भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने गांधी चिकित्सा महाविद्यालय के नर्सिंग कॉलेज में गंभीर अनियमितताओं और छात्राओं के साथ मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए गुरुवार को उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों तक को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने बताया कि कॉलेज भवन के दो महत्वपूर्ण कक्षों पर प्रभारी प्रोफेसर एवं स्टाफ नर्स रजनी नायर द्वारा कथित रूप से लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया है। आरोप है कि इन कक्षों का उपयोग शैक्षणिक गतिविधियों के बजाय निजी उपयोग में किया जा रहा है, जिसके कारण कॉलेज में कक्षाओं के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। स्थिति यह है कि पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग प्रथम वर्ष की कक्षाएं अब कॉलेज भवन के बजाय छात्रावास के मनोरंजन कक्ष में संचालित की जा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि यह कक्ष पढ़ाई के लिए उपयुक्त नहीं है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है। साथ ही, मनोरंजन के लिए बनाए गए, इस स्थान का उपयोग भी अब वे नहीं कर पा रही हैं, जिससे मानसिक तनाव बढ़ रहा है। NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि छात्राओं ने पहले भी कई बार कॉलेज प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा, शिकायत करने वाली छात्राओं को आंतरिक परीक्षाओं में फेल करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने की धमकियां दी जा रही हैं। इससे कॉलेज में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। संगठन का कहना है कि रजनी नायर के खिलाफ पहले भी छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों से न केवल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्राओं के भविष्य और मनोबल पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। NSUI ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध कब्जे वाले कक्ष तत्काल खाली कराए जाएं, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो, और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
लखीमपुर खीरी के महेवागंज क्षेत्र में मंगलवार को एक कारखाने में जनरेटर फटने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक किशोरी, एक युवक और कारखाने का एक कर्मचारी घायल हो गए। विस्फोट इतना भीषण था कि जनरेटर का भारी पहिया दो हिस्सों में टूटकर दूर जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जनरेटर का एक पहिया लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक घर की टीन शेड पर जा गिरा। तेज धमाके के साथ टीन शेड फट गई और पहिया घर में मौजूद महिला पर गिरने से उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। जनरेटर के पहिये का दूसरा हिस्सा लखीमपुर से पलिया जा रही एक बस पर गिरा। धमाके के कारण बस की छत फट गई और लोहे का टुकड़ा बस के अंदर जा घुसा, जिससे बस में सवार एक किशोरी और एक युवक घायल हो गए। इस हादसे में कारखाने का एक कर्मचारी भी चोटिल हुआ है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
भिवानी के थाना साइबर क्राइम ने अवैध तरीके से विदेश भेजने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। भिवानी के गांव रतेरा निवासी अंकुश ने थाना साइबर क्राइम भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह हिसार में जोमैटो राइडर का कार्य करता था। उसके एक साथी ने उसे बताया कि हिसार के गांव बगला निवासी सोनू विदेश में नौकरी दिलवाने का काम करता है। इसके बाद शिकायतकर्ता की आरोपी सोनू से मोबाइल फोन पर बातचीत हुई। जिसमें आरोपी ने उसे थाईलेंड में डाटा ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोपी द्वारा शिकायतकर्ता को 29 मई 2025 को बैंकॉक भेजा गया। जहां से उसे अवैध तरीके से जंगल के रास्ते म्यांमार भेज दिया। वहां पहुंचने के बाद जब शिकायतकर्ता ने वापस घर जाने की बात कही तो आरोपियों द्वारा उससे पैसों की मांग की गई तथा जान से मारने की धमकी भी दी गई। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हिसार का रहने वाला आरोपीभिवानी थाना साइबर क्राइम के सहायक उप निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नौकरी दिलाने का झांसा देकर अवैध रूप से विदेश भेजने के मामले में आरोपी को न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट हासिल कर गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिसार की आदमपुर मंडी निवासी आशीष पुत्र संजय के रूप में हुई है। आशीष युवाओं को बहला-फुसलाकर मुख्य आरोपी से मिलवाता थापुलिस पूछताछ में आरोपी आशीष ने बताया कि वह युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बहला फुसलाकर आरोपी सोनू से मिलवाता था। आरोपी आशीष पर जिला सिरसा में पहले भी एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। पुलिस टीम ने केस के मुख्य आरोपी सोनू निवासी बगला जिला हिसार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी आशीष को न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने आरोपी को जिला कारागार भेजने के आदेश दिए। पुलिस की आमजन से अपीलजिला पुलिस भिवानी आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि विदेश भेजने के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति या फर्जी एजेंट के झांसे में ना आएं। विदेश जाने के लिए संबंधित देश की एंबेसी व अधिकृत माध्यमों से ही संपर्क करें। यदि किसी नागरिक के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी होती है तो तुरंत संबंधित पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाएं, ताकि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
कोंडागांव जिले में बुधवार को केशकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 58 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, जबकि कोंडागांव में 4.69 करोड़ रुपए की लागत वाले 17 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। वहीं, केशकाल में प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों ने शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद दिया और क्षेत्र के विकास कार्यों को गति देने की बात कही। उपमुख्यमंत्री साव प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में शामिल वहीं, केशकाल में प्रथम तेलीन सत्ती माता महोत्सव में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में तेलीन सत्ती माता की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम और कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि तथा समाज के प्रमुख लोग मौजूद रहे। महोत्सव को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तेलीन सत्ती माता को नमन किया और प्रथम आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि केशकाल घाटी से गुजरने वाले लोग तेलीन सत्ती माता का आशीर्वाद लेकर अपनी यात्रा शुरू करते हैं, जिससे उनकी यात्रा सफल होती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह महोत्सव भविष्य में और भव्य रूप लेगा। साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समाज का गौरव बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में गांव, गरीब और किसानों के कल्याण के लिए कई जनहितकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने साहू समाज की भूमिका की भी सराहना की, जो छत्तीसगढ़ के गौरव को बढ़ाने में अन्य समाजों के साथ मिलकर काम कर रहा है। वन मंत्री केदार कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि बस्तर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि मां दंतेश्वरी की आराधना के लिए देशभर से लोग यहां आते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर लगातार विकास कर रहा है। राज्य सरकार ने 2030 तक बस्तर संभाग को विकसित बनाने का संकल्प लिया है, जिसके लिए जनसहयोग महत्वपूर्ण है। बस्तर सांसद महेश कश्यप और केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम ने भी महोत्सव के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं व्यक्त कीं। विधायक ने 4.69 करोड़ के 17 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया वहीं कोंडागांव में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और स्थानीय विधायक लता उसेंडी ने 4.69 करोड़ रुपए की लागत वाले 17 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें मंडी परिसर में 195.55 लाख रुपए की लागत से मिनी स्टेडियम निर्माण प्रमुख है। इन कार्यों में मिनी स्टेडियम, गार्डन, सीसी रोड, सड़क चौड़ीकरण और नाली निर्माण जैसे काम किए जाएंगे। इसके अलावा स्कूलों में प्रयोगशाला कक्ष और सांस्कृतिक भवन भी बनाए जाएंगे। कई वार्डों में डोम शेड निर्माण का काम भी होगा, जिससे लोगों को सामुदायिक कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी। कार्यक्रम में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना, नगर पालिका अध्यक्ष नरपति पटेल और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। केशकाल में मुख्यमंत्री कन्या विवाह, 58 जोड़े बंधे वहीं केशकाल में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वन मंत्री केदार कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम और कांकेर विधायक आशाराम नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवारों को बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। कार्यक्रम में सभी 58 नवदंपत्तियों को विवाह प्रमाण पत्र और 35-35 हजार रुपए की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए। साथ ही गृहस्थ जीवन शुरू करने के लिए आवश्यक सामग्री भी प्रदान की गई।
जयपुर में नौकर ही निकला पिकअप चोर:प्लानिंग के तहत की वारदात, घर के बाहर खड़ी पिकअप उठाई
जयपुर पुलिस ने पिकअप चोरी के मामले में एक नौकर को अरेस्ट किया है। प्लानिंग के तहत नौकर ने अपने ही मालिक की घर के बाहर पिकअप चुराई थी। आदर्श नगर थाना पुलिस ने आरोपी नौकर के कब्जे से चुराई पिकअप गाड़ी बरामद कर ली है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। DCP (ईस्ट) रंजीता शर्मा ने बताया- चोरी के मामले में आरोपी शिब्बु (32) निवासी आईशा नगर खोह नागोरियान को अरेस्ट किया गया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की पिकअप दौसा से बरामद कर ली है। आदर्श नगर में रहने वाले देश दीपक गर्ग के यहां आरोपी शिब्बु नौकर की जॉब करता था। आदर्श नगर इलाके में रहने वाले मालिक देश दीपक के घर के बाहर खड़ी थी। देर रात घर के बाहर से खड़ी पिकअप चोरी हो गई। पीड़ित की ओर से सोमवार को पिकअप चोरी की शिकायत आदर्श नगर थाने में दर्ज करवाई। शक होने पर पकड़ा गयाSHO (आदर्श नगर) मनीष गुप्ता ने बताया- साल-2013 की पिकअप चोरी होने पर CCTV फुटेजों को खंगाला गया। फुटेज में आए संदिग्ध को लेकर नौकर शिब्बु पर शक हुआ। उसकी गतिविधियां भी कुछ बदली हुई थी। डिटेन कर सख्ती से पूछताछ करने पर उसने पिकअप चोरी करना स्वीकार कर लिया। पूछताछ में बताया कि उसे पता था कि पिकअप पुरानी होने के कारण् उसमें कोई भी चाबी लग जाती है। प्लानिंग के तहत पिकअप खड़ी कर मुनीम के जाने के बाद उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पिकअप चोरी कर दौसा में जान-पहचान के व्यक्ति के पास खड़ा कर शक नहीं हो, इसलिए वापस जयपुर आकर जॉब करने लगा।
देवास के मेढ़की रोड स्थित चाणक्यपुरी में राम मंदिर के पास गुरुवार को एक ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद ट्रांसफार्मर में लगातार कई धमाके हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग पहले ट्रांसफार्मर के निचले हिस्से में लगी और देखते ही देखते पूरी डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन पॉइंट) और नीचे लगी केबलों को अपनी चपेट में ले लिया। करीब 30 सेकंड तक लगातार धमाके होते रहे। धमाकों के कारण आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और एहतियात के तौर पर डीपी के पास से लोगों की आवाजाही रोक दी गई। मेंटेनेंस के बाद बहाल हुई थी बिजली क्षेत्र के रहवासी आदित्य जैन ने बताया कि सुबह से इलाके में बिजली मेंटेनेंस का काम चल रहा था। बिजली आपूर्ति बहाल होने के करीब दस मिनट बाद ही ट्रांसफार्मर में अचानक आग लग गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत बिजली कंपनी को सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद करवाई। इसके बाद नगर निगम की फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। आधे घंटे बाद आग पर पाया गया काबू फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि ट्रांसफार्मर और केबलों को नुकसान पहुंचा है।
आगरा में देह व्यापार के काले धंधे में लिप्त फरार आरोपी को थाना एकता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अजय सिंह पिछले 5 महीने से फरार चल रहा था। 5 दिसंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर ACP सैंया ने थाना एकता और AHTU टीम के साथ THE TAJ PAYING GUEST HOUSE DORMITORY पर छापा मारा था। वहां से पुलिस ने अनिल कुमार और एक महिला को गिरफ्तार किया था। साथ ही दो पीड़ित बालिकाओं को मुक्त कराया गया था। मामले में थाना एकता में अनैतिक व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ था। विवेचना में आया नाम, घर से दबोचा केस की विवेचना ACP सदर कर रहे थे। जांच में अजय सिंह पुत्र पूरन सिंह निवासी महुआ खेड़ा, कलाल खेरिया का नाम सामने आया। पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। 21 मई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अजय सिंह को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पॉक्सो एक्ट की धारा 16/17 भी बढ़ाई गई है। आपराधिक इतिहास गिरफ्तार अजय सिंह पर अनैतिक व्यापार अधिनियम और 16/17 पॉक्सो एक्ट थाना एकता में दर्ज है। पुलिस आरोपी से रैकेट के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।
NGT आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप:जोधपुरा समिति ने सीमेंट कंपनी के खिलाफ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जोधपुरा संघर्ष समिति के सदस्य आज जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने सीमेंट प्लांट से संबंधित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों का पालन न होने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया समिति के सचिव कैलाश यादव, सुमन देवी और सतपाल यादव ने ज्ञापन में बताया कि कोटपूतली माइनिंग विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी हमेशा सीमेंट प्लांट के पक्ष में रिपोर्ट जारी करते हैं। समिति ने आरोप लगाया कि आज भी 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग की जा रही है, जबकि कहीं भी 500 मीटर सीमांकन या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि क्षेत्र में कोई प्रदूषण नहीं हो रहा है। 1260वें दिन भी जारी रहा धरना ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रशासन अभी तक पुनर्वास पर कोई रिपोर्ट नहीं दे पाया है। समिति ने कोटपूतली प्रशासन, माइनिंग विभाग और प्रदूषण बोर्ड पर कंपनी के सिपहसालार की तरह काम करने का गंभीर आरोप लगाया। जोधपुरा संघर्ष समिति का अनिश्चितकालीन धरना आज 1260वें दिन भी जारी रहा। समिति ने हाईकोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें शुक्लावास की मंदिर भूमि से क्रेशर के डंपरों का अवैध रास्ता हटाने के निर्देश दिए गए थे। इस आदेश को जारी हुए दो माह हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन अब तक इसका पालन कराने में विफल रहा है। इस पर जिला कलेक्टर ने तहसीलदार रामधन गुर्जर को जनसुनवाई में ही निर्देशित किया, जिस पर तहसीलदार ने सोमवार तक हाईकोर्ट के आदेश का पालन कराने का ठोस आश्वासन दिया। महापड़ाव की चेतावनी दी एक अन्य मामले में, परिवादी ग्यारसी लाल आर्य ने बताया कि पवाना (अहीर) में स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय छात्रावास और अनुसूचित जाति मोहल्ले के नजदीक रात में किसी भी खनन पट्टे में सूर्यास्त से सूर्योदय तक खनन कार्य न करने के आदेश खान सुरक्षा विभाग अजमेर और जिला कलेक्टर ने जारी किए हैं। इसके बावजूद माइनिंग विभाग की मिलीभगत से इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। आर्य ने चेतावनी दी कि यदि सुनवाई नहीं हुई तो महापड़ाव किया जाएगा। जिला कलेक्टर ने डीजीएमएस (खान सुरक्षा महानिदेशालय) के आदेशों का पालन कराने की बात कही।
गर्मियों की छुट्टियां शुरू होते ही बच्चे अपनी हॉबी को निखारने में जुट गए हैं। इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स की ओर से आयोजित समर आर्ट वर्कशॉप का बुधवार (20 मई) को शानदार आगाज हुआ। गुरुवार को कार्यशाला के दूसरे दिन बच्चों ने कैनवास और कागज पर अपनी कल्पनाओं को बिखेरा। इस दौरान प्रतिभागियों को लाइन स्केचिंग, ड्राइंग, स्टिल लाइफ ड्राइंग और शेडिंग की अलग-अलग बारीकियों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी गई। बच्चों ने भी पूरी लगन के साथ कला के इन हुनरों को सीखा। सीनियर ग्रुप ने सीखी शेडिंग की तकनीक कार्यशाला के संयोजक डॉ. मंतोष यादव ने बताया कि वर्कशॉप को बेहतर बनाने के लिए बच्चों को जूनियर और सीनियर दो अलग-अलग ग्रुप्स में बांटा गया है, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया है। सीनियर ग्रुप के स्टूडेंट्स को शेडिंग के अलग-अलग डायमेंशन और नई तकनीकों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि उनकी पेंटिंग में और निखार आ सके। वहीं दूसरी ओर, जूनियर ग्रुप के छोटे बच्चों को कीर्ति वर्मा ने पेंसिल शेडिंग, ब्लेंडिंग और ड्राइंग की बिल्कुल शुरुआती और बुनियादी बातें सिखाईं। बच्चों ने पेंसिल पकड़ने के सही तरीके से लेकर हल्के-गहरे शेड्स देना सीखा। लाइव डेमो देखकर स्टूडेंट्स ने सीखीं बारीकियां वर्कशॉप का सबसे खास हिस्सा इसका लाइव डेमोस्ट्रेशन सेशन रहा। बीएफए फोर्थ ईयर के छात्र निखिल ने सभी बच्चों के सामने खुद स्टिल लाइफ ड्राइंग बनाई। निखिल को लाइव स्केचिंग करते देख बच्चे काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने बहुत ध्यान से देखा कि कैसे एक सामने रखे ऑब्जेक्ट को देखकर उसे कागज पर हूबहू उतारा जाता है और उसमें गहराई लाई जाती है। पर्सनैलिटी को निखारती है आर्ट: डॉ. मिठाई लाल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स के डायरेक्टर डॉ. मिठाई लाल ने कहा कि अक्सर गर्मियों की छुट्टियों में लोग अपनी पसंद और हॉबी से जुड़ी चीजों को समय देते हैं। कला एक ऐसा माध्यम है जो इंसान के अंदर की क्रिएटिविटी को बाहर लाती है। चित्रकला, मूर्तिकला और संगीत जैसी विधाएं बच्चों की सोच का दायरा बढ़ाती हैं और उनके व्यक्तित्व के विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। इस मौके पर डॉ. राज कुमार सिंह, जे. बी. यादव, विनय सिंह, तनीषा वधावन, डॉ. रणधीर सिंह, डॉ. बप्पा माजी और प्रिया मिश्रा सहित संस्थान के कई शिक्षक और स्टूडेंट्स मौजूद रहे।
आगरा में सड़कों पर अतिक्रमण और जाम की समस्या से लोग परेशान हैं। ऐसे में पुलिस कमिश्नर खुद सड़क पर उतरे। सदर क्षेत्र के मुध नगर में काफी देर तक सड़क पर रहे। इस दौरान एसीपी सदर का मूवमेंट नहीं मिला। ऐसे में पुलिस आयुक्त ने उन्हें वायरलैस पर ही उनकी लोकेशन पूछ ली। पुलिस कमिश्नर ने सभी चौराहों को अतिक्रमण मुक्त रखने के आदेश दिए हैं। आगरा शहर में ऑटो और ई-रिक्शा के चलते चौराहों पर हालात खराब रहते हैं। रही सही कसर ठेल-ढकले वाले निकल देते हैं। इससे जाम लगा रहता है। चौराहों को पार करने में ही जूझना पड़ता है। ट्रैफिक पुलिस के रहते हुए भी ऑटो चालक मनमानी करते हैं। जाम की समस्या को देखते हुए बुधवार रात को पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के साथ क्षेत्र में निकले। सदर क्षेत्र में उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था को देखा। इस दौरान एसीपी सदर इमरान अली की लोकेशन ली। काफी देर तक जब एसीपी सदर नहीं आए तो पुलिस कमिश्नर ने वायरलैस पर ही लोकेशन पूछ ली। उन्होंने कहाकि एसीपी सदर कहां गायब हैं। हम यहां पर खडे़ है। वो गायब है। इतना कॉमन सेंस नहीं है क्या। पुलिस कमिश्नर के कडे़ तेवर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। चौराहे होंगे अतिक्रमण मुक्तपुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि सभी चौराहे पर 50 मीटर तक कोई भी अतिक्रमण न हो। चौराहे जाम मुक्त हो। उन्होंने कहाकि सभी एसीपी अपने क्षेत्र के थानेदारों के साथ मीटिंग कर हर दिन तीन घंटे विशेष यातायात अभियान चलाएं। 50 मीटर में कोई भी अतिक्रमण न हो। रांग साइड चलने वाले, ट्रिपल सवारी वाले वाहन, काली फिल्म लगे वाहन, स्टंट , ड्रिंक एंड ड्राइव वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई की जाए। गुरुवार को दिखा असरपुलिस कमिश्नर की हिदायत के बाद गुरुवार को चौराहों पर असर दिखाई दिया। रामबाग चौराहे पर अतिक्रमण नहीं दिखा। वाहनों को निकलने में परेशानी नहीं हुई।
उदयपुर के सायरा थाना क्षेत्र के विसमा गांव में देर रात एक पशु बाड़े में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि बाड़े में बंधी एक गाय सहित चार बछड़े जिंदा जल गए। उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, करीब एक हजार घास की पुलियां, एक बाइक सहित अन्य सामान भी जलकर राख हो गया। घटना में किसान जालम सिंह को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग क्यों और कैसे लगी। इसका पता लग पाया है। किसान सुबह दूध निकालने पहुंचा तो तबाही का पता लगाजानकारी के अनुसार विसमा निवासी जालम सिंह पुत्र मोती सिंह मंगलवार रात करीब 9 बजे खेत के पास मवेशियों के बाड़े से घर लौट आए थे। इसके बाद देर रात अज्ञात कारणों से बाड़े में अचानक आग लग गई। घटना की जानकारी सुबह करीब 6 बजे उस समय लगी। जब जालम सिंह दूध निकालने खेत पर पहुंचे। वहां पहुंचते ही बाड़े में मची तबाही देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही सायरा थानाधिकारी कानाराम सीरवी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं, स्थानीय पटवारी दिग्विजय सिंह ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट तैयार की। पशु चिकित्सक की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल बना हुआ है। इनपुट: गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
एटा में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में सीएम डैशबोर्ड, आईजीआरएस पोर्टल और फैमिली आईडी कार्ड संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने पोर्टल मॉनिटरिंग और फैमिली आईडी निर्माण में तेजी लाने पर जोर दिया। आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों को सही श्रेणी में दर्ज करें। उन्होंने शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने तथा शिकायतकर्ता को टेलीफोन के माध्यम से निस्तारण की सूचना देने को कहा। तकनीकी समस्या आने पर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर के माध्यम से तत्काल समाधान कराने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से जिले की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके खिलाफ कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित अधिकारियों के प्रमुख सचिव, अपर मुख्य सचिव और निदेशक को भी पत्र भेजा जाएगा। सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता और जिम्मेदारी से निर्वहन करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागाध्यक्षों से अपने पोर्टलों पर नियमित फीडिंग और सतत निगरानी बनाए रखने तथा विभागीय योजनाओं की विशेष निगरानी करने को कहा, ताकि किसी भी योजना की खराब स्थिति से जिले की रैंकिंग प्रभावित न हो। कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। उन्होंने कार्यस्थल पर गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया।
युवा शक्ति में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन एवं नेतृत्व क्षमता के लिए एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 16 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर–63 का आयोजन किया गया। बीबीएस विद्या मंदिर कादिलपुर परिसर में युवा शक्ति में उत्साह भरा गया। शिविर में एन.सी.सी. ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज की विभिन्न इकाइयों के कैडेट्स उत्साह एवं पूर्ण सैन्य अनुशासन के साथ शामिल हुए। राष्ट्रीय कैडेट कोर के मूल मंत्र बताए। शिविर का शुभारम्भ कैम्प कमांडेंट कर्नल निशांत बरियार द्वारा उद्घाटन संबोधन एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर के मूल मंत्र “एकता एवं अनुशासन” की शपथ दिलाकर किया गया। उन्होंने कैडेट्स से राष्ट्रसेवा, समर्पण, ईमानदारी, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा जैसे सैनिक मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। कहा कि एन.सी.सी. केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की सशक्त पाठशाला है, जो युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सेवा भावना का विकास करती है। आपदा प्रबंधन, हथियार प्रशिक्षण शिविर के दौरान कैडेट्स को आपदा प्रबंधन, प्राथमिक उपचार, आत्मअनुशासन, फील्ड क्राफ्ट, हथियार प्रशिक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व से संबंधित विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कैम्प कमांडेंट कर्नल बरियार द्वारा कैडेट्स के आवास, भोजन, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का सतत निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। भीषण गर्मी एवं विपरीत मौसम की परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए शिविर परिसर में व्यापक सुरक्षा एवं बचाव प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। डिप्टी कैम्प कमांडेंट मेजर संतोष जायसवाल ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण शिविर युवाओं में अनुशासन, सेवा एवं राष्ट्र समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद कैडेट्स का मनोबल उच्च है तथा सभी कैडेट्स पूरे उत्साह एवं समर्पण के साथ शिविर गतिविधियों में सहभागिता कर रहे हैं।
