कोटा के एमबीएस अस्पताल में नई बिल्डिंग में ओपीडी और आईपीडी की सेवाएं चालू कर दी गई है। एमबीएस अस्पताल के नए आईपीडी में दिखाने वाले मरीजों को पुराने अस्पताल में भर्ती होने के लिए अब परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। ऐसे मरीज अब सीधे वार्ड में ही जा सकेंगे। नए आईपीडी अस्पताल को पुराने अस्पताल से जोडने के लिए कनेक्टिंग कोरिडोर बनाया जाएगा। एमबीएस में नया अस्पताल बनने के बाद आगे के हिस्से को तो पहले ही जोड़ा जा चुका है। लेकिन इसके पिछला हिस्सा शेष था। जिससे पुराने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में जाने के लिए रास्ता नहीं होने से मरीजों व उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। केडीए की ओर से बनाया जा रहा कनेक्टिंग कोरिडोर नए अस्पताल के पिछले हिस्से से शुरू होगा। 12 फीट ऊंचाई के दो पिलर पर 8 फीट चौड़ा और 60 फीट लम्बा पुलनुमा कोरिडोर बनाया जाएगा। नए आईपीडी के पिछले हिस्से को पुराने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड से सीधा जोड़ा जाएगा। जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज सीधे वार्ड में स्ट्रेचर की सहायता से कोरिडोर के जरीये सर्जिकल वार्ड तक जा सकेंगे। कनेक्टिंग कोरिडोर बनाने में करीब 50 लाख रुपए की लागत आएगी। कनेक्टिंग कोरिडोर के निर्माण वाली जगह पर बड़ी संख्या में केबल व सीवरेज लाइनें आ रही थी। जिन्हें हटाने में समय अधिक लगा। इस कारण से कई बार डिजाइन में भी बदलाव करना पड़ा था। अब डिजाइन फाइनल हो गया है और काम शुरू हो रहा है। दो माह में इसका पूरा काम होने की संभावना है।
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के दुल्हिन पुरवा गांव में 3 फरवरी की देर रात 32 वर्षीय शिवशंकर उर्फ लल्ला दुबे की हत्या कर दी गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने शिवशंकर पर एक नहीं, बल्कि 17 बार चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे, जिससे उनकी मौत हुई। रिपोर्ट के अनुसार, जब तक शिवशंकर की मृत्यु नहीं हुई, तब तक उन पर लगातार चाकू से वार किए जाते रहे। डॉक्टरों को भी पोस्टमार्टम करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। करनैलगंज कोतवाली पुलिस इस मामले में नामजद पांच आरोपियों के अलावा अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि जिन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, वे अभी संदिग्ध आरोपी हैं। इस हत्याकांड के खुलासे के लिए गोंडा पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने चार पुलिस टीमें गठित की हैं। घटना के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद अभी तक पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। इससे परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है, और वे जल्द खुलासे की मांग कर रहे हैं। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने यह भी बताया कि नामजद आरोपियों के अलावा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि हत्या क्यों की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस जल्द ही इस पूरे हत्याकांड का खुलासा करेगी।
टीकमगढ़ में पिछले 24 घंटे से मौसम साफ है। शुक्रवार को सुबह से खिलकर धूप निकली है। मौसम में आए बदलाव से अधिकतम तापमान बढ़ने लगा है। बुधवार को अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री था, जो गुरुवार को बढ़कर 24 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जबकि रात का तापमान 12 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि होगी। आसमान साफ रहने और धूप निकलने से अधिकतम तापमान बढ़कर 28 से 29 डिग्री तक पहुंच जाएगा। वहीं, रात का तापमान 11 से 13 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को ठंड से राहत मिली है। दिन में धूप निकलने से जनजीवन सामान्य हो रहा है। अगले 15 से 20 दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर विकास जैन ने बताया कि फरवरी में दिन में तेज धूप निकलने पर लोग अक्सर गर्म कपड़े पहनने में लापरवाही करते हैं। हालांकि, शाम होते ही ठंड बढ़ जाती है। उन्होंने अगले 15 से 20 दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी, क्योंकि ऐसे मौसम में लोग अक्सर ठंड का शिकार हो जाते हैं। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि फसलों को पकने के लिए दिन में धूप आवश्यक है। अगले 10 से 15 दिनों तक रात में ठंड बनी रहेगी, जिससे फसलों को फायदा होगा। फिलहाल जिले में गेहूं, सरसों, चना, मटर, मसूर और सब्जियों की फसलें बेहतर स्थिति में हैं।
बुलंदशहर में एक दलित युवक ने सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है। नरसेना थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव का यह मामला है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा दिखाते हुए ब्राह्मण समाज के लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उन्हें अपमानित किया। यह वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहा है। इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज के लोगों ने आरोपी युवक के खिलाफ नरसेना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने युवक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस का दावा है कि दोनों समुदायों के लोगों ने गांव में बैठकर आपसी समझौता कर लिया है। थाना प्रभारी रामकिशोर गौतम ने बताया कि गांव के संभ्रांत नागरिकों द्वारा दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि गांव में आपसी सौहार्द और भाईचारा कायम रखने की अपील की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी धर्म या जाति को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छिंदवाड़ा: शिवरात्रि महापर्व पर चौरागढ़ बाबा महादेव मेले में इस वर्ष 7 फरवरी (शनिवार) को छोटी बाज़ार, छिंदवाड़ा से श्रद्धालु बसों के माध्यम से दर्शन के लिए रवाना होंगे। श्री चौरागढ़ पंच कमेटी, श्री बड़ी माता एवं श्री राम मंदिर द्वारा 55 वर्षों से निभाई जा रही त्रिशूल अर्पण की परंपरा के तहत वर्ष 2026 में 151 किलोग्राम स्टेनलेस स्टील से बना भव्य त्रिशूल महादेव को अर्पित किया जाएगा। हालांकि जनवरी में मुख्य पुजारी संत श्री 1008 गरीबदास महाराज के ब्रह्मलीन होने के कारण इस बार पारंपरिक त्रिशूल शोभायात्रा स्थगित रहेगी 55 वर्षों से अटूट आस्था की परंपरा समिति के वरिष्ठ संरक्षक अशोक चौरसिया के अनुसार, चौरागढ़ में त्रिशूल अर्पित करने की परंपरा पिछले 55 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, तप और सामूहिक संकल्प का प्रतीक है। अब तक पीतल, तांबा, जस्ता, निकल, चांदी, सोना और स्टील से बने त्रिशूल अर्पित किए जा चुके हैं। 151 किलो स्टेनलेस स्टील का विशेष त्रिशूल वर्ष 2026 का त्रिशूल 151 किलोग्राम स्टेनलेस स्टील से निर्मित किया गया है। इसे श्रद्धालु पैदल दुर्गम पहाड़ियों के रास्ते चौरागढ़ तक ले जाकर अर्पित करेंगे। यह यात्रा भक्ति, धैर्य और सामूहिक सहभागिता का अनूठा उदाहरण मानी जाती है, जिसमें युवा और बुजुर्ग समान उत्साह से शामिल होते हैं। केदारनाथ ज्योतिर्लिंग में भी अर्पित हो चुका त्रिशूल समिति की ओर से बताया गया कि इससे पहले केदारनाथ ज्योतिर्लिंग में भी त्रिशूल अर्पित किया जा चुका है, जिससे चौरागढ़ परंपरा को देशभर में पहचान मिली है। त्रिशूल अर्पण श्रृंखला के तहत वर्ष 2025 का त्रिशूल नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में अर्पित किया जाना शेष है। इसके लिए शीघ्र ही भक्तों का जत्था रवाना किया जाएगा। 2013 से द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक पहुंची परंपरा समिति ने वर्ष 2013 से त्रिशूल अर्पण की इस परंपरा को देश के द्वादश ज्योतिर्लिंगों तक विस्तार दिया। महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, केदारनाथ, रामेश्वरम, मल्लिकार्जुन, काशी विश्वनाथ, बाबा वैद्यनाथ, घृष्णेश्वर और भीमाशंकर में त्रिशूल अर्पित किए जा चुके हैं। मुख्य पुजारी के ब्रह्मलीन होने से शोभायात्रा स्थगित जनवरी माह में चौरागढ़ महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी संत श्री 1008 गरीबदास महाराज के ब्रह्मलीन होने के कारण समिति ने श्रद्धांजलि स्वरूप इस वर्ष त्रिशूल शोभायात्रा स्थगित रखने का निर्णय लिया है।
एटा में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन:प्रताप फौजदार, गौरव चौहान ने बांधा समां; श्रोताओं ने उठाया लुत्फ
एटा में राजकीय कृषि औद्योगिक विकास प्रदर्शनी के दौरान एक विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में देश के जाने-माने कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन किया। रात भर चले इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद रहे। हास्य कवि प्रताप फौजदार और वीर रस के कवि गौरव चौहान ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। श्रोताओं ने तालियों से उनका अभिवादन किया और ठहाकों का खूब लुत्फ उठाया। अन्य कवियों ने भी विभिन्न रसों की कविताओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। पहले कार्यक्रम की 5 तस्वीरें देखिए…. सम्मेलन में डॉ. विष्णु सक्सेना (गीतकार), अर्जुन सिंह चांद (गजलकार), मुकेश श्रीवास्तव (ओज), संदीप सजर (हास्य), राजकिशोर राज (गीतकार), आदित्य जैन (हास्य), नरेश निर्भीक (ओज), डॉ. तृषा शर्मा (श्रृंगार), डॉ. भुवन मोहिनी (श्रृंगार), डॉ. अंजना कुमार (गजल) और शशिकांत यादव (वीर रस) जैसे प्रतिष्ठित कवियों ने अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कीं। इस कार्यक्रम का आयोजन रोहित राजपूत ने किया था। इस अवसर पर एटा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह सहित जिले के कई अधिकारी उपस्थित रहे। सदर विधायक विपिन वर्मा डेविड, पूर्व अध्यक्ष संदीप जैन, पूर्व विधायक प्रजापालन वर्मा, पूर्व विधायक अवधपाल सिंह यादव, पूर्व विधायक ममतेश शाक्य, पूर्व एमएलसी सुधाकर वर्मा, पंकज गुप्ता एडवोकेट, मनोज पचौरी और ब्लॉक प्रमुख पुष्पेंद्र लोधी एडवोकेट सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। कवि सम्मेलन के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के धतुई गांव में 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता अग्निहोत्री की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने महिला की बहन के 22 वर्षीय नाती राजकुमार उर्फ मिसरा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जमीन हड़पने की नीयत से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार गीता अग्निहोत्री निःसंतान थीं और उनके पति की करीब आठ साल पहले मौत हो चुकी थी। वह गांव में अकेली रहती थीं। उनके देवर और भतीजे रीवा में रहते हैं, जो समय-समय पर उनका हालचाल लेते थे। सिर में मिले थे चोट के निशान31 जनवरी और 1 फरवरी को जब महिला का फोन नहीं लगा, तो देवर का बेटा गांव पहुंचा। घर के आंगन में गीता अग्निहोत्री का शव पड़ा मिला। उनके सिर पर पत्थर से गंभीर चोट के निशान थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतका की बहन मानवती अग्निहोत्री की ससुराल भी उसी गांव में है। मानवती के नाती राजकुमार की नजर गीता अग्निहोत्री के नाम दर्ज 5 एकड़ कृषि जमीन पर थी। इस जमीन को पाने के लिए आरोपी और उसके परिजनों ने अमरपाटन न्यायालय में मुकदमा भी दायर कर रखा था, जिसका मृतका के देवर पक्ष द्वारा विरोध किया जा रहा था। जमीन के मामले में दर्ज होना था महिला का बयानपुलिस ने संदेह के आधार पर राजकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछने पर उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि जमीन के मामले में गीता अग्निहोत्री का बयान दर्ज होना था। जमीन हाथ से निकलती देख वह 31 जनवरी की सुबह उनके घर पहुंचा। बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया, जिसके बाद उसने महिला को जमीन पर गिराकर भारी पत्थर से सिर कुचल दिया। पुलिस ने बताया कि झूमा-झटकी के दौरान मृतका ने आरोपी को दांत से काट भी लिया था। लूट का भी खुलासा हत्या के बाद आरोपी महिला के पैरों से चांदी की पायल और हाथ से अंगूठी निकालकर ले गया। घर पहुंचकर उसने खून से सने कपड़े बदले और सामान्य तरीके से घूमता रहा। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर कपड़े, चांदी की पायल और अंगूठी बरामद कर ली है।
खंडवा के पंधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत बोरगांव चौकी के ग्राम टाकली कला में जमीन विवाद एक बार फिर हिंसक रूप लेता नजर आया। खेत में काम कर रही महिलाओं के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक महिला सीएचओ पर आरोप है कि उसने जमीन का कब्जा लेने के लिए फसल नष्ट कराई हैं। घटना गुरूवार दोपहर 4 बजे की बताई जा रही है। ग्राम टाकली कला में आदिवासी समाज के ठाकुर रूस्तम, कुंवरसिंह का परिवार अपनी जमीन पर खेती का काम कर रहा था। इसी दौरान दूसरी ओर की एक आदिवासी युवती कुछ लोगों को साथ लेकर खेत पर पहुंची। आरोप है कि, साथ आए लोगों ने खेत में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाने के इरादे से दवाई का छिड़काव करने की कोशिश की। जब खेत में काम कर रही महिलाओं ने इसका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते झगड़ा शुरू हो गया। स्वास्थ्य विभाग में सीएचओ के पद पर पदस्थ मनीषा वासूले के साथ आए लोगों ने महिलाओं के साथ मारपीट की। इसी दौरान एक महिला को धक्का देकर खेत में गिरा दिया गया, जिससे और बवाल हो गया। विवाद के दौरान महिलाओं के बीच भी हाथापाई होने की बात सामने आई है। जमीन पर कब्जे के विवाद का मामला विवाद की जड़ जमीन का स्वामित्व है। खेत में काम कर रहा आदिवासी परिवार जमीन को अपनी बताते हुए किसी भी हाल में उस पर दावा छोड़ने से इनकार कर रहा है। वहीं दूसरी ओर दवाई छिड़काव करने पहुंची मनीषा वासुले कहना है कि जमीन उनकी है, इसी वजह से वे वहां पहुंचे थे। हालांकि, पीड़ित परिवार पहले भी इस मामले को लेकर एसपी कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया। प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने के चलते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पिंकीबाई बोलीं- पहले सीएचओ और फिर पुलिस ने पीटा सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में सीएचओ मनीषा वासुले को देखा गया है कि वह ठाकुर रूस्तम के परिवार की पिंकीबाई के साथ मारपीट करते नजर आ रही है। पिंकीबाई का कहना है कि, मनीषा वासूले ने उसके साथ बुरी तरह से मारपीट की। इसके बाद उसी ने डायल 100 बुला ली। पुलिस मुझे थाने ले गई, जहां महिला पुलिस मनीषा गोयल ने मेरे साथ मारपीट की। गार्ड रूम में ले जाकर मेरा गला मरोड़ने की कोशिश की। जमीन मालिक-वकीलों ने पैसे लिए, फिर दूसरे को बेच दी जमीन पर वर्तमान कब्जेदार ठाकुर रूस्तम के परिवार का कहना है कि, उन्होंने 2001 में 5 एकड़ को 61 हजार रूपए में ग्राम धनोरा निवासी पुटिया पिता नजरिया से खरीदी थी। लेकिन पुटिया ने रजिस्ट्री नहीं की। फिर 2019 में उसने जमीन की नई कीमत 8 लाख रूपए ले लिए। पंधाना के वकील संजय मंडलोई ने सौदा-चिट्ठी कराई और रजिस्ट्री के लिए हमसे 1 लाख 40 हजार रूपए लिए। इसके बाद जमीन नाम पर नहीं हुई तो खंडवा कोर्ट की वकील छाया शर्मा ने हमसे 40 हजार रूपए लिए। छाया शर्मा ही पुटिया की वकील थी, उन्होंने मिलीभगत करके पुटिया के पक्ष में फैसला करवा दिया। इधर, पुटिया के जमीन पर 2 लाख 65 हजार रूपए का लोन था। मनीषा वासुले नाम की एक महिला घर आई और खुद को बैंक की मैनेजर बताया। कहने लगी कि ढ़ाई लाख रूपए का लोन चुका दो वरना तुम्हारी जमीन नीलाम हो जाएगी। हमारे परिवार ने उस मनीषा वासूले को ढ़ाई लाख रूपए दे दिए। लेकिन बाद में पता चला कि हमारी जमीन को ग्राम मदनी निवासी मनीषा वासुले ने अपने नाम करवा लिया है।
आनंदनगर क्षेत्र में होटल बुड्स इन के सामने से भोपाल निवासी एक युवक के अपहरण का मामला सामने आया है। उधारी के रुपए वसूलने के लिए युवक के ही दोस्तों ने घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और जबरन कार में बैठाकर भोपाल ले गए। घटना 3 फरवरी की रात की है। पुलिस ने गुरुवार रात करीब 10:30 बजे दो युवक और एक महिला के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। भोपाल का रहने वाला है फरियादी पुलिस के अनुसार फरियादी संक्षिप्त दुबे निवासी स्प्रिंग बेल कॉलोनी, कटारा हिल्स भोपाल का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। संक्षिप्त दुबे ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले उसके पिता राजेंद्र दुबे के इलाज के लिए उसे पैसों की जरूरत पड़ी थी। इलाज के लिए लिया था तीन लाख का कर्ज फरियादी ने अपने दोस्तों राकेश दुबे और निलेश सूर्यवंशी से करीब तीन लाख रुपए उधार लिए थे। इलाज के बाद आरोपी लगातार उससे रकम वापस करने का दबाव बना रहे थे। पिछले चार-पांच दिनों से संक्षिप्त दुबे अपनी बहन मधु उपाध्याय के घर नर्मदापुरम के आनंदनगर क्षेत्र में होटल बुड्स इन के सामने रह रहा था। आरोपी यह जानकारी मिलने के बाद वहां पहुंचे। घर में घुसकर की मारपीट 3 फरवरी की रात राकेश सिंह राजपूत, निलेश सूर्यवंशी और उनकी महिला मित्र रश्मि सूर्यवंशी फरियादी की बहन के घर पहुंचे। तीनों ने पहले उधारी के रुपए मांगे और फिर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उन्होंने संक्षिप्त दुबे के साथ मारपीट की। जबरन कार में बैठाकर ले गए भोपाल मारपीट के बाद तीनों आरोपियों ने संक्षिप्त दुबे को जबरन एक कार में बैठाया और उसे अपने साथ भोपाल ले गए। युवक की मर्जी के खिलाफ उसे ले जाया गया, जिससे मामला अपहरण का बन गया। घटना के बाद मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंची। जांच के बाद पुलिस ने इसे गंभीर मानते हुए अपहरण का प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने शुरू की जांच एसआई हेमंत निशोद ने बताया कि उधारी की रकम को लेकर युवक को जबरन भोपाल ले जाने की शिकायत मिली थी। शिकायत के आधार पर दो युवक और एक महिला के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि अपहरण के दौरान और कौन-कौन लोग शामिल थे, युवक को किस वाहन से ले जाया गया और भोपाल में उसके साथ क्या हुआ। आरोपियों की तलाश और पूछताछ की कार्रवाई जारी है।
एक गांव के मकान में चोर चोरी करने घुसे इस दौरान एक वृद्ध महिला के गहनों पर चोरों की नियत खराब हो गई, उन्होंने पलंग पर लेटी बुजुर्ग महिला का पलंग सहित अपहरण कर लिया,इसी बीच परिवार और पड़ोस के लोगों को दादी के घर से गायब होने का पता लगा हल्ला मचाने ओर तलाशने के बाद घर से कुछ दूर खेत में बुजुर्ग महिला मिल गई, इस दौरान बुजुर्ग महिला के शरीर पर पहने चांदी के करीब डेढ़ किलो वजनी गहने भी सुरक्षित मिले और वारदात में बुजुर्ग महिला को भी कोई चोटनहीं आई है । मामला फुलिया कला क्षेत्र के कोठियां का है, बधुवार रात में अज्ञात चोरों ने पूर्व सरपंच की सास मागी देवी माली उर्फ छोटी देवी माली के साथ अपहरण जैसी गंभीर घटना को अंजाम देने का प्रयास किया गया। हालांकि ग्रामीणों की तत्परता और साहस के कारण वृद्धा सुरक्षित मिल गईं, जिससे गांववासियों ने राहत की सांस ली। देर रात चोरों ने घर में घुसकर मांगी देवी के हाथ-पैर बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंसकर उन्हें उठाकर घर के नजदीक खेतों की ओर ले गए। इसी दौरान पुत्रवधू की नींद खुल गई।जब उन्होंने दादी-सास को संभालना चाहा तो वे मौके पर नहीं मिलीं।उन्होंने तुरंत परिजनों को जगाया और बाहर का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन चोरों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया था।इसके बाद वे छत पर चढ़कर चिल्लाईं,जिससे ग्रामीण एकत्रित हो गए। ग्रामीणों के आने पर घर का मेन गेट खोला गया और परिजनों ने बताया कि दादी घर पर नहीं हैं और किसी ने उन्हें उठा लिया है। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से खोजबीन शुरू की।लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद नजदीक के खेत मे गेहूं की फसल में पड़ी हुई अवस्था में मांगी देवी मिलीं। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह बंद था, जिससे वे आवाज भी नहीं निकाल पा रही थीं। राहत की बात यह रही कि उन्होंने करीब डेढ़ किलो चांदी के जेवर पहन रखे थे, जो पूरी तरह सुरक्षित मिले और उन्हें कोई शारीरिक नुकसान भी नहीं हुआ। महिला के बेटे सुरेश माली ने फूलियाकलां थाने में चोरी और अपहरण की रिपोर्ट दी है। ग्रामीणो ने बताया कि गांव में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं और लोग अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गांव में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और जितनी भी रोड लाइटें बंद पड़ी हैं, उन्हें शीघ्र चालू किया जाए, ताकि रात्रि में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
