NEET-UG पेपर लीक होने के बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के सदस्यों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। वे NTA पर बैन लगाने की मांग कर रहे थे। हाथों में पोस्टर, बैनर और पार्टी के झंडे लिए IYC कार्यकर्ताओं ने तीन मूर्ति सर्कल से शिक्षा मंत्री के आवास की ओर विरोध मार्च निकाला, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। NSUI के कार्यकर्ता चेन-ताला लेकर पहुंचे थे। इन लोगों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर के बाहर भी हंगामा किया। जहां इन लोगों ने नकली नोट उड़ाए। पुलिस ने यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को हिरासत में ले लिया है। इधर, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक, एग्जाम कैंसिल होने के मामले में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दरअसल, 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। इसके बाद एजेंसी ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा 21 जून को होगी। देखिए NTA के बाहर हंगामे की तस्वीरें… सुप्रीम कोर्ट से NTA की जगह नई संस्था बनाने की मांग एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितु रेनीवाल और एडवोकेट महेंद्र कुमावत ने याचिका दायर की है। इसमें एक रिट जारी करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह NTA को भंग कर दे। उसकी जगह संसद द्वारा पारित कानून के माध्यम से नेशनल टेस्टिंग बॉडी बनाई जाए। यूथ कांग्रेस का आरोप- NDA सरकार में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस ने आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार के शासन में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 12 साल में 89 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं और खुद NEET एग्जाम के पेपर भी चार बार लीक हो चुके थे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इससे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। IYC के एक कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि BJP ने एक ऐसी भ्रष्ट व्यवस्था बना दी है कि अमीर परिवारों के बच्चों को ही सीटें और नौकरियां मिलेंगी, जबकि गरीब परिवारों के छात्रों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ------------------ ये खबर भी पढ़ें… NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी: इस साल रद्द हुई परीक्षा 21 जून को, यह पेपर-पेंसिल से होगी अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने माना कि 3 मई को हुई NEET-UG-2026 की परीक्षा के पेपर लीक हुए थे। शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘रीएग्जाम में छात्रों को 15 मिनट का एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। छात्र रीएग्जाम में अपनी पसंद का सेंटर चुन पाएंगे।’ पढ़ें पूरी खबर…
सवाई माधोपुर महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जीआरपी पुलिस अलर्ट जारी आई। यहां दयोदया एक्सप्रेस ट्रेन में महिलाओं से छेड़छाड़ की की घटनाओं को लेकर एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल का नेतृत्व थानाधिकारी हरिमन मीना पुलिस निरीक्षक ने किया। यह अभ्यास रात में रेलवे स्टेशन चौथ का बरवाड़ा से सवाई माधोपुर तक चलने वाली ट्रेन संख्या 12182 दयोदय एक्सप्रेस के महिला कोच में किया गया। इसमें महिला यात्री के साथ छेड़छाड़, छींटाकशी, चोरी एवं धमकी जैसी घटना की स्थिति बनाकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई। मॉक ड्रिल कर जांची सुरक्षा व्यवस्था ड्रिल के दौरान महिला यात्री द्वारा रेलवे हेल्पलाइन 139 और पुलिस सहायता नंबर 112 पर सूचना देने की प्रक्रिया को दर्शाया गया। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम सक्रिय हुआ तथा अगले स्टेशन सवाई माधोपुर पर जीआरपी एवं आरपीएफ टीम ने ट्रेन को अटेंड किया। महिला पुलिसकर्मी महिला कोच में पहुंची और आरोपी को अलग कर पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। साथ ही मेडिकल सहायता एवं काउंसलिंग की व्यवस्था भी दिखाई गई। मॉक ड्रिल में जीआरपी जाब्ता, आरपीएफ, ट्रेन गार्ड, टीटीई, महिला पुलिसकर्मी एवं अन्य यात्रियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिक्रिया समय, सीसीटीवी कार्यशीलता, हेल्पलाइन रिस्पॉन्स, ट्रेन स्टाफ की सतर्कता एवं महिला कोच सुरक्षा जैसे बिंदुओं का मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों ने स्टाफ को अतिरिक्त प्रशिक्षण संबंधी सुझाव भी दिए।
फरीदाबाद थाना सेक्टर-31 मे SRS रियल एस्टेट लिमिटेड के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि पीडित कंपनी के 10 से चक्कर लगा रहा है लेकिन अभी तक उसको फ्लैट नही दिया गया है। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद ये कार्रवाही की गई है। 2015 में EWS कैटेगरी का फ्लैट बुक किया तिंगाव के गाँव मंधावली के रहने वाले राजेन्द्र ने बताया कि कि उसने वर्ष 2015 में EWS कैटेगरी के तहत पलवल के सेक्टर-6 स्थित SRS ड्रीम होम्स में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए उसने समय-समय पर कुल 2,28,501 रुपये जमा कराए थे। कंपनी ने 9 मार्च 2016 को फ्लैट नंबर 706, सातवीं मंजिल का अलॉटमेंट लेटर भी जारी कर दिया, लेकिन आज तक न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही पैसे वापस किए गए। 10 वर्षों से कंपनी के दफ्तरों के लगा रहा चक्कर पीड़ित का आरोप है कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से कंपनी के दफ्तरों और संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट रहा था। इस दौरान उसने नगर योजनाकार, उपायुक्त, मुख्यमंत्री कार्यालय और सेक्टर-31 थाना पुलिस को भी कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस बोली मामले की जांच जारी हाल ही में मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के संज्ञान में आने के बाद जांच शुरू की गई। जांच के बाद DCP मुख्यालय के आदेश पर थाना सेक्टर-31 फरीदाबाद में 13 मई 2026 को FIR नंबर 108 के तहत IPC की धारा 420 और 120B में केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जयपुर में फर्नीचर फैक्ट्री में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। सीतापुरा फायर स्टेशन से पहुंची टीम को आग बुझाने के लिए दीवार तोड़ने पड़ी। फायर बिग्रेड की 10 गाड़ियों की मदद से आग पर 2 घंटे की मशक्कत कर काबू पाया गया। प्रथमदृष्टया आग शॉर्ट सर्किट से लगना व लाखों रुपए का नुकसान होना सामने आया है। फायर ऑफिसर ऊषा शर्मा ने बताया- जगतपुरा के रामचन्द्रपुरा विधानी में रामचन्द्र मोतीलाल नाम से फर्नीचर की फैक्ट्री है। सुबह करीब 10:15 बजे फैक्ट्री ऑपन होने के कुछ ही देर बाद आग लग गई। शॉर्ट सर्किट से लगी आग के चलते फैक्ट्री में मौजूद वर्कर बाहर निकल आए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। आग की भीषण लपटों को उठते देखकर दहशत फैल गई। फैक्ट्री में रखा फर्नीचर आग में जलने लगा। आग की सूचना पर सीतापुरा फायर स्टेशन से दमकल मौके पर पहुंची। फायरकर्मियों ने आग बुझाने के लिए फैक्ट्री के बाहरी हिस्से की दीवार तो जेसीबी की मदद से तोड़ा। फायर बिग्रेड की करीब 10 गाड़ियों ने एक-दो फेरे लगाकर करीब 2 घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। आग से फैक्ट्री में रखा लाखों रुपए का माल जलकर राख हो गया।
सोनीपत के खरखौदा में शनिवार दोपहर उस समय सनसनी फैल गई जब अदालत में पेशी भुगतकर बाहर निकले एक युवक की अज्ञात हमलावरों ने दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। वारदात SDM कार्यालय के बाहर हुई। जहां पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में युवक की गाड़ी को टक्कर मारकर उसे रोक लिया और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोलियां युवक के सिर और मुंह पर लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बरेजा गाड़ी में फरार हो गए। घटना के बाद अदालत परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पत्नी के केस में पेशी भुगतने आया था युवकमिली जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान नीरज उर्फ कातिया पुत्र नारायण सिंह निवासी गांव दुलधन थाना बेरी, हाल निवासी सेक्टर-37C गाड़ोली खुर्द गुरुग्राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार नीरज अपनी पत्नी नीतू द्वारा साल 2019 में दर्ज करवाए गए मुकदमा धारा 498A, 323, 406 और 506 आईपीसी थाना खरखौदा में पेशी भुगतने के लिए चौधरी सूर्यकरण जेएमआईसी अदालत खरखौदा में आया हुआ था। SDM कार्यालय के बाहर रची गई हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया है कि पेशी खत्म होने के बाद जैसे ही नीरज उर्फ कातिया अदालत परिसर से निकलकर SDM कार्यालय के बाहर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद 3 से 4 अज्ञात हमलावरों ने उसकी गाड़ी को निशाना बना लिया। आरोपी एक बरेजा गाड़ी में सवार होकर आए थे। बदमाशों ने पहले उसकी गाड़ी को टक्कर मारकर रोका और फिर उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। सिर और मुंह पर लगी गोलियां, मौके पर मौत हमलावरों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में नीरज के सिर और मुंह पर कई गोलियां लगीं। गंभीर चोटों के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई। पुलिस ने संभाला मोर्चा, जांच शुरू सूचना मिलते ही थाना खरखौदा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी के एंगल पर जांच प्रारंभिक जांच में पुलिस इस हत्याकांड को पुरानी रंजिश और आपसी विवाद से जोड़कर देख रही है। जिस तरह से आरोपियों ने पहले से घात लगाकर वारदात को अंजाम दिया, उससे साफ है कि हत्या की पूरी साजिश पहले से रची गई थी। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है और विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
कानपुर के जाजमऊ स्थित एक निजी स्कूल की चार छात्राएं शुक्रवार दोपहर बिना बताए स्कूल से निकल गईं। सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 घंटे के भीतर चारों छात्राओं को प्रयागराज से बरामद कर लिया। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग और स्कूल प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें छात्राएं स्कूल से निकलने के बाद ई-रिक्शा से रेलवे स्टेशन जाती दिखीं। वे ट्रेन से प्रयागराज पहुंचीं, जहां संदिग्ध लगने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उन्हें कानपुर पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि उन्होंने तीन दिन पहले एक व्हाट्सएप ग्रुप में उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के दर्शन की योजना बनाई थी। इस योजना में पांच छात्राएं शामिल थीं, लेकिन एक छात्रा की मां के जल्दी स्कूल पहुंचने के कारण वह नहीं जा सकी। एक अन्य छात्रा 11 मई को परिवार के साथ उज्जैन दर्शन कर 13 मई को लौटी थी, उसी रात पांचों ने यह योजना अंतिम रूप दिया था। पुलिस और आरपीएफ ने कानपुर सेंट्रल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में छात्राएं पहले जम्मूतवी ट्रेन में चढ़ती दिखीं। बाद में उन्होंने कपड़े बदलकर प्रयागराज जाने वाली कालिका ट्रेन पकड़ी। कालिका ट्रेन से वे दोपहर 3:30 बजे फतेहपुर पहुंचीं और फिर मेमो ट्रेन से रात 9:20 बजे प्रयागराज पहुंचीं। प्रयागराज में उनके पास पैसे खत्म हो गए, जिसके बाद वे मध्य प्रदेश जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान आरपीएफ टीम की नजर उन पर पड़ी और उन्हें पूछताछ के लिए आरपीएफ स्टेशन ले जाया गया। बाद में उन्हें कानपुर पुलिस को सौंप दिया गया। छात्राओं ने पूछताछ में बताया कि कानपुर में ट्रेन में चढ़ते समय उन्होंने एक यात्री से मदद मांगी थी। उस यात्री ने उनसे 100-100 रुपये लेकर एसी कोच में सीट दिलवाई, जिससे वे फतेहपुर तक पहुंचीं। फतेहपुर से वे मेमो ट्रेन में सवार होकर प्रयागराज पहुंची थीं। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि किशोरियों के बयान दर्ज करने और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है।
‘राजा बाबू’ बनकर मयूरी ने जीता डांस कॉम्पिटिशन:जीनत अमान के लुक में नेहा ने लूट ली महफिल
मदर्स डे के मौके पर शहर में मातृत्व के सम्मान और खुशी का एक अनोखा रंग देखने को मिला। आर्टज़िला के बैनर तले आयोजित एक खास कार्यक्रम में माताओं ने घर-गृहस्थी के रूटीन से ब्रेक लेकर रैंप पर अपना जलवा बिखेरा। इस पूरे आयोजन में बॉलीवुड का ऐसा तड़का लगा कि हर कोई झूमने पर मजबूर हो गया। यंग मदर्स के डांस परफॉर्मेंस और रैंप वॉक को देखकर हॉल में मौजूद दर्शक भी खुद को तालियां बजाने से नहीं रोक पाए। गोविंदा स्टाइल में ठुमके, मयूरी बनीं ‘राजा बाबू’ आमतौर पर बच्चे ही अपनी मां को सरप्राइज देते हैं, लेकिन इस मंच पर माताओं ने अपने अनोखे अंदाज से सबको चौंका दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा यंग मदर्स का डांस कॉन्टेस्ट। इसमें प्रतिभागी मयूरी वर्मा ने बॉलीवुड सुपरस्टार गोविंदा के आइकॉनिक किरदार ‘राजा बाबू’ का रूप धरा। उन्होंने मंच पर आते ही अपने चुलबुले अंदाज और शानदार डांस से समां बांध दिया। मयूरी की इस धमाकेदार प्रस्तुति को जजों ने खूब सराहा और उन्हें डांस कॉन्टेस्ट में पहला स्थान मिला। ‘दम मारो दम’ पर नेहा का रेट्रो वॉक, बजीं खूब तालियां डांस के बाद जब फैशन और ग्लैमर का दौर शुरू हुआ, तो माताओं का कॉन्फिडेंस देखने लायक था। रैंप वॉक के दौरान बॉलीवुड के पुराने दौर की यादें ताजा हो गईं। प्रतिभागी नेहा अग्रवाल ने मशहूर अभिनेत्री जीनत अमान का गेटअप कैरी किया था। उन्होंने ‘दम मारो दम’ गाने पर जब रेट्रो लुक में रैंप वॉक की, तो पूरा हॉल सीटियों और तालियों से गूंज उठा। नेहा के एटीट्यूड और वॉक ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फैशन, म्यूजिक और मस्ती का कॉम्बो यह पूरा आयोजन बॉलीवुड थीम पर आधारित था, इसलिए गानों से लेकर कपड़ों तक में फिल्मी रंग साफ नजर आ रहा था। कोई काजोल के अंदाज में दिखी तो कोई करीना के लुक में। रोजमर्रा की जिम्मेदारियों को निभाने वाली माताओं के लिए यह दिन खुद को जीने और खुलकर मुस्कुराने का जरिया बन गया। संगीत, डांस, फैशन और शुद्ध मनोरंजन से सजी इस शाम ने परिवार के साथ बिताए जाने वाले पलों को हमेशा-हमेशा के लिए यादगार बना दिया। कुल मिलाकर, यह आयोजन सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि मातृत्व की ताकत और उनकी खुशियों को सलाम करने का एक शानदार जरिया साबित हुआ।
मुज़फ्फरनगर में पुलिस और अंतरराज्यीय एटीएम ठग गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान गोली लगने से एक बदमाश घायल हो गया, जबकि उसके दो साथियों को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। यह गिरोह एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, नकदी, तमंचा और एक कार बरामद की है। यह घटना शुक्रवार को पानीपत-खटीमा राजमार्ग पर हुई। नगर कोतवाली पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी उन्हें एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस टीम ने जब वाहन को रोकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में बदमाश गुलशन गोली लगने से घायल हो गया। उसके दो साथी जतिन और मयंक को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान पकड़ लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाते थे। ये एटीएम बूथों के आसपास खड़े होकर बुजुर्गों और कम जानकारी रखने वाले लोगों की मदद करने का बहाना करते थे। इसी दौरान वे चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल लेते थे और बाद में खातों से मोटी रकम निकाल लेते थे। घायल बदमाश गुलशन के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, कार और 63 अलग-अलग एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। उसके दोनों साथियों के पास से लगभग 38 हजार रुपये नकद मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में धोखाधड़ी और ठगी के मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और लगातार लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
बुलंदशहर। गंगा एक्सप्रेसवे को जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है। शासन स्तर से सर्किल रेट बढ़ाने के संकेत मिलने के बाद किसान मौजूदा दरों पर अपनी जमीन का बैनामा करने को तैयार नहीं हैं। इससे परियोजना से जुड़े अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद, स्याना, बुलंदशहर, खुर्जा और शिकारपुर तहसील के कुल 39 गांवों से होकर गुजरेगी। इसके लिए लगभग 8650 किसानों की 677.80 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। किसानों में भारी नाराजगी यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नई गति देगा, जिससे दिल्ली-एनसीआर, जेवर एयरपोर्ट और पूर्वी यूपी के बीच आवागमन सुगम होगा। सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष सर्किल रेट बढ़ाने की प्रक्रिया के दौरान जिले के 21 गांवों के रेट नहीं बढ़ाए गए थे। इस पर किसानों में भारी नाराजगी थी और कई गांवों में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया गया था। किसानों का तर्क था कि आसपास के क्षेत्रों में जमीनों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन उनके गांवों को सर्किल रेट वृद्धि से बाहर रखा गया। अब शासन की ओर से नए सिरे से सर्किल रेट बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद किसान बेहतर मुआवजे की उम्मीद में पुराने रेट पर जमीन बेचने से बच रहे हैं। कई किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नए सर्किल रेट घोषित नहीं किए जाते, तब तक वे बैनामा नहीं करेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, बल्कि नए सर्किल रेट तय होने तक इसे धीमा किया गया है। शासन से संशोधित दरें प्राप्त होने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई फिर से तेज की जाएगी। किसानों को आर्थिक लाभ जानकारों का मानना है कि यदि सर्किल रेट में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, तो परियोजना की कुल लागत भी बढ़ सकती है। हालांकि, इससे किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। परियोजना पूरी होने के बाद जिले में औद्योगिक निवेश, परिवहन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है।
जालंधर जिले के रामेवाल गांव में शुक्रवार रात गुरुद्वारा सिंह सभा के प्रधान लखवीर सिंह और उनकी पत्नी से लूटपाट का मामला सामने आया है। पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार तीन लुटेरों ने दातर (तेजधार हथियार) से हमला कर दंपति से करीब 17 हजार रुपये नकद लूट लिए। हालांकि, ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए पीछा करके दो लुटेरों को पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी पैसे लेकर फरार होने में कामयाब रहा। नहर के पास मारी मोटरसाइकिल को लात जानकारी के अनुसार, यह घटना 15 मई 2026 की रात करीब 8:45 बजे की है। लखवीर सिंह अपनी पत्नी के साथ नूरमहल से अपने गांव रामेवाल लौट रहे थे। जब वे गांव के पास नहर पर पहुंचे, तो मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। लुटेरों ने लखवीर सिंह की मोटरसाइकिल को लात मारकर उन्हें नीचे गिरा दिया। हथियार से हमला कर छीने पैसे दंपति के गिरने के बाद लुटेरों ने उन पर दातर से हमला कर दिया और लखवीर सिंह की जेब से 16-17 हजार रुपये छीन लिए। वारदात को अंजाम देकर लुटेरे भागने लगे। इसी बीच, पीछे से आ रहे गांव के कुछ लोगों ने घायल दंपति को देखा और तुरंत लुटेरों का पीछा किया। ग्रामीणों ने आरोपियों को पुलिस को सौंपा ग्रामीणों ने बहादुरी दिखाते हुए तीन में से दो लुटेरों को मौके पर ही दबोच लिया, जबकि तीसरा आरोपी नकदी लेकर भाग निकला। पकड़े गए दोनों बदमाशों को ग्रामीणों ने बिलगा पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
डूंगरपुर शहर में अगले 30 वर्षों तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल सुनिश्चित करने के लिए एक नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जिला प्रशासन और जलदाय विभाग द्वारा वर्ष 2055 की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखते हुए यह योजना बनाई जा रही है। इसके तहत शहर के दो पुराने फिल्टर प्लांटों को नई तकनीक वाले प्लांटों से बदला जाएगा। जल स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता गोपीचंद वर्मा ने बताया कि वर्तमान में शहर की आबादी लगभग 50 हजार है, जिसे प्रतिदिन 50 से 60 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। गर्मियों के दौरान यह मांग और बढ़ जाती है। वर्तमान में सोम कमला अंबा बांध, एडवर्ड समंद और अन्य जल स्रोतों से शहर को पानी की आपूर्ति की जा रही है। योजना के अनुसार उदय विलास और बोरी क्षेत्र में स्थित 7.75 एमएलडी क्षमता के मौजूदा पुराने फिल्टर प्लांटों को तोड़ा जाएगा। इनके स्थान पर कुल 11 एमएलडी क्षमता के नए प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इसमें बोरी में 6 एमएलडी और उदय विलास में 4.5 एमएलडी क्षमता के प्लांट प्रस्तावित हैं। इस पूरी परियोजना के लिए लगभग 15 से 17 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही राज्य सरकार को भेजा जाएगा। नए फिल्टर प्लांटों के निर्माण से पानी की शुद्धता और दबाव दोनों में सुधार होगा, जिससे भविष्य में पानी की कमी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
