हजारीबाग पुलिस ने बड़कागांव थाना क्षेत्र में हाइवा आगजनी कांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने 'राहुल दुबे गैंग' से जुड़े चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अवैध हथियार और लेवी से संबंधित पर्चे बरामद हुए हैं। हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने बताया कि इस घटना का मुख्य उद्देश्य कोयला खनन और परिवहन क्षेत्र में दहशत फैलाना और वर्चस्व कायम करना था। अपराधियों ने वारदात स्थल पर 'प्रकाश शुक्ला, मयंक सिंह और राहुल दुबे गैंग' के नाम से हस्त लिखित पर्चे छोड़े थे। इन पर्चों के माध्यम से लेवी की मांग की गई थी और ट्रांसपोर्टरों को डराने का प्रयास किया गया था। हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। एसआईटी ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की। चंदौल गांव के पास हथिया पत्थर जंगल में सघन छापेमारी कर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान मो. एजाज, मो. अफताब, मो. सलामत अंसारी और तुसार सिन्हा के रूप में हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में से एक का आपराधिक इतिहास तलाशी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से 3 अवैध पिस्टल, 11 जिंदा कारतूस, लेवी मांगने के लिए इस्तेमाल किए गए पर्चे और मोबाइल फोन बरामद किए। गिरफ्तार आरोपियों में मो. सलामत अंसारी का आपराधिक इतिहास है। उस पर बड़कागांव और टंडवा थाने में रंगदारी और आर्म्स एक्ट के चार मामले दर्ज हैं। मो. एजाज पर भी पूर्व में एक मामला दर्ज है। पुलिस अब इस गिरोह के मददगारों और फंडिंग के स्रोतों की तलाश कर रही है। एसपी अमन कुमार ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति व्यवस्था भंग करने वाले और कोयला क्षेत्र में अशांति फैलाने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस सफल कार्रवाई से क्षेत्र के व्यवसायियों और ट्रांसपोर्टरों ने राहत महसूस की है।
कानपुर में देश का पहला ‘एटी मार्ट’ शुरू होगा:अब दिव्यांगों को उपकरण के लिए नहीं करना पड़ेगा इंतजार
दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण पाने के लिए अब कैंप या लंबी प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कानपुर स्थित भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) मई से देश का पहला ‘असिस्टिव टेक्नोलॉजी मार्ट (एटी मार्ट)’ शुरू करने जा रहा है। यह मार्ट दिव्यांगों के लिए वन-स्टॉप सेंटर होगा, जहां उनकी जरूरत के सभी उपकरण एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। क्या है एटी मार्ट, कैसे करेगा काम आसानअब तक दिव्यांगजनों को उपकरण पाने के लिए अलग-अलग माध्यमों या सरकारी कैंप का इंतजार करना पड़ता था। एटी मार्ट इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल देगा। यह एक ऐसी स्थायी सुविधा होगी, जहां कोई भी दिव्यांग व्यक्ति सीधे जाकर अपनी जरूरत के अनुसार उपकरण खरीद सकेगा। इस मार्ट में वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर, कृत्रिम हाथ-पैर, हियरिंग एड समेत कई जरूरी सहायक उपकरण उपलब्ध होंगे। फिलहाल इसके लिए जगह चिन्हित की जा रही है और अप्रैल के अंत तक सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। 900 करोड़ टर्नओवर का लक्ष्य, तेजी से बढ़ रहा एलिम्कोएलिम्को के सीएमडी प्रवीण कुमार के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में निगम ने तेज विकास किया है। इस बार कंपनी को करीब 900 करोड़ रुपए के टर्नओवर की उम्मीद है। हालांकि यह आंकड़ा अभी अन-ऑडिटेड है, लेकिन विस्तार की रफ्तार कंपनी की मजबूती दिखाती है। उन्होंने बताया कि एलिम्को को ‘शेड्यूल बी’ का दर्जा मिलना इसकी बढ़ती क्षमता और प्रदर्शन का प्रमाण है। 12 से बढ़कर 100 सेंटर, देशभर में पहुंची सेवाएंकरीब ढाई साल पहले तक एलिम्को के पास केवल 12 सेंटर थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 100 हो गई है। प्रधानमंत्री दिव्यांगजन केंद्रों के जरिए सेवाएं देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश तक पहुंच चुकी हैं—नागालैंड से लेकर लक्षद्वीप और लेह-लद्दाख तक। पहले जहां उपकरण वितरण केवल कैंप मोड में होता था और लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन और असेसमेंट के बाद तुरंत उपकरण मिल जाते हैं। जिन उपकरणों में कस्टमाइजेशन की जरूरत होती है, वे भी 4-5 दिनों में उपलब्ध करा दिए जाते हैं। सेवा का बदला नजरिया, केंद्र सरकार का सहयोगसीएमडी प्रवीण कुमार ने इस बदलाव का श्रेय केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार और विभाग के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 वर्षों में सेवा देने के तरीके में बड़ा बदलाव आया है, जिसका फायदा सीधे दिव्यांगजनों को मिल रहा है। आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदमकानपुर में शुरू होने वाला यह एटी मार्ट दिव्यांगजनों के लिए सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल साबित होगा। इससे न सिर्फ उपकरण आसानी से मिल सकेंगे, बल्कि दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ेंगे।
सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र के कंजा शरीफपुर गांव में गुरुवार शाम को जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब गांव में केहै के चकरोट (रास्ते) की नपाई लेखपाल द्वारा कराई जा रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और मामला हिंसक झड़प में बदल गया। पीड़ित वाजिद पुत्र लतीफ ने आरोप लगाया है कि नपाई के दौरान गांव के ही निसार, आसिफ, जमालू, नसीम, सगीर और मेराज मौके पर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दबंगों ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि घर में घुसकर छप्पर में आग भी लगा दी। आग लगने से घर में रखा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच हो रही मारपीट देखी जा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना लेखपाल की मौजूदगी में हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में भले ही नगर निगम ने बीआरटीएस कॉरिडोर को हटा दिया हो, लेकिन शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक की समस्या अभी भी जस की तस बनी हुई है। खासकर जहां ब्रिज निर्माण का काम चल रहा है, वहां सड़कों के संकरे होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दैनिक भास्कर ने गुरुवार देर शाम पीक टाइम में ग्राउंड रिपोर्ट की। टीम ने निरंजनपुर चौराहे से राजीव गांधी चौराहे तक का सफर तय किया, जिसमें करीब 45 मिनट का समय लगा। ब्रिज निर्माण ने बढ़ाई परेशानी बीआरटीएस हटने के बाद कई जगह सड़कें चौड़ी हो गई हैं, लेकिन जहां एलिवेटेड ब्रिज का काम चल रहा है, वहां हालात उलट हैं। निरंजनपुर चौराहे पर निर्माण कार्य के चलते दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे सड़क संकरी हो गई है। यहां से दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकलने में दिक्कत हो रही है। सत्यसाईं से विजय नगर तक सबसे ज्यादा जाम शाम 7:25 बजे टीम निरंजनपुर से निकली। महिंद्रा शोरूम चौराहे तक पहुंचने में डेढ़ मिनट लगे, लेकिन इसके बाद ट्रैफिक का दबाव बढ़ता गया। सत्यसाईं चौराहे से विजय नगर और भमोरी चौराहे के बीच सबसे ज्यादा परेशानी देखने को मिली। सड़क के बीच चल रहे काम के कारण वाहन सर्विस रोड और फुटपाथ से भी गुजरते नजर आए। विजय नगर चौराहे पर संकरी सड़क और चारों ओर से आ रहे ट्रैफिक के चलते दो सिग्नल लगने के बाद रास्ता साफ हुआ। नवलखा चौराहे पर सिग्नल ने रोका भमोरी के बाद एलआईजी, पलासिया, गीताभवन, व्हाइट चर्च और GPO चौराहों पर ट्रैफिक सामान्य रहा। हालांकि नवलखा चौराहे पर सिग्नल टाइमिंग ने चालकों को रोके रखा। यहां रेड लाइट 125 सेकंड से ज्यादा और ग्रीन सिर्फ 25 सेकंड की होने से दो बार सिग्नल का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद सड़क चौड़ी होने और ब्रिज कनेक्टिविटी के कारण ट्रैफिक सामान्य मिला और टीम सीधे भंवरकुआं होते हुए राजीव गांधी चौराहे पहुंची। 45 मिनट में पूरा हुआ सफर टीम शाम 7:25 बजे निरंजनपुर चौराहे से निकली और 8:11 बजे राजीव गांधी चौराहे पहुंची। यानी करीब 45 मिनट में यह दूरी तय हुई, जो पीक टाइम में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की हकीकत बयां करती है।
डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) अपने संबद्ध संस्थानों और कॉलेजों में अब बीवोक (B.Voc) और बीसीए (BCA) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। कुलपति प्रो.जेपी पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित विद्यापरिषद की बैठक में इस संबंध में प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए नए अवसरों का विस्तार करते हुए अंग्रेजी, इंडस्ट्रियल सोशियोलॉजी और इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी जैसे विषयों में पीएचडी की सुविधा भी शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही बीवोक इन जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन और ग्राफिक्स मल्टीमीडिया कार्यक्रम शुरू करने पर सहमति बनी है। नोएडा स्थित यूपीआईडी में बीसीए पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। छात्रों को मिलने वाली सेमिनार ग्रांट को 50 से बढ़ाकर 100 कर दिया गया है, जबकि विश्वविद्यालय शोध ग्रांट के अंतर्गत लाभान्वित होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या भी 50 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है। इन प्रस्तावों पर भी लगी मुहर बैठक में स्पेस और क्वांटम तकनीक से जुड़े 20 क्रेडिट के ऑनलाइन कोर्स को भी हरी झंडी दी गई। साथ ही इनोवेशन हब के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। पीएचडी छात्रों की सुविधा के लिए हर महीने आरडीसी आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। इसके अलावा 40 प्रतिशत पीजी पाठ्यक्रमों को मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOCs) के तहत संचालित करने की मंजूरी दी गई। बैठक में संस्थान की शैक्षणिक स्वायत्तता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस दौरान कई शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
जैतपुर कांड: एक और आरोपी 'माइकल' गिरफ्तार:अब तक छह आरोपी पकड़े गए; कुएं में मिला था तीन युवकों का शव
शहडोल के जैतपुर थाना क्षेत्र में 13-14 अप्रैल की रात कुएं में तीन युवकों के शव मिलने के मामले में पुलिस ने गुरुवार रात एक और आरोपी माइकल को गिरफ्तार किया है। घटना में अब तक कुल छह आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। मृतकों की पहचान तनुज शुक्ला, सचिन सिंह बघेल और रोहित शर्मा के रूप में हुई थी। पुलिस का दावा है कि ये तीनों युवक गांजा तस्करी के दौरान पुलिस को देखकर भागे थे और लगभग 60 फीट गहरे कुएं में गिरने से उनकी मौत हो गई। पुलिस जांच पर उठे सवाल आरोपी गिरफ्तार हालांकि, स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब पुलिस मौके पर वाहनों की तलाशी ले रही थी और गांजा जब्त कर रही थी, तब पास के कुएं में युवकों के डूबने की जानकारी न होना संदिग्ध है। गिरफ्तार किया गया आरोपी माइकल घटना की रात दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। इस कार को सुनील टांडिया चला रहा था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी माइकल गांजा तस्करी नेटवर्क का मुख्य कड़ी पुलिस का मानना है कि माइकल इस पूरे गांजा तस्करी नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। उससे पूछताछ में तस्करी के स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला के बारे में अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है। इस मामले में सबसे पहले सड़क किनारे खड़ी कार के मालिक शंकर विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया था। उसके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सुनील टांडिया, हीरासिंह (जिसके घर से 200 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था), सोनू बैगा और रामपाल सिंह को भी पकड़ा गया। मामले में अब तक छह लोग गिरफ्तार माइकल की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल छह आरोपी पकड़े जा चुके हैं, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। हालांकि, तीनों युवकों की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अब भी एक रहस्य बना हुआ है। इस घटना को लेकर इलाके में विभिन्न तरह की चर्चाएं हैं और स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
कानपुर शहर की सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक और घंटो की बर्बादी से जूझ रहे कानपुरवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है। शहर की लाइफलाइन कानपुर मेट्रो अब विस्तार के उस मुकाम पर है, जिसका इंतज़ार दक्षिण कानपुर की लाखों की आबादी कर रही थी। कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो की पटरी तैयार है, पिलर खड़े हो चुके हैं। स्टेशन ने भी आकार ले लिया है, करीब 90% से ज्यादा इस रूट पर काम पूरा हो गया है, और अब इस रूट पर ट्रेन के दौड़ने की आवाजें सुनाई देने लगी हैं। मई 2026 से जब यह रूट आम यात्रियों के लिए खुलेगा, तो दक्षिण और शहर के बीच की दूरी सिमटकर चंद मिनटों में रह जाएंगी। सेंट्रल से नौबस्ता तक मई शुरू होगा संचालन कॉरिडोर-1 (ऑरेंज लाइन) पर 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत में जिस काम की नींव रखी गई थी, वह अब अपने अंतिम चरण में है। 4 फरवरी 2026 को जब कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच मेट्रो ने पहली बार पटरी पर चलना शुरू किया, तो इस ट्रायल रन के दौरान 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रैक और सिंगलिंग की बारीकियों को परखा गया। यूपीएमआरसी के इंजीनियरों की टीम अब अगले 1 से 2 महीने के अंदर इसे मैन्युअल, एटीपी और ऑटो मोड पर टेस्ट करने की तैयारी में है। एक बार ये सभी ट्रायल पूरे हुए, तो मेट्रो अपनी पूरी रफ्तार यानी 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे पर दौड़ेगी, जबकि यात्रियों के लिए इसकी औसत स्पीड 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। जाम से मुक्ति और समय की बड़ी बचत आज की हकीकत यह है ,कि आईआईटी से सेंट्रल स्टेशन तक का सफर मेट्रो महज 27 मिनट में करा रही है, जबकि सड़क मार्ग से यही दूरी तय करने में एक से सवा घंटे का समय लग जाता है।नौबस्ता तक मेट्रो पहुंचने के बाद, दक्षिण कानपुर के किदवई नगर और नौबस्ता जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोग मात्र 15 से 20 मिनट में किदवई नगर और 40 से 45 मिनट में सीधे आईआईटी कैंपस पहुंच सकेंगे। फिलहाल आईआईटी से सेंट्रल तक 6-7 ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन नौबस्ता रूट खुलने के बाद इस पूरे कॉरिडोर पर 20 से 22 ट्रेनें लोगों की सेवा में होंगी। यार्ड में 29 ट्रेनें पूरी तरह तैयार और टेस्टेड खड़ी हैं। इंजीनियरिंग का कमाल, 'नाना' और 'तात्या' ने बनाया रास्ता मोतीझील से सेंट्रल स्टेशन तक का करीब 5-6 किलोमीटर का सफर किसी चुनौती से कम नहीं था। यहाँ मेट्रो के लिए जमीन के नीचे रास्ता बनाने का काम 'नाना' और 'तात्या' नाम की विशाल टनल बोरिंग मशीनों ने किया। इस रुट पर चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा और कानपुर सेंट्रल जैसे स्टेशन बनकर तैयार हैं और यात्री सीधे ट्रेन से उतरकर मेट्रो के जरिए शहर के दूसरे छोर तक पहुँच रहे हैं। अब सेंट्रल से नौबस्ता के बीच 8 किलोमीटर के हिस्से में झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर के दो अंडरग्राउंड स्टेशन और बारादेवी, किदवई नगर, बसंत विहार, बौद्ध नगर व नौबस्ता जैसे 5 एलिवेटेड स्टेशन इस पूरी बेल्ट को एक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देने वे लिए तैयार हैं। किराया और सुविधा का पूरा लेखा-जोखा कानपुर मेट्रो के मीडिया प्रभारी निहाल पाठक ने बताया कि,मेट्रो में सफर को बेहद किफायती रखा गया है। आप अपनी यात्रा के लिए 10रु से 40रु तक का टिकट ले सकते हैं। 1 स्टेशन का किराया 10 रुपये, 2 स्टेशन का 15 रुपये, 3 से 6 स्टेशन के लिए 20 रुपये, 7 से 9 स्टेशन तक 30 रुपये और 10 से 13 स्टेशन तक जाने के लिए 40 रुपये का किराया तय है। यात्री सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक मेट्रो से सफर कर सकते हैं कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता तक मेट्रो का संचालन शुरू होने से यात्रियों को हर 5 से 6 मिनट में उन्हें ट्रेन मिल जाएगी। कॉरिडोर-2 सीएसए से बर्रा तक तेजी से चल रहा मेट्रो का काम कॉरिडोर-2 (कृषि विश्वविद्यालय से बर्रा-8) पर भी काम पूरी रफ़्तार के साथ चल रहा है। 8.6 किलोमीटर लंबे इस रूट पर अप्रैल 2024 में काम शुरू हुआ था। इस रूट पर 8 स्टेशनों में से 5 एलिवेटेड और 3 अंडरग्राउंड होंगे। यहां पाइलिंग और पिलर का जहाँ ढांचा खड़ा हो चुका है। वहीं, कुछ मेट्रो स्टेशनों के निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। अनुमान है, कि एक साल के सी रुट पर भी ट्रायल रन शुरू हो जाएगा। मार्च 2027 तक यह रूट भी शहरवासियों के लिए खोल दिया जाएगा। कानपुर मेट्रो का जाल अब शहर के हर कोने को आपस में जोड़ने की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
शहर में फैक्ट्री में तिलक, अंगूठी, कड़ा, बिंदी और सिंदूर पर कथित प्रतिबंध को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इसी क्रम में हिन्दू उत्सव समिति ने आज एकत्रित होकर प्रदर्शन करने की घोषणा की है। समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कार्यकर्ता आज बीडीए कार्यालय (BDA ऑफिस) पर एकत्रित होंगे। इसके बाद सभी लोग संबंधित फैक्ट्री पहुंचकर कर्मचारियों को तिलक लगाएंगे और कलावा बांधेंगे। समिति का कहना है कि इस तरह के प्रतिबंध धार्मिक आस्थाओं से जुड़े अधिकारों का उल्लंघन हैं, जिन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, इस आयोजन को लेकर प्रशासन की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। ये खबर भी पढ़ें… लेंसकार्ट शोरूम घेरा, तिलक-कलावा पर बवाल भोपाल के न्यू मार्केट रोशनपुरा में ड्रेस कोड के खिलाफ लेंसकार्ट शोरूम के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया, मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा। कहा- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि संगठन लेंसकार्ट के बहिष्कार का आह्वान कर रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
अलीगढ़ में जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) में गुरुवार रात महिला डॉक्टर को थप्पड़ मारने के बाद शुरू हुई हड़ताल से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड कराने आई मरीज की हरकत के बाद डॉक्टर सुरक्षा को लेकर आक्रोशित हैं। वहीं, थाना सिविल लाइंस पुलिस ने आरोपी महिला और उसके पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इमरजेंसी ठप, मरीज लौटे डॉक्टरों की हड़ताल के कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। गेट पर तीमारदार मरीजों को लेकर भटक रहे हैं, लेकिन जूनियर डॉक्टर काम पर लौटने को तैयार नहीं हैं। देर रात तक दर्जनों मरीजों के बिना उपचार के ही लौटना पड़ा। डॉक्टर के साथ हुई अभद्रता बर्दाश्त नहीं एएमयू के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने कहा अल्ट्रासाउंड कक्ष में ड्यूटी कर रही महिला डॉक्टर के साथ महिला मरीज ने सरेआम अभद्रता की और उन पर हाथ उठाया। डॉक्टरों के साथ इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है। हमने तुरंत सुरक्षा प्रभारी के माध्यम से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। वीडियो बनाने से शुरू हुई कहासुनी आईटीआई बन्नादेवी निवासी प्राची माहेश्वरी अपने पति नवनीत के साथ मलखान सिंह जिला अस्पताल से रेफर होकर आई थीं। उनका अल्ट्रासाउंड होना था, लेकिन अल्ट्रासाउंड रूम में पहले से जांच चल रही थी। देर होने पर प्राची ने मोबाइल से वीडिया बनाना शुरू कर दिया। जब डॉक्टर ने निजता का हवाला देकर वीडियो बनाने से रोका तो महिला ने अपना आपा खो दिया और डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया। दंपती पर FIR दर्ज प्रॉक्टर कार्यालय की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया है। सीओ सिविल लाइंस सर्वम सिंह ने बताया कि आरोपी प्राची और उनके पति नवनीत माहेश्वरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। एक महीने में दूसरी बार हड़ताल अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी सेवाएं बंद हुई हैं। इससे पहले 1 अप्रैल को नर्सिंग स्टाफ के साथ मारपीट के बाद हड़ताल हुई थी। डॉक्टरों का साफ कहना है कि जब तक कैंपस में डॉक्टरों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, वे इसी तरह विरोध दर्ज कराते रहेंगे।
देवरिया के मईल थाना क्षेत्र स्थित भागलपुर में सरयू नदी किनारे तरबूज के खेत में मिली महिला की हत्या का मामला 20 दिन बाद भी अनसुलझा है। पुलिस अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर पाई है। इससे परिजनों में नाराजगी और इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। मृतका की पहचान भागलपुर निवासी 48 वर्षीय सजमा पत्नी रहादत अली के रूप में हुई थी। 5 अप्रैल को वह तरबूज और सब्जी की फसल की देखरेख के लिए खेत गई थीं, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटीं। परिजनों ने तलाश शुरू की तो उनका शव खेत में बनी झोपड़ी में मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान घटनास्थल से एक सक्रिय मोबाइल नंबर बरामद हुआ है, जिसे पुलिस अहम सुराग मान रही है। इस नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जा रही है और उससे जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। सर्विलांस टीम भी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। परिजनों का कहना है कि सजमा की किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं थी, जिससे हत्या के पीछे की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। मृतका के बेटे ने अज्ञात लोगों पर हत्या कर शव खेत में फेंकने का आरोप लगाया है और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और हर पहलू पर जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महाराष्ट्र: संजय निरुपम की परिवहन मंत्री को चिट्ठी, मराठी अनिवार्यता पर करें विचार
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार के ‘रिक्शा व टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य’ करने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है