करनाल के घरौंडा में हुई एक शादी ने दहेज प्रथा पर करारा प्रहार करते हुए समाज के सामने नई मिसाल पेश की है। शादी समारोह के दौरान जब लड़की पक्ष की ओर से शगुन और दहेज दिया गया, तो दूल्हे ने बड़ी विनम्रता के साथ इसे लेने से इनकार कर दिया। छह लाख रुपये की नकद राशि में से सिर्फ 500 रुपये का एक नोट स्वीकार किया गया और बाकी रकम व दहेज का सामान लौटा दिया गया। यह दृश्य शादी में मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाला था और देखते ही देखते यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। घरौंडा में रेलवे रोड स्थित अग्रसेन भवन में 5 फरवरी को यह विवाह समारोह आयोजित किया गया था। यहां पूरे विधि-विधान के साथ शादी की रस्में निभाई जा रही थीं। इसी दौरान जब शगुन की रस्म आई, तो लड़की पक्ष की ओर से नकद राशि और फर्नीचर का सामान भेंट किया गया। लेकिन दूल्हे ने साफ शब्दों में कहा कि उसे शादी में किसी भी तरह का दहेज स्वीकार नहीं है। उसने छह लाख रुपये की गड्डी में से केवल 500 रुपये का एक नोट निकाला और कहा कि यही उसका शगुन है। शादी में कही बात, निभाकर दिखाईघरौंडा के गांव की बेटी आरती की शादी उत्तर प्रदेश के गांव सोना अर्जुनपुर निवासी प्रमोद पुंडीर के पुत्र अंकित पुंडीर के साथ तय हुई थी। अंकित बारात लेकर घरौंडा पहुंचा था। आरती के पिता ओमबीर राणा ने परंपरा के अनुसार शगुन दिया, लेकिन दूल्हे का रुख बिल्कुल साफ था। परिवार की ओर से कई बार आग्रह किया गया कि शगुन स्वीकार कर लिया जाए, लेकिन अंकित अपने फैसले पर अडिग रहा। पहले भी दे चुका है ऐसा उदाहरणआरती के चाचा विकास कुमार ने बताया कि दूल्हे के इस कदम की शादी में मौजूद सभी लोगों ने खुलकर सराहना की। बाद में बातचीत में पता चला कि अंकित के बड़े भाई की शादी के समय भी परिवार ने शगुन में सिर्फ एक रुपये की राशि ही स्वीकार की थी। इससे यह साफ हो गया कि यह सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि परिवार की सोच और संस्कार हैं। मध्यमवर्गीय परिवार, मजबूत विचारअंकित का परिवार मध्यमवर्गीय है। अंकित पंचकूला में नौकरी करता है, जबकि आरती ने एमए करने के बाद प्राइवेट टिचिंग की है। विकास कुमार ने बताया कि जब रिश्ता तय करने के लिए बातचीत हुई थी, तभी लड़के वालों ने स्पष्ट कर दिया था कि उन्हें शादी में कुछ भी नहीं चाहिए। उस समय लड़की पक्ष को लगा कि यह सिर्फ औपचारिक बात होगी, लेकिन शादी के दिन दूल्हे ने अपने फैसले पर अमल कर दिखाया। परिवार का कहना है कि यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है। दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ यह कदम न केवल राजपूत समाज, बल्कि पूरे समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि शादी संबंधों की शुरुआत लेन-देन से नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और समझ से होनी चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जयपुर जोनल ऑफिस ने भारतीय रेलवे से धोखाधड़ी मामले में गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की ओर से PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई कर हुए 13.48 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। ये मामला एम/एस विनायक लॉजिस्टिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, एम/एस विनायक लॉजिस्टिक्स और उनके प्रोपराइटर/डायरेक्टर प्रवेश काबरा से जुड़ा है। इस नई कुर्की के साथ अब तक कुल 16.15 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। ईडी के मुताबिक, भारतीय रेलवे से धोखाधड़ी मामले में PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। ईडी की ओर से गुरुग्राम-हरियाणा की 13.48 करोड़ रुपए की आवासीय संपत्ति को कुर्क किया गया है। ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने साल-2021-22 के दौरान रेलवे बुकिंग रिकॉर्ड में हेरफेर की। मार्बल पाउडर, वेस्ट मार्बल पाउडर और डोलोमाइट जैसे महंगे माल को एलम पाउडर और पुट्टी जैसे कम कीमत वाले माल के रूप में दर्ज किया। इसका उद्देश्य रेलवे फ्रेट और GST की चोरी करना था। 16.15 करोड़ की अवैध कमाईईडी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी फॉरवर्डिंग नोट, ई-फॉरवर्डिंग नोट्स और गलत कोड का यूज कर 120 से अधिक रेक का अवैध परिवहन किया। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की जांच में पुष्टि हुई कि घोषित माल वास्तव में मार्बल और डोलोमाइट पाउडर था। इस धोखाधड़ी से आरोपियों ने 16.15 करोड़ रुपए की अवैध कमाई कर भारतीय रेलवे व सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया। 2.67 करोड़ की पहले हुई कुर्कीईडी ने इससे पहले 6 जनवरी-2026 को गुरुग्राम स्थित व्यावसायिक संपत्ति को 2.67 करोड़ रुपए की कुर्की की थी। आगे की वित्तीय जांच में सामने आया कि शेष राशि को आरोपियों की ओर से अपने बिजनेस और प्राइवेट खर्च में यूज की है। जिसकी भरपाई के लिए ईडी ने गुरुग्राम, हरियाणा स्थित आवासीय संपत्ति को 13.48 करोड़ रुपए के बराबर मूल्य पर कुर्क किया।
ग्वालियर में सर्द हवाओं से बढ़ी ठंड:रात का पारा गिरा, सुबह खिली धूप से मिली राहत
ग्वालियर में मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। बीती रात सर्द हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई, वहीं शुक्रवार सुबह अच्छी धूप खिलने से लोगों को राहत मिली। कई दिनों बाद लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले और गुनगुनी धूप का आनंद लिया। शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 8.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 9 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान पर बना चक्रवाती घेरा कमजोर पड़ने से मौसम में अचानक परिवर्तन आया है। हवा का रुख उत्तर दिशा की ओर होने से रात की ठंडक बढ़ गई है। इसी वजह से न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में तापमान में और अधिक गिरावट की संभावना जताई है। शाम ढलते ही ठंड का असर बढ़ा शुक्रवार सुबह अच्छी धूप खिली और लोग घरों से बाहर निकले। दिन चढ़ने के साथ धूप और तेज होने की संभावना है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जब दोपहर में लोग स्वेटर उतारते हुए भी दिखे थे। हालांकि, शाम ढलते ही ठंड का असर फिर बढ़ जाता है। तापमान में और गिरावट आने की संभावना दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। जहां दिन का तापमान बढ़ रहा है, वहीं रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवाती घेरे के कमजोर पड़ने से उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं रात को और अधिक ठंडा बना रही हैं। यदि सर्द हवाएं इसी तरह चलती रहीं, तो ठंड और बढ़ सकती है और सुबह की राहत भी ठंडक में बदल सकती है।
कानपुर में शुक्रवार को बिजली विभाग द्वारा कई उपकेंद्रों पर विभिन्न क्षेत्रों में कटौती की जाएगी। 2 घंटे से लेकर 8 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। केस्को इन क्षेत्रों में जर्जर कंडक्टर बदलने और बिजली के तारों के आसपास पेड़ों की छंटाई का कार्य कराएगी। इसके लिए विभाग के 40 से अधिक कर्मचारी कार्य करेंगे। इन 10 उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी- -रतनलाल नगर, दबौली, बर्रा 3, 4 और 5 में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।-गोपाल नार्थ फीडर, साउथ फीडर तथा न्यू गुजैनी और ओल्ड गुजैनी टीपीआई कास्टिंग में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-खलासी लाइन ग्वालटोली में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।-पी रोड में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-बाकरगंज में सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-लाल पैलेस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-सुशीला नर्सिंग होम के पास के क्षेत्र में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-बसंत बिहार इलाके में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-सेंट्रल पार्क के आसपास सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-शिवाजी एम ब्लॉक में सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।-सिंहपुर इलाके में सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। यह कार्य बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा किया जाएगा। बिजली संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए विभाग ने यह निर्णय लिया है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे संयम बनाए रखें।
कानपुर में महिला की न्यूड डेडबाडी मिली। सूचना पर पुलिस पहुंची। आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद के महिला की पहचान हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार किया। पुलिस घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस टीम की मदद ले रही है। पूरा मामला सेन के सतबरी चौराहे के पास की है। 4 तस्वीरें देखिए… सीसीटीवी में महिला आते जाते दिखाई दी थी, बाद में मिली डेडबॉडी डीसीपी, साउथ एडीसीपी और एसीपी ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की है। इसमें महिला आते-जाते दिखाई दे रही थी। इसमें महिला के निकलने के 10 मिनट बाद एक व्यक्ति साइकिल से जाते हुए दिखाई दे रहा है। उसके पीछे कुछ देर बाद दो कार निकलती है। पुलिस लोकेशन डंप की मदद से घटना वाली रात में एक्टिव मोबाइल नंबर की सूची निकाल रही है। इसके साथ ही सेन पश्चिम पारा इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने घटनास्थल के आसपास झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन चलाने के साथ आसपास स्थित लगभग 100 से अधिक घरों में पूछताछ की है। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ कोई अहम सुराग नहीं लगा है।
देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र स्थित बंगरा बाजार तिराहे पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत भगत 'खजड़ी वाले बाबा' की मूर्ति को अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना गुरुवार देर रात हुई, जिसकी जानकारी शुक्रवार सुबह सामने आने के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग बाजार तिराहे पर जमा हो गए। मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही आक्रोशित लोगों ने बंगरा बाजार तिराहे पर सड़क जाम कर दिया। उन्होंने ट्रॉली-ट्रैक्टर और मेज लगाकर आवागमन बाधित कर दिया और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े मौके पर पहुंचे खामपार थानाध्यक्ष ने प्रदर्शनकारियों से बात की, लेकिन वे उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। जाम के कारण सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जिससे राहगीरों को परेशानी हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सत्याग्रह आंदोलन में सक्रिय थे भागवत भगत, जिन्हें स्थानीय लोग 'खजड़ी वाले बाबा' के नाम से जानते हैं, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान नमक सत्याग्रह आंदोलन में सक्रिय रहे थे। वे खजड़ी नामक वाद्य यंत्र बजाकर अंग्रेजों के खिलाफ जनचेतना जगाते थे। उनकी स्मृति में प्रतिवर्ष बंगरा बाजार में उनकी जयंती पर एक विशाल कृषि मेले का आयोजन किया जाता है, जो क्षेत्र की संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। भाटपार रानी के विधायक सभाकुंवर कुशवाहा ने प्रदर्शनकारियों से बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसडीएम रत्नेश तिवारी ने निष्पक्ष जांच और क्षतिग्रस्त मूर्ति को जल्द दोबारा स्थापित कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, वहीं स्थानीय नागरिकों ने नई मूर्ति स्थापित कर सम्मान बहाल करने की मांग दोहराई है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार में सवार छह लोग घायल हो गए। ये सभी लोग वृंदावन से कानपुर लौट रहे थे। घटना तालग्राम थाना क्षेत्र में हुई। सूचना मिलते ही यूपीडा की एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज ले गई। डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल दूसरे वाहनों से अपने घरों के लिए रवाना हो गए। हादसे में घायल हुए लोगों में कानपुर नगर के अरौल थाना क्षेत्र के बरंडापुर्वा गांव निवासी आर्यन (21), आकाश (20) और अंशिका (17) शामिल हैं। इनके अलावा, शिवराजपुर थाना क्षेत्र के धन्नीनिवादा निवासी नितिश कटियार (29), कन्नौज के तेजापुर्वा निवासी साक्षी (22) और तालग्राम क्षेत्र के अश्वनी (17) भी घायल हुए हैं।
आरा में ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात एक महिला सिपाही को तेज रफ्तार ऑटो ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सिपाही सड़क पर गिरकर घायल हो गईं। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया। घायल सिपाही की पहचान पुष्पा कुमारी(22) के तौर पर हुई है। यातायात थाना में पोस्टिंग है। नियमित रूप से शहर के अलग-अलग चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालती थी। घटना टाउन थाना क्षेत्र के मठिया मोड़ के पास की है। दाहिने पैर में लगी चोट जानकारी के मुताबिक गुरुवार देर शाम मठिया मोड़ पर ड्यूटी पर तैनात थी। इस दौरान स्टेशन की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार ऑटो ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए ठोकर मार दी। दाहिने पैर में गंभीर चोट लगी है। हादसे के बाद ड्राइवर गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। सदर अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष कुमार ने बताया कि एक्स-रे और अन्य आवश्यक जांच कराई गई है। चोट गंभीर है, लेकिन फिलहाल हालत स्थिर है। उचित इलाज और आराम से जल्द ही सुधार होने की उम्मीद है। इधर, पुलिस ने फरार ऑटो चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने एक बार फिर शहर में तेज रफ्तार और लापरवाह वाहन चालकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पाकिस्तान की जेल से रिहा हुए प्रसन्नजीत रंगारी आज शुक्रवार को अपने परिवार के साथ बालाघाट के लिए रवाना हो गए हैं। पांच दिनों तक अमृतसर में रहने के बाद वे आज रात तक घर पहुंचेंगे। प्रसन्नजीत को 31 जनवरी को पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया था। हालांकि, परिवार को उन्हें घर लाने में आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस स्थिति में कलेक्टर मृणाल मीणा ने हस्तक्षेप किया और प्रसन्नजीत को वापस लाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए। उन्होंने परिवार के साथ प्रशासनिक कर्मचारियों को अमृतसर भेजा। प्रसन्नजीत की वापसी के लिए मां-बहन कर रहीं तैयारियां प्रसन्नजीत की सकुशल घर वापसी के लिए साथ गए जीआरएस योगेन्द्र चौधरी ने बताया कि कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद टीम प्रसन्नजीत को लेकर रवाना हो गई है। वे आज रात तक बालाघाट पहुंच जाएंगे। प्रसन्नजीत को लाने के लिए 3 फरवरी को प्रशासनिक टीम के साथ उनके जीजा राजेश खोब्रागढ़े, रोजगार सहायक योगेन्द्र चौधरी और पुलिसकर्मी लक्ष्मी बघेल अमृतसर गए थे। अब मां और बहन बेटे/भाई के घर लौटने का इंतजार कर रही हैं। 2017 में लापता हुआ था युवक प्रसन्नजीत 2017 में घर से लापता हो गए थे। वह कुछ समय बिहार गए और लौटे भी, लेकिन बाद में दोबारा गायब हो गए। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला और उन्हें मृत मान लिया गया था। दिसंबर 2021 में अचानक आए फोन से परिवार को पता चला कि वे पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उनकी बहन संघमित्रा लगातार उनकी घर वापसी के लिए संघर्ष कर रही थीं। सालों बाद सुनी भाई की आवाज 1 फरवरी को खैरलांजी थाना पुलिस से फोन आने पर परिवार को रिहाई की जानकारी मिली। इसके बाद अमृतसर थाने से आए कॉल पर संघमित्रा ने वर्षों बाद अपने भाई की आवाज सुनी। इस दौरान भावनात्मक माहौल बन गया। प्रसन्नजीत के लापता होने के बाद उनके पिता लोपचंद रंगारी का निधन हो चुका है। संयुक्त प्रयासों से प्रसन्नजीत घर लौटा बहन संघमित्रा राजेश खोब्रागढ़े, पूर्व जिला पंचायत सदस्य विक्रम देशमुख और कलेक्टर मृणाल मीणा के संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रसन्नजीत पाकिस्तान से रिहा होकर अब घर लौट रहे हैं। गुरुवार को अमृतसर में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम बालाघाट के लिए रवाना हुई। ये खबर भी पढ़ें… 1. 7 साल बाद पाकिस्तान से घर वापसी, प्रसन्नजीत छोड़े गए भारतीय कैदियों में शामिल; बहन की जिद ने करवाई वतन वापसी मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के खैरलांजी निवासी प्रसन्नजीत रंगारी सात साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हो गए हैं। 31 जनवरी को पाकिस्तान द्वारा रिहा किए गए सात भारतीय कैदियों में उनका नाम भी शामिल है। वर्षों से उनकी वतन वापसी के लिए संघर्ष कर रहीं बहन संघमित्रा के प्रयास आखिरकार रंग ले आए। पढ़े पूरी खबर… 2.बहन हर साल करती है भाई के लौटने का इंतजार:पाकिस्तान की जेल में बंद है बालाघाट का प्रसन्नजीत, 6 साल पहले हुआ था लापता प्रिय भाई, मैं रक्षाबंधन पर तुझे बहुत याद करती हूं। मैं राखी बांधना चाहती हूं, लेकिन तू मुझसे बहुत दूर है। मैं तुझसे मिलना भी चाहती हूं। तू पाकिस्तान की जेल में बंद है। भारत सरकार से मांग करती हूं कि ये राखी पहुंचाकर एक बहन का अरमान पूरा करे। चिट्ठी में लिखी इस इबारत को पढ़ने के बाद संघमित्रा खुद को संभाल नहीं पाती और भाई की याद में रोने लगती है। वह पिछले 4 साल से अपने भाई को वापस भारत लाने की कोशिशें कर रही है। भारत सरकार को कई बार चिट्ठी लिख चुकी है लेकिन अभी तक उसे कोई कामयाबी नहीं मिली है। पढ़ें पूरी खबर…
फतेहपुर के असोथर थाना क्षेत्र में गुरुवार को सिंघुतारा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर और डिजायर कार की आमने-सामने भिड़ंत में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और परिजनों की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। जानकारी के अनुसार, सतीश कुमार उर्फ सोनू (28) अपने रिश्तेदारों की शादी में शामिल होने असोथर क्षेत्र के जरौली गांव आए थे। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे परिवार के साथ असोथर बाजार से सामान लेने जा रहे थे, तभी असोथर की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। घायलों को अस्पताल पहुंचायाहादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने घायलों को बाहर निकाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। घायलों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां राजकुमार को मृत घोषित किया गया। सतीश को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें भी मृत घोषित कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल मोहित को कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। बारात रोक दी गईमृतक सतीश अपने पीछे पत्नी राजनंदनी उर्फ प्रेरणा, तीन वर्षीय पुत्र कार्तिक, माता-पिता और बहनों को छोड़ गए हैं। वह अपने बुआ के बेटे दीपू उर्फ दीपक की शादी में शामिल होने आए थे। हादसे के बाद बारात को रोक दिया गया और दुल्हन पक्ष के लोग स्वयं वर पक्ष के घर पहुंचे। परिवार की नाराजगीराजनंदनी ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि भीड़ के बीच घायलों को निकालने और स्थिति संभालने में कठिनाई हुई। कुछ लोगों ने वीडियो बनाने को लेकर विवाद भी किया। दोनों मृतकों का शुक्रवार को पोस्टमार्टम होगा। 28 साल पहले भी हुआ था हादसाग्रामीणों के अनुसार, करीब 28 साल पहले भी इसी परिवार की बारात में सड़क हादसा हुआ था। दीपू के चाचा राधेलाल की बारात समरता थाना, बांदा जिले जा रही थी, जब गाजीपुर थाना क्षेत्र के चकसकरन गांव के पास ट्रैक्टर हादसे में तीन लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए थे। मौजूदा हादसे के बाद गांव में पुराने घटनाक्रम की चर्चा हो रही है। पुलिस ने इसे महज सड़क दुर्घटना बताते हुए जांच की बात कही है।
भागलपुर में पैसे के विवाद में चाकू से गोदकर एक युवक की हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान एकवारी चौधरी (30) के तौर पर की गई है। भाई चुनना चौधरी और भतीजा अंकित कुमार घायल हैं। वारदात के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। पोल से बांधकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। आरोपी की पिटाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें लोग लाठी-डंडे, लात-घूंसे बरसाते नजर आए। युवक को एक मिनट में करीब 20 बार डंडे से मारा गया है। भीड़ में शामिल एक युवक ने उसके सिर पर भी हथौड़े से मारा। जिसके बाद वो बेहोश हो गया। थाने से 150 मीटर की दूरी पर वारदात हुई। लेकिन, पुलिस समय पर मौके पर नहीं पहुंची। घटना सन्हौला थाना क्षेत्र के भीखनचक की है। सिलसिलेवार तरीके से समझिए क्या है पूरा मामला और हथौड़े से मारने वाले युवक की कहानी…. पहले पिटाई की 2 तस्वीरें… ताड़ी के पैसे मांगने पर हत्या भागलपुर के सन्हौला थाना से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर इतवारी चौधरी ताड़ी बेचने का काम करता था। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे श्रीचक निवासी वासुकी मंडल ताड़ी पीने पहुंचा। इतवारी ने ताड़ी देने से पहले रुपए मांगे, इसी बात पर वासुकी नाराज हो गया और विरोध करने लगा। हालांकि, बाद में उसने रुपए देकर ताड़ी खरीद ली। ताड़ी पीने के बाद वासुकी मंडल ने नशे में इतवारी चौधरी से गाली-गलौज की। उसने धमकी देते हुए कहा, तुम्हें देख लूंगा। इतना बोलने के बाद वो घर गया और अपने भाई जनार्दन मंडल के पास से चाकू लेकर लौटा और इतवारी के भतीजे अंकित पर चाकू से हमला कर दिया। भतीजे को बचाने पहुंचे इतवारी के सीने में उसने चाकू मार दी। जो सीने को चीरते हुए पीठ से निकल गई। इसके बाद आरोपी ने दोबारा पीठ पर चाकू से वार किया, जिससे इतवारी चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। चाकू से 4 लोगों पर हमला किया मृतक के भतीजे अंकित ने बताया, कि दो लोग ताड़ी लेने आए थे। उन्होंने बिना पैसे दिए ताड़ी मांगी। जब हमने कहा कि पैसे लगेंगे, तो वासुकी ने कहा कि तुम कौन होते हो, हम इलाके के रंगबाज हैं। इसके बाद उसने पैसा फेंका और ताड़ी लेकर चला गया। ताड़ी पीने के बाद वे पास में बैठे एक व्यक्ति से बातचीत करने लगे। आपसी विवाद बढ़ने पर जब हम लोगों ने बीच-बचाव किया तो उन्होंने गाली-गलौज की और चौक की तरफ चले गए। इसके बाद मामला शांत हो गया। कुछ देर बाद वासुकी अपने भाई के साथ लौटा और हाथ में चाकू लेकर एक-एक कर चार लोगों पर हमला किया। इसके बाद वह मौके से भागने की कोशिश करने लगा। अगर समय पर पुलिस पहुंचती, तो शायद चाचा की जान बच जाती, लेकिन पुलिस सोई रही। हत्या से बौखलाई भीड़ ने पीटा हत्या के बाद आसपास के लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने आरोपी को पकड़ा और बेरहमी से पिटाई करने लगे। लोगों के हाथ जो लगा उससे पीटा। किसी ने लात-घूंसे बरसाए तो कोई लाठी से मारता नजर आया। इस दौरान आरोपी लोगों से हाथ जोड़कर जान की भीख मांगता रहा। भीड़ इतनी आक्रोशित थी कि जितनी बार वह हाथ जोड़ता, उतनी बार लोग उसे लाठी से पीटते रहे। पिटाई से वो बेहोश हो गया। लोग फिर भी नहीं माने, बेहोशी की हालत में भी पिटते रहे। इसके बाद उसे मरा समझकर लोग मौके से भागने लगे। भीड़ का फायदा उठाकर पुरानी दुश्मनी निकाली वासुकी मंडल की पिटाई का वीडियो सामने आया है, उसमें एक युवक विकास उसे हथौड़ी से मारता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि भीड़ का फायदा उठाकर विकास भाई के पुराने विवाद का बदला लेने की नीयत से वहां पहुंचा और उसनेउसने हथौड़े से वासुकी के सिर पर वार कर दिया, जिससे वो बेहोश हो गया। इसके बाद दोबारा भीड़ उग्र हो गई। हथौड़ा मारने वाले को पोल से बांधा हत्या से नाराज लोगों ने जब विकास को हथौड़ से मारते देखा तो भीड़ फिर से उग्र हुई। लोगों ने विकास को भी पकड़कर एक बिजली के खंभे में बांध दिया। करीब डेढ़ घंटे तक ये सारा खून-खराबा चलता रहा, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले आरोपी वासुकी मंडल ने विकास के भाई पर चाकू से हमला किया था। वासुकी पर पहले से हत्या का प्रयास का मामला दर्ज है। परिवार को फंसाने के लिए हथौड़े से हमला मृतक के भाई संजय चौधरी ने बताया, ‘वासुकी मंडल ने मेरे भाई की चाकू मारकर हत्या की है। हम लोग गुस्से में थे, उसके साथ हल्की मारपीट कर रहे थे। इस बीच विकास वहां पहुंचा। उसने हथौड़े से उसके माथे पर दो बार हमला किया, जिससे वो बेहोश होकर गिर पड़ा। विकास और वासुकी के बीच पुराना विवाद है। हम लोगों को फंसाने के लिए उसने मारकर निकल जाने की सोची थी, लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। विकास को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।' हत्या के आरोपी की हालत गंभीर पिटाई के बाद वासुकी मंडल की हालत गंभीर है। वो आईसीयू में है। इधर, इतवारी की हत्या के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे के शव से लिपटकर मां रोती रही। बार-बार यही कहती रही थी, हम बेटा किसको कहेंगे। पत्नी भी बार-बार बेहोश हो रही थी। सन्हौला के प्रभारी थानेदार राजेश कुमार ने बताया कि हत्या के बाद मारपीट हुई है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। घायल का इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है। वासुकी मंडल का भी पुलिस निगरानी में इलाज चल रहा है। विकास को पूछताछ के लिए थाना लाया गया है। आवेदन मिलने पर आगे की जाएगी।
खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत बीकानेर के बिश्नोई धर्मशाला के आगे महापड़ाव शुक्रवार को भी जारी रहा। राज्य सरकार के आश्वासन के बाद अनशन खत्म कर दिया गया है लेकिन आज से क्रमिक अनशन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। कानून बनने तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले देर रात करीब एक बजे सभी अनशनकारियों ने अपना अनशन तोड़ दिया। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे परसराम बिश्नोई ने बताया कि क्रमिक अनशन पर आज भी पर्यावरण प्रेमी बैठेंगे। हर रोज नए पर्यावरण प्रेमी अनशन पर बैठेंगे। इससेपहलेआमरण अनशन वालों की संख्या 537 तक पहुंच गई। कई अनशनकारियों का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें पीबीएम अस्पताल रैफर करना पड़ा। अब तक 14 अनशनकारी पीबीएम अस्पताल रैफर किए जा चुके हैं, जबकि सौ से ज्यादा का इलाज महापड़ाव स्थल पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन स्थल पर किया जा रहा है। बिश्नोई ने बताया कि अनशन तोड़ा गया है लेकिन महापड़ाव अब भी जारी है और आंदोलन कानून बनने तक लगातार जारी रहेगा। सरकार के आश्वासन और विधानसभा में मुख्यमंत्री के बोलने पर अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त किया गया है। बिश्नोई ने बताया कि जिन लोगों की तबीयत खराब हुई, उनमें कुछ की हालत नाजुक है। दो रोगियों को हल्दीराम अस्पताल में भी भर्ती किया गया। पुलिस बल तैनात अनशन समाप्त होने के बाद भी आंदोलन जारी है, ऐसे में पुलिस बल मौके पर तैनात है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को अलग अलग शिफ्ट में तैनात किया गया है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि पुलिसकर्मियों की संख्या में अब कमी आ सकती है। बीकानेर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के एडिशनल एसपी, सीओ और थानाधिकारियों की ड्यूटी फिलहाल यहीं रहेगी। इन दिनों बीकानेर रेंज के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के पुलिस अधिकारी भी यहीं पर तैनात है।
जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र में बी.ए. प्रथम वर्ष की एक छात्रा के पिता की शिकायत पर उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। पिता ने बताया कि 4 फरवरी को छात्रा को आरोपी सचिन कुमार ने नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया। पिता के अनुसार, छात्रा अपने मामा को फोन कर लोकेशन साझा कर घबराहट की जानकारी भी दी। परिजनों के पहुंचने पर छात्रा संदिग्ध हालत में मिली, जबकि आरोपी फरार हो गया। पीड़िता के पिता का आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी दी और पैसों के बल पर मामला दबाने की बात कही। परिवार ने खुद को असुरक्षित बताया। इसके आधार पर पुलिस ने रेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। छात्रा ने वीडियो बनाकर कहा- परिजनों के दबाव में कियामामले में मोड़ तब आया जब छात्रा ने एफआईआर दर्ज होने के बाद एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में छात्रा ने बताया कि उसने परिजनों के दबाव में जाकर सचिन के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है और उसके साथ कोई वारदात नहीं हुई। वीडियो में छात्रा के दो आधार कार्ड भी सामने आए हैं- एक में उसकी उम्र 21 वर्ष और दूसरे में 17 वर्ष दर्ज है। इससे मामला और पेचीदा हो गया है। पुलिस जांच जारीजालौन के अपर पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि छात्रा का मेडिकल कराया जा रहा है और उसके कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे। साथ ही जन्म प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायबरेली के ऊंचाहार नगर पंचायत के वार्ड नंबर 4, तकिया अमीर शाह मोहल्ले में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। यहां सड़कों पर बहता नालियों का गंदा पानी और जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इस बदहाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मोहल्ले की मुख्य समस्या नालियों का अधूरा निर्माण और सड़कों पर गंदगी का अंबार है। नालियों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बह रहा है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, पाइपलाइन भी सड़कों पर खुले में पड़ी है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय निवासी मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि गंदगी और अधूरे निर्माण के कारण मोहल्ले का हाल बेहाल है। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चे और लड़के बीमार हो रहे हैं। पिछले दो महीने से निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसी मोहल्ले के मोहम्मद तौफीक ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो-तीन महीने से सड़क खुदी पड़ी है और निर्माण कार्य रुका हुआ है। बगल का रास्ता बंद होने से भारी परेशानी हो रही है। तौफीक ने आगे कहा कि यहां कभी साफ-सफाई नहीं होती और फोन करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। बच्चे इसी गंदगी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं और कई बार इसमें गिर भी चुके हैं। निवासियों ने सड़क और नाली का काम जल्द से जल्द पूरा करने की मांग की है। निवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष ने एक बार भी मोहल्ले का दौरा नहीं किया है ताकि वे जनता की समस्याओं को समझ सकें। महीनों से सड़कें खुदी पड़ी हैं, जिससे आवागमन ठप है और लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। नालियों की सफाई न होने से गंदा पानी सड़कों पर भर रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि शिकायतों के बाद भी दौरा नहीं कर रहे हैं। वार्ड नंबर 4 की यह स्थिति नगर पंचायत ऊंचाहार की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। जहाँ एक ओर शहर को सुंदर बनाने की बातें होती हैं, वहीं दूसरी ओर घनी आबादी वाले इस मोहल्ले को कूड़ाघर और कीचड़ के हवाले कर दिया गया है। यदि समय रहते यहाँ सफाई और निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया, तो मोहल्ले के लोग उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सिद्धार्थनगर में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा छाया:सुबह 10 बजे तक विजिबिलिटी कम, गेहूं की फसल को फायदा
सिद्धार्थनगर जिले में शुक्रवार सुबह 10 बजे तक भी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर बना रहा। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी लगभग 50 मीटर तक सीमित हो गई। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और लगातार गिर रही सीत के कारण गलन और ठिठुरन बढ़ गई है। ठंड की वजह से लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और चालकों को हेडलाइट व फॉग लाइट का इस्तेमाल करना पड़ा। बाजारों में भी सुबह 10 बजे तक सामान्य से कम भीड़ देखी गई। कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर ठंड का सबसे अधिक प्रभाव देखा जा रहा है, जिसके चलते जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। हालांकि, यह ठंडी लहर और सीत किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। किसानों का कहना है कि सीत खेतों में प्राकृतिक खाद का काम कर रही है, जिससे गेहूं की फसल को काफी लाभ मिल रहा है। ठंड के कारण खेतों में नमी बनी हुई है, जो गेहूं की बढ़वार के लिए अनुकूल मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, इस समय की ठंड और सीत गेहूं की जड़ों को मजबूत करती है और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम जताई है। प्रशासन ने लोगों से सुबह और रात के समय विशेष सावधानी बरतने, गर्म कपड़े पहनने और वाहन चलाते समय सतर्क रहने की अपील की है।
भागलपुर में शुक्रवार को इंटरमीडिएट परीक्षा का चौथा दिन है। जिले के 59 केंद्रों पर शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में परीक्षा आयोजित की जा रही है। पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक अंग्रेजी विषय की परीक्षा है, जबकि दूसरी पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक हिंदी विषय की परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर दंडाधिकारियों और पुलिस बल को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कदाचार को रोका जा सके। केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा (धारा 163, पूर्व में 144) लागू की गई है, जिससे अनावश्यक भीड़ और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित है। सीसीटीवी से निगरानी परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय के बाद किसी भी छात्र को एंट्री नहीं दी गई। मोबाइल, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और कैलकुलेटर सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध है। परीक्षा केंद्रों पर जैमर और सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सभी केंद्राधीक्षकों को कदाचारमुक्त और पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा को लेकर छात्रों में उत्साह और थोड़ी घबराहट दोनों देखी गई। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर छात्रों की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां अभिभावक भी अपने बच्चों को शुभकामनाएं देते नजर आए। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि बेहतर व्यवस्था और कड़ी निगरानी के कारण इस बार परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगी।
नवादा इंटर परीक्षा में फर्जी छात्र गिरफ्तार:11 निष्कासित, कुल 371 विद्यार्थी रहे अनुपस्थित
नवादा में इंटरमीडिएट वार्षिक (सैद्धांतिक) परीक्षा-2026 के तीसरे दिन एक फर्जी छात्र को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, कदाचार के आरोप में 11 विद्यार्थियों को निष्कासित किया गया और कुल 371 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली की परीक्षा में कुल 20,342 विद्यार्थियों को उपस्थित होना था, जिनमें से 20,150 उपस्थित हुए। इस पाली में 192 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे और एक फर्जी विद्यार्थी को परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। कदाचार के आरोप में 11 विद्यार्थियों को निष्कासित किया वहीं, दूसरी पाली की परीक्षा में 11,639 विद्यार्थियों को शामिल होना था। इसमें 11,460 विद्यार्थी उपस्थित हुए, जबकि 179 अनुपस्थित पाए गए। इस पाली में कदाचार के आरोप में 11 विद्यार्थियों को निष्कासित किया गया। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने 5 फरवरी को द्वितीय पाली में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उनके निरीक्षण के दौरान टीएस कॉलेज, हिसुआ और इंटर स्कूल, हिसुआ से कुल 11 परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया। कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालन को लेकर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने टीएस कॉलेज, हिसुआ और इंटर स्कूल, हिसुआ स्थित परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने केंद्रों पर विधि-व्यवस्था, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश-निकास प्रणाली सहित कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालन हेतु की गई व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्देशों के तहत सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और कर्मियों को स्वच्छ, शांतिपूर्ण और कदाचार-मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। द्वितीय पाली में कदाचार में लिप्त पाए गए परीक्षार्थियों में टीएस कॉलेज, हिसुआ से आसिफ रजा, प्रणव कुमार और सत्यम कुमार शामिल थे। इंटर स्कूल, हिसुआ से अभिषेक कुमार, रंजन कुमार, आशीष कुमार, आर्यन कुमार, सैफ रजा, सत्यांश कुमार, आकाश कुमार और पप्पू कुमार को निष्कासित किया गया। इन सभी 11 परीक्षार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
सीतापुर में पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा फेरबदल किया गया है। एसपी अंकुर अग्रवाल ने देर शाम तीन इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टरों के तबादले कर दिए। अचानक किए गए इन तबादलों से विभाग में हलचल मच गई है। खास तौर पर दो थानों के प्रभारी निरीक्षकों से चार्ज छिनने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एसपी द्वारा जारी आदेश के अनुसार सदरपुर और रामकोट थानों के प्रभारी निरीक्षकों को उनके पद से हटाते हुए अपराध शाखा भेज दिया गया है। सदरपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार को अपराध शाखा में संबद्ध किया गया है। वहीं रामकोट थाने के प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार पटेल से भी रामकोट थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी छीन ली गई है और उन्हें भी अपराध शाखा भेज दिया गया है। इन बदलावों के तहत सदरपुर थाने की कमान अब इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा को सौंपी गई है। वहीं रामकोट थाने के नए थानाध्यक्ष के रूप में सब इंस्पेक्टर पीयूष सिंह को तैनात किया गया है। पीयूष सिंह इससे पहले रामपुरकलां थाने में तैनात थे। उनके स्थान पर रामपुरकलां थाने की जिम्मेदारी सब इंस्पेक्टर लल्ला गोस्वामी को सौंपी गई है, जिन्हें नया थानाध्यक्ष बनाया गया है। सब इंस्पेक्टर लल्ला गोस्वामी अभी तक हरगांव कस्बा चौकी प्रभारी थे। बताया जा रहा है कि कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने तथा थानों की कार्यप्रणाली में सुधार के उद्देश्य से यह तबादले किए गए हैं। एसपी अंकुर अग्रवाल लगातार पुलिसिंग को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं और बीते कुछ समय में कई स्तर पर प्रशासनिक बदलाव कर चुके हैं। इन तबादलों के बाद संबंधित थानों में नई तैनाती के साथ कामकाज शुरू हो गया है। पुलिस महकमे में इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बताया जा रहा है, हालांकि चार्ज छिनने को लेकर अंदरखाने कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं।
नवादा में 7 फरवरी 2026 को रोजगार कैंप:शिक्षक पदों के लिए ग्रेजुएशन पास अभ्यर्थी कर सकते हैं आवेदन
नवादा में युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग, बिहार, पटना के निर्देशानुसार जिला नियोजनालय-सह-मॉडल कैरियर सेंटर, नवादा द्वारा 7 फरवरी 2026 को एकदिवसीय रोजगार कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप संयुक्त श्रम भवन (सरकारी आईटीआई) नवादा के प्रांगण में लगेगा। जिला नियोजन पदाधिकारी सुनील कुमार सुमन ने बताया कि इस कैंप में फ्रिडम एम्पलॉयबिलिटी एकेडमी द्वारा शिक्षक पद के लिए 10 रिक्तियां अधिसूचित की गई हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने हेतु अभ्यर्थी के पास ग्रेजुएशन की डिग्री के साथ बेसिक अंग्रेजी का ज्ञान होना अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को 14,500 रुपए मासिक वेतन चयनित अभ्यर्थियों को 14,500 रुपए मासिक वेतन के साथ 3,000 रुपये रूम रेंट, ईपीएफ और ईएसआईसी की सुविधा भी मिलेगी। इन पदों के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है और कार्यस्थल नवादा ही होगा। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों, आईडी कार्ड की छायाप्रति, रंगीन फोटो और बायोडाटा के साथ कैंप स्थल पर पहुंच सकते हैं। रोजगार कैंप सुबह 11:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक आयोजित होगा। एनसीएस पोर्टल पर निबंधित अभ्यर्थी इस रोजगार कैंप में ले सकते हैं भाग केवल वही अभ्यर्थी इस रोजगार कैंप में भाग ले सकते हैं जो एनसीएस पोर्टल पर निबंधित हैं। जिन अभ्यर्थियों का निबंधन नहीं है, वे स्वयं या जिला नियोजनालय, नवादा में अपना निबंधन कराकर इसमें शामिल हो सकते हैं। नियोजक निजी क्षेत्र के हैं और नियोजन की शर्तों के लिए वे ही जिम्मेदार होंगे, जबकि नियोजनालय केवल सुविधा प्रदाता की भूमिका में रहेगा।
झांसी में धोखेबाज लुटेरे दूल्हे की करतूत सामने आई है। इस शातिर व्यक्ति ने पिछले महज 6 साल में एक के बाद एक 3 शादियां कर 'धोखे की हैट्रिक' लगाई। आरोप है कि उसने तीनों को प्रेम और शादी के जाल में फंसाया और फिर दहेज एवं गहने हड़प कर उन्हें घर से निकाल दिया। अब वो चौथी शादी करने की फिराक में है। इस जालसाज की शिकार तीनों पत्नियां अब एकजुट हो गई। न्याय के लिए तीनों ने पुलिस और अदालत की शरण ली है। उनकी मांग है कि इस फरेबी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ताकि उसकी चौथी शादी को रोका जा सके और वह किसी अन्य लड़की की जिंदगी के साथ खिलवाड़ न कर सके। यह मामला बबीना थाना क्षेत्र का है।
जालंधर में AAP नेता लक्की ओबेरॉय की दिनदहाड़े हत्या, गुरुद्वारे के बाहर चली गोलियां
पंजाब के जालंधर शहर में शुक्रवार सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता लक्की ओबेरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई
पूर्णिया के चर्चित कारोबारी और फेमस ब्लॉगर सूरज बिहारी की हत्या के बाद अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे के मर्डर का सदमा उनके पिता जवाहर यादव बर्दाश्त नहीं कर सके। शुक्रवार सुबह हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। 27 जनवरी को बदमाशों ने कारोबारी सूरज बिहारी पर अंधाधुंध 5 गोलियां बरसाईं, जिनमें से 3 गोलियां लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महज 10 दिनों के अंदर इस परिवार में हुई इन दो घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घर में मातम पसरा है। मोहल्ले से लेकर शहर तक गम और सन्नाटा छाया हुआ है। कुछ दिन पहले ऋषिकेश से लौटे थे सूरज बिहारी की हत्या के बाद से उनके पिता जवाहर यादव गहरे सदमे में थे। भाई उदय बताते हैं कि किसी से बात नहीं करते थे, अकेले रहना पसंद करने लगे थे। लोगों से मिलना-जुलना लगभग बंद कर दिया था। कुछ दिन पहले ही वे ऋषिकेश जाकर बेटे के अस्थि कलश का गंगा में विसर्जन कर लौटे थे, लेकिन मन का दर्द कम नहीं हुआ। शुक्रवार सुबह अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और हार्ट अटैक आया। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पहले सूरज बिहारी और अब उनके पिता जवाहर यादव कि मौत से पूरा परिवार टूट चुका है। घर में न सिर्फ मातम है, बल्कि पूरे इलाके में गमगीन सन्नाटा पसरा हुआ है। जवाहर यादव के मौत की खबर मिलते ही रिश्तेदारों और जानने वालों का तांता लग गया है। CCTV में कैद फायरिंग की 2 तस्वीरें… 20 साल की उम्र ने बेटे ने कारोबार संभाल लिया था सदर थाना क्षेत्र के खुश्कीबाग चौहान टोला निवासी सूरज बिहारी, जवाहर यादव के बेटे थे। बचपन से ही बिजनेस में रुचि रखने वाले सूरज ने 20 साल की उम्र में कारोबार संभाल लिया था। उन्होंने पिता के व्यापार को न सिर्फ आगे बढ़ाया, बल्कि उसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। आज शहर में उनके नाम 18 बड़े मक्का गोदाम, बिल्डिंग मैटेरियल और रियल एस्टेट का करोड़ों का कारोबार था। उनकी मासिक आमदनी करीब 60 लाख रुपए और सालाना कारोबार लगभग 15 करोड़ के आसपास था। बेहद कम समय में पूर्णिया के उभरते कारोबारी में शामिल हो गए थे। यही वजह रही सूरज के यूं अचानक दुनिया छोड़ जाने से वे पूरी तरह टूट चुके थे और आज उन्होंने भी इस दुनिया को अलविदा कह दिया। देसी कट्टे के साथ एक आरोपी गिरफ्तारी 29 जनवरी को STF पूर्णिया की मदद से पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या में इस्तेमाल की गई तीन बाइक जब्त की और विशाल कुमार नाम के युवक को देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। इस मामले में 7 नामजद और 3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोपी के घर पर कुर्की की तैयारी नामजद आरोपियों में ब्रजेश सिंह, राज सिंह उर्फ नंदू सिंह, स्नेहिल झा उर्फ स्नेहिल ठाकुर, आदित्य ठाकुर, अमन सिंह, रजनीश सिंह और एयशु सिंह उर्फ अंशु सिंह शामिल है। लगातार छापेमारी के बावजूद आरोपी हाथ नहीं लगे, जिसके बाद 3 फरवरी को कोर्ट से कुर्की का आदेश लिया गया है। अब जल्द ही फरार बदमाशों के घरों पर कुर्की की कार्रवाई होगी।
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 6 फरवरी, दिन शुक्रवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें- यदि आपके पास लखनऊ में किसी इवेंट, कार्यक्रम, आयोजन या किसी समस्या से जुड़ी कोई जानकारी है, जो आप दैनिक भास्कर ऐप पर प्रकाशित करवाना चाहते हैं, तो आप हमारे फोन नंबर- 9454292638 पर वॉट्सऐप मैसेज कर सकते हैं। लखनऊ टुडे को और बेहतर बनाने के लिए आप हमें अपना कीमती फीडबैक भी दे सकते हैं। इसके अलावा कहीं कोई घटना/दुर्घटना होती है, तो उसकी जानकारी भी आप हमें ऊपर दिए वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज के जरिए दे सकते हैं।
लखनऊ में बिरसा आंबेडकर फुले छात्र संगठन (बापसा) के बैनर तले छात्र पिछले 72 घंटों से लखनऊ के परिवर्तन चौक पर डटे हुए हैं। प्रदर्शन का कारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग गाइडलाइंस 2026 है, जिसे लागू करने और उसमें आवश्यक संशोधन की मांग की जा रही है। संगठन का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना समाप्त नहीं होगा। UGC गाइडलाइंस 2026 लागू करने और संशोधन की मांग लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र अमितेश पाल ने बताया कि यह अनिश्चितकालीन धरना है। उनकी मांग है कि UGC गाइडलाइंस 2026 को तुरंत लागू किया जाए और “Not Found Suitable (NFS)” का सहारा लेकर की जा रही नियुक्तियों की पहले जांच हो। उनका कहना है कि NFS लगाने वाली समितियों की भूमिका की भी समीक्षा जरूरी है। NFS के दुरुपयोग और प्रतिनिधित्व पर सवाल छात्र संगठन का आरोप है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में OBC, SC और ST वर्गों के साथ भेदभाव की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। खासकर शिक्षक नियुक्तियों में NFS जैसे प्रावधानों के दुरुपयोग से आरक्षित वर्गों का प्रतिनिधित्व प्रभावित हो रहा है। पुलिस दबाव का आरोप, धरना जारी रखने का ऐलान बापसा के उपाध्यक्ष आकाश कठेरिया ने आरोप लगाया कि रात के समय पुलिस मोबाइल फोन ले लेती है, प्रदर्शनकारियों को जगा कर परेशान किया जाता है। बावजूद इसके, संगठन के छात्रों का कहना है कि वे पीछे नहीं हटेंगे और मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। केंद्रीय विश्वविद्यालयों में OBC प्रोफेसर नहीं होने का दावा प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में दावा किया गया कि जनवरी 2020 तक किसी भी केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक भी OBC प्रोफेसर नियुक्त नहीं हुआ। संगठन ने इसे सामाजिक समानता के संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए UGC और केंद्र सरकार से जवाब मांगा। भेदभाव के मामलों में बढ़ोतरी का आरोप छात्र संगठन का कहना है कि देशभर में OBC, SC और ST वर्गों के खिलाफ जातिगत भेदभाव के मामलों में करीब 118 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। साथ ही विश्वविद्यालयों में महिलाओं और आरक्षित वर्गों की शीर्ष पदों पर भागीदारी बेहद कम बताई गई।
