एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी narendramodi,asiangames2026एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है: प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक खेल महाशक्ति बनने के लिए पूरी तरह तैयार है। नई दिल्ली में आज वर्ष 2026 के एशियाई खेलों में भाग […]
तिरंगे की शान बढ़ाई, Asian Games के मेडलिस्ट को PM मोदी का संदेश (Video)
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आइची-नागोया एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करके कहा कि यह सफलता अकेले उनकी नहीं बल्कि करोड़ों देशवासियों की है।इस मौके पर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक ...
Asian Games मेडलवीरों से मिले PM Modi: बोले, जुनून जीत में बदले तो चमकता है New India
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय दल ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, तीन साल पहले हांगझोऊ में जीते गए ऐतिहासिक 106 पदकों की तुलना में यह संख्या कुछ कम रही, फिर भी 2026 का प्रदर्शन ऐतिहासिक था, क्योंकि यह एशियाई खेलों में भारत का अब तक का दूसरा सबसे सफल प्रदर्शन रहा। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान खिलाड़ियों ने उन्हें अपनी हस्ताक्षरित (साइन की हुई) जर्सी और हॉकी स्टिक भेंट की, साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में हुए एशियाई खेल हमारे लिए कई मायनों में यादगार रहे हैं। इतने सारे पदक वीर और उन सबको एक साथ मिलना... ये कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत सुखद एहसास होता है। आप सब युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जुनून जब जीत में बदलता है तो वो कैसे मेडल के साथ साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। और देश तो चमकता ही है। मोदी ने कहा कि हमारी पुरुष और महिला हॉकी, दोनों टीमें यहाँ मौजूद हैं; दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। खासकर हमारी महिला हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में, हमारी दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपने ही पिछले रिकॉर्ड को दोहराया है। कबड्डी में, हमारी पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी तरह, हमने तीरंदाजी में पाँच स्वर्ण पदक हासिल किए। हमने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन देखा, और बॉक्सिंग तथा कुश्ती में भी बड़ी सफलताएँ हासिल कीं। हमारे खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड बनाए, और हमने 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में भी एक पदक जीता है। उन्होंने कहा कि 1982 के बाद पहली बार, भारत ने मैराथन में सफलता हासिल की है। यह सचमुच बहुत खुशी की बात है। मैं विशेष रूप से हमारी बेटियों की तारीफ करना चाहूंगा। भारत ने जो 85 पदक जीते हैं, उनमें से 38 पदक हमारी महिला खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। ये पदक केवल कुछ आंकड़े नहीं हैं; ये एक 'नए भारत' की सशक्त तस्वीर पेश करते हैं। आज भारत उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें एशियाई खेलों के इतिहास में हमने पहले कभी कुछ नहीं जीता था - जैसे कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग (नौकायन) के कुछ इवेंट्स। हमारे खिलाड़ियों ने इन खेलों में पहली बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया है... पिछले 12 वर्षों में, भारत ने अपने खिलाड़ियों और खेल इकोसिस्टम को समर्थन देने के लिए बहुत धैर्य, लगन और समर्पण के साथ काम किया है। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, देश ने एक दूरदर्शी सोच के साथ लगातार और समर्पित प्रयास किए हैं। हमने एक अधिक पारदर्शी और आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार किया है। हमने 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) और 'खेलो इंडिया' की शुरुआत की, और समय के साथ इन पहलों का विस्तार भी किया है। 'खेलो इंडिया' का विस्तार करने और खेल महासंघों को मजबूत बनाने के लिए, हमने 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। आज, पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया' केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
जापान में हुए एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का प्रदर्शन काफी शानदार देखने को मिला था, जिसमें कुल 85 पदक जीतने में कामयाबी मिली थी, जिसके बाद आज पीएम मोदी ने सभी पदक विजेताओं के साथ मुलाकात करते हुए उन्हें बधाई दी है।
Asian Champions Trophy की तैयारी में जुटे Abhishek Nain, LA Olympics 2028 पर टिकी नजरें
