पड़ोसी मुल्क नेपाल इस वक्त भारी बारिश, भूस्खलन और विनाशकारी बाढ़ के कारण एक भीषण मानवीय त्रासदी से जूझ रहा है। काठमांडू घाटी सहित देश के कई प्रमुख जिले जलमग्न हो चुके हैं, नदियां उफान पर हैं और सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। इस गहरे संकट की घड़ी में भारत ने अपनी 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighborhood First) नीति पर तेजी से अमल करते हुए तत्काल राहत और बचाव अभियान की कमान संभाल ली है। नई दिल्ली और काठमांडू के बीच रणनीतिक समन्वय तेज हो गया है, ताकि आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक बिना किसी देरी के सहायता पहुंचाई जा सके।भारत सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ नेपाली प्रशासन को हर संभव तकनीकी और मैदानी मदद देने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय स्थिति पर पल-पल नजर बनाए हुए हैं।भारतीय दूतावास ने सक्रिय किए 24x7 आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरकाठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने नेपाल में रहने वाले या यात्रा पर गए भारतीय नागरिकों के परिजनों की चिंता दूर करने और फंसे हुए लोगों को त्वरित सहायता देने के लिए आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। दूतावास ने राउंड-द-क्लॉक सक्रिय हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किए हैं, ताकि संकट में फंसे लोग किसी भी वक्त संपर्क साध सकें।भारतीय दूतावास ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और कामगारों की पहचान शुरू कर दी है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मैसेजिंग ग्रुप्स के जरिए लगातार एडवाइजरी जारी की जा रही है कि लोग जलभराव वाले और भूस्खलन संभावित पहाड़ी रास्तों से दूर रहें।भारतीय वायुसेना के महाबली विमान C-17, C-130J और C-295 स्टैंडबाय मोड परआपदा प्रबंधन की रणनीति के तहत भारतीय वायुसेना (IAF) ने अपने सबसे सक्षम और भारी परिवहन विमानों के बेड़े को हाई अलर्ट पर रखा है। हिंडन, आगरा और गोरखपुर एयरबेस पर C-17 ग्लोबमास्टर III, C-130J सुपर हरक्यूलिस और नए शामिल किए गए C-295 विमान आवश्यक राहत सामग्री, मेडिकल उपकरण, रेस्क्यू बोट्स और एनडीआरएफ (NDRF) की विशेष टीमों के साथ उड़ान भरने के लिए तैयार खड़े हैं।C-17 ग्लोबमास्टर अपनी विशाल पेलोड क्षमता के लिए जाना जाता है, जो भारी मशीनरी और मोबाइल फील्ड अस्पताल ले जाने में सक्षम है। वहीं, C-130J सुपर हरक्यूलिस और C-295 विमान छोटे और चुनौतीपूर्ण एयरस्ट्रिप्स पर आसानी से उतर सकते हैं, जो नेपाल के पहाड़ी और संकरे हवाई अड्डों के लिहाज से बेहद कारगर साबित होंगे। वायुसेना के अधिकारी मौसम साफ होते ही काठमांडू और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए एयरलिफ्ट ऑपरेशन शुरू करने के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काठमांडू के मेयर बालेन शाह से की उच्चस्तरीय बातचीतआपदा के बीच कूटनीतिक और मानवीय स्तर पर भारत की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काठमांडू के मेयर बालेन शाह से फोन पर विस्तृत बातचीत की। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने नेपाल में जान-माल के भारी नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक सच्चे और भरोसेमंद मित्र के रूप में भारत संकट के इस समय में नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने मेयर बालेन शाह को आश्वस्त किया कि काठमांडू महानगर और आसपास के क्षेत्रों में मलबे की सफाई, जल निकासी, पेयजल आपूर्ति, आवश्यक दवाओं के वितरण और रेस्क्यू टीमों की तैनाती के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। स्थानीय स्तर पर बालेन शाह के नेतृत्व में चल रहे बचाव प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने भारतीय एजेंसियों को नेपाली अधिकारियों के साथ सीधा तालमेल बिठाने का निर्देश दिया।एनडीआरएफ और मेडिकल टीमों की जमीनी तैनाती की रूपरेखाभारत की राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष प्रशिक्षित बटालियनों को सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात कर दिया गया है। इन टीमों के पास आधुनिक कटर, डीप-डाइविंग गियर्स, लाइफ डिटेक्टर और सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सिस्टम मौजूद हैं। नेपाल सरकार से औपचारिक हरी झंडी मिलते ही ये टीमें प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश कर मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू कर देंगी।इसके अलावा, भारतीय सेना और नागरिक अस्पतालों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम भी दवाओं, एंटी-वेनम, जल-शोधन टैबलेट और आपातकालीन सर्जिकल किट के साथ तैयार है, ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से निपटा जा सके।भौगोलिक निकटता और साझा संस्कृति: संकट में फिर दिखा भारत का संकल्पभारत और नेपाल के बीच का संबंध केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गहरी सांस्कृतिक और भावनात्मक साझेदारी पर आधारित है। 2015 के विनाशकारी भूकंप के समय भारत द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन मैत्री' की तर्ज पर इस बार भी भारतीय राहत तंत्र पूरी मुस्तैदी दिखा रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार से सटे सीमावर्ती जिलों के स्थानीय प्रशासन को भी निर्देश दिया गया है कि वे सीमा पार आवाजाही और आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान करें।नेपाल में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन से आधारभूत ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कई प्रमुख राजमार्ग अवरुद्ध हैं, जिसके कारण आपूर्ति श्रृंखला बाधित हुई है। ऐसे में भारत द्वारा वायुमार्ग और थलमार्ग दोनों से त्वरित मदद पहुंचाने का फैसला वहां के नागरिकों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।संबंधित कीवर्ड्स (SEO & Google Discover Keywords in Hindi & English):नेपाल बाढ़, नेपाल भूस्खलन, भारत नेपाल राहत अभियान, भारतीय दूतावास काठमांडू हेल्पलाइन नंबर, पीएम मोदी बालेन शाह बातचीत, भारतीय वायुसेना सी-17 स्टैंडबाय, C-130J सुपर हरक्यूलिस नेपाल रेस्क्यू, C-295 एयरक्राफ्ट, एनडीआरएफ नेपाल बचाव कार्य, काठमांडू बाढ़ समाचार, नेपाल प्राकृतिक आपदा ताजा अपडेट, 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Pakistan में अगले साल आयोजित होंगे South Asian Games, 3 से 11 अप्रैल तक होगा मुकाबला
पाकिस्तान छह साल के विलंब के बाद अगले साल तीन से 11 अप्रैल तक 14वें दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा। इन खेलों का आयोजन इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में किया जाएगा। दक्षिण एशिया ओलंपिक परिषद (एसएओसी) ने इस्लामाबाद में हाल में हुई बैठक में इस बहु खेल प्रतियोगिता की तारीखों और आयोजन स्थलों को मंजूरी दी। दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन मूल रूप से 2021 में होना था लेकिन कोविड-19 महामारी समेत विभिन्न कारणों से इसे कई बार स्थगित किया गया। अगले साल मार्च में होने वाले खेलों की तारीखों को भी एक महीने आगे बढ़ाकर अप्रैल कर दिया गया। पाकिस्तान 2004 में इस्लामाबाद में क्षेत्रीय खेलों की मेजबानी करने के 23 साल बाद फिर इन खेलों की मेजबानी करेगा। एसएओसी ने रविवार को इस्लामाबाद में अपनी कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला किया। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान ओलंपिक संघ (पीओए) के अध्यक्ष और दक्षिण एशियाई संस्था के प्रमुख आरिफ सईद ने की। बैठक में खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर को आयोजन स्थलों के रूप में मंजूरी दी गई। बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने बैठक में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बाद में इस्लामाबाद में प्रस्तावित खेल स्थलों का निरीक्षण भी किया। पीओए के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत के प्रतिनिधि ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक संबंधों को देखते हुए अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि भारत इन खेलों के लिए अपना दल भेजेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिनिधि का बैठक में शामिल होना और खेलों की तारीखों का समर्थन करना इस बात का सकारात्मक संकेत है कि भारत प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का इच्छुक है। हालांकि बैठक में शामिल एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधि ने किसी भी स्तर पर भारत की भागीदारी का संकेत नहीं दिया और ना ही पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने हाल में इस्लामाबाद में हुए एक वॉलीबॉल टूर्नामेंट में भी अपनी टीम नहीं भेजी थी। नयी दिल्ली में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) इस मामले में भारत सरकार की नीति का पालन करेगा। दक्षिण एशियाई खेलों में 28 खेलों की 346 पदक स्पर्धाएं होंगी और इनमें 3,200 से अधिक खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खेलों के बजट को पहले ही मंजूरी दे चुके हैं और इसे अगले सप्ताह जारी किया जाएगा।
