Asian Games में Jyothi Yarraji के DNS होने का विश्लेषण, क्या Fitness Clearance में हुई जल्दबाजी?
शनिवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में मेडल जीतने की भारत की उम्मीदों को झटका लगा, क्योंकि पिछले संस्करण की सिल्वर मेडलिस्ट ज्योति याराजी ने वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस होने के बाद अपने पहले राउंड की हीट में हिस्सा नहीं लिया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि याराजी ने अपना वार्म-अप पूरा करने के बाद नाम वापस ले लिया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Neeru Dhanda ने रचा इतिहास, महिला ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड इस बाधा धाविका के घुटने में हल्की स्ट्रेस इंजरी थी और उन्हें आखिरी समय में फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। अधिकारी ने कहा कि पूरा वार्म-अप करने के बाद उन्हें दर्द महसूस हुआ। याराजी ने जुलाई 2025 में अपने दाहिने घुटने के एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) टियर की सर्जरी के बाद इस साल कॉम्पिटिशन में वापसी की थी। वापसी के बाद शनिवार की हीट से उनके हटने और घुटने की समस्या ने भारत के बाकी एथलेटिक्स कैंपेन से पहले चिंता बढ़ा दी है। पिछले एडिशन में 100 मीटर हर्डल्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली याराजी इस इवेंट में भारत की अहम मेडल उम्मीदों में से एक थीं। उनके DNS (शुरुआत नहीं की) का मतलब था कि वह शुरुआती राउंड में हिस्सा नहीं ले पाईं। नंदिनी कोंगन ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करके भारत की उम्मीदें बनाए रखीं। वह हीट 2 में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं और क्वालिफ़ाइंग राउंड से आगे बढ़ीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया जापान की माको फुकुबे ने 12.85 सेकंड में यह हीट जीती, जबकि चीन की यान्नी वू 13.18 सेकंड और इंडोनेशिया की दीना औलिया 13.39 सेकंड के साथ उनके पीछे रहीं। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में भारत के लिए अच्छी खबर रही, क्योंकि अनिमेष कुजूर तीसरे सेमीफ़ाइनल हीट में दूसरे स्थान पर रहकर फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर गए। कुजूर ने 20.81 सेकंड का समय लेकर सीधे क्वालिफ़िकेशन हासिल किया। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 20.10 सेकंड में सेमीफ़ाइनल जीतकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
(तस्वीरों के साथ)... अजय मसंद...नागोया, 29 सितंबर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में मंगलवार को इतिहास रचते हुए भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 28 अंक के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ने इससे पहले महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह जुलाई में इटली में हुए शॉटगन विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। चीन की सुन युनोंग ने 26 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर ने 21 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। नीरू ने कहा, ‘‘मैं यह पदक भारतीय सेना के उन जवानों को समर्पित करती हूं, जो देश की रक्षा के लिए इससे भी बड़ा काम करते हैं। साथ ही इसे दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित करती हूं, जिन्होंने 1978 में एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला ट्रैप स्वर्ण पदक जीता था।’’अपने अब तक के सफर के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘2018 जकार्ता एशियाई खेलों में ट्रैप स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले मेरे चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण ने मुझे ट्रैप निशानेबाजी अपनाने के लिए प्रेरित किया। मैं बाद में भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निशानेबाजी अकादमी चली गई, क्योंकि वहां मुझे निशानेबाजी अभ्यास के लिए बंदूक और कारतूस मुफ्त में मिल रहे थे।’’इससे पहले किसी भी भारतीय महिला ट्रैप निशानेबाज ने एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू (118), आशीमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन की लियू शानशान, युनोंग और झू जिंग्यू की टीम ने 346 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हाजर और अलहवाल सारा की टीम ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में आशीमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 10 टीमों के बीच भारत छठे स्थान पर रहा। शपथ भारद्वाज ने हालांकि आठवें स्थान पर रहकर व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय टीम ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण, कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। यह मौजूदा एशियाई खेलों में निशानेबाजी में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। इन खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या अब पांच हो गई है।
Asian Games 2026: नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के लिए बड़ा दिन है। जी हां आज नीरू ढांडा ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहली भारतीय महिला बन गई हैं। 26 साल की नीरू ने 30 में से 28 निशाने टारगेट पर लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही चीन की सन युनोंग (26 अंक) रजत और हाजर अब्दुलमलिक (21 अंक) ने कांस्य पदक हासिल किया। भारत का एशियन गेम्स 2026 में ये 5वां गोल्ड और व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक है। भारत अब तक 5 गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज अपने नाम कर चुका है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने 328 अंक लेकर ट्रैप इवेंट में सिल्वर अपने नाम किया था। pc- khabargaon.com
Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया
मंगलवार को एशियाई खेलों 2026 में पुरुषों के 80 किग्रा गोल्ड-मेडल मुकाबले में अंकुश पंघाल ने उज़्बेकिस्तान के फ़ज़लिद्दीन एर्किनबोएव को एक रोमांचक सेमीफ़ाइनल में हराकर अपनी जगह बनाई। ESPN के अनुसार, ब्लू कॉर्नर से लड़ते हुए अंकुश ने उज़्बेक साउथपॉ बॉक्सर के खिलाफ़ ज़बरदस्त शुरुआत की; उन्होंने तेज़ी से पंच मारे और अपने दाहिने हाथ व बॉडी शॉट्स से सफलता हासिल की। ज़्यादा पंच मारने के बावजूद, हैरानी की बात यह रही कि भारतीय बॉक्सर को पहला राउंड 1-4 से हारा हुआ घोषित कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Mirabai Chanu ने 49kg Weightlifting में जीता Silver Medal, अपने मेडल कलेक्शन में जोड़ा नया पदक अंकुश ने दूसरे राउंड में ज़बरदस्त वापसी की; उन्होंने एर्किनबोएव की रफ़्तार और काउंटर-पंचिंग की क्षमता का मुक़ाबला करते हुए 3-2 से राउंड अपने नाम किया और मुक़ाबले में बराबरी हासिल की। इसके बाद भारतीय मुक्केबाज़ ने निर्णायक तीसरे राउंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुकाबले पर हावी रहते हुए 5-0 से जीत हासिल की, जिससे कुल मिलाकर 4-1 से जीत पक्की हो गई। अब अंकुश गोल्ड मेडल के लिए दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग से मुकाबला करेंगे। किम ने दूसरे सेमीफाइनल में जॉर्डन के हुसैन इशाईश को हराया। इस जीत के साथ ही भारत ने बॉक्सिंग के एक और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इसी दिन परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं के 65kg गोल्ड-मेडल मुक़ाबले के लिए क्वालिफ़ाई किया। इससे पहले, परवीन ने अपने सेमीफ़ाइनल में चीन की ली शू को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। भारतीय बॉक्सर ने संयमित प्रदर्शन किया; उन्होंने सही मौक़े का इंतज़ार किया, साफ़ पंच मारे और पूरे मुक़ाबले के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: India Win Trap Shooting Gold In Asian Games | 48 साल का सूखा खत्म! Neeru Dhanda ने एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग का गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास फ़ाइनल में परवीन का मुक़ाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। मंगलवार को भारत का एक और पुरुष बॉक्सिंग सेमीफ़ाइनल होना है, जिसमें +90kg कैटेगरी में नरेंद्र का मुक़ाबला कज़ाकिस्तान के आइबेक ओरलबे से होगा। एशियाई खेलों के 10वें दिन भारत के लिए अंकुश की जीत अहम रही; साथ ही शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले नीरू ने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
Asian Games 2026: Neeru Dhanda ने जीता पहला व्यक्तिगत Gold, Trap Shooting में रचा इतिहास
नीरू ढांडा ने एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने क्वालीफाइंग चरण और फाइनल दोनों में बढ़त बनाए रखते हुए महिला ट्रैप स्पर्धा में चीन की सुन युनोंग और कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक को हराकर पहला स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि लगातार बारिश के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, लेकिन ढांडा ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 26 अंक बनाकर खिताब अपने नाम किया। चीन की सुन और कुवैत की हाजर दोनों ने 21 अंक बनाए, जबकि कतर के रे बासिल 16 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में ढांडा ने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की और शुरुआती सीरीज में सभी पांच निशाने भेद दिए। दूसरे राउंड में उनका एक निशाना चूक गया, लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी लय वापस पा ली। तीसरी सीरीज में सभी निशाने भेदने के बाद वह फिर से शीर्ष पर पहुंच गईं और अगले चरण में भी अपनी स्थिति बनाए रखी। चार सीरीज़ के बाद, धंधा ने 20 शॉट्स में 19 हिट्स किए थे। 25 शॉट्स के बाद वह सन से 23-21 से आगे थीं, जबकि हज़र भी एलिमिनेट होने से पहले 21 पर थीं। इसके बाद धंधा ने फ़ाइनल स्टेज को सफलतापूर्वक पार करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इस जीत ने भारतीय शूटर के लिए पहले से ही सफल रहे साल में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ दी है। ढांडा ने जुलाई में इटली के लोनाटो में महिलाओं की ट्रैप प्रतियोगिता में अपना पहला ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में आने से पहले उन्होंने एशियन चैंपियनशिप का खिताब भी जीता था। इंडियन आर्मी मार्कसमैनशिप यूनिट की सदस्य और नायब सूबेदार ढांडा ने मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप टीम इवेंट में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने में भी योगदान दिया था। उन्होंने, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने कुल 328 अंक हासिल किए; वे 346 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले चीन से पीछे और 325 अंकों के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले कुवैत से आगे रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games India Win Gold Medal | महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम पंच, भारत ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में पछाड़कर जीता तीसरा गोल्ड मेडल टीम प्रतियोगिता में ढांडा ने भारत का सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाया और 125 में से 118 टारगेट पर निशाना साधा। उनकी इस व्यक्तिगत सफलता से भारत के कुल मेडल की संख्या 47 हो गई, जिसमें पांच गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इस नतीजे से भारतीय शॉटगन शूटिंग में भी एक बड़ी कामयाबी जुड़ी है; इस खेल में भारत के राइफल और पिस्टल खिलाड़ियों की तुलना में बड़े इवेंट्स में ऐतिहासिक रूप से कम मेडल जीते गए हैं।
