शादी के मंच पर जैसे ही दूल्हे ने माइक संभालकर “दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है” गाना शुरू किया, मेहमानों के मोबाइल कैमरे ऑन हो गए। कुछ ही देर में वही वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा और देखते ही देखते वायरल हो गया। दरअसल, गुना की कोकाटे कॉलोनी में रहने वाले शिवाजी सुर्वे की शादी 21 फरवरी को अशोकनगर के देसाईखेड़ा की पद्मिनी से हुई। वरमाला के दौरान दोस्तों की फरमाइश पर उन्होंने स्टेज से ही गीत गाया। वीडियो पर अब तक 40 लाख लोगों ने देखावीडियो को अब तक करीब 40 लाख लोग देख चुके हैं। 2 लाख 10 हजार से अधिक लाइक्स मिल चुके हैं। ढाई हजार से ज्यादा बार इसे रिपोस्ट किया गया है। हजारों कमेंट आए हैं और करीब 5 हजार लोगों ने वीडियो को सेव भी किया है। शिवाजी सुर्वे मध्यप्रदेश बीज निगम, भोपाल में कार्यरत हैं। सरकारी नौकरी के साथ संगीत उनका जुनून है।
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न:जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने दिए सुरक्षा के निर्देश
महराजगंज में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक हुई। इसमें सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिशासी अभियंता को मुख्य सड़क मार्गों के किनारे साइनेज (संकेतक बोर्ड) लगवाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य सड़क यातायात को सुरक्षित बनाना और यात्रियों को असुविधा से बचाना है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि 11 ब्लैक स्पॉट पर साइनेज, रिपीटेड बार, रिफ्लेक्टिव टेप लगाए गए हैं और आवश्यकतानुसार चौड़ीकरण कर उन्हें सुरक्षित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन मार्गों पर मानक के अनुसार बैरियर/बैरिकेडिंग लगवाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने सड़कों के किनारे की झाड़ियों की कटाई सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से महराजगंज-गोरखपुर मार्ग को सुरक्षित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एआरटीओ को गाड़ियों की फिटनेस जांच गुणवत्तापूर्ण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। मानक के अनुरूप न पाए जाने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई भी करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने पुलिस और एआरटीओ को यातायात नियमों का सख्ती से पालन करवाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आर.के. मिश्रा, एआरटीओ मनोज सिंह सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पीलीभीत में अस्पताल के बाहर कार में लगी आग:देखते ही देखते पूरी तरह जलकर खाक, जली कार लेकर चालक फरार
पीलीभीत जनपद में मंगलवार देर रात एक निजी अस्पताल के बाहर खड़ी अर्टिगा कार में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। देखते ही देखते कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। यह घटना शहर के व्यस्त इलाके में स्थित शारदा अस्पताल के सामने हुई। सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस अस्पताल के बाहर खड़ी कार से अचानक धुआं उठने लगा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर आग लगने से वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तुरंत पानी और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद स्थानीय लोगों ने आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग लगने के समय कार में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग बुझने के बाद सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब कार चालक मौके पर पहुंचा। आग शांत होते ही चालक जली हुई कार को लेकर वहां से चला गया। पुलिस को सूचना दिए बिना चालक का इस तरह भाग जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।
डूंगरपुर के कथावाचक कमलेश शास्त्री ने तीर्थराज पुष्कर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को वागड़ क्षेत्र में आने का निमंत्रण दिया। मुलाकात के दौरान दोनों संतों ने हाथ जोड़कर एक-दूसरे का अभिवादन किया। कमलेश शास्त्री ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री को वागड़ क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक परंपरा, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक उत्थान और सनातन मूल्यों के व्यापक प्रसार के बारे में बताया। रामकथा की संभावनाओं पर की चर्चादोनों के बीच वागड़ में भविष्य में भव्य रामकथा आयोजन की संभावनाओं पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। संतों ने क्षेत्र में आध्यात्मिक जागरण और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस अवसर पर बालक योगेश्वर दास का भी सान्निध्य प्राप्त हुआ। पहले भी हो चुकी दोनों की मुलाकातचंद्रेश व्यास ने बताया कि बागेश्वर सरकार के वागड़ आगमन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे पहले भी मुंबई और चंडीगढ़ में दोनों संतों की मुलाकात हो चुकी है। कमलेश शास्त्री के अनुसार, पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वागड़ आने का विश्वास दिलाया है। इस मुलाकात के दौरान परेश भट्ट और दीपेश भट्ट भी मौजूद रहे।
ओवरब्रिज पर दो बाइकों की भिड़ंत, एक की मौत:लखीमपुर में चार घायल, अज्ञात वाहन की तलाश तेज
लखीमपुर खीरी में मंगलवार देर रात करीब 1 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ओवरब्रिज पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अज्ञात वाहन ने पीछे से मारी टक्कर इसी बीच पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने मन्नू को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। अन्य चार घायलों को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम बुधवार को कराया जाएगा। वहीं, टक्कर के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन की तलाश के लिए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। संकटा देवी चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक उमाशंकर के अनुसार, देर रात तेज रफ्तार से आ रही दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलों पर सवार कुल पांच लोग सड़क पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के दौरान भंसड़िया गांव निवासी मन्नू सड़क पर गिरकर तड़प रहे थे।
जबलपुर में वॉइस मैसेज के जरिये तीन तलाक देने का मामला सामने आया है। 16 फरवरी को महिला के मोबाइल पर वॉइस मैसेज आया, उसने जैसे ही मैसेज ओपन किया सामने से शोहर की आवाज आई तलाक..तलाक..तलाक। महिला चौक गई और तुरंत पति को कॉल किया, पति ने फोन उठाया और कहा जो बोला गया है वह सही है। मामले में पुलिस ने मंगलवार को उसके पति सहित अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। तीन तलाक का मैसेज आने और पति द्वारा मैसेज को सही कहने के बाद महिला ने पति सहित सास, ससुर को मनाने की कोशिश की, पर वह नहीं माने। जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो 32 वर्षीय महिला अगले दिन आधारताल थाने पहुंच गई। उसने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच की और प्रारंभिक तौर पर पाया कि पति और उसके ससुराल वाले उसे परेशान कर रहे थे। वह नाराज होकर कुछ दिन पहले मायके चली गई, तो पति ने वॉइस मैसेज भेजकर उसे तलाक दे दिया। मैसेज के जरिये तलाक देने का यह पहला मामला माना जा रहा है। 2010 में हुआ था निकाह पुलिस के मुताबिक आधारताल निवासी फरहीन अली का साल 2010 में हनुमानताल निवासी वाहिद अली के साथ निकाह हुआ था। निकाह के कुछ समय बाद से ही पति वाहिद अली, ससुर नजर अली, सास सुल्ताना बानो और अन्य लोगों ने घरेलू बातों के जरिये प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। फरहीन ने सारी बात अपने माता-पिता को बताई। समाज के लोग इकट्ठा हुए, दोनों पक्षों को समझाया तो विवाद शांत हो गया। इसके बाद भी फरहीन मायके में ही रह रही थी। पति ने वापस बुला लिया पीड़िता के अनुसार 16 जनवरी को पति ने उसे फोन कर वापस बुलाया, लेकिन कुछ समय बाद फिर मायके भेज दिया। इसके बाद 16 फरवरी को पति ने उसकी बहन के मोबाइल नंबर पर वॉइस मैसेज के जरिये तीन तलाक कह दिया। महिला की शिकायत के बाद जांच के उपरांत आधारताल पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकार का संरक्षण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है आधारताल थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे का कहना है कि मोबाइल वॉइस मैसेज के जरिये फरहीन को उसके पति वाहिद अली ने तीन तलाक दिया है, जो कि संभवतः इस तरह का पहला मामला है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी भी की जाएगी।
बलिया के सहतवार थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान 22 वर्षीय युवक मोहन राजभर की अज्ञात बदमाशों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह घटना मंगलवार मध्यरात्रि करीब 11:30 बजे रेवती-सहतवार मार्ग स्थित एक मैरिज हॉल के पास हुई। सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सहतवार थाना क्षेत्र के बलेऊर निवासी सुरेश राजभर की बेटी की बारात मनियर थाना क्षेत्र के बड़सरी जागीर से आई थी। जयमाल का कार्यक्रम संपन्न हो चुका था। मृतक मोहन राजभर (22) अपने साथी विजय राजभर के साथ खाना खाकर जनवासे की ओर जा रहा था, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक हमला कर दिया। मोहन गंभीर रूप से घायल हो गया। मोहन को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हमले में विजय राजभर भी मामूली रूप से घायल हुआ है। विजय ने बताया कि वे खाना खाकर शामियाने की तरफ जा रहे थे, तभी कुछ लोग गाड़ी से उतरे और बिना कुछ पूछे उन पर हमला कर दिया। सहतवार थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। अभी तक इस मामले में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन आवश्यक कानूनी कार्यवाही की जा रही है। मृतक मोहन राजभर दो भाइयों में बड़ा और अविवाहित था। उसकी एक बहन भी है। मोहन गुजरात के राजकोट में एक निजी कंपनी में कार्यरत था। वह 18 फरवरी को ही शादी में शामिल होने के लिए गुजरात से अपने घर आया था। इस घटना के बाद से परिवार सदमे में है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एनसीसी कैडेट से दुष्कर्म का आरोपी टीटीई फरार:दस दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, 10 हजार का इनाम है घोषित
गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस में एनसीसी कैडेट युवती से कथित दुष्कर्म के आरोपी टीटीई की गिरफ्तारी में जीआरपी को दस दिन बाद भी सफलता नहीं मिली है। आरोपी अभी भी फरार है। उसकी तलाश में गठित जीआरपी की टीमें बिहार की राजधानी पटना में डेरा डाले हुए हैं। देवरिया जीआरपी ने गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस से भी संपर्क साधा है। मऊ जिले की रहने वाली युवती गोरखपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं और सेना भर्ती की तैयारी कर रही है। युवती ने आरोप लगाया है कि 15 फरवरी को अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस में इंदारा से देवरिया के बीच यात्रा के दौरान टीटीई ने उसे एसी फर्स्ट क्लास के केबिन में ले जाकर दुष्कर्म किया। युवती के अनुसार, उसके पास टिकट नहीं था और वह एसी कोच में यात्रा कर रही थी। इसी बात को लेकर आरोपी ने उसे धमकाया और कथित वारदात को अंजाम दिया। गोरखपुर पहुंचकर युवती ने जीआरपी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक रूप से मामला गोरखपुर जीआरपी में दर्ज किया गया था, लेकिन घटना स्थल देवरिया के आसपास पाए जाने पर केस जीआरपी देवरिया को स्थानांतरित कर दिया गया। आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। आरोपी टीटीई राहुल कुमार बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र के सरितोपुर गांव का निवासी है और वाराणसी में किराए के मकान में रहता है। पटना में आरोपी के आवास समेत तीन स्थानों पर लगातार दबिश दी जा रही है, लेकिन वह अब तक पुलिस के हाथ नहीं आया है। उसकी गिरफ्तारी के लिए गोरखपुर से दो तथा देवरिया, आजमगढ़, भटनी और बलिया से एक-एक टीम सहित कुल छह टीमें गठित की गई हैं। आरोपी का मोबाइल फोन स्विच ऑफ है। उसके कुछ करीबी लोगों से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्य भी घर पर ताला बंद कर फरार हैं। जीआरपी थाना प्रभारी अभिषेक पांडेय ने बताया कि गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है।
मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व के खटिया परिक्षेत्र स्थित इको सेंटर परिसर में मंगलवार को समिति स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक संचालक सिझोरा और पार्क अधीक्षक ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर परिक्षेत्र अधिकारी कान्हा, खटिया सरपंच और एसबीआई बैंक से आशीष आनंद मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद कबड्डी (पुरुष एवं महिला वर्ग) और वॉलीबॉल (पुरुष वर्ग) की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सभी प्रतिभागियों ने इन खेलों में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। उपस्थित सदस्यों ने वनों में आग न लगाने और वन्यजीवों की रक्षा करने की शपथ भी ली। विजेताओं को ट्रॉफी, पदक और नकद पुरस्कार प्रदान समापन समारोह में विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समिति अध्यक्षों को ट्रैक सूट दिए गए, जबकि सभी समितियों को वॉलीबॉल नेट और वॉलीबॉल वितरित किए गए। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, रेफरी और विवरणकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इससे समिति सदस्यों के बीच आपसी समन्वय, खेल भावना और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा मिला।
बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग ने भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की आशियाना नगर, पटना शाखा पर 60,000 रुपए का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सेवा में कमी पाए जाने के कारण लगाया गया है। आयोग ने मंगलवार को यह आदेश सुनाया। जिसमें स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित 60 दिनों में राशि का भुगतान नहीं किया जाता है, तो बैंक को 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी रकम अदा करनी होगी। 2002 में लिया था 3 लाख का लोन परिवादी कृष्ण सिंह, जो बक्सर में सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं, ने वर्ष 2002 में SBI की आशियाना नगर शाखा से तीन लाख रुपए का ऋण लिया था। ऋण स्वीकृति के समय उन्होंने अपनी जमीन के मूल दस्तावेज, रसीदें और अन्य आवश्यक कागजात बैंक के पास गिरवी रखे थे। उनके अधिवक्ता अशोक कुमार पांडेय के अनुसार, कृष्ण सिंह ने वर्ष 2010 तक बैंक के नियमों के अनुरूप संपूर्ण ऋण राशि का भुगतान कर दिया था। परेशान होकर उपभोक्ता आयोग में वाद किया दायर ऋण चुकता होने के बाद कृष्ण सिंह ने बैंक से अपने जमीन के मूल दस्तावेज वापस करने के लिए कई बार अनुरोध किया। उन्होंने शाखा स्तर से लेकर बैंक के वरीय अधिकारियों तक पत्राचार किया, लेकिन उन्हें दस्तावेज वापस नहीं किए गए। लंबे समय तक दस्तावेज न मिलने के कारण परेशान होकर उन्होंने बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद आयोग ने बैंक को सेवा में कमी का दोषी पाया। अपने आदेश में, आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह ने बैंक को निर्देश दिया कि वह परिवादी को जमीन के सभी मूल दस्तावेज तत्काल लौटाए। 8 प्रतिशत ब्याज के साथ चुकाना होगा लोन साथ ही, बैंक को 50,000 रुपये मुआवजा और 10,000 रुपए वाद खर्च के रूप में, कुल 60,000 रुपए 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया गया। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि बैंक निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं करता है, तो उसे 8 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ पूरी राशि चुकानी होगी। इस निर्णय को उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चित्रकूट दंपत्ति को फांसी: बाल शोषण केस में ऐतिहासिक फैसला
यूपी के बांदा जिले की पॉक्सो कोर्ट ने एक जूनियर इंजीनियर और उनकी पत्नी को कई बच्चों के यौन शोषण और उनके पोर्न वीडियो बनाने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इसे दुर्लभतम अपराध माना है
एमएसएसी और बीएड में आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ी:अब 27 फरवरी तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे अभ्यर्थी
कोटा के वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) ने एमएससी और बीएड पाठ्यक्रमों के जनवरी 2026 सत्र में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक अभ्यर्थी 27 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 18 फरवरी निर्धारित की गई थी, लेकिन वंचित अभ्यर्थियों को अवसर देने के लिए इसे आगे बढ़ाया गया। झालावाड़ पीजी कॉलेज भी इस विश्वविद्यालय का एक अध्ययन केंद्र है, जहां अधिकांश परीक्षाएं आयोजित होती हैं।विश्वविद्यालय की निदेशक विज्ञान व तकनीकी विद्यापीठ प्रो. अनुराधा दुबे ने बताया कि एम.एससी. बॉटनी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और जूलॉजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए संबंधित विषय में बीएससी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। झालावाड़ जिले के पात्र अभ्यर्थी वीएमओयू की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से 500 रुपए आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म भर सकते हैं। संयोजक प्राणी शास्त्र डॉ. संदीप हुड्डा ने अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले ऑनलाइन उपलब्ध दिशा-निर्देश और पात्रता शर्तें ध्यान से पढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीएससी परिणाम का इंतजार कर रहे या वर्तमान में बीएससी में अध्ययनरत अभ्यर्थी आवेदन के पात्र नहीं होंगे। प्रवेश मेरिट, अभ्यर्थी द्वारा चुने गए अध्ययन केंद्रों के विकल्प, राजस्थान सरकार के आरक्षण नियमों और उपलब्ध सीटों के आधार पर होगा। एम.एससी. पाठ्यक्रमों में विभिन्न अध्ययन केंद्रों पर बॉटनी में 325, जूलॉजी में 325, फिजिक्स में 300 और केमिस्ट्री में 500 सीटें उपलब्ध हैं। अभ्यर्थियों को अपनी रुचि के विषय में उपलब्ध सभी केंद्रों के विकल्प अपनी वरीयता के अनुसार भरने होंगे। एक अभ्यर्थी एमएससी के केवल एक विषय के लिए ही आवेदन कर सकता है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, झालरापाटन के उप प्रधानाचार्य ने पात्र अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि से पहले आवेदन करने की सलाह दी है ताकि बाद में किसी समस्या से बचा जा सके। दूरस्थ बी.एड. पाठ्यक्रम में आवेदन का भी अंतिम अवसरशिक्षा विद्यापीठ की निदेशक प्रो: कीर्ति सिंह ने बताया कि बीएड पाठ्यक्रम की 500 सीटों पर भी प्रवेश में आवेदन की भी अंतिम तिथि 27 फरवरी ही है। इसमें सेवारत प्राइमरी शिक्षक जिन्होंने नियमित रूप से डीएलएड कोर्स किया है, तथा स्नातक योग्यता रखते है, वे आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश का आधार स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंक तथा लागू आरक्षण नियम होंगे।
कानपुर के पनकी स्थित PSIT इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार सुबह छात्रों ने हंगामा कर दिया। सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज में घुसकर तोड़फोड़ की। दरवाजे, खिड़की, टेबल तोड़ दी। दरअसल, सोमवार को कैंपस में निर्माण काम में लगी जेसीबी से टकरा कर BCA फाइनल ईयर के छात्र की मौत हो गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र की किडनी, लंग्स, पैनक्रियाज डैमेज हो गया था। इसी के विरोध में छात्र न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज कैंपस में चल रहे निर्माण काम के दौरान सुरक्षा इंतजाम न होने से यह हादसा हुआ। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने घटना को कैंपस के बाहर का मामला बताया। मृतक की पहचान प्रखर सिंह निवासी रतनलाल नगर के रूप में हुई। 3 तस्वीरें देखिए- जानिए पूरा मामला धूल के गुबार में प्रखर कुछ देख न सकारतनलाल नगर निवासी प्रभाकर सिंह खाद कारोबारी है। परिवार में पत्नी प्रियंका, दो बेटे प्रखर सिंह (21) और प्रवीण सिंह है। केशवपुरम निवासी चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया- प्रखर PSIT कॉलेज में BCA फाइनल ईयर का छात्र था, जबकि प्रवीण लखनऊ की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। अभय के मुताबिक रोजाना की तरह प्रखर सोमवार को बाइक से कॉलेज गया था। शाम करीब 5 बजे छुट्टी होने के बाद वह कॉलेज के पीछे स्थित गेट से बाहर निकल रहा था। बताया कि कॉलेज कैंपस के पिछले हिस्से में काफी समय से निर्माण काम चल रहा है। प्रखर की बाइक के आगे से एक कार तेज स्पीड में गुजरी, जिससे धूल का गुबार उड़ा। जिस कारण प्रखर को कुछ दिखाई नही पड़ा और वह आगे खड़ी जेसीबी में जा टकराया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। रात 2 बजे डॉक्टरों ने मृत घोषित कियासाथी छात्र उसे कल्याणपुर स्थित बीएमसी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। परिजन उसे सर्वोदय नगर स्थित रीजेंसी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मामले में PSIT के ग्रुप डायरेक्टर प्रो. मनमोहन शुक्ला ने कैंपस में इस प्रकार की घटना से इंकार किया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज से 200 मीटर दूरी पर छात्र का एक्सीडेंट हुआ था।
सतना में घायल हालत में मिला हिरण:करसरा गांव के लोगों ने वन विभाग को दी सूचना, टीम ने किया रेस्क्यू
सतना जिले के रैगांव क्षेत्र के करसरा गांव में बुधवार सुबह करीब 9 बजे सड़क किनारे एक हिरण का बच्चा घायल अवस्था में मिला। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वन विभाग को दी। हिरण के बच्चे को इतनी नजदीक से देखने के लिए ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई, जिससे मौके पर कौतूहल का माहौल बन गया। गांव के कुछ लोगों ने सड़क किनारे हलचल देखकर पास जाकर देखा तो हिरण का बच्चा घायल हालत में तड़प रहा था। बताया गया कि आवारा कुत्ते उस पर हमला करने की कोशिश कर रहे थे। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और हिरण के बच्चे की जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरण के पैर और कान में चोट के निशान हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी वाहन की चपेट में आया होगा या कुत्तों के हमले में घायल हुआ है। वन विभाग को सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और घायल हिरण के बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया। उसे प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। वन विभाग की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि हिरण का बच्चा गांव तक कैसे पहुंचा और उसे चोटें कैसे आईं।
पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) आज अपना 101वां स्थापना दिवस मना रहा है। बिहार की चिकित्सा सेवा और शिक्षा का यह सबसे पुराना स्तंभ 25 फरवरी 1925 को 'प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज' के रूप में स्थापित हुआ था। एक सदी से अधिक के अपने सफर में इस संस्थान ने लाखों मरीजों को जीवनदान दिया है और हजारों डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया है। संस्थान का उद्घाटन 25 फरवरी 1925 को तत्कालीन गवर्नर सर हेनरी व्हीलर ने किया था। आजादी के बाद इसका नाम बदलकर पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कर दिया गया। स्थापना दिवस पर भव्य समारोह 101वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस समारोह में देश और विदेश के जाने-माने चिकित्सा विशेषज्ञ भी भाग लेंगे। वे चिकित्सा क्षेत्र के नए आयामों पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे, साथ ही मेडल प्राप्त करने वाले छात्रों को संबोधित भी करेंगे। स्थापना दिवस समारोह में मेडिकल शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि यह सम्मान छात्रों को प्रेरित करने और संस्थान की शैक्षणिक परंपरा को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सबसे पुराना और सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है PMCH PMCH न केवल बिहार का सबसे पुराना और सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, बल्कि इसे विश्व के दूसरे सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में से एक माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। संस्थान ने जटिल सर्जरी, गंभीर बीमारियों के उपचार और मेडिकल रिसर्च में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 100 से 101: आधुनिकता की ओर बढ़ते कदम 101 साल की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल अब आधुनिक सुविधाओं, अत्याधुनिक भवन निर्माण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले समय में इसे देश के शीर्ष सरकारी मेडिकल संस्थानों में शामिल करने की तैयारी है। एक सदी का अनुभव, सेवा का संकल्प और भविष्य की नई उड़ान, पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का 101वां स्थापना दिवस बिहार के लिए गौरव का क्षण है। विशेषज्ञों ने रखी अपनी-अपनी राय पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि, स्थापना दिवस के अवसर पर हम गौरवशाली परंपरा को याद करते हैं। उस गौरवशाली परंपरा को बरकरार रखने की कोशिश करते हैं। हमारा लक्ष्य स्वास्थ व्यवस्था और चिकित्सा क्षेत्र में नया आयाम और कीर्तिमान स्थापित करना है। बेहतर सुविधा देना ही हमारा मुख्य उद्देश्य है। करने में मार्गदर्शन करेंगे।डॉ. रामेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि स्थापना दिवस की विशेष समारोह के अवसर पर छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा। इस साल 115 गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। इस समारोह में बिहार, दिल्ली, इंग्लैंड और अमेरिका के जाने माने चिकित्सा विशेषज्ञ छात्रों के बीच मौजूद रहेंगे। वे छात्रों के आत्मबलों, बेहतर मार्ग प्रशस्त हमारा मकसद बेहतर शिक्षा और इलाज- प्राचार्यपटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि, हमारा मकसद बेहतर शिक्षा और इलाज का स्तर को बढ़िया करना है, उन्होंने कहा की स्थापना दिवस के मौके पर संकल्प लेंगे की जो भी कमियां है उसे पूरा करेंगे खासकर शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में अस्पताल को बेहतर बनाना हमारा पहला लक्ष्य हैं। डॉ सच्चिदानंद कुमार ने बताया कि, स्थापना दिवस के अवसर पर छात्रों को गोल्ड मेडल दिया जा रहा है। ताकि वे प्रोत्साहित हो। उनका विकास हो जीवन में कड़ाई ही सफलता का सच्चा प्रेरक है। दक्षिण एशिया का 6वां मेडिकल कॉलेज है PMCH- डॉ. राजीव रंजन महावीर वात्सल्य के निदेशक एवं पटना मेडिकल कॉलेज के पूर्व अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि, 'पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पूरे दक्षिण एशिया का 6वां मेडिकल कॉलेज है। यह अंग्रेज शासन के समय का मेडिकल कॉलेज है। आज देश ही नहीं विदेश के जाने-माने चिकित्सा जगत क्षेत्र के दिग्गज स्थापना दिवस के मौके पर आ रहे हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अस्पताल को बेहतर बनाने की दिशा बेहद ही सराहनीय कार्य किया है। आज आबादी के अनुसार अस्पताल में बेड की संख्या भी बढ़ गई है,जिससे बिहार के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा एवं चिकित्सा क्षेत्र बेहतर अनुभव प्राप्त हो रहा है देते हैं।चिकित्सा विशेषज्ञ रहेंगे मौजूद101वें स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर देश और विदेश के चिकित्सा क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञों की मौजूदगी रहेगी। इनमें डॉ. (प्रो.) नारायण प्रसाद, डॉ.(प्रो.) नरेंद्र प्रताप सिंह, पद्मश्री डॉ.(प्रो.) शांति रॉय, डॉ. ऋचा चौहान, डॉ.(प्रो.) गोविंद मखरिया, डॉ.(प्रो.) पंकज हंस, डॉ.(प्रो.) हिमांशु कुमार, डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. पवन कुमार अग्रवाल, डॉ.(प्रो.) मंजू कुमारी, एवं कई चिकित्सा विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।
अवैध खनन, अतिक्रमण और गाद ने निकाली बिहार की नदियों की जान
बिहार में कुछ नदियां या तो बरसाती नदियां बनकर रह गई हैं या फिर धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर हैं. इसका असर पर्यावरण, भूगर्भीय जल और जलीय जीव-जंतु पर भी पड़ रहा है
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया गांव में मंगलवार देर शाम ग्रामीणों ने दिवंगत शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की याद में कैंडल मार्च निकाला। सैकड़ों ग्रामीण, युवा और परिजन हाथों में मोमबत्तियां लेकर सड़क पर उतरे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हरैया गांव निवासी कृष्ण मोहन सिंह देवरिया जिले में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने कुछ दिन पहले अपने भाई के घर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक सुसाइड वीडियो और चार पन्नों का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। इस घटना के बाद से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने मांग की है कि सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की अपील की। परिजनों के अनुसार, शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे और वेतन बंद होने के कारण परेशान चल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। इसके अतिरिक्त, सुसाइड नोट में नाम आने के बाद पटल सहायक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, गौरी बाजार विकासखंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदर्शन में वर्ष 2011 में चार और वर्ष 2016 में तीन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। 9 जुलाई 2021 को एसटीएफ गोरखपुर ने तत्कालीन वित्त एवं लेखा अधिकारी सहित 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच बीआरसी कार्यालय तक पहुंचने के बाद वर्ष 2016 में नियुक्त शिक्षकों का वेतन वर्ष 2022 में रोक दिया गया था। प्रभावित शिक्षकों में कृष्ण मोहन सिंह भी शामिल थे। आरोप है कि उच्च न्यायालय से राहत मिलने और वेतन भुगतान के आदेश जारी होने के बावजूद कृष्ण मोहन सिंह को भुगतान नहीं हुआ था। फिलहाल, पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है। गांव में अभी भी शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
मासूम नजरिए से मणिपुर की हकीकत की पड़ताल करती है 'बूंग'
मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने इस साल का बाफ्टा पुरस्कार जीत कर इतिहास रच दिया है. लक्ष्मीप्रिया देवी के निर्देशन में बनी नब्बे मिनट की यह फीचर फिल्म एक मासूम के नजरिए से हिंसा, विस्थापन और अधूरे परिवारों का दर्द बयां करती है
बागपत में चार संदिग्ध युवक दिखे:सीसीटीवी में कैद, स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में देरी पर जताई नाराजगी
बागपत के दोघट कस्बे में रविवार देर रात चार संदिग्ध युवक हथियारों के साथ घूमते हुए सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए। इस घटना के तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाई न होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। पुलिस ने मामले की जांच जारी होने और जल्द खुलासे की बात कही है। यह घटना रविवार रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच दोघट कस्बे की पट्टी शोरा में हुई। सीसीटीवी फुटेज में चारों युवक गली के नुक्कड़ और घरों में झांकते हुए दिखाई दे रहे हैं। इनमें से दो युवकों के हाथों में अवैध हथियार भी स्पष्ट दिख रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने डायल 112 पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल 112 और थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक संदिग्ध युवक जंगल की ओर गांव से बाहर निकल चुके थे। कुछ ग्रामीणों ने इन युवकों को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला, बल्कि युवकों ने 'शांत रहो' कहकर उन्हें चुप करा दिया। संदिग्ध युवकों के कस्बे में घूमने का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। दोघट थाना प्रभारी सूर्यदीप सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस घटना का खुलासा किया जाएगा।
तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में कार से टक्कर मारने के बाद युवक का अपहरण कर मारपीट और लूट की वारदात सामने आई है। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और लूट का केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है। सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। संस्कृति पैराडाइज निवासी तनिष्क पुत्र महेश बैरागी ने शिकायत दर्ज कराई कि मंगलवार रात वह कार से जा रहे थे। कैलोद पाटा के पास पीछे से एक कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। वह नीचे उतरकर देखने लगे तो दूसरी कार से तीन लोग उतरे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। जबरन कार में बैठाकर बायपास पर घुमाया शिकायत के अनुसार आरोपियों ने तनिष्क को जबरदस्ती अपनी कार (MP07 ZZ 2649) में बैठा लिया। इसके बाद उसे बायपास पर करीब आधे घंटे तक घुमाया गया। इस दौरान आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। सोने के आभूषण और अन्य सामान छीना आरोप है कि बदमाशों ने तनिष्क के हाथ से सोने की अंगूठी, ब्रेसलेट, घड़ी और महंगा चश्मा उतरवा लिया। इसके बाद आरोपियों ने मायाखेड़ी इलाके में युवक को छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए। थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम ने बताया कि आरोपियों में नितेश और अर्जुन निवासी बाणगंगा, संजय और विजय निवासी चंदननगर तथा सुखविंदर निवासी बाणगंगा को हिरासत में लिया गया है। सभी के खिलाफ अपहरण, मारपीट और लूट का मामला दर्ज किया गया है।
सीवान के दरौंदा थाना क्षेत्र के रूकुंदीपुर भिखारीपुर गिरी टोला में मंगलवार देर रात एक शादी समारोह में गोलीबारी हुई। इस घटना में दूल्हे के मामा चित्तेश्वर भारती गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया है।रिवीलगंज (सारण) से बारात लड़की पक्ष के दरवाजे पर पहुंची थी। बाराती जनवासा में ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान बारातियों और कुछ स्थानीय लोगों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर एक व्यक्ति ने गोली चला दी।गोली दूल्हे के मामा चित्तेश्वर भारती को लगी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। घायल चित्तेश्वर भारती सिसवन थाना क्षेत्र के घूरघाट मठिया निवासी राम बालक भारती के पुत्र हैं। घायल को सदर अस्पताल किया रेफर परिजनों और स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल सीवान रेफर किया गया। सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भी हालत नाजुक बताते हुए बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना भेज दिया।घटना की सूचना मिलते ही महाराजगंज के एसडीपीओ अमन और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर घटनास्थल की जांच शुरू की। एसडीपीओ अमन ने बताया कि ऑर्केस्ट्रा देखने के दौरान हुई कहासुनी में गोली चली, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ है। उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें पटना रेफर किया गया है। आरोपी की पहचान कर रही पुलिसपुलिस फायरिंग करने वाले की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही विवाद के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस इलाके में स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
धौलपुर जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली पुलिस ने हाउसिंग बोर्ड चौकी क्षेत्र में पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखते ही ड्राइवर घबरा गया और वाहन को तेज रफ्तार में भगा ले गया। हाउसिंग बोर्ड चौकी पर नियमित चेकिंग अभियान चल रहा था। पुलिस ने एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकने का इशारा किया। पुलिस की घेराबंदी देख ड्राइवर ने वाहन को बेकाबू गति से दौड़ाना शुरू कर दिया। तेज रफ्तार और ओवरलोड होने के कारण पत्थरों से भरी ट्रॉली अचानक पलट गई। घटना के तुरंत बाद ड्राइवर मौके का फायदा उठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग निकला था।हाउसिंग बोर्ड चौकी प्रभारी राजकुमार के नेतृत्व में पुलिस ने पलटी हुई ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है। वाहन के नंबर के आधार पर फरार ड्राइवर की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
पिछले पांच दिनों से धनुरी टोल प्लाजा पर जारी गतिरोध को प्रशासन और संघर्ष समिति के बीच हुई मैराथन वार्ता के बाद समाप्त हो गया। मंडावा विधायक रीटा चौधरी की मध्यस्थता में चली इस बैठक में स्थानीय ग्रामीणों की मांगों को स्वीकार कर लिया गया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने धरना उठा लिया और टोल बूथ पर फिर से आवाजाही सुचारू हो गई। किसे मिली राहत, क्या हुआ तय? प्रशासनिक अधिकारियों और संघर्ष समिति के बीच हुए समझौते के तहत कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। 18 गांव हुए टोल मुक्त: सोनासर, पीपल का बास, कालेरा का बास, लूणा, अम्बेडकर नगर, सहारण की ढाणी, धनुरी, नया बास, कयाम्सर, लादूसर, राहड़ों की ढाणी, बासड़ी, चैनपुरा, शोभा का बास, रामपुरा, कायमपुरा, फ्रांस का बास और कांट गांव के वाहनों को अब इस टोल से गुजरने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। 20 किमी के दायरे में मासिक पास: टोल से 20 किलोमीटर की परिधि में आने वाले अन्य गांवों के निजी वाहन मालिकों के लिए राहत दी गई है। अब मात्र 250 रुपये में मासिक पास बनवाकर वे असीमित बार यात्रा कर सकेंगे। सड़क सुधार का वादा: पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने सड़क की कमियों को दूर करने और खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट्स' को चिह्नित कर उन्हें सुधारने का आश्वासन दिया है। विवाद की नई चिंगारी: 'चयनित' राहत पर उठे सवाल भले ही धरना समाप्त हो गया हो, लेकिन टोल फ्री किए गए गांवों की सूची ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। हरिपुरा और बाजला को किया नजरअंदाज: टोल से महज 6 किमी दूर 'बाजला' को फ्री नहीं किया गया, जबकि 12 किमी दूर 'कांट' को फ्री कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि कांट जाने के लिए हरिपुरा से गुजरना पड़ता है, फिर भी हरिपुरा को सूची से बाहर रखा गया है। अलसीसर और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाराजगी: अलसीसर को राहत नहीं मिलने पर सरपंच हारून भाटी ने विरोध जताया है। वहीं, आंदोलन के शुरुआती चेहरा रहे पूर्व प्रधान घासीराम पूनिया ने वार्ता में न बुलाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया। पुलिसिया कार्रवाई पर भड़कीं विधायक समझौते के बीच मंडावा विधायक रीटा चौधरी का रुख धनुरी थाना पुलिस के प्रति बेहद सख्त नजर आया। विधायक ने धरने पर पहुंचकर पुलिस कार्यप्रणाली की कड़ी निंदा की। विधायक चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सबको है। बिना एसपी की जानकारी के एसएचओ ने जिस तरह प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, वह निंदनीय है। हम इस व्यवहार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएंगे और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। यदि एक्शन नहीं हुआ, तो दोबारा बड़ा आंदोलन होगा। समिति ने जताया आभार संघर्ष समिति के प्रतिनिधि महिपाल पूनिया, अरविंद गढ़वाल और अजीत मेघवाल ने इस समझौते को जनता की एकता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को आखिरकार ग्रामीणों की वाजिब मांगों के आगे झुकना पड़ा। वार्ता के दौरान एसडीएम सुमन चौधरी, सीओ हरिसिंह धायल, धनुरी एसएचओ संजय गौतम सहित पीडब्ल्यूडी और टोल ऑपरेटरों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर गंगा, रामगंगा और काली नदी सहित छह फोरलेन पुलों के निर्माण को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। इन पुलों के लिए 753.60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इटावा-बरेली हाईवे को 730C फोरलेन में चौड़ा किया गया है। हालांकि, गंगा, रामगंगा और काली नदी पर मौजूदा पुलों की चौड़ाई कम होने के कारण यातायात का दबाव बढ़ गया है, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। गंगा और रामगंगा के पुल काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिनकी मरम्मत के दौरान अक्सर इन्हें वन-वे करना पड़ता है। सांसद मुकेश राजपूत ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को पत्र लिखकर इन नदियों पर फोरलेन पुल बनाने की मांग की थी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने पांचाल घाट स्थित गंगा, रामगंगा और काली नदी के तीन बड़े पुलों सहित कुल छह फोरलेन पुलों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। इन छह पुलों में बघार के दो और महमदपुर का एक पुल भी फोरलेन बनाया जाएगा। वर्तमान में हाईवे पर स्थित सभी छह पुलों की चौड़ाई लगभग 10-10 मीटर है, जबकि नए फोरलेन पुलों की चौड़ाई 22 मीटर से अधिक रखी जाएगी। इससे दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को सुविधा होगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया कि इन पुलों के निर्माण से जिले में पर्यटन का विकास होगा। बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए संकिसा और कांवड़ियों के लिए पांचाल घाट, रामनगरिया मेला जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अतिरिक्त, भिंड-लिपुलेख कॉरिडोर पर सांस्कृतिक, औद्योगिक और व्यापारिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रश्नकाल में आज ब्लिंकइट, स्विगी, जोमैटो और रेपिडो जैसी कंपनियों में काम करने वाले गिग वर्करों का मुद्दा उठेगा। कुरूद विधायक अजय चंद्राकर इन प्लेटफॉर्म आधारित कर्मियों के अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े सवाल सदन में रखेंगे। इसके साथ ही पीडब्ल्यूडी, उद्योग, श्रम, जल जीवन मिशन और शहरी हरियाली जैसे विषयों पर भी सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। आगे क्या होगा सदन में? प्रश्नकाल के दौरान डिप्टी सीएम अरुण साव के लोक निर्माण विभाग से जुड़े सवालों पर चर्चा होगी। उद्योग और श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन के विभाग से संबंधित प्रश्न भी सूची में शामिल हैं। तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह शहर में ग्रीनरी और ऑक्सीजोन के विकास का मुद्दा उठाएंगे। वहीं बालोद विधायक संगीता सिन्हा जल जीवन मिशन से जुड़े प्रश्नों के जरिए अपने क्षेत्र की स्थिति और योजनाओं के क्रियान्वयन पर सरकार से जवाब मांगेंगी। आज का प्रश्नकाल अलग-अलग विभागों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रहेगा, जिनमें रोजगार, बुनियादी ढांचा, पेयजल और शहरी पर्यावरण जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। आज सदन में क्या होगा? छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही बुधवार 25 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे शुरू होगी। दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विधायक अपने सवाल पूछेंगे और संबंधित मंत्री जवाब देंगे। इसके बाद अलग-अलग विभागों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और वार्षिक प्रतिवेदन सदन की मेज पर रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिजली से जुड़े संशोधन नियमों की अधिसूचनाएं पेश करेंगे। उप मुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा छत्तीसगढ़ पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन का वार्षिक लेखा प्रतिवेदन सदन में रखेंगे। परिवहन मंत्री केदार कश्यप मोटरयान कराधान से संबंधित अधिसूचना और सहकारी संस्थाओं के अंकेक्षण प्रतिवेदन पेश करेंगे। चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आयुष और स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखेंगे। अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब अनुसूचित जाति आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन पेश करेंगे। स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अनियमितता के मुद्दे उठाए जाएंगे इसके अलावा पिछले सत्र के अपूर्ण प्रश्नों के पूर्ण उत्तरों का संकलन भी सदन में रखा जाएगा। राज्यपाल की अनुमति प्राप्त विधेयकों की जानकारी दी जाएगी। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अनियमितता जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। कुछ विधायकों को सत्र के दौरान अनुपस्थित रहने की अनुमति देने का प्रस्ताव भी लिया जाएगा। विधायकों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी स्कूलों के उन्नयन, स्वास्थ्य केंद्र, पुल और सड़क निर्माण जैसी मांगों को लेकर याचिकाएं भी प्रस्तुत की जाएंगी। अंत में राज्यपाल के अभिभाषण पर प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा होगी। ……………………………. बजट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बजट-2026, वन विभाग में 1000 पदों पर भर्ती होगी: रायपुर में तीरंदाजी अकादमी, अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी बनेगी, बच्चियों को डेढ़ लाख मिलेंगे विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपए का बजट पेश कर ‘संकल्प’ थीम के साथ विकास का रोडमैप रखा। बजट में किसानों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की घोषणा की गई, वहीं 18 वर्ष पूरे होने पर बालिकाओं को डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर…
