वाराणसी की सेवापुरी विधानसभा से नीलरतन पटेल नीलू लगातार दूसरी बार विधायक हैं। पहले यह सीट अपना दल के खाते में थी। अब भाजपा के पास है, हालांकि दोनों दलों का भरोसा नीलू ही रहे। अब तीसरी बार फिर नीलू दावेदारी कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान पैरालाइज हुए विधायक अभी बेड पर हैं। क्षेत्र में उनका कामकाज बेटी अदिति पटेल ने संभाला है। उनका दावा है कि पिता चार साल से बेड पर हैं, लेकिन जनता से दूर नहीं हैं। बीमार होकर भी लगातार संपर्क में हैं और जनता से संवाद करते हैं। क्षेत्र की कार्ययोजनाओं को सुनते हैं और डिस्कस भी करते हैं। पिछले 4 साल में नील रतन पटेल ने बहुत सारे विकास काम कराए हैं और अधूरे कामों को उनकी प्रतिनिधि अदिति देख रही हैं। अदिति का दावा है कि 2027 में वे चुनाव मैदान में उतरेंगी और पार्टी नील रतन पटेल पर ही भरोसा जताएगी। दैनिक भास्कर ने सेवापुरी विधानसभा में हुए कामों के रिपोर्ट कार्ड के बारे में अदिति से बात की। जानिए इस खास बातचीत के कुछ अंश… सवाल : सेवापुरी को 4 साल में सबसे बड़े क्या प्रोजेक्ट मिले? जवाब: सेवापुरी में क्रिकेट स्टेडियम समेत कई बड़े काम हुए। बरकी में बालिकाओं के लिए इंटर कॉलेज सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर बना। पुल और रोड का जाम पूरे क्षेत्र में है। ग्रामीण क्षेत्र में आमजन की सुविधाओं के ज्यादा काम हुए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालयों का स्वरूप बदला। पानी के लिए टंकियां बनीं और बिजली के कई काम हुए हैं। हर गांव तक अच्छी सड़क, पेयजल और शिक्षा की मूलभूत सुविधाएं देने का प्रयास किया है। छोटे कस्बों को स्माल टाउन मार्केट के लिए प्रेरित किया। सवाल: इन 4 सालों में युवाओं के लिए क्या किया? जवाब: विधायक नीलरतन ने जब से राजनीति शुरू की है, उनकी रुचि ग्रामीण युवाओं और खिलाड़ियों में रही। स्ट्रगल कर रहे खिलाड़ियों के लिए उन्होंने स्टेडियम का प्रस्ताव दिया। अब इसे युवा अपने लिए एक मौके की तरह से देखें और इस तरीके के तमाम मिनी स्टेडियम प्रस्तावित हैं। ग्रामीण क्षेत्र की वजह से जो प्रगति रुकी हुई थी, वो अब एक डेवलप सिटी के रूप में दिखाई देगी। एक स्मार्ट सिटी के रूप में दिखाई देगी। सवाल: कार्यकाल को 10 में से आप कितने नंबर देंगी? जवाब: मैं इसको पूरी तरह 10 में से 10 नंबर दूंगी, क्योंकि विधायक मोटर न्यूरॉन डिजीज यानी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। फिर भी विकास नहीं रुका। क्षेत्र का संचालन बहुत बेहतरीन हो रहा है। किसी तरीके का कोई भी काम अधूरा नहीं है। सवाल: 2027 के इलेक्शन में आप फिर से दावेदार हैं क्या? जवाब: ये तो प्रश्न पूरी तरह से संगठन पर है, लेकिन हम दावेदार हैं। संगठन विधायक को उस स्तर से समझती है कि अपना कार्यकाल बहुत ही अच्छे और बेहतरीन तरीके से किया है। पूरा अवसर मिलेगा। पीएम के हर प्रोजेक्ट की मॉनीटरिंग की और 18 घंटे तक परियोजना पर काम किया है। सवाल: क्या इस बार चुनाव मैदान में आप उतरेंगी? जवाब: विधायक की सोच बालिकाओं के लिए ज्यादा से ज्यादा स्कूल बनाए जाने की है। भारत की महिलाएं जितना ज्यादा शिक्षित होंगी, हम उतना ही आगे बढ़ेंगी। हमारे भारतवर्ष की जो जेनरेशन है वो आगे और ज्यादा प्रगतिशील होगी। टिकट मिलेगा और हर हाल में चुनाव लडूंगी।
वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के औद्योगिक क्षेत्र चांदपुर-महेशपुर में बंद मकान का दरवाजा तोड़कर दिनदहाड़े चोर घुस गए। चोरों ने घर का पूरा सामान खंगाल कर बोरे में भर लिया। जब सामान लेकर निकलने लगे तो मकान मालिक पहुंच गया। चोरी का विरोध करने और शोर मचाने पर चोरों ने मकान मालिक को जमकर पीटा। मकान मालिक ने घर में मौजूद दोनों चोरों को ललकारा तो चोर हमले के बाद फरार हो गए। पीड़ित ने पहले पड़ोसियों और फिर बाद में पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जाकर कमरे खंगाले और पूरे मामले की पड़ताल की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से चोरों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। चांदपुर-महेशपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित रघुवंश नगर कॉलोनी में तीन सगे भाइयों अशोक सिंह, राज कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह का संयुक्त मकान है। स्वर्गीय अशोक सिंह की पत्नी रेनू सिंह किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज के लिए इन दिनों बेटे प्रभात के साथ बैंगलोर गई हुई थी ओर दिन में मकान खाली था। दूसरे भाई राजकुमार सिंह व राजेश कुमार सिंह ने भी अपना नया मकान कहीं और बनवाया है। दोनों भाई अपने परिवार के साथ रात में अपने-अपने नए मकान पर थे। तीनों भाइयों का पूरा सामान रघुवंश नगर कॉलोनी के मकान के कमरों में बंद है। चोरों को मकान के खाली होने की भनक लग गई। गुरुवार की सुबह राजेश कुमार सिंह मकान पर पहुँचे।मुख्य दरवाजे का ताला खोलकर अंदर घुसे तो बिखरा सामान देखकर भौचक्का रह गए। अंदर गए तो दो की संख्या में दुस्साहसी चोरों ने प्लास्टिक के बोरों में सामान पैक कर लिया था। चोरों को देखते ही राजेश ने उन्हें ललकारा तो चोरों ने हमला कर धक्का दे दिया। चोरों के अचानक से हुए हमले से मकान मालिक गिर पड़े और चोर फरार हो गए । घटना के बाद शोरगुल सुनकर जुटे कॉलोनी के लोगों ने घर में जाकर देखा तो 5 कमरों में रखी पूरी आलमारी व लगभग आधा दर्जन बक्शे का ताला टूटा हुआ था और पूरे घर में सामान बिखरा हुआ था। मंडुवाडीह थाने से पहुंचे दरोगा सिपाही ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में 2026-27 सत्र में UG और PG प्रवेश केंद्रीयकृत प्रवेश प्रणाली के तहत होंगे। छात्रों को समर्थ पोर्टल पर आवेदन करना होगा। महाविद्यालयों को सीट विवरण और सहभागिता शुल्क भेजना होगा। गुरुवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने इसकी मंजूरी दे दी। इस संबंध में लखनऊ सहित हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और रायबरेली के कॉलेज के प्राचार्यों को निर्देश जारी किए गए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय विवि प्रवेश सहभागिता शुल्क जमा करके अपने महाविद्यालय में संचालित अलग-अलग पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं का प्रवेश केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया के माध्यम ले सकते हैं। नए सत्र में प्रवेश के लिए कॉलेज अपने यहां खाली सीटों को भरने के लालच में विश्वविद्यालय को गुमराह नहीं कर सकेंगे। पिछले सत्र में जिस तरह से निर्धारित अवधि के बाद भी प्रवेश लिए गए। अगर इस बार प्रवेश लिया जाएगा तो स्टूडेंट्स परीक्षा फॉर्म नहीं भर सकेंगे। इसके लिए कॉलेज स्वयं जिम्मेदार होगा। सेल्फ फाइनेंस कोर्स में ले सकेंगे प्रवेश केंद्रीय प्रवेश प्रणाली के तहत संबद्ध महाविद्यालय सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। इसके लिए कॉलेज प्राचार्य अपने यहां संचालित पाठ्यक्रमों का विवरण निर्धारित सहभागिता शुल्क आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर सकते हैं। वहीं, पाठ्यक्रमों का विवरण भी ई-मेल centralizedadmission26@gmail पर 31 मई तक भेज सकेंगे। UG-PG के छात्र 10 तक जमा करें शुल्क लखनऊ विश्वविद्यालय में UG और PG के स्टूडेंट्स दूसरे सेमेस्टर में प्रवेश लेने के लिए 10 अप्रैल तक शुल्क जमा कर सकेंगे। इस संबंध में विश्वविद्यालय ने गुरुवार को अपनी समय सीमा बढ़ा दी है। इससे पहले अंतिम तारीख 27 मार्च थी।
लखनऊ में बेटी होने पर ससुराल वालों ने पीटा:पीटकर घर से निकाला; महिला ने दर्ज करवाया मुकदमा
लखनऊ में बेटी पैदा होने के बाद एक विवाहिता को ससुराल में प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ससुराल पक्ष को बेटा चाहिए था, लेकिन बेटी होने पर विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल दिया गया। हुसैनगंज क्षेत्र के छितवापुर पजावा निवासी लता कुमारी ने महिला थाना हजरतगंज में दी तहरीर में बताया कि उसका विवाह 28 मई 2023 को अनूप शिल्पकारन से हुआ था। शादी के बाद से ही कम दहेज को लेकर ताने दिए जाते थे, लेकिन बेटी के जन्म के बाद उत्पीड़न और बढ़ गया। पीड़िता के मुताबिक, 12 जुलाई 2025 को उसने बेटी को जन्म दिया। इसके बाद ससुराल पक्ष का व्यवहार बदल गया और उसे लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। तहरीर के अनुसार, 29 जुलाई 2025 की रात करीब 2 बजे पति अनूप, ससुर राजेश, ननद कोमल और सास आशा देवी ने मिलकर उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। आरोप है कि इस दौरान गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता का कहना है कि उसने डायल 112 पर सूचना दी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उसने महिला थाना हजरतगंज में शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अपनी सुरक्षा की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गुरुवार को शहर में अवैध निर्माण और प्लाटिंग के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। पीजीआई क्षेत्र में किसान पथ के पास जहां 25 बीघा में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर चला, वहीं महानगर के न्यू हैदराबाद इलाके में भी नियमों के विपरीत बन रहे निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रवर्तन जोन-2 के जोनल अधिकारी रवि नंदन सिंह के मुताबिक, डॉ. हलीम व अन्य द्वारा पीजीआई के कल्ली पश्चिम में किसान पथ के पास बिना ले-आउट स्वीकृति के बड़े पैमाने पर प्लाटिंग की जा रही थी। करीब 25 बीघा जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। एलडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। वहीं, प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि महानगर के न्यू हैदराबाद स्थित श्याम लाल की बगिया में सतीश कुमार व अन्य द्वारा स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कराया जा रहा था। करीब 200 वर्गमीटर के भूखंड पर चल रहे इस निर्माण के खिलाफ पहले ही न्यायालय से ध्वस्तीकरण के आदेश जारी हो चुके थे। एलडीए की टीम ने सहायक अभियंता सतीश कुमार यादव के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को गिरा दिया। इस दौरान अवर अभियंता सुनील कुमार और केपी सिंह भी मौके पर मौजूद रहे। एलडीए अधिकारियों ने साफ किया कि शहर में अवैध प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर स्थित हिन्दी विभाग में समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई के अध्यक्ष द्वारा एक छात्र की जाति पूछकर उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की घटना पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नाराजगी जताई है। पत्र जारी करते हुए संगठन ने कहा - विश्वविद्यालय जैसे पावन शिक्षण संस्थान में इस प्रकार के आपराधिक और जातिवादी कृत्य करने वाले तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। अभाविप यह स्पष्ट रूप से मांग करती है की उक्त घटनाक्रम में पीड़ित छात्र के साथ जाति पूछ कर मारपीट एवं जान से मारने की धमकी की घटना को गंभीरतापूर्वक लेते हुए प्रशासन उचित कार्यवाई सुनिश्चित करे। अब जानिए संगठन के पदाधिकारियों ने क्या कहा इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा - लंबे समय से कुछ राजनीतिक दलों के असामाजिक तत्व अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए परिसर को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि दोषी आपराधिक तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उन पर कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।” इकाई उपाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा - विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकार के घृणित कृत्य के लिए कोई स्थान नहीं है। हम प्रशासन से दोषी पर कार्यवाही कर यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते है है कि पीड़ित छात्र को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए और परिसर में भयमुक्त वातावरण कायम किया जाए ताकि आम छात्र इन विभाजनकारी आपराधिक तत्वों से सुरक्षित रह सकें। अब जानिए क्या है पूरा मामला छात्र प्रशांत मिश्रा ने आरोप लगाया कि क्लास करने के लिए वह हिंदी विभाग गया, जहां हिमांशु यादव ने उसे रोककर पहले नाम पूछा और जाति पूछा। पीड़ित का आरोप है कि उसने भी हिमांशु से उसका नाम और कोर्स पूछा जिस पर हिमांशु ने सबके सामने उसे गाली देते हुए पीटने लगा। इस दौरान जाति सूचक गाली देते हुए हिमांशु यादव ने जान से मारने की धमकी दी। यह पूरा प्रकरण का वीडियो विभाग के लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। छात्र की पिटाई के मामले को पुलिस संज्ञान में लिया। छात्र की शिकायत पर पुलिस ने समाजवादी छात्र सभा के बीएचयू इकाई अध्यक्ष हिमांशु यादव पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
29 मार्च को दशहरा मैदान पर आयोजित नगर निगम के भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन (सत्तन गुरु) के साथ हुई कथित अपमानजनक घटना अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। सत्तन गुरु की बेटी कनुप्रिया सत्तन, जो हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई हैं, ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश करार दिया है। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। कनुप्रिया सत्तन ने अपने पत्र में लिखा है कि यह घटना न केवल उनके पिता के साथ अपमानजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध भी है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम में अनावश्यक विवाद पैदा करने की सोची-समझी चाल बताया है। कनुप्रिया ने पत्र में उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए तैयार की गई मंच अतिथि सूची में सत्यनारायण सत्तन का नाम पूर्व निर्धारित रूप से शामिल था। कार्यक्रम स्थल पर उनकी नामांकित सीट से नाम की स्लिप हटाए जाने की घटना जानबूझकर की गई कार्रवाई प्रतीत होती है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित प्रयास लगता है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अनावश्यक विवाद और व्यवधान उत्पन्न करना था। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार यह पूरा घटनाक्रम एक मुख्यमंत्री-विरोधी मंत्री के इशारे पर किया गया बताया जा रहा है, जिससे राजनीतिक असहजता पैदा हो सके। उन्होंने यह भी लिखा कि सत्तन गुरु ने वर्षों तक भारतीय जनता पार्टी और सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर संगठन, विचारधारा और राष्ट्रहित के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पत्र में कनुप्रिया ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है। क्या हुआ था दशहरा मैदान पर? 29 मार्च को नर्मदा चौथे चरण से जुड़े बड़े सरकारी कार्यक्रम में मंच पर 69 अतिथियों की सूची तैयार की गई थी। सूची में सत्तन जी का नाम 26वें नंबर पर था और उनकी कुर्सी भी लगाई गई थी। लेकिन मंच पर पहुंचते ही एक कार्यकर्ता ने उन्हें रोक लिया और कहा कि सूची में नाम नहीं है। नाम की स्लिप गायब थी। इससे आहत होकर सत्तन गुरु कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही वापस लौट गए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, तुलसी सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव समेत कई बड़े नेता मौजूद थे। भाजपा का डैमेज कंट्रोल, कांग्रेस का हमला घटना के अगले दिन भाजपा इंदौर शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा सत्तन गुरु के घर पहुंचे। उन्होंने बंद कमरे में लंबी बातचीत की और कहा, “सत्तन गुरु हमारे मार्गदर्शक हैं। अगर जरूरत पड़ी तो हम 25 बार माफी मांग लेंगे।” महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी व्यक्तिगत रूप से फोन कर खेद जताया और गलती से पर्ची न लग पाने की बात कही। दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मौके को भुनाया। कांग्रेस के जिला सेवादल कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल, ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश जोशी और अन्य नेताओं ने सत्तन गुरु के घर पहुंचकर उन्हें तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया और भाजपा पर तीखा हमला बोला। कौन हैं सत्तन गुरु और कनुप्रिया? सत्यनारायण सत्तन इंदौर की राजनीति के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश खाद्य एवं ग्रामोद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। राष्ट्रीय स्तर के कवि के रूप में भी उनकी पहचान है। उनकी बेटी कनुप्रिया सत्तन दिल्ली में पत्रकारिता कर चुकी हैं। फरवरी 2026 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी। कनुप्रिया के कांग्रेस में शामिल होने के समय भी काफी चर्चा हुई थी।
डॉ. अंबेडकर नगर (महू) तहसील के सिमरोल गांव में सरकारी भूमि और प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली पर कथित अतिक्रमण को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर इस रिट याचिका में सर्वे नंबर 890 पर दर्ज सार्वजनिक भूमि के संरक्षण के लिए कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। गुरुवार को मामले में सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने कॉलोनाइजर सहित अन्य को नोटिस जारी कर तलब किया गया है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार सर्वे नंबर 890 सरकारी नाले/प्राकृतिक जल मार्ग के रूप में दर्ज है, जो क्षेत्र की प्राकृतिक जल निकासी प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मानसून के दौरान इस मार्ग से भारी मात्रा में वर्षा जल बहता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कॉलोनाइजर राजू पेंड्रावाला, अनुराग पांडिया और उनकी फर्म पेंड्रावाल एस्टेट ने सर्वे नंबर 889 स्थित अपनी निजी भूमि पर ‘विराज ग्रीन्स’ नामक आवासीय कॉलोनी विकसित करते समय उससे सटी सरकारी भूमि (सर्वे नंबर 890) पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया। आरोप है कि प्राकृतिक जल निकासी मार्ग में मिट्टी और निर्माण मलबा डालकर उसे संकरा कर दिया गया, जिससे पानी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट ऋषि कुमार चौकसे ने तर्क दिए कि इस प्रकार का अवैध कब्जा न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है, बल्कि इससे आसपास के रहवासियों, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और पास स्थित एक सरकारी कन्या छात्रावास को भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से बड़े नुकसान की आशंका जताई गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिला कलेक्टर और सार्वजनिक भूमि संरक्षण प्रकोष्ठ (Public Land Protection Cell) को शिकायत देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। कानूनी आधार के रूप में याचिका में मप्र हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय ग्राम पंचायत धूमा बनाम मध्य प्रदेश राज्य (2021) का हवाला दिया गया है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि ‘निस्तार भूमि’, ‘चरनोई’, ‘तालाब’, ‘नदी’ या अन्य सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के निस्तारण में देरी पर नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा है कि अधिकारी आर्म्स एक्ट में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहे हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने भदोही के जयशंकर उर्फ बैरिस्टर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने गृह विभाग और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शस्त्र लाइसेंस के आवेदनों को बिना किसी ठोस कारण वर्षों तक लंबित रखा जा रहा है, जो शस्त्र नियमावली 2016 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस मामले में याची का शस्त्र लाइसेंस आवेदन डीएम ने लगभग चार साल की देरी के बाद खारिज किया था। कोर्ट ने इसे अनुचित और अस्पष्ट प्रशासनिक व्यवहार माना। साथ ही शस्त्र लाइसेंस के सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हथियार अब आत्मरक्षा की बजाय शक्ति प्रदर्शन और सामाजिक प्रभाव का प्रतीक बन गए हैं। राजनीतिक और दबंग कानूनी हथियारों का दुरुपयोग कर रहे कोर्ट ने चिंता जताई कि अपराधी छवि वाले लोग और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने वाले व्यक्ति अपनी दबंग छवि बनाने और दूसरों को डराने के लिए कानूनी हथियारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और रील्स बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति को भी कोर्ट ने समाज के लिए बड़ा खतरा बताया है। कहा कि यह गन कल्चर न केवल कानून के शासन को कमजोर करती है बल्कि आम नागरिक के मन में भय का माहौल भी पैदा करती है। हलफनामा दाखिल करने का आदेश कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह को विस्तृत हलफनामा दाखिल कर यह स्पष्ट करने को कहा है कि राज्य में शस्त्र लाइसेंस का कोई डेटाबेस तैयार किया गया है या नहीं। शस्त्र नियमों के तहत अनुमोदित डेटा को डिजिटल रूप से एनडीएएल सिस्टम पर अपडेट किया जा रहा है या नहीं। कोर्ट ने यूपी जैसे बड़े राज्य के लिए मजबूत शस्त्र नीति की आवश्यकता पर भी सवाल किया है। कोर्ट ने उन प्रशासनिक बाधाओं की जानकारी भी मांगी है जिनकी वजह से डीएम शस्त्र नियमावली के समयबद्ध प्रावधानों का पालन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा कोर्ट ने एक ही परिवार के कई सदस्यों के पास अलग-अलग शस्त्र लाइसेंस होने की प्रथा पर भी न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। प्रदेश के सभी 75 जिलों के डीएम और पुलिस कप्तानों को निर्देश दिया गया है कि वे जिलावार और थानावार हथियारों का विवरण प्रस्तुत करें। इसमें विशेष रूप से उन लाइसेंस धारकों की सूची मांगी गई है जिनका आपराधिक इतिहास रहा है या जिनके विरुद्ध दो से अधिक मामले लंबित हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शस्त्र लाइसेंस देने में अधिकारियों का अनियंत्रित विवेकाधिकार भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग को जन्म देता है, जिसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
आगरा के थाना न्यू आगरा में बिना वन विभाग की अनुमति लिए पेड़ काटा गया था। इस मामले में वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दो लोगों को चिह्नित किया है लेकिन विभाग की ओर से काटने वालों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं, जिससे स्पष्ट हो सके कार्रवाई पुलिस कर्मियों पर की जाएगी या उनके संरक्षण में लाए मजदूरों पर। थाना न्यू आगरा के परिसर में खड़े पाकड़ के पेड़ की कटाई का करीब एक सप्ताह पहले वीडियो वायरल हुआ था। इसमें थाना परिसर में लगे पेड़ को काटा जा रहा है। इसके साथ ही थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिसकर्मी भी खड़े नजर आ रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पाकड़ के पेड़ को बृहस्पतिवार रात को काटा गया। इसके बाद लकड़ी को एक ट्रैक्टर ट्रॉली से भेज दिया गया। इस पर वन विभाग ने संज्ञान लिया। टीम ने घटना स्थल पर पहुंच साक्ष्य जुटाए और पुलिस से जवाब मांगा। पुलिस के संतोषजनक जवाब न मिलने पर वन विभाग ने वन अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। दो लोगों को बनाया गया आरोपीडीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि थाना न्यू आगरा में पेड़ काटने के मामले में उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धारा 3 और 10 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। दो लोगों को कार्रवाई में आरोपी बनाया है। इसमें दोनों लोग पुलिस कर्मी हैं या अलग हैं, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट कर दिया जाएगा। पेड़ को बिना विभाग से अनुमति लिए काटा गया था।
सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 की परीक्षा 5 और 6 अप्रैल को राज्यभर में आयोजित होगी। SI भर्ती परीक्षा को लेकर राजस्थान पुलिस सहित सभी एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई है। एसओजी की ओर से फर्जीवाड़ा व नकल रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। नकल गिरोह की सूचना देने पर एसओजी की ओर से 1 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- आगामी 5 व 6 अप्रैल को नई सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा होगी। राजस्थान के 26 जिलों के 41 शहरों में 1174 एग्जाम सेंटर पर 7.70 लाख कैंडिडेट एग्जाम में बैठेंगे। एसओजी, पुलिस सहित अन्य सभी एजेंसिया अलर्ट मोड पर है। पेपर लीक और नकल गिरोह से जुड़े सभी बदमाशों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय से एक एसओजी भी जारी की गई है। परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर्स के आस-पास संचालित फोटो कॉपी की शॉप और साइबर कैफे बंद रहेंगे। सादावर्दी में तैनात जवानों की ओर से सभी संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। प्रदेश में संदिग्ध वाहनों की चैकिंग शुरू की गई है, जो एग्जाम तक जारी रहेगी। प्रश्न पत्रों की जिला ट्रेजरी में डबल लॉक में रखे जाएंगे। जहां पर विशेष सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे है। परीक्षा केन्द्रों पर भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात होगी। नकल गैंग की सही सूचना देने पर 1 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। इस संबंध में किसी भी प्रकार की सूचना एसओजी के वॉट्सऐप नंबर- 9530429258 पर दी जाएगी। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
रांझी तहसील की शोभापुर पहाड़ी, जो कभी हरियाली से भरी थी, धीरे-धीरे खनन के कारण समतल कर दी गई और वहां बिल्डिंग निर्माण भी शुरू हो गया। शोभापुर निवासी आर.के. सैनी की शिकायत पर कलेक्टर के निर्देश पर जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि पहाड़ी के स्वरूप को परिवर्तित कर कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा है। इस पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कॉलोनाइजरों पर 4 करोड़ 8 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। खास बात यह रही कि पहाड़ी का पुराना स्वरूप देखने के लिए कलेक्टर कोर्ट ने गूगल अर्थ की डिजिटल इमेज का सहारा लिया, जिसमें पहले और वर्तमान की तस्वीरों की तुलना की गई। शिकायत में बताया गया था कि शोभापुर पहाड़ी से बिना अनुमति मिट्टी, मुरम और बोल्डर का खनन कर उनका उपयोग आवासीय कॉलोनी निर्माण में किया जा रहा है। इसके बाद तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी और खनिज विभाग को जांच का जिम्मा सौंपा गया। मौके पर निरीक्षण में पाया गया कि सीओडी कॉलोनी निवासी अभिलाष तिवारी तथा भूमि स्वामी न्यू शोभापुर निवासी शोभना सिंह, मुकेश सिंह, महेश सिंह, नरेंद्र सिंह, रागिनी सिंह और रमेश सिंह द्वारा बड़ी मशीनों से पहाड़ी को काटकर समतल किया जा रहा है और कॉलोनी विकसित की जा रही है। ग्राम भड़पुरा में पटवारी हल्का नंबर 02 के खसरा नंबर 391/13 क सहित अन्य खसरों की कुल 4.24 हेक्टेयर भूमि में से 2.58 हेक्टेयर निजी भूमि पर अवैध उत्खनन और कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर जांच की गई। बाद में यह प्रकरण कलेक्टर कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। राजस्व एवं खनिज विभाग की टीम ने जांच में भूमि स्वामी नरेंद्र सिंह ठाकुर के पुत्र निशांत सिंह तथा कॉलोनाइजर अभिलाष तिवारी द्वारा खनिज के अवैध भंडारण की पुष्टि की। एक हजार घनमीटर मुरम और एक हजार घनमीटर बोल्डर के लिए 50 लाख रुपए का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया। इसके आधार पर नोटिस जारी कर सुनवाई के बाद कलेक्टर कोर्ट ने 50 लाख रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया। इस आदेश के विरुद्ध कमिश्नर न्यायालय में अपील की गई, लेकिन कमिश्नर ने कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा। पहाड़ी के मूल स्वरूप में परिवर्तन कर कॉलोनी निर्माण की शिकायत पर बाद में कलेक्टर ने एसडीएम रांझी और जिला खनिज अधिकारी से भी जांच कराई। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी और जिला खनिज अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कॉलोनी विकास के लिए समतलीकरण किया गया, लेकिन कमर्शियल प्रोजेक्ट होने के कारण उपयोग किए गए खनिज की रॉयल्टी अग्रिम जमा करना जरूरी था। ऐसा न कर बिना रॉयल्टी भुगतान के खनिज का उपयोग किया गया, जो मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम 2022 का उल्लंघन है। जांच में पाया गया कि बिना अनुमति 13 हजार 600 घनमीटर खनिज (मिट्टी, मुरम और बोल्डर) का उपयोग किया गया। इसकी 6 लाख 80 हजार रुपए रॉयल्टी की 15 गुना राशि 1 करोड़ 02 लाख रुपए अर्थदंड तथा 1 करोड़ 02 लाख रुपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति के रूप में निर्धारित की गई। इस प्रकार कुल 2 करोड़ 04 लाख रुपए की राशि, एक हजार रुपए प्रशमन शुल्क सहित कॉलोनाइजर और भूमि स्वामियों से वसूलने की अनुशंसा की गई। कलेक्टर कोर्ट ने आदेश में तय समय सीमा में अर्थदंड जमा नहीं करने पर आरआरसी जारी करने तथा राशि जमा नहीं होने की स्थिति में तहसीलदार के माध्यम से कुर्की की कार्रवाई करने के निर्देश खनिज अधिकारी को दिए हैं। गूगल अर्थ डिजिटल इमेज ने की मदद भड़पुरा स्थित शोभापुर पहाड़ी के स्वरूप में बदलाव के इस प्रकरण में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने आदेश में खनिज निरीक्षक की रिपोर्ट के साथ संलग्न गूगल अर्थ से प्राप्त डिजिटल इमेज का उल्लेख किया है। वर्ष 2019 से 2025 तक की डिजिटल इमेज से स्पष्ट हुआ कि 2019 में भूमि का स्वरूप पहाड़ी जैसा था, जिसे 2020, 2021 और 2022 के दौरान बदलकर समतल किया गया और निर्माण गतिविधियां शुरू हुईं। जिला खनिज अधिकारी ए.के. राय ने बताया कि 2022 में आर.के. सैनी ने शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पहाड़ी से पत्थर और मुरम का अवैध खनन पाया गया। पहाड़ी की ऊपरी सतह काटकर समतल करने के बाद कॉलोनाइजर द्वारा कॉलोनी विकसित की गई, जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर कोर्ट में प्रस्तुत की गई।
बीएचयू के बिड़ला अ हॉस्टल के बाहर छात्रों ने देर रात धरना शुरू कर दिया। बिड़ला चौराहे पर सड़क जाम कर छात्रों ने नारेबाजी की। बात करने पहुंचे प्रॉक्टरों और छात्रों के बीच में जमकर आपसी कहासुनी हुई। छात्र वहां से उठने को राजी नहीं हुए। पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड के खिलाफ आरोप लगाया कि उनके दो साथियों को फर्जी प्राथमिकी में गलत तरीके से फंसाकर पुलिस ने उठा लिया है। जबकि उन्होंने पुलिस कमिश्नर से लेकर प्रॉक्टोरियल बोर्ड तक को अपने निर्दाेष होने का सबूत दे दिया था। अब जानिए छात्रों ने क्या कहा छात्रों ने बताया कि कैंपस के बाहर एक पुराने मारपीट के मामले में चितईपुर पुलिस ने पकड़ा है। उन्हें थाने में बिठाया गया है। एक छात्र ने बताया कि डेढ़ महीने पहले एक आपराधिक प्रवृत्ति का आदमी है जिसके साथ करौंदी गेट के पास मारपीट हुई। लेकिन उसने बिड़ला हॉस्टल के 5-6 छात्रों पर प्राथमिकी लिखवा दिया जबकि उस समय कुछ छात्र बिड़ला ग्राउंड पर बैडमिंटन और कुछ लाइब्रेरी गए थे। कई हॉस्टल के कमरे में थे। हमारे पास पूरी सीसीटीवी फुटेज है, जिसको वार्डेन द्वारा पुलिस कमिश्नरेट को दे दिया गया है। अब जानिए पुलिस ने क्या कहा चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि दो छात्रों से पूछताछ कर विवेचना की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा की फ़ैमिली कोर्ट से उस व्यक्ति की लगातार हिरासत के बारे में स्पष्टीकरण मांगा, जिसने गुज़ारा भत्ता नहीं चुकाया। आरोप है कि वह व्यक्ति 23 मई, 2025 से लगातार हिरासत में है।जस्टिस प्रवीण कुमार गिरि की कोर्ट ने यह स्पष्टीकरण तब मांगा, जब वह प्रेम सिंह नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर क्रिमिनल रिवीज़न याचिका पर सुनवाई कर रही थी। प्रेम सिंह ने मथुरा की फ़ैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज द्वारा 9 जनवरी, 2026 को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 (3) के तहत एक कार्यवाही में पारित आदेश को चुनौती दी थी। लगातार हिरासत में नहीं रख सकते याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि किसी व्यक्ति को हिरासत से रिहा किए बिना नए आदेश जारी करके लगातार हिरासत में नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125(3) के तहत, वारंट जारी होने के बाद बिना चुकाए गुज़ारा भत्ते की राशि के लिए अधिकतम सज़ा एक महीने तक हो सकती है। वकील ने सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले, 'रजनीश बनाम नेहा' का हवाला दिया, जिसमें यह कहा गया कि गुज़ारा भत्ते की राशि की वसूली एक 'मनी सूट' (पैसे के मुक़दमे) के तौर पर की जानी चाहिए। साथ ही इस मक़सद के लिए उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। याची के अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हालिया फ़ैसले 'मोहम्मद शहज़ाद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और 2 अन्य' का भी हवाला दिया, जिसमें यह कहा गया कि गुज़ारा भत्ते के आदेश को लागू करवाने के लिए नियमित गिरफ़्तारी वारंट जारी नहीं किए जा सकते। इन दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मथुरा की फ़ैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज को निर्देश दिया कि वे अगली सुनवाई की तारीख, 6 अप्रैल, 2026 तक या उससे पहले इस मामले पर अपना स्पष्टीकरण पेश करें।
कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में गुरुवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इंदौर सोसायटी फॉर ऑर्गन डोनेशन की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अंगदान के क्षेत्र में हो रही प्रगति की समीक्षा करते हुए कमिश्नर ने कहा कि कोविड महामारी के बाद इंदौर संभाग ने अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे अनेक मरीजों को नया जीवन मिला है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में इंदौर संभाग में 13 चिकित्सा संस्थानों को अंग प्रत्यारोपण की प्रशासनिक अनुमति दी गई है, जिनमें से 11 सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से राजश्री अपोलो, चोइथराम और विशेष ज्युपीटर हॉस्पिटल में अग्रणी है। कमिश्ननर ने घोषणा की कि अंगदान के लिए प्रेरित करने में सफल होने वाले डॉक्टरों के अतिरिक्त अन्य व्यक्तियों को भी संस्था द्वारा 25 हजार रुपए का इंसेंटिव प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निरंतर समीक्षा बैठकों और जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से इंदौर संभाग को प्रदेश और देश में अंगदान के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाएगा। बोन मैरो ट्रांसप्लांट में भी उपलब्धि पिछले छह वर्षों में इंदौर के सरकारी एमवाय अस्पताल में में 140 मरीजों के बोन मैरो ट्रांसप्लांट मुख्यमंत्री सहायता योजना, पीएम केयर फंड और सीएसआर फंड की मदद से निःशुल्क अथवा न्यूनतम शुल्क पर किए गए हैं। मध्य प्रदेश में यह सुविधा केवल इंदौर के शासकीय संस्थान में उपलब्ध है। वर्ष 2019 में जहां 77 अंगदान (74 किडनी, 3 लिवर) की अनुमति जारी हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 202 (181 किडनी, 21 लीवर) तक पहुंच गई है। वर्तमान में ब्रेन डेड मरीजों के अंग प्रत्यारोपण के लिए 218 मरीज (189 किडनी, 29 लीवर) प्रतीक्षा सूची में हैं। हाल ही में सीएचएल अस्पताल में 39 वर्षीय अनुपम नालमे का अंगदान संपन्न हुआ। वहीं शेल्बी हॉस्पिटल में एक ही दिन में दो किडनी प्रत्यारोपण किए गए, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। त्वचा और नेत्रदान में भी इंदौर अग्रणी त्वचा दान के क्षेत्र में इंदौर देश में दूसरे स्थान पर है। चोइथराम अस्पताल द्वारा संचालित स्किन बैंक में अब तक 1039 मृतकों से त्वचा दान प्राप्त किया गया है। पिछले 10 वर्षों में इंदौर में लगभग 18 हजार कॉर्निया प्राप्त किए गए हैं। इसमें एम.के. इंटरनेशनल आई बैंक, शंकरा आई बैंक और एम.वाय. आई बैंक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्ष 2025 में 62 केरोटोप्लास्टी (आंखों का प्रत्यारोपण) एम.वाय. अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में किए गए। जनजागरूकता अभियान तेज होगा कमिश्नर ने बताया कि अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में अभियान चलाया जाएगा। पोस्टर, बैनर और होर्डिंग्स के माध्यम से जनसंदेश दिया जाएगा। डॉक्टरों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और धर्मगुरुओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वे गुरुवार देर रात पुलिस विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा, उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 2026-27 बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस एक वर्ष में यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजभवन, मुख्यमंत्री आवास, पुलिस मुख्यालय सहित लखनऊ में लंबे समय से तैनात पुलिस कार्मिकों का ट्रांसफर होना चाहिए। सीएम ने अधिकारियों से नतीजे देने वाली कार्यशैली अपनाने और हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा है। इन पदों पर निकाली जाएगी भर्तीबैठक में अफसरों ने सीएम को बताया, उपनिरीक्षक, सिपाही, रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय) सहित कई कैटेगरी में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इनमें से कुछ की प्रक्रिया शुरू भी हो गयी है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को निर्देश दिए कि सभी सीधी भर्तियां पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं निर्धारित आरक्षण प्रावधानों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से संपन्न कराई जाएं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाते हुए निर्धारित समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया, ताकि युवाओं का विश्वास और मजबूत हो सके। सीएम बोले- PRV का रिस्पांस टाइम 6 मिनट, इसे और कम करिए भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति भास्कर सर्वे में हिस्सा लीजिए, पूरी तरह गोपनीय है… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…
लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी के माईजी का पुरवा गांव में हुई सनसनीखेज लूट और मासूम के अपहरण की वारदात के बाद अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बदमाशों तक पहुंचने की बन गई है। गांव में CCTV कैमरों का अभाव जांच में बड़ी बाधा बन रहा है। ऐसे में पुलिस अब हाईवे और मुख्य सड़कों पर लगे कैमरों के सहारे आरोपियों की तलाश में जुटी है। घटना को अंजाम देने वाले बदमाश बेहद शातिर थे और उन्होंने पहले से पूरी प्लानिंग कर रखी थी। घटना के बाद चारों बदमाश एक साथ नहीं भागे, बल्कि अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल कर फरार हो गए। यही वजह है कि पुलिस के लिए उनकी मूवमेंट ट्रेस करना और भी मुश्किल हो गया है। गांव में नहीं हैं CCTV, जांच में आई दिक्कत माईजी का पुरवा गांव में अधिकांश घरों और गलियों में CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। ऐसे में पुलिस को घटनास्थल के आसपास से कोई ठोस फुटेज नहीं मिल पाया है। यही कारण है कि जांच का फोकस अब गांव से बाहर जाने वाले रास्तों, हाईवे और मुख्य मार्गों पर लगे कैमरों पर शिफ्ट किया गया है। पुलिस की टीमें गांव से निकलने वाले हर संभावित रास्ते को चिन्हित कर वहां लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। खासतौर पर उन मार्गों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है, जिनसे बदमाश तेजी से इलाके से बाहर निकल सकते थे। अलग-अलग रास्तों से भागे बदमाश ग्रामीणों के मुताबिक, घटना को अंजाम देने के बाद चारों बदमाश अलग-अलग दिशाओं में भागे थे। कुछ लोगों ने अलग-अलग जगहों पर संदिग्ध गतिविधियां भी देखी थीं। पुलिस अब इन इनपुट्स के आधार पर अलग-अलग रूट की मैपिंग कर रही है, ताकि बदमाशों की संभावित लोकेशन का पता लगाया जा सके। जांच में जुटी टीमों का मानना है कि बदमाशों ने जानबूझकर अलग-अलग रास्ते अपनाए, ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके और उनकी पहचान व ट्रैकिंग मुश्किल हो जाए। हाईवे कैमरों से जोड़ रही कड़ियां गांव में फुटेज न मिलने के कारण पुलिस अब हाईवे और प्रमुख सड़कों पर लगे CCTV कैमरों की मदद से घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश कर रही है। पुलिस टीमें वारदात के समय के आसपास की फुटेज खंगालकर यह पता लगाने में जुटी हैं कि संदिग्ध कौन से वाहन या व्यक्ति इलाके से बाहर गए। इसके लिए समय-सीमा तय कर कैमरों की फुटेज को फिल्टर किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध मूवमेंट को चिन्हित किया जा सके। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या बदमाश किसी वाहन का इस्तेमाल कर रहे थे या पैदल ही भागे। जेल से छूटे अपराधियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस इस वारदात के पीछे किसी पुराने गैंग या पेशेवर अपराधियों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए पुलिस अब उन अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है, जो हाल ही में जेल से छूटे हैं। खासतौर पर उन अपराधियों पर फोकस किया जा रहा है, जो पहले लूट, डकैती या अपहरण जैसी वारदातों में शामिल रहे हैं। पुलिस इन अपराधियों की लोकेशन, उनकी हालिया गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि घटना के समय वे कहां थे और क्या उनकी मौजूदगी संदिग्ध रही है। मुखबिर तंत्र भी किया गया सक्रिय पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। ग्रामीण इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पेशेवर गैंग की आशंका, जल्द खुलासे का दावा प्रारंभिक जांच में यह साफ हो रहा है कि वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश पेशेवर थे। जिस तरह से उन्होंने कई घरों को निशाना बनाया, मासूम को अगवा किया और फिर अलग-अलग रास्तों से फरार हुए, उससे उनकी प्लानिंग और अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी एंगल पर जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय इनपुट्स को भी जोड़ा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बदमाशों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस बीच गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है और लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों ने इलाके में CCTV कैमरे लगवाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
मैनपुरी के कुरावली नगर में गुरुवार को हनुमान जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पूरे नगर में धार्मिक उत्साह देखा गया, जहां जगह-जगह शोभायात्राएं, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। देर रात स्वर्णकार समाज के तत्वावधान में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गल्ला मंडी दिवरई गेट से शुरू होकर सदर बाजार, जीटी रोड और घिरोर रोड होते हुए झारखंडेश्वर मंदिर पर समाप्त हुई। इस शोभायात्रा में सैकड़ों महिला और पुरुष श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा का आरंभ मां काली की आकर्षक नृत्य झांकी से हुआ, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके बाद एक दर्जन से अधिक झांकियां और आधा दर्जन रोड शो भी यात्रा का हिस्सा बने। बॉलीवुड गीत “जिंदगी की न टूटे लड़ी” पर आधारित एक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसकी दर्शकों ने खूब सराहना की। शोभायात्रा का नेतृत्व स्वर्णकार समाज के अध्यक्ष सौरभ वर्मा ने किया। नगर में कई स्थानों पर उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष धर्मेंद्र वर्मा भी यात्रा में मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक ललित भाटी पुलिस बल के साथ पूरी यात्रा में तैनात रहे, और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए यातायात को भी डायवर्ट किया गया था। हनुमान जयंती के अवसर पर पूरे बाजार को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया था, जिससे नगर का माहौल उत्सवपूर्ण और आकर्षक बन गया। शोभायात्रा में काली मंडल, शंकर तांडव नृत्य और राधा-कृष्ण की झांकियां शामिल थीं। अंतिम रथ पर विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र रही। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह प्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया। इस आयोजन में दिलीप वर्मा, विकास वर्मा, राका वर्मा, कौशलेंद्र वर्मा, यश प्रताप सिंह वर्मा, अमन वर्मा, शिवम वर्मा, हर्षित वर्मा, सचिन वर्मा, रोहित वर्मा, भानु वर्मा, कुशल वर्मा, रतन वर्मा, शिवम वर्मा, राजन वर्मा, कृष्ण वर्मा, मनीष वर्मा, प्रांजल वर्मा, सोहन वर्मा, प्रज्वल वर्मा, अभिनव वर्मा और विकास वर्मा सहित सैकड़ों अन्य श्रद्धालु उपस्थित थे।
हनुमत चरित्र के साथ भागवत कथा का आज शुभारंभ बालू घाट में रामसेवकपुरम अयोध्या में वृंदावन से पधारे संतों के दुलारे इंद्रेश महाराज ने हनुमत जयंती के अवसर पर सत्संग समिति गोरखपुर द्वारा आयोजित श्री भागवत कथा महोत्सव का हनुमत कथा से शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि महराज राजा दशरथ के पावन पुत्रेष्टि यज्ञ से प्राप्त चरु का एक भाग चील पक्षी ले जाकर माता अंजनी के गोद में डाल दिया जिससे शंकर जी के कृपा स्वरूप हनुमान जी महराज का जन्म हुआ । इसी लिए राम जी भरत की तरह ही हनुमान जी को प्रेम करते है। तुम मम प्रिय भरत सम भाई । उन्होंने आगे कहा कि जहां जहां भरत जी अनुपस्थित रहे वहां हनुमान जी महराज भरत की तरह ही सेवा भाव में समर्पित रहे। अगर हनुमान जी महराज किसी भी जीव का समर्थन कर दे तो प्रभु श्री राम उसे अवश्य अपना लेते है। जैसे सुग्रीव को मिलाया । इंद्रेश महाराज ने कहा कि राघव को पाना है तो हनुमान को मनाना है। वीर वर श्री हनुमान जी कभी अपने को भगवान नहीं बताया संतों ने भी ए नहीं कहा । संतों ने कहा - जय जय हनुमान गोसाई । कृपा करहू गुरुदेव की नाई।गुरु की भूमिका में हनुमान जी से अच्छा कोई नहीं हो सकता। इसी मध्य हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास महाराज पधारे । सत्संग समिति गोरखपुर के द्वारा उनका पूजन कर आशीर्वाद ग्रहण किया।इसके बाद भागवत माहात्म्य की कथा सुनाई । इंद्रेश महराज ने सभी भक्तों को सुंदर भजनों के द्वारा आनंदित कर भक्ति का संचार कर दिया। समिति के तरफ से श्री मक्खन गोयल जी एवं शकुंतला गोयल जी आरती के साथ आज की कथा का विश्राम किया ।