Mirabai Chanu एशियाई खेलों की चुनौती के लिए तैयार, पदक जीतने के बाद ही मणिपुर जाएंगी
भारतीय भारोत्तोलक और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में ओलंपिक जैसी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जहां उन्हें चीन, उत्तर कोरिया और थाईलैंड के शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करना होगा। भारत की इस 32 वर्ष की खिलाड़ी ने विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक पदक जीता है जिसमें 2021 में ओलंपिक खेलों में जीता गया रजत पदक भी शामिल है। लेकिन वह अभी तक एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं। मीराबाई ने हाल में ही राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा एशियाई खेल बिल्कुल अलग तरह की प्रतियोगिता है, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। मीराबाई ने 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में मेरे लिए प्रतिस्पर्धा कठिन नहीं थी। ग्लास्गो में मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। असली परीक्षा तो अब होनी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह देखना चाहती हूं कि जापान में मैं कितने आगे तक बढ़ सकती हूं। एशियाई खेल मेरे लिए सबसे कठिन रहे हैं। इस बार एशियाई खेलों में आपको शायद ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिले क्योंकि मेरे भार वर्ग में सबसे मजबूत भारोत्तोलक एशिया से हैं।’’मीराबाई का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में हांगझोऊ में रहा, जहां उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया था। वह चोटिल होने के कारण 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी। मीराबाई जानती हैं कि एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती हैं। यही वजह है कि वह कोच विजय शर्मा और अमेरिका के ‘स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग’ कोच डॉ. आरोन हॉर्शिंग द्वारा निर्धारित दिनचर्या का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रत्येक बृहस्पतिवार को उनके साथ वीडियो कॉल करते हैं और प्रशिक्षण, रिकवरी और भविष्य के कार्यक्रम को लेकर चर्चा करते हैं। हर चीज की बारीकी से समीक्षा की जाती है। डॉ. हॉर्शिंग खुद एक भारोत्तोलक रह चुके हैं, इसलिए उन्हें शरीर की हर मांसपेशी की जानकारी है। इससे मैं फिटनेस बनाए रखने में सफल रही हूं।’’मीराबाई एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए इतनी बेताब है कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद विश्राम नहीं किया और सीधे मोदीनगर स्थित अपने अभ्यास केंद्र के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभ्यास करने के लिए सीधे मोदीनगर वापस आ गई। दरअसल, मैं घर (मणिपुर) नहीं गई और मैं एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद ही घर जाऊंगी।
भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने आगामी महिला एशिया कप के लिए भारतीय टी20 टीम में सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को शामिल करने के फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस निर्णय के पीछे की वजह समझ नहीं आ रही है। प्रतिका को आगामी एशिया कप (जो 28 अगस्त को दुबई में शुरू हो रहा है) के लिए भारत की टीम में जेमिमा रोड्रिग्स की जगह शामिल किया गया है। जेमिमा 'द हंड्रेड' में सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए दाहिने हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट (हाई-ग्रेड टियर) का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण वह टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। प्रतिका को पहली बार टी20 टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने नवंबर 2024 में चैलेंजर ट्रॉफी के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जहां उन्होंने 111.81 के स्ट्राइक रेट से 142 रन बनाए थे। एशिया कप के लिए प्रतिका को अनुष्का शर्मा और हरलीन देओल से आगे चुना गया, जो पहले टी20 टीम का हिस्सा रही थीं। प्रतिका वनडे विश्व कप 2025 के दौरान टखने की चोट के कारण यूपी वॉरियर्स के लिए महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 नहीं खेल पाई थीं। अंजुम ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, यह विश्वास करना मुश्किल है कि भारतीय टीम के पास चुनने के लिए कोई और खिलाड़ी नहीं थी। जब मैं ऐसा कहती हूं, तो मेरा मतलब यह नहीं है कि प्रतिका टी20 नहीं खेल सकतीं, लेकिन आप किसी ऐसे खिलाड़ी को क्यों चुनेंगे जिसने लंबे समय से टी20 नहीं खेला है? जहां तक मुझे याद है, घरेलू क्रिकेट में भी शायद ही कोई टी20 मैच हुआ हो जिसमें वह खेली हों। वह डब्ल्यूपीएल का हिस्सा नहीं थीं। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह असल में चोट से वापसी कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, वह इंग्लैंड में वार्विकशायर के लिए खेलने वाली थीं, जो वन-डे फॉर्मेट था। वहां से वह अब भारतीय टी20 इंटरनेशनल टीम में खेलेंगी। अब इसके सवालिया निशान लगने की कुछ वजहें हैं। पहली बात, उन्होंने बहुत कम प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला है। दूसरी बात, मुझे पूरा यकीन है कि भारतीय टीम उनसे भारत के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद नहीं कर रही है। अंजुम ने प्रतिका के बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, अगर वह नंबर तीन पर बल्लेबाजी नहीं कर रही हैं, तो क्या वह निचले क्रम में बल्लेबाजी करेंगी? अगर ऐसा है, तो वह इस टीम में क्यों हैं? प्रतिका के टीम में आने से पहले अनुष्का शर्मा को आजमाया गया था। राघवी बिष्ट हैं जो चर्चा में रही हैं और वृंदा दिनेश हैं, जिन्होंने इंडिया 'ए' के लिए खेला है, और कई अन्य खिलाड़ी भी रही हैं। अगर आप किसी को मौका देना चाहते हैं, तो आप ऐसे खिलाड़ी को चुन सकते हैं जो डब्ल्यूपीएल का हिस्सा हो और जिसने उभरती हुई इंडिया 'ए' टीम के साथ यात्रा की हो। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, मुझे समझ नहीं आता कि प्रतिका रावल को इस टी20 टीम में क्यों चुना गया है, जबकि वनडे वर्ल्ड कप 2025 के बाद से उन्हें प्रतिस्पर्धी मैचों की प्रैक्टिस नहीं मिली है। वह वनडे और टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं और चोटिल होने से पहले इंडिया 'ए' के लिए 50 ओवर के मैच खेले थे। यह चयन काफी हैरान करने वाला है। अंजुम के लिए एक बड़ी चिंता यह भी है कि क्या प्रतिका जैसी खिलाड़ी, जिसे परखा नहीं गया है और जो चोट से वापसी कर रही है, उसे सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना चाहिए। इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ इंडिया 'ए' के 50 ओवर के मैच में फील्डिंग करते समय प्रतिका को चोट लग गई थी और वह जुलाई में लॉर्ड्स में ऐतिहासिक इकलौते टेस्ट नहीं खेल पाई थीं। यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि टी20 खिलाड़ी कौन हैं। इससे पहले भी एक चयन समिति रही है, और उनसे पहले भी दूसरी समितियां रही हैं। मैं यह नहीं कह रही कि आप किसी खिलाड़ी को इसलिए नहीं चुन सकते क्योंकि आप उनमें भरोसा करते हैं - यह ठीक है। उन्होंने कहा, प्रतिका रावल भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन टी20 क्रिकेटर साबित हो सकती हैं। यह बात समय ही बताएगा, लेकिन यह सही समय नहीं है। वह चोट से वापसी कर रही हैं, उन्होंने ज्यादा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है, और आप उम्मीद करते हैं कि वह सीधे नंबर तीन पर आ जाएं - एक ऐसी जगह जहां जेमिमा ने शायद अभी तक अपनी जगह पक्की नहीं की है। “आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि कोई युवा क्रिकेटर इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालेगी? अगर मौका देना ही है, तो ऋचा घोष को तीसरे नंबर पर बैटिंग करने का मौका दें। और भी कई विकल्प हैं। अगर किसी को तैयार करना है, तो वे किसी और को भी ले सकते हैं। मैं यह नहीं कहूंगी कि सिर्फ सिलेक्टर ही जिम्मेदार हैं - हो सकता है उन्हें कुछ ऐसी बातें पता हों जो हमें नहीं पता, लेकिन यह बात सबके सामने नहीं है। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, यह सोचना हैरान करने वाला है कि पिछले 24 महीनों में इतने सारे खिलाड़ियों को रोटेट करने के बाद भी, उनमें से कोई भी खिलाड़ी आज मुख्य भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाया है, यहां तक कि बेंच पर भी नहीं। आप प्रोसेस पर सवाल उठाने लगते हैं। टीम के 50-ओवर का वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद, यह बहुत हैरानी की बात है कि भविष्य की योजना या लंबे समय की सोच को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। जेमिमा के न होने पर, तीसरे नंबर के लिए अंजुम का वैकल्पिक प्लान किसी एक नाम पर निर्भर नहीं है - बल्कि, यह उन विकल्पों की एक सूची है जिन्हें उन्हें लगता है कि किसी ऐसे खिलाड़ी के लिए नजरअंदाज कर दिया जाएगा जिसे अभी परखा नहीं गया है। