गिर क्षेत्र में संक्रमण से मौत के बाद 500 एशियाई शेरों को दी गई कृमिनाशक दवा: अर्जुन मोढवाडिया
गुजरात के वन विभाग ने गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों की मौत के बाद रोग नियंत्रण उपाय तेज कर दिए हैं
15 साल के वैभव सूर्यवंशी की चमकी किस्मत, भारत की Asian Games 2026 की संभावित टीम में मिली जगह
आईपीएल 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत के 30 संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह मिली है। वहीं टी20 वर्ल्ड कप 2026 के विजेता कप्तान सूर्यकुमार यादव का नाम इस लिस्ट में नहीं है। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से तहलका मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को एक और बड़ी खुशखबरी मिली है। बीसीसीआई ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को 30 संभावित खिलाड़ियों की लिस्ट भेजी है, जिसमें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का नाम भी शामिल है। वैभव ने आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 16 मैचों में 776 रन बनाए और अब इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें राष्ट्रीय चयन की दौड़ में जगह मिलने के रूप में मिला है। संभावित खिलाड़ियों की इस लिस्ट में दूसरा सबसे बड़ा सरप्राइज सूर्यकुमार यादव का नाम शामिल नहीं होना है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक चयनकर्ता अब भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखकर टीम तैयार कर रहे हैं। इसी वजह से सूर्यकुमार का नाम एशियन गेम्स के लिए नहीं रखा गया है। इसके अलावा टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल भी इस लिस्ट में शामिल नहीं हैं। भारत को एशियन गेम्स के दौरान वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे और टी20 सीरीज भी खेलनी है, इसलिए गिल उस सीरीज की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होंगे, जबकि इसी दौरान भारत और वेस्टइंडीज के बीच व्हाइट-बॉल सीरीज भी खेली जाएगी। वहीं सूर्यकुमार यादव के बाहर होने के बाद एशियन गेम्स टीम की कप्तानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और तिलक वर्मा कप्तानी के सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। Vaibhav Sooryavanshi named in India's probables for the Asian Games; Shreyas Iyer and Sanju Samson emerge as leading captaincy candidates. pic.twitter.com/RETNh7NQbG CRICKETNMORE (cricketnmore) May 30, 2026 एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत की 30 सदस्यीय संभावित टीम यशस्वी जायसवाल, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, तिलक वर्मा, जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, नितीश कुमार रेड्डी, प्रसिद्ध कृष्णा, वरुण चक्रवर्ती, अनुकूल रॉय, आयुष बदोनी, हर्ष दुबे, ध्रुव जुरेल, खलील अहमद, रुतुराज गायकवाड़, रवि बिश्नोई, शाहबाज अहमद, शिवम दुबे, विप्रज निगम, हर्षित राणा, यश ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर।
पहलवान विनेश फोगाट को लेकर गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन नेशनल कुश्ती चैंपियनशिप से शुरू हुआ विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। Wrestling Federation of India (WFI) ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें विनेश फोगाट को एशियाई खेल 2026 के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति दी गई थी। WFI ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट के फैसले पर तत्काल रोक लगाने और मामले की जल्द सुनवाई की मांग की है। इस याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस P. S. Narasimha और जस्टिस Alok Aradhe की पीठ सुनवाई करेगी। WFI बोला- बिना पक्ष सुने दिया गया फैसला भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह उर्फ बबलू ने कहा कि हाईकोर्ट ने उनकी पूरी बात सुने बिना फैसला सुना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विनेश फोगाट ने अभी तक संघ द्वारा उठाए गए 15 बिंदुओं पर कोई जवाब नहीं दिया है और लगातार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। संजय सिंह ने कहा कि मामले की तत्काल सुनवाई जरूरी है, क्योंकि शुक्रवार को दिल्ली के आईजी स्टेडियम में सीनियर महिला रेसलिंग टीम के 2026 एशियाई खेलों के चयन ट्रायल होने हैं। गोंडा प्रतियोगिता से शुरू हुआ विवाद दरअसल, 11 मई को विनेश फोगाट गोंडा में आयोजित ओपन सीनियर नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप में हिस्सा लेने पहुंची थीं। हालांकि, भारतीय कुश्ती संघ ने उनसे 