राजस्थान हाईकोर्ट से रिटायरमेंट के 16 साल बाद सरकारी वकील को राहत मिली हैं। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने सरकारी वकील को दिए गए आरोप पत्र सहित पूरी कार्रवाई को रद्द कर दिया हैं। वहीं कोर्ट ने घटना के 13 साल बाद शुरू की गई जांच को गलत मानते हुए सरकार पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया हैं। अदालत ने छोटी प्रकृति के मामलों में ऐसी गंभीर कार्रवाई करने को गलत ठहराया। बैंच ने यह आदेश रिटायर अपर लोक अभियोजक (एपीपी) बृज बल्लभ शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। कार्रवाई बदले की भावना को दर्शाती हैअदालत ने अपने आदेश में कहा-सक्षम अधिकारी ने साल 1994 में हुई किसी लिपिकीय गलती को लेकर साल 2008 में 16 सीसीए के तहत कार्रवाई शुरू की। दो साल बाद एपीपी के रिटायरमेंट के तीन महीने पहले मई 2010 में एपीपी को नोटिस जारी करके जांच को 17 सीसीए में बदल दिया। अगस्त माह में याचिकाकर्ता रिटायर हो गया। जिसके कारण उसे समय पर रिटायरमेंट परिलाभ भी नहीं मिले। हमारी नजर में यह पूरी कार्रवाई बदले की भावना से की गई थी। अधिवक्ता हर्षवर्धन नंदवाना ने बताया कि याचिकाकर्ता पर साल 1994 में झालावाड़ के अकलेरा में एपीपी रहने के दौरान चालान पेश करने की तिथियों का रजिस्टर में गलत उल्लेख करने सहित अन्य गलतियों के आरोप लगाए गए। जबकि इन कामों की जिम्मेदारी कार्यालय के क्लर्क पर थी। जिसे हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के ढला गांव में शुक्रवार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में बने कुएं में गिर गई। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, ढला गांव निवासी रामजीलाल लोधी खंडे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जा रहे थे। वे इमरत लोधी के खेत से गुजर रहे थे, तभी अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे खेत में बने कुएं में जा गिरी। घटना के दौरान चालक रामजीलाल लोधी ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बाद में हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रैक्टर-ट्रॉली को कुएं से बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बागपत के डौला गांव निवासी मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक अश्विनी राणा की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। लगभग 27 वर्षीय अश्विनी राणा पुत्र सुरेंद्र राणा वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती भिंड जनपद के फूप थाने में थी। यह दुर्घटना 5 अप्रैल को हुई थी। निंबुआ पुलिस चौकी क्षेत्र में चंबल पुल के पास बरही गांव के निकट वाहनों का लंबा जाम लगा था। जाम खुलवाने के बाद अश्विनी अपनी बाइक से थाने लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अश्विनी को ग्वालियर के बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके स्वजन देर रात तक उनका शव गांव लेकर पहुंचेंगे। अश्विनी अविवाहित थे। उनके बड़े भाई गौरव सीआरपीएफ में तैनात हैं, जबकि उनके पिता सुरेंद्र किसान हैं। आरक्षक की असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में शोक व्याप्त है। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
अबोहर के गांव धर्मपुरा में आज तीन नकाबपोश हमलावरों ने एक व्यक्ति को तेजधार हथियारों से घायल कर दिया। पीड़ित ने अपने एक नजदीकी रिश्तेदार सहित अन्य युवकों पर हमले का आरोप लगाया है। घायल व्यक्ति का अपने माता-पिता से जमीन विवाद चल रहा है। उसे इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सरकारी अस्पताल में भर्ती धर्मपुरा निवासी स्वर्ण (40) पुत्र गोपीराम ने बताया कि उसके पास 16 मरले जमीन है। वह लंबे समय से दिल्ली में कैंटर चलाने का काम करता था और अपने परिवार के साथ वहीं रहता था। स्वर्ण के अनुसार, पिछली दिवाली पर उसके बेटे की मौत हो गई थी, जिसके बाद वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ अपने गांव के मकान में आकर रहना चाहता है। पिता ने जमीन में हिस्सा देने से किया मना स्वर्ण ने बताया कि जब उसने अपने पिता से अपनी जमीन का हिस्सा मांगा, तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया। पिता यह हिस्सा उसकी बहन को देना चाहते हैं और उन्होंने स्वर्ण को मकान में आने से भी मना कर दिया। स्वर्ण ने आगे बताया कि आज वह अपनी बाइक पर सैंदावाली के रास्ते श्रीगंगानगर जा रहा था। रास्ते में तीन नकाबपोश युवकों ने उसे घेर लिया। इनमें से एक उसका नजदीकी रिश्तेदार था। इसी जमीन विवाद के चलते हमलावरों ने तलवारों और लाठियों से उस पर हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए। आसपास के लोगों ने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। थाना बहाववाला पुलिस का कहना है कि घायल स्वर्ण के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका अपने माता-पिता से चल रहा जमीन विवाद एक प्रशासनिक मामला है, जिस पर प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करेंगे।
जिलाधिकारी के निर्देशन में शिक्षा विभाग की टीम ने महेश्वरी बुक डिपो का निरीक्षण किया। अभिभावकों की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में स्कूल किताबों की बिक्री में गड़बड़ी के संकेत मिले, जहां गाइडलाइंस के विपरीत तय सेट और महंगी किताबें थमाई जा रही थीं। शहर में किताबों की मनमानी बिक्री पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एसडीएम, डीआईओएस और अन्य अधिकारियों की टीम से महेश्वरी बुक डिपो का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान यह जानकारी जुटाई गई कि किताबें किस दर पर बेची जा रही हैं और क्या निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है। निरीक्षण में पाया गया कि गाइडलाइंस के अनुसार अभिभावक अपनी पसंद से जनरल बुक्स खरीद सकते हैं, लेकिन महेश्वरी बुक डिपो पर पूरे सेट बनाकर दिए जा रहे थे। इन सेट्स में ज्यादातर किताबें सेंट जॉर्ज स्कूल से जुड़ी मिलीं, जिनमें विशेष रूप से बाग मुजफ्फर खान स्थित स्कूल की किताबों की संख्या अधिक पाई गई। अधिकारियों के अनुसार तीन स्कूलों की किताबें प्रमुख रूप से डिपो पर उपलब्ध थीं और कई मामलों में इनकी कीमतें अधिक बताई गईं। इस पर विभाग ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर दो दिन के भीतर जिलाधिकारी को आख्या सौंपने की बात कही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी तथ्यों को संकलित किया गया है। वहीं डीआईओएस चंद्रशेखर के अनुसार यह कार्रवाई अभिभावकों की शिकायत पर की गई। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को एक स्लिप भी दी गई है, जिसमें किताबों के नाम दर्ज हैं। चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में महेश्वरी बुक डिपो की तो गलती है ही, लेकिन ज्यादा जिम्मेदारी स्कूलों की बनती है, जो अभिभावकों को निजी और महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूल द्वारा किसी एक दुकान से ही किताबें लेने का दबाव बनाया जाता है या महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, तो ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बीते दिनों सेंट पैट्रिक स्कूल में लगने वाली निजी किताबें भी इसी महेश्वरी बुक डिपो से सप्लाई होने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में संबंधित स्कूल पर विभाग ने ₹5,00,000 का जुर्माना भी लगाया था। लिकिन अभी तक वसूला नहीं गया है।
बागपत कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 2021 में हुई घटना के पांच साल बाद आया है। यह मामला बागपत के रमाला थाना क्षेत्र से संबंधित है। आरोपी की पहचान मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना निवासी नदीम पुत्र सगीर के रूप में हुई है, जिसने एक नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी नदीम को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला तभी से न्यायालय में विचाराधीन था। पुलिस ने इस मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए और गवाहों की गवाही दर्ज कराई। गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। एडीजीसी नरेंद्र पवार ने बताया कि अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
भारत सरकार ने कीटनाशी स्टॉक प्रबंधन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से IPMS (इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम) पोर्टल विकसित किया है। बलिया के सभी कीटनाशी विक्रेताओं के लिए इस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। जिला कृषि अधिकारी ने जनपद में कीटनाशी का व्यापार करने वाले सभी लाइसेंसधारी डीलर और रिटेलर को तत्काल आधिकारिक वेबसाइट www.ipms.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित विक्रेता 15 अप्रैल 2026 तक हर हाल में पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण कर लें। निर्धारित तिथि तक पंजीकरण न कराने की स्थिति में कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं नियमावली 1971 के प्रावधानों के तहत संबंधित विक्रेताओं का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। प्रशासन ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का पालन करते हुए शीघ्र पंजीकरण कराएं।
बलिया में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद जनपद की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 21,68,819 मतदाता दर्ज किए गए हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि 01 जनवरी 2026 को आधार मानते हुए यह सूची तैयार की गई है। इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं की संख्या 25,10,596 थी, जो पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटकर 20,54,620 रह गई थी। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को पुनः पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके तहत 6 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। इस दौरान 24,390 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि 1,14,199 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई है और अंतिम प्रकाशन के बाद अब जनपद की सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल मतदाताओं की संख्या 21,68,819 हो गई है। इस तरह SIR प्रक्रिया में 25,10,596 वोटों के सापेक्ष अंतिम प्रकाशन पर 21,68,819 वोट बचे हैं, जिससे कुल 3,41,777 वोट हटाए गए हैं। विधानसभावार आंकड़ों के अनुसार, बैरिया विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 64,560 वोट हटाए गए हैं। यहां पहले 3,63,356 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,98,796 रह गए हैं। वहीं, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के क्षेत्र बलिया नगर में 63,868 वोट काटे गए हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 3,64,106 से घटकर 3,00,238 हो गई है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में बेल्थरारोड में 43,783 (3,69,721 से 3,25,938), रसड़ा में 36,874 (3,66,391 से 3,29,517), सिकंदरपुर में 29,145 (3,10,970 से 2,81,825), फेफना में 40,886 (3,29,842 से 2,88,956) और बांसडीह में 62,661 (4,06,210 से 3,43,549) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
फाजिल्का की सीआईए स्टाफ पुलिस बीएसएफ के जवानों के साथ मिलकर नशे के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस और बीएसएफ ने नाकाबंदी कर एक युवक को गिरफ्तार किया है। सरहदी इलाके में गिरफ्तार किए गए युवक से 300 ग्राम अफीम बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई करते हुए आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। नाकाबंदी के दौरान पकड़ा युवक सीआईए स्टाफ के पुलिस अधिकारी कुलवंत सिंह ने बताया कि वह पुलिस पार्टी सहित गश्त पर थे। पुलिस और बीएसएफ द्वारा जोधा भैनी से गहलेवाला भैनी के बीच पॉइंट में नाकाबंदी की गई थी। जहां पर शक की आधार पर एक युवक को अरेस्ट किया गया। युवक की तलाशी लेने पर उससे 300 ग्राम अफीम बरामद हुई। आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह निवासी चिमनेवाला थाना अरनीवाला के रूप में हुई है। जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आशंका है कि आरोपी के कनेक्शन पाकिस्तानी तस्करों से तो नहीं है। रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ के बाद ही यह साफ हो सकेगा।
हरियाणा के यमुनानगर में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की प्लाईवुड फैक्ट्री पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आज शुक्रवार रात को बाकी दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, सीआईए-2 टीम को सूचना मिली थी कि फायरिंग केस में शामिल दो आरोपी रादौर क्षेत्र में कांजनू के पास नहर की पटरी पर मौजूद हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, लेकिन आरोपियों ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। 9-10 राउंड चली गोली, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ बदमाश पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 9 से 10 राउंड फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी हर्ष के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। वहीं दूसरे आरोपी अभिषेक को मौके से ही काबू कर लिया गया। घायल हर्ष को इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया है। दोनों आरोपियों की पहचान हर्ष और अभिषेक (निवासी सुनहेड़ी खालसा, कुरुक्षेत्र) के रूप में हुई है, जो पहले गिरफ्तार आरोपी अमन उर्फ काकू के करीबी बताए जा रहे हैं। पहले आरोपी ने पुल से लगाई थी छलांग इससे पहले बुधवार को पकड़ा गया आरोपी अमन उर्फ काकू पुलिस को चकमा देकर खजूरी पुल से कूद गया था, जिसमें वह घायल हो गया था। फिलहाल उसका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि 30 मार्च की रात जठलाना गांव स्थित फैक्ट्री पर तीन हथियारबंद युवकों ने फायरिंग की थी। इस दौरान 8 गोलियों के खोल बरामद हुए थे। गनीमत रही कि किसी कर्मचारी को गोली नहीं लगी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर शुभम पंडित और नोनी राणा ने पोस्ट डालकर इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी और फैक्ट्री से जुड़े लोगों को धमकी दी थी।
कानपुर में आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा केंद्र C3iHub द्वारा आयोजित HACK IITK वैश्विक साइबर सुरक्षा हैकाथॉन 2026 का ग्रैंड फिनाले संपन्न हो गया है। दो दिन तक चले इस आयोजन के बाद विजेताओं की घोषणा की गई। इस वर्ष हैकाथॉन का विषय “महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा” रखा गया था। प्रतियोगिता में देशभर के छात्रों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। कुल 9 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, जिनमें से 48 टीमें ग्रैंड फिनाले तक पहुंचीं। हैकाथॉन में समाधान ट्रैक और कैप्चर द फ्लैग (CTF) ट्रैक में मुकाबला हुआ। पुणे की शैडो बाइट चैंपियन बनाई गई। समाधान ट्रैक में आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे की टीम शैडो बाइट ने पहला स्थान हासिल कर 3 लाख रुपये का पुरस्कार जीता। टीम नाइट म्याउल्स दूसरे स्थान पर रही, जबकि फादर कोंसिसाओ रोड्रिग्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नवी मुंबई की टीम ब्लाइंड कोडर्स तीसरे स्थान पर रही। वहीं CTF ट्रैक में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की टीम क्यूट कैट पहले स्थान पर रही। इसी विश्वविद्यालय की टीम दिग्गज दूसरे स्थान पर रही और दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी की टीम ईहैक्स तीसरे स्थान पर रही।इसके अलावा कुछ टीमों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए। टीम VNITX को सर्वश्रेष्ठ नवाचार समाधान और टीम Valium Research को सर्वश्रेष्ठ CTF दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे। विजेताओं को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर काम करते हुए नए तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के आयोजन युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
अमृतसर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा कर बादल से सीधे सवाल पूछे और उनकी कार्यशैली पर निशाना साधा। वीडियो की शुरुआत में डॉ. सिद्धू ने कहा कि 'जो भी आपसे टक्कर लेता है, उसे आप जीने के काबिल नहीं छोड़ते।' इस बयान के जरिए उन्होंने राजनीतिक दबाव और विरोधियों के साथ कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। डॉ. सिद्धू ने सुखबीर बादल की संपत्ति को लेकर भी कई सवाल खड़े किए। बादल के संपत्ति पर उठाए सवाल उन्होंने आरोप लगाया कि जब बादल राजनीति में आए थे, तब उनके पास सीमित जमीन थी, लेकिन आज उनकी संपत्तियों का दायरा काफी बढ़ चुका है। उन्होंने जनता से इसका पूरा हिसाब देने की मांग की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी रेस्ट हाउस और पर्यटन स्थलों का कथित तौर पर निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया गया और उन्हें रिश्तेदारों को सौंपा गया। इसके अलावा, बस परिवहन और माइनिंग सेक्टर में एकाधिकार स्थापित करने के भी आरोप लगाए गए। डॉ. सिद्धू ने कहा कि पंजाब में बस ऑपरेट करने की स्वतंत्रता खत्म कर दी गई और रूट्स पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में कारोबार प्रभावित हुआ क्योंकि हर व्यापार में हिस्सेदारी की मांग की जाती थी। सिख समुदाय को नहीं मिला न्याय उन्होंने बेअदबी के मामलों को उठाते हुए कहा कि सिख समुदाय को न्याय नहीं मिला। गुरुद्वारों के फंड के दुरुपयोग और धार्मिक संस्थाओं पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। डॉ. सिद्धू ने यह भी दावा किया कि पुलिस तंत्र का दुरुपयोग कर गलत कार्य करवाए गए और विरोधियों को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि कई करीबी सहयोगी भी साथ छोड़कर चले गए, क्योंकि वे इस कार्यशैली से असहज थे। अपने बयान के अंत में डॉ. सिद्धू ने कहा कि वे हर मुद्दे पर जवाब मांगती रहेंगी और भविष्य में भी इस तरह के सवाल उठाती रहेंगी।
बागपत में SIR के बाद 8. 38 लाख मतदाता:राज्यमंत्री के बड़ौत विधानसभा में 49,625 वोट हटाए गए
बागपत में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान संपन्न हो गया है। इस अभियान के तहत जिले में कुल 1 लाख 38 हजार 423 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। बागपत में कुल 8 लाख 38 हजार 375 मतदाता हैं। बागपत की बड़ौत विधानसभा में सबसे अधिक 49,625 वोट हटाए गए हैं। इस विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है और यहां से राज्यमंत्री कृष्णपाल मलिक विधायक हैं। सर्वाधिक वोट हटाए जाने से भाजपा के वोट बैंक पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। वहीं, बागपत विधानसभा क्षेत्र में 44,601 वोट हटाए गए हैं। इस सीट से भाजपा के योगेश धामा विधायक हैं। आरएलडी का गढ़ माने जाने वाले छपरौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 44,197 वोट हटाए गए हैं। जिले में कुल 8 लाख 38 हजार 375 मतदाता हैं। जिनमें 4 लाख 64 हजार 051 पुरुष और 3 लाख 74 हजार 315 महिला मतदाता शामिल हैं। जिले की कुल आबादी के सापेक्ष 56.41 प्रतिशत लोग मतदाता हैं। विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, छपरौली में 57.98 प्रतिशत, बड़ौत में 54.79 प्रतिशत और बागपत में 56.36 प्रतिशत मतदाता हैं। मतदाताओं के विवरण से पता चला है कि जिले में लिंगानुपात की स्थिति संतोषजनक नहीं है। छपरौली विधानसभा क्षेत्र में यह 785, बड़ौत में 802 और बागपत में 833 है। जिले का कुल लिंगानुपात 807 है, जिसका अर्थ है कि प्रति एक हजार पुरुष मतदाताओं पर 807 महिला मतदाता हैं। अभियान से पहले जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 9 लाख 76 हजार 798 मतदाता थे। प्रारंभिक प्रकाशन के दौरान यह संख्या घटकर 8 लाख रह गई थी। हालांकि, लोगों को दोबारा मौका दिए जाने और आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम प्रकाशन में 38 हजार 375 नए नाम जोड़े गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 8 लाख 38 हजार 375 हो गई।
चंडीगढ़ प्रशासन ने 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। होम विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई। वर्ष 2026 के लिए पहले जारी सार्वजनिक अवकाश की सूची में आंशिक संशोधन करते हुए यह फैसला लिया गया है। अब 14 अप्रैल को चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, संस्थानों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पूर्ण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। अधिसूचना पर होम सचिव मनदीप बराड़ की तरफ से जारी की गई है। इससे पहले 30 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना में 14 अप्रैल को अवकाश नहीं रखा गया था। अब इस संशोधन के बाद कर्मचारियों और आम जनता को यह अतिरिक्त छुट्टी मिल गई है। अम्बेडकर जयंती के मौके पर चंडीगढ़ में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होने की भी संभावना है।