लखनऊ आकाशवाणी ने पूरे किए 89 साल:CM योगी बोले- यह लोक परंपराओं का रक्षक, सुर-ताल; सम्मान से सजी शाम
आकाशवाणी लखनऊ ने गुरुवार को अपनी स्थापना के 89 साल पूरे कर लिए। इस ऐतिहासिक मौके पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक भव्य 'सांस्कृतिक संध्या' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति और संगीत के दिग्गजों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। समारोह की शुरुआत भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलाकारों द्वारा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के समूह गायन से हुई। इसके बाद प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' के मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। कार्यक्रम में लखनऊ आकाशवाणी के सफर पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। सीएम योगी ने किया विभूतियों का सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियों और आकाशवाणी के वरिष्ठ प्रसारकों को उनकी सेवाओं के लिए सम्मानित किया। योगी ने कहा- आकाशवाणी लखनऊ की यात्रा भारतीय सांस्कृतिक चेतना और लोक परंपराओं के संरक्षण की एक सशक्त गाथा है। विभूतियों का सम्मान करना हमारी सांस्कृतिक परंपरा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है। 'बात नगर की' शो की हुई तारीफ कार्यक्रम में मेयर सुषमा खर्कवाल भी मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने आकाशवाणी के विशेष कार्यक्रम 'बात नगर की' की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस शो के जरिए मेयर सीधे जनता की समस्याओं का समाधान कर रही हैं, जो कि संवाद का एक बेहतरीन उदाहरण है। फ्यूजन से लेकर भोजपुरी तक सुरों से सजी शाम समारोह के अंत में आकाशवाणी के महानिदेशक राजीव कुमार जैन ने सभी अतिथियों और श्रोताओं का धन्यवाद किया। इसके बाद सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। शेख मोहम्मद इब्राहिम और टीम ने फ्यूजन म्यूजिक से शास्त्रीय और आधुनिक संगीत का संगम प्रस्तुत किया। डॉ. हरिओम की ग़ज़लों ने माहौल को भावुक बना दिया, जबकि संजोली पांडे ने अवधी लोक संगीत से दर्शकों को जोड़ा। वाराणसी के कलाकार मन्नू यादव और टीम ने भोजपुरी गीतों से उत्साह बढ़ाया, वहीं मथुरा की वंदनाश्री और टीम ने ब्रज लोक कला की झलक पेश की। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम प्रमुख सुमोना पांडेय ने सभी का आभार जताया। संचालन आत्म प्रकाश मिश्रा, सुरेंद्र राजेश्वरी और नंदनी मिश्रा ने किया।
चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के शुभ अवसर पर बहुप्रतीक्षित चौरासी कोसी परिक्रमा का विधिवत शुभारंभ गुरुवार को भक्तिमय वातावरण में हुआ। यह परिक्रमा, जो सांस्कृतिक रूप से अयोध्या की परिधि मानी जाती है, श्रद्धालुओं के लिए केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और मोक्ष का पथ भी है। कारसेवक पुरम से भी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों श्रद्धालुओं का दल सरयू तट से होते हुए मखौड़ा धाम के लिए प्रस्थान कर चुका है। श्री सद्गुरु कृपा मंडल, श्री अयोध्या धाम के तत्वावधान में आयोजित इस पावन परिक्रमा का नेतृत्व गया शरण कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में सैकड़ों संत-महंत एवं श्रद्धालु इस आध्यात्मिक यात्रा में सम्मिलित हुए हैं। गोलाघाट स्थित सद्गुरु सदन से प्रारंभ हुई यह परिक्रमा मां सरयू के पूजन के उपरांत आगे बढ़ी, जहां भक्ति की सरिता और आस्था का प्रवाह एकाकार होता दिखाई दिया। महंत गया दास के नेतृत्व में भी अनेक संत अयोध्या से इस दिव्य यात्रा पर निकल पड़े हैं।तीन प्रमुख दलों में विभाजित यह यात्रा मखौड़ा धाम की ओर अग्रसर हुई है, जहां से वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से परिक्रमा का मुख्य चरण प्रारंभ होगा। यह यात्रा पाँच जनपदों से होते हुए पुनः अयोध्या लौटेगी और 25 अप्रैल को सीता नवमी के पावन अवसर पर रामकोट की परिक्रमा तथा सीता कुंड पर रामार्चा पूजन के साथ सम्पन्न होगी। स्वामी गया शरण ने बताया कि इस वर्ष लगभग 500 से अधिक संत, महंत एवं भक्तगण अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ इस परिक्रमा में सम्मिलित हुए हैं। सनातन मान्यताओं के अनुसार, चौरासी कोसी परिक्रमा करने से मनुष्य 84 लाख योनियों के बंधन से मुक्त होकर परमधाम की प्राप्ति करता है। यह परिक्रमा केवल भौगोलिक परिधि का भ्रमण नहीं, बल्कि आत्मा की परम सत्य की ओर यात्रा है—जहां हर कदम पर श्रद्धा, हर श्वास में भक्ति और हर भाव में प्रभु श्रीराम का स्मरण समाहित है।
गंगा-जमुनी महोत्सव में नजर आई न्यायिक गरिमा:हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का ईद मिलन समारोह, कवि सम्मेलन
इलाहाबाद हाइकोर्ट में सांस्कृतिक विरासत के तहत हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के तत्वावधान में गंगा-जमुनी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा, न्यायिक शिष्टता, सामाजिक समरसता तथा सांस्कृतिक एकात्मता का सजीव प्रतीक बनकर उभरा। कई न्यायमूर्ति मौजूद रहे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति (डॉ.) गौतम चौधरी रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद एवं न्यायमूर्ति राजीव लोचन शुक्ला मौजूद रहे। ख्यातिलब्ध कवियों एवं शायरों श्रीरंग पाण्डेय (संयोजक) ,सत्यपाल सानंद (मेरठ), प्रांजलि दीक्षित (कानपुर), लोटा मुरादाबादी, सुल्तान सिंह सुल्तान, प्रकाश निर्मल बरेली, जावेद शोहरत (प्रयागराज), वसीम मंजर गोरखपुरी, मुकेश मासूम (भोपाल) अकलम बलरामपुरी, अनीता अनुश्री (कानपुर) और सुजीत जायसवाल सहित अन्य कवि-कवयित्रियों ने अपनी ओजस्वी एवं भावप्रवण प्रस्तुतियों से समस्त सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। मानवीय मूल्यों पर काव्य पाठ राष्ट्रीय एकता, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक विविधता तथा मानवीय मूल्यों जैसे विषयों पर आधारित काव्य-पाठ एवं मुशायरे ने उपस्थित जनसमूह के हृदय में गहन संवेदना एवं चिंतन का संचार किया। बार एसोसिएशन के पदााधिकारियों से सराहा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रम का अनुशासित, सुव्यवस्थित एवं उत्कृष्ट संचालन, न्यायिक अनुशासन एवं प्रशासनिक दक्षता का स्पष्ट परिचायक रहा। यह आयोजन “गंगा-जमुनी तहजीब” की उस अमूल्य परंपरा को पुनः सुदृढ़ करने में पूर्णतः सफल रहा, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की आधारशिला है। इस अवसर पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन इलाहाबाद के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, महासचिव अखिलेश कुमार शर्मा सहित बार एसोसिएशन के समस्त पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में अधिवक्तागण सहभागी रहे।
बालाघाट जिले में हनुमान जयंती पर गुरुवार शाम को श्रद्धा और भक्ति के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इस वर्ष आकर्षण का मुख्य केंद्र युवा साधक मोहित सोनी रहे, जिन्होंने भगवान हनुमान का स्वरूप धारण कर 40 किलो वजनी मुकुट के साथ नगर भ्रमण किया। 'हनुमान सेवा दल समिति' और 'मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर ट्रस्ट' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शोभायात्रा से पूरा नगर 'जय श्रीराम' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। 40 दिनों के कठिन ब्रह्मचर्य और तपस्या के बाद मिली सिद्धि परंपरा के अनुसार, प्रतिवर्ष हनुमान जी का स्वरूप धारण करने के लिए एक साधक का चयन किया जाता है, जिसे 40 दिनों तक कठोर ब्रह्मचर्य का पालन और विशेष साधना करनी होती है। इस वर्ष यह सौभाग्य मोहित सोनी को प्राप्त हुआ। 40 दिनों की तपस्या पूर्ण करने के बाद उन्होंने भारी-भरकम मुकुट और वेशभूषा धारण की और बैंड-बाजे व ढोल की थाप पर भक्तों के साथ नृत्य भी किया। मुख्य मार्गों से गुजरी यात्रा शोभायात्रा का शुभारंभ शाम 8 बजे मां त्रिपुर सुंदरी मंदिर से हुआ। यहां से यह काली पुतली चौक और अहिंसा द्वार होते हुए नगर के मुख्य मार्गों से निकली। मार्ग में पड़ने वाले सभी मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न देवी-देवताओं की झांकियां भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। 11 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का समापन इस भव्य शोभायात्रा के साथ ही पिछले 11 दिनों से चल रहे विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का भी विधि-विधान से समापन हो गया। आयोजन में हनुमान सेवा दल के शंकर मोटवानी, राजू सोनी, सुनील आडवाणी सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी और श्रद्धालु शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच देर रात तक नगर में भक्ति का माहौल बना रहा और श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। देखें तस्वीरें…
किशोर से कुकर्म का मामला दर्ज:500 रुपए का लालच देकर दो युवकों ने की गंदी हरकत
हरदोई के बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र में एक किशोर से कुकर्म का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही दो युवकों ने 500 रुपये का लालच देकर 13 साल के किशोर के साथ कुकर्म किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना बीते 31 मार्च की शाम करीब चार बजे की बताई जा रही है। किशोर के पिता ने पुलिस को बताया कि उनका 13 वर्षीय बेटा गांव में था, तभी गांव के ही कप्तान और शिवराम उसे 500 रुपये का लालच देकर अपने साथ ले गए। आरोप है कि दोनों युवक किशोर को एक जगह ले गए और उसके साथ कुकर्म किया। देर शाम घर लौटने पर किशोर ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजन आरोपियों के घर पहुंचे, लेकिन वे वहां मौजूद नहीं मिले। रात अधिक होने के कारण, अगले दिन 1 अप्रैल की सुबह यूपी 112 पर घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची यूपी 112 की टीम ने पूरी जानकारी लेने के बाद कोतवाली पुलिस को सूचित किया। किशोर के पिता की शिकायत के आधार पर कोतवाल विजय कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रतापगढ़ जिले के फतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गौरा ब्लॉक में सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में तीन प्रधान पतियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में हड़कंप मच गया है। यह घटना बुधवार को गौरा ब्लॉक में हुई थी। जब प्रधान पति विनोद यादव, मुहर्रम अली और धनश्याम कश्यप मनरेगा की फाइलों को लेकर APO (असिस्टेंट प्रोग्राम ऑफिसर) से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान उनका APO से विवाद हो गया। उन्होंने सरकारी कर्मचारी के साथ गाली-गलौज की, धमकी दी और अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ भी की। गिरफ्तार किए गए प्रधान पतियों में विनोद यादव की पत्नी परसामऊ गांव की प्रधान हैं। इसी तरह, मुहर्रम अली की पत्नी नई कोट और धनश्याम कश्यप की पत्नी पटहटिया कला गांव की प्रधान हैं।इस मामले में गौरा के प्रभारी बीडीओ रशीद अहमद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद फतनपुर थाना क्षेत्र से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने गुरुवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
दतिया से कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दिल्ली की एमपी एमएलए कोर्ट से तीन साल की सजा होने के बाद विधानसभा में गुरुवार रात को अचानक प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा के पहुंचने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई। इसकी जानकारी मिलते ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत अन्य कांग्रेसी भी विधानसभा पहुंच गए और विधानसभा प्रमुख सचिव के कक्ष में जाकर उनसे मुलाकात की और अचानक दफ्तर आने की वजह पूछी। कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को सजा के बाद रात में विधानसभा पहुंचे जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने कहा कि हम लोगों के आने के बाद विधानसभा के पीएस चले गए। इनका कहना है कि रात में 10:30 बजे विधानसभा सचिवालय खोलकर राजेन्द्र भारती के मामले में आदेश जारी करने की तैयारी हो रही थी, जबकि भारती को कोर्ट से अपील करने के लिए 60 दिन का टाइम मिला हुआ है। पूर्व मंत्री शर्मा ने कहा कि विधायक भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए तैयारी की जा रही है। इस कारण प्रमुख सचिव आए थे, लेकिन कांग्रेस ऐसा नहीं होने देगी। हम लोगों के आने के बाद प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा चले गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वैसे तो विधानसभा पूरे टाइम तक चलती नहीं है, फिर रात में दफ्तर खोलने की वजह और क्या हो सकती है? दिल्ली से लौटे थे पीएस, सदस्यता पर निर्णय ले सकते हैं स्पीकरविधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा गुरुवार को दिन में दिल्ली में थे और लोकसभा की एक बैठक में शामिल हुए थे। इसके बाद वे शाम को भोपाल आए हैं। दूसरी ओर गुरुवार को रात में सामने आए घटनाक्रम के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता के मामले में निर्णय ले सकते हैं। ये खबर भी पढ़ें… कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में दोषी करार दिया है। गुरुवार को कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई और जमानत दे दी। उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) में दोषी माना गया है। सह-आरोपी बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।पूरी खबर पढ़ें
देवरिया जिले में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव का पर्व मनाया गया। इस अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों में संकटमोचन हनुमान के दर्शन के लिए विशेष उत्साह देखा गया। शहर के प्रसिद्ध मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर और रामजानकी मंदिर समेत अन्य प्रमुख मंदिरों में भोर से ही लंबी कतारें देखी गईं। श्रद्धालु फूल, माला और प्रसाद लेकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मंदिरों के कपाट खुलने पर बजरंग बली की जय और जय श्री राम के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। जन्मोत्सव के लिए मंदिरों को फूलों और विद्युत झालरों से सजाया गया था। भक्तों ने बजरंग बली को सिंदूर और चोला चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर अखंड रामायण पाठ और सामूहिक सुंदरकांड का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान बूंदी के लड्डू और हलवे का प्रसाद भी वितरित किया गया। देसही विकास खंड के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर और रामजानकी मंदिर परिसर स्थित हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दिनभर पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला। शाम को मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर में एक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रही और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई। मंदिर समितियों ने स्वयंसेवकों की सहायता से दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखा।
ललितपुर में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई। तुवन मंदिर से शुरू हुई इस यात्रा में 25 हजार से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए। जिलाधिकारी सत्य प्रकाश और पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक ने स्वयं शोभायात्रा में रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। देखिए 3 तस्वीरें… रामलीला हनुमान जयंती महोत्सव समिति के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा से पहले महंत रामलाखन दास ने तुवन सरकार की पूजा-अर्चना की। इस दौरान सदर विधायक रामरतन कुशवाहा और भाजपा जिलाध्यक्ष हरिश्चंद्र रावत भी पूजन में उपस्थित रहे। शोभायात्रा में सबसे आगे विभिन्न मंदिरों के पुजारी धर्म पताका लेकर चल रहे थे, जिनके पीछे हनुमान जी की झांकी और अखाड़े के युवा करतब दिखाते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा तुवन मंदिर से शुरू होकर तहसील चौराहा, सदर कांटा, पानी की टंकी, सुभाषपुरा, महावीरपुरा, रावरपुरा, चौबेयाना, आजाद चौक, स्वारकर चौक और घंटाघर होते हुए वापस तुवन मंदिर पर समाप्त हुई। शाम 5 बजे शुरू हुई यह यात्रा रात 11 बजे तक जारी रही। यात्रा का जगह-जगह विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। पाल समाज, युवा ब्राह्मण समाज, गहोई समाज, रायकवार समाज, राठौर समाज, साहू समाज और चित्रगुप्त कायस्थ समाज ने पुष्प वर्षा की और प्रसाद का वितरण किया। नगर पालिका परिषद, प्रेस क्लब, भाजपा और सपा सहित कई अन्य संगठन भी इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल रहे। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश, पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक, अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह, सीओ सिटी सुनील कुमार और नाराहट क्षेत्राधिकारी अजय कुमार सहित एसडीएम मनीष कुमार पूरी शोभायात्रा में मौजूद रहे। लगभग 25 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस यात्रा में भाग लिया।
शाहजहांपुर में हनुमान जयंती का पर्व हनुमतधाम पर धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर परिवहन मंत्री दया शंकर शर्मा और साध्वी निरंजन ज्योति भजन संध्या में शामिल हुईं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री दया शंकर शर्मा ने वित्त मंत्री सुरेश खन्ना को 'राम' और खुद को उनका 'हनुमान' बताया। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि शाहजहांपुर के लोग हनुमान जयंती को बड़े उत्साह से मनाते हैं। हनुमतधाम की स्थापना के बाद से लोगों का उत्साह और बढ़ गया है। उन्होंने भजन संध्या में लोगों के आनंद लेने को अभूतपूर्व बताया। साध्वी निरंजन ज्योति भी हनुमतधाम पहुंचीं और भजन संध्या में शामिल हुईं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने उनका स्वागत किया। साध्वी निरंजन ज्योति के भजन गाने पर उपस्थित लोग उत्साहित हो गए। परिवहन मंत्री दया शंकर शर्मा से सैटेलाइट बस अड्डे को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने जवाब दिया कि यह उस दिन शुरू हो जाएगा, जिस दिन सुरेश खन्ना इसकी तारीख देंगे। उन्होंने बताया कि यहां एक नहीं, बल्कि तीन बस अड्डे बनकर तैयार हैं और दो और बनने जा रहे हैं। ददरौल विधानसभा क्षेत्र के लिए भी लगभग आठ करोड़ रुपये की लागत से एक बस अड्डे के निर्माण का बजट जारी हो चुका है।
गोरखपुर के तारामंडल स्थित श्री बालाजी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत सुंदरकांड पाठ और विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही और क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा। सुबह से शुरू हुए सुंदरकांड पाठ में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालु पूरे मनोयोग से पूजा-अर्चना में जुटे रहे और हनुमान जी से सुख-समृद्धि की कामना की। भंडारे में दिनभर लगा रहा तांता कार्यक्रम के बाद देर शाम आयोजित विशाल भंडारे में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम तक प्रसाद वितरण चलता रहा। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में व्यवस्था बनाए रखने के लिए समिति के सदस्य लगातार सक्रिय रहे। इस महा आयोजन को सफल बनाने में बालाजी सेवा समिति ट्रस्ट के सभी सदस्यों के साथ-साथ तारामंडल क्षेत्र के लोगों का विशेष योगदान रहा। सभी ने मिलकर आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाया। समिति ने सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। पिछले आयोजनों से अधिक भव्य रहा कार्यक्रम आयोजकों के अनुसार इस बार का हनुमान जन्मोत्सव कार्यक्रम अब तक के सभी आयोजनों से अधिक भव्य और सफल रहा। श्रद्धालुओं की संख्या भी पहले के मुकाबले काफी अधिक रही। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों और श्रद्धालुओं ने कामना की कि बालाजी महाराज की कृपा सभी पर बनी रहे और ऐसे आयोजन आगे भी इसी तरह होते रहें। जय बालाजी सरकार के जयकारों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
यूजीसी एक्ट 2026 बचाओ समता आंदोलन इलाहाबाद के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने बहुजन एकता दिवस मनाया। अब यह आंदोलन 14 अप्रैल तक चलेगा। इसमें यूजीसी एक्ट 2026 की बहाली लिए समता अधिकार अभियान चलाने का संकल्प लिया गया। बहुजन एकता दिवस को संबोधित करते हुए संयोजक डॉ. कमल उसरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से यूजीसी रेगुलेशन 2026 के पक्ष में सकारात्मक निर्णय केन्द्र सरकार की ग़लत नियत और कमजोर पैरवी से नहीं आएगा तो लोकतांत्रिक तरीकों से भारत बंद करने की स्थिति बन सकती है। सामाजिक न्याय की लड़ाई बहुजन एकता दिवस को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता धीरेंद्र यादव ने कहा कि यूजीसी एक्ट 2026 बहाली का भी संकल्प दिवस मनाया जाएगा। यूजीसी एक्ट बहाली की लड़ाई सामाजिक न्याय की लड़ाई बन गई है। संवैधानिक रूप से शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से समता अधिकार अभियान चलाएंगे। सभी अधिवक्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर सभी बहुजन शहीदों को विनम्र श्रंद्धाजलि अर्पित की। कुमार शिधार्थ, गुलाब सिंह यादव, सौरभ कुमार, अनीश यादव, दिनेश कुमार राव, रमेश कुमार, हेमराज, आशीष कुमार अंशु पाल, इंद्रजीत पाल, अमन चंद्रा, प्यारे लाल, आशीष पाल, श्याम चन्द्र पाल, प्रमोद कुमार भारतीया, जितेंद आदि मौजूद रहे।
लुधियाना के माधोपुरी इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने एक मोबाइल शॉप को अपना निशाना बनाया। लूट की इस वारदात के दौरान बदमाशों ने फायरिंग की और बीच- बचाव करने आए एक पड़ोसी पर तेजधार हथियार से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। क्या था पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद अंजार आलम अपनी दुकान साहिल टेलीकॉम पर अकेले मौजूद थे। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश युवक वहां पहुंचे। बदमाशों ने दुकान में दाखिल होते ही लूटपाट शुरू कर दी। जब विरोध किया गया तो लुटेरों ने गोली चला दी जो अंजार आलम के सीधे हाथ पर जा लगी। फायरिंग की आवाज सुनकर पास ही स्थित मचंदा करियाना स्टोर के मालिक नीकू तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे। लुटेरों ने खुद को घिरता देख नीकू पर तेजधार हथियार से सिर पर वार कर दिया जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। मोके पर पुलिस पहुँच गई और जांच जारी है।