15 बिंदुओं पर जवाब मांगते हुए आगामी प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर रोक लगा दी थी। इसी वजह से वह गोंडा की प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकी थीं। इसके बाद विनेश फोगाट ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। पहले उन्हें सिंगल बेंच से राहत नहीं मिली, लेकिन बाद में डबल बेंच ने ट्रायल प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दे दी थी। अब इसी आदेश को चुनौती देते हुए WFI सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। ‘नियमों का लगातार उल्लंघन’ दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि विनेश फोगाट लगातार यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग कमेटी और भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब विनेश को पहले ही प्रतिबंधित किया जा चुका था और वह गोंडा की प्रतियोगिता में शामिल नहीं हुई थीं, तो उन्हें अब ट्रायल में शामिल होने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट भारतीय कुश्ती संघ और देश के पहलवानों को न्याय देगा।
पठानकोट के जिला खेल अधिकारी ने आज अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी कोच हरप्रीत सिंह को सम्मानित किया। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया गया और उन्हें गुलदस्ता व माला भेंट कर सम्मानित किया गया। जिले के विभिन्न खेलों से जुड़े कोच और स्टाफ भी इस दौरान मौजूद रहे। जिला खेल अधिकारी ने कहा कि यह पठानकोट के लिए गर्व की बात है कि शहर के एक कोच ने अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई है। हरप्रीत सिंह लंबे समय से कड़ी मेहनत और लगन से खिलाड़ियों को तैयार कर रहे हैं, जिनके खिलाड़ी राष्ट्रीय शिविरों और विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पदक जीत रहे हैं। खेल विभाग ऐसे अनुभवी कोचों की सेवाएं लेता रहेगा, ताकि जिले के युवा खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। भारतीय टीम ने 13 में से 12 पदक जीते इस अवसर पर हरप्रीत सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पहले एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इसके बाद टीम ताशकंद गई और प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 13 में से 12 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। भारतीय टीम और कोचिंग स्टाफ की सराहना वहां मौजूद कोचों और खेल विशेषज्ञों ने भी भारतीय टीम और कोचिंग स्टाफ की सराहना की। इस मौके पर जिला खेल अधिकारी लवजीत सिंह, कबड्डी कोच गुरप्रीत सिंह, फुटबॉल कोच पूजा रानी, बॉक्सिंग कोच नरिंदर पाल, हॉकी कोच हरजीत, एथलेटिक कोच रवि कुमार और सभी खेल स्टाफ सदस्य उपस्थित थे।
भारत के दिग्गज खेल प्रशासक, पांच बार के ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार विजेता राजा रणधीर सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन पर रामपुर के पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे भारतीय खेल जगत और पटियाला के शाही परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।नवेद मियां ने राजा रणधीर सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय खेलों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रणधीर सिंह एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतने वाले शूटर थे। खेल प्रशासन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्हें भारत, एशिया और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सम्मानित खेल प्रशासकों में गिना जाता था।राजा रणधीर सिंह का जन्म 18 अक्टूबर 1946 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के पटियाला में हुआ था। वह पटियाला के महाराजा भूपिंदर सिंह के छोटे बेटे भालिंद्र सिंह के पुत्र थे। पूरा जीवन खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा उनके पिता भालिंद्र सिंह 1947 से 1992 तक अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य रहे थे। वह भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष भी रहे और 1982 के एशियाई खेलों को दिल्ली लाने में उनकी अहम भूमिका थी। नवेद मियां के अनुसार, राजा रणधीर सिंह का पूरा जीवन खेलों और खिलाड़ियों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर आगे बढ़ाने में विशेष योगदान दिया। उनके निधन से खेल जगत को हुई क्षति की भरपाई करना कठिन होगा।उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में वह पटियाला के शाही परिवार के साथ खड़े हैं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हैं।
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