सुपौल जिले के बलुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत एसएच-91 पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक डॉक्टर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और स्थानीय लोग स्तब्ध हैं। मृतक की पहचान नेपाल के सप्तरी जिला स्थित लाला पट्टी निवासी करीब 40 वर्षीय डॉ. एस. के. यादव (शशि कुमार यादव) के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, वे सिमराही में रहकर एक निजी क्लिनिक संचालित करते थे और क्षेत्र में एक लोकप्रिय चिकित्सक के रूप में जाने जाते थे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को वे अपने किसी जरूरी काम से बाइक के जरिए विराटनगर की ओर जा रहे थे। दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए इसी दौरान एसएच-91 पर बलुआ थाना क्षेत्र में सामने से आ रहे एक स्प्लेंडर बाइक सवार से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही बलुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अनुमंडलीय अस्पताल वीरपुर भेजा गया। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद डॉ. एस. के. यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे घायल युवक का इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई घायल की पहचान प्रतापगंज निवासी दीपेश कुमार के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है, हालांकि उसे निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में भी लोगों की भीड़ जुट गई और हर कोई डॉक्टर के निधन की खबर सुनकर दुखी नजर आया। बताया जाता है कि डॉ. यादव लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे और मरीजों के बीच उनकी अच्छी पहचान थी। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए भी जाने जाते थे। उनके अचानक निधन से मरीजों और स्थानीय लोगों में गहरा शोक व्याप्त है। डॉ. यादव अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए परिजनों के अनुसार, डॉ. यादव अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनका बड़ा बेटा अमेरिका में रहकर डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। इस दर्दनाक हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में उनके परिवार में खुशी का माहौल था, क्योंकि उनकी बहन की शादी होने वाली थी, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। इधर, बलुआ थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें भिवानी की रहने वाली आशा मिड्ढा भी शामिल है। वह लुधियाना में रहने वाले अपने दो भाइयों, भाभियों और भतीजे के साथ वृंदावन गई थी। इस हादसे में आशा रानी की एक भाभी और भतीजे की भी मौत हो गई। आशा अपने परिवार के साथ भिवानी की जगत कॉलोनी में रहती थी। उसके दो बेटे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों वृंदावन गए हुए हैं। पुल से टकराकर पलटी नाव जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (9 अप्रैल) को लुधियाना में जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब ने 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को वृंदावन के लिए रवाना किया था। इनमें से 90 श्रद्धालु जगराओं से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों से थे। यह यात्रा 4 दिन की थी। शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु यमुना पार करके मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था, लेकिन जलस्तर बढ़ने के बाद इसे खोल दिया गया था। पुल से टकराकर नाव पलट गई। हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि किसी भी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। वीडियो में श्रद्धालु राधे-राधे जप कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने क्या कहा… ----------------------------- नाव हादसे की ये खबरें भी पढ़ें :- वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले पंजाब के श्रद्धालुओं का नाव हादसे से पहले का VIDEO:10 की मौत, इनमें एक ही परिवार के 7 सदस्य, 2 बसों में 130 लोग गए थे
बांसवाड़ा में शुक्रवार की ननिहाल आया 9 साल का मासूम सामने से आ रहे ट्रैक्टर को देखकर घबरा गया। डर कर तेजी से भागने लगा। इसी दौरान वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया और हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में मासूम की मौत हो गई। हादसा जिले के भूंगड़ा थाना क्षेत्र के गोरछा गांव में आज शुक्रवार की शाम को हुआ। मामा के घर आया था, ट्रैक्टर देख घबराकर भागभूंगड़ा थाने के एएसआई मेहबूब खान ने बताया कि खेरवा निवासी श्रवण (9) पुत्र सूरजमल चरपोटा गुरुवार को ही अपने माता-पिता के साथ मामा पारस कटारा (निवर्तमान उपसरपंच) के घर गोरछा आया था। शुक्रवार शाम को बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी सामने से ट्रैक्टर आता दिखा। ट्रैक्टर को अपनी ओर आता देख मासूम घबराकर तेजी से दौड़ा और अचानक संतुलन बिगड़ने से जमीन पर गिर पड़ा। गिरने के तुरंत बाद श्रवण बेहोश हो गया। उसके शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और नाक से खून बहने लगा। परिजन उसे निजी गाड़ी से महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल टीम ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन भाइयों में सबसे छोटा था श्रवणमृतक श्रवण अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों की ओर से कोई शंका व्यक्त नहीं करने पर बिना पोस्टमॉर्टम ही शव उन्हें सुपुर्द कर दिया गया।
कटीले तार लगाने को लेकर विवाद में फायरिंग:युवक घायल, वजीरपुर कोटला गांव में तनाव; अस्पताल में भर्ती
फिरोजाबाद के थाना नारखी क्षेत्र के वजीरपुर कोटला गांव में कटीले तार लगाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गुरुवार को इस मामले में दो पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया था। यह विवाद यहीं शांत नहीं हुआ। शुक्रवार शाम को एक पक्ष का युवक थाना नारखी में घटना की शिकायत दर्ज कराने के बाद अपने घर लौट रहा था। रास्ते में दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे घेर लिया और उस पर गोली चला दी। फायरिंग में वजीरपुर कोटला निवासी विकास कुमार (पुत्र रिशाल सिंह, उम्र करीब 30 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गया। गोली लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घायल विकास को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने फायरिंग के साथ लाठी-डंडों और सरियों से भी हमला किया। घटना की जानकारी मिलते ही थाना अध्यक्ष राकेश कुमार गिरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्कता बरत रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
मेरठ में भारत विकास परिषद हस्तिनापुर (विकास रत्न) प्रांत की संस्कार शाखा 2026-27 के लिए दायित्वग्रहण समारोह का आयोजन शुक्रवार को पी.एल. शर्मा स्मारक सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस दौरान वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट शाखा सचिव अरविंद कुमार गोयल द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें शाखा की गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया गया। इसके उपरांत प्रांतीय महासचिव मुकेश चंद गुप्ता ने वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अंजली मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय गतिविधि सह-संयोजक (सेवा) अनुराग दुबलिश उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में क्षेत्रीय सचिव (संस्कार, एनसीआर-1) प्रमोद गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष सरल माधव, प्रांतीय वित्त सचिव प्रवीण गुप्ता एवं प्रांतीय महिला संयोजिका आशा जैन शामिल रहीं। नई कार्यकारिणी में नीरज अग्रवाल को अध्यक्ष, अरविंद कुमार गोयल को सचिव, जसवंत लाल गुप्ता को कोषाध्यक्ष एवं प्रो. डॉ. संगीता गुप्ता को महिला संयोजिका बनाया गया। इसके अलावा उमेश कुमार (गतिविधि संयोजक - संपर्क), राकेश गोयल (संस्कार), कपिल गर्ग (सेवा), नवीन अग्रवाल (पर्यावरण) तथा यतेंद्र शर्मा (सह सचिव) को भी दायित्व सौंपे गए। समारोह के दौरान शाखा के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। जसवंत लाल गुप्ता ने “विकास रत्न” एवं अरविंद कुमार गोयल ने “विकास मित्र” के रूप में क्रमशः एक लाख रुपये एवं 11 हजार रुपये के चेक मुख्य अतिथि अनुराग दुबलिश को सौंपे। साथ ही नए सदस्यों को भी संगठन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में लोकेश गोयल, डी.के. माहेश्वरी, डी.के. अग्रवाल, के.बी.एल. खंडेलवाल, अंशु गोयल, प्रो. संगीता अग्रवाल, नीरू शर्मा, नीति शर्मा, ममतेश्वरी, निधि अरोड़ा एवं रमा शर्मा सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान समारोह में उपस्थित लोगों ने सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
आगरा में तेज रफ्तार कार का कहर, VIDEO:राहगीर को टक्कर मारी, 20 फीट घिसटता गया, मौके पर ही दम तोड़ा
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र अंतर्गत पश्चिमपुरी चौकी के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे जा रहे व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहगीर करीब 20 फीट तक सड़क पर घिसटता हुआ किनारे खड़ी कार से जा टकराया। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।मृतक की पहचान कुलदीप शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना कैद बताई जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुट गई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शिवहर में जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में लू (हीट वेव) और अग्निकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई इस बैठक में हीट वेव और अग्निकांड से बचाव के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में ठीक किया जाए। नल-जल योजना में लीकेज की समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। अग्निकांड की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिए गए। उन्हें कहा गया कि आगजनी की सूचना मिलते ही 30 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ORS रखें स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ओआरएस (ORS) तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में कोल्ड रूम, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षा विभाग को बंद पड़े चापाकलों की सूची शीघ्र लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही बच्चों में लू और एईएस (AES) से बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया। कुएं-तालाबों की सूची DRDA को उपलब्ध कराएं इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निष्क्रिय कुएं और तालाबों की सूची तैयार कर डीआरडीए (DRDA) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गर्मी और आपदा की स्थिति में सभी विभागों को समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करना होगा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
सिंगरौली में वाहन की टक्कर से युवक की मौत:परिजन ने अवैध रेत ट्रैक्टर चालक पर हत्या का आरोप लगाया
सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के कटौली इलाके में एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। मृतक की पहचान दीपक साकेत के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अवैध रेत परिवहन में शामिल एक ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर उसे टक्कर मारी, जिससे उसकी मौत हुई। मृतक के भाई रमेश साकेत के अनुसार, दीपक साकेत क्षेत्र में जारी अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का लगातार विरोध कर रहे थे। रमेश साकेत ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के कारण किसी ट्रैक्टर चालक ने दीपक को कुचल दिया। परिजनों ने इस घटना को दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या बताया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर एक क्षतिग्रस्त और पलटा हुआ ट्रैक्टर भी मिला है। पुलिस इस ट्रैक्टर को मामले से जोड़कर जांच कर रही है। खुटार चौकी प्रभारी शीतल यादव ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत किस वाहन की टक्कर से हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में आक्रोश है और वे अवैध रेत कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शामली के न्यायिक मजिस्ट्रेट हामिद हुसैन गाजियाबाद में आयोजित होने वाली हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे। वह इस प्रतियोगिता के लिए शामली से रवाना हो चुके हैं, जहां वह कल दौड़ में भाग लेंगे और शामली जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह हाफ मैराथन दौड़ गाजियाबाद के सिटी फॉरेस्ट, राज नगर एस्टन रोड पर आयोजित की जाएगी। इसकी कुल दूरी 21.1 किलोमीटर होगी, जिसमें देश-विदेश से कई धावक शामिल होंगे। हामिद हुसैन शामली जनपद में पिछले लगभग दो साल से न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी क्षमता साबित की है। हामिद हुसैन अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं और रोजाना 10 से 25 किलोमीटर तक दौड़ लगाते हैं। उनकी इस दिनचर्या को देखते हुए शामली के प्रशासनिक अधिकारियों ने मैराथन में उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। वह जिले के एकमात्र ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं जो नियमित रूप से इतनी लंबी दौड़ लगाते हैं।
महराजगंज में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के बाद जिले में कुल 2,00,331 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 17,92,128 हो गई है, जो पहले 19,92,459 थी। यह पुनरीक्षण अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाया गया था। जिले की सभी पांचों विधानसभा सीटों में मतदाता संख्या में कमी दर्ज की गई है, हालांकि प्रत्येक सीट पर इसका प्रभाव अलग-अलग रहा। विधानसभावार आंकड़ों के अनुसार, महराजगंज सदर सीट पर सर्वाधिक 50,977 नाम हटाए गए हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 4,28,528 से घटकर 3,77,551 हो गई है, जिसमें 1,97,682 पुरुष, 1,72,457 महिला और 19 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में 47,161 नाम काटे गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 3,74,348 से घटकर 3,27,187 रह गई है। इनमें 1,80,453 पुरुष, 1,46,731 महिला और 3 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। सिसवा विधानसभा में 35,311 नाम हटाए जाने के बाद मतदाताओं की संख्या 3,99,809 से घटकर 3,64,498 हो गई है। इस सीट पर 1,97,682 पुरुष, 1,66,810 महिला और 6 थर्ड जेंडर मतदाता दर्ज हैं। फरेंदा विधानसभा में 29,301 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 3,59,812 से घटकर 3,30,511 रह गई। यहां 1,79,447 पुरुष, 1,51,041 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। पनियरा विधानसभा में 37,581 नाम काटे गए हैं, जिससे मतदाताओं की संख्या 4,29,962 से घटकर 3,92,381 हो गई है। इस सीट पर 2,13,840 पुरुष, 1,78,537 महिला और 4 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। यह कमी अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम मानी जा रही है।
शाजापुर में फोरलेन खुदाई में पाइपलाइन फूटी:शहर में हजारों लीटर पानी बहा, पेयजल की सप्लाई प्रभावित
शाजापुर शहर में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार शाम एक बड़ी लापरवाही सामने आई। शिक्षा विभाग कार्यालय के पास जेसीबी से खुदाई करते समय पानी की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच पाइपलाइन फूटते ही तेज दबाव के साथ पानी का फव्वारा निकलने लगा। इस घटना में हजारों लीटर पानी बह गया, जिससे मौके पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई। इसके कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर नगर पालिका की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जेसीबी के पंजे का उपयोग कर अस्थायी रूप से पाइपलाइन को दबाकर पानी का बहाव रोका गया। नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण चामुंडा माता मंदिर और हाउसिंग बोर्ड की पानी की टंकियां नहीं भर पाएंगी। उन्होंने कहा कि पानी को पूरी तरह खाली करना पड़ेगा। फिलहाल जलापूर्ति बंद कर दी गई है और मरम्मत कार्य शनिवार सुबह शुरू किया जाएगा। सीएमओ दीक्षित ने निर्माण एजेंसी को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
फाजिल्का जिले के अरणीवाला में किसान पिज्जा हट पर आग लगने लाखों रुपए का नुकसान हो गया। जिस वक्त आग लगी, उस समय रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारी अंदर सो रहे थे। आग लगते ही कर्मचारियों ने शोर मचाया और आनन फानन बाहर निकल कर जान बचाई। कर्मचारियों ने पिज्जा हट मालिक को सूचना दी, जिसके बाद मलिक मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। बताया जा रहा है कि कर्ज लेकर किसान पिज्जा हट का निर्माण किया गया था। जानकारी देते हुए किसान पिज्जा हट के संचालक करन कंबोज ने बताया कि उनके लड़के (कर्मचारी) यहां सो रहे थे। एक लड़का लघुशंका के लिए उठा तो उसने देखा कि पीछे आग लगी हुई है। जिसके बाद उसने अपने दूसरे साथ को बताया। आग इतनी भयानक थी कि लड़कों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें ज्यादा होने के चलते आग बेकाबू हो गई। और एक के बाद एक समान को अपनी चपेट में लेती गई। पहले ये दो फोटो देखिए… फायर ब्रिगेड की टीम ने पाया काबू स्थिति बेकाबू होती देख जहां उन्होंने मौके पर उन्हें सूचित किया। वहीं, आसपास के लोगों की मदद से फायर ब्रिगेड तक पहुंच की गई तो फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की टीम ने बामुश्किल आग पर काबू पाया। करन ने कहा कि उन्होंने कर्ज लेकर किसान पिज्जा हट का निर्माण करवाया था, लेकिन इस घटना के दौरान जहां फर्नीचर, एसी व अन्य सामान जलकर राख हो गया। इस घटना से 6 से 7 लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारण सामने नहीं आ पाए हैं, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जाहिर की जा रही है।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि परिसर का विस्तृत निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मीडिया को पूरे परिसर का भ्रमण कराते हुए अब तक हुए निर्माण कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में बनाए गए सप्त मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निषाद राज गुहा, देवी अहिल्या और माता शबरी जैसे मंदिरों के निर्माण के पीछे उद्देश्य समाज के उन वर्गों को सम्मान देना है, जिनका राम कथा में विशेष योगदान रहा है। चार मंदिरों पर ध्वजारोहण, तीन पर जल्द होगा आयोजन नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि सप्त मंदिरों में से चार मंदिरों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष तीन मंदिरों पर जल्द ही ध्वजारोहण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिव मंदिर पर ध्वजारोहण के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है। 19 निर्माण कार्य ट्रस्ट को होंगे हस्तांतरित उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि परिसर के भीतर अब तक कुल 19 प्रमुख निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिन्हें शीघ्र ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा। इन परियोजनाओं पर अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिसर के विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निर्णयों में राजनीति की भूमिका पर दिया बयान पत्रकार वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी बड़े निर्णय में लगभग 20 प्रतिशत फैसले प्रशासनिक होते हैं, जबकि 80 प्रतिशत निर्णय राजनीतिक होते हैं। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कार्रवाई के लिए तैयार फाइल को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने वापस कर दिया था और कार सेवकों पर गोली न चलाने का निर्णय लिया था। यह बयान उस सवाल के संदर्भ में आया, जिसमें मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल के दौरान कर सेवकों पर गोली चलाने के आदेश को लेकर उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई थी। परिसर को वैश्विक आस्था केंद्र बनाने की तैयारी नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर परिसर को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक वैश्विक आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में अयोध्या न केवल देश, बल्कि दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
जन समाधान दिवस में 17 आवेदनों का तुरंत निपटारा:खगड़िया DM ने दिए समयबद्ध समाधान के सख्त निर्देश
खगड़िया में जन समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें आम जनता से कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए। संबंधित विभागों द्वारा इन आवेदनों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया गया। कार्यक्रम में लोगों ने अपनी समस्याएं प्रस्तुत कीं। जिलाधिकारी नवीन कुमार के स्पष्ट निर्देश पर प्रत्येक आवेदन को प्राथमिकता दी गई। संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की समस्याओं के समाधान में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा इस अवसर पर जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि जन समाधान दिवस का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनकर उनका त्वरित और संतोषजनक समाधान करना है। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है, ताकि किसी भी नागरिक को अपनी समस्या के लिए भटकना न पड़े। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे हर आवेदन का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की मंशा है कि जनता और प्रशासन के बीच की दूरी कम हो और लोगों को उनकी समस्याओं का समाधान उनके ही क्षेत्र में मिले। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया गया कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मौके पर ही कई समस्याओं का समाधान किया गया, जिससे आवेदकों को तत्काल राहत मिली। खगड़िया जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह पहल सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम है। इसके माध्यम से जनता की आवाज को प्राथमिकता देते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
