जगराओं मंडी में गेहूं की धीमी लिफ्टिंग को लेकर सोमवार को मजदूर, किसान और आढ़तिया संगठनों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अनाज मंडी मानी जाने वाली जगराओं मंडी में गल्ला मजदूर यूनियन, भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) और आढ़तिया एसोसिएशन के नेताओं व मजदूरों ने प्रशासन और खरीद एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद, संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़ से मुलाकात की। इस बैठक में कंवलजीत खन्ना, कन्हैया गुप्ता बांका, राज कुमार भल्ला, जगतार सिंह देहरका और इंदरजीत सिंह धालीवाल भी मौजूद थे। बैठक के दौरान, गल्ला मजदूर यूनियन के नेता देवराज ने एसडीएम को बताया कि मंडी में अब तक 6 लाख 11 हजार 64 गेहूं की बोरियां आ चुकी हैं। हालांकि, इनमें से केवल 3 लाख 28 हजार बोरियों की ही लिफ्टिंग हो पाई है। लाखों बोरियां अभी भी खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं, जिससे मजदूरों और आढ़तियों में भारी रोष है। मजदूर नेता बोले- तेज गर्मी के कारण गेहूं का वजन कम हो जाता है मजदूर नेताओं ने यह भी बताया कि तेज गर्मी के कारण गेहूं का वजन कम हो जाता है। खरीद एजेंसियां पूरी मात्रा और पूरा वजन मांगती हैं, जिससे वजन की कमी का बोझ जबरन मजदूरों पर डाल दिया जाता है। इससे मजदूरों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार, खरीद एजेंसियों को 72 घंटे के भीतर अनाज की लिफ्टिंग करनी होती है। लेकिन, कई जगहों पर 10 से 15 दिन तक भी गेहूं नहीं उठाया जा रहा है, जिससे मंडियों में ढेर लगते जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मजदूरों को चोरी से बचाने के लिए रात भर जागकर मंडी में पहरा देना पड़ रहा है। मजदूर, किसान और आढ़तिया संगठनों के कड़े विरोध के बाद, एसडीएम उपिंदरजीत कौर बराड़ ने आश्वासन दिया कि संबंधित खरीद एजेंसियों, ठेकेदारों और ट्रक यूनियनों के साथ आज ही बैठक कर समस्या का तुरंत समाधान किया जाएगा।
दिल्ली-यूपी में आंधी-बारिश का अलर्ट… गर्मी से मिलेगी राहत; 15 से ज्यादा राज्यों में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार शाम से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर पूरे देश के मौसम पर देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से अगले एक सप्ताह तक कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना है।
नीमच के इंदिरा नगर इलाके में एक धार्मिक स्थल के गार्डन में मासूम बच्चियों के साथ छेड़छाड़ करने वाले अधेड़ को लोगों ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी पिछले कई दिनों से बच्चियों को परेशान कर रहा था, जिसे परिजन ने योजना बनाकर पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। गार्डन में खेलने जाने वाली छोटी बच्चियों ने घर पर बताया था कि एक अंकल उनके साथ गंदी हरकतें करते हैं। बच्चियों की बात सुनकर परिजन ने आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। रविवार को जैसे ही आरोपी कुंज बिहारी वहां पहुंचा और अश्लील हरकतें शुरू कीं, पहले से छिपे हुए परिजन और रहवासियों ने उसे घेर लिया। वीडियो में बच्चियों ने सुनाई आपबीती इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें डरी हुई बच्चियां आरोपी के सामने ही उसकी करतूतें बता रही हैं। भीड़ के सामने घिरने पर आरोपी ने भी अपनी गलती मान ली। मौके पर पहुंची नीमच सिटी पुलिस उसे थाने ले गई। परिजन का कहना है कि वे बच्चियों की सुरक्षा को लेकर डरे हुए थे, इसलिए सतर्क होकर इसे पकड़ना जरूरी था। पुलिस ने दर्ज किया पॉक्सो एक्ट सब इंस्पेक्टर असलम पठान ने बताया कि आरोपी कुंज बिहारी के खिलाफ सोमवार को पॉक्सो एक्ट और छेड़छाड़ की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।
औरैया में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन गौ सम्मान आवाहन अभियान समिति द्वारा सदर तहसील में उपजिलाधिकारी औरैया को दिया गया। यह माननीय राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, महामहिम राज्यपाल और माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित था। गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिलने की मांग इस दौरान लगभग पचास गौ भक्त मौजूद रहे। इन लोगों ने कहा कि हिन्दू धर्म में गाय हमारी माता है। सभी सनातनी इसकी पूजा करते है। गाय में 33 कोटि देवी देवता विराजमान है। इसके अलावा गो मूत्र से असाध्य रोग तक ठीक हो रहे है इसलिए गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिलना चाहिए। इस मौके पर प्रमुख रूप से कुबेर पाठक, आदर्श चतुर्वेदी, सूर्या पाठक, अंकुर त्रिपाठी, दीपक अवस्थी, अनुराग मिश्रा, अनुराग पाल, श्लोक गुप्ता, प्रिंस सेंगर, शिवगोपाल दुबे एडवोकेट, पप्पल शर्मा, सुदीप चौहान, रवि वर्मा, प्रांजुल दोहरे, आशु चतुर्वेदी, रोवि वर्मा, पंकज तिवारी और जलज भार्गव शामिल थे।
नूंह जिले में रविवार को पुरानी रंजिश के चलते एक परिवार पर हमला किया गया। लगभग 50 लोगों की भीड़ ने घर में घुसकर लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में महिलाओं और बच्चों सहित 4 लोग घायल हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के दौरान गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल लोगों को नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पड़ोसियों के साथ चल रहा विवाद बिछोर निवासी रेखा पत्नी रविकांत ने बिछोर थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि उनके पड़ोसियों से लंबे समय से विवाद चल रहा है। करीब 6 महीने पहले बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग पर मांसाहारी बिरयानी की दुकान को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था। पीड़िता के अनुसार, 26 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे उनका बेटा घर के बाहर खेल रहा था। तभी गांव के इस्लाम, अज्जर, आरिफ, साहिल, शाहरूख, इरफान, साईस्ता सहित लगभग 50 लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर के बाहर पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। जब परिवार ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। 10 मिनट तक हुई पत्थरबाजी आरोप है कि हमलावर जबरन घर में घुस आए और महिलाओं के साथ मारपीट की। बच्चों पर भी ईंट-पत्थर फेंके गए। करीब 10 मिनट तक पत्थरबाजी जारी रही, जिससे परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़िता के सिर पर गहरी चोट आई है, जबकि उनके पति और बच्चों को भी चोटें लगी हैं। घर की लड़कियों के साथ भी मारपीट की गई। पीड़िता का आरोप है कि हमलावर जाते समय जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीन सिटी बनाई जा रही है। इस योजना में किसानों को सिर्फ जमीन नहीं देनी होगी, बल्कि उनको शेयर होल्डर बनाया जाएगा ताकि विकास का सीधा लाभ उन्हें मिल सके। सोमवार को विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने पीसी में इस बात की जानकारी दी। बिहार में दिल्ली-मुंबई जैसे कॉनसेप्ट पर प्लांड कॉलोनियां बसेंगी। इनमें बाजार और रहने के लिए जगह तय होंगे। चौड़ी सड़कें होंगी। हरियाली के लिए सड़क किनारे और पार्क में पेड़ लगाए जाएंगे। किसानों को मिलेगा विकसित जमीन का 55 प्रतिशत हिस्सा प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया, सैटेलाइट टाउनशिप निर्माण के लिए किसानों से जितनी जमीन ली जाएगी, उसका 55 प्रतिशत हिस्सा विकसित कर वापस किसानों को दिया जाएगा। यानी किसान अपनी जमीन खोएंगे नहीं, बल्कि विकसित प्लॉट के रूप में अधिक मूल्य की जमीन वापस पाएंगे। उन्होंने कहा, सरकार की तरफ से विकसित की गई जमीन की कीमत मौजूदा दर से करीब 10 गुना तक बढ़ सकती है। इससे किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा। किसान चाहें तो इस विकसित जमीन को बेचकर बेहतर आमदनी भी प्राप्त कर सकेंगे। सेटेलाइट टाउनशिप में क्या होगा? नगर विकास विभाग तय किए गए 11 जगहों पर नए सेटेलाइट टाउनशिप बसाने के लिए मास्टर प्लान तैयार करेगा। मास्टर प्लान में कोर एरिया और स्पेशल एरिया तय किए जाएंगे। इसके बाद लैंड यूज और निर्माण की प्लानिंग इसी मास्टर प्लान के मुताबिक होगी। अक्टूबर-नवंबर तक तैयार होगा ड्राफ्ट नगर विकास विभाग के अनुसार, अक्टूबर और नवंबर तक नए टाउनशिप निर्माण का ड्राफ्ट तैयार हो जाएगा। इस योजना के लिए बिहार TPS रूल्स के तहत विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधान सचिव ने बताया कि शुरुआत कोर एरिया से होगी, जहां सबसे पहले टाउनशिप निर्माण का काम शुरू किया जाएगा। इसके बाद स्पेशल एरिया को विकसित किया जाएगा। पटना के पुनपुन में 81 हजार एकड़ में पाटलिपुत्र नाम का नया शहर बसेगा। सेटेलाइट टाउनशिप के लिए चुने गए इलाके में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। रोजगार और शहरी विकास को मिलेगा बढ़ावा विनय कुमार ने कहा कि 11 जिलों में बसने वाली इन सैटेलाइट सिटी का उद्देश्य सिर्फ आवासीय सुविधा देना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है। वर्ल्ड बैंक और देश की बड़ी एजेंसियों के सहयोग से तैयार की जा रही यह योजना बिहार में शहरीकरण और आर्थिक विकास को नई रफ्तार देगी। सेटेलाइट टाउनशिप से क्या फायदा होगा? सुनियोजित विकास : टाउनशिप के विकास से नए आर्थिक गतिविधि केंद्रों का निर्माण होगा, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था में बदलाव आएगा। शहरी दबाव में कमी: इन सेटेलाइट शहरों के बसने से मौजूदा बड़े शहरों पर आबादी और संसाधनों का बोझ कम होगा। सुविधाएं: नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता वाली शहरी सुविधाएं मिलेंगी। निजी व संस्थागत निवेश के लिए नए रास्ते खुलेंगे।
अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला से ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया है। बेटी की शादी के लिए बीड़ी बना कर इकट्ठा के 5 लाख रुपए ठगों ने अकाउंट से विड्रोल कर लिए। मामले में पीड़ित महिला को मैसेज के जरिए अकाउंट से पैसे निकलने की जानकारी मिली थी। महिला की ओर से साइबर थाने में मामले की शिकायत दी गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अलवर गेट क्षेत्र में रहने वाली सुशीला देवी(61) ने बताया कि वह बीड़ी बनाने का काम करती है। बीड़ी बनाकर उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए 5 लाख रुपए इकट्ठा किए थे। उनका इंडियन ओवरसीज बैंक में अकाउंट है।करीब 10 अप्रैल को बैंक में चार लाख और 18 अप्रैल को 1 लाख जमा कर आए थे। महिला ने रोते हुए बताया कि 21 अप्रैल से उनके अकाउंट से पैसा निकलना शुरू हो गया था। लेकिन उन्हें 26 अप्रैल को ट्रूकॉलर के मैसेज के जरिए अकाउंट से पैसे निकालने की जानकारी प्राप्त हुई थी। इसके बाद मामले की सूचना साइबर थाने में दी गई। साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित महिला की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि वह अपने पैसों को लेकर लगातार बैंक के चक्कर लगा रही है। लेकिन बैंक की ओर से भी कोई मदद नहीं की जा रही।
समस्तीपुर में सोमवार को बंधन बैंक में लूट हुई है। 5 बदमाश 2 बाइक से आए थे और करीब 10 मिनट में 1.8 लाख रुपए लूट कर ले गए। जिस वक्त बदमाश पहुंचे थे, उस समय 3 महिला ग्राहक भी बैंक में थीं। अपराधियों ने उनके साथ भी लूटपाट की। महिलाओं के गहने छीन लिए। वारदात के बाद सभी बदमाश झखरा कॉलेज की ओर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही सरायरंजन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। घटना सरायरंजन थाना क्षेत्र के झखरा रोड की है। इलाके में आज ही स्थानीय विधायक और बिहार सरकार के डिप्टी सीएम विजय चौधरी भी कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे। जहां घटना हुई, वहां से 4 किमी की दूरी पर डिप्टी सीएम का कार्यक्रम था। बताया जा रहा है कि अधिकतर पुलिसकर्मियों को डिप्टी सीएम की सुरक्षा में लगाया गया था। ढाई बजे आए थे बदमाश बैंक मैनेजर प्रवीण कुमार ने कहा कि करीब ढाई बजे बैंक में कर्मी सुनील कुमार, सोनू कुमार, मिथुन कुमार के अलावा तीन महिला ग्राहक और एक पुरुष ग्राहक थे। इसी बीच बदमाश पहुंचे और हथियार के दम पर लूटपाट करने लगे। जब ग्राहक रतन कुमार ने विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। बदमाश कैश काउंटर में रखे 1.8 लाख रुपए ले गए। इसके अलावा महिला ग्राहक सुदामा देवी, अनीशा देवी और गुड़िया देवी के गहने उतरवा लिए। घटना के बाद हथियार लहराते हुए सभी बदमाश फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं एएसपी संजय पांडे ने कहा कि बदमाशों ने 1 लाख 8 हजार की लूट की वारदात को अंजाम दिया है। इस दौरान बैंक के अंदर कुछ ग्राहक थे, जिनके साथ भी मारपीट और लूटपाट की गई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। बैंक और आसपास लगी सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
बुद्ध पूर्णिमा के मौके पर आगामी 1 मई को बोधगया में 40 से अधिक देशों के साधक एक साथ जुटेंगे। आयोजकों का दावा है कि ये सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, ये पूर्व और पश्चिम की आध्यात्मिक परंपराओं का संगम होगा। इस कार्यक्रम का नेतृत्व परम पूज्य साईं मां लक्ष्मी देवी करेंगी। कार्यक्रम में करीब 90 अंतर्राष्ट्रीय साधक और 20 भारतीय साधक शामिल होंगे। इसके अलावा महामंडलेश्वर, संत-महात्मा और आध्यात्मिक गुरु भी पहुंचेंगे। बोधगया की पावन धरती पर ये एक दुर्लभ आध्यात्मिक संगम होगा। इस आयोजन से बोधगया की वैश्विक पहचान और मजबूत होने की बात कही जा रही है। पर्यटन और आध्यात्मिक गतिविधियों को भी इससे नई गति मिलने की उम्मीद है। योगगुरु ने कहा- बोधगया से विश्व शांति, मानव एकता का संदेश जाएगा सोमवार को श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंतर्राष्ट्रीय योग गुरु स्वामी संतोषानंद ने कार्यक्रम की रूपरेखा शेयर की। उन्होंने इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बोधगया के लिए यह सौभाग्य का क्षण है। यहां से विश्व शांति और मानव एकता का संदेश जाएगा। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय सनातन विराट सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अनुयायी भाग लेंगे। सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार को मजबूत करना उद्देश्य है आयोजकों के मुताबिक, सम्मेलन का उद्देश्य सनातन परंपरा के प्रचार-प्रसार को मजबूत करना है। साथ ही नई पीढ़ी को इसकी मूल भावना से जोड़ना भी लक्ष्य है। स्वामी संतोषानंद ने बिहार समेत देशभर के लोगों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में बोधगया पहुंचें। इस आध्यात्मिक महायात्रा का हिस्सा बनें। साईं मां का आशीर्वाद लें। गौरतलब है कि बुद्ध पूर्णिमा पर हर साल बोधगया में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। लेकिन इस बार आयोजन का पैमाना बड़ा है। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी इसे खास बना रही है। साईं मां लक्ष्मी देवी को मिली है जगद्गुरु की मिली उपाधि जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी मिश्रा को 2007 के प्रयागराज अर्धकुंभ में वैष्णव साधु समाज द्वारा जगद्गुरु की उपाधि मिली। 2019 के कुंभ मेले में उनके नौ विदेशी ब्रह्मचारियों को अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़े में पहली बार महामंडलेश्वर के रूप में दीक्षित किया गया। हिंदू परिवार में हुआ था जन्म साईं मां का जन्म मॉरीशस में हिंदू परिवार में हुआ था। जगद्गुरु साईं मां लक्ष्मी देवी मिश्रा, स्वामी बालानंदाचार्य द्वारा 1477 ईस्वी में स्थापित अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा से संबंधित हैं। मॉरीशस में एक हिंदू ब्राह्मण परिवार में जन्मी साईं मां ने अपना जीवन सनातन धर्म के शाश्वत ज्ञान को विश्व भर में फैलाने के लिए समर्पित कर दिया। भारत में शक्तिधाम आश्रम की स्थापना साईं मां ने दिव्य प्रेम और सेवा के प्रतीक के रूप में काशी (वाराणसी), भारत में शक्तिधाम आश्रम की स्थापना की, जिसने विश्व भर से छात्रों को आकर्षित किया है। सनातन धर्म को फैला रहीं साईं मां ने अमेरिका, जापान, कनाडा, यूरोप, इजराइल और दक्षिण अमेरिका में आध्यात्मिक केंद्रों के निर्माण को प्रेरित किया है। अपनी परिवर्तनकारी शिक्षाओं और प्रथाओं के माध्यम से लोगों को एकजुट किया है। इसके अलावा साईं मां शक्तिशाली यज्ञों और प्राचीन वैदिक अनुष्ठानों के माध्यम से ऊर्जावान रूप से काम करती हैं, ताकि व्यक्तियों, समुदायों और मानवता को शुद्ध और उन्नत किया जा सके। प्रतिनिधि के रूप में किया काम आध्यात्मिकता में पीएचडी के साथ साईं मां एक प्रेरक मुख्य वक्ता हैं, जो अपनी गहन बुद्धि और गतिशील उपस्थिति से विश्व भर के दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। उनकी व्यस्तताएं आध्यात्मिक रूप से केंद्रित पॉडकास्ट से लेकर प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों तक फैली हुई हैं। साईं मां ने विश्व धर्म संसद में एक प्रतिनिधि के रूप में काम किया है।
देवरिया में सपा 30 अप्रैल को प्रदर्शन करेगी:फर्जी मुकदमों और बढ़ते अपराध के खिलाफ उठाएगी आवाज
देवरिया में समाजवादी पार्टी ने जिले में बढ़ते अपराध, जनविरोधी नीतियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए जाने के विरोध में 30 अप्रैल को बरहज में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इस संबंध में सोमवार को बांस देवरिया स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय के मा. मुलायम सिंह यादव सभागार में एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने की, जबकि संचालन जिला महासचिव मंजूर हसन ने किया। इसमें बरहज विधानसभा के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर के प्रधान राजेश यादव, उनके परिवार के सदस्यों और दुबौली के प्रधान गामा यादव को कथित तौर पर गलत मुकदमों में फंसाने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए परिवार के लोगों और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाकर उनका उत्पीड़न कर रही है। बैठक में सरकार की जनविरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और जिले में लगातार बढ़ रही आपराधिक घटनाओं के खिलाफ संघर्ष की रणनीति भी बनाई गई। सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का माध्यम बन गया जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के संरक्षण में अपराध और भ्रष्टाचार में वृद्धि हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चोरी, हत्या, डकैती जैसे गंभीर अपराधों को रोकने में पुलिस पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उनके अनुसार, पुलिस प्रशासन अब केवल सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का माध्यम बन गया है। व्यास यादव ने आगे कहा कि समाज का लगभग हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान है। महंगाई ने आमजन की कमर तोड़ दी है और प्रदेश का हर कोना सत्ता संरक्षित दलालों तथा गुंडों के आतंक से प्रभावित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को बचाने और अन्याय के खिलाफ समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 30 अप्रैल को बरहज में बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रदर्शन को सफल बनाएं। बैठक में पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह, पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह ‘खोखा सिंह’, दीनानाथ कुशवाहा, हृदयनारायण जायसवाल, डॉ. रामनाथ चौहान, मोहन गुप्ता, सुनैना सिंह कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हरियाणा के पंचकूला में क्राइम ब्रांच टीम ने एक करोड़ रुपए की हेरोइन सप्लाई करने आए स्टेट कबड्डी प्लेयर को पकड़ा है। जिसे कोर्ट में पेश कर 4 दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपी से रिमांड के दौरान पूरे नेटवर्क की डिटेल ली जा रही है। पंचकूला क्राइम ब्रांच-26 इंचार्ज दलीप सिंह की टीम ने रायपुररानी-नारायणगढ़ रोड पर स्थित गांव प्यारेवाला के पास घेराबंदी की। यहां से पंजाब के जिला तरनतारन निवासी आरोपी रशपाल सिंह उर्फ लाली को उसकी महिंद्रा बोलेरो गाड़ी सहित दबोचा गया। तलाशी के दौरान उसकी बोलेरो गाड़ी की ड्राइवर सीट के नीचे से 538 ग्राम हेरोइन बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई है। इस संबंध में थाना रायपुररानी में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21c के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिमांड के दौरान बताया मुख्य सप्लायर का नाम एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी के धंधे में संलिप्त है और पंजाब से हेरोइन लाकर पंचकूला क्षेत्र में सप्लाई करता था। आरोपी को 24 अप्रैल को अदालत में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया था। आगे की पूछताछ के लिए दोबारा अदालत में पेश कर 4 दिन का रिमांड लिया गया है, ताकि उसके मुख्य सप्लायर तक पहुंचा जा सके। आरोपी पहले राज्य स्तर का कबड्डी खिलाड़ी भी रह चुका है और उसके खिलाफ पंजाब में दो आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें एक हत्या के प्रयास और दूसरा धोखाधड़ी से संबंधित है। आरोपी ने अपने मुख्य सप्लायर के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
