छतरपुर: राजनगर एसडीएम ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण शिविर में अनुपस्थित रहने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में पटवारी हल्का नांद अंजली सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ मुख्यालय पर निवास न करने, हल्के में नियमित रूप से उपस्थित न रहने और शिकायतों का गलत निराकरण दर्ज करने की शिकायतें भी मिली थीं। कलेक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 13 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन निराकरण शिविर का आयोजन किया गया था। इसमें सीमांकन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़ी शिकायतों के निराकरण के लिए सभी पटवारियों को सुबह 11 बजे उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद, पटवारी अंजली सिंह दोपहर 1 बजे तक शिविर में नहीं पहुंचीं। यह उल्लेखनीय है कि उनके हल्के में सीमांकन से संबंधित सबसे अधिक शिकायतें लंबित थीं। उनकी अनुपस्थिति से शिकायतकर्ताओं को काफी परेशानी हुई। शिविर के दौरान शिकायतकर्ताओं ने अधिकारियों को बताया कि संबंधित पटवारी मुख्यालय पर निवास नहीं करती हैं और अक्सर अपने हल्के से अनुपस्थित रहती हैं। इससे किसानों को राजस्व संबंधी कार्यों और शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा था। शिकायतों के परीक्षण और तथ्यों की जांच में पटवारी की कार्यशैली पर उठे सवाल सही पाए गए। प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि अंजली सिंह ने सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर शिकायतों का गलत निराकरण दर्ज किया था। इसे शासकीय कार्यों में गंभीर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना गया। एसडीएम राजनगर ने पटवारी के इस आचरण को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के विभिन्न प्रावधानों के विपरीत पाया। इसके आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें निलंबित कर दिया गया। राममिलन पाल को सौंपा अतिरिक्त प्रभार निलंबन अवधि में अंजली सिंह का मुख्यालय एसडीएम कार्यालय राजनगर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वहीं पटवारी हल्का नांद का अतिरिक्त प्रभार पटवारी राममिलन पाल, हल्का डहर्रा को सौंपा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रायबरेली में सरकारी पानी की टंकी के एक ऑपरेटर की बीती रात धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना बछरावां कोतवाली थाना क्षेत्र के ठकुराइन खेड़ा गांव में हुई। मृतक की पहचान राम सजीवन के रूप में हुई है, जो पिछले पांच महीनों से जल शक्ति योजना ग्रामीण के तहत बनी पानी की टंकी में संविदा कर्मचारी के तौर पर पानी की आपूर्ति का काम कर रहे थे। अज्ञात हमलावरों ने बीती रात सोते समय धारदार हथियार से उनके सिर पर वार कर हत्या कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह 5 बजे पानी की आपूर्ति न होने पर जब वे ऑपरेटर से बात करने पहुंचे, तो उन्होंने राम सजीवन का शव देखा। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है और कार्रवाई की मांग की है। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही उन्होंने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और फोरेंसिक टीम की मदद ली जा रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
बुलंदशहर के थाना छतारी क्षेत्र में अलीगढ़-अनूपशहर नेशनल हाईवे 509 पर रविवार रात एक सड़क हादसा हो गया। ग्राम सिद्धपुर पापड़ी नगला के पास आगे चल रहे एक ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे से आ रही एक निजी बस उससे टकरा गई। इस भीषण भिड़ंत में ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार लगभग 15 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही प्रभारी नरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। एम्बुलेंस की सहायता से 12 घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दानपुर भिजवाया गया, जहां डॉक्टरों ने ट्रक चालक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान राजेंद्र सिंह उर्फ राजू (40 वर्ष), पुत्र इंद्रपाल, निवासी ग्राम नोहटी, थाना मडराक, जनपद अलीगढ़ के रूप में हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद, सीएचसी से 8 गंभीर घायलों को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। वहीं, एनएचएआई की एम्बुलेंस से 4 अन्य गंभीर घायलों को सीधे जिला अस्पताल अलीगढ़ भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलने पर एसपी क्राइम नरेश कुमार, सीओ डिबाई मधुप कुमार सिंह और एसडीएम शिकारपुर रविंद्र प्रताप सिंह भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करवा दिया है। क्रेन की मदद से वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात को पूरी तरह सुचारु कर दिया गया। मृतक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है। इस हादसे में मृतक और घायलों की सूची इस प्रकार है: मृतक की पहचान राजेंद्र सिंह उर्फ राजू (40 वर्ष) पुत्र इंद्रपाल निवासी ग्राम नोहटी, थाना मडराक, अलीगढ़ के रूप में हुई। जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनमें- 2. राजेंद्र (60 वर्ष) पुत्र रामदास, निवासी- कालेधाम जट्टारी, मथुरा। 3. अशर्फी देवी पत्नी रमेश, निवासी- अलीगढ़। 4. मूलचंद (40 वर्ष) पुत्र ओपेंद्र, निवासी- बिहार। 5. संध्या (8 वर्ष) पुत्री मूलचंद, निवासी- बिहार। 6. ललित (38 वर्ष) पत्नी मूलचंद, निवासी- बिहार। 7. विमला देवी (70 वर्ष) पत्नी अज्ञात, निवासी- गभाना, अलीगढ़। 8. मीरा (50 वर्ष) पत्नी सत्येंद्र, निवासी- फरीदाबाद। 9. वीरपाल (38 वर्ष) पुत्र सत्यवीर, निवासी- कुशालाबाद। 10. दनवंती (60 वर्ष) पत्नी रामअवतार, निवासी- अलीगढ़। 11. फूलवती (50 वर्ष) निवासी- अलीगढ़। 12. अंगूरी (60 वर्ष) पत्नी रामेंद्र, निवासी- जट्टारी, मथुरा। 13. गुड़िया पत्नी ओमस्वरूप, निवासी- मडासा सादाबाद, हाथरस। 14. शिवम (10 वर्ष) पुत्र देवेंद्र, निवासी- मडासा सादाबाद, हाथरस। 15. सत्तार पुत्र यामीन, निवासी- पिलखना डिबाई, बुलंदशहर। 16. सत्यनारायण (50 वर्ष) पुत्र खचेड़ूमल, निवासी- कुटवारा माँट, मथुरा। हादसे की तस्वीरें…
उन्नाव में खड़े ट्रक से बाइक टकराई, युवक की मौत:पीछे लगी मिली सब्जी की टोकरी, बाइक आरसी से हुई पहचान
उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना जाजमऊ चौकी अंतर्गत कल्लूपुरवा के पास हुई। कानपुर से लखनऊ की ओर जा रहे हाईवे पर एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ ही देर में उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही जाजमऊ चौकी पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने बाइक की तलाशी ली, जिसमें पीछे सब्जी बेचने की टोकरी रखी मिली। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि मृतक खेती-किसानी के साथ सब्जी बेचने का काम भी करता था। बाइक के रजिस्ट्रेशन दस्तावेज (आरसी) में 'बलई' नाम दर्ज मिला है। पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान और हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। जाजमऊ चौकी इंचार्ज विनोद सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे के बाद से फरार ट्रक चालक और वाहन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने हाईवे पर खड़े वाहनों के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने की बात भी कही है।
हरदोई में बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। इनमें एक युवती का जबरन अपहरण और एक विवाहिता को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का आरोप है। दोनों मामलों में पीड़ितों के परिजनों ने बिलग्राम कोतवाली में रविवार को नामजद तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस से आवश्यक कानूनी कार्रवाई और अपहृतों की सकुशल बरामदगी की मांग की है। पहला मामला बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एक गांव का है। यहां एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 12 जून की शाम करीब 7 बजे उनकी 18 वर्षीय बेटी गांव के बाहर शौच के लिए गई थी। आरोप है कि उसी दौरान गांव का पवन अपने दो अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचा। ये साथी ग्राम रुदौली, थाना सुरसा के निवासी बताए गए हैं। आरोपियों ने युवती को डरा-धमकाकर जबरन मोटरसाइकिल पर बैठा लिया। मौके पर मौजूद महिला के 10 वर्षीय बेटे ने घर आकर घटना की जानकारी दी। उसने बताया कि उसकी बहन शोर मचाती रही, लेकिन आरोपी उसे जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर फरार हो गए। दूसरा मामला एक विवाहिता के लापता होने से जुड़ा है। कन्नौज के कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने बिलग्राम पुलिस को तहरीर दी है। पीड़ित पति के अनुसार, उसकी शादी करीब आठ वर्ष पहले बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। पीड़ित ने बताया कि लगभग 20 दिन पहले उसकी पत्नी अपने मायके गई थी। 1 जून को वह मायके से ससुराल जाने की बात कहकर निकली, लेकिन अपने घर नहीं पहुंची। काफी खोजबीन के बाद पति को पता चला कि बघौली थाना क्षेत्र के खद्दीपुर निवासी छोटू उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी अपने साथ पहने हुए सोने-चांदी के जेवर और कुछ नगदी भी ले गई है। पति ने पुलिस से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
संभल में 39 डिग्री पारा, AQI 159:मौसम विभाग ने आंधी और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया
संभल में सोमवार को मिला-जुला मौसम रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। सुबह AQI 159 दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुबह 09 बजे जिले का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दोपहर 12 बजे से शाम 06 बजे तक पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। रविवार को भी अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रहा था, जिससे आज के तापमान में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। रात में तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ यह 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। पिछले दो दिनों से धूप निकलने के कारण उमस भरी गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित है। जून की शुरुआत में मौसम सुहावना रहा था, लेकिन चार दिन की भीषण गर्मी के बाद हुई दो दिन की बारिश से कुछ राहत मिली थी। हालांकि, इसके बाद फिर से उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया है। अप्रैल में तापमान 47 डिग्री, मई में 45 डिग्री और जून में अधिकतम 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। बारिश के कारण संभल तहसील क्षेत्र में मक्का की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि चंदौसी और गुन्नौर तहसील क्षेत्रों में मक्का की फसल के लिए यह फायदेमंद साबित हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून 19 से 21 जून के बीच दस्तक दे सकता है, जिसके लिए किसानों ने धान की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सभासद महावीर सिंह ने बताया कि गर्मी अपना असर दिखा रही है और दोपहर में लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। वहीं, अनीस ने कहा कि पिछले दिनों हुई बारिश से मौसम में सुधार हुआ था, लेकिन बीते दो दिनों से गर्मी बहुत अधिक पड़ रही है।
दुष्यंत संग्रहालय में वरिष्ठ साहित्यकार सुरेश पटवा के व्यंग्य संग्रह “व्यंग्य-पच्चीसी” का लोकार्पण कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुकेश वर्मा ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. संजय सक्सेना उपस्थित रहे। सारस्वत अतिथि के रूप में डॉ. मोहन तिवारी आनंद एवं विवेक रंजन श्रीवास्तव ने सहभागिता निभाई। मुकेश वर्मा ने कहा कि सुरेश पटवा के व्यक्तित्व में खुलापन, निर्भीकता और प्रतिरोध की स्वाभाविक प्रवृत्ति दिखाई देती है। यही बेचैनी और सामाजिक कश्मकश उनकी अभिव्यक्ति को धार देती है तथा उन्हें समर्थ व्यंग्यकार बनाती है। मुख्य अतिथि डॉ. संजय सक्सेना ने कहा कि सुरेश पटवा मौलिकता, गहरी सामाजिक समझ और मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण लेखक हैं। “व्यंग्य-पच्चीसी” उनकी रचनात्मकता की अनूठी मिसाल है। अतिरिक्त प्रयास नहीं करना पड़ता अपने लेखकीय संबोधन में सुरेश पटवा ने हरिशंकर परसाई को अपना प्रेरणा स्रोत बताते हुए कहा कि परसाई ने पश्चिमी सटायर के साथ भारतीय वांग्मय का गंभीर अध्ययन किया था। बुंदेलखंड की व्यंग्यात्मक जीवन शैली और रोजमर्रा की बोलचाल ने उनके लेखन को गहराई दी। पटवा ने कहा कि “व्यंग्य-पच्चीसी” में शामिल रचनाओं में व्यंग्य स्वाभाविक रूप से उतरता है और इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रयास नहीं करना पड़ता। कलम और कदम का अनूठा समन्वय डॉ. मोहन तिवारी आनंद ने कहा कि सुरेश पटवा बहुआयामी लेखक हैं, जो पूरी तैयारी के साथ लेखन करते हैं। उनका बेलौस अंदाज और निर्भीक अभिव्यक्ति उनकी व्यंग्य रचनाओं में स्पष्ट झलकती है। विवेक रंजन श्रीवास्तव ने कहा कि बैंक सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद भी सुरेश पटवा साहित्य की सक्रिय पारी खेल रहे हैं। 74 वर्ष की आयु में वे 34 कृतियों के रचनाकार के रूप में साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि पटवा के साहित्य में “कलम और कदम” का अनूठा समन्वय दिखाई देता है। वे मेज पर बैठकर नहीं, बल्कि लद्दाख और भूटान जैसे क्षेत्रों की यात्राओं के बाद यथार्थपरक साहित्य रचते हैं। व्यंग्य समकालीन विद्रूपताओं पर प्रभावशाली कटाक्ष करते हैं शारदा दयाल श्रीवास्तव ने अपनी समीक्षात्मक प्रस्तुति में कहा कि सुरेश पटवा के व्यंग्य समकालीन विद्रूपताओं पर प्रभावशाली कटाक्ष करते हैं और उनकी अभिव्यक्ति शैली नए व्यंग्यकारों के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में व्यंग्य पाठ भी आकर्षण का केंद्र रहा। अरुण अर्णव खरे ने “पी राधा”, मलय जैन ने “यूपी वाला ठुमका और ठुस्स कमरिया”, सुदर्शन सोनी ने “जनरेशन गैप इन कुत्ता पालन”, यशवंत गोरे ने “सत्ता नारायण कथा - अथ प्रथमोऽध्यायः”, डॉ. आदित्य हरि गुप्ता ने मालवी व्यंग्य रचना “तो से नेता बनियों नी जाए”, डॉ. अशोक व्यास ने “आई लव मीडिया” तथा शिवकुमार दीवान ने “कलयुग में कम नहीं डंठल वाला पान” प्रस्तुत कर श्रोताओं को गुदगुदाया। व्यंग्य पाठ का संचालन व्ही.के. श्रीवास्तव ने किया। जबकि कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य हरि गुप्ता ने किया तथा शारदा दयाल श्रीवास्तव ने कृति की समीक्षात्मक विवेचना प्रस्तुत की।
लुधियाना के सलेम टाबरी इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंसानियत के नाते एक बेजुबान जानवर को दफनाना कुछ लोगों को इतना भारी पड़ गया कि उन पर हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना गांव कासाबाद की है, जहां एक मरे हुए कुत्ते को दफनाते समय दो गुटों में झटप हो गया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और कस्सी से लोगों को बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। थाना सलेम टाबरी पुलिस को दी गई शिकायत में गांव कासाबाद के रहने वाले गुरमीत सिंह ने बताया कि 12 जून को उनके इलाके की मुख्य सड़क पर एक हादसा हुआ। जिसमें एक बेसहारा कुत्ता तेज रफ्तार ट्रक के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सड़क पर बेजुबान की लाश देखकर गुरमीत सिंह का दिल पसीज गया और उसने कुत्ते को सड़कों पर रुुलने से बचाने के लिए उसे दफनाने का फैसला किया। कुत्ते को दफनाते वक्त हुआ खौफनाक हमला गुरमीत सिंह ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि वह बाघा राम और जसपाल सिंह को साथ लेकर कुत्ते के शव को अपने चाचा अमर सिंह के घर के बाहर स्थित एक खाली प्लॉट में दफनाने के लिए गया था। वे लोग अभी गड्ढा खोदकर कुत्ते को दफनाने की तैयारी कर ही रहे थे कि तभी वहां मौजूद आरोपियों ने आकर बेमतलब की बहसबाजी शुरू कर दी।देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गालियां निकालनी शुरू कर दीं और हाथों में डांग (लाठियां) और कस्सी लेकर गुरमीत और उसके साथियों पर टूट पड़े। हमला इतना अचानक और जोरदार था कि संभलने का मौका ही नहीं मिला। आरोपियों ने बिना कोई रहम खाए बेरहमी से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए भतीजे को भी नहीं बख्शा हमले के बाद जब गुरमीत सिंह खुद को बचाकर वहां से निकला और इस पूरी घटना की जानकारी अपने भतीजे सुखजीत सिंह को दी तो हमलावरों की गुंडागर्दी यहीं नहीं रुकी। गुस्से में आगबबूला हुए आरोपियों ने भतीजे सुखजीत सिंह को भी घेर लिया और उसकी भी जमकर कुटाई कर दी। पुलिस ने दर्ज की FIR इस वारदात के बाद सलेम टाबरी पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 14 जून को मामला दर्ज कर लिया है। जिसमे मुख्य आरोपी बाघा राम, उसकी पत्नी सुरजीत कौर, विशाल कुमार, साहिल कुमार, बिक्रमजीत सिंह, दूला राम, गुरदेव राम, बिक्रम सिंह, बलबीर सिंह, मेजर सिंह और गुरदयाल राम (सभी वासी गांव कासाबाद)। जिसपर BNS की धारा 115-(2), 118(1), 12(2), 351(3), 191(3) और 190। दर्ज किया गया है।फिलहाल मामले की जांच हेड कांस्टेबल जावेद अली कर रहे हैं और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दान पेटी चोरी जांच में आज अयोध्या पहुुंचेगी SIT टीम:इस मामले में अयोध्या मे शुरु हो गया पोस्टर वार
राममंदिर दान पात्र से पैसे की चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में पोस्टर वार आरंभ हो गया है। इसका एक पोस्टर आज पुष्पराज चौराहे पर लगवाया गया है। उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला की ओर से यह पोस्टर लगवाया गया है। स्कंद पुराण के दोहे के साथ मंदिर को दी गई भूमि संपत्ति या दान के धन को चुराने, हड़पने को लेकर धर्मशास्त्र में कहे गए पाप का भागीदार बताया गया है। कुल मिलाकर भगवान राम के नाम पर चल रहे इस युद्ध में समाजवादी पार्टी के बाद कांग्रेस भी मैदान में डट गई है। इस बीच प्रदेश सरकार की ओर से दान चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी टीम भी आज अयोध्या पहुंचकर अपना काम शुरू देंगी।इसे 7 दिनों के अंदर अपनी प्राथमकि रिपोर्ट और 15 दिनों के अंदर पूरी रिपोर्ट देनी है। दूसरी ओर राम मंदिर चढ़ावा कांड में SIT जांच शुरू होने से पहले अयोध्या में बड़ी हलचल है। सूत्रों के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की तबीयत खराब बताई जा रही है। उन्हें जुकाम के साथ शुगर बढ़ने की शिकायत बताई गई है।इसी बीच जानकारी मिल रही है कि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा भी फिलहाल अयोध्या में नहीं हैं और इलाज के सिलसिले में बाहर गए बताए जा रहे हैं। चढ़ावे में कथित करोड़ों के हेरफेर, रिकवरी और अब तक FIR न होने के बीच यह मामला और संवेदनशील हो गया है। SIT जांच अब सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित रहेगी या ट्रस्ट के बड़े नामों से भी पूछताछ होगी। सबकी नजर इसी पर है।
अमृतसर में 88.79% मतदाताओं की 2003 सूची से मैपिंग पूरी:25 जून से बीएलओ करेंगे घर-घर जाकर सत्यापन
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पंजाब में मतदाता सूचियों को अद्यतन और शुद्ध बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन- एसआईआर) चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना तथा किसी भी प्रकार की त्रुटि को दूर करना है। 88.79 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अमृतसर दलविंदरजीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार जिले में प्री-एसआईआर के तहत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने बताया कि जिले के कुल 19 लाख 73 हजार 71 मतदाताओं में से 17 लाख 51 हजार 918 मतदाताओं की वर्ष 2003 की मतदाता सूची के साथ सफलतापूर्वक मैपिंग कर ली गई है, जो कुल मतदाताओं का 88.79 प्रतिशत है। 25 जून से 24 जुलाई तक घर-घर सत्यापन उन्होंने बताया कि अभी 2 लाख 21 हजार 153 मतदाता ऐसे हैं जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है। इन सभी मतदाताओं को कवर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 25 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक सभी बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करेंगे। इसी अवधि के दौरान मतदान केंद्रों का युक्तिकरण भी पूरा किया जाएगा। 28 सितंबर तक दावों का निपटारा, 1 अक्टूबर को अंतिम सूची उन्होंने आगे बताया कि मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन 3 अगस्त 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 1 अक्टूबर 2026 को होगा। राजनीतिक दलों से बीएलए नियुक्त करने की अपील दलविंदरजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की प्री-एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं हो पाई है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मामलों में निर्वाचन अमला केवल आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन करेगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करें ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके।
ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या पर सोमवार को धर्मनगरी चित्रकूट में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। देश के विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने तड़के पवित्र मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ के दर्शन कर परिक्रमा की और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। रामघाट और परिक्रमा मार्ग पर भारी भीड़रविवार देर रात से ही चित्रकूट में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जिससे पूरी धर्मनगरी का माहौल भक्तिमय हो गया। सोमवार सुबह से रामघाट, कामतानाथ मंदिर और परिक्रमा मार्ग सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान पूरा चित्रकूट भगवान श्रीराम और कामतानाथ स्वामी के जयघोष से गूंजता रहा। 5 लाख भक्तों के आने का अनुमान, तीसरी आंख से निगरानीजिला प्रशासन ने 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात के व्यापक इंतजाम किए हैं। भीड़ प्रबंधन के लिए रामघाट, भरतघाट, परिक्रमा मार्ग और सभी प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों (तीसरी आंख) के जरिए भी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। सुरक्षा की कमान एएसपी के हाथ, 12 टीआई भी तैनातसंपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था की कमान एडिशनल एसपी (देहात) प्रेमलाल कुर्वे को सौंपी गई है। उनके साथ चित्रकूट एसडीओपी राजेश बंजारे, नागौद एसडीओपी रघु केसरी, हेडक्वार्टर डीएसपी मनोज दीक्षित, ट्रैफिक डीएसपी संजय खरे और जिले के 12 से अधिक थाना प्रभारी मुस्तैद हैं। इसके अलावा करीब 250 पुलिस जवान भी चप्पे-चप्पे पर तैनात किए गए हैं। घाटों पर मोटरबोट के साथ SDERF की टीम मौजूदपुलिस मुख्यालय द्वारा सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त बल भी भेजा गया है। इसमें छठवीं वाहिनी जबलपुर और नौवीं वाहिनी रीवा से एसएएफ (SAF) की 2 कंपनियां और पीटीएस (PTS) के 30 जवान शामिल हैं। वहीं, नदी के घाटों पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीईआरएफ (SDERF) की टीम को जीवनरक्षक उपकरणों और मोटरबोट के साथ तैनात किया गया है।