गोपालगंज में सिधवलिया की अंचलाधिकारी (सीओ) प्रीतिलता और 10 हजार रुपये के इनामी भू-माफिया बदमाश के बीच बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंचलाधिकारी प्रीतिलता पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। अपराधी को विभागीय कार्रवाई में मदद की बात वायरल ऑडियो में सीओ की बातचीत फरार अपराधी रंजन यादव से होने का दावा किया जा रहा है। इसमें सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के मुद्दे पर चर्चा की गई है। साथ ही, अपराधी को विभागीय कार्रवाई से बचाने और उसकी मदद करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, यह ऑडियो करीब दो साल पुराना बताया जा रहा है, जो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। रंजन यादव गोपालगंज के कुख्यात अपराधी सुरेश यादव की पश्चिम बंगाल के हावड़ा में हुई हत्या के मामले में पिछले छह माह से फरार है। गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। सरकारी भूमि की बंदरबांट का प्रयास इस संदर्भ में जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि सोशल साइट पर वायरल हो रहे ऑडियो रिकॉर्डिंग में अंचलाधिकारी प्रीतिलता और जिले के शातिर अपराधी-सह-भू-माफिया के बीच बातचीत स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है। इसमें अंचलाधिकारी द्वारा एक अपराधी का अभिवादन करते हुए सुनियोजित षड्यंत्र के तहत सरकारी भूमि की बंदरबांट का प्रयास किया जा रहा है। डीएम ने आगे कहा कि ऑडियो क्लिप में अंचलाधिकारी द्वारा सरकारी भूमि के एक हिस्से में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण कराने का प्रस्ताव भू-माफिया को दिया जा रहा है, जबकि शेष संपूर्ण भू-भाग भू-माफियाओं के हाथों में सौंपने हेतु मान-मनव्वौल किया जा रहा है। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा इससे यह गंभीर तथ्य उजागर होता है कि शातिर अपराधी से गहरी सांठगांठ कर अपनी व्यक्तिगत लिप्सा की पूर्ति के लिए सरकारी अचल संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा है। फिलहाल, प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और सीओ पर एफआईआर दर्ज कर विभागीय कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया द्वारा भू-माफिया से की गयी वार्ता न सिर्फ अत्यंत लज्जाजनक है बल्कि विभागीय गरिमा को धूल-धूसरित भी करता है। उल्लेखनीय है कि अंचल अधिकारी का पदीय दायित्व सरकारी भूमि का संरक्षण है। परन्तु प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया द्वारा भू-माफियाओं को संरक्षित एवं संपोषित कर उनकी मिलीभगत से सरकारी भूमि के बंदरबांट का प्रयास किया जाना निःसंदेह एक संज्ञेय अपराध एवं एक लोकसेवक के लिए निरूपित आचार नियमावली 1973 के नियम-3 के सर्वथा प्रतिकूल है। है। अतएव प्रीतिलता, अधिसूचित अंचल अधिकारी, सिधवलिया के उक्त वर्णित कृत्य के लिए उनके विरूद्ध विधिक कार्रवाई किया जाना अत्यंत आवश्यक है।अतः उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में प्रियव्रत कुमार, प्रभारी अंचल अधिकारी, सिधवलिया को आदेश दिया जाता है कि प्रीतिलता के उक्त वर्णित कृत्यों के लिए उनके विरूद्ध स्थानीय थाना में सुसंगत धाराओं के अंतर्गत 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज कराते हुये अनुपालन से अनिवार्य रूप से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
फरीदकोट जिले के कोटकपूरा में मोगा रोड पर नए बस स्टैंड के पास शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे एक चलती निजी बस के ड्राइवर को अचानक दौरा पड़ गया। इस घटना के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पहले एक कार से टकराई, जिसके बाद सामने से आ रही एक अन्य निजी बस से सीधी टक्कर हो गई। गनीमत रही कि इस हादसे में दोनों बसों में सवार यात्री सुरक्षित रहे और किसी भी यात्री को गंभीर चोटें नहीं आईं। लोगों चालक बस से बाहर निकाला। उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया। बस स्टैंड के पास ही हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, न्यू दीप कंपनी की बस फरीदकोट से बठिंडा जा रही थी, जब कोटकपूरा के नए बस स्टैंड के पास ड्राइवर करनैल सिंह को अचानक दौरा पड़ा।दौरे के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया और वह पहले एक कार से टकराई, जिसके बाद सामने से आ रही जीएनटी कंपनी की बस से जा टकराई। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। दौरा पड़ने से घायल हुए ड्राइवर करनैल सिंह को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। न्यू दीप बस में सवार एक यात्री गोरा ने बताया कि ड्राइवर को अचानक दौरा पड़ने के कारण यह हादसा हुआ। वहीं, दूसरी बस के ड्राइवर हरदीप सिंह ने कहा कि जैसे ही वह बस स्टैंड से बाहर निकले, सामने से आ रही बस के साथ उनकी टक्कर हो गई। ट्रैफिक पुलिस ने जाम खुलवाया सिटी ट्रैफिक पुलिस के इंचार्ज एएसआई हरपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और ट्रैफिक को बहाल कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुजफ्फरपुर में निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने और अभिभावकों को आर्थिक राहत देने करने के लिए प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रमंडल के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) शामिल हुए। बैठक में आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि निजी स्कूलों का संचालन पूरी पारदर्शिता और सरकारी नियमों के अनुरूप सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके और अभिभावकों के हित सुरक्षित रह सकें। वार्षिक शुल्क में अधिकतम 7 प्रतिशत हो सकती है वृद्धि आयुक्त ने विशेष रूप से बिहार निजी विद्यालय शुल्क (विनियमन अधिनियम) 2019 के प्रावधानों के सख्ती से पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के तहत कोई भी निजी विद्यालय वार्षिक शुल्क में अधिकतम 7 प्रतिशत तक ही वृद्धि कर सकता है। इसके बावजूद कई विद्यालयों की ओर से मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसे अवैध और अनुचित करार दिया। सभी डीईओ को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में निजी विद्यालयों की नियमित जांच और निगरानी करें। शुल्क संरचना सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा कर निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। ड्रेस और बुक पर सख्त आदेश पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के मुद्दे पर भी आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। इस प्रकार की बाध्यता को अनुचित बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यूनिफॉर्म का रंग और डिजाइन ऐसा हो जो आसानी से बाजार में उपलब्ध हो, ताकि अभिभावक अपनी सुविधा से कहीं से भी खरीद सकें। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया। इन कंट्रोल रूम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, शिकायतों का पंजी संधारित करने और उनका समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में सरकारी स्कूल की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति, नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने, और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग को भी अनिवार्य बताया। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई का निर्देश आयुक्त ने यह भी कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान देना जरूरी है। इसके लिए विद्यालयों में खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा देने और पंचायत स्तर पर उपलब्ध खेल मैदानों का अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए। अंत में आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा और चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
पन्ना में बाघ ने महिला पर हमला किया:2 किमी कंधे पर लादकर घायल को गांव पहुंचाया, अस्पताल में भर्ती
पन्ना जिले के उत्तर वन मंडल के विश्रामगंज रेंज में एक बाघ ने महुआ बीनकर लौट रही महिला पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के साहस से महिला की जान बच गई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना विश्रामगंज रेंज के टगरा बीट के कक्ष क्रमांक 299 (महुआ टोला) में हुई। शाम करीब 6:00 बजे, हीरापुर टपरियन निवासी 35 वर्षीय रामकली कोंदर पति किशन कोंदर अपने साथियों के साथ घर लौट रही थीं। तभी घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर अचानक हमला कर दिया। बाघ ने महिला की टांग पकड़ ली और उसे घसीटकर घने जंगल की ओर ले जाने लगा। महिला की चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद 6-7 ग्रामीणों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने शोर मचाते हुए लकड़ियों से बाघ पर हमला किया। ग्रामीणों के इस सामूहिक प्रयास से बाघ महिला को छोड़कर जंगल में भाग गया। प्रत्यक्षदर्शी नंद लाल ने बताया कि इस दुर्गम जंगली इलाके में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था, जिससे तत्काल मदद नहीं मिल सकी। ग्रामीणों ने महिला के पैर में कपड़ा बांधकर खून रोका। इसके बाद, ग्रामीणों ने घायल महिला को कंधे पर लादकर लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर गांव तक पहुंचाया। वहां से उसे जिला चिकित्सालय पन्ना ले जाया गया। विश्रामगंज रेंजर अजय बाजपेई ने बताया कि महिला को तत्काल इलाज के लिए भर्ती कराया गया है और उसे आर्थिक सहायता राशि भी प्रदान की गई है। उन्होंने ग्रामीणों को महुआ के सीजन में अकेले जंगल में न जाने की सलाह दी है। घायल महिला का उपचार जिला चिकित्सालय पन्ना में जारी है। उसके पैर और कंधे में गंभीर चोटें आई हैं।
मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड में प्रेस प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान बेनीपट्टी विधायक विनोद नारायण झा ने एनडीए गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वे ऐसे गठबंधन का हिस्सा हैं, जो पूरे देश में समय की कसौटी पर खरा उतरा है। उनका दावा था कि इतने लंबे समय तक एनडीए के अलावा कोई अन्य गठबंधन टिक नहीं पाया है। विधायक झा ने कहा कि एनडीए के सभी घटक दल मिलकर बिहार के लिए एक बेहतर और सक्षम मुख्यमंत्री का चयन करेंगे, इसलिए किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले, कलुआही प्रखंड अंतर्गत पालीमोहन पंचायत के कपड़िया गांव स्थित गुमनी पोखर में नवनिर्मित छठ घाट का लोकार्पण किया गया। इस घाट का उद्घाटन विनोद नारायण झा ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत विधायक ऐच्छिक कोष से करीब आठ लाख रुपये की लागत से कराया। इस मौके पर उन्होंने कलुआही प्रखंड में जल्द ही एक डिग्री कॉलेज की स्थापना की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि इस घाट के निर्माण से स्थानीय लोगों को छठ महापर्व मनाने में काफी सुविधा मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलुआही पूर्वी मंडल अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने की। इस अवसर पर पश्चिमी मंडल अध्यक्ष शशि कुमार साहू, राजाराम झा, राकेश कुमार सिंह, जियालाल पासवान सहित सैकड़ों ग्रामीण और कार्यकर्ता मौजूद रहे। राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव के वेतन संबंधी बयान पर तंज कसते हुए विधायक झा ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कलेक्टर से लेकर चपरासी तक सभी को महीने की पहली तारीख को ही वेतन मिल जाता है। उन्होंने कहा कि यह लालू राज नहीं, बल्कि नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की गारंटी वाली सरकार है।
मोगा पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए थाना बधनी कलां क्षेत्र में अवैध कब्जों को हटाया। पुलिस ने तीन कुख्यात तस्करों द्वारा नगर पंचायत की जमीन पर किए गए कब्जों को ध्वस्त कर दिया। इन अवैध कब्जों की कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई फरीदकोट रेंज के आईजीपी नीलांबरी जगदले विजय के दिशा-निर्देशों और एसएसपी मोगा अजय गांधी की अगुवाई में की गई। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। SSP बोले- अभियान आगे भी जारी रहेगा एसएसपी अजय गांधी ने बताया कि कुलवंत सिंह उर्फ डोगर और उसका बेटा गगनदीप सिंह उर्फ डुग्गीमैन, निवासी राऊके रोड बधनी कलां, ने नगर पंचायत की लगभग 7-8 मरले जमीन पर अवैध रूप से मकान बनाकर कब्जा किया हुआ था। इसके अलावा दर्शन सिंह उर्फ रांझा और रेशम सिंह उर्फ रेसू ने भी पंचायत की जमीन पर चारदीवारी कर अवैध कब्जा किया हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी नशा तस्करी में शामिल हैं और इनके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर जमीन को नगर पंचायत के हवाले कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरजीएचएस के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दवाइयां नहीं मिलने के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा- आरजीएचएस की दवाइयां कर्मचारियों को नहीं मिल रही हैं। उनकी तनख़्वाह में से दवाई का पैसा कट रहा है। आज अस्पतालों को भुगतान नहीं होने की वजह से अस्पतालों ने हड़ताल कर रखी है और कर्मचारी और पेंशनर्स को दवाइयां देने से मना कर रहे हैं। ये कर्मचारी और पेंशनर्स जाएं तो जाएं कहां? जूली ने कहा- क्या मुख्यमंत्री जी, आपको इतना भी नज़र नहीं आता कि मेरे जो कर्मचारी हैं, मेरे जो पेंशनर्स हैं, जो बुज़ुर्ग लोग हैं, वे किस परिस्थिति से गुज़र रहे हैं? कैसे वे दवाइयों की व्यवस्था कर पा रहे होंगे? रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को जरूरत होती है। उसे बार–बार अस्पताल जाना पड़ता है, आप हैं कि इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे। मुख्यमंत्री जी, आरजीएचएस का बजट जारी कीजिए, पेंशनर्स का भुगतान कीजिए, कर्मचारियों का भुगतान कीजिए। ऐसे कैसे काम चलेगा? कांग्रेस राज के दौरान कभी भी इलाज में दिक्कत नहीं आई जूली ने कहा- आरजीएचएस में कांग्रेस राज के दौरान कभी भी इलाज में दिक्कत नहीं आई, लेकिन अब हर जनता से जुड़ी योजना पटरी से उतर गई है। सरकार की इससे ज्यादा कोई लापरवाही नहीं हो सकती। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिन योजनाओं ने प्रदेश को अग्रणी बनाया, उन्हें ही यह सरकार लगातार कमजोर कर रही है। कोई भी सरकार स्वास्थ्य की योजनाओं के प्रति इतना गैर जिम्मेदाराना कैसे हो सकती है?
मंडला जिले के बिछिया सीएचसी में गुरुवार को सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल के गेट पर प्रतिबंधित सामग्री की जांच कर रहे गार्ड को पूर्व पार्षद विवेक पांडे ने पीट दिया। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। गुटखा खाकर अस्पताल में प्रवेश करने से रोका था जानकारी के अनुसार, बिछिया सीएचसी में आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात पंचूलाल यादव (45) मुख्य द्वार पर ड्यूटी कर रहे थे। सुबह करीब 11:30 बजे बिछिया निवासी विवेक पांडे गुटखा खाकर अंदर जाने लगे। जब गार्ड ने उन्हें रोका और टोका, तो पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता विवेक पांडे आक्रोशित हो गए। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गार्ड के साथ गाली-गलौज की और उसके चेहरे पर वार कर दिए, जिससे पंचूलाल को चोट आई है। देखें दो तस्वीरें.. पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश जारी घटना के बाद पीड़ित गार्ड ने बिछिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी विवेक पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अस्पताल प्रबंधन ने भी सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारी के साथ अभद्रता की निंदा की है। ASP शिवकुमार वर्मा ने बताया- सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर केस कर लिया गया है। पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बक्सर PICU वार्ड में गंदगी पर एक्शन:DM ने डॉक्टर-स्टाफ की कमी दूर करने का प्रस्ताव भेजा
बक्सर सदर अस्पताल में 2.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पीकू (PICU) वार्ड की बदहाली पर खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। लंबे समय से बंद पड़े इस वार्ड में गंदगी, शराब की बोतलें और नशे के सामान मिलने की तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल सफाई अभियान शुरू किया। अस्पताल परिसर से शराब की खाली बोतलें, नशीले इंजेक्शन, सॉल्यूशन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री हटाई गई। पूरे परिसर की गहन साफ-सफाई कराई जा रही है। पीकू वार्ड के शुरू न होने का मुख्य कारण डॉक्टरों और स्टाफ की कमी बक्सर की जिलाधिकारी साहिला ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पीकू वार्ड के शुरू न होने का मुख्य कारण डॉक्टरों और स्टाफ की कमी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक मानव बल और विशेषज्ञ डॉक्टरों की जल्द आपूर्ति की मांग की है। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि पर्याप्त डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ उपलब्ध होते ही इस अत्याधुनिक पीकू वार्ड को जल्द से जल्द चालू कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार बच्चों को जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। सफाई और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू हो गई हालांकि सफाई और प्रारंभिक कार्रवाई शुरू हो गई है, लेकिन यह सवाल अब भी बना हुआ है कि करोड़ों की लागत से बने इस वार्ड को दो साल तक बंद क्यों रखा गया था। प्रशासन की वर्तमान सक्रियता से यह उम्मीद जगी है कि बक्सर के बच्चों को जल्द ही इस महत्वपूर्ण पीकू यूनिट का लाभ मिल पाएगा।
सोनभद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष तारा देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से फंड जारी होने के बावजूद उनका भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान के नाम पर उनसे अवैध वसूली की जाती है और शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। जिला सचिव जानकी देवी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में योगदान दे रही हैं, लेकिन उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में वर्ष 2018 से किए गए कार्य का भुगतान अब तक नहीं मिला है। जानकी देवी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी आशा कार्यकर्ताओं को प्राप्त नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने कुष्ठ रोग, टीबी, दस्तक और संचारी रोग अभियानों सहित कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों में किए गए कार्य की प्रोत्साहन राशि भी वर्षों से लंबित होने की बात कही। आभा आईडी (ABHA ID) के सृजन में 1 जनवरी 2023 से किए गए कार्य का भुगतान भी 2024 से अधूरा और कम किया जा रहा है। धरना दे रहीं आशाओं ने बताया कि दस्तक और संचारी अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में उन्हें मात्र 10 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि पर काम करने को मजबूर किया जाता है, जबकि इस कार्य में पूरा दिन घर-घर जाकर निरीक्षण और लोगों को जागरूक करने में लग जाता है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सभी लंबित भुगतान नहीं किए गए, तो वे दोबारा हड़ताल करने को विवश होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
