राजस्थान के ग्रामीण अंचल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ और सुलभ बनाने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने नए उप स्वास्थ्य केंद्रों के भवनों के निर्माण के लिए 8030 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के मादड़ी, एंदलावास, कानेलाव, खेतावास, वडेरवास व खरोकड़ा में नए स्वास्थ्य उप केंद्रों के नए भवनों का निर्माण किया होगा। जिससे ग्रामीणों को छोटी-मोटी बीमारी के लिए पाली नहीं आना पड़ेगा। गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र के इन 06 गांवों के एसएचसी (स्वास्थ्य उप केंद्र) के नए भवनों के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा व चिकित्सा मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर का आभार जताया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एसएचसी के लिए 55 लाख रुपए मंजूर हुए है। कुमावत ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी को देखते हुए, नए उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने और मौजूदा जर्जर भवनों को बदलकर नए आधुनिक भवन बनाने के लिए बजट जारी किया है। इस परियोजना के तहत, चिन्हित किए गए स्थानों पर आधुनिक सुविधाओं से लैस भवन बनेंगे, जहां प्रसव कक्ष, टीकाकरण और सामान्य ओपीडी की सुविधाएं उपलब्ध होगी।उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और टीकाकरण के लिए शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा। नए भवन आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से युक्त होंगे, जिससे कार्यक्षमता बढ़ेगी। उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा कर्मियों को कार्य करने के लिए बेहतर माहौल मिलेगा, जिससे वे सेवाएं अधिक समर्पण के साथ दे सकेंगे। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर भी अपग्रेडइन केंद्रों के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में अपग्रेड होने से गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में पहचान और जांच आसान हो जाएगी। इन केंद्रों पर एएनएम और स्टाफ नर्स की उपस्थिति में 12 तरह की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं, विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। लंबे समय से मांग की जा रही थी कि छोटे-मोटे उपचार के लिए 20-30 KM दूर न जाना पड़े। इस स्वीकृति से न केवल चिकित्सा सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि दूर-दराज के गांवों में स्वास्थ्य का स्तर भी बेहतर होगा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की 20 किमी लंबी सर्विस रोड पर डब्ल्यू मेटल क्रैश बैरियर लगाया जाएगा। इसके लिए 43.12 करोड़ रुपए खर्च होंगे। सर्विस लेन के दोनों ओर नाला है। इससे सड़क पर चलने वाले वाहन चालकों को सड़क दुर्घटना से राहत मिलेगी। प्राधिकरण ने इसके लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राधिकरण ने बताया कि मुख्य सड़क के साथ-साथ सर्विस रोड पर भी ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सर्विस रोड के एक तरफ गहरी ग्रीन बेल्ट और दूसरी तरफ नाला बना हुआ है। कई बार वाहन अनियंत्रित होकर इन क्षेत्रों में गिरने का खतरा बना रहता है, खासतौर पर बारिश के मौसम में जब नाले में पानी भर जाता है। ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे, जिससे वाहन सड़क से नीचे नहीं गिर सकेंगे। एयरपोर्ट शुरू होने से बढ़ेगा वाहनों का दबावप्राधिकरण का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस मार्ग पर वाहनों की संख्या और तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में पहले से सुरक्षा इंतजाम मजबूत करना जरूरी है। परियोजना पूरी होने के बाद एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर यातायात ज्यादा सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित हो जाएगा। नोएडा प्राधिकरण ने कहा कि शहरवासियों को बेहतर सड़क सुविधाएं और सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है
गोरखपुर में बच्चे के गर्दन के आर-पार हो गई छड़:पतंग उड़ाते समय गिरा, एक घंटे तक फंसकर तड़पता रहा
गोरखपुर के इलाहीबाग लाला टोली में 14 साल का एक किशोर पतंग उड़ाते समय छत पर निकली छड़ पर गिर गया। जिससे छड़ उसके सीने से होते हुए गर्दन के आर-पार आ हो गई। बच्चे के चिल्लाने पर उसकी मां और घर में रहने वाले किराएदार पहुंचे। करीब एक घंटे तक परिजन इधर-उधर फोन मिलाते रहे। तभी सूचना पर तिवारीपुर थाने की पुलिस पहुंची। पुलिस ने एक सरिया काटने वाले कारीगर बुलाकर छड़ कटवाई। इसके बाद गर्दन में फंसी छड़ लेकर परिजन उसे जिला अस्पताल में पहुंचे। जहां पर केस की गंभीरता को देखते हुए चार-चार डॉक्टर लगाए गए। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उसकी गर्दन से फंसी हुई छड़ निकाली। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला इलाहीबाग के लाला टोली की रहने वाली बच्चे की मां अदिति श्रीवास्तव ने बताया कि मेरे तीन बच्चे हैं। इसमे दो लड़का और एक लड़की है। मेरे पति अमरेश श्रीवास्तव वेटर का काम करते हैं। सोमवार की सुबह करीब 9 बजे मेरा बड़ा बेटा हर्ष श्रीवास्तव छत पर खेल रहा था। दो बार उसे डांट कर नीचे लेकर आई। इसके बाद खाना बनाने लगी। मेरे एक मंजिले घर की छत पर जाने के लिए सीढि़यां बनाई गई हैं। जिस पर एक टीनशेड का छज्जा बना है। अचानक हर्ष सीढ़ी पर बने टीनशेड पर चढ़कर पतंग उड़ाने लगा। थोड़ी देर बाद उसके चिल्लाने की आवाज आई। वह बोल रहा था कि आकाश भईया बचाइए। आकाश मेरे किराएदार हैं। आवाज सुनकर हमलोग छत पर पहुंचे तो बेटे की हालत देखकर दंग रह गए। बेटा पिलर से निकली छड़ में गिरा था। एक छड़ उसके सीने से लेकर गर्दन के आर-पार हो गई थी। वह दर्द से तड़प रहा था। तभी किसी ने बताया कि छड़ निकालने से माैत हो सकती है। थोड़ी ही देर बाद पुलिस भी आ गई। आस-पास के लोग भी एकत्रित हो गए। तभी पास के कारीगर को बुलाकर छड़ कटवाई गई। वहीं बेटा खून से लथपथ हाल में दर्द से छटपटा रहा था। जिला अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों ने छड़ निकाल दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 28 अप्रैल को वाराणसी के दो दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। पिछले 11 साल में वह 53 बार काशी आ चुके हैं। यह उनका 54वां और 2026 का पहला दौरा है। इससे पहले PM मोदी आखिरी बार नवंबर 2025 में आए थे। पीएम काशीवासियों को 6332.08 करोड़ रुपए की 163 परियोजनाओं की सौगात देंगे। मोदी के 1054.69 करोड़ रुपए से 50 परियोजनाओं का लोकार्पण और 5277.39 करोड़ से 113 का शिलान्यास करेंगे। रेल-सड़क सिग्नेचर ब्रिज और कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला सबसे महत्वपूर्ण हैं। इससे सिर्फ वाराणसी ही नहीं पूर्वांचल और बिहार के मरीजों को विश्व स्तरीय इलाज मिलेगा। 28 अप्रैल की शाम पहुंचेंगे वाराणसीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से काशी के सांसद हैं। साल में कई बार काशीवासियों के बीच पहुंचते हैं। इसी क्रम में 54वें दौरे पर प्रधानमंत्री 28 अप्रैल को आ रहे हैं। भाजपा सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री शाम 4 बजे के बाद स्पेशल विमान से वाराणसी पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से सेना के हेलीकॉप्टर से बरेका हेलीपैड पर उतरेंगे। यहां से सभा स्थल बीएलडब्ल्यू ग्राउंड पहुंचेंगे। यहां पीएम नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पास न होने को लेकर 40 हजार महिलाओं को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री यहां महिलाओं की राय भी इस अधिनियम पर मांगेंगे। 40 हजार महिलाओं से संवादप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम 4 बजे असम से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और एयरपोर्ट से सेना के हेलीकाप्टर से बीएलडब्लयू मैदान पर आएंगे। पीएम सबसे पहले बीएलडब्ल्यू में काशी के कुछ विशेष करने वाली महिलाओं और प्रबुद्धजन से मुलाकात करेंगे। इसके बाद नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पास नहीं होने और विपक्ष की भूमिका पर महिलाओं को संबोधित करेंगे। बरेका में जर्मन हैंगर तकनीक से पंडाल तैयार किया जा रहा है। केसरिया रंग से पूरे पंडाल को सजाया गया है। आठों विधानसभाओं को संख्या का लक्ष्य दिया गया है। एयरपोर्ट से बरेका तक एसपीजी तैनातप्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा को लेकर एसपीजी समेत 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी चार लेयर में लगाए गए हैं। जनसभा की इनररिंग में महिलाएं सुरक्षाकर्मी कमान संभालेंगी। इसके अलावा पूरे परिसर को कब्जे में लेकर एसपीजी ने सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और प्रस्तावित रोड मार्गों पर भी टीम तैनात है। प्रधानमंत्री रात में किसी भी विकास परियोजना के निर्माण की हकीकत जानने भी निकल सकते हैं, इसके लिए भी तैयारी की गई है। हालांकि सभा के बाद उनका नाइट स्टे बरेका गेस्ट हाउस में है। 63 परियोजनाओं को पीएमओ की हरी झंडी मिलने के बाद प्रशासन ने लोकार्पण और शिलान्यास की सूची जारी कर दी है। इसमें सबसे बड़ी परियोजना गंगा पर 2464.46 करोड़ रुपए से सिग्नेचर ब्रिज यानि रेलकम रोडब्रिज है। इसके साथ ही सड़क, पुल, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और नागरिक सुविधाओं को बेहतर करने के लिए पेयजल और सीवरेज लाइन के कार्यों का भी शुभारम्भ करेंगे। वाराणसी-आजमगढ़ सड़क का चौड़ीकरण, कज्जाकपुरा और कादीपुर में रेल ओवरब्रिज, भगवानपुर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, और रामनगर में एक वृद्धाश्रम का उद्घाटन भी करेंगे। कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय में एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की आधारशिला रखी जाएगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। वाराणसी को बिहार और कोलकाता से जोड़ेगापुरानी GT रोड पर बने राजघाट पुल ( मालवीय पुल या डफरिन ब्रिज) की मियाद खत्म हो चुकी है। ऐसे में नया सिग्नेचर ब्रिज बनाने की कवायद की जा रही है। बता दें कि साल 1887 में बनकर तैयार हुए इस पुल को तत्कालीन अवध और रुहेलखंड रेलवे के इंजीनियरों ने तैयार किया था। यह कोलकता लाइन को मुगलसराय जंकशन जो अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंकशन हो गया है, उससे जोड़ता है। कबीरचौरा अस्पताल में बनेगा मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल…वाराणसी के सबसे पुराने श्री शिव प्रसाद गुप्त जिला मंडलीय चिकित्सालय को हाईटेक किया जाएगा। प्रधानमंत्री इस दौरे पर इसका शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री इस कैंपस में 315.48 करोड़ से बनने वाले सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की आधारशिला रखेंगे। अस्पताल के एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया - वाराणसी के कबीरचौरा अस्पताल का 1868 में निर्माण हुआ था। पहले इसे किंग एडवर्ड हॉस्पिटल के नाम से जाना जाता था। अब इसके हाईटेक होने से पूर्वांचल और आस-पास के प्रदेशों के मरीजों को AIIMS जैसी सुविधा एक रुपए की पर्ची में ही मिल जाएगी। माल ढुलाई और बढ़ेगी यात्री सुविधावाराणसी के मौजूदा राजघाट पुल पर अभी भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में मालढुलाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। काफी चक्कर काटकर ट्रक और अन्य बड़े मालवाहक शहर में प्रवेश करते हैं। जिससे समय के साथ ही साथ पैसों का नुकसान होता है। इसके बनने के बाद दोनों की बचत होगी। चंदौली, बिहार और पश्चिम बंगाल तक कनेक्टिविटी और आसान हो जाएगी। कार्यक्रम के आगाज पर सबसे पहले पीएम बनारस रेलवे स्टेशन से नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। इसमें से एक ट्रेन वाराणसी से अमृतसर चलेगी। बीएलडब्ल्यू ग्राउंड में पीएम 2 घंटे की रैली भी संबोधित करेंगे। पीएम नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम पास न होने को लेकर 40 हजार महिलाओं से संवाद करेंगे, विपक्ष की भूमिका पर महिलाओं की राय भी मांगेंगे। उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल समेत कई केंद्रीय और राज्य के मंत्री महिला मोर्चा अध्यक्ष भी शामिल होंगी। पीएम का 54वां दौराप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी के 54वें दौरे पर आ रहे हैं। पिछले 11 साल में वह 53 बार काशी आ चुके हैं। यह उनका 54वां और 2026 का पहला दौरा है। इससे पहले PM मोदी आखिरी बार नवंबर 2025 में आए थे। प्रधानमंत्री बुधवार को बाबा श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे। 29 अप्रैल को करेंगे रोड शोप्रधानमंत्री अपने दौरे के दूसरे दिन बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करेंगे। इसके लिए वो बरेका से बाबा विश्वनाथ के धाम तक रोड शो करेंगे जो अभी तक का काशी का सबसे बड़ा रोड शो माना जा रहा है। यह रोड शो 14 किलोमीटर लंबा होने के कयास लगाए जा रहे हैं। तैयारियां शुरू हो गई हैं। रस्ते में पड़ने वाले चौराहों को सजाया जा रहा है। साथ ही बैरिकेडिंग भी की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में चार अपार्टमेंट में सिलसिलेवार चोरी करने वाले इंटर-स्टेट गैंग के एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शातिर चोर को पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 20 दिनों तक दिल्ली और मेरठ में डेरा डालकर लगातार तलाश की। पुलिस ने आरोपी के पास से करीब 4 लाख 99 हजार रुपए कीमत का करीब 35.34 ग्राम सोना बरामद किया है। आरोपी चोरी के बाद गहनों को पिघलाकर उनकी पहचान मिटा देता था। गैंग का दूसरा सदस्य दिल्ली की जेल में बंद है। इस गिरोह ने देशभर में 47 से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है। 28 सितंबर 2025 को सिविल लाइन थाना क्षेत्र के साकेत अपार्टमेंट और रियल हेवन अपार्टमेंट में हुई चोरी की वारदात पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई थी। इस केस को सुलझाना आसान नहीं था, क्योंकि आरोपी बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह ने सिविल लाइन पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त स्पेशल टीम गठित की। टीम ने शहर भर के 300 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सुराग जुटाए। जांच के दौरान आरोपी की पहचान मेरठ के समयपुर निवासी ताज मोहम्मद के रूप में हुई। उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम कई बार दिल्ली और मेरठ गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। 20 दिनों तक मेरठ में डाला डेरा, तब पकड़ाया बदमाश पुलिस की टीम कई बार दिल्ली और मेरठ गई, लेकिन हर बार चोर भाग जाते थे। इस बार पुलिस की टीम ने 20 दिन तक डेरा डाला। आरोपी बार-बार ठिकाना और मोबाइल नंबर बदलकर बचता रहा, लेकिन इस बार 24 अप्रैल की सुबह मुखबिर की सूचना पर उसे घेरकर पकड़ लिया गया। फ्लैट को बनाते थे निशाना, खुद गलाते थे जेवर पूछताछ के दौरान आरोपी ताज मोहम्मद ने बताया कि वह अपने साथी के साथ बाइक से बिलासपुर आया था। दोनों ने पहले दो दिनों तक शहर में घूम-घूमकर फ्लैटों की रेकी की और सुनसान अपार्टमेंट्स को निशाना बनाया। इसके बाद मौका मिलते ही उन्होंने ताले तोड़कर फ्लैट में प्रवेश किया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने यह भी बताया कि चोरी के बाद जेवरों को चिमनी में गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया जाता था, ताकि उनकी पहचान न हो सके। तीसरी वारदात के दौरान आसपास के लोगों को शक हो गया था। इस वजह से आरोपी मौके से तुरंत फरार हो गए थे। 4.99 लाख का सोना बरामद, दूसरा साथी दिल्ली जेल में है ताज मोहम्मद को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। इस दौरान उसके पास से गला हुआ सोना बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 4 लाख 99 हजार रुपए बताई जा रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसका दूसरा साथी वसीम मोहम्मद पहले से ही दिल्ली में एक अन्य मामले में जेल में बंद है। उसे नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही बिलासपुर लाया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के दौरान और भी सोना बरामद होने की संभावना है, जिसके लिए आगे जांच जारी है। 4 राज्यों में 47 से ज्यादा केस एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि आरोपी ताज मोहम्मद पर यूपी, दिल्ली, हरियाणा और छत्तीसगढ़ में 47 से ज्यादा चोरी और लूट के मामले दर्ज हैं। वह गिरोह का मास्टरमाइंड है और हर बार जेल से छूटकर नई जगह वारदात को अंजाम देता था। उससे पूछताछ कर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी जानकारी जुटा रही है।
हरियाणा के पंचकूला निवासी बुजुर्ग से उनके बेटे के जरिए साइबर ठगों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 83.22 लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरुआत कर वॉट्सएप चैट, फर्जी वेबसाइट और ट्रेडिंग ऐप के जरिए जाल बिछाया। मामले में साइबर थाना सेक्टर-20 पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में प्रभाकर कुमार वर्मा ने बताया कि वे पिछले कुछ समय से पंचकूला में किराये पर रह रहे हैं और मूल रूप से यूपी के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। उनका बेटा नोएडा में डिजिटल मार्केटिंग का काम करता है। जो इन दिनों दुबई में है। शिकायत के अनुसार, बेटे को मार्च 2026 में फेसबुक पर “अनन्या मल्होत्रा” नाम की युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। इसके बाद दोनों के बीच व्हाट्सएप पर बातचीत शुरू हुई। युवती ने उसे क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया। पहले छोटा मुनाफा दिखाकर बढ़ाया भरोसाठगों ने शुरुआत में कम रकम निवेश करवाकर कुछ मुनाफा दिखाया, जिससे विश्वास बढ़ गया। इसके बाद बेटे को अलग-अलग लिंक भेजकर फर्जी वेबसाइट पर ट्रेडिंग अकाउंट बनवाया गया। “नीतीश कुमार” नाम के व्यक्ति को एक्सपर्ट बताकर उससे भी संपर्क करवाया गया, जिसने हर ट्रेड पर कमीशन लेना शुरू कर दिया। कमिशन और फीस के नाम पर लाखों की उगाहीधीरे-धीरे ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी के जरिए लाखों रुपए ट्रांसफर करवाए। मुनाफा बढ़ता दिखाकर उसे निकालने के लिए भारी “कमिशन” और “वेरिफिकेशन फीस” मांगी गई। इसी दौरान बेटे ने अपने पिता से 15 लाख रुपए मंगवाए, जो उन्होंने RTGS के जरिए उसके खाते में भेजे। कुल मिलाकर ठगों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए 83,22,928 रुपए हड़प लिए। जब ठगों ने पैसे निकालने के लिए और 35 लाख रुपए की मांग की, तब बेटे को शक हुआ। पैसे देने से इनकार करने पर ठगों ने संपर्क तोड़ दिया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। साइबर थाना में केस दर्जपीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 में धारा 318(4) और 61(2) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस फर्जी वेबसाइट, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
कानपुर के चर्चित लेम्बोर्गिनी केस में पुलिस ने 180 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है। पुलिस ने तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को आरोपी बनाते हुए 10 गवाहों को चार्जशीट में शामिल किया है। चार्जशीट में शिवम मिश्रा के साथ घटनास्थल पर मौजूद 4 बाउंसर भी गवाह बनाए गए हैं। साथ ही घटनास्थल पर लगे 4 सीसीटीवी फुटेज को भी अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद आरोपी शिवम मिश्रा ने खुद को चोटिल और बीमार बताकर फरार होने की कोशिश की थी। शिवम मिश्रा की ओर से कोर्ट में ड्राइवर को पेश किया गया था। उसने दावा किया था कि घटना के समय वही लेम्बोर्गिनी कार चला रहा था। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट में आख्या में पेश की। उन्हों बताया गया कि घटनास्थल के वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद लोगों के बयानों के आधार पर घटना के समय लेम्बोर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था। आरोपी पक्ष ने इस बात से इनकार किया था। पकड़े जाने के बाद शिवम मिश्रा ने केस के नोटिस पर हस्ताक्षर करने से भी मना कर दिया था। इसके बाद 7 साल से कम सजा वाले अपराध होने के बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। अब इस मामले में 180 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। देखिए घटना के समय की 3 तस्वीरें… फुटेज दिखाने पर बाउंसरों ने पहचान कीचार्जशीट में चमनगंज निवासी वादी तौफीक, बुलेट सवार ग्वालटोली निवासी सोनू त्रिपाठी, उनके मामा का बेटा विशाल, मौके पर मौजूद 3 दुकानदार और शिवम मिश्रा के 4 बाउंसर समेत कुल 10 गवाह शामिल हैं। इनमें वीआईपी रोड पर लेम्बोर्गिनी कार के पीछे चल रहे दो बाउंसरों और घटना के बाद ड्राइवर साइड का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को कार से बाहर निकालने वाले दो अन्य बाउंसरों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बाउंसर अपने बयानों से मुकर नहीं सकते, क्योंकि उनसे BNS की धारा 190 के तहत नोटिस पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो दिखाने पर बाउंसरों ने खुद की पहचान करते हुए पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। चार CCTV फुटेज बने केस के अहम सबूतचार्जशीट में चार सीसीटीवी फुटेज को अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। पहली फुटेज में लेम्बोर्गिनी कार के साथ दो अन्य कारें वीआईपी रोड पर आगे-पीछे आती दिखाई दे रही हैं। दूसरी फुटेज में हादसे के बाद लेम्बोर्गिनी कार के पास BMW कार पहुंचती नजर आ रही है। तीसरी फुटेज में बाउंसर लेम्बोर्गिनी कार का शीशा तोड़कर शिवम मिश्रा को बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। वहीं चौथी फुटेज में बाउंसर शिवम मिश्रा को कंधे पर उठाकर BMW कार तक ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। अब पूरा मामला विस्तार से… कानपुर में 8 फरवरी को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लेम्बोर्गिनी कार ने 6 से अधिक लोगों को टक्कर मार दी थी। कार ने एक बुलेट सवार को टक्कर मारी, तो वह हवा में उछलकर 10 फीट दूर जा गिरा। इसके बाद लेम्बोर्गिनी बुलेट के ऊपर ही चढ़ गई थी। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने कार को घेर लिया था। लोगों के मुताबिक, कारोबारी का बेटा कार के अंदर दुबक गया। इसके बाद उसके बाउंसरों ने लोगों के साथ हंगामा किया। धक्का देकर लोगों को भगाने का प्रयास किया। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची और कार को थाने ले आई। थाने में भी कारोबारी के बाउंसरों ने पीड़ितों से अभद्रता की। इसके बाद लोगों ने थाने में जमकर हंगामा किया था। कारोबारी के बेटे और अन्य घायलों को भी प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार को थाने के भीतर सुरक्षित रखा गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद पुलिस गाड़ी को थाने लेकर पहुंची। भीड़ भी थाने पहुंच गई। रसूखदार और बड़े परिवार का मामला होने के चलते कार को थाने के भीतर सुरक्षित रखा गया। कार को ब्लैक कवर से ढंक दिया गया। ‘हम सड़क किनारे खड़े थे, तभी टक्कर मारी’प्रत्यक्षदर्शी सोनू त्रिपाठी ने बताया- मेरे मामा का बेटा विशाल और मैं बुलेट से आए थे। फिर हम लोग सड़क किनारे एक दुकान पर खड़े हो गए। विशाल बुलेट पर ही बैठा था। हम टी-शर्ट देखने लगे। तभी लेम्बोर्गिनी कार ने पहले ऑटो को टक्कर मारी। इसके बाद हमारी बुलेट को कुचल दिया। टक्कर से विशाल भी दूर जा गिरा। 2 लड़के और थे, उनको भी जोरदार टक्कर मारी। वह सड़क पर 10 फीट उछलकर दूर फुटपाथ पर जा गिरे। दोनों को अस्पताल भेजा गया है। हादसे में एक युवक के चेहरे पर चोट आई है। उनके मुंह से खून निकल रहा था। उसे भी अस्पताल भेजा गया। हमने थाने में शिकायत दी। ---------------------ये खबर भी पढ़ें…यूपी में बदमाश लड़की ने कर्मचारी से 10 लाख लूटे; 2 लड़कों के साथ बाइक से आई थी; तमंचा ताना और बैग छीनकर भागी यूपी के फिरोजाबाद में सोमवार को एक लड़की ने अपने दो बदमाशों के साथ मिलकर बीज भंडार के कर्मचारी से 10 लाख रुपए लूट लिए। लुटेरी लड़की बाइक से आई थी। बदमाशों ने बीच सड़क कर्मचारी की बाइक के सामने अपनी बाइक अड़ा दी। फिर एक ने तमंचा निकाला और कर्मचारी पर तान दिया। पढ़िए पूरी खबर
