अजमेर सिटी को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्र में मांग के अनुरूप पानी नहीं मिल रहा है। वर्तमान में करीब 43 एमएलडी पानी मिल रहा है, जबकि डिमांड करीब 52 एमएलडी की है। गर्मी में पेयजल संकट नहीं हो इसके लिए जल संसाधन विभाग ने तैयारी कर ली है। वहीं, गर्मी को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में टैंकर शुरू होंगे। इसके लिए टैंडर कर दिए है। साथ ही छह करोड़ की लागत से पाइप लाइन डालने,हैडपम्प व ट्यूबवैल लगाने के काम किए गए है। विभाग की ओर से अवैध कनेक्शन काटने व बूस्टर जब्त करने का अभियान भी शुरू किया गया है। ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। उपभोक्ता को किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं हो, कंट्रोल रूम के नम्बर पर सम्पर्क कर सकते है- 0145-2621924, 0145-2628489 इन अफसरों से कर सकते है सम्पर्क … जिला ग्रामीण खण्ड अजमेर नरेन्द्र कुमार ऐरन, अधिशाषी अभियन्ता, जिला ग्रामीण खण्ड अजमेर – 9414005435 मोहन लालवानी, सहायक अभियन्ता, जिला ग्रामीण खण्ड अजमेर – 7597072866 मोनिका भावरिया, सहायक अभियन्ता, ग्रामीण उपखण्ड अजमेर – 8947889927 बजरंग लाल, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड नसीराबाद – 8503971719 शंकर लाल चौधरी, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड पीसांगन – 8003167428 प्रवीण भार्गव, कनिष्ठ अभियन्ता, पीसांगन – 7412985190 दिनेश प्रजापत, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड अजमेर – 9983727956 लालाराम रेबारी, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड नसीराबाद – 9057680583 दूष्यंत, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड नसीराबाद – 9649432337 खण्ड केकड़ी विक्रम सिंह, अधिशाषी अभियन्ता, खण्ड केकड़ी – 9166230988 कृष्णकान्त गोयल, सहायक अभियन्ता, खण्ड केकड़ी – 9309079165 मदन मोहन शर्मा, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड केकड़ी – 9079679010 राजू सैनी, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड केकड़ी – 7357218384 जोगेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड केकड़ी – 8008849746 अक्षय गुप्ता, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड सरवाड़ – 9462804191 गोपाल सिंह गुर्जर, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड सरवाड़ – 9166706767 मोनू कुमार मीणा, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड सरवाड़ – 6376183525 योगेश कटारिया, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड सावर – 9571583053 दीपक कुमार शर्मा, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड सावर – 8302834470 सागर शिवम शर्मा, सहायक अभियन्ता, उपखण्ड भिनाय – 7014324456 मनीष धानका, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड भिनाय – 8385088859 दीपक रावत, कनिष्ठ अभियन्ता, उपखण्ड भिनाय – 8302834470 खण्ड किशनगढ़ लोकेश सांखला, अधिशाषी अभियन्ता, खण्ड किशनगढ़ – 9950412214 आलोक जोशी, सहायक अभियन्ता, खण्ड किशनगढ़ – 9261159889 दीपक, सहायक अभियन्ता, नगर उपखण्ड किशनगढ़ – 7891597068 हिम्मत सिंह, कनिष्ठ अभियन्ता, नगर उपखण्ड किशनगढ़ – 9660428409 देवकी नंदन बैरवा, कनिष्ठ अभियन्ता, ग्रा.उप. किशनगढ़ – 9461102254 प्रदीप गुर्जर, सहायक अभियन्ता, ग्रा.उप. किशनगढ़ – 7976287206 देवेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियन्ता, ग्रा.उप. किशनगढ़ – 7002573339 महेन्द्र सिंह मावलिया, सहायक अभियन्ता, ग्रा.उप अराई – 9784530531 महबूब अली, कनिष्ठ अभियन्ता, ग्रा.उप.अराई – 7023717434 मलिक अटल, सहायक अभियन्ता, ग्रा.उप. रूपनगढ़ – 8441844457 अनिक कुमार शर्मा, कनिष्ठ अभियन्ता, ग्रा.उप. रूपनगढ़ – 9799315437 अन्नू मीणा, कनिष्ठ अभियन्ता, ग्रा.उप. रूपनगढ़ – 7014926671 6 करोड़ की लागत से हुए काम अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार सुगोत्रा ने बताया-क्षेत्र में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों की मेन्टेंनेंस की गई है। जहां बदलने की जरूरत है, वहां बदली गई है। नए पम्प लगाए गए है। सभी हैडपम्प को चालु हालात में कर दिया गया है। सभी अधिकारी फील्ड में है और पूरी मोनिटरिंग कर रहे हैं। ताकि गर्मी में कोई परेशानी नहीं हो। इसके लिए करीब साठ काम स्वीकृत किए गए है, जिनकी करीब छह करोड़ लागत है। जरूरत के अनुसार टैंकर से मिलेगा पानी सुगोत्रा ने बताया-जरूरत पड़ने पर टैंकर के जरिए सप्लाई की जाएगी और इसके लिए टैंडर कर दिए है। उपखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी की अनुशंसा पर टैंकर स्वीकृत किए जाएंगे। साढे़ तीन सौ से ज्यादा कनेक्शन काटे सुगोत्रा ने बताया-पानी की बरबादी रोकने के लिए विभाग अलर्ट है। क्षेत्र में अभियान चला रखा है। अवैध कनेक्शन व बूस्टर पर कार्रवाई की जा रही है। एक अप्रैल से अब तक 352अवैध जल कनेक्शन काटे व 11 बूस्टर जब्त किए है। यह कार्रवाई नियमित रूप से जारी रहेगी। ……. पढें ये खबर भी… जल संसाधन विभाग का दावा-गर्मी में नहीं होगा जल सकंट:अवैध कनेक्शन, बूस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई; जानिए समस्या होने पर कहां करें कॉन्टेक्ट अजमेर सिटी में गर्मी में जल संकट नहीं हो, इसके लिए जल संसाधन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। कुछ क्षेत्रों में पाइप लाइन मेन्टेनेंस सहित पम्प बदलने के काम किए हैं। वहीं विभाग की ओर से बूस्टर व अवैध कनेक्शन की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पूरी खबर पढें
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में सड़क हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा आर्यन रेस्टोरेंट के सामने हुआ। जहां गलत दिशा में खड़ी फॉर्च्यूनर कार के ड्राइवर ने अचानक दरवाजा खोल दिया।जिससे बाइक सवार दुर्घटना का शिकार हो गया।पत्रकारपुरम गोमतीनगर निवासी मनीष यादव ने बताया कि वह अपनी बाइक से विवेक खंड स्थित ऑफिस जा रहे थे। इस दौरान सड़क के गलत दिशा में खड़ी फॉर्च्यूनर (UP91Y5551) के चालक ने अचानक दरवाजा खोल दिया। जिससे उनकी बाइक सीधे दरवाजे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मनीष यादव गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही बेहोश हो गए। इस दौरान फॉर्च्यूनर वाहन सवार घायल को वहीं छोड़कर फरार हो गया। राहगीरों की मदद से मनीष को पास में मौजूद उनके एक परिचित की गाड़ी से राम मनोहर लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में भर्ती कराया। होश आने पर डॉक्टरों ने बताया कि उनके दाहिने पैर में गंभीर चोटें आई हैं और दो हड्डियां टूट गई हैं। शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें पाई गई हैं। जिसके बाद मनीष ने शिकायत दर्ज कराई।मामले में इंस्पेक्टर गोमतीनगर ब्रजेश चंद्र तिवारी का कहना है पुलिस मामले की जांच में जुटी है और फरार वाहन चालक की तलाश की जा रही है।
कोटपूतली के गांव तालवा और पाथरेडी में अटल पथ निर्माण के लिए 4 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। स्वीकृत राशि में से गांव तालवा मोड से देवनारायण मंदिर की ओर पुडाला तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 2 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसी तरह राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 48 पाथरेडी रोड से मालेरा जोहड़ तक 2 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस स्वीकृति के लिए विधायक हंसराज पटेल ने सीएम भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दीया कुमारी का आभार जताया है। आवागमन में मिलेगी सुविधा विधायक पटेल ने बताया कि अटल पथ के निर्माण से आमजन को सुगम, सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलेगी और आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। रोजगार के अवसरों को मिलेगी गति उन्होंने आगे कहा कि बेहतर आवागमन से व्यापार, शिक्षा और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलेगी। विधायक पटेल ने दोहराया कि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, मजबूत आधारभूत ढांचे और आमजन की सुविधा के लिए सरकार दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर कार्यरत है।
आजमगढ़ में 42 डिग्री पहुंच तापमान:भीषण गर्मी में बिजली की कटौती ने रुलाया, सड़कों पर पसरा सन्नाटा
आजमगढ़ में मंगलवार को तापमान 42 डिग्री सेंटीग्रेड तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर गया है। लोगों धूप से बचते नजर आए। लगातार बढ़ रहे तापमान और बिजली कटौती से लगातार संकट आ रहा है। सड़क पर चलने वाले लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वही मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होगी। हालांकि जिला प्रशासन में आम जनमानस से जरूरी काम न होने पर घर से बाहर न निकलने की अपील की है जिससे कि भीषण गर्मी से बचा जा सके। लगातार बदल रहे मौसम से लोगो को जुखाम खांसी भी हो रही है। ऐसे में जिले के डॉक्टरों ने भी आम जनमानस से धूप से आने के बाद तुरंत पानी न पीने की अपील की है। बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग का दावा है कि आने वाले दिनों में तापमान में और अधिक वृद्धि होगी। ऐसे में आम जनमानस को इससे बचना होगा। लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण लोग सिर पर गमछा बांधकर सड़कों पर चलते देखे गए। लगातार जिस तरह से भीषण गर्मी पड़ रही है। इसके बाद हो रही बिजली कटौती से आम जनता को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अजमेर के जेएलएन अस्पताल में गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों के दावे किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ वार्डों में एसी और कूलर बंद मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने और हीट वेव से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का दावा: सैकड़ों एसी-कूलर, टीम बनाकर जांच के निर्देश उप अधीक्षक डॉ. अमित यादव के अनुसार अस्पताल में 650 एसी लगे हैं, जिनमें से 35 रिपेयरिंग पर हैं। 27 वाटर कूलर में से 7 खराब हैं। इसके अलावा 5550 पंखों में से 250 और 200 जंबो कूलर में से 25 रिपेयरिंग पर हैं। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप प्रभारी के नेतृत्व में टीम बनाकर सभी वार्डों का निरीक्षण कराया जा रहा है और खराब उपकरणों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। हीट वेव अलर्ट: 10 बेड का अलग वार्ड, परिजनों के लिए भी इंतजाम प्रशासन ने आगामी दिनों में हीट वेव की आशंका को देखते हुए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार करने की बात कही है। इसमें जरूरी दवाइयां, इंजेक्शन और ड्रिप की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही मल्टी स्टोरी पार्किंग के सेकंड फ्लोर पर करीब 500 लोगों के बैठने की सुविधा विकसित की जा रही है, जहां वाटर कूलर और जंबो कूलर लगाए जाएंगे। ओपीडी और कैजुअल्टी में भी अतिरिक्त कूलर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कई वार्डों में बंद मिले एसी-कूलर दैनिक भास्कर की टीम ने जब अस्पताल के वार्डों का जायजा लिया, तो कई जगह एसी बंद मिले। जंबो कूलर लगे होने के बावजूद कई वार्डों में चालू नहीं थे। वार्ड स्टाफ का कहना है कि कूलरों की सफाई करवाई गई है और जो बंद हैं, उन्हें जल्द ठीक कर चालू किया जाएगा। वहीं कुछ वार्डों में 2010 से लगे एसी भी खराब हालत में पड़े मिले। मरीज बोले: खुद करना पड़ रहा इंतजाम ब्यावर निवासी रुकमा ने बताया कि वह चार दिन से मरीज के साथ अस्पताल में हैं, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिल रही। वार्ड में एसी-कूलर लगे हैं, पर बंद पड़े हैं, इसलिए घर से पंखे लाकर काम चलाना पड़ रहा है। डेगाना निवासी देवीलाल ने बताया कि उनके पिता 10 दिन से भर्ती हैं। वार्ड में एसी बंद है और कूलरों की सफाई के बाद भी अभी तक चालू नहीं हुए हैं। स्टाफ ने जल्द ठीक करने का आश्वासन दिया है।
पीलीभीत में करंट लगने से संविदा कर्मी की मौत:खेत पर मोटर ठीक करते समय हादसा, परिवार में कोहराम
पीलीभीत जिले के पूरनपुर क्षेत्र में एक संविदा बिजली कर्मचारी की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा सोमवार शाम को उनके निजी खेत पर सिंचाई के लिए लगी मोटर ठीक करते समय हुआ। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान घुंघचाई थाना क्षेत्र के ग्राम सिमरिया ता. अजीतपुर बिल्हा निवासी दिनेश कुमार (पुत्र रूपन) के रूप में हुई है। दिनेश बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी के तौर पर कार्यरत थे और उनकी तैनाती पूरनपुर ग्रामीण बिजली घर के गोपालपुर फीडर पर थी। मोटर दुरुस्त करने की कोशिश सोमवार शाम को दिनेश अपने खेत पर फसल की सिंचाई करने गए थे। सिंचाई के दौरान ट्यूबवेल की मोटर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। मोटर को दुरुस्त करने का प्रयास करते समय दिनेश हाई वोल्टेज बिजली के करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस कर अचेत हो गए। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन दिनेश को आनन-फानन में पूरनपुर के एक निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल पीलीभीत रेफर कर दिया। हालांकि, पीलीभीत के निजी अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मृत्यु हो गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दिनेश की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया और गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की। थाना अध्यक्ष जयशंकर सिंह ने बताया, पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है। सावधानी बरतने की आवश्यकता इस दुखद घटना ने बिजली उपकरणों के साथ काम करते समय सुरक्षा मानकों और सावधानी बरतने की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर किया है। विभाग के अन्य कर्मचारियों ने भी दिनेश की असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
गोरखपुर के राजघाट थाना क्षेत्र के रिटायर्ड कर्मी रुपेश कुमार श्रीवास्तव को डिजिटल अरेस्ट कर 5.50 लाख रुपये जालसाज ने अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। जालसाज ने एटीएएस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल की। उसने बोला आतंकवादी ने मनी लांड्रिंग के तहत आपके खाते में पैसे भेजे हैं। इसकी जांच करनी है। इस तरह डरा कर जांच के नाम पैसे मंगाए। जालसाजी का अहसास होने पर रुपेश कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को राजघाट थाने में तहरीर देकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… राजघाट थाना क्षेत्र के हांसुपुर निवासी रुपेश कुमार श्रीवास्तव एक सरकारी विभाग से रिटायर हुए हैं। उन्होंने बताया कि 15 अप्रैल को सुबह मेरे व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो कॉल आई। कॉलर ने बोला कि वह दिल्ली एटीएएस टेररिज्म स्कॉड से बोल रहा हूं। अपना परिचय देते हुए आगे बोला कि आपके बैंक खाते में एक आतंकवादी ने मनी लांड्रिंग के तहत पैसे भेजे हैं। आपको जांच में सहयोग करना पड़ेगा। उसने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती वीडियो कॉल पर आपको रहना होगा। यह कहते हुए उसने कहा वीडियो कॉल पर ही आधार कार्ड, पेन कार्ड और पासबुक दिखाने के लिए कहा। रुपेश कुमार श्रीवास्तव के बैंक खाते में 5.80 लाख रुपये थे। जो पासबुक में शो कर रहा था। कॉलर पासबुक देखकर बोला कि इसमे से 5.50 लाख रुपये हमारे जयपुर के बैंक खाते में ट्रांसफर करने होंगे। पैसों की जांच के बाद उसे आपके बैंक खाते में फिर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हर 2 घंटे पर रिपोर्टिंग करने को बोला यह सब सुनकर रुपेश डर गए। 15 अप्रैल को ही सुबह 11 बजे हिंदी बाजार स्थित एसबीआई बैंक की शाखा में जाकर उन्होंने 5.50 लाख रुपये आरटीजीएस कर दिया। इसके बाद वह पूरी रात चिंता में सो नहीं पाए। उधर, जालसाज ने उन्हें हर 2 घंटे पर वीडियो कॉल करके रिपोर्ट करने के लिए भी कहा था। रात में कई बार वह वीडियो कॉल भी किए। दूसरे दिन भी बार-बार वीडियो कॉल आती रही। परेशान होकर रुपेश श्रीवास्तव ने अपने बच्चों को सारी बात बताई। परिवार के लोगों ने रात करीब 8 बजे साइबर क्राइम की हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मेरे बुढ़ापे का सहारा छीन लिया रुपेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मैं एक रिटायर्ड कर्मचारी हूं। यह पैसे मेरे बुढ़ापे का सहारा थे। जालसाज ने डराकर मुझसे छीन लिया। अभी भी वह वीडियो कॉल करके हर 2 घंटे में रिपोर्ट देने को कह रहा है। इस घटना से में काफी डर गया हूं। इस संबंध में राजघाट थाना प्रभारी पंकज गुप्ता ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
इंदौर नगर निगम परिषद की बैठक में हुए वंदे मातरम विवाद को लेकर कांग्रेस के अनुशासन समिति ने बुधवार को इंदौर कांग्रेस के सभी नेताओं को देवास बुलाया है। इसके साथ ही कांग्रेस के सभी मुस्लिम पार्षदों को भी बुलाया गया है। उनसे यह पूछा गया है कि वह नगर निगम के विशेष सम्मेलन में क्यों नहीं गए? नगर निगम परिषद की बैठक में कांग्रेस की दो महिला मुस्लिम पार्षदों द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार करने और उसके बाद भाजपा के पार्षदों को चुनौती देने का मामला तूल पकड़ गया था। इस मामले को लेकर उसी समय शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कह दिया था कि वंदे मातरम तो सभी को गाना चाहिए। इस मामले को लेकर कांग्रेस दो हिस्से में बंटी हुई नजर आ रही थी। कार्रवाई का प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा था मुस्लिम पार्षदों का कहना था कि इस्लाम में मातरम कहने की इजाजत नहीं देता है। इस मामले में शहर कांग्रेस द्वारा दोनों महिला मुस्लिम पार्षद फौजिया अलीम और रूबीना खान के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रस्ताव प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजा गया था। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महासचिव हरीश चौधरी ने इस मामले के लिए जांच कमेटी गठित की थी, जो अनुशासन समिति के रूप में कार्य करेगी। इसमें अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव संजय दत्त और उषा नायडू को लिया गया था। देवास में होंगे सवाल-जवाब संजय दत्त और उषा नायडू बुधवार को देवास में कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आ रहे हैं। इन नेताओं ने इंदौर के सभी प्रमुख नेताओं को वंदे मातरम विवाद को लेकर अपना पक्ष रखने के लिए देवास बुलवाया है।
