यमुनानगर में सरस्वती नदी के उद्गम स्थल आदि बद्री में आज बसंत पंचमी के पावन अवसर पर अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक शुभारंभ किया जाएगा। पहले इस महोत्सव का उद्घाटन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा प्रस्तावित था, लेकिन उनका कार्यक्रम रद्द हो गया है। अब उनकी जगह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और केबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में महोत्सव में शिरकत करेंगे। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर आदि बद्री स्थित सरस्वती सरोवर में हवन-यज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चारण, श्लोक पाठ और भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक और दिव्य रहेगा। विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं सरस्वती नदी और भारतीय संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। 20 स्टॉल आत्मनिर्भर भारत की झलक प्रस्तुत करेंगे स्कूली विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन सभ्यता और गौरवशाली इतिहास का जीवंत प्रमाण है आदि बद्री परिसर में स्वदेशी थीम पर आधारित सरस मेला भी लगाया जाएगा, जिसमें स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए करीब 20 स्टॉल आत्मनिर्भर भारत की झलक प्रस्तुत करेंगे। यहां स्थानीय हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पाद और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने वाली वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता उपायुक्त प्रीति ने कहा कि महोत्सव के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। माता मंत्रा देवी मंदिर और आदि बद्री मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। महोत्सव के दौरान आर्कियोलोजिकल विभाग द्वारा भव्य प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें सरस्वती नदी से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन सभ्यताओं के प्रमाण और शोध कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा विकसित जोधपुर झाल वेटलैंड पर एशियन वाटरबर्ड सेंसस-26 के अंतर्गत जलीय पक्षियों की गणना की गई। लगातार 6वी साल की गणना में इस बार सर्वाधिक 72 प्रजातियां रिकार्ड हुई। इसमें संकटग्रस्त 11 प्रजातियां भी शामिल रही। आगरा मंडल के 4 वेटलैंड्स पर हो रही गड़ना आगरा मंडल के चार वेटलैंड्स पर जलीय पक्षियों की गणना रविवार को शुरू हो गई। शुरुआत फरह के निकट विकसित जोधपुर झाल से शुरू हुई है। वेटलैंड इंटरनेशनल के उत्तर प्रदेश कोऑर्डिनेटर नीरज श्रीवास्तव के निर्देशन एवं BRDS के पक्षी विशेषज्ञ डाॅ के पी सिंह के नेतृत्व में डाॅ अमोल शिरोमणी, पलक गुप्ता, निधि यादव, अनुज यादव, अनुज परिहार, आकांक्षा, डाॅ राहुल गुप्ता, अदनान,अमित दिवाकर, विनोद, अनुराग पचैरा, उदय, बलवंत और जीतू के सहयोग से गणना हुई। 32 प्रवासी व 40 स्थानीय प्रजातियां की गई रिकार्ड वेटलैंड्स इंटरनेशनल के इस गणना कार्यक्रम में बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसाइटी ,उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद व वन विभाग मथुरा का सहयोग रहा। जोधपुर झाल पर पर एशियन वाटरबर्ड सेंसस 2026 के अंतर्गत जलीय पक्षियों गणना में 2 समूहों के 8 विशेषज्ञ सदस्यों ने 3 घंटे में लगभग 80 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गणना की। जलीय पक्षियों की गणना में 72 प्रजातियों की पहचान की गई जिनमें 32 प्रवासी व 40 स्थानीय प्रजातियां रिकार्ड की गई। सबसे अधिक संख्या में मिली बार- हेडेड गूज, काॅमन टील व नोर्दन पिनटेल जोधपुर झाल पर पर बार हेडेड गूज 387, नोर्दन पिनटेल 249 व काॅमन टील 184 के अतिरिक्त गेडवाल, यूरेशियन विजन, नोर्दन शोवलर , पाइड एवोसेट, लिटिल स्टिंट, टैमिनिक स्टिंट, सेन्डपाइपर, वेगटेल, ब्लैक-विंग स्टिल्ट, पर्पल स्वैम्प हैन, काॅमन स्नाइप आदि रिकार्ड किए गए। पहली बार 11 संकटग्रस्त प्रजातियां हुई रिकार्ड जोधपुर झाल वेटलैंड पर आईयूसीएन की संकटग्रस्त सूचि में शामिल 11 प्रजातिया रिकार्ड हुई। इनमें सारस क्रेन, ब्लैक-नेक्ड स्टार्क, पेन्टेड स्टार्क, ओरिएंटल डार्टर, काॅमन पोचार्ड, बूली-नेक्ड स्टाॅर्क, ब्लैक-टेल्ड गोडविट, ग्रेटर स्पॉटेड ईगल, रिवर टर्न, फर्ग्यूनियस पोचार्ड और ब्लैक-हेडेड आईबिश शामिल है। संरक्षण और निगरानी से बढ रही पक्षियों की संख्या आगरा सर्कल के मुख्य वन संरक्षक अनिल पटेल के अनुसार वन विभाग की निरंतर निगरानी और सुरक्षा के कारण प्रवासी पक्षियों पर संकट कम होने से इनकी आवक बढ़ गई है। पक्षी विशेषज्ञ डाॅ के पी सिंह ने बताया कि जोधपुर झाल वेटलैंड पर नमभूमि के क्षेत्रफल को नये जलीय हेविटाट बनाकर विस्तारित किया गया है। परिणाम स्वरूप वेटलैंड पर निर्भर प्रजातियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ ने JE को सस्पेंड:कार्डियक अरेस्ट से हुई युवराज की मौत, कारण बताओ नोटिस जारी
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम ने सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में डूबकर हुई इंजीनियर की मृत्यु के मामले में दंडात्मक कार्रवाई की है। सेक्टर-150 क्षेत्र के आसपास यातायात संबंधी कार्य के लिए जिम्मेदार संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी करते हुए नोएडा ट्रैफिक सेल विभाग के जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं । रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देशसंबंधित विभागों से लोटस बिल्डर के आवंटन और निर्माण कार्य की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा यह स्पष्ट किया है कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा का पुनः निरीक्षण करें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम ने सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में डूबकर हुई इंजीनियर की मृत्यु के मामले में दंडात्मक कार्रवाई की है। कार्डियक अरेस्ट से हुई युवराज की मौत, पोस्टमॉर्टम में पुष्टि इंजीनियर युवराज मेहता की मौत कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। ऐसा पुलिस सूत्रों का कहना है। दर असल शुक्रवार रात कड़ाके की सर्दी थी। बेसमेंट मेें भरा पानी भी बर्फ सामान ठंडा था। ऐसे में ठंडे पानी में भीगने के बाद उसकी हालत लगातार खराब होती गई। दो घंटे तक वह पानी के बीच में खड़ी कार पर खुद को बचाए जाने की उम्मीद लगाए रहा। मदद में देरी होने से उसकी उम्मीद टूटने लगी, आशंका है कि घबराहट में कार्डियक अरेस्ट के कारण मौत हो गई थी। घटना स्थल पर सुबह से देर शाम तक भीड़, सिस्टम को कोसते रहेयुवराज मेहता की मौत को लेकर आसपास के रहने वाले आक्रोषित हैं। रविवार को भी घटना स्थल पर सुबह से शाम तक भीड़ जुटी रही। हर कोई आने-जाने वाला रुक कर सिस्टम को कोसते दिखा। हर जुबां पर एक ही बात थी कि दो घंटे युवक कार पर मदद की गुहार लगाता रहा। यही बोल रहा था कि विभिन्न विभागों के अफसर कर्मी सिर्फ हवाहवाई प्रयास करते रहे। यदि ठोस कदम उठाते तो युवराज की जान बच सकती थी।
लुधियाना के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अश्वनी कुमार के टैगोर नगर स्थित दफ्तर अश्वनी एंड एसोसिएट्स में हुई छापेमारी के विरोध में लुधियाना CA एसोसिएशन की और से आज लुधियाना के DC ऑफिस में विभिन्न प्रोफेशनल संगठन CA इकट्ठा होकर भारत के माननीय राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपेंगे। एसोसिएशन की मुख्य मांग SIT द्वारा जब्त किए गए रिकॉर्ड और लैपटॉप तत्काल वापस किए जाएं ,तलाशी में शामिल पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए यह कदम उस घटना के बाद उठाया जा रहा है जिसने पूरे प्रोफेशनल समुदाय में नाराजगी पैदा कर दी है। क्या था मामला? 9 जनवरी को देर शाम लुधियाना के पॉश इलाके टैगोर नगर में स्थित मशहूर CA अश्वनी कुमार के दफ्तर पर SIT ने अचानक छापा मारा था। SIT की टीम अपने साथ पहले से गिरफ्तार अकाली दल नेता सुखबीर बादल के CA सतविंदर सिंह कोहली को भी लेकर पहुंची थी। जैसे ही तलाशी शुरू हुई दफ्तर में वकीलों और पुलिस अधिकारियों पहुंच गए और तभी सर्च वारंट और वैध आदेश को लेकर जोरदार बहस छिड़ गई। पुलिस द्वारा स्पष्ट दस्तावेज न दिखाए जाने पर माहौल गरमाता गया और थोड़ी ही देर में सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रास्ता रोक लिया। वही पुलिस ने लैपटॉप,DVR और दस्तावेज जब्त कर ले गए थे ।
पहाड़ियां काटकर समतल किया जा रहा हाइवे मेड़ता से भीलवाड़ा जाने में अब डेढ़ घंटा बचेगा
भास्कर न्यूज | ब्यावर दो साल बाद रास-ब्यावर-मांडल राज्य राजमार्ग का निर्माण कार्य फिर से गति पकड़ रहा है। 115 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन हाइवे के पूरा होने से पाली, भीलवाड़ा, ब्यावर और नागौर जिलों के बीच यातायात सुगम होगा। यानी मेड़ता से भीलवाड़ा जाने में अब डेढ़ घंटा बचेगा। पहले साढ़े 4 घंटे में यह दूरी हो रही थी। नवंबर 2019 में प्रोजेक्ट का ड्राफ्ट तैयार हुआ और 2022 में काम शुरू किया था, लेकिन तकनीकी कारणों और अन्य बाधाओं के चलते काम को बीच में ही रोकना पड़ा। कार्य के दौरान दो ठेकेदार काम बीच में छोड़ गए। कई महीनों से बंद था। अब ठेकेदार ने सेंदड़ा रोड पर पाली बॉर्डर के पास ग्राम सराधना से निर्माण फिर से शुरू कर दिया है। मार्ग में आने वाली पहाड़ियों को काटकर समतल किया जा रहा है। पहाड़ी के बीच से रास्ता निकालने के लिए मशीनें दिन रात कार्य कर रही हैं। बिलातों का बाड़िया से सराधना तक का काम अब शुरू किया है। बिलातों का बाड़िया से रास तक निर्माण 70% हो चुका है। मार्ग से मांडल, आसींद, बदनौर, ब्यावर, बाबरा, रास, लाम्बिया सीधे मेड़ता मार्ग से जुड़ेंगे। सीमेंट फैक्ट्रियों को होगा सीधा फायदा : यह हाइवे नेशनल हाइवे 48 को जोड़ेगा। इससे जयपुर, जोधपुर और पाली से आने वाले यात्रियों को नागौर और भीलवाड़ा के लिए एक नया और छोटा रास्ता मिलेगा। रास क्षेत्र में स्थित बांगड़ सीमेंट, अंबुजा सीमेंट जैसे बड़े प्लांट के भारी वाहनों को अब शहर के भीतर फंसे बिना चौड़ा रास्ता मिलेगा। मेड़ता जाने वाले यात्रियों को अब ब्यावर शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं होगी। सराधना गांव से होते हुए कलाली का बाड़िया, बिलातों का बाड़िया, जगमालपुरा, फतेहगढ़ सल्ला, रूपनगर, बाबरा होते हुए रास तक के ग्रामीणों को लाभ होगा। जगमालपुरा से रास तक की सड़क का अधिकांश कार्य पूर्ण हो चुका है और वर्तमान में छोटे-बड़े पुलों के निर्माण किया जा रहा है। अब मुख्य फोकस ब्यावर और पाली बॉर्डर के बीच के हिस्से को पूरा करना है। हाइवे निर्माण में बड़ी बाधा रेलवे लाइन है। सड़क के बीच में कलालिया का बाड़िया के पास से गुजर रही रेलवे लाइन, डीएफसी लाइन को पार करवाना मुख्य कार्य रहा है। रेलवे लाइन के ऊपर से पुल का निर्माण किया जाएगा। जिसका कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है।
सरकारी जमीन पर दुकानें दिखा 42 लाख की धोखाधड़ी, केस दर्ज
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। एएसआई भीम सिंह ने बताया कि महिला ने क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र के हाजी अलीम पर जमीन के नाम पर 42 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार आरोपी ने केसरपुरा बायपास पर दुकानें बनाने का झांसा दिया था। इसके लिए पहले 4 लाख रुपए नकद और बाद में ऑनलाइन भुगतान लिया गया। कुल 42 लाख रुपए लेने के बाद आरोपी ने दुकानें दिखाईं, लेकिन जांच कराने पर वह जमीन सरकारी निकली। महिला का आरोप है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने इनकार कर दिया और जान से मारने की धमकियां दीं। पुलिस के अनुसार रुपयों का लेन-देन पुराना है, लेकिन हाल ही में दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई। एएसआई भीम सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मीडिया से बातचीत में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी और उसका एक बेटा खुद को नेता बताकर रौब दिखाते हैं।
विवाहिता ने फांसी लगाई, पीहर पक्ष ने दी प्रताड़ना की शिकायत
लौंगिया इलाके में एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विवाहिता के पिता ने गंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए ससुराल पक्ष पर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने शव को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, वहीं जिस कमरे में फांसी लगाई गई, उसे सीज कर दिया गया है। एएसआई रामदेव ने बताया कि लौंगिया निवासी मुस्कान (23) पत्नी समीर ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और देर शाम घटनास्थल का मौका मुआयना किया।मुस्कान के पिता शब्बीर अंदरकोट क्षेत्र में स्थित शब्बीर दरगाह के पास फूलों की दुकान पर काम करते हैं। परिजन ने बताया कि मुस्कान की शादी अक्टूबर 2025 में हुई थी। शादी के बाद से ही उसे ससुराल पक्ष द्वारा परेशान किया जा रहा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
स्मार्ट वॉच-सिम कांड में 5 और हार्डकोर कैदी गिरफ्तार
अजमेर | हाई सिक्योरिटी जेल में स्मार्ट वॉच, सिम कार्ड और चार्जर सहित अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिलने के मामले में पुलिस ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रोडक्शन वारंट पर 5 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद रविवार को सभी आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें वापस जेल भेजने के आदेश दिए गए। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी कुख्यात अपराधी रोहित गोदारा और लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं। ये आरोपी जेल के भीतर रहते हुए ही आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह के नेतृत्व में 11 नवंबर को हाई सिक्योरिटी जेल में सघन तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान एक वार्ड में बंद हार्डकोर अपराधियों के पास से दो स्मार्ट वॉच, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बरामद किए गए। पुलिस ने पहले चरण में सचिन उर्फ संदीप थापन, दिनेश डागर और गुलजारी को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ाते हुए अब सुनील, पिंटू, अभिषेक, सुमित और रामवीर को भी गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उपकरणों का इस्तेमाल जेल के भीतर से रंगदारी और धमकी देने के लिए किया जा रहा था। पुलिस पूरे नेटवर्क और जेल में गैजेट्स पहुंचाने के तरीके की गहन जांच कर रही है।
किराए से लिए सैलून पर ताले लगाने का आरोप
क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र में एक सैलून की दुकान पर ताले लगाने का आरोप लगाते हुए भाई-बहन शनिवार को एसपी ऑफिस पहुंचे। तनवीर और उसकी बहन अंजु गुर्जर ने शिकायत दी है। अंजु गुर्जर ने बताया कि उन्होंने कुलदीप सिंह नामक व्यक्ति से सैलून का सेटअप किराए पर लिया था। इसके एवज में उन्होंने 12 लाख रुपए दिए थे। कुलदीप सिंह ने भी यह दुकान किसी अन्य व्यक्ति से लीज पर ली हुई थी। दुकान नहीं चलने पर कुलदीप ने एग्रीमेंट कर यह दुकान उन्हें दे दी। दोनों ने मेहनत से दुकान चलाई और कारोबार जमने लगा। इसी बीच दुकान के मालिक ने अचानक दुकान पर ताला लगा दिया। पीड़ितों का कहना है कि वे दुकान खाली करने को भी तैयार हैं, लेकिन उनके दिए गए रुपए वापस नहीं किए जा रहे। दुकान की चाबियां भी नहीं दी जा रहीं। दुकान मालिक और कुलदीप सिंह मिलकर उन्हें परेशान कर रहे हैं। पीड़ितों ने एसपी को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में दुकान मालिक कमल सोनी का कहना है कि उन्होंने यह दुकान रूपकंवर प|ी कुलदीप को दी थी। अंजु यहां मैनेजर का काम करती थी। दो माह से रूपकंवर ने दुकान बंद की हुई है, लेकिन मैनेजर अंजु गुर्जर कब्जा करना चाहती है। उसका भाई धमकी देता है।
कार ने बाइक को मारी टक्कर महिला की मौत, तीन घायल
अजमेर | नागौर जिले के डेगाना के पास रविवार देर रात एक बाइक ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक की प|ी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो बच्चे सहित बाइक सवार घायल हो गया। तीनों घायलों को देर रात जेएलएन अस्पताल में भर्ती किया गया है। डेगाना के पास चांदनी गांव निवासी विक्रम सिंह अपनी प|ी सोनी कंवर और दो बच्चों के साथ बाइक पर दूदू से आ रहा था। डेगाना से करीब 8 किमी पहले ही पीछे से आई एक कार ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में सोनी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विक्रम, उसकी बेटी पूनम (12) और बेटा प्रियांशु (8) घायल हो गए। परिजन घायलों को लेकर रात करीब 11:45 बजे जेएलएन अस्पताल लेकर पहुंचे। दरगाह थाना क्षेत्र में मारपीट, दो जने घायल अजमेर | दरगाह थाना क्षेत्र के सिलावट मोहल्ला में आपसी विवाद में दो युवक घायल हो गए। जानकारी के मुताबिक सिलावट मोहल्ला चांदी क कुआं पास तामीर और नजर की स्थानीय युवकों से मारपीट हो गई जिसमें तामीर और नजर घायल हो गए। उन्हें जेएलएन अस्पताल लाया गया। बाद में पुलिस को भी सूचना दी गई।
महिला की हत्या के 3 दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
आदर्श नगर थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले हुई महिला की हत्या के मामले में पुलिस अभी भी खाली हाथ है। हालांकि पुलिस दावा कर रही है कि जल्दी ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। महिला के बेटे ने अपने पिता पर हत्या का शक जताया था, लेकिन अभी तक पुलिस पिता तक नहीं पहुंची है। न ही युवक का पिता खुद सामने आया है। ऐसे में मर्डर का यह मामला फिलहाल अनसुलझा बना हुआ है। बता दें कि शुक्रवार को माखुपुरा इलाके में मोहिनी देवी (51) का शव किचन में मिला था। लहूलुहान हालत में मिले शव को सबसे पहले उनके बेटे अजय ने देखा था। अजय ने अपने पिता पर हत्या का अंदेशा जताया था। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच आगे बढ़ेगी।
पुष्कर स्नान करने आई महिला का पर्स चोरी
अजमेर | पुष्कर स्नान के लिए आई कुचामन निवासी महिला का पर्स बस में चोरी हो गया। महिला को इसकी जानकारी अजमेर बस स्टैंड पहुंचने पर हुई। उसने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई। एएसआई भीम सिंह ने बताया कि कुचामन निवासी मंजू देवी ने दर्ज कराई गुमशुदगी में बताया कि बस में चढ़ते या उतरते समय पर्स गुम हो गया। पर्स में 4500 रुपए व मोबाइल था।
पथरी, प्रोस्टेट व मूत्र रोगों के लिए चिकित्सा शिविर 19 से
अजमेर| 26 एमएम तक की पथरी को दवा से तोड़ने की उपलब्धि प्राप्त कर चुके प्रसिद्ध पथरी विशेषज्ञ डॉ. ऋषि सोनी की विशेष परामर्श सेवाएं 19 से 21 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी। परामर्श प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक दिया जाएगा। डॉ. सोनी पिछले 21 वर्षों में 5000 से अधिक पथरी रोगियों को ऑपरेशन से बचा चुके हैं। डॉ. ऋषि सोनी पूर्व में मध्यप्रदेश के श्री जैन दिवाकर हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर, रतलाम में पथरी व मूत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। यह विशेष परामर्श सेवाएं नसीराबाद रोड स्थित रेलवे पावर हाउस के सामने नगरा के पथरी सेंटर में उपलब्ध रहेंगी। यहां बिना ऑपरेशन किडनी, यूरेटर व मूत्राशय की पथरी, बार-बार पथरी बनना, प्रोस्टेट वृद्धि, मूत्र संबंधी समस्याएं तथा बच्चों के बिस्तर गीला करने जैसी बीमारियों का उपचार किया जाएगा। रोगी सोमवार से बुधवार तक सुबह 9 से 1 बजे के बीच नगरा स्थित पथरी सेंटर पर पूर्व रजिस्ट्रेशन करवा कर उपचार का लाभ ले सकते हैं।
पर्दे वाला का नया शोरूम खुला, सभी उत्पाद किफायती दाम पर
अजमेर| घर की साज-सज्जा को नया और आकर्षक रूप देने के लिए अब आदर्शनगर के लोगों को शहर से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। शहर के प्रतिष्ठित ब्रांड पर्दे वाला की नई शाखा का शुभारंभ 7 पीपली बालाजी मंदिर के पास किया गया है। नई शाखा में होम डेकोरेशन की आधुनिक और आकर्षक रेंज उपलब्ध है। संचालक भावित बोहरा ने बताया कि यहां लेटेस्ट डिजाइन और प्रीमियम फैब्रिक के पर्दे, सोफे के लिए आकर्षक कवर व फैब्रिक कलेक्शन तथा दीवारों के लिए मॉडर्न व क्लासिक वॉलपेपर मिलेंगे। इसके साथ ही ऑफिस व होम के लिए सभी प्रकार की ब्लाइंड्स और आरामदायक नींद के लिए उच्च गुणवत्ता के गद्दे व फोम भी उपलब्ध हैं। शोरूम में गुणवत्ता और वैरायटी पर विशेष ध्यान दिया गया है। सभी उत्पाद किफायती व वाजिब दामों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मानवाधिकार मिशन की बैठक आयोजित
अजमेर| मानव अधिकार मिशन अजमेर की कार्यकारिणी की बैठक सुभाष नगर में हुई। बैठक में निर्णय लिया कि मां सरस्वती पूजन सप्ताह के तहत 22 से 28 जनवरी तक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को राजभाषा हिंदी और देवनागरी लिपि के अंकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही ‘निज भाषा भूषा’, कुटुंब स्व-जागृति और पर्यावरण संरक्षण को लेकर पत्रक वितरण, ज्ञापन और विचार गोष्ठियां होंगी।