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है, तो मुझे सच में हैरानी होगी, क्योंकि यह उन दूसरे बल्लेबाजों के साथ बहुत नाइंसाफी होगी जिन्हें मौके नहीं मिले हैं। अगर आपको तीसरे नंबर पर किसी की जरूरत है, तो दीप्ति शर्मा को प्रमोट क्यों नहीं करते? स्मृति के बाएं हाथ से और शेफाली के दाएं हाथ से ओपनिंग करने के साथ, तीसरे नंबर पर दीप्ति के होने से बैटिंग ऑर्डर में संतुलन बना रहता है। अगर दीप्ति नहीं, तो ऋचा घोष को मौका दें। अगर वह भी विकल्प नहीं है, तो बेंच पर बैठीं उन बल्लेबाजों को मौका दें जिन्होंने अभी तक नहीं खेला है। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। इसके अलावा, कमलिनि को यास्तिका भाटिया की जगह टीम में शामिल किया गया था, जिनका इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। हालांकि, उन्होंने लॉर्ड्स में एक ऐतिहासिक टेस्ट शतक जरूर लगाया था। यास्तिका का उदाहरण देते हुए, अंजुम ने एशियन गेम्स के लिए टीम के ऐलान से पड़ने वाले मानसिक असर पर सवाल उठाए। यह ऐलान भारत के टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन के खत्म होने के ठीक दो दिन बाद किया गया था। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। Also Read: LIVE Cricket Score अंजुम ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, हालांकि, सोचिए एक खिलाड़ी जो चोट से ठीक होकर लौटी है, टीम में चुनी जाती है, और फिर उसे बताया जाता है कि वह एशिया कप और एशियन गेम्स के लिए टीम के साथ नहीं जाएगी। ऐसे में कोई खिलाड़ी मानसिक रूप से कैसे ठीक रह सकता है जब कोई टूर चल रहा हो? यह मेरे लिए एक बड़ा सवाल था। अगर कोई विकल्प होता तो इस ऐलान को टाला जा सकता था । हाल ही में मैंने देखा कि पाकिस्तान ने एशियन गेम्स के लिए अपनी टीम का चयन काफी देर से किया। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड गई टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले और अगले दो टूर्नामेंटों में भी उन्हें अधिक मौके नहीं मिलेंगे। ऐसे फैसले टीम के लिए फायदेमंद नहीं होते, और इससे ऐसा माहौल बनता है जहां हर कोई बेचैन रहता है, यह जाने बिना कि आगे क्या होने वाला है। Article Source: IANS
Hillary Clinton बोलीं, West Asia विवाद को कूटनीति से सुलझा सकते हैं भारत और चीन
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘‘आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति’’ का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो भारत और चीन पश्चिम एशिया संघर्ष को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर बात करते हुए क्लिंटन ने ‘सी-स्पैन’ मीडिया नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘रणनीतिक स्तर पर बनी गलत धारणाएं हमें उस स्थिति तक ले आई हैं, जहां हम आज हैं।’’अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए। इस संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन बाधित हो गया। जून में अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम शांति समझौता किया था लेकिन पिछले महीने दोनों पक्षों की ओर से फिर से हमले शुरू होने के बाद यह समझौता टूट गया। क्लिंटन ने सोमवार को कहा, ‘‘अगर आप यह पता लगाना चाहते हैं कि ट्रंप इस स्थिति से कैसे बाहर निकल सकते हैं, तो मुझे लगता है कि इसकी कुंजी शायद चीन और भारत हैं। क्योंकि अगर आप देखें कि ईरान से सबसे ज्यादा तेल और गैस कौन खरीदता है, तो वे चीन और भारत हैं।’’बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, ओमान और कतर सहित कई देश संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं। इस संघर्ष में सबसे बड़ा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। क्लिंटन ने कहा कि चीन, विशेष रूप से तेहरान पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि वह ईरान से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन इस मामले में हमसे बहुत आगे है। उन्होंने समुद्री मार्ग से पहुंचने वाले जीवाश्म ईंधन का काफी मात्रा में भंडारण किया है... वे अपने भंडार बढ़ा रहे हैं... लेकिन उन्हें ईरान की जरूरत पड़ेगी।’’क्लिंटन ने कहा, ‘‘अगर ट्रंप वास्तव में आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति का इस्तेमाल करने को तैयार हों, तो मुझे लगता है कि सबसे प्रभावी दबाव यहीं से बनाया जा सकता है।’’उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान पर प्रतिबंधों के एक नए दौर की घोषणा के बाद आई है। बेसेंट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर देश को चेतावनी दी थी कि वह इस्लामिक गणराज्य के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ दे, अन्यथा उसे अमेरिका की ओर से कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वहीं, तेहरान ने अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने की योजना के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। चीन, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। जब क्लिंटन से पूछा गया कि क्या वह चीन पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से चीनी नागरिकों से कहती कि अगर वे ईरानियों को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और कम से कम पहले जैसी स्थिति बहाल करने के लिए तैयार करने में हमारी मदद नहीं करते हैं, तो मैं ऐसा जरूर करूंगी।’’द्वितीयक प्रतिबंध का मतलब है ऐसे प्रतिबंध जो सीधे किसी देश पर नहीं, बल्कि उन तीसरे देशों, कंपनियों या बैंकों पर लगाए जाते हैं जो प्रतिबंधित देश के साथ कारोबार या वित्तीय लेन-देन जारी रखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 20 अगस्त को कहा था कि यदि तेहरान किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहता है तो वह ईरान के खिलाफ कड़ा आर्थिक अभियान शुरू करेंगे।
एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से जापान की धरती पर होना है। टूर्नामेंट में इस बार क्रिकेट को भी शामिल किया गया है। टूर्नामेंट में महिलाओं के मुकाबले 17 सितंबर से शुरू हो जाएंगे, जबकि पुरुष टीम के मैचों की शुरुआत 24 सितंबर से होगी। भारतीय टीम टूर्नामेंट में सीधा क्वार्टर फाइनल राउंड में उतरेगी। दरअसल, एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट में कुल 10 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें से 4 टीमों को बेहतर आईसीसी रैंकिंग के कारण डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल का टिकट दिया गया है। इस लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका का नाम शामिल है। वहीं, अफगानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग, मलेशिया और ओमान ग्रुप स्टेज में खेलेंगी। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान का आगाज 28 सितंबर को ग्रुप ए के उपविजेता के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम 1 अक्टूबर को दूसरे सेमीफाइनल मैच खेलने मैदान पर उतरेगी। सेमीफाइनल जीतने पर भारतीय टीम 3 अक्टूबर को फाइनल मैच खेलेगी। इसी तारीख को तीसरे स्थान के लिए ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को जापान के खिलाफ करेगी, जबकि 20 सितंबर को टीम अपना सेमीफाइनल मैच खेलने उतरेगी। 22 सितंबर को ब्रॉन्ज और फाइनल मुकाबला खेला जाना है। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 24 सितंबर - जापान बनाम अफगानिस्तान 24 सितंबर - मलेशिया बनाम हांग कांग 25 सितंबर - नेपाल बनाम अफगानिस्तान 25 सितंबर - ओमान बनाम हांग कांग 26 सितंबर - नेपाल बनाम जापान 26 सितंबर - ओमान बनाम मलेशिया 28 सितंबर - पहला क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की उपविजेता टीम बनाम भारत 28 सितंबर - दूसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की उपविजेता टीम बनाम पाकिस्तान 29 सितंबर - तीसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की विजेता टीम बनाम बांग्लादेश 29 सितंबर - चौथा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की विजेता टीम बनाम श्रीलंका 1 अक्टूबर - पहला सेमीफाइनल 1 अक्टूबर - दूसरा सेमीफाइनल 3 अक्टूबर - ब्रॉन्ज मेडल मैच 3 अक्टूबर - गोल्ड मेडल मैच। एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 17 सितंबर - जापान बनाम भारत - पहला क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर - चीन बनाम बांग्लादेश - दूसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - श्रीलंका बनाम मलेशिया - तीसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - थाईलैंड बनाम पाकिस्तान - चौथा क्वार्टरफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल 20 सितंबर - दूसरा सेमीफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल Also Read: LIVE Cricket Score 22 सितंबर - गोल्ड मेडल मैच Article Source: IANS