प्रभारी मंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा की बैठक:मऊ में स्मार्ट मीटर नियमों के पालन के निर्देश
मऊ जनपद के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर आधारित विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान उद्यान विभाग को एकीकृत बागवानी योजना के लाभार्थियों की सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने को कहा गया। विद्युत विभाग को स्मार्ट मीटर संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने और ट्रिपिंग की समस्या को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए। कृषि विभाग को फसल बीमा योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आवेदनों की जांच सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। मनरेगा कार्यों में बजट की कमी को देखते हुए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग को सड़क और भवन निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए कहा गया। स्वास्थ्य विभाग में रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। पौधों के जीवित रहने की समीक्षा जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही परियोजनाओं को जल्द पूरा करने और भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दिया गया। पंचायत राज विभाग को 15वें और 5वें वित्त आयोग के बजट का शीघ्र उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश मिले। सामाजिक वनीकरण में पौधारोपण की स्थिति की क्रॉस चेकिंग और पौधों के जीवित रहने की समीक्षा पर भी बल दिया गया। पशुपालन विभाग को प्रत्येक ब्लॉक में वृहद गौशालाओं के लिए भूमि चिन्हित कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया। मत्स्य विभाग को योजनाओं के प्रचार हेतु तहसीलवार विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, निराश्रित महिला पेंशन के आवेदनों का निस्तारण उसी माह करने और युवा कल्याण विभाग को ग्रामीण स्टेडियम के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए। भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कानून व्यवस्था की समीक्षा में पिछले माह अपराधों में कमी पर संतोष जताया गया। प्रभारी मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को लंबित विवेचनाओं को शीघ्र पूरा करने और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट के तहत की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय क्षेत्रीय केंद्र, पटना द्वारा डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर की 136वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम टी.पी.एस. कॉलेज, पटना के सहयोग से आयोजित हुआ। कार्यक्रम में टी.पी.एस. कॉलेज की प्राध्यापिका डॉ. ज्योति झा और डॉ. श्वीक्शा ने डॉ. आंबेडकर के जीवन, उनके विचारों और सामाजिक योगदान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने बताया कि आंबेडकर के सिद्धांत आज भी समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं और युवाओं को उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर आईजीएनओयू क्षेत्रीय केंद्र, पटना की सहायक क्षेत्रीय निदेशक (ARD) डॉ. नीलू शर्मा ने प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने डॉ. आंबेडकर के राष्ट्र निर्माण में योगदान को विस्तार से समझाया। छात्रों को उनके विचारों को प्रभावशाली नारों के माध्यम से अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने आईजीएनओयू की विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों और इस तरह की रचनात्मक पहलों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। प्रतियोगिता में प्रस्तुत श्रेष्ठ नारों का मूल्यांकन करने के बाद विजेताओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को आईजीएनओयू क्षेत्रीय केंद्र, पटना में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता के साथ सफलतापूर्वक हुआ।
किशनगंज में एक चाय बगान पर जबरन कब्जा करने और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के विधान नगर निवासी किशन केड़िया ने इस संबंध में किशनगंज के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के अनुसार, मौजा लाहुगांव, थाना नंबर-27, चक खाता नंबर-44, खेसरा नंबर-94/2, रकबा 0.89 डी जमीन किशन केड़िया और उनके परिवार के नाम पर दर्ज है। इस भूमि पर वर्षों से चाय बगान संचालित हो रहा है। आरोप है कि 7 अप्रैल 2026 को बाबू मुर्मू उर्फ दुखया अमीन द्वारा जमीन की मापी कराए जाने के बाद जोहरीगच्छ पंचायत पथरिया, थाना ठाकुरगंज के कुछ लोग बगान में जबरन घुस आए और खंभे गाड़कर घर बनाने का प्रयास करने लगे। अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थीशिकायत में महबूब आलम उर्फ खुस मोहम्मद, मंजूर आलम, मजीद आलम, रफीक आलम और मो. अमाउद्दीन सहित अन्य लोगों पर बगान में काम कर रहे मजदूरों और मैनेजर को धमकी देने का आरोप है। उनसे कथित तौर पर पांच लाख रुपये देने या बगान में पत्ता तोड़ने या काम करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। केड़िया ने बताया कि घटना के दिन ही ठाकुरगंज थानाध्यक्ष और अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद 11 अप्रैल को जनता दरबार में दोनों पक्षों को बुलाया गया, जहां अंचल अधिकारी ने विपक्षियों को जमीन पर कोई कानूनी हक नहीं होने की बात कही। इसके बावजूद, कथित तौर पर कब्जे का प्रयास जारी है। ठाकुरगंज थानाध्यक्ष को भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गयापीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से मामले की गहन जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और चाय बगान में शांतिपूर्ण ढंग से काम जारी रखने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। एसडीपीओ मंगलेश कुमार ने बताया कि मामले को लेकर आवेदन प्राप्त हुआ है और इसकी जांच की जा रही है। दूसरे पक्ष को भी नोटिस जारी किया गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक अपना पक्ष नहीं रखा है। फिलहाल ठाकुरगंज थानाध्यक्ष को भौतिक सत्यापन के लिए भेजा गया है।
संभल में आजाद अधिकार सेना पार्टी ने सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी को लेकर किया गया। पार्टी ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से राज्यपाल और राज्य निर्वाचन आयोग को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश की विभिन्न पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को इसकी जानकारी पहले से थी, लेकिन समय पर चुनाव कराने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। अब जबकि कार्यकाल समाप्त होने में मात्र एक माह का समय शेष है, तब भी चुनाव प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। आजाद अधिकार सेना ने इस स्थिति को गंभीर और चिंताजनक बताया। संगठन के अनुसार, पंचायतें ग्रामीण लोकतंत्र की आधारशिला हैं और इनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। संगठन ने राज्यपाल से मांग की है कि अधिकतम एक माह के भीतर पंचायत राज चुनाव सुनिश्चित कराए जाएं, ताकि प्रशासनिक शून्यता की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके साथ ही, चुनाव में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की गई, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के प्रदेश महासचिव खिजर गौस उर्फ गौस भैया ने किया। इस दौरान जरीफ मिर्जा, पराग गर्ग, फैजान खान, दीपक कुमार, डॉ. शहनवाज चौहान, रागीब हुसैन, नोशाद शेख, आरिफ मसूदी, राजकुमार, सुदेश सलमानी, विनोद ठाकुर, दिलशाद और अरमान सैफी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की देरी जनता के अधिकारों को प्रभावित करती है। उन्होंने जोर दिया कि समय पर चुनाव कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जयपुर में 15 दिन पहले ज्वेलरी शॉप में हुई चोरी का सदर थाना पुलिस ने सोमवार दोपहर खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी में महिला सहित पांच बदमाशों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चुराई गई 45 लाख रुपए कीमत के गहने पिघलाकर बनाई सिल्ली बरामद कर ली है। पुलिस पूछताछ में चोरी के लिए पहले रेकी करना, फिर वारदात को अंजाम देने के लिए रेलवे स्टेशन पर अंधेरा होने तक टाइम बिताना बताया है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- चोरी मामले में आरोपी राकेश उर्फ राकला (18) निवासी महवा भावनगर गुजरात, रोशन उर्फ पावला (32) निवासी रघुवीर नगर नई दिल्ली हाल भावनगर गुजरात, उसकी पत्नी भावना उर्फ भाविका (26) निवासी भावनगर गुजरात, मनीष हलवदिया (29) निवासी पॉकेट थर्ड पश्चिमपुरी दिल्ली और मनोज उर्फ मणिया (22) निवासी भावनगर गुजरात हाल दयाबस्ती दिल्ली को अरेस्ट किया है। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों को चिन्हिृत कर गुजरात के सिहोर से पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई 10 किलो 470 ग्राम शुद्ध चांदी (सिल्ली फार्म) में बरामद की है। पुलिस जांच में आरोपियों के पूर्व के भी कई चोरी के मामले सामने आए है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। रेकी कर वापस लौटे, वारदात करने आएपुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने ज्वेलरी शॉप में चोरी के लिए पहले रेकी की थी। प्लास्टिक सामान,कपड़े, बर्तन आदि बेचने के बहाने घुम-घुमकर रेकी की। रेकी कर वह वापस गुजरात लौट गए। 15 दिन पहले ज्वेलरी शॉप में चोरी के इरादे से वापस लौटे। शाम के समय जयपुर पहुंचने पर रेलवे स्टेशन पर ही बैठकर रात होने का इंतजार किया। रात करीब 2 बजे ज्वेलरी शॉप पहुंचकर पीछे का चेनल गेट तोड़कर बैग में 45 लाख रुपए की चांदी के गहने भरकर चोरी कर ले गए।
शाहजहांपुर जिले की कटरा सीट पर भाजपा विधायक वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 44% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली विर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा है। दूसरे नंबर पर समाजवार्दी पार्टी, तीसरे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद डाक्टर वीर विक्रम सिंह उर्फ प्रिंस हैं। उन्हें 53% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर सत्यभान भदौरिया हैं , भदौरिया को 14% लोगों ने पसंद किया है। जबकि तीसरे नंबर पर राजीव कश्यप हैं, उन्हें 7% ने पसंद किया है। इस सीट पर नरेंद्र कुमार गुप्ता को 4% लोगों ने पसंद किया है। अन्य का आप्शन 22 प्रतिशत लोगों ने चुना है। सपा में पहली पसंद पूर्व विधायक राजेश यादव हैं। इन्हें 94% लोगों ने पसंद किया है। जैश प्रसाद सिंह को 2%, लोगों ने पसंद किया है। अन्य का ऑप्शन 4 प्रतिशत लोगों ने चुना है। बसपा में कुंवर सेन गंगवार को 31% लोगों पसंद किया है। नेत्रपाल गंगवार को 23%, डाक्टर असद अहमद को 8%, लोगों ने पसंद किया है। अन्य का ऑप्शन 38 प्रतिशत लोगों ने चुना है।
करौली जिले में गौसम्मान आह्वान अभियान के तहत विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन आयोजनों में गौमाता को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने और गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई। गौसेवकों ने करौली और सपोटरा सहित कई स्थानों पर शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपे। सोमवार को सपोटरा में गौसंत वैष्णवदास महाराज के सानिध्य में बड़ी संख्या में गौभक्त एकत्रित हुए। उन्होंने उपखंड अधिकारी कार्यालय (एसडीएम) पहुंचकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किए। ज्ञापन में गौमाता को राष्ट्रीय प्राणी का दर्जा देने और गौहत्या पर सख्ती से रोक लगाने की मांग प्रमुखता से रखी गई। तहसील प्रभारी प्रदीप शुक्ला ने बताया कि इस अभियान के तहत एक व्यापक हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। इसमें लगभग 11 हजार लोगों ने गौसंरक्षण की मांग का समर्थन किया। इस दौरान तहसील उपप्रभारी नीरज शर्मा, गौ सेवा दल अध्यक्ष अंकित वैद्य, वंश गर्ग, गोलू सोलंकी, महावीर बाबूजी और लखन लाल मीना सहित कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसी क्रम में करौली मुख्यालय पर भी गौसेवकों ने तहसीलदार को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। यहां भी शांतिपूर्ण तरीके से गौमाता को 'राष्ट्र माता' घोषित करने की मांग दोहराई गई। जिले भर में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य गौसंरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक जनसमर्थन जुटाना था।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक छोटे से मामले में सरकार की लंबी मुकदमेबाजी पर कड़ी नाराजगी जताई है। मामला सिर्फ ₹16,890 की रिकवरी का था, लेकिन इसे लेकर करीब 14 साल तक केस चलता रहा। कोर्ट ने कहा कि न्याय व्यवस्था का मकसद लोगों को राहत देना है, न कि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करना। दरअसल, यह मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी से जुड़ा है। कर्मचारी को 1999 में 24 साल की सेवा पूरी करने पर एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ मिला था। लेकिन अक्टूबर 2007 में रिटायरमेंट के कुछ समय बाद ही यह लाभ वापस ले लिया गया। इसके बाद उसका वेतन घटा दिया गया और रिटायरमेंट के पैसों से ₹16,890 की रिकवरी कर ली गई। इससे परेशान होकर कर्मचारी ने पंजाब रोडवेज वर्कर्स यूनियन के जरिए औद्योगिक विवाद उठाया। मामले की सुनवाई करने वाले ट्रिब्यूनल ने कर्मचारी के पक्ष में फैसला देते हुए रिकवरी को गलत ठहराया और रकम वापस करने के आदेश दिए। सरकार ने ट्रिब्यूनल के फैसले को दी चुनौती आम तौर पर ट्रिब्यूनल के फैसले के बाद इस विवाद का यहीं अंत हो जाना चाहिए था, क्योंकि आदेश साफ था कि कर्मचारी से की गई रिकवरी गलत है और उसे राशि वापस की जाए। लेकिन इसके उलट राज्य सरकार ने इस फैसले को मानने के बजाय इसे चुनौती देने का फैसला लिया। सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर ट्रिब्यूनल के आदेश को रद्द करवाने की मांग की। इसके बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में उलझता चला गया। सुनवाई की तारीखें पड़ती रहीं, विभागों से जवाब मांगे जाते रहे और फाइलें अलग-अलग स्तरों पर घूमती रहीं। इस दौरान न तो कर्मचारी को पूरी राहत मिल सकी और न ही विवाद खत्म हुआ। केस कई सालों तक लंबित रहा, जिसमें सरकारी विभागों, वकीलों और अधिकारियों की ओर से बार-बार पेशियां होती रहीं। इस लंबी प्रक्रिया के कारण एक छोटी सी राशि का मामला भी बड़ा कानूनी विवाद बन गया। वहीं, दूसरी तरफ बुजुर्ग कर्मचारी को भी बार-बार कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े, जिससे उसे मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानी झेलनी पड़ी। करीब 14 साल तक मामला हाई कोर्ट में चलता रहा, जबकि इसमें कोई जटिल कानूनी सवाल भी नहीं था। यही वजह रही कि सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाया और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि हैरानी की बात है कि राज्य 2012 से इतनी छोटी रकम के लिए केस लड़ रहा है, जबकि कर्मचारी अब करीब 75 साल का हो चुका है। कोर्ट ने कहा कि यह सिर्फ रकम का मामला नहीं, बल्कि समझदारी और संतुलन का मुद्दा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह के केस सरकार की मुकदमेबाजी प्रणाली की खामियों को दिखाते हैं। पंजाब की नीति के अनुसार छोटे मामलों और व्यक्तिगत विवादों में अपील से बचना चाहिए, लेकिन फिर भी यह मामला कई स्तरों से गुजरते हुए हाई कोर्ट तक पहुंच गया। अनावश्यक मुकदमों से बचने की जरूरत कोर्ट ने इस दौरान साफ किया कि कई विकसित देशों में सरकारों के लिए मुकदमेबाजी को लेकर स्पष्ट और सख्त मानक तय हैं। जैसे यूके, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में सरकार से यह अपेक्षा की जाती है कि वह “मॉडल लिटिगेंट” के रूप में काम करे। इसका मतलब है कि सरकार केवल जरूरी और उचित मामलों में ही कोर्ट जाए, न कि हर छोटे विवाद को कानूनी लड़ाई बना दे। कोर्ट ने कहा कि “मॉडल लिटिगेंट” होने का अर्थ है निष्पक्षता, जिम्मेदारी और समझदारी के साथ फैसले लेना। सरकार को यह देखना चाहिए कि क्या मामला वास्तव में अदालत तक ले जाने लायक है या उसे प्रशासनिक स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है। खासकर छोटे आर्थिक विवादों या व्यक्तिगत मामलों में अनावश्यक अपील से बचना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि इस तरह की सोच न सिर्फ लोगों को बेवजह की परेशानी से बचाती है, बल्कि न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को भी कम करती है। सरकार ने वापस ली याचिका कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद राज्य सरकार ने अपनी याचिका वापस ले ली। हालांकि, उसने यह मांग की कि ट्रिब्यूनल का फैसला भविष्य में मिसाल न बने। कोर्ट ने यह बात मान ली और साफ कर दिया कि इस फैसले का फायदा अन्य कर्मचारियों को नहीं मिलेगा। हाई कोर्ट में पहले ही लंबित हैं लाखों केस कोर्ट ने यह भी चिंता जताई कि हाई कोर्ट में पहले से ही 4 लाख से ज्यादा मामले लंबित हैं, जिनमें कई ऐसे केस हैं जिनमें लोगों को वर्षों से न्याय का इंतजार है। ऐसे हालात में जब सरकार छोटी-छोटी बातों पर भी अपील करती है, तो इससे न्याय व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है और जरूरी मामलों की सुनवाई में देरी होती है। अदालत ने कहा कि हर केस को हाई कोर्ट तक ले जाना जरूरी नहीं होता। सरकार को यह समझना चाहिए कि किन मामलों में अपील करनी चाहिए और किन्हें वहीं समाप्त कर देना बेहतर है। अगर बिना ठोस कारण के हर फैसले को चुनौती दी जाएगी, तो इससे अदालतों का समय और संसाधन दोनों बर्बाद होंगे। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को “विवाद के लिए विवाद” करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए और जिम्मेदारी के साथ मुकदमेबाजी करनी चाहिए, ताकि आम लोगों को समय पर न्याय मिल सके।
वृंदावन के 23 वर्षीय ऋषभ महाराज दंडवत यात्रा करते हुए उज्जैन पहुंचे हैं। उन्होंने यह यात्रा आगर के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी धाम से शुरू की है। ऋषभ महाराज ने बताया कि मैंने 7 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था और अपना जीवन भगवान लड्डू गोपाल को समर्पित कर दिया। मैंने 11 साल तक नंगे पैर पैदल यात्रा की, जिसमें वे लड्डू गोपाल को अपने साथ लेकर चले। इस 11 वर्षीय यात्रा के दौरान मैंने 5 लाख 58 हजार 742 किलोमीटर की दूरी तय की है। इसमें नेपाल, भूटान, चीन सहित पांच देशों की पैदल यात्रा शामिल थी, जहां उन्होंने बाल गोपाल के साथ भ्रमण किया। मां बगलामुखी ने सपने में दर्शन दिए ऋषभ महाराज ने अपनी वर्तमान दंडवत यात्रा 6 मार्च 2026 को नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर से शुरू की। उन्होंने बताया कि उन्हें मां बगलामुखी ने सपने में दर्शन दिए थे, जिसके बाद उन्होंने यह यात्रा प्रारंभ की। उनका संकल्प है कि वे अपने आराध्य लड्डू गोपाल को चारधाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 42 शक्तिपीठों के दर्शन करवाएंगे। चूंकि वे एक दिन में लगभग 3 किलोमीटर ही चल पाते हैं, इस यात्रा को पूरा करने में लगभग 70 वर्ष का समय लग सकता है। उज्जैन पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने ऋषभ महाराज का शहर भर में कई स्थानों पर स्वागत किया।