मिर्जापुर में विश्व होम्योपैथिक दिवस पर डॉ. सैमुएल हैनिमैन की जयंती मनाई गई। यह समारोह आरोग्य भारती और होम्योपैथिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मनमोहन होम्यो सभागार, नकहरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। होम्योपैथिक एसोसिएशन के सचिव सुनील कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए होम्योपैथी के महत्व पर प्रकाश डाला। रोगों को जड़ से खत्म करने में सक्षम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जे.एल. विश्वकर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने डॉ. हैनिमैन के जीवन और योगदान पर विस्तार से चर्चा करते हुए होम्योपैथी को एक प्रभावी और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति बताया, जो रोगों को जड़ से खत्म करने में सक्षम है। मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिभुवन पांडेय ने कहा कि होम्योपैथी मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है और इसके उपचार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती काशी प्रांत के सह सचिव डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने आधुनिक समय में होम्योपैथी की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने एविडेंस बेस्ड होम्योपैथी को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। जिला सचिव डॉ. टी.एन. द्विवेदी और कोषाध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी आज के दौर में एक अत्याधुनिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभर रही है। मुख्य वक्ता वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी ने बताया कि होम्योपैथी विश्व की दूसरी सबसे बड़ी चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने कहा कि यह अपने गुणों के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है और समाज की अपेक्षाएं होम्योपैथिक चिकित्सकों से काफी बढ़ गई हैं, जिन्हें पूरा करना सबकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में पवन कुमार, राम जी, शुभम गुप्ता, महेंद्र यादव, रोहित दुबे, राधे मोहन शुक्ला और राम प्रसाद सिंह सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सुनील कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र के सुकहर गांव में पानी भरने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च 2026 को हुई थी। हैंडपंप से पानी भरने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल रामा बादीगीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 7 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा (302) जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया। मृतक रामा बादीगीर की पत्नी सुखमंती देवी ने बताया कि उनकी बेटी पानी भरने गई थी, जहां आरोपी शराब के नशे में बैठे थे। आरोपियों ने कहा था कि हैंडपंप किसी के बाप का नहीं है, पानी नहीं भरने देंगे। इसके बाद आरोपियों ने रामा बादीगीर के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और विभिन्न राज्यों में छिपने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पहले एक आरोपी को पकड़ा। इसके बाद, बाकी चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे भी बरामद कर लिए हैं। चितरंगी थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
अररिया में पोषण पखवाड़ा का DM ने किया शुभारंभ:समन्वय और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
अररिया जिले में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक आयोजित होने वाले 8वें पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ जिलाधिकारी विनोद दूहन ने किया। इस अवसर पर एक उद्घाटन सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य पखवाड़े के सफल क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था। जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इससे पूर्व, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी ने पौधा भेंट कर जिलाधिकारी का स्वागत किया। जिला एवं परियोजना स्तर से सतत निगरानी की जा रही पोषण पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य बच्चों के जीवन के प्रथम छह वर्षों में मस्तिष्क के समुचित एवं सर्वोत्तम विकास के लिए पोषण और प्रारंभिक बाल उद्दीपन के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। इस अवधि में निर्धारित गतिविधि कैलेंडर और अवधारणा नोट के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विशेष गतिविधियां भी संचालित होंगी। सभी गतिविधियों की प्रविष्टि जन-आंदोलन डैशबोर्ड पर सुनिश्चित की जा रही है, जिसकी जिला एवं परियोजना स्तर से सतत निगरानी की जा रही है। दो मुख्य अवधियों में विशेष गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा वर्ष 2026 के पोषण पखवाड़ा के तहत पांच प्रमुख थीम निर्धारित किए गए हैं। इनमें से दो मुख्य अवधियों में विशेष गतिविधियों पर जोर दिया जा रहा है। 9 से 15 अप्रैल तक मातृ एवं शिशु पोषण तथा 0-3 वर्ष के बच्चों के लिए प्रारंभिक उत्तेजना पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसका लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों में पोषण एवं देखभाल व्यवहार को सुदृढ़ करना तथा बच्चों के संज्ञानात्मक एवं भाषा विकास को बढ़ावा देना है। स्कूल रेडीनेस और समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा वहीं, 16 से 23 अप्रैल तक 3-6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा के माध्यम से स्कूल रेडीनेस और समग्र विकास सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, बच्चों में स्क्रीन टाइम में कमी लाकर स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पूरे पखवाड़े के दौरान मजबूत आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण हेतु सामुदायिक सहभागिता को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी जिलाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देशित किया कि पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत निर्धारित सभी गतिविधियों का गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा आमजन की सक्रिय भागीदारी से इसे जन-आंदोलन का स्वरूप प्रदान करें, ताकि कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित की जा सके। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी रेणु कुमारी, अहमद रजा खान, जिला समन्वयक कुणाल श्रीवास्तव सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं महिला पर्यवेक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
राजधानी रायपुर में चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गैंग मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से लग्जरी वाहन में सवार होकर देशभर के अलग-अलग शहरों में घूम-घूमकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाता था। पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को पकड़ा है, जिनमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा इंदौर निवासी संध्या सकटे, सोनिया हातागले, उज्वाला हातागले, साखरा बाई, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, और अभय हतागले को गिरफ्तार किया है। इस तरह पुलिस ने पकड़ा मामले का खुलासा उस समय हुआ जब डी.डी. नगर थाना क्षेत्र में चंगोराभाठा बाजार से 66 वर्षीय महिला की सोने की चेन झपट ली गई। पीड़िता निर्मला वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास मंडराती दिखीं और मौका पाकर चेन चोरी करती नजर आईं। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध इनोवा वाहन भाठागांव बस स्टैंड के पास देखा गया है। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका, जिसमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष सवार थे। पूछताछ में वे गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। एक दर्जन से ज्यादा वारदात की रायपुर में पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रायपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डी.डी. नगर में एक दर्जन से अधिक वारदातें कर चुके हैं। इसके अलावा गिरोह ने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भी चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया है। चेन सहित गाड़ी और कटर जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपए नकद, 1 सोने की चेन, 1 कटर, 4 मोबाइल फोन और एक इनोवा कार (MP-09-BP-1064) जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 11.30 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की चेन बेचकर ही यह लग्जरी वाहन खरीदा था। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
मैनपुरी में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन चुनाव संपन्न:अध्यक्ष और जिला मंत्री चौथी बार बने
मैनपुरी में मंगलवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का अधिवेशन और चुनाव संपन्न हुआ। करहल रोड स्थित एक मैरिज होम में आयोजित इस प्रक्रिया में नेत्रपाल सिंह को अध्यक्ष चुना गया, जबकि शिवमंगल सिंह चौथी बार जिला मंत्री बने। चुनाव प्रक्रिया शाम 7:30 बजे तक पूरी हो गई थी। नामांकन और मतदाता गणना सहित सभी चरणों को पूरा करने के बाद नेत्रपाल सिंह को नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। शिवमंगल सिंह ने चौथी बार जिला मंत्री का पद संभाला। एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और जिला मंत्री का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर संगठन को आगे बढ़ाने और विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, जनपद शाखा मैनपुरी के द्विवार्षिक चुनाव में अन्य पदों पर भी पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर रामवीर सिंह, उपाध्यक्ष पद पर कुलदीप राजपूत, संगठन मंत्री मानसिंह शाक्य, संयुक्त मंत्री जयकेश यादव, संप्रेक्षक अतुल पाल, कोषाध्यक्ष राहुल शाक्य और मीडिया प्रभारी प्रदीप दीक्षित शामिल हैं।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के कार्यों के तहत सड़क चौड़ीकरण जारी है। इसी क्रम में इंदौर रोड स्थित पंचमपुरा में एक माताजी मंदिर की प्रतिमाओं को स्थानीय लोगों की उपस्थिति में विधि-विधान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया। यह स्थानांतरण आपसी सहमति से हुआ। इंदौर रोड पर दो तालाब से टैगोर चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना चल रही है। पंचमपुरा इलाके में स्थित माताजी मंदिर इस मार्ग के चौड़ीकरण में बाधा बन रहा था, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सहमति बनाई गई। स्थानीय पार्षद और क्षेत्र के निवासियों की मौजूदगी में मंदिर की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पूजन-पाठ के बाद दूसरे मंदिर में स्थापित किया गया। इस प्रक्रिया में ढोल के साथ धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। स्थानीय पार्षद राजेंद्र कुंवाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के बाद उसी स्थान पर मंदिर का पुनः निर्माण किया जाएगा और प्रतिमाओं की विधिवत पुनः स्थापना की जाएगी। इस दौरान पार्षद राजेंद्र कुंवाल, ओमप्रकाश मोहने, मोनू वर्मा, किशोर मोहने और उपयंत्री मुकुल मेश्राम सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
किशनगंज के बहादुरगंज थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय उच्च पथ पर एलआरपी चौक के पास एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की जान चली गई। शुक्रवार को हुए इस हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। गनीमत रही कि जिस समय यह घटना हुई, ढाबा बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मृतक की पहचान अररिया के जोकीहाट थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद रेजा (22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कुड्डूस आलम के पुत्र थे। वह ट्रैक्टर पर बिजली का पोल लादकर जा रहे थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अचानक ट्रैक्टर का स्टेयरिंग फेल हो गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक ढाबे में जा घुसा। ट्रैक्टर पर लदा भारी पोल भी ढाबे की दीवार से टकराया। ढाबा बंद होने के कारण उस समय कोई ग्राहक मौजूद नहीं था, अन्यथा कई लोगों की जान जा सकती थी। इस दुर्घटना में ट्रैक्टर चालक मोहम्मद रेजा को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरा परिवार गहरे सदमे में है। सूचना मिलते ही बहादुरगंज थाना प्रभारी संदीप कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ अपर थाना प्रभारी दिलशाद, एसआई प्रिंस कुमार और राहुल कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में स्टेयरिंग फेल होना मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि इसकी तकनीकी जांच भी कराई जाएगी। यह घटना राष्ट्रीय उच्च पथ पर हुई है, जहां वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। स्थानीय लोग अक्सर इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क की खराब स्थिति को लेकर शिकायत करते रहे हैं। हाल के दिनों में किशनगंज जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि देखी गई है।परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द जांच पूरी करने
सिवनी जिले के घंसौर मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम साप्ताहिक बाजार के दौरान वसूली को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदार के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच हुई इस झड़प में दो व्यापारियों पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार के कर्मचारी द्वारा की जा रही वसूली पर कुछ व्यापारियों ने आपत्ति जताई थी। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ठेकेदार पक्ष के लोगों ने अचानक आक्रामक होकर व्यापारियों पर हमला कर दिया। हमले में घायल हुए व्यापारियों की पहचान अमित नामदेव और गणेश नामदेव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है। यह घटना बीच बाजार में हुई, जिससे बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया ने बताया कि विवाद और हमले की सूचना मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी शौरभ शिवहरे सहित उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने पलवल में बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने नगर परिषद पलवल के क्लर्क सुनील कुमार को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सुनील कुमार नगर परिषद में क्लर्क के पद पर कार्यरत होने के साथ-साथ पटवारी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहा था। शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने एसीबी को बताया था कि क्लर्क सुनील कुमार उसकी जमीन को नगर परिषद की सीमा से बाहर दर्शाने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। जिस पर उसने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद बिछाया जालशिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, एसीबी पलवल इकाई की टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान, आरोपी सुनील कुमार को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। यह पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ की गई। आरोपी के खिलाफ थाना एसवी एंड एसीबी फरीदाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी प्रमुख ए.एस. चावला ने इस संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ में लंबे समय से अटकी मार्बल मार्केट की शिफ्टिंग को लेकर अब बड़ी राहत मिली है। सेक्टर-56 में बनने वाली बल्क मैटेरियल मार्केट को केंद्र सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पर्यावरण मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही धनास स्थित मार्बल मार्केट को नए स्थान पर स्थानांतरित करने का रास्ता साफ हो गया है। करीब 44 एकड़ में विकसित होने वाली इस मार्केट पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। प्रोजेक्ट के तहत 191 प्लॉट और 48 बूथ साइट्स बनाई जाएंगी, जिन्हें लीज होल्ड आधार पर नीलाम किया जाएगा। अब तक पर्यावरण मंजूरी न मिलने के कारण एस्टेट ऑफिस नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहा था, लेकिन मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही प्लॉट्स की नीलामी शुरू होने की उम्मीद है। 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला यह प्रोजेक्ट 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, इसलिए पर्यावरण प्रभाव आकलन नियमों के तहत केंद्रीय मंजूरी जरूरी थी। पहले इस प्रोजेक्ट को लेकर पर्यावरण नियमों के उल्लंघन के आरोप भी लगे थे, जिस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने प्रशासन से जवाब मांगा था। अब मंजूरी मिलने के बाद प्रशासन को सभी पर्यावरणीय शर्तों का पालन करना होगा। प्रशासन की योजना के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद धनास की मार्बल मार्केट को सेक्टर-56 में शिफ्ट किया जाएगा। यहां भविष्य में मार्बल के साथ-साथ फर्नीचर कारोबारियों को भी जगह दी जाएगी। अस्थायी रूप से चल रही मार्बल मार्केट धनास की मार्बल मार्केट कई वर्षों से अस्थायी रूप से चल रही है और इसे अवैध माना जाता है। इसे हटाने के निर्देश हाईकोर्ट भी दे चुका है। नई मार्केट बनने से व्यापारियों को व्यवस्थित और वैध स्थान मिलेगा। साथ ही शहर के अंदर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक व अतिक्रमण की समस्या में भी सुधार आने की उम्मीद है। नई मार्केट में चौड़ी सड़कें, पार्किंग की सुविधा, जल आपूर्ति, सीवरेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, पावर सब-स्टेशन और ग्रीन एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। 352 पेड़ों को हटाने की बाधा प्रशासन ने की दूर सेक्टर-56 में इस प्रोजेक्ट के लिए 352 पेड़ों को हटाने की बाधा भी थी, जिसे अब प्रशासन ने मंजूरी देकर दूर कर दिया है। वहीं, धनास की मौजूदा मार्बल मार्केट किसानों की करीब 200 एकड़ कृषि योग्य जमीन पर बनी हुई है, जिसे प्रशासन अतिक्रमण मानता है और अधिग्रहण की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। यह मार्केट ट्राईसिटी के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लोगों के लिए भी प्रमुख केंद्र है। प्रशासन के सर्वे के अनुसार यहां करीब 182 लोग कार्यरत हैं।
अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में बस स्टैंड के पास 4 अप्रैल की शाम चार मंजिला अग्रवाल लॉज ढह गया था। इस हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद अब मामले की मजिस्ट्रीयल जांच शुरू की गई है। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम कोतमा सतीश वर्मा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच दल इस मामले से संबंधित सभी साक्ष्य एकत्रित करेगा। मजिस्ट्रीयल जांच के लिए लिखित साक्ष्य 17 अप्रैल को प्रस्तुत किए जाएंगे। कोतमा नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी के अनुसार, अग्रवाल लॉज के बगल के भूस्वामी रामनरेश गर्ग और राकेश कुमार ने बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया था और गहरा गड्ढा खोदा था। यह निर्माण कार्य ही लॉज के ढहने का एक संभावित कारण माना जा रहा है। मजिस्ट्रीयल जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गौर किया जाएगा। इनमें अग्रवाल लॉज का स्वामित्व, उसके निर्माण की अनुमति और शर्तों का पालन, बगल में रामनरेश गर्ग व राकेश कुमार द्वारा किए गए निर्माण की अनुमति, और मध्य प्रदेश भूमि विकास नियम 2012 के मानकों का पालन शामिल है। जांच यह भी तय करेगी कि बिना सक्षम अनुमति के निर्माण कार्य के कारण इमारत ढहने और जनहानि के लिए कौन-कौन दोषी है। इसके अतिरिक्त, नगर निकाय के किस अधिकारी या कर्मचारी की भवन अनुज्ञा और नियमों के पालन की देखरेख में लापरवाही रही, इसकी भी जांच की जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय करेंगे। इन बिन्दुओं के संबंध में जो व्यक्ति लिखित साक्ष्य/दस्तावेजी साक्ष्य एवं कथन देना चाहते हैं तो वे 17 अप्रैल की 11 बजे से शाम 5 बजे तक न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी कोतमा में उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते है। एसडीएम ने बताया कि प्रक्रियाओं के तहत मौखिक या साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर रिपोर्ट कलेक्टर को भेजी जाएगी जिस पर आरोपियों पर दोष सिद्ध कलेक्टर द्वारा तय की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस घटना प्रकरण में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने नगर पालिका कोतमा के राजस्व अधिकारी योगेंद्र तिवारी और बिल्डिंग इंजीनियर वंदना अवस्थी को दोषी पाते हुए गुरुवार को निलंबित किया है। जबकि इससे पूर्व घटना के दूसरे दिन कोतमा पुलिस ने लॉज मालिक लल्लू अग्रवाल और गोस्वामी रामनरेश गर्ग के पुत्र राजीव गर्ग पर मामला दर्ज किया है।
धमतरी में सट्टेबाजी पर बड़ी कार्रवाई:1 महिला सहित 2 आरोपी पुलिस के शिकंजे में, 1.13 लाख का माल जब्त
धमतरी में पुलिस ने जुआ-सट्टा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कुल 1 लाख 13 हजार 500 रुपये का माल जब्त किया है। यह कार्रवाई शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चल रहे सट्टा कारोबार पर की गई। शहर के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन अलग-अलग मामलों में कुल तीन आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पहला मामला विंध्यवासिनी वार्ड स्थित सामुदायिक भवन के पास सामने आया। यहां एक सार्वजनिक स्थान पर अंकों के माध्यम से सट्टा पट्टी लिखते हुए एक आरोपी को पकड़ा गया। उसके पास से सट्टा पर्ची, डॉट पेन और एक मोबाइल फोन सहित कुल 5,050 रुपये का सामान जब्त किया गया। दूसरा मामला रामबाग सब्जी मार्केट धमतरी का है, जहां सट्टा पट्टी के माध्यम से जुआ संचालित करते हुए एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस आरोपी के कब्जे से सट्टा पर्ची, डॉट पेन और एक मोबाइल सहित कुल 7,250 रुपये का माल जब्त किया गया। तीसरा मामला आमातालाब रोड स्थित इनडोर स्टेडियम के पास दर्ज किया गया। यहां एक आरोपी को मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन ऐप पर सट्टा खिलाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। उसके पास से एक आईफोन मोबाइल और नकदी सहित कुल 1 लाख 1,200 रुपये का माल जब्त किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में रामपुर वार्ड, सिटी कोतवाली निवासी अकबर अली (38), रामबाग, धमतरी निवासी सुल्ताना बेगम (53) और सुंदरगंज वार्ड, खेत पार, धमतरी निवासी आयुष वाघवानी (22) शामिल हैं। इन सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
