लखनऊ में शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में हुए करोड़ों के घोटाले में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहा है। पीड़ितों का कहना है कि करीब 12 साल से बैंक मित्र शिवा राव रेड्डी खुद को बैंक कर्मी बताकर काम करता था। दिनभर बैंक में घूमता रहता था। बैंक के अधिकारी और कर्मचारी पैसा जमा करने से लेकर निकालने तक में उसकी मदद लेने के लिए कहते थे। यदि वह बैंक कर्मी नहीं था, तो अधिकारी किसी भी काम के लिए उसके पास क्यों भेजते थे? इससे साफ है कि उसने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर ठगी की है। उन पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। बैंक शाखा में हुई करोड़ों की ठगी के बाद दैनिक भास्कर टीम ने घटना की पड़ताल की। बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों, पीड़ितों और स्थानीय लोगों से बातचीत की। पता चला कि बैंक मित्र ने करोड़ों की ठगी करके राजाजीपुरम की कॉलोनी में आलीशान घर खरीदा है। कॉलोनी में वह किसी से कोई मतलब नहीं रखता था। पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट... पहले बैंक मित्र के बारे में और उसके पड़ोसी क्या कह रहे हैं पढ़िए... 12 साल पहले बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ा पीड़ितों ने बताया कि शिवा राव रेड्डी बीते करीब 12 वर्षों से बैंक ऑफ बड़ौदा की शकुंतला मिश्रा शाखा से जुड़ था। वह खुद को बैंक कर्मचारी बताता था। हकीकत में वह सिर्फ बैंक मित्र था। बैंक अधिकारी और कर्मचारी ग्राहकों से कहते थे कि जो भी काम हो शिवा से करवा लो। खाते खुलवाने से लेकर एफडी, पैसे जमा कराने और निकालने तक हर काम उसके जरिए होता था। इस दौरान उसने लोगों से एटीएम कार्ड, पासबुक और खाते की पूरी जानकारी हासिल कर ली थी। गिरफ्तारी के बाद शिवा के घर के बाहर पसरा सन्नाटा भास्कर की टीम बैंक मित्र शिवा राव रेड्डी के राजाजीपुरम स्थित घर पहुंची। वहां अजीब सा सन्नाटा पसरा था। गेट पर खड़ी महिलाएं भास्कर टीम को देखते ही अंदर चली गईं। दरवाजा बंद कर लिया। आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही उन्हें जानकारी मिली कि शिवा राव रेड्डी को जेल भेज दिया गया है। उसके घर में एसी और सीसीटीवी कैमरे लगे थे। पड़ोसियों के मुताबिक, गिरफ्तारी की खबर फैलने के बाद शिवा के घरवालों ने बाहर रखे कुछ सामान भी हटा लिए हैं। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करता था पड़ोसियों ने बताया कि शिवा राव रेड्डी ने करीब 1 साल पहले यह मकान खरीदा था। वह रोज सुबह घर से निकल जाता था। बैंक के आसपास ही नजर आता था। बैंक के बाहर बनी कैंटीन में बैठकर वह ग्राहकों के फार्म भरने से लेकर अन्य बैंक संबंधित काम करते दिखता था। लोग उसे बैंक का ही हिस्सा मानते थे। मोहल्ले वालों का कहना है कि वह बेहद शांत और सीधा-साधा दिखता था। न ज्यादा किसी से बातचीत, न किसी से झगड़ा। परिवार भी मोहल्ले में ज्यादा घुलता-मिलता नहीं था। किसी को अंदाजा तक नहीं था कि यही शख्स दर्जनों परिवारों की आर्थिक रीढ़ तोड़ देगा। मोहल्ले वाले बोले- विश्वास नहीं होता कि ऐसा कर सकता है मोहल्ले में रहने वाली करीब 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने बताया कि शिवा राव रेड्डी तेलंगाना का रहने वाला बताया जाता है। उसके परिवार में पत्नी, माता-पिता और एक बेटा है। वह सुबह चुपचाप निकलता और शाम को लौट आता था। गिरफ्तारी के बाद जब लोगों को उसकी सच्चाई पता चली, तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ कि वह इतने बड़े स्तर पर ठगी कर सकता है। पढ़िए ठगी के शिकार लोगों का दर्द- विश्वास में ठगी का शिकार हुए लाेग पीड़ित हरिशंकर बताते हैं कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। सबसे पहले मुझे ही जानकारी हुई थी कि बैंक में ऐसा हुआ है। तब मैंने अपने भाई को बुलाया। उसने जानकारी की तो पता चला कि वह ठगी के शिकार हुए हैं। उसके बाद एक-एक करके बड़ी संख्या में पीड़ित सामने आए। जब लोग बैंक पहुंचे, तो उनसे कहा गया कि उनकी एफडी के कागज फर्जी हैं। कई पीड़ित महिलाओं ने बताया कि बैंक ने खाते से पैसे निकालने की कॉपी तक देने से इनकार कर दिया। अब हालत यह है कि कई परिवारों के पास खाने तक के पैसे नहीं बचे हैं। शांति देवी ने कहा-30 लाख रुपए निकाल लिए पीड़िता शांति देवी ने रोते हुए बताया- सात साल से उनका पैसा एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) में जमा था। उनके पति के जीवित रहते ही, उनकी मौत से एक साल पहले एफडी कराई थी। लेकिन अचानक उन्हें जानकारी मिली कि न तो उनका कोई पैसा बैंक में जमा है और न ही कोई एफडी है। बैंक कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें भी इसकी कोई जानकारी नहीं है कि पैसा कैसे नहीं है। शांति देवी कहती हैं कि उनके जीवन की सारी जमा-पूंजी खत्म हो चुकी है। अब उनके पास कोई सहारा नहीं बचा है। जानकी देवी ने कहा- खाते में 35 लाख थे, 46 हजार बचे जानकी देवी ने कहा- पिता ने खाते में करीब 35 लाख रुपए रखे थे। इसमें से 10 लाख रुपए सेविंग अकाउंट में थे। बाकी रकम एफी में लगाई गई थी। मकर संक्रांति के दिन जब वे 6 हजार रुपए निकालने बैंक पहुंचीं तो पैसा निकल गया, लेकिन जब खाते की जानकारी ली तो बताया गया कि अब खाते में केवल 46 हजार रुपए ही बचे हैं। उनके 30 लाख रुपए कहां गए, किन खातों में ट्रांसफर हुए, इसकी जानकारी बैंक नहीं दे रहा है। फातिमा ने कहा- शिवा ने एटीएम कार्ड ले लिया बुजुर्ग फातिमा बताती हैं कि जब उन्होंने पैसा निकालने की बात कही तो शिवा ने कहा- बैंक में आग लग गई है। एटीएम कार्ड, पासबुक और जरूरी कागजात मुझे दे दीजिए। बाद में पैसा निकाल कर दे दूंगा। इसके बाद उसने एटीएम कार्ड ले लिया, बच्चियों के खातों की डिटेल ले ली और सारा पैसा निकाल लिया। बेगम बानो ने कहा- बीमे का एक लाख गया 70 साल की बेगम बानो ने बताया- उनके घर में एक्सीडेंट हो गया था, मुआवजे का एक लाख रुपए उनके खाते में आए थे, वह भी चला गया। अब न कोई कमाने वाला है, न कोई सहारा। बहू-बेटा अलग रहते हैं। उनकी कोई सुध नहीं लेता। बैंक वाले कहते हैं कल मिलेगा, परसों मिलेगा, लेकिन कब मिलेगा या मिलेगा भी या नहीं, कुछ नहीं बताया जा रहा। गुड़िया बोलीं-एटीएम कार्ड, पासबुक लिए गुड़िया ने बताया- उनका 8 लाख 82 हजार रुपए चला गया है। कई बार इसी बैंक में एफडी तुड़वाई थी, लेकिन अब जो कागज उनके पास हैं, उन्हें फर्जी बताया जा रहा है। बैंक मैनेजर कह रहे हैं कि यह कागज पूरी तरह फर्जी है। शिवा ने उन्हें भी कहा था कि बैंक में आग लग गई है। इसके बाद एटीएम कार्ड, पासबुक और कागजात लिए थे। रंजना ने कहा- 2 लाख रुपए की एफडी कराई रंजना राजपूत ने कहा- उनका ढाई लाख रुपए चला गया। एक-एक लाख रुपए की एफडी कराई गई थी। जब वीडियो वायरल हुआ तब वे बैंक पहुंचीं, जहां बताया गया कि उनकी एफडी फर्जी है। बैंक अधिकारियों ने कहा- यहां कभी ऐसी प्रिंटिंग मशीन चली ही नहीं, जिससे यह कागज बने हों। रंजना कहती हैं कि तीन साल से वे इसी बैंक में लेनदेन कर रही थीं। अब अचानक बताया जा रहा है कि उनकी एफडी फर्जी है, जबकि शिवा पिछले 12 साल से यहां काम कर रहा था और किसी को पता नहीं चला कि वह प्राइवेट व्यक्ति है। बैंक अफसरों और कर्मचारियों ने झाड़ा पल्ला दैनिक भास्कर की टीम जब बैंक के अंदर पहुंची और अफसरों व स्टाफ से बातचीत करने की कोशिश की, तो सभी ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें मीडिया को कोई बयान देने का अधिकार नहीं है। बैंक में पूरा स्टाफ बदल चुका है, जो जानकारी चाहिए, वह पुलिस से ही लें। किसी भी कर्मचारी ने यह नहीं बताया कि शिवा राव रेड्डी बैंक के भीतर किस स्तर तक काम करता था या उसे किसकी शह मिली हुई थी। जांच में बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या शुरुआती जांच में करीब 100 लोगों के ठगे जाने की शिकायत सामने आई है, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियों का मानना है कि यह संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। जांच में यह भी सामने आया है कि कई खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई, जिनमें मोहन राव रेड्डी, विकास और एक मुस्लिम महिला नाजिया के खाते शामिल हैं। फिलहाल आरोपी शिवा रेड्डी समेत दो लोगों को जेल भेजा गया है, जबकि बैंक प्रबंधन की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला... शकुंतला विश्वविद्यालय परिसर में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा है। यहां पारा, बुद्धेश्वर और काकोरी सहित आसपास के तमाम लोगों के खाते खुले हैं। आरोप है यहां पर तैनात बैंक मित्र शिवा ने बैंक कर्मियों के साथ मिलकर 100 से ज्यादा खाता धारकों के खाते से पैसा गायब कर दिए। ये रकम करीब 5 करोड रुपए आंकी जा रही है। दो आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी करोड़ों रुपए की ठगी के मामले में पारा पुलिस ने बैंक मित्र शिवा राव और उसके सहयोगी रहे पूर्व सिक्योरिटी गार्ड को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 2.38 लाख रुपए और बैंक से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सहयोगी दिलीप कुमार दुबग्गा के दौलतखेड़ा का रहने वाला है। पहले इसी बैंक परिसर के एटीएम बूथ में सिक्योरिटी गार्ड था। वर्ष 2019 में नौकरी से हटाए जाने के बाद भी दिलीप बैंक परिसर में चाय पिलाने और बैंक खोलने बंद करने का काम करता था। ---------------- संबंधित खबर भी पढ़िए... लखनऊ में 100 से ज्यादा खातों से लाखों रुपए गायब:बेटियों की शादी की डेट कैंसिल, बैंक मित्र ने आलीशान घर बनवाया ' भैया क्या बताएं... तीन बेटियां हैं। उनकी शादी के लिए एक-एक रुपया जोड़कर 2 साल पहले 7 लाख 80 हजार रुपए की एफडी कराई थी। सोचा था ये पैसा बेटियों की शादी में काम आएगा। पिछले साल नवंबर में जैसे-तैसे करके एक बेटी की शादी की थी। दूसरी की 18 फरवरी को शादी होनी है। पूरी खबर पढ़ें
देश में एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे का प्रसार करने के उद्देश्य से जमाल सुजात शेख द्वारा महाराष्ट्र के जामखेड़ से बाघा बॉर्डर तक 2000 किलोमीटर की देश के नाम साइकिल यात्रा निकाली जा रही है। डॉ. सूफी राज जैन जी के मार्गदर्शन में आयोजित यह यात्रा विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्रों से गुजरते हुए एक भारत–श्रेष्ठ भारत के संकल्प को धरातल पर उतार रही है। सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर के देखरेख में आयोजित यह यात्रा केवल शारीरिक दूरी तय करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत की साझा संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को जोड़ने की एक अनूठी कड़ी है। मंदिर के संस्थापक डॉ. सूफी राज जैन जी के मार्गदर्शन में जमाल सुजात शेख इस कठिन रास्ते पर प्रेम और करुणा का झंडा लेकर चल रहे हैं। यात्रा के मुख्य पड़ाव यह प्रेरणादायी सफर महाराष्ट्र से शुरू होकर शिरडी, अजमेर शरीफ, होशियारपुर स्थित सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर, श्री हरिमंदिर साहिब (अमृतसर) और अंत में बाघा बॉर्डर तक जाएगा। इन पवित्र स्थलों का चयन ही इस बात का प्रमाण है कि यात्रा का मूल उद्देश्य सभी धर्मों के प्रति सम्मान और राष्ट्रभक्ति है। होशियारपुर में भव्य स्वागत और आशीर्वाद हाल ही में जब जमाल सुजात शेख सर्वधर्म ख्वाजा मंदिर, होशियारपुर पहुंचे, तो वहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान गुरु जी डॉ. सूफी राज जैन और गुरु मां सूफी दिव्या जी ने उन्हें अपना विशेष आशीर्वाद दिया। दुआओं का साथ गुरु मां सूफी दिव्या जी ने बीबी सैय्यदा सकीना के वासिते से जमाल शेख की सफलता और उत्तम स्वास्थ्य के लिए विशेष दुआ की। मंदिर परिवार और स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस यात्रा की सराहना करते हुए इसे सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। अगली मंजिल: अमृतसर और बाघा बॉर्डर होशियारपुर से आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद अब जमाल शेख अपनी अगली मंजिल श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) की ओर अग्रसर हैं। यात्रा का समापन बाघा बॉर्डर पर होगा, जहां देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव के साथ इस ऐतिहासिक मिशन को विराम दिया जाएगा।
अकाली दल नेता जसवंत चीमा पर फायरिंग:लुधियाना से लौटते समय दोराहा में इनोवा पर चली गोली
लुधियाना के दोराहा में अकाली दल वारिस पंजाब दे के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह चीमा पर फायरिंग हुई। यह वारदात उस समय हुई जब चीमा लुधियाना से अपनी इनोवा गाड़ी में दोराहा लौट रहे थे। हमलावरों ने अकाली नेता की कार का पीछा किया और दोराहा गुरथली पुल के पास फायरिंग कर दी। हमलावरों ने जो गोली चलाई वो जसवंत सिंह चीमा की कार की खिड़की पर लगी। गोली चलने के बाद चीमा ने गाड़ी नहीं रोकी। चीमा गाड़ी को भगाकर सीधे दोराहा थाने पहुंच गए। उन्होंने थाना दोराहा में इस मामले की जानकारी। जानकारी के अनुसार, दोराहा के गुरथली पुल के पास बाइक सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने उनकी गाड़ी रोकने की कोशिश की। अंधेरा होने के कारण चीमा को संदिग्धों पर संदेह हुआ, जिसके चलते उन्होंने गाड़ी नहीं रोकी और आगे बढ़ा दी। इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर गोली चला दी। गोली सीधे इनोवा की खिड़की में जा लगी। गनीमत रही कि इस फायरिंग में जसवंत सिंह चीमा को कोई शारीरिक क्षति नहीं हुई। कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल घटना की सूचना मिलने पर अकाली दल वारिस पंजाब दे के प्रवक्ता संदीप सिंह रुपालों भी दोराहा थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस को लिखित शिकायत दी और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। हमलावरों की पहचान के लिए खंगाल रहे सीसीटीवी दोराहा थाना के एसएचओ आकाश दत्त ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। एसएचओ ने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया।
लखनऊ टुडे, 25 जनवरी- आपके काम की खबर:हिन्दू सम्मेलन का आयोजन, कई इलाकों में जलापूर्ति रहेगी बाधित
नमस्कार लखनऊ, मुस्कुराइए, आज 25 जनवरी, दिन रविवार है... हम आपके लिए आज के इवेंट और आपसे जुड़ी काम की बातों को लेकर आए हैं। इसमें बता रहे हैं कि शहर में कहां और क्या-क्या हो रहा है। बिजली किन इलाकों में कटेगी, पानी किन इलाकों में नहीं आएगा। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट्स कहां हो रहे हैं। शहर का मौसम, सिटी का ट्रैफिक, सिनेमा, स्कूल-कॉलेज से जुड़ी जानकारियां भी हैं। पढ़िए क्या कुछ हैं, आपके काम की बातें... शहर में आपसे जुड़ी सुविधाएं और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर- दैनिक भास्कर लखनऊ रिपोर्टिंग टीम से संपर्क करें-
पंजाब के लुधियाना में भारत नगर चौक पर बीती रात सड़क हादसा हो गया। बीच सड़क अंधेरे में खड़ी एक प्राइवेट बस के पीछ बाइक सवार टकरा गया। टक्कर के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बस ड्राइवर मौके से भागने लगा लेकिन लोगों ने उसे काबू कर लिया। बस के ड्राइवर ने मीडिया से भी बदतमीजी की। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर गिर गया। लोगों ने घायल व्यक्ति को सीपीआर मदद दी। करीब 15 मिनट बाद उसे थोड़ी होश आई तो एम्बुलेंस के जरिए उसे अस्पताल भेजा। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। डॉक्टरों के अनुसार, बाइक सवार की हालत गंभीर है, लेकिन खतरे से बाहर है। बीच सड़क अवैध रूप से खड़ी थी बस राहगीर गौरव ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से एक्सीडेंट होते हुए देखा। उन्होंने बताया कि बस अंधेरे में खड़ी हुई थी। पीछे से बाइक सवार व्यक्ति आया तो अचानक खड़ी बस के पीछे वह टकरा गया। सड़क पर इस तरह से बसें खड़ी करना अवैध है। बस ड्राइवर ने घायल की मदद तक नहीं की। घायल व्यक्ति का नाम रवि है। वह सुंदर नगर का रहने वाला है। उसे हम ESI अस्पताल लेकर गए लेकिन उन्होंने दाखिल नहीं किया फिर किसी अन्य अस्पताल में भेजा। यदि बस खराब भी हुई है तो कम से कम पार्किंग या इमरजेंसी हालात का कोई बोर्ड या साइन लगाना चाहिए। घटनास्थल पर पहुंची पीसीआर टीम ने बाइक को कब्जे में ले लिया है और बस ड्राइवर का पता पूछकर जांच शुरू कर दी है। थाना डिवीजन नंबर 8 की पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सराफा बाजार बाड़ा (लश्कर) स्थित विमल ज्वेलर्स के संचालक पिता-पुत्र अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने शुक्रवार को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि दोनों ने साल 2012 से 2016 के बीच तीन लोगों से कुल 16 लाख रुपए उधार लिए, लेकिन न तो मूल रकम लौटाई और न ही ब्याज का भुगतान किया। जब पैसे मांगे गए तो पीड़ितों को एक फर्जी शपथ पत्र दिखाकर “फाइनल सेटलमेंट” का दावा कर दिया गया। शपथ पत्र देखकर पीड़ित परिवार हैरानपैसे देने वाले व्यापारी परिवार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने न तो कोई शपथ पत्र बनवाया था और न ही किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बावजूद उनके नाम से शपथ पत्र तैयार कर दिखाया गया। मामले की शिकायत 5 मार्च 2021 को कोतवाली थाने में की गई थी। लंबी जांच के बाद अब पुलिस ने केस दर्ज किया है। जैन परिवार से रिश्तों का फायदा उठायाशिकायतकर्ता शारदा जैन पत्नी धर्मपाल जैन निवासी गुड़ा चक्की नाका कंपू ने बताया कि उनके पिता लालमणि प्रसाद जैन निवासी नया बाजार सकल जैन समाज में सम्मानित वृद्ध जैन संत हैं। पारिवारिक संबंधों के चलते अजीत जैन और उनके बेटे विमल जैन से विश्वास का रिश्ता था। आरोप है कि सराफा कारोबारी पिता-पुत्र ने पहले व्यापारिक जरूरत बताकर 9 जुलाई 2012 को लालमणि प्रसाद जैन से 3 लाख रुपए चेक के जरिए उधार लिए। जून 2013 तक नियमित ब्याज भी चुकाया गया, जिससे विश्वास और मजबूत हुआ। विश्वास जीतकर लिए 16 लाख, फिर बंद किया भुगतानइसके बाद आरोपियों ने शारदा जैन की बहन शशि जैन और भतीजी-बहू प्रियंका जैन से भी समय-समय पर रुपए लिए। साल 2012 से 2016 के बीच कुल 16 लाख रुपए उधार लिए गए। कुछ समय तक ब्याज दिया गया, लेकिन बाद में न तो ब्याज दिया गया और न ही मूल राशि लौटाई गई। लगातार मांग के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ता गया। डॉक्यूमेंट लेकर बनाया फर्जी शपथ पत्रपीड़ितों का आरोप है कि नवंबर 2020 में आरोपियों ने “फाइनल सेटलमेंट” का भरोसा दिलाकर शारदा, शशि और प्रियंका जैन से फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज ले लिए। इसके बाद 21 दिसंबर 2020 को फर्जी शपथ पत्र तैयार कर लिया गया। जब रुपए मांगे गए तो 7 फरवरी 2021 को आरोपियों ने शपथ पत्र की कॉपी भेजी, जिसमें लिखा था कि सभी की सहमति से फाइनल सेटलमेंट हो चुका है। पीड़ित परिवार यह देखकर स्तब्ध रह गया, क्योंकि उन्होंने न कोई स्टांप खरीदा था और न ही किसी कागज पर हस्ताक्षर किए थे। पांच साल चली जांच, अब दर्ज हुआ केसशिकायत के बाद मामला जांच में लिया गया। तत्कालीन एडिशनल एसपी सत्येंद्र सिंह तोमर ने जांच कर रिपोर्ट सौंपी। आरोप है कि इस दौरान आरोपी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित करते रहे। अंततः एएसपी की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया- मामले में अजीत जैन और विमल जैन के खिलाफ फ्रॉड का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने उधार लिया पैसा नहीं लौटाया और फर्जी तरीके से शपथ पत्र तैयार कराया। ये खबर भी पढ़ें... फर्जी दस्तावेजों से वाहन ट्रांसफर, आरटीओ की भूमिका सवालों में भोपाल का क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में है। आरोप है कि दलालों के जरिए बिना वाहन मालिक की जानकारी और उपस्थिति के 13 लाख कीमत की टाटा 407 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद आरटीओ ने कागजों में तो वाहन को असली मालिक के नाम वापस कर दिया, लेकिन न तो आरोपी पर कार्रवाई हुई और न ही वाहन अब तक मालिक को वापस मिल सका।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल में फिटनेस कल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दैनिक भास्कर द्वारा प्रस्तुत और प्रोग्रेसिव मोशन नेटवर्क के सहयोग से रविवार को एलएनसीटी भोपाल मैराथन का आयोजन किया जा रहा है। यह भोपाल की पहली ऐसी मैराथन होगी, जिसमें हर उम्र के लोग एक साथ दौड़ते नजर आएंगे। मैराथन की शुरुआत और समापन डीबी सिटी मॉल पर होगा। ‘रन फॉर द फ्लैग’ थीम पर आयोजित इस मैराथन को लेकर शहर में खासा उत्साह है। आयोजन में अब तक 2 हजार से अधिक एंट्री हो चुकी हैं। खास बात यह है कि आम धावकों के साथ शहर के कई एलिट रनर्स भी इसमें हिस्सा लेंगे। देश और विदेश से भी रनर्स भोपाल पहुंच रहे हैं। मैराथन को कुल पांच कैटेगरी में बांटा गया है, जिनमें 1.5 किलोमीटर, 3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की दौड़ शामिल है। 1.5 किलोमीटर की दौड़ फैंसी ड्रेस रन होगी, जिसमें जूनियर किड्स भाग ले सकेंगे। आयोजक टीम से निकिता मंडलोई ने बताया कि आमतौर पर किसी भी मैराथन में 5 किलोमीटर रन के लिए सबसे ज्यादा एंट्री आती है, लेकिन भोपाल मैराथन में 10 किलोमीटर रन के लिए सबसे अधिक पंजीकरण हुए हैं। यह शहर में बढ़ती फिटनेस जागरूकता को दर्शाता है। मैराथन का समय और रूट हाफ मैराथन (21 किलोमीटर)समय: सुबह 6 बजेरूट- डीबी सिटी मॉल से भोपाल हाट, शौर्य स्मारक रोड, व्यापम चौराहा, सिद्धांता हॉस्पिटल, रोज गार्डन, अरेरा क्लब, नानके पेट्रोल पंप, न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा, पॉलिटेक्निक स्क्वायर, कमला पार्क, राजा भोज स्टैच्यू, कोहेफिजा, नूर-उस-सबा होते हुए हैंडक्राफ्टेड से यू-टर्न लेकर उसी मार्ग से डीबी सिटी मॉल पर समाप्त। 10 किलोमीटर रनसमय: सुबह 6:30 बजेरूट- डीबी सिटी मॉल से भोपाल हाट, शौर्य स्मारक रोड, व्यापम चौराहा, सिद्धांता हॉस्पिटल, रोज गार्डन, अरेरा क्लब, नानके पेट्रोल पंप, न्यू मार्केट, रोशनपुरा चौराहा, पॉलिटेक्निक स्क्वायर होते हुए एमएलबी कॉलेज से यू-टर्न लेकर डीबी सिटी मॉल पर समाप्त। 5 किलोमीटर रनसमय: सुबह 6:45 बजेरूट- डीबी सिटी मॉल से भोपाल हाट, शौर्य स्मारक रोड, व्यापम चौराहा, सिद्धांता हॉस्पिटल, रोज गार्डन, अरेरा क्लब होते हुए मामा के घर से यू-टर्न लेकर डीबी सिटी मॉल पर समाप्त। 3 किलोमीटर रनसमय: सुबह 7 बजेरूट- डीबी सिटी मॉल से भोपाल हाट, शौर्य स्मारक रोड, व्यापम चौराहा होते हुए सिद्धांता हॉस्पिटल से यू-टर्न लेकर डीबी सिटी मॉल पर समाप्त। 1.5 किलोमीटर रनसमय- सुबह 8 बजेरूट- डीबी सिटी मॉल से भोपाल हाट, शौर्य स्मारक होते हुए व्यापम चौराहा से यू-टर्न लेकर डीबी सिटी मॉल पर समाप्त।
औरंगाबाद जिले के देव स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब परिसर में आज से तीन दिवसीय सूर्य महोत्सव का भव्य आगाज होगा। आयोजन को लेकर सारी तैयारियां पूरी की जा चुकी है। पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त देखरेख में आयोजित यह महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन को लेकर देव सहित पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। सूर्य महोत्सव का भव्य उद्घाटन रविवार को दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक उद्घाटन सत्र के साथ होगा। उद्घाटन समारोह के मुख्य उद्घाटनकर्ता माननीय अवधेश नारायण सिंह, सभापति बिहार विधान परिषद होंगे। इस अवसर पर बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री सह प्रभारी मंत्री औरंगाबाद डॉ. संतोष कुमार सुमन तथा पर्यटन विभाग सह कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की विशेष उपस्थिति रहेगी। अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में औरंगाबाद के सांसद अभय कुमार सिन्हा एवं काराकाट के सांसद राजाराम सिंह शामिल होंगे। वहीं, बिहार विधान परिषद के सदस्य दिलीप कुमार सिंह, जीवन कुमार सहित कई विधायक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य अतिथि कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। 25 जनवरी को उद्घाटन समारोह और बॉलीवुड नाइट उद्घाटन सत्र के बाद शाम 6 बजे से 6:30 बजे तक मशहूर गायिका प्राची पल्लवी साहु की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। इसके पश्चात शाम 6:30 बजे से रात 9:30 बजे तक इंडियन आइडल सीजन-12 के विजेता और सुप्रसिद्ध बॉलीवुड गायक पवनदीप राजन अपनी गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगे। 26 की शाम में भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी की प्रस्तुति महोत्सव के दूसरे दिन 26 जनवरी यानि सोमवार को सुबह 10:00 बजे से 12:00 बजे तक मुख्य मंच पर जिला स्तरीय क्विज प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:00 बजे से 1:00 बजे तक खो-खो, कबड्डी, फुटबॉल और स्लो साइकिल रेस जैसी जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताएं होंगी। दोपहर 1:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक राज्य स्तरीय कलाकारों की प्रस्तुति होगी, जबकि शाम 6:00 बजे से 9:30 बजे तक सुप्रसिद्ध लोक गायिका कल्पना पटवारी अपने लोक गीतों से महोत्सव में चार चांद लगाएंगी। 27 जनवरी को प्रतियोगिताएं और समापन समारोह महोत्सव के अंतिम दिन 27 जनवरी को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सरस मेला मैदान में पेंटिंग, मेंहदी और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसी समय राजा जगन्नाथ उच्च माध्यमिक विद्यालय, देव के खेल मैदान में जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता आयोजित होगी। दोपहर 12 :00 बजे से शाम 5:00बजे तक स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इसके बाद शाम 5:00 बजे से 6:00 बजे तक विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। शाम 6:00 बजे से 6:30 बजे तक धन्यवाद ज्ञापन के साथ सूर्य महोत्सव का विधिवत समापन होगा।आयोजन समिति और जिला प्रशासन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद जताई है। सूर्य महोत्सव न केवल देव के सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता को उजागर करेगा, बल्कि औरंगाबाद जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाएगा। भव्य तरीके से की यह सूर्य मंदिर की सजावट आयोजन को लेकर देव सूर्य मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। गर्भ ग्रह से लेकर मंदिर के प्रवेश द्वार तक फूल और लाइटिंग से आकर्षक सजावट की गई है। जिससे सूर्य मंदिर की खूबसूरती में चार चांद लग रहा है। सूर्य मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के साथ रथ यात्रा और महोत्सव का आगाज होगा। रथ यात्रा का भी किया जाता है आयोजन रविवार को ही देव पर्यटन विकास केंद्र के द्वारा भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाता है। जो देव सूर्य मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए सूर्यकुंड तालाब तक जाती है। समिति के द्वारा आयोजन की तैयारी पूरी कर ली गई है। आयोजन को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
बिहार पुलिस के स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बलिया थाना की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी कर 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनकी निशानदेही पर हथियार और गोली भी बरामद किए गए हैं।यह सभी बिहार सरकार का बोर्ड लगे उजले रंग के स्कॉर्पियो पर सवार होकर दियारा की ओर से आ रहे थे। तभी रास्ते में घेराबंदी कर पुलिस टीम ने पकड़ लिया है। पकड़े गए बदमाशों की पहचान बलिया थाना क्षेत्र के शादीपुर (कासिमपुर) के रहने वाले संजीव कुमार उर्फ पप्पू (48), सम्पूर्ण कुमार (35), संजय कुमार (25), धीरज कुमार (30) एवं सिंटु कुमार उर्फ सिंटुनिया, नौरंगा दियारा के रहने वाले शुभम कुमार (22) तथा खगड़िया जिला के परवत्ता थाना क्षेत्र के कबेला गांव के रहने वाले चंदन कुमार (32) के रूप में की गई है। एसटीएफ की टीम की ओर से बलिया थाना को दी गई थी सूचना एसपी मनीष ने बताया कि बेगूसराय में मौजूद STF टीम की ओर से बलिया थाना को सूचना दी गई कि एक स्कॉर्पियो पर दियारा के तरफ से कुछ कुछ बदमाश घटना को अंजाम देने के लिए बलिया की ओर रहे है। जिसे त्वरित कार्रवाई करने पर पकड़ा जा सकता है। इनपुट मिलते ही पुलिस दियारा रुट में एक्टिव हो गई। इधर वरीय पदाधिकारी को सूचना देते हुए एसटीएफ की टीम भी बलिया पहुंच गई। बलिया थाना की गश्ती टीम एवं STF की टीम ने दियारा क्षेत्र में घेराबंदी कर दिया। इसी बीच दियारा की ओर से Govt Of Bihar DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगा स्कॉर्पियो आते दिखा। लेकिन पुलिस टीम को देखकर स्कॉर्पियो तेजी से लेकर भागने लगा। यह देख पुलिस टीम ने पीछा करना शुरू कर दिया और मनेसरपुर के समीप घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। बदमाशों की निशानदेही पर देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद BR08P-3501 नंबर के स्कॉर्पियो पर सवार संजीव कुमार उर्फ पप्पू, सम्पूर्ण कुमार, संजय कुमार, धीरज कुमार, सिंटु कुमार, शुभम कुमार एवं चंदन कुमार के पास से 1-1 मोबाइल बरामद किया गया। जांच के दौरान सिंटु कुमार के मोबाइल में कई हथियार का फोटो मिला है। पूछताछ में शुभम कुमार बताया कि सिंटु कुमार के घर में हथियार-गोली रखा है। इसके बाद सिंटु कुमार के शादीपुर स्थित घर से 1 देशी कट्टा और 4 गोली बरामद किया गया। सभी बदमाशों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है पूछताछ करने पर बदमाशों ने बताया है कि हमलोगों का एक गिरोह है, जिसका सरगना संजीव कुमार उर्फ पप्पू है। धीरज कुमार DPO बेगूसराय का साईन बोर्ड लगाकर स्कॉर्पियो गाड़ी लेकर जाता, जिससे कोई शक नहीं करता और हमलोग घटना को अंजाम देते थे। पूर्व में कई घटना को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस टीम पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ एवं आगे की कार्रवाई कर रही है। सभी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
बेगूसराय में पहली बार बरौनी के हर्ल खाद कारखाना के मैदान में बिहार डेयरी एंड कैटल एक्सपो का आयोजन किया जाएगा। पशुपालकों की मांग पर आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मुख्य आकर्षण का केंद्र हरियाणा के प्रसिद्ध किसान पद्मश्री नरेश सिंह का मुर्रा नस्ल का 15 करोड़ का भैंसा विधायक। विधायक नाम से प्रसिद्ध यह भैंसा असाधारण सुंदरता, ताकत और उच्च गुणवत्ता वाले सीमन के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया- इसकी सीमन क्वालिटी खास है। एक डोज की कीमत 300 रुपए है। हर साल करीब 40-50 लाख रुपए का सीमन बिकता है। भैंसा जहां रहता है, वहां एसी लगे हैं। डाइट में काजू, बादाम, मेवे और पनीर खाता है। 28, 29 और 30 जनवरी को आयोजित होने वाले इस एक्सपो में मवेशियों की सबसे बड़ी प्रदर्शनी लगेगी। इसके साथ ही मिल्किंग प्रतियोगिता तथा तकनीकी और वैज्ञानिक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा। पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग से किया जा रहा एक्सपो का आयोजन एक्सपो का आयोजन बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के सहयोग तथा बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के समर्थन से कृषिका द्वारा किया जा रहा है। जिसमें बिहार स्टेट मिल्क कोऑपरेटिव फेडरेशन (कॉम्फेड) के तहत आने वाले मिल्क यूनियनों एवं सहकारी समितियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी। आयोजन इस क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा। जहां वे तकनीकी सत्र के दौरान विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर सकेंगे। इसके साथ ही किसानों को प्रदर्शनी स्टॉल्स पर विभिन्न तरह के 60 से अधिक पशु उत्पाद, दवाइयां, डेयरी यंत्र, डेयरी उत्पाद यंत्र के अलावा खाद्य पदार्थों से मिलने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न कंपनियों द्वारा डेयरी एवं अन्य तरह के उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी। एक्सपो के दौरान मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी, जिसमें चार अलग-अलग तरह की प्रतियोगिताएं शामिल की गई हैं। भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता भी होगी प्रतियोगिता में एचएफ नस्ल, जर्सी, देसी नस्ल की गाय के अलावा भैंस की मिल्किंग प्रतियोगिता होगी। जिसमें एचएफ नस्ल की 30 लीटर या उससे अधिक दूध देने वाली गाय को शामिल किया जाएगा। दूध निकालने की प्रतियोगिता में जर्सी के लिए 20 लीटर या उससे अधिक, देसी के लिए 12 लीटर या उससे अधिक तथा भैंस के लिए प्रतिदिन कम से कम 15 लीटर या उससे अधिक लीटर दूध देने वाले पशुओं को शामिल किया जाएगा। विजेता को 51 हजार तक का पुरस्कार मिलेगा। पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है भैंसा ‘विधायक’ प्रगतिशील किसान और आयोजन समिति के ब्रजेश कुमार ने बताया कि एक्सपो का मुख्य आकर्षण होगा हरियाणा से आ रहा 15 करोड़ का भैंसा विधायक। मुर्रा नस्ल का यह विधायक नाम का भैंसा पानीपत के प्रगतिशील किसान और पद्मश्री से सम्मानित नरेंद्र सिंह का है। इस भैंसा को लाने का उद्देश्य यह है कि हरियाणा और पंजाब जैसे राज्य इतने आगे है कि वहां के किसान 15 करोड़ का भैंसा तैयार कर लेते हैं। जबकि हम बिहार में 2-3 लाख तक की गाय नहीं बना पा रहे हैं। यह नस्ल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। आयोजक राकेश कश्यप ने बताया कि कृषिका द्वारा दिसंबर 2023 में पहला बिहार का पहला डेयरी और कैटलॉग का आयोजन किया गया था। इससे हमारे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक वृद्धि हुई है। अब जरूरी है कि हम किसानों को न्यूनतम और आधुनिक जानकारी दें, जो देश-विदेश में हो रहा है। बेगूसराय और समस्तीपुर बिहार का सबसे बड़ा दूध उत्पादक जिला है। दूध उत्पादक किसानों को और जागरूक करने के लिए ही कार्यक्रम हो रहा है। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है उद्घाटन विभाग के मंत्री सुरेंद्र मेहता करेंगे। जिसमें बिहार पशु विश्वविद्यालय के कुलपति, बिहार के पशुपालन सचिव, आईसीआर सहित उन विभागों के प्रमुख रहेंगे। यह लोग अलग-अलग तरीके से किसानों को जानकारी देंगे। पशुपालन के क्षेत्र की बड़ी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हो रही है। बिहार का अगला जो दशक होगा, वह दूध उत्पादन का होगा और इस क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होने वाला है। हमारा प्रयास है कि किसान कम खर्चे में अधिक से अधिक दूध उत्पादन करें। इस एक्सपो का सबसे बड़ा लक्ष्य बिहार के पारंपरिक पशुपालन को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। जब किसान 15 करोड़ रुपए का विधायक जैसे भैंसा को देखेंगे, तो उनमें पशुओं की नस्ल सुधारने और बेहतर आहार देने की प्रेरणा जगेगी। एक्सपो में केवल पशु ही नहीं, बल्कि पशुपालन को आसान बनाने वाली मशीनों का भी प्रदर्शन होगा। जिनसे कम समय में स्वच्छता के साथ दूध निकाला जा सकता है। उच्च गुणवत्ता वाला दाना अधिक दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायक होगा।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें…रिमझिम बारिश होने से गलन बढ़ी, आज भी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। बिकरूकांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे की पत्नी ने पांच साल बाद मीडिया के सामने आकर खुशी दुबे पर गंभीर आरोप जड़ते हुए दावा किया वह तीन शादी कर चुकी है। किदवई नगर में लॉक रिपेयरिंग के बहाने घर में घुसे बदमाश ने 20 मिनट में अलमारी साफ कर दी। CCTV में कैद हो गई घटना। शहर में 1000 करोड़ रुपये का हवाला कारोबार सामने आया। अवैध इंटरनरेशन कारोबार करने वाले 5 को अरेस्ट किया गया। सेन पश्चिमपारा में झाड़ियों में जिस महिला का का न्यूड शव मिला था, उसका पोस्टमार्टम किया गया। शरीर का आधा धड़ कुत्तों ने नोच खाया था। फोरेंसिक जांच में मर्डर की बात सामने आई। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब पढ़िए सिलसिलेवार 10 खबरें 1. विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पत्नी का पहला इंटरव्यू: रिचा बोलीं- खुशी दुबे ने 3 शादियां कीं, अपने नाम के आगे तिवारी, ठाकुर लिखे कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी पहली बार कैमरे पर खुलकर बोलीं। रिचा दुबे ने कहा कि मैं कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहती। अपने बच्चों के साथ जहां भी हूं, खुश हूं। 