पाकुड़ में मंगलवार देर रात दर्दनाक रेल हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। हादसा नगरनबी रेलवे स्टेशन के पास हुआ। जहां न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जा रही 22302 वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से पति-पत्नी और उनकी छोटी बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के कालीतल्ला मोहल्ला निवासी चंदन सरदार, उनकी पत्नी रूम्पा सरदार और उनकी मासूम बेटी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तीनों अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। नगरनबी के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। वे उसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों के शव ट्रैक पर बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिले। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रैक से हटाए गए शव हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को रेलवे ट्रैक से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह परिजन पाकुड़ रेलवे स्टेशन स्थित जीआरपी आउट पोस्ट पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों ने बताया कि चंदन सरदार का एक 8 वर्षीय बेटा घर पर था, जो इस हादसे का शिकार होने से बच गया। परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत से मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में स्टेशन और आउट पोस्ट के आसपास जुटे रहे। पोस्टमॉर्टम के बाद सौंपे जाएंगे शव जीआरपी आउट पोस्ट में तैनात एएसआई शिबू सरदार ने बताया कि मंगलवार देर रात नगरनबी रेलवे स्टेशन के पोल संख्या 145/38 और 145/40 के पास हादसे की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, जहां एक पुरुष, एक महिला और एक बच्ची के शव टुकड़ों में बिखरे मिले। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।
हरियाणा के पंचकूला में लेबर ठेकेदार के घर पर चोरों ने लाखों रुपए कैश व जेवर चोरी कर लिए। चोरी वारदात के बाद पीड़ित ठेकेदार की शिकायत पर पंचकूला के पिंजौर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल आसपास के एरिया में सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। पंचकूला के खोखरा गांव की श्रीराम कालोनी निवासी वेदप्रकाश ने बताया कि वह हिमाचल में लेबर ठेकेदार का काम करता है। उसकी पत्नी अस्पताल में दवाई लेने के लिए गई हुई थी। वह भी हिमाचल के बद्दी में अपने काम को संभालने के लिए गया था। पीछे से घर में चोर घुस आए व चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बच्चों का गुल्लक भी तोड़ लिया ठेकेदार वेदप्रकाश के अनुसार वे घर पहुंचे तो ताले टूटे हुए मिले। घर के अंदर सरिए से अलमारी का लॉक तोड़ा गया। अलमारी व बेड से चोरों ने 4.40 लाख रुपए कैश चोरी कर लिया। कैश के अलावा चोरों ने अलमारी के अन्दर रखी 4 अगूंठी सोना, 2 नोज पिन सोना, 5 सिक्के चांदी, एक जोड़ी टोपस सोना, 4 कड़े चांदी बच्चों के, 5 जोड़ी पायल चांदी, बेड में रखा एक कंबल, 4/5 सूट चोरी हुए हैं। चोर बच्चों के गुल्लक को तोड़कर भी सिक्के निकाल ले गए। सीन ऑफ क्राइम टीम ने किया मुआयना पंचकूला के पिंजौर थाना पुलिस के जांच अधिकारी ASI राजबीर सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सीन ऑफ क्राइम टीम से मौका मुआयना करवाया गया है। घटना की जांच चल रही है। आसपास के घरों के सीसीटीवी चेक किए जा रहे हैं।
गोंडा अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अरुण मिश्रा, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि हरि शरण मिश्रा, राम केवल मिश्रा और संतोष मिश्रा को करनैलगंज कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में पेश किया था। जहां न्यायालय ने इन सभी नामजद आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ये सभी आरोपी 14 दिन तक मंडलीय कारागार में रहेंगे। नियमानुसार, न्यायालय द्वारा पहली बार में 14 दिन की न्यायिक हिरासत दी जाती है, जिसके बाद आगे की हिरासत अवधि बढ़ाई जा सकती है। मंडलीय कारागार प्रशासन ने न्यायिक हिरासत में भेजे गए इन सभी आरोपियों को क्वॉरेंटाइन बैरक में रखा है। जेल प्रशासन द्वारा इनकी सभी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। अभी तक किसी भी परिजन या रिश्तेदार ने इन आरोपियों से मुलाकात नहीं की है। गोंडा के डीजीसी क्रिमिनल बसंत शुक्ला ने बताया कि आरोपियों की न्यायिक हिरासत आगे भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा के परिवार के साथ पूरा अधिवक्ता समाज खड़ा है और उनका पूरा प्रयास रहेगा कि न्यायालय में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाई जाए। डीजीसी क्रिमिनल ने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा जितनी जल्दी इस पूरे मामले की जांच कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा, उतनी ही तेजी से मुकदमे की सुनवाई शुरू हो सकेगी। पुलिस को पूरे मामले में जल्द से जल्द जांच करके न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल करना चाहिए अधिवक्ता परिवार के साथ हमारा पूरा समाज खड़ा हुआ है। किसी भी प्रकार की दिक्कत अधिवक्ता समाज को किसी भी परिस्थिति में नहीं होने दी जाएगी जो और अज्ञात आरोपी हैं उन पर भी पुलिस द्वारा कड़ी कार्रवाई की जाए।
छिंदवाड़ा में डेढ़ साल की मासूम बच्ची की जान समय पर दिए गए उपचार से बचा ली गई। गंभीर सांस रुकने की स्थिति में परिजन बच्ची को आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी हालत बेहद चिंताजनक बनी हुई थी। परिजनों के अनुसार, क्लीनिक पहुँचने के समय बच्ची का ऑक्सीजन स्तर महज 65 प्रतिशत रह गया था। साँसें थमने की कगार पर थीं और स्थिति पल-पल बिगड़ती जा रही थी। हालात की गंभीरता को भांपते हुए चिकित्सक डॉ. सोयल खान ने बिना समय गंवाए तत्काल उपचार शुरू किया। डॉ. खान ने बच्ची को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। कुछ ही क्षणों की मशक्कत के बाद बच्ची के रोने की आवाज गूँजी, जिसने मौजूद परिजनों और स्टाफ के चेहरों पर राहत की मुस्कान लौटा दी। यह क्षण परिवार के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं था। चिकित्सकीय तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का यह उदाहरण एक बार फिर साबित करता है कि समय पर दिया गया उपचार जीवन और मृत्यु के बीच निर्णायक साबित हो सकता है। डॉ. खान की इस सेवा भावना की क्षेत्र में सराहना हो रही है। परिजनों ने डॉक्टर और क्लीनिक स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय रहते मिली चिकित्सा सहायता ने उनकी बच्ची को नया जीवन दिया है।
अपर मुख्य सचिव के निर्देश पर कानपुर से आई एक स्वास्थ्य टीम ने सोमवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय का सघन निरीक्षण किया। टीम ने अस्पताल में कई कमियां पाईं और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। दो सदस्यीय इस टीम का गठन अपर मुख्य सचिव, लखनऊ के निर्देशन में किया गया था। टीम में डॉ. रियाज अली मिर्जा और डॉ. अमित कुमार कनौजिया शामिल थे। टीम ने शल्य कक्ष, जच्चा-बच्चा वार्ड, औषधि भंडार कक्ष, प्रसूति रूम, अल्ट्रासाउंड कक्ष, महिलाओं की ओपीडी, एनएचएम कार्यालय और लैब सहित विभिन्न अनुभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमारत में प्लास्टर विशेषज्ञ, टाइल्स, रंग-रोगन और कंप्यूटर की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं। इसके अतिरिक्त, बरसात में टपकती छत, जनरल सर्जन की अनुपलब्धता, आवासीय भवनों की खराब स्थिति और जल भराव जैसी कमियां भी पाई गईं। इन सभी कमियों की सूची बनाकर शासन को भेजी जाएगी। सीएमएस डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि टीम ने अस्पताल में चिकित्सा विशेषज्ञों और आवश्यक वस्तुओं की कमी को नोट किया है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। निरीक्षण के दौरान सीएमएस अनिल कुमार और क्वालिटी मैनेजर सुभाष चंद्र भी मौजूद रहे। डॉ. गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि आगामी 1 मार्च, 2026 से अस्पताल में ऑनलाइन पर्चे बनाए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। ऑनलाइन पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को अपना आधार कार्ड और मोबाइल फोन साथ लाना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन पर्चा बनवाने हेतु तीन अलग-अलग विंडो बनाई जाएंगी, जिनमें वरिष्ठ नागरिक व दिव्यांग, महिलाएं और पुरुष अलग-अलग कतारों में पर्चे बनवा सकेंगे।
गाजीपुर के सरजू पांडे पार्क में भारतीय दिव्यांग शक्ति संगठन ने मंगलवार दोपहर 12 बजे से तीन दिवसीय धरने की शुरुआत की। यह धरना 22 सूत्रीय मांगों को लेकर आयोजित किया गया था। हालांकि, सदर एसडीएम रवीश गुप्ता के आश्वासन के बाद यह धरना उसी दिन रात 9:30 बजे समाप्त हो गया। एसडीएम रवीश गुप्ता धरना स्थल पर पहुंचे और दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनीं। संगठन की ओर से उन्हें 22 सूत्रीय मांगों का एक पत्रक सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद एसडीएम ने दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई का आश्वासन दिया। संगठन के जिला अध्यक्ष ज्ञानचंद राम ने बताया कि दिव्यांगजनों की प्रमुख मांगों में पूरे देश में 'एक देश एक पेंशन' योजना लागू करना शामिल है। इसके साथ ही, दिव्यांगजनों की मासिक पेंशन राशि बढ़ाकर 5000 रुपए करने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में लोकसभा, विधानसभा और ग्राम पंचायत स्तर पर 4 प्रतिशत आरक्षण के आधार पर राजनीतिक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना, पूरे देश में अंत्योदय कार्ड जारी करना और 50 प्रतिशत अनुदान पर मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराना शामिल है। इसके अलावा, रेलवे आरक्षण में पूर्व की भांति छूट बहाल करने, भूमिहीन दिव्यांगजनों को ग्रामसभा में आवासीय पट्टा देने, मुफ्त बिजली बिल, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना में पात्रता सुनिश्चित करने और ग्रामसभा स्तर पर सरकारी योजनाओं में रोजगार देने की भी मांग की गई। सभी तहसील कार्यालयों में रैम्प की सुविधा बनाने और सरकारी कोटे की राशन व्यवस्था में शामिल करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। बैंक ऋण की सीमा बढ़ाने, यूडीआईडी कार्ड को गारंटर मानने, नौकरीपेशा दिव्यांगजनों की पुरानी पेंशन बहाल करने और बैकलॉग के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग भी धरने के दौरान रखी गई। इसके अतिरिक्त निजी बसों में निःशुल्क यात्रा, निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा, नेत्रहीन दिव्यांगजनों का न्यूनतम 40 प्रतिशत मानक बरकरार रखने, आवास व शौचालय अनुदान राशि बढ़ाने तथा कंबल वितरण में कथित अनियमितता की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। दिव्यांग जनों ने कहा कि पूरे देश के अलग-अलग राज्यों में दिव्यांगों के लिए अलग-अलग पेंशन की धनु राशि जीत दी जाती है लेकिन सरकार से मांग है कि पूरे देश भर में एक देश एक पेंशन लागू किया जाए।संगठन ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
दतिया जिले के सोनागिर में आयोजित होने वाले वार्षिक जैन मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने अहम फैसला लिया है। मेले की अवधि में सोनागिर रेलवे स्टेशन पर 6 प्रमुख मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया जाएगा। यह ठहराव तय तिथियों के दौरान प्रतिदिन एक मिनट के लिए रहेगा। इससे देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले जैन श्रद्धालुओं को सीधे सोनागिर पहुंचने में आसानी होगी और उन्हें बीच में ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इन ट्रेनों का होगा स्टाप ग्वालियर–बनारस बुंदेलखंड एक्सप्रेस1 से 10 मार्च तक रात 9:58 बजे आगमन, 9:59 बजे प्रस्थान। बनारस–ग्वालियर बुंदेलखंड एक्सप्रेस28 फरवरी से 9 मार्च तक सुबह 6:32 बजे आगमन, 6:33 बजे प्रस्थान। ग्वालियर–बरौनी मेल1 से 10 मार्च तक दोपहर 12:57 बजे आगमन, 12:58 बजे प्रस्थान। बरौनी–ग्वालियर मेल28 फरवरी से 9 मार्च तक शाम 6:02 बजे आगमन, 6:03 बजे प्रस्थान। खजुराहो–उदयपुर सिटी एक्सप्रेस1 से 10 मार्च तक दोपहर 2:21 बजे आगमन, 2:22 बजे प्रस्थान। उदयपुर सिटी–खजुराहो एक्सप्रेस28 फरवरी से 9 मार्च तक दोपहर 1:11 बजे आगमन, 1:12 बजे प्रस्थान। हर साल लगने वाला सोनागिर जैन मेला देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। इन ट्रेनों के अस्थायी ठहराव से मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से आने वाले यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जालंधर के अमरदास नगर में शराब पीने से रोकने पर कुछ युवकों ने एक परिवार पर ईंट-पत्थरों और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में परिवार के 4 सदस्य घायल हो गए। मारपीट की यह घटना घर पर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सिविल अस्पताल में मौजूद राघव धीर ने बताया कि उन्होंने 8 महीने पहले अमरदास नगर में घर लिया था। उनके घर के बाहर कुछ युवक शराब पी रहे थे। जब युवकों को वहां से हटने और शराब पीने से मना किया, तो आरोपियों ने गला पकड़ लिया। इसके बाद गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। नशे में घर पहुंचे, हमला कर भागे पीड़ितों के अनुसार, युवक नशे में थे, जिसके कारण विवाद बढ़ गया और वे घर तक पहुंच गए। परिवार ने हमले की सूचना कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के सामने भी युवकों ने परिवार पर ईंटों से हमला किया और फिर वहां से भाग गए। फिलहाल, घायलों का इलाज जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फरीदकोट जिले के सीआईए स्टाफ जैतो की टीम ने कोटकपूरा शहर में अमृतसर-बठिंडा नेशनल हाईवे के पुल के नीचे खड़े एक कार सवार युवक को दो देसी पिस्टल, 2 मैगजीन और 4 जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोगा के गांव कांवांवाली निवासी मनप्रीत सिंह उर्फ मन्नू के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना सिटी कोटकपूरा में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार सीआईए स्टाफ जैतो के हवलदार गुरविंदर सिंह को गश्त के दौरान सूचना मिली थी कि कार सवार उक्त युवक किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में नेशनल हाईवे पुल के नीचे खड़ा है। सूचना के आधार पर टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर युवक को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक 32 बोर पिस्टल, मैगजीन सहित 2 जिंदा कारतूस और एक 30 बोर पिस्टल मैगजीन सहित 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। आपराधिक रिकॉर्ड व नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन और कार भी कब्जे में ले ली है। पुलिस द्वारा आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की जा रही है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
अमरोहा देहात क्षेत्र के रायपुर खुर्द गांव निवासी अमजद ने एक फाइनेंस कंपनी के प्रबंधक, कैशियर सहित पांच लोगों के खिलाफ वाहन हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित अमजद के अनुसार, वह दस टायरा कंटेनर के मालिक हैं, जिसे उन्होंने किस्तों पर खरीदा था। फरवरी 2025 में, एक किस्त जमा न हो पाने के कारण मुरादाबाद स्थित मणिपुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा के प्रबंधक राजीव और कैशियर योगेश ने कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया था। अमजद का आरोप है कि बाद में जब उन्होंने किस्त जमा कर वाहन वापस लेने की बात की, तो कंपनी के अधिकारी टालमटोल करते रहे। कुछ समय बाद, अमजद ने अपना कंटेनर डींगरपुर हाईवे पर चलते हुए देखा। उन्होंने उसे रुकवाकर चालक इनामुल हसन से पूछताछ की, जिससे पता चला कि इनामुल हसन ने वह कंटेनर फाइनेंस कंपनी से खरीद लिया था, जबकि वाहन का नाम ट्रांसफर नहीं हुआ था। अमजद ने यह भी आरोप लगाया है कि महफूज ने बिना नाम ट्रांसफर कराए वाहन खरीदा और सरफराज ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फास्टैग बनवाकर उसका उपयोग किया। पीड़ित अमजद ने पहले इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सीओ अवधभान सिंह भदौरिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और विवेचना शुरू कर दी गई है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीवान जंक्शन क्षेत्र में मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों से एक पुरुष और एक महिला के शव बरामद हुए। पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या मान रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच जारी है। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।पहली घटना स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गाड़ी संख्या 15028 मौर्या एक्सप्रेस के प्रस्थान करते समय स्टेशन मास्टर कार्यालय के पास एक लगभग 45 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति ट्रेन की चपेट में आ गया। सूचना पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन मृतक के पास से कोई पहचान पत्र या यात्रा टिकट नहीं मिला। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए रेल परिचालन बाधित हुआ और एक ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदलना पड़ा। ट्रैक किनारे मिला अज्ञात महिला का शव दूसरी घटना डाउन लाइन के किलोमीटर संख्या 395/16-18 के पास सामने आई। यहां लगभग 50 वर्षीय एक अज्ञात महिला का शव ट्रैक के किनारे मिला। आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। महिला के पास से भी कोई पहचान पत्र या यात्रा संबंधी दस्तावेज बरामद नहीं हुआ। इस घटना से रेल यातायात प्रभावित नहीं हुआ।दोनों मामलों में पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जीआरपी अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल, मृतकों की पहचान के लिए आसपास के थानों को सूचना दी गई है और शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।
आरा साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक डॉक्टर से 19 लाख की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। अंतरराज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड उपेंद्र सिंह को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। एसपी राज के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने कार्रवाई की है। आरोपी मूल रूप से राजस्थान के भरतपुर का रहने वाला है। फिलहाल दिल्ली के मॉडल टाउन थाना क्षेत्र के विजयनगर मोहल्ले में रह रहा था। उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद हुआ है। साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि यह वही गिरोह है, जिसने आरा सदर अस्पताल में तैनात डॉक्टर डॉ. राम निवास को फर्जी एटीएस अधिकारी बनकर फोन किया था। उन्हें गिरफ्तारी वारंट का भय दिखाकर 19 लाख रुपए ठग लिए थे। इस मामले में इससे पहले 25 अक्टूबर 2025 को इसी गिरोह के दो अन्य सदस्य दिल्ली के आजादपुर लालबाग निवासी दलीप कुमार और आदर्श नगर के राणा प्रताप रोड निवासी जिशान खान की गिरफ्तारी हुई था। दोनों ने पूछताछ में उपेंद्र सिंह का नाम मुख्य सरगना के रूप में उजागर किया था। बैंक के डिप्टी मैनेजर की संलिप्तता जांच के दौरान पता चला कि गिरोह के सदस्य कमीशन के आधार पर अपने खातों में ठगी की रकम मंगवाते थे और बाद में बैंक से निकाल लेते थे। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी रकम निकालते हुए देखे गए थे। इस पूरे नेटवर्क में एक बैंक के डिप्टी मैनेजर अविनाश की संलिप्तता भी सामने आई, जो कथित रूप से पैसे लेकर फर्जी खाते खुलवाने में मदद करता था। ठगी का एहसास होने पर मामला दर्ज कराया 26 जून 2025 को डॉक्टर राम निवास को एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि एक अपराधी के पास से उनका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर मिला है। पुणे की अदालत से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। डर से डॉक्टर ने खाते में 19 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उन्होंने एक जुलाई 2025 को साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोपियों के खाते में 7-7 लाख भेजे गए तकनीकी जांच में पुलिस ने पाया कि ठगी की रकम पहले महाराष्ट्र के नागपुर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नीतिन नरेंद्र के खाते में भेजी गई, फिर वहां से सात-सात लाख रुपए दिल्ली के आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी स्नेह सेतू के साथ इंस्पेक्टर राकेश रंजन, दरोगा गांधी नाथ पाठक और स्वाती कुमारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
हमीरपुर जिले के बिवांर थाना कस्बे में बुधवार सुबह बस स्टैंड के पास भीषण आग लग गई। इस घटना में तीन दुकानें जलकर राख हो गईं। आग भोर करीब छह बजे एक दुकान में लगी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया जा रहा है, हालांकि कुछ स्थानीय लोग पास के कूड़े के ढेर से आग फैलने की आशंका भी जता रहे हैं। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पास की दो अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी भीषण थी कि दुकानों में रखा सामान बाहर निकालने का मौका नहीं मिला। ऑटो पार्ट्स, साइकिल और हार्डवेयर की दुकानें पूरी तरह से जलकर खाक हो गईं। अनुमान है कि तीनों दुकानों में रखा करीब पांच से छह लाख रुपये का सामान जल गया है। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। दमकल विभाग को सूचना दिए जाने के करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। तब तक तीनों दुकानें पूरी तरह जल चुकी थीं। दमकल वाहन के देर से पहुंचने पर दुकानदारों में नाराजगी देखी गई। इस दौरान बाइक मिस्त्री नफीस की दमकल कर्मियों से नोकझोंक भी हुई। फायर ब्रिगेड की टीम आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल आग लगने की सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पीलीभीत रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक अज्ञात युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद स्टेशन परिसर में यात्रियों और रेलवे स्टाफ के बीच हलचल मच गई। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची। यह घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब दोरई एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म पर आ रही थी, तभी एक युवक अचानक रेलवे ट्रैक पर आ गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर जीआरपी थाना प्रभारी सचिन पटेल अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर निरीक्षण किया। युवक की पहचान के लिए उसके कपड़ों और सामान की तलाशी ली गई, लेकिन उसके पास से कोई पहचान पत्र, मोबाइल या अन्य दस्तावेज नहीं मिला। उसके पास से केवल बरेली से पीलीभीत आने का एक रेलवे टिकट बरामद हुआ है। जीआरपी थाना प्रभारी सचिन पटेल ने बताया कि मृतक की उम्र और हुलिए के आधार पर उसकी पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। हमारी प्राथमिकता युवक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचित करना है। इसके लिए आसपास के थानों और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