जैसलमेर शहर में ड्रग्स डीलर के खिलाफ पुलिस का कैंपेन अब काफी तेज हो गया है। बीती रात जैसलमेर की कोतवाली पुलिस ने एक्शन लेते हुए 4 युवकों को 4 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। यह पूरी प्लानिंग शहर कोतवाल सुरजाराम के नेतृत्व में गश्त के दौरान की गई। पुलिस ने बिना नंबर की कार को रुकवाया तो चारों कार छोड़ भागने लगे। पुलिस ने चारों को पकड़ा और तलाशी में ड्रग्स कोबरामद कर NDPS एक्ट में मामला दर्ज कर सबको गिरफ्तार किया गया। पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी शहर कोतवाल सुरजाराम जाखड़ के मुताबिक, पुलिस टीम रात को शहर में चेकिंग कर रही थी। तभी उन्हें एक बिना नंबर की काली कार दिखाई दी। जब पुलिस ने गाड़ी को रोकने का सिग्नल दिया, तो कार में सवार युवक गाड़ी छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने तुरंत पीछा किया और चारों को पकड़ लिया। खतरनाक ड्रग्स बरामद जब पुलिस ने युवकों की तलाशी ली, तो उनके पास से 4 ग्राम एमडी मिली। यह एक बहुत ही खतरनाक और नशीला पदार्थ है। पुलिस ने चारों आरोपियों सुनील, शाहिद, लक्ष्मण और तरुण को मौके पर ही अरेस्ट कर लिया। साथ ही तस्करी में इस्तेमाल हो रही कार को भी सीज कर दिया गया है। नेटवर्क की जांच शुरू शहर कोतवाल सुरजाराम ने बताया कि पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मुख्य फोकस इस नेटवर्क का पता लगाना है कि यह नशा जैसलमेर में कहां से आ रहा है और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीएम सैनी ने हरियाणा को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनाने की योजना की रूपरेखा पेश की
हरियाणा सरकार राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों में एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है
गोंडा जिले में एक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने को लेकर दो युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह घटना इटियाथोक कोतवाली क्षेत्र के मुंडेरवा गांव के पास स्थित पेट्रोल पंप पर हुई है। मारपीट का 27 सेकंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना कल सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है, जब पेट्रोल पंप पर वाहनों की लंबी कतार लगी थी। 'पहले हम पेट्रोल डलवाएंगे' की कहासुनी को लेकर दो युवकों के बीच गाली-गलौज शुरू हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। वीडियो में दोनों युवक एक-दूसरे का कॉलर पकड़कर थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। बाद में कुछ अन्य लोग भी इस मारपीट में शामिल हो गए। घटना के बाद इटियाथोक कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ मारपीट और गाली-गलौज सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। आश्चर्यजनक रूप से, मारपीट के बाद दोनों युवकों ने दोबारा लाइन में लगकर अपने-अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाया और फिर वहां से चले गए। पेट्रोल पंप पर मौजूद अन्य लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया था, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। इटियाथोक कोतवाल कमलाकांत त्रिपाठी ने बताया कि पेट्रोल डलवाने को लेकर हुए विवाद में मारपीट का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि वायरल वीडियो कल सुबह का है और मामले की जांच की जा रही है। किसी भी तरीके से कानून व्यवस्था को बिगड़ने की छूट किसी को नहीं दी गई है इस पूरे मामले को लेकर की इटियाथोक कोतवाली पुलिस द्वारा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कैंसर पीडि़त व्याख्याता को राशि देने में लापरवाही, बाबू निलंबित
कैंसर से जूझ रही एक महिला व्याख्याता द्वारा सुनवाई न होने की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने सिर्फ दो दिनों के भीतर लगभग 2 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए
रायसेन शहर के वार्ड-14 स्थित राहुल नगर में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे शादी वाले घर में घुसकर शराब ठेकेदार के गुर्गों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने दूल्हे के दो भाइयों दिनेश और मुकेश पर तलवार और लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि आरोपी दो बोलेरो गाड़ियों में सवार होकर पहुंचे थे। उन्होंने दूल्हे के भाइयों से पूछा कि यहां शराब कहां मिलती है। जब दोनों ने जानकारी होने से इनकार किया, तो आरोपियों ने बिना किसी उकसावे के मारपीट शुरू कर दी। तलवार से हमला करने के आरोप परिजनों का आरोप है कि हमले के दौरान बदमाशों ने तलवार का इस्तेमाल किया, जिससे दोनों के हाथों में गंभीर चोट आई है। उनके सिर पर भी गहरी चोटें लगी हैं। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने फायरिंग भी की। घायलों ने पुलिस को गोलियां भी दिखाईं हैं। नाराज परिजनों ने किया चक्का जाम घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर देर से पहुंचने का आरोप लगाया। इसके विरोध में शुक्रवार सुबह शासकीय उत्कृष्ट स्कूल के सामने भोपाल-सागर रोड पर चक्का जाम कर दिया गया। चक्का जाम की सूचना मिलते ही एसडीओपी प्रतिभा शर्मा और थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल मौके पर पहुंचे। पुलिस परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है, लेकिन परिजन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए हैं।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा रहीं कलेक्टर और निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू के रिश्तेदारों की संपत्ति अटैच करने के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल ने अपने फैसले में कहा कि अपराध से पहले खरीदी गई संपत्ति भी अटैच की जा सकती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में सीधे सबूत होना जरूरी नहीं है। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल कोल लेवी वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग केस में रानू साहू आरोपी है। जांच के दौरान ED को पता चला कि रानू साहू ने अवैध लेन-देन कर अपने रिश्तेदारों के नाम पर संपत्ति अर्जित की है। जांच के बाद ED ने रानू साहू के रिश्तेदार तुषार साहू, पंकज कुमार साहू, पीयूष कुमार साहू, पूनम साहू, अरुण कुमार साहू, लक्ष्मी साहू, सहलिनी साहू और रेवती साहू की करोड़ों की संपत्तियों को अटैच किया है। जिसके खिलाफ रिश्तेदारों ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी। साथ ही अटैच संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग की थी। ED की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई मुहर याचिकाकर्ताओं का कहना था कि संबंधित संपत्तियां रानू साहू के कलेक्टर बनने से पहले खरीदी गई थी, इसलिए उन्हें अटैच करना गलत है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि एफआईआर में उनका नाम शामिल नहीं है और अपीलेट ट्रिब्यूनल की ओर से अपील खारिज करना भी अनुचित है। हालांकि हाईकोर्ट ने इन सभी तर्कों को स्वीकार नहीं किया। हाईकोर्ट बोला- मनी लांड्रिंग केस में संपत्ति अटैच करने का है अधिकार डिवीजन बेंच ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अपराध से पहले खरीदी गई संपत्ति भी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत स्वतः सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। कानून के तहत जुर्म से हुई कमाई की परिभाषा केवल अवैध संपत्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी समतुल्य कीमत की संपत्ति भी इसमें शामिल होती है। ऐसी स्थिति में अगर वास्तविक अवैध कमाई का पता नहीं चल पाता, तो एजेंसियां बराबर मूल्य की अन्य संपत्तियों को भी अटैच कर सकती हैं। भले ही वे पहले कानूनी रूप से खरीदी गई हो। सीधे सबूत जरूरी नहीं, परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर्याप्त हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामलों में सीधे साक्ष्य मिलना अक्सर कठिन होता है, क्योंकि लेन-देन कठिन और इनडायरेक्ट तरीके से किए जाते हैं। फाइनेंशियल एनालिसिस, संपत्ति खरीद की टाइमलाइन और वैध आय के अभाव जैसे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी यह माना जा सकता है कि संपत्ति और अपराध से हुई कमाई के बीच प्रारंभिक संबंध है। इन सभी तथ्यों के आधार पर हाईकोर्ट ने ED की कार्रवाई को सही ठहराते हुए रानू साहू के रिश्तेदारों की ओर से दायर सभी याचिकाओं को खारिज कर दी है। ……………………… रानू साहू से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… कोयला घोटाला...सौम्या-रानू और सूर्यकांत को SC से रेगुलर जमानत: पहले अंतरिम जमानत पर बाहर थे, राज्य से बाहर रहने की शर्त अब भी लागू छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोयला घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रमुख आरोपी सौम्या चौरसिया, रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी समेत अन्य आरोपियों को रेगुलर जमानत दे दी है। इससे पहले ये सभी आरोपी अंतरिम जमानत पर बाहर थे। यह जमानत मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जयमाला बगाची की पीठ से मिली है। कोर्ट ने जमानत देते हुए आरोपियों को राज्य से बाहर रहने जैसी शर्तें भी बरकरार रखी हैं। पढ़ें पूरी खबर…
महानदी जल विवाद : ट्रिब्यूनल ने दोनों राज्यों से मांगी ताजा रिपोर्ट
महानदी के जल बंटवारे को लेकर ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच चल रहे विवाद पर ट्रिब्यूनल में सुनवाई जारी है
झांसी से पथरी का इलाज कराकर घर लौट रहे एक ग्रामीण की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर गांव जा रहे पिता को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।मिली जानकारी के अनुसार, कटेरा निवासी शिवनारायण (56) पुत्र पन्नालाल लंबे समय से पथरी की बीमारी से जूझ रहे थे और झांसी के निजी नर्सिंग होम में उनका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार होने पर 18 अप्रैल को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।बताया गया कि उनका बेटा राहुल बाइक से उन्हें लेकर अपने गांव कटेरा जा रहा था। जब वे मध्य प्रदेश के टेहरका क्षेत्र में पहुंचे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में शिवनारायण गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि राहुल को मामूली चोटें आईं।घटना के बाद स्थानीय पुलिस की मदद से राहुल अपने पिता को मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचा, लेकिन वहां न्यूरो सर्जन उपलब्ध न होने की बात कही गई। इसके बाद वह उन्हें एक निजी नर्सिंग होम में ले गया, जहां इलाज के दौरान बीते रोज शिवनारायण की मौत हो गई।सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।इस हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं इलाके में भी शोक की लहर है।
धनबाद जिले के बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह ओपी क्षेत्र स्थित टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात भू-धंसान की घटना हुई। तेज धमाके के साथ जमीन धंसने से लगभग 10 घर पूरी तरह जमींदोज हो गए। इस हादसे में 5 लोग मलबे में दब गए। हालांकि उन्हें तुरंत निकाल लिया गया। एक की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मैदान और मंदिर में अस्थायी आशियाना जमीन हिलने और तेज आवाज सुनकर लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे। कई लोग मलबे में दब गए थे, जिन्हें स्थानीय ग्रामीणों ने निकालकर अस्पताल पहुंचाया। प्रभावित परिवारों को पास के मैदान और मंदिर में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। जमीन अंदर से खोखली हो गई है घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वर्षों से हो रहे कोयला उत्खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो गई है, जिससे बार-बार भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। विरोध में ग्रामीणों ने चास-राजगंज फोरलेन सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरिजानंद किस्कू ने बताया कि इस घटना से प्रभावित 21 से 27 परिवारों को जल्द ही सुरक्षित स्थान पर बसाया जाएगा। प्रभावित स्कूल को भी स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल टंडाबाड़ी बस्ती में लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन और बीसीसीएल से इन पीड़ित परिवारों के लिए स्थायी समाधान और सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।
मऊ में डिवाइडर से टकराकर पिकअप पलटी:चालक बाल-बाल बचा, गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर हुआ हादसा
मऊ जिले के थाना कोतवाली क्षेत्र में गोरखपुर-वाराणसी हाईवे पर भीटी मोड़ के पास गुरुवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन डिवाइडर से टकराकर पलट गया। इस हादसे में पिकअप चालक राजीव यादव बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, पिकअप चालक एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में वाहन से नियंत्रण खो बैठा। पिकअप डिवाइडर से टकराने के बाद लगभग 20 मीटर दूर जाकर पलटी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन की कमानी टूट गई और एक पहिया अलग हो गया। आजमगढ़ जिले के निवासी पिकअप चालक राजीव यादव ने बताया कि वह बलिया मोड़ स्थित अपने घर जा रहे थे। अचानक सामने एक गाड़ी आ गई, जिसे बचाने के चक्कर में उनकी गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। उन्होंने किसी तरह गाड़ी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटनास्थल पर तुरंत राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। हादसे के कारण लगभग एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। मौके पर मौजूद लोगों ने मिलकर पलटे हुए वाहन को सीधा किया और सड़क के किनारे हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह डिवाइडर जानलेवा साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह तीसरी घटना है जब कोई वाहन डिवाइडर से टकराकर पलटा है।
रीवा के सगरा में पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के मामले में फरार आरोपी ने गुरुवार रात सुसाइड कर लिया। हत्या के बाद से आरोपी फरार चल रहा था। जहां अब धार के पीथमपुर में पुलिस को आरोपी का शव मिला है। 7 अप्रैल की रात बेटी के सामने किया हमला सगरा निवासी दीपक मिश्रा ने 7 अप्रैल की रात शराब के नशे में अपनी पत्नी शिखा मिश्रा पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। उसने पत्नी के पेट और गले पर कई वार किए थे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ी थी। घटना के समय उनकी बड़ी बेटी दिशा भी मौके पर मौजूद थी और उसने अपनी आंखों के सामने मां पर यह हमला होते देखा था। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत गंभीर घायल शिखा मिश्रा को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। अवैध संबंध और विवाद बना वजह एसडीओपी उदित मिश्रा ने बताया कि परिजनों के अनुसार आरोपी के एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध होने की बात सामने आई है। इसी को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बताया जा रहा है कि यह संबंध पारिवारिक कलह की बड़ी वजह बना हुआ था और इसी को लेकर घर में तनाव रहता था। वहीं, पत्नी के इंस्टाग्राम चलाने को लेकर भी आरोपी नाराज रहता था, जिसको लेकर कई बार दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।प्रारंभिक जांच में इन दोनों पहलुओं-अवैध संबंध और सोशल मीडिया को लेकर विवाद को घटना की प्राथमिक वजह माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच कर रही है।
गर्मी के मौसम में यात्रियों को परेशानी नहीं हो, इसके लिए रेलवे मुख्यालय समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लियाहै। समस्तीपुर से उधना और मधुबनी से उधना के बीच आज से(24 अप्रैल 2026) से स्पेशल ट्रेन का परिचालन शुरू होगा। जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी। रेलवे के मीडिया प्रभारी आर. के सिंह ने बताया कि गाड़ी संख्या 09069/09070 उधना-समस्तीपुर-उधना अनारक्षित स्पेशल ट्रेन का परिचालन 24 अप्रैल से किया जा रहा है। यह ट्रेन डीडीयू-पाटलिपुत्र-हाजीपुर-मुजफ्फरपुर के रास्ते चलेगी। मुजफ्फरपुर के रास्ते समस्तीपुर पहुंचेगी 24, 25, 27, 28, 29 और 30 अप्रैल को समस्तीपुर के लिए खुलेगी। यह ट्रेन उधना से सुबह 05.30 बजे खुलकर अगले दिन 08.10 बजे पंडित दीनदयाल स्टेशन, 12.00 बजे पाटलिपुत्र, 13.25 बजे हाजीपुर, 14.40 बजे मुजफ्फरपुर होते हुए 16.00 बजे समस्तीपुर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 25, 27, 28, 29, 30 अप्रैल और 01 मई को खुलगी। समस्तीपुर से 19.00 बजे खुलकर 20.30 बजे मुजफ्फरपुर, 21.35 बजे हाजीपुर, 23.15 बजे पाटलिपुत्र, अगले दिन 04.45 डीडीयू सहित अलग-अलग स्टेशनों पर रूकते हुए तीसरे दिन 04.45 बजे उधना पहुंचेगी। मधुबनी-उधना के बीच भी चलेगी ट्रेन गाड़ी संख्या 09167/09168 उधना-मधुबनी-उधना अनारक्षित स्पेशल का परिचालन डीडीयू-पटना-मोकामा-बरौनी-समस्तीपुर-दरभंगा के रास्ते 26 अप्रैल से होगी। रविवार को उधना से 05.30 बजे खुलकर सोमवार को 08.10 बजे डीडीयू, 12.00 बजे पटना, 14.25 बजे बरौनी, 15.50 बजे समस्तीपुर,17.15 बजे दरभंगा होते हुए 19.00 बजे मधुबनी पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी 27 अप्रैल सोमवार को मधुबनी से 22.00 बजे खुलकर 23.20 बजे दरभंगा, मंगलवार को 01.00 बजे समस्तीपुर, 02.40 बजे बरौनी, 05.00 बजे पटना, 09.30 डीडीयू सहित अलग-अलग स्टेशनों पर रूकते हुए बुधवार को 11.35 बजे उधना पहुंचेगी।
मजदूर के बेटे अंश यादव ने लहराया परचम:इंजीनियर बनना है सपना, कोई IAS तो कोई बनना चाहता है डॉक्टर
यूपी बोर्ड परीक्षा में गांव की गलियों से निकले गुड्डी के लालो ने कमाल कर दिया। बेहद मामूली परिवेश से निकलने वाले इन मेधावियों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करके यह साबित कर दिया कि सफलता मेहनत करने पर ही मिलती हैं। यही कारण है कि आने वाले इन मेधावियों ने अपनी मेहनत का डंका बजा दिया और यूपी बोर्ड में अपनी बुलंदी के झंडा गाड़ दिए। इनमें मेधावियों में किसी के पिता मजदूरी करते हैं तो कोई किसान हैं। कोई मैकेनिक है तो कोई प्राइवेट पढ़ाते हैं।यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में प्रदेश में आठवीं और जिले में पहली रैंक हासिल करने वाले विवेक यादव जहां इंजीनियर बनना चाहते हैं। वहीं जिले में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अंश यादव भी इंजीनियर ही बनना चाहते हैं। विवेक यादव के पिता जहां पर चक्की चलकर अपनी आजीविका चलाते हैं। वहीं अंश यादव के पिता मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। पर यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम ने इन मेधावियों के साथ-साथ उनके परिजनों और गुरुजनों के चेहरे पर खुशी लाने का काम किया है। अपनी सफलता से बेहद खुश अंश यादव क्या कहना है कि नियमित 5 से 6 घंटे की पढ़ाई करता था और इसमें परिजनों के साथ-साथ गुरुजनों का भी सहयोग रहता था। अंश यादव के पिता मजदूरी करते हैं जबकि माता हाउसवाइफ है। यूपी बोर्ड में मिली सफलता अंश यादव के चेहरे पर साफ देखी जा सकती है। शिक्षिका बनना चाहती है मेधावी अपेक्षा यादव यूपी बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल में जिले में आठवां स्थान हासिल करने वाली अपेक्षा यादव लगभग 7 से 8 घंटे की पढ़ाई करती है। अपेक्षा यादव के पिता प्राइवेट टीचर है और मां हाउसवाइफ है। अपेक्षा यादव भी शिक्षक बनना चाहती हैं। प्रीति यादव बनेगी IAS यूपी बोर्ड परीक्षा में हाई स्कूल में आठवीं रैंक हासिल करने वाली प्रीति यादव आगे चलकर सिविल सेवा में जाना चाहती हैं। प्रीति यादव का कहना है कि बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनका समाधान सिविल सेवा में जाकर ही किया जा सकता है। प्रीति यादव के पिता मैकेनिक है। जबकि मां का निधन हो चुका है। मेधावी श्रेया गुप्ता बोली सिविल सेवा में जाना मकसद यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल में 9 वीं रैंक हासिल करने वाली मेधावी छात्रा श्रेया गुप्ता का कहना है कि सिविल सेवा में जाना मुख्य मकसद है। इसी के लिए 5 से 6 घंटे नियमित पढ़ाई करती हूं। अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को देते हुए कहा कि सभी लोगों के सहयोग से ही यह सफलता हासिल हो सकी। श्रेया गुप्ता के पिता किसान है जबकि मां गृहिणी है। मेधावी स्तुति मिश्रा बोली पिता चाहते हैं बेटी बने IAS यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट में आजमगढ़ में सातवीं रैंक हासिल करने वाली स्थिति मिश्रा अपनी सफलता से बेहद खुश है। स्तुति मिश्रा का कहना है कि मेरे साथ मेरे परिवार ने भी बहुत मेहनत किया है और विद्यालय के साथ-साथ परिजनों का बहुत सहयोग रहा है मेरा सपना टीचर बनने का है। पर मेरे पिता का सपना है कि मेरी बेटी इस बने IAS बने। स्तुति मिश्रा के पिता प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और माता हाउसवाइफ है। डॉक्टर बनेगी टॉपर श्रेया यादव यूपी बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट में आजमगढ़ में आठवीं रैंक हासिल करने वाली श्रेया यादव का सपना डॉक्टर बनने का है। अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों और गुरुजनों को देते हुए श्रेया यादव ने बताया कि सभी के सहयोग से या सफलता हासिल हो सकी है नियमित 6 घंटे की पढ़ाई करने वाली श्रेया यादव अपनी सफलता से बेहद खुश है। श्रेया यादव के पिता पुलिसकर्मी हैं। जबकि मां हाउसवाइफ है।
संभल में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 176 रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आज और कल भी भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है, जबकि 26 अप्रैल को बारिश के बाद मौसम में बदलाव आ सकता है। शुक्रवार सुबह 8 बजे जनपद संभल का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस था, जो दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस दौरान 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चलीं, जिससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। दोपहर में 'लू' के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जिला संयुक्त चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और निजी अस्पतालों में पेट दर्द, खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। चिकित्सकों ने गर्मी के मौसम में अधिक से अधिक पानी पीने, शरीर में पानी की कमी न होने देने, देर तक रखा खाना न खाने और प्रदूषित पानी से बचने की सलाह दी है। डॉ. रामलाल यादव ने बताया कि दस्त लगने पर घर पर ही ओआरएस का घोल बनाकर बच्चों को दिया जा सकता है, साथ ही उन्हें ढका हुआ भोजन खिलाना चाहिए। पिछले दिनों संभल और चंदौसी तहसील में हुई ओलावृष्टि और बारिश से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की बालियां टूट गईं, मक्का की फसल में कीड़ा लग गया और सरसों की फसल खराब हो गई। अच्छी फसल की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को अब सरकार से मुआवजे की उम्मीद है। गांव कबीर की सराय के किसान सतीश कुमार ने बताया कि पहले आलू की फसल में नुकसान हुआ था, और अब गेहूं, मक्का, सरसों को भी क्षति पहुंची है। नई फसल मैंथा की बुवाई शुरू हो गई है, जिसे लेकर किसान चिंतित हैं क्योंकि इसमें भी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार के लिए अपने नेटवर्क पर चलने वाली कई मेल, एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनों की समय-सारिणी में संशोधन किया है। संशोधित समय-सारिणी अधिकांश सेवाओं के लिए 27 अप्रैल 2026 से लागू होगी। कुछ ट्रेनें 24 अप्रैल और 28 अप्रैल 2026 से नए समय के अनुसार संचालित होंगी। इस बदलाव में कटिहार, अलीपुरद्वार, रंगिया, लामडिंग और तिनसुकिया मंडलों से गुजरने वाली महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे का उद्देश्य परिचालन दक्षता बढ़ाना, ट्रेनों की गति में सुधार करना और यात्रियों को अधिक समयबद्ध सेवाएं प्रदान करना है। ट्रेनों के समय में किया गया परिवर्तन प्रमुख ट्रेनों के समय में परिवर्तन किया गया है, उनमें 15743/15744 बालुरघाट–बठिण्डा–बालुरघाट, 15733/15734 फरक्का एक्सप्रेस, 13063/13064 हावड़ा–बालुरघाट एक्सप्रेस, 13161/13162 तेभागा एक्सप्रेस, 13053/13054 कुलिक एक्सप्रेस, 15463/15464 बालुरघाट–हल्दीबाड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस, 15716 अजमेर–किशनगंज गरीब नवाज एक्सप्रेस, 15719/15720 कटिहार–सिलीगुड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस (वाया बारसोई), 15709/15710 न्यू जलपाईगुड़ी–मालदा टाउन, 13141/13142 तीस्ता तोर्सा एक्सप्रेस, 75705/75706 सिलीगुड़ी–राधिकापुर डेमू इंटरसिटी तथा 15721/15722 न्यू जलपाईगुड़ी–दीघा पहाड़िया एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नए समय निर्धारण के तहत कई स्टेशनों पर ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान समय में बदलाव किया गया है। इससे ट्रेनों का संचालन अधिक व्यवस्थित और तेज होगा। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा से पहले संबंधित ट्रेन का अद्यतन समय अवश्य जांच लें।