8 पुलिस वालों के दर्दनाक हत्याकांड के 5 साल बाद रिचा ने अमर दुबे की पत्नी खुशी पर सवाल उठाए। रिचा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि खुशी दुबे ने तीन-तीन शादियां की हैं। वह सिर्फ पॉपुलैरिटी के लिए खुद को विकास दुबे से जोड़कर बयानबाजी करती है। खुशी ने तीन शादियां की हैं। वो खुशी दुबे क्यों लिखती है…? हिन्दू धर्म में तो दूसरी शादी मान्य ही नहीं है। वो खुशी तिवारी या खुशी ठाकुर लिखें। पूरी खबर पढ़ें 2. कानपुर में रिमझिम बारिश, गलन बढ़ी: कल भी मौसम ऐसा ही रहेगा, पारा 9 डिग्री पहुंचा कानपुर में देर रात रिमझिम बारिश हुई। शनिवार सुबह मौसम ठंडा बना है। बीते दो दिनों से धूप निकल रही थी, जिससे दिन का तापमान बढ़ रहा था। शुक्रवार दिनभर तेज सर्द हवा चलती रही। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी शहर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा रहा। वहीं अधिकतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जो कि सामान्य से 3.8 डिग्री ज्यादा रहा। शाम होते ही सर्द हवाओं ने गलन बढ़ाई। मौसम के चलते 15 ट्रेनें तय समय से देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। पूरी खबर पढ़ें 3. सेन में महिला का आधा-धड़ कुत्तों ने नोच डाला: सिर से लेकर सीने तक का हिस्सा गायब मिला, रेप की आशंका से चार स्लाइड बनाई एक दिन पहले सेन पश्चिमपारा में झाड़ियों में जिस महिला का का न्यूड शव मिला था, आज उसका पोस्टमार्टम किया गया। रेप की आशंका के चलते चार स्लाइड बनाकर प्रयोगशाला भेजी गई। शरीर का आधा धड़ कुत्तों ने नोच खाया था, जिस कारण पोस्टमार्टम में चोट के निशान नहीं मिल सके। फोरेंसिक जांच में सामने आया कि महिला का मर्डर करने के बाद शव को फेंका गया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पूरी खबर पढ़ें 4. जहां 15 मीटर सड़क धंसी, वहां ढह सकते 7 मकान: 5 करोड़ का व्यापार ठप, दो महीने से रिसाव हो रहा; व्यापारी बोले- कोई सुनने वाला नहीं कानपुर में जहां 15 मीटर सड़क धसी वहां अब 7 मकानों के ढहने का खतरा बना हुआ है। इस एरिया के करीब 100 से ज्यादा व्यापारियों का 5 करोड़ का व्यापार ठप हो गया। इसकी वजह से 500 से ज्यादा श्रमिक प्रभावित हुए है। दो महीने से चल रहा पानी का रिसाव अभी तक बंद नहीं हो पाया है। आखिर इस सड़क के धसने के बाद व्यापारियों का कितना नुकसान है, कितने मकानों का ढहने का खतरा बना हुआ है, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। पूरी खबर पढ़ें 5. आज होगा इंटरनेशनल दंगल: साक्षी मलिक और ईरान के पहलवान आएंगे, यादव समाज के राजनीतिक दिग्गज भी जुटेंगे कानपुर में कल 25 जनवरी को स्व. चौधरी हरमोहन सिंह यादव की पुण्यतिथि पर मेहरबान सिंह के पुरवा में इंटरनेशनल दंगल होने जा रहा है। इसमें साक्षी मलिक समेत कई नेशनल और इंटरनेशनल पहलवान अपना दमखम दिखाएंगे। यादव समाज के कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी भाजपा एकजुट करने जा रही है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बतौर चीफ गेस्ट शामिल होंगे। चौधरी हरमोहन सिंह यादव की पुण्यतिथि पर इस अंतरराष्ट्रीय दंगल का आयोजन किया जा रहा है। रविवार सुबह 11 बजे इसकी शुरुआत होगी। यूपी विधानपरिषद के पूर्व सदस्य और पूर्व सांसद चौधरी सुखराम सिंह यादव अपने पिता की पुण्य तिथि पर हर बार इस दंगल का आयोजन कराते हैं, लेकिन इस बार यह दंगल अंतरराष्ट्रीय स्तर का कराया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें 6. कोहना में मामूली विवाद चले लाठी-डंडे, पथराव, VIDEO: होटल में काम करने को लेकर 30 मिनट तक झगड़ा हुआ, 20 पर FIR कानपुर के कोहना थाना क्षेत्र में मामूली विवाद को लेकर दबंगों ने लाठी-डंडे से युवक की पिटाई के बाद पथराव कर दिया। पथराव में कई लोग घायल हो गए। इलाकाई लोगों ने घरों में घुसकर जान बचाई। करीब 30 मिनट तक दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग एक दूसरे पर पथराव करते रहे। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने तीन नामजद समेत 15 से 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआई दर्ज कराई है। पढ़ें पूरी खबर 7. पनकी में बंद फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लगी: खिड़की तोड़कर फायर फाइटर्स घुसे, घंटेभर में बुझा सके पनकी थाना क्षेत्र के शताब्दी नगर स्थित गंगा एनक्लेव में शनिवार सुबह एक बंद फ्लैट में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। कमरे से काला धुआं निकलता देख आसपास रहने वाले लोगों ने 112 नंबर डायल कर पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और दरवाजा व खिड़की का शीशा तोड़कर अंदर दाखिल हुईं। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पूरी खबर पढ़ें 8. कानपुर से विदेश तक 1000 करोड़ का हवाला कारोबार: पुलिस की रेड में खुलासा, 5 आरोपी जेल भेजे; 3 से पूछताछ कानपुर में हवाला का कारोबार इंटरनेशनल स्तर पर हो रहा था, इस बात का खुलासा पुलिस की जांच में सामने आया। जानकारी मिली है कि हवाला कारोबारियों के तार मुंबई, गुजरात के साथ नेपाल से भी जुड़े है। यहां से नेपाल में भी हवाला का पैसा भेजा जाता है। इतना ही नहीं पुलिस की जांच में सामने आया है कि दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम के कई बड़े उद्योगपति भी इसके जरिए दूसरे प्रदेशों में अपनी रकम भेजते रहे हैं।अब जल्द ही पुलिस आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाल कर उन तक पहुंचेगी। पूरी खबर पढ़ें 9. कानपुर के संत आमने-सामने, अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में अलग-अलग राय: पनकी मंदिर के महंत बोले- वो शंकराचार्य नहीं, पुरी महाराज ने कहा- प्रशासन माफी मांगे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब यह मामला कानपुर में भी संत समाज को दो हिस्सों में बांटता नजर आ रहा है। एक ओर पनकी हनुमान मंदिर के महंत जितेंद्र नाथ ने अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य मानने से इनकार किया है, वहीं सिद्धनाथ महादेव मंदिर (छोटी काशी) के महंत अरुण चैतन्य पुरी उनके समर्थन में सामने आए हैं और यूपी सरकार से माफी की मांग की है। पूरी खबर पढ़ें 10. 20 मिनट में अलमारी साफ, कैश-गहने गायब: किदवई नगर में लॉक रिपेयरिंग के बहाने घर में लगाई सेंध, CCTV में कैद कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र के संजय वन में शुक्रवार शाम अलमारी का खराब लॉक बनाने के नाम पर घर आए एक सरदार ने 20 मिनट में नकदी, जेवरात समेत लाखों का माल पार कर दिया। आरोपी घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसके बाद पुलिस आरोपी सरदार की तलाश में जुटी है। एच ब्लॉक निवासी दिव्यांशु अग्निहोत्री ने थाने में दी तहरीर में बताया कि उनकी अलमारी का लॉक खराब था। घर के बाहर शुक्रवार की शाम चार से पांच बजे के बीच एक 45 वर्षीय सरदार अलमारी का लॉक बनाने की बात कहकर घर आया। लॉक बनाने के दौरान सरदार ने आंखों में धूल झोंक कर अलमारी के लॉकर से चाबी लगाकर उसमें रखे दो सोने के कान के झुमके, चार सोने के कंगन, एक सोने की नथुनी, चांदी की एक जोड़ी पायल, नकद में 50 रुपए की एक गड्डी, 10 रुपए की तीन और 20 रुपए की दो गड्डी चोरी कर ली। पूरी खबर पढ़ें
रोहतक में पाडा मोहल्ला के अंदर दोपहर के समय बच्चों के झगड़े में बीच बचाव करने वाले युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए डेड हाउस भेज दिया, जिसका आज पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। पुलिस ने मामले में 5 संदिग्ध आरोपियों को काबू किया है। मृतक की पहचान 26 वर्षीय सावन पुत्र सुभाष निवासी पाडा मोहल्ला के रूप में हुई, जो मीट की दुकान चलाता था। मीट की दुकान घर के बाहर ही थी, जहां सुभाष अपनी बुआ व भाई के लड़के के साथ खड़ा था। इस दौरान घर के बाहर कुछ बच्चे झगड़ रहे थे, जिनका सावन ने बीच बचाव करके भगा दिया और घर के अंदर चला गया। दोपहर के समय सावन घर पर बैठा हुआ था, तभी आशु का भांजा घर के बाहर आहर गाली गलौच करने लगा। सावन के पिता सुभाष ने आशु के भांजे को समझाकर वापस भेज दिया। इसी बात की रंजिश को लेकर आशु का भांजा वापस लौट गया और जाकर आशु को सारी बात बताई। आशु अपने दोस्तों के साथ हमला करने पहुंचासावन की मां संतरा ने बताया कि दोपहर के समय आशु, शिवम, रविंद्र, सुरेंद्र, बिजेंद्र व अन्य युवक अपने हाथों में छुरी, चाकू व डंडे लेकर आए। आशु व उसके दोस्तों ने आते ही सावन पर हमला कर दिया। सावन अपने आप को बचाने के लिए घर के पास वाले मंदिर के अंदर भाग गया। आरोपियों ने मंदिर के अंदर घुसकर सावन पर चाकू से वॉर किया। गर्दन व पेट पर किए गंभीर वॉर मां संतरा ने बताया कि आरोपियों ने सावन की गर्दन व पेट पर गंभीर वॉर किए, जिसके कारण सावन लहु लुहान होकर गिर पड़ा। यह देखकर आरोपी मौके से फरार हो गए। वह सावन को खून से लथपथ हालत में ही सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को डेड हाउस में रखवा दिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर हुई पत्थरबाजी झगड़े के दौरान सावन व आशु, दोनों पक्षों की तरफ से जमकर लाठी डंडे व पत्थरबाजी हुई। सावन की तरफ से जहां छतों से शराब की खाली बोतलें व ईंटें मारी गई, वहीं आशु की तरफ से लाठी डंडे के साथ चाकू छुरी भी चलाई गई। दोनों पक्षों के झगड़े को आसपास के लोग दूर खड़े होकर देखते रहे। 100 मीटर की दूरी पर है पुलिस चौकी पाडा मोहल्ला में जिस जगह दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो रहा था, वहां से पाडा मोहल्ला पुलिस चौकी महज 100 मीटर की दूरी पर है। जबकि ओल्ड सब्जी मंडी थाना भी कुछ दूरी पर ही है। बावजूद इसके करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच संघर्ष होता रहा और पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। 5 संदिग्ध आरोपियों को काबू कर पुलिस कर रही पूछताछ DSP गुलाब सिंह ने बताया कि आरोपियों को काबू करने के लिए ओल्ड सब्जी मंडी थाना एसएचओ सुशील कुमार के नेतृत्व में टीमों का गठन किया गया है। सीआईए टीम भी आरोपियों की तलाश कर रही है। इस मामले में 5 संदिग्ध आरोपियों को काबू किया गया है। पकड़े गए युवकों से पूछताछ चल रही है। वारदात में फरार चल रहे आरोपियों को काबू करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे है।
जोधपुर विकास प्राधिकरण के इतिहास के सबसे बड़े और रहस्यमयी फाइल गबन घोटाले में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। वर्ष 2013 में हुए करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार और सबूत मिटाने के लिए 128 फाइलों के गायब होने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। याचिकाकर्ता महेश गहलोत की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट ने प्रमुख शासन सचिव, लोकायुक्त और जेडीए अधिकारियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बावजूद पिछले एक दशक से जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च 2026 को होगी। फ्लैशबैक 2013: चुनावी साल में खुली थी ‘लूट की दुकान’ याचिकाकर्ता महेश गहलोत ने अपनी याचिका में बताया है कि यह पूरा मामला 2013 का है, जो तत्कालीन सरकार का चुनावी वर्ष था। आरोप है कि उस समय जेडीए में पदस्थ उच्च अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदारों और रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ा दी थीं। याचिका में 22 अप्रैल 2013 को लोकायुक्त को दी गई शिकायत का हवाला दिया गया है, जिसमें नारायण स्वामी एंटरप्राइजेज, नवदुर्गा कंस्ट्रक्शन, मातुश्री कंस्ट्रक्शन और सिद्धि विनायक कंस्ट्रक्शन जैसी फर्मों पर मेहरबानी के आरोप लगाए गए थे। आरोप था कि जेडीए के 60 से 80 प्रतिशत कार्य इन्हीं फर्मों को दिए गए। 'मोडस ऑपरेंडी': ऐसे लगाया गया करोड़ों का चूना याचिका में घोटाले के तरीके का सिलसिलेवार खुलासा किया गया है: फाइलें गायब होने की क्रोनोलॉजी लोकायुक्त के निर्देश पर जब जांच शुरू हुई, तो जेडीए में हड़कंप मच गया और फाइलें गायब होने लगीं। आरटीआई से खुलासा: इन अफसरों पर लटकी तलवार याचिका में आरटीआई के तहत प्राप्त उन पत्रों को भी शामिल किया गया है, जो लोकायुक्त सचिवालय ने विभिन्न विभागों को भेजे थे। इन पत्रों में उन अधिकारियों के नाम हैं, जिनके खिलाफ 16 सीसीए (गंभीर कदाचार) और 17 सीसीए की कार्रवाई लंबित है। इनमें नामजद अधिकारियों में तत्कालीन निदेशक (वित्त) रामप्रताप शर्मा, आर.पी. शर्मा, एसई रामलाल सियाग, एक्सईएन अरविंद कुमार, मोहनलाल शर्मा, भंवरलाल सुथार, एईएन जगदीश छंगाणी, सुनील बोहरा, जेईएन दीपक गोयल, जितेंद्र मेवाड़ा, अरुण पुरोहित, सहायक लेखाधिकारी नानूराम, कनिष्ठ लेखाधिकारी प्रेमप्रकाश जोशी, केवल चंद गहलोत, लेखाकार गोविंद प्रसाद और इकबाल अली के नाम शामिल थे। जांच अधिकारी ने कहा था- एफआईआर दर्ज करो जांच अधिकारी एम.के. खन्ना ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा था, इतनी बड़ी मात्रा में पत्रावलियों का गुम होना गंभीर अनियमितताओं का संकेत देता है। उन्होंने सिफारिश की थी कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही तीन अभियंताओं को तुरंत निलंबित करने, ठेकेदार की सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करने की अनुशंसा की गई थी। याचिकाकर्ता का आरोप है कि 10 साल बीत जाने के बाद भी न तो एफआईआर हुई और न ही किसी बड़े अफसर पर गाज गिरी। केवल कुछ का तबादला कर खानापूर्ति कर दी गई। विधानसभा के विशेषाधिकार की आड़ याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि जब उन्होंने इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी आरटीआई में मांगी, तो संयुक्त विधि परामर्शी ने यह कहकर मना कर दिया कि यह मामला विधानसभा के विशेषाधिकार से जुड़ा है और रिपोर्ट अभी सदन के पटल पर नहीं रखी गई है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि घोटाला अधिकारियों ने किया है, न कि मंत्रियों ने, इसलिए इसे छिपाना गलत है। अब आगे क्या? हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य सचिव, नगरीय विकास विभाग, कार्मिक विभाग और जेडीए से जवाब मांगा है। इस मामले में 7 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार को बताना होगा कि 128 फाइलों के गायब होने के बावजूद एफआईआर क्यों नहीं हुई और दोषी अधिकारियों को अब तक क्यों बचाया जा रहा है?
रिपब्लिक डे नजदीक है। ऐसे में गोरखपुर में देश भक्ति से जुड़ी सामानों की खरीदारी तेज हो गई है। कपड़े के दुकानों पर आर्मी ड्रेस की डिमांड बढ़ गया। लोग अपने बच्चों के लिए बॉर्डर 2 मूवी से प्रेरित होकर आर्मी ड्रेस खरीद कर ले जा रहे हैं। इसके आलावा लड़कियों के लिए रानी लक्ष्मी बाई और पंजाबी पटियाला सूट की डिमांड ज्यादा है। 26 जनवरी को होने वाले आयोजनों के लिए शहरवासी जमकर तैयारी कर रहे हैं। गोलघर, रेती, बक्शीपुर, घंटाघर में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है। लोग ट्रीकलर बैंड्स, चूड़ियां, टोपी, झंडा, टीशर्ट, स्टीकर, दुपट्टा और देश भक्ति से जुड़ी अन्य तमाम चीजों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग दिल्ली का ट्री कलर मास्क है। गोलघर के एक दुकान के ओनर अंकित अग्रवाल ने बताया- 26 जनवरी एकदम नजदीक है, ऐसे में आर्मी ड्रेस का डिमांड बढ़ गया है। ज्यादातर लोग बॉर्डर 2 पिक्चर देखकर इन कपड़ों को खरीदने आ रहे हैं। इसके अलावा, पुलिस और डॉक्टर की ड्रेसों की भी डिमांड है। बच्चे को आर्मी वाले लुक में देखने की चाहत खरीदारी करने आएं प्रदीप कुमार त्रिपाठी ने कहा- 26 जनवरी को बच्चे के स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसमें वह एक आर्मी मैन का रोल अदा करेगा। उसी के लिए आर्मी ड्रेस खरीदने आया हूं। जबसे मैने 'बॉर्डर 2' देखा, तबसे मेरे बेटे को आर्मी वाले लुक में देखना चाहता था। स्कूल का कार्यक्रम ही सही उसे आर्मी मैन बनते देखूंगा। मुझे गर्व है कि मेरा बेटा ऐसा रोल निभा रहा है। भविष्य में सच में वह देश की सेवा करें। दिल्ली से आया स्पेशल ट्रीकलर फेसमास्क धर्मशाला बाजार में दुकान लगाने वाले हरीश गुप्ता ने बताया कि सबसे ज्यादा लोग तिरंगा झंडा को ही खरीद कर ले जाते हैं। इसके अलावा लड़कियों के लिए पटका, दुपट्टा, हैंड बैंड और रिबन की डिमांड ज्यादा है। उन्होंने बताया कि अगर कुछ नए आइटम की बात करें तो इन दिनों ट्रीकलर फेस मास्क सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। बच्चे हो या बड़े सब इसे खरीद कर ले जा रहे हैं। इसे हम स्पेशल दिल्ली से लेकर आते हैं। देशभक्ति से जुड़े सामान और उनके रेट तिरंगा झंडा- 5- 200 रुपएरबर बैंड- 5-10 रुपएगुब्बारा- 80 रुपए पैकेटबाइक झंडा- 20 रुपएबैज- 5 से 30 रुपएतिरंगा चूड़ी- 20 से100 रुपएपटका- 20-40 रुपएरिबन- 10-20 रुपएरिबन हैंड बैंड- 15 रुपएटोपी- 20-40 रुपएकंगन- 20-40 रुपएस्टिकर- 5-10 रुपएकार स्टैंड- 40-150 रुपएमास्क- 150 रुपएतिरंगा झुमका- 30 रुपएप्लास्टिक बैलून- 30 रुपएप्लास्टिक फैन- 40 रुपए
16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस आज मनेगा
सागर। 25 जनवरी को 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला स्तरीय समारोह का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुबह 11 बजे से होगा। इस वर्ष की थीम मेरा भारत, मेरा वोट तथा टैगलाइन भारतीय लोकतंत्र के केंद्र में भारतीय नागरिक निर्धारित की गई है।
बेबसी: सब्जी के ठेले पर बीमार पत्नी को लेटाकर अस्पताल की ओर भागा पति; रास्ते में तोड़ा दम
समाज की संवेदनहीनता और गरीबी का इससे भयावह मंजर और क्या होगा? जिस ठेले से बुजुर्ग रोज सब्जी बेचकर परिवार का पेट पालते थे, शनिवार को उसी ठेले पर उन्हें अपनी बीमार पत्नी को लादकर अस्पताल की ओर भागना पड़ा। बुजुर्ग अशिक्षित थे, उन्हें नहीं पता था कि एम्बुलेंस को फोन कैसे करते हैं। उन्होंने हाथ जोड़कर पड़ोसियों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने एक फोन तक नहीं किया हारकर वह अपनी बीमार पत्नी को उसी सब्जी वाले ठेले पर लेटाकर बदहवास होकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। विडंबना देखिए, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में माता मढ़िया के पास पत्नी ने दम तोड़ दिया। जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के ललितपुर (सेसाई गांव) निवासी पवन साहू पिछले 12 साल से सागर में रहकर हाथ ठेले पर सब्जी बेच रहे हैं। उनकी पत्नी लंबे समय से बीमार थीं। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि इलाज में जो भी जमा पूंजी थी, वह पहले ही खत्म हो चुकी थी। शनिवार को जब पत्नी की हालत ज्यादा बिगड़ी, तो बेबस पति ने हर दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई मदद को नहीं आया। जब कोई रास्ता नहीं सूझा, तो पवन ने अपनी पत्नी को उसी सब्जी वाले ठेले पर लिटाया और अस्पताल लेकर निकल गए। वह बदहवास होकर ठेला खींचते रहे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रास्ते में ही पत्नी की सांसें थम गईं। इसकी जानकारी लगते ही पूर्व पार्षद नरेश यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने बुजुर्ग से बातकर पूरी जानकारी ली। इसके बाद अपनत्व सेवा समिति के वाहन की व्यवस्था कर शव को नरयावली नाका मुक्तिधाम भिजवाया जहां अंतिम संस्कार किया गया।
हृदय रोग जांच शिविर के लिए आज देंगे किट
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दो साल के कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में रविवार को विद्या भारती भवन चिंतामन रोड पर निःशुल्क हृदय जांच शिविर अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वयं स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं को शिविर की उपयोगी सामग्री वितरित करेंगे। संयोजक सत्यनारायण खोईवाल ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. सत्यनारायण जटिया, निगम अध्यक्ष कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल आदि मौजूद रहेंगे।
जनवरी के आखिरी दिनों में सर्दी बढ़ गई है। शनिवार की शुरुआत बादलों और सर्द हवा के बीच हुई। हालांकि मध्यम कोहरा भी छाया रहा। दिन में धूप निकली, लेकिन उसके तेवर तीखे नहीं रहे। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में मावठे का अनुमान लगाया है। रात के साथ दिन के तापमान में गिरावट का दौर जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री रहा, जो शुक्रवार के अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री से 4 डिग्री कम रहा। इसी तरह न्यूनतम तापमान को देखें तो शनिवार को 12.8 डिग्री रहा, जो शुक्रवार को 15 डिग्री से 2.2 डिग्री कम है।
गणतंत्र दिवस : वीआईपी पार्किंग कालिदास उद्यान में, मुरलीपुरा से मार्ग डायवर्ट रहेगा
गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को लेकर पुराने शहर में महाकाल दर्शन और वीआईपी इंतजाम तय कर दिए गए, जिससे कि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। पहली बार गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह कार्तिक मेला ग्राउंड में होगा, इसे लेकर बड़नगर मार्ग पर मुरलीपुरा से मार्ग बंद रहेगा और वाहनों को मुरलीपुरा से अन्य मार्ग होते हुए जूना सोमवारिया की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। चक्रतीर्थ की तरफ से भी बड़े पुल को जाने वाला मार्ग गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न होने तक बंद रहेगा। इंदौर रोड, देवास रोड तथा मक्सी रोड के रास्ते आने वाले श्रद्धालु महाकाल दर्शन के लिए आना चाहते हैं तो वे अपने निजी वाहनों से नानाखेड़ा शांति पैलेस सिंहस्थ बायपास मार्ग होते हुए नृसिंहघाट मार्ग स्थित कर्कराज पार्किंग पर पहुंचेंगे। यहां वाहन पार्क करने के बाद दर्शन के लिए मंदिर पहुंच सकेंगे। उक्त पार्किंग भर जाने पर अन्य पार्किंग में वाहन पार्क कराए जाएंगे।
सप्त सागर से अवैध कब्जे हटाए और गंदा पानी रोके
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) भोपाल ने उज्जैन के सप्त सागर जलाशयों को बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने देखा कि गोवर्धन सागर और अन्य जलाशयों में अवैध कब्जा हो गया है और बिना साफ किए पानी का प्रवाह हो रहा है। पीठ में न्यायमूर्ति एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीरकुमार चतुर्वेदी शामिल थे। एनजीटी ने बताया 36 बीघा क्षेत्र में से 18.5 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है। नगर निगम और जिला प्रशासन ने पहले दिए निर्देशों का पालन नहीं किया, जिस पर एनजीटी ने सख्त टिप्पणी की। अधिकरण ने मुख्य सचिव मध्यप्रदेश को आदेश दिया कि सभी जलाशयों से अवैध कब्जा हटाया जाए और गंदा पानी सीधे जलाशयों में जाने से रोका जाए। साथ ही पर्यावरण विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मासिक निगरानी और जल की गुणवत्ता की रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया गया। एनजीटी ने कहा सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए जलाशयों की पवित्रता और पानी की शुद्धता बनाए रखना बहुत जरूरी है। अगली सुनवाई 20 फरवरी 2026 को होगी।
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में युवक की गोली मारकर हत्या, आरोपी फरार
दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में शनिवार देर रात 32 साल के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात बुलंद मस्जिद क्षेत्र में हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस के मुताबिक 24 जनवरी की रात करीब 11:24 बजे शास्त्री पार्क थाना क्षेत्र में फायरिंग की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि समीर उर्फ मुस्तकीम उर्फ कामू पहलवान को गोली मारी गई है। पुलिस ने मृतक की पहचान 32 वर्षीय समीर उर्फ मुस्तकीम उर्फ कामू पहलवान के रूप में की है। वह बुलंद मस्जिद इलाके का रहने वाला था। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए, जिन्हें जांच में शामिल किया गया है। डीसीपी नॉर्थ ईस्ट आशीष मिश्रा ने बताया कि शास्त्री पार्क थाने में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं।
वाहन फिटनेस में गंभीर अनियमितता सामने आने पर परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन वेदांती व्हीकल फिटनेस एसपीवी, ग्वालियर के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। जांच में खुलासा हुआ कि रायरू स्थित वेदांती फिटनेस सेंटर ने एक ही इंजन नंबर के फोटो से 6 वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किए हैं। यानी 5 वाहन जांच के लिए सेंटर पर आए ही नहीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस सेंटर का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट 24 जनवरी से 23 फरवरी 2026 तक के लिए निलंबित कर दिया है। इस गड़बड़ी के चलते एक माह तक वेदांती फिटनेस सेंटर पर वाहनों की फिटनेस जांच नहीं हो सकेगी। ऐसा हुआ खुलासा: 13 जनवरी को एटीएस वेदांती सेंटर के विरुद्ध शिकायत परिवहन विभाग को मिली थी। ट्रक मालिक ने वीडियो वायरल किया था। जिसमें एजेंट वाहनों की फिटनेस के नाम पर 5500 रुपए मांग रहा है। इस शिकायत की जांच के लिए परिवहन आयुक्त कार्यालय के आदेश पर परिवहन निरीक्षक प्रवीण नाहर को अधिकृत किया। जांच में पाया गया कि पोर्टल पर अपलोड किए फॉर्म-69 में कई वाहनों-RJ11-GB9997, RJ11-GA9797, UP30-BT0251, UP32-UN7343, RJ11-GA9129 और MP07-HB6534 के इंजनों की फोटो एक है। इससे स्पष्ट हो गया कि वास्तविक फिटनेस जांच किए बिना ही प्रमाण पत्र जारी किए गए। सेंटर का स्पष्टीकरण फेल विस्तृत रिपोर्ट आना शेष परिवहन विभाग ने वेदांती सेंटर को अपना पक्ष रखने के लिए 20 जनवरी को पत्र जारी किया। सेंटर ने 23 जनवरी को अपना स्पष्टीकरण दिया। हालांकि, प्रथम चरण की जांच में आई अनियमितताओं के संदर्भ में यह स्पष्टीकरण फेल हो गया। विभाग ने माना कि नियमों और निर्देशों का पालन नहीं किया गया। अब इस मामले की गहराई से जांच उप परिवहन आयुक्त्त (शिकायत) को मिली है। 2 सप्ताह में में रिपोर्ट प्रस्तुत होगी। इसके बाद और भी बड़ी कार्रवाई सेंटर पर हो सकती है। जांच में मिली गड़बड़ी, उप परिवहन आयुक्त करेंगे विस्तृत जांचएटीएस वेदांती व्हीकल फिटनेस सेंटर ग्वालियर द्वारा जो वाहनों की फिटनेस जांच की जा रही थी, उसमें जांच कमेटी ने गड़बड़ी पाई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एक माह के लिए फिटनेस सेंटर का रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिया है। साथ ही आगे की जांच की जिम्मेदारी उप परिवहन आयुक्त को दी गई है।-विवेक शर्मा, परिवहन आयुक्त
रैगिंग:शिकायत के बाद जेयू हॉस्टल पहुंची टीम, 5 आरोपी छात्रों के बयान भी लिए
यूजीसी हेल्पलाइन में रैगिंग की शिकायत किए जाने के बाद जेयू प्रबंधन सक्रिय हो गया है। शनिवार को कुलानुशासक मंडल और जेयू के अधिकारी आर्यभट्ट हॉस्टल पहुंचे । उन्होंने हॉस्टल के प्रत्येक हिस्से की जांच करने के साथ ही शिकायत करने वाले छात्रों और आरोपी छात्रों के पक्ष को जाना। यूजीसी से जीवाजी यूनिवर्सिटी को एक शिकायत भेजी गई थी। इसमें आर्यभट्ट हॉस्टल में रहने वाले फार्मेसी विभाग के प्रथम वर्ष के 8 छात्र ने सीनियर छात्रों द्वारा अपने कमरे में बुलाकर प्रताडि़त करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत के बाद कुलानुशासक प्रो. एसके सिंह, डॉ. निमिषा जादौन, चीफ वार्डन प्रो. राधा तोमर सहित अन्य अधिकारी आर्यभट्ट हॉस्टल में डेढ़ घंटे वहां रुककर मामले की जांच की। इस दौरान एक फरियादी छात्र तथा 4 आरोपी छात्रों से घटना से जुड़े तथ्य जाने। कुलानुशासक प्रो. एसके सिंह ने बताया कि आरोपी 3 छात्र अपने घर गए हैं। उनके आते ही बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ–साथ फरियाद छात्र के भी बयान दर्ज किए गए हैं।
ऐसा पहली बार है जब फरवरी में होने वालीं परीक्षा को लेकर छात्रों से ज्यादा घबराहट शिक्षकों में है। कारण जिले में पदस्थ 6,300 में से लगभग 2,500 शिक्षक एसआईआर व दूसरे काम में लगे हैं। जो बचे हैं उन्हें एमपी बोर्ड की दो और लोकल बोर्ड की चार कक्षाओं के 1,12,703 छात्रों की परीक्षाएं करानी हैं। परीक्षा के साथ ही कॉपियों की जांच, प्रैक्टिकल भी होने हैं। दूसरी तरफ भोपाल में बैठे अफसरों का दबाव है कि रिजल्ट में 15%तक सुधार करें। इसकी मॉनिटरिंग कलेक्टर व दूसरे अधिकारी कर भी रहे हैं। एसआईआर काम 4 नवंबर से प्रारंभ हुआ। इस काम में आज भी 48 अफसर, 1935 बीएलओ सहित करीब 3 हजार अधिकारी-कर्मचारी लगे हैं। अब इसका दायरा और बढ़ता जा रहा है। कारण, लॉजिकल एरर वाले 3.21 लाख वोटरों की और सुनवाई होनी है। इनके लिए 198 नए अधिकारियों को एईआरओ बनाने का प्रस्ताव सीईओ के पास गया है। बात यदि शिक्षा विभाग की करें तो स्थिति जगंभीर है। जो 198 नए अधिकारी अभी नियुक्त होने हैं, उनमें सर्वाधिक 121 फिर शिक्षा विभाग से हैं। इनमें 8 केंद्राध्यक्ष सहित 37 ऐसे हैं जिन्हें कुछ दिन पहले कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष बनाकर रेंडमाइजेशन के बाद सूची भोपाल भेजी है। ऐसे में 2 विकल्प रहेंगे, या तो नए बनाकर रेंडमाइजेशन फिर से करें या फिर इन्हें एईआरओ से हटाया जाए। इससे पहले भी बीएलओ बने 62 शिक्षकों की सूची डीईओ निर्वाचन शाखा को भेज चुके हैं। ये वे शिक्षक थे, जिनके कारण बोर्ड परीक्षार्थियों की एक्स्ट्रा क्लास में दिक्कत आ रही थी। 5-8 की परीक्षा में भी लगेंगे शिक्षक, केंद्र बनेंगे 270 कक्षा 5 व 8 के छात्रों की परीक्षा 20 फरवरी से होनी है। इस बार छात्र संख्या कक्षा 5 में 34 हजार 168 और कक्षा 8 में 29 हजार 328 है। गत वर्ष 274 केंद्र बने थे। परीक्षा ड्यूटी में शिक्षक भी लगभग 300 लगेंगे। डीपीसी रवींद्र तोमर ने कहा कि रिजल्ट 95 फीसदी से ज्यादा चाहिए। वे ऐसी व्यवस्था कर रहे हैं कि परीक्षा ठीक से हो जाएं और मूल्यांकन भी। परीक्षा वालों को हटाने का प्रयास ^एसआईआर में शिक्षक लगे हैं। पढ़ाई पर भी असर हुआ है पर इसके बाद भी एक्स्ट्रा क्लास लगवाईं ताकि रिजल्ट सुधर सके। परीक्षा जरूरी है और एसआईआर भी। जिन्हें परीक्षा करानी हैं उन्हें हटवाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। हमने इस साल रिजल्ट में 15 फीसदी तक वृद्धि का लक्ष्य शिक्षकों को दिया है। -हरिओम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी SIR: पर्याप्त अमला,रोज समीक्षा, प्रोग्रेस ठीक नहीं
कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा एसडीएम को झुनझुना देने का प्रयास करने के मामले में अब सामाजिक संगठन व युवा विधायक के समर्थन में आए हैं। एक संगठन से जुड़े युवाओं ने काम करने वाले और काम नहीं करने वाले अधिकारियों को झुनझुना या फिर फूल देने की कवायद शुरू करने का दावा किया है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा है कि यह मुहीम पूरे प्रदेश में शुरू की जाएगी। जो अधिकारी काम सही करेंगे और भ्रष्टाचार नहीं करेंगे, उनको संगठन फूल देकर सम्मानित करेगा। दूसरी और भ्रष्ट और कामचोर अधिकारियों को झुनझुना देकर सम्मानित किया जाएगा। कोई अधिकारी गलत करेगा तो उसे झुनझुना दिया जाएगा इस संबंध में युवा क्रांतिकारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष गुरदीप ढांडा ने कहा कि वे पूरी तरह से विधायक के समर्थन में हैं। अगर कोई अधिकारी गलत करेगा तो उसे झुनझुना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके संगठन से प्रदेश के हजारों की संख्या में युवा जुड़े हुए हैं। अब हर युवा अपनी गाड़ी या बाइक पर साथ में झुनझुना और फूल रखेगा। जहां पर अधिकारी सही तरीके से लोगों के काम करेंगे, वहां फूल दिया जाएगा। नहीं तो भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों को झुनझुना दिया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह ने कहा कि उन्होंने पुलिस को शिकायत दे रखी है। पुलिस की ओर से जांच की जा रही है। जांच के आधार पर मामले में जो भी कार्रवाई बनेगी, वह की जाएगी। ये था मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर बांग्लादेश के टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होने की रही। वहीं, दूसरी बड़ी खबर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ी है। शनिवार रात अज्ञात युवकों ने उनके शिविर में घुसने की कोशिश की। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में घुसने की कोशिश, धक्का-मुक्की, योगी जिंदाबाद के नारे लगे प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद जारी है। शनिवार रात कुछ युवकों ने शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की। वे योगी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इस दौरान अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से युवकों की धक्का-मुक्की हो गई। प्रशासन ने इसके बाद शिविर के चारों तरफ बैरिकेडिंग लगा दी। अंदर जाने के रास्ते ब्लॉक कर दिए। शंकराचार्य भी हंगामे के बाद वैनिटी वैन में चले गए। इससे पहले अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने उनकी जान को खतरा बताया था। शिविर की सुरक्षा के लिए 12 CCTV कैमरे लगवाए हैं। अखिलेश बोले- नकली सनातनियों की पोल खुली: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शंकराचार्य विवाद पर कहा- 'हमें खुशी है कि अविमुक्तेश्वरानंद डटे हुए हैं। एक-एक सनातनी उनके साथ है। उन्होंने कम से कम नकली सनातनियों की पोल खोल दी। हमारा उनसे सीधा संपर्क है।' पढ़ें पूरी खबर... 2. बांग्लादेश टी-20 वर्ल्डकप से बाहर, स्कॉटलैंड को मौका; पाकिस्तान भी हट सकता है मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ICC से अपने मैच श्रीलंका शिफ्ट करने की मांग की थी। (फाइल फुटेज) बांग्लादेश टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। ICC ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया है। दरअसल, बांग्लादेश ICC से लगातार अपने मैच भारत की जगह श्रीलंका में करवाने पर अड़ा हुआ था। ICC ने बांग्लादेश को दोबारा विचार करने के लिए कहा था, लेकिन उसने भारत में खेलने से इनकार कर दिया था। बांग्लादेश ने कहा;- हम वर्ल्ड कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर चिंता अब भी बनी हुई है। पाकिस्तान भी टी-20 वर्ल्ड कप से हट सकता है: पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चीफ मोहसिन नकवी ने कहा, 'ICC ने बांग्लादेश के साथ गलत व्यवहार किया है। हम अपने प्रधानमंत्री के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। फिर इसके बाद फैसला लेंगे कि हमें वर्ल्ड कप खेलना है या नहीं।' पढ़ें पूरी खबर... 3. UP में 5 मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू छात्रा को बुर्का पहनाया, भाई का दावा- बहन से कहा गया इस्लाम से किस्मत बदलेगी यूपी के मुरादाबाद में 5 मुस्लिम लड़कियों ने एक हिंदू छात्रा को जबरन बुर्का पहनाया। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद उसे सड़क पर घेर लिया। बैग से बुर्का निकाला और पहना दिया। पीड़ित के भाई ने दावा किया कि उसकी बहन से सहेलियों ने कहा कि इस्लाम कबूल करो, किस्मत बदल जाएगी। इसमें बहुत खूबसूरत लगोगी। मुरादाबाद में FIR दर्ज: पीड़ित और आरोपी लड़कियां एक ही स्कूल में 12वीं में पढ़ती हैं। सभी की उम्र 15-17 साल के बीच है। साथ में कोचिंग भी जाती हैं। घटना 20 दिसंबर की है, लेकिन 22 जनवरी को लड़की के भाई ने थाने में FIR कराई है। पढ़ें पूरी खबर... 4. इंडिगो ने 16 एयरपोर्ट्स पर 717 फ्लाइट स्लॉट्स छोड़े, मुंबई में 236 और दिल्ली में 150 उड़ानें कम हुईं इंडिगो ने कोहरे और ऑपरेशनल दिक्कतों के चलते 16 एयरपोर्ट्स पर अपने 717 फ्लाइट स्लॉट्स छोड़ दिए हैं। मुंबई में 236 और दिल्ली में 150 उड़ानें कम हुई हैं। वहीं, बेंगलुरु में 84, हैदराबाद में 68 और पुणे में 48 स्लॉट्स छोड़े गए हैं। दूसरी एयरलाइंस को फायदा मिलेगा: स्लॉट खाली होने से दूसरी एयरलाइंस को फायदा मिलेगा। इंडिगो की उड़ानें कम होने पर कुछ रूट्स पर फ्लाइट विकल्प घट सकते हैं, लेकिन मंत्रालय के मुताबिक डोमेस्टिक कैपेसिटी पर्याप्त है। अब ये खाली स्लॉट्स एअर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट को मिल सकते हैं, जिससे वे अपना नेटवर्क बढ़ा सकें। पढ़ें पूरी खबर... 5. भारत से एक्स्ट्रा 25% टैरिफ हटा सकता है अमेरिका, वित्तमंत्री बोले- भारत ने रूस से तेल खरीद घटाई ट्रम्प सरकार भारत पर लगाए गए एक्स्ट्रा 25% टैरिफ को हटा सकती है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदना काफी कम कर दिया है। ये अमेरिका की बड़ी जीत है। इसलिए टैरिफ में राहत देने की गुंजाइश बन रही है। भारत पर कुल 25% टैरिफ: अमेरिका ने अगस्त 2025 में भारत पर दो बार टैरिफ लगाया था। पहली बार 1 अगस्त को व्यापार घाटे को लेकर 25% टैरिफ लगाया गया था। इसके बाद 27 अगस्त को रूस से तेल खरीदने की वजह से एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लगाया था। पढ़ें पूरी खबर... 6. ट्रम्प बोले- चीन 1 साल में कनाडा को खा जाएगा, हमारे बजाय उनसे बिजनेस कर रहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि चीन, कनाडा को एक साल के अंदर ही खा जाएगा। कनाडा हमारे बजाय चीन से दोस्ती बढ़ा रहा है, जिससे वह बर्बाद हो जाएगा। दरअसल, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने ट्रम्प के गोल्डन डोम प्रोजेक्ट का विरोध किया है और चीन के साथ नए व्यापार समझौते किए, जिससे ट्रम्प नाराज हैं। इसी कारण अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया है। क्या है गोल्डन डोम प्रोजेक्ट: यह अमेरिका का नया डिफेंस प्रोजेक्ट है, जिसमें हजारों सैटेलाइट्स स्पेस में तैनात की जाएंगी। ये सैटेलाइट्स दुश्मन देशों की मिसाइलों को उड़ान भरते ही पकड़कर अंतरिक्ष में ही नष्ट कर देंगी। ट्रम्प के मुताबिक, यह सिस्टम अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से बचाएगा और 2029 तक तैयार हो जाएगा। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स ने MBBS में एडमिशन के लिए काट दिया पैर यूपी के जौनपुर में एक युवक ने MBBS में दिव्यांग कोटे से एडमिशन लेने के लिए खुद का पैर काट दिया। पुलिस और घरवालों को हमले की झूठी कहानी सुनाई, लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि एडमिशन के लिए उसने पंजे की 4 उंगलियां अलग कर दीं। अब सिर्फ अंगूठा बचा है। फोटो जो खुद में खबर है जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए सेना के जवान मोनू का पार्थिव शरीर शनिवार को अलीगढ़ पहुंचा। तिरंगे में लिपटा शव देखते ही घर में चीख-पुकार मच गई। मां-पिता और भाई शव से लिपटकर रोने लगे। मां बेहोश हो गईं। पिता बदहवास होकर जमीन पर गिर पड़े, लोगों ने उन्हें पानी पिलाकर संभाला। भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के लिए पार्टनरशिप और नई जिम्मेदारी का योग है। मिथुन राशि वालों का अधूरा काम पूरा हो सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