रायबरेली में सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर एक महिला ने अपनी बच्ची के साथ जमीन पर लेटकर न्याय की मांग की। महिला ने अपने देवर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया है। पीड़िता चंदा ने बताया कि उनके पति प्रमोद का निधन लगभग पांच वर्ष पूर्व हो गया था। पति की मृत्यु के बाद उनके देवर सचिन ने उन्हें सहारा देने और उनसे शादी करने का वादा किया था। चंदा का आरोप है कि सचिन ने उन्हें पत्नी के रूप में रखा और लगातार शारीरिक शोषण किया। शादी का झांसा देकर आरोपी ने महिला के जेवर और अन्य कीमती सामान भी हड़प लिए। पीड़िता के अनुसार, अब सचिन ने उन्हें धोखा देकर किसी और से शादी तय कर ली है। उसकी शादी आगामी 29 तारीख को होनी है। चंदा ने बताया कि उन्होंने इस धोखे और शोषण की शिकायत संबंधित थाने से लेकर उच्च अधिकारियों तक कई बार की, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिली। इससे परेशान होकर वह सोमवार को एसपी कार्यालय पहुंचीं और न्याय न मिलने पर अपनी बेटी के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी दी। महिला के एसपी कार्यालय के गेट पर जमीन पर लेटते ही पुलिस हरकत में आई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने पीड़िता को समझा-बुझाकर उठाया। उन्हें महिला थाना अध्यक्ष के सुपुर्द कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
अबोहर उपमंडल के गांव भागू के पास से गुजरने वाली सुखचैन माईनर नहर में आज सुबह एक 60-65 वर्षीय वृद्ध व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर थाना बहाववाला की पुलिस ने 'नर सेवा नारायण सेवा समिति' के सहयोग से शव को नहर से बाहर निकाला और पोस्टमार्टम व पहचान के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस के अनुसार, मृतक की स्थिति को देखकर प्राथमिक दृष्टि में यह मामला बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। जांच अधिकारी भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मृतक के पेट में यूरिन बैग (बाथरूम वाली पाइप) लगी हुई थी, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह काफी समय से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। शव की शिनाख्त के लिए मुख्य पहचान: पुलिस ने आसपास के इलाकों और अन्य थानों में मृतक का हुलिया साझा किया है ताकि उसकी पहचान हो सके। बहाववाला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी इस हुलिए के व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत संबंधित थाने में सूचित करें। आयु: करीब 60 से 65 वर्ष। पहनावा: सफेद कुर्ता और डिब्बीदार चादर। शारीरिक पहचान: चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ और दाहिने हाथ में लोहे का कड़ा। विशेष: पेट में मेडिकल पाइप (यूरिनरी कैथेटर) लगी हुई है। 72 घंटों के लिए मोर्चरी में रखवाया शव घटना की सूचना मिलते ही नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य मोनू ग्रोवर और बिट्टू नरूला मौके पर पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शव करीब दो-तीन दिन पुराना लग रहा है। फिलहाल, शिनाख्त की कार्रवाई के लिए शव को अगले 72 घंटों तक सरकारी अस्पताल के शव गृह में सुरक्षित रखवाया गया है।
इटावा में कचहरी परिसर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर लोगों ने आवाज उठाई। इस दौरान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और जिलाधिकारी के नाम नगर मजिस्ट्रेट को पांच अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। अभियान का उद्देश्य संविधान के दायरे में रहकर अहिंसक तरीके से देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान दिलाना बताया गया। कचहरी में दिखा उत्साह, कई ज्ञापन सौंपे गए सोमवार को कचहरी परिसर में इस अभियान के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभिन्न माध्यमों से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रतिनिधियों ने नगर मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिए। सभी ज्ञापनों में एक ही प्रमुख मांग रखी गई कि गौवंश को देश में सर्वोच्च सम्मान दिया जाए और उसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और कानून बनाने की मांग ज्ञापन में मांग की गई कि देशभर में गोहत्या पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए और इसे जड़ से खत्म किया जाए। साथ ही गौ माता को ‘राष्ट्र माता’, ‘राष्ट्र देव’ या ‘राष्ट्रीय धरोहर’ का दर्जा देने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने गौ सेवा के लिए मजबूत केंद्रीय कानून बनाने और अलग से केंद्रीय गौ सेवा मंत्रालय गठित करने की आवश्यकता भी बताई। संगठन के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे इस मौके पर गोचर बोर्ड की स्थापना, चारा सुरक्षा नीति लागू करने और गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देने की बात भी प्रमुख रूप से रखी गई। कार्यक्रम में समाज के कई लोगों ने भाग लिया, जिनमें शिवा ठाकुर, मयंक बिधौलिया, उर्मिला भदोरिया, आर्यन कुमार, आयुष सिंह, सूरज सिंह सूर्या, जितेंद्र गॉड, सूर्यांश शंकर दीक्षित, पुनीत पाठक, सूर्यांश दीक्षित और एडवोकेट विकास रावत सहित अन्य लोग शामिल रहे।
ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद 2 मई की शाम गोरखपुर पहुंचेंगे। वह अपनी घोषित गोविष्टि यात्रा का शुभारंभ 3 मई को यहां से करेंगे। यह यात्रा अनवरत 81 दिनों तक जारी रहेगी। रोज 5 विधानसभा क्षेत्रों में पादुकापूजन एवं गोष्ठी का आयोजन होगा। शंकराचार्य 2 मई की शाम को अपने दीक्षित शिष्य एडवोकेट मनीष पांडेय के सहारा एस्टेट स्थित आवास पहुंचेंगे। वहां से वह 3 मई की सुबह भारत माता मंदिर पहुंचेंगे और लोगों के बीच गोविष्टि यात्रा के संबंध में अपने विचार व्यक्त करेंगे। मनीष पांडेय ने बताया कि यह यात्रा देश की पहली यात्रा है, जिसमें शंकराचार्स जन-जन को जगाने उनके दरवाजे पर पहुंचेंगे। इसमें सकल उत्तर प्रदेश के सकल विधानसभा क्षेत्र कवर होंगे। शंकराचार्य के शिष्य मनीष पांडेय कहते हैं कि समूचे इतिहास में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहले ऐसे धर्माचार्य होंगे, जो 81 दिन की यात्रा शुरू करेंगे और गो माता के सम्मान के लिए लोगों को जाग्रत करेंगे। इसके लिए चिलचिलाती धूप में वह भ्रमण करेंगे। यह एक युग की शुरूआत है। उन्होंने कहा कि गोरक्ष नगर से यात्रा का शुभारंभ होना कई मायनों में महत्वपूर्ण होगा। इस यात्रा में सैकड़ों गाड़ियों का काफिला होगा। बड़ी संख्या में धर्मानुयायी और कानूनविद भी इसमें शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक धर्मानुयाई और कानूनविद भी शामिल हो रहे हैं। यह होगा यात्रा का मार्ग मनीष पांडेय ने बताया कि यह यात्रा सहारा स्टेट से निकलकर सहजनवा, खजनी, बांसगांव, चिल्लुपार विधानसभा से होते हुए चौरी चौरा विधानसभा में पहुंचेगी, जहां शंकराचार्य और टीम के लोगों का रात्रि विश्राम होगा। अगले सुबह फिर यह यात्रा गोरखपुर की सीमा को छोड़ते हुए हाटा, रामकोला, खड्डा, पडरौना, तमकुहीराज, फाजिलनगर पहुंचेगी। अनुमति के लिए दिया है आवेदन इस यात्रा को देखते हुए जिला प्रशासन से अनुमति के लिए आवेदन दिया गया है। अभी जांच की प्रक्रिया चल रही है। अभी तक अनुमति नहीं मिल सकी है।
पटना के राजा बाजार स्थित पारस हॉस्पिटल के बाहर सोमवार को जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए परिजन ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। परिजन ICU का बेड लेकर ही सड़क पर उतर गए और जमकर तोड़फोड़ की। दरअसल, 15 वर्षीय विशाल की मौत के बाद परिजन ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से उसकी जान गई है। इसके बाद गुस्साए परिजन ने अस्पताल परिसर में जमकर तोड़फोड़ की। कई शीशे तोड़ दिए, गमले फेंके गए और वहां खड़ी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। देखें अस्पताल के बाहर की तस्वीरें… परिजन बोले- वेंटिलेटर पर रखकर लगातार पैसे वसूल रहे थे परिजन के मुताबिक, नाबालिग को वेंटिलेटर पर रखकर लगातार पैसे वसूले जा रहे थे। यहां तक कि परिजन ने किडनी निकालने की भी बात कही। बताया जा रहा है कि विशाल फुलवारी शरीफ इलाके में क्रिकेट खेल रहा था, तभी दोस्तों के बीच हुए विवाद में उसे चोट लगी थी। पुलिस स्थिति को नियंत्रित कर रही इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन परिजनों का गुस्सा इतना ज्यादा था कि पुलिस के सामने ही तोड़फोड़ जारी रही। फिलहाल पुलिस स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है और पूरे मामले की जांच की बात कही जा रही है।
सास-बहू से पड़ोसियों ने की मारपीट:अश्लील टिप्पणी का विरोध करने पर 3 लोगों ने पीटा
डूंगरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के गामड़ी देवल गांव में जमीनी विवाद और अश्लील टिप्पणियों का विरोध करने पर एक महिला और उसकी बुजुर्ग सास पर हमला किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़िता रागिनी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके पड़ोसी रमेश भट्ट और उसके 2 बेटे, हितेश व प्रीतेश आए दिन उनके परिवार के साथ जमीनी विवाद को लेकर झगड़ा करते थे। रागिनी ने आरोप लगाया कि आरोपी अक्सर महिलाओं को देखकर अश्लील टिप्पणियां करते थे। बाप-बेटों ने की मारपीट25 अप्रैल को जब रागिनी और उसकी सास ने इन हरकतों का विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रमेश और उसके दोनों बेटों को महिलाओं के साथ बेरहमी से मारपीट करते साफ देखा जा सकता है। बाल खींचकर जमीन पर घसीटावीडियो में आरोपी महिला के बाल खींचकर उसे जमीन पर घसीटते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी महिला के ऊपर बैठकर उसे पीटता दिखाई दे रहा है। जब बुजुर्ग सास ने बीच-बचाव की कोशिश की, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटीपीड़िता की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर अन्य साक्ष्य जुटा रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
सुल्तानपुर में राष्ट्रीय गौरक्षा वाहिनी ने गौवंश संरक्षण को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट कर्मवीर सिंह के माध्यम से यह ज्ञापन भेजा। इसमें 27 अप्रैल को 'गौ-सम्मान दिवस' घोषित करने की प्रमुख मांग की गई है। व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया संगठन के जिला संयोजक उदय प्रकाश मिश्रा के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में कुल नौ मांगें शामिल हैं। इनमें गो-पालक किसानों को प्रति गोवंश प्रोत्साहन राशि प्रदान करने और प्रदेश की गौशालाओं में भोजन व चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया है। उदय प्रकाश मिश्रा ने बताया कि गौवंश की सुरक्षा केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह किसानों और देश की अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। संगठन के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की, ताकि गो-पालकों को राहत मिल सके और गौवंश का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।इस अवसर पर राकेश सिंह दद्दू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 'गौ-सम्मान दिवस' घोषित होने से समाज में गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और इस कार्य को नई मजबूती मिलेगी। ज्ञापन सौंपते समय सनी मिश्रा, धर्मेंद्र तिवारी, अतुल गोस्वामी, बृजेश कुमार श्रीवास्तव (बंटू), सोनू शर्मा और वेद प्रकाश मिश्रा सहित संगठन के कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
राप्ती नदी में नहाते समय पैर फिसलने से डूबा किशोर:काफी तलाश के बाद शव मिला, परिवार का इकलौता बेटा था
श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र में राप्ती नदी में नहाते समय डूबे किशोर कौशल कुमार (14) का शव बरामद कर लिया गया है। रविवार दोपहर वह रघुनाथपुर गांव के पास नदी में नहाने गया था। कौशल कुमार दोपहर में गांव से लगभग 100 मीटर उत्तर दिशा में स्थित राप्ती नदी में कूद गया था। आसपास मौजूद लोगों ने उसे नदी में छलांग लगाते देखा, लेकिन काफी देर तक वह पानी से बाहर नहीं आया। सूचना मिलने पर सोनवा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों, स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से किशोर की तलाश शुरू की गई, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद शव को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक कौशल कुमार अपने पिता दिलीप कुमार का इकलौता पुत्र था। दिलीप कुमार चार भाइयों में सबसे बड़े हैं और पेशे से किसान हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं बताई गई है। परिजनों ने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि कौशल कब नदी किनारे नहाने चला गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों से अपील की है कि वे बच्चों को नदी के पास जाने से रोकें और स्वयं भी पूरी सतर्कता बरतें, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।
पन्ना में बस से लाखों के जेवर चोरी:क्लीनर के भरोसे छोड़ा बैग, पुलिस पर FIR न लिखने का आरोप
पन्ना जिले में पुलिस व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठे हैं। सलेहा थाना क्षेत्र में एक यात्री के लाखों रुपये के जेवर चोरी हो गए, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने में आनाकानी की। पीड़ित ने सोमवार, 27 अप्रैल को पन्ना पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, गढ़ी मलहरा (छतरपुर) निवासी श्रीकांत चौरसिया अपनी पत्नी के साथ 19 अप्रैल को गंज गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। 23 अप्रैल 2026 की सुबह वे 'ओम साईं राम गोस्वामी बस' (क्रमांक MP35P 0389) से वापस लौट रहे थे। डिग्गी में रखवाया था बैग सलेहा बस स्टैंड पर बस के क्लीनर ने सामान की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए पीड़ित का ट्रॉली बैग बस की डिग्गी में रखवाया था। घर पहुंचने पर श्रीकांत ने देखा कि बैग की चेन से छेड़छाड़ की गई थी। अंदर रखे करीब डेढ़ तोला सोने का हार, सवा तोला सोने की चूड़ियां और एक पाव चांदी की करधनी गायब थी। पीड़ित श्रीकांत चौरसिया ने बताया कि उन्होंने बस ड्राइवर सफीक खान, क्लीनर ज्ञानी चौधरी और संचालक के पुत्र अनुज गोस्वामी से इस संबंध में पूछताछ की। आरोप है कि इन लोगों ने उनके साथ अभद्रता की। थाने में नहीं हुई शिकायत इसके बाद श्रीकांत मामले की शिकायत लेकर सलेहा थाना पहुंचे। उन्होंने बताया कि थाने में उन्हें केवल आश्वासन और तारीखें दी गईं। 26 अप्रैल को थाना प्रभारी से मिलने के बावजूद मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की गई और एफआईआर दर्ज नहीं की गई। सलेहा पुलिस के इस रवैये से परेशान होकर पीड़ित ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना चौहान को आवेदन सौंपा है। आवेदक का सीधा आरोप है कि इस चोरी में बस स्टाफ की मिलीभगत है और यदि कड़ाई से पूछताछ की जाए तो मामला सुलझ सकता है।
राजगढ़ जिले में कृषि आदान विक्रेता (खाद-बीज विक्रेता) सोमवार को सड़कों पर उतर आए। घटते मुनाफे और कंपनियों की नीतियों से नाराज विक्रेताओं ने काली पट्टी बांधकर नारेबाजी की, रैली निकाली और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से मौजूदा व्यापारिक व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। संघ ने ज्ञापन में उर्वरकों पर डीलर मार्जिन को वर्तमान 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर कम से कम 8 प्रतिशत करने की मुख्य मांग रखी। विक्रेताओं का तर्क है कि मौजूदा मार्जिन से परिवहन, भंडारण और संचालन लागत निकालना संभव नहीं है, जिससे उन्हें वित्तीय नुकसान हो रहा है। कीटनाशक के सैंपल फेल होने पर कंपनी पर हो कार्रवाई विक्रेताओं ने सरकार की नीति के अनुसार रिटेलर के गोदाम तक उर्वरकों की एफओआर (फ्री ऑन रेल/रोड) आधार पर आपूर्ति सुनिश्चित करने की भी मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि खाद, बीज और कीटनाशक के सैंपल फेल होने पर कार्रवाई निर्माता कंपनियों पर होनी चाहिए, जबकि व्यापारियों को केवल गवाह के रूप में शामिल किया जाए। 'साथी पोर्टल' के माध्यम से लागू बीज विक्रय व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। संघ ने मांग की कि इस प्रणाली को केवल उत्पादक कंपनियों तक सीमित रखा जाए, ताकि खुदरा विक्रेताओं पर अनावश्यक दबाव न पड़े। टोकन प्रणाली स्थगित करने की मांग कीइसके अतिरिक्त, उर्वरक कंपनियों द्वारा अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग बंद करने और टोकन प्रणाली को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। व्यापारियों ने बताया कि इन व्यवस्थाओं से उनका कामकाज प्रभावित हो रहा है और किसानों को भी समय पर सामग्री उपलब्ध कराने में कठिनाई हो रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
जौनपुर में राष्ट्रवीर सेना ने सोमवार को जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। संस्थापक/अध्यक्ष महेश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर की यातायात व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और महिला सुलभ शौचालय सहित कुल छह प्रमुख समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन में बताया गया कि नगर के मुख्य बाजार, जैसे भण्डारी और कोतवाली चौराहा से ओलन्दगंज तक, बड़ी संख्या में महिलाएं खरीदारी करती हैं। इसके बावजूद, बाजार में महिलाओं के लिए कोई सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं है। हरलालका रोड, किला रोड, खोआ मण्डी गली, शाही पुल और इन्द्रा मार्केट के सामने पहले मौजूद यूरिन टॉयलेट भी अब नष्ट हो चुके हैं। सेना ने अधिकारियों से शीघ्र यूरिन टॉयलेट की व्यवस्था कराने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने नगर में बढ़ती जाम की समस्या पर भी चिंता व्यक्त की। इस कारण आम जनता और स्कूली बच्चों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ता है। जाम से निजात पाने के लिए सभी स्कूल बसों का नगर के अंदर संचालन बंद कर छोटे वाहनों के उपयोग का सुझाव दिया गया। साथ ही, शाही पुल पर चार पहिया वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। सुंदरता व मजबूती बनाए रखने की अपील की जिले की ऐतिहासिक धरोहर शाही पुल की देखरेख के अभाव में जीर्ण-शीर्ण होती स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया। पुल पर बनी गुमटियों पर पेड़-पौधे उग रहे हैं, जिससे इसकी संरचना और कमजोर हो रही है। राष्ट्रवीर सेना ने इस धरोहर की साफ-सफाई, रंग-रोगन और मरम्मत कराकर इसकी सुंदरता व मजबूती बनाए रखने की अपील की। स्मार्ट बिजली मीटरों की अनियमितताओं और अत्यधिक बिलिंग से जनता परेशान है। ज्ञापन में बताया गया कि 70-80 रुपये का बिल होने पर भी मीटर से विद्युत प्रवाह ऑनलाइन बंद कर दिया जा रहा है। बिल जमा करने के 12-24 घंटे बाद ही आपूर्ति बहाल होती है, जिससे उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रवीर सेना ने यह भी उल्लेख किया कि शुरुआत में स्मार्ट मीटर को अनिवार्य बताकर जनता को डराया गया और उनके मीटर बदल दिए गए। जबकि, सरकार की ओर से स्मार्ट मीटर की कोई अनिवार्यता नहीं है।
गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का संवैधानिक दर्जा देने और देशव्यापी गौ-हत्या निषेध कानून लागू करने की मांग को लेकर सोमवार को एक बड़ा आंदोलन हुआ। 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत देशभर के लगभग 5400 स्थानों पर साधु-संतों और गौ-भक्तों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। इसी कड़ी में डीडवाना जिला मुख्यालय पर भी बड़ी संख्या में गौ-भक्त और सनातन धर्मावलंबी एकत्र हुए। साधु-संतों के सानिध्य में विधि-विधान से गौ-पूजन किया गया, जिसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार ओमप्रकाश को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान परिसर 'गौ माता की जय' और 'गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करो' के नारों से गूंज उठा। ज्ञापन में गौ-वंश संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। इनमें संविधान के अनुरूप गौ-वंश को 'राष्ट्रमाता' या 'राष्ट्र आराध्या' का दर्जा देना, गौ-संरक्षण के लिए केंद्र में अलग मंत्रालय का गठन करना, गौ-हत्या को गैर-जमानती अपराध बनाकर आजीवन कारावास जैसे कड़े प्रावधान लागू करना शामिल है। इसके अतिरिक्त स्कूली पाठ्यक्रम में 'गौ-विज्ञान' को शामिल करने और गौ-तस्करी में लिप्त वाहनों की जब्ती कर उनसे प्राप्त राशि को गोशालाओं के उपयोग में लाने का प्रस्ताव भी दिया गया। तहसीलदार ओमप्रकाश ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता का विशेष स्थान है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को प्रशासन के माध्यम से सरकार तक पहुंचाया जाएगा। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक व्यापक जन-आंदोलन है, जो अपनी मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा। साधु-संतों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उनका मानना है कि गौ-संरक्षण का मुद्दा अब एक देशव्यापी सामाजिक अभियान बन चुका है।