झज्जर 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस और केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमवार को झज्जर में योग मैराथन का आयोजन किया गया। मैराथन का शुभारंभ पूर्व कृषि मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान धनखड़ स्वयं भी प्रतिभागियों के साथ दौड़े और युवाओं को योग को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। मैराथन के शुभारंभ अवसर पर धनखड़ ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि नियमित योग से व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहता है तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने उपस्थित युवाओं और नागरिकों से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर धनखड़ ने बताया कि 17 जून को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी झज्जर जिले के दौरे पर आएंगे। मुख्यमंत्री मुनिमपुर स्थित फूल उत्कृष्टता केंद्र, रईया गांव में स्थित महाराणा प्रताप यूनिवर्सिटी के रीजनल सेंटर तथा बादली के लघु सचिवालय सहित कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिले को कई बड़ी विकासात्मक सौगातें मिलने की उम्मीद है। साथ ही झज्जर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने और मौजूदा खेल स्टेडियमों में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी जाएगी। इसके अलावा सुबाना गांव में किसान स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। धनखड़ ने जिलेवासियों से 17 जून को आयोजित मुख्यमंत्री की जनसभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान झज्जर की DC वर्षा खांगवाल ने ओमप्रकाश धनखड़ का स्वागत किया। उन्होंने स्वयं भी योग मैराथन में भाग लेकर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। योग मैराथन में बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।
सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र में बरखेड़ी विद्युत केंद्र से जुड़े लगभग 25 गांवों में आंधी-तूफान के कारण बार-बार बिजली गुल हो रही है। ग्रामीणों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि रात में फाल्ट होने पर सुधार कार्य में देरी होती है। चंदेरी, नई चंदेरी, पिपलिया, ताकीपुर, शेरपुर, भगवानपुर, बड़नगर, आलमपुरा और बरखेड़ी सहित कई गांवों में हाल ही में रात के समय आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइन में फाल्ट हो गया था। ग्रामीणों ने तत्काल विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन सीमित स्टाफ और संसाधनों के कारण बिजली आपूर्ति बहाल होने में लंबा समय लगा। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में रात की ड्यूटी पर केवल एक या दो लाइनमैन ही उपलब्ध रहते हैं। इससे एक साथ कई स्थानों पर फाल्ट होने पर समय पर सुधार कार्य करना मुश्किल हो जाता है। गर्मी के मौसम में बिजली गुल रहने से लोगों को असुविधा होती है। ग्रामीणों और किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के दौरान कुछ अधिकारी फोन नहीं उठाते, जिससे समस्या के समाधान में और देरी होती है। उन्होंने मांग की है कि आंधी-तूफान या आपात स्थिति में रात के समय अतिरिक्त लाइन स्टाफ, पिकअप वाहन और जिम्मेदार अधिकारियों की मौके पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिलकिसगंज रोड स्थित नई चंदेरी में विद्युत ट्रांसफार्मर के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने शासन-प्रशासन और विद्युत विभाग के अधिकारियों से बरखेड़ी सब स्टेशन क्षेत्र में लाइनमैनों की संख्या बढ़ाने और फाल्ट होने पर त्वरित कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में रात 8 बजे हुए एक फाल्ट को सामाजिक कार्यकर्ताओं के सहयोग से रात 3 बजे तक, यानी लगभग 7 घंटे बाद, ठीक किया जा सका।
वाराणसी के दालमंडी में सोमवार की अल सुबह ही ध्वस्तीकरण अभियान चलाया गया। सुबह 7 बजे से पोकलैंड मशीन और बुलडोजर ने 5 मकानों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। ये पांचो मकान वीडीए ने अवैध घोषित किए थे। इस दौरान दालमंडी में सन्नाटा देखने को मिला। ध्वस्तीकरण को देखते हुए एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौजूद थे। इस दौरान कहीं से विरोध नहीं दिखाई दिया और पोकलैंड मशीन और बुलडोजर से मकानों को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई अब दिन भर चलेगी और पांचों मकानों को जमीदोज किया गया है। देखिये ध्वस्तीकरण की चार तस्वीरें… वीडीए के मकानों पर चला बुलडोजर एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया- वाराणसी के दालमंडी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार की सुबह वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध घोषित किया गए पांच मकानों का ध्वस्तीकरण किया गया है। इन मकान मालिकों को पूर्व में नोटिस दी जा चुकी थी और मुनादी भी कराई गयी थी। सभी को मकान खाली करने का निर्देश था। जिसके बाद आज कार्रवाई की गयी है। 150 मकानों पर हुई कार्रवाई वाराणसी की दालमंडी में पीडब्ल्यूडी ने सड़क चौड़ीकरण के जद में आ रहे 181 भवनों को चिह्नित किया था। इनमे से अभी तक आज की कार्रवाई के बाद 150 मकानों को बुलडोज किया जा चुका है। जिसमें से 70 जमीदोज किये जा चुके हैं। और 65 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिया जा चुका है। ऐसे में मकानों का ध्वस्तीकरण तेजी से चल रहा है। पीडब्ल्यूडी के एक्सीईएन केके सिंह के अनुसार जून के अंतिम सप्ताह तक हम सभी मकानों को बुलडोज कर लेंगे और लैंड खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। आज इन मकानों पर हुई कार्रवाई दालमंडी में सोमवार की अलसुबह वीडीए द्वारा अवैध घोषित मकान संख्या सीके 42/94,95, सीके 43/145, सीके 43/175-बी, 50/204 और 43/123 पर कार्रवाई की गयी है। इन सभी को पूर्व में मुनादी करके बताया गया था की भवन को अवैध घोषित किया गया है ऐसे में इसे खाली कर दें ताकि इसके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सम्पादित की जा सके। अब जानिए क्या है दालमंडी प्रोजेक्ट … पीएम ने रखी थी प्रोजेक्ट की आधारशिला वाराणसी की दालमंडी गली को मॉडल सड़क के रूप में विकसित किया जाना है। प्रधानमंत्री ने अपने 51वें काशी के दौरे पर इस कार्य का शिलान्यास किया था। इसके लिए राज्य सरकार की तरफ से 215.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। 181 भवन, दुकान स्वामियों को 191 करोड़ रुपए मुआवजा के रूप में दिए जाएंगे। 60 फुट चौड़ी होगी सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार नई सड़क से लेकर चौक थाने तक 650 मीटर की दाल मंडी गली को 60 फुट चौड़ा किया जाना है। इसमें 30 फुट की सड़क और दोनों तरफ 15-15 फुट की पटरी होगी। इसके अंदर बिजली, सीवर और पानी की व्यवस्था अंडरग्राउंड की जाएगी। यहां तारों का जंजाल साफ किया जाएगा। 220 करोड़ से बनेगी 650 मीटर लंबी सड़क नई सड़क से चौक थाने तक गई दालमंडी की कुल लंबाई 650 मीटर है। इस सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने का मसौदा पास हो चुका है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंतिम दिन 215 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ और 2 करोड़ रुपए रिलीज भी कर दिए गए। पीडब्ल्यूडी की टीम ने 181 घरों की नपाई के बाद उनकी रजिस्ट्री शुरू की और ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू हुआ है। इसके अलावा इसमें 6 मस्जिदें भी हैं। PWD के अधिकारियों ने डेटा तैयार किया। इस डेटा के हिसाब से मुआवजे का आकलन किया गया था। जो लगभग 191 करोड़ रुपए हैं। अभी तक 100 से अधिक मकानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। धीरे-धीरे मकानों का ध्वस्तीकरण किया जा रहा है। अभी तक 150 मकानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जिसमें नगर निगम और वीडीए द्वारा घोषित अति जर्जर और अवैध मकान भी शामिल हैं। कुल 65 करोड़ का मुआवजा बांटा जा चुका है।
देवरिया के भाटपाररानी रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट के लिए लाइन में लगे एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में युवक का हाथ टूट गया है। वहीं, हमलावरों के साथ हुई झड़प में एक जीआरपी हेड कांस्टेबल की अंगुली भी दांत से काट ली गई, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, भाटपाररानी रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर रोहित कुशवाहा नामक युवक तत्काल टिकट बनवाने के लिए लाइन में खड़ा था। आरोप है कि इसी दौरान कुछ कथित टिकट दलाल वहां पहुंचे और युवक पर लाइन से पीछे हटने का दबाव बनाने लगे। जब युवक ने इसका विरोध किया, तो तीन युवकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने युवक को घसीटकर लात-घूंसों से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसका हाथ टूट गया। इस मारपीट के दौरान स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बीच-बचाव के दौरान एक हमलावर ने जीआरपी हेड कांस्टेबल की अंगुली को दांत से काट लिया। इसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद रेलवे और भाटपाररानी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर मनेंद्रगढ़ में भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने प्रेसवार्ता की। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाते हुए कहा कि बीते 12 सालों में देश हित और जनहित से जुड़े अनेक ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है और देश अब वैभव के शिखर की ओर अग्रसर है। उज्जवल दीपक ने बताया कि केंद्र सरकार ने गरीब कल्याण, बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल क्रांति, महिला सशक्तिकरण, किसानों के हित और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया, जिनका लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है। देश आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और आने वाले सालों में विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होगा। नेहरू और मोदी के संदर्भ में दिया स्पष्टीकरण उन्होंने स्पष्ट किया कि पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री बने थे, जबकि नरेंद्र मोदी को देश की जनता ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुनकर प्रधानमंत्री बनाया है। दीपक ने जोर दिया कि मोदी सरकार की नीतियों और कार्यों के आधार पर जनता लगातार अपना समर्थन दे रही है। इस दौरान भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं और उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में भी विकास और जनकल्याण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। भाजपा पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल को देश के विकास और परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण दौर बताया।
झुंझुनूं पंचायत समिति के ऐतिहासिक गांव इस्लामपुर का नाम बदलने की कोशिशों को लेकर विवाद गहरा गया है। गांव का नाम बदलकर 'श्रीरामपुर' किए जाने की प्रशासनिक प्रक्रिया के विरोध में सोमवार को ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने अपनी ऐतिहासिक पहचान को बचाए रखने के लिए इस्लामपुर से झुंझुनूं कलेक्ट्रेट तक एक पैदल मार्च निकाला। अंबेडकर चौक से शुरू हुआ पैदल मार्च आज इस्लामपुर के अंबेडकर चौक पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए। वहां से 'गांव की पहचान नहीं बदलने देंगे' के नारों के साथ पैदल मार्च शुरू हुआ। यह मार्च समसपुर मार्ग से होते हुए झुंझुनूं जिला मुख्यालय की तरफ बढ़ा। इस आंदोलन को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला है। पैदल मार्च का नेतृत्व राजेन्द्र सिंह गुढ़ा (पूर्व मंत्री), राजेन्द्र फौजी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी - RLP नेता), इब्राहिम खान (सचिव, अंजुमन-ए-पठान संस्था) और आमिन मणीयार कर रहे हैं। ये है मामला ग्रामीणों का एक गुट विधायक के पास पहुंचा: गांव के ही कुछ लोगों ने को लेकर एक प्रस्ताव तैयार किया। यह प्रस्ताव विधायक ने सरकार को लिखा पत्र: इस प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए झुंझुनूं के स्थानीय विधायक राजेंद्र भांबू ने इस्लामपुर का नाम बदलकर 'श्रीरामपुर' करने का अपनी ओर से एक सिफारिशी पत्र (अनुशंसा पत्र) CM को भेजा। विधायक का पत्र मिलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस मामले में दखल दिया। CMO ने झुंझुनूं के जिला कलेक्टर को आधिकारिक पत्र लिखकर इस संबंध में पूरी रिपोर्ट और फीडबैक तैयार कर भेजने के निर्देश दिए। प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध जैसे ही जिला प्रशासन स्तर पर नाम बदलने की इस फाइल पर कागजी कार्रवाई और रिपोर्ट बनाने की कवायद शुरू हुई, गांव के दूसरे पक्ष ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई। इसके बाद से ही विरोध की रूपरेखा तैयार होने लगी।
3 दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवास के तीसरे दिन गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्या सुनी। उनके सामने कई लोग अपने परिजनों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। सीएम ने उन्हें भरोसा दिया कि सरकार इलाज में मदद करेगी। कुछ लोग जमीन का मुआवजा न मिलने की शिकायत लेकर आए थे, जिसपर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तत्काल मुआवजा दिलाया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह गुरु गोरखनाथ की पूजा अर्चना की। उसके बाद मंदिर परिसर का भ्रमण किया। भ्रमण के बाद वह जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे। वहां पहले से लगभग 200 लोग बैठे थे। महिलाओं एवं पुरुषों को अलग-अलग बैठाया गया था। सीएम सबसे पहले महिला फरियादियों के पास पहुंचे और उनकी समस्या जानी। उसके बाद पुरुष फरियादियों के पास जाकर उनकी समस्या के बारे में पूछा। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि सभी की समस्या का त्वरित निस्तारण किया जाए। एक महिला अपने परिजन के इलाज में आर्थिक मदद की मांग लेकर आयी थी। सीएम ने उससे आयुष्मान कार्ड होने की बात पूछी तो महिला ने इनकार कर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तुरंत इलाज की व्यवस्था कराई जाए। इस्टीमेट बनवाकर मुख्यमंत्री राहत कोष से इलाज कराने को कहा गया। इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आने वाले लोगों की संख्या अधिक रही। एक महिला ने जमीन का मुआवजा न मिलने की बात कही। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जमीन का मुआवजा दिलवाया जाए। उन्होंने महिला को आश्वासन दिया कि मुआवजा जल्द मिलेगा। एक महिला ने अपने परिजन की मृत्यु के बाद अनुकंपा आधार पर नौकरी को लेकर आवेदन दिया। मुख्यमंत्री ने विभाग पूछा और अधिकारियों से इस मामले में कार्यवाही करने को कहा। गोशाला पहुंचकर गायों को खिलाया गुड़ रोटी सीएम जनता दर्शन से पहले गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित गोशाला गए। वहां गायों को गुड़ रोटी खिलाकर उनकी सेवा की। मुख्यमंत्री को देखते ही गायें बैरिकेडिंग के पास आ गईं। मुख्यमंत्री सबके पास पहुंचे और उन्हें रोटी और गुड़ खिलाकर पुचकारा। उन्होंने गोशाला की देखरेख करने वालों को निर्देश दिया कि सभी गायों की अच्छे से देखभाल की जाए।
पंजाब-चंडीगढ़ अपडेट्स:सिंगर जी खान लाइव शो में फैंस पर भड़के, बीच प्रोग्राम में लगाई फटकार
पंजाबी सिंगर जी खान ने बीच में ही गाना बंद कर दिया। रोपड़ के मोरिंडा स्थित गांव बामंडा में आयोजित दरबार गुप्त शाह के 18वें सालाना मेले में परफॉरमेंस के दौरान जी खान अचानक अपना आपा खो बैठे और दर्शकों पर बुरी तरह झल्ला गए। मामला पांच-छह दिन पुराना है, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। जी खान ने कहा कि- मैं नहीं गाता यार... मैं नहीं गाता। मैं नहीं गाऊंगा... अगर पीछे खड़े होकर सुनना है तो सुनो, नहीं तो रहने दो। ये कोई बात थोड़ी होती है, मैंने पहले तुम्हारी फरमाइश पूरी की है यार...”। ये बातें मशहूर पंजाबी सिंगर जी खान ने एक लाइव शो के दौरान फैंस के व्यवहार को दखते हुए कही। (पढ़ें पूरी खबर)
दरभंगा में मद्यनिषेध एवं स्वापक ब्यूरो, पटना की सूचना पर लहेरियासराय थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। 24 लीटर अवैध विदेशी शराब के साथ दो शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शराब तस्करी में इस्तेमाल एक महंगी कार भी जब्त की है। गिरफ्तार कारोबारियों की पहचान मधुबनी जिले के विस्फी थाना क्षेत्र के नहास रूपौली निवासी रुदल पूर्वे के 25 वर्षीय पुत्र विडियो कुमार और फुलपरास थाना क्षेत्र के इनरवा निवासी सुरेश कुमार यादव के 24 वर्षीय पुत्र राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस को देखकर भागे, पीछा कर दबोचा जानकारी के मुताबिक, प्रशिक्षण SI रंजनीश कुमार गश्ती दल के साथ शाहगंज बेंता दुर्गा मंदिर के समीप पहुंचे। पुलिस वाहन को देखते ही डस्टर सवार दोनों युवक कार छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों को दबोच लिया। इस दौरान भागने के क्रम में राहुल कुमार सड़क पर गिर गया, जिससे उसकी आंख के पास हल्की चोट लग गई। 68 बोतलें विदेशी शराब बरामद, मोबाइल जब्त पुलिस ने स्थानीय लोगों की मौजूदगी में वाहन की तलाशी ली। जांच के दौरान कार की सीट और डिक्की में रखे तीन कार्टन से रॉयल ग्रीन रिच ब्लेंडेड व्हिस्की की कुल 68 बोतलें बरामद हुईं। इनमें चार बोतलें टूटी हुई थीं। बरामद शराब की कुल मात्रा 24 लीटर बताई गई है। तलाशी के दौरान दोनों आरोपियों के पास से मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। प्राथमिकी दर्ज, न्यायिक हिरासत में भेजा कार्रवाई के बाद दोनों कारोबारियों को हिरासत में लेकर लहेरियासराय थाना लाया गया और जब्त वाहन को भी थाना परिसर में रखा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी शराब के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।लहेरियासराय थाना कांड संख्या 335/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। थानाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं जब्त वाहन के स्वामी की भूमिका की भी जांच की जा रही है। मामले की जांच पुलिस पदाधिकारी पीयूष कुमार को सौंपी गई है।
दुकान में तोड़फोड़, मारपीट का आरोपी गिरफ्तार:वायरल वीडियो के बाद दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी
कोलगवां थाना पुलिस ने दुकान में तोड़फोड़ और मारपीट के मुख्य आरोपी हर्ष सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। टीआई सुदीप सोनी ने बताया कि यह घटना 12 जून की रात करीब 9:30 बजे हुई थी। अंकित गुप्ता (26 वर्ष, निवासी चमन चौक-घूरडांग) अपनी दुकान बंद कर घर जा रहे थे। तभी आरोपी निखिल वैश्य, अजय रगौली और हर्ष सिंह उर्फ हर्शू (22 वर्ष, निवासी कोठरा, थाना जैतवारा, हाल वार्ड-11 घूरडांग) ने उनका रास्ता रोका। आरोपियों ने अंकित से शराब पीने के लिए पैसे मांगे और गाली-गलौज की। जब अंकित ने मना किया, तो उन्होंने लात-घूंसों और डंडे से मारपीट कर उसे घायल कर दिया। इसके अलावा आरोपियों ने अंकित की दुकान में भी तोड़फोड़ की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। मुखबिर की सूचना पर रविवार को आरोपी हर्ष सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि हर्ष सिंह वही युवक है जिसके घर पर 5 जून को दिनदहाड़े गोलीबारी हुई थी। हिस्ट्रीशीटर अमित सोनी उर्फ बंटा ने अमर सिंह, अभिज्ञान त्रिपाठी और अन्य के साथ मिलकर उसकी हत्या के इरादे से ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं। उस गोलीकांड का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आरोपी हर्ष सिंह के पिता एयरफोर्स में कार्यरत हैं। वह अपनी मां के साथ घूरडांग में रहता है।
अधिकमास के अंतिम दिन सोमवार को सोमवती अमावस्या का दुर्लभ महासंयोग है। इस विशेष अवसर पर उज्जैन में शिप्रा नदी के रामघाट, दत्त अखाड़ा घाट और सोमकुंड पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने स्नान, पूजन और तर्पण कर दान-पुण्य किया। अधिकमास के समापन के कारण इस बार सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है। अमृत सिद्धि योग में स्नान और पूजन पंडित अमर डिब्बेवाला ने बताया कि इस बार सोमवती अमावस्या पर अमृत सिद्धि योग का विशेष संयोग बना है। सोमवार के दिन अमावस्या, मृगशिरा नक्षत्र और पुरुषोत्तम मास का समापन एक साथ होने से यह दिन बेहद पुण्यदायी माना जा रहा है। इस योग में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। पितरों के निमित्त किए गए तर्पण और श्राद्ध सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पितरों की शांति के लिए तर्पण और श्राद्ध कर्म किए। मान्यता है कि इस दिन पितरों के निमित्त किए गए दान, तर्पण और धार्मिक कार्यों से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। बड़ी संख्या में लोगों ने शिप्रा तट पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिरों में भी रही श्रद्धालुओं की भीड़ अधिकमास के अंतिम दिन होने के कारण महाकाल मंदिर सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। सुबह से ही दर्शन के लिए कतारें लग गई थीं। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। आज सूर्य करेंगे मिथुन राशि में प्रवेश धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार दोपहर 12:32 बजे सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दान-धर्म का अंतिम अवसर धर्माचार्यों के अनुसार जो श्रद्धालु अधिकमास में दान-पुण्य या धार्मिक अनुष्ठान नहीं कर पाए, उनके लिए सोमवती अमावस्या विशेष अवसर है। इस दिन श्रद्धा से किए गए दान और धार्मिक कार्यों से इष्ट देव और पितरों की कृपा प्राप्त होती है।
रेवाड़ी के धारूहेड़ा में ई-कॉमर्स कंपनी के वेंडर दो भाई 101 पार्सल में आया 14,04,720 कीमती सामान लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कंपनी से आए पार्सल रिसीव तो किए, परंतु उन्हें सिस्टम में अपलोड़ नहीं किया। कंपनी फ्लिपकार्ड के सामान की ऑनलाइन डिलीवरी करती है। दोनों भाईयों ने कंपनी के साथ किए एग्रीमेंट में अपने एड्रेस भी गलत दिए थे। सामान जब दो दिन तक सिस्टम पर अपलोड नहीं किया। पार्सल वापस डिलीवरी हैब नहीं भेजे। जिस पर रिजनल मैनेजर ने धारूहेड़ा पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। एक जून को भेजे थे 101 पार्सल गांव बालधन निवासी नितेश कुमार ने पुलिस को शिकायत की। जिसमें आरोप लगाया कि वह एक डिलीवरी कंपनी में रिजनल मैनेजर के पद पर हैं। धारूहेड़ा में बास रोड पर उनकी एक शाखा है। जिसकी वेंडरशिप फ्रैंचाईज भिवाड़ी के कैप्टन चौक निवासी बलराम जोशी को दी हुई थी। रेवाड़ी से एक जून को फ्लिपकार्ड के सीलबंद 101 पार्सल धारूहेड़ा शाखा में भेजे। जहां वेंडर ने सभी पार्सल रिसीव कर लिए। रिसीव करने के बाद सिस्टम पर अपलोड नहीं किए। जिनमें 14,04,720 रुपए के कीमती मोबाइल व अन्य सामान था। सभी पार्सल मिसरूट ऑर्डर थे। जिन्हें रिसीव करने के बाद वापस रेवाड़ी डिलीवरी हैब भेजना था। एग्रीमेंट में दिया गलत एड्रेस शिकायत में बताया कि आरोपी ने चोरी की नीयत से आर्डर को सिस्टम में रिसीव नहीं किया और वापस भी नहीं भेजें। अपने स्तर पर बातचीत कर जब आर्डर वापस भेजने की कहने पर अपना फोन बंद कर लिया। वेंडर तभी से शाखा पर भी नहीं आ रहा है। जांच करने पर पता चला कि आरोपी द्वारा एग्रीमेंट में दिया गया एड्रेस भी फर्जी है। उसका सही एड्रेस कोटपुतली का बिवाली गांव है। बलराम जोशी के साथ उनके भाई कृष्ण शर्मा भी काम करते थे। उसके बाद से वह भी गायब हैं। 11 कर्मियों का वेतन पेडिंग नितेश ने बताया कि शिकायत के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जब आरोपी से सीसीटीवी फुटेज मांगी तो पहले एलईडी, फिर केबल और अंत में पासवर्ड नहीं होने की बात कहकर टाल दिया। इसके बाद से दोनों भाई फरार हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। शाखा कार्यालय भी बंद पड़ा है।