बलिया में बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया गुरुवार को गंगा बहुउद्देशीय सभागार में आयोजित की गई। इस प्रक्रिया में कुल 154 अभ्यर्थियों का चयन किया गया, जबकि शिकायतें मिलने के बाद पांच कार्यकत्रियों को होल्ड पर रखा गया है और उनकी विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। इस महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया की अध्यक्षता जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने की। भर्ती में विकासखंड बेलहरी, मनियर एवं रेवती के अभ्यर्थियों को शामिल किया गया। चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए इसे एलईडी स्क्रीन पर लाइव प्रदर्शित किया गया, ताकि अभ्यर्थी और उनके परिजन पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से देख सकें। विकासखंड बेलहरी से 44, मनियर से 55 तथा रेवती से 55 अभ्यर्थियों का चयन आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर किया गया। इस प्रकार, कुल 154 अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए चुना गया। हालांकि, विकासखंड मनियर में शिकायतें प्राप्त होने पर चार कार्यकत्रियों को होल्ड पर रखा गया है। इसी तरह, विकासखंड रेवती से शिकायत मिलने पर एक कार्यकत्री को होल्ड पर रखा गया है। इन सभी मामलों की विस्तृत जांच की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित अभ्यर्थियों से भर्ती प्रक्रिया के संबंध में सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। पूरी भर्ती प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। इस अवसर पर सीडीओ ओजस्वी राज, जिला कार्यक्रम अधिकारी के.एम. पाण्डेय, डीसी मनरेगा रिचा वर्मा एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा है कि प्रदेश में एलपीजी सहित अन्य पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त है और किसी तरह की कोई कमी नहीं है। कलेक्टर्स की जिम्मेदारी है कि वे प्रतिदिन मॉनिटरिंग करें और जमाखोरी के साथ कालाबाजारी की शिकायतों पर त्वरित तथा सख्त कार्रवाई करें। राज्य स्तर और जिला स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता पर प्रतिदिन रिव्यू होगा। मुख्य सचिव जैन ने गुरुवार को मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कलेक्टर्स के साथ जिलों में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि राज्य स्तर और जिला स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता पर प्रतिदिन रिव्यू होगा। मुख्य सचिव जैन ने पीएनजी लाइन वाले जिलों में अधिकाधिक घरेलू कनेक्शन देने के लिए संबंधित एजेंसियों को जिला प्रशासन से नियमित समन्वय करने के साथ ही कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं कि वे एजेंसियों को वर्क फोर्स उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच पीएनजी की विशेषताओं का प्रचार-प्रसार करें, जिससे अगले 3 महीने की समय-सीमा में उन क्षेत्रों में अधिकतम घरों तक पाइप से गैस पहुंच सके। बैठक में एक माह में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता और आपूर्ति की समीक्षा की गई। पेट्रोल पंप तथा गैस एजेंसियों पर अब लाइन आदि समाप्त होने के साथ पैनिक बुकिंग बंद होने पर संतोष व्यक्त किया गया। मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। मुख्य सचिव जैन ने गैस की पर्याप्त उपलब्धता और निरंतर आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने घरों में पीएनजी कनेक्शन की समीक्षा की और निर्देश दिए कि पाइप लाइन की क्षमता अनुरूप घरेलू कनेक्शन करें। कनेक्शन जो, बंद हो गए हैं, उन्हें भी पुन: प्रारंभ करें। उन्होंने इन एजेंसियों के लिए विभागों से 24 घंटे में अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि जारी करने के साथ ही कॉलोनियों में कनेक्शन के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए। जमाखोरों और मुनाफाखोरों के खिलाफ सख्त एक्शन लें मुख्य सचिव जैन ने प्रदेश में एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के लागू करने के साथ भारी अर्थदंड और एजेंसियों पर आवश्यक होने पर निलंबन की कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि एजेंसियां कई बार मुनाफे के लिए अपने कर्मियों से भी कालाबाजारी कराती है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 3029 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। 2759 छापे मारे गए हैं। दोषियों के विरुद्ध 11 एफआईआर भी दर्ज की गई हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पेट्रोल एवं डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है और ऑयल कंपनी के डिपो से निरंतर आपूर्ति जारी है। जिलों में गैस पाइप लाइन बिछाने के सभी आर.ओ.यू आवेदनों को आवेदन प्रस्तुत करने के 24 कार्यकारी घंटों के अंदर डीम्ड सीजीडी अनुमति प्रदान करने के आदेश अनुसार कार्रवाई की जा रही हैं। राज्य शासन को अतिरिक्त 10% एलपीजी आवंटन प्राप्त हो चुका है। 27 मार्च 2026 को भारत सरकार द्वारा कॉमर्शियल एलपीजी का अतिरिक्त 20% आवंटन उद्योग जैसे-स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, डाई, केमिकल्स, प्लास्टिक्स आदि के लिए किया गया है और उद्योगों को कॉमर्शियल गैस सप्लाई अनुसार की जा रही है। बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को केरोसीन आवंटन और एवं प्रत्येक जिले में 2 पेट्रोल पंपों का आंकलन प्रक्रियाधीन है। विभाग द्वारा केरोसीन वितरण के दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। केरोसीन का वितरण मांग के आधार पर होगा। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारी और ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,866.20 करोड़ रुपए का बजट पारित किया है। इस बजट में शहर के विस्तार, नई टाउनशिप, सड़कों और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास ध्यान दिया गया है। प्राधिकरण के अनुसार, यह बजट वाराणसी के तेजी से बढ़ते शहरी ढांचे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025–26 में संशोधित बजट के तहत करीब 378 रुपए करोड़ की आय और 467.50 रुपए करोड़ के खर्च का प्रावधान था। इसके मुकाबले नए बजट में आय और खर्च दोनों में बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। वर्ष 2026–27 के लिए परिचालन से 2,070.61 रुपए करोड़ की आय का अनुमान है, जो पिछले साल से करीब 448 प्रतिशत अधिक है। वहीं खर्च का अनुमान 2,069.07 रुपए करोड़ रखा गया है, जो लगभग 343 प्रतिशत ज्यादा है। प्राधिकरण की आय का सबसे बड़ा स्रोत जमीन की बिक्री और उससे मिलने वाला प्रतिकर होगा। इससे करीब 1,206.31 रुपए करोड़ मिलने का अनुमान है। इसके अलावा, अन्य योजनाओं और परियोजनाओं के लिए करीब 575 रुपए करोड़ का प्रावधान किया गया है। खर्च के हिस्से में जमीन अधिग्रहण, निर्माण कार्य और अन्य प्रशासनिक जरूरतों पर राशि खर्च की जाएगी। VDA इस समय मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत चार बड़ी आवासीय परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इसके तहत मढ़नी, गंजारी और कल्लीपुर में टाउनशिप विकसित की जा रही हैं। चालू वित्त वर्ष में इन योजनाओं के लिए करीब 1,700 रुपए करोड़ का प्रतिकर किसानों को दिए जाने की संभावना है, जिससे परियोजनाओं को तेजी मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण का कहना है कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया तेज होने और नई परियोजनाओं के कारण जमीन का बेहतर उपयोग हो रहा है। इससे वास्तविक आय अनुमान से ज्यादा हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, यह बजट शहर के संतुलित विकास और बेहतर सुविधाओं के लिए अहम कदम साबित होगा।
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) के डॉक्टरों ने एक महिला के पेट से 15.5 किलोग्राम का विशाल ओवेरियन ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला है। यह जटिल सर्जरी अस्पताल के लेबर रूम में सीमित संसाधनों के बीच की गई, जो चिकित्सा क्षेत्र में पीएमसीएच की क्षमता को दर्शाता है। मरीज लंबे समय से पेट में सूजन, दर्द और भारीपन की समस्या से पीड़ित थी। शुरुआत में उसने इसे सामान्य परेशानी समझा, लेकिन धीरे-धीरे उसका पेट असामान्य रूप से बढ़ने लगा। इसके कारण उसे चलने-फिरने और दैनिक कार्यों में भी कठिनाई होने लगी थी। जब परिजन उसे इलाज के लिए पीएमसीएच लाए, तो जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक बहुत बड़ा ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो गया था। यह ट्यूमर आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। इस सर्जरी की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह थी कि इसे अस्पताल के लेबर रूम में अंजाम दिया गया। इतनी बड़ी सर्जरी ऑपरेशन थिएटर में की जाती है, लेकिन डॉक्टरों ने उपलब्ध संसाधनों के साथ इस चुनौती को स्वीकार किया। ऑपरेशन का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रो. मीनू शरण ने किया। उनकी टीम में ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन, डॉ. नीना अग्रवाल, डॉ. अंजली और डॉ. माधुरी शामिल थीं। सभी डॉक्टरों ने मिलकर कई घंटों तक चली इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक संपन्न किया। सर्जरी के दौरान आई कई चुनौतियां डॉक्टरों के अनुसार, यह ऑपरेशन बेहद जटिल था। ट्यूमर का आकार इतना बड़ा था कि उसे निकालते समय आसपास के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ था। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान रक्तस्राव को नियंत्रित रखना भी एक बड़ी चुनौती थी। टीम ने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का परिचय देते हुए हर चुनौती का सामना किया। सटीक योजना और बेहतर समन्वय के कारण बिना किसी बड़ी जटिलता के ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया। दुर्लभ मामलों में ही दिखता है इतना बड़ा ट्यूमर चिकित्सकों का कहना है कि 15.5 किलोग्राम का ओवेरियन ट्यूमर बेहद दुर्लभ होता है। आमतौर पर ऐसे ट्यूमर धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआती लक्षण सामान्य लगने के कारण मरीज इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि समय रहते जांच और इलाज नहीं कराया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इस मामले में भी अगर थोड़ी और देरी होती, तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ऑपरेशन के बाद स्थिर है मरीज की हालत सफल सर्जरी के बाद फिलहाल मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है और लगातार उसकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले दिनों में उसकी स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है। टीम वर्क और समर्पण की मिसाल अस्पताल प्रशासन ने इस सफलता को टीम वर्क और डॉक्टरों के समर्पण का परिणाम बताया है। सीमित संसाधनों के बावजूद इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। पीएमसीएच की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सरकारी अस्पतालों में भी उच्च स्तर की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। जरूरत सिर्फ समय पर पहचान और सही इलाज की होती है। यह ऑपरेशन न केवल एक महिला के लिए नई जिंदगी लेकर आया, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बन गया है।
ऑल सेंट्स कैथेड्रल चर्च में थर्सडे की विशेष प्रेयर सर्विस आयोजित हुई। रेव विनीता इसूबियस ने विशेष प्रार्थना और बाईबल पाठ कराया। इसके बाद प्रभु भोज और कंफर्मेशन सेवा हुई। विशेष प्रार्थना सभा में बाईबल का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही प्रभु यीशु के संदेशों पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रार्थना की गई कि प्रभु यीशु के बताए अनुसार गरीबों, बेसहारों, मजबूरों की मदद करनी चाहिए। लखनऊ चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के बिशप दान ने करीब दो दर्जन लोगों का कंफर्मेशन किया। कार्यक्रम में एलन दान, प्रेक्षा दान, शबनम दान, फिलिप मैथ्यू, अनूप लॉरेंस, प्रियदर्शनी सिंह, विशाल नोबल सिंह, संजीत लाल, अनुकृति जोशी, सुशांत मल, ज्योत्स्ना नाग, रोशनी शुक्ला, राजनाथ शुक्ला, मीडिया इंचार्ज सुनील कुमार वर्मा सहित कलीसिया के सदस्य उपस्थित रहे।
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र स्थित नायरा पेट्रोल पंप पर बुधवार रात बदमाशों ने खड़े ट्रक से डीजल चोरी करने की कोशिश की। काले रंग की स्कॉर्पियो से आए 8-10 बदमाशों ने पंप परिसर में खड़े एक ट्रक के डीजल टैंक का लॉक तोड़कर पाइप डाल दिया था। पूरी घटना पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। देखें घटनाक्रम की 3 तस्वीरें.. ट्रक चालक के जागते ही लाठी-डंडे दिखाकर भागे बदमाश जानकारी के अनुसार, वारदात के समय ट्रक चालक गोविंद केबिन में सो रहा था। बदमाशों ने टैंक का ढक्कन तोड़कर डिब्बों में डीजल भरना शुरू ही किया था कि पंप कर्मचारियों को हलचल महसूस हुई। कर्मचारियों के शोर मचाने पर चालक की नींद खुल गई। खुद को घिरता देख बदमाश हाथ में लिए लाठी-डंडे लहराते हुए अपनी स्कॉर्पियो में सवार होकर मौके से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज से पहचान में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। एसडीओपी पी एल परस्ते ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदेहास्पद मोबाइल लोकेशंस की जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पेट्रोल पंपों पर सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता हाइवे किनारे स्थित पेट्रोल पंपों पर रात के समय संगठित गिरोह द्वारा डीजल चोरी के प्रयास की इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। पंप संचालकों और ट्रक चालकों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस बदमाशों की गाड़ी के नंबर और हुलिए के आधार पर आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी कर रही है।
कोरबा में संदिग्ध युवक की पिटाई:मानसिक रूप से परेशान युवक को चोर समझकर पीटा, पुलिस को सौंपा
कोरबा जिले के चोटिया क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। बुधवार देर रात घर में घुसने की कोशिश कर रहे युवक को लोगों ने चोर समझकर पीटा। बाद में पता चला कि युवक मानसिक रूप से परेशान था। जानकारी के अनुसार, बुधवार आधी रात एक युवक चोरी-छिपे एक घर में घुसने का प्रयास कर रहा था। घर के सदस्यों की नींद खुल गई और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। युवक ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। गुस्साए लोगों ने उससे पूछताछ की और उसकी पिटाई भी कर दी। ग्रामीणों ने बच्चा चोर की अफवाहों के चलते तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक को अपने कब्जे में लिया। पूछताछ में सामने आया कि युवक मानसिक रूप से परेशान था। मारपीट में युवक को चोटें आई हैं। डायल 112 की टीम ने युवक को पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस युवक की पहचान और उसके इरादों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें और कानून को अपने हाथ में न लें। साथ ही, लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की सलाह भी दी गई है।
बिकरू कांड के बाद भाग बदमाशों से प्रतिबंधित असलहा बरामद होने के मामले में एडीजे-27 की कोर्ट ने चार आरोपियों को सजा सुनाई है। बरामद हथियारों का इस्तेमाल कुख्यात विकास दुबे और उसके साथियों ने किया गया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। डीजीसी दिलीप अवस्थी, एडीजीसी विनोद त्रिपाठी, दिनेश अग्रवाल और पंकज त्रिपाठी ने बताया- संजय, अभिनव, रामजी और शुभम के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के आधार पर चारों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। इसमें रामजी और संजय को सात-सात साल की सजा, जबकि अभिनव और शुभम को ढाई-ढाई साल की सजा दी गई है। साथ ही, रामजी पर 15 हजार, संजय पर 10 हजार और अभिनव व शुभम पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश हथियार लेकर पनकी थाना क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां वे राजस्थान के लोगों को हथियार बेचने की फिराक में थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें पनकी अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2 जुलाई 2020 को हुआ था हत्याकांड कानपुर देहात के बिकरू में 2 जुलाई 2020 को विकास दुबे गैंग ने बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मुख्य कुख्यात विकास दुबे की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। गोली कांड के बाद विकास के साथी संजय सिंह परिहार उर्फ टिंकू, अभिनव तिवारी उर्फ चिंकू, रामजी उर्फ राधे कश्यप और शुभम पाल हथियारों को बेचने की फिराक में पनकी आ गए थे। पनकी पुलिस ने भौती अंडरपास से 1 मार्च 2021 को चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने संजय के पास से एक कार्बाइन ऑटोमैटिक मशीन गन, अभिनव के पास से एक इंग्लिश राइफल मेड इन यूएसए स्प्रिंग फील्ड सेमी ऑटोमैटिक और 10 जिंदा कारतूस, रामजी उर्फ राधे के पास से एक देसी बंदूक 12 बोर, 25 जिंदा कारतूस, एके 47 के दो जिंदा कारतूस, और 7.62 एमएम के 20 जिंदा कारतूस व शुभम पाल के पास से एक रिवाल्वर और 40 जिंदा कारतूस व 32 बोर पिस्टल के चार जिंदा कारतूस, एक अद्धी तमंचा, एक रिवाल्वर 38 बोर और उसका एक जिंदा कारतूस बरामद किया था।
रायबरेली में खुद को सांसद का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) बताकर एसडीएम पर दबाव बनाने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। जांच में उसका आईडी कार्ड फर्जी निकला। डलमऊ तहसील परिसर में गुरुवार को युवक खुद को सांसद रवि किशन का पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) बताकर रौब झाड़ रहा था। आरोपी की पहचान लालगंज थाना क्षेत्र के मधुकरपुर निवासी सूरज सिंह के रूप में हुई है। वह उप जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह पर शस्त्र लाइसेंस से संबंधित रिपोर्ट लगाने के लिए दबाव बना रहा था और खुद को सांसद का PSO बताकर धमकाने की कोशिश कर रहा था। काम न करने पर कार्रवाई कराने की धमकी दी युवक ने एसडीएम सत्येंद्र सिंह से शस्त्र लाइसेंस के फॉर्म पर संस्तुति कराने के लिए संपर्क किया था। इस पर एसडीएम ने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने की बात कही। इसी दौरान युवक ने खुद को गोरखपुर सांसद रवि किशन का PSO बताया और काम न करने पर कार्रवाई कराने की धमकी दी। इस पर एसडीएम को शक हुआ और उन्होंने युवक से पहचान पत्र दिखाने को कहा। आरोपी मांगता रहा माफी एसडीएम को उसके व्यवहार पर शक हुआ। आरोपी पहले आईडी दिखाने में आनाकानी करता रहा, उसने एक आईडी कार्ड दिखाया। लेकिन उसकी हरकतें संदिग्ध लगीं। इसके बाद एसडीएम ने सांसद रवि किशन से फोन पर बात कर आईडी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी। आईडी देखने के बाद सांसद ने स्पष्ट किया कि संबंधित युवक पूरी तरह फर्जी है और उसका उनसे कोई संबंध नहीं है। सत्यता सामने आते ही एसडीएम ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची डलमऊ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी माफी मांगता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फगवाड़ा में जालंधर रोड पर गुरुवार देर रात एक व्यक्ति की चलती कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाईं। पीड़ित बाल-बाल बच गया। एसएसपी गौरव तूरा ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी के संबंध में मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच शुरू कर दी है। यह वारदात फगवाड़ा के आशीष होटल के पास हुई। पीड़ित की पहचान काशी नगर, फगवाड़ा निवासी सुखविंदर कुमार उर्फ हनी के रूप में हुई है। सुखविंदर के अनुसार, जब वह अपनी कार से जा रहा था, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसका पीछा किया और पीछे से उसकी गाड़ी पर फायरिंग शुरू कर दी। उसने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए कार की रफ्तार बढ़ाई और मौके से सुरक्षित निकलने में सफल रहा। मई 2025 में नशीले पदार्थों के आरोप में युवक को किया था गिरफ्तार सुखविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि यह हमला मई 2025 के एक मामले से जुड़ा है। उस मामले में उन्हें नशीले पदार्थों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनका दावा है कि उस दौरान सीआईए स्टाफ के कुछ अधिकारियों ने मामला खत्म करने के लिए पहले 10 लाख रुपये की मांग की थी, जो बाद में 2.50 लाख रुपये में तय हुई। पैसे देने के बाद सुखविंदर ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद जांच में चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। इनमें तत्कालीन सीआईए इंचार्ज भी शामिल थे। पीड़ित का आरोप है कि ये पुलिस अधिकारी तब से उस पर, उसके ससुर और वकील पर अदालत में उनके पक्ष में गवाही देने का दबाव बना रहे हैं। आरोपों से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी युवक के पास मौजूद सुखविंदर के अनुसार, गवाही बदलने के लिए उन्हें पैसे का लालच भी दिया गया और मना करने पर जान से मारने की धमकियां मिलीं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास इन आरोपों से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद हैं और घटना के बाद भी उन्हें लगातार धमकी भरे संदेश मिल रहे हैं।
शाजापुर के सुनेरा इलाके में गुरुवार रात करीब 7 बजे एक गाड़ी ने बाइक सवार दो बुजुर्गों को टक्कर मार दी। यह हादसा नारायणगढ़ के माता मंदिर के सामने हुआ, जिसमें दोनों बुजुर्ग बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों की पहचान नारायणगढ़ के रहने वाले मदन बागड़ी और पिपलोदा के रहने वाले भागीरथ मालवीय के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि दोनों बुजुर्ग माताजी के दर्शन करके घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह एक्सीडेंट हो गया। पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल हादसे की खबर मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत दोनों घायलों को उठाकर शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। टक्कर इतनी तेज थी कि बुजुर्गों के सिर और चेहरे पर काफी गहरी चोटें आई हैं। आरोपी ड्राइवर की तलाश जारी फिलहाल दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने गाड़ी और उसके ड्राइवर का पता लगाना शुरू कर दिया है और मामले की जांच कर रही है।