जगराओं पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जमानत पर छूटे एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 59 किलो चूरापोस्त बरामद किया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान जगदीप सिंह उर्फ दीपू निवासी गांव देहड़का के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ थाना हठूर में मामला दर्ज किया गया है। सीआईए स्टाफ के एसआई सुखदेव सिंह ने बताया कि पुलिस टीम गांव मानूके के बस स्टैंड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें गुप्त सूचना मिली कि आरोपी लंबे समय से नशा तस्करी में संलिप्त है और आसपास के गांवों में चूरापोस्त की सप्लाई करता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने की कार्रवाई सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डल्ला नहर के किनारे छापा मारा, जहां आरोपी ग्राहकों का इंतजार कर रहा था। पुलिस ने मौके से उसे काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 59 किलो चूरापोस्त बरामद हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले नशीली गोलियों की तस्करी के मामले में जेल जा चुका है और जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से इस अवैध धंधे में जुट गया था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है और उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
जयपुर पुलिस ने अवैध खान पर शुक्रवार को छापा मारा। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम के तहत 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से बड़ी मात्रा में अवैध विस्फोटकों का जखीरा जब्त किया गया है। चंदवाजी थाना पुलिस की जांच में बिना लाइसेंस खनन ब्लास्टिंग की तैयारी करने का पता चला है। ट्रेनी आईपीएस नितिन चौधरी ने बताया- विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोपी बाबूलाल और सुरेश को गिरफ्तार किया गया है। अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे। चंदवाजी थाना पुलिस को सूचना मिली कि त्रिवेणी क्रेशर के पास स्थित खदान क्षेत्र में दो व्यक्ति अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री जमा कर ब्लास्टिंग की तैयारी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने सूचना पर मौके पर खान पर दबिश दी। छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद नितिन चौधरी ने बताया- तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 32 कार्टन में रखे अमोनियम नाइट्रेट बूस्टर के 286 नग, (कुल वजन करीब 795 किलोग्राम) बरामद किया गया। इसके अलावा 121 डेटोनेटर, डीटीएच वायर, जिलेटिन बत्ती और अतिरिक्त डेटोनेटर भी जब्त किए गए। पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है पूछताछ में आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री रखने के लिए कोई वैध लाइसेंस या अनुमति प्रस्तुत नहीं की। उनके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
मथुरा के वृंदावन में नाव डूबने से 15 मिनट पहले का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो श्रद्धालुओं ने अपने बांके बिहारी सदस्य वॉट्सऐप ग्रुप में पोस्ट किया था। सभी पर्यटक ताली बजाते हुए राधे-राधे का जाप कर रहे थे। सभी काफी खुश दिख रहे हैं। नाव में महिलाओं की संख्या अधिक थी। किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। दरअसल, पंजाब के 27 पर्यटकों से भरी प्राइवेट नाव शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे यमुना नदी में पलट गई। 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हुई है। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। अभी 5 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। जिंदा बचे युवक ने बताया- नाविक को स्पीड करने के लिए टोका था, मगर वह नहीं मानाहादसे में जीवित बचे युवक ने बताया- करीब 25-27 लोग नाव में सवार होकर यमुना नदी में सैर कर रहे थे। सभी लोग कीर्तन कर रहे थे। नाविक तेज स्पीड में नाव चला रहा था। 2 से 3 बार नाविक को हम लोगों ने टोका। कहा कि नाव धीमे चलाओ। उस वक्त हवा तेज चल रही थी और नदी के बीच में हमारी नाव पांटून पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह देखते ही देखते पलट गई। हम सब पानी में गिर गए। चीख-पुकार मच गई। हम गोताखोरों को बुलाने के लिए कह रहे थे। लेकिन मदद नहीं मिली। एंबुलेंस भी नहीं आ रही थी। इसके बाद मौजूद दूसरी नाव और स्थानीय लोगों ने आकर हमें बचाना शुरू किया। हम पूरा परिवार और रिश्तेदार साथ थे। अभी तक काफी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, लेकिन कुछ लोग अभी भी लापता हैं या अस्पताल में हैं। हादसे के लिए प्रशासन जिम्मेदार है। हमारी मांग है कि नाविकों को पकड़ा जाए। स्थिति बहुत डरावनी थी, समझ ही नहीं आया कि पलक झपकते क्या हो गया। अन्य श्रद्धालुओं ने क्या कहा… 120 लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था: एक महिला ने बताया- 120 से ज्यादा लोगों का ग्रुप पंजाब से आया था। नाव पलट गई। कई लोग डूब गए हैं। कुछ लोगों को निकाला गया है। नाविक को नाव रोकने के लिए कहा था: जिस नाव के साथ हादसा हुआ, उसमें लुधियाना जिले के जगराओं के तनिष जैन भी सवार थे। उन्होंने बताया दो बसों से करीब 130 लोग वृंदावन घूमने आए थे। सभी वृंदावन में फोगला आश्रम के पास रुके हैं। तीसरी बार में टक्कर, गोताखोर ने बचाया: उन्होंने कहा कि हमारी नाव जब पीपा पुल के पास पहुंची तो हम लोगों ने नाविक से कहा कि पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई। पास में कुछ गोताखोर थे, जिन्होंने हमें बचाया है। अब जानिए हादसा कैसे हुआशुक्रवार दोपहर 2:30 बजे श्रद्धालु नाव पर सवार होकर यमुना में भ्रमण करने निकले थे। केसी घाट से मात्र 400 मीटर की दूरी पीपा पुल है। उस समय हवा भी काफी तेज चल रही थी। 2:45 बजे नाव हवा की वजह से हिलोरे मारने लगी। अचानक पीपा पुल से टकरा गई। फिर नाव पूरी तरीके यमुना में समा गई। नाव में सवार सभी लोग डूब गए। मौके पर मौजूद गोताखारों ने रेस्क्यू चलाया। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। 10 लोगों की मौत हो गई है। 5 लोग अभी भी लापता है। नाव का भी पता नहीं चला है। मौके पर सेना एनडीआरफ, डीएम एसपी, डीआईजी मौजूद है। स्थानीय ने कहा- नाविक मनमाने तरीके से लोगों बैठाते है, स्थानीय लाला पहलवान ने बताया- प्रशासन को और नाविकों से भी कई बार झगड़ा भी हो चुका है। हम लोगों का कि वो 25-25, 30-30 लोग नाव में बिठा लेते हैं। कोई कायदा थोड़ी है, कोई लाइफ जैकेट नहीं है। खैर, जो भी है हादसा बहुत बड़ा हो गया है। प्रशासन जैसा भी कार्य कर रहा है पर प्रशासन को आगे हम ये बताना चाहते हैं कि लोकल व्यक्तियों से मिलकर, तीर्थ पुरोहित ब्रजवासी पंडा सभा से मिलकर एक योजना बनानी पड़ेगी। यहां पर बाहर के नाविक भी आ गए हैं। मौसी को, भांजी को, मामा को, बुआ को... ये सब आके नाव चला रहे हैं, तो ये गलत है। हादसे का कारण है ओवरलोडिंगहादसे का कारण ओवरलोडिंग है। और ये पुल में बताते हैं कोई रस्सी फंस गई थी। नाव चलने का मतलब है, यमुना विहार, हमारे ठाकुर जी ने यमुना विहार किया था। तो नाव का मतलब केवल घूमना नहीं होता, गाने चलाना नहीं होता। हम प्रशासन से निवेदन करते हैं कि वे एक नियम निर्धारित करें कि 8 आदमी से ज्यादा नहीं होने चाहिए, लाइफ जैकेट होनी चाहिए और एक निर्धारित किराया होना चाहिए। ऐसा होता है कि 100-200 रुपये का किराया रख लिया, उनको लगता है कि जल्दी से घुमा-घुमा के इन्हें छोड़ो और नए आदमी पकड़ो। छोटे-छोटे बच्चे और नौसिखिये लोग चला रहे नावें- पार्षद वृंदावन में कांग्रेस से पार्षद घनश्याम चौधरी ने बताया- यमुना जी में जो नाव पलटी है, उसमें ओवरलोडिंग एक बड़ा कारण रहा है। हमने कई बार प्रशासन को और नाविकों को चेताया था कि नावों में क्षमता से अधिक लोगों को न बिठाया जाए, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बिलकुल नहीं। न तो किसी के पास लाइफ जैकेट थी और न ही बचाव के कोई अन्य साधन। नाव चलाने वाले भी नियमों का पालन नहीं करते। यहां तक कि छोटे-छोटे बच्चे और नौसिखिये लोग नावें चला रहे हैं, जिन्हें पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा नहीं है। हमारी प्रशासन से यही मांग है कि नावों के संचालन के लिए सख्त नियम बनाए जाएँ। लाइफ जैकेट अनिवार्य की जाए, ओवरलोडिंग पर भारी जुर्माना लगाया जाए और केवल अनुभवी नाविकों को ही लाइसेंस दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले मथुरा के वृंदावन में 30 पर्यटकों से भरी प्राइवेट नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-बेटी शामिल हैं। नाव में सवार सभी पर्यटक बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे और पंजाब से घूमने आए थे। पढ़ें पूरी खबर…
सहरसा में 31.25 किलो गांजा बरामद, 1 तस्कर अरेस्ट:छापेमारी के दौरान दौड़ाकर पकड़ा, मक्के के खेत से मिला
सहरसा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। सौरबाजार थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 31.25 किलोग्राम गांजा बरामद किया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। यह गांजा मक्के के खेत में छिपाकर रखा गया था। सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कार्यालय से शुक्रवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 10 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि डीह टोला, वार्ड नंबर-14 निवासी राजेश कुमार अवैध रूप से गांजे की तस्करी में शामिल है और वह खेप भेजने की तैयारी कर रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। छापेमारी के दौरान जब पुलिस टीम आरोपी के घर के पास पहुंची, तो एक युवक पुलिस वाहन को देखकर भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान राजेश कुमार के रूप में बताई और स्वीकार किया कि उसने गांजे को पास के मक्के के खेत में छिपाकर रखा है। टीम ने खेत में चलाया तलाशी अभियान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम ने खेत में तलाशी अभियान चलाया, जहां से कुल 31.25 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही जब्ती सूची तैयार कर गांजे को कब्जे में लिया गया और आरोपी राजेश कुमार को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में सौरबाजार थाना में कांड संख्या 92/2026 दर्ज करते हुए एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20(b)(ii)(c)/29 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने बताया कि इस अवैध धंधे में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष खालिद हयात, एसआई मनीष कुमार, रिरिका कुमारी, बिट्टू कुमार सहित सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
भिवानी जिले के लोहारू थाना पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुरजगढ़ रोड स्थित नाके पर एक वाहन ड्राइवर को 386 ग्राम चूरा पोस्त सहित गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम सुरजगढ़ रोड पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि राजस्थान की ओर से एक बॉलेरो गाड़ी में नशीला पदार्थ लेकर लोहारू की तरफ आ रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने नाके पर सतर्कता बढ़ा दी। पुलिस ने संदिग्ध बॉलेरो को रुकवाया कुछ समय बाद, एक संदिग्ध बॉलेरो गाड़ी (नंबर HR-45E-4421) को नाके के पास रोका गया। ड्राइवर से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अंगेज सिंह निवासी तरनतारन (पंजाब) बताया। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली। गाड़ी के डैशबोर्ड से मिला चूरापोस्त तलाशी के दौरान, वाहन के डैशबोर्ड में एक प्लास्टिक थैली में भरा 386 ग्राम चूरा पोस्त बरामद हुआ। बरामद नशीले पदार्थ को मौके पर ही सील कर कब्जे में लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना लोहारू में एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। इसका उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाना है। इस कार्रवाई में पुलिस टीम के साथ स्वतंत्र गवाह भी मौके पर मौजूद रहे।
राजधानी रायपुर में अवैध सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सट्टा संचालित करने वाले आधा दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 9.05 लाख रुपए नगद समेत करीब 13 लाख रुपए का सामान जब्त किया गया है। कार्रवाई के बाद सट्टा नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। आरोपियों का नाम गुढ़ियारी निवासी राजा साहू, अभय साहू, खमतराई निवासी मंजीत सिंह, आजाद चौक निवासी रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और पुरानी बस्ती निवासी आकाश सिन्हा बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला रायपुर कमिश्नरेट पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने बताया, कि पुलिस को 10 अप्रैल को सूचना मिली थी कि थाना गुढ़ियारी क्षेत्र के गोंदवारा ओवरब्रिज के नीचे कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा चला रहे हैं। सूचना पर रेड मारी गई। रेड के दौरान पुलिस ने मौके से राजा साहू और अभय साहू को पकड़ा। उनके मोबाइल की जांच में सामने आया कि वे ऑनलाइन बैटिंग वेबसाइट के मास्टर आईडी के जरिए सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी खिलाड़ियों को आईडी उपलब्ध कराते थे और कमीशन के तौर पर मोटी रकम वसूलते थे। साथ ही मोबाइल कॉल के जरिए भी क्रिकेट मैच में हार-जीत और सेशन पर दांव लगवाया जा रहा था। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे मंजीत सिंह और रोहित मोटवानी के लिए काम करते हैं। इसके बाद पुलिस ने अन्य ठिकानों पर दबिश दी, जहां हिस्ट्रीशीटर मंजीत सिंह सहित रोहित मोटवानी, हरीश सकलेचा और आकाश सिन्हा को गिरफ्तार किया गया। मंजीत सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास और जुआ एक्ट समेत करीब दो दर्जन अपराध पहले से दर्ज हैं। ऑनलाइन साइट-पट्टी के माध्यम से चल रहा था सट्टा जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन सट्टा साइट्स के अलावा “पट्टी” के माध्यम से भी सट्टा चला रहे थे। आरोपी रोहित मोटवानी और हरीश सकलेचा ऑफलाइन सट्टा संचालन में भी सक्रिय थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 9,05,238 रुपए नगद, 8 मोबाइल फोन, सट्टा पट्टी, कैलकुलेटर और पेन जब्त किया है। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 13 लाख रुपए बताई जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना गुढ़ियारी में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जांच जारी है।
मोहाली के खरड़-लांडरा रोड पर स्थित एक रेस्टोरेंट फूडस वे- 43 में अवैध शराब बेचने के आरोप में एक्साइज विभाग ने शुक्रवार देर शाम बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने रेस्टोरेंट मालिक को दोबारा गिरफ्तार किया है। इस छापेमारी में रेस्टोरेंट से दो पेटी व्हिस्की और मालिक की कार से 9 पेटी बीयर जब्त की गई। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर एक्साइज विभाग के सर्किल खरड़ के इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में की गई। जब्त की गई शराब की पेटियों पर 'फॉर सेल इन चंडीगढ़ ओनली' अंकित था। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह शराब सस्ते दामों पर लाकर रेस्टोरेंट में ग्राहकों को अवैध रूप से बेची जा रही थी। जांच के दौरान रेस्टोरेंट मालिक का लाइसेंस और कार भी बरामद हुई, जो उसी के नाम पर पंजीकृत हैं। गिरफ्तार रेस्टोरेंट मालिक का नाम दविंदर अरोड़ा है। गौरतलब है कि दविंदर अरोड़ा को इसी रेस्टोरेंट में 7 मार्च को हुई छापेमारी के दौरान भी गिरफ्तार किया गया था, तब 88 पेटी अवैध शराब बरामद हुई थी। वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। जानकारी के अनुसार, आरोपी दविंदर अरोड़ा ने शुक्रवार को ही अपने पिछले केस में जब्त मोबाइल फोन संबंधित थाने से छुड़ाया था। इसके कुछ ही समय बाद उसे फिर से अवैध शराब तस्करी के आरोप में पकड़ लिया गया। इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज अशोक चिल्होत्रा के निर्देशों पर ईटीओ दिवान चंद की निगरानी में की गई। छापेमारी के दौरान सिटी थाना पुलिस को भी मौके पर बुलाया गया और संयुक्त रूप से शराब जब्त की गई। पुलिस ने आरोपी की कार को जब्त कर लिया है और दविंदर अरोड़ा से आगे की जांच जारी है। विभाग का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
महू में किन्नर समाज का जुलूस निकला:देशभर से आए लोग, शहर में दिखा उत्सव जैसा माहौल
महू शहर में किन्नर समाज द्वारा एक भव्य जुलूस निकाला गया। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग शामिल हुए। जुलूस देखने के लिए शहरवासियों की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे मार्ग में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। यह जुलूस ड्रिमलैंड क्षेत्र से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा और चक्की वाले महादेव मंदिर पर समाप्त हुआ। रास्ते में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने जुलूस का स्वागत किया। उन्होंने फूल बरसाकर और आरती उतारकर किन्नर समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया। जुलूस के दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप पर किन्नर समाज के लोग नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। इससे माहौल भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। इस आयोजन में सामाजिक एकता और आस्था की झलक देखने को मिली।
व्यापारी को धमकाने और रंगदारी मांगने के मामले में बांसवाड़ा शहर की कोतवाली थाना पुलिस ने 5वीं गिरफ्तारी की है। आरोपी अयूब लाला गैंग का मेंबर है। उसे ध्य प्रदेश की जावरा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में मुख्य सरगना अयूब लाला समेत 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जानकारी के अनुसार- कोतवाली थानाधिकारी बुद्धाराम के नेतृत्व कार्रवाई की गई। आरोपी जितेन्द्र उर्फ अन्ना (41) पुत्र फकीरचन्द तेली (निवासी सदर बाजार पिपलोदा, रतलाम, मप्र) को गिरफ्तार किया। जितेंद्र पहले से ही हत्या के प्रयास के मामले में जावरा जेल में बंद था। उसे बांसवाड़ा पुलिस ने जांच के बाद कस्टडी में लिया और शुक्रवार को न्यायालय में पेश कर पीसी रिमांड पर लिया है। यह है पूरा मामला बांसवाड़ा के कोतवाली थाना इलाके में मुस्लिम कॉलोनी में रहने वाले व्यापारी जैनुद्दीन शब्बीर जेताजी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में व्यापारी ने बताया कि गैंग के सदस्यों ने डरा-धमकाकर रंगदारी की मांग की। इस मामले में पुलिस ने मुख्य सरगना और हिस्ट्रीशीटर अयूब खान पठान और उसके गुर्गों अब्दुल रब उर्फ बब्बू, मोहम्मद आसिफ उर्फ हेरी और फैयाज गनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा। जबकि पांचवा आरोपी अब प्रोडक्शन पर पकड़ा गया है। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र उर्फ अन्ना एक शातिर अपराधी है। इसके खिलाफ मध्य प्रदेश के पिपलोदा और राजस्थान के उदयपुर, दानपुर व बांसवाड़ा थानों में हत्या, मारपीट, धार्मिक भावनाएं आहत करने और आर्म्स एक्ट जैसे कुल 8 गंभीर मामले दर्ज हैं। कोतवाली थाने में उस पर 5 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस टीम में थानाधिकारी बुद्धाराम के साथ उपनिरीक्षक रमेश चन्द्र सेन, सहायक उपनिरीक्षक विशालसिंह और कांस्टेबल खुशपालसिंह की भूमिका रही।