कैंसर के इलाज और जांच को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में IIT जोधपुर के वैज्ञानिकों ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने थेरानोस्टिक्स सिस्टम विकसित किया है, जिसके जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर कैंसर की पहचान(डायग्नोसिस) और (थैरेपी) उपचार दोनों संभव हो सकेगा। इस तकनीक में नैनो मेटेरियल्स का उपयोग किया गया है, जो सीधे कैंसरग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचकर दवा के असर को ट्रैक और बेहतर बनाने में मदद करेंगे, जिससे इलाज अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगा। संस्थान की नैनोमेड लैब में इस अवधारणा को अत्यंत सूक्ष्म,विशेष रूप से तैयार किए गए नैनो मेटेरियल्स के जरिए वास्तविकता में बदला जा रहा है। इन नैनो मेटेरियल्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे मानव शरीर के अंदर सटीकता के साथ घूमते हुए सीधे रोगग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचे और वहीं दवा का असर दिखाएं। खासतौर पर कैंसर कोशिकाओं को नियंत्रित कर उन्हें खत्म करने पर किया जा रहा है। शोध का नेतृत्व बायोसाइंस और बायो इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविराज वनकायाला कर रहे हैं। सूक्ष्म सुपरहीरो नैनो मेटेरियल्स करेंगे कमाल शोध टीम अगली पीढी के 2डी नैनो मेटेरियल्स जैसे एमएक्सन्स, मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स, ब्लैक फॉस्फोरस और बोरोफीन पर काम कर रही है। इन अत्याधुनिक सामग्रियों को टाइनी सुपरहीरोज कहा जा रहा है। ये अपनी खास सतह गुणों के कारण दवाओं को सीधे कैंसर कोशिकाओं तक पहुंचाने में सक्षम हैं। ये न केवल दवा पहुंचाने का काम करते हैं, बल्कि निदान संकेतक (डायग्नोस्टिक मार्कर) के रूप में भी कार्य करते हैं। प्रकृति से प्रेरित होकर वैज्ञानिक बायोमिमेटिक नैनो-कैरियर्स भी विकसित कर रहे हैं। ये सूक्ष्म सिस्टम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देकर सीधे प्रभावित हिस्से तक दवा पहुंचाते हैं। इससे इलाज की प्रभावशीलता बढ़ती है और साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। फोटोथेरानोस्टिक्सः रोशनी से होगा इलाज इस शोध की खासियत फोटोथेरानोस्टिक्स तकनीक है। इसमें नजदीकी अवरक्त प्रकाश और नैनो प्रौद्योगिकी के संयोजन से रोग का निदान, उपचार और निगरानी एक साथ की जाती है। एनआईआर प्रकाश के प्रभाव से नैनो मेटेरियल्स स्थानीय ताप उत्पन्न करते हैं। सक्रिय ऑक्सीजन कण बनाते हैं और नियंत्रित तरीके से दवा रिलीज करते हैं। इससे कैंसर कोशिकाओं को सटीक और न्यूनतम आक्रामक तरीके से नष्ट किया जा सकता है। एडवांस्ड मॉडल्स पर टेस्ट, सुरक्षा पर फोकस इन तकनीकों तकनीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत कोशिकीय मॉडल्स पर परीक्षण किए जा रहे हैं। ये मॉडल मानव शरीर की वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुकरण करते हैं। इससे क्लिनिकल उपयोग से पहले असर को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।
उज्जैन में संन्यास को लेकर उठे विवाद के बीच स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर संतों के आरोपों का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि वह पिछले डेढ़ साल से अपमान सहती आई हैं और अब मानसिक रूप से मजबूत हो चुकी हैं। उन्होंने इसे अपनी आस्था और कर्म का मार्ग बताते हुए कहा कि “अगर राम ने मेरी किस्मत में संन्यास लिखा है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता। बता दें कि महाकुंभ 2024 से सुर्खियों में आई हर्षा रिछारिया ने हाल ही में सन्यास लिया है वह अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी। वे आधिकारिक रूप से संन्यास ले चुकी हैं। उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। हालांकि, उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज जताया था। मीरा, जीसस और बुद्ध ने भी झेला अपमान वीडियो में हर्षा ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब किसी ने सत्य और अपने कर्म का मार्ग चुना, उसे विरोध और अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने मीरा, जीसस, गौतम बुद्ध, भगवान राम और सीता का उदाहरण देते हुए कहा कि हर युग में सत्य के मार्ग पर चलने वालों को परीक्षा देनी पड़ी है, और नारी को तो विशेष रूप से अपमान सहना पड़ा है। डेढ़ साल से दे रही हूं अग्नि परीक्षा उन्होंने कहा कि उनके संन्यास पर सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन वह लंबे समय से मानसिक और सामाजिक परीक्षा से गुजर रही हैं। “मैं पिछले डेढ़ साल से यही अपमान के घूंट पी रही थी, अब मैं मजबूत हो गई हूं। परिवर्तन कभी भी संभव, वाल्मीकि इसका उदाहरण हर्षा ने संतों के इस तर्क पर भी सवाल उठाया कि संन्यास बचपन से ही धारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में ही महर्षि वाल्मीकि जैसे उदाहरण हैं, जहां व्यक्ति जीवन में कभी भी परिवर्तन कर सकता है। यदि परिवर्तन संभव नहीं, तो फिर ऐसे उदाहरण क्यों बताए जाते हैं। मुझे जानबूझकर निशाना बनाया गया उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सिर्फ प्रचार और प्रसिद्धि के लिए उन्हें निशाना बना रहे हैं। आपको एक मुद्दा चाहिए था वायरल होने का, और आपने मुझे अपना शिकार बना लिया। हर्षा ने संतों की भाषा पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक महिला के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना संतों की मर्यादा के विपरीत है। क्या यही संस्कार हैं, जिनकी बात की जाती है। युवाओं को धर्म से जोड़ने की अपील वीडियो में उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे युवाओं को धर्म से जोड़ें, न कि उन्हें दूर करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के विवाद और बयान युवाओं को धर्म से विमुख कर सकते हैं। हर्षा ने कहा कि उनका मार्ग ईश्वर द्वारा निर्धारित है और उन्हें किसी के आदेश की जरूरत नहीं है। होइहि सोइ जो राम रचि राखा… मेरा ईश्वर सब देख रहा है, कहते हुए वीडियो में अपनी बात खत्म की। ये खबर भी पढ़ें अनिलानंद ने कहा-900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकतीं महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती। प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो। यहां पढ़ें पूरी खबर…
फतेहाबाद में सब्जी विक्रेता का खोखा जला:करीब 30 हजार का हुआ नुकसान; फायर ब्रिगेड टीम ने पाया काबू
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में सब्जी विक्रेता के खोखे में आग लग गई। इससे सब्जी विक्रेता का 30 हजार रुपए कीमत का सामान जलकर राख हो गया। यह घटना घग्घर पुल के पार बुढलाडा रोड पर हुई। घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।बाईपास के पास बेरिकेड्स पर तैनात पुलिसकर्मियों ने खोखे से धुआं उठते देखा। इसके बाद उन्होंने तुरंत फायर ब्रिगेड के हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। रात 12 बजे लगी आगजानकारी के अनुसार, अरोड़ा कॉलोनी निवासी छिन्द्रपाल बुढलाडा रोड पर सब्जी का खोखा चलाते हैं। गुरुवार रात करीब 12 बजे खोखे में अज्ञात कारणों से आग लग गई। बाईपास के पास बेरिकेड्स लगे हुए जिन पर पुलिसकर्मी तैनात है। इन पुलिसकर्मियों ने खोखे से धुआं उठते देखा और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। आग लगने से सब्जियां हुई नष्ट हालांकि, आग बुझने तक खोखे में रखा सामान पूरी तरह जल गया। साथ ही वहां काफी मात्रा में रखी सब्जियां भी नष्ट हो गई। सब्जी विक्रेता छिन्द्रपाल को इस घटना की जानकारी सुबह करीब 5 बजे मिली। उन्हें खोखे के पास ही रेहड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति ने फोन करके सूचना दी। प्रशासन से की मुआवजे की मांग छिन्द्रपाल ने बताया कि पिछले आठ साल से वह इसी खोखे पर सब्जियां बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। आग लगने के कारण उन्हें 30 हजार रुपए से अधिक का नुकसान हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से इस नुकसान के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की है।
सतना-मैहर जिले में 35 सरकारी विभागों पर बिजली कंपनी का 1 अरब 23 करोड़ 84 लाख रुपए का बिजली बिल लंबे समय से बकाया है। यह राशि आम बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती बरतने वाली कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इन बकायादारों में ग्राम पंचायतें सबसे बड़ी कर्जदार हैं, जिन पर वाटर वर्क्स और स्ट्रीट लाइट के मद में सर्वाधिक 1 अरब 4 करोड़ रुपए के बिल लंबित हैं। इसके बाद नगर निगम 6 करोड़ रुपए के बकाए के साथ दूसरे स्थान पर है। महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग भी बड़े देनदार विद्युत कंपनी के करोड़ों के बकायेदारों में महिला एवं बाल विकास विभाग तीसरे नंबर पर है, जिस पर 5.31 करोड़ रुपए के बिजली बिल बकाया हैं। स्कूल शिक्षा विभाग पर 4.56 करोड़ रुपए और नगर पालिका मैहर पर 1.49 करोड़ रुपए का बिल लंबित है। इस मामले में कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सभी संबंधित विभाग प्रमुखों को पत्र लिखकर भुगतान सुनिश्चित करने और वस्तुस्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं। यह विभाग भी नहीं भर रहे बिल लाखों के देनदारों की सूची भी काफी लंबी है। इसमें वन विभाग पर 15 लाख, राजस्व विभाग पर 14 लाख, सामाजिक कल्याण विभाग पर 11 लाख, कृषि विपणन बोर्ड पर 7 लाख, पुलिस पर 5.29 लाख, उच्च शिक्षा पर 4.54 लाख, विधि एवं विधायी विभाग पर 3.58 लाख, लोक सेवा केंद्रों पर 3.57 लाख, कृषि विभाग पर 3.37 लाख, पशु चिकित्सा विभाग पर 3.25 लाख, जनजातीय अनुसंधान पर 2.83 लाख, पीएचई पर 2.86 लाख, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास पर 2.33 लाख, नागरिक आपूर्ति निगम पर 1.82 लाख, जल संसाधन पर 1.80 लाख और खेल एवं युवा कल्याण विभाग पर 1.45 लाख रुपए बकाया हैं। आयुष, वाणिज्य एवं आबकारी, चिकित्सा शिक्षा और मत्स्य विभाग भी बड़े देनदारों में शामिल हैं। टॉप-10 बकायेदार विभाग ग्राम पंचायतें: 1.04 अरब नगर निगम: 6 करोड़ महिला एवं बाल विकास: 5 करोड़ स्कूल शिक्षा: 4.56 करोड़ नगर पालिका: 1.49 करोड़ स्वास्थ्य विभाग: 48.56 लाख धार्मिक न्यास: 28 लाख सहकारिता विभाग: 22.84 लाख बीएसएनएल: 21 लाख रेलवे: 16 लाख
यूपी बोर्ड हाई स्कूल के इस साल के नतीजों ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि टॉप-10 में जगह बनाना अब सिर्फ मेधावी होना नहीं, बल्कि माइक्रो लेवल पर परफेक्शन हासिल करने जैसा हो गया है। इस बार यूपी टॉप 10 की जंग हाईस्कूल में 10 तो इंटर में महज 11 नंबरों की रही। फाइट इतनी जबरदस्त रही कि दशमलव में अंकों के अंतर से टॉपर्स की रैंकिंग बदल गई। हाईस्कूल में टॉपर्स में 10 नंबरों की जंग में जहां 115 विद्यार्थियों ने जगह बनाई वहीं इंटर में यह संख्या 23 रही। बेहद क्लोज रहा कॉम्पटिशनआंकड़े बताते हैं कि हाईस्कूल में कुल 600 अंकों की परीक्षा में यूपी में पहली रैंक पाने वाले टॉपर ने 587 अंक हासिल किए, जबकि 10वीं रैंक पर आने वाले छात्रों के अंक 577 रहे। यानी टॉप-10 की पूरी रेस महज 10 अंकों के भीतर सिमट गई। प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में कुल 115 विद्यार्थियों का आना इस बात का संकेत है कि कॉम्पटिशन कितना क्लोज रहा। औसतन देखा जाए तो हर एक अंक पर करीब 11-12 छात्र मौजूद रहे। सबसे ज्यादा भीड़ 10वीं और 9वीं रैंक पर10वीं रैंक: 33 छात्र (577 अंक)9वीं रैंक: 20 छात्र8वीं रैंक: 18 छात्रनिचली टॉप रैंकों (8 से 10) पर सबसे ज्यादा भीड़ दिखती है। इसका मतलब है कि बहुत बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने लगभग समान प्रदर्शन किया लेकिन कुछ अंकों की कमी से ही वह टॉपर्स लिस्ट में भी पीछे हो गए। मिड रैंक में भी जबरदस्त क्लस्टर7वीं रैंक: 9 छात्र6वीं रैंक: 16 छात्रयहां भी संख्या कम नहीं है, जो दिखाता है कि 580+ के आसपास अंक लाने वाले छात्रों की भी बड़ी संख्या रही।टॉप की ओर बढ़ते ही ‘फिल्टर’ और सख्त5वीं रैंक: 6 छात्र4वीं रैंक: 4 छात्र3वीं रैंक: 3 छात्र1वीं रैंक: 2 छात्र (587 अंक)जैसे-जैसे अंक बढ़ते हैं, कॉम्पटिशन का स्तर और कठिन होता जाता है। टॉप 3 में पहुंचते-पहुंचते छात्रों की संख्या तेजी से घट जाती है, जो बताता है कि 585+ के बाद हर एक अंक बेहद कीमती हो जाता है। इंटरमीडिएट में सात रैंकों पर 20 विद्यार्थियों का कब्जावही इंटरमीडिएट की टॉपर्स की लिस्ट की बात करें तो इसमें टॉप टेन में कुल 23 छात्र-छात्राओं को जगह मिली है। इसमें पहले रैंक पाने वाले के 500 में से 488 नंबर हैं जबकि 10वीं रैंक पर जगह बनाने वाले दो छात्रों के 477 नंबर हैं यानी टॉपर और टॉपर्स लिस्ट में आखिरी पायदान यानी दसवीं नंबर पर रहने वाले विद्यार्थियों के बीच महज 11 अंकों का फैसला है और इस फासले में कुल 23 विद्यार्थी हैं। इंटरमीडिएट की टॉप 10 लिस्ट में दूसरी, तीसरी, चौथी और 10वीं रैंक पर दो-दो होनहारों ने जगह बनाई है। वहीं छठवीं, सातवीं व आठवीं रैंक पर चार-चार मेधावियों ने कब्जा जमाया। क्या कहता है यह ट्रेंड?जीआईसी के रिटायर प्रिंसिपल वीएन तिवारी बताते हैं, यूपी बोर्ड के टॉपर्स की लिस्ट एक नया ट्रेंड बताती है। इसे देखने से पता चलता है कि अब हाईस्कूल में 96% तो इंटर में 95% मार्क् से ऊपर वाले ही टॉप 10 की लड़ाई में हैं। इसका एक मतलब यह भी है कि टॉपर बनने वालों के लिए मार्जिन ऑफ एरर बहुत कम या लगभग खत्म हो गया है। यानी एक सवाल या आधा नंबर भी रैंक गिरा सकता है, ऐसे में चूक की गुंजाइश ही नहीं है।एक और खास बात, जो इस सूची से पता चलती है, वह यह है कि टॉपर्स के बीच परफेक्शन का स्तर अब उनकी रैंक तय कर रहा है। यह डेटा साफ संकेत देता है कि यूपी बोर्ड में हाई स्कूल की टॉप-10 सूची में जगह बनाना अब पहले से कहीं ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया है। यहां सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि निरंतरता, सटीकता और एग्जाम स्ट्रेटेजी का परफेक्ट कॉम्बिनेशन जरूरी है।
बाराबंकी जिले के मसौली थाना क्षेत्र में गोंडा-बहराइच हाईवे स्थित बिंदौरा चौराहे पर गुरुवार को एक डंपर में भीषण आग लग गई। इस घटना से चौराहे पर हड़कंप मच गया। सब्जी बाजार के पास खड़े डंपर से पहले हल्का धुआं उठता देखा गया। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं घना हो गया और तेज लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते पूरे डंपर को आग ने अपनी चपेट में ले लिया और वह धू-धू कर जलने लगा। आग की भयावहता को देखकर मौके पर मौजूद दुकानदारों और राहगीरों में दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, जिससे चौराहे पर कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। आसपास खड़े अन्य वाहनों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर हटाया गया। सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक डंपर पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। आग बुझाने की प्रक्रिया के दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। प्रारंभिक आशंका तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना ने हाईवे किनारे खड़े वाहनों की सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा उपायों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लुधियाना में आज रात को अलग-अलग हिस्सों में 8.00 बजे से 8.15 बजे तक ब्लैक आउट रहेगा। जिला प्रशासन केंद्रीय गृहमंत्रालय के निर्देशों पर ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल करने करवा रहा है। लुधियाना में पीएयू, किचलू नगर व अग्रनगर डिवीजन के क्षेत्रों में ब्लैकआउट रहेगा। 7:55 बजे शाम को पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में सायरन बजेगा और उसके बाद आठ बजे डेजिगनेटिड एरिया में ब्लैक आउट किया जाएगा। ब्लैक आउट की मॉक ड्रिल के लिए जिला प्रशासन ने अलग-अलग विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। ब्लैक आउट के समय पीएसपीसीएल डेजिगनेटिड एरिया की पावर सप्लाई बंद करेगा। एडीशनल डिप्टी कमिश्नर (ज) पूनम सिंह ने बताया कि आज ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की जाएगी। उन्हाेंने कहा कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह अभ्यास पूरी तरह एक तैयारी के रूप में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी का मूल्यांकन करना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह या गलत खबर पर ध्यान न दें और न ही उसे फैलाएं। जनरेटर, इंवर्टर व अन्य लाइट सोर्स पर रहेगा प्रतिबंध एडीसी पूनम सिंह ने कहा है कि मॉक ड्रिल के दौरान लोग पूरा सहयोग दें और सभी लाइटें बंद रखें। साथ ही जनरेटर सेट, पावर बैकअप सिस्टम, टॉर्च, मोमबत्ती या माचिस का उपयोग न करें। उन्होंने आगे बताया कि शाम करीब 7:55 बजे सायरन बजाए जाएंगे और सार्वजनिक स्थानों से भी सूचना दी जाएगी ताकि लोगों को मॉक ड्रिल के बारे में जागरूक किया जा सके। सायरन के बाद पीएसपीसीएल अभ्यास के तहत अस्थायी रूप से बिजली सप्लाई बंद कर देगा। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत कई एजेंसियां लेंगी हिस्सा एडीशनल डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि ब्लैकआउट को पूरी गंभीरता और वास्तविकता के साथ लिया जाए। यह मॉक ड्रिल PAU में अलार्म के साथ शुरू होगी और इसमें NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस और NCC सहित कई एजेंसियों इसमें हिस्सा लेंगे। मॉक ड्रिल के दौरान क्या-क्या होगा सिलसिलेवार जानिए… 2 मिनट तक सायरन बजेंगे: ड्रिल की शुरुआत एयर रेड चेतावनी सिग्नल से होगी। इस दौरान करीब 2 मिनट तक हाई-लो पिच के सायरन बजाए जाएंगे। इसके बाद डिप्टी कमिश्नर द्वारा चिन्हित इलाकों में सिम्युलेटेड ब्लैकआउट किया जाएगा। इन इलाकों में लोगों को गैर-जरूरी लाइटें बंद रखने के लिए कहा जाएगा, जबकि जरूरी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। ऑल क्लियर सिग्नल दिया जाएगा: ड्रिल खत्म होने पर ऑल क्लियर सिग्नल दिया जाएगा। इसके तहत हाई पिच सायरन लगातार 2 मिनट तक बजेगा, जो अभ्यास खत्म होने का संकेत होगा। रेस्क्यू ऑपरेशन से लेकर ट्रैफिक नियंत्रण: इस अभ्यास के दौरान फायर रिस्पॉन्स, सर्च एंड रेस्क्यू, फर्स्ट एड और मेडिकल सहायता, घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना तथा ट्रैफिक और भीड़ नियंत्रण जैसी गतिविधियों की रिहर्सल की जाएगी। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा जाएगा: मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं जैसे एंबुलैंस व अस्पतालों को अलर्ट पर रखा जाएगा। एंबुलैंस मॉक ड्रिल के दौरान डमी घायलों को अस्पताल तक पहुंचाएंगे। इससे रिस्पोंस टाइम भी नोट किया जाएगा। टाइम लाइन शाम 7:55 बजे: सायरन बजाए जाएंगे, पब्लिक अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को अलर्ट किया जाएगा शाम 8:00 बजे: पीएसपीसीएल द्वारा बिजली सप्लाई अस्थायी रूप से बंद की जाएगी, डेजिगनेटिड एरिया में बिजली सप्लाई बंद। 8:00 से 8:15 बजे: सभी घरों और इमारतों की लाइटें बंद रखनी होंगी। जनरेटर, इन्वर्टर, टॉर्च, मोमबत्ती या किसी भी रोशनी के साधन का इस्तेमाल नहीं करना है इसी दौरान: PAU से मॉक ड्रिल की शुरुआत अलार्म के साथ होगी, NDRF, फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, सिविल डिफेंस और NCC की टीमें मिलकर अभ्यास करेंगी
छतरपुर में भगवान श्री चित्रगुप्त के प्रकटोत्सव का आयोजन श्री चित्रगुप्त मंदिर ट्रस्ट और कायस्थ हितकारिणी सभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे भगवान के स्नान और पूजन से हुई। इसके बाद सुबह 10 बजे से समाज के लोगों ने हवन-पूजन किया और प्रसाद वितरण किया गया। मीडिया प्रभारी एडवोकेट वशिष्ठ नारायण श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि दोपहर में शहर में एक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यात्रा में सुसज्जित रथ पर भगवान श्री चित्रगुप्त और राम दरबार की झांकी सजाई गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। पारंपरिक ‘कलम-दवात’ को बग्घी में रखकर निकाला गया, जो आकर्षण का केंद्र रहा। बच्चों की झांकियों ने खींचा ध्यान शोभायात्रा में छोटे बच्चों को भगवान चित्रगुप्त के 12 पुत्रों और दो रानियों के रूप में सजाया गया, जिसे लोगों ने सराहा। घोड़े, बैंड-बाजे और धार्मिक धुनों के साथ यात्रा मंदिर से शुरू होकर छत्रसाल चौराहा, जवाहर मार्ग, बस स्टैंड और चौक बाजार होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और कायस्थ समाज से जुड़े समूहों ने जगह-जगह स्वागत किया। समापन के बाद मंदिर परिसर में सामूहिक सहभोज (भंडारा) का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में बिजावर, नौगांव, राजनगर और बड़ा मलहरा सहित आसपास के क्षेत्रों से भी लोग शामिल हुए। इस दौरान पूर्व विधायक जेपी निगम, विधायक केके श्रीवास्तव और ट्रस्ट अध्यक्ष एमपीएन खरे सहित कई लोग मौजूद रहे। महिलाओं और बच्चों की भागीदारी भी देखने को मिली। देखें तीन तस्वीरें