भारतीय हॉकी खिलाड़ी अभिषेक नैन ने कहा कि जापान में 2026 एशियाई खेलों में पुरुष और महिला टीमों का स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए बहुत गर्व और प्रेरणा की बात है। उन्होंने इस सफर को चुनौतियों से भरा एक सीखने का अनुभव बताया और कहा कि इस ऐतिहासिक 'डबल गोल्ड' ने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए टीम के संकल्प को और मजबूत किया है। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने 2026 एशियाई खेलों में 'डबल गोल्ड' जीतकर इतिहास रच दिया। पुरुष टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा, जबकि महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence नैन ने बताया कि जालंधर में होने वाली आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। नैन ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी प्रेरणा देता है; हमने हॉकी में दो स्वर्ण पदक जीते - एक महिला टीम के साथ और एक पुरुष टीम के साथ। यह हमारे लिए बहुत गर्व का क्षण है और हमारे भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में पहला कदम है। इसने हमें प्रेरित किया है, और हम आने वाले टूर्नामेंटों के लिए तैयार हैं... यह एक शानदार सफर रहा। इसमें कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मैंने कदम-दर-कदम बहुत कुछ सीखा और हासिल किया। कुल मिलाकर, यह एक बेहतरीन सफर रहा... जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी होने वाली है, और हम अभी उसी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद, हमारा लक्ष्य LA (लॉस एंजिल्स) ओलंपिक है, इसलिए हम अपनी तैयारियों को उसी पर केंद्रित करेंगे। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के साथ पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है। पंजाब एक ऐसा राज्य है जिसने इस खेल में बड़ा योगदान दिया है और कई महान खिलाड़ियों की पीढ़ियां तैयार की हैं। डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में, भारत का लक्ष्य अपनी हालिया सफलताओं को आगे बढ़ाना और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने मजबूत रिकॉर्ड को बनाए रखना है। भारत अब तक पांच बार यह खिताब जीत चुका है, जो किसी भी अन्य टीम के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई यह प्रतियोगिता जालंधर में शुरू होगी, जहाँ ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में उद्घाटन समारोह और 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के सभी मैच खेले जाएंगे। इसके बाद, 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को मेडल मैच मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
Asian Market Today: आज (गुरुवार, 15 अक्टूबर) एशियाई बाजारों के लिए दिन की शुरुआत काफी खराब रही। ग्लोबल स्तर पर चिप (सेमीकंडक्टर) शेयरों में आई भारी बिकवाली के दबाव में सभी प्रमुख सूचकांक (indices) लुढ़क गए।एशियाई बाजारों में गिरावटग्लोबल इक्विटी बाजारों में आई भारी बिकवाली का असर एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में भी दिखा। अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कहीं ज्यादा रहे, जिससे बाजार को यह लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है। इसके चलते सेमीकंडक्टर शेयरों में गिरावट आई। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षित निवेश की तलाश में निवेशकों ने ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) की खरीदारी की, जिससे उनकी कीमतें बढ़ीं।आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में निवेश के लिए एक अहम संकेतक माने जाने वाले दक्षिण कोरिया के 'कोस्पी' (KOSPI) इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। इसमें 8% की कमी आई, क्योंकि प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों - सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स - के शेयरों में 8% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। जापान का प्रमुख सूचकांक 'निक्केई 225' (Nikkei 225) दिन के कारोबार के दौरान 4% से ज्यादा टूट गया, जबकि 'टोपिक्स' (TOPIX) में 2% की गिरावट आई।इस बीच, दलाल स्ट्रीट पर 'गिफ्ट निफ्टी' (GIFT Nifty) के संकेत बता रहे हैं कि भारतीय बाजारों में भी आज की शुरुआत नकारात्मक रह सकती है।MSCI एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 2.2% की गिरावट आई, जो जुलाई के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है।टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर धारणा कमजोर बनी रही, और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) इंडेक्स फ्यूचर्स में 0.8% की गिरावट आई। एशियाई बाजारों में यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर आई भारी गिरावट के बाद देखने को मिली है। वॉल स्ट्रीट पर इस गिरावट के कारण 'रसेल 2000' (Russell 2000) इंडेक्स 'करेक्शन' (गिरावट) के दायरे में आ गया। वहीं, अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों को ट्रैक करने वाला एक प्रमुख इंडेक्स लगातार कई दिनों तक गिरता रहा, जो मई 2025 के बाद की सबसे लंबी गिरावट है।अमेरिका में पिछले पांच महीनों में महंगाई का आंकड़ा सबसे ज्यादा रहा। इससे बाजार के निवेशकों को लगने लगा है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है। भले ही अक्टूबर में नीतिगत दरों को स्थिर रखा जाए, लेकिन आगे चलकर दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।महंगाई के आंकड़े आने के बाद शुरुआत में ट्रेजरी सिक्योरिटीज की कीमतों में गिरावट आई थी, लेकिन बाद में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने से उन्होंने अपना ज्यादातर नुकसान कवर कर लिया, क्योंकि उन्हें बॉन्ड पर कई सालों के उच्चतम स्तर का रिटर्न (yield) मिल रहा था। वहीं, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आई। मध्य पूर्व में संघर्ष शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जिससे अमेरिका में महंगाई भी बनी हुई है। इसके चलते अब यह उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त कर सकता है।