Asian Para Games: मानसी जोशी और थुलासिमथि मुरुगेसन सेमीफाइनल में, भारत का पदक तय
मानसी जोशी और थुलासिमथि मुरुगेसन ने शनिवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर लगातार दूसरी बार भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया। भारतीय जोड़ी ने 2023 में हांगझोउ में आयोजित पिछले चरण में रजत पदक जीता था। दोनों खिलाड़ियों ने चीन की यूमेई लियू और टोंगटोंग ली को 21-10, 21-17 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने एक मुकाबला शेष रहते ग्रुप ए में शीर्ष दो स्थान में अपनी जगह पक्की कर ली। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक मिलने के कारण इस जीत के साथ ही भारत का पदक पक्का हो गया। मानसी और थुलासिमथि ने इससे पहले शुक्रवार को इंडोनेशिया की राहायु वारिनिंग और कोनिताह इख्तियार स्याकुरोह को हराया था। भारतीय जोड़ी सोमवार को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जुशियान से भिड़ेगी। महिला युगल एसए3-एसयू5 स्पर्धा खड़े होकर खेलने वाली श्रेणी है जिसमें निचले या ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। तोक्यो पैरालंपिक चैंपियन कृष्णा नागर ने पुरुषों के एकल एसएच6 ग्रुप चरण में लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में स्थान सुनिश्चित किया। नागर ने इंडोनेशिया के सुभान को 21-13, 21-15 से हराकर ग्रुप सी में शीर्ष दो खिलाड़ियों में अपना स्थान सुनिश्चित किया। हालांकि, उनका एक ग्रुप मुकाबला अभी बाकी है। एसएच6 वर्ग कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए होता है। भारत को एकल मुकाबलों में कई अन्य जीत भी मिलीं। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश कुमार और तोक्यो पैरालंपिक के विजेता प्रमोद भगत ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। नितेश ने थाईलैंड के नत्थापोल चमननवेट को 21-6, 21-7 से हराया जबकि भगत ने चीन के शियोंग लिचुआन को 21-17, 21-16 से मात दी। उमेश विक्रम कुमार ने भी फिलीपींस के खियान काइल अर्बानो को 21-10, 21-12 से पराजित किया। पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के हिकमत रमदानी को 21-12, 21-10 से हराया। वहीं, सूर्यकांत यादव ने जापान के कोकी ओगावा को 21-6, 21-19 से शिकस्त दी। इस वर्ग में निचले अंगों में अपेक्षाकृत कम गंभीर दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं। सुकांत कदम ने दक्षिण कोरिया के शिन क्यॉन्ग ह्वान को 21-17, 18-21, 21-9 से हराया। अभिजीत सखुजा ने भी शानदार वापसी करते हुए थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम को 19-21, 21-16, 21-10 से पराजित किया। पुरुष एकल एसयू5 वर्ग (जिसमें ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं) में रुथिक रघुपति ने जापान के वातरू कनाई को 21-12, 21-13 से हराया। हार्दिक मक्कर ने मलेशिया के अमिरुल याजिद बिन अहमद सिबी को 21-16, 16-21, 21-18 से मात दी। भारत ने व्हीलचेयर वर्गों में भी जीत दर्ज की। पुरुष एकल डब्ल्यूएच1 वर्ग (जिसमें धड़ और निचले अंगों में अधिक गंभीर दिव्यांगता वाले खिलाड़ी होते हैं) में प्रेम कुमार आले ने संयुक्त अरब अमीरात के ओमैर यूनुस को 20-22, 21-9, 21-10 से हराया। डब्ल्यूएच2 वर्ग (जिसमें अपेक्षाकृत कम गंभीर दिव्यांगता वाले व्हीलचेयर खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं) में हैरिस मिथिली ने इंडोनेशिया के विविन एंड्री को 21-13, 21-17 से हराया। हालांकि अबू हुबैदा को जापान के रियो ओयामा के खिलाफ 13-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। पुरुष एकल एसएच6 वर्ग में नागर की जीत के अलावा सिवाराजन सोलाइमलाई ने हांगकांग के वोंग चुन यिम को 21-13, 21-14 से शिकस्त दी। हालांकि सुदर्शन मुथुसामी को हांगकांग के चू मैन काई के खिलाफ 8-21, 