जबलपुर में गुरुवार सुबह सिविल इंजीनियर क्लेरेंस उर्फ राजा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। क्राइम ब्रांच और रांझी थाना पुलिस की टीमें आरोपियों के करीब पहुंच चुकी हैं। पुलिस ने जल्द ही गिरफ्तारी के साथ बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। शुरुआती जांच में रायपुर (छत्तीसगढ़) में करीब 1 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी का विवाद सामने आया है। सीएसपी सतीश कुमार साहू के मुताबिक, मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। रांझी पुलिस और क्राइम ब्रांच की चार टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कई दिनों से क्लेरेंस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। वारदात वाले दिन सुबह करीब 7:30 बजे जब वह बेटे को स्कूल छोड़ने निकला था, तब भी उसका पीछा किया गया, लेकिन बच्चे के साथ होने के कारण हमलावरों ने तब फायर नहीं किया। लौटते समय अकेला देखकर उन्होंने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि प्रॉपर्टी विवाद के एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर पूरे हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा। रायपुर की प्रॉपर्टी बना विवाद की जड़ पुलिस के मुताबिक मामले की जांच में पता चला है कि क्लेरेंस ने रायपुर में करीब 1 करोड़ रुपए की एक प्रॉपर्टी खरीदी थी। इस डील में उसके रिश्ते में मामा और उनके बेटे प्रिंस की भूमिका थी। शुरुआत में कमीशन को लेकर सहमति बनी, लेकिन बाद में आरोप है कि प्रिंस और उसके पिता ने प्रॉपर्टी में पार्टनरशिप का दबाव बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच छिंदवाड़ा निवासी रोहित और भानू ने भी उसी प्रॉपर्टी पर एग्रीमेंट कर लिया और बाद में रोहित की बहन के नाम रजिस्ट्री भी करा दी गई। जब यह जानकारी क्लेरेंस को लगी तो उसने आपत्ति जताई और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार रोहित और भानू ने छिंदवाड़ा में भी क्लेरेंस के खिलाफ शिकायत की थी, जिसमें प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेजों को फर्जी बताया गया था। इसी मामले में क्लेरेंस को बयान के लिए बुलाया गया था। वह एक दिन देरी से अपने वकीलों और दोस्त के साथ वहां गया था। वापस लौटते समय उसे फिर धमकी भरा कॉल आया। कोर्ट केस वापस लेने का दबाव, वीडियो कॉल पर मिली धमकी क्लेरेंस ने इस प्रॉपर्टी को लेकर रायपुर कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। आरोप है कि केस वापस लेने के लिए उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। एक सप्ताह पहले उसके दोस्त के मोबाइल पर वीडियो कॉल कर धमकी दी गई थी कि प्रॉपर्टी का दावा छोड़ दो, वरना जान से मार दिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, वीडियो कॉल में बाबा नेल्सन और उसके बेटे प्रिंस नेल्सन का नाम सामने आया, जिन्होंने कथित तौर पर क्लेरेंस को गोली मरवाने की धमकी दी थी। परिवार ने लगाया प्रिंस पर शक मृतक के चचेरे भाई रोनाल्डो ने आरोप लगाया है कि हत्या के पीछे प्रॉपर्टी विवाद ही मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि वारदात के बाद CCTV में जो बाइक सवार नजर आए हैं, उनमें से एक की कद-काठी और हुलिया प्रिंस से मिलता-जुलता है। घटना के बाद से प्रिंस भी गायब बताया जा रहा है। बेटे को स्कूल छोड़कर लौट रहे थे, रास्ते में मारी गोली 35 वर्षीय क्लेरेंस गुरुवार सुबह अपने 5 साल के बेटे को स्कूल छोड़ने के बाद घर लौट रहा था। सुबह करीब 8 बजे जैसे ही वह शिव शक्ति दवाखाना के पास पहुंचा, बाइक सवार दो बदमाश उसके पास आए और सिर पर निशाना साधकर गोली मार दी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। आसपास के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले हमलावर फरार हो गए। ये खबर भी पढ़ें इंजीनियर के सिर में गोली मारकर हत्या, VIDEO:जबलपुर में बाइक सवार 2 नकाबपोशों ने की फायरिंग जबलपुर के संजय नगर इलाके में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बाइक सवार इंजीनियर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। सिविल इंजीनियर क्लेरिंस उर्फ राजा (32) रांझी जा रहा था। इसी दौरान चेहरा ढंके दो युवक बाइक से उसके पास पहुंचे और फायरिंग कर दी। गोली मारने के बाद दोनों हमलावर फरार हो गए। यहां पढ़ें पूरी खबर…
भरतपुर के नदबई कस्बे में ज्वैलर योगेंद्र चौपड़ा के हत्यारे अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। पुलिस काफी कोशिश के बाद भी आरोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। जिसको लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी आक्रोश के चलते आज नदबई कस्बे के बाजार, प्राइवेट स्कूलों को बंद रखा गया है। साथ ही आक्रोश रैली निकाली जाएगी और, तहसीलदार कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत होगी। 60 रुपये और ज्वैलरी से भरा बैग लूटा था 25 मार्च को दुकान बंद कर घर जाते समय योगेंद्र चौपड़ा को दो बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। बदमाश योगेंद्र चौपड़ा से सोने चांदी के गहने और कैश से भरा बैग भी लूटकर ले गए थे। बैग में 60 लाख का सामान बताया जा रहा था। घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश बढ़ा और उसी दिन व्यापारियों ने शव को लेकर जुलूस निकाला और नदबई थाने के सामने धरना दिया। 7 दिन का पुलिस ने मांगा था समय पुलिस ने 2 अप्रैल तक दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए समय मांगा लेकिन, ह्त्या के 7 दिन में भी पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। व्यापारियों की तरफ से कलेक्टर एसपी को ज्ञापन दिए गए। कई संगठनों ने धरना दिया। पुलिस आश्वासन देती रही कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत योगेंद्र चौपड़ा की हत्या को 1 महीना बीत चुका है। उसके बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। ऐसे व्यापारियों का गुस्सा फुट पड़ा। व्यापारी नदबई कस्बे के सभी बाजार बंद रखेंगे। साथ ही आक्रोश रैली निकाली जायेगी। तहसीलदार कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत होगी। जिसमें योगेंद्र चौपड़ा की पत्नी भी शामिल हो सकती हैं।
वाराणसी के उदय प्रताप कालेज में हॉकी एस्ट्रो टर्फ का प्रधानमंत्री अपने वाराणसी दौरे पर उद्घाटन कर सकते हैं।इसे देखते हुए कार्यदायी संस्था और कालेज प्रशासन के साथ ही साथ जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में सीडीओ और अन्य अधिकारियों ने टर्फ के निर्माण कार्य की प्रगति मौके पर पहुंचकर जानी थी। टर्फ के मुख्य द्वार का काम भी एक-दो दिन में समाप्त हो जाएगा। वाराणसी का तीसरा एस्ट्रो टर्फ वाराणसी में एम्फीथियेटर, बीएचयू, लालपुर स्टेडियम के बाद यूपी कालेज में शहर का तीसरा एस्ट्रो टर्फ बनकर तैयार है। अंतराष्ट्रीय मानकों पर बना यह टर्फ 8.73 करोड़ की लगता से तैयार हो रहा है। इसे अंतरराष्ट्रीय हॉकी संघ (FIH) ने टर्फ की मान्यता संबंधित सर्टिफिकेट भी दे दिया है। इस टर्फ के बाद वाराणसी हॉकी को नया प्लेटफार्म मिल जाएगा। प्रधानमंत्री कर सकते हैं उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 28 अप्रैल को वाराणसी संभावित दौरे पर आ रहे हैं। जहां काशिवासयों और पूरे पूर्वांचल को 5 हजार करोड़ से अधिक की सौगात दे सकते हैं। इसमें यूपी कालेज परिसर में ओलिंपियन ललित उपाध्याय की मांग पर बन रहे हॉकी एस्ट्रो टर्फ का उद्घाटन भी शामिल हो सकता है। इसके निर्माण के बाद अब इसकी फिनिशिंग की तैयारियां अंतिम चरण में है। हो सकेंगे नेशनल-इंटरनेशनल मैच वाराणसी के वरुणा पार इलाका हॉकी की नर्सरी कहलाता है। यहां कई सारे ओलिंपियन जन्मे हैं। इसमें हॉकी के ड्रिब्लिंग के जादूगर मोहम्मद शाहिद, सहित कई ओलिंपियन ने काशी का नाम रौशन किया। हाल ही में ललित उपाध्याय ने लगातार दो ओलिंपिक में भारत और काशी का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने ही इस एस्ट्रो टर्फ की मांग की थी ।
गिरिडीह जिले में गुरुवार देर शाम से रात तक तीन अलग-अलग सड़क हादसों में कुल 9 लोग घायल हो गए। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। 6 घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिनका इलाज सदर अस्पताल गिरिडीह में चल रहा है। तीन लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। पहली घटना बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बेंगाबाद-छोटकी खरगडीहा मुख्य मार्ग पर ढाबा के पास हुई। यहां दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में पांच लोग घायल हो गए। हादसे में दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त घायलों में बिहार के चकाई थाना क्षेत्र के पिपराडीह निवासी सुमन सोरेन, छोटेलाल सोरेन और मैथुश सोरेन शामिल हैं। दूसरी बाइक पर धनबाद के रंगामाटी निवासी अजय कुमार ठाकुर और विजय कुमार ठाकुर सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं और सभी सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, पिपराडीह के तीनों युवक एक ही बाइक पर बेंगाबाद बाजार से घर लौट रहे थे, जबकि दूसरी बाइक विपरीत दिशा से आ रही थी। संतुलन बिगड़ने से दोनों बाइकों की सीधी भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन युवकों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दो अन्य युवकों को मामूली चोटें थीं और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। स्कूटी सवार अनियंत्रित होकर गिरा दूसरी घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में हुई, जहां स्कूटी सवार कुमार आरव बरमोरिया के पास अचानक अनियंत्रित होकर गिर गए। उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। पिकअप की टक्कर से टोटो पलटा तीसरी घटना पचंबा थाना क्षेत्र में एसबीआई बैंक के पास हुई। यहां एक पिकअप वैन और टोटो के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के बाद टोटो अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे उसमें सवार यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इस हादसे में लोहपिट्टी निवासी प्रियंका देवी, ममता देवी और टोटो चालक रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, टोटो पचंबा से सवारियों को लेकर लोहपिट्टी की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से डेकोरेशन का सामान लेकर आ रही पिकअप वैन ने टोटो को टक्कर मार दी।घटनाओं के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
रेवाड़ी-धारूहेड़ा निकाय चुनाव के नामांकन के शुक्रवार को चौथा दिन है। आज रेवाड़ी से कांग्रेस उम्मीदवार नेहारिका चौधरी और कांग्रेस से बागी हुई पूर्व चेयरमैन शकुंतला भांडोरिया निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन करेंगी। अब तक पहले तीन दिन में चेयरमैन के लिए रेवाड़ी व धारूहेड़ा से दो-दो निर्दलीय के नामांकन हुए हैं। पार्षद पद के लिए रेवाड़ी में 27 और धारूहेड़ा में 16 उम्मीदवारों ने नामांकन किए। पहले दिन कोई नाम नामांकन नहीं हुआ था। दूसरे दिन पार्षद पद के लिए रेवाड़ी से 5 और धारूहेड़ा से 2 ने नामांकन किया था। अंतिम दूसर दिन होने के चलते नामांकन प्रक्रिया में तेजी देखने को मिलेगी। रेवाड़ी में 3, धारूहेड़ा में एक जगह नामांकन रेवाड़ी में चेयरमैन पद के लिए जिला सचिवालय का कमरा नंबर 202 निर्धारित किया है। पार्षद पद के वार्ड 1 से 11 के नामांकन न्यू मॉडल टाउन सेक्टर-1 में ईओ एचएसवीपी ऑफिस, वार्ड 12 से 22 रोडवेज जीएम कार्यालय और 23 से 32 के लिए जिला सचिवालय में डीआरओ कार्यालय का स्थान निर्धारित किया है। धारूहेड़ा में चेयरमैन के साथ सभी 18 वार्डों के लिए पार्षदों के नामांकन तहसील कार्यालय में जमा करवाए जा सकेंगे। एडीसी राहुल मोदी को रेवाड़ी नगर परिषद और एसडीएम सुरेश कुमार को धारूहेड़ा का आरओ नियुक्त किया गया है।
जयपुर शहर में एक ओर जहां लोग टूटी सड़कों, खुले सीवर, गंदगी और बिजली के खतरनाक तारों जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं दैनिक भास्कर का ‘समाधान सेगमेंट’ आम जनता की आवाज बनकर सामने आ रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों से लगातार आ रही शिकायतों पर अब प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है। कई गंभीर समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई कर राहत पहुंचाने वाली नगर निगम की XEN निधि जैन को आज का ‘पब्लिक की स्टार’ चुना गया है। शहर के कई इलाकों में ऐसी समस्याएं सामने आई हैं, जो कभी भी बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। लोगों ने दैनिक भास्कर के समाधान सेगमेंट के जरिए अपनी परेशानी साझा की, जिसके बाद संबंधित विभाग हरकत में आया। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। खुला सीवर टैंक बना खतरा जयपुर के विनोबा मार्ग निवासी रवि कुच्छल ने समाधान सेगमेंट पर सीवर की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि इलाके की वह सड़क, जो एम.आई. रोड से जुड़ती है, वहां पिछले तीन महीने से सीवर का ढक्कन टूटा हुआ पड़ा है। खुला सीवर टैंक राहगीरों और वाहन चालकों के लिए लगातार खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन लंबे समय से कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। अलबर्ट हॉल के पास गंदगी से लोग परेशान आदर्श नगर के जायाचार्य मार्ग से अभय तिवारी ने क्षेत्र में फैली गंदगी और कचरे की समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि अलबर्ट हॉल के पास लंबे समय से कचरा जमा हो रहा है, जिससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बदबू, गंदगी और मच्छरों के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। झूलते बिजली के तारों से करंट का डर रेलवे स्टेशन रोड स्थित सब्जी मंडी क्षेत्र से वाहिद अंसारी ने बताया कि यहां घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार बेहद खतरनाक स्थिति में हैं। लोग लगातार डर के साये में जी रहे हैं। बारिश या तेज हवा के दौरान हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन तारों को जल्द हटाया जाए या सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित किया जाए। अधूरी सड़क से जगतपुरा के लोग परेशान जगतपुरा के श्रीनाथ नगर, मंगल विहार से शमशेर सिंह मावंडा ने सड़क निर्माण का अधूरा काम उजागर किया। उन्होंने बताया कि पिछले साल प्रभु दयाल मार्ग पर सीसी रोड बनने की घोषणा हुई थी, लेकिन आज तक काम पूरा नहीं हुआ। सड़क अधूरी होने के कारण लोगों को रोजाना आवाजाही में परेशानी हो रही है। बरसात के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। समाधान से मिली राहत कल्याणपुरी के यमुना पथ से सुनील कुमार अग्रवाल ने भी पब्लिक पार्क क्षेत्र में घरों के खुले और लीक हो रहे सीवर टैंकों की समस्या समाधान सेगमेंट पर साझा की थी। उन्होंने बताया कि इससे क्षेत्र में लगातार गंदगी फैल रही थी और बदबू के कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया था। खबर प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर समस्या का समाधान कर दिया। इसी तरह जयपुर के कंवर नगर के जनता बाजार से अंकित ने एक महीने से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की थी। अंधेरे के कारण क्षेत्र के लोगों को रात में काफी परेशानी होती थी और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती थी। XEN निधि जैन बनीं आज की ‘पब्लिक की स्टार’ कंवर नगर की स्ट्रीट लाइट समस्या पर नगर निगम की XEN निधि जैन ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने टीम को मौके पर भेजकर बंद पड़ी रोड लाइट को ठीक करवाया। इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की। लगातार शिकायतों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित समाधान कराने के कारण XEN निधि जैन को आज का ‘पब्लिक की स्टार’ चुना गया है। उनका यह प्रयास दिखाता है कि यदि प्रशासन इच्छाशक्ति के साथ काम करे तो आम जनता की परेशानियों का समाधान तेजी से संभव है। दैनिक भास्कर का ‘समाधान सेगमेंट’ इसी तरह जनता और प्रशासन के बीच एक मजबूत पुल बनता जा रहा है, जहां लोगों की आवाज सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंच रही है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद जनता को मिली राहत:स्ट्रीट लाइट और पार्क की समस्याओं का हुआ समाधान, JEN संगीता बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 2.जयपुर में भास्कर समाधान का बड़ा असर:जनता को मूलभूत समस्याओं से मिली राहत, मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 3.जयपुर में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता परेशान:अंधेरा, गंदगी और जाम सीवर के बीच कई इलाकों में हुआ समाधान, संदीप मीणा बने आज के पब्लिक के स्टार 4.जयपुर में जलभराव, खुले सीवर से हादसे का खतरा:भास्कर समाधान पर शिकायतों का हुआ समाधान, संगीता बनीं आज की ‘पब्लिक के स्टार’ 5.जयपुर में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से जनता परेशान:पावर हाउस रोड का खतरनाक पोल ठीक; संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर में सीवर समस्या से आम जनता परेशान:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद कई इलाकों में राहत; दशरथ सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.भास्कर समाधान का असर, महीनों से खराब लाइट हुई ठीक:कई इलाकों में सड़क, सफाई और सुविधाओं पर शुरू हुआ सुधार; जनता को मिली राहत 8.जयपुर में कचरा-सीवर की समस्या बरकरार:भास्कर समाधान का असर, आमेर-चांदपोल में स्ट्रीट लाइट दुरुस्त; JEN संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान का असर, 7 दिन से बंद लाइट ऑन:शिकायतों के बाद कई इलाकों में शुरू हुआ सुधार; संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 10.भास्कर समाधान का असर: टूटी सड़क हुई ठीक:अधूरे कामों के बीच कई जगह शुरू हुआ सुधार; मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’
सीहोर चांदबड़ गांव में खुलेआम बिक रहा गांजा:वीडियो सामने आया, सीएसपी बोलीं- कार्रवाई करेंगे
सीहोर जिले के मंडी थाना क्षेत्र के ग्राम चांदबड़ में अवैध गांजे की बिक्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खुलेआम गांजा बेचा जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, चांदबड़ गांव में एक निश्चित स्थान पर यह अवैध कारोबार बेखौफ चल रहा है। वीडियो सामने आने के बावजूद मंडी थाना पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि गांव में एक तय जगह पर गांजे का अवैध व्यापार हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस नशे के कारोबार से क्षेत्र के युवा प्रभावित हो रहे हैं। पुलिस पर उठे सवालग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि वीडियो सामने आने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिस को इस अवैध कारोबार की जानकारी नहीं है, या जानबूझकर इसकी अनदेखी की जा रही है। क्षेत्र के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने, आरोपियों को गिरफ्तार करने और इलाके को नशा मुक्त बनाने की मांग की है। सीएसपी करेंगे कार्रवाईइस संबंध में सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि यह वीडियो उनके संज्ञान में आया है। वीडियो में चांदबड़ गांव में एक महिला मादक पदार्थ बेचती दिख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वीडियो का संज्ञान लेकर टीम गठित कर कार्रवाई की जा रही है।
गाजियाबाद में आज शुक्रवार सुबह से तेज धूप खिली है। हवा की गति भी सामान्य से अधिक है। सुबह के समय न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि दिन में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है। हवा की गति आज 12 किमी प्रति घंटा से है। लगातार लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। दोपहर के समय दिन का अधिकतम तापमान दर्ज किया जा रहा है। जबकि सुबह सुबह 5 बजे न्यूनतम तापमान रिकार्ड किया जा रहा है। कल शनिवार को मौसम साफ रहेगा। जहां दोपहर के समय अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रहेगा। वहीं न्यूनतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की बढ़ोत्तरी के साथ 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा। पिछले 24 घंटे में तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी गोगी। आज हवा की गति 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रहेगी। लू के प्रकोप से बचने के लिए क्या करें ADM सौरभ भट्ट ने बताया कि मौसम विभाग की ओर से जारी की गई एडवाइजरी के अनुसार जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 5 दिनों तक प्रदेश में उष्ण लहर, लू चलने की सम्भावना है। तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से उपर जाने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जनपद गाजियाबाद में 44.48 डिग्री सेल्सियस तापमान होने पर हीटवेव घोषित किया गया है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के अनुसार लू होने की सम्भावना व्यक्त की गयी है। साथ ही आम जनमानस को यह भी बताया जाना आवश्यक है कि उच्च आद्रता तथा वायुमण्डलीय परिस्थितियों के कारण उच्च तापमान लोगों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। शरीर में हो जाती है पानी की कमी जिसके कारण शरीर में पानी की कमी (डिहाईड्रेशन) एवं ऐठन की शिकायत आती है, और कभी-कभी इसके कारण लोगों की मौत भी हो जाती है। शहरी क्षेत्रों में तापमान उच्चतम हो जाने से अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति बन जाती है। हिटवेव (लू) से वृद्ध, बच्चे, गर्भवती महिलायें, बीमार, मजदूर, दुर्बल, एवं निराश्रित लोग अधिक प्रभावित होते है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए वैभव पाण्डये जिला आपदा विशेषज्ञ जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण, गाजियाबाद द्वारा हीटवेव से बचाव के लिए निम्नलिखित एडवाइजरी जारी की जाती है। हीट वेव से बचाव हेतु क्या करें
बीती रात पठानकोट के वाल्मीकि चौक में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ। दरअसल लुधियाना से एक निजी कंपनी की बस पठानकोट आ रही थी। रास्ते में टिकट को लेकर एक सवारी और बस कंडक्टर में तीखी झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि जब बस वाल्मीकि चौक पहुंची तो बस का पीछा कर रहे कार सवार कुछ युवकों ने बस को बीच सड़क घेरकर उसकी चाबी निकाल ली। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के कारण शहर के मुख्य चौक पर लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। इस हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मौके पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत करवाया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा पुलिस को मामले की शिकायत दी है। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। जालंधर से मां के साथ बस में सवार हुआ युवकविवाद की शुरुआत जालंधर और पठानकोट के बीच रास्ते हुई। बताया जा रहा है कि एक युवक अपनी मां के साथ जालंधर से बस में सवार हुआ था। दसूहा और मुकेरियां के पास टिकट के लेनदेन को लेकर कंडक्टर और सवारी के बीच तीखी बहस हो गई। बस कंडक्टर ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि यात्री के पास टिकट नहीं थी। जब रास्ते में बस चेकर ने टिकट मांगी तो वह दिखा नहीं पाया। जालंधर से साथी बुलाने के आरोपकंडक्टर का आरोप है कि चैकर ने जब उसे जुर्माना भरने के लिए कहा तो वह भड़क गया। यात्री ने फोन कर अपने साथियों को पठानकोट बुला लिया। जैसे ही बस वाल्मीकि चौक पहुंची, वहां पहले से मौजूद कार सवार लोगों ने बस को घेर लिया और चालक से बहसबाजी कर बस की चाबी निकाल ली। यात्री ने कहा मां की बालियां छीन लींवहीं, बस में सवार व्यक्ति ने कंडक्टर के दावों को खारिज करते कहा कि उसने टिकट ली थी। उसने सफर के दौरान ली हुई टिकट दिखाते आरोप लगाया कि बस कर्मचारी जानबूझकर उसे तंग कर रहे थे और उस पर हमला भी कर दिया। इस दौरान उसकी मां के कान में पहनी हुई सोने की बालियां भी खींच ली गईं। मौके पर पहुंची पुलिसहंगामे की सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 1 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। चौक पर बस खड़ी होने और चाबी निकाल लिए जाने के कारण यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया था। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को अलग किया और बस को सड़क किनारे करवाकर यातायात बहाल कराया। दोनों पक्षों को बुलाया थानेथाना डिवीजन नंबर 1 के अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाकर शिकायत की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है। जिसकी गलती होगी उस पर कार्रवाई की जाएगी।