AI का दौरवहीं दूसरी ओर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी उछाल के बाद अब इक्विटी बाजारों पर दबाव देखने को मिल रहा है। इससे कोविड-19 महामारी के बाद से अमेरिकी बाजार में चल रहा स्थिरता का लंबा दौर अब खत्म हो गया है।एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कारोबार की शुरुआत के साथ ही ट्रेजरी सिक्योरिटीज (सरकारी बॉन्ड) में तेजी आई, क्योंकि इक्विटी बाजार में बिकवाली के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ गई। बेंचमार्क 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड 6 बेसिस पॉइंट घटकर 5.12% रह गई, जबकि 2-वर्षीय ट्रेजरी सिक्योरिटीज पर यील्ड 7 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.73% पर आ गई।लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने की कीमतों में सुधार आया और यह लगभग 4,140 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बेंचमार्क 'ब्रेंट' की कीमत 1.1% गिरकर 104.94 डॉलर प्रति बैरल हो गई, लेकिन पेट्रोलियम की लगातार ऊंची कीमतों के कारण अमेरिका में सितंबर महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में बढ़ोतरी दर्ज की गई।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games 2026 के एथलीटों से New Delhi में 15 अक्टूबर को मिलेंगे PM Narendra Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को एशियाई खेल 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। यह कार्यक्रम नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित होगा। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, खिलाड़ियों के साथ यह बातचीत शाम करीब 4:30 बजे होने की उम्मीद है। इस दौरान भारतीय दल के खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षक, सहयोगी कर्मचारी और खेल जगत से जुड़े कई अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया था। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। यह लगातार दूसरी बार है जब भारत एशियाई खेलों में शीर्ष 5 देशों में शामिल हुआ है। इस प्रदर्शन से अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की बढ़ती ताकत का पता चलता है। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे प्रदर्शन किए, जिन्हें देश के खेल इतिहास में खास जगह मिलेगी। तीरंदाजी की रिकर्व स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। वहीं, पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी उपलब्धि दिलाई। सॉफ्ट टेनिस और मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भी भारत ने पहली बार पदक जीतकर नई शुरुआत की। इसके अलावा, महिला ट्रैप निशानेबाजी में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक मिला। भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ी ने 28 साल के अंतराल के बाद एशियाई खेलों में रजत पदक हासिल किया। ग्रीको-रोमन कुश्ती में भी भारत को रजत पदक मिला, जिससे इस खेल में भारतीय पहलवान के फाइनल तक पहुंचने का 64 साल का इंतजार खत्म हुआ। इन उपलब्धियों ने भारतीय खेलों में नई संभावनाओं को सामने रखा है। प्रधानमंत्री के साथ होने वाली बातचीत में भारतीय ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय खेल महासंघों के अधिकारी और युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के साथ यह मुलाकात उनकी मेहनत और उपलब्धियों को सम्मान देने का अवसर मानी जा रही है। ऐसे कार्यक्रम खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के साथ देश में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने में भी मदद कर सकते हैं। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपये की 5 प्रमुख विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगा। इन परियोजनाओं के साथ क्षेत्र में विकास से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले शैलचित्र संरक्षण पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। इस पार्क का उद्देश्य प्राचीन शैलचित्रों और उनसे जुड़े ऐतिहासिक महत्व को सुरक्षित रखना है। लद्दाख में मौजूद शैलचित्र क्षेत्र की पुरानी सभ्यता, कला और जीवनशैली से जुड़ी अहम जानकारी देते हैं। ऐसे स्थलों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए इतिहास को समझने का रास्ता खोलता है। एक ओर भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर लद्दाख में विकास परियोजनाओं और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम भी होंगे। 15 अक्टूबर का दिन खेल और विकास, दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिहाज से खास रहने की उम्मीद है।
MYAS ने Asian Para Games 2026 के लिए 281 सदस्यीय भारतीय दल को दी मंजूरी
युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर, 2026 तक होने वाले 5वें एशियाई पैरा गेम्स के लिए 281 सदस्यों वाले भारतीय दल को मंज़ूरी दे दी है। इस दल में 168 एथलीट, 98 टीम अधिकारी और सपोर्ट स्टाफ़, और 15 दल स्टाफ़ सदस्य शामिल हैं। यह संख्या 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए पिछले गेम्स में भारत के 303 एथलीटों की तुलना में काफ़ी कम है। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई आकार में कमी की वजह ब्लाइंड चेस, पैरा-रोइंग और पैरा-कैनोइंग जैसे खेलों को शामिल न करना और आयोजन समिति द्वारा कई खेलों में कोटा की सख्त सीमाएं तय करना है। खासकर, भारतीय पैरा एथलेटिक्स टीम, जो पिछले खेलों में 123 एथलीटों के साथ सबसे बड़ी टीम थी, इन कोटा की वजह से घटकर 62 एथलीटों की रह जाएगी। मंजूर किए गए 168 एथलीटों में से 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं, जो 11 खेलों में हिस्सा लेंगे। खेलों के हिसाब से एथलीटों का विवरण इस प्रकार है: पैरा एथलेटिक्स: 62 एथलीट (46 पुरुष, 16 महिलाएं) पैरा बैडमिंटन: 28 एथलीट (17 पुरुष, 11 महिलाएं) पैरा स्विमिंग: 16 एथलीट (14 पुरुष, 2 महिलाएं) पैरा शूटिंग: 13 एथलीट (7 पुरुष, 6 महिलाएं) पैरा आर्चरी: 11 एथलीट (6 पुरुष, 5 महिलाएं) ब्लाइंड फुटबॉल: 10 एथलीट (10 पुरुष) पैरा टेबल टेनिस: 10 एथलीट (4 पुरुष, 6 महिलाएं) पैरा पावरलिफ्टिंग: 8 एथलीट (4 पुरुष, 4 महिलाएं) पैरा जूडो: 7 एथलीट (2 पुरुष, 5 महिलाएं) बोच्चिया: 2 एथलीट (1 पुरुष, 1 महिला) पैरा साइक्लिंग: 1 एथलीट (1 पुरुष) इस दल के साथ 113 अधिकारी होंगे, जिनमें कोच, मेडिकल स्टाफ़ और नेशनल पैरालंपिक कमिटी के प्रतिनिधि शामिल हैं। पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग बेयरर (ध्वजवाहक) होंगे। पैरा बैडमिंटन के जाने-माने खिलाड़ी भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में छह मेडल जीते हैं, जिनमें दो गोल्ड और चार ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। पैरा टेबल टेनिस की प्रमुख खिलाड़ी पटेल ने 2018 से 2023 के बीच एशियन पैरा गेम्स में दो मेडल जीते हैं: एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़।
Asian Games में व्यक्तिगत हार को Jyothi Surekha Vennam ने बताया अप्रत्याशित
अनुभवी कंपाउंड तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नाम ने बुधवार को कहा कि एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में उनका जल्दी बाहर हो जाना ‘काफी अप्रत्याशित’ था। उन्होंने साथ ही स्वीकार किया कि 14 वर्षीय कोरियाई तीरंदाज कांग योनसियो के खिलाफ खराब शुरुआत के बाद उनके पास वापसी का ज्यादा मौका नहीं था। ज्योति ने 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और वह आइची-नागोया खेलों में मौजूदा चैंपियन के रूप में उतरी थीं। हालांकि युवा कोरियाई तीरंदाज ने प्री क्वार्टर फाइनल में 150 में से 150 अंक हासिल करके उन्हें चौंका दिया। ज्योति ने ऑनलाइन बातचीत में कहा, ‘‘मैंने व्यक्तिगत स्पर्धा में अपनी तरफ से पूरी कोशिश की लेकिन मेरी प्रतिद्वंद्वी ने 150 में से 150 अंक हासिल किए। मेरे पास कोई मौका नहीं था क्योंकि पहले दौर में मेरी शुरुआत थोड़ी कमजोर रही। मैंने अपनी तरफ से जो कुछ कर सकती थी वह किया। यह काफी अप्रत्याशित था।’’हालांकि 30 वर्षीय ज्योति ने इस निराशा को जल्द पीछे छोड़ते हुए महिला टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगा कि टीम स्पर्धा अभी बाकी है और मैं उसमें अपना शत प्रतिशत दूंगी।’’भारत ने इन खेलों में तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए नौ पदक जीते जिनमें पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल रहे। इसके साथ ही भारत इस खेल की पदक तालिका में शीर्ष पर रहा। नीरज चौहान ने पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा के कांस्य पदक मुकाबले में शीर्ष वरीयता प्राप्त हमवतन धीरज बोम्मादेवरा को हराया। नीरज ने कहा कि पदक मुकाबले के दौरान उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पर ध्यान देने के बजाय अपने निशाने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह नहीं सोचा कि क्या होगा। मेरा ध्यान अपने निशाने पर था। पहले दौर में मैंने लगातार दो बार 10 अंक हासिल किए तो मुझे लगा कि अगर मैं इसी प्रदर्शन को जारी रख सका तो जीत सकता हूं। मैंने यह नहीं सोचा कि मेरा प्रतिद्वंद्वी कौन है, बस निशाना लगाता रहा।’’नीरज ने धीरज से मिली सलाह का भी जिक्र किया। धीरज ने उन्हें मुकाबले के दौरान पल का आनंद लेने के लिए कहा था। उन्होंने कहा, ‘‘धीरज भैया हमेशा कहते हैं कि परिस्थिति और उस पल का आनंद लो क्योंकि आज जो है, वह कल नहीं होगा और इसके उलट भी हो सकता है।’’नीरज ने कहा, ‘‘मैंने सुबह भैया से बात की थी। हमने सोचा था कि हम दोनों फाइनल में खेलेंगे लेकिन कुछ कमियां रह गईं और हमें कांस्य पदक के लिए मुकाबला करना पड़ा।’’
प्रधानमंत्री मोदी एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से कल नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से कल नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे narendramodi,asiangames2026प्रधानमंत्री मोदी एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से कल नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एशियाई खेल 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से कल नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे। […]
Asian Games खेलकर आए खिलाड़ियों से कल मिलेंगें PM नरेंद्र मोदी
जापान के आइची-नागोया में खेले गए एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल के खिलाड़ियों से कल गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्यक्रम शाम करीब साढ़े चार बजे ...