KGMU यूरोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड के दौरान महिला मरीज से छेड़छाड़ के आरोपी डॉक्टर को नौकरी से निकाल दिया गया है। आरोपी आयुष डॉक्टर की तैनाती पीपीपी मॉडल पर मशीन को चलाने के लिए निजी एजेंसी की तरफ से की गई थी। महिला मरीज की शिकायत पर शुरू में अधिकारियों ने मामले को दबाए रखा था। किरकिरी के बाद प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की। जांच में पीड़िता के आरोप सही मिले। उसके बाद एजेंसी की तरफ से तैनात डॉक्टर और आउटसोर्सिंग पर तैनात वार्ड आया को नौकरी से निकला दिया गया है। 5 सदस्यीय जांच कमेटी ने जांच की काकोरी निवासी महिला को यूरोलॉजी संबंधी दिक्कत हुई। 1 अप्रैल को महिला मरीज इलाज के लिए KGMU पहुंची। यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टर ने मरीज को देखा। अल्ट्रासाउंड समेत दूसरी जांच कराने की सलाह दी। महिला अल्ट्रासाउंड जांच के लिए यूरोलॉजी विभाग पहुंची। पीड़िता ने अल्ट्रासाउंड के दौरान एजेंसी के जरिए तैनात आयुष डॉक्टर पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। विभागाध्यक्ष से लिखित शिकायत की। काफी दिनों तक अधिकारी मामले को दबाए रखे थे। पीड़िता लगातार शिकायतें करती रही। इसके बाद KGMU प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। साथ ही अन्य पहलुओं को देखा। जांच में आरोप सही पाए गए। डॉक्टर-आया को हटाया गया प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया- जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर एजेंसी के जरिए तैनात आयुष डॉक्टर को KGMU से हटा दिया गया है। महिला मरीज के साथ वार्ड आया को अल्ट्रासाउंड के दौरान मौजूद रहना चाहिए। इसमें भी कोताही बरती गई। लिहाजा ड्यूटी पर तैनात वार्ड आया को भी नौकरी से हटा दिया गया है। यूरोलॉजी विभाग में पीपीपी मॉडल का खेल KGMU में रेडियोलॉजी विभाग है। विभाग में करीब 12 नियमित डॉक्टर तैनात हैं। 40 से अधिक रेजिडेंट डॉक्टर हैं। विभाग में अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्सरे समेत दूसरी मशीनों का संचालन कर रहा है। विभाग लगातार रेडियोडायग्नोसिस जांच की गुणवत्तापरक सुविधाएं बढ़ा रहा है। इसके बावजूद KGMU में पीपीपी मॉडल पर मशीन चलाने का खेल चल रहा है। KGMU में कंपनियां मोटी कमाई कर रही हैं। बदले में KGMU को मामूली कमीशन मिल रहा है। यूरोलॉजी विभाग में भी करीब 20 साल से पीपीपी मॉडल पर अल्ट्रासाउंड मशीनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें जांच कौन कर रहा है? इसकी फिक्र KGMU प्रशासन को नहीं है। --------------- संबंधित खबर पढ़िए… KGMU के डॉक्टर पर मरीज से छेड़छाड़ का आरोप:महिला बोली- जांच के दौरान अभद्र और आपत्तिजनक हरकत की, जांच का आदेश KGMU लखनऊ के यूरोलॉजी विभाग में एक महिला मरीज ने अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, जांच के दौरान डॉक्टर का व्यवहार असहज और आपत्तिजनक था, जिस पर विरोध करने पर भी स्थिति नहीं बदली। पूरी खबर पढ़ें
बेटी पर प्रेम इस कदर हावी है कि वह रात में छत से कूदकर प्रेमी के पास जाती है। हद तब हुई, जब उसने माता-पिता को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। ये मुरैना के पोरसा में रहने वाले 47 वर्षीय मोहन (परिवर्तित नाम) और उनकी 40 वर्षीय पत्नी की कहानी है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी नाबालिग बेटी प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच डालेगी। जहर मिली रोटी का स्वाद अजीब लगा और समय पर इलाज से उनकी जान बच गई। अब वे बेटी से डरते हैं। नाबालिग प्रेमी के साथ वह फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पूरे घटनाक्रम पर माता-पिता और पुलिस से बात की गई। पिता ने कुछ ऑडियो क्लिप दिए, जिनमें लड़की प्रेमी से जहर मंगवाती सुनाई दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए… सबसे पहले ऑडियो के दौरान हुई वो बातचीत, जिसमें जहर देकर मारने की बात का खुलासा हुआ…। ऑडियो - 1लड़की : हेलो, तुमको चूहा मार दवाई नहीं मिल रही। लड़का : नहीं क्यों। लड़की : अटेर रोड पर मिलती है।लड़का : @@@ को भेज कर मंगवा लो।लड़की : बच्ची को नहीं देंगे। बड़ों को ही देते हैं, अटेर रोड पर मिल जाएगी।लड़का : अटेर रोड पर कहां?लड़की : जहां तीन-चार खाद की दुकानें हैं। मौका आज ही है।लड़का : क्यों।लड़की : मैं कह रही हूं। इन लोगों का कोई भरोसा नहीं है। लड़का : कल कहां गई थी।लड़की : कल ले गए थे, गाड़ी में डाल कर सांकल से बंद कर, फिर लौट आए। लड़का : तू निकल वहां से। आज अगर चार बीघा पर नहीं आई तो मैं बोलूंगा नहीं, कल सूरत चला जाऊंगा।लड़की : मैं जो कह रही हूं, वह सुनो, जाओ दवा ले आओ। मैं आज रोटी बना रही हूं।लड़का : रोटी अब तू ही बनाती है क्या?लड़की : नहीं, आज पहली बार बना रही हूं। आज मौका है, जल्दी ले आओ।लड़का : ठीक है। ऑडियो - 2लड़का : हैलो, गल्ला मंडी में हूं।लड़की : पुलिया पर आ गई हूं।लड़का : गल्ला मंडी होकर आ जाओ।लड़का : चूहा मार दवा और दीमक मारने की दवा है।लड़की : मम्मी को भूख नहीं लग रही, डोकरा (पिता) भूखा है।लड़का : काली पॉलीथिन में रखी है, उसे फेंक देना।लड़का : गल्ला मंडी आ जा टीन शेड में, जहां गेहूं की ट्रॉली लगती है। सब्जी लगती है। ऑडियो - 3लड़का : कहां है?लड़का : घर @@@ आ गया है।लड़का : खाना खा लिया।लड़की : नहीं अभी नहीं, सब कुछ मिला कर रख दिया है, खाने वाले हैं। तुमने खाना खा लिया।लड़का : हमने नहीं खाया।लड़की : एक आद रोटी खा लेते।लड़का : अभी निकल आ मौका देखकर।लड़की : अभी आंगन में बैठे हैं।लड़का : फिर ताला डाल देंगे।लड़की : सब गली वाले यहीं पर बात कर रहे हैं।लड़का : दूसरी छत पर कूद कर आ जा।लड़की : उस दिन तुम आए थे, देखा था।लड़का : अगर नहीं निकल पाई तो।लड़की : (गाली देते हुए…) बाहर से कुंडी डालकर आंगन में सभी को बंद कर भागूंगी। तुम 10 तारीख तक नौकरी पर मत जाओ। लड़का : मैं जाऊंगा, मेरा तीन दिन से दिमाग खराब है। लड़की : तुम मुझे बता देना, रोटी देने जा रही हूं।लड़का : क्या-क्या मिलाया है।लड़की : मैंने तो काली वाली पूरी दवा मिला दी है।लड़का : वो वाली नहीं मिलाई क्या। लड़की : मैंने तो पूरी मिला दी है।लड़का : खाना खाने के बाद कुछ नहीं हुआ फिर…लड़की : होगा, कुछ तो होगा… उल्टी वगैरह। !@#$$ ये सब %^** करवा रहा है।लड़का : नहीं आई तो समझना।लड़की : मरू या कुछ करू… आऊंगी जरूर। माता-पिता ने सुनाई पूरी कहानी अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी की जंग लड़े पिता ने बताया कि वे पोरसा के पास गांव के रहने वाले हैं। पहले जमीन थी, लेकिन बिक गई। वे परिवार के साथ पोरसा में किराए के मकान में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं—17 साल की बेटी और दो बेटे 12 व 9 साल के। बेटी के प्रेम संबंध के कारण परेशानी थी और उसने जहर दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर पोरसा, मुरैना और फिर ग्वालियर में इलाज हुआ। 5 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और डॉक्टरों ने बचा लिया। अब वे बेटी और उसके प्रेमी से डरते हैं। केस वापस लेने की धमकी भी मिल रही है। बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी पिता बताते हैं कि 29 मार्च को बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी। रात में खाना परोसा। अंधेरा होने पर आंगन में खाना खाया। रोटी का स्वाद अजीब लगा, फिर भी खा ली। टॉर्च की रोशनी में देखा तो रोटियां काली थीं। कुछ देर बाद चक्कर और उल्टी शुरू हुई। साला घर आया हुआ था। तबीयत खराब होता देख उसने तत्काल डाॅयल 112 बुलाई। पुलिसवालों ने हमसे जानकारी चाही। मैंने उन्हें रोटी दिखाते हुए कुछ बात बताई, इसके बाद बेहोश हो गया। अचानक पत्नी को भी उल्टियां होने लगीं। पुलिस पहले थाने, फिर पोरसा, मुरैना और ग्वालियर अस्पताल ले गई। 5 दिन इलाज चला और 2 अप्रैल को छुट्टी मिली। कुछ दिन रिश्तेदारी में बिताने के बाद अपने घर लौटे। बेटी छत से कूदकर प्रेमी से मिलने जाती थी नाबालिग की मां ने कहा कि बेटी काबू में नहीं है। इसलिए धौलपुर में रिश्ता तय किया था। 30 मार्च को सगाई के लिए जाना था। हमने किराए से कार भी कर ली थी। लड़के का परिवार अच्छा है, इसीलिए हम यह रिश्ता करना चाहते थे। बेटी को भी इसके बारे में बताया था। सगाई रोकने के लिए उसने प्रेमी सुदामा के साथ मिलकर जहर देने की साजिश रची। पहले भी भागी, पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर भेजा था मां का कहना कि 2025 में भी बेटी प्रेमी के साथ भाग गई थी। पुलिस ने पकड़कर वन स्टॉप सेंटर भेजा और प्रेमी जेल गया। बाद में दोनों फिर मिलने लगे। वह रात में छत से कूदकर उससे मिलने जाती थी और लौट आती थी। पिता की शिकायत पर केस, दोनों की तलाश टीआई दिनेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि नाबालिग ने प्रेमी के साथ जहर मिलाया। माता-पिता का ग्वालियर में इलाज हुआ। पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर दोनों की तलाश की जा रही है। ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है।
सोनीपत नगर निगम चुनाव-2026 को लेकर चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जांच के दौरान कई उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त नेहा सिंह की अध्यक्षता में हुई स्क्रूटनी में जहां मेयर पद के दो नामांकन रद्द कर दिए गए। वहीं पार्षद पद के तीन उम्मीदवारों के नामांकन भी खारिज कर दिए गए। आज 28 अप्रैल को नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटन के बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी। मेयर पद पर 13 में से 2 नामांकन रद्दजिला निर्वाचन अधिकारी नेहा सिंह ने बताया कि मेयर पद के लिए कुल 13 नामांकन दाखिल किए गए थे। जांच के दौरान आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सत्यवीर आर्य और निर्दलीय उम्मीदवार रमेश कुमार खत्री के एक-एक नामांकन को रद्द कर दिया गया। इस प्रक्रिया के बाद अब मेयर पद के लिए 11 वैध उम्मीदवार शेष रह गए हैं। अब ये 11 उम्मीदवार मैदान मेंजांच के बाद मेयर पद के लिए जिन उम्मीदवारों के नामांकन वैध पाए गए हैं, उनमें भाजपा से राजीव जैन और उनके कवरिंग उम्मीदवार दिव्यांक जैन, कांग्रेस से कमल दीवान व उनकी कवरिंग उम्मीदवार मेघा दीवान, इनेलो से आनंद कुमार, पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया से हवा सिंह शामिल हैं।इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों में रमेश कुमार खत्री, कमलेश कुमार सैनी, संत धर्मवीर चोटीवाला, अनल सिंघल और चांद राम चुनावी मैदान में डटे हुए हैं। पार्षद पद पर भी 3 नामांकन खारिजमेयर के साथ-साथ पार्षद पद के लिए दाखिल नामांकनों की भी जांच की गई। इस दौरान तीन उम्मीदवारों के नामांकन खारिज कर दिए गए। हालांकि पार्षदों के कुल वैध उम्मीदवारों की संख्या वार्डवार अलग-अलग बनी हुई है, जिससे कई वार्डों में मुकाबला रोचक होने की संभावना है। आज नाम वापसी और चुनाव चिन्ह आवंटनराज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 28 अप्रैल को उम्मीदवार अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। इसी दिन सभी प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे और अंतिम सूची जारी होगी। यह दिन चुनावी तस्वीर को पूरी तरह स्पष्ट कर देगा।10 मई को मतदान, 13 मई को मतगणनानगर निगम चुनाव के तहत 10 मई को सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद 13 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू की जाएगी। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए सभी तैयारियां पूरी करने का दावा किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ऊपर एक मजबूत चक्रवाती सिस्टम सक्रिय है। स्काईमेट के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के मुताबिक, यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
वाराणसी में महिला की सिर कूचकर हत्या:लोहता में गांव के बाहर फेंका शव, शिनाख्त में जुटी पुलिस
वाराणसी में हमलावरों ने महिला की सिर कूचकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उसके शव को लोहता थाना क्षेत्र के खेतों में फेंक दिया। पहचान मिटाने के लिए उसके सिर और चेहरे पर पत्थर से वार किए गए। वारदात को अंजाम देकर हत्यारे मौके से भाग निकले। मंगलवार सुबह ग्रामीण जब खेत पर पहुंचे तो लगभग 35 वर्षीय अज्ञात महिला का शव देकखर हड़कंप मच गया। पहले हरपालपुर गांव में इसकी जानकारी दी फिर लोहता पुलिस को बुलाया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महिला का शव गांव के बाहर सुनसान इलाके में पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर आशंका जताई जा रही है कि महिला की हत्या कर शव को यहां फेंका गया है। फिलहाल महिला के पास से एक आधारकार्ड भी मिला है। उसके आधार पर पुलिस शिनाख्त करने में जुटी है, जिले के सभी थानों में गुमशुदगी या अपहरण के केस खंगाले जा रहे हैं।
राजधानी जयपुर में सफाई, सीवरेज और बिजली व्यवस्था की खामियां एक बार फिर खुलकर सामने आई हैं। शहर के कई इलाकों में नालों में जमा कचरा, जाम नालियां, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी की सप्लाई जैसी समस्याएं लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगह लोग बदबू, अंधेरे और बीमारियों के डर के बीच रहने को मजबूर हैं। भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए जब लोगों ने अपनी समस्याएं सामने रखीं, तो शहर के अलग-अलग इलाकों की जमीनी हकीकत उजागर हुई। कुछ स्थानों पर शिकायतों के बाद त्वरित कार्रवाई भी हुई, जिससे लोगों को राहत मिली। खासतौर पर आमागढ़ क्षेत्र में बंद स्ट्रीट लाइट को ठीक करवाने में अहम भूमिका निभाने वाले AEN बालूराम गुर्जर आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। नाले में कचरा, गंदगी से परेशानीत्रिपोलिया बाजार के राधा मार्ग से विकास पारीक ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके घर के पास स्थित नाला कचरे से पूरी तरह भरा हुआ है। लोगों द्वारा लगातार उसमें कचरा डाले जाने से गंदगी और बदबू फैल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे आसपास का माहौल खराब हो रहा है और मच्छरों के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। सांगानेरी गेट पर जाम नालीसांगानेरी गेट के संजय बाजार से अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि 168 नंबर दुकान के सामने नाली पूरी तरह जाम पड़ी है। नाली में पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे राहगीरों और दुकानदारों दोनों को परेशानी हो रही है। लोगों ने जल्द सफाई की मांग की है। रेलवे कॉलोनी के पास बंद स्ट्रीट लाइटआनंद विहार क्षेत्र से प्रदीप लालवानी ने पोस्ट किया कि रेलवे कॉलोनी के पास लंबे समय से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। रात के समय यहां घना अंधेरा रहता है, जिससे दुर्घटना और चोरी की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। कच्ची बस्ती में गंदा पीने का पानीजवाहर नगर की कच्ची बस्ती से गणेश धानका ने गंदे पीने के पानी की समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में साफ पानी की बजाय गंदा पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों में बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। वहीं कुछ इलाकों में ‘भास्कर समाधान’ के जरिए राहत भी मिली। श्री सुधांशु महाराज चौक से गोविंद सोरठिया ने शिकायत की थी कि वहां कई दिनों से स्ट्रीट लाइट बंद थी, जिससे चोरी और दुर्घटना का डर बना हुआ था। शिकायत प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर लाइट को ठीक करवा दिया। आमागढ़ में अंधेरा खत्म, लाइट चालूआमागढ़ क्षेत्र से रमेश ने भी स्ट्रीट लाइट बंद होने की समस्या साझा की थी। उन्होंने बताया कि लंबे समय से अंधेरा रहने के कारण चोरी की घटनाएं बढ़ रही थीं और लोगों में असुरक्षा का माहौल था। शिकायत सामने आने के बाद विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया और बंद पड़ी लाइट को दुरुस्त करवा दिया। इससे क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। आज के पब्लिक के स्टार: बालूराम गुर्जर इस समाधान में AEN बालूराम गुर्जर की भूमिका सबसे अहम रही। शिकायत मिलते ही उन्होंने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की और स्ट्रीट लाइट को ठीक करवाया। उनकी सक्रियता से न केवल अंधेरा खत्म हुआ, बल्कि लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई। इसी वजह से उन्हें आज का ‘पब्लिक के स्टार’ चुना गया। ‘भास्कर समाधान’ लगातार आमजन और प्रशासन के बीच एक मजबूत कड़ी बनता जा रहा है। जहां लोग खुलकर अपनी समस्याएं सामने रख रहे हैं, वहीं जिम्मेदार अधिकारी भी समाधान के लिए सक्रिय नजर आ रहे हैं। यही पहल शहर को अधिक सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.भास्कर समाधान का असर:अंधेरा, गंदगी और हादसों के खतरे के बीच कई इलाकों को मिली राहत; AEN बालूराम गुर्जर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान का असर,समस्याएं आने पर जिम्मेदार ले रहे एक्शन:कई इलाकों में हरकत में आया प्रशासन, JEN संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 3.जयपुर में 3 साल से अंधेरे में नारायण वाटिका:आगरा रोड पर उफनती सीवर लाइन; शिकायतों के बाद जागा प्रशासन 4.जयपुर में लापरवाह सिस्टम दे रहा हादसों को न्योता:कहीं खुला सीवर, तो कहीं झूलते बिजली तार, एक्शन में आईं XEN निधि जैन 5.भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद जनता को मिली राहत:स्ट्रीट लाइट और पार्क की समस्याओं का हुआ समाधान, JEN संगीता बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 6.जयपुर में भास्कर समाधान का बड़ा असर:जनता को मूलभूत समस्याओं से मिली राहत, मनोज मुदगल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 7.जयपुर में मूलभूत सुविधाओं के लिए जनता परेशान:अंधेरा, गंदगी और जाम सीवर के बीच कई इलाकों में हुआ समाधान, संदीप मीणा बने आज के पब्लिक के स्टार 8.जयपुर में जलभराव, खुले सीवर से हादसे का खतरा:भास्कर समाधान पर शिकायतों का हुआ समाधान, संगीता बनीं आज की ‘पब्लिक के स्टार’ 9.जयपुर में मूलभूत सुविधाएं नहीं होने से जनता परेशान:पावर हाउस रोड का खतरनाक पोल ठीक; संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.जयपुर में सीवर समस्या से आम जनता परेशान:भास्कर समाधान पर शिकायत के बाद कई इलाकों में राहत; दशरथ सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’
शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे 52 पर सोमवार रात करीब 11 बजे सड़क हादसा हो गया। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक पर सवार मां-बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। वे पलसावद सोन गांव निवासी अर्जुन और उनकी मां कालीबाई थे, जो बोल्डी गांव में एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहे थे। टक्कर से दोनों घायल सड़क पर गिर गए हादसा गोलवा के पास हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलने पर नेशनल हाईवे एंबुलेंस 1033 के पायलट किशोर पटेल और ईएमटी कुलदीप आर्य तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों ने उन्हें इंदौर ले जाने की बजाय शाजापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे में अर्जुन के सिर में चोट आई है, जबकि उनकी मां कालीबाई के पैर में गंभीर चोट लगी है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
भीषण गर्मी से जूझ रहे दौसा जिले में सोमवार देर रात अचानक मौसम ने करवट ली। यहां रात करीब 10 बजे तेज अंधड़ के साथ जिले के कई इलाकों में बारिश हुई, जिससे रात के समय मौसम में ठंडक घुल गई और लोगों को गर्मी व उमस से थोड़ी राहत मिली। अचानक बदले मौसम के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। देर रात चली तेज हवाओं ने गर्मी का असर कुछ कम कर दिया है। गर्मी दिखाएगी तेवर हालांकि मंगलवार सुबह होते-होते मौसम पूरी तरह साफ हो गया और सूरज निकलते ही फिर से गर्मी का असर महसूस होने लगा है। यहां न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी का दौर जारी रहने की संभावना है।
सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र में मंडी चौकी के सामने स्थित एक जिम के बाहर से बाइक चोरी की सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। चोर ने बड़ी ही चालाकी से करीब 20 से 25 मिनट तक आसपास आने-जाने वाले लोगों और वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी और मौका मिलते ही बाइक लेकर फरार हो गया। घटना पुलिस चौकी के ठीक सामने होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार मोहल्ला विकास नगर निवासी कार्तिकेश्वर सिंह सोमवार सुबह करीब 7 बजे जिम करने के लिए गए थे। उन्होंने अपनी बाइक जिम के बाहर खड़ी कर दी थी। कुछ समय बाद जब वह जिम से बाहर निकले तो उनकी बाइक मौके से गायब थी। बाइक न मिलने पर उन्होंने तुरंत जिम संचालक को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक गमछा डाले हुए नजर आया, जो काफी देर तक आसपास टहलता रहा और फिर बाइक के पास आकर बैठ गया। कुछ देर बाद जब सड़क पर सन्नाटा हुआ तो उसने बाइक का लॉक तोड़ा और चाबी लगाकर मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दी गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बेगूसराय में बदमाशों में रंगदारी और गोलीबारी के एक आरोपी को गोली मारकर घायल कर दिया है। जिसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। घायल की पहचान महेशवाड़ा गांव निवासी पिंकू सिंह के पुत्र अंकित कुमार (22) के तौर पर हुई है। घटनास्थल से एक खोखा मिला है। घटना नावकोठी थाना क्षेत्र की है। सोमवार सुबह करीब 3:00 बजे अंकित को गोली मारी गई थी। पुलिस को इसकी सूचना दोपहर बाद मिली। स्थानीय लोगों को भी इसका पता देर शाम चला। इसके बाद तरह-तरह की चर्चा चल रही है। एसपी मनीष के निर्देश पर बखरी डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। सिर में लगी बुलेट FSL की टीम ने भी घटनास्थल की जांच पड़ताल की है। बताया जा रहा है की अंकित पर अपने गांव महेशवाड़ा के ही दो वार्ड सदस्य सहित चार लोगों ने घर पर चढ़कर गोलीबारी करने और रंगदारी मांगने का आरोप है। इस मामले में जेल भी गया था। मार्च में जमानत पर बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक रात में अंकित अपने घर में सोया था। इसी दौरान करीब 3:00 बजे बदमाशों ने बाहर से खिड़की खोलकर गोली चला दी। जिसमें एक गोली उसके सिर में लग गई। परिजनों ने गांव के ही दो युवक सहित चार लोगों पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाने का आरोप लगाया है। जान से मारने की धमकी मिली थी अंकित ने बताया है कि मिंटू खिड़की के रास्ते मेरे कमरे में घुस रहा था। आवाज सुनकर हल्ला मचाया। जिसके बाद उसने पिस्टल निकाल कर फायरिंग कर दी। बहुत दिन पहले उससे झगड़ा हुआ था। जेल से बाहर निकलने के बाद उससे कोई मतलब नहीं रखता था। गोली मारने वाला आरोपी सड़क पर लूटपाट सहित अन्य अपराध भी करता है। हमसे अभी कोई दुश्मनी नहीं था। मुखिया से विकास योजना का काम लेने को लेकर पहले विवाद हुआ था। जिसमें उसने केस भी किया था। जेल जाने से पहले उसने कहा था कि अभी जेल भेज रहे हैं। बाहर निकल कर आओगे तो गोली मार देंगे। हमको नहीं लगता था कि वह गोली चलाएगा, लेकिन जान मारने की नीयत से गोली चला दिया। बुलेट सिर में लगी, लेकिन अब लगता है कि जान बच गई। मारने वाला तीन-चार की संख्या में था, जिसमें दो को पहचानता हूं। पहले हम प्राइवेट नौकरी करते थे। जेल से निकलने के बाद खेती-किसानी करते हैं। बेटा घर पर ही रहता था घायल के पिता पिंकू सिंह ने बताया कि अंकित बीच वाले कमरे में सोता है। गर्मी के कारण खिड़की खोले हुए था। सुबह करीब 3:00 बजे जोरदार आवाज सुनकर हम पति-पत्नी दौड़े तो, अंकित एक बार बोला कि हमको मार दिया, फिर बेहोश हो गया। तीन-चार लोगों को हम घर के बगल से भागते हुए देखा। हमको यह अंदाजा नहीं था कि मेरे बेटे को ही गोली मारा होगा। हम उस समय पुलिस को सूचना नहीं दिए। उसको लेकर तुरंत प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में जब होश आया तो पुलिस को सूचना दिए। अंकित ने एग्रीकल्चर की पढ़ाई कर 6-7 महीना प्राइवेट नौकरी किया। कुछ दिन के बाद गांव में ही रहने लगा। वह दुकान खोलना चाहता था, लेकिन गांव के कुछ लोगों की संगति में गड़बड़ा गया। हम बिजली विभाग में मानव बल का काम करते हैं, आज तक कभी किसी का नहीं बिगाड़े हैं। जेल से आने के बाद वह कहीं जाता नहीं था। घर पर ही रहता था। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी वहीं, एसपी मनीष ने बताया कि सोमवार को नावकोठी थाना को सूचना मिली कि महेशवाड़ा वार्ड नंबर-2 में एक युवक को अपराधियों ने गोली मार दी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि अंकित कुमार रात में घर में सो रहा था, सोए हालत में ही खिड़की खोलकर बदमाशों ने उसे गोली मारी है। डॉक्टरों का कहना है कि सिर के बाएं साइड में गोली लगी है। घटनास्थल को सुरक्षित कर एफएसएल टीम से जांच कराया गया है। बखरी डीएसपी के नेतृत्व में नावकोठी थाना की पुलिस वारदात में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