उदयपुर शहर में 28 अप्रैल को कई इलाकों में पावर कट रहेगा। इस दौरान 40 से ज्यादा कॉलोनियों में बिजली बंद रहेगी। अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता ने बताया- सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक मेंटेनेंस के चलते बिजली बंद की जाएगी। ये इलाके होंगे प्रभावित
कुशीनगर के चौराखास थानाक्षेत्र के सरैया महंथ पट्टी गांव में एक तिलक समारोह के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर हुए विवाद में 24 वर्षीय युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। सोमवार सुबह उसका शव गांव के बाहर एक आम के पेड़ के नीचे नग्न अवस्था में मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। गांव में वशिष्ट प्रजापति के बेटे का तिलक समारोह चल रहा था। समारोह के बाद डीजे पर नाचने के दौरान सुबोध गुप्ता (पुत्र लखीचंद गुप्ता) का कुछ युवकों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर सुबोध की कथित तौर पर जमकर पिटाई की गई। डीजे संचालक ने इस घटना की सूचना सुबोध के पिता को दी। मौके पर पहुंचे पिता ने सुबोध को घर चलने के लिए कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसके बाद परिजन घर लौट आए। इसी दौरान आरोपियों ने सुबोध का मोबाइल भी तोड़ दिया और उसकी सिम निकाल ली। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे ग्रामीणों ने गांव के पश्चिम सरेह में छठ घाट से लगभग 200 मीटर दूर एक आम के पेड़ के नीचे एक युवक का शव पड़ा देखा। शव नग्न अवस्था में था और उसके सिर व गले पर चोट के निशान थे, जबकि नाक से खून बह रहा था। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान सुबोध गुप्ता के रूप में की। घटना की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के पिता लखीचंद गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी तमकुही जयंत यादव और थानाध्यक्ष दिनेश साहनी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, हालांकि डॉग स्क्वायड को कोई खास सुराग नहीं मिला। पुलिस ने पूछताछ के लिए छह लोगों को हिरासत में लिया है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मृतक के पिता लखीचंद गुप्ता ने वशिष्ट प्रजापति के पुत्र सहित देवव्रत, भीम, राजकुमार और कुछ अन्य अज्ञात रिश्तेदारों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि तिलक समारोह स्थल से करीब 500 मीटर दूर युवक का शव मिला। सुबोध पेशे से चालक था और चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। सीओ जयंत यादव ने बताया कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
बठिंडा पुलिस ने शहर के ऊधम सिंह नगर इलाके में चल रहे एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में एक महिला सहित कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि राजपाल कौर नामक महिला अपने घर पर बाहर से लड़के-लड़कियों को बुलाकर यह अवैध धंधा चला रही थी। सूचना के आधार पर, थाना कैनाल कॉलोनी पुलिस ने सुनियोजित रेड की। रेड के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी राजपाल कौर और चार अन्य आरोपियों - गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह, गुरदीप सिंह (कालियांवाली निवासी) और विशाल कुमार (रामा मंडी निवासी) को मौके से रंगे हाथों पकड़ा। सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज बठिंडा के एसपी सिटी नरिंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ 'अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम' (Immoral Trafficking Act) के तहत केस नंबर 116 दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई से इलाके के निवासियों ने राहत की सांस ली है।
डिंडौरी जिले में भीषण गर्मी के शुरू होते ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला तेज हो गया है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक फरवरी से अब तक आगजनी की 424 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे प्रकृति और वन्यजीवों को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वन प्रेमी अरविंद बाबा ने बताया कि दक्षिण समनापुर के कन्हारी और जिलंग के जंगलों में पिछले तीन दिनों से आग धधक रही है। उनका आरोप है कि आग की वजह से कीमती औषधीय पौधे और छोटे जानवर जलकर मर रहे हैं। साथ ही, कटे हुए पेड़ों के ठूंठों में आग लगने से हरे-भरे पेड़ भी सूख रहे हैं। वन प्रेमियों का कहना है कि वन विभाग का अमला इस दिशा में उतनी मुस्तैदी नहीं दिखा रहा जितनी जरूरत है। तापमान का असर और विभाग की तैयारी एसडीओ सुरेंद्र जाटव ने बताया कि पारा बढ़ने के साथ ही जंगलों में आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने जानकारी दी कि विभाग ने इस पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाए हैं। वन विभाग की टीमें स्थानीय समितियों के साथ मिलकर सूचना मिलते ही आग बुझाने का काम कर रही हैं। जनता से सहयोग की अपील वन अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल में कहीं भी आग लगते देखें, तो तुरंत कंट्रोल रूम को खबर करें। विभाग का कहना है कि जनता के सहयोग से ही इस प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सकता है।
जालौन में किसान के बाड़े में लगी आग:दस कुंतल गेहूं, चार कुंतल सरसों और भूसा जला
जालौन के एट थाना क्षेत्र के ग्राम पिरौना में सोमवार दोपहर लगभग 12:30 बजे एक किसान के बाड़े में आग लग गई। इस घटना में लगभग दस कुंतल गेहूं, चार कुंतल सरसों और भारी मात्रा में भूसा जलकर राख हो गया, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ है। ग्राम पिरौना के मोहल्ला रमपुरा निवासी प्रमोद विश्वकर्मा के बाड़े में अज्ञात कारणों से आग लगी। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और धुएं का गुबार उठने लगा, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बाल्टी और घड़ों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता के कारण वे सफल नहीं हो सके। भूसा पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों की सूचना पर डायल 112 पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक बाड़े में रखा गेहूं, सरसों और भूसा पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुका था। पीड़ित किसान प्रमोद विश्वकर्मा ने बताया कि उन्होंने गेहूं और सरसों को भूसे के साथ बाड़े में सुरक्षित रखा था, जो आग की भेंट चढ़ गया। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग लगने के सही कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नेशनल हाईवे 152-D पर हाई स्पीड कार की टक्कर लगने से महिला समेत दो वर्करों की मौत हो गई। पिहोवा के लाडवा फार्म के पास वर्कर्स हाईवे पर घास काटने का काम कर रहे थे। सेंट्रल वर्ज से जैसे ही वर्कर काम करके नीचे उतरे गंगहेड़ी की ओर से आई स्विफ्ट कार उनको जोरदार टक्कर मार दी। मरने वालों की पहचान सारसा गांव के अमित लाल (53) और जिला कैथल के सलीम मदूदपुर गांव की 44 वर्षीय सलीना के रूप में हुई। दोनों एक कंपनी में ठेकेदार के जरिए हाईवे पर घास काटने का काम करते थे। उनके साथ अन्य वर्कर भी काम पर लगे हुए थे। पुलिस ने दोनों के शव कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिए हैं। कार की टक्कर से पुल से नीचे गिरा अमित जानकारी के मुताबिक, अमित लाल हाईवे पर संकेत लगाकर ड्यूटी कर रहा था। तभी गंगहेड़ी की ओर से आई राजस्थान नंबर की कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अमित लाल हाईवे से उछल कर पुल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर ने महिला को 100 मीटर तक घसीटा उधर, कार टक्कर लगने से बेकाबू हो गई और हाईवे पर काम कर रही वर्कर सलीना को टक्कर मारी। जिससे महिला कार के अगले हिस्से में फंस गई। आरोपी ड्राइवर भागने की कोशिश में सलीना को खींचते हुए 50-100 मीटर तक ले गया।
गुरुग्राम जिले के बिलासपुर क्षेत्र में एक होटल संचालक का अपहरण कर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान नीरज (27), निवासी सेक्टर-6 धारूहेड़ा, जिला रेवाड़ी और लोकेश (22), मूल निवासी नेपाल, हाल निवासी राधे होटल, बिनोला के रूप में हुई है। पुलिस को अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति घायल अवस्था में भर्ती है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल से बात की। पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि वह बिलासपुर-तावडू रोड पर एक होटल चलाता है। 25 अप्रैल को जब वह अपने होटल के पास था, तभी एक अन्य होटल संचालक अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया और उसके साथ मारपीट की। जान से मारने की धमकी दी पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उसे होटल बंद करने की धमकी दी और बाद में राजीव चौक के पास छोड़ दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगर वह बिलासपुर इलाके में दोबारा दिखा तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस शिकायत के आधार पर थाना बिलासपुर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 26 अप्रैल को 2 आरोपियों को बिनोला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी भी चलाता है होटल पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी नीरज भी उसी इलाके में होटल चलाता है और कारोबार के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक कार भी बरामद की है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ललितपुर जिले के पूराकलां थाना क्षेत्र में सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन और जाम लगाने के मामले में पुलिस ने 17 नामजद और 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई 25 अप्रैल को हुए प्रदर्शन के दो दिन बाद की गई। यह घटना ग्राम विजयपुरा में 20 वर्षीय मुकेश कुशवाहा की मौत के बाद हुई थी। मुकेश पर 24 अप्रैल को चार लोगों, जिनमें पिता-पुत्र भी शामिल थे, ने कुल्हाड़ी से हमला किया था। इलाज के दौरान 25 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद जब परिजन शव लेकर गांव लौट रहे थे, तब ग्रामीणों ने पूराकलां-तालबेहट रोड पर शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा दिया। इस प्रदर्शन में लगभग 100 से 125 लोग सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जाम के कारण बसें, एम्बुलेंस और अन्य वाहन फंस गए, जिससे मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ ने लगभग 40-45 मिनट तक जाम नहीं खोला। इसके बाद, प्रदर्शनकारियों ने शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर तालबेहट मार्ग होते हुए पूराकलां तिराहे पर फिर से जाम लगा दिया। स्थिति बिगड़ने पर उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों द्वारा समझाने और परिजनों को सांत्वना देने के बाद आखिरकार जाम खुलवाया गया और शव का अंतिम संस्कार कराया गया। पुलिस ने इस मामले में हरिराम, कामता, रामेश्वर, प्रकाश, लल्लू, राकेश सहित 17 नामजद और लगभग 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
नोएडा में श्रमिकों के हिंसक आंदोलन के बाद पुलिस ने एक बड़ा कदम उठया। श्रमिकों और कारोबारियों की शिकायत का निवारण करने के लिए अलग से पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रियल का पद बनाया गया है। पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रियल के अंडर में सहायक पुलिस आयुक्त इंडस्ट्रीज, 03 निरीक्षक व अलग-अलग रैंक के 25 अधिकारी व कर्मचारी कार्य करेंगे। पुलिस उपायुक्त इंडस्ट्रीज का सीयूजी 8595902508 रहेगा। इस प्रस्ताव को अपर पुलिस आयुक्त कानून -व्यवस्था एवं पुलिस उपायुक्त द्वारा विस्तृत रूप से तैयार कर तीन दिन के अंदर पुलिस महानिदेशक, उप्र लखनऊ और गृह विभाग, उप्र शासन को भेजने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही,अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था द्वारा एक विस्तृत एसओपी तैयार की जा रही है। इस एसओपी को जल्द ही जारी किया जाएगा। यही नहीं उक्त सेल तत्काल प्रभाव से कार्य करना शुरू करेगा। 4 लाख श्रमिकों को फायदापुलिस कमिश्नरेट की ओर से बताया गया कि गौतमबुद्ध नगर के तीन जोन में लगभग 15000 रजिस्टर्ड औद्योगिक इकाइयां, जिनमें लघु उद्योग, मध्यम उद्योग व बड़ी और बहुराष्ट्रीय विभिन्न प्रकार के औद्योगिक संस्थान शामिल है। इनमें कुल मिलाकर लगभग दो लाख से अधिक कंपनियां हैं। जिनमें लगभग चार लाख श्रमिक कार्यरत है। सीधे पुलिस से किया जा सकेगा संवादगौतमबुद्ध नगर एक बड़ा इंडस्ट्रीज सेक्टर है। जिसमें लघु, मध्यम व अंतर्राष्ट्रीय कंपनियां, जिनमें जिला, प्रदेश, राष्ट्रीय और मल्टीनेशनल स्तरीय इकाइयां हैं, इनमें लगातार संवाद स्थापित करने, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करने, श्रमिक संगठनों, श्रमिक समूहों व श्रमिकों से सीधा संवाद स्थापित करने, उनकी शिकायतों के निवारण के लिए, उत्तर प्रदेश सरकार व भारत सरकार द्वारा लागू सभी कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए ये पद बनाया गया है।
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के जसाला गांव के पास एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसी बीच, मृतक के परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ आज एसपी कार्यालय पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। घटना 23 अप्रैल को कांधला थाना क्षेत्र के जसाला गांव के पास रेलवे फाटक के नजदीक हुई थी। मोनू कुमार नामक युवक का पैर कट गया था, और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने मोनू के दोस्त शुभम और सचिन पर हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर शुभम और सचिन के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, मृतक मोनू के परिजनों का आरोप है कि शुभम और सचिन के साथ पांच से सात अन्य साथी भी थे, जिन्होंने मोनू को घर से बुलाकर उसकी हत्या की और इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। आज मृतक मोनू के परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचे और घंटों तक धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस से हत्या में शामिल सभी अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की अपील की। ग्रामीणों ने भी इस बात पर जोर दिया कि मोनू की हत्या घर से बुलाकर की गई थी, न कि यह कोई दुर्घटना थी।
बालाघाट जिले में बाघ के शिकार का गंभीर मामला सामने आया है। शिकारियों ने बाघ को मारने के बाद उसके दांत उखाड़ लिए और उन्हें कुएं में फेंक दिया। वन विभाग ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।घटना पूर्व बैहर परिक्षेत्र के जत्ता बीट की है, जहां वन विभाग को बाघ का शव मिला था। पोस्टमार्टम में पता चला कि बाघ के चारों बड़े दांत गायब थे। इसके बाद मामला संदिग्ध हो गया और जांच शुरू की गई। कुएं से मिले बाघ के दांतवरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर डॉग स्क्वॉड की मदद से जांच की गई। इसी दौरान गांव के एक कुएं से बाघ के दांत बरामद हुए। शिकारियों ने दांतों को कपड़े में लपेटकर पत्थर बांधकर कुएं में फेंक दिया था। तीन आरोपी गिरफ्तारवन विभाग ने इस मामले में जत्ता निवासी अशोक उईके, भुनेश तेकाम और सालिकराम को गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघ की मौत का सही कारण जानने के लिए नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस कार्रवाई में वन विभाग की टीम ने अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों और वनरक्षकों ने मिलकर पूरे मामले का खुलासा किया।
बंदियों को बताए उनके कानूनी अधिकार:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव ने किया कारागृह का निरीक्षण
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के वार्षिक एक्शन प्लान के तहत सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना के सचिव एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महावीर सिंह चारण ने जिला कारागृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बंदियों के कानूनी अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। सचिव महावीर सिंह चारण ने जेल परिसर की स्वच्छता, बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और चिकित्सा सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने जेल प्रशासन को व्यवस्थाओं में लापरवाही न बरतने और पाई गई कमियों को तुरंत दूर करने के निर्देश दिए। बंदियों से सुनी समस्याएंनिरीक्षण के दौरान सचिव ने विशेष रूप से पहली बार जेल आए बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बंदियों को बताया कि निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करना उनका अधिकार है, जिसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हर संभव सहायता उपलब्ध कराता है। सचिव ने जेलर को निर्देश दिए कि जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, उनके आवेदन तुरंत तैयार कर संबंधित न्यायालय या प्राधिकरण को भेजे जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें समय पर मुफ्त कानूनी सहायता मिल सके। इस निरीक्षण के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल कार्यालय, डीडवाना से डिप्टी चीफ हरफूल राव, रोहिणी, असिस्टेंट आरती सिखवाल और निजी सहायक रविन्द्र सिंह भी मौजूद रहे।इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जेल में बंदियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था, ताकि न्याय प्रक्रिया तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