आजमगढ़ में शनिवार को दोपहर तेज हवाओं के साथ ही जिले के आउटर वाले इलाकों में बारिश भी हुई थी। इसका असर सोमवार को भी रहा। सोमवार को तापमान बढ़कर 39 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 32 जिलों में आंधी तूफान का अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। इसके साथ ही अगले 4 दिनों तक प्रदेश में तेज हवाओं के चलने के साथ ही मौसम कहीं साफ रहेगा तो कहीं बादल रहेंगे। हालांकि इस दौरान तापमान में चार से लेकर 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। जिला प्रशासन ने जारी किया हुआ है अलर्ट हालांकि जिला प्रशासन ने 20 दिन पूर्व ही जिले की आम जनता से जरूरी काम न होने पर दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक अपने घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। इसके साथ ही लिक्विड ज्यादा से ज्यादा लेने की भी अपील की है। जिससे कि भीषण गर्मी के प्रतिकूल प्रभाव से बचा जा सके। मौसम बदलने पर भी जिला प्रशासन ने तेज हवाओं के चलने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कोटमीकला बाजार की जमीन पर अवैध कब्जा:ग्रामीणों ने कलेक्टर से फोरेंसिक जांच और FIR की मांग की
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के कोटमीकला गांव में लगने वाले साप्ताहिक बाजार के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ग्रामीणों ने बाजार की जमीन पर अवैध कब्जे और राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि कोटमीकला का साप्ताहिक बाजार आजादी से पहले से हर मंगलवार को लगता आ रहा है। यह बाजार आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोगों की जरूरतों को पूरा करता है और सैकड़ों परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ग्रामीणों के अनुसार, बाजार की शासकीय भूमि समेत पांच खसरा नंबरों की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने राजस्व रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी और निजी जमीन को अपने नाम दर्ज करा लिया। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में गांव के मुख्तार अहमद अंसारी और उनके परिवार पर पटवारी, राजस्व निरीक्षक से मिलीभगत कर खसरा, नक्शा और मिसल में बदलाव कराने का आरोप लगाया गया है। रोजी-रोटी पर पड़ सकता है असर ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाजार की जमीन पर कब्जा हो गया और बाजार उजड़ गया, तो छोटे दुकानदारों, सब्जी-फल विक्रेताओं, किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की आजीविका प्रभावित होगी। कई परिवारों का जीवन-यापन इसी बाजार पर निर्भर है। ग्रामीणों की तीन प्रमुख मांगें ग्रामीणों ने कलेक्टर से तीन मांगें की हैं- आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। क्या है पूरा विवाद? ग्रामीणों का आरोप है कि बाजार की शासकीय भूमि को निजी भूमि बताकर रिकॉर्ड में बदलाव किया गया। साथ ही आसपास के परिवारों की ओर से खरीदी गई जमीन को नक्शे से हटाने की कोशिश की गई। विवादित खसरों में 110/8, 110/9 और 110/10 शामिल हैं, जिन्हें खरीदी गई जमीन बताकर नक्शे से विलोपित करने का आरोप है। वहीं खसरा नंबर 111/1, जो यूनाइटेड क्रिश्चियन सोसायटी की भूमि बताई जा रही है। उस पर भी कब्जे का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा खसरा नंबर 111/11 की आड़ में भी सोसायटी की जमीन पर दावा कर कब्जा करने की कोशिश का आरोप लगाया गया है। फिलहाल ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वर्दी असली नहीं थी, लेकिन उसका रौब असली था। एफआईआर फर्जी थी, लेकिन उसका डर असली था। इसी डर के सहारे एक रिटायर्ड प्रोफेसर और फर्जी डीआईजी ने दतिया के सर्राफा कारोबारी परिवार से 10 महीने में एक करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए वसूल लिए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कारोबारी परिवार को लंबे समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि जिसके सामने वे झुक रहे हैं, वह कोई असली अधिकारी नहीं, बल्कि फर्जी पहचान के सहारे खड़ा किया गया एक छलावा है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि कैसे पुरानी पहचान, फर्जी रसूख और वर्दी के रौब को करोड़ों की वसूली का हथियार बनाया गया। पढ़िए, रिपोर्ट… भरोसे की नींव पर खड़ी की ठगी की इमारत दतिया के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल और उनके दिवंगत भाई रोहित अग्रवाल का परिवार वर्षों से सोने-चांदी के कारोबार से जुड़ा है। शहर में अच्छी साख रही है। इसी परिवार से रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता की पुरानी पहचान थी। परिजन के अनुसार, प्रोफेसर गुप्ता की रोहित अग्रवाल से गहरी दोस्ती थी। वह कई बार जरूरत पड़ने पर दुकान पर आते थे और अपने सोने के आभूषण गिरवी रखकर रकम लेते थे। यही पुराना विश्वास बाद में ठगी की सबसे मजबूत कड़ी बन गया। प्रोफेसर गुप्ता की पहचान मनीष कुमार गुबरेले से भी थी, जिसकी कद-काठी, व्यक्तित्व और बोलने का अंदाज किसी पुलिस अधिकारी जैसा था। रोहित के निधन के बाद दोनों ने मिलकर परिवार की परिस्थितियों और अपनी पुरानी पहचान का फायदा उठाने की योजना बनाई। फर्जी डीआईजी बनकर दुकान में पहुंचा मनीष अक्टूबर 2024 की एक दोपहर अरविंद अग्रवाल अपनी सर्राफा दुकान पर बैठे थे। तभी तीन स्टार लगी वर्दी पहने मनीष वहां पहुंचा। उसने खुद को एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स (ACCF) का डीआईजी बताया। उसने आते ही रौबदार अंदाज में बातचीत शुरू की और कुछ दस्तावेज सामने रख दिए। ये दस्तावेज कथित तौर पर किसी सरकारी कार्रवाई से जुड़े हुए थे। आरोप है कि उनमें फर्जी शिकायत और फर्जी एफआईआर का मसौदा शामिल था। मनीष ने अरविंद को बताया कि उनके खिलाफ अवैध लेनदेन की गंभीर शिकायतें मिली हैं। किसी भी समय केस दर्ज हो सकता है। कार्रवाई हुई तो पूरा परिवार जेल जाएगा और सालों की कमाई हुई प्रतिष्ठा खत्म हो जाएगी। कानूनी कार्रवाई और बदनामी के डर ने व्यापारी परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। यहीं से शुरू हुआ करोड़ों की वसूली का सिलसिला। 10 किश्तों में 60 लाख, फिर 20 लाख का 'समझौता' पुलिस के अनुसार, केस का डर दिखाकर अक्टूबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच अरविंद अग्रवाल से 10 अलग-अलग किश्तों में 60 लाख रुपए वसूले। इनमें 24 अक्टूबर को 5 लाख, 27 अक्टूबर को 5 लाख, 30 अक्टूबर को 2 लाख, 6 दिसंबर को 9 लाख, 15 दिसंबर को 5 लाख, 18 दिसंबर को 5 लाख, 3 जनवरी को 5 लाख, 16 जनवरी को 10 लाख, 6 फरवरी को 8 लाख और 12 फरवरी को 6 लाख रुपए दिए गए। इसके बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ। मार्च 2025 में आरोपियों ने एक और मांग रखी। कहा गया कि केस को हमेशा के लिए बंद कराने के लिए 20 लाख रुपए देने होंगे। डर के कारण व्यापारी ने यह रकम भी दे दी। इस तरह अकेले अरविंद अग्रवाल से कुल 80 लाख रुपए वसूले गए। फिर परिवार की दूसरी पीढ़ी को बनाया निशाना अरविंद अग्रवाल से मोटी रकम हासिल करने के बाद आरोपियों ने परिवार के दूसरे हिस्से को निशाना बनाया। जून 2025 में मनीष नए किरदार में सामने आया। इस बार उसने खुद को झांसी एंटी करप्शन ब्यूरो का इंस्पेक्टर बताया। वह रोहित अग्रवाल के बेटे प्रियांश सिंघल की दुकान पर पहुंचा। उसने दावा किया कि प्रोफेसर अशोक गुप्ता का 100 ग्राम सोना रोहित अग्रवाल पर बकाया था। इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई है। उसने प्रियांश को भी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का डर दिखाया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जून से अगस्त 2025 के बीच प्रियांश से 6 किश्तों में 29.5 लाख रुपए वसूले गए। इनमें पांच किश्तें 5-5 लाख रुपए की थीं जबकि आखिरी किश्त 4.5 लाख रुपए की बताई गई है। यहीं से कुल वसूली का आंकड़ा 1 करोड़ 9 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गया। वर्दी पहनने के बाद पुलिस वाले भी समझते थे अफसर मनीष कुमार हमेशा सफेद रंग की लग्जरी एसयूवी से चलता था। इससे लोगों को लगता था कि वह किसी विशेष एजेंसी या उच्च पदस्थ अधिकारी से जुड़ा है। झांसी के एक पॉश इलाके में उसका अत्याधुनिक सुविधाओं वाला ऑफिस भी था। बाहर से देखने पर यह किसी कॉर्पोरेट फर्म या सरकारी जांच एजेंसी जैसा लगता था। स्थानीय लोगों के अनुसार, जब वह वर्दी पहनकर निकलता था तो पुलिसकर्मी भी उसे अधिकारी समझते थे। इसका फायदा उठाकर वह लोगों पर दबाव बनाता था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि वसूली की रकम से उसने झांसी के पास एक गांव में जमीन और लग्जरी कार भी खरीदी थी। कलेक्ट्रेट में मुलाकात बनी खुलासे का टर्निंग पॉइंट आरोपी मनीष कुमार की लगातार पैसों की मांग से परेशान प्रियांश सिंघल की मुलाकात एक दिन कलेक्ट्रेट में प्रोफेसर अशोक गुप्ता से हो गई। बातचीत के दौरान प्रियांश ने उनसे सीधे सवाल कर दिया कि जब उनका पूरा हिसाब-किताब चुकता कर दिया गया है, तो मनीष अब भी क्यों परेशान कर रहा है? यह सवाल सुनकर प्रोफेसर गुप्ता असहज हो गए। उन्होंने कहा कि वे मनीष नाम के किसी व्यक्ति को जानते ही नहीं हैं। इस मुलाकात के बाद प्रियांश ने खुद जानकारी जुटानी शुरू की। वह झांसी पहुंचा और उन दफ्तरों में पड़ताल की, जिनका नाम लेकर मनीष खुद को अधिकारी बताता था। पता चला कि वहां मनीष कुमार नाम का कोई अधिकारी पदस्थ ही नहीं है। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने योजना बनाकर 10 जून को मनीष को पैसे देने के बहाने बुलाया। जैसे ही वह रकम लेने पहुंचा, पहले से मौजूद सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को बचाने की कोशिश की। मामला खत्म कराने के लिए पूरी रकम लौटाने की पेशकश भी की। पुलिस को और पीड़ितों के सामने आने का इंतजार टीआई धीरेंद्र मिश्रा का कहना है कि हाल ही में पुलिस टीम झांसी स्थित मनीष के कार्यालय भी पहुंची, जहां ताला लगा मिला। पुलिस को संदेह है कि ऑफिस के भीतर फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र, सील-सिक्के और अन्य लोगों को ब्लैकमेल करने से जुड़े रिकॉर्ड मिल सकते हैं। जांच में सामने आया कि जिस एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का नाम लेकर मनीष रौब दिखाता था, वह मूल रूप से एक ट्रस्ट से जुड़ी संस्था है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संस्था के नाम और पद का इस्तेमाल किस सीमा तक किया गया। आशंका है कि कई अन्य लोग भी इसी तरह के दबाव और ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए होंगे, लेकिन बदनामी के डर से सामने नहीं आए। फिलहाल मनीष गिरफ्तार है जबकि रिटायर्ड प्रोफेसर अशोक कुमार गुप्ता जांच एजेंसियों के रडार पर है। उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह खेल सिर्फ दो लोगों तक सीमित था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी काम कर रहा था। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढे़ं… दतिया में फर्जी DIG ने सर्राफा कारोबारी से की वसूली दतिया में एंटी करप्शन एंड क्राइम कंट्रोल फोर्स का फर्जी डीआईजी बनकर लोगों को डराने-धमकाने वाला गिरोह पकड़ाया है। शहर के सर्राफा कारोबारी अरविंद अग्रवाल ने कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि फर्जी डीआईजी मनीष कुमार गुबरेले और उसके सहयोगी एके गुप्ता ने गिरफ्तारी, एफआईआर और कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे करीब 80 लाख रुपए वसूल लिए। पढे़ं पूरी खबर…
लुधियाना में एक PG में गर्लफ्रेंड ने अपने प्रेमी पर चाकू से हमला कर दिया। युवक की चीखने की आवाजें सुनकर PG के बाहर खड़े उसके दोस्त उसे बचाने गए तो उन्होंने देखा कि युवक खून से लथपथ सीढ़ियों में गिरा हुआ था। उसे तुरंत प्राइवेट अस्पताल ले गए और पुलिस को सूचित किया। थाना साहनेवाल की पुलिस ने इस केस में आरोपी युवती को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने युवक पर चाकू से हमला क्योंकि किया। युवक पिछले 3 दिन से अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। उसकी कमर के नजदीक चाकू लगा है। थाना साहनेवाल पुलिस ने एक युवती के खिलाफ हत्या के प्रयास से संबंधित मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। 12 जून की रात युवक गया था गर्लफ्रेंड से मिलने पुलिस की शिकायत देते हुए गांव हीरां निवासी 30 वर्षीय लवप्रीत सिंह ने बताया कि 12 जून की रात करीब 11:30 बजे उसका दोस्त मनप्रीत सिंह अपनी एक महिला मित्र से मिलने के लिए एक पीजी में गया था। उस समय वह और उनका साथी सुखवीर सिंह पीजी के बाहर खड़े थे। लवप्रीत के मुताबिक, कुछ देर बाद उन्हें अंदर से मनप्रीत सिंह की चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वे पीजी के अंदर पहुंचे तो पहली मंजिल पर सीढ़ियों के पास मनप्रीत सिंह लहूलुहान हालत में गिरा पड़ा था। वहीं उसके पास खड़ी युवती खुशी मौजूद थी। जान से मारने की नीयत से किया गर्लफ्रेंड ने हमला शिकायतकर्ता ने बताया कि सुखवीर सिंह ने उन्हें कहा कि खुशी ने मनप्रीत सिंह को जान से मारने की नीयत से चाकू मारा है। घायल मनप्रीत सिंह को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। उधर, मनप्रीत के भाई गोपी ने कहा कि अभी तक मनप्रीत बातचीत करने की हालत में नहीं है। वह युवती से कैसे मिला और कब से जानता है यह उन्हें भी नहीं पता। उन दोनों की किस बात को लेकर लड़ाई हुई है यह अभी पता नहीं चला। मनप्रीत के होश में आने के बाद लड़ाई का असल कारण पता चलेगा कि कमरे में दोनों में किस बात को लेकर बहस हुई है। पुलिस ने लड़की को गिरफ्तार किया हुआ है वह लगातार अपने बयान बदल रही है। मामले की जांच कर रही थाना साहनेवाल पुलिस ने आरोपी खुशी निवासी यमुनानगर (हरियाणा) के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रेप-पॉक्सो एक्ट का फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार:हनुमना पुलिस ने आरोपी की मौसी को भी प्रयागराज से पकड़ा
मऊगंज की हनुमना थाना पुलिस ने रेप और पॉक्सो एक्ट के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने एक सहयोगी महिला को भी यूपी के प्रयागराज से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से जारी तलाश के बाद हुई। पुलिस अधीक्षक मऊगंज सुरेंद्र जैन के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम के मार्गदर्शन में और एसडीओपी सची पाठक के नेतृत्व में हनुमना पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की शुरुआत 28 जुलाई 2025 को हुई थी, जब एक व्यक्ति ने हनुमना थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 26 जुलाई को जब वह और उसकी पत्नी खेत से लौटे, तो उनकी नाबालिग नातिन घर से गायब मिली। परिजनों की काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी पीड़िता को प्रयागराज से बरामद किया था जांच के दौरान, 5 अप्रैल 2026 को पीड़िता को प्रयागराज से बरामद किया गया था। महिला अधिकारी की ओर से पूछताछ और न्यायालय में बयान दर्ज कराया गया था। बयान में पीड़िता ने बताया कि प्रयागराज निवासी शनि कुमार वर्मा उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था और उसके साथ रेप किया। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी की मौसी शकुन्तला ने इस पूरे घटनाक्रम में शनि कुमार वर्मा का सहयोग किया था। दोनों आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार किया पीड़िता के बयान के आधार पर, मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87, 64(2)(एन) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 तथा 3(ए)/4 जोड़ी गईं थी। इसके बाद से पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। आखिरकार, रविवार शाम को दोनों आरोपियों को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल काकड़े और उपनिरीक्षक यू.बी. सिंह सहित हनुमना थाना पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत ज्योत सुरक्षा एक्ट 2026 से जुड़ी आपत्तिजनक धाराओं को लेकर सिख समुदाय में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। बेअदबी कानून के संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा आज एक बैठक बुलाई गई है। यह बैठक सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में सिख पंथ की विभिन्न प्रमुख जत्थेबंदियों, निहंग सिंह संगठनों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, विभिन्न फेडरेशनों, विद्वानों तथा कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा और पंथ से जुड़े सभी पक्ष अपनी राय प्रस्तुत करेंगे। प्रस्तावित एक्ट की विवादित धाराओं पर मुख्य चर्चा का उद्देश्य सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित एक्ट की उन धाराओं पर चर्चा करना है, जिन्हें सिख धार्मिक और परंपरागत अधिकारों के लिए आपत्तिजनक माना जा रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस कानून का प्रभाव गुरुद्वारा प्रबंधन, धार्मिक स्वतंत्रता और सिख मर्यादाओं पर किस प्रकार पड़ सकता है। इस महत्वपूर्ण बैठक की मीडिया कवरेज की अनुमति नहीं दी गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि विचार-विमर्श आंतरिक और गंभीर स्वरूप का होगा। हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की संभावना है, जिसमें बैठक के निर्णयों की जानकारी दी जा सकती है। बलवंत सिंह राजोआणा की रिहाई पर भी चर्चा संभव बैठक में बलवंत सिंह राजोआणा और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। सिख संगठनों द्वारा लंबे समय से इन मामलों को उठाया जाता रहा है। कुल मिलाकर, यह बैठक सिख पंथ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से कई अहम निर्णय सामने आ सकते हैं।
पूर्णिया के रघुवंशनगर में सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर भौकाल दिखाना एक महिला को भारी पड़ गया। इंस्टाग्राम पर वायरल हुई एक रील ने न सिर्फ महिला को जेल पहुंचा दिया, बल्कि अवैध हथियार सप्लाई करने वाले युवक की भी मुश्किलें बढ़ा दी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। मामला रघुवंशनगर थाना क्षेत्र के सिरसिया नवटोलिया वार्ड 13 का है। खुशबू देवी उर्फ मौसम कुमारी ने कथित तौर पर हाथ में अवैध देसी कट्टा लेकर रील बनाई थी। वीडियो 8 जून से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। इलाके में वीडियो की चर्चा बढ़ी तो पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया और तकनीकी सर्विलांस के जरिए पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया। असामाजिक तत्वों पर पुलिस की नजर पूछताछ में महिला ने पुलिस को बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहा कट्टा उसका नहीं था, बल्कि गांव के ही युवक अवधेश मंडल का था। महिला का आरोप है कि युवक के कहने पर उसने हथियार के साथ वीडियो बनाया था, लेकिन बाद में उसी युवक ने रील को इंस्टाग्राम पर अपलोड कर वायरल कर दिया। इधर, पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। रघुवंशनगर पुलिस ने साफ किया है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अवैध हथियारों के साथ वीडियो बनाकर दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस थानाध्यक्ष शिशुपाल कुमार ने कहा कि गिरफ्तार महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, अवैध कट्टा उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी अवधेश मंडल की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।
सिवनी जिले के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर रणधीर नगर के पास रविवार देर रात सड़क हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रहे शख्स को टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। घायल को प्राथमिक इलाज के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घायल की पहचान सोमनाथ अहिरवार (40) के रूप में हुई है। बताया गया है कि रविवार रात वह किसी काम से जा रहे थे और रणधीर नगर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पार कर रहे थे। तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। युवक के सिर पर गंभीर चोटें आई हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल घायल को संभाला और पुलिस व एंबुलेंस को सूचना दी। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपारा ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। हालत चिंताजनक होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सिवनी रेफर कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। फरार वाहन चालक की तलाश कर रही पुलिस स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है और प्रशासन से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। मामले की जांच जारी है और पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश कर रही है।
सूरजपुर जिले में आपातकालीन सेवा डायल-112 की कार्यक्षमता और रिस्पांस टाइम का परीक्षण किया गया। डीआईजी-एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने खुद झगड़ा-विवाद की सूचना देकर इस प्रणाली का औचक निरीक्षण किया। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम महज 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंची टीम की तत्परता, सतर्कता और कार्रवाई की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया। परीक्षण के दौरान डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया संतोषजनक पाई गई, जिससे सेवा की प्रभावशीलता साबित हुई। डीआईजी-एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि आम नागरिकों की सुरक्षा और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि डायल-112 सेवा के माध्यम से जिले में लोगों को समय पर मदद पहुंचाई जा रही है और इसकी नियमित निगरानी भी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में बिना संकोच डायल-112 सेवा का उपयोग करें। इससे त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी और आपातकालीन स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकेगा।
