद्यालय ने वन एक्ट प्ले और माइम (मूक अभिनय) दोनों ही श्रेणियों में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। बौद्धिक एवं साहित्यिक: जनरल क्विज में विश्वविद्यालय ने जोनल स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि हिंदी भाषण प्रतियोगिता में चतुर्थ स्थान हासिल किया।
इंदौर के RTO अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा ने एशिया के बाहर की सबसे ऊंची चोटी माउंट अकोंकागुआ (6,962 मीटर) पर भारतीय तिरंगा फहराकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वे देश के पहले RTO अधिकारी बने हैं, जिन्होंने इस अंतरराष्ट्रीय शिखर पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। इस उपलब्धि को इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और हाई रेंज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। प्रशिक्षक ज्योति रात्रे ने बताया कि वह भारत से पहले आरटीओ हैं जो यहां गए हैं, इस रिकॉर्ड को रजिस्टर्ड कर रहे हैं, यह हम इंडियन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड और हाई रेंज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की तैयारी कर रहे हैं। 18 दिन का चुनौतीपूर्ण अभियान अकोंकागुआ अभियान कुल 18 दिनों तक चला। टीम 13 जनवरी को भोपाल से रवाना हुई थी। दक्षिण अमेरिका में स्थित इस पर्वत पर पहुंचने के बाद लगातार बदलते मौसम और अत्यधिक ऊंचाई ने दल की कड़ी परीक्षा ली। कई चरणों में तापमान शून्य से 30 डिग्री नीचे तक पहुंच गया। मौसम और ऊंचाई बनी बड़ी चुनौती अभियान के दौरान कैंप-2 पर भारी बर्फबारी और तेज आंधी का सामना करना पड़ा। इसके बाद कैंप-3 के ऊपर तेज ठंडी हवाओं और बर्फबारी ने शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता की भी परीक्षा ली। एक पर्वतारोही की तबीयत बिगड़ने पर उसे वापस लौटना पड़ा, जबकि एक अन्य पर्वतारोही ऊर्जा की कमी के कारण शिखर से करीब 200 मीटर पहले लौट आए। अनुभवी मार्गदर्शन रहा अहम इस पूरे अभियान में वरिष्ठ पर्वतारोही एवं एवरेस्ट विजेता ज्योति रात्रे मार्गदर्शक और प्रशिक्षक की भूमिका में रहीं। प्रदीप कुमार शर्मा पिछले डेढ़ वर्ष से उनके मार्गदर्शन में उच्च हिमालयी पर्वतों के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे। अभियान के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को प्राथमिकता देते हुए लिए गए फैसले इसी प्रशिक्षण का हिस्सा रहे। पहले भी फतह कर चुके हैं ऊंचे शिखर प्रदीप कुमार शर्मा इससे पहले देश में 5,000 और 6,000 मीटर श्रेणी की कई चोटियों पर सफल आरोहण कर चुके हैं। अकोंकागुआ अभियान को उनके लिए भविष्य में प्रस्तावित और अधिक ऊंचे अंतरराष्ट्रीय अभियानों की निर्णायक तैयारी माना जा रहा है। कैंप 4 के नजदीक थे, तभी पता चला कि अगले 3 दिन मौसम बहुत खराब रहने वाला है। हमें 7,800 मीटर पर रुकना पड़ा। यह इलाका डेथटेंट जोन कहलाता है। यहां हालात बहुत खराब थे। बाहर नहीं निकल पाते थे। आंधी की वजह से बर्फ टेंट के अंदर आ रही थी। वह हमारे को ढक देती थी। ऐसे में हमें हर 3 घंटे सफाई करनी पड़ी थी। यहां पर करीब -20 डिग्री टैम्परेचर था। इस तरह से 3 दिन और 4 रातें काटी है। ये खबर भी पढ़ें… नेशनल माउंटेनियरिंग डे पर जाने ज्योति की एवरेस्ट की कहानी जब मैंने शिखर की ओर बढ़ना शुरू किया, तो चारों तरफ बर्फीला तूफान था। हर कदम पर लगा कि अब आगे नहीं कर पाऊंगी जैसे यह मेरा अंतिम समय हो, माइनस 40 से 50 डिग्री की सर्दी थी, ऑक्सीजन खत्म हो चुकी थी, पैरों की अंगुलियों में जान नहीं थी...और वह गलने लगी थीं, फिर भी मैंने हार नहीं मानी। पूरी खबर पढ़ें
‘कमलेश की 16 मई 2022 को शादी थी। शादी में महिला दरोगा अंजली अपने पूरे परिवार और दोस्त रुपेश चौबे के साथ आई थी। मैं कमलेश को शादी के लिए मैं तैयार कर रही थी, तभी अंजली मेरे पास पहुंची और मुझसे शेरवानी छीनकर कमलेश को पहनाने लगी। अंजली के इस व्यवहार से मैं सोच में पड़ गई, वहां मौजूद हमारे रिश्तेदार भी पूछने लगे कि ये लड़की कौन है, जो कमलेश को कपड़े पहना रही है। मैंने सभी को ये कहकर शांत कराया कि दोनों अच्छे दोस्त हैं। कमलेश को शेरवानी पहनाने के बाद अंजली ऊपर वाले कमरे में चली गई और खूब रोई, तब हमें भी समझ नहीं आया कि उसने ऐसा क्यों किया।’ ये बातें भोजपुर जिले की रहने वाली मानती देवी ने बताईं। दरअसल, मानती देवी का बेटा कमलेश करीब ढाई साल से लापता है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। CBI ने कुछ दिन पहले ही कमलेश की गर्लफ्रेंड और लेडी दरोगा अंजली और उसके दोस्त रुपेश चौबे को अपहरण की साजिश में गिरफ्तार किया है। फिलहाल, CBI दोनों से पूछताछ कर रही है। पुलिस पूछताछ की कहानी सामने आने बाद दैनिक भास्कर की टीम कमलेश के घर पहुंची। यहां मां मानती देवी, पिता राजेश राय से बातचीत की। उन्होंने बेटे के लापता होने से अंजली के घर तक आने की पूरी कहानी बताई। पढ़िए, पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले कमलेश और लेडी दरोगा की 2 तस्वीरें देखिए सबसे पहले जानिए पूरा मामला क्या था? कमलेश के पिता राजेश राय ने बताया, ‘मेरा बेटा कमलेश 13 जुलाई 2023 को ससुराल गया था। वहां से घर के लिए निकला, लेकिन पहुंचा नहीं। फिर हम लोगों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 14 जुलाई को बेटे की गुमशुदगी की लिखित शिकायत बड़हरा थाने में दर्ज कराई।’ अंतिम लोकेशन महुली घाट होने की वजह से बड़हरा थाने की पुलिस ने केस को सिन्हा ओपी चौकी को फॉरवर्ड कर दिया। 15 जुलाई 2023 को FIR दर्ज की गई और 3 दिन बाद 18 जुलाई को पुलिस ने अंजली को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन शुरुआती पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया था। अंजली को कमलेश ट्यूशन पढ़ाया करता था, बाद में दोनों में दोस्ती हो गई थी। अब सीबीआई ने अंजली को फिर गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अब जानिए, मामला CBI तक कैसे पहुंचा? कमलेश के पिता ने बताया, ‘बेटे के लापता होने के 6 महीने बाद तक पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम लोग कभी इस थाने तो कभी उस थाने चक्कर काटते रहे। पुलिस कहती तुम्हारा बेटा किसी गर्लफ्रेंड के साथ चला गया होगा। इसके बाद एक वकील से बात कर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। पटना हाईकोर्ट ने मेरे बेटे की गुमशुदगी की गंभीरता को समझा और 9 फरवरी 2024 को सीबीआई जांच का आदेश दिया।' पिता बताते हैं, 'सीबीआई की टीम पटना से बक्सर तक रेलवे ट्रैक किनारे मिले अज्ञात शवों की शिनाख्त करवाने में लग गई। जांच के कुछ दिन बाद सीबीआई ने हमें कमलेश की तरह दिखने वाले एक युवक की लाश देखने के लिए बुलाया। यह लाश कुल्हड़ियां स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर मिली थी। लेकिन जब हम वहां पहुंचे तो पहली नजर में ही समझ आ गया कि वो मेरा बेटा नहीं है। हमने सीबीआई से साफ कर दिया यह लाश मेरे बेटे की नहीं है। इसके बाद कोर्ट में तारीखें पढ़ रही थीं और सीबीआई फिर जांच में लग गई, कुछ दिन पहले CBI ने फिर कमलेश की तरह एक युवक की दाढ़ी बढ़ी फोटो दिखाई। हमें भी लगा कि शायद मेरा बेटा है लेकिन जब वो मिला तो मथुरा का निकला। इस बीच सीबीआई को अंजली की गतिविधियां भी संदिग्ध लग रही थीं। उसी