यूआईटी की जमीन में भू-माफिया अवैध कॉलोनियां बसा रहे है। करीब एक माह पहले यूआईटी ने नवले की चक्की से हरसाणी फांटा तक नेशनल हाइवे से 200 फीट ग्रीन बेल्ट में किए गए निर्माण को चिह्नित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की थी। अभियान से पहले यूआईटी ने उत्तरलाई में एयरपोर्ट के नजदीक बिना स्वीकृति के काटी गई कॉलोनी के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए कार्य को बंद करवाया था। लेकिन उत्तरलाई में एयरपोर्ट के पास बिना कन्वर्जन के काटी कॉलोनी का कार्य पुन: शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही जैसलमेर रोड पर मारवाड़ होटल के पास काटी गई कॉलोनी में भूखंड की प्लॉटिंग और बेचने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सिर्फ एक दिन चली कार्रवाई का असर भी इतना ही चल पाया। अधूरे अभियान के कारण बढ़े भूमाफियों के हौसले एक महीने पहले जब यूआईटी ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मोर्चा खोला था, तब लगा था कि शहर का नियोजित विकास होगा। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। मात्र एक दिन चले अभियान के बाद अवैध कॉलोनी काटने वालों के हौसले और बढ़ गए। इसके चलते इन लोगों द्वारा यूआईटी में न तो कन्वर्जन राशि जमा करवाई है और न ही इन कॉलोनियों को पास कराया है। सीधे ही भूखंड बेच कर कॉलोनियों में निर्माण शुरू करवा दिया है। कॉलोनी संचालक धड़ल्ले से भूखंड बेच रहे हैं और विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच रुकवाया कार्य बिना कन्वर्जन कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने और उसके भूखंडों काटकर बेचने की शिकायत पर यूआईटी के अधिकारी हरकत में आए। यूआईटी के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने उत्तरलाई में एयरपोर्ट से 900 मीटर दूरी पर काटी जा रही कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां पर निर्माण कार्य जारी था। यूआईटी अधिकारियों ने मौके पर निर्माण को रुकवाया व नोटिस थमाया। इनसाइट - कार्रवाई के बाद लोगों को झांसा देकर बेच रहे भूखंड यूआईटी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद मौके पर जाकर देखा गया कि जिन जगहों पर विभागीय अधिकारियों ने पिछले माह जेसीबी चलाई थी। वहीं भूमाफियों द्वारा एक बार फिर से पत्थर डालकर कार्य शुरू कर दिया। वहीं कार्रवाई के बारे में पूछने पर ग्राहकों को सब सेट है का झांसा देकर भूखंड बेच रहे हैं। अभियान के दौरान जिन कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उनका पुन: निरीक्षण किया गया। जिन कॉलोनियों में कार्य शुरू पाया गया। उन कॉलोनी मालिकों को नोटिस थमाए हैं। - श्रवणसिंह राजावत, सचिव, यूआईटी बाड़मेर
राजस्थान के बेरोजगार युवाओं को कंबोडिया ले जाकर साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी जा रही है। चीन के साइबर ठग उन युवाओं को फर्जी CID ऑफिसर, IPS ऑफिसर बनकर ठगी के तरीके सिखाते हैं। बिजनेसमैन और पैसे वालों को ठगने का टारगेट देते हैं। इतना ही नहीं, ठगी के लिए राजस्थान के ही बैंक खातों और SIM का इस्तेमाल हो रहा है। ये खुलासा हुआ है, लगातार 3 दिन 18, 19 और 20 जनवरी को साइबर ठगी की तीन बड़ी कार्रवाइयों में। इसमें बानसूर से 50 युवाओं को कंबोडिया भेजने वाले एक दलाल हत्थे चढ़ा। वहीं, जोधपुर से कंबोडिया के ठगों को राजस्थान के फर्जी एड्रेस पर एक्टिव मोबाइल सिम भेजने वाले का खुलासा हुआ। इसके बाद कोटा से वो सरगना पकड़ा जो ठगी का पैसा ठिकाने लगाने के लिए कंबोड़िया की गैंग को बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराता था। भास्कर ने इन तीनों कार्रवाई में सामने आई पुलिस पड़ताल का एनालिसिस किया। सामने आया कि वर्तमान में राजस्थान की 5 हजार से अधिक सिम कंबोडिया में एक्टिव हैं। इन्हीं सिम से बैंक खातों को हैंडल कर हजारों करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए पूरी पड़ताल.... 1. राजस्थान में बैठे दलाल युवाओं को भेजते हैं कंबोडिया कोटपूतली-बहरोड़ पुलिस ने 19 जनवरी को रामनगर (बानसूर) निवासी दलाल सुरेश सेन को गिरफ्तार किया था। सुरेश देशभर से युवाओं को साइबर फ्रॉड के लिए कंबोडिया भेजता था। सुरेश ने बानसूर से ही 50 युवाओं को कंबोडिया साइबर फ्रॉड सेंटर पर काम के लिए भेजा था। इन्हें 1 से 1.5 लाख रुपए महीने की सैलरी का लालच दिया गया था। उन्हें डेटा एंट्री कस्टमर सपोर्ट व डिजिटल मार्केटिंग जैसी नौकरी के नाम पर झांसे में लिया गया। लेकिन बाद में ठगी के काम में लगा लिया गया। यह होती है ट्रेनिंग सुरेश सेन ने पुलिस को बताया कि कंबोडिया के स्कैम सेंटर पर राजस्थान से युवकों को डिजिटल अरेस्ट की स्क्रिप्ट दी जाती है। फर्जी IPS, CBI इंस्पेक्टर और ED ऑफिसर बनकर कैसे बात करनी है, इसका तरीका सिखाया जाता है। बताते हैं कि कौनसा-अधिकारी किस लहजे में बात करता है, कैसे धमकाता है, ऑफिशियल लैंग्वेज क्या होती है, शिकार को भरोसे में कैसे लेना है, इन सबकी ट्रेनिंग भी देते हैं। डिजीटल अरेस्ट से भी कोई झांसे में नहीं आए तो शेयर मार्केट, क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर ठगी करने का तरीका सिखाया जाता है। पुलिस से बचने के लिए VPN और सर्वर के इस्तेमाल जैसी कई प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी जाती हैं। फर्जी ऐप/वेबसाइट का इस्तेमाल करना, ट्रांजैक्शन ट्रैक करने जैसे टेक्निकल गुर भी सिखाते हैं। 20 लोग और थे सुरेश के संपर्क में कोटपूतली-बहरोड़ एसपी देवेंद्र बिश्नोई ने बताया कि जो कंबोडिया पहुंच चुके उनके परिवार वालों से काउंसलिंग कर बताया गया कि उनके बेटे गलत काम में लिप्त हैं, वहीं जो 20 लड़के सुरेश के संपर्क में थे, उनको समझाइश कर छोड़ा गया है। सुरेश के खिलाफ मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है। 2. जोधपुर का राहुल कंबोडिया भेजता था सिम, हो चुकी 1100 करोड़ की ठगी जोधपुर के बासनी थाना में साइबर ठगी का एक मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने उसकी जांच की तो ठगी के तार कंबोडिया से जुड़े नजर आए। जिस मोबाइल नंबर से ठगी हुई वो जोधपुर के पते पर खरीदा गया था। लेकिन मोबाइल नंबर कंबोडिया में एक्टिव था। पुलिस ने कंबोडिया में इस्तेमाल हुए करीब 2 लाख 30 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों का डेटा निकलवाया। उस डेटा का भारतीय साइबर क्राइम समन्वय केंद्र (14C) के डेटा एनालिसिस किया। पता चला कि 36 हजार भारतीय सिम कंबोडिया में चल रही हैं। पुलिस ने इन 36 हजार नंबरों की डिटेल पता की तो उनमें 5 हजार 300 नंबर से 1100 करोड़ की ठगी सामने आई। उन मोबाइल नंबरों से लगातार ठगी हो भी रही है। इनमें से एक नंबर ऐसा था जो सालावास रोड जोधपुर के मुराद खान पुत्र बरकत खान के नाम पर था। यह सिम एक्टिव होने के बाद से कंबोडिया में रोमिंग नंबर से चल रही थी। इस सिम से तेलंगाना में 90 लाख की ठगी हो रखी थी। तेलंगाना पुलिस ने जब जोधपुर के सालावास रोड निवासी मुराद खान को इस ठगी के चलते संपर्क किया तब मुराद खान ने बासनी थाने में धोखाधड़ी और उसके नाम की फर्जी सिम का दुरुपयोग के चलते मामला दर्ज करवाया। उसके बाद पुलिस ने इस सिम की कड़ी से कड़ी जोड़ी। तब सामने आया कि जोधपुर के सांगरिया का रहने वाला राहुल झा जोधपुर, नागौर सहित कई जिलों से फर्जी सिम लेकर कंबोडिया के गिरोह को देता था। पुलिस राहुल झा की तलाश में है। पुलिस ने 20 जनवरी को फर्जी सिम विक्रेता जोधपुर निवासी मोहम्मद शरीफ, प्रकाश भील, नागौर निवासी रामअवतार राठी, हेमंत पंवार, अजमेर निवासी हरीश मालाकार व पंजाब निवासी संदीप भट्ट को गिरफ्तार किया है। जयपुर की होटल में सिम लेने पहुंचता था गिरोह फर्जी सिम कलेक्ट करने के लिए मलेशियाई नागरिक ली जियान हुइ, लो डी खेन, चेन यू मिंग, लिओंग केन नेथ जयपुर के टोंक रोड स्थित एक होटल में रुकते थे। वहां जोधपुर का राहुल झा मुलाकात करत सिम सौंपता था। फर्जी सिम से ठगी और बैंक खातों में इस्तेमाल राजस्थान से कंबोडिया पहुंची फर्जी सिम का ठग दो तरह से उपयोग कर रहे हैं। सिम को रोमिंग में एक्टिव कर कॉलिंग कर ठगी को अंजाम देते हैं। दूसरा इन मोबाइल नंबरों पर को म्यूल बैंक खातों (साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते) से लिंक करते हैं। इससे बैंक खातों के सारे ट्रांजैक्शन की कमान इनके हाथ में आ जाती है। 3. बूंदी का आदित्य कंबोडिया पहुंचाता था बैंक खाते दिल्ली में एक महिला से 15 लाख की साइबर ठगी हुई थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 18 जनवरी को आदित्य प्रताप सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया था। इससे पहले तेलांगना से सुनिल को गिरफ्तार किया गया था वहीं से कंबोडियाई गैंग का खुलासा हुआ था। इसके बाद एक-एक कर 8 लोग पकड़े गए। इन सबका सरगना आदित्य प्रताप सिंह ही था, जो बैंक खाते कंबोडिया में ठगी करने वाली गैंग तक भिजवाता था। दिल्ली पुलिस के मुताबिक तेलंगाना के हैदराबाद का सुनिल फर्जी कंपनी खोलकर उसके नाम से लोगों से बैंक खाते किराए पर लेता था। सुनिल ये खाते शंकर नाम के व्यक्ति को देता। हैदराबाद का शंकर लखनऊ के मनोज को बैंक खाते देता था और शंकर बनारस के संदीप को देता था। इसके बाद संदीप कोटा के आदित्यप्रताप को देश भर से इकट्ठा किए म्यूल अकाउंट का एक्सेस देता था। आदित्य प्रताप के जरिए ये बैंक खाते कंबोडिया में बैठे हैंडलर को मिल जाते थे। इन खातों से 4 करोड़ की ठगी का पता चलता है।
झारखंड में 30 जनवरी तक मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में सुबह के समय हल्के दर्जे का कोहरा या धुंध देखने को मिल सकती है, जबकि दिन चढ़ने के साथ आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। मुख्य रूप से मौसम साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार मध्य, दक्षिणी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी झारखंड के किसी भी जिले में इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल राज्य में किसी तरह की मौसम चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है। बीते 24 घंटे में शुष्क रहा मौसम, तापमान बढ़ा बीते 24 घंटे के दौरान पूरे झारखंड में मौसम शुष्क बना रहा। हालांकि कुछ इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा देखा गया। इस दौरान अधिकतम तापमान में कई स्थानों पर 2.1 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस रांची के कांके में रहा। मौसम विभाग के अनुसार तापमान में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से साफ आसमान, कमजोर उत्तर-पश्चिमी हवाओं और दिन में तेज धूप के कारण हुई है। तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी के संकेत मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद के तीन दिनों में तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। रांची और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 26 से 28 जनवरी के बीच सुबह हल्का कोहरा या धुंध छाने के बाद दिन में आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। 29 और 30 जनवरी को भी सुबह कोहरा या धुंध और बाद में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन मौसम शुष्क ही रहेगा। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक उत्तर-पश्चिम भारत में 26 जनवरी के आसपास सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का झारखंड पर फिलहाल सीधा असर नहीं पड़ेगा, हालांकि आगे चलकर इसका हल्का प्रभाव महसूस किया जा सकता है। पश्चिमी हिस्सों में ज्यादा गर्मी होगा महसूस पूर्वानुमान के अनुसार देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 10 से 14 डिग्री के बीच रह सकता है। रांची, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो में भी दिन में धूप तीखी रहेगी, लेकिन रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। पश्चिमी झारखंड के चतरा, पलामू और गढ़वा में अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। वहीं दक्षिणी झारखंड के सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में भी दिन के तापमान में बढ़ोतरी के संकेत हैं।
‘वो देश के लिए थे, मेरे लिए कौन है, पति ही मेरी पूरी दुनिया थे। मुझे कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ मेरा पति चाहिए। मैंने उनका पूरा परिवार संभाला है, उनकी हिम्मत नहीं कि वो मुझे धोखा दे जाएं, अब मुझे कौन संभालेगा?’ ये बातें जम्मू–कश्मीर के डोडा में हुए दर्दनाक हादसे में शहीद हरेराम कुंवर की पत्नी खुशबू कुमारी ने रोते-बिलखते हुए कही। हादसे के तीन दिन गुजर जाने के बाद भी खुशबू बेसुध हैं। पति की याद में खुशबू रो-रोकर बेहोश हो जा रही हैं। चेहरे पर बार-बार पानी, तो कभी नाक बंद कर खुशबू को होश में लाया जा रहा है। खुशबू सिर्फ एक बात रट रही हैं कि पति मेरे पीठ पीछे मुझे धोखा देकर चले गए हैं। शहीद हरेराम की पत्नी खुशबू की पहले ये 2 तस्वीरें देखिए सेना के अधिकारियों से बोली- मेरे बेटे लावारिस नहीं होने चाहिए, मदद कीजिए खुशबू ने सेना के अधिकारियों से कहा कि वो अपना ख्याल नहीं रख सकते, मुझे ख्याल रखने के लिए बार-बार बोलकर पागल कर दिया था। अब वो मेरी बात नहीं सुन रहे हैं, कोई तो उन्हें लेकर आए और समझाए। खुशबू ने कहा कि मुझे पैसा नहीं चाहिए, सम्मान नहीं चाहिए, लेकिन मेरे बेटे लावारिस नहीं होने चाहिए, बच्चों को पढ़ाने में मेरी मदद कीजिए सर। अपने पिता के बिना मेरे बच्चे अनाथ हो गए हैं। खुशबू की बातों को सुनकर पहले तो सेना के अधिकारी चुप्पी साधे रहे, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वीरांगना की पत्नी को क्या कहे, कैसे समझाएं। आखिर में जब खुशबू थोड़ी शांत हुई, तो सेना के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि फोर्थ बिहार रेजिमेंट आपके साथ है, बच्चों की पढ़ाई से लेकर हर संभव मदद करेंगी। खुशबू के फौजी चाचा हरेराम के साथी थे, उन्होंने ही भतीजी की कराई शादी हरेराम की शादी 7 मार्च 2014 में उदवंतनगर प्रखंड के गजराराजगंज ओपी अंतर्गत विशुनपुरा गांव निवासी EX आर्मीमैन रविंद्र तिवारी की बेटी खुशबू से हिंदू-रीति रिवाज से धूमधाम से हुई थी। खुशबू के चाचा राम कटेश तिवारी इस शादी के अगुआ थे। राम कटेश दानापुर में शहीद जवान हरेराम के साथ फोर्थ बिहार रेजिमेंट थे। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। शहीद जवान हरेराम कुंवर बचपन से ही अदम्य साहस और तेज तर्रार व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। फौज में उन्होंने हर सौंपी गई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और बहादुरी से निभाया, जिससे उनके साथी और अधिकारी सभी प्रभावित थें। हरेराम कुवंर के इसी अनुशासन, ईमानदारी और देशभक्ति से खुश होकर खुशबू के चाचा ने उन्हें पसंद किया और अपने परिवार से बात कर भतीजी की शादी कराई। ‘मेरा हाथ पकड़कर इस घर में लाए थे, अब मुझे अकेला छोड़ गए’ शादी के पलों को याद करते हुए खुशबू कहती हैं, वो मेरा हाथ पकड़कर अपने साथ इस घर में धूमधाम से लाए थे, फिर मातम के बीच मुझे बीच राह में इस घर में अकेला, तन्हा छोड़कर चल दिए, ऐसा उन्होंने क्यों किया? उन्होंने कहा कि आज भले ही मेरे पति, देश के लाल हरेराम कुंवर हमारे बीच नहीं हैं, हमारे साथ नहीं हैं, लेकिन उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगा। साथी जवान दोस्त बोले- हमारी तो आंखों के आंसू नहीं थम रहे फोर्थ बिहार के होनेरी कैप्टन देवेश सिंह ने कहा कि हरेराम कुंवर लगनशील जवान था, उनके शहादत की खबर सुनकर मेरी आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। उन्होंने बताया कि हरेराम कुंवर हमारे फोर्थ बिहार यूनिट से आता था। तीन महीने पहले फोर राष्ट्रीय राइफल में जम्मू–कश्मीर गए हुए थे। उन्हें वहां 2 साल तक ड्यूटी करनी थी। गुरुवार को एक ऑपरेशन के दौरान फौजी से भरी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए बक्सर, छपरा समेत अन्य जगहों से उनके दोस्त आए हैं। उनकी आत्मा को शांति मिल सके और परिवार को सहारा मिले, यही भगवान से विनती है। 'घर बनाने का सपना अधूरा, बेटे सैनिक स्कूल की तैयारी में जुटे' वहीं, फोर्थ बिहार रेजिमेंट के भूतपूर्व कमांडो सुनील कुमार चौधरी ने बताया कि दिसंबर में आरा के स्टेडियम में मुलाकात हुई थी, फौज की तैयारी कर रहे बच्चों को देखने के लिए हम दोनों आए थे। हरेराम बता रहे थे कि उन्हें पत्नी और बच्चों के लिए आरा के अनाईठ मुहल्ले में घर बनाना है। नक्शा भी बन चुका है। हरेराम ने कहा था कि दो साल के बाद रिटायरमेंट आने के बाद काम लगवाएंगे, दोनों बेटों को सैनिक स्कूल की तैयारी करा रहे थे। हमारे पलटन के जवान थे, घटना की सूचना के बाद हमलोग अपने आप को रोक नहीं पाए और बच्चों के साथ उन्हें अंतिम क्षण में दर्शन करने आए है। उनके जाने से फोर्थ बिहार के सभी जवान दुखी है। आने–जाने का परम्परा है, यही नीति का विधान है। उनके परिवार के साथ फोर्थ बिहार का पूरा परिवार है। अब जानिए जम्मू-कश्मीर में कैसे हुआ हादसा...
हाई कोर्ट परिसर में आज सांस्कृतिक कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पंच-ज अभियान के तहत रविवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर के परिसर में चित्रकला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासनिक न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। आनंद सर्विस सोसाइटी के दिव्यांग बच्चे भी भागीदारी निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और मौलिक कर्तव्यों से जुड़े विषयों को रंगों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। समूह नृत्य, गीतों के जरिए पर्यावरण संरक्षण और देशभक्ति का संदेश दिया जाएगा।
छात्रा से छेड़छाड़, बात न करने पर हत्या की धमकी दी
खजराना थाना क्षेत्र में एक कॉलेज छात्रा से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी युवक उसका पीछा करने के साथ उसे जान से मारने की धमकी दे रहा था। छात्रा ने आरोपी से बातचीत करने से इनकार किया तो वह खुदकुशी व हत्या करने की धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सर्दी सीजन के 70 दिन बीतने के बाद पहली बार ऐसी ठंड पड़ी है। शनिवार को दिनभर कोल्ड डे जैसा अहसास रहा। सुबह की शुरुआत बादलों के लिहाफ में हुई। बादलों के आगे धूप भी बेबस थी। ठंड लाने वाली उत्तर-पूर्वी हवा का रफ्तार वाला दौर भी दिनभर चलता रहा। नतीजा यह हुआ कि शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री कम होकर 22 डिग्री पर पहुंच गया। इस स्तर पर तापमान सीजन में पहली बार पहुंचा है। सुबह 7 बजे जैसी ठंड थी, वैसी ही शाम के समय भी महसूस होती रही। दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम बदल गया है। राजस्थान में कई जिलों में हलकी बारिश भी हुई है। इसी वजह से हमारे यहां भी हलके बादल छाए हुए हैं। न्यूनतम तापमान की बात की जाए तो यह औसत से अधिक बना हुआ है। सीजन में न्यूनतम तापमान 70 रातों तक 10 डिग्री या उससे कम रहा है, लेकिन दिन के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं रही। दिसंबर में रात का पारा 4.1 डिग्री तक गया थादिसंबर में रात का तापमान 4.1 डिग्री के लेवल तक भी गया, लेकिन अगले दिन पारा 26-27 डिग्री तक पहुंच जाता था। इस कारण दिन कंपकंपाने वाले नहीं बीते। शनिवार को सीजन में पहली बार दिन में भी कंपकंपी का अहसास हुआ। इस सीजन में केवल 16 नवंबर को कोल्ड डे रहा था, लेकिन तब भी दिन का पारा 25 डिग्री से ऊपर दर्ज हुआ था। गणतंत्र दिवस भी बादलों की ओट में विक्षोभ और बादलों का असर अभी खत्म होने वाली नहीं है। 31 जनवरी तक यही स्थिति रहेगी। गणतंत्र दिवस पर भी सुबह से शाम तक बादल छाए रहेंगे। दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। यह 20 डिग्री सेल्सियस के लेवल तक भी पहुंच सकता है।
अब पंजाब और चंडीगढ़ की कोई भी बड़ी खबर आपसे नहीं छूटेगी। राजनीति हो, क्राइम हो, सरकार का कोई बड़ा फैसला हो या मौसम का बड़ा अलर्ट– हर बड़ी खबर आपको सबसे सटीक मिलेगी। दैनिक भास्कर एप पर आज से हर दिन शाम 6 बजे पंजाब दिनभर लॉन्च किया जा रहा है। जिसमें लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, बठिंडा समेत पूरे पंजाब की बड़ी खबरें एक ही प्लेटफॉर्म पर दिखेंगी। चंडीगढ़ में हो रही हर बड़ी घटना की सटीक और तेज जानकारी सीधे आप तक पहुंचेगी। सिर्फ यही नहीं, दैनिक भास्कर एप पर आप दिन भर 150+ छोटे बड़े शहरों की खबरें और वीडियो भी देख सकते हैं। किसी भी बिग इवेंट या ब्रेकिंग न्यूज का नोटिफिकेशन आपको सबसे पहले मिलेगा। तो अलर्ट हो जाइए, हर दिन शाम 6 बजे दैनिक भास्कर एप का पंजाब दिनभर देखने के लिए और जुड़े रहिए पंजाब-चंडीगढ़ की हर बड़ी हलचल से।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 25 जनवरी को पटना के होटल मौर्य में होगी। बैठक सुबह 11:30 बजे से शुरू होगी। यह बैठक इसलिए खास मानी जा रही है क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक है, जिसमें भविष्य की दिशा तय की जा सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर अहम फैसला लिया जा सकता है। लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को देखते हुए संगठन की कमान युवा नेतृत्व को सौंपने की तैयारी मानी जा रही है। हालांकि अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। आरजेडी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में देश के 27 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भाग लेने के लिए पटना आए हुए हैं। इनके अलावा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हिस्सा लेंगे। इसमें 200 से अधिक डेलिगेट्स भाग ले रहे हैं। बाहर से आए नेताओं को होटल मौर्या में ठहराया गया है। बैठक में पूर्व सीएम लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, सांसद मनोज झा, संजय यादव के अलावा राजद के अन्य नेता शामिल होंगे। पहले से अहम फैसले ले रहे हैं तेजस्वी भले ही पद की आधिकारिक घोषणा न हुई हो, लेकिन तेजस्वी यादव पहले से ही पार्टी के अधिकतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। संगठनात्मक मामलों से लेकर राजनीतिक रणनीति तक उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। पार्टी के भीतर भी उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हो सकती है। कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर ठोस और सख्त निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। संगठन में बड़े फेरबदल की तैयारी बैठक में RJD संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और उसमें व्यापक फेरबदल पर भी विचार किया जाएगा। बदलते राजनीतिक हालात में पार्टी खुद को अधिक सक्रिय, आधुनिक और जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति पर काम कर सकती है। विदेश से लौटने के बाद तेजस्वी हुए एक्टिव विदेश यात्रा से लौटने के बाद तेजस्वी यादव पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। बीते गुरुवार और शुक्रवार को उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ लगातार बैठकें कीं। इनमें संगठन विस्तार, राज्य की राजनीति और प्रस्तावित बिहार दौरे को लेकर रणनीति बनाई गई। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव में RJD को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था और पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर सिमट गई थी। तेजस्वी यादव महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा थे। चुनाव के बाद विदेश यात्रा को लेकर वे सत्तापक्ष के निशाने पर भी रहे, लेकिन अब वापसी के बाद वे एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं।
आगोर भूमि पर 40 से ज्यादा अवैध केबिन:डीटीओ ऑफिस के पास जसदेर तालाब के आगोर पर केबिनों का अतिक्रमण
शहर के जसदेर तालाब के आगोर की बेशकीमती भूमि इन दिनों अतिक्रमियों की शरणस्थली बनी हुई है। परिवहन विभाग कार्यालय के ठीक सामने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 40 से अधिक अस्थाई केबिन लगा दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि सरकारी जमीन पर हो रहे इस कब्जे को रोकने के बजाय विभाग और प्रशासन ने मौन स्वीकृति दे रखी है। अवैध तरीके से रखे गए इन केबिनों ने बिना एनओसी के बिजली कनेक्शन लेकर सरकारी नियमों को एक बार फिर ठेंगा दिखाया है। परिवहन विभाग में अपने काम के लिए आने वाले आमजन की सुविधा के नाम पर यहां एजेंटों के जसदेर आगोर की जमीन पर एक के बाद एक करीब 40 अस्थाई केबिन लग चुके हैं। बिना किसी भू-स्वामित्व या विभाग की एनओसी के इन केबिनों में धड़ल्ले से बिजली के कनेक्शन ले लिए गए हैं। सवाल यह है कि डिस्कॉम ने बिना वैध दस्तावेजों के यहां कनेक्शन कैसे जारी कर दिए? जसदेर आगोर की जमीन पर खतरा आगोर की जमीन जल संरक्षण और पारिस्थितिकी के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है, लेकिन यहां निर्माण और केबिन विस्तार से आने वाले समय में इस भूमि का स्वरूप पूरी तरह बिगड़ जाएगा। जसदेर तालाब के आगोर की जमीन पर जहां एक ओर कुछ लोगों द्वारा आए दिन अतिक्रमण किया जा रहा है। आरटीओ कार्यालय के पास 50 से अधिक केबिनों से अतिक्रमण किया है।
गोरखपुर की दो महिलाएं मंशा और राजकुमारी रिपब्लिक डे परेड में स्पेशल गेस्ट के तौर पर शामिल होंगी। उन्हें सरकार की ओर से आमंत्रित किया गया है। इन दोनों महिलाओं ने अपने मेहनत के दम पर एक मिसाल पेश किया और आज राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना ली है। मंशा और राजकुमारी ने मजबूरी में काम करना शुरू किया और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते आज लखपति दीदी बन गई हैं। अपने साथ दूसरे सैकड़ों महिलाओं को भी ट्रेनिंग देती और सेल्फ इंडिपेंडेंट बनाने के लिए प्रेरित करती। अब उनकी उपलब्धियां देश भर की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी। UP की 14 लखपति दीदी को मिला आमंत्रण रिपब्लिक डे परेड में उत्तर प्रदेश की कुल 14 लखपति दीदी को स्पेशल गेस्ट के तौर पर हिस्सा लेने के लिए चयनित किया गया है। इनमें से दो गोरखपुर की हैं।एक ब्रह्मपुर ब्लॉक की मंशा देवी और दूसरी कैम्पियरगंज क्षेत्र की राजकुमारी देवी हैं। दोनों ने सरकार की योजना का लाभ उठाकर कामयाबी की नजीर बनी हैं। मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपए का लोन लिया मंशा ब्रह्मपुर ब्लॉक के ग्राम हरपुर की निवासी हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण मंशा ने स्वयं सहायता समूह से कुछ अलग करने की ठानी। सेल्फ मोबिलिटी कार्यक्रम के तहत उन्होंने ई रिक्शा चलाना शुरू किया। मुद्रा योजना से 1.25 लाख रुपए का लोन लिया और ई रिक्शा खरीदी। रिक्शा चलाने के साथ ही उन्होंने अन्य महिलाओं को भी ट्रेनिंग देनी शुरू की। वर्तमान समय में मंशा हर महीने 20,000 रुपये की अर्निंग कर रही हैं। उनकी सफलता ने अन्य कई महिलाओं को भी प्रेरित कर स्वावलंबी बनने को अग्रसर किया है। श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़ीं मंशा की तरह, राजकुमारी देवी भी रिपब्लिक डे पर गोरखपुर का मान बढ़ाएंगी। कैम्पियरगंज तहसील क्षेत्र के भरोहिया ब्लॉक के ग्राम रखही की राजकुमारी देवी एक साधारण गृहिणी थी। उनके जीवन में परिवर्तन तब आया जब वह फरवरी 2025 में श्री बाबा गोरखनाथ कृपा मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़ीं। इस मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन का गठन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से हुआ है। राजकुमारी के घर एक भैंस पहले से थी लेकिन मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन से जुड़ने के बाद अब उनके पास दो गाय और चार भैंस हैं। इससे वह हर दिन 25 से 30 लीटर दूध की बिक्री ऑर्गनाइजेशन के संग्रह केंद्र पर करती हैं। अब वह न केवल लखपति दीदी बन गईं हैं बल्कि उन्हें संस्था में निदेशक की भी जिम्मेदारी मिल गई है।
मेरा नसीब शायद अच्छा था। मेरी आंख जल्दी खुल गई। वरना शायद मैं भी 35 टुकड़ों में कहीं पड़ी मिलती। मेरी मुस्लिम सहेलियां मुझे लगातार इस्लाम अपनाने के लिए उकसा रही थीं। वो कहती थीं, इस्लाम बहुत अच्छा है। वो मुझे मीट खाने के लिए कहती थीं। बुर्का पहनाती थीं। धीरे-धीरे मुझे उनकी हर बात अच्छी लगने लगी। मानो उन्होंने मेरे ऊपर कोई तंत्र मंत्र किया हो, मुझे हिपनोटाइज कर लिया हो। वो मुझे खाने में कुछ मिलाकर देती थीं। ये कहना है 12वीं में पढ़नी वाली मुरादाबाद की उस हिंदू छात्रा का। जिसे उसकी 5 मुस्लिम सहेलियों ने बुर्का पहनाया था। वीडियो सामने आने के बाद दैनिक भास्कर ने छात्रा से बात की। वह कहती है- अब मेरी आंखें पूरी तरह से खुल चुकी हैं। मेरे ऊपर मुस्लिम सहेलियों का जो असर था, वो अब उतर चुका है। अब मैं उन्हें सजा दिलाना चाहती हूं। ताकि फिर से ये किसी हिंदू लड़की को बरगलाने की कोशिश न करें। पहले घटना के बारे में बताते हैं... 5 मुस्लिम छात्राओं ने हिंदू सहेली को जबरन बुर्का पहनायाये घटना मुरादाबाद में जिला मुख्यालय से करीब 35 Km दूर आगरा हाईवे पर स्थित बिलारी कस्बे की है। यहां से करीब 2Km दूर सहसपुर में जनता इंटर कॉलेज है, जिसमें साइंस ग्रुप की छात्राओं का एक ग्रुप है। सहेलियों के इस ग्रुप में 5 मुस्लिम और एक हिंदू छात्रा है। सभी 6 छात्राएं स्कूल में सहेली होने के साथ-साथ केमिस्ट्री के ट्यूशन पर भी एक साथ कोचिंग जाती हैं। डेढ़ साल से सभी के बीच गहरी दोस्ती है। ये कहानी 20 दिसंबर से शुरू होती है, जब ये पांच मुस्लिम सहेलियां कोचिंग क्लास के बाहर अपनी हिंदू सहेली को बुर्का पहनाती हैं। ये घटना CCTV में कैद हो जाती है। अब इसी फुटेज के सामने आने के बाद बवाल मचा हुआ है। हिंदू छात्रा के भाई ने पांच मुस्लिम सहेलियों पर अपनी बहन को जबरन बुर्का पहनाने और धर्मांतरण की कोशिश करने के आरोप में बिलारी थाने में FIR दर्ज करा दी है। हिंदू छात्रा के पिता ड्राइवर, 3 भाई-बहन में सबसे छोटी छात्रा का परिवार बिलारी कस्बे में ही एक मोहल्ले में रहता है। पिता एक स्कूल वैन चलाते हैं। तीन भाई बहन में छात्रा सबसे छोटी है। दोनों बड़े भाई कस्बे में ही मोबाइल की दुकान चलाते हैं। छात्रा पढ़ने में ठीक है। पढ़ लिखकर डॉक्टर बनने का उसका सपना है। अब उस छात्रा की कहानी, जिसे मुस्लिम छात्राओं ने बुर्का पहनाया... डेढ़ साल पहले दोस्ती, बोली- वो रेस्टोरेंट लेकर जातेकरीब डेढ़ साल पहले मैं जब 11वीं क्लास में थी, तब मेरी इन पांचों से कॉलेज में मुलाकात हुई थी। सबसे पहले अलीना मेरी दोस्ती बनी। अलीना ने ही बाकी 4 मुस्लिम लड़कियों से मेरी दोस्ती कराई। अलीना मुझे अक्सर कहती थी कि इस्लाम बहुत अच्छा धर्म है। तू हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम धर्म कबूल कर ले। वो मुझे बुर्का पहनने और मीट खाने के लिए भी उकसाती थी। मुझे पता नहीं क्या हुआ कि धीरे-धीरे मुझे अलीना और उसकी 4 अन्य सहेलियों की बातें अच्छी लगने लगीं। धीरे-धीरे मुझे ऐसा लगा कि ये जो कह रही हैं वही सही है। 20 दिसंबर को अलीना ने मुझे बुर्का पहनाया और फिर पांचों मुस्लिम सहेलियां मुझे अपने साथ एक रेस्टोरेंट में ले गईं। इसके पहले भी वो मुझे इस रेस्टोरेंट में ले जाती थीं। हैरानी की बात थी कि जब भी मैं मुस्लिम सहेलियों के साथ इस रेस्टोरेंट में जाती तो खाने का ऑर्डर वेटर नहीं लाता था बल्कि अलीना या उसकी दूसरी मुस्लिम सहेली खाना लेकर आती थी। मुझे यकीन है कि वो मुझे खाने में मिलाकर कुछ देती थी। मैं एक तरह से हिपनोटाइज हो गई थी। समय रहते मेरी आंख खुल गई। वरना मैं भी दिल्ली की श्रद्धा की तरह शायद 35 टुकड़ों में कहीं बोरे में बंद पड़ी मिलती। मेरी मुस्लिम सहेलियों का प्लान आगे क्या था, क्या पता। हो सकता है वो मुझे किसी मुस्लिम लड़के से अफेयर चलाने को कहतीं या मुझे कहीं ले जाकर बेच देतीं। अब भाई की बात मेरी बहन को बेच भी सकती थीं पांचोंभाई ने कहा- मेरी बहन को जबरन बुर्का पहनाया गया। वीडियो में सबकुछ साफ दिख रहा है। मेरी बहन ने भी मुझे बताया कि वो लड़कियां उसे उकसाती थीं कि बुर्का पहन ले...तू बुर्के में अच्छी लगेगी। मेरी बहन से कहती थीं कि नॉनवेज खा ले अच्छा लगेगा। ग्रेवी-ग्रेवी खा ले। मेरी बहन को जबरन रेस्टोरेंट में ले गई। उसे खाने में कुछ मिलाकर देती थी। अलीना ही उसे बार-बार इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए उकसाती थी। मेरी बहन पर तंत्र मंत्र करके उसे सम्मोहित किया गया था। मेरी बहन पूरी तरह उनके कंट्रोल में हो गई थी। हमने कई जगहों पर उसका इलाज कराया और झाड़ फूंक कराया, तब जाकर उसकी स्थिति में सुधार हुआ है। हमें वक्त रहते घटना का पता चल गया, नहीं तो मेरी बहन को उसकी पांचों मुस्लिम सहेलियां न जाने कहां ले जाकर बेच देतीं। कुछ लोगों ने मेरी बहन का वीडियो सोशल मीडिया पर बिना उसका फेस ब्लर किए वायरल कर दिया है। अब मुस्लिम छात्रा की बात वो खुद कहती थी मुझे बुर्का पहना दो, नकाब वो खुद खरीदकर लाईइस मामले में मुख्य आरोपी अलीना ने दैनिक भास्कर से कहा- मेरी हिंदू सहेली मुझ पर ये आरोप क्यों लगा रही है, ये बात मेरी समझ से परे है। मैंने कभी उसे बुर्का पहनने को और इस्लाम धर्म कबूल करने को नहीं कहा। हम सभी एक ही क्लास में हैं और 11वीं क्लास से एक दूसरे को जानते हैं। हमारे बीच अच्छी दोस्ती थी। वो खुद ही हमारे जैसा पहनना पसंद करती थी। उसे बुर्का पसंद था। उस दिन भी उसने जिद करके बुर्का पहना था। मैं अपना बुर्का दर्जी के पास दुरुस्त कराने के लिए ले गई थी। उसने कहा, मैं एक बार पहनकर देखूंगी। बल्कि नकाब तो वो खुद ही खरीदकर लाई थी। उसने कई बार कहा था कि मुझे भी एक बुर्का दिला दो। वो मेरे घर कभी नहीं आई। ऐसे में खाने पीने में तंत्रमंत्र करना समझ से परे है। अब उन्होंने क्यों हमारे खिलाफ FIR लिखाई है, हमें नहीं पता। अलीना के पिता बेल्डिंग मजदूर, परिवार गरीबअलीना बिलारी कस्बे से करीब 6 किमी दूर थांवला गांव की रहने वाली है। उसके पिता बेल्डिंग मजदूर हैं। थांवला में तंग गलियों के बीच अलीना का घर है। आठ भाई बहनों में वह तीसरे नंबर की है। उसकी 5 में से दो बड़ी बहनें ग्रेजुएशन में हैं। 2 बहनें और तीन भाई अलीना से छोटे हैं। तंगहाली में भी अलीना का पढ़ाई के प्रति गहरा रुझान है। सहसपुर की 4 छात्राएं घर छोड़ रिश्तेदारियों में गईंइस मामले में नामजद बाकी 4 छात्राएं बिलारी के पास सहसपुर की रहने वाली हैं। हमने इन छात्राओं के घर पहुंचकर इनसे भी बात करने की कोशिश की। तमाम कोशिशों के बाद भी ये और इनके परिजन बात करने के लिए तैयार नहीं हुए। इन्हें लगता है कि कुछ बोलेंगे तो मामला और बढ़ेगा। अलबत्ता इतना जरूर पता चला कि ये छात्राएं अपना-अपना घर छोड़कर अपनी रिश्तेदारियों में चली गई हैं। इन्हें डर है कि पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए कभी भी इनके घरों पर दस्तक दे सकती है। ........................... ये पढ़ें - 5 मुस्लिम लड़कियों ने हिंदू छात्रा को बुर्का पहनाया, VIDEO:भाई का दावा- बहन से कहा गया इस्लाम कबूल करने से किस्मत बदलेगी, मुरादाबाद में FIR यूपी के मुरादाबाद में 5 मुस्लिम लड़कियों ने एक हिंदू छात्रा को जबरन बुर्का पहनाया। आरोप है कि कोचिंग से निकलने के बाद उसे सड़क पर घेर लिया। बैग से बुर्का निकाला और पहना दिया। पीड़ित के भाई ने दावा किया कि उसकी बहन से सहेलियों ने कहा कि इस्लाम कबूल करो, किस्मत बदल जाएगी। इसमें बहुत खूबसूरत लगोगी। पढ़िए पूरी खबर...