सिरसा जिले के डबवाली में एसडीएम पारस भागोरिया ने शुक्रवार को अनाजमंडी का दौरा किया। उन्होंने गेहूं खरीद प्रक्रिया का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की सुविधा और सहायता प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम भागोरिया ने किसानों और आढ़तियों से बातचीत की। उन्होंने उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और गेहूं की खरीद निर्धारित मानकों के अनुसार समय पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। एसडीएम ने की गेहूं में नमी की जांच एसडीएम ने मौके पर ही मॉइस्चर मीटर (नमी मापक यंत्र) का उपयोग करके फसल की नमी की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि केवल मानक के अनुरूप फसल की आवक ही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों और श्रमिकों के लिए स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही, सभी आवश्यक सुविधाओं का नियमित रखरखाव किया जाए।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने खाप पंचायतों द्वारा सुनाए जाने वाले फरमानों, भारी जुर्माने और सामाजिक बहिष्कार की कुप्रथा को असंवैधानिक करार दिया। एकलपीठ ने मामले में अहम और रिपोर्टेबल फैसला सुनाया है। जस्टिस फरजंद अली की एकल पीठ ने 11 अलग-अलग याचिकाओं पर शुक्रवार को एक साथ सुनवाई की। जस्टिस फरजंद अली ने कहा- किसी का 'हुक्का-पानी बंद' करना या उसे समाज से बहिष्कृत करना नागरिक के मौलिक अधिकारों का सीधा हनन है। कोर्ट ने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को महाराष्ट्र की तर्ज पर नया कानून बनाने का सुझाव दिया। कोर्ट का पुलिस को निर्देश: 90 दिन में पूरी हो जांचकोर्ट ने इस सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए। पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया कि वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति करें। वह सामाजिक बहिष्कार से जुड़े सभी लंबित मामलों की 90 दिन में निष्पक्ष और विस्तृत जांच पूरी करे। साथ ही प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर और एसपी के समन्वय से एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो ऐसी शिकायतों की सुनवाई करेगा। राज्य स्तर पर एक केंद्रीकृत निगरानी तंत्र और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने के भी आदेश दिए गए। 11 मामलों की दास्तां: शादी में घोड़ी-बैंड-बाजे के उपयोग पर जुर्मानाकोर्ट ने जिन 11 मामलों को सुना। ये मामले सिरोही, बाड़मेर, जोधपुर (ग्रामीण व शहरी), नागौर, बालोतरा और जालोर से जुड़े थे। सिरोही के एक मामले में दलित परिवार पर केवल इसलिए एक लाख रुपए का जुर्माना और बहिष्कार थोप दिया गया, क्योंकि बेटे ने शादी में घोड़ी और बैंड-बाजे का उपयोग किया था। बालोतरा के एक मामले में याचिकाकर्ता जब 'मृत्युभोज' के विरुद्ध अभियान चला रहा था, तो खाप ने उस पर 5 लाख का दंड लगाया और परिवार का बहिष्कार किया। इससे याचिकाकर्ता की मां को ऐसा गहरा मानसिक आघात लगा कि उनकी मृत्यु हो गई। नागौर में एक निर्वाचित दलित सरपंच को पंचायत में हाथ जोड़कर एक पैर पर खड़े होने को मजबूर किया गया, जिसमें एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला भी दर्ज हुआ। कोर्ट कमीशन की रिपोर्ट: समानांतर सत्ता चला रहे पंच-पटेलमामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए हाईकोर्ट ने चार एडवोकेट (रामावतार सिंह चौधरी, भागीरथ राय बिश्नोई, शोभा प्रभाकर, देवकीनंदन व्यास) और एक सामाजिक कार्यकर्ता (महावीर कंकारिया) का पांच सदस्यीय आयोग गठित किया था। इस कमीशन ने पाली, बांसवाड़ा, जालोर, जोधपुर (ग्रामीण व शहरी) और जैसलमेर का दौरा कर रिपोर्ट में बताया कि ये पंचायतें एक समानांतर न्यायिक व्यवस्था की तरह काम कर रही हैं। आयोग ने पाया कि केवल अपने अधिकारों की बात करने या प्रेम विवाह करने पर पूरे परिवारों का दाना-पानी और सामाजिक संपर्क बंद कर दिया जाता है। नाता प्रथा पर भी सुनवाई, संवैधानिक अधिकारों का हनन बताया अदालत ने अपने फैसले में 'नाता प्रथा' पर भी चिंताजनक टिप्पणी की। जस्टिस अली ने कहा- कोर्ट ने स्पष्ट किया कि खाप पंचायतों के ये कृत्य संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 21 का खुला उल्लंघन हैं। फैसले में सुप्रीम कोर्ट के 'शक्ति वाहिनी', 'कौशल किशोर' और बीरभूम की घटना से जुड़ी नज़ीरों का विस्तृत उल्लेख करते हुए कहा गया कि राज्य का यह सकारात्मक दायित्व है कि वह निजी व्यक्तियों द्वारा किए जा रहे ऐसे अत्याचारों से नागरिकों की रक्षा करें। महाराष्ट्र की तर्ज पर कानून की दरकारहाईकोर्ट ने इस बात पर चिंता जताई कि राजस्थान में वर्तमान में सामाजिक बहिष्कार को सीधे अपराध घोषित करने वाला कोई विशेष कानून नहीं है। इसके कारण पुलिस को जबरन वसूली जैसी सामान्य धाराओं में कार्रवाई करनी पड़ती है। कोर्ट ने राज्य सरकार को सुझाव दिया कि वह महाराष्ट्र के 'सामाजिक बहिष्कार निषेध अधिनियम 2016' की तर्ज पर एक सख्त कानून बनाए। इसमें सामाजिक और आर्थिक बहिष्कार करने, लागू करने या उसे बढ़ावा देने वालों के लिए स्पष्ट दंडात्मक प्रावधान होने चाहिए ताकि कोई भी नागरिक कानून के दायरे से बाहर रहकर सजा न सुना सके।
डीडवाना में बारात की कार और ट्रैक्टर में भिड़ंत:तीन बाराती गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती
डीडवाना क्षेत्र के छापरी गांव के पास बारात की एक कार और ट्रैक्टर में भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में कार में सवार तीन बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब चोलूंखा से छापरी गांव जा रही बारात की कार सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों की पहचान अशोक, सलावत और इमरान के रूप में हुई है। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और सभी घायलों को डीडवाना के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा घायलों का इलाज किया जा रहा है। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही बारात में शामिल अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए।
धमतरी: महानदी नहर में नहाते समय नाबालिग बहा:रुद्री बैराज के पास हादसा, तेज बहाव में तलाश जारी
धमतरी में रुद्री बैराज स्थित महानदी की मुख्य नहर में एक 17 वर्षीय नाबालिग के बह जाने की आशंका है। यह घटना नहाने के दौरान हुई। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और नाबालिग की तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, धमतरी शहर से सटे रुद्री स्थित महानदी मुख्य नहर में कुछ नाबालिग दोस्त नहाने गए थे। इसी दौरान तेज बहाव में नाबालिग बह गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह देखते ही देखते पानी के तेज बहाव में ओझल हो गया। नाबालिग का नाम समीर(17) बताया जा रहा है,जो की उत्तरप्रदेश का रहने वाला है उसके परिवार वाले फेरी का काम करते है । नाबालिग की तलाश लगातार जारी है घटना के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गोताखोरों को बुलाया गया। नहर के तेज बहाव के बीच नाबालिग की तलाश लगातार जारी है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। नहर के पांचों गेट खुले हुए थे सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि दोपहर में रुद्री बैराज के पास नहर में कुछ बच्चे नहा रहे थे। उन्हें एक बच्चे के बह जाने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि नहर के पांचों गेट खुले हुए थे और पानी का बहाव काफी तेज था, जिसमें लगभग 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। पुलिस और गोताखोरों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। अर्जुनी थाना क्षेत्र अंतर्गत नहर में भी तलाश जारी है। प्रशासन ने नहर में पानी का बहाव कम करवा दिया है ताकि खोज अभियान में मदद मिल सके।
फतेहगढ़ साहिब में एक व्यक्ति को अपनी पत्नी को भाखड़ा नहर में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ने 7 अप्रैल को अपनी पत्नी को बेहोश कर नहर में फेंक दिया था, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे बचा लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब में उपचाराधीन परविंदर कौर ने बताया कि उसकी शादी अमलोह के गांव दनघेड़ी निवासी बलविंदर सिंह से हुई थी। वह लंबे समय से लुधियाना में रह रही थी और करीब एक महीने पहले अपने मायके आई हुई थी। 7 अप्रैल को उसके पति ने उसे वापस ले जाने के लिए बुलाया। पति ने दर्शन करने का बहाना बनाया परविंदर के अनुसार, जब उसका पति उसे कार में लेकर भद्दलथूहा मोड़ की ओर मुड़ा, तो उसने लुधियाना जाने की बात पूछी। पति ने जवाब दिया कि उसने नई कार ली है और फतेहगढ़ साहिब माथा टेकने जाना है। रास्ते में उसने चावल और चीनी भी खरीदी और फिर सरहिंद नहर पर ख्वाजा पीर के दर्शन करने का बहाना बनाया। रात करीब 8:30 बजे दोनों सरहिंद फ्लोटिंग होटल के पास भाखड़ा नहर किनारे पहुंचे। आरोपी ने पहले से ही कार को बैक करके खड़ा किया हुआ था। यहां उसने माथा टेकने के नाम पर पत्नी को पास बुलाया और अचानक उसकी चुन्नी से गला घोंट दिया। जब महिला बेहोश हो गई, तो उसे मृत समझकर नहर में फेंक दिया और मौके से फरार हो गया। 3 किलोमीटर तक बहती रही पीड़िता नहर में गिरने के बाद परविंदर कौर करीब 3 किलोमीटर तक बहती रही। इसी दौरान उसे होश आ गया और उसने मदद के लिए चिल्लाना शुरू कर दिया। सौंधा पुल के पास मौजूद लोगों ने उसकी आवाज सुनी और तुरंत उसे नहर से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई। बाद में उसे एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल फतेहगढ़ साहिब पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। एएसआई जसमेर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी बलविंदर सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसका रिमांड हासिल किया गया है।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके में 1 अप्रैल को अगवा हुई 7 साल की बच्ची को पुलिस ने 9वें दिन यानी गुरुवार को बरामद कर लिया। बच्ची की बरामदगी पानापुर थाना क्षेत्र के एक विवाह भवन से की गई। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है। आरोपियों में रिश्ते की भाभी लगने वाली सोनी कुमारी (32) मास्टरमाइंड है। पुलिस की जांच में पता चला कि बच्ची के ममेरे भाई बालेश्वर पासवान की पत्नी सोनी देवी ने ही अपने प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी के साथ में मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। सुबह प्रेमी संग लेकर हुई थी फरार दरअसल, बच्ची की मां विनीता देवी अपने पति के साथ तमिलनाडु में रह कर काम करती हैं, जबकि बच्ची मुजफ्फरपुर के भिखनपुर में अपने ममेरे भाई के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान में 31 मार्च को माता-पिता बच्ची को लेने भिखनपुर पहुंचे थे और जब रात में सब सोए, लेकिन अगली सुबह बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजनों ने काफी खोजबीन की फिर पुलिस को सूचना दी। बच्ची की मां विनीता ने पुलिस से बताया कि बच्ची की वापसी के लिए ₹5 लाख की फिरौती की मांग की गई थी। इस अपहरण के बाद आरोपियों ने बच्ची के परिजनों से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी रकम नहीं देने पर बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई थी। आरोपी को बच्ची से था लगाव पूरे मामले की जानकारी को देते हुए एसडीपीओ टाउन टू बिनीता सिन्हा ने बताया कि अपहृत बच्ची को एक विवाह भवन से सकुशल बरामद किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अपरहण के आरोप में फरार महिला सोनी देवी और उसके प्रेमी रूपेश पासवान और उसकी मां शोभा देवी को पकड़ा है। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपी महिला सोनी देवी को बच्ची से अत्यधिक लगाव था और इसी कारण उसने अपने सहयोगियों के साथ में मिलकर बच्ची को छिपा लिया और फिर फिरौती की मांग की। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी सोनी देवी बच्ची को अपने साथ ले जा चुकी थी, जिसे बाद में मुंबई से बरामद किया गया था। फिलहाल इस मामले में बच्ची का बयान कोर्ट में कराया जा रहा है और पुलिस इस मामले में आगे की करवाई में जुटी हुई है। 5 लाख रुपए की थी डिमांड बच्ची की देखभाल ठीक से हो, इसलिए उसकी मां विनीता ने बेटी को भिखनपुरा में रहने वाले भाई के बेटे बालेश्वर पासवान के घर छोड़ दिया था। 31 मार्च को जब विनीता अपने पति के साथ मुजफ्फरपुर आई, तो बच्ची से मुलाकात के बाद परिवार के सभी सदस्य देर रात सो गए। 1 अप्रैल की सुबह बालेश्वर की पत्नी सोनी देवी और बच्ची घर से गायब मिली। इसके बाद परिजन ने बच्ची की तलाश शुरू की। इसी दौरान विनीता रुपेश पासवान के घर पहुंची। बच्ची की मां के मुताबिक, रुपेश की मां ने कहा कि तुम्हारी बेटी हमारे पास है, अगर बच्ची चाहिए तो तुम्हें 5 लाख रुपए देने होंगे। इसके बाद सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर मामले को सुलझाने की कोशिश की गई। जब मामला नहीं सुलझा तो विनीता ने 3 अप्रैल को अहियापुर थाना में बेटी के अपहरण की FIR दर्ज कराई। उन्होंने तीन लोगों को नामजद किया। FIR के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में छापेमारी की। अरोपी रुपेश की मां शोभा भी फरार थी। 8 अप्रैल को रूपेश की मां को पुलिस ने अहियापुर थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने छापेमारी की, जिसके बाद 9 अप्रैल की देर रात दोनों अरोपी सहित बच्ची को पुलिस ने पानापुर स्थित एक विवाह भवन से बरामद किया। 6 साल पहले हुई थी बालेश्वर की शादी आरोपी सोनी देवी की शादी 6 साल पहले बालेश्वर पासवान (अपहृत बच्ची के ममेरे भाई) से हुई थी। उसकी कोई संतान नहीं है। बच्ची ममेरे भाई के पास ही रहती थी। महिला का पड़ोसी रूपेश पासवान से प्रेम प्रसंग था। एसडीपीओ टाउन-2 बिनिता सिन्हा ने बताया कि पहले भी आरोपी सोनी बच्ची को लेकर मुबंई चली गई थी। करीब 2 साल पहले जब बच्ची 5 साल की थी, तब सोनी देवी बच्ची को घुमाने के बहाने मुंबई ले गई थी, तब सिर्फ मां ने सोनी के खिलाफ आवेदन दिया था। करीब 10 दिन बाद पुलिस ने मुंबई से बच्ची को बरामद किया था।
नवादा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रभाकर झा के नेतृत्व में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भगत सिंह चौक पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा द्वारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने हिमंत बिस्वा शर्मा का पुतला फूंका। प्रभाकर झा ने इस अवसर पर कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे पिछले छह दशकों से राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में हैं। उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का पद अपने अथक परिश्रम और संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करते हुए प्राप्त किया है। भाजपा का चाल, चरित्र व चेहरा उजागर झा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का अपमान करके असम के मुख्यमंत्री ने अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है और भाजपा के चाल, चरित्र व चेहरे को उजागर किया है। नवादा जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि असम के मुख्यमंत्री खड़गे के संदर्भ में दी गई अपनी आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। नवादा लोकसभा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि खड़गे संविधान द्वारा सामाजिक सशक्तिकरण के प्रतीक हैं। खड़गे का अपमान, करोड़ों दलितों का अपमान एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष शिवम कुमार ने टिप्पणी की कि यह अपमान केवल खड़गे का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलित समाज का अपमान है। इस कार्यक्रम में पीसीसी डेलिगेट रजनीकांत दीक्षित, बलिराम सिंह, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार, एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष शिवम कुमार, सेवादल के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार पप्पू, अनुसूचित जाति के जिला अध्यक्ष कमलेश पासवान, इंटक के जिला अध्यक्ष मनीष कुमार, भारत यात्री नवीन कुमार, रजौली ब्लॉक के अध्यक्ष रामरतन गिरी, हिसुआ प्रखंड के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार, आईटी सेल के प्रदेश महासचिव गोपेश कुमार, पूर्व मुखिया गरिबन सिंह, राजन कुमार, निशांत उपाध्याय, गया राजवंशी सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
यूपी में चुनाव आयोग ने आज स्पेशल इंटेसिव रिवीजन यानी SIR की फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। गाजियाबाद के DM/ जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से भी गाजियाबाद की सभी पांचों विधानसभा की फाइनल सूची जारी की गई है। DM रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि सभी विधानसभा क्षेत्रों के सभी स्थलों पर निर्वाचक नामावलियों का अतिम प्रकाशन किया गया है। गाजियाबाद के सभी मान्यताप्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनैतिक दलों, आम आदमी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय जनता पार्टी, कम्यूनिष्ट पार्टी आफ इंडिया (मार्क्सिस्ट)। इंडियन नेशनल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, अपना दल (सोनेलाल) के प्रतिनिधियों को अन्तिम प्रकाशित निर्वाचक नामावली की एक प्रति हार्ड कापी में तथा एक प्रति सॉफ्ट कापी में दी गई हैं। मेरठ मंडल के कमिश्नर और आर्ब्जवर द्वारा अंतिम मतदाता सूची की समीक्षा की गई। विधानसभा के अनुसार कुल वोटर 24 बैठकें आयोजित की गईं सभी सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा सुझाव प्राप्त करने के लिए दिनांक 27 अक्टूबर से 2025 से 10 अप्रैल 2026 के बीच जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कुल 24 बैठकें हुईं। एसआईआर के तहत सभी शिकायतों को निस्तारण के लिए डिस्ट्रिक्ट कान्टेक्ट सेंटर में टोल फ्री नम्बर 1950, चुनाव आयोग का पोर्टल और बीएलओ पोर्टल की व्यवस्था की गई थी। गाजियाबाद के कुल वोटर जिले के कुल 3358 मतदेय स्थलों पर 10 अप्रैल को प्रकाशित अन्तिम मतदाता सूची में पुरूष मतदाता 1319238, महिला मतदाता 1042330, थर्ड जेंडर मतदाता 134 जिनकी कुल संख्या 23,61,702 हैं। गाजियाबाद में साहिबाबाद विधानसभा में सबसे अधिक 7 लाख से अधिक वोटर हैं। इसके बाद लोनी विधानसभा में 4 लाख 47 हजार वोटर हैं। हापुड़ की धौलाना विधानसभा के 135 मतदेय स्थल गाजियाबाद जिले में लगते हैं।
महिला को बचाने में ट्रक पलटा, तीन युवक घायल:एक गंभीर हायर सेंटर रेफर, डीग कामां रोड पर हादसा
डीग कामां रोड पर शुक्रवार शाम एक जौ से भरा ट्रक महिला को बचाने के प्रयास में पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार तीन युवक घायल हो गए। इनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना पास्ता मोड़ के पास हुई। ट्रक बहरोड़ के केशवाड़ से जौ भरकर हैदराबाद जा रहा था। पास्ता मोड़ पर अचानक एक महिला ट्रक के सामने आ गई, जिससे चालक ने नियंत्रण खो दिया और ट्रक पलट गया। ट्रक पलटने के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने ट्रक में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर खोह पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी घायलों को डीग जिला अस्पताल में भर्ती कराया। घायलों की पहचान सीकरी निवासी राशिद (31) पुत्र आस मोहम्मद, शाहरुख (28) पुत्र रुद्रर खान और जाबिर (28) पुत्र हनीफ खान के रूप में हुई है। घायलों में शाहरुख की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य दो घायलों, राशिद और जाबिर का इलाज डीग जिला अस्पताल में जारी है।
बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने शुक्रवार को जहानाबाद स्थित बराबर पहाड़ का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ स्थल का जायजा लिया और विकास की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री चंद्रवंशी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बराबर पहाड़ को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग के माध्यम से यहां कई योजनाएं लागू की जाएंगी, ताकि इस ऐतिहासिक स्थल का समुचित विकास सुनिश्चित हो सके। मंत्री ने मौजूदा कमियों को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। पर्यटकों के लिए बेहतर ठहरने की व्यवस्था, साफ-सफाई, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं का विकास प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जहानाबाद पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा और यहां देश-विदेश से पर्यटक आएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार की नीति है कि हर जिले में स्थित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें विकसित किया जाए। बराबर पहाड़ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि इस क्षेत्र के विकास से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही उद्योगपतियों और निवेशकों को यहां व्यवसाय के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मंत्री ने कहा कि सरकार जहानाबाद को विकास और पर्यटन के नक्शे पर स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले दिनों में यहां और भी विकास योजनाएं लागू की जाएंगी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने मंत्री को चल रहे कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
पानीपत जिले में समालखा की नई अनाज मंडी में शुक्रवार को सैकड़ों किसानों ने गेहूं खरीद प्रक्रिया में अव्यवस्थाओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान एकता के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की गेहूं खरीद नीतियां किसान-विरोधी हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर ठोस कानून बनाने और किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की। डल्लेवाल ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो देशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारी बोले- गेहूं खरीद प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि गेहूं खरीद प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था है। बायोमेट्रिक मशीनों में बार-बार सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा, मंडी में गेहूं की लिफ्टिंग धीमी होने से अनाज के ढेर लग गए हैं, जिससे नई फसल लाने वाले किसानों के लिए जगह की कमी हो गई है। प्रदर्शन के दौरान, किसान नेताओं ने मंडी में गेहूं के ढेरों का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि कई बोरियों में वजन अधिक था, जो आढ़तियों द्वारा तोल में संभावित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने मार्केट कमेटी अधिकारियों को मौके पर बुलाकर यह स्थिति दिखाई और दोषी आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। किसानों का आरोप मैनुअल कांटों से हो रही गेहूं की तौल किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी कंप्यूटर कांटों के बजाय मैनुअल कांटों से गेहूं की तोल की जा रही है, जो नियमों का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, नमी मापने वाली मशीनों में भी भिन्नता पाई गई, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा था। इस संबंध में, मार्केट कमेटी सचिव सविता रानी ने स्वीकार किया कि सर्वर कुछ समय के लिए डाउन था, जिससे किसानों को परेशानी हुई। उन्होंने आश्वासन दिया कि गड़बड़ी करने वाले आढ़तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन में किसान संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