के आधार पर सीबीआई ने उसे फिर गिरफ्तार किया है, अब सीबीआई उसे रिमांड पर लेगी।' अब जानिए अंजली-कमलेश कैसे करीब आए कमलेश के पिता बताते हैं, 'साल 2013 में हमने कमलेश को पढ़ाई के लिए आरा भेजा था। वहां कतीरा मोहल्ले में किराए के मकान में रहकर कॉम्पिटेटिव एग्जामिनेशन की तैयारी कर रहा था। इस दौरान वह एक कोचिंग और कुछ बच्चों को प्राइवेट ट्यूशन भी पढ़ाने लगा था। इसी मोहल्ले में अंजली पूरे परिवार के साथ रहती थी। अंजली के पिता अनिल को एक ट्यूशन टीचर की तलाश थी, किसी ने उन्हें कमलेश के बारे में बताया। इसके बाद अनिल ने कमलेश से मुलाकात की और कहा कि मेरी बेटी अंजली 9वीं में पढ़ाई करती है, उसे ट्यूशन पढ़ाना है। कमलेश चूंकि घर से बाहर रहता था, उसे पैसों की जरूरत थी। लिहाजा, वो अंजली को ट्यूशन पढ़ाने के लिए तैयार हो गया। ट्यूशन पढ़ाने के दौरान ही दोनों की अच्छी बॉन्डिंग हो गई। अंजली कई बार हमारे घर भी आई। कमलेश बताता था कि अच्छी दोस्त है और मेरे साथ कंपटीशन की तैयारी भी कर रही है। यह सिलसिला करीब दस, बारह साल तक चलता रहा। धीरे-धीरे दोनों का रिश्ता प्यार में बदला। अब कमलेश जो कुछ भी कमाता था, उससे अपनी पढ़ाई, किराए के कमरे, खाने पीने का खर्च उठाता था। साथ ही अंजली की भी मदद करता रहता था। अंजली का फॉर्म भरना हो, स्कूल-कॉलेज ले जाना, ले आना हो, सब कुछ कमलेश ही करता था। उसके इस व्यवहार को देखकर हमने कई बार उसे टोका भी। वो हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर टाल देता था। लेकिन हमें ये अहसास हो गया था कि अंजली और कमलेश के बीच कुछ चल रहा है।' अब जानिए कमलेश-किरण की शादी कब हुई कमलेश के पिता बताते हैं, 'कमलेश की मां ने एक दिन उससे खुलकर पूछा कि तू बता दे कि अगर तेरे और अंजली के बीच कुछ चल रहा है तो हम तेरी शादी करवा देंगे। लेकिन कमलेश ने साफ इनकार कर दिया। तब उसकी मां ने कहा, अगर कुछ नहीं है तो हम तुम्हारी शादी की तैयारी कर रहे हैं, कमलेश ने इस पर सहमति जता दी। साल 2022 में कमलेश के लिए रिश्ते आने लगे थे। इस दौरान आरा के मौलाबाग की रहने वाली किरण कुमारी से हमने उसकी शादी तय कर दी। हमें लगा कि समय से शादी हो जाएगी तो अंजली का चक्कर भी छूट जाएगा। 13 मई 2022 को तिलक और 16 मई को बारात थी। तिलक के दिन अंजली मेरे गांव आई थी। अंजली के साथ एक और लड़का रूपेश भी था।' शादी वाले दिन खुब रोई अंजली मां बताती हैं, 'अंजली ने कमलेश के लिए पूरी शॉपिंग की तैयारी की, वह उसे लेकर तिलक से पहले ही पटना गई और वहां से खरीदारी करके आई थी। वह घर में जब सभी के सामने होती तो हंसती मुसकराती रहती थी, लेकिन जब कलेश को अकेले में देखे तो बहस करती दिखाई देती थी। 13 मई को तिलक के बाद वह शादी में यहां आ गई। शादी के दिन जब मैं कमलेश नहलाकर कपड़े पहनाने जा रही थी, तो वह मेरे सामने आ गई। मेरे हाथों से शेरवानी छीनकर खुद पहनाने लगी। मुझे लगा चलो उसी को पहना लेने दो, लेकिन मेरे घर वालों ने इस पर ऐतराज जताया। जब मेरे बेटे की शादी हो रही थी तो वो रोने लगी और खूब रोई। तभी हम समझ गए थे कि मेरे बेटे के जीवन में सबकुछ अच्छा नहीं चलेगा। हुआा भी वही। शादी के बाद अंजलि मेरे बेटो परेशान करने लगी, कभी फोटो दिखाकर ब्लैकमेल करती तो कभी धमकाती थी। वो कहती थी तुम्हारे साथ मेरे फोटो हैं, मैं तुम्हें फंसा दूंगी ' अंजली ने शादी की फोटो भेजकर किरण को परेशान किया कमलेश की मां ने बताया, 'कमलेश ने पहले से चुपके अंजली से शादी कर रखी थी, यह बात हम लोगों को पता ही नहीं थी। एक दिन अंजली ने किरण को एक तस्वीर भेजी, जिसमें वो कमलेश के साथ थी और मांग में सिंदूर लगाई थी। अंजली ने किरण को बताया कि कमलेश के साथ मेरी शादी पहले ही हो चुकी है। छह महीने बाद ही वो तुम्हें छोड़ देगा। ये जानने के बाद किरण ने कमलेश से पूछा तो उसने कहा कि अंजली बेवजह तुमको भड़का रही है। कमलेश ने उसी समय किरण को अपनी कसम दी और कहा- इस बारे में मम्मी-पापा को कुछ मत बताना। कमलेश के जाने के बाद किरण ने ये सारी बातें मुझे बताई थीं।' अंजली से पीछा छुड़ाने के लिए ज्योतिष का सहारा मानती देवी आगे कहती हैं, 'बेटे के लापता होने से दो दिन पहले यानी 11 जुलाई 2023 को ही वो घर पर आया था। मैंने उससे कहा- एक ज्योतिष से तुमको दिखवा देती हूं, ताकि अंजली तुम्हारे जीवन से निकल जाए। इसके जवाब में कमलेश ने कहा- मैंने खुद एक ज्योतिष से दिखवाया है, कुछ दिन में सबकुछ ठीक हो जाएगा। 13 जुलाई को घर से निकलने से पहले कमलेश ने अपने बड़े भाई से 2000 रुपए लिए। एक हजार रुपए अपनी पत्नी किरण को दिए, 200 रुपए का पेट्रोल बाइक में डलवाया और 800 रुपए पॉकेट में रखकर किरण के साथ उसके मायके के लिए निकल गया। किरण की दादी की मौत हुई थी। इसलिए बहू को लेकर बेटा उसके मायके गया था। कमलेश ने जाते वक्त अपनी भाभी को कहा था- शाम को मेरे लिए खाना बनाकर रखना, मैं श्मशान घाट से सीधा घर आ जाऊंगा और खाना यहीं खाऊंगा, लेकिन देर शाम तक कमलेश घर वापस नहीं आया। 13 जुलाई को देर शाम जब कमलेश घर नहीं आया तो हमलोगों को बेचैनी हो गई। हमने उसकी ससुराल से लेकर उसकी बड़ी भाभी, दोस्तों को कॉल किया, लेकिन बेटे का कुछ पता नहीं चला।' 13 जुलाई 2023 के बाद से बहू ससुराल नहीं आई मानती देवी ने बताया, ‘13 जुलाई 2023 के बाद से किरण भी अपने मायके से ससुराल नहीं आई है। हमलोगों ने काफी कोशिश की कि वो घर आ जाए, लेकिन किरण कहती है कि मैं किसके लिए ससुराल जाऊं। जिसके साथ शादी की उसका तो कुछ पता ही नहीं चल रहा है। एक साल ही मेरी बहू हम लोगों के साथ रही।’ हालांकि, कमलेश के सास-ससुर कहते हैं कि मेरा दामाद इस दुनिया में है, धरती पर है, कभी न कभी तो वापस आएंगे, जिस दिन आएंगे, उसी दिन हम लोग दोबारा अपनी बेटी को उसके ससुराल भेज देंगे। रुपेश मेरे बेटे को धमकाता था कमलेश की मां के मुताबिक, 'कमलेश बताता था कि अंजली की दोस्ती किसी रुपेश चौबे नाम के व्यक्ति से हो गई है। वह अक्सर कॉल करके मुझे धमकाता है, कहता था कि तुमने अंजली से शादी की है तो इसका अंजाम भुगतना ही होगा। तुम पटना आओ, फिर मैं तुम्हें बताऊंगा। रुपेश की धमकी के बाद कमलेश ने उससे कहा- मैं पटना आऊंगा, तुम्हें जो करना होगा, कर लेना। कमलेश ने ये सारी बातें फोन में रिकॉर्ड की थी, जिसे हम लोगों ने CBI को सौंपी है। सीबीआई ने इन्हीं सब को आधार बनाकर रूपेश और अंजली को गिरफ्तार किया है।' दरोगा अंजली और रुपेश को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी कमलेश के कमरे की साफ-सफाई कराई थी तो घर के छज्जे के ऊपर से एक पोटली मिली थी। इसमें एक बुर्का, साड़ी, पेटीकोट, ब्लाउज और एक मंगलसूत्र जैसा लॉकेट मिला था। इसे भी परिवार ने सीबीआई को सौंप दिया है। फिलहाल, कमलेश राय गुमशुदगी केस में सीबीआई ने बक्सर के रहने वाले रुपेश चौबे और आरा की ही रहने वाली दरोगा अंजली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सीबीआई दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तैयारी में जुटी है। एक दो दिन में सीबीआई कोर्ट में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी। अभी सीबीआई अंजली और रूपेश के परिवार वालों से भी पूछताछ करेगी। सीबीआई का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अंजली और रूपेश ने ही कमलेश का अपहरण करवाया है? या इनके बीच कोई और किरदार आ गया है?