यूपी में दिग्गज मुस्लिम नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने 24 जनवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। नसीमुद्दीन की पश्चिमी यूपी में मजबूत सियासी पकड़ मानी जाती है। वो मायावती सरकार में 2 बार मंत्री रहे। मायावती उन्हें मिनी सीएम कहती थीं। हालांकि साल 2017 में विधानसभा चुनाव में हार के बाद मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। इसके बाद 2018 में नसीमुद्दीन कांग्रेस में शामिल हुए थे। अब सभी की नजरें उनके अगले कदम पर टिकी हैं। चर्चा है कि वो चंद्रशेखर के साथ जा सकते हैं। VIDEO में देखिए नसीमुद्दीन की राजनीतिक पकड़...
माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुए विवाद ने सनातन समाज से लेकर सियासत तक को दो फाड़ कर दिया है। पालकी में गंगा स्नान की जिद, पुलिस के साथ झड़प और फिर बटुकों की पिटाई ने यूपी की सियासत में उबाल ला दिया है। शंकराचार्य का अनशन और मेला प्रशासन की ओर से शंकराचार्य पदवी पर सवाल उठाते हुए दो नोटिस, अब सिर्फ भीड़ प्रबंधन का नहीं रहा, बल्कि धार्मिक सम्मान, प्रशासनिक सख्ती और राजनीतिक खेल का बड़ा केंद्र बन गया है। 7 दिन से यूपी की सियासत भी उबल रही है। इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए क्या यह विवाद सिर्फ एक संत और मेला नियमों का टकराव है? क्या शंकराचार्य का पद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद 'शंकराचार्य' कहलाना सही है? क्या सरकार की छवि को नुकसान पहुंच रहा? विपक्ष को राजनीतिक माइलेज मिल रहा? पहले पढ़िए विवाद… 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर त्रिवेणी स्नान के लिए जाते समय अविमुक्तेश्वरानंद और उनके श्रद्धालुओं का पुलिस-प्रशासन से टकराव हो गया था। पुलिस-प्रशासन का दावा है कि लाखों की भीड़ में अविमुक्तेश्वरानंद पालकी सहित जाने पर अड़े थे, जिससे मेला में अव्यवस्था फैलने का खतरा था। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद का दावा है कि पुलिस-प्रशासन ने उनका अपमान किया। उनके समर्थकों, खासकर बटुकों की चोटी खींचकर पिटाई की गई और उन्हें स्नान करने से रोक दिया गया। तब से अविमुक्तेश्वरानंद घटनास्थल पर ही अनशन पर बैठे हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि अगर मेला प्रशासन इसे सही ढंग से हैंडल करता तो यह विवाद आगे ही नहीं बढ़ता। लड़ाई पुलिस-प्रशासन और सरकार बनाम अविमुक्तेश्वरानंदअब यह लड़ाई पुलिस-प्रशासन बनाम अविमुक्तेश्वरानंद की जगह सरकार बनाम अविमुक्तेश्वरानंद की हो गई है। हमने सरकार में बैठे कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों से बात की। समझा कि आखिर सरकार इस मामले का हल क्यों नहीं कर रही? नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि सरकार अपने रुख पर कायम है। वह अपने कदम किसी भी कीमत पर पीछे नहीं खींचने के मूड में नहीं। यही कारण है कि पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता से लेकर खुद यूपी सीएम योगी के बयानों में भी यह साफ दिख रहा। खुद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को हरियाणा के एक कार्यक्रम में बिना नाम लिए अविमुक्तेश्वरानंद की कालनेमि से तुलना करते हुए तंज कसा। सरकार के स्तर पर तय किया गया है कि पूरा विवाद मेला प्रशासन और अविमुक्तेश्वरानंद के बीच का था। लेकिन, इसे जानबूझकर सरकार को बदनाम करने के लिए आधार बनाया गया है। सरकार ने तय किया है कि अविमुक्तेश्वरानंद ने मेला नियमों का उल्लंघन किया है। उन्हें दी गई नोटिस और उसके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई मेला प्रशासन ही करेगा। सरकार के स्तर पर न तो कोई बयान जारी किया जाएगा और न ही सफाई पेश की जाएगी। इस मामले को जिस तरीके से कांग्रेस-सपा राजनीतिक रंग दे रहे हैं, उसे भी प्रवक्ताओं के माध्यम से साबित करने की कोशिश होगी कि यह पूरा विवाद धार्मिक नहीं, राजनीतिक है। अविमुक्तेश्वरानंद राजनीतिक दलों के मोहरे बन चुके हैं। यही कारण है कि प्रशासन अब तक अविमुक्तेश्वरानंद को दो नोटिस जारी कर चुका है, जो साफ दर्शाता है कि प्रशासन भी अपने स्टैंड पर अडिग है। अविमुक्तेश्वरानंद को माफी से कम पर कुछ भी मंजूर नहींउधर, घटना के बाद से अनशन पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद खेमा भी साफ कर चुका है कि जब तक प्रशासन या सरकार की ओर से इस पूरे प्रकरण में माफी नहीं मांगी जाती, तब तक वे अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। शुक्रवार को उन्हें तेज बुखार ने जकड़ लिया है। फिर भी वे अपने फैसले से पीछे नहीं हटते दिख रहे हैं। अविमुक्तेश्वरानंद खेमे से जुड़े एक सूत्र का दावा है कि कुछ संतों की ओर से समझौते की कोशिश की गई थी, लेकिन शंकराचार्य का पद सनातन में बहुत ही प्रतिष्ठित और सम्मानित है। ऐसे में यदि अविमुक्तेश्वरानंद अपने कदम पीछे करते हैं, तो यह संदेश जाएगा कि सनातन कमजोर पड़ गया। खुद अविमुक्तेश्वरानंद कह चुके हैं कि 2015 में सपा सरकार ने उन पर लाठीचार्ज कराया था, लेकिन बाद में सरकार ने माफी मांगी तो मैंने उन्हें माफ कर दिया। इसी तरह इस बार भी यदि प्रशासन और सरकार अपनी गलती के लिए माफी मांगें और ससम्मान मुझे स्नान के लिए जाने दें, तो मैं अनशन छोड़ने को तैयार हूं। सरकार से टकराव नया नहीं सरकारें, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से क्यों खफा हैं? यह जानने के लिए बैकग्राउंड में जाना जरूरी है। दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के दो प्रमुख मुद्दे हैं। पहला- गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा घोषित करना। दूसरा- गोहत्या करने वालों पर कठोर दंड का प्रावधान। इन दोनों मांगों को लेकर उनका आंदोलन कई साल से जारी है। इसे लेकर वे 10-11 मार्च को दिल्ली में एक बड़ा कार्यक्रम करने जा रहे हैं। इस सम्मेलन में देशभर के प्रमुख धर्माचार्यों से ये पूछा जाएगा कि क्या उन्होंने किसी राजनीतिक दल को आशीर्वाद दे रखा है। अगर आशीर्वाद दे रखा है, तो वो दल गोरक्षा के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? कार्यक्रम में चारों पीठ के शंकराचार्य सहित देशभर के साधु-संन्यासी बुलाए गए हैं। मेरठ में कुछ दिन पहले आए अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा था- गोरक्षा के मुद्दे पर किसी भी राजनीतिक दल ने हमें खुलकर समर्थन नहीं दिया। इसके बाद बिहार में हमने गोरक्षकों से चुनाव लड़ने को कहा। ऐसे 198 गोरक्षक/प्रत्याशी बिहार का विधानसभा चुनाव लड़े। इन्हें 5 लाख 86 हजार 13 वोट मिले। यानी एक विधानसभा क्षेत्र से औसत तीन हजार वोट गोरक्षा के नाम पर मिले। अगर इतने पर भी राजनीतिक दल गोरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाते, तो हम पश्चिम बंगाल और यूपी के विधानसभा चुनाव में भी गोरक्षकों से चुनाव लड़ने के लिए कहेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहाअविमुक्तेश्वरानंद को सपा-कांग्रेस की ओर से राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। खुद अखिलेश यादव ने फोन कर उनसे बात की है। सपा इस पूरे प्रकरण को सनातन के अपमान से जोड़कर प्रचारित कर रही है और भाजपा को इसके लिए दोषी बता रही है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे भी माघ मेले में स्नान के दौरान उनसे मुलाकात करने गए थे। इसके अलावा माघ मेले में मौजूद सपा से प्रयागराज उत्तरी से प्रत्याशी रह चुके संदीप यादव भी लगातार समर्थन में हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के साथ ही प्रयागराज के सांसद उज्ज्वल रमण सिंह भी अपने पिता रेवती रमण के साथ अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात कर चुके हैं। कांग्रेस भी लगातार उनके समर्थन में सक्रिय है और बयान दे रही। पहली बार विपक्ष को भाजपा पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाने का मौका मिला है, जिसे वे भुना रहे हैं। संघ और विहिप का स्टैंड- वेट एंड वॉचविश्व हिंदू परिषद का मानना है कि माघ मेले में इस तरह का विवाद नहीं होना चाहिए था। नियम और कानून सभी के लिए समान हैं। अगर पालकी पर बैठकर संगम तक जाने पर पाबंदी है, तो शंकराचार्य को उसका पालन करना चाहिए था। लेकिन, बटुकों की चोटी खींचने और मारपीट की घटना निंदनीय है। इस तरह की घटनाओं से हिंदुओं की एकता कमजोर होती है। संघ की ओर से भी अब तक इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। इसकी वजह यह भी है कि इस पूरे प्रकरण को लेकर संत से लेकर सनातन में आस्था रखने वाले भी बंटे हुए नजर आ रहे। एक बड़ा वर्ग जहां इस विवाद के लिए अविमुक्तेश्वरानंद को दोषी मान रहा, वहीं दूसरा वर्ग पुलिस-प्रशासन के हठ को इस विवाद की वजह बता रहा। एक बड़ा वर्ग मानता है कि एक संत होने के नाते अविमुक्तेश्वरानंद को व्यवस्था का पालन करना चाहिए था। अगर प्रशासन ने पालकी में सवार होकर जाने की अनुमति नहीं दी थी, तो पैदल जाते। विभिन्न पीठ और मठों के संत और महंत भी इस मुद्दे पर उनकी आलोचना कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में बटुकों की चोटी पकड़कर खींचना और मारपीट के प्रकरण पर सभी एकमत हैं। इसकी निंदा के साथ मारपीट में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सरकार को सिर्फ छवि की चिंता सता रहीराजनीतिक जानकार कहते हैं कि पहले वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर देवी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का विवाद, फिर प्रयागराज माघ मेले में अविमुक्तेश्वरानंद का अपमान किए जाने के लगातार दो प्रकरणों से सरकार की छवि को धक्का लगा है। पहली बार विपक्ष को भाजपा पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाने का मौका मिला है। दोनों ही प्रकरणों में जिस तरीके से सामान्य लोगों की प्रतिक्रिया आ रही है, उससे भी सरकार की चिंता बढ़नी लाजमी है। सनातन समाज का एक बड़ा वर्ग शंकराचार्य को रोकने और बटुकों की चोटी पकड़कर खींचने को अनुचित बता रहा है। खुद सीएम योगी की छवि फायर ब्रांड हिंदुत्व की है, लेकिन इन घटनाओं से उनकी छवि को भी नुकसान पहुंचा है। यही सरकार की मुख्य चिंता है। यही कारण है कि एक तरफ जहां सीएम योगी इस मामले में सख्त स्टैंड लिए हुए हैं, वहीं उनके साथी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने संतुलित प्रतिक्रिया देकर इस मसले को खत्म करने का आग्रह किया है। गुरुवार को केशव प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूज्य शंकराचार्य जी के चरणों में प्रणाम करते हुए आग्रह करते हैं कि स्नान करें। किसी भी पूजनीय संत, शंकराचार्य का अनादर करने का प्रावधान नहीं है। यदि किसी ने ऐसा किया होगा, तो जांच कर कार्रवाई करेंगे। केशव का यह बयान हिंदुत्व वोट बैंक को साधने वाला बताया जा रहा है। फिर सुलह का क्या रास्ता होगा? जानकार मानते हैं कि सरकार और अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच बात इतनी बिगड़ गई है कि इसमें अब उच्च स्तर (आरएसएस और भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व) के दखल से ही बात बनेगी। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर भाजपा और संघ में शुरू से ही एक आम धारणा बनी हुई है कि वे विरोध में बोलते हैं। लेकिन इस प्रकरण को लेकर जिस तरीके से विपक्ष भाजपा को हिंदू विरोधी प्रचारित करने में जुटा है, उसे लेकर संघ और भाजपा का शीर्ष नेतृत्व जरूर चिंतित है। यही कारण है कि उसके स्तर से कोई पहल हो सकती है। अब वो दो बड़े मामले, जिसमें अविमुक्तेश्वरानंद फंसे 1– वाराणसी गंगा में मूर्ति विसर्जन को लेकर खाई थीं लाठियां साल- 2015 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण का हवाला देते हुए गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन पर रोक लगाई थी। साधु-संत और आयोजन समिति से जुड़े लोग गणेश मूर्ति गंगा में विसर्जित करने पर ही अड़े थे। वहीं, प्रशासन ने इसके लिए वैकल्पिक कुंड की व्यवस्था की थी। साधु-संत जब पीछे नहीं हटे और 30 घंटे तक प्रदर्शन करते रहे, तब पुलिस ने रात में लाठीचार्ज कर दिया था। इसमें अविमुक्तेश्वरानंद समेत कई लोग घायल हो गए थे। बाद में क्या हुआ? पुलिस ने जबरन मूर्तियों का विसर्जन लक्ष्मी कुंड में करा दिया। इतने पर भी अविमुक्तेश्वरानंद शांत नहीं हुए। उन्होंने पूरी काशी में पुलिस लाठीचार्ज के खिलाफ परिक्रमा की। उन दिनों यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। ये बात जोर-शोर से उछली कि वाराणसी में साधु-संतों पर सपा सरकार ने लाठीचार्ज कराया है। इससे सपा को नुकसान हुआ। अविमुक्तेश्वरानंद अब ये तक कहते हैं कि उस प्रकरण के बाद यूपी से सपा सरकार चली गई थी। 2– शंकराचार्य के पट्टाभिषेक पर विवाद, SC में मामला ज्योतिर्मठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती 11 सितंबर, 2022 को ब्रह्मलीन हो गए थे। 12 सितंबर, 2022 को उनके शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का पट्टाभिषेक हो गया। स्वरूपानंद सरस्वती के दूसरे शिष्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने पट्टाभिषेक रोकने के लिए अदालत में एक अपील दायर की। अक्टूबर, 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने ज्योतिष्पीठ के नए शंकराचार्य के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पट्टाभिषेक पर रोक लगा दी थी। जस्टिस बीआर गवई और बीवी नागरत्ना की बेंच ने ये आदेश तब दिया, जब पुरी के गोवर्धन मठ के शंकराचार्य ने एक हलफनामा दायर किया। जिसमें कहा गया कि उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद को नए शंकराचार्य के रूप में नियुक्त करने का समर्थन नहीं किया। उसी वक्त संन्यासी अखाड़े ने भी उन्हें शंकराचार्य मानने से इनकार कर दिया था। बाद में क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट में साल-2022 से यह केस चल रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तभी से अपने नाम के साथ शंकराचार्य शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज मेला प्राधिकरण को एक नोटिस का जवाब दिया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया, जिसमें मुझे शंकराचार्य पद पर बने रहने से रोका गया हो। अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से कई राज्यपालों समेत सरकारों/प्रमुख जनप्रतिनिधियों के वो लेटर दिखाए गए, जिनमें उन्हें शंकराचार्य लिखा कया गया है। 22 जनवरी को ही यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में उन्हें पूज्य शंकराचार्य नाम से संबोधित किया। अब जानिए, इस विवाद पर बड़े संत क्या कहते हैं स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी बोले– अविमुक्तेश्वरानंद ही दोषी श्रीमत परमहंस आश्रम टीकरमाफी महा प्रबंधक स्वामी हरि चैतन्य ब्रह्मचारी कहते हैं कि आज तक कोई भी शंकराचार्य पालकी के साथ संगम स्नान करने नहीं गया है। गंगा तो मां है, मां की गोद में पालकी लेकर नहीं जाया करते। जब सरकार ने माघ मेले के नियम बनाए हैं, तो उनका पालन करना चाहिए था। अनुमति लेकर ही जुलूस या यात्रा निकालनी चाहिए। जहां तक शंकराचार्य की बात है, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य नहीं हैं, उनका मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। हालांकि, बटुकों के साथ मारपीट करना और उनकी चोटी खींचना गलत था। इसके लिए भी अविमुक्तेश्वरानंद ही दोषी हैं। उन्होंने ही बटुकों को आगे कर विवाद को बढ़ावा दिया। उनके गुरु स्वरूपानंद महाराज श्रद्धा के केंद्र थे, उनके शिष्य होकर भी खुद को कलंकित कर रहे हैं। अफसर गलत, मैं अविमुक्तेश्वरानंद के साथडासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद ने कहा कि वह 100 प्रतिशत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हैं। उनके मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद प्रयागराज के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ अपने सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे को बिना वजह अपने ऊपर ले लिया है, जबकि पूरे प्रकरण में गलती अफसरों की है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें... जिस चोटी को पकड़कर प्रयागराज पुलिस ने पीटा...उसका महत्व क्या? मौनी अमावस्या पर संगम स्नान के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों से कथित बदसलूकी और मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिष्यों का आरोप है कि पुलिस ने न सिर्फ शंकराचार्य का राजदंड छीना, बल्कि कुछ बटुकों को शिखा (चोटी) पकड़कर घसीटा। उन्हें कमरे में बंद किया और मारपीट की। पढ़िए पूरी खबर...
नोएडा में 16 दिसंबर की रात सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। शासन की ओर से घटना को लेकर विशेष जांच दल (SIT) गठित की गई। SIT ने 22 से ज्यादा सवाल प्राधिकरण समेत तीन विभागों से पूछे। नोएडा प्राधिकरण ने अपनी 150 पन्रों की, जबकि पुलिस विभाग ने 450 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी है। SIT का सवाल रहा कि रेस्क्यू में 2 घंटे की देरी क्यों हुई? इसका जवाब अधिकारियों को देते नहीं बना। इन रिपोर्ट को लेकर SIT टीम मेरठ रवाना हो गई। सोर्सेज की मानें तो नोएडा में युवराज मेहता मौत हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम के फेल्योर की तरह सामने आ रहा है। ये फैक्ट पुलिस और नोएडा प्राधिकरण की रिपोर्ट में सामने आ गया है। SIT रिपोर्ट का एनालिसिस करने के बाद इसे सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंपेगी। इन रिपोर्ट में कुछ खास चेहरों को जिम्मेदार ठहराया गया है। कौन किस वजह से गलत पाया गया, पढ़िए रिपोर्ट... नोएडा शहर के रखरखाव की जिम्मेदारी प्राधिकरण के सीईओ की होती है। प्लॉट के पास हादसा होने के बावजूद अधीनस्त अधिकारियों से जवाब-तलब नहीं किया गया। फाइल अप्रूव होने के बाद रोड के कट पर काम आगे नहीं बढ़ाया गया। इसका फालोअप करना सीईओ की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि जूनियर इंजीनियर को हटाने के बाद पहला बड़ा एक्शन सीईओ लोकेश एम. पर लिया गया। उनको पद से हटाकर वेटिंग लिस्ट में रखा गया है। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद आगे का एक्शन होगा। नोएडा डीएम मेधा रूपम जिले की डिजास्टर मैनेजमेंट हेड हैं। हेड होने के बाद भी कोई विभागीय एक्शन नहीं लिया। वो हादसे के बाद चौथे दिन एसआईटी के साथ मौके पर पहुंचीं। युवराज के परिवार से बात तक नहीं की। जबकि, घटना से एक दिन पहले ही उन्होंने आपदा प्रबंधन के साथ बैठक की थी। युवराज की कार पानी में डूबने के दौरान रेस्क्यू के लिए पुलिस के बाद अग्निशमन की टीम ही मौके पर पहुंची थी। कर्मचारियों ने कहा कि हमें तैरना नहीं आता, हमारे पास उपकरण भी नहीं हैं। चीफ फायर ऑफिसर होने के नाते मौके पर भी नहीं पहुंचे, न ही किसी कर्मी को गाइड किया। हादसे के बाद सबसे पहले पुलिस कट के स्पॉट पर पहुंची थी। डायल-112 का रिस्पांस टाइम विजिबिलिटी के अनुसार सही था, लेकिन एसएचओ सर्वेश सिंह मौके पर नहीं पहुंचे। न ही अधिकारियों को अपनी तरफ से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी। SIT ने इनसे ये भी पूछा कि आपने एनडीआरएफ को भी समय पर जानकारी क्यों नहीं दी। युवराज मेहता की मौत के मामले में जिन बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, उनमें अभय कुमार, संजय कुमार, मनीष कुमार, अचल वोहरा और निर्मल कुमार शामिल हैं। अब तक 4 बिल्डरों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, जिस प्लाट में पानी भरा था और हादसा हुआ, वो अभय कुमार का है, जोकि बिज टाउन प्लानर के नाम पर रजिस्टर्ड है। बेसमेंट पर गड्ढा इन्होंने ही खुदवाया और खाली छोड़ दिया। अब यहां पानी भरा था, इसकी वजह से कार गिरने के बाद भी युवराज बाहर सुरक्षित नहीं निकल सका। नोएडा ट्रैफिक सेल के जीएम एसपी सिंह का पूरे हादसे में सबसे अहम किरदार है। एनटीसी की जिम्मेदारी ब्लैक स्पॉट को चिह्नित करके वहां पर रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड, डिवाइडर और सुरक्षा मानकों की पूरा करना एसपी सिंह का काम था, जो नहीं किया। जल सीवर जीएम आरपी सिंह का काम नोएडा की ड्रेनेज में ये देखना है कि सीवर का पानी तो कहीं भर रहा है। इस प्लाट में करीब 12 सोसाइटी के 10 हजार से ज्यादा लोगों के सीवर का पानी पहुंच रहा था। माध्यम बनी थी टूटी हुई ड्रेनेज लाइन। 2023 में सिचाई विभाग को यहां हेड रेगुलेटर बनाना था, इसका फालोअप भी नहीं किया गया। अब जानिए जिनके बयान हुए, उन्होंने क्या कहा... जांच टीम ने 100 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए युवराज मेहता की कार डूबने से हुई मौत अब एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही, रेस्क्यू सिस्टम की विफलता और अधिकारियों की गैर-जिम्मेदारी का मामला बनकर सामने आ रही है। जांच कर रही विशेष जांच टीम ने SDRF, पुलिस, कंट्रोल रूम और रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राधिकरण में शामिल 100 से ज्यादा लोगों के फाइनल बयान दर्ज किए। आपको सोर्सेज के हवाले से SIT के प्राधिकरण से सवाल और उनके जवाब पढ़वाते हैं... एसआईटी. 16 दिसंबर की रात हुए हादसे के बाद प्राधिकरण ने क्या किया? प्राधिकरण. मौके पर सुरक्षा प्रबंध करवाए गए। इसके साथ ही निरीक्षण करवाकर प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर को सेवा से हटाया गया। बाकी को कारण बताओ नोटिस जारी की गई। जांच के लिए तीनों महाप्रबंधक की अगुआई में टीम बनाई गई। एसआईटी. 31 दिसंबर को उसी जगह पर पहले ट्रक बेकाबू होकर नाले से टकराया, नाला टूटा। इसके बाद प्राधिकरण ने क्या किया? प्राधिकरण. ऐसी किसी भी घटना की जानकारी पुलिस या स्थानीय निवासियों की तरफ से नहीं दी गई थी। न ही यह घटना संज्ञान में आई। एसआईटी. हादसा जहां पर हुआ उस सड़क पर सुरक्षा के क्या इंतजाम थे? प्राधिकरण. ब्रेकर पर पेंटिंग, कैट आई, डायवर्जन बोर्ड समेत अन्य सभी जरूरी सड़क सुरक्षा के इंतजाम सेक्टर में ट्रैफिक सेल की तरफ से किए गए हैं। एसआईटी. प्लॉट आवंटन, नक्शा पास होने की जानकारी, बिल्डर पर नियमों के उल्लंघन में क्या कार्रवाई की गई? प्राधिकरण. जुलाई, 2014 को स्पोर्ट्स सिटी के प्लॉट नंबर-2 का आवंटन हुआ। इसमें 27185 वर्ग मीटर जमीन का उपविभाजन लीड विकासकर्ता लोटस ग्रीस ने विज टाउन बिल्डर के पक्ष में किया। बिल्डर पर 129 करोड़ रुपए बकाया है। इसको लेकर नोटिस जारी गई। 2017 में प्राधिकरण से एक नक्शा पास करवाया गया, फिर 2022 में नक्शे में संशोधन के आवेदन को निरस्त किया गया। इसके अलावा निर्माण पूरा करने को भी नोटिस जारी की गई। एसआईटी. सेक्टर-150 से पहले कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और उन पर प्राधिकरण ने क्या किया? प्राधिकरण. सेक्टर के निवासियों से मिली शिकायतों का निस्तारण करवाया गया। कई काम जो प्राधिकरण को करवाने थे करवाए गए। बाकी की प्रक्रिया चल रही है। पढ़िए हादसे की रात क्या-कुछ हुआ… 12.20 बजे (रात) कॉल आया, प्लीज बचा लो, पिता बोले- सुनते ही भागा पिता राजकुमार कहते हैं- शुक्रवार की रात के करीब 12.20 बजे मैं बेड पर लेटा था। अचानक बेटे युवराज का कॉल आया। वो घर ही आने वाला था, इसलिए मुझे अचानक समझ नहीं आया कि वो मुझे कॉल क्यों कर रहा है? मैंने फोन उठाया। उधर से घबराई आवाज सुनाई दी। बोला- पापा…पापा मैं नाले में गिर गया हूं, मैं मरना नहीं चाहता हूं। मुझे बचा लीजिए। इतना सुनने के बाद मैं जिन कपड़ों में था, उन्हीं में दौड़ पड़ा। सोसाइटी से निकलने से पहले मैंने एक मैसेज टाइप किया और सोसाइटी के ग्रुप पर पोस्ट किया, ताकि मदद मिल सके। बेटे ने जो नाला बताया था, वो हमारी सोसाइटी से 200 मीटर दूर था। मैं दौड़ता हुआ उस नाले तक पहुंचा। यहां 30 मिनट तक बेटे को घने कोहरे और अंधेरे में ढूंढने की कोशिश करता रहा, चिल्ला रहा था कि रिस्पॉन्स मिल जाए। फिर मुझे लगा कि मैं गलत जगह ढूंढ रहा हूं। 12.30 बजे वीडियो बना रहे लोगों से कहा- प्लीज मेरे बेटे को बचाइएइसके बाद मैं रोड के कट की तरफ पहुंचा, जहां एक बिल्डिंग का निर्माण अधूरा पड़ा था। यहां बेसमेंट के लिए गड्ढा खोदा गया था। वहां पहुंचकर मैं चिल्लाने लगा, मेरी आवाज सुनकर बेटा भी चिल्लाया…बचाओ…बचाओ। हेल्प मी... की आवाज सुनकर मैं समझ गया कि यहीं पर बेटा गिरा है। मैं थोड़ा और आगे तक गया, कोहरे में दिखा कि कार पानी में है और बेटा उसकी छत पर लेटा हुआ है। वो सड़क से 50 से 60 फीट दूर था। धीरे-धीरे डूब रहा था। वो लगातार मोबाइल की लाइट को जला और बुझा रहा था, ताकि किनारे पर खड़े हम जान सकें कि वो जिंदा है। मैंने डायल-112 पर फोन किया। उस समय करीब साढ़े 12 बज रहे थे। मैं उसे अपने सामने डूबता देख रहा था। वहां और लोग भी थे, लेकिन मदद कोई नहीं कर रहा था। कुछ लोग वीडियो बना रहे थे, मैंने उन लोगों से कहा- प्लीज, वीडियो नहीं बनाइए, मेरे बेटे की मदद करिए। सर्च ऑपरेशन कैसे चला, ये समझिए 12:50 बजे क्रेन 30 फीट पहुंची, युवराज 50 फीट दूर थारात करीब पौने एक बजे डायल-112 के साथ पुलिस और दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। तब तक कोहरा और घना हो चुका था। विजिबिलिटी लगभग जीरो थी, सबसे पहले पुलिस और अग्निशमन की टीम ने रस्सी फेंककर बचाने का प्रयास किया। मगर, रस्सी युवराज तक नहीं पहुंच रही थी। कोई पुलिस वाला कह रहा था कि पानी बहुत ठंडा है, कैसे जाएं। कोई कह रहा था कि साइट में नीचे सरिया हो सकती हैं। इसके बाद क्रेन मंगवाई गई। मगर क्रेन भी युवराज तक नहीं पहुंच पा रही थी। वो सिर्फ 30-40 फीट तक जा रही थी। वहां मौजूद कोई भी पानी में उतरने की कोशिश नहीं कर रहा था। पिता ने बताया- वो गड्ढा शायद 15 से 20 फीट गहरा था, इसलिए गोताखोर वहां होते तो बेटे की जान बच सकती थी। 1.45 बजे SDRF बुलाई, मगर डूब गई कारSDRF की टीम रात 1.15 बजे पहुंची। उसके पास भी पर्याप्त संसाधन नहीं थे। सब चिल्ला रहे थे बचाओ, कुछ तो करो। पिता कहते हैं- मैं खुद पानी में उतरने को तैयार था, लेकिन पुलिस ने मुझे आगे जाने नहीं दिया। 1.45 बजे के आसपास युवराज की कार पूरी तरह पानी डूब गई। उसके ऊपर लेटा युवराज भी पानी में समा गया। ये हम सिर्फ देखते ही रहे। 80 कर्मचारियों ने 2 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलायाकरीब पौने दो बजे के आसपास NDRF की टीम पहुंची। SDRF और NDRF के 30 कर्मचारी आ चुके थे। पुलिस और अग्निशमन विभाग के 50 कर्मचारी वहां मौजूद थे। करीब 80 लोगों ने रेस्क्यू और सर्च आपरेशन चलाया। सर्च लाइट, क्रेन और लैडर से मदद से टीम पानी में गई। 2 घंटे की मशक्कत के बाद युवराज के शव को 4.15 बजे के आसपास निकाला गया। उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने बताया कि उसकी सांस थम चुकी है। ---------------------------------- ये पढ़ें - शिष्यों का दावा- अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरा:शिविर में CCTV लगवाए; अखिलेश ने कहा- शंकराचार्य ने नकली सनातनियों की पोल खोली प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 6 दिनों से विवाद जारी है। इसी बीच, अविमुक्तेश्वरानंद ने शिविर के अंदर और बाहर 12 CCTV कैमरे लगवाए हैं। शंकराचार्य के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने बताया- यह हमारी मजबूरी है, क्योंकि शंकराचार्य सड़क पर बैठे हैं। यहां प्रशासन और उसके गुंडे हैं। संत के वेश में यहां शैतान घूम रहे। उनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है। पढ़िए पूरी खबर...