चतरा में एयर एम्बुलेंस क्रैश के दौरान पटना के सचिन मिश्रा की भी मौत हो गई। सचिन उस एयर एम्बुलेंस में बतौर नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे। हादसे से चंद घंटे पहले ही उन्होंने अपने घर पर बीमार मां से फोन पर बात कर हाल-चाल पूछा था। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां की तबीयत बिगड़ गई। परिजन बताते हैं कि वह बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। सचिन चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। पिता का निधन वर्ष 2005 में हो गया था। इसके बाद बड़े भाइयों ने ननिहाल पक्ष के सहयोग से परिवार की जिम्मेदारी संभाली। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद पूजा-पाठ कर सचिन को पढ़ाया-लिखाया गया। परिवार फिलहाल राजीव नगर में रहता है, जबकि पैतृक घर सिवान जिले के तिलकथू थाना हसनपुरा में है। तीन दिन पहले पटना आया था सचिन सचिन की मां ने बताया कि, उनकी तबीयत खराब चल रही थी, जिसके चलते बेटा छुट्टी लेकर उनसे मिलने घर आना चाहता था, लेकिन अस्पताल के कर्मियों की ओर से छुट्टी नहीं दी गई। तीन दिन पहले किसी पेशेंट को लेकर पटना एयरपोर्ट भी आया था। वहां से वह मिलने आ रहा था, लेकिन हॉस्पिटल के कर्मियों ने उसे एयरपोर्ट पर ही रोक दिया। मृतक की बहन ने बताया कि, दोपहर में मां से सचिन की बात हुई थी। मां ने दवा के रिएक्शन की जानकारी दी, जिस पर सचिन ने एक डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी। इसके बाद शाम से उनका फोन बंद हो गया। लगातार कॉल करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। मेरा भाई मां को देखने के लिए था बेचैन मृतक की बहन ने बताया कि, दोपहर के वक्त सचिन की बात मां से हुई थी। मां ने उसे दवा रिएक्शन के बारे में बताया था। तब उसने एक डॉक्टर के बारे में सजेस्ट किया और बोला वहां दिखा लो। इसके बाद शाम से उसका कॉल लगना बंद हो गया। लगातार हम लोग कॉल करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन लग नहीं रहा था। मेरा भाई मां को देखने के लिए बेचैन था। छुट्टी मांग रहा था, लेकिन उसके अस्पताल के कर्मियों ने छुट्टी नहीं दी। बहन का कहना है कि सचिन मां को देखने के लिए परेशान थे और छुट्टी मांग रहे थे। अगर उन्हें छुट्टी मिल जाती, तो शायद यह हादसा नहीं होता। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। परिजनों को अब तक नहीं मिली सहायता सचिन के मामा दिनेश पांडे ने बताया कि, घटना के बारे में रात 11 बजे के वक्त जानकारी मिली। उसी समय परिवार के लोग वहां के लिए रवाना हुए। सुबह 7 बजे पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम समेत अन्य प्रक्रिया पूरी होते 12 बज गया। उन्होंने बताया कि मौके पर कई अधिकारी पहुंचे और आश्वासन दिया, लेकिन अब तक परिवार को किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं मिली है। यहां तक कि एंबुलेंस का खर्च भी नहीं दिया गया। जिस कंपनी में सचिन कार्यरत थे, उसकी ओर से भी कोई मदद नहीं मिली है।
छिंदवाड़ा में एक युवती को हिंदूवादी संगठन के समर्थन के कारण जान से मारने की धमकी दी गई। युवकों ने फोन कॉल पर आपत्तिजनक और धमकी भरी बातें कीं। युवकों ने खुद को पठान बताते हुए कहा- तेरे समाज की चार लड़कियों को चलाता हूं। वो मेरे लिए जहर खाने को तैयार हैं। तुम कहते हो हम रेप करते हैं, तो सुन हां, सही में रेप करता हूं। कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश फैल गया। देर रात करीब 1000 कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि सुबह 11 बजे तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो छिंदवाड़ा बंद कर दिया जाएगा। पुलिस के अनुसार मामले में चार अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है, जबकि सूत्रों का कहना है कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। क्यों भड़का मामला… तेलंगाना विधायक टी राजा 16 फरवरी को छिंदवाड़ा पहुंचे थे। यहां वे हिंदू गर्जना रैली में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने एक वर्ग को लेकर विवादित बयान दिया था। मामले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 23 फरवरी को टी राजा के बयान के विरोध में रैली निकाली थी। उन्होंने टी राजा समेत आयोजन समिति पर केस दर्ज करने की मांग की थी। हिंदूवादी संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कहा था कि टी राजा ने आतंकवादियों के लिए यह बात कही थी, तो क्या ये इस प्रकार से विरोध कर आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं। मामले में हिंदूवादी संगठन के नेता और ऐतिहासिक रामलीला मंडल के अध्यक्ष अरविंद राजपूत ने कहा था कि ऐसे ही चला तो ईंट का जवाब पत्थर से दिया जाएगा। राजपूत के बयान को 22 साल की एक युवती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मंगलवार सुबह स्टेटस अपडेट किया था। स्टेटस अपडेट होने के बाद करीब 2 बजे लड़की के पास इंस्टा कॉल आया। लड़की अटेंट किया तो उधर से एक के बाद एक तीन से चार युवक अलग-अगल बात करते हुए उसे धमकाने लगे। युवकों ने इंस्टाग्राम कॉल के जरिए युवती पर स्टोरी हटाने का दबाव बनाया। जब युवती ने स्टोरी हटाने से मना किया तो वे गाली-गलौज करने लगे और धमकी तक दे डाली। लड़की ने उन्हें गाली देने से मना किया तो उन्हें यहां तक कह दिया कि तू हैं कहां अभी, तेरा घर कहा हैं। लड़की ने कहा- मैं थाने पर मिलूंगी, वहीं आ जाना। इस पर लड़कों ने धमकाया कि तू थाने पर ही आ जा। लड़कों ने खुद पठान बताते हुए कहा कि उस टकले (अरविंद राजपूत) को छोटी बाजार में जाकर बता देना की, उसे भी नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद लड़की ने अपने दोस्तों को पूरा घटनाक्रम बताया। लड़कों ने यह बात राजपूत तक पहुंचाई। रात करीब साढ़े 10 बजे लड़की अपने दोस्त और परिजनों के साथ थाने पहुंची। थाने पर राजपूत भी कुछ कार्यकर्ताओं के साथ आ गए। संगठन तत्काल आरोपियों गिरफ्तारी की मांग की। धीरे- धीरे लोगों की भीड़ बढ़ी और रात करीब 1 बजे थाने के सामने करीब एक हजार लोग थाने के सामने सड़क पर जमा हो गए। थाने का घेराव कर गिरफ्तारी की मांग की। मौके पर सीएसपी अजय राणा पहुंचे और उन्होंने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। रात करीब 2 बजे मामला इस शर्त पर शांत हुआ कि बुधवार सुबह 11 बजे तक यदि आरोपी गिरफ्त में नहीं आए तो छिंदवाड़ा जाम कर देंगे। अब युवती और धमकी देने वालों के बीच बातचीत के अंश… युवक : हमको पठान बोलते हैं छिंदवाड़ा में जब वह (T राजा ) 16 तारीख को आया था तो हमने 15 तारीख को नरेंद्र पटेल ( हिंदू गर्जना रैली के आयोजनकर्ता) को रात में बैठाया और उसको यह भी समझाए थे कि छिंदवाड़ा में गाली गलौज नहीं करना लेकिन उसके बाद भी आखिरी-आखिरी में उसने बोल ही दिया। आदिवासी कमेटी के लोग हमसे मिले उन्होंने हमें बताया जिसके कारण हमने रैली निकाली युवक : अपनी स्टोरी डिलीट करोयुवती : डिलीट तो नहीं होगी स्टोरी युवक : डिलीट नहीं होगी ना तो ठीक है हम %#@₹₹%%# उसकी टकला जो भी है छोटी बाजार का उसकी #₹%*@ का दम रखते हैं हम लोग, जो तुम लोग बोलते न हम रेप कर रहे लड़कियों का सही में कर रहे (पीछे से दूसरा लड़का बोला) - मेरे पास चार गर्लफ्रेंड है तेरे समाज की चार और चारों जहर खाती हैं मेरे लिए युवती : इसको समझा दो कि समाज में न जाए नहीं तो में उकसी न तो घर में घुस कर.... इसके बीच अलग दो लड़के पीछे से लगातार गाली देते सुनाई देते हैं युवती : भैया ये गाली दे रहे है मुझे बताओ क्या करना है।युवक : तू स्टोरी डिलीट कर युवती : नहीं वो तो नहीं होंगी, 24 घंटे बाद अपने आप होगी युवक : ठीक है तू बता तू कहां है तेरा घर कहां है युवती : आप जाओ थाने में मिलती हूं। युवक : हां, जा थाने तीन युवकों के नाम सामने आए मामले में जांच जारी कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कॉल डिटेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जानकारी खंगाली जा रही है।
सीकर के आसमान में बादल छंट गए हैं। आज सुबह अच्छी-खासी फाल्गुनी हवाएं चलीं। सीकर समेत शेखावाटी इलाके में सुबह गुलाबी ठंड महसूस हो रही है। नया वेदर सिस्टम एक्टिव होने से सीकर के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 26 फरवरी से दिन का तापमान फिर बढ़ेगा। आज पारे में मामूली गिरावट देखने को मिली है। अब फिलहाल मौसम ड्राई रहेगा। सीकर के फतेहपुर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र पर आज सुबह का न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले यहां पर मंगलवार को न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री और अधिकतम तापमान 32.0 डिग्री दर्ज किया गया था। सीकर समेत शेखावाटी क्षेत्र में पिछले 24 घंटे से बादलों की आवाजाही अब कम हो गई है। मंगलवार को दोपहर में अच्छी धूप खिली। बीती रात से ही फाल्गुनी हवाओं की गति तेज है, आज सुबह बादलों की आवाजाही काफी कम है। सीकर में आज शाम तक हल्के बादल छाए रहेंगे, अब मौसम ड्राई रहने का अनुमान है। फिलहाल 3 मार्च तक सुबह-शाम हल्की सर्दी का दौर बना रहेगा। 26 फरवरी को दिन में तेज धूप और फिर हल्की गति से ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है। फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव लगातार जारी है। सीकर में दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ गई है, हालांकि सुबह-शाम सर्दी अब भी है। सीकर जिले में आज बादल छंटने के बाद धूप में तेजी रहेगी। अब सीकर में सर्दी का असर दिन में पूरी तरह कमजोर पड़ गया है। 26 फरवरी से सीकर जिले के न्यूनतम और अधिकतम तापमान में निरंतर बढ़ोतरी होगी।
दान के लिए बनाई नेकी की दीवार पर आग:टीकमगढ़ में सभी कपड़े जलकर खाक, फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया
टीकमगढ़ के सिविल लाइन रोड स्थित 'नेकी की दीवार' स्थल पर मंगलवार देर रात आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में वहां रखे सभी कपड़े जलकर खाक हो गए। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। नगर पालिका ने अनुपयोगी कपड़े दान करने के उद्देश्य से इस 'नेकी की दीवार' स्थल का निर्माण कराया था। पिछले लगभग पांच वर्षों से शहर के लोग यहां अपने अनुपयोगी कपड़े दान करते आ रहे हैं। हालांकि, नगर पालिका की ओर से इसकी देखभाल के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं किया गया था। नेकी की दीवार पर आग से कपड़े जलकर खाक यह स्थल नगर पालिका सीएमओ के बंगले और फायर ब्रिगेड कार्यालय के ठीक बगल में स्थित है। आग लगने की जानकारी मिलते ही सबसे पहले कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद दमकल कर्मचारियों को बुलाया गया, जिन्होंने आग बुझाने का काम किया। इस घटना में 'नेकी की दीवार' पर रखे सभी कपड़े पूरी तरह जल गए। कोतवाली पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रही है।
सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और सिकटा थाने की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो चरस तस्करों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रात्रि में शिकारपुर शेरवा टोला के पास की गई, जहां से 34.5 किलोग्राम चरस बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान सिकटा थाना क्षेत्र के ग्राम बेहरा निवासी रामाज्ञा यादव और ग्राम बेहरी निवासी जनक लाल पटेल के रूप में हुई है। अपर थानाध्यक्ष निधि कुमारी ने बताया कि एसएसबी और पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, नेपाल की ओर से सिकटा मार्ग होते हुए एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति भारी मात्रा में चरस लेकर आ रहे थे। इस सूचना के आधार पर शिकारपुर शेरवा टोला के पास सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर सघन जांच अभियान चलाया। 24 पैकेट में चरस बरामद जांच अभियान के दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोका गया। तलाशी लेने पर बाइक पर रखे बैग से 24 पैकेट में चरस बरामद हुई। दंडाधिकारी अविनाश पटेल की मौजूदगी में जब्त मादक पदार्थ का वजन किया गया, जो कुल 34.5 किलोग्राम निकला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 87.50 लाख रुपए बताई जा रही है। एसएसबी के सहायक कमांडेंट के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
MD के साथ पकड़े गए दो युवक:पुलिस ने किया गिरफ्तार, युवाओं को दोस्ती कर चंगुल में फंसा रहे तस्कर
जोधपुर में मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस का अभियान जारी है। मंगलवार को पुलिस ने एमडी ड्रग के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 8 ग्राम MD बरामद की। पूरी कार्रवाई डांगियावास थाना पुलिस की ओर से की गई। पुलिस ने मंगलवार को दांतीवाड़ा के पास से 8 ग्राम एमडी ड्रग के साथ दो युवकों को पकड़। जिनकी पहचान संजय पुत्र तेजाराम जाट उम्र 21 साल निवासी जालेली फोजदार थाना डांगियावास हाल बासनी तंबोलीया थाना माता का थान व महेन्द्र पुत्र बालाराम जाट उम्र 20 साल निवासी डांवरा थाना खेडापा हाल श्रीराम काॅलोनी सारण नगर थाना बनाड के तौर पर हुई। दोनों को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इन दोनों से मादक पदार्थ खरीदने के संबंध में पूछताछ कर रही है। बता दें कि जोधपुर ओर जिले में इन दिनों MD ड्रग के मामले बढ़ चले हैं। कॉलेज से लेकर बिजनेस करने वाले युवा तस्करों के चंगुल में फंस रहे हैं। तस्कर दोस्ती करके उन्हें नशा करने की लत लगाते हैं। बाद में उन्हें ड्रग पैडलर बना देते हैं। इसके चलते युवा कम उम्र में पढ़ने ओर सपनों को पूरा करने की बजाय तस्करी के कामों में जुट रहे हैं।
राजसमंद में मंदिर में चोरी की नीयत से पहुंचे दो संदिग्ध युवकों को ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर औजार भी बरामद किए। पूछताछ में बदमाशों ने रैकी के बाद वारदात करने की बात स्वीकार की। घटना नाथद्वारा ग्रामीण थाना क्षेत्र के उथनोल गांव स्थित नवा बावजी सोमवार रात को हुई। ASI बद्रीलाल ने बताया- सोमवार देर रात मंदिर परिसर में संदिग्ध गतिविधियां नजर आने पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को दबोच लिया। पूछताछ में उन्होंने मंदिर में चोरी की योजना से आने की बात स्वीकार की। आरोपियों की पहचान उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर निवासी हितेश तेवतिया और उसके साथी ओम तेवतिया के रूप में हुई है। रैकी के बाद पहुंचे थे वारदात को पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने 19 तारीख को मंदिर और आसपास के क्षेत्र की रैकी की थी। पूर्व नियोजित योजना के तहत सोमवार रात मंदिर में चोरी का प्रयास करने पहुंचे थे। उनके पास से पेचकस, कटर और लोहे की रॉड बरामद की गई है, जिनका उपयोग ताला तोड़ने के लिए किया जाना था। एक आरोपी पर पहले भी दर्ज है मामला पुलिस के अनुसार आरोपियों में से एक के खिलाफ कोटा थाने में पूर्व में भी प्रकरण दर्ज है। फिलहाल दोनों से गहन पूछताछ जारी है। पुलिस अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
हरियाणा विधानसभा के घेराव के लिए चंडीगढ़ कूच करने से पहले ही हिसार पुलिस ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आज बुधवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस ने कांग्रेस के ग्रामीण जिलाध्यक्ष सहित तीन वरिष्ठ नेताओं को उनके आवास से हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक (निवारक कार्रवाई) से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी रोष है। हिसार में हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेताओं में भूपेंद्र गंगवा, एआईआईसीसी सदस्य राजेंद्र संदलाना शामिल हैं। पुलिस ने इनके ड्राइवरों को भी हिरासत में ले लिया है। सुबह 5 बजे हिसार पुलिस तीनों नेताओं के घर पहुंची और इनको कस्टडी में ले लिया। बता दें कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत आज 25 फरवरी 2026 को चंडीगढ़ में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम में हिसार से कांग्रेस नेताओं को शामिल होना था। सुबह 5 बजे पुलिस पहुंची आज सुबह करीब 5 बजे ही पुलिस प्रशासन ने जिला कांग्रेस कमेटी हिसार के नेताओं के घरों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। विशेष रूप से जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) अध्यक्ष बृज लाल बहबलपुरिया के निवास स्थान पर 2 से 3 पुलिस गाड़ियां और दर्जनों पुलिसकर्मी पहुंच गए और उन्हें उनके घर पर ही रोकने का प्रयास किया गया, ताकि वे चंडीगढ़ जाकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल न हो सकें। कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई की 3 तस्वीरें… सरकार की दमनकारी नीति उजागर : बृजलाल कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने कहा कि सरकार शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध से इतनी भयभीत हो चुकी है कि सुबह अंधेरे में ही कांग्रेस नेताओं को नजरबंद करने जैसी कार्रवाई कर रही है। यह लोकतंत्र की हत्या है और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मजदूर, किसान और गरीब वर्ग की सच्ची आवाज है। पुलिस बल भेजकर हमें रोका जा सकता है, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कैथल में हरियाणा पुलिस के कर्मचारी सुनील संधू द्वारा सोशल मीडिया पर की गई भावुक पोस्ट को लेकर पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आज इस संबंध में सुनील संधू के साथ नशा मुक्ति टीम में शामिल अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी, जिसमें यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि सुनील संधू ने वास्तव में नशा तस्करों की जानकारी किसी को दी थी या नहीं। यह भी जानने का प्रयास किया जाएगा कि किस प्रकार की पोस्ट सुनील संधू ने सोशल मीडिया पर डाली। डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल लगातार मामले की जांच कर रहे हैं। फेसबुक पर पोस्ट की बता दें कि संधू ने अपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट पर लिखी पोस्ट में डीएसपी कलायत ललित यादव पर आरोप लगाया है कि उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। पोस्ट में उन्होंने कहा कि वे नशे के खिलाफ अभियान चला रहे थे और प्रशासन के निर्देशों पर कार्रवाई कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें लगातार “मेंटली डिस्टर्ब” किए जाने का आरोप लगाया। संधू ने दावा किया कि एक उच्च अधिकारी ने उन्हें झूठे केस, यहां तक कि स्मैक बेचने जैसे गंभीर आरोप में फंसाने की धमकी दी है। परिवार का जिक्र किया उन्होंने लिखा कि वे सच का साथ दे रहे हैं और झूठ बोलकर किसी के दबाव में नहीं आ सकते। अपने परिवार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और इस पूरे घटनाक्रम से वे काफी तनाव में हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने अपने सेवा काल में कभी रिश्वत नहीं ली और न ही किसी का बुरा चाहा।पोस्ट में संधू ने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि वे नशा बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाते रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि यदि उनसे कभी किसी का दिल दुखा हो तो उन्हें माफ किया जाए। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। डीएसपी गुहला कुलदीप बेनीवाल ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उन्हें के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कन्नौज में दुकानों पर खाद्य विभाग की छापेमारी:मिलावटी सामान नष्ट, तीन नमूने जांच के लिए भेजे गए
कन्नौज में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य विभाग सक्रिय हो गया है। अधिकारियों ने विभिन्न दुकानों पर छापेमारी की और मानक विहीन खाने-पीने की वस्तुएं मिलने पर उन्हें नष्ट कराया। कुछ जगहों पर जांच के लिए नमूने भी भरे गए, जिससे दुकानदारों में हड़कंप मच गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रवर्तन दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार राठौर, अरविंद कुमार साहू और मंजरी मिश्रा ने मेहंदीघाट पर हरदोई की ओर से आ रहे पनीर की जांच की। बताया गया कि इसमें मिलावट की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद, उग्गापुरवा गांव स्थित नितिन गुप्ता के किराना स्टोर पर छापेमारी की गई। नितिन गुप्ता के स्टोर से मैदा और सरसों के तेल का नमूना भरा गया, जबकि 30 किलो मैदा जब्त कर ली गई। इसके अतिरिक्त, दुकान में लंबे समय से रखे 20 किलो पैक्ड अचार, एक क्विंटल रंगीन बूंदी और 20 किलो पैक्ड नमकीन को कारोबारी की सहमति से नष्ट कराया गया। इसका अनुमानित मूल्य लगभग 23 हजार रुपये आंका गया है। इसी तरह, मियागंज गांव के शिवम कुशवाहा और अजीत कुमार की दुकानों में रंगीन कचरी बिक्री के लिए लाई गई पाई गई। यहां रंगीन कचरी का नमूना जांच के लिए लिया गया और कारोबारी की सहमति से लगभग 50 किलो रंगीन कचरी को नष्ट कराया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कुल तीन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों को रंगीन, मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री न करने की चेतावनी दी और कहा कि ऐसा करते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की छापेमारी लगातार जारी रहेगी।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) नई दिल्ली के निर्देश पर बेगूसराय जिला प्रशासन ने अपने स्तर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। भूकंप जैसी संभावित प्राकृतिक आपदा की स्थिति में राहत-बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन करने के लिए दो दिवसीय टेबल टॉप एक्सरसाइज और मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने बताया कि यह अभ्यास दो चरणों में होगा। आज टेबल टॉप एक्सरसाइज (TTEX) आयोजित की जाएगी। जिसमें संबंधित विभागों के पदाधिकारी आपदा की काल्पनिक स्थिति में समन्वय, संसाधन प्रबंधन एवं त्वरित निर्णय प्रक्रिया का अभ्यास करेंगे। 26 फरवरी को फिजिकल मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। पांच जगहों पर अभ्यास जिले के पांच प्रमुख जगहों को इस अभ्यास के लिए चयनित किया गया है। जिसमें सदर अस्पताल, सदर अनुमंडल परिसर, बीपी इंटर स्कूल, रिलायंस स्मार्ट बाजार और बरौनी रिफाइनरी शामिल हैं। इन स्थानों पर भूकंप की काल्पनिक स्थिति निर्मित कर विभिन्न विभागों की तत्परता, संसाधनों की उपलब्धता एवं आपसी समन्वय का परीक्षण किया जाएगा। आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए जिला मुख्यालय के गांधी स्टेडियम को मुख्य राहत शिविर एवं आश्रय स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। इसी परिसर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना की जाएगी, जहां से संपूर्ण गतिविधियों की निगरानी और समन्वय किया जाएगा। मेडिकल टीम तैनात रहेगी मॉक ड्रिल के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी चयनित स्थानों पर मेडिकल टीम एवं एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। PHED की ओर से राहत शिविरों में स्वच्छता, पेयजल एवं चलंत शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी। अफवाह से बचने की अपील यातायात प्रबंधन, ग्रीन कॉरिडोर निर्माण और आवश्यक वाहनों की उपलब्धता की जाएगी। फायर ब्रिगेड एवं SDRF की टीम आगजनी नियंत्रण, मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के अभ्यास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। प्रशासन ने सहयोग करने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