कारोबारी से 2 करोड़ रुपए की ठगी का आरोपी बंगाल से गिरफ्तार
ट्रेडिंग में मुनाफा का झांसा देकर एक कारोबारी से 2.07 करोड़ रुपए की साइबर ठगी के मामले में साइबर थाना पुलिस, रांची ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अभिषेक बेरा पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले के घोला थाना क्षेत्र के जगबेरिया मुरागच्छा का रहने वाला है। साइबर पुलिस ने उसके पास से ठगी में प्रयुक्त एक लैपटॉप, दो मोबाइल, तीन सिमकार्ड, पांच डेबिट कार्ड समेत कई कागजात बरामद किए हैं। उसने लातेहार जिले के चंदवा के रहने वाले एक कारोबारी के साथ ट्रेडिंग के नाम पर ठगी की थी। इस मामले में चंदवा के व्यवसायी ने साइबर थाने में 16 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद साइबर थाना की पुलिस ने टेक्निकल इनपुट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी की। साइबर ठगों ने पहले पीड़ित कारोबारी को एक वाट्सएप ग्रुप डिजिटल एसेट्स से जोड़ा। फिर व्यवसायी से फर्जी ट्रेडिंग ऐप जैसे ग्लोबिक्सवाल्ट पर फर्जी ट्रेडिंग कराई। उनके एकाउंट में फर्जी मुनाफा दिखाया गया, ताकि विश्वास जीता जा सके। इसके बाद झांसे में लेकर पीड़ित से उनके विभिन्न बैंक खातों से 2.07 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिया।
केंद्रीय मंत्री के भरोसे के बाद भी नहीं बना फ्लाईओवर, लोग बोले- ये जनता से धोखा
भास्कर न्यूज | जालंधर आदमपुर शहर के बीचों-बीच बन रहा फ्लाईओवर अब स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। शनिवार को आक्रोशित दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने केंद्र सरकार से इस फ्लाईओवर का काम शुरू करवाने की मांग की थी। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और सरकारों की अनदेखी की वजह से उनका व्यापार और जीवन दोनों नर्क बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि होशियारपुर में जमीन अधिग्रहण मामले में गड़बड़ी हुई थी, लेकिन केंद्र सरकार ने आमदपुर फ्लाईओवर के काम को भी जुलाई 2025 में कैंसिल कर दिया, जो जनता से धोखा है। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि पूर्व की राज्य सरकार की बेरुखी और राजनीतिक खींचतान की वजह से यह प्रोजेक्ट लटका रहा। जुलाई 2025 में एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली जाकर केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर काम शुरू करवाने की गुहार लगाई थी, और उन्हें फ्लाईओवर बनाने के लिए मांग पत्र दिया था। इस दौरान उन्होंने आश्वासन तो दिया था, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं हो सका। इस मौके पर लोगों ने कहा कि इस फ्लाईओवर का निर्माण साल 2016 में शुरू किया गया था। इसे 2018 में पूरा होना था, लेकिन आज 8 साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी है। लोगों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए उनके मकान और दुकानें तक गिरा दी गईं, लेकिन विकास के नाम पर उन्हें सिर्फ अधूरा ढांचा मिला। इस दौरान पूर्व विधायक पवन टीनू ने कहा कि वह इसलिए इस मुद्दे को दोबारा उठा रहे हैं, क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सचखंड डेरा बल्लां में नतमस्तक होने के लिए आ रहे हैं और उनका काफिला आदमपुर एयरपोर्ट से ही डेरे की ओर रवाना होगा। वैसे इस प्रोजेक्ट को लेकर जुलाई 2025 में दिल्ली में केंद्रीय मंत्री से भी मिले थे।
डेरा बल्लां में पीएम के आगमन की तैयारियां पूरी, दिनभर चली बैठकें
जालंधर| आज डेरा सचखंड बल्लां में पीएम के आगमन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। उधर, जिले की पूरी पार्टी लीडरशिप भी उत्साहित नजर आ रही है। इससे पहले शुक्रवार को पूरा दिन भाजपा के नेता तैयारियों का जाएजा लेते रहे। पार्टी के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश और जिला पदाधिकारियों की एक टीम ने डेरा सचखंड बल्लां का दौरा किया और कार्यक्रम स्थल पर चल रहीं तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया। शर्मा और अन्य नेताओं ने जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठकें कीं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और कार्यक्रम के प्रबंधों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन पर संगत को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए पार्किंग, बैठने की व्यवस्था और पानी आदि की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
पुडा कॉम्प्लेक्स से मोटरसाइकिल चोरी
जालंधर| पुडा कॉम्प्लेक्स से एक व्यक्ति की मोटरसाइकिल चोरी हो गई। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जानकारी के अनुसार नई कॉलोनी बुलंदपुर के निवासी प्रभाष कुमार सिंह बाइक से पुडा कॉम्प्लेक्स आए थे। उन्होंने बाइक कॉम्प्लेक्स के बाहर पार्किंग स्थल पर खड़ी की और अंदर दफ्तर चले गए। जब वे कुछ ही समय बाद बाहर आए तो अपनी मोटरसाइकिल वहां नहीं थी। पीड़ित प्रभाष कुमार सिंह ने आसपास बाइक ढूंढी, लेकिन नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस को इसकी शिकायत दी। पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर अज्ञात चोर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
उद्यमियों को बताईं कॉपीराइट और ब्रांड चोरी रोकने की बारीकियां
भास्कर न्यूज | जालंधर शहर के युवा और सीनियर इंडस्ट्री संचालकों ने केंद्र सरकार के माहिरों की टीम से आईपीआर और कॉपीराइट के नियमों की जानकारी ली। लघु उद्योग भारती ने स्थानीय होटल में जागृति कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें उद्यमियों के यूनिक आइडिया और ब्रांड को चोरी होने से बचाने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के लुधियाना दफ्तर से माहिरों की टीम पहुंची थी। इसमें माहिरों ने कहा कि आज के दौर में मशीनरी से ज्यादा कीमती उद्यमी का ब्रांड और आइडिया है। इस दौरान लघु उद्योग भारती के पंजाब के सचिव विवेक राठौर ने कहा कि इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स की बारीकी हर उद्यमी को जाननी चाहिए। जागृति समारोह में जालंधर शाखा अध्यक्ष अनिरुद्ध धीर ने कहा कि अगर कोई इंडस्ट्री संचालक अपने ब्रांड का पेटेंट करवाना चाहता है, ब्रांड रजिस्ट्रेशन करवाना है तो केंद्र सरकार आर्थिक मदद भी देती है। भाजपा के जिला प्रधान सुशील शर्मा भी समारोह में पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक फरवरी को सुबह 9.30 बजे से दोपहर 1 बजे तक देश के बजट सेशन की स्क्रीनिंग जालंधर के कारोबारियों के लिए होगी। तकनीकी सेशन में एमएसएमई विभाग से उप निदेशक वजीर सिंह, सहायक निदेशक (लुधियाना) कृष्ण कुमार, एनएसआईसी जालंधर के मनोज गौर और पुनीत शर्मा ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में जामा के प्रधान संजीव जुनेजा, अभिन दीवान, राघव धीर, राहुल अग्रवाल, आशीष शर्मा, अजय वर्मा, ललित भल्ला, भारत मल्होत्रा, सुमित दुग्गल, अमित दुग्गल आदि मौजूद रहे। 1. मार्केट में पहचान: इस दौरान आईपीआर विशेषज्ञ डॉ. राहुल पंचकुला ने बताया कि प्रतिस्पर्धी बाजार में ट्रेडमार्क और पेटेंट ही आपकी असली ताकत है। 2. सरकारी मदद: एमएसएमई मंत्रालय की आईपीआर स्कीम के तहत पेटेंट और ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता ले सकते हैं। 3. स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस: वर्कशॉप में 80 से अधिक उद्यमियों को बताया गया कि कैसे ऑनलाइन आवेदन कर वे अपने बिजनेस को सुरक्षित कर सकते हैं।
