झांसी से सटे मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र के टोडा गांव में जहरीले कोबरा से खिलवाड़ एक सपेरे को भारी पड़ गया। सांप पकड़ने के बाद लोगों को करतब दिखा रहे 72 वर्षीय सपेरे बिच्छू अदिवादी को कोबरा ने चेहरे पर डस लिया। इसके कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मंगलवार को झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के टोडा गांव निवासी बिच्छू आदिवासी (72) वर्षों से सांप पकड़ने का काम करता था। सोमवार शाम इलाके में हुई बारिश के बाद गांव के एक घर में जहरीला कोबरा निकल आया। घरवालों ने सांप पकड़ने के लिए बिच्छू को बुलाया। इसके बाद सांप पकड़ने में एक्सपर्ट बिच्छू ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़ लिया। सांप पकड़े जाने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों और बच्चों की भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ के कहने पर बिच्छू सांप का प्रदर्शन करने लगा। इसी दौरान वह कोबरा को अपने चेहरे के पास ले आया। लापरवाही के चलते सांप पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई और कोबरा ने उसके चेहरे पर डस लिया। सांप के डसते ही बिच्छू जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि कोबरा वहां से निकल भागा। परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद मंगलवार को उसकी मौत हो गई। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों के अनुसार, बिच्छू आदिवासी ने अपने जीवन में एक हजार से अधिक सांप और बिच्छू पकड़े थे। कोबरा समेत कई विषैले सांपों को पकड़कर वह उन्हें जंगल में छोड़ देता था। यही उसकी आजीविका का मुख्य साधन भी था। ग्रामीणों का कहना है कि इतने लंबे अनुभव के बावजूद उसके साथ पहले कभी सर्पदंश की घटना नहीं हुई थी। विडंबना यह रही कि पहली बार सांप के डसने की घटना ही उसकी मौत का कारण बन गई।
गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की ओर युवक की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। पीड़ित चंदन यादव ने आरोप लगाया कि जमीन की पैमाइश के दौरान विवाद बढ़ा। जिसके बाद पुलिस उसे पकड़कर चौकी और थाने ले गई। वहां पर युवक को बेरहमी से पीटा गया। कई अंगों पर गहरी चोटें आई हैं। शिकायत के बाद एसपी सिटी निमिष पाटील ने संज्ञान लिया है। मंगलवार की रात करीब 11 बजे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि मामले में सीओ कोतवाली को जांच के निर्देश दिए गए हैं। एसपी सिटी ने कहा कि जांच में जो पुलिस कर्मी संदिग्ध पाए जाएंगे, उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा सकती है। जानिए पूरा मामला…तिवारीपुर थाना क्षेत्र की डोमिनगढ़ चौकी अंतर्गत मंझरिया गांव के रहने वाले विवेक यादव पुत्र जर्नादन यादव ने बताया कि 28 जून की दोपहर करीब 12 बजे लेखपाल और कानूनगो पुलिस की मौजूदगी में उनके बगलगीर की जमीन की पैमाइश करा रहे थे। उनका दावा है कि उक्त जमीन पर दीवानी न्यायालय का स्टे ऑर्डर है। पैमाइश के समय उनके घर पर कोई मौजूद नहीं था। विवेक के अनुसार, वह गैस एजेंसी से सिलिंडर लेकर घर लौटे तो देखा कि पुलिस और प्रशासन की टीम उनके खेत में करीब 30 फीट अंदर पत्थर गाड़ रही थी। उन्होंने पैमाइश के दौरान अपनी मौजूदगी नहीं होने का हवाला देते हुए दोबारा नाप कराने की मांग की। आरोप है कि इसी बात को लेकर डोमिनगढ़ चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। रास्ते में भी लात-घूंसों से पीटने का आरोप पीड़ित का आरोप है कि पुलिसकर्मी उसे गाड़ी से चौकी ले गए और रास्ते में भी लात-घूंसों से पीटा। इसके बाद चौकी में लाठी और पट्टे से मारपीट की गई। उसने आरोप लगाया कि मारपीट में दो दरोगा और छह सिपाही शामिल थे। देर रात थाने ले जाकर भी पिटाई करने का आरोप लगाया गया है। अगले दिन शांति भंग का चालान किया विवेक का कहना है कि सोमवार की सुबह उसका शांतिभंग में चालान कर दिया गया। देर शाम जमानत पर छूटने के बाद उसने कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मंगलवार सुबह वह परिवार के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। सरकारी कामों में बाधा पहुंचाने का आरोप वहीं, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि पैमाइश के दौरान चंदन यादव ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई और लगाए गए पैमाइश के पत्थर को उखाड़ दिया, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति बनी। अधिकारियों के अनुसार उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद सीओ कोतवाली को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शहर की 69 वर्षीय सेवानिवृत्त लैब टेक्नीशियन को 33 दिन तक कथित तौर पर 'डिजिटल अरेस्ट' कर 1.58 करोड़ रुपए की साइबर ठगी करने के मामले में क्राइम ब्रांच को पहली बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र के नासिक निवासी लोहा कारोबारी बिट्ठल फसले को गिरफ्तार कर मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच में सामने आया है कि आरोपी के आईसीआईसीआई बैंक के करंट अकाउंट में ठगी के 19.50 लाख रुपए जमा हुए थे। इसके अलावा खाते में कई संदिग्ध लेन-देन भी मिले हैं, जिनके संबंध में पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। क्राइम ब्रांच के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि उसका बैंक खाता एक 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। खाते में आने वाली रकम के बदले उसे लगभग 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी ने पुलिस को उन लोगों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनके कहने पर उसने अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। अब पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है, जो ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम इधर-उधर ट्रांसफर करते हैं। ऐसे दिया गया ठगी को अंजाम क्राइम ब्रांच के अनुसार पीड़िता मीनाक्षी नाखरे, जो ग्वालियर में नेहरू पेट्रोल पंप के पास सरदार पाटनकर साहब का बाड़ा क्षेत्र की निवासी हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 मई 2026 को उन्हें दो अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वाले ने स्वयं को दिल्ली टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके नाम से एक अन्य मोबाइल नंबर संचालित हो रहा है, जिसका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा रहा है। जब महिला ने बताया कि वह नंबर उनका नहीं है, तो कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर उन्हें कथित जांच का हवाला दिया। गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए उन्हें लगातार 33 दिनों तक अपने नियंत्रण में रखा और इसी दौरान विभिन्न खातों में कुल 1.58 करोड़ रुपए ट्रांसफर करा लिए। 11 राज्यों के 133 खातों में पहुंचाई गई रकम साइबर जांच में सामने आया है कि पीड़िता से ठगी गई राशि सबसे पहले पश्चिम बंगाल, केरल, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के चार करंट अकाउंट में भेजी गई। इसके बाद महज एक दिन के भीतर यह रकम देश के 11 राज्यों के 40 से अधिक शहरों में मौजूद 133 अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई, ताकि धन के स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश खाते म्यूल अकाउंट थे, जिन्हें कमीशन के आधार पर उपलब्ध कराया गया था। पुलिस का मानना है कि साइबर ठग ऐसे खातों का उपयोग ठगी की रकम को तेजी से कई खातों में बांटने के लिए करते हैं। कई राज्यों तक फैला है नेटवर्क क्राइम ब्रांच की जांच में अब तक महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, गुजरात और राजस्थान तक साइबर ठगी के नेटवर्क के तार जुड़े होने के संकेत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि विभिन्न राज्यों में सक्रिय एजेंट कमीशन लेकर बैंक खाते उपलब्ध कराते हैं, जिनके माध्यम से ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित किया जाता है। क्राइम ब्रांच के सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी से रिमांड के दौरान बैंक खातों, संदिग्ध लेन-देन और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस की कई टीमें अन्य खाताधारकों और गिरोह से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी हैं। आरोपी को बुधवार को दोबारा कोर्ट में पेश किया जाएगा।
करनाल की एक गर्भवती महिला के साथ उत्तर प्रदेश में गलत तरीके से गर्भपात किए जाने का मामला सामने आया है। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका ऑपरेशन कर जान बचाई गई। मामले की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यूपी जाकर कार्रवाई की और दो एएनएम को गिरफ्तार कर लिया, जबकि आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गया। डिप्टी सीएमओ ने दी पूरी जानकारीडिप्टी सीएमओ डा. शीनू चौधरी ने बताया कि 29 जून को कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज से सूचना मिली थी कि फुसगढ़ की एक महिला यूट्रस फटने की हालत में भर्ती हुई है। 30 जून को टीम ने अस्पताल पहुंचकर महिला और उसके परिजनों से बात की। एक्सीडेंट के बाद अस्पतालों में घुमायाजांच में सामने आया कि महिला झिंझाणा और बड़ौली के बीच कहीं जा रही थी, तभी बाइक फिसलने से वह गिर गई और उसे ब्लीडिंग शुरू हो गई। परिजन उसे नजदीकी अस्पताल लेकर गए, जहां से उसे देव अस्पताल में डॉक्टर अर्पित के पास भेज दिया गया। ऑनलाइन पैसे लेकर किया गया रेफरदेव अस्पताल में महिला का अल्ट्रासाउंड किया गया और ऑनलाइन पैसे की ट्रांजेक्शन हुई। इसके बाद उसे एंबुलेंस के जरिए कैराना के एक अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसका गर्भपात (एमटीपी) किया गया। अनट्रेंड स्टाफ ने किया ऑपरेशनजांच में पाया गया कि वहां मौजूद स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था। दो महिला एएनएम ने मिलकर गर्भपात कर दिया, जिससे महिला का यूट्रस फट गया और युरेटर में भी चोट आ गई। यूपी में रेड, दो एएनएम गिरफ्तार30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीम कैराना पहुंची और अस्पताल में छापा मारा। मौके से एमटीपी के उपकरण और दवाइयां बरामद हुईं। टीम ने दो एएनएम को गिरफ्तार कर लिया। डॉक्टर अर्पित फरार, अस्पताल सीलटीम ने डॉक्टर अर्पित को ट्रेस करते हुए देव अस्पताल में भी दबिश दी, लेकिन वह वहां नहीं मिला। माना जा रहा है कि उसे पहले ही सूचना मिल गई थी और वह फरार हो गया। कार्रवाई के दौरान अस्पताल को सील कर नोडल अधिकारी को सौंप दिया गया। दोनों राज्यों में दर्ज होगी एफआईआरडा. शीनू चौधरी ने बताया कि इस मामले में यूपी और करनाल दोनों जगह एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि महिला ने करनाल जाने की बात कही थी, लेकिन उसे वहां नहीं भेजा गया। डिग्री नहीं मिली, झोलाछाप निकला डॉक्टरजांच के दौरान डॉक्टर अर्पित की कोई मान्यता प्राप्त डिग्री नहीं मिली है, जिससे स्पष्ट है कि वह झोलाछाप था। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और पूरे मामले की जांच जारी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक निर्णय में कहा कि केवल इस तथ्य से कि पत्नी शिक्षित है, उसे धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण का दावा करने से वंचित नहीं किया जा सकता है, जब इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वास्तव में पर्याप्त आय अर्जित कर रही है। न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की पीठ ने आगे टिप्पणी की कि पत्नी के माता-पिता की पेंशन या संपत्ति को पत्नी की स्वतंत्र आय के रूप में नहीं माना जा सकता है और इससे पत्नी का भरण-पोषण करने का पति का कानूनी दायित्व समाप्त नहीं होता है। 20,000 रुपये का भुगतान की याचिका खारिज इन टिप्पणियों के साथ, एकल न्यायाधीश ने पति द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें परिवार न्यायालय के उस फैसले और आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें उसे अपनी पत्नी (विपक्षी पक्ष संख्या 2) को भरण-पोषण के रूप में प्रति माह 20,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। वकीलों ने रखे अपने अपने तर्क याची पति आलोक तिवारी का मुख्य तर्क यह था कि उसकी पत्नी एक शिक्षित, रोजगार योग्य और आर्थिक रूप से स्वतंत्र महिला है जिसके पास अपना भरण-पोषण करने के लिए पर्याप्त साधन हैं और इसलिए वह धारा 125 सीआरपीसी के तहत भरण-पोषण की हकदार नहीं है। यह बताया गया कि वह ट्यूशन और कोचिंग के काम से कमाती है और साथ ही अपनी मां की पेंशन और संपत्तियों से भी अपना भरण-पोषण करती है। पति ने यह भी तर्क दिया कि वह स्वयं नियमित रोजगार में नहीं है और अपने वृद्ध माता-पिता के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से बोझिल है, इसलिए पारिवारिक न्यायालय द्वारा निर्धारित भरण-पोषण राशि अत्यधिक और असंगत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी मां एक सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका हैं जो पेंशन प्राप्त करती हैं और उनके परिवार की संपत्तियों को काफी अच्छी कीमत पर बेचा गया था। इसके विपरीत, पत्नी ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता एक योग्य चार्टर्ड अकाउंटेंट है, उसने विभिन्न स्थानों पर काम किया है, परामर्श का काम किया है, और वह अपने आयकर रिटर्न और पूर्ण वित्तीय दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहा है। यह भी तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता ने यह साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत पेश नहीं किया है कि उसके पास अपने भरण-पोषण के लिए पर्याप्त स्वतंत्र आय है। पारिवारिक न्यायालय का निष्कर्ष सही कोर्ट ने पारिवारिक न्यायालय के इस निष्कर्ष को बरकरार रखा कि पत्नी के पास अलग रहने का पर्याप्त कारण था और याचिकाकर्ता ने उसकी उपेक्षा की थी। वित्तीय पहलुओं पर विचार करने से पहले, न्यायालय ने इस बात की जांच की कि क्या पत्नी के पास अलग रहने का पर्याप्त कारण था। इसमें पति द्वारा पत्नी और उसकी विधवा मां पर फ्लैट खरीदने के लिए 25 लाख रुपये की लगातार मांग, पत्नी की शारीरिक चोटों के संबंध में विरोधाभासी स्पष्टीकरण और उसकी मानसिक स्थिति और चरित्र के बारे में उसके निराधार आरोपों को ध्यान में रखते हुए पारिवारिक न्यायालय के इस निष्कर्ष को बरकरार रखा गया कि पत्नी के पास अलग रहने का पर्याप्त कारण था और पति ने उसकी उपेक्षा की थी। पति की वित्तीय क्षमता और प्रदान की गई भरण-पोषण राशि की शुद्धता के संबंध में, पीठ ने पति की चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में योग्यता पर ध्यान दिया। याचिकाकर्ता की वित्तीय क्षमता और प्रदान की गई भरण-पोषण राशि की शुद्धता के संबंध में, पीठ ने पति की चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में योग्यता पर ध्यान दिया। न्यायालय ने पाया कि उनके पास पेशेवर अनुभव है, उन्होंने कंपनियों के साथ काम किया है, परामर्श का काम किया है, उन्होंने स्वीकार किया है कि उन्होंने विभिन्न स्थानों पर काम किया है, उनके पास एक कार है, और उन्होंने हवाई यात्रा और होटल में ठहरने पर खर्च किया है। उनकी जीवनशैली और 2017 में उनके द्वारा स्वीकार की गई इस बात को ध्यान में रखते हुए कि वह प्रति माह 90,000 रुपये कमाते हैं, पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि वह सामान्य साधनों से ऊपर का जीवन स्तर बनाए रखते हैं और अपनी पत्नी का उचित तरीके से भरण-पोषण करने की वित्तीय क्षमता रखते हैं। ठोस सबूत नहीं मिला न्यायालय ने पति के खिलाफ उसके आयकर रिटर्न और बैंक स्टेटमेंट जैसे सर्वोत्तम साक्ष्यों को छिपाने के लिए भी प्रतिकूल निष्कर्ष निकाला। न्यायालय ने गौर किया कि यद्यपि पति ने यह दलील दी कि पत्नी उच्च शिक्षित (एमएससी और बीएड) है और कोचिंग या ट्यूशन के काम से कमाती है, लेकिन वह यह साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सका कि उसकी पत्नी वास्तव में कार्यरत थी या अपने भरण-पोषण के लिए पर्याप्त आय अर्जित कर रही थी। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल इस तथ्य से कि विपक्षी पक्ष, संख्या 2, शिक्षित है, उसे भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी पत्नी को केवल इसलिए भरण-पोषण से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह योग्य है, जबकि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि वह वास्तव में पर्याप्त आय अर्जित कर रही है। पीठ ने यह भी कहा कि पति द्वारा पत्नी की मां की पेंशन या संपत्ति पर भरोसा करना गलत है, क्योंकि वे पत्नी की स्वतंत्र आय का स्रोत नहीं हैं और वे पति के उसे भरण-पोषण करने के कानूनी दायित्व को समाप्त नहीं करते हैं। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि भरण-पोषण की राशि का निर्धारण पक्षों की स्थिति, पत्नी की उचित आवश्यकताओं, पति की आय और देनदारियों तथा वैवाहिक घर में पत्नी द्वारा प्राप्त जीवन स्तर को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। आदेश में कहा गया कि , सीआरपीसी की धारा 125 का उद्देश्य दरिद्रता और बेघरपन को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि जो पत्नी अपना भरण-पोषण करने में असमर्थ है, वह भरण-पोषण के साधनों से वंचित न रह जाए। हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पति के पास पर्याप्त साधन हैं और पत्नी की कोई स्वतंत्र आय नहीं है, पारिवारिक न्यायालय के उस फैसले और आदेश को बरकरार रखा जिसमें पत्नी को भरण-पोषण के रूप में 20,000 रुपये देने का आदेश दिया गया था
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ नगर निगम द्वारा बनाए गए आवासीय क्वार्टरों पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने वहां अवैध रूप से रह रहे लोगों को बेदखल करने के नगर निगम के आदेश और नोटिस को पूरी तरह सही ठहराते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर एवं न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने शफीकुर रहमान व छह अन्य की याचिका पर उनके अधिवक्ता और अलीगढ़ नगर निगम के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। जानिये क्या है पूरा मामला अलीगढ़ जिले की कोल तहसील के मौजा दोदपुर माफी के प्लॉट नंबर 78 और 87 पर नगर निगम अलीगढ़ ने अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय क्वार्टर बनाए थे। याचियों का कहना था कि उनके पूर्वज इन क्वार्टर में किराएदार के रूप में रह रहे थे और नगर निगम को नियमित किराया दे रहे थे। यह भी कहा गया था कि याचियों ने इस जमीन को फ्रीहोल्ड कराने के लिए पैसे भी जमा किए थे। जब नगर निगम ने गत 15 मई को आपत्ति खारिज कर दी और छह जून को 15 दिनों के भीतर क्वार्टर खाली करने का नोटिस दिया तो याचियों ने यह याचिका दाखिल की। नगर निगम के अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची केवल धोखे से इन खाली क्वार्टरों में घुस आए हैं। वे पूरी तरह अतिक्रमणकारी हैं। उन्होंने यह भी कहा ने कि याचियों के पास न तो कोई अलॉटमेंट लेटर है, न कोई रेंट एग्रीमेंट और न ही कोई ऐसा पुख्ता दस्तावेज जो उनके किराएदार होने की पुष्टि करता हो। एडवोकेट विभु राय ने कहा कि मात्र कुछ पैसे जमा कर देने से सरकारी संपत्ति पर मालिकाना हक नहीं मिल जाता। दावों को पूरी तरह खारिज माना गया हाईकोर्ट ने सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद याचियों के दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि याची कभी खुद को किराएदार बताते हैं तो कभी फ्रीहोल्ड अधिकारों के वैध आवंटी लेकिन वे अपने पक्ष में कोई भी पुख्ता दस्तावेजी सबूत (जैसे अलॉटमेंट लेटर, लीज डीड या रेंट एग्रीमेंट) पेश नहीं कर सके। याचियों ने जो रसीदें पेश की थीं, वे किसी अन्य प्लॉट से संबंधित थीं और उनसे यह साबित नहीं होता कि नगर निगम ने उनसे पैसे मांगे थे। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि महज लंबे समय तक कब्जा बनाए रखने से सार्वजनिक (सरकारी) संपत्ति पर कोई कानूनी अधिकार उत्पन्न नहीं हो जाता। ऐसे में नगर आयुक्त के गत 15 मई के आदेश और उसके बाद जारी बेदखली नोटिस में कोई भी अवैधता या मनमानापन नहीं है। कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि नगर निगम कानून के दायरे में रहकर आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने प्रदेशभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार सभी स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर किए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी सूची के अनुसार पुलिस आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर, अजमेर, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा रेंज के अलावा सीआईडी-सीबी, सीआईडी-सीबी सतर्कता शाखा, सीआईडी-सीबी सिविल राइट्स, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, राजस्थान पुलिस अकादमी, प्रशिक्षण निदेशालय, पीटीएस भरतपुर, पीटीएस जोधपुर, पीटीएस खैरवाड़ा, पीटीएस बीकानेर, एजीटीएफ, लीगल सेल, पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं, एससीआरबी तथा राजस्थान राज्य महिला आयोग सहित कई इकाइयों में कार्यरत निरीक्षकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में रोहिताश, मेघना त्रिपाठी, हेमलता शर्मा, तुलसीराम, नरेंद्र सिंह, सुनील ताडा, मोहन सिंह, मुकेश चौधरी, छोटीलाल मीणा, रामेश्वरी, जगदीश सिंह, मुकेश चंद, करतार सिंह, प्रहलाद चंद, दिग्विजय सिंह, मुरारीलाल मीणा, सुमेर सिंह, हरिमन मीणा, हीरालाल, अजीत कुमार, कुसुमलता, तेजपाल सैनी, बच्चू सिंह, युधिष्ठिर, कंचन कुमारी, मांगेलाल, हरलाल, दयाराम मीणा, सुरेंद्र यादव, चौथमल बलाई, लक्ष्मीनारायण, कमल पुरी गोस्वामी, सत्यवीर, बशीलाल, महेंद्र सिंह, केशर, चंद्रवीर, अवधेश सांदू, महेश श्रीमाली, सुरेंद्र कुमार राणा, ज्ञानचंद, गंभीर सिंह, रामभरोसी मीणा, हरीसिंह मीणा, मदनलाल, हरेंद्र सिंह सौदा, आनंद यादव, मोहम्मद रफीक, माधोसिंह, दीप सिंह, प्रवीण राजपुरोहित, मिठूलाल मेघवाल, दलबीर सिंह, नेहरीलाल गुर्जर, हिमांशु सिंह राजावत, भीमसेन कौशिक, सुखवीर सिंह, प्रेमचंद, प्रदीप सिंह, विकांत शर्मा, विक्रम सिंह, प्रवीण कुमार, राकेश कुमार, गौरव प्रधान, सुधीर कुमार उपाध्याय, कमल किशोर, लीला कुमारी, चंपाराम मेघवाल, सुरेश कुमार सोनी, भारत सिंह, अमित कुमार, शिवदास, महीराम बिश्नोई, बेगराज मीणा, रमेशचंद मीणा, राजेश कुमार, संगीता बंजारा, सुरेशचंद मेघवाल, राजेश शर्मा, शैफाली सांखला, सरोज कुमारी, मोहनलाल, जितेंद्र कुमार गंगवानी, भरत सिंह, धर्मसिंह, अर्चना मीणा, रामकेश मीणा, भवानी सिंह राजावत, गीता कुमारी, संजू रानी, उर्मिला कुमारी, अशोक, नेकीराम, शेषकरण बारहट, मुकेश कुमार मीणा, विनोद कुमार शर्मा, अशोक कुमार सैनी, मनीषा, रूपनारायण तथा हरिसिंह देपावत समेत कुल 100 निरीक्षकों को नई तैनाती दी गई है। आदेश के अनुसार सबसे अधिक पदस्थापन अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, पुलिस आयुक्तालय जयपुर, पुलिस आयुक्तालय जोधपुर तथा सीआईडी-सीबी में किए गए हैं। कई अधिकारियों को एटीएस-एसओजी, जीआरपी, एसीबी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की विभिन्न शाखाओं में भी भेजा गया है। पुलिस मुख्यालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि जिन निरीक्षकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के प्रकरण अथवा राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड में पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय ने 19 जून 2026 को जारी आदेश संख्या 1521 के तहत क्रम संख्या-3 पर अंकित पुलिस निरीक्षक सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से पुलिस आयुक्तालय जयपुर किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया है। सभी पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों, प्रशिक्षण संस्थानों के कमांडेंट और संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित करें तथा इसकी अनुपालना रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजें। बीते दिनों भी हुए थे ट्रांसफरउस समय जयपुर के पुलिस आयुक्तालय और JDA में भी कई अहम बदलाव देखने को मिला था। रमेश कुमार पारीक, ओम प्रकाश मीणा और सुरेश कुमार स्वामी को जेडीए में उप पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनाती मिली। राजधानी में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए एसीपी भी लगाए गए। जबकि बीते मई महीने में 19 पुलिस निरीक्षकों के तबादले किए गए। उस समय दौसा, कोटपुतली-बहरोड़, जयपुर ग्रामीण और झुंझुनू सहित कई जिलों के थाना प्रभारियों व निरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हुआ था। मुख्य तबादले: कौन कहां गया यहां देखें सूची