भोजपुर में अपराधियों ने एक युवक की हत्या कर दी। शव दूसरे दिन सड़क किनारे शव मिला है। परिजनों ने घर से बुलाकर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान राजपुर गांव निवासी उमेश यादव के पुत्र कमलेश(30) के तौर पर हुई है। पेशे से किशान था। घटना इमादपुर थाना क्षेत्र की है। मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण आक्रोशित हो गए। पोस्टमार्टम के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान दोनों लेन में वाहनों की लंबी कतारें लग गई। जाम की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचे। लोगों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। करीब 2 घंटे बाद जाम खुला। मारपीट कर घर से ले जाने का आरोप मृतक के भतीजे दीपक कुमार यादव ने बताया कि चाचा घर के बाहर दलान में चौकी पर सोए हुए थे। इस बीच हाइवा से कुछ लोग आए। उन्हें जबरन मारते-पीटते हुए अपने साथ ले गए। खोजबीन के दौरान उनका शव चरपोखरी थाना क्षेत्र के अमोरजा गांव स्थित होटल के पास से मिला। घर में मचा कोहराम हालांकि दीपक कुमार यादव ने किसी भी व्यक्ति पर किसी प्रकार का आशंका या आरोप नहीं लगाया है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। मृतक चार भाई-बहन में सबसे बड़ा था। परिवार में पत्नी नीतू देवी, एक पुत्र ऋतिक और एक पुत्री खुशी है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जबलपुर में रविवार को आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए दो चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले एक कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से रेल लाइन के टुकड़े और कॉपर वायर बरामद किए गए हैं। आरपीएफ इन दिनों रेल संपत्ति की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चला रही है। इसी दौरान उपनिरीक्षक अरविंद सिंह और आरक्षक हरीकेश दुबे गोकलपुर-रांझी क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। रेलवे साइडिंग के पास खड़े इंजन के पास दो युवक संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। पूछताछ में कबूली चोरी पूछताछ में दोनों ने अपनी पहचान दिनेश उर्फ भूत चौधरी (24) निवासी बरेला और लोकेश उर्फ हर्ष सिंह थापा (23) निवासी गोरा बाजार के रूप में बताई। दोनों ने स्वीकार किया कि सुबह रेलवे परिसर से रेल लाइन के दो टुकड़े चोरी कर ऑटो से उखरी चौराहा स्थित कबाड़ी को बेच दिए थे। दोबारा चोरी करने पहुंचे थे आरोपियों ने बताया कि ज्यादा पैसे कमाने के लालच में वे फिर रेलवे साइडिंग पहुंचे थे। यहां से कोच और इंजन के हिस्सों की चोरी करने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने एक कॉपर वायर और तीन रेल लाइन के टुकड़े निकाल लिए थे, तभी आरपीएफ टीम मौके पर पहुंच गई। कबाड़ी की दुकान पर भी दबिश सूचना मिलने पर उपनिरीक्षक योगेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर उखरी चौराहा स्थित कबाड़ी की दुकान पर दबिश दी गई। पूछताछ में कबाड़ी ने चोरी का माल खरीदना स्वीकार कर लिया। उसके कब्जे से रेल सामग्री बरामद की गई। आरपीएफ ने रेल लाइन के टुकड़े और कॉपर वायर जब्त कर तीनों आरोपियों के खिलाफ रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम 1966 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।
जनगणना-2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले 435 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए संबंधित थानों में तहरीर भेज दी गई है। सभी कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका था और आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करा दी गई थी। इस पूरे मामले को लेकर एक लिस्ट डीएम लखनऊ को भेजी गई है। कई विभागों के कर्मचारी ड्यूटी से रहे नदारद नगर निगम के आठों जोनों में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), सिंचाई विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, पंचायत विभाग, सीएमओ कार्यालय समेत कई अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इन कर्मचारियों ने जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही बरती और ड्यूटी पर उपस्थित नहीं हुए। जोनवार थानों में भेजी गई सूची नगर निगम के अनुसार, जोन-1 में 69 कर्मचारियों की सूची थाना हजरतगंज भेजी गई है। जोन-7 में 62 कर्मचारी नियुक्ति सामग्री और स्टेशनरी लेने तक नहीं पहुंचे। कई कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जबकि कुछ के नंबर गलत पाए गए। इनके खिलाफ थाना गाजीपुर में तहरीर भेजी गई है।इसी प्रकार जोन-3 के 244 कर्मचारियों के खिलाफ थाना अलीगंज, जोन-6 के 165 कर्मचारियों के खिलाफ थाना ठाकुरगंज और जोन-8 के 75 कर्मचारियों के खिलाफ थाना आशियाना में सूची भेजी गई है। जनगणना कार्य में सहयोग करना कानूनी दायित्व नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम-1948 की धारा 4, 5 और 11 के तहत नियुक्त कर्मचारी 'लोक सेवक' माने जाते हैं और जनगणना कार्य में सहयोग करना उनका कानूनी दायित्व है। यदि कोई कर्मचारी इस कार्य से इनकार करता है या लापरवाही बरतता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान अधिकारियों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एक हजार रुपये तक जुर्माना और तीन वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। नगर निगम प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी करते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को तत्काल जनगणना कार्य में शामिल कराने को कहा है। समय पर नहीं लौटे तो डीएम को भेजी जाएगी रिपोर्ट नगर निगम ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजकर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में आज सुबह पिहोवा रोड पर मुर्तजापुर गांव के पास CIA-2 और कार लूट में फरार चल रहे दो बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल बदमाश को LNJP अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घायल बदमाश की पहचान बीड़ अमीन के रहने वाले 24 साल के विशाल के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी कैथल जिले के किठाणा गांव का रहने वाला लविश है। विशाल 10-15 दिन पहले से जर्मनी से डिपोर्ट होकर आया था। डिपोर्ट होने के बाद से विशाल एक बार भी घर भी नहीं गया। गन प्वाइंट पर छीनी थी कार पुलिस के मुताबिक, विशाल और लविश ने अपने दो साथियों के साथ 12 जून की रात अंबाला के टैक्सी ड्राइवर से गन प्वाइंट पर होंडा सिटी कार लूटने के मामले में वांटेड थे। CIA-2 को विशाल और लविश के पिहोवा ऐरिया में होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने मुर्तजापुर गांव के पास घेराबंदी कर उन्हें पकड़ने की कोशिश की। पुलिस को देखते ही की फायरिंग खुद को घिरते देख बदमाशों ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस दौरान विशाल के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी लविश मौके पर ही काबू कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैथल के लिए बुक की थी टैक्सी अंबाला के महावीर नगर के टैक्सी ड्राइवर मंजीत कुमार ने बताया था कि 12 जून की रात करीब 8:30 बजे अंबाला टैक्सी स्टैंड पर चार युवक उसके पास आए। उन्होंने होंडा सिटी कार नंबर HR-25AD-9277 को किराये पर कैथल जाने के लिए बुक किया। वो उन चारों युवकों को लेकर रवाना हुआ। रात करीब 9:40 बजे अरुणाय कट के पास उन्होंने पेशाब करने के बहाने गाड़ी रुकवाई। कनपटी पर रखा कट्टा जैसे ही गाड़ी रुकी, आगे की सीट पर बैठे युवक ने उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया और नीचे उतरने को कहा। डर के कारण चालक गाड़ी से उतर गया। इसके बाद पीछे बैठे एक युवक ने ड्राइविंग सीट संभाल ली और चारों उसे धमकाते हुए उसकी कार लेकर फरार हो गए। बदमाश उसका मोबाइल भी साथ ले गए थे। दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी विशाल और लविश की गिरफ्तारी के बाद बाकी 2 आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि लूटी गई कार का इस्तेमाल किसी अन्य वारदात में तो नहीं किया गया। विशाल का आपराधिक रिकॉर्ड और जर्मनी से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
नकोदर (नूरमहल) के पास बिलगा क्षेत्र में दो मोटरसाइकिलों की टक्कर में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। यह हादसा गांव मुई के पास हुआ। बेगमपुर के सरपंच हरकमल सिंह ने बताया कि हादसे में बेगमपुर निवासी रविंदर कुमार उर्फ रवि (पुत्र मनोहर लाल) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बेगमपुर निवासी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा (पुत्र जोगा सिंह) गंभीर रूप से घायल हो गया। सरपंच ने बताया कि दोनों युवक बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन का काम करते थे और बिलगा से अपने गांव बेगमपुर लंच के लिए लौट रहे थे। इसी दौरान गांव मुई के पास तेज रफ्तार से आ रहे शंकर (पुत्र संतोष) की बाइक अनियंत्रित हो गई और उसने दूसरी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रविंदर कुमार उर्फ रवि की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। परमजीत पम्मा और शंकर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। शंकर की हालत नाजुक बताई जा रही है और उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल जालंधर रेफर किया गया है। थाना बिलगा पुलिस ने मौके पर पहुंच जांच की घटना की सूचना मिलने पर थाना बिलगा पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। एक घायल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सिविल अस्पताल जालंधर रेफर किया गया है। पुलिस का कहना है कि परिजनों के बयान और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी ताकत और मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी
भोजपुर जिले के उदवंतनगर प्रखंड स्थित कारीसाथ में सोमवार को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 31.20 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बाणासुर इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री शिलान्यास कार्यक्रम के साथ एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बिहार के सीएम सम्राट चौधरी आज एक दिवसीय दौरे पर भोजपुर आ रहे हैं। 31.20 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले बाणासुर इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क का शिलान्यास करेंगे। 32 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री शिलान्यास कार्यक्रम के साथ एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे। पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा बाणासुर इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क राज्य की मत्स्य विकास योजनाओं में एक महत्वपूर्ण परियोजना मानी जा रही है। इसके तहत कार्प हैचरी (मछली प्रजनन केंद्र), अत्याधुनिक आरएएस फिश फीड मिल, जल एवं मछली स्वास्थ्य परीक्षण प्रयोगशालाएं, प्रशासनिक भवन सहित कुल 17 अवयवों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार में मत्स्य उत्पादन को नई गति मिलने के साथ-साथ जलकृषि आधारित पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पार्क मत्स्य पालन से जुड़े किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए प्रशिक्षण, रोजगार और तकनीकी सहायता का बड़ा केंद्र बनेगा। शहर में बदली रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। कार्यक्रम समाप्त होने तक जीरो माइल से दुल्हिनगंज बाजार, जीरो माइल से धोबीघटवा होते हुए बामपाली मार्ग और बीबीगंज बाजार से कारीसाथ रेलवे स्टेशन तक भारी वाहनों के परिचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम के दौरान वन-वे मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को गणमान्य व्यक्तियों के आवागमन तक राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर लौटने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि कार्यक्रम में शामिल अधिकृत वाहनों को प्रतिबंध से छूट दी गई है। आम जनता से सहयोग की अपील आरा, कोईलवर और बड़हरा क्षेत्र से आने वाले वाहनों के लिए अलग पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं, जबकि उदवंतनगर, संदेश, गड़हनी, चरपोखरी, पीरो, अगिआंव, तरारी, जगदीशपुर, शाहपुर और बिहिया क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को नवादाबेन स्थित पार्किंग स्थल में वाहन खड़े करने होंगे। वहां से आगंतुकों को कारीसाथ रेलवे स्टेशन अंडरपास के रास्ते पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना होगा। प्रशासन ने लोगों से निर्धारित रूट चार्ट का पालन करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
हाथरस में एक विवाहिता ने अपने पति और अन्य ससुरालीजनों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर उत्पीड़न और जान से मारने के प्रयास का आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में महिला थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। हाथरस सदर कोतवाली क्षेत्र की काशीराम कॉलोनी निवासी सविता पुत्री देवीराम ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी 16 फरवरी 2012 को फरीदाबाद निवासी राजू पुत्र जयप्रकाश से हुई थी। शादी के एक सप्ताह बाद ही उनके पति राजू शराब पीकर घर आए और दहेज न मिलने की बात कहकर पछतावा व्यक्त किया। सविता के अनुसार, इसी बात को लेकर उनके पति राजू, जेठ ताराचंद्र, जेठानी साधना और देवर धीरज व गुड्डू ने मिलकर उन्हें मारा-पीटा और गाली-गलौज की। यह उत्पीड़न लगातार जारी रहा और बच्चों के जन्म के बाद भी दहेज की मांग बनी रही। ससुरालीजनों ने उनसे अपने पिता से अतिरिक्त एक लाख रुपये दहेज लाने को कहा और धमकी दी कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। गला दबाया और बिजली का करंट लगाया महिला ने आरोप लगाया कि उनके पति ने कई बार उनका गला दबाकर और बिजली के करंट से मारने की कोशिश की। एक दिन जब वह बच्चों के लिए खाना बना रही थीं, तभी उनके पति राजू ने पीछे से उनके गले में अगोछे का फंदा डालकर उन्हें जान से मारने की नीयत से घर से बाहर खींच लिया। उनके चीखने-चिल्लाने पर पास खेल रहे बच्चे आ गए, जिन्हें मारपीट कर भगा दिया गया। इसके बाद पति ने जबरदस्ती उन्हें गाड़ी में बैठाकर उनके मायके हाथरस छोड़ दिया। महिला थाना पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गोंडा में तैनात 25 उपनिरीक्षकों का देवीपाटन परिक्षेत्र से गोरखपुर परिक्षेत्र में तबादला किया गया है। यह कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन द्वारा की गई है। सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से अपने नए परिक्षेत्र में कार्यभार संभालने का निर्देश दिया गया है।एडीजी जोन कार्यालय को रिपोर्ट देने के लिए चारों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्हें अपने जिलों में तैनात उन पुलिसकर्मियों को तुरंत कार्यमुक्त करने को कहा गया है, जिनका तबादला किया गया है। जिन उपनिरीक्षकों का तबादला किया गया है, उनमें मालिक राज सिंह यादव, रघुवीर गौतम, चंद्रशेखर, योगेंद्र सिंह, दूधनाथ चतुर्वेदी, धीतेन्द्र सिंह, अभय सिंह, उमेश सिंह, कोमल प्रसाद यादव, सुरेश कुमार सिंह, बृजराज प्रसाद, प्रमोद कुमार, राजेश कुमार यादव, सुरेश कुमार, जनार्दन राम, नितिन उपाध्याय, रविंद्र कुमार, सुनील कुमार सिंह, अमित यादव, अखिलेश यादव, रामकेश राम, शेषनाथ प्रधान, गजेंद्र पांडेय, अशोक कुमार सिंह और ज्ञानेश्वर प्रसाद शामिल हैं। अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन मुथा अशोक जैन ने बताया कि ये तबादले जोनल पुलिस स्थापना बोर्ड में लिए गए निर्णय और समायोजन के आधार पर किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बड़े पैमाने पर उपनिरीक्षकों, निरीक्षकों और अन्य पुलिसकर्मियों का दूसरे परिक्षेत्रों में तबादला हो चुका है। इस सूची में छपिया थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार भी शामिल हैं। प्रमोद कुमार की देखरेख में ही उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में एक लाख के इनामी कुख्यात अपराधी सोनू पासी को मुठभेड़ में मार गिराया गया था। उन्होंने गोंडा जिले के कई थाना क्षेत्रों में थानाध्यक्ष रहते हुए अपराधियों पर कार्रवाई की और फरियादियों की समस्याओं का समाधान भी किया।
गोरखपुर के सहजनवा थाना क्षेत्र में किशोरी को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण का मामला सामने आया है। पुलिस ने पहले एफआईआर दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भिजवाया गया था। अब जेल से छूटने के बाद भी वह किशोरी को नहीं छोड़ रहा है। पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है। दूसरे समुदाय के युवक पर सख्त कार्रवाई के लिए पीड़ित परिवार ने सीएम के जनता दर्शन में जाकर गुहार लगाई है। जिसके आधार पर सहजनवा थाने में बिहार के रोहतास जिले के करमा अमझोर निवासी सोहेल अंसारी के खिलाफ रविवार को एफआईआर दर्ज की गई है। माइंड वॉश करने के बाद बेटी घर नहीं आना चाहती सहजनवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर देकर बताया उसकी 15 वर्षीय बेटी वर्ष 2024 में घर से लापता हो गई थी। इसके बाद उन्होंने थाने में अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। पुलिस की जांच में पता चला कि बिहार के रोहतास जिले के करमा अमझोर निवासी सोहेल अंसारी बेटी को बहला-फुसलाकर कर भगा ले गया है। किशोरी की मां ने आरोप लगाया कि सोहेल ने उसकी बेटी का धर्मांतरण कर ऐसा माइंड वॉश किया है कि उसको छोड़ने को तैयार नहीं है, जिसके कारण बेटी घर नहीं आ पा रही है। तब पुलिस ने किशोरी को मुक्त करवाकर आरोपी को जेल भिजवा दिया था। इसके बाद किशोरी कुछ समय बाद ही दोबारा घर से चली गई। युवक को जेल भेजने के बाद पुलिस ने किशोरी का कोर्ट में बयान दर्ज कराया। किशोरी ने परिजनों के साथ रहने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद नाबालिग होने के कारण उसे राजकीय बालिका गृह में रखा गया है। इसी बीच किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने का आरोपी सोहेल अंसारी जेल से छूट गया। अब वह लड़की के घरवालों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। परिजनों ने सीएम जनता दर्शन में पहुंचकर धर्म परिवर्तन कराने व माइंड वॉश करने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सीओ गीडा योगेंद्र सिंह ने बताया कि सोहेल अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। परिजनों के आरोप की जांच की जा रही है। नाबालिग किशोरी को राजकीय बालिका गृह में रखवाया गया है। उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
पेंड्रा-बिलासपुर मुख्यमार्ग पर स्थित बंजारीघाट में एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नीलगिरि की बल्लियों से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में पलट गया, जिससे उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना केंदा-कारीआम क्षेत्र के बंजारी घाट में हुई। ट्रक (CG04NZ491) बैकुंठपुर से बिलासपुर की ओर जा रहा था। बंजारी घाट के घुमावदार मार्ग से गुजरते समय चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और ट्रक खाई में जा गिरा। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। घायल चालक रविन्द्र कुमार यादव को तुरंत एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। जो कि वेंकटनगर क्षेत्र का निवासी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
बदायूं में सड़क हादसे में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। ये सभी पुलिसकर्मी गंगास्नान ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी एक स्ट्रीट डॉग को बचाने की कोशिश में उनकी बाइकें आपस में टकरा गईं। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा अलापुर थाना क्षेत्र के ककराला कस्बे के पास एक पेट्रोल पंप के सामने हुआ। पुलिसकर्मियों की तीन बाइकें एक साथ चल रही थीं। अचानक एक कुत्ता सड़क पर आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में पहली बाइक अनियंत्रित हो गई। इसके बाद पीछे चल रही दोनों अन्य बाइकें भी संतुलन खोकर फिसल गईं। घायल पुलिसकर्मियों में सिपाही सावन दांगी, रोशन कुमार, अंकुर और महिला सिपाही आरती व हिमांशी चौधरी शामिल हैं। ये सभी बिनावर थाने में तैनात हैं और उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना गंगा घाट पर लगी ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद सभी की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। घायल पुलिसकर्मियों ने बताया कि उन्होंने हेलमेट पहन रखे थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें नहीं आईं। उनका कहना था कि यदि हेलमेट नहीं होते तो चोटें और भी गंभीर हो सकती थीं, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं, दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) के कुछ इलाकों में अगले 4 से 5 दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री हो सकती है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने और बिजली गिरने का ऑरेंज/येलो अलर्ट जारी किया है। बीते 24 घंटों में भी दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। मुंगेली में सबसे ज्यादा 50 मिमी बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 50 मिमी बारिश मुंगेली में रिकॉर्ड की गई, जबकि कवर्धा में 10 मिमी बारिश हुई। बारिश के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ (रायपुर-दुर्ग संभाग) में तापमान 1 से 2 डिग्री तक बढ़ा है। रायपुर में धूलभरी आंधी और बारिश के आसार रायपुर में सुबह से बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक शहर में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। धूलभरी आंधी चल सकती है। रायपुर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
फर्रुखाबाद में रविवार दोपहर भूमिगत 33केवी लाइन में फाल्ट आ गया। इससे पांचालघाट बिजली उपकेंद्र ठप हो गया, जिससे शहर के करीब सात हजार घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। देर रात तक फाल्ट ठीक नहीं हो सका, जिससे उपभोक्ता गर्मी में परेशान रहे। पांचालघाट बिजली उपकेंद्र से लगभग सात हजार घरों को बिजली मिलती है। अंडरग्राउंड 33केवी लाइन में फाल्ट आने के कारण सभी फीडरों से जुड़ी बिजली गुल हो गई। बिजली कर्मचारी रात 10 बजे से फाल्ट ढूंढने में जुटे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार सात घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रहने से घरों के इन्वर्टर भी डिस्चार्ज हो गए। एसडीओ रामप्रवेश प्रजापति ने बताया कि उनकी टीम फाल्ट ढूंढने के लिए पेट्रोलिंग कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि फाल्ट मिलते ही उसे ठीक कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा। फर्रुखाबाद में तेज हवा चले या हल्की बारिश हो जाए विद्युत लाइनों में फाल्ट की समस्या आम बात हो गई है। फाल्ट को दुरुस्त करने के नाम पर भी कटौती का खेल जिले में जारी रहता है।