10 वर्षों से 1.75 लाख लोगों को अपना घर नियमित होने का इंतजार
रांची में करीब 1.75 लाख घर बिना नक्शा के बने हुए हैं। पिछले 15 सालों में दो बार नगर निकाय चुनाव हुए। चुनाव से पहले राजनीति पार्टियों से समर्थित उम्मीदवारों ने अपने घोषणा पत्र में बिना नक्शा के बने भवनों को नियमित कराने का वादा किया था, लेकिन आज तक वे वादे पूरे नहीं हुए। हालांकि, पूर्व की रघुवर सरकार ने 2019 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कैबिनेट से बिल्डिंग रेगुलराइजेशन पॉलिसी को स्वीकृति दी थी। लेकिन इसके नियम इतने पेचीदे थे कि मात्र 210 घरों का ही नक्शा पास हुआ। इसके बाद हेमंत सोरेन मुख्यमंत्री बने। उन्होंने 2022 में नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी शुरू होने से पहले राज्यभर के करीब 7 लाख भवनों को नियमित करने के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी बनाने का निर्देश दिया। इसके लिए 10 अधिकारियों की एक कमेटी बनी, जिसने दूसरे राज्य में बनी रेगुलराइजेशन पॉलिसी का अध्ययन करके अपनी रिपोर्ट दी। लेकिन निकाय चुनाव टलने के बाद यह मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया। इसका नतीजा हुआ कि आम लोग जो बिना नक्शा के घर बनाकर रह रहे हैं, उनका भयादोहन हो रहा है। नगर निगम और आरआरडीए ऐसे भवनों पर अवैध निर्माण का केस दर्ज करता है। इसके बाद भवन मालिक का जीवन कोर्ट-कचहरी का चक्कर काटते हुए गुजर जाता है। ऐसे में अब लोग पूछ रहे हैं क्या हुआ तेरा वादा... भाजपा की पॉलिसी से मात्र 1100 को फायदा भाजपा सरकार ने दो बार भवनों को रेगुलराइज करने के लिए पॉलिसी बनाई। पहली बार वर्ष 2011 में अर्जुन मुंडा की सरकार ने रेगुलराइजेशन पॉलिसी को लागू किया था। वह पॉलिसी अच्छी थी, लेकिन निगम के तत्कालीन अफसरों ने नियमों को अपने तरीके से परिभाषित किया। इस वजह से पैरवी-पैसा वाले मात्र 890 लोगों के भवन नियमित हुए। इसके बाद रघुवर सरकार पॉलिसी लेकर आई। लेकिन उसमें भी 210 भवन ही नियमित हुए। क्योंकि, नियम ऐसे बनाए गए थे कि सभी लोगों को उसका फायदा नहीं मिल सकता। रेगुलराइजेशन का प्रस्ताव अंतत: विभाग में फंसा 27 अप्रैल 2023 को निगम बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हुआ था। इससे पहले हुई बोर्ड की बैठक में शहर के सभी घरों को नियमित करने के लिए रेगुलराइजेशन पॉलिसी को सरल करके लागू करने का प्रस्ताव पास हुआ था। यह प्रस्ताव नगर विकास विभाग को भेजा गया। इसके बाद विभाग ने सभी नगर निकायों में 31 दिसंबर 2019 से पहले बने भवनों को रेगुलराइज कराने के लिए अनधिकृत निर्माण को नियमितीकरण करने की योजना-2022 का ड्रॉफ्ट जारी किया। ड्रॉफ्ट पर आपत्ति सुझाव मांगा गया, लेकिन जो नियम बनाए गए थे,उसे देखते हुए मात्र 2 सुझाव मिले। इसके बाद फाइनल ड्रॉफ्ट पर सरकार आगे नहीं बढ़ा। अवैध निर्माण का केस कर दवाब बनाता है निगम शहर में बिना नक्शा के बने भवनों का फायदा नगर निगम के अधिकारी उठाते हैं। दरअसल, जब भी निगम में नए अधिकारी आते हैं पहला फोकस अवैध कमाई पर होता है। बिना नक्शा के बने भवन को कमाई का जरिया बनाया जाता है। ऐसे भवनों को चिह्नित करके उस पर अवैध निर्माण का केस किया जाता है। कई बार बजुमंजिली भवन को सील कर दिया जाता है। लेकिन डील फाइनल होने के बाद सील खोल दिया जाता है। दूसरी आेर सामान्य घर बनाकर रहने वाले भवन मालिक नगर निगम से लेकर आरआरडीए ट्रिब्यूनल आैर हाईकोर्ट तक राहत के लिए चक्कर लगाते हैं। पार्टियां ऐसे भवनों पर राजनीतिक रोटी सेंकती रही हैं। कागजात नहीं होने से बिना नक्शा के बने घर रांची नगर निगम व आरआरडीए क्षेत्र में करीब 2.50 घर बने हुए हैं। इसमें से 50 हजार घरों का नक्शा पास है। 1.75 लाख घर बिना नक्शा के हैं। क्योंकि, करीब 50% घर ऐसे हैं, जो आदिवासी जमीन पर बने हैं। सीएनटी एक्ट लागू होने की वजह से आदिवासी जमीन का स्थानांतरण नहीं हो सकता। ऐसे में उक्त जमीन पर भवन का नक्शा भी पास नहीं हो सकता। इसलिए अधिकतर लोगों ने सादा पट्टा पर जमीन लेकर बिना नक्शा पास कराए ही घर बना लिया है। कई भवन ऐसे भी हैं, जिसका निर्माण जनरल जमीन पर किया गया है, लेकिन जागरुकता नहीं होने की वजह से लोगों ने नक्शा पास नहीं कराया। सुजीत भगत, आर्किटेक्ट 2022 में 7 लाख भवनों को नियमित करने के लिए कमेटी बनी, रिपोर्ट भी बनी, बाद में मुद्दा ठंडे बस्ते में चला गया मेरी योजना, कितनी हुई मेरी बिल्डिंग रेगुलराइजेशन बहुत जटिल है नक्शा पास करने की प्रक्रिया नक्शा पास कराने की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि आम लोग घर बना ही नहीं सकते। एमपी सहित अन्य राज्यों में भवन का नक्शा पास कराने के लिए जमीन की प्रकृति बाधा नहीं बनती। लेकिन यहां जमीन के कागजात की जांच कराने में ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। इससे बचने के लिए बिना नक्शा पास कराएं लोग घर बना लेते हैं। इतने घरों को तोड़ना कभी भी समाधान नहीं हो सकता। हर हाल में ऐसे भवनों को नियमित करना ही होगा। सरकार को ऐसी पॉलिसी बनाने की जरूरत है,जो वोट बैंक से परे हो। अधिक से अधिक भवन नियमित हो,इस उद्देश्य से पॉलिसी बननी चाहिए।
युवक ने खुद को बेगुनाह बताया, सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग
भास्कर न्यूज | जालंधर लाल बाजार में हुए हमले के मामले में घायल हुए एक पक्ष के युवक ने खुद को बेगुनाह बताया और अपने ऊपर लगे सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। दूसरे पक्ष का दावा है कि खुद को ज्वैलर बताने वाले दीपू की असल में कोई दुकान ही नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला दीपू और उसके साथियों द्वारा किया गया था, जिसमें उनके भाई के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया। घायल भाई की हालत गंभीर बनीं हुई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की जाए, जिससे पूरी घटना की सच्चाई साफ हो सके। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की तफ्तीश में जुटी है। जानकारी देते हुए पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। किसी भी कीमत पर किसी िनर्दोष व्यक्ति को सजा नहीं होने दी जाएगी। वहीं, मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल जांच चल रही है।
एक्सप्रेस के ठहराव का औपचारिक शुभारंभ:लूणकरणसर में होगा नांदेड़ और तिरुवनंतपुरम ट्रेनों का ठहराव
लूणकरणसर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब गाड़ी संख्या 22724 श्रीगंगानगर-हजूर साहिब नांदेड़ एक्सप्रेस के ठहराव का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इसके साथ ही 2 और 3 फरवरी 2026 से तिरुवनंतपुरम उत्तर-श्रीगंगानगर रेलसेवा का भी यहां ठहराव शुरू होने जा रहा है। यह निर्णय स्थानीय यात्रियों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। मंडल रेल प्रबंधक गोविल ने बताया कि बीकानेर मंडल में 100% विद्युतीकरण पूरा हो चुका है तथा दोहरीकरण कार्य तेज गति से जारी है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 22 स्टेशनों के पुनर्विकास का लक्ष्य है, जिनमें से 15 स्टेशनों का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। मंडी डबवाली और गोगामेड़ी स्टेशनों का उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है। ट्रेनों के ठहराव समय पर नजर डाली जाए तो 16311 श्रीगंगानगर-तिरुवनंतपुरम: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (03 फरवरी से), 16312 तिरुवनंतपुरम-श्रीगंगानगर: 21:36 आगमन, 21:38 प्रस्थान (02 फरवरी से), 22723 नांदेड़-श्रीगंगानगर: 14:36 आगमन, 14:38 प्रस्थान (06 फरवरी से), 22724 श्रीगंगानगर-नांदेड़: 17:27 आगमन, 17:29 प्रस्थान (31 जनवरी से) ठहराव करेगी। विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटीठहराव से खुलेगा विकास का नया ट्रैक लूणकरणसर का यह ठहराव केवल एक रेलवे सुविधा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों का इंजन साबित हो सकता है। व्यापारियों को माल परिवहन में सुविधा मिलेगी, विद्यार्थियों को लंबी दूरी की कनेक्टिविटी, और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। रेल संपर्क बढ़ने से छोटे कस्बों में रोजगार और सेवाक्षेत्र का विस्तार होता है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है।