Asian Games 2026 : जेवलिन थ्रो में भारत का 'डबल धमाका', यशवीर ने सिल्वर और रोहित ने ब्रॉन्ज़ जीता
PC: navarashtra सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के जेवलिन थ्रो फाइनल में भारत ने दो मेडल जीते। यशवीर सिंह ने सिल्वर और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस इवेंट का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश थरंगा के नाम रहा। भारत के यशवीर सिंह नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 85.72 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यशवीर ने अपने छठे प्रयास में 85.72 मीटर की दूरी तय की। उनका पिछला बेस्ट 85.14 था। यशवीर ने अपने पहले प्रयास में 83.56 मीटर, दूसरे प्रयास में 82.99 मीटर, तीसरे प्रयास में 82.42 मीटर और चौथे प्रयास में 84.31 मीटर थ्रो किया। उनका पांचवां प्रयास 85.14 मीटर था। रोहित ने तीसरे प्रयास में जीत हासिल की दूसरी ओर, रोहित यादव ने 84.35 मीटर के अपने बेस्ट प्रदर्शन के साथ अपने देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। रोहित ने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। उन्होंने पहली कोशिश में 77.25 मीटर, दूसरी में 82.40 मीटर, तीसरी में 84.35 मीटर, चौथी में 82.16 मीटर और पांचवीं कोशिश में 82.15 मीटर भाला फेंका। उनकी छठी कोशिश फाउल रही। श्रीलंका का शानदार प्रदर्शन श्रीलंका के रमेश थरंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। रमेश अपनी चौथी कोशिश में 88 मीटर की दूरी तक पहुंचे, जबकि छठी और आखिरी कोशिश में उन्होंने 88.55 मीटर लंबा भाला फेंककर अपना बेस्ट प्रदर्शन किया। थरंगा अपनी पहली कोशिश में 73.53 मीटर तक पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी अगली कोशिश में 83.34 मीटर लंबा भाला फेंका। उनकी तीसरी कोशिश को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें 88.33 मीटर की लंबाई दी गई, जिससे वह स्टैंडिंग में टॉप पर पहुंच गए। थरंगा की पांचवीं कोशिश भी फाउल थी, लेकिन उन्होंने 88.55 मीटर की आखिरी और छठी कोशिश के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
Asian Games 2026: भारत को मिला एक और गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने बनाया इतिहास
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की नीरू ढांडा ने कमाल का प्रदर्शन किया है। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ वह मौजूदा एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने ट्रैप इवेंट में भारत के 36 साल के लंबे पदक इंतजार को खत्म किया और भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। एशियन गेम्स 2026 में भारत का ये 5वां गोल्ड है।
भारतीय निशानेबाजी के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। स्टार शूटर नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में पहला स्थान हासिल किया और एशियन गेम्स 2026 में भारत की झोली में पांचवां गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) डाल दिया। नीरू एशियन गेम्स के इतिहास में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुछ ही घंटे पहले उन्होंने टीम इवेंट में मनीषा कीर और आशीमा अहलावत के साथ मिलकर भारत के लिए सिल्वर मेडल (रजत पदक) भी जीता था। 48 साल बाद ट्रैप शूटिंग में आया व्यक्तिगत गोल्ड एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप शूटिंग के व्यक्तिगत वर्ग में भारत को 48 साल बाद यह स्वर्णिम सफलता मिली है। इससे पहले 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में रणधीर सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के पूर्व अध्यक्ष रणधीर सिंह का इस साल के शुरू में निधन हो गया था। इसके अलावा, रोंजन सोढ़ी ने 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में पुरुषों के डबल ट्रैप व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड हासिल किया था। हालांकि, एशियन गेम्स के इतिहास में आज तक किसी भी भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट शूटर ने व्यक्तिगत मेडल नहीं जीता था, जिसे नीरू ढांडा ने अपने निशाने से बदलकर एक नया इतिहास रच दिया। क्वालिफिकेशन में एशियन गेम्स का रिकॉर्ड हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली नीरू ढांडा ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी अपने दबदबे का परिचय दिया। उन्होंने कतर की रे बासिल के साथ 118 अंकों का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया और संयुक्त लीडर के रूप में फाइनल में प्रवेश किया। 118 अंकों का यह स्कोर एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड का नया रिकॉर्ड भी बन गया। फाइनल मुकाबले में भी नीरू ने अपनी एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी को बरकरार रखते हुए विरोधियों को पछाड़कर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। 2026 में नीरू ढांडा का स्वर्णिम सफर हरियाणा की यह होनहार शूटर इस पूरे साल जबरदस्त फॉर्म में रही हैं। एशियन गेम्स से पहले, जुलाई में नीरू ने इटली में आयोजित शॉटगन वर्ल्ड कप के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उस समय भी वे वर्ल्ड कप के इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। एशियन गेम्स 2026 में एक ही दिन में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर उन्होंने भारतीय खेल जगत में अपनी एक खास पहचान बना ली है।