Stock Market Live Update: 14 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे भारतीय शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। इस बीच, मंगलवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। GIFT निफ्टी 22,765 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 85 अंक नीचे है; इससे भारतीय शेयर बाजार के इंडेक्स के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत मिलता है।Q2 नतीजों के सीज़न के पहले मुख्य हफ़्ते में कंपनियों की कमाई पर सबकी नज़र है; नतीजे घोषित करने के बाद जिन स्टॉक्स पर फोकस है, उनमें Hero Motors, ICICI Pru, Trans and Rectifiers, Tata Elxsi और अन्य शामिल हैं।अन्य कंपनियां जो अपने नतीजे घोषित करने वाली हैं, उनमें Bajaj Consumer, BHEL, Tata Tech और Leela Hotels वगैरह शामिल हैं।
Asian Market: एशियाई शेयरों में रिकवरी देखने को मिली। जबकि इससे पहले दो सेशन में गिरावट आई थी। निवेशकों को उम्मीद है कि US फेडरल रिजर्व को अगले साल अपनी पॉलिसी को बहुत ज़्यादा सख्त करने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। MSCI के एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 0.2% की बढ़त हुई। मंगलवार को चिप शेयरों में भारी गिरावट के कारण यह इंडेक्स अगस्त के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ था। दक्षिण कोरिया का Kospi 1.73% चढ़ा, Taiex में 0.52% और Nikkei 225 में 0.47% की बढ़त हुई, जबकि Topix 0.11% गिर गया। Hang Seng फ्यूचर्स में कोई खास हलचल नहीं दिखी।इस क्षेत्र में दूसरी जगहों पर, चीनी शेयरों के फिर से 'बेयर मार्केट' (गिरावट वाले बाज़ार) में जाने का खतरा बना हुआ है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बात पर शक बढ़ रहा है कि क्या बीजिंग अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने के लिए कोई बड़ा स्टिमुलस (आर्थिक राहत पैकेज) देगा या नहीं।CSI 300 इंडेक्स जून के अपने पीक (उच्चतम स्तर) से 15% से ज़्यादा गिर चुका है और अगस्त 2025 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर है।भारत में, GIFT Nifty - जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन की शुरुआत कैसे करेगा - ने नेगेटिव शुरुआत का संकेत दिया।वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के शेयर ट्रेडिंग पर लगने वाले ट्रांज़ैक्शन टैक्स पर चर्चा सुनने की इच्छा ज़ाहिर करने के बाद देश के शेयरों पर सबकी नज़र है, क्योंकि देश ज़्यादा कैपिटल इनफ्लो (पूंजी का निवेश) आकर्षित करना चाहता है।मंगलवार को उनके भाषण के दौरान Nifty 50 में बढ़त जारी रही और यह 1.6% ऊपर बंद हुआ, जो दो महीने से ज़्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी बढ़त थी।इस बीच, जापान की करेंसी स्थिर रही और शुरुआती कारोबार में 158.33 प्रति डॉलर पर ट्रेड करती रही। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ़ जापान के अधिकारी इस महीने लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पॉलिसी बनाने वालों ने दिसंबर में एक और कदम उठाने का विकल्प खुला रखा है।ऑफशोर युआन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 6.6930 प्रति डॉलर पर रहा। वॉल स्ट्रीट पर शांत कारोबार के बाद इस क्षेत्र में रिकवरी दिखी। न्यूयॉर्क फेड के प्रेसिडेंट जॉन विलियम्स के यह कहने के बाद कि उन्हें लगता है कि इस साल एक और बार ब्याज दरें बढ़ानी चाहिए, लेकिन 2027 में और सख्ती की ज़रूरत नहीं है, S&P 500 ने अपनी शुरुआती गिरावट को कम किया और लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुआ।उनके बयानों से टेक्नोलॉजी शेयरों पर दबाव कम हुआ और माइक्रोसॉफ्ट रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। न्यूयॉर्क में ट्रेडिंग के दौरान US ट्रेजरी में तेज़ी आई और US डॉलर कमज़ोर हुआ, क्योंकि निवेशक ब्याज दरों के आउटलुक पर नए संकेतों के लिए बुधवार के US कंज्यूमर प्राइस डेटा का इंतज़ार कर रहे थे।व्यापक चिंताओं के बावजूद US इक्विटीज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ब्लूमबर्ग के अनुसार, मंगलवार तक 53 सेशन में S&P 500 में एक दिन में 1% की गिरावट नहीं देखी गई, जो जनवरी 2020 के बाद से ऐसा सबसे लंबा दौर था।