प्रदेश में बढ़ते मानव-बंदर संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में तैयार अंतरिम कार्ययोजना के तहत अब अत्यधिक प्रभावित क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए बंदरों को मारने की अनुमति भी दी जा सकेगी। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। तीन स्तर पर बनेगी रणनीति सरकार की इस कार्ययोजना में तात्कालिक, निरोधात्मक और दीर्घकालीन उपाय शामिल किए गए हैं। इसका उद्देश्य बंदरों से होने वाली घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण के साथ-साथ स्थायी समाधान तैयार करना है। ज्यादा प्रभावित इलाकों में सख्त कदम दीर्घकालीन उपायों के तहत जिन क्षेत्रों में बंदरों का आतंक अधिक है, वहां सीमित समय के लिए उन्हें मारने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बंदरों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए तकनीकी उपाय भी लागू किए जाएंगे। कुछ मामलों में पकड़े गए बंदरों को रेस्क्यू सेंटर में आजीवन रखने की व्यवस्था भी की जाएगी। एक महीने में सर्वे और नोडल अधिकारी तैनात तात्कालिक कार्रवाई के तहत सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एक महीने के भीतर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करें और बंदरों की संख्या का आकलन करें। साथ ही सूचना के आदान-प्रदान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। हेल्पलाइन और पकड़ने वालों का पंजीकरण जनता की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी कर उसका व्यापक प्रचार किया जाएगा। इसके साथ ही बंदरों को पकड़ने में दक्ष व्यक्तियों और संस्थाओं का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके। जनजागरूकता और कूड़ा प्रबंधन पर जोर योजना में जनजागरूकता अभियान, लक्ष्य आधारित संपर्क कार्यक्रम और बेहतर कूड़ा प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है। साथ ही धार्मिक कारणों से बंदरों को भोजन कराने के लिए नगरीय निकायों द्वारा निर्धारित स्थान तय किए जाएंगे, ताकि अनियंत्रित भीड़ और घटनाओं को रोका जा सके। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में निगरानी समिति मानव-वन्यजीव संघर्ष की निगरानी के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। इसमें वन विभाग, पुलिस, पशुपालन और स्थानीय निकायों के अधिकारी शामिल होंगे। सभी वन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट जिलाधिकारी और उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएं।
कानपुर में शुक्रवार देर रात भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव का पुतला फूंका। परेड चौराहा पर करीब 10 बजे बीजेपी जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में पुतला दहन किया गया। बीजेपी जिला अध्यक्ष ने कहा कि यह दिन देश के लिए “काला दिन” है क्योंकि सरकार द्वारा महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाने की कोशिश के बावजूद विपक्ष ने इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की सोच देश की आधी आबादी के अधिकारों के खिलाफ है। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने सदन में बिल का विरोध कर महिला सशक्तिकरण की प्रक्रिया को बाधित किया है। वहीं, बीजेपी नेताओं ने कहा कि आने वाले समय में मातृशक्ति विपक्ष को आने वाले दिनों मे मजा चखाएगी। इस दौरान शहर की मेयर प्रमिला पाण्डेय, कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार और जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने विपक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ़ तौर पर कहा कि कोई भी व्यक्ति, भले ही उसके पास पावर ऑफ़ अटॉर्नी हो, एडवोकेट्स एक्ट, 1961 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए मुक़दमे लड़ने वालों की तरफ़ से एक वकील या अटॉर्नी के तौर पर पेश होकर बहस नहीं कर सकता। एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 29 और 33 का ज़िक्र करते हुए जस्टिस विनोद दिवाकर की बेंच ने साफ़ तौर पर कहा कि सिर्फ़ रजिस्टर्ड वकील ही किसी दूसरे व्यक्ति की ओर से कोर्ट के सामने पेश होकर बहस कर सकते हैं। बेंच ने आगे कहा कि हालांकि कोई भी व्यक्ति कोर्ट की मंज़ूरी से किसी सीमित मकसद के लिए किसी दूसरे व्यक्ति का केस पेश कर सकता है और बहस कर सकता है, लेकिन अधिकार के तौर पर ऐसा नहीं कर सकता। बार काउंसिल में रजिस्टर्ड होना जरूरी इन टिप्पणियों के साथ बेंच ने एक याचिका खारिज की, जिसमें याचिकाकर्ता ने मुक़दमे लड़ने वालों की ओर से और उनकी तरफ़ से केस लड़ने और बहस करने की इजाज़त माँगी थी। जबकि वह न तो क़ानून का जानकार ग्रेजुएट था और न ही बार काउंसिल में रजिस्टर्ड था। जानिये क्या है पूरा मामला मामले के अनुसार याचिकाकर्ता,विश्राम सिंह ने दावा किया कि वह अपने क्लाइंट्स की ओर से एक वकील के तौर पर ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से पेश होता रहा है। हालांकि, 2019 में जब एक आरोपी ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज/स्मॉल कॉज़ेज़ कोर्ट, कानपुर नगर के सामने अर्ज़ी दायर की, जिसमें उसने याचिकाकर्ता को अपना वकील नियुक्त करने की मांग की ताकि वह उसका केस लड़ सके, तो उस अर्ज़ी को खारिज कर दिया गया। इसलिए याचिकाकर्ता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए मौजूदा याचिका के साथ हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था याचिकाकर्ता का मुख्य तर्क यह था कि वह अपने नाम पर लिखित पावर ऑफ़ अटॉर्नी हासिल करने के बाद उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में एक वकील के तौर पर रजिस्टर्ड हुए बिना भी मुक़दमे लड़ने वालों की ओर से और उनकी तरफ़ से एक 'मुख़्तार' और 'वकील' के तौर पर पेश हो सकता है। अपने दावे को साबित करने के लिए, उन्होंने कई कानूनी प्रावधानों का सहारा लिया, जिनमें भारत के संविधान का अनुच्छेद 227(3) और अनुच्छेद 233(2), सामान्य सिविल नियम, 1957 का नियम 21, और साथ ही सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 की धारा 2(15) (जिसे आदेश III नियम 4 के साथ पढ़ा जाए) शामिल था।
ग्वालियर किले घूमने आई रसियन गर्ल के साथ लोकल इन्फ्लुएंसर की आपत्तिजनक हरकत सामने आई है, जिससे शहर की छवि पर सवाल उठे हैं। हिंदी से अनजान विदेशी महिला के साथ मजाक के नाम पर अश्लील टिप्पणी करते हुए वीडियो बनाया गया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इन्फ्लुएंसर को ट्रोल किया जा रहा है। इस घटना से ग्वालियर एक बार फिर विदेशी पर्यटकों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसी घटनाओं के कारण पर्यटक आगरा के बाद सीधे झांसी या ओरछा का रुख कर लेते हैं और ग्वालियर में ठहरने से बचते हैं। इससे पहले भी यहां विदेशी पर्यटकों के साथ ठगी और लूटपाट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मामले में बताया गया कि रूस से आए पर्यटकों का एक दल आगरा से ग्वालियर घूमने पहुंचा था। दोपहर के समय जब वे किले पर घूम रहे थे, तभी एक स्थानीय इन्फ्लुएंसर उनसे बातचीत करने लगा। उसने एक विदेशी महिला को रील बनाने के लिए तैयार किया और इस दौरान अश्लील टिप्पणी करते हुए वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब विवाद का कारण बन गया है। ‘रूसी’ शब्द का इस्तेमाल कर की अश्लील टिप्पणी, भाषा से अनजान महिला ने कहा “यस” शहर के एक इन्फ्लुएंसर ने ग्वालियर किले पर एक रील बनाई, जिसमें उसने अपने साथ एक विदेशी महिला को खड़ा किया। महिला हिंदी नहीं समझती थी, जिसका फायदा उठाते हुए इन्फ्लुएंसर ने अश्लील टिप्पणी कर वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। यह रील ‘राधे गुर्जर’ नाम की आईडी से पोस्ट की गई है। वीडियो में इन्फ्लुएंसर जो कह रहा था, उससे अनजान विदेशी महिला ने अंगूठा दिखाते हुए दो बार “यस-यस” कहा। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि वीडियो में उसके साथ आपत्तिजनक बात कही जा रही है। पहले भी ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर हुआ था वायरल सोशल मीडिया पर इस इन्फ्लुएंसर की हरकत को लोग बेहद शर्मनाक बता रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से न सिर्फ ग्वालियर, बल्कि देश की छवि भी प्रभावित होती है और विदेशी पर्यटकों के सामने गलत संदेश जाता है। यह वीडियो पुलिस तक भी पहुंच चुका है। बताया जा रहा है कि यही इन्फ्लुएंसर पहले नई लग्जरी कार लेने के बाद ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को लेकर भी वायरल हुआ था। उस दौरान इसके साथियों द्वारा हाइवे पर हवाई फायरिंग करने का मामला भी सामने आया था। लोगों का मानना है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कुछ लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
ग्वालियर में तेज रफ्तार से आ रहे एक टैंकर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे चल रहा ट्रक उससे टकरा गया। हादसे के बाद टैंकर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जबकि ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका चालक केबिन में फंस गया। घटना पुरानी छावनी के सुसैरा कोठी हाइवे पर शुक्रवार शाम की है। सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग टीम और पुरानी छावनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ट्रक चालक केबिन में फंसा हुआ था और उसके पैर बुरी तरह कुचल गए थे। उसे बचाने के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला गया और अस्पताल पहुंचाया गया। सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार, आंध्र प्रदेश से केला लेकर जम्मू जा रहा ट्रक (क्रमांक JK22 D-5030) सुसैरा कोठी हाईवे पर पहुंचा था। तभी आगे चल रहे टैंकर ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे ट्रक पीछे से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक का केबिन टैंकर में घुस गया और चालक गंभीर रूप से घायल होकर अंदर फंस गया। हादसे के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने कटर मशीन की मदद से ट्रक की बॉडी काटकर चालक को बाहर निकाला। इस दौरान हाइवे पर जाम लग गया, जिसे पुलिस ने संभालकर यातायात बहाल कराया। डॉक्टरों के अनुसार, चालक के पैर कुचल गए हैं, कई हड्डियां टूट गई हैं और काफी खून बह गया था। समय पर अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बच सकी।
इंदौर में दो साल पहले नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म प्रकरण के केस में कोर्ट ने आरोपी को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी देवी सिंह (19 वर्ष), निवासी जिला धार को दोषी पाते हुए विभिन्न धाराओं में सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट ने आरोपी को धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट और धारा 376(3) भादवि के तहत 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास, धारा 366 भादवि में 3 वर्ष तथा धारा 506 भाग-2 भादवि में 1 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 3000 रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी महेन्द्र सिंह मुजाल्दे (विशेष लोक अभियोजक) द्वारा की गई। ऐसे हुआ था मामला दर्ज पीड़िता के पिता ने 6 मार्च 2024 को थाना बडगोंदा में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उनकी नाबालिग पुत्री शाम 7.30 बजे पड़ोसी के घर टीवी देखने गई थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। आसपास और रिश्तेदारों में तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर अपहरण की आशंका जताई गई। गुमशुदगी के आधार पर पुलिस ने धारा 363 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी से छुड़ाकर पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर शादी का झांसा दिया और बस से गुजरात के मोरवी ले गया, जहां उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। जांच के बाद बढ़ाई गईं धाराएं पीड़िता का मेडिकल कराया गया और आरोपी को गिरफ्तार किया गया। गवाहों के बयान दर्ज कर विवेचना के दौरान आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376(2)(एन), 506 भादवि एवं धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं। कोर्ट में चालान पेश किया। दो साल तक सुनवाई चली। 16 अप्रैल को कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 20-20 वर्ष के कारावास से दंडित किया।
भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन में ट्रैफिक बना अड़चन:भदभदा से रत्नागिरी तक चल रहा काम; अब सिग्नल लगेंगे
भोपाल मेट्रो की ब्लू लाइन के निर्माण कार्य के चलते रत्नागिरी तिराहा से भदभदा चौराहा तक के 13 प्रमुख ट्रैफिक सिग्नल और सीसीटीवी कैमरे हटाए जाएंगे। मेट्रो के सिविल और इलेक्ट्रिकल काम में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए यह कदम उठाया गया है। इस प्रोजेक्ट की अवधि तीन साल निर्धारित है, यानी इतने समय तक इन व्यस्त चौराहों पर बिना सिग्नल के ट्रैफिक चलाना होगा। हर घंटे गुजरते हैं 2000 से ज्यादा वाहनपहले से ही इन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव काफी ज्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार कई जगहों पर प्रति घंटे 2000 से अधिक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सीमित ट्रैफिक पुलिस बल के भरोसे व्यवस्था संभालना काफी कठिन होगा। जिन चौराहों पर अभी सिग्नल हैं, वहां भी पुलिस के लिए ट्रैफिक कंट्रोल करना आसान नहीं रहा है। हाल ही में ट्रैफिक विभाग की ओर से स्मार्ट सिटी कंपनी को पत्र लिखकर सिग्नल और कैमरों को हटाने तथा उन्हें अन्य जरूरतमंद स्थानों पर लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। इनमें से 9 सिग्नलों को नए चिन्हित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना है, ताकि मेंटेनेंस (एएमसी) पर होने वाला अनावश्यक खर्च बचाया जा सके। ब्लू लाइन कॉरिडोर की तैयारीकरीब 13 किलोमीटर लंबे इस रूट पर 550 स्थानों पर सॉयल टेस्टिंग पूरी की जा चुकी है। जियोटेक्निकल जांच के आधार पर मेट्रो के पिलर और नींव तय की जा रही है। यह परियोजना करोड़ों रुपए की लागत से तैयार हो रही है। ट्रैफिक पर असर तयरंगमहल, रोशनपुरा, पिपलानी, रत्नागिरी और प्रभात चौराहा जैसे स्थानों पर पहले से ही भारी ट्रैफिक रहता है। ऐसे में अगले तीन साल तक बिना सिग्नल ट्रैफिक संचालन करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। इन स्थानों से हटेंगे सिग्नलभदभदा चौराहा, डिपो चौराहा, जवाहर चौक, रंगमहल, रोशनपुरा, कुशाभाऊ ठाकरे हॉल, पुलिस कंट्रोल रूम तिराहा, पुराना एसपी ऑफिस, प्रभात चौराहा, आईटीआई, जेके रोड, पिपलानी तिराहा और रत्नागिरी तिराहा। इन स्थानों पर लगाए जा सकते हैं सिग्नलमाता मंदिर, पीएंडटी चौराहा, मैनिट, रोहित नगर, पीसीसी तिराहा, बजरिया तिराहा, संगम तिराहा, रातीबड़ थाना चौराहा और जेके हॉस्पिटल तिराहा।पहले भी हटे थे सिग्नलट्रैफिक पुलिस के अनुसार, बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने के दौरान भी कई सिग्नल और कैमरे हटाकर गोदाम में रख दिए गए थे, लेकिन उपयोग न होने के बावजूद एजेंसी को एएमसी का भुगतान करना पड़ा था।
आज भी कई ऑर्थोपेडिक बीमारियां ऐसी हैं, जिनमें जॉइंट रिप्लेसमेंट को अंतिम इलाज माना जाता है। यह प्रक्रिया मरीजों के लिए लंबी और पीड़ादायक होती है। हालांकि अब अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों के जरिए कुछ मामलों में इन बीमारियों को रिवर्स करना संभव बताया जा रहा है। ऐसी ही एक उभरती तकनीक है ओजोन थैरेपी, जिस पर तीन दिवसीय 5वीं इंटरनेशनल ऑर्थोपेडिक कॉन्फ्रेंस में विस्तार से चर्चा की गई। स्काईलाइन रिजॉर्ट एंड कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से शुरू हुए इस सम्मेलन में मुंबई से आए डॉ. प्रसन्न शाह ने बताया कि ओजोन में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण होते हैं। यह संक्रमण को रोकने, ऊतकों में ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने और तेजी से हीलिंग में सहायक है। उन्होंने कहा कि आर्थराइटिस, मांसपेशियों के दर्द और डायबिटिक फुट अल्सर जैसे जटिल घावों में ओजोन थेरेपी सपोर्टिव उपचार के रूप में उपयोगी साबित हो रही है। इससे कई मामलों में पैर काटने की नौबत टाली जा सकती है। डॉ. शाह के अनुसार, हिप जॉइंट के एवीएन (Avascular Necrosis) और घुटनों के ऑर्थराइटिस में बिना जॉइंट रिप्लेसमेंट के इलाज की संभावना बनती है। उनका दावा है कि समय रहते उपचार देने पर स्ट्रोक या हार्ट अटैक के मामलों में भी सकारात्मक परिणाम देखे गए हैं। 'लर्न टुडे, इम्प्लीमेंट टुमारो' थीम पर आयोजन कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. अरविंद वर्मा जांगिड़ ने बताया कि आयोजन की थीम “लर्न टुडे, इम्प्लीमेंट टुमारो” रखी गई है, जिसका उद्देश्य नई तकनीकों को सीधे प्रैक्टिस में लागू करना है। तीन दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस में प्रतिदिन 3 से 4 शैक्षणिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। लेक्चर के साथ लाइव वर्कशॉप और बोन मॉडल्स पर हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि प्रतिभागी नई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। ऑर्गेनाइजिंग प्रेसिडेंट डॉ. एल. प्रकाश के मुताबिक कॉन्फ्रेंस में करीब 350 डेलीगेट्स और 42 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल हुए हैं। इटली और नेपाल सहित कई देशों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा किए। बिना ओपन सर्जरी फ्रैक्चर का इलाज इटली से आए डॉ. मारियो मिरोज ने ऐसी तकनीक पर सत्र लिया, जिसके जरिए गंभीर फ्रैक्चर का इलाज बिना ओपन सर्जरी के संभव है। वहीं नेपाल से डॉ. दीपेंद्र गुरुंग ने मिनिमल इनवेसिव तकनीकों के माध्यम से जटिल फ्रैक्चर के उपचार पर प्रशिक्षण दिया। सीनियर ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. डीके तनेजा ने '100 साल तक स्वस्थ कैसे जिया जाए' विषय पर मार्गदर्शन दिया।
भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग
भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल एंड प्रोसेस रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री)ने देश की पहली ऐसी सड़क विकसित की है, जिसमें सीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सड़क बिजली संयंत्रों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) और जियोपॉलिमर तकनीक की मदद से तैयार की गई है। पहले हो गई थी शुरुआत इस परियोजना की शुरुआत 2 फरवरी को एन कलईसेल्वी द्वारा की गई थी, जबकि इसका औपचारिक शुभारंभ विनोद कुमार की उपस्थिति में हुआ। इस नई तकनीक के कई पर्यावरणीय और तकनीकी फायदे हैं। पारंपरिक सीमेंट सड़कों की तुलना में इसमें कार्बन उत्सर्जन लगभग 83% तक कम होता है और निर्माण के दौरान 80% कम ऊर्जा की आवश्यकता पड़ती है। सबसे खास बात यह है कि इस सड़क को बनाने के बाद पानी से क्योरिंग (तराई) की जरूरत नहीं होती। मजबूती की बात करें तो यह सड़क केवल 21 दिन में 35 से 40 एमपीए तक की ताकत हासिल कर लेती है, जो सामान्य सीमेंट से बनी सड़कों के बराबर मानी जाती है।
प्रयागराज में शुक्रवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में संगम सभागार में खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जबकि कई अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण कार्य की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय बजट से बन रहे 20 भवनों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं मनरेगा बजट से बनने वाले 68 भवनों में से 34 पर काम शुरू हो चुका है, जिन्हें अप्रैल 2026 तक पूरा करने को कहा गया। बाकी 34 भवनों का निर्माण जल्द शुरू कराने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने वर्ष 2026-27 के लिए हर विकास खंड में 10-10 अन्नपूर्णा भवन बनाने हेतु भूमि चिन्हित करने के निर्देश उपजिलाधिकारियों और खंड विकास अधिकारियों को दिए। उचित दर दुकानों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। जिले में 9 दुकानें निलंबित हैं और 32 ग्रामीण क्षेत्रों में खाली हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि निलंबित दुकानों पर 15 दिन के भीतर फैसला लिया जाए और खाली दुकानों पर भी 15 दिन में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए। राशन कार्ड से जुड़े नए और संशोधन आवेदनों पर भी सख्ती दिखाई गई। डीएम ने निर्देश दिया कि सभी आवेदनों का सत्यापन कर एक सप्ताह के अंदर 100 प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी कार्य तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश देते हुए लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी।