Asian Games 2026: भारतीय क्रिकेट टीम पहुंची सेमीफाइनल में, श्रीलंका के साथ होगा मुकाबला
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स 2026 में बारिश का खलल पड़ा है। इस बारिश ने मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का रोमांच फीका कर दिया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाने वाले चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबले एक भी गेंद फेंके बिना रद्द करने पड़े, इसका सीधा फायदा बेहतर रैंकिंग वाली टीमों को मिला। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीम्स ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत का क्वार्टर फाइनल 28 सितंबर (सोमवार) को अफगानिस्तान के खिलाफ था, लेकिन बारिश के कारण मुकाबला शुरू ही नहीं हो सका। ऐसे में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। अब भारत का सामना श्रीलंका से होगा। भारत और श्रीलंका के बीच सेमीफाइनल मुकाबला 1 अक्टूबर (गुरुवार) को खेला जाएगा। श्रीलंका भी मंगलवार (29 सितंबर) अपने क्वार्टर फाइनल में नेपाल के खिलाफ मैदान पर नहीं उतर सका। लगातार बारिश के चलते मुकाबला रद्द हुआ और श्रीलंकाई टीम अंतिम चार में पहुंच गई। pc-hindustan
Asian Games: नीरू ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड, महिलाओं के इवेंट में रचा नया इतिहास
Asian Games: नीरू ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड, महिलाओं के इवेंट में रचा नया इतिहास
Asian Games में महिला Trap Team ने जीता रजत पदक, नीरू ने बनाया रिकॉर्ड
भारतीय महिला निशानेबाजों ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि पुरुष टीम को निराशाजनक छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। नीरू धांडा (118), आशिमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष पर रही। चीन की टीम में लियू शानशान, सुन युनोंग और झू जिंग्यू शामिल थीं। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हजर और अलहवाल सारा की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा के आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से 118 अंक हासिल किए, जो एशियाई खेलों में क्वालीफिकेशन का नया रिकॉर्ड है। व्यक्तिगत स्पर्धा में आशिमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं। भारतीय पुरुष ट्रैप टीम 10 टीमों के बीच निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रही। शपथ भारद्वाज हालांकि आठवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय तिकड़ी ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।
एशियाई खेलों में Bronze Medal जीतने के बाद बोले Rohit Yadav, अब दबाव मुक्त होकर खेलूंगा
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 29 सितंबर एशियाई खेलों में भाला फेंक का कांस्य पदक जीतकर रोहित यादव ने वर्षों से झेल रहे दबाव से राहत महसूस करते हुए कहा कि वह अब बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकेंगे। पच्चीस वर्षीय रोहित ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार रुमेश पाथिरागे ने 88.55 मीटर के प्रयास से स्वर्ण, जबकि भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। रोहित ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैंने इससे पहले किसी बड़ी चैंपियनशिप में पदक नहीं जीता था। किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह मेरा पहला पदक है। मैं बहुत खुश हूं। आखिरकार मेरा खाता खुल गया।’’रोहित ने कहा, ‘‘मैं ऐसे परिवार से आता हूं, जहां खेलों का माहौल नहीं है। इसलिए घर में लोग कहते थे, ‘तुम इतने साल से इतनी मेहनत कर रहे हो, लेकिन कोई पदक नहीं जीत पाए। आखिर तुम्हारे पास है क्या।’’उन्होंने कहा, ‘‘परिवार और दोस्तों की ओर से मुझ पर जो दबाव था, वह इस पदक के बाद अब खत्म हो गया है। मैं कई वर्षों से बहुत दबाव में था। मुझे नहीं पता कि बड़े पदक जीतने से मैं बार-बार क्यों चूक जाता था। लेकिन एशियाई खेलों के इस पदक के बाद अब मैं बिना किसी दबाव के खेलूंगा। मैं खुलकर प्रतिस्पर्धा करूंगा।’’रोहित का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.68 मीटर है। जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 87.05 मीटर के शानदार प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी लगातार बड़े प्रयास नहीं कर पाने पर उन्होंने निराशा जताई थी। यही कमी उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक से दूर करती रही थी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह 81.56 मीटर के साधारण प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए विश्व एथलेटिक्स ‘सिल्वर लेवल कॉन्टिनेंटल टूर’ प्रतियोगिता में 87.68 मीटर के प्रयास से खिताब जीता। रोहित ने कहा, ‘‘‘यह विश्वस्तरीय खिलाड़ियों वाला मुकाबला था। लेकिन भारत में अपनी पिछली प्रतियोगिता में मैंने 87.68 मीटर भाला फेंका था, जो विश्वस्तरीय प्रयास था। मैं ठीक हूं और पदक जीतने से खुश हूं, लेकिन बहुत संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सका। मेरा प्रयास उस स्तर का नहीं था, जिसकी मुझे उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल मेरा लक्ष्य 88, 89 और 90 मीटर से अधिक की दूरी हासिल करना है। मैं अगले साल डायमंड लीग, एशियाई चैंपियनशिप और चीन में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। इस साल का प्रदर्शन ठीक रहा। मैंने दो बार 87 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका।’’