US अर्निंग्स सीज़न की शुरुआत ने भी सेंटीमेंट को प्रभावित किया। JPMorgan Chase, Citigroup और Wells Fargo, तीनों ने तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड लेंडिंग इनकम दर्ज की, क्योंकि ऊंची दरों के बावजूद ग्राहक लोन लेते रहे।Goldman Sachs में इक्विटी ट्रेडर्स ने अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन फिक्स्ड-इनकम और रेट्स ट्रेडिंग वॉल स्ट्रीट के अनुमानों से काफी पीछे रही। निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ट्रेड के बारे में संकेतों के लिए भी अर्निंग्स पर नज़र रखे हुए थे, जिस पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि इस बात पर संदेह है कि क्या अरबों डॉलर खर्च करने से उतना ही रिटर्न मिलेगा।तेल की कीमतें बढ़ती रहीं। US क्रूड 0.8% बढ़कर लगभग $94.80 प्रति बैरल हो गया, जो लगातार पांचवें दिन की बढ़त थी, क्योंकि वेस्ट एशिया में नए हमलों ने अरब खाड़ी से एनर्जी शिपमेंट की बहाली को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी। ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट शुरुआती एशियाई ट्रेडिंग में $106.51 प्रति बैरल तक बढ़ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% बढ़कर $94.81 हो गया। बाज़ारों को चिंता थी कि क्रूड की ऊंची कीमतें महंगाई को लगातार ऊंचा रख सकती हैं, जिससे बुधवार के US महंगाई के आंकड़ों का महत्व और बढ़ गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
उपलब्धि: डाक बांटने वाली निधि अब एशियाई क्रिकेट में दिखाएंगी दमखम, भारतीय महिला टीम में हुआ चयन
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में घर-घर डाक पहुंचाने वाली निधि अब क्रिकेट के मैदान में भी देश का नाम रोशन करेंगी। मंडी मुख्य डाकघर में पोस्टमैन के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश के बिजनौर की निधि का भारतीय महिला टेनिस बॉल क्रिकेट टीम में चयन हुआ है।
Para Asian Games: भारत के 166 एथलीटों को मिली हरी झंडी, विवादित कोच बाहर
खेल मंत्रालय ने विवादों से घिरी चयन प्रक्रिया के बाद पैरा एशियाई खेलों के लिये 166 खिलाड़ियों को मंजूरी दी है जिसमें विवादित पैरा निशानेबाजी कोच जय प्रकाश नौटियाल को दल से हटा दिया गया है। जापान के आइची नागोया में 18 अक्टूबर से होने वाले खेलों के लिये नौटियाल की जगह जीवन एल राय को दल में जगह दी गई है। नौटियाल पर चयन के बदले धन की मांग और स्थापित मानदंडों का पालन नहीं करने के आरोप लगाये गए हैं। कई निशानेबाजों ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करके उनकी बर्खास्तगी और आरोपों की जांच की मांग की थी। उन्होंने खेल मंत्री मनसुख मांडविया से भी मुलाकात करके अपनी शिकायतें उनके सामने रखीं। इससे पहले पैरा एशियाई दल के विदाई समारोह के दौरान भी उन्होंने प्रदर्शन किया था। 94 टीम अधिकारियों और सहयोगी स्टाफ और 15 दल स्टाफ के साथ भारत का 275 सदस्यीय दल 10 खेलों में भाग लेगा। इनमें 62 एथलेटिक्स में हैं जिनमें 46 पुरूष शामिल हैं। विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता दृष्टिबाधित फर्राटा धाविका सिमरन भी टीम में है। उनके पूर्व गाइड उमर सैफी को डोपिंग के कारण बाहर कर दिया गया। अब उनके नये गाइड शिवम उनके साथ होंगे। साइकिलिस्टों के प्रदर्शन के बावजूद मंत्रालय ने ऐन मौके पर कोई बदलाव नहीं किये हैं और पैरालम्पियन अरशद शेख को ही जगह दी गई है चूंकि टीम में चयन के दावेदारों में उनका प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ था। भारतीय साइकिलिंग महासंघ और भारतीय पैरालम्पिक समिति ने छह अन्य का चयन किया था लेकिन मानदंडों पर खरे नहीं उतरने के कारण उन्हें शामिल नहीं किया गया। टेबल टेनिस में स्वीकृत नामों में पैरालम्पिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल शामिल है। बैडमिंटन में 28 सदस्यीय दल को मंजूरी मिली है जिनमें दुनिया के पूर्व नंबर एक और तोक्यो पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता प्रमोद भगत और पैरालम्पिक रजत पदक विजेता सुहास यथिराज शामिल हैं। भुजाहीन पैरा तीरंदाज शीतल देवी पर भी नजरें होंगी जो पैरा एशियाड में दो स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उनके साथ 18 वर्ष की पायल नाग भी भाग लेंगी जिन्होंने इस साल बैंकॉक में विश्व पैरा तीरंदाजी सीरिज में शीतल को हराया था। निशानेबाजी दल में पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता अवनि लेखरा और मोना अग्रवाल शामिल हैं। मोना ने हाल ही में कोरिया में विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया है।