मुंगेली में वट सावित्री व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। जिले भर में विवाहित महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा की। सुबह से ही मुंगेली के मंदिरों और वट वृक्षों के पास महिलाओं की भीड़ देखी गई। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में पूजा-अर्चना कर रही थीं और वट वृक्ष की परिक्रमा कर कथा श्रवण कर रही थीं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, माता सावित्री ने अपने तप और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत अखंड सौभाग्य के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। स्थानीय निवासी रीना सिंह ठाकुर ने बताया कि महिलाओं ने इस अवसर पर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए भी कामना की।
र्भवती महिलाओं की 6 बार होगी प्रसव पूर्व जांच:सीएचसी अधीक्षक बोले, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अयोध्या में गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) व्यवस्था को मजबूत किया गया है। मातृ एवं नवजात मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से अब प्रत्येक गर्भवती महिला की कम से कम छह एएनसी जांच अनिवार्य होंगी। पहले यह संख्या चार थी। इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारियों को पत्र भेजकर व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। विभाग का कहना है कि गुणवत्तापूर्ण एएनसी जांच से मां और नवजात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है। निर्देशों के अनुसार, गर्भावस्था की जानकारी मिलते ही महिला का पंजीकरण कराया जाएगा, जिसमें प्रथम तिमाही के रजिस्ट्रेशन को प्राथमिकता दी जाएगी। पंजीकरण के समय मातृ-शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड जारी होगा, जिसमें गर्भावस्था से संबंधित सभी जांचों और स्वास्थ्य सेवाओं का विवरण दर्ज रहेगा। विभाग ने एएनसी जांच की समयसीमा भी निर्धारित की है। पहली जांच 12 सप्ताह तक, दूसरी 16 से 20 सप्ताह, तीसरी 24 से 28 सप्ताह, चौथी 28 से 32 सप्ताह, पांचवीं 32 से 36 सप्ताह और छठी 36 से 40 सप्ताह के बीच कराई जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर के अधीक्षक डॉ. आनंद सिन्हा ने बताया कि पहले प्रसव से पूर्व चार बार जांच की व्यवस्था थी। शासन के नए निर्देशों के तहत अब गर्भवती महिलाओं की छह बार जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी स्वास्थ्य जोखिम की समय रहते पहचान कर उचित उपचार उपलब्ध हो सके।
कोंडागांव में वट सावित्री व्रत मनाया गया:महिलाओं ने वट वृक्षों के नीचे अखंड सौभाग्य की कामना की
कोंडागांव जिले में शुक्रवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए वट वृक्षों के नीचे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। सुबह से ही मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास पूजा करने वाली महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर पूजा स्थलों पर पहुंचीं। उन्होंने वट वृक्ष की परिक्रमा कर कच्चा धागा बांधा तथा फल, फूल, पूजा सामग्री और प्रसाद अर्पित किया। कई स्थानों पर महिलाओं ने सावित्री-सत्यवान की कथा सुनकर व्रत का महत्व भी जाना। धार्मिक मान्यता के अनुसार, वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। अलग-अलग मंदिर परिसरों और सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा की। पूजा स्थलों पर भक्तिमय वातावरण बना रहा, जहां महिलाओं ने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। ग्रामीण इलाकों में भी वट वृक्षों के नीचे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न हुई।
जयंती माता रोड पर खेलते समय एक 17 वर्षीय छात्र गंभीर हादसे का शिकार हो गया। सीआईएसएफ परिसर की बाउंड्रीवाल लांघने के दौरान एक लोहे का सरिया उसके जबड़े में गुस मुंह से बाहर आ गया। इंदौर में डॉक्टरों ने सर्जरी कर सरिए को बाहर निकाला। डॉक्टरों के अनुसार, अब किशोर की हालत खतरे से बाहर है। पहले दो 2 तस्वीरें देखिए… क्या है पूरा मामला घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे जयंती माता रोड पर हुई। जानकारी के अनुसार, जयंती माता रोड निवासी 17 वर्षीय टैटू, पिता बलराम, अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था। खेल-खेल में उसके साथियों ने उसकी चप्पल सीआईएसएफ बाउंड्रीवाल के दूसरी तरफ फेंक दी। टैटू चप्पल लेने के लिए जैसे ही बाउंड्रीवाल लांघने लगा, उसका संतुलन बिगड़ गया। दीवार पर लगा नुकीला सरिया उसके जबड़े में घुस मुंह से निकल गया। हादसा देखकर साथ खेल रहे बच्चों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। कटर से काटा सरिया मौके पर जुटे स्थानीय लोगों ने घायल किशोर के खींचने का प्रयास नहीं किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सरिए को कटर से काटा गया। इसके बाद फंसे सरिए के टुकड़े के साथ ही टैटू को तुरंत बड़वाह सिविल अस्पताल ले जाया गया। सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे इंदौर रेफर कर दिया। तो हो सकता था खतरा बड़वाह सिविल अस्पताल के इंचार्ज डॉ. यशवंत इंगला ने बताया कि यह राहत की बात है कि परिजन और स्थानीय लोग बालक को गले में फंसे सरिए के साथ ही अस्पताल लेकर आए। उन्होंने कहा कि यदि मौके पर ही सरिया खींचने की कोशिश की जाती, तो अत्यधिक रक्तस्राव के कारण बालक की जान जा सकती थी। सरिया गले के ऊपरी हिस्से में करीब 5 इंच तक धंस चुका था, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत इंदौर रेफर किया गया था।
रायसेन के सतलापुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक खेत में बने तालाब में डूबने से दो नाबालिग दोस्तों की मौत हो गई। शुक्रवार देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों के शव तालाब से बाहर निकाले गए। मृतकों की पहचान अमन और जय के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 13 से 14 वर्ष बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि दोनों शनिवार को बाइक से घर से निकले थे। शाम के समय राहगीरों को तालाब किनारे एक बाइक और कपड़े पड़े मिले, जिसके बाद आशंका जताई गई कि कोई तालाब में डूब गया है। सूचना मिलते ही सतलापुर पुलिस मौके पर पहुंची। सतलापुर थाना प्रभारी विजय त्रिपाठी ने बताया कि रात करीब 8 बजे पुलिस दल मौके पर पहुंचा और युवकों की तलाश शुरू की गई। काफी प्रयासों के बावजूद कोई सुराग नहीं मिलने पर रेस्क्यू टीम को बुलाया गया। टीम ने देर रात तक सर्चिंग अभियान चलाया, जिसके बाद रात करीब 12 बजे दोनों के शव तालाब से बाहर निकाले गए। रविवार सुबह मंडीदीप के सिविल अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पहले भी हो चुके हैं हादसे स्थानीय लोगों के मुताबिक यह वही तालाब है, जहां पहले भी 4 बच्चों की डूबने से मौत हो चुकी है। उस हादसे के बाद तालाब मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था और प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद तालाब के आसपास फेंसिंग अधूरी पड़ी है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की लापरवाही के कारण एक बार फिर दो परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया।
चंडीगढ़ पुलिस ने मोहाली के खरड़ निवासी एक कारोबारी से लॉरेंस गैंग के नाम पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की है। इस मामले की जांच अब मोहाली पुलिस को सौंप दी गई है। यह धमकी एक अज्ञात नंबर वाइस रिकार्डिंग भेजकर दी गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। जांच एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई में तेजी ला रही हैं। 24 घंटे में परिणाम भुगतने की चेतावनी संते माजरा कॉलोनी, सेक्टर-127 के निवासी शिकायतकर्ता लवप्रीत सिंह का ऑफिस M/S Waheguru Productions, सेक्टर-22B, चंडीगढ़ में है। उन्होंने SSP चंडीगढ़ को शिकायत दी। इसमें उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल 2026 की सुबह उन्हें एक अज्ञात नंबर से धमकी भरी वॉइस रिकॉर्डिंग मिली। इसमें आरोपी ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए लॉरेंस गैंग से जुड़ा होने का दावा किया। उनसे 2 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर 24 घंटे में गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। पत्नी और बच्चों के बारे में पूरी जानकारी होने का किया दावा लवप्रीत सिंह के अनुसार, आरोपी ने उनकी पत्नी पायल और बेटी अवनीत कौर का नाम लेकर परिवार की निजी जानकारी होने का दावा किया। साथ ही, सेक्टर-17 स्थित उनके ऑफिस की जानकारी होने की बात कहकर डराने का प्रयास किया, जिससे परिवार में दहशत फैल गई। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनके पास धमकी से जुड़ी वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मौजूद हैं। मोहाली पुलिस को जांच के लिए भेजी एफआईआर मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने शिकायत संख्या ICMS/2026/013760 के आधार पर थाना सेक्टर-22 चंडीगढ़ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308 (4) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन ने मामले की आगे की जांच मोहाली पुलिस को सौंप दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अब खरड़ सिटी थाना में नया मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
रामानुजगंज नगर में वट सावित्री पूजा का पर्व इस साल भी विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही नगर के विभिन्न मंदिरों और वटवृक्ष स्थलों पर महिलाओं तथा श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नगर के प्रमुख शिव मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल रहा। यहां महिलाओं ने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। नगर पुजारी नंदू पांडे ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। महिलाओं ने वटवृक्ष की परिक्रमा कर रक्षा सूत्र भी बांधे। वटवृक्ष के नीचे श्रद्धालुओं की पूजा-अर्चना इसके अलावा धर्मशाला के समीप स्थित वटवृक्ष के नीचे भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। यहां धीरज पांडे और भरत तिवारी ने पूजा-अर्चना कराई। पहाड़ी मंदिर परिसर में भी सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा, जहां पवन पांडे ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। पहाड़ी मंदिर में भक्ति और व्यवस्था का माहौल पूरे नगर में धार्मिक वातावरण बना रहा। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर पूजा स्थलों पर पहुंचीं। श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। पूजा स्थलों पर प्रसाद वितरण और धार्मिक चर्चा का भी आयोजन हुआ। भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों ने व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया। वट सावित्री पूजा में आस्था और उत्सव का माहौल नगरवासियों में वट सावित्री पूजा को लेकर गहरी आस्था दिखाई दी। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ के कारण शिव मंदिर परिसर में पूरे दिन उत्सव का माहौल बना रहा। यह पर्व धार्मिक भक्ति, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
झालावाड़ में सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत रखा। इस अवसर पर महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली के लिए बरगद के पेड़ की पूजा-अर्चना की। पंडित बलराम शर्मा के अनुसार इस बार वट सावित्री व्रत के दिन शनि जयंती और अमावस्या का भी संयोग बन रहा है, जिससे यह दिन और अधिक शुभ माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष (बरगद के पेड़) को साक्षात त्रिदेवों का स्वरूप माना जाता है। पुराणों में कहा गया है कि बरगद के पेड़ के अलग-अलग हिस्सों में त्रिदेव निवास करते हैं, जिनमें भगवान विष्णु इसके तने और छाल में वास करते हैं। काशी विश्वनाथ से आकर झालावाड़ में रह रहीं शशि सिंह ने बताया कि वट वृक्ष में भगवान विष्णु के वास होने के कारण सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए इस वृक्ष की पूजा करती हैं। कोटा रोड अनमोल सिटी से शालू मौर्या और पाटन से रागिनी मैत्री ने भी बताया कि इस दिन पेड़ के तने पर सूत लपेटकर भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की आराधना की जाती है। यह व्रत मुख्य रूप से पति के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना के लिए रखा जाता है। आज झालावाड़ जिले की सभी महिलाओं ने जगह-जगह बरगद के पेड़ के नीचे एकत्रित होकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
सुहागिन महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत:बस्ती में पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना की
बस्ती में ज्येष्ठ मास की अमावस्या के अवसर पर शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत का पालन किया। इस दौरान महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना की। शहर के कटेश्वर पार्क सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सोलह श्रृंगार कर पूजा स्थलों पर पहुंचने लगी थीं। उन्होंने वट वृक्ष के चारों ओर कच्चा धागा बांधकर परिक्रमा की और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनी। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखते हुए भगवान विष्णु और माता सावित्री से पति की दीर्घायु तथा परिवार के सुखमय जीवन के लिए प्रार्थना की। कटेश्वर पार्क के समीप पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। महिलाओं ने पूजा सामग्री के साथ फल, फूल, मिठाई और दीप अर्पित किए। इस दौरान कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन भी किया, जिससे धार्मिक आयोजन में उत्साह का माहौल बना रहा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसी मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, त्याग और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी परंपरा और आस्था के तहत महिलाएं यह व्रत रखकर पति के उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा सीनियर सेकेंडरी/सीनियर सेकेंडरी सह-उत्तर मध्यमा तथा सेकेंडरी/सेकेंडरी-सह-पूर्व मध्यमा वार्षिक परीक्षा-2026 का परीक्षा परिणाम 12 व 14 मई को घोषित किया जा चुका है। जो परीक्षार्थी सीनियर सेकेंडरी व सेकेंडरी की कंपार्टमेंट/EIOP (Eligible for Improvement for Performance) एवं अतिरिक्त श्रेणी की परीक्षा जुलाई-2026 में प्रविष्ठ होना चाहते हैं, ऐसे परीक्षार्थी 20 मई से बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर दिए गए लिंक से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बताया कि सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक) परीक्षा जुलाई-2026 के लिए परीक्षार्थी 1000 रुपए बिना विलंब शुल्क सहित 20 मई से 28 मई तक आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद परीक्षार्थी 100 रुपए विलंब शुल्क के साथ 29 मई से 2 जून तथा 300 रुपए विलंब शुल्क सहित 3 जून से 7 जून एवं 1000 रुपए विलंब शुल्क सहित 8 से 11 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षार्थी उक्त परीक्षा के लिए समय रहते आवेदन करना सुनिश्चित करें। अंतिम तिथि उपरान्त किसी भी प्रकार के आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई आने पर बोर्ड की वेबसाइट पर जारी हेल्पलाइन नंबर 01664-254300 एवं ई-मेल assec@bseh.org.in, assrs@bseh.org.in के माध्यम से संपर्क करते हुए समाधान करवाना सुनिश्चित करें।
प्रयागराज में शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने वट सावित्री व्रत मनाया। उन्होंने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की। शहर के मंदिरों, पार्कों और मोहल्लों में स्थित बरगद के पेड़ों के नीचे सुबह से ही महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। व्रती महिलाओं ने विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। उन्होंने वट वृक्ष पर रक्षा सूत्र बांधा और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत से पति की आयु लंबी होती है और दांपत्य जीवन सुखमय रहता है। शास्त्रों के अनुसार, वट वृक्ष की जड़ों में ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है। इसलिए महिलाएं वट वृक्ष को देव स्वरूप मानकर पूजती हैं। प्रयागराज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सोलह श्रृंगार कर पूजा में हिस्सा लिया। उन्होंने वट वृक्ष को जल अर्पित किया और फल, फूल, मिठाई तथा सुहाग की सामग्री चढ़ाई। पूजा के दौरान महिलाओं ने कच्चे सूत को बरगद के पेड़ के चारों ओर लपेटते हुए परिक्रमा की। उन्होंने धूप-दीप जलाकर सुखद वैवाहिक जीवन की प्रार्थना की। इस अवसर पर महिलाओं ने सावित्री और सत्यवान की कथा भी सुनी। धार्मिक मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप, भक्ति और दृढ़ संकल्प से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। पूरे शहर में धार्मिक उल्लास और पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी रचाकर सोलह श्रृंगार के साथ इस पावन व्रत का पालन किया।
औरंगाबाद में सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना के साथ वट सावित्री व्रत किया। शहर से लेकर गांव तक धार्मिक माहौल बना रहा। सुबह से ही वट वृक्षों के नीचे पूजा-अर्चना करने वाली महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार निर्जला व्रत रखकर भगवान से अपने पति के सुखी और दीर्घ जीवन की प्रार्थना की। सुबह करीब छह बजे से ही महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पूजा की थाली लेकर घरों से निकलीं। पूजा थाली में जल, दूध, रोली, हल्दी, अक्षत, फूल, फल, भीगे चने, गुड़ और पूजा सामग्री रखी गई थी। वट वृक्ष के पास पहुंचकर जल और दूध अर्पित किया। इसके बाद वट वृक्ष की सात, ग्यारह या इक्कीस बार परिक्रमा कर कच्चा सूत लपेटा और पति की लंबी आयु की कामना की। सावित्री और सत्यवान की कथा पूजा के दौरान महिलाओं ने सामूहिक रूप से सावित्री-सत्यवान की कथा भी सुनी। कथा में बताया गया कि किस प्रकार सावित्री ने अपने तप, समर्पण और पतिव्रता धर्म के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त कर लिए थे। इस कथा को सुनने के बाद महिलाओं ने अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि की कामना की। पूजा संपन्न होने पर महिलाओं ने बांस के पंखे से वट वृक्ष और अपने पति को हवा दी, जिसे इस पर्व की विशेष परंपरा माना जाता है। इसके साथ ही महिलाओं ने सास, ननद और परिवार की अन्य महिलाओं को भीगे चने, गुड़, फल और श्रृंगार सामग्री दान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा के लिए महिलाओं की भारी भीड़ शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित प्राचीन वट वृक्षों के पास विशेष पूजा व्यवस्था की गई थी। सिन्हा कॉलेज परिसर, बराटपुर, सोन कॉलोनी, नॉर्थ कोयल परिसर, यादव कॉलेज रोड, अदरी नदी सूर्य मंदिर परिसर, चित्रगुप्त नगर, गांधीनगर और रमेश चौक सहित कई स्थानों पर महिलाओं की भारी भीड़ देखी गई। कई जगह कथा वाचकों को बुलाकर सामूहिक कथा श्रवण कराया गया, जबकि कुछ स्थानों पर सामूहिक पूजा कार्यक्रम भी आयोजित हुए। आचार्य विश्वजीत तिवारी ने बताया कि इस दिन महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं और बट सावित्री व्रत कथा सुनती हैं। वे भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करती हैं। यह व्रत पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर अब ट्रेन रवाना होने से पहले फिर से अलर्ट घंटी सुनाई देगी। 2025 में 22 यात्री दुर्घटना शिकार हो चुके हैं। हालांकि घंटा बजाने की प्रथा करीब 50 साल पहले बंद हो चुकी है। बढ़ते हुए हादसों को लेकर उत्तर मध्य रेलवे ने कानपुर सेंट्रल पर दोबारा से डिजिटल घंटा बजाने की शुरुआत कर दी है। ये घंटा ट्रेन छूटने से 1 मिनट पहले ये टोन बजाई जाएगी। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों को ट्रेन छूटने की सूचना समय रहते मिल सके और हादसों पर रोक लगाई जा सके। ट्रेन पर चढ़ने के दौरान घटनाओ की कमी आएगी दरअसल, अक्सर देखा जाता है कि यात्री ट्रेन रुकने के दौरान पानी, खाना या अन्य सामान लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर जाते हैं। कई बार बातचीत या खरीदारी में व्यस्त होने के कारण उन्हें ट्रेन चलने की जानकारी नहीं लग पाती और ट्रेन अचानक चल पड़ती है। ऐसे में यात्री जल्दबाजी में दौड़कर ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती हैं। कई मामलों में यात्री फिसलकर घायल हो जाते हैं, जबकि कुछ घटनाओं में जान तक चली जाती है। रेलवे के जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय के अनुसार, इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेन के प्लेटफॉर्म से रवाना होने से पहले घंटी बजाई जाएगी। यह घंटी स्कूलों में बजने वाली चेतावनी घंटी की तरह होगी, जिससे यात्रियों को यह संकेत मिल जाएगा कि ट्रेन कुछ ही क्षणों में चलने वाली है। इसके बाद यात्री समय रहते अपनी सीट पर पहुंच सकेंगे। ऐसे काम करेगा डिजिटल घंटा रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर हर महीने औसतन दो से तीन घटनाएं ऐसी सामने आती हैं, जिनमें यात्री चलती ट्रेन पकड़ने के दौरान घायल हो जाते हैं। कई बार यात्री प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच फंस जाते हैं। वर्ष 2025 में अब तक इस तरह की 22 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से तीन मामलों में यात्रियों की मौत भी हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। अमित मालवीय ने बताया स्टेशन परिसर में जगह जगह एनाउंसमेंट सिस्टम लगाए गए है। कंट्रोल रूम में घंटे की आवाज वाले रिकार्ड सिस्टम को लगाया गया है। ऑपरेटर प्लेटफार्म पर खड़ी ट्रेन के रवाना होने के एक मिनट पहले एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से इस घंटे को बजाया जाएगा। जो की यात्रियों को इस बात का संकेत देगा कि उनकी ट्रेन अगले एक मिनट में चलने वाली है। 2025 में हुई 22 घटनाए 22 पैसेंजर के साथ चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान घटनाए हुई है। जिसमें 2 यात्रियों की ट्रेन में चढ़ने के दौरान फिसलने से मौत हुई है। 5 यात्रियों की ऐसी घटनाओ से हाथ- पैर से दिव्यांग हो चुके है। जबकि 15 यात्री मामूली रूप से घायल हो चुके है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अलर्ट घंटी की यह व्यवस्था फिलहाल कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर लागू की गई है। वहां यात्रियों में जागरूकता बढ़ी है। कानपुर सेंट्रल के डायरेक्टर आकांशु गोविल ने बताया यह छोटी पहल यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम साबित होगी। रेलवे लगातार यात्रियों से भी अपील कर रहा है कि ट्रेन रुकने के दौरान अनावश्यक रूप से प्लेटफॉर्म पर न उतरें और चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश बिल्कुल न करें।