Top-5 Players With Most Run's In A Series Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप के एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा किया। 5. हर्षिता समरविक्रमा (Harshitha Samarawickrama): महिला एशिया कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-5 खिलाड़ियों की लिस्ट में नंबर-5 पर श्रीलंका की अनुभवी बल्लेबाज़ हर्षिता समरविक्रमा हैं। उन्होंने साल 2022/23 के महिला टी20 एशिया कप में 8 मैचों में 202 ठोककर ये पॉजिशन हासिल की। 4. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur): भारतीय कप्तान और आक्रमक बल्लेबाज़ हरमनप्रीत कौर इस खास रिकॉर्ड लिस्ट में चौथी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2018 के एशिया कप में 6 मैचों में 53.75 की औसत और 111.39 की स्ट्राइक रेट से 215 रन ठोके थे। 3. जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues): टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज़ जेमिमा रोड्रिग्स ने भी इस शानदार लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने साल 2022/23 के एशिया कप में अपनी बैटिंग से तूफान उठाया था। उन्होंने सीजन के 8 मैचों की 6 पारियों में 54.25 की औसत से 217 रन ठोके थे। 2. मिताजी राज (Mithali Raj): भारतीय महान बल्लेबाज़ मिताली राज जिन्हें क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर जैसा सम्मान मिलता है, वो भी रिकॉर्ड लिस्ट में मौजूद हैं। वो दूसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2016/17 के सीजन में 5 मैचों की 4 पारियों में 110 की औसत से 220 रन ठोके थे। उन्होंने T20I में 89 मैचों की 84 पारियों में 2,364 रन बनाए हैं। Also Read: LIVE Cricket Score 1. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Athapaththu): महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड श्रीलंका की लीजेंड चमारी अट्टापट्टू के नाम दर्ज है। उन्होंने साल 2024 के सीजन में 5 मुकाबले खेलकर 101.33 की औसत और 146.85 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाए थे। इसी सीजन चमारी अट्टापट्टू ने महिला टी20 एशिया कप के इतिहास की पहली सेंचुरी भी ठोकी थी।
Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे। नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं। साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है। ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था। तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है। झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा। एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:- पुरुषों: -गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4400 मीटर रिले), जय कुमार (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन) (Image Source : X/Athletics Federation of India) महिला: - प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4100 मीटर रिले, मिश्रित 4100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4100 मीटर रिले, मिश्रित 4100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले),
Women's Asia Cup: पहली बार खेल रही इंडोनेशिया ने किया टीम का ऐलान
महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होना है। इंडोनेशिया की महिला टीम ने पहली बार टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक 2 दिन पहले इंडोनेशिया ने अपनी टीम का भी ऐलान कर दिया है। टूर्नामेंट के लिए टीम का ऐलान करने वाली इंडोनेशिया आखिरी टीम है। टीम युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। अनुभवी कप्तान नंदा सकारिनी टीम का नेतृत्व करेंगी, जबकि वेलिक के साथ मिलकर बेहतरीन बॉलिंग ग्रुप में शामिल होंगी। टीम में आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप 2023 की स्टार खिलाड़ी वेसिका रत्ना देवी, पुत्री सुवानदेवी और सांग मेयरपिरानी शामिल हैं। देसी वुलंडारी, ली कियाओ और नी काडेक एरियानी भी टीम का हिस्सा हैं। इंडोनेशियाई टीम का क्वालीफिकेशन कैंपेन बहुत अच्छा रहा, वे थाईलैंड से हारने से पहले सेमीफाइनल तक पहुंचीं, और तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में हांगकांग, चीन से हार गईं। टीम ने जून में एसीसी विमेंस प्रीमियर कप के जरिए क्वालीफाई किया था। पूरे इवेंट में टीम के लिए सिर्फ 11 सदस्य खेले थे। सकारिनी क्वालीफाइंग में टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। इंडोनेशिया एशिया कप में ग्रुप बी का हिस्सा है। इस ग्रुप की अन्य तीन टीमें बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई हैं। एशिया कप कैंपेन में इंडोनेशिया का पहला मैच 31 अगस्त को बांग्लादेश के खिलाफ है, इसके बाद वे 2 सितंबर को श्रीलंका और 4 सितंबर को यूएई का सामना करेंगे। इंडोनेशियाई टीम का क्वालीफिकेशन कैंपेन बहुत अच्छा रहा, वे थाईलैंड से हारने से पहले सेमीफाइनल तक पहुंचीं, और तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में हांगकांग, चीन से हार गईं। टीम ने जून में एसीसी विमेंस प्रीमियर कप के जरिए क्वालीफाई किया था। पूरे इवेंट में टीम के लिए सिर्फ 11 सदस्य खेले थे। सकारिनी क्वालीफाइंग में टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए इंडोनेशिया की टीम: नंदा सकारिनी (कप्तान), काडेक विंडा प्रास्तिनी, रहमावती पंगेस्टुटी, वेसिका रत्ना देवी, राडा रानी, देसी वुलंडारी, पुत्री सुवांडेवी, किसी सलीसा कासे, सांग मेप्रियानी, नी काडेक एरियानी, डेर्नी बांगी, दारा अगुंग लक्ष्मी, ली कियाओ, मारिया कोराजोन वोम्बाकी, सोफिया वेलिक। Article Source: IANS
Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई बढ़त के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में कमी से बाज़ारों को सहारा मिला।Nvidia Corp. की अर्निंग्स रिपोर्ट से पहले निवेशकों ने सावधानी बरती, जिससे US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई।इस रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भरोसे का पता चलने की उम्मीद है।वहीं, निक्केई करीब 0.56 फीसदी की बढ़त के साथ 66,228.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.31 फीसदी चढ़कर 45,308.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ 25,764.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 3,909.04 के स्तर पर दिख रहा है।एशियाई बाज़ारों का रुख निवेशकों की मिली-जुली सोच को दिखाता है। जहां कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने बाज़ारों को सहारा दिया, वहीं अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता का असर निवेशकों के मूड पर अब भी बना हुआ है।वॉल स्ट्रीट पर रात भर अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। AI की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी ने बाजार को ऊपर उठाने में मदद की।US ट्रेजरी यील्ड में गिरावटUS ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। US के 10-साल और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड लगातार दूसरे दिन गिरी, क्योंकि ट्रेडर्स US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के पिछले हफ़्ते ट्रेजरी बायबैक बढ़ाने के फ़ैसले के असर पर विचार कर रहे थे।डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो जैसी कई करेंसी के मुकाबले डॉलर की वैल्यू मापता है, 0.1% गिरकर 98.87 पर आ गया, जबकि यूरो 0.13% बढ़कर $1.1677 पर पहुंच गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.03% मजबूत होकर 159.13 पर पहुंच गया।क्रूड में नरमीइस बीच, ईरान के खिलाफ US के नए प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए ट्रेडर्स के रुख के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 2.14% गिरकर $86.68 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ़्यूचर्स 1.91% गिरकर $80.79 पर आ गया।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games: 5 टेनिस खिलाड़ी चयन मानदंड पूरे नहीं कर पाए, SAI सूत्र ने दी जानकारी