छत्तीसगढ़ में जनपद पंचायतों के CEO बदले:जनपद पंचायतों के CEO समेत 33 अधिकारियों के तबादले
छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 33 अधिकारियों का तबादला किया है। इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी किया गया। सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। जारी आदेश के मुताबिक जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEO), प्रभारी CEO, सहायक आयुक्त, क्षेत्र संयोजक और अन्य अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। सभी अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर इसकी सूचना विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं। कई जिलों के CEO बदले स्थानांतरण सूची में गरियाबंद, बस्तर, नारायणपुर, सरगुजा, सूरजपुर, कोरबा, जशपुर, कांकेर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, धमतरी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर और अन्य जिलों के जनपद पंचायतों में पदस्थ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से प्रभावशील होंगे। स्थानांतरित अधिकारियों को अधिकतम 15 दिनों के भीतर नए पदस्थापना स्थल पर जॉइन कर कार्यभार ग्रहण करना होगा। प्रमुख तबादले गरियाबंद जनपद पंचायत के CEO अमजद जाफरी को आदिम जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास आयुक्त कार्यालय, नया रायपुर भेजा गया। जगदलपुर के CEO अमित भाटिया को ओरछा (नारायणपुर) का CEO बनाया गया। रामानुजनगर के प्रभारी CEO संजय कुमार राय को कोरबा जनपद पंचायत का CEO बनाया गया। कुनकुरी, बीजापुर, कोंटा, मैनपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर समेत कई जनपद पंचायतों में भी नए CEO और प्रभारी CEO की पदस्थापना की गई है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने के प्रदेश सरकार के गत 25 मई के अध्यादेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे पहले भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव के मुद्दे पर पीआईएल दाखिल हुई थी। इस पर कोर्ट ने जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के विधि छात्रों युधिष्ठिर वर्मा व आयुष पांडेय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही अगली सुनवाई के लिए तीन अगस्त की तारीख तय की है। आदेश को चुनौती दी गई जनहित याचिका में राज्य सरकार के गत 25 मई के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा गया है यह सरकारी आदेश एक्ट संख्या 6 (वर्ष 2017) की धारा 12(3A) के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किया गया था। याचियों का तर्क है कि सरकार द्वारा इस्तेमाल की गई यह शक्ति भारत के संविधान के अनुच्छेद 243(आई)(ई) के तहत असंवैधानिक है। राज्य सरकार पर लगाए आरोप कहा गया कि इस अध्यादेश से वर्तमान ग्राम प्रधानों को आगामी छह माह तक प्रशासक के रूप में नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप ग्राम पंचायत चुनावों को स्थगित किया जा रहा है। याची युधिष्ठिर वर्मा और आयुष पांडेय ने ने संविधान के अनुच्छेद 243(i)(ई) का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए तर्क दिया कि राज्य सरकार द्वारा शक्तियों का यह प्रयोग पूरी तरह असंवैधानिक है। पांच वर्षीय विधि पाठयक्रम में तीसरे वर्ष के याची छात्रों ने कहा कि यह अध्यादेश संविधान के अनुच्छेद 243ई की मूल भावना एवं संवैधानिक व्यवस्था के प्रतिकूल है क्योंकि संविधान पंचायती संस्थाओं में समयबद्ध एवं नियमित चुनाव सुनिश्चित करता है। याचियों का कहना है कि राज्य सरकार ने इस विस्तार को अपरिहार्य परिस्थितियां व जनहित जैसे व्यापक एवं अस्पष्ट आधारों पर उचित ठहराने का प्रयास किया है जबकि इसके समर्थन में कोई ठोस, तार्किक या संवैधानिक कारण नहीं बताया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रेम लाल पटेल बनाम उप्र राज्य के मामले में भी इसी प्रकार के एक अध्यादेश को असंवैधानिक एवं घोषित किया है। जनहित याचिका के माध्यम से प्रदेश में ग्राम पंचायतों के लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया की संवैधानिक सुरक्षा एवं शीघ्र बहाली की मांग भी की गई है।
बरेली के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के मोहल्ला सौदागरान में 26 सितंबर 2025 को हुए दंगों के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा शिकंजा कस दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंगलवार को बरेली आगमन के साथ ही तौकीर रजा और उनके परिवार से जुड़े लोगों की संपत्ति को सील कर दिया गया है। मामला मंदिर की जमीन को अवैध रूप से खरीदने और वहां 'लैंड जिहाद' फैलाने का है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मचा है। हिंदुओं के मकान के बाद अब मंदिर पर भी नजरइस पूरे विवाद पर स्थानीय निवासी और मामले में पक्षकार लवलीन कपूर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, दंगाइयों की हिम्मत देखिए, इन्होंने पहले हिंदुओं के मकान खरीदे और अब ये प्राचीन मंदिरों तक को नहीं छोड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू बहुल इलाकों की संपत्तियों को टारगेट किया जा रहा है, जो 'लैंड जिहाद' का ही एक हिस्सा है। 1978 में रची गई थी साजिश, मंदिर को किया छोटामामले की जानकारी देते हुए लवलीन कपूर ने बताया कि मंदिर की करीब 2000 वर्ग गज जमीन को मंदिर के केयर टेकर रहे कुलदीप नारायण शर्मा ने वकील होने का फायदा उठाकर धीरे-धीरे खुर्द-बुर्द कर दिया। उन्होंने खुलासा किया कि 1978 में एक बड़ी साजिश के तहत मंदिर में चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखवाई गई। इसके बाद पुरानी दीवारों से भगवान के चिन्ह हटा दिए गए और 2000 वर्ग गज के विशाल मंदिर को महज 6x8 के एक छोटे से कमरे में समेट दिया गया, ताकि उसे 'पर्सनल' बताकर बेचा जा सके। रिसीवर की तैनाती और प्रशासन पर दबावधर्म प्रकाश रस्तोगी ने बताया कि जब मंदिर की जमीन को मुस्लिम पक्ष के लोगों—तौकीर रजा, मौलाना शहाबुद्दीन और शाजी हाशमी आदि को बेचा गया, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया। 23 जून को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने संपत्ति सील करने का आदेश दिया था, लेकिन स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करने में सुस्त था। आज जब मुख्यमंत्री बरेली आए, तो विधायकों ने यह मामला उनके सामने रखा और सीएम की सख्ती के बाद ही यह प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी। वर्तमान में कोतवाली पुलिस को रिसीवर नियुक्त कर दिया गया है, ताकि संपत्ति को सुरक्षित रखा जा सके। मंदिर की जगह पूजा हो, व्यापार नहींइस मामले पर सुमित मेहरोत्रा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, जिस तरीके से मंदिर की जगह को खरीदा और बेचा जा रहा है, वह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मंदिर की जगह ना तो खरीदी जानी चाहिए और ना ही बेची जानी चाहिए। सुमित मेहरोत्रा ने आगे कहा, मंदिर की जगह पर पूजा होनी चाहिए। अगर हम मंदिर की ही जगह पर व्यापार करेंगे, तो यह किसी के भी दिल को आहत करेगा। आज मंदिर बिक रहे हैं, कल मस्जिद बिकने का संदेश जाएगा, यह चीज रुकनी चाहिए। अब क्या चाहते हैं स्थानीय लोग?सभी पक्षकारों का अब एक ही सुर में कहना है कि इस जमीन को कब्जे से मुक्त कराना ही काफी नहीं है, बल्कि यहां से अवैध कब्जे हटाकर (बुलडोजर चलाकर) मंदिर के गौरव को बहाल किया जाना चाहिए। प्रशासन ने दुकानों को फिलहाल सील नहीं किया है, लेकिन स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि मंदिर की इस संपूर्ण प्रॉपर्टी को 'हैंडओवर ट्रस्ट' के सुपुर्द किया जाए, ताकि वहां भविष्य में एक भव्य मंदिर बन सके।
सिवनी जिले की एक 48 वर्षीय महिला पड़ोसियों से कथित प्रताड़ना और स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर करीब 62 किलोमीटर का सफर तय कर मंगलवार को जबलपुर स्थित पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि पड़ोसी परिवार लंबे समय से उसके साथ मारपीट और अभद्रता कर रहा है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। शिकायत सुनने के बाद आईजी प्रमोद वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सिवनी एसपी को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पीड़िता सावित्री चड़ार ने बताया कि वह सिवनी जिले के धूमा क्षेत्र की रहने वाली हैं और फल बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। उनका आरोप है कि पिछले करीब तीन माह से पड़ोस में रहने वाले कृष्ण कुमार तिवारी और उसके परिवार के सदस्य लगातार उन्हें और उनके परिवार को परेशान कर रहे हैं। कई बार घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने की घटनाएं भी हुई हैं, जिससे उनका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। ठेला पलटने से शुरू हुआ विवाद महिला के अनुसार 18 अप्रैल की रात वह फल बेचकर घर लौट रही थीं। रास्ते में मिट्टी डाली होने के कारण उनका ठेला पलट गया और फल सड़क व नाली में बिखर गए। बाद में जब वह और उनके पति सड़क से मिट्टी हटाने लगे तो पड़ोसी ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। महिला का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पति के साथ भी मारपीट की गई। शोर सुनकर आरोपी के परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंच गए और सभी ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई, ताकि उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जा सके। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप महिला का आरोप है कि घटना के बाद वह शिकायत लेकर धूमा थाने पहुंची, लेकिन वहां उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने सिवनी एसपी, कलेक्टर और जनसुनवाई में भी शिकायत दी, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित थाने और अन्य अधिकारियों को भी आवेदन दिए, परंतु आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। महिला का दावा है कि पुलिस ने उनका मोबाइल लेकर शिकायत बंद करवा दी। आईजी से लगाई न्याय की गुहार लगातार कार्रवाई नहीं होने से परेशान महिला मंगलवार सुबह घर से निकलकर किसी तरह पैदल, ऑटो और अन्य साधनों की मदद से जबलपुर पहुंची। उन्होंने आईजी प्रमोद वर्मा से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी दी और कथित मारपीट से जुड़े वीडियो भी दिखाए। शिकायत सुनने के बाद आईजी ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए सिवनी पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई पर पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित कराई जाए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, जब जीतू पटवारी के बयान और राजनीतिक गतिविधियां हर जगह दिखाई दे रही हैं, तो पुलिस उन्हें ढूंढ क्यों नहीं पा रही? मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी। चुनावी सभा में लगाए थे गंभीर आरोप मामला 27 अप्रैल 2024 का है। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे। उन्होंने भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में ऊमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित किया था। सभा के दौरान पटवारी ने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर बिना तथ्यों के लेनदेन करने और भाजपा से सांठगांठ करने के आरोप लगाए। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने तू-तड़ाक की भाषा का भी इस्तेमाल किया, जिसे लेकर जरारिया ने आपत्ति जताई। शिकायत के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसी मामले में कोर्ट ने उन्हें 16 जनवरी 2026 को पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। पुलिस की दलील पर कोर्ट की फटकार सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे लगातार मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं, तो पुलिस उन्हें तलाशने में असफल कैसे है। इसके बाद अदालत ने भिंड एसपी को निर्देश दिए कि 27 जुलाई को अगली सुनवाई में पटवारी की मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
ललितपुर में मंगलवार रात करीब ढाई घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म से लेकर जीआरपी थाना परिसर तक पानी भर गया, जबकि यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मंगलवार रात 8 बजे से 10:30 बजे तक लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर बीना की ओर बने नए फुटओवर ब्रिज के पास टीन शेड से पानी टपकने लगा। प्लेटफॉर्म पर पानी भर जाने और बहने से यात्रियों को आवागमन में दिक्कत हुई, वहीं फिसलकर हादसा होने का खतरा भी बना रहा। बारिश का असर रेलवे स्टेशन के बाहर और आसपास भी देखने को मिला। स्टेशन के बाहर की नाली जाम होने से जल निकासी पूरी तरह बाधित हो गई। इसके चलते स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने स्थित बाथरूम का पानी बरामदे में भर गया। वहीं जीआरपी और आरपीएफ थाने के सामने मुख्य सड़क पर भी भारी जलभराव हो गया। सड़क का पानी जीआरपी थाने के अंदर तक पहुंच गया, जबकि राहगीरों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। शहर के अन्य कई इलाकों में भी जलभराव से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने और नालों की नियमित सफाई कराने की मांग की है।
घर में घुसकर युवती से छेड़छाड़:मां ने आरोपी को कमरे में किया बंद; पुलिस ने गिरफ्तार किया
लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में सोमवार तड़के एक युवक घर में घुसकर युवती से छेड़छाड़ करने लगा। युवती के शोर मचाने पर उसकी मां मौके पर पहुंच गई। उन्होंने आरोपी को पकड़कर एक कमरे में बंद कर दिया और पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पीड़िता की मां की तहरीर पर कृष्णानगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। कृष्णानगर इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि क्षेत्र निवासी महिला ने शिकायत में बताया है कि सोमवार तड़के करीब तीन बजे वह अपनी दोनों बेटियों के साथ घर में सो रही थीं। इसी दौरान सीपैट चौराहा निवासी सत्यम उनके घर में घुस आया। आरोप है कि वह उनकी 18 वर्षीय बेटी के कमरे में पहुंचा और उसके साथ जबरदस्ती करते हुए छेड़छाड़ करने लगा। बेटी की चीख सुनकर परिजनों की नींद खुल गई। मां जब कमरे में पहुंची तो आरोपी को बेटी के साथ जबरदस्ती करते देखा। उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया और दूसरे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया। पीड़िता की मां का आरोप है कि पुलिस के साथ जाते समय आरोपी ने उन्हें और उनकी बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी। इंस्पेक्टर पीके सिंह ने बताया कि आरोपी पुलिस हिरासत में है। पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ घर में घुसकर छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रयागराज जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। मंगलवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में जिला व्यापार बंधु समिति की बैठक हुई। इसमें जिलाधिकारी ने व्यापारियों को फायर सेफ्टी को अनिवार्य बताते हुए सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुकानों में अग्निशमन उपकरण होने के साथ-साथ उनका क्रियाशील प्रमाणपत्र भी आवश्यक है। व्यापारियों को स्वयं और अपने कर्मचारियों को इन उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिलाने की हिदायत दी गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान रोका जा सके। बैठक के दौरान व्यापारियों ने शहर में जाम की समस्या उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्य बाजारों से जाम हटाने के लिए योजना तैयार की गई है। कटरा, जानसेनगंज, घंटाघर और सिविल लाइन्स जैसे क्षेत्रों में अवैध कब्जों को हटाने के लिए इस महीने से विशेष अभियान चलाया जाएगा। सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान लगाने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने सड़क पर अतिक्रमण करने वाले 150 लोगों को चिह्नित किया है, जिनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जाएगी। सिविल लाइन्स क्षेत्र में अनियंत्रित ई-रिक्शा के संचालन पर रोक लगाई जाएगी और इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। मुख्य सड़कों पर गलत पार्किंग करने वाले वाहनों को अब चेतावनी के बजाय सीधे टोइंग गाड़ियों से जब्त किया जाएगा। व्यापारियों द्वारा उठाई गई लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए। शाहगंज से सस्ता बाजार मार्केट तक नशेड़ियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस, आबकारी और नगर निगम की एक संयुक्त टीम गठित की जाएगी, जो औचक कार्रवाई करेगी। लोकनाथ चौराहे पर लटकते तारों को हटाकर भूमिगत करने के लिए विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल मौके का निरीक्षण कर प्रस्ताव बनाने के आदेश दिए गए। इसके अतिरिक्त, फाफामऊ और झूंसी-नैनी क्षेत्रों में सीवर तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित शिकायतों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ में व्यापारियों का विरोध:अग्निकांड के बाद सीलिंग-नोटिस से नाराज, उत्पीड़न का आरोप
लखनऊ में हालिया अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), अग्निशमन विभाग और अन्य सरकारी एजेंसियों की कार्रवाई से व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को लाटूश रोड स्थित व्यापार भवन में आयोजित लखनऊ व्यापार मंडल की प्रेस वार्ता में व्यापारियों ने एक स्वर में कहा कि सीलिंग और नोटिस के नाम पर उनका उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रेस वार्ता में लखनऊ व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों की एकतरफा कार्रवाई से शहर के व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की कार्रवाई नहीं रुकी तो व्यापारी अपनी दुकानें बंद कर सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। किसी भी प्रकार का शोषण और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि व्यापारी वर्ग हमेशा प्रशासन और सरकार के साथ मिलकर काम करता आया है, लेकिन किसी भी प्रकार का शोषण और उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि व्यापारियों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए, न कि भय का वातावरण बनाकर। वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि यदि इसी तरह की कार्रवाई जारी रही तो व्यापारी अपनी दुकानों की चाबियां प्रशासन को सौंपकर सड़कों पर बैठ जाएंगे। उन्होंने बताया कि व्यापारी केवल एक लाख नहीं, बल्कि दस लाख लोगों के परिवारों से जुड़े हैं और उनकी दुकानों पर हजारों लोग रोजगार पाते हैं। संकट की घड़ी में व्यापारी वर्ग हमेशा सबसे आगे रहा मनोचा ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और संकट की घड़ी में व्यापारी वर्ग हमेशा सबसे आगे रहकर समाज की सेवा करता है। इसलिए प्रशासन को व्यापारियों को प्रताड़ित करने के बजाय व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि लखनऊ व्यापार मंडल से जुड़े लगभग 300 संगठन शहर के विभिन्न बाजारों का प्रतिनिधित्व करते हैं और प्रशासन के साथ हर स्तर पर सहयोग के लिए तैयार हैं।
मेरठ के जाटव गेट इलाके में सोमवार रात ट्रांसफार्मर में लगी आग की घटना के बाद लोग दहशत में हैं। मंगलवार दोपहर निरीक्षण करने पहुंचे विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा को लोगों की भारी नाराजगी झेलनी पड़ी। लोगों का आरोप था कि उनके यहां दूसरे इलाके के ट्रांसफार्मर लगा दिए गए हैं। कभी भी यहां बड़ा हादसा हो सकता है। चीफ इंजीनियर ने जगह मिलते ही ट्रांसफार्मर शिफ्ट कराने का भरोसा दिलाया है। जाटव गेट पुलिस चौकी के ठीक सामने एक के बाद एक सात ट्रांसफार्मर रखे हैं। सोमवार देर रात इन ट्रांसफार्मरों में से एक ट्रांसफार्मर में चिंगारी उठी तो लोग सकते में आ गए। देखते ही देखते चिंगारी आग में बदल गई और पहले एक और फिर उसी के नीचे रखे दूसरे ट्रांसफार्मर ने आग पकड़ ली। दोनों ट्रांसफार्मर धूं...धूं...कर जलने लगे। आस पास के लोग दहशत में आ गए। सकरा रास्ता होने के कारण दमकल की गाड़ी भी देरी से पहुंची लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी और ट्रांसफार्मर जल चुके थे। लोगों में देखने को मिली नाराजगी इस हादसे के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई। उन्होंने एक साथ रखे चार ट्रांसफार्मरों का विरोध कर दिया। जेई व एसडीओ के प्रति भी नाराजगी रही। मामला चीफ इंजीनियर तक पहुंचा। मंगलवार दोपहर को चीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा अकेली ही जाटव गेट पहुंच गए। उन्होंने जले ट्रांसफार्मरों को देखा। साथ ही नये ट्रांसफार्मर रखने के लिए क्या व्यवस्था की गई है, इसके बारे में भी जाना। जेई से नाराज दिखे क्षेत्रीय लोग चीफ इंजीनियर ने नाराज लोगों से बात की तो उनका बिजली घर पर तैनात स्टाफ को लेकर गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने बताया कि जब रात आग लगी तो लोगों ने जेई व बिजली घर का फोन मिलाया लेकिन फोन नहीं मिला। इसके बाद लोग खुद ही आग पर काबू पाने का प्रयास करते रहे। लोगों का कहना था कि अगर आग आस पास में फैल जाती तो कौन जिम्मेदार होता। दूसरे इलाके के ट्रांसफार्मर हटाने की मांगक्षेत्रीय निवासी प्रदीप भारद्वाज ने कहा कि एक समय यहां केवल दो ट्रांसफार्मर लगे थे लेकिन फिर धीरे धीरे यहां एक के बाद एक सात ट्रांसफार्मर रख दिए गए। काफी दूर का एरिया यहां से कवर किया जा रहा है और दिक्कत यहां के लोगों को झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जहां के ट्रांसफार्मर हैं, वहां ले जाकर लगाए जाएं। चीफ बोले- व्यवस्था सुधारने का प्रयासचीफ इंजीनियर रजनीकांत मिश्रा ने बताया कि सोमवार रात लगी आग में एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल चुका है जबकि दूसरा ठीक होने की स्थिति में है। कोशिश यही हो रही है कि दोनों को बदलवा दिया जाए। जहां तक स्थान परिवर्तन की बात है तो उसमें थोड़ा समय लगेगा। लोगों से जो शिकायत मिली हैं, उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