जिला अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा:परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, पुलिस ने शांत कराया मामला
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अजीम नगर थाना क्षेत्र के भोट बक्काल गांव निवासी 46 वर्षीय चंद्रावती को तबीयत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें महिला वार्ड से इमरजेंसी में स्थानांतरित किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों और स्टाफ ने सही तरीके से इलाज नहीं किया, जिसके कारण महिला की जान चली गई। परिजनों के हंगामे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। मामले की सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस तुरंत अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया। काफी समझाने-बुझाने के बाद स्थिति सामान्य हुई और परिजन शांत हुए। इस संबंध में, जिला अस्पताल के सीएमएस बी.सी. सक्सेना ने बताया कि महिला की हालत पहले से ही गंभीर थी। उनका ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन स्तर लगातार गिर रहा था। डॉक्टरों द्वारा बेहतर इलाज किया जा रहा था और उन्हें उच्च केंद्र (हायर सेंटर) रेफर भी किया गया था, लेकिन परिजनों ने उन्हें बाहर ले जाने से इनकार कर दिया। सीएमएस सक्सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि यदि परिजनों को कोई संदेह था, तो उन्हें पोस्टमार्टम और शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। बाद में परिजन शव लेकर अपने गांव चले गए।
कानपुर के हनुमंत विहार में मोबाइल चोरी का आरोप लगाने पर रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने किराना दुकानदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना के वक्त किराना दुकानदार की बुजुर्ग मां घर पर ही मौजूद थी। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 11 साल पहले छोड़ कर जा चुकी थी पत्नीहनुमंत विहार निवासी माया देवी अपने 40 वर्षीय बेटे विकास उर्फ सोनू के साथ रहती हैं। सोनू घर पर ही किराना दुकान चलाता था। पत्नी 11 वर्ष पूर्व छोड़ कर जा चुकी है। माया ने बतायाा कि शुक्रवार दोपहर सोनू घर पर आया और बताया कि उसका मोबाइल चोरी हो गया है। उसने घर के पास रहने वाले रिटायर्ड दरोगा के बेटे कपिल यादव पर आरोप लगाया। इसी दौरान कपिल घर के बाहर से निकला तो सोनू ने उससे मोबाइल लौटाने को कहा, इस पर आरोपी कपिल उग्र हो गया। विरोध पर उसने चेहरे पर मुक्के मारने शुरू कर दिए। एक मुक्का सोनू के नाक पर लगा तो वह सिर के बल जमीन पर जा गिरा, गिरते ही बेहोश हो गया। इस बुजुर्ग मां चीख पुकार करने लगी। शोर गुल सुन पड़ोसी जुटे तो आरोपी मौके से भाग निकला, इसके बाद सभी उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हनुमंत विहार एसओ राजीव सिंह ने बताया कि मारपीट के दौरान जमीन पर गिरने से युवक की मौत की बात सामने आई है। युवक को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चीखती रही मां, मगर नहीं माना आरोपीमां माया देवी ने बताया कि बेटे ने जब कपिल आए दिन बेटे से शराब के लिए रुपये खर्च कराता था। शुक्रवार को भी दोपहर में साथ में बैठ कर शराब पी थी, इसी दौरान उसका मोबाइल चोरी कर लिया। जब यही बात बेटे ने कही तो आरोपी भड़क गया, और मुक्के मारने शुरू कर दिए। मां छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।आज थी सोनू की शादी की सालगिरहभाई की मौत की सूचना पर ससुराल से पहुंचीं बहनें रजनी और नीलम ने बताया कि आज ही भाई की शादी की सालगिरह थी। रोडवेज से रिटायर्ड पिता संतोष का कोरोना काल में निधन हो चुका है, एक भाई की भी 4 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। इकलौता भाई ही मां का सहारा था।
हरदोई में अज्ञात वाहन ने बाइक में मारी टक्कर:दो सगे भाइयों की मौत, एक घायल लखनऊ रेफर
हरदोई के संडीला कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। मलेहरा गांव के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे लखनऊ रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान अतरौली थाना क्षेत्र के छोटी बहुती खुर्द निवासी 35 वर्षीय राजू और उनके 22 वर्षीय भाई लक्खा के रूप में हुई है। लक्खा लुधियाना में एक कंपनी में काम करते थे और कुछ दिन पहले ही गांव आए थे। राजू के साढ़ू 38 वर्षीय विजय कुमार संडीला कोतवाली क्षेत्र के रमललवा गांव में रहते हैं। शुक्रवार की दोपहर विजय राजू के घर आए थे। गेहूं की खंदाई कराने के लिए विजय शुक्रवार की रात राजू और लक्खा को अपने साथ अपने गांव बाइक से ले जा रहे थे। शुक्रवार रात बेनीगंज-संडीला मार्ग पर मलेहरा गांव के पास यह हादसा हुआ। विजय बिना हेलमेट पहने बाइक चला रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर सिर के बल गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर एम्बुलेंस से तीनों घायलों को कोथावां सीएचसी ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने राजू को मृत घोषित कर दिया। लक्खा और विजय को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सक ने लक्खा को भी मृत घोषित कर दिया। विजय की हालत गंभीर बनी हुई थी, जिसके चलते उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। मृतक राजू के परिवार में उनकी पत्नी पुष्पा और दो पुत्र हैं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवा दिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है।
हाईकोर्ट ने लखीमपुर खीरी समिति का आदेश रद्द किया:नए आदेश तक थारू जनजाति के वन अधिकार रहेंगे बहाल
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने लखीमपुर खीरी के वन अधिकार मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। खंडपीठ ने जिला स्तरीय समिति के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें थारू जनजाति के वन अधिकारों के दावों को खारिज किया गया था। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक नया आदेश पारित नहीं हो जाता, तब तक याचिकाकर्ताओं के मौजूदा वन अधिकार बहाल रहेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति एके चौधरी की खंडपीठ ने उदासा व 106 अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिकाकर्ता लखीमपुर खीरी के पलिया कलां क्षेत्र के निवासी हैं और थारू जनजाति से संबंधित हैं, जिन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है। उन्होंने 15 मार्च 2021 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके सामुदायिक वन अधिकारों के दावों को खारिज कर दिया गया था। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि जिला स्तरीय समिति ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों और उसकी मूल मंशा पर समुचित विचार नहीं किया था। समिति ने अपने निर्णय के लिए केवल वर्ष 2000 के सर्वोच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश को आधार बनाया, जो कि अधिनियम के उद्देश्यों के विपरीत था। खंडपीठ ने जोर दिया कि वन अधिकार अधिनियम का मुख्य उद्देश्य वनवासियों के पारंपरिक अधिकारों को मान्यता देना और उनकी आजीविका व खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है। न्यायालय ने कहा कि ऐसे वनवासी समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना कानून का मूल उद्देश्य है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं के दावों पर पुनः सुनवाई की जाए। प्राधिकरण को सभी तथ्यों और अभिलेखों पर विचार करते हुए, सुनवाई का पूरा अवसर प्रदान करने के बाद समयबद्ध ढंग से एक नया आदेश पारित करने का निर्देश दिया गया है।
उदयकुमार कस्टोडियल डेथ केस: सीबीआई की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर उस याचिका पर नोटिस जारी किया
हाथरस में किशोरी के साथ रेप:खेत जाते समय वारदात, पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा
हाथरस के मुरसान क्षेत्र में एक किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। गांव के ही एक युवक पर किशोरी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी युवक के खिलाफ देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी खेत में गई थी। तभी गांव के एक युवक ने उसे खेत में पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक किशोरी को जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। किशोरी ने घर लौटकर अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद परिजन मुरसान कोतवाली पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी युवक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है।
इंदौर और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। हाल ही में मुंबई सेंट्रल-इंदौर तेजस सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन बंद होने से बनी रिक्तता को भरने के लिए पश्चिम रेलवे ने अब एक नई एसी बाई-वीकली (सप्ताह में दो दिन) सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन (गाड़ी संख्या 09085/ 09086) 21 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 मई 2026 तक संचालित की जाएगी। मुंबई सेंट्रल से इंदौर के लिए ट्रेन संख्या 09085 हर सोमवार और शुक्रवार को रात 11:20 बजे रवाना होगी, जो अगले दिन दोपहर एक बजे इंदौर पहुंचेगी। इसी तरह, इंदौर से मुंबई सेंट्रल के लिए ट्रेन संख्या 09086 प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को शाम 5:00 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 7:10 बजे मुंबई पहुंचेगी। इस ट्रेन का मुख्य आकर्षण इसकी कोच संरचना है, जिसमें कुल 17 कोच होंगे। इसमें 1 प्रथम श्रेणी एसी, 3 द्वितीय श्रेणी एसी और 11 तृतीय श्रेणी एसी कोच शामिल किए गए हैं। दोनों दिशाओं में इन स्टेशनों पर रुकेगी 827 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन दोनों दिशाओं में उज्जैन, नागदा, रतलाम, दाहोद, गोधरा, वडोदरा, सूरत, वापी और बोरीवली जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। मुंबई से इंदौर की ओर जाते समय इसकी औसत गति 60.51 किमी/घंटा रहेगी, जबकि इंदौर से वापसी के समय यह 57.3 किमी/घंटा की औसत गति से चलेगी। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रेन पूरी तरह से इलेक्ट्रिक इंजन द्वारा संचालित की जाएगी। अप्रैल और मई के पीक सीजन में यात्रियों की बढ़ती भीड़ और तेजस के बंद होने से बढ़ी परेशानी को देखते हुए यह स्पेशल ट्रेन इंदौर और मालवा क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होगी। अब चारलापल्ली तक जाएगी हमसफर एक्सप्रेस दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ने इंदौर-लिंगमपल्ली-इंदौर हमसफर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20916/20915) के रूट में विस्तार करने का निर्णय लिया है। अब यह ट्रेन अपने मौजूदा गंतव्य लिंगमपल्ली के बजाय हैदराबाद के नए टर्मिनल चारलापल्ली (Charlapalli) तक जाएगी। यह विस्तार अप्रैल के अंतिम सप्ताह से लागू होगा
कानपुर मंडल कार्यालय, नवीन मार्केट में शुक्रवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर लखनऊ के गोमती नगर स्थित अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल पर आयोजित कार्यक्रम की सफलता को लेकर समीक्षा बैठक की गई। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधान परिषद सदस्य विजय प्रताप मौजूद रहे। बैठक में जिला अध्यक्ष, मंडल प्रभारी, विधानसभा अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य अतिथि ने कहा कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बसों और कारों से लखनऊ पहुंचे और कार्यक्रम को सफल बनाया, इसके लिए सभी का आभार व्यक्त किया जाता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इसी जुनून के साथ संगठन को और मजबूत करने की अपील की। बैठक में संगठन की समीक्षा करते हुए इसे और सशक्त बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही महिला आरक्षण के मुद्दे पर सरकार के फैसले की सराहना की गई। कार्यक्रम के दौरान विधानसभा वार परिवर्धित वोटर लिस्ट का वितरण भी जिला अध्यक्षों के माध्यम से किया गया। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि कुमारी मायावती के नेतृत्व में पार्टी भविष्य में फिर सरकार बनाकर प्रदेश के विकास और समाज के कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाएगी।
महोबा के कीरत सागर तट पर शुक्रवार को घुमंतू जाति के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। इस संघर्ष में छह माह के एक मासूम सहित कुल आठ लोग घायल हो गए। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। यह विवाद जुए और शराब के नशे में शुरू हुआ। जानकारी के अनुसार, संजय नामक युवक शराब के नशे में राजू की झोपड़ी में घुस गया।आरोप है कि उस समय राजू की पत्नी शालू अपने छह माह के बच्चे राज को सुला रही थी। नशे में धुत संजय ने मासूम राज को उठाकर जमीन पर पटक दिया। इस घटना के बाद राजू के परिवार ने विरोध किया, जिसके बाद संजय ने अपनी पत्नी मैना और साले राहुल के साथ मिलकर हमला कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर से ईंट-पत्थर और बर्तनों से हमला शुरू हो गया। सड़क के पास हुए इस पथराव से राहगीरों और दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर डायल 112 की चार गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के सामने भी दोनों नशे में धुत पक्ष शांत होने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए स्थिति को काबू में किया। इस भीषण मारपीट में दोनों पक्षों के कुल 8 लोग लहूलुहान हुए हैं। एक पक्ष से राजू, शालू, बुजुर्ग शारदा और 6 माह का मासूम राज घायल हैं। वहीं दूसरे पक्ष से संजय, मैना, राहुल और नैना को गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मैना की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों ही पक्षों के लोगों को हिरासत में किया है और अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
अलीगढ़ के गांधी पार्क थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात डीएस कॉलेज के पास मकान की दूसरी मंजिल पर स्थित कूलर के गोदाम में आग लग गई। आग की लपटें उठता देख लोगों में अफराफरी मच गई। आसपास रिहायशी इलाका होने के कारण लोगों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। निचले तल पर रहता है कारोबारी परिवार लकी जिंदल की बेला ट्रेडर्स के नाम पर फर्म संचालित है। वह परिवार के साथ मकान के निचले तल पर रहते हैं। वहीं, दूसरी मंजिल पर प्लास्टिक के कूलर और पंखों का गोदाम बना रखा है। शुक्रवार को गोदाम में अचानक आग लग गई। प्लास्टिक का सामान होने के कारण थोड़ी ही देर में आग की लपटें उठने लगीं। परिवार के लोग भी मकान से बाहर आ गए। उधर, आसपास रहने वाले लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। लोगों ने बाल्टियों से डाला पानी इस दौरान किसी ने घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को दी। लोगों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग को रोकने का प्रयास किया। उधर, थोड़ी ही देर में दमकल विभाग की दो गाड़ी मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। शॉर्ट सर्किट से लगी आग फायर स्टेशन ऑफिसर संजीव कुमार सिंह ने बताया कि रात करीब 10:15 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया। प्रथमदृष्टया शार्ट सर्किट आग लगने की बात सामने आ रही है। हालांकि सभी कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन कारोबारी की तरफ से लाखों का नुकसान बताया जा रहा है। हालांकि आग लगने के कारणों की जांच और नुकसान की आकलन भी किया जाएगा।
उज्जैन नगर निगम के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर तीखी बहस हुई। भाजपा ने बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कराया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने तीखी नोकझोंक के बाद वॉकआउट कर दिया। यह सत्र महिला आरक्षण को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक हलचल के बीच आयोजित किया गया था। सत्र की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सदन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होते ही पक्ष और विपक्ष के बीच बहस छिड़ गई। चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने महिला आरक्षण की अवधारणा को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की नीतियों से जोड़ा। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने विरोध स्वरूप सदन से वॉकआउट कर दिया। उनके बाहर जाते ही भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। इस हंगामे के बीच भाजपा ने बहुमत के आधार पर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में धन्यवाद प्रस्ताव पारित कर दिया। नगर निगम सभापति कलावती यादव ने बताया कि यह विशेष सत्र शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो उन्हें संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण और नीति निर्माण में मजबूत भागीदारी प्रदान करेगा।
एनआईटी कालीकट में रिसर्च असिस्टेंट बनने का शानदार मौका, तुरंत करें आवेदन
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए यह बेहतरीन मौका है
ललितपुर हाईवे पर ट्रक ने बाइक सवारों को रौंदा:एक की मौत, दूसरा घायल; बाइक 8 किमी दूर मिली
ललितपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर एक अज्ञात ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद बाइक घटनास्थल से लगभग आठ किलोमीटर दूर ग्राम जमालपुर के पास मिली। आशंका जताई जा रही है कि टक्कर के बाद बाइक ट्रक में फंस गई और ट्रक उसे घसीटता हुआ ले गया। यह घटना कस्बा बांसी के निकट पुलिस चौकी और पेट्रोल पंप के बीच झांसी की ओर जा रहे युवकों के साथ रात करीब 9:30 बजे हुई। घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की शिनाख्त अभी नहीं हो पाई है। घायल युवक ने अपना नाम राजू पुत्र संतोष, निवासी ग्राम पुलवारा, थाना बार बताया है। पुलिस ने अज्ञात ट्रक की तलाश शुरू कर दी है।
देवरिया के रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के कुसमहा उर्फ बेलवा गांव में 37 वर्षीय युवक दिवाकर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दिवाकर पेशे से राजगीर मिस्त्री थे। शुक्रवार देर रात उन्होंने अपने घर के अंदर छत के पंखे की कुंडी में गमछे के सहारे फांसी लगा ली। शनिवार सुबह परिजनों ने उन्हें फंदे से लटका देखा, जिसके बाद घर में हड़कंप मच गया। परिजनों ने तत्काल दिवाकर को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बताया जा रहा है कि मृतक की पत्नी प्रमिला बिहार के पटना रेलवे स्टेशन पर सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं थीं। सूचना मिलने के बाद वह गांव के लिए रवाना हो गई हैं। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि मामले की तहकीकात की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड: मेडिकल कॉलेज और अस्पताल होंगे आधुनिक, स्ट्रक्चर और डिजाइन में बेहतरी के लिए कमेटी गठित
झारखंड सरकार ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों की संरचना बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए नई पहल की है