नेत्रदान : परिजन की सहमति से दो लोगों को मिलेगी रोशनी
अजमेर| मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए नागौर जिले के ग्राम डोडियाना निवासी 24 वर्षीय संदीप प्रजापत के परिजन ने उनके असामयिक निधन के बाद नेत्रदान कर दो दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी लौटाने का निर्णय लिया। आई बैंक सोसाइटी ऑफ राजस्थान, अजमेर चैप्टर को एक जोड़ी कॉर्निया प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही टीम जेएलएन अस्पताल की मोर्चरी पहुंची। असिस्टेंट मैनेजर भरत कुमार शर्मा ने शोकाकुल परिजन को नेत्रदान का महत्व समझाया। लिखित सहमति के बाद सुरक्षित रूप से कॉर्निया संग्रहित किए।
प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती का स्वागत
अजमेर| भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती के पुनः पदभार संभालने के बाद पहली बार अजमेर पहुंचने पर उनका स्वागत किया। भाजपा कार्यालय में हुई बैठक में मेवाती ने आगामी पंचायत राज चुनावों को लेकर रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि संगठन अल्पसंख्यक समाज को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए मजबूती से टिकट की मांग करेंगे। मेवाती ने कार्यकर्ताओं को सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ बूथ स्तर तक सक्रिय रहने का आह्वान किया। इससे पहले घूघरा और दिल्ली गेट पर 51 किलो की माला व साफा पहनाकर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने दरगाह शरीफ में चादर चढ़ाकर अमन-चैन की दुआ भी मांगी। कार्यक्रम में अय्यूब खान, जंग बहादुर पठान, कासिम राठौड़, हमीद शेख, जावेद खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
157 विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव के लिए बांटे स्वेटर और स्टेशनरी
अजमेर| नगीना बाग स्थित स्वामी दादूराम साहिब दरबार ट्रस्ट द्वारा मकर संक्रांति पर पिचौलिया के राजकीय विद्यालय में सेवादार फतनदास के नेतृत्व में प्रधानाचार्य पवन शर्मा के सान्निध्य में 157 विद्यार्थियों को सर्दी से बचाव के लिए स्वेटर, मोजे और स्टेशनरी किट वितरित किए। इस दौरान नंदकिशोर सखरानी व नानक गजवानी सहित कई जने मौजूद रहे।
रक्तदान शिविर : 218 यूनिट रक्त संग्रहीत, रक्तवीरों का सम्मान
अजमेर| गुलाब बाड़ी स्थित तेजाजी की देवली पर बालाजी सेवा संस्थान की ओर से 19वां रक्तदान शिविर आयोजित हुआ। शिविर में विशिष्ट अतिथि डॉ. आनंद अग्रवाल एवं भामाशाह त्रिलोक इंदौरा रहे। रक्तवीरों को ललित बचानी की ओर से मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। माली सेना जिला अध्यक्ष हेमराज खारोलिया ने बताया कि देवली पर प्रतिवर्ष युवा न केवल रक्तदान करते हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अस्पताल जाकर लाइव डोनेशन भी करते हैं। मुख्य अतिथि शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजकुमार जयपाल, नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली, जीएलओ अध्यक्ष लक्ष्मी आनंद व विधायक अनीता भदेल ने रक्तवीरों का उत्साहवर्धन किया। संस्थान अध्यक्ष गणेश टॉक ने बताया कि शिविर में रक्तवीरों के सहयोग से 218 यूनिट रक्त संग्रहीत हुआ। आयोजन में जेएलएन जनाना हॉस्पिटल टीम व त्रिवेणी ब्लड बैंक का सहयोग रहा। बबीता चौहान, धर्मेंद्र सिंह टाक, राजेश चौहान ने भी सहयोगी भूमिका निभाई।
नई कार्यकारिणी में रामनाथ मीणा अध्यक्ष
अजमेर| मीना विकास एवं शोध संस्थान, अजमेर की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से रामनाथ मीणा को संस्थान का अध्यक्ष चुना गया। सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कार्यकारिणी में देवी सहाय, रतन लाल एवं राधेश्याम मीणा को उपाध्यक्ष तथा टीकम मीणा को महासचिव नियुक्त किया। एमडीएस विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ. मदन मीणा को मीडिया प्रभारी बनाया गया। घासी लाल मीणा को कोषाध्यक्ष, मोरपाल व मुकेश चंद मीणा को सहायक सचिव तथा बीएल मीणा सहित अन्य को कार्यकारी सदस्य मनोनीत किया।
बाल विवाह की रोकथाम : रैली निकालकर बालिकाओं व ग्रामीणों को किया जागरूक
अजमेर| राजस्थान समग्र कल्याण संस्थान की ओर से मांगलियावास क्षेत्र में बाल विवाह रोकथाम के लिए जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें ग्रामीणों और बालिकाओं को बाल विवाह की बुराइयों व कानूनी प्रावधानों के प्रति सजग करना रहा। इस दौरान करीब 100 बालिकाओं ने सहभागिता की। कोऑर्डिनेटर तोताराम उदयवाल ने इसके दुष्परिणाम बताए। प्रभारी विनीता ने अधिकारों की जानकारी दी। लीडी सरपंच भंवरलाल डीया ने बालिकाओं को बाल विवाह के लिए जागरूक किया।
रेडक्रॉस की वार्षिक आमसभा, सम्मान समारोह सम्पन्न
अजमेर| भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी एवं सेंट जॉन एम्बुलेंस एसोसिएशन जिला शाखा की 102वीं वार्षिक आमसभा व सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जेएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया थे, जबकि अध्यक्षता चेयरमैन हरिनारायण सोमानी ने की। इस दौरान 5 चिकित्सकों डॉ. संजीव माहेश्वरी, डॉ. रंजन कुमार रॉय, डॉ. बीके त्रिपाठी, वैद्य धीरज उपाध्याय और डॉ. जगदीश प्रसाद सोमानी को शाल, श्रीफल व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। सचिव भगवान सिंह ने कहा कि संस्था निस्वार्थ सेवा दे रही है।
केवि-2 बालिका टीम ने जीता रनर-अप खिताब
अजमेर| मेयो कॉलेज में आयोजित प्रथम यूमास-टीएससी आमंत्रण हॉकी प्रतियोगिता में पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 की बालिका टीम ने शानदार प्रदर्शन कर उपविजेता का खिताब जीता। इस सफलता के पीछे कोच योगेश कुमार का मार्गदर्शन रहा। कप्तान राशिका कांवत ने नेतृत्व करते हुए टीम को एकजुट रखा और विपक्षी टीमों को कड़ी चुनौती दी। प्राचार्य देवेंद्र कुमार देरान ने कहा कि खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित होती है।
मुस्लिम कब्रिस्तान इंतजामिया कमेटी की नई कार्यकारिणी गठित
अजमेर | मुस्लिम कब्रिस्तान इंतजामिया कमेटी, मदार की रविवार को हुई मीटिंग में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। मुन्ना मंसूरी को पुन: अध्यक्ष व अशरफ अली को संरक्षक बनाया गया। उपाध्यक्ष नजीर अहमद, सचिव मंजूर अहमद, सह सचिव सोहराब खान, कोषाध्यक्ष शेख मुख्तार अहमद, सह कोषाध्यक्ष नजीर अहमद, मीडिया प्रभारी मोहम्मद मेहंदी हसन चुने गए। सदस्यों के रूप में बाबूदीन खान, दादन राय, सरोज खान, मोहसिन खान, सैयद वारिस अली, शमीम अहमद, जाकिर हुसैन, सफिउल्ला खान, शाहरुख खान, निसार अहमद, बशीर खान, मोहर्रम अंसारी, फिरोज खान शामिल किए गए।
रोडवेज प्रबंधक (यातायात) बलवंत सिंह ने बताया कि अभ्यर्थियों के बढ़ते भार के चलते नागौर, डीडवाना, कुचामन, परबतसर, जयपुर और केकड़ी रूटों पर 40 बसें लगाई थीं। यह बसें अजमेर और अजयमेरु डिपो की थीं। इसके अलावा दूसरे डिपों की 15 बसों ने देर शाम तक अभ्यर्थियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सेवाएं दीं। रोडवेज ने 55 बसें लगाई, देर शाम तक जारी रही रवानगी अजमेर | शिक्षक भर्ती परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों के कारण शहर की सड़कों पर रविवार को ट्रैफिक का लोड करीब 70 फीसदी बढ़ गया। इससे कई क्षेत्रों में जाम के हालात पैदा हो गए। सबसे ज्यादा दिक्कत तब आई जब दोपहर 12.30 बजे पहली पारी की परीक्षा समाप्त हुई, अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों से लौटने लगे और 2 बजे होने वाली दूसरी पारी की परीक्षा के लिए अभ्यर्थी अपने निजी वाहनों और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के माध्यम से अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचने लगे। दूसरी पारी के अभ्यर्थियों को दोपहर 1.30 बजे तक सेंटर पर रिपोर्टिंग करनी थी, इसलिए दूरदराज के सेंटर्स पर जाने के लिए ज्यादातर अभ्यर्थी साढ़े बारह बजे बाद ही निकल गए। इससे रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मार्टिंडल ब्रिज, बजरंगगढ़ चौराहा, फव्वारा सर्किल, खाईलैंड मार्केट, जयपुर रोड, सूचना केंद्र चौराहा, इंडिया मोटर सर्किल सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई। दोपहर में करीब एक से डेढ़ घंटे तक सड़क पर वाहन रेंगते नजर आए। वहीं अपराह्न 4.30 बजे दूसरी पारी की परीक्षा छूटते ही मुख्य मार्गों पर फिर यातायात व्यवस्था बेपटरी हो गई। हालांकि ट्रैफिककर्मियों ने मशक्कत कर शाम 7.30 बजे तक शहर की यातायात व्यवस्था सुचारू कर दी। ज्यादातर अभ्यर्थी निजी वाहनों से पहुंचे, इससे बढ़ा ट्रैफिक का लोड टीआई नीतू राठौड़ ने कहा कि परीक्षा दो पारियों में थी। ज्यादातर अभ्यर्थी अपने निजी वाहनों से पहुंचे, इनमें भी कारों से आने वालों की संख्या ज्यादा थी। ट्रेन और बसों से पहुंचे अभ्यर्थी भी लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सवार होकर अपने-अपने केंद्रों पर पहुंचे। इस वजह से ट्रैफिक का लोड एकाएक बढ़ गया। कुछ क्षेत्रों में दिक्कतें आई थी।
स्कूलों के समय में बदलाव को लेकर रहा असमंजस
शीतलहर के चलते जिले के स्कूलों का समय पूर्व में 17 जनवरी तक के लिए बदला गया था। यह अवधि पूरी हो गई, लेकिन संशोधित आदेश जिला प्रशासन की ओर से जारी नहीं किए गए। ऐसे में स्कूलों में असमंजस की स्थिति रही कि सोमवार को स्कूल कितने बजे से कितने बजे तक संचालित करें। नए आदेश नहीं आने पर कुछ प्राइवेट स्कूलों ने अपने स्तर पर समय तय कर लिया और पेरेंटस के वाटस एप पर मैसेज भी जारी कर दिए। 11 जनवरी को कलेक्टर ने एक आदेश जारी कर निर्देश दिए थे कि शीतलहर के चलते प्राइमरी से 12वीं तक के स्कूलों का समय 12 से 17 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहेगा। यह अवधि पूरी होने पर स्कूलों में इंतजार होता रहा कि नए आदेश आएंगे, लेकिन रात तक भी कोई आदेश ना तो शिक्षा विभाग से प्राप्त हुए और ना ही जिला प्रशासन की ओर से जारी किए। इन परिस्थितियों को देखते हुए कुछ निजी स्कूलों ने सुबह 9 से 2 बजे तक का समय लिख कर पेरेंट्स को भेज दिया है।
अजमेर | सुबह 10 से अपराह्न 3 बजे तक: हाथीखेड़ा। सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक: सुभाष नगर गली नं. 3 से 12, वैश्य छात्रवास, चिश्ती नगर, आजाद नगर, पुराना सिनेमा घर, संजय नगर, खानपुरा रोड, पटवारी की चौकी के पास। सुबह 11 से 12:30 बजे तक: धोरों का बेरा, मुगलों की ढाणी, एकता नगर, सोमलपुर। सुबह 9:30 से शाम 4 बजे तक: सेदरिया, जोला का बड़िया, पालरा। सुबह 10 से अपराह्न 3 बजे तक: पत्रकार कॉलोनी, केशव उद्यान, प्रगति नगर कोटड़ा, पिंक गार्डन, प्रजापति छात्रावास, पसंद नगर चौराह। दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक: दौराई, हथौड़ा फैक्ट्री, बस स्टैंड, नमक गोदाम, आजाद मार्ट, जवाहर नगर, सेक्टर 3 हाउसिंग बोर्ड।
चौपाटी पर बना निजी बसों का अवैध स्टैंड
अजमेर | गांधी भवन चौराहे से बस स्टैंड जाने वाले रास्ते पर अजमेर टावर के सामने नाले पर लगा कवर धंसने की कगार पर है। इसके आसपास ब्लॉक हट चुके हैं। इससे वाहनों को नुकसान हो रहा है। पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। इस गड्ढे की चौड़ाई लगातार बढ़ रही है। -कैलाश चंद, स्थानीय निवासी अजमेर | धोला भाटा क्षेत्र में न्यू ऑल सेंट स्कूल के सामने नगर निगम द्वारा नाली निर्माण करवाया जा रहा है। यहां लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर पूरी सड़क पर कंक्रीट फैलाई जा रही है। इससे दो पहिया वाहन फिसल रहे हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। -चंद्र प्रकाश, स्थानीय निवासी अजमेर | गौरव पथ वैशाली नगर चौपाटी इन दिनों प्राइवेट बसों का अघोषित बस स्टैंड बन गई है। यहां से दिन भर अजमेर से ग्रामीण क्षेत्र और नागौर जाने वाली बसों का अवैध संचालन होता है। बसों के कारण सड़क पर बड़ी संख्या में ठेले लगते हैं। ऑटो और टैंपो का भी जमावड़ा रहता है। इससे यह एक्सीडेंटल जोन बनता जा रहा है। -विजय जैन पंड्या, स्थानीय निवासी कचहरी रोड पर धंसने लगा है नाले का कवर सड़क पर फैली कंक्रीट से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे जनता की आवाज कॉलम के जरिए आप भी अपनेआसपास की समस्याओं को आवाज दे सकते हैं। जुड़ने के लिए 92521 28407, 94600 90344 पर वॉट्सएप करें या dbcajmer@dbcorp.in पर मेल करें।
सॉफ्टबॉल नहीं खेलती थी लड़कियां... टीम बनाई और पहले ही मैच में सिल्वर मेडल जीतकर दिखाया
भास्कर खास अगर मन में कुछ करने की ठान लें तो किसी तरह की रोक-टोक और संसाधन की कमी आड़े नहीं आती। कुछ ऐसे ही आत्मविश्वास, लगन और अथक मेहनत के बल पर सॉफ्टबॉल खिलाड़ी मैना, रामनेरी और अन्य लड़कियां सफलता की इबारत लिखने में सफल रहीं। मैना को लड़की होने पर अपने ही गांव में इस खेल के लिए सपोर्ट नहीं मिला। लेकिन मन में जिद और जुनून था कि लड़के जिस खेल को खेल सकते हैं, तो वो क्यों नहीं। आखिर अपने बलबूते पर टीम बनाई और पहली ही प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल लाकर सबको जवाब दे दिया। मैना एसपीसी जीसीए में चल रही एमडीएसयू इंटर कॉलेज सॉफ्टबॉल प्रतियोगिता में उतर रही हैं। मां से मिला विरासत में खेल, टीमवर्क पसंद ईशाना खान, सोफिया कॉलेज बचपन से खेलकूद में रुचि थी। मां कोच हैं और उनसे ही विरासत में यह खेल मिला। अंडर 14 में 2019 में राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया था। अजमेर का प्रतिनिधित्व किया। यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के कवर्धा सीधी में हुई थी। 2018 में स्टेट लेवल खेला था। फिर 2019 में स्टेट लेवल दोबारा खेली। महज दो साल में खेल में पारंगत हुई शिवांगी सारस्वत, एमए प्रीवियस, सोशियोलॉजी शुरुआत में कबड्डी की स्टेट प्लेयर थी। जब 2023 में पुष्कर में इंटर कॉलेज टूर्नामेंट में हम लोग गए हुए थे। इस खेल को खेलते हुए लड़कियों को देखा तो इस खेल के प्रति उत्सुकता बढ़ी। दो साल में इस खेल में पारंगत हुई। अॉल इंडिया यूनिवर्सिटी स्तर पर सेलेक्शन हुआ और पिछले साल नेल्लौर में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया। कोच से ली प्रेरणा, रोज 4 घंटे प्रेक्टिस रामनेरी, बीपीएड स्टूडेंट स्कूल तक सॉफ्टबॉल नहीं खेला था। लेकिन जब कॉलेज पहुंची और कोच नैनाराम को यह खेलते देखा तो इंटरेस्ट बढ़ा। जब मैं प्रथम वर्ष में थी, वही इस गेम में सबसे पहले लेकर आए। ग्राउंड में लगातार 3 से चार घंटे प्रेक्टिस होती रहती। अब हाल ये है कि पिछले 4 साल से लगातार यूनिवर्सिटी गेम खेलने जा रही हूं। इस बार यहां आए हैं। बचपन से थी खिलाड़ी बनने की इच्छा मैना, एमए प्रीवियस, पॉलिटिकल साइंस खिलाड़ी बनने की इच्छा बचपन से ही थी लेकिन गांव और परिवार का सपोर्ट नहीं था। जब कॉलेज में पहुंची तो कोच से बात कर टीम भी बन गई। 10-15 लड़कियों को इस खेल के लिए तैयार कर लिया। साथी खिलाड़ियों को कोचिंग भी दी। जब प्रथम वर्ष में थी, तो पहली बार पुष्कर में पहला टूर्नामेंट खेला और टीम ने सिल्वर मेडल जीता। कहानी जिद और जज्बे की: मन में ठाना तो नहीं आई रोक-टोक और संसाधन की कमी आड़े
नवपंख संस्था: वृद्धाश्रम में सुंदरकांड पाठ किया
अजमेर |सामाजिक सेवा में सक्रिय नवपंख संस्था की ओर से रविवार को अंबे समिति वृद्ध आश्रम कोटड़ा में एक आध्यात्मिक एवं सेवा-भाव से परिपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर आश्रम के वृद्धजनों के साथ सुंदरकांड पाठ किया गया और बाद में सभी को प्रसादी भी वितरित की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वृद्धजनों को मानसिक शांति, आत्मिक संबल तथा सामाजिक अपनत्व का अनुभव कराना था। वृद्धजनों ने श्रद्धा पूर्वक पाठ में भाग लिया तथा संस्था के प्रयासों की सराहना की। संस्था ने बताया कि वृद्धजन हमारे जीवन के मार्गदर्शक हैं और उनके अनुभवों से युवाओं को सीखना चाहिए। कार्यक्रम में सदस्यों ने प्रसादी वितरित कर उनके अनुभव साझा किए।
विश्वकर्मा जयंती: तीन दिवसीय समारोह 29 से
अजमेर | विश्वकर्मा जयंती के उपलक्ष्य में 31 जनवरी को जांगिड़ ब्राह्मण बैंक के तत्वावधान में तीन दिवसीय आयोजन होंगे। बैंक के संचालक मंडल की बैठक अध्यक्ष राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। मंत्री धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि कार्यक्रमों की शुरुआत 29 जनवरी को सुबह 8 बजे चंद्रवरदाई नगर स्टेडियम में क्रिकेट मैच से होगी। 30 जनवरी को धमहिलाओं व बच्चों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। दोपहर 3 बजे बैंक परिसर से वाहन रैली निकलेगी, जो केसरगंज, क्लॉक टावर और गांधी भवन होते हुए वापस बैंक पहुंचेगी। 31 जनवरी को सुबह यज्ञ-हवन, पुरुष वर्ग की स्पर्धाएं तथा शाम 5 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम व पारितोषिक वितरण होगा। लॉटरी विमोचन और शांति पाठ के साथ महोत्सव का समापन होगा। बैठक में सीईओ सुधीर कुमार शर्मा मौजूद रहे।
20 किमी पदयात्रा कर दरगाह जियारत को पहुंचे डेढ़ हजार अकीदतमंद... चादर पेश की
अजमेर | डेढ़ हजार से अधिक अकीदतमंद 20 किलोमीटर की पैदल यात्रा करीब 5 घंटे में पूरी कर रविवार को दरगाह पहुंचे। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। इस दल ने गरीब नवाज की मजार पर चादर पेश की। अमन-खुशहाली के लिए दुआ की। अजमेर से सटे ककलाना गांव के ये अकीदतमंद सुबह करीब 8 बजे गांव से रवाना हुए। तबीजी और ब्यावर रोड होते हुए शहर में दाखिल हुए। अकीदतमंद का एक समूह चादर हाथों में लिए चल रहा था। भंवर बहादुर चीता जुलूस में शामिल थे। डीजे पर सूफियाना कलाम बजाए जा रहे थे। जुलूस में शामिल लोग पैदल ही अजमेर की ओर बढ़े आ रहे थे। इस जुलूस का तबीजी व ब्यावर रोड पर जगह-जगह स्वागत भी किया गया। लंगर व चाय आदि के इंतजाम किए गए। सैयद इरफान चिश्ती और मुस्तकीम अली आदि ने जियारत कराई। बहन बेटियां भी आती हैं चादर पेश करने: भंवर बहादुर चीता ने बताया कि कई सालों से गरीब नवाज के उर्स के बाद यह चादर गांव से पेश करने के लिए हर साल लाई जाती है। पहले लोग कम रहते थे। पिछले 10 सालों में भीड़ अधिक बढ़ने लगी है। बहन बेटियां भी बड़ी संख्या में चादर पेश करने के लिए आती हैं।
आर्य समाज: ऋ ग्वेद भाष्य की भूमिका का पाठ
अजमेर | आर्य समाज के साप्ताहिक सत्संग में वेद मंत्रों के साथ यज्ञ किया गया। मोहनचंद व जागेश्वर प्रसाद निर्मल के ब्रह्मत्व तथा नवीन मिश्र सहित अन्य यजमानों ने आहुति दी। मंत्री चिरंजीलाल शर्मा ने बताया कि सत्संग में ऋग्वेद भाष्य की भूमिका का पाठ किया। भजनों और सत्यार्थ प्रकाश कथा के माध्यम से वेद संदेश दिया गया। प्रवचन में वैदिक विद्वान नवीन मिश्र ने कहा कि वेदों के अनुरूप आचरण से ही मानवता की रक्षा संभव है। जागेश्वर प्रसाद निर्मल का सम्मान और अमेरिका से लौटे सोमर| आर्य का अभिनंदन किया गया। शांति पाठ किया गया।
महासती प्रभावती को दी श्रद्धांजलि, संथारा व्रत की काव्यमय स्तुति की
अजमेर| 9 दिनों के संथारा के बाद प्राण त्यागने वाली साध्वी प्रभावती को रविवार को श्वेतांबर जैन समाज की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में दूसरे शहरों से भी बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग अजमेर पहुंचे। साध्वी प्रभावती रत्न वंश के अष्टम पट्टधर आचार्य हीराचंद महाराज व महेन्द्र मुनि की आज्ञानुवर्तिनी थीं। साध्वी सरलेषप्रभा ने उनके प्रारम्भिक जीवन से दीक्षा और समाधि तक का विवरण प्रस्तुत किया। महासती सुशीला कंवर महाराज ने श्रावक-श्राविकाओं को मांगलिक श्रवण व प्रत्याख्यान करवाए। निर्मला सखलेचा ने संथारा के 9 दिनों की काव्यमय स्तुति की। पुष्कर रोड संघ के रिखब मांडोत, मानव सेवा संस्थान के अध्यक्ष जीएम जैन व मंत्री संदीप चपलोत, वैशालीनगर संघ के पी.एम. जैन, आदर्श नगर संघ के नवनीत जैन, श्राविका मंडल की कल्पना कटारिया ने गुणानुवाद किया। महासती के सांसारिक पुत्र नरेन्द्र कांकरिया ने भी विचार रखे। श्री रत्न हितैषी श्रावक संघ अजमेर के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश कटारिया ने बताया कि नरेन्द्र, वीरेंद्र व अभिषेक कांकरिया ने रत्न संघ को पांच लाख रुपए सहयोग देने की घोषणा की।
5151 आसन पर सुंदरकांड पाठ में सेवा देने वालों का सम्मान
अजमेर| मकर संक्रांति पर 5151 आसनों पर हुए संगीतमय सुंदरकांड पाठ में सेवा देने वाले कार्यकर्ताओं का विधायक अनिता भदेल ने रविवार को सम्मान किया। भदेल ने श्री सनातन संस्कृति संरक्षण प्रन्यास के सभी कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज को सनातन से जोडने का प्रयास किया जाता रहेगा। इस मौके पर कमल पंवार, उत्तमचंद पंवार, जितेन्द्र गहलोत, अंकित गुर्जर , गोपाल गोयल, महेश्वर झा,मंयक दाधीच, राजा महाजन ,दिलावर चौहान सहित कई कार्यकर्ताओं का सम्मान किया गया।