(इंट्रो और तीसरे पैरा में सुधार के साथ)नयी दिल्ली, 25 अगस्त भारत की एशियाई खेलों की टेनिस टीम से बाहर किए गए पांच खिलाड़ियों के नाम अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) द्वारा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को भेजी गई संक्षिप्त सूची में शामिल नहीं थे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानदंड पूरा नहीं करने के कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। मानस धामने (पुरुष एकल), वैष्णवी अडकर (महिला एकल), सहजा यमलापल्ली (महिला एकल), वैदेही चौधरी (महिला युगल) और प्रार्थना थोम्बारे (महिला युगल) सात सदस्यीय भारतीय टेनिस टीम में जगह नहीं बना सके क्योंकि वे महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष आठ में होने के मानदंड को पूरा नहीं करते थे। सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘खेल मंत्रालय को आईओए द्वारा साझा की गई अंतिम सूची में उनके नाम नहीं मिले थे। असल में एआईटीए द्वारा आईओए को भेजी गई संक्षिप्त सूची में भी उनके नाम नहीं थे।’’सूत्र के अनुसार इन खिलाड़ियों को बाहर किया जाना उचित है क्योंकि उनके हालिया प्रदर्शन से भी पदक जीतने की संभावना या प्रतियोगिता में प्रभावी भागीदारी की क्षमता नहीं झलकती। खेल मंत्रालय के चयन मानदंड के अनुसार एकल स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का एशिया में शीर्ष छह में और युगल में शीर्ष आठ में होना जरूरी था। इसके लिए 12 महीने की अवधि में प्रदर्शन का आकलन किया गया। खेल मंत्रालय ने यह मानदंड पिछले साल सितंबर में जारी किया था। इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने की दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रोहन बोपन्ना ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ‘एक ऐसी समिति ने कागज पर उनका भाग्य तय कर दिया जो कभी उस स्थिति में खड़ी नहीं रही जहां वे खड़े हैं और खेलने से पहले ही उनका फैसला कर दिया गया।’सहजा (विश्व रैंकिंग 344) फिलहाल महिला एकल में भारत की नंबर एक खिलाड़ी हैं जबकि वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 388) राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर हैं। प्रार्थना 2014 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता हैं जबकि वैदेही दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन हैं और 18 वर्षीय मानस चैलेंजर स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुके हैं। खेल मंत्रालय ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि कुछ वर्गों की ओर से दबाव बनाए जाने के बावजूद चयन मानदंड में ढील नहीं दी जाएगी। सूत्र ने कहा, ‘‘एशिया में 25वें से 40वें स्थान पर रहने वाले टेनिस खिलाड़ियों के लिए विवेकाधीन तरीके से पिछले दरवाजे से मंजूरी देना प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को खत्म कर देगा और अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की ओर से बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खोल देगा।’’प्रार्थना को युगल स्पर्धा में वैदेही के साथ जोड़ी बनानी थी लेकिन दोनों ने अब तक साथ में कोई टेनिस नहीं खेला है। सूत्र ने कहा, ’’इससे एशियाई खेलों से पहले उनकी तैयारी और प्रतिस्पर्धी जोड़ी बनाने के इरादे को लेकर उचित सवाल उठते हैं।’’बोपन्ना ने कहा था कि इन खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं देना खेल राष्ट्र बनाने के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा था, ‘‘आप बोर्डरूम में यह तय करके खेल राष्ट्र या खेल अर्थव्यवस्था नहीं बन सकते कि कौन प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है।’’हालांकि साइ के सूत्र ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘‘खेल अनुभव हासिल करने के लिए आईटीएफ और चैलेंजर सर्किट होते हैं, एशियाई खेल नहीं।’’एशियाई खेलों के लिए अंतिम टेनिस टीम में एकल में केवल सुमित नागल को जगह मिली है, जबकि रामकुमार रामनाथन, साकेत माइनेनी, युकी भांबरी, ऋतुजा भोसले और अंकिता रैना युगल टीम का हिस्सा हैं।
पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल
South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए। यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा? पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की? सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण। एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Trkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है: त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना। त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
Women's T20 Asia Cup 2026: श्रीलंका टीम में चोटिल विहंगा की जगह मीपेज शामिल
श्रीलंका को विमेंस टी20 एशिया कप 2026 से पहले एक झटका लगा है। टीम की ऑल-राउंडर देवमी विहंगा अभ्यास सत्र के दौरान दाहिने घुटने में चोट लगने के की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक विहंगा इंजरी की वजह से टीम के साथ यूएई नहीं गई हैं। श्रीलंका ने 15 सदस्यों वाली टीम में उनकी जगह बाएं हाथ की स्पिनर निमाशा मीपेज को शामिल किया है। बता दें कि विहंगा को सीनियर टीम के साथ डेब्यू का इंतजार था। चमारी अथापट्टू 15 सदस्यों वाली श्रीलंका टीम की कप्तान हैं। हर्षिता समरविक्रमा को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को ग्रुप बी में बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक यूएई में होना है। सभी मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे। सभी 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में हांगकांग, भारत, पाकिस्तान और थाइलैंड है। ग्रुप बी में श्रीलंका के अलावा बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा बनी इंडोनेशिया है। हर ग्रुप से टॉप दो टीमें 10 और 11 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, और फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को होगा। श्रीलंका 29 अगस्त को यूएई, 2 सितंबर को इंडोनेशिया और 6 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए श्रीलंका की अपडेटेड टीम: चमारी अथापट्टू (कप्तान), इमेशा दुलानी, संजना कविंदी, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा (उप-कप्तान), कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, हसिनी परेरा, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), निमाशा मीपेज, सुगंधिका दसनायका, चामुडी प्रबोदा, चेतना विमुक्ति, काव्या कविंदी और मिताली अयोध्या। Article Source: IANS
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर ने अपनी पसंदीदा एशिया टेस्ट एकादश का चयन किया, जिसमें इमरान खान को कप्तान चुना जबकि सचिन तेंदुलकर को उप-कप्तान बनाया।
Asian Market Today: आज एशिया मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशकों ने टेक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, क्योंकि आने वाली कमाई की रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रैली को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% गिर गया। शुरुआती एशियाई कारोबार में जापान और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। Kospi 3.37% और Nikkei 225 0.93% गिरे, जबकि Topix में मामूली 0.015% की बढ़त हुई। इसके उलट, Hang Seng फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त हुई।यह क्षेत्रीय गिरावट चिप बनाने वाली कंपनियों में भारी बिकवाली के बाद आई, जिससे सोमवार को Nasdaq 100 लगभग 1% गिर गया था। Nvidia Corp के शेयरों में लगातार सातवें सेशन में गिरावट आई, जो 2022 के बाद से इस स्टॉक की सबसे लंबी गिरावट का दौर है।चिप बनाने वाली कंपनी के शेयरों में और 2.9% की गिरावट आई, जब उसने ग्राहकों को बताया कि वह अगले साल की शुरुआत में शिप होने वाले AI सिस्टम की कीमतें बढ़ाएगी। शुरुआती एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में भी मामूली गिरावट देखी गई।निवेशकों का कहना है कि यह बिकवाली इस बढ़ती चिंता को दिखाती है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च से उतना ही मुनाफ़ा होगा। बुधवार को आने वाली Nvidia की कमाई की रिपोर्ट को इस भरोसे के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है। ट्रेडर्स इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या चिप शेयरों में हालिया गिरावट जारी रहेगी।मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह $92 प्रति बैरल के आसपास बना रहा। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ़ आर्थिक दंड की चेतावनी दी थी।सोमवार को बेंचमार्क में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई थी, जिससे छह दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर $85.23 प्रति बैरल हो गया।ऊर्जा की कीमतों में गिरावट से सोमवार को US ट्रेजरी बॉन्ड को सहारा मिला और 10-साल की यील्ड चार बेसिस पॉइंट गिरकर 4.70% हो गई।ट्रेडर्स ने बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क और इस हफ़्ते आने वाले ढेर सारे इकोनॉमिक डेटा और कॉर्पोरेट नतीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। व्यापक मार्केट सेंटीमेंट के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर की चाल को अहम माना जा रहा है। लगातार महंगाई और फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) की चिंताओं के कारण यील्ड ऊंचे बने रहे, और बाजार फेड चेयर केविन वॉर्श से इस साल के बाकी समय के लिए फेडरल रिजर्व की संभावित राह के बारे में स्पष्ट गाइडेंस का इंतजार कर रहे थे।CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी को भी सपोर्ट मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि US ट्रेजरी डिपार्टमेंट उधार लेने की लागत को कम करने में मदद के लिए पुराने, अधिक यील्ड वाले सिक्योरिटीज़ को वापस खरीदने (बायबैक) के लिए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है।हालांकि, ब्लूमबर्ग के अनुसार, बेसेंट ने सोमवार को एक भाषण के दौरान कर्ज प्रबंधन रणनीति में किसी भी बदलाव की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। बायबैक बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि विभाग ने अभी तक एक भी बॉन्ड नहीं खरीदा है।दूसरी ओर, जापानी येन 159.11 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7201 प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित रहा।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games Japan: 492 खिलाड़ियों की 'टीम इंडिया' को हरी झंडी, Cricket में भी होगी जंग
जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल को शनिवार को युवा मामले और खेल मंत्रालय से प्रशासनिक और वित्तीय मंज़ूरी मिल गई है; इन खेलों में 35 अलग-अलग खेलों में 492 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। मंज़ूरी पाने वाले इस दल में 265 पुरुष और 227 महिला एथलीट शामिल हैं। यह मंज़ूरी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुरोध पर दी गई है, जिसने इस महीने की शुरुआत में एक पत्र और बाद की बातचीत के ज़रिए सरकार से मंज़ूरी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: ऋषभ पंत बने WTC के 'रन किंग', शुभमन गिल को पछाड़कर रचा इतिहास! एथलेटिक्स में सबसे ज़्यादा 73 भारतीय एथलीट हिस्सा लेंगे, इसके बाद हॉकी में 40 और शूटिंग व क्रिकेट में 30 एथलीट शामिल होंगे। भारत तीरंदाज़ी, कबड्डी और बैडमिंटन जैसे खेलों में भी अपनी टीमें उतारेगा। साथ ही, एथलीटों को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, ई-स्पोर्ट्स और टेकबॉल जैसे नए उभरते खेलों में भी हिस्सा लेने की मंज़ूरी दी गई है। कोच, सपोर्ट स्टाफ़, मेडिकल स्टाफ़ और दल के अधिकारियों सहित टीम के अधिकारियों के लिए मंज़ूरी अलग से जारी की जाएगी। क्रिकेट में कुल 30 खिलाड़ी हैं – पुरुषों और महिलाओं की टीमों में 15-15 खिलाड़ी। पुरुषों की टीम में युवा वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती शामिल हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या नहीं हैं। महिलाओं की टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर करेंगी। डोपिंग की वजह से सबसे ज़्यादा नुकसान कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों को हुआ है। असल में, पता चला है कि वेटलिफ्टर्स की शुरुआती लिस्ट में करीब 10 खिलाड़ी थे, जिसे घटाकर अब सिर्फ़ पांच कर दिया गया है। कुश्ती में भी हाल ही में एक रेसलर के टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने के बाद कुछ नाम हटा दिए गए हैं। कुल मिलाकर 30 क्रिकेटर हैं – 15 पुरुष और 15 महिला। जूडो में, भले ही हाल ही में बनी अंतरिम जूडो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (JFI) ने दो और नामों की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय और IOA ने एशिया में टॉप छह (व्यक्तिगत इवेंट्स में) और टॉप आठ (टीम इवेंट्स में) के नियम का पालन किया। वहीं, एथलेटिक्स में लगभग 73 नाम हैं, जिनकी अगुवाई दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा कर रहे हैं। जापान गेम्स में इस खेल में सबसे ज़्यादा खिलाड़ी हो सकते हैं। उम्मीद है कि एथलेटिक्स भारत की मेडल टैली को बढ़ावा देगा, क्योंकि महाद्वीप के ज़्यादातर टॉप एथलीट मेडल जीतने की दौड़ में हैं। एक्वेटिक्स में 12 खिलाड़ियों की टीम है जिसमें सभी पुरुष हैं, जबकि जूडो और ताइक्वांडो में तीन-तीन खिलाड़ियों की टीम है और सभी महिलाएँ हैं। अभी तक, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक महिला खिलाड़ी शामिल है, लेकिन ऐसी संभावना है कि अगली लिस्ट में और नाम जोड़े जा सकते हैं – कुल मिलाकर 25-30 एथलीट हो सकते हैं। सर्फिंग का मामला भी ऐसा ही है। कोर्ट केस की वजह से सर्फिंग में किसी नाम का ऐलान नहीं किया गया है, और एक बार मामला सुलझ जाने के बाद कम से कम दो सर्फर्स के नाम जोड़े जाएँगे। इसे भी पढ़ें: चोट के बावजूद Rishabh Pant का जलवा, MS Dhoni का Record तोड़ विदेशी Test में लिखा नया अध्याय शूटिंग, जिसमें भारत के कुछ मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें 30 खिलाड़ियों – 15 पुरुष और 15 महिला – के साथ अच्छी भागीदारी होगी। स्क्वैश, जो एक और ऐसा खेल है जिसमें मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें आठ सदस्य हैं – पुरुष और महिला कैटेगरी में चार-चार खिलाड़ी। तीरंदाजी टीम में भी छह पुरुष और छह महिला तीरंदाज शामिल हैं, जिसकी अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा कर रहे हैं। इन 12 खिलाड़ियों में से छह कंपाउंड तीरंदाज हैं। फेंसिंग में खिलाड़ियों की संख्या काफी ज़्यादा है – कुल 20 खिलाड़ी, जिनमें आठ पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। बॉक्सिंग में भी विवाद देखने को मिले हैं और इसकी टीम में 11 खिलाड़ी हैं – पांच पुरुष और छह महिलाएं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
क्या पाकिस्तान में एशियाई टूर्नामेंट खेलने जाएंगे भारतीय खिलाड़ी? सामने आई बड़ी रिपोर्ट
भारतीय खिलाड़ी अगले साल पाकिस्तान में एक एशियाई इवेंट में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। भारत ने साउथ एशियन गेम्स का समर्थन किया है। हालांकि, अभी आधिकारित तौर पर भारत सरकार ने इस पर कुछ नहीं कहा है।
Top-5 Players With Most Wickets In Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक विकेट लेने का कारनामा किया। 5. सना मीर (Sana Mir): पाकिस्तान की पूर्व क्रिकेटर सना मीर महिला टी20 एशिया कप में पांचवीं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 16 मैचों में 21 विकेट लेकर ये पायदान हासिल किया है। 4. दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma): इस खास रिकॉर्ड लिस्ट में भारत की सिर्फ एक ही खिलाड़ी मौजूद हैं, जो कि दीप्ति शर्मा हैं। उन्होंने अब तक महिला टी20 एशिया कप में 19 मैच खेलकर 26 विकेट चटकाए हैं। इस टूर्नामेंट में उनका बेस्ट स्पेल 3/7 है। 3. इनोका राणावीरा (Inoka Ranaweera): श्रीलंका की अनुभवी स्पिन गेंदबाज़ इनोका राणावीरा महिला टी20 एशिया कप में तीसरी सर्वाधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने 19 मैचों में27 विकेट लेकर ये पॉजिशन हासिल की है। बता दें कि 40 वर्षीय इनोका ने श्रीलंका के लिए 95 वनडे और 91 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। 2. रुमाना अहमद (Rumana Ahmed): बांग्लादेशी महिला टीम की हरफनमौला खिलाड़ी रुमाना अहमद जो कि एक लेग ब्रेक गेंदबाज़ हैं, वो इस लिस्ट में दूसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने टी20 महिला एशिया कप में 23 मैचों में 29 विकेट चटकाए हैं। उनके नाम 50 वनडे में 50 विकेट और 87 टी20 इंटरनेशनल में 75 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने साल 2024 में बांग्लादेश के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। Also Read: LIVE Cricket Score 1. निदा डार (Nida Dar): महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक विकेट लेने का महॉरिकॉर्ड पाकिस्तान की पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर निदा डार के नाम दर्ज है। उन्होंने 26 मैचों की 23 पारियों में 33 विकेट लेकर ये रिकॉर्ड बनाया है। वो इस टूर्नामेंट में 5 विकेट हॉल लेने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में से भी एक हैं।
रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय और एशियाई क्रिकेटर बने
रवींद्र जडेजा ने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मैदान पर उतरते ही इतिहास रच दिया। वे WTC में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय और एशियाई क्रिकेटर बन गए। 50 मैचों में जडेजा ने 2675 रन और 160 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज 47 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।
चोटिल नजीहा अल्वी महिला Asia Cup 2026 से बाहर, सदफ शमास को मिली पाकिस्तान टीम में जगह
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज नजीहा अल्वी घुटने की चोट के कारण आगामी एसीसी महिला टी20 एशिया कप 2026 से बाहर हो गई हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। नजीहा ने अपने बाएं घुटने के पिछले हिस्से में दर्द बताया, जबकि बाद में स्कैन में मोच आने का पता चला। पीसीबी की मेडिकल टीम के जांच के बाद नजीहा तुरंत अपना रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम शुरू करेंगी, जिसके चार हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। नेशनल विमेंस सिलेक्शन कमिटी ने सदफ को एशिया कप टीम में शामिल किया है। जनवरी 2023 में डेब्यू करने के बाद से वह अब तक 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए पाकिस्तान टीम: फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, इमान नसीर, इमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा सुंधू, सादिया इकबाल, सायरा जबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, और वहीदा अख्तर। Article Source: IANS