देवरिया जिले के खुखुन्दू थाना क्षेत्र के पकड़ी ओझा गांव में सोमवार देर रात एक झोपड़ी में आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। पुलिस ने मामले में एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, यह घटना रात करीब 1 बजे हुई। गांव के बाहर स्थित झोपड़ी में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि गांव निवासी स्व. नमी पाठक के परिवार में 20 अप्रैल को विवेक पाठक का जनेऊ संस्कार था। इस दौरान गांव के एक युवक से कहासुनी हो गई थी। इस घटना को पुरानी रंजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। स्व. नमी पाठक की पत्नी माया देवी ने आरोप लगाया है कि उसी विवादित युवक ने उनकी झोपड़ी में आग लगाई और मौके से फरार हो गया। आग लगने से एक खटिया, एक ठेला, तीन मोटरसाइकिल और अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गए, जिससे परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही खुखुन्दू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने संदेह के आधार पर एक युवक को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। थानेदार राहुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि आगजनी की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक ग्रामीण की मौत सड़क पर गिरे टोपी को उठाने के चक्कर में हो गई। तेज रफ्तार पल्सर वाहन के चालक ने जोरदार ढंग से उसे टक्कर मार दी। इससे ग्रामीण की ईलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं उसकी बेटी घायल हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक सक्ती जिला के डभरा थाना क्षेत्र के ग्राम सकराली में रहने वाला केशर चंद मैत्री पिछले कुछ समय से तराईमाल में रहकर चंद्रहासिनी स्टील गेरवनी में काम करता था। जहां रविवार की सुबह केषर चंद्र अपनी पत्नी धनबाई मैत्री और बेटी समीक्षा मैत्री के साथ तराईमाल से रायगढ़ शादी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। धूप को देखे हुए केशर चंद्र की बेटी टोपी लगा रखी थी। ग्राम लाखा के पास समीक्षा के द्वारा पहना हुआ टोपी अचानक से उड़कर गिर गया। ऐेसे में केषर ने पत्नी को बाइक से नीचे उतारकर टोपी लेने के लिए अपनी पत्नी के साथ बाइक से वापस गया। टोपी उठाते समय बाइक चालक ने मारी टक्करतभी टोपी को सड़क से उठाते समय घरघोड़ा की ओर से आ रही तेज रफ्तार पल्सर के चालक ने उसे लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए जोरदार ढंग से टक्कर मार दी। इससे केशर चंद्र बाइक समेत गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ इक्ट्ठा हो गई और किसी तरह घायलों को ईलाज के लिए जिला अस्पताल भेजवाया गया। आरोपी के खिलाफ अपराध दर्जकेषर की गंभीर हालत को देखते हुए उसे डाक्टरों ने मेट्रो अस्पताल रिफर कर दिया। जहां देर शाम ईलाज के दौरान केशर चंद्र की मौत हो गई। वहीं मामले की सूचना पर कल पुलिस ने आरोपी पल्सर बाइक के चालक के खिलाफ धारा 184-LKS, 106(1)-BNS, 125(ए)-BNS, 281-BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
प्रतापगढ़ के नदी में डूबने से बुजुर्ग की मौत:घर से नहाने के लिए निकले थे, अगले दिन एनीकट में मिला शव
प्रतापगढ़ के सुहागपुरा थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में ऐराव नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। कन्हैयालाल मीणा (51) 18 अप्रैल को नहाने के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद अगले दिन 19 अप्रैल को उनका शव नदी में मिला। घर नहीं लौटने पर शुरू की तलाश वीरपुर निवासी मन्नालाल मीणा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनके छोटे भाई कन्हैयालाल मीणा 18 अप्रैल की शाम करीब 4:30 बजे ऐराव नदी में नहाने की बात कहकर घर से निकले थे। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया। 19 अप्रैल को मिला शव अगले दिन, 19 अप्रैल की शाम को कन्हैयालाल का शव ऐराव नदी के एनीकट क्षेत्र में पानी में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर एएसआई भंवरलाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया और उसी रात जिला चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया। खेती बाड़ी कर जीवन यापन करता है परिवार परिजनों ने बताया कि मृतक के बड़े बेटे के जोधपुर से आने का इंतजार किया गया। इसके बाद 21 अप्रैल को परिजनों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कन्हैयालाल के परिवार में उनकी पत्नी, दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं। परिवार खेती-बाड़ी और मजदूरी करके जीवन यापन करता है। परिजनों के अनुसार, कन्हैयालाल तैरना नहीं जानते थे। आशंका जताई जा रही है कि स्नान के दौरान पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच तथा कानूनी कार्रवाई जारी है।
लुधियाना में थार सवार युवक की मौत:वाहन ने मारी टक्कर, इकलौता बेटा; कुछ दिन पहले कनाडा से लौटा था
लुधियाना जिले में फिरोजपुर हाईवे (मोगा रोड) पर सोमवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मोगा के गांव दोधर निवासी मनकीरत सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मनकीरत सिंह अपनी थार गाड़ी में जगराओं से अपने गांव दोधर जा रहे थे। जब वह कोठे बग्गू के पास परदेसी ढाबा के नजदीक पहुंचे, तो पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी थार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि थार का संतुलन बिगड़ गया और वह फुटपाथ से टकराकर पलट गई। इस हादसे में मनकीरत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। क्रेन की मदद से पलटी हुई थार को सीधा किया गया घटना की सूचना किसी राहगीर ने पुलिस को दी। एसएसएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने घायल युवक को गाड़ी से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल जगराओं पहुंचाया। बाद में क्रेन की मदद से पलटी हुई थार को सीधा किया गया। डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित किया इस संबंध में एसएसएफ अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मनकीरत सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनके माता-पिता दोनों शिक्षक हैं। मनकीरत कुछ दिन पहले ही कनाडा से अपने माता-पिता से मिलने गांव आए थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा थाना सिटी जगराओं की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस अज्ञात वाहन ड्राइवर की तलाश में जांच कर रही है।
सीतापुर सड़क हादसे में दो युवकों की मौत:NH30 पर खड़े कैंटर से टकराई बाइक, लखनऊ से सीतापुर लौट रहे थे
सिधौली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर मंगलवार को एक सड़क हादसे में दो बाइक सवार युवकों की मौत हो गई। ये युवक लखनऊ से अपने गांव लौट रहे थे, तभी उनकी मोटरसाइकिल सड़क किनारे खड़े एक कैंटर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान सिंहपुर कॉलोनी, कोतवाली सिधौली निवासी सूरत (25 वर्ष) और नंदराम (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वे लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती अपने परिजन से मिलकर घर लौट रहे थे। मनवा के पास सड़क किनारे खड़े कैंटर से उनकी बाइक टकरा गई, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की सहायता से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक ही गांव के दो युवकों की मौत की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि जुलाई-अगस्त तक एडमिशन की प्रक्रिया चलेगी, तो बच्चे पढ़ाई कब करेंगे। कोर्ट ने राज्य शासन को सात मई से पहले प्रवेश पूरी करने के साथ ही कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, प्रदेश में नया शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हो गया है। लेकिन, आरटीई के तहत गरीब बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया लचर और धीमी चल रही है। बता दें कि प्रदेश भर के स्कूलों में आरटीई के तहत 38 हजार 438 आवेदन मिले हैं, जिसमें से 23 हजार 766 यानी 62% की ही जांच पूरी हुई है। वहीं, 14 हजार से अधिक आवेदन लंबित हैं। कई जिलों में 10% से भी कम जांच हो पाई है। डीपीआई ने पंजीयन और नोडल वेरीफिकेशन के लिए 16 फरवरी से 31 मार्च तक समय तय किया था, लेकिन डेडलाइन के बाद भी प्रक्रिया अधूरी है। अगस्त तक चलेगी एडमिशन की प्रक्रियाएडमिशन की प्रक्रिया के अनुसार आरटीई के तहत छात्र पंजीयन की अंतिम तिथि 31 मार्च रखी गई थी। काउसलिंग प्रक्रिया में 13 से 17 अप्रैल तक लाटरी एवं सीट आवंटन किया गया। इसके बाद छात्रों को एक से 30 मई तक प्रवेश लेना होगा। द्वितीय चरण की प्रक्रिया आठ जून से शुरू हो जाएगी। इसमें नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन होगा। उसके बाद एक से 11 जुलाई तक छात्र पंजीयन होंगे। फिर 27 से 31 जुलाई तक लाटरी एवं आवंटन होगा। इसके बाद छात्रों को स्कूल में दाखिला तीन से 17 अगस्त तक लेना होगा। शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि पहले चरण की लाटरी निकाल ली गई है। इसमें 15 हजार छात्रों को सीटें आवंटित हुई हैं। इन्हें एक से 30 मई तक एडमिशन लेना होगा। इसके बाद दूसरे चरण की प्रक्रिया पूरी होगी। हाईकोर्ट ने शिक्षा विभाग की इस प्रक्रिया और धीमी गति पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि अगस्त तक सिर्फ एडमिशन होगा तो बच्चे पढ़ाई कब करेंगे। कोर्ट ने शिक्षा विभाग से सात मई से पहले पूरी प्रक्रिया और एडमिशन जल्द हो इसकी कार्ययोजना प्रस्तुत करने कहा है।
सुलतानपुर में बीजेपी विधायक राजेश गौतम के कथित बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल मच गई है। अंबेडकर जयंती के अवसर पर दिए गए इस बयान के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) ने मंगलवार को प्रदर्शन किया और सीओ सिटी को एक ज्ञापन सौंपा। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष मोहम्मद शहज़ाद के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कादीपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजेश गौतम ने एक कार्यक्रम के दौरान एक विशेष समुदाय के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। भाईचारे पर नकारात्मक प्रभाव ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में दिए गए इस बयान से सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सपा नेताओं ने दावा किया कि ऐसे बयान क्षेत्र में असहजता और तनाव पैदा कर रहे हैं, जो संविधान में निहित समानता और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के विपरीत हैं। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें मामले की निष्पक्ष जांच, यदि बयान आपत्तिजनक पाया जाता है तो विधायक राजेश गौतम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जिले में शांति तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाना शामिल है। विधायक की मानसिक स्थिति पर सवाल मोहम्मद शहज़ाद ने कहा कि विधायक राजेश गौतम की टिप्पणी अपमानजनक और समाज को विभाजित करने वाली है। उन्होंने विधायक की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कादीपुर क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति और भ्रष्टाचार जैसी अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विधायक हिंदू-मुस्लिम की राजनीति कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान राजदेव निषाद, सुल्तान खान मोनू, पवन यादव, सुरेश कुमार गौतम और अधिवक्ता अशोक सिंह बिसेन सहित कई समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आगरा में हाईवे पर ट्रक ने कार में मारी टक्कर:कार पलटकर ट्रक में फंसी, अंदर फंसे यात्री चीखते रहे
आगरा में मंगलवार को थाना एत्माद्दौला क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रक ने एक कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पलट गई और ट्रक के आगे के हिस्से में फंस गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनाई देने लगी। कार में सवार लोग अंदर ही फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के कारण कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कानपुर में पुलिसकर्मी ने युवक को धमकी:1600 करोड़ के लेनदेन और जांच पर सवाल, ऑडियो आया सामने
कानपुर में एक वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी महफूज़ नामक व्यक्ति और उसके सहयोगी पप्पू को धमकी देता सुनाई दे रहा है। यह बातचीत एक बड़े वित्तीय लेनदेन और उससे जुड़ी चल रही जांच के इर्द-गिर्द बताई जा रही है। ऑडियो में कथित पुलिसकर्मी, जिसकी पहचान अंकित के रूप में बताई जा रही है, महफूज़ को चेतावनी देता है कि एक पुलिस टीम उसे गिरफ्तार करने के बेहद करीब है। वह दावा करता है कि आईपीएस अधिकारी अंजलि विश्वकर्मा ने कमिश्नर को जानकारी दी है और मामला लखनऊ तक पहुंच चुका है। अंकित यह भी कहता है कि महफूज़ के पास बहुत कम समय है और उसे गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हालांकि, इस ऑडियो की पुष्टि भास्कर नहीं करता है। बीच-बचाव और बातचीत का दबावयह भी सुनाई देता है कि अंकित महफूज़ को सलाह देता है कि वह बिचौलिए तनवीर या सीधे उससे संपर्क करे ताकि मामला सुलझाया जा सके। तनवीर और पप्पू के बीच बातचीत में भरोसे की बात भी सामने आती है। ‘सरकारी काम’ का दावा और सुरक्षा का आश्वासनअंकित यह दावा करता है कि वह सरकारी तंत्र से जुड़ा है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों पर काम कर रहा है। बातचीत में वह पप्पू को यह भी भरोसा दिलाता है कि लखनऊ आने में कोई समस्या नहीं होगी, और जरूरत पड़ने पर लिखित आश्वासन देने की बात भी करता है। 1600 करोड़ के लेनदेन का जिक्रऑडियो में कथित तौर पर 1600 करोड़ रुपये के लेनदेन और आयकर रिपोर्ट का भी उल्लेख है। साथ ही दो आईपीएस अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर के स्तर पर निगरानी की बात कही जा रही है। इस मामले पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा कि महफूज़ द्वारा जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बेल्थरा रोड के हल्दीरामपुर-छपिया गांव में हुए अग्निकांड के बाद प्रभावित परिवार अभी भी खुले आसमान के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। इस बीच, समाज के विभिन्न वर्गों से पीड़ितों की मदद के लिए हाथ लगातार आगे बढ़ रहे हैं। खबर पढ़कर मदद को आगे आए लोग दैनिक भास्कर में खुले आसमान के नीचे 70 परिवारों ने गुजारी पूरी रात शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद इस त्रासदी ने जनमानस को झकझोर दिया। इसके परिणामस्वरूप, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने राहत कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू कर दी है। शिक्षक दंपति ने 103 अग्नि पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई इसी क्रम में, एक शिक्षक दंपति ने 103 अग्नि पीड़ित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई है। कंपोजिट विद्यालय हल्दीरामपुर नंबर-1 के प्रभारी प्रधानाध्यापक और उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ, बलिया के जिलाध्यक्ष रमेश चंद ने अपनी पत्नी पुष्पा राजन, जो प्राथमिक विद्यालय नारापार में सहायक अध्यापिका हैं, के साथ मिलकर यह पहल की। आग में 60 से अधिक घर जलकर राख हो गए दंपति ने प्रत्येक परिवार को 250 रुपये की नकद सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त, साड़ी, सूट, पैंट और शर्ट जैसे आवश्यक वस्त्र भी वितरित किए गए। इस सहायता से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिली है। उल्लेखनीय है कि इस अग्निकांड में 60 से अधिक घर जलकर राख हो गए थे, जिससे दर्जनों परिवार बेघर हो गए। कई परिवार अभी भी अस्थायी व्यवस्थाओं के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं, ऐसे में यह सहायता उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हो रही है। सांसद-पूर्व विधायक समेत कई लोगों ने दिया आश्वासन इससे पहले, सांसद रमाशंकर राजभर, पूर्व विधायक गोरख पासवान, ब्लॉक प्रमुख सीयर आलोक कुमार सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि दिनेश कुमार गुप्ता सहित कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचकर राहत सामग्री वितरित कर चुके हैं। उन्होंने हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया है। प्रशासन और स्थानीय लोगों ने निभाई सक्रिय भूमिका स्थानीय स्तर पर भी लोग बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं, जिसमें अनाज, कपड़े और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। प्रशासन की तरफ से उपजिलाधिकारी शरद चौधरी के नेतृत्व में राहत सामग्री वितरित किए गए। ग्रामीणों का कहना है कि इस आपदा ने उनके घर छीन लिए हैं, लेकिन समाज की एकजुटता ने उन्हें फिर से खड़े होने का हौसला दिया है। राहत कार्य जारी हैं, हालांकि पीड़ितों को स्थायी पुनर्वास के लिए अभी और मदद की आवश्यकता है।
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के जनकपुर क्षेत्र में एक बार फिर तेंदुए की आमद से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। ताजा घटना जनकपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम खिरकी की है, जहाँ हरीशचंद्र यादव के घर में अचानक एक तेंदुआ घुस आया। बताया गया कि तेंदुआ भटकते हुए रिहायशी इलाके में पहुँच गया और सीधे घर के भीतर जा घुसा। घर के अंदर तेंदुए को देखकर परिवार के सदस्य घबरा गए, लेकिन वे किसी तरह खुद को सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रहे। पहली घटना घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। इसके बाद विशेषज्ञों और प्रशिक्षित कर्मचारियों की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को सुरक्षित काबू में कर लिया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में किसी भी ग्रामीण को कोई नुकसान नहीं पहुँचा। पकड़े गए तेंदुए को सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने इलाके में गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं। दूसरी घटना गौरतलब है कि कुछ दिन पहले, 9 अप्रैल को भी जनकपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत महदौली के बरछा (मैरटोला) में तेंदुए के हमले में दो ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जानकारी के अनुसार, रामसरण बैगा (42) अपने खेत में अरहर की फसल काट रहे थे, तभी खेत में छिपे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके पैर में गंभीर चोट आई थी। वहीं, पास ही गेहूं की कटाई कर रहे विजय सिंह (45) पर भी तेंदुए ने हमला किया, जिससे उनके चेहरे और कंधे पर गंभीर चोटें आईं। दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। क्षेत्र में लगातार हो रही इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में भय का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने वन विभाग से गश्त बढ़ाने और इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
चूरू में तापमान 40 डिग्री पार:हीटवेव के अलर्ट के चलते जिला अस्पताल में विशेष तैयारियां
चूरू में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। सोमवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। हीटवेव की आशंका को देखते हुए डीबी अस्पताल में विशेष तैयारियां की गई हैं। इमरजेंसी, मेल-फीमेल और मेडिसिन आईसीयू में हीटवेव पीड़ितों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं। अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ठंडे पानी की बोतलें और ओआरएस के पैकेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा आइस पैक और तरल पदार्थों को ठंडा रखने के लिए डी-फ्रीज में रखा गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत उपयोग किया जा सके। दोपहर में सड़कें सूनीझुलसाने वाली धूप के कारण दोपहर में शहर की सड़कों पर आवागमन काफी कम दिखाई देता है। लोग घरों से बाहर निकलने से पहले छाता या तौलिया साथ लेकर चल रहे हैं। सोमवार को चूरू में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज धूप के कारण लोग अपने आवश्यक कार्य सुबह 11 बजे से पहले निपटाने का प्रयास कर रहे हैं। भीषण गर्मी से राहत पाने के जतनगर्मी से राहत पाने के लिए लोग ठंडा पानी, आइसक्रीम और जूस जैसे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। गर्मी का सीधा असर बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या पर भी देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 11:30 बजे तक तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था।