सीहोर जिले की ग्राम पंचायत रामगढ़ में पांच में से चार गांव — माजरी टोल, पांगरी जंगल, कलापठा और महू बड़ला — में लगे हैंडपंप और नलकूप पूरी तरह सूख चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जल संकट से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के नाम अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन दो दिन पहले दर्जनों ग्रामीण भोपाल पहुंचे थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रियों के नाम विभागीय अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित गांवों में नए नलकूप खनन की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। एसडीओ पर गलत रिपोर्ट भेजने का आरोप ग्रामीणों ने पीएचई विभाग के एसडीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने मौके की वास्तविक स्थिति छिपाकर वरिष्ठ अधिकारियों को गलत रिपोर्ट भेजी है। आरोप है कि जिस एक गांव में पानी उपलब्ध है, उसी को आधार बनाकर पूरे पंचायत क्षेत्र में पानी की उपलब्धता दर्शा दी गई, जबकि चार गांवों के हैंडपंप और बोर पूरी तरह सूख चुके हैं। गलत रिपोर्ट और जल संकट को लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि झूठी रिपोर्ट के कारण गांवों में नए नलकूप खनन की प्रक्रिया अटक गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द पेयजल व्यवस्था नहीं की गई, तो पीएचई विभाग और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन इसी बीच जब सूखे बोरों की सफाई के लिए मशीन गांव पहुंची, तो ग्रामीण महिला-पुरुष खाली बर्तन लेकर मौके पर पहुंच गए और जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि ग्राम पंचायत रामगढ़ के प्रभावित गांवों में तत्काल नए नलकूप खनन कर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और गलत रिपोर्ट देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
भारतीय सेना ने भर्ती वर्ष 2027 के लिए आयोजित होने वाली ऑनलाइन सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) की तिथियों की घोषणा कर दी है। यह परीक्षा 1 जून से 5 जून 2026 तक तथा 8 जून से 12 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी किए जाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में परीक्षा के लिए भिलाई, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर सहित 5 शहरों में कुल 10 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा प्रतिदिन 3 से 4 शिफ्टों में आयोजित होगी। पंजीकृत अभ्यर्थी भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। सेना भर्ती कार्यालय की ओर से अभ्यर्थियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एडमिट कार्ड पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें और परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें। भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और चयन केवल मेरिट के आधार पर किया जाएगा। अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे नौकरी दिलाने का दावा करने वाले दलालों और बिचौलियों से सावधान रहें। परीक्षा, एडमिट कार्ड या भर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए अभ्यर्थी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास स्थित सेना भर्ती कार्यालय, नया रायपुर से संपर्क कर सकते हैं। सहायता के लिए कार्यदिवस में दूरभाष नंबर 0771-2965212 और 0771-2965214 पर संपर्क किया जा सकता है।
वाराणसी की रामनगर थाने की पुलिस ने पीएसी तिराहे से चेकिंग के दौरान एक युवक को दो पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। पकडे गए युवक के पास से 7 जिंदा कारतूस भी मिले हैं। पकड़ा गया युवक नितेश पांडेय रामनगर थानाक्षेत्र के टेंगरा मोड़ का रहने वाला है। एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया जांच की जा रही है। पूछताछ में युवक ने बताया वह शौक पूरा करने के लिए असलहे की खरीद-फरोख्त करता था। देखें तीन तस्वीरें… रामनगर पीएसी पर चेकिंग के दौरान हुआ गिरफ्तार एडीसीपी काशी वैभव बांगर ने बताया - रामनगर पुलिस ने पीएसी तिराहे पर बीती रात चेकिंग लगाईं थी और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी क्रम में एक तेज रफ़्तार बुलट आती दिखाई दी जिसे बिना हेलमेट लगाए युवक चला रहा था। उसे जब रोककर उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से दो पिस्टल बरामद हुई है। वाहन पकड़ी गयी पिस्टल के बारे में युवक कोई जवाबी नहीं दे पाया और न ही कोई वैध कागजात दिखा पाए जिसपर पुलिस उसे लेकर थाने ले आई। टेंगरा मोड़ का रहने वाला है आरोपी युवक एडीसीपी ने बताया - पकड़ा गया युवक नितेश पांडेय (22) दयावती मोदी एकेडमी, टेंगरा मोड़ थाना रामनगर का रहने वाला है। कड़ाई से पूछताछ में उसने बताया - अपना ऐशो आराम और शौक पूरा करने के लिए असलहे की बिक्री का काम करता हूं। आज भी असलहा बेचने के लिए गया था पर ग्राहक नहीं आया तो लौट रहा था। चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। मुंगेर से खरीद के लाया था पिस्टल पकडे गए आरोपी नितेश ने बताया - यह असलहा मुंगेर मेड है। जिसे बेचने के लिए साल भर पहले खरीदकर लाया था। लेकिन यह बिक नहीं पाया था। पैसों की जरूरत थी इसलिए इसके लिए ग्राहक ढूंढा था। लेकिन वह नहीं आया और वापसी में पुलिस द्वारा पकड़ा गया। पुलिस ने दो पिस्टल, दो मैगजीन सहित 7 जिंदा कारतूस भी पकड़े हैं।
यमुनानगर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बिजली निगम (UHBVN) की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी करते हुए एक किसान के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने निगम को सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक व्यवहार का दोषी मानते हुए शिकायतकर्ता को जमा कराई गई 30 हजार रुपये की राशि ब्याज सहित लौटाने तथा 11 हजार रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। गांव कठवाला निवासी 77 वर्षीय किसान जयपाल सिंह ने आयोग में शिकायत दायर कर बताया था कि उन्होंने 2019 में कृषि ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था और निगम की मांग पर 30 हजार रुपये की सहमति राशि जमा करवाई थी। इसके बावजूद वर्षों तक उन्हें ट्यूबवेल कनेक्शन नहीं मिला। बाद में जब उन्हें कनेक्शन की आवश्यकता नहीं रही तो उन्होंने 1 अक्तूबर 2024 को आवेदन देकर जमा राशि वापस मांगी, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बावजूद रकम वापस नहीं की गई। आयोग ने बिजली निगम पर दिखाई सख्ती मामले की सुनवाई के दौरान बिजली निगम की ओर से कहा गया कि शिकायतकर्ता की राशि वापसी का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलने पर भुगतान कर दिया जाएगा। निगम ने यह भी दावा किया कि वह राशि लौटाने के लिए तैयार है। हालांकि आयोग ने पाया कि निगम ने जनवरी 2025 में राशि वापसी संबंधी पत्र आगे भेजने के बाद करीब आठ माह तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। आयोग ने टिप्पणी की कि यदि निगम वास्तव में राशि लौटाने को तैयार था तो उसने अब तक भुगतान क्यों नहीं किया। आयोग ने इसे उपभोक्ता के हितों की अनदेखी और लापरवाही माना। अपने आदेश में आयोग ने कहा कि सरकारी संस्था होने के बावजूद निगम ने उपभोक्ता को लंबे समय तक परेशान रखा। आयोग के अनुसार शिकायतकर्ता को मानसिक परेशानी, आर्थिक नुकसान और अनावश्यक मुकदमेबाजी झेलनी पड़ी, जिसे उचित कार्रवाई से टाला जा सकता था। 45 दिन में लौटानी होगी राशि, नहीं तो लगेगा अतिरिक्त ब्याज आयोग के अध्यक्ष राजबीर सिंह तथा सदस्यों जसविंदर सिंह और सुमन राणा की पीठ ने फैसले में UHBVN को शिकायतकर्ता की 30 हजार रुपये की राशि 11 दिसंबर 2024 से 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के निर्देश दिए। साथ ही मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया। आयोग ने आदेश का पालन 45 दिनों के भीतर करने को कहा है। निर्धारित समय में भुगतान नहीं होने पर राशि पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।
सहारनपुर जिला कारागार में पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद एक वृद्ध बंदी की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। बंदी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। जानकारी के अनुसार, कोतवाली मंडी क्षेत्र के मोहम्मदनगर निवासी 75 वर्षीय अब्दुल सलाम जिला कारागार में पॉक्सो एक्ट के मामले में बंद था। बुधवार को अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। बताया गया कि उसे सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन ने पहले उसे जिला कारागार स्थित अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू कराया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और लगातार बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर बंदी रक्षक उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर रवाना हुए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बंदी की मौत की सूचना मिलते ही परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। घटना की सूचना पर थाना जनकपुरी पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना जनकपुरी इंस्पेक्टर नेमचंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट में बंदी की मौत हार्ट अटैक से होना सामने आया है।
पोकरण विधायक मंहत प्रतापपुरी गुरुवार बाड़मेर जसदेर धाम पहुंचे। वहां पर मीडिया बातचीत में- शिव विधायक के पेट्रोल छिड़कने के सवाल पर कहा- उनके अंदर अति उत्साह है। परंतु थोड़ा उनको दूरदर्शिता के साथ सोचना जरूरी है। मैं तो कहते है कि सभी मिलकर राष्ट्र की सेवा करें साथ ही क्षेत्र की, अपनी और सब की चिंता भी रखे। सामज्य और सबको साथ में लेकर चलना है। आप युवा है आपको आगे बढ़ना है। मार्गदर्शक बड़े बुजुर्ग है उनकी भी सलाह लेनी चाहिए। आप अच्छे काम कीजिए। आपके आचरण और व्यवहार से प्रेरणा ऐसी मिले जिससे लोग और अच्छा करने की कोशिश करें। शिव विधायक के इस कदम से अंचभित हुआ। लेकिन निर्णय उनका था मैं कोई टीका टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। लेकिन थोड़ा सा विवेक, विचार और दूरदर्शिता को काम में लेना चाहिए। ऐसा काम करें जिससे लोग हमसे प्रेरणा लें। पीएम मोदी की अपील पर प्रतापपुरी ने कहा- राष्ट्र सर्वोपरि है। यह हमारा पहला धर्म है। चाहे संत, क्रांतिकारी, जनप्रतिनिधि और आम जनता हो सबके लिए राष्ट्र सर्वोपरि है। लाल बहादुर शास्त्री ने भी एक समय आह्वान किया था, मोदी जी भी हमें समय-समय पर प्रेरित करते है। मितव्ययता के लिए, राष्ट्र के खजाने में, राष्ट्र की संपदा में कोई कमी नहीं आए। हम अपने व्यय में कमी करेगें जिनको आवश्यकता है वो उसके लिए उपयोग करेंगे। निश्चित ही राष्ट्र प्रगति पर चल पड़ेगा। विधायक ने कहा- आजकल हम मोटरसाइकिल का बहुत ज्यादा उपयोग करते है बल्कि हमारे पूर्वज बाइक पर नहीं चलते है, उनकी उम्र लंबी होती थी। लेकिन अब दो कदम भी चलना है तो युवा मोटरसाइकिल लेकर जाता है। मैंने विदेशों में जाकर देखा कि बड़े से बड़ा अरबपति साइकिल चलता है। इससे स्वास्थ्य भी ठीक रहता है। तेल की बचत हो जाती है। हमारे देश के कई राज्यों में साइकिल पर जाते है। गाडी पर्सनल ले जाने से अच्छा है कि जो सुविधा सरकार की तरफ से है उसका उपयोग करें। डीजल की बचत होगी जहां आवश्यकता होगी वहां पर खर्च होगा। मैंने अभी मोदी जी से प्रेरणा ली मैंने कोई दिखावें के लिए मैं अधिकांश रेल का उपयोग करता हूं। इससे जुड़ी खबर पढ़े… विधायक रविंद्र भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का:बैग में रखकर साथ लाए थे बोतल; 5 घंटे प्रशासन से चली वार्ता नहीं बनी सहमति
अंबेडकरनगर में देश की अग्रणी डायग्नोस्टिक कंपनी ट्रांसएशिया एरबा ने 21 मई 2026 को अत्याधुनिक पैथोलॉजी उपकरणों का लाइव प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में शहर और आसपास के क्षेत्रों से 60 से अधिक प्रसिद्ध डॉक्टरों और पैथोलॉजी विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। स्थानीय होटल में हुए इस प्रदर्शन के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों ने आधुनिक मशीनों के संचालन का अवलोकन किया। उन्होंने इन उन्नत तकनीकों को समझने में गहरी रुचि प्रदर्शित की।कंपनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने बताया कि ट्रांसएशिया की उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीकें स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, विश्वसनीय और त्वरित बनाने में कैसे सहायक हो सकती हैं। डॉक्टरों ने मशीनों की कार्यक्षमता और सटीकता की सराहना की।इस आयोजन में ट्रांसएशिया टीम के ज़ोनल मैनेजर धर्मेंद्र पांडे, रीजनल मैनेजर धीरेंद्र सिंह, एरिया मैनेजर रोहित, रीजनल मैनेजर (सर्विस) शमशेर चंद, रजत और अशोक सहित पूरी टीम उपस्थित थी। कंपनी अधिकारियों ने डॉक्टरों से सीधा संवाद किया और मशीनों की विशेषताओं, कार्यप्रणाली तथा लैब संचालन में उनके लाभों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन सकारात्मक माहौल में हुआ। उपस्थित डॉक्टरों और पैथोलॉजिस्टों ने ट्रांसएशिया एरबा की इस पहल की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि ये आधुनिक तकनीकें जिले के मरीजों की बेहतर देखभाल और सटीक इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में गुरुवार को जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स ने इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों को जमकर पीटा है। तीनों कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, लगभग 200 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने इलेक्ट्रिकल विभाग में घुसकर कर्मचारियों और इंजीनियरों के साथ मारपीट की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब आधे घंटे तक अस्पताल में भगदड़ और भय का माहौल रहा, जिसमें मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी इधर-उधर भागते नजर आए। इस दौरान अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड और पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा कि घायल इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, पिता अशोक मिश्रा पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के करीबी रिश्तेदार हैं। कुछ ही देर में मंगल पांडेय भी अस्पताल पहुंचने वाले हैं। देखें हंगामे की तस्वीरें… रेडियोलॉजी विभाग में एसी ठीक करने को लेकर शुरू हुआ विवाद विवाद की शुरुआत बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे हुई थी। रेडियोलॉजी विभाग में एसी ठीक करने पहुंचे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा और कुछ जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स के बीच कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि उस समय भी 10 से 20 जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने रिशु मिश्रा के साथ मारपीट की थी। घटना के बाद रिशु मिश्रा ने संस्थान के निदेशक से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की, लेकिन पीड़ित पक्ष का कहना है कि प्रशासन ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। निदेशक से मिलने पहुंचे थे इंजीनियर, तभी घेर लिया गया पीड़ित पक्ष के अनुसार, गुरुवार को रिशु मिश्रा अपने पिता अशोक मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार के साथ दोबारा संस्थान के निदेशक से मिलने पहुंचे थे। वे बुधवार की घटना को लेकर कार्रवाई की मांग करना चाहते थे। बताया जा रहा है कि निदेशक से मुलाकात नहीं हो पाने के बाद तीनों वापस लौट रहे थे। इसी दौरान डेंटल विभाग के पहले तल्ले पर स्थित इलेक्ट्रिकल विभाग के पास बड़ी संख्या में मौजूद जूनियर रेजिडेंट छात्रों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि करीब 200 छात्रों की भीड़ ने विभाग में घुसकर तीनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। छात्रों ने लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से हमला किया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रों ने लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से हमला किया। मारपीट इतनी बर्बर थी कि तीनों का सिर फट गया और वे लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद अस्पताल कर्मियों की मदद से घायलों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। घायल इंजीनियरों का चल रहा इलाज इस हिंसक घटना में घायल होने वालों में इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रिशु मिश्रा, उनके पिता एवं सिविल इंजीनियर अशोक कुमार मिश्रा और लिफ्ट इंजीनियर अमन कुमार शामिल हैं। तीनों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। घायल अशोक कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स को पहले ही यह जानकारी मिल चुकी थी कि उनके खिलाफ शिकायत की गई है। इसी बात से नाराज होकर छात्रों ने योजनाबद्ध तरीके से हमला किया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की शिकायत शास्त्रीनगर थाना में की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। अस्पताल में मची अफरा-तफरी, मरीजों में दहशत घटना के दौरान अस्पताल परिसर का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया। कई वार्डों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। मरीजों और उनके परिजनों में डर और दहशत का माहौल कायम हो गया। कई अस्पतालकर्मी अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए। अस्पताल के गलियारों में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि करीब आधे घंटे तक पूरा परिसर रणक्षेत्र में तब्दील रहा। गार्ड और पुलिस पर उठे सवाल मौके पर मौजूद लोगों ने बताया, मारपीट के दौरान सुरक्षा गार्ड और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बीच-बचाव करने के बजाय तमाशबीन बने रहे। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षाकर्मी हस्तक्षेप करते तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घायल पक्ष ने भी आरोप लगाया कि सुरक्षा में भारी लापरवाही बरती गई। पुलिस जांच में जुटी, अस्पताल में तनाव बरकरार घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घायलों का बयान लेने के साथ-साथ अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू कर दी है।
किसानों को सहकारी बैंक ऋण पर 3% ब्याज:शिकायतों के बाद प्रशासन का फैसला, अधिकारी करेंगे निगरानी
बुलंदशहर में जिला सहकारी बैंक की शाखाओं द्वारा किसानों से अल्पकालीन कृषि ऋण पर 7 प्रतिशत ब्याज वसूलने की शिकायतों के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। किसानों के संगठनों की शिकायत पर मंगलवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और बैंक शाखा प्रबंधकों की बैठक हुई। इसमें स्पष्ट किया गया कि निर्धारित समय-सीमा में ऋण चुकाने वाले किसानों से केवल 3 प्रतिशत ब्याज ही लिया जाएगा। यह बैठक अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें जिला सहकारी बैंक के सभी शाखा प्रबंधक, सहायक विकास अधिकारी, अपर जिला सहकारी अधिकारी, उपमहाप्रबंधक, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, बैंक सचिव एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता उत्तर प्रदेश तथा यूपी स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लखनऊ के निर्देशों के अनुसार, 365 दिन के भीतर चुकाए गए अल्पकालीन कृषि ऋण पर किसानों से केवल 3 प्रतिशत ब्याज ही लिया जाना है। इस संबंध में बैंक मुख्यालय द्वारा कई परिपत्र भी जारी किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने शाखा प्रबंधकों और बी-पैक्स सचिवों को सख्त निर्देश दिए कि किसानों से निर्धारित दर से अधिक ब्याज न वसूला जाए। चेतावनी दी गई कि यदि किसी शाखा या बी-पैक्स स्तर पर 3 प्रतिशत से अधिक ब्याज लेने की शिकायत मिलती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विभागीय अधिकारी शाखाओं और बी-पैक्स समितियों की नियमित निगरानी करेंगे। इसका उद्देश्य किसानों को राहत प्रदान करना और शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करना है। प्रशासन के इस कदम से जिले के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें कृषि ऋण पर कम ब्याज दर का लाभ मिलेगा।
मैहर में घर के पीछे रखे सामान में आग:खेत से फैली, हजारों का नुकसान, धुएं का गुब्बार उठा
मैहर जिले की पुरानी बस्ती में गुरुवार दोपहर एक घर के पीछे रखे वरदाने और कचरे में आग लग गई। मस्जिद के पास स्थित आकाश वसंतानी के घर के पीछे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग खेत की ओर से फैलते हुए घर के पीछे रखे सामान तक पहुंची। आग लगते ही आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद दो फायर ब्रिगेड वाहन और दो पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ित आकाश वसंतानी ने बताया कि इस आगजनी की घटना में लगभग 25 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। आग की लपटों और धुएं के गुब्बार से आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया था। समय रहते आग पर काबू पा लेने से कोई बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है।