मथुरा के बरसाना में तेज रफ्तार कार का कहर देखने को मिला। यहां मॉर्निंग वॉक पर निकली दो बुजुर्ग बहनों को कार सवारों ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बहन 5 फीट से ज्यादा उछल गई। हादसे में दोनों बहनों के गंभीर चोट लगी है। रविवार को हुए हादसे का वीडियो मंगलवार देर शाम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने कार के नम्बर के आधार पर मुकद्दमा दर्ज कर टक्कर मारने वालों की तलाश शुरू कर दी है। मॉर्निंग वॉक करने निकली थीं दोनों बहन बरसाना कस्बे के कटारा मोहल्ला निवासी सुग्घद सिंह की पत्नी 60 वर्षीय सुमित्रा देवी अपनी बड़ी बहन 65 वर्षीय लक्ष्मी देवी के साथ रविवार की सुबह टहलने के लिए निकली। दोनों बहन घर से करीब 500 मीटर दूर बस स्टैंड के समीप पहुंचीं तभी पीछे से आई एक कार ने टक्कर मार दी। सड़क किनारे चल रही बहनों को टक्कर मारने के बाद चालक कार लेकर मौके से भाग खड़ा हुआ। महिलाओं के आई गंभीर चोट हादसे के बाद मौके पर भीड़ लग गई। सूचना परिवार वालों को दी गई। सूचना मिलते ही सुमित्रा देवी के बेटा संजय मौके पर पहुंच गए। संजय परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सुमित्रा देवी और लक्ष्मी देवी को इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। हादसे के कारण दोनों महिलाओं के सर,हाथ,पैर,आंखों में गंभीर चोट आई। सुमित्रा देवी की तो पैर में 3 जगह से हड्डी टूट गई। CCTV वीडियो हुआ वायरल रविवार को बरसाना कस्बे में हुए इस हादसे का मंगलवार देर शाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। 7 सेकंड के इस वीडियो में दिख रहा है कि सुमित्रा देवी और लक्ष्मी देवी खाली सड़क पर टहल रही हैं। इसी दौरान सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर पीछे से आई तेज रफ्तार कार आती है और दोनों को टक्कर मार देती हैं। टक्कर लगने से दोनों महिला करीब 5 फीट ऊंची उछल जाती है। हादसे के बाद एक महिला उछल कर सड़क के किनारे गिर जाती है जबकि दूसरी महिला कार के बोनट पर गिर कर दूसरी तरफ गिर जाती है। पुलिस ने मुकद्दमा दर्ज कर शुरू की जांच हादसे के बाद कार चालक गाड़ी लेकर मौके से भाग खड़ा हुआ। मंगलवार को दुर्घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार का नंबर सर्च किया। जिसके बाद पता चला कि टक्कर मारने वाली कार स्विफ्ट है और उसका नंबर HR 50 K 2159 है। जिसके बाद पुलिस ने सुमित्रा देवी के बेटे संजय की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज कर लिया। सीओ गोवर्धन अनिल कुमार सिंह ने बताया मुकद्दमा दर्ज कर लिया है कार और टक्कर मारने वाले की तलाश की जा रही है।
ललितपुर के एलयूसीसी चिटफंड कंपनी से जुड़े करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में फरार मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल की गिरफ्तारी पर घोषित इनाम राशि बढ़ाकर अब एक लाख रुपए कर दी गई है। यह घोषणा कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा की गई है। मंगलवार शाम ललितपुर पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने बताया कि समीर अग्रवाल एलयूसीसी चिटफंड कंपनी का मुख्य सरगना है। उस पर निवेशकों को ऊंचे मुनाफे का लालच देकर निवेश कराने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने तथा आपराधिक षड्यंत्र के तहत करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। समीर अग्रवाल, पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र अग्रवाल, मूल रूप से मुंबई का निवासी है। वर्तमान में उसका पता दुबई के बिजनेस बे स्थित बिल्डिंग नंबर-10, चौथी मंजिल, कार्यालय संख्या-404 बताया गया है। वह लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को आरोपी के संबंध में कोई विश्वसनीय सूचना मिले तो वह निकटतम पुलिस थाने या ललितपुर पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा नियमानुसार एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रयागराज: अवैध प्लाटिंग पर चला बुलडोजर:झलवा में 2 बीघा भूमि पर बिना स्वीकृति बन रही थी कॉलोनी
प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने शहर में अवैध प्लाटिंग और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। झलवा क्षेत्र में लगभग दो बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई जोनल अधिकारी सूरज कुमार पटेल के नेतृत्व में जोन-02, उपजोन-2ए के अंतर्गत की गई। प्राधिकरण की टीम ने मित्र नगर, धुस्सा, घुघरू चौराहा के पास झलवा स्थित आराजी संख्या-95 एवं 95/219 पर की गई अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान चलाया। बताया गया कि अनुराग तिवारी, जयश्री कुशवाहा एवं अन्य लोगों द्वारा बिना प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए करीब दो बीघा भूमि पर यह अवैध प्लाटिंग विकसित की जा रही थी। शिकायत और जांच के बाद पीडीए ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इसे ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी के साथ अवर अभियंता विनोद कुमार गुप्ता, सुपरवाइजर, पीडीए प्रवर्तन टीम तथा धूमनगंज थाना पुलिस भी मौजूद रही। पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शहर में अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण ने निर्माणकर्ताओं और डेवलपर्स को चेतावनी दी है कि किसी भी प्रकार का विकास कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र एवं लेआउट की विधिवत स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। साथ ही, पीडीए ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी भूखंड की खरीद-फरोख्त करने से पहले उसकी वैधता और प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें। बिना स्वीकृति विकसित की गई अवैध कॉलोनियों या मेला क्षेत्र में भूखंड खरीदने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। प्राधिकरण ने कहा कि शहर में सुनियोजित विकास और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
लखनऊ हाईकोर्ट की सुरक्षा जांच के दौरान एक बाबा के बैग से 12 बोर का तमंचा और चार कारतूस मिला। सुरक्षा कर्मियों ने बाबा व उसके साथी को हिरासत में लेकर विभूतिखंड पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, 25 जून को हाईकोर्ट परिसर के गेट नंबर-6 पर एंट्री करने वाले लोगों की सुरक्षा जांच की जा रही थी। इसी दौरान एक बाबा अपने सहयोगी के साथ प्रवेश के लिए पहुंचे। उनके बैग को बैगेज स्कैनर मशीन से जांचा गया तो स्क्रीन पर हथियार जैसी संदिग्ध चीज दिखाई दी। इसके बाद चेकिंग अधिकारी एसआई अखिलेश पाण्डेय ने बैग की जांच कराई। तलाशी में बैग से 12 बोर का तमंचा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। जब बाबा से हथियार का लाइसेंस मांगा गया तो वह कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सके। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम बाबा अमरदास उर्फ बाल भगवान दास, निवासी मकदूम कला बाजार शुक्ल अमेठी बताया। उनके साथ मौजूद व्यक्ति की पहचान ओमश्री पाण्डेय, निवासी कपूरीपुर, थाना जगदीशपुर, जनपद अमेठी के रूप में हुई। सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को अवैध तमंचे और कारतूस समेत हिरासत में लेकर सूचना विभूतिखंड पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर तमंचा और कारतूस कब्जे में लेकर सील किया।
केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, इलाहाबाद ने मंगलवार को प्रयागराज में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। इसका उद्देश्य छोटे और मझोले व्यापारियों की जीएसटी संबंधी समस्याओं का समाधान करना और जागरूकता बढ़ाना था। सिविल लाइंस स्थित जीएसटी भवन के कौटिल्य सभागार में आयोजित इस बैठक में व्यापारिक संगठनों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, अधिवक्ताओं और जीएसटी अधिकारियों ने भाग लिया। उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जीएसटी आयुक्तालय, इलाहाबाद के अपर आयुक्त मह्फूजुर रहमान ने की। सहायक आयुक्त हेम नाथ झा और यश बिशेन के साथ अधीक्षक दिलीप यादव, अनुज मिश्र, असीम कुमार सिंह तथा आसिफ अली भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमार गोयल ने छोटे और मझोले व्यापारियों की जीएसटी संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अधिकारियों से नीतिगत मामलों से जुड़े सुझावों और समस्याओं को उच्च स्तर तक पहुंचाने का अनुरोध किया, ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। अधिवक्ताओं और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने जीएसटी पोर्टल पर आने वाली तकनीकी समस्याओं की ओर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया और उनके शीघ्र समाधान की मांग की। बैठक में जीएसटी लागू होने के नौ वर्ष पूरे होने पर संतोष व्यक्त किया गया। इस दौरान जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-9सी, रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म, जीएसटी-2बी, फर्जी सप्लायरों के कारण इनपुट टैक्स क्रेडिट में आने वाली दिक्कतें तथा जीएसटी रिटर्न फाइलिंग सिस्टम में तकनीकी सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। व्यापार प्रतिनिधियों ने छोटे और मझोले व्यापारियों के लिए जीएसटीआर-9 वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की मौद्रिक सीमा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने अनुपालन का बोझ कम करने और रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। यह सुझाव भी दिया गया कि वास्तविक खरीदारों को फर्जी या गैर-मौजूद फर्मों की धोखाधड़ी के लिए दंडित नहीं किया जाना चाहिए। बैठक के अंत में, अपर आयुक्त मह्फूजुर रहमान ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारियों द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं को उचित मंच पर उठाया जाएगा और उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
समाजवादी पार्टी विधानमंडल दल के मुख्य सचेतक पद से कांठ के सपा विधायक कमाल अख्तर के इस्तीफे पर मुरादाबाद की सपा सांसद रुचिवीरा ने प्रतिक्रिया दी है। सपा सांसद ने कहा कि, कमाल अख्तर के इस्तीफे का मुझसे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों मुरादाबाद में जो कुछ हुआ वह उनके लिए अपमानजनक था। रुचिवीरा बोलीं- कोई न कोई तो उसके पीछे था। लेकिन बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादवजी ने सभी को समझा दिया था। इसके साथ ही वो चैप्टर वहीं बंद हो चुका है। मुरादाबाद में पत्रकारों से बातचीत में रुचिवीरा ने कहा कि, राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी में किस विधायक, सांसद या कार्यकर्ता से क्या काम लें, ये उनका डिसीजन है। प्रदेश में चुनाव आने वाला है और हो सकता है कि चुनाव जल्द हो जाए। मुझे लगता है कि इसी के मद्देनजर ये फेरबदल (कमाल अख्तर का इस्तीफा) हुआ होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ही बेहतर समझ सकते हैं कि कौन आदमी किस रोल में बेहतर काम कर सकता है। रुचिवीरा ने कहा वो मामला(कमाल और रुचिवीरा में अनबन) निपट गया है। मैंने कहा पहले भी कहा था कि एक महिला(सांसद को) को पिछले दिनों काफी चीजें झेलनी पड़ीं। यहां अनुशासनहीनता हो रही थी। पार्टी के होर्डिंग बैनरों में किसकी फोटो लगाई जाए किसकी नहीं लगाई जाए, किसको कार्यक्रम में बुलाया जाए और किसको नहीं बुलाया जाए…। कुछ तो यहां चल रहा था। कोई न कोई तो था ही उसके पीछे। रुचिवीरा बोलीं, अब मुझे ये नहीं पता कि ये भूलवश था या जानबूझकर था। लेकिन मैं ये कहना चाहती हूं कि प्रकरण निपट चुका है, वर्तमान में हुए इस्तीफे का उससे लेना-देना नहीं है। उस प्रकरण में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी को समझा दिया था कि अनुशासनहीनता किसी भी स्तर से नहीं होनी चाहिए। रुचिवीरा ने स्वीकार किया कि, उन्होंने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से की थी। जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाया गया था।
सोनभद्र में बिहार के भोजपुर निवासी भरत तिवारी की पुलिस कार्रवाई में हुई मौत के विरोध में मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज नगर के रामलीला मैदान में एक श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया।इस दौरान बड़ी संख्या में युवाओं,सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया। हाथों में मोमबत्तियां और न्याय की मांग से जुड़े संदेश लिए लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला।उन्होंने दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपस्थित लोगों ने जोर देकर कहा कि यदि कोई व्यक्ति समाज के वंचित वर्ग की आवाज उठाता है,तो उसकी सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की जिम्मेदारी है।उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। कार्यक्रम में युवाओं की संख्या सर्वाधिक रही।युवाओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है,बल्कि न्याय और जवाबदेही का प्रश्न है।उनका मानना था कि यदि ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई,तो आम नागरिकों का व्यवस्था से विश्वास कमजोर होगा। सामाजिक कार्यकर्ता अशोक दुबे ने भरत तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अवैध कार्रवाई हुई है,तो जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाना आवश्यक है।उन्होंने यह भी जोड़ा कि न्याय में देरी भी न्याय से वंचित करने के समान है। धीरज पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है।उन्होंने घटना की स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर बल दिया,ताकि सच्चाई सामने आ सके और लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बना रहे। मन्नू पांडे और अभिषेक चौबे ने कहा कि भरत तिवारी की मौत से लोगों में गहरा आक्रोश है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। मन्नू पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं,बल्कि न्याय की मांग के लिए है। इस दौरान कार्यक्रम में अमीश पांडेय, नितीश पाण्डेय, अनुपम त्रिपाठी, अमित पाठक, हिरन यादव, मनीष सिंह, आशीष पाण्डेय, शशिकान्त पाण्डेय, अनुज पाण्डेय, विनीत पाण्डेय, राजनारायण तिवारी, सुधाकर पाण्डेय, अरविन्द पाण्डेय, संजना पटेल, पूजा पाण्डेय, आरती पटेल, वरुण त्रिपाठी, ऋतूल चौबे, अनुराग पाण्डेय, विनय मौर्य, अभिषेक मिश्रा, सत्यम पाण्डेय, राजा पाण्डेय, रोहित मिश्रा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय इंद्रदेव सिंह की वर्ष 2002 में हुई चर्चित हत्या के मामले में सीबीआई मामलों की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश वायु नंदन मिश्रा ने तीन आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। अब सजा के बिंदु पर 7 जुलाई 2026 को सुनवाई होगी।8 अगस्त 2002 को दिनदहाड़े हुई थी हत्या अभियोजन पक्ष के अनुसार, 8 अगस्त 2002 को शाम करीब 4 से 4:30 बजे के बीच कैसरबाग टेलीफोन एक्सचेंज के पीछे बक्शी दीदी के घर के पास अधिवक्ता इंद्रदेव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद उनकी पत्नी नयनतारा सिंह ने थाना कैसरबाग में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।राज्य सरकार की सिफारिश पर सीबीआई को सौंपी गई थी जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी। विवेचना के दौरान सीबीआई ने मन्नालाल गुप्ता, वेद प्रकाश उर्फ नेता, विक्रम यादव उर्फ कालिया, छोटेलाल, छोटू, बृजेश यादव उर्फ मुन्ना और पन्ना सिंह के नाम सामने लाए। जांच में यह भी सामने आया कि विक्रम यादव उर्फ कालिया ने 12 बोर के तमंचे से इंद्रदेव सिंह को गोली मारी थी।22 साल चली कानूनी लड़ाई के बाद आया फैसला सीबीआई ने वर्ष 2004 में आरोप पत्र दाखिल किया था और उसी वर्ष आरोप भी तय हुए थे। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने विक्रम यादव उर्फ कालिया, पन्ना सिंह और बृजेश यादव उर्फ मुन्ना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/120-बी के तहत दोषी ठहराया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अन्य तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है।7 जुलाई को तय होगी सजा अदालत ने तीनों दोषियों को जेल भेजते हुए सजा पर सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की है। करीब 24 साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में आए फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
हाथरस में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। एक गैंगवार मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी को बरी करते हुए पुलिस की विवेचना और गिरफ्तारी प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की। यह मामला 19 जून को हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र के हतीसा बाईपास स्थित कैलाश ढाबा के पास हुई फायरिंग से जुड़ा है। दो गुटों के बीच हुई इस झड़प से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। जब किसी पक्ष ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई, तो हाथरस गेट कोतवाली के एक दरोगा ने फायरिंग में शामिल लोगों के खिलाफ प्राणघातक हमले सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने कल इस मामले में चंदपा थाना क्षेत्र के सांवत पट्टी निवासी छोटू राणा को गिरफ्तार किया। हालांकि, विवेचना के दौरान पुलिस ने खुद ही प्राणघातक हमले से संबंधित गंभीर धारा हटा दी। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की अनिवार्य प्रक्रिया अपनाए बिना आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा की मांग को खारिज कर दिया। बिना नोटिस दिए नहीं की जा सकती गिरफ्तारी न्यायालय ने स्पष्ट किया कि सात वर्ष से कम सजा वाले अपराध में धारा-35(3) के तहत नोटिस दिए बिना गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। अदालत ने पुलिस का रिमांड प्रार्थना पत्र निरस्त करते हुए आरोपी छोटू राणा को 25 हजार रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया।
बिजनौर की शहर कोतवाली परिसर में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने वाली महिला की सोमवार शाम दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद महिला का शव दिल्ली से बिजनौर लाया जाएगा। मंगलवार देर रात तक शव के पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं मामले में पुलिस ने मंगलवार को दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। इनमें मनोज पत्नी संजू निवासी स्वाहेड़ी, कोतवाली शहर और मृतका के गांव की रहने वाली निकिता उर्फ निक्की पत्नी गजेंद्र शामिल हैं। महिला की मौत के बाद उसके गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। महिला ने एक फौजी पर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। कार्रवाई न होने से आहत होकर उसने 21 जून की रात कोतवाली में आत्मदाह का प्रयास किया था। कीरतपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 21 जून की रात करीब 10:45 बजे शहर कोतवाली में खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह आग बुझाई, लेकिन वह करीब 60 प्रतिशत झुलस गई थी। उसे पहले मेरठ और बाद में 22 जून को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, जहां सोमवार शाम उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि निकिता उर्फ निक्की ने कथित रूप से महिला को आत्महत्या के लिए उकसाया था। वहीं, मुख्य आरोपी फौजी सौरभ के चाचा कलुआ पुत्र राम सिंह को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। छह लोगों पर दर्ज है मुकदमा घटना के बाद पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर आरोपी सौरभ पुत्र संजू, गौरव पुत्र संजू, संजू पुत्र राम सिंह, मनोज पत्नी संजू, कलुआ पुत्र राम सिंह और बीनू पत्नी गौरव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। घटना के अगले दिन 22 जून को पुलिस अधीक्षक ने शहर कोतवाली प्रभारी अमर सिंह राठौर को निलंबित कर दिया था। तीन टीमें कर रही हैं आरोपियों की तलाश सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि मामले की जांच जारी है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में 'उल्लास बाल पर्व-2026' का समापन:बाल कलाकारों ने अभिनय और नृत्य से दर्शकों को भावविभोर किया
लखनऊ में दो दिवसीय 'उल्लास बाल पर्व-2026' का समापन हो गया। मंगलवार को कैसरबाग स्थित राय उमानाथ बली ऑडिटोरियम में यायावर रंगमंडल और संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में बाल कलाकारों ने अपनी रंगारंग प्रस्तुतियों से दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की दूसरी संध्या में आध्यात्मिक संदेश, सामाजिक सरोकार और बाल मनोविज्ञान पर आधारित प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। बच्चों ने अपनी शानदार कला से दर्शकों का दिल जीत लिया। धर्म की पुनर्स्थापना के संदेश महोत्सव का शुभारंभ जानकीपुरम स्थित पूरन शिक्षा केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लघु नृत्य-नाटिका 'गोपाल से जगत पाल तक' से हुआ। वंशिका शर्मा की परिकल्पना और निर्देशन में मंचित इस नाटिका ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से लेकर कलियुग में धर्म की पुनर्स्थापना के संदेश तक की यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। इस नृत्य-नाटिका में श्रीकृष्ण जन्म, पूतना वध, कालिया नाग दमन, राधा-कृष्ण की प्रेम लीलाओं और कल्कि अवतार की अवधारणा को कथक, कंटेम्पररी और लोक नृत्य शैलियों के समन्वय के साथ प्रस्तुत किया गया। बाल कलाकारों के अभिनय, भाव-भंगिमा और नृत्य संयोजन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। विद्यार्थियों ने 'एक सपना' नाटक का मंचन किया प्रस्तुति का सबसे प्रभावशाली संदेश यह रहा कि कल्कि केवल एक अवतार नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक हैं। नाटक ने यह संदेश दिया कि धर्म, प्रेम, करुणा और सत्य की स्थापना की शुरुआत स्वयं के भीतर परिवर्तन से होती है। इसके बाद गोमतीनगर स्थित सेंट पीटर्स इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने 'एक सपना' नाटक का मंचन किया। योगेन्द्र जोशी के लेखन और अंकित श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रस्तुत इस नाटक ने आधुनिक जीवन में बच्चों के अकेलेपन और मोबाइल की बढ़ती लत पर गंभीर सवाल उठाए।