हाथों में मेहंदी रची थी, सिर पर दुल्हन का सेहरा सजने का इंतजार था और घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन कुछ ही घंटों में सब कुछ बदल गया। मुजफ्फरनगर के चरथावल में एक निकाह समारोह उस समय विवादों में घिर गया जब कथित रूप से अतिरिक्त नकद राशि की मांग को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। रविवार को करीब 80 बारातियों के साथ बारात धूमधाम से पहुंची और निकाह की रस्में शुरू हुईं। लेकिन, मामला इतना बढ़ा कि दुल्हन ने ससुराल जाने से साफ इनकार कर दिया और आखिरकार बारात बिना दुल्हन के लौट गई। बिना दुल्हन के लौटी बारात जानकारी के अनुसार, खुसरोपुर रोड निवासी राशिद की पुत्री खुशनसीब का निकाह बागपत जनपद के थाना दोघट क्षेत्र के गांव पलड़ा निवासी गुल्ला पुत्र शौकीन के साथ होना था। रविवार को करीब 80 बारातियों के साथ बारात धूमधाम से चरथावल पहुंची। निकाह की रस्में पूरी होने के बाद अचानक नकद राशि को लेकर विवाद खड़ा हो गया। ₹1.50 लाख की अतिरिक्त दहेज की मांग लड़की पक्ष का आरोप है कि लड़के पक्ष ने ₹1.50 लाख की अतिरिक्त नकद राशि की मांग की। दुल्हन के भाई परवेज के मुताबिक, थाली में पहले से ₹1 लाख रखे हुए थे, लेकिन इसके बावजूद और पैसे मांगे गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। दुल्हन ने किया निकाह से इनकार विवाद बढ़ने पर रिश्ते को बचाने के लिए दोनों पक्षों के बुजुर्गों और क्षेत्र के सम्मानित लोगों की पंचायत बैठी। करीब 6 घंटे तक चली पंचायत में समझौते के तमाम प्रयास किए गए, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इस दौरान दुल्हन ने भी अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि वह ऐसे घर में नहीं जाएगी जहां रिश्ते की शुरुआत ही पैसों की मांग से हो रही हो। मामला सुलझाने पहुंची पुलिस रात करीब 10 बजे तक मामला नहीं सुलझने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे व उसके पिता को थाने ले गई। सूत्रों के अनुसार दूल्हे को हवालात में भी रखा गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। लोगों का कहना है कि दुल्हन का यह फैसला समाज में एक बड़ा संदेश देता है कि विवाह सम्मान, विश्वास और बराबरी का रिश्ता है, सौदेबाजी का नहीं। रची हुई मेहंदी भले ही फीकी पड़ गई हो, लेकिन आत्मसम्मान की यह मिसाल लंबे समय तक याद रखी जाएगी।
मुजफ्फरनगर में भीषण गर्मी के बीच रविवार रात शहर के हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। घोषित कटौती के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तकनीकी खराबियों के कारण घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे लोगों की रात जागकर गुजारनी पड़ी। बिजली की आंख-मिचौली से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को हुई। जानकारी के अनुसार बीती रात करीब 12 बजे पाल धर्मशाला बिजलीघर से जुड़ी विद्युत आपूर्ति अचानक बाधित हो गई, जिससे हजारों उपभोक्ता अंधेरे में डूब गए। आपूर्ति बहाल करने के लिए विभागीय टीमों ने देर रात तक फॉल्ट की तलाश की। करीब एक घंटे की जांच के बाद 33 केवी विद्युत लाइन में खराबी का पता चला। अधिकारियों के मुताबिक लाइन में एक झम्पर उड़ जाने के कारण सप्लाई ठप हो गई थी, जिसे ठीक करने के बाद लगभग एक घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी। उपभोक्ताओं का कहना है कि पाल धर्मशाला बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में रात करीब 8 बजे से ही बार-बार बिजली ट्रिप हो रही थी। थोड़ी-थोड़ी देर में सप्लाई बाधित होने से लोग गर्मी और उमस से परेशान रहे। सिर्फ पाल धर्मशाला क्षेत्र ही नहीं, बल्कि न्यू रुड़की रोड बिजलीघर से जुड़े इलाकों में भी घंटों तक बिजली गुल रही। वहीं गांधी कॉलोनी क्षेत्र में रात 11:40 बजे के आसपास बिजली आपूर्ति बाधित हो गई, जबकि नई मंडी क्षेत्र के कूकड़ा स्थित कमल नगर में भी कई घंटों तक सप्लाई प्रभावित रही। लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी देखी गई। कई उपभोक्ताओं ने सोशल मीडिया और विभागीय हेल्पलाइन पर शिकायतें भी दर्ज कराईं। लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में लगातार बिजली बाधित होने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। उधर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता (नगरीय) सागर मल ने बताया कि सरवट रोड स्थित डॉ. अलका त्यागी के पास लगे ट्रांसफार्मर की लीड जल जाने के कारण समस्या उत्पन्न हुई थी। उसे तत्काल ठीक कराया गया। इसके अलावा 33 केवी लाइन में दो फेस आने की समस्या भी सामने आई थी, जिसे पेट्रोलिंग कराकर ठीक कराया गया।
“एशिया का दिग्गज!” जेवर एयरपोर्ट ने खोला आसमान
उत्तर प्रदेश के जेवर में तैयार हुआ नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है
जौनपुर के एक परीक्षा केंद्र पर प्रवक्ता पद की भर्ती परीक्षा के दौरान विवाद उत्पन्न हो गया। आरोप है कि टीडी पीजी लॉ कॉलेज परीक्षा केंद्र पर तैनात केराकत के एसडीएम सुनील कुमार ने शिक्षक डॉ. प्रशांत कुमार को सार्वजनिक रूप से फटकारा। इस घटना के बाद शिक्षक ने सीसीटीवी फुटेज के साथ सोशल मीडिया पर अपना पक्ष रखा, जिससे यह मामला गरमा गया है। यह घटना रविवार को परीक्षा के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, सेक्टर मजिस्ट्रेट और शिक्षक डॉ. प्रशांत कुमार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि एसडीएम ने परीक्षा केंद्र पर उपस्थित अन्य कर्मचारियों और अभ्यर्थियों के सामने शिक्षक को फटकारा। परीक्षा समाप्त होने के कुछ घंटों बाद, डॉ. प्रशांत कुमार ने सीसीटीवी फुटेज का उल्लेख करते हुए एक वीडियो बयान जारी किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो गया, जिसमें उन्होंने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वीडियो और शिक्षक के बयान को लेकर शिक्षा जगत में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। शिक्षक संगठनों ने इसे एक शिक्षक की गरिमा से जुड़ा मामला बताते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। घटना के बाद जिले के शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को टीडी कॉलेज शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलेगा। यह प्रतिनिधिमंडल एसडीएम केराकत सुनील कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा। शिक्षक नेताओं का कहना है कि यदि कोई शिकायत थी, तो उसका समाधान संस्थागत तरीके से होना चाहिए था, न कि सार्वजनिक रूप से किसी शिक्षक की गरिमा को ठेस पहुंचाकर। इस मामले पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
काशी का 40 डिग्री तक पहुंचा तापमान:21 जून को प्री-मानसून का अलर्ट, अगले 1 सप्ताह तक बढ़ेगा तापमान
मानसून के काशी पहुंचने से पहले मौसम का मिजाज एक बार फिर गर्म हो गया है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं हवा की रफ्तार करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। वातावरण में नमी का स्तर 34 प्रतिशत तक पहुंच गया। बढ़ती गर्मी और उमस के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने सोमवार को थंडरस्टॉर्म (गरज-चमक) के प्रभाव से आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञ प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने तत्काल आंधी-पानी की संभावना से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल मौसम की स्थितियां इसके अनुकूल नहीं दिख रही हैं। 3 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पिछले 24 घंटे पहले कैसा रहा मौसम रविवार को सुबह से ही आसमान पूरी तरह साफ रहा। सूर्योदय के लगभग दो घंटे बाद ही सूर्य की किरणों ने तीखी तपिश देना शुरू कर दिया था। दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 21 जून को प्री-मानसून का अलर्ट मौसम संबंधी जानकारी देने वाली वेबसाइट एक्यूवेदर के पूर्वानुमान के अनुसार 15 जून से 23 जून तक क्षेत्र में प्रचंड गर्मी का दौर जारी रह सकता है। हालांकि इस दौरान 19, 20 और 21 जून को प्री-मानसून गतिविधियों के तहत हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। 25 जून तक काशी पहुंच सकता है मानसून केरल में मानसून के प्रवेश के बाद अब पूर्वांचल के मौसम में भी धीरे-धीरे बदलाव दिखाई देने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 25 जून तक मानसून वाराणसी जिले में दस्तक दे सकता है। हालांकि आईएमडी ने अभी उत्तर प्रदेश में मानसून के प्रवेश की कोई आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की है। विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में हवा की दिशा और वातावरण में बढ़ती नमी मानसून के अनुकूल संकेत दे रही है। इसी आधार पर अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून के उत्तर प्रदेश में प्रवेश की संभावित तिथि जारी किए जाने की उम्मीद है। फिलहाल काशीवासियों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन प्री-मानसून बारिश और मानसून के आगमन के साथ मौसम में राहत मिलने की संभावना बनी हुई है।
छत्तीसगढ़ क्रिकेट प्रीमियर लीग (CCPL) सीजन-3 का खिताब बिलासपुर बुल्स ने अपने नाम कर लिया। रविवार को शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में बिलासपुर बुल्स ने रायगढ़ लायंस को 7 विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। फाइनल में बिलासपुर बुल्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए रायगढ़ लायंस ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 160 रन बनाए। टीम की ओर से नयन चव्हाण ने सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। इसके अलावा संगीत सोनी ने 32, आलोक साहू ने 25 और दीपक यादव ने 22 रन की पारी खेली। बिलासपुर बुल्स की ओर से भारत गोंडवानी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके। वहीं वरुण सिंह भुई और मोहित राउत ने 2-2 विकेट अपने नाम किए। 16.3 ओवर में हासिल किया लक्ष्य 161 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिलासपुर बुल्स की टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 16.3 ओवर में 3 विकेट खोकर 164 रन बना लिए। विकल्प तिवारी और पवन परनाते ने 29-29 रन की पारी खेली, जबकि आयुष पांडे ने 33 रन का योगदान दिया। रायगढ़ लायंस की ओर से प्रवीण कुमार यादव और शुभम अग्रवाल को 1-1 विकेट मिला, लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सके। भारत गोंडवानी बने प्लेयर ऑफ द मैच फाइनल में 3 अहम विकेट लेने वाले भारत गोंडवानी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस जीत के साथ बिलासपुर बुल्स ने CCPL के तीसरे सीजन का खिताब अपने नाम कर लिया और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन का शानदार अंत किया।
ग्वालियर के थाटीपुर थाना पुलिस ने महिला उत्पीड़न, दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट के मामले में फरार चल रहे आरोपी को रविवार गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शादीशुदा महिला का पीछा कर रहा था और उसे पति को छोड़ने के लिए धमका रहा था। साथ ही फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी कर रहा था। शादी के बाद भी नहीं छोड़ा पीछा 24 साल की पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी विवेक कुशवाह उसके मायके के पास रहता था और पहले से पहचान का था। साल 2025 में उसकी शादी हो गई, लेकिन इसके बाद भी विवेक उसका पीछा करता रहा। वह ससुराल के आसपास घूमता, महिला और उसके पति को परेशान करता और जातिसूचक गालियां देता था। पति को छोड़ने का बनाता था दबाव पीड़िता के अनुसार आरोपी लगातार उस पर पति को छोड़कर उसके साथ रहने का दबाव बना रहा था। मना करने पर जान से मारने की धमकी देता था। उसने यह भी कहा कि उसके पास महिला की कुछ फोटो और वीडियो हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा। लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर महिला ने पूरी बात अपने पति और सास को बताई। इसके बाद परिवार उसे लेकर थाटीपुर थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने आरोपी की तलाश के लिए टीम बनाई। रविवार को सूचना मिली कि आरोपी अपने ठिकाने पर मौजूद है। पुलिस ने घेराबंदी कर 21 साल के विवेक कुशवाह निवासी बेलदार का पुरा को गिरफ्तार कर लिया। बयान के बाद बढ़ीं गंभीर धाराएं शुरुआत में मामला पीछा करने और धमकी देने का था, लेकिन महिला थाना और मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में पीड़िता ने दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जातिगत अपमान के आरोप भी लगाए। इसके बाद पुलिस ने केस में दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ दीं। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी ने बताया कि महिला उत्पीड़न और एससी-एसटी एक्ट के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता के बयानों के आधार पर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
मेरठ में बारिश के बाद फिर बढ़ने लगी गर्मी:उमस से लोगों की बढ़ी परेशानी, फिलहाल राहत के आसार नहीं
मेरठ में पिछले दिनों हुई बारिश से मिली राहत अब खत्म होती नजर आ रही है। रविवार को तेज धूप और बढ़ती उमस ने लोगों को फिर से भीषण गर्मी का एहसास कराया, तो सोमवार के सुबह भी हालात ऐसे ही दिखाई दिए। शहर में बीते दो दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 5.3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित रहा। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय स्थित मौसम वैधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में तेज धूप और उमस के कारण दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखाई दी। वहीं आज भी तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाने की संभावना है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि हालिया बारिश का सकारात्मक असर वायु गुणवत्ता पर पड़ा है। बारिश के बाद वातावरण में मौजूद धूल के कण कम होने से प्रदूषण स्तर में गिरावट आई है और हवा अपेक्षाकृत साफ हुई है। रविवार को मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 201 दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आगामी दिनों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। दिन के समय तेज धूप और उमस का असर बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं।
मुरैना-धौलपुर सीमा पर रविवार शाम करीब 5 बजे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस (19665) में आग लगने और मोबाइल फटने की झूठी अफवाह ने 4 लोगों की जान ले ली। दहशत में चेन पुलिंग के बाद ट्रेन से उतरकर पटरी पार कर रही 3 महिलाओं और एक 4 साल के बच्चे को सामने से आ रही तेज रफ्तार पातालकोट एक्सप्रेस ने कुचल दिया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शरीर के हिस्से करीब 500 मीटर तक बिखर गए। हादसे के बाद प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। हादसे से जुड़ी 6 तस्वीरें देखिए… अफवाह से मची भगदड़ और पातालकोट एक्सप्रेस ने कुचलारविवार शाम इंटरसिटी ट्रेन घेर स्टेशन से आगे निकली ही थी कि बोगी में चार्ज हो रहे किसी मोबाइल की बैटरी फटने या आग लगने की अफवाह फैल गई। इससे घबराए यात्रियों ने ट्रेन की चेन खींच दी, जिससे गाड़ी जंगल के पास रुक गई। ट्रेन रुकते ही आगरा निवासी शकुंतला (60), बीकानेर निवासी वीरमा देवी (58), आगरा निवासी आफरीन (35) और उनका 4 साल का बेटा असद घबराहट में नीचे उतरे। दूसरी पटरी पार करते समय वे धौलपुर की तरफ से आ रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। किसान की सूचना पर पहुंची पुलिस, 500 मीटर तक बिखरे थे शवजंगल में लकड़ी लेने गए एक किसान ने पुलिस को इस भीषण हादसे की सूचना दी। उस समय सराय छोला और सिविल लाइन थाने की पुलिस पास ही रेत के अवैध डंप पर कार्रवाई कर रही थी, जो सूचना मिलते ही तुरंत मौके पर पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शी बोला- झूठी अफवाह ने दर्शन कर लौट रहे लोगों की जान लीहादसे में जान गंवाने वाली वीरमा देवी अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों के साथ बागेश्वर धाम के दर्शन कर जयपुर लौट रही थीं। उनके साथ सफर कर रहे प्रत्यक्षदर्शी गणेश ने बताया कि किसी ने झूठी अफवाह उड़ा दी थी, जिससे लोग घबराकर बाहर निकलने लगे। कलेक्टर-एसपी पहुंचे, अफवाह फैलाने वाले की होगी जांचघटना की सूचना मिलते ही एसपी धर्मराज मीणा और कलेक्टर मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने रात में ही चारों शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें परिजनों को सौंप दिया। एसपी ने पीड़ित परिवारों को आश्वस्त किया है कि इस दुख की घड़ी में मुरैना प्रशासन उनके साथ है और हर संभव मदद की जाएगी। ट्रेन में आग की अफवाह किसने फैलाई और चेन पुलिंग किसने की, इसकी अब वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उच्च स्तरीय जांच की जाएगी। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… एमपी- मुरैना में ट्रेन से कटकर 4 यात्रियों की मौत, इनमें मां-बेटे भी शामिल मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में ट्रेन हादसे में मां-बेटे समेत 4 लोगों की मौत हो गई। मोबाइल ब्लास्ट से आग लगने की अफवाह के बाद उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस से कुछ यात्री घबराकर नीचे उतर गए। इसी दौरान 4 यात्री दूसरी ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतकों में 3 महिलाएं और 1 बच्चा शामिल है…पूरी खबर पढ़िए
लुधियाना में सोमवार तड़के एक बड़ा हादसा टल गया। गांधी नगर स्थित डिंगरा परिवार के घर की दूसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। हालांकि, समय रहते फायर ब्रिगेड को सूचना दे दी गई, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इलाके के पार्षद (काउंसलर) नीरज आहूजा ने बताया कि उन्हें तड़के करीब 4 बजे घटना की सूचना मिली। हालात की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया। आग काफी भयंकर थी और तेजी से फैल रही थी, जिसके कारण स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त दमकल गाड़ी भी मौके पर बुलानी पड़ी। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। गली बन रही थी, इसलिए दमकल को हुई थोड़ी परेशानी मौके पर मौजूद फायर ऑफिसर पंकज ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 4 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम लगभग 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंच गई। इलाके की गली में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, जिसके कारण बड़ी फायर गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में कुछ कठिनाई हुई। इसके बावजूद टीम ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आग बुझाने का काम शुरू कर दिया। घर से ही चलता था किराने का कारोबार जानकारी के अनुसार डिंगरा परिवार अपने घर से ही किराना का व्यापार करता है। घर की जिस दूसरी मंजिल पर आग लगी, वहां किराने का भारी मात्रा में स्टॉक और अन्य सामान रखा हुआ था। आग ने सबसे पहले इसी सामान को अपनी चपेट में लिया, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। आग लगने के कारणों की हो रही है जांच फिलहाल मौके पर पहुंची दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया है और कूलिंग का काम जारी है। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट समेत अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। परिवार के लिए राहत की बात यह है कि इस हादसे में सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
ग्वालियर थाना क्षेत्र के नौमहला घासमंडी इलाके में एक विवाहिता के साथ मारपीट और गर्भपात का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति, सास, जेठ और देवर ने मिलकर गर्भवती महिला की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसका दो महीने का गर्भ गिर गया। इतना ही नहीं, पति ने कट्टा दिखाकर पुलिस में शिकायत नहीं करने की धमकी भी दी। पीड़िता संगम पारक्षे (26) ने पुलिस को बताया कि उसकी भाभी के इलाज के लिए घर में रखे गए रुपये उसके पति सुमित पारक्षे ने चुरा लिए थे। जब उसने रुपये वापस मांगे तो पति, सास सुनीता पारक्षे, जेठ संजय पारक्षे और देवर रितिक पारक्षे उससे झगड़ने लगे। पेट में मारीं लातें, हुआ गर्भपात पीड़िता का आरोप है कि विरोध करने पर चारों ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। पेट और पीठ पर गंभीर चोट लगने से उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई और उसका दो महीने का गर्भ गिर गया। महिला लगातार रहम की गुहार लगाती रही, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। कट्टा अड़ाकर दी धमकी महिला ने बताया कि गर्भपात के बाद पति घर से कट्टा लेकर आया और उसके माथे पर लगाकर धमकी दी कि अगर किसी को घटना के बारे में बताया या पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देगा। डर के कारण वह कई दिनों तक चुप रही। आरोप है कि उसे इलाज के लिए भी अस्पताल नहीं ले जाया गया। दूसरी बार मारपीट के बाद खुला मामला पीड़िता के मुताबिक 3 जून को उसके साथ दोबारा मारपीट हुई। कुछ दिन पहले वह किसी तरह मायके पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद पिता उसे लेकर ग्वालियर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दर्ज किया केस ग्वालियर थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा ने बताया कि महिला की शिकायत पर पति, सास, जेठ और देवर के खिलाफ मारपीट, धमकी, गर्भपात कराने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले की जांच जारी है।
सुपौल के किशनपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित टीसीपी भवन में रविवार को नेशनल जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एनजेए) के बैनर तले प्रमंडल स्तरीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन जिलाधिकारी सावन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस ने किया। कार्यक्रम में कोसी एवं मिथिलांचल क्षेत्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पत्रकारों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और प्रशासन तक कई महत्वपूर्ण सूचनाएं मीडिया के माध्यम से ही पहुंचती हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारों द्वारा प्रकाशित खबरों से प्रशासन को क्षेत्र की समस्याओं और कमियों की जानकारी मिलती है, जिससे उनके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई संभव हो पाती है। उन्होंने सभी सरकारी पदाधिकारियों से मीडिया के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि पत्रकारों द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेकर उनका निष्पादन किया जाना चाहिए। निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करने का किया आग्रह जिलाधिकारी ने कहा कि समाज और प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता करने का आग्रह किया। इस अवसर पर एनजेए के जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार यादव ने जिलाधिकारी को मिथिला पाग, शॉल एवं बुके भेंट कर सम्मानित किया। वहीं पुलिस अधीक्षक शरथ आर.एस ने अपने संबोधन में पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर जोर देते हुए कहा कि मीडिया के माध्यम से प्रशासन को कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होती हैं, लेकिन कुछ मामलों में बिना सत्यापन के खबरें प्रसारित की जाती हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाचार को प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच आवश्यक है। फेक न्यूज समाज में भ्रम और अविश्वास पैदा करती है, इसलिए पत्रकारों को इससे बचना चाहिए। एसपी ने कहा कि जो पत्रकार तथ्यात्मक और प्रमाणिक खबरें प्रकाशित करते हैं, उन पर प्रशासन संज्ञान लेकर कार्रवाई भी करता है। उन्होंने पत्रकारों से वास्तविकता को प्राथमिकता देने और जिम्मेदार पत्रकारिता निभाने का आह्वान किया। इस दौरान जिला महासचिव लाल बहादुर यादव ने पुलिस अधीक्षक को मिथिला पाग, शॉल और बुके देकर सम्मानित किया। उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। पूर्व विधायक यदुवंश कुमार यादव ने कहा कि मीडिया आज भी समाज का आईना है और पत्रकारों को हर परिस्थिति में सच लिखने और दिखाने का साहस बनाए रखना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित हुए लोग कार्यक्रम में एनजेए के प्रदेश अध्यक्ष अबोध ठाकुर, प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ. सुलेद्र कुमार, पंकज भारतीय, डॉ. दयानंद भारती, विनय कुमार मिश्र, अमरेंद्र कुमार मुन्ना, संतोष चौहान सहित कई वक्ताओं ने संगठन की मजबूती एवं पत्रकार हितों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी कठिन परिस्थिति में पत्रकारों को संगठन का पूरा सहयोग मिलेगा। सम्मेलन की अध्यक्षता प्रमंडलीय अध्यक्ष डॉ. सुलेद्र कुमार ने की, जबकि मंच संचालन रविकांत कुमार ने किया। कार्यक्रम में किशनपुर बीडीओ पिंकी कुमारी, थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन कुमार, रीति झा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, बुद्धिजीवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सम्मेलन में सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, मुंगेर, मधुबनी और दरभंगा जिलों के पत्रकारों ने भाग लेकर मीडिया की चुनौतियों एवं जिम्मेदारियों पर विचार-विमर्श किया।