6-21 से हार मिली। महिला एकल एसएच6 वर्ग में नित्या श्री सुमति सिवन ने चीन की लिन शुआंगबाओ को 21-18, 21-13 से हराया। वहीं एसयू5 वर्ग में थुलासिमथि मुरुगेसन ने ब्रुनेई की जैनब मोहम्मद को 21-2, 21-2 से करारी शिकस्त दी। इसी वर्ग में मनीषा रामदास ने अपनी हमवतन शांतिया विश्वनाथन को 21-8, 21-15 से पराजित किया। हालांकि महिला एकल एसएल3 वर्ग में भारत के कई खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। इस वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। मानसी जापान की शिनो कावाई से 3-21, 3-21 से हार गईं। संजना कुमारी को इंडोनेशिया की कोनिताह इख्तियार स्याकुरोह ने 21-13, 21-6 से हराया, जबकि नीरज को चीन की शियाओ जुशियान के खिलाफ 5-21, 10-21 से हार मिली। मनदीप कौर को भी मलेशिया की सिती मैसाराह बी मैट लवानी ने 5-21, 13-21 से पराजित किया। महिला एकल एसएल4 वर्ग में कनक सिंह जादौन को चीन की हुआंग ज़िशुआन के खिलाफ 4-21, 3-21 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, व्हीलचेयर एकल डब्ल्यूएच1 वर्ग में पल्लवी कलुवेहल्ली चीन की यांग फैन से 13-21, 14-21 से हार गईं। पुरुष युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में सूर्यकांत और नवीन शिवकुमार की जोड़ी ने चीन के मिंगपान ली और लिचुआन शियोंग को 21-7, 21-19 से हराया। हालांकि, सुकांत कदम और प्रमोद भगत की जोड़ी दक्षिण कोरिया के शिन क्यॉन्ग ह्वान और चो नादान से 21-18, 19-21, 11-21 से हार गई। उमेश विक्रम कुमार और राकेश पांडे की जोड़ी को भी इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान और हिकमत रमदानी ने 21-14, 21-10 से हराया। महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में मनदीप कौर और शांतिया विश्वनाथन की जोड़ी को चीन की हेफांग चेंग और जिशुआन हुआंग के खिलाफ 11-21, 12-21 से हार मिली। मिश्रित युगल डब्ल्यूएच1-डब्ल्यूएच2 वर्ग में अल्फिया जेम्स और प्रेम कुमार आले ने चीनी ताइपे की आई-चेन यांग और यू-यू ओंग को 21-9, 21-17 से हराया। हालांकि, मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी को इंडोनेशिया की लियानी रत्री ओक्तिला और हिकमत रमदानी के खिलाफ 19-21, 16-21 से हार मिली। वहीं, रुथिक रघुपति और मानसी जोशी की जोड़ी चीन के मिंगपान ली और जुशियान शियाओ से 10-21, 17-21 से हार गई। मिश्रित युगल एसएच6 वर्ग में नागर और नित्या श्री की जोड़ी को भी चीन की नाइली लिन और फेंगमेई ली के खिलाफ 6-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा।
एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम से मिले अश्विनी वैष्णव
एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला कबड्डी टीम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में मुलाकात की। जानिए ईरान के खिलाफ फाइनल में जीत, टीम की कप्तान पुष्पा राणा और रेलवे की खिलाड़ियों के बारे में।
महिला फुटबॉल का सबसे बड़ा यूथ टूर्नामेंट आज से शुरु हो रहा है। FIFA U-17 महिला वर्ल्ड कप का 10वां एडिशन शनिवार से मोरक्को में खेला जाएगा। 24 टीमों के बीच 22 दिनों तक खिताबी भिड़ंत होगी। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन उत्तर कोरिया लगातार तीसरी ट्रॉफी जीतने उतरेगा। भारत इस एडिशन का हिस्सा नहीं है। टीम सिर्फ एक बार 2022 में खेली थी। इस स्टोरी में जानिए कौन-सी टीम किस ग्रुप में है, टूर्नामेंट पहली बार कब खेला गया, कौन-सी टीम कितनी बार चैंपियन बनी और 2022 में भारत का प्रदर्शन क्या रहा था… 24 टीमों को 6 ग्रुप में बांटा गया टूर्नामेंट में 24 टीमों को 6 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे राउंड ऑफ 16 में जाएंगी। साथ ही सभी ग्रुप से मिलाकर बेस्ट 4 थर्ड-प्लेस टीमें भी अगले राउंड के लिए क्वालिफाई होंगी। सभी मैच रबात के मोहम्मद-6 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होंगे। वहीं ब्रॉन्ज और फाइनल प्रिंस मौले एल हसन स्टेडियम में खेला जाएगा। 