शिक्षा विभाग व रणथंभौर हेरिटेज सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सर्किट हाउस रोड स्थित एख मैरिज गार्डन में तृतीय जिला स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में जिले के सरकारी स्कूलों पढ़ने वाले कक्षा 10 व 12 बोर्ड परीक्षा 2026 में 90 प्रतिशत एवं उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले 216 प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। साथ ही परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया। कलेक्टर बोले, प्रतिभा का सम्मान समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव समारोह के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर कानाराम रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्रतिभा का सम्मान समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से ही ऐसे गौरवपूर्ण परिणाम संभव हो पाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसाडिया, जिला शिक्षा अधिकारी देवी लाल, हरकेश मीणा रणथंभौर हेरिटेज सोसायटी के अध्यक्ष ओम अग्रवाल, सचिव कैलाश जैन, उपाध्यक्ष अभिमन्यु सिंह, कोषाध्यक्ष कैलाश खंडेलवाल एवं आयोजन सचिव डॉ. मनीष शर्मा सहित सोसाइटी के सभी सदस्यों ने समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि जिले में शैक्षिक उत्कृष्टता की नई ऊंचाइयों को स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 5100-5100 रूपए का चैक सौंपा कार्यक्रम अधिकारी हेमराज मीना ने बताया कि रणथंभोर हेरिटेज सोसायटी द्वारा अब तक करीब 15 लाख रुपए की लगत से राजकीय विद्यालयों में वाटर कूलर, ट्री गार्ड, तथा जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए जर्सी, शिक्षण सामग्री का वितरण इत्यादि कार्य किए गए है। कार्यक्रम के दौरान सोसाइटी के सदस्य राजेंद्र चुग द्वारा इस साल बोर्ड परीक्षा में जिले में प्रथम वरीयता प्राप्त पांच विद्यार्थियों को 5,100-5,100 रुपये की प्रोत्साहन राशि का चैक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से विद्यार्थियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। समारोह में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सोमवार को धार और सरदारपुर में 'गो सम्मान आव्हान अभियान' के तहत हजारों गौभक्तों ने संत समाज के साथ रैली निकाली। उन्होंने गौमाता को राष्ट्रमाता का संवैधानिक दर्जा देने सहित गौ संरक्षण के लिए विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। धार में गौभक्तों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन दिया। वहीं, सरदारपुर में सैकड़ों गौभक्त विभिन्न गांवों से खेल परिसर मैदान पर एकत्रित हुए। यहां से रैली निकालकर वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार मुकेश बामनिया को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि मध्य प्रदेश गो-प्रतिपालक और जीव-दया की परंपरा का केंद्र रहा है। हालांकि, वर्तमान में गोवंश की स्थिति चिंताजनक है। गौभक्तों ने इसके संरक्षण और संवर्धन के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। प्रमुख मांगों में केंद्र स्तर पर 'गो सेवा एवं संरक्षण अधिनियम' लागू करना, पृथक गोपालन मंत्रालय की स्थापना करना और गोवंश वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, गौमाता को 'राष्ट्रमाता' और 'राष्ट्र आराध्या' का संवैधानिक दर्जा देने की भी मांग की गई। गौभक्तों ने केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय की स्थापना, एकीकृत केंद्रीय कानून बनाने और गौवंश की सुरक्षा, सेवा व सम्मान सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया। इस अभियान में सरदारपुर तहसील के बड़ी संख्या में गौभक्त, संत समाज के सदस्य, गौशाला संचालक और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मधुबनी जिले में सोमवार को अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अरेर थाना क्षेत्र के पौना मोड़ के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। अरेर थाना क्षेत्र के धकजरी गांव निवासी अशोक कुमार नायक (40 वर्ष) और झमन राम (30 वर्ष) एक ही बाइक पर सवार होकर नवटोली से अपने एक मित्र के बेटे की बारात में शामिल होने रहिका जा रहे थे। पौना मोड़ के समीप पहुंचने पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। फुलेश्वर कामत गंभीर रूप से घायल हो गएअशोक कुमार नायक धकजरी बैंक के पास सजावट की दुकान चलाते थे। उनके परिवार में दो छोटे बच्चे हैं। झमन राम पेशे से पेंटर थे और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं। जयनगर थाना क्षेत्र के कमलाबारी चौक पर एक ट्रक की टक्कर से बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। नंदरही गांव के मुक्तेश्वर कामत और फुलेश्वर कामत अपने गांव से जयनगर जा रहे थे, तभी ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में मुक्तेश्वर कामत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि फुलेश्वर कामत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए दरभंगा रेफर किया गया है। ईंट-भट्ठे के पास शव बरामद रहिका थाना क्षेत्र के सौराठ में भी एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसके अतिरिक्त, हरलाखी थाना क्षेत्र के NH 227 सड़क पर बिशौल ईंट भट्ठे के पास पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया। मृतक की पहचान बासोपट्टी थाना के छतौनी गांव निवासी इंदल सादा के रूप में हुई है।
स्मार्ट मीटर से परेशानी, पोस्टपेड विकल्प की मांग:समाजसेवी हरवीर भारतीय ने कासगंज में सौंपा ज्ञापन
कासगंज में समाजसेवी हरवीर भारतीय ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को 8 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने स्मार्ट/प्रीपेड मीटर व्यवस्था को पोस्टपेड में बदलने की मांग की। भारतीय ने कहा कि वर्तमान प्रणाली से आम उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में बताया गया है कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लागू स्मार्ट/प्रीपेड मीटर व्यवस्था का वर्तमान स्वरूप आम जनता, विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर एवं मध्यम वर्ग के लिए कष्टप्रद साबित हो रहा है। प्रीपेड प्रणाली के कारण उपभोक्ताओं में आर्थिक, मानसिक और सामाजिक असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। वर्तमान व्यवस्था में बैलेंस समाप्त होते ही विद्युत आपूर्ति तत्काल बाधित कर दी जाती है। यह स्थिति जनहित के अनुरूप नहीं है, विशेषकर रात के समय या आपातकालीन परिस्थितियों में यह गंभीर रूप ले लेती है। हरवीर भारतीय ने जनहित में कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सभी उपभोक्ताओं को अनिवार्य रूप से पोस्टपेड बिलिंग प्रणाली का विकल्प प्रदान करना और पोस्टपेड प्रणाली के तहत न्यूनतम एक माह का मासिक बिलिंग चक्र सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, जारी विद्युत बिल के भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को कम से कम 15 दिन की अनुग्रह अवधि (ग्रेस पीरियड) देने की मांग की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रीपेड मीटर प्रणाली को पूरी तरह से वैकल्पिक बनाया जाए, ताकि केवल इच्छुक उपभोक्ता ही इसे अपनाएं। अन्य मांगों में बैलेंस समाप्त होने पर तत्काल विद्युत आपूर्ति बाधित करने के बजाय पूर्व सूचना और उचित समय प्रदान करना, उपभोक्ताओं को स्पष्ट एवं विस्तृत बिलिंग विवरण उपलब्ध कराना, तथा ग्रामीण क्षेत्रों एवं डिजिटल रूप से कमजोर वर्ग के लिए ऑफलाइन भुगतान एवं सहायता केंद्रों की व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है।
डूंगरपुर जिले में स्कूल बस से छात्र की मौत के मामले में रेबारी समाज ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। समाज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्कूल की मान्यता रद्द करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह घटना सरोदा थाना क्षेत्र के आदर्श विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय, गुलाबपुरा (घोडापला) से संबंधित है। राष्ट्रीय पशुपालक संघ के अध्यक्ष लालजी राईका ने बताया कि यह घटना 17 मार्च को सागवाड़ा तहसील में हुई थी। आदर्श विद्या निकेतन उच्च माध्यमिक विद्यालय में 7वीं कक्षा का छात्र जतिन रेबारी स्कूल बस से गिर गया था। बस का गेट खुला था और उसमें कोई कंडक्टर मौजूद नहीं था, जिसके कारण जतिन को गंभीर चोटें आईं। 'घायल बच्चे को अस्पताल नहीं ले गया ड्राइवर'राईका के अनुसार, घायल बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय, बस ड्राइवर उसे अन्य छात्रों के साथ घर छोड़ आया। घर पहुंचने पर परिजनों ने जतिन की बिगड़ती हालत देखी और उसे तुरंत अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 'लहूलुहान हालत में घर के पास छोड़कर भाग गया था ड्राइवर'समाज ने आरोप लगाया कि दुर्घटना स्कूल के पास ही हुई थी। यदि बस ड्राइवर घायल छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाता, तो समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकती थी। ड्राइवर छात्र को लहूलुहान हालत में घर के पास छोड़कर भाग गया।धरना प्रदर्शन के बाद रेबारी समाज ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में स्कूल की मान्यता रद्द करने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
उत्तर प्रदेश पुलिस होमगार्ड्स एनरोलमेंट-2025 की ऑफलाइन लिखित परीक्षा सोमवार को जनपद चित्रकूट में आयोजित की गई। इस दौरान प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) ज्योति नारायण ने पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह की उपस्थिति में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण का उद्देश्य परीक्षा को सकुशल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना था। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र पर की गई सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों की चेकिंग प्रक्रिया, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल की तैनाती का जायजा लिया। पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए एडीजी ने केंद्र व्यवस्थापकों और ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को परीक्षा को पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुचित गतिविधि पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्यवाही की जाएगी। परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए जनपद के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे। इस निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात यामीन अहमद, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी दुर्गविजय सिंह, पीआरओ पुलिस अधीक्षक पंकज तिवारी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
बरेली के प्रेमनगर इलाके में सोमवार सुबह एक रिहायशी अपार्टमेंट के ग्राउंड फ्लोर पर भीषण आग लग गई। इस घटना में कई वाहन जलकर राख हो गए। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। यह घटना पंजाब नेशनल बैंक के पास स्थित कम्पीटेन्ट प्राइड अपार्टमेंट में सुबह करीब 5 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत विद्युत पैनल में शॉर्ट सर्किट से हुई, जिससे निकली चिंगारी पास खड़े वाहनों तक फैल गई। देखते ही देखते एक क्रेटा, स्कोडा कार, होंडा शाइन बाइक और एक्टिवा स्कूटी पूरी तरह जल गईं। इस हादसे में लाखों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। सुबह के समय अधिकांश लोग अपने घरों में थे। अचानक उठते धुएं और आग की लपटों से पूरे परिसर में दहशत फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग अपनी गाड़ियों को बचाने का प्रयास भी नहीं कर पाए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। फायरकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। उनकी तत्परता से आग को अन्य फ्लैट्स और वाहनों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह विद्युत पैनल में शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अपार्टमेंट और पार्किंग क्षेत्रों में लगे बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच कराते रहें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। इस घटना के बाद अपार्टमेंट की अग्निशमन व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, रिहायशी अपार्टमेंट में अग्निशमन की समुचित व्यवस्था नहीं थी और फायर इक्विपमेंट भी पूरी तरह काम नहीं कर रहे थे। यह भी आरोप है कि अपार्टमेंट के पास अग्निशमन विभाग की एनओसी भी नहीं थी।
बूंदी, उप-क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय और गवर्नमेंट कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में 29 अप्रैल को एक दिवसीय कैंपस प्लेसमेंट शिविर का आयोजन किया जाएगा। यह शिविर गवर्नमेंट कॉलेज परिसर स्थित पुस्तकालय भवन के ऊपर बने सेमिनार हॉल में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगेगा। उप-क्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के सहायक निदेशक भैरू प्रकाश नागर ने बताया कि इस प्लेसमेंट ड्राइव में राज्य और राज्य के बाहर की कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियां भाग लेंगी। कंपनियों के प्रतिनिधि मौके पर ही बेरोजगार युवाओं का साक्षात्कार लेकर उनकी योग्यता के अनुसार चयन करेंगे। इसके अतिरिक्त राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम (RSLDC) और अन्य कौशल प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा भी रोजगारपरक प्रशिक्षण के लिए युवाओं का चयन किया जाएगा। शिविर में आने वाले उम्मीदवारों को विशेषज्ञों द्वारा उनके बेहतर भविष्य के लिए व्यावसायिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। नागर ने बताया कि शिविर में आने वाली निजी कंपनियां मुख्य रूप से टेक्नीशियन, फील्ड ऑफिसर, सेल्स मैनेजर और टेक्निकल ऑपरेटर सहित विभिन्न पदों के लिए युवाओं का चयन करेंगी। इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, स्नातक, डिप्लोमा और आईटीआई पास होना अनिवार्य है। कंप्यूटर की बेसिक जानकारी रखने वाले युवाओं को भी अवसर मिलेंगे। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है।्र क्यूआर कोड (QR Code) से होगा पंजीकरणसहायक निदेशक ने बताया कि शिविर में भाग लेने के लिए आशार्थी ऑनलाइन क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं, जो युवा पहले से पंजीकरण नहीं कर पाए हैं, वे सीधे शिविर स्थल पर पहुंचकर भी क्यूआर कोड स्कैन कर अपना मौके पर पंजीकरण कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाने के लिए इच्छुक उम्मीदवारों को अपने साथ सभी शैक्षणिक योग्यता के मूल प्रमाण पत्र, उनकी फोटोकॉपी और दो पासपोर्ट साइज फोटो लेकर शिविर में पहुंचना होगा। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि शिविर में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा।
उन्नाव जिले में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान बाराबंकी निवासी दिनेश कुमार (36) पुत्र स्वर्गीय पशुराम गोस्वामी के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में मातम छा गया है। दिनेश कुमार चार दिन पहले ही रोजगार की तलाश में उन्नाव आया था और यहां एक होटल में काम करने लगा था। सोमवार दोपहर दिनेश की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने तत्काल जिला अस्पताल चौकी पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस ने मृतक के परिजनों को बाराबंकी में घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार उन्नाव मोर्चरी हाउस पहुंचा। पुलिस की मौजूदगी में सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मृतक अपने पीछे तीन छोटे बच्चों, दो बेटे ऋषभ और कन्हैया तथा एक बेटी अनन्या को छोड़ गया है। परिवार की आर्थिक स्थिति पहले से ही कमजोर बताई जा रही है, ऐसे में दिनेश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं तो संबंधित के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने भी घटना पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।
सहारनपुर जिले की नकुड़ सीट पर भाजपा विधायक मुकेश चौधरी को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 63% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। भाजपा में उम्मीदवार के रूप में पहली पसंद पूर्व मंत्री डॉ.धर्म सिंह सैनी हैं। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा है। दूसरे नंबर पर कांग्रेस, तीसरे नंबर पर सपा और चौथे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद पूर्व मंत्री डॉ.धर्म सिंह सैनी हैं। उन्हें 61% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर मौजूदा विधायक मुकेश चौधरी हैं, उनको 37% लोगों ने पसंद किया है। जबकि राकेश कुमार सोहराणा और सुभाष चौधरी को किसी ने भी पसंद नहीं किया है। जबकि 2% में कई उम्मीदवार हैं। कांग्रेस की पहली पसंद संदीप चौधरी हैं, जिन्हें 55% लोगों ने पसंद किया है। दुष्यंत राणा को 41%, चौ.इरशाद को 3% लोगों ने पसंद किया है। इनमें 1% में कई उम्मीदवार है। सपा में पहली पसंद फरहाद गाड़ा हैं, इन्हें 37% लोगों ने पसंद किया है। साहिल खान को 32%, अबू बकर चौधरी को 11% और साजिद चौधरी को 5% लोगों ने पसंद किया है। अन्य उम्मीदवारों को 15% लोगों ने पसंद किया है। बसपा में पहली पसंद नरेश सैनी को 29% लोगों ने पसंद किया है। नीरज चौधरी को 29%, शहनवाज खान को 17% लोगों ने पसंद किया है। इनमें 25% में कई उम्मीदवार है। यूपी की 403 सीटों के रिजल्ट जानने के लिए क्लिक करें।
चित्रकूट पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को पुलिस लाइन से 296 नवप्रशिक्षित आरक्षी और महिला आरक्षियों को उनके आवंटित थानों के लिए रवाना किया। इनमें 233 आरक्षी और 63 महिला आरक्षी शामिल हैं, जिन्होंने आधारभूत प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने सभी आरक्षियों को संबोधित किया। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया। एसपी ने कहा कि पुलिस विभाग की छवि जनता के बीच उसकी कार्यशैली से बनती है। एसपी ने सभी पुलिसकर्मियों को जनता के साथ विनम्र व्यवहार रखने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का निर्देश दिया। उन्होंने महिला सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के लिए भी कहा। पुलिस अधीक्षक ने आरक्षियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में सजग रहकर कार्य करने, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों का पालन करने और टीम भावना के साथ काम करने के लिए भी निर्देशित किया। इस कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक सत्यपाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। नवप्रशिक्षित आरक्षियों ने अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक पालन करने का संकल्प लिया।
गोंडा के धानेपुर थाना क्षेत्र में मजदूर की पत्नी को संबंध बनाने का ऑफर देने और विरोध करने पर उसके पति के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह घटना धानेपुर रामलीला मैदान में हुई। यहां रायबरेली का रहने वाला मजदूर अपनी पत्नी के साथ टाइल्स लगाने का काम कर रहा था। आज सोमवार सुबह करीब 10 बजे, जब मजदूर की पत्नी शौच के लिए गई थी, तो रामलीला मैदान के पास रहने वाले कुछ आरोपियों ने उससे संबंध बनाने की बात कही। महिला के मना करने पर उसे 500 रुपये का ऑफर दिया गया महिला ने तुरंत अपने पति को पूरी घटना बताई।जानकारी मिलने पर पति आरोपियों प्रदीप,अजय और मोनू से पूछताछ करने पहुंचा। इस दौरान आरोपियों ने सात अन्य लोगों को मौके पर बुला लिया और गाली-गलौज करते हुए मजदूर पति के साथ जमकर मारपीट की है। इतना ही नहीं पति जब दोबारा रामलीला ग्राउंड के अंदर पहुंचा, तो आरोपी बाउंड्री कूदकर फिर से ग्राउंड में घुस गए। उन्होंने वहां भी पति के साथ मारपीट की और चाकू से वार किया, जिससे पीड़ित के पेट में गंभीर चोटें आईं। उसे इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पति की तहरीर पर धानेपुर थाने में प्रदीप, अजय, मोनू सहित पांच नामजद और पांच अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ छेड़छाड़, मारपीट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बाउंड्री कूदकर मारपीट करने और विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। धानेपुर थाना अध्यक्ष अरविंद यादव ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर घायल पति का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है।
फिरोजाबाद जिले की सदर सीट पर भाजपा विधायक मनीष असीजा को जनता पसंद करती है। भास्कर के सर्वे में 46% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। भाजपा में उम्मीदवार के रूप में जनता की पहली पसंद मनीष असीजा हैं। दूसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी, तीसरे नंबर पर समाजवादी पार्टी और चौथे नंबर पर कांग्रेस है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद वर्तमान विधायक मनीष असीजा हैं। उन्हें 57% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर भाजपा के प्रवक्ता डॉ. अमित गुप्ता, जिन्हें 22% लोगों ने पसंद किया है। जबकि तीसरे नंबर पर पूर्व महानगर अध्यक्ष कन्हैयालाल गुप्ता हैं, उन्हें 6% लोगों ने पसंद किया है। सपा में पहली पसंद अजीम भाई हैं। इन्हें 31% लोगों ने पसंद किया है। राजकुमार राठौर को 24%, योगेश गर्ग को 18% लोगों ने पसंद किया है। बसपा में ओपी बघेल को 43% लोगों पसंद किया है। अन्य को भी 43% और फरियाज खान को 14% लोगों ने पसंद किया है। कांग्रेस पार्टी में जितेंद्र तिवारी और उमर फारुख को 27% जनता पसंद करती है जबकि अजय यादव को 7% और अन्य प्रत्याशियों को 39% जनता चाहती है।