3 दिसंबर 1971, शाम के धुंधलके में अचानक आसमान गूंज उठा। पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने एक साथ भारत के कई हवाई अड्डों पर हमला कर दिया। पिछले कुछ महीनों से ही जंग के आसार बन रहे थे। इस हमले के बाद भारत और पाकिस्तान तीसरी बार आमने-सामने थे। ये कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था। पाकिस्तानी सेना पहले से ही पूरी तरह तैयार थी। हवाई हमलों के तुरंत बाद पाकिस्तान ने पंजाब के फाजिल्का सेक्टर में सुलेमानकी बॉर्डर से जमीनी हमला शुरू कर दिया। भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर ही रही थी कि दुश्मन का दबाव अचानक बहुत बढ़ गया। शुरुआती दौर में भारतीय टुकड़ियां इस तेज हमले को पूरी तरह रोक नहीं पाईं। पाकिस्तान ने जानबूझकर बॉर्डर के आसपास बसे गांवों को निशाना बनाया। ये पूरा खेतीबाड़ी वाला इलाका था। किसान खेतों में काम कर रहे थे। अचानक गोलाबारी, टैंकों की आवाज और धमाकों से लोग घबरा गए। पाकिस्तानी सेना तेजी से आगे बढ़ी और भारतीय सीमा में करीब 7 किलोमीटर अंदर घुस आई। बेरीवाला और कुर्मीखेड़ा जैसे अहम इलाके दुश्मन के कब्जे में चले गए। अब अगला निशाना फाजिल्का शहर था। इस पर कब्जा होते ही पंजाब के अंदरूनी हिस्सों में घुसना बेहद आसान हो जाता। भटिंडा और राजस्थान के श्रीगंगानगर तक रास्ता खुल जाता। पाकिस्तान के इस कब्जे की खबर मिलते ही वेस्टर्न कमांड आर्मी हेडक्वार्टर से लेकर दिल्ली तक खलबली मच गई। हेडक्वार्टर से आदेश आया- फाजिल्का को किसी भी कीमत पर बचाना है और दुश्मन को उसकी सीमा में वापस खदेड़ना है।” 8 दिसंबर, 1972 पाकिस्तान को जवाब देने की जिम्मेदारी 15 राजपूत रेजिमेंट, 4 जाट रेजिमेंट और 3 असम रेजिमेंट को सौंपी गई। 15 राजपूत रेजिमेंट की कमान लेफ्टिनेंट कर्नल शाम थत्ते के हाथ में थी। उन्होंने हमला करने से पहले सभी जवानों को इकट्ठा किया। उनके साथ मेजर ललित मोहन, मेजर एके घोष समेत कई अधिकारी थे। साथ में लांस नायक दृगपाल सिंह, कुलदीप सिंह और रणबीर सिंह जैसे कई बहादुर सिपाही भी थे। लेफ्टिनेंट कर्नल थत्ते ने सामने खड़े जवानों की आंखों में देखा। सबकी आंखों में जोश और पाकिस्तान को धूल चटाने का इरादा साफ नजर आ रहा था। कर्नल थत्ते भारी आवाज में बोले- सोल्जर्स, व्हाई वी जॉइन आर्मी? किसी ने कुछ नहीं कहा। उन्होंने सिपाही कुलदीप की ओर इशारा किया- यंगमैन, व्हाई यू जॉइंड आर्मी? सिपाही कुलदीप ने बंदूक का बट सीधा किया और तनकर हुआ- ताकि देश के लिए काम आ सकूं साब। उन्होंने एक-एककर यही सवाल सभी से किया। सबने अलग-अलग जवाब दिए। तभी उनकी नजर लांस नायक दृगपाल सिंह पर गई। उनकी आंखों में गंभीरता थी। दृगपाल ने जवाब दिया- जब मरूं तो कफन तिरंगा हो, सफेद नहीं साब…। जवाब सुनकर लेफ्टिनेंट कर्नल थत्ते मुस्कुरा दिए। उन्होंने कहा- जिस भी अरमान से ये वर्दी पहनी है, उसे पूरा करने का वक्त आ गया है। क्या आप तैयार हैं? सभी जवानों ने जमीन पर एक साथ पैर पटका और एक सुर में कहा- “तैयार हैं साब…!” इसके बाद लेफ्टिनेंट कर्नल थत्ते ने हमले का प्लान बताना शुरू किया। दुश्मन सात किलोमीटर अंदर घुस आए हैं। हमें सिर्फ दुश्मन को पीछे ही नहीं हटाना है, उनकी गाजी पोस्ट भी कब्जानी है। ये पाकिस्तान की सबसे मजबूत पोस्ट है।” बोलते-बोलते उन्होंने लांस नायक दृगपाल के कंधे पर हाथ रखा और बोले- दुश्मन नंबर में ज्यादा हो सकता है। उनके हथियार हमसे बेहतर हो सकते हैं। लेकिन वो कलेजा नहीं है उनके पास, जो राजपूत रेजिमेंट के सीने में धड़कता है। कर्नल थत्ते की आवाज अब और सख्त हो चुकी थी। मेजर ललित, मेजर घोष… मूव योर कंपनी…। एंड रिमेंबर, हम इतिहास लिखने के लिए आगे बढ़ रहे हैं...। या तो हमारी जीत होगी, या फिर ऐसी शहादत होगी कि आने वाली पीढ़ियां हमारे नाम के गीत गाएंगी। कर्नल थत्ते की हौसला-अफजाई से पूरी रेजिमेंट जोश में भर गई थी। 12 दिसंबर की सर्द रात बेरीवाला पर पाकिस्तानियों में मजबूती से कब्जा जमा रखा था। कई दिनों की लड़ाई के बाद भी पाकिस्तानी फौज भारत को आगे नहीं बढ़ने दे रही थी। चार्ली कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर मेजर ललित मोहन परेशान थे। गाजी पोस्ट तबाह करने की जिम्मेदारी भी इसी कंपनी की थी। कंपनी के एक सेक्शन को भारी नुकसान हुआ था। मेजर ललित अपने जवानों के साथ बैठे थे। मेजर ने नक्शा खोलकर आगे का प्लान बताना शुरू किया- आज हमने अपने कई साथी खोए हैं, लेकिन हमारी कंपनी में वीर सपूतों की कमी नहीं है। अगली टुकड़ी लांस नायक दृगपाल की कमांड में आगे जाएगी।” दृगपाल चुपचाप खड़े थे। अब उनके सेक्शन (आर्मी की सबसे छोटी यूनिट) के आगे जाने की बारी है, ये सुनकर उनका सीना चौड़ा हो गया। दृगपाल की नजरें नक्शे पर टिकी थीं। मेजर ललित ने कहा- फाजिल्का दुश्मन के हाथ नहीं जाना चाहिए। इस इलाके पर हमेशा से उनकी नजर रही है। पैंसठ की जंग में भी इसे कब्जाने की कोशिश हुई थी। इसकी वजह जानते हैं? दृगपाल ने धीमी आवाज में जवाब दिया- साब, वजह साफ है। फाजिल्का उनके हाथ आया तो पूरे पंजाब पर भारत की पकड़ कमजोर हो जाएगी।” ललित मोहन ने दृगपाल का जवाब सुनकर कहा- “शाबाश...! लेकिन हमें उनकी गाजी पोस्ट भी चाहिए। इसका कोई प्लान है? दृगपाल ने कहा- सतलुज नदी बीच में है। सीधे जाना आसान नहीं होगा। पानी ठंडा है और धार भी तेज है। हमें गाजी पोस्ट तक पहुंचना है तो पीछे से अटैक करना होगा। ताकि पाकिस्तानियों के डायरेक्ट रेंज में जवान न आएं।” दृगपाल ने कुछ देर रुककर फिर कहा- साब, हम रेंगकर जाएंगे। चाहे कितना भी रेंगना पड़े, दुश्मन को भनक भी नहीं लगेगी। लांस नायक दृगपाल का प्लान सुनकर मेजर ललित मोहन को उम्मीद की एक किरण नजर आ रही थी। 13 दिसंबर लांस नायक दृगपाल की टुकड़ी आगे बढ़ रही थी। उधर दुश्मन की रेजिस्टेंस कड़ी थी। मीडियम मशीन गन (MMG) के भारी फायर आ रहे थे। यूनिट को काफी नुकसान हो रहा था, लेकिन वो आगे बढ़ते रहे। फायरिंग से बचने के लिए लांस नायक दृगपाल, सिपाही जमील अहमद और रणवीर सिंह एक छोटी खाई में छिपे थे। आर्टिलरी के गोले आस-पास गिर रहे थे। दृगपाल ने धीमी आवाज में कहा- जमील, रणवीर अच्छे से सुनो…। उधर दो MMG से फायरिंग हो रही है। हमें घिसटते हुए बंकर तक पहुंचना है। फिर ग्रेनेड से हमला करेंगे। कोई जल्दबाजी नहीं, जितना वक्त लेना है लेंगे। एक-दूसरे को कवर देंगे। जमील ने सिर हिलाया और कहा- जी साब समझ गया… लेकिन ठंड बहुत है, उंगलियां जम रही हैं। राइफल पकड़ना मुश्किल हो रहा। दृगपाल ने उसकी ओर देखकर कहा- “सबको हो रहा है। ध्यान हाथों पर नहीं, दुश्मन पर रखो।” इसके बाद लांस नायक दृगपाल की टुकड़ी, पाकिस्तानियों पर कहर बनकर टूट पड़ी। पीछे आर्टिलरी से दागे जा रहे गोले दुश्मन पोस्ट पर गिर रहे थे और फ्रंट फुट पर सिपाही गोलियां बरसा रहे थे। फिर भी वो बंकर जहां से पाकिस्तानी मशीन गन से बर्स्ट मार रहे थे, वो वैसे ही खड़ा था। लांस नायक ने चिल्लाकर सभी साथियों का कहा- “इससे अच्छा कवर हमें नहीं मिलेगा। जितना तेजी से बंकर की तरफ जा सकते हो, जाओ। मैं आगे से जाऊंगा। जमील और रणवीर पश्चिम से, बाकी दक्षिण से। अंग्रेजी के यू अक्षर की तरह आगे बढ़ेंगे।” चार्ली कंपनी के अटैक में कई पाकिस्तानी सिपाही अपनी जगह से पीछे हट गए। कुछ देर बैकफुट पर रहे, लेकिन अचानक मशीनगन फिर गरज उठी। दनदनाती हुई गोलियां भारतीय जवानों के पास से निकलने लगीं। कई जवान घायल हो गए। कुछ वीरगति को प्राप्त हुए। भारत का एक टैंक भी उड़ गया। अब सोचने का कोई वक्त नहीं था। जो करना था तुरंत करना था। दृगपाल ने सिर उठाया, हालात को परखा और चिल्लाए- “क्रॉल… मूव फॉरवर्ड… क्रॉल… दृगपाल की नजर अब भी उसी पाकिस्तानी बंकर पर थी। दृगपाल बंकर से करीब 200 मीटर दूर थे। वो ठंडी जमीन पर पेट के बल रेंगते हुए आगे बढ़ने लगे। अचानक पीछे के साथियों को इशारा किया, बोले- “कवर फायर दो…।” पश्चिम और दक्षिण से दृगपाल को कवर मिलना शुरू हो गया। दृगपाल बीच से आगे बढ़ने लगे। पाकिस्तानी सैनिक कभी दक्षिण में फायर करते तो कभी पश्चिम में। मशीन गन से लगातार फायरिंग आ रही थी। अचानक एक गोली सीधे रणवीर की ओर आई। वो छाती पकड़कर वहीं गिर पड़ा। जमील दौड़ते हुए उसके पास आया। रणवीर कुछ बोलना चाह रहा था- सर… लेकिन इससे पहले ही उसने दम तोड़ दिया। दृगपाल ने पीछे मुड़कर देखा। अपने साथी को यूं गिरते देख उनका गला भर आया, ये आंसू बहाने के वक्त नहीं था। उन्होंने सख्त आवाज में ऑर्डर दिया- “जामील… आगे बढ़ो। बंकर साइलेंस करना है। रणवीर के वास्ते आगे बढ़ो। जिस @@# की गोली लगी है, उसकी मां @#₹@ है।” जामील ने दांत भीचकर कहा- “जी सर…। पश्चिमी दिशा में कवर देने के लिए अब सिर्फ जमील था। बंकर अब 50 मीटर ही दूर था। खतरा बढ़ने के साथ ही लांस नायक दृगपाल का हौसला भी बढ़ रहा था। अब ये क्लोज क्वार्टर की लड़ाई थी। दृगपाल ने पॉकेट से एक ग्रेनेड निकाला। पिन खींची और बंकर के ऊपर फेंक दिया। जोरदार धमाका हुआ और पहला पाकिस्तानी बंकर राख हो गया। धमाके के साथ एक पाकिस्तानी फौजी उड़कर बाहर आ गिरा था। उसे सिर्फ मामूली चोटें ही आई थीं। दृगपाल ने जमील को इशारा किया। जमील ने उसे पकड़ने की कोशिश की तो दोनों में हाथापाई होने लगी। जमील ने अपनी राइफल से चाकू निकालकर वार किया, लेकिन दुश्मन ने पलटकर हमला कर दिया। चाकू जमील की बाजू में धंस गया। जमील गिर पड़ा। पाकिस्तानी फौजी जमील के सीने में चाकू मारने ही वाला था कि दृगपाल ने उसे गोली मार दी। तभी एक गोली दृगपाल के बाएं कंधे पर आ लगी। लांस नायक दृगपाल और जमील दोनों खून से लथपथ थे। जमील ने कराहते हुए पूछा- “सर… आप ठीक तो हैं।” दृगपाल जमीन पर लेट गए थे। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा- “जमील… तू जिंदा है? जमील बोला- आप भी तो जिंदा हैं साब…। दोनों ने एक साथ ठहाका लगाया। दुश्मन का एक बंकर तो तबाह हो चुका था, लेकिन चार्ली कंपनी को भी भारी नुकसान पहुंचा था। रणवीर शहीद हो चुका था। दृगपाल, जमील और कुछ साथी घायल थे, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई थी। फर्स्ट एड के बाद लांस नायक दृगपाल सिंह फिर आगे बढ़ने लगे। साथियों को उनकी पोजिशन समझाई और जमीन से चिपके हुए आगे बढ़ने लगे। अब भी दो बंकर एक्टिव थे और उनकी फायरिंग चार्ली कंपनी को आगे बढ़ने नहीं दे रही थी। भारतीय जवान सिर उठाने की कोशिश करते, गोलियों की बौछार उन्हें फिर झुकने या छिपने पर मजबूर कर देती। रेडियो सेट से बार-बार संदेश आ रहे थे- “कैजुअल्टी बढ़ रही है… आगे मूवमेंट रुक गई है।” दृगपाल जानते थे कि अगर ये दो बंकर नहीं गिराए तो दुश्मन पोस्ट पर कब्जा तो दूर भारत अपना इलाका भी खाली नहीं करा पाएगा। उन्होंने पीछे मुड़कर देखा। खाई में छिपे जवान थके लग रहे थे। रेडियो सेट से ये खबर पहुंच चुकी थी कि बेरीवाला ब्रिज कैप्चर करने में भारत को काफी नुकसान हुआ है। सिपाहियों का हौसला डगमगा रहा था। तभी चार्ली कंपनी के कमांडिंग ऑफिसर मेजर ललित मोहन एकदम सामने के मोर्चे पर आ पहुंचे। उन्हें देखते ही दृगपाल घबरा गए, बोले- “साब, आप इतना फॉरवर्ड… पीछे चलिए।” मेजर नहीं माने। मोर्चे की फ्रंट लाइन का मंजर खौफनाक था। धुएं और गोलाबारी के बीच जवानों के चेहरों पर थकान और साथियों को खोने का गम साफ दिख रहा था। मेजर ललित मोहन ने थके हुए जवानों के बीच ऊंची और कड़क आवाज में कहा- नजरें ऊपर करो सिपाहियों…! मुझे यहां कोई हारा हुआ सिपाही नहीं, बल्कि वो शेर चाहिए जिसने दुश्मन को खदेड़ने की कसम खाई थी। फिर याद करो ये वर्दी क्यों पहनी थी...? मेजर ने जवानों में जोश भरना जारी रखा- क्या तुम चाहते हो कि हमारे साथियों का खून बेकार जाए? अगर हम रुक गए, तो कल फाजिल्का का नाम नक्शे पर नहीं होगा। लांस नायक दृगपाल सिंह ने कहा- जवान डरे नहीं हैं साब, ये मशीन गन हमारे कदम बांधे हुए हैं। ऑर्डर दीजिए साब, मैं इन दोनों बंकरों को उड़ाकर आता हूं। मेजर ललित ने कहा- सामने मौत नाच रही है दृगपाल। कोई कवर नहीं है। तुम अकेले कैसे जाओगे? कुछ साथियों को लेकर जाओ। कवर देने के लिए होना चाहिए।? दृगपाल ने जवाब दिया- साब, मौत तो वैसे भी ताक लगाए बैठी है। मरना ही है, तो क्यों न लड़कर मरा जाए। आप बस पीछे से इतना शोर कीजिए कि दुश्मन को मेरी आहट न लगे। दृगपाल ने उन जवानों की ओर देखा जिनका मनोबल गिर रहा था। बोले- याद है कर्नल साब ने क्या कहा था? कर्ज चुकाने का वक्त है जिसका हम इंतजार कर रहे थे। जिसे अपनी मिट्टी से प्यार है, वो मेरे गिरने के बाद भी रुकना मत। बस आगे बढ़ना…! दृगपाल की ललकार ने मुरझाए हुए जवानों में नई जान फूंक दी। उन्होंने अपनी राइफलें कस लीं। सिपाही कुलदीप ने कहा- साब, मैं आपके साथ आता हूं। जब तक मेरी बंदूक में आखिरी गोली है, दुश्मन आपकी तरफ देख भी नहीं पाएगा। मेजर ललित मोहन ने भारी मन से, लेकिन गर्व के साथ लांस नायक दृगपाल सिंह के कंधे पर हाथ रखा। जाओ दृगपाल… इतिहास तुम्हारा इंतजार कर रहा है। कमांडिंग ऑफिसर का ऑर्डर मिलते ही दृगपाल और कुलदीप खाई से निकलकर आगे बढ़ने लगे। हाड़ कंपा देने वाली सर्द रात में दृगपाल के कंधे से लगातार खून बह रहा था। उस तरफ की वर्दी गीली होकर भारी हो गई थी। दृगपाल की आंखों में अब भी सिर्फ वो 'गाजी पोस्ट' थी, जो जीत और हार के बीच दीवार बनकर खड़ी थी। जैसे ही दृगपाल और कुलदीप आगे बढ़े, मंजर बदलने लगा। पाकिस्तानी सेना बौखला गई थी। उन्हें समझ आ गया था कि अब भारतीय सैनिकों ने अपने सिर पर कफन बांध लिया है। दुश्मन अब बिना सिर देखे, हर उस दिशा में गोलियां दाग रहे थे जहां जरा भी हलचल दिखती। हवा में केवल गोलियों की आवाज थी। रह-रहकर तोप के गोले गिर रहे थे, जिनके स्प्लिंटर्स (छर्रे) जमीन से टकराकर चिंगारियां पैदा कर रहे थे। दृगपाल अचानक चिल्लाए- “लेट जाओ कुलदीप…।” दृगपाल ने अपने साथी सिपाही का हाथ कसकर पकड़ा और फुसफुसाते हुए कहा- यहां से हम भागकर आगे नहीं जा सकते। मशीन गन की रेंज बहुत सटीक है। हमें एक-एक इंच रेंगकर जाना होगा। कुलदीप ने दृगपाल के लटके हुए कंधे और खून से लथपथ वर्दी को देखा। उसकी आवाज भर्रा गई- लेकिन साब, आपका कंधा बुरी तरह जख्मी है। आप उसे हिला भी नहीं पा रहे। रेंगने के लिए दोनों हाथों का सहारा चाहिए होगा। आप यहीं रुककर मुझे कवर दीजिए। मैं आगे जाता हूं।” दृगपाल ने दर्द के साथ कठोर मुस्कान दी- कुलदीप, क्या तूने कभी घायल शेर को शिकार छोड़ते देखा है…? कुलदीप ने समझाने के लहजे में कहा- साब, आप घिसटकर जाएंगे तो कंधे से और खून रिसेगा। दृगपाल के कुछ तमककर कहा- “आज रुक गया तो कर्नल साब आंखें कैसे मिलाऊंगा? एक दिन तो मरना ही है, मरने के बाद रणवीर को क्या जवाब दूंगा?” कुलदीप कुछ कहता इससे पहले ही दृगपाल एक हाथ से रेंगकर आगे बढ़ने लगे। हर बार जब वो रेंगने के लिए जोर लगाते, कंधे का जख्म जैसे आग उगलने लगता। दर्द से शरीर का आधा हिस्सा बेजान हो चुका था। बाकी आधे हिस्से से दृगपाल अपनी पूरी देह का भार आगे खींच रहे थे। हर इंच के साथ जमीन पर खून की एक लकीर खिंचती जा रही थी। दुश्मन का बंकर पांच-छह मीटर ही दूर था। उन्हें पाकिस्तानियों के चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं। दृगपाल ने अपने दाहिने हाथ से पाउच खोलकर एक ग्रेनेड निकाला। उन्होंने जैसे ही ग्रेनेड फेंकने के लिए अपना शरीर थोड़ा ऊपर उठाया, मशीन गन का एक सीधा 'बर्स्ट' (गोलियों की बौछार) उनके सीने के आर-पार हो गया। दृगपाल का शरीर झटकों के साथ पीछे की ओर झुका। सीने से गर्म खून का फव्वारा फूट पड़ा, लेकिन मौत भी उनके इरादों को नहीं हरा सकी। उन्होंने अपनी आखिरी सांस की पूरी ताकत झोंक दी और बंकर के मुहाने से ग्रेनेड अंदर फेंक दिया। धमाके की गूंज के साथ ही मशीन गन खामोश हो गई। कुलदीप दौड़कर उनके पास पहुंचा। दृगपाल की आंखों के सामने धुंधलका छा रहा था। उनके होंठ हिल रहे थे। कुलदीप अपना कान उनके मुंह के नजदीक ले गया। दृगपाल ने लड़खड़ाती आवाज में कहा- याद रखना… थत्ते साब बोले थे… गाजी पर तिरंगा लहराना चाहिए। कुलदीप… पीछे मत हटना… गाजी पर तिरंगा लहराना चाहिए…। इतना कहते ही लांस नायक दृगपाल सिंह की गर्दन एक तरफ झुक गई। भारत मां का एक बेटा उसकी गोद में सो चुका था। उसके आखिरी शब्दों ने पूरी रेजिमेंट में आग भर दी थी। करीब 14 दिन चली इस जंग में भारत के सैकड़ों सैनिक शहीद हुए थे। लांस नायक दृगपाल सिंह की वीरता को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। *** स्टोरी एडिट- कृष्ण गोपाल ग्राफिक्स- सौरभ कुमार *** कहानी को रोचक बनाने के लिए क्रिएटिव लिबर्टी ली गई है। --------------------------------------------------------- सीरीज की ये स्टोरीज भी पढ़ें... अपनी लाइफ जैकेट जूनियर को दी, बोले- बच्चू कूदकर जान बचाओ; 1971 में शहीद कैप्टन मुल्ला की कहानी दिसंबर 1971 का खौफनाक हफ्ता… अरब सागर की लहरें उफान पर थी। समंदर में दुश्मन के छक्के छुड़ाने के लिए INS खुकरी तैनात था। पाकिस्तान से जंग छिड़ चुकी थी। भारत के पुराने जहाजों को पाकिस्तान की मॉडर्न डैफ्ने क्लास पनडुब्बियों से जूझना था। पूरी स्टोरी पढ़ें... पाकिस्तानी हथियार से उसी का बंकर उड़ाया, दुश्मन फौज भागी; गाजीपुर के राम उग्रह की कहानी 20, माउंटेन डिवीजन को एक अहम जिम्मेदारी दी गई। आमतौर पर इसे बॉर्डर के काफी ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में तैनात किया जाता है, लेकिन खास रणनीति के तहत इसे पूर्वी पाकिस्तान की बोगुरा पोस्ट पर कब्जा करने की जिम्मेदारी मिली। पूरी स्टोरी पढ़ें...
मौसम विशेषज्ञों ने राज्य में तेज सर्दी रहने, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। रविवार को 7 जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। जबकि 26 जनवरी को प्रदेश में मौसम साफ रहेगा और कोल्ड-वेव से थोड़ी राहत रहेगी। 27 जनवरी को उत्तर-पूर्वी जिलों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, बारिश होने और कहीं-कहीं ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजस्थान में बारिश, ओलावृष्टि के बाद अब उत्तर भारत से वापस सर्द हवा चलनी शुरू हो गई है। इससे राज्य के लगभग सभी शहरों के तापमान में बड़ी गिरावट हुई और सर्दी तेज हो गई। 7 जिलों का न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया। माउंट आबू में पारा माइनस में जाने से वहां बर्फ जम गई। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, सीकर, जैसलमेर, नागौर के ग्रामीण इलाकों में भी गलनभरी सर्दी से ओंस की बूंदें जम गईं। दिन में रात जैसी सर्दी पिछले 24 घंटे में अधिकांश शहरों में आसमान साफ रहा और धूप निकली। धूप से लोगों को सर्दी से मामूली मिली, लेकिन दोपहर बाद शुरू हुई सर्द हवाओं ने धूजणी छुड़ा दी। सीकर, झुंझुनूं, हनुमानगढ़ के एरिया में कल सर्द हवाओं का दिन में सबसे ज्यादा असर रहा। यहां दिन का अधिकतम तापमान 14 से 14.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ। इन शहरों में कल दिन में भी रात जैसी सर्दी रही।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
शीतलहर का असर बढ़ा:दिन का पारा 20.6 व रात का 6.7 डिग्री पहुंचा, खेतों में पाले से फसलों को खतरा
सीमावर्ती बाड़मेर जिले में मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन काे झकझोर दिया है। गुरुवार को पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई बारिश के बाद अब कड़ाके की सर्दी और बर्फीली हवाओं ने पूरे जिले को अपनी आगोश में ले लिया है। शनिवार को न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 5 दिन के अंतराल के बाद 6.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री दर्ज किया गया। कड़ाके की इस सर्दी ने ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ा दी है जिससे जीरा और सरसों की फसलों को नुकसान की आशंका है। अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री दर्ज किया गया। 108 मिट्टी के घड़ों के पानी से 41 दिन तक रोज अल सुबह स्नान कर रहे मनु महाराज वांकल माता मंदिर दानजी की होदी साधक मनु महाराज ने 41 दिवसीय जलधारा एवं मौन व्रत तपस्या शुरू की है। 108 मिट्टी के घड़ों से प्रभात वेला में स्नान कर तपस्या की जा रही है। यह साधना 19 जनवरी से प्रारंभ होकर 28 फरवरी को गुरु महाराज की आज्ञा से पूर्ण होगी। भास्कर एनालिसिस - सामान्य से 5 डिग्री नीचे पहुंचा पारा, अब फसलों के लिए नुकसानदेह बाड़मेर में सर्दी का सितम इस कदर है कि दिन और रात दोनों का तापमान सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। पिछले पांच दिनों में तापमान में एकाएक गिरावट आने के कारण सर्दी का असर बढ़ गया है। शनिवार सुबह जब ग्रामीण इलाकों में किसान खेतों में पहुंचे, तो वहां का नजारा देख उनकी चिंता बढ़ गई। सर्दी इतनी तीखी थी कि कई जगह पाला जमने की स्थिति बन गई। किसानों के अनुसार जीरे और सरसों पर पाले की मार कर असर नजर आया। इस समय फसलों में फूल और फलियां बन रही है। ऐसे में पाला पड़ने से पैदावार पर सीधा असर होगा। किसानों का कहना है कि अत्यधिक ठंड के कारण पौधों के अंदर मौजूद पानी जम जाता है, जिससे कोशिकाएं फट जाती है और पौधा सूखने लगता है। 26 जनवरी से फिर बदलेगा मौसम मौसम विभाग की माने तो सर्द हवाओं से अभी राहत के आसार नहीं हैं। उत्तरी ठंडी हवाओं के जोर पकड़ने से अगले 48 से 72 घंटों तक ठिठुरन और बढ़ेगी।रविवार को भी जिले में कड़ाके की शीतलहर चलने की संभावना है। 26 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। 26 से 29 जनवरी के बीच पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। मौसम में आए एकाएक बदलाव के कारण कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पाले से बचाने के उपाय बताए हैं। उन्होंने किसान भाईयों को सलाह दी है कि पाले से बचाव के लिए शाम के समय खेतों की उत्तर-पश्चिम दिशा में धुंआ करें या हल्की सिंचाई करें।
25 जनवरी मतलब आज पटना के एक होटल में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक है। इसमें नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। लालू अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। हालांकि, वह एक औपचारिकता भर होगी। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी। लालू प्रसाद क्यों RJD के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटना चाह रहे? 5 पॉइंट में समझिए। 1. लालू की छवि से पार्टी को बाहर निकालने की कोशिश 2. बीमारी के साथ ही कोर्ट से भी परेशान हैं लालू लालू प्रसाद शारीरिक रूप से काफी कमजोर हो चुके हैं। साथ ही कोर्ट के चक्कर से भी परेशान हैं। चारा घोटाला में सजायाफ्ता हैं। इसके अलावा लैंड फॉर जॉब और आईआरसीटीसी घोटाला में भी घिरे हुए हैं। 3. विधानसभा चुनाव में लालू जहां गए, वहां महागठबंधन हारा 4. कांग्रेस लालू के प्रभाव से दूर होने में लगी रही 5. परिवार की तनातनी बेकाबू हुई, नहीं संभाल सके लालू बदली हुई राजनीति समझ नहीं पाए लालू यादव सीनियर जर्नलिस्ट प्रवीण बागी कहते हैं, ‘लालू प्रसाद की शारीरिक अवस्था उन्हें अब अनुमति नहीं दे रही कि सक्रिय रह सकें। यह समय आरजेडी के लिए आत्मनिरीक्षण का है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में पार्टी की बड़ी हार हुई है।’ उन्होंने कहा, ‘यह राजद में परिवर्तन का समय है। अभी तक लालू पार्टी के फेस थे, लेकिन अब अपनी छत्रछाया से आरजेडी को मुक्त कर रहे हैं और तेजस्वी को कमान दे रहे हैं। तेजस्वी को पूरा मौका देने जा रहे हैं। उनके सामने कोई विकल्प भी नहीं है।’ हारे ही नहीं, थक भी चुके हैं लालू सीनियर जर्नलिस्ट ओम प्रकाश अश्क कहते हैं, ‘लालू प्रसाद बिहार ही नहीं देश की राजनीति का बड़ा चेहरा थे। अब वे हार भी चुके हैं और थक भी। शारीरिक रूप से वे थके हुए दिखते हैं।’
बिहार में ठंड धीरे-धीरे कम हो रही है। रविवार को बेतिया, बगहा ,समेत 5 जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। आज कुछ शहरों में बादल छाए रह सकते हैं। 24 घंटे में सबसे ठंडा भागलपुर रहा। यहां का तापमान 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। बिहार में मौसम फिलहाल स्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में आज यानी रविवार को मौसम सामान्य बने रहने की संभावना है। दिन में हल्की धूप निकलने से तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर रह सकता है, जबकि सुबह और शाम लोगों को हल्की ठंड महसूस होगी। बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों तक ठंड में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होगी। हालांकि, रात के तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है। यदि कोई नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तभी तापमान में गिरावट संभव है। फिलहाल ठंड का असर हल्के स्तर पर ही बना रहेगा। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में सुबह के समय हल्के कोहरे की संभावना जताई गई है। खासकर गंगा के मैदानी इलाकों और उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं दृश्यता कम हो सकती है। कोहरा घना नहीं होगा। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं कमजोर पड़ी मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल उत्तर भारत में मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है। इस कारण बिहार में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हो रहा है। उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे ठंड का प्रभाव सीमित बना हुआ है। इसी कारण दिन में तापमान बढ़ रहा है, जबकि रात और सुबह के समय हल्की ठंड बनी हुई है। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के मौसम में इसी तरह की स्थिति बनी रहेगी। वैज्ञानिकों के अनुसार वातावरण में नमी कम है, जिस वजह से कोहरे का असर भी सीमित क्षेत्रों तक ही रह रहा है। पटना में धूप निकलेगी, तापमान बढ़ेगा राजधानी पटना में मौसम सामान्य बना रहेगा। दिन में हल्की धूप खिली रहेगी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी होगी। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का असर महसूस किया जा सकता है। कोहरे का असर हल्का और सीमित रहेगा। पटना में न्यूनतम तापमान 13.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
सबसे पहले दो परिवारों का दर्द पढ़िए, जिनकी बच्ची को रेप के बाद बेरहमी से मार दिया गया। ‘उसने रेप के बाद मेरी छोटी बहन की हत्या कर दी। एक तो मेरी बहन को मार दिया गया, उल्टा हम ही सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। मेरे शादी में दिक्कत हो रही है। लड़के वाले यह कहकर इनकार कर देते हैं कि जिस घर की लड़की के साथ ऐसी घटना घटी है, उस घर में शादी कैसे करेंगे।’ - रेप पीड़िता की बहन, आरा ‘मेरी बच्ची की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। उसके साथ हैवानियत करने वाले सारे लोग जिंदा हैं। पता नहीं उन्हें कब सजा मिलेगी। सम्राट चौधरी कहते हैं अन्याय करने वालों को गोली लगेगी। मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट गई हूं। न्याय की उम्मीद नहीं बची।'- रेप पीड़िता की मां, छपरा यह दर्द सिर्फ दो परिवारों का नहीं। बिहार में एक साल में 2000 से अधिक लड़कियों से हुए रेप के मामलों से जुड़ा है। उन परिवारों से जुड़ा है जो पुलिस-कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं। पटना में NEET छात्रा की मौत के बाद दैनिक भास्कर ने ये जानने की कोशिश की कि पूरे बिहार में पिछले साल कितनी लड़कियों के साथ ऐसी वारदात हुईं। कैसे उनके परिजन केस लड़ रहे हैं। किस तरह का सामाजिक टॉर्चर झेलना पड़ रहा है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए रिपोर्ट…। अब पढ़िए वो उदाहरण, जहां रेप के बाद परिवार कैसे टूट रहे हैं, कहां-कहां की प्रताड़ना झेल रहे हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको छपरा ले चलते हैं...। केस-1:-छपरा में 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या तारीख- 24 मई 2025 भटकेशरी में स्कूल के पास 5 लड़कों ने मिलकर 10 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप किया, फिर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। सभी ने स्वीकार किया कि गैंगरेप किया है। बताया कि बच्ची स्कूल से घर जा रही थी। रास्ते में आम के बगीचे में आम चुनने गई तभी उसे पकड़ लिया। झाड़ियों में चलने को कहा। मना किया तो जबरदस्ती खींचकर ले गए। बच्ची चिल्लाने लगी तो एक ने मुंह दबाया, दो लड़कों ने उसके हाथ पकड़े। एक लड़का झाड़ियों से बाहर देख रहा था कि कोई आ तो नहीं रहा है। फिर बच्ची के साथ सभी ने रेप किया। बच्ची चिल्लाने लगी। उसे खून निकलने लगा तो सभी डर गए कि घर जाकर बता देगी। इसलिए गला दबाकर उसे मार डाला। अभी क्या है मामले की स्थिति? इस मामले में 5 आरोपियों को पकड़ा गया। 3 नाबालिग सुधार गृह और 2 बालिग छपरा जेल में बंद हैं। मामला कोर्ट में है। इसको लेकर हमने परिवार से बात की। परिवार के लोग बच्ची को न्याय दिलाने के लिए थाना, अधिकारी और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। बेटी को न्याय दिलाने के लिए भटक रही हूं लड़की की मां ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता है कि मेरी बच्ची को अब न्याय मिलेगा। घर से थाने जाती हूं तो पुलिस वाले कहते हैं कि महिला थाने का मामला है वहां जाओ। महिला थाना जाने पर जवाब मिलता है, हमें जो करना था कर दिया, एसपी के पास जाओ। एसपी के पास जाने के बाद कहा जाता है कि मामला डीएसपी देख रहे हैं। डीएसपी के पास जाती हूं तो वह बताते हैं कि मामला कोर्ट में चला गया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी बच्ची को न्याय दिलाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हूं। हम कहां जाएं। गरीब हैं। कमाए-खाएं या कोर्ट का चक्कर लगाएं। सम्राट चौधरी कहते हैं कि अन्याय करने वाले बचेंगे नहीं, उन्हें गोली मारी जाएगी। मैं अपनी बच्ची के न्याय के लिए भटक रहीं हूं। आज तक मेरी बच्ची के लिए कुछ नहीं किया। मैं अंदर से टूट चुकी हूं। पता नहीं मेरी बेटी को न्याय मिलेगा या नहीं।’ केस लड़ने को पैसा नहीं, वकील कहते हैं गहने बेच दो बच्ची की मां ने बताया, ‘मैं दौड़ते-दौड़ते थक गई हूं। एसपी-डीएसपी सिर्फ आश्वासन देते हैं, कहते हैं कि न्याय मिलेगा। मुझे नहीं लगता कि इस तरह के सिस्टम से मेरी बेटी को न्याय मिलेगा। 8 महीने हो गए। न्याय के इंतजार में मेरी बेटी की आत्मा भटक रही होगी।’ बच्ची के दादा ने कहा, ‘हम लोग अब हार मान चुके हैं। घर में 7 आदमी हैं, कमाने वाला एक। घर का खर्च मुश्किल से चलता है। कोर्ट आने-जाने में गाड़ी का भाड़ा 200 रुपए लग जाता है। हमें सरकार की तरफ से मुआवजा भी नहीं मिला है।’ उन्होंने कहा, ‘घटना घटी तब कई नेता, अधिकारी आए। कहा कि 3 महीने में सजा मिल जाएगी, लेकिन 8 महीने हो गए। किसी को सजा नहीं मिली। कर्ज लेकर कोर्ट जाते हैं इस उम्मीद में कि बच्ची को न्याय मिलेगा। उसके हत्यारे आज भी जिंदा है। दिहाड़ी मजदूर हूं। जिस दिन कोर्ट जाता हूं उस दिन काम पर नहीं जा पाता। शाम को खाना क्या बनेगा, इसकी चिंता रहती है।’ केस 2: आरा में 9 साल की बच्ची को चाचा ने रेप के बाद पटक-पटक कर मार डाला तारीख- 16 दिसंबर 2024 आरा में 9 साल की बच्ची को पड़ोस में रहने वाले मुंह बोले चाचा नारायण शाह ने रेप के बाद मार डाला। वह बहला-फुसलाकर बच्ची को घर में ले गया। उसके साथ रेप किया फिर तब तक मारता रहा जब तक मर नहीं गई। बच्ची के शरीर पर 10 से ज्यादा जख्म के निशान थे। अभी क्या है मामले की स्थिति? आरोपी को पड़ोसियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जांच में वह दोषी मिला। कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नारायण ने पटना हाईकोर्ट में अपील की है। हमने मृतक बच्ची की बड़ी बहन और मां से बात की। लड़के वाले मना कर देते थे कि ऐसे घर में शादी नहीं करेंगे बच्ची की बड़ी बहन ने कहा, ‘छोटी बहन की हत्या के बाद मेरी शादी में परेशानी हो रही है। मम्मी-पापा कहीं शादी के लिए बात करते तो लड़के वाले मना कर देते थे। कहते थे कि जिस घर में ऐसी घटना घटी उस घर में शादी नहीं करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘आरोपी को भले कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन यह काफी नहीं है। उसने मेरी बहन को रेप के बाद पटक-पटक कर मार दिया। मेरी बहन सिर्फ 8 साल की थी। उसे फांसी होनी चाहिए। जब तक वह मरेगा नहीं, हम चैन से नहीं जिएंगे। घटना के बाद घर में कोई पर्व त्योहार नहीं मनाते हैं। समाज के लोग पीठ-पीछे उल्टी बातें करते है।’ मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे मृतक बच्ची की मां ने बताया, ‘आरोपी मेरे ही मोहल्ले में रहता था। उस रात मेरी बेटी आटा लाने दुकान गई थी। रास्ते से उसने बुलाया तो बच्ची घर पर आटा रखकर बोली कि वकील चाचा बुला रहे हैं। मेरी बच्ची उसके पास गई तो उसने हैवानियत की। उसे पटक-पटक कर मार दिया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आज भी बेटी के साथ हुई हैवानियत याद कर सिहर जाती हूं। उसने मेरी बेटी के साथ बड़ी दरिंदगी की। मेरी बच्ची के प्राइवेट पार्ट पर उसके दांत के निशान थे। 8 जगहों पर दांत से काटा था। बच्ची के कपड़े पर खून थे। वह 45 साल का आदमी और मेरी 8 साल की बच्ची। मेरी बच्ची खुद को छुड़ाने के लिए आखिरी सांस तक लड़ती रही। उस दरिंदे ने मेरी बच्ची को पटक-पटक के मार दिया।’ बच्ची की मां ने कहा, ‘आरोपी पकड़ा गया। हमें मुआवजा भी मिला, लेकिन क्या मेरी बेटी वापस लौटेगी। मेरे बेटी से बढ़कर ये पैसे नहीं। आज भी सामाजिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। बेटी कि शादी नहीं हो रही है। मेरी बच्ची को तड़पा-तड़पा कर मारने वाला जब तक जिंदा है मेरी बच्ची की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। हम चाहते है कि उसे फांसी की सजा मिले।’ ---------- ये भी पढ़ें... NEET छात्रा रेप-मौत केस- फॉरेंसिक रिपोर्ट SIT को सौंपी गई:कपड़ों से टीम को सैंपल मिले, सेक्सुअल हरासमेंट का जिक्र; अब तक 50 लोगों से पूछताछ पटना में NEET छात्रा से रेप-मौत मामले में फॉरेंसिक टीम ने अपनी बायोलॉजिकल रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है। सूत्रों की माने तो इस रिपोर्ट में सेक्सुअल असॉल्ट की बात सामने आ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्रा के कपड़ों से टीम को कुछ सैंपल मिले हैं जो सेक्सुअल हरासमेंट की ओर इशारा कर रहे हैं। पूरी स्टोरी पढ़िए
ये तस्वीर भोपाल के ‘संध्या छाया’ की है। यह प्रदेश का सबसे लग्जरी वृद्धाश्रम है। लिंक रोड-1 स्थित प्रोफेसर कॉलोनी में पांच एकड़ में फैला यह परिसर सामाजिक न्याय विभाग द्वारा तैयार किया गया है। इस पर करीब 24 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस वृद्धाश्रम का संचालन फिलहाल 2 साल तक सेवा भारती करेगी। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट कॉलोनाइजर यदि कॉलोनी में वृद्धाश्रम बनाते हैं तो सरकार सहयोग करेगी। दंपती ने कहा- सबसे अच्छा अहसास यह कि हम किसी पर बोझ नहीं हैं समय बदल रहा है और बुजुर्गों के जीवन जीने का तरीका भी बदलना चाहिए। “बच्चे बुढ़ापे की लाठी हैं” वाली सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रूप से सक्षम बुजुर्ग चाहें तो सुरक्षित और सुविधाजनक वृद्धाश्रम में भी पूरी स्वतंत्रता के साथ जीवन जी सकते हैं। यही सोच हमें ‘संध्या छाया’ तक लेकर आई। यह कहना है राजेश नांदेड़कर और उनकी पत्नी राजश्री नांदेड़कर का। राजेश भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से रिटायर हुए हैं। वे यहां रहने आने वाले पहले दंपती हैं। उन्होंने कहा- हमारी 2 बेटियां भोपाल में रहती हैं। वो चाहती थीं कि हम उनके साथ रहें, पर हमने खुद को स्वतंत्र रखने का फैसला किया, ताकि बच्चे भी अपने परिवार व करियर पर ध्यान दे सकें। यहां हमने डबल-बेड रूम लिया है। कुछ लोग इसे महंगा कहते हैं, लेकिन बुजुर्गों के लिए सिर्फ एक फ्लैट काफी नहीं होता। गैस, प्लंबर, डॉक्टर और सुरक्षा जैसी जरूरतें हर रोज सामने आती हैं। यहां सब कुछ एक ही छत के नीचे है। सबसे अच्छा अहसास यह है कि हम किसी पर बोझ नहीं हैं। बुजुर्गों की हर सेवा का रखा ख्याल
शराब, बंदूक और लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौक रखने वाली गोरखपुर की यह वहीं बर्थडे गर्ल अंशिका है, जो हॉस्पिटल मैनेजर पर गोली चलाने की वजह से चर्चा में आई। इंस्टाग्राम पर रंगदारी वाले गाने पर रील पोस्ट करती थी। वहीं एक ऐसी भी रील पोस्ट की है, जिसमें हाथों पर मेहंदी से 'माय लव सूरज' लिखा हुआ है। जबकि दूसरे रील में सैड सांग पर A और S लिखा हुआ है। इतना ही नहीं एक रील में वो पुलिस वाले को राखी बांधती हुई भी नजर आई। जानिए अंशिका के कारनामें आरोप है कि अंशिका कई वर्षों से एक प्लांड ब्लैकमेलिंग नेटवर्क चला रही थी और पिछले 5 वर्षों में अयोध्या में तैनात एक CO, गोरखपुर के 15 पुलिसकर्मी सहित, बड़े अधिकारी और राजनीतिक रसूक रखने वाले लगभग 150 लोग इसके जाल में फंस चुके हैं। जो बदनामी के डर से इसके शिकार बने हुए थे। अंशिका उनको दुष्कर्म का आरोप लगाने की धमकी देकर अपने जाल में फंसाती थी और धन उगाही का काम करती थी। इतना ही नहीं पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अंशिका और उसके 6 साथियों ने मिलकर दिल्ली से एक थार गाड़ी चुराई और उसका नंबर प्लेट बदल कर इस्तेमाल करते थे। इसी मामले को लेकर अब पुलिस अंशिका के ऊपर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी में है।