आबू-पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया ने शनिवार को पिंडवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में साइकिल यात्रा निकाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को वैश्विक संकट और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। यात्रा के दौरान, विधायक समाराम गरासिया ने क्षेत्र के विभिन्न इलाकों का भ्रमण किया और आमजन से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से अपील की कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यथासंभव सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। विधायक ने यह भी कहा कि आसपास के दैनिक कार्यों के लिए साइकिल का अधिक से अधिक प्रयोग कर पर्यावरण संरक्षण और देश को विश्व स्तर पर मजबूती प्रदान करने में अपनी भागीदारी निभाएं। इस अवसर पर विधायक ने बताया कि साइकिल का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि यह ईंधन की बचत और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने युवाओं और आमजन से इस पर्यावरण संरक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मेरठ कॉलेज का जानकी भवन 107 साल बाद संवरा:ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण कदम
मेरठ कॉलेज परिसर स्थित हिंदू बोर्डिंग हाउस के 'जानकी भवन' का जीर्णोद्धार कर लोकार्पण किया गया है। लगभग 107 वर्षों के बाद इस ऐतिहासिक भवन का नवीनीकरण महाविद्यालय की गौरवशाली विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। जानकी भवन का निर्माण वर्ष 1907 में शुरू हुआ था। इसकी नींव तत्कालीन संयुक्त प्रांत के गवर्नर द्वारा रखी गई थी। ऐतिहासिक महत्व के इस भवन को लंबे समय से संरक्षण की आवश्यकता थी। अब सवा सौ वर्ष पुराने इस भवन का पुनर्निर्माण कर इसे पुनः महाविद्यालय के उपयोग के लिए समर्पित किया गया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. गोपी अग्रवाल ने कहा कि मेरठ कॉलेज देश की ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल एक ऐसा शिक्षण संस्थान है, जिसकी गौरवगाथा अनेक विश्वविद्यालयों से भी पुरानी है। उन्होंने जोर दिया कि जानकी भवन का पुनरुद्धार केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि इतिहास और विरासत के संरक्षण का कार्य है। मेरठ कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव विवेक कुमार गर्ग ने बताया कि उनका पूरा प्रयास मेरठ कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश की शिक्षा, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देता रहेगा। प्रबंध समिति के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकुमार गुप्ता ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ दशकों से उन्होंने मेरठ कॉलेज को लगातार प्रगति करते देखा है। डॉ. गुप्ता के अनुसार, यह संस्थान अपनी जीवंत परंपराओं और ऊर्जा के माध्यम से सदैव राष्ट्रहित में योगदान देता रहा है, और जानकी भवन का उद्घाटन उसी गौरवशाली परंपरा की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. युद्धवीर सिंह ने प्रबंध समिति का आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिक्षक और गैर-शिक्षक कर्मचारियों से अपील की कि वे महाविद्यालय की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाएं। प्रो. सिंह ने कहा कि हिंदू बोर्डिंग हाउस और उससे जुड़े भवन मेरठ कॉलेज की ऐतिहासिक पहचान हैं।
हरदा के जत्रा पड़ाव स्थित शनि मंदिर में शनिवार को शनि जयंती का पर्व पूर्ण श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही विद्वान पंडितों के मार्गदर्शन में विशेष पूजा-अर्चना और हवन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भक्तों ने भगवान शनिदेव के दर्शन कर उन्हें सरसों का तेल और काले तिल अर्पित किए तथा अपने परिवार की खुशहाली व सुख-समृद्धि की कामना की। पूजन-अर्चन के पश्चात मंदिर परिसर में एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलती है मुक्तिइस अवसर पर पंडित प्रह्लाद अग्निहोत्री ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को न्याय और कर्म के देवता भगवान शनि का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर शनिदेव की विशेष पूजा-आराधना और मंत्रों का जाप किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष है या जो साढ़ेसाती और ढैय्या से प्रभावित हैं, उनके लिए इस दिन की पूजा विशेष लाभदायक मानी जाती है। धार्मिक मान्यता है कि शनि जयंती के दिन सच्चे मन से पूजा-आराधना, दान-पुण्य और जप करने से सभी प्रकार की समस्याओं और शारीरिक व मानसिक कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। 13 साल बाद बना शनिवार और जयंती का दुर्लभ संयोगइस वर्ष शनि जयंती के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि इस बार पूरे 13 साल बाद एक बेहद दुर्लभ संयोग बना है। शनिवार का दिन स्वयं भगवान शनिदेव को समर्पित होता है और इसी दिन शनि जयंती का पड़ना इसके धार्मिक महत्व को अनंत गुना बढ़ा देता है। इसके साथ ही इस अवसर पर सौभाग्य योग, शोभन योग और गजकेसरी योग समेत कई अन्य शुभ योगों का भी निर्माण हो रहा है। उन्होंने बताया कि शनिदेव हमेशा व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं, इसलिए इस दुर्लभ संयोग में की गई प्रार्थना और सत्कर्म जीवन में विशेष फलदायी साबित होते हैं।
अमरोहा में युवक ने सुसाइड किया:कोर्ट में पत्नी दूसरे युवक के साथ पहुंची थी, विवाद के बाद फंदा लगाया
अमरोहा नगर के मोहल्ला बारी सराय अहमद नगर में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सचिन के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। परिजनों के अनुसार, सचिन की शादी चार साल पहले डिडौली कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी शिवानी से हुई थी। उनका डेढ़ साल का एक बेटा भी है। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगे थे, जिसके कारण मामला कोर्ट तक पहुंच गया था। बताया गया है कि 15 मई को कोर्ट में सुनवाई के दौरान सचिन और उसकी पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि पत्नी किसी अन्य युवक के साथ कोर्ट पहुंची थी, जिसे लेकर दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। इस घटना के बाद सचिन अपने घर लौटा और एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। इसके बाद उसने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सभी पहलुओं पर गौर करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अरनियापंथ PHC में चोरी:टीवी, फ्रिज, कूलर और बैटरियां चोरी, लाखों रुपए का हुआ नुकसान
चित्तौड़गढ़ जिले के शंभूपुरा थाना क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरनियापंथ में शुक्रवार रात चोरी की वारदात सामने आई। चोर स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य गेट तोड़कर अंदर घुसे और लाखों रुपए का सामान चोरी कर ले गए। मामले की जानकारी शनिवार सुबह उस समय सामने आई जब स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत सहायक कर्मचारी मंजू बंजारा ड्यूटी पर पहुंचीं। उन्होंने देखा कि मुख्य गेट का ताला और कुंडा टूटा हुआ है। इसके बाद तुरंत इसकी सूचना चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका वर्मा को दी गई। डॉ. प्रियंका वर्मा पुत्री डॉ. बी.पी. वर्मा ने पूरे मामले की जानकारी लेते हुए शंभूपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। कैमरे तोड़े, डीवीआर भी ले गए ताकि सबूत न बचे डॉ. प्रियंका वर्मा ने बताया कि चोर बहुत ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देकर गए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुंचाया ताकि उनकी पहचान नहीं हो सके। बाहर लगा बुलेट सीसीटीवी कैमरा तोड़ दिया गया, वहीं कैमरों की रिकॉर्डिंग रखने वाला डीवीआर हार्ड डिस्क भी चोर अपने साथ ले गए। इससे पुलिस को जांच में परेशानी आ सकती है। स्वास्थ्य केंद्र में चोरी की इस घटना के बाद यह भी माना जा रहा है कि चोरों ने पहले पूरी रेकी की होगी और उसके बाद मौका देखकर वारदात को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगालना शुरू कर दिया है ताकि आरोपियों तक पहुंचा जा सके। स्वास्थ्य केंद्र से लाखों का सामान चोरी, मरीजों की सुविधाएं प्रभावित डॉ. प्रियंका वर्मा के अनुसार चोर स्वास्थ्य केंद्र से दो एसी सेट कम्प्रेसर सहित, तीन स्टेबलाइजर, एक इन्वर्टर, चार इन्वर्टर बैटरियां जिनमें दो नई और दो पुरानी थीं, एक एलईडी टीवी, एक डीवीआर हार्ड डिस्क, एक बुलेट सीसीटीवी कैमरा, एक डबल डोर फ्रिज, दो जम्बो कूलर, एक एसी कम्प्रेसर, एक लाल दरी और पांच सफेद चादरें चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान की कीमत करीब दो से तीन लाख रुपए बताई जा रही है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं क्योंकि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और बिजली बैकअप का सामान मरीजों और स्टाफ के लिए काफी जरूरी था। अज्ञात चोर मुख्य गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे थे। पुलिस ने डॉ. प्रियंका वर्मा की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी के साथ बाइक पर जा रहे पति-पत्नी को ट्रेलर ड्राइवर ने टक्कर मार दी। हादसे में पति की मौत हो गई, जबकि पत्नी गंभीर घायल हो गई। मामला बांसवाड़ा जिले के सज्जनगढ़ थाना क्षेत्र के भीलकुआं के पास टोडी कालू गांव में शुक्रवार रात का है। मृतक अपनी पत्नी के साथ ससुराल गया था। कार्यक्रम से लौट रहे थे पति-पत्नी सज्जनगढ़ थाने के एएसआई छगनलाल ने बताया कि बेडाउ धुलिया निवासी जोहरेंग (50) पुत्र हरचंद अपनी पत्नी धुली के साथ अपने ससुराल मांडवी छोटी में आयोजित एक कार्यक्रम में गया था। शुक्रवार रात को वह पत्नी के साथ बाइक से वापस अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान भील कुआं के पास टोडी कालू गांव में हाइवे पर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल, इलाज के दौरान तोड़ा दम टक्कर इतनी भीषण थी कि जोहरेंग हाईवे पर गिरकर लहूलुहान हो गया। हादसे के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस की मदद से गंभीर रूप से घायल जोहरेंग को स्थानीय अस्पताल सज्जनगढ़ ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने रात करीब 12 बजे उसे जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान जोहरेंग ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने रात में शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। भाई की रिपोर्ट पर पुलिस ने शुरू की जांच शनिवार दोपहर सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने मृतक के भाई राकेश पुत्र हरचंद डामोर की रिपोर्ट के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया है। पुलिस मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवा रही हैं। पुलिस ने दुर्घटना करने वाले ट्रेलर को थाने में रखवाया हैं।
हांसी जिले के गांव चैनत में बिजली की लगातार समस्या से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार रात हांसी-बरवाला रोड जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। कई घंटों तक सड़क जाम रहने से राहगीरों को परेशानी हुई। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले लगभग एक महीने से गांव में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई हुई है। गांव निवासी अनूप सिंह ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार बिजली कटौती हो रही थी, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीणों में रोष था। ग्रामीण बोले- 42 साल पुरानी है बिजली लाइन ग्रामीणों ने बताया कि गांव को बिजली आपूर्ति करने वाली लाइन करीब 42 साल पुरानी हो चुकी है। उनका आरोप है कि विभाग न तो इसकी मरम्मत करवा रहा है और न ही नई लाइन बिछा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गांव में लगभग 150 नए बिजली खंभे लगाए गए थे, लेकिन उनका काम अधूरा छोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए कुछ दिन पहले विधायक विनोद भयाना से मुलाकात की थी। उस समय अधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर ग्रामीणों ने शुक्रवार रात करीब 10 बजे सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने की ग्रामीणों को समझाने की कोशिश जाम की सूचना मिलने पर भाटला चौकी इंचार्ज और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद, रात करीब 1 बजे बिजली विभाग के एसडीओ भी घटनास्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। एसडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अस्थायी रूप से गांव की बिजली आपूर्ति भाटला फीडर से हटाकर मसूदपुर फीडर से जोड़ दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भाटला फीडर की पुरानी लाइन की मरम्मत जल्द ही करवाई जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इस दौरान गांव के सरपंच हिमांशु सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
भाजपा ने मेरठ महानगर के लिए 16 नए मंडल प्रभारियों की सूची जारी की है। यह सूची पश्चिमी क्षेत्र के अध्यक्ष सतेन्द्र सिसौदिया ने जारी की। पार्टी का उद्देश्य संगठनात्मक ढांचे को मजबूती प्रदान करना है। इस नियुक्ति में वर्तमान जिला उपाध्यक्षों, जिला मंत्रियों और जिला कोषाध्यक्षों पर भरोसा जताया गया है। मेरठ शहर विधानसभा क्षेत्र में चार मंडल प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इनमें मेरठ नगर में जिला मंत्री डाला गुप्ता, महाराजा अग्रसेन में जिला मंत्री डॉ. सुनीता सैनी, फूलबाग में जिला मंत्री अजय दीवान और ब्रह्मपुरी मंडल में जिला मंत्री दीपक वर्मा शामिल हैं। मेरठ कैंट क्षेत्र के अंतर्गत छह मंडल प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। कंकरखेड़ा मंडल में जिला उपाध्यक्ष विवेक बाजपेयी, पल्लवपुरम में जिला मंत्री नूपुर जौहरी, छावनी में जिला उपाध्यक्ष पूजा बंसल, पटेल नगर में जिला उपाध्यक्ष सीमा श्रीवास्तव, गंगानगर में जिला उपाध्यक्ष संजीव शर्मा और मुल्तान नगर मंडल में जिला मंत्री पंकज कतीरा को प्रभारी बनाया गया है। इसी प्रकार, मेरठ दक्षिण क्षेत्र में भी छह प्रभारियों को दायित्व सौंपा गया है। मलियाना में जिला उपाध्यक्ष वीनस शर्मा, जागृति विहार में जिला मंत्री सुशील प्रजापति, मेरठ देहात में जिला मंत्री विभोर चौधरी, माधव नगर में जिला उपाध्यक्ष ललित नागदेव, रिठानी में जिला कोषाध्यक्ष अमित गर्ग और शास्त्रीनगर मंडल में जिला उपाध्यक्ष विशाल कन्नौजिया को मंडल प्रभारी नियुक्त किया गया है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने समान पात्रता परीक्षा (CET) - 2026 की तैयारियां शुरू कर दी है। इस बार CET के नियमों और परीक्षा पैटर्न में बड़ा बदलाव किया जाएगा। इस बार सीईटी में नेगेटिव मार्किंग लागू की जाएगी। इसके साथ ही CET स्नातक स्तर की परीक्षा नवंबर 2026 और सीनियर सेकंडरी स्तर की परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित होगी। इसे पास करने वाले युवाओं के लिए ही राज्य की लगभग 19 से 23 बड़ी भर्तियों का रास्ता खुलेगा। इनमें पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ लेखाकार, एलडीसी, प्लाटून कमांडर, छात्रावास अधीक्षक और पुलिस कॉन्स्टेबल जैसी भर्तियां शामिल हैं। दरअसल, CET सर्टिफिकेट की वैधता सिर्फ 1 साल थी। इसे अब बढ़ाकर 3 साल कर दिया गया है। इससे 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को फायदा मिलेगा। वहीं, पात्रता के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक लाना जरूरी रहेगा। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इसमें 5 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पेपर कठिन रखा जाएगा कर्मचारी चयन बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने बताया- इस बार CET का स्तर पहले की तुलना में ज्यादा कठिन रखा जाएगा। कोशिश रहेगी कि लगभग 3 से 4 लाख अभ्यर्थी ही पात्र हों। इसके लिए निगेटिव मार्किंग लागू की जाएगी। जानिए- कब शुरू होंगे आवेदन उन्होंने बताया कि CET स्नातक स्तर के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जून 2026 में शुरू होगी। आवेदन करीब एक महीने तक लिए जाएंगे और परीक्षा नवंबर 2026 में प्रस्तावित है। वहीं, CET सीनियर सेकंडरी स्तर के आवेदन जुलाई में शुरू हो सकते हैं, जबकि परीक्षा दिसंबर 2026 में आयोजित होने की संभावना है। सीईटी 2024 की वैधता खत्म हो चुकी CET-2024 की वैधता फरवरी 2026 में खत्म हो चुकी है। इससे स्नातक स्तर के 8.78 लाख और सीनियर सेकंडरी स्तर के 9.17 लाख अभ्यर्थियों की पात्रता खत्म हो गई थी। इसके बाद से नई CET परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में लगातार संशय बना हुआ था, जिसे अब बोर्ड ने साफ कर दिया है। बता दें कि राजस्थान में कई बड़ी भर्तियां फिलहाल CET पात्रता के बिना अटकी हुई हैं। इनमें पटवारी, VDO, एलडीसी, महिला पर्यवेक्षक, उपजेलर, छात्रावास अधीक्षक ग्रेड-द्वितीय और पुलिस कांस्टेबल जैसी भर्तियां शामिल हैं। CET-2026 आयोजित होने के बाद इन भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी आने की उम्मीद है। …. राजस्थान में भर्ती परीक्षा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सब इंस्पेक्टर भर्ती-2021 परीक्षा की तारीख घोषित:20 सितंबर को होगी एग्जाम, 3 लाख 83 हजार अभ्यर्थी होंगे शामिल राजस्थान लोक सेवा आयोग(RPSC) ने सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 की नई डेट जारी कर दी है। अब 20 सितंबर को फिर से एसआई भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। पूरी खबर पढ़िए…
मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) ने स्नातक (B.A., B.Sc. एवं B.Com.) के पांचवें सेमेस्टर (सीबीसीएस पाठ्यक्रम सत्र 2023-27) की परीक्षा का कार्यक्रम जारी कर दिया है। विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, ये परीक्षाएं 25 मई से शुरू होकर 3 जून तक चलेंगी। परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जाएंगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होगी, जबकि दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। विभिन्न विषयों को चार समूहों में बांटा परीक्षा नियंत्रक डॉ. अरुण कुमार झा ने बताया कि विभिन्न विषयों को चार समूहों A, B, C और D में बांटा गया है। कार्यक्रम के अनुसार, 25 मई को MJC-8 की परीक्षा होगी। इसके बाद 27 और 30 मई को MJC-9 की परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। 31 मई से 3 जून तक MIC-5 और MIC-6 की परीक्षाएं ली जाएंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी संबद्ध और अंगीभूत कॉलेजों को परीक्षा कार्यक्रम की जानकारी भेज दी है। उन्हें आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डॉ. झा ने सभी केंद्राधीक्षकों और संबंधित अधिकारियों को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा संपन्न कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने परीक्षा के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है।
सपा की मासिक बैठक में संगठन मजबूत करने पर जोर:देवरिया में प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी गई