2008 में 16 टीमों से शुरु हुआ सफर उत्तर कोरिया सबसे ज्यादा 4 बार चैंपियन बना उत्तर कोरिया ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता है। टीम 2008, 2016, 2024 और 2025 में चैंपियन बनी। टीम ने पिछले साल 2025 में नीदरलैंड को 3-0 से हराकर लगातार ट्रॉफी जीताई। स्पेन ने भी 2018 और 2022 में 2 बार खिताब अपने नाम किया। साउथ कोरिया, फ्रांस और जापान ने एक-एक बार ट्रॉफी उठाई है। भारत होस्ट नेशन के तौर पर 2022 में खेला भारत ने 2022 में होस्ट नेशन के रूप में अपना एकमात्र वर्ल्ड कप खेला। हालांकि टीम अपने तीनों ग्रुप मुकाबले हार गई। टीम को ग्रुप-A में अमेरिका से 0-8, मोरक्को से 0-3 और ब्राजील से 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। टीम टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सका, जबकि 16 गोल खाए। पुएर्तो रिको ने पहली बार FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया इस बार पुएर्तो रिको पहली बार किसी भी FIFA वर्ल्ड कप में खेलेगी। टीम ने पुरुष या महिला कैटेगरी में पहली बार क्वालीफाई किया है। अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया भी पहली बार विमेंस U-17 के इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। कहां देख सकते हैं मुकाबले? FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप 2026 के सभी 52 मैच OTT प्लेटफॉर्म DAZN पर फ्री में देखे जा सकते हैं। FIFA+ ऐप और वेबसाइट पर भी मैच स्ट्रीम किए जाएंगे। भारत में इसका कोई आधिकारिक टीवी ब्रॉडकास्टर घोषित नहीं हुआ है।
Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप
एशियाई पैरा गेम्स 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल (जिसमें 112 पुरुष और 56 महिलाएँ शामिल हैं) को भारत सरकार की ओर से काफी मदद दी गई है, ताकि वे आइची-नागोया में होने वाले इस आयोजन में अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मदद में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के मौके, घरेलू प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और विदेशों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। शुक्रवार को इन खेलों में भारतीय पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के साथ-साथ पुरुषों की ब्लाइंड फुटबॉल टीम ने भी अपने अभियान की शुरुआत की। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video इस दल में 47 एथलीट 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) का हिस्सा हैं, 33 'खेलो इंडिया एथलीट' (KIAs) हैं, और 61 एथलीट एशियाई पैरा खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। टीम को मुख्य रूप से 'एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन' (ACTC) और TOPS के ज़रिए मदद दी गई है। इसके तहत ACTC में कुल 80.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि TOPS के अंतर्गत 18.34 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसमें शामिल 11 खेलों की तैयारियों के लिए कई केंद्रों पर 'नेशनल कोचिंग कैंप' (NCC) आयोजित किए गए। विशेष रूप से, पैरा-आर्चरी टीम ने सितंबर और अक्टूबर के बीच जापान के कुरोबे आर्चरी सेंटर में एक अंतरराष्ट्रीय कैंप में हिस्सा लिया। देश के भीतर, पैरा-आर्चर्स ने सोनीपत स्थित 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र में प्रशिक्षण लिया। इसी दौरान, पैरा-स्विमर्स और पैरा-पावरलिफ्टर्स ने गांधीनगर स्थित SAI क्षेत्रीय केंद्र में कैंप लगाए। इसके अलावा, पैरा-एथलीटों ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, SAI सोनीपत और बेंगलुरु स्थित SAI