किसी भी तरह के अटैक से बचने के लिए नागरिक सुरक्षा तैयारियों को लेकर अलवर शहर में मंगलवार देर शाम 7:45 बजे ब्लैक आउट रहेगा। ब्लैक आउट की शुरूआत में 2 मिनट तक सायरन ऊंची-नीची आवाज में बजेगा। तब समझना है कि ब्लैक आउट शुरू हो रहा है। आखिरी 2 मिनट सायरन एक ही आवाज में बजेगा। तब समझना है ब्लैक आउट खत्म हो रहा है। ब्लैक आउट शुरू होते ही अलवर शहर के लोगों को अपने घर व आसपास की लाइट को बंद कर देना है। रोड पर चलते वाहनों को साइड में लगाकर रोशनी को बंद करना है। अलवर कलेक्टर डॉ अर्तिका शुक्ला ने मंगलवार सुबह एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी। कलेक्टर शुक्ला ने बताया कि 21 अप्रेल शाम पौने 8 बजे ब्लैक आउट रखा है। बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज के आसपास की कॉलोनी (कर्मचारी कॉलोनी व अशोक विहार) में ब्लैक आउट का अभ्यास होगा। आमजन को अपने घर और आसपास की स्वेच्छा से लाइट ऑफ करनी हैं। उस समय रात को गाड़ी पर चलने वालों को भी ध्यान रखना है। रोड पर चल रहे वाहन को तुरंत साइड में लेकर उसकी लाइट बंद कर दें। सायरन की आवाज से समझे ब्लैक आउट शुरू या बंद कलेक्टर ने बताया कि ब्लैक आउट की शुरूआत में सायरन दो मिनट में ऊंची नीची आवाज में बजेगा। तब समझे ब्लैक आउट शुरू हो रहा है। ब्लैक आउट खत्म करते समय सायरन दो मिनट तक एक ही फ्रिक्वेंसी में आवाज आएगी तब समझना ब्लैक आउट खत्म हो रहा है। इस पूरे काम में सब नागरिकों का सहयोग जरूरी है। किसी भी अटैक से बचने के लिए मॉक ड्रिल को सफल बनाने में सहयोग करना है। ब्लैकआउट के दौरान ये रखें सावधानियां सायरन या हूटर बजते ही सभी लाइटें बंद कर दें और घर के अंदर ही रहें। माचिस, मोबाइल फ्लैश या टॉर्च का उपयोग न करें। यदि खिड़की से रोशनी बाहर जाती दिखे तो उसे ढंक दें। सड़क पर वाहन चला रहे लोग तुरंत किनारे रुककर लाइट बंद कर दें। धूम्रपान से बचें और भगदड़ न मचाएं। आपात स्थिति में ऐसे करें बचाव एयर रेड सायरन बजने पर शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थान पर शरण लें। प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और मोबाइल या रेडियो से सरकारी अलर्ट सुनते रहें। घर में कम से कम तीन दिन का पीने का पानी और सूखा भोजन रखें। प्राथमिक उपचार किट, जरूरी दस्तावेज और टॉर्च आदि पहले से तैयार रखें। ड्रोन हमले के संकेत के रूप में 2 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजेगा, जबकि खतरा टलने की सूचना एक समान आवाज में 2 मिनट तक सायरन बजाकर दी जाएगी। प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें। किसी भी सहायता के लिए नागरिक सुरक्षा कंट्रोल रूम के नंबर 0144-2338000 और 8290026219 पर संपर्क किया जा सकता है।
दरभंगा के कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय में 22 अप्रैल को सीनेट की 49वीं बैठक होगी। जिसकी अध्यक्षता कुलाधिपति सह बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन करेंगे। उनके आगमन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक दरबार हॉल में आयोजित होने वाली इस बैठक में करीब 70 सदस्य भाग लेंगे। मंगलवार को कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पांडेय ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सभी समितियों के संयोजकों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी सुधार के निर्देश दिए। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल विश्वविद्यालय परिसर में लगभग दो घंटे तक रहेंगे। दोपहर 12.15 बजे से 2.10 अलग-अलग गतिविधियों में शामिल लेंगे। मंचीय व्यवस्था का प्रारूप भी राजभवन से स्वीकृत होकरविश्वविद्यालय को मिल गया है, जिसकेअनुसार तैयारियां की जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम पीआरओ डॉ. निशिकांत ने बताया कि यूनिवर्सिटी कैंपस में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है। बैठक के लिए बजट दस्तावेज, वार्षिक रिपोर्ट समेत सभी आवश्यक कागजात तैयार किए जा रहे हैं। दरबार हॉल को सजाया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर भी राज्यपाल के दौरे को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। विश्वविद्यालय परिवार में कुलाधिपति के आगमन को लेकर उत्साह का माहौल है। माना जा रहा है कि यह बैठक न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि विश्वविद्यालय के विकास और भावी योजनाओं को नई दिशा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
चित्रकूट जिले के मऊ क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में 28 वर्षीय युवक अमरीक की मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब उसकी शादी में कुछ ही दिन शेष थे। युवक अपनी शादी के निमंत्रण कार्ड बांटने गया था। जानकारी के अनुसार, पियरा खंडेहा निवासी अमरीक पुत्र कमल सिंह मऊ से कपसेठी गए थे। वे अपनी शादी के निमंत्रण पत्र बांटने के बाद वापस लौट रहे थे। बेड़ी पुलिया के पास उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि अमरीक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। परिजनों ने बताया कि अमरीक की शादी भरतकूप क्षेत्र के सेहरा गांव में तय हुई थी। 5 मई को तिलक की रस्म होनी थी और 7 मई को बारात जानी थी। परिवार में शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। इस दुखद घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
'लॉरेंस ऑफ़ पंजाब' पर भड़के मूसेवाला के पिता: सरकार से पूछे तीखे सवाल, बढ़ सकता है विवाद
नई डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ 'लॉरेंस ऑफ़ पंजाब' को लेकर विवाद हो गया है। बीते दिन ही मेकर्स ने डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ की रिलीज डेट का एलान किया है।
जालंधर के बिलगा थाना क्षेत्र के पुआदरा गांव में एक नाबालिग लड़की ने बच्चे को जन्म दिया है। इस मामले में अमृतसर के रहने वाले राहुल नामक युवक पर रेप करने का आरोप लगा है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता महिला ने पुलिस को बताया कि उनकी 15 वर्षीय भतीजी 9वीं कक्षा में पढ़ती है। पिछले करीब डेढ़ महीने से पेट दर्द की शिकायत कर रही थी। पहले उसे एक निजी डॉक्टर से दवा दिलाई गई, लेकिन कोई आराम नहीं लगा। अमृतसर का रहने वाला है आरोपी युवक 19 अप्रैल 2026 को पेट में तेज दर्द होने पर उसे फिल्लौर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे एक निजी महिला डॉक्टर के पास रेफर किया गया। महिला डॉक्टर ने जांच के बाद बताया कि मुस्कान गर्भवती है और उसकी डिलीवरी का समय पूरा हो चुका है। इसके बाद लड़की की डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद महिला ने अपनी भतीजी से पूछताछ की, जिस पर लड़की ने बताया कि अमृतसर के रहने वाले राहुल नामक युवक ने उसके साथ रेप किया था। राहुल का पूरा पता अभी ज्ञात नहीं है। अपनी बुआ के पास रह रही थी लड़की महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि पीड़िता उनके भाई की छोटी बेटी है। भाई की पत्नी करीब 13 साल पहले उन्हें छोड़कर चली गई थी। वहीं महिला के पिता अश्विनी कुमार की लगभग सवा साल पहले मृत्यु हो जाने के कारण पीड़िता पिछले करीब सात महीने से अपनी बुआ के पास ही रह रही थी। थाना बिलगा के एसएचओ गुरशरण सिंह ने जानकारी दी कि आरोपी राहुल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
झाबुआ के पेटलावद में दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को बातों में फंसाकर सुनसान जगह पर ले जाकर चाकू की नोक पर उसका सामान लूट लिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बातों में फंसाकर सुनसान गली में ले गए घटना नाहरपुरा निवासी यशवंत पिता विजय सिंह मेडा के साथ हुई। यशवंत पेशे से वाहन चालक हैं। जानकारी के अनुसार, वह गांधी चौक इलाके में खड़े थे, तभी दो बदमाशों ने उन्हें रोका और रतलाम जाने वाली बस के बारे में पूछने लगे। बातचीत के दौरान वे उन्हें पुराने बस स्टैंड स्थित अशोक रेस्टोरेंट की गली की ओर ले गए। चाकू की नोक पर छीने मोबाइल और कड़ा सुनसान जगह पर पहुंचते ही बदमाशों ने चाकू निकालकर यशवंत को धमकाया और उसके हाथ से करीब 250 ग्राम वजन का चांदी का कड़ा और मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। JJD नेता तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी से नहीं चलने वाली है, इसे सिर्फ प्रियंका गांधी ही चला सकती हैं। उन्होंने प्रियंका गांधी की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से करते हुए कहा कि उनमें इंदिरा गांधी जैसी नेतृत्व क्षमता है। दरअसल, तमिलनाडु में चुनाव-प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा के दबाव में उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार भाजपा के सामने ‘समझौतावादी’ साबित हुए और बिना विरोध किए मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर राज्यसभा चले गए। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसी सरकार चाहती है जो उसके नियंत्रण में रहे, लेकिन तमिलनाडु में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा बेवजह के मुद्दों में उलझे रहते हैं। राहुल गांधी कुकिंग पर ध्यान दें तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को सत्ता की लालसा हो गई है और उन्हें राजनीति से ज्यादा अपने पुराने काम, जैसे कुकिंग, पर ध्यान देना चाहिए। तेज प्रताप ने कहा कि बिहार की राजनीति से राहुल गांधी का कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन फिर भी वे अनावश्यक बयानबाजी कर रहे हैं। जनता कांग्रेस को नकार चुकी है वहीं, भाजपा ने भी राहुल गांधी के बयान पर पलटवार किया है। बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सारगवी ने कहा कि राहुल गांधी क्या बोलते हैं और क्या करते हैं, यह पूरा देश देखता है। अब जनता उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कहा कि केंद्र समेत कई राज्यों में कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो चुकी है और जनता कांग्रेस को पूरी तरह नकार चुकी है। संजय सरावगी ने कहा कि आने वाले चुनाव में हार की आशंका से राहुल गांधी इस तरह के बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने स्वयं स्पष्ट किया है कि उन्होंने अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री पद छोड़ा और राज्यसभा जाने का निर्णय लिया।
देवास में जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने अपने बच्चों को वापस दिलाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। नेवरी निवासी ममता पाटीदार ने मंगलवार को कलेक्टर को एक आवेदन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपने सास-ससुर पर पति की मौत के बाद बच्चों को न लौटाने का आरोप लगाया है। ममता पाटीदार ने बताया कि उनका विवाह वर्ष 2012 में शिवपुर मुंडला निवासी नरेंद्र पाटीदार से हुआ था। कुछ माह पूर्व उनके पति की करंट लगने से मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद से ही उनके सास-ससुर दोनों बच्चों को अपने साथ ले गए हैं और उन्हें बच्चों से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है। जनसुनवाई में लगाई की शिकायतमहिला ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नेवरी थाना क्षेत्र में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ममता ने अब जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन से न्याय की मांग की है और अपने बच्चों को वापस दिलाने का आग्रह किया है। इस मामले में एडीएम संजीव कुमार जैन ने पुष्टि की है कि महिला का आवेदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने संबंधित थाने को मामले में कार्रवाई और जांच के निर्देश दिए हैं।
मेरठ की सेंट्रल मार्केट में पिछले 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे स्थानीय निवासी और व्यापारी आज एक बार फिर सरधना के पूर्व विधायक संगीत सोम से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात कैलाश आनंद गिरि महाराज से भी होगी। उनको भी वह अपनी पीड़ा बताएंगे और इसमें उनसे न्याय की गुहार भी लगाएंगे। दरअसल 2 दिन पहले भी सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल संगीत सोम से मिला था जहां उनको आश्वासन मिला था कि दो से तीन दिन में कोई समाधान निकलेगा। उसके बाद आज व्यापारी फिर से उनसे मुलाकात करेंगे। साथ ही प्रदर्शन में मौजूद महिलाओं का कहना है कि यदि आज शाम तक कोई समाधान इस प्रकरण में नहीं निकलता है तो शाम को आगे की रणनीति की रूपरेखा सार्वजनिक कर उसी के अनुसार प्रदर्शन को आगे चलाएंगे। जानिए कब से और क्यों है प्रदर्शन सेंट्रल मार्केट के 859 भूखंडों को सेटबैक के अनुसार ध्वस्त करने और उनमें चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों को बंद करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने बीती 9 अप्रैल को दिया था। इसके बाद 10 अप्रैल से शास्त्री नगर के सेक्टर दो स्थित तिरंगा चौक पर प्रदर्शन जारी है। वहां बैठी महिलाओं का कहना है कि वह अपनी दुकान तो बंद कर सकते हैं लेकिन जो उनके छोटे-छोटे मकान हैं उनमें सेटबैक कैसे छोड़ सकते हैं यदि वह सेटबैक के अनुसार इन्हें ध्वस्त कर लेते हैं तो वह अपने मकान में रह नहीं पाएंगे। प्रशासन ने दिए नोटिस पुलिस और प्रशासन ने जो बाहरी लोग वहां प्रदर्शन में पहुंच रहे थे उनको न्यायालय की अवमानना का नोटिस भी दिया है। जिस पर व्यापारी और विपक्ष नेताओं का कहना है कि प्रशासन दबाव बनाकर यहां के निवासियों की बात को दबाकर यह प्रदर्शन खत्म करना चाहता है। इसीलिए ऐसा तानाशाह रवैया दिखाया जा रहा है कि कोई किसी के दुख में भी शामिल नहीं हो सकता है। न्याय की उम्मीद पर बैठे हैं प्रदर्शन में बैठी महिलाओं का कहना है कि उनको एक उम्मीद है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए वह दुकान बंद कर लेंगे लेकिन अगर सरकार मध्यस्थ करें या हमारी आवाज वहां उठाई जाए तो हमारे मकान टूटने से बच सकते हैं। इसी उम्मीद पर हम यहां प्रदर्शन कर रहे हैं इसमें हम माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना बिल्कुल नहीं कर रहे हैं।
गुमला में एक युवती का शव मंगलवार को उसके घर के आंगन में कटहल के पेड़ से बने फंदे से लटका मिला। घटना बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत सेरका सियारटोली की है। युवती की आठ दिनों बाद शादी तय हो चुकी थी और वो खुश भी थी। इधर, मृतका के परिजनों ने आशंका जाहिर की है कि प्रेमी के दबाव की वजह से उसने दुपट्टे के सहारे फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। पूनम ने प्रेम प्रसंग के चलते खुदकुशी की: परिजनमृतका की पहचान 30 वर्षीय पूनम कुमारी के रूप में की गई है। परिजनों के अनुसार, यह प्रेम प्रसंग का मामला है। मृतका के परिजन प्रीतम खेरवार ने पुलिस को बताया कि पूनम ने प्रेम प्रसंग के चलते खुदकुशी की है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे कब्जे में ले लिया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा गया है। पूनम की शादी 29 अप्रैल को परसा बस्ती निवासी देवेंद्र खेरवार से तय हुई थी। शादी की तैयारियां चल रही थीं, जिसमें 26 अप्रैल को लगन पान और 28 अप्रैल को मड़वा की रस्म होनी थी। पूनम ने सोमवार को गुमला में अपने परिचितों को शादी का कार्ड भी दिया था। प्रेमी से रात में भी फोन पर हुई थी बातपरिजनों ने बताया कि पूनम किसी अन्य लड़के से फोन पर बात करती थी। घटना से पहले रात में भी उसकी फोन पर बात हुई थी। इसी दबाव में सुबह वह अचानक घर से निकली और आंगन में फांसी लगा ली। मृतका की भाभी और सेरका पंचायत की मुखिया जय मंत्री कुमारी ने बिशुनपुर थाना में आवेदन दिया है। उन्होंने युवती के फोन को ट्रेस करने और इस मामले में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम प्रसंग में आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।
अमरोहा पुलिस ने लौटाए 149 खोए फोन:28 लाख के मोबाइल वापस, लोगों ने कहा- थैंक्स एसपी
अमरोहा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 28 लाख रुपये मूल्य के 149 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह सफलता साइबर सेल और जिले भर के थाना पुलिस की संयुक्त टीम को मिली है। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन मंगलवार को एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि साइबर सेल की तकनीकी सहायता और थाना पुलिस की सक्रियता के कारण संभव हो पाई है। एसपी ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
पीथमपुर के औद्योगिक क्षेत्र में एक पिता पर अपनी मासूम बेटी से दो महीने तक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब मां ने आरोपी पिता को गलत काम करते हुए देखा। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को महज चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। उप निरीक्षक चांदनी चौहान ने बताया कि आरोपी राजित राम उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वह वर्तमान में पीथमपुर में किराए के मकान में रहकर मजदूरी करता है। पीड़िता, उसकी मासूम बेटी, करीब दो साल पहले अपनी नानी के घर से पिता के पास आई थी और पिछले दो महीनों से यहीं रह रही थी। आरोपी ने पत्नी को धमकाया पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया कि आरोपी पिता अक्सर रात में जब वह सो जाती थी, तब अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म करता था। दो दिन पहले जब मां की आंख अचानक खुली, तो उसने पति को बेटी के साथ दरिंदगी करते देखा। विरोध करने पर आरोपी पिता ने अपनी पत्नी को भी डराया-धमकाया और घर से बाहर निकालने की धमकी दी। पड़ोसियों के साथ थाने पहुंची मां डरी-सहमी मां ने बाद में अपनी बेटी से अकेले में बात की, तो मासूम ने रोते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। हिम्मत जुटाकर महिला ने पड़ोसियों को आपबीती सुनाई। इसके बाद पड़ोसी और मां मासूम को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला अपराध से जुड़ा संवेदनशील मामला होने के कारण पुलिस तुरंत हरकत में आई। मासूम का मेडिकल परीक्षण कराया गया और आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस टीम ने प्राथमिकी दर्ज होने के महज चार घंटों के भीतर आरोपी राजित राम को गिरफ्तार कर लिया।
फरीदाबाद के डबुआ थाना क्षेत्र में कार से बाइक में टक्कर मारने का विरोध करने पर युवक के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस झगड़े का एक वीडियो भी सामने आया है। डबुआ थाना पुलिस को शिकायत गदी गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। कंपनी से घर लौट रहा था डबुआ थाना पुलिस को दी गई शिकायत में अमित नामक युवक ने बताया कि, वह मूल रूप से यूपी का रहने वाला है और बडखल में पिछले 12 साल से परिवार के साथ रह रहा है। वह एक निजी कंपनी में काम करता है। सोमवार की रात को काम खत्म करके वह कपंनी से बाइक पर अपने दोस्त के साथ बाहर निकलकर दुकान से कुछ सामान खरीद रहा था। कार से टक्कर मारने पर विवाद इसी दौरान एक गाड़ी वहां आई और उनकी बाइक में टक्कर मार दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो सौरव नाम के लड़के ने उसके साथ झगड़ा शुरू कर दिया। जिसके बाद कार के अंदर से करीब 3 से 4 लड़के निकले और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। झगड़े का शौर सुनकर कंपनी के अंदर से कुछ युवक बाहर निकल आये जिन्होंने उनका बचाव किया। जिसके बाद आरोपी कार सहित मौके से फरार हो गए। इस दौरान उसके हाथ में चोट लग गई। पुलिस बोली जांच कर रहे डबुआ थाना पुलिस जांच अधिकारी देवेन्द्र ने बताया कि उनको मामले की शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद जो भी सामने आयेगा उसकी के अनुरूप कार्यवाही की जायेगी।