हाथरस के चंदपा कोतवाली क्षेत्र के खेड़ा परसोली गांव में एक युवक ने आज सुबह अपनी ससुराल में खुद को आग लगा ली। पत्नी और अन्य ससुरालियों से हुए विवाद के बाद युवक ने अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर यह कदम उठाया। इस घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गया। युवक की पहचान सादाबाद के गांव सरोंठ निवासी 34 वर्षीय विक्रम सिंह पुत्र प्रताप सिंह के रूप में हुई है। उसकी ससुराल खेड़ा परसोली गांव में है। विक्रम की पत्नी पिछले कुछ समय से अपने मायके में रह रही थी। उनके दो बच्चे भी हैं। उसकी 7 साल पहले शादी हुई थी। आरोप है कि विक्रम सिंह शराब पीकर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। जिला अस्पताल में कराया भर्ती जानकारी के अनुसार, विक्रम सिंह बीती रात अपनी ससुराल आया था। आज सुबह उसने अपनी पत्नी को अपने साथ ले जाने की जिद की, लेकिन पत्नी ने साथ जाने से इनकार कर दिया। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और विक्रम सिंह ने अपने शरीर पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। ससुराल के लोग गंभीर रूप से झुलसे विक्रम सिंह को तुरंत जिला अस्पताल ले गए। अस्पताल प्रशासन ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। विक्रम सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है।
इनामी शंकर पांडे के बंद घर में फंसा कुत्ता:गाजीपुर में कई दिनों से भूखा-प्यासा, प्रशासन पर उठे सवाल
गाजीपुर में चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के एक लाख रुपये के इनामी आरोपी शंकर पांडे के बंद घर में एक पालतू कुत्ता फंसा हुआ मिला है। बताया जा रहा है कि कुत्ता कई दिनों से घर के अंदर बंद है और उसे भोजन-पानी नहीं मिल पा रहा है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। शंकर पांडे फिलहाल फरार है और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित है। आरोप है कि घर के आसपास रहने वाले लोग इस स्थिति से अवगत होने के बावजूद चुप्पी साधे हुए हैं। जानकारी के अनुसार, शंकर पांडे के घर पर बुलडोजर कार्रवाई का नोटिस भी जारी हो चुका है। इस डर से पड़ोसी घर के पास जाने या किसी तरह का हस्तक्षेप करने से बच रहे हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि घर पर ताला प्रशासन ने लगाया था या शंकर पांडे खुद घर बंद कर फरार हुआ। वायरल वीडियो के बाद लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस जानवर को बाहर निकालकर उसकी जान बचाई जाएगी।
खान सर के कोचिंग पर पथराव मामले में पटना के ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद को सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है। रौशन आनंद के वकील रमाकांत शर्मा के मुताबिक, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “दोनों टीचर हैं, हेल्दी कम्पीटिशन करें, क्रिमिनल एक्टिविटी में इन्वॉल्व न हों। गुरु हैं, गुरु की तरह व्यवहार करें।” वहीं रविवार को नेपाल के विराटनगर के एक होटल में उनके भाई प्रिंस यादव लाश मिली थी। प्रिंस की आंख पर चोट के निशान पाए गए थे। नेपाल पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही होटल के कमरे से एपिलेप्सी की दवा भी बरामद की है। 2 जून को खान सर कोचिंग में हुए हमले के बाद दर्ज FIR में प्रिंस भी नामजद आरोपी था। आज सहरसा में प्रिंस का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, रौशन आनंद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। रौशन आनंद के वकील बोले- खान सर के बॉडीगार्ड ने फायरिंग की बात क्यों छिपाई रौशन आनंद के वकील रमाकांत शर्मा ने बताया, “हमने कोर्ट में कहा अगर इस FIR को एक्सेप्ट भी किया जाए तो रौशन आनंद इस घटना में शामिल नहीं हैं। हमपर षडयंत्र का आरोप है तो खान के बॉडीगार्ड के फायरिंग की बात क्यों छिपाई गई। तेजप्रताप बोले- खान सर ने प्रिंस की हत्या करवाई इधर, प्रिंस यादव की मौत को लेकर जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने मामले को लेकर खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि खान सर ने प्रिंस यादव की हत्या करवाई है। न्यूज एजेंसी से बात करते हुए तेजप्रताप ने कहा- इसमें षडयंत्र है। खान सर ने हत्या करवाई है, ये स्पष्ट है। दूध और पानी अलग-अलग हो गया है। दो गुटों की लड़ाई थी और जिससे लड़ाई थी उसी ने हत्या करवाई है। तेजप्रताप ने रौशन आनंद को पैरोल देने की मांग की थी तेज प्रताप यादव ने आरोप लगाया, “यह दो ग्रुप के बीच का झगड़ा था, और जिनके साथ झगड़ा चल रहा था, उन्होंने ही कथित तौर पर हत्या करवाई है। भगवान दिवंगत आत्मा को शांति दे। सही जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।” तेज प्रताप यादव ने सरकार से यह भी मांग की थी कि जेल में बंद रौशन आनंद को मानवीय आधार पर पैरोल दी जाए। उनका कहना है कि रौशन आनंद को अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। यदि रिहाई संभव नहीं हो तो कम से कम एक दिन की पैरोल दी जाए। खान सर बोले- प्रिंस पहले से बीमार था, उसे किसी ने नहीं मारा वहीं, रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत को लेकर फैजल खान उर्फ खान सर ने अपना एक भावुक वीडियो मैसेज जारी कर दुख जताया है। उन्होंने सफाई दी- “उसको किसी ने नहीं मारा। वो हम लोगों का करीबी दोस्त था, हम लोग क्यों करेंगे ऐसा। किसी अन्य ने भी उसको नहीं मारा। वो पहले से बीमार था।” खान सर वीडियो में एक न्यूज क्लिप दिखाया, जिसमें प्रिंस यादव के दोस्त यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि प्रिंस का पहले से दवाई चलता था। उसको दो बार अटैक आ चुका है। प्रिंस के दोस्त इस वीडियो क्लिप में कहते हैं, “उसे किसी ने कुछ नहीं किया है। 2-3 दिन से वो ठीक से सो नहीं रहा था। कल भी हम लोग देखे कि सो रहा है तो हम लोगों को लगा कि चलो अब वो सो रहा है। धीरे-धीरे वो लंबा सांस लेने लगा। उसके बाद हम लोग एंबुलेंस मंगवाए और उसको अस्पताल लेकर आए। इसी क्रम में उसकी मौत हो गई।” खान सर बोले- पहले लगा फेक न्यूज है खान सर ने कहा- सब कुछ सही चल रहा था, अचानक से न्यूज देखकर पता चला कि रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस की मौत हो गई है। मुझे लगा फेक न्यूज है, जिसने मुझे बताया उसे मैंने डांट दिया। इस कठिन दौर से कैसे परिवार निकलेगा, वो पता नहीं। हमारी संवेदना परिवार के साथ है। किसी के परिवार के साथ ऐसा ना हो यहां तक की दुश्मन के परिवार तक के साथ ऐसा ना। मीडिया को संवेदनशील होने की जरूरत है, वह सही खबर चलाएं। पुलिस को भी इस मामले में अपना एक स्टेटमेंट जारी करना चाहिए। खान सर को साजिश की आशंका, दोषी को फांसी की मांग खान सर ने आगे कहा, “हम दोनों के बीच हुई लड़ाई का फायदा उठाकर किसी तीसरे व्यक्ति ने यह साजिश रची है। इस मामले की जांच के लिए उच्चस्तरीय टीम गठित की जानी चाहिए। जो भी दोषी पाया जाए, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। ऐसे लोगों को फांसी से कम सजा नहीं मिलनी चाहिए। जिन पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनकी पहचान सार्वजनिक की जानी चाहिए। मेरी पूरी संवेदना पीड़ित परिवार के साथ है। परिवार को मुझसे जिस भी तरह की मदद की जरूरत होगी, मैं उसके लिए तैयार हूं।”
फर्रुखाबाद में प्रेमिका को गोली मारने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना मऊदरवाजा थाने के पास बहादुरगंज में गुरुवार देर रात हुई थी। आरोपी ने घर में घुसकर युवती को गोली मारी थी। पुलिस ने आरोपी विशाल कश्यप को चिलसरा रोड पर आमिलपुर तिराहा से गिरफ्तार किया। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल तमंचा भी बरामद हुआ है। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि आरोपी कटरी की तरफ भागने की फिराक में था। पूछताछ में आरोपी विशाल ने बताया कि उसकी प्रेमिका से फोन पर बात होती थी। बाद में उससे बात करने से इनकार कर दिया। इसी बात से नाराज होकर वह उसे जान से मारने की नीयत से उसके घर गया था। आरोपी के अनुसार, गोली धोखे से प्रेमिका के पैर में लग गई। घायल प्रेमिका का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले में प्रेमिका के भाई ने विशाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
झारखंड के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख किया है। राजीव रंजन फरवरी 2020 में राज्य के महाधिवक्ता नियुक्त किए गए थे। तब से इस संवैधानिक पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। वहीं, अपर महाधिवक्ता अचुत्य केशव को पदोन्नत कर वरीय अपर महाधिवक्ता बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस्तीफे को लेकर सियासी अटकलों का दौर तेज राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि उनकी नियुक्ति कांग्रेस की नजदीकी और राहुल गांधी की पहल पर हुई थी। कहा जाता है कि उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की पैरवी कर उन्हें राहत दिलाई थी। जिसके बाद उन्हें यह पद मिला। अब उनके अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषक इसे आगामी राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि महागठबंधन के भीतर चल रहे मतभेद भी इसकी एक वजह हो सकते हैं। हाई प्रोफाइल केस और सरकार से दूरी की चर्चा इस्तीफे के पीछे एक हाई प्रोफाइल केस में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल होती नजर आ रही है। भाजपा बोली- म्यूजिकल चेयर का खेल चल रहा महाधिवक्ता के इस्तीफे पर भाजपा ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झारखंड में शासन नहीं, बल्कि “म्यूजिकल चेयर” का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। भाजपा ने सरकार से राजीव रंजन के पूरे कार्यकाल का श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि उनके कार्यकाल में कितने मुकदमे जीते और हारे गए, बाहरी वकीलों पर कितना खर्च हुआ और राज्य को इससे क्या लाभ मिला। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि उनका कार्यकाल संतोषजनक था तो इस्तीफा क्यों लिया गया और यदि नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 87 साल की बुजुर्ग महिला ने इच्छा मृत्यु मांगी है। आरोप है कि भाजपा समर्थित पंच ने केवाईसी, धान-पंजीयन और बीमा के बहाने 90 लाख रुपए की संपत्ति हड़प ली। मामला कोटा थाना क्षेत्र के बेलगहना चौकी का है। यह भी आरोप है कि लगातार शिकायत के बाद भी पुलिस ने भाजपा समर्थित पंच और रिश्तेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में बुजुर्ग महिला ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और आला अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला का नाम बालकुंवर बसोर है, जो बेलगहना की रहने वाली है। वह पति और तीन बेटों को खो चुकी हैं। बालकुंवर झौवा-टुकनी बेचकर गुजारा करती हैं। उनकी एक बेटी उनके साथ रहती है और देखभाल करती है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि केन्दा निवासी भाजपा समर्थित पंच फगुन प्रसाद प्रजापति उर्फ मोनू ने मजबूरी का फायदा उठाया। उसने बैंक में केवाईसी कराने और मदद करने का भरोसा दिलाकर उनसे नजदीकी बढ़ाई। आरोप है कि 14 दिसंबर 2021 को उसने धोखे से उनके भारतीय स्टेट बैंक खाते से 23 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा ग्राम पंचायत लूफा स्थित खसरा नंबर 763 और 991/2 की करीब 2.5 हेक्टेयर कृषि भूमि भी अपने नाम करा ली। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी घर में रखा सोना-चांदी भी ले गया। धान पंजीयन के नाम पर जमीन अपने नाम कराई पीड़िता ने बताया कि जुलाई और सितंबर 2022 में आरोपी उन्हें कोटा तहसील कार्यालय ले गया। उसने कहा कि धान बेचने के लिए पंजीयन कराना जरूरी है। वहां कई दस्तावेजों पर उनसे अंगूठा लगवाया गया। बाद में जब वह धान बिक्री की जानकारी लेने सहकारी बैंक पहुंचीं तो पता चला कि उनके नाम से धान बिक्री हुई ही नहीं है। पटवारी से जानकारी लेने पर मालूम हुआ कि उनकी 6.34 एकड़ जमीन आरोपी के नाम दर्ज हो चुकी है। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि धान पंजीयन के बहाने अंगूठा लगवाकर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली गई। बीमा बढ़ाने का झांसा देकर वाहन भी कराए अपने नाम शिकायत में बताया गया है कि उनके दिवंगत बेटे रमेश के नाम की एक सेंट्रो कार, एक एक्टिवा और एक छोटा हाथी वाहन पहले उनके नाम पर ट्रांसफर किए गए थे। बाद में फगुन प्रजापति ने बीमा बढ़ाने और कागजात अपडेट कराने का बहाना बनाकर उनसे कई दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाया। कुछ समय बाद उनके नाती दीपक बिनकर ने बताया कि तीनों वाहन फगुन प्रजापति के नाम पर ट्रांसफर हो चुके हैं। पुलिस पर 2 लाख रुपए लेने का आरोप बुजुर्ग महिला और उनके रिश्तेदारों ने बताया कि न्याय के लिए उन्होंने पुलिस चौकी बेलगहना, एसडीओपी कार्यालय कोटा और एसपी कार्यालय बिलासपुर के कई चक्कर लगाए। आरोप है कि पुलिस ने लंबे समय तक जांच का हवाला देकर उन्हें चक्कर कटवाए। बाद में आरोपी पक्ष से 2 लाख रुपए लेने के बाद मामले को कार्रवाई योग्य नहीं बताया और धारा 174 के तहत अंतिम प्रतिवेदन (फैना) लगाकर उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दे दी। IG कार्यालय में सौंपा आवेदन गुरुवार को बालकुंवर बसोर आईजी कार्यालय पहुंचीं। उनकी मुलाकात आईजी रामगोपाल गर्ग से नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने डीएसपी विवेक शर्मा को आवेदन देकर पूरी बात बताई। साथ ही इच्छामृत्यु की मांग संबंधी आवेदन भी सौंपा। डीएसपी ने मामले की समीक्षा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। SSP के निर्देश पर दर्ज हुआ मामला जब मामला एसएसपी रजनेश सिंह तक पहुंचा तो उन्होंने जांच कर केस दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद फगुन प्रसाद प्रजापति के खिलाफ धोखाधड़ी, छलपूर्वक संपत्ति हड़पने और अन्य संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया। पुलिस अब बैंक लेन-देन, जमीन की रजिस्ट्री और वाहन ट्रांसफर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। ………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… घी बेचने वाली महिला ने RI से 45 लाख ठगे: 50 तोला नकली सोना देकर असली गोल्ड-कैश ले उड़ी, 7 साल से थी पहचान छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर नगर निगम के रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) हबीब खान से 45 लाख की ठगी हुई है। गुजरात की 1 महिला पिछले 7 सालों से उनके घर देशी घी बेचने आती थी। जिससे RI उन पर भरोसा करने लगे थे। इसी बात का फायदा उठाकर ठग महिला ने नकली सोने के बिस्किट देकर 20 तोला असली सोने के जेवर और 15 लाख कैश ले लिए। पढ़ें पूरी खबर…
सड़क बनी धान का खेत:जलभराव और बदहाल मार्ग से परेशान ग्रामीणों ने किया अनोखा विरोध
महराजगंज जिले के घुघली विकास खंड के मंगलपुर पटखौली गांव में बदहाल सड़क और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के समाधान न होने पर ग्रामीणों ने कीचड़ और पानी से भरे रास्ते में धान की रोपाई कर प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे लाइन के किनारे स्थित उनके घरों तक जाने वाला मुख्य मार्ग बारिश के मौसम में तालाब में बदल जाता है। सड़क पर अत्यधिक जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल जाने में कठिनाई होती है, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं अक्सर फिसलकर घायल हो रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या के संबंध में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन उन्हें केवल अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से आश्वासन ही मिला। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क और खेत में फर्क करना मुश्किल हो गया है। इसी निराशा के कारण ग्रामीणों ने सड़क को धान का खेत मानकर उसमें रोपाई शुरू कर दी। ग्रामीणों ने अपनी समस्या को दर्शाते हुए एक वीडियो भी बनाया है, जिसे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भेजा गया है। उनका तर्क है कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई है, तो उसमें धान की खेती करने में कोई बुराई नहीं है। ग्राम प्रधान के बारे में पूछे जाने पर ग्रामीणों ने बताया कि वर्तमान प्रधान सुमेर सिंह हैं। हालांकि, उन्होंने सीधे तौर पर प्रधान से बातचीत न करने की बात कही, लेकिन समस्या से संबंधित वीडियो उन्हें भी भेजा गया है। सड़क पर धान की रोपाई का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाता है और ग्रामीणों की बेबसी तथा आक्रोश को दर्शाता है। यह देखना होगा कि विकास के दावों के बीच ग्रामीणों को कब तक जलभराव, कीचड़ और बदहाल सड़क की समस्या से जूझना पड़ेगा।
जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय का 30वां दीक्षा समारोह 27 जुलाई को आयोजित होगा। इस अवसर पर स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के लगभग 85 मेधावी छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। समारोह में करीब 300 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि भी प्रदान की जाएगी। इन शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्राप्त करने के लिए 28 जून तक साक्षात्कार में सम्मिलित होना अनिवार्य है। दीक्षा समारोह की तैयारियों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन सक्रिय है। कुलपति प्रो. वंदना सिंह के नेतृत्व में परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह, कुलसचिव केश लाल और उप कुलसचिव अजीत प्रताप सिंह सहित अन्य अधिकारियों के साथ कई बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में समारोह की रूपरेखा और विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई है। विभिन्न समितियां अपने दायित्वों के अनुरूप तैयारियों को अंतिम रूप दे रही हैं, ताकि आयोजन सुचारु रूप से संपन्न हो सके। दीक्षा समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य अतिथि के चयन के लिए कुछ प्रमुख नाम राजभवन को भेजे हैं, जिस पर अभी निर्णय लिया जाना शेष है।
बरेली में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त रखने के उद्देश्य से एसएसपी अनुराग आर्य ने 2 इंस्पेक्टर और कई चौकी प्रभारियों समेत कुल 46 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किए हैं। इन तबादलों के तहत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। निरीक्षक अजीत सिंह को रिजर्व पुलिस लाइन्स से थाना शीशगढ़ में इंस्पेक्टर क्राइम बनाया गया है, जबकि धर्मेंद्र सिंह को रिजर्व पुलिस लाइन्स से प्रेमनगर का इंस्पेक्टर क्राइम नियुक्त किया गया है। वहीं, उप निरीक्षक श्रीनिवास को थाना मीरगंज से थाना कैंट भेजा गया है।पुनीत कुमार को थाना भुता से हटाकर ढकिया डाम चौकी का प्रभारी बनाया गया है। रविराज पावड़िया को ढकिया डाम चौकी से कोतवाली थाना क्षेत्र की चौकी चौराहा पर तैनाती मिली है। राजेन्द्र सिंह को रिजर्व पुलिस लाइन्स से कोतवाली की जिला अस्पताल चौकी का प्रभारी बनाया गया है। सुदीप बघेल को जिला अस्पताल चौकी से हटाकर प्रेमनगर की शाहबाद चौकी का प्रभार सौंपा गया है, और आशीष कुमार को शाहबाद चौकी से थाना सीबीगंज में तैनात किया गया है।अजय शर्मा को रिजर्व पुलिस लाइन्स से प्रेमनगर की सद्भावना चौकी भेजा गया है। लोकेश तोमर को थाना फरीदपुर से देवरनियाँ चौकी का प्रभारी बनाया गया है। गौरव कुमार अत्री को देवरनियाँ चौकी से बिथरी चैनपुर की टीपी नगर चौकी मिली है। हरेन्द्र प्रताप सिंह को टीपी नगर चौकी से हटाकर थाना कैंट की बभिया चौकी का प्रभारी बनाया गया है। सौरभ डेढ़ा को थाना बारादरी की मॉडल टाउन चौकी का प्रभारी बनाया गया है। जितेन्द्र कुमार को मॉडल टाउन चौकी से सुभाषनगर की मढ़ीनाथ चौकी भेजा गया है, जबकि रविन्द्र सिंह को मढ़ीनाथ चौकी से सुभाषनगर की करगैना चौकी की जिम्मेदारी दी गई है।अंजलि सिसौदिया को थाना बारादरी से बारादरी की महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकी का प्रभार सौंपा गया है। दयानन्द को थाना इज्जत नगर से केंद्रीय कारागार चौकी भेजा गया है। ऋषि मित्र को थाना भुता से बेबल बसंतपुर चौकी का प्रभार मिला है, और अखिल प्रताप सिंह को बेबल बसंतपुर चौकी से थाना आंवला स्थानांतरित किया गया है। गोविन्द सिंह को रिजर्व पुलिस लाइन्स से नवाबगंज की थिरैया चौकी, और सुरेन्द्र सिंह को धौरेरा चौकी नवाबगंज से शीशगढ़ की बंजरिया चौकी का प्रभारी बनाया गया है।भीम सिंह, अवनीश कुमार सिंह, उमेश चन्द, गजेन्द्र सिंह, भोजराज सिंह, सुमेर सिंह, ऋषिपाल, रमेश कुमार सैनी, परमीत कुमार, उमेश चन्द, महेश सिंह, शम्भू दयाल भार्गव, मोहम्मद कासिम, रामकुमार शर्मा, देवेश कुमार, जीत सिंह, यतेन्द्र पाल सिंह, लोकेश कुमार, तेजपाल सिंह, आजाद सिंह, उपदेश कुमार, सुभाष पंवार और अमरेश कुमार को रिजर्व पुलिस लाइन्स से विभिन्न थानों और शाखाओं में भेजा गया है।शुभम कुमार को थाना प्रेमनगर से थाना आंवला और विजय सिंह तेवतिया को थाना देवरनियाँ से थाना क्याोलडिया स्थानांतरित किया गया है।
गोंडा में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से पहले आज सोमवार से योग सप्ताह का शुभारंभ किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद और अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने चेतना पार्क में दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। यह योग सप्ताह 15 जून से 21 जून तक प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से 8:00 बजे तक चलेगा। इस कार्यक्रम में स्थानीय लोग, अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। उन्हें एक सप्ताह तक योग का प्रशिक्षण दिया जाएगा और योग के महत्व के बारे में जानकारी भी प्रदान की जाएगी। भीषण गर्मी को देखते हुए, कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी लोगों के लिए पर्याप्त पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद ने बताया कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस गोंडा में भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस योग सप्ताह का उद्देश्य अधिक से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को योग सिखाना है, ताकि 21 जून के मुख्य कार्यक्रम में उन्हें कोई परेशानी न हो। अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार ने योग के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शरीर को फुर्तीला और स्वस्थ बनाता है। उन्होंने सभी से प्रतिदिन सुबह योग करने का आग्रह किया, क्योंकि योग करने वाले लोग बीमारियों से दूर रहते हैं। उन्होंने 'करें योग, रहें निरोग' के नारे को दोहराते हुए लोगों को योग सप्ताह में शामिल होने के लिए प्रेरित किया है।