दरभंगा में पत्नी से नाराज शख्स ने एक दूसरी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वीडियो रिकार्ड कर अपनी पत्नी को भेज दिया। शख्स की पत्नी ने वीडियो देखने के बाद मामले की शिकायत पंचायत में की। इसके बाद गांव के लोगों ने महिला के पति को पकड़कर खंभे से बांधकर उसकी पिटाई की। मामले की जानकारी के बाद डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची और शख्स को छुड़ाकर थाना ले गई। थाने में महिला को भी बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में शख्स ने अपनी गलती स्वीकार की और दोबारा ऐसा न करने की बात कही। इसके बाद महिला को उसके पति के साथ घर भेज दिया गया। पुलिस ने कहा कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला या फिर शख्स की पत्नी ने लिखित आवेदन नहीं दिया है। अगर किसी की ओर से आवेदन दिया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला दरभंगा के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला दीप नारायण बेंगलुरु में प्राइवेट जॉब करता है। दीप नारायण की पत्नी का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाता था। उसके सास-ससुर घर से निकालने और अपने बेटे की दूसरी शादी कराने की बात कहते थे। दीप नारायण की पत्नी ने बताया कि परेशान होकर मैं अपने मायके आ गई थी। मायके में ही मेरी डिलीवरी हुई। दीप नारायण की पत्नी का आरोप है कि पति ने खर्च उठाने का वादा किया था, लेकिन कोई आर्थिक मदद नहीं की। पूरा खर्च उसके मायके वालों ने ही उठाया। पत्नी के मायके में रहने से नाराज हुआ दीप नारायण दीप नारायण ने बताया कि पत्नी के मायके जाने के बाद मैंने कई बार उसे घर बुलाया लेकिन वो नहीं आई। प्रताड़ना की बात कहती थी। फिर मैंने कहा कि तुम मेरे साथ बेंगलुरु चलो, पत्नी ने वहां भी जाने से मना कर दिया, इसलिए मैं पत्नी से नाराज रहने लगा। उधर, दीप नारायण की पत्नी ने कहा कि पति अक्सर धमकी देता था कि तुम मेरे पास नहीं आओगी तो मैं दूसरी महिला को घर ले आऊंगा। महिला के मुताबिक, मुझे लगा कि पति मजाक में या फिर गुस्से में ये बातें बोल रहे हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद उन्होंने एक महिला से संबंध बनाते हुए वीडियो बनाकर मुझे भेज दिया। इसके बाद मैंने वार्ड मेंबर से पूरे मामले की शिकायत की। जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में दिख रही महिला बेंगलुरु की रहने वाली बताई जा रही है। युवक ने भी स्वीकार किया कि वीडियो में दिख रही महिला बेंगलुरु में काम करती थी। दीप नारायण ने बताया कि मैं उसे लेकर अपने गांव वाले घर पर रखा था। महिला शादीशुदा है और दो बच्चों की मां है। दीप नारायण के इस कबूलनामा के बाद पुलिस उसके गांव वाले घर भी गई, लेकिन महिला नहीं मिली। उधर, दीप नारायण की मां ने भी वीडियो में दिख रही महिला को पहचानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बेटा जब की घटना बता रहा है, तब मैं घर पर नहीं थी। शादी समारोह में गई थी। दीप नारायण की सास बोली- मेरा दामाद चरित्रहीन है वहीं, दीप नारायण की सास ने मामले की जानकारी के बाद अपने दामाद को चरित्रहीन बताया। उन्होंने कहा कि मेरे दामाद और उसके घर वालों ने मेरी बेटी के साथ गलत किया है। वे अक्सर मेरी बेटी के साथ मारपीट करते हैं, इसलिए मैंने अपनी बेटी को अपने घर बुला लिया था। वहीं, सिंहवाड़ा थानाध्यक्ष बसंत कुमार ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। हालांकि अब तक मामले में किसी भी पक्ष की ओर से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मंदसौर जिले के पिपलीया मंडी में घरेलू गैस एजेंसी खोलने की मांग को लेकर कांग्रेस द्वारा चलाया जा रहा हस्ताक्षर अभियान लगातार दूसरे दिन (गुरुवार) भी जारी रहा। बुधवार से शुरू हुए इस अभियान को नगरवासियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। पहले दिन 756 और दूसरे दिन 650 लोगों ने हस्ताक्षर कर अभियान को समर्थन दिया। इस प्रकार दो दिनों में कुल 1406 नागरिक इस मांग के समर्थन में आगे आए हैं। मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में सब्जी मंडी स्थित श्री गणेश मंदिर में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना के बाद हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया। अभियान के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चिलचिलाती धूप में लोगों से संपर्क कर हस्ताक्षर करवाए। 20 हजार आबादी, फिर भी गैस एजेंसी नहींअनिल शर्मा ने कहा कि छोटे-छोटे गांवों में गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, लेकिन लगभग 20 हजार की आबादी वाले पिपलीया नगर में आज तक घरेलू गैस एजेंसी नहीं खुल पाई है। इसके चलते उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में नगर में एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई नारायणगढ़, मल्हारगढ़ एवं बालागुड़ा से की जा रही है। यदि नगर में ही गैस एजेंसी स्थापित हो जाती है तो लगभग 6 हजार उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। वर्षों पुरानी घोषणाएं अब भी अधूरीअनिल ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अगस्त 2008 की जनदर्शन यात्रा के दौरान पिपलीया में तहसील टप्पा कार्यालय खोलने की घोषणा की गई थी, लेकिन वर्षों बाद भी उस पर अमल नहीं हुआ। इस मांग को लेकर कई बार धरना, ज्ञापन और आंदोलन किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि पिपलीया एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक मंडी होने के बावजूद यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान पूरा होने के बाद जून माह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद को ज्ञापन सौंपकर पिपलीया में जल्द से जल्द घरेलू गैस एजेंसी खोलने की मांग की जाएगी। “लहसुन मंडी होने के बावजूद सुविधाओं का अभाव”नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष चौथमल गुप्ता ने कहा कि पिपलीया मंडी एशिया की प्रसिद्ध लहसुन मंडियों में गिनी जाती है, लेकिन यहां आज भी कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसमर्थन के बल पर नगर को जल्द ही गैस एजेंसी की सुविधा दिलाने का प्रयास सफल होगा। अभियान के दौरान पूर्व कार्यकारी जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल बोराना, किशनलाल चौहान, महेंद्र गेहलोत, श्यामलाल मालवीय, दिलीप मोहनलाल गुप्ता, किशोर माली उणियारा, दिनेश पाटीदार, बंशीलाल पाटीदार, अशोक कोहली, प्रितिपाल सिंह पंवार, युवराज सोनी, चंद्रप्रकाश हेमनानी, भेरूपप्पू गुर्जर, नानालाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं नागरिक मौजूद रहे।
नीमच जिले की मनासा थाना पुलिस ने अवैध हथियार बनाने वाली एक मिनी फैक्ट्री का खुलासा किया है। गुरुवार को पुलिस ने मौके से तीन अवैध देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस और भारी मात्रा में हथियार बनाने के उपकरण जब्त किए हैं। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य कारीगर फरार है जिसकी तलाश जारी है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम आंतरीमाता निवासी दुर्गाशंकर सुतार अपनी बाइक से एक देसी पिस्टल और जिंदा कारतूस लेकर मनासा आ रहा है। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने सारसी फंटे पर घेराबंदी कर दुर्गाशंकर को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा राउंड बरामद हुआ। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी दुर्गाशंकर ने खुलासा किया कि उसने ग्राम आंत्रीमाता के ही नानालाल सिकलीगर से दो और पिस्टल खरीदी थीं। दुर्गाशंकर की निशानदेही पर पुलिस ने वे दोनों पिस्टल भी बरामद कर लीं। घर पर चलाया जा रहा था अवैध हथियार का कारखाना इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी नानालाल सिकलीगर के घर पर दबिश दी। वहां अवैध हथियार बनाने का पूरा कारखाना देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही नानालाल सिकलीगर मौके से फरार हो गया। नानालाल के घर से पुलिस ने ग्राइंडर मशीन, चार देसी बंदूक बनाने की नाल, बीट हैमर, ट्रिगर, मैगजीन, वेल्डिंग मशीन, लेथ मशीन, हथौड़ा, प्लायर, स्प्रिंग और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये आरोपी राजस्थान और आसपास के जिलों के बड़े तस्करों को अवैध हथियारों की सप्लाई करते थे। पुलिस इस संबंध में गहन अनुसंधान कर रही है।
देवरिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 22 मई को प्रस्तावित दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री भीमपुर गौरा के समीप पोखरभिंडा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इस जनसभा को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को शिक्षा-पाय इंटर कॉलेज परिसर में भाजपा पिछड़ा मोर्चा नगर इकाई की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं और कार्यक्रम में अधिक से अधिक लोगों को पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई। पिछड़ा मोर्चा नगर अध्यक्ष गोविंद चौरसिया ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जिले को कई विकास योजनाओं की सौगात देने आ रहे हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से जनसभा को ऐतिहासिक बनाने की अपील की। चौरसिया ने कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को कार्यक्रम की जानकारी देने और उन्हें पैदल, साइकिल या मोटरसाइकिल से बड़ी संख्या में सभा स्थल तक पहुंचने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। बैठक में कार्यक्रम स्थल पर भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग, स्वागत व्यवस्था, पेयजल और आमजन की सुविधा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को विभिन्न सेक्टरों में बांटकर जिम्मेदारियां तय की गईं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। इस दौरान सभासद विजय कुमार बेलदार, अजय सिंह, वीरू राजभर, आयुष कुशवाहा, स्वामीनाथ, विजय यादव, विपिन यादव, अशोक जायसवाल, विशाल गुप्ता, त्रिभुवन प्रजापति, हरेंद्र धनगर, संजय यादव, बबीता पासवान और अभय नाथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आगरा के एस एन मेडीकल कॅालेज के मेडिसिन विभाग में भीषण गर्मी के बीच मरीजों और तीमारदारों की परेशानी कम नहीं हो रही। अस्पताल प्रशासन ने गर्मी से राहत के लिए ओपीडी में कूलर लगवाए हैं और बाहर टेंट भी लगाया गया है, लेकिन व्यवस्थाएं जरूरत के मुकाबले नाकाफी नजर आ रही हैं। कई वार्डों में करीब 20 बेड पर सिर्फ एक कूलर लगाया गया है, जिससे केवल पास के 2-4 बेड तक ही ठंडी हवा पहुंच रही है, जबकि बाकी मरीज धीमे चलते पंखों के सहारे गर्मी झेलने को मजबूर हैं। मेडिसिन विभाग के वार्डों के बाहर तीमारदार जमीन पर बैठे और लेटे नजर आए। तीमारदार महेश ने बताया कि वार्ड में काफी उमस है, कूलर नहीं है और बहुत ज्यादा गर्मी लग रही है, इसलिए बाहर बैठना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों की भारी भीड़ दिखाई दी। गर्मी से प्रभावित मरीजों में सिर दर्द, उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। मरीज लंबी लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। इस बीच गुरुवार को ओपीडी परिसर में एक कुत्ता घूमता नजर आया। खास बात यह रही कि उसे वहां से हटाने या भगाने वाला कोई कर्मचारी मौजूद नहीं दिखा। अस्पताल में इलाज के लिए आए लोगों ने इसे लापरवाही बताया। भीषण गर्मी के बीच मरीजों की बढ़ती संख्या और सीमित संसाधनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेडिसिन विभाग में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि गर्मी से राहत के लिए अतिरिक्त कूलर और बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए।
जहानाबाद समाहरणालय में गुरुवार को जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला हाईवे सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा, अतिक्रमण नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान एवं सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में छह प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विचार किया गया। इनमें हाईवे पर नियमित पेट्रोलिंग के लिए एसओपी तैयार करना, अवैध निर्माणों की पहचान, अतिक्रमण हटाने, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने तथा प्रत्येक 15 दिनों पर समीक्षा बैठक आयोजित करने जैसे विषय शामिल रहे। जिलाधिकारी ने पुलिस, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम को राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर नियमित पेट्रोलिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ‘हाईवे सेफ्टी जोन’ में हो रहे निर्माण कार्यों के लाइसेंस का ऑडिट कराने तथा बिना वैध क्लीयरेंस वाले निर्माण कार्यों पर तत्काल ‘स्टॉप वर्क नोटिस’ जारी करने का निर्देश भी दिया गया। अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने के लिए एनएचएआई, अंचल अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को संयुक्त सर्वे अभियान चलाने को कहा गया। आवश्यकतानुसार पुलिस बल की सहायता से कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क सुरक्षा संकेतक, रोड मार्किंग, क्रैश बैरियर, रंबल स्ट्रिप और चेतावनी बोर्ड का ऑडिट कराने पर जोर दिया गया। दुर्घटना संभावित स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की बात कही गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों से जुड़ा गंभीर विषय है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के कोर्ट रोड पर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई। यह घटना कोतवाली से कुछ ही दूरी पर हुई, जिसका वीडियो सामने आया है। इस संघर्ष में कई लोग घायल हो गए। माता कॉलोनी निवासी इस्लाम ने बताया कि उनके बेटे को बाजार से बर्फ लेकर लौटते समय आरोपी पक्ष ने अपना बकरा खोल दिया बकरे ने टक्कर मार दी थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि वे मामले की शिकायत दर्ज कराने शहर कोतवाली गए थे। शिकायत के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी आरोपी पक्ष ने उन्हें रास्ते में रोककर हमला कर दिया। पीड़ितों के अनुसार, दोनों पक्षो मे ईट पत्थर का पथराव हो गया । इस मारपीट में कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा और दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी बिर्जेश ने बताया कि वायरल वीडियो और मिली तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।
श्रावस्ती में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक कलेक्ट्रेट में हुई। समिति के अध्यक्ष और सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की।उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सांसद वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। बैठक में सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। उनके त्वरित समाधान की मांग की। इस दौरान पिछली दिशा बैठक की अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई, जिसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। 4900 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। बताया गया कि 4900 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 29,961 आवेदनों को स्वीकृति देकर लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना में 104 पात्र परिवारों को सहायता प्रदान की गई। वहीं, निराश्रित दिव्यांगजन भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत 5682 दिव्यांगजनों को पेंशन भेजी जा चुकी है। पात्र किसान परिवारों को लाभ मिला प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 में 66,601 परिवारों का आवास सर्वे पूरा किया गया। डिलीशन मॉड्यूल के तहत 10,794 अपात्र परिवारों को सूची से हटाया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में वर्ष 2025-26 के दौरान 1,58,500 पात्र किसान परिवारों को लाभ मिला। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत जनपद में 1,11,932 परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे श्रावस्ती को प्रदेश में 14वां स्थान प्राप्त हुआ है। पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत सैकड़ों रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को पहली, दूसरी और तीसरी किस्त की धनराशि हस्तांतरित की जा चुकी है। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सांसद द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में तेजी लाई जाए, गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और स्वीकृत तथा पूर्ण हो चुके कार्यों का शीघ्र शिलान्यास व लोकार्पण सुनिश्चित किया जाए।
जमुई के खैरा प्रखंड स्थित दाबिल गांव में लगभग 80 साल पुराने एक जर्जर पुस्तकालय को पंचायत सरकार ने आधुनिक हाईटेक लाइब्रेरी में बदल दिया है। गांव के बच्चों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए पंचायत ने सरकारी फंड और ग्रामीण सहयोग से इस पुस्तकालय का कायाकल्प किया है। अब यह लाइब्रेरी आसपास के कई गांवों के छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई का एक प्रमुख केंद्र बन गई है। करीब 10 लाख रुपये की सरकारी राशि और ग्रामीणों के निजी सहयोग से तैयार इस लाइब्रेरी में एयर कंडीशन, सीसीटीवी कैमरा, कंप्यूटर, लैपटॉप, आरओ वाटर, फर्नीचर और हाई स्पीड वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह लाइब्रेरी 24 घंटे खुली रहती है, जिससे छात्र अपनी सुविधा अनुसार यहां आकर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। बैंकिंग परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा नेहा ने बताया कि पहले पढ़ाई के लिए जमुई शहर जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। खासकर लड़कियों को काफी दिक्कत होती थी। अब गांव में ही लाइब्रेरी खुल जाने से पढ़ाई का बेहतर माहौल मिल गया है और किराया खर्च भी बच रहा है। छात्र दिनेश कुमार ने बताया कि लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं की लगभग सभी जरूरी किताबें उपलब्ध हैं। यहां वाई-फाई, एयर कंडीशन और शांत माहौल जैसी सुविधाओं से पढ़ाई करने में काफी सहूलियत मिल रही है। पहले शहर की लाइब्रेरी में अधिक भीड़ रहती थी, जबकि यहां निशुल्क और आरामदायक वातावरण मिल रहा है। मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र राम ने बताया कि यह पुस्तकालय पहले पूरी तरह जर्जर हो चुका था और भवन गिरने की स्थिति में पहुंच गया था। सरकारी राशि से भवन का जीर्णोद्धार कराया गया, जबकि लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं मुखिया और ग्रामीणों के सहयोग से उपलब्ध कराई गईं। उन्होंने बताया कि करीब पांच लाख रुपये के सहयोग से एयर कंडीशन, सीसीटीवी, लैपटॉप और अन्य सुविधाएं जोड़ी गई हैं। अब गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर नहीं जाना पड़ता। गांव की इस हाईटेक लाइब्रेरी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है।
रीवा में पुलिस आरक्षक राकेश कुमार पटेल की हत्या के मामले में नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि हत्या की वजह एक लाख रुपए का लेनदेन था। बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक ने आरोपी राकेश मिश्रा उर्फ राकेश तिवारी से एक लाख रुपए उधार लिए थे। इसी रकम को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक, 18 मई की रात आरोपी ने आरक्षक को पार्टी के बहाने समान थाना क्षेत्र के गड़रिया स्थित अपने घर बुलाया था। देर रात शराब पार्टी के दौरान दोनों के बीच रुपए को लेकर विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने गुस्से में आकर आरक्षक की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की तबीयत खराब होने के कारण ली थी छुट्टीमृतक आरक्षक राकेश कुमार पटेल मैहर जिले के रामनगर थाने में पदस्थ थे और बेटे की तबीयत खराब होने के कारण छुट्टी लेकर रीवा आए हुए थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने लगातार दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी है।
भरतपुर के वैर थाना इलाके लेपर्ड की हत्या के मामले में 17 नामजद लोगों के खिलाफ वन विभाग ने FIR दर्ज करवाई है। साथ ही करीब 50 लोगों की पहचान नहीं हो सकी है। लेपर्ड जब घर से भागने की कोशिश कर रहा था तो, उस समय ग्रामीणों ने लेपर्ड को लाठी डंडों से रोका और उसे पीट-पीटकर मार डाला। साथ ही उसके शव को आग लगाने की कोशिश की थी। वन विभाग की टीम के सामने लेपर्ड की हत्या नाका प्रभारी हर गोविंद ने FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि 19 मई की शाम करीब 8 बजे सीता गांव में लेपर्ड होने की सूचना मिली थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके आप सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठे थे। गांव में एक मकान के गेट को बंद किया हुआ था। मकान के चारों तरफ सैकड़ों लोग खड़े हुए थे। लेपर्ड को रेस्क्यू करने के लिए ग्रामीणों को वहां से हटने को कहा गया। लेपर्ड को ग्रामीणों ने लाठियों से रोका बहादुर सिंह नाम का व्यक्ति आया उसने वन विभाग की टीम से कहा कि भीड़ यहां से नहीं हटेगी। अगर ग्रामीण यहां हट जायेंगे तो, वन विभाग की टीम लेपर्ड को वहां से भगा देगी। बहादुर सिंह वहां मौजूद भीड़ को उकसाया। लेपर्ड को पकड़ने के लिए जाल बिछाया जा रहा था तभी लेपर्ड घर से बाहर निकल आया। लेपर्ड छलांग लगाकर भीड़ को पार करने की कोशिश कि लेकिन ग्रामीणों ने उसे लाठी, डंडों से वहीं रोक लिया। 17 नामजद और 50 अन्य के खिलाफ FIR दर्ज गांव के बहादुर, पूरन, निर्भय, छोटू, रमन, फौदी, तेजसिंह, राजकुमार, केदार, मानसिंह, मुरारी, रोहिताश, महेंद्र, पासवान, हेमंत, ब्रज बिहारी, अशोक, वनय सिंह सहित करीब 50 लोगों ने लेपर्ड को मार दिया। ग्रामीणों ने लेपर्ड के शव को जलाने की कोशिश भी की थी। वन विभाग की टीम ने लेपर्ड के शव को आग से निकालकर बाहर निकाला और, उसे कब्जे में लिया।
मां की गोद में आने के महज आठ दिन बाद ही एक मासूम जिंदगी जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ने लगी। शहडोल की रहने वाली नवजात बच्ची की तबीयत लगातार बिगड़ने पर परिजन उसे जबलपुर मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां जांच में पता चला कि बच्ची के दिल में जन्मजात छेद है। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने तत्काल बड़े सेंटर पर इलाज की सलाह दी। इसके बाद गुरुवार को बच्ची को एयर एम्बुलेंस से मुंबई के नारायणा अस्पताल रवाना किया गया। इस दौरान पिता विक्रम दाहिया और मौसा अजय दाहिया भी बच्ची के साथ मौजूद रहे। आरबीएसके प्रबंधक सुभाष शुक्ला ने बताया कि बच्ची को दो दिन पहले मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। लगातार हालत बिगड़ने के बाद विशेषज्ञों ने जांच की, जिसमें गंभीर हृदय रोग की पुष्टि हुई। इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी को पूरी जानकारी दी गई। बच्ची की नाजुक स्थिति को देखते हुए तत्काल दस्तावेज तैयार कर एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। 8 दिन की बच्ची के दिल में जन्मजात छेद मिला जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि नवजात बच्ची जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित है। डॉक्टरों के अनुसार समय रहते इलाज नहीं मिलने पर स्थिति और गंभीर हो सकती थी। मेडिकल कॉलेज के पीडियाट्रिक हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप जैन से समन्वय कर बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट तैयार की गई। बुधवार को परिजनों से संपर्क, गुरुवार को एयरलिफ्ट आरबीएसके प्रभारी सुभाष शुक्ला ने बताया कि बुधवार को बच्ची के परिजनों से संपर्क किया गया था। इसके बाद शहडोल जिले की आरबीएसके प्रबंधक कंचन पटेल और मुंबई के नारायणा अस्पताल से समन्वय स्थापित कर इलाज की पूरी प्रक्रिया शुरू कराई गई। गुरुवार को सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बच्ची को एयर एम्बुलेंस से मुंबई रवाना किया गया। मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और पीएमजेएवाई से मिला सहयोग बच्ची को मुंबई भेजने की पूरी प्रक्रिया मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और पीएमजेएवाई के अंतर्गत पूरी कराई गई। एयरपोर्ट पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, श्रीया अवस्थी तथा आरबीएसके टीम के धवल त्रिवेदी और विकास श्रीवास्तव मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिजनों को आवश्यक सहयोग और सहायता उपलब्ध कराई।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह से जुड़े आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में गुरुवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले के विवेचक अदालत में उपस्थित नहीं हुए, जिसके कारण आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी और अगली सुनवाई 28 मई को तय की गई। विवेचक की अनुपस्थिति के चलते अदालत ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख तय की है। अधिवक्ता मदन सिंह ने बताया कि विवेचक को आज गवाही या बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होना था। इससे पहले, 14 मई को अभियोजन पक्ष के गवाह सिपाही पंकज कुमार की गवाही दर्ज की गई थी। बचाव पक्ष ने उनसे जिरह पूरी कर ली थी। पंकज कुमार घटना के समय तत्कालीन थाना प्रभारी प्रवीण सिंह के साथ मौजूद थे। यह मामला 13 अप्रैल 2021 का है, जब त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के दौरान बंधुआकला थाना क्षेत्र के हसनपुर गांव में एक चुनावी सभा आयोजित की गई थी। आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य सलमा बेगम के समर्थन में बिना अनुमति यह सभा आयोजित करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया था। पुलिस ने इस प्रकरण में संजय सिंह सहित 12 नामजद और 45 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद मकसूद अंसारी, सलीम अंसारी और जगदीश यादव समेत कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया। अन्य आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। संजय सिंह के लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। इसके बाद, उन्होंने जुलाई 2024 में अदालत में आत्मसमर्पण किया और उन्हें दो जमानत मुचलकों तथा निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया था।
शिवगंज नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। सरकारी जमीनों पर कथित अवैध कब्जे, बिना अनुमति निर्माण, बदहाल उद्यान, ठप रिवर फ्रंट और चरमराई मूलभूत सुविधाओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा कार्यकर्ताओं संग नगर पालिका पहुंचे और अधिशासी अधिकारी से जवाब मांगा। लोढ़ा ने आरोप लगाया कि अवैध अतिक्रमण और निर्माण की लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही। इस पर ईओ ने जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया। मामले की गंभीरता देखते हुए लोढ़ा ने प्रमुख शासन सचिव रवि जैन से फोन पर बात की, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इधर पार्षदों और स्थानीय लोगों ने भी नगर की बदहाली पर सवाल उठाए। किसी ने तीन बीघा सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत उठाई तो किसी ने बगीचों में अवैध निर्माण, सूखी घास, बंद लाइटें, चोरी हुए कैमरे और बंद पड़ी टॉय ट्रेन-बोटिंग का मुद्दा रखा। रिवर फ्रंट और डिग्गीनाड़ी निर्माण कार्यों में भारी भुगतान के बावजूद अधूरे और घटिया काम के आरोप भी लगे। नगर की पेयजल व्यवस्था, खराब मोटरें, गंदगी से भरी नालियां, बंद रोड लाइटें और बदहाल सार्वजनिक शौचालयों को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं, आवारा पशुओं और कुत्तों की बढ़ती समस्या ने आमजन की परेशानी और बढ़ा दी है। व्यापारियों ने बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण और पार्किंग संकट को लेकर चिंता जताते हुए पुराने नगर पालिका भवन से गोल बिल्डिंग तक ई-रिक्शा संचालन शुरू करने की मांग की, ताकि व्यापार और आमजन दोनों को राहत मिल सके।
भारत के दुश्मनों का सफाया: PoK में मारा गया पुलवामा हमले का गुनहगार और जैश कमांडर हमजा बुरहान!
पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी है। यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं। गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
देवरिया में भाकियू मुख्यमंत्री को सौंपेगा ज्ञापन:चीनी मिल समेत जनसमस्याओं पर करेगा बात
देवरिया भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिले में चीनी मिल की स्थापना सहित विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। यह फैसला गुरुवार को सिंचाई विभाग के डाक बंगले पर आयोजित भाकियू की मासिक बैठक में लिया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि 22 मई को भीमपुर गौरा के समीप पोखरभिंडा गांव में मुख्यमंत्री के आगमन पर भाकियू का एक प्रतिनिधिमंडल उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू जिलाध्यक्ष गिरीश नारायण शाही उर्फ बड़े शाही ने कहा कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के समय से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा जिले में चीनी मिल लगाने का वादा किया जा रहा है। हालांकि, यह वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे गन्ना किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। शाही ने बरहज-सोनूघाट मार्ग, बरहज में निर्माणाधीन मोहन सेतु, जिला अस्पताल और नए बस स्टेशन के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अधूरे विकास कार्यों के कारण आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भाकियू नेताओं ने किसानों की अन्य समस्याओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आवारा पशु, घड़रोज, नीलगाय और अन्य जंगली जानवरों से खेती को भारी नुकसान हो रहा है। किसान रातभर खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन इस समस्या का अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। जिला महासचिव धनंजय सिंह ने सभी सक्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पहले कार्यक्रम स्थल भीमपुर पोखरभिंडा पहुंच जाएं। इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसानों की समस्याओं से सीधे अवगत कराना है। इस मासिक बैठक में जिला संयोजक सदानंद यादव, सत्याग्रह सरोज, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष जयकरण शाह, जिला कोषाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह, लल्लन कुशवाहा, नियाज अहमद, दुखी प्रसाद, विजय चौरसिया, उमाशंकर सिंह और शेषनाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आगरा के थाना न्यू आगरा पुलिस ने महिला के गले से चेन लूटने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पीली धातु की चेन के 2 टुकड़े और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है। 17 मई 2026 को वादिया ने थाना न्यू आगरा में तहरीर दी थी कि 16 मई की रात करीब 9 बजे वह भगवान टॉकीज के पास केले खरीद रही थी। तभी स्कूटी सवार दो युवकों ने झपट्टा मारकर उसके गले से चेन लूट ली और फरार हो गए। तहरीर के आधार पर थाना न्यू आगरा में मुकदमा दर्ज किया गया। लूट की घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई। 21 मई को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने खासपुर चौराहे के पास लाल गढ़ी रोड से दो आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अरबाज पुत्र गुलाम हुसैन और मोहम्मद समीर पुत्र अलताफ अहमद, निवासी शिव नगर खदरा, निराला नगर, लखनऊ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि 16 मई की रात भगवान टॉकीज चौराहे से उन्होंने ही बरामद स्कूटी से महिला की चेन लूटी थी। बरामद टुकड़े उसी चेन के हैं। पुलिस ने दोनों को जेल भेज दिया है। थाना पुलिस अन्य वारदातों में संलिप्तता की जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 'मध्यप्रदेश राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' का विधिवत गठन किया है। यह निर्णय भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के उद्देश्यों की पूर्ति और प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक सुदृढ़ ईको-सिस्टम तैयार करने के उद्देश्य से लिया गया है। व्यापार और निर्यात को मिलेगा वैश्विक मंचइस बोर्ड के गठन का प्राथमिक लक्ष्य औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के माध्यम से एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिससे न केवल व्यापारियों का कल्याण सुनिश्चित हो, बल्कि मध्यप्रदेश के निर्यात में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा सके। यह बोर्ड प्रदेश की अर्थव्यवस्था और व्यापारियों के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेगा।बोर्ड की संरचनाबोर्ड को समावेशी और प्रभावशाली बनाने के लिए इसमें शासन के विभिन्न अंगों और प्रमुख संस्थाओं को जोड़ा गया है:अध्यक्ष- मुख्यमंत्री।सदस्य- औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा नामित अधिकतम 10 सदस्य।विभागीय भागीदारी- वित्त, वाणिज्यिक कर, कृषि, लोक स्वास्थ्य, ऊर्जा, लोक निर्माण और विमानन सहित कुल 20 से अधिक विभागों के अपर मुख्य सचिव/सचिव इसके आधिकारिक सदस्य होंगे।संस्थागत विशेषज्ञता- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD), एनएचएआई (NHAI), एक्जीम बैंक और एपिडा (APEDA) जैसी संस्थाओं के क्षेत्रीय प्रमुख भी बोर्ड का हिस्सा होंगे।शीर्ष संगठन- सीआईआई (CII), फिक्की (FICCI), फियो (FIEO), डिक्की (DICCI) और लघु उद्योग भारती जैसे प्रमुख चैम्बर्स के प्रतिनिधियों को पदेन सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।सदस्य-सचिव- प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश इण्डस्ट्रीयल डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन (MPIDC), भोपाल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।कार्यप्रणाली और भविष्य की रूपरेखाबोर्ड की सक्रियता सुनिश्चित करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं। बोर्ड की बैठक कैलेंडर वर्ष में 4 बार (हर तीन माह में एक बार) अनिवार्य रूप से आयोजित की जाएगी। जिला स्तर पर विस्तार: जिला स्तरीय समितियों (DLC) का गठन भी जल्द किया जाएगा, जिसका निर्धारण सदस्य सचिव के प्रस्ताव और समन्वय में अनुमोदन के बाद होगा।लचीलापन: अध्यक्ष की अनुमति से बोर्ड की संरचना में आवश्यकतानुसार भविष्य में संशोधन भी किए जा सकेंगे।
बहराइच में महाराजा सुहेलदेव विजय उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने गुरुवार को चित्तौरा झील तट पर स्थित महाराजा सुहेलदेव स्मारक स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने 23 और 24 मई को आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ पुलिस अधीक्षक विष्वजीत श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दूबे, जिला विकास अधिकारी राजकुमार, डीपीआरओ चन्द्रभान सिंह, पीडी डीआरडीए मनीष कुमार और जिला पर्यटन अधिकारी मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने मंच स्थल, स्टॉल, वीआईपी गैलरी, पार्किंग और आवागमन के रास्तों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों के लिए ब्लॉकवार ले-आउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देश दिए गए कि लो वोल्टेज की स्थिति में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे। संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर व्यापक साफ-सफाई, पेयजल, दवा और एम्बुलेंस की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
यमुनानगर में मानसून से पहले शहर को जलभराव की समस्या से बचाने के लिए नगर निगम ने नालों की सफाई का अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में आज वीरवार को विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद और अन्य अधिकारियों के साथ शहर के प्रमुख नालों का निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले सभी नालों की गहराई तक सफाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान विधायक विश्वकर्मा चौक स्थित बड़े नाले पर पहुंचे, जहां जेसीबी मशीनों और कर्मचारियों की मदद से सफाई कार्य चल रहा था। नक्शे से जानी स्टॉर्म वाटर लाइन की जानकारी उन्होंने विश्वकर्मा चौक से कैंप क्षेत्र तक तथा विश्वकर्मा चौक से विजय नगर और जैन कॉलोनी की ओर जाने वाले नाले की स्थिति का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें स्टॉर्म वाटर लाइन और शहर के जल निकासी तंत्र की जानकारी नक्शे के माध्यम से दी। विधायक ने कहा कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से बचने के लिए नालों में जमा गाद और कचरे को पूरी तरह हटाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को सफाई कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने और तय समय सीमा के भीतर सभी नालों की सफाई पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रहने से बरसात के दौरान लोगों को राहत मिलेगी। तीन जोन में बांटे 22 वार्ड नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने बताया कि शहर के 22 वार्डों में नालों की सफाई के लिए क्षेत्र को तीन जोन में विभाजित किया गया है। पहले जोन में वार्ड एक से आठ, दूसरे में वार्ड नौ से 14 और तीसरे में वार्ड 15 से 22 तक के क्षेत्र शामिल हैं। सफाई कार्य के लिए दो एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें एक एजेंसी जोन-एक और तीन में तथा दूसरी एजेंसी जोन-दो और शहर के बड़े नालों की सफाई का कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि जिन बड़े नालों की सफाई की जा रही है उनमें जगाधरी से सेक्टर-17, प्रोफेसर कॉलोनी और मॉडल टाउन होते हुए लाजपत नगर तथा विश्वकर्मा चौक से डिच ड्रेन तक जाने वाला प्रमुख नाला, जोडियो वाला नाला और अन्य बड़े जल निकासी मार्ग शामिल हैं।
फतेहाबाद जिले की अपराध जांच शाखा (सीआईए) रतिया पुलिस ने 5 किलो 60 ग्राम डोडा पोस्त सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। काबू किए गए आरोपियों की पहचान ढाणी ठोबा निवासी सोनू तथा जांडवाला सोत्र निवासी नरसी उर्फ विक्की के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त एक बाइक भी बरामद की है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में हिसार भेज दिया गया है। पुलिस देखकर बाइक मोड़ने लगा तो फिसल गई सीआईए रतिया प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम गश्त एवं नशा तस्करों की धरपकड़ के लिए ढाणी खान मोहम्मद से ढाणी ठोबा रोड पर मौजूद थी। इसी दौरान सामने से आ रहे बाइक चालक ने पुलिस टीम को देखकर अचानक बाइक मोड़ने का प्रयास किया। इससे बाइक सड़क किनारे गिर गई। इसी दौरान बाइक पर सवार दोनों व्यक्तियों के पास रखा प्लास्टिक कट्टा भी नीचे गिर गया, जिसमें से डोडा पोस्त सड़क पर बिखर गया। दोनों आरोपियों को मौके पर काबू कर नियमानुसार तलाशी ली गई, जिसके दौरान कट्टे से 5 किलो 60 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ। बरामद डोडा पोस्त तथा बाइक को कब्जा पुलिस में लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज सीआईए प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि सिटी थाना फतेहाबाद में एनडीपीएस एक्ट की धारा 15बी/61/85 के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई जारी है।
अजीतपुर ओवरब्रिज पर 27 डंफर सीज:ओवरलोडिंग और यातायात नियम तोड़ने पर 6.50 लाख की वसूली की तैयारी
रामपुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासन और परिवहन विभाग ने अजीतपुर ओवरब्रिज के पास संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। गुरुवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस अभियान में ओवरलोडिंग और नियमों का उल्लंघन करने वाले 27 डंफरों को सीज किया गया। सिविल लाइंस कोतवाल ओंकार सिंह और यात्रीकर अधिकारी होरी लाल वर्मा के नेतृत्व में चले इस अभियान के दौरान दो डंफर ओवरलोड पाए गए। इसके अतिरिक्त, 25 अन्य डंफरों में गंभीर खामियां मिलीं। इनमें एचएसआरपी नंबर प्लेट का न होना, प्रेशर हॉर्न का उपयोग, रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप की अनुपस्थिति और चालकों द्वारा सीट बेल्ट न लगाना शामिल था। प्रशासन ने सभी 27 डंफरों को अजीतपुर पुलिस चौकी और सिविल लाइंस थाने में बंद करा दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई से वाहन चालकों और खनन कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों के अनुसार, इन सभी वाहनों से लगभग 6.50 लाख रुपये का प्रशमन शुल्क वसूला जाएगा। प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि ओवरलोडिंग करने वाले और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी लगातार अभियान जारी रहेगा। इसके साथ ही, वाहन स्वामियों और चालकों से अपील की गई है कि वे डंफरों में रेता, बजरी या अन्य सामग्री ओवरलोड न भरें और निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाएं। इसका उद्देश्य आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़क हादसों पर अंकुश लगाना है।
नृसिंहपुर-झीरपुरा सड़क 10 साल से जर्जर:ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द निर्माण की मांग की
धौलपुर के बसेड़ी उपखंड क्षेत्र के नृसिंहपुर (राजूपुरा) गांव के ग्रामीणों ने जर्जर सड़क के निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने बताया कि नृसिंहपुर (राजूपुरा) से झीरपुरा तक करीब 2.5 किलोमीटर लंबी लिंक सड़क पिछले 10 वर्षों से खस्ताहाल है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह ज्ञापन जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी के नाम सौंपा गया। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क गांव का मुख्य मार्ग है, लेकिन लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण आवागमन बाधित हो जाता है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में गंभीर दिक्कतें आती हैं। कई बार वाहन रास्ते में ही फंस जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सड़क का निर्माण करवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है।
गोरखपुर के सहजनवा तहसील में प्रदूषण एवं अन्य मुद्दों को लेकर सपा का धरना प्रस्तावित था। रात से ही कई वरिष्ठ नेताओं के पोस्ट आने लगे कि उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इससे जुड़े पोस्ट बार-बार किए गए। लेकिन सपा के ही एक पूर्व जिलाध्यक्ष ने इसपर अपनी पार्टी के नेताओं को नसीहत दे डाली है। पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी ने फेसबुक पोस्ट कर कहा है कि नेताओं को हाउस अरेस्ट नहीं होना चाहिए, यदि हो भी जाएं तो धरना-प्रदर्शन समाप्त होने तक उसे सोशल मीडिया पर नहीं डालना चाहिए। ऐसा करने से कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है। उन्होंने हाउस अरेस्ट होने वालों को कायर तक कहा। सपा के जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी काजल निषाद ने फेसबुक पोस्ट डालकर यह बताया था कि उनके घर अचानक पुलिस पहुंच गई और उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। सहजनवा में होने वाले धरना प्रदर्शन में शामिल होने से रोका जा रहा है। अपनी पोस्ट में जिलाध्यक्ष ने यह जिक्र भी किया था कि उन्हें पार्टी हाईकमान की ओर से लखनऊ बुलाया गया था। यह बताने पर पुलिस ने लखनऊ जाने दिया। काजल निषाद ने हाउस अरेस्ट को सरकार की डर से जोड़ा। रात 1 बजे के बाद सुबह 11 बजे भी पुलिस वालों के साथ उन्होंने वीडियो पोस्ट की। अब जानिए रामनगीना साहनी ने क्या कहा?पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी फेसबुक पोस्ट में लिखा कि ''हमारे जिम्मेदार समाजवादी पार्टी के नेता लोग किसी भी आंदोलन को होने के पहले हाउस अरेस्ट जैसे पोस्ट को लगाकर अपनी बहादुरी का परिचय न दें । इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता है।''इससे पहले के पोस्ट में भी उन्होंने ऐसी ही नसीहत दी थी। रामनगीना साहनी ने कहा कि जब भी कोई समाजवादी आंदोलन हो तो हमारे नेताओं, कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट होने से बचना चाहिए। यह बहादुरी नहीं है। उन्होंने स्व. मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा कि वह कहा करते थे कि जो कार्यकर्ता और नेता हाउस अरेस्ट हो, वह अपने आप को कायर समझे। इसलिए हमारे नेताओं, कार्यकर्ताओं को हमेशा सावधानी बरतनी चाहिए कि वह हाउस अरेस्ट न हों। यदि किसी परिस्थिति में अरेस्ट या हाउस अरेस्ट हों, तब भी आंदोलन होने तक उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने या मीडिया में बताने से बना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम लोग आंदोलन से पहले हमेशा अपना घर छोड़ देते हैं। यदि हमारे नेता हाउस अरेस्ट हो जाएंगे तो पार्टी आंदोलन कैसे करेगी। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं द्वारा हाउस अरेस्ट का सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने से शेष कार्यकर्ताओं एवं नेताओं का मनोबल टूट जाता है। उन्हें लगता है कि जब हमारा बड़ा नेता ही मैनेज हो गया तो फिर हम आंदोलन में क्यों जाएं। खुद के घर की वीडियो डालीरामनगीना साहनी ने खुद के घर की वीडियो भी शेयर की है, जिसमें पुलिस वाले उनके यहां बैठे नजर आ रहे हैं। लेकिन उन्हें हाउस अरेस्ट नहीं कर सके। रामनगीना ने सहजनवा में प्रदर्शन के दौरान की फोटो व वीडियो भी पोस्ट की है। हाउस अरेस्ट होने वाले नेताओं ने सरकार को डरा बताया, उनके ही नेता ने उन्हें कायर कहा हाउस अरेस्ट का पोस्ट शेयर करने वाली पूर्व प्रत्याशी काजल निषाद ने इसे सरकार का डर बताया। जबकि बिना नाम लिए रामनगीना साहनी ने इस बहादुरी पर तंज कसा और स्व. मुलायम सिंह यादव की बातों का हवाला देते हुए ऐसे लोगों को कायर बताया। एक ही विधानसभा क्षेत्र से दावेदार हैं दोनों नेता रामनगीना साहनी ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया है लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उनका इशारा काजल निषाद की ओर है। काजल गोरखपुर ग्रामीण से सपा की दावेदार मानी जा रही हैं और पूर्व जिलाध्यक्ष रामनगीना साहनी भी खुद को दावेदार के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। दोनों नेता निषाद समाज से आते हैं इसलिए उनके बीच की प्रतिद्वंद्विता भी दिखती रहती है।
आजमगढ़ के मंडलीय अस्पताल में आउट सोर्सिंग पर तैनात पैरा मेडिकल स्वास्थ्य कर्मियो को तीन माह से मानदेय नहीं मिला। मानदेय की मांग को लेकर गुरुवार को पैरा मेडिकल स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर चले गए। जिससे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई। ओपीडी के लिए पर्ची नहीं मिली। अपना इलाज कराने आए मरीजों की लंबी कतार लग गई। मंडलीय अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ, वार्ड व्वाय, लैब टेक्निशियन, वार्ड आया, पैरा मडिकल स्टाफ पदो पर आउट सोर्सिंग से कर्मचारियों की तैनाती है। सभी कर्मचारी अस्पताल के मुख्य गेट पर इमरजेंसी के मुख्य गेट पर मानदेय भुगतान किए जाने की मांग को लेकर धरना पर बैठ गए। जिससे पूरी स्वास्थ्य सेवा घंटो ठप रही। मरीजो को पर्ची तक नहीं मिली। जिसके कारण अपना इलाज कराने आए मरीजों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि या सिर्फ आजमगढ़ की हाल नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं। अधिकारियों के आश्वासन पर मन प्रदर्शनकारीअपना बकाया मानदेय की गुहार लेकर सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मियों को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने समझाया। इसके बाद प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपना धरना समाप्त किया। हालांकि इस दौरान काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही और इलाज कराने आए लोगों को काफी समस्याओं का भी सामना करना पड़ा।
लखनऊ के नाका हिंडोला थाना क्षेत्र में बुधवार को नकली इलेक्ट्रिक सामान बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की अधिकृत टीम और पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर एंकर ब्रांड के नाम पर बेचे जा रहे नकली इलेक्ट्रिक उत्पाद बरामद किए। आगे की जांच की जा रही है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि अमीनाबाद रोड स्थित भेड़ी मंडी बसीरतगंज इलाके में नकली एंकर उत्पादों की बिक्री की जा रही है। सूचना के आधार पर QuickIP Consultancy Pvt. Ltd. की टीम नाका हिंडोला थाने पहुंची और पुलिस को मामले से अवगत कराया। इसके बाद एसआई अमद अली, एसआई स्वाति चौधरी, कांस्टेबल अभिषेक त्रिपाठी और कंपनी की टेक्निकल टीम के साथ चिन्हित दुकान एस मीना इलेक्ट्रिक पर छापा मारा गया। दुकान पर मौजूद व्यक्ति ने अपना नाम प्यारे मियां पुत्र जहूर अहमद निवासी बसीरतगंज नाका बताया। जांच के दौरान दुकान से एंकर ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे 263 नकली इलेक्ट्रिक उत्पाद बरामद किए गए। इनमें फैन रेगुलेटर, होल्डर और प्लग सहित कई सामान शामिल हैं। कंपनी की टेक्निकल टीम ने मौके पर उत्पादों की जांच की, जिसमें सभी सामान नकली पाए गए। पुलिस ने प्रत्येक उत्पाद का एक-एक नमूना और असली एंकर प्रोडक्ट सील कर कब्जे में लिया जबकि बाकी सामान को प्लास्टिक कट्टों में भरकर सील कर दिया गया। कंपनी के मुताबिक नकली उत्पादों की बिक्री से कंपनी की छवि खराब होने के साथ आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