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता और अधिवक्ता महेंद्र प्रताप यादव ने मंगलवार को एक नई राजनीतिक पार्टी भारतीय समाजवादी पार्टी के गठन की घोषणा की है। हजरतगंज स्थित प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटककर परिवारवाद और पूंजीवाद का केंद्र बन गई है। यादव ने बताया कि भारतीय समाजवादी पार्टी की औपचारिक घोषणा आगामी 14 जुलाई को सुल्तानपुर रोड स्थित ड्रीम पब्लिक स्कूल परिसर में की जाएगी। उनकी नई पार्टी का मुख्य उद्देश्य गरीबों, किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाना होगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहे उन्होंने वर्तमान सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया। महेंद्र प्रताप यादव ने कहा कि महिलाओं पर बढ़ते अपराध, दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न जैसे गंभीर मुद्दों पर उनकी पार्टी संघर्ष करेगी और जनआंदोलन खड़ा करेगी। महेंद्र प्रताप यादव ने खुद को समाजवादी आंदोलन का पुराना सिपाही बताया। उन्होंने कहा कि वे समाजवादी जनता पार्टी के समय से ही नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1991 के विधानसभा चुनाव के दौरान दर्ज एक मुकदमे का उन्होंने करीब 31 वर्षों तक सामना किया, लेकिन इसके बावजूद पार्टी में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिला। 17 जून को समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बनाने का निर्णय लिया उन्होंने अपनी शिकायतें साझा करते हुए बताया कि जिला पंचायत चुनाव में वे मात्र 58 मतों से हार गए थे, और मतगणना दोबारा कराने की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सचिव सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद उन्हें विधान परिषद चुनाव का टिकट नहीं दिया गया। यादव ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी अपने संस्थापक उद्देश्यों से दूर हो चुकी है। उनके अनुसार, गरीब, किसान और मजदूरों के राजनीतिक एवं सामाजिक उत्थान के सपने की जगह अब व्यक्तिगत हित और परिवारवाद ने ले ली है। इन्हीं कारणों से उन्होंने 17 जून को समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देकर अपनी नई पार्टी बनाने का निर्णय लिया।
कानपुर में ट्रेन की चपेट में आई महिला, मौत:बिठूर के नारामऊ में हादसा हुआ, शिनाख्त में जुटी पुलिस
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नारामऊ स्थित इल्मको रेलवे क्रॉसिंग के पास मंगलवार शाम करीब पांच बजे एक अज्ञात महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नही हो सकी शव की शिनाख्त, जाँच मे जुटी पुलिस जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब पांच बजे रेलवे की ओर से पुलिस को सूचना दी गई कि इल्मको रेलवे क्रॉसिंग के पास एक महिला का शव रेलवे ट्रैक के किनारे पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि महिला की ट्रेन की टक्कर से मौत हो चुकी थी। हादसे में महिला का चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार मृतका ने ग्रे रंग का लोअर, काले रंग का टॉप और गोल्डन रंग की चुनरी पहन रखी थी। आसपास के लोगों से पूछताछ कर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस ने शव को सील कर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है और महिला की शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिठूर थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया कि शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। आसपास के लोगों से संपर्क कर शिनाख्त के प्रयास कराए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम की मोर्चेरी में सुरक्षित रखा गया है अन्य विधि कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में बेसमेंट का गलत इस्तेमाल करने वाले होटल, बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर अब सख्त कार्रवाई होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और अग्निशमन विभाग के संयुक्त सर्वे में 122 प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं मिलने के बाद मंगलवार को मंडलायुक्त एवं एलडीए अध्यक्ष विजय विश्वास पंत ने सभी दोषी भवनों को नोटिस जारी करने और तय समय में खामियां दूर न होने पर सील करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन भवनों को अनियमितताओं के बावजूद पूर्णता प्रमाणपत्र (कम्प्लीशन) जारी किया गया, उन मामलों में संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। एलडीए मुख्यालय के पारिजात सभागार में हुई प्रवर्तन समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि हाल के अग्निकांडों के बाद शहर के होटल, गेस्ट हाउस, मैरिज लॉन और बैंक्वेट हॉल समेत 122 प्रतिष्ठानों का संयुक्त निरीक्षण कराया गया। जांच में कई स्थानों पर स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण और अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन मिले। छत दिखाकर चलाया जा रहा बार सबसे गंभीर मामला गोमती नगर स्थित होटल रेनेसां का सामने आया। जांच में पाया गया कि स्वीकृत नक्शे में 16वीं मंजिल पर जहां केवल छत दर्शाई गई थी, वहां स्काई बार संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा होटल को लीज पर मिली ग्रीन बेल्ट के नीचे अवैध बेसमेंट भी बना मिला। इसी तरह होटल नोवोटेल में बेसमेंट पार्किंग की जगह बेकरी, स्टाफ रूम और लॉन्ड्री संचालित होती मिली। होटल लीनेज में भी अनियमितताएं सामने आईं। आशियाना स्थित होटल पिनैकल के बेसमेंट में अवैध रूप से बैंक्वेट हॉल संचालित मिला, जबकि विभूतिखंड स्थित होटल सैवी ग्रैंड में पार्किंग की जगह बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां चलती मिलीं। नियमों का पालन न होने पर सीलिंग का आदेश बैठक में मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी दोषी प्रतिष्ठानों को तत्काल नोटिस जारी किए जाएं और जहां अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए। यदि तय समय के भीतर नियमों का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित भवनों को सील किया जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि होटल, कोचिंग सेंटर, कंप्यूटर क्लास, अस्पताल, नर्सिंग होम, जिम और अन्य ऐसे प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की जाए, जहां बड़ी संख्या में लोग आते हैं। विशेष रूप से बेसमेंट में संचालित गतिविधियों की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्य के लिए हो और सभी अग्नि एवं सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए।
लोहानीपुर से 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त:मुखबिर की सूचना पर कदमकुआं पुलिस ने की कार्रवाई, तस्कर फरार
पटना के लोहानीपुर रेलवे हंटर रोड से कदमकुआं थाना पुलिस ने 92 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की है। प्रत्येक बोतल 180 एमएल की थी। यह कार्रवाई आज सुबह 7:40 बजे की गई। पुलिस सुबह 6 बजे इलाके में गश्त कर रही थी, तभी उन्हें शराब की तस्करी के संबंध में गुप्त सूचना मिली। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शराब जब्त की। कदमकुआं थाना के एसआई अनिल कुमार और पीएसआई राजीव रंजन ओझा ने इस बरामदगी की पुष्टि की है। इस संबंध में कदमकुआं थाने में केस नंबर 487/26 दर्ज किया गया है। इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जिसने यह शराब रखी थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ लोग शराब लेकर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस की भनक लगते ही वे शराब वहीं छोड़कर फरार हो गए। जब्त शराब की कीमत का आकलन अभी नहीं किया जा सका है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
जयपुर में इंद्रा मार्केट में मंगलवार रात करीब 10:30 बजे एक कपड़े की दुकान में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण लगी। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। थानाधिकारी (SHO) राजेश गौतम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से आग विकराल रूप नहीं ले सकी और आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक लिया गया। घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। पुलिस और दमकल विभाग की कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। आग पर काबू पाने के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने राहत की सांस ली।
डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कुल 106667 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। मंगलवार को पंजीकरण प्रक्रिया की लास्ट डेट खत्म हो गई। वहीं, पांच और दो विशेष चरणों में होने वाली काउंसिलिंग प्रक्रिया के तहत पहले चरण की च्वॉइस फिलिंग और लॉकिंग 4 जुलाई से 7 जुलाई तक होगी। जबकि सीट अलॉटमेंट 9 जुलाई को किया जाएगा। काउंसिलिंग का शेड्यूल हुआ जारी सीट कंफर्मेशन और फ्रीज-सीट फ्लोट 9 जुलाई से 12 जुलाई तक चलेगा। दूसरे चरण में च्वॉइस फिलिंग 13 जुलाई से 14 जुलाई तक होगी। सीट अलॉटमेंट 16 जुलाई को होगा। सीट कंफर्मेशन शुल्क 16 से 18 जुलाई तक जमा होगा। सीट फ्रीज और फ्लोट 16 से 18 जुलाई तक होगी। तीसरे चरण में ऑनलाइन च्वॉइस लॉकिंग 19 से 20 जुलाई तक होगी। सीट अलॉटमेंट 22 जुलाई को होगा। सीट कंफर्मेशन शुल्क एवं सीट फ्रीज एवं फ्लोट 22 से 23 जुलाई तक किया जा सकेगा। चौथे चरण में सीट अलॉटमेंट 24 जुलाई को होगा। सीट कंफर्मेशन शुल्क 24 से 26 जुलाई तक किया जाएगा। ऑनलाइन सीट विड्रा 24 से 29 जुलाई तक करने का मौका मिलेगा। पहले चार चरणों में सीट लॉक करने वालों को 27 से 29 जुलाई तक फिजिकल रिपोर्टिंग करनी होगी। बीटेक-बीफार्मा का परीक्षा परिणाम जारी AKTU के सत्र 2025-26 के सम सेमेस्टर परीक्षा के बीफार्मा के तीसरे वर्ष के छठें सेमेस्टर, बीटेक दूसरे वर्ष के चौथे सेमेस्टर और तीसरे वर्ष के छठें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया गया है। परीक्षा परिणाम विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी किया गया है।
ग्वालियर में सोशल मीडिया के जरिए अनजान लोगों से दोस्ती करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। मुरार थाना क्षेत्र के काली माई संतर निवासी 40 वर्षीय अमित शर्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने फेसबुक पर युवती बनकर पहले उनसे दोस्ती की और फिर आकर्षक मुनाफे का लालच देकर करीब 3 लाख 87 हजार 243 रुपए की ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे दिया। पुलिस ने मंगलवार को मामले में एफआईआर दर्ज की। पीड़ित अमित शर्मा, जो निजी कंपनी में कार्यरत हैं, ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके फेसबुक अकाउंट पर रिद्धिमा शाह नाम की प्रोफाइल से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। शुरुआत में उन्होंने अनुरोध स्वीकार नहीं किया, लेकिन बाद में रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। कुछ समय बाद युवती ने खुद को निवेश से अच्छा मुनाफा कमाने वाली बताकर क्लब 21 मॉल नामक वेबसाइट पर पैसा लगाने की सलाह दी। विश्वास जीतने के लिए पहले आरोपी ने अमित को एक डेमो प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया, जहां उन्हें लाभ भी मिला। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग तारीखों में कई किश्तों के जरिए विभिन्न यूपीआई आईडी पर कुल 3,87,243 रुपए ट्रांसफर कर दिए। 11 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 के बीच यह रुपए ट्रांसफर करवाए गए। शुरुआती निवेश पर कुछ रकम वापस मिलने से उनका भरोसा और मजबूत हो गया, लेकिन बाद में लगातार पैसा जमा कराने के बावजूद न तो मुनाफा मिला और न ही मूल राशि वापस लौटी। लेकिन जब अमित ने अपने पैसे निकालने और रिद्धिमा शाह से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्हें ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के झांसे में आकर किसी भी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें।
राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 100 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के तबादला आदेश जारी किए हैं। ये स्थानांतरण संबंधित अधिकारियों की स्वयं की प्रार्थना (Self Request) के आधार पर तत्काल प्रभाव से किए गए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (कार्मिक) बीजू जॉर्ज जोसफ की ओर से जारी आदेश के अनुसार निरीक्षकों को पुलिस आयुक्तालय जयपुर, जोधपुर, विभिन्न रेंज, सीआईडी-सीबी, एटीएस-एसओजी, एसीबी, जीआरपी, प्रशिक्षण संस्थानों और पुलिस मुख्यालय की अलग-अलग शाखाओं में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। तबादला सूची में सबसे अधिक अधिकारियों की पोस्टिंग अजमेर रेंज, भरतपुर रेंज, जयपुर रेंज, जोधपुर रेंज, उदयपुर रेंज, कोटा रेंज, आयुक्तालय जयपुर, आयुक्तालय जोधपुर और सीआईडी-सीबी में की गई है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के प्रकरण या राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम-16 (CCA Rule-16) के तहत कार्रवाई विचाराधीन या प्रस्तावित है, उन्हें फील्ड पोस्टिंग नहीं दी जाएगी। संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को इसकी सूचना पुलिस मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 19 जून को जारी आदेश के तहत सतपाल सिंह का अजमेर रेंज से जयपुर पुलिस आयुक्तालय किया गया स्थानांतरण निरस्त कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय ने सभी संबंधित नियंत्रण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि स्थानांतरित निरीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। यहां देखें सूची
छतरपुर जिले की हरपालपुर थाना पुलिस ने 42 साल पुराने चोरी के मामले में फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लक्ष्मण धोबी (65) लंबे समय से दिल्ली में अपने बेटों के साथ रह रहा था। हरपालपुर लौटते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी राजेश सिकरवार ने बताया कि मामला वर्ष 1984 का है। उस समय हरपालपुर के तलैया रोड निवासी नारायण किशोर खरे के घर चोरी हुई थी। इस मामले में हरपालपुर थाने में अपराध क्रमांक 77/1984 के तहत धारा 457 और 380 में प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना के बाद से था फरार आरोपी लक्ष्मण धोबी, पिता शिवदयाल धोबी, निवासी खतक्यान मोहल्ला, हरपालपुर, घटना के बाद से ही फरार था। उसके खिलाफ न्यायालय से स्थायी वारंट जारी हुआ था। पुलिस कई वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी। मंगलवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने घर हरपालपुर आया हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय ने भेजा जेल पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लंबे समय से दिल्ली में अपने बेटों के साथ रह रहा था। उसे लगा था कि करीब 20 वर्ष की उम्र में किए गए चोरी के इस पुराने मामले को पुलिस भूल चुकी होगी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे नौगांव न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मध्यप्रदेश के राजगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष और भाजपा नेता विनोद साहू को जिला अस्पताल की स्टाफ नर्स से मारपीट के मामले में अदालत ने दोषी करार दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमएफसी) वीर सिंह धाकड़ ने उन्हें तीन माह के साधारण कारावास और एक हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अपने फैसले में घटना के वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों को अहम साक्ष्य माना। मेडिकल रिपोर्ट में स्टाफ नर्स के हाथ में चोट की पुष्टि हुई, जबकि अभियोजन ने शिकायतकर्ता, प्रत्यक्षदर्शियों, चिकित्सक और विवेचक के बयान भी पेश किए। न्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मारपीट का आरोप साबित माना। हालांकि, अश्लील गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी के आरोप पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर साबित नहीं हुए, इसलिए कोर्ट ने उन धाराओं से बरी कर दिया। घर के सामने रेलिंग लगाने पर था विवादमामला 16 जून 2024 का है। जिला अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स मीनाक्षी कुबड़े ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उनके शासकीय आवास के सामने रेलिंग लगाने को लेकर विवाद हुआ था। आरोप था कि इसी विवाद के दौरान विनोद साहू उनके घर पहुंचे, अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर हाथ-थप्पड़ों से मारपीट की। शिकायत में यह भी कहा गया था कि वे फावड़ा लेकर उन्हें मारने दौड़े थे। दो आरोपों में सबूत नहीं मिलने पर बरी शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मारपीट, गाली-गलौज और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद अदालत ने धारा 323 के तहत मारपीट का आरोप सिद्ध मानते हुए सजा सुनाई, जबकि धारा 294 और 506 के तहत लगे आरोपों में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… राजगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष का VIDEOराजगढ़ में नगर पालिका अध्यक्ष विनोद साहू पर FIR दर्ज की है। एक महिला स्वास्थ्यकर्मी ने विनोद साहू पर मारपीट के आरोप लगाए थे। महिला का कहना है कि मेरे सरकारी आवास पर गेट लगाने की बात पर नगर पालिका अध्यक्ष वहां आए और मेरे साथ मारपीट की। वे फावड़ा उठाकर मुझे मारने आए। इस दौरान लोगों ने मुझे बचाया। पूरी खबर पढ़ें…
कटनी जिले के विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र में एक शादीशुदा महिला को घर में बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की सहेली के पति ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मंगलवार शाम को एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। शिकायत के मुताबिक, यह वारदात 15 जून 2026 की रात करीब 9:30 बजे की है। उस वक्त पीड़िता के पति गांव में हो रही भागवत कथा सुनने गए थे और महिला घर पर अकेली थी। जब वह घर के बाहर बर्तन साफ कर रही थी, तभी गांव का ही प्रशांत उर्फ शेरा मिश्रा पीछे के दरवाजे से चुपके से आंगन में घुस आया। आरोपी ने पीछे से महिला का मुंह दबाया और उसे जबरन घर के अंदर खींच ले गया। महिला ने खुद को छुड़ाने का बहुत विरोध किया, लेकिन आरोपी ने उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद उसने पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। सहेली का पति है आरोपी, फोन न उठाने पर घर में फेंकता था पत्थर पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी प्रशांत की पत्नी उसकी सहेली है। आरोपी पिछले दो महीनों से उसे फोन करके बातचीत करने और मिलने का दबाव बना रहा था। लोक-लाज और सहेली के घर का मामला होने के कारण महिला ने यह बात किसी को नहीं बताई थी और आरोपी को कई बार सुधरने की चेतावनी भी दी थी। इस वारदात के बाद भी आरोपी की प्रताड़ना बंद नहीं हुई। वह लगातार महिला को फोन करता रहा। जब पीड़िता ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया, तो आरोपी रात में उसके घर पर पत्थर फेंकता था और बाहर खड़े होकर गंदी-गंदी गालियां देता था। बचने के लिए किया जहर खाने का नाटक लगातार मिल रही धमकियों से डरी-सहमी महिला ने 25 जून 2026 को अपने पति के लौटने पर उन्हें पूरी आपबीती सुनाई। जब आरोपी प्रशांत को पता चला कि महिला ने अपने पति को सब बता दिया है, तो वह बुरी तरह घबरा गया। मामले को भटकाने और पीड़ित परिवार पर दबाव बनाने के लिए उसने अपने ही घर में जहर खाने का नाटक किया। जहर खाने की झूठी एक्टिंग करते हुए उसने पीड़िता को फोन लगाया, जिसे उसके पति ने उठाया। इस ड्रामे से पीड़ित परिवार इतना डर गया कि वे तुरंत थाने नहीं जा सके। आखिरकार हिम्मत जुटाकर महिला पुलिस के पास पहुंची। एसपी बोले- जल्द होगी आरोपी की गिरफ्तारी कटनी पुलिस ने धारा 64(1) [दुष्कर्म], धारा 296(बी) [अश्लील हरकतें और गालियां देना], धारा 332(ख), [घर में जबरन घुसना और बंधक बनाना], धारा 351(3) [जान से मारने की धमकी देना] में केस दर्ज किया है। एसपी अभिनय विश्वकर्मा ने कहा- “पीड़िता की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। महिला पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पीड़िता के बयान दर्ज कर संबंधित धाराओं के तहत मामला कायम कर लिया गया है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
लुधियाना के सिविल अस्पताल में हंगामा:मेडिकल करवाने आए युवकों ने डॉक्टरों से की मारपीट
लुधियाना के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में उस समय हंगामा हो गया, जब मेडिकल करवाने आए कुछ युवकों और ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की हुई। इस घटना के बाद अस्पताल में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। युवक गग्गी ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के साथ मेडिकल करवाने सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में आया था। गग्गी का आरोप है कि डॉक्टरों ने उनका इलाज और मेडिकल करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उसने कहा कि जब उन्होंने मेडिकल करने को कहा तो डॉक्टरों ने सहयोग नहीं किया, जिससे विवाद बढ़ गया। दूसरी ओर, डॉ. अवतार सिंह ने युवकों के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल करवाने आए युवकों ने डॉक्टरों के साथ बदसलूकी की और धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की। डॉ. सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि युवकों ने अस्पताल के दफ्तर में तोड़फोड़ और हमला करने की कोशिश की, जिससे अस्पताल का कामकाज प्रभावित हुआ। घटना की सूचना अस्पताल प्रशासन और पुलिस को दी गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की असल वजह और जिम्मेदार लोगों का पता चल पाएगा।
बारिश के दौरान खुले गड्ढों, नालियों और निर्माण स्थलों पर हादसों में बच्चों की मौत के मामलों को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को सख्त अनुशंसा भेजी है। आयोग ने पूरे शहरी क्षेत्र में तत्काल सर्वे कराने, खुले गड्ढों को सुरक्षित करने और 7 जुलाई 2026 तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि उसके सामने ऐसे कई मामले आए हैं, जिनमें कॉलोनियों के निर्माणाधीन गड्ढों, सड़कों पर खुले गड्ढों या बारिश में ढक गई नालियों में गिरने से बच्चों की जान गई है। इसे बेहद गंभीर और दुखद बताते हुए आयोग ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम, 2005 की धारा 13 और 15 के तहत बच्चों के जीवन की सुरक्षा के लिए यह अनुशंसा जारी की है। क्या करने के निर्देश दिए गए आयोग ने कहा है कि सभी नगरीय क्षेत्रों में विशेष सर्वे अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थानों की पहचान की जाए। जहां संभव हो वहां गड्ढों को तुरंत भरा जाए, अन्यथा उनके चारों ओर बैरिकेडिंग या बल्ली लगाकर सुरक्षा घेरा बनाया जाए ताकि बच्चे वहां न गिरें। निर्माण एजेंसियों की भी जिम्मेदारी तय आयोग ने सभी निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को निर्देश जारी करने की अनुशंसा की है कि निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों, नींव और कॉलम वाले स्थानों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाना अनिवार्य किया जाए। संवेदनशील निर्माण स्थलों पर चौकीदार या सुरक्षाकर्मी तैनात करने की भी बात कही गई है। बारिश में बढ़ जाता है खतरा आयोग ने कहा है कि बारिश के दौरान स्कूल आते-जाते या खेलते समय बच्चों को पानी से भरे छोटे और बड़े गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता। ऐसे में अनजाने में उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। इसलिए इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तर से निर्देश जारी किए जाएं और जिला स्तर पर इसकी नियमित समीक्षा हो। 7 जुलाई तक मांगी रिपोर्ट आयोग ने नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों से कहा है कि अनुशंसा पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी 7 जुलाई 2026 तक आयोग को भेजी जाए।