नीमच सिटी के पास जेतपुरा-रावतखेड़ा रोड पर गुरुवार शाम को एक कार और बाइक की टक्कर के बाद कार पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में चार लोग घायल हो गए हैं। यह एक्सीडेंट धानुका फैक्ट्री के पास हुआ। मंदसौर के घसोई गांव के पांच लोग दोपहर करीब 2 बजे अपने घर से सांवरिया सेठ के दर्शन करने निकले थे। जब वे जेतपुरा फंटा के पास पहुंचे, तो सामने से एक बाइक आ गई। उसे बचाने के चक्कर में कार बेकाबू हो गई और सीधे सड़क किनारे पेड़ में जा घुसी। कार के उड़े परखच्चे टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। वहां से गुजर रहे लोगों ने तुरंत पुलिस को खबर दी। डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस से सबको जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में चल रहा है इलाज घायलों की पहचान घसोई के रहने वाले बालाराम (39), रामचंद्र (37) और कुशल (40) के रूप में हुई है। इनके साथ ही नीमच का रहने वाला बाइक सवार सुरेश भी जख्मी हुआ है। फिलहाल सभी का इलाज अस्पताल में चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुरुवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने वॉटर सप्लाई, सीवरेज डिपार्टमेंट और जलापूर्ति के साथ ही सीएम हेल्पलाइन, इंदौर 311 एप, स्वच्छ सर्वेक्ष, जलसुनवाई, जनसुनवाई आदि को लेकर जोनवार समीक्षा की। निगम कमिश्नर ने गर्मी के मौसम के दौरान शहर में सुचारू पानी की सप्लाई के साथ ही स्वच्छ और शुद्ध पानी मिले। इसके लिए शहर की शासकीय ट्यूबवेल पर किए गए पर किए गए क्लोरिनेशन काम के साथ ही शहर के प्राइवेट ट्यूबवेल व प्राइवेट हाइड्रेंट पर भी क्लोरिनेशन के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए कहा, ताकि लोगों को साफ पानी मिल सके। पीएचई डिपार्टमेंट के 3 एई को शोकाज नोटिस क्लोरिनेशन काम की झोनवार समीक्षा करते हुए पानी की टंकी से लेकर पानी सप्लाई लाइन के अंतिम छोर तक क्लोरिनेशन के सैंपलिंग काम की जानकारी निर्धारित प्रारूप में दर्ज नहीं करने एवं लापरवाही करने पर पीएचई विभाग के 3 एई राहुल रघुवंशी, दौलत सिंह गुड़िया एवं शिव दत्त व्यास को शोकाज नोटिस जारी करने को कहा। निगम कमिश्नर ने शहर में किए जा रहे निर्माण कामों के बाद रेस्टोरेशन कामों के संबंध में भी समीक्षा की। जिसमें जोन क्रमांक 12 वार्ड क्रमांक 59 के अंतर्गत सीवरेज के लिए किए गए काम के बाद रेस्टोरेशन का काम संतोषजनक नहीं मिलने पर और लोगों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए संबंधित उपयंत्री की 3 दिन की सैलरी काटने को कहा। साथ ही ग्रीष्मकाल के दौरान निगम के पानी का टैंकर के माध्यम से किए जाने वाली सप्लाई कामों के दौरान लगने वाले टैंकर पर जीपीएस सिस्टम लगाने को कहा, साथ ही संबंधित टैंकर की जीपीएस लॉक बुक की अनिवार्यता के साथ ही टैंकर किराए के भुगतान के निर्देश दिए। अभियान को लक्ष्य बनाकर पूरा करें निगम कमिश्नर ने जल गंगा संवर्धन अभियान की समीक्षा भी की और सभी डिपार्टमेंट के अधिकारीयों को निर्देशित किया कि सीएम द्वारा इस अभियान की इंदौर में शुरुआत की गई है। यह महत्वपूर्ण अभियान है। इसे लक्ष्य बनाकर पूरा करें, संस्थाओं और लोगों को ज्यादा से ज्यादा रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज सॉफ्ट के लिए प्रेरित करें। इस काम में लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसमें शामिल होकर इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय रहेंगे। इसके साथ ही शहर के ऐसे इलाके जहां पर पानी भरता है, ऐसे स्थान को चिन्हित करते हुए रिचार्ज सॉफ्ट निर्माण के लिए काम करने के निर्देश दिए गए। विभागीय जांच के दिए निर्देश निगम कमिश्नर ने हर मंगलवार को शहर के सभी वार्ड एवं पानी की टंकी पर होने वाली जलसुनवाई के दौरान मिलने वाली शिकायतों के निराकरण की भी समीक्षा की। इस दौरान 27 फरवरी को जलसुनवाई के दौरान मिली शिकायत का समय सीमा में निराकरण नहीं करने पर वार्ड क्रमांक 9 के उपयंत्री को फटकार लगाते हुए उपयंत्री के खिलाफ विभागीय जांच करने के लिए कहा।
खैरथल-तिजारा जिले में गेहूं निकालते समय एक युवक थ्रेसर में चला गया। इस दौरान युवक के घुटनों से नीचे का हिस्सा थ्रेसर से बाहर रहा। घटना जिले के ततारपुर थाना क्षेत्र के मातोरा के पास चकोलिया की ढाणी की है। आसपास के लोगों ने बंद किया थ्रेसरततारपुर थाना एसएचओ महावीर सिंह शेखावत ने बताया- गुरुवार रात 8:30 बजे चकोलिया की ढाणी निवासी सचिन यादव के खेत पर गेहूं निकाला जा रहा था। सचिन ने मुकेश जाट की थ्रेसर मशीन को किराए पर बुलाई थी।इस दौरान मातोरा निवासी सरीफ (30) और उसका भाई जमशेद पुत्र ईशाक खेत में थ्रेसर से गेहूं निकाल रहे थे। सरीफ मशीन में गेहूं की पुली डाल रहा था। अचानक सरीफ का हाथ मशीन में आ गया। इस दौरान उसे संभलने तक का मौका नहीं मिला और कुछ ही सेकेंड में उसका आधे से ज्यादा शरीर मशीन के अंदर चला गया। मशीन के पास मौजूद लोगों ने फौरन थ्रेसर को बंद किया। हादसे के बाद सरीफ का भाई जमशेद मौके पर ही बेहोश हो गया। जिसे गांव वालों ने निजी वाहन की सहायता से अस्पातल पहुंचाया। जहां उसका इलाज किया जा रहा है। मशीन खोलकर निकाला शवघटना की सूचना के बाद ततारपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मशीन खोलकर शव को बाहर निकाला। मशीन के अंदर सरीफ के शरीर के केवल टुकड़े बचे थे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवा दिया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। … यह खबर भी पढ़ें 20 सेकेंड में बुजुर्ग के टुकड़े-टुकड़े हुए:थ्रेसर में आने से घुटनों तक का हिस्सा पिस गया; आंतें रोलर से लिपट गईं कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बहरोड़ के मांढण में गेहूं की फसल निकालते समय थ्रेसर में आने से 20 सेकेंड में बुजुर्ग के टुकड़े-टुकड़े हो गए। हादसा इतना भयावह था कि बुजुर्ग के सिर से लेकर घुटनों तक का हिस्सा मशीन में पिस गया और मौके पर ही मौत हो गई। (पढ़ें पूरी खबर)
नरसिंहपुर में पूर्व पार्षद ने खुद को गोली मारी, मौत:मृतक सालीचौका का रहने वाला, घर में मिली लाश
नरसिंहपुर के सालीचौका में गुरुवार शाम को 42 साल के अनुपम राय ने खुद को गोली मार ली। घटना की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी। अनुपम राय कांग्रेस के पूर्व पार्षद थे और सालीचौका के ही रहने वाले थे। उन्होंने अपने घर के अंदर ही खुद को गोली मार ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया। पिस्टल की हो रही है जांच गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक चौहान ने बताया कि शुरुआती जांच में पता चला है कि उन्होंने पिस्टल से खुद को गोली मारी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वह पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध। घर वालों से पूछताछ जारी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। घर वालों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अफसरों का कहना है कि पूरी जांच होने के बाद ही असल वजह सामने आ पाएगी।
गयाजी जिले के कोंच प्रखंड की परसामा पंचायत में स्थित चतुरी विघा उच्च विद्यालय और कोंच प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में करियर गाइडेंस कार्यक्रम सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। स्थानीय विधायक अजय दांगी इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। चतुरी विघा उच्च विद्यालय में प्रधानाध्यापक आशिम आलम और नागेंद्र कुमार राही ने विधायक अजय दांगी का बुके और अंग वस्त्र भेंट कर सम्मान किया। वहीं, प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय में प्रधानाध्यापक तरुण कुमार ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन का स्वागत किया। समारोह में विधायक अजय दांगी ने चतुरी विघा के विद्यार्थियों से संवाद किया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने प्रोजेक्ट कन्या उच्च विद्यालय के छात्रों से बातचीत की। दोनों ने छात्रों को करियर निर्माण के लिए उचित मार्गदर्शन दिया और कड़ी मेहनत से लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर, शैक्षणिक सत्र 2026 की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से विद्यार्थियों में उत्साह का संचार हुआ। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन शिक्षिका स्वाती कुमारी और शिक्षक निलेश कुमार ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, मीडिया कर्मी और अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। कक्षा 10वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
औरंगाबाद के नवीनगर प्रखंड अंतर्गत एनटीपीसी खैरा थाना पुलिस को सफलता हाथ लगी है। बाइक लूट कांड में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नवीनगर थाना क्षेत्र के बसन बिगहा मोड़ निवासी प्रमोद कुमार सिंह के बेटे 22 साल के राकेश कुमार सिंह के रूप में की गई है। इस संबंध में एनटीपीसी खैरा थानाध्यक्ष परमजीत कुमार मंडल ने बताया कि राकेश कुमार सिंह जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल था, जिसे पकड़ने के लिए विभिन्न थानों की पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। आखिरकार गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि पकड़े गए अपराधी के खिलाफ थाना में बाइक चोरी से संबंधित कांड संख्या 63/25 दर्ज है।आरोपी इस मामले में अप्राथमिकी आरोपी था और लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत थी और छापेमारी की जा रही थी। झारखंड में भी दर्ज है आपराधिक मामला पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ एनटीपीसी खैरा थाना के अलावा नवीनगर थाना कांड संख्या 357/23 और झारखंड के हरिहरगंज थाना कांड संख्या 27/22 में भी मामले दर्ज हैं। इसके अलावा अन्य आपराधिक मामलों की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए संबंधित थानों से संपर्क स्थापित किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
सहरसा सदर अस्पताल में मरीज की मौत:परिजन बोले- डॉक्टरों ने इलाज में लापरवाही की, तोड़फोड़- हंगामा
सहरसा सदर अस्पताल में सड़क हादसे में घायल एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके कारण मरीज की जान चली गई। मृतक की पहचान बनगांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 17 निवासी अजय रजक के 18 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार के रूप में हुई है। इस हादसे में सौरभ का 18 वर्षीय साथी आनंद कुमार भी घायल हुआ है। परिजनों के अनुसार, सौरभ और आनंद बाइक से खेत से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को पहले बरियाही स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद भी, एक घंटे से अधिक समय तक दोनों घायलों का ठीक से इलाज शुरू नहीं हो पाया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही सौरभ कुमार की मौत हुई। सौरभ की मौत की खबर सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए और उन्होंने अस्पताल में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान बचाकर भाग निकले। हंगामे की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। सदर थाना पुलिस के सुबोध कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में घायल युवक की मौत हुई है और लोगों को शांत कराया जा रहा है।
कोटा में 8 साल पुराने हत्या के मामले में कोर्ट ने एक ही परिवार के 12 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में 10 पुरुष और 2 महिलाएं हैं। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश श्वेता शर्मा ने सभी दोषियों पर 13-13 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इन लोगों का बकरे को लेकर पड़ोसी के साथ विवाद हो गया था। विवाद सुलझाने आए 2 युवकों इस्तियाक और यशपाल पर चाकू, लकड़ी और धारदार हथियारों से हमला कर दिया था, जिसमें इस्तियाक गंभीर रूप से घायल हो गया था। अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तौड़ दिया था। एक ही परिवार के सभी आरोपी वकील रियाज अहमद ने बताया- मामला 31 अगस्त 2018 का है। हमले में इस्तियाक हुसैन की मौत हो गई थी। 8 साल पुराने हत्या के मामले में गुरुवार को मुख्य आरोपी रमजानी (57), उसकी पत्नी फरजाना (43) और उनके बेटे मुख्तार (31), मुश्ताक (29 और अन्य 8 को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जो एक ही परिवार के हैं। मुख्य आरोपियों के अलावा मुबारिक अली (26), सद्दाम खान (32), शाहीन खानम (37), शाहरुख उर्फ लंगड़ा (26), जहीर खान (35), नईमुद्दीन उर्फ शोएब (26), शाहदत उर्फ भय्यू (30) और शाहरुख (32) को भी दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। बकरे को लेकर हुआ था विवादमृतक इस्तियाक के चचेर भाई जाहिद हुसैन ने रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया था कि मामा अब्दुल अजीज उर्फ पप्पू का पड़ोसी रमजानी से बकरे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को सुलझाने के लिए इस्तियाक हुसैन उर्फ गुड्डू, उसके दोस्त यशपाल और कालू उर्फ कमलजीत रमजानी के घर गए थे। बातचीत के दौरान यशपाल और इस्तियाक पास की दुकान पर गए। इसी दौरान आरोपियों ने चाकू, लकड़ी और धारदार हथियारों से उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में इस्तियाक हुसैन गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को अलग-अलग समय पर गिरफ्तार कर कोर्ट में चार्जशीट पेश की थी। लंबी सुनवाई और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस्तियाक के पिता रिटायर्ड ASI हैं। इस्तियाक उनका इकलौता बेटा था।
उदयपुर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े ट्रेलर से पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से पिचक गया। स्कॉर्पियो में सवार 3 युवकों में से 2 की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। गुरुवार रात करीब 8:30 बजे यह हादसा हुआ। हादसा उदयपुर-चित्तौड़गढ़ सिक्सलेन हाईवे पर दरौली स्थित आवरी माता मंदिर के सामने हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कॉर्पियो की रफ़्तार बहुत तेज थी, जिसके चलते ड्राइवर गाड़ी पर काबू नहीं रख पाया और वह सीधे सामने खड़े ट्रेलर के नीचे जा घुसी। धमाका इतना तेज था कि आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मौके पर जमा हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही डबोक थाना पुलिस और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। स्कॉर्पियो के गेट को तोड़कर शवों को निकाला गया। हादसे के वक्त विनोद स्कॉर्पियो चला रहा था। विनोद के पास आगे की सीट पर दिनेश भी बैठा था। विनोद होटल संचालक था। जबकि दिनेश उसके साथ होटल पर काम करता था। अब देखिए , हादसे से जुड़ी PHOTOS… आवरी माता मंदिर के पास हादसा डबोक थानाधिकारी गोपालनाथ ने बताया- हादसे में खरसाण, खेरोदा के रहने वाले विनोद मेनारिया (36) और धरियावद निवासी दिनेश मीणा (23) की मौत हो गई। वहीं, उदयपुर शहर का रहने वाला शाहरुख खान (25) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उदयपुर के एमबी अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल शाहरुख का इलाज चल रहा है। उसकी हालत नाज़ुक बनी हुई है। ये तीनों युवक स्कॉर्पियो में सवार होकर उदयपुर की तरफ़ आ रहे थे। आवरी माता मंदिर के पास सड़क किनारे एक ट्रेलर खड़ा था, जिसमें पीछे से स्कॉर्पियो की भिड़ंत हो गई। पुलिस अब इस मामले की पूरी जांच कर रही है।
कैमूर के दुर्गावती थाना क्षेत्र के गोरार गांव में एक 8 वर्षीय बच्ची की पोखरे में डूबने से मौत हो गई। बच्ची की पहचान रिशी कुमारी के रूप में हुई है, जो कपड़े धोने पोखरे पर गई थी। मृतका सदाबिजमोना की पुत्री थी। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह रिशी कपड़े धोने के लिए पोखरे पर गई थी। कपड़े धोते समय वह गहरे पानी में फिसल गई और डूब गई। जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। ग्रामीणों की मदद से बच्ची का शव पोखरे से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेज दिया। दोपहर करीब डेढ़ बजे परिजनों ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कीं, जिसके बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। बच्ची के पिता सदाबिजमोना ने बताया कि रिशी रोज की तरह कपड़े धोने गई थी, लेकिन पोखरे के गहरे हिस्से में चले जाने के कारण यह हादसा हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि पोखरे में पानी का स्तर काफी ऊंचा था और वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। इस घटना के बाद गांव में गम का माहौल है। स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से पोखरों तथा जलाशयों के आसपास सुरक्षा दीवार या चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कमलनाथ सरकार ने ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14 से बढ़ाकर 27 फीसदी कर दिया था, जिसको लेकर उपजे विवाद को लेकर दायर की गई याचिकाओं पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट 27 अप्रैल से नियमित सुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा ट्रांसफर किए गए मामलों पर मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को ये निर्देश दिए हैं। सुनवाई के लिए दोपहर 12:30 बजे का समय तय किया गया है। इन मामलों के साथ 87-13 प्रतिशत की विवाद की भी सुनवाई होगी। अशिता दुबे व 11 अन्य की ओर हाईकोर्ट में प्रदेश की पूर्व कमलनाथ सरकार के द्वारा ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण बढ़ाकर 27 प्रतिशत किए जाने को चुनौती दी गई है। प्रदेश सरकार ने 8 जुलाई 2019 को ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण 27 प्रतिशत किए जाने के संबंध में विधानसभा से बिल पारित करके उसका गजट नोटिफिकेशन 17 जुलाई 2019 को प्रकाशित किया था। आरक्षण का प्रतिशत बढ़ाए जाने को इन मामलों में असंवैधानिक और सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों के खिलाफ बताया गया है। हाईकोर्ट के द्वारा की जा रही सुनवाई के खिलाफ ओबीसी आरक्षण से जुड़े सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने अपने पास बुला लिया था। सुप्रीम कोर्ट के 20 अगस्त 2024 के आदेश पर मप्र हाईकोर्ट ने 2 सितम्बर 2024 को ये सभी 10 मामले ट्रांसफर कर दिए थे। इसके बाद 19 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों को वापस मप्र हाईकोर्ट को ट्रांसफर कर दिया था। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अशिता दुबे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आदित्य संघी, ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर, अधिवक्ता वरुण ठाकुर, मप्र सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, सुको के वरिष्ठ अधिवक्ता केएम नटराज, अतिरिक्त महाधिवक्ता बीडी सिंह हाजिर हुए।
कुरुक्षेत्र जिले में ड्रंक एंड ड्राइव का केस सामने आया। यहां पिहोवा में हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 152 पर पंचायत सेक्रेटरी ने तेज स्पीड कार चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। सेक्रेटरी पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का आरोप है। इस एक्सीडेंट में बाइक चला रहा स्टूडेंट बुरी तरह से जख्मी हो गया। बाइक से टक्कर के बाद गाड़ी के एयरबैग खुल गए, जिससे पंचायत सेक्रेटरी की जान बच गई। हालांकि उसे मामूली चोटें आईं, जिसे पिहोवा के सरकारी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। परिवार ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जसप्रीत इकलौता बेटा इंद्र सिंह निवासी हरिगढ़ भौरख ने पुलिस को बताया कि जसप्रीत सिंह (20) उसके भाई का पोता है। जसप्रीत अंबाला ITI में पढ़ता है और अपने मां-बाप का इकलौता बेटा है। आज शाम को मैं अपने भाई महिंद्र सिंह के साथ मलिकपुर बस अड्डे से पैदल घर आ रहे थे। इस दौरान लिफ्ट लेकर गांव के पास रिंकू सैनी की दुकान पहुंच गए। कार ने मारी पोते को टक्कर इसी दौरान जसप्रीत सिंह अपनी बाइक पर सवार होकर किसी काम से जा रहा था। उसी समय मलिकपुर से हरिगढ़ भौरख की ओर आ रही टाटा की कार ने तेज रफ्तार और गलत तरीके से चलते हुए जसप्रीत की बाइक के पीछे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जसप्रीत सिंह अपनी बाइक सहित सड़क पर गिर पड़ा। कार के एयरबैग खुले एक्सीडेंट में जसप्रीत के सिर में गहरी चोट लगी। उसने तुरंत दौड़कर जसप्रीत को संभाला और अस्पताल पहुंचाया। उधर, टक्कर के बाद कार के एयरबैग खुल गए। आसपास के लोगों ने ड्राइवर को पकड़ लिया, जिसकी पहचान हरपाल निवासी बोधनी के रूप में हुई। उसे सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जसप्रीत को ज्यादा चोट की वजह से हायर सेंटर रेफर कर दिया। शराब पीकर कार चला रहा था ड्राइवर आरोपी ड्राइवर हरपाल सिंह पर शराब पीकर गाड़ी चलाने का शक है। आरोपी ड्राइवर पंचायत विभाग में सेक्रेटरी लगा हुआ है, जिसकी ड्यूटी इस्माइलाबाद के शांति नगर कुरड़ी गांव में लगी हुई है। पुलिस ने सरकारी अस्पताल पिहोवा में आरोपी ड्राइवर का मेडिकल भी करवाया है। मुंह से आ रही थी शराब की स्मेल- अजय सिंह सरकारी अस्पताल पिहोवा के डॉ. अजय सिंह ने बताया कि हरपाल सिंह को पुलिस अस्पताल लेकर आई थी। उसकी नाक से खून बह रहा था। हरपाल सिंह का ब्लड सैंपल लिया गया है। उस पर शराब पीने का शक है। उसके मुंह से शराब की स्मेल आ रही थी। उधर, पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फर्रुखनगर में हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह का 65वां जन्मदिन मनाया गया। यह कार्यक्रम दोहली संघर्ष समिति एवं छतरी कार्यालय प्रांगण में आयोजित किया गया, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं, समर्थकों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर राव नरबीर सिंह जिंदाबाद के नारे गूंजते रहे। समर्थकों ने उनके स्वस्थ व दीर्घायु जीवन की कामना की। इस अवसर पर केक काटा गया और उपस्थित लोगों में मिठाई बांटी गई। समर्थक बोले- राव नरबीर ने आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दीसमारोह में वक्ताओं ने राव नरबीर सिंह के राजनीतिक जीवन, जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राव नरबीर सिंह ने हमेशा आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दी है और उनके समाधान के लिए प्रयास किए हैं। उनके नेतृत्व में क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है। मौजूद कार्यकर्ताओं ने राव नरबीर सिंह को एक जमीनी नेता बताया, जो सभी वर्गों के लोगों से सीधे जुड़े रहते हैं। उनके अनुसार, वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हैं और अपने सरल व मिलनसार व्यक्तित्व के कारण लोकप्रिय हैं। उपस्थित लोगों ने उनके नेतृत्व में आगे भी कार्य करने का संकल्प लिया।