नेशनल सॉफ्टबॉल में नवदीप कौर ने जीता सिल्वर मेडल
जालंधर | कन्या महा विद्यालय की छात्रा नवदीप कौर ने पश्चिम बंगाल के दत्तपुलिया में आयोजित सीनियर नेशनल सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में पंजाब की सॉफ्टबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इस मौके प्रो. डॉ. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने इस शानदार उपलब्धि पर चैंपियन नवदीप कौर को बधाई दी। प्रो. द्विवेदी ने नवदीप की इस शानदार उपलब्धि के लिए डॉ. दविंदर और अमनदीप के प्रयासों की भी सराहना की।
एआई रोबोट का लाइव प्रदर्शन, भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के बारे में जाना
जालंधर | डीएवी कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और उद्योग 4.0 पर कार्यशाला आयोजित की गई। टेक कैड समूह के सहयोग से हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि कैसे एआई तकनीक आज के दौर में उद्योगों और स्टार्टअप्स का भविष्य बदल रही है। कार्यशाला के दौरान एआई रोबोट 'चिची' का लाइव प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा, जिससे छात्रों को आधुनिक तकनीक को करीब से समझने का मौका मिला। इस मौके प्रिंसिपल डॉ. अनूप कुमार, कुंवर राजीव और प्रो. विशाल शर्मा ने छात्रों को उद्यमिता के क्षेत्र में नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस सत्र में डॉ. राजीव पुरी सहित अन्य संकाय सदस्यों और 50 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जहां उन्हें भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
लाडोवाली रोड पर भक्तों ने लगाया लंगर
जालंधर| प्रीत नगर, लाडोवाली रोड पर स्थित कैलाश आयुर्वेदिक फार्मेसी में स्व. सुलक्षणा शर्मा की याद में लंगर लगाया गया। कार्यक्रम में विधायक बावा हैनरी, संजीव शर्मा, संदीप शर्मा, दीपक शर्मा, मुकेश कालिया, जय आर्यन, पीयूष शर्मा, ध्रुव शर्मा, नीरज जसल, हरमीत सिंह साबा, रवि सैनी, बंटी अरोड़ा ने लंगर बांटा।
फुटबॉल में सिमरनप्रीत ने पाया पहला स्थान
जालंधर | सेंट सोल्जर की छठी कक्षा की छात्रा सिमरनप्रीत ने ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन एवं पंजाब फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से आयोजित फुटबॉल टूर्नामेंटों में हिस्सा लेते हुए अपनी टीम को विजेता बनाया और प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। कड़े मुकाबलों के बीच उसने मजबूत प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की। प्रिंसिपल मेघा जैन ने कहा कि लगातार जीत उसकी रणनीतिक समझ और अनुकरणीय टीम भावना को दर्शाती है। वहीं, वाइस चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा ने सिमरनप्रीत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
वार्ड 5 और 6 की सड़क जर्जर, बजबजा रहीं बदहाल नालियां
रांची नगर निकाय चुनाव से वार्ड नंबर 5 और 6 के लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। कमोबेश दोनों वार्डों की तस्वीर एक जैसी है। वार्ड नंबर-5 के रवि कुमार बताते हैं कि क्षेत्र के 70% घरों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है। आसिफ इकबाल ने बताया कि खिजूरटोला की सड़कें जर्जर हैं। बच्चे चोटिल हो रहे हैं। साफ-सफाई भी नहीं है। दीपक प्रसाद ने बताया कि बरियातू से बूटी मोड़ तक के क्षेत्र में वाटर सप्लाई काफी कम है, जबकि पानी टंकी पास में ही है। गंदे पानी की सप्लाई बड़ी समस्या है। निवर्तमान पार्षद गायत्री देवी ने कहा कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नालियां और सड़कें जल्द से जल्द बने यही हम चाहते हैं। योजनाओं का लाभ कैंप लगाकर दिलाना है। वार्ड नंबर-6 की सुमन अग्रवाल कहती हैं कि इस वार्ड के ज्यादातर इलाकों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है, सभी को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। आनंद खलखो ने बताया कि नालियों का गंदा पानी रास्ते में बहता है। बदबू से लोग परेशान हैं। रोपना उरांव ने कहा कि आधे से ज्यादा घरों में सप्लाई वाटर नहीं पहुंचा है। लोग पानी खरीद कर पीने को मजबूर हैं। कमल गोप बताते हैं कि सरकारी नाले का अतिक्रमण कर घर बना लिया गया है। गलियां जर्जर हो गई हैं। स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। निवर्तमान पार्षद मोनिका खलखो ने बताया कि इस क्षेत्र की नलियां, गलियां सभी दुरुस्त किए जाएंगे। लोगों को सप्लाई वाटर का लाभ मिलेगा। इसके लिए प्रयास जारी है। वोटर : 14365 10 साल में जो काम हुए: सामुदायिक भवन बने, हजारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिला, करीब 50 बोरिंग हुए। आधे से ज्यादा नालियां और सड़कें दुरुस्त की गई हैं। कई नालियां बनी हैं। ये काम बचे रह गए: बड़ा नाला क्षेत्र का 2 करोड़ 36 लाख रुपए का टेंडर हुआ है, 3 रोड का भी टेंडर हुआ है, प्रत्याशियों द्वारा सामुदायिक भवन, लाइब्रेरी आदि बनवाने की योजना है। वोटर : 19366 10 साल में जो काम हुए: करीब 150 पीसीसी सड़कें बनीं। 2000 लोगों को आवास योजना का लाभ मिला। हजारों को पेंशन सुविधाएं मिलीं। आधी से ज्यादा नालियां दुरुस्त की गई हैं। कई नालियों का निर्माण किया गया है। ये काम बचे रह गए: घरों में वाटर सप्लाई पहुंचाना, नालियां और सड़कें दुरुस्त करनी हैं, जुमार नदी तक नालियां और वाटर ट्रीटमेंट पार्क महिला6981पुरुष7384 वार्ड नंबर 6 महिला 9615पुरुष9751 वार्ड नंबर 5 वार्ड स्कैन क्षेत्र: बांधगाड़ी, न्यू नगर, न्यू बांधगाड़ी, शशि बिहार, हनुमान नगर, महुरम टोली, पंचवटी पुरम, प्रेम टोली, मरियम टोली, जयप्रकाश नगर, खेल गांव चौक के पास आदि। क्षेत्र : बूटी बस्ती, डंगरा, बैंक कॉलोनी, आदर्श नगर, एकता नगर, पीएचडी कॉलोनी, शिवाजी नगर, खिजूर टोला, ग्रीन पार्क, अली नगर, राशिद कॉलोनी, बड़गाईं आदि।
फिट इंडिया क्विज में राघव और अखिलेश की जोड़ी ने पाया पहला स्थान
भास्कर न्यूज | जालंधर भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित फिट इंडिया क्विज प्रतियोगिता में जालंधर के स्वामी संत दास पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल की है। स्कूल के होनहार छात्र राघव अरोड़ा और अखिलेश सिंह की जोड़ी ने न केवल राज्य स्तर पर प्रथम पुरस्कार जीता, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पंजाब का नाम रोशन किया। स्कूल प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष स्वामी शांतानंद जी एवं प्रधानाचार्या डॉ. सोनिया मागो ने दी बधाई। राघव और अखिलेश ने वर्ष 2023 में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में कड़े मुकाबले के बीच पहला स्थान प्राप्त किया था। खेल विभाग के विभागाध्यक्ष हरविंदर सिंह ने उनका मार्गदर्शन किया।