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) और कुछ निजी व सरकारी बैंकों के बीच हुए सैलरी पैकेज एग्रीमेंट खत्म हो चुके हैं। इसके बाद पुलिस अधीक्षकों और पुलिस यूनिट इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन पुलिसकर्मियों को इसकी जानकारी दें, जिनके वेतन खाते एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और केनरा बैंक में हैं। अब इन बैंकों की ओर से सैलरी पैकेज के तहत मिलने वाली विशेष सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी। पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को भेजे पत्र में बताया है कि इन बैंकों के साथ हुए अनुबंध समाप्त हो चुके हैं। इन अनुबंधों के तहत पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को दुर्घटना या सामान्य मृत्यु की स्थिति में बीमा राशि समेत कई अतिरिक्त सुविधाएं मिलती थीं। कब खत्म हुए एग्रीमेंट एग्रीमेंट दोबारा करने की कोशिश जारी पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि जिन पुलिसकर्मियों के वेतन खाते इन तीनों बैंकों में हैं, उन्हें अनुबंध समाप्त होने की जानकारी दी जाए। साथ ही यह भी बताया गया है कि इन बैंकों के साथ अनुबंध का नवीनीकरण कराने के लिए पुलिस मुख्यालय की कल्याण शाखा लगातार प्रयास कर रही है। यह आदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के कल्याण प्रकोष्ठ की ओर से जारी किया गया है।
मेरठ में नशेड़ी ने मासूम को जमीन में पटका:सिर में फ्रैक्चर, SSP के आदेश पर केस दर्ज
मेरठ के लालकुर्ती थाना क्षेत्र में नशे में धुत एक युवक द्वारा 4 वर्षीय मासूम पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी ने बच्चे को कई बार जमीन पर पटक दिया और धारदार औजार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। बच्चे के सिर में फ्रैक्चर हुआ है और उसका मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। मामले में एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है।पीड़ित के पिता अनवर खान ने एसएसपी को दी शिकायत में बताया कि 11 जून की शाम करीब छह बजे उनका चार वर्षीय बेटा नबील खान घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला अरशद नशे की हालत में वहां पहुंचा और बिना किसी विवाद के बच्चे को उठाकर कई बार जमीन पर पटक दिया। आरोप है कि उसने धारदार औजार से भी हमला किया, जिससे नबील के सिर में गंभीर चोट आई। बहन ने दिखाई हिम्मत, बची मासूम की जानपरिजनों के अनुसार, जब आरोपी बच्चे पर हमला कर रहा था, तब नबील की 14 वर्षीय बहन आलिया अपने भाई को बचाने के लिए उसके ऊपर लेट गई और शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी के चंगुल से बच्चे को छुड़ाया। लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बच्चे के दादा इस्तियाक अहमद ने बताया कि घटना के समय नबील के माता-पिता दिल्ली गए हुए थे। सूचना मिलने पर वे तत्काल मेरठ पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि आरोपी की हरकत से बच्चे की जान भी जा सकती थी।थाने में नहीं हुई सुनवाई, SSP से लगाई गुहारपरिजनों का कहना है कि शुरुआत में पुलिस ने केवल मारपीट की धाराओं में कार्रवाई की। जब उनकी शिकायत पर गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की मांग की। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया। लालकुर्ती थाना प्रभारी ने बताया कि घटना की मेडिकल रिपोर्ट का परीक्षण किया जा रहा है। रिपोर्ट में गंभीर चोटों की पुष्टि होने पर मुकदमे में और गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी। पुलिस के अनुसार आरोपी कुछ दिन पहले ही नशा मुक्ति केंद्र से वापस लौटा था। घटना के बाद उसे दोबारा नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित प्रदेश की सबसे लंबी मोहनिया टनल में एक बाइक सवार युवक के खतरनाक स्टंट का मामला सामने आया है। युवक चलती बाइक पर खड़े होकर तेज रफ्तार में गाड़ी दौड़ाता नजर आया। भारी यातायात के बीच ट्रकों के पास से गुजरने की यह हरकत न केवल युवक, बल्कि अन्य वाहन चालकों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती थी। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सामने आए घटनाक्रम में युवक टनल के भीतर तेज रफ्तार में बाइक चला रहा है। वह सीट से उठकर चलती गाड़ी पर खड़ा हो जाता है और भारी वाहनों व ट्रकों के बीच से बेहद खतरनाक तरीके से अपनी बाइक निकालता दिखाई दिया। टनल जैसे संकरे मार्ग पर जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है, वहां यह हरकत किसी भी बड़े सड़क हादसे का कारण बन सकती थी। इस लापरवाही ने सड़क से गुजर रहे अन्य लोगों की सुरक्षा को भी गंभीर खतरे में डाल दिया। स्थानीय लोगों में नाराजगी, सख्त कार्रवाई की मांगइस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि मोहनिया टनल और रीवा-सीधी मार्ग पर पहले भी स्टंटबाजी की ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों के बीच स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे स्टंटबाजों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इससे यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा और भविष्य में इस तरह की लापरवाही पर अंकुश लगेगा। पुलिस कर रही जांच, कड़ी कार्रवाई का आश्वासनस्टंट का यह मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और संबंधित युवक की पहचान के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पहचान होने पर युवक के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि सड़क पर किए जाने वाले इन जानलेवा स्टंट्स पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
अमेठी पुलिस का सघन चेकिंग अभियान:सड़क हादसे रोकने को ब्रेथ एनालाइजर से हुई वाहनों की जांच
अमेठी पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी. के निर्देश पर गौरीगंज टोल प्लाजा पर वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान ट्रक, भारी वाणिज्यिक वाहन (HCV), स्लीपर बस और ईको कैब सहित विभिन्न प्रकार के वाहनों को रोका गया। अभियान के तहत ब्रेथ एनालाइजर मशीन का उपयोग कर शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले चालकों की पहचान की गई। यातायात निदेशालय उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में शुरू हुए इस अभियान में प्रभारी यातायात शोभमथ की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। अमेठी में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। चेकिंग के दौरान, शराब पीकर वाहन चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने, सीट बेल्ट न लगाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें निर्धारित गति सीमा का पालन करने, हमेशा सीट बेल्ट लगाने और शराब पीकर वाहन न चलाने की सलाह दी गई। एसपी अमेठी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ऐसे अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
खंडवा जिले में आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए रविवार रात पुलिस ने विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया। एसपी अगम जैन के निर्देश पर सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर पुलिस बल के साथ सघन जांच की। इस दौरान 36 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 13,600 रुपए का समन शुल्क (जुर्माना) वसूला गया। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया था। चेकिंग के दौरान तेज गति से वाहन चलाने, नियमों की अनदेखी करने और मॉडिफाइड वाहनों का इस्तेमाल करने वालों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने, बिना अनुमति मॉडिफिकेशन न कराने और हेलमेट व सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की सख्त हिदायत दी। त्योहारों के चलते संवेदनशील इलाकों में बढ़ाई गश्तएडिशनल एसपी महेंद्र तारणेकर ने बताया कि आगामी त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है। इसी रणनीति के तहत सार्वजनिक स्थानों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की गश्त और मौजूदगी बढ़ाई गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए यातायात और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
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वाराणसी में घर के बाहर सो रहे 60 साल के बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने बुजुर्ग के कनपटी में सटाकर गोली मारी है। बुजुर्ग दूसरी पत्नी के छोटे बेटे की सगाई में शामिल होने पहुंचे थे। घटना चौक थाना क्षेत्र की है। बेनिया मलीन बस्ती में राजन (60) की गोली मारकर अज्ञात बदमाशों ने हत्या कर दी। मौके पर जानकारी के बाद एसीपी दशाश्वमेध भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे और आला अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद डीसीपी काशी गौरव बंसवाल और एडीसीपी काशी वैभव बांगर भी घटनास्थल पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने मौके पर फारेंसिक टीम को बुलाया और आवश्यक साक्ष्य इकठ्ठा करवाने के बाद शव को कबीरचौरा मोर्चरी भेजा है। मृतक राजन नारायणपुर मिर्जापुर का रहने वाला है और बेनिया मलिन बस्ती में अपनी दूसरी पत्नी के छोटे बेटे की 20 जून को होने वाली सगाई में शामिल होने के लिए आया था। मृतक के बेटे राजन ने बताया - मेरे पिता यहां सगाई में शामिल होने के लिए आये थे। चार दिन पहले वो आये थे और तीन दिन पहले रात में दो बुलेट सवार ने उनपर हमला करने की कोशिश की थी। पिता जी की आंख खुल गयी और उन्होंने पिस्टल हाथ में देख ली थी जिसके बाद हल्ला किया तो हम लोग बाहर आये तो वो दोनों बदमाश भाग निकले। राजन ने बताया - बीती रात हम अंदर सो रहे थे और पिता जी अकेले चारपाई पर बाहर सो रहे थे। कब यह घटना हुई हम लोगों को खबर नहीं लगी। सुबह उठे तो पिता जी खून से लथपथ पड़े थे। उन्हें तीन गोली सिर में और दो गोली पेट में मारी गयी है। मौके पर पहुंचे डीसीपी काशी गौरव बंसवाल ने बताया - गोली चलने की सूचना पर पुलिस पहुंची थी। यहां राजन नमक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की गयी है। हम घटना के बारे में जानकारी कर रहे हैं और सीसीटीवी खंगाल रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
नालंदा और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। महानगरों की तर्ज पर अब बिहारशरीफ के रांची रोड स्थित 3.73 एकड़ परिसर में एक बेहद आधुनिक और स्मार्ट बस स्टैंड का निर्माण होने जा रहा है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) की पहल पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में धरातल पर उतारा जाएगा। बिहारशरीफ के साथ-साथ पर्यटन नगरी राजगीर और पड़ोसी जिले शेखपुरा के बरबीघा में भी इसी तरह के विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस आधुनिक बस स्टैंड बनाए जाएंगे, जिससे न सिर्फ यात्रियों का सफर सुगम होगा बल्कि इन छोटे शहरों का लुक भी पूरी तरह बदल जाएगा। जी-प्लस फाइव भवन में मनोरंजन से लेकर ठहरने की व्यवस्था इस परियोजना के तहत बनने वाला मुख्य टर्मिनल भवन पांच मंजिला (जी प्लस फाइव) होगा, जिसे बहुउद्देशीय हब के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके ग्राउंड फ्लोर पर बसों की पार्किंग और एक अत्याधुनिक वर्कशॉप होगी, ताकि बसों के रखरखाव में कोई परेशानी न हो। वहीं, ऊपरी मंजिलों पर परिवहन निगम का कार्यालय, वातानुकूलित (एसी) और नॉन-एसी वेटिंग रूम, डॉरमेटरी (शयनशाला), गेस्ट रूम और महिलाओं की सुविधा के लिए विशेष फीडिंग रूम का निर्माण किया जाएगा। यात्रियों के मनोरंजन और खरीदारी के लिए इस परिसर में शॉपिंग मॉल, होटल, बैंक्वेट हॉल, कैफेटेरिया और देश की जानी-मानी मल्टीप्लेक्स चेन पीवीआर (प्रिया विलेज रोडशो) का सिनेमा हॉल भी खोला जाएगा। इसके अलावा, परिसर में यात्रियों को चौबीसों घंटे नकदी की सुविधा देने के लिए बैंकों के एटीएम स्थापित किए जाएंगे, जबकि खान-पान के लिए 'जीविका दीदी की रसोई' का संचालन किया जाएगा, जहां किफायती दरों पर स्वच्छ भोजन मिलेगा। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: ईवी चार्जिंग स्टेशन और सीएनजी की सुविधा रांची रोड स्थित सरकारी बस स्टैंड परिसर को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटकर विकसित करने की योजना है। डिपो प्रबंधक कैसर हुसैन (नेता जी) ने बताया कि मुख्यालय के निर्देश पर परिसर की भौतिक स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। योजना के अनुसार, परिसर के एक भाग में सीएनजी, डीजल और पेट्रोल के रिटेल आउटलेट के साथ-साथ पर्याप्त संख्या में इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे भविष्य में पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। दूसरे भाग में मुख्य जी-प्लस फाइव भवन और बसों के ठहराव के लिए टर्मिनल का निर्माण होगा, जबकि तीसरा भाग पूरी तरह से खुला और हरा-भरा (ग्रीन जोन) रखा जाएगा, जिससे परिसर का माहौल खुशनुमा बना रहे। हालांकि, राज्य स्तर पर योजना में कुछ आंशिक बदलाव भी किए जा सकते हैं। निजी एजेंसी संभालेगी कमान इस बेहद आधुनिक बस पड़ाव के निर्माण के लिए जिला प्रशासन और पथ परिवहन विभाग के आपसी सहयोग से आवश्यक जमीन की व्यवस्था की जा रही है। चूंकि यह पूरी परियोजना पीपीपी मोड पर आधारित है, इसलिए निर्माण पूरा होने के बाद इस बस पड़ाव को एक निश्चित अवधि के लिए लीज पर निजी एजेंसी को सौंप दिया जाएगा। इस लीज अवधि के दौरान स्टैंड के रखरखाव, साफ-सफाई और संचालन की पूरी जिम्मेदारी उसी निजी एजेंसी की होगी। लीज की समय-सीमा समाप्त होने के बाद यह पूरी संपत्ति और सुविधाएं वापस परिवहन निगम को ट्रांसफर कर दी जाएंगी। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के विश्वस्तरीय बस टर्मिनलों के निर्माण से क्षेत्र में तेजी से शहरीकरण और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। देश के कोने-कोने के लिए बस सेवाएं शुरू होने से अंतर्राज्यीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और परिवहन निगम के राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर को उनके अनुकूल (फ्रेंडली) डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें डिजिटल सूचना प्रणाली और यात्री सहायता काउंटर भी शामिल होंगे।
लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र स्थित रामनगर कलां गांव में बाघ के हमले में किसान रामदीन (60) की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को करीब 17 घंटे बाद शांत हुआ। वन विभाग और प्रशासन के अधिकारियों के आश्वासन पर परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हो गए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। यह घटना रविवार दोपहर को हुई, जब रामदीन अपने खेत पर गए थे। इसी दौरान एक बाघ ने उन पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने शव उठाने से इनकार कर दिया था। परिजनों की मुख्य मांग थी कि जब तक हमलावर बाघ को पकड़ा नहीं जाता और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस मांग को लेकर सोमवार सुबह तक शव घर पर ही रखा रहा। इस दौरान गांव में ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही। लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से बाघ की मौजूदगी की सूचनाएं दी जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सूचना मिलने पर वन विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से विस्तृत वार्ता की और उन्हें आश्वस्त किया। अधिकारियों ने बाघ को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाने तथा शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता जल्द उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन मान गए और लगभग 17 घंटे बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रवाना किया गया। गौरतलब है कि क्षेत्र में पिछले एक माह के भीतर बाघ के हमले में यह दूसरी मौत है। लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में गहरा भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ को जल्द पकड़ने और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण की मांग की है।
पटना नगर निगम में 35 हाई मास्ट लाइट्स लगाई जाएगी। निगम क्षेत्र के 30 वार्डों में कुल 35 स्थलों पर लाइटों को लगाने पर काम किया जा रहा है। हर हाई मास्ट लाइट की लंबाई 12.5 मीटर है। प्रत्येक हाई मास्ट लाइट में 6 फ्लड लाइटें होंगी, जिनकी कुल क्षमता 1200 वॉट होगी। इन सभी 35 हाई मास्ट लाइट में 1.6 करोड़ रुपए की लागत आएगी। पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में 166 हाई मास्ट लाइट कार्यरत हैं। इन जगहों पर लगेगी हाई मास्ट लाइट बांकीपुर से पूर्व विधायक नितिन नवीन की थी पहल HUDCO की CSR पहल के अंतर्गत ये लाइट लगाया जाएगा। पूर्व बांकीपुर विधायक नितिन नवीन की पहल पर ये योजना पूरी हुई थी। इसकी जानकारी खुद पूर्व विधायक ने दी थी। हाईमास्ट लाइट लगने से न केवल प्रकाश व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी। खासकर भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रात के समय आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम बनेगा।
जयपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय में 11 जून को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के कार्यक्रम के दौरान हुई बिजली गुल (ब्लैकआउट) के मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है। इस मामले में सस्पेंड किए गए हीरापुरा 400 केवी जीएसएस के इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बाबू सिंह का कहना है कि घटना वाले दिन ग्रिड के ब्रेकर की स्थिति खराब थी। अफसरों ने बिना शटडाउन के चालू लाइन में ही सल्फर हेक्साफ्लोराइड (SF-6) गैस भरने का दबाव बनाया था। अगर कर्मचारी ऐसा करते तो ब्रेकर फट जाता, जिससे कई कर्मचारियों की जान जा सकती थी और निगम को करोड़ों रुपए का नुकसान होता। पहले PHOTOS में समझें क्या हुआ था उस दिन '50-60 फीट दूर से ही आ रही थी डरावनी आवाज, हम डर गए थे' दैनिक भास्कर से बातचीत में इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने बताया- 11 जून को भीषण गर्मी थी और लोड बहुत ज्यादा था। इसी दौरान ग्रिड का ब्रेकर लॉकआउट (ऑन-ऑफ न होना) में आ गया। साहब ने मुझसे कहा कि इसमें SF-6 गैस कम हो गई है, जाकर चेक करो। जब मैं पास जाने लगा तो 50-60 फीट दूर से ही इतनी तेज और डरावनी आवाज आ रही थी कि मैं डरकर वापस आ गया। मैंने अपने पूरे कार्यकाल में कभी ऐसी आवाज नहीं सुनी थी। बाबू सिंह ने कहा- हमने सैकड़ों बार ब्रेकर में गैस भरी है, लेकिन चालू लाइन में ऐसा करना मौत को दावत देने जैसा था। हमारा शटडाउन मांगना अधिकारियों को नागवार गुजरा। सिस्टम ने यह मान लिया कि हम काम नहीं करना चाहते। यानी सेफ्टी के साथ काम करने की बात को गलत और बिना शटडाउन के मरने वाले तरीके को सही मान लिया गया। अब समझते हैं उस दिन यार्ड में क्या हुआ था? 'डेढ़ साल से कर रहे थे शिकायत, जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई क्यों नहीं?' बाबू सिंह ने आरोप लगाया कि कोटा लाइन का यह ब्रेकर पिछले डेढ़ साल से खराब चल रहा था। इसमें से लगातार राख और गैस निकल रही थी। उन्होंने कहा- हमने AEN बी.एल. मीणा, भरत जी और आशीष जी को कई बार लिखित और मौखिक तौर पर बताया था कि इसे बदलवा दीजिए, वरना बड़ा हादसा हो जाएगा। पिछले 3-4 दिनों से तो आवाज बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। उन्होंने सवाल उठाया किAEN बी.एल. मीणा, AEN मेंटेनेंस और कंट्रोल रूम की प्रभारी सुमन स्वामी मैडम की जिम्मेदारी इस ब्रेकर को फ्री करके देने की थी। लेकिन बड़े अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैं तो एक अदना सा कर्मचारी हूं, ट्रिपिंग कब आएगी यह मैं तय नहीं करता। मुझे जानबूझकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के लिए टारगेट किया गया है। बिजली विभाग और भाजपा मुख्यालय पर भी उठाए सवाल सस्पेंडेड कर्मचारी ने पूरे घटनाक्रम के मैनेजमेंट पर दो बड़े सवाल खड़े किए हैं... जिम्मेदार बोले- हमारा इंटरनल मैटर है इस पूरे विवाद और आरोपों पर जब दैनिक भास्कर ने सस्पेंशन ऑर्डर जारी करने वाले चीफ प्रोफेशनल ऑफिसर अमिताभ गुप्ता से बात की। उन्होंने तीखा रुख अपनाते हुए कहा, यह हमारा इंटरनल मामला है। मैं इस पर कोई कमेंट नहीं करना चाहता। इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया। मामले में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, तो उनके कार्यालय से 'मंत्री जी बैठक में हैं' कहकर कॉल काट दिया गया। क्या है पूरा मामला? 11 जून को जयपुर स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का मीडिया संवाद कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान 13 मिनट में 3 बार बिजली गुल हुई थी। रेल मंत्री को अंधेरे में ही मीडिया को संबोधित करना पड़ा था। मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जांच के आदेश दिए थे। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने के बाद राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम ने सहायक इंजीनियर (AEN) विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन बाबू सिंह को 13 जून को सस्पेंड कर दिया था, जबकि जयपुर सिटी के अधीक्षण इंजीनियर (SE) आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी की गई थी। ----- ये खबरें भी पढ़िए… रेल मंत्री के कार्यक्रम में बिजली गुल हुई थी,AEN-इलेक्ट्रीशियन सस्पेंड:दो दिन पहले हीरापुरा ग्रिड पर ट्रिपिंग के कारण BJP ऑफिस में कटी थी लाइट रेल मंत्री के कार्यक्रम में 3 बार गुल हुई बिजली:अश्विनी वैष्णव ने 13 मिनट तक अंधेरे में किया संबोधित; ऊर्जा मंत्री हॉल से बाहर निकले भाजपा प्रदेश कार्यालय में बिजली गुल होने की होगी जांच:ऊर्जा मंत्री बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिम्मेदार अधिकारी या अभियंता पर होगी कार्रवाई