क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित NCC में भी भाग लिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान अक्टूबर के दौरान आयोजित अन्य शिविरों में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में पैरा-शूटर्स की ट्रेनिंग, कोच्चि में ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, और लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो अकादमी में ब्लाइंड जूडो एथलीटों की ट्रेनिंग शामिल थी। पैरा-साइकिलिंग की तैयारियां नई दिल्ली के SAI इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित साइकिलिंग वेलोड्रोम में हुईं। भारत, आइची-नागोया गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-आर्चरी, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-टेबल टेनिस, बोकिया, ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा-साइकिलिंग, ब्लाइंड जूडो, पैरा-पावरलिफ्टिंग, पैरा-शूटिंग और पैरा-तैराकी में हिस्सा ले रहा है।
एशियाई खेलों के विजेता प्रधानमंत्री से मिले
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेल-2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से मुलाकात की। उन्होंने एकही जगह
Asian Para Games: सुहास यथिराज ने जीत से किया आगाज, बांग्लादेश के जॉयतू धर को सीधे गेम में हराया
दो बार की पैरालम्पिक रजत पदक विजेता और गत चैम्पियन सुहास एल वाई ने एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में जीत के साथ आगाज करते हुए पुरूषों के एकल एसएल4 ग्रुप ई मैच में बांग्लादेश के जॉयतू धर को सीधे गेम में हराया। प्रशासनिक अधिकारी सुहास ने तोक्यो और पेरिस पैरालम्पिक में रजत पदक जीता था जबकि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उन्होंने यह मुकाबला 21 . 8, 21 . 11 से जीता। पुरूषों के एकल एसएल4 वर्ग में अभिजीत सखुजा ने चीनी ताइपै एन चुआन येह को 21 . 17, 21 . 12 से मात दी। तोक्यो पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता कृष्णा नागर ने चीनी ताइपै के जिया सियांग लिंग को 21 . 5, 21 . 4 से हराकर जीत के साथ आगाज किया। एसएच6 वर्ग में एक और भारतीय सिवराजन सोलाइमलाइ ने ग्रुप डी में फिलीपींस के जॉन साइरस मेकलांग को 21 . 7, 21 . 6 से हराया। मिश्रित युगल एसएल3 और एसयू5 ग्रुप ए के मैच में भारत की मनीषा रामदास और प्रमोद भगत ने चीन के लिचुआन शियोंग और टोंगटोंग को 21-16 19-21 21-16 से मात दी। मानसी जोशी और रूत्विक रघुपति हालांकि अपना मुकाबला हार गए। महिला एकल एसएल3 वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन मानसी जोशी को चीन की यूमेइ लियू ने 21 . 15, 14 . 21, 21 . 15 से हराया।
Asian Market: यूएस मार्केट में रिकवरी से एशिया में रौनक, कोस्पी और निक्केई 1% से ज्यादा चढ़े
Asian Market: एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। वॉल स्ट्रीट पर 'डिप बायर्स' (गिरावट में खरीदारी करने वालों) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में मची अफरा-तफरी को शांत कर दिया, जिससे बाजार को सहारा मिला।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.6% की बढ़त रही, जिसमें दक्षिण कोरियाई शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। कोस्पी (Kospi) 1.80% ऊपर चढ़ा। जापान में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.38% और टॉपिक्स (Topix) में 1.75% की तेजी आई। वहीं, हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.9% ऊपर रहा।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रहेगा) ने सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए।इस बीच, इंडोनेशिया चर्चा में है क्योंकि MSCI ने कहा है कि अब यह देश 'इमर्जिंग मार्केट' (उभरते बाजार) का दर्जा पाने के लायक नहीं है। इंडेक्स प्रोवाइडर इसे 'स्टैंडअलोन मार्केट' (स्वतंत्र बाजार) के रूप में फिर से वर्गीकृत करने पर विचार कर रहा है। उनका तर्क है कि इसे 'फ्रंटियर मार्केट' (शुरुआती बाजार) का दर्जा देना, वहां मौजूद गंभीर समस्याओं को सही ढंग से नहीं दिखाएगा।गुरुवार को जारी एक बयान में MSCI ने कहा, बाजार के कामकाज में गड़बड़ी को लेकर अभी भी बड़ी चिंताएं हैं। इनमें संदिग्ध रूप से मिलीभगत करके की जाने वाली ट्रेडिंग और नियमों को सख्ती से लागू करने के ठोस सबूतों की कमी शामिल है।MSCI तब तक आगे की कार्रवाई करेगा जब तक कि उसे वहां के गवर्नेंस (प्रशासन) में स्पष्ट और ठोस सुधार के सबूत नहीं मिल जाते। गुरुवार के सत्र में इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 1.33% गिरकर बंद हुआ था।ट्रेडर्स की नजर चीनी बाजारों पर भी रहेगी, क्योंकि यूरोपीय संघ (EU) नए व्यापार नियम तैयार कर रहा है। इसके तहत चीन के लिए यूरोपीय संघ के 'सिंगल मार्केट' तक पहुंच पूरी तरह बंद हो सकती है। यह कदम चीन के साथ व्यापार घाटे को कम करने की कोशिशों का हिस्सा है।करेंसी मार्केट में, जापानी येन 0.1% कमजोर होकर 158.17 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ऑफशोर युआन 6.6902 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।वॉल स्ट्रीट ने इस क्षेत्र के लिए दिशा तय की; गुरुवार को S&P 500 इंडेक्स अपनी शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 0.3% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इसी इंडेक्स का 'इक्वल-वेटेड' वर्जन 1.4% उछल गया, जिसमें हेल्थकेयर और कंज्यूमर-स्टेपल्स (रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं) से जुड़े शेयरों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। निवेशकों के बीच इस बात को लेकर बेचैनी बढ़ गई है कि AI से जुड़े शेयरों में ही मुनाफे का बड़ा हिस्सा क्यों सिमट गया है। इस हफ्ते ग्लोबल स्टॉक और क्रेडिट मार्केट में आई भारी उतार-चढ़ाव ने इस बेचैनी को और उजागर कर दिया है। अब ट्रेडर्स यह देख रहे हैं कि क्या यह रिकवरी बाकी शेयरों तक भी फैलती है या नहीं।न्यूयॉर्क सेशन में, बेंचमार्क US 10-वर्षीय यील्ड 13 बेसिस पॉइंट गिरकर 5.06% पर आ गई, जबकि शुक्रवार को US ट्रेजरी फ्यूचर्स में थोड़ी तेजी देखी गई।US फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श, बैंकॉक में IMF की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा के साथ एक चर्चा (fireside chat) में हिस्सा लेंगे। ट्रेडर्स उनके बयानों पर नजर रखेंगे, ताकि यह संकेत मिल सके कि क्या ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है।फेड अधिकारियों ने पिछले महीने 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। अब फ्यूचर्स मार्केट के अनुमानों के अनुसार, अक्टूबर में दरों के फिर से बढ़ने की संभावना लगभग 25% है।शुक्रवार को तेल की कीमतों में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली। पश्चिमी एशिया में सप्लाई को लेकर पैदा हुए नए खतरों का असर, आपातकालीन स्टॉक से तेल जारी किए जाने की संभावना पर भारी पड़ गया।एशियाई बाजार की शुरुआत में ब्रेंट क्रूड लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। 105.7 डॉलर की कीमत के साथ, इसमें पूरे हफ्ते के दौरान लगभग 1% की तेजी आई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) लगभग 97 डॉलर के आसपास रहा, जिसमें नवंबर कॉन्ट्रैक्ट 0.6% गिरकर 97.43 डॉलर पर आ गया।
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी narendramodi,asiangames2026एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। नई दिल्ली में आज वर्ष 2026 के एशियाई खेलों में भाग […]
तिरंगे की शान बढ़ाई, Asian Games के मेडलिस्ट को PM मोदी का संदेश (Video)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक ...