पाली में रेप के आरोपी को आजीवन कारावास:16 साल की नाबालिग को शादी की नीयत से भगाकर किया दुष्कर्म
पाली जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पोक्सो कोर्ट ने सख्त फैसला सुनाया है। 16 साल की नाबालिग को शादी की नीयत से बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पाली के पोक्सो कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 5 फरवरी को फैसला सुनाते हुए 21 वर्षीय आरोपी राजाराम उर्फ राजू को दोषी ठहराया। बहन की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला पोक्सो कोर्ट की विशिष्ट लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया कि सदर थाना पाली में 18 नवंबर 2025 को पीड़िता की बहन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 16 वर्षीय बहन 16 नवंबर की रात घर से गायब हो गई थी। आरोपी कमल (बदला हुआ नाम) पर शादी की नीयत से भगाकर ले जाने का संदेह जताया गया। पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब कर आरोपी को पकड़ा मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब किया और आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 17 दिसंबर 2025 को मामले में आरोप पत्र पेश किया गया था। 5 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद आरोपी को नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी मानते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई।
मोतिहारी पुलिस ने 'पुलिस मित्र' के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान कर ली है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मास्टरमाइंड पर इनाम घोषित किया गया है और इस मामले में मुजफ्फरपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह बेरोजगार युवकों को रोजगार दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस जांच में समस्तीपुर निवासी अशोक सम्राट को मुख्य सरगना के रूप में पहचाना गया है। वह 'पुलिस मित्र' बहाली के नाम पर युवाओं से पैसे वसूलता था। इस मामले में चिरैया थाना क्षेत्र से असरफ कमाल को गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर से विनीत कुमार की गिरफ्तारी हुई। विनीत कुमार ने पूछताछ में बताया कि ठगी की रकम अशोक सम्राट, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार तक पहुंचाई जाती थी। मास्टरमाइंड पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित मुख्य आरोपी अशोक सम्राट पर 15 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। वहीं, धर्मेंद्र कुमार और राकेश कुमार पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। एसपी ने यह भी बताया कि इस गिरोह में कुछ यूट्यूबर भी शामिल हैं, जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को झांसे में लेते थे। विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम में साइबर डीएसपी और साइबर थाना की पूरी टीम शामिल है। SIT ने देर रात मुजफ्फरपुर से आरोपी विनीत कुमार को गिरफ्तार किया था। SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही छापेमारी के दौरान चिरैया थाना क्षेत्र से एक ऐसे व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया, जो अपनी गाड़ी पर पुलिस मित्र बिहार प्रदेश अध्यक्ष का बोर्ड लगाकर घूम रहा था। एसपी ने बताया कि जांच का दायरा अब मोतिहारी से बढ़कर रोहतास, छपरा, समस्तीपुर, पटना और मुजफ्फरपुर तक फैल गया है। 'पुलिस मित्र' के नाम पर चल रहे इस ठगी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए SIT की चार टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
नगर निगम सीलिंग विवाद ने पकड़ा तूल:युवती के बंद होने के मामले में पुलिस जांच शुरू
अयोध्या नगर निगम की ओर से बकाया टैक्स न जमा करने पर की गई कुर्की और सीलिंग कार्रवाई अब विवादों में घिर गई है। फतेहगंज क्षेत्र में दुकानों की सीलिंग के दौरान एक युवती के मकान के अंदर ही बंद रह जाने के आरोप के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने अपने ही भाई के खिलाफ तहरीर देकर पुलिस से शिकायत की है, जिसके बाद पूरे मामले की जांच पुलिस के हवाले कर दी गई है। सीलिंग से पहले नगर निगम प्रशासन ने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें दुकान सीलिंग के दौरान परिवार से नोक-झोंक होता दिखाई दे रहा है। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने नगर निगम का पक्ष रखते हुए सफाई दी है। उन्होंने स्वर्गीय बेचन राम की दुकान (भवन संख्या 06/20/25) को सील करने के दौरान युवती के अंदर बंद रह जाने के आरोप को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। नगर आयुक्त ने आशंका जताई कि नगर निगम को बदनाम करने की नीयत से युवती को बाद में पीछे के रास्ते से दुकान में ले जाया गया होगा। वहीं पीड़ित पक्ष ने नगर आयुक्त के इस दावे को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि मकान के पीछे कोई रास्ता ही नहीं है और न ही सीलिंग के बाद युवती को अंदर ले जाया गया। पीड़ितों का दावा है कि यदि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई जाए तो सच्चाई सामने आ जाएगी। बताया गया कि बुधवार की रात करीब साढ़े 10 बजे नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सील खोलकर युवती को बाहर निकाला गया, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि स्वर्गीय बेचन राम के मकान पर 90,800 रुपये गृह एवं जलकर के रूप में बकाया था। बकाया वसूली के लिए 29 जून 2025 को बिल भेजा गया था। भुगतान न होने पर 17 नवंबर 2025 को डिमांड नोटिस जारी कर 25 नवंबर को तामील कराया गया। इसके बाद भी कर जमा न होने पर 17 जनवरी 2026 को कुर्की की सार्वजनिक सूचना समाचार पत्र में प्रकाशित कराई गई। चार फरवरी 2026 को दोपहर करीब 1:30 बजे नगर निगम की टीम क्षेत्रीय पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ते के साथ कुर्की एवं सीलिंग कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची। नगर आयुक्त के अनुसार, कार्रवाई के दौरान फतेहगंज चौकी प्रभारी दो महिला पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद थे और दुकान के अंदर की जांच भी की गई थी। इस दौरान बेचन राम के दो वारिस संतोष कुमार और बैजनाथ ने 30-30 हजार रुपये बकाया राशि जमा कर दी, जिसकी रसीद उन्हें दे दी गई। हालांकि तीसरे वारिस रिंकू गुप्ता ने टैक्स जमा करने से इनकार करते हुए विवाद किया। फिलहाल युवती के मकान में बंद होने के पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है। जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि यह प्रशासनिक चूक थी या किसी साजिश के तहत मामला खड़ा किया गया।
कोटा में 400 फीट ट्यूबवेल मोटर से केबल चोरी:चोरों ने आधा किलोमीटर दायरे में 7 खेतों को बनाया निशाना
कोटा में बदमाशों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में सेंध लगाई। बदमाश आधा किलोमीटर एरिया में 7 खेतों से 400 फीट बिजली की केबल चोरी कर भाग गए। सुबह जब किसान खेत में पानी देने पहुंचे तो केबल चोरी का खुलासा हुआ। जिसकी किसानों ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। घटना गुरुवार रात दो बजे बाद देवली मांझी थाना क्षेत्र की है। फिलहाल पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है। ट्यूबवेल मोटर की केबल काट कर ले गए चोर रविकांत शर्मा ने बताया कि चोरों ने आमली झाड़ और खडीपुर गांव को निशाना बनाया। यहां खेत की ट्यूबवेल मोटर की केबल काटकर ले गए। मोटर और बिजली के बोर्ड मौके पर ही छोड़ गए। सुबह खेत में मोटर बंद मिली तो सभी के होश उड़ गए। कुएं तक जाकर देखा तो चोरी का पता लगा। आधा किलोमीटर के दायरे में करीब 400 फीट केबल चोरी रविकांत ने बताया कि घटना रात 2 बजे बाद हुई है। बदमाश द्वारका लाल नायक के खेत से 30 फीट, गोबरी लाल सुमन के खेत से 80 फीट, धनपाल सुमन के खेत से 125 फीट, कालू लाल के खेत से 120 फीट, नंदकिशोर मीणा के खेत से 80, धन्नालाल मालव के खेत से 70 और मेरे खेत से 15 फीट केबल काट कर ले गए। उन्होंने बताया कि सभी के खेत आधा किलोमीटर के दायरे में है। केबल कॉपर की थी। वर्तमान में बाजार में कॉपर की रेट 1000 से 1200 रुपए प्रति किलो है।
गोंडा जिले के खरगूपुर में अयोध्या स्टेट की जमीन हड़पने की साजिश का मामला सामने आया है। इस मामले में फर्जी दस्तावेज और पत्रों का इस्तेमाल कर अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार, रमेश पंडित नामक व्यक्ति ने अयोध्या स्टेट राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के फर्जी लेटर पैड पर उनके अधिकृत पैरोकार नदीम को गलत बताते हुए एक फर्जी पत्र तैयार किया। यह पत्र अयोध्या स्टेट के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप के नाम से बनाया गया था जिसका उपयोग अधिकारियों को गुमराह करने के लिए किया गया। रमेश पंडित खुद को अयोध्या स्टेट का पैरोकार बताकर लगातार जमीन हड़पने की कोशिश कर रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर अयोध्या स्टेट के मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने अपने पैरोकार नदीम के साथ गोंडा के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने पूरे मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। 5 तस्वीरें देखिए… मुख्तार कैलाश नाथ मिश्रा ने आरोप लगाया कि उनके पैरोकार नदीम ने 12 जनवरी को एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि कुछ लोग खरगूपुर स्थित अयोध्या रियासत की जमीन पर कब्जा कर फर्जी तरीके से मांस-मछली बेच रहे हैं। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और कार्रवाई के निर्देश दिए थे। नदीम ने 21 जनवरी को दोबारा आवेदन दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने जमीन खाली कराने का आदेश दिया। हालांकि, जमीन हड़पने की नीयत से मोहम्मद नसीम, मुबीन और मुजीब खान ने रमेश पंडित के माध्यम से मदरसा फुरकानिया के नाम से फर्जी वक्फ कागज नायब तहसीलदार को दिए। पैरोकार नदीम द्वारा इन कागजों की जांच कराने पर पता चला कि रियासत के रिकॉर्ड में न तो कोई बैनामा है और न ही कोई लेन-देन दर्ज है। यह स्पष्ट हुआ कि रियासत की भूमि को हड़पने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए थे। इन लोगों ने फर्जी पत्र नायब तहसीलदार और लेखपाल को भी सौंपे थे। कैलाश नाथ मिश्रा द्वारा यह भी कहा गया मेरे द्वारा ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है मेरे हस्ताक्षर को फर्जी बनाकर कूट रचित कर जमीन को हड़पने की नीयत से तैयार किया गया है। ऐसे में इन लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए कैलाश नाथ मिश्रा ने कहा कि खरगूपुर की पूरी जितनी भी बाजार है वह अयोध्या स्टेट की है। अब मेरे ही पैरोकार को गलत बात करके कोई रमेश पंडित नाम के व्यक्ति द्वारा गलत कागजात देकर अधिकारियों को गुमराह किया गया है। उसके खिलाफ हम लोगों ने कार्यवाही को लेकर के पत्र दिया है और एसपी ने जांच के आदेश दिए हैं।
इंदौर के हवाई सफर पर एक बार फिर कैंची चली है। मार्च के अंत से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इंडिगो एयरलाइंस ने इंदौर से नासिक और उदयपुर की उड़ानों को पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है। कंपनी ने न केवल अपना प्रस्ताव वापस लिया है, बल्कि अपनी वेबसाइट से बुकिंग भी हटा दी है। इससे अब राजस्थान की सैर और महाराष्ट्र के ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए इंदौरियों को लंबा रास्ता तय करना होगा। 27 मार्च के बाद नहीं मिलेगी टिकट डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविऐशन (DGCA) द्वारा जारी 29 मार्च से लागू होने वाले प्रस्तावित समर शेड्यूल में इंदौर से इन दो शहरों का जिक्र नहीं है। इंडिगो ने 27 मार्च के बाद उदयपुर और 28 मार्च के बाद नासिक के लिए बुकिंग लेना बंद कर दिया है। श्रद्धालुओं-पर्यटकों की बढ़ेगी परेशानी, शिर्डी यात्रा होगी कठिन इंडिगो पहले ही इंदौर-शिर्डी सीधी फ्लाइट बंद कर चुका है। ऐसे में श्रद्धालु नासिक उतरकर सड़क मार्ग से शिर्डी पहुंचते थे। अब नासिक फ्लाइट बंद होने से श्रद्धालुओं के पास सीधा विकल्प खत्म हो जाएगा। उदयपुर, राजस्थान का प्रमुख पर्यटन केंद्र है। सीधी उड़ान बंद होने से पर्यटकों को अब सड़क या ट्रेन के लंबे सफर पर निर्भर रहना होगा। इंदौर से लगातार टूट रही कनेक्टिविटी यह पहली बार नहीं है जब इंदौर से उड़ानें कम हुई हैं। पिछले कुछ समय में इंडिगो और अन्य एयरलाइंस ने कई शहरों से नाता तोड़ा है। एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान शेड्यूल एयरपोर्ट के रात में बंद रहने (रात 10:30 से सुबह 6:30 बजे तक) के कारण प्रभावित है। बंद हुए रूट: जोधपुर, प्रयागराज, वाराणसी, सूरत, राजकोट, वडोदरा, बिलासपुर, अमृतसर, किशनगढ़ और बेलगाम। अप्रैल से ‘नॉन-स्टॉप’ उड़ान इंदौर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने बताया कि वर्तमान में रनवे की मरम्मत के कारण रात में 8 घंटे एयरपोर्ट बंद रहता है। वे कहते हैं कि हमारी कोशिश है कि मार्च अंत तक काम पूरा कर लिया जाए। अप्रैल से एयरपोर्ट 24 घंटे खुला रहेगा, जिससे इंदौर को कई नई उड़ानें मिलेंगी और यात्री संख्या में बड़ा उछाल आएगा। एग्जाम सीजन के बाद दिखेगा 'बूम' ट्रेवल एजेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (TAFI) के प्रदेश अध्यक्ष अमूल कटारिया के अनुसार फरवरी और मार्च की शुरुआत में परीक्षाओं के कारण ट्रैफिक स्थिर रह सकता है, लेकिन मिड-मार्च और अप्रैल में छुट्टियां शुरू होते ही यात्रियों की संख्या 5 लाख के पार जा सकती है। टूरिस्ट्स ने अभी से समर वेकेशन के लिए बुकिंग शुरू कर दी है। पिछले साल बढ़ी थी यात्रियों की संख्या इंदौर एयरपोर्ट से जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 43 लाख 96 हजार 611 यात्रियों ने हवाई यात्रा की। यह एयरपोर्ट के 88 वर्षों के इतिहास में पहली बार है, जब यात्री संख्या 40 लाख के पार पहुंची। इसी अवधि में 32,558 उड़ानों का संचालन हुआ, जो इंदौर की मजबूत एविएशन ग्रोथ को दर्शाता है। नए साल में पुराने टर्मिनल को फिर से चालू किया जाएगा, जहां से एटीआर विमानों का संचालन होगा। इससे मुख्य टर्मिनल पर भीड़ कम होगी और चेक- इन व सुरक्षा जांच में लगने वाला समय घटेगा। एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि दो टर्मिनल संचालन से यात्रियों को ज्यादा सुगम और व्यवस्थित व्यवस्था मिलेगी।
एटा में प्रसव के बाद महिला की मौत:पति ने निजी अस्पताल पर गलत इलाज का आरोप लगाया, पुलिस जांच जारी
एटा के कोतवाली नगर क्षेत्र में प्रसव के बाद एक 26 वर्षीय महिला की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका के पति ने एक निजी अस्पताल पर गलत इलाज का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, मारहरा गेट, इस्लामनगर निवासी गुड़िया (पत्नी जाविद) को 12 दिसंबर 2025 को प्रसव पीड़ा के चलते शिकोहाबाद रोड स्थित श्रीराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। पति जाविद का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही से ऑपरेशन किया गया, जिससे मृत बच्चा पैदा हुआ और गुड़िया की हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ने पर गुड़िया को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां करीब 11 दिनों तक उनका इलाज चला, जहां डॉक्टरों ने उनकी दोनों किडनी खराब होने की जानकारी दी। इलाज के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था। घर लौटने के बाद गुड़िया की तबीयत अचानक फिर खराब हो गई। उन्हें एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के पति जाविद ने कोतवाली नगर पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल के गलत इलाज के कारण ही उनकी पत्नी की दोनों किडनी खराब हुईं और अंततः उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है और मामले की गहनता से जांच कर रही है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच चल रही है और रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
युवराज की मौत के मामले में इलाहाबाद हाइकोर्ट ने नोएडा पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने हैबियस कॉर्पस रिट में याचिकाकर्ता अभय कुमार को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि गिरफ्तारी के समय अरेस्ट मेमो की क्लॉज-13 का पालन नहीं किया गया, जो कानूनन अनिवार्य है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ एवं न्यायमूर्ति जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया में हुई लापरवाही न केवल संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है। बल्कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए सुरक्षा मानकों के भी खिलाफ है। एमजेड विजटाउन के निदेशक और याचिकाकर्ता अभय कुमार की ओर से हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें आरोप लगाया गया कि पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से गिरफ्तार किया और गिरफ्तारी के समय आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि उनकी गिरफ्तारी, हिरासत और न्यायिक रिमांड को अवैध घोषित किया जाए। रिमांड आदेश भी निरस्तकोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) गौतमबुद्धनगर द्वारा पारित दिनांक 20 जनवरी 2026 और 21 जनवरी 2026 के रिमांड आदेशों को भी अवैध करार दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब गिरफ्तारी ही अवैध है, तो उसके आधार पर दिया गया रिमांड आदेश भी स्वतः अवैध माना जाएगा। खंडपीठ ने आदेश दिया कि संबंधित प्राधिकारी याचिकाकर्ता को तत्काल रिहा करें। गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहींहाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई के दौरान पाया कि यह प्रकरण हाल ही में दिए गए फैसले उमंग रस्तोगी बनाम राज्य सरकार से पूरी तरह आच्छादित है। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी की वैधानिक प्रक्रिया का पालन न किया जाना गंभीर चूक है और ऐसी स्थिति में आरोपी की निरुद्धि को वैध नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस को गिरफ्तारी के समय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। क्लाज-13 का नहीं किया गया पालनअभय कुमार के वकील रिंकू तोंगड़ और राजीव तोंगड़ ने बताया कि ओर अदालत में दलील दी कि गिरफ्तारी से पहले न तो गिरफ्तारी मेमो की प्रति दी गई और न ही उसमें दर्ज क्लॉज-13 का पालन किया गया, जो सुप्रीम कोर्ट के मिहिर राजेश बनाम महाराष्ट्र राज्य मामले में अनिवार्य बताया गया है। लोटस ग्रीन के कर्मचारियों को पहले ही मिल चुकी है जमानत इससे पहले सोमवार को अदालत ने आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गौतमबुद्धनगर की अदालत ने एमजेट बिजटाउन के निदेशक आरोपी अभय कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी की तारीख दी थी। वहीं लोटस ग्रीन के दो कर्मचारियों रवि बंसल और सचिन करनवाल को पहले ही जमानत मिल चुकी है। वही निर्मल सिंह का वहीं गैर जमानती वारंट वारंट निरस्त हो चुका है।
सतना जिले की रामपुर बाघेलान पुलिस ने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के दो इनामी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी पिछले दो सप्ताह से फरार चल रहे थे। पुलिस ने उन्हें पकड़कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। टीआई संदीप चतुर्वेदी ने बताया कि बीते दिनों आरोपी विजय विश्वकर्मा (22) ने एक 15 वर्षीय नाबालिग को अपनी बहन के जन्मदिन में ले जाने का झांसा दिया। वह अपने दोस्त प्रद्युमन कुमार दाहिया (24) के साथ नाबालिग को बाइक पर बैठाकर ले गया। घर जाने की बजाय, दोनों उसे नहर से लगे जंगल में ले गए और डरा-धमका कर सामूहिक दुष्कर्म किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर दोबारा किया गैंगरेपआरोपियों ने इस दौरान नाबालिग का अश्लील वीडियो भी बना लिया, जिससे घबराकर पीड़िता ने चुप्पी साध ली थी। इसी का फायदा उठाकर 12 जनवरी को जब पीड़िता अकेली थी, तब दोनों आरोपियों ने उसके घर में घुसकर दोबारा सामूहिक दुष्कर्म किया। कुछ दिनों बाद परिजनों को दोनों युवकों के घर आने की बात पता चली। उन्होंने नाबालिग से पूछताछ की, जिसके बाद पीड़िता ने आरोपियों की करतूत उजागर कर दी। इसके बाद 19 जनवरी को पुलिस को घटनाक्रम की सूचना दी गई। बताया गया है कि आरोपी विजय पीड़िता के परिवार का पूर्व परिचित था। गुजरात से पकड़ाएपुलिस ने केस दर्द कर आरोपियों की तलाश शुरू की। हालांकि, दोनों आरोपी भागकर गुजरात के राजकोट चले गए थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 4 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली इसके बाद पुलिस गुजरात पहुंची और आरोपियों को गिरफ्तार कर एमपी लाई। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
कुशीनगर जनपद में अवैध खनन और हफ्ता वसूली से संबंधित एक ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है। पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पुलिस विभाग की छवि को बनाए रखने और कानून व्यवस्था के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई लगभग 1 मिनट 15 सेकंड की इस ऑडियो क्लिप में दावा किया गया है कि यह बातचीत कुशीनगर जनपद के तरयासुजान थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी बहादुरपुर पर तैनात उपनिरीक्षक अरविंद कुमार राय की है। इस ऑडियो में कथित तौर पर अवैध बालू और मिट्टी खनन कराने, साथ ही ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाने के बदले नियमित हफ्ता वसूली की बात कही जा रही है। ऑडियो में यह भी धमकी दी गई है कि यदि पैसे नहीं मिलेंगे तो ट्रैक्टर-ट्रॉली को चलने नहीं दिया जाएगा। ऑडियो के वायरल होते ही यह मामला तेजी से फैला और पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उपनिरीक्षक अरविंद कुमार राय को निलंबित करने का आदेश जारी किया। एसपी के निर्देश पर विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, निलंबित उपनिरीक्षक अरविंद कुमार राय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि वायरल ऑडियो उनकी आवाज नहीं है और उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इसके बावजूद, ऑडियो पुलिस अधीक्षक तक पहुंचने और मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, उपनिरीक्षक अरविंद कुमार राय पर इससे पहले भी जनपद में माथौली चौकी इंचार्ज रहते हुए कार्रवाई हो चुकी है। ऐसे में एक बार फिर उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि यह निलंबन और विभागीय कार्रवाई कितने समय तक टिकती है और जांच के बाद क्या सख्त कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल पूरा मामला जनपद में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में गंगनहर कांवड़ मार्ग पर शुक्रवार सुबह एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार मां-बेटे को पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मां की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक महिला की पहचान पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव कम्हेड़ा निवासी सुमन के रूप में हुई है। वह अपने बेटे हिमांशु (पुत्र आजादबीर) के साथ मोरना फाइनेंस के काम से गई थीं। काम निपटाकर लौटते समय हुआ हादसाबताया गया कि मोरना से काम निपटाकर दोनों मां-बेटे बाइक से अपने गांव कम्हेड़ा लौट रहे थे। जैसे ही वे भोपा और बेलड़ा के बीच गंगनहर कांवड़ मार्ग पर पहुंचे, पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बेटा गंभीर, अस्पताल में भर्तीहादसे में सुमन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हिमांशु गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को तुरंत भोपा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। नंबर प्लेट से होगी कार चालक की पहचानथानाध्यक्ष जसबीर सिंह ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर कार की नंबर प्लेट टूटकर गिर गई थी। इसी के आधार पर कार चालक की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पाली में टीचर बने भामाशाह:बांगड़ स्कूल के वार्षिकत्सव में डोनेट किए डेढ़ लाख रुपए