शिवपुरी के माधव चौक पर गुरुवार दोपहर एक महिला ने अपने तीन बच्चों के साथ खुद पर पेट्रोल छिड़ककर धरना प्रदर्शन किया। महिला ने भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव और उसके साथियों पर मारपीट व छेड़छाड़ के गंभीर आरोप लगाए। सूचना मिलने पर देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को कार्रवाई का आश्वासन देकर थाने ले गई। देहात थाना क्षेत्र के रायश्री गांव की निवासी महिला ने बताया कि उसके पति ने उसे छोड़कर दूसरी महिला के साथ रहना शुरू कर दिया है। महिला का आरोप है कि उसके ममिया ससुर ठाकुरलाल जाटव, सास और देवर ने मिलकर यह सब करवाया। इसके बाद वह अपने बच्चों के साथ सरकारी जमीन पर बने कच्चे मकान में रहने को मजबूर हो गई। जमीन बिकवाने का आरोप लगायामहिला ने यह भी आरोप लगाया कि ठाकुरलाल जाटव ने परिवार की जमीन बिकवा दी, लेकिन उसे उसका हिस्सा नहीं दिया। वह लंबे समय से अपने हिस्से की मांग कर रही है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही। महिला ने चिंता व्यक्त की कि वह जिस सरकारी जमीन पर रह रही है, प्रशासन उसे कभी भी खाली करा सकता है, जिससे उसके बच्चों के साथ रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। महिला के अनुसार, इसी विवाद के चलते ठाकुरलाल जाटव और उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट की और उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ भी की। उसने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी थाने और एसपी कार्यालय में की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने से परेशान होकर महिला ने गुरुवार को बच्चों के साथ माधव चौक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं दूसरी ओर भीम आर्मी नेता ठाकुरलाल जाटव ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिला का बेटा उनके भांजे की दुकान का ताला तोड़कर चोरी का प्रयास करते हुए पकड़ा गया था। इसी मामले में कार्रवाई से बचने के लिए महिला झूठे आरोप लगा रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से जमीन और संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। बता दें कि महिला के परिवार पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। उनके अनुसार महिला की बड़ी बहन ने अपने पति की हत्या प्रेमी और बेटों के साथ मिलकर कराई थी, जिसमें इस महिला पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप लगे थे। पुलिस बोली- जांच के बाद कार्रवाई करेंगेइधर देहात थाना प्रभारी विकास यादव का कहना है कि मामला पारिवारिक संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है। गांव में दुकान के आधिपत्य को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। महिला द्वारा छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मौके का मुआयना कर रही है और साक्षियों के बयान लेने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमुई के सिकंदरा थाना क्षेत्र के खैसर गांव की 64 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला की शेखपुरा सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने गुरुवार को जहर पी लिया था, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मृतका की पहचान बच्चू यादव की पत्नी शीला देवी के रूप में हुई है। वह जमुई के सिकंदरा थाना क्षेत्र के खैसर गांव की निवासी थीं। मृतका की बड़ी बहू ने बताया कि उनकी सास का छोटी बहू से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शीला देवी गांव से निकलकर करंडे थाना क्षेत्र के सिंझौड़ी गांव चली गईं। सिंझौड़ी गांव में उन्होंने जहर खरीदा और उसका सेवन कर लिया। जब वह घर लौटीं, तो उन्हें उल्टी होने लगी। परिवार के सदस्यों ने तुरंत उन्हें शेखपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया और भर्ती कराया। डॉक्टर बोले-गंभीर हालत में आई थीं अस्पताल में तैनात चिकित्सकों ने बताया कि महिला की हालत गंभीर थी और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस के एएसआई सुरेंद्र सिंह और पीटीसी नवल कुमार मंडल सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मृतका के शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि घटना को लेकर लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मऊ सदर से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी ने एक कॉकरोच पार्टी इस समय काफी चर्चा में है।उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा- मै सोच रहा हूं, क्यों न इसे ज्वाइन कर लूं और इसी से चुनाव लड़ूं। क्योंकि इससे जुड़े मुद्दे पंसद आ रहे हैं। मेरे सभी जानने वाले लोग ज्वाइन कर लिए। यहां कोई कार्यालय खुला हो तो मुझे ले चलो ज्वाइन कर दो। उन्होंने सपा के जिला अध्यक्ष दूधनाथ यादव की ओर देखते हुए यह भी कहा अध्यक्ष जी आप भी ज्वाइन करेंगे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष (अखिलेश यादव) भी कल इसे ज्वाइन करने के लिए कह रहे थे। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत के 'कॉकरोच' वाले बयान के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट का जिक्र बोला है। सदर विधानसभा क्षेत्र के इटौरा ग्राम सभा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के विधायक अब्बास अंसारी ने जेल से रिहा होने के बाद पहली बार एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने लगभग 25 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इंटरलॉकिंग सड़क परियोजना का उद्घाटन और शिलान्यास किया। यह परियोजना विधायक निधि से पूरी की जाएगी। मृतक माफिया मुख्तार अंसारी के बड़े पुत्र अब्बास अंसारी अपने समर्थकों और सात लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ गांव पहुंचे। उनके काफिले में शामिल गाड़ियों के नंबर 786 थे। विधायक को देखने के लिए ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लगभग साढ़े चार साल बाद अब्बास अंसारी सफेद शर्ट और काली जींस में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उनके अंदाज को लेकर भी चर्चा रही। उन्होंने युवाओं से आत्मीयता से मुलाकात की, कई समर्थकों को गले लगाया और उनके कंधे पर हाथ रखकर हालचाल जाना। इस दौरान समर्थकों में काफी उत्साह देखा गया। उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान विधायक अब्बास अंसारी ने विकास कार्यों को जनता की जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अब्बास अंसारी ने आगे कहा कि उनके परिवार ने अपनी जमीन पर 18 गांव बसाए हैं और आज तक कोई यह नहीं बता सकता कि किसी और ने अपनी निजी जमीन देकर लोगों को बसाया हो। उन्होंने यह भी कहा कि उनके परिवार ने देश के लिए कुर्बानी दी है, स्वतंत्रता सेनानी दिए हैं और खून की आहुति दी है। इसी दौरान उन्होंने ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मुख्तार अहमद अंसारी का जिक्र करते हुए कहा कि डॉ. मुख्तार अहमद अंसारी विदेश में डॉक्टर होने के बावजूद देश की आजादी की लड़ाई में शामिल हुए थे। अपने राजनीतिक सफर पर बोलते हुए विधायक अब्बास अंसारी ने कहा कि वह एक इंटरनेशनल खिलाड़ी थे, लेकिन परिस्थितियों और अपने पिता के जेल जाने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके ऊपर लगातार मुकदमे लगाए गए और उन्हें वर्षों तक जेल में रहना पड़ा। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका पर विश्वास और जनता के आशीर्वाद से वह बाहर आए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अब उन्हें अपनी जनता से दूर रहना बर्दाश्त नहीं है और उन्होंने जिला प्रशासन को भी यह संदेश दे दिया है कि अब जनता और उनके बीच दूरी न बनाई जाए। कार्यक्रम का आयोजन समाजवादी पार्टी के जिला कोषाध्यक्ष रामधनी चौहान द्वारा कराया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ ने मंगलवार दोपहर जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अत्यधिक कार्यभार और उड़ान योजना के तहत सेनेटरी नेपकिन वितरण में आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान की मांग की गई। जिलाध्यक्ष मंजू कारपेंटर ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर काम का अत्यधिक दबाव है। उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री वंदन योजना, पोषण ट्रैकर में टीएचआर अपडेट करने, ई-केवाईसी फेस कैप्चर, बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने और नाश्ता व भोजन व्यवस्था ऑनलाइन अपडेट करने जैसी कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। इन कार्यों के अतिरिक्त कार्यकर्ताओं को प्रतिदिन गृह भ्रमण, बच्चों की लंबाई और वजन मापने और शाला पूर्व शिक्षा संबंधी कार्य भी करने होते हैं। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न कार्यक्रमों में भीड़ जुटाने जैसे अतिरिक्त कार्यों में भी आंगनबाड़ी कार्मिकों को लगाया जाता है, जिससे कार्यकर्ताओं और महिला पर्यवेक्षकों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। संघ ने अपनी शिकायत में कहा कि विभाग का मूल उद्देश्य पोषण आहार वितरण, प्री-स्कूल शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा, टीकाकरण सहयोग, स्वास्थ्य जांच और कुपोषण नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य हैं। हालांकि, अत्यधिक ऑनलाइन और प्रशासनिक कार्यों के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों का सुचारू संचालन प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में उड़ान योजना के तहत सेनेटरी नेपकिन वितरण प्रक्रिया में आ रही तकनीकी परेशानियों पर भी प्रकाश डाला गया। जनआधार पोर्टल खोलने और ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में कार्यकर्ताओं को लगातार दिक्कतें आ रही हैं। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि उड़ान योजना की वितरण प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए और अन्य सभी समस्याओं का जल्द समाधान निकाला जाए। इससे आंगनबाड़ी कार्मिक अपने मूल कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की पुण्यतिथि पर महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से कांग्रेस कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा और गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अवनीश काजला के नेतृत्व में हुआ, जिसमें कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान अवनीश काजला ने कहा कि राजीव गांधी ने देश को आधुनिक भारत की दिशा देने का काम किया है। सूचना क्रांति, पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को आगे बढ़ाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने आगे कहा की राजीव गांधी ने देश को 21वीं सदी की सोच दी और कांग्रेस पार्टी उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की एकता, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम में आदित्य शर्मा, मोनिंदर सूद वाल्मीकि, डॉ. बबिता गुर्जर, दिनेश उपाध्याय, विनोद सोनकर, केडी शर्मा, संजीव अग्रवाल, राकेश मिश्रा, नईम राणा, अनिल प्रेमी, मुस्तकीम चौहान, सरताज चौधरी, हरीश त्यागी, मगन शर्मा, विनोद शर्मा, इकरामुद्दीन पार्षद, मैनुद्दीन चौधरी, राकेश शर्मा, शमसुद्दीन चौधरी, सचिन शर्मा, मुज्जाहिद, संदीप हांडा, कल्लू मलिक, संजय वर्मा, पवन थापा, पीयूष रस्तोगी, सुशांत शर्मा, दीपांशु गुर्जर, अल्तमस त्यागी और अजय चौधरी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
8 साल की बच्ची को गोली मारने वाला आरोपी गिरफ्तार:अवैध पिस्टल बरामद, आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ीं
अम्बेडकरनगर के हंसवर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बालिका को गोली मारने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल और कारतूस भी बरामद किए हैं। यह घटना 18 मई को दोपहर करीब 3 बजे हुई थी। रुकसार बानो पत्नी बरकत अली ने बताया कि वह पिछले चार वर्षों से हंसवर में अपनी बहन के घर अपने तीन बच्चों के साथ रह रही हैं। घटना वाले दिन, रुकसार अपनी छोटी दुकान में बैठी थीं, तभी गांव का मोहनिश पुत्र मदनी सामान लेने आया और उनसे कहासुनी करने लगा। कहासुनी के दौरान, उनकी आठ वर्षीय बेटी इकरा बीच-बचाव करने दौड़ी। तभी मोहनिश ने अवैध असलहे से इकरा की कनपटी पर गोली मार दी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ी। रुकसार बानो की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। थानाध्यक्ष हंसवर अभिनेष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बाल अपचारी मोहनिश उर्फ मो. मोनिस उर्फ लाल बादशाह (उम्र करीब 17 वर्ष) को नियमानुसार हिरासत में ले लिया। अभियुक्त की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक अवैध .32 बोर पिस्टल, एक मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 3/9/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है।
गोरखपुर के मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में नए कुलपति की नियुक्ति कर दी गई है। प्रो.अनुपमा कौशिक शर्मा को तीन साल के लिए विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया गया है। उनकी नियुक्ति को संस्थान के इतिहास में बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि वह एमएमएमयूटी की पहली महिला कुलपति होंगी। प्रो. जेपी सैनी के बाद मिली जिम्मेदारी इससे पहले विश्वविद्यालय में कुलपति के पद पर प्रो.जेपी सैनी कार्यरत थे। उनका कार्यकाल 16 जनवरी को समाप्त हो गया था। इसके बाद उन्हें लखनऊ यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया। साथ ही उन्हें एमएमएमयूटी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। अब प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा को विश्वविद्यालय का पांचवां कुलपति नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही अपना पदभार ग्रहण कर सकती हैं। पहली बार किसी महिला के हाथ में होगी कमान प्रो. शर्मा की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज के समय से लेकर विश्वविद्यालय बनने तक अब तक किसी महिला को संस्थान की कमान नहीं मिली थी। यही नहीं, प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में भी महिला कुलपति या निदेशक के उदाहरण बेहद कम रहे हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति को महिला नेतृत्व की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पंजाब यूनिवर्सिटी से की उच्च शिक्षा प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा ने अपनी उच्च शिक्षा पंजाब यूनिवर्सिटी से पूरी की है। उन्होंने वर्ष 1993 में केमिकल इंजीनियरिंग में बीई, 1995 में एमई, 1999 में एमबीए फाइनेंस और 2005 में पीएचडी की डिग्री हासिल की। इसके अलावा उन्होंने सांख्यिकी में पीजी डिप्लोमा और फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा भी किया है। 31 वर्षों का शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव प्रो. शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1999 में पंजाब यूनिवर्सिटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग में लेक्चरर के रूप में की थी। वर्ष 2008 में वह एसोसिएट प्रोफेसर बनीं और 2011 में प्रोफेसर के पद पर पहुंचीं। उन्होंने विश्वविद्यालय में कई अहम प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। इनमें टेक्विप समन्वयक, पुरातन छात्र संबंध की अधिष्ठाता और यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां शामिल हैं। शिक्षण, शोध और अकादमिक प्रशासन के क्षेत्र में उन्हें 31 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने करीब 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा 10 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन भी किया है। कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले प्रो. शर्मा को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं। उन्हें एशियन पॉलिमर एसोसिएशन का यंग रिसर्चर अवार्ड, एआईसीटीई का करियर अवार्ड फॉर यंग टीचर्स और इंडो-स्विस बाईलैटरल रिसर्च इनिशिएटिव फेलोशिप से सम्मानित किया जा चुका है। वह पंजाब यूनिवर्सिटी की एमबीए और सांख्यिकी डिप्लोमा परीक्षा की गोल्ड मेडलिस्ट भी रही हैं। प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा को शोध, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा जगत से जुड़े लोग उनकी नियुक्ति को एमएमएमयूटी के लिए नई दिशा देने वाला कदम मान रहे हैं।
प्रतापगढ़ जिला अभिभाषक संघ की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को सातवें दिन भी जारी रही। आंदोलन को उग्र रूप देते हुए वकीलों ने न्यायालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार को ही धरना स्थल बना दिया। यहां जिलेभर के अधिवक्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्यों का पूर्ण बहिष्कार किया। बार संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अब केवल लिखित आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर ठोस कार्रवाई और मांगों की पूर्ण पूर्ति होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वकीलों ने घोषणा की कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को पहले संभागीय और फिर राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। इसी के तहत एक विशेष डेलीगेशन जोधपुर जाकर उच्च न्यायालय को वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा और बार भवन और अन्य विकास कार्यों के बजट को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन से मुलाकात करेगा। हड़ताल को टाइपिस्ट, फोटोकॉपी संचालकों, स्टाम्प वेंडरों और वकील मुंशियों का भी समर्थन मिला, जिससे दीवानी, फौजदारी और राजस्व अदालतों का काम प्रभावित रहा। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगों में बार भवन और चेम्बर निर्माण, न्यायालय परिसर विस्तार, कैंटीन व शौचालय सुविधा, स्थाई लोक अदालत और उपभोक्ता मंच को परिसर में स्थानांतरित करना, स्टेनो नियुक्ति, राजस्व मामलों में लंबित फाइलों पर कार्रवाई तथा बिना अधिवक्ता कार्यों पर रोक शामिल हैं। इस दौरान बार अध्यक्ष बलवंत बंजारा और सचिव सचिन पटवा सहित कई अधिवक्ताओं ने आंदोलन को आर-पार की लड़ाई बताया।
लखीमपुर-खीरी में अवैध खनन पर प्रशासन की कार्रवाई:दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त, आगे की जांच जारी
लखीमपुर खीरी जनपद में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मैगलगंज क्षेत्र में खनन विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने थाना मैगलगंज क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध मिट्टी खनन में संलिप्त दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया। जानकारी के अनुसार, खनन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि मैगलगंज क्षेत्र में बिना अनुमति मिट्टी का अवैध खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खनन इंस्पेक्टर खीरी के नेतृत्व में एक टीम ने क्षेत्र में अभियान चलाया। जांच के दौरान, टीम ने दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को अवैध रूप से मिट्टी का खनन और परिवहन करते हुए पकड़ा। मौके पर वाहनों से संबंधित दस्तावेज और खनन अनुमति पत्र की जांच की गई, लेकिन चालक कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद, विभागीय नियमों के तहत दोनों वाहनों को तत्काल सीज कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। खनन इंस्पेक्टर ने स्पष्ट किया कि जनपद में अवैध खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन के निर्देश पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी अवैध खनन की सूचना मिलेगी, वहां त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे अवैध खनन की जानकारी प्रशासन को दें, ताकि पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध खनन से जुड़े लोगों में सतर्कता देखी जा रही है।
कटनी आश्रय गृह से तीन नाबालिग फरार:तीन जिलों की पुलिस बेखबर, मंडला में दस्तयाब
कटनी जिले के हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन बालिका आश्रय गृह से तीन नाबालिग लड़कियां आधी रात को ताला खोलकर फरार हो गईं। यह घटना करीब 10 दिन पहले हुई थी। कटनी का प्रशासनिक और पुलिस तंत्र उन्हें ट्रेस करने में नाकाम रहा, जबकि उन्होंने तीन जिलों की सीमाएं पार कर ली थीं। बुधवार को मंडला जिले की निवास पुलिस ने उन्हें संदिग्ध हालत में घूमते हुए दस्तयाब किया। फरार हुई तीनों बालिकाओं की उम्र 15 से 17 वर्ष के बीच है। इन्हें बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश पर इस आश्रय गृह में कड़ी निगरानी और संरक्षण के लिए रखा गया था। सुरक्षा खामियां उजागर बालिकाओं ने आश्रय गृह की सुरक्षा खामियों और कर्मचारियों की गतिविधियों पर कई दिनों तक नजर रखी थी। करीब 10 दिन पहले, रात लगभग 2 बजे, जब पूरा स्टाफ सो रहा था, उन्होंने मुख्य द्वार की चाबियां चुराईं। ताला खोलने के बाद वे परिसर की ऊंची बाउंड्री वॉल फांदकर फरार हो गईं। रात में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड और निगरानी तंत्र को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब स्टाफ ने रूटीन चेकिंग की और बालिकाएं बिस्तर पर नहीं मिलीं, तब प्रबंधन को घटना का पता चला। आनन-फानन में एनकेजे थाना पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन तब तक बालिकाएं कटनी रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी थीं। संवेदनशील क्षेत्रों में रहीं नाबालिगें कटनी रेलवे स्टेशन से तीनों बालिकाएं ट्रेन पकड़कर जबलपुर पहुंचीं। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले लगभग नौ दिनों तक ये नाबालिग लड़कियां जबलपुर रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के संवेदनशील इलाकों में ही भटकती रहीं। रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थान नाबालिगों के लिए मानव तस्करी शारीरिक शोषण और अन्य संगीन अपराधों के लिहाज से सबसे खतरनाक माने जाते हैं। ऐसे संवेदनशील इलाके में तीन नाबालिग लड़कियां नौ दिनों तक घूमती रहीं, लेकिन न तो जीआरपी, न आरपीएफ और न ही स्थानीय पुलिस की नजर उन पर पड़ी। बस से पहुंचीं मंडला, पुलिस की मुस्तैदी से हुआ खुलासाजबलपुर में नौ दिन गुजारने के बाद, बालिकाएं बस में सवार होकर मंडला जिले के निवास क्षेत्र पहुंच गईं। यहां की स्थानीय पुलिस को सड़क पर घूम रहीं इन लड़कियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। जब पुलिस ने रोककर पूछताछ की, तो लड़कियां लगातार बयान बदलती रहीं। पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने सच उगल दिया और बताया कि वे कटनी के आश्रय गृह से भागकर आई हैं।मंडला पुलिस ने तुरंत इसकी सूचना कटनी पुलिस को दी। बुधवार को एनकेजे थाने की एक विशेष टीम मंडला पहुंची और तीनों बालिकाओं को अभिरक्षा में लेकर कटनी वापस आई। यहाँ जिला अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसके बाद उन्हें पुनः बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।पारिवारिक उपेक्षा की शिकार थीं बालिकाएंइस मामले का एक दुखद पहलू यह भी है कि ये तीनों बालिकाएं पहले से ही अपनों की बेरुखी का दंश झेल रही थीं। पहली बालिका बिहार की रहने वाली है, जो कुछ समय पहले कटनी रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में भटकती हुई जीआरपी को मिली थी।दूसरी बालिका कटनी के ही माधवनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। तीसरी बालिका पड़ोसी जिले उमरिया की निवासी है। स्थानीय दोनों बालिकाओं के लापता होने की शिकायत उनके परिजनों ने थानों में दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब इन्हें पूर्व में दस्तयाब कर उनके माता-पिता को सौंपने का प्रयास किया, तो परिजनों ने इन्हें साथ रखने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद ही बाल कल्याण समिति ने इन्हें सुरक्षा और संरक्षण के लिए लिटिल स्टार फाउंडेशन भेजा था। सीसीटीवी फुटेज खंगाले कटनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) संतोष कुमार डेहरिया ने बताया कि एनकेजे थाना क्षेत्र के हिरवारा स्थित लिटिल स्टार फाउंडेशन बालिका आश्रय गृह से करीब 10 दिन पूर्व तीन बालिकाएं भाग गई थीं। पुलिस लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ अन्य माध्यमों से उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। मंडला पुलिस की सूचना पर बालिकाओं को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया गया है। तीनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है और आश्रय गृह की सुरक्षा चूकों की भी समीक्षा की जाएगी।
ललितपुर में झांसी से आई विजिलेंस की टीम ने गुरुवार को कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी और एक कनिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर क्लीनिक का लाइसेंस जारी करने के एवज में एक चिकित्सक से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। आरोपियों के खिलाफ सदर कोतवाली में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई बांसी निवासी उदयराम वर्मा की शिकायत पर की गई। उदयराम ने अपने घर पर क्लीनिक खोलने के लिए 16 अप्रैल 2026 को क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। लाइसेंस जारी करने के बदले डेढ़ लाख रुपए की मांग शिकायतकर्ता के मुताबिक, कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी अर्जुन लाल अहिरवार ने लाइसेंस जारी करने के बदले डेढ़ लाख रुपए की मांग की थी। इसमें 1 लाख रुपए पहले और बाकी 50 हजार रुपए लाइसेंस जारी होने के बाद देने की बात कही गई थी। आरोप है कि अधिकारी ने पैसे कार्यालय के बाबू रामकृष्ण गुप्ता की मौजूदगी में देने को कहा था। उदयराम वर्मा ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए झांसी स्थित उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने आरोपियों को रिश्वत लेते हुए पकड़वाने की इच्छा जताई थी। विजिलेंस टीम ने मामले की गोपनीय जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद 21 मई 2026 को विजिलेंस ट्रैप टीम ने जाल बिछाया। टीम ने कार्यवाहक क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा अधिकारी अर्जुन लाल अहिरवार और कनिष्ठ सहायक रामकृष्ण गुप्ता को शिकायतकर्ता से 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच की जा रही है।