हरियाणा में मौसम का मिजाज लगातार सख्त बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, रविवार, 25 जनवरी को राज्य के कई जिलों में घने से बहुत घने कोहरे और शीतलहर का असर रहेगा। न्यूनतम तापमान में गिरावट के चलते रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जाएगी, जबकि दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिल सकती है। IMD की चेतावनी के अनुसार, 25 जनवरी को प्रदेश के 7 जिलों में पाला जम सकता है। इनमें सिरसा, हिसार, फतेहाबाद, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और चरखीदादरी शामिल हैं। इसके अलावा 6 जिलों में गहरा कोहरा पड़ने का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। इसमें अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और पंचकूला शामिल हैं। इन जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वहीं पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, मेवात (नूंह), पलवल और चरखी दादरी में हल्की धुंध पड़ सकती है। शीतलहर से दिन का तापमान गिरावहीं, शीतलहर के कारण हरियाणा में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि धूप खिलने से राहत मिली, मगर ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ाए रखी। IMD के अनुसार, 24 जनवरी को प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3 से 4 डिग्री कम दर्ज किया गया। सबसे अधिक तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस करनाल के इंद्री रेस्ट हाउस क्षेत्र में रिकॉर्ड किया गया। हिसार में 15.4 डिग्री, रोहतक में 15.7 डिग्री और गुरुग्राम में करीब 16 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटों में दिन के तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। 25 जनवरी को भी अधिकतम तापमान 14 से 17 डिग्री के बीच ही रहने का अनुमान है। रात का तापमान जमाव बिंदू की ओरप्रदेश में रात का तापमान लगातार गिरावट पर है और ठंड का असर तेज होता जा रहा है। 24 जनवरी को हरियाणा का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से करीब 2 से 3 डिग्री कम दर्ज किया गया। सबसे कम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस हिसार में रिकॉर्ड किया गया, जिससे रात और सुबह कड़ाके की ठंड महसूस की गई। करनाल में 4 डिग्री, रोहतक में 6 डिग्री और भिवानी में 3 डिग्री के आसपास रहा। कई जिलों में रात के समय पाला पड़ने जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार 25 जनवरी की रात भी ठंडी रहेगी। अब आगे कैसा रहेगा मौसमचौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के सीनियर साइंटिस्ट डॉ. चंद्रशेखर के अनुसार, हरियाणा में आज राजस्थान के साथ लगते इलाकों में पाला जमने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में आज और गिरावट आ सकती है। इसके बाद 26 शाम से मौसम में फिर बदलाव होगा। एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण 27 जनवरी को हरियाणा के अधिकतर इलाकों में बारिश होगी। इसके बाद 28 जनवरी के बाद फिर से हवाएं बदलेंगी और ठंड का दौर फिर से शुरू हो जाएगा।
इंदौर में शनिवार को पहली बार दो दिवसीय सेंट्रल इंडिया हॉर्स शो की शुरुआत हुई। इस आयोजन में देश के 7 राज्यों से 200 से अधिक मारवाड़ी और नूकरा नस्ल के घोड़े शामिल हुए हैं। यह न केवल इंदौर बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में पहली बार आयोजित हो रहा ऐसा अनोखा हॉर्स शो है। घोड़ों की शान, चाल, बनावट और ट्रेनिंग के आधार पर कई कैटेगरी में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। पहले दिन मिल्क टीथ, टू टीथ (दो दांत) और मेयर कैटेगरी की स्पर्धाएं हुईं। इंदौर के लिए गौरव की बात यह रही कि टू टीथ कैटेगरी में महू के खूबसूरत मुतर्ज़िल घोड़े ने शानदार प्रदर्शन करते हुए परचम लहराया। पंजाब-राजस्थान समेत 7 राज्यों के घोड़े आएइंदौर के गांधीनगर ग्राउंड पर आयोजित यह हॉर्स शो देवी अहिल्या हॉर्स सोसायटी के तत्वावधान में हो रहा है। इसमें मध्यप्रदेश, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित 7 राज्यों के घोड़े भाग ले रहे हैं। सभी घोड़ों के लिए अस्थायी अस्तबल बनाए गए हैं, जहां उनकी विशेष देखभाल की जा रही है। आयोजन शनिवार सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 7 बजे तक चला। इसके लिए एक छोटा स्टेडियम तैयार किया है, जिसमें दर्शकों के लिए गैलरी और बीच में प्रतियोगिता रिंग बनाई गई है। रिंग में केवल चयनित घोड़े और उनके मालिकों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। पहले दिन प्रतियोगिता में मुतर्ज़िल का दबदबा देखने को मिला। 200 से अधिक घोड़ों के बीच वह अपनी ऊंचाई, खूबसूरती, कम उम्र, संतुलित डाइट, मजबूत डील-डौल, फुर्ती और आकर्षक चाल के कारण प्रतियोगिता का केंद्र बना रहा। उसकी अलग पहचान ने उसे खास बना दिया। टू टीथ में 35 घोड़ों में सबसे टॉप पर रहा मुर्तज़िलशनिवार को टू टीथ कैटेगरी में 35 घोड़ों ने भाग लिया। इसमें सारे पैरामीटर्स में मुर्तज़िल सबसे अव्वल रहा। रिंग में कम उम्र में उसकी फुर्ती, खूबसूरती, मजबूती, ऊंचाई-चौड़ाई, डीलडौल को निर्णायक कमेटी खूब सराहा और नंबर दिए। उसने इस कैटेगरी में पहला स्थान पाया। इसी तरह मेयर कॉम्पटीशन में पंजाब की कुदरत ने पहला स्थान पाया। पुरस्कार के रूप में उसके मालिक मो. शाहरुख को 21 हजार रुपए की राशि, सम्मान पत्र और ट्रॉफी दी गई। इसके साथ ही मुर्तज़िल की पीठ पर खूबसूरत लाल सैडल पैड ओढ़ाया गया। इसके साथ ही सिर पर लाल रंग का बैच लगाकर सम्मान किया गया। तीन तस्वीरों में देखिए... घोड़े के संरक्षण के प्रति जागरूकता उद्देश्यआयोजक पवन सिंह चावड़ा ने बताया कि इस दो दिनी शो में देश के 7 राज्यों से 225 से अधिक मारवाड़ी (अलग-अलग रंगों के) और नूकरा (स्टेलियन ) नस्ल के घोड़े शामिल हुए हैं। घोड़ों की शान, चाल, बनावट और ट्रेनिंग को लेकर पहले दिन अलग-अलग कैटेगरी की कॉम्पीटिशन हुई। रविवार को भी दिन भर होंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है। आयोजन का उद्देश्य भारतीय घुड़सवारी संस्कृति को बढ़ावा देना और पारंपरिक घोड़ा नस्लों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना है। उम्मीद है कि यह हॉर्स शो हर साल होकर इंदौर को अश्व खेलों के मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार नए मरीजों के आने का सिलसिला कम हो गया है। अभी 10 मरीज एडमिट हैं। जिनमें से 4 आईसीयू में हैं। इनमें वार्ड में एडमिट मरीजों की हालत ठीक है। जबकि आईसीयू और वेंटिलेटर के दो मरीजों की हालत चिंताजनक है। इनमें एक महिला और एक पुरुष हैं। यह मामला अधिकृत तौर पर 29 दिसंबर को सामने आया था। अब तक 25 जनवरी तक 27 दिन हुए हैं। इस अवधि में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। यानी औसतन हर दिन एक मौत हुई है। हालांकि प्रशासन अभी भी कई मौतों में कारण दूषित पानी, डायरिया नहीं मानकर कोमोरबिड (दूसरी बीमारियों से) से मौतों की वजह बताई है। 450 से ज्यादा मरीजों को एडमिट किया गया। जिनमें से अब 10 मरीज एडमिट हैं। रिटायर्ड शिक्षक की हालत चिंताजनकउधर, शुक्रवार को यहीं रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक राजाराम बौरासी (75) को उल्टी-दस्त की तकलीफ हुई और हालत बिगड़ती गई। इस पर उन्हें डॉक्टर को दिखाया गया लेकिन सुधार नहीं हुआ। फिर और हालत बिगड़ने पर शनिवार सुबह सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। वहां पता चला कि उन्हें कमजोरी के कारण हार्ट अटैक आया है। उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। बेटे नीरज का कहना है कि एक दिन पहले तक वे स्वस्थ थे और चलते-फिरते थे। फिर उल्टी-दस्त के कारण डॉक्टरों को बताया तो उन्होंने बताया था कि उन्हें इन्फेक्शन है। इसके बाद हालत अब चिंताजनक है। यह खबर भी पढ़ें... इंदौर दूषित पानी- बुजुर्ग का शव रखकर प्रदर्शन इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से बुजुर्ग बद्री प्रसाद की मौत के बाद परिजन में आक्रोश है। शनिवार को परिजन ने भागीरथपुरा पुल के पास शव रखकर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान स्थानीय भाजपा पार्षद कमल वाघेला के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पूरी खबर यहां पढ़ें... इंदौर में दूषित पानी से 27वीं जान गई इंदौर में दूषित पानी से एक और मौत होने का दावा किया गया है। भागीरथपुरा निवासी विद्या बाई (82) के बेटे शिवनारायण ने कहा- मां को 10 जनवरी से उल्टी-दस्त की शिकायत थी। घर पर इलाज चल रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें....
महाकाल लोक और महाकाल महाराज के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों की भीड़ को कंट्रोल करने की जिम्मेदारी अब होमगार्ड के जवानों को मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की 4 विशेष कंपनियों के गठन के प्रस्ताव को राज्य सरकार ने हरी झंडी दे दी है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल से इनकी भर्ती के लिए आधिकारिक मंजूरी का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा जा चुका है। यह भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल के जरिए की जाएगी। गृह विभाग इन पदों के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को देने वाला है। जवानों का कहीं और नहीं होगा ट्रांसफरहोमगार्ड के इस स्पेशल कैडर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं होगा। ये जवान कॉल ऑफ और कॉल ऑन से मुक्त रहेंगे। होमगार्ड में भर्ती होने वाले ऐसे जवान अपने पूरे सेवाकाल के दौरान केवल महाकाल मंदिर में ही सेवाएं देंगे। इससे उन्हें मंदिर की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा बारीकियों का विशेषज्ञ बनने में मदद मिलेगी। मामले में होमगार्ड के अफसरों का कहना है कि महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की चार कंपनियों की भर्ती के लिए मंजूरी मिली हैं। 488 पदों पर ESB के जरिए भर्ती होगी। गृह विभाग को विज्ञापन जारी करने के लिए पत्र लिखा है। हर रोज लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं उज्जैनमहाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। यहां हर रोज औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आना जाना होता है। इसे देखते हुए यह नई होमगार्ड फोर्स मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सहायता के लिए भी मुस्तैद रहेगी। इन जवानों को होमगार्ड को नियुक्ति से पहले बेसिक ट्रेनिंग के साथ ही भीड़ प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सकें। अभी महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों के हवाले है। सुरक्षा में लगने वाले होमगार्ड यह खबर भी पढ़ें... उज्जैन में महाकाल लोक के बाद अब शनि लोक 2022 में महाकाल लोक बनने के बाद उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में करीब दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में सिंहस्थ 2028 के लिए मध्य प्रदेश सरकार, उज्जैन को एक नए धार्मिक पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने में जुट गई है। इसी क्रम में अब सरकार यहां 'शनि लोक' बनाने जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
मौसम विभाग की तरफ से पंजाब के अधिकतर जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। आज भी कई जिलो में तेज हवाएं चलेंगीं। जिससे मौसम में बड़ी तब्दीली नजर नहीं आ रही है। जम्मू और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ अब समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिखाई दे रहा है। उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण स्थित है। जम्मू और उससे सटे पाकिस्तान के ऊपर निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक फैली गर्त अब कम स्पष्ट हो गई है। कई जिलों के लिए अलर्ट जारी मौसम विभाग की तरफ से रविवार के लिए घने कोहरे और और शीत लहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इस दौरान पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर घना कोहरा छा सकता है। गुरदासपुर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कुछ स्थानों पर घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और जालंधर में कुछ स्थानों पर घना से बहुत घना कोहरा/शीतलहर चलने की संभावना है। फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा में कुछ स्थानों पर घना कोहरा/शीतलहर चलने की संभावना है।. एक डिग्री से भी नीचे पहुंचा न्यूनतम तापमान मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार पहाड़ों में हुई बर्फबारी की वजह से मैदानी क्षेत्रों का तापमान भी बेहद कम हुआ है। पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान सबसे कम 0.8 डिग्री आंका गया है। इसके अलावा अधिकतम तापमान 17.2 फरीदकोट में कल की तुलना में आज राज्य में औसत अधिकतम तापमान में 0.2C की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, यह अभी भी सामान्य से 3.6C कम बना हुआ है।
भोपाल पिछले 20 साल से मास्टर प्लान का इंतजार कर रहा है। मास्टर प्लान तो आया नहीं, लेकिन इससे आगे सुपर प्लान की तैयारी शुरू हो गई है। यानी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन(बीएमआर) का प्लान। सेप्ट, अहमदाबाद ने इसके लिए ग्राउंड पर सर्वे शुरू कर दिया है। यह प्लान तय करेगा कि अगले 30 साल में सड़क कहां होगी, उद्योग कहां और आबादी कहां बसेगी। भोपाल, मंडीदीप, सीहोर, आष्टा, रायसेन, सांची, उदयपुरा, विदिशा, नर्मदापुरम के लिए अलग-अलग प्लानिंग हो रही है। कस्बों-गांवों को सैटेलाइट टाउन की तरह विकसित करने की तैयारी है। ट्रैफिक, पानी, सीवरेज और आबादी के दबाव को शहर से बाहर फैलाने का रोडमैप बन रहा है। हालांकि बड़ा सवाल है कि यह है कि प्लानिंग टेबल से धरातल तक कब और कैसे आएगी? क्या वास्तविक जरूरतों के अनुसार और समय पर यह प्लान बनेगा और लागू होगा? जहां जैसी संभावना वहां वैसा प्लान हाई-स्पीड रोड से जुड़ेगा पूरा रीजनबीडीए के अफसरों का कहना है कि मेट्रोपॉलिटन रीजन के प्लान को हाई-स्पीड सड़कों, रिंग रोड, मेट्रो विस्तार और इंदौर-भोपाल कनेक्टिविटी के साथ तैयार किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप... पूरे रीजन में अलग-अलग मास्टर प्लान के प्लानिंग एरिया के बाहर की जमीन चिह्नित हो रही हैं। 40 एकड़ या अधिक में सर्व सुविधायुक्त इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित की जाएंगी। जो ग्रोथ सेंटर से जुड़ी होंगी भास्कर एक्सपर्ट - केके धोटे, डीन, प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, मैनिट वास्तविक जरूरतों के अनुसार समयसीमा में प्लान बनाना जरूरी भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन के लिए बीडीए सेप्ट, अहमदाबाद के सहयोग से प्लान बना रहा है। सेप्ट के पास विशेषज्ञों की अच्छी टीम है। लेकिन शासन-प्रशासन के स्तर पर भी पूरे सहयोग की जरूरत है। इस सहयोग के साथ समयसीमा में प्लान बने, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। अनुभव यह है कि इस तरह के प्लान अनिश्चितकाल तक तैयार होते रहते हैं, तैयार हो जाएं तो मंजूरी के लिए सरकारी दफ्तरों में अटके रहते हैं।
पुलिस ने चोरी खुलासा किया:पड़ोसी निकला चोर, पहले ही दिन पीड़ित ने जताया था शक
सेवर थाना क्षेत्र के गढ़ी जालिम में पुलिसकर्मी के घर हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने महज 14 दिनों में खुलासा कर दिया है। सेवर पुलिस और डीएसटी की ने संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी पड़ोसी सुरेंद्र उर्फ लहरू, निवासी गढ़ी जालिम सिंह को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गया सोने-चांदी का सामान भी बरामद किया है। पीड़ित पुलिसकर्मी बलजीत सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने घर के ताले तोड़ सोने-चांदी के जेवरात, 6 हजार नकद, रिवॉल्वर का लाइसेंस और 10 कारतूस चोरी कर लिए। शेष सामान की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। भास्कर इनसाइट - हर गतिविधि पर नजर रखता था आरोपी सुरेंद्र आरोपी सुरेंद्र उर्फ लहरू का आपराधिक इतिहास संदिग्ध रहा है। उसके खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं। इस बार उसने अपने ही पड़ोसी और पुलिसकर्मी बलजीत सिंह के घर को निशाना बनाया। पड़ोसी होने के कारण उसे घर की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी, जिसका फायदा उठाकर उसने अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
दर्दनाक सड़क हादसा:ओवरटेक करते समय भिड़े तीन वाहन रिक्शा चालक की मौत, 8 गंभीर घायल
डीग कामां सड़क मार्ग पर गांव इंद्रोली के पास बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। तीन अलग-अलग वाहनों की आपसी भिड़ंत में मोटरसाइकिल मॉडिफाइड रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो कारों में सवार आठ लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें आरबीएम अस्पताल भरतपुर रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार डीग से कामां की ओर आ रही ब्रेजा कार ने आगे चल रहे मोटरसाइकिल मॉडिफाइड रिक्शा को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान ब्रेजा कार की रिक्शा से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद ब्रेजा कार अनियंत्रित होकर कामां की ओर से डीग जा रही बलेनो कार से जा भिड़ी। तीन वाहनों की इस भीषण टक्कर में जुरहरा थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी निवासी 38 वर्षीय आमीन पुत्र अमर सिंह मेव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। ब्रेजा कार बलेनो से भिड़ी, रिक्शा टूटा ये हुए घायल... हादसे में ब्रेजा कार सवार कामां निवासी मोहित पुत्र तुलसीराम वैश्य और लक्ष्मी पत्नी हरिओम वैश्य गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बलेनो सवार भरतपुर के गांव अजान निवासी सुरेंद्र सिंह पुत्र हरभान सिंह जाट दिल्ली में फुटवियर कंपनी में नौकरी करता है। वह अपनी ससुराल खोह में शादी समारोह में जा रहा था। हादसे में उसकी पत्नी श्यामा, पुत्रियां रुचि, प्रज्ञा, गौरी तथा पुत्र युवराज गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को आरबीएम अस्पताल रैफर किया है। वहीं मृतक रिक्शा चालक आमीन रिक्शा चलाकर परिवार का पोषण करता था।
जिला अस्पताल को सौ से दो सौ बेड का करने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, लेकिन डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भारी कमी के कारण ज्यादातर मरीजों को पीबीएम हॉस्पिटल ही जाना पड़ रहा है।एसपी मेडिकल कॉलेज शहर की पांच लाख की आबादी को कवर करने वाले जिला अस्पताल में चार साल से मेडिसिन का डॉक्टर नहीं लगा पा रहा है, जबकि अस्पताल में रोज करीब 300 मरीजों का ओपीडी रहता है। विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को पीबीएम जाना पड़ता है। हालांकि 15-15 दिन के लिए सीनियर रेजिडेंट्स की ड्यूटी रहती है, लेकिन ये बदल-बदल कर भेजे जाते हैं। स्थायी डॉक्टर नहीं होने के कारण मरीजों में इलाज को लेकर विश्वास नहीं बन पाता। पीडिया में अगले महीने से कोई डॉक्टर नहीं होगा। पीडियाट्रिक्स में नियोनेटल आईसीयू है और एक ही शिशुरोग विशेषज्ञ है, जो फरवरी में रिटायर हो रहे हैं। इसी प्रकार सर्जरी और ऑर्थो में एक-एक डॉक्टर है, जबकि इनका प्रतिदिन आउटडोर 150 से अधिक है। इन्हें सर्जरी भी करनी पड़ती है। वर्तमान में अस्पताल में दो एनेस्थीसिया के डॉक्टर हैं, जबकि चौबीस घंटे सिजेरियन की सुविधा के लिए दो अतिरिक्त एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चाहिए। गौरतलब है कि राज्य में 930 डॉक्टर एपीओ चल रहे हैं। उनके पास कोई काम नहीं है, जबकि यहां सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। नाम का है मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल जिला अस्पताल केवल नाम का ही मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल रह गया है। मेडिसिन, सर्जरी, गायनी, पीडिया, नेत्ररोग, ऑर्थो, स्किन, डेंटल, ईएनटी के ओपीडी चलते हैं, लेकिन डॉक्टरों की भारी कमी है। मानसिक रोग और श्वसन रोग विशेषज्ञ शुरू से ही नहीं हैं। स्टाफ के पद 2007 में स्वीकृत हुए थे। उसके बाद बढ़ाए ही नहीं, जबकि काम बढ़ चुका है। हर महीने औसत 50 हजार मरीजों का ओपीडी रहता है। जूनियर रेजिडेंट के पद समाप्त करने से बढ़ी समस्या चिकित्सा विभाग में जूनियर रेजिडेंट के पद खत्म करने से जिला अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी खलने लगी है। पहले 12 जूनियर रेजिडेंट रहते थे, जिससे मरीजों को मेडिसिन सहित विभिन्न बीमारियों का इलाज मिलता था। वर्तमान में मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल ज्यूरिस्ट और चेस्ट फिजिशियन की भी जरूरत है। मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना और जांच योजना के बाद अस्पताल में काम का स्तर कई गुना बढ़ गया है, लेकिन चिकित्सकों और स्टाफ के पदों में बढ़ोतरी बिल्कुल नहीं हुई है। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जरूरत है। मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्कलोड भी बढ़ रहा है, जबकि स्टाफ की भारी कमी बनी हुई है। -डॉ. सुनील हर्ष, अधीक्षक, जिला अस्पताल
चंडीगढ़ से जुड़े मुद्दों पर किसी भी कमेटी या सलाहकार परिषद की बैठकों में दिए गए सुझावों पर अब देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून एवं व्यवस्था स्थायी समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह संधू ने चंडीगढ़ पुलिस द्वारा साइबर धोखाधड़ी से निपटने और सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी। डीजीपी ने चल रहे जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी दी।इस पर प्रशासक ने कहा कि रात में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और साइबर अपराध से निपटने के लिए एक अलग, अच्छी तरह तैयार टीम बनाई जाए। हर सुझाव पर की कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अहम मामलों पर समय रहते कार्रवाई हो और हर सुझाव पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी मामले में बेवजह देरी हुई तो जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। सेक्टर-9 स्थित यूटी सचिवालय में सलाहकार परिषद (एएसी) की स्थायी समितियों के अध्यक्षों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी समितियों के अध्यक्षों से अब तक हुई बैठकों, उठाए गए मुद्दों और दिए गए सुझावों की विस्तृत जानकारी ली गई। इस दौरान विभिन्न समितियों ने शहर से जुड़ी जनसमस्याओं को प्रशासक के समक्ष रखा। सामाजिक कल्याण स्थायी समिति के अध्यक्ष सत्य पाल जैन ने 25 हजार परिवारों के पेंशन लाभों में संशोधन, मजदूर भवन के लिए भूमि आवंटन, शाम की डिस्पेंसरी शुरू करने और आवारा मवेशियों के प्रबंधन जैसे प्रमुख मुद्दों को बैठक में रखा। पर्यावरण स्थायी समिति के अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता ने ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली, निर्माण और विध्वंस (सीएंडडी) कचरे के निपटान, शुद्ध जल के उपयोग, हरित आवरण के विस्तार, वायु प्रदूषण नियंत्रण और सिंगल-यूज प्लास्टिक पर रोक से जुड़े मुद्दे उठाए। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग शिक्षा स्थायी समिति के अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शिक्षण कार्यभार, पदोन्नति में हो रही देरी, निर्णय लेने की धीमी प्रक्रिया, कौशल-आधारित पाठ्यक्रमों की शुरुआत और खेल सुविधाओं के सुधार को लेकर चिंताएं जताईं। कला, संस्कृति, पर्यटन और विरासत स्थायी समिति के अध्यक्ष हर्मोहिंदर सिंह लक्की ने पर्यटन विकास के लिए अंतर-विभागीय समन्वय और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशासक ने बेहतर क्रियान्वयन तंत्र सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। परिवहन स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय पाल ने ऑटो-रिक्शा के लिए समर्पित पार्किंग व स्टॉप, इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत प्रोत्साहनों का विस्तार, साइकिल ट्रैक में सुधार और ई-बस संचालन से जुड़े रोजगार संबंधी मुद्दों को उठाया। खेल स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय टंडन ने नकद पुरस्कार और छात्रवृत्तियां, इनडोर खेल सुविधाओं का विकास, शतरंज केंद्रों की स्थापना, योग गतिविधियों का प्रचार और स्कूल खेल मैदानों के बेहतर उपयोग पर सुझाव दिए। शहरी अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं पर मंथन शहरी अवसंरचना एवं नगर नियोजन स्थायी समिति के अध्यक्ष अनुप गुप्ता ने भविष्य की जरूरतों के अनुरूप अवसंरचना विकास, व्यापार सुगमता, स्मार्ट पार्क, खेल सुविधाओं का विस्तार, बेहतर विक्रेता समाधान और कंक्रीट सड़कों की कनेक्टिविटी पर जोर दिया। स्वास्थ्य स्थायी समिति के अध्यक्ष राज बहादुर ने भर्ती संबंधी समस्याओं के कारण विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं में हो रही देरी की समीक्षा की। शहर से सटे इलाकों के विकास से जुड़ी स्थायी समिति के अध्यक्ष सुभाष चावला ने शहर के प्रवेश रास्तों को बेहतर बनाने, सेक्टर-25 के रैली ग्राउंड में सुविधाएं बढ़ाने, एक अस्थायी पुलिस चौकी बनाने और पड़ोसी राज्यों से चंडीगढ़ में आने वाले आवारा मवेशियों पर रोक लगाने की जरूरत बताई।
300 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार:भोपाल-ब्यावरा रोड 6 साल में जर्जर, अब फिर से बनेगा
मप्र का नेशनल हाइवे 46 भोपाल से ब्यावरा तक का फोरलेन रोड फिर से बनने जा रहा है। करीब 6 साल पहले बनकर कम्पलीट हुए इस रोड का करीब 13.33 किमी लंबा हिस्सा पूरी तरह खराब हो गया है और इसमें गड्ढे होने के साथ बेस भी खराब हो गया है। यहां पुरानी सड़क को हटाकर नई सड़क बनाई जाएगी। वहीं इस सड़क के करीब 51 किमी हिस्से में सड़क लगभग कमजोर हो गई है। यहां बिटुमिन (डामर) की नई परत बिछाई जाएगी। बाकी हिस्से में मेंटनेंस किया जाएगा। जिस कंपनी को काम मिलेगा, वह 4 साल तक देखरेख करेगी। दो साल पहले से इसकी गुणवत्ता खराब होने को लेकर शिकायतें मिल रही थी। अब फाइनली इसके लिए टेंडर जारी हो गया है और करीब 300 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है, जिसमें कुल 106 किमी लंबी रोड पर काम होगा। इसका निर्माण नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) द्वारा किया जाएगा। इसके प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवांश नुअल ने बताया कि 6 साल में सड़क का डामर पूरी तरह खराब होने लगता है। इस सड़क के डामर को बदले जाने के लिए टेंडर किया गया है। अगले महीने तक टेंडर फाइनल होगा और उसके बाद काम शुरू होगा। अवधि को लेकर बोले कि टेंडर होने के बाद ही बता पाएंगे। दो हिस्सों में होगा निर्माण ब्यावरा-भोपाल नेशनल हाईवे का निर्माण 1087 करोड़ से 2019-20 में हुआ था। इसके 3 साल बाद ही सड़क का बड़ा हिस्सा धंसने लगा था। ब्यावरा से नरसिंहगढ़ तक तो फोरलेन जमीन से भी नीचे बना दिया गया। कई जगह बारिश में जलभराव की स्थिति भी बनती है। अब नई डीपीआर में इसकी हाइट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह 3 से 4 फीट बढ़ाई जाएगी। हर एक किमी पर एक पुलिया बनाएंगे। 5 जगह अलग से बन रहे अंडरपास, ब्रिज बनेंगे। टेंडर के लिए फाइल दिल्ली सड़क परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है। स्वीकृति के बाद ब्यावरा से नरसिंहगढ़ तक फोरलेन पर 150 करोड़ और नरसिंहगढ़ से भोपाल तक भी 150 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
प्रदेश के 2.50 लाख संविदा कर्मचारियों को महंगाई सूचकांक की जगह महंगाई भत्ता (डीए) दिए जाने पर सहमति बन सकती है। इस बारे में मुख्यमंत्री सचिवालय व वित्त विभाग के बीच चर्चा का दौर जारी है। दरअसल, अभी संविदा कर्मचारियों को सरकार के द्वारा महंगाई सूचकांक (दिहाड़ी मजदूरों) के हिसाब से दिया जा रहा है, जबकि उनकी कर्मचारियों के समान ग्रेड-पे तय कर दी गई है। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध संविदा कर्मचारी संघ की सीएम के सचिव आलोक सिंह के साथ इस बारे में बातचीत चल रही है। मप्र संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के संयोजक दिनेश सिंह तोमर का कहना है कि संविदा कर्मचारियों की लंबित मांगों में प्रमुख रूप से नियमित कर्मचारियों के समान डीए दिया जाना शामिल है। साथ ही केवल संविदा कर्मियों के लिए हर साल कॉन्ट्रेक्ट रिन्यूवल की जगह लागू की गई अप्रेजल प्रणाली, जिसमें मूल्यांकन किया जाता है, उसे भी समाप्त किया जाना चाहिए। 30 जनवरी को होना है संविदा महासम्मेलन मप्र संविदा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर प्रदेश के कर्मियों का संविदा महासम्मेलन 30 जनवरी को आयोजित होने जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शामिल हो रहे हैं। इस महासम्मेलन में संविदा कर्मचारियों को कर्मचारियों के समान डीए दिए जाने की घोषणा हो सकती है। संविदा कर्मचारियों को लेकर सरकार ने 2023 में नीति तैयार की थी, लेकिन इसका अभी तक किसी भी विभाग ने पालन नहीं किया है। संविदा कर्मियों की मांग है कि 10 वर्ष एवं इससे अधिक संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के विरुद्ध संविलियन करने समिति गठित की जाए। नियमित कर्मचारियों के समान अर्जित अवकाश ( ईएल) और मेडिकल लीव का प्रावधान किया जाए। संविदा कर्मचारियों को 2018 की नीति के अनुसार अर्जित अवकाश दिए जाने का प्रावधान था, जिसे 2023 में खत्म कर दिया गया है। संविदा नीति के अनुसार विभागों में संविदा कर्मियों को एनपीएस, ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा का लाभ दिया जाना था, जिसे विभागों ने लागू नहीं किया है। वरिष्ठ पद खाली होने की स्थिति में अनुभवी संविदा कर्मचारी को पद प्रमोशन अतिरिक्त चार्ज पात्रता प्रदान किए जाने की मांग भी शामिल हैं । किसी कारणवश कोई योजना समाप्त समाप्त की जाती है तो उसके अंतर्गत समस्त कार्यरत समस्त संविदा कर्मचारियों को अन्य विभाग में अनुमति प्रदान करने की भी मांग है । विभिन्न परियोजना में पदस्थ संविदा कर्मचारियों की विसंगति पूर्ण समकक्षता का निर्धारण अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग की अध्यक्षता में संविदा प्रतिनिधियों को शामिल कर 2 माह में अभ्यावेदनों पर विचार करते हुए निराकरण किया जाए।
भू-माफियाओं पर सख्ती:अवैध कॉलोनियों पर चली जेसीबी, आठ करोड़ की सरकारी जमीन खाली कराई
भू माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि अब सरकारी जमीनों पर अवैध कॉलोनी काटने लगे हैं। हुजूर में पशु मंडी के लिए आरक्षित जमीन पर ही अवैध कॉलोनी बना दी। प्रशासन ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनी में बने ऑफिस से लेकर दीवार और फेसिंग को गिरा दिया। जिले में अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ एफआईआर के बाद अब जिला प्रशासन ने मैदानी कार्रवाई शुरू की है। शनिवार को अवकाश के दिन भी हुजूर तहसील में ये बड़ी कार्रवाई की गई। टीम ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए करीब 8 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया और अवैध कॉलोनियों के निर्माण को जमींदोज कर दिया। एसडीएम विनोद सोनकिया ने बताया कि ग्राम परेवारखेड़ा में 0.303 हेक्टेयर जमीन पशु मंडी के लिए आरक्षित है। इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए है। इस पर भू-माफिया ने टीनशेड और बाउंड्रीवॉल बनाकर प्लॉटिंग शुरू कर दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी निर्माण को गिरा दिया। ईंटखेड़ी: ईटखेड़ी क्षेत्र में बिना अनुमति काटी जा रही 3 अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन ने कार्रवाई की। यहां बिल्डरों ने सरकारी नियमों को ताक पर रखकर प्लॉटिंग शुरू कर दी थी। अवैध कॉलोनाइजरों पर एफआईआर के साथ-साथ अब निर्माण तोड़ने की कार्रवाई की। इस दौरान रुखसाना मोहसिन पत्नी डॉ. मो. मोहसि, विनोद साहू, मो.रिजवान और हीरालाल अवैध रूप से कॉलोनी काटते मिले। इनके खिलाफ कार्रवाई की गई। जमीन लेने के पहले यह जरूर देखें जमीन खरीदने के पहले सावधानी बरतें। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि प्लॉट खरीदने से पहले रेरा रजिस्ट्रेशन और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) की अनुमति जरूर चेक करें। अवैध कॉलोनियों में निवेश करने पर भविष्य में प्रशासन द्वारा निर्माण तोड़े जाने का जोखिम रहेगा।
मध्य प्रदेश के आधे हिस्से में 27 और 28 जनवरी को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) स्ट्रॉन्ग है। यह एमपी में भी असर दिखाएगा। इससे पहले ग्वालियर-चंबल में बादल-बारिश और कोहरे वाला मौसम है। IMD (मौसम केंद्र), भोपाल के अनुसार, उत्तर भारत में दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) सक्रिय है। वहीं, एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और ट्रफ की भी एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से पिछले 24 घंटे के अंदर ग्वालियर-चंबल के जिलों में बारिश हुई। वहीं, कई जिलों में बादल छाए रहे। शनिवार को भी मौसम में ठंडक रही। छतरपुर, रतलाम समेत 10 से ज्यादा जिलों में तेज हवाएं चली। भोपाल में दिन में बादल भी छाए रहे। हालांकि, अगले 2 दिन तक तेज ठंड का अनुमान नहीं है, लेकिन आखिरी दिनों में कड़ाके की सर्दी का एक और दौर आएगा। शनिवार को नरसिंहपुर जिले के सालीचौका क्षेत्र में देर शाम 20 से 25 मिनट तक तेज बारिश हुई। अचानक हुई बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई, जिससे दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। मध्य प्रदेश के इन जिलों में बारिश दो दिन तेज ठंड नहींमौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। शनिवार को भी भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, सागर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, निवाड़ी समेत 22 जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा रहा। दतिया में सबसे ज्यादा घना कोहरा रहा। भोपाल और नौगांव में भी विजिबिलिटी कम रही। मंदसौर, नीमच-राजगढ़ में पारा 8 डिग्री से कम, भोपाल-इंदौर में भी लुढ़कामौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश का सबसे ठंडा शहर मंदसौर रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री रहा। राजगढ़ में 7.4 डिग्री, नीमच के मरुखेड़ा में 7.9 डिग्री, कल्याणपुर में 8.2 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री और कटनी के करौंदी में 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 12.5 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, ग्वालियर में 13.3 डिग्री, उज्जैन में 12.8 डिग्री और जबलपुर में 15.3 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में कांपा दतिया, पारा 18.6 डिग्री, 1 ही दिन में 9 डिग्री की गिरावटमध्य प्रदेश में शनिवार को मौसम फिर से बदल गया। सुबह कोहरा रहा तो दिन में सर्द हवाएं चली। इस वजह से ग्वालियर-चंबल संभाग के शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट दर्ज की गई। सबसे ठंडा दतिया रहा। यहां अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री पहुंच गया। एक ही दिन में पारे में 9 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। खजुराहो में 8 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 21.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग के अनुसार, गुना में 18.7 डिग्री, टीकमगढ़ में 19 डिग्री, श्योपुर में 19.4 डिग्री, ग्वालियर-धार में 20 डिग्री, खजुराहो में 21.4 डिग्री, उज्जैन में 21.5 डिग्री, रतलाम में 21.2 डिग्री, इंदौर में 22 डिग्री, नौगांव में 22.5 डिग्री और भोपाल में 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने रविवार को भी दिन के तापमान में गिरावट होने का अनुमान जताया है। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंसमौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