डॉ. चेतना उपाध्याय को राष्ट्रीय सम्मान
अजमेर| बीकानेर के सींथल में रामस्नेही संप्रदाय की प्रमुख पीठ पर सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, दिल्ली एवं गुरुकुल बीएल मोहता लर्निंग इंस्टीट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में संगोष्ठी व नारी शक्ति सम्मान समारोह हुआ। डाइट मसूदा, अजमेर की डॉ. चेतना उपाध्याय को बालिका शिक्षा, शिक्षा, साहित्य-संस्कृति संरक्षण व समाज सेवा में योगदान के लिए महिला सशक्तीकरण सम्मान प्रदान किया गया।
दशमेश सत्संग सभा : सजेगा कीर्तन दरबार, जन्मोत्सव कार्यक्रम 25 से
अजमेर| धन-धन बाबा दीप सिंह के जन्मोत्सव पर अलवर गेट स्थित दशमेश सत्संग सभा गुरुद्वारा में भव्य कीर्तन दरबार सजाया जाएगा। गुरुद्वारा प्रधान गुरचरण सिंह ने बताया कि 25 और 26 जनवरी को आयोजित इस समागम में विशेष दीवान सजेंगे। 25 जनवरी को सुबह 9 बजे चोपहरा साहिब व दोपहर 1 से 2 बजे तक कीर्तन होगा। शाम को 7:30 से 10 बजे तक विशेष दीवान सजेगा। 26 जनवरी को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक कीर्तन व व्याख्यान होंगे। कार्यक्रम में लखनऊ से आए भाई पवनजीत सिंह, भाई सुखप्रीत सिंह, भाई अमरजीत सिंह और हजूरी रागी भाई रोहित सिंह प्रीत संगत को निहाल करेंगे।
शहीद हेमू, नेताजी की स्मृति में रैली 23 को
अजमेर| सिंधी संगीत समिति की ओर से 23 जनवरी को शहीद हेमू कालानी के शहादत दिवस और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर वाहन रैली निकाली जाएगी। महासचिव घनश्याम ठारवानी ने बताया कि रैली सुबह 11 बजे भागचंद की कोठी से शुरू होगी, जिसे संत हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पार्षद रमेश चेलानी ने बताया कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मुख्य अतिथि रहेंगे। विशिष्ट अतिथि एडीएम ज्योति ककवानी सहित कई गणमान्य होंगे। संरक्षक जितेंद्र रंगवानी ने सभी संस्थाओं से सहभागिता का आह्वान किया है।
नई जिला कार्यकारिणी घोषित, डॉ. आलोक संरक्षक और डॉ. मधुबाला बनीं जिलाध्यक्ष
होम्योपैथिक चिकित्सक संघ अजमेर | राजस्थान सेवारत होम्योपैथिक चिकित्सक संघ की जिला स्तरीय बैठक बैठक में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी बनी। चुनाव प्रक्रिया डॉ. दिनेश बिहारी लाल माथुर, डॉ. डेविड सैमुएल, डॉ. आभा मित्तल और डॉ. ओपी यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें डॉ. आलोक वर्मा को संरक्षक तथा डॉ. मधुबाला राजक को जिलाध्यक्ष चुना गया। मीडिया प्रभारी डॉ. हीना गौरी ने बताया कि डॉ. अनूप कुलश्रेष्ठ उपाध्यक्ष बने। डॉ. गरिमा और डॉ. सिंपी को महासचिव, डॉ. प्रीति व डॉ. रश्मि को सचिव तथा डॉ. लवीना और डॉ. जया को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। डॉ. हीना, डॉ. रामकृपाल, डॉ. ललित और डॉ. हर्षिता मीडिया प्रभारी बनाए गए। बैठक में डॉ. राजेश मीणा सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे।
मेरी दो पत्नियां पहले से हैं। गर्लफ्रेंड प्रीति तीसरी थी। उसे बहुत प्यार करता था। पूरी पेंशन उसी पर उड़ा देता था, मगर वो किसी और से बात करती थी। उससे मिलने भी जाती थी। पैसे मेरे से मांगती थी, न देने पर धमकाती थी। तब उसका मर्डर प्लान किया। 8 जनवरी को प्रीति को घर ले गया। वहां सिर में कुल्हाड़ी से वार कर प्रीति की हत्या कर दी। दो दिन तक लाश के साथ सोया और फिर कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े किए। एक-एक कर सभी टुकड़ों को जला दिया। राख को ठिकाने लगाने निकला तो भेद खुल गया। झांसी में ये कबूलनामा रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान (64) का है। जिसने 32 साल छोटी अपनी गर्लफ्रेंड प्रीति (32) की हत्या की और लाश को जला दिया। अधजले अवशेष व राख नीले रंग के बक्से में भरी। फिर शनिवार देर रात लोडिंग गाड़ी बुक करके बक्सा ठिकाने लगाने निकला था। बक्से से बदबू और पानी गिरने पर ड्राइवर को शक हुआ। उसने पुलिस को बुला लिया। तब इस शातिर आरोपी की करतूत उजागर हो गई। बक्से से राख के अलावा दो से 3 इंच की हड़्डियां मिली हैं। बाकी का पूरा शरीर जल गया। ये दिल दिहलाने वाली वारदात झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के बह्म नगर में हुई है। पुलिस ने आरोपी राम सिंह, दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को गिरफ्तार कर लिया है। अब पढ़िएं बूढ़े आशिक की पूरी कहानी 2 पत्नियां होने के बावजूद बनाई गर्लफ्रेंड आरोपी राम सिंह परिहार नंदनपुरा का रहने वाला है। वह रेलवे में जॉब करता था। उसने पुलिस को बताया- 40 साल पहले मेरी शादी गीता परिहार से हुई थी। उससे एक बेटा शैलेंद्र व दो बेटियां है। तीनों की शादी हो चुकी है। 25 साल पहले मेरी गीता रायकवार से मुलाकात हुई थी। हम दोनों की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। गीता रायकवार पहली शादी उदल रायकवार निवासी नरछा, उरई से हुई थी। अनबन होने के बाद गीता ने उदल को छोड़ दिया। पहली शादी से एक बेटा मनीष है। फिर हम दोनों सैंयर गेट अंदर फूटा चौपड़ा मोहल्ले में रहने लगे थे। हम दोनों को 20 साल पहले एक बेटा नितिन हुआ। दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी को छोड़ दिया था। सब कुछ ठीक चल रहा था। मैं एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर काम करता था। वहां खाती बाबा निवासी प्रीति काम करने आती थी। 10 साल पहले प्रीति से दोस्ती हुई और हम दोनों में प्यार हो गया। प्रीति भी शादीशुदा है। उसकी दो बेटी और एक बेटा है। मैं प्रीति को बहुत प्यार करता है। प्रीति पैसों की लालची थी। 4 साल पहले मैं नौकरी से रिटायर्ड हो गया। इसलिए वेतन आधी हो गई। 7 दिन तक लाश के टुकड़े जलाए आरोपी ने पुलिस को बताया- मैं प्रीति से बेहद प्यार करता था। पूरी पेंशन उस पर उड़ा देता था। लेकिन कुछ समय से प्रीति के व्यवहार में बदलाव आ गया था। मुझे शक था कि वो किसी दूसरे युवक से बात करती थी और उससे मिलने भी जाती थी। पूछने पर ठीक से जबाव नहीं देती थी। प्रीति पैसों की लालची थी और हर वक्त पैसे मांगती थी। पहले ही अपनी पेंशन से मिले 20 लाख रुपए उसे दे चुका था। पैसे न मिलने पर प्रीति धमकाती थी। तब उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 20 दिन पहले बह्म नगर में पहाड़ी पर एक मकान किराए पर लिया। वहां प्रीति को लेकर जाता था। 8 जनवरी की शाम को प्रीति को ले गया। वहां कुल्हाड़ी से सिर में वार करके प्रीति की हत्या कर दी। कमरे के फर्श पर बिखरे खून को साफ कर दिया। दो दिन तक मैं शव के साथ सोता रहा। जब कमरे से दुर्गंध फैलने लगी तो शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े किए और फिर 7 दिनों तक एक-एक करके जला दिए। डेढ़ क्विंटल लकडियां खरीदी, बेटे से बक्सा मंगवाया राम सिंह ने 10 जनवरी को सीपरी बाजार के एक मुक्तिधाम से अपने नाम की रसीद कटाकर डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदी थी। मुक्ति धाम से पुलिस को इसकी रसीद भी मिली है। लकड़ियां लेकर वह खुद घर आया। इसके बाद अपने बेटे नितिन से लोहे का बड़ा बक्सा मंगवाया। नितिन ने चित्रा चौराहे के पास से यह बक्सा खरीदा था। नितिन के बक्सा लेकर पहुंचने पर राम सिंह ने उसे बाहर से ही भेज दिया। नितिन मिनर्वा चौराहे पर वाहन स्टैंड में ड्यूटी करता है। राम सिंह ने उसे दूसरे दिन भी बुलवाया था लेकिन ड्यूटी की वजह से वह नहीं आ पाया। उसने शव के टुकड़े जलाने शुरू कर दिए। पड़ोस के लोगों को शक न हो, इसलिए वो आधी रात के बाद ही टुकड़े जलाता था। उस दौरान तेज ठंड होने से आसपास के लोग अंदर कमरों में सोए रहते थे। शव के टुकड़े जलने के बाद अवशेष और राख को बक्से में रखा। शनिवार रात को बक्सा ठिकाने लगाने निकल पड़ा। 400 रुपए में बुक किया था लोडर लोडर चालक जय सिंह पाल की सजगता से ही शातिर राम सिंह की करतूत उजागर हो सकी। जय सिंह पाल ने बताया- मैं लोडिंग गाड़ी चलाता हूं। मेरे मोहल्ले में रामसिंह रहता है। शनिवार को वह मेरे पास आया और बोला कि कुछ सामान लेकर आना है। उसने 400 रुपए में लोडिंग बुक किया और मुझे लेकर बह्म नगर पहुंच गया। रामसिंह के साथ उसका बेटा नितिन समेत 4 लोग थे। बह्म नगर में पहुंचे तो वह घर से एक बक्सा निकालकर लाया। शक होने पर मैंने पूछा कि इसमें क्या है तो रामसिंह बोला कि घर का सामान है। मैंने मना किया कि हम यह नहीं ले जाएंगे, लेकिन उसने कहा कि ले चलो। रामसिंह लोडिंग में नहीं बैठा, जबकि उसका बेटा समेत अन्य लोग बैठ गए। तब रामसिंह बोला- आप लोग चलो, मैं पीछे-पीछे आ रहा हूं। जब सैंयर गेट अंदर फूटा चौपड़ा कॉलोनी में पहुंचे तो नितिन बक्सा को अपने घर पर ले गया। उसमें से बदबू आ रही थी और पानी गिर रहा था। शक होने पर हम लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बक्से में हड्डियों जैसी चीजें निकली। महिलाओं के लेकर आता था आरोपी बह्म नगर निवासी पुष्पा देवी ने बताया- मैं राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान को नहीं जानती थी। 20 दिन पहले उसने पड़ोस का एक मकान किराए पर लिया था। मकान मालिक नंदनपुरा में रहता है। राम सिंह उसका मिलने वाला था। वो बताता था कि मेरा सीपरी बाजार में नारायण गार्डन है। मगर राम सिंह यहां रहता नहीं था। वह अक्सर शाम को ही मकान पर आता था। साथ में लेडीज को भी लाता था। वो मुंह बांधे रहती थी। शनिवार रात लगभग 9 बजे वह बेटे को लेकर आया और सामान ले जाने लगा। तब लोहे का बड़ा बक्सा गिर गया। आवाज सुनकर मैं बाहर आई तो बक्से से राख और पानी गिर रहा था। मैंने पूछा कि क्या कर रहे हो तो बोला कि सामान लेकर जा रहे हैं। मकान खाली कर दिया। तब बेटा बोला कि मेरा बाप ही खराब है, उसे घर ले जाकर देखेंगे। इसके बाद वे चले गए। फिर देर रात 2 बजे जगी तो पुलिस बाहर मौजूद थी। साथ में राम सिंह का बेटा भी था। पुलिस ने मेरे से भी बात की तो मैंने सब कुछ बता दिया कि वो नया बक्सा खरीदकर लाया था और अब ले गया। क्या रखकर ले गया ये पता नहीं। 7 दिन से लकड़ियां जुटा रहा था आरोपी दुकानदार कामनी ने बताया- हमारे पड़ोस में राम सिंह 20 दिन पहले ही रहने आया था। 7 दिन से वो लकड़ियां लेकर आ रहा था। हम लोग सोचते थे कि तापने के लिए ला रहा है। वो बहुत सारी लकड़ियां लेकर आया था। पूछने पर कहता था कि चूहा जलाकर खाना बनाते हैं। मगर रात को पुलिस आई तो पता चला कि राम सिंह ने किसी महिला का मर्डर किया और लाश को जला दिया। फिर अवशेष बक्से में लेकर गया। जब वो बक्से को ले जा रहा था तो लोगों ने पूछा क्या ले जा रहे हो तो कहने लगा सामान। फिर किसी ने ज्यादा पूछा नहीं। उसने जो बताया हम लोग मान गए। पहले किराएदार से खाली कराया था मकान लोगों ने बताया कि मकान में पहले दूसरे किराएदार रहते थे। मगर मकान मालिक ने एक महीने पहले मकान की बाउंड्री ऊंची कराई। इसके बाद किराएदार से मकान खाली करा लिया। उसकी जगह अपने जानकार राम सिंह परिहार को मकान किराए पर दे दिया। अब मकान की बाउंड्री ऊंची कराने में मकान मालिक भी शक के घेरे में आ गया है। पुलिस उससे भी पूछताछ कर सकती है। बहू बोली- ससुर हत्या कर रिश्तेदारी में छुपा, हमने पकड़वाया पहली पत्नी के बेटे की बहू ने बताया- राम सिंह मेरे ससुर है। लेकिन हम लोगों को उनसे कोई लेना देना नहीं है। 30 सालों से उनका हमारे घर पर कम ही आना जाना है। हम लोगों ने भी रिश्ता तोड़ दिया था। ससुर की पहले से दो पत्नियां है, दोनों का नाम गीता है। अब उनके प्रीति नाम की महिला से प्रेम संबंध थे। जब रात को पुलिस घर पर आई तो पता चला कि ससुर ने प्रीति की हत्या कर दी। हत्या के बाद ससुर रिश्तेदारी में छुपा था। तब उसको पुलिस से गिरफ्तार करा दिया। छोटी बहू बोली- पार्क में पहले गीता से बात की दूसरी पत्नी के बेटे की बहू प्रीति रायकवार ने बताया- ससुर राम सिंह शनिवार दोपहर को पार्क में आए थे। वहां सास गीता रायकवार और बच्चों को बुलाया। फिर शाम को दोबारा आए और बोले कि बह्म नगर वाले घर से सामान उठाकर लाना है। वो देवर नितिन और दोस्तों को लेकर चले गए। रात को लोडिंग से बक्सा लेकर आए। जब बक्सा खोला तो उसमें राख और हडि्डयां पड़ी थी। तब पुलिस को बुलाया। दो डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया रविवार को पुलिस जले हुए अंग के अवशेष और राख लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। दो डॉक्टरों ने पैनल में पोस्टमार्टम किया। वीडियोग्राफी भी की गई। मगर पूरा शव जल चुका था। राख के अंदर दो से तीन इंच के हडि्डयों के टुकड़े मिले हैं। इसे कलेक्ट करके जांच के लिए भेजा गया है। एक कॉल से पुलिस के पकड़ में आया हत्याकांड के बाद एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने निरीक्षक विनोद मिश्रा समेत कई पुलिस टीमें गठित कर दी थीं। पुलिस टीम आधी रात से ही राम सिंह की तलाश में जुट गई, मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस के दूसरी पत्नी के घर पहुंचते ही उसने अपना मोबाइल बंद कर लिया था। पुलिस ने उसके बेटे नितिन एवं दोनों पत्नियों से पूछताछ शुरू की। राम सिंह की तलाश में पुलिस ने उसकी बेटियों के ससुराल में भी दबिश दी। वहां भी राम सिंह नहीं मिला। वारदात के कुछ घंटे बाद राम सिंह ने पुलिस की लोकेशन पूछने के लिए दूसरी पत्नी के करीबी के पास फोन किया। यह फोन करने के लिए जैसे ही उसने अपने मोबाइल को ऑन किया, वह पुलिस के रडार पर आ गया। कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उधर, आरोपी राम सिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे ब्रह्मनगर स्थित आवास पर भी ले गई। यहां आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कई वस्तुओं को बरामद किया है। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने बताया कि आरोपी राम सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
रुद्राक्ष धाम में तैयारियां अंतिम चरण में, पूर्व मंत्री सिंह ने किया निरीक्षण
सागर| रुद्राक्ष धाम मंदिर परिसर में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक होने वाली श्रीराम कथा व श्री दक्षिणमुखी हनुमानजी मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारियां व्यापक स्तर पर जारी हैं। पूर्व गृहमंत्री खुरई विधायक भूपेंद्र सिंह ने रुद्राक्ष धाम मंदिर में भगवान राधाकृष्ण के दर्शन कर मंदिर प्रांगण पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया। जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
वैश्य महासम्मेलन में एकजुटता पर जोर, नारी शक्ति का सम्मान
बंडा | विद्यासागर पब्लिक स्कूल जमुनिया में आयोजित जिला स्तरीय वैश्य महासम्मेलन में प्रदेश और जिले से वैश्य महासभा के पदाधिकारी शामिल हुए। दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत हुई। मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता, संभागीय अध्यक्ष गोविंद असाटी, गिरजेश सोनी, महिला इकाई संभागीय अध्यक्ष विनीता केसरवानी, युवा इकाई संभागीय अध्यक्ष डॉ. नितिन जैन, महिला इकाई जिला अध्यक्ष प्रीति पटवारी, अशोक जैन ठेकेदार, युवा इकाई अध्यक्ष वरुण सोनी मौजूद रहे। कार्यक्रम में वैश्य महासभा से जुड़े डॉक्टरों और अन्य लोगों का सम्मान किया। स्वागत भाषण जिला उपाध्यक्ष संतोष सराफ, संचालन उमेश जैन, आभार मनीष विद्यार्थी ने माना। प्रदेश अध्यक्ष अग्रवाल ने कहा, राजनीति नहीं करनी, पर इतना मजबूत जरूर बनना है कि लोग हमारी एकजुटता की सराहना करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक लोगों को महासभा से जोड़ें और नीतियों की जानकारी दें। स्कूल संचालिका नेहा नीलेश जैन ने नारी शक्ति का सम्मान किया। नीरज जैन, निलेश जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। बंडा अध्यक्ष विनीत, युवा अध्यक्ष अमर साथियों समेत शामिल हुए।
चांदपुर गांव में शोपीस बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर
भास्कर संवाददाता | रहली ग्राम चांदपुर में आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य एक वर्ष पूर्व हो गया था, विधायक गोपाल भार्गव ने समारोह पूर्वक इसका लोकार्पण भी कर दिया था लेकिन एक साल बाद भी यहां इलाज शुरू नहीं हो सका। भवन शोपीस बना हुआ है। दरअसल स्वच्छ भारत मिशन मध्य प्रदेश के द्वारा चांदपुर ग्राम में 50 लाख की लागत से आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी निवास का निर्माण किया है। लोकार्पण के समय भवन का ताला खोला गया था लेकिन उसके बाद ताला तक नहीं खुला। भवन में न तो कोई डॉक्टर आते हैं और न ही कोई नर्स, जिस कारण ग्रामीण झोलाछाप से इलाज करवाते हैं या 11 किमी दूर रहली पहुंचते हैं। झोलाछाप मनमाने पैसे लेते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती हैं। जिन्हें प्रसव के लिए पीड़ा के साथ 11 किलोमीटर दूर रहली आना पड़ता है।
विवेकानंद के विचार प्रासंगिक, युवाओं को प्रेरणादायक हैं : जैन
बंडा | मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान के अंतर्गत विकासखण्ड स्तरीय व्याख्यानमाला व ग्राम विकास पखवाड़ा का आयोजन किया। मुख्य विषय स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व और स्वदेशी पर केंद्रित था। मुख्य अतिथि नीतेश जैन ने स्वामी विवेकानंद के समाजहित और देशहित में समर्पित जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने युवाओं से विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। संभागीय समन्वयक दिनेश उमरैया ने विवेकानंद की वैश्विक स्तर पर भारत की संस्कृति के प्रचार में भूमिका की सराहना की। मुख्य वक्ता डॉ. अश्विनी दुबे ने विवेकानंद के व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों से स्वदेशी अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर कई गणमान्य नागरिक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस अवसर पर वेदप्रकाश तिवारी, प्रदीप सिंह ठाकुर, डॉ. बाबूलाल अहिरवार, विनोद दुबे, शीला ठाकुर, हेमराज लोधी परामर्शदाता, प्रस्फुटन समिति के सदस्य, बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू के छात्र-छात्राएं एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
बैडमिंटन प्रतियोगिता : डॉ. नरेन्द्र ने डॉ. सरवन को 2-1 से हराया
रहली | चिकित्सक संघ के तत्वावधान में इनडोर स्टेडियम में डॉक्टरों की बैडमिंटन प्रतियोगिता प्रारंभ हुई। संघ अध्यक्ष डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. ओपी नेमा समेत सभी चिकित्सकों ने पूजन कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उद्घाटन शो मैच डॉ. नरेंद्र सिंह व डॉ. सरमन के बीच हुआ, जिसमें डॉ. नरेंद्र ने 2-1 से जीत हासिल की। पहले दिन लीग मैच हुए। कॉमेंट्री डॉ. बसंत नेमा ने की। प्रतियोगिता में चिकित्सकों की सिंगल, डबल, मिक्स्ड डबल की 12 टीम भाग ले रही हैं। डॉ. जितेंद्र सराफ ने संघ के आयोजन की प्रशंसा करते हुए फिजिकल एक्टिविटी से जुड़े रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. आनंद दुबे, डॉ. ब्रजेश चौकसे, डॉ. अतीत नायक, डॉ जयदीप, डॉ. यशवंत, डॉ. संजय रॉय, पार्षद अमित नायक, समाजसेवी अक्षय हजारी, अरविंद दुबे, मनोज पटेरिया, पप्पू मिश्रा, सत्येंद्र प्रताप सिंह समेत लोग मौजूद थे। आज फाइनल मैच व पुरस्कार वितरण होगा।
गहोई महिला मंडल की सोनल अध्यक्ष, निधि उपाध्यक्ष बनीं
रहली | गहोई समाज द्वारा रविवार को गहोई दिवस मनाया। शुरुआत सुबह सूर्य मंदिर परिसर में हुई, जहां सभी गहोई बंधु एकत्रित हुए। विधिवत सूर्य एवं ध्वज पूजन कर समाज की एकता और परंपराओं का स्मरण किया। पूजन उपरांत सभी ने समाज की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। दोपहर में समाज द्वारा सामूहिक सह-भोज का आयोजन किया। सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का सुंदर दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान गहोई समाज की महिला शक्ति को संगठित करने महिला मंडल का गठन किया। महिला मंडल में अध्यक्ष सोनल सराफ, उपाध्यक्ष निधि सराफ, कोषाध्यक्ष शीतल ब्रजपुरिया, मंत्री मेघा सराफ एवं सहमंत्री तृप्ति सराफ का चयन सर्वसम्मति से किया। महाकौशल क्षेत्रीय गहोई सभा के कोषाध्यक्ष संदीप ब्रजपुरिया ने सूर्य मंदिर की प्रतिमा का चित्र समाजजनों को वितरित किया। अंत में गहोई वैश्य पंचायत रहली अध्यक्ष ब्रजेश ब्रजपुरिया ने आभार माना। ध्वज गीत के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को आरोप लगाया कि उनके शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई, मारपीट की गई। उन्होंने इसके लिए गृह सचिव मोहित गुप्ता को जिम्मेदार बताया। इस घटना से नाराज होकर उन्होंने महास्नान से मना कर दिया। वे जिस रथ पर सवार होकर संगम स्नान करने जा रहे थे, उसी पर धरने पर बैठ गए हैं। VIDEO में देखिए पूरी कहानी...
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को इमरजेंसी क्राउड कंट्रोल प्लान लागू करना पड़ा। देर शाम तक 4.52 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है। VIDEO देखिए...