रोहित ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि भविष्य में मैं पदक का रंग बदल पाऊंगा।’’बारिश के कारण मैदान पर फिसलन के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थी और इसी वजह से भाले को सही तरीके से रिलीज नहीं कर पा रहा था। लेकिन परिस्थितियां सभी खिलाड़ियों के लिए समान थीं, इसलिए मैं इसे बहाना नहीं बनाऊंगा।’’रोहित ने इस पदक को अपने पिता को समर्पित करते हुए कहा, ‘‘‘मैं यह पदक अपने पिता को समर्पित करता हूं। मेरे पिता ने बहुत संघर्ष देखा है। यहां आने के बाद मैंने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह खेलना पसंद है, उसी तरह खेलो। मैंने उनसे कहा था कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं बड़ा प्रयास नहीं कर सका, लेकिन अब मैं उन्हें बताऊंगा कि मैंने पदक जीत लिया है। वह बहुत खुश होंगे।
Asian Games में Rumesh Pathirage ने जीता स्वर्ण, Neeraj Chopra की गैरमौजूदगी पर जताया दुख
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 29 सितंबर श्रीलंका के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पाथिरागे ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर होने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि उन्हें इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में उनकी कमी खली। चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा पिछले महीने अभ्यास के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण इस बार मैदान पर नहीं उतर सके। इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंक चुके पाथिरागे ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 88.55 मीटर के प्रयास के साथ पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी अपने छठे और अंतिम प्रयास में हासिल की। चोटिल चोपड़ा की जगह भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। भारत के ही रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पाथिरागे ने सोमवार को स्पर्धा के बाद पीटीआई से बातचीत में चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘‘हां, लुसाने डायमंड लीग के बाद उनके टखने में थोड़ी चोट लगी थी। यह उनका दुर्भाग्य है।’’इस 23 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं कभी-कभी उनसे (चोपड़ा से) बात करता हूं।’’पिछले साल जुलाई में बेंगलुरु में आयोजित पहली एनसी (नीरज चोपड़ा) क्लासिक भाला फेंक प्रतियोगिता के लिए चोपड़ा ने पाथिरागे को आमंत्रित किया था। इस प्रतियोगिता के मेजबान चोपड़ा ने 86.18 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया था, जबकि पाथिरागे 84.34 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। इस साल हालांकि तस्वीर बदल गई। पाथिरागे ने उन तीनों प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की, जिनमें चोपड़ा ने हिस्सा लिया था। उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग जीती, जिसमें चोपड़ा चौथे स्थान पर रहे थे। इसके बाद पाथिरागे ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता, जबकि चोपड़ा ने रजत पदक हासिल किया। अगस्त में लुसाने डायमंड लीग में भी पाथिरागे ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि चोपड़ा एक बार फिर दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में तीनों पदक दक्षिण एशियाई खिलाड़ियों के नाम रहे। पाथिरागे ने यशवीर और रोहित की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘यशवीर और रोहित बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। उनका औसत प्रदर्शन 85 मीटर के आसपास रहा है। मुझे लगता है कि अगले साल यशवीर और रोहित भारत के लिए बड़े प्रयास कर सकते हैं।’’पाथिरागे ने इस साल जिन 14 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, उनमें से 13 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एक प्रतियोगिता में वह दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने चार डायमंड लीग मुकाबलों के अलावा डायमंड लीग फाइनल, विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के खिताब भी जीते हैं। इस साल तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंकने और लगातार खिताब जीतने के पीछे के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘‘कोई रहस्य नहीं है, हर साल की तरह सामान्य प्रशिक्षण ही करता हूं।’’एशियाई खेलों की भाला फेंक स्पर्धा के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के कारण परिस्थितियां अच्छी नहीं थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाले पर सही पकड़ नहीं बना पा रहा था। मैं खेलों का रिकॉर्ड और एशियाई रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था, लेकिन 90 मीटर जैसे बड़े प्रयास नहीं कर सका।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हालांकि एशियाई खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला श्रीलंकाई खिलाड़ी बनकर खुश हूं।’’भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर पाथिरागे ने कहा, ‘‘मेरा अगला लक्ष्य अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप और फिर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक है।