‘10 रुपए का बिस्कुट कितने का है जी…’ फेम मेरठ के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर शादाब जकाती ज्वेलरी शोरूम के ग्रांड इनॉगरेशन को लेकर कंट्रोवर्सी में हैं। जकाती ने 26 अप्रैल (रविवार) को शोरूम का इनॉगरेशन किया। बिना इजाजत हजारों की संख्या में भीड़ जुटा ली। ओपनिंग सेरेमनी में 10 से ज्यादा सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स को भी बुला लिया। इसके चलते रोड जाम हो गई, माहौल बिगड़ने से बचा। पुलिस ने देर रात शादाब जकाती सहित अन्य 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह पहली बार नहीं है जब जकाती के खिलाफ मुकदमा हुआ है। शादाब जकाती सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए ऐसा करते रहते हैं। जकाती से जुड़े विवाद पढ़िए… सबसे पहले 26 अप्रैल को जो हुआ उसे जानते हैं मेरठ के हापुड़ रोड पर ग्रैंड स्क्वायर मॉल में शादाब जकाती ने अपना ‘जकाती ज्वेलर्स’ नाम से शोरूम तैयार किया है। काफी दिनों से इसकी ओपनिंग सेरेमनी की तैयारियां चल रही थीं। जकाती ने इसके लिए क्रिकेटर रिंकू सिंह की बहन नेहा सिंह सहित तमाम सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स को कार्ड भेजकर इनवाइट किया। दस दिन से शादाब की टीम इसी काम में लगी थी। वो यूट्यूबर्स को कार्ड भेजकर निमंत्रण दे रहे थे। उनसे सोशल मीडिया पर ओपनिंग सेरेमनी का पीआर करा रहे थे। शादाब और उनकी बेटी भी ज्वेलरी शोरूम के प्रमोशन, ओपनिंग के वीडियो शेयर कर रहे थे। जकाती ने 24 अप्रैल को ओपनिंग सेरेमनी में मंतशा लाइबा, अनुज ठाकुर, कृष्णा सहित कई इंफ्लूएंसर्स बुला लिए। इन इंफ्लूएसर्स को देखने काफी भीड़ जमा हो गई। इसके कारण वहां माहौल बिगड़ने लगा। हजारों की संख्या में भीड़ जुटने से रोड जाम हो गई। शादाब, उनकी बेटी ने वहां रोड शो भी निकाला। सबकुछ बिना पुलिस की इजाजत के किया गया। इसके चलते पूरा लॉ एंड ऑर्डर प्रभावित हुआ। भीड़ इतनी हो गई कि वहां कॉम्प्लेक्स के दोनों साइड के एंट्री शटर बंद करने पड़े। भीड़ तब भी नहीं रुकी। पूरा हापुड़ रोड जाम हो गया। कुछ लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद नौचंदी पुलिस ने जाम खुलवाया। डंडे मारकर लड़कों को भगाया। इस पूरे मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसके बाद पुलिस ने देर रात शादाब जकाती सहित अन्य 10-15 पर अज्ञात में मुकदमा लिख दिया। पुलिस शादाब जकाती को तलाशती रही लेकिन वो नहीं मिले। अब जानिए पहले कब-कब कंट्रोवर्सी में घिरे जकाती साथी कलाकार के पति ने दर्ज कराया केस ये पहला मौका नहीं है जब जकाती कंट्रोवर्सी में घिरे हैं। जकाती पर मेरठ के दो थानों में पहले भी मुकदमा हो चुका है। अनकी साथी कलाकार इरम के पति खुर्शीद ने जकाती के खिलाफ 2 जनवरी 2026 को केस दर्ज कराया था। आरोप था कि जकाती उसकी पत्नी के साथ गलत व्यवहार करते हैं, मर्जी के बिना साथ ले जाते हैं। महिला कलाकार के पति को जान से मारने की धमकी शादाब जकाती ने अपनी ही साथी महिला कलाकार इरम के पति खुर्शीद को जान से मारने की धमकी दी। इरम के पति खुर्शीद ने इसकी भी शिकायत थाने में की थी। जिसके बाद पुलिस शादाब को पकड़कर लाई और पूछताछ की थी। हालांकि बाद में साथी कलाकार ने जकाती के फेवर में बयान दे दिया। बेटी से बनवाई शराबी की वीडियो शादाब जकाती अपनी नाबालिग बेटी से शराबी की वीडियो बनवाने के मामले में भी विवादित हैं। नवंबर 2025 में जकाती ने बेटी से शराबियों की एक्टिंग का एक वीडियो बनवाया। इस वीडियो में जकाती के साथ एक मेल आर्टिस्ट बैठा है। साथ ही जकाती की नाबालिग बेटी भी बैठी है। जो शराबियों की एक्टिंग करते हुए गानों पर झूमती दिख रही है। इस वीडियो के बाद जकाती को काफी ट्रोल किया गया। लोगों ने ये तक कहा कि ‘पैसे कमाने की चाहत में इतने भी मत गिरो कि अपनी बच्ची का तमाशा बना दो।’ वीडियो सामने आने के बाद जकाती पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (अश्लील कृत्य) और आईटी अधिनियम की धारा 67 (अश्लील सामग्री ऑनलाइन प्रसारित करना) के तहत केस दर्ज किया गया था। जकाती ने सफाई दी कि वीडियो में बच्ची उनकी अपनी बेटी है और वीडियो को गलत समझा गया। बाद में उन्होंने वीडियो को डिलीट कर दिया और माफी मांगी थी। महिला पर अभद्र कमेंट करने में फंसे थे शादाब जकाती अपनी बेटी के साथ एक और वीडियो को लेकर विवादों में रहे थे। वीडियो में वे एक बच्ची और दो महिलाओं के साथ दिखाई दिए थे। इसमें शादाब, एक किराने की दुकान पर बैठे हैं। बच्ची सामान लेने आती है। जकाती पैसे मांगते हैं तो वह कहती है कि पैसे मम्मी आकर देगी। वह बच्ची से अभद्र कमेंट करते हैं। फिर वह उसकी मां पर कमेंट करते हैं। कहते हैं कि जब यह इतनी खूबसूरत है तो इसकी मम्मी कितनी खूबसूरत होगी। इसके बाद वह उस बच्ची के घर पहुंचते हैं। आवाज देने पर घर का दरवाजा एक महिला खोलती है। महिला से शादाब कहते हैं कि तुम्हारी बच्ची सामान लेकर आई थी। अब तुम पैसे क्या दोगी? एक KISS ही दे दो। इसी बीच नाबालिग घर के अंदर से एक महिला के साथ बाहर आती है। जकाती से कहती है कि अंकल मेरी मम्मी ये हैं, जो मेरे साथ हैं। इसके बाद जकाती पैसे मांगने लगते हैं। इस वीडियो के खिलाफ भाजपा नेता राहुल ठाकुर की शिकायत पर FIR हो चुकी है। 27 नवंबर 2025 को पुलिस ने शादाब को गिरफ्तार भी किया था। जमानत मिलने पर शादाब ने लोगों के समर्थन का आभार जताते हुए कहा था कि मैंने कुछ गलत नहीं किया है। चूंकि, लोगों ने एक वीडियो पर नाराजगी जताई है, इसलिए वीडियो डिलीट कर दिया है। डॉक्टरों ने भी की थी शिकायत पिछले दिनों जकाती ने डॉक्टर्स को लेकर एक वीडियो कंटेंट शेयर किया था। इस वीडियो में डॉक्टर्स पर टिप्पणी की गई थी। इस पर मेरठ आईएमए और डॉक्टरों ने काफी आपत्ति जताई थी। शादाब जकाती के खिलाफ ज्ञापन भी पुलिस, प्रशासन को दिया था। झारखंड की महिला ने लगाए काम के बहाने रेप के आरोप 6 फरवरी 2026 को जकाती के साथ रील बनाने वाली झारखंड की एक महिला ने इंचौली थाने (मेरठ) में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। आरोप लगाया कि शादाब ने उसे लगभग डेढ़ साल तक बंधक बनाकर रखा, जबरन रील बनवाई, घर का काम कराया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (रेप) सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर। तब जकाती ने आरोपों को निराधार बताया था। उन्होंने एक वीडियो बयान में कहा कि महिला ने मदद मांगी थी और उन्होंने मानवीय आधार पर उसे काम और घर की जरूरतें पूरी करने में मदद की। वहीं इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जकाती की याचिका पर स्टे (रोक) देने से इनकार कर दिया। मस्जिद में रील बनाने को लेकर जारी हुआ था फतवा दिसंबर 2025 में भोपाल की ऐतिहासिक ताजुल मसाजिद में रील/वीडियो बनाने के बाद मुस्लिम संगठनों ने उनके खिलाफ फतवा जारी किया था। जकाती ने मस्जिद परिसर में बिना बुर्का/दुपट्टा पहने महिला के साथ रील (वीडियो) बनाई, जिसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया। पूरे मामले में पुलिस की बात पढ़िए... भीड़ जुटाने के प्रकरण में मेरठ के एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का बयान सामने आया है। एसपी का कहना है कि हापुड़ रोड पर जकाती ज्वेलर्स नाम से शोरूम की ओपनिंग में बिना अनुमति के काफी भीड़ जुटाई गई। वहां माहौल खराब करने का प्रयास किया गया। भीड़ के कारण आमजन को काफी असुविधा हुई। ये ज्वेलरी शोरूम यूट्यूबर शादाब जकाती का है। पुलिस ने वहां पहुंचकर व्यवस्था सही कराई। शादाब जकाती व अन्य के खिलाफ मुकदमा किया गया है। पूरे मामले पर जब हमने शादाब जकाती से बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन नहीं अटैंड किया। उनसे बात नहीं हो सकी है। कौन हैं शादाब जकाती? जकाती उत्तर प्रदेश के मेरठ के इंचौली क्षेत्र के रहने वाले हैं। क्रिकेट के शौकीन हैं। सऊदी अरब में बतौर ड्राइवर काम कर चुके हैं। वहीं से वीडियो बनाने की शुरुआत की थी। शादाब का एक वीडियो '10 वाला बिस्कुट का पैकेट कितने का है जी...' हिट हो चुका है। इसे करोड़ों लोग देख चुके हैं। रैप सिंगर बादशाह, क्रिकेटर रिंकू सिंह और कुलदीप यादव समेत कई सेलिब्रिटीज इस वीडियो को कॉपी कर चुके हैं। अब वे सोशल मीडिया पर बड़ी पहचान बन चुके हैं। --------------------- ये खबर भी पढ़ें…यूपी में बदमाश लड़की ने कर्मचारी से 10 लाख लूटे; 2 लड़कों के साथ बाइक से आई थी; तमंचा ताना और बैग छीनकर भागी यूपी के फिरोजाबाद में सोमवार को एक लड़की ने अपने दो बदमाशों के साथ मिलकर बीज भंडार के कर्मचारी से 10 लाख रुपए लूट लिए। लुटेरी लड़की बाइक से आई थी। बदमाशों ने बीच सड़क कर्मचारी की बाइक के सामने अपनी बाइक अड़ा दी। फिर एक ने तमंचा निकाला और कर्मचारी पर तान दिया। पढ़िए पूरी खबर
भीलवाड़ा जिले में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-02 ने लूट और हत्या के चर्चित मामले में आरोपी रफीक मोहम्मद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।अदालत ने उस पर 10 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। उल्लेखनीय है कि इसी मामले में पूर्व में चार अन्य आरोपी राकेश, रामा, राजू और करण कंजर को भी उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है। यह था मामला अपर लोक अभियोजक राजेन्द्र कुमार गुर्जर ने बताया कि 16 अक्टूबर 2014 को मंगरोप थाना क्षेत्र के काबरा निवासी रामचन्द्र और उनकी पत्नी श्यामू देवी रात में अपने मकान के बाहर सो रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने दोनों पर हमला कर दिया।श्यामू देवी के सोने के जेवर मांदलिया, सिर का बोर और कानों की टोटियां लूटकर रामचन्द्र के साथ लकड़ियों से गंभीर मारपीट की गई, जिससे उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। 27 गवाह और 50 डॉक्युमेंट्स पेश कर आरोपी को सजा इस मामले में धारा 173(8) सीआरपीसी के तहत आगे की जांच के बाद रफीक मोहम्मद को गिरफ्तार कर चालान पेश किया गया। ट्रायल के दौरान 27 गवाह और 50 डॉक्युमेंट्स कोर्ट में पेश किए गए। जिनके के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारवास की कड़ी सजा सुनाई।
अलवर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के माचाड़ी गांव के समीप सोमवार देर शाम तेज रफ्तार बाइक ने कार को टक्कर दी। जिससे बाइक सवार 32 साल के युवक लक्ष्मण मीणा पुत्र लालजी मीणा की मौत हो गई। मृतक युवक के भाई रामनिवास ने बताया कि ईशवाना गांव निवासी लक्ष्मण मीणा पुत्र लालजी मीणा रोज की तरह राजगढ़ स्थित फैक्ट्री से मजदूरी कर अपने घर लौट रहा था। देर शाम माचाड़ी के पास एक तेज रफ्तार बोलेरो कार ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसे राजगढ़ अस्पताल भिजवाया। हालत गंभीर होने पर तुरंत अलवर रैफर कर दिया। अलवर जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।मृतक के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। कार ड्राइवर मौके से फरार हो गया।
फार्मर रजिस्ट्री से भूमि का डिजिटलीकरण:औरैया में किसानों को मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ
औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने फार्मर रजिस्ट्री योजना की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम चिचौली और लुहियापुर में जानकारी प्राप्त की। यह योजना किसानों की भूमि के डिजिटलीकरण और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। जिलाधिकारी ने किसान बंधुओं से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने और अपने परिवारजनों व इष्ट मित्रों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी फार्मर रजिस्ट्री करा ली है। उन्होंने आधार कार्ड में त्रुटि होने पर उसे जन सेवा केंद्र के माध्यम से सही कराकर रजिस्ट्री कराने की भी सलाह दी। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी भूमिधर किसानों की एग्रीस्टैक (डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर) के तहत फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी। इसके लिए 10 मई, 2026 तक ग्रामवार शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी, राजस्व विभाग के लेखपाल, पंचायत सहायक, रोजगार सेवक, ग्राम के संबंधित कोटेदार और अन्य लोग सहयोग करेंगे। शिविरों में उपलब्ध भूमि को एक स्थान पर पंजीकृत कर फार्मर रजिस्ट्री तैयार की जाएगी और कृषकों को फार्मर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी। ये शिविर कृषि विभाग के ए.टी.एम./बी.टी.एम., टी.ए.सी. और राजस्व विभाग के लेखपाल के माध्यम से संचालित होंगे। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, खतौनी और आधार से लिंक मोबाइल नंबर आवश्यक अभिलेख हैं। फार्मर रजिस्ट्री से कृषकों को कई लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी। इसमें फसली ऋण, फसल बीमा की क्षतिपूर्ति और आपदा राहत प्राप्त करना आसान होगा। विभिन्न कार्यक्रमों के लिए किसानों को बार-बार भौतिक सत्यापन से मुक्ति मिलेगी और नवोन्मेषी कार्यक्रमों के विस्तार के अवसर बढ़ेंगे। यह कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम आदि विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने और उर्वरक प्राप्त करने के लिए भी अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पाद के विपणन में भी सुगमता होगी। किसान भाइयों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में शिविरों में उपस्थित होकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराने में सहयोग प्रदान करें।
उठक-बैठक करके चर्चा में आए यूपी के IAS रिंकू सिंह राही ने इस्तीफा वापस ले लिया है। इसके लिए उन्होंने सरकार को लिखित आवेदन दिया है। इस्तीफा वापस लेने के सवाल पर रिंकू सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा- मुझे पोस्टिंग का कोई लालच नहीं है, मैं बस काम करना चाहता हूं। सरकार मुझसे जहां चाहे काम कराए। शासन के अधिकारियों ने मुझे भरोसा दिलाया है कि आगे से मेरे साथ ऐसा नहीं होगा। मुझे जल्द सम्मानजनक पोस्टिंग भी दी जाएगी। रिंकू सिंह राही ने 26 मार्च को राष्ट्रपति को कंडीशनल इस्तीफा भेजा था। कहा- उन्हें वेतन तो मिल रहा था, लेकिन जनसेवा का अवसर नहीं मिल रहा था। उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी यानी पीसीएस में वापस भेजे जाने की भी अपील की थी। रिंकू के इस्तीफे के बाद शासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद सरकार के अधिकारी हरकत में आए। रिंकू की पूर्व नौकरी के दौरान किए गए कार्यों की जांच कराई गई। उनके स्कूल-कॉलेज के शैक्षणिक दस्तावेजों और जाति प्रमाण पत्र की भी जांच हुई, लेकिन कहीं गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले। इसके बाद शासन के अधिकारियों और राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार ने रिंकू से बात की और भविष्य में उनके सम्मान का ध्यान रखने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा वापस ले लिया। 44 साल के रिंकू को 9 महीने पहले शाहजहांपुर से हटाकर राजस्व परिषद भेजा गया था। तब से उन्हें फील्ड में कोई पोस्टिंग नहीं मिली थी। रिंकू 2021 बैच के IAS अफसर हैं। अभी उनकी 16 साल की नौकरी बची है। बसपा शासन में 26 मार्च, 2009 को रिंकू सिंह पर फायरिंग हुई थी। जिसमें उन्हें सात गोलियां लगी थीं। इनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं, जिससे उनका चेहरा बिगड़ गया था। पढ़िए, SDM से क्यों हटाए गए थे रिंकू सिंह9 महीने पहले रिंकू सिंह राही मथुरा में जॉइंट मजिस्ट्रेट थे। वहां से ट्रांसफर होकर 24 जुलाई, 2025 को दोपहर 2 बजे पुवायां SDM का चार्ज संभाला था। इसी दौरान उनकी नजर परिसर के अंदर ही दीवार के पास टॉयलेट कर रहे वकील आज्ञाराम के मुंशी विजय (38) पर पड़ी। उन्होंने उसे टोक दिया और शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए कहा। मुंशी ने रिंकू सिंह को जवाब दिया कि शौचालय गंदे हैं। इस पर एसडीएम बिफर गए थे। कहने लगे थे कि ये गलती तहसील कर्मचारियों की है। उन्होंने मौके पर ही मुंशी से उठक-बैठक लगवा दी थी। तहसील परिसर में वकील अपनी कुछ मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। तभी उनको मंशी से उठक-बैठक लगवाने की बात पता चल गई। इस पर वकील भड़क गए थे। उन्होंने एसडीएम को मौके पर बुलवा लिया था। एसडीएम ने वकीलों से कहा था कि मुंशी ने गलती की है। इस पर वकीलों ने कहा था कि गलती है, तो उठक-बैठक लगवाना सही नहीं है। क्या आप उठक-बैठक लगा सकते हैं? इस पर रिंकू सिंह ने कहा था कि इसमें कोई शर्म नहीं है। मैं उठक-बैठक लगा सकता हूं। इसके बाद उन्होंने 5 बार उठक-बैठक लगाई थी। जानिए कौन हैं रिंकू सिंह राही… हाथरस के रहने वाले, पहले PCS फिर IAS बने रिंकू सिंह राही का जन्म 20 मई, 1982 को हाथरस में एक दलित परिवार में हुआ था। वह थाना सासनी के गांव ऊसवा के रहने वाले हैं। दो भाइयों में बड़े रिंक के पिता सौदान सिंह राही आटा चक्की चलाकर परिवार का पालन करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्होंने सरकारी स्कूल से पढ़ाई की थी। अच्छे नंबरों से 12वीं पास करने पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली थी। इसकी मदद से उन्होंने जमशेदपुर के टाटा इंस्टीट्यूट से बीटेक किया था। 2004 में रिंकू सिंह ने पीसीएस परीक्षा पास की थी। नौकरी के दौरान उन्होंने दिव्यांग कोटे से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा दी। 2021 में उन्हें 683वीं रैंक मिली और वे आईएएस बने थे। परिवार में पत्नी सुलेखा योगा टीचर रही हैं। 10 साल का एक बेटा ध्रुव राही है। ताऊ रघुवीर सिंह राही बसपा शासनकाल में जिलाध्यक्ष रहे हैं। भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर 7 गोलियां मारी गई थीं पीसीएस बनने के बाद 2008 में रिंकू सिंह की पहली पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में हुई थी। वहां उन्होंने छात्रवृत्ति और पेंशन में हो रहे भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। रिंकू ने दैनिक भास्कर को बताया था- जांच में मुझे पता चला था कि 100 करोड़ रुपए गबन हुआ। इसके पीछे राजनीतिक पार्टी के अलावा पूरा गैंग था। उस समय बसपा सरकार थी। 26 मार्च, 2009 को रिंकू एक सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे। तभी उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। इसमें रिंकू राही को सात गोलियां लगी थी। इनमें से दो उनके चेहरे पर लगी थीं। उनका जबड़ा तक बाहर आ गया और चेहरा बिगड़ गया था। साथ ही एक कान खराब हो गया और एक आंख की रोशनी चली गई थी। एक महीने अस्पताल में भर्ती रहे, धरना दिया था इस हमले के बाद रिंकू को हायर सेंटर मेरठ ले जाया गया था। करीब एक महीने मेरठ के सुभारती मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहे थे। ऑपरेशन के बाद वह ठीक होकर लौटे थे। इसके बाद घोटाला के खुलासे के लिए रिंकू ने RTI के तहत विभाग से कुछ सूचनाएं मांगी थीं। लेकिन, एक साल बाद भी उन्हें सूचनाएं नहीं दी गईं। इसके बाद 26 मार्च, 2012 को रिंकू राही ने लखनऊ निदेशालय के बाहर अनशन शुरू कर दिया था। पुलिस ने रिंकू राही को वहां से उठाकर मेंटल हॉस्पिटल लखनऊ भेज दिया था। खबर लगातार अपडेट की जा रही…
छ्त्तीसगढ़ में जगदलपुर में रेंजर समेत अन्य कर्मचारी की बेदम पिटाई की गई है। बताया रहा है कि अफसर तोतों की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने फ्लाइंग स्क्वॉड टीम पर हमला कर दिया गया। रेंजर और उनकी टीम के सदस्य की बेदम पिटाई की गई। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का है। दरअसल वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि संजय मार्केट में नवजात तोतों की बिक्री की जा रही है। इसी सूचना पर फ्लाइंग स्क्वॉड प्रभारी (रेंजर) अक्षय कश्यप अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। जांच के दौरान टीम ने नवजात तोता बच्चों की अवैध बिक्री होते देख कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान वहां मौजूद लोगों और अन्य व्यापारियों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। अचानक बढ़ा विवाद, की मारपीट देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने रेंजर अक्षय कश्यप को पकड़कर मारना शुरू कर दिया। घटना के दौरान टीम के अन्य सदस्य भी हमले की चपेट में आ गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को काबू में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विक्रम मजूमदार और मधुसूदन मजूमदार को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी वहीं अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश जारी है। बताया जा रहा है कि मामला अवैध वन्यजीव व्यापार से जुड़ा हुआ है, जिसमें नवजात तोता बच्चों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी। पुलिस और वन विभाग इस पूरे मामले की संयुक्त जांच कर रहे हैं। पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी कर्मचारी से मारपीट और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध वन्यजीव व्यापार और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर ने कहा कि रेंजर की शिकायत पर FIR दर्ज हो गई है। दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है।