पन्ना जिले के पहाड़ी खेरा रोड पर शुक्रवार को सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। ठाकुर बाबा मोड़ पर दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे गंभीर घायल रोहित आदिवासी (18) ने रीवा ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। मजदूरी कर घर लौटा था पहला मृतक हादसे में पहली मौत जित्तू रजक (25) की हुई थी, जो गिरवानी मोहल्ला का निवासी था। जित्तू जिले से बाहर मजदूरी करता था और कुछ दिन पहले ही अपने परिवार से मिलने घर आया था। वह अपने साथी रवि अहिरवार के साथ बाइक से लौट रहा था, तभी सामने से आ रहे रोहित और उसकी बहन उमा की बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। एम्बुलेंस में नागौद के पास तोड़ा दम रोहित के सिर और पैर में गंभीर चोटें होने के कारण डॉक्टरों ने उसे प्राथमिक इलाज के बाद मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर किया था। परिजन उसे एम्बुलेंस से रीवा लेकर जा रहे थे, तभी रास्ते में नागौद के पास उसकी हालत बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक अलग-अलग बाइकों पर सवार थे। हादसे में दो अन्य अब भी घायल इस भीषण टक्कर में रवि अहिरवार और उमा आदिवासी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पहाड़ी खेरा रोड पर लगातार हो रहे इन हादसों ने स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मोड़ पर दोनों बाइकों की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक अपना संतुलन खो बैठे। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में आक्रोश घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। पहाड़ी खेरा रोड पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सुनील टाइगर ने बताया कि इस सड़क पर हादसे बढ़ते जा रहे हैं।
कानपुर में अंबेडकर जयंती पर गोष्ठी:सतीश महाना ने दिया समानता का संदेश, कहा- संविधान देश की आत्मा
कानपुर के महाराजपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 41, सकरापुर स्थित अमृत रिजॉर्ट, जरौली में शुक्रवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर भव्य विधानसभा स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। मीडिया प्रभारी संजीव बेरी के अनुसार, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सतीश महाना रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब ने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनका जीवन संघर्ष, शिक्षा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। महाना ने कहा कि भारत का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि देश की आत्मा है, जिसमें सभी नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य निहित हैं। उन्होंने लोगों से बाबा साहब के विचारों को अपनाते हुए समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की भावना को मजबूत करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। इस मौके पर बी.डी. राय, ज्ञानू अवस्थी, कैलाश पांडे, पवन दीक्षित, वीरेंद्र दिवाकर, विपिन शर्मा, सुनील तिवारी, नरेश कठेरिया, धीरेंद्र सोनकर समेत कई गणमान्य लोग और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद
लखनऊ में साइबर ठगों ने जांच एजेंसियों के नाम पर दो लोगों को अपना शिकार बनाया। जालसाजों ने खुद को NIA, ATS और CBI का अधिकारी बताकर पीड़ितों को वीडियो कॉल पर बंधक जैसा रखा और डर का माहौल बनाकर उनसे कुल 1 करोड़ 41 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। केस-1: NIA अधिकारी बन 9.5 लाख की ठगी इंदिरानगर सेक्टर-14 निवासी बद्री प्रसाद को 6 अप्रैल को व्हाट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को NIA का अधिकारी बताते हुए कहा कि वे आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हैं और उनके खिलाफ वारंट जारी हो चुका है। ठगों ने उन्हें लगातार 3 दिन तक वीडियो कॉल पर रखा। इस दौरान परिवार या किसी अन्य से बात करने से मना किया गया। फर्जी दस्तावेज दिखाकर कार्रवाई से बचाने का झांसा दिया गया। डर के चलते पीड़ित ने 7 अप्रैल को 7.50 लाख और 9 अप्रैल को 2 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर 1930 हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई। केस-2: ATS-CBI बनकर बुजुर्ग दंपती से 1.32 करोड़ ठगे गोमतीनगर निवासी 75 वर्षीय दिलीप नारायण पाण्डेय और उनकी पत्नी को 27 मार्च की रात साइबर अपराधियों ने कॉल किया। आरोपियों ने खुद को ATS और CBI अधिकारी बताते हुए चार कथित आतंकियों की फोटो भेजी और कहा कि पूछताछ में उनका नाम सामने आया है। इसके बाद दंपती को डिजिटल अरेस्ट में लेकर लगातार वीडियो कॉल पर रखा गया। उन्हें हर घंटे “I am safe” मैसेज भेजने और किसी से बात न करने की हिदायत दी गई। आरोपियों ने आधार के दुरुपयोग, मुंबई में फर्जी सिम और बैंक खाता खोलकर हवाला लेनदेन जैसे गंभीर आरोप लगाकर डराया। फिर रिजर्व बैंक के नाम पर फर्जी खाते में पैसे जमा कराने को कहा। 4 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच चार किस्तों में 1 करोड़ 32 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए गए। यह रकम उन्होंने हरदोई में मकान बेचकर जुटाई थी। फर्जी वर्दी, सुप्रीम कोर्ट का लोगो और बदलते नंबर ठगों ने ATS की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल की, सुप्रीम कोर्ट का फर्जी लोगो लगाकर आरोप पत्र भेजा और बार-बार मोबाइल नंबर बदलते रहे, ताकि शक न हो।
सराफा व्यापारी ने दी लूट की फर्जी सूचना:पुलिस जांच में खुलासा, जीजा-साले का आपसी विवाद निकला
फर्रुखाबाद में एक सराफा व्यापारी द्वारा 20 ग्राम सोने की लूट की फर्जी सूचना देने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में यह दावा झूठा निकला और पता चला कि यह सूचना जीजा-साले के पुराने विवाद के चलते दी गई थी। मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत शुक्रवार एक सराफा व्यापारी ने पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार में सवार तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उससे 20 ग्राम सोना लूट लिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अजब सिंह मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि जिस मारुति स्विफ्ट डिजायर का जिक्र किया गया था, वह शिकायतकर्ता के जीजा के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस के अनुसार, यह विवाद पुराना है। वर्ष 2022 में जीजा ने अपने साले को अहमदाबाद में नौकरी पर लगवाया था। आरोप है कि साला वहां से कुछ सोने के आभूषण लेकर गायब हो गया था, जिसके संबंध में संबंधित कंपनी ने कानूनी कार्रवाई की थी। इसी रंजिश के चलते साले ने अपनी पत्नी की ओर से अपने जीजा और अन्य के खिलाफ फर्रुखाबाद में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। उसका जीजा इसी मुकदमे की तारीख पर ग्वालियर से फर्रुखाबाद आए थे। साले ने उनकी गाड़ी का पीछा किया, वीडियो बनाया और फिर पुलिस को लूट की फर्जी सूचना दे दी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह जीजा-साले के बीच का आपसी विवाद है और लूट जैसी कोई घटना नहीं हुई है। मामले में सीओ सिटी अभय वर्मा ने बताया सर्राफा कारोबारी द्वारा लूट की सूचना दी गई थी जांच में वह फर्जी निकली है। उनके रिश्तेदार से आपसी का विवाद है।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम ने ली अचानक करवट
शुक्रवार सुबह से ही राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम बदलता रहा। दोपहर करीब तीन बजे के बाद अचानक तेज हवा चली और देखते ही देखते बूंदाबांदी शुरू हो गई
जहानाबाद जिले में गया-पटना मुख्य मार्ग पर शुक्रवार शाम एक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिसके बाद चालक मौके से फरार हो गया। यह घटना तब हुई जब महिला सड़क किनारे पैदल चल रही थीं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला सड़क पर गिर गईं और घायल अवस्था में पड़ी रहीं। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, महिला को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घायल महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और स्थानीय लोग व प्रशासन उनकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि गया-पटना रोड के साथ-साथ बाजार और गलियों में भी वाहनों की तेज रफ्तार एक आम समस्या बन गई है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फरार वाहन और उसके चालक की तलाश की जा रही है।
रामपुर में अचानक आई तेज आंधी और हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित किया है। शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। सिविल लाइन क्षेत्र के रामनाथ कॉलोनी, पुरानी आवास विकास कॉलोनी, नई आवास विकास कॉलोनी, गंगापुर, गंगापुर आवास विकास कॉलोनी, नवाब गेट और जिला अस्पताल कॉलोनी सहित दर्जनों मोहल्लों में बिजली गुल हो गई है। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह पेड़ों की टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे फॉल्ट हो गया। स्थिति को देखते हुए, बिजली विभाग ने कुछ इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। जहां फॉल्ट हुए हैं, वहां बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं। वे लगातार निगरानी कर रहे हैं और तारों की जांच कर नुकसान का पता लगा रहे हैं। शहर की मुख्य सड़कों पर भी अंधेरा छा गया है, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी हो रही है। तेज हवा और धूल भरी आंधी के कारण बाइक और कार चालकों को बेहद सावधानी से वाहन चलाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी के कारण अचानक बिजली जाने से काफी दिक्कतें हुई हैं। जिन घरों में इन्वर्टर या जनरेटर की व्यवस्था नहीं है, उन्हें सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली विभाग की टीमें लगातार काम कर रही हैं और उम्मीद है कि जल्द ही सभी प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। प्रशासन और बिजली विभाग से जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने की उम्मीद की जा रही है।
पीलीभीत के सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में ट्रैक्टर की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए युवक शहबाज की शुक्रवार को बरेली के राममूर्ति अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। शहबाज गांव गोरा का निवासी था। घटना 13 अप्रैल की शाम करीब 7 बजे हुई थी। गांव गोरा निवासी 20 वर्षीय शहबाज अपने भतीजे कामिल के साथ मोटरसाइकिल से जा रहा था। रास्ते में कामिल के उतरने के बाद शहबाज मोटरसाइकिल के पास खड़ा उसका इंतजार कर रहा था। तभी रापुर बिचपुरी निवासी चालक इलियास ने तेज रफ्तार और लापरवाही से ट्रैक्टर चलाते हुए शहबाज को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि शहबाज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। परिजनों ने उसे तुरंत बरेली के भोजीपुरा स्थित राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था। हादसे के बाद परिजन शहबाज के इलाज में व्यस्त थे, जिसके कारण तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी। 16 अप्रैल को शहबाज के पिता रिजवान खां ने थाना सेहरामऊ में आरोपी चालक इलियास के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने इस तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। थाना अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि हादसे के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में पहले ही मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने आगे कहा कि युवक की मृत्यु के बाद मामले में धाराओं को बढ़ाया जा रहा है और आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।
रायबरेली के नए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) आलोक सिंह ने जिले में अपना कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस टीम के साथ पैदल गश्त की। इस पैदल गश्त का नेतृत्व एएसपी आलोक सिंह ने किया। उनके साथ क्षेत्राधिकारी (सीओ) सिटी अरुण नोहार और शहर कोतवाल शिव शंकर सिंह भी मौजूद रहे। गश्त का मुख्य उद्देश्य शहर की कानून व्यवस्था का जायजा लेना, भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखना था। पुलिस टीम ने शहर के मुख्य चौराहों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील मोहल्लों में गहनता से गश्त की। इस दौरान, अधिकारियों ने आम जनता और स्थानीय व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया। एएसपी आलोक सिंह ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को नियमित रूप से पैदल गश्त करने और रात्रि चेकिंग अभियान चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने पदभार ग्रहण करने के बाद अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को अपनी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रखा है।
आगर मालवा की विवेकानंद कॉलोनी में शुक्रवार शाम करीब 7 बजे एक निर्माणाधीन मकान के खुले पानी के टैंक में एक गोवंश गिर गया। स्थानीय गौ रक्षकों और गौ सेवकों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला। बाल्टियों से पानी निकाला, क्रेन से किया रेस्क्यू घटना की जानकारी मिलते ही गौ सेवक मौके पर पहुंचे और सबसे पहले टैंक में भरे पानी को बाल्टियों से बाहर निकाला। इसके बाद क्रेन बुलाई गई और करीब 2 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गोवंश को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। खुले टैंकों को लेकर प्रशासन और नागरिकों से अपील हादसे के बाद गौ सेवकों ने नगर पालिका प्रशासन और आम जनता से निर्माण कार्यों के दौरान गड्ढे और टैंक खुले न छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शहर में कई स्थानों पर निर्माणाधीन टैंक खुले पड़े हैं, जो पशुओं के साथ-साथ राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग गौ सेवकों ने बताया कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्माणाधीन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। खुले टैंकों को ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को टाला जा सके।
गर्मी के मौसम में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को राहत देने के लिए दुर्ग और शालीमार के बीच समर स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन दोनों दिशाओं में एक-एक फेरा लगाएगी, जिससे यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में सुविधा होगी। रेलवे के अनुसार, गाड़ी संख्या 08745 दुर्ग-शालीमार समर स्पेशल 22 अप्रैल 2026 को दुर्ग से रवाना होगी। वहीं, गाड़ी संख्या 08746 शालीमार-दुर्ग समर स्पेशल 23 अप्रैल 2026 को शालीमार से चलेगी। प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा और रायगढ़ समेत कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर दिया गया है। दुर्ग से शालीमार (08745) टाइमिंग दुर्ग से रवाना: रात 9:45 बजे रायपुर: 10:25 बजे आगमन, 10:30 बजे प्रस्थान भाटापारा: 11:20 बजे / 11:22 बजे बिलासपुर: 12:35 बजे / 12:45 बजे चांपा: 01:35 बजे / 01:37 बजे रायगढ़: 02:32 बजे / 02:34 बजे झारसुगुड़ा: 04:08 बजे / 04:10 बजे राउरकेला: 05:40 बजे / 05:50 बजे टाटानगर: 08:00 बजे / 08:10 बजे खड़गपुर: 11:40 बजे / 11:45 बजे शालीमार पहुंचना: दोपहर 1:45 बजे शालीमार से दुर्ग (08746) टाइमिंग शालीमार से रवाना: शाम 5:45 बजे खड़गपुर: 07:35 बजे / 07:40 बजे टाटानगर: 09:55 बजे / 10:00 बजे राउरकेला: 12:20 बजे / 12:30 बजे (अगले दिन) झारसुगुड़ा: 02:40 बजे / 02:42 बजे रायगढ़: 03:51 बजे / 03:53 बजे चांपा: 05:15 बजे / 05:17 बजे बिलासपुर: 07:25 बजे / 07:35 बजे रायपुर: 09:20 बजे / 09:25 बजे दुर्ग पहुंचना: सुबह 11:15 बजे कोच संरचना इस स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच होंगे, जिनमें— 10 स्लीपर 2 एसी-III 4 जनरल 2 एसएलआरडी यात्रियोंw के लिए सलाह रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले ट्रेन की टाइमिंग और ठहराव की पूरी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।
नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील में पदस्थ एसडीएम के रीडर ओमप्रकाश डेहरिया को देवास पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर देवास जिले के खातेगांव में पदस्थापना के दौरान कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश जारी करने और वित्तीय अनियमितताएं करने का गंभीर आरोप है। जबलपुर से हुई गिरफ्तारी देवास के बैंकनोट प्रेस (बीएनपी) थाना प्रभारी प्रीति कटारे ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश डेहरिया (30) को 13 अप्रैल को उसके जबलपुर स्थित निवास से पकड़ा गया। जांच में सामने आया है कि खातेगांव में पदस्थ रहने के दौरान उसने नजूल शाखा के बाबूओं और दलालों के साथ मिलकर फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। कलेक्टर के जाली हस्ताक्षर कर जारी किए आदेश पुलिस के अनुसार, रीडर ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलीभगत कर कलेक्टर के फर्जी हस्ताक्षर किए और अवैध आदेश पारित किए। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन बाबूओं और एक दलाल को गिरफ्तार कर चुकी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े के नए प्रकरण सामने आ रहे हैं। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने की गिरफ्तारी की पुष्टि तेंदूखेड़ा एसडीएम पूजा सोनी ने बताया कि उन्हें रीडर ओमप्रकाश को देवास पुलिस द्वारा ले जाने की सूचना मिली है। हालांकि, उन्होंने रीडर की स्थानीय पदस्थापना के इतिहास के संबंध में अधिक जानकारी होने से इनकार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
ओवरब्रिज पर बाइक से टक्कर के बाद युवक की पिटाई:सतना में जाम लगा; एक घायल अस्पताल में भर्ती
सतना शहर में शुक्रवार देर शाम रेलवे ओवरब्रिज पर एक सड़क हादसे के बाद मारपीट की घटना सामने आई। इस दौरान एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और ओवरब्रिज पर लंबा जाम लग गया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज पर दो बाइक सवारों के अचानक टकरा जाने से वे अनियंत्रित हो गए। इस हादसे में उमरी निवासी राजन उरमलिया गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायल राजन उरमलिया ने मौके पर मौजूद दूसरे बाइक चालक सिद्धू उरमलिया को पकड़ लिया और अपने साथियों को फोन कर मौके पर बुला लिया। बताया जा रहा है कि राजन के साथी मौके पर पहुंचते ही एक पुलिसकर्मी की मौजूदगी में ही सिद्धू उरमलिया के साथ मारपीट करने लगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे ओवरब्रिज पर लंबा जाम लग गया और यातायात बाधित हो गया। मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की और तत्काल कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दी। अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को थाने ले जाया गया। हादसे में घायल राजन उरमलिया को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।