एशियन गेम्स 2026 के सभी चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से धुल गए। इस वजह से भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान ने बेहतर रैंक के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में दो क्वार्टर फाइनल होने थे। पहला क्वार्टर फाइनल पाकिस्तान और हांगकांग के बीच होना था और दूसरा क्वार्टर फाइनल भारत और अफगानिस्तान के बीच होना था। दोनों ही मैच बारिश की भेंट चढ़ गए और बिना टॉस के ही रद्द कर दिए गए। पहले क्वार्टर फाइनल से पाकिस्तान और दूसरे क्वार्टर फाइनल से भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। मंगलवार को इवेंट के तीसरे और चौथे क्वार्टर फाइनल कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही खेले जाने थे। तीसरा क्वार्टर फाइनल श्रीलंका और नेपाल के बीच होना था, जबकि चौथा क्वार्टर फाइनल बांग्लादेश और मलेशिया के बीच होना था। ये दोनों ही क्वार्टर फाइनल भी बारिश की वजह से बिना टॉस के रद्द कर दिए गए। तीसरे क्वार्टर फाइनल से श्रीलंका और चौथे क्वार्टर फाइनल से बांग्लादेश को सेमीफाइनल में भेजा गया है। क्वार्टर फाइनल फेज की समाप्ति के बाद सेमीफाइनल की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। पहला सेमीफाइनल गुरुवार (1 अक्टूबर) को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। इसी दिन दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और भारत के बीच सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने हैं। क्वार्टर फाइनल फेज के पूरी तरह बारिश से धुल जाने के बाद सेमीफाइनल को लेकर टीमों, आयोजकों और क्रिकेट फैंस के मन में चिंता बनी हुई है। क्वार्टर फाइनल की तरह अगर सेमीफाइनल भी बारिश की वजह से धुला तो बेहद चिंताजनक होगा। पहला सेमीफाइनल गुरुवार (1 अक्टूबर) को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। इसी दिन दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और भारत के बीच सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
Asian Games Squash: भारतीय महिला टीम ने Iran को 3-0 से रौंदकर क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला स्क्वॉश टीम ने एशियाई खेलों में मंगलवार को ग्रुप चरण के अपने आखिरी मुकाबले में ईरान को 3-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पहले एकल मैच में प्रतिद्वंद्वी के बीच में ही हटने के कारण तन्वी खन्ना को विजेता घोषित किया गया। तन्वी के खिलाफ नरगिस सोल्तानी 5-11, 0-3 से पीछे चल रही थीं, तभी उन्होंने मुकाबले से हटने का फैसला किया। इसके बाद व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीत चुकीं अनाहत सिंह ने फेरेश्तेह इघतेदारी को 3-0 से हराकर भारत को 2-0 की अजेय बढ़त दिला दी। अनाहत ने मुकाबला 11-5, 11-4, 11-7 से अपने नाम किया। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने तीसरे एकल मुकाबले में नजमेह बौशेहरिजादेह को 3-0 (1-1, 11-3, 11-9) से मात देकर भारत की 3-0 की जीत पूरी की। भारत ने पूल सी में अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में चीन और जापान को भी हराया था। इस तरह भारतीय टीम ग्रुप तालिका में शीर्ष पर रही। क्वार्टर फाइनल में भारत का सामना बुधवार को सिंगापुर से होगा।
Also Read: LIVE Cricket Score Top Cricket News में Asian Games 2026 से Najmul Hossain Shanto के बाहर होने और Team India-Sri Lanka सेमीफाइनल की खबर है। Buttler भी ट्राई सीरीज नहीं खेलेंगे। बांग्लादेश को लगा तगड़ा झटका, एशियन गेम्स 2026 से बाहर हुए Najmul Hossain Shanto एशियन गेम्स के सेमीफाइनल की तस्वीर हुई साफ, Team India की होगी Sri Lanka से भिड़ंत इंग्लैंड के खेमे से आई बुरी खबर, पाकिस्तान में होने वाली ट्राई सीरीज से बाहर हुए Jos Butter ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए साउथ अफ्रीका की प्रारंभिक टीम घोषित, कगिसो रबाडा की हुई वापसी ऑस्ट्रेलिया को एक साथ लगे दो बड़े झटके, नाथन एलिस और जोएल डेविस हुए चोटिल; साउथ अफ्रीका ODI सीरीज के तीसरे मुकाबले से बाहर।
Asian Games 2026 Live Update: महिला ट्रैप टीम इवेंट में भारत ने जीता सिल्वर, चीन ने हासिल किया गोल्ड
Asian Games 2026 Live Update: महिला ट्रैप टीम इवेंट में भारत ने जीता सिल्वर, चीन ने हासिल किया गोल्ड
भारतीय तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान ने एशियाई खेलों में मंगलवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। प्री-क्वार्टर फाइनल में नीरज ने दक्षिण कोरिया के 22 वर्षीय किम जे डिओक को 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। किम तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। नीरज ने मुकाबला 30-28, 29-29, 29-30, 29-29, 29-27 के स्कोर से अपने नाम किया। धीरज ने चीनी ताइपे के चेंग ह्सियांग-हुई को 6-2 से मात दी। धीरज ने 29-27, 27-28, 30-28, 29-28 के स्कोर से जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में धीरज का सामना उज्बेकिस्तान के अमिरखोन सादिकोव से होगा, जबकि नीरज चौहान भूटान के लाम दोरजी के खिलाफ उतरेंगे। इससे पहले धीरज ने अंतिम 32 में फिलीपींस के गिरविन कलन निगेल गार्सिया को 6-0 से हराया था। नीरज ने इंडोनेशिया के रियाउ ईगा अगाता सालसाबिला को 6-4 से मात देकर प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स 2026 में 29 सितंबर को भारत के लिए एक और अहम दिन है।
Asian Games 2026 Live: गुलवीर सिंह और अनुष्का यादव से मेडल की उम्मीदें, भारत के खाते में 45 पदक
एशियन गेम्स 2026 के 9वें दिन (28 सितंबर) भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 मेडल हासिल किए, जिससे कुल पदकों की संख्या 45 हो गई है और भारत मेडल टैली में 12वें स्थान पर पहुंच गया है।
Asian Games 2026 में आज ऐसा है भारत का शेड्यूल, जानिए कौन कब उतरेगा मैदान में और कब है मेडल मैच?