डंपर-बोलेरो की भिड़ंत, 3 बाराती जिंदा जले:5 गंभीर, घायलों की स्थिति नाजुक, जयपुर रेफर
राजगढ़-पिलानी नेशनल हाईवे 709 पर गुरुवार रात करीब 10 बजे एक भीषण सड़क हादसे में तीन लोगों की जिंदा जलने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि भिड़ंत के तुरंत बाद बोलेरो और डंपर दोनों आग का गोला बन गए। घटना के समय बोलेरो में सवार युवक हनुमानगढ़ के मनदपुरा से पिलानी एक बारात में शामिल होने जा रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोड़ी से भरा डंपर राजगढ़ की ओर जा रहा था, तभी सामने से आ रही बोलेरो से उसकी सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि धमाके के साथ दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे बोलेरो में सवार तीन लोगों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे वाहन के भीतर ही जिंदा जल गए। हादसे के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और लंबा जाम लग गया। सूचना पर हमीरवास थानाधिकारी रायसिंह सुथार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। घायलों की स्थिति नाजुक, जयपुर रेफर पुलिस ने मशक्कत के बाद पांच युवकों को धधकती गाड़ी से बाहर निकाला, जो 50 प्रतिशत से अधिक झुलस चुके हैं। उन्हें तत्काल पिलानी के बिड़ला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें झुंझुनूं के BDK अस्पताल और फिर वहां से जयपुर रेफर कर दिया गया है। ये हुए घायल 45 मिनट की देरी से पहुंची एम्बुलेंस घटनास्थल पिलानी के करीब था, फिर भी दमकल को पहुंचने में 45 मिनट लग गए। यदि समय पर आग बुझाई जाती, तो शायद तीन जानें बचाई जा सकती थीं। नियमों के मुताबिक टोल प्लाजा पर आपातकालीन स्थिति के लिए दमकल और त्वरित चिकित्सा सुविधा होनी चाहिए, लेकिन टोल के पास हादसा होने के बावजूद वहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं मिली। हाईवे के किनारों पर उगी घनी झाड़ियों और जंगली पौधों के कारण मोड़ पर सामने से आने वाला वाहन दिखाई नहीं देता। यह इस मार्ग पर दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनकर उभरा है। डेथ जोन बनता NH-709: एक साल में 8 मौतें आंकड़े डराने वाले हैं। पिछले महज एक साल में इस 20 किलोमीटर के दायरे में 8 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। विडंबना यह है कि थिरपाली के पास इसी एक ही स्पॉट पर अब तक तीन लोग काल कवलित हो चुके हैं, फिर भी नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। शिनाख्त की चुनौती थानाधिकारी रायसिंह सुथार ने बताया कि आग इतनी भीषण थी कि मृतकों के शरीर पूरी तरह कोयला बन चुके हैं, जिससे उनकी पहचान करना फिलहाल मुश्किल हो रहा है। शवों को चूरू जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।
ताजनगरी में गर्मी लगातार अपने चरम की ओर बढ़ रही है। शुक्रवार यानी 23 अप्रैल को अधिकतम तापमान 45C और न्यूनतम 28C रहने का अनुमान है। अगले दो दिनों तक मौसम विभाग द्वारा हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। बढ़ते तापमान और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। इसका असर पर्यटन पर भी साफ नजर आ रहा है और ताजमहल पर आने वाले पर्यटकों की संख्या में गिरावट दर्ज की जा रही है। आज पूरे दिन तेज धूप और लू का असर रहेगा। हवा की रफ्तार: करीब 15-20 किमी/घंटा, जो गर्म हवाओं के रूप में चलेगी। सड़कों पर सन्नाटा, लू का कहर भीषण गर्मी के चलते दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। बाजारों में भी भीड़ कम हो गई है और लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं। लू के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं। वही लोग अपने आप को ढक कर ही बाहर निकल रहे हैं। ताजमहल पर घटे पर्यटक तेज गर्मी का असर पर्यटन पर भी पड़ा है। ताजमहल पर इन दिनों पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। दोपहर के समय परिसर में पहले जैसी भीड़ नहीं दिख रही। और पिछले एक सप्ताह से लगभग ऐसा ही मौसम बना हुआ है। पिछले 7 दिनों का मौसम अगले 7 दिनों का पूर्वानुमान अगले दो दिनों में तापमान ऐसा ही रहने का अनुमान मौसम विभाग द्वारा जताया गया है। 2 दिन के बाद बादल छाने और हल्की बूंदाबांदी के आसार भी दिखाई दे रही हैं।
किशोरी से छेड़छाड़, होली पर रंग डाला:दो माह बाद दर्ज हुई FIR, गोरमी पुलिस ने शुरू की जांच
भिंड के गोरमी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग किशोरी के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पड़ोसी गांव के युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घटना 20 फरवरी की बताई जा रही है, लेकिन तबीयत खराब होने और भय के कारण शिकायत में देरी हुई। परिजनों के मुताबिक, आरोपी अंकित पुत्र बलबीर बघेल पिछले कुछ समय से किशोरी को लगातार परेशान कर रहा था। 20 फरवरी की शाम उसने किशोरी के साथ छेड़छाड़ की, लेकिन बदनामी के डर से पीड़िता ने यह बात परिवार को नहीं बताई। इसके बाद आरोपी आए दिन रास्ता रोककर उसे परेशान करता रहा। बताया गया कि होली के दिन आरोपी ने किशोरी को रोककर जबरन रंग डाल दिया और अभद्र हरकत की। इस घटना से किशोरी घबरा गई और उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उसका इलाज कराया, जिसके चलते तत्काल पुलिस में शिकायत नहीं की जा सकी। कुछ दिन बाद हालत सामान्य होने पर किशोरी ने परिवार को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी।
बस्तर जिले में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ पांडुलिपि सर्वे अभियान के दौरान ग्रामीण इलाकों से महत्वपूर्ण खोज सामने आई है। ग्राम पंचायत बेसोली के बोड़नपाल और ग्राम पंचायत कोलचुर में प्राचीन ताड़पत्र पांडुलिपियां मिली हैं। ये पांडुलिपियां लंबे समय से स्थानीय स्तर पर सुरक्षित थीं और अब सर्वे के दौरान इन्हें चिन्हित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार ये पांडुलिपियां काफी पुरानी हैं और इनमें चिकित्सा, ज्योतिष और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ी जानकारी दर्ज है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि इन दस्तावेजों में स्थानीय परंपराओं और जीवनशैली से जुड़े उल्लेख भी हो सकते हैं। अब विशेषज्ञों की मदद से इनकी विस्तृत जांच कराई जाएगी, जिससे इनकी सही उम्र, भाषा और विषयवस्तु का पता लगाया जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में छिपे पुराने दस्तावेजों की खोज पर जोर सर्वे से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कई परिवारों के पास पुराने दस्तावेज सुरक्षित हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में वे सामने नहीं आ पाते। इस अभियान का मकसद ऐसे ही दस्तावेजों को खोजकर उन्हें संरक्षित करना है। बोड़नपाल और कोलचुर में मिली पांडुलिपियां इस दिशा में अहम उपलब्धि मानी जा रही हैं। मिली पांडुलिपियों को सुरक्षित और डिजिटल करने की तैयारी प्रशासन का कहना है कि इन पांडुलिपियों को सुरक्षित रखने के लिए आगे जरूरी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इन्हें डिजिटल रूप में सहेजने की योजना भी है, ताकि आने वाले समय में शोध और अध्ययन के लिए इनका उपयोग किया जा सके। ‘ज्ञानभारतम’ अभियान में बस्तर की खोज बनी अहम उपलब्धि प्रदेश में चल रहे ‘ज्ञानभारतम’ अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में पुराने दस्तावेज, ग्रंथ और पांडुलिपियों का सर्वे किया जा रहा है। बस्तर जिले में मिली यह खोज इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है और आने वाले समय में ऐसे और दस्तावेज सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिरोजाबाद में 42 साल से फरार वारंटी गिरफ्तार:बेटों को भी नहीं पता था पिता का आपराधिक अतीत
फिरोजाबाद में थाना दक्षिण पुलिस ने 42 साल से फरार चल रहे एक वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बेटों को भी उसके आपराधिक अतीत की जानकारी नहीं थी। यह गिरफ्तारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान रतन उर्फ रतना (70 वर्ष) पुत्र सुखराम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से मोहल्ला भीमनगर, थाना दक्षिण, फिरोजाबाद का निवासी है और वर्तमान में नारायण नगर, थाना रामगढ़ में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, रतन वर्ष 1983 में गैर-इरादतन हत्या के एक मामले में अपने साथी के साथ दोषी ठहराया गया था। 1984 में उसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील दायर की थी। जमानत मिलने के बाद रतन अदालत में पेश नहीं हुआ और फरार हो गया। अदालत ने उसे पेश करने के आदेश जारी किए थे। फरार होने के बाद रतन ने रामगढ़ के नारायण नगर में अपना ठिकाना बदल लिया था। उसने अपने आपराधिक अतीत को परिवार और पड़ोसियों से छिपाकर एक सामान्य जीवन जीना शुरू कर दिया था। वह एक फैक्टरी में मजदूरी करके अपना गुजारा कर रहा था। पुलिस के पास आरोपी का कोई फोटो या पहचान पत्र नहीं था, केवल 42 साल पुराना नाम ही उपलब्ध था। इसके बावजूद, पुलिस टीम ने लगभग एक महीने तक सादी वर्दी में क्षेत्र में रहकर गुप्त रूप से जानकारी जुटाई। पुख्ता सूचना मिलने पर 23 अप्रैल को उसके घर पर दबिश दी गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की गई है और उसे न्यायालय में पेश किया गया है। इस गिरफ्तारी ने पुलिस की निरंतर सतर्कता और अथक प्रयासों को दर्शाया है।
लखनऊ में मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस से हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का काफिला लगातार रवाना हो रहा है। 22 अप्रैल को 427 हज यात्रियों की पहली फ्लाइट रवाना हुई थी । इस जत्थे को अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी और कई मुस्लिम धर्मगुरुओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 430 हज यात्री हुए रवाना उत्तर प्रदेश हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि हज पर जाने वालों का सिलसिला लगातार जारी है।दूसरी फ्लाइट रवाना हुई जिस से 430 हज यात्री सऊदी अरब पहुंचे इसमें 222 पुरुष और 208 महिलाएं शामिल थी। अब तक हज पर जाने वाले लखनऊ, कानपुर , बहराइच , मुरादाबाद, गाजियाबाद, हापुड़ और सीतापुर समेत विभिन्न जनपदों के हज यात्री शामिल हैं। हज यात्रियों के रुकने की व्यवस्था सरोजिनी नगर स्थित हज हाउस में की गई है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए की गई व्यवस्था एसपी तिवारी ने कहा कि हज हाउस में यात्रियों को पूरी सुविधा प्रदान की जा रही है। लखनऊ से जाने वाली फ्लाइट्स में हाजियों की सुविधा के लिए हज इंस्पेक्टर भेजे जा रहे हैं। हज कमेटी में हाजियों के रुकने की भोजन की तमाम व्यवस्थाएं की गई हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए पीने के लिए ठंडा पानी और कमरों में AC की सुविधा उपलब्ध है। हज हाउस के अंदर बाहर की गई व्यवस्था हज हाउस के अंदर कैंटीन की सुविधा है जहां पर रियायती दाम पर भोजन उपलब्ध है। हज हाउस के बाहर मोबाइल टॉयलेट और ट्रैफिक व्यवस्था समेत तमाम चीजों का संपूर्ण रूप से बंदोबस्त किया गया है। यूपी के विभिन्न जनपदों से हज यात्रियों को लेकर आने वाले उनके परिजनों की सुविधाओं का भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है। हज हाउस के अंदर भीड़ को नियंत्रण करने के लिए बाहर भी व्यवस्था की गई है।
मुज़फ़्फ़रनगर की गलियों से एक बार फिर मेहनत और संस्कार की मिसाल सामने आई है। शहर के गऊशाला क्षेत्र में रहने वाली पलक सैनी ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में दूसरा स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया कि दिल में अगर जज़्बा हो तो कोई भी बड़े सपनों को रोक नहीं सकते। केशवपुरी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा पलक सैनी ने 94.33 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। खास बात यह है कि उन्होंने कला विषय में 99 अंक प्राप्त कर अपनी विशेष पकड़ दिखाई, जबकि हिंदी और विज्ञान में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया। पलक की सफलता के पीछे उनके पिता का बड़ा योगदान रहा है, जो खुद बिजनौर में एक परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। शिक्षा और अनुशासन का माहौल उन्हें घर से ही मिला, जिसने उनकी पढ़ाई को मजबूत आधार दिया। लेकिन पलक की कहानी सिर्फ अंकों तक सीमित नहीं है। उनका सपना इससे कहीं बड़ा है। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जाकर देश के लिए काम करना चाहती हैं। उनका मानना है कि पढ़ाई सिर्फ नंबर लाने के लिए नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने का माध्यम होनी चाहिए। आज पलक की इस सफलता ने पूरे इलाके को गर्व से भर दिया है। पड़ोसियों से लेकर शिक्षकों तक, हर कोई उनकी मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की सराहना कर रहा है। पलक की कहानी उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखते हैं, क्योंकि यह साबित करती है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर मंजिल हासिल की जा सकती है। आपको बता दें कि जिले में वंश सैनी ने 10वीं में टॉप किया है, जबकि यूपी में उसकी छठी रैंक आई है, जबकि शाहपुर स्थित आर्या एकेडमी इंटर कॉलेज की छात्रा सिया ने 93.67 अंकों के साथ जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।
गोंडा जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में सड़क हादसे में 45 वर्षीय महेश शुक्ला की मौत हो गई। वह देर रात एक निमंत्रण कार्यक्रम से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में बालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के पतीसा गांव के पास बिना रेलिंग वाली नहर पुलिया से अनियंत्रित होकर बाइक सहित नीचे गिर गए। महेश देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो परिजन थककर घर लौट आए। सुबह करीब 6 बजे से फिर तलाश शुरू की गई। करीब 8 बजे नहर पुलिया के नीचे उनकी मोटरसाइकिल और शव मिला। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही बालपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि मृतक धमरैया गांव निवासी महेश शुक्ला हैं, जिनकी हादसे में मौत हुई है। पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। मामले में परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। रेलिंग न होने पर ग्रामीणों में नाराजगी ग्रामीणों ने नहर पुलिया पर रेलिंग न होने को हादसे की बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि सरयू नहर विभाग से कई बार रेलिंग लगाने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ। महेश शुक्ला की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बीबीए और बीसीए पाठ्यक्रमों की द्वितीय, चतुर्थ और षष्ठम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए संशोधित परीक्षा केंद्र सूची जारी कर दी है। परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि जौनपुर में विश्वविद्यालय परिसर सहित कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जौनपुर में बनाए गए इन केंद्रों में डॉ. राममनोहर महाविद्यालय, मुंगराबादशाहपुर; आरएसएसकेडी सल्तनत बहादुर महाविद्यालय, बदलापुर; और मड़ियाहूं महाविद्यालय शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिसर को भी एक परीक्षा केंद्र बनाया गया है। गाजीपुर जनपद में केवल एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है, जो पीजी कॉलेज, गाजीपुर है।
हरदोई के सांडी शोरूम में लगी आग:2 करोड़ से अधिक का नुकसान, दमकल की देरी पर सवाल
हरदोई जनपद के सांडी कस्बे में शुक्रवार तड़के एक इलेक्ट्रॉनिक्स और फर्नीचर शोरूम में भीषण आग लग गई। इस घटना में शोभित इलेक्ट्रॉनिक्स एंड फर्नीचर्स शोरूम और उससे जुड़े गोदाम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। शोरूम मालिक पुनीत वाजपेई को स्थानीय लोगों ने देर रात करीब डेढ़ बजे आग लगने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुनीत वाजपेई मौके पर पहुंचे और तत्काल फायर ब्रिगेड तथा पुलिस को सूचित किया। हालांकि, दमकल की सीमित व्यवस्था और कथित देरी के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित शोरूम से शुरू होकर तेजी से प्रथम तल पर बने गोदाम तक फैल गई। आग बुझाने के लिए सबसे पहले एक दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए हरदोई मुख्यालय से तीन और बिलग्राम से दो अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पूरा शोरूम और गोदाम जलकर राख हो चुका था। इस हादसे में टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, इनवर्टर, बैटरियां, सोफा, बेड, गद्दे सहित भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक और फर्नीचर का सामान नष्ट हो गया। पीड़ित दुकानदार के अनुसार, लगभग 1 करोड़ 97 लाख रुपये का माल और करीब 22 लाख 43 हजार रुपये की नकदी आग में जलकर खाक हो गई। कुल नुकसान 2 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमान है। शोरूम मालिक पुनीत वाजपेई ने आरोप लगाया है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर और पर्याप्त संसाधनों के साथ नहीं पहुंची, जिसके कारण नुकसान बढ़ गया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। अग्निशमन विभाग और पुलिस मामले की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
जिले के बेलहर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने चंदा दिलाने के बहाने एक मदरसे के बैंक खाते का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। ठगों ने मदरसा शिक्षक से खाते की जानकारी लेकर 2 करोड़ 21 लाख रुपये से अधिक का लेनदेन किया और पैसे निकाल लिए। मामला तब सामने आया जब खाते पर विभिन्न राज्यों से होल्ड लग गया। पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर साइबर थाने की दो सदस्यीय टीम ने जांच शुरू कर दी है। यह घटना बेलहर के लोहरसन निवासी मौलवी मसउदुल हसन के साथ हुई, जो मसूद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी लोहरसन में अध्यापक हैं। उनके अनुसार, 6 मार्च को संतकबीरनगर और बस्ती के पांच लोग उनके घर आए। उन्होंने जर्जर मदरसे और मस्जिद के जीर्णोद्धार के लिए चंदा दिलाने का झांसा दिया। ठगों ने चंदा दिलाने के बहाने मौलवी मसउदुल हसन से उनके बैंक खाते, पैन कार्ड, आधार कार्ड, चेक बुक, यूजर आईडी, पासवर्ड और सिम कार्ड मांगे। उनके बहकावे में आकर मौलवी ने ये सभी जानकारी और दस्तावेज उन्हें सौंप दिए। ठगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि चंदे की रकम सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। हालांकि, 10 मार्च को जब मौलवी मसउदुल हसन बैंक गए और खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो उन्हें पता चला कि उनके खाते से 2 करोड़ 21 लाख 96 हजार रुपये का लेनदेन हुआ है। यह रकम ठगों द्वारा निकाल भी ली गई थी। उन्हें यह भी जानकारी मिली कि तमिलनाडु, दिल्ली, मुंबई और कर्नाटक जैसे विभिन्न स्थानों से उनके बैंक खाते पर होल्ड लगा दिया गया है। जब उन्होंने ठगों से इस करोड़ों के लेनदेन पर आपत्ति जताई, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस अधीक्षक संदीप मीना ने इस मामले पर कहा कि साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए जागरूकता ही एकमात्र उपाय है। उन्होंने लोगों को लालच या बहकावे में आकर किसी को भी अपना बैंक खाता, पैन कार्ड, आधार कार्ड, सिम कार्ड या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी। एसपी ने बताया कि पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शेखपुरा के हथियावा थाना क्षेत्र के नेमदारगंज गांव में बच्चों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में एक गर्भवती महिला सहित चार लोग घायल हो गए। घायलों में एक दस साल का बालक भी शामिल है। घटना की सूचना मिलते ही हथियावा थाना के पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस वाहन से सभी घायलों को सदर अस्पताल शेखपुरा में भर्ती कराया गया। घायलों की पहचान मंजू देवी, उनकी गर्भवती पुत्री कारी देवी, बहु और पोते के रूप में हुई है। बताया गया है कि कारी देवी की हालत गंभीर है। पोते की पिटाई का विरोध करने पर किया हमला घायल मंजू देवी ने बताया कि गांव के ही बच्चन यादव, दीपन यादव, उदय यादव सहित अन्य लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों के खेलने के दौरान हुए विवाद में एक पक्ष के लोग उनके पोते की पिटाई कर रहे थे। मंजू देवी के विरोध करने पर आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय उनके घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे वे लोग अब भयभीत हैं। लिखित शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई पुलिस सब इंस्पेक्टर गौतम कुमार ने बताया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घटना के संबंध में लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ में छात्र पर हमला:बहन के साथ लौटते समय बाइक सवारों ने की पिटाई