बालोद के सबसे व्यस्ततम मार्ग सदर रोड से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर सियासी और जन आंदोलन तेज हो गया। जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका परिषद का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक प्रदर्शन कर रहे लोगों और प्रशासन के बीच बातचीत होती रही। आखिर में प्रशासन ने 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने का भरोसा दिया, जिसके बाद लोग शांत हो गए। इस दौरान पालिका कार्यालय के मुख्य गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों से सीधी बातचीत पर अड़े कार्यकर्ता प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता पालिका कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी करते रहे। तहसीलदार ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी मोमिन अली से सीधे बातचीत की मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद दोनों अधिकारी बाहर आए, जहां कार्यकर्ताओं ने सदर रोड में पहले की गई लाल मार्किंग तक अतिक्रमण हटाने की मांग रखी। नपा अध्यक्ष और CMO ने दिया कार्रवाई का भरोसा नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी ने बताया कि पहले की मार्किंग जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई थी, लेकिन बाद में नए निर्देश के तहत सड़क के दोनों किनारों पर सवा तीन-तीन मीटर की सीमा तय कर दोबारा मार्किंग की गई है। उन्होंने जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। 7 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला महासचिव डी. देशमुख ने कहा कि घड़ी चौक से सदर रोड, रामदेव चौक से मधु चौक और गंजपारा दुर्गा मंदिर तक पुराने राजस्व नक्शे और लाल निशान के अनुसार अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो 7 दिन बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बालोद बंद, नेशनल हाईवे जाम सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बड़े लोगों के दबाव में बदल रहे मापदंड पार्टी के प्रदेश सचिव शशिभूषण चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रशासन बड़े राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों के दबाव में बार-बार नियम बदल रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव कुछ खास लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। जबकि गरीबों पर सख्ती दिखाई गई है। उन्होंने प्रशासन से दोहरे मापदंड पर जवाब मांगा। गरीबों की गुमटियां बिना सूचना तोड़ी गईं पार्टी के जिलाध्यक्ष गंगा निषाद ने आरोप लगाया कि अन्य क्षेत्रों में गरीबों की गुमटियां बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दी गईं, जबकि सदर रोड में बड़े व्यापारियों से लगातार बातचीत कर नियमों को शिथिल किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रशासन की पक्षपातपूर्ण कार्यशैली बताया। जाम से बिगड़ रही व्यवस्था, कोई देखने वाला नहीं क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष खोमन साहू ने कहा कि सदर रोड पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। एक कार के प्रवेश करते ही घंटों ट्रैफिक बाधित हो जाता है। उन्होंने प्रशासन को बताया कि इस स्थिति में एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।
शहर में वर्षों से खाली पड़े सरकारी आवासों पर हो रहे अवैध कब्जों के खिलाफ आवास विकास परिषद ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को कालिंदी बिहार फेज-1 स्थित कांशीराम आवास योजना में निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मकानों पर कब्जा मिलने के बाद प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें मौके पर ही कार्रवाई करते हुए 11 मकानों को सील कर दिया गया। आगरा के कालिंदी विहार फेज-1 स्थित कांशीराम आवास योजना में आवास विकास परिषद ने अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 11 मकानों पर ताले लगा दिए। साथ ही अन्य कब्जाधारियों को दो दिन के भीतर मकान खाली करने की चेतावनी दी गई है। अधीक्षण अभियंता अतुल कुमार सिंह के निर्देश पर अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस की मौजूदगी में अभियान चलाया गया। प्रवर्तन दल अधिकारी कर्नल जी.एम. खान के अनुसार करीब 13 साल पहले यहां 23 ब्लॉकों में 360 मकान बनाए गए थे। इनमें से 145 मकानों का आवंटन हो चुका है, जबकि 215 मकान अब भी खाली हैं, जिन पर अवैध कब्जे मिले।निरीक्षण के दौरान कई मकानों में लोगों के रहने और बाहरी व्यक्तियों द्वारा कब्जा किए जाने की पुष्टि हुई। ब्लॉक 6-बी के एक मकान से कब्जाधारी का सामान बाहर निकलवाकर उस पर ताला लगा दिया गया।टीम ने सभी ब्लॉकों में जांच कर कब्जाधारियों को दो दिन का समय दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि समयसीमा के बाद भी मकान खाली न करने पर सामान बाहर निकालते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के दौरान ट्रांस यमुना थाना पुलिस, महिला पुलिस और परिषद का फील्ड स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर मजिस्ट्रेट की मदद से आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
जमुई से भाजपा विधायक और पूर्व खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को संसद में पारित न किए जाने को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने अपनी राजनीतिक चालों से महिलाओं के अधिकारों को कमजोर किया है। श्रेयसी सिंह ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को केवल राजनीतिक भागीदारी ही नहीं, बल्कि वास्तविक प्रतिनिधित्व का अवसर प्रदान करता। उनके अनुसार, ऐसे महत्वपूर्ण कानून को रोकना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा झटका है। एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था यह कानून - श्रेयसी सिंह उन्होंने विपक्ष पर महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के प्रति गंभीर न होने का आरोप लगाया। खेल मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एनडीए सरकार ने इस विधेयक को पारित कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता दिखाई थी। श्रेयसी सिंह ने जोर देकर कहा कि यह कानून महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो सकता था। उन्होंने विशेष रूप से महिला नेताओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें और महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में आगे आएं। ''ऐसे प्रयासों को फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा'' उन्होंने कहा कि यह समय राजनीति से ऊपर उठकर महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा करने का है। श्रेयसी सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में ऐसे प्रयासों को फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि महिलाएं देश की राजनीति में मजबूत भूमिका निभा सकें।
गरियाबंद में रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस मामले में छुरा तहसील के हल्का नंबर 28 में पदस्थ पटवारी खेमराज साहू को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही राजस्व निरीक्षक (आरआई) और तहसीलदार को भी नोटिस जारी किया गया है। दरअसल, पटवारी खेमराज साहू का एक ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में पटवारी एक किसान से पैसे लेते हुए दिखाई दे रहा है। वह यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि यह पैसा ऊपर के अधिकारियों, यानी आरआई और तहसीलदार तक जाता है। बीयर की मांग का ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में पटवारी ने किसान से बटांकन के लिए नक्शा काटने से पहले मौके पर पहुंचने पर ठंडी बीयर का इंतजाम करने की मांग की थी, उसने कड़कड़ाती धूप का हवाला देते हुए यह मांग रखी थी। रिश्वत मांगने का वीडियो भी सामने आया यह वायरल वीडियो और ऑडियो 10 दिन पुराना बताया जा रहा है। इसमें कियुटिझर गांव के एक किसान से नक्शा काटने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। वीडियो में किसान पटवारी को 5 हजार रुपए देते हुए भी दिख रहा है। अपर कलेक्टर ने की कार्रवाई की पुष्टि अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि कलेक्टर के आदेश पर पटवारी खेमराज साहू को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरआई और तहसीलदार का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बालाघाट कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार शाम जागपुरघाट में हुई लूट और चाकूबाजी की घटना के तीन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रेमनगर निवासी मित बिसेन (18), अक्षय उर्फ प्रिंस वर्मा (21) और एक नाबालिग शामिल है। गुरुवार देर शाम हुई इस वारदात में दो युवक गंभीर रूप से घायल हुए थे। जन्मदिन मनाने के बाद लूट के इरादे से किया हमला पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी मित बिसेन का जन्मदिन मनाने के बाद तीनों आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। जागपुरघाट में आरोपियों ने यूपेश लिल्हारे और पीयूष रूसे को रोककर मोबाइल और नकदी लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर मित ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे दोनों युवक घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद से पकड़ाए एसपी आदित्य मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सात अलग-अलग टीमें बनाई। पुलिस ने रात भर तलाशी अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज व मोबाइल सर्विलांस के आधार पर तीनों को दबोच लिया। घायल पीयूष की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। पहले से सात मामले दर्ज पकड़े गए आरोपियों में से मित बिसेन और अक्षय वर्मा शातिर अपराधी हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों पर मारपीट और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के पहले से सात मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपियों से लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद करने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित लूट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है। नाबालिग आरोपी को बाल सुधार गृह भेजने की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बैतूल में मुनगा (सहजन) की कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के नाम पर किसानों से ठगी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को इस धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी और इंदौर की एग्रो कंपनी के डायरेक्टर मयूर जोशी को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया है। किसान पिछले कई वर्षों से इस ठगी से परेशान थे। यह मामला वर्ष 2017-18 का है, जब उद्यानिकी विभाग द्वारा आयोजित एक बैठक में लगभग 100 किसानों को मुनगा की खेती से जुड़ी एक योजना बताई गई थी। इसमें इंदौर की एक एग्रो कंपनी द्वारा पौधे उपलब्ध कराने और पांच साल तक उनकी पत्तियों व फल की खरीद का आश्वासन दिया गया था। किसानों को प्रति पौधा 20 रुपए देने की बात कही गई थी। इस योजना के तहत किसानों से 20-20 हजार रुपए कंपनी के खाते में जमा कराए गए। शुरुआत में कुछ किसानों को पौधे दिए गए, लेकिन बाद में अधिकांश किसानों के साथ धोखाधड़ी कर कंपनी से जुड़े लोग गायब हो गए। इसके बाद से किसान लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इंदौर से गिरफ्तार हुआ आरोपीमामले में वर्ष 2024 में थाना कोतवाली में धारा 406 और 420 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पहले उद्यानिकी विभाग की तत्कालीन सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने अब इस प्रकरण के मुख्य आरोपी और कंपनी के डायरेक्टर मयूर जोशी को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। कई किसानों ने शिकायत में बताया कि उन्हें लंबे समय तक झूठे आश्वासन दिए जाते रहे, जिससे वे आर्थिक रूप से काफी परेशान हो गए। इस पूरे मामले ने कॉन्ट्रेक्ट फार्मिंग के नाम पर चल रही योजनाओं की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने किसानों से अपील की कि वे किसी भी कृषि योजना या निवेश से पहले संबंधित कंपनी और उसकी शर्तों की अच्छी तरह जांच कर लें, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
प्रदेश के जल संसाधन विभाग और बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट कल (शनिवार) जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। उनका यह दौरा जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक और जिले की समीक्षा सहित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए निर्धारित किया गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री सिलावट सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति और जिले की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। इसके बाद, वे दोपहर लगभग 12 बजे बुरहानपुर के नगर पालिका ऑडिटोरियम में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। दोपहर 2 बजकर 20 मिनट पर, प्रभारी मंत्री सिलावट जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत हसनपुरा में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों के समापन के बाद, मंत्री सिलावट दोपहर लगभग 2 बजकर 50 मिनट पर हसनपुरा से प्रस्थान करेंगे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित रुपोहली गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने दिवंगत जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) विक्रेता स्वर्गीय सियाराम भगत को श्रद्धांजलि अर्पित की और एक राजनीतिक संदेश भी दिया। प्रसाद ने सबसे पहले स्वर्गीय सियाराम भगत के आवास पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस अवसर पर उन्होंने स्व. भगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ''सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना एक दूरदर्शी और रणनीतिक निर्णय'' श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद, तारशोर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति, नेतृत्व परिवर्तन और विकास की दिशा पर अपने विचार रखे। प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2005 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की नई यात्रा शुरू की, जिसका प्रभाव सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे सभी क्षेत्रों में देखा जा सकता है। उन्होंने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना एक दूरदर्शी और रणनीतिक निर्णय है। प्रसाद के अनुसार, यह बदलाव केवल चेहरे का नहीं, बल्कि सोच और कार्यशैली में नई ऊर्जा का प्रतीक है। उन्होंने सम्राट चौधरी के साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव को सकारात्मक बताया और कहा कि वे निर्णय लेने में सक्षम, कार्य के प्रति समर्पित और जनता की अपेक्षाओं को समझने वाले नेता हैं। ''बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा'' प्रसाद ने विश्वास व्यक्त किया कि सम्राट चौधरी, नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त मार्गदर्शन में बिहार विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य के समन्वय से आने वाले समय में आधारभूत संरचना, रोजगार, कृषि और उद्योग के क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए तारशोर प्रसाद ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एनडीए द्वारा चुने गए नेतृत्व पर सवाल उठाना विपक्ष की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा “भाजपा और एनडीए अपने नेतृत्व का निर्णय खुद लेने में सक्षम हैं। आरएसएस से जुड़े होने या न होने का मुद्दा पूरी तरह आंतरिक विषय है, इसमें विपक्ष का कोई लेना-देना नहीं है,” । विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे अनावश्यक बयानबाजी कर जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता अब जागरूक है और विकास के आधार पर ही सरकार का मूल्यांकन करती है। अंत में तारशोर प्रसाद ने भरोसा जताया कि एनडीए सरकार की आगामी नीतियां और योजनाएं बिहार को एक नए विकास पथ पर आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने पूर्व डिप्टी सीएम का स्वागत किया और कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
गया शहर के कंडी क्षेत्र में निर्माणाधीन जैव विविधता पार्क का कार्य तेजी से चल रहा है। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शुक्रवार को परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि यह परियोजना लगभग 60 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही है। इसकी कुल लागत ₹19.87 करोड़ है। उन्होंने कहा कि पार्क को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे यह पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पार्क में आकर्षक इंट्रेंस प्लाजा, सुव्यवस्थित पाथ-वे, तीन रोज गार्डन और दो डीलक्स जन-सुविधा शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा परिसर में प्रकाश व्यवस्था और एक सुंदर तालाब भी बनाया जा रहा है, जिससे इसकी उपयोगिता और सौंदर्य बढ़ेगा। अध्यक्ष ने अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के अंदर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना आगामी जून माह तक पूर्ण हो जाएगी और इसके बाद पार्क आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। पार्क में लगभग 3000 पौधे लगाए जाएंगे पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए डॉ. कुमार ने बताया कि पार्क में लगभग 3000 पौधे लगाए जाएंगे। इनमें एक-एक हजार नीम, पीपल और बरगद के पौधे शामिल होंगे। इन पौधों से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र की जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि इस पार्क के समीप लगभग 40 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर चिड़ियाघर के निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। यदि यह योजना साकार होती है, तो इससे गया क्षेत्र में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। निरीक्षण के दौरान ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे। इनमें शंभू यादव, राजनंदन गांधी, वसंत जी परमार, शिवनारायण चंद्रवंशी, राजेश मस्तान, पप्पू निलकर, समीर चटर्जी, राकेश कुमार, शिवा मांझी, गोपाल चंद्रवंशी, अनिल गुप्ता, पम्मी सिंह और सपना पटवा सहित अन्य लोग शामिल थे।
वाराणसी में कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में परिषदीय, राजकीय मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त तथा सीबीएसई, आईसीएसई बोर्ड क सभी विद्यालय (हिंदी व अंग्रेजी) अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर एक बजे तक संचालित होंगे। दरअसल, अभी तक स्कूलों की टाइमिंग सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रहे थे। यह आदेश 18 अप्रैल से अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा। बता दें कि पिछले तीन-चार दिनों से जनपद में तेज धूप व गर्मी से लोग परेशान हैं। बच्चों को गर्मी व धूप से बचने के लिए यह आदेश काफी राहत देने वाला साबित होगा।
मध्य प्रदेश के रीवा में बीच सड़क पर बाइक सवार युवक को बदमाशों ने फ्लाईओवर के नीचे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। पटक-पटककर लात-घूंसे मारे। पिटाई से चीखता-चिल्लाता रहा। शुक्रवार रात घटना का वीडियो सामने आया है। मामला समान थाना क्षेत्र का है। वीडियो में दिख रहा है कि युवक इधर-उधर भागकर खुद को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन हमलावर उसे घेर लेते हैं। जैसे ही वह लड़खड़ाता या गिरता है। इसके बाद आरोपी उसे पकड़कर मारना शुरू कर देते हैं। लाठी-डंडे और बेल्ट से पीटा इस दौरान युवक कई बार उठकर भागने की कोशिश करता है, लेकिन आरोपी उसे बार-बार पकड़ लेते हैं और फिर पीटते हैं। वीडियो में हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडे और बेल्ट नजर आ रहे हैं। कुछ युवक उसे पकड़कर रखते हैं, जबकि बाकी उस पर लगातार वार करते हैं। युवक खुद को बचाने के लिए हाथ-पैर मारता है, लेकिन हमलावर बेरहमी से उसे पीटते रहते हैं। मारपीट के दौरान आसपास खड़े लोग तमाशबीन बने रहते हैं। कोई बीच-बचाव करता नजर नहीं आता। बीच बाजार मचा हड़कंप, लोग बनाते रहे VIDEO घटना के दौरान फ्लाईओवर के नीचे काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। आसपास मौजूद लोग पूरी वारदात का वीडियो बनाते रहे, लेकिन किसी ने युवक को बचाने की कोशिश नहीं की। बीच बाजार हुई मारपीट ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। शराब के नशे में विवाद की आशंका, पुलिस जांच में जुटी जानकारी के अनुसार शुरुआती जांच में मामला शराब के नशे में दोस्तों के बीच विवाद का बताया जा रहा है, जो बाद में हिंसक हो गया। हालांकि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। समान थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वीडियो के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। फिलहाल घायल युवक की हालत को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।…………………………… यह खबर भी पढ़ें भोपाल में बदमाशों ने युवकों को बेहोश होने तक पीटा भोपाल के भीम नगर में 6 से ज्यादा नकाबपोश बदमाशों ने मंगलवार रात दो युवकों को बेहोश होने तक पीटा। चाकू-छुरी, पत्थर से मुंह-नाक को कुचल दिया। लात-घूंसों से भी मारा। हमले में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पढ़ें पूरी खबर…