देवरिया में समाजवादी पार्टी सदर विधानसभा की मासिक बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई। यह बैठक बांस देवरिया स्थित सपा कार्यालय के मुलायम सिंह यादव सभागार में हुई, जिसकी अध्यक्षता आफताब आलम ने की। इसमें संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने संगठनात्मक कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची का गहन अध्ययन करने और अन्य दस्तावेजों से मतदाताओं के नामों का मिलान करने की अपील की। उन्होंने निर्देश दिया कि यदि मतदाता सूची, वोटर आईडी या आधार कार्ड में कोई त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित प्रारूप-8 भरकर जल्द संशोधन कराया जाए। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं के नाम सही तरीके से सूची में शामिल करना है। बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखने और जनता के बीच पार्टी की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी विस्तृत चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाजवादी पार्टी लगातार जनता के मुद्दों को उठा रही है। बैठक के अंत में स्वर्गीय प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस दौरान हृदयनारायण जायसवाल, राजवंशी राजभर, ऋषिकेश यादव, डॉ. रामनाथ चौहान, उमाशंकर यादव, रामप्रीत यादव, पंकज वर्मा, मोहन गुप्ता, गिरीश जायसवाल, रमेश यादव, सदानंद यादव, तेजप्रताप जायसवाल, रामनारायण यादव, राजनाथ यादव और गजेंद्र भारती सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सक्ती जिले के डभरा ब्लॉक स्थित सिंघितराई गांव के वेदांता पावर प्लांट में हुए हादसे की जांच के लिए कांग्रेस की ओर से गठित टीम प्लांट पहुंची। टीम ने प्लांट प्रबंधन और एनजीसीएल (NGCL) अधिकारियों से करीब एक घंटे तक पूछताछ की। कांग्रेस नेताओं ने मामले में दर्ज एफआईआर में गैरजमानती धाराएं जोड़ने की मांग की है। जांच टीम में संयोजक जयसिंह अग्रवाल, पूर्व मंत्री नोवेल वर्मा, पूर्व मंत्री उमेश पटेल, जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू, चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव सहित कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी शामिल थे।टीम ने बंद कमरे में अधिकारियों से हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों, मजदूरों की स्थिति और कंपनी की जवाबदेही जैसे कई बिंदुओं पर जानकारी ली। जांच टीम के संयोजक जय सिंह अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि 14 अप्रैल को हुए इस बड़े हादसे की जांच के लिए कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि प्लांट प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों से चर्चा के बाद उन्हें तीन दिनों के भीतर विस्तृत जवाब पेश करने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट और कांग्रेस की आगे की रणनीति जयसिंह अग्रवाल ने यह भी कहा कि जवाब मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी और पूरी जांच रिपोर्ट कांग्रेस कमेटी को सौंपी जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा इस मामले में सामान्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि इतने बड़े हादसे और मजदूरों की मौत को देखते हुए गैरजमानती धाराएं लगाई जानी चाहिए थीं। पुलिस कार्रवाई पर सवाल और न्याय की मांग उन्होंने इस विषय पर पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा करने और पीड़ित मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी की ओर से आगे कार्रवाई की मांग करने की बात कही। बता दें कि 14 अप्रैल को सिंघितराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर ट्यूब फटने से यह हादसा हुआ था। इस घटना में करीब 35 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनमें से अब तक 25 मजदूरों की मौत हो चुकी है। कई अन्य मजदूरों का उपचार अभी भी जारी है।
अयोध्या जिले के लखनऊ-गोरखपुर हाईवे पर शनिवार को सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। हादसा पटरंगा थाना क्षेत्र के गनौली गांव के पास हुआ, जहां अज्ञात वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार पटरंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जाखौली कटघरा निवासी राम प्रकाश रावत (45) तथा अघावन नगर निवासी श्रीचंद उर्फ चंदे (42) किसी रिश्तेदारी में आयोजित निमंत्रण कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। बताया जा रहा है कि पुरैया के पास हाईवे क्रॉस करते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। हादसे के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। गांव में मातम पसरा है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक पटरंगा शशिकांत यादव ने बताया कि अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी रुदौली आशीष निगम ने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
सिलेंडर में आग से महिला झुलसी:हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर, खाना बनाते समय हुआ हादसा
पिंडवाड़ा थाना क्षेत्र के अजारी गांव में शनिवार सुबह खाना बनाते समय सिलेंडर में आग लगने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों ने आग बुझाकर उसे सिरोही के सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, अजारी निवासी ज्योत्सना पत्नी प्रकाश कुमार मेघवाल अपने घर में खाना बना रही थीं। अचानक सिलेंडर से गैस लीक होने के कारण उसमें आग लग गई। आग लगते ही दिव्यांग महिला घबरा गईं और इसी दौरान उनके किचन का दरवाजा अंदर से बंद हो गया। महिला की चीख-पुकार और आग की लपटें देखकर परिजनों ने किसी तरह दरवाजा तोड़ा। उन्होंने झुलसी हुई महिला को आग बुझाते हुए बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर ले गए। सिरोही ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने महिला का इलाज शुरू किया। हालांकि, उनके जले हुए हाथों और अन्य जगहों को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उदयपुर रेफर करने की सलाह दी गई। परिजनों को बताया गया कि उदयपुर में विशेष बर्निंग वार्ड है, जहां समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध है। महिला के साथ आए परिजनों ने बताया कि आग की लपटों के बीच महिला बुरी तरह घबरा गई थीं, जिससे किचन का दरवाजा बंद हो गया। इसी कारण से वह अधिक झुलस गईं।
मैनपुरी में युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या:कोतवाली थाना क्षेत्र की हिंदपुरम कॉलोनी का मामला
मैनपुरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 27 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना हिंदपुरम कॉलोनी में शुक्रवार देर रात हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान सचिन कुमार (27) पुत्र रामस्वरूप के रूप में हुई है। सचिन की शादी दो-तीन साल पहले हुई थी और वह मजदूरी का काम करता था। शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया और अंदर से कुंडी लगा ली। परिवार के सदस्यों को बाद में घटना की जानकारी हुई। परिजनों के अनुसार, सचिन ने नशे की हालत में यह कदम उठाया। उसने अपने घर के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवार द्वारा सूचना दिए जाने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम पर हिंदपुरम कॉलोनी में 27 वर्षीय युवक द्वारा फांसी लगाए जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सीओ सिटी ने आगे बताया कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आगर मालवा में पुलिस परिवार के 5 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आयोजित 10 दिवसीय ब्राइटर माइंड प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को बड़ौद रोड स्थित पुलिस लाइन परिसर में समापन हो गया। इस दौरान बच्चों ने आंखों पर पट्टी बांधकर रंग पहचानने, पुस्तक पढ़ने, स्मरण शक्ति और ब्रेन एक्सरसाइज जैसे कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर दिलीप कुमार सोनी ने बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बताया। उन्होंने बच्चों को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण उनकी एकाग्रता, निर्णय क्षमता और मानसिक दक्षता को मजबूत करते हैं। रविंद्र कुमार बोयट ने इस अवसर पर कहा कि ब्राइटर माइंड जैसे नवाचारपूर्ण कार्यक्रम बच्चों की छिपी प्रतिभा को निखारने का एक बेहतर माध्यम हैं। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों में आत्मबल, अनुशासन और रचनात्मक सोच का विकास होता है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 24 बच्चों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान बच्चों को स्मरण शक्ति बढ़ाने, व्यक्तित्व विकास और मानसिक क्षमता संवर्धन की आधुनिक तकनीकों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और अभिभावकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। जिला पुलिस ने भविष्य में भी पुलिस परिवारों के बच्चों के लिए इस प्रकार की गतिविधियां जारी रखने की बात कही है।
आरा शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले नगर निगम कर्मियों ने अब अपने अधिकारों की लड़ाई को लेकर आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। वर्षों से लंबित वेतनमान, एरियर और सेवा लाभ की मांग को लेकर आरा नगर निगम के सफाई कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल का असर पहले ही दिन से शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दिया। निगम के 45 वार्डों में कचरा उठाव पूरी तरह ठप हो गया। जिससे कई इलाकों में गंदगी फैल रही है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़े का अंबार नजर आया। ताला बंद कर किया प्रदर्शन हड़ताल के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मी, वार्ड सुपरवाइजर, ड्राइवर और अन्य कर्मचारी नगर निगम कार्यालय पहुंचे, जहां मुख्य गेट में ताला बंद कर धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। आंदोलनकारी कर्मियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन और सेवा से जुड़े कई मुद्दे लंबित हैं, लेकिन निगम प्रशासन गंभीर पहल नहीं कर रहा है। पूरे महीने का वेतन मिलना चाहिए संघ की अध्यक्ष पुष्पा सिंह कुशवाहा ने बताया कि कर्मचारियों को मात्र 10,200 रुपए मासिक वेतन दिया जा रहा है। वह भी केवल 26 दिनों का भुगतान होता है। महंगाई के इस दौर में इतने कम वेतन में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों की मांग है कि उन्हें पूरे महीने का वेतन दिया जाए। निगम प्रशासन को छह सूत्री मांगों का ज्ञापन पहले ही सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रमुख मांगों में अष्टम वेतन अंतर राशि का भुगतान, सातवें वेतनमान को तत्काल लागू करना, NGO कर्मियों को कुशल एवं अति कुशल श्रेणी के अनुरूप वेतनमान देना और स्थायी कर्मचारियों को ACP का लाभ शामिल है। इसके अलावा अस्थायी कर्मियों को नियमित करने और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानदेय लागू करने की भी मांग उठाई गई है। निगम पर मनमानी का आरोप कर्मचारी बबीता देवी ने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त कर सभी कर्मियों को स्थायी किया जाए, क्योंकि मामूली वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो चुका है। निगम प्रशासन मनमाने तरीके से कर्मचारियों को काम से हटाता है। बिना जांच और स्पष्टीकरण के कर्मियों को हटाने पर रोक लगाने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा है। विभागीय बंदी और अवकाश के दिनों में काम लेने के बावजूद अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। गुरुवार को निगम कार्यालय में अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। अधिकारियों ने मामला नगर विकास विभाग से जुड़ा बताते हुए असमर्थता जताई। वहीं कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आजम खान को तंखाइया मामले में झटका, विवादित बयान मामले में कोर्ट ने माना दोषी
यह मामला 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान का है, जब आजम खान समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर रामपुर सीट से चुनाव लड़ रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान वह भोट थाना क्षेत्र में एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रशासन और तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को 72 शिक्षकों के बैच को शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के साथ फिनलैंड में प्रशिक्षण लेने के लिए रवाना किया। उन्होंने कहा कि विदेश में प्रशिक्षण प्राप्त प्रिंसिपल और शिक्षक शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाकर आम आदमी को लाभ पहुंचाने के लिए राज्य में शिक्षा क्रांति के दूत के रूप में काम कर रहे हैं। चंडीगढ़ में अपने सरकारी आवास पर शिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने से पहले उनसे बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के संयुक्त प्रयासों के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य व बिजली के मुद्दे अन्य पार्टियों के राजनीतिक एजेंडों का केंद्र बन गए हैं। सीएम मान ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाब ने अब तक 234 प्रिंसिपल, शिक्षा अधिकारियों को पांच दिनों के नेतृत्व विकास कार्यक्रम के लिए सिंगापुर भेजा है। इस बार 72 प्राथमिक स्तर के टीचरों को फिनलैंड के तुर्कू में भेजा है। पहले सिंगापुर भेजा गया था शिक्षकों का 7वां बैचइससे पहले 8 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 36 प्रिंसिपलों के 7वें बैच को सिंगापुर रवाना किया था। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने कहा कि था कि यह दिन प्रदेश के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, क्योंकि यह पहल विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में मदद करेगी। बेहतर प्रशिक्षित स्टाफ ने सरकारी स्कूलों में दाखिले की दर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विदेश जाने वालों में ज्यादातर महिलाएं मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई थी कि प्रशिक्षित प्रिंसिपलों से विद्यार्थियों को नई शिक्षा तकनीकों का लाभ मिलेगा, जिससे वे कॉन्वेंट स्कूलों के विद्यार्थियों का भी मुकाबला कर सकेंगे। उन्होंने कहा था कि पंजाब देश में शिक्षा क्रांति का साक्षी बन रहा है, क्योंकि राज्य सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर यह जानकर विशेष प्रसन्नता हुई कि इस बैच में विदेश जाने वाले प्रिंसिपलों में अधिकांश महिलाएं हैं। सैकड़ों शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षणपंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि 300 से अधिक शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशिक्षण देने वाला पहला राज्य बन चुका है। पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के उद्देश्य से 306 प्रिंसिपलों और शिक्षकों को विदेश में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिलाकर नया मानक स्थापित किया है।
बेतिया में के मनुआपुल थाना क्षेत्र स्थित गुड़वालिया चौक के समीप शनिवार सुबह अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग की। स्थानीय लोगों के अनुसार, गोलीबारी की यह घटना गुड़वालिया निवासी लव मिश्रा के घर के पास हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ अपराधी अचानक मौके पर पहुंचे और गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों में छिप गए, जबकि बाजार और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। जमीन विवाद को लेकर फायरिंग की आशंका हालांकि, इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, फिर भी इलाके में भय और तनाव का माहौल है। लव मिश्रा ने आशंका जताई है कि यह घटना जमीन विवाद को लेकर की गई है। घटना की सूचना मिलते ही मनुआपुल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से गोली के कुछ खोखे बरामद किए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं से लोगों में भय का माहौल है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है।
खैरथल-तिजारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के देखरेख में किशनगढ़बास क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल माछरोली में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे – नेविगेटिंग लाइफ लीगली' अभियान के तहत हुआ। 100 छात्र - छात्राएं हुए शामिल शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास और सचिव रनवीर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। शिविर में लगभग 100 छात्र - छात्राओं ने भाग लिया। साइबर अपराध की मिली जानकारी कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों की पहचान के बारे में बताया गया। उन्हें सोशल मीडिया के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, बाल अधिकार, बाल विवाह के दुष्परिणाम और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। 'कोर्ट वाली दीदी' शिकायत पेटी रखी शिविर के तहत स्कूल परिसर 'कोर्ट वाली दीदी' नाम से एक शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से साझा कर सकेंगे। इस पहल को विद्यार्थियों को सुरक्षित और विश्वासपूर्ण वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर छात्रों को राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 15100, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी गई। यह शिविर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित हुआ और उन्हें जागरूक तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
मैनपुरी में महिलाओं ने की वट सावित्री पूजा:पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए किया व्रत
मैनपुरी में वट सावित्री व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। शनिवार को जिलेभर की सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखा और वटवृक्ष की पूजा-अर्चना की। शहर के विभिन्न मंदिरों और वटवृक्ष स्थलों पर, विशेषकर ऋषि आश्रम पर, सुबह से ही महिला श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर विधि-विधान से पूजा की और वटवृक्ष की परिक्रमा करते हुए कच्चा धागा बांधा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत को अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर महिलाओं ने माता सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा स्थलों पर भक्ति गीतों और मंत्रोच्चारण से वातावरण भक्तिमय बना रहा।महिलाओं ने बताया कि यह व्रत पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति के लिए रखा जाता है। कई स्थानों पर महिलाओं ने समूह में पूजा कर एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दीं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी सतर्क दिखाई दिया। प्रमुख मंदिरों और पूजा स्थलों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके और शांति व्यवस्था बनी रहे।
धार के चर्चित भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ द्वारा हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। हिंदू पक्ष ने संभावित कानूनी चुनौती को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल कर दी है। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट विष्णु शंकर जैन के माध्यम से 15 मई को यह केविएट दाखिल की। इसकी पुष्टि एडवोकेट विनय जोशी ने की है। क्या होता है केविएट केविएट दाखिल करने का मतलब यह है कि यदि मुस्लिम पक्ष हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करता है, तो कोर्ट किसी भी अंतरिम आदेश या सुनवाई से पहले हिंदू पक्ष को भी सुनवाई का अवसर देगी। यानी अब बिना हिंदू पक्ष का पक्ष सुने कोई एकपक्षीय आदेश पारित नहीं किया जा सकेगा। हाई कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ी कानूनी हलचल गौरतलब है कि शुक्रवार दोपहर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने भोजशाला मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए हिंदू पक्ष को पूजा-अर्चना का विशेष अधिकार दिया था। साथ ही वर्ष 2003 के उस आदेश को निरस्त कर दिया गया था, जिसके तहत परिसर में नमाज की अनुमति दी गई थी। खास बात यह कि 24 घंटे के अंदर ही हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में केविएट दायर कर दी है। फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष पहले ही संकेत दे चुका है कि 240 पन्नों के निर्णय का विस्तृत अध्ययन करने के बाद सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। इसी संभावना को देखते हुए हिंदू पक्ष ने पहले से कानूनी तैयारी करते हुए केविएट दायर की है। ASI सर्वे और ऐतिहासिक साक्ष्य बने फैसले का आधार मामले में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) द्वारा कराए गए 98 दिवसीय वैज्ञानिक सर्वेक्षण और प्रस्तुत ऐतिहासिक दस्तावेजों को अदालत ने महत्वपूर्ण माना था। हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला मां वाग्देवी और संस्कृत शिक्षा का प्राचीन केंद्र रहा है।