एशियाई पैरा खेलों के तहत टेबल टेनिस स्पर्धा 16 से 24 अक्टूबर तक खेली जाएगी।
एशियाई शेयर बाजारों में मंगलवार, 13 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनि
76 की उम्र में भी जोश बरकरार: आगरा के राधेश्याम गुप्ता ने एशियाई तैराकी में जीता रजत पदक
76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने बेंगलुरु में आयोजित द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में 200 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीता। आगरा के सेवानिवृत्त हेडमास्टर ने अपनी उम्र को सिर्फ एक आंकड़ा साबित करते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया।
Sonipat News: पैरा एशियाई खेल में फिर तिरंगा लहराने के लिए गुरु और शिष्य का जुनून
पैरा एथलेटिक्स में गुरु-शिष्य अमित सरोहा और धर्मवीर नैन की जोड़ी मिसाल पेश कर रही है ।
Karnal News: जिले के तीन पैरा खिलाड़ी दिखाएंगे एशियाई खेलों में दम
जिले के तीन पैरा खिलाड़ी दिखाएंगे एशियाई खेलों में दम
Delhi NCR News: देवली की वर्षा ने एशियाई डेफ चैंपियनशिप में जीते दो रजत
Deoli's Varsha wins two silver medals at the Asian Deaf Championship
Asian Games से चूके Abhishek Verma, अब 2028 Los Angeles Olympics पर साधा निशाना
भारत के दिग्गज कंपाउंड तीरंदाज अभिषेक वर्मा भले ही एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाए लेकिन उनका हौसला बरकरार है और उन्होंने 2028 में लॉस एंजिलिस और स्वदेश में 2030 में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को अपना लक्ष्य बनाया है। भारत हाल ही में संपन्न हुए आइची-नागोया एशियाई खेलों में कंपाउंड तीरंदाजी में ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला पहला देश बना। साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थी ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। एशियाई खेलों में लगातार चौथी बार भाग लेने से चूकने वाले 37 वर्षीय अभिषेक ने स्वीकार किया कि खेल से दूर रहना निराशाजनक था लेकिन उन्हें संतुष्टि है कि जिन युवा खिलाड़ियों को उन्होंने प्रशिक्षण दिया, वह अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे। अभिषेक ने पीटीआई से कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाने का निश्चित रूप से मुझे दुख हुआ लेकिन मैंने जिन खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया है वे वहां मौजूद थे और उन्होंने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा मैं चाहता था।’’ ओलंपिक कोटा खिलाड़ियों के लिए नहीं बल्कि देश के लिए होते हैं। ओलंपिक के नजदीक होने के समय ट्रायल्स से खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों का चयन किया जाता है। अभिषेक ने कहा कि भारत के कोटा हासिल करने के बाद अब खिलाड़ी पूरी तरह से लॉस एंजिलिस खेलों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘अब हमारे ऊपर से क्वालिफाई करने का दबाव हट गया है। हम बिना किसी रुकावट के पूरी तरह से ओलंपिक पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हमारे पास तैयारी के लिए लगभग डेढ़ साल का समय है और हमें इसका भरपूर फायदा उठाना होगा।’’ वर्मा अपने ओलंपिक सपनों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने तीन एशियाई खेलों में भाग लेते हुए दो स्वर्ण सहित पांच पदक जीतने के साथ-साथ विश्व कप में कई खिताब जीते हैं लेकिन अभी उनका मन नहीं भरा है। उन्होंने कहा, ‘‘यह मानवीय स्वभाव है कि आप जितना अधिक हासिल करते हैं, उतनी ही अधिक आपकी चाहत बढ़ती है। मेरा लक्ष्य 2028 के ओलंपिक हैं। इसके अलावा मैं 2023 में भारत में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों पर भी नजर रख रहा हूं।
अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेशिया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। वियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।
पंजाब में प्रस्तावित पुरुष एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला अब नहीं होगा।
क्या आपको रेचल चू की सिंगापुर की वह यादगार यात्रा याद है, जब अपने बॉयफ्रेंड के साथ छुट्टियां बिताने के दौरान उन्हें दुनिया के सबसे रईस परिवारों में से एक की चकाचौंध भरी दुनिया से रूबरू होने का अनचाहा मौका मिला था? अगर आप इस शानदार रोमांटिक-कॉमेडी के दीवाने हैं, तो आपके लिए एक बेहद रोमांचक खबर है। 'Crazy Rich Asians' एक बार फिर वापसी करने जा रहा है, लेकिन इस बार यह बड़े पर्दे की बजाय एक भव्य HBO सीरीज़ के रूप में दर्शकों के सामने आएगा। 2018 की यह रोमांटिक कॉमेडी फ़िल्म फिर से चर्चा में है क्योंकि HBO ने आठ एपिसोड की सीरीज़ का ऐलान किया है, जिसमें कॉन्स्टेंस वू, हेनरी गोल्डिंग और मिशेल योह अपने किरदारों में वापसी कर रहे हैं। नए शो के आने में अभी कुछ समय है, लेकिन जो दर्शक ओरिजिनल फ़िल्म को दोबारा देखना चाहते हैं, वे इसे भारत में JioHotstar, Netflix और Amazon Prime Video पर देख सकते हैं। भारत में 'Crazy Rich Asians' कहाँ देखें? ओरिजिनल 'Crazy Rich Asians' फ़िल्म JioHotstar, Netflix और Amazon Prime Video पर स्ट्रीम करने के लिए उपलब्ध है। 2018 में रिलीज़ हुई इस फ़िल्म को जॉन एम. चू ने डायरेक्ट किया था और यह केविन क्वान के इसी नाम के बेस्टसेलिंग नॉवेल पर आधारित है। 'Crazy Rich Asians' में क्या होता है? कॉन्स्टेंस वू ने रेचल चू का किरदार निभाया है, जो न्यूयॉर्क में इकोनॉमिक्स की प्रोफ़ेसर हैं और अपने बॉयफ़्रेंड निक यंग (हेनरी गोल्डिंग) के साथ सिंगापुर जाती हैं। रेचल को लगता है कि वह निक के परिवार से मिलने जा रही हैं। उन्हें यह नहीं पता होता कि निक देश के सबसे अमीर परिवारों में से एक से ताल्लुक रखते हैं। इस सरप्राइज़ से उनकी यात्रा का रुख बदल जाता है। निक का परिवार आलीशान घरों और शानदार पार्टियों वाली दुनिया में रहता है, और उनसे ऐसी उम्मीदें रखी जाती हैं जिनका रेचल ने पहले कभी सामना नहीं किया था। निक की माँ, एलेनोर यंग (मिशेल योह), को यह यकीन नहीं होता कि रेचल उनके बेटे के लिए सही जीवनसाथी हैं। जब रेचल परिवार की नाराज़गी को संभालने की कोशिश करती हैं, तो कपल को यह तय करना होता है कि क्या उनका रिश्ता आस-पास के दबाव को झेल पाएगा। फ़िल्म रोमांस और कॉमेडी के साथ-साथ क्लास (सामाजिक स्तर), परिवार की उम्मीदों और ऐसी दुनिया में ढलने की मुश्किल हकीकतों को भी दिखाती है जहाँ पैसे और रुतबे की बहुत अहमियत होती है। फ़िल्म की कास्ट में जेम्मा चैन, ऑक्वाफ़िना, केन जियोंग और रॉनी चिएंग भी शामिल हैं। यह फ़िल्म मुख्य रूप से एशियाई कलाकारों और एशियाई किरदारों पर आधारित एक बड़ी हॉलीवुड रोमांटिक कॉमेडी के तौर पर अपनी सफलता के कारण चर्चा का विषय बनी। HBO सीरीज़ के बारे में क्या जानकारी है? आने वाली सीरीज़ फ़िल्म की घटनाओं के बाद की कहानी दिखाएगी। HBO ने आठ एपिसोड का ऑर्डर दिया है, जिससे कहानी को किरदारों और उनके रिश्तों को और गहराई से दिखाने का मौका मिलेगा। वू और गोल्डिंग, रेचल और निक के तौर पर वापसी कर रहे हैं, जबकि चिएंग, एडी चेंग के अपने किरदार को फिर से निभाएंगे। येओह भी एलेनोर यंग के तौर पर एक बार-बार दिखने वाले किरदार में नज़र आएंगी। एडल लिम, जिन्होंने ओरिजिनल फ़िल्म की कहानी लिखने में मदद की थी, शो-रनर और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर काम करेंगी। जॉन एम. चू और केविन क्वान भी नीना जैकबसन और ब्रैड सिम्पसन के साथ एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर के तौर पर वापसी कर रहे हैं। इस सीरीज़ को HBO और वार्नर ब्रदर्स टेलीविज़न मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। प्रोडक्शन 2027 में शुरू होने वाला है। HBO ने अभी तक प्रीमियर की तारीख का ऐलान नहीं किया है, इसलिए दर्शकों को यह जानने के लिए थोड़ा और इंतज़ार करना होगा कि यंग परिवार स्क्रीन पर कब वापसी करेगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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