दहेज में 25 लाख नही मिलने पर पत्नी से मारपीट:पति पर गला घोंटने की कोशिश और घर से निकालने का आरोप
शाहजहांपुर में एक महिला ने अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट और जान से मारने की कोशिश का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि दहेज में 25 लाख रुपये न मिलने पर उसके साथ मारपीट की गई और गला घोंटने का प्रयास किया गया। सदर बाजार क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता की शादी वर्ष 2021 में खुदागंज निवासी अमित राठौर से हुई थी। पीड़िता के पिता ने शादी में चार पहिया वाहन, नकद और अन्य सामान दिया था। हालांकि, पति और ससुराल वाले इस दहेज से संतुष्ट नहीं थे और अतिरिक्त 25 लाख रुपये नकद की मांग करने लगे। जब पीड़िता ने अपने पिता की आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए अतिरिक्त दहेज देने में असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। मायके पक्ष ने कई बार ससुराल पक्ष से बात करने का प्रयास किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। महिला ने आरोप लगाया है कि पति और ससुराल वालों ने उसे कई बार कमरे में बंधक बनाकर पीटा और गला घोंटने की कोशिश की। पीड़िता ने अपने देवर पर भी गलत नीयत रखने और कई बार गलत हरकतें करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। जब उसने पति को इस बारे में बताया, तो उसने देवर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। 21 फरवरी को पति और ससुराल वालों ने कथित तौर पर उसे कमरे में बंद करके पीटा और गला घोंट दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। अगले दिन, 22 फरवरी को, पीड़िता के मायके वालों ने पुलिस को सूचना दी और उसे सीधे थाने ले गए। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
दतिया मेडिकल कॉलेज में दिल की जांच के लिए करीब 13 लाख रुपये में खरीदी गई ईकोकार्डियोग्राफी मशीन पांच साल से गायब है। हैरानी की बात यह है कि न तो मशीन अस्पताल में मिल रही है और न ही किसी विभाग के रिकॉर्ड में उसका स्पष्ट पता चल पा रहा है। मामला तब सामने आया, जब आरटीआई के जरिए जानकारी मांगी गई। स्टॉक रजिस्टर में दर्ज है कि मशीन एमएस ऑफिस को सौंपी गई थी, लेकिन एमएस ऑफिस के रिकॉर्ड में ऐसी किसी मशीन के पहुंचने का उल्लेख नहीं है। वहीं मेडिसिन विभाग के स्टॉक रजिस्टर में भी इस मशीन की एंट्री नहीं मिली। जांच में यह जरूर सामने आया कि एक मशीन रेडियोलॉजी विभाग को दी गई थी, लेकिन दूसरी मशीन कहां गई, यह अब भी साफ नहीं है। जांच रिपोर्ट दबाने का आरोपमेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. हेमंत जैन ने हाल ही में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जवाब में सिर्फ इतना कहा गया कि जांच जारी है। दूसरी ओर, जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार बौद्ध ने लिखित में बताया कि उन्होंने 19 दिसंबर 2025 को अपनी जांच रिपोर्ट डीन कार्यालय में जमा कर दी है। इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में तत्कालीन डीन डॉ. राजेश गौड़ के कार्यकाल में कई मशीनें खरीदी गई थीं। शुरुआती इंस्टॉलेशन पर डॉ. शैलेंद्र कुमार मंझवार के हस्ताक्षर हुए, लेकिन बाद में मतभेद के चलते उन्होंने इससे इनकार कर दिया। कोविड काल के दौरान उपकरणों की अदला-बदली के बीच रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। मशीन लाने की तारीख में भी हेरफेरफाइलों में एक और बड़ा विरोधाभास सामने आया है। रिकॉर्ड के अनुसार मशीन 28 जुलाई 2020 को मेडिकल कॉलेज पहुंची और उसी दिन स्टॉक रजिस्टर में दर्ज हुई। लेकिन दस्तावेजों में यह भी दिखाया गया है कि 6 जून 2020 को, यानी मशीन आने से 52 दिन पहले ही, उसे एमएस ऑफिस को हैंडओवर कर दिया गया था। तारीखों में यह अंतर पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। मेडिकल कॉलेज के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि जांच गोपनीय तरीके से की गई है और रिपोर्ट डीन को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पांच साल बाद भी मशीन का पता न चलना और कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है।
कपूरथला में सुभानपुर रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के पास एक युवक का शव मिला है। राहगीरों की सूचना पर थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। थाना सिटी के जांच अधिकारी एएसआई गुरशरण सिंह ने बताया कि पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। मृतक के कपड़ों की तलाशी लेने पर उसकी जेब से सिविल अस्पताल कपूरथला की एक पर्ची मिली। इससे युवक की पहचान 32 वर्षीय राज कुमार पुत्र गुरनाम चंद निवासी कपूरथला के रूप में हुई। शव को तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में कराया गया था भर्ती पुलिस ने सिविल अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर से पूछताछ की। डॉक्टर ने बताया कि राज कुमार किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था और उसके परिजनों ने उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। हालांकि, इलाज के दौरान वह अस्पताल के बेड से लापता हो गया था। पुलिस ने मृतक की पहचान की पुष्टि के बाद आसपास के मोहल्लों में परिजनों की तलाश में सूचना भिजवाई है, लेकिन अभी तक कोई सामने नहीं आया। फिलहाल, शव को 72 घंटों के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
डीडवाना-कुचामन में 2 महिलाओं समेत 3 गिरफ्तार:20 होटल और ढाबों की तलाशी ली, 500 गाड़ियों की जांच की
डीडवाना-कुचामन जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कुचामन सिटी सहित हाईवे पर स्थित होटल-ढाबों की तलाशी ली गई और विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई। अभियान में 3 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया और 500 वाहनों की जांच की गई। यह कार्रवाई एसपी ऋचा तोमर के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन शहर विमल सिंह नेहरा ने किया, जबकि वृत्ताधिकारी कुचामन शहर मुकेश चौधरी के सुपरविजन में पुलिस टीमों ने मुख्य मार्गों पर नाके लगाकर सघन जांच की। 2 महिला, 1 पुरुष गिरफ्तारपुलिस ने कुचामन सिटी हाईवे पर स्थित लगभग 20 होटल और ढाबों की गहन तलाशी ली। चेकिंग के दौरान संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए 1 पुरुष और 2 महिलाओं को गिरफ्तार किया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।विशेष अभियान के तहत नाकाबंदी कर कुल 500 वाहनों की जांच की गई। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालान बनाए गए। कार्रवाई के दौरान तेज गति से वाहन चलाने के लिए 122 चालान, काली फिल्म लगे वाहनों के लिए 44 चालान, बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के लिए 68 चालान और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने के लिए 3 चालान काटे गए।
मध्यप्रदेश के शासकीय अस्पतालों में सेवाएं दे रहे लगभग 30 हजार आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल में प्रदर्शन करेंगे। मप्र संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर 25 फरवरी को बड़ी संख्या में कर्मचारी जेपी परिसर में जुटेंगे और दोपहर एक बजे न्याय यात्रा निकालेंगे। यह यात्रा मुख्यमंत्री निवास तक जाएगी, जहां 9 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संघ ने साफ चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेशव्यापी हड़ताल आगे भी जारी रखेंगे। बुधवार से शुरू हुए हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं व्यापक रूप से प्रभावित हो सकती हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी अपनी 9 सूत्रीय मांगों के समर्थन में नारेबाजी करेंगे और सरकार से ठोस निर्णय की मांग करेंगे। संघ के अनुसार, मंगलवार रात को ही कई कर्मचारी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भोपाल के लिए बस, ट्रेन व किराए के वाहन से निकल गए थे। 30 हजार कर्मचारी, पूरे प्रदेश में असर संघ के अनुसार प्रदेश के जिला अस्पताल, सिविल हॉस्पिटल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी स्वास्थ्य केंद्र, संजीवनी क्लिनिक और पोषण पुनर्वास केंद्रों सहित विभिन्न इकाइयों में 30 हजार से अधिक आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। ये कर्मचारी रिपोर्टिंग कार्य, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, कुपोषित बच्चों की देखरेख और अन्य कई स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। संघ का कहना है कि यदि हड़ताल होती है तो अस्पतालों की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। रिक्त पदों पर समायोजन या नियमितीकरण की मांग कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत सेवाएं दे चुके आउटसोर्स कर्मचारियों को बिना शर्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर समायोजित कर नियमित किया जाए या संविदा में मर्ज किया जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश और हरियाणा की तर्ज पर ठोस नीति बनाकर स्थायी समाधान करने तथा न्यूनतम 21 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जा रही है। 9 सूत्रीय मांगों में क्या शामिल संघ द्वारा प्रस्तुत 9 सूत्रीय मांगों में श्रम विभाग की 1 अप्रैल 2024 से लागू वेतन वृद्धि का 11 माह का एरियर भुगतान, निजी आउटसोर्स एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट कर सीधे खातों में वेतन भुगतान, शासकीय अवकाश की सुविधा, नियमित भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण, स्वास्थ्य बीमा और ग्रेच्युटी का लाभ शामिल हैं। संघ का आरोप है कि दोहरी और दमनकारी नीति के कारण वर्षों से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है, जबकि वे 12 से 14 घंटे तक कार्य कर अस्पतालों की रीढ़ बने हुए हैं। सामूहिक हड़ताल रहेगी जारी संघ ने बताया कि आंदोलन के चौथे चरण में 25 फरवरी 2026 से प्रदेशभर के कर्मचारी सामूहिक हड़ताल में शामिल रहेंगे। यदि मांग नहीं मानी गई तो यह हड़ताल जारी रहेगी। कोमल सिंह ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी शासन और विभाग की होगी। कई बार पत्र, ज्ञापन और प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण कर्मचारियों में आक्रोश है। अब न्याय यात्रा के जरिए सीधे मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की जाएगी। कर्मचारियों का दावा है कि वे स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके भविष्य की सुरक्षा के बिना स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती संभव नहीं है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अरपा नदी से अवैध रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन इसके बावजूद शहर से लगे नेशनल हाईवे-130 के आसपास सेंदरी, घुटकू, लोखंडी, मंगला, छठघाट, दो मुहानी और ढेका में रेत खनन किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने ड्रोन कैमरे से अवैध खनन का वीडियो बनाया, जिसमें नदी के बीच एक साथ दर्जनों ट्रैक्टर रेत निकालते नजर आए। प्रशासन का दावा है कि खनिज विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय है। लेकिन मौके पर न तो जांच होती दिखी और न ही परिवहन रोकने की कोई कार्रवाई। रविवार रात करीब 3 बजे सेंदरी घाट पर ड्रोन से ली गई तस्वीरों में 9 ट्रैक्टर रेत लोड करते दिखे। घुटकू घाट पर भी इसी तरह अवैध खनन जारी मिला। घाटों तक जाने वाले रास्तों में जगह-जगह रोड़े और रेत के ढेर लगाए गए हैं, ताकि बाहरी लोगों की पहुंच मुश्किल हो सके। पूरी रात रेत का अवैध परिवहन होता रहा, लेकिन खनिज विभाग या पुलिस की टीम मौके पर नजर नहीं आई। यह स्थिति तब है जब हाल ही में रेत माफिया ने एक नायब तहसीलदार को कुचलने की कोशिश की थी। इस पूरे मामले में खनिज विभाग के उप संचालक केके गोलघाटे का पक्ष लेने के लिए कॉल-मैसेज किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। देखिए पहले ये तस्वीरें- जिले में सिर्फ चार वैध घाट, फिर भी 15-20 जगहों से खुदाई जिले में अमलडीहा, उदईबंद, सोढ़ाखुर्द और करहीकछार घाट ही वैध घोषित हैं। इसके बावजूद रोजाना 15 से 20 घाटों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। भास्कर टीम जब सेंदरी घाट पहुंची तो पुल के नीचे से लगातार ट्रैक्टर निकलते दिखे। मौके पर पांच ट्रैक्टर रेत लेकर बाहर जाते नजर आए। वहीं दो युवक संदिग्ध स्थिति में मौजूद थे। उनकी गतिविधियों से साफ था कि उन्हें विशेष रूप से निगरानी और सूचना देने के लिए तैनात किया गया है। इसके बाद टीम घुटकू रेत घाट पहुंची। यहां भी इसी तरह का संगठित नेटवर्क सक्रिय मिला। घाट के आसपास दो लोग तैनात थे। घाट पर करीब 10 ट्रैक्टर रेत की लोडिंग में लगे हुए थे। कार्रवाई की भनक लगते ही 20 से 30 मिनट में घाट खाली मंगला रोड से करीब दो किलोमीटर दूर मेन रोड से करीब 200 मीटर अंदर लोखंडी के रामघाट में खुलेआम रेत का अवैध खनन चल रहा है। साफ रेत निकालने के लिए अरपा नदी के बीच बहाव में 25 से ज्यादा ट्रैक्टर उतारे जा रहे हैं। दोपहर करीब 2 बजे ड्रोन से 150 मीटर ऊंचाई से ली गई तस्वीर में 22 ट्रैक्टर साफ नजर आए। रामघाट तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं, बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे से, सेंदरी बाइपास होते हुए कोनी की ओर और तीसरा स्थानीय मार्ग। इन्हीं रास्तों से रेत की ढुलाई की जा रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घाट के आसपास कुछ लोग मोबाइल लेकर खड़े रहते हैं और कार्रवाई की भनक लगते ही तुरंत सूचना पहुंचा देते हैं। ऐसे में 20 से 30 मिनट में पूरा घाट खाली हो जाता है। ट्रैक्टर-ट्रॉला इंजन के साथ तैयार रहते हैं। तेज बहाव में साफ रेत निकालने के लिए ट्रैक्टर नदी के बीच उतारे जाते हैं, और अगर फंस जाएं तो दो-तीन इंजन लगाकर बाहर खींच लिया जाता है। सत्ताधारी और विपक्षी दल के नेताओं की मिलीभगत के आरोप रेत के इस अवैध कारोबार में सत्ताधारी और विपक्षी दलों के कुछ नेताओं के साथ-साथ शराब कारोबारी भी भी शामिल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि जब विभाग के अफसर छापेमारी करने जाते हैं और गाड़ियां जब्त की जाती है तो उनके आका नेता उन्हें छोड़ने के लिए कॉल कर दबाव बनाते हैं। शराब- पैसे के बदले पूरी रात निगरानी बताया जा रहा है कि रोजाना रात में लगभग हर रेत घाट पर माफिया के लोग सक्रिय रहते हैं। ट्रैक्टर ड्राइवर, मजदूर और कर्मचारी तक वहां नजर आते हैं। जिन्हें मुखबिरी का जिम्मा दिया जाता है। उनके लिए माफिया शराब का भी इंतजाम करते हैं। पैसे तो मिलते ही हैं, साथ ही पीने के लिए शराब मिलने से वे पूरी रात घाट पर डटे रहते हैं। सुबह होते ही ये लोग घर लौट जाते हैं। कोई न पहुंच सके, इसलिए रास्ते में रेत के ढेर घुटकू घाट तक पहुंचना आसान नहीं था। सुनियोजित तरीके से रास्ते में जानबूझकर रेत के ढेर लगा दिए गए थे, ताकि सामान्य वाहन की आवाजाही न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से इन घाटों पर रात के अंधेरे में अवैध खनन और परिवहन हो रहा है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ………………………… रेत खनन से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… बिलासपुर में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन...6 हाईवा-ट्रैक्टर जब्त:खनिज विभाग के अफसरों पर मिलीभगत के आरोप लगे तो एक्शन, 37 ट्रैक्टर रेत भी जब्त बिलासपुर में जनप्रतिनिधियों की शिकायत, रेत माफियाओं के तहसीलदार पर ट्रैक्टर चढ़ाने का प्रयास के बाद अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने खनिज विभाग ने सक्रियता दिखाई। टीम ने घुटकू, सेंदरी सहित रतनपुर इलाके में छापेमारी की। इस दौरान अवैध रेत परिवहन करने वाले तीन हाईवा और तीन ट्रैक्टर के साथ ही अवैध रूप से डंप 37 ट्रैक्टर रेत को जब्त किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (VMOU) के एम.एस.सी व बी.एड.पाठ्यक्रम के सत्र जनवरी 2026 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन का अंतिम अवसर दिया गया हैं। निदेशक विज्ञान व तकनीकी विद्यापीठ प्रो. अनुराधा दुबे ने बताया कि विश्विद्यालय के M.Sc.( बॉटनी,केमिस्ट्री, फिजिक्स व जूलॉजी) की 1450 सीट में प्रवेश के लिए संबंधित विषय में B.Sc. पास होना अनिवार्य है।। इच्छुक व पात्र अभ्यर्थी VMOU की वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक की सहायता से 500 रूपए आवेदन शुल्क के साथ अपना फॉर्म 27 फरवरी तक भर सकते हैं। पात्रता व प्रवेश नियम संयोजक प्राणी शास्त्र डॉ संदीप हुड्डा ने बताया कि अप्लाई करने से पहले अभ्यर्थी ऑनलाइन उपलब्ध गाइडलाइन व पात्रता शर्तें अच्छे से पढ़ लेवे। परिणाम का इंतजार कर रहे या वर्तमान में बीएससी में अध्ययनरत अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर सकते। अभ्यर्थी का प्रवेश मेरिट,उसके द्वारा भरे गए अध्ययन केंद्रों के विकल्प, राजस्थान सरकार के आरक्षण नियमों, और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा। एम.एस.सी में विश्विद्यालय के विभिन्न अध्ययन केंद्रों में बॉटनी मे 325, जूलॉजी में 325, फिजिक्स में 300 तथा केमिस्ट्री में 500 सीटें हैं। अभ्यर्थी को अपनी रुचि के विषय में उपलब्ध सभी सेंटरों के विकल्प अपनी वरीयता के हिसाब से भरने आवश्यक हैं। पात्र अभ्यर्थी एम.एस.सी. के किसी एक विषय में ही अप्लाई कर सकते है। दूरस्थ बी.एड.पाठ्यक्रम में आवेदन का भी अंतिम अवसर शिक्षा विद्यापीठ की निदेशक प्रो कीर्ति सिंह ने बताया कि बी.एड. पाठ्यक्रम की 500 सीटों पर भी प्रवेश में आवेदन की अंतिम तिथि 27 फरवरी ही है। जिसमें सेवारत प्राइमरी शिक्षक जिन्होंने नियमित रूप से डीएलएड कोर्स किया है, और स्नातक योग्यता रखते है, वे आवेदन कर सकते हैं। प्रवेश का आधार स्नातक परीक्षा में प्राप्त अंक व लागू आरक्षण नियम होंगे। कैसे करे आवेदन आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी अपने सभी मूल दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रतिलिपि ,पहचान पत्र,फोटो तथा हस्ताक्षर की सॉफ्ट कॉपी अपने पास रखे। अन्य पिछड़ा वर्ग , अति पिछड़ा वर्ग व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थी सुनिश्चित करे कि उनका प्रमाण पत्र एक साल से पुराना न हो। जारी होने की तिथि एक वर्ष से पूर्व होने पर वेबसाइट पर उपलब्ध घोषणा पत्र भरकर अपलोड करें। राज्य सरकार के नियमानुसार किसी भी परिस्थिति में तीन साल से पुराना प्रमाण पत्र मान्य नहीं होगा। आवेदन अभ्यर्थी स्वयं ऑनलाइन या राजस्थान में स्थित किसी भी ई-मित्र केंद्र से कर सकते हैं। राजस्थान से बाहर के अभ्यर्थी भी अप्लाई कर सकते है। लेकिन उन्हें आरक्षण का लाभ देय नहीं होगा।
शहर में बाइक चोरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। शहर में 23 फरवरी को अलग-अलग जगहों से तीन मोटरसाइकिल चोरी होने के मामले सामने आए हैं। तीनों मामलों में शहर कोतवाली थाने में पुलिस ने बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी अरावली विहार काला कुआं निवासी 70 वर्षीय रविन्द्र कुमार ने रिपोर्ट में बताया कि वे जिला हॉस्पिटल के गेट नंबर 1 के पास मेडिकल स्टोर के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर अंदर गए थे। कुछ देर बाद लौटे तो बाइक गायब मिली। आसपास तलाश करने और 100 नंबर पर सूचना देने के बाद भी वाहन का पता नहीं चला। परिजनों ने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मौका पाकर बाइक चोरी कर ली। स्कीम नंबर-3 क्षेत्र से वाहन पार शिव कॉलोनी निवासी मनोहर लाल सैनी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने दोपहर करीब एक बजे अपना दोपहिया वाहन प्लॉट के बाहर खड़ा किया था। जब वे वापस लौटे तो वाहन वहां नहीं मिला। आसपास पूछताछ और खोजबीन के बावजूद कोई सुराग नहीं लगा। उन्होंने रिपोर्ट में बताया कि अज्ञात चोर उनके वाहन को चोरी कर ले गए। ड्यूटी के दौरान नगर निगम कर्मचारी की बाइक चोरी इंद्रगढ़ निवासी अर्जुन, जो नगर निगम में सफाई कर्मचारी हैं, ने रिपोर्ट दी कि वे सुबह ड्यूटी पर आए और नेहरू गार्डन के पास कार्यालय के बाहर मोटरसाइकिल खड़ी कर सफाई कार्य में लग गए। करीब एक घंटे बाद लौटे तो बाइक गायब थी। उन्होंने आशंका जताई कि ड्यूटी के दौरान किसी ने मौका देखकर वाहन चुरा लिया। तीनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग जांच अधिकारी नियुक्त कर सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। एक ही दिन में तीन वारदातें सामने आने से पुलिस भी सक्रिय हो गई है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रदेश के भू अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) कल व 27 फरवरी को राजस्व मण्डल के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। नियमित डीपीसी नहीं करने और राज्य सरकार की सहमति के बाद भी सरकार के आदेश की पालना नहीं करने के विरोध में होने वाले धरने में प्रदेशभर के गिरदावर जुटेंगे। राजस्थान कानूनगो संघ के अनुसार- राजस्व मण्डल द्वारा कार्मिक विभाग की सहमति के बाद भी जोधपुर संभाग की रिव्यु डीपीसी के लिए राज्य सरकार के आदेश की पालना नहीं की जा रही है। मण्डल द्वारा वर्ष 2025-26 की आईएलआर से नायब तहसीलदार पद के लिए नियमित डीपीसी नहीं की जा रही है। इसके अभाव में कई वरिष्ठ आईएलआर बिना प्रमोशन पाए ही रिटायर हो गए और कई रिटायर होने के नजदीक हैं। ऐसे में नियमित डीपीसी नहीं होने से ये सभी प्रभावित होंगे। बता दें कि 21 फरवरी को हुई राजस्थान कानूनगो संघ की महासमिति की बैठक में राजस्व मण्डल के बाहर धरना देकर प्रदर्शन करने के लिए सहमति बनी थी। ………. पढें ये खबर भी…. अजमेर में आज 7 घंटे तक रहेगा पावर कट:20 इलाकों में नहीं होगी सप्लाई, मेंटेनेंस काम के चलते बंद रहेगी बिजली अजमेर में बिजली वितरण का जिम्मा संभाल रही टाटा पावर ने मेंटेनेंस काम के लिए बिजली शटडाउन शेड्यूल जारी किया है। आज कई क्षेत्रों में 7 घंटे तक पावर कट होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सुबह साढे़ 9 से 5 बजे के बीच बिजली कटौती की जाएगी। पढें पूरी खबर