भारतीय युवा कांग्रेस, कोरबा (शहर) ने 21 जुलाई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों के शिक्षा के अधिकार की रक्षा की मांग की है। जिलाध्यक्ष राकेश पंकज के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के खुलेआम उल्लंघन का मुद्दा उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने बैठकर प्रदर्शन भी किया। युवा कांग्रेस ने अपने पत्र में बताया कि RTE 2009 के तहत निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटें वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित हैं। इसका उद्देश्य उन्हें बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। हालांकि, कोरबा जिले के अधिकांश निजी स्कूल नर्सरी, प्रेप, केजी-1 और केजी-2 कक्षाओं में RTE के तहत प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं, जिससे छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। ज्ञापन में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों से संबंधित एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया गया। गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर संकट युवा कांग्रेस ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने यह योजना गरीब और असहाय परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा प्रदान करने के लिए शुरू की थी। लेकिन वर्तमान में इन स्कूलों में अनिवार्य शुल्क लागू कर दिया गया है, जिससे गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। युवा कांग्रेस की प्रमुख मांगें हैं कि सभी निजी विद्यालयों में नर्सरी से केजी-2 तक RTE के 25 प्रतिशत आरक्षण को तुरंत लागू कर प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में लगाया गया अनिवार्य शुल्क तत्काल हटाकर शिक्षा को पूर्णतः निःशुल्क किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो युवा कांग्रेस सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।इस अवसर पर मधुसूदन दास, अजीत बर्मन, विपिन श्रीवास सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर महिलाओं से लूट का प्रयास किया गया। बैंक से पैसे निकालकर घर लौट रही महिलाओं का बैग छीनकर भाग रहे युवक को ग्रामीणों ने पीछा कर पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। घटना हनुमना नगर में जनपद पंचायत के पास सुनसान इलाके की है। ई-रिक्शा से घर लौट रही थीं महिलाएं जानकारी के अनुसार महिलाएं बैंक से करीब 30 हजार रुपये निकालकर ई-रिक्शा से घर जा रही थीं। इसी दौरान एक युवक ने झपट्टा मारकर उनका बैग छीन लिया और मौके से भागने लगा। महिलाओं के शोर मचाने पर आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत सक्रिय हो गए और कुछ दूरी पर आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी के पास मिला चाकू घटना की सूचना मिलने पर हनुमना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर थाने ले गई। पूछताछ के दौरान आरोपी के पास से एक धारदार चाकू और बेहोश करने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध पाउडर बरामद किया गया। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अकेला नहीं था और उसके कुछ साथी बोलेरो वाहन से मौके से फरार हो गए। फरार साथियों की तलाश जारी पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है। दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीणों की सतर्कता से बड़ी वारदात टल गई।
कौशांबी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर कार्यरत डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मचारी गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले के सभी संविदा कर्मियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि पिछले दो महीने से अधिक समय से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जिससे गहरा आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। संविदा कर्मचारियों ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण वे अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने 'एक काम, एक समान वेतन' की मांग भी उठाई है।इस हड़ताल के कारण जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कौशांबी को सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की है।
प्रयागराज जंक्शन पर चला टिकट चेकिंग अभियान:321 यात्री धराए, रेलवे ने 2 लाख रुपये से अधिक वसूले
प्रयागराज जंक्शन पर बुधवार को विशेष मजिस्ट्रेट टिकट चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान बिना टिकट यात्रा करने वाले, अनियमित टिकट पर सफर करने वाले, धूम्रपान करने वाले और बिना बुक कराए सामान ले जाने वाले कुल 321 यात्रियों पर कार्रवाई की गई। रेलवे ने इन यात्रियों से 2 लाख 1 हजार 750 रुपये का जुर्माना वसूला। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग हरिमोहन के निर्देशन में चलाया गया। सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक पंकज कुमार त्रिपाठी ने इसका पर्यवेक्षण किया। टिकट जांच स्टाफ ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में व्यापक जांच की। इस विशेष अभियान में 17 टिकट जांच कर्मियों के साथ 9 रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और 9 राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) कर्मियों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। जांच में 170 बिना टिकट यात्रियों से 1 लाख 37 हजार रुपये और 148 अनियमित टिकट वाले यात्रियों से 64 हजार 50 रुपये वसूले गए। धूम्रपान और गंदगी फैलाने वाले 3 यात्रियों पर भी 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया। रेल प्रशासन का कहना है कि ऐसे अभियान राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ स्टेशन और ट्रेनों में अनुशासन एवं स्वच्छता बनाए रखने में सहायक हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से वैध टिकट के साथ यात्रा करने और रेलवे परिसरों में साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। प्रयागराज मंडल ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे।
पंजाब में पावरकॉम के सुविधा सेंटरों, मीटर लैब और स्टोरों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर 21 मई 2026 की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। 'आउटसोर्स एम्प्लॉइज फेडरेशन पंजाब' के बैनर तले शुरू हुई इस हड़ताल में एनसीसी, सीआरसी, स्टोर, मीटर लैब और पैस्को के कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांग विभाग में सीधा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना और काम में हो रहे भेदभाव को समाप्त करना है। इस हड़ताल से राज्य में बिजली से जुड़ी जनसुविधाएं और तकनीकी कामकाज ठप होने की आशंका बढ़ गई है। विभाग के सुविधा सेंटरों, मीटर लैबोरेट्रीज और स्टोरों से संबंधित आउटसोर्स कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। आउटसोर्स एम्प्लॉइज फेडरेशन पंजाब' के आह्वान पर शुरू हुई इस हड़ताल में विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारी शामिल हैं। फेडरेशन के जालंधर संभाग के अध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि विभाग में लंबे समय से काम कर रहे आउटसोर्स वर्करों के साथ लगातार भेदभाव और असमानता का व्यवहार किया जा रहा है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे सालों से अपनी जान जोखिम में डालकर विभाग को सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका वाजिब हक नहीं मिल रहा है। इस बार कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है और 21 मई 2026 की रात 12 बजे से काम पूरी तरह बंद कर दिया है। सीधे अनुबंध की मुख्य मांग यूनियन के मुताबिक, उनकी सबसे प्रमुख और जायज मांग यह है कि बिचौलियों या निजी ठेकेदारों को हटाकर विभाग के साथ सीधे कॉन्ट्रैक्ट के तहत उन्हें शामिल किया जाए। इसके अलावा, समान काम के लिए समान वेतन और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी की जा रही है। कर्मचारियों ने इस हड़ताल के संबंध में विभाग के उच्च अधिकारियों और प्रशासन को लिखित रूप में सूचित कर दिया है। उन्होंने साफ किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस और सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक सुविधा सेंटरों, मीटर टेस्टिंग और स्टोरों का कोई भी काम नहीं किया जाएगा। जनता पर पड़ेगा सीधा असर इस हड़ताल के कारण नए बिजली कनेक्शन, खराब मीटरों को बदलने का काम, बिलिंग से जुड़ी शिकायतें और सरकारी स्टोरों से बिजली के सामान की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित होने की संभावना है। अगर हड़ताल लंबी खिंचती है, तो आने वाले दिनों में आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
दरभंगा में चाय दुकानदार श्रवण राम की गोली मारकर हत्या मामले में एक शातिर बदमाश गिरफ्तार हुआ है। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के दरभंगा राज के चाहरदिवारी के पास रामबाग की है। पुलिस ने गिरफ्तार बदमाश के पास से तीन अवैध पिस्टल, 79 जिंदा कारतूस, पांच मैगजीन, घटना में प्रयुक्त 220 सीसी पल्सर बाइक, फर्जी नंबर प्लेट, 15 मोबाइल फोन समेत कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए हैं। छीनतई में चली गोली चाय दुकानदार को लगी सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बहादुरपुर थाना पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि 13 मई की सुबह करीब 8:05 बजे विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में दो बदमाश मोटरसाइकिल से पहुंचे। इन्होंने अमित कुमार सिंह से चेन छीनने का प्रयास किया। विरोध करने पर अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसी दौरान पास में मौजूद स्थानीय चाय दुकानदार श्रवण राम को गोली लग गई। गंभीर रूप से घायल श्रवण राम की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक दरभंगा जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक अशोक चौधरी के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। टीम में सदर-01 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विश्वविद्यालय थाना, बहादुरपुर थाना, सदर थाना और तकनीकी शाखा के अधिकारियों को शामिल किया गया। पुलिस ने CCTV फुटेज, तकनीकी जांच और सूचना के आधार पर बदमाशों की पहचान की। जांच के दौरान बदमाशों के भागने के रास्ते का विश्लेषण करते हुए पुलिस बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित एक किराये के मकान तक पहुंची। मकान मालिक से पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस ने हीरा लाल उर्फ रोहित उर्फ पन्नू सिंह उर्फ चुन्नू सिंह उर्फ केशव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मुजफ्फरपुर के कटरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त गिरफ्तार बदमाश की निशानदेही पर पुलिस ने बहादुरपुर थाना क्षेत्र स्थित किराये के कमरे में छापेमारी की। वहां से घटना में प्रयुक्त काले-नीले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल, कई फर्जी नंबर प्लेट, अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन और अपराध में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए। इसके अलावा एक काले रंग की स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है। कई जिलों में फैला था अपराध का नेटवर्क पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार बदमाश ने अपने सहयोगी के साथ मिलकर दरभंगा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में चेन स्नैचिंग, लूट और अन्य आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मुजफ्फरपुर और दरभंगा के विभिन्न थानों में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और फर्जीवाड़ा समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य थानों से भी उसका आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
गोरखपुर में भी आउट ऑफ स्टॉक 'Melody' टॉफी:PM मोदी ने मेलोनी को दिया था गिफ्ट, तभी से बढ़ा क्रेज
गोरखपुर में पारले ब्रांड की मेलोडी टॉफी का स्टॉक खत्म हो गया है। इटली दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को गिफ्ट में मेलोडी टॉफी का एक पैकेट दिया। जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हुई। तभी से ही देश के अलग-अलग जगहों पर इसका डिमांड बढ़ गया। जिसका असर गोरखपुर में भी देखने को मिल रहा है। शहर में चलने वाले ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर यह आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। वहीं स्थानीय दुकानों पर भी नहीं है। दुकानदारों का कहना है कि डिमांड इतनी बढ़ी है यह टॉफी खत्म हो गई है। वापस लौट रहे कस्टमर्स A to Z सुपर मार्केट के ऑनर दीपक सिंह ने बताया कि कल रात से दी मेलोडी टॉफी की डिमांड बढ़ गई है। सुबह होते- होते यह आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। कई कस्टमर्स को वापस लौटना पड़ रहा है। वहीं उन्होंने ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की दिक्कत की वजह से इतनी जल्दी मंगा भी सकते। शॉप पर कई अन्य सामानों के स्टॉक भी खत्म होने को है। ट्रांसपोर्टेशन बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जिससे स्टॉक समय पर नहीं पहुंच रहें। वहीं सिद्दी विनायक प्रोविजन स्टोर के ओनर ने बताया कि डिमांड तो काफी बढ़ गई है लेकिन हमारे पास अभी स्टॉक है। उनका भी साफ कहना है कि कुछ दिनों में सभी सामान खत्म हो सकते हैं। कई दुकान जाने पर भी नहीं मिलइसके अलावा राजेंद्र नगर के रहने वाले रोहित ने बताया कि आज मेरे बेटे का बर्थडे है। बच्चों को देने के लिए हमेशा की तरह मेलोडी टॉफी खरीदने पास की दुकान गया। लेकिन वहां नहीं मिला। फिर आगे बढ़कर कई दुकानों पर ढूंढा कहीं नहीं मिला। फिर मैंने सोचा ब्लिंकिट करता हूं, वहां भी सोल्ड आउट दिखा रहा है। नहीं हो पाया ऑनलाइन ऑर्डर रुस्तमपुर की रहने वाली रिया ने बताया कि पढाई करते समय मैं अक्सर बीच- बीच में टॉफी खाती रहती। अब मेलोडी टॉफी मुझे सबसे ज्यादा पसंद है। इसलिए उसे ही हमेशा अपने पास रखती। कल ही मेरी टॉफी खत्म हो गई तो मैंने ऑर्डर करना चाहा लेकिन नहीं मिली। मेडिकल रोड के रहने वाले अभिजीत ने बताया कि पीएम मोदी और मेलोनी की वीडियो देखकर ही मेरे दोस्त मेलोडी टॉफी का डिमांड करने लगे। मैंने सोचा चलों ऑर्डर कर दी देता हूं। लेकिन जब चेक किया आउट ऑफ स्टॉक दिखा। क्यों बढ़ी डिमांड दरसअल भारत के पीएम नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के दौरान इटली पहुंचें। 20 मई को वहां की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को पारले मेलोडी टॉफी का एक पैकेट गिफ्ट किए, जिसका वीडियो मेलोनी खुद अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर पोस्ट किया। यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। लोग तरह- तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि तभी इस टॉफी की डिमांड देश भर में काफी ज्यादा बढ़ गई है। जिसकी वजह से कई जगहों पर यह आउट ऑफ स्टॉक हो गया है। हैशटेग 'मेलोडी' का प्रयोग कर चुकी हैं मेलोनी 'मेलोडी' शब्द इटली की प्रधानमंत्री की ओर से दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित करते हुए बनाया गया है। इसमें उन्होंने अपने और प्रधानमंत्री मोदी के नाम को जोड़ा है। इससे पहले वे तीन बार प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए हैशटेग 'मेलोडी' का प्रयोग कर चुकी हैं। भारतीय जनता पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री की हास्यशैली का हिस्सा बताया है। भारत में मेलोडी चॉकलेट टॉफी अपने एक पुराने इश्तिहार के कारण काफी ख्यातिप्राप्त है। उसका वे वाक्य कि 'मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों हैं, मेलोडी खाओ खुद जान जाओ' आज भी बहुत से लोगों को याद है।
सीधी जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने गुरुवार दोपहर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्कूल परिसर में चल रहे अवैध कारोबार का खुलासा किया है। पुलिस ने 208 शीशी नशीली कफ सिरप जब्त कर स्कूल के डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है। स्कूल परिसर में दी गई दबिश कोतवाली और जमोड़ी पुलिस की संयुक्त टीम ने गजराज स्कूल परिसर में छापा मारा। पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि स्कूल के आसपास नशीली कफ सिरप बेची जा रही है। यह भी सूचना थी कि स्कूल के कमरों का इस्तेमाल नशा रखने और सप्लाई करने के लिए किया जा रहा है। थाना प्रभारी अभिषेक उपाध्याय और दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। कार और कमरों से मिली कफ सिरप दबिश के दौरान अमरवाह निवासी अमन सिंह चौहान को मौके से गिरफ्तार किया गया। तलाशी में स्कूल के कमरों और आरोपी की आल्टो कार क्रमांक MP18CA2926 से कुल 208 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद हुई। पुलिस के अनुसार इसकी कीमत करीब 52 हजार रुपए है। पुलिस ने जब आरोपी से वैध दस्तावेज मांगे तो वह कोई कागजात पेश नहीं कर सका। कई अन्य आरोपियों की तलाश जारी पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ लंबे समय से नशे का कारोबार चला रहा था। मामले में आशू केवट, प्रिंस मिश्रा, अम्बिकेश सिंह गोंड, नवीन नामदेव और अमन सोधिया के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपियों की तलाश कर रही है। स्कूल की मान्यता होगी खत्म पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और मध्य प्रदेश ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। स्कूल परिसर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में होने के कारण संबंधित स्कूल की मान्यता समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'गद्दार' कहे जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' और राहुल गांधी की 'अराजकतावादी मानसिकता' का परिचायक बताया। भंडारी ने कहा कि देश की जनता द्वारा कांग्रेस को लगातार नकारे जाने के बाद राहुल गांधी हताशा में हैं। इसी हताशा के कारण वे राजनीतिक मर्यादाओं को भूलकर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय राजनीति में शुचिता और सम्मान की परंपरा के खिलाफ इस बयान को 'बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। जिलाध्यक्ष भंडारी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों ने देश की जमीन और ज़मीर को हमेशा 'गिरवी' रखने का काम किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की जमीन सुरक्षित हुई और लोगों का ज़मीर मजबूत हुआ। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है। भंडारी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद पर पूर्ण रूप से लगाम लगाई गई है, जिससे पड़ोसी देश भी भारत की इस नीति से प्रभावित हैं। उन्होंने राहुल गांधी के बयान को केवल प्रधानमंत्री मोदी का ही नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का अपमान बताया।
गया जिले के टिकारी और कोंच प्रखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए एक नई पहल की गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) डॉ. अभय रमन के नेतृत्व में, इन स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ संगीत और कला की भी शिक्षा दी जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मानसिक विकास के साथ-साथ उनकी कलात्मक प्रतिभा को निखारना है। डॉ. अभय रमन स्वयं लगातार विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर रहे हैं। इस अभियान के तहत मकपा उच्च विद्यालय टिकारी, महिला उच्च विद्यालय कोंच, गांधी उच्च विद्यालय कोंच और राज इंटर विद्यालय टिकारी जैसे कई विद्यालयों में विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। पारंपरिक पढ़ाई से बच्चों के ऊबने की समस्या को देखते हुए, डॉ. रमन ने शिक्षा के साथ संगीत और सह-शैक्षणिक गतिविधियों को जोड़ने पर जोर दिया है। स्कूलों में बच्चों को बेहतर पठन सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ संगीत के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण पाठ भी सिखाए जा रहे हैं। इस रचनात्मक तरीके से बच्चे न केवल खुशी-खुशी स्कूल आ रहे हैं, बल्कि उनकी सीखने की क्षमता में भी उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है। खेल-खेल में सीखने की यह प्रक्रिया बच्चों को अधिक प्रेरित कर रही है और उनकी उपस्थिति में भी वृद्धि हुई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के इस प्रयास की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों का कहना है कि इस पहल से विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों के अभिभावक भी संतुष्ट हैं कि उनके बच्चों को अब किताबों के ज्ञान के साथ-साथ संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी अनुभव मिल रहा है, जो उनके सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है।
हनुमानगढ़ के तलवाड़ा मंडी क्षेत्र में गुरुवार को समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद में अव्यवस्थाओं के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। बारदाने की कमी और बायोमेट्रिक प्रक्रिया में लगातार आ रही तकनीकी दिक्कतों से परेशान किसानों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। मंडी में कई दिनों से खुले में पड़े गेहूं और खरीद प्रक्रिया में देरी से किसानों में भारी नाराजगी है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता के बावजूद समाधान नहीं निकलने पर किसान धरने पर बैठ गए और आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। बारदाने की कमी और तकनीकी दिक्कतों से बढ़ी परेशानी किसानों का कहना है कि इस बार गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई है। मंडी में बारदाने की भारी कमी के कारण गेहूं की तुलाई प्रभावित हो रही है, वहीं बायोमेट्रिक सत्यापन में लगातार तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। इसके चलते किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है और कई किसानों की खरीद प्रक्रिया अधूरी रह जा रही है। मंडी में खुले में पड़ा गेहूं, नुकसान का डर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने बताया कि बड़ी मात्रा में गेहूं मंडी यार्ड में खुले में पड़ा हुआ है। समय पर खरीद नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। तेज गर्मी के बीच किसान कई दिनों से अपनी उपज लेकर मंडी में डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा। किसान नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना प्रदर्शन की सूचना मिलने पर किसान नेता रेशम सिंह मानुका मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन लगातार आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। उनके अनुसार इस साल गेहूं की सरकारी खरीद व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भाजपा नेत्री गुलाब सिंवर भी मौके पर पहुंचीं और किसानों से वार्ता की। वार्ता बेनतीजा, धरने पर बैठे किसान प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और किसानों के बीच बातचीत हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद किसान धरने पर बैठ गए। दोपहर बाद तक आंदोलन जारी रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जाम से प्रभावित रही आवाजाही सड़क जाम के कारण मंडी क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित रही। स्थानीय लोगों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थिति को देखते हुए हरियाणा की ओर जाने वाले वाहनों को टिब्बी कस्बे से डायवर्ट किया गया। तलवाड़ा थाना प्रभारी जगदीश सिंह ने बताया कि हरियाणा की तरफ से आने वाले वाहनों को डायवर्ट करने के लिए ऐलनाबाद मार्ग पर भी पुलिस जवान तैनात किए गए हैं।
बूंदी के नैनवां में गुरुवार सुबह बामनगांव निवासी चेतराम गुर्जर की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर दिया। यह जाम नैनवां से समीधि और जरखोदा मार्ग पर कांटे डालकर लगाया गया, जो लगभग ढाई घंटे तक चला। सूचना मिलने पर नैनवां थानाधिकारी सहदेव सिंह और एसडीएम भागचंद रैगर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से समझाइश की। थानाधिकारी सहदेव सिंह ने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों की मोबाइल पर जयपुर के सांगानेर सदर दक्षिण थानाधिकारी अनिल कुमार से बात करवाई। अनिल कुमार ने बताया कि चेतराम गुर्जर की हत्या के आरोप में दो आरोपी दिवांश और विशाल को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में 11 आरोपियों को नामजद किया गया है और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस आश्वासन के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे जाम हटा लिया गया। इससे पहले 8 मई को वीर गुर्जर उत्थान समिति तहसील नैनवां की अगुवाई में गुर्जर समाज के लोगों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में जयपुर के सांगानेर सदर दक्षिण थाना क्षेत्र में हुई चेतराम गुर्जर की हत्या के आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार करने और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। ज्ञापन में बताया गया था कि यह घटना 1 मई 2024 की रात करीब 10 बजे की है। बामनगांव निवासी चेतराम गुर्जर जयपुर के सचिवालय नगर में अपने एक परिचित की शादी में गए हुए थे। आरोप है कि वहां पहले से घात लगाकर बैठे बामनगांव निवासी कौशल नागर और उसके 10-12 साथियों ने लाठी-सरियों से उन पर हमला कर गंभीर रूप से मारपीट की। गंभीर हालत में चेतराम को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। कंटेंट: अश्वनी शर्मा, नैनवां