Asian Market Today: सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में थोड़ी गिरावट देखी गई। हफ़्ते की शुरुआत में निवेशकों का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर था। इस दौरान Nvidia की कमाई और US फ़ेडरल रिजर्व के सालाना सिम्पोज़ियम जैसी अहम घटनाओं पर सबकी नजर थी।MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफ़िक इंडेक्स 0.1% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स, जिसे अक्सर AI-संबंधित निवेश का पैमाना माना जाता है, 1.66% नीचे आया। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.49% गिरा, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.16% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ़्यूचर्स 0.5% नीचे थे।वॉल स्ट्रीटरविवार रात स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक एक कमज़ोर हफ़्ते के बाद वापसी की कोशिश कर रहे थे। यह कमज़ोरी मुख्य रूप से ट्रेज़री यील्ड में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी के कारण आई थी।डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ़्यूचर्स 44 अंक या 0.1% गिरे, जबकि S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.1% की गिरावट आई। नैस्डैक-100 फ़्यूचर्स 0.2% नीचे आए। पिछले हफ़्ते, डाऊ में 0.8% की गिरावट आई, जिससे लगातार दूसरे हफ़्ते इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक में क्रमशः 1.4% और 2% की गिरावट आई, जिससे उनकी तीन हफ़्ते की बढ़त का सिलसिला थम गया।US-ईरान युद्धट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास में समन्वित आर्थिक अलगाव (coordinated economic isolation) के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा बताया है।यह घोषणा US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले हफ़्ते दिए गए उस बयान के बाद हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी देश के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे ज़बरदस्त आर्थिक कार्रवाई करेगा।कच्चे तेल की कीमतेंसोमवार को तेल की कीमतों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने ईरान पर और प्रतिबंधों के बारे में वॉशिंगटन की संभावित घोषणा से पहले मुनाफ़ा वसूली की। इन प्रतिबंधों से मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है।गोल्ड में उछालसोमवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और यह तीन महीने से ज़्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। निवेशक अमेरिका में महंगाई के आँकड़ों और इस हफ़्ते के आखिर में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण का इंतज़ार कर रहे थे।स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $4,636.34 प्रति औंस हो गया, जो 15 मई के बाद का इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, US गोल्ड फ़्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,694.80 पर पहुंच गया।पिछले हफ़्ते US ट्रेज़री के बायबैक सपोर्ट प्लान से डॉलर पर दबाव पड़ने के बाद सोने की कीमतों में 5% से ज़्यादा की उछाल आई थी।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Agra News: चयन प्रक्रिया बदली, एशियाई खेलों में जाने से चूके बॉक्सर आदित्य
राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे मुक्केबाज आदित्य प्रताप सिंह को निराशा हाथ लगी है।
Top-5 Players With Most Runs In Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरूहोने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा किया है। 5. बिस्माह मारूफ (Bismah Maroof): इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर पाकिस्तान की पूर्व कप्तान बिस्माह मारूफ हैं। उन्होंने साल 2012 से लेकर 2022 तक कुल 23 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और 423 रन बनाए। इस टूर्नामेंट में उनका औसत 24.88 रहा और उन्होंने 2 अर्धशतक जड़े। 4. मिताली राज (Mithali Raj): भारत की महान बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान मिताली राज इस लिस्ट में ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मिताली ने महज़ 12 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और 61.42 की औसत से 430 रन बनाए। इस टूर्नामेंट में उनके बैट से 3 अर्धशतक देखने को मिले। 3. स्मृति मंधाना (Smriti Mandana): टीम इंडिया की दिग्गज सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना जो कि क्लास से शॉट खेलकर रन बनाती हैं, वो इस लिस्ट में तीसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने अब तक कुल 24 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और कुल 479 रन ठोके। इस दौरान उनकी औसत 28.17 और स्ट्राइक रेट 114.86 रहा। 2. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Athapaththu): श्रीलंका की लीजेंड ऑलराउंडर और कप्तान चमारी अट्टाट्टू महिला एशिया कप टूर्नामेंट में दूसरीसबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने अब तक 21 मुकाबलों में 31.38 की औसत और 118.20 की स्ट्राइक रेट से 565 रन बनाकर ये पायदान हासिल किया है। गौरतलब है कि वो विमेंस एशिया कप की एकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में सेंचुरी ठोकने का रिकॉर्ड बनाया है। Also Read: LIVE Cricket Score 1. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur): महिला एशिया कप के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड किसी और के नहीं, बल्कि भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम ही दर्ज है। उन्होंने एशिया के सबसे बडे़ टूर्नामेंट में अब तक 25 मैचों की 22 पारियों में 38.06 की औसत और 106.92 की स्ट्राइक रेट से 571 रन ठोके हैं। बताते चलें कि वो इस टूर्नामेंट में 3 तूफानी अर्धशतक भी लगा चुकी हैं।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर की जम्मू-कश्मीर यात्रा ने चीनी-पाकिस्तानी चालों को किया दुरुस्त!
जरा गौर कीजिए, जब चीन अरुणाचल प्रदेश में भारत को आंखें दिखा रहा हो, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर/लद्दाख पहुंचना और जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना भारतीय कूटनीति की कितनी बड़ी सफलता है, क्योंकि यह परोक्ष रूप से चीन को संदेश है कि भारत का साथ मिलते ही अमेरिका अन्य एशियाई 'बदमाशों' को रौंद डालेगा। उधर, पाकिस्तान को संदेश है कि इस्लामिक नाटो उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं बनेगा, यदि अमेरिका खुलकर भारत के साथ खड़ा रहेगा। जी हां, अमेरिकी राजदूत की 19–20 अगस्त 2026 की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख यात्रा को केवल एक राजनयिक दौरा मानना पर्याप्त नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Sergio Gor के बयान से तिलमिलाये Pakistan ने Trump Administration पर उतारी भड़ास, US Diplomat Natalie Baker को तलब कर थमाया Strong Demarche खासकर श्रीनगर में उनका यह कहना कि जम्मू-कश्मीर “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” है और अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत देना, वाशिंगटन के पुराने कश्मीर-संबंधी सार्वजनिक रुख की तुलना में महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामरिक संकेत देता है। इससे कई सवाल उपजते हैं, जिनके निहितार्थ को समझना भी जरूरी है:- पहला सवाल है कि क्या वास्तव में अमेरिकी स्टैंड बदल गया है? तो जवाब होगा कि अपेक्षित सावधानी जरूरी है। अभी इसे अमेरिका की औपचारिक कश्मीर-नीति में पूर्ण परिवर्तन कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन राजनयिक भाषा और व्यवहार में बदलाव का संकेत स्पष्ट है। पहले अमेरिकी नीति का सार्वजनिक ढांचा मुख्यतः यह रहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच विवादित विषय है और दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। 