पीएमश्री बांगड़ स्कूल में गुरुवार को वार्षिकोत्सव मनाया गया। जिसमें पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने अकादमिक, खेल, एनसीसी, स्काउट, एनएसएस, सांस्कृतिक कार्यक्रम व ऑपरेशन सिंदूर प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया। इस दौरान विद्यालय में श्रेष्ठ योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया। प्रबल कार्यक्रम के तहत विधानसभा में जिले का प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल सिंह और अदिति सिंह को भी सम्मानित किया। भामाशाह शिक्षिका कुसुम जैन ने एक लाख 11 हजार 111 और यूसीईईओ के सेवानिवृत्त शिक्षक नरेंद्र सोनी ने 51 हजार रुपए की सहयोग राशि भेंट की। संस्था प्रधान बसंत परिहार ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। छात्र अभिषेक ने ढोलक बजाई। भरत महिपाल, करण रांकावत, प्रिंस, आदिल खिलजी, महिपाल, राधिका, पायल और अन्य विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में एसडीएमसी सदस्य महावीर कटारिया, सीबीईओ दिलीप कर्मचंदानी, संस्था प्रधान बसंत परिहार, पूर्व पार्षद विकास बुबकिया भी मौजूद थे।
बड़वानी में एक निजी स्कूल (शारदा एकेडमी) का वाहन हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। घटना अंजड़ थाना क्षेत्र के ग्राम हरीबड़ का है। आज शुक्रवार सुबह शराब के नशे में धुत होकर तेज रफ्तार से वाहन चला रहा था। ग्रामीणों ने ड्राइवर को रोका और स्कूल संचालक को मौके पर बुलाकर बच्चों से भरे वाहन को सुपुर्द किया। सुबह करीब 8:15 बजे शारदा एकेडमी का स्कूल वाहन ग्राम हरीबड़ में बच्चों को लेने पहुंचा था। गांव के चौराहे से तेज रफ्तार से गुजरते वाहन को देखकर ग्रामीण चौक गए। उन्हें हादसे की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने वाहन को रुकवाया। वाहन चालक शराब के नशे में था और ग्रामीणों से गाली-गलौज करने लगा। ग्रामीणों ने बच्चों को दूसरे ड्राइवर के साथ स्कूल भेजा ड्राइवर की स्थिति देखकर ग्रामीणों ने तत्काल स्कूल संचालक को मौके पर बुलाया। इसके बाद बच्चों को दूसरे ड्राइवर के साथ स्कूल भेजा गया। ग्रामीणों ने बताया कि चौराहे पर बस स्टैंड करते समय एक गंभीर हादसा होने से बच गया। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों निजी स्कूल बसें और छोटे वाहन प्रतिदिन बच्चों को लेकर व्यस्त सड़कों पर चलते हैं। हालांकि, इन वाहनों की रफ्तार और चालकों की निगरानी के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। पुलिस थानों के सामने से गुजरने वाले ओवरलोडेड स्कूल वाहनों पर भी अक्सर कोई कार्रवाई नहीं होती है। परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस की ओर से भी इस दिशा में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। स्कूल वाहन संचालकों पर सख्त कार्रवाई की मांग ग्रामीण राजेंद्र मुकाती ने बताया कि आज हरीबड़ गांव में ऐसी ही एक घटना सामने आई, जिसमें नशे में धुत स्कूल वाहन चालक बच्चों से भरे वाहन को तेज रफ्तार में दौड़ा रहा था। ग्रामीणों ने वाहन रोककर ड्राइवर को सबक सिखाया और स्कूल संचालक को बुलाकर बच्चों को सुरक्षित स्कूल भिजवाया। गांव के लोगों ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी और प्रशासन से भी मांग की है कि जिले में बच्चों की जान से खिलवाड़ कर रहे निजी स्कूलों और स्कूल वाहन संचालकों पर लगाम कसी जाए।
हरियाणा में तहसीलदार व नायब तहसीलदार के हड़ताल पर चले जाने के कारण रजिस्ट्रियां अटक गई हैं। पंचकूला जिले में अब तक 91 रजिस्ट्री पेंडिंग चल रही हैं। वीरवार को पंचकूला जिले में 24 लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन लिया, लेकिन कोई रजिस्ट्री दर्ज नहीं हुई। प्रदेश भर में चल रही तहसीलदार व नायब तहसीलदार की हड़ताल के कारण सरकार को राजस्व का नुकसान तो उठाना पड़ ही रहा है, इसके साथ ही लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। युवाओं को भी डोमिसाइल के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। क्योंकि ऑनलाइन आवेदन युवाओं द्वारा कर दिया गया, लेकिन अब तहसीलदार के द्वार उन्हें अप्रूव नहीं किया जा रहा है। प्रदेश में फिलहाल HPSC और HSSC की ओर से भर्ती निकाली गई हैं, जिसके चलते युवा परेशान हैं। 3 पॉइंट में जानिए हड़ताल की वजह 3 पॉइंट में जानिए तहसीलदारों की डिमांड
फैक्ट्री बस ने पांच साल के बच्चे को मारी टक्कर:सिर पर 7 टांके आए, घर के बाहर खेल रहा था मासूम
भिवाड़ी के बिलासपुर गांव में घर के बाहर खेल रहे 5 साल के मासूम को फैक्ट्री की बस ने टक्कर मार दी। जिससे बच्चे के सिर में गंभीर चोट लगी। पहले उसे भिवाड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से डॉक्टर ने अलवर रेफर कर दिया। बिलासपुर निवासी नफीस ने बताया कि गुरुवार शाम को उसका 5 साल का बेटा अमन घर के बाहर खेल रहा था। घर के आगे से रास्ता जाता है। अचानक तिजारा की तरफ से तेज गति से आ रही फैक्ट्री की बस ने बेट को टक्कर मार दी, जिससे वरो दूर जाकर गिरा। उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। हादसे के बाद बच्चे को तुरंत ही भिवाड़ी के अस्पताल में लेकर गए, जहां से अलवर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां रात को अलवर के ट्रॉमा वार्ड में भर्ती कराया गया। बालक के सिर में 7 टांके भी आए हैं।
KGMU के ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग में CCTV कैमरा लगाए जाने को लेकर नया विवाद सामने आया हैं। विभाग के एक शिक्षक द्वारा सुरक्षा कारणों से अपने निजी खर्च पर CCTV कैमरा लगवाए जाने के बाद मामला प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। निजी खर्च से लगाया गया कैमराजानकारी के अनुसार, विभाग के एक पुरुष शिक्षक ने अपने खिलाफ पूर्व में लगे आरोपों और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए CCTV कैमरा लगाने के लिए प्रशासन को पत्र लिखा था। अनुमति न मिलने पर उन्होंने स्वयं के खर्च से कैमरा लगवाया और इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी। जांच में निर्दोष मिलने का किया था दावाशिक्षक का कहना है कि उनके खिलाफ पहले झूठे आरोप लगाए गए थे, जिनकी जांच में उन्हें निर्दोष पाया गया। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए उन्होंने कैमरा लगाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, कैमरे का फोकस कमरे के दरवाजे और बाहर की गैलरी पर है, न कि किसी कर्मचारी की निजी गतिविधियों पर। HOD ने जताई आपत्तिHOD डॉ. तुलिका चंद्रा ने CCTV कैमरा लगाए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे कर्मचारियों की निजता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने आशंका जताई कि कैमरे का दुरुपयोग हो सकता है, इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। प्रॉक्टर और रजिस्ट्रार को लिखा गया पत्रमामले को लेकर विभागाध्यक्ष ने कुलसचिव और चीफ प्रॉक्टर को पत्र लिखकर कैमरा हटाने की मांग की। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया है। शिक्षक संघ ने समन्वय बनाने को कहाKGMU शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने बताया कि CCTV कैमरा लगाने के मामले में जांच समिति बना दी गई है। विभाग के बेहतर संचालन और आपसी समन्वय बनाए रखने की अपील की गई है। फिलहाल समिति द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
बिलासपुर के एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक-युवा कांग्रेस नेता और ऑटोमोबाइल एजेंसी मालिक की कोरबा में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। वहीं, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष समेत 2 युवक गंभीर रूप से घायल हैं। जिन्हें इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में एडमिट किया गया है। घटना कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र की है। गुरुवार की रात तेज रफ्तार कार बिलासपुर-उरगा भारतमाला नेशनल हाईवे में अनियंत्रित होकर पलट गई। कार सवार सभी बिलासपुर से बालको बारात जा रहे थे। कोरबा में एंट्री करते समय वो रास्ता भटक गए और हादसे का शिकार हो गए। वहीं, रायपुर में मुख्यमंत्री आवास के पास के तेज रफ्तार सरकारी वाहन से स्कूल जा रहे EV स्कूटर सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में भाई की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पीछे बैठी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। देखिए कोरबा एक्सीडेंट की तस्वीरें- पहली घटना कोरबा की, युवा कांग्रेस नेता और कारोबारी की मौत पहली घटना कोरबा के उरगा थाना क्षेत्र की है। थाना प्रभारी राजेश तिवारी के मुताबिक, बिलासपुर के एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और वर्तमान युवा कांग्रेस नेता राहुल राय अपनी कार (सीजी 10 बीएफ 9922) में सवार होकर गुरुवार की रात बालको में अपने परिचित की शादी में शामिल होने जा रहे थे। उनके साथ जोंधरा निवासी ऑटोमोबाइल एजेंसी के मालिक ढालू अग्रवाल, मस्तूरी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भोला साहू और एक अन्य युवक राहुल सवार थे। चारों रात करीब 9.30 बजे बिलासपुर के ढेका से निकलकर उरगा पहुंचे थे। इस दौरान कोरबा शहर में प्रवेश करते समय वो रास्ता भटक गए थे। स्पीड में थी कार, निर्माणाधीन लेन में उतरी भारतमाला नेशनल हाईवे अभी निर्माणाधीन है। लिहाजा, उनकी तेज रफ्तार कार हाईवे के आखिर में खाईनुमा निर्माणाधीन लेन में उतर गई। कार के ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया। इस दौरान अनियंत्रित कार गड्ढे में गिरकर तीन बार पलटी मारते हुए सड़क से दूर जा गिरी, जिससे कार के परखच्चे उड़ गए। हादसे में राहुल राय और ढालू अग्रवाल के सिर और सीने में गंभीर चोट आई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भोला साहू और राहुल गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे आ रहे दोस्तों ने पुलिस को इस हादसे की जानकारी दिए बिना ही घायलों को अपोलो अस्पताल पहुंचाया। शादी अटेंड कर बालको के लिए हुए थे रवाना जहां उनका इलाज जारी है। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शव को केजीएन अस्पताल में रखवा दिया है। बताया जा रहा है कि इस हादसे से महज 40 मिनट पहले चारों युवक बिलासपुर के छाबड़ा पैलेस में शादी समारोह में शामिल होने गए थे, जहां उन्होंने अन्य कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की। यहां पार्टी में शामिल होने के बाद वो बालको के लिए रवाना हुए थे। फिलहाल, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और आगे की जांच पड़ताल में जुट गई है। दूसरी घटना रायपुर की, सरकारी वाहन से कुचला दूसरी घटना राजधानी रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। छत्तीसगढ़ क्लब के सामने शुक्रवार सुबह स्कूल जा रहे EV स्कूटर भाई-बहन को सरकारी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में भाई की मौके पर मौत हो गई। जबकि बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के मुताबिक, हादसा सुबह 7.50 बजे सीएम हाउस के पास हुआ है। मृतक की पहचान अंश आठवानी (14) के रूप में हुई है। जो कि स्कूटर चला रहा था। हादसे के बाद ड्राइवर सरकारी वाहन छोड़कर फरार हो गया है। आरोपी ड्राइवर की तलाश में पुलिस इस हादसे में घायल नमिसा को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामले में सिविल लाइन एसीपी रमाकांत साहू ने बताया कि पुलिस वाहन तेज रफ्तार में था। उन्होंने कहा कि आरोपी चालक की तलाश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ……………………………………. हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ट्रेनिंग से लौट रहे कॉन्स्टेबल को कुचला, मौत: छत्तीसगढ़ में सड़क-हादसों में 4 ने गंवाई जान; कुत्ते को बचाने पलटी कार, व्यापारी ने तोड़ा दम छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई है। बालोद जिले में कुत्ते को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार कार पलट गई। हादसे में किराना व्यापारी की जान चली गई। जबकि टीचर पत्नी और 2 बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
भिवानी में फौजी के घर से कैश-जेवर चोरी:कमरे और अलमारी का दरवाजा मिला खुला; बिखरा पड़ा था सामान
भिवानी जिले के गांव मित्ताथल में फौजी के घर चोरी होने का मामला सामने आया है। चोर रात को घर में घुसे और अलमारी में रखे सोने-चांदी के आभूषण व नकदी चोरी करके फरार हो गए। जब फौजी का पिता उठा, तो उसे इस चोरी का पता लगा। वहीं मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। रात को कमरे का दरवाजा मिला खुला भिवानी के गांव मित्ताथल के करीब 60 वर्षीय रणबीर ने गुजरानी पुलिस चौकी में शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसको 4 बच्चे हैं और सभी शादीशुदा हैं। एक लड़का आर्मी में नौकरी करता है, जो 1 तारीख को गए थे। 3 फरवरी को वह अपने घर पर खाना बनाकर सो गया था। रात को करीब 3 बजे उठा, तो देखा कि घर के अंदर बने कमरे का दरवाजा खुला था। उसने अंदर जाकर सामान चेक किया, तो कमरे के अंदर लोहे की अलमारी से एक सोने का मंगलसूत्र, एक जोड़ी चांदी की पायल, चार चांदी की अंगूठी, 15 हजार नकद चोरी हुए मिले। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। रात को करीब 11 बजे से 3 बजे के बीच में चोरी हुई है। इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
एनसीआर में मौसम की दोहरी मार: सुबह-शाम ठंडी हवाएं, दिन में तेज धूप
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इन दिनों मौसम लगातार करवट बदल रहा है। सुबह और शाम के समय तेज ठंडी हवाओं के कारण गलन बढ़ गई है
सतना जिले की मझगवां तहसील में एमपी ऑनलाइन के जरिए फर्जी चालान बनाने के मामले में पुलिस ने कियोस्क संचालक को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी धनबाबू पटेल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोप है कि कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल ने एमपी ऑनलाइन के माध्यम से चालान जमा करने में धोखाधड़ी की। उसने 2000 रुपये के चालान में केवल 1000 रुपये ही जमा किए और कंप्यूटर सिस्टम में हेरफेर कर 2000 रुपये की फर्जी रसीद बना दी। नायब तहसीलदार की शिकायत पर दर्ज हुआ केस यह मामला बरौंधा के नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद कोल की शिकायत पर दर्ज किया गया था। उन्होंने 6 जनवरी 2026 को मझगवां थाने को पत्र भेजकर कियोस्क संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में एफआईआर दर्ज की। नामांतरण जुर्माने में हुआ फर्जीवाड़ा जानकारी के अनुसार, बरौंधा क्षेत्र के भूमि स्वामी बाबूलाल ब्राम्हण ने जमीन खरीदी थी। नामांतरण में देरी होने पर नायब तहसीलदार ने 2000 रुपये का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की राशि जमा करने के लिए बाबूलाल ने कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल को पैसे दिए थे। जब तहसील कार्यालय में चालान का मिलान किया गया, तो सामने आया कि सरकारी खाते में सिर्फ 1000 रुपये ही जमा हुए हैं। इसके बाद मामले की जांच की गई और फर्जी रसीद का खुलासा हुआ। एसडीएम के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर मामले की रिपोर्ट नायब तहसीलदार ने एसडीएम को भेजी। एसडीएम के आदेश के बाद मझगवां थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने गुरुवार को फरार आरोपी धनबाबू पटेल को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट के विस्तार और आधुनिकीकरण पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए। एयरपोर्ट को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया, लेकिन इसके बावजूद उड़ानों का विस्तार नहीं हो सका। नतीजतन यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि सीमित फ्लाइट्स के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस विस्तारित एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद भी कई बड़े शहरों के लिए उड़ानें शुरू नहीं हो पाईं, जिससे आज भी यात्रियों को मजबूरी में ट्रेन से सफर करना पड़ रहा है। रनवे की क्षमता बढ़ी, लेकिन उड़ानें नहीं एयरपोर्ट विस्तार से पहले रनवे की लंबाई करीब 1998 मीटर थी और टर्मिनल की क्षमता लगभग 150 यात्रियों की थी। विस्तार के बाद रनवे बढ़कर करीब 2750 मीटर हो गया है और टर्मिनल की क्षमता 800 यात्रियों तक पहुंच गई है। अब यहां एयरबस ए-320 जैसे बड़े विमान भी उतर सकते हैं, इसके बावजूद सात से अधिक शहरों के लिए उड़ानें शुरू नहीं हो सकी हैं। अन्य शहरों से तुलना में जबलपुर की अनदेखी हवाई सेवाओं के मामले में जबलपुर के साथ भेदभाव का आरोप लगाया जा रहा है। इंदौर से करीब 20 शहरों के लिए 40 से 50 उड़ानें संचालित हो रही हैं, भोपाल से 13 शहरों के लिए लगभग 60 उड़ानें हैं और ग्वालियर से भी पर्याप्त फ्लाइट्स हैं। वहीं, जबलपुर जैसे प्रमुख शहर में सीमित उड़ानें ही उपलब्ध हैं, जबकि यात्रियों की मांग लगातार बढ़ रही है। भोपाल-प्रयागराज उड़ानों की मांग पिछले साल जबलपुर से भोपाल, प्रयागराज सहित अन्य शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने को लेकर चर्चा हुई थी। भोपाल और प्रयागराज के लिए सबसे अधिक मांग बताई जा रही थी और जल्द उड़ान शुरू करने के दावे भी किए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका है। इससे बड़ी संख्या में यात्री परेशान हैं। पहले भी बेहतर था उड़ानों का हाल जानकारी के अनुसार, विस्तार से पहले पुराने टर्मिनल से लगभग छह शहरों दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, इंदौर, बेंगलुरु और पुणे के लिए उड़ानें संचालित होती थीं। रोजाना चार से आठ विमान आते-जाते थे और साप्ताहिक मूवमेंट 50 से 90 तक था। विस्तार के बाद उड़ानों की संख्या छह से बढ़कर केवल सात ही हो पाई है। वर्तमान में जबलपुर से दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, इंदौर, बेंगलुरु, बिलासपुर और जगदलपुर के लिए फ्लाइट्स संचालित हो रही हैं। एयरपोर्ट विस्तार के समय दावा किया गया था कि इससे आर्थिक विकास, पर्यटन, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन सीमित उड़ानों के कारण ये दावे फिलहाल खोखले नजर आ रहे हैं। एयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे का कहना है कि वर्तमान में सात शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। अधिक शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने के लिए शासन स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है। यदि शासन अनुमति देता है, तो एयरपोर्ट के पास अतिरिक्त उड़ानों को संभालने की पूरी क्षमता मौजूद है।
कन्नौज में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों, सदस्यों और मालिकों के साथ एक बैठक का आयोजन किया। यह बैठक जेवा टोल प्लाजा के पास होटल ग्रीनवुड में हुई, जिसमें क्लस्टर कोल्ड स्टोरेज स्कीम पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें लखनऊ अंचल कार्यालय से अंचल प्रमुख डीके अर्जवानी, मुंबई केंद्रीय कार्यालय से उप महाप्रबंधक रोहित कुमार और इटावा क्षेत्रीय कार्यालय से क्षेत्रीय प्रबंधक मोहम्मद शाहबाज़ आलम शामिल थे। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज मालिकों को योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि क्लस्टर कोल्ड स्टोरेज स्कीम एक सरकारी पहल है। इसका उद्देश्य किसानों और उद्यमियों को कोल्ड स्टोरेज इकाइयां स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत, सरकार कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए सब्सिडी भी देती है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य किसानों को अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में मदद करना है, ताकि वे बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें। कोल्ड स्टोरेज इकाइयों से किसानों को अपनी फसल को खराब होने से बचाने और उसे बेचने के लिए अधिक समय मिलने में सहायता मिलेगी। बैठक में लगभग 20 कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के पदाधिकारी, सदस्य और मालिक उपस्थित रहे। नई कोल्ड स्टोरेज स्कीम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान फतेहगढ़, फर्रुखाबाद, कन्नौज मुख्य शाखा, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट कन्नौज और गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज तिर्वा शाखाओं के प्रबंधक भी मौजूद थे।
नालंदा जिले के स्टूडेट्स के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से की गई घोषणा के अनुसार, 'सात निश्चय-3' के तहत राज्य भर के उन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे, जहां अभी तक उच्च शिक्षा की सुविधा नहीं है। इस योजना के तहत 9 प्रखंडों का चयन किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इसी साल जुलाई महीने से इन नए कॉलेजों में पढ़ाई शुरू कर दी जाए। 9 प्रखंडों में खुलेंगे नए कॉलेज उच्च शिक्षा से वंचित जिले के इन प्रखंडों में डिग्री कॉलेज खुलने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अब स्नातक की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय या दूसरे शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इनमें रहुई, नूरसराय, बिंद, नगरनौसा, कतरीसराय, थरथरी, करायपरसुराय, परवलपुर, सरमेरा शामिल है। 'सात निश्चय-3' के तहत उन्नत शिक्षा का संकल्प मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह पहल 'सात निश्चय-3' के चौथे निश्चय 'उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य' का हिस्सा है। वर्तमान में राज्य के 534 में से 213 प्रखंड ऐसे हैं जहां कोई अंगीभूत या संबद्ध डिग्री कॉलेज नहीं है। इन क्षेत्रों में कॉलेज खुलने से सबसे बड़ा लाभ छात्राओं को होगा, जिनका उच्च शिक्षा में 'ग्रॉस एनरोलमेंट रेश्यो' कॉलेज दूर होने के कारण प्रभावित होता था। जिले में उच्च शिक्षा की वर्तमान स्थिति नए कॉलेजों के खुलने से नालंदा का शैक्षणिक ढांचा और मजबूत होगा। वर्तमान में जिले में उच्च शिक्षा प्रदान कर रहे सरकारी कॉलेजों में नालंदा कॉलेज, नालंदा महिला कॉलेज, किसान कॉलेज, सरदार पटेल मेमोरियल कॉलेज, एसयू कॉलेज (हिलसा), राजगीर डिग्री कॉलेज, नव नालंदा महाविहार, अल्लामा इकबाल कॉलेज और सोगरा कॉलेज शामिल है। जबकि संबद्धता प्राप्त कॉलेजों में केएसटी कॉलेज, आर लाल कॉलेज (अलीनगर), राम लखन सिंह यादव कॉलेज, सदानंद कॉलेज, पावापुरी वर्तमान महावीर कॉलेज, औंगारी धाम एलएसटी कॉलेज, चंडी एमएम कॉलेज, पैरु महतो सोमरी कॉलेज, इस्लामपुर स्नातक कॉलेज, आरपीएस कॉलेज (हरनौत), जीडीएम कॉलेज (हरनौत), नालंदा मगध महाविद्यालय और महाबोधि महाविद्यालय शामिल है। इन पुराने और प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ-साथ अब 9 नए सरकारी डिग्री कॉलेजों का नेटवर्क नालंदा को शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनाने में मदद करेगा।