समस्तीपुर की मुसरीघरारी पुलिस ने ₹700 की धोखाधड़ी के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रुपौली गांव निवासी भूषण राय का 20 वर्षीय बेटा राहुल कुमार है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। राहुल कुमार पर हरपुर एलोथ निवासी सुभाष कुमार से फोन-पे के माध्यम से ₹700 उधार लेने का आरोप है। सुभाष कुमार का दावा है कि राहुल ने पैसे भेजने का वादा किया था, लेकिन 15 दिनों तक टालमटोल करता रहा और पैसे नहीं भेजे। सुभाष कुमार ने इस संबंध में मुसरीघरारी थाने में राहुल कुमार के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की सत्यता पाए जाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी राहुल कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया, तकनीकी कारण से पैसे नहीं जा पाए मुसरीघरारी थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारी रुदल पासवान ने बताया कि गिरफ्तार युवक के खिलाफ थाना संख्या 56/26 के तहत मामला दर्ज किया गया है। राहुल कुमार ने पुलिस को बताया कि उसने कई बार फोन-पे से पैसे भेजने का प्रयास किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से पैसे नहीं जा पाए। मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद युवक का सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल परीक्षण के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया जाएगा।
नीमच सिटी पुलिस ने महु रोड स्थित एक टायर शोरूम में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए 22 टायर और वारदात में इस्तेमाल ऑटो जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई शुक्रवार शाम को सार्वजनिक की गई। टीन शेड काटकर शोरूम में घुसे थे गरोठ निवासी फरियादी सार्थक मोदी ने 8 अप्रैल को नीमच सिटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि महु रोड स्थित उनके शोरूम 'रतनम टायर्स' के पीछे का टीन शेड काटकर अज्ञात बदमाशों ने चार पहिया और तीन पहिया वाहनों के 22 टायर चोरी कर लिए हैं। घेराबंदी कर हवाई अड्डा रोड से हुई गिरफ्तारी थाना प्रभारी पुष्पा सिंह चौहान के नेतृत्व में गठित टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना पर 16 अप्रैल को घेराबंदी की। पुलिस ने हवाई अड्डा रोड निवासी सुनील माली और नयागांव निवासी राजू खान को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। लाखों का सामान बरामद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए सभी 22 टायर बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 95 हजार रुपये है। इसके अलावा चोरी की वारदात में उपयोग किया गया ऑटो भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपए है। अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी इस सफलता में नीमच सिटी थाना पुलिस और साइबर सेल की भूमिका अहम रही। पुलिस अब आरोपियों से इस संबंध में पूछताछ कर रही है कि उन्होंने पूर्व में ऐसी और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और वे चोरी का माल कहां खपाते थे।
बिहार में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण 'स्वगणना' की शुरुआत 17 अप्रैल 2026 से हो गई है। इसी कड़ी में कटिहार समाहरणालय में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 6 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। डीएम ने जिले के सभी नागरिकों से मोबाइल के माध्यम से अपनी जनगणना स्वयं करने और इस डिजिटल अभियान का हिस्सा बनने की अपील की। जिलाधिकारी ने बताया कि स्वगणना का ट्रायल रन 16 अप्रैल को कटिहार जिले में किया गया था। इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार के कार्य प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार द्वारा राज्यस्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आयोजित की गई थी। ट्रायल रन में कटिहार के विधायक, विधान परिषद के सदस्य, महापौर, उपमहापौर, नगर आयुक्त और अन्य कर्मियों ने स्वगणना प्रक्रिया में भाग लिया। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि भारत सरकार ने पहली बार नागरिकों को अपनी जनगणना स्वयं करने का अधिकार दिया है। इसके लिए एक विशेष 'स्वगणना' पोर्टल http://se.census.gov.in विकसित किया गया है। कोई भी नागरिक इस पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करके अपनी जनगणना संबंधी जानकारी डिजिटल माध्यम से भर सकता है। डीएम ने बताया कि स्वगणना पोर्टल को प्रायोगिक तौर पर 17 अप्रैल 2026 को सुबह 5 बजे से दोपहर तक खोला गया था। इस अवधि में जिले के 233 लोगों ने सफलतापूर्वक अपनी स्वगणना पूरी की। अब यह पोर्टल आम जनता के लिए विधिवत रूप से खोल दिया गया है। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों के कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की स्वगणना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, जिले के सभी जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आम नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। साथ ही जिले के सभी माननीय जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के आम नागरिकों को स्वगणना के लिए प्रेरित करें। इसके लिए जिला स्तर पर 24 वार्ड पदाधिकारी भी लगाए गए हैं।
फतेहगढ़ साहिब के गांव बडगुजरा में शुक्रवार को एक छप्पड़ में गिरने से बुआ और उसके 12 वर्षीय भतीजे की मौत हो गई। इस हादसे में महिला का 5 वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, महिला छुट्टियों में अपने मायके आई हुई थी। उसका 12 वर्षीय भतीजा अनंतवीर और 5 वर्षीय बेटा विवेक रिक्शा पर उपले लेकर आ रहे थे। गांव बडगुजरा में एक वैन से बचने के लिए रिक्शा को सड़क से नीचे उतारा गया, लेकिन संतुलन बिगड़ने से रिक्शा पास के छप्पड़ में फिसल गया और दोनों बच्चे पानी में गिर गए। बच्चों के छप्पड़ में गिरने के बाद उनकी मां उन्हें बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गईं। गांव वालों ने बचाव कार्य शुरू किया इसके बाद परिवार के एक बुजुर्ग सदस्य भी बच्चों को बचाने के लिए छप्पड़ में उतर गए। इस तरह कुल चार लोग पानी में फंस गए। गांववालों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और बुजुर्ग तथा 5 वर्षीय विवेक को छप्पड़ से बाहर निकाल लिया। हालांकि, छप्पड़ की अधिक गहराई के कारण महिला और अनंतवीर पानी में फंसे रहे। सूचना मिलने पर गोताखोरों को बुलाया गया, जिन्होंने काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला। अनंतवीर को तुरंत सिविल अस्पताल मंडी गोबिंदगढ़ ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महिला और उसके बेटे विवेक की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया, जबकि विवेक का उपचार जारी है।
उद्योगपति गौतम अडाणी के भाई विनोद अडाणी ने शुक्रवार को गयाजी में अपने पूर्वजों का पिंडदान किया। उन्होंने अपनी पत्नी रजनबेन अडाणी के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों से यह अनुष्ठान संपन्न किया। विनोद अडाणी सीधे विष्णुपद मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर के सभा मंडप में उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। तीर्थ पुरोहित और विष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंभू लाल विट्ठल ने पूरे विधि-विधान के साथ अनुष्ठान कराया। पिंडदान के दौरान उन्होंने फल्गु नदी, विष्णुपद मंदिर और अक्षयवट पर धार्मिक क्रियाएं की। हिंदू धर्म में गया श्राद्ध का विशेष महत्व है, जहां पिंडदान से पूर्वजों की आत्मा को मोक्ष मिलने की मान्यता है। विनोद अडाणी ने अपने माता-पिता सहित सभी पितरों के ब्रह्मलोक गमन की कामना की। धार्मिक अनुष्ठान लगभग दो घंटे तक चला। पिंडदान के बाद, उन्होंने विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में भगवान विष्णु के चरणों में पिंड अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने अपने परिवार और पूर्वजों की शांति एवं कल्याण के लिए मंगल कामना की। पुलिस बल के साथ निजी सुरक्षाकर्मी भी रहे इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास पुलिस बल के साथ निजी सुरक्षा गार्ड भी तैनात थे। आम श्रद्धालुओं और मीडियाकर्मियों की आवाजाही सीमित रखी गई। प्रशासन और मंदिर समिति ने मिलकर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित किया। तीर्थ पुरोहित शंभू लाल विट्ठल ने बताया कि विनोद अडाणी ने एक दिवसीय पिंडदान के तहत सभी आवश्यक धार्मिक क्रियाएं पूरी की। उन्होंने कहा कि इस अनुष्ठान का उद्देश्य पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करना होता है। मंदिर समिति ने विनोद अडाणी को सम्मानित किया अनुष्ठान समाप्त होने के बाद मंदिर समिति की ओर से विनोद अडाणी को सम्मानित भी किया गया। धार्मिक दृष्टि से गया का विशेष महत्व है और यहां देश-विदेश से लोग अपने पितरों के निमित्त श्राद्ध और पिंडदान करने आते हैं। विनोद अडाणी का यह दौरा भी इसी आस्था और परंपरा का प्रतीक माना जा रहा है। अनुष्ठान पूरा करने के बाद वे मंदिर परिसर से रवाना हो गए।
मैहर जिले के भरौली ग्राम में शुक्रवार को नारी शक्ति वंदन का जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन की शुरुआत की। कार्यक्रम में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता की। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं हुईं सम्मानित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को विधायक ने सम्मानित किया। अपने संबोधन में विधायक चतुर्वेदी ने महिलाओं को समाज की आधारशिला बताया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की उज्ज्वला योजना, स्व-सहायता समूह और 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के माध्यम से सशक्तिकरण की बात कही। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ निकाला पथ संचलन आयोजन की शुरुआत में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं और स्वागत गीत गाए। कार्यक्रम के उपरांत महिला सशक्तिकरण के संदेश के साथ एक पथ संचलन निकाला गया। विधायक ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया, जिसमें शामिल महिलाओं ने शिक्षा और समान अधिकारों के नारे लगाए। स्व-सहायता समूहों की भूमिका पर चर्चा विधायक ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्षम बनाना है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) में सत्र 2026-27 प्रवेश प्रक्रिया के तहत UG स्तर के पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन की शुरुआत हो गई है। इसके लिए LURN पोर्टल भी खोल दिया गया है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सूचना जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक, इच्छुक अभ्यर्थियों को पहले 100 रुपए का शुल्क खर्च कर LURN पंजीकरण कराना होगा। इसे स्टूडेंट यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समर्थ पोर्टल के लिंक के माध्यम से कर सकते हैं। LURN पंजीकरण के बाद अभ्यर्थी लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया के अंतर्गत LU परिसर और केंद्रीय प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कॉलेजों में प्रवेश चाहते हैं, उन्हें पाठ्यक्रमानुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई तय की गई है। इतनी सीट पर दाखिले के अवसर प्रवक्ता प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव के मुताबिक विश्वविद्यालय में बीए एनईपी रेगुलर 1338 व सेल्फ फाइनेंस 671, बीएससी बायो एनईपी रेगुलर 312 व सेल्फ फाइनेंस 150, बीएससी मैथ्स एनईपी रेगुलर 562 व सेल्फ फाइनेंस 323, बीएससी कृषि सेल्फ फाइनेंस 150, बीकॉम ऑनर्स 300, बीकॉम एनईपी रेगुलर 562 व सेल्फ फाइनेंस 400, एलएलबी इंटीग्रेटेड पांच वर्षीय 300 व 30 एनआरआई, बीसीए 450, बीबीए 525, डीफार्मा 66, बीए या बीएससी योगा 75 और बीवोक रिन्यूबल एनर्जी व शास्त्री की 31-31 सीटें हैं। इसी तरह बीवीए या बीएफए रेगुलर 64 व सेल्फ फाइनेंस 55 और बीएचएमसीटी की 75 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। देना होगा इतना शुल्क विश्वविद्यालय ने सामान्य, ओबीसी और ईडबल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए UG पाठ्यक्रमों में 1200, यूजी प्रोफेशनल का 1500 और डीफार्मा का आवेदन शुल्क तय किया है। जबकि एससी, एसटी के लिए 600 रुपए और 750-750 रुपए निर्धारित हुआ है।
गोपालगंज के हथुआ स्थित सरकारी जीएनएम ट्रेनिंग स्कूल की प्राचार्या ने छात्राओं के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। इस निर्देश के अनुसार, शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं के विवाह करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। हथुआ अनुमंडलीय जीएनएम स्कूल की प्राचार्या द्वारा जारी लिखित दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही छात्राएं तीन साल के कोर्स की अवधि में विवाह नहीं कर सकतीं। शादी करने वाली छात्राओं को प्रशिक्षण छोड़ना होगा प्राचार्या के आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई छात्रा शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करती है, तो उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी छात्राओं को प्रशिक्षण बीच में ही छोड़ना होगा और उन्हें संस्थान से निष्कासित कर दिया जाएगा। जारी किए गए नोटिस में लिखा है, सभी छात्राओं को सूचित किया जाता है कि शैक्षणिक सत्र के दौरान विवाह करना प्रतिबंधित है। यदि कोई छात्रा इस अवधि में शादी करती है तो इसकी सूचना विभाग को दे दी जाएगी, एवं उसका नामांकन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा, जिसके जिम्मेदार आप स्वयं होंगे। विवाह के बाद छात्राओं की पढ़ाई होती है प्रभावित संस्थान प्रबंधन ने इस नियम के पीछे तर्क दिया है कि विवाह के बाद छात्राओं की पढ़ाई और प्रशिक्षण प्रभावित होता है। उनके अनुसार, नर्सिंग एक गंभीर पेशा है जिसके लिए पूर्ण समर्पण और नियमित उपस्थिति आवश्यक है। प्रबंधन का मानना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण छात्राएं अपने नैदानिक कर्तव्यों के साथ न्याय नहीं कर पातीं। किसी को आहत करने का मनसा नहीं-प्राचार्या यह मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। नोटिस वायरल होने के बाद गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। प्राचार्या मानसी सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरा कुछ ऐसा नियम नहीं है कि बच्चों को शादी से रोकना है या किसी को आहत करने का मनसा नहीं है। कई बच्चों का कहना है कि उनकी शादी की बात चल रही है। शादी के बाद हंड्रेड परसेंट उपस्थिति नहीं हो पाती और एक बार जब शादी हो जाएगी तो फिर हमारा जो प्रोटोकॉल है हंड्रेड परसेंट उपस्थिति की वह पूरा नहीं हो पाता, इसके बावजूद गार्जियन का प्रेशर आता है और एग्जाम में बैठने के लिए दबाव दिया जाता है और सत्र में रहने रहने के लिए कहा जाता है जो हमारे बस में नहीं हो पाता इसलिए हमने बच्चों को डराने के लिए एक लेटर इशू कर दिया है, ताकि बच्चे डरे और पूरी 85 प्रतिशत अटेंडेंस के साथ अपने सत्र को पूरा करें और अपनी पढ़ाई पूरी कर सके। अटेंडेंस को सही करने के लिए ही ऐसा पत्र जारी किया गया है क्योंकि बच्चे बहुत ज्यादा एबसेंट रहते इसलिए ज्यादा से ज्यादा अटेंडेंस दे सके इसलिए मुझे इस तरह का पत्र जारी करना पड़ा। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई इस संदर्भ डीएम पवन कुमार सिन्हा ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल नोटिस की जांच कराने के लिए हथुआ एसडीएम को निर्देश दिया गया है।जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा है कि 24 घंटे में मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।
अररिया DM ने जनता दरबार में सुनीं शिकायतें:82 मामलों पर तुरंत कार्रवाई के दिए निर्देश
अररिया में सबका सम्मान–जीवन आसान कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित इस दरबार में विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएँ रखीं। कुल 82 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। यह जनता दरबार सात निश्चय 3.0 के अंतर्गत आयोजित किया गया था। इसमें जिले के दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों को सीधे जिलाधिकारी से अपनी बात कहने का अवसर मिला। संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए जिलाधिकारी ने सभी 82 शिकायतों की क्रमवार सुनवाई की। उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन मामलों पर आवश्यक और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। जनता दरबार में कई तरह की शिकायतें सामने आईं। बसंत लाल यादव ने नई बड़ी रेल लाइन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा राशि दिलाने का अनुरोध किया। मैमनू निशा ने विधवा पेंशन न मिलने की शिकायत की, जबकि उमेश राय ने चालान एवं केवाला निबंधन पर रोक लगाने की मांग की। स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद पर चयन न होने की बात कही अन्य शिकायतों में मो. नादिर अनवर ने स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद पर चयन न होने की बात कही। सूरज कुमार ने आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद मांगी। वहीं, मो. खालिद ने अपनी खतियानी जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने की गुहार लगाई। बीबी नरगिस ने गैस कनेक्शन से संबंधित समस्या बताई कि पासबुक होने के बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल रहा है। ओम प्रकाश पोद्दार ने मानिकपुर पंचायत में उच्च विद्यालय की स्थापना की मांग रखी। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लिया और संबंधित विभागों को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