राजधानी में अलग-अलग थाना क्षेत्र में 6 सड़क हादसों में छाह लोगों की मौत हुई है। इनमें तीन मामले बिलखिरिया थाना क्षेत्र के हैं। एक-एक मामला टीटी नगर, छोला मंदिर और नजीराबाद थाना क्षेत्र का है। सड़क हादसे के बाद घायलों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। यहां उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। कई मामलों में वाहनों को जब्त कर लिया गया है। वहीं, कुछ मामलों में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। किसी को कार ने तो किसी को अज्ञात वाहन ने कुचला...कुछ मामले में वाहन जब्त 1. टीटी नगर : टीटी नगर थाना क्षेत्र में 40 वर्षीय निखिल पगारे की सड़क हादसे में मौत हो गई। निखिल रात 2 बजे के करीब मैनिट से कोलार की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि उनके साथ हादसा कैसे हुआ इसकी कोई जानकारी नहीं मिली है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की जा रही है। निखिल कोलार इलाके के रहने वाले थे। 2. बिलखिरिया : यहां सड़क हादसे में 40 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मृतका पुनिया बाई परिवार के साथ ऑटो से जा रही थीं। इसी दौरान रॉन्ग साइड से आ रही बाइक ने उनके ऑटो को टक्कर मार दी। जिससे पुनिया बाई नीचे गिर गई। उनके सिर में गंभीर चोट आने से उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में गाड़ी जब्त कर ली है। 3. बिलखिरिया थाना : रात में शराब के नशे में रोड पर टहल रहे एक व्यक्ति की कार की टक्कर से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र (40) कोकता इलाके का रहने वाला था । रात में शराब के नशे में इलाके में टहल रहा था । इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। गंभीर चोट आने पर उस की मौत हो गई। धर्मेंद्र मजदूरी करता था। 4. बिलखिरिया थाना : बिलखिरिया थाना क्षेत्र में बाइक से जा रही बुजुर्ग महिला की सड़क हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि राजी बाई (70) कोकता इलाके की रहने वाली थी। शुक्रवार रात राजी सूखीसेवनिया की ओर से कोकता लौट रही थी। इसी दौरान एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है। 5. छोला मंदिर : 20 वर्षीय युवती की सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना बेस्ट प्राइज के सामने 80 फीट रोड की है। पुलिस ने बताया कि माही यादव (20) शारदा नगर नारियालखेड़ा की रहने वाली थी। अपने काम से माही बाहर निकली थी। इसी दौरान 80 फीट रोड पर पीछे से आ रही बस ने उसे टक्कर मार दी। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। 6. नजीराबाद : थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में बुजुर्ग की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना शनिवार सुबह 11 बजे की है। मृतक धूरीलाल (70) बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार और उनकी बाइक समेत एक अन्य बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में करीब 6 लोग घायल हुए हैं।
दस जनवरी को छिंदवाड़ा के परसगांव में सामने आई घटना ने मातृत्व और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज को झकझोर दिया। ढाई साल की बच्ची की हत्या करने वाली मां का बयान सुनकर गांव के लोग आज भी सन्न हैं। पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि वह बच्ची के रोने को सहन नहीं कर पा रही थी और गुस्से में उसने उसका गला घोंट दिया। भावनात्मक असंतुलन ने उसे इस कदर विचलित कर दिया कि वह मातृत्व की ममता तक भूल गई। यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि देशभर में तेजी से उभरती उस गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या की ओर इशारा करता है, जिसमें महिलाएं बच्चे के जन्म के बाद अवसाद और असहनीय मानसिक दबाव से गुजर रही हैं। इसे चिकित्सा भाषा में पोस्टपार्टम डिसऑर्डर कहा जाता है और विशेषज्ञों के अनुसार इसका बढ़ता दायरा परिवार और समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के आंकड़ों व विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद 10 में से 2 महिलाएं इस समस्या से गुजरती हैं। समस्या यह है कि परिवार इसे सामान्य मूड स्विंग मानकर नजरअंदाज कर देता है, जबकि समय पर इलाज न मिलने पर यह स्थिति बच्चे की परवरिश को प्रभावित करने से लेकर उसकी जान के लिए भी घातक साबित हो सकती है। सोशल मीडिया से बढ़ा पोस्टपार्टम डिप्रेशनगर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के बाद का समय महिलाओं के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद संवेदनशील होता है। गांधी मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रुचि सोनी के अनुसार आज गर्भवती महिलाएं सोशल मीडिया के कंटेंट, तुलना, डर और गलत जानकारी के कारण पहले से ज्यादा तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मन में सवाल आते हैं कि किस तरह की डिलीवरी होगी, बच्चा कैसा होगा, मैं मोटी दिख रही हूं, मेरी जैसी दूसरी महिलाएं कैसे संभाल रही हैं। इस तरह की तुलना महिलाओं में आत्मग्लानि, डर और निराशा को बढ़ाती है। इस दौरान जब उन्हें परिवार से सपोर्ट नहीं मिलता तो यही बदलाव पोस्टपार्टम डिप्रेशन और कई मामलों में पोस्टपार्टम साइकोसिस तक में बदल जाता है। ओपीडी में एक-दो महिलाएं इसी समस्या के चलते आती हैं। पति की भूमिका तय करती है मानसिक भविष्यभोपाल के वरिष्ठ स्त्री-रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय हलदर बताते हैं कि जर्नल ऑफ बायोसोशल साइंस की रिपोर्ट में पाया गया है कि गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक पति की मौजूदगी से महिला व नवजात दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे प्रसव के दौरान दर्द कम होता है, महिलाओं की निर्णय क्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव घटता है। पोस्टपार्टम डिसॉर्डर की संभावना भी कम रहती है। डॉ. हलदर ने कहा कि 90% महिलाएं अस्पताल पति के बिना पहुंच रही हैं, जबकि उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत उसी दौरान भावनात्मक सहारे की होती है। ओपीडी में हर महिला को यही सलाह देता हुं कि वे अगली बार अपने पति के साथ फॉलोअप के लिए आएं। इस प्रक्रिया के दौरान कपल के साथ होने से मां और बच्चे के स्वास्थ्य पर बेहतर असर होता है। बच्चों की हत्या के चर्चित मामलेकेस- MP में 8 वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दीसीधी जिले में मानसिक रूप से अस्थिर बताई जा रही महिला फूल कुमारी बैगा ने अपने 8 वर्षीय बेटे की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना ग्राम कतरी काड़ी की है, जहां मां और बेटा 4 अक्टूबर की शाम से लापता थे। अगले दिन चरवाहों को गांव से एक किलोमीटर दूर पहाड़ी पर बच्चे का शव मिला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची मां ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार कर ली। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी महिला लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की है और मां को जेल भेज दिया। दो केस अन्य राज्य से भी आए सामने ये खबरें भी पढ़ें... एम्स डायरेक्टर ने की कैंसर की तीन सर्जरी एम्स भोपाल में कैंसर के मरीजों के लिए दो नई सर्जिकल प्रक्रियाएं थोराकोस्कोपिक इसोफेगेक्टॉमी और लैप्रोस्कोपिक स्टमक ट्यूब रिकंस्ट्रक्शन शुरू हुईं हैं। अब तक मरीजों को इन सर्जरी के लिए दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों का रुख करना पड़ता था। मुख्य रूप से आहर नली के कैंसर से जुड़ी यह सर्जरी बेहद जटिल मानी जाती हैं। एम्स भोपाल में पहली बार यह सर्जरी संस्थान के नए डायरेक्टर डॉ. माधवानंद कर ने की हैं। पूरी खबर पढ़ें बच्चेदानी की जगह ट्यूब में बढ़ रहा बच्चा 22 साल की सोनाली (बदला हुआ नाम) अस्पताल की सीढ़ियां उतर रही थी कि अचानक उसे कमजोरी महसूस हुई और वह चक्कर खाकर गिर पड़ी। डॉक्टरों की एक टीम तुरंत उसे उठाकर इमरजेंसी में ले गई। शुरुआती जांच के बाद जब उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट किया गया तो एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। सोनाली गर्भवती तो थी, लेकिन उसका बच्चा गर्भाशय की जगह फैलोपियन ट्यूब (अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ने वाली एक पतली नली) में विकसित हो रहा था।पूरी खबर पढ़ें
जल जीवन मिशन के पाइप चोरी का खुलासा:50 लाख चोरी के पाइप से लदे तीन ट्रक पकड़े गए
थाना पाटन पुलिस ने जल जीवन मिशन के तहत बिछाए जाने वाले पाइपों की बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज के पास पीछा कर आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए पाइप और तीन ट्रक जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, एफकन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा जल निगम की मल्टी विलेज जल आपूर्ति योजना के तहत पाटन क्षेत्र में पाइप स्टोर यार्ड में रखे गए थे। 19-20 जनवरी की दरमियानी रात यहां से 83 पाइप चोरी हो गए। सीसीटीवी फुटेज और टोल नाकों की जांच में पता चला कि चोरी का माल ट्रकों में भरकर जबलपुर से भोपाल हाईवे की ओर ले जाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीन ट्रकों समेत आरोपियों संजय भाई कोली (27), रविराज मकवाना (20) और रामजी भीमानी (20), सभी निवासी जिला कच्छ, गुजरात, को गिरफ्तार किया। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। गुजरात से आकर की थी चोरी : पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी गुजरात के कच्छ जिले के रहने वाले हैं। चोरी की योजना पहले से बनाई गई थी और पाइपों को ट्रकों में भरकर दूसरे जिले में खपाने की तैयारी थी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और बारिश के बाद उत्तर भारत में सर्दी अचानक बढ़ गई। हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के कारण दो नेशनल हाईवे समेत 680 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। लाहौल-स्पीती के कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान माइनस 7.2 डिग्री रहा। यहां 600 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। मनाली के पास 100 से ज्यादा गाड़ियां बर्फ में फंसी हैं। जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बर्फबारी जारी है। हालांकि श्रीनगर एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू हो गईं। गुलमर्ग में तापमान माइनस 12 और श्रीनगर में माइनस 1.4 डिग्री दर्ज किया गया। जम्मू–श्रीनगर हाईवे समेत कई सड़कें दो दिन से बंद हैं। सेना और प्रशासन ने फंसे यात्रियों को सुरक्षित निकालकर खाने व रहने की व्यवस्था की। शनिवार को मध्य प्रदेश में मौसम बदल गया। सुबह कोहरा और दिन में ठंडी हवाओं से ग्वालियर-चंबल में तापमान गिरा। दतिया सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 18.6 डिग्री रहा। शनिवार को यूपी के लखनऊ, कानपुर समेत 10 जिलों में बारिश हुई। हाथरस और इटावा में ओले गिरे। बाराबंकी और एटा में बिजली गिरने से आग लग गई। रक्षा मंत्रालय के DGRE ने उत्तराखंड में बर्फबारी के कारण पांच जिलों के लिए अगले 24 घंटे में हिमस्खलन का हाई अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले इलाकों में आज शाम 5 बजे तक हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में बीकानेर का लूणकरणसर सबसे ठंडा रहा, जहां 0.3 डिग्री दर्ज किया गया। माउंट आबू में तापमान 0.6 और जयपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दिल्ली में बारिश के बाद तेज सर्दी पड़ी। साथ ही एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 रहा, जो मॉडरेट श्रेणी में है। पंजाब के बठिंडा में तापमान 0.8 डिग्री और हरियाणा के हिसार में 1.6 डिग्री दर्ज किया गया। फरीदकोट और फिरोजपुर में भी कड़ाके की ठंड रही। चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री रहा। देशभर में मौसम की 4 तस्वीरें... अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 26 जनवरी 27 जनवरी
रेलवे की व्यवस्था...:टीकमगढ़ में वारदात, छतरपुर में शिकायत... और रीवा में एफआईआर
जिला मुख्यालय का टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन, जहां प्रतिदिन औसतन दो हजार से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है, आज खुद असुरक्षा का प्रतीक बनता जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती भीड़, सीमित संसाधन और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों के कारण स्टेशन अपराधियों के लिए आसान ठिकाना बन गया है। हालात यह हैं कि स्टेशन पर न तो जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) की तैनाती है और न ही तत्काल शिकायत दर्ज कराने की कोई सुविधा उपलब्ध है। किसी वारदात की स्थिति में पीड़ित को पहले छतरपुर और फिर रीवा जाकर एफआईआर दर्ज करानी पड़ती है। इतनी जटिल प्रक्रिया के चलते अधिकांश यात्री शिकायत दर्ज कराने का विचार ही छोड़ देते हैं। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) झांसी के अधीन आने वाले इस स्टेशन पर आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह राम भरोसे है। जीआरपी की अनुपस्थिति का सीधा फायदा बदमाश उठा रहे हैं। मौके पर अपराधी पकड़ में आने के बावजूद कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाती। स्टेशन पर तैनात आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) यात्रियों से जुड़े मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए अधिकृत नहीं है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल और फुटेज का डिस्प्ले भी स्टेशन पर नहीं, बल्कि आरपीएफ थाना ललितपुर में है। आपात स्थिति में न तो स्टेशन प्रबंधन और न ही यात्री तुरंत फुटेज देख सकते हैं। 19 दिसंबर को बच्चा गुम होने की घटना ने रेलवे की इस अव्यवस्था और सुरक्षा की पोल खोलकर रख दी। सीसीटीवी के फुटेज भी आरपीएफ थाना ललितपुर में होते हैं डिस्प्लें मोबाइल चोर पकड़ा, चलती ट्रेन में भागा22 जनवरी को शहर निवासी राकेश कुमार जैन महामना एक्सप्रेस में पत्नी को बैठाने स्टेशन पहुंचे थे। भीड़ का फायदा उठाकर एक व्यक्ति ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। राकेश ने आरोपी को पकड़ लिया, लेकिन जीआरपी सहायता केंद्र न होने से उसे आरपीएफ चौकी ले गए। वहां कोई जवान मौजूद नहीं था। इसी दौरान ट्रेन चल पड़ी और बदमाश चलती ट्रेन में चढ़कर फरार हो गया। टीकमगढ़-खजुराहो व ओरछा रेल खंड में सिर्फ 3 जवान टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन दो हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही के बावजूद जीआरपी की तैनाती नहीं है। इस पर छतरपुर सहायता केंद्र प्रभारी बीएल कोरी ने बताया कि बल की भारी कमी है। छतरपुर–खजुराहो, हरपालपुर–ओरछा और छतरपुर–टीकमगढ़ क्षेत्र के लिए सिर्फ तीन जवान हैं। सहायता केंद्र में एफआईआर दर्ज नहीं होती, प्रकरण शून्य पर रीवा भेजे जाते हैं। यात्री सुरक्षा हमारी प्राथमिकता सुगम यात्रा और यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मामले जीआरपी के अधीन आते हैं। यदि किसी स्टेशन पर जीआरपी की तैनाती नहीं है तो इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।-मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, एनसीआर, झांसी
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) लुधियाना की स्टूडेंट रहीं डॉ परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया में सांसद बनने के बाद पहली बार भारत पहुंची। वह शुक्रवार को PAU में भी पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने अपने पुराने दिन याद किए। PAU में उन्होंने वाइस चांसलर और प्रोफेसर्स से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर फोटो भी शेयर किए। वह अक्टूबर 2025 में वेस्टर्न ऑस्टेलिया से सांसद चुनी गई थीं। डॉ परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया में पहली महिला सिख मेंबर पार्लियामेंट चुनी गईं हैं। MP बनते समय उन्होंने श्री गुटका साहिब की शपथ ली। इस दौरान सिर पर चुन्नी ओढ़ रखी थी। पश्चिमी ऑस्ट्रेलियाई संसद की लेजिस्लेटिव काउंसिल की सदस्य डॉ परविंदर कौर ऑस्ट्रेलिया की रूलिंग पार्टी लेबर पार्टी की MP हैं। वो हाल में एक ट्रेड डेलिगेशन के साथ भारत आईं थीं डॉ परविंदर ऑस्ट्रेलिया में गैर ऑस्ट्रेलियन के साथ हो रहे नस्ल भेद को लेकर खुलकर बोलती हैं। नवंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया की संसद में भी वो माइग्रेंट को बोझ बताने वाले सांसदों पर जमकर बरसी थीं। डॉ परविंदर कौर मूल रूप से पंजाब के नवांशहर जिले के हयातपुर रुड़की की रहने वाली हैं। ताया की बर्बाद फसल देख उन्होंने कीट की पढ़ाई करने का फैसला लिया। डॉ. कौर PAU से कीट विज्ञान (एंटोमोलॉजी) में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद पीएचडी के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी की उपाधि हासिल की। वो इसी यूनिवर्सिटी में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर भी काम कर चुकी हैं। डॉ परविंदर कौर के नवांशहर से ऑस्ट्रेलिया में MP बनने की कहानी... भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेड बढ़ाने पर जोरडॉ परविंदर कौर ने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ट्रेड को बढ़ावा देने पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि वह एक डेलिगेशन के साथ भारत आई थीं। दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के दूतावास में भव्य स्वागत होने पर बेहद खुश हुईं। भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच जीरो टैक्स एक्सपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात चल रही है। ऑस्ट्रेलिया में भविष्य बनाने के लिए वहां जाने की जरूरत नहींडॉ परविंदर कौर ने भारतीय युवाओं को कहा कि अगर वो ऑस्ट्रेलिया में जाकर अपना भविष्य बनाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें वहां जाने की जरूरत नहीं है। भारत में रहकर ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर काम कर सकते हैं। इसके लिए कई तरह के व्यापार समझौते सरकारों के बीच हो रहे हैं। उन्होंने अपनी अपील के आखिर में कहा है वसुधैव कुटुम्बकम। ऑस्ट्रेलिया को बनाने में माइग्रेंट्स की अहम भूमिकाऑस्ट्रेलिया में साउथ एशियन्स के साथ होने वाली नस्लभेदी टिप्पणियों से वो बेहद आहत थीं। उन्होंने नवंबर 2025 में संसद में कहा था कि उन्हें कष्ट होता है जब माइग्रेंट को बोझ कहा जाता है। उन्होंने संसद में कुछ आंकड़े पेश किए और कहा कि माइग्रेंट्स ऑस्ट्रेलिया को बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। गुरमेश सिंह हैं ऑस्ट्रेलिया में पहले सिख सांसदडॉ परविंदर कौर पहली महिला सिख सांसद बनी हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में पहले सिख सांसद (MP) गुरमेश सिंह थे। वे सिख मूल के राजनेता हैं, जिन्हें साल 2019 में न्यू साउथ वेल्स की लेजिस्लेटिव असेंबली में कॉफ्स हार्बर सीट से चुना गया। इसके साथ ही वे ऑस्ट्रेलिया की किसी राज्य संसद में चुने जाने वाले पहले सिख नेता थे।
पंजाब के अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज की CCTV फुटेज सामने आई हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने यह फुटेज निकाली है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि युवक गोल्डन टेंपल में माथा टेकने नहीं आया था। वह सिर्फ इंस्टाग्राम रील के लिए यहां वीडियो शूट करने के लिए आया था। इसी आधार पर SGPC ने माना कि वह गोल्डन टेंपल में बेअदबी की नीयत से आया था। इस वजह से उसके खिलाफ अमृतसर में पुलिस को शिकायत दे दी गई है। युवक अभी गाजियाबाद पुलिस की हिरासत में है। निहंगों ने धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में उसे पकड़ा और पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। हालांकि युवक 2 बार माफी मांग चुका है। मगर, पहली बार जेब में हाथ और दूसरी बार भी उसके तरीके से सिख समुदाय ने माफी को सही नहीं माना और अब उसके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में BNS की धारा 298 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। जानिए, 3 CCTV फुटेज में क्या दिखा...दिल्ली का रहने वाला सुब्हान रंगरीज 13 जनवरी को गोल्डन टेंपल में आया था। इसके बाद उसने सरोवर में बैठकर कुल्ला किया। उसने मुंह में पानी भरा और वहीं थूक दिया। इसके बाद वह गोल्डन टेंपल परिसर में घूमा और दूसरे साथी से वीडियो शूट कराए। SGPC ने टाइम के साथ 13 जनवरी की ये फुटेज निकाली हैं। पहली फुटेज, टाइम- 11.20 बजेसुब्हान रंगरीज गोल्डन टेंपल परिसर में दाखिल हुआ। इस दौरान उसने सिर पर टोपी पहन रखी है। गोल्डन टेंपल में एंट्री के बाद करीब 10 मिनट तक वह वहां घूमता रहा। दूसरी फुटेज, 11.30 बजेइसमें सुब्हान रंगरीज सरोवर के पास नजर आया। यहां वह नंगे पैर सरोवर में बैठा और कुल्ला किया। इस दौरान वह अपने एक दोस्त से वीडियो बनवाता हुआ दिख रहा है। तीसरी फुटेज, टाइम- 11:40 बजेसुब्हान रंगरीज सरोवर क्षेत्र से निकलकर निशान साहिब के पास पहुंचा, जहां उसने दोबारा वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके बाद वह गोल्डन टेंपल के बाहर स्थित प्लाजा एरिया में गया, जहां 7 से 8 मिनट तक रुका। वीडियो बनाई और फिर परिसर से बाहर निकल गया। युवक के वीडियो को लेकर क्या एतराज हुआइंस्टाग्राम पर एक्टिव सुब्हान रंगरीज ने गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला किया था। उसने पानी मुंह में लिया। इसके बाद उसने एक बार वहीं थूक दिया। इस दौरान वह वीडियो भी रिकॉर्ड करवाता रहा। इसके बाद उसने गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली भी उठाई। फिर उसने ही ये वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डाल दिया। इसमें उसने खुद को मुस्लिम शेर बताया। उसका ये वीडियो वायरल हो गया। जिस पर सिख श्रद्धालुओं ने कड़ा एतराज जताया कि पवित्र सरोवर में थूक कर उसने धार्मिक भावना आहत की है। इसके अलावा वह गोल्डन टेंपल की तरफ उंगली भी दिखा रहा है। इसके बाद SGPC ने इस पर कड़ा एतराज जताया। 2 बार माफी मांगी लेकिन तरीके पर सवाल उठे पहली बार माफी मांगते वक्त हाथ जेब में डाले हुए थेसुब्हान रंगरीज ने पहली बार वीडियो जारी कर कहा- भाइयों, मैं 3 दिन पहले श्री दरबार साहिब गया था। बचपन से मैं वहां जाना चाहता था। मुझे वहां की मर्यादा के बारे में नहीं पता था। मैंने सरोवर के पानी से वजू किया था, धोखे से मेरे मुंह से पानी निकलकर उसमें गिर गया। मैं सारे पंजाबी भाइयों से सॉरी बोलता हूं। मैं वहां आकर भी सॉरी बाेलूंगा। मैं पूरी सिख कम्युनिटी को सॉरी बोलता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं। हालांकि इस दौरान उसने हाथ जेब में डाले हुए थे, जिसे सिख समुदाय ने सही नहीं माना। दूसरी बार एक बार ही हाथ जोड़ाइसके बाद युवक सुब्हान रंगरीज ने 17 सेकेंड का नया वीडियो जारी किया। इसमें उसने कहा- जब मैं दरबार साहिब गया था, तब मुझसे एक बड़ी गलती हो गई। यह गलती भूलवश हुई थी। मुझे वहां की मर्यादा की पूरी जानकारी नहीं थी, नहीं तो मैं ऐसी गलती कभी नहीं करता। आप मुझे अपना बेटा समझकर, अपना भाई समझकर माफ कर दीजिए। इस दौरान उसने एक बार हाथ भी जोड़ा। वीडियो के ऊपर भी उसने सॉरी दिल से लिखा हुआ था। *****************ये खबर भी पढ़ें... गोल्डन टेंपल सरोवर में कुल्ला करने वाले की पिटाई:गाजियाबाद में निहंगों ने घेरा, पुलिस ने हिरासत में लिया अमृतसर में गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक की शनिवार को गाजियाबाद में निहंगों ने पिटाई कर दी। वह निहंग विक्की थॉमस के साथ वीडियो में नजर आया। इस दौरान उसके साथ बैठे ही किसी निहंग ने उसे थप्पड़ जड़ा। इसके बाद कुल्ला करने वाला और उसका वीडियो बनाने वाला यानी दोनों युवक माफी भी मांगते हुए नजर आए। पूरी खबर पढ़ें...
यमुनानगर में थर्मामीटर तोड़कर पारा पीने वाली हिंदू महिला रेखा उर्फ रुबीना के मामले में चौंकाने वाले नए खुलासे सामने आए हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी फुरकान ने उसे सोची-समझी साजिश के तहत टारगेट किया, करीब छह महीने तक अपना धर्म छिपाए रखा और भावनात्मक रूप से पूरी तरह फंसाने के बाद निकाह और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। रेखा ने बताया कि 2020 में रिलेशनशिप के दौरान वह खुले तौर पर मंदिर जाती और कीर्तन में भाग लेती थी, लेकिन फुरकान ने कभी कोई आपत्ति नहीं जताई। उसे इस बात का अंदाजा तक नहीं था कि आरोपी अपने असली इरादे छिपाए हुए है। “शादी नहीं, निकाह करेंगे” – यहीं खुला राज मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की रहने वाली 32 वर्षीय रेखा ने बताया कि अराइयां गांव के फुरकान के साथ रिलेशन शुरू होने के करीब छह माह बाद जब उसने शादी की बात की, तब फुरकान ने पहली बार कहा कि “हम शादी नहीं, निकाह करेंगे”। यह बात सुनकर वह सदमे में आ गई। इसी दौरान फुरकान ने पहली बार अपने धर्म का खुलासा किया। रेखा के बताया कि तब तक रिश्ता इतना आगे बढ़ चुका था कि पीछे हटना उसके लिए आसान नहीं रहा। रेखा का आरोप है कि फुरकान उसे सहारनपुर के देवबंद ले गया, जहां जबरन कलमा पढ़वाया गया, नाम बदलकर रेखा से रुबीना कर दिया गया और वहीं निकाह करा दिया गया। इसके बाद उस पर बुर्का पहनने का दबाव बनाया गया और दस्तावेजों में भी नाम बदलवाया गया। निकाह के बाद बदला चेहरा, देवी-देवताओं का अपमान पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद फुरकान का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।वह हिंदू देवी-देवताओं पर सवाल उठाने लगा, मूर्तियां और फोटो जलाकर उनकी राख टॉयलेट में बहा दी। विरोध करने पर मारपीट और धमकियां दी जाती थीं। रेखा ने बताया कि जब उसने फुरकान से उसके घर चलने की बात कही तो वह लगातार टालता रहा। दबाव बढ़ाने पर उसने कबूल किया कि वह पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता भी है। सब कुछ जानने के बावजूद सामाजिक दबाव और डर के कारण वह उसके साथ रहने को मजबूर रही। 3.42 लाख रुपए लेकर खड़ा किया टाइल का कारोबार रेखा ने बड़ा आर्थिक शोषण उजागर करते हुए बताया कि वह तलाकशुदा है और पहली शादी से दो बच्चों की मां है। पहले पति से मिली राशि में से उसने 3 लाख 42 हजार रुपए फुरकान को दिए, जिससे उसने साढौरा क्षेत्र में टाइल बनाने का बिजनेस शुरू किया। इससे पहले फुरकान कोई स्थायी काम नहीं करता था। चार अन्य हिंदू लड़कियों से संपर्क रेखा का आरोप है कि निकाह के बाद भी फुरकान चार अन्य हिंदू लड़कियों के संपर्क में था और फोन पर बातचीत करता था। इतना ही नहीं, वह उसे एक ऐसे कार्यक्रम में भी ले गया, जहां उसे हिंदू लड़की से शादी करने पर सम्मानित किया गया। पीड़िता ने बताया कि फुरकान ने उसे सिर कटी लाश का वायरल वीडियो दिखाकर चेतावनी दी कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसका भी यही अंजाम होगा। लगातार डर, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर ही उसने 22 जनवरी को आत्महत्या का प्रयास किया। हिंदू धर्म में वापसी चाहती है रेखा रेखा ने साफ कहा कि वह अब वापस अपने हिंदू धर्म में लौटना चाहती है। वह हरिद्वार जाकर हिंदू धर्म अपनाएगी। उसका आरोप है कि फुरकान से उसे आज भी जान का खतरा बना हुआ है, क्योंकि वह बार-बार कहता था कि यदि उसके बारे में कहीं भी बताया तो उसे मार दिया जाएगा। सिटी थाना पुलिस का कहना है कि मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।
हरियाणा के नारनौल में नेशनल हाईवे-152 पर दुबलाना टोल के पास खाकी वर्दी पहनकर वाहन चालकों से जबरन वसूली करने का मामला सामने आया है। आरटीए विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मौके से पकड़ लिया, जबकि उनके तीन साथी फरार हो गए। आरोपी खुद को ट्रैफिक से जुड़ा कर्मचारी बताकर वाहनों पर जबरन रिफ्लेक्टर चिपकाते थे और इसके बदले 300 से 400 रुपए वसूल रहे थे। आरटीए विभाग के ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर बलवीर ने बताया कि सूचना के आधार पर जब टीम दुबलाना टोल के पास पहुंची तो वहां पांच युवक खाकी रंग के कपड़े पहनकर खड़े मिले। इनमें से एक युवक ने नीले रंग की ट्रैफिक पुलिस जैसी वर्दी भी पहन रखी थी, जिससे वाहन चालकों को उलझन में किया जा सके। ये लोग टोल से गुजरने वाले वाहनों को रोककर जबरन रिफ्लेक्टर चिपकाते और फिर पैसे वसूलते थे। गतिविधियों पर हुआ शक ट्रांसपोर्ट इंस्पेक्टर को इनकी गतिविधियों पर शक हुआ। जब टीम ने उनसे पूछताछ करनी चाही तो सभी आरोपित एक गाड़ी में बैठकर मौके से फरार हो गए। आरटीए टीम ने उनका पीछा किया, इस दौरान तीन आरोपी भागने में सफल रहे, जबकि दो युवकों को पकड़ लिया गया। झज्जर के बेरी का रहने वाला पकड़े गए दोनों आरोपियों को सदर थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे झज्जर जिले के बेरी क्षेत्र के पास स्थित दादया गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनका एक मुखिया है, जो उन्हें दिहाड़ी पर यह काम करवाता है और वसूली की रकम का बड़ा हिस्सा खुद रखता है। जांच जारी इस संबंध में सदर थाना प्रभारी धर्मवीर ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। रिफेलेक्टर लगाने वाले धुंध के मौसम को देखते हुए ऐसा कर रहे थे। उन्होंने कहीं से कोई इजाजत नहीं ली थी। इस मामले की अभी वे जांच कर रहे हैं। जांच के बाद ही कुछ सामने आएगा।
“बस नहीं रुकेगी, वीडियो बना लो…” छात्राओं को यह कहने वाले सरकारी बस के कंडक्टर पर कड़ी कार्रवाई की गई है। पंचकूला रोडवेज के जनरल मैनेजर (GM) सुखदेव ने कंडक्टर अकबर अली को सस्पेंड कर दिया गया है। बस के ड्राइवर बिजेंद्र को भी हटाने के ऑर्डर दिए हैं। मामला सिर्फ बस न रुकने तक सीमित नहीं रह गया है। इसकी शिकायत परिवहन मंत्री अनिल विज से भी की गई है। अब पूरे घटनाक्रम की विभागीय जांच शुरू हो गई है। यह वाकया करनाल जिले के घरौंडा की छात्राओं के साथ हुआ था। छात्राओं करनाल से बस में सवार हुई थीं। कंडक्टर ने घरौंडा क्यू शेल्टर पर छात्राओं को उतारने से मना कर दिया था। जिसके बाद छात्राओं ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। हालांकि विभागीय एक्शन होने के बाद कंडक्टर ने दावा किया कि बहस के बाद 100-200 मीटर आगे ही बस रोक दी थी। छात्राओं ने कोई कार्रवाई न करने की बात कही थी, लेकिन बाद में वीडियो वायरल कर दिया। अब सिलसिलेवार पढ़ें क्या था पूरा मामला... करनाल से घरौंडा के लिए बस में चढ़ीं छात्राएं22 जनवरी को कुछ छात्राएं करनाल ITI से घरौंडा आने के लिए रोडवेज बस (HR 68 GV 7466) में चढ़ीं। ये छात्राएं घरौंडा के गांव कलहेड़ी और कालरम की हैं। छात्राओं का आरोप है कि कंडक्टर को मंथली पास दिखाने के बाद उनके साथ बदसलूकी की गई। शिकायत करने की बात कहने पर बदसलूकी कीकंडक्टर ने उन्हें बस में खड़े होने से भी मना कर दिया और उनके साथ बदतमीजी की। इस पर एक छात्रा वीडियो बनाने लगी। इस पर कंडक्टर ने कहा- बनाओ-बनाओ खूब वीडियो बनाओ, जहां मर्जी शिकायत कर लेना, कुछ नहीं होता। घरौंडा की जगह पानीपत बस स्टैंड से पहले उताराछात्राओं ने बताया कि घरौंडा बस स्टॉप होने के बावजूद भी कंडक्टर ने बस नहीं रुकवाई। छात्राओं ने जब पूछा कि अंकल घरौंडा में नए और पुराने दोनों बस स्टैंड पर सभी बसें रुकती हैं तो वो बोला- बस नहीं रोकेंगे। कर लो जो कुछ करना हो। आरोप है कि ड्राइवर बस को पानीपत की ओर ले गया। यहां बस स्टैंड पहले उन्हें उतार दिया। किसी तरह घर पहुंची छात्राएं, परिवार हुआ परेशान लड़कियों के घर वाले समय से उनके घर न पहुंचने पर परेशान हो गए। छात्राओं के अनुसार पानीपत में पुलिस भी पहुंची और बाद में उन्हें चंडीगढ़ जाने वाली बस में बैठाकर घरौंडा के लिए रवाना किया गया। छात्राएं देर शाम अपने घर पहुंचीं और पूरे घटनाक्रम की जानकारी परिवार को दी। इसके बाद परिवार वालों ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण के कार्यालय में की। जानिए, छात्रा के पिता ने क्या कहा.... पिता बोले- मैं हार्ट का मरीज, बेटी का इंतजार करता रहा परिवारकलहेड़ी गांव के राजकुमार ने बताया कि वह हार्ट पेशेंट है। उसकी बेटी सलोनी करनाल के एक सेंटर पर मेडिक्योर वर्क की ट्रेनिंग ले रही है। वह रोज घरौंडा से करनाल अप-डाउन करती है। शाम को घरौंडा बस क्यू शेल्टर पर पिता उसे लेने जाते हैं। 23 जनवरी को करनाल से शाम 4 बजकर 33 मिनट पर बस में सवार हुईं। कंडक्टर ने घरौंडा पुराने बस अड्डे पर बस नहीं रोकी और कहा कि तुम लोग हमारी शिकायत करते हो, इसलिए आज बस यहां नहीं रोकेंगे। छात्रा ने डायल 112 पर भी फोन करके जानकारी दीराजकुमार ने बताया कि वह रोजाना बेटी को लेने आते थे, लेकिन उस दिन वह घर पर नहीं थे। बेटी ने उन्हें कॉल भी किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। सलोनी के साथ मौजूद दूसरी छात्रा गुड़िया ने डायल 112 पर कॉल कर दी। इसके बाद पानीपत बस स्टैंड पर डायल 112 की गाड़ी पहुंची। वहां से छात्राओं को चंडीगढ़ जाने वाली बस में बैठाया गया। वे रात करीब साढ़े सात बजे घर पहुंचीं। परिवार का गुस्सा फूटा, मंत्री और पुलिस को दी शिकायतघटना की जानकारी मिलने के बाद छात्रा के परिवारवाले भड़क गए। परिवार की ओर से परिवहन मंत्री अनिल विज को लिखित शिकायत भेजी गई। इसके साथ ही घरौंडा थाने में भी शिकायत दी गई है। परिवार का कहना है कि यह मामला केवल बस न रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं के साथ किए गए व्यवहार से उनकी सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं। अब जानिए अपनी सफाई में कंडक्टर ने क्या कहा..... 10 दिन पहले ही इस रूट पर ड्यूटी लगीइस मामले में कंडक्टर अकबर अली का भी बयान सामने आया है। अकबर अली सोनीपत के बजाणा कलां गांव का रहने वाला है। वर्ष 2012 से हरियाणा रोडवेज में कंडक्टर हैं। उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले ही उनकी ड्यूटी पंचकूला-दिल्ली रूट पर लगी है। इससे पहले वह करीब एक साल तक पंचकूला से मोरनी हिल्स रूट पर सेवाएं दे चुके हैं। वह किलोमीटर स्कीम वाली बस पर तैनात हैं। घरौंडा के नए बस स्टैंड पर रोकी थी बसअकबर अली का कहना है कि उसने घरौंडा के नए बस स्टैंड पर बस को रुकवाया था और वहां बस की एंट्री भी होती है। इसके बाद बस को आगे रवाना किया गया। उसके अनुसार सभी छात्राएं बस में ही बैठी रहीं। वह पिछले कई दिनों से लगातार पुराने बस स्टैंड पर भी बस रोककर सवारियों को उतार-चढ़ा रहा है और उसने किसी से यह नहीं कहा कि वह पुराने बस स्टैंड पर बस नहीं रोकेगा। बस ओवरलोड थी, खड़े होने की भी जगह नहीं थीकंडक्टर ने यह भी कहा कि उस समय बस ओवरलोड थी। उनके लिए खुद खड़े होने की भी जगह नहीं थी। वह खिड़की के पास खड़े थे। बस में दो लड़कियां खड़ी थीं, जिनमें से एक ड्राइवर साइड में खड़े होकर पहले से ही वीडियो बना रही थी, जबकि उसने किसी को उतारने से मना नहीं किया था। जब उसने मना ही नहीं किया तो वीडियो बनाने का औचित्य समझ में नहीं आता। बहस के बाद 100-200 मीटर आगे रोकी बसअकबर अली ने बताया कि कंडक्टर साइड में खड़ी लड़की ने पुराने बस स्टैंड पर उतरने की बात कही थी, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया क्योंकि वह रोजाना वहां बस रोकता रहा है। इसी दौरान वीडियो बना रही लड़की ने बहस शुरू कर दी और शिकायत करने की बात कही। बहस बढ़ने के बाद बस को करीब 100-200 मीटर आगे रोक दिया गया। वहां अन्य सवारियां उतर गईं, लेकिन ये छात्राएं और उनके साथ कुछ अन्य युवक उतरने से मना कर गए। इसके बाद बस पानीपत बस स्टैंड पहुंची, जहां पुलिस आई और पूछताछ की। जानिए मामले में अड्डा इंचार्ज और GM ने क्या कहा.... बस स्टैंड इंचार्ज को भी दी गई शिकायतघरौंडा बस स्टैंड के इंचार्ज सुदेश शर्मा ने बताया कि कलहेड़ी गांव के राजकुमार की ओर से बस कंडक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई है। इस शिकायत को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई उच्च स्तर से की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। कंडक्टर को किया सस्पेंड और ड्राइवर को हटाने के निर्देशपंचकूला रोडवेज डिपो के GM सुखदेव ने बताया कि वायरल वीडियो के बाद कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है। इस बस के ड्राइवर को हटाने के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। जब चार्जशीट होगी उस दौरान कंडक्टर का पक्ष भी लिया जाएगा और जरूरत पड़ी तो शिकायतकर्ताओं को भी बुलाया जाएगा। मामले की निष्पक्षता के साथ जांच होगी।