भोपाल में मांस से भरे ट्रक पकड़े जाने के बाद प्रशासन की कार्रवाई तेज हुई और इसका सीधा असर शहर के लोकल स्लॉटर हाउस पर पड़ा, जहां फिलहाल ताला लगा हुआ है। इस फैसले के बाद बफैलो मीट से जुड़ा पूरा सिस्टम ठप हो गया है। मामला अब सिर्फ जांच या कानूनी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ नजर आने लगा है। दुकानों के शटर गिर चुके हैं, होटल और ठेले बंद हैं और कई घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। सालाना करीब ₹493 करोड़ के कारोबार से जुड़ा यह संकट अब एक बड़े सामाजिक और मानवीय मुद्दे के रूप में सामने आ रहा है। सलमा बोली- घर में अनाज तक नहीं, आठ दिन से काम बंद बुधवारा इलाके की रहने वाली सलमा बताती हैं कि उनके घर से सभी लोग इसी काम से जुड़े थे। स्लॉटर हाउस बंद होने और दुकानों पर ताला लगने के बाद हालात बेहद खराब हो गए हैं। सलमा के मुताबिक, घर में आटा, तेल, शक्कर, चायपत्ती और पानी तक नहीं है। आठ दिन से कोई काम नहीं है और बच्चे घर से बाहर तक नहीं जा रहे। रमजान और शादी-ब्याह का सीजन सामने है, लेकिन आमदनी पूरी तरह बंद है। उनका कहना है कि यह परेशानी सिर्फ उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरी बिरादरी की है। मोहम्मद शहजाद बोले- मोहल्ले वालों से मांगकर खा रहे हैं मोहम्मद शहजाद बताते हैं कि जिस दिन से स्लॉटर हाउस बंद हुआ है, उसी दिन से उनके घर की हालत बेहद खराब हो गई है। उनका कहना है कि काम बंद होने के बाद अब स्थिति यह है कि मोहल्ले वालों से मांगकर खाना पड़ रहा है। आठ दिन से कोई कमाई नहीं है और कई बार पूरा दिन बिना खाए भी गुजर जाता है। शहजाद के मुताबिक, उनके परिवार में तीन भाई हैं, जिनमें से एक अलग हो चुका है और एक ही भाई कमाने वाला था, जिसका काम भी बंद हो गया है। पेंशन कई महीनों से नहीं मिली है और होटल से उधार लेकर खाने का विकल्प भी खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के लोग जैसे-तैसे दो रोटी दे देते हैं, लेकिन इस वक्त पूरी बिरादरी बेहद परेशान है। महिला बोली- दुकान खुलेगी, तभी राहत मिलेगी इसी इलाके की एक अन्य महिला ने बताया कि काम बंद होने के बाद बच्चों के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि जब तक दुकानें और स्लॉटर हाउस चालू नहीं होंगे, तब तक हालात सुधरने वाले नहीं हैं। महिला के अनुसार, लोग दिनभर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि कब काम शुरू होगा। घरों में राशन खत्म हो चुका है और उधार लेकर दिन काटने की नौबत आ गई है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जल्द समाधान निकाला जाए। 200 से ज्यादा दुकानें, 25 हजार से अधिक लोगों का रोजगार प्रभावित जमीतुल कुरैश के जनरल सेकेटरी रफीक कुरैशी ने बताया कि भोपाल में कुरैश समाज की करीब 200 से अधिक दुकानें संचालित होती थीं, जिनसे सीधे तौर पर लगभग 6000 लोग जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिरयानी, कबाब, होटल, ढाबे और छोटे खाने-पीने के ठेलों को भी जोड़ा जाए, तो करीब 25 हजार से अधिक लोगों का रोजगार इस समय प्रभावित हो चुका है। रफीक कुरैशी के मुताबिक, एक दुकान से औसतन 25 परिवारों की रोजी चलती है। इसमें मजदूर, कसाई, ढुलाई करने वाले, किसान और छोटे व्यापारी सभी शामिल हैं। स्लॉटर हाउस पर ताला लगने से यह पूरा रोजगार तंत्र एक साथ ठप हो गया है। लोकल स्लॉटर हाउस और कंपनी अलग, फिर भी नुकसान रफीक कुरैशी ने कहा कि भोपाल का लोकल स्लॉटर हाउस और जिस कंपनी का मांस पकड़ा गया है, दोनों अलग-अलग हैं। उनके अनुसार, कंपनी का मामला अलग है, जबकि लोकल स्लॉटर हाउस वर्षों से भोपाल के व्यापारियों और आम जनता की जरूरतों के लिए काम कर रहा था। उन्होंने कहा कि कंपनियों के विवाद या कार्रवाई का खामियाजा लोकल दुकानदारों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है, जिनका इस पूरे मामले से कोई सीधा संबंध नहीं है। सालाना कारोबार करीब ₹493 करोड़उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में रोजाना औसतन 300 से 400 भैंसों का स्लॉटर होता था। एक भैंस से औसतन 150 किलो मीट निकलता है, जिसकी बाजार कीमत लगभग ₹300 प्रति किलो है। इस हिसाब से: आम आदमी की थाली पर भी असरइस कार्रवाई का असर आम लोगों की थाली पर भी पड़ रहा है। रफीक कुरैशी के अनुसार, महंगाई के दौर में गरीब परिवार ₹50–₹100 का मीट खरीदकर परिवार का भोजन चलाता था। अब मीट नहीं मिलने से सब्जी, चिकन और मछली की मांग बढ़ गई है, जिससे उनकी कीमतें भी बढ़ रही हैं। बता दें कि मछली करीब 15 से 20 प्रतिशत मंहगी हुई है, वहीं चिकन और मटन में भी यही हाल बना हुआ है।
48 घंटों में 5.2 डिग्री उछलकर 15.6 डिग्री पर पहुंचा रात का पारा
सागर | पिछले 3 दिन से शहर के दिन व रात के तापमान में उछाल दर्ज किया जा रहा है। पिछले 48 घंटों में शहर का न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री के उछाल के साथ सामान्य से 5 डिग्री ऊपर जा पहुंचा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार 16 जनवरी को शहर का न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री था, जो रविवार को 15.6 डिग्री पर जा पहुंचा। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए और दोपहर बाद हवा भी चली। इसका असर दिन के तापमान पर देखने को मिला है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान मामूली गिरावट के साथ 29.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री ऊपर है। दो पश्चिमी विक्षोभ के एक के बाद एक 19 व 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की संभावना है। इसके थमने के बाद हवाओं की रफ्तार तेज होने से एक बार फिर ठंड वापस होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
देवरी नपा में अध्यक्ष के लिए मतदान आज
सागर | देवरी नगर पालिका अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने के लिए 19 जनवरी को खाली कुर्सी और भरी कुर्सी के बीच मतदान होगा। मतदान की चुनावी तैयारी पूरी कर ली गई। मतदान सुबह 7 बजे से लेकर शाम 5 तक ईवीएम के जरिए होगा। कुल 19248 मतदाता मतदान करेंगे।
विवि में स्नातकोत्तर में प्रवेश के लिए पंजीयन की तारीख बढ़ी
सागर | डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के एनटीए द्वारा होने वाले कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट ग्रेजुएट (सीयूईटी पीजी) 2026 के लिए पंजीयन करने की तारीख बढ़ा दी गई है। अब विद्यार्थी 20 जनवरी तक पंजीयन कर सकेंगे। विद्यार्थी exams.nta.nic.in/cue t-pg या nta.ac.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में 1901 सीटें हैं। सीयूईटी पीजी क्वालिफाई करने वाले विद्यार्थी 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के साथ ही देश के अन्य सेंट्रल, स्टेट, प्राइवेट, डीम्ड यूनिवर्सिटी और अन्य संस्थानों के पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में अपनी योग्यता के अनुसार दाखिला ले सकेंगे। आवेदन फीस का भुगतान भी 20 जनवरी तक ही किया जा सकेगा और इसके बाद एनटीए करेक्शन विंडो खोलेगा। फॉर्म भरते समय विद्यार्थी से यदि कोई गलती हुई हो तो वे उसे 21 से 23 जनवरी के बीच सुधार सकते हैं। हालांकि यह सुधार केवल कुछ ही सेक्शंस में किया जा सकेगा। आधिकारिक नोटिस के अनुसार, सीयूईटी पीजी 2026 का आयोजन 157 विषयों के लिए किया जा रहा है। डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर के करीब 39 पाठ्यक्रम हैं। ये परीक्षा भारत के 292 शहरों और देश के बाहर 16 शहरों में होगी। सीयूईटी पीजी 2026 परीक्षा मार्च में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा कंप्यूटर आधारित टेस्ट मोड में होगी।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने प्रतियोगी परीक्षाओं में OMR शीट भरने में होने वाली गलतियों को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने JET परीक्षा में फिजिक्स की जगह गलती से एग्रीकल्चर विषय के गोले भरने वाले एक मेधावी छात्र का बी.टेक. फूड टेक्नोलॉजी में एडमिशन रद्द करने का आदेश खारिज कर दिया है। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की कोर्ट ने इसे 'मानवीय भूल' मानते हुए यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया है कि छात्र को उसकी मेरिट के आधार पर तुरंत कॉलेज अलॉट किया जाए। फिजिक्स की जगह भर दिया एग्रीकल्चर बाड़मेर के बायतू में लाधोनियों की ढाणी निवासी रोहित गोदारा ने 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ पास की थी। उसने स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (JET-2025) दी। रोहित ने परीक्षा में कट-ऑफ (59.78) से अधिक अंक प्राप्त किए और उसे डेयरी एंड फूड टेक्नोलॉजी कॉलेज, उदयपुर में बी.टेक (फूड टेक्नोलॉजी) की सीट के लिए प्रोविजनल एलॉटमेंट लेटर जारी किया गया था। गलत गोले लगाना बना एडमिशन निरस्त का कारण सीट मिलने की खुशियां तब फीकी पड़ गईं, जब यूनिवर्सिटी ने 15 और 30 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर रोहित का प्रोविजनल एडमिशन रद्द कर दिया। अधिकारियों ने तर्क दिया कि रोहित के पास 12वीं में फिजिक्स विषय था, लेकिन उसने प्रवेश परीक्षा की OMR शीट में फिजिक्स की जगह 'एग्रीकल्चर' विषय का चयन कर प्रश्न हल कर दिए। नियमों के मुताबिक 12वीं के विषय और परीक्षा में हल किए गए विषयों में अंतर होने पर उम्मीदवारी खारिज कर दी जाती है। रोहित ने इसके खिलाफ रीप्रेजेंटेशन दिया और बताया कि OMR शीट भरने में त्रुटि पूरी तरह से अनजाने में हुई थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एग्रीकल्चर के अंकों को हटा दिया जाए, तो केवल केमिस्ट्री और बायोलॉजी में उनके अंक उन्हें कट-ऑफ से ऊपर रखने के लिए पर्याप्त थे। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी ने उनकी दलील खारिज कर दी, जिसके बाद रोहित ने हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट में वकीलों की दलीलें याचिकाकर्ता के वकील मनीष पटेल ने तर्क दिया कि रोहित ने इस तथ्य को छुपाया नहीं था कि उनके पास 10+2 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय थे। वकील ने कहा कि रोहित JET-2025 दिशानिर्देशों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को पूरा करते हैं। एडवोकेट पटेल ने यह भी कहा कि JET परीक्षा में प्रश्नों को हल करते समय नर्वस होने के कारण रोहित ने अनजाने में OMR-शीट में फिजिक्स के प्रश्नों को हल करते समय एग्रीकल्चर विषय वाले कॉलम में गोले भर दिए थे। वकील ने यह भी बताया कि रोहित ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया, जिसके आधार पर उन्हें काउंसलिंग के पहले दौर में भाग लेने की अनुमति दी गई थी। गलती अनजाने में हुई थी क्योंकि रोहित ने एग्रीकल्चर विषय का कभी अध्ययन नहीं किया था, न ही 12वीं कक्षा में और न ही किसी अन्य कक्षा में, इसलिए वह जानबूझकर इसे क्यों करेगा? दूसरी ओर, प्रतिवादी यूनिवर्सिटी के वकील ने तर्क दिया कि फिजिक्स एक कठिन विषय है, इसलिए छात्र ने जानबूझकर सरल विषय 'एग्रीकल्चर' का चयन किया। वकील ने कहा कि नियमों में छूट देने से अन्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय होगा। कोर्ट का फैसला: यह महज एक मानवीय भूल मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी ने यूनिवर्सिटी की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा- प्रतिवादी पक्ष का यह तर्क गले नहीं उतरता कि छात्र ने जानबूझकर ऐसा किया। जिस छात्र ने कभी एग्रीकल्चर नहीं पढ़ा, वह फिजिक्स को छोड़कर एग्रीकल्चर के सवाल हल करने का जोखिम क्यों उठाएगा? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों से यह 'अनजाने में हुई गलती' प्रतीत होती है। कोर्ट ने कहा कि प्रवेश परीक्षाओं के कड़े प्रतिस्पर्धी माहौल में, जहां याचिकाकर्ता ने सराहनीय प्रदर्शन किया। एक छोटी सी गलती के लिए मेधावी छात्र का भविष्य खराब नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने एग्रीकल्चर विषय के मार्क्स को मानवीय भूल मानते हुए छात्र को उसकी मेरिट रैंक (JET-2025) के अनुसार सीट अलॉट करने का आदेश दिया।
बोहरा समाज के लोगों ने साइकिल चलाकर दिया स्वस्थ रहने का संदेश
दाऊदी बोहरा समाज ने साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन किया।फिटनेस और सामुदायिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम में 150 साइकिल चालकों ने हिस्सा लेकर 15 किलोमीटर साइकिल चलाई। सबसे कम उम्र का प्रतिभागी 7 साल का था। वही सबसे उम्रदराज साइकिल सवार 81 साल के थे। कमरी मार्ग से शुरू हुई साइक्लोथॉन कोठी पैलेस पहुंची। कार्यक्रम समन्वयक हुजेफा सीहोरवाला ने कहा अच्छा स्वास्थ्य रोज के अनुशासन से आता है। जब पूरा समुदाय एकसाथ आता है तो यह संदेश जाता है कि फिटनेस और जिम्मेदारी हर उम्र में जरूरी है।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की अधिसूचना जारी हो गई है। 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले सत्र में डॉ. मोहन यादव सरकार पहली बार रोलिंग बजट का कॉन्सेप्ट पेश करेगी, यानी इस बार बजट में एक साल की बजाय अगले तीन सालों के फाइनेंशियल रोडमैप की झलक देखने को मिलेगी। बजट के पिटारे से आम जनता, कर्मचारियों, किसानों और युवाओं के लिए कई बड़ी सौगातें निकलने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, सरकार अगले एक साल में 50,000 नई सरकारी नौकरियों का ऐलान कर सकती है। वहीं, राज्य के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 35 लाख रुपए तक की केशलैस स्वास्थ्य बीमा योजना सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक हो सकती है। किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद से हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और शहरी परिवहन को सुगम बनाने के लिए सस्ती सहकार टैक्सी सेवा शुरू करने की भी तैयारी है। बता दें कि मोहन सरकार अपने कार्यकाल का तीसरा पूर्ण बजट पेश करने वाली है। इस बार 4.65 लाख करोड़ का बजट पेश करने का अनुमान है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 10 गुना ज्यादा है। जानिए और क्या खास होगा मोहन सरकार के तीसरे बजट में... तीन साल का रोडमैप पेश करेगा रोलिंग बजटइस बार के बजट की विशेषता रोलिंग बजट है। ये पारंपरिक बजट से अलग होता है। यह एक निश्चित टाइम पीरियड की बजाय योजनाओं के साथ अपडेट होता रहता है। इस नई व्यवस्था के तहत, सरकार एक साथ तीन वित्तीय वर्ष (2026-27, 2027-28, और 2028-29) के लिए अपनी आय और व्यय की योजना बनाएगी। सरकार का मानना है कि इस कॉन्सेप्ट से 3 अहम फायदे होंगे। कर्मचारियों के लिए मेगा हेल्थ स्कीमडॉ. मोहन यादव सरकार इस बजट में राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य आश्वासन योजना शुरू कर सकती है। इसमें कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 35 लाख रुपए तक का केशलैस कवर मिलेगा। योजना के 5 प्रमुख पॉइंट्स युवाओं के लिए 50,000 नौकरियों का वादासरकार बजट में 50,000 से अधिक रिक्त सरकारी पदों को भरने की घोषणा कर सकती है। यह भर्तियां मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाएंगी। भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाने और उन्हें समय पर पूरा करने के लिए परीक्षाओं के पैटर्न में भी कुछ बदलाव का ऐलान हो सकता है। युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के लिए युवा उद्यमी योजना जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त, कृषि स्नातक युवाओं को कृषि-आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए विशेष छूट और अनुदान देने का प्रावधान किया जाएगा, ताकि वे ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बन सकें। वेतन-भत्ते और खर्च को गिनने का नया सिस्टमइसके अलावा, कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की गणना के लिए एक नई प्रणाली लागू की जाएगी, जिसमें 3% वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की गणना 74%, 84%, 94% के हिसाब से होगी। साथ ही, कर्मचारियों के लिए उपहार लेने की 50 साल पुरानी सीमा को 500 रुपए से बढ़ाकर 5,000 रुपए किया जा सकता है, ताकि वे बिना किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के डर के छोटे-मोटे उपहार स्वीकार कर सकें। ‘सहकार टैक्सी’: ओला-उबर को टक्कर देने की तैयारीशहरी क्षेत्रों में परिवहन को सुगम और सस्ता बनाने के लिए सहकार टैक्सी सेवा शुरू करने की घोषणा की जा सकती है। सहकारिता विभाग की यह योजना ओला और उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों का एक सहकारी विकल्प प्रदान करेगी। पांच पॉइंट्स में समझे ये कैसे काम करेगी.. ये किसानों का साल, कई ऐलान संभवसरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, और इसकी झलक बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों का बजट 70,000 करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है। पिछली बार भी कृषि विभाग के बजट में 13 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी कर इसे 58 हजार करोड़ किया था। राजस्व जुटाना वित्त विभाग के लिए बड़ी चुनौतीबजट का एक बड़ा हिस्सा वेतन, पेंशन और ब्याज भुगतान (लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपए) पर खर्च होगा। इसके बाद, लाड़ली बहना योजना (सालाना 20,000 करोड़) और बिजली सब्सिडी (सालाना 30,000 करोड़) सरकार पर सबसे बड़ा वित्तीय बोझ हैं। इन सभी योजनाओं को आगे बढ़ाते हुए विकास के लिए धन जुटाना वित्त विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती है। राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार आबकारी और खनिज क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। निवेश को आकर्षित करने और कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की भी योजना है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर को 90,000 करोड़ रुपए से ज्यादा करने की तैयारी में है। यह सड़कों, पुलों, अस्पतालों और अन्य बुनियादी ढांचों के निर्माण पर खर्च होगा, जिससे न केवल विकास को गति मिलेगी, बल्कि बाजार में मांग बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर, एजुकेशन और एनर्जी पर भी फोकस
महाराणा प्रताप की पुण्य तिथि पर आज पुष्पांजलि
उज्जैन | महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि सोमवार को मनाई जाएगी। चामुंडा माता चौराहे पर स्थित उनकी प्रतिमा पर सुबह 11 बजे माल्यार्पण किया जाएगा। अभा क्षत्रिय महासभा के प्रमुख सदस्य अनिल सिंह चंदेल और हरदयाल सिंह ठाकुर ने देशभक्तों से पुष्पांजलि कार्यक्रम में शामिल होने का अनुरोध किया है। आयोजन में महाराणा प्रताप की देशभक्ति और उनके योगदान का स्मरण किया जाएगा।
वार्ड क्र. 36 में रोड और नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन
उज्जैन | वार्ड 36 शिवाजी नगर में नगर निगम द्वारा 28 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीमेंट कांक्रीट रोड एवं नाली निर्माण कार्य का भूमि पूजन रविवार को निगम अध्यक्ष कलावती यादव के मुख्य आतिथ्य में एमआईसी सदस्य दुर्गा चौधरी, महामंत्री कमलेश बैरवा, कपिल टॉक और पंकज मिश्रा की उपस्थिति में हुआ। शिवाजी नगर से लेकर हनुमान नाके तक सीमेंट कांक्रीट रोड एवं नाली निर्माण का कार्य किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में पानी भरने की समस्या से निजात मिलेगा एवं क्षेत्र के नागरिकों को आवागमन में सुविधा होगी। इस अवसर पर अशोक वर्मा, राजेश मुठेल, सुमित मुठेल, हिमांशु तिवारी सहित रहवासी मौजूद रहे।
उज्जैन | जनवरी के तीसरे सप्ताह में तपन बढ़ने से ठंड में थोड़ी राहत मिली है। रविवार को दिन और रात के तापमान में 12 डिग्री का अंतर दर्ज किया गया। कोहरा की चादर भी सिमटने लगी है। शाम के बाद चलने वाली सर्द हवा का असर भी कम होने लगा है। दिन में धूप के तेवर हल्के ही सही तीखे होने होने लगे हैं। सुबह-शाम मौसम सुहाना हो गया है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 25 और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा। आर्द्रता सुबह 89 और शाम को 59 फीसदी रही। हवा की रफ्तार सुबह शून्य और शाम को 4 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार 19 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयीन क्षेत्रों को प्रभावित करने का संकेत है। ऐसे में मैदानी क्षेत्रों में दिन में तपन और रात में सर्दी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।