सितंबर 2025 में जबलपुर के पूर्व महापौर प्रभात साहू का वाहन चेंकिग के दौरान एक पुलिस आरक्षक के बीच जमकर विवाद हुआ। मामले पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने साफ कहा था कि जब थानों में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो वे आम जनता को सुरक्षा कैसे देंगे। मामले पर चीफ जस्टिस की कोर्ट ने जांच के लिए एसटीएफ को निर्देश दिए थे, जहां जांच के बाद गुरुवार को एसटीएफ की सीलबंद रिपोर्ट कोर्ट के समक्ष खोली गई। एसटीएफ ने कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू पर पुलिस आरक्षक ने जो आरोप लगाए थे, वह सही थे। जांच में पुलिसकर्मियों को क्लीनचिट दी गई है, लिहाजा अब भाजपा नेता प्रभात साहू सहित 5 पर मुकदमा चलेगा। बता दें कि इस विवाद के बाद प्रभात साहू की शिकायत पर लार्जगंज थाने में दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि पूर्व महापौर की शिकायत पर दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया था। पुलिसकर्मियों ने निलंबन की कार्रवाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करते हुए कोर्ट को बताया कि पूर्व महापौर प्रभात साहू ने पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता की थी। कोर्ट में यह भी दलील दी गई कि पूर्व महापौर के द्वारा वर्दी फाड़ने का स्पष्ट वीडियो भी वायरल होने के बावजूद उनके व समर्थकों के विरुद्ध राजनीतिक दबाव में नामजद रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। यह था पूरा घटनाक्रम जनहित याचिकाकर्ता के अनुसार पूर्व महापौर प्रभात साहू को लार्डगंज थाना अंतर्गत बल्देव बाग के समीप वाहन सितंबर 2025 को चेकिंग दौरान पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते हुए रोका था। पूर्व महापौर अपना परिचय देते हुए पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता करने लगे। इसके कुछ ही देर बाद समर्थकों की भीड़ एकत्र हो गया। याचिका में आरोप है कि सरेराह पुलिसकर्मी की वर्दी फाड़ दी थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल भी हुआ था। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव के कारण ड्यूटी कर रहे पुलिसकर्मी के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज करते हुए उसे निलंबित कर दिया गया। पुलिसकर्मी की शिकायत पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। वायरल वीडियो में आरोपियों की शिनाख्त स्पष्ट थी।
पूर्णिया में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों रेड की है। छापेमारी में स्मैक की बड़ी खेप बरामद की गई है। दो अलग-अलग मामलों में 124 ग्राम से ज्यादा स्मैक जब्त किया गया है और महिला समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गुलाबबाग टीओपी पुलिस ने जीरोमाइल के पास कार्रवाई करते हुए एक कार से 111 ग्राम स्मैक बरामद किया। इस दौरान एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों की पहचान मधुबनी थाना क्षेत्र के लंका टोला निवासी धीरज कुमार और दीपक मेहतर के रूप में हुई है। संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली टीओपी प्रभारी सन्नी कुमार ने बताया कि डगरूआ की ओर से आ रही संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से स्मैक के पैकेट बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दालकोला से स्मैक लाते थे और खुद सेवन करने के साथ-साथ स्थानीय नशेड़ियों को छोटे-छोटे हिस्सों में बेचते थे। वहीं, के.हाट थाना पुलिस ने गश्ती के दौरान एक बाइक सवार तीन युवकों को पकड़ा। तलाशी लेने पर उनके पास से 13.25 ग्राम स्मैक, दो मोबाइल फोन और 5,670 रुपये नकद बरामद किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में सुरज कुमार पासवान (28), शिवम कुमार (19) और राम बालक झा (36) शामिल हैं। सभी आरोपी के.हाट थाना क्षेत्र के अलग-अलग वार्ड के रहने वाले हैं। पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई से साफ है कि जिले में नशे के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है। अलग-अलग इलाकों से स्मैक की खेप पकड़े जाने से स्थानीय स्तर पर चल रहे छोटे नेटवर्क का खुलासा हो रहा है। दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
किशनगंज शहर की रेलवे कॉलोनी स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के उपलक्ष्य में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। शाम तक 10,000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे। मंदिर परिसर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। पूजा-अर्चना का सिलसिला निरंतर चलता रहा, जिसमें भक्तों की भक्ति भावना स्पष्ट दिखी। रेलवे कॉलोनी हनुमान मंदिर को किशनगंज का सबसे प्राचीन मंदिर माना जाता है। हनुमान चालीसा पाठ और आरती का आयोजन हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, जो इस वर्ष 2 अप्रैल को थी। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और आरती का आयोजन किया गया। मंदिर के पुजारियों ने लगातार हवन और पूजा का सिलसिला बनाए रखा, जिसमें भक्तों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस पावन अवसर पर मंदिर कमेटी ने भव्य तैयारी की थी। मंदिर परिसर को फूलों, झंडियों और रोशनी से सजाया गया। प्रवेश द्वार पर स्वागत गेट लगाया गया और सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। स्थानीय प्रशासन की ओर से भी पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो। दोपहर तक मंदिर में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती रही। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी परिवार सहित दर्शन के लिए पहुंचे। कई भक्त दूर-दराज के इलाकों से पैदल या वाहनों से आए। कुछ भक्तों ने मंदिर में दान-पुण्य भी किया। मंदिर कमेटी की ओर से हलवा-पूड़ी और फल सहित प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई। भक्तों ने लगाए 'जय हनुमान' के नारे संध्या समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों और भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। भजनों की मधुर धुनों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। भक्त 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के नारे लगाते हुए भक्ति में लीन नजर आए। कार्यक्रम में रामायण से जुड़े प्रसंगों का वाचन भी किया गया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष बैजू कुमार सिंह और सदस्यों ने बताया कि यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक सद्भाव का प्रतीक भी है। यहां सभी वर्गों के लोग आते हैं और एक साथ भक्ति करते हैं। सबसे प्राचीन होने के कारण इस मंदिर की विशेष मान्यता है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए रात तक और अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने कहा कि हनुमान जयंती उनकी आस्था का केंद्र है। बजरंगबली की कृपा से सभी संकट दूर होते हैं। मंदिर में सफाई, प्रकाश और बैठने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। कई युवाओं ने स्वयंसेवी के रूप में सेवा की, जिससे आयोजन सुचारू रूप से चला। हनुमान जयंती का यह उत्सव किशनगंजवासियों के लिए हर वर्ष एक बड़ा आयोजन बन गया है। रेलवे कॉलोनी मंदिर में उमड़ी इस भारी भीड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भक्ति की शक्ति कितनी विशाल होती है। भजन-कीर्तन के साथ कार्यक्रम देर रात तक चला, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल रहे।
श्योपुर जिले में गुरुवार को हनुमान प्रकटोत्सव का पर्व बड़े ही भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से लेकर रात तक जिले के सभी छोटे-बड़े हनुमान मंदिरों में भक्तों की भीड़ लगा रहा। जगह-जगह भंडारे हुए और श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने बंजारा डैम स्थित हनुमान मंदिर से बाइक रैली और शोभायात्रा निकाली। यह रैली मुख्य बाजार से होते हुए खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंची, जहां सबने मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। सुरक्षा के लिए पुलिस ने शहर में कड़े इंतजाम किए थे। रामतलाई और जाटखेड़ा में विशेष आयोजन शहर के प्रसिद्ध श्री रामतलाई हनुमान मंदिर में शाम को संगीत के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा और महाआरती हुई। वहीं, जाटखेड़ा हनुमान मंदिर में बड़ी संख्या में लोग पैदल यात्रा निकालकर पहुंचे और भगवान को झंडा चढ़ाया। इन मंदिरों में रही भारी भीड़ जिले के प्रमुख मंदिरों जैसे शिवपुरी रोड, टोड़ी बाजार, नवलखा हनुमान मंदिर, पंचमुखी हनुमान और छिमछिमा हनुमान मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा। प्रतिमाओं का विशेष श्रृंगार किया गया था और पूरा माहौल सुंदरकांड, बजरंग बाण और भजनों से गूंज उठा। अंचल में भी रही धूम शहर के साथ-साथ बड़ौदा, कराहल, वीरपुर और विजयपुर के इलाकों में भी हनुमान जयंती की धूम रही। नकटा बालाजी, देवरी और महुआमार जैसे मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शाम के वक्त आरती के दौरान जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे।
जोधपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। मंडल ने 2734 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित किया। इस बेहतरीन परफॉर्मेंस का इनाम रेलवे बोर्ड ने आगामी साल के लिए 6000 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट देकर दिया है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- दो से ढाई हजार करोड़ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बोर्ड ने उनकी अपेक्षा से लगभग तीन गुना ज्यादा फंड आवंटित किया है। यह बजट जोधपुर मंडल के रेल विकास और यात्री सुविधाओं के इतिहास में एक नया अध्याय लिखेगा। राजस्व: उत्तर पश्चिम रेलवे की माल ढुलाई में 35% हिस्सेदारी जोधपुर मंडल ने इस साल कमाई के हर मोर्चे पर लक्ष्य को पार किया है। माल ढुलाई से 1456 करोड़ रुपये की आय हुई है, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 11% अधिक है। मंडल की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पूरे उत्तर पश्चिम रेलवे के कुल माल राजस्व का लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा अकेले जोधपुर मंडल से आ रहा है। इसके साथ ही यात्री सेवाओं से 940 करोड़ रुपये की आय हुई है। मंडल का 'परफॉर्मेंस एफिशिएंसी इंडेक्स' 60.55% रहा है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे शानदार आंकड़ा है। बजट: नई लाइनों और डबलिंग पर मेगा इन्वेस्टमेंट 6000 करोड़ रुपये के बजट में सबसे बड़ा हिस्सा आधारभूत संरचना और नई रेल लाइनों के लिए रखा गया है। भटिंडा-भीलड़ी डबल लाइन प्रोजेक्ट के लिए एकमुश्त 7522 करोड़ रुपये का कुल बजट मंजूर किया गया है, जो इस क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है। नई रेल लाइनों के मोर्चे पर पुष्कर-मेड़ता लाइन के लिए 800 करोड़ रुपये का पूरा बजट एक साथ मंजूर हुआ है, जिससे काम में तेजी आएगी। इसके अलावा रामदेवरा-पोकरण नई लाइन के लिए 189 करोड़ और माणकलाव को ब्लॉक स्टेशन व गुड्स शेड बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सुरक्षा और तकनीक: 431 करोड़ से अभेद्य बनेगा 'कवच' रेलवे सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर इस बार विशेष जोर दिया गया है। ट्रेनों की भिड़ंत रोकने वाली 'कवच' सुरक्षा प्रणाली के लिए इस साल 431 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है, जो पिछले साल के 80 करोड़ के मुकाबले पांच गुना से भी अधिक है। इसके अलावा पटरी नवीनीकरण पर 1950 करोड़ और सिग्नल व टेलीकॉम कार्यों पर 730 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। गुढ़ा स्टेशन के पास 64 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड टेस्ट ट्रैक भी तैयार किया जा रहा है, जिस पर 220 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेनों का परीक्षण हो सकेगा। मेगा हब और डिजिटल सुविधाएं: बदल जाएगी स्टेशनों की सूरत भविष्य की परियोजनाओं में 397 करोड़ रुपये की लागत से भगत की कोठी को मेगा रेलवे हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां प्लेटफॉर्म संख्या 3 से 6 तक का निर्माण होगा। साथ ही 167 करोड़ का वंदे भारत स्लीपर डिपो और 195 करोड़ का ट्रेनिंग सेंटर निर्माणाधीन है। जोधपुर स्टेशन का 474 करोड़ रुपये से पुनर्विकास कार्य जारी है। यात्री सुविधाओं के तहत बाड़मेर, मेड़ता रोड और जैसलमेर जैसे स्टेशनों पर नई लिफ्ट लगाई गई हैं और डिजिटल लॉकर की शुरुआत की गई है। ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते और कबाड़ से रिकॉर्ड कमाई रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते' के तहत 80 बच्चों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बचाया है। वहीं रेलवे ने स्मार्ट वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण पेश करते हुए खाली खड़े इंजनों को शटडाउन कर 3.09 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत की है। स्टोर्स विभाग ने रिकॉर्ड 15,922 मीट्रिक टन कबाड़ बेचकर 55.93 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। सोलर प्लांट के जरिए सालाना 10.8 लाख यूनिट बिजली बचाकर रेलवे पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहा है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के तहत स्वामी विवेकानंद एथलेटिक स्टेडियम, कोटा में खेले गए महिला फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। पहला हाफ रहा बराबरी पर मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ में छत्तीसगढ़ और झारखंड की टीमें 0-0 की बराबरी पर रहीं। दोनों पक्षों ने मजबूत डिफेंस और आक्रमण का बेहतरीन प्रदर्शन किया। कप्तान किरण का गोल बना जीत का आधार दूसरे हाफ में छत्तीसगढ़ की टीम ने आक्रामक रुख अपनाया। इसी दौरान टीम की कप्तान किरण पिस्दा ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद छत्तीसगढ़ की टीम ने मजबूत रक्षा करते हुए इस बढ़त को अंत तक बरकरार रखा। दर्शकों को बांधे रखा रोमांच पूरा मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फाइनल मैच के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनूजा सलाम भी मौजूद रहीं। टीमवर्क से मिली ऐतिहासिक जीत छत्तीसगढ़ की टीम ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन तालमेल और खेल कौशल का प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम उन्हें स्वर्ण पदक के रूप में मिला।
बिहार सरकार ने धान अधिप्राप्ति वर्ष 2025-26 में कथित अनियमितताओं के मामले में लखीसराय के जिलाधिकारी मिथिलेश मिश्र के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 अप्रैल को इस संबंध में आदेश जारी किया है। आरोप है कि अतिरिक्त 8,000 मीट्रिक टन धान खरीद लक्ष्य के आवंटन में गड़बड़ी हुई है। जिले के लिए पहले 47,235 एमटी का लक्ष्य निर्धारित था, जिसके अतिरिक्त यह 8,000 एमटी का लक्ष्य दिया गया था। अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में मानकों का पालन नहीं जांच में पाया गया कि इस अतिरिक्त लक्ष्य के वितरण में निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। कुछ समितियों को अत्यधिक लक्ष्य आवंटित किया गया, जबकि कई को बहुत कम या शून्य आवंटन मिला। समीक्षा में यह भी सामने आया कि भंडारण क्षमता और पूर्व प्रदर्शन जैसे महत्वपूर्ण मानकों की अनदेखी की गई। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता का अभाव रहा। जिलाधिकारी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को भी अभिलेखीय तथ्यों से मेल नहीं खाने वाला पाया गया। अनुशासन एवं अपील नियमावली के तहत कार्रवाई सरकार ने इन अनियमितताओं को कर्तव्य में लापरवाही और पद के दुरुपयोग की श्रेणी में माना है। अखिल भारतीय सेवाएं (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1969 के तहत यह कार्रवाई शुरू की गई है। इस मामले से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
जिला कांगड़ा पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान के तहत दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने धर्मशाला और पालमपुर क्षेत्रों में अलग-अलग कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से चिट्टा, चरस और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद हुई है। धर्मशाला पुलिस की टीम फतेहपुर-सुक्कड़ मार्ग पर त्रिनेत्र देव मंदिर के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा और उसने अपने पास मौजूद एक नीला बैग झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी की पहचान पंजाब के अमृतसर निवासी 42 वर्षीय राज कुमार उर्फ गोपी के रूप में हुई। झाड़ियों से बरामद बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 6.04 ग्राम चिट्टा मिला। पुलिस ने राज कुमार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पालमपुर में 5.84 ग्राम चिट्टा, 5.69 ग्राम चरस पकड़ा वहीं, पालमपुर पुलिस ने भी एक कुख्यात नशा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पालमपुर के वार्ड नंबर 9 निवासी समीर चंद उर्फ रजू अपने घर से नशे का अवैध कारोबार चला रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी के घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस को 5.84 ग्राम चिट्टा, 5.69 ग्राम चरस और 95 हजार रुपये नकद बरामद हुए। 40 वर्षीय समीर चंद एक शातिर अपराधी जांच में सामने आया है कि 40 वर्षीय समीर चंद एक शातिर अपराधी है। वह पहले भी वर्ष 2022 और 2023 में चिट्टे की तस्करी के दो मामलों में पकड़ा जा चुका है, जिसके खिलाफ पालमपुर थाने में मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन आरोपियों के तार कहां-कहां जुड़े हैं और वे यह नशा कहां से प्राप्त करते थे। जिला पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
बीजेपी के संगठन में इन दिनों ताबड़तोड़ नियुक्तियों का दौर चल रहा है। बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमन्त खंडेलवाल की सहमति के बाद 33 प्रदेश प्रवक्ता, 9 सह मीडिया प्रभारी और 47 मीडिया पैनलिस्ट घोषित किये हैं। मंत्री की रेस से बाहर हुई महिला विधायक प्रवक्ता बनीं शिवराज सरकार में पावरफुल मंत्री रहीं अर्चना चिटनीस और ऊषा ठाकुर सहित बीजेपी ने 10 विधायकों को प्रदेश प्रवक्ता बनाया है। खबर लगातार अपडेट की जा रही है।
दुर्ग में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई:2.88 किलो गांजा और अवैध शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग पुलिस ने 2 अप्रैल 2026 को नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जिले के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गांजा तस्करी और अवैध शराब बिक्री में लिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नयापारा चौक पर पुलिस नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक स्कूटी सवार युवक संदिग्ध लगा। पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली, तो उसके बैग से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। आरोपी के कब्जे से 2 किलो 880 ग्राम गांजा मिला, जिसकी बाजार कीमत लगभग 1 लाख 44 हजार रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह यह मादक पदार्थ बेचने के लिए ले जा रहा था। पुलिस ने गांजा के साथ एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और वारदात में प्रयुक्त होंडा एक्टिवा 5G स्कूटी भी जब्त की है। तराजू की बरामदगी से स्पष्ट होता है कि आरोपी गांजा तौलकर बेचने का काम करता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दुर्ग के इंदिरा नगर बघेरा निवासी विशाल साहू (62 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया है। दूसरी कार्रवाई जामगांव आर थाना क्षेत्र के ग्राम बरवाई भाटापारा में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अपने घर के बाड़ी में अवैध रूप से शराब रखकर बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। 32 पौवा शराब और नकदी बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 32 पौवा शराब (देशी और अंग्रेजी) बरामद की। इसके साथ ही बिक्री से प्राप्त 3200 रुपए नगद भी जब्त किए गए। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार पर बड़ी चोट मानी जा रही है। 75 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार इस मामले में पुलिस ने बिसहत जांगड़े (75 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी ग्राम बरवाई भाटापारा का निवासी है और लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
होशियारपुर के नूरपुर जट्टा गांव में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित कर दी गई है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और रोष व्याप्त है। इस कृत्य ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पंजाब में लगातार हो रही ऐसी वारदातों की कड़ी में शामिल है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। प्रतिमा खंडित होने के बाद से राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और विभिन्न राजनीतिक दल सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना ने मामले पर व्यक्त की चिंता शिवसेना पंजाब के उपाध्यक्ष गगन नौहरिया, राम बचन राय, विकास कपूर (महासचिव पंजाब) और मनदीप शर्मा (महिला सेना पंजाब अध्यक्ष) ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में नूरपुर जट्टा में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जो प्रशासन की विफलता को दर्शाती हैं। कई जगहों पर हो चुकी वारदात नेताओं ने आगे कहा कि न केवल नूरपुर जट्टा, बल्कि अमृतसर और फिल्लौर जैसे इलाकों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, जिससे लूटपाट, चोरी और हिंसक घटनाओं के कारण आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पजाब सरकार पर तंज शिवसेना नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि दलित समुदाय से जुड़े मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने विदेश में बैठे कुछ आतंकवादी तत्वों द्वारा पंजाब के माहौल को खराब करने और युवाओं को गुमराह करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। दोषियों पर कार्रवाई की मांग हालांकि, नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब के लोग हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और एकता के पक्षधर रहे हैं और वे किसी भी कीमत पर सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