प्रतापगढ़ जिले के मानधाता थाना क्षेत्र में एक छात्र पर हमला हुआ है। गुरुवार दोपहर अपनी बहन के साथ स्कूल से घर लौट रहे 16 वर्षीय छात्र को ढेमा गांव के पास बाइक सवार दो युवकों ने रोककर मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद परिजनों ने घायल छात्र को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। पीड़ित छात्र के पिता की तहरीर पर पुलिस ने ढेमा निवासी कैफ और एक अज्ञात युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर कुछ खबरों में दावा किया गया कि छात्र की पिटाई बहन के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर हुई थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मानधाता थाना प्रभारी पंकज राय ने स्पष्ट किया है कि छेड़खानी जैसी कोई घटना सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि छात्र के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बदायूं में एक किसान पर खौलता हुआ रिफाइंड तेल डाल दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना भतीजे की शादी से एक दिन पहले मंडप की रस्म के दौरान हुई। किसान को देर रात जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कादरचौक थाना क्षेत्र के ततारपुर गांव की है। पीड़ित किसान मनोहरलाल (53) के भतीजे प्रवेन्द्र की शुक्रवार को शादी है। गुरुवार रात उनके घर पर मंडप की रस्म चल रही थी, जिसमें रिश्तेदार और ग्रामीण मौजूद थे। घर से कुछ दूरी पर हलवाई खाना बना रहे थे। मनोहरलाल भी वहां पहुंचे और पूड़ी बनाने लगे। इसी दौरान गांव के कुछ शराब के नशे में धुत लोग वहां आए और इस बात पर आपत्ति जताई कि उनकी जगह पर खाना क्यों बनाया जा रहा है। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने पहले मनोहरलाल को बुरी तरह पीटा। जब उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने खौलते हुए रिफाइंड तेल की कड़ाही मनोहरलाल पर उड़ेल दी। इससे वह गंभीर रूप से झुलस गए। परिवार के लोगों के पहुंचने पर हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिजन मनोहरलाल को लेकर थाने पहुंचे और पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मेडिकोलीगल जांच के लिए अस्पताल प्रशासन को चिट्ठी दी। परिजनों ने बताया कि थाने से एक होमगार्ड को उनके साथ अस्पताल भेजा गया था, लेकिन थाना गेट पर ही ड्यूटी पर तैनात मुंशी ने चिट्ठी छीन ली और होमगार्ड को अपने साथ भीतर ले गया। मुंशी ने परिजनों से इलाज कराने की बात कही, जिसके बाद परिवार वाले देर रात मनोहरलाल को जिला अस्पताल ले गए और वहां भर्ती कराया। इस संबंध में थानाध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सुप्रांशी की कुपोषण से मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला ने प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सात कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रांशी और उसके भाई नैतिक का जन्म के समय वजन क्रमशः 2 किलोग्राम और 1.90 किलोग्राम था, जो सामान्य से कम था। दोनों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें रीवा रेफर किया जा रहा था, लेकिन एंबुलेंस में शिफ्ट करते समय सुप्रांशी की मौत हो गई। जांच में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी उजागर इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त रिपोर्ट में बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग नहीं होने सहित कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नयागांव की आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा शुक्ला पर नियमित स्क्रीनिंग न करने और उच्च जोखिम वाले शिशुओं की पहचान में लापरवाही के आरोप हैं। साथ ही उल्टी, दस्त, कुपोषण और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षणों के बावजूद सही ट्रैकिंग और फॉलोअप नहीं किया गया। परिजनों को समय पर बेहतर इलाज के लिए रेफर भी नहीं किया गया और एएनएम, सीएचओ व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की कमी पाई गई। अन्य कर्मचारियों को भी नोटिस इसी मामले में आरबीएसके मेडिकल ऑफिसर डॉ. धनेश द्विवेदी, सेंट्रल मेडिकल ऑफिसर डॉ. धनेन्द्र पाण्डेय, ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर देवमुनि पटेल, सेक्टर सुपरवाइजर कमलेश चंद्र सिंह, सीएचओ डॉ. पुष्पेंद्र गुप्ता और उप स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर की एएनएम विद्या चक्रवर्ती को भी नोटिस जारी किया गया है। सीएमएचओ ने सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा में जवाब देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस मामले से जुड़ी यह खबर पढ़ें… MP में 4 महीने की बच्ची की कुपोषण से मौत मध्य प्रदेश के सतना जिले में कुपोषण से 4 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि जुड़वां भाई की हालत गंभीर है। जिला अस्पताल से हायर सेंटर रीवा रेफर किया गया है, जहां वह PICU में भर्ती है। दोनों बच्चे करीब 15 दिन से उल्टी दस्त, बुखार और डायरिया से पीड़ित थे। पूरी खबर पढ़़ें…
राजस्थान हाईकोर्ट के जस्टिस फरजंद अली ने भीलवाड़ा के प्रतापनगर थाने से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए SHO राजपाल सिंह को फटकार लगाई। अदालत ने गुरुवार को जांच अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी माना और मामले में DGP व गृह सचिव को हस्तक्षेप के निर्देश दिए। यह मामला 71 साल के पत्रकार को दी गई धमकी और शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने से जुड़ा है। दादागिरी करनी है तो नौकरी पर क्यों हो कल सुनवाई के दौरान जस्टिस फरजंद अली ने प्रतापनगर थाना प्रभारी राजपाल सिंह से कहा कि इतनी ही दादागिरी करनी है तो नौकरी पर क्यों हो? जाओ गांव में खुली जीप लेकर घूमो। हाथ में चाबुक ले लो। वकील भारत भूषण चारण ने अदालत को बताया कि मामले में पीड़ित 71 साल के बुजुर्ग हैं, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। थानेदार उन्हें बार-बार डरा-धमका रहा है, जिससे वे बेहद खौफ में हैं। पत्रकार को धमकी, कार्रवाई में ढिलाई पर अदालत नाराज मामले में बुजुर्ग पत्रकार अनिल राठी ने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर उनकी एक टिप्पणी से नाराज होकर थाना प्रभारी ने उन्हें अपशब्द कहे और गोली मारने की धमकी दी। राठी ने तुरंत एसपी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली। शरीफ आदमी के साथ गुंडों जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी शरीफ इंसान के साथ गुंडों जैसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जज ने कहा, “आम नागरिक के साथ ऐसी भाषा? इसे एक हफ्ते के भीतर इस जिले से बाहर करो।” आखिरी में उन्होंने कहा, “एक बार तो सिस्टम को टाइट करना ही पड़ेगा। अपनी विभागीय कार्रवाई जारी रखो, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि वह अधिकारी उस इलाके से दूर रहे।” DGP और गृह सचिव को हस्तक्षेप का आदेश सुनवाई के दौरान जस्टिस अली ने राजस्थान पुलिस के डीजीपी और गृह सचिव को मामले में सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने साफ संकेत दिया कि पुलिस अधिकारियों द्वारा इस तरह का व्यवहार गंभीर है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। SHO पर कार्रवाई की अनुशंसा, नोटिस में बदलाव कोर्ट कोर्ट में पुलिस विभाग की ओर से भीलवाड़ा शहर डिप्टी सज्जन सिंह उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा कि विभाग ने क्या कार्यवाही की। जवाब में बताया गया कि SHO को 17 सीसी के तहत नोटिस दिया गया है। तब कोर्ट ने कहा कि 17 तो फोर्मल है। 16 में क्यों नहीं दिया। कोर्ट ने नियम 16 में बदलने के निर्देश दिए। साथ ही, सीआई राजपाल सिंह को जिले से बाहर करने की अनुशंसा भी की गई है। अगली सुनवाई 8 मई को, जांच रिपोर्ट तलब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 मई तय करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, SHO को 23 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था। यह है मामला प्रतापनगर थानाधिकारी राजपाल सिंह और पत्रकार अनिल राठी के बीच पिछले माह बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ। जिसमें एसएचओ राजपाल सिंह की ओर से पत्रकार राठी को सोशल मीडिया पर टिप्पणी को लेकर फोन पर गाली गलौच करते हुए मरने-मारने की धमकी दे रहे हैं। अपशब्दों का प्रयोग करते हुए मिलने पर मार देने की धमकी दी। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने मामले की जांच एसपी हेमंत कुमार को सौंपी। हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणियों और आदेशों के बाद भीलवाड़ा पुलिस महकमे में हड़कंप जैसे हालात बन गए हैं। इस कार्रवाई को कानून व्यवस्था और पुलिस जवाबदेही के लिए एक बड़ा संदेश माना जा रहा है। यह मामला न सिर्फ एक पत्रकार को दी गई धमकी का है, बल्कि पुलिस की जवाबदेही और आम नागरिकों की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
धौलपुर में मैरिज होम में लगी भीषण आग:टेंट समेत लाखों का सामान जलकर खाक, शॉर्ट सर्किट से हुआ हादसा
धौलपुर के हरदेव नगर स्थित एक मैरिज होम में गुरुवार देर रात आग लग गई। यह घटना रात करीब 2 बजे हुई, जब मैरिज होम के एक कमरे में अचानक आग भड़क उठी। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। जिस कमरे में आग लगी थी, उसमें टेंट का सामान रखा हुआ था। आग तेजी से फैली और टेंट समेत अन्य सामान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में अनुमानित 2 लाख रुपए का टेंट और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटीआग लगने की सूचना मिलते ही निहालगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ी ने घटनास्थल पर पहुंचकर काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया।राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और शॉर्ट सर्किट के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
नालंदा जिले के रसूखदार नेता और पूर्व विधायक नौसादुन नवी उर्फ पप्पू खान, उनकी पत्नी आफरीन सुल्ताना के खिलाफ कानून का शिकंजा कस गया है। जालसाजी और जमीन हड़पने के गंभीर मामले में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। जिसके बाद, बिहार शरीफ(सदर 2) के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गुरुवार को चार थानों की पुलिस ने पूर्व विधायक के आवास पर छापेमारी की। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगते ही पति-पत्नी घर छोड़कर फरार हो गए। यह पूरा विवाद भागन बीघा स्थित एक जूट फैक्ट्री की जमीन से जुड़ा है। पीड़ित ललन कुमार के अनुसार, जमीन बनारसी साव का था। जिन्होंने खतियानी किसानों और वर्तमान सांसद के एक रिश्तेदार से जमीन खरीदकर बैंक ऋण के माध्यम से जूट फैक्ट्री स्थापित की थी। बैंक ऋण न चुका पाने के कारण जब मामला नीलामी तक पहुंचा, तो हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ललन कुमार ने बैंक का कर्ज चुकता कर इस जमीन पर अपना अधिकार प्राप्त किया। फैक्ट्री शुरू करने के लिए लाखों रुपए निवेश किए। आधार कार्ड और पैन कार्ड के बिना कराया निबंधन आरोप है कि पूर्व विधायक पप्पू खान ने सत्ता और रसूख के बल पर एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा किया। जाली दस्तावेजों के आधार पर जमीन की हेराफेरी की। जांच में यह बात सामने आई कि बिना पैन नंबर और बिना वास्तविक आधार कार्ड के, गलत चौहद्दी और कम कीमत दिखाकर जमीन का निबंधन आफरीन सुल्ताना के नाम करा लिया गया। पुलिस की भूमिका और IG-DGP का हस्तक्षेप शुरुआत में बेना थाना पुलिस ने इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाते हुए इसे दीवानी मामला (Civil Case) बताकर 'फाइनल रिपोर्ट' लगा दी थी। इसके बाद भी ललन कुमार ने हार नहीं मानी। मामला जब पुलिस महानिरीक्षक और बाद में पुलिस महानिदेशक तक पहुंचा, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। DGP के हस्तक्षेप और नालंदा एसपी को मिले निर्देशों के बाद मामले को री-ओपन किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों पर भी गिरी गाज 12 बिंदुओं पर हुई गहन जांच में पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) मनोज दुबे और रहूई अंचल के एक मृत कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा जिला पदाधिकारी नालंदा द्वारा की गई है। दलित परिवार की जमीन हड़पने की भी चर्चा छापेमारी के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि पप्पू खां ने इसी प्रकार एक दलित (रविदास जाति) परिवार की जमीन पर भी कब्जा जमाया है। हालांकि, ललन कुमार की कानूनी लड़ाई ने क्षेत्र के अन्य पीड़ितों में भी न्याय की उम्मीद जगा दी है। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद कार्रवाई की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है। बहुत जल्द उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
पाली जिले के बगड़ी नगर थाना क्षेत्र के करमावास पट्टा के ज्वेलरी कारोबारी वरदाराम उर्फ विनोद गुर्जर ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने छोटे भाई को वॉयस नोट भेजा था। वॉयस नोट सुनकर भाई बुधाराम गुर्जर ने भी जहर खा लिया। दोनों को इलाज के लिए जोधपुर एम्स ले जाया गया। जहां विनोद की मौत हो गई और बुधाराम का अभी इलाज जारी है। घटना को लेकर मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने जोधपुर एम्स के बाहर कार्रवाई की मांग को लेकर गुर्जर समाज पाली जिला अध्यक्ष बाबूलाल पोसवाल, समाजसेवी रोहित गुर्जर के नेतृत्व में धरना दिया। उनका आरोप था कि चैन्नई पुलिस और ज्वेलर की ओर से उन्हें चैन्नई में हुई चोरी के एक मामले में धमकाया जा रहा था। इससे डिप्रेशन में आकर उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक की पत्नी किरण की रिपोर्ट पर सोजत सिटी थाने में महावीर मेहता, राहुल मेहता, निखिल सोनी, चैन्नई पुलिसकर्मी शिवा और गोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। मुकदमा दर्ज होने पर गुरुवार शाम को परिजन मृतक की बॉडी के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। FIR में यह लगाए आरोपघटना को लेकर किरण देवी पत्नी वरदाराम उर्फ विनोद गुर्जर निवासी राईको का बास केलवाद पाली हाल करमावास पट्टा ने सोजत सिटी थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें बताया कि 22 अप्रेल को उसके पति वरदाराम उर्फ विनोद को महावीर मेहता ने कई कॉल किए। आरोप है कि सोना के चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इससे पहले 21 अप्रेल को चैन्नई पुलिस के दो कर्मचारी शिवा व गोपी शाम को करीब 4 बजे उसके घर पर आए और उसके पति विनोद को अपने साथ बगडी नगर थाने ले गए। जहां पूछताछ के बाद रात करीब 8.30 बजे छोड़ा। आरोप है कि नियमित रूप से उसके पति को फोन पर सोने के चोरी के झूठे मे फंसाने की धमकियां महावीर मेहता, राहुल मेहता, निखिल सोनी सोजत व चैन्नई पुलिस के दो कर्मचारी शिवा व गोपी महावीर मेहता के फोन से दी। सोजत होटल बुलायारिपोर्ट में बताया कि 22 अप्रेल को महावीर मेहता ने उसके पति को सुबह के लगभग 10 बजे सोजत के मोड भट्टा के निकट एक होटल पर बुलाया। और कहा कि एक किलो सोना दो नहीं तो चोरी के झूठे मुकदमे में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी से डरकर मेरे पति ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले मेरे पति ने घटना के वोईस मेसेज बनाकर मेरे देवर बुधाराम के मोबाईल पर भेजे थे। जो वोईस मैसेज सुनकर मेरे देवर बुधाराम ने घबराकर (डरकर) जहर खालिया जिसका ईलाज अभी जोधपुर के एम्स अस्पताल में चल रहा है। वॉयस नोट में भाई से कहा- महावीर को कह देना-मेरे भाई को फंसाकर क्यों मारा?विनोद ने भाई बुधाराम को 2 वॉयस नोट भेजे। उनका अंश... महावीर को कह देना कि तुने इतना प्रेशर मेरे भाई पर डाला। मेरा भाई चोर नहीं है। जिसने चोरी की उसका नाम शक्ति सिंह है। साथ में लक्ष्मण गुर्जर था। तुने मेरे भाई को आज बुलाकर क्या धमकी दी? महावीर को खुला कह देना-मेरे भाई को फंसाकर क्यों मारा? मुझे कहा था- तेरे घर पुलिस नहीं लाऊंगा। टेंशन मत ले। इतना मीठा बनकर प्रताड़ित कर रहा है। उसके बाद निखिल सोनी की दुकान पर बुलाकर लक्ष्मण के बारे में पूछा। फिर पुलिस को मेरे घर भेज दिया। मैं मर जाऊंगा, लेकिन तुझे नहीं छोडूंगा। मेरे दो बच्चों की कसम खाई थी कि मैं शामिल नहीं हूं। एक बार मेरी इज्जत खराब हो चुकी है। मुझे इन्वोल्व मत कर। चैन्नई में पुलिस वालों को तैयार कर रहा है। मुझे सब पता है। बच्चों के साथ सेल्फी शेयर कर कहा-महावीर मुझे मारना चाह रहा है:-ये महावीर मेहता, राहुल मेहता चेन्नई से आए हुए हैं। उनके साथ शिवा और गोपी पुलिस वाला है। इन सब ने मुझे धमकी दी कि शक्ति सिंह और लक्ष्मण के बारे में नहीं बताया तो तुझे मार देंगे। इसलिए मैं खुदकुशी कर रहा हूं। मुझ पर पूरी रात प्रेशर डाला। राहुल ने कल मुझे धमकाया-मेरे संपर्क में बड़े-बड़े डॉन हैं।
छत्तीसगढ़ में आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने वाली है। मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ, लेकिन अगले 3 दिनों में पारा 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद 2 दिन तक तापमान लगभग ऐसा ही बना रहेगा। प्रदेश के मध्य हिस्सों में 24 से 27 अप्रैल के बीच अलग-अलग जगहों पर लू चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने दोपहर के समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। तापमान की बात करें तो राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 44C और अंबिकापुर में सबसे कम 19.6C दर्ज किया गया। मौसमी सिस्टम एक्टिव प्रदेश के मौसम पर अभी दो सिस्टम असर डाल रहे हैं। पहला ट्रफ लाइन पूर्व विदर्भ से लेकर दक्षिण के कोमोरिन इलाके तक फैली है, जो तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर गुजर रही है। दूसरा ट्रफ उत्तर-पूर्व बांग्लादेश से ओडिशा के उत्तरी हिस्से तक बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में प्रदेश में मौसम सूखा रहेगा। हालांकि कुछ जगहों पर लू का असर जारी रह सकता है, जिससे गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। रायपुर का हाल राजधानी में आज हीट वेव चलने की संभावना है। यहां अधिकतम तापमान 44C और न्यूनतम तापमान 28C के आसपास रहने का अनुमान है।
पंजाब के अमृतसर जिले में नशा तस्करी के खिलाफ थाना भिंडी सैदां की पुलिस ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसमें 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। यह कार्रवाई भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीकी इलाके में की गई, जहां पहले भी तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर सीमा के रास्ते नशीले पदार्थों की खेप पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के आधार पर थाना भिंडी सैदां की टीम और बीएसएफ के जवानों ने मिलकर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। तलाशी के दौरान संदिग्ध जगह से 980 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। 980 ग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत करोड़ों में बरामद की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों बताई जा रही है। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। मामले की जांच जारी, तस्करी नेटवर्क पर नजर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह खेप कहां से आई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, सीमा पार से जुड़े तस्करी नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान जारी रहेंगे पुलिस और बीएसएफ ने साफ किया है कि इलाके में सुरक्षा व सख्त की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे संयुक्त अभियान जारी रहेंगे, ताकि नशा तस्करी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
मधुबनी के झंझारपुर के लंगड़ा चौक स्थित एक निजी हेल्थ नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, तोड़फोड़ की और सड़क जाम कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस बुलानी पड़ी, जिससे पूरा इलाका पुलिस छावनी में बदल गया। मृतका की पहचान रुद्रपुर थाना क्षेत्र के रखबारी गांव निवासी पंकज मल्लिक की 22 वर्षीय पत्नी भारती देवी के रूप में हुई है। परिजन के अनुसार, भारती देवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान कथित डॉक्टर की लापरवाही से नस कट गई, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। हालत बिगड़ने पर उसे दरभंगा रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डेढ़ साल की बच्ची हुई अनाथ भारती देवी का मायके झंझारपुर के सिमरा गांव में है और उनकी डेढ़ वर्ष की एक बच्ची भी है। दरभंगा से प्रसूता का शव झंझारपुर पहुंचने पर परिजन और उग्र हो गए। उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ की और वहां से गुजर रहे वाहनों पर पथराव भी किया। भीड़ ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, और स्थिति नियंत्रित करने पहुंचे पुलिस अधिकारियों के साथ भी धक्का-मुक्की की। झंझारपुर, आरएस और अररिया संग्राम थानों की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। झंझारपुर के पुलिस इंस्पेक्टर बी.के. ब्रजेश भी घटनास्थल पर मौजूद थे। गुरुवार को पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मधुबनी भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। CS ने जांच का दिया आश्वासन इस घटना की जांच के लिए सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने एक टीम का गठन किया है। सिविल सर्जन ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। झंझारपुर के पीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने जानकारी दी कि पांच-छह महीने पहले इस नर्सिंग होम की जांच की गई थी, तब इसका रजिस्ट्रेशन वैध पाया गया था।
राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (SMS) के आधे मंत्रालयिक कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। हॉस्पिटल में तैनात कुल 65 कर्मचारियों में से 38 अगर जनगणना ड्यूटी पर चले गए तो RGHS, मां योजना, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, मेडिकल और दिव्यांग बोर्ड समेत अन्य जरूरी सेवाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसे देखते हुए मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर ने दखल देते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर इन सभी की ड्यूटी निरस्त करने के सिफारिश की है। दरअसल SMS हॉस्पिटल में वर्तमान में 65 मंत्रालयिक कर्मचारी नियुक्त हैं। इनका डेली रूटिन के काम के लिए आदेश, दिशा-निर्देश निकालना, आवश्यक सेवाओं से संबंधित फाइलों पर काम करना है। करीब 10 दिन पहले 13 अप्रैल को नगर निगम के आदर्श नगर जोन उपायुक्त और जनगणना अधिकारी ने आदेश जारी करके इनमें से 38 कर्मचारियों (करीब 58 फीसदी) की ड्यूटी जनगणना में लगा दी। जोन उपायुक्त का आदेश मिलते ही हॉस्पिटल प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। इन सेवाओं के प्रभावित होने का दिया हवाला इन कर्मचारियों की ड्यूटी निरस्त करने के लिए हॉस्पिटल अधीक्षक ने आयुक्त मेडिकल एजुकेशन को सिफारिश की। उन्होंने बताया- अगर ये कर्मचारी हॉस्पिटल में ड्यूटी पर नहीं आए तो मेडिकल बोर्ड, दिव्यांगता प्रमाणन, वीवीआईपी विजिट, कोर्ट के आदेशों के तहत स्वास्थ्य परीक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं (मां योजना, आरजीएचएस, प्रधानमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना, निरोगी राजस्थान जैसी योजना) के संचालन में परेशानी होगी। अधीक्षक के पत्र के बाद आयुक्त ने जयपुर कलेक्टर को पत्र लिखकर इन सभी कर्मचारियों को ड्यूटी से मुक्त करने की सिफारिश की। साथ ही कहा कि भविष्य में जनगणना या चुनाव ड्यूटी से भी इन कर्मचारियों को मुक्त रखा जाए, ताकि हॉस्पिटल का काम प्रभावित न हो। 2018 में तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी निकाले थे आदेश29 अक्टूबर 2018 को तत्कालीन मुख्य सचिव ने भी आदेश जारी करते हुए अस्पतालों के लेखा, मंत्रालयिक और आईटी स्टाफ को चुनाव और जनगणना जैसे कार्यों से मुक्त रखने के निर्देश दिए थे। ताकि मरीज सेवाएं प्रभावित न हों। इसके बावजूद नगर निगम ने आदेश निकालकर कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना में लगा दी।
शिवपुरी में नरवाई जलाने से खेतों में लगी आग:तेज हवा से 25 बीघा फसल प्रभावित, बड़ा हादसा टला