प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (PMAGY) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। विकास भवन के सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी ने जिलाधिकारी के निर्देशों पर की। बैठक में जिले के 164 गांवों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। यह योजना भारत सरकार द्वारा प्रायोजित है और इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति सबप्लान के तहत चयनित गांवों का विकास करना है। इन गांवों में अनुसूचित जाति की आबादी 50 प्रतिशत या 40 प्रतिशत से अधिक होती है। योजना का लक्ष्य इन गांवों के निवासियों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें सामान्य आबादी के समकक्ष लाना है। जनपद प्रतापगढ़ में कुल 164 गांवों को इस योजना के लिए चुना गया है। इनमें से 106 ग्रामों की विलेज डेवलपमेंट प्लान (VDP) पहले ही तैयार की जा चुकी है। बैठक में शेष चयनित ग्रामों में गैप-फिलिंग, सर्वे और अन्य आवश्यक कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विश्वनाथगंज के विधायक जीतलाल पटेल भी उपस्थित रहे। उन्होंने चयनित गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। परियोजना निदेशक और जिला पंचायत राज अधिकारी ने भी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। जिला समाज कल्याण अधिकारी (विकास) डॉ. आकांक्षा दीक्षित ने सभी सहायक विकास अधिकारियों और ग्राम विकास अधिकारियों को सर्वे से संबंधित महत्वपूर्ण निर्देश दिए। खंड विकास अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया और कार्य में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों के सहयोग से एक सुदृढ़ और त्रुटिहीन विकास योजना तैयार करना था, जिसमें गैप-फिलिंग कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। बैठक का समापन समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों को जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। यहां 7 सुपर स्पेशियलिटी विभागों की ओपीडी सेवाएं शुरू होने जा रही हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से कोल्हान समेत आसपास के जिलों के मरीजों को अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए रांची या कोलकाता नहीं जाना पड़ेगा। इन सुपर स्पेशियलिटी विभागों में न्यूरोसर्जरी, नेफ्रोलॉजी, ऑन्को सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, कार्डियोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी शामिल हैं। मरीजों को इन गंभीर रोगों के लिए नियमित परामर्श और इलाज की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने बताया कि इन नई सेवाओं से मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेगा। उन्हें महंगे निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्तमान में, कोल्हान क्षेत्र के लगभग 200 मरीज प्रतिदिन इन बीमारियों के इलाज के लिए निजी अस्पतालों में जाते हैं, जहां उन्हें केवल परामर्श शुल्क के रूप में 800 से 1000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं। एमजीएम में यह सुविधा निःशुल्क मिलने से मरीजों के प्रतिदिन लगभग 1.60 लाख से 2 लाख रुपए बचेंगे। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में ही पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा, जिससे कोल्हान की स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी।
कौशांबी में दो ई-रिक्शा की टक्कर:तीन घायल, दो महिलाओं की हालत गंभीर; मेडिकल कॉलेज रेफर
कौशांबी के भरवारी में शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे दो ई-रिक्शा की टक्कर में चालक सहित तीन लोग घायल हो गए। इनमें दो महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। कोखराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मूरतगंज की ओर से आ रहा एक ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े दूसरे ई-रिक्शे से जा टकराया। यह हादसा लड़की मंडी भरवारी के पास हुआ। देखें 3 तस्वीरें… हादसे में ई-रिक्शा चालक संदीप सरोज (25 वर्ष), निवासी बिदनपुर, को मामूली चोटें आईं। वहीं, रिक्शे में सवार अनीता (35 वर्ष), निवासी मुजाहिदपुर मूरतगंज, और सुनीता देवी, निवासी भीकमपुर मूरतगंज, के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
नूंह जिले के घासेड़ा गांव में नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक युवक को भारी मात्रा में नशीले कफ सिरप और कैप्सूल के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद नशीले पदार्थों को व्यावसायिक मात्रा की श्रेणी में रखा गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान घासेड़ा गांव के घंग मोहल्ला निवासी शहनाज खान के रूप में हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अपने घर से नशीली दवाइयों की बिक्री करता है और उसने बड़ी मात्रा में नशीला सामान छिपाकर रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांव में दबिश दी। मकान में छिपाकर रखा था सामान छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में आरोपी के घर की तलाशी ली। इस तलाशी अभियान में आरोपी के कब्जे से 37 बोतल नशीला कफ सिरप और 696 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। बरामद नशीले पदार्थ का कुल वजन लगभग 374.97 ग्राम है। पुलिस ने मौके से आरोपी शहनाज खान को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। बाद में आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से पुलिस कर रही पूछताछ पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि वह यह नशीला सामान कहां से प्राप्त करता था और किन इलाकों में इसकी आपूर्ति करता था। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। नूंह एसपी अर्पित जैन ने खुले शब्दों में कहा हे कि जिले में किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ बेचने वालों को बक्सा नहीं जाएगा।
सुलतानपुर में शनिवार को ग्रामीणों ने किंग कोबरा को पानी से नहलाया। इसके बाद वन विभाग की टीम के साथ मिलकर शरीर पर हल्दी का लेप लगाया। इस दौरान कई ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे। ग्रामीणों ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वह एक बाग में घायल अवस्था में मिला था। वन विभाग की टीम के आने से पहले करीब 2 घंटे तक गांव के लोगों ने उसकी घेराबंदी की। काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने किंग कोबरा को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। मामला कूरेभार थाना क्षेत्र के तिवारीपुर मुजौना गांव का है। देखिए तीन तस्वीरें… पढ़िए पूरा मामला… कूरेभार थाना क्षेत्र के तिवारीपुर मुजौना गांव में एक सामूहिक बाग है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे बाग में कुछ लोग टहल रहे थे। विनीत तिवारी और अनुपम कुमार ने एक किंग कोबरा को बाग में घूमते देखा। उन्होंने मौजूद लोगों को आवाज लगाकर बताया। मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। कुछ देर ग्रामीणों ने देखा कि किंग कोबरा घायल अवस्था में है। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। वन विभाग के पहुंचने तक करीब 2 घंटे तक ग्रामीणों ने कोबरे की घेराबंदी की और उस पर निगरानी रखी, ताकि वह किसी घर या भीड़भाड़ वाले स्थान में न जा सके। सुबह करीब 11 बजे सर्प रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। सर्प रेस्क्यू टीम ने ग्रामीणों की मदद से पहले किंग कोबरा को पानी से नहलाया। इसके बाद लकड़ी की मदद से उसके चोट पर हल्दी लगाई गई। उपचार के बाद कोबरा को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू टीम के हवाले कर दिया गया। कूरेभार क्षेत्र के हल्का फॉरेस्टर बृजेश यादव ने बताया - ग्रामीणों के सहयोग और प्रयास से घायल कोबरा सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। अब ग्राफिक्स के जरिए समझिए किंग कोबरा के बारे में -------------------------- ये खबर भी पढ़िए- 'डार्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट किया, आकर मिलो':लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने छात्रा को कॉल करके मिलने का दबाव बनाया; गिरफ्तार लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर परमजीत सिंह (50) को पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि प्रोफेसर ने बीएससी फाइनल ईयर की छात्रा को फोन किया और मिलने का दबाव बनाया। कहा, ‘डार्लिंग, तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है। एग्जाम से पहले घर से आ जाओ। यहां पेपर तुम्हें दे देते हैं।’ पूरी खबर पढ़िए…
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में मनरेगा के तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर पशु शेड के मूल्यांकन के एवज में 5000 रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप था। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने प्रारंभिक जांच और जनपद पंचायत स्तरीय जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। यह मामला तब सामने आया जब पूर्व आवास मित्र हेतराम राठौर ने तकनीकी सहायक तरुण ताम्रकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। हेतराम के पिता धर्मलाल के नाम पर बने पशु शेड के सरकारी मूल्यांकन के लिए तरुण ताम्रकार ने 5000 रुपए की मांग की थी। पीड़ित हेतराम ने इस लेनदेन का एक वीडियो बनाया, जिसमें जनपद पंचायत कार्यालय की छत पर 4000 रुपए का भुगतान करते हुए देखा जा सकता है। रिश्वत देने के बावजूद काम न होने की शिकायत हेतराम राठौर का आरोप है कि रिश्वत देने के बावजूद उनकी फाइल लंबित रखी गई और काम पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने यह मामला उजागर किया। वीडियो के माध्यम से भ्रष्टाचार का यह प्रकरण जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। मामले की जांच के लिए एक दल गठित किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर जिला पंचायत सीईओ ने आरोपी तकनीकी सहायक को पद से हटा दिया।
मेहंदीपुर बालाजी में निशुल्क शिविर:600 बच्चों को पिलाई स्वर्ण प्राशन दवाई,बच्चों की इम्युनिटी बढ़ेगी
दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी स्थित एमएनपी आयुर्वेद औषधालय एवं रिसर्च सेंटर में निशुल्क स्वर्ण प्राशन औषधि वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज के सानिध्य में हुआ, जहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। शिविर में 1 से 8 वर्ष तक के करीब 600 बच्चों को स्वर्ण प्राशन औषधि पिलाई गई। वैध सतीश जैमिनी ने बताया कि यह आयुर्वेदिक औषधि बच्चों की इम्युनिटी बढ़ाने, स्मरण शक्ति को मजबूत करने तथा मानसिक विकास में लाभकारी मानी जाती है। इसके लिए 600 बच्चे औषधालय पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों के साथ शिविर में पहुंचे। आयुर्वेद विशेषज्ञों ने बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिए तथा नियमित आयुर्वेद अपनाने के फायदे बताए। शिविर के सफल आयोजन पर स्थानीय लोगों ने बालाजी मंदिर ट्रस्ट की पहल की सराहना की।
सुलतानपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी के कथित बयान को लेकर ब्राह्मण समाज में रोष व्याप्त है। देव पुरोहित महासभा ने उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि इस बयान के माध्यम से समाज में वैमनस्यता और जातीय संघर्ष फैलाने का प्रयास किया गया है। यह मामला सोशल मीडिया और प्रिंट मीडिया पर प्रसारित एक बयान से संबंधित है। देव पुरोहित महासभा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रवीण कुमार तिवारी के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने इस बयान का कड़ा विरोध किया है। शिकायती पत्र में बताया गया है कि 5 मई को राजकुमार भाटी ने एक प्रेस वार्ता के दौरान एक दोहे का उल्लेख करते हुए कथित रूप से कहा था कि 'ब्राह्मण वेश्या से बदतर है'। महासभा के अध्यक्ष प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि सपा प्रवक्ता के इस वक्तव्य से ब्राह्मण समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और उनमें तीव्र रोष है। शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया गया है कि राजकुमार भाटी ने जानबूझकर एक जाति विशेष को निशाना बनाया है। उनका उद्देश्य समाज में वैमनस्यता, नफरत और द्वेष फैलाना था।संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणियों से क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग हो सकती है और जातीय संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। देव पुरोहित महासभा ने पुलिस और जिला प्रशासन से आरोपी प्रवक्ता के खिलाफ तत्काल विधिक कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में देव पुरोहित महासभा के अध्यक्ष प्रवीण कुमार तिवारी के अतिरिक्त अनिल द्विवेदी, सर्वेश कुमार मिश्र, अजय कुमार मिश्रा, आचार्य गोपाल द्विवेदी, अमरनाथ तिवारी, अभय तिवारी, प्रवीण कुमार द्विवेदी, महेश तिवारी और आलोक कुमार मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
घाटमपुर महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा है। सुबह से पहुंचकर वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर पति की लंबी उम्र की कामना की है। सावित्री को भारतीय संस्कृति में आदर्श नारी और पतिव्रता के लिए ऐतिहासिक चरित्र माना जाता है। पति के प्राणों की रक्षा के लिए वह यमराज के पीछे पड़ गईं और अपने पति को जीवन दान देने के लिए विवश कर दिया। इस वजह से हर वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या के दिन वट सावित्री व्रत रखा जाता है। हिंदू विवाहित महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र के लिए वट सावित्री का व्रत रखती हैं। वट सावित्री व्रत व पूजा का महत्व पतारा कस्बा निवासी, बेटू तिवारी, अनीता सिंह, शालिनी सिंह, सरोज तिवारी आदि महिलाओं ने बताया कि पुराणों के अनुसार वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास है। इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत और कथा सुनने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। भगवान बुद्ध को इसी वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त हुआ था। इसलिए वट वृक्ष को ज्ञान, निर्वाण और दीर्घायु का पूरक माना गया है। कैसे होती है वट वृक्ष की पूजा घाटमपुर नगर समेत पतारा, सजेतीं, भीतरगांव क्षेत्र में महिलाएं व्रत-पूजन कर कथा के साथ-साथ वट वृक्ष के आसपास सूत का धागा परिक्रमा के दौरान वट वृक्ष में लपेटती हैं, जिसे रक्षा कहा जाता है। साथ ही पूजन के बाद अपने पति को रोली और अक्षत लगाकर चरणस्पर्श कर प्रसाद वितरित करती हैं।
ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र के शाहबेरी स्थित फर्नीचर मार्केट में भीषण आग लग गई। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, आग पहले एक दुकान में लगी और फिर तेजी से फैलते हुए आसपास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि इस घटना में कुल 7 दुकानें आग की चपेट में आई हैं। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। पुलिस बल भी घटनास्थल पर मौजूद है और स्थिति को नियंत्रित करने में सहयोग कर रहा है। आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं।
अजमेर जिले के केकड़ी में रहने वाले 30 साल के युवक की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। मामले में परिजनों ने जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी में हंगामा करते हुए अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में अस्पताल के स्टाफ पर कमीशन के लालच में गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल में भेजने का आरोप लगाया है। शिकायत पर अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। वहीं दूसरी तरफ केकड़ी पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर जांच शुरू कर दी है। केकड़ी निवासी मधु महावर पत्नी रामलाल ने बताया कि 14 मई को उसका बेटा गोविंद महावर काम के लिए घर से निकला हुआ था। जब बेटे से फोन पर बात हुई तो उसने कहा कि वह घर वापस आ रहा है। केकड़ी के पास बेटा घायल अवस्था में सड़क पर मिला। राहगीरों के द्वारा कॉल कर इसकी जानकारी उन्हें दी गई। गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल भेजा गया मां ने बताया कि इसके बाद वह बेटे को केकड़ी अस्पताल लेकर गए और वहां से अजमेर की जेल अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां रात्रि में इमरजेंसी तक पहुंचने ही नहीं दिया गया। ट्रॉली बॉय और अन्य स्टाफ ने गुमराहा कर एंबुलेंस के जरिए एक प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया। प्राइवेट अस्पताल में भी भर्ती करने के बाद परिजनों को मिलने नहीं दिया। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। बेटे की पहले ही डेथ हो चुकी थी उसके बावजूद भी उसे अस्पताल के वेंटिलेटर पर रखा गया। इस बीच उससे कई वसूली भी की गई। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि बेटे की डेथ हो गई है। बॉडी को मोर्चरी में रखवा कर मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अस्पताल अधीक्षक डॉक्टर अरविंद खरे को शिकायत देकर मरीज को आपातकालीन सेवाओं से वंचित करने और प्राइवेट अस्पताल पहुंचाने के लिए गुमराह करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। जांच के बाद होगी कार्रवाई अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर अमित यादव ने मामले में कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से शिकायत देकर कुछ स्थान पर गुमराह कर प्राइवेट अस्पताल में भेजने का आरोप लगाया है। शिकायत पर जांच करवाई जा रही है। जांच के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
टीकमगढ़ में भीषण गर्मी, पारा 42 डिग्री पार:आज 43 डिग्री से ऊपर रहने का अनुमान, सोमवार से लू का अलर्ट
टीकमगढ़ में पिछले पांच दिनों से भीषण गर्मी का दौर जारी है। शनिवार को दोपहर 12 बजे अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। हवा की औसत गति 3 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जबकि आर्द्रता 23% रहेगी, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग ने बताया है कि सोमवार से तापमान में और अधिक वृद्धि होगी। इस दौरान लू चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। अगले तीन से चार दिनों तक गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार को अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस था। गुरुवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री और शुक्रवार को 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात का तापमान भी बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे लोगों को देर रात तक गर्मी महसूस हो रही है। लगातार भीषण गर्मी के कारण लोग उल्टी-दस्त जैसी बीमारियों का शिकार होने लगे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। साथ ही, बार-बार पानी पीने और खाली पेट बाहर न निकलने जैसी सावधानियां बरतने की अपील की गई है।
मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कर रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं। मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया है, पहले आप लोग सिर्फ हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। यह बात कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार देर रात पूर्व मंत्री उषा ठाकुर से मुलाकात के दौरान कहीं। दिग्विजय सिंह भोजशाला के फैसले के बाद इंदौर पहुंचे थे। बता दें कि उषा ठाकुर बीजेपी की विधायक हैं और प्रदेश की कट्टर हिंदुत्व छवि वाली फायर ब्रांड नेता हैं। दिग्विजय सिंह ने ठाकुर से आगे कहा कि मैं जितना सनातनी हूं... क्या तुमने कभी नर्मदा परिक्रमा की है? क्या तुम एकादशी का व्रत करती हो? इस पर ठाकुर ने कहा कि आप व्यक्तिगत रूप से तो पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते। जवाब में दिग्विजय सिंह ने तुरंत कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं, अब और कैसे सार्वजनिक करूं? मैं सही सनातनी हूं।” पूजा-अनुष्ठान की अनुमति का अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भोजशाला फैसले पर कहा था कि फैसले का अध्ययन किया जाएगा, देश के नियम व प्रचलनों के अनुसार ही आगे कदम उठने चाहिए। जामिया मस्जिद, बनारस और अन्य तीन मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती के रूप में लंबित हैं। भोजशाला एएसआई प्रोटेक्टेड साइट है, ऐसे में वहां पूजा-अनुष्ठान की अनुमति का अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट ही करेगा। एएसआई की रिपोर्ट में कई दावों का उल्लेख नहीं, इसलिए पूरे फैसले की गहराई से जांच ज़रूरी। देश में सामाजिक चेतना और सौहार्द के संकट के समय सिर्फ एक समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं। कानून व संविधान के दायरे में रहकर ही सभी निर्णय होना चाहिए, अंतिम निर्णय सर्वोच्च न्यायालय का होगा। पढ़िए उषा ठाकुर और दिग्विजय सिंह के बीच की पूरी बातचीत… उषा ठाकुर : जी, बड़े भाई हैं ये। दिग्विजय सिंह : मैं घोषणा करता आया हूं और घोषणा आज फिर कर रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं और मेरे कहने के बाद सनातन धर्म को आपने स्वीकार किया, पहले हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। अब मैं सनातन... मेरे कहने का, मैंने शुरुआत की थी। उषा ठाकुर : हम अनादि काल से सनातनी हैं। दिग्विजय सिंह : अरे, अनादि काल से सनातनी तो तुम हो तो... तुम हम... हम क्या दुश्मन हैं उसके? सुन ले, सुन ले, मैं जितना सनातनी हूं... तूने नर्मदा परिक्रमा करी है क्या? उषा ठाकुर : नहीं करी।दिग्विजय सिंह : तू एकादशी का व्रत करती है क्या? उषा ठाकुर : आप बड़े भाई हैं... और मैंने कहा व्यक्तिगत रूप से पक्के सनातनी हैं, पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करते।दिग्विजय सिंह : सार्वजनिक... मैं सार्वजनिक कर तो रहा हूं और किससे सार्वजनिक करूं? उषा ठाकुर : हां, मैं आपका धन्यवाद देती हूं। बहुत अच्छी बात है।दिग्विजय सिंह : स्वीकार कर मैं सनातनी... सही सनातनी हूं। बोल, बोल। उषा ठाकुर : तो आपको हाई कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।दिग्विजय सिंह : उसके बारे में... उसके बारे में तूने कैसे मान लिया कि मैंने विरोध किया? उषा ठाकुर : अब ये किसी ने बोला।दिग्विजय सिंह : किसी ने बोला!