लखनऊ के प्रेस क्लब में सोमवार को महाराणा प्रताप सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान दिल्ली से आए डॉ. एपी सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में महिला आरक्षण, पश्चिम बंगाल की राजनीति, फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा विवाद और देवा शरीफ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। डॉ. सिंह ने इन विषयों पर विस्तार से जवाब देते हुए सरकार, विपक्ष और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए, साथ ही संगठन की मांगों और दृष्टिकोण को भी स्पष्ट किया। सवाल : महिला आरक्षण की समाज में कितनी जरूरत है? जवाब : ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ 2023 में पूर्ण बहुमत से पास हुआ था, जिसमें पक्ष और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला था। 2026 में इसे नए स्वरूप में लाने की कोशिश हुई, जिसमें परिसीमन (डीलिमिटेशन) के जरिये सीटें बढ़ाकर महिलाओं के लिए ज्यादा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रस्ताव था। संविधान संशोधन के लिए 2/3 बहुमत जरूरी होता है। प्रस्ताव यह था कि लोकसभा और विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला के लिए आरक्षित हो। लेकिन, पक्ष और विपक्ष के बीच सहमति न बनने के कारण यह बिल पास नहीं हो सका। कुछ नेता नहीं चाहते कि आम और गरीब महिलाएं राजनीति में आगे आएं। जबकि, सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के तहत महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती है। सवाल : देश में कई राज्यों में चुनाव हैं? बंगाल के चुनाव और वहां की स्थिति को आप कैसे देखते हैं? जवाब : पश्चिम बंगाल में ‘मां, माटी, मानुष’ का नारा कमजोर पड़ गया है। वहां महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। राज्य में कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब बंगाल में बदलाव की जरूरत है और जनता परिवर्तन चाहती है।
मऊ में बीसी सखियों का प्रदर्शन:मानदेय बढ़ाने सहित कई मांगों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा
मऊ में मंगलवार को बीसी सखी जन कल्याण समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में बीसी सखियों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी सखियों ने सरकार से तत्काल रुका हुआ मानदेय भुगतान करने और उन्हें नियमित रूप से 20,000 प्रति माह मानदेय देने की मांग की। उन्होंने राष्ट्रीयकृत बैंकों से जोड़ने संबंधी शासनादेश को इसी माह लागू करने, बैंकों द्वारा दिए जाने वाले कमीशन को स्पष्ट करने और किसी भी प्रकार की कटौती पर रोक लगाने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त, बीसी सखियों ने उन्हें संविदा कर्मी का दर्जा देने, आयुष्मान कार्ड योजना के तहत कवर करने और ₹20 लाख का बीमा कवर उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई। सखियों ने बैंकों पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि उन पर बकाया 75,000 का कर्ज माफ किया जाए, क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में इसे चुकाना संभव नहीं है। बीसी सखी अनीता सिंह ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगे और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने का आग्रह किया, क्योंकि वे ग्रामीण स्तर पर महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
फर्रुखाबाद जिले के थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र के नैनिया नगला गांव में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 23 वर्षीय अनुज शाक्य के तौर पर हुई है। शव घर की रसोई में साड़ी के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रसोई की कुंडी से लटका मिला शव जानकारी के अनुसार, अनुज शाक्य ने अपने घर की रसोई में कुंडे से साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो घर में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर थाना मऊ दरवाजा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। सात महीने पहले किया था प्रेम विवाह अनुज की शादी करीब सात महीने पहले एटा जिले के नकटई अलीगंज रहने वाली लड़की से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के कुछ समय बाद ही पारिवारिक विवाद शुरू हो गए थे। पत्नी कुछ समय मायके में रहने के बाद करीब दस दिन पहले ही ससुराल लौटी थी। अनुज टेंट हाउस और डीजे का काम करता था। सोमवार रात करीब 11 बजे तक वह घर पर काम करता रहा और फिर सोने चला गया। इसके बाद सुबह उसका शव रसोई में फंदे से लटका मिला। भाई ने जताई हत्या की आशंका घटना को लेकर परिजनों में संदेह भी जताया जा रहा है। मृतक के बड़े भाई सुनील ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि जिस स्थान पर शव लटका मिला, उसे देखकर मामला संदिग्ध प्रतीत होता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी अजब सिंह और उप निरीक्षक राहुल कुमार ने पुलिस बल के साथ जांच की। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक के ब्लॉक महम की चौबीसी खाप पंचायत ने धनाना स्थित सतलोक आश्रम पहुंचकर जेल से बाहर आए रामपाल को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। महम चौबीसी खाप पंचायत ने समाज के प्रति किए गए कार्यों को देखते हुए सम्मान किया, ताकि आगे भी समाज की भलाई के काम चलते रहें। महम चौबीसी खाप पंचायत के प्रधान सुभाष गोयत ने बताया कि 2025 में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। खेतों में पानी भर गया और प्रशासन व सरकार की तरफ से बचाव के लिए कोई काम नहीं किया। ऐसे में रामपाल की तरफ से मदद पहुंची और मोटर व पाइप लगाकर खेतों से पानी निकालने का काम किया। सुभाष गोयत ने बताया कि रामपाल की तरफ से अन्नपूर्णा मुहिम व गरीबों के मकान बनाकर जो सेवा के कार्य शुरू किए गए हैं, उसके लिए आभार प्रकट किया है। हरियाणा की परंपरा रही है कि जिसका सम्मान करते हैं, उसको पगड़ी पहनाई जाती है। इसी भाव के साथ रामपाल को पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया है। मंड़ियों में फसल पहुंचने का 80 प्रतिशत रामपाल का योगदान प्रधान सुभाष गोयत ने बताया कि रामपाल ने जेल में बैठकर मानव कल्याण के कार्य किए और अब बाहर आने के बाद दोगुना काम करेंगे। आज मंडियों में जो गेंहू की फसल पहुंची है, उसमें 80 प्रतिशत योगदान रामपाल का है। क्योंकि अगर खेतों से पानी निकालने में रामपाल ने मदद नहीं की होती तो फसल उगा ही नहीं पाते। महम में सत्संग करने की मांगी अनुमतिप्रधान सुभाष गोयत ने कहा कि रामपाल से महम में सत्संग करने की अनुमति मांगी है। क्योंकि महम के खेतों से पानी निकालने में काफी मदद हुई है। अगर महम में सत्संग होगा तो पूरे हरियाणा के लोग खुश होंगे, क्योंकि महम चौबीसी का अपना इतिहास है। नशा मुक्त समाज अभियान किया शुरू प्रधान सुभाष गोयत ने कहा कि रामपाल द्वारा चलाए जा रहे सतलोक आश्रम की तरफ से नशा मुक्त समाज अभियान शुरू किया गया है। युवाओं को बुराइयों से दूर रखने के लिए रामपाल लगातार काम कर रहे है। गरीबों के मकान निर्माण में सहयोग व राशन उपलब्ध करवाने जैसे कार्यों ने नई मिसाल पेश की है।
चूरू के केंद्रीय विद्यालय में सोमवार को एक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में हुई इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य हवाई हमले जैसी आपातकालीन स्थितियों में विभिन्न सरकारी विभागों के रिस्पॉन्स टाइम का परीक्षण करना था। पुलिस कंट्रोल रूम से हवाई हमले की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा, एसपी निश्चय प्रसाद एम, एडीएम अर्पिता सोनी और एसडीएम सुनील कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस बल और नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवक भी घटनास्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू टीमों ने दिखाई तैयारीमॉक ड्रिल के दौरान शाम पौने 7 बजे पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा हवाई हमले में हताहतों की सूचना प्रसारित की गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने मोर्चा संभाला। नागरिक सुरक्षा और मेडिकल टीम ने मलबे में दबे और घायल लोगों को बाहर निकालने में तत्परता दिखाई। एडीएम अर्पिता सोनी ने बताया कि ड्रिल में प्रतीकात्मक रूप से पांच व्यक्तियों की मृत्यु और 14 के गंभीर रूप से घायल होने का परिदृश्य रखा गया था। गंभीर घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए गर्वमेंट डीबी अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान घायलों की गंभीरता के आधार पर उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उपचार देने का अभ्यास किया गया। सायरन गूंजने के बाद ब्लैकआउट कियाशाम को सायरन की गूंज के साथ ही शहर में ब्लैकआउट का अभ्यास भी किया गया। शाम सवा सात बजे बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, ताकि युद्ध जैसी स्थितियों में जन-सहभागिता और आवश्यक सेवाओं के संचालन की क्षमता को परखा जा सके। समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिला कलेक्टर और एसपी सबसे पहले मौके पर पहुंचे। वहीं, सिविल डिफेंस की टीम 6 बजकर 54 मिनट पर और विद्युत विभाग की टीम 6 बजकर 58 मिनट पर सबसे अंत में पहुंची। जिला कलेक्टर सुराणा ने रिस्पॉन्स टाइम की समीक्षा करते हुए देरी से पहुंचने वाले विभागों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने के निर्देश दिए।
हांसी जिले में मंगलवार सुबह एक सड़क हादसे में ट्रैक्टर ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई। बता दे कि तेज रफ्तार ट्रक ने तूड़ी (चारा) से भरे ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। हादसे जींद रोड पर कंगन खेड़ी के पास पीर बाबा स्थल के नजदीक हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक ट्रैक्टर को कई फीट तक घसीटता हुआ ले गया। इसके बाद ट्रैक्टर सड़क से नीचे उतरकर पलट गया, जिससे ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो गई। बता दे कि मृतक की पहचान नारनौंद क्षेत्र के पाली गांव निवासी करीब 50 वर्षीय रतन सिंह के रूप में हुई है। वह 7 बच्चों का पिता था, जिनमें 5 बेटियां और 2 बेटे शामिल हैं। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर लापता घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड से फायर ऑपरेटर जसवीर की टीम, हांसी सदर थाना पुलिस और शेखपुरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। परिजनों ने सामान्य अस्पताल पहुंचकर बताया कि रतन सिंह सुबह अपने घर से चारा लेकर हांसी की ओर आ रहे थे। दो महीने पहले हुई थी मां की मौत इसी दौरान जींद की तरफ से आ रहे ट्रक ने उनके ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। मृतक के बेटे शिव ने बताया कि उनकी माता का दो महीने पहले ही निधन हुआ था। परिवार इस घटना से सदमे में है। अस्पताल में पहुंचे परिजनों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सरकार से उचित मुआवजा देने की भी मांग की, ताकि छोटे बच्चों का पालन-पोषण हो सके। फिलहाल शव को हांसी के सामान्य अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश की जा रही है।
अमृतसर पुलिस ने 7 किलो हेरोइन सहित 5 तस्कर पकड़े:पाकिस्तान कनेक्शन का खुलासा, नेटवर्क की जांच जारी
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे एक ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 7.050 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपय बताई जा रही है। DGP गौरव यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पाकिस्तान स्थित एक तस्कर के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर पंजाब में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। यह नेटवर्क सीमापार से ड्रग्स की तस्करी कर युवाओं को निशाना बना रहा था, जिससे समाज में नशे की समस्या और गहराती जा रही थी। दो एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की गहन जांच इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो कि थाना छेहरटा और थाना कैंटोनमेंट, अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुई हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, ताकि इसके आगे और पीछे जुड़े सभी कड़ियों का पता लगाया जा सके। नशामुक्त पंजाब के लिए सख्त कार्रवाई जारी DGP ने स्पष्ट किया है कि राज्य को नशामुक्त बनाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता अडिग है। लगातार चलाए जा रहे अभियानों के तहत ऐसे तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखा जा सके।
सीतापुर में फैक्ट्री के बाहर मजदूरों का प्रदर्शन:वेतन भेदभाव और सुविधाओं की अनदेखी पर भड़का आक्रोश
सीतापुर के कोतवाली देहात क्षेत्र स्थित शाहमहोली चौराहे पर मंगलवार सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब एम.के.ए. रेमिडीज प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री के बाहर मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। मजदूरों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर वेतन भेदभाव और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि महिला श्रमिकों से लगभग 10 घंटे काम लेने के बावजूद उन्हें केवल 5800 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि पुरुष श्रमिकों को इसी काम के लिए करीब 8000 रुपये तक भुगतान किया जाता है। इस असमानता को लेकर महिला मजदूरों में खासा रोष देखने को मिला। मजदूरों की प्रमुख मांग है कि 10 घंटे की ड्यूटी के बदले कम से कम 10 हजार रुपये मासिक वेतन सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा हर महीने चार सवेतन अवकाश देने और छुट्टी लेने पर वेतन कटौती की व्यवस्था समाप्त करने की भी मांग की गई है। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित मजदूरों ने सीतापुर-लखीमपुर मार्ग को जाम करने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली देहात पुलिस मौके पर पहुंची और मजदूरों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया तथा यातायात बहाल कराया। मौके पर मौजूद फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़ी रेनू राठौर ने मजदूरों से कहा कि उन्हें निर्धारित नियमों के तहत ही काम करना होगा, अन्यथा वे काम छोड़ सकते हैं। साथ ही समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय मांगा गया। हालांकि, महिला मजदूर इस प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं दिखीं और उन्होंने दो दिन के भीतर समाधान की मांग की है। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
आगरा के नवागत डीएम मनीष बंसल ने मंगलवार को चार्ज संभाल लिया। स्टाफ से मुलाकात के बाद उन्होंने जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की। इससे पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा-पीड़ित को निचले स्तर पर ही न्याय मिले। उन्हें न्याय के लिए भटकना न पड़े। जिस स्तर की समस्या है, उसी स्तर पर उसका समाधान होना चाहिए।IAS अरविंद मल्लप्पा बंगारी के ट्रांसफर होने के बाद IAS मनीष बंसल ने आगरा के नये डीएम के रूप में मंगलवार दोपहर को चार्ज संभाल लिया। वे सहारनपुर में डीएम थे। आगरा के कोषागार में पहुंचे नवागत डीएम का स्टाफ ने स्वागत किया। ये रहेंगी प्राथमिकताएंचार्ज संभालने के बाद डीएम ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा-सबसे पहले देश और प्रदेश सरकार की जो महत्वपूर्ण की योजनाएं हैं, उनको धरातल पर बहुत तेजी से उतारा जाए। उनका लाभ हर व्यक्ति को मिले। जितने भी फरियादी हैं, उनकी समस्याओं का निचले स्तर पर ही समाधान हो। ब्लॉक और तहसील स्तर पर ही समस्याओं के समाधान होना चाहिए। जिस स्तर की समस्या है, उस स्तर पर उसका समाधान हो जाना चाहिए। अगर, ऐसा नहीं होता है तो लापरवाही उजागर होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा-राजस्व न्याय में पीड़ित को त्वरित न्याय मिले। आगरा एक अंतरराष्ट्रीय शहर है, ऐसे में मेरी कोशिश रहेगी कि इस जनपद और ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हम सब एक टीम के रूप में काम करेंगे। मेट्रो निर्माण से हो रहीं परेशानियों को दूर किया जाएगामेट्रो एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। ऐसे में शहरवासियों के सामने कुछ समस्याएं आ रही होंगी। ऐसे में मेरा प्रयास होगा कि इन समस्याओं को समझकर उनके समाधान कराने का प्रयास होगा। आगरा में पेयजल के संबंध में कई योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में पानी की समस्या नहीं आने दी जाएगी। सीएम के विशेष सचिव बने अरविंदआगरा डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी का ट्रांसफर हो गया है। अब उनको मुख्यमंत्री का विशेष सचिव बनाया गया है। सहारनपुर के डीएम रहे मनीष बंसल अब आगरा के नए डीएम होंगे। मनीष बंसल देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद हैं। ज्ञानेश कुमार का जन्म आगरा में ही हुआ था। मनीष बंसल की पत्नी मेधा रूपम गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी हैं। मनीष बंसल के ससुर ज्ञानेश गुप्ता के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता और मां सत्यवती गुप्ता आगरा के विजय नगर कॉलोनी में रहते हैं। आईएएस मनीष बंसल पंजाब के छोटे से शहर संगरूर से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता का नाम राम अवतार बंसल और उनकी मां सुधा बंसल हैं। उनके पिता एक बैंक के मुख्य प्रबंधक हैं और उनकी मां एक गृहिणी हैं। मनीष बंसल ने आईआईटी दिल्ली से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में प्रौद्योगिकी में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। वह 2014 बैच के आईएएस हैं। अरविंद मलप्पा बंगारी 2011 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और आगरा में 15 सितंबर 2024 को जिलाधिकारी बने थे। आगरा में उनका कार्यकाल अच्छा रहा। जनता के बीच में उनकी छवि अच्छी रही।
इंदौर के प्रतिष्ठित डेली कॉलेज (DC) में बोर्ड चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से चल रहे विवादों के बीच चुनाव अधिकारी और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सुशील गुप्ता ने चुनाव का विस्तृत शेड्यूल जारी कर दिया है। कॉलेज बोर्ड के लिए मतदान 21 मई को होगा और इसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे। खास बात यह है कि ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन (ODA) के कड़े विरोध के बाद फिलहाल विवादित संविधान संशोधन को लागू नहीं किया गया है। वर्तमान में चुनाव पुराने और मौजूदा संविधान के तहत ही संपन्न कराए जाएंगे। मतदाता सूची जारी, 23 अप्रैल तक आपत्तियां ली जाएंगी चुनाव प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची जारी कर दी गई है, जिस पर 21 से 23 अप्रैल तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इसके बाद 28 और 29 अप्रैल को नामांकन फॉर्म जमा किए जाएंगे। 30 अप्रैल और 1 मई को उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे, जबकि 2 मई को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। कॉलेज के जो मतदाता इंदौर से बाहर हैं, उन्हें 4 से 19 मई के बीच डाक और ईमेल के जरिए मतपत्र भेजे जाएंगे, जिन्हें 20 मई तक वापस जमा करना होगा। 21 मई को स्थानीय मतदाताओं की वोटिंग के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी। संविधान में संशोधनों को लेकर बोर्ड-एसोसिएशन में ठनी बता दें कि कॉलेज के संविधान में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन और वर्तमान बोर्ड के बीच ठनी हुई है। ओडीए का आरोप है कि संशोधनों के जरिए लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की कोशिश की जा रही है। रजिस्ट्रार फर्म्स एंड सोसाइटी ने भी इन संशोधनों को अभी मंजूरी नहीं दी है, जिसके चलते चुनाव अधिकारी ने साफ कर दिया है कि चुनाव में देरी न करते हुए इन्हें वर्तमान नियमों के अनुसार ही कराया जाएगा।
बिहार में राजस्व कर्मचारियों का सस्पेंशन रद्द, CM सम्राट चौधरी ने विजय सिन्हा के फैसले को पलटा
यह निर्णय इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का कार्यभार संभाल रहे पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने इन कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने हड़ताल पर गए 224 राजस्व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था।