जालोर में शराब के नशे की लत और आए दिन होने वाली मारपीट से परेशान पत्नी ने बच्चों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी और एक बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां जेल भेज दिया गया। जबकि वारदात में शामिल नाबालिग बेटे और बेटी को निरुद्ध किया है। घटना 11 जून को बिशनगढ़ थाना क्षेत्र के आलासन गांव में हुई थी। अब पढ़िए… पूरा घटनाक्रम 1. शराब और मारपीट से परेशान था परिवारपुलिस जांच में सामने आया कि आलासन गांव निवासी पप्पाराम (56) शराब पीने का आदी था। वह अक्सर नशे की हालत में पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था तथा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। लंबे समय से चल रहे घरेलू विवाद और उत्पीड़न से पूरा परिवार परेशान था। 2. 11 जून को मिलकर किया हमलारोज-रोज की प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने पप्पाराम को रास्ते से हटाने की साजिश रची। पुलिस के अनुसार 11 जून को पत्नी, बेटों और बेटी ने एक राय होकर पप्पाराम पर लाठियों और ईंटों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर चोटें लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद मामले को सामान्य मौत की तरह दिखाने का प्रयास किया गया। 3. भाई की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ हत्या का केसघटना की सूचना मिलने पर बिशनगढ़ थानाधिकारी मनोज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई किशोर वाल्मीकि ने हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने बीएनएस 2023 की धारा 103(1), 61(2), 3(5) और 238 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 4. FSL और MOB जांच में खुला राजमामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एफएसएल (FSL) और एमओबी (MOB) टीमों को मौके पर बुलाया। टीमों ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए और फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी कर महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए। पुलिस ने तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया, जिसमें परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई। 5. पत्नी-बेटा गिरफ्तार, नाबालिग बेटे-बेटी निरुद्धखुलासे के बाद बिशनगढ़ थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी अतियादेवी (50) और पुत्र राणाराम (20) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागृह जालोर भेज दिया गया। वहीं वारदात में शामिल विधि से संघर्षरत किशोर पुत्र और किशोरी पुत्री को डिटेन कर बाल संप्रेषण केंद्र भेजा गया है।
साइबर अपराधियों ने दो साल में दूसरी बाद यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा को निशाना बनाया है। इस बार उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया और उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हुए कई लोगों को रुपए भेजने संबंधी संदेश भेजे गए। मामला सामने आते ही विधायक ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की और किसी भी प्रकार के आर्थिक लेन-देन से बचने को कहा। जानकारी के अनुसार रविवार को विधायक के एक परिचित को उनके नंबर से मदद के नाम पर पैसे भेजने का संदेश प्राप्त हुआ। संदेश की भाषा और मांग को संदिग्ध मानते हुए परिचित ने इसकी जानकारी सीधे विधायक को दी। जांच करने पर पता चला कि उनका वॉट्सएप अकाउंट हैक हो चुका है और हैकर उनके संपर्क में मौजूद लोगों को संदेश भेज रहा है। सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर किया सचेत मामले की पुष्टि होते ही विधायक और उनके निजी सहायक ने व्हाट्सएप स्टेटस तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सूचना जारी कर लोगों को आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके नंबर से भेजे जा रहे किसी भी संदेश का जवाब न दिया जाए और न ही किसी प्रकार की धनराशि भेजी जाए। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी विभिन्न सोशल मीडिया समूहों में चेतावनी संदेश प्रसारित कर लोगों को सतर्क किया। सूत्रों के अनुसार हैकर ने विधायक के संपर्क सूची में मौजूद कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रदेश सरकार से जुड़े लोगों को भी संदेश भेजे। कुछ संदेशों में तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की गई थी। हालांकि समय रहते लोगों को जानकारी मिल जाने के कारण किसी के साथ ठगी होने की सूचना नहीं है। विधायक ने बताया कि मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों को दे दी गई है। अकाउंट को सुरक्षित करने और हैकिंग के स्रोत का पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पहले भी हो चुके साइबर हमले का शिकार यह पहला अवसर नहीं है जब विधायक घनश्याम दास अरोड़ा के सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बनाया गया हो। मई 2024 में उनका एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट भी हैक कर लिया गया था। उस दौरान उनके अकाउंट से गुर्जर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी गई थी। इस पोस्ट के बाद शहर में विवाद की स्थिति बन गई थी। मामले को लेकर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन भी हुआ था। बाद में विधायक ने अकाउंट हैक होने की जानकारी देते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और जांच शुरू कराई गई थी।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के भस्म आरती के दौरान सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से निर्मित पंचामृत से अभिषेक किया गया। भगवान महाकाल का जटाधारी स्वरूप में चंदन, वैष्णव तिलक एवं आभूषण अर्पित कर राजाधिराज स्वरूप में भव्य श्रृंगार किया गया। इससे पहले प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया। मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान कर हरिओम जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात भगवान के मस्तक पर भांग, चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। श्रृंगार पूर्ण होने के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर भस्म रमाई गई। भस्म अर्पित करने के पश्चात भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष की माला तथा सुगंधित पुष्पों से निर्मित हार अर्पित किए गए। मोगरा और गुलाब के सुगंधित पुष्प धारण कर भगवान महाकाल ने भक्तों को दिव्य दर्शन दिए। इसके बाद फल एवं मिष्ठान का भोग लगाया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया। महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के पश्चात भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं।
मेरा युवा भारत (माय भारत) से जुड़े युवाओं के लिए रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में 16 से 19 जून तक चार दिवसीय अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को फोरेस्ट प्रोटेक्शन, वाइल्ड लाइफ कंजर्वेशन, बायो डायवर्सिटी मैनेजमेंट, मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व, कैमरा ट्रैप तकनीक, जल स्रोत प्रबंधन, जंगल में पेट्रोलिंग, पर्यटन और सफारी मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ वन अधिकारियों से सीखेंगे संरक्षण की बारीकियांकार्यक्रम में विशेषज्ञ वन अधिकारियों और संरक्षण क्षेत्र से जुड़े अनुभवी व्यक्तियों के मार्गदर्शन में युवा प्रकृति संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों और उसके महत्व को करीब से समझेंगे। प्रतिभागियों को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा, जिससे उन्हें जमीनी स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की समझ विकसित हो सके। वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष पर होंगे सत्रकार्यक्रम के दौरान डीएफओ मानस सिंह, एसीएफ महेश शर्मा, एसीएफ निखिल शर्मा, एनजीओ प्रतिनिधि रूपसिंह मीणा और गोर्वधन मीणा प्रतिभागियों को अवैध शिकार की रोकथाम, मानव-वन्यजीव संघर्ष, जैव विविधता संरक्षण, वन शासन प्रबंधन तथा राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में योगदान देने वाले गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की भूमिका के बारे में जानकारी देंगे। पगमार्क, कैमरा ट्रैप और पेट्रोलिंग की मिलेगी जानकारीक्षेत्रीय वन अधिकारी युवाओं को आरओपीटी, पगमार्क पहचान, कैमरा ट्रैप तकनीक, जल स्रोतों के प्रबंधन, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली और जंगल में पेट्रोलिंग की प्रक्रिया से अवगत कराएंगे। इसके जरिए प्रतिभागी वन विभाग की कार्यप्रणाली और वन्यजीव संरक्षण में उपयोग होने वाली आधुनिक तकनीकों को समझ सकेंगे। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना होगी मजबूतकार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाना, नेतृत्व क्षमता का विकास करना तथा वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को संरक्षण गतिविधियों का प्रत्यक्ष अनुभव प्रदान करेगा, जिससे वे भविष्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे।
मेरठ के खरखौदा कस्बे में जामा मस्जिद को थाना परिसर की भूमि पर निर्मित बताए जाने और पुलिस द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मस्जिद के मुतवल्ली अयूब खान ने कहा है कि मस्जिद कई दशक पुरानी है और वर्ष 1989 से वक्फ बोर्ड में दर्ज है। उन्होंने बताया कि पुलिस के नोटिस की जानकारी वक्फ बोर्ड को दे दी गई है और अब मस्जिद समिति न्यायालय में याचिका दाखिल कर अपना पक्ष रखेगी।मुतवल्ली अयूब खान के अनुसार, मस्जिद वक्फ बोर्ड में क्रमांक 3300/2825 पर दर्ज है। उनका कहना है कि इस मामले में पुलिस को कोई दस्तावेज या साक्ष्य नहीं सौंपे जाएंगे। सभी अभिलेख न्यायालय में प्रस्तुत किए जाएंगे और अदालत का जो भी फैसला होगा, उसे स्वीकार किया जाएगा।वहीं, सीओ किठौर प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार खरखौदा कस्बे की खसरा संख्या 1217 की 6450 वर्गमीटर भूमि थाना परिसर के नाम दर्ज है। हाल ही में कराई गई पैमाइश में करीब 300 वर्गमीटर क्षेत्र में मस्जिद का निर्माण पाया गया है। राजस्व विभाग की रिपोर्ट में लेखपाल और कानूनगो ने इसे थाना भूमि पर निर्मित बताया है। पुलिस का कहना है कि थाना भवन जर्जर होने के कारण नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इसी दौरान भूमि की पैमाइश कराई गई थी, जिसके बाद मस्जिद से संबंधित नोटिस जारी किया गया।एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर इमाम अब्दुल गफ्फार को सात दिन के भीतर भूमि संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का नोटिस दिया गया है। यदि निर्धारित समय में दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। मस्जिद समिति का कहना है कि कस्बे के लगभग 50 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोग इसी मस्जिद में नमाज अदा करते हैं तथा परिसर में एक मदरसा भी संचालित होता है। अब इस पूरे मामले पर सभी की नजर न्यायालय और वक्फ बोर्ड की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
प्रयागराज के सरकारी अस्पताल में 5-5 हजार की रिश्वत:मरीजों मेडिकल और रेफर करने के नाम पर वसूली
प्रयागराज में स्वास्थ्य विभाग में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। इलाज के लिए मरीज परेशान तो हैं ही साथ ही गांवों के सरकारी अस्पतालों मरीजों से रुपये वसूलने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। ताजा मामला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा मऊआइमा का सामने आया है। यहां मारपीट के मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे परिवार से मेडिकल कराने और शहर के अस्पताल रेफर करने के नाम रिश्वत मांगी गई। 5 हजार रुपये की डिमांड पर 3 हजार रुपये दे दिए गए लेकिन अस्पताल कर्मचारी नहीं मानें। 2 हजार रुपये न देने पर न तो मेडिकल रिपोर्ट दी गई न ही रेफर किया गया। रिश्वतखोरी, जबरन वसूली के एक नहीं दो मामले एक साथ सामने आए। जिन परिवारों से रुपये की डिमांग और वसूली की उनका वीडियो सामने आया है। महिलाएं साफ तौर पर बता रही हैं कि उनसे रुपये की मांग की गई। पूरी रकम न देने पर मामला उलझाया गया। केस एक सकरामऊ मऊआइमा की रहने वाली अर्चना का कहना है कि सीएचसी में उनसे मेडिकल में गंभीर चोट दिखाने, प्रयागराज के बेली अस्पताल रेफर करने के लिए पांच हजार रुपये की मांग की गई। तीन हजार रुपये दे दिए लेकिन दो हजार रुपये और मांगे जा रहे हैं। केस दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठीं सवारी देवी का कहना है कि उनके बेटे को चोट लगी थी। मेडिकल के लिए रेफर करने के नाम पर असपताल में पांच हजार रुपये की मांग की गई। तीन हजार रुपये दे चुके हैं। दो हजार रुपये और देने को बोला गया है। अधीक्षक बोले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा मऊआइमा अधीक्षक में अभिमन्यु सिंह ने इन आरोपों से इंकार किया। कहा कि ऑपरेटरों की कमी के कारण मेडिकल प्रमाणपत्रों की ऑनलाइन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सभी मेडिकल ऑनलाइन होने चाहिए, लेकिन पर्याप्त ऑपरेटर न होने की वजह से कई मामलों में दिक्कतें आ रही हैं। कर्मचारियों द्वारा उनके नाम पर पैसे लेने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास ऐसी कोई शिकायत है तो उसे सीधे मुझे बताए। जानिये क्या है पूरा मामला 12 जून की रात मऊआइमा थाना क्षेत्र के सकरामऊ की रहने वाली निर्मला देवी पड़ोसियों का झगड़ा हो गया। सुभाष कुमार, लालता प्रसाद आदि ने लाठी डंडे फरसे से हमला कर दिया। निर्मला के पूरे परिवार को पीटा गया। निर्मला देवी, गौतम, वीरेंद्र कुमार, राजकुमार, सनम को गंभीर चोटे आई। मऊआइमा थाने की पुलिस सभी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कस्बा मऊआइमा ले गई। इसके बाद मेडिकल बनाने के लिए रुपये मांगे गए। मऊआइमा की रहने वाली सवारी देवी से पड़ोसियों ने मारपीट की। मारपीट में परिवार के लोग जख्मी हो गए। मेडिकल कराने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। जहां पर मेडिकल बनवाने के नाम पर 5000 मांगा गया।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक (फाउंडर) अभिजीत दीपके देर रात जयपुर पहुंच गए। पार्टी सोमवार दोपहर 3 बजे गवर्नमेंट हॉस्टल स्थित शहीद स्मारक पर NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। प्रदर्शन को लेकर जयपुर पुलिस ने सशर्त अनुमति दी है। प्रशासन की ओर से जारी शर्तों के अनुसार, कार्यक्रम में 800 से अधिक लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। इसके साथ ही कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रदर्शन में तिरंगा, किताब और फूल लेकर आने की अपील पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में आने वाले लोग अपने साथ तिरंगा, किताब और फूल लेकर आएं। रांका ने कहा- यह केवल किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों की लड़ाई है। यह शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की लड़ाई है। सभी लोग एकजुट होकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करेंगे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाएंगे। पार्टी का दावा है कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और प्रशासन की ओर से तय सभी नियमों व शर्तों का पालन किया जाएगा। वहीं, इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
मुजफ्फरनगर में रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव कल्याणपुर में पुरानी रंजिश को लेकर घर में घुसकर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने गांव के ही दो युवकों पर लाठी-डंडों और लोहे की सरिया से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। गांव कल्याणपुर निवासी सलीम पुत्र रखमुद्दीन ने आरोप लगाया कि सोमवार सुबह करीब 6 बजे वह और उसका भाई आबिद अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान गांव के दो लोग रंजिशन लाठी एवं लोहे की सरिया लेकर उनके घर में घुस आए और गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने आबिद के सिर पर लाठी से वार किया, जिससे उसका सिर फट गया और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। आरोप है कि बेहोश होने के बाद भी हमलावरों ने उसकी पिटाई जारी रखी। बीच-बचाव करने पहुंचे सलीम को भी आरोपियों ने लात-घूंसों और डंडों से पीटकर घायल कर दिया। आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान हमलावरों ने कहा कि तुम हमारी शिकायत करने गए थे, अब तुम्हें जान से मार देंगे, फिर कौन शिकायत करेगा। पीड़ित पक्ष का कहना है कि एक दिन पहले भी आरोपियों के परिजनों द्वारा उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई थी, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई थी। उसी रंजिश के चलते शाम को दोबारा हमला किया गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। घायल आबिद और सलीम को उपचार के लिए भेजा गया। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
बिहार के सीएम सम्राट चौधरी आज गयाजी आ रहे हैं। अतरी विधानसभा क्षेत्र के देवगांव साधु नगर में 200 करोड़ की लागत से बनने वाले भव्य 'टेक्नोलॉजी सेंटर' का भूमि पूजन करेंगे और साथ ही जनता को संबोधित भी करेंगे। देश की आजादी के बाद यह पहला मौका है, जब कोई मुख्यमंत्री इस इलाके के देवगांव आ रहे हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल एक शिलान्यास कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इस पिछड़े इलाके के लिए औद्योगिक क्रांति की शुरुआत है। देवगांव में बनने वाला यह टेक्नोलॉजी सेंटर अत्याधुनिक मशीनों, लैब और ट्रेनिंग सुविधाओं से लैस होगा। हर साल यहां करीब 10 हजार छात्रों को ट्रेनिंग मिलेगी। जिससे उनके लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस सेंटर के शुरू होने से गयाजी, जहानाबाद, नवादा और आसपास के जिलों के युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां से ट्रेनिंग पाकर युवा सीधे बड़ी कंपनियों में रोजगार पा सकेंगे या अपना स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे। युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा इस बेहद खास और बड़े कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस महापरियोजना को पूरे मगध क्षेत्र के विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है, जिससे न केवल स्थानीय युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। खास बात यह भी केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी खुद इस खास अवसर को लीड कर रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर खिजरसराय और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था की कमान खुद वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाल रखी है। नीमचक बथानी के एसडीओ केशव आनंद और एसडीपीओ सुरेंद्र सिंह के साथ अनुमंडल क्षेत्र के तमाम प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी खुद जमीन पर उतरकर निगरानी कर रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और सुचारू यातायात व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत खिजरसराय के बाना मोड़ से लेकर मुख्य सभा स्थल तक दोनों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है। ताकि यातायात में कोई बाधा न आए। हेलीपैड से लेकर मुख्य मंच तक सघन जांच मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हैं। पटना से आई मुख्यमंत्री सुरक्षा सेल के वरिष्ठ अधिकारियों और अत्याधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षाकर्मियों की टीम ने पूरे कार्यक्रम स्थल को अपने घेरे में ले लिया है। सुरक्षा अधिकारियों ने मुख्य मंच, सभा स्थल, प्रेस गैलरी और दर्शक दीर्घा के कोने-कोने की मेटल डिटेक्टर व अन्य आधुनिक उपकरणों से सघन जांच-पड़ताल लगातार की जा रही है। मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर जहां लैंड करेगा, उस नवनिर्मित हेलीपैड परिसर की विशेष रूप से सुरक्षा जांच की गई है। सुरक्षा कर्मियों ने पूरे संवेदनशील क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है और बिना पास के किसी भी व्यक्ति के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। युद्धस्तर पर हुआ काम मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए सिर्फ प्रशासनिक अमला ही नहीं बल्कि नगर निकाय और निर्माण एजेंसियां भी दिन-रात काम कर रही हैं। सभास्थल और हेलीपैड तक आने वाले सभी प्रमुख मार्गों की सूरत बदल दी गई है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री के काफिले के दौरान धूल उड़कर बाधा न बने। इसके लिए सड़कों और आसपास के मैदानों में पानी का लगातार छिड़काव किया जा रहा है। कार्यक्रम स्थल पर जेसीबी और आधुनिक मशीनों को काम पर लगाया गया है। जमीन के समतलीकरण और निर्माण कार्यों को पूरी तरह अंतिम रूप दे दिया गया है।
फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र के ढर्रा शादीनगर गांव में एक किसान शव शनिवार सुबह उनके घर के बाहर पड़ा मिला था। इस मामले में मृतक की पत्नी की तहरीर पर गांव के ही एक युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृतक की पहचान 55 वर्षीय विनोद कुमार उर्फ शिवमोहन दीक्षित के रूप में हुई थी। उनकी शुक्रवार रात धारदार हथियार से सिर पर वार कर हत्या कर दी गई थी। शनिवार सुबह जब परिवार के सदस्य पशुओं को चारा डालने के लिए बाहर निकले थे तो विनोद कुमार का शव दरवाजे के पास पड़ा मिला था। विनोद कुमार की पत्नी ममता देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे गांव का राजीव उर्फ नन्हें उनके पति को घर से बुलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद विनोद कुमार देर रात तक वापस नहीं लौटे। ममता देवी ने आरोप लगाया है कि उनके पति की हत्या राजीव उर्फ नन्हें ने ही की है। पुलिस ने आरोपी राजीव उर्फ नन्हें की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह अभी तक हाथ नहीं आया है। प्रभारी निरीक्षक राजीव पांडेय ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा। हालांकि, हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेंटेनेंस कार्य के चलते 15 जून को शहर के कई इलाकों में 4 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी ने जोन-1 के तहत 11 केवी बेतवा सीवेज फीडर पर लाइनों और उपकरणों के सुधार के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक का शटडाउन लिया है। इससे बेतवा सिटी कॉलोनी सहित 6 प्रमुख क्षेत्रों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। मेंटेनेंस कार्य के कारण बेतवा सिटी कॉलोनी, रामबाग, जानकी नगर, गणेशपुरा, बैस नगर और दुर्जनपुरा सहित इससे जुड़े आसपास के इलाकों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली पूरी तरह बंद रहेगी। बिजली कंपनी का कहना है कि यह शटडाउन फीडरों के रखरखाव के लिए लिया गया है, ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को बेहतर और सुचारु बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। हल्की बारिश और हवा में गुल हो जाती है बिजलीमेंटेनेंस के नाम पर लगातार की जा रही कटौती से शहरवासियों में भारी असंतोष है। लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से सुधार के नाम पर शटडाउन लिया जा रहा है, लेकिन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। हालात यह हैं कि हल्की बारिश या तेज हवा चलने पर भी कई इलाकों की बिजली चली जाती है और फिर घंटों तक बहाल नहीं हो पाती। औपचारिक मेंटेनेंस के बजाय स्थायी सुधार की मांगस्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब लाइनों और फीडरों का नियमित रखरखाव हो रहा है, तो इसका असर जमीन पर क्यों नहीं दिखता? बार-बार बिजली बंद होने से घरों के रोजमर्रा के कामकाज और व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने बिजली कंपनी से औपचारिक मेंटेनेंस तक सीमित न रहकर व्यवस्था में स्थायी सुधार करने की मांग की है, ताकि मौसम बदलने पर बिजली व्यवस्था न चरमराए।