पीथमपुर में बन रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क का संचालन इसी साल अंत तक शुरू हो सकता है। पार्क शुरू होने से आईसीडी पर दबाव कम होने के साथ ही इंदौर से कंटेनर शिपमेंट आसान होगा। साथ ही इंदौर-पीथमपुर के उद्योगों को माल भेजने में समय और खर्च कम होगा। स्थानीय युवाओं के लिए लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोजगार बढ़ेगा। लॉजिस्टिक पार्क के संचालन के लिए निर्माण एजेंसी जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर ने सिंगापुर की पीएसए पोर्ट लॉजिस्टिक्स की भारत स्थित व्यावसायिक इकाई अमेय लॉजिस्टिक्स के साथ समझौता किया है। इसके तहत वेयरहाउस, इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) सहित लॉजिस्टिक पार्क के प्रमुख ऑपरेशन्स अमेय लॉजिस्टिक्स संभालेगी। दोनों कंपनियों के बीच यह एग्रीमेंट पिछले वर्ष साइन किया गया। भारत सरकार की गति शक्ति योजना के तहत जनवरी 2025 में शुरू हुए मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क के निर्माण में अब तक 27 प्रतिशत इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पूरा हो चुका है। इसमें वेयरहाउस, इनलैंड कंटेनर डिपो, ट्रक पार्किंग, प्रशासनिक भवन और आंतरिक सड़कों का निर्माण शामिल है। ड्रेनेज, लाइटिंग जैसी मूलभूत सुविधाओं तथा ट्रक चालकों के लिए सुविधा घर और ठहरने की व्यवस्था पर भी काम जारी है। शुरुआती चरण में सड़क मार्ग से कंटेनर शिपमेंट की सुविधा पीथमपुर में लगभग 275 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे 1110 करोड़ के इस लॉजिस्टिक पार्क में भविष्य में एम्यूजमेंट पार्क, मॉल और फाइव-स्टार होटल जैसी व्यावसायिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। साथ ही इसे इंदौर-दाहोद रेल लाइन से सीधी कनेक्टिविटी दी जाएगी, जिसके लिए लॉजिस्टिक पार्क को सागौर रेलवे स्टेशन से जोड़ा जाना प्रस्तावित है, हालांकि फिलहाल रेलवे लाइन टीही तक ही पहुंच पाई है। शुरुआती चरण में यह पार्क सड़क मार्ग से कंटेनर शिपमेंट की सुविधा देगा और यहीं विदेश से आने-जाने वाले कंटेनरों की कस्टम प्रोसेसिंग भी की जाएगी। 45 वर्षों के अनुसार बनाया हमने संचालन का जिम्मा पीएसए को सौंपा है और हम इस साल के अंत तक उन्हें निर्धारित इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर दे देंगे। प्रोजेक्ट 45 वर्षों की इंदौर की जरूरतों को देखते हुए बनाया गया है। - विशाल श्रीवास्तव, हेड, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क सरकार इसलिए कंटेनर शिपमेंट को बढ़ावा दे रही है 1. माल की सुरक्षा ज्यादा- कंटेनर सील्ड होते हैं, जिससे चोरी, नुकसान और मौसम के असर का खतरा कम हो जाता है। सामान्य (लूज) शिपमेंट में यह जोखिम ज्यादा रहता है। 2. समय की बचत- कंटेनर में लोड किया गया माल सीधे ट्रक, ट्रेन या जहाज पर शिफ्ट किया जा सकता है। बार-बार अनलोडिंग-रीलोडिंग नहीं करना पड़ती, जिससे ट्रांजिट टाइम घटता है। 3. लागत में कमी- हालांकि शुरुआत में कंटेनर महंगा लगता है, लेकिन कम नुकसान, कम देरी और तेज डिलीवरी के कारण कुल लॉजिस्टिक खर्च कम हो जाता है। 4. कस्टम और ट्रैकिंग आसान- कंटेनर शिपमेंट में कस्टम क्लीयरेंस, स्कैनिंग और डिजिटल ट्रैकिंग आसान होती है। इससे एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बनती है। 85 हजार टीईयू क्षमता को 2 लाख करने का लक्ष्य इंदौर में वर्तमान में विदेश भेजे जाने वाले कंटेनरों की प्रोसेसिंग तीन इनलैंड कंटेनर डिपो में होती है। पहला कॉन-कॉर्प (कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) का टीही स्थित आईसीडी। दूसरा धन्नड़ आईसीडी और तीसरा खेड़ा आईसीडी। इनमें कॉन-कॉर्प का आईसीडी सबसे बड़ा है, जिसकी सालाना क्षमता करीब 48 हजार टीईयू है, जबकि धन्नड़ और खेड़ा आईसीडी की क्षमता 18-18 हजार टीईयू है। कॉन-कॉर्प का आईसीडी अंतरराष्ट्रीय के साथ-साथ घरेलू (डोमेस्टिक) कंटेनर ट्रांसपोर्ट की सुविधा भी देता है। इसमें सालाना लगभग 25 हजार टीईयू डोमेस्टिक कंटेनरों का भार रहता है। पीथमपुर में विकसित हो रहा नया आईसीडी इंटरनेशनल और डोमेस्टिक दोनों तरह के कंटेनरों की सुविधा देगा। इंटरनेशनल कंटेनरों के लिए इसकी क्षमता करीब 2.5 लाख टीईयू रखी गई है, जबकि डोमेस्टिक कंटेनरों के लिए सालाना 20 से 25 हजार टीईयू की क्षमता विकसित की जाएगी। सरकार का फोकस देश के भीतर माल परिवहन में भी कंटेनर उपयोग बढ़ाने पर है, क्योंकि वर्तमान में बड़ी मात्रा में माल लूज कार्गो के रूप में भेजा जाता है। रेलवे की मालगाड़ियों के अनुकूल कंटेनर ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है।
मैं कोशिश कर रहा हूं जन्मदिन पर छुट्टी लेने की या फिर जन्मदिन के अगले चार दिनों में छुट्टी लेकर मैं मेरठ पहुंच जाऊं, पहले जन्मदिन मनाएंगे उसके बाद भाई की शादी करेंगे यह कहना था मेरठ के घसौली गांव निवासी मेजर शुभम सैनी का अपने दोस्तों से जब सड़क दुर्घटना में मौत होने से 2 दिन पहले मेजर ने अपने दोस्तों से बात की थी जिसमें उन्होंने दोस्तों से कहा मुझे छुट्टी मिलने वाली है और मैं जल्दी घर लौटूंगा आने के बाद सबसे मिलूंगा और एक पार्टी दूंगा। मेरठ के मेजर शुभम ने दोस्तों से किया अपना वादा तो निभाया, लेकिन अधूरा..रविवार को मेजर शुभम मेरठ आए मगर उनका शरीर ताबूत में था...उसके ऊपर तिरंगा लिपटा था..देहरादून के चकराता में कार खाई में गिरने से उनकी मौत हो चुकी थी। जैसे ही शुभम सैनी का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ उनके गांव पहुंचा तो दोस्तों का रो रोकर बुरा हाल था। दोस्त बार-बार यही पुकार रहे थे कि ऐसे वादा कौन निभाता है। शुभम तूने तो हमसे बथर्ड की पार्टी देने का वादा किया था और तू ऐसे खामोश लौटा है। दरअसल मेजर शुभम सैनी का आज से 2 दिन बाद यानि 21 जनवरी को बर्थडे है। इसी बर्थडे पर उनको मेरठ आना था। लेकिन बर्थडे से पहले ही ये हादसा हो गया। पिछले साल मेरे साथ मनाया था बर्थडे मेजर शुभम सैनी के अंतिम संस्कार में पहुंचे उनके दोस्त ने बताया कि पिछले जन्मदिन पर शुभम मेरे साथ ही था हम दोनों ने मिलकर उसका बर्थडे मनाया था । इस बार भी मैं बोल रहा था कि मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि मैं जन्मदिन पर छुट्टी ले लूं अगर ऐसा नहीं भी होता है, तो जब मुझे छुट्टी मिलेगी और मैं घर आऊंगा उसके बाद हम सभी दोस्त एक साथ मिलकर मेरा जन्मदिन मनाएंगे। स्केच बनाने का भी था शौक शुभम सैनी के घर पहुंचे उनके दोस्तों में से एक ने बताया कि शुभम के शुरुआत से ही जब वह स्कूल में पढ़ता था तभी से कुछ अलग प्रकार के शौक रहे हैं जिनमें स्केच बनाना, इसके साथ-साथ क्रिकेट खेलने और ज्ञान बढ़ाने वाली किताबें पढ़ना मुख्य रूप से शोक रहे हैं। शुभम जब भी कभी अपने लिए फ्री समय निकलता था उसमें स्केच बनाया करता था वह बताता था कि अब उसे ड्यूटी पर समय नहीं मिलता और वह घर आकर ही यह सब करता है। बर्थडे को लेकर हम सभी थे उत्साहित शुभम के दोस्तों ने बताया कि तीन दिन बाद 21 जनवरी को शुभम का बर्थडे था क्योंकि इस बार उसके परिवार में उसके बड़े भाई की शादी भी थी तो वह लंबी छुट्टी लेकर घर आने वाला था। इसके लिए हम सभी इस बार अपने दोस्त का जन्मदिन बहुत अच्छे से मानने वाले थे, लेकिन वहां से आई एक कॉल ने हमारी खुशियों को गम में बदल दिया। जिस प्रकार से हमारे और इस परिवार के ऊपर यह दुख का पहाड़ आया है हम समझ नहीं पा रहे हैं कि अब हम क्या करें । भाई बहन दोनों की शादी हो चुकी है तयशुभम के परिजनों ने बताया कि उसके भाई की शादी 18 फरवरी को होनी तय थी इसी के साथ-साथ उसकी छोटी बहन निधि की भी शादी तय हो चुकी थी। शुभम इसको लेकर बहुत उत्साहित था और शुभम ने शादी की तैयारी को लेकर अनेको सपना अपने घर वालों को बताए थे जो वह इन शादियों में पूरा करना चाहता था ।अकेला छोड़कर चला गया मेरा बेटा जिस समय शुभम का पार्थिव शरीर उसके घर से शमशान घाट की ओर जाने लगा उसे समय रोती हुई शुभम की मां ने उसके ताबूत को चूमते हुए बोला मेरा बेटा आज मुझे इस प्रकार छोड़कर जा रहा है कि वह कभी वापस नहीं आएगा। मेरे मन में मैंने यह सपना मैंने सजाया था कि जब मेरे बेटे की बारात जाएगी तब लोगों की भीड़ जमा होगी, लेकिन आज भीड़ तो जमा है पर यह भीड़ उसकी शादी के लिए नहीं बल्कि उसके अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए है।
नमस्कार, कानपुर में कल (रविवार) की बड़ी खबरें…कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की बेटी राशि की शादी में शामिल होने योगी समेत 10 से अधिक VVIP पहुंचे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, MP के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आदि ने नवदंपती को आशिर्वाद पहुंचे। इनोवा कार ने दो साइकिल सवारों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं निर्माणाधीन पानी टंकी पर तैनात गार्ड का शव ट्यूबवेल की कोठरी में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घरवालों ने हत्या की आशंका जताई है। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए 1. कैबिनेट मंत्री की बेटी की शादी...योगी ने आशीर्वाद दिया:लेदर कारोबारी के बेटे संग लेंगी फेरे, 10 से अधिक VVIP पहुंचे कानपुर में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान की बेटी राशि की शादी में शामिल होने के लिए रविवार सुबह से ही VVIP के आने का सिलसिला जारी है। CSA यूनिवर्सिटी के हेलिपैड में CM योगी का हेलीकॉप्टर उतरा। स्वागत में खड़ी मेयर प्रमिला पांडेय ने सिर झुकाकर CM का अभिनंदन किया। इसके अलावा साथ में खड़े विधायकों ने पैर छूकर CM से आशीर्वाद लिया। CM के साथ में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी रहे। वहीं CSA परिसर में बने दूसरे हेलीपैड में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हेलिकॉप्टर उतरा। पढ़ें पूरी खबर 2. बेकाबू कार ने 2 साइकिल सवारों को कुचला, मौत:रिक्शा और 2 गाड़ियों को भी टक्कर मारी; कोहरे में हादसा कानपुर के सुजातगंज इलाके में रविवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। कोहरे में बेकाबू इनोवा कार ने दो साइकिल सवारों को टक्कर मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जुट गई। घटना थाना रेलबाजार क्षेत्र के सुजातगंज में सुबह करीब 7 बजे हुई। श्यामनगर निवासी कार चालक इम्तियाज अपनी इनोवा से श्यामनगर रोड से सुजातगंज की ओर जा रहे थे। इसी दौरान कार अचानक बेकाबू हो गई और सड़क पर जा रहे साइकिल सवार प्रशांत झा और शैलेश को कुचल दिया। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर में बर्फीली हवा से गलन बढ़ी:पारा 5.7C पहुंचा, ठंड में 67 मरीज हार्ट अटैक के एडमिट हुए कानपुर में रविवार सुबह मौसम साफ रहा, लेकिन बर्फीली हवाएं ठंड को बरकरार रखे हुए हैं। घर से बाहर निकलने वाले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे हुए नजर आए। हालांकि, सुबह 7.30 बजे सूरज निकल चुका है।मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि आने वाले 24-48 घंटों में इसी तरह का मौसम रहेगा। शनिवार की बात करें तो कोहरे के कारण सुबह विजिबिलिटी शून्य रही। हाईवे और मुख्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। सीएसए की ओर से जारी वेदर रिपोर्ट के अनुसार न्यूनतम तापमान 5.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर में टोल प्लाजा पर इनकैम टैक्स की रेड:दूसरे दिन भी ब्यौरा खंगाल रही टीम, मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच कानपुर के बिल्हौर स्थित नेवादा दरिया टोल प्लाजा पर शनिवार शाम आयकर विभाग की टीम ने अचानक छापा मारा। आज रविवार को दूसरे दिन भी रेड जारी है। टीम आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। रेड के दौरान आयकर अधिकारियों ने टोल प्लाजा के मैनेजर और कर्मचारियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की। इसके साथ ही आय, व्यय और लेन-देन से संबंधित अभिलेखों का मिलान किया जा रहा। टीम ने कुछ लैपटॉप भी जांच के लिए जब्त किए और उनमें मौजूद डेटा खंगाले। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर में गार्ड का शव फंदे पर लटका मिला:परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, फोरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए कानपुर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र के मुश्ता गांव में रविवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब निर्माणाधीन पानी टंकी पर तैनात गार्ड का शव ट्यूबवेल की कोठरी में फांसी पर लटका मिला। शव की हालत संदिग्ध होने पर परिजनों ने हत्या कर शव लटकाए जाने की आशंका जताई है। घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान मुश्ता गांव निवासी अभिषेक कटियार पुत्र राम सिंह कटियार के रूप में हुई है। वह खेती-बाड़ी के साथ ग्राम पंचायत में जल निगम की ओर से निर्माणाधीन पानी टंकी की सुरक्षा में गार्ड के तौर पर तैनात था। पढ़ें पूरी खबर 6. अब मां के दूध को नहीं तरसेंगे नवजात शिशु:कानपुर के उर्सला अस्पताल में स्तनपान यूनिट शुरू, स्विट्जरलैंड से आई है ब्रेस्ट पंप मशीन कानपुर के जिला महिला चिकित्सालय डफरिन में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की गई है। यहां नवोदय स्तनपान यूनिट में स्विट्जरलैंड निर्मित ARDO CARUM मशीन लगाई गई है, जो स्तनपान शुरू करने, दूध निकालने और दूध की आपूर्ति बनाए रखने में आधुनिक और वैज्ञानिक सहायता देती है। यह सुविधा खासतौर पर उन माताओं के लिए फायदेमंद है, जिनके बच्चे प्रीमेच्योर हैं या जो सर्जिकल डिलीवरी के बाद स्तनपान में कठिनाई महसूस करती हैं। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर में हादसे में परिवार के 7 लोग घायल:संगम स्नान कर श्रावस्ती घर जा रहे थे, बेकाबू कार खाई में गिरी कानपुर के घाटमपुर में रविवार सुबह भीषण सड़क हादसा हो गया। प्रयागराज में संगम स्नान कर लौट रहे श्रावस्ती जिले के एक ही परिवार की कार नौरंगा के पास बेकाबू होकर खाई में पलट गई। हादसे में परिवार के सात लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार श्रावस्ती जिले के थाना कटरा क्षेत्र के मललौना खासियरी गांव निवासी यह परिवार संगम स्नान के बाद घाटमपुर में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर के छात्रों ने मूक-बधिर के लिए बनाया AI मॉडल:इशारों को रियल टाइम में आवाज और टेक्स्ट में बदलेगा कानपुर शहर के एलनहाउस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एमबीए प्रथम वर्ष के तीन छात्रों प्रियांशु, प्रशांत और सूर्यांश ने तकनीक को संवेदनशीलता से जोड़ते हुए मूक-बधिर बच्चों के लिए एक नई राह खोली है। छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसा मॉडल तैयार किया है। जो बच्चों के हाथों और हाव-भाव से किए गए इशारों को रियल टाइम में स्पीच और टेक्स्ट में बदल देता है, जिससे संवाद की दूरी कम हो सके। पढ़ें पूरी खबर 9. नरवल में समाधान दिवस, 2 फाइलें गायब होने की शिकायत:सर्पदंश मुआवजे और वाद की पत्रावली नहीं मिल रही, जांच के आदेश कानपुर के नरवल तहसील में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस के दौरान प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर मामले सामने आए। दो अलग-अलग मामलों में महत्वपूर्ण पत्रावलियां गायब होने की शिकायतें की गईं। इनमें एक मामला सर्पदंश से हुई मौत के मुआवजे से जुड़ा है, जबकि दूसरा न्यायालय में चल रहे वाद की मूल पत्रावली से संबंधित है। सरसौल ब्लॉक के कमालपुर निवासी नन्हका ने बताया कि वर्ष 2021 में उनकी पत्नी ऊषा की सर्पदंश से मृत्यु हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर 10. जोनल पंपिंग स्टेशन का काम जल्द पूरा होगा:कानपुर नगर आयुक्त ने मार्च का दिया अल्टीमेटम, शहरवासियों को मिलेगा शुद्ध पानी कानपुर शहर के गणेश शंकर विद्यार्थी पार्क के पास चलने वाले पंपिंग स्टेशन के मरम्मत के काम को मार्च से पहले दुरुस्त किया जाएगा। इसके मरम्मत के लिए 15वें वित्त के लिए बजट पास किया गया है और आधी रकम भी जल निगम को दी जा चुकी है। लेकिन दूसरी किश्त न मिलने के कारण मरम्मत काम शुरू नहीं कराया है। जिस पर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने नाराजगी जताई और मार्च से पहले काम को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि शहरवासियों को पीने का शुद्ध पानी उपलब्घ कराया जा सके। पढ़ें पूरी खबर
इटावा में किसान ने जहर खाकर जान दे दी। परिजनों आरोप है आलू की फसल के भाव गिरने, जंगली सुअरों और आवारा जानवरों से हुए भारी नुकसान के कारण उन्होंने जान दी है। उन्होंने कर्ज लेकर फसेल बोई थी। मामला फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के नगला हीरा लाल गांव का है। परिजनों के अुनसार, 45 साल के उम्मेद सिंह पुत्र जगन्नाथ सिंह ने 22 बीघा जमीन में आलू की फसल बोई थी। उन्होंने 5 लाख रुपए का कर्ज लिया था। शुरुआत में फसल ठीक थी, लेकिन बाद में बाजार में आलू के दाम तेजी से गिर गए। मूलधन की गुंजाइश भी नहीं दिख रही थी साथ ही इसी दौरान जंगली सुअरों ने खेत में घुसकर फसल को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे पूरी मेहनत और पूंजी बर्बाद हो गई। फसल खराब होने और कर्ज के दबाव के चलते उम्मेद सिंह लगातार मानसिक तनाव में रहने लगे थे। ग्राम प्रधान मीरा देवी के बेटे टीटू ने बताया- फसल का नुकसान देखकर उन्हें गहरा सदमा लगा था। आर्थिक परेशानी और मानसिक दबाव के कारण उन्होंने शनिवार को जहर खा लिया था। परिजन उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान रविवार को उम्मेद सिंह की मौत हो गई। उम्मेद सिंह की तीन बेटियां हैं, जिनमें से दो की शादी हो चुकी है। एक बेटा भी है। पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उम्मेद सिंह मेहनती और जिम्मेदार किसान थे। वे हमेशा अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए मेहनत करते थे। उनकी मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। थाना प्रभारी अमित मिश्रा ने बताया कि किसान द्वारा विषाक्त पदार्थ खाने से मौत की सूचना मिली थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। मामले की जांच की जा रही है।
पंजाब के लुधियाना में बीती रात बस्ती जोधेवाल चौक नजदीक काली सड़क हाईवे पर बाइक सवार तीन युवकों को अज्ञात ट्रक ड्राइवर ने जबरदस्त फेट मारी। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। तीनों युवक ट्रक की चपेट में आने से गंभीर घायल हो गए। एक्सीडेंट में दो सगे भाइयों की मौत हो गई। उनका दोस्त गंभीर घायल है उसके सिर पर गहरी चोट लगी है। सड़क पर खून से लथपथ हालत में गिरे युवकों को देख किसी राहगीर ने पुलिस कंट्रोल रुम पर सूचना दी। हादसे से कुछ देर बाद मौके पर थाना बस्ती जोधेवाल की पुलिस पहुंची। पुलिस ने घायल युवकों को प्राथमिक उपचार दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही दोनों युवकों ने तोड़ा दम पुलिस ने एक युवक को एम्बुलेंस में डाला जब कि बाकी के दो युवकों की इंसानियत के नाते उनकी जान बचाने के लिए खुद अपनी गाड़ी में लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे लेकिन दोनों युवक दम तोड़ चुके थे। मरने वाले दोनों युवक सगे भाई है। उनकी चार बहनें है। घायल मनोज के पैर की हड्डी पूरी तरह से टूट गई है। सिर की हड्डी टूट कर दिमाग के अंदर चली गई है। उनके दोस्त की हालत रात 12 बजे तक सिविल अस्पताल में गंभीर बनी हुई थी। मरने वाले युवकों की पहचान दामोदर कुमार (21) व शिवमोहन कुमार (28) के रूप में हुई है। उनके दोस्त का नाम मनोज कुमार (27) निवासी आज़ाद नगर है। मृतकों के शवों को रात पौने 12 बजे सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। सीसीटीवी से खंगाल रहे ट्रक ड्राइवर जानकारी देते हुए ASI जसपाल सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक्सीडेंट की सूचना हमें मिली। घायलों को सिविल अस्पताल लेकर आए तो दामोदर और शिव मोहन ने दम तोड़ दिया। दोनों युवक आपस में भाई है। यह काली सड़क के रहने वाले है। सीसीटीवी चैक करके अज्ञात ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। 8 वर्ष पहले लुधियाना आए उधर, मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुराहाल है। दामोदर और शिव मोहन की बहन चंद्रावती की वह 6 भाई बहन है। इसमें 4 बहनें और 2 भाई थे लेकिन अब दोनों भाइयों की मौत हो गई है। चंद्रावती ने बताया कि करीब 8 वर्ष पहले वह लुधियाना आए थे। उनका भाई शिव मोहन कपड़ा वाशिंग का काम करता था और दामोदर सिलाई का काम करता था। शिव मोहन के दो बेटे और पत्नी है जबकि छोटे भाई दामोदर की अभी शादी नहीं हुई है। परिवार के मुताबिक उन्हें खुद नहीं पता के रात के समय उनके बेटे दोस्त के साथ कहां जा रहे थे।
सोनीपत शहर में तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घायल की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है और वह कोमा में है। पत्नी की शिकायत पर थाना शहर सोनीपत में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।गांव कालूपुर कीर्ति नगर की रहने वाली सुनीता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात उनके पति संजय घर का सामान लेकर काट मंडी से अपने घर गांव कालूपुर की ओर आ रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया।पहले ट्यूलिप, फिर प्राइमेक्स अस्पताल में इलाजहादसे की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और घायल संजय को ट्यूलिप अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब एक घंटे तक इलाज चला। इसके बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राइमेक्स गैस्ट्रो इंस्टीट्यूट एंड सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। वहां से उन्हें दोबारा ट्यूलिप अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोमा में है घायल, हालत बेहद गंभीरपरिजनों के अनुसार संजय की हालत लगातार बिगड़ती गई और फिलहाल वह कोमा में हैं। डॉक्टरों ने उन्हें बयान देने के लिए अयोग्य (Unfit for Statement) घोषित किया है। परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि संजय कुमार घायल अवस्था में प्राइमेक्स अस्पताल में भर्ती है। सूचना पर ASI मनोज व HC विकास अस्पताल पहुंचे और MLC प्राप्त की।मेडिकल लीगल केस (MLC) में संजय के सिर, दाहिने कोहनी और कलाई पर गंभीर चोटें दर्ज पाई गईं। डॉक्टरों ने उन्हें बयान देने के लिए अयोग्य बताया, जिस पर रोजनामचा रिपोर्ट दर्ज की गई।पत्नी की शिकायत पर दर्ज हुआ केसघायल की पत्नी सुनीता ने लिखित शिकायत दी।पुलिस टीम ट्यूलिप अस्पताल पहुंची, जहां डॉक्टरों ने दोबारा घायल को बयान के लिए अयोग्य घोषित किया।शिकायत, MLC और परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने धारा 125(A) और 281 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत थाना शहर सोनीपत में मामला दर्ज किया।आरोपी वाहन चालक की तलाश जारीपुलिस का कहना है कि फरार वाहन चालक की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी और घायल के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले में निष्पक्ष और तेज कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में बीजेपी वोटर लिस्ट को अपने हिसाब से बनाकर पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव प्रभावित करना चाहती है। मैं आज भी दावा कर सकता हूं कि विधायकों को बुला-बुलाकर हर विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से एक पेन ड्राइव दी गई। राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा- SIR प्रक्रिया के नाम पर राज्य में मतदाता सूची के नाम पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। खासकर उन इलाकों में जहां कांग्रेस का प्रभाव अधिक है। डोटासरा ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पढ़िए- पूरा इंटरव्यू… सवाल : एसआईआर को लेकर इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा है? जवाब: देखिए, ‘SIR’ के नाम से हर राज्य में ये लोग (बीजेपी) गड़बड़ी कर रहे हैं। चुनाव आयोग पूरी तरह सरकार की कठपुतली बना हुआ है। विशेष रूप से बीजेपी और गृह मंत्री अमित शाह जी के दबाव में। राजस्थान में विधानसभा चुनाव में अभी 3 साल बाकी है, लेकिन पंचायती राज और नगर निकाय के चुनाव कराने हैं। इसलिए ये वोटर लिस्ट को अपने हिसाब से बनाकर चुनाव प्रभावित करना चाहते हैं। 45 लाख वोटर्स के नाम ये कहकर काट दिए कि वे शिफ्टेड हैं या ऐबसेंट हैं। अंतिम दिनों में अचानक जगह-जगह पर फर्जी कम्प्यूटराइज्ड हस्ताक्षर, टाइप किए हुए फॉर्म और हजारों की संख्या में आवेदन भेजे गए। ये खासकर उन्हीं क्षेत्रों में किया गया, जहां कांग्रेस मजबूत है या बहुत कम मार्जिन से जीती-हारी है। इन क्षेत्रों में अंधाधुंध फॉर्म वितरित किए गए। केवल फॉर्म ही नहीं, बल्कि एक पेन ड्राइव भी दी गई, जिसमें बाकायदा डेटा उपलब्ध कराया गया। सवाल : जिस पेन ड्राइव की बात कर रहे हैं, उसमें ऐसा क्या था?