गोरखपुर में बढ़ती गर्मी को देखते हुए रोटरी क्लब मिडटाउन ने एक बहुत ही नेक काम किया है। क्लब की ओर से बड़गो इलाके स्थित 'गोकुलधाम वृद्ध आश्रम' में रहने वाले बुजुर्गों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया गया। क्लब के मेंबर्स ने सेवाकार्य करते हुए आश्रम में एक नई RO मशीन लगवाई। जिससे वहां रहने वाले बुजुर्गों को शुद्ध और साफ पानी मिल सकेगा, जिससे वे बीमारियों से भी बच सकेंगे। साथ ही उनके साथ समय बिताया और अपने हाथों से नाश्ता कराया। इसके अलावा उनके जरूरत के सामान भी बांटे गए। क्लब की इस पहल से बुजुर्गों ने खुशी जाहिर की और मेंबर्स को आशीर्वाद दिया। सेवा और सम्मान की मिसालक्लब की ओर से सिर्फ मशीन ही नहीं लगवाया गया बल्कि मेंबर्स ने बुजुर्गों के साथ काफी समय भी बिताया। उन्होंने बड़े ही प्यार और सम्मान के साथ अपने हाथों से सभी बुजुर्गों को नाश्ता कराया और गर्मी से राहत देने के लिए जूस भी पिलाया। इसके अलावा, बुजुर्गों की जरूरत को देखते हुए उन्हें नए कपड़े भी दिए गए। क्लब के सदस्यों का कहना है कि इस तपती गर्मी में बुजुर्गों की सेवा करना और उनकी जरूरतों को पूरा करना ही उनका सबसे बड़ा मकसद है। आश्रम के बुजुर्गों ने भी क्लब की इस दरियादिली पर उन्हें खूब आशीर्वाद दिया।
समस्तीपुर में संदिग्ध हालत में विवाहिता की मौत हो गई। मायके पक्ष के लोगों ने दहेज के लिए जहर खिलाकर मारने का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान चंद्रदेव राम की पत्नी रोशनी कुमारी(22) के तौर पर हुई है। घटना सरायरंजन थाना क्षेत्र के जितवारपुर कुम्हरा गांव की है। मां संगीता देवी ने बताया कि जहर खिलाकर मेरी बच्ची को मारा गया है। 3 साल पहले धूमधाम से शादी की थी। एक लाख रुपए दहेज में रिश्ता तय हुआ था। शादी के समय 50 हजार कैश, जेवरात और घर का सामान दिया था। 50 हजार रुपए बकाया था। दामाद तमिलनाडू में मजदूरी करते हैं। बेटी की सास और देवर रुपए के लिए प्रताड़ित कर रहे थे। कुछ दिनों से मेरी बेटी मायके में थी। 15 अप्रैल को उसका देवर आया और कहा कि मेरी मां पोता को देखने के लिए बुला रही है। मेरा भेजने का मन नहीं था। उसका गोल्ड ब्लैडर का ऑपरेशन हुआ था। फिर भी उसे भेजना पड़ा। सोमवार रात सूचना मिली कि रौशनी की तबीयत खराब है। बेटी की हत्या कर नाती को गायब कर दिया संगीता देवी ने आगे बताया कि जब वहां पहुंची तो बेटी की मौत हो चुकी थी। बेड पर लाश पड़ी थी। घर में कोई नहीं था। डेढ़ साल का नाती है, उसे भी साथ ले गए। तुरंत दामाद को फोन किया। उन्होंने कहा कि आने में कम से कम 3 दिन लगेंगे। पैसे के लिए ही मेरी बच्ची को मार डाला। अगर हत्या नहीं हुई है तो घर से भागना नहीं चाहिए। आवेदन के आधार पर की जाएगी कार्रवाई वहां, एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि विवाहिता की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। ताकि मौत का सही कारण स्पष्ट हो सके। ससुराल के लोग फरार है। मायके पक्ष से अभी आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले के लघु सचिवालय परिसर में सोमवार शाम एक सिक्योरिटी गार्ड की बंदूक से अचानक गोली चल गई। यह घटना लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित एटीएम में कैश डालते समय हुई। बंदकू से निकली गोली दीवार में जा लगी, हालांकि इसमें कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। एक निजी कैश मैनेजमेंट कंपनी की टीम एटीएम में नकदी डालने के लिए लघु सचिवालय पहुंची थी। टीम में सिक्योरिटी गार्ड राकेश भी शामिल था, जिसके पास 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक थी। बताया जाता है कि गार्ड ने बंदूक को कंधे से उतारकर जमीन पर रखा, तभी अचानक फायर हो गया। बंदूक पहले से लोडेड थी और संभवतः जमीन पर रखने के दौरान ट्रिगर दबने से गोली चली, जो दीवार में जा लगी। गोली चलने से मचा हड़कंप घटना के समय वहां कुछ लोग मौजूद थे। हालांकि, गोली किसी व्यक्ति को नहीं लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। घटना की सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच अधिकारी एएसआई अशोक कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार, यह फायरिंग अनजाने में हुई है। गार्ड के पास लाइसेंसी बंदूक थी और इसमें कोई आपराधिक मंशा सामने नहीं आई है। गार्ड ने भी अपनी गलती स्वीकार की है। पुलिस ने पूछताछ के बाद गार्ड और टीम को छोड़ दिया है, लेकिन मामले की जांच जारी है।
प्रतापगढ़ में एसपी के निर्देश पर कालिका पेट्रोलिंग यूनिट द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पांच इमली में बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और आपात स्थिति में सही कदम उठाने की जानकारी दी गई। आत्मरक्षा के तरीके बताए प्रशिक्षण सत्र में बालिकाओं को आत्मरक्षा के आसान तरीकों का अभ्यास कराया गया, ताकि वे विपरीत परिस्थितियों में अपनी रक्षा कर सकें। उन्हें राजकोप सिटीजन ऐप के उपयोग और लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। गुड टच और बैड टच के बारे में बताया कार्यक्रम में छात्राओं को 'गुड टच' और 'बैड टच' के बारे में समझाया गया। राज्य स्तर पर चल रहे 'ऑपरेशन गरिमा' के तहत छेड़छाड़ और अनैतिक व्यवहार से बचाव के उपाय भी बताए गए। आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जैसे 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, गरिमा हेल्पलाइन 1090 और साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी देकर उनके उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। बालिकाओं को पोक्सो एक्ट, घरेलू हिंसा और कार्यस्थल पर शोषण के विरुद्ध कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया गया। उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों से बचने, सतर्क रहने और ऐसे मामलों में होने वाली कानूनी कार्यवाही व दुष्परिणामों की भी जानकारी दी गई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में सही निर्णय लेकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
'आधी आबादी' के हक की लड़ाई में सड़क पर उतरे सीएम योगी, लखनऊ से जन आक्रोश महिला पदयात्रा की शुरुआत
Lucknow Jan Akrosh Mahila Padyatra: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया।
कानपुर 'जू' में समर डाइट प्लान:रोज 100 किलो फल-सब्जियां, तरबूज सबसे ज्यादा पसंद कर रहे जानवर
बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का असर अब कानपुर चिड़ियाघर के जानवरों की डाइट पर भी दिखने लगा है। प्रशासन ने वन्य जीवों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए उनकी ‘समर डाइट’ शुरू की है। इसके तहत रोजाना करीब 100 किलो ककड़ी, खीरा, खरबूजा और तरबूज जानवरों को खिलाया जा रहा है। चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक सबसे ज्यादा तरबूज का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। हिप्पो, हिरन और गैंडे इसे बड़े चाव से खा रहे हैं। डॉक्टर बोले- गर्मी के हिसाब से बदली डाइटजू के डॉक्टर नासिर ने बताया कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे जानवरों की डाइट में जूस वाले फलों की मात्रा बढ़ाई गई है। शाकाहारी जानवरों को खास तौर पर खरबूजा, तरबूज, खीरा और ककड़ी दी जा रही है, ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो। रोजाना तय मात्रा में दी जा रही डाइटजानकारी के अनुसार हिप्पो और गैंडे को रोजाना 5 से 6 किलो तक तरबूज दिया जा रहा है। वहीं अन्य शाकाहारी जानवरों को 2 से 3 किलो खीरा और ककड़ी खिलाई जा रही है। इसके अलावा मौसमी सब्जियों में लौकी, तोरई और कद्दू भी डाइट में शामिल किए गए हैं, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे जानवरों को गर्मी से राहत मिल सके। फलों को साफ कर और ठंडा होने के बाद खिलाया जाता हैडॉ. नासिर ने बताया-हर सुबह फल मंडी से ताजे फल और सब्जियां मंगवाई जाती हैं। कीपर पहले इन्हें अच्छी तरह साफ करते हैं, फिर करीब एक घंटे तक पानी में ठंडा किया जाता है, ताकि जानवरों को ठंडे और ताजे फल मिल सकें।
मुंबई पुलिस ने टीएमसी सांसद व पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान के ससुर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जानें क्या है पूरा मामला और उन पर क्या लगे हैं आरोप।
राजपुर में सड़क हादसे में युवक की मौत:शादी से लौटते समय बाइक खंभे से टकराई, साथी की हालत गंभीर
बलरामपुर में राजपुर-बकसपुर मुख्य मार्ग पर सोमवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। इस घटना में बाइक पर पीछे बैठा उसका साथी मामूली रूप से घायल हो गया। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। मृतक की पहचान झींगों कर्रा रोड निवासी अजीत प्रजापति (24) के रूप में हुई है। वह अपने साथी अंकित प्रजापति (23), निवासी ग्राम झींगों के साथ राजपुर आया था। दोनों युवक नगर पंचायत के वार्ड 03 पैंकरा मोहल्ला, राजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने गांव लौट रहे थे। शादी समारोह से लौट रहे थे शादी समारोह से लौटते समय वे बाइक से राजपुर-बकसपुर मुख्य मार्ग होते हुए झींगों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रात करीब 12 बजे उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। बाइक पहले एक सीमेंट के खंभे से टकराई और फिर स्ट्रीट लाइट के खंभे से जा भिड़ी। मौके पर तोड़ा दम टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक अजीत प्रजापति गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत सहायता पहुंचाई, लेकिन अजीत की हालत बेहद नाजुक थी और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पीछे बैठे अंकित प्रजापति को हल्की चोटें आईं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
करनाल जिले के गांव गोंदर में सूरज हत्याकांड को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान एससी समाज पर कथित अभद्र टिप्पणी का मामला अब तूल पकड़ गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में एससी समाज के लोग जिला सचिवालय पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक केस दर्ज नहीं होता और संबंधित महिला सार्वजनिक माफी नहीं मांगती, तब तक वे सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे रहेंगे। सचिवालय के बाहर डटे प्रदर्शनकारी मंगलवार को एससी समाज के लोग एकजुट होकर करनाल के जिला सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की टिप्पणियां पूरे समाज का अपमान हैं और इससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत एफआईआर दर्ज करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की। भीड़ में शामिल लोगों की टिप्पणियां निसिंग निवासी जसबीर कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं। उन्होंने बताया कि बीती 19 अप्रैल को गांव गोंदर में सूरज की हत्या के मामले में कार्रवाई को लेकर उसके परिवार के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने एससी समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की। कुलदीप राणा पर भड़काऊ बयान देने का आरोप शिकायत के अनुसार, गांव गोंदर के कुलदीप राणा ने भीड़ के बीच एससी समाज को निशाना बनाते हुए कहा कि “हमने चूड़ियां नहीं पहन रखी, हम भी राजपूत हैं और पूरे गांव को खाली करवाने का दम रखते हैं। आरोप है कि उसने एससी समाज को नीचा दिखाने के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और माहौल को भड़काने की कोशिश की। महिलाओं के खिलाफ की टिप्पणी करनाल में एडवोकेट सोनिया तंवर के अनुसार, उसी भीड़ में गोंदर निवासी रानी देवी ने भी एससी समाज की महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की। आरोप है कि उसने महिलाओं को निशाना बनाते हुए अपमानजनक और आपत्तिजनक शब्द कहे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया। लोगों को गाली देते हुए दी धमकी शिकायत में कहा कि अजय उर्फ वासू पुत्र उदय सिंह निवासी गोंदर ने भीड़ में एससी समाज के लोगों को गाली देते हुए धमकी दी। आरोप है कि उसने हिंसा भड़काने और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। इसके अलावा 2-3 अन्य लोगों पर भी जान से मारने और मारपीट की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी, कि अगर आरोपियों के खिलाफ जल्द मामला दर्ज नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों को सजा दिलाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी आज किशनगंज पहुंच रहे हैं। वे यहां घुसपैठ, तस्करी, भ्रष्टाचार, सीमा सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करेंगे। यह दौरा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में इन विषयों पर राज्य सरकार की बढ़ती सक्रियता के बीच हो रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सत्ता संभालने के बाद से ही घुसपैठ, भ्रष्टाचार और तस्करी के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। राज्य सरकार की विभिन्न जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही हैं। भारत-नेपाल सीमा पर घुसपैठियों की पहचान, अतिक्रमण हटाने और सीमावर्ती गांवों के विकास की तैयारियां भी जोरों पर हैं। उच्चाधिकारियों का यह दौरा इसी क्रम में हो रहा है। अधिकारियों के साथ घुसपैठ पर चर्चा इससे पहले फरवरी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांचल का दौरा किया था और किशनगंज आए थे। उन्होंने सेना तथा प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर घुसपैठ पर चर्चा की थी। उस समय तत्कालीन गृह मंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उनके साथ मौजूद थे। भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री के निर्देशों पर कार्रवाई तेज हुई है। जिला प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा से सटे नो-मैंस लैंड में अतिक्रमित जमीन खाली कराई है। सीमा पर ध्वस्त पिलरों और अन्य मुद्दों पर हाल ही में सिलीगुड़ी में भारत-नेपाल के अधिकारियों की बैठक भी हुई थी। 22 गांवों में 218 योजनाएं शामिल सीमा क्षेत्र के विकास के लिए 'वाइब्रेंट विलेज योजना' को गति दी जा रही है। इस योजना के तहत किशनगंज सहित सीमांचल के 22 गांवों में 218 योजनाएं शामिल की गई हैं। इनके लिए 112 करोड़ रुपये का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, जिससे सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। मुख्य सचिव और डीजीपी ने हाल ही में रक्सौल में भी एक बैठक की थी। इसमें घुसपैठ, तस्करी, भ्रष्टाचार पर चर्चा के साथ 'वाइब्रेंट विलेज योजना' की समीक्षा की गई थी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन मुद्दों पर सख्त रुख अपनाए हुए हैं। सीमांचल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की जांच एजेंसियां सक्रिय हैं। किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बाद पूर्व नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर भी कार्रवाई की गई है।
आगरा के मानस नगर स्थित लेंसकार्ट के आउटलेट पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। हिंदूवादी संगठन के नेता और कार्यकर्ता यहां काम कर रहे कर्मचारियों को कलावा, तिलक, कड़ा और पगड़ी पहनाने के लिए पहुंचे। लेकिन सूचना मिलते ही हिंदूवादी कार्यकर्ताओं से पहले मौके पर पुलिस पहुंच गई और आउटलेट के अंदर जाने से रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता जबरन अंदर जाने और कर्मचारियों को तिलक-कलावा पहनाने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें रोक दिया। हिंदूवादियों की एक न चल सकी। इसके बाद आउटलेट में एंट्री न मिलने पर कार्यकर्ताओं ने बाहर ही विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने लेंसकार्ट के पोस्टर सड़क पर गिरा कर उन पर जूते मारे। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राहगीरों और ग्राहकों से अपील की कि वे लेंसकार्ट से चश्मा न खरीदें। उनका आरोप था कि कंपनी हिंदू संस्कृति का सम्मान नहीं करती। पुलिस ने समझा-बुझाकर सभी कार्यकर्ताओं को शांत कराया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आउटलेट के बाहर पुलिस तैनात कर दी गई है। क्या है पूरा मामला एक महिने पहले लेंसकार्ट कंपनी ने ड्रेस कोड को लेकर नई पॉलिसी जारी की थी। इसमें लेंसकार्ट स्टोर में कर्मचारियों को माथे पर तिलक, बिंदी, कलावा और हाथों में कलावा पहनने के लिए मना किया था। इसके बाद देश भर में लेंसकार्ट विरोध हुआ। हालाकि विरोध के बाद लेंसकार्ट बैक फुट आ गई। अब कंपनी ने नए पॉलिसी जारी की है। क्या है नई ड्रेस कोड गाइडलाइन?नई गाइडलाइन के मुताबिक कर्मचारियों को कंपनी की टी-शर्ट, साधारण गहरे नीले रंग की जींस और बंद जूते पहनना होगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक और धार्मिक चीजें जैसे कड़ा, चूड़ियां, मंगलसूत्र, कलावा पहनने की अनुमति दी गई है। छोटे झुमके, नथ, अंगूठी और चेन भी पहन सकते हैं। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि बिंदी, तिलक और सिंदूर जैसे धार्मिक चिन्ह पूरी तरह से मान्य हैं। वहीं पगड़ी और हिजाब जैसे सिर ढकने वाले कपड़े भी पहनने की अनुमति है, बशर्ते वे साफ-सुथरे हों और काम में बाधा न डालें। कंपनी ने यह भी कहा कि वह प्रोफेशनल माहौल, साफ-सफाई और सभी कर्मचारियों के साथ बराबरी का व्यवहार बनाए रखेगी। कर्मचारियों को यह भरोसा भी दिया गया है कि वे बिना डर के अपनी शिकायत एचआर से कर सकते हैं।
हरदोई में मंगलवार की सुबह बाइक सवार दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना पचदेवरा थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेस-वे की सर्विस लेन पर सेढामऊ अंडरपास के पास हुई। हादसे के बाद दंपती की तीन माह की बच्ची उनके शवों के पास रोती हुई मिली। पुलिस के मुताबिक, एक अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। इस टक्कर से पति-पत्नी दोनों सड़क पर गिर गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तीन माह की बच्ची को मामूली चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद महिलाओं ने बच्ची को गोद में लेकर संभाला। मृतकों की पहचान शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के नथी नगला गांव निवासी 22 वर्षीय सियाराम और उनकी 20 वर्षीय पत्नी नीलम के रूप में हुई है। सियाराम अपने ननिहाल पचदेवरा थाना क्षेत्र के गहवरा गांव में रहते थे। उनके भाई सीताराम ने बताया कि सियाराम अपनी पत्नी और बेटी के साथ सोमवार सुबह नथी नगला गांव में एक पारिवारिक शादी में शामिल होने गए थे। मंगलवार सुबह वे बाइक से वापस लौट रहे थे। सियाराम लखनऊ में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे और कुछ दिन पहले ही गांव आए थे। बताया गया है कि सियाराम बिना हेलमेट के बाइक चला रहे थे और बच्ची नीलम की गोद में थी। टक्कर के बाद दोनों पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर एंबुलेंस और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष शिव नारायण सिंह ने बताया कि मृतक के भाई सीताराम की तहरीर पर अज्ञात वाहन पर रिपोर्ट दर्ज कर की है। मामले की जांच कर रहे हैं। सियाराम के भाई सीताराम ने बताया कि सियाराम की शादी 3 मई 2023 को हुई थी। अगले माह उनकी पहली शादी की वर्षगांठ थी, जिसे वे धूमधाम से मनाने की योजना बना रहे थे। परिवार के अन्य सदस्य भी उन्हें विशेष उपहार देने की तैयारी में थे।