कैथल जिले के नगर राजौंद स्थित बिजली सब-डिवीजन कार्यालय के मुख्य गेट पर आज बिजली कर्मियों ने रोष प्रदर्शन किया। यह गेट मीटिंग सब-यूनिट प्रधान अश्वनी ढांडा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांगों में राजौंद के लाइनमैन मनोज कुमार, मुकेश कुमार, प्रवीण कुमार और JE जगदीश व सतीश की लंबित चार्जशीटों का समाधान न होना शामिल है। कर्मचारियों ने दो साल पहले ही चार्जशीटों का जवाब दे दिया था, लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके कारण ये कर्मचारी पदोन्नति और ACP से वंचित हैं। कर्मचारियों ने SDO के अनियमित समय, कर्मचारियों की भारी कमी, जर्जर कार्यालय भवन और देर रात तक चलने वाली बैठकों से मानसिक तनाव की भी शिकायत की। सब-यूनिट प्रधान ने चेतावनी दी कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। नगर राजौंद स्थित बिजली सब-डिवीजन कार्यालय के मुख्य गेट पर आज बिजली कर्मियों ने रोष प्रदर्शन किया। यह गेट मीटिंग सब-यूनिट प्रधान अश्वनी ढांडा की अध्यक्षता में आयोजित की गई, जिसका संचालन सब-यूनिट मुकेश कोटड़ा ने किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की मुख्य मांगों में राजौंद के लाइनमैन मनोज कुमार, मुकेश कुमार, प्रवीण कुमार और JE जगदीश व सतीश की लंबित चार्जशीटों का समाधान न होना शामिल है। कर्मचारियों ने दो साल पहले ही अपनी चार्जशीटों का जवाब दे दिया था, लेकिन कैथल के SE और हरियाणा पंचकूला के SE द्वारा अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसके कारण ये कर्मचारी पदोन्नति और ACP जैसे लाभों से वंचित हैं, जबकि अधिकारियों की समान चार्जशीटों का समाधान कर उन्हें पदोन्नति दी जा चुकी है। देर रात की बैठकों से कर्मचारी तनावग्रस्त कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उप-मंडल अधिकारी (SDO) राजौंद कार्यालय में समय पर नहीं आते और देर से जाते हैं। उनके अनियमित समय के कारण उपभोक्ता परेशान रहते हैं। देर रात तक चलने वाली बैठकों और सार्वजनिक शिकायतों के कारण कर्मचारी मानसिक रूप से तनावग्रस्त रहते हैं, जिससे रात में किसी भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है। समाधान नहीं तो आंदोलन और तेज होगा सब-यूनिट प्रधान अश्वनी ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जैसलमेर शहर में सोमवार को गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा दिलाने के लिए एक बड़ी रैली निकाली गई। 'गौ सम्मान अभियान' के बैनर तले आयोजित इस रैली के जरिए सरकार से मांग की गई कि गौ माता को उचित सम्मान और संवैधानिक दर्जा दिया जाए। रैली के बाद कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। हनुमान चौराहे से कलेक्ट्रेट तक निकाली रैली के दौरान महंत बाल भारती महाराज, पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी, बीजेपी नेता सुनीता भाटी, पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा और सुशील व्यास समेत वीएचपी, बजरंग दल, एबीवीपी, सेवा भारती और विद्या भारती जैसे संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। हनुमान चौराहे से कलेक्ट्रेट तक का रूट रैली की शुरुआत हनुमान चौराहे के पास गांधी दर्शन से हुई। यहां से बड़ी संख्या में लोग पैदल चलते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। रैली में शामिल लोग 'गौ माता की जय' के नारे लगा रहे थे। हाथों में बैनर लिए रैली में गौशाला चलाने वाले लोग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में नजर आए। तहसीलदार को बताई अपनी मांग कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद सभी ने तहसीलदार से मुलाकात की। उन्हें बताया गया कि गौ माता का देश की संस्कृति में बड़ा स्थान है, इसलिए उन्हें अब 'राष्ट्र माता' का स्टेटस मिलना ही चाहिए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर इस मांग पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे भी इस तरह के शांतिपूर्ण आंदोलन और प्रदर्शन जारी रहेंगे। प्रमुख नेता और संगठन रहे शामिल रैली में मुख्य रूप से महंत बाल भारती महाराज समेत पूर्व विधायक सांग सिंह भाटी, बीजेपी नेता सुनीता भाटी, पूर्व बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा और सुशील व्यास मौजूद रहे। इन नेताओं ने कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना समाज की पुरानी मांग है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में वीएचपी, बजरंग दल, एबीवीपी, सेवा भारती और विद्या भारती जैसे संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अहम भूमिका निभाई।
मस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. महिला एसीपी के पति अचानक लापता इंदौर के पीटीसी इलाके में रहने वाली एक महिला एसीपी के पति रविवार-सोमवार की दरमियानी रात अचानक लापता हो गए। घर में विवाद के बाद वे सरकारी जीप लेकर निकल गए। अनहोनी की आशंका के चलते एसीपी ने आजाद नगर थाना में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। पढ़ें पूरी खबर… 2. तेज गाने पर विवाद, डंडों से पीटा, VIDEO इंदौर के खजराना इलाके में तेज आवाज में गाने बजाने को लेकर तपेश्वरी बाग में दो पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के दौरान दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। डंडों से एक-दूसरे पर हमला किया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर… 3. दबंगई; महिला और छात्राओं से छेड़छाड़ इंदौर में महिलाओं से छेड़छाड़ और धमकाने के तीन मामले सामने आए हैं। बाणगंगा थाना क्षेत्र में बच्चों के साथ घूमने निकली महिला से छेड़छाड़ कर बदमाशों ने पिस्टल तान दी। वहीं, सदर बाजार और परदेशीपुरा में भी युवतियों से छेड़छाड़ के मामले दर्ज हुए हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश/कार्रवाई जारी है। पढ़ें पूरी खबर… 4. बारिश के बाद रात का तापमान 3 डिग्री गिरा इंदौर में रविवार को भीषण गर्मी और हीट वेव के बाद शाम को हुई बारिश से कुछ राहत मिली है। रात के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट आई है। हालांकि इस दौरान भी गर्मी का असर रहा।सोमवार सुबह बादल छाए और फिर धूप चढ़ने लगी है। दिन बढ़ने के साथ ही गर्मी का अहसास बढ़ने लगा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक सोमवार को भी दिन और रात गर्म रहेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 5. इंदौर में कुक से 45 हजार की ठगी इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक कुक के साथ ठगी का मामला सामने आया है, जहां हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र ने ऑनलाइन पेमेंट का झांसा देकर नकद रुपए ले लिए और फरार हो गया। पुलिस ने मामले में आरोपी छात्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… 6. खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं का प्रदर्शन एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (एआईडीए) नई दिल्ली के आह्वान पर देशभर के करीब 5 लाख खाद, बीज एवं कीटनाशक तथा कृषि आदान विक्रेता अपनी मांगों के समर्थन में सोमवार को अपना कारोबार बंद रखा है। इंदौर में व्यापारियों ने प्रदर्शन कर जुलूस के रूप में प्रधानमंत्री-कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। पढ़ें पूरी खबर… 7. इंदौर में ACP से बजरंग दल कार्यकर्ता की बहस इंदौर के हीरानगर में शनिवार रात बजरंग दल के जिला संयोजक के भतीजे की बारात में जमकर हंगामा हो गया। एसीपी की गाड़ी को रास्ता नहीं देने पर वह बिफर गईं। सड़क पर ही बहस करने लगीं। इसके चलते वहां ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति बन गई। बाद में टीआई मौके पर पहुंचे और मामले को शांत किया। पढ़ें पूरी खबर… 8. गोमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की मांग देश की सांस्कृतिक आत्मा और कृषि का आधार मानी जाने वाली गो माता को ‘राष्ट्रमाता’ का संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए संत समाज और गोरक्षकों ने निर्णायक हुंकार भरी है। ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के तहत सोमवार को इंदौर में संतों और गौ-भक्तों के बड़े समूह ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। पढ़ें पूरी खबर… 9. इंदौर में सुसाइड:ठेकेदार ने जहर खाया, युवक ने फांसी लगाई इंदौर में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। विदुर नगर में एक ठेकेदार ने जहर खाकर जान दे दी, जबकि बाणगंगा इलाके में 22 वर्षीय युवक ने फांसी लगा ली। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर… 10. मानसून से पहले नालों की सफाई के सख्त निर्देश इंदौर शहर की बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने और मानसून के दौरान जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए निगम प्रशासन ने कमर कस ली है। सोमवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मास्टर प्लान की प्रमुख सड़कों और विकास कामों की मैदानी स्थिति देखी। निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को नालों की सफाई को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
मोहनिया प्रखंड के प्लस-2 यूएचएस बघनी विद्यालय में एक शिक्षिका से मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से विद्यालय के सभी 15 शिक्षक स्कूल नहीं जा रहे हैं, जिससे पठन-पाठन बाधित है। शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शिक्षिका चिंता कुमारी ने आरोप लगाया है कि 24 तारीख को कुछ बाहरी लोग छात्रों के साथ विद्यालय परिसर में घुस आए। उन्होंने शिक्षिका के बाल खींचकर मारपीट की और उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। उन्होंने यह भी बताया कि 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने उनका मोबाइल चकनाचूर किया। दो दिनों से कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं जा रहाशिक्षिका के अनुसार, सभी 15 शिक्षकों को टेम्पो से खींचकर मारने की धमकी दी गई है। इस डर के कारण पिछले दो दिनों से कोई भी शिक्षक विद्यालय नहीं जा रहा है। सभी शिक्षक अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर पुलिस थाने और वरीय अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन कुमार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर बाधित नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की गई थी। विद्यालय में तनावपूर्ण माहौल बना हुआजांच रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है और जल्द ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को पठन-पाठन सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल, विद्यालय में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
बूंदी में सोमवार को जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आवश्यक सेवाओं संबंधी साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले में पेयजल, बिजली आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को देखते हुए आमजन को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिलेभर में खराब पड़े हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करवाने को कहा, ताकि गर्मियों में पेयजल संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान देने पर दिया जोरउन्होंने जिला चिकित्सालय में चल रहे कार्यों के वेस्ट मटेरियल को साफ करने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज में संचालित कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा, जिसमें किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने की हिदायत दी गई।गर्मी के मद्देनजर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। जिन स्थानों पर टैंकरों से जलापूर्ति की जानी है, वहां टैंकरों से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। अस्पतालों में तैयारियां रखने के निर्देशहीटवेव की स्थिति को देखते हुए सभी चिकित्सा संस्थानों में ओआरएस, कूलर, शुद्ध पेयजल, छाया और पर्याप्त संख्या में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने गर्मियों में आने वाली लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश भी दिए।बैठक में एडीएम रामकिशोर मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद रवि वर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. ओपी सामर सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन को लेकर विपक्ष सवाल उठाए थे। जिसके विरोध में भागलपुर में सोमवार को भाजपा और एनडीए की महिला कार्यकर्ताओं ने आक्रोश रैली निकाली है। जमकर प्रदर्शन किया है। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी है। जिन्होंने सड़कों पर अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आवाद बुलंद की है। भाजपा नेत्री प्रीति शेखर ने कहा कि पप्पू यादव का बयान राजनीति में सक्रिय महिलाओं के प्रति उनकी निम्नस्तरीय और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण पर भाजपा नेत्री रंजीता दीदी को सामने आकर जवाब देना चाहिए और यह बताना चाहिए कि महिलाएं किस प्रकार संघर्ष, समर्पण और मेहनत के बल पर राजनीति में अपनी पहचान बनाती हैं। देश के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रीति शेखर ने कहा कि पप्पू यादव के बयान से महिलाओं की गरिमा आहत हुई है। इसी के विरोध में भागलपुर की महिलाएं एकजुट होकर अपना आक्रोश व्यक्त कर रही हैं। संसद में महिलाओं की आवाज गूंजनी चाहिए भाजपा नेत्री प्रीति शेखर ने सांसद पप्पू यादव के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संसद में महिलाओं की आवाज सशक्त रूप से गूंजनी चाहिए। इसी उद्देश्य से राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे विपक्ष ने संशोधन विधेयक का विरोध किया था। प्रीति शेखर ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति ऐसी है जैसे मान न मान, मैं तेरा मेहमान। कांग्रेस भले ही पप्पू यादव को अपना नेता न मानती हो, लेकिन वह खुद को कांग्रेस का नेता बताते हैं। विपक्ष गलत तरीके से अपनी बात रख रहा खास तौर पर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयानों को लेकर नाराजगी जताई गई। महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस तरह की बयानबाजी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। इससे समाज में गलत संदेश जाता है। रैली के दौरान महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिला अनीता गोस्वामी का आरोप है कि नारी शक्ति से जुड़े इस महत्वपूर्ण अधिनियम पर विपक्ष गलत तरीके से अपनी बात रख रहा है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का काम कर रहा है।
माधोराजपुरा में गौ सेवा और गौ संरक्षण की मांग को लेकर एक भव्य यात्रा निकाली गई। ग्रामीण अंचल के सुप्रसिद्ध खेड़ापति बालाजी धाम मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में गौभक्त और ग्रामीण शामिल हुए। यह आयोजन खेड़ापति बालाजी धाम के महंत गोविंद पारीक के सान्निध्य में गौ माता की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ। गाड़ियों का काफिला कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ सीतारामजी मंदिर पहुंचा। यहां विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली और गौ संरक्षण की कामना की गई। इसके बाद गौभक्त, ग्रामीण और युवाओं ने उपखंड कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान जयकारों के बीच 'गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो' के नारे लगाए गए। उपखंड कार्यालय पहुंचकर एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी राजेश कुमार मीणा को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मुख्य मांगें शामिल थीं। महंत गोविंद पारीक ने अपने संबोधन में कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और जीवन शैली की आधारशिला हैं। उन्होंने गौ माता को केवल दुधारू पशु न मानकर वेदों और शास्त्रों में पूजनीय बताया। महंत ने समाज से गौ संरक्षण के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। ग्रामीणों ने गौ रक्षा के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस आयोजन में सभी आयु वर्ग के लोगों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जो गौ सेवा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।
हजारीबाग देमोटर (डेमो टायर) के पास हुए भीषण सड़क हादसे में एयरफोर्स में कार्यरत जवान दीपक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है। दीपक कुमार पिछले 10 वर्षों से एयरफोर्स में अपनी सेवा दे रहे थे और वर्तमान में हैदराबाद में पदस्थापित थे। वह छुट्टी लेकर अपने घर आए हुए थे और एक दोस्त की शादी में शामिल होने के लिए हजारीबाग पहुंचे थे। 30 अप्रैल को उनकी ट्रेन थी और 3 मई को उन्हें पुनः ड्यूटी ज्वाइन करना था। सोमवार सुबह जब दीपक अपने एक साथी के साथ बाइक से निकले, तभी देमोटर के पास एक तेज रफ्तार बस की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि दीपक कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दीपक कुमार अपने पीछे चार महीने के मासूम बच्चे, पत्नी, माता-पिता और दो बड़े भाइयों को छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक के दोस्तों ने बताया कि दीपक बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे। जब भी उन्हें छुट्टी मिलती थी, वह घर आकर सभी से मिलते-जुलते थे।
जगराओं में कूड़ा डंपिंग और शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर कौंसिल के सफाई कर्मचारी दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट जहां नगर कौंसिल के खिलाफ हड़ताल पर है, वहीं दूसरा गुट भीषण गर्मी के बावजूद शहर की सफाई में जुटा हुआ है। जानकारी के अनुसार, सफाई कर्मचारियों के एक गुट ने अपने स्तर पर शहर की साफ-सफाई का जिम्मा उठाया है। इस गुट ने विभिन्न वार्डों में ट्रॉलियां और रेहड़ियां लगाकर कूड़ा उठाना शुरू कर दिया है। गुट के प्रधान रवि गिल ने बताया कि अधिकतर सफाई कर्मचारी अपने वार्डों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी पूरे दिन सफाई कार्य में लगे रहे। शहरों में गंदगी के ढेर लगने से रोकना उद्देश्य रवि गिल ने बताया कि नगर कौंसिल द्वारा निजी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लगाकर वार्ड नंबर 2, 7 और 8, हीरा बाग, पंजाब बाग, नलकिया वाला चौक सहित शहर की कई गलियों से घर-घर जाकर कूड़ा उठाया गया। इसका उद्देश्य शहर में गंदगी के ढेर लगने से रोकना है। दूसरी ओर, सफाई कर्मचारियों के दूसरे गुट ने तीसरे दिन भी अपनी हड़ताल जारी रखी और नगर कौंसिल परिसर में धरना दिया। इस गुट के प्रधान अरुण गिल ने आरोप लगाया कि नगर कौंसिल कूड़ा डंप करने के लिए स्थायी जगह उपलब्ध नहीं करा रही है, जिससे सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। अरुण गिल ने यह भी आरोप लगाया कि नगर कौंसिल अधिकारी सफाई कर्मियों को कार्यालयों में ड्यूटी पर लगा रहे हैं, जबकि उन्हें सफाई कार्य के लिए मैदान में होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से कच्चे कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जा रहा है और न ही सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जा रही है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी किया समर्थन धरने में कुछ अन्य कर्मचारी संगठनों और जत्थेबंदियों ने भी पहुंचकर हड़ताली सफाई कर्मियों का समर्थन किया। वहीं दूसरी ओर आग बरसाती गर्मी के बावजूद रवि गिल अपने साथियों के साथ शहर में सफाई और घर-घर से कूड़ा उठाने में जुटे रहे। जैसे ही लोगों ने नगर कौंसिल की ट्रॉली को अपने इलाके में आते देखा तो कई लोग खुद ही अपने घरों से कूड़ेदान लेकर बाहर पहुंच गए और ट्रॉली में कूड़ा डालने लगे, ताकि आसपास गंदगी न फैले। शहर में कूड़े को लेकर पैदा हुआ यह विवाद अब धीरे-धीरे बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और आने वाले दिनों में यह मामला नगर कौंसिल और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
शेखपुरा शहर के खांड पहाड़ पर भीषण गर्मी के बीच पक्षियों को बचाने के लिए रामधुन महायज्ञ समिति ने एक सराहनीय पहल की है। समिति के सदस्यों ने अपने निजी खर्च से सैकड़ों हैंगिंग पॉट लगाकर पक्षियों के लिए दाना और पानी की व्यवस्था की है। यह पहल ऐसे समय में की गई है जब गौरैया, कबूतर समेत कई छोटे पक्षी पानी और दाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय युवाओं द्वारा की जा रही ये व्यवस्थाएं पक्षियों के लिए बड़ी राहत बन रही हैं। नगर परिषद भी पहाड़ पर बोरिंग कर पाइपलाइन बिछाकर पेड़-पौधों को लगातार पानी उपलब्ध करा रही है, जिससे हरियाली बनी हुई है। हालांकि, पाइपलाइन से जुड़ा कुछ कार्य अभी अधूरा है, जिसे जल्द पूरा करने की आवश्यकता है ताकि पानी की आपूर्ति और बेहतर हो सके। रामधुन महायज्ञ समिति का यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत करता है। खांड पहाड़ को रमणीक पर्यटक क्षेत्र बनाने में सक्रिय गुड्डू कुमार ने बताया कि इस कार्य में समिति के युवा सदस्यों जैसे पवन कुमार, रमेश कुमार लड्डू, विपुल कुमार, सोनू कुमार और सूरज कुमार का योगदान काफी महत्वपूर्ण है।