जवाब : पेन ड्राइव में यह जानकारी दी गई है कि कौन-कौन लोग बीजेपी से असंतुष्ट हैं, कौन राजीव गांधी युवा मित्र रहे हैं, कौन अरावली आंदोलन जैसे जन आंदोलनों से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा विदेश में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का डेटा भी शामिल था। यह डेटा भारत सरकार के पास पहले से उपलब्ध रहता है- पासपोर्ट और अन्य सरकारी रिकॉर्ड के जरिए। आरोप यह है कि इस डेटा को सुनियोजित और षड्यंत्र पूर्वक इकट्ठा किया गया और फिर राजस्थान बीजेपी की इकाई को सौंप दिया गया, जिसके आधार पर नाम काटने का एक पूरा कैंपेन चलाया गया। जैसे ही हमें इस साजिश की जानकारी मिली, हमने तुरंत इसका विरोध किया। मैंने और टीकाराम जूली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हम मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास भी गए। वहां हमें कहा गया- ‘जो हो रहा है, उसे दिखाया जाएगा।’ लेकिन चुनाव प्रक्रिया के नियम बिल्कुल साफ हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद एक BLA (बूथ लेवल एजेंट) एक दिन में केवल 10 फॉर्म ही बढ़ाने या घटाने के लिए दे सकता है, वह भी सीधे BLO को, न कि जिला कलेक्टर के कार्यालय में। इसके बावजूद हकीकत यह है कि वोटर्स के नाम हटाने के लिए 15-15 हजार फॉर्म जमा कराए गए। टीकाराम जूली के विधानसभा क्षेत्र (अलवर ग्रामीण) में 27 हजार फॉर्म दिए गए, क्योंकि वे 27 हजार वोटों से चुनाव जीते थे। रफीक खान (आदर्श नगर) के क्षेत्र में 17 हजार फॉर्म जमा कराए गए। मेरे क्षेत्र में पहले 600 फॉर्म फेंक कर चले गए, फिर 2000 फॉर्म लेकर पहुंचे। जब हमने आपत्ति दर्ज कराई, तो एसडीएम ने ही फॉर्म लेने से मना कर दिया। खंडेला में तो 700-800 ऑफलाइन फॉर्म एक ही व्यक्ति के पास से पकड़े गए, जो खुद को बीजेपी का BLA बता रहा था। वह यह कहकर पल्ला झाड़ रहा था कि ‘मैंने तो किसी फॉर्म पर साइन ही नहीं किया।’ दूसरी तरफ सरकारी कर्मचारी, खासकर BLO पर बीजेपी के लोग लगातार फोन करके दबाव बना रहे हैं, धमकियां दे रहे हैं। एक BLO ने तो यहां तक कहा कि ‘मैं गलत काम नहीं करूंगा, चाहे मुझे आत्महत्या ही क्यों न करनी पड़े।’ अब आप ही बताइए- 2002 के दस्तावेजों के आधार पर, चुनाव आयोग के नियमों के तहत सरकारी कर्मचारियों ने जो मैपिंग की, उसी के आधार पर ड्राफ्ट प्रकाशन हुआ। उसके बाद उन्हीं मैपिंग के आधार पर सही, वैध और वर्षों से दर्ज मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन देना- लोकतंत्र पर इससे बड़ा हमला और क्या हो सकता है? सवाल : आपने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के नाम पर एक पेन ड्राइव दी गई, ये क्या मामला है?जवाब : यह पूरा मामला बीएल संतोष और अमित शाह के आने के बाद तेज हुआ। मैं आज भी दावा कर सकता हूं कि मुख्यमंत्री निवास से विधायकों को बुलाकर हर विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से एक पेन ड्राइव दी गई। उसमें यह बताया गया कि किस इलाके में किन लोगों के वोट काटने हैं। मैंने यह भी सुना है कि बीजेपी कार्यालय और उनकी टीम ने कई जगह प्रिंटेड फॉर्म भी उपलब्ध कराए। एक ही पेन से हजारों फॉर्म पर एक जैसे हस्ताक्षर कराए गए। जब नियम है कि ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद एक BLA एक दिन में सिर्फ 10 आवेदन दे सकता है, तो फिर ये 10,000-15,000 फॉर्म कहां से आ गए? कई फॉर्म में मोबाइल नंबर तक नहीं है, जबकि बिना मोबाइल नंबर के ऑनलाइन प्रक्रिया संभव नहीं होती। यह पूरी तरह बेईमानी है। सवाल : आपके पास क्या सबूत हैं?जवाब: हमने कलेक्टर्स से जाकर पूछा। जब अलवर कलेक्टर से पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है, उनके ऑफिस में फॉर्म रखे हुए हैं। अब सवाल यह है कि सरकारी कार्यालय में किसी अधिकारी की टेबल पर गुमनाम व्यक्ति ऐसे कैसे फॉर्म रख सकता है? अगर यह प्रक्रिया सही है, तो मैं चुनाव आयोग से मांग करता हूं, कि वह अलग-अलग बताए- ऑफलाइन और ऑनलाइन कितने आवेदन आए। किस दिन किस BLA ने कितने फॉर्म दिए। लेकिन अब यह सब छुपाने के लिए एक ‘कंपाइल डेटा’ मंगवाया जा रहा है, जिससे ऑफलाइन-ऑनलाइन का फर्क ही पता न चले। नियम कहता है कि जिस व्यक्ति के नाम पर आपत्ति आती है, उसकी सूची चस्पा होगी, राजनीतिक दलों को जानकारी दी जाएगी, नोटिस जाएगा और 7 दिन का समय मिलेगा। लेकिन यह प्रक्रिया अपनाई ही नहीं जा रही। जयपुर में एक पार्षद के घर के 10 वोट कटवाने का फॉर्म दे दिया गया- उनकी मां, भाई और खुद पार्षद का भी। अब क्या वह पार्षद भी ‘अवैध’ हो गया? सवाल : बीजेपी का कहना है कि 100 वर्ग गज के मकान में 200-200 मतदाता हैं, नाम कटेंगे इसलिए कांग्रेस दबाव बना रही है।जवाब : तो फिर ड्राफ्ट प्रकाशन किसने किया? सरकार ने ही किया। चुनाव आयोग के अंदर कौन बैठा है? इन्हीं के नॉमिनी लोग बैठे हैं। CJI को हटाकर कानून ऐसा बना दिया गया कि चुनाव आयोग पर कोई जवाबदेही ही न रहे। ये संस्थाओं को कैप्चर कर रहे हैं, जैसे असम और जम्मू-कश्मीर में परिसीमन हुआ। अगर वोटर ही नहीं रहेगा, तो चुनाव किस बात का? यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। ऐसे तो बर्मा और पाकिस्तान जैसी स्थिति कर रहे हैं। किस बात के चुनाव हैं फिर...एक प्रस्ताव पारित कर दो की जब तक मोदी और शाह हैं, वही सरकार में रहेंगे। सवाल : आपके पास सबसे ज्यादा शिकायतें किन विधानसभा क्षेत्रों/जिलों से आई हैं?जवाब: इन्होंने प्रयास तो लगभग हर जगह किया है, जहां-जहां कांग्रेस मजबूत है या जहां हमारा वोट बैंक है। इनके पास पूरा डेटा है और उसी आधार पर योजनाबद्ध तरीके से वोटरों के नाम कटवाने की कार्रवाई की गई। इस पूरे खेल में बीजेपी के सभी नेता शामिल हैं। चुनाव आयोग की बैठकों में जाकर बीजेपी के प्रतिनिधि लक्ष्मीकांत दुबे और राव राजेंद्र सिंह खुलकर यह मांग करते हैं कि जो नियम BLA को एक दिन में सिर्फ 10 फॉर्म देने का है, उसे ‘अनलिमिटेड’ कर दिया जाए। अब अनलिमिटेड का मतलब क्या है? इसका मतलब है कि आखिरी तीन दिनों के लिए पूरी तरह से छूट दे दी जाए, ताकि हजारों फॉर्म एक साथ डाले जा सकें। इतना ही नहीं, SIR प्रक्रिया के बीच ही 7 हजार शिक्षकों के ट्रांसफर कर दिए गए, इसके लिए चुनाव आयोग से कोई अनुमति तक नहीं ली गई। मकसद साफ था- RSS की विचारधारा से जुड़े लोगों को वहां तैनात करना और फिर अपनी मर्जी से वोटर लिस्ट में नाम काटना या जोड़ना। यहां तक कि 50–50 वोट जोड़ने का भी अलग से ‘टास्क’ दिया गया। हम यह होने नहीं देंगे। लोकतंत्र के साथ यह बेईमानी हम स्वीकार नहीं करेंगे। सवाल : आपने कुछ अधिकारियों पर भी सवाल उठाए थे, वे कौन हैं?जवाब : कई जगहों से शिकायतें आई हैं। मैं किसी को व्यक्तिगत रूप से टारगेट नहीं करना चाहता, लेकिन दो-तीन कलेक्टर ऐसे हैं, जिन्होंने इस पूरे मामले में संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इनमें अजमेर जिला कलेक्टर और जयपुर जिला कलेक्टर भी शामिल हैं। उनका रवैया यह रहा कि ‘पंचायत चुनाव इससे नहीं हो रहे हैं, आप लोग क्यों पैनिक कर रहे हैं, हम जांच कर लेंगे, हम देख लेंगे।’ हमारा सवाल वही है- ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद एक BLA एक दिन में 10 से ज्यादा फॉर्म ले ही नहीं सकता और अगर कोई उससे ज्यादा देता है तो आप उसे ले ही नहीं सकते, तो फिर आप किस बात की जांच करेंगे? यह जो नियम विरुद्ध बातें अधिकारी कर रहे हैं। हमें ऐसा लग रहा है कि वे बीजेपी की भाषा बोल रहे हैं, सिर्फ अपने पद पर बने रहने के लिए। आज अगर यही रवैया है, तो कल पंचायत राज और नगर निकाय चुनाव कैसे होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हम साफ कह रहे हैं कि जैसे ही वोटर लिस्ट फाइनल होगी, हम राजस्थान हाई कोर्ट जाएंगे। सवाल : आगे कांग्रेस की रणनीति क्या रहेगी?जवाब : हमारी जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और मंडल स्तर के पदाधिकारी सभी SDM और कलेक्टरों के पास जाएंगे। हम मांग करेंगे कि ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदनों की सूची चस्पा की जाए। जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां हम आपत्ति दर्ज करेंगे। हमारे पास लगभग एक महीने का समय है और अगर चुनाव आयोग समय सीमा बढ़ाता है, तो हम हर दिन चौकसी करेंगे और इस बेईमानी को रोकेंगे। सवाल : बीजेपी कहती है पहले कांग्रेस एकजुट तो हो जाए।जवाब: खेल महोत्सव में खेल मंत्री नहीं जा रहा, बजट बना रहे हैं उसमें वित्त मंत्री मौजूद नहीं है, उद्योग की समीक्षा बैठक में उद्योग मंत्री की सीट ही नहीं है। एक साथ पतंग उड़ाने से कुछ नहीं होता है। पतंग तो दिखावे के लिए उड़ाई जाती है। जब मुख्यमंत्री को बजट पेश नहीं करना है, वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी तो बजट बनाने के लिए पूरी चर्चाएं मुख्यमंत्री क्यों कर रहे हैं? यह तो नैतिकता के आधार पर ही गलत है। आप क्या दिखाना चाहते हैं कि राजस्थान की वित्त मंत्री डमी है। उन्हें सिर्फ बजट पढ़ने के लिए बाबू की जगह रखा है। वित्त मंत्री के तौर पर क्या उन्हें बजट संबंधित सभी चर्चाओं में भाग नहीं लेना चाहिए। बजट की बंद अटैची तो वित्त मंत्री दिखाती हैं। लेकिन बजट की चर्चा और सुझाव मुख्यमंत्री सुन रहे हैं। यह तो हास्यास्पद है। सवाल: क्या गोविंद सिंह डोटासरा, सचिन पायलट, अशोक गहलोत और टीकाराम जूली एकजुट हैं, ये भी बीजेपी ही सवाल करती है?जवाब : पूरी कांग्रेस एकजुट है- ऑलपिन की नोक जितना भी फर्क नहीं है। कांग्रेस की एकता पर सवाल उठाकर बीजेपी अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश कर रही है। हकीकत यह है कि बीजेपी खुद पर्चियों पर सरकार चला रही है। उन्हें खुद को भी नहीं पता कि पंचायती राज परिसीमन हुए कितने दिन हो गए। नियम के मुताबिक 8 तारीख को वार्डों का प्रकाशन होना था, लेकिन 12 महीने की कवायद के बाद भी आज तक यह नहीं हो पाया। आज भी सीएमओ के अंदर पंचायती राज के अधिकारी हर जिले के एडीएम को बुला रहे हैं और कह रहे हैं- ‘इसमें संशोधन कर दो, उसमें संशोधन कर दो।’ राज्य निर्वाचन आयुक्त के पास से रोजाना संशोधन भेजे जा रहे हैं। जब चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, तो आप अपने वार्डों का ही प्रकाशन नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं, ओबीसी आयोग से आवश्यक रिपोर्ट तक नहीं ली गई, जो चुनाव प्रक्रिया के लिए अनिवार्य है। इसके बावजूद आप चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। यह चुनाव नहीं, नौटंकी है। भरतपुर में दो साल से ज्यादा हो गए, अब तक प्रशासक बैठा हुआ है। कानून कहता है कि छह महीने से ज्यादा चुनाव नहीं रोके जा सकते, फिर भी जानबूझकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को पंगु बनाया गया है। यह लोग बेईमान हैं, तानाशाही मानसिकता के लोग हैं। इन्होंने पूरे सिस्टम को कैप्चर कर लिया है।
भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार हुए लोगों के इलाज का खर्च प्रशासन ने उठाने की बात कही थी, लेकिन अब तक सिर्फ 17 मरीजों को 1.71 लाख रुपए ही रिफंड मिला है। उधर, अस्पतालों का बिल 1 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार को जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पीड़ितों से मिले, तो कई मरीजों ने खर्च का दर्द उनके सामने रखा। किसी ने बताया कि अस्पताल में 17 बोतल चढ़ीं, तो किसी ने कहा कि 45 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक खर्च हो गए। कई लोगों ने साफ कहा कि अब तक इलाज की रकम वापस नहीं मिली है। अब तक क्षेत्र के 447 मरीज निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। इनमें से 432 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 6 मरीज अभी भी आईसीयू में हैं। जिला प्रशासन ने पहले ही आदेश जारी किए थे कि भागीरथपुरा में डायरिया के कारण भर्ती मरीजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और जिन्होंने पहले भुगतान किया है, उन्हें रिफंड दिया जाएगा। प्रशासन के अनुसार अब तक 17 मरीजों को 1 लाख 71 हजार 799 रुपए का रिफंड दिया जा चुका है। करीब 29 अस्पतालों ने दावा किया है कि उन्होंने मरीजों को इलाज की राशि लौटा दी है। हालांकि क्षेत्र में ऐसे मरीज भी हैं, जिनका कहना है कि उन्होंने अपने बिल जमा करा दिए हैं, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल उनके पास किसी मरीज की लिखित शिकायत नहीं आई है। 25 दिसंबर के बाद भर्ती मरीजों के लिए आदेश स्वास्थ्य विभाग ने 25 दिसंबर के बाद निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को लेकर सभी अस्पतालों को पत्र जारी किए थे। इसमें निर्देश था कि मरीजों से लिया गया पैसा वापस किया जाए। इसके जवाब में 41 अस्पतालों ने लिखित रूप से बताया है कि उनके यहां कोई पेंडिंग बिल नहीं है और सभी मरीजों को रिफंड कर दिया गया है। अब तक निजी अस्पतालों से इलाज के कुल बिल कलेक्टोरेट को नहीं भेजे गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि पूरे मामले में इलाज का खर्च करीब 1 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हर मरीज का भुगतान कराया जाएगा अस्पतालों से मरीजों का पैसा वापस करवाया गया है। 41 अस्पतालों की ओर से लिखित सूचना मिली है कि 25 दिसंबर के बाद भर्ती मरीज से लिया गया पैसा लौटाया गया है। विभाग की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों से कोई शुल्क न लिया जाए और यदि लिया गया है तो उसे लौटाया जाए। किसी मरीज को रिफंड नहीं मिला है, तो उसका भुगतान कराया जाएगा।डॉ. माधव प्रसाद हासानी, सीएमएचओ
पटना से जनकपुर 6 घंटे 30 मिनट में पहुंच सकेंगे
पटना से नेपाल में माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर तक ट्रेन से लोग अब महज 6 घंटे 30 मिनट में पहुंच सकेंगे। मधुबनी के जयनगर से जनकपुर व बिजलपुरा तक 52 किमी नई रेल लाइन पर ट्रेन की परिचालन शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था शुरू होने से पर्यटकों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी जनकपुर धाम जाने में सुविधा होगी। पटना जंक्शन से जयनगर नमो भारत ट्रेन से करीब 5 घंटे 30 मिनट लगते हैं। जयनगर से जनकपुर तक की यात्रा नई ट्रेन सेवा में 1 घंटे में पूरी होगी। अब बिजलपुरा से बर्दीबास तक करीब 16 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है। दरअसल, जयनगर (बिहार) से नेपाल के बिजलपुरा होते हुए बर्दीबास तक बनने वाली नई रेल लाइन की कुल लंबाई 68.7 किलोमीटर है। इसमें से करीब 2.97 किमी भारत में और 65.75 किमी नेपाल में है। यह परियोजना तीन चरणों में विकसित की जा रही है। नेपाल में 52 किमी रेल लाइन बिछा परिचालन शुरू जानिए...जरूरत क्यों? नेपाल के तराई क्षेत्रों में भारतीय लोगों को आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा माता सीता की जन्मस्थली जनकपुर धाम आने-जाने के लिए पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। प्रोजेक्ट का कार्य पुरा होने पर तराई क्षेत्रों में आवागमन को आसान बनाना, व्यापार को बढ़ावा देना और लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास होगा। बिजलपुरा और बर्दीबास नेपाल के महत्वपूर्ण कस्बे हैं, जहां से आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।
एआईसीटीएसएल:771 रूट्स पर 2000 से ज्यादा बसें चलेंगी
एआईसीटीएसएल को मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा योजना के तहत गठित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (होल्डिंग कंपनी) की सहायक कंपनी बनाया है। 2 से 3 माह में प्रदेश में परिवहन सेवा का पहला ऑफिस एआईसीटीएसएल में शुरू हो जाएगा। जल्द ही बस सेवा की शुरुआत भी होगी। इस बार सरकार ने यात्री सेवा आधारित मॉडल तैयार किया है। इससे निजी बस ऑपरेटर्स की मनमानी पर रोक लग सकेगी, वहीं निजी बस संचालन में रेवेन्यू लीकेज कम होने से बस ऑपरेशन में लाभ में बढ़ोतरी होगी। लोगों को किफायती किराए में सभी स्थानों के लिए आसानी से बसें मिलेंगी। 771 रूट्स पर 2000 से ज्यादा बसें चलेंगी। पीपीपी आधारित सिस्टम इस सेवा के माध्यम से राज्य, शहर व ग्रामीण स्तर पर यात्री बसों का संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। मुख्य कंपनी भोपाल में रहेगी। एआईसीटीएसएल के नए स्वरूप में 185 से ज्यादा लोगों की टीम होगी, जो संभाग में बस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी निभाएगी। यह कंपनियां आईटी स्ट्रक्चर आधारित होंगी। सरकार ने फ्रीक्वेंसी के आधार पर अलग-अलग स्तर के रूट तैयार किए हैं। इन पर बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को सुविधाजनक व सुरक्षित सेवा विभाग ने वर्तमान कंपनियों को क्षेत्रीय कंपनियों में बदलते हुए इनका स्ट्रक्चर तय किया है। यह कंपनियां बसों के संचालन, निगरानी, यात्री सुविधा, रूट प्लानिंग और अन्य जिम्मेदारियां निभाएंगी। इससे निजी बस ऑपरेटर्स के साथ बेहतर समन्वय होगा और यात्रियों को सुविधाजनक व सुरक्षित सेवा मिल सकेगी। कंपनी में एक कार्यकारी संचालक होगा, दो महाप्रबंधक रहेंगे। एक विंग प्लानिंग और निगरानी करेगी। दूसरी विंग रखरखाव व यात्री सुविधाओं के विकास पर ध्यान देगी। अलग-अलग विभाग अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। सुरक्षा व फ्लाइंग स्क्वॉड के लिए सेना के रिटायर अफसर व पुलिस विभाग के अधिकारियों को रखा जाएगा। प्रादेशिक परिवहन प्राधिकारी यानी संभाग आयुक्त सीधे एआईसीटीएसएल को परमिट दे सकेंगे। इन परमिट पर निजी बस ऑपरेटर्स को अनुबंधित कर बस संचालन किया जाएगा। तत्काल एप पर शिकायत दर्ज करवा सकेंगे यात्री एक एप बना रहे हैं, जिसमें बसों की जानकारी, किराए व बुकिंग जैसी सुविधा रहेगी। इसी के माध्यम से परेशानी होने पर यात्री शिकायत कर सकेंगे। यात्रा के अनुभव पर फीडबैक दे सकेंगे। स्टाफ की कमी या खराबी की सूचना तत्काल दे सकेंगे, जिस पर तत्काल एक्शन लिया जा सकेगा। निगरानी ऑनलाइन व रिटायर सैनिकों के हाथ निगरानी के लिए जीपीएस व फ्लाइंग स्क्वॉड रहेगा। यात्री सुरक्षा के लिए भी दो स्तर पर निरीक्षण व्यवस्था रहेगी। इसमें ऑनलाइन एप व जीपीएस से निगरानी की जाएगी। इसके लिए कंट्रोल व कमांड सेंटर रहेंगे। इंदौर में वर्तमान का उपयोग किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के तहत आईएसबीटी से भी बसें संचालित होंगी। तस्वीर नायता मुंडला आईएसबीटी की। सेवाओं पर नियंत्रण से अच्छी सुविधा मिलेगी इन्फ्रास्ट्रक्चर, तकनीकी व गुणवत्ता नियंत्रण से कंपनियां बस संचालन के जरूरी इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करेगी। डिपो, वर्कशॉप, बस टर्मिनल व रिले स्टेशन सहित अन्य सुविधाएं बनाएंगी। डिपो व रखरखाव के लिए हर जगह वर्कशॉप भी होगी। गुणवत्तापूर्ण यात्रा हो सकेगी। मिलेगी बेहतर और डिजिटल यात्री सेवाएं प्लानिंग और निगरानी विभाग बसों के रूट, ऑपरेटर से अनुबंध और यात्री सुरक्षा व सुविधा पर ध्यान देगा। एआई आधारित डिजिटल सिस्टम तैयार किया है। आईटीएमएस के माध्यम से लगातार एनालिसिस और डिजिटल सुविधाओं का विस्तार करेंगे।
निफ्ट-आईआईटी में पढ़े, अब प्लास्टिक वेस्ट को बना रहे बेस्ट
बिहार के नवादा जिले के दो भाइयों की मेहनत और सफलता की कहानी युवाओं को नई दिशा देने वाली है। टेक्सटाइल डिजाइनर राहुल कुमार और मैकेनिकल इंजीनियर विकास कुमार ने नौकरी छोड़कर प्लास्टिक कचरे से उपयोगी और टिकाऊ उत्पाद बनाने का सपना देखने वाले इन दोनों भाइयों की कंपनी ‘माइनस डिग्री’ के उत्पाद आज लगभग देशभर में पहुंच चुके हैं। इन दोनों भाई की कहानी बताती है कि छोटे शहर से निकलकर भी बड़े सपनों को साकार किया जा सकता है। कोरोना काल में वर्ष 2020 में शुरू हुई सोच को उन्होंने 2021 में कंपनी के रूप में पंजीकृत कराया। मात्र 10 हजार रुपए की पूंजी से शुरू हुई यह यात्रा शुरुआती दो वर्षों तक संघर्ष से भरी रही, लेकिन 2023 में कंपनी ने रफ्तार पकड़ी और आज इसका सालाना रेवेन्यू एक करोड़ रुपए हो चुका है। राहुल ने निफ्ट दिल्ली से टेक्सटाइल डिजाइनिंग और विकास ने आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। दोनों ने अच्छी तनख्वाह वाली नौकरियों को छोड़कर पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक बदलाव के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। आज उनकी कंपनी प्लास्टिक वेस्ट से पेन स्टैंड, मेडल, की-चेन, फ्रिज मैग्नेट और मार्बल और प्लाई के विकल्प के रूप में टिकाऊ प्लास्टिक शीट जैसे उत्पाद तैयार कर रही है। 250 टन प्लास्टिक की रिसाइकिलिंग राष्ट्रपति भवन स्थित शॉप में उनके उत्पादों की बिक्री और करीब एक लाख रुपए का ऑर्डर मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि है। राहुल बताते हैं कि एक होटल में प्रोडक्ट पिच के दौरान संयोगवश राष्ट्रपति भवन से जुड़े इस शॉप के एक अधिकारी से मुलाकात हुई, जिन्हें उनके उत्पाद पसंद आए और वहीं से यह ऐतिहासिक कनेक्शन बना। उन्होंने बताया कि अब तक ‘माइनस डिग्री’ 250 टन से अधिक प्लास्टिक का रिसाइकिलिंग कर चुकी है। 14 से 16 परिवारों को रोजगार दे रही है। बिहार सरकार से मिले 10 लाख रुपए के ऋण से कंपनी को और विस्तार मिला है। गाजियाबाद से संचालित यह यूनिट को बिहार में भी स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।
जदयू में आरसीपी सिंह की नो इंट्री, 72 से 42 सीट पर पहुंचा दिया था : ललन
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि जदयू में आरसीपी सिंह की वापसी नहीं होगी। उनके लिए नो इंट्री है। आरसीपी सिंह के लिए जदयू में कोई जगह नहीं है। आरसीपी सिंह ने ही पार्टी को 72 से 42 सीट तक पहुंचा दिया था। हालांकि, विधानसभा चुनाव 2025 में कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर से जदयू को 42 से 85 तक पहुंचा दिया। उन्होंने प्रशांत किशोर के मुद्दे पर कहा- वे उन्हें नहीं जानते हैं। प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राजनीति से बाहर करने और मिट्टी में मिलाने की बात कही थी। जदयू को 25 सीट मिलने का दावा किया था। लेकिन, विधानसभा चुनाव का रिजल्ट सबके सामने है। जानकारी के मुताबिक जन सुराज के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके अभिभावक की तरह हैं। मैं उनसे कभी दूर नहीं रहा। हमारे बीच सिर्फ राजनीतिक संबंध नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत रिलेशन भी हैं। 25 साल से हम एक-दूसरे को जानते हैं। इसके बाद से ही आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की चर्चा शुरू हो गई।
गणतंत्र दिवस पर बेटियां बजाएंगी बैंड, कराटे का प्रदर्शन करेंगी