बूंदी जिले में एक पटवारी पर जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी की जांच में यह मामला प्रमाणित पाया गया है। यह मामला 22 जनवरी 2026 को शुरू हुआ, जब सुमेरगंज मंडी निवासी लक्ष्मीचंद मीणा ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। मीणा ने बताया कि उनकी खातेदारी जमीन के बंटवारे को राजस्व रिकॉर्ड में ऑनलाइन दर्ज कराने के लिए हल्का पटवारी रामकिशन मीणा ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता के अनुसार पटवारी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष राशि के लिए दबाव बना रहा था। एसीबी ने सत्यापन कराया, रिश्वत मांगने की पुष्टि हुईशिकायत मिलने के बाद एसीबी टीम ने गोपनीय सत्यापन किया। डिजिटल वॉइस रिकॉर्डर के माध्यम से हुई बातचीत में पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। रिकॉर्डिंग में 10 हजार रुपए की मांग और 5 हजार रुपए पहले लेने की बात स्पष्ट रूप से सामने आई। ट्रैप कार्रवाई नहीं हो पाई सफलएसीबी ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। परिवादी को कलर लगे 5 हजार रुपए दिए गए। टीम ने कई बार जाल बिछाया, लेकिन पटवारी हर बार बहाने बनाकर मौके पर नहीं पहुंचा। उसने कभी फोन नहीं उठाया, तो कभी जयपुर में होने का दावा किया। अंततः आरोपी लंबी छुट्टी पर चला गया, जिसके कारण ट्रैप कार्रवाई सफल नहीं हो सकी। एसीबी ने केस दर्ज कियाहालांकि ट्रैप कार्रवाई सफल नहीं हो पाई, लेकिन एसीबी ने डिजिटल रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पटवारी रामकिशन मीणा के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच एसीबी के उप अधीक्षक पुलिस हरीश भारती को सौंपी गई है। परिवादी को लौटाई गई रिश्वत राशिट्रैप असफल रहने के बाद परिवादी ने एसीबी से अपनी राशि वापस लौटाने की मांग की। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 5 हजार रुपए वापस लौटा दिए गए।एसीबी अधिकारियों ने कहा कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
बैतूल जिले के आठनेर थाना क्षेत्र में युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। युवक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है ग्राम धामोरी के रहने वाले उमेश सोमनाथ (35 साल) की अज्ञात हमलावरों ने पेट पर बेरहमी से कई वार किए। जानकारी के अनुसार, उमेश सोमवार रात में खाना खाने के बाद घर से निकला था। कुछ लोगों द्वारा उसे घर से बुलाकर ले जाने की बात सामने आई है। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। इसके बाद देर गंभीर हालत में सड़क किनारे पड़ा मिला। उमेश के पेट और गले पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे इसके निशान उसके शरीर पर मिले। सावंगी रोड पर गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर पड़ा मिला। ऑटो चालक ने दी सूचनाएडिशनल एसपी कमला जोशी के अनुसार, एक ऑटो चालक ने सड़क पर पड़े युवक को देखकर परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे रात को ही आठनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है। वह राजमिस्त्री का काम करता था। मंगलवार को उमेश का पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस और एफएसएल टीम जांच में जुटीघटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी कमला जोशी और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों की तलाश कर रही है, जिन पर मृतक को घर से बुलाकर ले जाने का शक है।
महराजगंज में ऑनलाइन जूते पर विवाद:बड़े भाई ने छोटे भाई की कैंची से की हत्या
महराजगंज के घुघली थाना क्षेत्र के चौमुखा नौका टोला में ऑनलाइन मंगाए गए जूतों को लेकर हुए विवाद में एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की कैंची से हत्या कर दी। यह घटना बीते सोमवार को हुई। पुलिस के अनुसार, सूरज शर्मा (बड़ा भाई) और लक्ष्मण शर्मा (छोटा भाई) के बीच पहले जूता पहनने को लेकर बहस हुई। विवाद इतना बढ़ गया कि बड़े भाई सूरज ने कैंची से छोटे भाई लक्ष्मण पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृत किशोर के पिता उपेंद्र शर्मा ने बताया कि उनके दोनों बेटों में कभी झगड़ा नहीं होता था और वे शांत स्वभाव के थे। इस घटना से गांव वाले भी हैरान हैं, क्योंकि दोनों भाइयों को मिलनसार माना जाता था। गांव में इस बात की चर्चा है कि एक छोटी सी बात पर ऐसी हिंसक प्रवृत्ति चिंता का विषय है। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मेंद्र कमला ने इस तरह की हिंसक प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किशोरों में बढ़ती उग्रता और हिंसा समाज के लिए गंभीर विषय है। डॉ. कमला के अनुसार, सोशल मीडिया और किशोरावस्था में रसायनों के रिएक्शन भी ऐसी स्थिति उत्पन्न कर सकते हैं। उन्होंने माता-पिता को बच्चों को अच्छे संस्कार देने और उनकी गतिविधियों, विशेषकर मोबाइल व इंटरनेट के उपयोग पर निगरानी रखने की सलाह दी। अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ ने बताया कि इस मामले में विधिक कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आरोपी नाबालिग है।
बड़वानी जिले में भीषण गर्मी के बीच तापमान की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। तलून स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की मौसम इकाई तीन सप्ताह से बंद पड़ी है, जिससे जिले का तापमान अनाधिकृत आंकड़ों के भरोसे चल रहा है। लोग तापमान जानने के लिए मोबाइल ऐप पर निर्भर हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। दोपहर 12 बजे तक मुख्य मार्गों और मोहल्लों में गर्मी के कारण सन्नाटा छा गया। आधिकारिक मौसम इकाई बंद होने के बावजूद जिला प्रशासन ने अब तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की है। भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री कमलसिंह तोमर ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बड़वानी जिला कृषि प्रधान है और किसानों को फसलों की देखभाल के लिए दिन-रात के तापमान तथा मौसम के पूर्वानुमान की सटीक जानकारी आवश्यक होती है। 1 अप्रैल से यह जानकारी न मिलने से किसानों को दिक्कतें आ रही हैं। तोमर ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी के दौरान स्वास्थ्य विभाग भी समय पर एडवाइजरी जारी करने या राहत उपाय सुझाने में असमर्थ रहेगा। उन्होंने कलेक्टर से मिलकर तलून में स्थापित मौसम इकाई को स्थानीय स्तर पर फिर से शुरू करने की मांग करने की बात कही। मंगलवार को मोबाइल ऐप पर शहर का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उल्लेखनीय है कि करीब डेढ़-दो दशक पहले राजघाट नर्मदा किनारे तापमापी यंत्र से तापमान की जानकारी मिलती थी, जो सरदार सरोवर बांध की डूब के कारण बंद हो गई थी। इसके बाद एक सामाजिक कार्यकर्ता अपनी निजी इकाई से तापमान की जानकारी जुटाते थे। वर्ष 2019 से भारत मौसम विभाग द्वारा तलून में मौसम इकाई शुरू की गई थी, जिससे गर्मी, वर्षा और ठंड के दिनों में तापमान की स्पष्ट जानकारी मिलने लगी थी, जो अब बंद है। जिससे किसान व आमजन अपनी रोजमर्रा के कामकाजों में सावधानी बरतने व राहत-बचाव कामों को अंजाम देते थे। मगर 1 अप्रैल से उसे भी बंद कर दिया गया है।
दौसा में चलती इलेक्ट्रिक स्कूटी में आग लग गई। स्कूटी में शॉर्ट सर्किट हुआ और धुआं उठने लगा। इतने में स्कूटी सवार युवक ने कूदकर अपनी जान बचा ली। घटना लालसोट क्षेत्र के डिडवाना गांव में स्टेट हाईवे 24 पर मंगलवार सवेरे की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में आस-पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखें PHOTOS शार्ट-सर्किट के बाद धुआं उठने लगारामगढ़ पचवारा निवासी लोकेश सैनी ने बताया- वो अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से लालसोट दही लेने जा रहा था। इस दौरान धाकड़ा ढाणी के पेट्रोल पंप के पास अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण स्कूटी से धुआं उठने लगा। कूदकर बचाई जानलोकेश स्कूटी से कूदकर साइड में खड़ा हो गया। देखते ही देखते स्कूटी जलने लगी और कुछ ही समय में पूरी तरह खाक हो गई। हाईवे पर स्कूटी जलती देख आस-पास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। चाट का ठेला लगाता है युवकलोकेश सैनी ने बताया- वो रामगढ़ पचवारा में चाट का ठेला लगाता है और रोजमर्रा के सामान के लिए स्कूटी का इस्तेमाल करता है। मंगलवार को चाट के लिए दही लेने लालसोट जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया लोकेश सैनी ने बताया कि उन्होंने यह होंडा की नई स्कूटी करीब दो महीने पहले ही रामगढ़ पचवारा से फाइनेंस पर खरीदी थी।
सीएम योगी का मितौली दौरा स्थगित:बंगाल जनसभाओं, हरदोई में पीएम कार्यक्रम की व्यस्तता बनी वजह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लखीमपुर खीरी के मितौली कस्बे में प्रस्तावित दौरा फिलहाल अगली सूचना तक स्थगित कर दिया गया है। यह कार्यक्रम कस्ता विधानसभा क्षेत्र में होना था। प्रशासन ने इस संबंध में 21 अप्रैल को सूचना जारी की। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं। मितौली तहसील के पास स्थित मैदान में पंडाल भी लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका था। जिला प्रशासन लगातार कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर रहा था। मुख्यमंत्री का आगमन 23 अप्रैल को संभावित था। इस दौरान उन्हें विधानसभा की योजनाओं का लोकार्पण करना था और मितौली तहसील में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम में भी शामिल होना था। यह जानकारी पूर्व सांसद जुगल किशोर ने दी थी। कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि कार्यक्रम पहले सुनिश्चित था, लेकिन कुछ परिस्थितियों के कारण इसे टाल दिया गया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की पश्चिम बंगाल में लगातार जनसभाएं और कार्यक्रमों की व्यस्तता के साथ-साथ हरदोई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम की तैयारियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। इस कार्यक्रम के चलते प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। फिलहाल, मितौली में मुख्यमंत्री के दौरे की नई तिथि घोषित नहीं की गई है। स्थानीय जनता और कार्यकर्ताओं को अगली सूचना का इंतजार है।
Women Reservation Bill Protest: लखनऊ में बीजेपी-एनडीए का महाशक्ति प्रदर्शन, विपक्ष के खिलाफ जनाक्रोश
महिला आरक्षण पर लखनऊ में नारी शक्ति की हुंकार, सीएम योगी के नेतृत्व में निकला विशाल आक्रोश मार्च
गाजीपुर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) अफीम फैक्ट्री के फायर स्टेशन परिसर में अग्निशमन सेवा सप्ताह का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट किशोर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सीआईएसएफ की अग्नि शाखा और सुरक्षा शाखा के सभी जवान मौजूद रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता को मजबूत करना था। इस दौरान सीआईएसएफ के अग्निशमन दस्ते ने विभिन्न प्रकार के लाइव डेमो प्रस्तुत किए, जिन्होंने उपस्थित लोगों को प्रभावित किया। टीम ने भूकंप जैसी आपदा में बचाव कार्य की ड्रिल का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, इलेक्ट्रिकल पैनल में लगी आग, ट्रांसफार्मर फायर और अन्य अग्निशमन तकनीकों का भी प्रदर्शन किया गया। इन प्रदर्शनों के माध्यम से यह दर्शाया गया कि समय रहते सही कदम उठाकर बड़ी दुर्घटनाओं को कैसे टाला जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन अग्नि शाखा प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार मिश्रा ने किया। उन्होंने पूरे सप्ताह चले फायर सेफ्टी अभियान, प्राथमिक अग्निशमन प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल की विस्तृत जानकारी साझा की। अंत में, मुख्य अतिथि किशोर कुमार ने सीआईएसएफ अग्नि शाखा के कार्यों की सराहना की। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन करने और दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति सदैव सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
सीएम योगी की रैलियां, अखिलेश का विजन इंडिया और बीजेपी की जनआक्रोश पदयात्रा
छतरपुर जिले में इन दिनों गैस सिलेंडर के लिए उपभोक्ताओं को भारी भीड़ का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि सिलेंडर लेने के लिए लोगों को देर रात से ही लाइन में लगना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता तो चटाई और बिस्तर लेकर गैस गोदाम के बाहर ही रात गुजार रहे हैं, ताकि सुबह ऑनलाइन नंबर में उनका स्थान आगे आ सके। जिला मुख्यालय के पन्ना रोड, रेलवे स्टेशन के पास स्थित स्वरूप गैस एजेंसी पर हाइवे किनारे सिलेंडरों की लंबी कतारें सुबह से ही नजर आ रही हैं। कुछ लोग सुबह 4-5 बजे घर से निकलकर लाइन में लग जाते हैं, जबकि कई उपभोक्ता पिछले दिन शाम से ही डेरा डाल लेते हैं। जमना प्रसाद पटेल ने बताया कि वे रात में ही खाना खाकर गोदाम के सामने पहुंच गए थे और पूरी रात इंतजार किया, ताकि सुबह सबसे पहले नंबर मिल सके। हालांकि, रात से सुबह होने पर भी लाइन में लगे होने के बावजूद 10 बजे तक एजेंसी और गोदाम खुलने का कोई भरोसा नहीं था। उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि इतनी मेहनत के बाद भी गैस नहीं मिलती, तो उनकी पूरी रात और दिन दोनों बर्बाद हो जाते हैं। वहीं, महिलाओं को इस व्यवस्था में अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुदामा देवी त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें पुरुषों के साथ ही लाइन में खड़ा होना पड़ता है, जिससे असुविधा होती है और घर के काम भी प्रभावित होते हैं। लाइन में लगी सुदामा देवी त्रिपाठी ने मांग की है कि जैसे अन्य जगहों पर अलग-अलग लाइनें होती हैं, उसी तरह गैस वितरण में भी महिला और पुरुषों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की जानी चाहिए। रंजीत महाराज सहित अन्य उपभोक्ताओं ने भी व्यवस्था सुधारने और समय पर एजेंसी खोलने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो समस्या और गंभीर हो सकती है।
सुल्तानपुर जिले में आईएएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को नए जिलाधिकारी का कार्यभार संभाला। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में प्रशासन की प्राथमिकताओं और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपना दृष्टिकोण स्पष्ट किया। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाएं और प्राथमिकताएं सुल्तानपुर में गंभीरता से लागू की जाएंगी। उन्होंने पूर्व जिलाधिकारी कुमार हर्ष से भेंट किया और कहा उनके द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों और परियोजनाओं को गति देने का भी आश्वासन दिया। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले की वर्तमान स्थिति और चल रहे प्रोजेक्ट्स का फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने आम जनता की समस्याओं के समाधान को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा, जनता की शिकायतों (IGRS) और अन्य माध्यमों से आने वाली समस्याओं का शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाएगा। राजस्व न्यायालयों के मामलों को भी गंभीरता से लिया जाएगा ताकि लोगों को समय पर न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों का हवाला देते हुए डीएम ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकारियों को समय पर कार्यालय में उपस्थित होकर जनता की समस्याओं को सुनना होगा। कार्यों में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरटीओ, सीडीओ और डीपीआरओ जैसे विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतों पर पूछे गए सवाल के जवाब में जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही सभी टीमों के साथ बैठक करेंगे और प्राप्त इनपुट के आधार पर सख्त कार्रवाई करेंगे। उन्होंने दोहराया कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है और इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जिला कोषागार में अपना कार्यभार संभाला। इस अवसर पर सीडीओ विनय कुमार सिंह, एडीएम गौरव शुक्ला, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह, सीआरओ बाबूराम, एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लाल चंद्र सरोज सहित अन्य अधिकारियों ने बुके देकर उनका स्वागत किया।
कोटा शहर और आस-पास के इलाकों में आज आग लगने की 4 घटना हुई। ये घटनाएं शंभुपुरा इलाके, खेड़ा रामपुर गांव, नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड और कुन्हाड़ी इलाके में हुई। फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने समय रहते मौके पर जाकर आग को बुझाया। चारों जगह संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। दमकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें और ज्वलनशील पदार्थों को सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकें। आगजनी की घटनाएं- पहली घटना- हाईड्रा मशीन में लगी आग मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास ने बताया कि शंभुपुरा इलाके में एक हाईड्रा मशीन में आग लग गई। आग मशीन के इंजन वाले हिस्से में लगी थी, जो देखते ही देखते तेज हो गई। सूचना पर नगर निगम की फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंची। एक दमकल आर्मी को भी बुलाया गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि मशीन को काफी नुकसान पहुंचा है। दूसरी घटना- मकान के खाली हिस्से में आग भभकी रामपुर गांव में एक मकान के खाली परिसर में रखे भूसे के ढेर में आग भभकी। आग पास में रखे छानों तक फैल गई, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद फायर बिग्रेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची। आग को फैलने से पहले ही काबू में कर लिया गया था। तीसरी घटना- ट्रेचिंग ग्राउंड में लगी आग नांता स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में भी एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई। यहां कचरे के ढेर में आग लगना आम होता जा रहा है। लगभग हर दूसरे दिन ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। मंगलवार सुबह भी कचरे से धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद वहां तैनात फायर बिग्रेडकर्मियों ने आग को बुझाया। चौथी घटना- बल्लियों के गोदाम में लगी आग कुन्हाड़ी इलाके में बल्लियों के एक गोदाम में आग लग गई। गोदाम के अंदर से धुआं निकलता देख आस-पास के लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची टीम ने पहले क्रेन की सहायता से शटर को तोड़ा। फिर अंदर घुसकर आग बुझाने की कोशिश की। इस दौरान फायर बिग्रेड की 3 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया, जिसके बाद आग को बुझाया गया।
वाराणसी के उदय प्रताप कालेज (UP कालेज) के छात्रों ने मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखा। छात्र कॉलेज के हुई हत्या के मामले में आरोपी की जेल बदलने, उसके भाई को गिरफ्तार करने और जांच कमेटी बदलने की मांग कर रहे थे। बता दें 20 मार्च की सुबह यूपी कालेज में गोली मारकर छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या कर दी गई थी। छात्र की हत्या कालेज के ही छात्र मंजीत सिंह ने की और फरार हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा है। छात्रों का आरोप है कि वह जेल से ही धमकी भी दे रहा है। देखिए खून से लेटर लिखने की तस्वीरें… अभी तक नहीं शुरू हुई जांच पूर्व छात्र नेता प्रतीक सिंह ने बताया - यूपी कालेज छात्र सूर्य प्रताप की हत्या को एक महीना बीत गया पर पुलिस प्रशासन ने कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की। सिर्फ आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में डीएम ने जो जांच कमेटी बनाई थी उसने अभी तक जांच ही नहीं शुरू की है। ऐसे में छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। आरोपी का भाई दे रहा धमकी प्रतीक ने आरोप लगाया कि आरोपी का भाई लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर लोगों को जातिसूचक बातें कह रहा है। साथ ही धमकी भी दे रहा है। जिस तरह उसने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया उससे साफ पता चलता है कि उसे हत्या होने वाली है इसके बारे में पता था फिर भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। ऐसे में आज हम लोगों ने खून से यह पत्र लिखा है। हमे मिल रही जान से मारने की धमकी पूर्व छात्र चंदन सिंह ने लेटर के लिए अपना कोन दिया और कहा कि मुझे लगातार धमकी दी जा रही है। कहा जा रहा मुकदमा वापस करवा दो वरना जान से हाथ धो बैठोगे। लेकिन पुलिस प्रशासन हमारी कोई मदद नहीं कर रहा है। हमारी मांग है कि उसका जेल बदला जाए और मंडल के बाहर उसका।जेल किया जाए तक हम लोग भयमुक्त होकर जी सकें।
विजन इंडिया में अखिलेश यादव का किसान संवाद आज हर कदम संघर्ष, क्यों पीड़ित, क्यों परेशान?