मुजफ्फरपुर में एक महिला और उसके दो बच्चों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। कमरे में तीनों के शव मिले हैं। घटना पानापुर करियात थाना क्षेत्र के शाहबाजपुर मठ के पास की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए DSP पश्चिमी सुचित्रा कुमारी मौके पर पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि महिला और 2 बच्चों की मौत हुई है। फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। खबर अपडेट की जा रही है।
सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे बारात के बीच से वाहन निकालने के विवाद में एक 24 वर्षीय युवक को कट्टे से गोली मार दी गई। घटना पतेरी स्थित क्रिस्टकुला चौराहे के पास की है। गोली युवक के पैर में लगी है, जिसे उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात महदेवा चौराहे के पास क्रिस्टकुला स्कूल से एक बारात मिलन मैरिज गार्डन की ओर जा रही थी। पूरी बारात सड़क के बीच में चल रही थी। इसी दौरान जवाहर निवासी राहुल उर्फ अनुराग द्विवेदी (24) अपने एक साथी के साथ वहां से गुजर रहा था। अपने वाहन को निकालने के लिए राहुल ने बारातियों को किनारे हटने को कहा था। कहासुनी के बाद मारपीट, फिर कट्टे से किया फायररास्ता मांगने की बात पर राहुल का बारातियों में शामिल कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। कहासुनी का मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधा राहुल के पैर में जाकर लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया। अस्पताल पहुंचा दो थानों का बल, जांच जारीगोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह और सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। कार्रवाई को लेकर सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि, घायल के बयान के आधार पर घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।
मैहर जिले के अमरपाटन-सतना मार्ग पर सोमवार देर रात सड़क हादसे में पिता-बेटे की मौत हो गई। खेरिया मोड़ के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना अंतर्गत ग्राम डूडहा निवासी हनुमान कोल (67) और बेटे धर्मदास कोल (26) के रूप में हुई है। बताया गया है कि दोनों एक पारिवारिक शादी समारोह में शामिल होने के लिए देउरी जा रहे थे। वाहन चालक मौके से फरार हो गया हादसा सोमवार रात करीब 10 बजे हुआ। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सड़क पर गंभीर रूप से घायल पड़े पिता-बेटे को उसी रास्ते से गुजर रही 108 एम्बुलेंस के चालक ने अमरपाटन सिविल अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अमरपाटन सिविल अस्पताल में रखा गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है।
प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव करने या आवश्यकता पड़ने पर अवकाश घोषित करने का अधिकार संबंधित जिला कलेक्टर को दे दिया गया है। हालांकि इससे पहले ही स्कूलों का समय परिवर्तन का आदेश कलेक्टर निकाल चुके हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट के आदेश के अनुसार, स्थानीय परिस्थितियों और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर अपने जिले में संचालित राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों के लिए आवश्यक निर्णय ले सकेंगे। इसमें स्कूल समय में परिवर्तन से लेकर अवकाश घोषित करने तक का अधिकार शामिल है। यह व्यवस्था ग्रीष्मावकाश शुरू होने से पहले, यानी 16 मई 2026 तक प्रभावी रहेगी। जिला कलेक्टर अपने जिले के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक आदेश जारी कर सकेंगे। हालांकि, शिक्षा निदेशालय का यह आदेश कुछ देरी से जारी हुआ है। इससे पहले ही प्रदेश के कई जिलों में जिला कलेक्टर स्थानीय मौसम परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव कर चुके हैं। कई स्थानों पर सुबह की पारी में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि समय परिवर्तन या अवकाश का निर्णय केवल विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा। इसका उद्देश्य तेज गर्मी और लू के प्रभाव से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इन जिलों में बदल चुका है समय स्कूलों का समय बदलकर सुबह साढ़े सात बजे कहीं साढ़े ग्यारह बजे कर दिया गया है तो कहीं बारह बजे हुआ है। बीकानेर में कलेक्टर निशांत जैन ने स्कूल सुबह साढ़े सात से साढ़े ग्यारह बजे तक कर दिए हैं, वहीं श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, चूरू सहित कई अन्य जिलों में भी स्कूलों का समय बदल गया है।
लुधियाना में स्नैचिंग की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। मॉडल टाउन इलाके में दीप अस्पताल के बाहर एक महिला से चेन स्नैचिंग का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। घटना के 9 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। पुलिस ने इस केस में 9 दिन बाद FIR दर्ज की है। स्नैचरों ने जब बुजुर्ग महिला की चैन झपटी तो उसका गला चोटिल हो गया। बुजुर्ग महिला के 4 से 5 टांके लगे पर लगे है। यहां बड़ा सवाल यह है कि अस्पताल के बाहर कही कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। एक मिठाई के दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में सिर्फ दो व्यक्ति बाइक पर जाते हुए नजर आए है। उन संदिग्ध व्यक्ति की पहचान में पुलिस जुटी है। अस्पताल से निकलते ही वारदातशिकायतकर्ता तरंग बिंद्रा निवासी पटियाला के अनुसार वह 19 अप्रैल 2026 को अपनी माता प्रमोद बिंद्रा के साथ लुधियाना के दीप अस्पताल अपने मौसा को डिस्चार्ज करवाने आए थे। जैसे ही वह अपनी मां के साथ अस्पताल के बाहर आए और कार में उनकी मां बैठने लगी तो दो बदमाश बाइक पर आए जिन्होंने उनके गले में पहने अढ़ाई तोले सोने की चैन झपट ली। झपटमारों ने चैन इतनी बेरहमी से खींची की उनकी मां का गले लहूलुहान हो गया। उनकी मां के गले पर 4 से 5 टांके लगे है। गले से सोने की चेन झपटीआरोपी ने अचानक उनकी माता के गले में पड़ी करीब 2.5 तोले की सोने की चेन झपट ली और तुरंत अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर मौके से फरार हो गया। थाना मॉडल टाउन पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 304 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के CCTV कैमरों की जांच कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
मंदसौर के मल्हारगढ़ क्षेत्र में फसल अवशेष (नरवाई/पराली) जलाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 4 किसानों पर कुल 15 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग की ओर से लागू नियमों और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत की गई। कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन, पर्यावरण विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा वर्ष 1981 की धारा 19(5) के अंतर्गत खेतों में गेहूं या धान के अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पर्यावरण मुआवजा वसूला जा रहा है। इन किसानों पर लगा जुर्माना अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई में ग्राम बरखेड़ा वीरपुरीया के भंवरसिंह पर 5 हजार रुपए, ग्राम बादपुर के मुलचंद पर 5 हजार रुपए, ग्राम देवरी के देवीलाल पर 2,500 रुपए और ग्राम देवरी की शालीबाई पर 2,500 रुपए इस प्रकार कुल 15 हजार रुपए का अर्थदंड वसूल किया गया। प्रशासन की अपील: विकल्प अपनाएं, पर्यावरण बचाएं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं। इससे जहां पर्यावरण संरक्षण होगा, वहीं भूमि की उर्वरता भी बनी रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक नरवाई जलाने के मामलों पर सतत निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी इस तरह के उल्लंघनों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
स्काई टेक फेज-2 सोसाइटी में AOA चुनाव:मई माह के पहले माह मे कार्यकारिणी का किया जाएगा गठन
गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित स्काई टेक फेज-2 सोसाइटी में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का चुनाव हुआ। चुनाव में टीम परिवर्तन के सभी 6 उम्मीदवारों ने भारी मतों से जीत दर्ज की। एओए की 6 सीटों के लिए कुल 11 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था, जिनमें से अंतिम रूप से 9 उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहे। सोसाइटी निवासी अनुरंजन श्रीवास्तव ने बताया कि 7 वर्षों बाद सोसाइटी में एओए सदस्यों का चयन चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से हुआ है। इससे पहले अधिकांश चुनावों में सदस्य आम सभा (GBM) में सर्वसम्मति से चुन लिये जाते थे। 80 प्रतिशत लोगों ने भाग लिया चुनाव में लगभग 80 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। गाजियाबाद से बाहर रहने वाले लोगों ने ईमेल के माध्यम से अपना मतदान किया।चुनाव प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में दोनों रिटर्निंग ऑफिसर्स (RO) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चुनाव में संजय लाभ, नितिन गुप्ता, कौस्तव पाण्डेय, निशांत वर्मा, निर्मल सिंह और माधव कपूर ने जीत दर्ज की। नव निर्वाचित सदस्य जल्द ही बैठक कर अपनी कार्यकारिणी का गठन करेंगे तथा सोसाइटी के रखरखाव एवं विकास की योजनाएं तैयार कर रेजिडेंट्स के साथ साझा करेंगे।
हापुड़ सदर सीट पर भाजपा विधायक विजयपाल आढ़ती को जनता ने पसंद नहीं किया है। भास्कर के सर्वे में 49% जनता का मत है कि इन्हें टिकट नहीं मिलना चाहिए। यहां पर पार्टी के रूप में सबसे पहली पसंद भाजपा है। दूसरे नंबर पर समाजवार्दी पार्टी, तीसरे नंबर पर कांग्रेस और चौथे नंबर पर बसपा है। पार्टीवार देखें तो भाजपा में पहली पसंद विजयपाल आढ़ती हैं। उन्हें 69% लोगों ने पसंद किया है। दूसरे नंबर पर कविता माद्रे हैं, माद्रे को 10% लोगों ने पसंद किया है। जबकि तीसरे नंबर पर मालती भारती हैं, उन्हें 9% ने पसंद किया है। इसके अलावा राकेश बजरंगी को 4% लोगों ने पसंद किया है। सपा में पहली पसंद तेजपाल प्रमुख हैं। इन्हें 44% लोगों ने पसंद किया है। प्रताप सिंह चौहान को 26%और ललित सिंह को 18%लोगों ने पसंद किया है। कांग्रेस पार्टी में पहली पसंद गजराज सिंह हैं। इन्हें 32% लोगों ने पसंद किया है। मानवी सिंह को 28%नरेश भाटी को 24%और रश्मि चौधरी को 12%लोगों ने पसंद किया है। बसपा में विपिन दीवान को 42% लोगों पसंद किया है। मनीष कुमार को 31% और महेश टायर वाले को 22% लोगों का समर्थन मिला है।
कोटा शहर की उद्योग नगर थाना पुलिस के गिरफ्त में हनी ट्रैप गैंग के हर सदस्य की अलग अलग जिम्मेदारी तय थी युवक लड़को से दोस्ती करके उनके फोन नंबर गैंग की लड़कियों को उपलब्ध कराते थे फिर लड़कियां युवकों से फोन पर बात करके अपने जाल में फंसाती मिलने के बहाने कमरे पर बुलाकर अश्लील वोडियो बनवाती इसी वोडियो को वायरल करने व रेप केस की धमकी देकर गिरोह के सदस्य युवकों को ब्लेकमेल कर पैंसे लेते गैंग के सदस्य अब तक 6 से 7 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं और उनसे करीब 5 लाख रुपए से ज्यादा की वसूली कर चुके हैं। मामले में पुलिस ने चार पुरुष और दो महिला सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से युवकों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग कर रहा था। उद्योग नगर थाना अधिकारी मांगेलाल यादव ने बताया कि इस मामले का खुलासा एक पीड़ित की शिकायत के बाद हुआ। फरियादी ने पुलिस को बताया कि एक महिला ने फोन पर बातचीत कर उससे दोस्ती की और बाद में मिलने के लिए एक कमरे पर बुलाया उसके कपड़े उतरवाए गए। वहां पहले से मौजूद गैंग के अन्य सदस्यों ने उसके वीडियो बना लिए। इसके बाद युवक को वीडियो वायरल करने, झूठे मुकदमे में फंसाने और पुलिस में बंद करवाने की धमकी देकर 90 हजार रुपए वसूल लिए गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की तो पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि गैंग के सभी सदस्यों की अलग-अलग जिम्मेदारी तय थी। पुरुष सदस्य शहर के अलग-अलग इलाकों में घूमकर युवकों को निशाना बनाते थे। किसी युवक से दोस्ती कर उसका मोबाइल नंबर लिया जाता था और फिर वह नंबर महिला सदस्य को दे दिया जाता था। इसके बाद महिला आरोपी युवक से फोन पर बातचीत कर उसे अपने प्रेम जाल में फंसाती थी। कुछ दिनों तक लगातार बात करने के बाद उसे मिलने के बहाने कमरे पर बुलाया जाता था। वहां पहले से गैंग के अन्य सदस्य मौजूद रहते थे, जो चोरी-छिपे वीडियो बना लेते थे। बाद में युवक को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता था। गैंग के सदस्य पीड़ितों को महिला के साथ जबरदस्ती करने के झूठे केस में फंसाने, पुलिस कार्रवाई करवाने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देते थे। डर के कारण कई युवक बदनामी से बचने के लिए लाखों रुपए दे देते थे, लेकिन पुलिस में शिकायत नहीं करते थे। थाना अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नरेंद्र सिंह सोलंकी का नाम सामने आया है, जिस पर पहले से लूट, डकैती, मारपीट और हनी ट्रैप जैसे 10 से 12 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। वहीं महिला आरोपी कोमल शर्मा पर भी पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर जांच की तो उसमें कई युवकों के वीडियो और चैट मिले। इसके बाद पुलिस ने संभावित पीड़ितों से संपर्क किया, लेकिन अधिकांश लोग बदनामी के डर से सामने नहीं आए। हालांकि कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र का एक युवक सामने आया, जिसने अपने साथ हुई वारदात की शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह काफी समय से सुनियोजित तरीके से वारदात कर रहा था और रुपए कमाने का इसे शॉर्टकट तरीका मान चुका था। फिलहाल सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य मामलों, संभावित पीड़ितों और इनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और ऐसी घटना होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
Delhi News: किरोड़ी मल कॉलेज में भव्य एलुमनी मीट, ‘वॉल ऑफ फेम’ के जरिए पूर्व छात्रों का सम्मान
एलुमनी मीट के दौरान उद्घाटित ‘वॉल ऑफ फेम’ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। इसमें उन पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राजनीति, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, मीडिया और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
पति की पिटाई से नाराज पत्नी कीचड़ से भरे कुएं में कूद गई। महिला को बचाने के लिए उसका पति, देवर और ननद ने भी कुएं में छलांग लगा दी। लेकिन, ग्रामीणों ने जब तक चारों को बाहर निकाला तब तक महिला के पति और देवर की मौत हो चुकी थी। मामला डीग जिले के रहरा थाने के बादीपुर गांव का सोमवार रात 9 बजे का है। सूचना मिलने पर पुलिस रात करीब 11 बजे मौके पर पहुंची। दोनों भाइयों के शवों को मॉर्च्युरी में रखवाया गया, जहां मंगलवार को कामां हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम होगा। पति ने थप्पड़ मारे थे, नाराज होकर कुएं में कूदी पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि महिला महिंद्रा का पति रविंद्र (25) सोमवार रात को शराब पीकर घर आया था। इसी बात को लेकर रविंद्र और उसकी पत्नी महिंद्रा का विवाद हो गया। दोनों में कहासुनी होने के बाद रविंद्र ने अपनी पत्नी महिंद्रा को थप्पड़ मार दिया। इससे वह आहत हो गई और चिल्लाते हुए घर से बाहर कुएं में कूदने के लिए भागी। महिला के पीछे उसका पति रविंद्र उसे रोकने के लिए भागा। जैसे ही महिंद्रा ने कुएं में छलांग लगाई, रविंद्र भी उसके पीछे कूद गया। भाई-भाभी को कुएं में कूदता देख उन्हें बचाने के लिए रविंद्र का छोटा भाई रोहित (21) भी कुएं में कूद गया। और, फिर तीनों को बचाने के लिए खुशबू भी उनके पीछे भागी और उसने भी कुएं में छलांग लगा दी। दम घुटने से हुई मौत परिवार के चिल्लाने की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जिस कुएं में चारों ने छलांग लगाई थी, वह कई साल पुराना है और गंदगी से अटा हुआ पड़ा है। चारों कीचड़ भरे कुएं में बुरी तरह से फंस गए थे। मौक पर मौजूद ग्रामीणों ने रस्सीयों के सहारे चारों को बाहर निकाला और हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। लेकिन, रोहित और रविंद्र की तब तक दम घुटने से मौत हो चुकी थी। डॉक्टर्स ने बताया कि महिंद्रा और खुशबू की हालत गंभीर है। जबकि दोनों भाइयों को ऑक्सीजन नहीं मिलने से जान चली गई। परिजनों से समझाइश के बाद शवों को अस्पताल लाया गयापुलिस को घटना का पता लगा तभी पुलिस बादीपुर गांव पहुंची। जुरहरा थाना इंचार्ज ने परिजनों से समझाइश की और, दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए कामां अस्पताल लाया गया। आबादीपुर निवासी जसराम के अनुसार मृतक दोनों भाई मेहनत-मजदूरी कर परिवार चला रहे थे। बड़ा भाई 25 वर्षीय रविन्द्र उर्फ रब्बू गांव में रहकर बेलदारी करता था, जबकि छोटा भाई रोहित उर्फ तेजी हरियाणा के पलवल जिले के नवीपुर स्थित एक फैक्ट्री में सफाई कर्मी था और करीब एक महीने बाद सोमवार को ही घर लौटा था। परिवार का तीसरा 14 वर्षीय भाई निशी पशुओं की देखभाल करता है। रविन्द्र की शादी वर्ष 2022 में महिंद्रा से हुई थी। वह 6 महीने पहले ही अपने ससुराल बादीपुर आई थी। ये खबर भी पढ़ें… परिवार के 4 लोग कुएं में कूदे,2 भाइयों की मौत:पत्नी को बचाने युवक ने छलांग लगाई; छोटा भाई और बहन भी कूद पड़े
अजमेर जिले के पीसांगन में चार दिन पूर्व झोपड़ी में सो रहे डेढ़ महीने के मासूम पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। वह पिछले 4 दिनों से जेएलएन हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर था। मंगलवार सुबह मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे के शरीर के कई अंग गंभीर रूप से डैमेज हो गए थे। हालत बिगड़ने पर उसे लगातार वेंटिलेटर सपोर्ट दिया जा रहा था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सीपीआर भी दिया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। मासूम की आज सुबह करीब 7 बजे डेथ हो गई। सुबह भी बच्चे को सीपीआर दिया गया था। झोपड़ी में घुसकर किया हमला यह घटना 24 अप्रैल की रात अजमेर से करीब 40 किलोमीटर दूर पीसांगन के कालेसरा गांव में हुई थी। परिवार के अनुसार, मासूम सावरा अपनी झोपड़ी में सो रहा था। उसी दौरान आवारा कुत्ते झोपड़ी में घुस आए और बच्चे पर हमला कर दिया। करीब पांच मिनट तक कुत्ते बच्चे को नोचते रहे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मां बाहर बना रही थी खाना मासूम की मां केलम (30) ने बताया कि घटना के समय वह झोपड़ी के बाहर खाना बना रही थी, जबकि उसके पति मकरम काम पर गए हुए थे। झोपड़ी के अंदर डेढ़ माह का सावरा और तीन साल का बड़ा बेटा अरविंद सो रहा था। उसने खुद को कंबल से पूरी तरह ढक रखा था। शायद इसी वजह से वह कुत्ते की नजरों से बच गया। उन्होंने बताया कि अचानक बच्चे रोने की आवाज सुनकर वह अंदर दौड़ीं तो देखा कि कई कुत्ते झोपड़ी में मौजूद थे। एक कुत्ते ने बच्चे को मुंह में दबा रखा था। करीब पांच मिनट तक संघर्ष करने के बाद मां बच्चे को कुत्तों के चंगुल से छुड़ाया। यह खबर भी पढ़ें…… कुत्तों ने डेढ़ महीने के मासूम को नोचा,आंतें बाहर आईं:5 मिनट तक संघर्ष करती रही मां, मासूम के ऊपर लेट कर बचाई जान झोपड़ी में सो रहे डेढ़ माह के मासूम पर कुत्तों ने हमला बोल दिया। वह करीब 5 मिनट तक बच्चे को नोचते रहे। उसकी आंतें बाहर आ गईं। मां ने किसी तरह बच्चे को छुड़ाया और उसके ऊपर लेट कर उसकी जान बचाई। घटना अजमेर से करीब 40 किमी दूर पीसांगन के कालेसरा गांव में 24 अप्रैल की रात में हुई। (पूरी खबर पढ़ें)
नेपानगर नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने सोमवार को नई प्रेसिडेंट इन काउंसिल (पीआईसी) का गठन किया है। इसमें अध्यक्ष सहित कुल आठ सदस्य शामिल हैं। यह कदम रविवार को पुरानी पीआईसी को भंग करने के एक दिन बाद उठाया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष भारती विनोद पाटील ने रविवार को सीएमओ मोहन सिंह अलावा को एक पत्र सौंपा था। इस पत्र में उन्होंने बताया कि पूर्व में गठित पीआईसी राज्य शासन के नियमों के तहत विकास कार्यों के निर्णय लेती थी। भविष्य के नगर विकास को देखते हुए नई पीआईसी के गठन का निर्णय लिया गया। पुरानी पीआईसी को 26 अप्रैल को दिए गए पत्र के माध्यम से भंग करने की जानकारी दी गई थी। नई पीआईसी में चार नए पार्षदों को शामिल किया गया है, जबकि तीन पार्षदों को पुरानी पीआईसी से बरकरार रखा गया है। इन सभी सदस्यों को उनके विभागों का आवंटन भी कर दिया गया है। नए शामिल किए गए पार्षदों में पार्वती बाई रतन भिलावेकर को आवास, पर्यावरण और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। विनोद सुरेश पाल को राजस्व तथा बाजार विभाग, श्रावण्या पंकज मल्लना को खाद्य नागरिक आपूर्ति, पुनर्वास और नियोजन विभाग, जबकि प्रदीप गंगाराम मिसाल को स्वास्थ्य तथा चिकित्सा विभाग सौंपा गया है। पुरानी पीआईसी से जिन तीन पार्षदों को नई पीआईसी में जगह मिली है, उनमें जितेंद्र रमेश पाटील को जल कार्य विभाग, रूपाली जितेंद्र सावकारे को शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, और अंबादास सोनवणे को विधि तथा सामान्य प्रशासन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। जिन चार पार्षदों को पीआईसी से हटाया गया है, उनमें योगिता राजू पाटील, सपना कैलाश पटेल, अनीसा राजेश पटेल और वर्षा शांताराम ठाकरे के नाम शामिल हैं।
रामपुर के शाहबाद कोतवाली क्षेत्र में शादी की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब सोमवार शाम रामगंगा नदी में मंढा प्रवाहित करने गए दूल्हे के भाई समेत छह युवक डूबने लगे। इनमें से चार को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचा लिया, जबकि दूल्हे के एक भाई की मौत हो गई और उसका ममेरा भाई अभी भी लापता है। घर में हो रही थी रिश्तेदारों की विदाई की तैयारी यह घटना गांव कूप में हुई। गांव निवासी श्याम लाल के बेटे राजा उर्फ राजकुमार की रविवार को शादी थी। उसकी बारात बरेली जनपद के आंवला थाना क्षेत्र के सुरजनपुर गई थी और सोमवार सुबह दुल्हन के साथ लौट आई थी। घर में रिश्तेदारों की विदाई की तैयारी चल रही थी, इसी बीच दोपहर करीब 4 बजे परिवार के सदस्य रामगंगा में मंढा प्रवाहित करने गए। तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे सभी मंढा प्रवाहित करने के बाद दूल्हे के दो भाई नन्हें (30) और करन (20) अपने गांव के साथियों लकी, संदीप और बरेली से आए ममेरे भाइयों कल्लू व मुन्ना के साथ नदी में नहाने चले गए। नहाते समय सभी छह युवक तेज बहाव में फंसकर डूबने लगे। ग्रामीणों के शोर मचाने पर तैराक मौके पर पहुंचे। ममेरा भाई अभी भी लापता, तलाश जारी तैराकों ने करन, लकी, संदीप और कल्लू को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि, नन्हें और मुन्ना लहरों में ओझल हो गए। काफी मशक्कत के बाद दूल्हे के भाई नन्हें (30) को अचेत अवस्था में ढूंढ निकाला गया। उसे बरेली ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। वहीं, ममेरा भाई मुन्ना अभी भी लापता है और उसकी तलाश जारी है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। हालांकि, बाद में सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया गया है। इस मामले में बाकी 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया। दरअसल, मामला 4 जुलाई 2019 का है। उन्होंने NHAI के सब-डिविजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मुंबई-गोवा हाईवे चौड़ीकरण के काम का निरीक्षण करने के लिए बुलाया था। सड़क की खराब हालत और जलभराव को लेकर वे नाराज हो गए। राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ डाल दिया। उन्हें कीचड़ भरे पानी में चलने के लिए मजबूर किया। उस समय नितेश राणे कांग्रेस में थे। कोर्ट ने सत्ता का दुरुपयोग बताया अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने कहा कि काम की खराब गुणवत्ता और लोगों की परेशानी के खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक रूप से अपमान नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामले जारी रहे तो सरकारी कर्मचारी गरिमा के साथ काम नहीं कर पाएंगे। ये सत्ता का दुरुपयोग है। इसलिए ऐसी प्रवृत्ति पर रोक जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित NHAI में उच्च पद पर थे, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो साफ तौर पर अपमानजनक था। शेडेकर को कीचड़ में चलने के लिए मजबूर करना जानबूझकर किया गया अपमान था। इससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी। 30 पर केस था, 29 लोग बरी इस केस में नितेश राणे समेत 30 लोगों पर दंगा, सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगे थे। उनके साथ कांकावली के तत्कालीन महापौर समीर नलावडे, उपमहापौर बाबू गायकवाड़, संजय कामटेकर, पं. स. सदस्य मिलिंद मेहते, नरेशकर, अभि मुसले, मेधा गांगण, स्वाभिमान शहर अध्यक्ष राकेश राणे, संदीप नलावडे, निखिल आचरेकर, राजन परब, वागड़े के पूर्व सरपंच संदीप सावंत, पूर्व उपसरपंच लक्ष्मण घाडीगांवकर, बबन हडवे, विठ्ठल देसाई, किशोर राणे, शिवसुंदर देसाई, सचिन पारधीये पर केस हुआ था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन ज्यादातर आरोपों से सभी को बरी कर दिया। हालांकि नितेश राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत दोषी ठहराते हुए एक महीने की सजा दी गई। ---------- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद:2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी कर्नाटक के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