हनुमानगढ़ जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को सफलता मिली है। सिंचाई नोहर थाना पुलिस ने 2.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामदगी मामले में एक महिला सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपिया की पहचान रुकसाना उर्फ रिकसाना बीवी उर्फ निकी निवासी चक 11 आरपी, लखुवाली, रावतसर के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी रावतसर थाना पुलिस द्वारा बबलू खान निवासी रावतसर को 2.30 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए जाने के बाद हुई है। इस मामले की जांच नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना नोहर के थानाधिकारी हनुमान प्रसाद मीणा को सौंपी गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, साक्ष्य संकलन और गोपनीय सूचना के आधार पर चिट्टा सप्लायर महिला की पहचान की। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रुकसाना उर्फ रिकसाना बीवी उर्फ निकी पत्नी सद्दाम हुसैन निवासी चक 11 आरपी लखुवाली, थाना रावतसर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला पहले भी एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में संलिप्त रह चुकी है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जिले में मादक पदार्थों की सप्लाई किन-किन लोगों तक की जा रही थी और इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल हैं।
भगवान श्रीराम के पूर्वजों और इक्ष्वाकु वंश की गौरवशाली परंपरा को अब नया ठिकाना मिलने जा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में मूर्तियां स्थापित करने की बजाय अब इन्हें निर्माणाधीन अन्तरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में स्थापित किया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं को न केवल इक्ष्वाकु वंश के परम प्रतापी राजाओं की मूर्तियां देखने को मिलेंगी, बल्कि उनकी पूरी वंशावली और इतिहास भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। रामकथा संग्रहालय में बन रही 20 गैलरियों में से एक विशेष गैलरी इक्ष्वाकु वंश के लिए आरक्षित की गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और संग्रहालय प्रशासन फिलहाल उन राजाओं के नामों का चयन कर रहे हैं, जिनकी कीर्ति और पराक्रम आज भी लोकमानस में जीवित हैं। साथ ही उनकी सर्वमान्य प्रतिमाओं के स्वरूप पर भी मंथन चल रहा है। डिजिटल कियोस्क में मिलेगा सूर्यवंश का इतिहास रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीब कुमार सिंह के अनुसार गैलरी में आधुनिक डिजिटल कियोस्क लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से श्रद्धालु सूर्यवंशी राजाओं के इतिहास, उनके पराक्रम और धार्मिक परंपराओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इक्ष्वाकु वंश की वंशावली अत्यंत विस्तृत है, इसलिए सभी राजाओं को स्थान देना संभव नहीं होगा, लेकिन उन महान विभूतियों को जरूर शामिल किया जाएगा जिनकी पहचान आज भी भारतीय संस्कृति में अमिट है। हरिश्चंद्र से भगीरथ तक की गाथाएं होंगी जीवंत गैलरी में सतयुग से लेकर त्रेता, द्वापर और कलियुग तक इक्ष्वाकु वंश की परंपरा को दर्शाया जाएगा। सत्य और धर्म के प्रतीक राजा हरिश्चंद्र, धर्मपरायण सम्राट दिलीप, महाराज रघु और मां गंगा को धरती पर लाने वाले महाराज भगीरथ जैसे महान राजाओं की कथाएं प्रमुखता से प्रदर्शित होंगी। राजा दिलीप की नंदिनी गाय की सेवा, पुत्र रघु के जन्म और उसके बाद रघुवंश की स्थापना की कथा भी यहां दिखाई जाएगी। इसी रघुवंश की मर्यादा को भगवान श्रीराम ने “रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाई” कहकर अमर किया था। महाराज रघु और स्वर्ण वर्षा की कथा भी होगी शामिल संग्रहालय में महाराज रघु की दानवीरता से जुड़ी प्रसिद्ध कथा भी प्रदर्शित की जाएगी। मान्यता है कि ब्रह्मचारी कौत्स गुरु दक्षिणा के लिए नौ हजार स्वर्ण मुद्राओं की मांग लेकर महाराज रघु के पास पहुंचे थे। उस समय महाराज रघु तपस्वी जीवन व्यतीत कर रहे थे, लेकिन उन्होंने रघुवंश की परंपरा निभाते हुए किसी याचक को खाली हाथ लौटाने से इनकार कर दिया। कथा के अनुसार जब धन के देवता कुबेर ने सहायता नहीं की, तब महाराज रघु ने उन पर चढ़ाई की तैयारी कर दी। इससे भयभीत होकर कुबेर ने स्वर्ण वर्षा कर दी। महाराज रघु ने पूरा स्वर्ण कौत्स को अर्पित कर दिया, हालांकि कौत्स ने केवल नौ हजार स्वर्ण मुद्राएं ही स्वीकार कीं। कहा जाता है कि तभी से वह स्थान “स्वर्ण खनि कुंड” के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
गयाजी में वट सावित्री पर्व पर अखंड सुहाग की कामना से सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही शहर के अलग-अलग मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास बड़ी संख्या में महिलाएं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं। शहर के चांद चौरा, गोदावरी शिव मंदिर, समीर तकिया शिव मंदिर, नूतन नगर शिव मंदिर, मार्कंडेय मंदिर और बाईपास दुर्गा स्थान मंदिर सहित कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा की। वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर पति की दीर्घायु की कामना की। परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना पूजा के दौरान महिलाओं ने माता सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी। उनके हाथों में सजी पूजा की थालियों में फल, फूल, मिठाई, भीगा चना, पापड़, धूप, अगरबत्ती और सुहाग की सामग्री शामिल थी। महिलाओं ने भगवान शिव और वट वृक्ष की पूजा कर परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। कई मंदिरों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से व्रत कथा का श्रवण किया और भजन-कीर्तन भी किए। शंख और घंटियों की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठे। पूजा के लिए पहुंची महिलाएं पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार में थीं। पति के लंबी आयु की कामना व्रती सीता, मनीषा, पूजा ने बताया कि वट सावित्री व्रत भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण पर्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता सावित्री ने अपने संकल्प और तपस्या से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी परंपरा का पालन करते हुए सुहागिन महिलाएं यह व्रत रखती हैं, ताकि उनके पति को लंबी आयु और सुखमय वैवाहिक जीवन प्राप्त हो।
मैनपुरी में 18 साल पुराने बिजली चोरी के एक मामले में अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। लंबे समय से पेश नहीं हो रहे आरोपी रामवीर के खिलाफ विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करते हुए फरारी की कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही, उसके जमानतदारों को भी नोटिस जारी किया गया है। यह मामला थाना बिछवा क्षेत्र के ग्राम धनमऊ का है। घटना 14 दिसंबर 2007 की बताई जा रही है। उस दिन विद्युत विभाग के अवर अभियंता जगतपाल सिंह ने गांव में चेकिंग अभियान चलाया था। जांच के दौरान, रामवीर पुत्र जानकी प्रसाद के परिसर में अवैध रूप से आटा चक्की संचालित होती मिली। मौके पर बिजली कनेक्शन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बाद विभाग की ओर से थाना बिछवा में बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस विवेचना के बाद यह मामला विशेष न्यायालय में पहुंचा, जहां आरोपी रामवीर ने जमानत करा ली थी। शुरुआत में अदालत में उसे हाजिरी माफी दी जाती रही, लेकिन बाद में आरोपी लगातार अनुपस्थित रहने लगा। 25 नवंबर 2025 को भी न्यायालय में पेश न होने पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। इसके बावजूद आरोपी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ। विद्युत विभाग के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि यह विभाग का सबसे पुराना बिजली चोरी का मामला है। आरोपी पर अब तक करीब 4 लाख 33 हजार 390 रुपये का राजस्व और 1 लाख 20 हजार रुपये का शमन शुल्क बकाया है। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत पुराने मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी ने आरोपी रामवीर सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता (CRPC) की धारा 82 के तहत फरारी की कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। जमानतदार राजाबाबू निवासी धनमऊ और सुशीला देवी निवासी बिछवा को भी नोटिस जारी किया गया है। बिछवा पुलिस को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में अगली सुनवाई के लिए 18 जून 2026 की तारीख तय की गई है।
मेरठ कॉलेज मेरठ में स्पोर्ट्स टीचर, पीटीआई प्रोफेसर योगेश कुमार साइकिल से कॉलेज पहुंचे। योगेश कुमार अपने घर मोदीपुरम से मेरठ कॉलेज लगभग 7 किमी का सफर साइकिल से तय करके आए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की इस अपील में हर देशवासी को सहयोग करना चाहिए। फिजिकल एजुकेशन में प्रोफेसर हैं योगेश कुमार वर्तमान में चल रहे वैश्विक संकट के कारण विश्व भर में भविष्य में उत्पन्न होने वाले ऊर्जा संबंधी समस्याओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल की बचत का आह्वान किया था। जिससे प्रेरणा लेते हुए मेरठ कॉलेज मेरठ के शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रोफेसर (डॉ.) योगेश कुमार, जो कि महाविद्यालय की आंतरिक गुणवत्ता एवं सुनिश्चयन प्रकोष्ठ के सदस्य एवं महाविद्यालय के ऊर्जा - स्वास्थ्य एवं वैलनेस क्लब के समन्वयक भी हैं। प्रोफेसर ने साइकिल से महाविद्यालय आना शुरू किया है। अधिकांश प्रोफेसर कारों से अकेले कॉलेज आते हैंप्रोफेसर योगेश कुमार का कहना है कि महाविद्यालय के अधिकांश शिक्षक साथी कारों से अकेले ही अपने घर से कॉलेज आते हैं। कहा कि मेरा अपना घर कॉलेज से लगभग 7 किमी दूर पड़ता है। आने-जाने का टोटल डिस्टेंस 14 किमी पड़ता है। इसमें रोजाना एक लीटर पेट्रोल खर्च होता है। अगर सभी लोग इस तरह सोचें और साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्टेशन का प्रयोग करेंगे तो काफी पेट्रोल की बचत होगी। पेट्रोल बचाकर भी कर सकते हैं देशभक्तिप्रोफेसर योगेश आगे कहते हैं कि देशभक्ति केवल सीमा पर जवान की जिम्मेदारी ही नहीं है जब-जब किसी भी प्रकार की विपत्ति देश पर आए उसे कल में उसके नागरिकों का भी कर्तव्य बनता है कि अपनी देश के लिए जहां जितना हो सके अपना योगदान प्रदान करें। मेरठ महाविद्यालय में ही लगभग 300 कर्मचारी हैं यदि वे प्रतिदिन साइकिल, पैदल अथवा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से महाविद्यालय आने और जाने लगे तो राष्ट्र के ऊर्जा बचत में असीम योगदान दे सकते हैं। प्रिंसिपल ने किया स्वागत इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर युद्धवीर सिंह ने ऊर्जा क्लब के समन्वयक प्रोफेसर योगेश कुमार की इस पहल का स्वागत किया और उन्होंने आवाहन किया कि इससे प्रेरणा लेते हुए महाविद्यालय के शिक्षक साथियों के साथ-साथ अन्य कर्मचारी और छात्र-छात्राएं भी, अपने देश के हित के लिए जब तक वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट जारी रहता है, पैदल अथवा साइकिल से या पब्लिक ट्रांसपोर्ट से कॉलेज आएं।
इंदौर में वर्ल्ड कप चौराहा के पास शनिवार सुबह खुले और असुरक्षित चेंबर की वजह से बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक युवक का पैर अचानक चेंबर के भीतर फंस गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और युवक को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक का पैर चेंबर के अंदर लगे लोहे के सरियों में बुरी तरह फंस गया था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद नगर निगम कर्मचारियों ने विशेष उपकरण मंगवाकर सरियों को काटने का काम शुरू किया। लंबे समय तक चली मशक्कत के बाद निगम टीम ने सरिया काटकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर निकलते ही युवक ने हाथ जोड़कर निगम कर्मचारियों का धन्यवाद किया। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे और रेस्क्यू को देखने के लिए भीड़ लगी रही। खुले चेंबरों पर फिर उठे सवाल इस घटना के बाद शहर में खुले और असुरक्षित चेंबरों को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में चेंबर खुले पड़े हैं या उनके ढक्कन टूटे हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि शहरभर में ऐसे खतरनाक चेंबरों की जांच कर तत्काल मरम्मत और सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। तस्वीरों में देखें पूरा घटनाक्रम
उन्नाव के बीघापुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर कर्ण गांव में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने महिला के जेवर चोरी होने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। मृतका की पहचान 34 वर्षीय खुशी त्रिवेदी पत्नी सुजीत कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, खुशी हाल ही में रायबरेली जिले में बुआ के लड़के के तिलक कार्यक्रम में शामिल होने गई थीं। कार्यक्रम से लौटने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया है कि तिलक कार्यक्रम के दौरान खुशी के जेवरात भी चोरी हो गए थे। उन्होंने बताया कि खुशी के पास छाला, झुमकी, तीन अंगूठियां और एक चेन थी, जो कार्यक्रम के बाद नहीं मिली। इस बात को लेकर परिवार में चिंता और संदेह का माहौल है। बीघापुर थाना प्रभारी राजपाल ने बताया कि मौत के कारणों को लेकर अभी कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना जल्दबाजी होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि परिजनों की ओर से कोई तहरीर दी जाती है, तो उसके आधार पर जांच की जाएगी।
निजी एंबुलेंस चालक ने मरीज को बीच रास्ते छोड़ा:डीजल के लिए मांगे रुपए, बीएमओ बोले- एक्शन लेंगे
दमोह जिले के हटा में एक निजी एंबुलेंस चालक ने करंट लगने से घायल युवक को बीच रास्ते में छोड़ दिया। परिजनों के पास पैसे न होने के कारण चालक ने यह कृत्य किया, जिसके बाद परिजनों को अपने रिश्तेदार की गाड़ी से घायल को जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, ग्राम पांजी निवासी अक्षु पटेल (पिता स्व. मुकेश पटेल) शनिवार सुबह खेत में करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल हटा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल दमोह रेफर कर दिया। एंबुलेंस में बैठाने के बाद मांगे रुपए बताया गया है कि शासकीय 108 एंबुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो सकी। इस कारण परिजनों ने अस्पताल परिसर में खड़ी एक निजी एंबुलेंस के चालक से मरीज को दमोह ले जाने का अनुरोध किया। एंबुलेंस में मरीज को बैठाकर वाहन रवाना हुआ, लेकिन सिविल अस्पताल से कुछ ही दूरी पर एक पेट्रोल पंप पर चालक ने गाड़ी रोक दी। यहां चालक ने ईंधन के लिए तत्काल पूरे पैसे मांगे। परिजन के पास थे 400 रुपए परिजनों के पास उस समय केवल 400 रुपए थे, जो उन्होंने चालक को दे दिए। उन्होंने शेष राशि जिला अस्पताल पहुंचकर देने की बात कही, लेकिन चालक पूरे पैसे की मांग पर अड़ गया और मरीज को पेट्रोल पंप पर ही छोड़कर एंबुलेंस लेकर चला गया। इसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में अपने रिश्तेदार की गाड़ी बुलवाकर घायल को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। मरीज के चाचा बोले- पहले ही बता दिया था मरीज के चाचा धीरेन्द्र पटेल ने बताया कि किसी विश्वकर्मा की निजी एंबुलेंस से अपने भतीजे को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आ रहे थे। उन्होंने एंबुलेंस के चालक से पहले ही कह दिया था कि वह पूरे पैसे दमोह पहुंच कर दे देंगे। उस समय चालक ने हा कह दिया, लेकिन सिविल अस्पताल से कुछ ही दूर चलने के बाद चालक ने एक पेट्रोल पंप पर गाड़ी रोकी और हम लोगों को नीचे उतार दिया और तत्काल पूरे पैसे देने की बात कही। जब हम लोगों ने तत्काल पैसे देने में असमर्थता जताई तो चालक वाहन लेकर भाग गया। इसके बाद हमने अपने एक रिश्तेदार को फोन लगाया और भतीजे को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर के द्वारा घायल का इलाज किया जा रहा है। क्या कहते हैं जिम्मेदारवही इस मामले में हटा सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉक्टर उमा शंकर पटेल ने बताया कि उन्हें भी इस मामले की जानकारी लगी है। इसलिए उन्होंने सीएमएचओ को कार्रवाई के लिए एक पत्र लिखा है ताकि इस प्रकार की मनमानी करने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
आईपीएस अरुणदेव गौतम को छत्तीसगढ़ का स्थायी (फुल-टाइम) पुलिस महानिदेशक (DGP) बनाया गया है। गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने 16 मई को इसका आदेश जारी किया। सरकार ने 17 महीने पहले उन्हें प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी दी थी। दैनिक भास्कर डिजिटल ने एक महीने पहले ही खबर दे दी थी कि आईपीएस अरुणदेव गौतम ही स्थायी डीजीपी बनेंगे। यह खबर तब सामने आई थी, जब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने गृह मंत्रालय को नोटिस भेजा था। अब भास्कर की उस खबर पर पूरी तरह मुहर लग गई है। संयुक्त राष्ट्रपदक विजेता हैं IPS गौतम आईपीएस अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक के अलावा सराहनी सेवाओं के लिए 2010 में भारतीय पुलिस पदक और 2018 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2002 में संघर्षग्रस्त कोसोवा में सेवा देने के लिए अरुण देव गौतम को संयुक्त राष्ट्र पदक भी मिला था। अरुण देव गौतम का प्रोफेशनल करियर अरुण देव गौतम मूलतः उत्तरप्रदेश के कानपुर के रहने वाले है। एमए, एमफिल की डिग्री लेने के बाद यूपीएससी क्रैक कर आईपीएस बने है। उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक, भारतीय पुलिस पदक और संयुक्त राष्ट्र पुलिस पदक भी मिल चुका है। उनका जन्म 2 जुलाई 1967 को कानपुर के पास स्थित उनके गांव अभयपुर में हुआ है। उन्होंने अपनी प्राइमरी स्कूली शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी स्कूल से की। फिर 10वीं और 12वीं उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज इलाहाबाद से पूरी की। इलाहाबाद विश्वविद्यालय से आर्टस लेकर बीए किया। राजनीति शास्त्र में एमए किया। इसके बाद जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय कानून में एमफिल की डिग्री हासिल की। अरुण देव गौतम यूपीएससी निकालकर 1992 बैच के आईपीएस बने। 12 अक्टूबर 1992 को उन्होंने आईपीएस की सर्विस जॉइन की। उन्हें पहले मध्यप्रदेश कैडर एलॉट हुआ था। प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर उनकी जबलपुर में पोस्टिंग हुई। फिर वे बिलासपुर जिले में सीएसपी बने। 6 जिलों के रह चुके हैं एसपी बिलासपुर के बाद एसडीओपी कवर्धा बने। कवर्धा के बाद एडिशनल एसपी भोपाल बने। मध्य प्रदेश पुलिस की 23वीं बटालियन के कमांडेंट भी रहे। एसपी के रूप में पहला जिला उन्हें भोपाल का मिला। 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य बनने पर अरुण देव गौतम ने छत्तीसगढ़ कैडर चुन लिया। छत्तीसगढ़ में वे कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनंदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जिले के एसपी रहे। डीआईजी बनने के बाद वे पुलिस हेडक्वाटर, सीआईडी, वित्त और योजना, प्रशासन और मुख्यमंत्री सुरक्षा के महत्वपूर्ण विभागों में पदस्थ रहे। चुनौती पूर्ण जिलों में अरुण देव गौतम को भेजा जाता था। वर्ष 2009 में राजनांदगांव में नक्सली हमले में 29 पुलिसकर्मियों और पुलिस अधीक्षक के शहीद होने के बाद अरुण देव गौतम को वहां का एसपी बन कर भेजा गया। झीरम कांड के बाद बस्तर IG बनाए गए थे आईजी के पद पर प्रमोशन होने के बाद छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के प्रभार में रहे। फिर बिलासपुर रेंज के आईजी बने। अरुण देव बिलासपुर जिले के एसपी भी रह चुके थे। झीरम नक्सली हमले में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौत के बाद अरुण देव गौतम को बस्तर आईजी बना कर भेजा गया। 25 मई 2013 को झीरम कांड हुआ था। इसके कुछ ही माह बाद नवंबर-दिसंबर को विधानसभा चुनाव हुए। तब सफलतापूर्वक चुनाव करवाने में अरुण देव गौतम की भूमिका रही और वोटिंग प्रतिशत में भी काफी इजाफा हुआ। वे रेलवे, प्रशिक्षण, भर्ती और यातायात शाखाओं के प्रभारी पुलिस महानिरीक्षक रहें। पिछले कुछ सालों से वे छत्तीसगढ़ के गृह सचिव के अलावा जेल और परिवहन विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं। इसके अलावा उन्हें नगर सेना, अग्निशमन सेवाओं का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। ग्राफिक्स में समझिए डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया DGP नियुक्ति के लिए सुप्रीम कोर्ट का यह है निर्देश बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट का 2006 का फैसला राज्य डीजीपी नियुक्तियों के लिए मार्गदर्शक ढांचे के रूप में काम करना जारी रखता है। न्यायालय ने आदेश दिया कि राज्य सरकारें संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा सूचीबद्ध 3 सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में से अपने DGP का चयन करें। चयनित अधिकारी को अपनी सेवानिवृत्ति तिथि की परवाह किए बिना कम से कम दो साल का कार्यकाल पूरा करना होगा। DGP पद के लिए योग्यता डीजीपी बनने के लिए 30 साल की सेवा जरूरी है। इससे पहले स्पेशल केस में भारत सरकार डीजीपी बनाने की अनुमति दे सकती है। छोटे राज्यों में आईपीएस का कैडर छोटा होता है, इसको देखते हुए भारत सरकार ने डीजीपी के लिए 30 साल की सर्विस की जगह 25 साल कर दिया है। मगर बड़े राज्यों के लिए नहीं। …………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ को जल्द मिलेगा स्थायी DGP, सुप्रीम कोर्ट और UPSC से नोटिस की समय-सीमा खत्म, प्रभारी अरुणदेव गौतम रेस में सबसे आगे छत्तीसगढ़ में जल्द ही पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति हो सकती है। रेस में प्रभारी DGP IPS अरुणदेव गौतम और IPS हिमांशु गुप्ता के नाम शामिल है। हालांकि, अरुण देव गौतम का पलड़ा भारी है। पढ़ें पूरी खबर