बालाघाट पूज्य सिंधी पंचायत के चुनाव का परिणाम मंगलवार देर रात घोषित किया गया। अमरलाल मंगलानी ने अपने प्रतिद्वंद्वी गोपाल आडवानी को 471 वोटों से हराकर तीसरी बार अध्यक्ष पद हासिल किया। उनकी जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने ढोल बजाकर जश्न मनाया। इस बार अध्यक्ष पद के लिए अमरलाल मंगलानी, गोपाल आडवानी और सुरेश रंगलानी ने नामांकन दाखिल किए थे, जिसके कारण छह साल बाद समाज में चुनाव हुए। मुख्य चुनाव अधिकारी रमेश रंगलानी की देखरेख में बैलेट पेपर से मतदान कराया गया। कुल 1519 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 948 मत पाकर अमरलाल मंगलानी तीसरी बार अध्यक्ष मतगणना में अमरलाल मंगलानी को 948 मत, गोपाल आडवानी को 477 मत और सुरेशचंद रंगलानी को 82 मत प्राप्त हुए। इन परिणामों के आधार पर अमरलाल मंगलानी को अगले तीन वर्षों के लिए पूज्य सिंधी पंचायत का नया अध्यक्ष घोषित किया गया। निर्वाचन अधिकारी रमेश रंगलानी ने पुष्टि की कि अध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में थे। मतों की गणना के बाद अमरलाल मंगलानी को 471 मतों के अंतर से विजयी घोषित किया गया। नवनियुक्त अध्यक्ष अमरलाल मंगलानी ने बताया कि वह इससे पहले भी दो बार पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष ने निष्ठा से सामाजिक उत्थान का लिया संकल्प अमरलाल मंगलानी ने कहा कि उन्होंने पूर्व में भी पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से काम किया था। सामाजिक बंधुओं ने उन्हें पुनः यह दायित्व सौंपा है, जिसका वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगे। उन्होंने सभी सामाजिक बंधुओं को साथ लेकर चलने और उनके सहयोग से सामाजिक उत्थान के कार्य करने का संकल्प लिया।
बांदा में बांस-बल्ली की दुकान में लगी आग:शॉर्ट-सर्किट से हादसा, 15 लाख का सामान जलकर राख
बांदा जनपद के बिजली खेड़ा में देर रात शॉर्ट सर्किट के कारण एक बांस-बल्ली की दुकान में भीषण आग लग गई। यह दुकान मकान मालिक फूलचंद्र के घर में ही संचालित थी। इस घटना में दुकान और घर का सारा सामान जलकर राख हो गया, जिससे करीब 15 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। स्थानीय निवासियों ने आग की लपटें देखकर तुरंत दुकान मालिक फूलचंद्र को सूचित किया और फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे दुकान में रखे बांस-बल्ली के साथ-साथ घर में रखी दो मोटरसाइकिलें और जेवर भी जल गए। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मालिक फूलचंद्र ने बताया की हमारी बांस बल्ली की दुकान थी, यहां पर शॉर्ट शर्किट की वजह से आग लग गई। जब लोगो ने शोर मचाया तब हम जागे और उसके तुरंत बाद हमने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, मौके पर पहुंची टीम ने किसी तरह से आग पर काबू पाया, वही दुकान में रखा सारा जमान जलकर राख हो गया है।दुकान में रखा और घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया है, वही मकान मालिक ने 10 से 15 लाख रुपए का नुकसान बताया जा रहा है।
सीकर में कमरे में सोती युवती लापता:सुबह परिजनों को नहीं मिली, एक महिला भी हो गई गायब
सीकर जिले में 20 साल की युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात को अपने कमरे में सोई थी। जो सुबह घरवालों को नहीं मिली। अब परिवार के लोगों ने किडनैपिंग की आशंका जताते हुए पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। पुलिस युवती की तलाश कर रही है। रात को कमरे में सोई, सुबह नहीं मिली 20 साल की युवती के पिता ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि 22 फरवरी की रात को उनकी 20 साल की बेटी करीब 11:30 बजे अपने कमरे में सोने के लिए चली गई थी। इसके बाद सुबह जब 4:30 बजे परिवार के लोग उसे उठाने के लिए गए तो वह कमरे में नहीं मिली। परिवार के लोगों ने आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी मालूम किया लेकिन युवती का कुछ भी पता नहीं चल पाया। ऐसे में उन्हें आशंका है कि उनकी बेटी का किडनैप हुआ है। 33 साल की महिला भी गायब वहीं सीकर जिले में 33 साल की महिला के भी लापता होने का मामला सामने आया है। 33 साल की महिला के पति ने पुलिस में रिपोर्ट देकर बताया कि 23 फरवरी की सुबह 9:30 के करीब उनकी पत्नी घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। उनकी पत्नी के पास एक मोबाइल भी है जो लगातार स्विच ऑफ है। यह खबर भी पढ़ें : 12वीं बोर्ड एग्जाम के बीच नाबालिग स्टूडेंट लापता:दोस्त से मिलने की बात कहकर निकला था, पिता के पास मैसेज किया-'पापा बचा लो मुझे, ये लोग मारेंगे' सीकर जिले में 17 साल के नाबालिग लड़के के गुमशुदा होने का मामला सामने आया है। नाबालिग लड़का दोस्त से मिलने की बात कहकर घर से निकला था। जो वापस नहीं लौटा। लड़के ने अपने पिता के फोन पर मैसेज किया कि पापा मुझे बचा लो। ये लोग मुझे मारेंगे। फिलहाल पुलिस नाबालिग लड़के की तलाश कर रही है।(पूरी खबर पढ़ें)
पीएम मोदी का इजरायल दौरा: स्थायी रिश्तों को नई मजबूती
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल दौरे पर रवाना होने से पहले कहा कि यह राजकीय यात्रा दोनों देशों के बीच स्थायी संबंधों को और मजबूत करेगी व रणनीतिक साझेदारी के लिए नए लक्ष्य निर्धारित करेगी
लखनऊ में मंचित नाटक ‘सीता वनवास’:दर्शकों को भावुक किया, सामाजिक मूल्यों पर केंद्रित
लखनऊ के कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में 'सीता वनवास' नाटक का मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को भावुक कर दिया। आगा हशर कश्मीरी द्वारा लिखित इस नाटक का आयोजन सूर्या थिएटर कल्चरल आर्ट्स सोसाइटी ने संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया गया। इसका निर्देशन विवेक मिश्रा ने किया। यह नाटक विभिन्न रामायणों में वर्णित 'लव-कुश संवाद' पर आधारित एक काल्पनिक प्रस्तुति है। यह केवल एक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों की गहराई को भी दर्शाता है। नाटक में पति-पत्नी के संबंध, राजा-प्रजा का दायित्व, राजनीति, कर्तव्य, गुरु-माता का सम्मान, शिक्षा और शिष्टाचार जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। मार्मिक अंत ने नम कीं आंखें नाटक की कहानी लंका विजय के बाद अयोध्या लौटे भगवान राम के राजा बनने से शुरू होती है। एक धोबी अपनी पत्नी को यह कहकर घर में रखने से इनकार कर देता है कि राम ने रावण के घर रही सीता को स्वीकार किया, लेकिन वह ऐसा नहीं करेगा। जब यह बात राम तक पहुँचती है, तो वे धर्मसंकट में पड़ जाते हैं। एक आदर्श राजा की छवि बनाए रखने के लिए, वे भारी मन से सीता के परित्याग का निर्णय लेते हैं। अपनी पवित्रता सिद्ध करने के लिए माता सीता धरती से प्रार्थना करती हैं और धरती में समा जाती हैं। इस मार्मिक दृश्य ने प्रेक्षागृह में सन्नाटा और भावुकता भर दी, जिससे कई दर्शकों की आँखें नम हो गईं। कलाकारों ने बांधा समां नाटक में कलाकारों ने सशक्त अभिनय किया। राजा राम की भूमिका में आदर्श तिवारी, सीता के रूप में मुस्कान सोनी, लक्ष्मण के रूप में किशन वर्मा, वशिष्ठ के रूप में राहुल मिश्रा, सखी के रूप में रमा जायसवाल/प्रीयम और रजकी की भूमिका में एकता सिंह ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में शाहाबाद और मोहड़ी स्टेशनों के बीच ट्रेन से गिरकर यात्री की मौत हो गई। उसका शव दोनों ट्रैक के बीच में पड़ा मिला। सुबह राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्ट के लिए भेज दिया। ट्रैन से उतरने के दौरान शायद बैलेंस बिगड़ने से यात्री नीचे गिर गया। GRP के मुताबिक, घटना रात करीब 1 बजे की है। ट्रेन अंबाला की तरफ जा रही थी। सुबह करीब 6 बजे रेलवे कंट्रोल रूम को इसकी सूचना मिली। रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। अभी युवक की पहचान हो पाई है, लेकिन युवक बिहार साइड का लग रहा है। इसकी उम्र करीब 25 साल की लग रही है। टिकट भी नहीं मिली ASI विकास कुमार ने बताया कि यात्री पीली पैंट, नीली बनियान और हल्की नीली शर्ट पहनी हुई थी। ऊपर से मटमैले रंग की जर्सी और लाल-हरी बेल्ट भी डाली हुई थी। यात्री की जेब से कोई टिकट नहीं मिली। हादसा ट्रेन से गिरने की वजह से ही हुआ है। यात्री के सिर के पीछे चोट लगी हुई थी। अक्सर ट्रेन से गिरने की वजह से इस तरह चोट लगती है। अंबाला की तरफ जा रहा था यात्री ASI विकास कुमार ने बताया कि यात्री ट्रेन से अंबाला की तरफ जा रहा था और शायद उसके पास यात्रा का टिकट नहीं था। आशंका यही है कि ट्रेन में टीटीई की चेकिंग को देखकर यात्री घबरा गया और उसने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की। इस कोशिश में सिर के बल नीचे गिरने से उसकी मौत हो गई। फिलहाल पुलिस उसकी पहचान की कोशिश कर रही है।
हनुमानगढ़ के टाउन थाना क्षेत्र में खेत की रखवाली कर रहे एक किसान पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इस घटना में किसान के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, चक 7 एमजेडडब्ल्यू निवासी 42 वर्षीय लालचंद उर्फ लाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 2:30 बजे वह अपनी जमीन चक 7-8 एमजेडडब्ल्यू में पड़ोसी सतनाम गोदारा और भीमसेन के साथ खेतों की रखवाली कर रहे थे। तीनों खाला की पुलिया के पास बैठकर निगरानी कर रहे थे। बाइक पर आए थे 2 बदमाशबुधवार अलसुबह करीब 4:15 बजे आम मिर्जावाली से रणजीतपुरा जाने वाली सड़क की ओर से एक बाइक पर सवार दो युवक आए। आरोप है कि उन्हें सड़क पर खड़ा देखकर बाइक सवारों ने बाइक तेज करते हुए उनकी ओर फायर कर दिया। गोली सड़क पर लगी, जिससे चिंगारियां उठीं और एक छर्रा लालचंद के दाहिने पैर के घुटने के पास जा लगा। इससे उन्हें चोट आई और खून बहने लगा। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी रणजीतपुरा की ओर फरार हो गए। आरोपियों की तलाश जारीघटना के तुरंत बाद सतनाम और कृष्ण ने घायल लालचंद को टाउन स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया। पुलिस ने लालचंद की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच एएसआई किशोर सिंह कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
रायबरेली में जलभराव से लोग परेशान:एक साल से गंदगी, नगर पालिका पर लापरवाही का आरोप
रायबरेली के आचार्य द्विवेदी नगर में पिछले एक साल से जलभराव और गंदगी की समस्या से जूझ रहे स्थानीय निवासियों का गुस्सा बुधवार को सामने आया। निवासियों ने नगर पालिका परिषद पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। भूतपूर्व सूबेदार विपिन कुमार पाठक ने बताया कि वे 20 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उनके अनुसार, नालियों का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे पानी की निकासी पूरी तरह ठप है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक निजी प्लॉट के पास नाली को रोक दिया गया है। पाठक ने बताया कि उनके पड़ोसी विजय का घर जलभराव के कारण गिरने की कगार पर है। उन्होंने ईओ और चेयरमैन से कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार बारिश का बहाना बनाकर टाल दिया गया। स्थानीय निवासी छोटू ने बताया कि नाली बंद होने के कारण गंदा पानी उनके कमरों तक में भर जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यह गंदा पानी 'कमला राज महल' की तरफ से आ रहा है। छोटू के अनुसार, चेयरमैन शत्रुघ्न सोनकर से शिकायत करने पर उन्होंने बजट और बरसात का हवाला देकर कोई कार्रवाई नहीं की। अरविंद सिंह ने कहा कि वे एक साल से सीवर और गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन ने उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं, बुजुर्ग महिला रामुरती ने बताया कि उन्होंने नगर पालिका के कई चक्कर लगाए हैं, पर कोई अधिकारी उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने भी बताया कि आगे एक प्लॉट मालिक ने नाली बंद कर दी है, जिससे पानी वापस घरों में भर रहा है। इस गंभीर समस्या पर नगर पालिका के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल, मोहल्ले के लोग गंदगी और बीमारियों के डर के बीच जीवन यापन कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज अयोध्या दौरे पर पहुंच रहे हैं। वे करीब 3 घंटे तक अयोध्या में रहेंगे।इस दौरान वे रामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन कर शाम को सरयू की आरती भी करेंगे। दोपहर 2:30 पर हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए होटल से रवाना होंगे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली से अयोध्या पहुंच रहे हैं।वे दोपहर 1:30 पर महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर पहुंचेंगे । इसके बाद अयोध्या के एक होटल में विश्राम के बाद दोपहर 2:30 पर हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए होटल से रवाना होंगे। देर शाम सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना होंगे हनुमानगढी में दर्शन और पूजन के बाद वे दोपहर 3:15 पर राम लला के दरबार दर्शन के लिए पहुचेंगे। यहां पर लगभग आधा घंटे राम जन्मभूमि परिसर में रहकर दर्शन-पूजन कर राम मंदिर की भव्यता को निहारेंगे।शाम 4:15 बजे सरयू का दर्शन और आरती कर देर शाम सड़क मार्ग से वाराणसी के लिए रवाना होंगे।
हरियाणा में बल्लभगढ़ से भाजपा विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई के फरीदाबाद स्थित रिसॉर्ट के वॉशरूम में छत्रपति शिवाजी और रानी पद्मावती की फोटो लगाए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पहले वायरल वीडियो को दूसरी जगह का बताया जा रहा था, लेकिन अब विधायक के भाई टिपरचंद ने कैमरे पर आकर बताया है कि वह फोटो शिवाजी और पद्मावती से मिलती -झुलती थी। जिनको जानकारी मिलते ही हटवा दिया गया था और इन फोटो को लगाने वाले कर्मचारी को भी नौकरी से निकाल दिया गया था। वीडियों के वायरल होने के बाद महाराष्ट्र के एक दल ने रिसॉर्ट का दौरा किया । जिसका उन्होंने एक वीडियों जारी किया, जिसमें अब घोड़ो की फोटो हटाकर आइना लगा दिया गया है। दूसरी जगह का बताया था वीडियो जब ये वीडियों वायरल हुआ था, तो दैनिक भास्कर ऐप की टीम ने रिसॉर्ट के मालिक और बीजेपी विधायक मूलचंद शर्मा के भाई टिपरचंद शर्मा से कॉल पर बात की थी। जब उनसे इस वीडियों के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि ये वीडियों उनके रिसॉर्ट का है ही नही। लेकिन अब उनके कैमरे में दी सफाई ये साफ हो गया है कि ये वीडियों उन्ही के रिसॉर्ट का था। पहले लगी थी घोड़ों की फोटो रिसॉर्ट के वॉशरूम में छत्रपति शिवाजी और रानी पद्मावती की फोटो लगने का वीडियों जैसे ही बाहर आया । तो वहां पर उनकी फोटो को हटाकर घोड़ों के फोटो लगा दिए। जिसका एक फोटो भी सामने आया था। जिसमें बताया गया था कि उनके वाशरूम में घोड़ों के फोटो लगे है। अब लगा दिए गए आईना अब उन्ही वाशरूम का एक नया वीडियों सामने आया है। जिसकों महाराष्ट्र से आये एक दल के लोगों ने जारी किया है। इस वीडियों में बीजेपी विधायक के भाई टिपरचंद शर्मा भी नजर आ रहे है। लेकिन अब इस वीडियों में घोड़ों की जगह आईना लगा दिए गए है। पहले जानिए वायरल वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने क्या कहा…. 20 फरवरी का वीडियो दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब इस वायरल वीडियो की पड़ताल की, तो पता चला कि यह वीडियो 20 फरवरी का है। वीडियो में दिख रहे शख्स संदीप गोयल ने बताया कि वे अपने एक पारिवारिक प्रोग्राम में नेशनल हाईवे 19 स्थित मिलन रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट हॉल में गए हुए थे। वहां पर वाशरूम के मेल और फीमेल एरिया को चिन्हित करने के लिए छत्रपति शिवाजी और रानी पद्मावती की फोटो लगाई हुई थी। इसी दौरान एक शख्स ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मालिक से बात करके फोटो हटवाए संदीप ने आगे बताया कि उन्होंने उसी समय रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट के मालिक से बात करके इन तस्वीरों को हटाने के लिए कहा, जिसके बाद उन्होंने दोनों की तस्वीरों को वहां से हटा दिया। इसके अलावा, अंबाला के एक होटल के बाहर भी छत्रपति शिवाजी की तस्वीर लगाई गई थी, जिसे कॉल करके हटवाया गया है। डेढ़ साल पहले हुआ था उद्घाटन यह मिलन रिसॉर्ट एंड बैंक्वेट हॉल नेशनल हाईवे पर सीकरी गांव के पास बना हुआ है, जिसका परिसर कई एकड़ में फैला हुआ है। करीब डेढ़ साल पहले इसका उद्घाटन हुआ था। इसे बल्लभगढ़ से भाजपा के विधायक मूलचंद शर्मा के बड़े भाई टिपरचंद शर्मा चलाते हैं। इसके अलावा, शहर के कई अन्य हिस्सों में भी मिलन स्वीट्स के नाम से इनके रेस्टोरेंट हैं।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में मुन्नी देवी वाल्मीकि स्मारक विद्यालय का वार्षिकोत्सव आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षा और संस्कार की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली, जहाँ लवकुश नगर, इंदिरा नगर स्थित इस विद्यालय के बच्चों ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया। वार्षिकोत्सव की शुरुआत पारंपरिक सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद एकल गायन, समूह गायन, एकल नृत्य और समूह नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। छोटे बच्चों ने वेलकम सॉन्ग से अतिथियों का स्वागत किया। मंच पर बच्चों का आत्मविश्वास और ऊर्जा देखते ही बन रही थी, जिसमें नाटक और होली विशेष कार्यक्रमों की भी प्रस्तुतियां शामिल थीं। विद्यालय का शुभारंभ मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने किया था विद्यालय के प्रबंधक वाल्मीकि अंकित गाभरी ने बताया कि इस विद्यालय का शुभारंभ वर्ष 2003 में उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय एन. डी. तिवारी द्वारा किया गया था। यह विद्यालय गरीब तबके के बच्चों को नाममात्र शुल्क पर शिक्षा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि विद्यालय का नाम उनकी दादी मुन्नी देवी के नाम पर रखा गया है। मुन्नी देवी स्वयं शिक्षित नहीं थीं, लेकिन उनका सपना था कि समाज के बच्चे पढ़-लिखकर आगे बढ़ें। इस सपने को उनके पुत्र नरेश वाल्मीकि ने साकार किया और विद्यालय की स्थापना की। प्रधानाचार्य प्रदीप गौड़ भी विद्यालय को आगे बढ़ाने में निरंतर प्रयासरत हैं। शिक्षा से ही बदलेगी तकदीर अंकित गाभरी ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े लोगों को संदेश दिया कि वे बच्चों को पढ़ाने से न डरें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही बच्चे आगे चलकर आईएएस, पीसीएस या देश के प्रधानमंत्री बन सकते हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि मजबूत नेतृत्व शिक्षा और आत्मविश्वास से ही तैयार होता है। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को शिक्षा से दूर न रखें, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें। वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मुन्नी देवी वाल्मीकि समाज व परिवारजनों अवंतिका गावरी, मीना देवी, नरेश वाल्मीकि, आशीष गावरी, शैलेंद्र गावरी, अतुल गावरी और आनंद देव गावरी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
दरभंगा में आज(25 फरवरी 2026) अलग-अलग इलाकों में छह घंटे तक शटडाउन रहेगा। 33 केवी पंडासराय फीडर से सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक सप्लाई ठप रहेगी। शटडाउन के दौरान लहरी टोला क्षेत्र के पास जर्जर तार और पोल की मरम्मती की जाएगी। 11 केवी जनरल फीडर की लाइन सिविल एसडीओ आवास के पास जंपर खोलकर चालू रखी जाएगी, ताकि कुछ आवश्यक इलाकों में आंशिक आपूर्ति जारी रह सके। हालांकि, मरम्मत कार्य के कारण पंडासराय फीडर से जुड़े अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बाधित रहेगी। इन इलाकों में असर बिजली कटौती का प्रभाव मुख्य रूप से पंडासराय, खाजा सराय, खराजपुर, लहरी टोला, बिचला टोला, पंडासराय पंच गछिया के आसपास रहेगा। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील सहायक अभियंता प्रभाष चंद्र ने बताया कि पुराने तार को हटाकर नई क्षमता के अनुरूप तार लगाया जा रहा है, जिससे भविष्य में ओवरलोड और फॉल्ट की समस्या कम होगी। यह मेंटनेंस कार्य नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उपभोक्ताओं के लिए अलर्ट जारी किया गया है। बिजली से जुड़ा कार्य समय से निपटा लें। पानी स्टोर करके रख लें। असुविधा के लिए खेद है। मेंटेनेंस वर्क पूरा होते ही बिजली सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
एटा में गाजर से भरी कैंटर पलटी, चालक घायल:मैनपुरी जाते समय हादसा, बिजली पोल टूटने से आपूर्ति बाधित
एटा जिले के सकीट आसपुर मार्ग पर गाजर से भरी एक कैंटर अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में कैंटर का चालक घायल हो गया, जिसे पुलिस ने सकीट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। दुर्घटना के कारण आसपास के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। जानकारी के अनुसार, कैंटर एटा की ओर से मैनपुरी जा रही थी, तभी अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। कैंटर पलटने से सड़क पर गाजर बिखर गईं और एक विद्युत पोल भी क्षतिग्रस्त हो गया। थाना प्रभारी विदेश राठी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और घायल चालक को अस्पताल पहुंचाया। चालक को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। हालांकि, इस हादसे में किसी अन्य के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