नालंदा के सरमेरा मोहल्ले में शादी समारोह की खुशियां मातम में बदल गई। तालाब में डूबने से 2 बच्चियों की मौत हो गई। स्नान करने के दौरान हादसा हुआ है। मृतका की पहचान रामबली राम की पुत्री खुशबू कुमारी(14) और दुखन राम की बेटी राधा कुमारी(13) के तौर पर हुई है। घटना सरमेरा थाना क्षेत्र की है। मड़वा के रस्म के पहले नहाने के दौरान हादसा राधा के चाचा श्याम सुंदर राम ने बताया कि गांव में पवन राम की बेटी की शादी थी। 'मड़वा' की रस्म के लिए महिलाएं तालाब में स्नान करने गई थीं। दोनों बच्चियां भी साथ चली गई रस्म के बाद बाकी लोग तो घर वापस लौट आए, लेकिन काफी देर तक खुशबू और राधा का कहीं पता नहीं चला। अनहोनी की आशंका के चलते भारी संख्या में लोग तालाब की ओर दौड़े। स्थानीय युवाओं ने करीब तीन से चार घंटे के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। प्राथमिक उपचार के तौर पर इंजेक्शन भी लगाया, लेकिन जान नहीं बची। पिता बाहर रहते हैं पड़ोसी भरत राम ने बताया कि खुशबू और राधा के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। खुशबू के पिता आंध्र प्रदेश में खाना बनाने का काम करते हैं, जबकि राधा के पिता हरियाणा में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। घटना के समय घर पर उनके चाचा और अन्य रिश्तेदार मौजूद थे। जो शादी के काम-काज में व्यस्त थे। खुशबू चार बहनों में छोटी थी और पांचवी क्लास में पढ़ाई कर रही थी। जबकि राधा तीन भाइयों की इकलौती बहन थी। वह सातवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। गांव में गम का माहौल इस दुखद घटना ने न केवल शादी वाले घर की रौनक छीन ली, बल्कि पूरे इलाके को शोक संतप्त कर दिया है। पिता के आने का इंतजार कर रहे परिजनों की चीत्कारों से पूरा सरमेरा गमगीन है। हर किसी की आंखें नम है।
जैसलमेर के झिझनियाली थाना क्षेत्र के तहत झिनझिनियाली गांव में किसान परिवार की महिला हत्थूदेवी की हत्या के मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक तूल पकड़ लिया है। बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने इस हत्याकांड को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक अपराधी का काम नहीं, बल्कि रसूखदारों द्वारा रची गई एक गहरी साजिश है। सांसद बेनीवाल ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस राजनैतिक संरक्षण और भारी दबाव के चलते केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान पुलिस महानिदेशक को सीधे संबोधित करते हुए मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए तत्काल एक उच्च स्तरीय SIT का गठन किया जाए। रात के अंधेरे में खिड़की से मारी गई थी गोली सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि 21 अप्रैल 2026 की रात को कानोड़ (गिड़ा, बालोतरा) निवासी किसान अमराराम की पत्नी हत्थूदेवी अपने कृषि कुएं पर स्थित घर में अकेली सो रही थीं। इसी दौरान खिड़की से गोली मारकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। सांसद के अनुसार, जिस तरह से इस वारदात को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि इसके पीछे लंबी योजना और पूर्व नियोजन शामिल थी। राजनैतिक दबाव में असली दोषियों को बचा रही पुलिस- सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल सांसद बेनीवाल ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस राजनैतिक संरक्षण और भारी दबाव के चलते केवल एक आरोपी को गिरफ्तार कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने निम्नलिखित बिंदु उठाए: जमीन हड़पने की साजिश और मानसिक प्रताड़नासांसद ने आशंका जताई कि पीड़ित परिवार को काफी समय से प्रताड़ित किया जा रहा था। साजिशकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य किसान परिवार को डराकर उनकी जमीन-जायदाद कब्जाना था। इसी मंशा के चलते इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया। मौन जनप्रतिनिधियों और 'बुलडोजर' राजनीति पर प्रहारअपनी पोस्ट में सांसद ने उन नेताओं को भी आड़े हाथों लिया जो चयनात्मक आधार पर विरोध प्रदर्शन करते हैं। बेनीवाल ने कहा: दुर्भाग्यपूर्ण है कि छोटी घटनाओं पर उन्माद फैलाने वाले और बुलडोजर की राजनीति करने वाले जनप्रतिनिधि आज इस गंभीर हत्याकांड पर मौन क्यों हैं? उन्होंने सवाल किया कि मानवता के नाते पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय चुप्पी साधना कहीं अपराधियों को मौन समर्थन तो नहीं? अपराध के खिलाफ आवाज उठाना और इंसानियत को धर्म मानकर पीड़ित को न्याय दिलाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री और DGP से उच्च स्तरीय जांच की गुहार सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान पुलिस महानिदेशक को सीधे संबोधित करते हुए मांग की है कि: इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए तत्काल एक उच्च स्तरीय SIT का गठन किया जाए। जांच निष्पक्ष हो ताकि पर्दे के पीछे छिपे 'सफेदपोश' अपराधियों और असली साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके। पीड़ित किसान परिवार को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करवाया जाए।
गुजरात के कालोल के पास से गुजरने वाले भारतमाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। चारों लोग सीकर से गुजरात जा रहे थे। ड्राइवर को नींद आने की वजह से गाड़ी अनियंत्रित हो गई और डिवाइडर से टकराकर सड़क के दूसरी तरफ पलट गई। 60 साल से गुजरात में रह रहे थे घटना में साजिद इकबाल खिनजी (55), इलियास इकबाल खिनजी (50), इशाक इकबाल खिनजी (48) और रेहान असगर खिनजी (35) की मौत हो गई। इन लोगों का परिवार मूल रूप से सीकर का रहने वाला है, लेकिन 60 साल से गुजरात के कालोल में ही रह रहे थे। परिवार में किसी की मौत होने की वजह से यह लोग सीकर आए थे। गाड़ी को इशाक चला रहा था। पिंगली के पास हादसा गाड़ी ने भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर गोधरा से प्रवेश किया था। जैसे ही गाड़ी रात करीब 2 बजे कालोल के पिंगली के पास पहुंची तो वहां पर ड्राइवर इशाक को झपकी आ गई। ऐसे में गाड़ी डिवाइडर से टकराकर सड़क के दूसरी तरफ पलट गई। हालांकि इस गाड़ी में एक अन्य युवक भी सवार था जो बच गया। एक्सप्रेस-वे को ट्रायल के लिए खोलने के बाद यह पहली ऐसी घटना है जिसमें चार लोगों की एक साथ मौत हुई है। हालांकि पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज करके इन्वेस्टिगेशन शुरू कर दिया है। ड्राइवर को झपकी आई थी प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि शनिवार शाम को ये लोग सीकर के लिए रवाना हुए और फिर रविवार को सीकर पहुंचने के बाद वापस गुजरात के लिए रवाना हो गए। ऐसे में ड्राइवर इशाक की नींद भी पूरी नहीं हो पाई थी, जिसकी वजह से उसे झपकी आई।
महराजगंज में विवाहिता की संदिग्ध मौत:मायके पक्ष ने लगाए हत्या व दहेज उत्पीड़न के आरोप
महराजगंज के पुरन्दरपुर थाना क्षेत्र के करमहवा बुजुर्ग गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार को तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनकटी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पहचान करिश्मा के रूप में हुई है, जो करीब पांच माह की गर्भवती थी। घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर हत्या तथा दहेज उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया। मायके वालों का कहना है कि करिश्मा को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) फरेंदा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और विभिन्न पहलुओं पर गौर कर रही है। जानकारी के अनुसार, करिश्मा ने करीब पांच वर्ष पहले विजय के साथ कोर्ट मैरिज की थी। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।
रायबरेली के डलमऊ कोतवाली क्षेत्र स्थित घुरवारा बाजार में रविवार रात एक अनियंत्रित पिकअप ने पैदल चल रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों को टक्कर मार दी। इस हादसे में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और बेटी गंभीर रूप से घायल हैं। घुरवारा निवासी देवीशंकर (52) अपनी पत्नी माया देवी (50) और पुत्री अंजलि (24) के साथ रविवार रात करीब 10:00 बजे पैदल जा रहे थे। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप (UP 33 DT 7016) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। राहगीरों को टक्कर मारने के बाद पिकअप अनियंत्रित होकर विजय कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद की दुकान में जा घुसी। इस दौरान रास्ते में लगा बिजली का पोल भी वाहन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल एंबुलेंस द्वारा सीएचसी डलमऊ पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए रायबरेली एम्स रेफर कर दिया। एम्स में इलाज के दौरान सुबह माया देवी की मृत्यु हो गई। देवीशंकर और अंजलि का इलाज अभी भी जारी है। मृतका माया देवी के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियों की शादी हो चुकी है। घायल अंजलि तीसरे नंबर पर है। देवीशंकर बाजार में पान की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वहीं घुरवारा चौकी प्रभारी विनय पाठक ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को कब्जे में लेकर चौकी पर सुरक्षित खड़ा करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी तक परिजनों से तहरीर प्राप्त नहीं हुई है, तहरीर मिलते ही संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
बलरामपुर के बाढ़ खण्ड कार्यालय में अवर अभियंता अरुण कुमार पर उनके ही विभाग के कर्मचारियों ने हमला कर दिया। यह घटना बीते शुक्रवार दोपहर करीब 1:15 बजे अधिशासी अभियंता कार्यालय में हुई, जब परियोजना संबंधी विषयों पर बैठक चल रही थी। अवर अभियंता अरुण कुमार, पुत्र शम्भू नाथ, निवासी अतरौली, सलेमपुर, देवरिया, वर्तमान में बाढ़ खण्ड बलरामपुर में कार्यरत हैं। घटना के दौरान वे अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। तभी प्रारूपकार राजेश कुमार अपने साथियों विकास माथुर, पंकज, अनिल कुमार मिश्रा और अन्य कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी। कार्यालय में मौजूद अन्य अधिकारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद अधिशासी अभियंता ने राजेश कुमार से हमले का कारण पूछा। राजेश कुमार ने बताया कि 20 अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय में चपरासी अमित कुमार और अशोक कुमार ने उन्हें सूचित किया था कि अरुण कुमार ने उनके बारे में अपशब्द कहे थे। इसी बात को लेकर यह विवाद हुआ। इस घटना से जुड़ा एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। अधिशासी अभियंता कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे का कनेक्शन घटना से पहले ही बाहर से काट दिया गया था। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह हमला पूर्व नियोजित था। पीड़ित अवर अभियंता की शिकायत पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच जारी है।
बरेली में इन दिनों बिजली को लेकर हाहाकार है। एक ओर कई-कई घंटे बिजली कटौती हो रही है तो दूसरी ओर स्मार्ट मीटर में खराबी की वजह से लोग अपने सारे कामकाज छोड़कर बिजली दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर है और जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुर्सियों से नदारद रहते है। जनता सवाल कर रही है कि आखिर हमारा क्या कसूर जो स्मार्ट मीटरों के नाम पर हम पर जुर्म किये जा रहे है। रामपुर गार्डन बिजली घर पर उमड़ रहा हुजूमबरेली के रामपुर गार्डन स्थित बिजली घर में रोजाना सुबह से ही लोगों की लंबी-लंबी लाइन लग जाती है। लोग अपने जरूरी काम छोड़कर स्मार्ट मीटर की समस्या को लेकर पहुंच रहे है। रोजाना लोगों का 400 से 500 रूपये तक बिल आ रहा है। गरीब जनता सबसे ज्यादा बेहाल है। एक महिला जो लाइन में लगी थी उन्होंने बताया कि हम लोग स्मार्ट मीटर की वजह से बहुत ज्यादा परेशान है। बीस दिनों से अंधेरे में रहने को मजबूर उपभोक्ताइसी तरह बहुत सारे लोग अपनी ड्यूटी छोड़कर लाइन में लगे थे। कुछ लोगों का कहना है कि 20 दिन से मीटर में लाइट आ रही है लेकिन घर में नहीं। बिल भी जमा है। जब यहां शिकायत करने आते है तो अधिकारी कहते है अभी कुछ देर में लाइट आ जाएगी। लेकिन ऐसा कहते कहते 20 दिन हो गए है समस्या का कि ता बनी हुई है। एक और उपभोक्ता ने बताया कि स्मार्ट मीटर ने हम सबकी रातों की नींद छीन ली है। दिन रात परेशान हो रहे है। सुनवाई न होने से जनता में पनपता आक्रोशएक महिला ने कहा कि हम लोग बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे है कोई समाधान नहीं हो रहा है, लेकिन अगर हम चोरी से बिजली जलाने लगे तो पूरी टीम पहुंच जाएगी। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बहरहाल बरेली में स्मार्ट मीटरों से जनता परेशान है और अधिकारी उनकी सुनने को तैयार नहीं है। समाजवादी पार्टी के नेता मयंक शुक्ला रामपुर गार्डन स्थित बिजली घर पहुंचे और उन्होंने लोगों की समस्या सुनी। भीषण कटौती से जवाब देता लोगों का धैर्यवही दूसरी ओर कई कई घंटे की बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किले और अधिक बढ़ा दी है। कई जगह आलम ये है कि 20 घंटे तक बिजली गुल है। अब लोगों का धैर्य जवाब देता जा रहा है।
हरदोई जिले में न्यायालय की सतर्कता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कछौना कोतवाली पुलिस द्वारा तमंचा और कारतूस रखने के आरोप में पकड़े गए एक किशोर को न्यायालय ने नाबालिग मानते हुए न्यायिक रिमांड देने से इनकार कर दिया। इस फैसले ने पुलिस के कथित 'गुडवर्क' की पोल खोल दी है। यह मामला कछौना कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस ने 25 अप्रैल को सीतापुर जनपद के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोर को गिरफ्तार करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद हुआ था, जिसके आधार पर आयुध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के लिए रिमांड शीट दाखिल की। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी की उम्र को लेकर गंभीर सवाल उठाए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) अंजली रानी ने पुलिस से आरोपी के बालिग होने का पुख्ता प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा। पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में कोई ठोस दस्तावेज, जैसे जन्म प्रमाण पत्र या अन्य विश्वसनीय अभिलेख, पेश नहीं कर सके। इसी बीच, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से उपलब्ध कराए गए असिस्टेंट डिफेंस काउंसिल ने अदालत को बताया कि आरोपी नाबालिग है। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे में है, जिसमें उसकी पहचान संबंधी दस्तावेज मौजूद हैं। न्यायालय ने मोबाइल फोन तलब किया। मोबाइल की जांच में आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मिले, जिनसे स्पष्ट हुआ कि आरोपी की उम्र मात्र 16 वर्ष है। इन तथ्यों के सामने आने के बाद अदालत ने पुलिस की रिमांड याचिका खारिज कर दी। न्यायालय के इस फैसले के बाद पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं कि बिना उम्र सत्यापन किए एक नाबालिग को बालिग दिखाकर जेल भेजने की तैयारी क्यों की गई। यह घटना जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है।
आसमान में फ्लाइट ने लगाए 8 चक्कर:45 मिनट तक सांसत में रही पैसेंजर्स की जान; रनवे टच कर फिर उड़ा विमान
खराब मौसम के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार रात फ्लाइट संचालन काफी प्रभावित हुआ। आंधी और कम विजिबिलिटी की वजह से कई विमानों की लैंडिंग नहीं हो सकी। तीन फ्लाइट्स को डायवर्ट करना पड़ा, वहीं कई फ्लाइट्स काफी समय तक आसमान में होल्ड पर रहीं। आबूधाबी से आने वाली एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट समय पर लैंड नहीं कर सकी। फ्लाइट शाम 7:35 बजे जयपुर पहुंची थी। लेकिन तेज हवा और खराब विजिबिलिटी के चलते उसे तुरंत लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। विमान करीब 45 मिनट तक आसमान में होल्ड पर रहा। इस दौरान उसने करीब आठ चक्कर लगाए। मौसम में हल्का सुधार होने पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। आसमान में चक्कर लगाते रहे विमान मुंबई से जयपुर आ रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX-1219 जयपुर में लैंड नहीं कर सकी। इसे रात 10:15 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर उतरना था। आंधी के कारण पायलट को लैंडिंग में दिक्कत हुई। विमान काफी देर तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। बाद में इसे दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। इसी तरह अहमदाबाद से रात 9:12 बजे रवाना हुई इंडिगो की फ्लाइट 6E-7131 रात 10:45 बजे जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड होनी थी। आंधी की वजह से काफी देर तक फ्लाइट को जयपुर एयरस्पेस में होल्ड पर रखा गया। परिस्थितियां सामान्य नहीं होने पर इसे दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया। वापस इंदौर पहुंची फ्लाइट इंदौर से इंडिगो की फ्लाइट 6E-7745 रात 9:15 बजे जयपुर पहुंचने वाली थी, लेकिन खराब मौसम के कारण इसकी लैंडिंग नहीं हो सकी। काफी देर तक विमान को होल्ड पर रखा गया। आखिरकार पायलट को फ्लाइट को वापस इंदौर डायवर्ट करना पड़ा। पैसेंजर्स जयपुर पहुंचने के बजाय फिर से इंदौर लौट गए। रनवे टच कर गो अराउंड किया विमान मुंबई से जयपुर आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-413 की लैंडिंग में भी काफी दिक्कत आई। पायलट ने एक बार रनवे पर विमान उतारने की कोशिश की, लेकिन रनवे टच करते ही विमान को गो अराउंड करना पड़ा। इसके बाद विमान करीब एक घंटे तक जयपुर के आसमान में चक्कर लगाता रहा। मौसम सामान्य होने पर उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। 45 मिनट एयरस्पेस में होल्ड पर रही गुवाहाटी से जयपुर आई इंडिगो की फ्लाइट 6E-749 की लैंडिंग में भी देरी हुई। यह फ्लाइट करीब 45 मिनट तक जयपुर के एयरस्पेस में होल्ड पर रही। कम विजिबिलिटी और तेज हवा के कारण पायलट को लैंडिंग की अनुमति मिलने में समय लगा। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, आंधी के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी। इससे पायलटों को रनवे साफ दिखाई नहीं दे रहा था। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई विमानों को होल्ड पर रखा गया और कुछ को डायवर्ट करने का फैसला लिया गया। फ्लाइट्स के डायवर्ट होने और लगातार देरी के कारण पैसेंजर्स को एयरपोर्ट और फ्लाइट में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। कई पैसेंजर्स रातभर परेशान रहे, जबकि कुछ को दिल्ली और इंदौर पहुंचने के बाद आगे की ट्रैवल प्लान के लिए अलग व्यवस्था करनी पड़ी।
दौसा की कोतवाली थाना पुलिस व साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 साल से फरार चल रहे एक उद्घोषित बाल अपचारी को निरुद्ध किया है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मामला वर्ष 2001 का है, जब राजस्थान रोडवेज की बस में हथियारों की नोक पर यात्रियों से लूटपाट की गई थी। घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था और लगातार अपनी पहचान छुपाकर अलग-अलग स्थानों पर रह रहा था। आईजी जयपुर रेंज राहुल प्रकाश एवं एसपी सागर राणा के निर्देशन में टीम ने तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना के आधार पर यूपी के बिसरख जलालपुर, हिंडन नदी के पास स्थित एक फार्म हाउस से आरोपी को दबोच लिया। क्या था पूरा मामला 23 जुलाई 2001 की रात जयपुर से अलीगढ़ जा रही रोडवेज बस को बदमाशों ने हथियार दिखाकर कब्जे में ले लिया था। बदमाशों ने ड्राइवर को हटाकर बस को सुनसान इलाके में ले जाकर यात्रियों से नगदी, सामान और जेवरात लूट लिए थे। लंबे समय से फरार था आरोपी पुलिस की कई टीमों ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में लगातार दबिश दी, लेकिन वह गिरफ्त से बाहर रहा। बाद में न्यायालय ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया और उस पर इनाम भी घोषित किया गया। कार्रवाई में साइबर सेल की तकनीकी सहायता और हैड कांस्टेबल दशरथ सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सागर में इस समय मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। सुबह से झुलसाने वाली धूप से लोग हलाकान है। लेकिन दोपहर के बाद मौसम बदलने से आसमान बादल छा रहे हैं। बादलों के बीच बारिश का दौर भी जारी है। पिछले दो दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम के समय बारिश हो रही है। सोमवार को भी दिनभर तल्ख धूप रही। लेकिन शाम को मौसम बदला। आसमान में बादल छा गए। हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। इस दौरान शहर में बूंदाबांदी हुई। लेकिन ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली। गढ़ाकोटा में अचानक हुई बारिश से मंडी में रखा किसानों की गेहूं और चना की उपज भीग गई। इसके अलावा बड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई। बारिश से शाम के समय मौसम खुशनुमा रहा। बाजार में हवाओं में ठंडक रही। लेकिन घरों के अंदर उमस से लोग परेशान रहे। सोमवार को सागर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और न्यूनतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। दिन का पारा सामान्य से 3 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया है। मंगलवार को भी सागर जिले समेत संभाग के जिलों में बादल छाने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तीन दिनों से पारा 43-44 डिग्री के बीच सागर में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान पिछले तीन दिनों से 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 9 बजे से ही तल्ख धूप का असर शुरू हो रहा है। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी के तेवर बढ़ रहे हैं। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान हैं। गर्मी से बचने लोग आम दिनों की अपेक्षा घरों से कम निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है।