पटना के गांधी मैदान में 26 जनवरी को होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार समारोह की थीम उन्नत बिहार, उज्ज्वल भविष्य रखा गया है। इसी थीम पर शिक्षा विभाग की ओर से आकर्षक झांकियां निकाली जाएंगी। इस बार समारोह की खास बात यह होगी कि बालिकाएं बैंड बजाती नजर आएंगी। स्कूलों की लड़कियों की बैंड टीम तैयार की गई है, जो शिक्षा विभाग की झांकी के साथ मार्च करती हुई बैंड बजाएंगी। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं कराटे का प्रदर्शन करेंगी। इन छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत कराटे का प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे आत्मरक्षा में सक्षम बन सकें। ये छात्राएं झांकी के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगी। इन सभी योजनाओं को दिखाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से आकर्षक रथ (झांकी) तैयार की जा रही है, ताकि लोग सरकार की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की जानकारी आसानी से समझ सकें। गणतंत्र दिवस पर इस बार बालिकाओं की भागीदारी और शिक्षा से जुड़ी झांकियां समारोह को और खास बनाएंगी। झांकी में दिखेंगी शिक्षा विभाग की योजनाएं गणतंत्र दिवस समारोह में शिक्षा विभाग अपनी प्रमुख योजनाओं को पोस्टर और बैनर के माध्यम से दिखाएगा। झांकी में मध्याह्न भोजन योजना, साइकिल और पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, आईसीटी और कंप्यूटर लैब, टैब से हाजिरी लगाते शिक्षक, शिक्षक नियुक्ति, सुरक्षित शनिवार अभियान, कक्षा में पढ़ते बच्चे, शिक्षकों का प्रशिक्षण, कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी और पाठ्यपुस्तक वितरण योजनाओं और गतिविधियों की झलक मिलेगी।
महीने के अंत में पीएम करेंगे परीक्षा पे चर्चा, छात्रों का तनाव दूर करेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकप्रिय कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ का नौवां संस्करण जनवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने की संभावना है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री बोर्ड परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों से सीधे संवाद करेंगे और परीक्षा के तनाव से बचने के तरीके बताएंगे। कार्यक्रम से पहले राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 23 जनवरी (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती/पराक्रम दिवस) तक छात्र-छात्राओं के लिए विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के तहत बच्चों को ‘वंदे मातरम्’ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी। स्कूलों में इस दौरान स्थानीय खेल, योग, कविता, नृत्य-संगीत, पोस्टर निर्माण, वाद-विवाद, क्विज प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम होंगे। ये गतिविधियां कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और केंद्रीय विद्यालयों में भी कराई जाएंगी। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन कार्यक्रमों की रंगीन तस्वीरें और संक्षिप्त विवरण गूगल लिंक पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। क्या है उद्देश्य: परीक्षा पे चर्चा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करना है। यह कार्यक्रम परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि सीखने के उत्सव के रूप में देखने की सोच को बढ़ावा देता है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच विकसित होती है, ताकि वे बिना डर के परीक्षा का सामना कर सकें।
फोन कर कहा-तेजस राजधानी एक्सप्रेस में बम है...पर तलाशी में कुछ नहीं मिला
दिल्ली से पटना आ रही तेजस राजधानी एक्सप्रेस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी भरा कॉल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के आरपीएफ कमांडेंट को आया। कहा-इस ट्रेन की बोगी में बम रखा हुआ है। उस वक्त ट्रेन अलीगढ़ पहुंचने वाली थी। वहां स्टॉपज नहीं रहने के बावजूद करीब दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चला। वहां से खुलने के बाद प्रयागराज के पास स्थित सूबेदारगंज और पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर भी सघन चेकिंग की गई। बिहार में ट्रेन के प्रवेश करने के बाद बक्सर, दानापुर और पटना जंक्शन पर भी डॉग स्क्वायड, हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। यात्रियों के सामान की तलाशी ली गई। वॉशरूम से पैंट्रीकार की तक चेकिंग की गई। सर्च ऑपरेशन की वजह से यह ट्रेन पौने छह घंटे की देरी से रविवार को 9:54 बजे पटना जंक्शन पहुंची। पटना पहुंचने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। पटना रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि कहीं कुछ नहीं मिला। दिल्ली से शाम 5:10 बजे खुली, कानपुर रात 2:44 बजे पहुंची ट्रेन शनिवार की शाम 5:10 बजे दिल्ली से खुली थी। अलीगढ़ स्टेशन पर 6:33 बजे पहुंची। कानपुर पहुंचने का समय रात 9:50 बजे है, लेकिन तलाशी की वजह से 2:44 बजे पहुंची। प्रयागराज के पास स्थित सूबेदारगंज स्टेशन पर पहुंचने का समय रात 11:51 बजे है, पर रविवार सुबह 4:44 बजे पहुंची। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर 1:53 बजे के बजाय सुबह 6:38 बजे और पटना जंक्शन पर सुबह 4:38 के बजाय 9:54 बजे पहुंची। धमकी देने वाले का लोकेशन दिल्ली, पंजाब सर्किल का नंबर धमकी देने वालों का सुराग लगाने में पुलिस जुट गई है। उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। अबतक की जांच में पता चला है कि जिस वक्त उसने धमकी दी, उस समय उसका लोकेशन दिल्ली इलाके में था। जिस मोबाइल नंबर से धमकी दी गई, वह पंजाब सर्किल का है।
बिजली अधिकारी सोमवार और शुक्रवार को लोगों की समस्याएं सुन समाधान करेंगे
बिजली अधिकारी सप्ताह में दो दिन उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनेंगे और उनका समाधान करेंगे। राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान (इज ऑफ लिविंग)’ को प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने सभी कंपनियों के मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में इस संबंध में जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्युत विभाग के अधीन सभी कार्यालयों में सोमवार को दोपहर 12:30 से 2 बजे तक एवं शुक्रवार को दोपहर 3 से शाम 4:30 बजे तक अधिकारी आमजन से मिलकर उनकी शिकायतें दर्ज करेंगे। उनका तुरंत समाधान भी करेंगे। विभाग एवं बीएसपीएचसीएल से जुड़ी शिकायतों के लिए ऊर्जा सचिव लोगों से विद्युत भवन-1 में मिलेंगे। जबकि साउथ बिहार और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी, बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी से जुड़ीं शिकायतों के लिए प्रबंध निदेशक अपने कार्यालयों में आमलोगों से मिलेंगे। इसके अतिरिक्त औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ हर गुरुवार को होने वाली बैठक अब शुक्रवार को दोपहर 3 बजे से शाम 4:30 बजे तक होगी। बीएसपीएचसीएल एवं अनुषंगी कंपनियों के क्षेत्रीय कार्यालयों में पदस्थापित सभी महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता, उप महाप्रबंधक सह विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत अधीक्षण अभियंता, विद्युत कार्यपालक अभियंता, सहायक विद्युत अभियंता एवं कनीय विद्युत अभियंता भी सोमवार और शुक्रवार को अपने कार्यालयों में उपस्थित रहकर शिकायतों का निवारण करेंगे।
भारत-न्यूजीलैंड वन डे:विराट कोशिशें... रिकॉर्ड तो बने पर होलकर में पहला वनडे हारे
विराट कोहली की शानदार शतकीय पारी (124) के बाद भी होलकर स्टेडियम में टीम इंडिया पहली बार वनडे मैच हार गई। इससे पहले सभी 7 वनडे टीम इंडिया ही जीती है। न्यूजीलैंड ने तीसरे और अंतिम मैच में भारत को 41 रनों से हराकर सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। न्यूजीलैंड ने पहले खेलते हुए 8 विकेट पर 337 रन बनाए। डेरिल मिचेल ने 137 और ग्लेन फिलिप्स ने 106 रन बनाए। जवाब में भारत की पूरी टीम 46 ओवर में 296 रनों पर सिमट गई। हर्षित (52) और नीतिश (53) की पारी भी काम नहीं आ सकी। भारत की हार के 5 कारण कोहली ने पोंटिंग, सहवाग को पछाड़ाकोहली ने 108 गेंदों पर 10 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 124 रन की पारी खेली। न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली ने 7वां शतक लगाकर रिकी पोंटिंग और वीरेंद्र सहवाग को पीछे छोड़ा। दोनों के कीवी टीम के खिलाफ 6-6 शतक थे। रोहित शर्मा ने देश में 100वां वनडे खेलारोहित शर्मा देश में 100 वनडे खेलने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए। हालांकि वे 11 रन ही बना सके। रोहित के अलावा सचिन तेंडुलकर (164), विराट कोहली (134), एमएस धोनी (127), मो. अजहरुद्दीन (113), युवराज सिंह (108) यह रिकॉर्ड बना चुके हैं।
बिहटा में ई-रेडिएशन सेंटर खुला, कृषि उत्पाद एक साल तक खराब नहीं होंगे
बिहार से कृषि उत्पादों के निर्यात में अब दिक्कत नहीं होगी। विदेश भेजने से पहले बैक्टीरिया और फंगस से मुक्त करना पड़ता है। पटना के बिहटा इंडस्ट्रियल एरिया में ई-रेडिएशन सेंटर स्थापित किया गया है। पांच एकड़ जमीन पर स्थापित इस सेंटर में पैक हाउस से लेकर कोल्ड स्टोरेज तक की व्यवस्था की गई है। बैक्टेरिया और फंगस से मुक्त करने के बाद कृषि उत्पादों को यहां तीन से छह महीने तक संरक्षित किया जा सकेगा। यह पूर्वोत्तर भारत का सबसे बड़ा और बिहार का पहला ई-रेडिएशन सेंटर है। खाद्य पदार्थों को गामा रे की मदद से संरक्षित किया जाता है। सेंटर के संचालक विकास कुमार ने बताया कि इस साल बैक्टेरिया और फंगस मुक्त आम, मखाना, आलू और लीची का निर्यात होगा। अब सालभर सुरक्षित रहेगा मखाना दो महीने में 60 टन मखाना को संरक्षित कर उसकी लाइफ एक साल तक बढ़ा दी गई। पहले मखाना तीन-चार महीने ही सुरक्षित रह पाता था। चार माह होते ही कीड़े पड़ जाते थे, जिससे विदेशों में निर्यात के समय रिजेक्शन बढ़ जाता था। हर साल 20-30 प्रतिशत मखाना हर साल रिजेक्ट हो जाता था। इससे मखाना उत्पादकों से लेकर निर्यातकों तक को भारी नुकसान झेलना पड़ता था। क्या है ई-रेडिएशन सेंटर : ई-रेडिएशन सेंटर कृषि उत्पादों, मसालों, दवाओं और चिकित्सा उपकरणों को विकिरण तकनीक का उपयोग करके प्रोसेस करता है, जिससे उनकी गुणवत्ता बढ़ती है, शेल्फ लाइफ लंबी होती है और वे अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों को पूरा करते हैं। इसमें गामा किरणों या इलेक्ट्रॉन बीम का उपयोग होता है, साथ ही कोल्ड स्टोरेज और पैकेजिंग जैसी सुविधाएं भी होती हैं। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित, नियंत्रित मात्रा में गामा किरणों या इलेक्ट्रॉन बीम के संपर्क में लाया जाता है, जो बैक्टीरिया, कीड़े और फफूंद को खत्म करते हैं।
बेउर जेल के कैदी बनाएंगे महिलाओं के लिए जूट का बैग, कारखाना खुला
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू रविवार को बेउर जेल का निरीक्षण करने पहुुंचे। जेल प्रशासन से कहा कि कैदियों का स्किल डेवलपमेंट किया जाए ताकि बाहर निकलने के बाद वे मुख्यधारा में शामिल हो सकें। कैदियों को लीगल एड मिले। वे करीब तीन घंटे तक वहां रहे। जेल परिसर में जूट से बैग बनाने वाले कारखाना का उद्घाटन किया। कैदियों को दी जा रही कंप्यूटर ट्रेनिंग, एनआईओएस-इग्नू कोर्स, लाइब्रेरी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हॉल, मनोरंजन केंद्र, मुलाकाती सिस्टम, अस्पताल, नशा विमुक्ति केंद्र, महिला वार्ड भी गए। इन व्यवस्थाओं से संतुष्ट दिखे। कुछ कमी दिखी तो जेल आईजी को ठीक कराने का आदेश दिया। इस मौके पर हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, जिला जज, बीएसएलएसए के सदस्य सचिव, आईजी जेल प्रणव कुमार, डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम, एसएसपी कार्तिकेय शर्मा मौजूद थे। बेकरी समेत कई चीजें बनती हैं बेउर जेल में बेकरी के आइटम बनाए जाते हैं। इसकी सप्लाई पटना में भी होती है। मसाला, सत्तू, चना का भूंजा समेत कई चीजें बनती हैं। कैदियों को एनआईओएस और इग्नू का कोर्स कराया जाता है। जेल रेडियो से लेकर मनोरंजन केंद्र भी है। लेडीज जूट बैग कारखाना खुलने से यहां एक और रोजगार बढ़ गया है।
कुछ दिन पहले गोरखनाथ मंदिर में सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। उस वीडियो में सीएम एक छोटे बच्चे को प्यार करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में छोटा बच्चा उनसे चिप्स मांगता नजर आता है। अब उसी बच्चे को चिप्स दिलाने का वीडियो भी सामने आया है, जिसको लोग सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे हैं। वीडियो में सीएम योगी बच्चे को चिप्स का पैकेट देकर कहते हैं कि- पढ़ाई करना है न कायदे से...,पढ़ाई करोगे ना, हं जाओ पिछले वीडियो में दिखता है कि एक बच्चा उनके पास आता है। मुख्यमंत्री मुस्कुराते हुए बच्चे से पूछते हैं, “और क्या चाहिए, बताओ?” इस पर बच्चा मासूमियत से जवाब देता है,“मुझे चिप्स चाहिए।” बच्चे की यह बात सुनकर सीएम अपनी हंसी नहीं रोक पाते। वह जोर से हंसने लगते हैं और आसपास मौजूद लोगों से कहते हैं, “चिप्स लाओ भाई, इसके लिए।”सीएम योगी की यह सादगी और बच्चों के प्रति अपनापन देखकर वहां बैठे लोग भी हंस पड़ते हैं। माहौल हल्का और खुशनुमा हो जाता है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। लोग मुख्यमंत्री योगी के इस सरल और मानवीय रूप की तारीफ कर रहे हैं। कई लोग कमेंट में लिख रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ का यह अंदाज उन्हें और भी करीब महसूस कराता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री योगी का ऐसा वीडियो सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार बच्चों, साधु-संतों और आम लोगों के साथ उनका सहज और संवेदनशील व्यवहार लोगों का दिल जीत चुका है। ऊपर फोटो पर क्लिक कर देखें VIDEO...
कैक्टस व पेड़ की छाल से बनेगा वीगन लेदर, 9 हजार को रोजगार
पटना | अब बिहार में भी वीगन लेदर का उत्पादन होगा। कोलकाता, तिरुवंतपुरम, कानपुर और उन्नाव की तर्ज पर भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बाल्मीकि नगर और मधुबनी में यूनिट लगेंगी। यूनिट लगेंगी। यह लेदर कैक्टस, पेड़ की छाल, केले के रेशे, कपास, कॉर्क, प्लास्टिक के टुकड़े, पॉलीविनाइल क्लोराइड और पॉलीयूरेथेन से बनेगा। वीगन लेदर उद्योग से 9 हजार को सीधे रोजगार मिलेगा। अरब और अफ्रीकी देशों में निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि वीगन लेदर यूनिट को लेकर निवेशकों से बातचीत चल रही है। जल्द ही पहले चरण का काम शुरू होगा। बिहार में वीगल लेदर का उत्पादन वीगन लेदर क्या है? यह जानवरों के चमड़े से नहीं शाकाहारी सामग्री से तैयार होता है। चमड़े से अलग कैसे है? ज्यादा लचीला होता है। लंबे समय तक रंग व बनावट एक जैसी होती है। क्या यह टिकाऊ है? गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है। डिजाइन में क्या खास है? इसे मनचाहा आकार दिया जा सकता है। सिलाई में दिक्कत नहीं।
बेला से मोतीपुर-पारू तक बढ़ा उद्योग का दायरा, इथेनॉल–टेक्सटाइल से थमा पलायन
किसानों और युवाओं को फायदा { इथनॉल फैक्ट्री से मक्का जैसी नकदी फसल को बढ़ावा किसानों को सशक्त करने की संभावना • फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के विस्तार की जरूरत गन्ने की खेती वाले क्षेत्र में चीनी उद्योग को पुनर्जीवित करने की पहल जरूरी अंबुजा सीमेंट और लेदर पार्क की तैयारी तीन दशक से बंद आईडीपीएल की 70 एकड़ जमीन पर टेक्सटाइल क्लस्टर विकसित किया गया है, जहां ट्रॉली बैग, बैग, टी-शर्ट, जींस, ट्राउजर और होजियरी कपड़ों का उत्पादन हो रहा है। आईपीएल इकाई में उत्पादित उर्वरक की मांग तमिलनाडु तक है। सरकारी इकाइयों के स्थान पर निजी कल-कारखानों ने औद्योगिक गति को तेज किया है। इथनॉल फैक्ट्री, फूड प्रोसेसिंग के साथ लेदर और टेक्सटाइल उद्योग नए स्वरूप में उभर रहे हैं। टेक्सटाइल उद्योग के कारण कामगारों का पलायन थमा है। केवल टेक्सटाइल और लेदर उद्योगों में करीब 5 हजार श्रमिक कार्यरत हैं। दूसरे जिलों के कामगार भी अब यहां रोजी-रोटी कमाने पहुंच रहे हैं। आने वाले समय में औद्योगिक नक्शे पर एक और बड़ा नाम जुड़ सकता है। अंबुजा कंपनी यहां सीमेंट फैक्ट्री लगाने की तैयारी में है। उद्योग विभाग ने 61.82 एकड़ जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव सरकार को भेजा। एक हिस्से में लेदर पार्क, दूसरे में अंबुजा का सीमेंट प्लांट प्रस्तावित। आईडीपीएल की 70 एकड़ जमीन पर टेक्सटाइल क्लस्टर पटना जिले के 3 औद्योगिक पार्क से 28 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार पटना जिला में तीन औद्योगिक पार्क हैं। इनमें बिहटा, पाटलिपुत्र और फतुहां शामिल हैं। इन तीनों औद्योगिक पार्कों से 28 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। इस रोजगार को बढ़ाने के लिए बख्तियारपुर में 500 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हो रहा है। यहां करीब 15 हजार रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। उद्योग विभाग के पटना जिला में कार्यरत अधिकारियों के मुताबिक सभी चार औद्योगिक पार्कों के व्यवस्थित होने के बाद 50 हजार लोगों को नौकरी और रोजगार मिलेगा। बिहटा औद्योगिक पार्क : बिहटा औद्योगिक पार्क का क्षेत्रफल 1118 एकड़ है। इसके अलावा आईआईटी और एनआईटी को जगह दी गई है। बियाडा के अधिकारियों के मुताबिक यहां 68 इकाइयों को भूमि या शेड आवंटित किए गए हैं। इनमें से 38 यूनिटों में परिचालन शुरू हो चुका है। शेष 29 यूनिटों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन इकाइयों के माध्यम से 1800 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होगा। इसके साथ ही 10,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर लोगों को रोजगार मिलेगा। शहर के बीचों-बीच पाटलिपुत्र औद्योगिक पार्क 150 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसमें पुराने के साथ नए उद्योग और बड़ी कंपनियों को कार्यालय खोलने की जगह मिली है। इसमें आईटी कंपनियां और सर्विसेज कंपनियों के आने से बड़ी संख्या में सीधे तौर पर लोगों को नौकरियां मिली है। वर्तमान समय में यहां करीब 10 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार मिला है। वहीं, फतुहा औद्योगिक पार्क 356 एकड़ में फैला है। यहां 150 फूड प्रोसेसिंग और मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगी है। बे ला औद्योगिक क्षेत्र से निकलकर मुजफ्फरपुर में उद्योगों का विस्तार अब मोतीपुर और पारू तक पहुंच चुका है। कभी चीनी मिल के लिए पहचाना जाने वाला मोतीपुर अब इथनॉल और मेगा फूड पार्क के कारण नई औद्योगिक पहचान बना रहा है। वहीं बेला में टेक्सटाइल और पारू में नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिली है। पांच साल पहले मोतीपुर में मेगा फूड पार्क के लिए आवंटित जमीन पर अब 14 फैक्ट्रियां स्थापित हो चुकी हैं। यहां बहुराष्ट्रीय कंपनियां स्नैक्स, नूडल और रेडी-टू-ईट उत्पाद तैयार कर रही हैं। यहीं बना पोल्ट्री फीड दक्षिण भारत से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक बाजार बना चुका है। 900 एकड़ में फैले मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र ने इथनॉल उत्पादन में भी उपलब्धि हासिल की है। करीब 500 करोड़ रुपए के निवेश से तीन इथनॉल इकाइयां चालू हो चुकी हैं, जबकि दो पाइपलाइन में हैं। 1970 के दशक में जहां मोतीपुर चीनी मिल के लिए प्रसिद्ध था, अब वही इलाका इथनॉल और फूड पार्क के लिए जाना जा रहा है। मोतीपुर से 35 किमी दूर पारू में 700 एकड़ जमीन को नए औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इधर, 450 एकड़ में फैला बेला औद्योगिक क्षेत्र पहले फूड प्रोसेसिंग के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यहां टेक्सटाइल उद्योग बूम पर है।
प्रयागराज के माघ मेला में रविवार को मौनी अमावस्या का स्नान था। साढ़े 4 करोड़ से ज्यादा लोग संगम में डुबकी लगाने पहुंचे। जाहिर-सी बात है, मेला क्षेत्र में व्यापार कर रहे लोगों की भी आमदनी बढ़ी। शायद अभी तक की एक दिन में सबसे ज्यादा कमाई हुई। मेले में सिर्फ दातून-इत्र बेचने वाले या चंदन का टीका लगाने वाले लोग ही नहीं हैं। अच्छी-खासी पढ़ाई करने के बाद लोग नौकरी न करके खुद का करियर संवार रहे हैं। इन पढ़े-लिखे युवाओं के लिए सबसे बड़ा अट्रैक्शन है चाय की दुकान। एमटेक, बीटेक और ग्रेजुएट कर चुके युवाओं ने संगम के घाट पर खुद के टी स्टॉल खोल रहे हैं। ये कहते हैं- खुद का बिजनेस बेहतर है। भले ही छोटा है, मगर अपना काम है। इसमें जॉब से ज्यादा सिक्योरिटी है। दैनिक भास्कर ने 3 ऐसे युवाओं को खोजा, जो डिग्री से इंजीनियर से लेकर ग्रेजुएट तक हैं। लेकिन, माघ मेला में चाय बेचकर हर दिन अच्छी कमाई कर रहे। ये लोग चाय भी बेच रहे हैं और दूध की सप्लाई भी कर रहे। पढ़िए तीनों की कहानी… 1. संदीप, एमटेक दो भाई पुलिस में, एक इंजीनियर, बोले- नौकरी पसंद नहीं आईहम माघ मेला क्षेत्र में संगम थाने के सामने एक चाय की दुकान पर पहुंचे। यहीं हमारी मुलाकात संदीप से हुई। बातचीत में पता चला कि संदीप प्रयागराज के नैनी के शुआट्स एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से एमटेक कर चुके हैं। माघ मेला में आने वाले बड़ी संख्या में लोग इनके सप्लाई किए दूध से बनी चाय पीते हैं। संदीप बताते हैं- मैं अंबेडकरनगर का रहने वाला हूं। हम 4 भाई हैं। मेरे 2 भाई दिल्ली पुलिस में हैं, जबकि तीसरा भाई इंजीनियर है। वो आगे बताते हैं- पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए ऑफर तो आए, लेकिन मुझे नौकरी करना अच्छा नहीं लगा। पिता की डेढ़ साल पहले डेथ हो गई थी। इसके बाद मैंने खुद का बिजनेस शुरू करने का प्लान बनाया। एक दोस्त हैं, जिनकी डेयरी है। बस वहीं से दूध की सप्लाई का काम शुरू किया। लेकिन मैं माघ मेले में सिर्फ दूध की सप्लाई करने नहीं, बल्कि सेवाभाव के साथ आया हूं। 2. मोहित, बीटेक बीटेक के बाद मोहित बना चाय वालामोहित जौनपुर के रहने वाले हैं। वो बताते हैं- मैंने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से बीटेक किया है। कोरोना काल में कोई काम नहीं सूझा, तो चाय का काम शुरू कर दिया। हम गुड़ वाली स्पेशल चाय बनाने लगे। यह चाय लोगों को पसंद आ गई। जौनपुर, प्रयागराज के कौड़िहार और आजमगढ़ में हमने चाय के ठेले लगाए। अब माघ मेले में हमने पहली बार यह शुरुआत की है। उन्होंने कहा- हमारे देश में इंजीनियर की कमी तो है। इसलिए हमने बीटेक भी किया था, लेकिन बाद में नौकरी करने का इरादा बदल गया। चाय के काम में हमारे साथ 22 लड़के जुड़े हैं। उनके परिवार भी इसी काम से चल रहे हैं। आने वाले दिनों में इस चाय को एक ब्रांड बनाने का टारगेट लेकर काम कर रहे हैं। 3. पूनम, ग्रेजुएट बोर्ड लगाया ग्रेजुएट चाय वाली, कहा- सेवाभाव से कर रहीदो लोगों से बातचीत करते हुए हमारी टीम माघ मेला क्षेत्र में ओल्ड जीटी रोड पर पहुंची। यहां लिखा था 'ग्रेजुएट चाय वाली'। इस चाय की दुकान पर काम कर रही लड़की का नाम पूनम है। पूनम ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। कहती हैं- 3 महीने पहले ही मेरे पति की मौत हो गई थी। मेरे दो बच्चे हैं। माघ मेला लगा तो हमें लगा यहां बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। क्यों न यहीं से किसी काम की शुरुआत की जाए। बस, इसके बाद मैंने चाय की दुकान खोल दी। पूनम कहती हैं- माघ मेले में सेवा का भाव लेकर आई हूं। गंगा मैया की गोद में रहकर कुछ बेहतर करने का प्रयास किया। हमने पूछा- आप लड़की है, ये काम करने में दिक्कत नहीं हुई? वह कहती हैं- चाय की दुकान शुरू करने पर सगे-संबंधियों ने पहले मना किया। लेकिन, हमने इस काम को करने का फैसला कर लिया था। हालांकि, बाद में समझाने पर सब लोग राजी हो गए। तब यह काम शुरू कर सकी हूं। चाय का नाम ग्रेजुएट चाय वाली.. क्यों रखा? इस पर पूनम कहती हैं कि यह नाम थोड़ा यूनीक लगा। इसके साथ ही लोगों को यह पता चलेगा कि मैं ग्रेजुएट भी हूं, जिससे लोग अच्छे से पेश आएं। साथ ही मैंने क्वालिटी भी मेनटेन की है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई सनातनी दुकानमाघ मेले एक बार फिर से सनातनी चाय की दुकान लगाई गई है। यह महाकुंभ में सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल चाय की दुकान थी। इस चाय की दुकान पर एडिशनल शुगर के रूप में गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है। यहां कई तरह से फ्लेवर वाली चाय तैयार कर लोगों को परोसी जाती है। सोनम पश्चिम बंगाल से आकर बेच रहीं चायसंगम तट पर इन दिनों सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र बनी हैं सोनम। माघ मेले में वह चाय का कंटेनर लेकर घूमती रहती हैं। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में रहने वाली सोनम अपने पति के साथ चाय और पानी का कारोबार करने आए हैं। सोनम के पति पानी बेचते हैं, जबकि वह खुद चाय बेचती हैं। सोनम कहती हैं- मैं पिछले साल कुंभ में आई थी। तभी यहां चाय बेचने का प्लान बनाया था। मेरे परिवार वाले हमसे नाराज हैं, लेकिन मैं उन्हें मना लूंगी। -----------------------ये खबर भी पढ़ें माघ मेले में कमाई और वायरल होने पहुंचे युवा:गिटार के साथ फोटो खिंचवाने को रोजगार बनाया, कोई पुष्पा बना प्रयागराज में महाकुंभ- 2025 से पहले जो माघ मेला होता था, उसकी पहचान धार्मिक थी। महाकुंभ ने रोजगार और बहुत सारे लोगों को पहचान दी। अब इसका असर माघ मेला- 2026 में नजर आ रहा। बहुत सारे नौजवान रोजगार की तलाश में माघ मेले में आ गए। कुछ कमा रहे, तो कुछ अभी संघर्ष कर रहे। इसी तरह से कई ऐसे नौजवान हैं, जो अपने अंदर की योग्यता से पॉपुलर होना चाहते हैं। पढ़िए पूरी खबर