धमतरी में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। शहर के विभिन्न हनुमान मंदिरों में सुबह से शाम तक भक्तिमय आयोजन हुए, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मंदिरों में भोग भंडारा, महाआरती और हनुमान चालीसा पाठ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। जन्मोत्सव से एक सप्ताह पहले ही मंदिरों को रंग-रोगन और आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिरों में अभिषेक और पूजा-अर्चना का शुभारंभ हुआ। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने उत्साहपूर्वक इन आयोजनों में भाग लिया। महाभंडारा में भक्तों ने हनुमान मंदिरों में ग्रहण किया महाप्रसादी महाभंडारा में महाप्रसादी ग्रहण करने के लिए श्रद्धालु हनुमान मंदिरों में पहुंचे। आयोजन समितियों द्वारा विशेष भोग लगाकर भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। धमतरी शहर के जालमपुर स्थित हनुमान मंदिर, पुराना बस स्टैंड हनुमान मंदिर, नागेश्वर मंदिर और श्री राम जानकी मठ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी जन्मोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। पुराना बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर के पास हर साल की तरह इस वर्ष भी विशाल महाभंडारा का आयोजन किया गया। यहां महाप्रसादी लेने के लिए श्रद्धालुओं की लगभग 200 मीटर लंबी कतार लगी रही। मंदिर समिति ने भक्तों के लिए विशेष आयोजन किया मंदिर के पंडित ने बताया कि सुबह 3 बजे ही मंदिर के पट खुल गए थे और भक्तों का आना शुरू हो गया था। दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए सुबह अभिषेक, श्रृंगार, छप्पन भोग, महाप्रसादी और महाआरती के साथ भंडारे का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चला। देर रात आतिशबाजी और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। आयोजन समितियों ने बताया कि हनुमान जी को चढ़ाए गए सभी भोग और प्रसाद को भक्तों में वितरित किया गया। जन्मोत्सव को लेकर भक्तों में काफी उत्साह देखा गया। श्री राम जानकी मठ मंदिर की समिति ने बताया कि सुबह 8 बजे से मंदिर में भगवान का अभिषेक किया गया। अभिषेक में केसर जल, चंदन जल और दिव्य औषधियों का उपयोग किया गया। इसके बाद भगवान का श्रृंगार किया गया और यज्ञ के दौरान हवन भी संपन्न हुआ। मंदिर में संकल्पित 108 हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। नागेश्वर मंदिर की समिति ने बताया कि हनुमान मंदिर में भी सुबह से ही कार्यक्रम चल रहे थे। सुबह 8 बजे से हनुमंत लाल जी महाराज का अभिषेक, चोला, श्रृंगार, हवन और पूजन किया गया। दोपहर में भंडारा का आयोजन हुआ, जो शाम तक चला। इसके बाद 31 हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और शाम को महाआरती हुई। नागेश्वर मंदिर में करीब 15 साल से यह विशाल भंडारा आयोजित किया जा रहा है।
संभल एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई अपनी शादी के कारण अवकाश पर हैं। इस दौरान मुरादाबाद परिक्षेत्र के उपमहानिरीक्षक मुनिराज-जी ने जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस बल के साथ पैदल गश्त की। उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी कुलदीप सिंह, क्षेत्राधिकारी सम्भल आलोक भाटी और क्षेत्राधिकारी बहजोई डॉ. प्रदीप कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। गुरुवार शाम करीब 4 बजे डीआईजी मुनिराज-जी संभल के थाना बहजोई क्षेत्र पहुंचे। गश्त के दौरान उन्होंने कस्बे के प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण किया। डीआईजी ने व्यापारियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन चेकिंग की, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। इस गश्त से आमजन में सुरक्षा की भावना भी जागृत हुई। उपमहानिरीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे सतर्कता बरतते हुए नियमित रूप से प्रभावी गश्त करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने को कहा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के अवकाश पर होने के कारण डीआईजी का संभल पर विशेष ध्यान है। उन्होंने एक सप्ताह में दूसरी बार संभल का दौरा किया है और वे रोजाना संभल के अधिकारियों से बात कर दिशा-निर्देश देते हैं।
गोपालगंज पुलिस ने एक संगठित वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। महम्मदपुर थाना पुलिस ने इस कार्रवाई में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के कई वाहन और भारी मात्रा में आपराधिक सामग्री बरामद की गई है। यह कार्रवाई 1 अप्रैल को महम्मदपुर थाना क्षेत्र के बगीश मोड़ पर वाहन जांच के दौरान शुरू हुई। पुलिस ने एक बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा कर वाहन को रोका। चालक मौके से फरार हो गया, जबकि वाहन में सवार जितेंद्र कुमार और तबरेज आलम को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पता चला कि स्कॉर्पियो चोरी की थी और गिरफ्तार आरोपी एक संगठित वाहन चोर गिरोह के सदस्य हैं। यह गिरोह चोरी के वाहनों का रंग बदलने, इंजन और चेसिस नंबर में हेरफेर करने, फर्जी कागजात बनाने और नंबर प्लेट बदलकर उन्हें बाजार में बेचने का काम करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी कर गिरोह के तीन अन्य सदस्यों मुन्ना कुमार यादव, लक्ष्मण राय और मनोज राय को भी गिरफ्तार किया। 1 स्कॉर्पियो, 1 लैपटॉप, 3 प्रिंटर और 1 इनवर्टर बरामद गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने विभिन्न स्थानों से चोरी के 4 बोलेरो, 3 मोटरसाइकिल और एक अन्य वाहन बरामद किए। इसके अतिरिक्त, 1 स्कॉर्पियो, 1 लैपटॉप, 3 प्रिंटर, 1 इनवर्टर, 1 बैटरी, 4 मोबाइल फोन, 9 स्मार्ट कार्ड, 50 फर्जी नंबर प्लेट और 1 गैस कटर भी बरामद किया गया। यह सामग्री गिरोह की पेशेवर कार्यशैली को दर्शाती है। पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि पिछले तीन महीनों से जिले में लगातार वाहन चोरी की घटनाएं सामने आ रही थीं, जिसके बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए विशेष प्रयास किए गए। लोग रात में अपने वाहन सुरक्षित खड़ा करते थे, लेकिन सुबह होते ही उनके वाहन गायब मिलते थे। आरोपियों में एक गोपालगंज का रहने वालाइन घटनाओं के खुलासे के लिए विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने इस गिरोह का सफल उद्भेदन किया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक गोपालगंज का रहने वाला है, जबकि अन्य पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर जिले के निवासी हैं। एसपी के अनुसार, यह गिरोह चोरी के वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर और कागजात तैयार कर बेहद चालाकी से उन्हें बेच देता था। साथ ही, इन वाहनों का उपयोग गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता था। पुलिस अब सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है और गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्रवाई के लिए टीम के अधिकारियों को सम्मानित करने की बात कही है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में संभल के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इन युवा तीरंदाजों ने अपनी प्रतिभा से जिले और उत्तर प्रदेश का नाम रोशन किया। प्रतियोगिता के वर्ग 10 में नैतिक चाहल (गांव चिमियावली), मनिंदर सिंह धनोवा और आदित्य राज (निवासी शरीफपुर) ने सटीक निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। वहीं, वर्ग 13 में रुद्र लोचल (सिंहपुर साहनी) और परीक्षार्थ (निवासी दतावली) ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए उत्तर प्रदेश का परचम लहराया। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जहां प्रतिस्पर्धा कड़ी थी। संभल के खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ खेलते हुए अपनी पहचान बनाई। इससे पूर्व, वाराणसी में आयोजित राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भी इन खिलाड़ियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया था। प्रतियोगिता से लौटने पर सम्भल में खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान खिलाड़ियों और उनके कोच वरुण धनावा ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने जिलाधिकारी से तीरंदाजी के लिए एक सुरक्षित और स्थायी मैदान उपलब्ध कराने की मांग रखी। जिलाधिकारी ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही उचित व्यवस्था का आश्वासन दिया। कोच वरुण धनावा ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से संभल तीरंदाजी अकादमी का संचालन कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त मैदान मिलेगा, तो वे भविष्य में और भी बड़े स्तर पर सफलता हासिल करेंगे।
मिर्जापुर में विंध्याचल धाम से हरसिंपुर को जोड़ने वाला पीपा पुल जर्जर हालत में पहुंच गया है। पुल का एक हिस्सा धंसने से आवागमन खतरे में है। लोग जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। जानकारी के अनुसार, नवरात्रि मेले से पहले नगर विधायक पं रत्नाकर मिश्र द्वारा इस पुल का शुभारंभ किया गया था। लेकिन अब पुल का एक पीपा क्षतिग्रस्त होकर गंगा में धंस गया है, जिससे पूरे पुल का संतुलन बिगड़ गया है। हालांकि इस समय गंगा का जलस्तर कम होने के कारण बड़ी दुर्घटना नहीं हुई है, लेकिन जलस्तर बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थोड़ी सी बाढ़ आने पर पूरा पुल बह सकता है, जिससे दोनों क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा। पुल की खराब हालत का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। चार पहिया वाहनों का आवागमन लगभग ठप हो गया है, जिससे व्यापार और दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। वहीं, लोग मजबूरी में पैदल पुल पार कर रहे हैं, जबकि कुछ दोपहिया वाहन चालक गंगा की धारा में उतरकर रास्ता पार करने को विवश हैं, जो बेहद खतरनाक है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मौके पर तैनात कर्मचारी लापरवाही बरत रहे हैं और स्थिति सुधारने के बजाय टेंट में आराम करते देखे जा रहे हैं। ग्रामीणों और राहगीरों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल पुल की मरम्मत, सुरक्षा इंतजाम और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई, तो यह कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
छींच में शराब की दुकान के स्थान को लेकर विवाद गहरा गया है। लाइसेंसधारी दीपिका कुंवर ने आबकारी विभाग पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए अपनी दुकान की चाबी आबकारी अधिकारी को सौंप दी है। दीपिका का कहना है कि उन्हें दुकान की लोकेशन की कॉपी नहीं दी जा रही है और उन पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। दीपिका कुंवर ने बताया कि वर्ष 2021-22 में उनके नाम से छींच ग्राम में अंग्रेजी शराब की दुकान आवंटित हुई थी। तब से वह तय नियमों के अनुसार एक ही स्थान पर दुकान का संचालन कर रही हैं और इससे ग्रामीणों को भी कोई परेशानी नहीं हुई। उनका आरोप है कि वर्ष 2026-27 के लिए विभाग ने उनकी पुरानी लोकेशन को यथावत रखने से इनकार कर दिया है। जब उन्होंने इस बारे में आबकारी अधिकारी राजीव सिंह से संपर्क किया, तो उन्हें बताया गया कि लोकेशन के खिलाफ शिकायत मिली है, इसलिए नवीनीकरण नहीं किया जा रहा है। दीपिका ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी ने उन्हें मौखिक रूप से बताया कि जब तक सुरेंद्र गुर्जर सहमति नहीं देंगे, तब तक लोकेशन आवंटित नहीं की जाएगी। दीपिका के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से बीमार थीं, इसलिए उन्होंने केवल सहयोग के लिए सुरेंद्र को दुकान चलाने के लिए अनुमति दी थी। दीपिका का यह भी आरोप है कि आबकारी अधिकारी उन्हें दूसरी जगह दुकान खोलने के लिए मौखिक आदेश दे रहे हैं, लेकिन कोई लिखित नोटिस जारी नहीं किया जा रहा है। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर दीपिका ने आबकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारी की टेबल पर दुकान की चाबियां रख दीं और वहां से चली गईं। दूसरी ओर, आबकारी अधिकारी राजीव सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि इस मामले में दीपिका कुंवर के साथ सुरेंद्र गुर्जर सह-अनुज्ञधारी हैं और दोनों की ओर से विभाग को शिकायतें मिली हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि विभाग नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है और लोकेशन आवंटन के लिए कोई लिखित पत्र जारी करने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह दोनों साझेदारों का आपसी विवाद है और चाबी उन्होंने खुद अपनी मर्जी से छोड़ी है, विभाग ने इसकी मांग नहीं की थी।
सहरसा विधायक आईपी गुप्ता गुरुवार को मुंगेर स्थित खानकाह रहमानी पहुंचे। उन्होंने अखिल भारतीय पान महासंघ के एक कार्यकर्ता के निधन पर शोक व्यक्त किया और उनके परिजनों को सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने स्थानीय से लेकर अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने खानकाह मस्जिद में मौलाना वली रहमानी के मजार पर हाजिरी भी लगाई और मस्जिद का अवलोकन किया। 1600 विद्यार्थियों की समस्याओं पर ध्यान दिलाया विधायक गुप्ता ने बताया कि वह खानकाह रहमानी के प्रमुख मौलाना फैसल वली रहमानी द्वारा चुनाव में उनके पक्ष में की गई मतदान अपील के लिए आभार व्यक्त करने आए थे। उन्होंने खानकाह में रह रहे लगभग 1600 विद्यार्थियों की समस्याओं पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि संस्थान में गैस की गंभीर कमी है, और जिला प्रशासन से संपर्क के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है। इस कारण अब विद्यार्थियों के लिए लकड़ी के चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है। राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि जिस देश का शासक निरंकुश हो जाए या नकारात्मक सोच अपना ले, वहां विकास संभव नहीं है। उन्होंने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी बात की। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस सप्ताह सत्ता ऐसे व्यक्ति को सौंपना चाहेंगे, जिनके हाथों में उन्हें राज्य का भविष्य सुरक्षित लगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा पृष्ठभूमि का कोई भी मुख्यमंत्री बिहार के लिए सुरक्षित विकल्प नहीं होगा। समाजवादी विचारधारा के नेताओं ने ही आगे बढ़ाया आईपी गुप्ता ने जोर देकर कहा कि बिहार को अब तक समाजवादी विचारधारा के नेताओं ने ही आगे बढ़ाया है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि नीतीश कुमार की पसंद का नेतृत्व सामने नहीं आता है, तो दिल्ली में बैठे लोग राजनीतिक समीकरणों को बदल सकते हैं। विधायक ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह भी सुझाव दिया कि यदि उन्हें लगता है कि राज्य सुरक्षित हाथों में नहीं जा रहा है, तो महागठबंधन उनके साथ है और वे जब चाहें सरकार बना सकते हैं।
औरंगाबाद में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग को आज सफलता हाथ लगी। नियमित गाड़ी जांच के दौरान एरका चेक पोस्ट पर एक कंटेनर से भारी मात्रा में डोडा अफीम बरामद किया गया। कार्रवाई औरंगाबाद-डाल्टेनगंज मुख्य पथ एनएच-139 स्थित एरका चेक पोस्ट पर मध्य निषेध पदाधिकारी शुभम कुमारी सुमन के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों के अनुसार कुटुंबा प्रखंड के इस चेक पोस्ट पर 24 घंटे गाड़ी की सघन जांच की जाती है। गुरुवार दोपहर जांच के दौरान एक संदिग्ध कंटेनर (एचआर 63 सी 1805) को रोका गया। जब टीम ने कंटेनर की तलाशी ली, तो उसमें छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में डोडा अफीम बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान कंटेनर चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी पहचान राजस्थान के नागौर के निवासी मदनलाल के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने कई अहम जानकारियां दी हैं, जिसके आधार पर उत्पाद विभाग आगे की जांच में जुट गया है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका नेटवर्क कितना बड़ा है। झारखंड से राजस्थान ले जाया जा रहा था डोडा उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि कंटेनर में कुल 150 बोरियों में 3866.10 किलोग्राम डोडा अफीम बरामद की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ढाई करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी जिले में अब तक की प्रमुख कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। पकड़े गए कंटेनर चालक ने पूछताछ के क्रम में बताया कि यह डोडा अफीम झारखंड के रांची जिले के खूंटी क्षेत्र से लोड किया गया था और इसे राजस्थान ले जाया जा रहा था। इस खुलासे के बाद अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह की संलिप्तता की आशंका और गहरी हो गई है। उत्पाद विभाग ने कंटेनर को जब्त कर लिया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। ध्वस्त किया जाएगा नशे के कारोबारियों का नेटवर्क उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए विशेष टीम गठित कर छापेमारी की जा रही है। जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी कीमत पर तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बता दें कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चेक पोस्टों पर निगरानी और सख्त कर दी गई है। एरका चेक पोस्ट पर 24 घंटे जांच अभियान चलाया जाता है। इससे पहले भी यहां कई बार ट्रक और कंटेनरों से शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की जा चुकी है।
राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने पासपोर्ट कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और लोगों के शोषण के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। वहीं सरकार ने स्वीकार किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में पिछले पांच वर्षों के दौरान 30 पासपोर्ट अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि 97 अन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। संत सीचेवाल ने एक लिखित प्रश्न के माध्यम से केंद्र सरकार से देश के पासपोर्ट कार्यालयों और पासपोर्ट सेवा केंद्रों में भ्रष्टाचार तथा रिश्वतखोरी के खिलाफ पिछले पांच वर्षों में की गई कार्रवाई का विवरण मांगा था। उन्होंने इस दौरान आम लोगों के शोषण के मुद्दे पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की थी। 30 अधिकारियों को निलंबित किया गया विदेश मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने अपने उत्तर में बताया कि वर्ष 2021 से 2025 की अवधि के दौरान भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इस दौरान 30 अधिकारियों को निलंबित किया गया। 97 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति इसके अतिरिक्त, 97 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्वीकृति प्रक्रिया शुरू की गई, 13 अधिकारियों को छोटी सजाएं दी गईं और 2 अधिकारियों को बड़ी सजाएं मिलीं। सरकार ने यह भी जानकारी दी कि देशभर में कुल 19 पासपोर्ट कार्यालयों की जांच की गई है। जालंधर के दो अधिकारी निलंबित मंत्रालय द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, जालंधर के पासपोर्ट कार्यालय में दो अधिकारियों को निलंबित किया गया और दो के खिलाफ कार्रवाई की स्वीकृति प्रक्रिया शुरू की गई। इसी तरह, चंडीगढ़ में एक अधिकारी को निलंबित किया गया और एक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। मदुरै और मुंबई से सर्वाधिक मामले सामने आए इन मामलों में मदुरै और मुंबई से सर्वाधिक मामले सामने आए हैं, जहां मदुरै में 29 और मुंबई में 15 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रक्रिया शुरू की गई है। मुंबई में तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया जा चुका है। इस अवसर पर संत सीचेवाल ने कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं है, बल्कि आम लोगों के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा है। पासपोर्ट सेवाओं में दलाली खत्म करने की मांग संत सीचेवाल ने जोर दिया कि पासपोर्ट जैसी बुनियादी सेवा के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और कई बार उन्हें रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है, जो अत्यंत चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पासपोर्ट सेवाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए, दलाल प्रणाली को खत्म किया जाए । दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग संत सीचेवाल ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की । उन्होंने जोर देकर कहा कि “देश के नागरिकों को अपना पासपोर्ट बनवाने के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी या शोषण का सामना न करना पड़े।”
मध्यप्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत पन्ना जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो पाई है। जिला प्रशासन ने 31 मार्च की समय सीमा तक सभी 39 दुकानों के टेंडर निकालने का प्रयास किया था, लेकिन इनमें से 6 दुकानों के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिला। इसके चलते कलेक्टर की अध्यक्षता वाली 'जिला निष्पादन समिति' ने इन दुकानों का संचालन सीधे करने का निर्णय लिया है। पवई-अजयगढ़ समेत 6 दुकानें आबकारी विभाग के पास जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया कि पवई, गुनौर, सलेहा, कृष्णगढ़, अजयगढ़ और मोहन्द्रा की शराब दुकानों का संचालन अब विभाग स्वयं करेगा। जब तक इन दुकानों की नीलामी प्रक्रिया सफल नहीं हो जाती, तब तक आबकारी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी ही यहां की संपूर्ण व्यवस्थाएं संभालेंगे। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि राजस्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। उपनिरीक्षकों को सौंपी जिम्मेदारी दुकानों के सुचारू संचालन के लिए उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय को पवई, कृष्णगढ़ और मोहन्द्रा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, उपनिरीक्षक हरीश पाण्डेय को गुनौर व सलेहा और उपनिरीक्षक विक्रांत जैन को अजयगढ़ की जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी दुकानों की निगरानी और स्टॉक प्रबंधन का कार्य देखेंगे। आरक्षक और नगर सैनिक बनेंगे सेल्समैन इन दुकानों पर शराब की बिक्री के लिए आबकारी आरक्षकों और नगर सैनिकों को विक्रयकर्ता (सेल्समैन) के रूप में तैनात किया गया है। इनमें आरक्षक सोनू कोरकू, कुलदीप जाटव और नगर सैनिक मोतीलाल प्रजापति व वीरेंद्र यादव सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य ने बताया- आमजन की सुविधा के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक नई नीलामी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