अमृतसर में चल रही अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में आबकारी विभाग को बड़ी कामयाबी मिली है। भिंडी सैदां क्षेत्र में छापेमारी कर भारी मात्रा में लाहन बरामद की गई। यह अभियान उच्च अधिकारियों के निर्देशों पर चलाया जा रहा था। आबकारी इंस्पेक्टर जगदीप कौर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने थाना भिंडी सैदां के अंतर्गत गांव भिंडी सैदां में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां लावारिस जगहों पर जमीन के अंदर तिरपालों से ढककर ड्रम छिपाए गए थे। 11,000 लीटर लाहन बरामद टीम को मौके से करीब 9 ड्रम बरामद हुए, जिनमें अवैध कच्ची शराब (लाहन) भरी हुई थी। कुल मिलाकर लगभग 11,000 लीटर लाहन बरामद की गई। यह शराब अवैध तरीके से तैयार की जा रही थी और उसे छिपाकर रखा गया था। लाहन नष्ट, अभियान जारी रहेगा आबकारी विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर ही पूरी बरामद लाहन को नष्ट कर दिया, ताकि इसका किसी भी प्रकार से इस्तेमाल न हो सके। इस कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब का धंधा करने वालों में डर का माहौल बन गया है। आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह मुहिम लगातार जारी रहेगी और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खरगोन शहर के घनी आबादी वाले मोतीपुरा क्षेत्र में सोमवार रात 12.30 बजे एक बिजली ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। अत्यधिक गर्मी और बिजली के बढ़े हुए लोड के कारण ट्रांसफार्मर में तेज धमाके हुए। आग के चलते इलाके की बिजली गुल हो गई, जिससे करीब 5 हजार परिवारों को पूरी रात गर्मी और अंधेरे में गुजारनी पड़ी। फिलहाल नगर पालिका की फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है और बिजली कंपनी की टीम नया ट्रांसफार्मर लगाकर आपूर्ति बहाल करने में जुटी है। वायरिंग से शुरू हुई आग, 20 फीट तक उठीं लपटेंस्थानीय लोगों के अनुसार, घटना मोतीपुरा के चार रास्ता क्षेत्र की है। आग की शुरुआत सबसे पहले ट्रांसफार्मर की वायरिंग से हुई। देखते ही देखते आग ट्रांसफार्मर के ऑयल तक पहुंच गई और आग की 20 फीट ऊंची लपटें निकलने लगीं। कुछ ही देर में तेज धमाके होने लगे, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और एहतियात के तौर पर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कराई गई। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू, रात भर परेशान रहे लोगआग की सूचना मिलने पर नगर पालिका के फायर फाइटर ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल चुका था। ट्रांसफार्मर के जलने से मोतीपुरा क्षेत्र की बिजली सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। इसके चलते इलाके के लगभग 5 हजार परिवार रात भर गर्मी और अंधेरे में परेशान होते रहे। लाइन दुरुस्त कर लगाया जा रहा नया ट्रांसफार्मरहादसे के बाद बिजली कंपनी की मेंटेनेंस टीम ने रात में ही केबल लाइन सुधारने का काम शुरू कर दिया था। बिजली कंपनी के सहायक यंत्री डीएन मालवीय ने बताया कि, लाइन को दुरुस्त कर नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। जल्द ही क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो यहां अधिक क्षमता वाला ट्रांसफार्मर भी लगाया जाएगा।
दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब और सख्त नजर आ रहा है। कलेक्टर और जिला दण्डाधिकारी ने सभी शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों के लिए साफ आदेश जारी किए हैं कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीटबेल्ट लगाना अनिवार्य होगा। इस आदेश का मकसद सड़क हादसों को कम करना और लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। जारी आदेश के अनुसार जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोपहिया वाहन चलाते हैं, उन्हें हर हाल में हेलमेट पहनना होगा। वहीं चारपहिया वाहन चलाने वालों के लिए सीटबेल्ट लगाना जरूरी कर दिया गया है। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को भी जिम्मेदारी दी है कि वे अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों से इन नियमों का पालन कराएं। विभाग के जिम्मेदारों को करनी होगी निगरानी कलेक्टर अभिजित सिंह ने निर्देश में स्पष्ट कहा है कि जारी आदेश का पालन करवाने की जिम्मेदारी सभी विभाग प्रमुखों की होगी। सभी विभाग प्रमुख अपने अधीनस्थ कर्मचारी-अधिकारी से यह नियम का पालन करवाना अनिवार्य होगा। बताया जा रहा है कि अगर कोई कर्मचारी नियमों का पालन नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। केवल आम लोगों को काट रहे चालान दुर्ग-भिलाई में चालान काटने में ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। सुबह-शाम प्रमुख चौक-चौराहों पर चालान काटे जा रहे हैं, लेकिन शहर में अभी लोग बिना हेलमेट और सीटबेल्ट के वाहन चलाते नजर आ रहे हैं। पुलिस केवल चालान तक सीमित है, लेकिन लोगों को हेलमेट लगाने के लिए जागरूक नहीं कर पा रही है। दूसरी ओर शासकीय कर्मचारी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
एटा जनपद के थाना पिलुआ क्षेत्र में सोमवार देर रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। यह घटना हाईवे पर स्थित सुन्ना नहर पुल के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार स्विफ्ट डिजायर कार और बाइक की टक्कर हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पिलुआ थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को सड़क से हटवाया और मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने कब्जे में लिया शव थाना पिलुआ प्रभारी संदीप सिंह राणा ने बताया कि यह हादसा सोमवार रात करीब 11:30 बजे हजारा नहर के सुन्ना नहर पुल पर हुआ। मृतक की पहचान कासगंज जनपद की आवास विकास कॉलोनी निवासी श्रेया गुप्ता पुत्र संजय कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। युवक की पहचान उसकी बाइक के नंबर के आधार पर की गई। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
मेरठ महापौर द्वारा महिला आरक्षण (नारी वंदन) विधेयक के पास न होने को लेकर आज 11.30 बजे एक बोर्ड बैठक की जा रही है जिसको लेकर शहर के पार्षदों और कार्यकारिणी सदस्यों में जमकर हंगामा चल रहा है। भाजपा जहां इस बिल को पास न होने को लेकर विपक्ष को जिम्मेदार तान रही है तो वहीं विपक्ष भाजपा पर आरोप लगा रहा है। मेरठ में नगर निगम के 90 पार्षद हैं जो इस बैठक में शामिल होने हैं लेकिन विपक्ष के पार्षदों ने इस प्रस्तावित बोर्ड बैठक का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। पार्टी नेताओं ने मेयर पर विकास विरोधी होने और पार्षदों को गुमराह करने के आरोप लगाए हैं। समाजवादी पार्टी के पार्षद एवं कार्यकारिणी सदस्य कुलदीप कीर्ति, हाजी इकराम सैफी और पूर्व पार्षद दल नेता अफजाल सैफी ने कहा कि नगर निगम के महापौर भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं और पार्षदों को भ्रमित करने के लिए बोर्ड बैठक बुलाई गई है। सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी पार्षद सामूहिक रूप से बैठक का बहिष्कार करेंगे और कोई भी पार्षद इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई पार्षद बैठक में शामिल होता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।महिला आरक्षण और परिसीमन पर उठाए सवालनेताओं ने बयान में कहा कि वर्ष 2023 में सभी दलों की सहमति से पारित महिला आरक्षण (नारी वंदन) विधेयक का समर्थन किया गया था, लेकिन भाजपा अब महिला आरक्षण की आड़ में सीटों के परिसीमन के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस कदम को संविधान विरोधी बताते हुए महिलाओं का अपमान करार दिया। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि महापौर शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के बजाय राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं, जिससे नगर निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
एटा जिले के पिलुआ थाना क्षेत्र में अवैध खनन के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुन्ना नहर क्षेत्र में हुई इस छापामार कार्रवाई के दौरान एक जेसीबी मशीन और मिट्टी से भरी चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की गईं। जिलाधिकारी अरविंद सिंह के निर्देश पर तहसीलदार नीरज वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल और थाना प्रभारी पिलुआ ने यह संयुक्त कार्रवाई की। देर रात मिली सूचना के आधार पर तहसील सदर क्षेत्र के ग्राम सुन्ना सिहोरी में छापेमारी की गई, जहां बिना किसी वैध अनुमति के खनन कार्य चल रहा था। प्रशासन ने मौके से एक जेसीबी मशीन और चार मिट्टी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया। इन सभी वाहनों को आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए थाना पिलुआ की अभिरक्षा में रखा गया है। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। तहसीलदार सदर नीरज वार्ष्णेय ने बताया कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। साथ ही, राजस्व क्षति का आकलन कर वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल ने पुष्टि की कि अवैध खनन के खिलाफ ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीडीओ ने की जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा:मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर विशेष जोर
मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गर्भवती महिलाओं से संबंधित जननी सुरक्षा योजना और मातृ वंदन योजना के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में जिला स्तर पर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की। डीपीएम विनीत श्रीवास्तव ने अब तक की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। सीडीओ ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कोई लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने बच्चों और गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण तथा बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जांच की विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा करने को कहा। स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने जननी सुरक्षा योजना के व्यवस्थित संचालन, ग्रामीण स्तर पर कार्यरत आशा एवं एएनएम की कार्यप्रणाली, संस्थागत प्रसव, आभा आईडी और आशाओं के भुगतान से संबंधित सभी चिकित्साधिकारियों को ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी चिकित्सालयों में मरीजों की उचित देखभाल के लिए बैठने की व्यवस्था, पानी, शौचालय, व्हीलचेयर सहित अन्य चिकित्सीय उपकरणों जैसी बुनियादी सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध हों। समीक्षा के दौरान, जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को शीघ्र भुगतान करने का निर्देश दिया गया। गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव पर विशेष जोर दिया गया और सरकारी अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जिला क्षय रोग समिति, संचारी रोग, रैबीज टीकाकरण, स्नेक बाइट वैक्सीन की उपलब्धता, चिकित्सालयों में चिकित्सकों एवं दवाओं की उपलब्धता सहित मरीजों के हित में उपलब्ध कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. रामरतन, डॉ. महेंद्र प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार, स्वास्थ्य संस्थानों के प्रतिनिधि, चिकित्सालयों के एमओआईसी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर के करंडा थाना क्षेत्र में हुए कटरिया कांड को लेकर पुलिस प्रशासन ने ताजा जानकारी दी है। एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि 19 अप्रैल को ही पीड़ित पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था। एसपी सिटी ने बताया कि इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर कई भ्रामक अफवाहें फैलाई गईं, जिनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं था। इन अफवाहों के कारण 22 अप्रैल को कुछ अराजक तत्वों ने पत्थरबाजी कर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। इस घटना के संबंध में अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। करंडा थाना पुलिस ने अब तक कुल 5 मुकदमे दर्ज किए हैं। इनमें सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले विभिन्न हैंडल्स को भी आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच लगातार जारी है। एसपी सिटी ने जनपदवासियों से अपील की है कि जिलाधिकारी द्वारा बीएनएस की धारा 16 लागू की गई है। उन्होंने लोगों से इसका उल्लंघन न करने और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने से बचने का आग्रह किया। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के 29 अप्रैल को प्रस्तावित गाजीपुर दौरे और 28 अप्रैल को चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भेजे जाने के सवाल पर एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्र ने कोई राजनीतिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ित परिवार से मिलने और शोक संवेदना व्यक्त करने से किसी को नहीं रोका जा रहा है। लेकिन, यदि कोई माहौल खराब करने का प्रयास करेगा तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। कटरिया गांव में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
हाथरस में सड़क हादसे में पांच लोग घायल:मथुरा रोड पर ट्रक ने ई-रिक्शा को मारी टक्कर, स्कूटी भी फिसली
हाथरस में आज सुबह अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहला हादसा मथुरा रोड पर हुआ, जहां एक ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में मुरसान कोतवाली क्षेत्र के नगला धर्मा गांव निवासी शिवम और सचिन घायल हो गए। टक्कर मारने के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। दूसरा हादसा अलीगढ़ रोड पर नहर के पास हुआ। यहां एक स्कूटी फिसल गई, जिससे उस पर सवार तीन लोग घायल हो गए। स्कूटी पर गांव लहरा का एक व्यक्ति अपनी बेटी को सेंट फ्रांसिस स्कूल छोड़ने जा रहा था। उनके साथ गांव का एक अन्य छात्र भी था, जो सीमैक्स इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता है। स्कूटी फिसलने से तीनों को गंभीर चोटें आईं। घायलों में कक्षा एक की छात्रा दर्शिका भी शामिल है, जिसे काफी चोट लगी है। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के बीज विधायन संयंत्र में धान की नर्सरी के लिए बीज उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक उनकी कीमत तय नहीं हो सकी है। इससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वांचल के कई जिलों से किसान उन्नत किस्म के धान बीज खरीदने के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन कीमत निर्धारित न होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, प्रतापगढ़, अंबेडकर नगर, बाराबंकी, आजमगढ़, जौनपुर, गोंडा और बस्ती सहित कई जिलों से किसान पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन बीज खरीदने के लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। किसान सुबह से केंद्र पर पहुंचकर दोपहर तक इंतजार करते हैं, लेकिन कर्मचारियों द्वारा यही बताया जाता है कि बीज पूरी तरह उपलब्ध है, पर शासन स्तर से अभी तक कीमत तय नहीं की गई है। इसी वजह से बिक्री शुरू नहीं हो पा रही है। 8 उन्नत प्रजातियों के बीज तैयारबीज विधायन संयंत्र के प्रभारी ऋषभ सिंह ने बताया कि फिलहाल धान की आठ उन्नत प्रजातियां तैयार हैं। इनमें एमटीयू-7029, बीपीटी-5204, सांभा सब-1, काला नमक केएन-01, केएन-02, एनडीआर-2064, एनडीआर-2065 और सरजू-52 शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी प्रमाणित बीज हैं और बेहतर उत्पादन के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। अन्य प्रजातियां उपलब्ध होते ही किसानों को भी उपलब्ध करा दी जाएंगी। नर्सरी डालने का समय नजदीकधान की फसल के लिए किसान आमतौर पर 20 मई तक नर्सरी डालना शुरू कर देते हैं। नर्सरी तैयार होने में 20 से 25 दिन का समय लगता है। ऐसे में 28 अप्रैल तक भी बीज की कीमत तय न होना किसानों की तैयारियों को प्रभावित कर रहा है। समय पर बीज न मिलने के कारण खेत की जुताई, खाद की व्यवस्था और मजदूर तय करने की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर बीज की कीमत तय नहीं हुई, तो नर्सरी डालने में देरी होगी। इससे धान की रोपाई पिछड़ जाएगी और उत्पादन पर सीधा नकारात्मक असर पड़ेगा। किसानों ने कुलपति और शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द बीज की कीमत तय कर बिक्री शुरू कराई जाए, ताकि वे समय पर नर्सरी डाल सकें और खेती प्रभावित न हो।
शाजापुर जिले के पनवाड़ी गांव में सोमवार रात एक बच्चा छत से गिर गया। बिजली गुल होने के कारण वह छत पर सो रहा था। हादसे में बच्चे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उसे इंदौर रेफर किया गया है। घटना रात करीब 8 से 9 बजे के बीच हुई। परिजनों ने तुरंत घायल बच्चे को शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए रात करीब 11:30 बजे उसे इंदौर रेफर कर दिया। घायल बच्चे की पहचान पनवाड़ी निवासी पीयूष प्रजापति के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे से ही गांव में बिजली नहीं थी। भीषण गर्मी के कारण पीयूष छत पर सोने चला गया था और नींद में ही वह नीचे गिर पड़ा।
टेरा एलेगेंस रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी (RWA) के वार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो गए। चुनाव परिणामों में टीम ‘सक्षम’ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। इसके साथ ही दिलीप ठाकुर को सोसाइटी का नया अध्यक्ष चुना गया। चुनाव नतीजों के बाद समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला। बैलट पेपर से हुए मतदान में 165 वोट पड़े सोसाइटी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए गए, जिसमें कुल 165 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव में टीम ‘सक्षम’ को चुनाव चिन्ह ‘उगता हुआ सूरज’ पर 88 वोट मिले, जबकि टीम ‘कर्मयोगी’ को चुनाव चिन्ह ‘हवाई जहाज’ पर 76 वोट प्राप्त हुए। एक वोट निरस्त होने की जानकारी भी सामने आई। पूरे पैनल के साथ जीती टीम ‘सक्षम’ चुनाव परिणाम में टीम ‘सक्षम’ ने पूरे पैनल के साथ जीत हासिल की। विजयी टीम के अध्यक्ष पद पर दिलीप ठाकुर निर्वाचित हुए। उनके साथ अरविंद कौशिक को उपाध्यक्ष, सुरजीत मंडल को महासचिव, पुष्पेंद्र कटारे को कोषाध्यक्ष तथा संजीव कुमार, राहुल देव शर्मा और विनय कुमार को सहसचिव चुना गया। नई कार्यकारिणी में अमितेश दीक्षित, अरुण गुप्ता, रवि यादव, भारत भारद्वाज, अंजू यादव और ज्योति को सदस्य के रूप में चुना गया है। सभी निर्वाचित सदस्यों ने सोसाइटी के विकास, सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं के लिए कार्य करने का भरोसा दिलाया। मुख्य चुनाव अधिकारी ने दिलाई शपथ मुख्य चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने विजयी टीम को बधाई देते हुए कहा कि सभी सदस्य मिलकर सोसाइटी के हित में कार्य करें। इसके बाद उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई तथा औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा। यह चुनाव प्रक्रिया 11 दिनों तक चले कार्यक्रम का हिस्सा रही। चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने में मुख्य चुनाव अधिकारी धर्मेंद्र कुमार के साथ अजित सिंह, रामअवतार सिंह, ओमप्रकाश स्वामी और कौशल मिश्रा ने अहम भूमिका निभाई। दो वर्षों तक नई कार्यकारिणी संभालेगी जिम्मेदारी सोसाइटी मेंटेनेंस टीम के गणपत और प्रवीण के सहयोग की भी सदस्यों ने सराहना की। चुनाव के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी अब वर्ष 2026 से 2028 तक अगले दो वर्षों के लिए सोसाइटी के प्रबंधन, विकास कार्यों और निवासियों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी संभालेगी।
परिवहन राज्य मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया दौरे के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं और कभी सत्ता में नहीं आएंगे। मंत्री सिंह ने जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी अपनी राय रखी। जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सख्त कानून बनाने की मांग और धीरेंद्र शास्त्री के 'हर हिंदू को चार बच्चे पैदा करने' वाले बयान पर मंत्री सिंह ने कहा, भारत में किसी को कोई रोक नहीं है। यह तो ईश्वर की कृपा है। किसी को ज्यादा बच्चे होते हैं, किसी को कम होते हैं। किसी को पांच बच्चे होते हैं, तो किसी को एक भी नहीं। उन्होंने यह बात महिला जन आक्रोश अभियान कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि वे मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं और कभी सत्ता में नहीं आएंगे। उन्होंने अखिलेश के 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर भी तंज कसा। मंत्री सिंह के अनुसार, अखिलेश के लिए पीडीए का मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' है, जिसमें केवल परिवार के लोग शामिल हैं। सिंह ने याद दिलाया कि अखिलेश यादव 2012 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उसके बाद से वे लगातार हार रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अखिलेश अपनी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी सामान्य व्यक्ति को बनाकर दिखाएं, तभी माना जाएगा कि वे पीडीए के हितैषी हैं। मंत्री ने भाजपा का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा में सामान्य लोग ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति बनते हैं, जैसे मध्य प्रदेश में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव की पार्टी का कोई सामान्य कार्यकर्ता उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख सकता है।