डीग में सदर थाना क्षेत्र के बहताना गांव में पानी भरने को लेकर हुए विवाद में एक प्रेग्नेंट महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे डीग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को हिरासत में लिया है। गांव में मंगलवार सुबह मोहित परमार पानी भरने गया था, तभी फतेह सिंह पक्ष के लोगों ने मोहित (28) के साथ मारपीट शुरू कर दी। जब मोहित की पत्नी रुचि (20), जो 7 महीने की गर्भवती थी, अपने पति को बचाने आई, तो फतेह सिंह के लोगों ने उसके साथ भी मारपीट की। 1 साल पहले हुई थी शादीमोहित के अनुसार, रुचि की 2 बड़ी बहनों की शादी इसी गांव में उनके चाचा के लड़कों से हुई है। रुचि की शादी करीब 1 साल पहले मोहित से हुई थी। फतेह सिंह पक्ष के लोग मोहित की शादी का विरोध कर रहे थे और तभी से मोहित के परिवार से दुश्मनी रखते हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटीघटना की सूचना मोहित ने एसपी शरण गोपीनाथ कांबले को दी। सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस बहताना गांव पहुंची और मामले की जानकारी ली। घायल रुचि को तुरंत डीग जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।सदर थाने के एएसआई गिरधारी लाल ने बताया कि झगड़े की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 4 लोगों को हिरासत में लिया। मोहित ने नामजद लोगों के खिलाफ डीग सदर थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टोंक कोतवाली क्षेत्र में घंटाघर के पास सुभाष बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान के गोदाम में आग लग गई। इसकी सूचना मिलने के करीब 2 घंटे बाद दमकल आई। डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हादसे में 50 लाख रुपए से ज्यादा का इलेक्ट्रॉनिक सामान जल गया। व्यापारी बोला- दमकल समय पर नहीं आई दुकानदार दिनेश जैन ने दमकल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। कहा कि समय पर दमकल आ जाती तो इतना ज्यादा नुकसान नहीं होता। दमकल घटना स्थल तो करीब दो घंटे देरी से पहुंची है। गनीमत यह रही कि आसपास आग जो फैली, वरना यह आग जानलेवा बन सकती थी। साढ़े 3 बजे लगी आग जैन ने बताया- वह हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहते हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के सुभाष बाजार में इलेक्ट्रॉनिक का गोदाम है। उसमें अभी इलेक्ट्रिक सामानों की बिक्री का सीजन होने उसके फुल सामान रखे हुए थे। सोमवार मध्यरात्रि बाद उसमें आग लग गई। करीब साढ़े तीन बजे गोदाम में से धुआं उठता नजर आया। इसकी जानकारी पड़ोसियों को लगी तो उन्होंने मुझे और दमकल के लिए इसकी सूचना कंट्रोल रूम को दी। साढ़े 5 बजे पहुंची दमकल फिर मैं आज अल सुबह करीब 4 बजे घटनास्थल पहुंचा। दमकल दो घंटे बाद साढ़े पांच बजे पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। धुआं और आग की लपटें इतनी तेज थी कि आग पर काबू नहीं पाया गया। फिर एक एक करके तीन दमकल पहुंची और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत पर आज सुबह करीब 7 बजे आग पर काबू पाया गया। लेकिन तब तक 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हो गया, पूरा इलेक्ट्रॉनिक सामान जल गया।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर जिला जेल हरदा में 25 अप्रैल को विशेष स्वास्थ्य परीक्षण एवं विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा के अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित होगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य की जांच करना और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। प्रत्येक कैदी को हेल्थ कार्ड भी प्रदान किया जाएगा। हेल्थ कार्ड में होगी पूरी जानकारी दर्जहेल्थ कार्ड में बीमारी का विवरण, उपचार, खान-पान और सावधानियों से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियां दर्ज होंगी, ताकि कैदियों की स्वास्थ्य स्थिति पर निगरानी रखी जा सके। शिविर में विधिक साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित होगा, जिसमें नालसा और सालसा की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही कैदियों को उनके मामलों की स्थिति बताई जाएगी और जरूरतमंदों को विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) में तैनात डीएसपी योगेश कुमार शर्मा की मंगलवार सुबह फगवाड़ा स्थित अपने सरकारी आवास पर गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, डीएसपी अपनी सरकारी रिवॉल्वर साफ कर रहे थे। इसी दौरान गोली चली और उनके सीने में लगी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच कर रही है कि यह आत्महत्या का मामला है या गलती से गोली चलने से उनकी जान गई। कपूरथला की SP माधवी शर्मा ने कहा है कि परिवार के बयान पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मामला गलती से गोली चलने का ही लग रहा है। तीन दिन पहले ही इनका ट्रांसफर चंडीगढ़ हुआ था। घर में परिवार के साथ मौजूद थे डीएसपी यह घटना सुबह करीब साढ़े 7 बजे की बताई जा रही है। उस समय डीएसपी योगेश कुमार अपने परिवार के सदस्यों, पत्नी, माता-पिता, बेटा और बेटी के साथ घर पर ही मौजूद थे। घटना के बाद उन्हें तुरंत जालंधर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। SSP ने मामले की पुष्टि की कपूरथला के SSP गौरव तूरा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अधिकारी का तीन दिन पहले ही ANTF से चंडीगढ़ स्थित ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (BOI) में तबादला हुआ था। परिवार से मिली जानकारी में बताया गया है कि DSP योगेश कुमार अपने हथियार की सफाई कर रहे थे, तभी गलती से गोली चल गई। SP बोलीं- डॉक्टरों का पैनल पोस्टमॉर्टम करेगा घटना की सूचना मिलते ही SP माधवी शर्मा मौके पर पहुंची थीं। उन्होंने कहा- फगवाड़ा के सदर थाना के अंतर्गत पुलिस क्वार्टर में दुखदायी घटना हुई है। हमारे DSP योगेश कुमार शर्मा की मौत हो गई। वह वर्तमान में चंडीगढ़ में पोस्टेड थे। उनका ANTF से ट्रांसफर हुआ था। SP ने कहा- DSP को नई पोस्टिंग कर अपना हथियार जमा करवाना था। आज सुबह उठकर चाय-नाश्ता कर वह अपना हथियार साफ कर रहे थे। सफाई करते समय एक एक्सीडेंटल फायर हुआ, जो उनके सीने पर लगा। क्वार्टर में मौजूद मुलाजिम उन्हें तुरंत ही अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। SP का कहना है कि आगे की कार्रवाई परिवार के बयानों के आधार पर अमल में लाई जाएगी। सारा पुलिस डिपार्टमेंट उनके परिवार के साथ खड़ा है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है, जहां डॉक्टरों का एक पैनल पोस्टमॉर्टम करेगा।
बिलासपुर में फ्लैट के नाम ट्रांसफर फाइल एक साल तक पेंडिंग रखने पर नाराज युवक शुक्रवार को अफसरों को “याददाश्त बढ़ाने” के लिए बादाम लेकर पहुंच गया। वीडियो वायरल होने के बाद जांच हुई और लापरवाही पाए जाने पर दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद गृह निर्माण मंडल ने जांच कराई। जांच में पता चला कि लापरवाही गंभीर थी। तरुण साहू ने 17 मार्च 2025 को नामांतरण के लिए आवेदन किया था। 11 नवंबर 2025 को सारी प्रक्रिया पूरी कर पत्र भी जारी कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद भी फाइल उन्हें नहीं दी गई और दफ्तर में ही पड़ी रही। यानी काम पूरा होने के बावजूद उन्हें करीब एक साल तक बेवजह चक्कर लगाने पड़े। फाइल गायब होने पर युवक ने किया था अनोखा विरोध दरअसल, फ्लैट के नाम ट्रांसफर की फाइल नहीं मिलने से परेशान और नाराज युवक हाउसिंग बोर्ड ऑफिस आधा किलो बादाम लेकर पहुंच गया था। युवक ने स्टेट मैनेजर की टेबल पर बादाम फेंकते हुए कहा, “इसे खाइए, याददाश्त बढ़ेगी। जब याद आ जाए कि मेरी फाइल कहां है, तो मुझे बता दीजिए।” 2 अधिकारी मुख्यालय अटैज, कड़ी कार्रवाई का दावा इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए विभाग ने सख्त कार्रवाई का दावा किया है। संपदा अधिकारी-कार्यपालन अभियंता एलपी बंजारे और संपदा प्रबंधक दोनों को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय, नवा रायपुर अटैच कर दिया गया है। गृह निर्माण मंडल के आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि आम नागरिकों के काम में देरी और लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महिला अफसर ने की शिकायत वीडियो वायरल होने के बाद हाउसिंग बोर्ड ऑफिस की एक महिला अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एसपी ऑफिस पहुंच गए और वीडियो बनाने वाले युवक पर ही आरोप लगाने लगे। उन्होंने जातिगत गाली देने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। यह भी आरोप है कि अपनी लापरवाही छिपाने के लिए इस तरह की शिकायत की गई। फिलहाल उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर चल रहा वार इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप जारी है। हाउसिंग बोर्ड की महिला अधिकारी का कहना है कि उन्हें सुनवाई का मौका दिए बिना कार्रवाई की गई। वहीं युवक ने भी महिला की शिकायत के जवाब में वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा है।
अंबाला में बीए की छात्रा लापता:सुबह बिना बताए घर से निकली, तलाश पर नहीं लगा कोई सुराग
अंबाला जिले के पंजोखरा साहिब क्षेत्र के गांव कलरेहड़ी से एक 19 वर्षीय बीए प्रथम वर्ष की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। छात्रा 20 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे अपने घर से बिना बताए निकली थी। परिजनों ने बताया कि पहले उन्हें लगा कि छात्रा किसी काम से बाहर गई होगी। हालांकि, काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो उनकी चिंता बढ़ गई। उन्होंने अपने स्तर पर आस-पड़ोस और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। तलाश के बावजूद नहीं चला पता इस दौरान सभी संभावित ठिकानों पर तलाश करने के बाद भी जब छात्रा का पता नहीं चला, तो परिजनों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी है। परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत लापता छात्रा की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की उम्र 19 वर्ष है। उसका रंग सांवला, चेहरा लंबा और शरीर पतला है। उसके माथे पर जले का एक निशान है और कद लगभग 5 फुट 4 इंच है। घर से निकलते समय छात्रा ने नीले रंग की टी-शर्ट और काले रंग का लोअर पहना हुआ था।परिजनों ने पुलिस से जल्द से जल्द उनकी बेटी को ढूंढने की अपील की है। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी परिजनों की शिकायत पर थाना पंजोखरा साहिब पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस की टीमें छात्रा की तलाश में जुट गई हैं और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस हुलिए की लड़की के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वह तुरंत पुलिस या दिए गए संपर्क नंबरों पर सूचित करें।
नागौर में कल पानी नहीं आएगा:लिफ्ट योजना का 24 घंटे का शटडाउन, कल पंप हाउस से नहीं होगी सप्लाई
नागौर लिफ्ट पेयजल योजना के प्रथम चरण के जरूरी रखरखाव कार्यों के चलते बुधवार 22 अप्रैल को पूरे 24 घंटे का शटडाउन रहेगा। इस दौरान नोखा दैया, देशनोक, गोगेलाव, मूंडवा, मेड़ता सहित सभी पंप हाउसों पर मरम्मत कार्य किए जाएंगे। शटडाउन के कारण प्रथम चरण से जुड़े नागौर, मूंडवा, खींवसर, मेड़ता और रियां ब्लॉक के दर्जनों गांवों-कस्बों में जलापूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। विभाग के अधिकारी पीएस तंवर ने बताया कि रखरखाव के और मेंटेनेंस कार्य के लिए 24 घंटे का शटडाउन रहेगा इसके बाद आपूर्ति सुचारू हो जाएगी। हालांकि इससे पहले विभाग के जितने भी वाटर टैंक्स हैं उनको पूरी तरह से भर लिया जाएगा ताकि आम जन को ज्यादा असुविधा नहीं हो। पानी नहीं आएगा नागौर शहर, बासनी, मूंडवा, मेड़ता शहर और कुचेरा में भी 24 घंटे तक नलों में पानी नहीं आएगा। गौरतलब है कि इससे पहले 19 अप्रैल को द्वितीय फेज का भी शटडाउन लिया गया था, जिसके चलते नागौर जिले के जायल के साथ संपूर्ण डीडवाना-कुचामन जिले में 24 घंटे तक आपूर्ति बंद रही थी। जलदाय विभाग ने आमजन से अपील की है कि शटडाउन से पहले पानी का पर्याप्त भंडारण कर लें और बुधवार को पानी का इस्तेमाल बेहद मितव्ययता से करें, ताकि परेशानी से बचा जा सके। विभाग का कहना है कि रखरखाव के बाद जलापूर्ति व्यवस्था और बेहतर हो जाएगी।
तमिलनाडु में अब तक नकदी सहित 1,200 करोड़ की सामग्री जब्त, मतदान से पहले तेज हुई कार्रवाई
तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में चुनाव अधिकारियों ने अपनी सख्ती काफी बढ़ा दी है। इसके चलते पूरे राज्य में भारी मात्रा में कैश, सोना, नशीले पदार्थ, शराब और दूसरी प्रलोभन वाली चीजें ज़ब्त की गई हैं। जांच और छापेमारी के दौरान अब तक 1,200 करोड़ रुपये की जब्ती हुई है।
बरेली के पॉश इलाके सिविल लाइंस में स्थित मैथोडिस्ट गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्ले ग्राउंड पर अवैध कब्जे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस मामले की शिकायत भाजपा नेता महेश पांडेय द्वारा प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति तक से की गई, जिसके बाद कमिश्नर के आदेश पर जांच हुई और एफआईआर भी दर्ज कर ली गई। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश भर में भू-माफियाओं के खिलाफ गरजने वाला बाबा का बुलडोजर आखिर बरेली के इस खेल मैदान पर आकर क्यों रुक गया है? दो साल की लंबी जांच और मुकदमे के बाद भी कार्रवाई अधूरीइस मामले में तत्कालीन कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की थी, जिसमें अपर आयुक्त प्रीति जायसवाल, एडीएम सिटी सौरभ दुबे, एसपी सिटी मानुष पारीक और डीआईओएस अजीत कुमार सिंह शामिल थे। दो साल तक चली कछुआ चाल वाली जांच के बाद डीआईओएस ने कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा तो दर्ज करा दिया, लेकिन खेल मैदान के चारों ओर तनी अवैध बाउंड्रीवाल को गिराने की हिम्मत प्रशासन अब तक नहीं जुटा पाया है। हाई-प्रोफाइल कमेटी ने पुख्ता किया कब्जा: एडीएम और एसपी सिटी ने पकड़ी चोरीजांच समिति की रिपोर्ट ने साफ कर दिया है कि शिक्षा विभाग के रिकॉर्ड में जो जमीन छात्राओं के लिए बास्केटबॉल कोर्ट और खेल मैदान के रूप में दर्ज थी, उसे खुर्द-बुर्द कर दिया गया। नायब तहसीलदार की पैमाइश में भी करीब 2200 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ. न्यूटन एम. परमार और सुनील मसीह ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हुए जमीन क्षितिज इण्टरप्राइजेज को सौंप दी। फर्जी नक्शे से करोड़ों का खेल: कब मुक्त होगा छात्राओं का मैदान?आरोप है कि आरोपियों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद में फर्जी नक्शा दाखिल कर खेल मैदान को बेकार जमीन घोषित कर दिया। बिना शिक्षा विभाग की अनुमति के करोड़ों की जमीन की लीज कर दी गई। 5 से अधिक मुकदमों के आरोपी सुनील मसीह और उनके साथियों पर एफआईआर होने के बाद भी कब्जा न हटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा रहा है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब सक्रिय होता है और छात्राओं को उनका खेल मैदान वापस मिलता है।8 अप्रैल को जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) डॉ. अजीत कुमार सिंह द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में उन सभी चेहरों के नाम सामने आ गए हैं जिन्होंने कॉलेज की जमीन की बंदरबांट की। इस मामले में मुख्य आरोपी से लेकर जमीन खरीदने वाली फर्म के पार्टनर तक, हर किसी को नामजद किया गया है। इन आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा दोषी कर्मचारी भी आएंगे रडार परजांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि इस कूटरचना में शिक्षा विभाग या अन्य संबंधित विभागों के जिन कर्मचारियों ने मिलीभगत की है, उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कमिश्नर की त्रि-सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक ने इन सभी के खिलाफ गंभीर धाराओं में कार्रवाई के आदेश दिए थे।
कैथल में 3 बेटियों की मां घर से लापता:मानसिक रूप से थी परेशान, परिवार से कहासुनी के बाद बाहर निकली
कैथल में सदर थाना के तहत आने वाले एक गांव से करीब 38 वर्षीय विवाहिता तीन बेटियों को घर पर छोड़कर लापता हो गई। विवाहिता मानसिक रूप से परेशान थी और परिवार के साथ कहासुनी के बाद घर से निकल गई। परिजन उसके आने का इंतजार करते रहे, लेकिन वापस नहीं लौटी। इस संबंध में महिला के पति ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने लापता का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है। पति ने दी शिकायत सदर थाना के तहत आने वाले एक गांव के व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पास तीन लड़की हैं। उसकी पत्नी मानसिक तौर पर परेशान रहती है। आज सुबह परिवार की थोड़ी सी कहासुनी हो गई थी। जिसके इसके बाद उसकी पत्नी बिना बताए कहीं चली गई। तलाश पर नहीं लगा सुराग उन्होंने अपने स्तर पर महिला के बारे में पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रिश्तेदारियों में भी कॉल की, लेकिन वहां भी नहीं पहुंची। शिकायतकर्ता ने उसकी पत्नी की जल्द से जल्द तलाश करने की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस सदर थाना के जांच अधिकारी दीपक ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच व महिला की तलाश की जा रही है। उसे जल्द से जल्द ढूंढने का प्रयास जारी है।