फरीदाबाद जिले के बल्लभगढ़ इलाके में लावारिस कुत्ते के काटने के करीब 2 हफ्ते बाद 30 वर्षीय युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। युवक की पहचान आदर्श नगर निवासी मोनू के रूप में हुई है। रविवार देर रात परिजन उसे उपचार के लिए बीके सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसकी हालत गंभीर पाई और बेहतर इलाज के लिए तुरंत दिल्ली के अस्पताल में रेफर कर दिया। 2 हफ्ते पहले कुत्ते ने काटा था परिजनों के अनुसार, करीब 2 हफ्ते पहले मोनू को 3 नंबर इलाके में एक लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। घटना के बाद उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया। न तो उसने अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाई और न ही किसी डॉक्टर से इलाज कराया। शुरुआत में उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी महसूस नहीं हुई, इसलिए उसने उपचार कराने की जरूरत भी नहीं समझी। लेकिन रविवार देर रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उसकी हालत लगातार खराब होती देख परिजन घबरा गए और तुरंत उसे बीके सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। गंभीर हालत में दिल्ली किया रेफर बीके सिविल अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर शुभम कांत ने युवक की जांच की। जांच के दौरान उसकी हालत गंभीर पाई गई। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद बिना समय गंवाए उसे बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के अस्पताल में रेफर कर दिया। फिलहाल युवक का इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा है। बीके सिविल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के डॉक्टरों ने इस घटना के बाद लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। डॉक्टर ने दी ये जानकारी डॉक्टरों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को कुत्ता, बंदर या कोई अन्य संदिग्ध जानवर काट ले, तो सबसे पहले घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर रेबीज इम्यूनोग्लोब्युलिन का इंजेक्शन भी लगवाना जरूरी होता है।
इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने सोमवार को विद्यालयों, डेयरी प्रतिष्ठानों, मसाला निर्माण इकाइयों, नमकीन उद्योगों और मिठाई दुकानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल 64 सैंपल जांच के लिए संग्रहित किए गए, जबकि मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से मौके पर जांच किए गए 23 सैंपल में से 3 सैंपल अमानक पाए जाने पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की गई। अभियान के तहत 29 जून को खंडवा रोड स्थित क्वीन्स कॉलेज के मेस का निरीक्षण किया गया, जहां दाल, राजमा, बेसन और आटे सहित चार सैंपल लिए गए। वहीं 30 जून को चोइथराम स्कूल की जांच में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। यहां से राजमा, उड़द दाल, तुअर दाल, नमकीन चावल, आलू झोलदार और देसी चना मसाला सहित छह सैंपल जांच के लिए लिए गए। अधिकारियों ने कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का निरंतर पालन करने के निर्देश भी दिए। खाद्य सुरक्षा विभाग को प्राप्त शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई की गई। राऊ स्थित बाबा कुल्फी से काजू कतली, दूध कतली, मिल्क केक, पेड़ा और मलाई बर्फी के पांच सैंपल लिए गए। यादव डेयरी फार्म से दूध, पनीर, दही, चक्का और घी सहित छह सैंपल संग्रहित किए गए। इसी तरह शर्मा कॉस्मेटिक एवं किराना से रस्क, सेव और मिक्सचर के छह सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (आरबीआईएस) के तहत उच्च जोखिम श्रेणी के प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया। कृष्ण मिल्क प्रोडक्ट, एलआईटी स्पाइसेस, कृष्णा डेयरी स्वीट्स एंड नमकीन तथा प्रकाश नमकीन उद्योग से दूध, पनीर, मावा, मसाले और नमकीन उत्पादों सहित कुल 22 सैंपल लिए गए। इसके अलावा भेरूनाथ नमकीन, सांवरिया दूध डेयरी स्वीट्स एंड एवरफ्रेश तथा गंगा नमकीन स्वीट्स एंड बेकरी से भी विभिन्न खाद्य पदार्थों के सैंपलजांच के लिए संग्रहित किए गए। सभी प्रतिष्ठानों के संचालकों को स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, खाद्य हैंडलर्स की व्यक्तिगत स्वच्छता, मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड, पानी की नियमित जांच और वैध लाइसेंस संबंधी निर्देश दिए गए। मिलावट की पहचान संबंधी जानकारी दी खाद्य सुरक्षा प्रशासन की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब ने महालक्ष्मी नगर स्थित प्रकाश नमकीन में खाद्य पदार्थों की ऑन-द-स्पॉट जांच कर मिलावट की पहचान संबंधी जानकारी दी। इस दौरान खाद्य कारोबारियों और आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा, एक्सपायरी तिथि की जांच, अखाद्य रंगों के दुष्प्रभाव और सुरक्षित खाद्य पदार्थों के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। संग्रहित सभी 64 सैंपलों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि जिले में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विद्यालयों, डेयरियों, मसाला इकाइयों, मिठाई और नमकीन प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा तथा प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर प्राथमिकता के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि खाद्य मिलावट या अस्वच्छता संबंधी शिकायतें कलेक्टर हेल्पलाइन, सीएम हेल्पलाइन या एफओएससीओएस पोर्टल के माध्यम से अवश्य दर्ज कराएं।
इंदौर में पिछले दिनों बोरिंग खुदाई के दौरान अवंतिका गैस पाइप लाइन में ब्लास्ट हो गया था। हादसे में झुलसी कंटेंट क्रिएटर गिरी राजकुमारी उर्फ जिनी झाला के मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई हुई। हादसे में झुलसे लोग बॉम्बे हॉस्पिटल में एडमिट हैं, उनकी ओर से भी इंटरविनर के रूप में वकीलों ने कोर्ट में आवेदन लगाया है। जिसमें बताया है कि हॉस्पिटल से हमें जल्दी डिस्चार्ज किया जा रहा है। हमारा भी समुचित इलाज होना चाहिए ताकि इन्फेक्शन का खतरा न रहे। हादसे में घायल गोपाल मालाकार (10-15%) और सुभाष ठाकुर (10-12% झुलसे) में हैं। जबकि एक अन्य भी झुलसा है। दूसरी ओर याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट श्रवण कुमार लाहोटी ने बताया कि जिनी को अहमदाबाद एयरलिफ्ट करने के बाद उसका इलाज जारी है। मामले में पुलिस ने पुलिस ने ठेकेदार और बोरिंग वाहन के ड्राइवर पर केस दर्ज किया है जबकि जिसने बोरिंग के लिए बुलवाया था उसके खिलाफ नहीं की गई है। नगर निगम पेश नहीं की रिपोर्ट सुनवाई में नगर निगम की ओर से रिपोर्ट पेश नहीं की गई लेकिन मौखिक रूप बताया गया कि इसमें निगम की किसी अधिकारी का दोष नहीं है। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि मामले में कोई तो दोषी होगा जिसने खुदाई करवाई। दूसरी ओर घायल जिनी की ओर से एडवोकेट ने बताया कि उसकी ओर से भी एक आवेदन दिया गया था लेकिन किसी अन्य पक्ष की ओर से एफआईआर दर्ज की गई। यह भी बताया कि जब बोरिंग प्रतिबंधित था तो फिर कैसे काम शुरू हो गया और किसकी अनुमति से हुआ। इस मामले में पार्षद को भी पक्षकार बनाया है। मामले में अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी।
रायसेन के सेहतगंज में मंगलवार शाम तेज रफ्तार शक्ति ट्रेवल्स की बस ने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मार दी। घटना में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई वहीं एक घायल हो गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे। वहीं, उनकी बाइक बस के पहिए के नीचे फंस गई। हादसे में रायसेन शहर के वार्ड क्रमांक 13 निवासी आलोक शर्मा (22) की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ बाइक पर सवार बदामी (45) गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को टोल प्लाजा की एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने आलोक शर्मा को मृत घोषित कर दिया। बदामी का इलाज जारी है। एक महीने पहले हुई थी शादी बताया जा रहा है कि आलोक शर्मा की एक माह पहले ही शादी हुई थी। वह दो बहनों के बीच इकलौते भाई थे। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम करीब 5 बजे सागर से भोपाल जा रही शक्ति ट्रेवल्स की बस ने बाइक को टक्कर मारी। हादसे के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही खरवई चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। मृतक के शव को जिला अस्पताल की मर्चुरी में रखवाया गया है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
गोपालगंज में अपहरण के एक आरोपी राहुल कुमार सिंह पुलिस की चलती गाड़ी से कूदकर फरार हो गया। यह घटना गोपालगंज-मीरगंज मुख्य मार्ग पर वृंदावन सदासी राय टोला गांव के पास उस समय हुई जब उसे कोर्ट में पेशी के बाद मंडल कारा ले जाया जा रहा था। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और आरोपी की तलाश में कई थानों की पुलिस जुट गई है। फरार हुए आरोपी की पहचान बरौली थाना क्षेत्र के देवापुर गांव निवासी जितेंद्र सिंह के बेटे राहुल कुमार सिंह के रूप में की गई है। उसने सदासी राय टोला गांव के पास मौका पाकर चलती गाड़ी से छलांग लगा दी और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर भागने में सफल रहा। राहुल कुमार सिंह को एक युवती के अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे गोपालगंज सिविल कोर्ट में पेश किया गया था और पेशी के बाद न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजा जा रहा था। कई थानों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया इस दुस्साहसिक घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन के सामने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस अभिरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहुल कुमार सिंह की गिरफ्तारी के लिए जिले के कई थानों की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस की विशेष टीमें उसके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और बरौली थाना क्षेत्र के देवापुर गांव में लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। मामले के अनुसंधानकर्ता यशवंत सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
मोहनिया थाना क्षेत्र के शुकुलपिपरा पेट्रोल पंप के पास सीएनजी (CNG) गैस की अनुपलब्धता के कारण ऑटो चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 319 (NH-319) को अवरुद्ध कर दिया। यह घटना तब हुई जब चालकों को सुबह 10 बजे से कतार में खड़े होने के बावजूद दोपहर 3 बजे तक सीएनजी नहीं मिली। जाम की 2 तस्वीरें… चालकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दियाचालकों का कहना है कि उन्हें बार-बार सीएनजी आपूर्ति वाहन के जल्द आने का आश्वासन दिया जा रहा था। निर्धारित समय तक गैस न मिलने पर चालकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस जाम के कारण नेशनल हाईवे पर ऑटो और अन्य वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। आम यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा हाईवे के दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुकने से आम यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वे ऑटो चालकों को समझाने और राजमार्ग से जाम हटवाने का प्रयास कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना के तहत उज्जैन के तीन गांवों की भूमि अधिग्रहण मामले में किसानों को बड़ी राहत दी है। न्यायालय ने ग्राम मंगरोला, सोडंग और झिरनिया के किसानों की याचिका पर सोमवार को सुनवाई करते हुए विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिवक्ता विशाल चौहान और आशुतोष जगताप ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही उचित मुआवजा और पारदर्शिता अधिनियम 2013 के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना की गई है। याचिका में बताया गया कि किसानों ने वैकल्पिक मार्ग, शासकीय भूमि के उपयोग और इंटरचेंज डिजाइन में बदलाव को लेकर आपत्तियां और सुझाव दिए थे, जिन पर प्रशासन द्वारा विधि-सम्मत विचार नहीं किया गया। किसानों की और कोर्ट में बताया कि तीन बडे रोड इन गांवों से कनेक्ट है मुआवजा राशि के चलते किसान अपनी भूमि नहीं देना चाहते हैं। अधिवक्ता विशाल चौहान बताया कि न्यायालय को यह भी अवगत कराया कि आपत्तियों की सुनवाई सक्षम प्राधिकारी के बजाय अन्य अधिकारी द्वारा की गई, जो सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि किसानों को अब तक मुआवजा राशि प्राप्त नहीं हुई है और इस मामले में कई महत्वपूर्ण वैधानिक प्रश्न विचारणीय हैं। इन तर्कों और तथ्यों के आधार पर न्यायालय ने भूमि के संबंध में यथा स्थिति बनाए रखने का महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया। उच्च न्यायालय के इस फैसले से मंगरोला, सोडंग और झिरनिया के प्रभावित किसानों को एक बड़ी और महत्वपूर्ण अंतरिम राहत मिली है।
सोशल मीडिया के जरिए अधिक मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर दोना-पत्तल निर्माण मशीन और कच्चा माल उपलब्ध कराने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक आरोपी को डीडी नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम शैलेन्द्र कुमार रजक बताया जा रहा है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है। आरोपी के खिलाफ चंद्रहास वर्मा ने शिकायत की थी। जानिए पूरा मामला डीडी नगर पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पीड़ित चंद्रहास वर्मा ने शिकायत की थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया था कि सोशल मीडिया पर दोना-पत्तल उद्योग से संबंधित विज्ञापन देखकर आरोपी से संपर्क किया था। आरोपी ने खुद को कंपनी संचालक बताते हुए मशीन, कच्चा माल उपलब्ध कराने और तैयार माल खरीदने का भरोसा दिलाया। साथ ही कम समय में अधिक मुनाफा होने का लालच देकर प्रार्थी से अलग-अलग किस्तों में करीब 2.95 लाख रुपए ले लिए। रुपए मिलने के बाद आरोपी मशीन और कच्चा माल देने में लगातार टालमटोल करता रहा। जब लंबे समय तक कोई सुविधा नहीं मिली तो पीड़ित ने थाना डीडी नगर में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस की जांच में सामने आया है, कि आरोपी ने पीड़ित के अलावा छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के 25 से 30 लोगों को भी इसी तरह ठगा है। आरोपी पर आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है।
विधायक कॉलोनी के लिए नकटी की जमीन बदलने की मांग:कांग्रेस विधायक जनक ध्रुव ने CM को लिखा पत्र
विधायक कॉलोनी के लिए रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित भूमि आवंटन को लेकर कांग्रेस विधायक जनक राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा है। उन्होंने नकटी की जगह नया रायपुर में किसी अन्य उपयुक्त और केंद्रीय स्थान पर विधायक कॉलोनी के लिए जमीन आवंटित करने की मांग की है। बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा कि नकटी ग्राम पंचायत में विधायक कॉलोनी बनाने के प्रस्ताव का स्थानीय ग्रामीण लगातार विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ग्रामीणों की जमीन खाली करा रहा है, जिससे लोग आहत हैं। उन्होंने पत्र में लिखा कि जनहित, प्रशासनिक सुविधा और विधायकों की आवासीय जरूरतों को देखते हुए सरकार को नकटी के बजाय नया रायपुर में किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर विधायक कॉलोनी के लिए भूमि आवंटित करनी चाहिए। उनका कहना है कि सैकड़ों ग्रामीणों को उजाड़कर विधायक कॉलोनी बनाना उचित नहीं होगा। क्या है पूरा मामला? रायपुर के नकटी गांव में सोमवार तड़के करीब 4 बजे प्रशासन ने बिजली आपूर्ति बंद कर बुलडोजर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 80 मकान ढहा दिए गए। कार्रवाई के बाद कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। सोमवार देर रात पूर्व विधायक विकास उपाध्याय प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया था कि पुनर्वास के नाम पर 12 से 14 सदस्यों वाले परिवारों को सिर्फ एक कमरा दिया जा रहा है, जहां बिजली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इस कार्रवाई से दो दिन पहले ग्रामीणों ने रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात की थी। ग्रामीणों के मुताबिक सांसद ने उन्हें आश्वासन दिया था कि बारिश के दौरान कोई तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने की कोशिश की जाएगी। बुलडोजर कार्रवाई के बाद मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी नकटी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके न्याय और अधिकारों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी भेजी प्रति जनक राम ध्रुव ने अपने पत्र की प्रतिलिपि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी भेजी है।
मंदसौर शहर के बालागंज-कालाखेत रोड स्थित माता जी मंदिर के पास स्कूटी चालक को चाकू दिखाकर धमकाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में भावेश पिता विनोद राठौर (19) निवासी कालाखेत गली नंबर-5 और भावेश पिता मुरलीधर अखेरिया (19) निवासी सम्राट मार्केट खाल, मंदसौर शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि घटना के समय भावेश अखेरिया मौके पर मौजूद नहीं था, लेकिन उसकी मोटरसाइकिल का इस्तेमाल आरोपियों ने किया था। इसी आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया। दो आरोपी अभी भी फरार मामले में केशव पिता चेतन पवार निवासी लालघाटी और निखिल पिता विनोद झंझोट निवासी मदारपुरा हरिजन बस्ती फरार हैं। पुलिस के अनुसार घटना के दौरान निखिल झंझोट ने ही चाकू लहराया था। दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। 23 जून की रात हुई थी घटना पुलिस के अनुसार 23 जून की रात बालागंज-कालाखेत रोड स्थित माता जी मंदिर के सामने स्कूटी और बाइक की मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इसी दौरान बाइक सवार युवकों में से एक ने चाकू निकालकर स्कूटी चालक को दौड़ा लिया। जान बचाने के लिए स्कूटी चालक अपनी स्कूटी मौके पर छोड़कर भाग गया। वीडियो वायरल होने के बाद हुई कार्रवाई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और कार्रवाई की। अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास कायम करने के उद्देश्य से कोतवाली पुलिस दोनों गिरफ्तार आरोपियों को थाना परिसर से पैदल न्यायालय लेकर पहुंची। न्यायालय ने दोनों को जेल भेज दिया। थाना प्रभारी बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि फरार दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शहर में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और इस तरह की आपराधिक हरकत करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में चार मशीनें खराब होने से किडनी मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 15 मशीनों वाली यूनिट में फिलहाल केवल 11 मशीनें ही संचालित हो रही हैं। इससे रोजाना डायलिसिस कराने आने वाले मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। बलरामपुर अस्पताल में प्रतिदिन 30 से अधिक मरीजों की डायलिसिस की जाती है। गंभीर किडनी रोगियों के लिए तय अंतराल पर डायलिसिस कराना बेहद जरूरी होता है, लेकिन मशीनों की कमी के कारण व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। अधिक मरीजों को सुविधा देने के लिए कई बार डायलिसिस की अवधि भी कम करनी पड़ रही है। दूर नहीं हुई तकनीकी खराबी अस्पताल प्रशासन के अनुसार खराब मशीनों को ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी को कई बार सूचना दी जा चुकी है। कंपनी के इंजीनियर जांच के लिए भी आए, लेकिन तकनीकी खराबी अब तक दूर नहीं हो सकी है। इसके चलते मरीजों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डायलिसिस विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी मरीजों के लिए समय पर और निर्धारित अवधि तक डायलिसिस होना बेहद आवश्यक है। इलाज में देरी या अवधि कम होने से मरीजों की सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए खराब मशीनों की जल्द मरम्मत जरूरी है। कंपनी के वेंडर से की गई कंप्लेंट अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उपलब्ध मशीनों से लगातार सेवाएं दी जा रही हैं और खराब मशीनों को जल्द से जल्द ठीक कराने के लिए संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
पीके रैकवार को छतरपुर का नया जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) बनाया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश के अनुसार, पीके रैकवार को रायसेन के जिला शिक्षा केंद्र में जिला परियोजना अधिकारी (डीपीओ) के पद से स्थानांतरित कर सहायक संचालक शिक्षा बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें छतरपुर के जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। अब तक जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार डिप्टी कलेक्टर कौशल सिंह के पास था। पीके रैकवार के पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के शिक्षा विभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारी उनके पास होगी। छतरपुर में पहले भी दे चुके हैं सेवाएं पीके रैकवार का छतरपुर से पुराना जुड़ाव रहा है। वे इससे पहले जिले में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) और प्राचार्य के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। जिले की शैक्षणिक व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का अनुभव होने के कारण उनके कार्यकाल से शिक्षा विभाग में बेहतर समन्वय और कार्यों में गति आने की उम्मीद है।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक दिव्यांग फेरीवाले से 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया गया। यह घटना नावाबांध और बमकाली के बीच एक सुनसान सड़क पर शाम करीब छह बजे हुई। बाइक सवार दो बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और कर्मटांड की ओर फरार हो गए। पीड़ित की पहचान बांका जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के गेरुआ गांव निवासी विवेक कुमार मंडल के रूप में हुई है। विवेक एक तीन पहिया वाहन से गांव-गांव घूमकर सामान बेचते हैं। मंगलवार को भी वह फेरी करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। बदमाशों ने रास्ता रोककर छीना पैसा नावाबांध-बमकाली के बीच दो बाइक सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोका। बदमाशों ने उनसे 20 हजार रुपए नगद और मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने विवेक को धमकाया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने स्थानीय लोगों को इसकी सूचना दी। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इलाका सुनसान होने से क्राइम बढ़ा स्थानीय लोगों के अनुसार, नावाबांध-बमकाली का इलाका सुनसान है, जिसके कारण यहां पहले भी कई बार छीनतई और लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। उनका आरोप है कि इस मार्ग पर पुलिस गश्ती पर्याप्त नहीं होने से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना की जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि यदि पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत दी जाती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