छत्तीसगढ़ में फिलहाल भीषण गर्मी का दौर जारी है और अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। राजनांदगांव 44.5C के साथ सबसे गर्म रहा है, जबकि मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटे के लिए लू का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों में पारा 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है। इसी दौरान मौसम का मिजाज भी बदल सकता है। उत्तर प्रदेश से पश्चिम बंगाल तक बनी ट्रफ लाइन के असर से कुछ इलाकों में हल्की बारिश, गरज-चमक और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है, वहीं कुछ जगहों पर रात में भी गर्मी बनी रह सकती है। इससे पहले सोमवार को बिलासपुर और मुंगेली में शाम के वक्त तेज आंधी के साथ बारिश हुई थी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। रायपुर में शाम को बदल सकता है मौसम राजधानी में दोपहर या शाम तक बादल छा सकते हैं। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दो दिन बाद राहत की उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल दो दिन तक गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन उसके बाद पारे में गिरावट दर्ज हो सकती है। यानी अभी लू और उमस से जूझना पड़ेगा, मगर सप्ताह के आगे बढ़ने के साथ कुछ राहत मिल सकती है। गर्मी से बचाव जरूरी मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि तेज गर्मी और लू से बचने के लिए दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और धूप में निकलते समय सिर और शरीर को ढककर रखें। क्यों बढ़ रही गर्मी? मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक विदर्भ से लेकर दक्षिण भारत तक ट्रफ लाइन और बंगाल-ओडिशा क्षेत्र में ऊपरी हवा के चक्रवाती प्रभाव के चलते गर्म और शुष्क हवाओं का असर बना हुआ है। इसी वजह से तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। क्या है हीट वेव? मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच जाता है, तब लू की स्थिति बन सकती है। सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा तापमान होने पर हीट वेव मानी जाती है। सामान्य से 6.4 डिग्री से अधिक बढ़ने पर सीवियर हीट वेव घोषित होती है। अगर वास्तविक अधिकतम तापमान 45 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच जाए तो भी हीट वेव मानी जाती है। 47 डिग्री या उससे अधिक होने पर सीवियर हीट वेव की स्थिति बनती है। वार्म नाइट का भी खतरा मौसम विभाग ने गर्म रातों (Warm Night) को लेकर भी चेतावनी दी है। न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री ज्यादा होने पर वार्म नाइट और इससे अधिक होने पर वेरी वार्म नाइट माना जाता है। ऐसी स्थिति में रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलती। गर्मी की तस्वीरें देखिए…
बांदीकुई के नंदेरा गांव में छप्परपोश में आग:एक मवेशी की मौत, दो घायल; विधायक ने लिया जायजा
बांदीकुई क्षेत्र के नंदेरा गांव में सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक छप्परपोश में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की इस घटना में एक मवेशी की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही स्थानीय विधायक भागचंद टांकड़ा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। घटना के बाद गांव में देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही। बिजली के तार टकराने से लगी आग की आशंका प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रात के समय घना अंधेरा होने के दौरान ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार आपस में टकरा गए। तारों से निकली चिंगारियां सीधे बनवारी लाल सैनी और पप्पू लाल सैनी के छप्परपोश पर गिर गईं, जिससे कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते आग ने पूरे छप्परपोश को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने से वहां रखा बड़ी मात्रा में तूड़ा भी जलकर राख हो गया। बाड़े में बंधे मवेशी आग की लपटों में फंस गए। इस दौरान एक पाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य पशु गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण सफलता नहीं मिल सकी। विधायक भागचंद टांकड़ा मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही विधायक भागचंद टांकड़ा तुरंत नंदेरा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और नुकसान की जानकारी ली। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर राहत और सहायता के निर्देश दिए। पशु चिकित्सकों ने किया घायल मवेशियों का इलाज विधायक के निर्देश पर पशु चिकित्सक हितेंद्र जोशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल मवेशियों का प्राथमिक उपचार किया और आगे की चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की। पशुओं की हालत को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है। दमकल टीम ने पाया आग पर काबू घटना की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। यदि समय रहते दमकल नहीं पहुंचती तो आग आसपास के अन्य बाड़ों और मकानों तक फैल सकती थी। घटना के दौरान भाजपा शहर मंत्री अजीत भदौरिया, भाजपा नेता प्रकाश शर्मा, ताराचंद सैनी, गिर्राज चौहान सहित कई स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। सभी ने राहत कार्यों में सहयोग किया और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया।
मुज़फ़्फ़रनगर में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव से खतौली क्षेत्र के एक गांव में गई बारात में बारातियों और बिचौलिया पक्ष के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। इस विवाद की जड़ शादी से एक दिन पहले हुई कहासुनी बताई जा रही है। बेहड़ा अस्सा गांव में बिचौलिया (लड़की का जीजा) और दूल्हे पक्ष के बीच पहले से ही विवाद था। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते बिचौलिया ने अपने गांव से लोगों को बुलाकर बारात पर हमला करवाया। रविवार को जब बारात चढ़त के दौरान डीजे पर नाच रही थी, तभी दोनों पक्षों के बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और बिचौलिया पक्ष के लोगों ने बारातियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान बारात स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट शुरू होते ही डीजे संचालक अपना पूरा सेटअप लेकर मौके से भाग निकला। वह दूसरे गांव के रास्ते डीजे समेत सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया। लड़की पक्ष इस पूरे घटनाक्रम के दौरान लगभग तमाशबीन बना रहा। सूचना मिलने पर खतौली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने के कारण कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। हालात इतने बिगड़ गए थे कि अधिकांश बाराती मौके से लौट गए। लड़के पक्ष के कुछ चुनिंदा लोग ही रुककर शादी की शेष रस्में पूरी कर सके। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मारपीट का दृश्य साफ दिखाई दे रहा है। झगड़े में घायल हुए बाराती अपने हाथ-पैरों पर पट्टियां बांधे नजर आ रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में बने 25 एमएलडी और 7 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट अब आईएसओ प्रमाणित हो गए हैं। यह प्रदेश का पहला आईएसओ प्रमाणित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बन गया है। इसके लिए रायगढ़ नगर निगम को आईएसओ 9001:2015 (क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम) का प्रमाण पत्र दिया गया है। नगर निगम संचालित इन दोनों एसटीपी में जल और अपशिष्ट जल प्रबंधन की संपूर्ण प्रणाली शामिल है, जिसमें संग्रहण, उपचार (ट्रीटमेंट) और सुरक्षित निस्तारण की प्रक्रियाएं प्रभावी रूप से संचालित की जा रही हैं। जांच के दौरान यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी। टीवी टावर क्षेत्र बड़े अतरमुड़ा स्थित 7 एमएलडी एसटीपी और बांझीनपाली स्थित 25 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट दोनों के लिए यह प्रमाण पत्र दिया गया है। नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एसटीपी संचालन में गुणवत्ता सुधार, नियमित मॉनिटरिंग और तकनीकी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया। महीने भर पहले आई थी टीम नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, आईएसओ प्रमाण पत्र के लिए करीब दो माह पहले आवेदन किया गया था।इसके बाद एक माह पहले दिल्ली से आई टीम ने शहर के दोनों एसटीपी प्लांट का निरीक्षण किया और पूरी कार्यप्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने ट्रीटमेंट की विभिन्न प्रक्रियाओं में पानी के सैंपल लिए और उनकी जांच की। जांच में सभी प्रक्रियाएं मानकों के अनुरूप पाई गईं। इसी के आधार पर नगर निगम को आईएसओ प्रमाण पत्र जारी किया गया।
बागपत के बड़ौत में शोएब हत्याकांड के मुख्य आरोपी इरफान को मंगलवार सुबह पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान आरोपी की गोली लगने से एक कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह घायल हो गए। शोएब की हत्या पानी के छींटे पड़ने को लेकर हुए विवाद में चाकू से गोदकर की गई थी। पानी के छींटे पड़ने को लेकर बढ़ा विवाद यह घटना सोमवार सुबह बड़ौत के बड़का रोड पर हुई थी। 23 वर्षीय शोएब की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि सुहैल, फरमान और फराह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल आस मोहम्मद की तहरीर पर पुलिस ने दिलशाद, इरफान, रिहान, रोहन उर्फ इरम और इसराना के खिलाफ मामला दर्ज किया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि मामूली कहासुनी के बाद सभी आरोपियों ने मिलकर परिवार पर हमला किया था। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ौत पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र की नहर पटरी, डौला रोड स्थित एक निर्माणाधीन कॉलोनी के पास चेकिंग के दौरान आरोपी इरफान को घेर लिया। गोलीबारी में कांस्टेबल के लगी गोली पुलिस के अनुसार, खुद को घिरा देख आरोपी इरफान ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह के बाएं हाथ में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आरोपी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक अवैध तमंचा .315 बोर, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। घायल कांस्टेबल को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी इरफान के खिलाफ अतिरिक्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास रविवार रात एक तेज रफ्तार टवेरा (MP 09 BC-1840) और सोयाबीन से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में टवेरा सवार 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 7 अन्य घायल हैं। घायलों में 2 की हालत गंभीर है। सभी मृतक माखननगर के महेंद्रवाड़ी गांव के रहने वाले थे और बुधनी में एक शादी समारोह से लौट रहे थे। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि हादसे का शिकार हुई टवेरा का रजिस्ट्रेशन और फिटनेस 6 महीने पहले ही खत्म हो चुका था और वह अवैध रूप से टैक्सी के रूप में सड़कों पर दौड़ रही थी। देखिए हादसे की तस्वीरें… शादी की खुशियां मातम में बदलीं, गांव में हुआ अंतिम संस्कारहादसे में जान गंवाने वालों में महेंद्रवाड़ी निवासी ताऊ हरिसिंह, भतीजा साहिल यादव, विनीत यादव और शुभम मोरप्पा शामिल हैं। पांचवा मृतक टवेरा का ड्राइवर है। हरिसिंह, साहिल और विनीत का सोमवार को नर्मदा तट चौकाघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं, शुभम के पिता भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में पदस्थ हैं। उनके पश्चिम बंगाल से भोपाल होते हुए गांव पहुंचने पर शुभम का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शी बोला- रोंगटे खड़े कर देने वाला था मंजरमृतकों के गांव के ही रितेश इवने इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने बताया, महेंद्रवाड़ी में हमारे मोहल्ले के राघवेंद्र मोरप्पा की शादी के लिए हम बुधनी गए थे। रविवार रात को खाना खाकर अलग-अलग गाड़ियों से लौट रहे थे। टवेरा हमसे 10 मिनट पहले निकली थी, जिसमें ड्राइवर समेत 12 लोग सवार थे। मैं बाइक से था। कुछ देर बाद जब मेरी बाइक आंचलखेड़ा पहुंची, तो वहां अफरा-तफरी का माहौल था और चीख-पुकार मची थी। जो लोग खून से लथपथ पड़े थे, वे हमारे अपने ही लोग थे। यह दृश्य देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गए। ड्राइवर की मौके पर मौत हो चुकी थी। घायलों को एंबुलेंस और अपनी गाड़ियों से नर्मदापुरम भेजा गया, जहां 4 साथियों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। 6 माह पहले एक्सपायर हो चुका था गाड़ी का रजिस्ट्रेशनइस भीषण हादसे के बाद प्रशासन और परिवहन विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरटीओ पीके कापसे ने बताया कि, परिवहन विभाग के पोर्टल के अनुसार टवेरा 28 अक्टूबर 2010 को खरीदी गई थी। 21 जुलाई 2025 को यह गाड़ी बाबई के टांडा मोहल्ला निवासी साहिल खान के नाम ट्रांसफर हुई। 15 साल पूरे होने के कारण 27 अक्टूबर 2025 को गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और परमिट खत्म हो गया था। गाड़ी मालिक द्वारा रजिस्ट्रेशन का रिन्यूवल नहीं कराया गया, यह उनकी लापरवाही है। बिना रजिस्ट्रेशन हो गया बीमा, पुलिस-RTO की चेकिंग पर सवालहैरानी की बात यह है कि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बावजूद 13 फरवरी 2026 को उसका बीमा (Insurance) करा लिया गया, जो 12 फरवरी 2027 तक वैध है। इसके अलावा, प्राइवेट उपयोग के लिए दर्ज गाड़ी का इस्तेमाल टैक्सी के रूप में करके टैक्स चोरी की जा रही थी। पिपरिया रोड पर रोजाना यातायात पुलिस और आरटीओ की चेकिंग के बावजूद यह अनफिट गाड़ी 6 महीने तक बेखौफ दौड़ती रही। हादसे से पहले भी एक अज्ञात वाहन को मारी थी टक्करप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आंचलखेड़ा में भिड़ंत से पहले टवेरा के ड्राइवर ने नर्मदापुरम के चक्कर रोड पर भी एक अज्ञात वाहन को टक्कर मारी थी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हुआ था। माखननगर थाना प्रभारी अनूप कुमार उइके ने बताया कि, ट्रैक्टर-ट्रॉली में सोयाबीन भरी थी, जो पिपरिया से इटारसी जा रही थी। हादसे के बाद ट्रैक्टर का ड्राइवर भाग गया है। हमने टवेरा की जानकारी निकाल ली है। गाड़ी मालिक पर भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… टक्कर से टवेरा के परखच्चे उड़े, 5 मौत, 7 घायल:शादी से लौट रहे थे नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर आंचलखेड़ा के पास रविवार-सोमवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे टवेरा और अनाज से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली टकरा गई। हादसे में टवेरा सवार 5 लोगों की मौत हो गई। 7 लोग घायल हैं। सभी मृतक और घायल महेंद्रवाड़ी व माखननगर के रहने वाले थे। वे बुधनी में एक शादी समारोह से लौट रहे थे… पूरी खबर पढ़िए
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 29 अप्रैल को पहली बार विंध्याचल धाम आ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली धार्मिक यात्रा है। वे यहां माता विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करेंगे। नितिन नवीन विंध्याचल धाम में लगभग एक घंटे तक रहेंगे। इस दौरान वे दर्शन-पूजन के साथ-साथ सत्संग में भी शामिल होंगे। विंध्याचल धाम के प्रधान अर्चक और नितिन नवीन के तीर्थ पुरोहित आचार्य अगस्त्य कुमार द्विवेदी ने बताया कि पटना में नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने पर उन्होंने प्रसाद और चुनरी भेंट कर शुभकामनाएं दी थीं। उसी समय रक्षा सूत्र बांधते हुए आचार्य द्विवेदी ने उनसे विंध्याचल धाम आकर मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन का आग्रह किया था, जिसे नितिन नवीन ने स्वीकार कर लिया। आचार्य द्विवेदी के आमंत्रण पर नितिन नवीन उनके मुख्य यजमान के रूप में मां विंध्यवासिनी के दरबार में विशेष पूजन-अर्चन करेंगे। इस यात्रा को धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नितिन नवीन इससे पहले विधायक रहते हुए भी कई बार मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन कर चुके हैं। लगभग 45 वर्षीय नितिन नवीन बिहार से पांच बार विधायक रह चुके हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके आगमन को लेकर विंध्याचल धाम में तैयारियां तेज हो गई हैं। स्थानीय प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ता उनके स्वागत की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
हाथरस में पान मसाला के वजन में गड़बड़ी:उपभोक्ता ने कंपनी और दो दुकानदारों को भेजा विधिक नोटिस
हाथरस में सुगंधित पान मसाला के पैकेट के वजन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक उपभोक्ता ने कंपनी और दो स्थानीय दुकानदारों को विधिक नोटिस भेजा है। उपभोक्ता सुशीलकांत गुप्ता (निवासी मधुगढ़ी, हाथरस) ने आरोप लगाया है, कि उन्होंने 23 जनवरी 2026 को हाथरस स्थित बिहारीजी प्रोवीजन स्टोर से 'तानसेन ब्लूज' सुगंधित पान मसाला का एक पाउच खरीदा था। इस पर 12.5 ग्राम - 2.5 ग्राम (कुल 15 ग्राम) वजन और 18 रुपये कीमत अंकित थी। नोटिस में दावा किया गया है कि कुछ अन्य पाउचों की जांच करने पर उनका वास्तविक वजन 11 ग्राम पाया गया, जबकि पैकिंग पर निर्धारित वजन अधिक दर्शाया गया था। उपभोक्ता का आरोप है कि यह उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी और गलत ब्रांडिंग का मामला है। उपभोक्ता की ओर से पहले भी 24 फरवरी 2026 को ईमेल और रजिस्ट्री के माध्यम से कंपनी को नोटिस भेजा गया था। हालांकि, कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। कंपनी और दुकानदारों को बनाया पक्षकार यह विधिक नोटिस अधिवक्ता मनोज आंधीवाल द्वारा जिला एवं सत्र न्यायालय, हाथरस से भेजा गया है। नोटिस में कंपनी और दो संबंधित दुकानदारों को पक्षकार बनाया गया है।
मावली क्षेत्र में गौ संरक्षण के लिए जनसमर्थन बढ़ रहा है। घासा, चंदेसरा, भैंसड़ा सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने एकजुट होकर रैलियां निकालीं और तहसील स्तर पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। रैली के दौरान गौ माता के समर्थन में नारे लगाए गए और लोगों ने अपनी मांगों को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। ज्ञापन में मुख्य रूप से गौ माता को 'राष्ट्र माता' का दर्जा देने, गोवंश संरक्षण के लिए सख्त केंद्रीय कानून बनाने और पूरे देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना है कि गौवंश भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न अंग है। इसकी सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी कानूनों की तत्काल आवश्यकता है। तहसील स्तर पर सौंपे गए इन ज्ञापनों में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों ने प्रशासन को अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने संदेश दिया कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक महत्व का विषय भी है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाएगी और गौवंश की रक्षा के लिए देशव्यापी स्तर पर कड़े कानून लागू किए जाएंगे।
नौकरी शिक्षा विभाग में और कामकाज एसडीएम और तहसीलदार ऑफिस में करना एक लेक्चरर को महंगा पड़ गया। मामला बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ का है, जहां एक लेक्चरर साल 2015 से एसडीएम और तहसीलदार ऑफिस में काम कर रहे थे, जबकि 2023 में ऐसे सभी डेपुटेशन रद्द हो गए थे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने विभागीय आदेशों की अवहेलना करने वाले एक व्याख्याता को निलंबित कर दिया है। संबंधित शिक्षक को पहले ही मूल पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद वे लगातार तहसील और उपखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर कार्य करते रहे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश के अनुसार, व्याख्याता (भूगोल) मुकेश कुमार झाझवाल, जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय चोटीसर, ब्लॉक श्रीडूंगरगढ़ में पदस्थापित हैं, को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। बताया गया कि मुकेश कुमार झाझवाल वर्ष 2015 से विभिन्न अवधियों में उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार, श्रीडूंगरगढ़ कार्यालय में कार्यव्यवस्था के तहत प्रतिनियुक्त रहे। विभाग ने 24 जुलाई 2023 को स्पष्ट आदेश जारी कर सभी शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति समाप्त कर मूल पदस्थापन स्थल पर लौटने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद संबंधित व्याख्याता ने आदेशों की पालना नहीं की और लगातार उपखंड व तहसील कार्यालय में कार्य करते रहे। इसे उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। निदेशक ने निरीक्षण के दौरान एक को दिया नोटिस प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने सोमवार को श्रीडूंगरगढ़ के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के साथ राजकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालयों में प्रवेश उत्सव की प्रगति, शैक्षणिक व्यवस्था एवं आउट ऑफ स्कूल बालकों के विद्यालय में प्रवेश, नामांकन में वृद्वि आदि के संबंध में समीक्षा की गई। महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, धीरदेसर चोटियान का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यापक मोहम्मद रफीक बिना किसी पूर्व सूचना/ स्वीकृति/अनुमति के विद्यालय से अनुपस्थित पाए गए, जिनके विरूद्व राजस्थान असैनिक सेवाएं वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील नियम 1958 के नियम 17 के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
मंगलवार सुबह चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा हादसा टल गया। दिल्ली से आई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के इंजन से स्टेशन परिसर का एक टीन शेड उड़कर टकरा गया। यह घटना तेज आंधी, तूफान और बारिश के दौरान हुई, जिससे स्टेशन पर धमाके जैसी तेज आवाज गूंजी और कुछ समय के लिए यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, जिसके दबाव से स्टेशन परिसर में लगा टीन शेड उखड़ गया। उड़ता हुआ टीन सीधे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर खड़ी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के इंजन के पावर जनरेशन ग्रिप से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि टीन के तीन बड़े टुकड़े होकर प्लेटफॉर्म पर गिरे। उस समय प्लेटफॉर्म पर काफी संख्या में यात्री मौजूद थे, जो ट्रेन का इंतजार कर रहे थे या उससे उतर रहे थे। अचानक हुई इस घटना से लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे, जिससे कुछ देर के लिए स्टेशन परिसर में भय का माहौल बन गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और न ही किसी यात्री को गंभीर चोट आई। यदि टीन का टुकड़ा सीधे यात्रियों पर गिरता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारी और स्टेशन प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचा। कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और क्षतिग्रस्त हिस्से की जांच शुरू की। साथ ही, इंजन की तकनीकी जांच कर मरम्मत कार्य भी शुरू कराया गया, ताकि ट्रेन के संचालन में कोई बाधा न आए। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह घटना तेज आंधी-तूफान के कारण हुई। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए स्टेशन परिसर में लगे ढीले टीन और अन्य संरचनाओं की भी जांच कराई जा रही है। यात्रियों ने भी स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।