रीवा जिले में ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत सोमवार को संत समाज और गोसेवकों ने एकजुट होकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। दोपहर करीब 12 बजे शहर भ्रमण करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे गोसेवकों ने लगभग 5 हजार लोगों के हस्ताक्षर युक्त पत्र को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की मांग की। ज्ञापन में गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की प्रमुख मांग उठाई गई। इसके साथ ही गोशालाओं की बदहाल स्थिति सुधारने, बेसहारा गोवंश के संरक्षण, चारा-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। सर्व संगठन, सर्व समाज एकजुट होकर इस अभियान में शामिल हुए और समर्थन जताया। भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा मुद्दा है देवेंद्र द्विवेदी ने कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ मुद्दा है। उन्होंने कहा कि देशभर में गौमाता को सम्मान दिलाने के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि इस विषय पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। कुसुम सिंह ने कहा कि गोशालाओं की स्थिति सुधारना समय की आवश्यकता है और इसके लिए ठोस योजना बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। साथ ही चारा-पानी और चिकित्सा सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। समाज में सकारात्मक संदेश जाता है बृजेंद्र पांडेय ने कहा कि गोसेवा से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और यह जन जागरूकता का विषय है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर इस मांग का समर्थन किया है। साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ज्ञापन को गंभीरता से लेकर उच्च स्तर तक पहुंचाया जाए। गौसेवकों ने प्रशासन से अपील की कि जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इस ज्ञापन को प्राथमिकता के साथ उच्च स्तर तक भेजा जाए और इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
गाय को 'राष्ट्रीय माता' का दर्जा देने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने सोमवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने सरकार से आग्रह किया कि भारतीय संस्कृति और आस्था में गाय के विशेष महत्व को देखते हुए उसे 'राष्ट्र माता' का दर्जा प्रदान किया जाए। उन्होंने गौवंश संरक्षण को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त एवं प्रभावी कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस दौरान वक्ताओं ने गाय के धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे भारतीय परंपरा का अभिन्न अंग बताया और कहा कि गाय केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का भी महत्वपूर्ण आधार रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान विपिन सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रोहतक जिले में महम नगरपालिका के कर्मचारियों ने दो दिवसीय भूख हड़ताल शुरू कर दी है। यह हड़ताल फरीदाबाद में ड्यूटी के दौरान दो फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की मौत के विरोध में और उनके समर्थन में की जा रही है। कर्मचारियों ने महम स्थित नगरपालिका कार्यालय के बाहर धरना दिया। यह भूख हड़ताल 27 और 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में निकाय कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम-समान वेतन, न्यूनतम वेतन 27 हजार रुपए और जोखिम भत्ता देना शामिल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 2 मई तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 1 और 2 मई को पूर्ण हड़ताल की जाएगी और फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। कर्मचारियों ने महम स्थित नगरपालिका कार्यालय के बाहर धरना दिया। यह भूख हड़ताल 27 और 28 अप्रैल को पूरे प्रदेश में निकाय कर्मचारियों द्वारा की जा रही है। फरीदाबाद में फायर ब्रिगेड कर्मियों की मौत का विरोध महम नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान संजय कांगड़ा ने बताया कि पिछले दिनों फरीदाबाद में फायर ब्रिगेड के दो कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इसी के विरोध में और उनके समर्थन में यह हड़ताल की जा रही है। बोले- सरकार वादाखिलाफी और भेदभाव कर रही महिला सफाई कर्मचारी नीलम ने आरोप लगाया कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी और भेदभाव कर रही है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में समान काम-समान वेतन, न्यूनतम वेतन 27 हजार रुपए और जोखिम भत्ता देना शामिल है। चेतावनी: 1-2 मई को पूर्ण हड़ताल कर्मचारी संघ के प्रधान संजय कांगड़ा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो 1 और 2 मई को पूर्ण हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि 2 मई तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
जयपुर में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर डकैती मामले का पुलिस ने सोमवार दोपहर खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में पीछा कर छह बदमाशों को अरेस्ट किया है। बदमाशों ने क्रिप्टो करेंसी डील के नाम पर 8.37 लाख रुपए लूटे थे। चित्रकूट थाना पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- डकैती मामले में आरोपी भवानी सिंह तंवर (24) निवासी रघुनाथपुरी झोटवाड़ा हाल महालक्ष्मी विहार कॉलोनी मांचवा कालवाड़, अयान अली (25) निवासी उदय नगर झोटवाड़ा, योगेश कुमार उर्फ योगी (24) निवासी नया खेडा शास्त्री नगर, राहुल सिंह रावत (24) निवासी नया खेडा शास्त्री नगर, घनश्याम सिंह उर्फ मोंटी (23) निवासी नया खेडा विद्याधर नगर और यशवर्धन गुर्जर उर्फ यशु (22) निवासी गुर्जर कॉलोनी झोटवाड़ा को अरेस्ट किया गया है। चित्रकूट थाना पुलिस ने CCTV फुटेज व रूट चार्ट बनाकर पीछा कर छहों बदमाशों को पकड़ा है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में यूज बोलेरो गाड़ी भी बरामद की है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए क्रिप्टो करेंसी के नाम पर लोगों को फंसाकर लूट करना कबूल किया है। लूट कर भाग निकले बदमाशचित्रकूट थाने में 24 अप्रैल को रवि मीणा ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। उसके परिचित के जरिए सस्ते दाम में क्रिप्टो करेंसी डील के लिए कॉन्टैक्ट करवाया गया। सस्ते दाम में क्रिप्टो करेंसी (USTC) की डील के बहाने बदमाशों ने उसे बुलाया। प्लानिंग के तहत दो बदमाश पहले क्रिप्टो करेंसी की डील के बहाने उससे मिले। कैश साथ लेकर आने का पता चलने पर प्लानिंग के तहत अपने साथियों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया। बिना क्रिप्टो करेंसी दिए ही 8.37 लाख रुपए लूटकर बदमाश फरार हो गए थे।
शाजापुर के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत आगर-सारंगपुर रोड पर एक बड़ा हादसा हो गया। कुमारिया पाल के पास एक ट्रक का संतुलन बिगड़ने से वह पलट गया और उसकी चपेट में एक बाइक भी आ गई। घटना सोमवार दोपहर करीब 3 बजे की है। ट्रक में अचानक लगी आग हादसे के तुरंत बाद ट्रक में अचानक आग लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास के लोग दहशत में आ गए। इस घटना में ट्रक का अगला हिस्सा और बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। सूचना मिलते ही मोहन बड़ोदिया थाना पुलिस की डायल 112 टीम से पायलट राजपाल सिंह और पुलिसकर्मी शिवचरण दांगी मौके पर पहुंचे। इसके बाद सारंगपुर से दमकल की गाड़ी भी बुलाई गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू दमकल टीम ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन पानी खत्म हो जाने के कारण ट्रक में फिर से आग भड़क उठी। स्थिति को देखते हुए दमकल टीम दोबारा पानी भरकर लौटी और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है कि ट्रक में मुर्गी का दाना भरा हुआ था और वह घोंसला से सारंगपुर की ओर जा रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। पेट्रोलियम कंपनी के कार्यकारी निदेशक संजय भण्डारी ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने साफ किया है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और कहीं भी आपूर्ति बाधित नहीं है। प्रदेश में कुल 13,168 पेट्रोल पंप (12,331 ओएमसी और 863 निजी) तथा 28 सप्लाई डिपो संचालित हैं। रोजाना औसतन 20 TKL पेट्रोल और 33 TKL डीजल की आपूर्ति की जा रही है। सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। बिक्री पर किसी तरह की कोई रोक नहीं है। एलपीजी आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर राज्य में 4,143 एलपीजी वितरकों और 36 बॉटलिंग प्लांट के जरिए करीब 4.88 करोड़ उपभोक्ताओं को सेवा दी जा रही है। प्रतिदिन करीब 8 लाख सिलेंडर रिफिल की डिलीवरी हो रही है। वितरकों के पास 1.3 दिन का स्टॉक उपलब्ध है और करीब 6 दिन का बैकलॉग तय समय के अनुसार पूरा किया जा रहा है। डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ी एलपीजी सेवाओं में 94% बुकिंग डिजिटल माध्यम से हो रही है। साथ ही 94% मामलों में डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का पालन किया जा रहा है। उपभोक्ताओं से डिजिटल बुकिंग और डिलीवरी के समय DAC साझा करने की अपील की गई है। प्रदेश में अब तक लगभग 21.55 लाख PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं। पिछले एक महीने में 28,210 नए कनेक्शन जुड़े हैं। 44 जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क पहुंच चुका है, जिससे शहरी क्षेत्रों में एलपीजी पर निर्भरता कम होगी। जमाखोरी पर सख्ती, हजारों सिलेंडर जब्त जमाखोरी और अवैध डायवर्जन रोकने के लिए 33,117 निरीक्षण किए गए। इस दौरान 12,701 सिलेंडर जब्त किए गए, 268 एफआईआर दर्ज हुईं और 22 गिरफ्तारियां की गईं। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई जारी है। सरकार ने खासकर सीमावर्ती जिलों सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, कुशीनगर, बस्ती और लखीमपुर खीरी के लोगों से अपील की है कि वे घबराकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें।
मैहर पुलिस ने 85 गुम मोबाइल ढूंढे:दिल्ली, गुजरात, यूपी से लाकर मालिकों को सौंपे
मैहर पुलिस ने ऑपरेशन रिंगटोन 2.0 चलाकर लोगों के गुम हुए 85 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 14 लाख 35 हजार रुपए है, जिन्हें पुलिस ने सोमवार को असली मालिकों को वापस सौंप दिया। इन मोबाइलों को खोजने के लिए पोर्टल और तकनीकी संसाधनों का सहारा लिया। बरामद किए गए फोन में सैमसंग, वनप्लस, वीवो और ओप्पो जैसी नामी कंपनियों के महंगे हैंडसेट शामिल हैं। पुलिस ने इन फोनों को सिर्फ मैहर ही नहीं, बल्कि दिल्ली, गुजरात, यूपी और मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों से ट्रेस किया। मालिकों के खिले चेहरे पुलिस ऑफिस में जब लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिले, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लोगों ने मैहर पुलिस की इस कार्यप्रणाली की जमकर तारीफ की और आभार जताया। टीम को मिलेगा इनाम इस बड़ी कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल और पूरी टीम की पीठ थपथपाई है। उन्होंने शानदार काम करने वाले पुलिसकर्मियों और स्टाफ को नकद पुरस्कार देने की भी घोषणा की है।
गोरखपुर के अभियान थिएटर ग्रुप का 24 वां स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। थिएटर से जुड़े कलाकारों ने एक से बढ़ कर एक शानदार परफॉर्मेंस दिया। गायकों ने देवी और लोकगीतों से मन मोह लिया।सभी ने चैता, ठुमरी जैसे गीतों का खूब आनंद लिया। इस अवसर पर गोरखपुर रंग महोत्सव-2026 के पोस्टर का लोकार्पण भी किया गया। यह चौथा महोत्सव 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक मनाया जाएगा। जो इंजीनियर आर डी सिंह के अध्यक्षीय नेतृत्व में बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। प्रोग्राम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर गोरखपुर रंग महोत्सव के स्तम्भ डॉ. एस के लाट, डॉ. वेद प्रकाश पांडेय, डॉ रंजना बागची, प्रोफेसर भारत भूषण, अनन्त अग्रवाल, संदीप टेकरीवाल, डॉ ब्रजेंद्र नारायण, माधवेंद्र पांडे और शहर के कलाप्रेमियों की गरिमामय उपस्थिति रही। गोरखपुर के रंगमच को दी नई पहचानडॉ. वेद प्रकाश पांडेय ने 24 वीं वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दी और इतने वर्षों के संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि इस संस्था ने गोरखपुर के रंगमच को नई पहचान दी है। उनका कहना है कि संस्था के लिए यह सेवा निरंतर चलती रहेगी।
गुरुग्राम में कार की टक्कर से दंपती की मौत:सड़क किनारे खड़े थे, अन्य हादसों में 3 लोग घायल
गुरुग्राम जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुए 4 अलग-अलग हादसों में एक बुजुर्ग दंपति की मौत हो गई, जबकि 3 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में संबंधित थानों में मुकदमे दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। फर्रुखनगर क्षेत्र में 18 अप्रैल को खेटावास-पातली चौक के पास सड़क निर्माण कार्य के कारण यातायात को एक ही सड़क पर मोड़ा गया था। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे ड्यूटी से घर लौट रहे बाइक सवार राज कुमार राय को सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। राहगीरों की मदद से उन्हें फर्रुखनगर के अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते गुरुग्राम के एक बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कार की टक्कर से बुजुर्ग दंपती की मौत दूसरे हादसे में 26 अप्रैल की रात बिलासपुर थाना क्षेत्र के सिधरावली बस स्टैंड के पास एक तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़े बुजुर्ग दंपती मानसिंह (62) और शकुंतला देवी (61) को कुचल दिया। दोनों को भिवाड़ी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में भी आरोपी कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 2 लोगों को गाड़ियों ने मारी टक्कर वहीं, फौजी ढाबा के पास एक कार की टक्कर से 58 वर्षीय अनिल कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में उनके पैर की हड्डी टूट गई। उन्हें रेवाड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अतिरिक्त, 25 अप्रैल को खेड़की दौला थाना क्षेत्र के भांगरौला के पास गलत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने बाइक सवार संदीप को टक्कर मार दी। हादसे में संदीप गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पहले मानेसर और बाद में दिल्ली में इलाज के लिए भेजा गया।
किशनगंज जिले के ग्रामीण इलाकों में हाल ही में आए तेज आँधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। जिला परिषद सदस्य नासिक नदीर ने जिला पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर प्रभावितों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कुट्टी, कमलपुर, बगलबाड़ी, मजगंवा, डेरामारी, तेघरिया और पाठकोई पंचायतों में हुए नुकसान का उल्लेख किया है। आँधी के कारण कई ग्रामीणों की झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। तेज हवा से टिन-छप्पर उखड़ गए, कच्चे घरों की दीवारें ढह गईं और खुले में रखा घरेलू सामान भी बर्बाद हो गया। किसानों की तैयार मक्का की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रभावित परिवारों में से अधिकांश आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उनके सामने अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई परिवारों को अपना आशियाना क्षतिग्रस्त होने के कारण अस्थायी रूप से अन्य स्थानों पर शरण लेनी पड़ी है। नासिक नदीर ने अपने पत्र में प्रशासन से राजस्व कर्मियों द्वारा जल्द से जल्द क्षति का आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने आपदा राहत कोष से प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से राहत सामग्री और आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि समय पर मदद मिलने से वे अपने घरों की मरम्मत कर सकेंगे और अगली फसल की तैयारी कर पाएंगे। आवेदन मिलने के बाद, प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
फरीदाबाद के सेक्टर-23 स्थित संजय कॉलोनी में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। चोर रात के समय घर की छत का लोहे का जाल काटकर अंदर घुसे और लाखों रुपये के सोने के आभूषण, सिल्वर और नकदी चोरी कर फरार हो गए। घटना के समय परिवार का कोई सदस्य घर में मौजूद नहीं था। घर में नही था कोई मौजूद संजय कालोनी, गली नंबर 35 के मकान नंबर 2133 में रहने वाले ओम प्रकाश ने बताया कि वह किसी काम से चंडीगढ़ गया हुआ था। उसकी पत्नी और बच्चे वीरवार को सत्संग के लिए व्यास गए हुए थे। वो घर से जाते समय सभी अंदर के दरवाजों और बाहर के दरवाजे सहित छत के दरवाजे पर ताला लगाकर गए हुए थे। अलमारी का ताला टूटा मिला शनिवार की रात को जब उसकी पत्नी करीब 11 बजे वापस लौटी तो देखा की ताला लगा हुआ है लेकिन घर के अंदर की लाइट जली हुई है। इसके बाद उन्होंने घर में घुसकर कमरों में देखा तो उनके होश उड़ गए। उनके घर में चोरी चोरी कर चुके थे जब उन्होंने अलमारियों को खोलकर देखा तो उनको पता चला की सोने के जेवरात और नगदी गायब है। लाखों रूपये का सोना और नगदी चोरी ओम प्रकाश ने बताया कि चोर उनका 20 तोले सोना और करीब 3 किलो सिल्वर सहित 3 लाख नगर चोरी कर ले गए। उन्होंने कहा कि घर से करीब 30 लाख का सोना, 5 लाख का सिल्वर और 3 लाख नगद की चोरी हुई है। चोर घर की छत पर लगा लोहे का जाल काटकर घर में घुसे थे। पुलिस बोली अभी शिकायत नही मिली मुजेसर थाना प्रभारी पूरन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि थाने में अभी इस तरह की चोरी से जुड़ी कोई शिकायत नही दी गई है। जैसे ही शिकायत आयेगी वह उस पर आगे की कार्रवाही शुरू कर देंगे।
कोण्डागांव पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को घटना के कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई 25 अप्रैल की रात हुई एक घटना के बाद की गई, जिसमें एक युवती के साथ स्कूटी पर घर छोड़ने के बहाने ले जाकर छेड़छाड़ की गई थी। पीड़िता ने 26 अप्रैल को थाना कोण्डागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 25 अप्रैल की रात वह ग्राम बड़े बेन्दरी में आयोजित वार्षिक मेले में गई थी। वहां आरोपी डोनाल्ड बघेल (21) ने उसे स्कूटी से घर छोड़ने का झांसा दिया। गाड़ी रोक कर किया छेड़छाड़ देर रात करीब 2:30 बजे, आरोपी डोनाल्ड बघेल पीड़िता को अपनी स्कूटी (क्रमांक CG 27 N 2609) पर ले गया। ग्राम बड़े बेन्दरी के नया पारा स्थित आम पेड़ के पास उसने वाहन रोका और गलत नीयत से पीड़िता के साथ जबरदस्ती छेड़छाड़ की। पुलिस टीम ने की तुरंत कार्रवाई शिकायत मिलते ही थाना कोण्डागांव में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर तुरंत जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी आकाश श्रीश्रीमल ने कार्रवाई के निर्देश दिए और एक विशेष टीम का गठन किया। आरोपी को स्कूटी सहित गिरफ्तार कर लिया गया गठित टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी डोनाल्ड बघेल को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने 26 अप्रैल को उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कूटी (CG 27 N 2609) को भी जब्त कर लिया है। पुलिस की चेतावनी कोण्डागांव पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने ऐसी घटनाओं पर सख्त और त्वरित कार्रवाई जारी रखने की चेतावनी दी है।
पानीपत में सोमवार को वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी पर चुलकाना धाम में भक्तों की भारी संख्या पहुंची। यह एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार को समर्पित है और पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। तपती गर्मी के बावजूद, बड़ी संख्या में भक्त पैदल निशान उठाकर बाबा के जयकारे लगाते हुए धाम पहुंचे। कुछ श्रद्धालु तो सुबह 2 बजे से ही मंदिर के द्वारों पर पहुंच गए थे और भजनों का गुणगान करते रहे। चुलकाना धाम में हर महीने शुक्ल पक्ष की एकादशी और द्वादशी पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। द्वादशी को श्री श्याम बाबा को मुख्य भोग के रूप में खीर-चूरमा चढ़ाया जाता है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की मोहिनी एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार को समर्पित है और पापों का नाश करने वाली मानी जाती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना और व्रत रखने का विशेष महत्व है। सुबह 2 बजे से मंदिर के द्वारों पर पहुंचे श्रद्धालु तपती गर्मी के बावजूद, बड़ी संख्या में भक्त पैदल निशान उठाकर बाबा के जयकारे लगाते हुए धाम पहुंचे। कुछ श्रद्धालु तो सुबह 2 बजे से ही मंदिर के द्वारों पर पहुंच गए थे और मंदिर खुलने का इंतजार करते हुए बाबा के भजनों का गुणगान करते रहे। हर महीने उमड़ती है भारी भीड़ चुलकाना धाम में हर महीने शुक्ल पक्ष की एकादशी पर व्रत रखने वाले भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसके अगले दिन, द्वादशी को, कुलदेवता के रूप में पूजे जाने वाले श्री श्याम बाबा के दर्शन के लिए भी भक्तों का तांता लगा रहता है। द्वादशी पर खीर-चूरमा का भोग: सदियों से चला आ रहा परंपरा दोनों ही दिनों श्री श्याम बाबा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। सदियों से चुलकाना धाम में द्वादशी का विशेष महत्व माना जाता रहा है, जहां श्री श्याम बाबा को मुख्य भोग के रूप में खीर-चूरमा चढ़ाया जाता है।