बहुचर्चित भोजशाला मामले में शुक्रवार को इंदौर हाई कोर्ट में हुई पांचवें दिन की सुनवाई के दौरान हिंदू पक्ष ने कोर्ट के समक्ष ऐतिहासिक, शिल्पकला एवं प्राचीन ग्रंथों के आधार पर विस्तृत तर्क प्रस्तुत किए। पक्षकारों ने दावा किया कि भोजशाला कोई साधारण ढांचा नहीं, बल्कि मां सरस्वती को समर्पित मंदिर एवं संस्कृत शिक्षण केंद्र था, जिसका उल्लेख विभिन्न प्राचीन ग्रंथों, ब्रिटिशकालीन गजेटियर और राजा भोज द्वारा रचित ग्रंथों में मिलता है। हिंदू पक्ष की दूसरी याचिका पर सुनवाई के दौरान लखनऊ निवासी याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने कोर्ट को अवगत कराया कि राजा भोज द्वारा लिखित प्रसिद्ध ग्रंथ समरांग सूत्रधार में नगर नियोजन और मंदिर वास्तुकला का विस्तृत वर्णन है। इस ग्रंथ में मंदिरों की संरचना, आयाम, खंभों की बनावट, मूर्तियों की शैली और शिल्पकला के सिद्धांतों का उल्लेख मिलता है। भोजशाला विद्या परंपरा का मुख्य स्थल थी एडवोकेट गुप्ता ने तर्क दिया कि भोजशाला परिसर की संरचना, उसके आयाम, स्तंभों की बनावट एवं मूर्तिकला की शैली समरांग सूत्रधार में वर्णित सिद्धांतों से मेल खाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उक्त स्थल मूल रूप से मंदिर था। उन्होंने 1304 ईस्वी में लिखित चिंतामणि, 19वीं सदी के धार गजेटियर तथा अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि प्राचीन काल में धार ज्ञान-विज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है और भोजशाला विद्या परंपरा का मुख्य स्थल थी। ब्रह्माजी की एक दुर्लभ मूर्ति समरांग सूत्रधार में वर्णित सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की खुदाई में प्राप्त ब्रह्माजी की एक दुर्लभ मूर्ति समरांग सूत्रधार में वर्णित युवा ब्रह्मा के स्वरूप से साम्यता रखती है। साथ ही हिंगलाजगढ़, मंदसौर और रायसेन से प्राप्त मूर्तियों की शिल्प परंपरा भी उसी कालखंड से जुड़ी बताई गई। हिंदू पक्ष ने यह भी कहा कि परमार कालीन राजवंश द्वारा अपनाई गई निर्माण शैली तथा उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर की वास्तुकला में भी समानताएं देखी जा सकती हैं। अगली सुनवाई 15 अप्रैल को नीयत हिंदू पक्ष ने कोर्ट में प्रस्तुत तर्कों के आधार पर दावा किया कि भोजशाला स्थल प्राचीन सरस्वती मंदिर था, जहां विद्या, कला और शास्त्रों का अध्ययन किया जाता था। मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को नीयत की गई है। इसमें हिंदू पक्ष समरांग सूत्रधार के आयामों और भोजशाला की संरचना के बीच समानताओं को और विस्तार से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा।
रेवाड़ी पुलिस ने तीन साल से फरार आरोपी पकड़ा:पंच पर की थी फायरिंग; दो दिन के रिमांड पर लिया
रेवाड़ी जिला सीआईए ने चोरी के बाद पीछा करने वाले पंचायत पंच पर फायरिंग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस को तीन साल से आरोपी की तलाश थी। आरोपी की पहचान गांव नांगल तेजु के रोशन के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से अन्य मामलों में संलिप्ता का पता लगाने का प्रयास करेगी। पुलिस को 3 साल दिया चकमा 29 अक्टूबर की रात आरोपी गांव औलांत में चोरी की तीन वारदातों को अंजाम दिया था। चोरी का पता चलने पर ग्रामीणों के साथ पंचायत पंच ने पीछा किया। अपना पीछा करता देख आरोपी पंचायत पंच पर फायरिंग कर फरार हो गए थे। इन आरोपियों में गांव नांगल तेजू निवासी रोशन भी शामिल था, जो अभी तक पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। घर में घुसकर की थी फायरिंग गांव बासदूदा के अमित ने 14 फरवरी 2023 को पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 14 फरवरी की आधी रात आहट सुनकर उसने घर का दरवाजा खोला। बाहर खड़े बदमाशों ने उस पर रॉड से हमला कर दिया। बचाव के लिए दरवाजा बंद करने पर कुल्हाड़ी से वार किया और फायरिंग कर दी। शोर सुनकर पड़ोसियों के आने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। ये आरोपी पहले पकड़े जा चुके खोल पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच के बाद 5 आरोपियों पलवल के गांव परसा का नांगल हाल आबाद राजस्थान अलवर के गांव बासनी के लालाराम उर्फ राम, मध्य प्रदेश मुरैना के पचासा मैदान अम्बाह के राजकुमार, पलवल के गांव परसा का नांगल हाल किराएदार गांव फाजिलपुर गुरुग्राम के रवि कुमार, फरीदाबाद के गांव अटेरना के नरेश उर्फ टीटू व पलवल के गांव घाघोट के ओमबीर को गिरफ्तार किया था।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कोरंधा में अफीम की खेती कराने के मामले में एक और आरोपी को पुलिस ने झारखंड से गिरफ्तार किया है। अफीम की खेती में दो किसानों सहित अफीम की खेती कराने वाले झारखंड के युवक को पुलिस ने पहले गिरफ्तार किया था। पकड़ा गया चौथा आरोपी कोरंधा से निकाली गई अफीम खरीदने में शामिल था। उसने अफीम को बड़े तस्करों को बेच दिया है। बलरामपुर जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र के खजूरी तुर्रीपानी में पुलिस ने करीब ढ़ाई एकड़ में लगी अफीम की फसल जब्त की थी। यह कार्रवाई कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी में अफीम की खेती पकड़ाने के तीन दिन बाद 12 मार्च को की गई थी। पुलिस ने मौके से करीब 2 करोड़ रुपए की अफीम की खेती बरामद की थी। पुलिस ने अफीम की खेती करने वाले दो किसानों सहादुर नगेशिया (34) और दुईला राम (40) को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने झारखंड के चतरा निवासी भूपेंद्र उरांव (36) को भी 15 मार्च को गिरफ्तार किया। भूपेंद्र उरांव ने ही दोनों किसानों से मसाले की खेती के नाम पर अफीम की खेती कराई थी। देखिए ये तस्वीरें- चौथा आरोपी झारखंड से गिरफ्तार भूपेंद्र उरांव को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि कोरंधा के खजूरी में लगाए गए अफीम की फसल से जो अफीम निकाली गई थी, वह उसने राजन यादव को बेची थी। राजन यादव झारखंड के कुख्यात अफीम तस्कर गिरोह का सदस्य है। पुलिस ने राजन यादव की गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापे मारे, लेकिन वह बार-बार लोकेशन बदल रहा था। बलरामपुर पुलिस ने सही लोकेशन मिलने पर राजन यादव (36) को झारखंड से धर दबोचा। राजन यादव चतरा जिले के ग्राम चाया का निवासी है। राजन यादव ने पूछताछ में उसने अफीम खरीदना स्वीकार किया है और बताया कि अफीम उसने बड़े तस्करों को बेच दी है। बलरामपुर एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि मामले में इंड टू इंड कार्रवाई की जा रही है। बलरामपुर में अफीम की खेती से जुड़े दो मामलों में शामिल अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी होगी। …………………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बलरामपुर में कुसमी के बाद कोरंधा में अफीम की खेती: ढाई एकड़ में मिली, कुसमी में 4.75 करोड़ की अफीम जब्त; भूपेश बोले-ये तीसरी घटना छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में कुसमी के बाद अब कोरंधा में अफीम की खेती मिली है। यहां 2 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई मिली। जिसकी जानकारी ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम ने अफीम उखवा दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
अजमेर की कृष्णगंज थाना पुलिस ने अवैध हथियार के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने नाबालिग दोस्त से शौक पूरा करने और हथियार के साथ रील्स बनाने के उद्देश्य से पिस्टल ली थी। इसके साथ ही पुलिस ने नाबालिग को भी निरुद्ध किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कृष्णगंज थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम कार्रवाई करते हुए आरोपी शोएब कुरैशी (22) को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से एक देशी पिस्टल बरामद की गई है। अवैध हथियार के साथ घूम रहा था युवक सीओ शिवम जोशी और थाना प्रभारी अरविंद चारण ने बताया कि 9 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। इस पर टीम गठित कर आरोपी को डिटेन कर जांच की गई। तलाशी के दौरान उसके पास से स्कूटी की डिग्गी में रखी देशी पिस्टल बरामद हुई। आरोपी के पास हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि उसने यह हथियार अपने नाबालिग दोस्त से लिया था। नाबालिग के पास यह पिस्टल उसके मामा की थी, जिसे उसने छिपाकर रखा हुआ था और दो दिन पहले ही आरोपी को दे दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, हथियार उपलब्ध कराने के मामले में नाबालिग को भी विधि अनुसार निरुद्ध किया गया है। फिलहाल कृष्णगंज थाना पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियार का इस्तेमाल किसी अन्य वारदात में तो नहीं किया गया। कार्रवाई में विशेष योगदान कांस्टेबल करतार सिंह और मोहन शेषमा का रहा।
गयाजी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में कल से तीन दिवसीय विश्व शांति सम्मेलन की शुरुआत हो रही है। 11 से 13 अप्रैल तक चलने वाला यह आयोजन इस बार सिर्फ औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विविधता और युवा ऊर्जा का मंच बनकर सामने आ रहा है। पीस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हो रहे इस सम्मेलन को लेकर शहर में उत्साह है। आयोजकों का साफ कहना है कि यह आयोजन शांति और सद्भाव का संदेश देने के साथ समाज के हर वर्ग को जोड़ने का प्रयास है। यही वजह है कि कार्यक्रम की रूपरेखा में धर्म, साहित्य, कला और खेल चारों क्षेत्रों को शामिल किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के सचिव इकबाल हुसैन ने बताया कि पहले दिन 11 अप्रैल को अंतरधार्मिक संवाद होगा। एक ही मंच पर अलग-अलग धर्मों के धर्मगुरु और स्कॉलर बैठकर शांति और भाईचारे का संदेश देंगे। अलग-अलग धर्म के प्रतिनिधि एक मंच पर होंगे सनातन, इस्लाम, सिख और ईसाई धर्म के प्रतिनिधि एक साथ मंच साझा करेंगे। खास बात यह है कि युवाओं के बीच लोकप्रिय शिक्षक खान सर भी इस दिन मौजूद रहेंगे और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा देने का संदेश देंगे। दूसरा दिन यानी 12 अप्रैल को “शहादत दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन मुशायरा और कवि सम्मेलन का आयोजन होगा। शायर और कवि अपनी रचनाओं के जरिए इंसानियत, प्रेम और शांति का संदेश देंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। तीसरा और अंतिम दिन 13 अप्रैल को खेल के नाम रहेगा। इस दिन इंडियन बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन के सहयोग से भव्य बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप आयोजित की जाएगी। मनौव्वर हुसैन पहलवान की स्मृति में होने वाले इस आयोजन में देशभर से 300 से अधिक प्रतिभागियों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों का मानना है कि इससे युवाओं को फिटनेस और अनुशासन की ओर प्रेरणा मिलेगी। केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी मुख्य अतिथि होंगे सम्मेलन को राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। पहले दिन केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी मुख्य अतिथि होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, मंत्री डॉ. अशोक चौधरी और एमएलसी आफाक अहमद खान भी शामिल होंगे। दूसरे दिन मंत्री डॉ. संतोष सुमन के साथ कई विधायक मौजूद रहेंगे। समापन समारोह में मगध प्रमंडल की आयुक्त, आईजी, डीएम और एसएसपी समेत कई अधिकारी शामिल होंगे। आयोजकों ने गया वासियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस आयोजन को सफल बनाएं। उनका कहना है कि यह सम्मेलन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की एक पहल है। बता दें कि बोधगया और महाबोधि मंदिर के कारण पहले से अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाला गया अब ऐसे आयोजनों से सामाजिक और सांस्कृतिक संवाद का भी केंद्र बनता जा रहा है।
झालावाड़ में सोशल मीडिया के जरिए महिलाओं को ठगने और ब्लैकमेल करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में शहर के एक युवक को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। एसपी अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी सौरभ अग्रवाल (36), निवासी झालावाड़, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर व्हाट्सएप पर विवाह एवं रिश्तों से जुड़े विभिन्न ग्रुप्स में सक्रिय था। वह इन ग्रुप्स के माध्यम से युवतियों और उनके परिवारों की जानकारी जुटाता था। शादी का झांसा देकर रुपए ऐंठे आरोपी फर्जी नाम, पता और फोटो का इस्तेमाल कर उनसे संपर्क करता था। वह अपनी पहचान छुपाकर महिलाओं से अश्लील बातें करता और शादी का झांसा देकर उनसे रुपए ऐंठता था। जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को किसी और व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत कर विवाह के लिए प्रोफाइल बनाता था। इसके बाद वह महिलाओं से बातचीत शुरू कर उन्हें झांसे में लेता और धीरे-धीरे अश्लील चैटिंग करने लगता। विश्वास में लेने के बाद आरोपी उनसे निजी और आपत्तिजनक फोटो व वीडियो मंगवाता था। महिलाओं को बदनाम करने की धमकी इन्हीं फोटो-वीडियो के आधार पर आरोपी महिलाओं को बदनाम करने की धमकी देता और उनसे पैसों की मांग करता था। इस प्रकार उसने कई महिलाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर आर्थिक लाभ लेने की कोशिश की। इस पर 8 अप्रैल को एक अज्ञात पीड़िता ने गोपनीय रूप से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी विवाह संबंधी ग्रुप्स के जरिए महिलाओं से संपर्क कर उनकी निजता का उल्लंघन कर रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच महिला थाना झालावाड़ को सौंपी गई। साइबर टीम की मदद से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गंभीर धाराओं में मामला दर्जपुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और महिलाओं की गरिमा भंग करने से संबंधित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अब तक कितनी महिलाओं को अपना शिकार बनाया।
बरनाला जिले में पुलिस ने डेरा जंगीयाणा कमेटी के सदस्य से मारपीट और लूटपाट के मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 5 अप्रैल को हुई थी, जब गुरचरण सिंह नामक कमेटी सदस्य पर हमला कर उनका पर्स छीन लिया गया था। सहायक इंस्पेक्टर तरसेम सिंह के अनुसार, गुरचरण सिंह डेरे के हिसाब-किताब को लेकर सवाल उठा रहे थे, जिसके चलते डेरे के महंत भजन दास और जसविंदर सिंह उर्फ गोल्डी उनसे रंजिश रखने लगे थे। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज घटना वाले दिन जशनप्रीत सिंह उर्फ जशन, शंभू, जगदेव सिंह उर्फ जैबू और मनजिंदर सिंह उर्फ तोती ने गुरचरण सिंह को घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उनका पर्स छीन लिया, जिसमें आधार कार्ड और 3200 रुपये नकद थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर जशनप्रीत सिंह, शंभू, जगदेव सिंह, मनजिंदर सिंह, जसविंदर सिंह उर्फ गोल्डी और स्वामी भजन दास के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल, छीना गया पर्स, आधार कार्ड और हथियार बरामद कर लिए हैं। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
जमुई-मलयपुर मुख्य मार्ग पर स्वर्ण व्यापारी से 50 लाख रुपए की लूट के मामले में फरार मुख्य आरोपी राहुल ठठेरा के घर शुक्रवार को पुलिस ने कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सिविल कोर्ट के निर्देश पर की गई। मलयपुर थाना अध्यक्ष शेखर सौरभ के नेतृत्व में मलयपुर और टाउन थाना की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। करीब एक दर्जन पुलिसकर्मी ढोल-नगाड़े और जेसीबी के साथ नगर परिषद क्षेत्र के भछियार मोहल्ले में आरोपी के घर पहुंचे। ढोल-नगाड़े बजने पर मौके पर सैकड़ों लोग जमा हो गए। देखें,मौके से आई तस्वीरें… दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सामान जब्त कोर्ट के आदेश के तहत घर के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य सामान जब्त कर थाने ले जाया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की मां उसनी देवी पुलिसकर्मियों से घर को नुकसान न पहुंचाने की गुहार लगाती रहीं। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कार्रवाई जारी रखी। पुलिस ने परिजनों को फरार आरोपी को जल्द आत्मसमर्पण कराने की चेतावनी भी दी। बताया गया कि इससे पहले कोर्ट के आदेश पर आरोपी के घर इश्तिहार चिपकाया गया था, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया था। मां बोली- परिवार का कोई सहारा नहीं स्थानीय महिलाओं ने इस कार्रवाई पर दुख जताया। आरोपी की मां ने दावा किया कि उनके दोनों बेटे निर्दोष हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि उनके पति लंबे समय से बीमार हैं और परिवार का कोई सहारा नहीं बचा है। उनका छोटा बेटा पहले से जेल में बंद है, जबकि उसका घटना से कोई लेना-देना नहीं है। फरार आरोपी राहुल ठठेरा और उसके छोटे भाई को उनके माता-पिता ने 25 साल पहले गोद लिया था। उनके माता-पिता की पहले से तीन बेटियां थीं और उन्होंने बुढ़ापे के सहारे के लिए दोनों बेटों को गोद लिया था।
रीवा के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने मप्र ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (MPRRDA) की रीवा और मऊगंज परियोजना इकाइयों में बड़े घोटाले का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2017 से 2021 के बीच सड़क निर्माण कार्यों में घटिया डामर का उपयोग कर, उसकी जगह इंडियन ऑयल के उच्च गुणवत्ता वाले बिटुमिन के फर्जी इनवाइस लगाकर करोड़ों रुपए का भुगतान लिया गया। EOW ने इस मामले में रीवा में 27 और मऊगंज में 17 समेत कुल 44 आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है। रीवा में 12.71 करोड़, मऊगंज में 5.88 करोड़ का भुगतानजांच में पाया गया कि रीवा परियोजना इकाई में कूटरचित इनवाइस के जरिए 12 करोड़ 71 लाख 6 हजार 372 रुपए का भुगतान किया गया। वहीं मऊगंज इकाई में 5 करोड़ 88 लाख 26 हजार 713 रुपए का फर्जी भुगतान लिया गया। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से रचा गया षड्यंत्रEOW के अनुसार, संबंधित संविदाकारों ने विभागीय अधिकारियों से सांठगांठ कर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के नाम से फर्जी इनवाइस तैयार किए। इन्हें विभाग में प्रस्तुत कर भुगतान हासिल किया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि वास्तविक कार्यों में निम्न गुणवत्ता के डामर का उपयोग किया गया। रीवा के ये अधिकारी और ठेकेदार आरोपीरीवा इकाई में तत्कालीन महाप्रबंधक राजीव कुमार दवे, कैलाश कुमार सोनी, जुगल किशोर गुप्ता, रामकुमार विचाती, सहायक प्रबंधक मोहम्मद शाहनवाज, नारायण त्रिपाठी, अमरेश कुमार पाण्डेय, दिनेश कुमार शुक्ला, मुनि माधव मिश्रा सहित कई उपयंत्री और ठेकेदारों को आरोपी बनाया गया है। मऊगंज में भी बड़े नाम शामिलमऊगंज इकाई में तत्कालीन महाप्रबंधक रामकुमार तिवारी, जुगल किशोर गुप्ता, सहायक प्रबंधक ए.के. सिंह, उपयंत्री अमित कुमार गुप्ता सहित कई अधिकारियों और संविदाकारों को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना सहित आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7-सी के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है। EOW की जांच जारी, और खुलासों की संभावनाEOW अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इस मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
आगर जिला न्यायालय की न्यायिक व्यवस्था में विस्तार करते हुए दो नए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों के साथ ही अब आगर में ADJ कोर्ट की संख्या दो से बढ़कर तीन हो गई है, जिससे न्यायिक कार्यों में तेजी आएगी। एडीजे अमर कुमार शर्मा के स्थानांतरण के बाद रिक्त हुए पदों पर जज नीतिराज सिंह सिसोदिया और जज महेश लचोरिया को नए एडीजे के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं, यहां कार्यरत न्यायाधीश चाहना शर्मा का स्थानांतरण ग्वालियर कर दिया गया है। शुक्रवार को जिला बार एसोसिएशन द्वारा नवागत न्यायाधीशों के स्वागत और स्थानांतरित न्यायाधीश के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। बार और बेंच के बीच समन्वय पर जोर समारोह में नवागत न्यायाधीशों ने बार और बेंच के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को सुचारू बनाने की बात कही। स्थानांतरित न्यायाधीश चाहना शर्मा ने आगर में अपने तीन वर्ष के कार्यकाल को यादगार बताया। उन्होंने कहा कि उन्हें उस पावन धरा पर कार्य करने का अवसर मिला, जहां स्वयं बाबा बैजनाथ द्वारा भक्त की पैरवी करने की पौराणिक मान्यता है। बार एसोसिएशन ने की कार्यकाल की सराहना जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार मारू ने न्यायाधीश चाहना शर्मा के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अत्यधिक कार्यभार के बावजूद हमेशा अधिवक्ताओं के साथ सौम्य और सम्मानजनक व्यवहार रखा। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डी.एस. चौहान, एडीजे मधुसूदन जंघेल सहित अन्य न्यायाधीश और बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