वीरभूमि एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 19316) के एसी कोच में कॉकरोच दिखाई देने का मामला सामने आया है। सोमवार को अहमदाबाद के पास असावरा से इंदौर आ रही इस ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री यश गुप्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी शिकायत की। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्री और वरिष्ठ रेल अधिकारियों को टैग कर कार्रवाई की मांग की है। यात्री यश गुप्ता ने एसी कोच के अंदर कॉकरोच घूमते हुए देखे। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में सीटों, दीवारों और फर्श पर कॉकरोच नजर आ रहे हैं। रेल मदद पोर्टल पर भी दर्ज कराई शिकायत यात्री ने रेल मदद पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि शिकायत के बाद ट्रेन में कोई सफाई या कीटनाशक की कार्रवाई नहीं की गई। कोच अटेंडेंट की ओर से भी कोई तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। रेलवे ने यात्रा विवरण मांगकर मामला आगे बढ़ाया रेलवे की ओर से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए यात्री से यात्रा संबंधी विवरण मांगा गया। साथ ही मामले को संबंधित विभाग को भेजने की जानकारी दी गई, लेकिन यात्रा के दौरान कोई सुधार नहीं हुआ। यात्री ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री को टैग करते हुए मामले की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रभावित यात्रियों को मुआवजा देने की भी मांग की है। एसी कोच में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद एसी कोच में सफाई और रखरखाव को लेकर सवाल उठे हैं। यात्री ने शिकायत में कहा कि प्रीमियम किराया लेने के बावजूद यात्रियों को अपेक्षित साफ-सफाई और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
CM योगी जापान पहुंच गए हैं। उन्होंने बुधवार को जापान की राजधानी टोक्यो में 'यूपी इन्वेस्टमेंट रोडशो' में हिस्सा लिया। निवेशकों से बात की। उन्हें संबोधित करते हुए यूपी में आपार संभावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने जापानी निवेशकों को यूपी आने का न्योता दिया। कहा- उत्तर प्रदेश में जितनी चुनौतियां हैं, उतनी ही संभावनाएं हैं। योगी ने कहा- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान रिश्ते मजबूत हुए हैं। यूपी आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है। जितनी बड़ी आबादी है, उतनी बड़ी चुनौतियां हैं, उतनी ही ज्यादा संभावनाएं हैं। इन संभावनाओं को जमीन पर उतारने के लिए हम 9 साल से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा- भारत में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाले राज्य के तौर पर यूपी ने खुद को स्थापित किया है। यूपी ने अपनी अर्थव्यवस्था को तीन गुना, प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता पाई है। भारत की इकोनॉमी में कभी यूपी एक बीमारू राज्य माना जाता था, आज यह भारत की इकोनॉमी का इंजन बनकर खड़ा है। योगी ने कहा- आइए, आप सभी यूपी के सुरक्षित माहौल में निवेश करिए, अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के सपने को पूरा करिए। हम और हमारी सरकार आपका हमारे प्रदेश में स्वागत करने के लिए तैयार हैं। पहले तस्वीरें देखिए- योगी के संबोधन की बड़ी बातें- 1. भगवान राम और बुद्ध का जिक्र कर बात शुरू कीयोगी ने कहा- लैंड ऑफ सनराइज को नमन करता हूं। भारत और जापान का संबंध सूर्य की पहली किरण से शुरू होता है और सूर्यवंश की राजधानी यूपी को एक आत्मीय संवाद के साथ जोड़ता है। उसे ही आगे बढ़ाने के लिए आपके बीच आया हूं। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आज जिन ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है, उसे आगे बढ़ाने आया हूं। भारत और जापान के द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हो सकें, इसमें यूपी की भूमिका को बताने के लिए आपके बीच आया हूं। उन्होंने कहा- यूपी राम की पावन जन्मस्थली है। इसके साथ ही भगवान बुद्ध की पावन धरा है। उनका राज्य कपिलवस्तु यूपी में है। उन्होंने पहला उपदेश जिस पावन धरा पर दिया, वह सारनाथ यूपी में है। चर्तुमास वाला श्रावस्ती यूपी में है। परिनिर्वाण वाला कुशीनगर भी यूपी में है। आज यूपी में स्पिरिचुअल टूरिज्म को आगे बढ़ाने के लिए रामायण और बौद्ध सर्किट के काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। जब भगवान राम और बुद्ध की बात होगी, तो इन दोनों का संबंध सूर्यवंश की उस महान परंपरा से जोड़ा जाएगा, जिस सूर्य की पहली किरण का इंतजार हमेशा जापानवासियों को होता है। 2. यूपी की 25 करोड़ की आबादी में 56% लोग वर्किंगउन्होंने कहा- आबादी बड़ी है, लेकिन यूपी की भूमि उतनी ही उर्वरा भी है। भारत की कृषि योग्य भूमि का 11% ही यूपी में है, लेकिन भारत के खाद्यान्न का 21% उत्पादन यूपी करता है। यूपी भारत का फूड बास्केट बनकर उभरा है। यूपी के अंदर इस फील्ड में वैल्यू एडिशन की संभावनाएं हैं। बीज से लेकर बाजार तक, पैकेजिंग के लिए नए-नए काम किए जा सकते हैं। लॉजिस्टिक और वेयर हाउसिंग की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। भारत के अंदर सबसे अधिक जल संसाधन वाला राज्य भी यूपी है। इसका उपयोग कृषि और ग्रीन हाइड्रोजन के निर्माण में कर सकते हैं। 3. यूपी में निवेश की बहुत संभावनाएंयोगी ने कहा- यूपी में निवेश की बहुत संभावनाएं हैं। जापान की कई कंपनियों ने यूपी में निवेश किया है। जिन्होंने भी यूपी में निवेश किया, उन्हें यूपी के एक सुरक्षित माहौल में अपना निवेश न सिर्फ सुरक्षित महसूस हुआ है, बल्कि वो उज्जवल भविष्य की एक नई कामना के साथ अपने बिजनेस को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। हमारे पास 34 से ज्यादा सेक्टरल पॉलिसिज हैं। 55% मोबाइल बनाने का काम सिर्फ यूपी में हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट का 60% मैन्युफैक्चर यूपी में होता है। डाटा सेंटर बनाने का प्रस्ताव मिले हैं। हाल ही में सेमी कंडक्टर यूनिट का शिलान्यास किया गया। इन सभी सेक्टर की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए और आपके सहयोग के लिए हम यहां आए हैं। 4. यूपी में स्केल को स्किल बदलने का सामर्थ्य उन्होंने कहा- यूपी में एक सुरक्षित माहौल है, स्केल है, उस स्केल को स्किल बदलने का सामर्थ्य है। स्टेबिलिटी है, स्पीड है, ये सभी कुछ आपको यूपी में देखने को मिलेगा। पर्याप्त मात्रा में यंग वर्कफोर्स आपको मिलेगा। कोई समस्या नहीं है। इंडस्ट्रियल पार्क के लिए फोरलेन कनेक्टिविटी, पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा आपूर्ति, यूपी में आज के दिन पर उपलब्ध कराई जा रही है। 75 हजार एकड़ का लैंडबैंक है। NCR, एक्सप्रेस-वे के साथ ही बुदेलखंड में भी झांसी के पास 56 हजार एकड़ में नई इंडस्ट्रियल सिटी बीडा के नाम पर शुरू हुआ है। 5. देश-दुनिया के निवेशकों से 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलेयोगी ने कहा- बेहतर कानून व्यवस्था का परिणाम है कि 2023 में ग्लोबलल इंवेस्टर समिट किया था। इसमें यूपी को देश-दुनिया के निवेशकों से 40 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर गए हैं। 7 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव पाइपलाइन में हैं। ग्राउंडब्रेकिंग समारोह में इसे भी जमीनी स्तर पर उतारेंगे। MSME का सबसे बड़ा आधार है यूपी के पास है। 96 हजार यूनिट है। 3 करोड़ से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। 1 हजार दिनों तक हर NOC से मुक्त रखा गया है। सरकार हर स्तर पर उनका सहयोग कर रही है। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- पत्नी और बहू-बेटों की सियासत में एंट्री को छटपटाए नेताजी:वेस्ट यूपी में नेताओं की अगली पीढ़ी को जिला-महानगर कमेटियों में एडजस्ट करने का प्रेशर वेस्ट यूपी में भाजपा के कुछ दिग्गज नेता अपनी अगली पीढ़ी को सियायस की सीढ़ी चढ़ाने के लिए छटपटा रहे हैं। इसके लिए संगठन में पत्नी, बहू और बेटों के लिए जगह बनाने की कवायद चल रही है। 6 साल के लंबे अंतराल के बाद वेस्ट यूपी में जिला और महानगर कमेटियों का गठन होने जा रहा है। जिला और महानगर अध्यक्षों को 27 फरवरी से पहले ये टास्क पूरा करने की हिदायत है। लेकिन बडे़ नेताओं की पत्नी, बहू और बेटों को एडजस्ट करने के प्रेशर ने नए संगठन की सूची एक बार फिर लटका दी है। पूरी खबर पढ़िए
लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। भैंसाकुंड घाट पर कुछ देर में दाह संस्कार होगा। उनका भतीजा मुखाग्नि देगा, जबकि बेटा पुलिस की हिरासत में है। उसने ही 20 फरवरी की सुबह सीने में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। सिर को आरी से काटकर घर से 21 किलोमीटर दूर जंगल में फेंक आया था। धड़ को पन्नी में बांधकर ड्रम में छिपा दिया था। पुलिस में गुमशुदगी लिखाने गया, शक गहराने पर पकड़ा गया। उसने पिता की हत्या की बात कबूली। 24 फरवरी को पोस्टमॉर्टम के बाद शाम उनका शव घर पहुंचाया गया। 25 की सुबह उनके घर पर मातम का माहौल रहा। परिजन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। भैंसाकुंड घाट पर अंतिम संस्कार के लिए भारी भीड़ लगी है। 4 तस्वीरें देखिए… पढ़िए क्या है पूरा मामला आशियाना के एल सेक्टर में रहने वाले मानवेंद्र सिंह (49) में रहते थे। 20 फरवरी से वह लापता थे। बीकाम की पढ़ाई कर रहे उनके 21 साल के बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि अक्षत ने ही हत्या की है। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसने हत्या करने की बात कबूल की। उसकी निशानदेही पर 23 फरवरी को मानवेंद्र का शव घर के कमरे में नीले ड्रम में मिला। उनके दोनों हाथ-पैर गायब थे। उसे काटकर उसने करीब 21 किलोमीटर दूर सदरौना में फेंका था। अक्षत की बहन 11वीं की छात्रा है। घटना के समय वह भी मौजूद थी। कारोबारी के अंतिम संस्कार के लाइव अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग पढ़िए…
नर्मदापुरम जिले में अवैध कटाई, अतिक्रमण और शिकार जैसे मामलों में कार्रवाई में देरी तथा तथ्यों को छिपाने की घटनाओं से वन विभाग की छवि प्रभावित हो रही है। हाल ही में सिवनी मालवा क्षेत्र में दो काले हिरणों के शिकार के मामले में विभागीय कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने के बाद रेंजर, डिप्टी रेंजर सहित छह वनकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले छिपीखापा बीट में अवैध कटाई के मामले में 1200 पेड़ों की जगह केवल 383 पेड़ों की कटाई दर्ज किए जाने का मामला सामने आया था। उस प्रकरण में भी रेंजर, एसडीओ और डीएफओ की भूमिका पर सवाल उठे थे। लगातार सामने आ रही घटनाओं से विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। शिकार के साक्ष्य मिटाने के आरोप वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने आरोप लगाया है कि काले हिरण के शिकार के बाद वन अमले ने साक्ष्य मिटाने की कोशिश की। उनका कहना है कि यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने इस मामले में शामिल वन अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित पशु चिकित्सक पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सेवा से बर्खास्त करने की मांग की है। अजय दुबे ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) अजय अंबाड़े को शिकायत भेजकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 238 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियमों के तहत कदाचार और कर्तव्य की घोर उपेक्षा के आधार पर सेवा से बर्खास्तगी की कार्रवाई की जानी चाहिए। दो काले हिरण मिले डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि 21 जनवरी 2026 को सिवनी मालवा के पास बासनिया गांव में यह घटना हुई। दो काले हिरणों का शिकार कर आरोपी उन्हें ले जा रहे थे। ग्रामीणों को भनक लगने पर आरोपी हिरणों को छोड़कर फरार हो गए। प्रारंभिक स्तर पर विभागीय स्टाफ ने घटना की सही जांच नहीं की और पूरी जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई। एक जीवित हिरण, जिसके पैर बंधे हुए थे, उसे खोलकर छोड़ दिया गया। दूसरे मृत हिरण को प्राकृतिक मौत बताकर गांव में ही पोस्टमार्टम कराया गया और शव को जला दिया गया। पोस्टमार्टम के दौरान निकाले गए नमूनों को जांच के लिए भेजने के बजाय नष्ट कर दिया गया। कुछ दिनों बाद ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो और फोटो सामने आने पर मामले में विभागीय कर्मचारियों की भूमिका उजागर हुई। इसके बाद संबंधित कर्मचारियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकलवाकर पूछताछ की गई, जिसमें शिकार के मामले को दबाने की बात सामने आई। डीएफओ शर्मा ने कहा कि मामले में कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी और दोषी कर्मचारियों को दोबारा उसी क्षेत्र में पदस्थ नहीं किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में वन्यजीव शिकार, अवैध कटाई, खनन या अतिक्रमण के मामलों में किसी भी प्रकार की मिलीभगत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संदिग्ध भूमिका पर छह वनकर्मी सस्पेंड मामले में सिवनी मालवा रेंजर आशीष रावत, वनपाल महेश गौर तथा वनरक्षक मनीष गौर, रूपक झा, ब्रजेश पगारे और पवन उइके को निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है। गौरतलब है कि इससे पहले बालाघाट जिले में शिकार किए गए बाघ को जलाकर नष्ट करने के मामले में भी कड़ी कार्रवाई की गई थी। उसी तर्ज पर इस मामले में भी सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… नर्मदापुरम में 2 काले हिरण का शिकार, छह सस्पेंड नर्मदापुरम जिले की सिवनी मालवा में दो काले हिरण के हुए शिकार के मामले में चार वन कर्मचारि अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। लापरवाही बरतने पर रेंजर, डिप्टी रेंजर के अलावा चार वनरक्षकों को सस्पेंड किया गया। सोमवार देर रात को सभी को निलंबन करने के आदेश दिए। पूरी खबर पढ़ें…
जयपुर शहर में एक बार फिर अलग-अलग इलाकों से जनसमस्याओं की तस्वीर सामने आई है। कहीं कॉलोनियों की टूटी सड़कें लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है, तो कहीं खाली प्लॉट और पार्कों में फैला कचरा माहौल को खराब कर रहा है। वहीं, कुछ जगहों पर खुले ट्रांसफॉर्मर जैसे सुरक्षा से जुड़े मुद्दे स्थानीय निवासियों की चिंता बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। हालांकि, भास्कर समाधान के जरिए उठाए गए कुछ मामलों में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर राहत भी पहुंचाई है, जिससे लोगों में समाधान की उम्मीद जगी है। ऐसी ही आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। टूटी सड़क और कचरे से कॉलोनी में परेशानी हीरावाला क्षेत्र के रजनी विहार कॉलोनी निवासी राकेश ने ‘भास्कर समाधान’ पर पोस्ट कर बताया कि कॉलोनी की सड़क लंबे समय से टूटी हुई है। इसके अलावा लोग सड़क पर ही कचरा डाल रहे हैं, जिससे गंदगी और बढ़ रही है। रहवासियों ने सड़क की मरम्मत और नियमित सफाई की मांग की है। खुला ट्रांसफॉर्मर बना हादसे का खतरा प्रताप नगर सेक्टर-5 में लेहरेश्वर महादेव मंदिर के सामने लगा ट्रांसफॉर्मर खुला हुआ है। शिकायतकर्ता अराधना सक्सेना ने बताया कि इस क्षेत्र में लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक इसे सुरक्षित नहीं किया गया है। खाली प्लॉट में कचरे का अंबार झोटवाड़ा स्थित कालवाड़ रोड की जगन्नाथ पुरी कॉलोनी में खाली प्लॉट के बाहर कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी दिपील अग्रवाल ने बताया कि निगम में कई बार शिकायत करने के बाद भी अब तक सफाई नहीं करवाई गई है। सूर्य नगर के पार्क में गंदगी से लोग परेशान ऋद्धि सिद्धि चौराहा स्थित परशुराम पार्क रोड पर सूर्य नगर में आदित्येश्वर महादेव मंदिर के पास पार्क में गंदगी फैली हुई है। प्रियंका माहेश्वरी ने बताया कि गंदगी के कारण लोगों को पार्क का उपयोग करने में परेशानी हो रही है। भास्कर समाधान का असर: शिकायत पर तुरंत कार्रवाई पार्क के टॉयलेट की करवाई सफाई गोपालपुरा स्थित त्रिवेणी नगर पार्क में बने शौचालय में गंदगी की शिकायत दिनेश सिंहल ने पोस्ट की थी। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने तुरंत सफाई करवाई, जिससे लोगों को राहत मिली। पार्क से हटाए गए आवारा पशु विद्याधर नगर में पार्क में आवारा पशुओं के जमावड़े की शिकायत घनश्याम दास ने की थी। नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए पशुओं को वहां से हटाकर शेल्टर भिजवाया और पार्क की सफाई करवाई। हरेंद्र सिंह बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ विद्याधर नगर के पार्क में आवारा पशुओं और गंदगी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी हरेंद्र सिंह ने समस्या का समाधान करवाया। उनकी पहल से पार्क साफ हुआ और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। जल्द कार्रवाई से खुश स्थानीय लोगों ने हरेंद्र सिंह को आज का ‘स्टार ऑफिसर’ चुना। भास्कर समाधान का असर भास्कर समाधान के माध्यम से उठाई जा रही जनसमस्याओं पर कार्रवाई शुरू होने से लोगों में उम्मीद जगी है। हालांकि, कई क्षेत्रों में अभी भी समस्याएं बनी हुई हैं, जिनके समाधान का इंतजार किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से नियमित सफाई और स्थायी समाधान की मांग की है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां पर शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूज़र-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है उसे भी कॉल कर सकेंगे। शहर में बदलाव का सकारात्मक प्रयास इस सेगमेंट को शुरू करने के पीछे भास्कर एप की सोच है कि आमजन और अधिकारियों के बीच सेतु का काम कर सकें। शहर के हर इलाके से आमजन की समस्याएं अधिकारियों तक पहुंचे ये संभव नहीं है। ऐसे में दैनिक भास्कर एप के जरिए हर व्यक्ति अपनी छोटी-बड़ी समस्याएं पोस्ट कर सकता है। एप के इस सेगमेंट के जरिए आपकी आवाज सीधे उस मंच तक पहुंचेगी, जहां से असर होता है। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर के समाधान सेगमेंट से गूंजी वार्डों की आवाज:कई जगह कार्रवाई से मिली राहत, पार्क की गंदगी, बंद लाइट, अधूरी सड़क मुद्दों पर विभाग सक्रिय 2.आज के ‘स्टार ऑफिसर’ बने रविन्द्र सिंह:मालवीय नगर में सड़क निर्माण से टूटी पाइप लाइन, सांगानेर में कचरा नहीं उठने से लोग परेशान 3.भास्कर समाधान का असर, खुले चैंबर बंद:स्ट्रीट लाइट दुरुस्त, कार्रवाई करने वाले हिमांशु शर्मा बने स्टार ऑफिसर 4.जयपुर में भास्कर समाधान सेगमेंट का लगातार हो रहा असर:हरमाड़ा में 3 महीने बाद जली स्ट्रीट लाइट, सड़कों के गड्ढे व पाइप लाइन लीकेज सुधर रहे 5.जयपुर में भास्कर समाधान सेगमेंट का असर:PHC में सीवर लीकेज ठीक, चांदपोल में अतिक्रमण हटा; शहरवासियों का बढ़ा भरोसा 6.भास्कर समाधान सेगमेंट में लगातार सामने आ रही समस्याएं:गौरव टावर पर सीवर लीकेज से परेशानी, दयानंद नगर में बंदरों का आतंक 7.एक महीने से बंद रोडलाइट 24 घंटे में ठीक:'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर लोग जनसमस्याएं कर रहे हैं पोस्ट, अधिकारी भी तुरंत ले रहे एक्शन 8.जनसमस्याओं के बीच सफाई कार्रवाई तेज:कहीं कचरे के ढेर, कहीं जाम नाले, तो कहीं क्षतिग्रस्त पुलिया; समाधान में उठी आवाज पर दो जगह मिली राहत 9.'भास्कर समाधान' सेगमेंट पर लोग लिख रहे हैं जनसमस्याएं:10 साल पुरानी स्ट्रीटलाइट की समस्या 24 घंटे में हल, एक्सईएन रूपाराम बने स्टार ऑफिसर 10.जयपुर के जगतपुरा में अंधेरा,कचरा,खुले चैंबरों से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद बनी सड़क, वार्डों में हुई सफाई
हरियाणा के पंचकूला में बिजली का तार छू जाने से महिला की मौत हो गई। महिला के पति की शिकायत पर पिंजौर थाना पुलिस ने बिजली निगम के कर्मचारियों-अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कर लिया है। पंचकूला के कजियाणा गांव निवासी राजेश कुमार ने बताया कि वह जनस्वास्थ्य विभाग में वॉटर सप्लाई के डेली वेजिज पर जॉब करता है। उसकी पत्नी आशा देवी पड़ोस की महिलाओं कांता व हिमानी के साथ जंगल से घास लेने के लिए गई थी। जहां पर जाते समय जंगल में 11 हजार केवीए का तार टूटकर गिरा हुआ था। जिस पर उसकी पत्नी का पैर टिक गया। 2 बच्चों की मां मृतका 11 हजार केवीए के बिजली तार से पैर टॅच होने के बाद उसकी पत्नी आशा बुरी तरह से झुलस गई तथा उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित ने कहा कि उसकी पत्नी की मौत बिजली निगम के अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही हसे हुई है। क्योंकि बिजली की तारों का समय पर मैनटेन्स / सार्विस ना करवा कर लापरवाही बरती है। लापरवाही के चलते जंगल के रास्ते मे गिरी हाईटेंशन तारों में उसकी पत्नी का पांव फंसने के चलते करंट लगने से उसकी मृत्यु हो गई है। राजेश कुमार के अनुसार उसके पास दो बच्चे हैं। बेटा 12 साल तथा बेटी 8 साल की है। हादसे के कारण दोनों बच्चों के सिर से मां का साया हट गया है। कर लिया है मामला दर्ज : ASI सतीश कुमारपंचकूला के पिंजौर थाना पुलिस के जांच अधिकारी ASI सतीश कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर बिजली निगम कर्मियों के खिलाफ धारा 106, 287 BNS 2023 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हादसे के लिए जिम्मेदार कर्मियों की पहचान के लिए जांच चल रही है।
सिंहस्थ 2028 से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई:नृसिंह घाट से लालपुल मार्ग पर पक्के निर्माण हटाए
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत नगर निगम ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। निगम अमले ने पुलिस बल के साथ नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक 2016 के बाद बने पक्के निर्माणों को हटाया। यह कार्रवाई जोन क्रमांक 03 क्षेत्र में की गई। प्रशासन ने बताया कि सिंहस्थ मेले के दौरान साधु-संतों के डेरों, टेंट और श्रद्धालुओं की पार्किंग के लिए खुली जगह आवश्यक होती है। इसी उद्देश्य से सिंहस्थ क्षेत्र में बने अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं। नगर निगम द्वारा संबंधित निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी कर समझाइश दी गई थी। निर्धारित समय के बाद भी निर्माण नहीं हटाए जाने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। आश्रम और धर्मशाला पर भी निगम की कार्रवाई कार्रवाई के दौरान नरसिंह घाट रोड पर स्थित करीब 6080 फीट के माधवानंद आश्रम और लगभग 80150 फीट की कलोता समाज की धर्मशाला के निर्माण हटाए गए। अन्य चिन्हित स्थानों पर भी कार्रवाई जारी है। सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सिंहस्थ क्षेत्र में 2016 के बाद बने सभी स्थायी स्ट्रक्चर चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ क्षेत्र में स्थायी निर्माण की अनुमति नहीं है और सभी अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। मौके पर किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। अपर आयुक्त संतोष टैगोर सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। प्रशासन ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