गांधी सेतु के समानांतर बन रहा पुल दिसंबर तक तैयार होगा
महात्मा गांधी सेतु के समानांतर बन रहे 14.5 किमी लंबे फोरलेन पुल का निर्माण दिसंबर तक पूरा होगा। इस परियोजना की लागत लगभग 1,794 करोड़ रुपए है। यह नया पुल पटना के जीरो माइल से हाजीपुर के बीएसएनएल गोलंबर व रामाशीष चौक तक कॉरिडोर के तौर पर विकसित किया जा रहा है।आधुनिक तकनीक से पुल का निर्माण किया जा रहा है। एक्स्ट्राडोसेड केबल-स्टे तकनीक से पुल को मजबूती के साथ विकसित किया जा रहा है। इससे भारी वाहनों सहित सभी प्रकार की यातायात को बेहतर गति और सुरक्षा मिलेगी। पटना-हाजीपुर के बीच जाम से मिलेगी राहत फायदा क्या : इससे पटना-हाजीपुर सड़क मार्ग पर वर्षों से जाम जूझ रहे यात्रियों के लिए अब राहत मिलने की उम्मीद है। महात्मा गांधी सेतु पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव दो हिस्सों में बंट जाएगा। साथ ही उत्तर तथा दक्षिण बिहार के बीच सुगम परिवहन सुनिश्चित होगी।
अब टीबी मरीजों के परिजनों की भी 3 माह पर जांच होगी
बिहार को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक रणनीति बनाई है। अब टीबी मरीजों के साथ उनके संपर्क में रहने वाले परिजनों और करीबियों की भी तीन महीने पर नियमित स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है। राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. बीके मिश्रा ने बताया कि सिविल सर्जन के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर उन लोगों की सूची तैयार कर रही हैं, जो सक्रिय टीबी मरीज के साथ रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट को गेम चेंजर मान रहा है। यदि मरीज के संपर्क में आए व्यक्ति में लक्षण नहीं भी हैं, तब भी उन्हें प्रिवेंटिव डोज दी जा रही है। इससे शरीर के भीतर सुप्त टीबी जीवाणु सक्रिय नहीं हो पाएंगे। टीबी मरीजों को सुविधाएं निक्षय पोषण योजना : इलाज के दौरान प्रतिमाह ~ 500 दिए जा रहे हैं। निक्षय मित्र : कोई भी व्यक्ति या संस्था मरीज को गोद लेकर अतिरिक्त पोषण किट दे सकता है। जांच : सभी सरकारी केंद्रों पर बलगम जांच और दवाएं पूरी तरह मुफ्त हैं।
मां ने अस्पताल में पूछा-तुम्हारे साथ गलत हुआ तो छात्रा ने कहा था-हां
काश...पुलिस इतनी सक्रियता पहले दिखाती... एसआईटी छात्रा के गांव और उन 3 अस्पतालों में पहुंची, जहां उसका इलाज चला, जहानाबाद से तीन लोगों को हिरासत में लिया, हॉस्टल की छात्राओं का हंगामा मुन्नाचक के शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी करने वाली छात्रा की मौत के मामले की जांच कर रही एसआईटी रविवार को जहानाबाद स्थित उसके घर पहुंची। चार घंटे तक उसके माता-पिता और परिजनों से पूछताछ की, बयान रिकॉर्ड किया। जहानाबाद से तीन लोगों को हिरासत में लिया। इधर, छात्रा के मामा का कहना है कि 8 जनवरी को प्रभात हॉस्पिटल की आईसीयू में उसका इलाज चल रहा था, तब उसकी मां ने उससे पूछा था-तुम्हारे साथ गलत हुआ है? इसपर छात्रा ने कहा था-हां। मामा ने बताया कि मुझे देखकर वह रोने लगी। उसके बाद मिलने नहीं दिया गया। पुलिस जांच को गुमराह न करे। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करे, ताकि परिवार को न्याय मिल सके। इस मामले की जांच एसटीएफ और सीआईडी भी कर रही है। इधर, रविवार को भी एम्स द्वारा सेकंड ओपिनियन के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन नहीं किया गया है। सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने कहा-एसआईटी हर बिंदु पर जांच करने में जुटी है। उधर एसआईटी रविवार को सहज सर्जरी अस्पताल पहुंची। छात्रा को सबसे पहले 6 जनवरी को यहीं भर्ती किया गया था। एसआईटी ने इलाज करने वाले डॉक्टरों और कंपाउंडरों से लेकर अन्य से पूछताछ की। बयान रिकॉर्ड किया। उसके बाद एसआईटी प्रभात अस्पताल गई। सहज सर्जरी के बाद उसे यहीं एडमिट किया गया था। वहां के डॉक्टर सतीश कुमार, सभी स्टाफ और नर्स से पूछताछ करने के साथ बयान दर्ज किया। मेदांता अस्पताल जाकर भी डॉक्टरों और स्टाफ से पूछताछ करने के साथ बयान दर्ज किया। मेदांता में ही 11 जनवरी को दिन के 12:34 बजे उसकी मौत हुई थी। पुलिस की जांच पर सवाल ही सवाल डॉ. सतीश कुमार सिंह की प्रेसवार्ता पुलिस ने रुकवाई छात्रा की मौत मामले में प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने रविवार की दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाया था। इसे पुलिस ने यह कहते हुए रुकवा दिया कि इस मामले में किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान केवल पुलिस या एसआईटी की ओर से ही जारी किया जाएगा। डॉ. सतीश ने लिखित बयान जारी कर कहा कि वे पुलिस और जांच एजेंसियों के साथ हैं। जांच में सहयोग कर रहे हैं। 6 तारीख को जब पीड़िता को उनके अस्पताल लाया गया था, उसी दिन उन्होंने स्वयं कदमकुआं थाने को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद 9 तारीख को लड़की के परिजनों द्वारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। आईएमए ने प्रभात मेमोरियल के डॉक्टरों-कर्मियों की सुरक्षा मांगी 1. थानेदार रोशनी कुमार को उसके शरीर और अन्य स्थानों पर खरोंच और चोट के निशान क्यों नहीं दिखे? 2. एएसपी अभिनव ने कैसे कह दिया कि नींद की गोली के ओेवरडोज से मौत हुई? 3. पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मनीष रंजन को गिरफ्तार किया। 4. अगर साक्ष्य में छेड़छाड़ करने पर मनीष को जेल भेजा गया तो हॉस्टल संचालक, उसकी प|ी को क्यों नहीं? 5. वहां रह रही छात्राओ का बयान क्यों नहीं लिया गया? 6. सिटी एसपी और एसएसपी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पहले कैसे कह दिया कि सुसाइड है? 7. नींद की गोली के सेवन से मौत हुई तो उसने कहां और किस दुकान से खरीदी? शंभू हॉस्टल को सील कर दिया गया है। वहां रहने वाली छात्राओं को वहां से जाने को कहा गया। छात्राओं ने कहा कि 2 फरवरी से इंटर की परीक्षा है। हमलोग एग्जाम कैसे देंगे? छात्राओं ने हंगामा किया। उनकी मांग थी कि हमलोगों को अपनी किताब, कॉपी और नोट ले जाने दिया जाए। मौके पर एएसपी सदर अभिनव कुमार भी थे। उनसे मीडिया ने सवाल पूछना शुरू किया तो वे किसी तरह बचकर निकले। आईएमए की बिहार शाखा ने डीजीपी को पत्र लिख कर डॉ. प्रभात मेमोरियल हीरामति अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की है। अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार यादव, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह और मानद राज्य सचिव डॉ. संतोष कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि छात्रा को अत्यंत गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। तुरंत उपचार शुरू किया गया। पुलिस को भी सूचित किया गया। तीन दिन तक इलाज के बाद मरीज की हालत स्थिर थी, लेकिन परिजनों के अनुरोध पर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। आईएमए का आरोप है कि कुछ स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक और गलत जानकारी फैलाई जा रही है। डॉ. सतीश कुमार सिंह को हमले की धमकी दी जा रही है।
रिटायर्ड फौजी की क्लास में 40 युवा:4 साल में 94 युवाओं को बना दिया सैनिक
पैसों की तंगी में किसी का भविष्य न बिगड़े, इसलिए पिपरिया निवासी रिटायर्ड फौजी निरंजन वैष्णव युवाओं को निशुल्क कोचिंग दे रहे हैं। 2021 से अब तक 94 युवक-युवतियाँ अपनी मेहनत और इनके मार्गदर्शन से आर्मी, बीएसएफ, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, रेलवे पुलिस में चयनित हुए हैं। निरंजन वैष्णव के जीवन में 10वीं के दौरान एक दौर आया जब तंगी उनकी शिक्षा में आड़े आई। तब बाचावानी के शिक्षक अशोक पटेल ने उन्हें निशुल्क पढ़ाया। वे 2002 में सेना की 74 फील्ड तोपखाना रेजीमेंट में ज्वाइन हुए। तब युवाओं को निशुल्क ट्रेनिंग और क्लास देने का संकल्प लिया। रिटायरमेंट के बाद संकल्प फाउंडेशन बनाया। डॉ. निष्ठा नागर ने अपनी पूर्व अस्पताल भवन को निशुल्क कोचिंग के लिए दिया। कोचिंग में पूर्व सैनिक एसोसिएशन संसाधन उपलब्ध कराता है। आइसक्रीम, अखबार बेचा, पढ़ाई के साथ की मजदूरी वैष्णव ने बताया युवाओं में प्रतिभा होती है। उन्हें सही मार्गदर्शन की जरूरत है। 13वर्ष की उम्र में पिता का निधन हो गया। दो छोटे भाई और एक बहन की जिम्मेदारी थी। आय का कोई साधन नहीं था। मां ने मजदूरी एवं अन्य काम करने के बाद पढ़ाया। मैंने ब्रेड, आइसक्रीम, अखबार, सब्जी बेची। कबाड़ा खरीदा, मजदूरी कर पढ़ाई की। 12वीं की पढ़ाई के दौरान सेना में गया। तब संकल्प लिया कि कोई जरूरतमंद युवा आर्थिक तंगी की वजह से पीछे न रहे। सुबह फिजिकल ट्रेनिंग, दिन में 5 घंटे लगती है क्लास पचमढ़ी रोड नानक नगर में कोचिंग संचालित है। रोज सुबह 11 से शाम 5 बजे तक क्लास लगती है। सुबह 5:30 से 7:30 बजे तक फिजिकल ट्रेनिंग कराई जाती है। युवा दो से तीन साल तैयारी करते हैं, जिससे विषयों पर मजबूत पकड़ बनती है। चयन के बाद ज्वाइनिंग में 5 से 8 महीने लगते हैं। इस दौरान चयनित अभ्यर्थी भी पढ़ाते हैं। पूर्व सैनिक केसर सिंह चौधरी, बलराम पाटर, चरण सिंह रघुवंशी, जितेंद्र पुर्वीया और मनोज गौर मार्गदर्शन देते हैं। हर्ष भारतीय नौसेना, देवांश सीआईएसएफ कांस्टेबल हर्ष चौरसिया : पिताजी बचपन में छोड़कर चले गए थे। मां-बहनों का सहारा था। हर्ष ने किराने की दुकान में ढाई हजार रुपए महीने की नौकरी की। संकल्प फाउंडेशन से करीब 2 वर्ष तैयारी के बाद 2024 में भारतीय नौसेना में नाविक बने। वर्तमान में मुंबई में पोस्टेड हैं। देवांश कपाड़िया : बड़े भाई और मां ने मजदूरी कर पढ़ाया। संकल्प फाउंडेशन से करियर मार्गदर्शन मिला। करीब 2 वर्ष तैयारी के बाद 2023 में सीआईएसएफ में कांस्टेबल बने। अभी झारखंड में पोस्टेड हैं। देवांश आज बड़े भाई को पढ़ा रहे हैं।
देश-विदेश के पर्यटकों की पसंदीदा लेकसिटी ने अब स्पोर्ट्स टूरिज्म में भी मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। यहां की आबोहवा और मैदान क्रिकेट के प्रोफेशनल प्लेयर्स को रास आने लगे हैं। शिकारबाड़ी मैदान में इन दिनों पंजाब किंग्स का ट्रेनिंग कैंप चल रहा है। इंडियन क्रिकेट टीम में खेल चुके युजवेंद्र चहल और आईपीएल स्टार शशांक सिंह जैसे खिलाड़ी प्रैक्टिस कर रहे हैं। इससे पहले भारतीय टीम के स्टार बेटर और पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर भी इस मैदान पर कई बार प्रैक्टिस करने पहुंच चुके हैं। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मुकाबलों में बेहतर परफॉर्म किया है। शिकारबाड़ी मैदान पर पंजाब किंग्स का ये ट्रेनिंग कैंप 16 से 20 जनवरी तक चलेगा। यूडीसीए सचिव मनोज चौधरी ने बताया कि इससे पूर्व इसी मैदान पर सितंबर 2025 में कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम के राहुल त्रिपाठी, अंगीकृत रघुवंशी सहित कई खिलाड़ी यहां प्रैक्टिस के लिए पहुंचे थे। इनके अलावा राजस्थान रॉयल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेल चुके शेन वॉटसन भी उदयपुर आ चुके हैं। आने वाले दिनों में कई अन्य टीमों के ट्रेनिंग कैंप भी लगेंगे। इतिहास... 1987 में वर्ल्ड कप का विशेष ट्रेनिंग कैंप लगा था
बदनाम रहे गांव की पहचान बदली:गांव की पहचान बदलने पानी में उतरी बेटियां... जीत लाईं पदक
गलत कारणों से बदनाम ‘सूखा करार टप्पा’ गांव की बेटियों ने इसे ‘खिलाड़ियों का गांव’ के तौर पर नई पहचान दी है। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के इस गांव के युवाओं ने खेल को ही अपना करिअर बना लिया है। इन्हें रास्ता दिखाया है गांव की बेटियों गंगा और जमना ने। इन दोनों का सबसे पहले वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी भोपाल में चयन हुआ। गंगा को असम राइफल्स में नौकरी मिल गई। इसके बाद गांव के दूसरे युवाओं ने खेलों में करिअर तलाशना शुरू किया। गांव की 10-12 बेटियां जिला और राज्य स्तर पर खेल रही हैं। गांव की मेघा ने भारतीय खेल प्राधिकरण एलेप्पी (केरल) में हुई ऑल इंडिया रोइंग चैम्पियनशिप में फोर और ऐट इवेंट में दो रजत पदक जीते। जमना ने इसी प्रतियोगिता में ऐट इवेंट में कांस्य पदक जीता। निरंजना ने भी इसी चैम्पियनशिप में ऐट इवेंट में रजत पदक जीता। जानकी ने भोपाल में हुई 34वीं नेशनल जूनियर कैनो स्प्रिंट में सी4 1000 मीटर और सी4 500 मीटर में गोल्ड, सी2 500 मीटर में पदक जीते। अभय राज्य वॉटर स्पोर्ट्स अकेडमी महेश्वर में प्रशिक्षण ले रहे हैं। गांव के बच्चे रोज चार घंटे मैदान में अलग-अलग खेलों का अभ्यास करते हैं। सुबह 5 से 6:30 बजे और शाम को 5 से 7 बजे तक बच्चे मैदान में जुटे रहते हैं। छठवीं में पढ़ने वाली प्राची और 8वीं की भारती बताती हैं कि वे पढ़ाई करती हैं, लेकिन खेलों को पूरा समय देती हैं। गांव की बेटियां ऑल इंडिया रोइंग चैम्पियनशिप में भी मेडल लाई हैं। 2008 में शुरू हुए थे प्रयास खेल एवं युवा कल्याण विभाग के भानू यादव ने बताया कि 2008 से गांव की पहचान बदलने का प्रयास शुरू हुआ। गंगा और जमना ने विधायक ट्रॉफी के फाइनल में गांव की ओर से खेला और कप जीता। इसके बाद इस गांव के बच्चों को प्रशिक्षण देना शुरू किया गया।
घाटी में उतरते समय ब्रेक फेल होने से पलटी बस, 9 की मौत, 65 घायल
महुआडांड़ के हामी–ओरसा रोड पर ओरसा के बंगलादारा घाटी में ब्रेक फेल होने से एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक यात्री घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल 35 यात्रियों को रिम्स, रांची भेजा गया है। दुर्घटनाग्रस्त स्कूल बस में क्षमता से अधिक लोग सवार थे। सभी छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले पीपरसोत गांव के हैं। छेका के लिए महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे। बंगलादारा घाटी में चढ़ाई से नीचे उतरते समय अचानक बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस पलट गई। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि कई यात्री बस के अंदर ही दब गए, जबकि कुछ यात्री उछलकर दूर जा गिरे। घायलों को मुहुआडांड़ सीएचसी र और कार्मेल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से रिम्स रेफर किया गया। घायलों में बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और पुरुष शामिल हैं। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मालूम हो कि अधिकतर यात्री छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के ग्राम पीपरसोत के निवासी थे। वे जयचंद सोनवानी की बेटी के छेका कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महुआडांड़ के लोध गांव स्थित राकेश सोनवानी के घर जा रहे थे। इसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया। जान गंवाने वाले सभी छत्तीसगढ़ के बलराम जिले के पीपरसोत गांव के थे रेशांति देवी (35) प्रेमा देवी (37) सीता देवी (45) सुखना भुईयां (40) सोनामति देवी (45) विजय सिंह (32) लीलावती देवी (35) रमेश मनिका (35) फगुआ राम (65) छेका के लिए छग से महुआडांड़ के लोध गांव जा रहे थे तेज गति में थी बस, ढलान पर नियंत्रण नहीं रख सका चालक : घायल यात्रियों कृष्णा नाग, अधीर सोनवानी, महेंद्र कुमार, लक्ष्मण नायक, जोखू राम और गुलाबवती नायक ने बताया कि बस घाटी में उतरते समय तेज गति में थी। वहीं बस चालक विकास पाठक ने बताया कि दुर्घटना से कुछ पहले ही उन्हें ब्रेक सही से काम न करने का आभास हो गया था। उन्होंने हैंड ब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश की, लेकिन ढलान पर बस पर नियंत्रण नहीं किया जा सका और बस पलट गई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक समय गुजारना जहां सही नहीं माना जाता है, मेरे लिए यही जीवन की बेहतरीन का आधार बन गया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर केले की खेती से संबंधित वीडियो देखकर अचानक मन में आया कि हम भी यहां केले की खेती शुरू कर सकते हैं। इसके बाद वीडियो पर दिए गए नंबर से छत्तीसगढ़ के किसान से संपर्क किया। वहां से 20 हजार रुपए खर्च कर 500 केले के पौधे मंगवाए। यह पौधे एक साल में कांधी गिरकर तैयार हो गया। इससे उत्साहित होकर पुनः एक हजार पौधे और मंगवाए। अब मेरे दो एकड़ खेत में करीब 15 सौ केले के पौधे तैयार हैं। किसी भी धार्मिक अवसर पर जैसे दुर्गा पूजा, छठ, दीपावली, सरस्वती पूजा आदि में एक महीने में एक से डेढ़ लाख की कमाई हो जाती है। 50 हजार रुपए की कमाई प्रत्येक माह तय जबकि सामान्य मौसम में प्रत्येक महीने 50 हजार रुपए की आमदनी होती है। प्रत्येक वर्ष फसल लगाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ती है। एक पौधा कांधी देने के बाद काट दिया जाता है। फिर उसमें से पौधा तैयार होकर कांधी देता है। इससे एक ही पूंजी में आठ से दस फसल लिया जा सकता है। एक व्यक्ति पूरी खेती को संभाल सकता है। समय-समय पर मजदूर लगाकर केवल पौधों के आसपास की गंदगी को साफ करना होता है। खेती से पहले गोबर खाद का करें प्रयोग खेती से पहले मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए गोबर खाद का प्रयोग करे केले की खेती शुरू करने से पहले खेत की मिट्टी पर विशेष ध्यान देना होता है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए गोबर खाद और संतुलित जैविक खाद का प्रयोग किया जाता है। जिससे भूमि की गुणवत्ता में सुधार हुआ। इसके परिणामस्वरूप केले के पौधों की बढ़वार बेहतर हो रही है और पौधे स्वस्थ दिखाई दे रहे हैं। सरकारी सहयोग मिले तो और बेहतर होगा पौधरोपण के बाद फसल को सुरक्षित रखने, आधुनिक तकनीक, सिंचाई सुविधा, उन्नत खाद और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए विभागीय सहयोग अपेक्षित था। लेकिन समय पर यह सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। यदि सरकारी स्तर पर मार्गदर्शन और संसाधन मिलते, तो खेती को और बेहतर तरीके से किया जा सकता था। इसके बावजूद हौसला कम नहीं हुआ। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खेती को आगे बढ़ाया। थोड़ी बहुत बाजार की समस्या है उसे भी जल्द हल कर लिया जाएगा। जानिए... कौन हैं सतीश मेहता सतीश मेहता गढ़वा जिला के रमना प्रखंड के मड़वानिया गांव में रहते हैं। परिवार में इनके अलावा उनकी पत्नी व एक लड़का व एक लड़की है। सतीश वर्तमान में रमना में केला की खेती कर चर्चा में आ गए हैं। इसके पूर्व वे एक सामान्य कृषक थे। खेती-बाड़ी से बमुश्किल उनका जीवन यापन होता था। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जिस लगन और वैज्ञानिक सोच के साथ यह पहल की है, वह क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक बन रही है।
जोधपुर से रेवाड़ी, हिसार और हरिद्वार जाने वाले यात्रियों को अगले एक सप्ताह तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बीकानेर मंडल में चल रहे रेल दोहरीकरण कार्य के कारण रेलवे ने जोधपुर से जुड़ी तीन जोड़ी ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि दिल्ली जाने वाली सालासर सुपरफास्ट का रूट बदल दिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि सुगम रेल संचालन के लिए बीकानेर मंडल के चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जा रहा है। यहां चूरू-आसलू-दुधवाखारा स्टेशनों के बीच दोहरीकरण कार्य के लिए ऑटोमैटिक सिग्नलिंग ब्लॉक लिया गया है। इसी कारण रेल यातायात प्रभावित रहेगा और सुरक्षा की दृष्टि से ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है। ये प्रमुख ट्रेनें रहेंगी रद्द सालासर सुपरफास्ट अब रींगस होकर जाएगी डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि दोहरीकरण के चलते दिल्ली जाने वाली सालासर सुपरफास्ट के रूट में बदलाव किया गया है। ट्रेन संख्या 22421 दिल्ली सराय रोहिल्ला-जोधपुर सालासर सुपरफास्ट 21 से 24 जनवरी तक अब चूरू के बजाय रेवाड़ी-रींगस-फुलेरा-डेगाना होकर आएगी। वहीं जोधपुर से जाने वाली ट्रेन (22422) 24 जनवरी को इसी परिवर्तित मार्ग से जाएगी। इन ट्रेनों का ठहराव अब नारनौल, नीमकाथाना, रींगस, फुलेरा और कुचामन सिटी स्टेशनों पर दिया गया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी जरूर जान लें।