सीधी के बहरी थाना क्षेत्र स्थित तरका में शुक्रवार शाम एक यात्री बस ने 6 वर्षीय बालक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में खड़ा करवा लिया है। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। लापरवाही बनी हादसे का कारण जानकारी के अनुसार, 'जय मां शारदा' ट्रेवल्स की बस (MP53P0465) सीधी से बहरी की ओर जा रही थी। शाम करीब 5 बजे तरका गांव के पास बस चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क किनारे चल रहे बालक को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मासूम का सिर बुरी तरह कुचल गया और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक बालक की पहचान 6 वर्षीय प्रांशु पनिका के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय राजकुमार पनिका का पुत्र था और बहरी थाना क्षेत्र का ही निवासी था। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस ने बस को जब्त किया, आरोपी फरार सूचना मिलते ही बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश देकर स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चुरी भेज दिया है। शनिवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। आरोपी चालक की तलाश जारी पुलिस ने बस को जब्त कर थाने में खड़ा करवा लिया है। पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अशोकनगर में रिलायंस स्मार्ट रिटेल लिमिटेड को महज आठ रुपए अधिक वसूलना महंगा पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग, अशोकनगर ने शुक्रवार को कंपनी को अनुचित व्यापार प्रथा का दोषी मानते हुए उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता को 20 हजार रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। यह मामला न्यायाधीश आवास कॉलोनी निवासी संजीव सिंघल से जुड़ा है। सिंघल ने 1 अक्टूबर 2024 को रिलायंस स्मार्ट स्टोर से घरेलू सामान खरीदा था। खरीदारी के दौरान, 1 किलो सर्फ एक्सल ईजी वॉश डिटर्जेंट के पैकेट पर 136 रुपए एमआरपी अंकित थी, लेकिन बिल में उनसे 144 रुपए वसूले गए। जब उपभोक्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो स्टोर प्रबंधन ने अतिरिक्त राशि लौटाने से इनकार करते हुए कहा कि मशीन से निकला बिल ही मान्य होगा। कैशियर से हुई थी गलती आयोग में सुनवाई के दौरान, कंपनी ने अपनी सफाई में कहा कि सिस्टम में मल्टीपल एमआरपी फीड होने और भीड़ के कारण कैशियर से गलती हुई थी। हालांकि, आयोग ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने इसे केवल लापरवाही नहीं, बल्कि उपभोक्ता को भ्रमित करने वाली अनुचित व्यापार प्रथा करार दिया। आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) से अधिक कीमत वसूलना कानूनन अपराध है और यह लीगल मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) नियम 2011 का सीधा उल्लंघन है। आयोग ने कहा कि बड़े रिटेल स्टोर्स से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बिलिंग सिस्टम को अद्यतन रखें, अन्यथा हजारों उपभोक्ता ठगी का शिकार हो सकते हैं। आयोग ने अपने सख्त आदेश में रिलायंस स्मार्ट को निम्नलिखित भुगतान करने का निर्देश दिया है: आयोग ने यह भी चेतावनी दी कि यदि दो माह के भीतर इन राशियों का भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित राशि पर 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। फैसले में यह भी उल्लेख किया गया कि बड़े रिटेल नेटवर्क में रोजाना हजारों ग्राहक खरीदारी करते हैं, ऐसे में सिस्टम को अद्यतन न रखना गंभीर लापरवाही है। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छोटी रकम की अनदेखी अब बड़े दंड का कारण बन सकती है।
राजगीर खेल अकादमी में 13वीं सीनियर नेशनल रग्बी सेवन्स चैंपियनशिप खेला गया। महिला वर्ग में ओडिशा की टीम चैंपियन बनी। शुक्रवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में ओडिशा ने मेजबान बिहार को 27-0 के बड़े अंतर से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस हार के साथ बिहार की टीम को उप-विजेता के खिताब से संतोष करना पड़ा, जबकि तीसरे स्थान के लिए हुए मुकाबले में पश्चिम बंगाल ने दिल्ली को मात देकर कांस्य पदक हासिल किया। चैंपियनशिप का अगला चरण 20 और 21 अप्रैल को राजगीर में ही आयोजित होगा, जिसमें देश भर की पुरुष रग्बी टीमें अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन करेंगी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने पुरुष वर्ग के मुकाबलों के लिए भी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीन ट्राई से 15 अंक जुटाएटूर्नामेंट के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह में पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, पूर्व खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवींद्रण शंकरण, रग्बी इंडिया के अध्यक्ष राहुल बोस और बिहार रग्बी संघ के सचिव पंकज ज्योति ने विजेता और उप-विजेता खिलाड़ियों को मेडल और ट्रॉफी प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। फाइनल मैच की बात करें तो ओडिशा की ओर से निर्मल्या राउत ने शानदार खेल दिखाते हुए तीन ट्राई के जरिए अकेले 15 अंक जुटाए। वहीं तारुलता नाइक ने 10 अंक और पारबती हंसदा ने भी स्कोर कर टीम की जीत सुनिश्चित की। ओडिशा के लिए पिछले छह वर्षों में यह तीसरा नेशनल टाइटल है। ओडिशा ने पश्चिम बंगाल को 31-7 से हराया प्रतियोगिता के नॉकआउट चरण से ही टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। सेमीफाइनल में ओडिशा ने पश्चिम बंगाल को 31-7 से और बिहार ने दिल्ली को 33-7 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी। दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर पिछले तीन फाइनल मुकाबलों में लगातार ओडिशा और बिहार की टीमें ही आमने-सामने रही हैं, जो महिला रग्बी में इन दोनों राज्यों के वर्चस्व को दर्शाता है। व्यक्तिगत प्रदर्शन के मामले में पश्चिम बंगाल की संध्या राय 57 अंकों के साथ टूर्नामेंट की टॉप स्कोरर रहीं, जबकि ओडिशा की तारुलता नाइक 56 अंकों के साथ दूसरे और बिहार की आरती कुमारी 55 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं।
नेशनल हाईवे 130, अंबिकापुर–बिलासपुर मुख्य मार्ग पर रजपुरीकला के पास तेज रफ्तार बाइक सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। वह अंबिकापुर की ओर जा रहा था। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम करीब 4 बजे लखनपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रहा पल्सर बाइक सवार रजपुरीकला स्थित पेट्रोल पंप के पास अंबिकापुर से लखनपुर की ओर जा रहे ट्रक से जा भिड़ा। टक्कर के बाद युवक के सिर में गंभीर चोट आई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस पहुंची मौके पर, शव की पहचान नहीं घटना की सूचना मिलते ही लखनपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को लखनपुर मॉर्च्युरी में रखवाया है। युवक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास में जुटी है। चेहरा बुरी तरह कुचलने से पहचान मुश्किल पुलिस के अनुसार, ट्रक से टकराने के बाद युवक का चेहरा पूरी तरह कुचल गया। चेहरे को गंभीर नुकसान पहुंचने के कारण पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस ने ट्रक जब्त कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक गैस एजेंसी की जांच में सैकड़ों सिलेंडर स्टॉक से गायब मिले। प्रशासन ने कार्रवाई तेज करते हुए एजेंसी पर मुकदमा दर्ज करवाया है।पूर्ति निरक्षक आर पी मिश्रा ने 14 अप्रैल की सुबह ऑयल कंपनी और आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने अलीगंज के शेखुपुरा स्थित विहान इंडेन गैस सर्विस एजेंसी पर छापा मारा था। टीम जब गोदाम पहुंची तो कागजों और जमीन पर हकीकत में बड़ा फर्क सामने आया। ऑनलाइन स्टॉक में 291 खाली और 384 भरे सिलेंडर दर्ज थे, लेकिन मौके पर सिर्फ 22 खाली सिलेंडर मिले। एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला। यानी कुल 661 सिलेंडर स्टॉक से गायब पाए गए। 702 सिलेंडर की एंट्री ही नहीं, रिकॉर्ड गायब जांच में यह भी सामने आया कि 6 और 7 अप्रैल को एजेंसी को मिले 702 सिलेंडरों की न तो ऑनलाइन एंट्री की गई और न ही स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया गया। ये सिलेंडर कहां गए, इसका कोई स्पष्ट जवाब एजेंसी संचालक नहीं दे सका। 23 मार्च को हुई जांच में भी 318 सिलेंडर कम मिले थे। उस समय नोटिस जारी किया गया था, लेकिन एजेंसी संचालक ने कोई जवाब नहीं दिया। कालाबाजारी का शक, केस दर्ज होगा अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला कालाबाजारी का लग रहा है। यह आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत गंभीर अपराध है। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद एजेंसी संचालक राहुल गंगवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।
सीकर में नाबालिग से 7 साल तक रेप:आरोपी युवक ने अश्लील फोटो-वीडियो रिकॉर्ड किए, शादी का झांसा दिया
सीकर जिले में नाबालिग लड़की से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी युवक ने नाबालिग के अश्लील फोटो और वीडियो को शेयर करने की धमकी देकर 7 साल तक उसके साथ रेप किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 22 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि जब वह 16 साल की नाबालिग थी। तब मां के साथ एक बार मंदिर में दर्शन करने के लिए गई थी। तब उसे आरोपी युवक मिला। उन दिनों पिता बीमार रहते थे। तब उस युवक ने कहा कि वह अच्छे डॉक्टर को जानता है, जिससे इलाज करवाएगा। ऐसे में युवक पर विश्वास कर लिया। इसी बीच नाबालिग के पिता का देहांत हो गया तो आरोपी ने नाबालिग को सांत्वना दी और उसे मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद एक जगह ले जाकर उसके साथ रेप किया और उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए। बाद में इन फोटो और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर जगह-जगह उसके साथ कई बार रेप किया। शादी का दिया झांसा परेशान होकर युवती ने यह बात घरवालों को बताई। जब घरवाले आरोपी युवक के घर पर गए तो उन्होंने कहा कि उसकी शादी युवक से करवा देंगे। इसके बाद शादी का झांसा देकर आरोपी युवक, युवती के साथ रेप करता रहा। हाल ही आरोपी ने युवती के साथ रेप करने के बाद कहा कि वह उससे शादी नहीं करेगा। यदि कहीं पर शिकायत की तो अश्लील फोटो और वीडियो भी शेयर कर देगा। फिलहाल पुलिस ने पॉक्सो सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है।
लोक निर्माण विभाग में तैनात प्रधान सहायक मनीष कुमार शुक्ला दोहरी मुसीबत में फंसते नजर आ रहे हैं। एक तरफ उनकी पत्नी ने घरेलू हिंसा की शिकायत की है। एक वीडियो जारी कर उन पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं, कर्मचारी संघों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीएम और प्रमुख अभियंता को पत्र लिखकर अवैध संगठन चलाने का आरोप लगाया है। संघों ने उनकी लखनऊ से बाहर ट्रांसफर की मांग की है। पहले मनीष पर पत्नी के आरोपों को जान लेते हैं विकास नगर निवासी हिना शुक्ला ने गोमती थाने में 26 मार्च को एक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में उन्होंने लिखा है कि उनके पति मनीष शुक्ला पिछले तीन साल से उन्हें पीट रहे हैं। सितंबर 2024 में इतनी बुरी तरह से मारपीट की गई थी कि उनका हाथ टूट गया था। अब वे जान से मारने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। जब भी वह घर से बाहर निकलती हैं तो कार से पीछा करके कुचलने की कोशिश करते हैं। इस डर से उनका घर से निकलना बंद हो गया है। पिता कैंसर पीड़ित हैं। उनका इलाज तक दहशत के चलते नहीं करा पा रही हैं। हिना शुक्ला आगे लिखती हैं कि मनीष शुक्ला लालची स्वभाव के हैं, उसके पिता की संपत्ति हड़पने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने एक शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग और सीएम को भी भेजी है। इसमें पति की लखनऊ से बाहर ट्रांसफर की मांग की है। अंदेशा जताया है कि लखनऊ में उनके पति रहे तो वे कभी भी जान से मार सकते हैं। पूर्व की शिकायतों पर भी कुछ नहीं हुआ हिना शुक्ला के मुताबिक उन्होंने जनवरी और फरवरी में भी शिकायतें दी थीं, लेकिन गोमती नगर की पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को दबा दिया। विभागीय जांच समिति भी गठित हुई थी, पर उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हिना शुक्ला ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी शिकायत की है। लिखा है कि मनीष पत्रकारपुरम में किसी दूसरे के नाम पर एक पैथोलॉजी लैब भी खोल रखा है। वह ठेकेदारों के टेंडर पास करवाता है। वह कैंसर पीड़ित पिता के पास रहने को मजबूर है। गुजारा भत्ता भी नहीं देता। कोर्ट में गुजारा भत्ता की प्रार्थना दी, तब से जान से मारने की कोशिश कर रहा है। कर्मचारी संघ ने भी खोला मोर्चा मनीष शुक्ला और उनके साथी रामलखन के खिलाफ यूपी पीडब्ल्यूडी सर्किल ऑफिस मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन ने भी मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने दोनों पर अवैध सेवा संगठन चलाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रमुख अभियंता (विकास) और प्रमुख अभियंता (परिकल्पना एवं नियोजन) से भी की है। ये भी आरोप लगाया कि दोनों सरकारी कमरे को कब्जा कर अवैध संघ चला रहे हैं। जबकि इनका संघ शासन द्वारा मान्यता प्राप्त भी नहीं है। 22 सालों से मुख्यालय पर जमे संघ ने ये भी आरोप लगाया है कि इस व्यक्ति ने अपनी पत्नी के हाथ तोड़ दिए। पिछले साल मुख्यालय पर तैनात अधिशासी अभियंता उमाकांत पांडेय पर जानलेवा हमला किया गया था। इसकी जांच और निलंबन कर मुख्यालय से बाहर भेजने की संस्तुति भी हुई थी। पिछले 22 सालों से मनीष शुक्ला मुख्यालय पर जमे हैं। आरोप लगाया कि इस दौरान उन्होंने करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है। रामलखन को लेकर सजायाफ्ता मुजरिम होने का दावा किया है। संघ ने तत्काल दोनों के ट्रांसफर की मांग की है।
विश्व विरासत दिवस पर शनिवार को मांडू के सभी केंद्रीय संरक्षित स्मारकों में पर्यटकों का प्रवेश निशुल्क रहेगा। भारतीय पुरातत्व विभाग इस दिन पर सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विशेष आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार रात जहाज महल को विद्युत रोशनी से रोशन किया गया। इंदौर कमिश्नर और धार कलेक्टर ने भेजे प्रस्ताव तत्कालीन इंदौर संभाग आयुक्त दीपक सिंह और तत्कालीन धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मांडू को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए शासन को कई प्रस्ताव भेजे हैं। मांडू वर्तमान में यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल है। प्रशासन अब इसे पूर्ण विश्व धरोहर का दर्जा दिलाने के लिए तकनीकी डोजियर तैयार करने के प्रयासों में जुटा है। मांडू में होंगी विविध गतिविधियां विश्व धरोहर दिवस पर मांडू में हेरिटेज वॉक, चित्रकला, वाद-विवाद और फोटो प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन आयोजनों का उद्देश्य मांडू की प्राचीन वास्तुकला, जल प्रबंधन प्रणालियों और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आमजन को जागरूक करना है। एएसआई इस बार 'विरासत और जलवायु' विषय पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 61 केंद्रीय और 14 राज्य संरक्षित स्मारक मौजूद ऐतिहासिक नगरी मांडू में बाज बहादुर-रानी रूपमती महल, हिंडोला महल, अशर्फी महल और होशंगशाह के मकबरे सहित कुल 61 केंद्रीय पुरातत्व विभाग के संरक्षित स्मारक हैं। इसके अलावा राज्य पुरातत्व विभाग के भी 14 स्मारक यहां स्थित हैं। मांडू को यूनेस्को की सूची में शामिल करने के लिए वर्ष 1998 से संघर्ष जारी है। प्राचीन जल संरचनाओं के संरक्षण पर विशेष फोकस पुरातत्वविद और एएसआई भोपाल मंडल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार कुर्मी ने बताया कि मांडू की प्राचीन जल संरचनाएं विश्व में अद्वितीय हैं। विभाग इन जलस्रोतों और स्मारकों के समूह को आधार बनाकर एक सशक्त प्रस्तुतिकरण तैयार कर रहा है। यूनेस्को में भारत का प्रतिनिधित्व एएसआई द्वारा किया जाता है, जिससे मांडू की दावेदारी अब और मजबूत हुई है।
कोर्ट के आदेशों की अवहेलना पर गमाडा (GMADA) के एस्टेट ऑफिसर का दफ्तर और सरकारी गाड़ी अटैच करने के आदेश दिया हैं। परमानेंट लोक अदालत ने यह आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई पीड़ितों को तय मुआवजा न देने और अदालती आदेशों की लगातार अनदेखी करने के कारण की गई है। गमाडा ने मोहाली के ऐरोसिटी (Aerocity) में लोगों को प्लॉट तो अलॉट कर दिए, लेकिन जमीन पर हकीकत कुछ और ही निकली। अलॉटमेंट के बावजूद वहां बिजली, पानी और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं करवाई गईं। सुविधाओं के अभाव से परेशान होकर मोहाली फेज-10 के निवासी जंग बहादुर सिंह और रवि शर्मा ने परमानेंट लोक अदालत का दरवाजा खटखटाया था। चार पॉइंट में जानिए मामला 1. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने पाया कि गमाडा ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। अदालत ने गमाडा को दोषी करार देते हुए शिकायतकर्ताओं को 1.25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया था। 2. कोर्ट ने भुगतान के लिए समय दिया था, लेकिन एस्टेट ऑफिसर ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 3. जब मुआवजा नहीं मिला, तो शिकायतकर्ताओं के वकील ने अदालत में 'एक्सीक्यूशन याचिका' (Execution Petition) दायर कर दी। 4. कोर्ट की चेयरपर्सन ने आदेश की अवहेलना को देखते हुए तुरंत कुर्की के आदेश पारित कर दिए। सोमवार को होगी कार्रवाई अदालत ने केवल आदेश ही नहीं दिए, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए बैलिफ (Bailiff) भी नियुक्त कर दिया है। सोमवार को कोर्ट का प्रतिनिधि (बैलिफ) गमाडा दफ्तर पहुंचेगा। आदेशानुसार एस्टेट ऑफिसर की सरकारी गाड़ी और कार्यालय की संपत्ति को अटैच किया जाएगा।
समस्तीपुर में एईडीओ की परीक्षा में शुक्रवार को दो मुन्ना भाई पकड़ गए हैं। एग्जाम बीपीएससी की ओर से आयोजित कराया गया था। दोनों को दो परीक्षा केंद्र पर पकड़ा गया। एक श्री कृष्णा उच्च विद्यालय एग्जाम सेंटर और दूसरा इंटर स्कूल से पकड़ा गया है। शहर के आरएस बीए इंटर स्कूल से पकड़ा गया युवक बेगूसराय के शाहपुर गांव निवासी श्याम सुंदर प्रसाद का बेटा सत्यजीत कुमार और दूसरा वाराणसी का अरविंद कुमार राय है। मामले में मुफस्सिल और नगर थाना में अलग-अलग प्राथमिक की दर्ज की जा रही है। दोनों के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद हुए हैं। कान में ब्लुटूथ लगाकर रखा था बताया जा रहा कि शुक्रवार को जिले 12 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर Aedo की परीक्षा थी। इसी दौरान जितवारपुर स्थित श्री कृष्णा उच्च विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर केंद्र अधीक्षक को अरविंद के व्यवहार पर कुछ शक हुआ, जब इसकी तलाशी ली गई तो इसके कान में छोटा ब्लुटूथ पाया गया। इसके बाद परीक्षा से निष्कासित करते हुए मुफस्सिल पुलिस के हवाले कर दिया गया। बरामद किया गया डिवाइस भी पुलिस को सौंपा गया है। इसी तरह शहर के आर एस बीएइंटर स्कूल स्थित परीक्षा केंद्र पर भी परीक्षा के दौरान सत्यजीत कुमार के व्यवहार पर गार्डिंग कर रहे शिक्षक को शक हुआ। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास भी कान से एक छोटा डिवाइस बरामद किया गया है। केंद्राधीक्षक ने डिवाइस को नगर पुलिस के हवाले किया गया है। परीक्षा दे रहे युवक को निलंबित करते हुए नगर पुलिस के हवाले कर दिया गया। जांच की जा रही है सदर एसडीओ दिलीप कुमार ने कहा कि परीक्षा में नकल के आरोप में 2 परीक्षार्थियों को पकड़ा गया है। जिसके बारे में पूरी जांच की जा रही है। मामले को लेकर नगर और मुफस्सिल थाने में केंद्राधीक्षक की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। दोनों के पास से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद की गई है।
जनसुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर एक दिवसीय दौरे पर कटिहार पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बिहार चुनाव परिणाम के बाद कटिहार में जनसुराज की यह पहली बड़ी बैठक थी। इसमें संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। प्रशांत किशोर ने कहा कि आने वाले 5 से 10 वर्षों में बिहार में जनसुराज की भूमिका को लेकर स्पष्ट योजना बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि उनका पूरे बिहार का दौरा लगातार जारी रहेगा। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना था, तो यह बात चुनाव से पहले ही जनता के सामने रखी जानी चाहिए थी। किशोर ने तर्क दिया कि इससे जनता यह तय कर पाती कि वे उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में स्वीकार करते हैं या नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के डिग्री विवाद पर भी टिप्पणी की। प्रशांत किशोर ने कहा, ज्ञान की भूमि बिहार में ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री बना है, जिसकी शिक्षा को लेकर ही सवाल हैं। उन्होंने फर्जी डिग्री के आरोपों वाले व्यक्ति का इस पद पर होना चिंता का विषय बताया। डीलिमिटेशन के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए महिला आरक्षण विधेयक पर प्रशांत किशोर ने कहा कि जनसुराज इसका समर्थन करता है। हालांकि, उन्होंने इसके साथ जोड़े गए सीमांकन (डीलिमिटेशन) के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया का उपयोग सत्ताधारी दल को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर पैसे बांटकर वोट खरीदे गए। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने दावा किया कि आज सरकारी खजाना खाली है, विकास कार्य ठप हैं और कर्मचारियों को समय पर वेतन भी नहीं मिल पा रहा है। प्रशांत किशोर ने भविष्यवाणी की कि यदि वर्तमान व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में बिहार में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, खराब शिक्षा व्यवस्था और पलायन जैसी समस्याएं बनी रहेंगी।
लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। महिला आरक्षण से जुड़ा बिल पास नहीं होने से नाराज होकर अखिलेश यादव-राहुल गांधी मुर्दाबाद के नारे लगा रही है। स्टेट वुमन कमीशन की सदस्य ने कहा- बिल पास नहीं होने से महिलाओं का सपना टूट गया। इसके लिए अखिलेश जिम्मेदार। वहीं अखिलेश यादव ने X पर लिखा- BJP को कम से कम 12 महिलाएं तो प्रदर्शन में भेजनी चाहिए थीं। महिला आयोग की सदस्य ने कहा- 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। यह वोटिंग सीधे तौर पर दर्शाती है कि समाजवादी पार्टी ने महिला आरक्षण बिल के सपोर्ट में वोट नहीं किया। इसलिए हम लोग आज सपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। 3 तस्वीरें देखिए… राज्य महिला आयोग सदस्य बोलीं- सपना टूट गया उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रितु शाही ने कहा- बिल तमाम महिलाओं का सपना था जो टूट गया। अगर बिल पास हो जाता तो महिलाएं सशक्त होती, विपक्ष को भी इसका लाभ मिलता। आप समझ लीजिए 2027 में विपक्ष कहीं नहीं दिखेगा। सपा कार्यालय के सामने प्रदर्शन करना इसलिए जरूरी था क्योंकि बिल ना पास होने का सबसे बड़ा कारण समाजवादी पार्टी है। उनके ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करके सपा को आइना दिखा रहे हैं। सपा को बताया चाहते हैं कि अगर वह महिलाओं का विरोध करते हैं तो महिला उनका किस तरीके से विरोध करेंगी। महिला सिर्फ महिला होती है। हिंदू, सिख, इसाई नहीं। महिला आरक्षण सबके लिए है। सभी महिलाओं को लाभ मिलता, लेकिन अल्पसंख्यक महिलाओं की बात लाकर बिल को पास नहीं होने दिया गया। इन लोगों की जुमलेबाजी कभी खत्म नहीं होगी। ये महिलाओं को धोखा देते रहेंगे। अखिलेश ने कसा तंज, बोले-12 महिलाएं तो भेजते सपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही महिलाओं लेकर अखिलेश यादव ने X पर लिखा- भाजपा के लोग कम से कम उत्तर प्रदेश में 12 महिलाओं को तो भेज सकते थे, जहां लगभग 12 करोड़ महिलाएं रहती हैं। जानिए क्यों है महिलाएं नाराज… महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान (131वां) संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। लोकसभा में मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह ये बिल 54 वोट से गिर गया। लोकसभा में कुल 543 सीटें हैं, लेकिन 3 सीटें खाली होने की वजह से मौजूदा सांसद 540 है। 12 साल के शासन में यह पहला मौका जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। इससे पहले अमित शाह ने एक घंटा स्पीच दी थी। कहा कि अगर ये बिल पास नहीं होगा तो जिम्मेदारी विपक्ष की होगी। देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है। बिल गिरने के बाद विपक्ष ने कहा- हमने हरा दिया ………………………………. संबंधित खबर पढ़िए महिला आरक्षण से जुड़ा बिल 54 वोट से गिरा:पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298; मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। यहां पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ में तीन दिवसीय सुंदरकांड पाठ शुरू:ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
लखनऊ के बक्शी का तालाब क्षेत्र के भोली गांव में तीन दिवसीय सुंदरकांड पाठ का आयोजन शुरू हो गया है। ठाकुरद्वारा मंदिर परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के पहले ही दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एक आध्यात्मिक और सामाजिक संस्था है, जो समय-समय पर जन जागरूकता के लिए धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करती है। इसी क्रम में यह सुंदरकांड पाठ आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य भक्तों को आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन जीने की सही दिशा प्रदान करना है। चौपाई के माध्यम से सत्संग के महत्व को समझाया कार्यक्रम के प्रथम दिन साध्वी रितु भारती ने कथा वाचन किया। उन्होंने भगवान हनुमान की भक्ति और उनके अद्भुत पराक्रम का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे हनुमान जी ने सौ योजन समुद्र पार कर लंका पहुंचकर अपने साहस और समर्पण का परिचय दिया। साध्वी रितु भारती ने लंका में हनुमान जी की लंकिनी से भेंट का भी उल्लेख किया, जहां हनुमान जी ने मुष्टिका प्रहार से उसे परास्त किया। लंकिनी ने इस घटना को अपने जीवन का श्रेष्ठ सत्संग बताया। साध्वी ने रामचरितमानस की चौपाई के माध्यम से सत्संग के महत्व को समझाया, जिसमें कहा गया है कि स्वर्ग और मोक्ष के सभी सुख भी एक क्षण के सत्संग के बराबर नहीं हो सकते। 'सत्य' और 'संग' का मेल ही सत्संग उन्होंने 'सत्संग' का अर्थ समझाते हुए बताया कि 'सत्य' और 'संग' का मेल ही सत्संग है, जिसका अर्थ है ईश्वर के साथ जुड़ना। उनके अनुसार, ईश्वर के साक्षात्कार के बाद ही सच्ची भक्ति की शुरुआत होती है।कार्यक्रम के दौरान साध्वी कात्यानी भारती, साध्वी मंदाकिनी भारती, साध्वी दीपा भारती और साध्वी अर्पण भारती ने सुमधुर भजनों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। पहले दिन के आयोजन में भोली गांव के निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर एपी सिंह (रिटायर एसएसपी), राज बहादुर सिंह (पूर्व प्रधान, भोली गांव) और तृप्ति तिवारी (अध्यक्ष, 51 शक्ति पीठ धाम बीकेटी) सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए ।
देवरिया में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम जिला मुख्यालय पर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संगठन ने देश में बढ़ती सामाजिक चुनौतियों और अवैध गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि देश के सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली कई घटनाएं सामने आ रही हैं। ज्ञापन में 'लव जिहाद', अवैध कब्जे, जबरन धर्मांतरण और खान-पान से जुड़े विवादों जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया। संगठन ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि विभिन्न स्थानों से सामने आ रहे मामलों से आमजन में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और कानून व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि समाज में शांति और सौहार्द बना रहे। ज्ञापन में सार्वजनिक और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की जांच कर उन्हें हटाने की भी मांग शामिल थी। इसके अतिरिक्त, धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पारदर्शी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। ज्ञापन प्राप्त करने वाले अधिकारियों ने संगठन को आश्वस्त किया कि सभी बिंदुओं की जांच कर आवश्यकतानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। ज्ञापन सौंपते समय संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
श्रावस्ती जनपद के इमलिया करनपुर गांव में पिछले तीन दिनों से विद्युत आपूर्ति बाधित है। यह गांव उरलेहवा विद्युत उपकेंद्र से जुड़े तिवारी गांव फीडर के अंतर्गत आता है। ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण बिजली ठप है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव का ट्रांसफार्मर जल गया है। इसकी सूचना बिजली विभाग के जेई, समेत अन्य कर्मचारियों और उच्च अधिकारियों को लगातार दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय कर्मचारी डीजल उपलब्ध न होने का बहाना बनाकर ट्रांसफार्मर बदलने में देरी कर रहे हैं। बिजली आपूर्ति ठप होने से गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। पिछले तीन दिनों से पंखे और कूलर जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े हैं। इसके साथ ही, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से भी ग्रामीणों को जूझना पड़ रहा है। मोबाइल फोन चार्ज करने के लिए भी लोगों को दूसरे गांवों का रुख करना पड़ रहा है। अमित वर्मा, सिराज, अमन, पेशकार, मनोज, संदीप सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या हर साल गर्मियों में सामने आती है। इस दौरान फाल्ट और ट्रांसफार्मर खराब होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। इस संबंध में बिजली विभाग के जेई विवेक कुशवाहा ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है और जल्द ही ट्रांसफार्मर लगवाकर गांव में आपूर्ति बहाल की जाएगी। लेकिन तीन दिन बाद भी आपूर्ति बाहर नहीं हुई है वहीं, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बिजली आपूर्ति बहाल करवाने की मांग की है।
सुल्तानपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023 पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर शुक्रवार को महिला कल्याण विभाग और सूचना विभाग के समन्वय से यह आयोजन हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना, निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका को मजबूत करना और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी वी.पी. वर्मा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सुनीता चौरसिया ने बताया कि यह अधिनियम भारतीय संसद द्वारा पारित एक ऐतिहासिक कानून है। यह लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करता है, जिसका लक्ष्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। पीएमश्री केश कुमारी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या पल्लवी सिंह ने अधिनियम पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं और देश की प्रगति में बराबर की भागीदार हैं। यह अधिनियम महिलाओं को एक मंच, आत्मविश्वास और नेतृत्व के अवसर प्रदान करेगा। रिशा वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि यह अधिनियम समाज को महिलाओं के योगदान को पहचानने और उनका सम्मान करने का अवसर देता है। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं के बिना कोई भी समाज पूर्ण नहीं हो सकता। अधिवक्ता अंजलि कुमारी ने बताया कि यह कानून महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित कर पंचायत से लेकर संसद तक उनकी भागीदारी बढ़ाएगा। उन्होंने इसे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताया। महिला चिकित्सक डॉ. सावित्री मिश्रा ने इस अधिनियम को महिलाओं के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। इस कार्यक्रम में रेखा गुप्ता (जिला मिशन समन्वयक, हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन), सीता सिंह (केंद्र प्रबंधक, वन स्टॉप सेंटर), रूपाली सिंह (संरक्षण अधिकारी, मिशन वात्सल्य), पूजा सिंह (परियोजना समन्वयक), जेंडर स्पेशलिस्ट सरोज यादव, खुशबू दूबे, रीता, अमीना बानों, आकाश, विपिन कुमार कश्यप सहित आम जनमानस भी उपस्थित रहे।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ की खंडपीठ ने चबाने वाले तंबाकू (जर्दा) और गुटखा पैकिंग मशीनों पर लागू नए एक्साइज ड्यूटी नियमों के मामले में एक फर्म को बड़ी राहत दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि सीसीटीवी कैमरे लगाने की शर्त के साथ याचिकाकर्ता के खिलाफ फिलहाल कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। यह याचिका जोधपुर के मंडोर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित फर्म 'त्रिमूर्ति लीव्स' की ओर से इसके भागीदार विनायक के. सावंत के माध्यम से दायर की गई है। इसमें केंद्र सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना और उसके तहत बनाए गए नियमों के नियम 4, 5, 10 और 16 को विशेष रूप से चुनौती दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है। काल्पनिक क्षमता बनाम वास्तविक उत्पादन याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शरद कोठारी, मयंक तापड़िया व अन्य ने दलील दी कि अधिनियम की धारा 3A के तहत उत्पाद शुल्क केवल वास्तविक उत्पादन को प्रभावित करने वाले कारकों पर विचार करने के बाद ही निर्धारित किया जा सकता है। नए नियमों में मशीन की वास्तविक उत्पादन क्षमता के बजाय 'अनुमानित अधिकतम उत्पादन क्षमता' के आधार पर ड्यूटी लगाई गई है। इस नई व्यवस्था में लेबर की कमी, मशीन खराब होने, बिजली गुल होने और कच्चे माल की कमी जैसे व्यावहारिक और तकनीकी कारणों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। सीसीटीवी प्रावधान और बिजली कटौती की आशंका याचिका में नियम 16 के तहत सीसीटीवी इंस्टॉलेशन की अनिवार्यता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि बिजली गुल होने की स्थिति में सीसीटीवी कैमरे काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे में आबकारी विभाग के अधिकारी उस अवधि को 'उत्पादन अवधि' मान सकते हैं, जिससे निर्माताओं को बेवजह दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि स्पष्ट दिशानिर्देशों के अभाव में यह प्रावधान निर्माताओं के लिए भविष्य में प्रतिकूल परिणाम पैदा कर सकता है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की नजीर का संदर्भ सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकीलों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ द्वारा 'मैसर्स वेल फ्रैग्रेंस प्राइवेट लिमिटेड बनाम भारत संघ' मामले में 4 फरवरी को दिए गए अंतरिम आदेश का भी हवाला दिया। उस मामले में भी इन्हीं नियमों के नियम 16 और 22(3) को चुनौती दी गई थी। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रथमदृष्टया याचिकाकर्ता के पक्ष को स्वीकार्य माना है। कोर्ट ने आदेश दिया कि फिलहाल नियम 16 की अनुपालना (सीसीटीवी लगाने) के अधीन याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से और अन्य प्रतिवादियों की ओर से अधिवक्ता कुलदीप वैष्णव ने नोटिस स्वीकार किए हैं।
सहारनपुर पुलिस ने खतरनाक तरीके से कार चलाकर स्टंटबाजी करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें एक क्रेटा कार भी जब्त की गई। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम को थाना कोतवाली मंडी की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान जिया गार्डन के सामने मंडी समिति रोड पर एक कार सवार युवक खतरनाक स्टंट करते हुए पाए गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वाहन को रोका और दोनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान चांद कॉलोनी, थाना मंडी निवासी कासिम पुत्र आकिल और मोईन पुत्र समीम के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से स्टंटबाजी में इस्तेमाल की जा रही क्रेटा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UP17Z9990) भी बरामद की है। इस मामले में थाना मंडी में धारा 281 BNS में मुकदमा दर्ज किया गया है। साथ ही, मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत वाहन को सीज कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी न केवल वाहन चालकों बल्कि आम नागरिकों की जान के लिए भी खतरा बनती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और लापरवाही से बचने की अपील की है, ताकि सड़क हादसों को रोका जा सके।
कुशीनगर में गन्ना किसानों के भुगतान में देरी पर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने गड़ौरा चीनी मिल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए जल्द भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई किसान दिवस के दौरान कृषक सुजीत चौरसिया की शिकायत का संज्ञान लेने के बाद की गई। जांच में पता चला कि चालू पेराई सत्र में 4.97 लाख कुंतल गन्ना आपूर्ति के लिए कुल 19.35 करोड़ रुपये का भुगतान बनता है। इसमें से अब तक किसानों को केवल 12.03 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं, जबकि 7.32 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है। गड़ौरा चीनी मिल 16 मार्च 2026 को ही बंद हो चुकी है। इस मिल को 2911 किसानों ने गन्ना आपूर्ति की थी। भुगतान में हो रही इस देरी से किसानों में भारी नाराजगी है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र शत-प्रतिशत भुगतान नहीं किया गया, तो संबंधित चीनी मिल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने दोहराया है कि किसानों का भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई भी लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
लखनऊ में सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मिली फाउंडेशन और उत्तर प्रदेश आर्टिस्ट एसोसिएशन के सहयोग से डॉ. भीमराव आंबेडकर लॉ प्रोटेक्टर अवार्ड समारोह का आयोजन राजधानी के प्रेस क्लब सभागार में हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों पर अपने विचार साझा किए। साथ ही,इस बात पर जोर दिया कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार देता है, और इन अधिकारों को जमीनी स्तर पर लागू करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। गरीबों के अधिकारों को सशक्त बनाने का काम किया मिली फाउंडेशन के अध्यक्ष सलाहुद्दीन ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. आंबेडकर ने समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने महिलाओं, वंचितों और गरीबों के अधिकारों को सशक्त बनाने का काम किया, जिसे आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि उनकी संस्था समाज में न्याय और जागरूकता के लिए निरंतर कार्यरत है। समाजसेवियों को सम्मानित किया गया समारोह के दौरान, कई अधिवक्ताओं और समाजसेवियों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। उन्हें 'डॉ. भीमराव आंबेडकर लॉ प्रोटेक्टर अवार्ड' प्रदान किया गया। आयोजकों ने बताया कि इन सम्मानित व्यक्तियों ने कानून के माध्यम से जरूरतमंदों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि डॉ. आंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने पहले थे। उन्होंने सामाजिक समानता और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता पर बल दिया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने सक्ती जिले में हुए वेदांता पावर प्लांट हादसे को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उनका कहना है कि एक घंटे में उत्पादन दोगुना करने के लिए बॉयलर का लोड तेजी से बढ़ाया गया। पहले यह लोड 350 मेगावाट था, जिसे बढ़ाकर 590 मेगावाट किया गया। यही इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना। प्रशासन ने जांच के लिए 9 बिंदु तय किए हैं, लेकिन लोड बढ़ाने जैसी अहम बात उसमें शामिल नहीं की गई। हालांकि हादसे के बाद कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने न्यायिक जांच के संशोधित आदेश जारी किए हैं। बता दें कि हादसे में घायल 1 और मजदूर ने दम तोड़ दिया। मध्यप्रदेश के रहने वाले किस्मत अली रायपुर के निजी अस्पताल में एडमिट थे, जिनकी मौत हुई है। अब मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे हैं, 15 घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। 14 अप्रैल को फटा था बॉयलर यह दुर्घटना 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के जॉइंट में तकनीकी खराबी आई, जिससे हादसा हुआ और 21 लोगों की मौत हो गई। जांच के 9 बिंदु, अहम मुद्दा गायब अनुविभागीय दण्डाधिकारी डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच इन बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी: मोहम्मद अकबर का आरोप है कि इन बिंदुओं में बॉयलर लोड 350 से 590 मेगावाट बढ़ाने का जिक्र नहीं है, जबकि यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। 30 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश कलेक्टर ने जांच अधिकारी को 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। आदेश की कॉपी गृह विभाग, मानव अधिकार आयोग, श्रम विभाग और उद्योग विभाग को भेजी गई है, ताकि निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित हो सके। मृतकों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा वेदांता प्रबंधन ने मृतक परिजन को 35-35 लाख रुपए सहायता राशि और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इससे पहले PMO ने मुआवजे की घोषणा की थी। PMNRF से हर मृतकों के परिवार वालों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतकों के परिवार वालों को 5-5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपए दिए जाएंगे। हादसे में कुल 36 लोग झुलसे प्लांट सिक्योरिटी हेड प्रेम झा के मुताबिक, हादसे में कुल 36 लोग घायल हुए हैं, जिसमें से 12 लोग छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। बाकी लोग बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड के हैं। घायल मजदूरों का इलाज जारी रायगढ़ के अलग अलग अस्पताल में 12 घायलों का इलाज चल रहा है। इसमें जिंदल फोर्टिस अस्पताल में 6 श्रमिक भर्ती हैं। जिसमें 2 श्रमिक 25 प्रतिशत से नीचे और 4 श्रमिक 85-90% तक झुलसे हैं। मेडिकल कॉलेज में 2 भर्ती हैं जो 80 से 90% झुलसे हैं। अपेक्स में 2 भर्ती हैं जो 20 प्रतिशत से नीचे और बालाजी मेट्रो हॉस्पिटल में बनवारी लाल, उपेंद्र और परदेशी लाल चंद्रा का इलाज जारी है। वहीं 2 मजदूरों उमेंद्र और इस्मत अली का रायपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। इसमें इस्मत अली की मौत हो गई।