गुरुवार शाम शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में बदरवास-सढ़ रोड पर नरवाई जलाने के दौरान एक खेत में आग लग गई। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैली और लगभग 25 बीघा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय जानकारी के अनुसार, किसानों ने खेत में खड़ी नरवाई में आग लगाई थी। इसी दौरान अचानक तेज हवा चलने लगी, जिससे आग अनियंत्रित हो गई। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि उन्होंने खेतों के किनारे खड़े कई पेड़ों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वे जल गए। आग धीरे-धीरे आसपास के ग्रामीण इलाकों और घरों की ओर बढ़ने लगी, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत अपने घरों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया और साथ ही फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। समय रहते आग पर नियंत्रण पाने से एक बड़ा हादसा टल गया, क्योंकि अगर आग और फैलती तो कई ग्रामीण घर इसकी चपेट में आ सकते थे।
मुगलसराय में अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में देर रात एक कव्वाली कार्यक्रम के दौरान विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र भारती ने अपने साथियों भोला, विवेक, बाबूलाल, मुस्कान और मयंक के साथ मिलकर महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसका फरमान नामक युवक ने विरोध किया। गाड़ी रोककर परिवार पर हमला किया विवाद बढ़ने के बाद जब फरमान अपने परिवार के साथ घर लौट रहा था, तो आरोपियों ने रास्ते में उसकी गाड़ी रोक ली। इसके बाद उन पर फायरिंग की गई और लाठी-डंडों व ईंट-पत्थरों से हमला कर वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था घटना के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और अलीनगर पुलिस की टीम ने मुख्य आरोपी धर्मेंद्र भारती की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि धर्मेंद्र भारती सकलडीहा क्षेत्र के दीनदासपुर गांव में एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना में इस्तेमाल किया गया अवैध असलहा मेहवा रिंग रोड के पास छिपाया गया है। आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की जब पुलिस उसे असलहा बरामदगी के लिए मौके पर ले गई, तो आरोपी ने छिपाए गए तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिससे धर्मेंद्र भारती के दोनों पैरों में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। फरार आरोपियो की तलाश जारी पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि धर्मेंद्र भारती एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट सहित 33 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही, आरोपी को शरण देने वाले रिश्तेदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद से क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
विदिशा में अवैध शराब पर छापा:45 हजार की मदिरा जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
विदिशा जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर आबकारी विभाग ने शहर की राजपूत कॉलोनी में छापा मारकर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब जब्त की और एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जिला आबकारी अधिकारी शरद पाठक के मार्गदर्शन में टीम ने मुखबिर की सूचना पर वार्ड नंबर 07 स्थित राजपूत कॉलोनी में दबिश दी। यहां 33 वर्षीय राजा कुशवाहा के घर की तलाशी में 7 कार्टन में रखी 340 पाव गोवा विदेशी शराब बरामद हुई। जब्त शराब की कुल मात्रा 61.2 बल्क लीटर है। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज आबकारी विभाग ने आरोपी के खिलाफ एमपी एक्साइज एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जब्त शराब की बाजार कीमत करीब 45,900 रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई आबकारी उपनिरीक्षक संजय इवने के नेतृत्व में की गई। टीम में आरक्षक शिवलाल चिडार, पवन गौर, राहुल राठौर, प्रमोद धुर्वे, आशीष कौरव और प्रीति परिहार शामिल रहे। प्रशासन ने साफ किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अंबेडकर नगर में विदाई के बाद ससुराल जा रही दुल्हन को प्रेमी ने रास्ते में रोक लिया। कार का दरवाजा खोलकर प्रेमिका को नीचे उतारा, बोला - यह मेरी गर्लफ्रेंड है। दूल्हे को फोन में पड़ी कई तस्वीरें भी दिखा दी। जिसके बाद हंगामा खड़ा हो गया। गुरुवार देर शाम को पंचायत के बाद दूल्हे को अकेले ही अपने गांव लौटना पड़ा। मौके पर पहुंची पुलिस सभी पक्षों को थाने ले गई। जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच समझौता हुआ। आपसी सहमति से शादी को खत्म कर दिया गया। शादी में मिले सभी उपहारों व लेन-देन की वापसी पर सहमति बनी। दूल्हे को बिना दुल्हन के खाली हाथ अपने गांव लौटना पड़ा। वहीं, दुल्हन अपने मायके वापस चली गई। अलीगंज कोतवाल भूपेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने लिखित समझौते में कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात कही है। हालांकि, पुलिस ने शांतिभंग की आशंका में प्रेमी का चालान कर दिया है। मामला अलीगंज थाना क्षेत्र के सैदपुर रज्जीपुर गांव का बताया जा रहा है। 2 तस्वीरें देखिए- विस्तार से मामला समझिए... अयोध्या के गोसाईंगंज से सैदपुर रज्जीपुर गांव में बुधवार रात बारात पहुंची। विवाह की रस्में खुशी-खुशी संपन्न हुईं। अगली सुबह जब दूल्हा दुल्हन को विदा कराकर लौट रहा था, तभी गांव के बाहर नहर के पास दुल्हन के प्रेमी रणविजय ने आधा दर्जन साथियों के साथ कार रोक ली। प्रेमी ने दुल्हन को जबरन नीचे उतार लिया और सामने अपने मोबाइल में दुल्हन के साथ कई तस्वीरें दिखाई। कहा- ये मेरी प्रेमिका है। फोन में इसके कई प्रमाण भी दिखा दिए। 6 लोगों को लेकर पहुंचा, जबरन गाड़ी रोकी गांव के बाहर नहर के पास दुल्हन के प्रेमी रणविजय पुत्र राम चरन, निवासी गोविंदपुर, थाना अलीगंज ने अपने करीब आधा दर्जन साथियों के साथ चार पहिया वाहन को रोक लिया। उसने जबरन दुल्हन को गाड़ी से उतार लिया। रण विजय ने दावा किया कि दुल्हन उसकी प्रेमिका है। उसने अपने मोबाइल में दुल्हन के साथ अपनी सैकड़ों तस्वीरें दिखाकर इस बात का प्रमाण भी दिया। पंचायत के बाद वर और वधू पक्ष के बीच समझौता सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सभी संबंधित पक्षों को थाने बुलाया। गुरुवार को दिनभर चली पंचायत के बाद वर और वधू पक्ष के बीच समझौता हुआ। समझौते के तहत शादी को समाप्त मान लिया गया और दोनों पक्षों के बीच हुए सभी लेन-देन वापस कर दिए गए। समझौते के बाद वर पक्ष मायूस होकर अपने गांव लौट गया, जबकि वधू पक्ष के लोग दुल्हन को लेकर गांव चले गए। पुलिस ने प्रेमी रणविजय का शांतिभंग की आशंका में चालान किया। अलीगंज कोतवाल भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वर पक्ष और वधू पक्ष ने थाने के बाहर आपसी समझौता कर लिया था। उन्होंने लिखित में दिया कि वे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते हैं। पुलिस ने प्रेमी के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की है।
राजधानी लखनऊ में 24 अप्रैल को उत्तर जोन का बड़ा कृषि सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्री, वैज्ञानिक, किसान और एफपीओ एक मंच पर नजर आएंगे। सम्मेलन का शुभारंभ योगी आदित्यनाथ करेंगे, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इसमें शामिल होंगे। 9 राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल यह क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन शुक्रवार सुबह 9 बजे द सेंट्रम होटल में आयोजित होगा। कार्यक्रम में कृषि उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और विपणन को गति देने पर फोकस रहेगा, ताकि किसानों की आय बढ़ाई जा सके। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कृषि मंत्री, प्रमुख सचिव, निदेशक, कृषि वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान भाग लेंगे। इसके अलावा एफपीओ, नाबार्ड, बैंकिंग सेक्टर और कृषि स्टार्टअप से जुड़े प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। कृषि सुधारों और योजनाओं पर होगी गहन चर्चाकार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड, एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड, खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी, दलहन आत्मनिर्भरता मिशन और राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही सिंचाई, बीज और खरीद एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी होगी। राज्य अपने-अपने मॉडल करेंगे प्रस्तुतसम्मेलन में विभिन्न राज्य अपनी सफल कृषि पद्धतियों का प्रेजेंटेशन देंगे। उत्तर प्रदेश गन्ने के साथ इंटरक्रॉपिंग और धान की डायरेक्ट सीडिंग (DSR) मॉडल पेश करेगा, जबकि पंजाब फसल विविधीकरण और हिमाचल-उत्तराखंड बागवानी मॉडल साझा करेंगे। नकली खाद-कीटनाशकों पर भी मंथनकृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के अनुसार सम्मेलन में नकली कीटनाशकों और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने, संतुलित उपयोग बढ़ाने और वैकल्पिक खाद को बढ़ावा देने पर भी विस्तृत चर्चा होगी। यूरिया खपत घटाने की योजना भी सामने आएगीसरकार किसानों को लगभग 40 हजार कुंतल ढेंचे का बीज उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इससे यूरिया की खपत करीब 20 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल प्रदेश में 20 लाख मीट्रिक टन से अधिक उर्वरक उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा फोकससम्मेलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और नई कृषि नीतियों के जरिए उनकी आय बढ़ाना है। साथ ही उत्तर जोन के लिए भविष्य की रणनीति भी तैयार की जाएगी, जिससे खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सके।
बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) आज (शुक्रवार) बीकानेर में उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके इकलौते बेटे दीपक अग्रवाल मुखाग्नि देंगे। 23 अप्रैल (गुरुवार) की सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से उनका निधन हो गया था। बीकानेर में उन्हें शिवरतन अग्रवाल से ज्यादा ‘फन्ना बाबू’ के नाम से जाना जाता था। शिवरतन अग्रवाल की पार्थिव देह गुरुवार रात करीब साढ़े 9 बजे चार्टर प्लेन से बीकानेर लाई गई। 4 चार्टर प्लेन में उनके परिवार के लोग भी बीकानेर पहुंचे हैं। अंतिम यात्रा आज सुबह 10 बजे सार्दुलगंज स्थित आवास से नत्थूसर गेट होते हुए सतीमाता मंदिर के पास अग्रवाल समाज के श्मशान घाट पहुंचेगी। यहां अंतिम संस्कार होगा। शिवरतन अग्रवाल के आवास पर सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत सहित तमाम लोग पहुंचे हैं। कुछ ही देर में अशोक गहलोत भी पहुंचने वाले हैं। वह नाल एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं। बीकानेर व्यापार मंडल अध्यक्ष जुगल राठी ने बताया- शुक्रवार को दोपहर 2 बजे तक शहर के बाजार बंद रहेंगे। बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे बिना शर्त दोस्तों-रिश्तेदारों को दिए थे बीकाजी के शोरूम:शिवरतन अग्रवाल से लोगों ने कहा था-भुजिया कहां बेचोगे; शेल्फ लाइफ बढ़ाकर विदेशों तक पहुंचाया प्रोडक्ट पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
गाजियाबाद में एक बदमाश ने पुलिस की नाक के नीचे गुरुवार रात को महिला से मंगलसूत्र लूट लिया। घटना मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र में संजयनगर के पास की है। महिला अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ रिसेप्शन पार्टी के में शामिल होने जा रही थी। जहां फार्म हाउस के गेट पर ही बदमाश बाइक पर हेलमेट लगाकर रेकी कर रहा था। लूट की सूचना कंट्रोल रूम को दी। जहां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने कहा कि लूट की घटना हुई है, पुलिस सीसी टीवी फुटेज के आधार पर पुलिस बदमाश की पहचान करने का प्रयास कर रही है। सीसी टीवी फुटेज में कैद हुआ बदमाश गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम थाना क्षेत्र के संजयनगर निवासी नवीन शर्मा की पत्नी दिव्या शर्मा गुरुवार रात एक रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने जा रहीं थीं। जैसे ही वह संजयनगर में मैन रोड पर कार्यक्रम स्थल के गेट पर पहुंची तभी वहां आसपास अन्य लोग भी खड़े थे। जहां फार्म हाउस के गेट पर ही एक बदमाश हेलमेट लगाकर बाइक से पहुंचा और महिला के गले से मंगलसूत्र तोड़ लिया। जिसके बाद बदमाश संजयनगर की मैन रोड से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने पीछा भी किया लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। रेकी के बाद की लूट फार्म हाउस के बाहर सीसी टीवी कैमरे की फुटेज देखी, जिसमें बदमाश का चेहरा साफ नहीं आया। न ही बाइक का नंबर कैद हुआ। वहां मौजूद आसपास लोगों ने पुलिस को बताया कि बाइक सवार यह बदमाश काफी देर से आसपास ही रेकी कर रहा था। जिसकी पुलिस अब तलाश कर रही है। हालांकि सीसी टीवी फुटेज में तारीख गलत है, फुटेज में 18 अप्रैल की तारीख शो कर रही है। जबकि लूट की घटना 23 अप्रैल की रात की है। एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य का कहना है कि अभी तहरीर नहीं आई है। पुलिस सीसी टीवी फुटेज के आधार पर बाइक सवार की पहचान करने के प्रयास कर रही है।
प्रयागराज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार ने एक सराहनीय पहल करते हुए दृष्टिहीन दिव्यांग छात्रा कुमारी वैष्णवी को ब्रेल लिपि की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराईं। यह कार्यक्रम जिला परियोजना कार्यालय, मम्फोर्डगंज में आयोजित किया गया। कुमारी वैष्णवी, जो आदर्श सीपीआई नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालय में कक्षा 5 की छात्रा हैं, पढ़ाई में काफी होनहार और मेहनती हैं। उनकी जरूरत को समझते हुए बीएसए ने उन्हें कक्षा 5 की सभी ब्रेल किताबें भेंट कीं, ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी परेशानी के जारी रह सके। इस मौके पर बीएसए अनिल कुमार ने छात्रा की प्रतिभा की सराहना की और भरोसा दिलाया कि आगे भी उसकी शिक्षा के लिए हर जरूरी मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए ऐसे प्रयास बहुत जरूरी हैं। कार्यक्रम का समन्वय जिला समन्वयक समेकित शिक्षा विकास पांडे ने किया। इस दौरान श्रीमती शुभ्रा और छात्रा के अभिभावक भी मौजूद रहे। बीएसए ने कुमारी वैष्णवी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वह आगे बढ़कर समाज के लिए प्रेरणा बने।
बांका में ट्रक की टक्कर से महिला की मौत:गांव में भोज खाने जा रही थी पैदल, आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी
बांका में गुरुवार की शाम तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से महिला की मौत हो गई। घटना बाराहाट थाना क्षेत्र की है। मृतका की पहचान महुआ गांव निवासी विपुल यादव की पत्नी कविता देवी (47) के रूप में हुई है। कविता देवी देर रात लबोखर गांव में आयोजित एक भोज में शामिल होने पैदल जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। इलाज के दौरान गई जान हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीण जमा हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस पहुंचने पर घायल महिला को बाराहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बाराहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ट्रक चालक की तलाश जारी थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि ट्रक चालक की तलाश जारी है और इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना से मृतका के परिजनों में दुख का माहौल है।
अब यदि आपके बैंक अकाउंट में साइबर फ्रॉड का 1 रुपया भी आता है तो भी आपके खिलाफ मुकदमा होगा। इतना ही नहीं यदि थोड़े से लालच में अकाउंट किराए पर दिया तो आपके साथ अकाउंट किराए पर लेने वाला भी जेल जाएगा। अब ऑपरेशन म्यूल हंटर में सीकर पुलिस ऐसे ही अकाउंट आइडेंटिफाई करके आरोपियों का पता लगा रही है। 22 अप्रैल को सीकर की खाटूश्यामजी सदर थाना पुलिस ने आरोपी नागरमल बुरड़क और सुभाषचंद कस्वा के खिलाफ म्यूल हंटर ऑपरेशन के तहत आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। नागरमल के बैंक अकाउंट के खिलाफ कर्नाटक में साइबर फ्रॉड का मुकदमा दर्ज हुआ था। उसके अकाउंट में करीब 2.19 लाख रुपए फ्रॉड की राशि जमा हुई। इसके साथ ही आरोपी सुभाष के अकाउंट में फ्रॉड के करीब 16 हजार रुपए आए थे। इसके अलावा अब एसपी ऑफिस के निर्देश पर जिले के हर थाने में इस तरह के मुकदमे बनाए जा रहे हैं। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम विंग से मिले इनपुट के आधार पर ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। किसी अकाउंट में साइबर फ्रॉड की राशि आई है तो स्टेट साइबर क्राइम विंग उस अकाउंट को आईडेंटिफाई करके इनपुट शेयर करती है और उसके आधार पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। यदि किसी के बैंक अकाउंट में साइबर फ्रॉड का 1 रुपया भी जमा हुआ है तो भी उसके खिलाफ मुकदमा होगा। कई बार हम देखते हैं कि थोड़े से पैसे के लालच में लोग अपना बैंक अकाउंट किसी को किराए पर दे देते हैं। ऐसे में अब अकाउंट लेने और देने वाले लोगों के खिलाफ भी मुकदमे होंगे। अबतक करीब 1500 से ज्यादा अकाउंट आइडेंटिफाई किए जा चुके हैं। जिनको लेकर जांच जारी है।
ग्वालियर में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। कॉलोनी निर्माण को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक भाजपा नेता पर साथियों के साथ पहुंचकर जेसीबी से बाउंड्रीवाल तुड़वाने और मारपीट करने का आरोप लगा है। पूरी घटना कॉलोनी में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। फरियादी विजय अग्रवाल (49) निवासी गणपति विहार कॉलोनी, तानसेन रोड हजीरा ने अपने साथियों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी वर्षा अग्रवाल और सहयोगी अनिल शिवहरे ने गिरवाई थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव के सामने एबी रोड किनारे करीब सात बीघा जमीन खरीदी है, जहां वैधानिक अनुमति के साथ कॉलोनी विकसित की जा रही है। हथियार लेकर पहुंचे, जेसीबी से तोड़ी दीवार शिकायत के मुताबिक 8 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 9 बजे पड़ोसी जमीन मालिक और भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य किशन मुदगल, जितेंद्र मुद्गल और राधारमन शर्मा कई लोगों के साथ मौके पर पहुंचे। आरोप है कि सभी हथियार लेकर आए थे और गाली-गलौज करते हुए जेसीबी मशीन से कॉलोनी की पक्की बाउंड्रीवाल तोड़ना शुरू कर दिया। विरोध करने पर चौकीदार और मजदूरों से मारपीट, CCTV के आधार पर जांच शुरू जब मौके पर मौजूद चौकीदार उमेश वासुदेव ठाकरे ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। वहीं काम कर रहे मजदूरों को भी पीटा गया। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। लोगों के जुटने पर आरोपी वहां से चले गए, लेकिन जाते-जाते चौकीदार और मजदूरों को धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। पूरी घटना कॉलोनी में लगे CCTV कैमरों में कैद हुई है, जिसकी फुटेज फरियादी पक्ष ने पुलिस को सौंप दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धौलपुर कोतवाली थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक देसी कट्टा (315 बोर) बरामद किया है। पुलिस को 23 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पुराने शहर में श्री मनकामेश्वर हनुमान मंदिर के पास एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान युवक के पास से एक अवैध देसी कट्टा (315 बोर) बरामद किया गया। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सूरज पुत्र मलखान, निवासी डबई मझरा झौंडा का पुरा के रूप में हुई है।पुलिस ने आरोपी सूरज के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 9/25 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उससे अवैध हथियार के स्रोत और संभावित आपराधिक गतिविधियों के संबंध में पूछताछ जारी है।इस कार्रवाई में टाउन चौकी फरवरी के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) लोकेंद्र सिंह और हेड कॉन्स्टेबल सुभाष भास्कर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विदिशा जिले में अवैध दवा बिक्री और नियमों के उल्लंघन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर चलाए गए विशेष जांच अभियान में अब तक 22 दवा दुकानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, जबकि 20 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। राजस्व, स्वास्थ्य विभाग और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने ब्लॉक स्तर पर जांच की। इस दौरान ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स रूल 1945 के कई उल्लंघन सामने आए। ड्रग इंस्पेक्टर जॉन प्रवीण कुजूर ने बताया कि थोक दवा विक्रेताओं द्वारा अवैध रूप से खुदरा बिक्री और बिना पंजीकरण के दवाखाने संचालित करने की शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की गई। इन ब्लॉकों में हुई कार्रवाईनिरस्त किए गए लाइसेंसों में विदिशा ब्लॉक की 1, बासौदा की 10, सिरोंज की 9 और कुरवाई व लटेरी की 1-1 दुकान शामिल हैं। वहीं, बिना फार्मासिस्ट के दवा बिक्री और रिकॉर्ड में गड़बड़ी मिलने पर विदिशा में 7, बासौदा में 4, सिरोंज में 7 और कुरवाई में 2 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। आगे भी जारी रहेगी सख्तीकलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी थोक दवा लाइसेंसधारियों की सूची तैयार कर नियमित जांच की जाए। साथ ही, एक ही स्थान पर दुकान और क्लिनिक संचालित करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई से जिले के दवा कारोबारियों को नियमों का पालन करने का सख्त संदेश मिला है।
सिद्धार्थनगर में खरीफ सीजन 2026 के लिए बीज वितरण प्रणाली में बड़ा बदलाव किया गया है। कृषि विभाग ने ‘पहले आओ-पहले पाओ’ व्यवस्था को समाप्त कर अब ई-लॉटरी प्रणाली लागू कर दी है। इस नई डिजिटल प्रक्रिया से सीमित संसाधनों के वितरण में होने वाली असमानता और शिकायतों पर अंकुश लगेगा। उप कृषि निदेशक राजेश कुमार ने बताया कि किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन, दलहन-तिलहन कार्यक्रम और आईडीपी-चावल जैसी योजनाओं के तहत प्रमाणित बीज और मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य उन्नत बीज देकर उत्पादन बढ़ाना और लागत घटाना है। ऑनलाइन पंजीकरण के बाद होगी लॉटरी से चयन नई व्यवस्था के तहत किसानों को कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण और बीज बुकिंग करनी होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रहेगी। इसके बाद पात्र किसानों में ई-लॉटरी के जरिए चयन होगा और चयनित किसानों को तय वितरण केंद्रों से बीज मिलेगा। पक्षपात खत्म करने की कोशिश अधिकारियों के अनुसार ई-लॉटरी प्रणाली का मकसद हर पात्र किसान को समान अवसर देना है। पहले की व्यवस्था में जानकारी के अभाव और तकनीकी दिक्कतों के कारण कई किसान वंचित रह जाते थे, जिसे अब दूर करने का प्रयास किया गया है। 10 मई तक करें आवेदन कृषि विभाग के अनुसार बीज बुकिंग 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 10 मई तय की गई है। किसान विभाग की वेबसाइट https://agriculture.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें और जरूरत पड़ने पर मदद भी दें। समय पर बीज मिलने से बढ़ेगा उत्पादन विभाग का मानना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से खरीफ फसलों की बुवाई समय से होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी। साथ ही डिजिटल सिस्टम से पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी आसान हो जाएगी। किसानों से अपील: अंतिम तिथि से पहले करें आवेदन कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द ऑनलाइन पंजीकरण कर नई व्यवस्था का लाभ उठाएं, ताकि खरीफ सीजन में किसी तरह की परेशानी न हो।