मोहन सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर अब शिक्षकों के वेतन से पैसा काटकर उनके लिए कल्याण योजनाएं चलाएंगे। इसको लेकर लोक शिक्षण आयुक्त ने 15 शिक्षक संगठनों को पत्र लिखकर 26 मई को उन्हें बैठक के लिए बुलाया है और उनसे शिक्षकों के वेतन से राशि कटौती कराने का फैसला कराया जाएगा। शिक्षा विभाग के इस पत्र का विरोध भी हो रहा है कि सरकार शिक्षकों के वेतन से कटौती करके किस तरह का कल्याण करना चाह रही है। शिक्षकों के हित में फैसला लेना तो सरकार की जिम्मेदारी है। लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गठित शिक्षक कल्याण प्रतिष्ठान ने राज्य कार्यकारिणी समिति की 19 नवम्बर को हुई बैठक में निर्णय लिया था कि शिक्षकों के कल्याण के चलाई जाने वाली योजनाओं के संचालन के लिए शिक्षकों से हर साल अंशदान के रूप में वेतन से कटौती की जाएगा। इस फैसले पर सुझाव और सहमति लेने के लिए 26 मई को लोक शिक्षण आयुक्त के सभागार में संगठनों की बैठक बुलाई गई है। बैठक की अध्यक्षता अपर परियोजना संचालक, समग्र शिक्षा एवं पदेन अपर संचालक लोक शिक्षण द्वारा की जाएगी। कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध भी शुरू कर दिया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि शिक्षकों के कल्याण के लिए सरकार को फैसला करना है तो कटोत्रा किस बात का होगा? पहले ही शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है और अतिथि शिक्षक के नाम पर कभी नौकरी पर रखा जा रहा है तो कभी नौकरी से निकाला जा रहा है। न पेंशन मिल रही है और न ही स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। अब इस तरह के कटोत्रा के जरिये सरकार वेतन से राशि काटने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री 28 मई को करेंगे कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक उधर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 28 मई को प्रमुख कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने वाले हैं। मध्यप्रदेश कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री से समय मांगा है और कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने के लिए कहा है।
लुधियाना में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हारपाल सिंह चीमा ने आज मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य के कई अहम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। प्रेस वार्ता में राज्य भर में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को समाप्त करवाना और विपक्षी नेताओं विशेषकर भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के विवादित बयानों पर किया गया तीखा पलटवार रहा। मंत्री चीमा ने सबसे बड़ी राहत की खबर देते हुए बताया कि पंजाब के विभिन्न नगर निगमों (ULBs), नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में पिछले कई दिनों से चल रही सफाई कर्मचारियों और सीवरमैनों की हड़ताल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई है। बैठक और सहमति: सफाई कर्मचारियों की 35 सदस्यीय समिति (जिसमें 5 सदस्यीय कोर कमेटी शामिल थी) ने कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। मांगों पर विचार: कर्मचारियों की मुख्य मांगें आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमन (regularization) और स्थानीय निकायों की समस्याओं से जुड़ी थीं। कई मांगों पर तुरंत सहमति बन गई है। एक महीने का समय: जो मांगें वर्तमान में चुनाव आचार संहिता (Model Code of Conduct) के दायरे में आ रही हैं उनके लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। सरकार ने इन सभी पेंडिंग मुद्दों को सहानुभूतिपूर्वक सुलझाने के लिए एक महीने की समय सीमा (Timeline) तय की है। रवनीत बिट्टू के 'ISI एजेंट' वाले बयान पर तीखा पलटवार भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री को ISI एजेंट कहे जाने के सवाल पर मंत्री ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा एक चुने हुए मुख्यमंत्री के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना 3 करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान (तौहीन) है। भाजपा को बताया 'एंटी-पंजाब': मंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और उसकी सोच पूरी तरह से एंटी-पंजाब (पंजाब विरोधी) है। कैप्टन अमरिंदर सिंह का जिक्र: उन्होंने रवनीत बिट्टू और सुनील जाखड़ (जो अब भाजपा में हैं) से सवाल पूछते हुए कहा कि जब वे कांग्रेस में थे और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के घर में एक पाकिस्तानी नागरिक (अरूसा आलम) रहती थीं, तब वे चुप क्यों थे क्या तब उन्होंने देश और पंजाब की सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया था हर नागरिक को पार्टी बनाने का अधिकार कॉकरोच जनता पार्टी' और युवाओं के अधिकारों पर बयान हाल ही में युवाओं द्वारा बनाए गए एक आंदोलन (जिसे 'कॉकरोच जनता पार्टी' का नाम दिया गया था) को बैन किए जाने के मुद्दे पर मंत्री ने लोकतंत्र की दुहाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को अपनी राजनीतिक पार्टी बनाने और अपनी विचारधारा जनता के सामने रखने का अधिकार देता है। साथ ही, उन्होंने समाज के युवाओं लड़के-लड़कियों को कॉकरोच जैसे भद्दे नामों से संबोधित करने की कड़ी निंदा की और इसे युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास बताया। महंगाई भत्ते पर हाईकोर्ट के फैसले की होगी कानूनी समीक्षा पंजाब सरकार के DA (Dearness Allowance) से जुड़े फैसले को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया अभी तक सरकार को अदालत के आदेश की आधिकारिक कॉपी प्राप्त नहीं हुई है। आदेश की प्रति मिलने के बाद उसकी कानूनी समीक्षा (Legal Review) की जाएगी और उसके अनुसार ही अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि पिछली कांग्रेस सरकार ने 5 साल तक DA फ्रीज कर रखा था, जबकि मौजूदा आप सरकार ने इसे बहाल करने का प्लान अदालत में पेश किया था जिसे पहले स्वीकार भी किया गया था।
कैमूर में पूर्व सैनिकों के लिए नवनिर्मित जिला सैनिक कल्याण कार्यालय का उद्घाटन 21 मार्च को किया गया। जिला मुख्यालय के चकबंदी रोड स्थित इस कार्यालय का शुभारंभ जिला पदाधिकारी नवीन कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस पहल से जिले के हजारों पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को अब पेंशन व अन्य कार्यों के लिए सासाराम नहीं जाना पड़ेगा। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी नवीन कुमार सिंह ने कहा कि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के जवानों का सम्मान करना है। उन्होंने कार्यालय के लिए शीघ्र स्थायी भवन हेतु भूमि उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी कर्नल अजय कुमार सिन्हा ने इस अवसर पर उपस्थित पूर्व सैनिकों से अपना पंजीकरण कराने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि पंजीकरण से उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ शीघ्र मिल सकेगा। पूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष कैप्टन त्रिवेणी साह ने इस कार्यालय के खुलने पर प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे पेंशन, पहचान पत्र और अन्य कल्याणकारी कार्यों में पूर्व सैनिकों के समय और संसाधनों की बचत होगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
कोरबा के दीपका स्थित गोपीचंद पेट्रोल पंप पर आधी रात डीजल को लेकर विवाद हो गया। जरीकेन में जबरन 6000 रुपए का डीजल भरवाने और उसे वापस लौटाने की बात पर मैनेजर और ग्राहक के बीच मारपीट हुई। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। गोपीचंद पेट्रोल पंप के मैनेजर केसर खान ने पुलिस को बताया कि रात करीब 12:50 बजे पंपकर्मी रामकुमार और कृति कुमार ने उन्हें फोन पर सूचना दी। उन्होंने बताया कि शिवम शर्मा जबरन जरीकेन में 6000 रुपए का डीजल ले गया है। केसर खान ने पंप पहुंचकर शिवम को फोन किया और डीजल वापस लाने को कहा, क्योंकि डिब्बे में तेल देना मना है। आरोप है कि शिवम ने फोन पर गाली-गलौज की और थोड़ी देर बाद पंप आकर केसर खान और अकाउंटेंट सत्यम के साथ मारपीट की। मारपीट में केसर खान के गले, कनपटी और बाएं हाथ में चोटें आईं, और उनकी सोने की चेन भी टूट गई। केसर खान की शिकायत पर शिवम शर्मा और संजू शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296, 3(5), 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी शिवम शर्मा के पिता एसईसीएल में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। शिवम शर्मा ने भी पुलिस में की शिकायत दूसरी ओर, दीपका कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय शिवम शर्मा ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिवम का आरोप है कि पेट्रोल पंप के सुपरवाइजर केसर खान और अकाउंटेंट सत्यम ने उनके साथ मारपीट की। शिवम की शिकायत पर केसर खान और सत्यम के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। दीपका थाना प्रभारी प्रेमचंद साहू ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शिवम शर्मा के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है, क्योंकि वह जान जोखिम में डालकर डिब्बे में पेट्रोल ले जा रहा था, जो असुरक्षित है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में जल्द ही जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
शेखपुरा नगर थाना पुलिस ने गुरुवार को चरियरी गांव के बघार में छापेमारी कर अवैध शराब बनाते तीन कारोबारियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां शराब का निर्माण किया जा रहा है। गिरफ्तार किए गए कारोबारियों की पहचान पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र निवासी सन्नी कुमार (रणजीत राम का पुत्र), शेखपुरा शहर के बुधौली बाजार निवासी गौतम कुमार (अरुण राम का पुत्र) और चंदन कुमार (मनोज राम का पुत्र) के रूप में हुई है। चूल्हा और शराब बनाने के कई उपकरण बरामद किएछापेमारी का नेतृत्व नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने किया। छापामार दल में पुलिस सब इंस्पेक्टर अमित कुमार, शुभम सिंहा और एएसआई महेश पासवान सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने घटनास्थल से 40 लीटर तैयार शराब, 200 लीटर अर्धनिर्मित शराब, एक रसोई गैस सिलेंडर, चूल्हा और शराब बनाने के कई उपकरण बरामद किए। बरामद अर्धनिर्मित शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को रंगेहाथ पकड़ा। गिरफ्तार तीनों कारोबारियों के खिलाफ स्थानीय नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें शेखपुरा जेल भेज दिया गया है।
जयपुर के जाने-माने फिजिशियन और पद्मश्री सम्मानित डॉ. एस.आर. मेहता का निधन हो गया। वे करीब 5 साल तक SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल रहे और चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके निधन से चिकित्सा जगत में शोक रहा। डॉ. मेहता मेडिसिन डिपार्टमेंट में सीनियर प्रोफेसर रहे थे। गुरुवार को आदर्श नगर स्थित मोक्षधाम में उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सीनियर लीडर डॉ. फारूख अब्दुल्ला भी उनके स्टूडेंट रहे हैं। अब्दुला ने जब SMS मेडिकल कॉलेज से MBBS किया तब डॉ. मेहता यहां प्रोफेसर रहे थे। 5 साल तक SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल रहे डॉ. मेहता डॉ. मेहता ने साल 1953 में MBBS की डिग्री एसएमएस मेडिकल कॉलेज से ली, जबकि MD की डिग्री भी उन्होंने इसी कॉलेज से साल 1957 में हासिल की। वे मार्च 1984 से जुलाई 1989 तक इसी कॉलेज के प्रिंसिपल भी रहे। उन्होंने 25 साल से ज्यादा समय तक एसएमएस मेडिकल कॉलेज में अपनी सेवाएं एक डॉक्टर और व्याख्याता के रूप में दी।
धौलपुर जिले के मनियां कस्बे के जसूपुरा गांव में गुरुवार से एक सप्ताह तक चलने वाली संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। कथा प्रारंभ होने से पहले महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर बैंड-बाजों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली। श्रद्धालु नाचते-झूमते हुए पूरे गांव की परिक्रमा करते नजर आए, जिससे गांव का माहौल भक्तिमय हो गया। प्रथम श्लोक से कथा का शुभारंभ कथा के प्रथम दिन कथावाचक पंडित प्रताप नारायण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत के प्रथम श्लोक से कथा का शुभारंभ किया। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत को समझना भगवान को समझने के समान है। उन्होंने कहा कि यह कथा मानव जीवन को सही दिशा देने वाली अमृतमयी धारा है। भागवत कथा से मिलता है भक्ति और मुक्ति का मार्ग शास्त्री जी ने कहा कि जब पुण्य का उदय होता है, तभी ऐसे धार्मिक आयोजनों का अवसर मिलता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने मात्र से मनुष्य के पापों का नाश होता है और जीवन में भक्ति, वैराग्य एवं मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिक्षा और संस्कारों पर दिया जोर व्यासपीठ से संबोधित करते हुए पंडित शास्त्री ने शिक्षा के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जैसे विद्यालय जीवन यापन का ज्ञान देता है, वैसे ही भागवत कथा जीवन जीने की कला सिखाती है। उन्होंने बच्चों को शिक्षा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ज्ञान ही व्यक्ति को सही और गलत का बोध कराता है। कलियुग में भागवत कथा की बढ़ी महत्ता उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य अपने कल्याण के मार्ग से भटक गया है। ऐसे में श्रीमद्भागवत कथा ही मानव को धर्म, भक्ति और सद्कर्म की राह दिखाती है। उन्होंने यह भी कहा कि मनुष्य इस संसार से केवल अपने कर्म लेकर जाता है, इसलिए हमेशा अच्छे कर्म करने चाहिए। वेदों का सार है श्रीमद्भागवत पंडित प्रताप नारायण शास्त्री ने श्रीमद्भागवत को वेदों का सार बताते हुए कहा कि “श्री” शब्द अहंकार को समाप्त करने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण, गीता, गुरु और माता-पिता की बातों को जीवन में अपनाने वाला व्यक्ति ही सच्चे अर्थों में धर्म के मार्ग पर चलता है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु मौजूद रहे।
शाजापुर में आरटीओ-यातायात विभाग की कार्रवाई:नियम उल्लंघन पर दो बसें जब्त, एक पर 10 हजार का चालान
शाजापुर में आरटीओ विभाग और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से बस चेकिंग अभियान चलाया। गुरुवार सुबह हुई कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन कर रही दो बसों को जब्त किया गया। जांच में सामने आया कि दोनों बसें बिना वैध फिटनेस के संचालित हो रही थीं। इनमें से एक बस पर 10 हजार रुपए का चालान बनाया गया, जबकि दूसरी बस का कोर्ट चालान पेश किया गया। अधिकारियों ने बसों के इमरजेंसी एग्जिट गेट, अग्निशमन यंत्र और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी जांच की। सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं मिलने पर बसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। यातायात थाना प्रभारी सौरव शुक्ला ने बताया कि नियमों के विरुद्ध संचालित होने वाले वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। गुरुवार को कई बसों की जांच की गई, जिनमें से दो पर चालानी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले शाजापुर से लगभग 20 किलोमीटर दूर एक होटल के बाहर खड़ी बस में आग लगने से 4 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद बढ़ाई गई सख्ती का हिस्सा है। इस घटना के बाद बसों की सुरक्षा व्यवस्थाओं और फिटनेस को लेकर जांच तेज कर दी गई है।
गोपालगंज में कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया। पेट्रोल-डीजल और घरेलू रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के विरोध में कार्यकर्ता बैलगाड़ी पर सवार होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता और जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग के नेतृत्व में यह मार्च शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों और चौराहों से होकर गुजरा। बैलगाड़ी पर सवार कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का यह तरीका पूरे शहर में चर्चा का विषय बना रहा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। मार्च के दौरान कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और घरेलू रसोई गैस के दाम बढ़ने से आम जनता की कमर टूट चुकी है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम आदमी को राहत देने के बजाय पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लें कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए, अन्यथा आंदोलन और उग्र होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि आज मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है, जबकि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर नहीं दिख रही है। इस मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
कानपुर में स्कूल में शिलान्यास को लेकर शुरु हुआ विवाद अब विधानसभा तक पहुंच गया है। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को पूरे मामले की जानकारी देने के बाद अब गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से मिले। उन्होंने बताया कि बजट पास होने के बाद भी भाजपा के नेता और अफसर उनकी विधानसभा के प्राथमिक विद्यालय का शिलान्यास नहीं होने दे रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष ने पूरे मामले की जानकारी मुख्यमंत्री को देकर निस्तारण कराने की बात कही है। नेता प्रतिपक्ष बोले-लोकतांत्रिक लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ेंगे कानपुर की आर्य नगर विधानसभा से विधायक अमिताभ बाजपेई की विधानसभा क्षेत्र परमट में प्राथमिक विद्यालय को स्मार्ट बनाने के लिए विधानसभ और लोकसभा निधि से बजट पास हुआ है। विधानसभा निधि से स्कूल में हो रहे विकास कार्य का शिलान्यास करने को लेकर सपा विधायक और भाजपा नेता सुरेश अवस्थी के बीच विवाद हो गया था। शिलान्यास के दिन सपा नेता को पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया था, इसके बाद उन्होंने घर से ही पूजापाठ करके वर्चुवल शिलान्यस को कर दिया, लेकिन विधायक ने 15 मई को ऐलान करते हुए कहा कि जब तक स्कूल का काम शुरू नहीं होगा वह शर्ट या कुर्ता यानी ऊपर कुछ भी नहीं पहनेंगे और नंगे पैर रहेंगे। जनप्रतिनिधि के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया सपा विधायक बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद अब गुरुवार को उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय से मुलाकात की। उन्होंने अपनी विधानसभा में मौजूद परमट प्राथमिक विद्यालय प्रकरण से जुड़े पूरे घटनाक्रम की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विधायक अमिताभ बाजपेयी ने नेता प्रतिपक्ष को बताया कि किस प्रकार विधायक निधि से स्वीकृत एवं विधिवत प्रशासनिक अनुमतियों के बाद भी गरीब बच्चों के विद्यालय निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई, जनप्रतिनिधि के संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया। प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बनाकर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को प्रभावित करने का प्रयास हुआ। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष को समस्त दस्तावेज, पत्राचार, प्रशासनिक आदेश एवं घटनाक्रम से संबंधित लिखित पत्र भी सौंपा गया। आदरणीय माता प्रसाद पांडेय जी ने पूरे मामले को गंभीरता से सुना तथा तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने की बात कही। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं मुख्यमंत्री से बात करके मामले को उठाएंगे। नेता प्रतिपक्ष ने घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र में एक निर्वाचित विधायक के अधिकारों का इस प्रकार अतिक्रमण अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह पंगु एवं दबाव में दिखाई दे रहा है तथा एकतरफा तरीके से कार्यवाही कर रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो नेता प्रतिपक्ष खुद आएंगे स्कूल नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि आने वाले 3 दिनों के भीतर इस पूरे प्रकरण का न्यायपूर्ण समाधान नहीं निकला, तो वे स्वयं समाजवादी पार्टी के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल लेकर कानपुर आएंगे, मौके का निरीक्षण करेंगे, समस्त दस्तावेजों का अध्ययन करेंगे तथा इस लोकतांत्रिक लड़ाई को सड़क से सदन तक मजबूती से लड़ेंगे। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने विधायक अमिताभ बाजपेयी के त्याग, संघर्ष एवं जनहित के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “हमारा विधायक जनता और गरीब बच्चों के भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है, व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग कर रहा है। समाजवादी पार्टी का पूरा परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है…।” भेंट के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, गरीब बच्चों की शिक्षा एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमा बनाए रखने को लेकर गंभीर चर्चा हुई।
भिवानी के सेक्टर 13 स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (CBLU) के प्रोफेसर दंपत्ति के घर में लाखों रुपए के कैश व गहने चोरी होने का मामला सामने आया है। इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। जिसमें कुछ युवक कच्छेधारी घूमते हुए व चोरी का प्रयास करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जब दंपत्ति सुबह उठे तो उन्होंने देखा कि कमरे के आगे गेट बंद मिला। इसके बाद दूसरे रास्ते से दंपत्ति बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि घर में रात के समय चोर घुसे। इसके बाद सामान बिखरा हुआ मिला और जांच पर पाया कि उसके यहां से 4 लाख रुपए कैश व 10-12 तोले सोने-चांदी के आभूषण चोरी हुए मिले। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। कमरे में बंद किए दंपत्तिभिवानी के सेक्टर 13 निवासी प्रो. संजीव कुमार एवं प्रो. ललिता गुप्ता ने बताया कि वे रात को अपने बेडरूम में सोए थे। सुबह उठे तो उनके बेडरूम का गेट बाहर से बंद था। जिसके कारण वे बाहर नहीं निकल पाए। इसके बाद वे दूसरे रास्ते से बाहर निकले। इसके बाद देखा तो उनका कमरा बाहर से बंद था। इसके अलावा जब घर चेक किया तो चोरों द्वारा उनके घर से सामान चोरी हुआ मिला। उनकी रसोई की खिड़की में लगाई गई जाली उखाड़ी हुई थी। जिसके रास्ते आरोपी चोर घर के अंदर घुसे। इसके बाद चोर उनके दूसरे कमरे में घुसे वहां अलमारी में रखी गहने व कैश चोरी कर लिए। 4 लाख कैश व गहने चुराएउनकी अलमारी में करीब 4 लाख कैश रखा हुआ था, जिसे आरोपी चोरी कर ले गए। वहीं 10 से 12 तोले सोने के आभूषण भी चुराए गए हैं। इसके अलावा कुछ चांदी के भी चुराए गए हैं। जब उन्होंने आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए। इस दौरान सीसीटीवी कैमरे में भी आरोपी चोरी के लिए घर में घुसने का प्रयास करते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी और आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि मामले में पुलिस ने कैमरे के सामने कुछ नहीं कहा, अब देखना होगा कि पुलिस कच्छा चोर गिरोह पर किस तरह काबू पाती है।
धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र स्थित बांसजोड़ा बस्ती में बुधवार को पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प और गोलीबारी हुई। इस घटना में गोली लगने से किशुन रवानी की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि विष्णु प्रमाणिक सहित कई अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटनास्थल से एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और छह क्षतिग्रस्त चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने गुरुवार को इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर करीब तीन बजे पुलिस को बांसजोड़ा बस्ती में हिंसक झड़प और फायरिंग की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही लोयाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर भारी भीड़ थी और छह चारपहिया वाहन क्षतिग्रस्त पाए गए, जिनके शीशे टूटे हुए थे। विवाद पुरानी रंजिश के कारण शुरू हुआ थास्थानीय लोगों से पूछताछ में सामने आया कि यह विवाद पुरानी रंजिश के कारण शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह मारपीट, पत्थरबाजी और गोलीबारी में बदल गई। इस दौरान किशुन रवानी और विष्णु प्रमाणिक को गोली लगी। किशुन रवानी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि विष्णु प्रमाणिक समेत कई अन्य लोग घायल हैं। तलाशी अभियान के दौरान, पुलिस ने एक लाल रंग की कार की ड्राइविंग सीट के नीचे छिपाकर रखी गई एक देशी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए। इस मामले में लोयाबाद थाना में दोनों पक्षों के आवेदन और पुलिस अधिकारी के बयान के आधार पर कुल तीन प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रजनी कुमारी, राजेश कुमार महतो, धर्मेंद्र महतो, मेराज अंसारी और अमीत महतो शामिल हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। फिलहाल, इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जोबट में 7.5 लाख की 210 पेटी अवैध शराब जब्त:आलीराजपुर आबकारी विभाग ने फरार आरोपी पर प्रकरण दर्ज किया