कोंडागांव में कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील ने देशवासियों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि पिछले दो महीने से डीजल, पेट्रोल और गैस संकट, महंगाई से जूझ रही जनता को प्रधानमंत्री की सलाह से और परेशानी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सलाहों का जिक्र करते हुए बताया कि मोदी ने किसानों से खेती में उर्वरक का उपयोग कम करने को कहा। वहीं, कामकाजी वर्ग को 'वर्क फ्रॉम होम' करने और ऑफिस न जाने की सलाह दी गई। प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं को खाद्य तेल और गैस का उपयोग कम करने की सलाह दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने लोगों से सोना न खरीदने और विदेश यात्रा न करने की भी अपील की। उर्वरक उपयोग और कमी पर सरकार पर सवाल रेखचंद जैन ने उर्वरक के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों से उर्वरकों का उपयोग कम करने को कह रहे हैं, जबकि देश में पिछले सात साल से उर्वरकों की कमी है। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया गया था, लेकिन उर्वरक न मिलने और महंगे उर्वरक खरीदने के कारण किसान कर्जदार हो रहे हैं और उनकी उत्पादकता घट रही है। उर्वरक आपूर्ति पर गंभीर आरोप उन्होंने छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए बताया कि राज्य को 15 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की आवश्यकता है, लेकिन राज्य सरकार अभी तक सोसायटियों तक केवल 51 हजार मीट्रिक टन उर्वरक ही पहुंचा पाई है। यह कुल जरूरत का मात्र 30 प्रतिशत है, जबकि 70 प्रतिशत उर्वरक अभी भी सोसायटियों तक नहीं पहुंचा है। प्रधानमंत्री की नीतियों पर तीखा हमला रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले ऐसे नेता हैं जो राष्ट्र की उत्पादकता को कम करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि मोदी नागरिकों को काम नहीं करने की सलाह दे रहे हैं, जैसे 'वर्क फ्रॉम होम' करना या काम पर न जाना, जिससे फील्ड में काम करने वाले और सामान बेचने वाले लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
रोहतक जिले में बहु अकबरपुर थाना क्षेत्र के गांव मदीना में एक युवक ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। ठगों ने उसे सस्ते आईफोन का लालच देकर 53 हजार 649 रुपए की धोखाधड़ी की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मदीना गांव निवासी हर्ष ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कुछ दिन पहले वह अपने मोबाइल फोन पर इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देख रहा था। इसी दौरान उसे एप्पल आईफोन का एक विज्ञापन दिखा, जिसमें फोन सस्ते दाम पर उपलब्ध होने का दावा किया गया था। विज्ञापन पर क्लिक करते हुए व्हाट्सएप पर आया मैसेज हर्ष ने जब यह विज्ञापन खोला, तो उसके व्हाट्सएप नंबर पर एक मैसेज आया। इस नंबर पर उसकी ठगों से बातचीत शुरू हुई। ठगों ने उसे बताया कि वे उसे एक एप्पल आईफोन, ईयरबड्स, स्मार्ट वॉच और चार्जर उपहार में दे रहे हैं। इसके बाद ठगों ने डिलीवरी के लिए 2150 रुपए का भुगतान करने को कहा। झूठे वादे और बार-बार लालच देकर उन्होंने हर्ष से कुल 53 हजार 649 रुपए ठग लिए, लेकिन उसे कोई सामान नहीं भेजा। शिकायतकर्ता हर्ष ने पुलिस से अपने पैसे वापस दिलाने और ठगी करने वाले के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
महराजगंज ब्लॉक का वाटर एटीएम खराब:भीषण गर्मी में लोग पेयजल को तरस रहे, एडीओ ने दिया बजट का हवाला
महराजगंज सदर ब्लॉक परिसर में लगा वाटर एटीएम इन दिनों पूरी तरह से खराब पड़ा है। भीषण गर्मी के बावजूद इसके बंद होने से ब्लॉक परिसर में आने वाले लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग विभिन्न कार्यों के लिए ब्लॉक परिसर पहुंचते हैं। गर्मी के मौसम में उन्हें शुद्ध पेयजल की आवश्यकता होती है, लेकिन वाटर एटीएम बंद होने के कारण उन्हें पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। परिसर में पानी की उचित व्यवस्था न होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग लंबे समय से खराब पड़े इस वाटर एटीएम पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि सरकार ने आम जनता को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से यह वाटर एटीएम स्थापित किया था, लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में यह अनुपयोगी पड़ा है। इस संबंध में एडीओ पंचायत देवेंद्र पटेल ने बताया कि उनके पास इसके लिए बजट नहीं है और इसकी जिम्मेदारी विकासखंड अधिकारी महराजगंज की है। लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द वाटर एटीएम को चालू कराने की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में उन्हें पेयजल की सुविधा मिल सके।
थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। उसकी पहचान 24 वर्षीय आकाश परमार पुत्र विनोद परमार ( अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा, यमुनापार), निवासी इंद्रा ज्योति नगर के रूप में हुई है। आकाश एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर की नौकरी किया करता था। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे आकाश को अपने दोस्तों के साथ ऑटो में देखा गया था। ऑटो चालक का नाम बिट्टू बताया जा रहा है। इसके बाद शनिवार सुबह करीब 7 बजे परिजनों को घर के बाहर आकाश का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि उन्हें लगा था कि आकाश हनुमान नगर स्थित दूसरे घर पर सोने गया है। मृतक के हाथ में इंट्रा कैप लगी हुई थी, जिससे मामला और संदिग्ध माना जा रहा है। वहीं जानकारी सामने आई है कि आकाश को आखिरी बार बिट्टू टैम्पो वाले और अन्य दोस्तो के साथ बिट्टू के साथ हनुमान नगर की ओर जाते देखा गया था। मृतक के पिता का यह भी कहना है कि बेटों के लिए हनुमान नगर में अलग घर बनाया गया था। घटना के बाद से मृतक की बुलेट मोटरसाइकिल भी गायब बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही थाना ट्रांस यमुना पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है।
सीकर में 23 साल की युवती से रेप:काम के सिलसिले में लेकर आया युवक,अश्लील फोटो-वीडियो से किया ब्लैकमेल
सीकर जिले में 23 साल की महिला के साथ रेप का मामला सामने आया है। महिला पड़ोसी जिले की रहने वाली है। जिसे उसके गांव का ही रहने वाला युवक सीकर लेकर आया था। यहां उसके साथ रेप किया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस संबंध में पीड़िता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह दूसरे जिले की रहने वाली है। उसकी अपने गांव के ही रहने वाले एक युवक से बातचीत होती थी। आरोपी ने किसी काम के सिलसिले में मिलने के बहाने अपने साथ सीकर चलने की बात कही। वह सीकर के एक कस्बे में लेकर गया और पीड़िता के साथ रेप किया। महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। रेप करने के दौरान ही आरोपी युवक ने अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर वापस रेप किया। डर के मारे पहले तो महिला ने यह बात किसी को भी नहीं बताई। लेकिन अब आरोपी पीड़िता को लगातार परेशान कर रहा है। वह महिला से पैसों की डिमांड भी करने लगा। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है।
बैतूल जिले के आमला थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले निमझीरी गांव में मजदूरी के पैसे मांगने गए एक 18 वर्षीय युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, निमझीरी निवासी 18 वर्षीय अभिषेक पिता गोलू मजदूरी का काम करता है। कुछ समय पहले वह गांव के ही राकेश सायबू नामक व्यक्ति के साथ बाहर काम करने गया था। काम पूरा होने के बावजूद राकेश ने उसे मजदूरी के करीब 5 हजार रुपए का भुगतान नहीं किया था। अपनी इसी बकाया राशि की मांग करने के लिए अभिषेक शुक्रवार शाम करीब 7 बजे राकेश के पास पहुंचा था। पैसे मांगने के दौरान दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। गर्दन पर वार के बाद इलाके में मची अफरा-तफरीघायल युवक की मौसी सरिता ने बताया कि विवाद बढ़ने पर आरोपी राकेश ने तैश में आकर अभिषेक की गर्दन पर चाकू से जोरदार हमला कर दिया। इस हमले में अभिषेक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके गले से काफी खून बहने लगा। अचानक हुई इस वारदात से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से लहूलुहान अवस्था में अभिषेक को तत्काल आमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल में चल रहा इलाजआमला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने अभिषेक का प्राथमिक उपचार किया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए तुरंत बैतूल जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। वहीं, आमला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी राकेश सायबू की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
लखनऊ के चारबाग जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 44.06 लाख रुपए कीमत की अवैध विदेशी सिगरेट बरामद की है। सिगरेट को इलेक्ट्रिक सामान घोषित कर पार्सल के जरिए दीमापुर से लखनऊ भेजा गया था। मामले में कस्टम विभाग ने माल को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है। लंबे समय तक नहीं मिला सामान RPF को 18 और 19 अप्रैल को सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 15909 से दीमापुर से लखनऊ तक बुक कराए गए पार्सलों में संदिग्ध सामान भेजा गया है। सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल ने लखनऊ पार्सल कार्यालय में पहुंचे कुल 8 पार्सलों की डिलीवरी निगरानी में कराने के निर्देश मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक को दिए। हालांकि काफी देर तक कोई भी व्यक्ति पार्सल लेने नहीं पहुंचा। इसी दौरान सूत्रों से यह पुष्टि हुई कि पार्सलों में सिगरेट भरी हुई है। इसके बाद आरपीएफ ने मामले की जानकारी कस्टम विभाग और राज्य कर विभाग को दे दी। इलेक्ट्रिक सामान दिखाकर लाया गया था शुक्रवार को RPF लखनऊ, अपराध आसूचना शाखा, कस्टम विभाग और राज्य कर विभाग की संयुक्त टीम ने पार्सल कार्यालय में रखे 8 नगों की जांच की। वजन कराने और पार्सल खोलने पर उनमें घोषित इलेक्ट्रिक सामान की जगह विदेशी ब्रांड की सिगरेट मिली। जांच में कुल 4 लाख 40 हजार 600 विदेशी सिगरेट बरामद हुईं। इनमें ESSE LIGHT और WIN ब्रांड की सिगरेट शामिल हैं। कस्टम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह विदेशी सिगरेट अवैध तरीके से तस्करी कर भारत लाई गई थीं और इन पर पूर्ण प्रतिबंध है। कार्रवाई के दौरान बरामद सभी सिगरेट को सीज कर कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग को सौंप दिया गया है। मामले में अब तस्करी नेटवर्क और पार्सल बुक कराने वालों की जांच की जा रही है।
शहडोल जिले में वन विभाग के 'गज रक्षक ऐप' ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। केशवाही वन परिक्षेत्र में एक हाथी के अतरिया गांव की ओर बढ़ने की सूचना ऐप के माध्यम से समय पर मिलने के बाद ग्रामीणों ने पूरी बस्ती खाली कर दी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। जिले में पिछले कुछ वर्षों से जंगली हाथियों का आतंक बढ़ रहा है, जिससे कई लोगों की जान जा चुकी है और ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। हाल ही में केशवाही वन परिक्षेत्र के गिरवा गांव में एक हाथी ने खेत में सो रहे किसान को कुचलकर मार डाला था। अनूपपुर सीमा से शहडोल पहुंचा यह हाथी अनूपपुर सीमा से शहडोल पहुंचा था और गिरवा गांव की घटना के बाद अतरिया गांव की ओर बढ़ रहा था। वन विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही थी। जैसे ही हाथी गिरवा गांव में दिखाई दिया, उसकी जानकारी तुरंत 'गज रक्षक ऐप' में अपलोड की गई। गांव खाली कर चले गए लोग केशवाही रेंज अधिकारी अंकुर तिवारी ने बताया कि ऐप में अलर्ट जारी होते ही लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में मौजूद लोगों के मोबाइल पर चेतावनी संदेश और अलर्ट टोन पहुंच गई। इससे अतरिया गांव के लोगों को समय रहते जानकारी मिल गई और वे सुरक्षित स्थानों पर चले गए, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रेंजर अंकुर तिवारी के अनुसार, यह ऐप मध्यप्रदेश शासन द्वारा पिछले वर्ष लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य हाथियों की गतिविधियों की सटीक जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाना है, ताकि समय रहते लोग सतर्क हो सकें और जनहानि को रोका जा सके। 2 बार में जारी होता है अलर्ट ऐप दो चरणों में अलर्ट जारी करता है। पहला अलर्ट तब सक्रिय होता है जब हाथी किसी गांव से लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में होता है, जिस पर मोबाइल पर मैसेज और अलर्ट टोन के जरिए सूचना मिलती है। दूसरा अलर्ट तब जारी होता है जब हाथी पांच किलोमीटर के करीब पहुंच जाता है, ऐसे में ऐप से सीधे फोन कॉल के माध्यम से लोगों को चेतावनी दी जाती है। 500 मोबाइल पर हो डाउनलोड रेंजर अंकुर तिवारी ने बताया कि केशवाही वन परिक्षेत्र में अब तक 500 से अधिक ग्रामीणों के मोबाइल में यह ऐप डाउनलोड कराया जा चुका है। ब्यौहारी और केशवाही क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियां अधिक होने के कारण वहां विशेष अभियान चलाकर लोगों को ऐप डाउनलोड कराया जा रहा है।जिले में लगभग दो हजार से अधिक लोगों के मोबाइल में यह ऐप मौजूद है।
वाराणसी नगर निगम में शनिवार को प्रधानमंत्री के आह्वान पर महापौर ने नो फ्यूल डे घोषित किया था। लेकिन शनिवार की सुबह से ही नगर निगम कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारी बाइक से आते दिखाई दिए। सभी अपनी गाड़ियां रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की पार्किंग में खड़ा कर हाथ में हेलमेट लिए आराम से निगम कार्यालय में जाते दिखाई दिए। इस दौरान बस खानापूर्ति के लिए निगम गेट पर लोहे की चेन लगाईं गई थी ताकि कोई बाइक लेकर अंदर न प्रवेश कर सके। इसके बावजूद कुछ पार्षद और सत्ताधारी पार्टी के लोग बाइक और स्कूटी से अंदर भी गए। वहीं दोपहर 12 बजे के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ई-स्कूटी से नगर निगम कार्यालय पहुंचे। देखिए नो फ्यूल डे पर नगर निगम की तस्वीरें... नहीं दिखा नो फ्यूल डे का असर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर महापौर अशोक तिवारी ने बुधवार को निगम में एक सर्कुलर जारी कर हर शनिवार को नो फ्यूल डे घोषित किया था और सभी को बिना वाहन के कार्यालय आने को कहा था। गुरुवार को स्वयं महापौर पैदल कार्यालय पहुंचे भी थे लेकिन शनिवार को सुबह से ही इस नो फ्यूल डे की नगर निगम के कर्मी धज्जियां उड़ाते दिखे। ज्यादातर कर्मचारी बाइक से कार्यालय पहुंचे और निगम के बगल में स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर की पार्किंग में पार्क कर कार्यालय में पहुंचे। 18 किलोमीटर दूर से आते हैं एक कर्मचारी ने बिना कैमरे पर आये बताया- कहना आसान है करना नहीं। हमारा घर 18 किलोमीटर दूर है। हम कैसे बिना बाइक के यहां आएंगे। कहीं जाना होगा तो कैसे जाएंगे। हमारे पास इलेक्ट्रिक व्हीकल नहीं है। तो ऐसे में हमें आने के लिए बाइक का इस्तेमाल करना ही होगा। ऐसे में हम बाइक से आए हैं। भाजपा महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी लिखी स्कूटी अंदर तक गई इसी दौरान एक स्कूटी जिसे एक पुरुष चला रहे थे और महिला बैठी थी। नगर निगम गेट पर पहुंची और गार्ड्स से बहस के बाद अंदर पार्क की गई। इस स्कूटी पर भाजपा महिला मोर्चा मीडिया प्रभारी का स्टिकर लगा था। जब यह स्कूटी जाने लगी तो इसमें लगा हूटर भी बजाया गया। लेकिन पत्रकारों को देखकर तुरंत इसका मोड बदल दिया गया। 12 बजे के बाद स्कूटी से पहुंचे नगर आयुक्त दोपहर 12 बजे तक नगर निगम कार्यालय पर महापौर अशोक तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल नहीं पहुंचे थे। दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल E-स्कूटी से नगर निगम के प्रधान कार्यालय पहुंचे।
बोलेरो ने तेज स्पीड में किसान को मारी टक्कर:गंभीर घायल होने पर मौत; खेत से पैदल अपने घर आ रहे थे
बोलेरो की टक्कर से किसान की मौत हो गई। घायल हालत में उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया था लेकिन जान नहीं बच पाई। पुलिस ने आज सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा। घटना शुक्रवार देर शाम अलवर जिले के अकबरपुर थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने बताया कि सिरावास निवासी शिवलाल गुर्जर (64) शुक्रवार शाम खेत की तरफ से पैदल अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान मीणा की ढाणी के पास तेज रफ्तार बोलेरो कार ने किसान को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला एक चीता अब राजस्थान के करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र के जंगलों में पहुंच गया है। वन विभाग की टीम लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। करीब एक सप्ताह पहले यह चीता चंबल नदी पार कर मंडरायल क्षेत्र में दाखिल हुआ था। इसके बाद कुछ दिनों तक उसका मूवमेंट धौलपुर इलाके में देखा गया। बीती रात चीते की लोकेशन मासलपुर क्षेत्र के खेड़ा नाका के समीप जंगल में ट्रेस की गई। सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग ग्रामीणों को भी सतर्क रहने की सलाह दे रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। करौली जिले में चीते की दस्तक के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर है।