भारत आज भी दुनिया के सबसे समृद्ध भाषाई देशों में शामिल है। देश में 1,150 से अधिक भाषाएं और बोलियां आज भी जीवित हैं, जो हमारी सांस्कृतिक विविधता, ज्ञान परंपरा और सामाजिक इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। यह बात प्रख्यात भाषाविद् एवं साहित्यकार डॉ. गणेश देवी ने मंगलवार को गांधी भवन, भोपाल में आयोजित संगोष्ठी में कही। 'हम, सब ओर' और गांधी भवन की संयुक्त पहल पर आयोजित इस संगोष्ठी में डॉ. देवी ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि किसी समाज की सभ्यता, संस्कृति, इतिहास, लोकज्ञान, जीवन-दृष्टि और सामूहिक स्मृतियों की संवाहक होती है। इसलिए भाषाओं का संरक्षण केवल साहित्यिक दायित्व नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय जिम्मेदारी भी है। भाषाई इतिहास को विभिन्न कालखंडों में समझा जा सकता है उन्होंने भारतीय भाषाओं के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के भाषाई इतिहास को विभिन्न कालखंडों में समझा जा सकता है। उन्होंने संस्कृत के प्रभाव वाले दौर, उसके बाद फारसी के प्रभाव तथा आधुनिक समय में अंग्रेज़ी के प्रभाव वाले काल की चर्चा करते हुए बताया कि इन सभी चरणों ने भारतीय भाषाओं की शब्दावली, अभिव्यक्ति और स्वरूप को प्रभावित किया है। इसके बावजूद भारतीय भाषाओं ने अपनी मौलिकता और सांस्कृतिक पहचान को आज तक सुरक्षित रखा है। डॉ. देवी ने कहा कि भारतीय भाषाओं का भविष्य तभी सुरक्षित रह सकता है, जब शिक्षा, प्रशासन, न्याय, विज्ञान और तकनीकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मातृभाषाओं और भारतीय भाषाओं को सम्मानजनक स्थान मिले। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्तियों में से एक है। किसी भाषा का समाप्त होना केवल शब्दों का लुप्त होना नहीं, बल्कि एक संपूर्ण सांस्कृतिक संसार का खत्म हो जाना है। उन्होंने युवाओं से भारतीय भाषाओं और लोकभाषाओं के अध्ययन, दस्तावेजीकरण तथा संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि भारत की भाषाई विविधता हमारी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूंजी है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। संगोष्ठी में उपस्थित विद्वानों, शोधार्थियों, साहित्यकारों और विद्यार्थियों ने भी भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और भाषा आधारित शोध को समय की आवश्यकता बताया। इस दौरान भाषाई विरासत, लोकभाषाओं के संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन राकेश दीवान ने किया। गांधी भवन के सचिव अंकित मिश्रा ने अतिथियों का सूत की माला पहनाकर स्वागत किया। रघुराज सिंह ने डॉ. गणेश देवी का परिचय प्रस्तुत किया, जबकि अंत में पीयूष बबेले ने आभार व्यक्त किया।
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले स्थित धर्मशाला जिला कारागार से मंगलवार सुबह एक महिला विचाराधीन कैदी के फरार होने से पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते आरोपी महिला को फरार होने के महज दो से तीन घंटे के भीतर नूरपुर क्षेत्र से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार महिला की पहचान 21 वर्षीय अरविंदर कौर निवासी तरनतारन (पंजाब) के रूप में हुई है। वह चिट्टा (हेरोइन) तस्करी के एक मामले में न्यायिक हिरासत के तहत धर्मशाला जेल में बंद थी। जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह जब बंदियों को बैरक से बाहर निकाला जा रहा था, उसी दौरान अरविंदर कौर ने सुरक्षाकर्मियों की नजर बचाकर जेल की ऊंची दीवार फांद दी और मौके से फरार हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हो गया। पूरे कांगड़ा जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया तथा विभिन्न क्षेत्रों में नाकाबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला पंजाब लौटने की योजना बना रही थी और उसने पठानकोट जाने के लिए एक टैक्सी भी बुक कर ली थी। लेकिन हिमाचल प्रदेश की सीमा पार करने से पहले ही नूरपुर के पास पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। जेल महानिदेशक ने जांच के आदेश दिए इस सुरक्षा चूक को गंभीरता से लेते हुए जेल महानिदेशक ने मामले की एसपी स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद महिला बंदी जेल से भागने में कैसे सफल हुई। वहीं, आरोपी को दोबारा गिरफ्तार करने में अहम भूमिका निभाने वाले दो जेल वार्डरों को ‘डीजी डिस्क’ और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि अरविंदर कौर के खिलाफ जेल से फरार होने के आरोप में एक और मामला दर्ज किया गया है। यह घटना प्रदेश की जेल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े करती है, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ी सफलता भी दिलाई है।
भारतीय जनता पार्टी कानपुर उत्तर ने सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन रामबाग स्थित एक गेस्ट हाउस में किया। सम्मेलन में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत बनाने और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा की गई। सीसामऊ विधानसभा से प्रत्याशी सुरेश अवस्थी ने कहा कि जिस तरह से एसआईआर के बाद बिहार और बंगाल में बड़ी जीत मिली है, उसी तरह से यूपी में भी 2027 विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसबार सीसामऊ, आर्यनगर और कैंट तीनों ही सीट पर भी बीजेपी जीत हासिल करेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने की, जबकि संयोजन पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सुरेश अवस्थी ने किया। मंगलवार को दोपहर 3.30 बजे शुरू हुआ, जिसका समापन शाम 6 बजे हुआ। सम्मेलन में सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र के 275 बूथ अध्यक्ष शामिल हुए। जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि बूथ अध्यक्ष संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं और पार्टी की नीतियों एवं योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है। उन्होंने बूथ अध्यक्षों से अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित जनसंपर्क, सक्रियता और संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया। साथ ही संगठन विस्तार और आगामी अभियानों को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की। कार्यक्रम संयोजक सुरेश अवस्थी ने कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत संगठन ही चुनावी सफलता की नींव होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में सीसामऊ विधानसभा के 275 बूथ अध्यक्षों ने भाग लिया। सम्मेलन में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का संकल्प भी लिया।
संभल प्रशासन ने 68 तीर्थों और 19 कूपों में शामिल सुशीला तीर्थ तक पहुंच मार्ग बनाने के लिए 12 लोगों से 420 वर्ग मीटर भूमि का अधिग्रहण किया है। इस भूमि के लिए कुल 10.80 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के धर्मार्थ कार्य विकास विभाग के पक्ष में विक्रय होने के कारण इस बैनामे पर देय स्टांप शुल्क शून्य रहा। यह प्रक्रिया मंगलवार शाम 7 बजे शुरू हुई, जब नायब तहसीलदार उप निबंधक कार्यालय पहुंचे। रात 8:40 बजे तक भूमि के बैनामे की कार्रवाई पूरी कर ली गई। उक्त अधिग्रहण संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित उप निबंधक कार्यालय में संपन्न हुआ। सुशीला तीर्थ, जो लगभग सात-आठ बीघा भूमि में फैला हुआ है, वर्तमान में जलमग्न है और वहां तक पहुंचने के लिए कोई सीधा रास्ता नहीं था। 420 वर्ग मीटर भूमि के अधिग्रहण से अब तीर्थ तक पहुंच मार्ग बनाया जा सकेगा। प्रशासन ने इससे पहले भी संभल में दो अन्य तीर्थों के लिए भूमि का बैनामा कराया है। तहसील संभल के गांव अजीजपुर असदपुर (बाहर चुंगी) में गाटा संख्या 214 व में 0.042 हेक्टेयर भूमि खरीदी गई है। जिन 12 लोगों ने अपनी भूमि का बैनामा किया है, उनमें हयातनगर कस्बा निवासी राजाराम, लटूरी सिंह पुत्र रामौतार, सुनीता देवी पत्नी राजीव कुमार, सोमपाल पुत्र परमी, गंगा देई पत्नी राम सिंह, विजेंद्र पुत्र राम सिंह, जीराज पुत्र स्वरम, यशपाल, जसबंत पुत्र सियाराम, नीतू पत्नी विजयपाल, मोंटी कुमार पुत्र विजयपाल और 15 वर्षीय सोंटी (संरक्षिका मां नीतू पत्नी विजयपाल) शामिल हैं। नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ने बताया कि ग्राम अजीजपुर हसनपुर में गाटा संख्या 214 में सुशीला तीर्थ के नाम से यह बैनामा आज कराया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दो बैनामे पहले ही हो चुके हैं और दो अन्य होने बाकी हैं, इस प्रकार कुल पांच बैनामे किए जाने हैं। आज लगभग 420 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा हुआ है। हयातनगर कस्बा निवासी राजाराम ने बताया कि उन्होंने तीर्थ के लिए अपने हिस्से की कुछ भूमि का बैनामा किया है। कुल 12 लोग बैनामा करने के लिए कार्यालय आए थे।
मधेपुरा में मंगलवार को भाजपा कार्यालय में कोसी क्षेत्रीय छात्र-छात्रा सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। तारकिशोर प्रसाद ने डॉ. मुखर्जी के जीवन को राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, स्वाभिमान और त्याग का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डॉ. मुखर्जी का मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के चरित्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राष्ट्रहित किसी भी पद से बड़ा होता हैपूर्व उपमुख्यमंत्री ने 1950 में हुए नेहरू-लियाकत समझौते का जिक्र किया, जिसके विरोध में डॉ. मुखर्जी ने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी को लगा था कि पूर्वी पाकिस्तान के हिंदुओं के साथ अन्याय हो रहा है। इस घटना ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रहित किसी भी पद से बड़ा होता है। तारकिशोर प्रसाद ने बताया कि 1951 में डॉ. मुखर्जी ने भारतीय जनसंघ की स्थापना कर राष्ट्रवादी राजनीति को एक नई दिशा दी। उनका प्रसिद्ध नारा एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे आज भी देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है। सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन से प्रेरित पांच प्रमुख संदेश दिए। इन संदेशों में युवाओं से स्वाभिमानी बनने, राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने, देश की एकता को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कारों को अपनाने और निर्भय होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने यह भी कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थेयुवाओं से अपील की गई कि वे अपनी शिक्षा को कौशल से जोड़कर रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक कुमार, महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री मीना झा, भाजयुमो के क्षेत्रीय प्रभारी प्रकाश झा, क्षेत्रीय सह प्रभारी राहुल यादव, प्रदेश कोषाध्यक्ष आनंद शेखर, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य स्वदेश कुमार सहित कोसी क्षेत्र के अनेक पदाधिकारी एवं सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मऊगंज में कार की टक्कर से ऑटो चालक की मौत:3 साल का बेटा घायल, घर में अकेला कमाने वाला था
मऊगंज थाना क्षेत्र के फूलकरण सिंह गांव में मंगलवार शाम करीब साढ़े सात बजे तेज रफ्तार बेकाबू कार ने घर के सामने खड़े ऑटो चालक प्रदीप साकेत को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में प्रदीप साकेत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका 3 साल का मासूम बेटा प्रियांशु गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया कि कार चालक तौर पर नशे में धुत था और दुर्घटना के बाद गाड़ी छोड़कर मौके से भाग निकला। इस घटना के पीछे एक बेहद भावुक करने वाली बात सामने आई है। मृतक प्रदीप साकेत मंगलवार को ही दिन में अपने 3 साल के बेटे प्रियांशु का आधार कार्ड बनवाकर घर लौटे थे। पूरा परिवार प्रियांशु का स्कूल में दाखिला कराने की तैयारियों में जुटा हुआ था। शाम के वक्त प्रदीप अपने बेटे के साथ घर के ठीक सामने खड़े थे, तभी काल बनकर आई तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। भागते हुए कई लोगों को मारी टक्कर, ट्रैक्टर से टकराकर रुकी कार चश्मदीदों के मुताबिक, प्रदीप को कुचलने के बाद भी कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी और वह तेजी से भागने लगा। इस दौरान रास्ते में उसने दो बाइक सवारों मीना शुक्ला और सुरेश शुक्ला (निवासी करह) को भी जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार की चपेट में आने से अमिरती के रहने वाले नर्मदा साकेत भी घायल हो गए। रफ्तार इतनी तेज थी कि कार आगे जाकर एक ट्रैक्टर से टकरा गई और वहीं रुक गई। कार रुकते ही उसमें सवार लोग अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से रफूचक्कर हो गए। परिवार का इकलौता सहारा था प्रदीप, दो मासूमों के सिर से उठा साया हादसे का शिकार हुए प्रदीप साकेत अपने पूरे परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे। वे ऑटो चलाकर अपने परिवार का पेट पालते थे। प्रदीप की मौत से उनके दो छोटे-छोटे बच्चों (3 साल का बेटा और महज 7 महीने की बेटी) के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर लिया है और फरार कार सवारों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
भारतीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। 44.40 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 499 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस फैसले से यात्रियों को बेहतर रेल सेवा मिलेगी और माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी, जिससे कोसी क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है। पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर जोन के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने यह जानकारी दी। वर्तमान में मानसी-सहरसा रेलखंड सिंगल लाइन पर संचालित होता है और यह मानसी-सरायगढ़ रेल मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रूट पर प्रतिदिन दोनों दिशाओं में 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें चलती हैं। इसके अतिरिक्त, गेहूं, मक्का, गिट्टी, उबला चावल, सीमेंट, उर्वरक, नमक, रेत, पत्थर और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की बड़े पैमाने पर रेल के माध्यम से ढुलाई की जाती है। 108.11 प्रतिशत तक पहुंच चुका है क्षमता रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, इस रेलखंड पर मौजूदा क्षमता का उपयोग 108.11 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि वर्ष 2028-29 तक यह बढ़कर 119.34 प्रतिशत हो जाएगा। लगातार बढ़ते रेल यातायात को देखते हुए इस लाइन का दोहरीकरण आवश्यक हो गया था। परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारू हो सकेगा। क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी में कमी आएगी, जिससे ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा। यात्री ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक कुशलता से किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में नई ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी मजबूत होंगी। 1.764 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव भारतीय रेलवे का अनुमान है कि दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर प्रतिवर्ष 1.764 मिलियन टन अतिरिक्त माल ढुलाई संभव हो सकेगी। इसका सीधा लाभ कृषि, उद्योग, निर्माण क्षेत्र और व्यापारिक गतिविधियों को मिलेगा। किसानों की उपज और औद्योगिक उत्पादों का परिवहन पहले की तुलना में अधिक तेज और सुगम हो सकेगा। रेलवे ने बताया कि यह परियोजना उच्च मांग वाले रेल मार्गों पर क्षमता विस्तार, सुरक्षित एवं तेज रेल परिचालन तथा यात्रियों और माल परिवहन को अधिक विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके पूरा होने से कोसी क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी।
सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करके शिक्षा विभाग राजस्थान ने सख्ती बढ़ा दी है। इसके लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद,जयपुर की अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीमा शर्मा ने इसके आदेश गत दिनों जारी किए है। आदेश में राज्य के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की शाला दर्पण पोर्टल पर शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य किया है। इसके लिए टोंक समेत राज्य के समस्त मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक समसा को आदेशित किया है। आदेश में कहा गया है कि एनसीईआरटी के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय विद्या समीक्षा केंद्र (आरवीएसके) के लिए राज्यभर के सभी विद्यालयों की उपस्थिति संबंधी जानकारी शाला दर्पण पोर्टल से संकलित की जाती है। हाल ही में किए गए डेटा विश्लेषण में सामने आया है कि कई विद्यालयों में विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति नियमित रूप से दर्ज नहीं की जा रही है। इसके कारण राजस्थान एवं राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध आंकड़े अपूर्ण और असंगत हो रहे हैं। नई व्यवस्था से कार्मिक और स्टूडेंट लापरवाही नहीं कर पाएंगे। हर कार्य दिवस पर ऑनलाइन उपस्थिति अनिवार्य विभागीय निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कार्य दिवस पर सभी विद्यार्थियों और कार्मिकों की उपस्थिति शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करनी अनिवार्य होगी। किसी भी कर्मचारी, कक्षा या सेक्शन की उपस्थिति प्रविष्टि लंबित नहीं छोड़ी जा सकेगी। साथ ही अनुपस्थित एवं अवकाश पर रहने वाले विद्यार्थियों और कार्मिकों की जानकारी भी सही एवं नवीन (अपडेट) उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा। जिला स्तर पर होगी नियमित समीक्षा राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने जिला कार्यालयों को उपस्थिति डेटा की नियमित समीक्षा करने और इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि विद्यालय स्तर पर उपस्थिति प्रविष्टियां निर्धारित समयावधि में पूरी कर ली जाएं। परिषद ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उपस्थिति डेटा के संधारण में लापरवाही, गलत प्रविष्टि अथवा नियमित अपडेट नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं उत्तरदायी होंगे। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष बोले- निर्णय सहीशिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद जयपुर द्वारा राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में शाला दर्पण पोर्टल पर विद्यार्थियों एवं कार्मिकों की शत प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने का आदेश जारी किया है, जो स्वागत योग्य निर्णय है। इससे शाला दर्पण पर सटीक और अपडेट उपस्थिति दर्ज होने से विद्यालयों की निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति का आकलन संभव होगा तथा राष्ट्रीय स्तर की शैक्षिक मॉनिटरिंग प्रणालियों को विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे शिक्षा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और नीति निर्धारण में भी मदद मिलेगी।
अयोध्या में किसान महिला की अनशन की चेतावनी:रास्ता बंद होने और तहसील प्रशासन पर आदेश न मानने का आरोप
अयोध्या के मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र में गहनाग गांव की निवासी रामसांवरी ने सरकारी रास्ते को अवरुद्ध किए जाने और शिकायतों पर कार्रवाई न होने से नाराज होकर अनशन पर बैठने की चेतावनी दी है। उन्होंने 1 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अन्न-जल त्यागने की बात कही है। रामसांवरी का आरोप है कि 17 नवंबर 2023 को गांव के कुछ लोगों ने उनके घर तक जाने वाले सार्वजनिक मार्ग पर एक पक्की दीवार बना दी। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अतिरिक्त, जल निकासी की नाली भी टूट गई, जिससे गंदा पानी उनके घर के दरवाजे पर जमा होने लगा है। इस समस्या के समाधान के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी मिल्कीपुर, तहसीलदार मिल्कीपुर और थाना खंडासा में कई बार शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय लखनऊ का रुख किया। न्यायालय ने तहसीलदार मिल्कीपुर को 26 जून 2024 तक, आठ सप्ताह के भीतर, 'ग्राम सभा बनाम हरिपाल उर्फ दुखहरन आदि' मामले में अंतिम निर्णय देने का आदेश दिया था। हालांकि, यह प्रक्रिया अभी भी लंबित है। रामसांवरी का आरोप है कि संबंधित तहसीलदार न तो उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कर रहे हैं और न ही जिलाधिकारी के निर्देशों का। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व जिलाधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देश भी अनसुने कर दिए गए हैं। पीड़िता ने जिलाधिकारी अयोध्या को एक ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि 1 जुलाई को इस मामले की पत्रावली मंगवाकर स्वयं अवलोकन किया जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे अन्न-जल त्यागकर अनशन करने के लिए विवश होंगी। यह जानकारी रामसवारी ने 30 जून मंगलवार की शाम को दी।
सहारनपुर में बजाज शुगर मिल गांगनौली से बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) ने मंगलवार सुबह करीब 11 बजे जिला गन्ना अधिकारी (डीएसओ) कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ओहलान के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। किसानों ने मिल प्रशासन पर भुगतान में देरी और आर्थिक शोषण का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि मिल द्वारा पिछले पेराई सत्र का पूरा भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छह महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को केवल 21 दिन का ही भुगतान मिला है। इस भुगतान में देरी के कारण किसानों को बच्चों की फीस, खाद-बीज और खेती के अन्य खर्चों को पूरा करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (रक्षक) के पदाधिकारियों ने जिला गन्ना अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें बजाज शुगर मिल गांगनौली को तत्काल किसानों का पूरा बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के निर्देश देने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं कराया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने के दौरान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेंद्र सिंह ओहलान ने कहा कि किसान लंबे समय से अपने हक के पैसे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मिल प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहा है, जिससे किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है और वे आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों ने विरोध जताते हुए जिला गन्ना अधिकारी को अपने बीच बैठाया। किसानों ने स्पष्ट किया कि जब तक भुगतान को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर किसानों की समस्या का समाधान कराने की मांग की। मंगलवार शाम 4:30 बजे तक भी किसानों का धरना जारी था। इस धरने में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र कुमार, मंडल अध्यक्ष अमित ओहलान, बिलू त्यागी सहित बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