पाक जेल से रिहा 7 भारतीय नागरिक वतन लौटे:अटारी–वाघा पर भावुक दृश्य, ढाई साल बाद परिवार से मुलाकात
पाकिस्तान से रिहा होकर लौटे सात भारतीय नागरिक शनिवार को अटारी–वाघा सीमा के रास्ते सुरक्षित अपने वतन भारत पहुंच गए। इस मौके पर सीमा पर भावुक और सुखद दृश्य देखने को मिला, जब लंबे इंतजार के बाद परिजन अपने अपनों से मिले। अपने परिवार के सदस्यों को सकुशल लौटता देख कई लोगों की आंखें खुशी से भर आईं। जानकारी के मुताबिक, रिहा किए गए सात भारतीय नागरिकों में चार फिरोजपुर जिले के, एक जालंधर, एक लुधियाना और एक उत्तर प्रदेश का निवासी शामिल है। इनमें लुधियाना जिले के गांव परजियां बिहारीपुर के दो युवक—रतनपाल सिंह और हरिंदर सिंह—भी शामिल हैं, जो करीब ढाई साल बाद अपने घर लौटे हैं। दोनों युवक विवाहित हैं और दिहाड़ी मजदूरी व खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। इस दौरान उनके बच्चे भी सीमा पर मौजूद थे, जो अपने पिता को देखकर भावुक हो गए। 2023 की भीषण बाढ़ के दौरान तेज बहाव में बहकर अनजाने में सीमा पार पहुंचे थे भारतीय नागरिक। प्रोटोकॉल अधिकारी अरुण महल ने बताया कि वर्ष 2023 में आई भीषण बाढ़ के दौरान ये सभी नागरिक अपने रिश्तेदारों, जमीन और पशुधन को बचाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में गए थे। इसी दौरान तेज बहाव में बहकर वे अनजाने में सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गए। बाद में पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पाकिस्तानी कानून के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया। रिहा होकर लौटे नागरिकों ने बताया कि पाकिस्तान की अदालत ने उन्हें एक साल की सजा सुनाई थी, लेकिन उन्हें करीब ढाई साल जेल में रहना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और जेल में कठिन हालातों का सामना करना पड़ा। पाकिस्तान रेंजर्स ने अटारी–वाघा सीमा पर भारतीय बीएसएफ के हवाले किए नागरिक। रिहाई के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने उन्हें अटारी–वाघा सीमा पर बीएसएफ के हवाले किया। इसके बाद भारतीय पक्ष द्वारा कस्टम, इमीग्रेशन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी की गई। सभी नागरिकों को गुरु नानक देव अस्पताल, अमृतसर में चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया गया। इस अवसर पर परिजनों और ग्रामीणों ने केंद्र व राज्य सरकार, प्रशासन और बीएसएफ का आभार जताया। वहीं, रिहा हुए नागरिकों ने कहा कि सरकारी प्रयासों के कारण ही वे आज सुरक्षित अपने देश लौट सके हैं।
हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी सब्जेक्ट -वाइज रैंकिंग में एलपीयू फर्स्ट पोजीशन पर
जालंधर | लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने 2026 हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में टॉप स्थान हासिल किया है। यह प्रदर्शन सब्जेक्ट वाइज किया गया है। जिसमें यूनिवर्सिटी ने सोशल साइंसेज, फिजिकल साइंसेज और बिजनेस एंड इकोनॉमिक्स में भारत में नंबर 1 रैंक हासिल किया है। एलपीयू ने सोशल साइंसेज में भारत में पहला और वर्ल्ड लेवल पर 201–250 रैंक, फिजिकल साइंसेज में भारत में पहला और विश्व स्तर पर 201–250 बैंड व बिजनेस और इकोनॉमिक्स में, एलपीयू ने भारत में पहला स्थान और विश्व स्तर पर 301–400 बैंड हासिल किया है। इस के साथ इंजीनियरिंग में, एलपीयू ने भारत में दूसरा स्थान और विश्व स्तर पर 251–300 बैंड, मेडिकल और हेल्थ साइंसेज में, एलपीयू ने भारत में तीसरा स्थान और विश्व स्तर पर 301–400 बैंड और कंप्यूटर साइंस में भारत में 6वां और विश्व स्तर पर 401–500 बैंड स्थान हासिल किया है। इस मौके एलपीयू के फाउंडर चांसलर और सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026 पांच मुख्य क्षेत्रों में बांटे गए 18 परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स के मूल्यांकन पर आधारित है। जिसमें टीचिंग, रिसर्च एनवायरनमेंट, रिसर्च क्वालिटी, इंटरनेशनल आउटलुक और इंडस्ट्री प्रमुख फैक्टर हैं।
एमआईजी थाना क्षेत्र में 13 साल के नाबालिग की एक युवक ने बिल्डिंग की छत पर हत्या कर दी और लाश को फ्लैट में रखे पलंग में छिपा दिया। वह पुलिस को गुमराह करने के लिए उनके साथ-साथ ही घूमता रहा ताकि उस पर शंका ना हो। पुलिस को उसकी हरकतों पर शंका हुई तो उससे पूछताछ शुरू की, जिसमें उसने वारदात को करना बताया। एमआईजी थाना टीआई सीबी सिंह ने बताया कि श्रीनगर कांकड इलाके में रहने वाला 13 वर्षीय नाबालिग शुक्रवार रात को अचानक लापता हो गया था। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। उन्होंने देर रात थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। वहीं शुक्रवार रात को एक बिल्डिंग से किसी के चिल्लाने के आवाज आने पर लोगों ने डायल 112 को भी सूचना दी थी, लेकिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो किसी ने कुछ नहीं बताया था। शनिवार को बिल्डिंग की छत पर नाबालिग का जैकेट मिला, जिस पर खून के दाग थे और छत पर भी खून के निशान मिले। इस पर पुलिस की टीम ने तुरंत सर्चिंग शुरू की। बिल्डिंग के फ्लैटों में घुसे, बंद फ्लैटों के ताले तोड़ेनाबालिग की तलाश में पुलिस ने श्रीदेवी अपार्टमेंट में बने फ्लैटों की सर्चिंग शुरू की। पुलिस ने कई फ्लैटों को चेक किया। जिन फ्लैट में ताले लगे थे उनके ताले भी तोड़े गए और वहां भी पुलिस टीम ने सर्चिंग की। इसके साथ ही पुलिस ने नाबालिग की तलाश के लिए डॉग की भी मदद ली। कुछ घंटों की मेहनत के बाद पुलिस को नाबालिग का शव पलंग के अंदर बरामद हुआ। साथ-साथ घूम रहा था आरोपीटीआई सीबी सिंह ने बताया कि जब शनिवार को पुलिस नाबालिग की तलाश कर रही थी, तब आरोपी रेहान पुलिस के साथ-साथ ही घूम रहा था। वह पुलिस के साथ हर जगह जाने का प्रयास कर रहा था। उसकी इस हरकतों पर शंका हुई, जिसके बाद उससे पूछताछ शुरू की। उससे उसका नाम, काम और किस फ्लैट में रहता है इसकी जानकारी ली। उसके हाथ पर चोट के निशान भी मिले थे। पुलिस की पूछताछ में वह घबराने लगा तो पुलिस का शक ओर बढ़ गया। सख्ती से पूछताछ में उसने घटना को अंजाम देना और शव को पलंग पेटी में छिपाने की बात कही। इशारा कर छत पर बुलाया और हरकत करने की कोशिशटीआई ने बताया कि नाबालिग का दोस्त इसी बिल्डिंग में रहता था। नाबालिग अक्सर यहां आता था। शुक्रवार रात को वह आया तो आरोपी ने इशारा कर उसे छत पर बुलाया। उसके छत पर आने के बाद उससे बातचीत करने लगा और इस बीच वह उससे साथ गलत हरकत करने की कोशिश करने लगा, वह चिल्ला तो उसकी आवाज आसपास के कुछ लोगों ने भी सुनी थी। उसके चिल्लाने पर रेहान को लगा कि उसकी हरकत का लोगों का पता चल जाएगा।इसके चलते उसने ईट से नाबालिग पर हमला कर उसे घायल कर दिया, जब नाबालिग बेसुध हो गया तो रस्सी से उसका गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपने चाचा को बुलाया और उसकी मदद से शव को घर के अंदर पलंग में छिपा दिया था। आरोपी लेथ मशीन का काम करता है और पिछले तीन-चार महीने से काम पर नहीं जा रहा था। पुलिस पूछताछ में वारदात करना बताया। पुलिस ने शव का पीएम करवाया है, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। रात में भी पुलिस के आसपास घूमता रहाइधर, शुक्रवार रात में जब चिल्लाने की आवाज सुनकर लोगों की सूचना पर डायल 112 पहुंची थी, तब भी आरोपी पुलिस के आसपास ही घूमता रहा था। टीआई ने बताया कि आरोपी का भाई 2021 में खजराना में मर्डर केस में जेल में बंद है। वारदात के बाद उसने उसकी उम्रदराज दादी को पलंग पर लेटा दिया था, ताकि पुलिस पलंग को खोलकर ना देख सके। उनका कहना है कि इस मामले में रेहान के साथ ही उसके चाचा अब्दुल रफीक को आरोपी बनाया है। परिवार के अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में बच्चे का 8 बार गला घोंटा, चेहरा कुचला इंदौर में 13 साल के बच्चे की निर्मम हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपियों ने पहले नॉयलॉन की रस्सी से बच्चे का 8 बार गला घोंटा, फिर चेहरे पर ईंट से हमला किया। हत्या के बाद शव को पलंग पेटी में छिपाकर, उसके ऊपर बीमार दादी को सुला दिया, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा फरार है।