मधुबनी में साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
बिहार के मधुबनी जिले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ किया है। गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जिनके पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और कैश मिला
पोरसा कस्बे में मजदूरी कर लौट रहे एक युवक से मारपीट कर दहशत फैलाने के लिए फायरिंग करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से अवैध कट्टा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है। यह घटना 3 फरवरी की शाम करीब 5:30 बजे की है, जिसके बाद पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। मजदूरी से लौटते वक्त हुई वारदात पोरसा थाने में 3 फरवरी को जुगनू उर्फ सुंदरलाल माहौर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह शाम के समय मजदूरी कर पोरसा कस्बे से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान बाइक से आए संदीप तोमर ने रास्ते में उसे रोका और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। दहशत फैलाने के लिए की फायरिंग फरियादी ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान आरोपी ने कट्टे से फायरिंग भी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। घटना के बाद आसपास के लोग भी सहम गए थे। मामला दर्ज होने के बाद पोरसा पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिल रही थी कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा है और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा है। गांव से पकड़ा गया आरोपी पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी संदीप तोमर अपने गांव गोकुल का पुरा में परिजनों से मिलने पहुंचा है और जल्द ही वहां से फरार होने की तैयारी में है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने गांव में दबिश दी। पोरसा पुलिस ने गोकुल का पुरा गांव में दबिश देकर आरोपी संदीप तोमर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी कोई विरोध नहीं कर सका। कट्टा और कारतूस बरामद पुलिस ने आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध कट्टा और कारतूस बरामद किया है। पूछताछ में आरोपी ने फायरिंग की घटना में इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपी से घटना के समय उपयोग की गई बाइक को भी जब्त कर लिया है। बाइक का इस्तेमाल आरोपी ने वारदात को अंजाम देने और फरार होने में किया था। पुलिस कर रही पूछताछ पोरसा टीआई दिनेश कुशवाहा ने बताया कि मारपीट और फायरिंग के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के पीछे कोई पुरानी रंजिश या अन्य कारण तो नहीं है। पुलिस आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। मामले में आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
मधुबनी की साहरघाट थाना पुलिस ने मादक पदार्थ के एक अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। बेनीपट्टी अनुमंडल के टॉप-10 अपराधियों में शामिल इस अभियुक्त को गुरुवार शाम न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नरेश यादव के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय रामहित यादव का पुत्र और गंगौर, हरलाखी थाना, मधुबनी का निवासी है। वह साहरघाट थाना कांड संख्या 95/25 में फरार चल रहा था। पुलिस को बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे सूचना मिली थी कि नरेश यादव गंगौर चौक के पास मौजूद है। त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया इसके बाद साहरघाट थानाध्यक्ष ने हरलाखी थाना को सूचित करते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। बेनीपट्टी एसडीपीओ अमित कुमार ने गुरुवार शाम प्रेस को यह जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि यह गिरफ्तारी 19 जुलाई 2025 को दर्ज एक मामले से संबंधित है। उस दिन साहरघाट थाना को सूचना मिली थी कि हरलाखी की तरफ से एक तस्कर ट्रैक्टर पर बालू के नीचे छिपाकर भारी मात्रा में गांजा ले जा रहा है। सूचना के आधार पर साहरघाट थानाध्यक्ष ने एक टीम गठित कर वाहन चेकिंग के दौरान ट्रैक्टर सहित एक अभियुक्त को पकड़ा था। ट्रैक्टर की ट्रॉली में लदे बालू को हटाने के बाद विधिवत तलाशी ली गई दंडाधिकारी की उपस्थिति में ट्रैक्टर की ट्रॉली में लदे बालू को हटाने के बाद विधिवत तलाशी ली गई, जिसमें कुल 301.2 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इसे विधिवत जप्ती सूची बनाकर जब्त कर लिया गया था। उस समय मनीष कुमार गिरी नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया था। उसके स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर साहरघाट थाना कांड संख्या 95/25 में संबंधित धाराओं के तहत कुल 8 प्राथमिक अभियुक्तों पर मामला दर्ज किया गया था। गिरफ्तार आरोपी नरेश यादव पर शराब तस्करी के भी कई मामले दर्ज हैं। इस छापेमारी टीम में साहरघाट थानाध्यक्ष अनि राकेश कुमार रौशन, पुअनि नवीन कुमार, महिला सिपाही संध्या कुमारी (268) और महिला सिपाही/गृह रक्षक पूजा कुमारी शामिल थीं।
गाजीपुर में झोपड़ी में लगी भीषण आग:आग की लपटें देख सहमें लोग, सामान जलकर राख; मुआवजे की मांग
भदौरा ब्लॉक क्षेत्र के बारा गांव में गुरुवार रात एक रिहायशी मड़ई में आग लग गई। सरफराज खान की यह मड़ई पूरी तरह जलकर राख हो गई, जिससे परिवार का सारा गृहस्थी का सामान नष्ट हो गया। आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। गृहस्वामी सरफराज खान ने बताया कि उन्होंने यह मड़ई एक सप्ताह पहले ही नई बनवाई थी। आग की तेज लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पीड़ित सरफराज खान ने घटना की सूचना रिपोर्टिंग पुलिस चौकी बारा को दी है। उन्होंने बताया कि आग में दो साइकिल, कूलर, पंखा, चौकी, चारपाई, रजाई, कंबल, तोसक, मवेशियों का भूसा और दाल-चावल सहित अन्य घरेलू सामान जलकर बर्बाद हो गया। इसके अतिरिक्त, बगल के मकान में लगा एक एयर कंडीशनर (एसी) भी जल गया। सरफराज खान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव ने कहा कि क्षति का आकलन कराया जाएगा और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। हादसे की तस्वीरें देखिए…
पटना के फुलवारी शरीफ में मोहम्मद महताब आलम हत्याकांड का खुलासा हो गया है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, महताब की हत्या आपसी विवाद के चलते की गई थी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान फुलवारी शरीफ के नया टोला निवासी मोहम्मद तौसीफ (19) के रूप में हुई है। पुलिस दूसरे आरोपी बंटी उर्फ काना को पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कबूला जुर्म यह घटना 19 जनवरी 2026 को हुई थी, जब फुलवारी शरीफ के मिनहाज नगर स्थित एक खंडहरनुमा मकान में मोहम्मद महताब आलम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामला सामने आने के बाद, फुलवारी शरीफ पुलिस ने घटना के खुलासे के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। इसी टीम ने कार्रवाई करते हुए मोहम्मद तौसीफ को गिरफ्तार किया। आपसी विवाद के चलते वारदात को दिया अंजाम पूछताछ के दौरान, तौसीफ ने बताया कि उसने अपने दोस्त बंटी उर्फ काना के साथ मिलकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। हत्या का कारण आपसी विवाद बताया जा रहा है। फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि, 'बंटी उर्फ काना का आपराधिक इतिहास रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मृतक मोहम्मद महताब आलम के खिलाफ भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे और वह पहले जेल जा चुका था।'
बलिया के टीडी कॉलेज में 7 फरवरी को रोजगार मेला:स्नातक और परास्नातक छात्र-छात्राओं के लिए सुनहरा अवसर
बलिया के टीडी कॉलेज परिसर में 07 फरवरी को एक वृहद रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा। यह मेला जिला सेवायोजन कार्यालय और श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहा है। स्नातक और परास्नातक छात्र-छात्राओं के लिए अवसरइस रोजगार मेले में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीएससी एजी जैसे स्नातक और एमए, एमएससी, एमएससी एजी जैसे परास्नातक पाठ्यक्रमों के छात्र-छात्राएं भाग ले सकते हैं। पंजीकृत और अपंजीकृत दोनों तरह के विद्यार्थी इसमें शामिल हो सकते हैं। द्वितीय वर्ष और अंतिम वर्ष में अध्ययनरत या उत्तीर्ण कर चुके सभी छात्र-छात्राएं प्रतिभाग के पात्र हैं। प्रतिभागियों के लिए आवश्यक दस्तावेज़महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि इच्छुक छात्र-छात्राओं को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र, उनकी 1-2 सेट फोटोकॉपी और चार पासपोर्ट साइज फोटो के साथ सुबह 10 बजे महाविद्यालय में उपस्थित होना होगा।
जंगल किनारे बन रही पक्की बाउंड्री:राज्यसभा सांसद निधि से हो रहा निर्माण, जंगली जानवरों से होगा बचाव
सिद्धार्थनगर जनपद के शोहरतगढ़ ब्लॉक स्थित जमुवार जंगल के किनारे जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए एक पक्की बाउंड्री वॉल का निर्माण किया जा रहा है। यह बहुप्रतीक्षित योजना उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक और वर्तमान राज्यसभा सांसद बृजलाल की सांसद निधि से साकार हो रही है। लगभग 2 किलोमीटर से अधिक लंबी और 1 मीटर 80 सेंटीमीटर ऊंची यह बाउंड्री वॉल जंगली जानवरों को गांवों और खेतों में प्रवेश करने से रोकेगी। बाउंड्री के ऊपर कैंसर्टिना वायर भी लगाया जाएगा, जिससे सुरक्षा और पुख्ता हो सके। जमुवार जंगल शोहरतगढ़ ब्लॉक के गुजरौलिया खालसा, गुजरौलिया ग्रांट, हरनाहिया, कपिया खालसा और कपिया ग्रांट जैसे कई गांवों से सटा हुआ है। इस घने वन क्षेत्र के बीच से जमुवार नदी बहती है। यह जंगल मुख्य रूप से जामुन के वृक्षों का प्राकृतिक वन है। जामुन के अलावा यहां दर्जनों अन्य प्रजातियों के वृक्ष और झाड़ियां भी प्राकृतिक रूप से उगी हुई हैं। वन विभाग ने तराई क्षेत्र के अनुकूल अर्जुन सहित अन्य प्रजातियों के वृक्ष भी लगाए हैं, जिससे यह क्षेत्र अत्यंत सघन हो गया है। जमुवार जंगल में जंगली सुअर, नीलगाय, शाही (परक्युपाइन), खरगोश, गीदड़, बंदर, लंगूर, फिशिंग कैट और कई प्रजातियों के सांप जैसे जंगली जानवर निवास करते हैं। पक्षियों में मोर, काले व भूरे तीतर, बटेर, बड़ी प्रजाति के उल्लू और कौए सहित अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं। जैव विविधता से भरपूर यह जंगल प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन लंबे समय से आसपास के गांवों के किसानों के लिए जंगली जानवरों के कारण एक बड़ी समस्या बना हुआ था। इस बाउंड्री के निर्माण से किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
भदोही में पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (APS) भदोही शुभम अग्रवाल ने पोस्टमॉर्टम हाउस (शवगृह) में नवनिर्मित पोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल का उद्घाटन किया। निरीक्षक अजय कुमार यादव के नेतृत्व में यह सेल अब सभी पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगा। इससे संवेदनशील मामलों में साक्ष्यों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। दहेज मृत्यु और संदिग्ध मामलों में उपयोगीदहेज मृत्यु, पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु और अन्य संदिग्ध मामलों में पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी अत्यंत आवश्यक होती है। यह सेल वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखकर न्यायालय और संबंधित अधिकारियों को समय पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आधुनिक तकनीक से सुसज्जित सेलपोस्टमॉर्टम वीडियोग्राफी सेल अत्याधुनिक कंप्यूटर सिस्टम और आधुनिक वीडियोग्राफी उपकरणों से लैस है। डिजिटल रिकॉर्डिंग के माध्यम से साक्ष्यों का रखरखाव बेहतर ढंग से होगा, जिससे किसी भी प्रकार के संदेह की गुंजाइश कम होगी। पुलिस कर्मियों को दिए गए निर्देशपुलिस अधीक्षक भदोही ने वीडियोग्राफी सेल में तैनात कर्मियों को सतर्कता, तकनीकी दक्षता और साक्ष्यों की गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अटेली मंडी थाना अटेली क्षेत्र के गांव महासर में हरियाणा रोडवेज बस की टक्कर से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। पुलिस ने महिला के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद बस ड्राइवर मौके से बस लेकर फरार हो गया। मृतका के बेटे इन्द्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 फरवरी को वह अपनी मां राजबाई के साथ खेत में पशुओं के लिए हरा चारा लेने जा रहा था। दोपहर करीब 2:45 बजे जब वे गांव महासर के खेतों के पास पहुंचे, तभी नारनौल डिपो की हरियाणा रोडवेज बस कनीना की ओर से तेज रफ्तार और लापरवाही से आई और पीछे से उसकी मां को टक्कर मार दी। ड्राइवर की भागने की कोशिश, यात्रियों का विरोध टक्कर लगने से राजबाई सड़क से नीचे गड्ढों में जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गईं। आरोप है कि ड्राइवर बस लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इन्द्र सिंह के शोर मचाने और बस में सवार यात्रियों के विरोध के बाद ड्राइवर घायल महिला को बस में डालकर अनारकौर अस्पताल अटेली मंडी लेकर पहुंचा और वहां घायल महिला को छोड़ने के बाद बस लेकर फरार हो गया। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित अस्पताल से महिला को सरकारी अस्पताल अटेली रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना अटेली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को CHC अटेली में रखवाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है। जांच अधिकारी ASI संदीप के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और बस ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका के बाद शिक्षा विभाग ने 13 जिलों के 60 निजी कॉलेजों की जन्मकुंडली खंगालने का फैसला किया है। नालंदा जिले के पांच संस्थान भी इस जांच के दायरे में हैं। अप्रत्याशित रूप से बढ़ते आवेदनों और डाटा अपलोड में अनियमितता ने विभाग को चौकन्ना कर दिया है। 10 फरवरी तक रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) आनंद विजय ने बताया कि लेखा डीपीओ की अगुआई में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की जाएगी, जो संस्थानों की धरातलीय हकीकत से लेकर कागजी जांच तक सूक्ष्मता से करेगी। हर हाल में 10 फरवरी तक जांच प्रतिवेदन योजना के राज्य प्रभारी पदाधिकारी मोहम्मद नसीम अहमद को सौंपना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में सहयोग न करने या रिपोर्ट देरी से देने पर संबंधित संस्थानों के आवेदक छात्र-छात्राओं को योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों की मान्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है। लक्ष्य से 121 फीसदी आवेदन, लेकिन कुछ संस्थानों में संदिग्ध बढ़ोतरी डीईओ आनंद विजय ने बताया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 में वार्षिक लक्ष्य से 117 प्रतिशत, जबकि सत्र 2025-26 में 121 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा सकारात्मक लग सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि कुछ चिह्नित संस्थानों में आवेदकों की संख्या अप्रत्याशित और संदिग्ध रूप से बढ़ी है। इससे यह आशंका पैदा हुई है कि कुछ निजी संस्थान योजना का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं या फर्जी आवेदन दाखिल करवा रहे हैं। यह योजना उच्च और तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, ताकि धन की कमी शिक्षा में बाधा न बने। लेकिन अब इसमें गड़बड़ी की आशंका ने विभाग को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा) की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित की गई है। इस समिति में डीआरसीसी (जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र) के प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और बिहार राज्य वित्त निगम के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। जांच टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगी भौतिक सत्यापन: संस्थान वास्तव में संचालित है या केवल कागजों पर मौजूद है? वैधानिक अनुमति: राज्य सरकार से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिला है या नहीं। पाठ्यक्रम और नामांकन: सत्रवार पाठ्यक्रम, कुल आवंटित सीटें और वास्तविक नामांकन की स्थिति। संबद्धता दस्तावेज: विश्वविद्यालय से संबद्धता संबंधी सभी कागजात की जांच। शुल्क संरचना: शैक्षणिक शुल्क की पारदर्शिता। बुनियादी ढांचा: कक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल, प्रशासनिक भवन की विस्तृत जानकारी। उपस्थिति रिकॉर्ड: छात्रों की नियमित उपस्थिति का सत्यापन। शिक्षक योग्यता: स्थायी और अस्थायी शिक्षकों की योग्यता और संख्या। गैर-शैक्षणिक स्टाफ: कर्मचारियों की वास्तविक संख्या। जियो-टैगिंग: भवन, कक्षाओं, कैंटीन की जियो टैग तस्वीरें लेना। छात्र प्रतिक्रिया: छात्रों का सीधा फीडबैक लेना। वेबसाइट: संस्थान की वेबसाइट की कार्यशील स्थिति। किन जिलों के कितने संस्थान जांच के दायरे में पटना में सबसे ज्यादा 28 संस्थानों की जांच होगी। नालंदा के 5, मुजफ्फरपुर, गया और वैशाली के 4-4, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद के 4-4, बेगूसराय के 2, तथा अररिया, सीवान, जमुई, पूर्णिया और सीतामढ़ी के 1-1 संस्थान जांच के दायरे में आए हैं। जांच के दायरे में नालंदा के ये 5 संस्थान निभा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स आरएल पॉलिटेक्निक कॉलेज केके विश्वविद्यालय डीपी सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन
मैहर जिले के रामनगर अनुभाग क्षेत्र की हायर सेकेंडरी और हाईस्कूलों में कराए गए लघु निर्माण कार्यों में बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच पूरी होने के बाद इसमें 4 करोड़ 37 लाख 89 हजार 420 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। जांच के बाद तीन निजी फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही आरोपित फर्मों के बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से होल्ड कर दिया गया है, ताकि रकम की निकासी न हो सके। जिला शिक्षा अधिकारी ने एसपी को लिखा पत्र सतना जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र क्रमांक 2440/सतर्कता/भवन/2026 दिनांक 4 फरवरी 2026 के माध्यम से पुलिस अधीक्षक मैहर को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा है। यह कार्रवाई कलेक्टर मैहर द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। फर्जी भुगतान से शासन को भारी नुकसान जांच में सामने आया कि शासकीय राशि का दुरुपयोग और फर्जी भुगतान कर शासन को सवा चार करोड़ रुपये से ज्यादा का आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया है। इस मामले में शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारियों के साथ तीन निजी फर्मों को मुख्य आरोपी बनाया गया है। प्रशासन के अनुसार, इन फर्मों ने आपसी मिलीभगत से सरकारी राशि का गलत उपयोग किया। बैंक खातों से निकासी पर पूरी तरह रोक अनुविभागीय दंडाधिकारी रामनगर ने संबंधित बैंकों को निर्देश दिए हैं कि आरोपित फर्मों के खातों से कोई भी राशि नहीं निकाली जाए। लीड बैंक मैनेजर ने समन्वय कर खातों को होल्ड कराया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यदि 5 फरवरी 2026 के बाद खातों से राशि निकाली गई, तो संबंधित बैंक अधिकारियों को भी इस अपराध में शामिल मानते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सतना और भोपाल में चल रहे हैं फर्मों के खाते श्री महाकाल ट्रेडर्स – पंजाब नेशनल बैंक, कृष्णनगर (सतना) रुद्र इंटरप्राइजेज – एक्सिस बैंक, करौंद (भोपाल) वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर – कोटक महिंद्रा बैंक, चूना भट्टी (भोपाल) इन्हीं खातों में सरकारी भुगतान किया गया था। घोटाले में कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब तक 9 कर्मचारियों पर गिरी गाजगुरुवार को तीन और प्राचार्यों को निलंबित किया गया है। इससे पहले भी तीन प्राचार्य सस्पेंड हो चुके हैं। वहीं 7 प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक इस मामले में 9 कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है, जिनमें प्राचार्य, बीईओ और लिपिक शामिल हैं। माना जा रहा है कि आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नौवां केंद्रीय बजट पेश किए जाने के बाद गुरुवार को भदोही के बीजेपी सांसद डॉ. विनोद बिंद ने उनसे मुलाकात की। सांसद बिंद ने बजट को ‘आशाओं का बजट’ बताते हुए इसकी सराहना की। इस अवसर पर सांसद बिंद ने भदोही के विश्वविख्यात कालीन उद्योग, कारीगरों के सशक्तिकरण, निर्यात प्रोत्साहन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में बजट की भूमिका पर वित्त मंत्री से सार्थक चर्चा की।सांसद बिंद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल रियल जीडीपी ग्रोथ के शीर्ष 10 देशों में भारत ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। बजट ने दी नई ऊर्जासांसद के अनुसार, हाल ही में पेश किए गए आम बजट ने भारत की ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ को नई दिशा और ऊर्जा दी है। यह बजट इन्फ्रास्ट्रक्चर, निवेश, इनोवेशन और रोजगार सहित हर सेक्टर में भारत के आत्मविश्वास और संकल्प को दर्शाता है। आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की राहडॉ. बिंद ने कहा कि बजट में देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है। लगभग 7 प्रतिशत की निरंतर आर्थिक वृद्धि दर वैश्विक परिस्थितियों में भारत की ताकत को दर्शाती है और यह ‘विकसित भारत-2047’ की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी ने बक्सर में बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अफसरशाही हावी है और मुख्यमंत्री की अस्वस्थता के कारण प्रशासनिक व्यवस्था चरमरा गई है। पत्रकारों से बात करते हुए सहनी ने दावा किया कि पिछली बार बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री को नकार दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर चुनाव जीता गया। सहनी के अनुसार, लगभग 40 हजार करोड़ रुपये विभिन्न योजनाओं के नाम पर बांटकर मतदाताओं को प्रभावित किया गया। लालच की राजनीति करार दिया सहनी ने बताया कि जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए दिए गए, साथ ही वृद्धा पेंशन और अन्य पेंशन योजनाओं की राशि बढ़ाई गई। उन्होंने इसे लालच की राजनीति करार दिया, जिसके सहारे एनडीए सरकार बनाने में सफल हुई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार महागठबंधन को अधिक वोट मिले थे। हालांकि, कुछ लाभ योजनाओं के कारण महिलाओं और गरीब वर्ग का वोट एनडीए की ओर चला गया, जिससे सत्ता का समीकरण बदल गया। ''सरकार सही ढंग से नहीं चल रही'' मुख्यमंत्री की सेहत पर सवाल उठाते हुए सहनी ने कहा कि सरकार सही ढंग से नहीं चल रही है क्योंकि मुख्यमंत्री अस्वस्थ हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि जिस उम्र में उन्हें सेवानिवृत्त होकर आराम करना चाहिए, उस उम्र में वे सत्ता में बने हुए हैं, जिसका खामियाजा बिहार की जनता भुगत रही है। सहनी ने दोहराया कि राज्य में अफसरशाही हावी हो चुकी है। उनके अनुसार, बिना रिश्वत के किसी भी सरकारी कार्यालय में काम नहीं हो रहा है और गरीबों की सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अफसरों में किसी तरह का डर या जवाबदेही नहीं बची है। ''सरकार मजाक बनकर रह गई'' उन्होंने 2010 के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशासन पर मजबूत पकड़ थी। हालांकि, आज हालात बिल्कुल उलट हैं। सहनी ने तंज कसते हुए कहा, अब सरकार मजाक बनकर रह गई है। ऐसे व्यवहार से सरकार नहीं चलती। मुकेश सहनी के इन बयानों के बाद बक्सर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