पानीपत जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला सचिव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित रूप से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल वाला पानी डालने की एवज में यह पैसे लिए। वीडियो वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में खलबली मच गई। इसके बाद मामले की शिकायत और वीडियो पुलिस तक भी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ता देख भाजपा सचिव रविंद्र रावल ने पैसे लौटा दिए। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में रविंद्र रावल ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। राजनीति में मेरी टांग खिंचाई की जा रही है। उन वीडियो को भी तरोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। असल बात ये है कि इन ट्रैक्टर चालकों से मेरा बहुत पुराना लेन-देन है। उस दिन इन्होंने मुझे कॉल कर पैसे देने के लिए बुलाया था। मैंने इन्हें ड्रेन में केमिकल युक्त पानी डालते पकड़ लिया था। इसी के बाद इन्होंने ये कहानी बना दी है। मैं जल्द ही इनके खिलाफ एक्शन लूंगा। यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला... SHO बोले- थाने तक पहुंचे लोग, लेकिन शिकायत नहीं मिलीबापौली थाना प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि दोनों पक्ष थाने तक जरूर पहुंचे थे, लेकिन मामले की शिकायत नहीं दी गई है। अगर अभी भी हमारे पास कोई शिकायत आ जाए, तो हम निश्चित तौर पर जांच-पड़ताल कर कार्रवाई अमल में लाएंगे। हमें भी मामला वायरल हो रही वीडियो के माध्यम से पता लगा था। गंदे पानी से क्या नुकसान होगा जानिए... भूजल प्रदूषण, बीमारियों का खतराकेमिकल ड्रेन के माध्यम से रसायन ज़मीन के अंदर रिस रहे हैं, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का पीने का पानी जहरीला हो गया है। हैंडपंपों से अब रंगीन और बदबूदार पानी निकल रहा है। ड्रेन के पास बसे गांवों, जैसे भलौर, बापौली और सनौली, में कैंसर, किडनी फेलियर, लीवर की बीमारियां और गंभीर चर्म रोगों के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खेती और पशुओं पर असरइसी ड्रेन के पानी का अनजाने में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है। जहरीला पानी पीने से ग्रामीणों के मवेशी आए दिन मर रहे हैं।
फरीदाबाद में साढ़े 4 साल की वंशिका के मर्डर का राज उसके ही 7 साल के भाई ने खोला। भाई ने अपनी मां को बताया कि बहन 50 तक उल्टी गिनती नहीं लिख पाई, जिसके बाद पिता ने बेलन से उसकी जमकर पिटाई की। सिर जमीन पर पटक कर मारा। इस पिटाई के बाद पति ने पत्नी को कहा था कि बच्ची सीढ़ियों से गिर गई।, जिससे उसकी मौत हो गई। पत्नी सच भी मान बैठी थी, लेकिन 7 साल के बेटे ने सारा राज खोल दिया। उसी के बाद पत्नी ने पति के खिलाफ सेक्टर-58 थाने में शिकायत दी। आरोपी पिता ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने 1 दिन के रिमांड के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है। दूसरी तरफ महिला अपने बेटे को लेकर किराये का मकान छोड़कर चली गई। सिलसिलेवार पढ़ें क्या है पूरा मामला.... पति नाइट तो पत्नी डे शिफ्ट में काम करती थीसेक्टर 58 थाना पुलिस के अनुसार, यह घटना झाड़सेतली गांव में हुई। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले का रहने वाला कृष्ण जयसवाल (31) अपनी पत्नी रंजीता और तीन बच्चों के साथ यहां किराए पर रहता था। कृष्ण और रंजीता दोनों एक निजी कंपनी में हेल्पर के तौर पर काम करते हैं। कृष्ण रात की शिफ्ट में काम करता है, जबकि रंजीता दिन की शिफ्ट में। इस वजह से, जब एक काम पर जाता था, तो दूसरा घर पर रहकर बच्चों की देखभाल करता था। उनके सबसे बड़े बेटे की उम्र लगभग 7 साल है, दूसरी बेटी वंशिका साढ़े 4 साल की थी, और सबसे छोटी बच्ची 2 साल की है। 21 जनवरी को नशे की हालत में पीटाआरोपी कृष्ण जयसवाल नशे का आदी था। 21 जनवरी को कमरे में उसका बेटा और मंझली बेटी वंशिका घर पर थे, जबकि सबसे छोटी बेटी पड़ोसियों के पास थी। कमरे का दरवाजा बंद था। कृष्ण अपनी बेटी वंशिका से 1 से 50 तक गिनती लिखवा रहा था, और वह भी उल्टी गिनती लिखने के लिए कह रहा था। जब वंशिका गिनती नहीं लिख पाई, तो वह गुस्से में आ गया और उसने बच्ची को बेलन से पीटना शुरू कर दिया। उसने बच्ची को फर्श पर भी पटक दिया। बच्ची के बेहोश होने पर वह उसको गोद में उठाकर बेटे के साथ सरकारी अस्पताल में पहुंचा। इसी दौरान उसने अपनी पत्नी को भी कॉल करके अस्पताल में बुला लिया। अस्पताल में डाक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया। पत्नी को झूठ बोला-बेटी सीढ़ियों से गिर गई कृष्ण की पत्नी रंजीता जब अस्पताल पहुंची तो उसने झूठ बोला। कहा- बच्ची सीढ़ियों से गिर गई। पत्नी इसी को सच मान रही थी। कुछ देर में ही 7 साल के बेटे ने बताया कि पापा ने बहन को बेलन से पीटा और जमीन पर सिर देकर मारा। इसके बाद रंजीता ने बच्ची के शरीर को देखा तो उसको चोट के निशान मिले। जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना देकर कृष्ण को पकड़वा दिया। सख्ती से पूछताछ में जुर्म कबूलापुलिस ने शिकायत पर कृष्ण को हिरासत में ले लिया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने बच्ची को पीटने की बात कबूल की। उसने बताया कि बेटी स्कूल नहीं जाती थी, इसलिए घर पर ही वह उसे पढ़ाता था। गिनती न लिख पाने के कारण गुस्से में उसने बेटी को ज्यादा पीट दिया, जिसमें उसकी मौत हो गई। रिमांड के बाद जेल भेजा पितापुलिस के अनुसार बच्ची की मां अपने दोनों बच्चों के साथ वापस यूपी अपने घर जा चुकी है। सेक्टर 58 थाना इंचार्ज आजाद सिंह ने बताया कि आरोपी पिता को पुलिस ने एक दिन के रिमांड पर लिया था। जिसको पूरा करने के बाद उसको जेल भेज दिया गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार 25 जनवरी को उज्जैन दौरे पर हैं। वे राहगीरी आनंदोत्सव-2026 में शामिल होंगे। इस दौरान आम नागरिकों के साथ स्वास्थ्य, फिटनेस और सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। राहगीरी में मौजमस्ती, मनोरंजन, पारम्परिक खेलों के साथ अलग-अलग संगठनों, खेल, योग, गीत-संगीत, नृत्य के अलावा हास्य व्यंग से बचपन से लेकर वृद्धावस्था तक के महिला-पुरूष भाग लेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह करीब 7 बजे कोठी रोड पर आयोजित राहगीरी आनंदोत्सव-2026 में आम नागरिकों के साथ सड़क पर उतरकर योग, व्यायाम, फिटनेस एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सहभागिता करेंगे। इस दौरान नागरिक श्री अन्न (मोटे अनाज) से निर्मित पोषक व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे। यहाँ मौज मस्ती भी होगी। ‘राहगीरी आनंदोत्सव’ में पारंपरिक खेलों के साथ कई मनोरंजक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें अंटी (कंचे), रस्सीकूद, बोरा दौड़ और सितोलिया जैसे खेल शामिल होंगे। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत हरियाणवी और मालवी नृत्य, गरबा, कथा सागर, अखाड़ा प्रदर्शन, एरोबिक, योग, बॉडी बिल्डिंग और मलखंभ का प्रदर्शन भी किया जाएगा। आनंदोत्सव में कृषि विभाग द्वारा मोटे अनाज से बने हलवा, लड्डू, खिचड़ी जैसे व्यंजनों के निःशुल्क स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न संस्थानों द्वारा पोहा, जूस, फल, अंकुरित आहार और सूप के स्टॉल भी लगाए जाएंगे, जिनमें कुछ निःशुल्क एवं कुछ सशुल्क रहेंगे। प्रेस क्लब उज्जैन द्वारा दूध-जलेबी का विशेष निःशुल्क काउंटर भी लगाया जाएगा। राहगीरी के बाद मुख्यमंत्री 'उड़ान' कार्यक्रम में मानसिक रूप से अविकसित और दृष्टिबाधित बच्चों से मुलाकात करेंगे। वे बच्चों द्वारा बनाए गए उत्पादों का अवलोकन करेंगे और उन्हें सम्मानित कर प्रोत्साहित भी करेंगे। मुख्यमंत्री आगर रोड स्थित अटल परिसर, फाजलपुरा में उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा निर्मित बहुउद्देशीय स्पोर्ट्स एवं एंटरटेनमेंट कॉम्प्लेक्स का लोकार्पण करेंगे। 28 करोड़ 31 लाख रुपए की लागत से बने इस परिसर में खेल, फिटनेस और मनोरंजन की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आरडी गार्गी मेडिकल कॉलेज के नवनिर्मित ऑडिटोरियम एवं कन्वेंशन सेंटर का भी लोकार्पण करेंगे। वे मेडिकल कॉलेज के रजत जयंती समारोह में भी शिरकत करेंगे। शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री हरि फाटक पुल को 2 लेन से 6 लेन में बदलने के कार्य का भूमि-पूजन करेंगे। इसके अतिरिक्त, रत्नाखेड़ी में पाटीदार समाज के प्रांतीय कार्यालय का भूमिपूजन और ग्राम डेंडिया में महालोक होटल एवं रिसॉर्ट का शुभारंभ भी मुख्यमंत्री के हाथों होगा। दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री विद्या भारती भवन, उज्जैन में आयोजित निःशुल्क हृदय रोग जांच शिविर अभियान का शुभारंभ करेंगे। यह शिविर आम नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य जांच और परामर्श की सुविधा प्रदान किया जाएगा।
एसटीएफ का छापा:पहली बार फैक्ट्री मेड जैसी 5 पिस्टल बरामद, 2 कुरियर बॉय गिरफ्तार, मुख्य सिकलीगर फरार
इंदौर स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कार्रवाई कर सिकलीगर गिरोह के दो कुरियर बॉय को 5 अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा है। चौंकाने वाली बात ये है कि अब तक देसी कट्टों के लिए बदनाम सिकलीगरों के पास पहली बार फैक्ट्री मेड जैसी पिस्टल मिली हैं, जिनमें आधुनिक लॉक सिस्टम लगाए गए हैं। एसटीएफ डीएसपी राजेश चौहान ने बताया कि खंडवा में पिस्टलों की एक बड़ी डील होने की सूचना मिली थी। एसटीएफ ने 23 जनवरी को खंडवा के पदम नगर क्षेत्र में दबिश देकर दो कुरियर बॉय पवन जायसवाल (22) व राजू प्रजापति (22) को पिस्टलों के साथ पकड़ा। दोनों खरगोन के गोराड़िया गांव के बताए जा रहे हैं। वहीं उनसे कुछ दूर पीछे आ रहा मुख्य आरोपी हैप्पी सिकलीगर निवासी संग्राम फरार हो गया। भास्कर इनसाइट यूपी व हरियाणा में हथियारों की सप्लाईजब्त पांचों पिस्टल का वजन काफी ज्यादा है। आगे नली और लॉक सिस्टम भी फैक्ट्री मेड पिस्टल जैसा है। पुलिस ने बताया कि यह पिस्टल कैसे बनाई गई, इसकी जांच जारी है। आरोपी सोशल मीडिया के जरिए तस्करों व खरीदारों से संपर्क कर यूपी व हरियाणा में सप्लाई करते हैं।
तराना में बजरंग दल के नगर मंत्री सोहिल ठाकुर पर हमले के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा पर काबू पाने में पुलिस-प्रशासन को तीन दिन लग गए। शनिवार को हालात सामान्य होने के बाद प्रशासन ने शांति बहाल होने का दावा किया। पुलिस के अनुसार अब तक 25 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही माहौल बिगाड़ने में शामिल आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जा रही है। 22 जनवरी गुरुवार रात से तराना में हालात बेकाबू हो गए थे। उपद्रवियों ने 12 बसें, 10 से अधिक कारें और कई बाइकें तोड़ दीं। एक दुकान, बस और आरामशीन टाल को आग के हवाले कर दिया गया। कई घरों पर जमकर पथराव हुआ। करीब 72 घंटे बाद शनिवार को स्थिति पूरी तरह शांत हुई। पुलिस ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बलराम जोशी मार्ग पर घरों में की गई तोड़फोड़ और पथराव को लेकर एक और एफआईआर दर्ज की गई है। स्थानीय निवासी शक्तिबाला जोशी की शिकायत पर छह से अधिक उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि अन्य चिह्नित आरोपियों की तलाश जारी है। नुकसान व कामधंधा भी प्रभावित : तराना में उपद्रव की घटना से स्थानीय रहवासी दहशत में हैं। घरों पर पथराव हुआ और वाहन तोड़ दिए गए। पीड़ितों का कहना है कि दो गुटों की आपसी रंजिश में पूरा नगर सुलग उठा। करीब 12 बसों और 10 कारों में तोड़फोड़ से लाखों का नुकसान हुआ। बस मालिक खालिक शाह ने एक बस में आग लगने से चार लाख से अधिक के नुकसान की बात कही। तीन दिन बाद बाजार खुले, लेकिन रौनक गायब रही। शाम को हिंदुवादी संगठनों ने थाना पहुंचकर कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब सौहार्द और शांति की अपील शहर काजी सफीउल्लाह ने नगर में शांति बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। विधायक महेश परमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अमन-चैन और भाईचारे की बात कही। पूर्व भाजपा विधायक ताराचंद गोयल ने प्रशासन पर भरोसा जताया। तिलभांडेश्वर मंदिर के महंत मोहन भारती महाराज (जूना अखाड़ा) ने नगर की प्राचीन परंपरा शांति, सामंजस्य और सद्भाव से रहने की याद दिलाते हुए संयम बरतने की अपील की। बाजार खुल गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 25 उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनके आपराधिक रिकाॅर्ड है और माहौल खराब करने में उनकी भूमिका सामने आई है। रासुका के तहत सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। - प्रदीप शर्मा, एसपी
पहाड़ों पर हो रही भारी बर्फबारी ने एक बार फिर मैदानों को तेज ठंड की गिरफ्त में ले लिया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से उदयपुर में सर्दी ने अचानक तीखे तेवर दिखाए और शहर 4 साल बाद जनवरी में फिर धूज गया। शनिवार को दिन सामान्य से 5.3 डिग्री ज्यादा ठंडा रहा। पारा 6.2 डिग्री और गिरकर 19.2 डिग्री रह गया। रात का पारा 6.4 डिग्री फिसलकर 8 डिग्री दर्ज हुआ। जनवरी में औसत अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम 8 डिग्री रहता है। यानी दिन असामान्य रूप से ठंडे रहे, जबकि रात औसत के आसपास ठिठकी रही। 22 जनवरी को अधिकतम तापमान 27.1 डिग्री था। यानी यह महज दो दिन में करीब 8 डिग्री तक टूट गया। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण दिनभर बादल छाए रहे। इसके चलते धूप भी बेअसर हो गई। असर...सड़कों पर अलाव, घरों में हीटर ठंड का असर जनजीवन पर साफ दिखा। 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही सर्द हवाओं ने हालात और बिगाड़ दिए। दोपहर में भी गलन बनी रही और शाम ढलते ही सर्दी ने तीखा रूप ले लिया। हालात ऐसे रहे कि हाथ-पैर की उंगलियां सुन्न पड़ने लगीं। चौराहों और सड़कों पर तैनात पुलिस व होमगार्ड जवानों को अलाव का सहारा लेना पड़ा। वहीं, घरों में लंबे समय बाद हीटर ऑन होते नजर आए। भास्कर एक्सपर्ट- आगे : दो दिन और कंपकंपीमौसम विशेषज्ञ डॉ. आरएस देवड़ा के अनुसार, हिमालय में जारी बर्फबारी का असर अभी बना रहेगा। दो दिन शीतलहर, हल्के बादल और दिन में गलन रहेगी। पारे में मामूली नरमी संभव है। यानी ठंड में राहत की उम्मीद कम है।
कोटा के रामगंजमंडी में बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री देर रात भक्त के घर चाय पीने पहुंचे। वो करीब आधा घंटा वहां रुके। ओर परिजनों से हाल चाल पूछे।दरअसल श्रीराम कथा के पहले दिन दो भक्त भावना और खुशबू ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा जताई ओर उन्हें राखी बांधी थी। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री से निवेदन किया था कि वह उसके घर चाय पीने आए। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भी वचन दिया था कि वह तीन दिन यहां रामगंज मंडी में है तो उसके घर चाय पीने जरूर आएंगे। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने बहनों से किया हुआ वायदा निभाया भी सही। देर रात 12 बजे अचानक रामगंज मंडी के वार्ड नंबर 3 में खुशबू और भावना राठौड़ के घर पहुंचे। धीरेद्र शास्त्री को घर में देख भावना और खुशबू राठौर की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों बहनों की आंखों खुशियों के आंसू निकल गए। भावना ने कहा, मुझे विश्वास था, मेरे भाई मेरे घर चाय पीने जरूर आएंगे, अपना किया हुआ वादा पूरा करेंगे। भावना ने आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को बताया कि वह दोनों बहने हैं। उनके कोई भाई नहीं है। इसलिए वह आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को राखी बांधकर अपना भाई बनना चाहती थी। उन्होंने कई बार प्रयास किया लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। रामगंज मंडी में जब कथा करने आचार्य शास्त्री पहुंचे तो दोनों बहनों ने ठान ली कि वह अब अपनी इच्छा पूरी कर के रहेगी।और हुआ भी ऐसा ही आखिरकार में वो आचार्य धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने और घर पर बुलाकर चाय पिलाने में सफल रही। दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी। परंतु उनको विश्वास नहीं होता था। कई बार बेटी को समझाया भी की यह संभव नहीं है। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे। लेकिन बागेश्वर धाम सरकार का आशीर्वाद है कि बेटियों का सपना पूरा हुआ और आज स्वयं आप भगवान के रूप में हमारे घर पधारे हैं। इस पर आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने खुशबू के सिर पर हाथ फेरते हुए कहा कि 'आज से हम तुम्हारे भाई हैं भाई की कमी कभी महसूस मत करना'। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने लगभग आधा घंटा यहां रुके। उन्होंने बैठकर चाय पी और उसके माता-पिता व उपस्थित अन्य परिजनों से हाल-चाल पूछे। घर से विदा होने से पहले दोनों बहनों को बागेश्वर धाम आने का निमंत्रण दिया। आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने भावना व खुशबू के पिता लाल चंद्र राठौर को बागेश्वर धाम की तरफ से एक कूपन भी दिया।आचार्य धीरेंद्र शास्त्री के साथ शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर भी मौजूद रहे।
पेंच टाइगर रिजर्व की बाघिन टी-20 ने वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये देश की इकलौती बाघिन है, जो 18 साल की उम्र में भी न सिर्फ प्राकृतिक जंगल में सक्रिय है, बल्कि शिकार भी कर रही है। एक पंजा मुड़ा होने से वह लंगड़ाकर चलती है। लिहाजा, उसका नाम ही लंगड़ी पड़ गया है। फिर भी उसने न केवल खुद को जिंदा रखा, बल्कि 14 शावकों को जन्म देकर उनका पालन भी किया। पिछले एक साल से इसके नहीं दिखने की वजह से मृत मान लिया गया था लेकिन नए साल में इसके फिर दिखने से वन विभाग खुश है। लंगड़ी प्रसिद्ध बाघिन टी-15 (सुपरमॉम) की बहन है, जिसने 29 शावकों को जन्म दिया था। भास्कर एक्सपर्ट सामान्यतः 15 साल के बाद शिकार मुश्किल नेचुरोलॉजिस्ट इमरान खान बताते हैं, लंबी उम्र तक जीवित रहना पेंच टाइगर रिजर्व की मजबूत जैव विविधता और संतुलित फूड चेन का प्रमाण है। यहां शाकाहारी वन्य प्राणियों की अच्छी संख्या है। इससे बाघों को ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ता। चोट और थकान कम होती है और उम्र बढ़ती है। पर्याप्त शिकार मिलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। लंगड़ी की लंबी उम्र के पीछे उसकी मजबूत जेनेटिक विरासत भी अहम कारण है। पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह के अनुसार, जंगल में बाघों की आरामदायक उम्र 12-15 साल मानी जाती है। इसके बाद शिकार मुश्किल हो जाता है और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ जाते हैं। पहले कान्हा का बाघ मुन्ना 16 साल तक जंगल में सर्वाइव कर पाया था। बाद में उसे वन विहार भेजा गया, जहां कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। लंगड़ी का जंगल में जीवित रहना बड़ी उपलब्धि है।
प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार की एक नई योजना ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ में 10 लाख रुपए तक का बिना ब्याज का ऋण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सरकारी नौकरियों के अलावा स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने जाने के संकल्प के अंतर्गत योजना में आवेदन प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही अब तक 144 युवाओं ने तो रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने 12 जनवरी को इस योजना का शुभारंभ किया था। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने त्वरित गति से कार्य करते हुए 15 जनवरी को इसकी विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी थी। योजना के शुभारंभ के 10 दिन बाद ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। योजना का उद्देश्य प्रदेश के एक लाख युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इसके तहत विनिर्माण, सेवा एवं व्यापार सेक्टर में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के लिए यह ऋण मिलेगा। राज्य सरकार ब्याज का पुनर्भरण खुद करेगी। 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी और सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यम क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) शुल्क के पुनर्भरण का भी प्रावधान किया गया है। दस्तावेज व पात्रताआधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, आवेदक की फोटो, शैक्षणिक और तकनीकी योग्यता का प्रमाण पत्र, संस्थागत आवेदन की स्थिति में 51 प्रतिशत से अधिक स्वामित्व का दस्तावेज। योजना के तहत देय लाभ8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार के लिए 3.5 लाख रुपए तक एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण। अधिकतम 35 हजार रुपए मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपए तथा मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 लाख रुपए तक ऋण। 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी भी। योजना के तहत देय लाभ8वीं से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण आवेदकों को सेवा एवं व्यापार के लिए 3.5 लाख रुपए तक एवं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 7.5 लाख रुपए तक का ब्याज मुक्त ऋण। अधिकतम 35 हजार रुपए मार्जिन मनी भी दी जाएगी। स्नातक, आईटीआई और अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले आवेदकों को सेवा एवं व्यापार क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपए तथा मैन्युफैक्चरिंग के लिए 10 लाख रुपए तक ऋण। 50 हजार रुपए तक की मार्जिन मनी भी। आवेदन की प्रक्रिया एसएसओ आईडी के सिटीजन एप में उपलब्ध ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार (एमवाईएसवाई)’ पर आवेदन। इसमें सामान्य विवरण, जिला, उद्योग का प्रकार, प्रस्तावित कार्यस्थल का पता, परियोजना का विवरण और आवश्यक दस्तावेज। बैंक अकाउंट की जानकारी। योजना में एक लाख युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल नए उद्योग स्थापित होंगे, बल्कि भविष्य में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। - सुरेश कुमार ओला, उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त
चंडीगढ़ में पार्किंग व्यवस्था को आसान, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम चंडीगढ़ की ओर से 27 जनवरी से ‘एमसी वन पास’ पार्किंग सिस्टम शुरू किया जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत दोपहिया वाहनों के लिए 250 रुपए और चारपहिया वाहनों के लिए 500 रुपए में मासिक पार्किंग पास उपलब्ध होगा, जो नगर निगम द्वारा संचालित सभी अधिसूचित पार्किंग स्थलों पर मान्य रहेगा। इस सिस्टम के लागू होने से जहां रोजाना पार्किंग टिकट लेने की झंझट खत्म होगी, वहीं डिजिटल भुगतान को भी बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि मासिक पास लेने के लिए नागरिकों को किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर मिलेगा पास, पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन नगर निगम चंडीगढ़ ने बैंक ऑफ बड़ौदा के सहयोग से इस योजना को लागू किया है। मासिक पार्किंग पास एमसी या बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, पार्किंग स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड या अखबारों में प्रकाशित क्यूआर कोड को स्कैन कर ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। इससे प्रक्रिया पूरी तरह सरल और पारदर्शी होगी। नगर निगम कमिशनर अमित कुमार ने बताया कि एमसी वन पास पार्किंग सिस्टम स्मार्ट अर्बन मोबिलिटी और कुशल पार्किंग प्रबंधन की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था से मैनुअल हस्तक्षेप कम होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और आम लोगों को रोजमर्रा की पार्किंग समस्या से राहत मिलेगी। इन पार्किंग स्थलों पर होगा मान्य : एलांते मॉल के सामने, सेक्टर-17, सेक्टर-22 और सेक्टर-35, सुखना लेक, सेक्टर-17 की मल्टी-लेवल पार्किंग सहित अन्य अधिसूचित नगर निगम पार्किंग स्थल शामिल हैं। पूरे शहर में लागू होगी योजना नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य शहर की पार्किंग व्यवस्था को स्मार्ट, नागरिक-केंद्रित और पूरी तरह डिजिटल बनाना है। भविष्य में चरणबद्ध तरीके से इस वन पास सिस्टम को शहर के अन्य पार्किंग स्थलों पर भी लागू किया जाएगा, ताकि नागरिकों को एक समान और सुविधाजनक पार्किंग सुविधा मिल सके। न
अजमेर-नागौर सीमा पर स्थित पुष्कर थाना क्षेत्र के करकेड़ी गांव में शनिवार को पर्यावरण प्रेमियों और खेजड़ी माफिया के बीच तनातनी हो गई। मामला मारपीट तक पहुंचा और 4 लोग घायल हो गए, जिनमें भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष एलआर जारोड़ा गंभीर रूप से घायल हुए। एलआर जारोड़ा को अजमेर रेफर किया गया। अजमेर व नागौर जिले के पर्यावरण प्रेमी करकेड़ी गांव पहुंचे और प्रशासन से खेजड़ी कटाई को लेकर मशीनें सीज करने की कार्रवाई की मांग की। इस पर आईजी, एसपी सहित वन विभाग को सूचना दी मगर कोई मौके पर नहीं आया। दो घंटे बाद पुष्कर थाना पुलिस पहुंची तथा तीन कटर मशीनें सीज की। इस बीच पुलिस की मौजूदगी में ही पर्यावरण प्रेमियों पर माफिया समर्थकों ने हमला कर दिया। जिसमें भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के प्रदेशाध्यक्ष एलआर जारोड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए तथा तीन अन्य लोग घायल हुए। घटना को लेकर अब प्रदेश भर में आंदोलन की तैयारी चल रही है। भारतीय जीव रक्षा एवं वन्य पर्यावरण समिति के नागौर जिलाध्यक्ष परसाराम विश्नोई सहित पदाधिकारियों ने कहा कि अगर माफिया पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता है तो प्रदेश भर में आंदोलन किया जाएगा। एलआर जारोड़ा ने कहा कि मुझ पर किया गया ये हमला हर पर्यावरण प्रेमी की आवाज दबाने की कोशिश है। पुलिस के सामने मारपीट और पथराव के साथ ही तोड़फोड़ करना माफिया को संरक्षण देना है। इस घटना में पांच गाड़ियां तोड़ दी गई तथा चार लोग घायल हुए है। तनाव को देखते हुए एसपी ने मौके पर और जाप्ता भेजा है। अजमेर आईजी राजेंद्रसिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही एसपी को कार्रवाई के निर्देश दिए है। पुलिस मौके पर ही है। आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए विधिवत कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र से रोज 1500 टन से अधिक खेजड़ी प्रदेश भर में तस्करी करते हुए भेजी जा रही है। ट्रकों में लकड़ी भरकर जयपुर, सीकर, चूरू, बीकानेर, जोधपुर, दूदू सहित कई जिलों में भेजी जा रही है।
श्रीराम कथा में पहुंचे सीएम:कोटा में बनाया जाएगा विशाल गौ अभयारण्य, सीएम ने की घोषणा
बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में शनिवार दोपहर 3 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुंचे। मंच से उन्होंने सनातन संस्कृति की मजबूती पर जोर दिया। कहा कि कोटा में विशाल गो अभयारण्य बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री हमारी संस्कृति और सनातन को सशक्त कर रहे हैं। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि यह महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार करने वाला आध्यात्मिक अनुभव है। ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म, करुणा और सेवा की भावना सशक्त होती है। व्यासपीठ से पंडित धीरेंद्र ने हनुमान चालीसा की चौपाई के साथ कथा शुरू की। गौ सेवा को राष्ट्र रक्षा से जोड़ते हुए कहा कि गोशाला नहीं उपाय-हर हिंदू अपने घर में रखे एक गाय। सनातन संस्कृति में सपन्नता का आधार गाय है। गाय बचेगी, तभी देश बचेगा। महोत्सव में रविवार काे योग गुरु बाबा रामदेव आएंगे।
पिछले पौने दो साल में पुलिस और आबकारी विभाग ने मिलकर 33,000 लीटर से ज्यादा अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की और 9 हजार से ज्यादा लोगों को पकड़ा।लेकिन एजेंसियां यह नहीं बता पाईं कि ये आती कहां से है। किसी दूसरे राज्य से यहां अंग्रेजी शराब की सप्लाई हो रही है या फिर लाइसेंसी ठेकों से ही अवैध तरीके से सप्लाई की जा रही है। हालांकि दोनों एजेंसियां तर्क दे रही हैं कि कोई यह नहीं बताता कि उसने शराब कहां से खरीदी है। दोनों एजेंसियों के जानकारों का कहना है कि ब्लैकर्स या ट्रांसपोर्टरों को पकड़कर सप्लाई चैन को समय-समय पर तोड़ा गया है। यही कारण है कि सैकड़ों की संख्या में लोगों को पकड़ा गया। जानकारों की मानें तो बाहरी इलाकों से रात में शराब की डिलीवरी होती है और ज्यादातर छोटे एजेंट या ब्लैकर ही गिरफ्तार होते हैं। ठेकेदार और सप्लायर स्तर पर कार्रवाई हो, तो असर दिख सकता है। सवाल जिनके जवाब नहीं हैं केस 1 दिसंबर 2025 में क्राइम ब्रांच ने अशोका गार्डन में एक गोदाम पर छापा मारकर 60 लाख रुपए की 850 पेटी शराब जब्त की।आबकारी ने बाद में इसे क्लीन चिट दे दी थी। वह शराब दुकान का गोदाम था। केस 2 नवंबर 2025 में खजूरी पुलिस ने एक ट्रक से 1.2 करोड़ की 1200 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की, जिसे गुजरात भेजा जा रहा था।पुलिस ट्रक मालिक और फर्जी बिल्टी देने वालों के नाम ही पता कर सकी है। केस 3 जुलाई 2025 में पिपलानी पुलिस ने 19 लाख की अवैध शराब के साथ 300 कार्टन (2,700 लीटर) अंग्रेजी शराब पकड़ी।शराब किस ठेकेदार की थी, यह पता नहीं चला। पुलिस चालान पेश कर चुकी है। पुलिस की कार्रवाई 27,850 लीटर शराब जब्त1.78 करोड़ रुपए कीमत1876 आरोपी गिरफ्तार(01 अप्रैल 2024 से 30 सितंबर 2025 के बीच) आबकारी की कार्रवाई 5543 लीटर शराब जब्त4.58 करोड़ रुपए कीमत7209 आरोपी गिरफ्तार(01 अप्रैल 2024 से 31 अगस्त 2025 के बीच) बाहरी जिलों से ज्यादा हो रही है अवैध शराब की सप्लाई “ज्यादातर अवैध शराब की सप्लाई पास के जिलों से हो रही है। कई बार सोर्स जानने के लिए वायरलेस की मदद ली जाती है। ठेकेदार को नोटिस भी देते हैं, पर ज्यादातर मामलों में यह पता लगाना मुश्किल होता है कि शराब का सोर्स क्या है।”— वीरेंद्र सिंह धाकड़, सहायक आयुक्त, आबकारी ब्लैकर से शराब पकड़कर ही जांच खत्म नहीं होती ब्लैकर से शराब पकड़कर जांच खत्म नहीं होती। उससे सोर्स की जानकारी जुटाई जाती है। बैच नंबर के आधार पर दुकान का भी पता किया जाता है। पूरी कार्रवाई के बाद उन दुकान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होती है जिनके नाम दस्तावेजों में होते हैं।— हरिनारायण चारो मिश्रा, पुलिस कमिश्नर, भोपाल
ग्रेटर नोएडा में बीटेक छात्र को हॉस्टल संचालक व वार्डन ने पीटा, आहत होकर छात्र ने दी जान
उदित सोनी बीटेक का छात्र था और ईजेड हॉस्टल के कमरा नंबर 404 में रहता था। उसके पिता विजय सोनी मूल रूप से टोड़ी फतेहपुर के निवासी हैं और वर्तमान में झांसी के मऊरानीपुर में व्यवसाय करते हैं। परिवार के मुताबिक उदित पढ़ाई में गंभीर था और भविष्य को लेकर योजनाएं बना रहा था।
तकनीकी शिक्षा विभाग (डीटीई) के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में शिक्षक भर्ती की व्यवस्था खुद भर्ती नियम-2004 के जाल में फंसकर ठप हो गई है। नतीजा यह है कि प्रदेश के शासकीय स्वशासी पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में व्याख्याता और सहायक प्राध्यापक जैसे अहम पद खाली पड़े हैं। 10 साल से व्याख्याता की भर्ती नहीं हो पा रही है। क्वालिटी एजुकेशन का दावा सिर्फ कागजों में सिमटता जा रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि विभाग में सरकारी पदों को डाइंग कैडर जैसी स्थिति में डाल दिया गया है। नई भर्ती का रास्ता बंद होता दिख रहा है। असल समस्या की जड़ पॉलीटेक्निक भर्ती नियम-2004 है। इसके कारण एमपीपीएससी और गेट से चयनित शिक्षकों की नियुक्ति नियमित पदों पर नहीं, बल्कि जनभागीदारी सोसायटी के तहत हुई, जिससे विश्वसनीयता का लाभ नहीं मिला और कर्मचारी विसंगतियों में फंसे रहे। व्याख्याता के 1762 में से 1029 पद खाली यहां कार्यरत फैकल्टी का कहना है कि संविधान के अनुच्छेद 320 के अनुसार लोक सेवकों की नियुक्ति के लिए लोक सेवा आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की भूमिका तय है। इसके बावजूद शिक्षकों को शासन के पदों पर लेने के बजाय जनभागीदारी व्यवस्था के तहत जोड़ दिया गया। फैकल्टी का दावा है कि संभवतः ऐसा करने वाला मप्र इकलौता राज्य होगा। ऐसे में भर्ती नियम-2004 को विलोपित कर समस्त पदों को शासकीय पदों में संविलियन करने की जरूरत है। इससे भर्ती का रास्ता खुले और रिक्त पद भरे जा सकें। प्रदेशभर के पॉलिटेक्निक कॉलेजों में 2318 में से 1456 पद खाली हैं। इनमें से व्याख्याता के 1762 में से 1029 पद खाली हैं। इन पदों पर 10 साल से भर्ती नहीं हो पा रही है। प्रदेश स्तर पर नहीं हो रहा रोस्टर संधारण भर्ती नियमों के कारण प्रदेश स्तर पर रोस्टर का संधारण नहीं हो पा रहा है। इसका असर आरक्षण व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। प्राचार्य, विभागाध्यक्ष और ऐकल पदों की स्थिति में पद अनारक्षित को आवंटित हो जाता है। आरक्षित वर्ग को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा। इसलिए वे परेशान हैं। चयन की प्रक्रिया कानूनी पेंच में फंसी सोसायटी के तहत ये पद प्रथम श्रेणी के होने के बावजूद एमपीपीएससी के माध्यम से नई नियुक्ति नहीं हो पा रही। दूसरी तरफ अन्य एजेंसी के जरिए चयन प्रक्रिया कानूनी पेंच में फंस गई है। इससे प्रदेश के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अधिकांश शिक्षक पद रिक्त पड़े हैं। कॉलेज गेस्ट फैकल्टी से काम चला रहे हैं। नियमों को लेकर स्पष्ट स्थिति नहीं... सोसायटी के तहत नियुक्तियों से शासन के नियमों की एकरूपता समाप्त हुई। संस्थाबार नियमों को लेकर असमंजस बना रहता है और ट्रांसफर नीति प्रभावित है। पद सोसायटी के होने से स्थानांतरण पर न्यायालयीन स्थगन मिल जाता है। भर्ती नियम-2004 के शिक्षकों को डीडीओ प्रभार नहीं मिल रहा। इससे और वेतन भुगतान प्रभावित, अनुदान मिलने में देरी से भुगतान टलता है। भर्ती कराई जाएगी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में फैकल्टी के खाली पदों पर भर्ती के लिए कार्रवाई प्रचलित है। इसके लिए नीति निर्धारित कर भर्ती कराई जाएगी। कॉलेजों में उनकी मांग के अनुसार चयन प्रक्रिया आयोजित कर फैकल्टी की नियुक्ति कराई जाएगी।इंदर सिंह परमार, तकनीकी शिक्षा मंत्री
भारत में नौकरियों की लहर मेट्रो सिटी से बाहर इंदौर, जयपुर, अहमदाबाद, कोच्चि और चंडीगढ़ जैसे शहरों में दिख रही है। टियर-2 और 3 शहरों में भर्ती की रफ्तार 20% तक हो गई है, जबकि मेट्रो सिटी में यह 14% रही। लीडिंग जॉब्स एंड टैलेंट प्लेटफॉर्म फाउंडइट के मुताबिक, इस साल 1.28 करोड़ संभावित नौकरियों के साथ छोटे शहरों में हायरिंग तेजी से बढ़ रही है। अपग्रेड रिक्रूट की रिपोर्ट के मुताबिक AI और बेहतर स्थिरता के कारण कंपनियां छोटे शहरों में ‘रीजनल कैपेबिलिटी कॉरिडोर’ बना रही हैं। 2027 तक एआई एक्सपोजर वाले टेक रोल्स 20% से बढ़कर 32% तक पहुंच सकते हैं। वहीं, 79% एचआर लीडर्स मानते हैं कि छोटे शहरों में टैलेंट के जॉब में ‘टिके रहने की दर’ मेट्रो के बराबर या उससे बेहतर है। वित्त वर्ष 2024 में इन शहरों का टेक हायरिंग में हिस्सा 12% था जो 2027 तक 19.7% पहुंच सकता है। कंपनियां इन शहरों में इंजीनियरिंग, सपोर्ट, डेटा एनालिटिक्स, बैकएंड ऑपरेशंस जैसी भूमिका को प्राथमिकता दे रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। रीजनल कैपेबिलिटी कॉरिडोर्स बन रहे, छोटे शहरों में हाइटेक नौकरियां बढ़ रहीं कंपनियां कम लागत और व्यापक टैलेंट पूल के लिए टियर-2 शहरों में टैलेंट हब्स तैयार कर रही हैं। इससे भर्ती महानगरों से बाहर फैल रही है। बड़े शहरों में लोग जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलते हैं, जबकि छोटे शहरों में कर्मचारी लंबे समय तक टिकते हैं। अपग्रेड रिक्रूट ने टियर-2,3 शहरों से आने वाले प्लेसमेंट मैंडेट्स में 40% वृद्धि देखी है। एक साल में यहां एआई इंजीनियर्स, डेटा एनालिस्ट और ऑटोमेशन स्पेशलिस्ट की मांग 40% बढ़ी है-खासकर बीएफएसआई, आईटी सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में। अहमदाबाद-गिफ्ट सिटी, कोयंबटूर, कोच्चि, इंदौर और लखनऊ जैसे शहर अब एआई-संबंधित हायरिंग मैंडेट्स के लगभग एक-चौथाई का प्रतिनिधित्व करते हैं।जॉब मार्केट 9 पॉइंट्स में जाने आखिर छोटे शहर क्यों बन रहे जॉब हब? ----------- ये खबर भी पढ़ें…