हाथरस जनपद में प्रॉपर्टी डीलर सोनू हत्याकांड के 18 आरोपियों में से 5 अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इस मामले के मुख्य आरोपी कमल और गौरव को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि 11 अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सोनू को बेरहमी से पीटा गया था। इन सभी ने शराब पीकर वेदप्रकाश उर्फ सोनू को यातनाएं दी थीं। 6 अप्रैल की रात सोनू को दिल्ली वाला चौक से उठाया गया था। कमल और गौरव अपने साथियों के साथ उसे बीएच ऑयल मिल स्थित अपनी फैक्ट्री ले गए, जहां उसे प्रताड़ित किया गया। हत्यारों ने यातनाओं का वीडियो भी बनाया था और कुछ लोगों को दिखाया भी था, जिसका मकसद क्षेत्र में अपनी दहशत फैलाना था। मुख्य आरोपी गौरव और कमल को दिल्ली पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या के बाद नाले में फेंक दिया था शव... वेदप्रकाश की मौत के बाद, उसके शव को सहपऊ क्षेत्र के एक नाले में फेंक दिया गया था। विवेचना के दौरान आरोपियों के नाम रिपोर्ट में शामिल किए गए हैं। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि कुछ और नाम इस मामले में सामने आए हैं और उनकी भी तलाश की जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित कुर्सी रोड पर एक स्कूटी शोरूम में आग लग गई। आग बहुमंजिला बिल्डिंग के लोअर ग्राउंड फ्लोर पर स्थित रविन्द्र इलेक्ट्रिक मोटर्स के शोरूम में लगी थी। हादसे में 9 स्कूटी जल गई, जबकि 14 स्कूटी और एक बाइक को बचा लिया गया। देर रात में लगी आग रात में एक दुकानदार ने शोरूम से धुआं निकलता देखा। उसने फायर विभाग को रात 1:22 बजे सूचना दी। इंदिरानगर फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची। फायरकर्मियों ने हौजरील के जरिए पानी डालकर करीब 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बिल्डिंग में धुआं भरने से आग पर काबू पाने में हुई मुश्किल जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसके अपर ग्राउंड फ्लोर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा है। ऊपर के फ्लोर पर लोग रहते हैं। फायर टीम ने समय रहते बैंक और रिहायशी हिस्से को आग की चपेट में आने से बचा लिया। आग लगने के बाद बिल्डिंग में धुआं भर गया था। फायरकर्मियों ने दरवाजे खोलकर वेंटिलेशन के जरिए धुआं बाहर निकाला। बिल्डिंग में रहने वाले लोग आग लगते ही सुरक्षित बाहर निकल आए थे। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। फायर विभाग के अनुसार समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
जिले में जल्द लागू होगी पुलिस कैडेट योजना:जिले के स्कूली बच्चों को NCC की तर्ज पर देंगे ट्रेनिंग
सवाई माधोपुर जिले में बेहतर पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी लगातार नवाचार कर रही हैं। इसी कड़ी में अब जिले में पुलिस कैडेट योजना शुरू करने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि यह पहल राजस्थान में पहली बार सवाई माधोपुर जिले में लागू होने जा रही है। इसे लेकर जिला पुलिस की ओर रूपरेखा तैयार भी कर ली गई। पुलिस अधिकारियों की ओर से योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिले में जल्द ही पुलिस कैडेट योजना शुरू होने की संभावना है। NCC की तर्ज पर होगी पुलिस कैडेट योजना इस योजना के तहत स्कूल स्तर पर एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा, जो National Cadet Corps (NCC) की तर्ज पर होगा। इसमें स्कूली विद्यार्थियों के लिए इंडोर और आउटडोर दोनों तरह की कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। SP के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों को अनुशासित नागरिक बनाना, कानून के प्रति जागरूक करना और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराना है। इसके तहत कैडेट्स को यातायात नियम, कम्युनिटी पुलिसिंग और सड़क सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी जाएगी। ट्रेनिंग में ड्रिल, मार्चिंग, फिजिकल फिटनेस और सेल्फ डिफेंस जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा, जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास हो सके। यह योजना खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी, जो भविष्य में पुलिस या सुरक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं।
हरदोई के मल्लावां स्थित गंगा एक्सप्रेस-वे एयरस्ट्रिप पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ‘टच एंड गो’ अभ्यास कर अपनी परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया। इस अभ्यास के दौरान फाइटर जेट्स ने रनवे पर उतरकर तुरंत दोबारा उड़ान भरी, जिससे एयरस्ट्रिप की तकनीकी क्षमता और आपातकालीन उपयोगिता का परीक्षण किया गया। यह विशेष अभ्यास गंगा एक्सप्रेस-वे के मल्लावां क्षेत्र में बनाए गए एयरस्ट्रिप सेक्शन पर किया गया। ‘टच एंड गो’ अभ्यास के तहत विमान रनवे पर स्पर्श कर तुरंत पुनः उड़ान भरते हैं। इसे आपातकालीन परिस्थितियों में हवाई पट्टी के उपयोग और उसकी मजबूती का आकलन करने के लिए बेहद अहम माना जाता है। अभ्यास के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। 594 किलोमीटर लंबी है गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजनागंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है, जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है। यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी हिस्से से जोड़ता है। इसके शुरू होने से मेरठ से प्रयागराज तक आवागमन तेज, सुगम और सुरक्षित होगा। साथ ही व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। 29 अप्रैल को होगा पीएम मोदी द्वारा उद्घाटनइस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभा स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, यातायात नियंत्रण और बैरिकेडिंग को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अधिकारी लगातार निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों में उत्साह, विकास की उम्मीदस्थानीय निवासियों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के चालू होने से हरदोई जिले को बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि निवेश बढ़ने और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
राजधानी रायपुर में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 8 लाख रुपए की ठगी कर ली। कहीं लोन दिलाने का झांसा दिया गया, तो कहीं क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने के नाम पर रकम उड़ा ली गई। वहीं एक अन्य मामले में बीमा पॉलिसी अपडेट और कंज्यूमर कोर्ट की फर्जी कार्रवाई का हवाला देकर खाते से पैसे निकाल लिए गए। तीनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ितों की पहचान विशाल गुप्ता, सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह और अमलीडीह निवासी जयकुमार वाधवानी के रूप में हुई है। पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी हुई है। तस्वीरों को अश्लील बनाया, वायरल करने की धमकी रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार पहला मामला टिकरापारा इलाके का है। यहां प्राइवेट नौकरी करने वाले विशाल गुप्ता ने 10 मार्च 2026 को 10 हजार रुपए के ऑनलाइन लोन के लिए आवेदन किया था। ठगों ने 40 हजार रुपए का लोन मंजूर होने का झांसा देकर उनके मोबाइल का डेटा हैक कर लिया। इसके बाद उनकी निजी तस्वीरों को अश्लील बनाकर वायरल करने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए करीब 6 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। सूबेदार को महिला ठग ने ठगा दूसरा मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है, जहां आर्मी में पदस्थ सूबेदार हरिश्चंद्र सिंह को 17 अप्रैल को एक महिला का कॉल आया। महिला ने खुद को एक्सिस बैंक की कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम कराने की बात कही। उसने सूबेदार को एक फर्जी वेबसाइट खुलवाकर उस पर कार्ड की डिटेल भरने को कहा। जैसे ही उन्होंने जानकारी दर्ज की, कुछ ही देर में उनके खाते से 1 लाख 99 हजार 996 रुपए निकल गए। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक के कस्टमर केयर और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। प्लॉन लॉस में घाटा होने का झांसा देकर ठगी वहीं तीसरा मामला न्यू राजेंद्र नगर का है। फल कारोबारी अमलीडीह निवासी जयकुमार वाधवानी को ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस का प्लान लॉस में जाने का झांसा देकर पहले कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत दर्ज कराने की बात कही गई। फिर नई पॉलिसी और “फ्रीजिंग कोड” के नाम पर लिंक भेजकर 55 हजार रुपए खाते से उड़ा लिए गए।
सीमावर्ती जिले जैसलमेर में वन्यजीवों की सुरक्षा और वनों की निगरानी को अब नई रफ़्तार मिलने वाली है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के वन विभाग को कैम्पा (CAMPA) योजना के तहत 10 नई हीरो होंडा मोटरसाइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं। इन नई बाइक्स के आने से विभाग के पास मौजूद दशकों पुरानी गाड़ियों की समस्या अब खत्म हो जाएगी। 90 के दशक की बुलेट से थे परेशान दरअसल, लंबे समय से वन विभाग का फील्ड स्टाफ 90 के दशक की पुरानी बुलेट मोटरसाइकिलों का उपयोग कर रहा था। ये भारी-भरकम मोटरसाइकिलें न केवल बार-बार खराब हो रही थीं, बल्कि रेतीले धोरों और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर इनके साथ गश्त करना भी चुनौतीपूर्ण था। पुराने मॉडल्स होने के कारण इनके स्पेयर पार्ट्स मिलने में भी दिक्कत आती थी, जिससे विभाग का कामकाज प्रभावित हो रहा था। कैम्पा योजना बनी मददगार भारत सरकार की कैम्पा (Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority) (क्षतिपूर्ति वनरोपण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण) योजना के तहत ये नए वाहन आवंटित किए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य वनीकरण को बढ़ावा देना और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए संसाधनों को मजबूत करना है। जैसलमेर जैसे विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जिले में, जहाँ वन क्षेत्र काफी फैला हुआ है, वहां इन हल्के और आधुनिक वाहनों की सख्त जरूरत महसूस की जा रही थी। वन्यजीवों के संरक्षण में मिलेगी मदद नई बाइक आने से वन रक्षक और फील्ड स्टाफ अब सूचना मिलते ही मौके पर तुरंत पहुंच सकेंगे। इससे न केवल शिकार की घटनाओं पर लगाम लगेगी, बल्कि घायल वन्यजीवों को समय पर इलाज दिलाने में भी आसानी होगी। साथ ही, नहरी क्षेत्र (IGNP) के किनारे लगे सघन वनों की सुरक्षा और अवैध कटान को रोकने के लिए अब 24 घंटे मुस्तैदी से गश्त की जा सकेगी। बेहतरीन काम हो सकेंगे अब- DFO देवेंद्र सिंह मामले की जानकारी देते हुए DFO देवेंद्र सिंह ने बताया, कैम्पा योजना के तहत विभाग को 10 नई मोटरसाइकिलें प्राप्त हुई हैं। इससे पहले स्टाफ के पास काफी पुराने मॉडल के वाहन थे, जिससे फील्ड में आवागमन में काफी परेशानी होती थी। अब नए और आधुनिक वाहन मिलने से स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वन्यजीव संरक्षण के कार्यों में गति आएगी। हम अब संवेदनशील इलाकों में ज्यादा बेहतर और प्रभावी तरीके से गश्त कर सकेंगे।
छिंदवाड़ा नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त सीपी राय के निर्देश पर टीम ने एमएलबी स्कूल के बाजू वाली गली से लेकर गुलाबरा मेन रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। इसके बाद कार्रवाई परासिया रोड तक पहुंची, जहां बीएसएनएल कार्यालय के सामने, सत्कार तिराहा, पंकज टॉकीज के पास, सीओ साहब के बंगले के सामने, पूजा लॉज के पास नाले किनारे और परासिया चौक स्थित एमपीईवी कार्यालय के आसपास से अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम ने परासिया रोड से बस स्टैंड (इंदिरा तिराहा) तक स्थायी रूप से बनी गुमटियों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने का अल्टीमेटम दिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए गुमटियां हटाई जाएंगी। नागपुर रोड पर कार्रवाई पर उठे सवाल इधर, नागपुर रोड पर पिछले दो महीनों में करीब 10 बार कार्रवाई किए जाने के बावजूद एक चिकन बेचने वाले दुकानदार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार मुख्य मार्ग किनारे दुकान लगाकर चिकन के पीस और डिश बेच रहा है, लेकिन हर बार निगम टीम केवल समझाइश देकर लौट जाती है। स्थानीय दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस दुकान पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि अन्य अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जा रहा है। एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे चिकन बिक्री की शिकायत पर एसडीएम सुधीर जैन ने स्वयं नगर निगम आयुक्त को निर्देश देकर दो बार कार्रवाई भी करवाई थी। इसके बावजूद संबंधित दुकान अब भी रोज संचालित हो रही है।
सतना के वन स्टॉप सेंटर से रविवार रात तीन नाबालिग लड़कियां फरार हो गईं। लड़कियां खिड़की की ग्रिल निकालकर और तार की साढ़े पांच फीट ऊंची बाड़ी फांदकर भागी हैं। इस घटना ने सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PIU) द्वारा किए गए भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि 9 महीने पहले ही इस सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया था। नाबालिग लड़कियों ने भागने के लिए सेंटर की सुरक्षा खामियों का सीधा फायदा उठाया। वन स्टॉप सेंटर और जिला कल्याण समिति (CWC) के बीच कंक्रीट की दीवार के बजाय सिर्फ साढ़े पांच फीट ऊंची तार की बाड़ी लगी हुई है। इसी बाड़ी के पास एक पुराना पेड़ गिरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लड़कियों ने इसी गिरे हुए पेड़ का इस्तेमाल कर बाड़ी को पार किया और भागने में सफल रहीं। 9 महीने पहले ही हुआ था सिक्योरिटी ऑडिटमहिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने जुलाई में सतना का कार्यभार संभालने के बाद सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तारों की फेंसिंग भी करवाई थी, लेकिन सुरक्षा के ये सभी उपाय नाकाफी साबित हुए। भवन निर्माण की गुणवत्ता की खुली पोलवन स्टॉप सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) ने कराया था। चार साल पहले यह भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया था। लड़कियों ने भागने के लिए जिस खिड़की की ग्रिल को दीवार से अलग किया, उसका हुक दीवार में ठीक से फिक्स ही नहीं किया गया था। इस खुलासे ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले भी भागी थी एक लड़कीसेंटर से लड़कियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले भी यहां से एक लड़की फरार हुई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों में जाली लगवाई गई थी, लेकिन 27 अप्रैल की घटना में यह उपाय भी काम नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, मैहर की 'पिपरा सेवा दल बिरादरी संस्थान' वन स्टॉप सेंटर को मानव संसाधन (स्टाफ) उपलब्ध कराने का काम करती है।
सतना जिला अस्पताल में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। सामान्य प्रसव के बाद मां और तीनों बच्चे स्वस्थ हैं। सभी को निगरानी के लिए पीएनसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के सलेहा थाना अंतर्गत उजनेही निवासी कंचन सोनी (34) पत्नी रमेश सोनी को 26 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन पन्ना जिला अस्पताल ले गए थे। वहां जांच में गर्भ में तीन शिशु होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया। कंचन को 27 अप्रैल की शाम करीब 7:30 बजे सतना जिला अस्पताल के लेबर रूम में भर्ती किया गया। पहले से चार बच्चे हैं लेबर रूम में कंचन सोनी ने रात 10 बजकर 34 मिनट पर पहले बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद रात 10 बजकर 45 मिनट पर दूसरा बच्चा और रात 11 बजकर 57 मिनट पर तीसरा बच्चा पैदा हुआ। तीनों शिशुओं का वजन क्रमशः 2 किलो, 2 किलो 300 ग्राम और 2 किलो 650 ग्राम है। पहले दो बेटे हुए, जबकि तीसरा शिशु बेटी है। बताया गया है कि कंचन सोनी के पहले से चार बच्चे हैं, जिनकी उम्र 11, 9, 7 और 5 वर्ष है। गर्भावस्था के पांचवें महीने में सोनोग्राफी के दौरान ही परिवार को ट्रिपलेट शिशु होने की जानकारी मिल गई थी। गायनी विभाग की एचओडी डॉ. मंजू सिंह ने बताया कि ट्रिपलेट प्रसव के बाद मां और तीनों शिशु स्वस्थ हैं। शिशुओं का औसत वजन भी सामान्य है। सभी की पीएनसी वार्ड में देखभाल की जा रही है।
बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने दो हथियार सप्लायर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 12 बोर बंदूक मिली है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि वह शिकार करने के लिए उसे समदड़ी के एक युवक से लेकर आया था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर दोनों को जेल भेज दिया है। एसपी रमेश ने बताया- अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूल सिंह मीना और डीएसपी देरावरसिंह के सुपरविजन में समदड़ी थानाधिकारी नरपतदान के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम को सूचना मिली कि मजल गांव में अवैध हथियार लेकर घूम रहा है। इस पर पुलिस टीम ने मजल गांव में दबिश वहां से भूराराम उर्फ भरत पुत्र सोहनलाल निवासी ढींढस समदड़ी के पास से एक अवैध टोपीदार बंदूक (12 बोर) जब्त की गई। तलाशी लेने पर लाइसेंस और डॉक्यूमेंट नहीं मिले, जिस पर उसे गिरफ्तार किया गया और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद सप्लायर को दबोचा पुलिस ने आरोपी से पूछताछ करने पर बताया कि वह समदड़ी के महेंद्र से बंदूक लेकर आया था। इस पर पुलिस ने महेंद्र को पकड़कर पूछताछ की गई और बाद में उसे भी गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। कार्रवाई में एएसआई दौलाराम, कॉन्स्टेबल राज कुमार, लोकेश कुमार शामिल रहे।
मंदसौर पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चार तस्करों और उनके परिजनों की 22 करोड़ 8 लाख 4 हजार रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई 1 जनवरी से 27 अप्रैल 2026 के बीच SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act, 1976) के तहत की गई। मुंबई स्थित सक्षम न्यायालय ने सुनवाई के बाद संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी है। पुलिस ने भावगढ़, गरोठ और पिपलियामंडी थाना क्षेत्रों में यह कदम उठाया है। 3 साल में 450 करोड़ की अवैध संपत्ति पर एक्शन तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने और तस्करों को आर्थिक रूप से तोड़ने के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मामले की जानकारी देते हुए एसपी विनोद कुमार मीना ने बताया कि, वर्ष 2024, 2025 और 2026 में अब तक करीब 450 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है। मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ हमारा यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। 21 करोड़ की अचल और 1 करोड़ की चल संपत्ति शामिल एसपी के नेतृत्व में सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को तस्करों की संपत्तियों की पहचान कर वित्तीय अनुसंधान के निर्देश दिए गए थे। पुलिस के अनुसार, इन चारों मामलों में कुल 21 करोड़ 18 हजार 100 रुपये की अचल संपत्ति और 1 करोड़ 7 लाख 85 हजार 913 रुपये की चल संपत्ति को मिलाकर कुल 22 करोड़ 8 लाख 4 हजार रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। इन चार मामलों में की गई जब्ती की कार्रवाई थाना भावगढ़ (अपराध क्रमांक 118/10): एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18, 29 के तहत रिण्डा निवासी आरोपी रामविलास पाटीदार (62) की 9 करोड़ 40 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। थाना भावगढ़ (अपराध क्रमांक 127/13): एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18, 21, 29 के तहत कटलार निवासी आरोपी लक्ष्मीनारायण कुमावत (45) की 4 करोड़ 92 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज हुई है। थाना गरोठ (अपराध क्रमांक 436/25): एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22, 29 के तहत बरखेड़ी मिठ्ठु निवासी आरोपी कुशाल सिंह उर्फ गुड्डूसिंह (23) की 6 करोड़ 84 लाख 50 हजार 500 रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई। थाना पिपलियामंडी (अपराध क्रमांक 208/25): एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 29 के तहत तलाव पिपलिया निवासी आरोपी उमराव सिंह चौहान की 9 करोड़ 6 लाख 3 हजार 513 रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है।
खंडवा नगर निगम ने शक्कर तालाब क्षेत्र में संचालित सरकारी बूचड़खाने पर प्रतिबंध लगा दिया हैं। निगम के स्वास्थ्य विभाग की ओर डिप्टी कमिश्नर सचिन सिटोले ने आदेश जारी किए हैं। दरअसल, पिछले हफ्ते जिस अवैध कारखाने में बड़ी मात्रा में मवेशियों की खाल व चर्बी से बना तेल जब्त हुआ था, वह बूचड़खाने की गंदगी से बनता था। गंदगी समेटने वाला कारोबारी अब अवैध काम के चलते जेल चला गया हैं। हालात ऐसे हो गए कि, नगर निगम प्रशासन बूचड़खाने की गंदगी साफ नहीं करवा पा रहा हैं। चार-पांच दिनों से सफाई ना होने के चलते दुर्गंध और बढ़ गई हैं। इस कारण इमलीपुरा क्षेत्र के रहवासियों को घूटन होने लग गई। उधर, कांग्रेस ने शहर में हो रही गंदगी के खिलाफ आंदोलन का ऐलान कर दिया। जिसके बाद नगर निगम पर गंदगी साफ करने का दबाव बन आया। नगर निगम ने गंदगी साफ कराने की बजाय बूचड़खाने के संचालन पर ही प्रतिबंध लगा दिया। बूचड़खाने सहित करीब 28 लाइसेंस धारी अब मांस नहीं काट पाएंगे। अवैध रूप से साफ होती रही बूचड़खाने की गंदगी बता दें कि, बूचड़खाने से निकलने वाली गंदगी यानी मवेशियों के अवशेष को अनवर कुरैशी अपने पास रख लेता था। वह इन अवशेषों को समेटकर स्टाक करता और फिर प्रोसेसिंग करके चर्बी से तेल बनाता और इसे प्राइवेट फर्मों को बेचकर मोटा मुनाफा कमाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि चर्बी का तेल अनवर के द्वारा बुरहानपुर की टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज, खाल महू की बैग फैक्ट्री और हड्डियों को खंडवा में ही हड्डी कारखाने को सप्लाई करता था। बताते हैं कि, इस कारोबार में अनवर और उसका पूरा परिवार करीब 25 साल से शामिल हैं। वह लाइसेंस के माध्यम से कारोबार करता आया हैं। लेकिन साल 2023 के बाद उसका लाइसेंस रिन्यूअल नहीं हुआ। तब से अब तक वह अवैध रूप से कारोबार संचालित करते आया हैं। इस दरमियान अनवर ने लाइसेंस के रिन्यूअल को लेकर नगर निगम के अधिकारियों को भी अवगत कराया। लेकिन लाइसेंस रिन्यूअल नहीं हुआ और फिर अनवर ने निगम अधिकारी और कर्मचारियों से मिलीभगत करके अवैध रूप से ही इस कारोबार को अंजाम दिया।
बटाला में देर रात (27 अप्रैल) अज्ञात लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में 2 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा व्यक्ति गंभीर रुप से घायल है। मामला जिला गुरदासपुर के श्री हरगोबिंदपुर उपमंडल के भोमा गांव से सामने आया है। जानकारी के अनुसार, गांव भोमा के कश्मीर सिंह और जुगराज सिंह अपने साथी जुगराज सिंह के साथ सामान्य रूप से टहलने निकले थे। इसी दौरान 2 मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे 6 अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में कश्मीर सिंह (37) और जुगराज सिंह (35) की मौत हो गई। वहीं जुगराज सिंह (36) इस हमले में गंभीर घायल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस दौरान 2 दर्जन से अधिक गोलियां चलने की आवाज सुनाई दी। मौके पर पहुंचे एसएसपी बटाला घटना की सूचना मिलते ही बटाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेहताब सिंह मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और हमले का कारण जानने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि पुलिस आपसी रंजिश समेत अन्य कारणों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। एसएसपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में फिरौती या पहले से मिली किसी धमकी जैसा कोई मामला सामने नहीं आया है। पुलिस ने इलाका किया सील, सीसीटीवी खंगाले जा रहे गोलीबारी की इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और दोषियों तक पहुंचने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही एसएसपी ने कहा कि पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। एसएसपी ने कहा कि हमारी टीमें लगातार फील्ड में काम कर रही हैं। यह एक गंभीर अपराध है और हम जल्द ही आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजेंगे। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