खगड़िया के परबत्ता अंचल कार्यालय में मंगलवार को अंचल अधिकारी (सीओ) हरिनाथ राम पर एक व्यक्ति ने दिनदहाड़े हमला कर दिया। इस घटना के बाद कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। सीओ हरिनाथ राम अपने कार्यालय कक्ष में सरकारी कार्यों में व्यस्त थे। इसी दौरान सलारपुर निवासी अनोज सिंह कार्यालय पहुंचा और अचानक उन पर हमला कर दिया। शोर सुनकर कार्यालय कर्मी, सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को काबू में किया। पुलिस ने आरोपी अनोज सिंह को किया गिरफ्तार प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि आरोपी अनोज सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके विरुद्ध विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। हमले के दौरान अंचल कार्यालय में तैनात एक गार्ड भी घायल हो गया। प्रारंभिक जांच में हमलावर के साथ तीन अन्य युवकों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है। पुलिस उन युवकों की पहचान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है। पूरी घटना कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसकी फुटेज के आधार पर जांच जारी है। शिकायत पर सुनवाई नहीं होने से था नाराज गिरफ्तार आरोपी अनोज सिंह ने बताया कि वह जमीन से जुड़े एक विवाद को लेकर कई बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगा चुका था, लेकिन उसकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। आरोपी के अनुसार, इसी नाराजगी और हताशा में उसने यह कदम उठाया। हालांकि, पुलिस और प्रशासन हमले के वास्तविक कारणों की गहन जांच कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही गोगरी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) संजय कुमार परबत्ता अंचल कार्यालय पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारी पर हमला एक गंभीर अपराध है और इस मामले में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद अंचल कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और हमले के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाने में जुटी है।
कानपुर सेंट्रल जीआरपी ने 'ऑपरेशन दहन' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को न्यायालय के आदेश पर 63 किलो 315 ग्राम मादक पदार्थ नष्ट किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एनडीपीएस एक्ट के चार मामलों से संबंधित थी। इन मामलों में 1 मार्च 2026 से 30 जून 2026 के बीच जब्त मादक पदार्थों के संबंध में कोई अपील, विचारण या पुनरीक्षण लंबित नहीं था। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, कानपुर नगर के आदेश पर नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (जब्ती, भंडारण, नमूनाकरण एवं निपटान) नियम-2022 के तहत निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई। मंगलवार को गठित समिति की मौजूदगी में 63 किलो 315 ग्राम मादक पदार्थ को नियमानुसार नष्ट किया गया। इस दौरान अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय स्नेहा तिवारी, डिस्पोजल कमेटी के सदस्य, जीआरपी, मालखाना मोहर्रिर और भैरो घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह के कर्मचारी उपस्थित रहे। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि 'ऑपरेशन दहन' का मुख्य उद्देश्य जब्त मादक पदार्थों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करना है। इससे उनका दोबारा दुरुपयोग रोका जा सकेगा और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर में बिजली लाइनों के रखरखाव के चलते 15 से अधिक कॉलोनियों में बिजली बंद रहेगी। कई इलाकों में तीन से पांच घंटे तक बिजली कटौती (पावरकट) रहेगी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। सुबह 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक यहां रहेगी बिजली बंद: देवलिया फीडर, गुटखा फैक्ट्री के पास, चुन्नीलाल जी की प्याऊ, देवलिया गांव, बावरला गांव, सारण नगर (बावरला), प्रताप नगर (बावरला), शगुन रिसॉर्ट, राज इंजीनियरिंग कॉलेज, एसएलबीएस कॉलेज और 16 मील के आसपास का क्षेत्र। सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक यहां रहेगा पावरकट: खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांव।
बहराइच में नहर में कूदी युवती का शव मिला:20 घंटे तक चला रेस्क्यू, 7 किमी दूर से बरामद किया
बहराइच जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र में एक युवक और युवती ने सोमवार को गिरजापुरी बैराज से निकली लिंक नहर में छलांग लगा दी थी। मौके पर मौजूद राहगीरों ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन युवती तेज बहाव में बह गई। नहर से सुरक्षित निकाले गए युवक की पहचान मिहींपुरवा निवासी शेख शरीफ के रूप में हुई। युवती की पहचान भी स्थापित की गई थी, लेकिन उसका नाम अभी उपलब्ध नहीं है। सोमवार देर शाम तक गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद भी युवती का कोई सुराग नहीं मिल सका। रेस्क्यू टीम को बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। नहर में पानी का बहाव बेहद तेज था और आसपास मगरमच्छों की मौजूदगी ने भी जोखिम बढ़ा दिया था। मंगलवार शाम को युवती का शव घटनास्थल से लगभग सात किलोमीटर दूर बरामद हुआ। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी आनंद चौरसिया ने बताया कि युवती का शव बरामद कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में कुक से कथित मारपीट के मामले में FIR दर्ज होने के बाद पहली बार IPL क्रिकेटर शशांक सिंह सामने आए हैं। उन्होंने अपने और परिवार पर लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि युवक को न तो बंधक बनाया गया न उसका मोबाइल छीना गया और न ही उसके साथ मारपीट हुई। शशांक का दावा है कि युवक कुक बनकर आया था, लेकिन उसे खाना बनाना ही नहीं आता था। वह घर के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फोटो और वीडियो बना रहा था, जिससे परिवार को चोरी की आशंका हुई। भोपाल के रातीबड़ थाने में दर्ज FIR के बाद मीडिया से बातचीत में शशांक ने कहा कि यह पूरा मामला उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि यदि उस समय पुलिस को बुला लिया होता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। 'दो दिन के लिए आया था, किसी को बंधक क्यों बनाएंगे' शशांक ने कहा, वह सिर्फ दो दिन के लिए आया था। ऐसे में किसी को बंधक बनाने का सवाल ही नहीं उठता। वह यहां आराम से रह रहा था, खाना खा रहा था, वीडियो और फोटो बना रहा था। उनके मुताबिक युवक ने खुद को कुक बताया था, लेकिन वह खाना बनाने में सक्षम नहीं था। अगर कोई बावर्ची बनकर आया है तो उसे घर के मालिक के कमरे में जाकर निजी सामान की फोटो और वीडियो लेने की क्या जरूरत है? 'घर की प्राइवेट तस्वीरें थीं, इसलिए डिलीट कराईं' मोबाइल छीनने के आरोप पर शशांक ने कहा कि युवक का फोन नहीं छीना गया। उन्होंने बताया कि उसके मोबाइल में घर के निजी हिस्सों और सामान की तस्वीरें एवं वीडियो थे, जिन्हें उनकी मां ने डिलीट करवाया था। उन्होंने दावा किया कि उनके पिता ने युवक का वीडियो भी बनाया था, जिसमें वह अपने मोबाइल से किसी को कॉल करने की कोशिश कर रहा है। शशांक ने कहा, अगर मोबाइल हमारे पास होता तो वह कॉल कैसे करता? 'चोरी का शक था, एक चांदी के गणपति भी नहीं मिल रहे' शशांक ने कहा कि परिवार को युवक की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। उनके मुताबिक, अब तक की जांच में घर से कोई बड़ी चोरी सामने नहीं आई है, लेकिन चांदी के गणपति की एक प्रतिमा नहीं मिल रही है। परिवार अभी भी घर का सामान जांच रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है युवक चोरी के इरादे से आया था, हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। 'बहन ने 100 नंबर पर कॉल करने को कहा, मैंने जाने दिया' क्रिकेटर ने बताया कि जब युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं तो उनकी बहन ने पुलिस बुलाने की सलाह दी थी। हालांकि युवक ने अपनी मां की बीमारी का हवाला देते हुए खुद को गरीब बताया और जाने देने की गुहार लगाई। शशांक ने कहा, मैं भावुक हो गया और मैंने ही कहा कि उसे जाने दो। अब महसूस होता है कि वहीं पुलिस कार्रवाई कर लेनी चाहिए थी। यह हमारी सबसे बड़ी गलती थी। 'बाद में बैकग्राउंड चेक कराया, नशे की जानकारी मिली' शशांक के अनुसार युवक उनके पिता के परिचित के जरिए रीवा से आया था। परिवार ने भरोसे के आधार पर उसे काम पर रख लिया था। उन्होंने कहा कि बाद में बैकग्राउंड की जांच कराई गई, जिसमें उसके नशा करने संबंधी जानकारी मिली। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और इसकी जांच एजेंसियां ही कर सकती हैं। 'मेरी छवि खराब करने की कोशिश हो रही' मारपीट और गाली-गलौज के आरोपों को नकारते हुए शशांक ने कहा कि जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उनके स्वभाव से परिचित हैं। उन्होंने कहा, हाथापाई तो बहुत दूर की बात है, मैं किसी से गाली-गलौज भी नहीं करता। हो सकता है काम नहीं मिलने या किसी अन्य वजह से मेरे नाम का इस्तेमाल कर मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही हो। मामला क्या है? रीवा निवासी विपेंद्र सिंह तोमर ने आरोप लगाया है कि उन्हें कुक के रूप में भोपाल बुलाया गया था। खाना पसंद नहीं आने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में मारपीट की गई। उनकी शिकायत पर रातीबड़ थाना पुलिस ने शशांक सिंह, उनके पिता रिटायर्ड स्पेशल डीजी शैलेष सिंह और एक अन्य कर्मचारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है। फिलहाल शिकायतकर्ता और आरोपी पक्ष के दावे अलग-अलग हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। ये खबर भी पढ़ें IPL क्रिकेटर शशांक, उनके IPS पिता पर भोपाल में FIR पीड़ित विपेंद्र सिंह तोमर का आरोप है कि खाना पसंद नहीं आने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई। जब उसने काम छोड़ने की बात कही तो मोबाइल छीन लिया गया, जबरन काम कराया गया और बाद में शैलेष सिंह, शशांक और उनके ड्राइवर ने मिलकर मारपीट की। घटना के बाद युवक ने रोते हुए अपना VIDEO भी जारी किया है। इसके बाद भोपाल के रातीबड़ थाना पुलिस ने सोमवार को FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं इस मामले में शैलेष सिंह का कहना है कि वह बदतमीजी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
गोपालगंज जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 4 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। उचका गाँव थाना क्षेत्र के शाखें रामदास गांव में एक अनियंत्रित स्कूल बस ने साइकिल सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। इस घटना में छात्र अदनान अली की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई। मृतक छात्र की पहचान शाखें रामदास गाँव निवासी कैश अहमद के बेटे अदनान अली के रूप में हुई है, जो एलकेजी में पढ़ता था। यह घटना उस समय हुई जब अदनान अपनी बड़ी बहन के साथ साइकिल पर सवार होकर स्कूल से घर लौट रहा था। जिस बस से यह हादसा हुआ, वह उसी स्कूल की थी जिसमें अदनान पढ़ाई करता था। सड़क किनारे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई बताया गया कि दोनों बच्चे अभी कुछ ही दूर पहुंचे थे कि पीछे से आ रही तेज रफ्तार स्कूल बस ने उनकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अदनान साइकिल से गिरकर सीधे बस के पहिए की चपेट में आ गया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उसकी बहन सड़क किनारे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने मुआवजे और आरोपी ड्राइवर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर स्थानीय थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। बस को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और बस को जब्त करने की कार्रवाई की जा रही है। घायल बच्ची का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। इस घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा और चालकों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन मातृशक्ति' के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गर्भवती महिला की जान बचाई और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित कराया। आरपीएफ, रेलवे चिकित्सकों और रेल प्रशासन के समन्वित प्रयास से महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। इस मानवीय पहल की यात्रियों और स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। ट्रेन में शुरू हुई प्रसव पीड़ा, आरपीएफ को मिली सूचना घटना 29 जून की रात करीब 10:05 बजे की है। धनबाद मंडल में तैनात आरपीएफ आरक्षी रजनीश कुमार ने सहरसा आरपीएफ पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार को सूचना दी कि उनके परिजन आनंद विहार से पूर्णिया कोर्ट जा रही ट्रेन संख्या 05580 के कोच एम-5 की सीट संख्या-2 पर यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई, जिसके कारण तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। सूचना मिलते ही हरकत में आया रेल प्रशासन सूचना मिलते ही पोस्ट कमांडर धनंजय कुमार ने स्टेशन मास्टर और मंडल रेलवे चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार को अवगत कराया तथा एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। साथ ही महिला आरक्षी खुशबू कुमारी, प्रधान आरक्षी फूलकांत मिश्र और उपनिरीक्षक संतोष कुमार सुमन की टीम को प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर तैनात किया गया। सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर कराया गया प्रसव रात 10:38 बजे ट्रेन के सहरसा स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ टीम ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को सुरक्षित ट्रेन से उतारा। बैटरी चालित रिक्शा के माध्यम से उसे एंबुलेंस तक पहुंचाया गया और तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में रात करीब 11:45 बजे महिला का सुरक्षित प्रसव हुआ, जिसमें उसने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया। चिकित्सकों ने जच्चा और बच्चा दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया। रेलवे का जताया आभार 30 जून को महिला अपने परिजनों और नवजात बच्ची के साथ सहरसा रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां से वह ट्रेन संख्या 15284 से पूर्णिया के लिए रवाना हुई। प्रस्थान से पहले महिला और उसके परिजनों ने आरपीएफ, रेलवे चिकित्सकों और रेल प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली सहायता के कारण मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। आरपीएफ की मानवीय पहल की हुई सराहना 'ऑपरेशन मातृशक्ति' के तहत आरपीएफ की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की यात्रियों एवं स्थानीय लोगों ने सराहना की। लोगों ने कहा कि समय पर समन्वित प्रयासों के कारण एक परिवार को बड़ी राहत मिली और रेलवे सुरक्षा बल ने मानवीय सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
अरवल पुलिस को मिले दो नए सार्जेंट मेजर:प्रशांत और अविनाश को मिली पदोन्नति
अरवल पुलिस में दो पदाधिकारियों को पदोन्नति मिली है। सोमवार को पुलिस केंद्र अरवल में आयोजित एक समारोह में प्रशांत कुमार सिंह और अविनाश कुमार को सार्जेंट से पदोन्नत कर सार्जेंट मेजर बनाया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. नवजोत सिमी ने दोनों अधिकारियों के कंधों पर स्टार लगाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। एसपी ने कहा कि यह पदोन्नति उनके उत्कृष्ट कार्य, अनुशासन और सेवा के प्रति समर्पण का सम्मान है। पुलिस अधीक्षक ने नवपदोन्नत अधिकारियों को अपनी नई जिम्मेदारियों का पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर दिया कि आमजन के साथ बेहतर व्यवहार करते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समारोह में मुख्यालय डीएसपी हरीश कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे। सभी ने दोनों नवपदोन्नत सार्जेंट मेजर को बधाई दी और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की।
शिष्या के मामा ने पुजारी को मौत के घाट उतारा:आपत्तिजनक हालत में देखा था, युवती गुमराह करती रही
बांदा के शहर कोतवाली क्षेत्र के तिंदवारा गांव स्थित मंदिर के पुजारी सच्चिदानंद महाराज हत्याकांड का पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, पुजारी की हत्या उनकी शिष्या के मामा ने की थी। आरोपी ने अपनी भांजी (शिष्या) को पुजारी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखने के बाद आवेश में आकर डंडे से हमला कर दिया था। बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि 20-21 जून की रात तिंदवारा गांव के मंदिर की छत पर सो रहे पुजारी सच्चिदानंद महाराज पर डंडे से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल पुजारी को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुजारी के भाई चिंतामणि की तहरीर पर शहर कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने शुरू से ही पुजारी की शिष्या से पूछताछ की। हालांकि उसने पुलिस को लगातार भ्रामक जानकारी दी और घटना को दूसरी दिशा में मोड़ने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, बीटीएस डेटा और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर रोशनी के मामा रामविशाल को चिन्हित कर गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी रामविशाल ने बताया कि उसकी भांजी रोशनी पहले बीमार रहती थी, इसलिए वह उसे इलाज और धार्मिक अनुष्ठान के लिए पुजारी सच्चिदानंद महाराज के आश्रम लाया था। पिछले दो-तीन वर्षों से रोशनी आश्रम आती-जाती रही और स्वास्थ्य में सुधार के बाद करीब नौ माह से वहीं रह रही थी। इस दौरान पुजारी और रोशनी के संबंधों को लेकर गांव में चर्चाएं होने लगी थीं। एसपी के अनुसार, 20 जून की रात रामविशाल पहले करीब 10 बजे आश्रम पहुंचा था, लेकिन उस समय सब सामान्य मिला। बाद में बच्चे का इलाज कराने जिला अस्पताल जाने के बाद वह रात करीब एक बजे दोबारा आश्रम पहुंचा। वहां उसने रोशनी को पुजारी के साथ सोते हुए देखा। इससे वह गुस्से में आ गया और डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सहारनपुर में अवैध खनन रोकने के अभियान के तहत चिलकाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने पठेड़-टोडरपुर मार्ग पर बिना रॉयल्टी खनन सामग्री ले जा रहे पांच वाहनों को जब्त किया। इनमें चार ट्रक और एक ट्रैक्टर शामिल हैं। सभी वाहनों को सीज कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया है। सीओ बेहट प्रिया यादव ने मंगलवार शाम 5:30 बजे बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री के परिवहन की शिकायतों के बाद वाहनों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की। जांच में वाहनों में खनन सामग्री मिली, लेकिन चालक वैध दस्तावेज और रॉयल्टी नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने पांचों वाहनों को कब्जे में ले लिया। पकड़े गए वाहनों में दो डंपर नंबर प्लेट वाले थे, जबकि तीन वाहन बिना नंबर प्लेट के मिले। पुलिस ने मामले की जानकारी संबंधित विभाग को भेज दी है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके। जब्त किए गए वाहनों में डंपर संख्या UK 12-CA-3939, डंपर संख्या UK 08-CB-5250, एक महिंद्रा अर्जुन ट्रैक्टर (बिना नंबर प्लेट) और दो अन्य बिना नंबर प्लेट के ट्रक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ चलने वाले वाहनों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक रवि कुमार, हेड कांस्टेबल विवेक कुमार और कांस्टेबल विशाल यादव शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब पकड़े गए वाहनों के दस्तावेजों और खनन सामग्री से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
झज्जर जिले में देर रात दुल्हेड़ा गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और एक खिलाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना CCTV में कैद हो गई। मृतक की पहचान हिमांशु पुत्र सतीश, निवासी गांव भंडारी, जिला पानीपत के रूप में हुई है। हिमांशु की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह रोहतक के बहु अकबरपुर में रहकर कबड्डी की प्रैक्टिस करता था। बारात में शामिल होकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, हिमांशु अपने तीन-चार खिलाड़ी साथियों के साथ बहादुरगढ़ में एक बारात में शामिल होने आया था। देर रात वापस लौटते समय दुल्हेड़ा गांव के पास उनकी कार की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। तीन से चार खिलाड़ी घायल हादसे में हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत होने पर उन्हें रोहतक PGI रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोवर्धन चौराहे पर डंपर-कार की टक्कर के बाद बवाल:युवकों में मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच जारी
मथुरा के व्यस्त गोवर्धन चौराहे पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एक डंपर और कार की टक्कर के बाद हंगामा हो गया। मामूली सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुई कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। सड़क पर युवकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भीड़ जमा हो गई। इस विवाद के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। मारपीट के दौरान एक महिला भी इस झड़प की चपेट में आ गई और सड़क पर गिर गई। राधा सिटी निवासी पूजा ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन समय रहते प्रभावी ढंग से बीच-बचाव नहीं किया जा सका। इस पूरी घटना और मारपीट का वीडियो किसी राहगीर ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद मामले को लेकर विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई है और वायरल वीडियो तथा प्राप्त शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मोतिहारी में लग्जरी कार से शराब की खेप बरामद:'फर्जी पति' के साथ महिला गिरफ्तार, 2000 रुपए में डील