Asian Games मेडलवीरों से मिले PM Modi: बोले, जुनून जीत में बदले तो चमकता है New India
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय दल ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, तीन साल पहले हांगझोऊ में जीते गए ऐतिहासिक 106 पदकों की तुलना में यह संख्या कुछ कम रही, फिर भी 2026 का प्रदर्शन ऐतिहासिक था, क्योंकि यह एशियाई खेलों में भारत का अब तक का दूसरा सबसे सफल प्रदर्शन रहा। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान खिलाड़ियों ने उन्हें अपनी हस्ताक्षरित (साइन की हुई) जर्सी और हॉकी स्टिक भेंट की, साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में हुए एशियाई खेल हमारे लिए कई मायनों में यादगार रहे हैं। इतने सारे पदक वीर और उन सबको एक साथ मिलना... ये कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत सुखद एहसास होता है। आप सब युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जुनून जब जीत में बदलता है तो वो कैसे मेडल के साथ साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। और देश तो चमकता ही है। मोदी ने कहा कि हमारी पुरुष और महिला हॉकी, दोनों टीमें यहाँ मौजूद हैं; दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। खासकर हमारी महिला हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में, हमारी दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपने ही पिछले रिकॉर्ड को दोहराया है। कबड्डी में, हमारी पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी तरह, हमने तीरंदाजी में पाँच स्वर्ण पदक हासिल किए। हमने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन देखा, और बॉक्सिंग तथा कुश्ती में भी बड़ी सफलताएँ हासिल कीं। हमारे खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड बनाए, और हमने 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में भी एक पदक जीता है। उन्होंने कहा कि 1982 के बाद पहली बार, भारत ने मैराथन में सफलता हासिल की है। यह सचमुच बहुत खुशी की बात है। मैं विशेष रूप से हमारी बेटियों की तारीफ करना चाहूंगा। भारत ने जो 85 पदक जीते हैं, उनमें से 38 पदक हमारी महिला खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। ये पदक केवल कुछ आंकड़े नहीं हैं; ये एक 'नए भारत' की सशक्त तस्वीर पेश करते हैं। आज भारत उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें एशियाई खेलों के इतिहास में हमने पहले कभी कुछ नहीं जीता था - जैसे कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग (नौकायन) के कुछ इवेंट्स। हमारे खिलाड़ियों ने इन खेलों में पहली बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया है... पिछले 12 वर्षों में, भारत ने अपने खिलाड़ियों और खेल इकोसिस्टम को समर्थन देने के लिए बहुत धैर्य, लगन और समर्पण के साथ काम किया है। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, देश ने एक दूरदर्शी सोच के साथ लगातार और समर्पित प्रयास किए हैं। हमने एक अधिक पारदर्शी और आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार किया है। हमने 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) और 'खेलो इंडिया' की शुरुआत की, और समय के साथ इन पहलों का विस्तार भी किया है। 'खेलो इंडिया' का विस्तार करने और खेल महासंघों को मजबूत बनाने के लिए, हमने 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। आज, पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया' केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन काफी शानदार देखने को मिला था, जिसमें कुल 85 पदक जीतने में कामयाबी मिली थी, जिसके बाद आज पीएम मोदी ने सभी पदक विजेताओं के साथ मुलाकात करते हुए उन्हें बधाई दी है।
Asian Champions Trophy की तैयारी में जुटे Abhishek Nain, LA Olympics 2028 पर टिकी नजरें
भारतीय हॉकी खिलाड़ी अभिषेक नैन ने कहा कि जापान में 2026 एशियाई खेलों में पुरुष और महिला टीमों का स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए बहुत गर्व और प्रेरणा की बात है। उन्होंने इस सफर को चुनौतियों से भरा एक सीखने का अनुभव बताया और कहा कि इस ऐतिहासिक 'डबल गोल्ड' ने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए टीम के संकल्प को और मजबूत किया है। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने 2026 एशियाई खेलों में 'डबल गोल्ड' जीतकर इतिहास रच दिया। पुरुष टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा, जबकि महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence नैन ने बताया कि जालंधर में होने वाली आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। नैन ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी प्रेरणा देता है; हमने हॉकी में दो स्वर्ण पदक जीते - एक महिला टीम के साथ और एक पुरुष टीम के साथ। यह हमारे लिए बहुत गर्व का क्षण है और हमारे भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में पहला कदम है। इसने हमें प्रेरित किया है, और हम आने वाले टूर्नामेंटों के लिए तैयार हैं... यह एक शानदार सफर रहा। इसमें कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मैंने कदम-दर-कदम बहुत कुछ सीखा और हासिल किया। कुल मिलाकर, यह एक बेहतरीन सफर रहा... जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी होने वाली है, और हम अभी उसी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद, हमारा लक्ष्य LA (लॉस एंजिल्स) ओलंपिक है, इसलिए हम अपनी तैयारियों को उसी पर केंद्रित करेंगे। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के साथ पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है। पंजाब एक ऐसा राज्य है जिसने इस खेल में बड़ा योगदान दिया है और कई महान खिलाड़ियों की पीढ़ियां तैयार की हैं। डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में, भारत का लक्ष्य अपनी हालिया सफलताओं को आगे बढ़ाना और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने मजबूत रिकॉर्ड को बनाए रखना है। भारत अब तक पांच बार यह खिताब जीत चुका है, जो किसी भी अन्य टीम के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई यह प्रतियोगिता जालंधर में शुरू होगी, जहाँ ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में उद्घाटन समारोह और 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के सभी मैच खेले जाएंगे। इसके बाद, 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को मेडल मैच मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
Asian Games 2026 के एथलीटों से New Delhi में 15 अक्टूबर को मिलेंगे PM Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को एशियाई खेल 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, खिलाड़ियों के साथ यह बातचीत शाम करीब 4:30 बजे होने की उम्मीद है। इस दौरान भारतीय दल के खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षक, सहयोगी कर्मचारी और खेल जगत से जुड़े कई अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। यह लगातार दूसरी बार है जब भारत एशियाई खेलों में शीर्ष 5 देशों में शामिल हुआ है। इस प्रदर्शन से अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत का पता चलता है। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे प्रदर्शन किए, जिन्हें देश के खेल इतिहास में खास जगह मिलेगी। तीरंदाजी की रिकर्व स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। वहीं, पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी उपलब्धि दिलाई। सॉफ्ट टेनिस और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने पहली बार पदक जीतकर नई शुरुआत की। इसके अलावा, महिला ट्रैप निशानेबाजी में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक मिला। भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ी ने 28 साल के अंतराल के बाद एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। ग्रीको-रोमन कुश्ती में भी भारत को रजत पदक मिला, जिससे इस खेल में भारतीय पहलवान के फाइनल तक पहुंचने का 64 साल का इंतजार खत्म हुआ। इन उपलब्धियों ने भारतीय खेलों में नई संभावनाओं को सामने रखा है। प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बातचीत में भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ यह मुलाकात उनकी मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर मानी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के साथ देश में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की 5 प्रमुख विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगा। इन परियोजनाओं के साथ क्षेत्र में विकास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। इस पार्क का उद्देश्य प्राचीन शैलचित्रों और उनसे जुड़े ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखना है। लद्दाख में मौजूद शैलचित्र क्षेत्र की पुरानी सभ्यता, कला और जीवनशैली से जुड़ी अहम जानकारी देते हैं। ऐसे स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास को समझने का रास्ता खोलता है। एक ओर भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर लद्दाख में विकास परियोजनाओं और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। 15 अक्टूबर का दिन खेल और विकास, दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिहाज से खास रहने की उम्मीद है।