औराई कोतवाली क्षेत्र में एक विवाहिता को एसिड पिलाकर हत्या कर दी गई। मृतका की मां ने ससुराल पक्ष पर मारपीट के बाद जबरन एसिड पिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस मामले में पति समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान रंजू देवी के रूप में हुई है। उसकी मां चमेला देवी पत्नी सेवालाल ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रंजू की शादी वर्ष 2006 में लक्ष्मणरिया निवासी लालजी यादव के बेटे सुनील से हुई थी। शादी के बाद रंजू के तीन बच्चे हैं। आरोप है कि पति सुनील मुंबई में ऑटो चलाता है, जबकि घर पर सास राधा देवी और ननद सरिता व साधना रंजू को अक्सर प्रताड़ित करती थीं और मामूली बातों पर मारपीट करती थीं। देखें 2 तस्वीरें… पुलिस को बताया कि रंजू बीमार है मां चमेला देवी ने आगे बताया कि 14 अप्रैल को सास और ननदों ने मिलकर रंजू के साथ मारपीट की और उसे एसिड पिला दिया। घटना की जानकारी पड़ोसियों से मिलने पर रात में डायल 112 पर सूचना दी गई, लेकिन ससुराल पक्ष ने पुलिस को बताया कि रंजू बीमार है और इलाज के लिए ले जाया गया है। रंजू की सोमवार की रात में इलाज के दौरान मौत बाद में पता चला कि रंजू का इलाज वाराणसी के एक निजी अस्पताल में चल रहा था, जहां 20 अप्रैल की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना ननद सरिता ने फोन पर परिजनों को दी। परिजन वाराणसी पहुंचे तो ससुर ने बताया कि पुलिस पोस्टमॉर्टम करा रही है। इसके बाद भोगांव घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, कोतवाली प्रभारी अश्वनी त्रिपाठी ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर पर पति सुनील, ससुर लालजी, सास राधा देवी और ननद सरिता व साधना के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कम पानी और विपरीत जलवायु में भी खेती संभव है। यह साबित किया है जयपुर जिले में चौमूं से सटे रामपुरा के डॉ. बीसी जाट ने। शुरुआत 1996 में एक बीघा खेत में आंवले के पेड़ लगाकर की। तब वे एमए कर रहे थे। परिवार परंपरागत खेती करता था। उन दिनों आंवले के पौधे पनपाने में उन्हें परेशानी हुई थी। लेकिन अब 5–6 साल से उनका पांच बीघा का खेत नवाचारों की लैब बना हुआ है। कृषि वैज्ञानिक, शोधार्थी व किसान यहां तकनीकी खेती देखने आते रहते हैं। थार की खेजड़ी चौमूं में उगाई 2020 में डॉ. जाट थार शोभा व मरू शोभा किस्म की खेजड़ी लगाई थी। इन पर सांगरी आने लगी है। लोग कहते थे कि केर-सांगरी तो रेगिस्तान में होती है, लेकिन उन्होंने इसे यहां बोया। गोला, थाई एप्पल, कश्मीरी थाई एप्पल किस्मों के बेर के 2-2 झाड़ 2020–21 में लगाए थे। इन पर भी बेर आने लगे हैं। सफेद और लाल चंदन के 5 पेड़ भी हैं। 2023 में महुगनी के 5 पेड़ लगाए। इसकी लकड़ी दस साल में तैयार होती है। सागवान व शीशम की जगह काम आने वाली लकड़ी से जहाज भी बनते हैं। इसे वे हैदराबाद से लाए थे। 2018 में अंजीर लगाकर अब वे इनसे फल ले रहे हैं। पहाड़ों में उगने वाला आड़ू भी डॉ. जाट ने कहा- महाराष्ट्र की मालाबार किस्म के नीम के 25 पौधे तीन साल पहले लाए थे। ये कम पानी में चलते हैं। ये 60 फीट तक ऊंचे होते हैं। स्टार फ्रूट (कमरख) के 6 पौधे भी हैं। 2018 में इनकी रोपाई की थी। अब साल में दो बार करीब 3 क्विंटल फल दे रहे हैं। इनमें कोई रोग नहीं लगता। चौमूं मंडी में 40 रुपए किलो भाव में बिक रहे हैं। सीताफल, चीकू के पेड़ सालभर में 40-50 किलो फल दे रहे हैं। पहाड़ों में होने वाला आडू भी इनके खेत पर है। शतावरी की 40-50 बेल मेड़ पर बो रखी है। कटहल, मौसमी के अलावा बील के 15 पेड़ हैं। राय वैरायटी के लेसवा के 10 पेड़ों से फल ले रहे हैं। सारे पेड़ खेत के अंदर हैं। ये इतनी दूरी पर हैं कि बीच में मौसम के अनुसार लहसुन, प्याज, टींडा, तरबूज, खीरा, ककड़ी, भिंड़ी, पालक, गाजर बोते हैं। इस मानसून में सहजन बोएंगे। थैलियाें में बीज बोकर वे पौधे तैयार कर रहे हैं। ट्यूबवेल नहीं, फॉर्म पौंड में सहेजे बरसाती पानी से सिंचाई जाट बताते हैं कि पानी के लिए ट्यूवबैल की जरूरत ही नहीं पड़ी। खेत पर बने अपने दोनों मकानों का बरसाती पानी वहीं 10 लाख लीटर क्षमता वाले फार्म पौंड में सहेजा। इसे सिंचाई में उपयोग लेते हैं। पेड़ों की सिंचाई जितने ही पानी में सब्जियां भी हो जाती हैं। रोगोपचार भी देसी तरीके से करते हैं। दस किलो गो मूत्र में नीम- बील- सीताफल- आंकड़ा- धतूरा एक-एक किलो पत्तों में 100 ग्राम तंबाकू पत्तियों को मिलाकर बर्तन में गर्म कर 24 घंटे के लिए छोड़ देते हैं। बाद में छानकर 50 एमएल मिश्रण में 16 लीटर पानी मिलाकर 5-5 दिन के अंतराल में पेड़ों पर स्प्रे करते हैं। ऐसा करने से आम में फंगस नहीं लग पाया। यह स्प्रे सब्जियों को भी रोगों से दूर रखता है। जाट कालाडेरा पीजी कॉलेज में व्याख्याता हैं। सुबह-शाम दो घंटे खेती को देते हैं। पानी पर पीएचडी कर चुके हैं। सहजन के बीज लाकर थैलियों में बीजोपचार कर दिया है। करीब 300 पौधे लगाएंगे।
इंदौर में एक्सिस बैंक की पूर्व महिला मैनेजर ने वरिष्ठ अधिकारियों पर शारीरिक, मानसिक शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मंगलवार को कलेक्टर को 'जनसुनवाई' में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। शिकायत में कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार के साथ नौकरी छोड़ने के बाद हक का पैसा रोकने और धमकाने का आरोप है। चोइथराम मंडी शाखा में 'ऑपरेशन हेड' रहीं निहारिका (बदला हुआ नाम) ने बताया कि उनका कार्यकाल फरवरी 2023 से मई 2025 तक रहा। इस दौरान प्रदर्शन शानदार था और उन्हें '4 आउट ऑफ 5' रेटिंग के साथ कई अवॉर्ड मिले, लेकिन इसके पीछे की कहानी दर्दनाक है। AI जनरेटेड 5 तस्वीरों में समझिए पूरा घटनाक्रम… बैंक की अनिवार्य छुट्टियां भी नहीं दी जाती थीं निहारिका का आरोप है कि सीनियर अधिकारी केबिन में बुलाकर अश्लील इशारे करते थे और दोहरे अर्थ वाली बातें करते थे। मासिक धर्म (पीरिड्स) के दौरान भी उन्हें दो-तीन घंटे खड़ा रखकर मीटिंग ली जाती थी और कुर्सी खाली होने पर भी बैठने नहीं दिया जाता था। बैंक की अनिवार्य छुट्टियां भी नहीं दी जाती थीं। नौकरी छोड़ने के बाद भी खत्म नहीं हुआ संकट प्रताड़ना से तंग आकर निहारिका ने इस्तीफा दिया। उन्होंने तीन महीने का नोटिस पीरियड पूरा किया, लेकिन इस दौरान भी मानसिक दबाव रहा। बकाया बोनस मांगने पर क्षेत्रीय और जोनल अधिकारियों ने कथित तौर पर भुगतान रुकवा दिया। समाधान पोर्टल और लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर से शिकायत पर बैंक अधिकारियों ने मध्यस्थता बैठक में आने से इनकार किया। अधिकारियों की धमकी- बैंक तुझे बर्बाद कर देगा शिकायत के अनुसार लेबर ऑफिसर कार्यालय में भी बैंक कर्मचारियों ने अड़ियल रवैया अपनाया। निहारिका का आरोप है कि बाहर निकलकर उन्हें खुलेआम धमकी दी गई कि तुझे तो बैंक बर्बाद कर देगा। पीड़िता ने बताया कि भोपाल और जबलपुर के चक्कर लगवाकर उन्हें और प्रताड़ित किया जा रहा है, ताकि शिकायत वापस ले लें। शी-बॉक्स पोर्टल और शासन से न्याय की उम्मीद निहारिका ने बताया कि बैंक में रहते हुए डर के कारण चुप रहीं। करियर बर्बाद करने और वेतन रोकने की धमकी मिलती थी। अब सरकार की महिला नीति और 'शी-बॉक्स' पोर्टल से प्रेरित होकर उन्होंने आवाज उठाई। उन्होंने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। आवेदन में एचआर हेड प्रवीण चंद्रा और डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता के नाम का भी उल्लेख है, जिन पर प्रताड़ना में शामिल होने या नजरअंदाज करने का संदेह है। 1 साल का 2 लाख रुपए बोनस देने से मना किया पीड़िता ने बताया कि इस्तीफा देने पर एक साल का 2 लाख रुपए बोनस देने से मना कर दिया गया। अधिकारियों ने बैंक पॉलिसी का हवाला दिया। पीड़िता 2025 से बैंक, लेबर ऑफिस और शी-बॉक्स पोर्टल पर शिकायत कर रही है, लेकिन कार्रवाई न होने पर जनसुनवाई में पहुंची। मेरे पास उनकी कोई शिकायत नहीं आई एक्सिस बैंक के डिप्टी एचआर शिवम गुप्ता ने कहा कि उनके पास शोषण की कोई शिकायत नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बोनस न मिलने की शिकायत आई थी, लेकिन बैंक पॉलिसी के अनुसार वह इसके लिए एलिजिबल नहीं हैं। बाकी घटनाओं और शिकायतों की जानकारी नहीं है।
सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के दौरान किसानों को स्लॉट बुकिंग में तकनीकी अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। उपार्जन केंद्रों पर अन्य व्यवस्थाओं में सुधार के बावजूद, पोर्टल में आ रही यह समस्या किसानों के लिए बड़ी मुश्किल बन गई है। विशेषकर एक हेक्टेयर से कम रकबे वाले छोटे किसान इससे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। जिले के लगभग 30 से 40 प्रतिशत पंजीकृत किसानों को स्लॉट बुकिंग में परेशानी आ रही है। जब किसान पोर्टल पर स्लॉट बुक करने का प्रयास करते हैं, तो सैटेलाइट मैपिंग में उनकी फसल असत्यापित दिखाई जाती है, जिससे बुकिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। वहीं, शेष किसानों की बुकिंग सामान्य रूप से हो रही है। लखनादौन, धूमा, आदेगांव और कहानी क्षेत्रों के सैकड़ों किसान प्रतिदिन समिति और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उपार्जन कार्य पहले ही देरी से शुरू हुआ था, और अब इन तकनीकी समस्याओं ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। बदलते मौसम के बीच समय पर अपनी फसल बेचना उनके लिए आवश्यक है। धूमा के किसान दिनेश कुशवाहा ने बताया कि 0.81 हेक्टेयर में पंजीयन कराने के बावजूद उनकी फसल पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही है। कैलाश डहेरिया सहित कई अन्य किसानों को भी इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उन्हें अपनी उपज व्यापारियों को कम दामों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस मुद्दे को जनप्रतिनिधियों ने भी उठाया है। लखनादौन विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा और जनपद सदस्य सुबोध नेताम ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर इस समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। नागरिक आपूर्ति निगम के प्रभारी प्रबंधक मनोज पुरविया ने बताया कि तहसीलदार स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भोपाल एनआईसी द्वारा सैटेलाइट मैपिंग का सत्यापन एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा, जिसके बाद स्लॉट बुकिंग की समस्या हल हो जाएगी। फिलहाल, किसान इन तकनीकी खामियों के कारण परेशान हैं और प्रशासन से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।
भोजपुर में सरैया गांव के पास तेज रफ्तार डंफर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पेड़ की भारी टहनी टूटकर सड़क से गुजर रहे बाइक सवार दो लोगों पर गिर पड़ी। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में अस्पताल लाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही लगाकर जमकर हंगामा किया। तोड़फोड़ की गई है। साथ ही जमादार और सिपाही के साथ भी हाथापाई हुई है। मृतकों की पहचान बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र निवासी अशोक पांडेय के पुत्र चंदन(30) और गड़हनी के डिहरी निवासी सीताराम सिंह के पुत्र किशुन तिवारी(47) के तौर पर हुई है। दोनों एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। घटना कृष्णगढ़ थाना क्षेत्र की है। सब्जी खरीदने बाजार जा रहे थे मृतक किशुन तिवारी के भतीजे रवि शंकर ने बताया कि रिश्तेदार गणेश तिवारी के बेटे राहुल की बारात 20 अप्रैल को बखोरापुर गई थी। शादी समारोह में शामिल होने के बाद मंगलवार की सुबह लौट आए। इसके बाद दोनों रिश्तेदार बाइक से रिस्पेशन के लिए सब्जी खरीदने निकले थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों से सूचना मिली, जिसके बाद परिवार के सदस्य हॉस्पिटल पहुंचे। लापरवाही का लगाया आरोप इधर, मौत की पुष्टि होते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी वार्ड में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। आक्रोशित लोगों ने गार्ड रूम का पंखा और वार्ड के बाहर रखे गमले तोड़ दिए। ड्यूटी पर तैनात जमादार और सिपाही के साथ हाथापाई भी की गई। एक सिपाही का कॉलर पकड़कर खींचा गया। परिजनों का आरोप था कि अस्पताल पहुंचने के बाद न तो डॉक्टरों ने सही तरीके से जांच की और न ही नर्सिंग स्टाफ ने ध्यान दिया। दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उन्हें काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। आरोपों को किया खारिज वहीं, ऑन ड्यूटी डॉक्टर सुजीत कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा यहां लाने से पहले ही मौत हो चुकी है। परिजनों की संतुष्टि के लिए ईसीजी भी कराया गया। इसके बावजूद हंगामा किया गया। हंगामे की सूचना मिलते ही नगर थानाध्यक्ष देवराज राय, नवादा थानाध्यक्ष बिपिन बिहारी और यातायात थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रण में लिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बाराबंकी में परिवार पर जानलेवा हमला:पुराने मुकदमे में सुलह से इनकार पर की मारपीट
बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के सादामऊ गांव में पुराने मुकदमे में सुलह से इनकार करने पर एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। दबंग विपक्षियों ने लाठी-डंडों और हंसिया से हमला कर परिवार के सदस्यों को घायल कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित प्रदीप यादव जब अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे विपक्षियों और एक महिला ने उन्हें रोककर अचानक हमला कर दिया। प्रदीप के शोर मचाने पर उनकी मां, पत्नी, भाई दिलीप कुमार और बहन लक्ष्मी देवी उन्हें बचाने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने उन पर भी बेरहमी से हमला किया। इस हमले में प्रदीप यादव, उनके भाई दिलीप कुमार, मां रेखा देवी और बहन लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलने पर डायल यूपी-112 पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। मसौली पुलिस ने इस मामले में एक महिला सहित छह आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि आगे की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान क्रिकेट संघ एवं जिला क्रिकेट संघ, श्रीगंगानगर के संयुक्त तत्वाधान में ग्रीष्मकालीन प्रतिभा खोज क्रिकेट प्रशिक्षण शिविर शुरू हो चुका है। आज (मंगलवार) को बिहाणी क्रिकेट स्टेडियम, सुखाड़िया सर्किल में खिलाड़ियों का फ्री रजिस्ट्रेशन चल रहा है। शिविर में बल्लेबाजी कोच के रूप में धीरज शर्मा (बीसीसीआई लेवल-1), गेंदबाजी कोच निशान सिंह (बीसीसीआई लेवल-2), फील्डिंग कोच सुशील पूनियां (बीसीसीआई लेवल-1), जूनियर बल्लेबाजी कोच अर्जित गुप्ता (बीसीसीआई लेवल-1) और ट्रेनर प्रवीण सोनी (धोनी) की सेवाएं देंगे। महिला प्रशिक्षण शिविर की जिम्मेदारी कुलदीप सिंह को सौंपी गई है, जबकि महिला शिविर का प्रभारी जोबनप्रीत सिंह (स्टेट लेवल अम्पायर) होंगे। प्रशिक्षण का समय सुबह 6:30 से 8:30 बजे तक और शाम 4:30 से 7:00 बजे तक है। पुरुष खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन बिहाणी क्रिकेट स्टेडियम में धीरज शर्मा के पास निःशुल्क करवा सकते हैं, जबकि महिला खिलाड़ी रिद्धी-सिद्धी क्रिकेट एकेडमी, रिद्धी-सिद्धी-2 में जोबनप्रीत सिंह के पास रजिस्ट्रेशन करा सकती हैं। महिलाओं का पूरा प्रशिक्षण भी इसी एकेडमी में होगा। 23 अप्रैल को होगा सीनियर टीम चयन ट्रॉयल कॉल्विन शील्ड प्रतियोगिता 2026-27 के लिए जिला क्रिकेट संघ, श्रीगंगानगर की सीनियर टीम का चयन ट्रॉयल 23 अप्रैल को शाम 3 बजे बिहाणी क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। ट्रॉयल में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सफेद पोशाक और अपना पूरा खेल सामान साथ लाना अनिवार्य है। ये डॉक्यूमेंट साथ लेकर आएं खिलाड़ी जिला क्रिकेट संघ, श्रीगंगानगर की टीम पिछले वर्ष की उपविजेता रही है। इस बार चयनित टीम एलिट ग्रुप में खेलेगी। ट्रॉयल में प्रदर्शन के आधार पर ही जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। चयन जिला क्रिकेट संघ की सीनियर चयन समिति करेगी।
बहराइच में कूड़ा जलाते समय बुजुर्ग झुलसा:तेज लपटों से कपड़े में लगी आग, अस्पताल में भर्ती
बहराइच जिले के रामगांव इलाके में कूड़ा जलाते समय एक 70 वर्षीय बुजुर्ग झुलस गया। मंगलवार को हुई इस घटना में तेज लपटें उठने से उनके कपड़ों में आग लग गई। बुजुर्ग को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मूर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के भगड़िया ग्राम निवासी गोरखनाथ (70) रामगांव इलाके में अपने बेटे के घर आए हुए थे। मंगलवार को वह घर के सामने पड़े कूड़े को जला रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज लपटें उठीं और उनकी धोती में आग लग गई। शोर सुनकर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और आग बुझाई। तब तक गोरखनाथ के दोनों पैर और एक हाथ आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस चुके थे। परिवारजनों ने तुरंत घायल गोरखनाथ को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
रोहतक जिले में सांपला नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन प्रवीण कोच ने सोमवार को सोनीपत में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली की मौजूदगी में भाजपा का दामन थाम लिया है। बता दे कि सांपला नगरपालिका चुनाव इस बार केवल एक स्थानीय चुनाव नहीं, बल्कि राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक संतुलन और 'जिताऊ चेहरे' की तलाश का बड़ा उदाहरण बन गया है। टिकट वितरण को लेकर सामने आ रही चर्चाओं से स्पष्ट है कि पार्टी ने इस बार अपने पारंपरिक सिद्धांतों से अधिक 'विजय की संभावना' को प्राथमिकता दी है। राजनीतिक विश्लेषण संकेत देते हैं कि संगठन ने विचारधारा से ज्यादा जमीनी ताकत, पहचान और चुनाव जीतने की क्षमता को तरजीह दी। प्रभावी उम्मीदवार के रूप में सामने आए सांपला में प्रवीण कोच पहले से ही एक मजबूत और जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। उनके पास चुनाव लड़ने का अनुभव, संसाधनों की उपलब्धता और क्षेत्र में व्यक्तिगत पकड़ है, जो किसी भी पार्टी को आकर्षित करती है। भले ही उनका राजनीतिक अतीत कांग्रेस से जुड़ा रहा हो, लेकिन वर्तमान में वे भाजपा के लिए एक प्रभावी उम्मीदवार के रूप में सामने आए हैं। पार्टी में गुटबाजी के बीच नए चेहरे की तलाश यह भी माना जा रहा है कि भाजपा के भीतर लंबे समय से चल रही गुटबाजी ने पार्टी को एक नए चेहरे की तलाश के लिए मजबूर किया। पुराने कार्यकर्ता अलग-अलग नेताओं के प्रभाव में बंटे हुए थे, जिससे संगठनात्मक एकजुटता प्रभावित हो रही थी। ऐसे में पार्टी ने एक ऐसा विकल्प चुना, जो इन गुटों से इतर हो और सीधे चुनावी मैदान में असर डाल सके। कांग्रेस को लगा बड़ा झटका इस रणनीति के पीछे एक बड़ा उद्देश्य कांग्रेस को कमजोर करना भी है, जहां वे पहले ही मुख्य दावेदारों में शामिल थे। प्रवीण कोच को टिकट मिलने से उनकी स्थिति मजबूत जरूर हुई है, लेकिन जीत का रास्ता अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