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालियर के बड़े उद्योगपति से साइबर ठगों ने 1 करोड़ 41 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को इंग्लैंड की युवती बताकर फेसबुक पर दोस्ती की और बातचीत से भरोसा जीता। मुरार इनक्लेव रेसीडेंसी निवासी 75 वर्षीय दुर्गा शंकर नागर, एमपी कन्वर्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। 28 जून को फेसबुक पर मैसेज आया, फिर मोबाइल नंबर साझा हुए। ठग ने GOLD/DGMC OINFX.COM के नाम से निवेश का झांसा दिया और www.dgmcoinsvip.com वेबसाइट पर पैसा लगवाया। शुरुआत में 40 हजार निवेश कराए गए और अगले दिन 50 हजार लौटाकर भरोसा पक्का किया गया। इसके बाद मुनाफे का लालच देकर 6 महीनों में 100 से ज्यादा बार निवेश कराया गया। ऑनलाइन अकाउंट में रकम चार गुना बढ़ती दिखी। नवंबर में उद्योगपति ने पैसा निकालना चाहा तो टैक्स, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मांगें शुरू हो गईं। तभी ठगी का अहसास हुआ। 30 जनवरी को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के अनुसार रकम 12 राज्यों के करीब 300 खातों में घुमाकर USDT क्रिप्टो के जरिए विदेश भेजी गई। जांच जारी है। पैसे कैसे फंसे : ठग ने पहले छोटी रकम लगवाकर रिटर्न दिया। इससे भरोसा बना। फिर कभी एक, कभी दो लाख करते हुए बार-बार निवेश कराया गया। वेबसाइट पर बैलेंस बढ़ता दिखता रहा, लेकिन असल में पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर होता रहा। बड़ी रकम निकालते ही टैक्स का बहाना बनाकर ठग गायब होने लगे। साइबर पुलिस की सलाह अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल से दोस्ती न करें। मोटे मुनाफे वाले ऑनलाइन ट्रेडिंग ऑफर से सावधान रहें। अज्ञात लिंक और वेबसाइट पर निवेश से बचें। संदेह हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
सभी पदों के लिए भाजपा में 2-2 नाम शॉर्टलिस्ट, अब फैसला जल्द
भाजपा ने नगर निगम के मेयर, नगर परिषद के अध्यक्ष और नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए दो-दो नामों को शॉर्टलिस्ट किया है। 9 नगर निगम के मेयर पद के लिए 18 नाम, 20 नगर परिषद के अध्यक्ष पद के लिए 40 नाम और 19 नगर पंचायत के अध्यक्ष के लिए 38 नाम शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी की शनिवार को हुई बैठक में यह तय हुआ कि प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह इन 48 नगर निकायों में अब एक-एक नाम का चयन करेंगे। हालांकि इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा नहीं होगी और न ही लिखित रूप से ही इसे प्रसारित किया जाएगा। चयन के बाद जिला अध्यक्षों और संबंधित पदाधिकारी को यह बता दिया जाएगा। साथ ही उनसे यह भी कह दिया जाएगा कि वे नामांकन पत्र भर दें। पार्टी उन्हें समर्थन दे रही है। चूंकि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं होे रहा है, ऐसे में पार्टी सार्वजनिक रूप से यह नहीं स्वीकार रही है कि वह निकाय चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को समर्थन देने के लिए बैठक कर रही है। 19नगर पंचायत के अध्यक्ष के लिए 38 नाम शनिवार को भाजपा मुख्यालय में हुई कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, अन्नपूर्णा देवी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह, सांसद दीपक प्रकाश, दिनेशानंद गोस्वामी, उपस्थित रहे। करीब चार घंटे तक मैराथन बैठक चली। बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्वीकार किया कि कोर कमेटी की बैठक में नगर निकाय चुनाव पर भी चर्चा हुई। कई कार्यकर्ताओं ने चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है, जिनके नाम पर विचार हुआ। हालांकि यह दलीय आधार पर चुनाव नहीं हो रहा है, ऐसे में सार्वजनिक रूप से उनके बारे में बताना उचित नहीं है। यहां हो रहा है नगर निकाय चुनाव 4 घंटे तक चली मैराथन बैठक, कई नामों पर चर्चा 20नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए 40 नाम 09 नगर निगम के मेयर पद के लिए 18 नाम नगर पंचायत: बंशीधर नगर, मझिआंव, हुसैनाबाद, हरिहरगंज, छतरपुर, लातेहार, कोडरमा, डोमचांच, बड़की सरैया, धनवार, महगामा, राजमहल, बरहरवा, बासुकीनाथ, जामताड़ा, बुंडू, खूंटी, सरायकेला और चाकुलिया। नगर निगम: रांची, हजारीबाग, मेदिनीनगर, चास, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, आदित्यपुर और मानगो नगर परिषद: गढ़वा, विश्रामपुर, चाईबासा, झुमरी तिलैया, चक्रधरपुर, चतरा, चिरकुंडा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा, गुमला, जुगसलाई, कपाली, लोहरदगा, सिमडेगा, मधुपुर, रामगढ़, साहिबगंज, फुसरो और मिहिजाम।
स्कूली बच्चों ने देश व समाज की निस्वार्थ सेवा करने का प्रण लिया
भास्कर न्यूज | जालंधर किशनपुरा स्थित लाला हंस राज स्कूल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति मंच पंजाब की और से लाला लाजपत राय का जन्म दिवस मनाया गया। इस मौके पर संदीप तोमर ने देश भक्ति पर आधारित गीत गा कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान स्कूली छात्रों ने लाला जी के पद चिन्हों पर चल कर देश व समाज की निस्वार्थ सेवा करने का प्रण लिया। स्मृति मंच पंजाब के अध्यक्ष किशनलाल शर्मा ने कहा की लाला लाजपत राय का त्याग, वीरता और राष्ट्र भक्ति हमेशा सभी को प्रेरित करती रहेगी। लाला लाजपत राय भारतीय स्वतंत्रता अभियान के मुख्य नेता के रूप में याद किये जाते है। इस मौके पर पार्षद रवि कुमार, राजेश वर्मा, आजाद वीर, डॉ गगनदीप, बंटी, नवीन,आदि शामिल थे।
बीजापुर के नक्सल प्रभावित थाना फरसेगढ़ क्षेत्र के ग्राम मुक्कावेली में 29 जनवरी को एक नई सुरक्षा एवं जन-सुविधा कैम्प की स्थापना सफलतापूर्वक की गई
मेड इन इंडिया गीत ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया
जालंधर|लिटिल ब्लॉसम्स स्कूल में नन्हे बच्चों ने टैलेंट दिखाया। पंजाब:पांच नदियों की पावन धरती विषय रहा। इस कार्यक्रम में प्री-नर्सरी से यूकेजी तक के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी कला और आत्मविश्वास से पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को जीवंत कर दिया। स्कूल की चेयरपर्सन वंदना मुड़िया ने बच्चों का हौसला बढ़ाया। सभा का शुभारंभ भारत माता की भव्य प्रस्तुति और सेना के तीनों अंगों के प्रतीकात्मक प्रवेश के साथ हुआ। इसके बाद मेड इन इंडिया गीत ने वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। नन्हे कलाकारों ने न केवल पंजाब की नदियों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया, बल्कि गतका के प्रदर्शन से पारंपरिक युद्धकला और साहस का परिचय दिया है।
अशोक सिंह 42 में से 27 पार्षदों के वोट से बने थे रांची के दूसरे मेयर