चंदौली में नए एसपी आकाश पटेल ने कार्यभार संभालते ही सख्त रुख अपनाया है। दूसरे ही दिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जबकि छह अन्य के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र की दुल्हीपुर चौकी पर तैनात मुख्य आरक्षी संतोष यादव को अवैध जुआ संचालन और तस्करी पर प्रभावी रोकथाम न करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। वहीं, सैयदराजा थाने में तैनात उपनिरीक्षक राम प्यारे चौधरी पर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई और हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। इसके अलावा, हाईवे पेट्रोलिंग के दौरान गौवंश तस्करी के मामलों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर यातायात विभाग के छह पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। एसपी ने टीएसआई उमाशंकर यादव, टीएसआई मनोज कुमार सिंह सहित चार अन्य के खिलाफ प्रारंभिक विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एसपी ने स्पष्ट किया कि कर्तव्य में लापरवाही, उदासीनता और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनकी इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चंद्रशेखर ने भी कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जौनपुर में एक आठ वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी अखिलेश पाठक को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/एफटीसी प्रथम अपर्णा देव की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसकी आधी राशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी। यह घटना 16 नवंबर 2018 की है। केराकत थाना क्षेत्र निवासी महेंद्र विश्वकर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उनका आठ वर्षीय पुत्र आर्यन विश्वकर्मा दोपहर करीब 2:30 बजे स्कूल से घर लौटा था। कपड़े बदलने के बाद वह साइकिल चलाने लगा। आर्यन की साइकिल की चेन उतर गई थी, जिसे पास खड़े अखिलेश पाठक ने ठीक कर दिया। इसके बाद बच्चा अखिलेश के पीछे चला गया और लापता हो गया। दो दिन बाद, बच्चे का शव मराठा पोखरा, कुतुबपुर मड़ियाहूं से बरामद किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना कर कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। सरकारी वकील संतोष कुमार उपाध्याय ने गवाहों के बयान दर्ज कराए, जबकि मुकदमे की पैरवी दुष्यन्त सिंह ने की। दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि अखिलेश पाठक ने आर्यन का अपहरण कर उसकी हत्या की और साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया। कोर्ट ने अखिलेश को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
कानपुर,कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। आवास-विकास कल्याणपुर निवासी 71 वर्षीय शिव नारायन ने अपने बेटे और बहू पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। उनका कहना है कि जीवनभर की कमाई से बनाए गए मकान को लेकर परिवार में लगातार तनाव बना हुआ है। शिव नारायन, जो डाक विभाग में चालक पद से सेवानिवृत्त हैं, वर्तमान में पेंशन के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। वह उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित हैं। पीड़ित के अनुसार, इलाज के लिए वह अपना मकान बेचना चाहते हैं, लेकिन बेटा और बहू इसका विरोध कर रहे हैं। इसी को लेकर घर में आए दिन विवाद और कहासुनी होती रहती है। मारपीट और धमकी के गंभीर आरोप पीड़ित का आरोप है कि बेटे-बहू द्वारा लगातार गाली-गलौज की जाती है और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती है। शिव नारायन ने बताया कि 3 फरवरी 2025 की शाम करीब चार बजे उनकी बहू ने डंडा लेकर उन पर हमला करने का प्रयास किया, हालांकि वह किसी तरह बच निकले। उनका कहना है कि मकान बेचने की बात करने पर उन्हें जान से मारने और आत्महत्या कर फंसाने की धमकी दी जा रही है। पहले भी हो चुकी है शिकायत शिव नारायन ने बताया कि इस मामले में पहले भी थाना कल्याणपुर में शिकायत की गई थी। उस समय थाना प्रभारी ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया था, जिस पर बेटे ने 20 अगस्त 2025 तक मकान खाली करने का आश्वासन दिया था। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी मकान खाली नहीं किया गया। दोबारा कहने पर विवाद और बढ़ गया, जिससे गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन गई। पीड़ित के अनुसार, पुलिस आयुक्त से मिलने के बाद वह पनकी रोड चौकी पहुंचे, जहां चौकी प्रभारी ने मामले को आंशिक रूप से राजस्व से जुड़ा बताते हुए सीमित हस्तक्षेप की बात कही, लेकिन मारपीट के आरोपों की जांच का आश्वासन दिया है।
मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के परसवाही गांव में एक जन्मदिन पार्टी के दौरान अवैध हथियार लहराने का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह परस्ते के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 1 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर परसवाही क्षेत्र में घेराबंदी की। इस दौरान शाहिल यादव (19) को पकड़ा गया। उसके कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पूछताछ में शाहिल यादव ने बताया कि यह हथियार उसे वीरेंद्र यादव (25) निवासी ग्राम दलदल, जिला सतना से मिला था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने वीरेंद्र यादव को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें उपजेल मैहर भेज दिया गया। बरामद हथियार की अनुमानित कीमत 10,500 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि अवैध हथियारों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पटना नगर निगम के कर्मियों ने आज निगम मुख्यालय मौर्या लोक में प्रदर्शन किया। बिहार लोकल बॉडीज एंप्लॉईज फेडरेशन और बिहार नगर निकाय कर्मचारी संघ संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पूरे बिहार के नगर निकाय पर प्रदर्शन के माध्यम से मांग पत्र सौंपा गया। आज के दिन को मांग दिवस के रूप में मनाया गया। इस प्रदर्शन के माध्यम से कर्मियों ने नगर आयुक्त को मांग पत्र सौंपा। नगर को चकाचक करने वाले की जिन्दगी ही नरकीय दैनिक मज़दूरों के स्थायीकरण, आउटसोर्स व्यवस्था की समाप्ति कर उसके कर्मी को दैनिक मजदूर के रूप में समायोजन एसीपी, एमएसीपी पर लगाए गए रोक को वापस करने सहित स्थानीय मांगों को लेकर आज यह प्रदर्शन था। प्रदर्शन के दौरान ही सभा हुई जिसे संबोधित करते हुए संघ के संरक्षक देवरत्न प्रसाद ने कहा कि पूरे नगर को चकाचक करने वाले की जिन्दगी ही नरकीय है। संघ के महासचिव मंगल पासवान ने कहा कि नगर विकास विभाग और नगर निगम प्रशासन अपने ही द्वारा यूनियन के साथ किए समझौते को लागू नहीं करता है। 10 अप्रैल तक कर्मचारियों ने दिया समय सभा की अध्यक्षता करते हुए संघ के अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित के लिए काम करती है। इसका प्रमाण केंद्र सरकार के द्वारा लाया गया मजदूर विरोधी चार श्रम कोड है, जिसके खिलाफ कल पूरे भारत के श्रमिक संगठन ने काला दिवस मनाया है। कर्मियों ने चेतावनी दी कि 10 अप्रैल तक कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो निकाय कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
नागौर जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध दो बड़ी कार्रवाइयां की हैं। इस अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने जहां तस्करी की काली कमाई से बनाई गई अवैध संपत्ति को सीज किया, वहीं खींवसर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। सदर थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत बड़ी कार्यवाही करते हुए आरोपी अंकित सिंह उर्फ अंकु बन्ना द्वारा नशा बेचकर अर्जित आय से ग्राम गोगेलाव में बनाए गए आलीशान मकान को सीज कर दिया है। आरोपी के विरुद्ध पूर्व में सवाई माधोपुर के बौंली थाने में मादक पदार्थ तस्करी का मामला दर्ज है। पुलिस द्वारा इस संपत्ति को फ्रीज करने के आदेश को दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने भी जांच और सुनवाई के बाद सही मानते हुए अपनी पुष्टि प्रदान कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी और सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन के सुपरविजन में थानाधिकारी सुरेश कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें कांस्टेबल सुरेंद्र का विशेष योगदान रहा। दूसरी ओर, खींवसर थाना पुलिस ने गश्त और नाकाबंदी के दौरान एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस टीम ने कुडछी निवासी रामनिवास को रोककर उसकी तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 12 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक पाउडर बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर तस्करी में प्रयुक्त उसकी मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है। आईपीएस (प्रो.) और थानाधिकारी अदिति उपाध्याय के नेतृत्व में की गई इस कार्यवाही में उपनिरीक्षक कन्हैयालाल सहित टीम के सदस्य श्रवणराम और उम्मेद सिंह की मुख्य भूमिका रही।
श्रीगंगानगर जिले के नए जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने गुरुवार शाम को पदभार ग्रहण कर लिया। 2016 बैच के राजस्थान कैडर के डॉ. अमित यादव एमबीबीएस डिग्री धारक भी हैं। इससे पहले वे सीकर, भरतपुर और नागौर में कलक्टर रह चुके हैं। हाल ही में डॉ. यादव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के मिशन निदेशक के पद पर कार्यरत थे। पदभार संभालते ही डॉ. अमित यादव ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था, विभिन्न विकास परियोजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उन्होंने जिले की प्रगति और चुनौतियों पर चर्चा की। पदभार ग्रहण के बाद कलक्टर डॉ. अमित यादव ने कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रस्थापना शाखा, लोक सेवाएं, राजस्व, सामान्य शाखा, न्याय शाखा, रिकॉर्ड रूम, डीओआईटी, रसद, सांख्यिकी और बहुउद्देश्यीय नियंत्रण कक्ष समेत परिसर में स्थित विभिन्न विभागों के कार्यालयों का अवलोकन किया। इससे पहले सुबह 11:30 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में पूर्व जिला कलेक्टर डॉ. मंजू ने अपने कार्यकाल के दौरान मीडिया के सहयोग को याद करते हुए आभार व्यक्त किया। विदाई से पूर्व उन्होंने मीडिया कर्मियों से मुलाकात कर एक नई परंपरा की शुरुआत की। डॉ. मंजू ने कहा कि प्रशासन और मीडिया के समन्वय से ही जनहित के कार्य प्रभावी ढंग से पूरे हो पाते हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान ब्लैकआउट जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जिले की जनता ने प्रशासन का भरपूर सहयोग किया, जो सराहनीय रहा। डॉ. मंजू ने अपने कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ योजनाएं और कार्य ऐसे रहे जिन्हें पूरा नहीं किया जा सका, जिसका उन्हें अफसोस है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये अधूरे कार्य भविष्य में जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता के साथ पूरे किए जाएंगे।
सरगुजा के आबकारी संभागीय उड़नदस्ता की टीम ने नावापारा के होटल व्यवसायी को गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। होटल कारोबारी के पास से पांच किलो गांजा जब्त किया गया गया हैै, जिसकी कीमत एक लाख रुपये बताई गई है। आरोपी होटल कारोबारी पहले भी दो बार जेल जा चुका है। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि नावापारा निवासी होटल कारोबारी कृष्णा सिंह गांजा बेचने का अवैध कारोबार लंबे समय से कर रहा है। गुरुवार को सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम लखनपुर क्षेत्र में गश्त पर थी। कृष्णा सिंह के घर गांजा होने की सूचना पर उड़नदस्ता की टीम ने कृष्णा सिंह के होटल एवं घर में दबिश दी। ओड़िसा से गांजे की सप्लाई आबकारी की टीम को देखकर कृष्णा सिंह भागने लगा, जिसे टीम ने दौड़ाकर पकड़ा। उसके पास से पांच किलो गांजा जब्त किया गया। होटल मालिक आरोपी कृष्णा सिंह को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि आरोपी कृष्णा सिंह पिछले कई वर्षों से गांजा का व्यापार करता आ रहा है। उसने ओड़िसा से गांजे की खेप पहुंचना बताया है। पहले भी वह दो बार गांजे की सप्लाई करते हुए पकड़ा जा चुका है एवं जेल जा चुका है। इसके बाद फिर से वह गांजा बेच रहा था। आबकारी की टीम गांजे के थोक कारोबारियों की तलाश में जुटी है। टीम को कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
मिर्जापुर में विंध्याचल मंडलायुक्त राजेश प्रकाश ने आयुक्त कार्यालय सभागार में मंडल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में गौशालाओं के बेहतर संचालन, पशुओं के संरक्षण और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया गया। मंडलायुक्त ने गौवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए शिविर लगाने का निर्देश भी दिया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि गौशालाओं में संरक्षित गौवंश का जियो-टैगिंग अनिवार्य रूप से कराया जाए। उन्होंने छुट्टा पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में रखने और उनका भी जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने पर बल दिया। हरा चारा की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश सभी गौ आश्रय स्थलों पर भूसा, हरा चारा और चोकर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने भूसा बैंक स्थापित कर चारे का भंडारण करने पर भी जोर दिया। गर्मी के मद्देनजर पशुओं के लिए स्वच्छ पेयजल की समुचित व्यवस्था और लू से बचाव के विशेष प्रबंध करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने बीमार और कमजोर पशुओं का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा नियमित चिकित्सा शिविर आयोजित करने को कहा। मंडलायुक्त ने सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो-टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर और टीकाकरण से संबंधित अभिलेखों को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गोचर भूमि पर उगाए गए हरे चारे की भी जियो-टैगिंग कराने की बात कही। इसके अतिरिक्त, तैयार हो चुके गौ आश्रय स्थलों का शीघ्र हैंडओवर करने और बड़े गौ आश्रय स्थलों पर कम से कम तीन माह का अतिरिक्त चारा भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए व्हाट्सएप समूह बनाकर संबंधित अधिकारियों को जोड़ने और रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गौ संरक्षण को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। इसलिए सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ कार्य करें, किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
भदोही के डीघ और ज्ञानपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायतों कूड़ीकला और कसिदहां में दो अत्याधुनिक सामुदायिक भवन एवं बारात घर बनाए जाएंगे। इन भवनों के निर्माण पर कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च होंगे, जिसमें प्रत्येक भवन पर 65-65 लाख रुपये का व्यय होगा। यह स्वीकृति ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे की पहल पर समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने प्रदान की है। यह निर्णय ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को देखते हुए लिया गया है। इन भवनों के बनने से स्थानीय लोगों को सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह या अन्य आयोजनों के लिए लोगों को टेंट और अन्य व्यवस्थाओं पर अधिक खर्च करना पड़ता था। नए सामुदायिक भवनों के निर्माण से इस समस्या से काफी राहत मिलेगी। इन भवनों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे आसपास की अन्य ग्राम पंचायतों को भी लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार, कूड़ीकला के पूर्व मंडल अध्यक्ष विधान चंद्र दुबे और कसिदहां के शिलवंता मौर्य व सर्वेश तिवारी ने इस संबंध में विधायक से मांग की थी। इसके बाद विधायक विपुल दुबे ने मंत्री को पत्र लिखकर स्वीकृति का अनुरोध किया, जिसे 31 मार्च को मंजूरी मिली। विधायक विपुल दुबे ने बताया कि इन भवनों का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये भवन क्षेत्र के लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होंगे। विधायक ने इस पहल के लिए समाज कल्याण मंत्री और मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के तहत संचालित 'हर घर नल-हर घर जल' योजना का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के समाज कार्य विभाग ने कानपुर मंडल के छह जिलों कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज और फर्रुखाबाद में इस योजना का प्रभाव मूल्यांकन अध्ययन किया है। सर्वे में यह बात सामने आई है कि स्वच्छ पानी मिलने से न केवल ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार हुआ है, बल्कि महिलाओं के श्रम और समय में भी बड़ी बचत हुई है। 15 गांवों में टीम ने परखा जमीनी सच विश्वविद्यालय की टीम ने कानपुर नगर के विभिन्न ब्लॉकों के 15 गांवों में सघन सर्वे किया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजना के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन किया। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार, गांवों में अब स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है। इसका सीधा असर बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ा है। शुद्ध पानी मिलने से जल जनित बीमारियों में कमी आई है और बच्चों की स्कूलों में उपस्थिति भी बेहतर हुई है। जल सखियों ने बढ़ाई सामुदायिक जागरूकता अध्ययन में पाया गया कि कई गांवों में 'जल सखी' और 'ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति' (VWSC) काफी सक्रिय हैं। इनकी सक्रियता से पानी के वितरण और रखरखाव में सामुदायिक भागीदारी बढ़ी है। ग्रामीणों ने बताया कि जल टंकी का संचालन और पानी की गुणवत्ता अब पहले से बेहतर है। हालांकि, सर्वे टीम ने सुझाव दिया है कि जमीनी स्तर पर जन जागरूकता गतिविधियों (IEC) को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है ताकि लोग पानी की बचत और स्वच्छता के प्रति अधिक सजग हो सकें। बदलेगा पानी की सप्लाई का समय सर्वे के दौरान तकनीकी पहलुओं जैसे रोस्टर आधारित जलापूर्ति, पानी में क्लोरीन की मात्रा और फिल्टर की कार्यप्रणाली की भी जांच की गई। समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि बजट की कमी के कारण कुछ जगहों पर काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब योजना को 'ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस' (OM) मोड पर डाला जा रहा है। इससे पाइपलाइनों और टंकियों के रखरखाव में तेजी आएगी। टीम ने यह भी महत्वपूर्ण सुझाव दिया है कि कोहरे, ठंड और स्कूली बच्चों के समय को देखते हुए पानी की सप्लाई के रोस्टर में बदलाव किया जाए ताकि सुबह के समय लोगों को दिक्कत न हो। इन जिलों में हुआ अध्ययन सीएसजेएमयू की इस सर्वे टीम में मुख्य सर्वेक्षक डॉ. किरण झा और सह-सर्वेक्षक डॉ. एस.पी. वर्मा शामिल रहे। टीम के अन्य सदस्यों डॉ. ए.पी. सिंह, डॉ. उर्वशी सिंह और डॉ. बुसरा बरकाती ने कानपुर मंडल के सभी छह जिलों में जाकर डेटा इकट्ठा किया। कार्यकारी कंपनियों वी.सी.ए. और विटल ने भी फील्ड के अनुभवों और चुनौतियों को साझा किया है, जिसके आधार पर भविष्य में योजना में सुधार किए जाएंगे।
खगड़िया में कारा व्यवस्था को मानवीय और सुदृढ़ बनाने के लिए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उनकी अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बंदियों को दी जा रही सुविधाओं, उनके पुनर्वास और कारा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कारा में बंद योग्य वृद्ध, दिव्यांग और विधवा बंदियों को सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ प्राथमिकता पर दिया जाए। उन्होंने सभी पात्र बंदियों को ई-श्रम कार्ड से जोड़ने की प्रक्रिया तेज करने को भी कहा। कारा परिसर में टीवी लगाने के काम की प्रगति की समीक्षा करते हुए इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी, खगड़िया को मंडल कारा का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। इसका उद्देश्य व्यवस्थाओं की सतत निगरानी और समय पर सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने कारा परिसर में नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था बनाए रखने और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बंदियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए डीएम ने कारा में संगीत, खेलकूद, योग और कंप्यूटर प्रशिक्षण जैसी रचनात्मक गतिविधियों के संचालन का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि ये गतिविधियां बंदियों के मानसिक संतुलन और सकारात्मक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सबसे अहम निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अगले सात दिनों के भीतर कारा परिसर में पुस्तकालय को पूरी तरह से क्रियाशील किया जाए। इससे बंदियों को अध्ययन और आत्मविकास का बेहतर अवसर मिल सकेगा। डीएम नवीन कुमार ने स्पष्ट किया कि कारा प्रशासन का उद्देश्य केवल सुरक्षा नहीं, बल्कि बंदियों का सुधार और पुनर्वास भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बंदियों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि रिहाई के बाद वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अतिरिक्त, नियमित चिकित्सीय जांच सुनिश्चित करने और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने दोहराया कि बंदियों के मानवाधिकारों का सम्मान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कारा प्रशासन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।बनकर समाज की मुख्यधारा से सम्मानपूर्वक जुड़ सकें।
बालाघाट के कोटेश्वर नगरी लांजी में भिलाई मार्ग पर प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में वार्डवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। महिलाएं सहित बड़ी संख्या में लोग दो स्थानों पर पंडाल लगाकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। रहवासी क्षेत्र में दुकान खोलने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोगों के कारण प्रशासन के सामने दुकान खुलवाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। दरअसल, ठेके के बाद शराब ठेकेदार अब दुकान खोलना चाहते हैं, लेकिन रहवासी इसके विरोध में खड़े हैं। पिछले दो वर्षों से लांजी-सालेटेकरी मार्ग पर संचालित शराब दुकान को हटाकर अब दूसरे क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, जिसका स्थानीय लोग विरोध कर रहे हैं। गुरुवार देर शाम तक जनप्रतिनिधि और रहवासी विरोध में डटे रहे और शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग करते रहे। धरना दे रहे लोगों का स्पष्ट कहना है कि किसी भी स्थिति में रिहायशी क्षेत्र में शराब दुकान स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया है कि दुकान को नगर सीमा से बाहर संचालित किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, शराब ठेकेदारों का कहना है कि वे प्रशासन के निर्देशों के अनुसार ही दुकान संचालित करेंगे। उनका यह भी तर्क है कि दुकान नहीं खुलने से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस मामले पर विधायक राजकुमार कर्राहे का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि शराब दुकान को लेकर संबंधित ठेकेदार और एसडीएम से चर्चा की गई है और जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। विधायक ने वार्डवासियों की मांग को सही ठहराते हुए कहा कि जहां शराब दुकान प्रस्तावित है, वह एक रहवासी क्षेत्र है और वहां आवागमन अधिक रहता है। आसपास स्कूल, मंदिर, बैंक सहित अन्य गतिविधियां संचालित होती हैं, ऐसे में भारती लॉन और सिद्धेश्वर मंगल भवन के सामने शराब दुकान का खुलना उचित नहीं है। विधायक के इस बयान के बाद अब यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन जल्द ही कोई ठोस और संतुलित निर्णय ले सकता है।