2019 के बाद भी अमेरिकी अधिकारियों ने इस मूल स्थिति को बनाए रखा था। इसके विपरीत, गोर ने भारतीय प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जाकर उसे “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा। पाकिस्तान ने इसे अमेरिकी पारंपरिक रुख से विचलन मानते हुए अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इसलिए फिलहाल इसे “नीति परिवर्तन” से अधिक “नीति-संकेत में परिवर्तन” कहना उचित होगा। दूसरा सवाल है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा संदेश क्या है? क्या कश्मीर को जमीन पर देखकर आकलन हुआ है? तो जवाब होगा कि गोर का दौरा छह साल से अधिक अंतराल के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की कश्मीर यात्रा है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था तथा बदलते माहौल का प्रत्यक्ष आकलन किया। यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि अमेरिका की कश्मीर संबंधी धारणा अब केवल इस्लामाबाद, नई दिल्ली या अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रह सकती। राजदूत का स्वयं श्रीनगर जाना और फिर सुरक्षा स्थिति पर सकारात्मक टिप्पणी करना वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं को एक अलग जमीनी इनपुट देता है। तीसरा सवाल यह है कि Travel Advisory में बदलाव—छोटा दिखने वाला बड़ा संकेत है? तो जवाब होगा कि गोर ने जम्मू-कश्मीर के लिए अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत दिए हैं। अगर आगे अमेरिका अपने मौजूदा “Do Not Travel” स्तर को नीचे करता है, तो इसका असर केवल अमेरिकी पर्यटकों पर नहीं पड़ेगा। यह संदेश जाएगा कि सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार हुआ है। सामान्य आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। पर्यटन के लिए क्षेत्र अधिक खुल रहा है। अंतरराष्ट्रीय जोखिम-धारणा बदल रही है। यानी कश्मीर के लिए यह सुरक्षा से पर्यटन और पर्यटन से निवेश की दिशा में सकारात्मक कूटनीतिक संकेत बन सकता है। चौथा सवाल यह है कि क्या यह परिदृश्य पाकिस्तान के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है? तो कहना न होगा कि इस बयान की सबसे तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान से आई है। इस्लामाबाद ने इसे अपनी दशकों पुरानी कश्मीर कूटनीति के प्रतिकूल माना और अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तान के लिए समस्या सिर्फ गोर का बयान नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि यदि अमेरिका जैसा प्रभावशाली देश धीरे-धीरे कश्मीर को “भारत-पाकिस्तान के विवाद” की भाषा से हटाकर “भारत के महत्वपूर्ण हिस्से” की भाषा में संबोधित करने लगे, तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक रणनीति कमजोर हो सकती है। पांचवां सवाल यह है कि क्या चीन का कोण भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता? तो जवाब होगा कि गोर का कार्यक्रम केवल श्रीनगर तक सीमित नहीं रहा; वह लद्दाख भी गए। यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि लद्दाख भारत-चीन सीमा-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए यात्रा का एक व्यापक संदेश यह भी हो सकता है कि अमेरिका भारत के पश्चिमी और उत्तरी दोनों रणनीतिक मोर्चों को अपने Indo-Pacific और South/Central Asia दृष्टिकोण से देख रहा है। छठा सवाल यह है कि क्या भारत-अमेरिका संबंधों में कश्मीर की भूमिका बदल सकती है? तो कहना न होगा कि यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका संबंधों के उस व्यापक पुनर्संतुलन का हिस्सा हो सकता है जिसमेंआतंकवाद के विरुद्ध सहयोग, चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला, हिंद-प्रशांत रणनीति, रक्षा एवं तकनीकी साझेदारी, ऊर्जा एवं व्यापार, और दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। गोर स्वयं भारत में अमेरिकी राजदूत होने के साथ South and Central Asian Affairs के Special Envoy भी हैं। इसलिए उनकी टिप्पणी का महत्व सामान्य राजदूत की टिप्पणी से अधिक माना जा सकता है। सातवां सवाल यह है कि क्या भारत को अति-उत्साहित होने से भी बचना होगा? तो जवाब होगा कि यहां एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सावधानी बरतनी जरूरी है क्योंकि एक राजदूत का बयान अमेरिकी सरकार की पूरी औपचारिक विदेश नीति का विकल्प नहीं होता। जब तक अमेरिकी विदेश विभाग या व्हाइट हाउस अपनी आधिकारिक नीति में स्पष्ट बदलाव घोषित नहीं करता, तब तक यह कहना कि “अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान को छोड़कर भारत का पक्ष ले लिया है” अतिशयोक्ति होगी। लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि अमेरिकी सार्वजनिक कूटनीतिक भाषा में एक उल्लेखनीय बदलाव दिखाई दे रहा है। आठवां सवाल यह है कि सबसे बड़ा रणनीतिक निहितार्थ क्या है? तो जवाब होगा कि मेरे आकलन में इस यात्रा का वास्तविक महत्व चार शब्दों में है: “Narrative → Ground Reality → Policy.” यदि अमेरिका को जमीनी स्तर पर कश्मीर में सुरक्षा, राजनीतिक प्रक्रिया, पर्यटन और आर्थिक सामान्यीकरण दिखाई देता है और उसके आधार पर उसकी यात्रा चेतावनी कम होती है, तो धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव भी बदल सकता है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा कूटनीतिक लाभ होगा। निष्कर्षतः, सर्जियो गोर की कश्मीर यात्रा को भारत की कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे अभी अमेरिकी कश्मीर नीति का अंतिम परिवर्तन घोषित करना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा अगले चरण में होगी—क्या Washington अपनी आधिकारिक भाषा बदलेगा, क्या travel advisory घटेगी और क्या भविष्य में अमेरिकी अधिकारी कश्मीर को भारत के आंतरिक प्रशासनिक-सुरक्षा संदर्भ में अधिक स्पष्टता से देखेंगे? अगर इन तीनों प्रश्नों का उत्तर “हाँ” होता है, तो गोर की यह यात्रा दक्षिण एशिया की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण turning point सिद्ध हो सकती है। # क्या ईरान में पिटी अमेरिकी भद्द और पाकिस्तान के दोगले रवैये से अचंभित अमेरिका ने ऐसा किया हाँ—इसे एक संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निर्णायक कारण कहना अभी जल्दबाजी होगी। उपलब्ध घटनाक्रम को जोड़ें तो अमेरिकी सोच में पाकिस्तान को लेकर विश्वसनीयता का प्रश्न जरूर उभरता है। सवाल है कि क्या ईरान प्रकरण ने अमेरिका को पाकिस्तान को नए नजरिये से देखने पर मजबूर किया? जवाब होगा कि ईरान-अमेरिका संकट में पाकिस्तान ने एक तरफ अमेरिका के साथ संवाद और मध्यस्थता की भूमिका निभाई, जबकि दूसरी तरफ ईरान के प्रति अपनी निकटता और क्षेत्रीय हितों को भी साधता रहा। विशेषज्ञों ने भी पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं—विशेषकर ईरान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब से उसके एक साथ जुड़े हितों को देखते हुए। यानी Washington के लिए संदेश यह हो सकता है कि पाकिस्तान को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार की बजाय आवश्यकता पड़ने पर उपयोगी लेकिन स्वार्थ-आधारित साझेदार के रूप में देखना अधिक व्यावहारिक है। लेकिन कश्मीर पर गोर का बयान सिर्फ पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए? मेरे आकलन में नहीं। क्योंकि सर्जियो गोर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए अमेरिकी Travel Advisory की समीक्षा की बात कही। इसके बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को बुलाकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि यह अमेरिकी पारंपरिक कश्मीर-रुख के विपरीत है। इसलिए इसके पीछे कई परतें हो सकती हैं: 1. ईरान: पाकिस्तान की मध्यस्थता और दोहरे हितों से अमेरिकी रणनीतिक संदेह बढ़ा हो। 2. आतंकवाद: अमेरिका के लिए पाकिस्तान की उपयोगिता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन फिर से हो रहा हो। 3. भारत: चीन के मुकाबले भारत का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। 4. कश्मीर: जमीनी सुरक्षा परिस्थितियों को देखकर अमेरिकी धारणा में बदलाव की शुरुआत हुई हो। 5. पाकिस्तान: Washington अब Islamabad को South Asia का अनिवार्य रणनीतिक केंद्र मानने की बजाय भारत को अधिक महत्व दे रहा हो। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि यह बदलाव ईरान संकट के बाद पाकिस्तान की भूमिका बढ़ने के ठीक उसी दौर में दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर अपनी कूटनीतिक उपयोगिता बढ़ाने की कोशिश की थी। लेकिन यदि उसी समय अमेरिका का शीर्ष राजनयिक भारत में जाकर कहता है कि J&K भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, तो यह पाकिस्तान के लिए निश्चित रूप से बड़ा कूटनीतिक झटका है। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि अमेरिका का संदेश है: “Pakistan may be useful, but India is strategically indispensable.” हालांकि अभी इसे अमेरिकी नीति का औपचारिक परिवर्तन नहीं कहा जा सकता। अगली निर्णायक परीक्षा यह होगी कि Washington अपनी आधिकारिक Kashmir language और Travel Advisory में वास्तव में क्या बदलाव करता है। और एक बड़ा प्रश्न इससे निकलता है—क्या ईरान संकट, पाकिस्तान की कथित दोहरी कूटनीति और चीन की बढ़ती चुनौती ने अमेरिका को अंततः यह समझा दिया है कि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान से अधिक भरोसेमंद और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार भारत है? यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण यक्ष प्रश्न है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