रांची नगर निगम के गठन के बाद पार्षद का चुनाव चार सालों के लिए होता था, जबकि मेयर आैर डिप्टी मेयर का चुनाव एक वर्ष के लिए होता था। पार्षद ही वोटिंग से मेयर-डिप्टी मेयर का चुनाव करते थे। पहले मेयर उदय प्रताप सिंह का कार्यकाल 1990 में समाप्त हो गया। इसके बाद दूसरे मेयर के चुनाव की सरगर्मी बढ़ गई। कांग्रेस नेताओं का एक गुट पहले मेयर उदय प्रताप सिंह को दुबारा मेयर बनाने में जुटा था, जबकि एक गुट का मानना था कि सभी को मौका मिलना चाहिए। इसलिए दूसरे चेहरे को सामने लाना चाहिए। पार्षदों के बीच अशोक कुमार सिंह भी पैठ बनाए हुए थे, क्योंकि वे भी पहली बार पार्षद बने थे। वे लोगों से अधिक घुले-मिले हुए थे। आखिरकार मेयर के चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया। नगर निगम बिल्डिंग में बोर्ड की बैठक बुलाई गई। पहले मेयर उदय प्रताप सिंह और अशोक कुमार सिंह मेयर पद के दावेदार थे। 37 चुने हुए पार्षद और 5 सरकार द्वारा नॉमिनेटेड पार्षदों ने वोट डाला। काउंटिंग हुई तो अशोक कुमार सिंह को 25 वोट मिले और उदय प्रताप सिंह को 17 वोट। इसके बाद अशोक कुमार सिंह रांची के दूसरे मेयर बने। मेयर बनने के बाद भी शहर का विकास सबसे बड़ी चुनौती थी, क्योंकि उस समय फंड नहीं मिलता था। इसके लिए हमलोगों ने एक तरकीब निकाली। बिहार के तत्कालीन नगर विकास मंत्री को रांची में आमंत्रित किया गया। निगम सभाकक्ष में ही मेयर-पार्षदों के साथ मंत्री ने बैठक की। मंत्री को बताया गया कि निगम के हालात ऐसे हैं कि कर्मचारियों को वेतन देना भी मुश्किल हो जाता है। विकास का काम कैसे होगा। उन्होंने फंड देने का भरोसा दिया। फंड मिलने के बाद पहली बार दर्जनों मुहल्लों में एक साथ सड़क,नाली,कल्वर्ट बनाया गया। लेकिन हरेक बार योजना स्वीकृत कराने के लिए पटना जाकर मंत्री से मिलना पड़ता था। 1986 में पार्षद बनने के बाद दुबारा चुनाव ही नहीं हुआ। मेयर का कार्यकाल भी एक साल का था। इसलिए कार्यकाल समाप्त होने के बाद बोर्ड भंग हो गया। इसके बाद संयुक्त बिहार में दुबारा चुनाव नहीं हुआ। झारखंड बनने के बाद पहली बार 2008 में नगर निगम का चुनाव हुआ, लेकिन तब तक पहले वाला पूरा दृश्य बदल चुका था। बड़ा तालाब से जलकुंभी साफ हुआ, लोगों ने पहली बार की बोटिंग रांची के दूसरे मेयर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मेयर बनने के बाद मैने पहला काम बड़ा तालाब को संवारने का किया। बड़ा तालाब पूरी तरह जलकुंभी से भरा था। जलकुंभी साफ करने के लिए एक लाख रुपए मिले थे, उस पैसे को निगम के अधिकारी वापस करना चाहते थे। मैने फाइल मंगाई आैर अधिकारियों को कहा कि तालाब की सफाई होगी। गांव से 50 मजदूर बुलाकर तालाब की सफाई में लगाया। देखते ही देखते तालाब पूरी तरह साफ हो गया। उस समय रांची के तत्कालीन डीसी सुधीर प्रसाद थे। उन्हें बड़ा तालाब में वोट चलाने का प्रस्ताव दिया गया। वे तैयार हो गए। इसके बाद बड़ा तालाब में पहली बार वोट चला। लोगों को अपने शहर में वोटिंग का पहला अनुभव मिला। उस समय हातमा, चौड़ी बस्ती, भीठा, सरईटांड, सिंदवार टोली, एदलहातू, चिरौंदी,चंदवे और टिकरी टोला गांव था। वहां बिजली तक नहीं पहुंची थी। बिजली विभाग से समन्वय बनाकर 3 फेज का लाइन और 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाया। इसके बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सोडियम स्ट्रीट लाइट लगवाया। चापहली बार निगम क्षेत्र में 1250 लोगों का वृद्धावस्था, विधवावस्था, दिव्यांगता पेंशन स्वीकृत कराया। उस समय ऐसे हालात थे कि मेयर आैर पार्षद रोजाना एक वार्ड घूमते थे। समस्याओं की सूची बनती थी। इसके बाद उसे दूर करने के लिए फंड की व्यवस्था की जाती थी।
वेस्ट विस हलके के पार्षदों ने मंत्री को बताए वार्डों के मुद्दे
जालंधर| वेस्ट विधानसभा क्षेत्र में शामिल नगर निगम के सभी वार्डों से कौंसलरों व पार्टी प्रभारियों ने अपने-अपने वार्ड के मुद्दों की जानकारी कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत को दी है। मंत्री भगत ने कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में आवश्यक विकास कार्यों की पूरी जानकारी लिखित रूप में उन्हें उपलब्ध करवाएं। इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को जल्द से जल्द स्वीकृति देने का काम होगा। उन्होंने कहा कि सड़कें, सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, सफाई व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं जनता की पहली जरूरत हैं। योजनाओं के दौरान इनमें किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पार्षद मुकेश सेठी, पार्षद हरजिंदर लाडा, पार्षद रोमी वधवा, पार्षद मनीष कारलूपिया, पार्षद गुरजीत घुम्मन, पार्षद राज कुमार राजू, एडवोकेट संदीप कुमार वर्मा, अतुल भगत, सौरभ सेठ, सुदेश भगत, अमन सिंह, पूर्व डिप्टी मेयर हरसिमरनजीत बंटी, जगदीश समराय शामिल रहे।
पर्चा खरीद प्रत्याशी आश्वस्त हो रहे, बोले- अब संदेश का इंतजार
रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। नामांकन पत्र भरने का तीसरा दिन बीत जाने के बाद भी प्रत्याशी केवल पर्चा खरीद रहे हैं, पर नामांकन नहीं कर रहे। तीन प्रमुख दल के संभावित प्रत्याशियों को अब भी अपनी-अपनी पार्टी के संदेश का इंतजार है। तीसरे दिन कुल 5 प्रत्याशियों ने पर्चा खरीदा। पर्चा खरीदनेवालों में झामुमो के रामशरण तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर और भाजपा के संजय टोप्पो शामिल हैं। इसके साथ ही झामुमो से जुड़े 4, भाजपा से जुड़े 2 नेताओं ने टिकट खरीद लिए हैं। इससे पहले झामुमो से कतरीना तिर्की, वीरू तिर्की और भाजपा से सुजाता कच्छप पर्चा खरीद चुकी हैं। कांग्रेस में अब भी केवल सिंगल नाम रमा खलखो का ही है। शनिवार को मेयर पद के लिए किरण कुमारी, संजय टोप्पो, रामशरण तिर्की, सुजीत कुमार कुजूर और प्रवीण कच्छप ने पर्चा खरीदा। इस हिसाब से मेयर पद का पर्चा खरीदने वालों की संख्या तीसरे दिन समाप्त होने के बाद अब 16 हो गई है। रामशरण तिर्की सबसे अधिक उम्र के प्रत्याशी झामुमो नेता रामशरण तिर्की सबसे अधिक उम्रदराज नेता हैं। इनकी उम्र 70 साल है, जिन्होंने पर्चा खरीदा। ये झामुमो के सबसे पुराने एवं झारखंड आंदोलनकारी रहे हैं।
24 घंटे में खुला अंधा हत्याकांड:प्रेमी ने युवती की हत्या कर खेत में दफनाया शव
प्रभातपट्टन ब्लॉक के वलनी गांव में मिले युवती के क्षत-विक्षत शव की गुत्थी पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा ली। युवती की हत्या उसके प्रेमी प्रमोद उइके ने की थी। आरोपी ने 3 फीट गहरा, 2 फीट चौड़ा और 5.5 फीट लंबा गड्ढा खोदकर शव दफना दिया था। टीआई नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि शुक्रवार को वलनी निवासी गोमा उइके ने खेत में कुत्तों को शव नोचते देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर महिला के कपड़ों के टुकड़े मिले। जांच में 17 जनवरी से लापता पूजा धुर्वे (23) की पहचान हुई। पूजा की मां सुनती धुर्वे और पिता मंसू धुर्वे ने कपड़ों से शिनाख्त की। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। मोबाइल कॉल डिटेल से पता चला कि लापता होने से पहले पूजा की प्रमोद से बात हुई थी। साइबर सेल की मदद से आरोपी को ग्राम कुप्पा से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने शादी के दबाव से तंग आकर हत्या करना कबूल किया। कॉल डिटेल बनी कड़ी : पूजा की मां ने बताया कि उसका गांव के ही प्रमोद उइके से संपर्क था और वह उसके साथ काम पर जाती थी। पूजा के लापता होने के बाद प्रमोद भी गांव से गायब था। कॉल डिटेल में आखिरी बातचीत प्रमोद से होना सामने आया। इसी आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।