पूर्वी चंपारण जिले के कोटवा थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान एक लग्जरी कार से शराब की बड़ी खेप बरामद की गई और एक महिला सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया। ये लोग उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर जा रहे थे। उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार को सूचना मिली थी कि एक कार में अवैध शराब की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना मिलते ही उन्होंने कोटवा इलाके में वाहन जांच अभियान शुरू कराया। इसी दौरान संदिग्ध लग्जरी कार को रोककर तलाशी ली गई। शुरुआत में कार में मौजूद महिला ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और टीम को धमकाने की कोशिश भी की। हालांकि, पुलिस ने सख्ती बरतते हुए कार की जांच की। कार की सीट के नीचे बनाए गए एक विशेष तहखाने से शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिन्हें फ्रूटी की बोतलों में छिपाकर रखा गया था। इसके बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया। 'फर्जी पति' को मिलता है 2000 रुपए पूछताछ में महिला ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि इस तस्करी में शामिल सभी लोग अलग-अलग जगहों के रहने वाले हैं। महिला ने यह भी बताया कि गाड़ी चला रहा व्यक्ति उसका पति नहीं, बल्कि तस्करी के लिए बनाया गया 'फर्जी पति' है, जिसे प्रति खेप 2000 रुपए मिलते हैं। महिला के अनुसार, उसे इस काम के लिए 1500 रुपए और साथ में मौजूद एक बच्चे को 500 रुपए दिए जाते थे। वे उत्तर प्रदेश से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचाने वाले थे, लेकिन रास्ते में ही पकड़े गए। नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका फिलहाल, उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के पीछे एक बड़े तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका है, जिसकी जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बावजूद जारी तस्करी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र निवासी एक युवक पर मंगलवार दोपहर 2 बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास आधा दर्जन से अधिक लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उससे पांच हजार रुपये नकद और चांदी का ब्रेसलेट भी लूट लिया। घायल युवक ने दो हमलावरों की पहचान कर ली है, जबकि अन्य अज्ञात हैं। पुलिस के अनुसार, एकता कॉलोनी निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू पुत्र स्वर्गीय छोटे लाल मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अपनी मां और पत्नी के साथ चंदौसी स्थित अपनी मौसी के घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वीरेंद्र अपनी मां और पत्नी को एक ओर खड़ा कर टिकट लेने गया था। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास रामतलैया पुलिस चौकी क्षेत्र में पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे वीरेंद्र के एक परिचित ने उसे पहचान लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। होश में आने पर वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले लोग कुछ दिन पहले मंदिर में हुई गुल्लक चोरी की घटना में पकड़े गए थे। उस समय लोगों ने उनकी पिटाई की थी और वह भी मौके पर मौजूद था। वीरेंद्र के अनुसार, आरोपियों को उम्मीद थी कि वह उनका बचाव करेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर वे उससे रंजिश मानने लगे थे। पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर उसे अकेला पाकर हमला किया। मारपीट के दौरान उसके हाथ से चांदी का ब्रेसलेट और जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। वीरेंद्र ने अपनी तहरीर में दो आरोपियों की पहचान होने की बात कही है, जबकि अन्य को अज्ञात बताया है।
वाराणसी में कार ने साइकिल सवार को रौंदा, मौत:नंबर प्लेट टूटी मिली, चालक मौके से फरार
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार कार मोहनसराय से रोहनिया की तरफ जा रही। इस अज्ञात कार ने 55 वर्षीय साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वृद्ध घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। देखिए तस्वीरें… नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रोहनिया थाना पुलिस ने घायल वृद्ध को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। समाचार लिखे जाने तक घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस वाहन मालिक और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रोटरी इंटरनेशनल के नए रोटरी वर्ष 2026–27 की शुरुआत 1 जुलाई से हो रही है। इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अरुण बगड़िया ने सेवा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखते हुए पूरे वर्ष का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि सेवा ही सर्वोपरि केवल रोटरी का आदर्श नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। अरुण बगड़िया ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल पिछले 120 वर्षों से मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब डिस्ट्रिक्ट 3056 भी सेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष रोटरी के आदर्श Service Above Self को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 ने वर्ष 2026–27 में करीब 15 करोड़ रुपये की सेवा परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा, बालिका शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, रक्तदान, अंगदान जागरूकता और आपदा राहत जैसी योजनाएं शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ने कहा कि द रोटरी फाउंडेशन को और अधिक सशक्त बनाना इस वर्ष की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही सदस्यता बढ़ाने, नए रोटरी क्लब स्थापित करने तथा युवाओं को जोड़ने के लिए रोटरैक्ट और इंटरैक्ट क्लबों का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने रोटरी कम्युनिटी कॉर्प्स (RCC) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया, ताकि आम नागरिक भी सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। पर्यावरण संरक्षण को लेकर अरुण बगड़िया ने विशेष अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि 1 जुलाई को प्रत्येक रोटेरियन कम से कम 10 पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले। वहीं प्रत्येक क्लब अध्यक्ष 1000 पौधे लगाने और उनका संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास करें। लक्ष्य है कि 30 जून 2027 तक एक लाख से अधिक स्वस्थ एवं विकसित वृक्ष समाज को समर्पित किए जाएं। उन्होंने सभी क्लबों से अपील की कि उनके स्वागत में फूल-मालाओं, साफों और शॉल पर खर्च करने के बजाय उसी राशि का योगदान द रोटरी फाउंडेशन में करें। उनके अनुसार यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा और इससे सेवा कार्यों को नई गति मिलेगी। अरुण बगड़िया ने सभी रोटेरियन्स, रोटरैक्टर्स, इंटरैक्टर्स, आरसीसी सदस्यों, दानदाताओं और डिस्ट्रिक्ट टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से वर्ष 2026–27 को सेवा, सहयोग, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का स्वर्णिम अध्याय बनाया जाएगा।
हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के करहिया गांव में मंगलवार दोपहर एक 27 वर्षीय युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में असफलता के कारण तनाव में थी। मृतका संध्या सोनी के पिता मुन्नीलाल सोनी ने पुलिस को बताया कि संध्या पिछले तीन वर्षों से कानपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। परीक्षा में सफलता न मिलने के बाद वह लगभग एक वर्ष पहले गांव लौट आई थी और बांदा से बीटीसी की पढ़ाई कर रही थी, जिसका एक वर्ष पूरा हो चुका था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे संध्या ने अपने पिता से ऊपरी कमरे में आराम करने की बात कही और दूसरी मंजिल पर चली गई। लगभग तीन बजे तक जब वह नीचे नहीं आई, तो उसकी मां उसे देखने कमरे में पहुंचीं। वहां संध्या का शव दुपट्टे के फंदे से बल्ली पर लटका मिला। संध्या चार बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। उसके पिता गांव में परचून की दुकान चलाते हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौदहा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया, क्योंकि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। मौदहा कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों ने युवती के NEET में सफलता न मिलने के कारण मानसिक तनाव में रहने की बात कही है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। परिवार द्वारा पोस्टमार्टम से इनकार के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
बांका में मंगलवार को जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) की समीक्षा बैठक हुई। डीएम ने कार्यों में तेजी लाने और शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए, साथ ही पोषण ट्रैकर से जुड़े सभी प्रमुख संकेतकों की विस्तृत समीक्षा की। जिला पदाधिकारी ने सभी लाभार्थियों का फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से सत्यापन एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने गृह भ्रमण, बच्चों का नियमित वजन एवं लंबाई मापन, पूरक पोषाहार वितरण, टीकाकरण और अन्य सभी प्रमुख संकेतकों की साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला स्तर पर उपलब्ध कराने को भी कहा। 7 दिन में शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने का निर्देश टेक होम राशन (टीएचआर) वितरण से संबंधित लाभार्थियों के एफआरएस सत्यापन की समीक्षा के दौरान फुल्लीडुमर, कटोरिया और बाराहाट परियोजनाओं का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। इस पर संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से कारण पूछा गया और एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। पोषण ट्रैकर के तहत गर्म पका भोजन वितरण में धोरैया परियोजना का प्रदर्शन 75.53 प्रतिशत और बौंसी परियोजना का 68.80 प्रतिशत रहा। ये परियोजनाएं क्रमशः 10वें और 11वें स्थान पर थीं। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए डीएम ने दोनों परियोजनाओं के बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा और अगले आदेश तक उनका वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया। प्रतिदिन वर्चुअल माध्यम से होगी समीक्षा डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि पोषण ट्रैकर के सभी संकेतकों की प्रतिदिन जिला स्तर से वर्चुअल माध्यम से समीक्षा की जाएगी। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण की स्थिति सभी परियोजनाओं में असंतोषजनक पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला मिशन समन्वयक का मानदेय अगले आदेश तक स्थगित करने का निर्देश दिया। वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान डीएम ने निष्पादित मामलों का नियमित फॉलो-अप करने और सभी अभिलेखों का समुचित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में जिले के सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला समन्वयक, जिला परियोजना प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
पूर्व जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष अंजनी कुमार सिंह की स्मृति में एक सर्वदलीय शोक सभा का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने अंजनी कुमार सिंह के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शोक सभा का मुख्य उद्देश्य स्वर्गीय अंजनी सिंह के योगदान को याद करना और उनके विचारों को समाज में आगे बढ़ाना था। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए। अशोक सिंह ने बताया कि अंजनी कुमार सिंह का क्षेत्र के विकास और सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई बैठक में सर्वसम्मति से यह मांग उठी कि नगर में अंजनी कुमार सिंह के नाम पर एक पार्क और उनकी मूर्ति का निर्माण कराया जाए। उपस्थित लोगों ने सरकार और प्रशासन से अपील की कि अंजनी सिंह की स्मृतियों और उनके विचारों को जीवंत रखने के लिए इस योजना को साकार किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके सामाजिक कार्यों से प्रेरणा ले सके। शोक सभा के अंत में, दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की गई।
भोपाल के सेल्समैन ने ग्वालियर में लगाई फांसी:पत्नी से कलह के बाद धर्मशाला में की आत्महत्या
ग्वालियर में मार्केटिंग कंपनी के सेल्समैन ने फांसी लगा ली। वह यहां एक धर्मशाला में रुका हुआ था। शाम को जब वह नजर नहीं आया। धर्मशाला के कर्मचारियों ने उसके कमरे में जाकर देखा तो वह पंखे से लटका मिला्। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चुरी भिजवाया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम धर्मशाला की है। मृतक की पहचान अमित सिंह पिता कैलाश सिंह, उम्र 48 वर्ष के रूप में हुई है। वह भोपाल के कोलार रोड का निवासी था। भोपाल की ही एक मार्केटिंग कंपनी में सेल्समैन का काम करता है। 17 जून को लिया था कमराबताया जा रहा है कि 17 जून से वह भोपाल से आकर महाराज बाड़ा स्थित श्रीराम धर्मशाला में आकर ठहरा था। धर्मशाला के कर्मचारियों के अनुसार मंगलवार रात 9 बजे तक अमित बाहर टहलता हुआ नजर आया, उसके बाद नहीं दिखा। धर्मशाला में किसी की उठावनी का कार्यक्रम था तो कर्मचारी उसमें व्यस्त रहे। धर्मशाला में जो आकर ठहरता है उससे प्रतिदिन किराया जमा कराया जाता है। शाम तक जब अमित सिंह ने रिसेप्शन पर आकर पैसे जमा नहीं कराए तो एक कर्मचारी को उसके कमरे पर भेजा गया। कर्मचारी ने कई बार रूम का गेट खटखटाया, लेकिन बहुत देर तक गेट नहीं खोला तो उसे संदेह हुआ। बेडशीट से बनाया फंदाकर्मचारी ने कमरे के वेंटिलेशन से झांककर देखा तो अमित सिंह पंखे से लटका हुआ था। पंखे से अमित को लटकता देख धर्मशाला के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंची। अमित ने बेडशीट को फाड़कर फंदा बनाया था और इसी से पंखे से लटक गया। पत्नी से चल रहा है विवाद अमित सिंह ने धर्मशाला में जो पता लिखाया था उसके तहत कोतवाली थाना पुलिस ने भोपाल के कोलार रोड थाने फोन लगाकर जानकारी दी। कोलार रोड पुलिस जब बताए गए पते पर पहुंची तो पता चला कि जिस घर का एड्रेस लिखा है वह बिक चुका है। पुलिस ने पूछताछ करके अमित के घरवालों का एडे्रस निकाला और परिजनों तक पहुंची। अमित के भाई ने पुलिस को बताया कि पिछले दो वर्ष से वह पारिवारिक कलह से जूझ रहा था। अमित की पत्नी बच्चों को लेकर अलग हो गई है और दूसरी जगह जाकर रहने लगी है। इसी से अमित तनाव में रहता था
धार प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के धार जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि जल संरक्षण के नाम पर किए गए कार्यों के सरकारी आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि अभियान को सफल दिखाने के लिए उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ठाकुर ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले इस अभियान के दौरान अधिकांश स्थानों पर जल स्रोतों की सफाई का काम अवकाश के दिनों में ही किया गया। उनका दावा है कि सीमित समय और संसाधनों में जितना काम संभव था, उससे कहीं अधिक उपलब्धियां सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई हैं। धार नगर का दिया उदाहरण कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि धार नगर में भी जल स्रोतों की सफाई को लेकर जारी किए गए सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों में बड़ा अंतर है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि धार जिले में ही सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर है, तो प्रदेश स्तर पर जारी किए गए आंकड़ों की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि अभियान को सफल साबित करने के लिए वास्तविक कार्यों से अधिक उपलब्धियां दिखाई गई हैं। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अभियान के तहत हुए कार्यों का वास्तविक विवरण सार्वजनिक करने और कहीं अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कटिहार के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वर्मा नगर स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से व्यक्ति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रत्यक्षदर्शी अंजनी सिंह के अनुसार, ट्रक पूर्णिया से मनिहारी की ओर जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक सवार व्यक्ति कथित तौर पर गलत दिशा से आ रहा था। आमने-सामने की टक्कर में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अंजनी सिंह ने आशंका जताई कि मृतक दंडखोरा क्षेत्र का निवासी हो सकता है, हालांकि उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की स्थानीय निवासी मो. सालम ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क किनारे पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण भी हादसों की आशंका बनी रहती है। सालम ने प्रशासन से राष्ट्रीय राजमार्ग के इस हिस्से में जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है। खबर लिखे जाने तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।
घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज ने 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। समाज की ओर से बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इसमें राजस्थान सहित देशभर से करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। मंगलवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएनटी समाज के प्रदेशाध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने आंदोलन की रूपरेखा साझा की। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय राजस्थान की करीब 15 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन आज भी समाज के लोग स्थायी आवास, पहचान और मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएनटी समाज पिछले दो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। पाली में 32 घंटे तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जाम किया गया था और 11 मई से जैसलमेर से 'जेल भरो आंदोलन' भी शुरू किया गया। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया। शाम 4 बजे तक सरकार को अल्टीमेटम रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि सरकार को बुधवार शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तय समय तक मांगें नहीं मानी गईं तो महापड़ाव से शहीद स्मारक तक कूच किया जाएगा। वहां सभा के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला जाएगा। 'अब मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगी वार्ता' राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक से स्पष्ट हो गया कि सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अब डीएनटी समाज मुख्यमंत्री स्तर के अलावा किसी अन्य अधिकारी से बातचीत नहीं करेगा। समाज की प्रमुख मांग है कि डीएनटी वर्ग की अनुसूचित जाति (एससी) में आने वाली जातियों को 3 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल जातियों को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, ताकि कुल 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को उन्नाव के सोहरामऊ क्षेत्र स्थित एक वाटर पार्क का दौरा किया। उन्होंने यहां बालिकाओं के साथ लगभग चार घंटे का समय बिताया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से संवाद किया, उनके अनुभवों को जाना और राजभवन द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। राज्यपाल दोपहर करीब दो बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने बालिकाओं का स्वागत किया और पूरे वाटर पार्क का भ्रमण कराया। शाम करीब साढ़े पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राज्यपाल लखनऊ के लिए रवाना हुईं। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि राजभवन द्वारा बालिकाओं के लिए नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक और व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि राजभवन में बालिकाओं को भोजन प्रशिक्षण, जूडो और संगीत सहित अन्य कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है, जिससे उनमें किसी प्रकार की हीन भावना न आए और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजभवन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, उपजिलाधिकारी हसनगंज प्रज्ञा पाण्डेय और तहसीलदार अवनीश कुमार को अपनी लिखित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
बिजनौर में ड्यूटी पर सिपाही पर हमला:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, दूसरे की कर रही तलाश
बिजनौर में ड्यूटी पर तैनात एक यातायात सिपाही पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना सोमवार रात कोतवाली शहर क्षेत्र के रामलीला चौक के पास हुई थी, जिसमें बाइक सवार युवकों ने सिपाही को घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है। सिपाही सौरभ कुमार (निवासी बुलंदशहर) चांदपुर की चुंगी के तिराहे पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि कुछ बाइक सवार युवक शराब पीकर सड़क पर हंगामा कर रहे थे। जब सिपाही सौरभ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो युवकों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे सिपाही के सिर में गंभीर चोट आई। हमले में घायल सिपाही सौरभ को आसपास मौजूद लोगों और अन्य यातायात पुलिसकर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आरोपी ऋतिक (निवासी पृथ्वी मोलड पुर, शहर कोतवाली) को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे ट्रैफिक कांस्टेबल सौरभ के साथ बदसलूकी और उन्हें घायल करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि इस वारदात को ऋतिक और हिमांशु नामक दो युवकों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने ऋतिक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी हिमांशु की तलाश जारी है।
सिरसा जिले में रानियां की अनाज मंडी में शेड के नीचे दो युवकों पर तेजधार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमलावरों ने युवकों की बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। लाठी, डंडे और तलवारों से वार किए गए, जिससे दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। अपनी जान बचाने के लिए वे बाइक मौके पर छोड़कर भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, जिससे जली हुई बाइक की आग बुझाई जा सकी। घायलों में 18 वर्षीय लवप्रीत निवासी वार्ड नंबर-9, रानिया शामिल है। उसके साथ जसकरण भी घायल हुआ है। गंभीर चोटों के कारण दोनों को सिरसा अस्पताल रेफर किया गया है। क्रिकेट खेल रहा था युवक बताया जा रहा है कि लवप्रीत अपने 5-6 साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। उसी दौरान दीप निवासी फिरोजाबाद, और अजय निवासी वार्ड नंबर-13, अपने 4-5 साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जसकरण और लवप्रीत के साथ गाली-गलौज और झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के युवकों ने तलवारों, लाठी और डंडों से लवप्रीत और जसकरण पर हमला कर दिया। दोनों युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे। अपनी बाइक वहीं पर छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष ही आवारा की किस्म के युवक हैं और आए दिन इनके झगड़े होते रहते हैं और आज दिन में भी बालासर रोड पर इन लोगों की काफी बहस हुई बताई जा रही है। वहीं, जब इस मामले में रानियां थाना प्रभारी सुखबीर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में आ चुका है और जल्द ही ऐसे शरारती तत्वों को सबक सिखाने का काम करेंगे और इन लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