बरेली की नाथ नगरी के मिली 7.91 करोड़ रुपये:12 मंदिरों की सूरत बदलेगी, प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी
प्रदेश सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बरेली जनपद के लिए बड़ी घोषणा की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनपद की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित 12 प्रमुख पर्यटन और आस्था के केंद्रों के लिए 791 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत की गई है। यूपीएसटीडीसी को इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे किए जाएं ताकि श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द बेहतर सुविधाएं मिल सकें। पर्यटन विकास की प्रमुख योजनाएं और बजट इस बजट से जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में विकास कार्य होंगे। मुख्य आवंटन इस प्रकार हैं: बरेली शहर के हृदय स्थल और कैंट एरिया के मंदिरों पर विशेष ध्यान दिया गया है: मुख्यमंत्री के संकल्प से पर्यटन और रोजगार को मिलेगी रफ्तार पर्यटन मंत्री ने कहा कि बरेली को नाथ नगरी के रूप में जाना जाता है, जहाँ मंदिरों की एक लंबी श्रृंखला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संकल्प है कि प्रदेश के हर जिले की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि इन कार्यों से न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से बरेली की पहचान वैश्विक पटल पर और मजबूत होगी।
झज्जर जिला पुलिस की नारकोटिक्स टीम ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में दो स्थानीय युवकों समेत दिल्ली के एक सप्लायर को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी जिला पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने अपने कार्यालय में मीडिया को दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि नारकोटिक्स टीम को जिले में नशा बेचने की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पहले आसौधा गांव निवासी अनुज को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 960 नशीले कैप्सूल और 75 नशीली दवा की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी आई-20 कार में बैठकर नशीले पदार्थ की सप्लाई कर रहा था। इसी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दूसरी छापेमारी बहादुरगढ़ के छोटूराम नगर स्थित शिव मंदिर के पास की, जहां से यशवंत नामक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 720 नशीले कैप्सूल बरामद किए गए। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने इस नेटवर्क की सप्लाई चेन तक पहुंचते हुए दिल्ली निवासी मनीष को भी गिरफ्तार कर लिया, जो इस पूरे गिरोह को नशीले पदार्थ उपलब्ध करा रहा था। पुलिस अब तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर नशा तस्करी के नेटवर्क की अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि जिले में नशा तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस अवैध कारोबार से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पुलिस की जांच जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
करनाल के असंध क्षेत्र में देर रात सड़क हादसे में बाइक सवार दो दोस्तों की मौत हो गई। दोनों युवक किसी दोस्त से मिलने जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात वाहन से टक्कर की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। आज दोपहर बाद पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। रात के समय हुआ हादसापुलिस के अनुसार रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 2:30 बजे गांव बाहरी के पास असंध-जींद रोड पर यह हादसा हुआ। बाइक पर सवार शुभम और मनीष किसी दोस्त से मिलने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आ गई, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों अलग-अलग गांवों के रहने वालेहादसे में गांव दुपेटी निवासी 17 वर्षीय शुभम पुत्र कृष्ण और गांव फफड़ाना निवासी 19 वर्षीय मनीष पुत्र ईश्वर की जान गई है। घटना के बाद दोनों के शव असंध के मोर्च्युरी हाउस में रखवाए गए थे। पिता को नहीं थी घर से निकलने की जानकारीशुभम के पिता कृष्ण ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे अपने बेटे को नीचे कमरे में छोड़कर ऊपर सोने चले गए थे। उन्हें यह नहीं पता चला कि बेटा कब घर से बाहर चला गया। बाद में उन्हें हादसे की सूचना मिली, जिसके बाद वे मोर्च्युरी पहुंचे। उन्होंने बताया कि शुभम उनका छोटा बेटा था और उसने हाल ही में 12वीं के पेपर दिए थे। जांच में जुटी पुलिसथाना प्रभारी नसीब सिंह ने बताया कि दो युवकों की सड़क हादसे में मौत की सूचना मिली थी। दोनों बाहरी गांव में अपने दोस्त से मिलने जा रहे थे। हादसा किस वाहन से हुआ और कैसे हुआ, इसकी जांच की जा रही है। मामले की जांच एएसआई निर्मल को सौंपी गई है और केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कैमूर में सोमवार को एक 10 साल के नाबालिग की नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतक की पहचान गांव निवासी विजय शंकर सिंह के पुत्र राधेश्याम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि राधेश्याम गांव के अन्य बच्चों के साथ कुकुनहिया नदी में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में जाने से वह डूब गया। चैनपुर थाना क्षेत्र के डुमरकोन गांव घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। गांव के लोग बड़ी संख्या में नदी किनारे जुट गए। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बच्चे के शव को नदी से बाहर निकाला। बाद में पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बच्चों के साथ नहाने गया था राधेश्याम ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार की सुबह राधेश्याम गांव के कुछ बच्चों के साथ कुकुनहिया नदी में नहाने गया था। गर्मी के कारण बच्चे अक्सर नदी में स्नान करने जाते थे। इसी दौरान खेलते-खेलते राधेश्याम नदी के उस हिस्से में पहुंच गया, जहां पानी ज्यादा गहरा था। उसे तैरना नहीं आता था। गहराई में जाते ही वह संतुलन खो बैठा और डूबने लगा। साथ मौजूद बच्चों ने पहले उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जब राधेश्याम पानी में दिखाई देना बंद हो गया तो बच्चों ने घबराकर शोर मचाना शुरू कर दिया। बच्चों की चीख सुन दौड़े ग्रामीण बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास खेतों और घरों में मौजूद लोग दौड़ते हुए नदी किनारे पहुंचे। ग्रामीणों ने तुरंत नदी में उतरकर बालक की तलाश शुरू की। काफी देर तक खोजबीन चलती रही। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने स्थानीय पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही चैनपुर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से काफी मशक्कत के बाद बालक का शव नदी से बाहर निकाला गया। जैसे ही शव बाहर निकाला गया, वहां मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां बदहवास होकर बेटे को सीने से लगाकर बिलखने लगी। यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ राधेश्याम की मौत के बाद उसके घर में मातम पसरा हुआ है। परिजन बार-बार यही कह रहे थे कि सुबह खेलते-कूदते घर से निकला था, किसी को क्या पता था कि वह वापस नहीं लौटेगा। ग्रामीणों ने बताया कि राधेश्याम स्वभाव से बेहद चंचल और मिलनसार बच्चा था। गांव के बच्चों के साथ वह अक्सर खेलता रहता था। उसकी अचानक मौत से गांव के लोग भी सदमे में हैं। पड़ोसियों का कहना है कि परिवार बेहद साधारण है। बच्चे की मौत से माता-पिता पूरी तरह टूट गए हैं। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया शव घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का है। फिर भी सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गांव में पसरा मातम बालक की मौत के बाद डुमरकोन गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस घर में हमेशा बच्चे की आवाज गूंजती थी, वहां अब सिर्फ मातम और चीख-पुकार सुनाई दे रही है। गांव की महिलाएं मृतक की मां को ढांढस बंधा रही थीं। स्थानीय लोगों ने कहा कि गर्मी के दिनों में बच्चे अक्सर नदी और तालाबों में नहाने चले जाते हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। मुआवजे की मांग उठी घटना की जानकारी मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार भास्कर मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सरकारी सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए हर संभव मदद करनी चाहिए। सावधानी नहीं बरतने पर बढ़ रहे हादसे गर्मी के मौसम में नदी, तालाब और नहरों में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आती हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में बच्चे बिना निगरानी के पानी में उतर जाते हैं, जिससे ऐसे हादसे हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और खतरनाक घाटों को चिन्हित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सागर में कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री, प्राचार्य समेत तीन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए है। अधिकारी समय सीमा की बैठक में अनुपस्थित थे। दरअसल, प्रत्येक सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में समय सीमा की बैठक आयोजित की जाती है। जिसमें सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होती है। सोमवार को भी समय सीमा की बैठक आयोजित की गई। जिसमें कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बैठक ली। लेकिन बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) कार्यपालन यंत्री अशोक मुकाती, एनएचएआई पीडी सुरेश कुमार और पं. दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता उपस्थित नहीं हुई। यह देख कलेक्टर पाल ने नाराजगी जाहिर की। जवाब संतोषजनक नहीं होने पर बड़ी कार्रवाई की चेतावनीसाथ ही शासकीय दायित्वों के प्रति लापरवाही और बैठक से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने पर तीनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्होंने आदेशित किया है कि उक्त अधिकारी समक्ष में स्वयं उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करें। जवाब नहीं देने और जवाब संतोषजनक नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झाबुआ के ग्राम मातापाड़ा में तेजाजी महाराज मंदिर निर्माण समिति द्वारा आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग मनाया गया। इस मौके पर लोगों ने भगवान के पांव पखारे। कथावाचक पंडित बालकृष्ण नागर ने अपनी वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान सजीव झांकी सजाई गई, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भजनों पर जमकर थिरके। पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण शिवमय हो गया। व्यासपीठ से पंडित बालकृष्ण नागर ने संस्कारों और धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जिस घर में गौ माता की सेवा और पूजा होती है, वहीं खुशहाली और श्रेष्ठता का वास होता है। पंडित नागर ने यह भी बताया कि भगवान केवल भक्त के सच्चे भाव के भूखे हैं और निष्कपट मन से पुकारने पर वे सदैव अपने भक्तों का कल्याण करते हैं। उन्होंने माता-पिता की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान पीढ़ी को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि भक्ति मार्ग और उच्च संस्कारों से जोड़ना भी अनिवार्य है, ताकि वे जीवन की सही दिशा चुन सकें। वैशाख माह की महिमा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पवित्र महीने में किया गया दान और कथा श्रवण का पुण्य फल सात पीढ़ियों तक प्राप्त होता है। इस भव्य आयोजन को लेकर मातापाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। छोटे से गांव में जुटे जनसैलाब की व्यवस्था और अतिथियों का स्वागत ग्रामीण पूरी सेवा भावना और परंपरा के साथ कर रहे हैं। यह कथा 25 अप्रैल से शुरू हुई है और 1 मई तक चलेगी, जिसने न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी पूरे क्षेत्र को एकजुट कर दिया है।
मंदसौर। सुशासन भवन स्थित सभागार में सोमवार को आयोजित साप्ताहिक अंतर-विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर विशेष जोर रहा। निर्देश दिए गए कि गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइन न लगे। जिन किसानों का स्लॉट बुक है, उनका गेहूं समय पर तौलकर तुरंत मुक्त किया जाए। अनावश्यक भीड़ से बचाव और किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखने को कहा गया। साथ ही 9 मई तक गेहूं खरीदी के लिए स्लॉट बुकिंग जारी रहने की जानकारी दी गई। खरीदी में वेयरहाउस कर्मचारी हस्तक्षेप न करेंबैठक में कहा गया कि सोसायटी स्तर पर खरीदी कार्य में वेयरहाउस कर्मचारियों का हस्तक्षेप न हो। गेहूं की गुणवत्ता की जांच सर्वेयर द्वारा सही तरीके से की जाए और फील्ड में आने वाली समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। हम्माल व्यवस्था, तौल, भंडारण और परिवहन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। श्रम विभाग को संबल योजना के लंबित आवेदनों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए गए। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग को विद्यालयों की छत मरम्मत की जानकारी उपलब्ध कराने और प्रवेश प्रक्रिया में कोई भी बच्चा वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने को कहा गया। महिला एवं बाल विकास पर फोकसमहिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर में बच्चों की सही एंट्री करने और एएनसी प्रबंधन के तहत गर्भवती महिलाओं का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके समुचित उपचार पर भी जोर दिया गया। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो, इस पर सख्ती जताई गई। कहा गया कि निर्माण कार्यों का एक्सटेंशन न बढ़ाया जाए और देरी होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल संरक्षण अभियान की तैयारीजल गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी जानकारियां पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए। 25 मई को जिले सहित ग्राम और वार्ड स्तर पर जल संरक्षण आधारित गतिविधियां आयोजित होंगी। जिला स्तर पर शिवना नदी में श्रमदान और शाम को मां शिवना की आरती का आयोजन किया जाएगा।
फरीदकोट जिले के कोटकपूरा शहर में मानसून मौसम के दौरान पानी निकासी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने सोमवार को नए बस स्टैंड और आसपास के इलाकों का अधिकारियों के साथ दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बारिश का मौसम शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान संधवां ने नगर काउंसिल, पीडब्ल्यूडी और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि इस बार बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या नहीं आनी चाहिए। स्पीकर ने समय पर सफाई करने के आदेश दिए उन्होंने नालों और सीवरेज सिस्टम की समय पर सफाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने बताया कि पानी को डिस्पोजल तक पहुंचाने के लिए सफाई कार्य किया जा रहा है, जबकि डिस्पोजल से आगे पानी को ड्रेन तक ले जाने के लिए पाइपलाइन प्रोजेक्ट पर भी काम जारी है। इससे समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद है। इसके अलावा एक और परियोजना पर कार्य जारी है जिसका प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजा रहा है। इस मौके विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा जिला योजना कमेटी के पूर्व चेयरमैन सुखजीत सिंह ढिलवां,पीआरओ मनप्रीत सिंह मनी धालीवाल,मनदीप मोंगा, दशमेश मार्किट के प्रधान डॉ रणजीत सिंह,नरिंदर बैड,पार्षद सिमरन सिंह,अरुण चावला आदि भी हाजिर रहे। इस बार किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी- स्पीकर संधवां ने कहा कि पिछले कई वर्षों से नए बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों के लोग जल निकासी की समस्या से परेशान हैं। इस बार किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से ही आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
दतिया की भांडेर तहसील में सोमवार को ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के तहत गोभक्तों और संत समाज ने गोवंश संरक्षण को लेकर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गोवंश को ‘राज्य माता’ घोषित करने और अलग से गो-सेवा एवं संरक्षण मंत्रालय बनाने की मांग उठाई गई। गोभक्तों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन तहसीलदार और एसडीएम को सौंपा, जिसे शासन तक पहुंचाने की बात कही गई। ज्ञापन में केंद्र सरकार को गोवंश को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की अनुशंसा भेजने का आग्रह भी किया गया। अभियान से जुड़े लोगों ने बताया कि गोवंश दुर्घटनाओं, तस्करी, कुपोषण, प्लास्टिक खाने और निराश्रित स्थिति जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। कठोर कानून और संरक्षण उपायों की मांग गोवंश वध पर सख्त कानून, तस्करी में उपयोग वाहनों की राजसात कार्रवाई, पशु मेलों में निगरानी और गोचर भूमि संरक्षण की मांग की गई। गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों को बढ़ावा, पंचगव्य अनुसंधान केंद्र, बायोगैस प्लांट और गोशालाओं के लिए डीबीटी पोर्टल जैसी व्यवस्थाएं लागू करने की बात कही गई। अभियान से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी कि यदि तीन महीने के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
सहरसा शहर में सोमवार को रेलवे प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। सब्जी मंडी, बंगाली बाजार और प्रशांत रोड मुख्य मार्ग पर सड़क तथा रेलवे की जमीन से अवैध कब्जे हटाए गए। इस दौरान बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। कार्रवाई के समय सहरसा जिला प्रशासन के कई अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे, जिससे पूरे इलाके में हलचल देखी गई। कहरा अंचल के राजस्व पदाधिकारी अमृत राज ने बताया कि रेलवे की जमीन पर लंबे समय से अवैध रूप से दुकानें और ठेले लगाकर कब्जा किया गया था। कई बार चेतावनी देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। सब्जी मंडी के कई विक्रेताओं ने कार्रवाई का विरोध कियाराजस्व पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान सब्जी मंडी के कई विक्रेताओं ने कार्रवाई का विरोध किया। दुकानदारों का कहना था कि प्रशासन को पहले सड़क किनारे बने नाले की समस्या का समाधान करना चाहिए, ताकि उन्हें व्यवस्थित रूप से दुकान लगाने की जगह मिल सके। दुकानदारों ने कहा कि नाले के बगल में जो हल्की सी जमीन है उसे जेसीबी से तोड़ा जा रहा है। ऐसे में नाले को भी अतिक्रमण के नाम पर हटाया जाए। अवैध तरीके से दुकान लगाना नियमों के खिलाफहालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी मांग को खारिज कर दिया। अधिकारियों ने कहा कि सड़क पर अवैध तरीके से दुकान लगाना नियमों के खिलाफ है और इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कार्रवाई के बाद प्रशासन और दुकानदारों के बीच बातचीत हुई। इसमें दुकानदारों ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में सड़क पर दुकान नहीं लगाएंगे और निर्धारित स्थान पर ही अपना व्यवसाय करेंगे। इसके बाद विरोध शांत हो गया। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें। इससे यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी और शहर को जाम की समस्या से राहत मिल सकेगी।