MYAS ने Asian Para Games 2026 के लिए 281 सदस्यीय भारतीय दल को दी मंजूरी
युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले 5वें एशियाई पैरा गेम्स के लिए 281 सदस्यों वाले भारतीय दल को मंज़ूरी दे दी है। इस दल में 168 एथलीट, 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ़, और 15 दल स्टाफ़ सदस्य शामिल हैं। यह संख्या 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए पिछले गेम्स में भारत के 303 एथलीटों की तुलना में काफ़ी कम है। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई आकार में कमी की वजह ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग और पैरा-कैनोइंग जैसे खेलों को शामिल न करना और आयोजन समिति द्वारा कई खेलों में कोटा की सख्त सीमाएं तय करना है। खासकर, भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम, जो पिछले खेलों में 123 एथलीटों के साथ सबसे बड़ी टीम थी, इन कोटा की वजह से घटकर 62 एथलीटों की रह जाएगी। मंजूर किए गए 168 एथलीटों में से 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं, जो 11 खेलों में हिस्सा लेंगे। खेलों के हिसाब से एथलीटों का विवरण इस प्रकार है: पैरा एथलेटिक्स: 62 एथलीट (46 पुरुष, 16 महिलाएं) पैरा बैडमिंटन: 28 एथलीट (17 पुरुष, 11 महिलाएं) पैरा स्विमिंग: 16 एथलीट (14 पुरुष, 2 महिलाएं) पैरा शूटिंग: 13 एथलीट (7 पुरुष, 6 महिलाएं) पैरा आर्चरी: 11 एथलीट (6 पुरुष, 5 महिलाएं) ब्लाइंड फुटबॉल: 10 एथलीट (10 पुरुष) पैरा टेबल टेनिस: 10 एथलीट (4 पुरुष, 6 महिलाएं) पैरा पावरलिफ्टिंग: 8 एथलीट (4 पुरुष, 4 महिलाएं) पैरा जूडो: 7 एथलीट (2 पुरुष, 5 महिलाएं) बोच्चिया: 2 एथलीट (1 पुरुष, 1 महिला) पैरा साइक्लिंग: 1 एथलीट (1 पुरुष) इस दल के साथ 113 अधिकारी होंगे, जिनमें कोच, मेडिकल स्टाफ़ और नेशनल पैरालंपिक कमिटी के प्रतिनिधि शामिल हैं। पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग बेयरर (ध्वजवाहक) होंगे। पैरा बैडमिंटन के जाने-माने खिलाड़ी भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में छह मेडल जीते हैं, जिनमें दो गोल्ड और चार ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। पैरा टेबल टेनिस की प्रमुख खिलाड़ी पटेल ने 2018 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में दो मेडल जीते हैं: एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़।
उपलब्धि: डाक बांटने वाली निधि अब एशियाई क्रिकेट में दिखाएंगी दमखम, भारतीय महिला टीम में हुआ चयन
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में घर-घर डाक पहुंचाने वाली निधि अब क्रिकेट के मैदान में भी देश का नाम रोशन करेंगी। मंडी मुख्य डाकघर में पोस्टमैन के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश के बिजनौर की निधि का भारतीय महिला टेनिस बॉल क्रिकेट टीम में चयन हुआ है।
Agra News: एशियाई मास्टर्स तैराकी में राधेश्याम ने जीता रजत पदक
हाैसलों की लहरों पर सवार आगरा के 76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर ताजनगरी का नाम रोशन किया है।
एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार, 13 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनि
76 की उम्र में भी जोश बरकरार: आगरा के राधेश्याम गुप्ता ने एशियाई तैराकी में जीता रजत पदक
76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने बेंगलुरु में आयोजित द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में 200 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीता। आगरा के सेवानिवृत्त हेडमास्टर ने अपनी उम्र को सिर्फ एक आंकड़ा साबित करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया।
Sonipat News: पैरा एशियाई खेल में फिर तिरंगा लहराने के लिए गुरु और शिष्य का जुनून
पैरा एथलेटिक्स में गुरु-शिष्य अमित सरोहा और धर्मवीर नैन की जोड़ी मिसाल पेश कर रही है ।
Karnal News: जिले के तीन पैरा खिलाड़ी दिखाएंगे एशियाई खेलों में दम
जिले के तीन पैरा खिलाड़ी दिखाएंगे एशियाई खेलों में दम
Delhi NCR News: देवली की वर्षा ने एशियाई डेफ चैंपियनशिप में जीते दो रजत
Deoli's Varsha wins two silver medals at the Asian Deaf Championship
अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेशिया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। वियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