जालंधर शहर में एक युवक के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घायल युवक को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां परिजनों ने घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए। युवक की मां सुखविंदर कौर ने कहा कि उनके बेटे को बिना किसी वजह के बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित युवक की मां ने बताया कि उनका बेटा शाम करीब 8 बजे घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। उन्होंने कई बार बेटे और उसके दोस्त शिवम को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। करीब एक घंटे बाद उन्हें सूचना मिली कि उनका बेटा घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती है। हमलावरों की पहचान अब तक नहीं मां सुखविंदर कौर ने बताया कि हमलावरों के बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हमला करने वालों में से एक व्यक्ति किसी काउंसलर से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन नाम की पुष्टि नहीं हो सकी। उनका कहना है कि उनका बेटा किसी से दुश्मनी नहीं रखता था और न ही किसी विवाद में शामिल था, फिर भी उसे नाजायज तरीके से पीटा गया। दोस्त शिवम पर भी उठे सवाल परिजनों ने युवक के दोस्त शिवम पर भी सवाल उठाए हैं। मां का कहना है कि शिवम परिवार के बेहद करीब था और अक्सर घर आता-जाता था, लेकिन घटना के समय उसने कोई मदद नहीं की। परिवार का आरोप है कि शिवम ने पहले कहा कि वह घायल को अस्पताल लेकर आया, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए कहा कि वह उसे जानता तक नहीं। परिजनों ने इंसाफ की मांग की घायल युवक की मां ने पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा अभी इलाज करवा रहा है और परिवार सदमे में है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए। पुलिस जांच में जुटी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला संज्ञान में है। युवक के बयान, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर 15 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली। किसी का सिम क्लोन कर बैंक खाता साफ कर दिया गया, तो किसी को फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वॉट्सएप ग्रुप में मुनाफे का लालच देकर लाखों हड़प लिए गए। पीड़ितों की शिकायत पर महानगर, अलीगंज और कृष्णानगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई है। सिम सस्पेंड होते ही खाते से उड़ गए 4.18 लाख थाना महानगर क्षेत्र के बादशाह नगर रेलवे कॉलोनी निवासी आशुतोष अग्निहोत्री के साथ सिम क्लोनिंग के जरिए 4,18,198 रुपए की धोखाधड़ी हुई। पीड़ित के अनुसार 4 फरवरी को दोपहर 1:22 बजे से शाम 9 बजे तक उनका जियो सिम अचानक सस्पेंड रहा। इसी दौरान यूनियन बैंक के खाते से रकम निकाल ली गई। जब उन्होंने सिम पिन बदलने की कोशिश की तो “Wrong Sim Pin” का मैसेज आया, जबकि उन्होंने कभी पिन बदला ही नहीं था। इससे सिम क्लोनिंग की आशंका जताई गई है। पुलिस ने टेलीकॉम कंपनी से सिम जारी होने से जुड़ी जानकारी मांगी है। वॉट्सएप ट्रेडिंग ग्रुप ने ठगे 11.96 लाख थाना अलीगंज क्षेत्र के इंद्रा नगरी निवासी रविन्द्र कुमार तिवारी को Jai Broking Online Trading नाम के व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए 11.96 लाख रुपये का चूना लगाया गया। नवंबर 2025 में उन्हें ग्रुप में जोड़ा गया, जहां फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट भेजे जाते थे। बाद में एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराकर KYC के नाम पर निजी जानकारी ली गई। शुरुआत में छोटे निवेश पर नकली लाभ दिखाकर भरोसा जीता गया, फिर अलग-अलग बैंक खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। 16 जनवरी को पीड़ित को ग्रुप से बाहर कर दिया गया। पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। अधिवक्ता से ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी थाना कृष्णानगर क्षेत्र की निवासी और पेशे से अधिवक्ता यशी पांडेय से वॉट्सएप और टेलीग्राम के जरिए स्टॉक मार्केट निवेश के नाम पर 28 हजार रुपए ठग लिए गए। बाद में रकम वापस करने के बदले 50 हजार रुपए की अतिरिक्त मांग की गई, तब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। उन्होंने 1930 हेल्पलाइन और साइबर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
इंदौर में दूषित पानी से 33वीं मौत:एक महीने से बीमार मरीज ने तोड़ा दम; अभी 3 मरीजों का चल रहा इलाज
भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में गुरुवार देर रात एक और मौत हो गई। मृतक का नाम अलगूराम यादव (70) है। उन्हें 9 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उन्हें सांस संबंधी तकलीफ भी थी। इनके सहित अब तक इस हादसे में 33 मौतें हो चुकी हैं। अगलूराम यादव के बेटे संजय का कहना है कि पिता को पहले से कोई बीमारी नहीं थी। उल्टी-दस्त के चलते अस्पताल में एडमिट किया था, जहां उनकी जान चली गई। अभी हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों की संख्या तीन है, जबकि 450 से ज्यादा मरीज एडमिट होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। इसके पहले 1 फरवरी को 32वीं मौत हुई थी। अनिता कुशवाह (65) एक माह से अधिक समय से अस्पताल में एडमिट थीं। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। बेटे नीलेश ने बताया था कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। …………………………………. ये खबर भी पढ़ें… इंदौर में दूषित पानी से 32वीं मौत भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में एक और मौत हो गई। एक माह से अधिक समय से एडमिट रही अनिता कुशवाह (65) ने रविवार रात को दम तोड़ दिया। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। इन्हें मिलाकर दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। पढ़ें पूरी खबर…
नरसिंहपुर जिले की सीरेगांव ग्राम पंचायत में सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने विकास कार्य न होने से नाराज होकर पंचायत भवन में खुद को बंद कर लिया था। गुरुवार रात गाडरवारा एसडीएम कलावती व्यारे की समझाइश और लिखित आश्वासन के बाद बाहर निकले। सरपंच का अनोखा विरोध आखिरकार तीन दिन बाद समाप्त हो गया। विकास कार्य न होने पर जताया था विरोध सरपंच पंचायत विकास कार्यों में आ रही लगातार परेशानियों से आहत थे। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को गाडरवारा एसडीएम कलावती व्यारे स्वयं मौके पर पहुंचीं। उनके साथ पुलिस, राजस्व और पंचायत प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। निष्पक्ष जांच कर समस्याओं का समाधान करने आश्वासन एसडीएम ने सरपंच से चर्चा की और उन्हें आश्वस्त किया कि ग्राम पंचायत में कराए गए और प्रस्तावित सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के बाद समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। एसडीएम की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद सरपंच ने पंचायत भवन से बाहर आने का फैसला लिया। लिखित आश्वासन मिलने पर सरपंच ने खत्म किया विरोध इस दौरान सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा, आप सभी ने मेरे इस संघर्ष में सहयोग किया, आपकी वजह से ही आज मुझे सफलता मिली। कलेक्टर महोदय के प्रतिनिधि के रूप में एसडीएम मैडम यहां आई, पुलिस प्रशासन, राजस्व और पंचायत प्रशासन पूरा मौजूद था। मेरी जो मांगें थीं, उन पर उचित निर्णय लिया गया है। मुझे लिखित आश्वासन दिया गया है और उसी आश्वासन के साथ आज मैं गेट से बाहर आया हूं। बताया जा रहा है कि पंचायत विकास से जुड़े कार्यों को लेकर आ रही दिक्कतों के चलते ही सरपंच ने यह कदम उठाया था। फिलहाल प्रशासनिक आश्वासन के बाद स्थिति सामान्य बताई जा रही है। ये खबर भी पढ़े… सरपंच ने पंचायत भवन में खुद को किया बंद, विकास कार्य न होने पर जताया विरोध नरसिंहपुर जिले की सीरेगांव ग्राम पंचायत में सरपंच महेंद्र सिंह कुशवाहा ने विकास कार्य न होने से नाराज होकर पंचायत भवन में खुद को बंद कर लिया है। उन्होंने कहा कि गांव की समस्याओं को लेकर वे यहां कैद हुए हैं और विकास के लिए वोट मांगने के बावजूद काम न होने से दुखी हैं। पढ़े पूरी खबर…
जिले में इस बार खरीफ की फसल की सरकारी खरीद में हुई देरी किसानों के लिए 'कोढ़ में खाज' साबित हुई है। जब किसानों को रबी की बुवाई और पारिवारिक आयोजनों के लिए नकदी की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब सरकारी खरीद केंद्र बंद पड़े थे। नतीजा यह हुआ कि जिले के लगभग 45 प्रतिशत से ज्यादा किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ लेने से वंचित रह गए और उन्हें अपनी मेहनत की उपज खुले बाजार में कम दामों पर बेचनी पड़ी। 8 जिले के पंजीकृत 7805 किसानों में से करीब 3248 किसान खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंचे हैं। वजह साफ है—उनके पास अब बेचने के लिए फसल बची ही नहीं है। पहले ही अपनी फसल बेच चुके थे। समय पर नहीं खुले कांटे, बाजार की मंदी ने तोड़ी कमर खरीद प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होनी चाहिए थी, लेकिन नवंबर के लास्ट तक खरीद शुरू नहीं हुई। अक्टूबर और नवंबर के महीनों में जब किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचा, तो वहां भावों में भारी मंदी थी। सरकारी कांटों के इंतजार में किसान ज्यादा दिन रुक नहीं सके, क्योंकि सिर पर अगली फसल (रबी) की बुवाई का खर्च और शादियों का सीजन खड़ा था। मजबूरी की मार, हजारों का नुकसान किसानों के केंद्रों पर न पहुंचने की पड़ताल की गई तो दर्द छलक उठा। आर्थिक तंगी ने उन्हें सरकार का इंतजार करने की मोहलत ही नहीं दी। रामस्वरूप मीणा (किसान): मैंने 10 क्विंटल मूंगफली की पैदावार की थी। रबी की बुवाई के लिए खाद-बीज का इंतजाम करना था। सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो मजबूरन 5000 रुपये प्रति क्विंटल में फसल बेचनी पड़ी, जबकि MSP 7263 रुपये था। प्रति क्विंटल 2263 रुपये का सीधा घाटा हुआ। राजेश कुमार (किसान): घर में मायरा (शादी का शगुन) भरना था। पैसों की सख्त जरूरत थी, इसलिए 7200 रुपये के भाव में मूंग बेचना पड़ा। सरकार ने मूंग का भाव 8769 रुपये तय किया है, लेकिन देरी की वजह से मुझे प्रति क्विंटल करीब 1600 रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा। समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए पंजीकरण का लक्ष्य तो पूरा हो गया था, लेकिन बार-बार सूचना देने के बाद भी कई किसान अपनी उपज लेकर नहीं आ रहे हैं। हमने सभी पंजीकृत किसानों को सूचित करने के प्रयास किए हैं। विभा खेतान, उप रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) पंजीकरण और खरीद कुल पंजीकृत किसान 7,805 लाभ उठाने वाले किसान 4,567 वंचित/अनुपस्थित किसान 3,248 कुल खरीदी गई मूंग 93,844 क्विंटल कुल खरीदी गई मूंगफली 37,397 क्विंटल
कटिहार सदर अस्पताल में डीएम का औचक निरीक्षण:स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिए, सुधार के निर्देश दिए
कटिहार सदर अस्पताल में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार देर शाम 6 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रात 9 बजे तक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, दवा काउंटर और भर्ती मरीजों के वार्ड का दौरा कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान साफ-सफाई, इलाज और उपलब्ध सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कई मरीजों और उनके परिजनों से सीधे बात की। उन्होंने उनकी परेशानियां सुनीं और अस्पताल से मिल रही सेवाओं पर फीडबैक लिया। मरीजों से मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी का रुख सख्त रहा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जोर देकर कहा कि सरकारी अस्पतालों का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज प्रदान करना है। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने नियमित मॉनिटरिंग और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की समय पर उपस्थिति हो, आवश्यक दवाएं उपलब्ध हों और परिसर की स्वच्छता हर हाल में बनी रहे। जिलाधिकारी के सख्त रुख से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रशासन ने जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि वे जल्द ही दोबारा अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
पूर्वी नागालैंड समझौता: दशकों पुराना मुद्दा आखिरकार सुलझा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत सरकार, नगालैंड सरकार और ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) के प्रतिनिधियों के बीच हुए समझौते की प्रशंसा की है
भीलवाड़ा में अवैध बजरी खनन पर पुलिस का एक्शन बनास नदी में दबिश, मौके से 2 जेसीबी और 5 ट्रैक्टर जब्त, बजरी माफियाओं में हड़कंप भीलवाड़ा जिले में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। हमीरगढ़ थाना पुलिस ने बनास नदी क्षेत्र में दबिश देकर मौके से दो जेसीबी मशीन और पांच ट्रैक्टर जब्त किए हैं। अचानक हुई इस कार्रवाई से बजरी माफियाओं में हड़कंप मच गया। सूचना के बाद बनास नदी में दी दबिश आईपीएस माधव उपाध्याय ने बताया - हमीरगढ़ थाना क्षेत्र के बरड़ोद और सायला गांव के पास बनास नदी में अवैध बजरी खनन और परिवहन की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिस को देख माफिया छोड़कर भागे वाहन पुलिस टीम को देखकर खनन में लिप्त लोग मौके से फरार हो गए। इस दौरान पुलिस ने खनन में उपयोग की जा रही दो जेसीबी मशीन और पांच ट्रैक्टर जब्त कर लिए, जबकि कुछ अन्य मशीनों को आरोपी मौके से भगा ले गए।
राजसमंद जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा पट्टे जारी करने में सामने आई अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर ने पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव सम्पन्न होने तक ग्राम पंचायतों द्वारा नए पट्टे जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरपंचों का कार्यकाल समाप्त हो जाने और पंचायत चुनाव नहीं होने की स्थिति में पंचायती राज विभाग जयपुर की अधिसूचना के अनुसार ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए गए थे। इनके सहयोग के लिए प्रशासकीय समितियों का गठन भी किया गया था। इस दौरान जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए था। जनसुनवाई और निरीक्षण में उजागर हुईं अनियमितताएं कलेक्टर को जनसुनवाई, रात्रि विश्राम और निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायतों द्वारा जारी पट्टों में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतें मिलीं। जांच में सामने आया कि राजस्थान पंचायती राज नियमों की पूर्ण पालना किए बिना ही कई स्थानों पर पट्टे जारी कर दिए गए। बिना नियमों के जारी किए गए पट्टों से भूमि के दुरुपयोग की आशंका के साथ-साथ विभिन्न न्यायालयों में प्रकरण दर्ज होने लगे थे, जिससे राज पक्ष पर अनावश्यक आर्थिक और कानूनी भार बढ़ रहा था। पट्टा बुक विकास अधिकारियों के नियंत्रण में रहेगी इन हालातों को देखते हुए कलेक्टर ने सभी विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे ग्राम पंचायतों की वर्तमान में संचालित पट्टा बुक अपने नियंत्रण में रखें। वहीं सार्वजनिक प्रयोजन की अत्यावश्यक स्थिति में ही विकास अधिकारी के पर्यवेक्षण में नियमों की पूर्ण पालना करते हुए पट्टे जारी किए जा सकेंगे।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने PGT कम्प्यूटर साइंस की पहली भर्ती पूरी हुए बिना ही दूसरी भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया। HPSC के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक भर्ती पूरी नहीं हुई है और उसी की दूसरी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। नई भर्ती में SC पदों का वर्गीकरण भी नहीं किया गया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग के द्वारा साल 2023 में हरियाणा कैडर के 1633 व मेवात कैडर के 78 पोस्ट के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की। भर्ती प्रक्रिया में 35 प्रतिशत क्राइटेरिया का असर यह हुआ कि इसमें केवल 39 कैंडिडेट पास हुए। करीब 5 हजार कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं खाली रहे 1672 पदों का विज्ञापन युवाओं द्वारा शोर-शराबा मचाने से पहले ही जारी कर दिया। कैटगरी वाइज पोस्ट का विभाजन HPSC के द्वारा हरियाणा कैडर के 1594 पदों में से 859 जनरल, 327 एससी, 163 बीसीए, बीसी बी के 82, 163 EWS के लिए रिजर्व किए गए थे। वहीं मेवात कैडर के 78 पदों में से 43 जनरल, 15 एससी, 8 बीसीए, 4 बीसी बी व 8 पद EWS के लिए रिजर्व किए गए हैं। जल्दबाजी में निकले विज्ञापन में एससी को DSC और OSC के बीच वर्गीकरण भी नहीं किया गया। जिसको लेकर कहा गया है कि इसका वर्गीकरण बाद में किया जाएगा। 35 प्रतिशत क्राइटेरिया नियम लागू रहेगा जिस 35 प्रतिशत क्राइटेरिया नियम के कारण 1711 पदों के लिए केवल 39 युवा पास हुए हैं, वो नई भर्ती में भी लागू रखा गया है। वहीं बताया गया है कि प्री टेस्ट में पास 4 गुना युवाओं को सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट में अवसर मिलेगा। वहीं अगर सीट के 2 गुना से अधिक कैंडिडेट पास होते हैं, तो केवल 2 गुना को ही इंटरव्यू के लिए मौका मिलेगा।
इटावा जिले के भरथना कस्बा में देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर मकान में घुस गई। बिधूना से जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर लौट रहे पांच युवक सड़क पर अचानक गाय आ जाने से हादसे का शिकार हो गए। कार ने बिजली के पोल, सरकारी हैंडपंप और दुकानों के टटर तोड़ते हुए मकान में प्रवेश किया। हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना भरथना कस्बा के मुहल्ला मंदिर दानसहाय मोड़ के पास हुई। बताया गया कि हुंडई अल्काजार कार तेज रफ्तार में थी। अचानक सड़क पर गाय आने से चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और कार सीधे सड़क किनारे खड़े विद्युत पोल, सरकारी हैंडपंप और चार दुकानों के टटर तोड़ते हुए मकान में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के समय कार में सूर्यांश (28), पंकज, अंकित कुमार, हरिओम और निखिल सवार थे। टक्कर के बाद कार के चारों एयरबैग खुल गए। सूर्यांश और पंकज कार में फंस गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। बचाव कार्य और अस्पताल में इलाज घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद सूर्यांश और पंकज को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भरथना ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद सूर्यांश और पंकज की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल इटावा रेफर किया गया। रास्ते में ही सूर्यांश की मौत हो गई, जबकि पंकज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सैफई पीजीआई रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज जारी है।
खराब मौसम के चलते लखनऊ एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन प्रभावित हुआ है। गुरुवार को लखनऊ पहुंचने वाली तीन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से एक फ्लाइट देरी से पहुंची, जबकि दो फ्लाइट्स को एयरलाइंस द्वारा रद्द कर दिया गया। मौसम खराब होने से दृश्यता कम रही, जिसका सीधा असर उड़ानों के समय पर पड़ा। रियाद से आने वाली फ्लाइट रही देरी का शिकार रियाद (RUH) से लखनऊ आने वाली फ्लाइट XY 333 अपने निर्धारित समय सुबह 09:00 बजे के बजाय 48 मिनट की देरी से 09:48 बजे चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लैंड कर सकी। खराब मौसम के कारण रनवे पर ऑपरेशनल सतर्कता बढ़ानी पड़ी, जिससे उड़ान में देरी हुई। दो अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूरी तरह रद्द इसके अलावा दो अन्य उड़ानों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण रद्द करना पड़ा। जार्जिया (JRG) से आने वाली फ्लाइट S5 228, जो सुबह 10:10 बजे लखनऊ पहुंचने वाली थी, को रद्द कर दिया गया। वहीं क़मीस मुशैत (KQH) से आने वाली फ्लाइट S5 222, जिसका निर्धारित समय शाम 16:55 बजे था, वह भी कैंसिल रही। यात्रियों को हुई परेशानी फ्लाइट रद्द और देरी की सूचना मिलने के बाद कई यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने एयरलाइंस काउंटर पर रिफंड और री-शेड्यूलिंग के लिए संपर्क किया। एयरपोर्ट पर तैनात कर्मचारियों ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों और अगली उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी।