आलीराजपुर आबकारी विभाग ने जोबट के ग्राम देहदला में कार्रवाई करते हुए एक मकान से 210 पेटी अवैध शराब जब्त की है। गुरुवार दोपहर की गई इस कार्रवाई में जब्त शराब की अनुमानित कीमत 7.5 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। यह कार्रवाई कलेक्टर नीतू माथुर और जिला आबकारी अधिकारी आरएस रॉय के मार्गदर्शन में मुखबिर की सूचना पर की गई। जब्त की गई कुल मदिरा 2160 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित कीमत 7,51,920 रुपए है। आबकारी विभाग ने 50 बल्क लीटर से अधिक मात्रा होने के कारण इस शराब को अपने कब्जे में ले लिया है। मौके से फरार हुए आरोपी अनिल पिता वेस्ता के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) और 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विभाग इस अवैध शराब कारोबार के पूरे नेटवर्क की जांच कर रहा है और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी जीएस रावत के नेतृत्व में की गई। टीम में आबकारी उपनिरीक्षक गंभीर सिंह वास्कले, जयश्री त्रिपाठी, मोहित बिरला, मुख्य आरक्षक शैलेंद्र सिंह रावत, अमानुल्लाह खान, आरक्षक कालू सिंह बघेल, आयुष रावत, विवेक बड़े, प्रियंका सोलंकी, मनीष भयाडिया और गवारा गवार शामिल थे। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। शहर की ऐतिहासिक धरोहर मौलाना आज़ाद सेंट्रल लाइब्रेरी में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 190 नई पुस्तकों का भव्य विमोचन किया गया। 117 वर्ष पुराना यह केंद्रीय पुस्तकालय अब तेजी से आधुनिक ‘करियर हब’ के रूप में विकसित हो रहा है, जहां पारंपरिक ज्ञान और डिजिटल सुविधाओं का संतुलित समावेश देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय ग्रंथपाल रत्ना वाधवानी ने कहा कि पुस्तकालय का उद्देश्य हर मेहनती छात्र तक गुणवत्तापूर्ण और नवीनतम अध्ययन सामग्री पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि लॉन्च की गई सभी पुस्तकें 2025-26 के परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं, जिससे विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि लाइब्रेरी केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि एकाग्रता और सकारात्मक अध्ययन वातावरण का केंद्र बन चुकी है। लाइब्रेरी मैनेजर रचित मालवीय ने तकनीकी उन्नयन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रदेश की पहली RFID-युक्त शासकीय लाइब्रेरी है। यहां छात्र सेल्फ इश्यू-रिटर्न कियोस्क और OPAC सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। नई पुस्तकों को व्यवस्थित तरीके से रखा गया है, ताकि छात्रों को उन्हें खोजने और उपयोग करने में आसानी हो। उन्होंने भरोसा जताया कि यह नया कलेक्शन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का ग्राफ बढ़ाने में मदद करेगा। हर बड़ी परीक्षा के लिए अपडेटेड कलेक्शन लॉन्च की गई पुस्तकों में MPESB, शिक्षक पात्रता, MPPSC, UPSC, रेलवे, पुलिस, SSC, CPCT, NEET और SSB इंटरव्यू जैसी परीक्षाओं से जुड़ी नवीनतम किताबें शामिल हैं। इनमें NCERT की फाउंडेशन बुक्स से लेकर करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, साइंस और टेक्नोलॉजी तक का व्यापक संग्रह उपलब्ध कराया गया है। 117 साल पुरानी विरासत, अब डिजिटल रूप में भी मजबूत साल 1908 में स्थापित यह पुस्तकालय आज भी मध्यप्रदेश का सबसे समृद्ध ज्ञान-केंद्र माना जाता है। यहां एक लाख से अधिक दुर्लभ पुस्तकें और पांडुलिपियां संरक्षित हैं। जिला प्रशासन के सहयोग से लाइब्रेरी को डिजिटल सुविधाओं, फ्री वाई-फाई और दुर्लभ ग्रंथों के डिजिटलीकरण से लैस किया जा रहा है। साथ ही इसे शोधगंगा और INFLIBNET जैसे राष्ट्रीय रिसर्च प्लेटफॉर्म से जोड़ने की प्रक्रिया भी जारी है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए विशेष पहल पुस्तकालय में ‘स्टडी सर्किल’ के माध्यम से जरूरतमंद छात्रों को निशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल उन युवाओं के लिए संबल बन रही है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देख रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और पुस्तकालय स्टाफ मौजूद रहे। प्रबंधन ने सभी पंजीकृत पाठकों और नए छात्रों से अपील की है कि वे इस नए कलेक्शन का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने करियर को नई दिशा दें।
शिवहर के नगर परिषद क्षेत्र में बुधवार देर रात अज्ञात चोरों ने तीन घरों को निशाना बनाया। वार्ड संख्या-1 स्थित कोठियां गांव और राम जानकी मंदिर के पास हुई इस घटना में चोरों ने नगदी, जेवरात और कीमती सामान समेत लाखों रुपये की संपत्ति चुरा ली। सूचना मिलने पर पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। चोरों ने मोहन साह, राकेश प्रसाद उर्फ पप्पू और स्वर्गीय रामकृत शाह के घरों में वारदात को अंजाम दिया। इनमें स्वर्गीय रामकृत शाह के घर में हुई चोरी सबसे बड़ी बताई जा रही है। वर्तमान में इस घर में उनकी पत्नी दीपकली देवी अकेले रहती हैं, जबकि उनके बड़े पुत्र बिकाउ साह काठमांडू में और छोटे पुत्र लालबाबू साह दिल्ली में रहते हैं। घटना के समय परिवार की बहुएं और बच्चे अपने नैहर सीतामढ़ी गए हुए थे। छप्पर के बीच के छोटे गैप से अंदर आएपीड़िता दीपकली देवी ने बताया कि चोर छत के रास्ते घर में घुसे। आशंका है कि वे घर के ऊपर बने फूस और बांस के छप्पर के बीच के छोटे गैप से अंदर आए। चोरों ने बड़ी बहू के कमरे में रखी अलमारी तोड़कर नकदी और जेवरात चुरा लिए। इसके अलावा, छोटी बहू के कमरे में रखी पेटी और दीपकली देवी की अपनी पेटी से भी नकद रुपये और गहने चोरी हो गए। चोरी हुए अधिकांश जेवर बहुओं को शादी में मिले थे, जबकि कुछ गहने दीपकली देवी के थे। कुल मिलाकर, उनके घर से लगभग 5 से 6 लाख रुपये की संपत्ति चोरी हुई है। मुझे लगा कि बारिश के कारण गेट जाम हो गयादीपकली देवी ने घटना का पता चलने के बारे में बताया, मैं बाहर वाले कमरे में सोई हुई थी। सुबह करीब पांच बजे जब पीछे का गेट खोलने गई तो वह नहीं खुल रहा था। मुझे लगा कि बारिश के कारण गेट जाम हो गया होगा। जब मैंने पीछे खेत की तरफ से जाकर देखा तो गेट पर बाहर से किल्ली लगी हुई थी। इसके बाद अंदर जाकर देखा तो सारा सामान बिखरा पड़ा था, तब मुझे चोरी का एहसास हुआ। हीं राकेश कुमार उर्फ पप्पू के घर में भी चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया। राकेश कुमार के अनुसार चोर संभवतः छत के रास्ते घर में घुसे थे। उनके मुताबिक घर से करीब 5 लाख रुपये नकद और अन्य जेवरात चोरी हुए हैं। करीब पांच लाख कैश और जेवरात गायब थाघटना के समय घर में राकेश कुमार, उनकी पत्नी और बच्चे मौजूद थे। आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को रात में किसी के घर में घुसने की आहट हुई थी, लेकिन डर के कारण उन्होंने कुछ नहीं बताया।राकेश कुमार उर्फ पप्पू ने बताया, “हम लोग घर में ही सोए हुए थे। सुबह उठे तो देखा कि सामान बिखरा पड़ा है। चोर छत के रास्ते से घुसे होंगे। घर में रखा करीब पांच लाख कैश और जेवरात गायब था।” बताया गया कि उनके बड़े भाई मुकेश कुमार इंडियन नेवी में कार्यरत हैं और परिवार के साथ विशाखापट्टनम में रहते हैं। राकेश कुमार स्वर्गीय शिव शंकर शाह के पुत्र हैं। इसके अलावा मोहन साह के घर को भी चोरों ने निशाना बनाया। मोहन साह, पिता रामशरण शाह, अपने परिवार के साथ घर में रह रहे थे। उनकी पत्नी सोना कुमारी जीविका मित्र हैं। बताया गया कि 18 तारीख को उनकी बैठक हुई थी तथा 19 तारीख को कोषाध्यक्ष द्वारा करीब 90 हजार रुपये दिए गए थे, जिसे उन्होंने संभालकर घर में रखा था। किसी भी घर का ताला टूटा हुआ नहीं मिलामोहन साह ने बताया, “घर में करीब 2 लाख 20 हजार रुपये नकद और तीन-चार लाख के गहने थे। सुबह देखा तो घर का सामान बिखरा पड़ा था और कैश-जेवर सब गायब थे। चोर पीछे के रास्ते से भागे होंगे।” घटना की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसी भी घर का ताला टूटा हुआ नहीं मिला। ग्रामीणों का मानना है कि चोर किसी विशेष तरीके से ताला खोलकर अंदर घुसे होंगे। बताया जा रहा है कि चोर फोल्डिंग सीढ़ी के सहारे छत पर पहुंचे और वहां से घरों में दाखिल हुए। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा संदिग्धों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है।
बेतिया जिला मुख्यालय पर बिहार राज्य आशा संघ (एटक) के बैनर तले आशा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। पश्चिम चंपारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से सैकड़ों आशा कार्यकर्ता इसमें शामिल हुईं। उन्होंने लंबित मांगों, मानदेय, प्रोत्साहन राशि के भुगतान और कार्यस्थल पर समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही संघ की जिला अध्यक्ष सुमन वर्मा ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कोरोना काल सहित कई कठिन परिस्थितियों में भी उन्होंने निष्ठा से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बावजूद, उन्हें समय पर मानदेय और प्रोत्साहन राशि नहीं मिल रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर उनके श्रम और योगदान की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। प्रशासनिक उपेक्षा पर भी नाराजगी व्यक्त की प्रदर्शनकारियों ने आंगनबाड़ी विभाग में कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक उपेक्षा पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर कई समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे उन्हें कार्य करने में कठिनाई हो रही है। कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करें आशा कार्यकर्ताओं की मांगों में लंबित भुगतान का शीघ्र निपटान, कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना, तथा आशा और सेविका कर्मियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता और संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण आदेश में लखनऊ मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज कर दिए। यह कार्रवाई निर्वाचित पार्षद को शपथ न दिलाए जाने के मामले में की गई। यह मामला लखनऊ के वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से जुड़ा है। सत्र अदालत ने ललित किशोर तिवारी को पार्षद पद पर निर्वाचित घोषित किया था। हालांकि, उन्हें निर्वाचित घोषित हुए पांच महीने बीत जाने के बाद भी अब तक शपथ नहीं दिलाई गई। इस मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोर्ट द्वारा निर्वाचित घोषित पार्षद को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज रहेंगे। अब प्रकरण विस्तार से पढ़िए… लखनऊ नगरीय निकाय चुनाव-2023 के दौरान भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला उर्फ टिंकू शुक्ला और समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ललित तिवारी के बीच सीधा मुकाबला हुआ था। मतगणना में प्रदीप कुमार शुक्ला को 4,972 और ललित तिवारी को 3,298 वोट मिले थे। इस आधार पर प्रदीप कुमार शुक्ला को निर्वाचित घोषित कर दिया गया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी ललित तिवारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला ने नामांकन पत्र दाखिल करते समय निर्वाचन प्रपत्रों में कुछ जरूरी जानकारियां नहीं दी थीं। ये जानकारियां देना कानूनन जरूरी था। याचिका में यह भी कहा गया था कि नामांकन प्रक्रिया में की गई यह चूक चुनावी नियमों का उल्लंघन है। इसे कदाचार की श्रेणी में माना जाना चाहिए। इसी आधार पर प्रदीप कुमार शुक्ला के निर्वाचन को चुनौती दी गई थी। साथ ही चुनाव परिणाम निरस्त करने की मांग की गई थी। पांच महीने पहले रद्द हुआ था निर्वाचन नगर निगम पार्षदी को लेकर वार्ड-73 फैजुल्लागंज (तृतीय) में उठा विवाद 13 मई, 2023 को लखनऊ के अपर जिला जज की अदालत तक पहुंचा था। करीब ढाई साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने निर्वाचन के समय दाखिल एफिडेविट, शपथ पत्र और निर्वाचन फार्म की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर फैसला सुनाया था। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेजों, तथ्यों और दलीलें देखीं। कोर्ट ने पाया कि नामांकन के दौरान आवश्यक जानकारी न देना गंभीर अनियमितता है। इससे चुनाव की वैधता प्रभावित होती है। इसी आधार पर कोर्ट ने प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द कर दिया था। साथ ही ललित तिवारी को वार्ड-73 से निर्वाचित घोषित कर दिया था। शपथ दिलाने में करते रहे टालमटोल पार्षद ललित किशोर ने बताया कि निर्वाचित होने के बावजूद उनको शपथ नहीं दिलाई गई। इस संबंध में उन्होंने न्यायाधिकरण को बताया कि 19 दिसंबर 2025 को उनको निर्वाचित घोषित किया था, लेकिन शपथ नहीं दिलाई गई है। इस बीच पूर्व निर्वाचित सदस्य अभी भी अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पाया कि जिला मजिस्ट्रेट ने 23 जनवरी और 10 फरवरी 2026 को नगर आयुक्त, लखनऊ को निर्वाचन न्यायाधिकरण के फैसले की जानकारी दी थी। उन्होंने धारा 85 के तहत शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश भी दिए थे। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार ने भी 4 फरवरी 2026 को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी किए थे। 12 मई को एक बार फिर हाईकोर्ट ने ललित तिवारी को एक सप्ताह में शपथ दिलाने का आदेश दिया था। इस पर प्रदीप कुमार शुक्ला की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसे कोर्ट ने रद्द किया था। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट ने लखनऊ मेयर, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर जवाब देने के आदेश दिए थे। …………………………………. संबंधित खबर भी पढ़िए… लखनऊ कोर्ट से भाजपा को झटका, सपा की जीत:झूठा हलफनामा देने पर प्रदीप शुक्ला की पार्षदी गई; सपा के ललित नए पार्षद बने लखनऊ कोर्ट ने भाजपा पार्षद को तगड़ा झटका दिया। हलफनामे में गलत जानकारी देने पर उनकी पार्षदी चली गई। कोर्ट ने कहा- शपथ पत्र में जरूरी कागजात नहीं देना, तथ्य छिपाना धांधली करना है। यहां पढ़ें पूरी खबर
‘सर, इन सब चीजों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। डरा-धमकाकर कहते रहे कि बोल- तूने कैसे किया? मुझे कोलाकाता ले जाया गया। हर समय डर लगता था कि कहीं मेरा फर्जी एनकाउंटर न कर दें, क्योंकि मुझे वहां की भाषा नहीं आती। फिर सीबीआई आई। उसने मुझे दिलासा दी। कहा- अगर तुम गलत नहीं हो, तो तुम्हारे साथ गलत नहीं होगा।’ यह सब कहते हुए बलिया के राज सिंह के आंखें भर गईं। उन्हें बंगाल सीएम शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में एसओजी ने संदिग्ध शूटर के तौर पर 11 मई को अयोध्या से उठाया था। फिर बंगाल पुलिस साथ ले गई थी। राज सिंह वहां 10 दिन पुलिस, सीआईडी और सीबीआई की कस्टडी में रहे। फिर उन्हें सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया। राज गुरुवार को अपने घर पहुंचे। मां से गले लिपट गए और दोनों रोने लगे। उनके घर लौटने से उत्सव जैसा माहौल है। दैनिक भास्कर की टीम भी राज सिंह के घर पहुंची, उनसे बातचीत की। राज सिंह ने बताया- यह सब गलतफहमी में हुआ है। बंगाल पुलिस को मुख्य शूटर राजकुमार सिंह को उठाना था। लेकिन, नाम में कंफ्यूजन की वजह से मुझे उठा लिया। राज सिंह ने हमारे हर सवाल का खुलकर जवाब दिया, पढ़िए सवाल: आपको किस तरह और कहां से हिरासत में लिया गया?राज सिंह: मैं 10 मई को अयोध्या रामजी के दर्शन करने गया था। वहां मुझे एसओजी टीम ने गिरफ्तार कर लिया। कोई हत्या हुई थी, उसी के आरोप में। मैं अपने परिवार के फंक्शन में बिजी था, इसलिए न्यूज पर ध्यान नहीं दे रहा था। उन्हीं लोगों ने बताया कि किसी PA की हत्या हुई है। उसी केस में मुझे गिरफ्तार किया गया। मैं एसओजी टीम से बोलता रह गया कि सर, इन सब चीजों से मेरा कोई वास्ता नहीं है। लेकिन, उन लोगों ने मेरी बात नहीं मानी। डरा-धमकाकर कहते रहे कि बोल- तूने कैसे किया, क्या किया? जबकि मैंने हर एक सबूत दे दिया कि मैं यहीं था, कहीं नहीं गया। लेकिन, वो लोग नहीं माने और मुझे कोलकाता भेज दिया। सवाल: कोलकाता जाने के बाद आपको वहां पुलिस के हवाले किया गया या सीबीआई के?राज सिंह: वहां मुझे पहले कोलकाता पुलिस के हवाले किया गया। वहां पर सीआईडी भी थी। सीआईडी ब्यूरो ऑफिस में मुझे रखा गया था। शायद 3 दिन रखा गया। मुझे डर लगता था कि कहीं मेरा फर्जी एनकाउंटर ना कर दें, क्योंकि वहां की भाषा मुझे नहीं आती। वो लोग आपस में क्या बात करते थे, समझ में नहीं आता था। मुझे अपराधी की नजर से देखते थे। उनकी मानसिकता समझ में आ जाती थी। उससे मैं बहुत डर गया था। लेकिन, फिर सीबीआई आई। सीबीआई ने मुझे दिलासा देते हुए कहा कि अगर तुम गलत नहीं हो तो तुम्हारे साथ गलत नहीं होगा। सवाल: सीबीआई कितने दिनों बाद आपके पास पहुंची?राज सिंह: 3 दिन बाद सीबीआई मुझसे मिली। उसके बाद मुझे कोर्ट ले जाया गया। सवाल: सीबीआई ने आपसे क्या पूछताछ की? आपने क्या एविडेंस दिया?राज सिंह: सीबीआई ने मुझसे पूछा कि 6 तारीख को तुम कहां-कहां थे? मैंने बताया कि मैं घर पर था। फिर शाम 6 बजे अपने हॉस्पिटल गया था। वहां सीसीटीवी फुटेज में भी दिख रहा हूं। फिर मैं मान्यवर शोरूम गया, वहां शॉपिंग की। वहां भी सीसीटीवी फुटेज में हूं। फिर काला जोन गया, वहां की भी फुटेज है। उसके बाद ड्रेसलैंड मॉल गया, जो मालगोदाम के पास है। वहां से मैंने करीब 2800 रुपए का कुर्ता-पायजामा खरीदा। यही सारे सबूत मैंने सीबीआई को दिए। सवाल: आपकी गिरफ्तारी किस आधार पर हुई? क्या पुलिसवालों को गलतफहमी हुई?राज सिंह: यह हम लोगों का दुर्भाग्य है कि भाजपा की अच्छी सरकार होने के बावजूद प्रशासन की गलतफहमी और बदतमीजी के चलते मुझे उठा लिया गया। अपराधी कोई और था, दोषी कोई और था, लेकिन मुझे पकड़ लिया गया। मैं गलतफहमी का शिकार बन गया। उसके बाद जोर-जबरदस्ती भी की गई। आरोप लगाए गए कि तुमने यह किया, वो किया। इससे मेरी इज्जत और मानसिक स्थिति को बहुत ठेस पहुंची। समाज में मेरी छवि बिगाड़ी गई। सवाल: सरकार से क्या कहना चाहेंगे?राज सिंह: मैं मुख्यमंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि वहां की एसओजी टीम पर जांच बैठाई जाए कि ऐसे कितने लोगों को फर्जी तरीके से फंसाया गया है? कितनों को गोली मार दी गई है? सवाल: इस दौरान आपके परिवार पर क्या गुजरी? क्या घरवालों से बातचीत हो पाती थी?राज सिंह: 10 दिन कैसे कटे, यह मैं ही जानता हूं। मेरे परिवार के दिमाग में बस यही चलता था कि अगर मैं गलत नहीं हूं, तो मेरे साथ गलत नहीं होगा। परिवार को डर था कि कहीं प्रशासन उन्हें परेशान न करे और गलत आरोप न लगा दे। ये 10 दिन मेरी जिंदगी के सबसे कष्टदायक दिन थे। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि किसी की जिंदगी में ऐसा समय ना आए। सवाल: अब परिवार के साथ कैसा महसूस कर रहे हैं?राज सिंह: यह बात मैं बयां नहीं कर सकता। मेरी मां मेरे सामने हैं, मेरी बहन है, मेरा परिवार है। इससे ज्यादा खुशी मेरी जिंदगी में कुछ नहीं हो सकती। सवाल: आप राजनीति में सक्रिय रहते हैं। ब्लॉक प्रमुख चुनाव लड़ने की भी चर्चा थी?राज सिंह: मैं ब्लॉक प्रमुख चुनाव अब नहीं लड़ना चाहता। मैं जनता की सेवा करना चाहता हूं। जनता मुझे जैसा मौका देगी, जैसा आदेश देगी, उसी के अनुरूप काम करूंगा। अब पढ़िए राज की मां ने क्या कहा राज की मां जामवंती सिंह कहती हैं- मैं बता नहीं पाऊंगी कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं। 11-12 दिन बाद आज मेरा बेटा मेरे सामने है। एक मां कैसे बयान करे कि वह क्या महसूस कर रही है। जब राज को गिरफ्तार किया गया था, तबसे मुझे दिन-रात चैन नहीं था। मैं गली-गली भटकती रही। हर जगह जाकर यह साबित करने की कोशिश करती रही कि मेरा बेटा निर्दोष है। मैंने हर एविडेंस जुटाया और जो भी सीबीआई के अधिकारी आए, उनके सामने सारे सबूत रखे। आज मेरा बेटा निर्दोष साबित हुआ है। मैं बोलते-बोलते थक गई थी कि मेरा बेटा निर्दोष है, निर्दोष है, निर्दोष है। लेकिन, कोई सुनने को तैयार नहीं था। मैं एक बात और कहना चाहूंगी। अयोध्या की एसओजी टीम ने मेरे और मेरे बेटे के साथ बहुत अन्याय किया। मैं बार-बार पूछती रही कि आखिर क्या हुआ है, कुछ सच्चाई तो बताइए। मैं तीर्थ और दर्शन करने गई थी। वहां ऐसा क्या हो गया कि मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया गया। कोई मेरी बात सुनने को तैयार नहीं था। यहां तक कि मेरे साथ कोई महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी। मुझे गाड़ी में बैठाकर महिला थाने ले जाया गया। मैं हाथ जोड़ती रही, पैर पड़ती रही कि मेरा बेटा निर्दोष है, पहले जांच कर लीजिए। मेरा राज मेरे साथ था, उसने कुछ नहीं किया है। लेकिन, कोई सुनने को तैयार नहीं था। पूरी रात मैं पागलों की तरह भगवान से प्रार्थना करती रही कि हे प्रभु, इंसाफ कीजिए। मैंने आपके दर्शन किए हैं, हमारे साथ अन्याय हो रहा है। अगर यहां न्याय नहीं मिला और सत्य की जीत नहीं हुई, तो मैं आपकी चौखट पर आकर जान दे दूंगी। भगवान ने मेरी सुन ली। सच्चाई सामने आई और आज मेरा बेटा मेरे सामने है। सीबीआई के अधिकारियों और जांच से जुड़े सभी लोगों का मैं दिल से धन्यवाद करती हूं। सारे एविडेंस देखने के बाद सच्चाई को सामने आई। उन्होंने मेरे बेटे को बदनाम होने से बचा लिया, मेरे परिवार को बचा लिया। लोग मेरी परवरिश और मेरे दूध पर सवाल उठा रहे थे। कहते थे कि आपने बेटे को बिगाड़ा है। लेकिन, आज अयोध्या नरेश भगवान श्रीराम ने सत्य को सामने ला दिया। पूरी दुनिया याद रखेगी कि एक मां अपने बेटे के लिए क्या महसूस करती है। मैं अपनी भावनाएं शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती। अब पढ़िए जो बहन ने कहा- राज की बहन दीपशिखा सिंह ने कहा- मैं प्रयागराज हाईकोर्ट में थी। मैं शुरू से लेकर आखिर तक यही कह रही थी कि मेरा भाई राज निर्दोष है। आज वह निर्दोष साबित हुआ और मेरे सामने है। मेरे पास जो भी सबूत थे, मैंने आप लोगों के माध्यम से हर जगह दिखाए। वह कहां-कहां गया था, किन मार्केट में गया था, सब कुछ सामने रखा। आज मेरा भाई मेरे सामने है, क्योंकि मैं सत्य के साथ थी। कुछ लोग मेरे भाई को अपराधी साबित करने में लगे थे। कोई उसे डॉन बता रहा था, कोई कह रहा था कि हम लोग मर्डर करने वाले परिवार से हैं। उस पर तरह-तरह के आरोप लगाए गए। अंडे वाले मामले में भी मेरे भाई का नाम उछाला गया और उसे बदनाम किया गया। जबकि, उस मामले में भी उसका कोई कसूर नहीं था। हर गलत काम में मेरे भाई का नाम जोड़ दिया जाता है, जबकि वह गलत नहीं है। आज भाई हमारे पास है। मेरी मां की परवरिश पर बहुत सवाल उठाए गए, लेकिन मेरी मां की परवरिश इतनी खराब नहीं हो सकती। मेरे दोनों भाई, मैं और मेरी मां हमेशा सत्य के रास्ते पर रहे हैं। अब मेरा भाई हमारे सामने है। आज के बाद कोई भी मेरी मां की परवरिश या मेरे भाई के बारे में गलत बात न करे। मैं यूपी पुलिस और एसओजी टीम से कहना चाहती हूं कि किसी को भी उठाने से पहले पूरी जांच कर लें कि वह सही है या गलत। बिना जांच किसी को प्रताड़ित करने या मारने का किसी को हक नहीं है। मेरा भाई 10 दिनों में जितनी तकलीफ झेल चुका है, उसे मैं अच्छी तरह जानती हूं। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि जो सही है, उसे सही माना जाए और जो गलत है, उसे सजा दी जाए। 6 मई को हुई थी बंगाल सीएम के पीए की हत्या बंगाल चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने रथ की कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। रथ को सीने और पेट में तीन गोलियां लगी थीं। वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में हुई थी। -------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- शुभेंदु PA हत्याकांड- राज सिंह को क्लीनचिट मिली, नाम के कंफ्यूजन में उठाया था; अब हथियार सप्लायर को बलिया से गिरफ्तार किया पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अरेस्ट बलिया के राज सिंह को क्लीन चिट मिल गई है। राज सिंह को नाम के कंफ्यूजन में अरेस्ट किया गया था। सीबीआई के अनुसार, मुख्य शूटर राजकुमार सिंह के भ्रम में राज सिंह को गलती से अरेस्ट कर लिया गया था। मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से बलिया के ही राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। पढ़ें पूरी खबर…