कायमगंज नगर के एक मैरिज होम में विवाह समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग की घटना हुई। इसमें दुल्हन के जीजा गौरव सक्सेना को गोली लग गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। जयमाल स्टेज से 50 मीटर की दूरी से फायरिंग यह घटना लाला परमानंद की बगीची में आयोजित जय सक्सेना के विवाह समारोह में हुई। जय सक्सेना मोहल्ला जवाहरगंज निवासी प्रदीप सक्सेना के पुत्र हैं, जिन्हें कथित तौर पर बजरंग दल प्रभारी बताया गया है। द्वारचार की रस्म के दौरान जयमाल स्टेज से लगभग 50 मीटर दूर बैठे लोगों के बीच अचानक गोली चली। दुल्हन के जीजा को लगी गोली बताया गया कि जयमाल स्थल के पास कुछ लोग बैठे थे, जिनमें एक नेता के साथ आए बाउंसर भी शामिल थे। इसी दौरान चली गोली सीधे दुल्हन के जीजा गौरव सक्सेना को जा लगी। गौरव, शिव संत सक्सेना के पुत्र और शमशाबाद के बाजार कला के निवासी हैं। गोली लगते ही गौरव लहूलुहान होकर गिर पड़े, जिससे वैवाहिक स्थल पर चीख-पुकार मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। नेता और बाउंसर भीड़ के बीच भागे वारदात को अंजाम देने के बाद फायरिंग करने वाला व्यक्ति और उसके साथ आया नेता भीड़ का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहे। परिजनों ने घायल गौरव को तुरंत निजी वाहन से फर्रुखाबाद के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ला और कस्बा चौकी इंचार्ज अंकुर भट्टी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है।
ग्वालियर राज्य साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और टेलीग्राम ट्रेडिंग के नाम पर ठगी करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को FedEx और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और उनसे लाखों रुपये वसूलते थे। फरियादी हर्षित द्विवेदी ने बताया कि उन्हें आरोपियों ने कॉल कर बताया कि उनके पार्सल में ड्रग्स और अवैध सामग्री मिली है। इसके बाद कॉल को कथित नारकोटिक्स अधिकारी के पास ट्रांसफर किया गया। यहां “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर “पुलिस क्लियरेंस” के नाम पर 30 लाख 25 हजार 719 रुपये ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत के बाद पुलिस ने सौरभ कुमार (24) निवासी लखीमपुर खीरी और राजेश कुमार (27) को गिरफ्तार किया है। साइबर पुलिस ने फर्जी IP एड्रेस, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी बैंक खाते खुलवाकर ठगी की रकम ट्रांसफर करते थे। इनके खातों में 16 राज्यों से लेन-देन और करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन मिला है। फरियादी के करीब 10 लाख रुपये सीधे आरोपी के खाते में पहुंचे। पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले कूरियर कंपनी कर्मचारी बनकर कॉल करते थे। फिर पार्सल में ड्रग्स होने की बात कहकर डराते और कॉल को फर्जी अधिकारी तक जोड़ देते। वीडियो कॉल कर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाया जाता और पैसे ट्रांसफर कराए जाते। देशभर में फैला नेटवर्क जांच में खुलासा हुआ कि गैंग का नेटवर्क जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था। आरोपी लगातार लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस-सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर नहीं मांगते पैसे पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे नहीं मांगती और “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें और किसी को भी OTP या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
भोजपुर पुलिस ने पटना एसटीएफ के सहयोग से बड़ी कार्रवाई की है। मर्डर केस में वांटेड दो लाख रुपए के इनामी अपराधी सलीम मियां उर्फ मुन्ना मियां को गिरफ्तार किया है। करीब चार साल से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी कायमनगर-धरहरा पुल के पास से हुई है। टाउन थाना क्षेत्र के धरहरा मोहल्ला निवासी सलीम मियां की गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है। पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि दो हत्या, एक रंगदारी समेत कुल सात आपराधिक मामलों में वांटेड था। वर्ष 2023 में उसके खिलाफ दो लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। सलीम मियां लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पटना एसटीएफ लगातार प्रयासरत थी। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर कोईलवर-टाउन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिससे कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। दो चर्चित हत्या केस में नाम सामने आया था पहली घटना 2 जून 2022 की है। टाउन थाना क्षेत्र के जेल रोड स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान के मालिक सलील प्रसून जैन की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि संपत्ति और पारिवारिक विवाद के चलते सुपारी देकर इस वारदात को अंजाम दिलाया गया था। इस मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी मृतक के छोटे भाई संगत प्रसून जैन समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जबकि शूटर सलीम हाशमी उर्फ टिमला उर्फ ब्रूस को उत्तर प्रदेश के चंदौली से पकड़ा गया था। पुलिस ने इस कांड में एक पिस्टल और पांच कारतूस भी बरामद किए थे। गोली मारकर हुई थी हत्या दूसरी घटना 11 नवंबर 2022 की है। नवादा थाना क्षेत्र के कनकपुरी निवासी शशिकांत सिंह उर्फ विक्की गीधा की आरा-पटना राजमार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक पूर्व पार्षद महेंद्र प्रसाद के पुत्र थे। इस मामले में भी सुपारी किलिंग की बात सामने आई थी और पुलिस ने सात से आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया था। इन दोनों घटनाओं के बाद से ही सलीम मियां फरार चल रहा था। वीडियो जारी कर कहा था कि सरेंडर करने जा रहे हैं गिरफ्तारी से ठीक पहले सलीम मियां का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें वह आत्मसमर्पण करने की बात कहता नजर आ रहा है। वीडियो में उसने दावा किया कि वह सरेंडर के लिए जा रहा था, इसी दौरान कायमनगर के पास एसटीएफ ने उसके पिता नईम मियां को पकड़ लिया। सरेंडर को लेकर उसकी जिला पुलिस से बातचीत हुई थी। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस फिलहाल पुलिस सलीम मियां से गहन पूछताछ कर रही है। उसके नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटाने में लगी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी से जिले में सक्रिय आपराधिक गिरोहों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी का रास्ता भी साफ होगा।
खड़गदा गांव में फिर सूने मकान में चोरी:पुणे में रहता है परिवार, पड़ोसियों ने दी सूचना
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र के खड़गदा गांव में एक सूने घर में चोरी की वारदात हुई है। यह घर मंजूलता का है, जो अपने परिवार के साथ महाराष्ट्र के पुणे में रहती हैं। चोरों ने घर के ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। पड़ोसियों ने सुबह घर के दरवाजे खुले और अलमारियां टूटी व सामान बिखरा हुआ देखा, जिसके बाद उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने तुरंत पुणे में रह रहे परिवार को इसकी सूचना दी। पुलिस मामले की जांच में जुटीचोरी हुए सामान का अभी तक सही अनुमान नहीं लगाया जा सका है। परिवार के गांव पहुंचने के बाद ही चोरी की गई वस्तुओं की सही जानकारी मिल पाएगी। फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।यह खड़गदा गांव में चोरी की कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गांव के जैन मंदिर और दो अन्य घरों के ताले तोड़कर चोरी की वारदातें हो चुकी हैं।
जैसलमेर में गर्मी ने अपना कड़ा रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों में तापमान में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे अब दिन के साथ-साथ रातें भी तपने लगी हैं। बढ़ते पारे को देखते हुए जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने स्कूली बच्चों के लिए बड़ी राहत का एलान किया है। अब छोटे बच्चों को चिलचिलाती धूप में दोपहर को घर नहीं जाना पड़ेगा। कलेक्टर की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, 24 अप्रैल से अब स्कूल सुबह 7:30 बजे खुलेंगे और दोपहर 12:00 बजे छुट्टी हो जाएगी। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और चल रही परीक्षाओं का समय पहले की तरह ही रहेगा, उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदल दिया गया है। यह आदेश नर्सरी से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए लागू होगा। स्कूल के शिक्षकों और बाकी कर्मचारियों को पुराने समय के अनुसार ही अपनी ड्यूटी देनी होगी। कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल इस आदेश का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। 25 अप्रैल से 'येलो अलर्ट', 45 डिग्री तक जाएगा पारा मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिन जैसलमेर के लिए काफी मुश्किल भरे हो सकते हैं। मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 25 अप्रैल से जिले में भीषण लू (हीटवेव) का 'येलो अलर्ट' रहेगा। अगले 3 दिनों तक गर्म हवाएं (लू) चलेंगी। पारा 44 से 45 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा तापमान होगा। गुरुवार को भी पारा सामान्य से लगभग 2 डिग्री ऊपर यानी 41.5 डिग्री दर्ज किया गया। धोरों में तपन, सड़कों पर सन्नाटा बढ़ती गर्मी का असर शहर के जनजीवन पर भी दिख रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग जरूरी काम होने पर ही बाहर निकल रहे हैं और खुद को पूरी तरह कपड़े से ढंक कर चल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में रेतीले धोरों की वजह से स्थिति और भी ज्यादा कठिन बनी हुई है। डॉक्टरों की सलाह लू से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। बच्चों को सीधी धूप से बचाएं और उन्हें हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं। यदि चक्कर या ज्यादा थकान महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
जमुई में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। गुरुवार को सदर अस्पताल से पटना रेफर किए गए 80 वर्षीय धीरज रविदास की मौत एंबुलेंस में तेल खत्म होने के कारण हो गई। मरीज को पटना ले जाते समय एंबुलेंस बीच रास्ते में रुक गई, जिससे उन्हें 2 घंटे से अधिक समय तक सड़क पर तड़पना पड़ा। झाझा प्रखंड के बाबूबांक निवासी धीरज रविदास को सुबह सिर में तेज दर्द के बाद पहले झाझा अस्पताल ले जाया गया था। वहां से उन्हें सुबह 9 बजे सदर अस्पताल जमुई लाया गया। दोपहर 12:15 बजे डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया। एंबुलेंस का तेल अचानक हुआ खत्म मरीज को सरकारी एंबुलेंस (संख्या 6631) से पटना ले जाया जा रहा था। दोपहर 1:11 बजे सिकंदरा-शेखपुरा मुख्य मार्ग पर मतासी गांव के पास एंबुलेंस का तेल अचानक खत्म हो गया। इसके बाद एंबुलेंस सड़क किनारे खड़ी हो गई और मरीज अंदर तड़पता रहा। एंबुलेंस चालक ने जैन प्लस के एसीओ नीतीश कुमार को घटना की सूचना दी। चालक ने आसपास के पेट्रोल पंपों पर भी तेल की तलाश की, लेकिन कहीं भी उपलब्ध नहीं हो सका। इस दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। 2 घंटे 14 मिनट बाद पहुंची दूसरी एंबुलेंस जमुई से दूसरी एंबुलेंस भेजी गई, जिसे घटनास्थल तक पहुंचने में 2 घंटे 14 मिनट का लंबा समय लग गया। जब तक दूसरी एंबुलेंस पहुंची, तब तक धीरज रविदास की हालत इतनी बिगड़ चुकी थी कि उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र अजीत दास ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस चालक ने उन्हें गुमराह करते हुए बताया कि मरीज अभी जीवित है। बाद में, शाम 4:15 बजे सदर अस्पताल में डॉक्टरों ने धीरज रविदास को मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। सिविल सर्जन अशोक कुमार ने मामले की जानकारी न होने की बात कही और एंबुलेंस में तेल खत्म होने की संभावना से इनकार किया। हालांकि, एसीओ नीतीश कुमार ने स्वीकार किया कि तेल खत्म होने और पंप पर उपलब्धता न होने के कारण देरी हुई।
मंदसौर में तस्कर की एक करोड़ की संपत्ति फ्रिज:जमीन, बैंक खातों और वाहनों को फ्रीज किया
मंदसौर जिले में मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पिपलियामंडी थाना पुलिस ने एक आरोपी की करीब 1 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति फ्रीज करवा दी है। यह कार्रवाई सफेमा एक्ट 1976 के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी उमराव सिंह चौहान, निवासी ग्राम तलाव पिपलिया, थाना नारायणगढ़, के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज है। उस पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने का आरोप है। आरोपी और परिवार की संपत्ती फ्रीज कीपुलिस ने आरोपी की संपत्ति की पूरी जांच कर उसका विवरण तैयार किया और मामला सफेमा/एनडीपीएसए कोर्ट मुबंई में पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी और उसके परिवार से जुड़ी जमीन, बैंक खातों और वाहनों को फ्रीज करने का आदेश दिया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के परिवार और रिश्तेदारों की जानकारी जुटाकर उनकी संपत्ति का भी ब्योरा तैयार किया। इसी आधार पर मजबूत केस बनाकर कोर्ट में पेश किया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई संभव हो सकी। इस कार्रवाई में एसडीओपी कीर्ति बघेल, नरेंद्र सोलंकी और थाना प्रभारी विक्रम सिंह इवने की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।सफेमा क्या हैये ऐसा कानून है जिसके जरिए सरकार उन लोगों की अवैध कमाई से बनी संपत्ति छीन सकती है, जो तस्करी या विदेशी मुद्रा के गलत लेन-देन (हवाला आदि) में शामिल होते हैं।
डूंगरपुर मेंजिला कलेक्टर देशल दान ने गुरुवार को सागवाड़ा क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सागवाड़ा अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर के अचानक पहुंचने से चिकित्सा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, दवा वितरण केंद्र और ओपीडी ब्लॉक का अवलोकन किया। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता और वितरण प्रणाली की जानकारी ली। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को दवा के लिए बाहर न जाना पड़े। मरीजों, परिजनों से लिया फीडबैककलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने मरीजों से उपचार, नर्सिंग स्टाफ के व्यवहार और नि:शुल्क जांच सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। देशल दान ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप अंतिम छोर के व्यक्ति को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलना अनिवार्य है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को हिदायत देते हुए कहा कि आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परेशान न होना पड़े। कलेक्टर ने बेहतर प्रबंधन और ड्यूटी के प्रति गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
यूनियन कार्बाइड फैक्टरी से जुड़े टॉक्सिक वेस्ट मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिए कि जहरीले कचरे को जलाने के बाद बची 900 मीट्रिक टन राख के निपटान और उसकी टॉक्सिसिटी पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए। साथ ही फैक्ट्री परिसर में भोपाल गैस मेमोरियल बनाने के लिए कार्ययोजना भी प्रस्तुत करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें विवेक कुमार सिंह और अजय कुमार निरंकारी शामिल हैं, ने रामकी व री-सस्टेनेबिलिटी वेस्ट मैनेजमेंट फैसिलिटी में दबाई गई राख की विषाक्तता का आकलन रिपोर्ट मांगा है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिए कि भोपाल स्थित फैक्ट्री परिसर को सुरक्षित कर वहां गैस त्रासदी की याद में मेमोरियल बनाने की ठोस कार्ययोजना पेश की जाए। इसके लिए पर्यावरण संरक्षण नियमों के तहत प्रक्रिया शुरू करने की बात भी सामने आई है। 900 टन राख पर उठे सवाल कोर्ट में बताया गया कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण के बाद करीब 900 मीट्रिक टन राख और अवशेष बचे हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से दावा किया गया कि इस राख में रेडियोएक्टिव तत्व और मरकरी जैसे खतरनाक पदार्थ मौजूद हो सकते हैं, जिनका सुरक्षित निपटान चुनौतीपूर्ण है। 2004 से चल रहा है मामला, लैंडफिलिंग और सुरक्षा पर भी चिंता दरअसल, इस मामले में वर्ष 2004 में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिसमें यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता के निधन के बाद अब हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई स्वत: संज्ञान के रूप में कर रहा है। याचिकाओं में यह भी कहा गया है कि जहरीली राख को आबादी से महज 500 मीटर दूर दबाया गया है, जो गंभीर चिंता का विषय है। पहले कोर्ट ने इस पर रोक लगाई थी, जिसे बाद में सरकार के आवेदन पर वापस ले लिया गया। अब कोर्ट ने पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब कर दी है, जिससे आने वाली सुनवाई में इस संवेदनशील मुद्दे पर अहम निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।
चंडीगढ़ में एक कारोबारी को विदेशी नंबर से कॉल कर 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई है। कॉल करने वाले ने खुद को बंबीहा गैंग से जुड़ा गैंगस्टर रोहित गोदारा बताया और पैसे न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-39 थाना क्षेत्र में इमिग्रेशन कंपनी चलाने वाले कारोबारी करण सिंह को यह धमकी भरी कॉल आई। कॉल करने वाले ने न केवल रंगदारी की मांग की, बल्कि कारोबारी के घर, ऑफिस, आने-जाने के रास्तों और परिवार के सदस्यों तक की पूरी जानकारी होने का दावा भी किया, जिससे पीड़ित और उसका परिवार दहशत में आ गया। वॉट्सऐप पर वॉयस नोट भेजकर डराया आरोपी ने कारोबारी को डराने के लिए वॉट्सऐप के जरिए कई वॉयस नोट भेजे। इन वॉयस नोट्स में उसने साफ तौर पर कहा कि 2 करोड़ रुपए हर हाल में देने होंगे, नहीं तो अंजाम बेहद गंभीर होंगे। आरोपी ने खुद को बंबीहा गैंग से जुड़ा बताते हुए कारोबारी की रेकी होने का भी दावा किया और कहा कि उसके घर, ऑफिस और रोजाना के मूवमेंट की पूरी जानकारी उनके पास है। धमकियों से परेशान होकर पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। इसी दौरान जब पुलिस टीम मौके पर मौजूद थी, आरोपी की दोबारा कॉल आ गई। यह कॉल पुलिस टीम के सामने ही रिसीव की गई, जिसमें आरोपी ने फिर से पैसे देने का दबाव बनाया और पहले दी गई धमकियों को दोहराया। पुलिस ने इस कॉल को गंभीरता से लेते हुए तुरंत तकनीकी जांच शुरू कर दी। मौके पर ही कॉल से जुड़े अहम इनपुट नोट किए गए और नंबर की डिटेल्स खंगालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब साइबर सेल की मदद से वॉट्सऐप कॉल और वॉयस नोट्स की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि आरोपी की लोकेशन और पहचान का पता लगाया जा सके। साइबर सेल कर रहा विदेशी नंबर ट्रेस पुलिस ने कारोबारी की शिकायत पर मामला दर्ज करते ही जांच को कई स्तरों पर आगे बढ़ा दिया है। सबसे पहले आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कॉल किस लोकेशन से की गई और इससे पहले या बाद में किन-किन नंबरों से संपर्क हुआ है। इसके साथ ही वॉट्सऐप कॉल और भेजे गए वॉयस नोट्स की भी तकनीकी जांच की जा रही है, जिससे आरोपी की डिजिटल गतिविधियों का सुराग मिल सके। साइबर सेल की टीम जांच में शामिल कॉल विदेशी नंबर से आई है, इसलिए मामले को और गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल की टीम को जांच में शामिल किया गया है। साइबर एक्सपर्ट्स इंटरनेशनल गेटवे, इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस और वर्चुअल नंबर की डिटेल्स को ट्रेस करने में जुटे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कॉल वास्तव में किस देश या सर्वर से की गई। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि कहीं आरोपी ने कॉल करने के लिए वीओआईपी (VoIP) या किसी फर्जी एप का इस्तेमाल तो नहीं किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन और नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। जरूरत पड़ने पर संबंधित एजेंसियों और टेलीकॉम कंपनियों से भी जानकारी मांगी जा सकती है। कारोबारी, बिल्डर और कलाकार निशाने पर ट्राईसिटी में पिछले कुछ समय से कारोबारी, बिल्डर और कलाकार लगातार गैंगस्टरों के निशाने पर आ रहे हैं। रंगदारी मांगने के मामलों में तेजी आई है, जिससे व्यापारियों में डर और असुरक्षा का माहौल है। कई मामलों में गैंगस्टर न केवल फोन कॉल के जरिए धमकी दे रहे हैं, बल्कि पीड़ितों की निजी जानकारी साझा कर उन्हें मानसिक रूप से दबाव में लेने की कोशिश भी कर रहे हैं। गैंगस्टर अलग-अलग तरीकों से लोगों को टारगेट कर रहे अगर पिछले मामलों पर नजर डालें तो सामने आता है कि गैंगस्टर अलग-अलग तरीकों से लोगों को टारगेट कर रहे हैं। लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर हैरी बॉक्सर ने एक प्रोडक्शन फर्म संचालक लवप्रीत सिंह से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। इस दौरान आरोपी ने पीड़ित की निजी जानकारी साझा कर डर का माहौल बनाया था, ताकि वह जल्द पैसे देने के लिए मजबूर हो जाए। इसी तरह 13 नवंबर 2025 को बंबीहा गैंग से जुड़े डोनी बल ने सेक्टर-37 के एक शराब कारोबारी को कॉल कर 1 करोड़ रुपए की मांग की थी। इस केस में भी आरोपी ने साफ तौर पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। सेक्टर-37 के ही एक अन्य कारोबारी लोहित बंसल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य की ओर से 20 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। आरोपी ने पैसे न देने पर हत्या की धमकी दी थी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। वहीं सेक्टर-21 में एक बिल्डर के घर पर फायरिंग करवाने का मामला भी सामने आया था। फायरिंग के जरिए दहशत फैलाने के बाद आरोपियों ने 5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी, जिससे साफ है कि गैंगस्टर अब धमकी के साथ-साथ हिंसक वारदातों को भी अंजाम दे रहे हैं। हाल ही में 20 मार्च 2026 को सेक्टर-9 के एक सैलून मालिक को भी बंबीहा गैंग से जुड़े लक्की पटियाल के नाम पर 1 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगते हुए धमकाया गया था। इस मामले में भी आरोपी ने फोन कॉल और मैसेज के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की थी।