सऊदी अरब में रह रहा बिजनौर का आकिब आतंक का संगठित नेटवर्क तैयार करने में जुटा था। वह सोशल मीडिया पर AK-47 और ग्रेनेड दिखाकर युवाओं को प्रभावित करता था। उसकी मंशा देश में बड़े आपराधिक एवं देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की थी। यहां तक कि जब आतंकी गतिविधियों में शामिल इस नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ और आकिब से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी शुरू हुई, तो दुबई में रह रहे आजाद ने उबैद मलिक को नेपाल भागने की सलाह दी थी। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि शुक्रवार को दुबई में रह रहे आकिब, आजाद और दक्षिण अफ्रीका में रह रहे मैजुल की गिरफ्तारी को लेकर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। आकिब के सोशल पोस्ट से खुला आतंक का नेटवर्क एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि नवंबर 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो संज्ञान में आया था। इस वीडियो में बिजनौर के आकिब नाम का एक युवक AK-47 और ग्रेनेड जैसे खतरनाक शस्त्रों का प्रदर्शन कर रहा था। यह वीडियो बिजनौर के ही मैजुल ने अपनी प्रोफाइल पर पोस्ट किया था। इस वीडियो में मेरठ के आजाद व उबैद भी दिख रहे थे। इस पोस्ट के सामने आने के बाद बिजनौर के नांगल थाने में 23 नवंबर 2025 को एक एफआईआर दर्ज की गई। इसमें मैजुल और आकिब खान को नामजद किया गया, जबकि अन्य को अज्ञात में दर्शाया गया था। पुलिस ने क्लीनचिट देकर लगा दी थी फाइनल रिपोर्ट इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही तत्कालीन एसएचओ सत्येंद्र सिंह मलिक की सामने आई। उन्होंने इतने संवेदनशील मामले की गहन जांच नहीं की। उन्होंने आकिब और मैजुल से वीडियो कॉल पर बात की। दोनों ने पुलिस को बताया कि AK-47 जैसा दिखने वाला हथियार खिलौना है और ग्रेनेड परफ्यूम की बोतल है। एसएचओ ने उनकी बात को सच मानकर क्लीनचिट देते हुए फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। आगजनी के बाद खुला मामला, एनआईए की रडार पर आया नेटवर्क यह मामला दब जाता, लेकिन इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने 4 मार्च 2026 को बिजनौर में एक हिंदू व्यक्ति के पिकअप वाहन में आग लगा दी। इसके बाद इसका वीडियो टेलीग्राम पर पाकिस्तानी हैंडलर को भेजा गया। यहीं से यह ग्रुप एनआईए की रडार पर आया। एनआईए के इनपुट पर एटीएस की कार्रवाई एनआईए से मिले इनपुट के आधार पर लखनऊ एटीएस ने 2 अप्रैल की रात लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास से मेरठ जिले के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल, अरबाब, नोएडा के विकास गहलावत उर्फ रौनक और लोकेश उर्फ पपला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग रेलवे सिग्नल बॉक्स में ब्लास्ट कर ट्रेनों की टक्कर कराना चाहते थे। इसके अलावा यूपी और दिल्ली में कई जगहों की रेकी आगजनी और ब्लास्ट के लिए की गई थी। जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड साकिब है, जो पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था। इसके बाद आकिब खान से जुड़े पुराने मामले को फिर से खोला गया। साकिब ने आकिब को दे रखी थी युवाओं को बरगलाने की जिम्मेदारी एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि आकिब के माध्यम से साकिब आतंकी नेटवर्क तैयार कर रहा था। आकिब दुबई में रह रहा है, जिससे उसे गिरफ्तारी का डर कम था। सोशल पोस्ट में आकिब के साथ मैजुल, आजाद और उबैद मलिक भी दिखे थे। इनमें मैजुल दक्षिण अफ्रीका में सैलून चलाता है, जबकि आकिब और आजाद सऊदी अरब में ड्राइवर हैं। पुलिस ने उबैद मलिक को गिरफ्तार कर लिया है। नौकरी की तलाश में गुजरात गया उबैद, वहीं जुड़ा आतंकी नेटवर्क से पूछताछ में उबैद ने बताया कि वह तीन साल पहले रोजगार की तलाश में गुजरात गया था। वहां उसकी मुलाकात जलाल हैदर उर्फ समीर से हुई। समीर के जरिए वह मैजुल और आकिब के संपर्क में आया। पुलिस ने जलाल हैदर उर्फ समीर जाफरी को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया के जरिए लोगों को आकिब के संपर्क में लाते थे और उसके विचारों का प्रचार-प्रसार करते थे। इंस्टाग्राम लाइव पर कट्टरपंथी विचारों का प्रसार आकिब इंस्टाग्राम लाइव के माध्यम से कट्टरपंथी और भड़काऊ विचार फैलाता था। वह युवकों को हिंसात्मक गतिविधियों, जैसे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और आगजनी के लिए उकसाता था। साथ ही विरोध करने वालों को धमकाकर अपने नेटवर्क का विस्तार करता था। नेपाल भागने की तैयारी में था उबैद एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मेरठ में आकिब से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के बाद दुबई में बैठे आजाद ने उबैद मलिक को पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की सलाह दी थी। इसकी पुष्टि करने वाले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पुलिस को मिल चुके हैं। मामले में अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
रतलाम में बिजली कंपनी द्वारा 11 अप्रैल को प्रताप नगर फीडर, चांदनी चौक फीडर एवं सनसिटी फीडर का मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। कार्य सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। इस कारण फीडर से जुड़े क्षेत्र में विद्युत सप्लाई प्रभावित होगी। प्रभावित क्षेत्रों में प्रताप नगर, मिड टाउनशिप, सम्यक सिटी, आयकर कॉलोनी, मंगलम सिटी, एसआर पोल्ट्री फॉर्म, होमगार्ड कॉलोनी, मोती नगर, टाटा नगर, बाजना बस स्टैंड, लक्कड़पीठा रोड, चांदनी चौक, गोल चक्कर, वीके मार्केट, गणेश देवरी, नोलाईपुरा, माणकचौक पुलिस थाना शामिल है। इसके अलावा जस्सूपन्ना की हवेली, झालानी कॉलोनी, तोपखाना, बजाजखाना, धनजी बाई का नोहरा, नीमचौक, हरदेवलाला की पिपली, लौहार रोड ,शनि मंदिर, बंजारा बस्ती, अलकापुरी, अलकापुरी टेंपो स्टैंड क्षेत्र, औद्योगिक थाना, पंजाब नेशनल बैंक, मोहन बाग, सनसिटी, त्रिलोक नगर, तिरुपति नगर, त्रिमूर्ति नगर, नरीमन प्वाइंट, साक्षी पेट्रोल पंप, प्रकाश नगर, टैगोर कॉलोनी आदि क्षेत्र प्रभावित होंगे।
मैहर में टोल प्लाजा के पास नरवाई में लगी आग:दमकल की तीन टीमों ने बड़ा नुकसान होने से बचाया
मैहर जिले के सोनवारी क्षेत्र में टोल प्लाजा के पास नरवाई में भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास खड़ी फसलों को बड़ा खतरा पैदा हो गया था। घटना की सूचना तत्काल दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही तीन फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाल दिया जा सका। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी और पास के खेतों में खड़ी फसलें इसकी चपेट में आ सकती थीं। हालांकि, समय रहते राहत कार्य शुरू होने से स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया। आग बुझाने के अभियान में ग्रामीणों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने पानी और अन्य संसाधनों के माध्यम से दमकल कर्मियों का सहयोग किया, जिससे आग पर जल्द काबू पाया जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है कि आग नरवाई में स्वतः लगी थी या किसानों द्वारा लगाई गई थी।
उदयपुर में एक चाय की होटल चलाने वाले बुजुर्ग दुकानदार को धोक देकर बदमाशों ने गले से चेन छीन ली। इसके बाद आरोपी बाइक पर बैठ हेलमेट पहनकर भाग गए। इस संबंध में प्रताप नगर पुलिस थाने में पीड़ित वालूराम डांगी (60) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसका एक सीसीटीवी भी सामने आया है। शहर के पुरोहितों की मादड़ी क्षेत्र में 9 अप्रेल की शाम 4:54 बजे यह वारदात हुई। पुरोहितों की मादड़ी रोड नंबर 4 पर वालूराम डांगी चाय की दुकान संचालित करते हैं। वे दुकान के पीछे गली स्थित घर में दोपहर में आराम करने गए थे।इसके बाद शाम को जैसे ही दुकान पर आए। इस बीच बाइक सवार दो युवक आए और उनसे बात करने लगे। दोनों युवक आसपास मंदिर को लेकर कुछ पूछ रहे थे। इस बीच एक युवक ने झुक कर उनको धोक दिया और उसने उठते समय उनके गले से दो तोले की सोने की चेन छीन ली। चेन तोड़ते ही बाइक पर भागेवालूराम ने बताया- चेन तोड़ने के बाद उस युवक ने हेलमेट पहना और बाइक पर बैठा और भाग गए। बुजुर्ग पीछे-पीछे दौड़ा और शोर मचाया, लेकिन वे मुख्य सड़क होकर भाग गए। इस बीच लोग भी दौड़े, लेकिन बाइक सवार वहां से निकल गए। इधर, प्रताप नगर पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने मादड़ी अंडरपास से लेकर गली नंबर चार तक की मुख्य सड़क से लेकर कानपुर जाने वाली मुख्य सड़क पर दोनों तरफ लगे सीसीटीवी फुटेज शुक्रवार को खंगाले हैं। घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज सामने आए, लेकिन उसमें भागते युवकों का चेहरा साफ नहीं दिख रहा। उसमें बुजुर्ग के दौड़ते हुए ही दिख रहा है। घटना के बाद इस क्षेत्र में पुलिस अनुसंधान में जुटी है। ये खबर भी पढ़ें… एसपी बोलीं-जो कुछ नहीं करते,लेकिन खूब पैसे कमा रहे,हमें बताएं:बेटियों को परेशान करने वाले के बारे में वॉट्सएप करें, पुलिस नहीं छोड़ेगी आपके यहां पर कोई तेज बाइक चलाता हो। कॉलेज या स्कूल के पास लड़कियों को परेशान करता है। काम कुछ नहीं और खूब पैसा कमा रहा है तो हमें बताएं। गलत काम करने वालों को पुलिस नहीं बख्शेगी। यह बात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IPS) की अधिकारी उदयपुर एसपी डा. अमृता दुहन ने उदयपुर के गोगुंदा कस्बे में जनता से कहीं। उन्होंने कहा- जनता अपराध से जुड़ी कोई भी सूचना हो उनके सीयूजी नंबर पर वॉट्सएप करें वो सख्त कार्रवाई की जाएगी। (पूरी खबर पढ़े)
सिंगरौली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एक महिला जिला पदाधिकारी ने छेड़छाड़, अश्लील हरकत और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत पर विंध्यनगर थाना पुलिस ने स्थानीय पत्रकार विकास दुबे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना के बाद जिले के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। महिला पदाधिकारी ने पुलिस को बताया कि आरोपी पत्रकार पिछले करीब एक महीने से मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके नाम से आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट कर रहा था। महिला के अनुसार, उन्होंने कई बार आरोपी को समझाने का प्रयास किया, और शहर के कुछ गणमान्य व्यक्तियों ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अश्लील इशारे किए, जाहं अच्छे नहीं लगे शिकायत में बताया कि 7 अप्रैल को बयान दर्ज कराने सीएसपी कार्यालय पहुंची थीं, तभी आरोपी ने पास की नर्सरी के पास मिला। उसे 50 हजार रुपए मांगे। मैंने मना किया, तो उंगलियों से अश्लील इशारे किए।, जो मुझे अशोभनीय लगे। इसके बाद विंध्यनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोपी बोला- मैं निर्दोष दूसरी ओर, आरोपी पत्रकार विकास दुबे ने आरोपों को खारिज करते हुए खुद को निर्दोष बताया है। उनका दावा है कि वे पिछले तीन महीनों से भाजपा और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ खबरें लिख रहे थे, जिसके कारण उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कभी भी महिला पदाधिकारी से नहीं मिले हैं। नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदरलाल साहस ने कहा कि महिलाओं का सम्मान सर्वोपरि है। उन्होंने जोर दिया कि यदि इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, तो पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि महिलाएं सुरक्षित वातावरण में आगे बढ़ सकें।
राजसमंद पहुंचे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने शुक्रवार को नाथद्वारा जाकर श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन किए। मोती महल चौक मंदिर पहुंचे भाटी ने श्रीजी प्रभु के भोग आरती के दर्शन किए। मंदिर पहुंचने पर तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित ने उनका पारंपरिक रूप से स्वागत किया। दर्शन के बाद मंदिर परंपरा के अनुसार कृष्ण भंडार में उन्हें उपरना ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। इसके बाद श्रीजी का प्रसाद भेंट कर समाधान किया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर के मोतीमहल चैक में स्थानीय युवाओं ने भी विधायक भाटी का गर्मजोशी से स्वागत किया। युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। शिव विधायक के साथ सेल्फी लेने की होड़ मच गई। विधायक भाटी के नाथद्वारा आगमन को लेकर उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों में भी विशेष उत्साह नजर आया। जहां उन्हें ब्रजवासी टोपी पहना कर स्वागत किया गया।
करनाल जिले में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। एक तरफ सीआईए-1 टीम ने भैंस चोरी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर उससे 50 हजार रुपए बरामद किए, वहीं दूसरी ओर एंटी नारकोटिक सेल ने अवैध हथियार तस्करी के मामले में तीसरे आरोपी को भी काबू किया है। दोनों मामलों में आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीआईए-1 की टीम ने मुख्य सिपाही अमित कुमार की अध्यक्षता में आरोपी रिजवान निवासी दरबार खुर्द, कैराना, जिला शामली (उत्तर प्रदेश) को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड लिया गया। गांव भौजी खालसा निवासी नरेश कुमार ने थाना इन्द्री में शिकायत दी थी कि 13 जनवरी की रात उसके बाड़े से एक भैंस और कटड़ी चोरी हो गई थी। इस पर 14 जनवरी को मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। रिमांड में 50 हजार बरामद पूछताछ के दौरान आरोपी के कब्जे से 50 हजार रुपए नकद बरामद हुए, जो चोरी से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ करनाल जिले के विभिन्न थानों में 10 से 12 चोरी के मामले पहले से दर्ज हैं। रिमांड पूरी होने के बाद उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अवैध हथियार तस्करी में तीसरा आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में एंटी नारकोटिक सेल की टीम ने सब-इंस्पेक्टर हिम्मत सिंह के नेतृत्व में आरोपी अमजद निवासी घाटमपुर, थाना नकुड, जिला सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। यह आरोपी अवैध हथियार तस्करी के मामले में शामिल था। पहले दो आरोपी और हथियार हो चुके बरामद इस मामले में पहले पकड़े गए दो आरोपियों से पुलिस ने दो अवैध देसी कट्टे, छह जिंदा कारतूस और एक पिकअप बोलेरो गाड़ी बरामद की थी। इस संबंध में थाना सेक्टर 32/33 में बीती 08 अप्रैल को मामला दर्ज किया गया था।
सरैया थाना क्षेत्र की गोरीगामा डीह पंचायत में शुक्रवार 10 अप्रैल को एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर करीब 40 लोगों को काटकर घायल कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पागल कुते ने रास्ते में आने वाले हर व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया। इस घटना में महिलाए, बुजुर समेंह बच्चे भी घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया है। अचानक हुआ हमला, दहशत में आए ग्रामीण प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह जब लोग अपने घरों के बाहर दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी एक आवारा कुत्ता अचानक पागल जैसा व्यवहार करने लगा। कुत्ता इतना खूंखार हो चुका था कि वह सड़क पर चलते और घरों के बाहर बैठे लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर काटने लगा। कुत्ते के हमले से बचने के लिए ग्रामीण इधर-उधर भागने लगे और बचाव के लिए शोर मचाने लगे। देखते ही देखते पूरा गांव दहशत की चपेट में आ गया और लोग खुद को सुरक्षित रखने के लिए घरों के दरवाजे बंद करने को मजबूर हो गए। फूल तोड़ रही महिला और बुजुर्गों को बनाया निशाना इस हमले की शिकार हुईं प्रकाश कुमारी शाही ने बताया कि वे सुबह घर के बाहर टहल रहे थे, जबकि उनकी पत्नी मीणा कुमारी शाही पास ही पूजा के लिए फूल तोड़ रही थीं। इसी दौरान कुत्ते ने अचानक उन पर झपट्टा मारकर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। वहीं, गांव की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला शशिकला देवी पर भी कुत्ते ने बेहद हिंसक हमला किया। कुत्ते ने उनके चेहरे को बुरी तरह नोच डाला है, जिससे उनके चेहरे पर गंभीर जख्म आए हैं। फिलहाल उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। वहीं पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बिपेंद्र राम ने बताया कि एक आवारा कुत्ता अचानक गांव में घुस आया और लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। कुत्ते के लगातार हमलों से लोग दहशत में आ गए। सीएचसी, सदर अस्पताल और निजी हॉस्पीटल में जारी है घायलों का इलाज सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए सरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया गया। घायलों में लक्ष्मण सहनी, अनुज शाही, ललन साह, शंभू साह, चंदेश्वर साह, नगीना सहनी, मुन्नू शाही और मंटुन शाही सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों का इलाज शहर के विभिन्न निजी अस्पतालों में भी चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, कई घायलों के शरीर पर गहरे जख्म हैं, जिनका उचित उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद से गांव में अभी भी सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग इस खौफनाक मंजर को याद कर सहमे हुए हैं। ग्रामीणों ने एकजुट होकर कुत्ते को मारा स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने एकजुट होकर कुत्ते को घेर लिया और लाठी डंडे से पीटकर उसको मार डाला, जिसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इलाके में आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। वहीं, सरैया थाना के प्रशिक्षु आईपीएस प्रसन्ना एम.वी. ने आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की निगरानी की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा नगर निगम चुनाव को लेकर SC वार्ड रिजर्व की संख्या पर हाईकोर्ट के अधिसूचना रद्द करने वाले फैसले के खिलाफ हरियाणा सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की। रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया कि नई अधिसूचना हरियाणा सरकार जारी कर सकती है। वहीं EVM के साथ VVPAT जोड़ने की याचिका पर 20 अप्रैल को सुनवाई होगी। हाईकोर्ट से नया आदेश मिलते ही शहरी स्थानीय निकाय ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। शुक्रवार देर रात या फिर सोमवार को नई अधिसूचना जारी हो सकती है। उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी कि सरकार इस बार वार्ड की संख्या को 3 ही रखती है या फिर जनगणना के आंकड़ों अनुसार नया फैसला आएगा। हालांकि जिस प्रकार से हरियाणा सरकार रिव्यू में गई है, उससे मंशा जाहिर हो रही है कि सरकार फिर से एससी वार्डों को रिजर्व करने करने की संख्या 3 ही रख सकती है। अब जानिए कोर्ट में दोनों पक्षों के तर्क… कांग्रेस ने कोर्ट में दिया यह तर्क : कांग्रेस नेता एडवोकेट रविंद्र रावल ने बताया कि उषा रानी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने 4 सितंबर, 2025 की अधिसूचना के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। इसमें मुख्य तर्क दिए गए थे कि पिछले चुनाव में पंचकूला के 20 वार्डों में से 4 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित थी, इस बार इन्हें घटाकर 3 कर दिया गया। सीटों की संख्या में यह बदलाव 2011 की जनगणना के बजाय फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (FIDR) के 'ऑन-द-स्पॉट' सर्वे के आधार पर किया गया है। याचिका में कहा गया था कि FIDR एक स्वैच्छिक योजना है जिसे जनगणना के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना के अनुसार पंचकूला में SC जनसंख्या 18.1% थी, जिससे सीटों की संख्या 3.62 यानी 4 बनती है। सरकार का दावा-बनती हैं SC की 3 सीटें: हरियाणा सरकार के महाधिवक्ता (AG) ने सरकार की तरफ से तर्क दिया कि पंचकूला नगर निगम की सीमाओं में बदलाव किया गया है, जिससे कालका और पिंजौर क्षेत्रों को बाहर कर दिया गया। हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 6 और परिसीमन नियमों में 2023 में संशोधन किया गया था। इसके तहत सीटों का निर्धारण FIDR डेटा के आधार पर करने का प्रावधान जोड़ा गया है। सरकार के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर मौजूदा सीमाओं के भीतर SC जनसंख्या केवल 15.51% (41,467) है, जिससे आरक्षित सीटों की संख्या 3.10 यानी 3 बनती है। गहन विश्लेषण के बाद यह आया फैसला : कोर्ट ने संविधान और राज्य के कानूनों के बीच टकराव पर गौर किया कि संविधान का अनुच्छेद 243P(g) और 243T स्पष्ट करते हैं कि जनसंख्या का अर्थ पिछली प्रकाशित जनगणना के आंकड़े ही हैं। कोर्ट ने नोट किया कि राज्य एक तरफ कुल सीटों के लिए जनगणना की बात कर रहा है, लेकिन SC आरक्षण को कम करने के लिए केवल 2011 के पुराने आंकड़ों या FIDR का सहारा ले रहा है। न्यायालय ने कहा कि हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 का उपयोग अनुसूचित जाति की जनसंख्या निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। कोर्ट ने फैसले में लिखा कि पंचकूला नगर निगम से संबंधित 4 सितंबर, 2025 की अधिसूचना और उससे जुड़ी अनुसूची को रद्द कर दिया गया है।
करौली की लांगरा थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस को देखकर जंगल की ओर भागने की कोशिश कर रहा था, जिसे घेराबंदी कर पकड़ा गया। डीएसपी अनुज शुभम ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर लांगरा थाना पुलिस की टीम फूटा सोराहा तिराहा पहुंची थी। वहां एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक अवैध देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस प्रस्तुत न कर पाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमन मीना (43) के रूप में हुई है, जो करौली जिले के मामचारी थाना क्षेत्र स्थित चरी का हार का निवासी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। इस कार्रवाई में लांगरा थानाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