नेशनल हाइवे 44 पर सेल्टिक्स बैरियर के पास, ग्वालियर से आगरा जा रहे आयशर कैंटर (DL 1 MB 3568) में रात के समय अचानक आग लग गई। आग का कारण फिलहाल अज्ञात है। आग इतनी तेजी से फैली कि कैंटर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। चालक ने कूदकर जान बचाई। सूचना पर पहुंची दमकल ने आग पर काबू पाया, जबकि सिविल लाइन पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। चलते कैंटर में अचानक भड़की आग आग लगते ही चालक ने स्थिति भांपते हुए कैंटर से कूदकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने पूरे कैंटर को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग तेज हो गई और कैंटर धू-धू कर जलने लगा। हाईवे पर आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा। स्थानीय लोगों ने दी दमकल को सूचना घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल और डायल 112 को सूचना दी। प्रत्यक्षदर्शी संतोष शर्मा के अनुसार कैंटर में आग चालक के केबिन के आगे हिस्से से शुरू हुई। केबिन से आग की लपटें निकलती देख चालक नीचे कूद गया। आग लगने का सटीक कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। डायल 112 मौके पर पहुंची सूचना मिलने पर डायल 112 के चालक विपिन दंडोतिया और आरक्षक गजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालते हुए दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक कैंटर पूरी तरह जल चुका था और उसमें भरा परचून का सामान भी नष्ट हो गया। सिविल लाइन पुलिस को दी गई सूचना घटना की जानकारी सिविल लाइन थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
खजुराहो के बागेश्वर धाम में 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां जोरों पर हैं। समारोह 12 से 15 फरवरी तक तीन दिनों तक चलेगा। हर दिन अलग-अलग रस्में होंगी। आने वाले मेहमानों की खातिरदारी भी की जाएगी। दहेज में सभी जोड़ों को 90 लाख की FD, सोने-चांदी समेत गृहस्थी का 2 लाख रुपए का सामान दिया जाएगा, यानी हर जोड़े की 30 हजार रुपए की FD होगी। बागेश्वर धाम में सातवीं बार आयोजन हो रहा है। इस बार 13 राज्यों से 1500 से अधिक आवेदन मिले। 60 जिलों की 600 सदस्यीय टीम ने एक महीने तक सर्वे किया। 300 जोड़ों को शादी के लिए बुलाया गया। इसमें एक जोड़ा नेपाल का भी है। धीरेंद्र शास्त्री बोले– ये अब बालाजी की बेटियां आयोजन को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि ये अब बालाजी की बेटियां हो गई हैं। इनका विवाह धूमधाम से किया जाएगा। देशभर के संत, महात्मा, राजपीठ, व्यास पीठ के लोगों के सानिध्य में बेटियां विवाह बंधन में बंधेंगी। उन्होंने बताया कि सर्वे टीम ने 600 से अधिक अति निर्धन, अनाथ, मातृहीन और पितृहीन बेटियों का चयन किया था। इनमें से वर्तमान संसाधनों को देखते हुए 300 बेटियों को विवाह के लिए चुना है। उन्होंने कहा कि पात्र बेटियों की संख्या अधिक थी, लेकिन बागेश्वर धाम की वर्तमान सामर्थ्य के अनुसार ही चयन किया गया है। 15 फरवरी यानी महाशिवरात्रि को होने वाली 300 जोड़ों की शादी की तैयारियां देखने दैनिक भास्कर की टीम बागेश्वर धाम पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… पंडित धीरेंद्र शास्त्री के ऑफिस में इन दिनों खासी हलचल है। कर्मचारी देर रात तक काम में व्यस्त हैं। सभी की टेबल पर शादी के निमंत्रण कार्ड का ढेर है। ये निमंत्रण पत्र VVIP मेहमानों को भेजे जाने हैं। बीच-बीच में इसकी जिम्मेदारी संभाल रहे कमल अवस्थी कार्ड उठाकर चेक कर ले रहे हैं। वो इसलिए कि नाम और पता सही है या नहीं। उसे वे अपने आईपैड में दर्ज लिस्ट से भी मिलान कर रहे हैं। कोशिश है कि कहीं कोई गलती न हो जाए। दूसरी तरफ भंडार में दूल्हा-दुल्हन को दिए जाने वाले उपहार के ढेर लगे हैं। सेवादार सावधानी से पैकेट बना रहे हैं। कमल अवस्थी कहते हैं कि सभी अरेंजमेंट पूरे हो गए हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिन पहले ही हर जोड़े को बुलाकर उन्हें कपड़े और बाकी सामान दे दिया है। सभी को 13 फरवरी की सुबह 8 बजे बुलाया है। लगन मंडप तैयार किए जा रहे हैं। भोजन पंडाल अलग-अलग होंगे। तैयारियां तो पूरी हैं, फिर भी बहुत काम बाकी है। उस दिन पूरे बागेश्वर धाम को सजाया जाएगा। कमल अवस्थी ने नेपाल की रहने वाली अस्मिता सुनार से फोन पर हमारी बात कराई। अस्मिता भी नेपाल के युवक ये यहां सात फेरे लेने वाली हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश की दो लड़कियाें से भी बात की। अब तीन लड़कियों की कहानियां नेपाल की अस्मिता बोली- चार साल में आया नंबर अस्मिता ने फोन पर बताया कि परिवार की माली हालत कभी ठीक नहीं रही। मां दिल्ली में घर-घर जाकर बर्तन साफ करती हैं। पिता यहीं मजदूरी करते हैं। भाई केरल में मजदूरी करता है। एक बार मेरी तबीयत खराब हुई। पहले यहां फिर दिल्ली में डॉक्टर्स को दिखाया। फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टर बोलते थे कि दिमाग खराब है, पागल हो गई हूं। लोगों से सुना, तो बागेश्वरधाम पहुंचे। अब मैं एकदम ठीक हूं। बालाजी भगवान ने मुझे ठीक कर दिया। हमने यूट्यूब पर बागेश्वर धाम में हो रही शादियों के बारे में देखा था। मां पिछले चार साल से यहां मेरी शादी के लिए आवेदन कर रही थी, लेकिन इस बार नंबर लगा है। खुशी है कि मुझे गुरुजी से मिलने का मौका मिलेगा। अब मेरी शादी मेज बहादुर से हो रही है, वो मेरे ही देश के कंचनपुर के रहने वाले हैं। उनके परिवार की हालत भी हमारे जैसे ही हैं। पढ़ाई के दौरान हमारी मुलाकात हुई थी। मैं और उनकी बहन साथ पढ़ते थे। एक बार हम माउंटेन घूमने गए। वहां बात हुई। धीरे-धीरे प्यार हो गया। फिर हम लोगों ने अपने-अपने घर बताया, तो घरवाले बोले- इतना पैसा नहीं है कि अभी शादी कर दें। इसके बाद मां चार साल तक लगातार आवेदन करती रहीं। इस बार नंबर आ गया। फोन पर मिली सूचना, शादी के लिए चुना गया विदिशा जिले की गंजबासौदा के लाल पठार इलाके में रहने वाली सपना अहिरवार के पिता नहीं हैं। मां बीमार रहती हैं और भाई छोटा है। घर में दो वक्त खाने के लिए भी जद्दोजहद करनी होती है। सपना कहती हैं- बीमार मां को हमेशा मेरी शादी की चिंता रहती थी। जब बागेश्वर धाम में होने वाली सामूहिक विवाह समारोह के बारे में पता चला, तो मन में आस सी जागी। पहले भी यहां आ चुकी हूं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार की मदद की। उन्हें अपने पिता जैसा मानती हूं। आवेदन के बाद यहां से घर पहुंचे थे। कुछ दिन बाद फोन पर सूचना मिली कि मुझे यहां शादी के लिए चुना गया है। उन्होंने शादी का लहंगा, सैंडल और होने वाले पति को शेरवानी, पगड़ी, जूते और माला दी है। उस दिन कपड़े पहनकर यहां आना है। गरीब हूं, पर आज इसका अहसास नहीं हो रहा है। बागेश्वरधाम से शादी होना सपने की तरह बागेश्वरधाम में शादी के लिए सिलेक्ट हुईं रायपुरा किशनगढ़ की रहने वाले सपना विश्वकर्मा के माता-पिता की मौत उनके बचपन में हो गई थी। चाचा-चाची ने उन्हें पाला। बागेश्वर धाम में होने वाली शादी को लेकर सपना बहुत खुश हैं। सपना विश्वकर्मा कहती हैं कि यहां से शादी होना तो सपने की तरह है। कभी सोचा नहीं था कि शादी इतने बड़े स्तर पर और इस तरह से होगी।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में शिवरात्रि पर इस बार भी भव्य शिव बारात निकालने की तैयारी की जा रही है। इस बार यह बारात पौराणिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करेगी। मान्यता है कि शिवरात्रि पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह होता है, जिसमें सिंदूरदान की परंपरा विशेष महत्व रखती है। यह परंपरा देवघर की शिव बारात को देशभर में अलग पहचान दिलाती है। झांकियों में पौराणिक पात्रों को दर्शाया जाएगाशिव बारात में हर वर्ष की तरह इस बार भी विभिन्न झांकियां शामिल होंगी। इनमें भूत-प्रेत, साधु-संत, देवी-देवताओं और पौराणिक पात्रों को दर्शाया जाएगा। इन झांकियों को तैयार करने का काम महाशिवरात्रि से लगभग एक माह पहले शुरू हो जाता है, जिसमें स्थानीय कलाकार, कारीगर और युवा भाग लेते हैं। साइबर अपराधों से सतर्क रहने की दी जाएगी सीखइस वर्ष की शिव बारात का मुख्य आकर्षण 'साइबर दैत्य' की झांकी होगी। इसका उद्देश्य बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल ठगी के प्रति लोगों को जागरुक करना है। यह झांकी एक गंभीर सामाजिक समस्या को धार्मिक और सांस्कृतिक मंच के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास है, ताकि लोग साइबर अपराधों से सतर्क रह सकें। पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावनाशिवरात्रि पर देवघर में देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं और शिव बारात में शामिल होते हैं। अनुमान है कि इस बार पांच लाख से अधिक श्रद्धालु देवघर आएंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। बारात मार्ग पर बैरिकेडिंग, पुलिस बल की तैनाती और निगरानी की व्यवस्था की गई है, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहे। संस्कृति और सामाजिक संदेश का एक संगमदेवघर की शिव बारात अब केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सामाजिक संदेश का एक संगम बन गई है। यह हर साल बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करती है।
राजस्थान में नेशनल हाईवे किनारे बने अवैध निर्माणों पर सरकार का बुलडोजर एक्शन जल्द देखने को मिल सकता है। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों के मीडियन(बीचो-बीच) से दोनों तरफ 75 मीटर की सीमा में बने अवैध होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट और अन्य गतिविधियों को हटाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत हाईवे सीमा में आने वाले अवैध स्ट्रक्चरों पर नोटिस जारी कर उन्हें हटाया जाएगा। राजस्थान हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पिछले महीने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र जारी किया है। इसमें हाईवे सीमा में आने वाले अवैध निर्माणों को चिह्नित करने और उन पर तत्काल नोटिस देकर हटाने की कार्रवाई करने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने यह आदेश हिम्मत सिंह गहलोत बनाम राजस्थान सरकार मामले की सुनवाई के दौरान दिए हैं। 75 मीटर के दायरे में बने निर्माण हटेंगे राजस्थान हाईकोर्ट ने आदेश में कहा है कि- हाईवे के आसपास अवैध और अनियंत्रित निर्माणों की वजह से सड़क दुर्घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके बाद पीडब्ल्यूडी ने एक आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि- नेशनल हाईवे के सेंटर पॉइंट से 75 मीटर की दूरी तक किसी भी तरह का कॉमर्शियल या आवासीय निर्माण कानूनी रूप से मान्य नहीं होगा। इस दायरे में आने वाले सभी अवैध ढांचे (होटल, ढाबे, दुकानें, सर्विस सेंटर, भवन इत्यादि) हटाए जाएं। हाईवे विस्तर के प्रोजेक्ट भी प्रभावित हाईवे किनारे बेतरतीब शहरीकरण और अवैध निर्माणों के कारण हाइवे के विस्तार (चौड़ीकरण और विकास कार्य) प्रभावित हो रहे थे। कई जगहों पर सर्विस रोड, फ्लाईओवर के काम प्रभावित हो रहे है। क्योंकि भूमि पर अवैध कब्जे हो गए है। कोर्ट ने साफ कहा कि “सेफ्टी ओवर प्रॉपर्टी” यानी संपत्ति से ज्यादा लोगों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी निर्माण को किसी नगर निकाय या पंचायत ने अनुमति दी भी हो, तो वह अनुमति हाईवे नियमों के खिलाफ होने पर अमान्य मानी जाएगी और ऐसे निर्माणों को अवैध माना जाएगा।
बिहार राज्य महिला आयोग में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसमें पीड़िता ने अपने पति पर प्रताड़ित करते हुए थूक चटवाने का आरोप लगाया है। यहां तक की पीड़िता ने ये भी कहा कि उसके पति ने इतना मारा कि उसका 10 दिन का नवजात बच्चा कोमा में चला गया और फिर उसकी जान चली गई। उसके अंतिम संस्कार में भी पति शामिल नहीं हुआ। पीड़िता ने अपने पति पर कई लड़कियों से अवैध संबंध होने का भी आरोप लगाया है, जिसमें उसकी बचपन की दोस्त भी शामिल है। यह मामला मोकामा थाना क्षेत्र का है। शादी के 10 दिन बाद पता चल पति लेता है ड्रग्स पीड़ित महिला ने कहा कि, ‘मेरी शादी 13 दिसंबर 2021 को कुमार गौरव से हुई थी। शादी के 10 दिन बाद मुझे पता चला कि मेरा पति ड्रग्स लेता है। मैंने उन्हें एक पेपर पर उजले पाउडर को नाक से खींचते हुए देखा। मैं यह देखकर दंग रह गई और जब मैंने उन्हे रोका तो वह मुझे मारने लग गए।’ फिर पति ने कहा कि वह मुझे बस बच्चा पैदा करने और घर का काम करने के लिए लाए हैं। इसलिए सब कुछ देखकर भी मैं अपना मुंह बंद करके रखूं। मेरे सास ससुर भी कुछ नहीं कहते थे और अपने बेटे का ही साथ देते थे। पीड़ित महिला ने आगे बताया कि, '2023 में मैंने एक बेटे को जन्म दिया। मुझे लगा कि सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। मेरे पति ने मुझे धमकी दी कि मैं मुंह बंद करके रखूं, नहीं तो मैं शादी तोड़कर चली जाओ। मेरे पिता ने शादी में अपना चार बीघा जमीन बेच दिया और बैंक बैलेंस भी खत्म हो गया। अपने पिता की इज्जत के बारे में सोच कर मैं वहीं रुक गई।' इतना मारा कि 10 दिन का नवजात कोमा में चला गया- महिला पीड़ित महिला ने बताया, 4 मई 2025 को मैंने दूसरे बेटे को जन्म दिया। इसके 10 दिन बाद मेरे मेरे गोद में नवजात बच्चा होने के बावजूद मेरे पति मुझे लगातार मारते रहे। तभी मेरे बच्चे को सर में चोट लग गई और वह कोमा में चला गया। मेरे पति ने बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल ना भेजकर मेरे मायके भेज दिया। मेरे मम्मी पापा ने मुझे और मेरे नवजात बेटे को अस्पताल में भर्ती करवाया, लेकिन मेरे बच्चे को बचा नहीं पाए। पीड़ित महिला ने आगे बताया कि, ‘मेरे पति और मेरे ससुराल में से कोई भी देखने नहीं आया। यहां तक की मेरे बच्चे के अंतिम संस्कार में भी वह लोग शामिल नहीं हुए।’ पति को दूसरी औरत के साथ होटल में देखा पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि, ‘मेरे पति एक लड़की के साथ नहीं रह सकते। वह तरह-तरह की लड़कियों के साथ रहना पसंद करते हैं।’ अपने साथ हुई प्रताड़ना को लेकर महिला ने मोकामा थाने में केस दर्ज करवाया। उन्होंने बताया कि, मेरे केस के IO ने मुझे बताया कि मेरे पति का लोकेशन पटना में दिख रहा है। उस लोकेशन को ट्रेस करते हुए मैं एक होटल पहुंची और वहां मैंने पूछा कि क्या कोई गौरव नाम का लड़का यहां आया है या नहीं। महिला के अनुसार, होटल वालों ने पहले तो उन्होंने प्राइवेसी के कारण कुछ भी बताने से इनकार किया। फिर उसने पुलिस से बात करवाया कि मेरा मामला थाने में चल रहा था, तब जातक उन्होंने सीसीटीवी फुटेज दिखाया। उसमें पति दूसरी महिला के साथ अंदर जाते हुए दिख रहा था। उसका नाम सपना राजमणि था। मेरी बचपन के दोस्त से पति का है अफेयर- महिला पीड़ित ने बताया कि मुझे झटका तब लगा जब मुझे पता चला कि मेरे पति के साथ मेरी बचपन की दोस्त सपना कुमारी ने भी मुझे धोखा दिया है। दोनों के बीच अफेयर चल रहा है। यह बात मुझे 5 दिन पहले पता चली। दोनों का ड्रिंक करते हुए साथ का वीडियो मेरे पास है, जिसमें दोनों कई प्राइवेट बातें कर रहे हैं। महिला ने आगे बताया, 'मैंने जब अपनी दोस्त को वो वीडियो दिखाया तो वह डर गई। मैंने कहा कि मैं उसका साथ दूंगी, बस वह मेरे पति के खिलाफ सही बात कोर्ट में बोल दे, मगर उल्टा उसने मेरे ही खिलाफ गवाही दी।' बड़ा बेटा पति के पास, मुझ मिलने नहीं देते- महिला पीड़ित महिला ने कहा कि, 29 मई 2025 को मेरे पति और ससुर, मेरे बेटे को मुझसे छीनकर अपने साथ ले गए। अभी भी मेरा बेटा उनके कब्जे में है। वो लोग मुझे अपने बेटे से मिलने नहीं देते हैं। मुझे आशंका है कि ये लोग उसके साथ अमानवीय व्यवहार करते हैं। मोकामा एसपी को चिट्ठी लिखकर मांगी गई प्रोग्रेस रिपोर्ट- महिला आयोग इस केस को देखने वाली बिहार राज्य महिला आयोग की सदस्य श्यामा सिंह ने कहा, चार बार हमने पति को उपस्थित होने के लिए समन भेजा है, लेकिन वह एक बार भी महिला आयोग नहीं आया है। पीड़िता ने दो पुलिस केस कर रखा है, जिसमें एक बच्चों को वापस लाने और दूसरा प्रताड़ना का है।
बागपत से अनोखा शादी का कार्ड सामने आया है। शादी के कार्ड पर क्यूआर कोड छपवाया गया है। यह आईडिया दूल्हे आकाश ने दिया। दूल्हे ने बताया कि इस क्यूआर कोड के जरिए लोग बिना यात्रा किए ही मुंह दिखाई और कन्यादान का पैसा ऑनलाइन भेज सकेंगे। युवक ने बताया कि इस पहल का मकसद सड़क हादसों को रोकना और रिश्तेदारों के आने-जाने में होने वाले खर्च और समय की बचत करना है। यह पूरा मामला दोघट कस्बे का है। पहले देखिए तीन तस्वीरें… रिश्तेदारों को वॉट्सएप के जरिए भेजा निमंत्रण दोघट कस्बा निवासी आकाश बाल्मीकि स्वर्गीय संजय के पुत्र हैं। 7 फरवरी को उनकी बहन की शादी है। वहीं, 8 फरवरी को आकाश की खुद की शादी होनी है। युवक ने एक ही कार्ड पर दोनों की शादी का निमंत्रण छपवाया है। इस कार्ड पर ही क्यूआर कोर्ड छापा गया है, जिसको स्कैन करके लोग ऑनलाइन माध्यम से कन्यादान और मुंह दिखाई का शगुन भेज सकते हैं। आकाश ने बताया, “अक्सर यह सुनने को मिलता है कि शादी में जाते समय या कार्ड बांटने के दौरान लोग सड़क हादसों का शिकार हो जाते हैं। कई बार केवल शादी का निमंत्रण देने या समारोह में शामिल होने के लिए लंबी यात्रा करनी पड़ती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।” “इन्हीं हादसों से बचने के उद्देश्य से मैंने शादी का कार्ड और क्यूआर कोड व्हाट्सएप के माध्यम से भेजने का फैसला किया है। इससे दूर-दराज के रिश्तेदारों को यात्रा करने में परेशानी नहीं होगी। मेरे कई रिश्तेदार पंजाब और चंडीगढ़ जैसे स्थानों पर रहते हैं, जिन्हें आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आगे बताया कि उनका मकसद यही है कि लोग सुरक्षित रहें और बिना जोखिम के अपनी शुभकामनाएं भेज सकें। वहीं, आसपास के गांव और कस्बों में रहने वाले लोगों को कार्ड खुद जाकर दिए गए हैं।
अरवल में ब्रेड पकोड़ा दुकानदार को बेहोश कर लूटा:अपराधियों ने ₹5000-लॉकेट छीना, नहर किनारे फेंका
अरवल जिले में एक ब्रेड पकोड़ा दुकानदार को अज्ञात अपराधियों ने बेहोश कर लूट लिया। अपराधियों ने युवक से एक लॉकेट और 5,000 रुपये छीन लिए, जिसके बाद उसे नहर किनारे फेंक दिया। गंभीर हालत में युवक को अरवल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना गुरुवार देर शाम सदर थाना क्षेत्र के नौ नंबर पुल के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 110 पर हुई। परिजनों ने बताया कि अज्ञात अपराधियों ने 19 वर्षीय दीपक कुमार को 500 ब्रेड पकोड़ा की होम डिलीवरी का झांसा देकर अपने साथ ले लिया था। रास्ते में बाइक सवार युवकों ने उसे जूस पिलाया, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गया। मोथा गांव के पास अपराधियों ने दीपक के साथ मारपीट की और उसके गले से लॉकेट तथा 5,000 रुपये छीन लिए। इसके बाद, उसे बेहोशी की हालत में नहर किनारे फेंक कर फरार हो गए। आसपास के लोगों ने दीपक को बेहोश पड़ा देखा और तत्काल उसे इलाज के लिए अरवल सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद युवक की पहचान सदर थाना के मोकरी गांव निवासी टूना साव के पुत्र दीपक कुमार के रूप में हुई। घटना की सूचना परिजनों को दी गई। सूचना मिलते ही अरवल थाने की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। थाना अध्यक्ष दरबारी चौधरी ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है और परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने फिलहाल मामले की जांच विभिन्न पहलुओं से शुरू कर दी है।
सहारनपुर में बाथरूम में नहाते समय दम घुटने से महिला की मौत हो गई। वह बाथरूम में काफी देर तक बेहोश पड़ी रही। काफी देर बाद जब भी बाहर नहीं आई तो परिजन को शक हुआ। उन्होंने आवाज दी लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जिसके बाद पड़ोसियों को बुलाया। सभी ने मिलकर दरवाजा तोड़ा। उसे बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य (सीएचसी) केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी है। डॉक्टरों को अंदेशा है कि गैस गीजर से दम घुटने से महिला की मौत हुई है। घटना गुरूवार को थाना रामपुर मनिहारान क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला नहाते समय बेहोश होकर गिर पड़ी थी रामपुर मनिहारान कस्बे के मोहल्ला कायस्थान निवासी अभय जैन ने बताया-वह किराने की दुकान चलाते हैं। पत्नी पूनम (54) गुरुवार सुबह नहाने के लिए बाथरूम में गई थीं। आधे घंटे बाद भी जब बाहर नहीं आईं तो अनहोनी का अंदेशा हुआ। दरवाजा खटखटाया, नाम लेकर पुकारा। लेकिनं अंदर से आवाज नहीं आई। आधे घंटे बाद बाथरूम से बाहर निकाला गया फौरन पड़ोसियों को बुलाया। लोगों की मदद से किसी तरह बाथरूम का दरवाजा खोला गया। अंदर देखा तो पूनम बेहोश पड़ी थी। उसे तत्काल बाहर निकाला गया। गाड़ी से सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसका चेक किया। उन्होंने बताया कि पूनम की मौत हो चुकी है। आशंका है कि बाथरूम में लगे गैस गीजर से निकलने वाली जहरीली गैस से दम घुटने से उसकी मौत हुई है। पड़ोसी बोले- इतनी जल्दी मौत हो जाएगी सोचा नहीं था मोहल्ले के लोगों के अनुसार-पूनम के परिवार में पति, एक बेटा और एक बेटी हैं। पूनम मिलनसार स्वभाव की थीं। घर-परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाती थीं। उसकी मौत इतनी जल्दी हो जाएगी किसी ने ऐसा सोचा भी नहीं था। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजन से घटना की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला बाथरूम में दम घुटने का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। गीजर के इस्तेमाल से बेचैनी, घबराहट, मेमोरी लास हो सकती है जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ फिजीशियन डा. अनिल वोहरा का कहना है कि अधिकांश लोग घर पर गर्म पानी के लिए सर्दियों में गीजर का सहारा लेते हैं। ऐसे में यदि आपके घर के बाथरूम में गैस का गीजर लगा हुआ है तो आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है। चक्कर आना, बेचैनी, घबराहट, मेमोरी लास हो जाना और अचानक से दौरे का आना यह सभी परेशानियां इस मौसम में गीजर के उपयोग से मरीजों में देखने को मिलती है। बन जाती है कार्बन मोनोआक्साइडएक्सपर्ट के मुताबिक- जब हम छोटे बाथरूम में गैस के सिलेंडर वाले गीजर को उपयोग में लेते हैं और बाथरूम में वेंटिलेशन ना हो तो ऐसी स्थिति में कम आक्सीजन के दबाव वाली स्थिति में जैसे ही एलपीजी जलती है तो इससे कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा बढ़ाने के साथ ही कार्बन मोनोआक्साइड भी बन जाती है। यह गैस अपने आप में रंगहीन गंधहीन और जहरीले भी होती है। आक्सीजन के दबाव में अगर ऐसे वातावरण में व्यक्ति 3 मिनट भी बाथरूम के अंदर रह जाए तो उसकी मौत हो सकती है। यह खबर भी पढ़ें… मधुमक्खियों के हमले से जलती चिता छोड़कर भागे ग्रामीण:जालौन में 500 मीटर भागकर बचाई जान, 50 लोग घायल जालौन में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार में अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। लोग जलती चिता छोड़कर भागे। 500 दूर जाकर जंगल-झांडियों और जमीन पर लेट गए। फिर भी मधुमक्खियों ने करीब 50 लोगों को डंक मारकर घायल किया है। तीन ग्रामीण बेहोश हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बन गया। घायलों को कदौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जहां घायलों का इलाज जारी है। कई ग्रामीणों ने गांव में ही इलाज करवाया है। मामला कदौरा विकासखंड अंतर्गत महमूद नगर डाले का पुरवा बड़ा गांव का है। पढ़िए पूरी खबर…