धरती पर अप्सरा जैसी बीवी और जन्नत में हूर पाने के लिए 11 साल के मासूम की गर्दन काटकर बलि दे दी। आरोपी शेरू खान मोयला को लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने शुक्रवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। मामला पाली के सोजत के एक गांव का है। आरोपी को घटना वाली 14 मई की रात को ही पुलिस ने डिटेन कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी बार-बार बयान बदल रहा है। लेकिन इस दौरान उसने कई खुलासे भी किए हैं। उसने बताया कि वारदात से 3 दिन पहले उसने बलि के लिए एक दूसरे बच्चे को उठाने का प्लान बनाया था, लेकिन वह भाग निकला। जांच में ये भी सामने आया कि आराेपी की पत्नी भी उसे तलाक दे चुकी है, क्योंकि उसने पाड़े (भैंस का बच्चा) का सिर काटा था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अप्सरा जैसी सुंदर पत्नी चाहता था। इसके लिए तांत्रिक-मौलवियों के चक्कर काट रहा था। उन तांत्रिकों ने ही उसे जादू-टोटका बताते हुए पहले पशु बलि और बाद में नर बलि देने को कहा था। तांत्रिकों ने ही कहा था- मासूम की नर बलि देगा तो धरती पर सुंदर बीवी और जन्नत में हूर नसीब होगी। शादी के लिए सुंदर लड़की मिलेगी। पुलिस आरोपी से पूछ रही है कि तांत्रिक और मौलवी कौन है? वे कहां रहते हैं और तुम उनसे कब-कब मिले? ऐसे सवाल पर आरोपी खामोश हो जाता है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाली बातें कही। उसने कहा कि नर बलि के लिए उसने गांव के काफी बच्चों की रेकी की, लेकिन अड़चन आ रही थी। उसने बताया कि वारदात से 3 दिन पहले उसने अपनी बस्ती में रहने वाले एक अन्य बच्चे को अगवा कर बलि देने का प्लान बनाया था। बच्चे को पकड़ भी लिया था, लेकिन वह हाथ छुड़ा कर भाग गया तो बलि दे नहीं पाया। सोजत सीओ रतन देवासी ने बताया कि आरोपी पुलिस को गुमराह करने के लिए बार-बार बयान बदल रहा है। उससे अब तक हुई पूछताछ से एक ही थ्योरी सामने आ रही है कि उसने किसी तांत्रिक के उकसावे पर नर बलि दी। पशु का सिर काटने पर पत्नी ने तलाक दिया था पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दो साल पहले बड़े भाई के साथ ही मेवाड़ इलाके में रिश्तेदार की लड़की से उसकी शादी हुई थी। शादी के दूसरे दिन पत्नी पीहर गई, लेकिन लौटी नहीं। दरअसल, उसकी पत्नी को पता चल गया था कि वह गांव में चोरी कर चुका है। ऐसे में उसने ससुराल लौटने से इनकार कर दिया। डेढ़ साल पहले आरोपी ने गांव में भैंस के पाड़े का गला काट दिया था। इसके बाद पत्नी ने तलाक दे दिया। पहले बलि की तैयारी, फिर बच्चे को अगवा कर लाया आरोपी से पूछताछ में खुलासा हुआ कि घटना वाली शाम ही तालाब की पाल पर उसने बलि की पूरी तैयारी कर रखी थी। बलि के लिए लकड़ी, मटका, जादू टोटके के लिए लाल कपड़ा, अगरबती और लाल रंग की मौळी समेत अन्य सामग्री पहले ही लाकर रख दी थी। उसके बाद वह गांव में लौटा। अपने घर लौट रहे बच्चे को बहला-फुसला कर अगवा कर क्राइम स्पॉट पर ले गया। गर्दन पर पांच इंच लंबा घाव शुक्रवार देर रात को पुलिस ने परिजनों की मौजूदगी में मासूम के शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया। मासूम की गर्दन पर पांच इंच लंबा और तीन इंच गहरा घाव था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने पेड़ काटने में इस्तेमाल होने वाली कूट (कुल्हाड़ी) से वारदात की। अब उसे बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। पांच मिनट देरी होती तो गांव से भागने वाला था आरोपी मृतक के दादा और पिता ने बताया कि घटना वाली शाम को वारदात के बाद आरोपी घर लौट गया। उसने हमें और परिवार के लोगों को बताया कि उसके बच्चे का तालाब की पाल पर दो लोगों ने तलवार से गला काट दिया। यह सुन कर हम लोग ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस टीम पहुंची और उनको घटनाक्रम बताया। पुलिस को संदेह हुआ तो आरोपी के घर पहुंची। तब तक आराेपी कपड़े बदलकर घर से भागने वाला ही था, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। … नरबलि से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… शादी के लिए 11 साल के बच्चे की बलि दी:तांत्रिक ने नरबलि के लिए कहा था; परिवार से बोला-आपके बच्चे की हत्या हुई है पाली जिले में 11 साल के मासूम की हत्या तंत्र-मंत्र के लिए की गई थी। हत्यारा युवक मासूम का जानकार था। आरोपी की शादी नहीं हो रही थी। उसे तांत्रिक ने नरबलि देने को कहा था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) 5वीं के छात्र की हत्या, शव जंगल में फेंका:धारदार हथियार से गला रेता, 3 जगह से बंधे थे पैर; सुबह स्कूल गया था मासूम पाली जिले में 12 साल के बच्चे का शव मिला। मासूम की गर्दन को धारदार हथियार से रेता गया था। वहीं उसकी बॉडी पर कई जगह चोट के निशान थे। बच्चे के पैर और हाथ बंधे हुए थे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
बिलासपुर में पेट्रोल-डीजल संकट और सप्लाई को लेकर मची अफरातफरी के बीच जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। पिछले कुछ दिनों में डीजल की असामान्य खपत और बिक्री को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने चार पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर पिछले साल की औसत मासिक खपत की तुलना में 100 से 337 प्रतिशत तक अधिक डीजल की मांग और बिक्री दर्ज की गई है। प्रशासन को आशंका है कि इस अतिरिक्त डीजल की सप्लाई का उपयोग औद्योगिक इकाइयों में अवैध रूप से किया जा रहा है। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर औद्योगिक डीजल पर भी देखने को मिल रहा है। पेट्रोलियम क्षेत्र के जानकारों के अनुसार वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते तेल कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। इसी वजह से औद्योगिक उपयोग के लिए मिलने वाले बल्क डीजल के दामों में भारी वृद्धि की गई है। डीजल मांग पर बढ़ा दबाव वर्तमान में उद्योगों को मिलने वाला बल्क डीजल लगभग 153 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है, जबकि पेट्रोल पंपों पर रिटेल डीजल में तीन रुपये की बढ़ोतरी के बाद यह 97.25 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। दोनों कीमतों के बीच 60 रुपए से अधिक का अंतर है। इसी अंतर के कारण अधिकांश औद्योगिक इकाइयाँ तेल कंपनियों से सीधे बल्क डीजल लेने के बजाय पेट्रोल पंपों से ही डीजल खरीद रही हैं। इसी वजह से जिले में डीजल की मांग और सप्लाई पर अचानक दबाव बढ़ गया है। औद्योगिक ईकाइयों को डीजल सप्लाई करने की आशंका इसके कारण बल्क और रिटेल डीजल की कीमतों के बीच बढ़ते अंतर ने बाजार में असंतुलन की स्थिति पैदा कर दी है। उद्योगों की बढ़ती मांग के कारण डीलर पंपों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है, जिसकी वजह से डीजल की डिमांड बढ़ने की आशंका जताई गई है। खाद्य शाखा की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर जारी नोटिस में कहा गया है कि औद्योगिक डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद जिले के कुछ पंपों में अचानक डीजल की मांग बढ़ गई, जबकि अन्य कंज्यूमर पंपों में मांग कम हो गई। डीजल की खपत बढ़ने पर कलेक्टर ने दिखाई सख्ती समीक्षा बैठक में डीजल खपत को लेकर उठे सवालों के बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला है कि जिले के चार पेट्रोल पंप में डीजल की खपत अचानक बढ़ी है। ऐसे सर्विस स्टेशनों को चिन्हित कर कलेक्टर ने नोटिस जारी किया है, जिसमें उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। इन पेट्रोल पंपों को जारी हुआ नोटिस तीन दिन में मांगा जवाब खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि, नोटिस में सभी संचालकों को तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने पूछा है कि आखिर इतनी अधिक मात्रा में डीजल की बिक्री कैसे हुई और किन उपभोक्ताओं को आपूर्ति की गई। पहले भी दिए गए थे निर्देश खाद्य शाखा ने नोटिस में यह भी उल्लेख किया है कि पहले ही सभी पेट्रोल पंप संचालकों को भंडारण यंत्रों में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति नहीं करने और पंप परिसर में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद खपत में भारी अंतर सामने आने पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
हापुड़ में सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लेखपाल को 13 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी नगर पालिका परिसर में हुई, जिससे तहसील और आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आरोपी लेखपाल को कोतवाली ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, गांव सिमरौली निवासी किसान अभिषेक शर्मा से जमीन संबंधी कार्य कराने के नाम पर लेखपाल ने 16 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में यह सौदा 13 हजार रुपये में तय हुआ। किसान अभिषेक शर्मा ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच की और लेखपाल लवकेश को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान किसान अभिषेक शर्मा नगर पालिका परिसर में बनी पानी की टंकी के पास लेखपाल को रिश्वत की रकम देने पहुंचा। जैसे ही लेखपाल ने 13 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। एंटी करप्शन टीम आरोपी लेखपाल को अपने साथ कोतवाली ले गई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। कोतवाली प्रभारी मनीष चौहान ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल जारी है।
पंचकूला जिले में कालका रेलवे रोड स्थित एक व्यक्ति के घर से गैस सिलेंडर चोरी होने का मामला सामने आया है। यह घटना सुबह के समय हुई, जब एक युवक उनके घर से सिलेंडर उठाकर ले गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। रेलवे रोड निवासी अख्तर फारुकी की ताई ने युवक को सिलेंडर ले जाते देखा और आवाज लगाई, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। इसके बाद अख्तर फारुकी ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज जांची। फुटेज में एक काली शर्ट पहने युवक घर के बाहर खड़ा दिखाई दिया और फिर मकान के अंदर से सिलेंडर उठाकर ले जाता नजर आया। ऑटो में सिलेंडर रखते हुए दिखा युवक कुछ देर बाद, अख्तर फारुकी की भाभी ड्यूटी पर जाने के लिए निकलीं। गांधी चौक के पास उन्हें वही काली शर्ट पहने युवक एक ऑटो में सिलेंडर रखते हुए दिखा। उन्होंने तुरंत युवक को रोका और बताया कि यह सिलेंडर उनका है और वह इसे चोरी करके ले जा रहा है। अचानक पकड़े जाने पर युवक घबरा गया और सिलेंडर छोड़कर मौके से फरार हो गया। इस घटना के बाद इलाके में चोरी की बढ़ती वारदातों को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कालका में इन दिनों चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पुलिस ने लोगों से अपने घरों और सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
पंजाब के लुधियाना की महिला ने अपने पति पर दोस्त से रेप करवाने का आरोप लगाया। महिला ने कहा कि आरोपी दोस्त ने पति के कहने पर ही उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जबकि देवर ने उनके कपड़े फाड़े। शहीद भगत सिंह कॉलोनी की रहने वाली महिला ने पुलिस में शिकायत दी कि उसके साथ एक साल तक मारपीट भी की जाती रही और इसमें पति के माता-पिता भी शामिल थे। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकियों की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर… मंत्री संजीव अरोड़ा ED की 2 दिन की रिमांड पर पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा को कोर्ट ने ईडी की 2 दिन की रिमांड पर भेज दिया है। ईडी ने 5 दिन की रिमांड मांगी थी। ईडी अब उनसे मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजों और कथित अनियमितताओं को लेकर पूछताछ करेगी। मामले में एजेंसी कई पहलुओं की जांच कर रही है। संजीव अरोड़ा पर मोबाइल फोन और अन्य सामान की खरीद-फरोख्त में जीएसटी में हेराफेरी करने के आरोप हैं। 9 मई को ED उन्हें गिरफ्तार करके पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई थी। चंडीगढ़ PGI टेक्नोलॉजिस्ट मौत का मामला HC पहुंचा चंडीगढ़ पीजीआई के सीनियर टेक्नोलॉजिस्ट मुनीष कोचर मर्डर केस अब हाईकोर्ट पहंच गया है। चार साल बाद भी मामला अनसुलझा बना हुआ है। सेक्टर-24 स्थित सरकारी मकान में 1 अगस्त 2022 को उनका शव बेड बॉक्स के अंदर सड़ी-गली हालत में मिला था। अब परिवार ने एक बार फिर पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। मामले में दायर याचिका पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि मुनीष के पिता द्वारा उपलब्ध कराए गए फोटो और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाए। आदेश के बाद परिवार को इंसाफ की उम्मीद जगी है। पढ़ें पूरी खबर… लुधियाना की युवती का गन प्वाइंट पर किडनैपिंग का आरोप लुधियाना की एक 29 वर्षीय युवती के के कथित किडनैपिंग का मामला सामने आया है। यशइंदर कौर 13 मई की रात करीब 8:30 बजे अपनी कार में ग्रोसरी लेने बाजार गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी। परिवार ने आरोप लगया कि सुखविंदर सिंह नामक युवक यशइंदर से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती ने इनकार कर दिया था। इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ कथित तौर पर गन प्वाइंट पर युवती का अपहरण कर लिया। पढ़ें पूरी खबर…
सतना जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान अमानक अनाज खपाने का गंभीर मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति सिजहटा की ओर से करीब 800 बोरी सड़ा और गुणवत्ताहीन गेहूं जबला बाबा वेयरहाउस में भंडारण के लिए भेजा गया। सर्वेयरों द्वारा खेप को रिजेक्ट किए जाने के बावजूद, शुक्रवार रात के समय इस खराब गेहूं को वेयरहाउस में उतार लिया गया। जानकारी के अनुसार, जबला बाबा वेयरहाउस में भंडारण के लिए पहुंची इस खेप की जांच आरबी एसोसिएट के सर्वेयरों ने की थी। गुणवत्ता परीक्षण में पाया गया कि बोरियों में भरा अधिकांश गेहूं नमी और खराब रखरखाव के कारण पूरी तरह सड़कर गुच्छों में बदल चुका था। अनाज को उपयोग के अयोग्य पाते हुए सर्वेयरों ने पूरे लॉट को फेल कर दिया और भंडारण से स्पष्ट इनकार करते हुए पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दिया। गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उतारा अनाजसर्वेयरों की इस सख्त कार्रवाई के बावजूद, देर शाम करीब 8 बजे उनकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर पूरे सड़े गेहूं को वेयरहाउस के अंदर रखवा लिया गया। शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जाती है। इस लिहाज से गुणवत्ताहीन और सड़े हुए अनाज की इस खेप की कुल कीमत 10 लाख रुपए से अधिक आंकी जा रही है, जिसे नियमों को ताक पर रखकर खपाने की कोशिश की गई है। सीईओ ने अनभिज्ञता जताते हुए कही जांच की बातइस पूरे घटनाक्रम को लेकर रामपुर बघेलान के सहकारिता सीईओ मनोज गोनकर ने अनभिज्ञता जताई है। उनका कहना है कि खराब क्वालिटी का गेहूं भंडारण के लिए भेजे जाने की जानकारी उनके संज्ञान में नहीं थी। उन्होंने बारिश के पानी के कारण अनाज में कुछ दिक्कत आने की आशंका जताते हुए इस पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
कासगंज जिले के पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश सिंह ने जनपद में कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तीन उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया है। पुलिस विभाग द्वारा इस संबंध में स्थानांतरण सूची जारी कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार, उपनिरीक्षक संजय सिंह, जो अब तक चौकी प्रभारी सोरो गेट, थाना कासगंज के पद पर तैनात थे, उनका स्थानांतरण थाना सिकंदरपुर वैश्य कर दिया गया है। वहीं, थाना कासगंज में तैनात उपनिरीक्षक मोहम्मद इलियास को थाना सुन्नगढ़ी भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, उपनिरीक्षक संदीप वर्मा को थाना कासगंज से स्थानांतरित कर चौकी प्रभारी सोरो गेट, थाना कासगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह चौकी प्रभारी संजय सिंह के स्थान पर कार्यभार संभालेंगे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह फेरबदल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिस कार्यप्रणाली में तेजी लाने के उद्देश्य से किया गया है।
पन्ना में महिलाओं ने की वट वृक्ष की पूजा:पति की लंबी उम्र की कामना, अखंड सौभाग्य का मांगा आशीर्वाद
पन्ना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शनिवार, 16 मई को जेठ माह की अमावस्या पर वट सावित्री व्रत मनाया गया। अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र की कामना के लिए सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा-अर्चना की और निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही नवविवाहित और सुहागिन महिलाएं पारंपरिक परिधानों में पूजा की थाली लिए वट वृक्षों के पास जुटने लगीं। उन्होंने बरगद के पेड़ को कुमकुम का तिलक लगाया और फल, गुड़, भीगे चने तथा नारियल का प्रसाद अर्पित किया। इसके बाद, सुखद वैवाहिक जीवन और पति की दीर्घायु के लिए महिलाओं ने वृक्ष के चारों ओर सूत का कच्चा धागा (मौली बंधन) बांधते हुए परिक्रमा की। इस दौरान मंगल गीत गाए गए और वट सावित्री की कथा सुनी गई। पन्ना नगर के साथ-साथ पवई नगर के कई प्रमुख स्थानों पर भी सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी। इनमें माँ कलेही मंदिर परिसर, विश्राम गृह और थाना परिसर मिलोनीगंज, नन्ही पवई कन्याशाला तथा मोहन्द्रा रोड स्थित वट वृक्ष जैसे स्थल शामिल थे, जहाँ बड़ी संख्या में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा संपन्न की। इस वर्ष वट सावित्री पर्व पर सुहागिनों के साथ-साथ कुंवारी कन्याओं और युवतियों में भी उत्साह देखा गया। कन्याओं ने पारंपरिक रूप से पुतलियों की पूजा-अर्चना कर अपने घर-परिवार के लिए सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जेठ अमावस्या के दिन ही सती सावित्री ने यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लाए थे। तभी से वट वृक्ष की पूजा और यह व्रत रखने की परंपरा चली आ रही है।
छिंदवाड़ा के नरसिंहपुर रोड नाका क्षेत्र में स्थित देसी-विदेशी शराब दुकान देर रात 12 बजे के बाद तक खुली मिलने का मामला सामने आया है। शासन के नियमों के अनुसार शराब दुकानों के बंद होने का समय रात 11 बजे से 11:30 बजे तक निर्धारित है। इसके बावजूद देर रात तक दुकान का संचालन होने से आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार नरसिंहपुर रोड नाका स्थित शराब दुकान का लाइसेंस शनि देव लिंकर ट्रेडर्स के नाम पर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 11 बजे के बाद भी दुकान पर शराब बिक्री जारी रही और देर रात तक लोगों की आवाजाही बनी रही। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है, वहां से चंद कदम की दूरी पर ही धर्म टेकड़ी चौकी संचालित होती है। इसके बावजूद देर रात तक दुकान खुली रहना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि चौकी नजदीक होने के बाद भी यदि नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है तो यह निगरानी व्यवस्था की बड़ी लापरवाही मानी जाएगी। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा शराब दुकानें बंद कराने के लिए रात 11 बजे के आसपास टीम रवाना की जाती है, लेकिन इसके बावजूद दुकान का रात 12 बजे तक संचालित होना विभागीय लापरवाही माना जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित निगरानी की जाए तो निर्धारित समय के बाद दुकान संचालन रोका जा सकता है। यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में शराब ठेकेदारों की मनमानी और देर रात तक शराब बिक्री के मामले सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके संबंधित विभागों की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होने से सवाल लगातार बढ़ रहे हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर आकाश मेश्राम ने कहा है कि उनकी टीम की ओर से लगातार निरीक्षण किया जाता है और अगर ऐसा मामला आया है तो संज्ञान मिल गया जाएगा
कांस फिल्म फेस्टिवल:वृंदावन की बेटी तुलसी की माला और गीता लेकर पहुंची,सनातन धर्म का लहराया परचम
कांस फिल्म फेस्टिवल में आलिया भट्ट की गूंज के बाद अब वृंदावन की बेटी के चर्चे हैं। अभिनेत्री आरती क्षेत्रपाल ने सनातन संस्कृति की झलक दिखाकर महफिल लूट ली। रेड कार्पेट पर परम्परागत लहंगा पहनकर कृष्ण भक्ति में रंगी नजर आई और अपने ब्रज के रूप से सबका ध्यान अपनी ओर आकृषित कर लिया। निधिवन और यमुना जी को समर्पित था परिधान वृंदावन की बेटी आरती क्षेत्रपाल का कान्स फिल्म फेस्टिवल के रेड कार्पेट पर पहला अपीयरेंस राधा कृष्ण जी के धाम वृंदावन को समर्पित था। उनके द्वारा विशेष रूप से तैयार किया गया परिधान निधिवन और यमुना जी का प्रतिनिधित्व कर रहा था। वहीं उन्होंने भगवान कृष्ण का प्रिय रंग - पीला - चुना। उनका यह अपीयरेंस सिर्फ फैशन से कहीं बढ़कर था। यह भगवान कृष्ण, वैष्णव परंपराओं और सनातन संस्कृति के शाश्वत ज्ञान के लिए यादगार बन गया। तुलसी की माला पहन हाथ में ली प्रार्थना की झोली कान्स फिल्म फेस्टिवल में पहली बार ऐसा हुआ कि अनीता क्षेत्रपाल ने रेड कार्पेट पर पवित्र भगवद गीता को भारत के आध्यात्मिक ज्ञान और सनातन मूल्यों के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया। आरती ने तुलसी कंठी माला भी पहनी थी और प्रार्थना की माला से भरा एक पारंपरिक थैला भी रखा था, जो वैष्णव संस्कृति और वृंदावन की भक्ति परंपराओं का प्रतीक था। एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर जप और भक्ति की शक्ति के बारे में सार्वजनिक रूप से बोलते हुए, आरती ने कान्स में अपने अपीयरेंस का उपयोग सनातन धर्म के मूल में निहित आध्यात्मिक प्रथाओं और मूल्यों को उजागर करने के लिए किया। पहनावे ने दर्शाया भारत संस्कृति और वैदिक दर्शन वृंदावन की बेटी होने के नाते, उन्होंने अपने संपूर्ण पहनावे को भक्तों, कृष्ण भक्ति और भक्ति की उस संस्कृति को समर्पित करने का निर्णय लिया, जिसका प्रतिनिधित्व वृंदावन विश्वभर के लाखों लोगों के लिए करता है। शानदार फैशन और फैशन के लिए विश्व स्तर पर प्रसिद्ध इस उत्सव में, आरती की उपस्थिति अपनी सादगी और आध्यात्मिक गहराई के कारण सबसे अलग थी। उनके पहनावे का हर पहलू भारतीय संस्कृति और वैदिक दर्शन से गहराई से जुड़े भक्तिमय भावों को दर्शाता था। सुलक्षणा मोंगा ने तैयार किया ड्रेस अनीता क्षेत्रपाल का यह पहनावा भारतीय फैशन डिजाइनर सुलक्षणा मोंगा द्वारा तैयार किया गया था, जबकि जप का बैग प्रियंका बंसल द्वारा डिजाइन किया गया था, जिन्होंने इस पोशाक को कृष्ण भक्ति और भारतीय विरासत की एक सुंदर अभिव्यक्ति के रूप में देखा, जिसे फैशन के माध्यम से जीवंत किया गया। हर उस इंसान को समर्पित जो रखता है ईश्वर में विश्वास इस बारे में बात करते हुए, आरती खेतरपाल ने कहा, “यह हर उस इंसान के लिए है जो ईश्वर में विश्वास रखता है। हमारे सभी गुरुओं और संतों के लिए जो हमें जप करना सिखाते हैं। वेद व्यास जी के लिए, जिन्होंने भगवद गीता लिखी। हर उस आत्मा के लिए जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे वैदिक ग्रंथों और आध्यात्मिक ज्ञान को संरक्षित कर रही है।