Asian Games 2026 India Schedule Today: भारत का एशियाई खेलों में आज यानी मंगलवार 29 सितंबर का कार्यक्रम किस प्रकार है? इसके बारे में जान लीजिए। तीरंदाज आज अपना जौहर दिखाते नजर आएंगे।
बिजनेस: कोफोर्ज अध्यक्ष बने अखिल कु. गुप्ता; एचसीएल टेक ने क्रोएशियाई कंपनीका 90 लाख यूरो में अधिग्रहण किया
Bhiwani News: मुक्केबाज प्रिया घणघस एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचीं
मुक्केबाज प्रिया घणघस एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचीं
Asian Games में पदक विजेताओं को PM Narendra Modi ने सराहा, दी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के खिलाड़ियों पारुल चौधरी, यशवीर सिंह, रोहित यादव, पिंकी बलहारा, ईशा सिंह और मुरली श्रीशंकर को बधाई दी और उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। मोदी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल को बधाई दी और उनकी सफलता को उदीयमान एथलीटों के लिए प्रेरणादायक बताया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल चौधरी को हार्दिक बधाई। उनकी सफलता उभरते हुए एथलीटों के लिए बहुत प्रेरणादायक है। उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं।’’मोदी ने भाला फेंक में यशवीर सिंह और रोहित यादव की शानदार उपलब्धि की भी सराहना की। यशवीर ने 85.72 मीटर के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता, जबकि रोहित ने 84.35 मीटर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। मोदी ने लिखा, ‘‘एशियाई खेलों के पोडियम पर दो भारतीय भाला फेंक खिलाड़ी। यशवीर सिंह को व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक और रोहित यादव को कांस्य पदक जीतने पर बधाई। दोनों खिलाड़ियों और भारतीय एथलेटिक्स के लिए यह एक शानदार परिणाम है। उन्हें भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने महिलाओं के 78 किलोग्राम कुराश स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने पर पिंकी बलहारा को बधाई दी तथा उनकी ‘‘दृढ़ता और संकल्प’’ की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों की कुराश प्रतियोगिता में महिलाओं के 78 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक जीतने पर पिंकी बलहारा को हार्दिक बधाई। उन्होंने पूरे मुकाबले में जबरदस्त साहस और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया। आशा है कि वह आने वाले समय में और भी गौरव हासिल करेंगी।’’महिला 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज ईशा सिंह भी मोदी की प्रशंसा पाने वाली अन्य खिलाड़ी थीं। प्रधानमंत्री ने उनकी सटीकता और संयम की सराहना की। मोदी ने लिखा, ‘‘एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर ईशा सिंह को हार्दिक बधाई। ईशा ने सटीकता और संयम का शानदार प्रदर्शन किया। उन्हें भविष्य में और भी कई सफलताओं के लिए शुभकामनाएं।’’मोदी ने श्रीशंकर को भी बधाई दी, जिन्होंने लंबी कूद में 8.07 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। श्रीशंकर ने हांगझोऊ एशियाई खेलों और इस साल के राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। मोदी ने कहा, ‘‘मुरली श्रीशंकर को एशियाई खेलों में एक और पदक। उनकी छलांग ने उन्हें पुरुषों की लंबी कूद के पोडियम पर जगह दिलाई। उन्हें हार्दिक बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।
Asian Games में शानदार प्रदर्शन पर President Murmu ने पदक विजेताओं को दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों के नौवें दिन सोमवार को पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी को बधाई दी। यह इन खेलों में पारुल का दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में भी कांस्य पदक जीता था। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर पारुल चौधरी को हार्दिक बधाई। खेलों में दो दिन में दो पदक जीतना शानदार उपलब्धि है। यह यादगार प्रदर्शन आपको खेल यात्रा में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करे।’’एक अन्य पोस्ट में राष्ट्रपति ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतने पर गुलवीर सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ यह उपलब्धि और भी सराहनीय हो जाती है। 10,000 मीटर में आपके रजत पदक के बाद यह इन खेलों में ट्रैक पर एक और शानदार प्रदर्शन है। आने वाले वर्षों में कई और उपलब्धियां हासिल करने के लिए मेरी शुभकामनाएं।’’