ट्रक में घुसी सब्जी से भरी पिकअप:लिफ्ट लेकर जयपुर ड्यूटी पर जा रहे दो कॉन्स्टेबल और ड्राइवर घायल
पाली में हाईवे पर ओवरटेक के चक्कर में सब्जी से भरी पिकअप आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। हादसे में ड्राइवर और लिफ्ट लेकर ड्यूटी पर जा रहे दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए। तीनों घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हादसा मंगलवार देर रात गुंदोज के पास हुआ। गुंदोज चौकी प्रभारी समुंद्रसिंह ने बताया- उदयपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने ओवरटेक करने के प्रयास में आगे चल रहे ट्रक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उदयपुर पुलिस लाइन के कॉन्स्टेबल घायल हादसे में उदयपुर पुलिस लाइन में तैनात कॉन्स्टेबल कमलेश और राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों जयपुर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे और निजी वाहन नहीं मिलने पर पिकअप में लिफ्ट ली थी। वहीं ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। बांगड़ हॉस्पिटल से किया गया रेफर घटना के बाद तीनों घायलों को देर रात पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों कॉन्स्टेबलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया गया।
गाजियाबाद के ग्रीन फील्ड स्कूल में आज बुधवार सुबह तेंदुआ देखा गया। जहां लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। गोविंदपुरम इलाके में तेंदुए की घुसने से अफरा तफरी मच गई। जहां पुलिस और वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। पुलिस लाठी डंडे लेकर और हेलमेट लगाकर मौके पर पहुंची। आजपास लोगों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली जा रही है। पास में सीसी टीवी कैमरों को भी देखा जा रहा है। जिससे पता चल सके कि तेंदुआ कहां से आया है। लोगों में एक साथ दहशत फैल गई। कविनगर पुलिस पहुंची तेंदुआ घुसने के बाद से कविनगर थाना पुलिस भी पहुंची। गोविंदपुरम रोड पर दोनों तरफ से पुलिस लोगों को आसपास जाने से रोक रही है। स्कूल में भी दहशत का माहौल है। तेंदुआ कहां से आया, इसका पता नहीं चल सका है।
चित्तौड़गढ़ शहर में शराब की दुकानों पर सरकारी समय के बाद भी खुलेआम शराब बेची जा रही है। नियम के अनुसार रात 8 बजे के बाद दुकानें बंद हो जानी चाहिए, लेकिन शहर के कई इलाकों में यह नियम सिर्फ कागजों में ही दिखाई देता है। स्टेशन रोड, बस स्टैंड, प्रतापनगर और प्रताप सर्किल के आसपास शराब के ठेकों पर रात में भी बिक्री जारी रहती है। बाहर से दुकान का शटर बंद रहता है, जिससे लगता है कि दुकान बंद है, लेकिन अंदर से शराब बेची जाती है। कुछ जगहों पर शटर के नीचे से बोतलें दी जाती हैं तो कहीं दीवार की साइड में बने छोटे रास्तों या खिड़की जैसे हिस्सों से शराब बाहर पहुंचाई जाती है। यह सब काम खुलेआम हो रहा है और लोगों को इसकी पूरी जानकारी है। शटर बंद, अंदर से चलता है लेन-देन रात के समय दुकानों के बाहर दो लोग क्यूआर कोड लेकर बैठे रहते हैं। ग्राहक आते हैं, मोबाइल से भुगतान करते हैं और फिर शटर के नीचे से शराब की बोतल ले जाते हैं। कई बार तो दुकान के सामने ही नशे में धुत लोग खड़े मिलते हैं। कुछ जगहों पर पीछे की तरफ कमरा बना हुआ है, जहां देर रात तक लोग बैठकर शराब पीते नजर आते हैं। प्रतापनगर में ऐसी व्यवस्था साफ दिखाई देती है। दुकान बाहर से बंद दिखती है, लेकिन अंदर पूरी हलचल रहती है। पैसे लेने और शराब देने का यह तरीका रोज रात को अपनाया जाता है। इससे यह साफ है कि यह सब एक तय व्यवस्था के तहत किया जा रहा है। जानकारी मिलने के बाद भी विभाग चुप सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। कई दुकानों के पास आबकारी विभाग का ऑफिस भी है, फिर भी नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा। लोगों का कहना है कि विभाग को इसकी जानकारी है, लेकिन फिर भी रोक नहीं लगाई जा रही। समय-समय पर शिकायतें भी की गई हैं। शहर के लोगों और ग्रामीणों ने मौखिक और गुप्त रूप से सूचना दी है। मीडिया ने भी कई बार अधिकारियों को इस बारे में बताया है, लेकिन हालात नहीं बदले। कभी-कभी छोटी कार्रवाई कर मामला शांत कर दिया जाता है। तय कीमत से ज्यादा रुपए में बेची जा रही शराब रात आठ बजे के बाद शराब की बिक्री से ठेकेदारों को ज्यादा मुनाफा होता है। कई बार बोतलें तय कीमत से ज्यादा दाम पर बेची जाती हैं। इसी लालच में नियमों को नजरअंदाज किया जा रहा है। दुकानों के बाहर नशे में लोग शोर-शराबा करते हैं, जिससे आसपास के लोग परेशान होते हैं। हाईवे पर होटलों में भी देर रात तक शराब की बिक्री हो रही हैं। शहर में शटर डालकर बिक्री की जाती है। वहीं, आबकारी विभाग के अधिकारी गजेंद्र सिंह से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी कोई शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे। पुलिस की गाड़ियां भी रात में गश्त करती हैं, लेकिन कार्रवाई कम ही देखने को मिलती है। कई बार पुलिस के सामने से भी यह सब होता रहता है। लगातार शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (राउमावीं) रूण्डेडा में सत्र 2025-26 के अंतर्गत 23 छात्राओं को निशुल्क साइकिलें वितरित की गईं। यह कार्यक्रम राज्य सरकार की उस योजना का हिस्सा है जिसका उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी विद्यालय तक पहुंच को सुगम बनाना है। कार्यक्रम में पूर्व उप प्रधान मोहनलाल मेनारिया, सेवानिवृत्त एएसआई लक्ष्मी लाल मेनारिया और लक्ष्मी लाल हरजोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्राओं को साइकिलें सौंपते हुए उन्हें नियमित अध्ययन करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षा को सफलता की कुंजी बताया और कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य रामेश्वर लाल मेघवाल ने की। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि साइकिल योजना से ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को अब विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे उनकी उपस्थिति और अध्ययन में निरंतरता बनी रहेगी। प्रधानाचार्य मेघवाल ने छात्राओं को परिश्रमपूर्वक अध्ययन करने, अच्छे अंक प्राप्त करने और भविष्य में राज्य सरकार की निशुल्क स्कूटी योजना का भी लाभ उठाने का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ, छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
झारखंड के पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के 19 वर्षीय पोते वीर सोरेन का मनाली में निधन हो गया है। पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घटना मंगलवार की है। वीर सोरेन पढ़ाई के सिलसिले में राज्य से बाहर रह रहे थे। इन दिनों दोस्तों के साथ मनाली हिमाचल प्रदेश घूमने गए थे। होटल में ही तबीयत बिगड़ी बताया गया कि वे मनाली दोस्तों के साथ घुमने गए थे। देर रात होटल में ही उनकी तबीयत खराब हो गई थी। साथियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन हालात इतने गंभीर थे कि उन्हें अस्पताल तक ले जाने का अवसर नहीं मिल सका। होटल में ही उनका निधन हो गया। घटना के बाद साथ मौजूद मित्रों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। रांची से दिल्ली रवाना हुए चंपाई सोरेन घटना की जानकारी मिलते ही चंपाई सोरेन रांची से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके साथ उनके तीनों बेटे सिमल सोरेन, बाबूलाल सोरेन और बबलू सोरेन हैं। मृतक वीर सोरेन बाबूलाल सोरेन के बेटे हैं। बताया गया कि वे पहले सड़क मार्ग से रांची पहुंचे और वहां से हवाई मार्ग से दिल्ली गए। परिवार के सदस्य लगातार हिमाचल प्रदेश प्रशासन और स्थानीय संपर्कों के साथ संपर्क में रहे। बाहा पर्व का उत्सव शोक में बदला इधर, मंगलवार को ही चंपाई सोरेन अपने पैतृक गांव जिलिंगोड़ा में जाहेर थान पर बाहा पर्व के आयोजन में शामिल हुए थे। पारंपरिक उल्लास के बीच कार्यक्रम चल रहा था, तभी वीर सोरेन के निधन की सूचना पहुंची। सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उत्सव को तत्काल स्थगित कर दिया गया। ग्रामीणों और समर्थकों ने परिवार के प्रति संवेदना जताई।
राजस्थान में प्राइवेट बसों और टैक्सियों की हड़ताल से लाखों पैसेंजर्स फंस गए हैं। खाटूश्यामजीं में फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच एक नोहरे में प्राइवेट बसों का जमावड़ा लगा है। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद भी बसें नहीं चलाई जा रही हैं, यात्री परेशान हो रहे हैं। खाटू से जयपुर जाने वाली प्राइवेट बसों को सिटी में जाने की अनुमति नहीं है। बस 14 नंबर बायपास स्थित हीरापुरा बस स्टैंड जाने का ही परमिट है। जिससे बाबा श्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले के बीच श्याम भक्तों के लिए मुसीबत हो गई है। श्रीश्याम खाटू-जयपुर बस ऑपरेटर सेवा समिति ने 23 फरवरी से खाटूश्यामजी से जयपुर प्राइवेट बसों का संचालन रोक दिया है। बस ऑपरेटर यूनियन ने मेला मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर 23 फरवरी से 28 फरवरी तक खाटू से जाने वाली प्राइवेट बसों को हीरापुरा बस स्टैंड (14 नंबर) की बजाय सिंधी कैंप तक जाने की परमिशन देने की मांग की है। बस ऑपरेटर यूनियन के श्याम सींगड़ ने बताया कि रोजाना 70 बसें खाटू से जयपुर अप-डाउन करती हैं। हर बस करीब 3 फेरे (अप-डाउन) करती है। ऐसे में रोजाना मेले में करीब 30 हजार यात्री खाटू-जयपुर की यात्रा करते हैं। मेले के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। हड़ताल होने से अब तक दो दिन में करीब 60 हजार से ज्यादा श्रद्धालु परेशान हुए हैं। प्राइवेट बसों के ड्राइवर-कंडक्टर भी परेशान यूनियन के अध्यक्ष मनीष बाजिया ने बताया कि खाटू से जयपुर जाने वाली सवारियां को हीरापुरा बस स्टैंड पर उतारा जाता है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है और श्रद्धालु सिंधी कैंप व रेलवे स्टेशन उतारने की जिद्द करते हैं, हीरापुरा उतारने पर श्रद्धालु मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। ऐसे में कई दिनों से प्राइवेट बसों के ड्राइवर-कंडक्टर परेशान हो रहे हैं। यूनियन ने बिना जुर्माने सिंधी कैंप तक प्राइवेट बसें जाने की परमिशन नहीं मिलने तक प्राइवेट बसों का संचालन बंद कर दिया है। इधर, प्राइवेट बसों का संचालन बंद होते ही श्रद्धालु भटक रहे हैं। बस स्टैंड पर सवारियों की भीड़ जमा होने लगी है। रोडवेज बसों पर लटककर यात्रा करने को मजबूर हैं। प्रोब्लम्स का समाधान जरूरी वहीं प्राइवेट बस यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की परेशानी है, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर के साथ रोजाना मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में मेले के दौरान समस्या का समाधान जरूरी है। जान जोखिम में डालकर सफर इधर, रोडवेज बस स्टैंड का परिसर भी खाली है, ऐसे में सवारियां हर तरह से परेशान हैं। रोडवेज में सवारियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मेले पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, जबकि सवारियां भटक रही हैं।
रेवाड़ी में पिकअप की टक्कर से स्कूटी सवार कंपनी कर्मी घायल हो गया। हादसा तब हुआ, जब कंपनी एक शादी में कन्यादान डालकर अपने घर लौट रहा था। हादसे के बाद ड्राइवर पिकअप सहित मौके से फरार हो गया। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वापस लौटते समय हुआ हादसा गांव डवाना निवासी अशोक कुमार ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह एक कंपनी में काम करता है। बीती रात वह एक परिचित की बेटी की शादी में कन्यादान डालने के रेवाड़ी गया था। जब वह अपनी स्कूटी पर वापस आ रहा था तो पिकअप चालक ने स्कूटी को टक्कर मार दी। जिससे स्कूटी समेत सड़क पर गिरने से घायल हो गया। राहगीर ने पहुंचाया अस्पताल अशोक ने बताया कि हादसे के बाद पिकअप ड्राइवर गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। एक राहगीर ने उसे अस्पताल पहुंचाया और घटना की सूचना परिजनों को दी। परिजनों के पहुंचने के बाद घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना के बाद कसौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अशोक कुमार की शिकायत अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
पूर्णिया के अमौर में बच्चा चोरी के शक में एक युवक को बेरहमी से पीटा गया। ग्रामीणों ने युवक के दोनों हाथ बांध दिए, उसके ऊपर थप्पड़ और लात-घूसोंकी बरसात कर दी। ग्रामीण इतने पर ही नहीं रुके। पिटते हुए बांस के खेत में ले गए। वहां पेड़ से बांधकर 1 घंटे तक उसकी पिटाई की गई। इसका लाइव वीडियो सामने आया है। घटना अमौर थाना क्षेत्र के धुरपैली उत्तर टोला की है। भीड़ के हाथों बेबस होकर पीट रहा युवक को खुद को बेकसूर बताता रहा, मगर ग्रामीणों ने उसकी एक नहीं सुनी। उसे अंधाधुंध पिटते रहे। मंगलवार दोपहर बच्चा चोरी की अफवाह फैली और फिर उसे बेरहमी से पीटा गया। भीड़ में खड़े ग्रामीणों ने युवक की पिटाई का वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। जिसका विडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बच्चे से पानी मांगा था पीड़ित युवक अमौर के ही धुरपैली के रानी टोल गांव का रहने वाला है। पिटाई के बाद ग्रामीणों की पूछताछ में युवक ने बताया कि उत्तर टोला गांव से होकर गुजर रहा था। प्यास लगने पर उसने बच्चे से पानी मांगा। अचानक महिलाएं उनके पास पहुंच गईं। बच्चा चोर कहते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके ठीक बाद ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। भीड़ ने बच्चा चोर समझकर बेरहमी से पीटा। वीडियो के आधार पर कार्रवाई स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बीच बचाव में कुछ लोग नहीं आते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। इस संबंध में अमौर थानाध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना नहीं मिली है। विडियो सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी जिले के राजपुर जनपद पंचायत के प्राथमिक विद्यालय रूई में कुत्तों द्वारा मध्यान्ह भोजन की थालियों को चाटे जाने का एक वीडियो सामने आया था। इस मामले में शिक्षा विभाग ने जांच के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में मंगलवार को बीईओ प्रफुल्ल पुरोहित से बात करने पर बताया कि दो बार नोटिस जारी करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। स्कूल के प्रधानाध्यापक और दो शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, घटना के लगभग एक महीने बाद भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। राजपुर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) प्रफुल्ल पुरोहित ने बताया कि 31 जनवरी को ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर नवीन गुप्ता के साथ मामले की जांच की गई थी। जांच में स्वच्छता लापरवाही और भोजन वितरण चूक जांच के दौरान ग्रामीणों, विद्यार्थियों और संबंधित शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए। इसमें गंभीर लापरवाही और स्वच्छता में भारी चूक पाई गई। जांच में सामने आया कि 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस पर स्वयं सहायता समूह की ओर से पका हुआ भोजन वितरित नहीं किया गया था। शिक्षकों के निर्देश पर विद्यार्थियों ने ही भोजन बांटा और थालियों की आंशिक सफाई भी बच्चों से करवाई गई। 27 जनवरी को स्कूल में मध्यान्ह भोजन नहीं बना और थालियां बिना साफ किए पड़ी रहीं। 28 जनवरी को स्वयं सहायता समूह ने गंदे बर्तन स्कूल परिसर के बाहर रख दिए। इसी दौरान कुत्तों को इन थालियों को चाटते हुए देखा गया। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। दो दिन थालियां नहीं धुलीं, जिम्मेदार लापरवाह बीईओ के अनुसार, प्रधानाध्यापक मदनलाल मुझालदे ने जांच के दौरान स्वीकार किया कि लगातार दो दिनों तक थालियां साफ नहीं की गईं और परिसर में कुत्ते घूमते रहे। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि प्रधानाध्यापक के साथ सहायक शिक्षक भारत सिंह कन्नौजे और थान सिंह नरगावे ने स्वच्छता और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। घटना के बाद 28 जनवरी को सभी थालियों को दोबारा धुलवाया गया। 30 जनवरी को संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत भोजन बनाने वाली स्वयं सहायता समूह को भी हटा दिया गया। बीईओ बोले-दो शिक्षकों पर कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा बीईओ ने बताया कि 31 जनवरी को प्रधानाध्यापक और शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग और जिला शिक्षा केंद्र बड़वानी को भेजा गया था। एक महीने बाद भी कार्रवाई लंबित, कार्यप्रणाली पर सवाल 12 फरवरी को शिक्षक ट्राइबल विभाग के सहायक आयुक्त समक्ष पेश भी हुए, लेकिन अब तक कार्रवाई की सूचना नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक घटना के बारे में जिला कलेक्टर को भी जानकारी है और उन्होंने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बावजूद इस गंभीर मामले में शिक्षकों को अभयदान दिया जाना समझ के बाहर है। घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कुछ कि राजपुर क्षेत्र में हाल ही में रेबीज वायरस से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, ऐसे में यह लापरवाही और भी गंभीर मानी जा रही है।
गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। छोटी सी चिंगारी देखते ही देखते भयंकर आग में बदल गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंची। इस दौरान परिवार के 3 लोग तीसरे मंजिल पर फंसे हुए थे। जिनको रेस्क्यू कर सुरक्षित नीचे उतारा गया। वहीं लगभग डेढ़ घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर काबू पाया। घटना में जानमाल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जबकि घर के कुछ सामान जलकर राख हो गए। घटना मंगलवार की बताई जा रही है। पूरी खबर पढ़ेंवाराणसी में 50 लाख की ठगी में साइबर अपराधी गिरफ्तार: लालच देकर चुराते थे पासवर्ड, 3 गुर्गों को पुलिस ने दबोचा वाराणसी में व्यापारी, महिलाओं और सामाजिक लोगों से साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस गिरोह के गुर्गों ने एक व्यापारी से 50 लाख की ठगी की फिर अपने नंबर बंद कर लिए। जांच में जुटी पुलिस के हत्थे तीनों अपराधी चढ़ गए। पुलिस ने झारखंड के देवघर निवासी पुरुषोत्तम कुमार पुत्र सुनील दास और टुकटुक कुमार पंडित पुत्र बलदेव पंडित के साथ बलिया निवासी अनीश वर्मा पुत्र सुभाष वर्मा को कोर्ट में पेश किया। तीनों को जेल भेज दिया गया है। पूरी खबर पढ़ेंमहिला के शव को 6 ट्रकों ने रौंदा, चिथड़े उड़े: आगरा में हाईवे पर रोंगटे खड़ा करने वाला हादसा, खुरचने पड़े शव के लोथड़े आगरा के एत्माद्दौला में हाईवे पर मंगलवार रात रोंगटे खड़े करने वाला हादसा हुआ। महिला को एक ट्रक ने रौंद दिया। उसका शव हाईवे पर ही पड़ा रहा। इसके बाद एक के बाद एक लगभग 6 ट्रकों ने शव को रौंद दिया। शव के चिथड़े उड़ गए। स्थिति ये थी कि सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को शव के लोथड़े सड़क से खुरचने पड़े।हादसे में मृत लगभग 45 वर्षीय महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है। ट्रक चालक भी घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पूरी खबर पढ़ें दुजाना गैंग के कुख्यात अब्बास को दौड़ाकर गोली मारी: गाजियाबाद पुलिस दोनों पैरों में गोली मारकर टांगकर लाई, 6 महीने पहले मारा गया था बलराम ठाकुर गाजियबाद पुलिस ने मंगलवार देर रात कुख्यात अब्बास को एनकाउंटर में अरेस्ट किया है। पुलिस ने दौड़ाकर पैर में गोली मारी है। अब्बास बुलंदशहर का रहने वाला है, जो दुजाना गैंग के लिए काम करता था। इसी गैंग के बलराम ठाकुर को जुलाई माह में पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था। इसी गैंग ने मसूरी से व्यापारी को अपहरण कर रंगदारी वसूली की। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। जिसके दोनों पैरों में गोली लगी, जिसे पुलिसकर्मी टांगकर ले कर आए। पूरी खबर पढ़ें वाराणसी कचहरी में एक बजे होंगे 15-बम धमाके, आया मेल: तमिलनाडू के स्कूल सिलेबस का जिक्र, दो घंटे चला सघन तलाशी अभियान वाराणसी जिला एवं सत्र न्यायलय में मंगलवार को बम धमाके की धमकी दी गई। कोर्ट को मेल भेजकर उड़ाने की धमकी दी गई। आकाश क्षत्रियान नामक व्यक्ति ने मेल किया था। जिसमें लिखा था ठीक 1 बजे कचहरी में 15 बम ब्लास्ट होंगे। इसमें तमिलनाडू के पाठ्यक्रम में पैगंबर मोहम्मद साहब का पाठ न डालने की बात लिखी गई थी। मेल आते ही फौरन ही इसकी सूचना डीएम और पुलिस कमिश्नर को दी गई। इसके बाद भारी पुलिस फोर्स कैंपस के अंदर पहुंची और तलाशी शुरू की। हालांकि तलाशी में कुछ भी नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं आज से पूरे प्रदेश में शुरू हो रही हैं। नकल और बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष रणनीति बनाई है। उपमंडल में दो एसीपी, चार एसएचओ और 120 से अधिक पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा नियमित पेट्रोलिंग गश्त भी की जाएगी, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके। खासतौर पर गोहाना उपमंडल में परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकल रहित संपन्न कराने के लिए व्यापक स्तर पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होगा और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।गोहाना में 29 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षागोहाना उपमंडल में इस बार कुल 29 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र पर चार से अधिक पुलिस कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ या बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। एसीपी राहुल देव ने ली बैठक, दिए सख्त निर्देशड्यूटी तैनाती से पहले एसीपी राहुल देव ने पुलिस कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर बाहरी दखल या नकल पर्ची गिरने की घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति पर्ची गिराते या संदिग्ध गतिविधि करते पकड़ा गया तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी।बाहरी हस्तक्षेप पर पूरी तरह रोकपरीक्षा के दौरान किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के आसपास जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी केंद्र के बाहर हलचल या नकल की सूचना मिलती है तो पुलिस टीम दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। लापरवाही बरतने वालों पर भी होगी कार्रवाईएसीपी राहुल देव ने यह भी स्पष्ट किया है कि ड्यूटी के दौरान यदि कोई पुलिस कर्मचारी लापरवाही करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी।