लव जिहाद और धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के विरोध में शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मंदसौर के गांधी चौराहा पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने ‘जिहादी मानसिकता’, अवैध कब्जों और कथित सुनियोजित षड्यंत्रों के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने इन घटनाओं को समाज के लिए गंभीर खतरा बताते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। तीन तस्वीरों में देखिए विरोध-प्रदर्शन ऐसी घटनाएं चिंता का विषय प्रांत संयोजिका आरती जायसवाल ने कहा कि देश में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जो चिंता का विषय हैं। उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक आईटी कंपनी में सामने आए धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस की सूझबूझ से सच्चाई सामने आई। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे मामलों में कठोर कानून बनाए जाएं और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। आरती जायसवाल ने यह भी कहा कि गंभीर मामलों में फांसी या एनकाउंटर जैसे कड़े प्रावधान भी लागू किए जाने चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांधी चौराहा पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस की मौजूदगी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जबलपुर में AI से हो रही मॉनिटरिंग:गेहूं उपार्जन में 47 ब्लैकलिस्ट समितियों की समीक्षा जारी
जबलपुर जिले में गेहूं उपार्जन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष 55 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों को सुविधा मिलेगी और केंद्रों पर भीड़ कम होगी। प्रशासन 47 ब्लैकलिस्टेड समितियों की समीक्षा कर रहा है। जिन समितियों पर अब कोई गंभीर आरोप नहीं हैं या जिनके मामले समाप्त हो चुके हैं, उन्हें दोबारा उपार्जन कार्य में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। निजी गोदामों में गेहूं भंडारण पर भी सख्ती बरती जा रही है। उपार्जन मौसम के दौरान निजी गोदामों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध भंडारण और अनियमितताओं को रोका जा सके। किसानों को भेजा जाएगा मैसेज उपार्जन केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित चार प्रकार की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को समय पर जानकारी देने के लिए एसएमएस प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत पंजीकृत किसानों को संदेश भेजकर उपार्जन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इस वर्ष एक नया डेटा एनालिसिस सेल भी बनाया गया है, जो जेनरेटिव एआई तकनीक का उपयोग करेगा। यह सेल पिछले 3-4 वर्षों के राजस्व, खाद वितरण और पंजीयन डेटा का विश्लेषण करेगा। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों की पहचान करना है, जहां हर साल उत्पादन या बिक्री में असामान्य अंतर पाया जाता है। प्रशासन के अनुसार, यह तकनीक संदिग्ध लेन-देन और बिचौलियों की गतिविधियों पर नज़र रखेगी, ताकि केवल वास्तविक किसान ही उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेच सकें।
मधेपुरा शहर के समाहरणालय, व्यवहार न्यायालय, निबंधन कार्यालय और नगर परिषद जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाम और बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अब प्रशासन सख्त हो गया है। यातायात विभाग ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाते हुए सड़क किनारे अवैध रूप से खड़ी बाइक और अन्य वाहनों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग व्यवस्था नगर परिषद द्वारा इन इलाकों में न्यूनतम शुल्क पर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है, इसके बावजूद लोग नियमों की अनदेखी करते हुए सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे जाम की समस्या बढ़ती है। बाइक चोरी की घटनाओं में भी इजाफा हो रहा है। ट्रैफिक डीएसपी चेतनानंद झा ने बताया कि पहले ऐसे मामलों में केवल चालान काटा जा रहा था, लेकिन अब सख्ती बढ़ा दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों के वाहनों को अब टोइंग वैन के जरिए सीधे डंपिंग यार्ड ले जाया जाएगा और उनसे जुर्माना वसूला जाएगा। निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें जिला प्रशासन ने शहर के सभी वाहन चालकों से अपील है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें। सड़क किनारे वाहन खड़ा करने से जाम और चोरी जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।
श्रीगंगानगर जिले के गांव चक 9 केआरडब्ल्यू में बिजली चोरी का विरोध करने पर शराब ठेके के मालिक और कर्मचारियों ने फैक्ट्री संचालक के साथ मारपीट की और बंधक बना लिया। फैक्ट्री संचालक की चीखें सुनकर राहगीरों ने उसकी जान बचाई। अब पुलिस ने शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शराब दुकान के मालिक पर बिजली चुराने आरोपचक 9 केआरडब्ल्यू में फैक्ट्री चलाने वाले सुभाष कुम्हार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया- उनकी फैक्ट्री के बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत विभाग ने उनके निजी खर्च पर ट्रांसफार्मर लगवाया था। पास ही स्थित शराब ठेके के मालिक व कर्मचारी नियमित रूप से इस ट्रांसफार्मर से कुंडी लगाकर चोरी से बिजली यूज करते थे। सुभाष की शिकायत पर विभाग ने उन्हें पहले ही पाबंदी लगा दी थी। बीती रात को फैक्ट्री में अचानक लाइटें बंद हो गईं। जब सुभाष ट्रांसफार्मर संभालने पहुंचे तो देखा कि शराब ठेके के कर्मचारी संदीप और अमित चौधरी कुंडी लगाकर ठेके की लाइटें चला रहे थे। उन्हें देखते ही दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और सुभाष को पकड़कर जबरन शराब ठेके में ले गए और मारपीट की। सुभाष की चीख-पुकार सुनकर सड़क से गुजर रहे लोगों ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया और जान बचाई। सुभाष ने बताया कि उन्होंने पहले भी पुलिस थाने में परिवाद दिया था, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। अब एसपी को शिकायत पहुंचाने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर में देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के IMS कॉलेज में आयोजित फेयरवेल पार्टी को लेकर विवाद सामने आया है। कार्यक्रम में बाहरी लोगों की एंट्री को लेकर हंगामा हुआ, जिसके बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। जानकारी के मुताबिक, 17 अप्रैल को एमबीए (फुल टाइम) छात्रों द्वारा फेयरवेल पार्टी आयोजित की गई थी। आरोप है कि आयोजकों ने कुछ बाहरी लोगों को पैसे लेकर एंट्री पास दिए, जिससे वे पार्टी में शामिल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डांस और म्यूजिक के दौरान कुछ बाहरी युवक छात्राओं के साथ नजर आए, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्तामामले की जानकारी मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और आयोजकों से चर्चा की। इस दौरान कुछ देर के लिए विवाद की स्थिति भी बनी। स्थिति बिगड़ती देख आयोजकों ने बाहरी लोगों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया, जिसके बाद मामला शांत हो गया। फिलहाल, इस मामले में पुलिस या कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जिले में जनगणना 2027 की तैयारी अब जमीन पर दिखने लगी है। शुक्रवार को डीएम सह प्रधान जनगणना अधिकारी शशांक शुभंकर ने स्व-गणना प्रक्रिया की शुरुआत कर दी। खास बात यह है कि इस बार आम लोग खुद ही अपने परिवार और मकान की जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। डीएम ने खुद पोर्टल पर लॉगिन कर अपना रजिस्ट्रेशन किया और अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि अब जनगणना सिर्फ सरकारी टीम पर निर्भर नहीं रहेगी, लोग भी सीधे इसमें भागीदार बनेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी। प्रशासन ने 17 अप्रैल से 1 मई तक का समय स्व-गणना के लिए तय किया है। इस दौरान लोग पोर्टल पर जाकर अपने परिवार के सदस्यों और मकान से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। जानकारी भरने के बाद एक यूनिक आईडी जेनरेट होगी। यही आईडी आगे सबसे अहम दस्तावेज बनेगी। इसे सुरक्षित रखना होगा। 2 मई से घर पहुंचेंगे प्रगणक 2 मई से 31 मई के बीच जिले में घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का काम होगा। उस समय प्रगणक जब घर पहुंचेंगे, तो वे इस आईडी के आधार पर डाटा का मिलान करेंगे। अगर कहीं गलती या कमी दिखी, तो मौके पर ही सुधार भी किया जाएगा। डीएम ने बताया कि यह सिर्फ औपचारिक काम नहीं है, बल्कि देश की योजना और नीतियों की नींव इसी डेटा पर टिकी होती है। ऐसे में सही और समय पर जानकारी देना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रशासन का फोकस इस बार डिजिटल भागीदारी बढ़ाने पर है। अधिकारियों और कर्मियों को भी निर्देश दिया गया है कि वे लोगों को जागरूक करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें। व्यक्ति स्व गणना की प्रक्रिया आसानी से पूरा कर सकते एडीएम पंकज कुमार ने बताया कि पहले दिन 1209 लोगों ने स्व गणना का कार्य पूरा किया है। इसकी शुरुआत कमिश्नर आईजी, डीएम, एसएसपी के अलावा जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्र के विधायकों ने की है। साथ जिले के सभी सरकारी विभाग के कर्मियों ने भी स्व गणना की प्रक्रिया पूरी की गई। शेष कर्मियों से भी इसे शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया गया है। एडीएम ने कहा कि यह एक बड़ा अभियान है और सरल भी है। कोई भी व्यक्ति स्व गणना की प्रक्रिया आसानी से पूरा कर सकते है। यदि कोई किसी वजह से यह काम नहीं सका है तो 2 मई के बाद घर घर जाने वाले गणक पूरा कर देंगे। उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति https://se.census.gov.in साइट पर जाकर इस काम को आसानी से कर सकता है।
संतकबीरनगर में भीषण गर्मी:स्कूलों का समय बदला, डीएम ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यालय 12:30 बजे तक किए
संत कबीर नगर जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। कक्षा एक से आठ तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और परिषदीय विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया गया है। अब इन विद्यालयों का संचालन सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगा। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार आगामी दिनों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस निर्णय का पालन न करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के इस निर्णय का अभिभावकों ने व्यापक स्वागत किया है।
रायसेन में वन विभाग के कर्मचारियों ने मुरैना वनमंडल में पदस्थ रहे वनरक्षक हरिकेश गुर्जर की हत्या के विरोध में शुक्रवार रात को कैंडल मार्च निकाला गया। इस मार्च के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि दी गई और वन माफियाओं के खिलाफ एकजुटता का संदेश दिया गया। डीएफओ प्रतिभा शुक्ला के नेतृत्व में यह कैंडल मार्च वनमंडल कार्यालय से शुरू होकर महामाया चौक तक पहुंचा। महामाया चौक पर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दिवंगत वनरक्षक को नमन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। दो तस्वीरों में देखिए कैंडर मार्च… डीएफओ बोलीं-हरिकेश ने प्राणों का बलिदान दिया डीएफओ प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि हरिकेश गुर्जर ने वन सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया, जो विभाग के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वन और खनन माफियाओं का मुकाबला संगठित होकर ही किया जा सकता है। कैंडल मार्च में शामिल सभी कर्मचारियों ने स्वर्गीय गुर्जर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके बलिदान को याद करते हुए वन संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर रविकांत अमृत (रायसेन पश्चिम), धीरेंद्र पांडे (परिक्षेत्र अधिकारी गड़ी), महेंद्र पारेल, आदर्श मिश्रा, दीपेंद्र सिंह राजावत, प्रभात यादव, नरेश कुशवाहा सहित कई मैदानी कर्मचारी मौजूद रहे।
पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी-नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF) लुधियाना रेंज को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने अमृतसर में कार्रवाई करते हुए दो कथित ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1.01 किलो हेरोइन, एक .32 बोर पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर निवासी जगरू सिंह और किरणदीप सिंह के रूप में हुई है। गुप्त सूचना पर की कारवाई ANTF के DSP अजय वर्मा ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी अमृतसर के एक गांव के पास हेरोइन की बड़ी खेप सप्लाई करने जा रहे हैं। सूचना के आधार पर तुरंत एक विशेष टीम गठित कर मौके पर भेजी गई, जहां घेराबंदी कर दोनों को काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन और हथियार बरामद हुए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी ड्रोन के जरिए पाकिस्तान सीमा पार से हेरोइन मंगवाते थे और लंबे समय से इस धंधे में सक्रिय थे। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी जग्रूप सिंह के खिलाफ पहले भी NDPS एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं और वह नशे का आदी भी बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 5.10 करोड़ रुपये आंकी गई है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
फर्रुखाबाद के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में शुक्रवार शाम एक महिला अपने मृत बच्चे के साथ बैठ गई। महिला ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही के कारण उसके सात माह के बच्चे की मौत हो गई। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चे को गंभीर हालत में रेफर किया गया था, लेकिन परिजन उसे निजी नर्सिंग होम ले गए थे। नवाबगंज थाना क्षेत्र के गनीपुर जोगपुर निवासी भंवर पाल के सात माह के बेटे हंसराज को दो दिन से बुखार था। पहले नवाबगंज में उसका उपचार कराया गया, लेकिन फायदा न मिलने पर शुक्रवार शाम को उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। इमरजेंसी में चिकित्सक ने बच्चे की जांच की और उसे रेफर करने की सलाह दी। बताया गया कि बच्चे का ऑक्सीजन लेवल कम था और उसे कई अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें थीं, जिसके चलते उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। हालांकि, परिवार के लोग लगभग एक घंटे बाद बच्चे को एक निजी नर्सिंग होम ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद उसकी मां बबली और पिता भंवर पाल शव को लेकर अस्पताल के गेट के पास बैठ गए और हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि बच्चे का उचित उपचार नहीं किया गया, जिससे उसकी जान चली गई। सूचना मिलने पर कादरी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ लोगों ने बताया कि बच्चे के पिता ने शराब का सेवन कर रखा था। पुलिस ने बच्चे के परिजनों और ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक से बात की। इमरजेंसी में तैनात डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने पुलिस को बताया कि शाम को जब बच्चा लाया गया था, तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। उसे तत्काल ऑक्सीजन भी लगाई गई थी, क्योंकि उसका ऑक्सीजन लेवल काफी कम था। उन्होंने परिजनों को जल्द से जल्द बच्चे को हायर सेंटर ले जाने की सलाह देते हुए रेफर कर दिया था। बाद में परिजन शव लेकर घर चले गए। लेकिन वह लेकर नहीं गए करीब 1 घंटे बाद वह निजी नर्सिंग होम ले जाने की बात कह बच्चे को ले गए। इमरजेंसी में बच्चे का पूरा उपचार किया गया है।
व्यवहार न्यायालय अररिया के प्रांगण में शुक्रवार को नई रिकॉर्ड रूम बिल्डिंग का उद्घाटन किया गया। इंस्पेक्टिंग जज संदीप कुमार ने फीता काटकर इस नई इमारत का लोकार्पण किया। यह भवन न्यायिक प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल तथा भौतिक रूप से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस आधुनिक भवन में पर्याप्त जगह, बेहतर वेंटिलेशन, फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया है। यह सुविधा न्यायिक कार्यों में रिकॉर्ड प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाएगी। उद्घाटन समारोह के दौरान न्यायमूर्ति संदीप कुमार ने कहा कि न्यायिक कार्यों में रिकॉर्ड प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि पुराने केस रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर आसानी से उपलब्ध कराने के लिए यह नई बिल्डिंग एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायालय के कर्मचारियों और वकीलों को भी काफी सुविधा मिलेगी। पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रहा विकास उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर न्यायमंडल अररिया में लगातार बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न न्यायिक विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जिला जज ने नई रिकॉर्ड रूम बिल्डिंग के उद्घाटन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इससे केस रिकॉर्ड की सुरक्षा के साथ-साथ डिजिटलीकरण की प्रक्रिया भी तेज होगी। डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट बेहद जरूरी वर्तमान समय में न्यायिक प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए डिजिटल रिकॉर्ड मैनेजमेंट बेहद जरूरी है। इस बिल्डिंग में पुराने और नए दोनों तरह के दस्तावेजों को व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा। समारोह में उपस्थित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि अररिया जैसे जिले में बढ़ते मुकदमों की संख्या को देखते हुए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी, और यह नई बिल्डिंग इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