राष्ट्रपति ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली विथ्या रामराज को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ आपके शानदार प्रदर्शन ने भारत की एथलेटिक्स यात्रा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि जोड़ी है। आपका रिकॉर्ड प्रदर्शन युवा पीढ़ी को ऊंचे लक्ष्य तय करने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा।’’राष्ट्रपति मुर्मू ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर ईशा सिंह को भी बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘‘ईशा सिंह को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई। आपके शानदार प्रदर्शन में बेहतरीन कौशल, सटीकता और निरंतरता दिखाई दी। यह पदक आपकी खेल यात्रा में एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। आने वाले समय में कई और सफलताओं के लिए मेरी शुभकामनाएं।
Asian Games में भारत ने जीते 6 पदक, Sensex 1124 अंक टूटा
नयी दिल्ली, 28 सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार रात नौ बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं : खेल64खेल एशियाड एथलेटिक्स पांचवीं लीड भारतश्रीशंकर, गुलवीर और यशवीर को रजत, भारत ने एथलेटिक्स में छह पदक जीतेनागोया, गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक जीता जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में दूसरे स्थान पर रहे जिससे भारत ने सोमवार को यहां एथलेटिक्स में छह पदक जीते। दि115राहुल लीड एसआईआरज्ञानेश तो जाएंगे, उनसे सब कुछ करवाने वाले ‘सिस्टम’ का भी हिसाब होगा : राहुलनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितता को लेकर सोमवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि सीईसी को तो जाना पड़ेगा, लेकिन उस ‘‘सिस्टम’’ का भी हिसाब होगा, जिसने उनसे यह सब करवाया है। दि91कांग्रेस सीईसी लीड प्रदर्शनसीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का देशभर में प्रदर्शननयी दिल्ली, कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद को लेकर सोमवार को देशभर में जिले स्तर पर प्रदर्शन किया तथा मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रादे126पंजाब एलपीयू दूसरी लीड छात्रएलपीयू प्रदर्शन: परिसर में शांति कायम हुई, विद्यार्थी घर लौटे, पुलिस की कार्रवाई की चेतावनीफगवाड़ा, पंजाब में कपूरथला जिले के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) में हिंसक विरोध-प्रदर्शन के एक दिन बाद सोमवार को स्थिति शांतिपूर्ण हो गयी। दि34 : न्यायालय सोहराबुद्दीन मुठभेड़सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामला: 22 आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर विचार करेगा न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति से जुड़े 2005 के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत 22 आरोपियों को बरी किए जाने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने को लेकर सोमवार को सहमति जताई। दि41न्यायालय तृणमूल निर्वाचन आयोगन्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नाम और चुनाव चिह्न विवाद पर निर्वाचन आयोग के फैसले के लिए समयसीमा तय कीनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग को तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी धड़ों के बीच पार्टी के नाम और ‘‘जोड़ा फूल’’ चुनाव चिह्न को लेकर विवाद पर फैसला करने का निर्देश दिया। प्रादे 72जम्मू कश्मीर प्रस्तावभाजपा के विरोध के बीच जम्मू कश्मीर विधानसभा ने पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पारित कियाश्रीनगर, जम्मू कश्मीर विधानसभा ने सोमवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्यों के सदन से बहिर्गमन के बीच पूर्ण राज्य का दर्जा तत्काल बहाल करने की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया। प्रादे117बिहार विधान परिषद सभापति इस्तीफाबिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफापटना, बिहार विधान परिषद के सभापति और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच सत्ता साझेदारी की व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है। प्रादे124मप्र अदालत लीड शाही मस्जिदशाही मस्जिद मामला : मुस्लिम पक्ष की दो अपील का निस्तारण, याचिकाकर्ताओं ने समझौते का हवाला दियाइंदौर, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने उज्जैन में वर्ष 2028 के दौरान लगने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ी करने के लिए ऐतिहासिक शाही मस्जिद के बाधक हिस्सों को हटाए जाने के मामले में मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर दो रिट अपील का सोमवार को निपटारा कर दिया। अर्थ74टाटा ट्रस्ट पुनर्गठनटाटा ट्रस्ट ने रखा टाटा संस के पुनर्गठन का प्रस्ताव, शेयर बाजार में सूचीबद्धता से बचाने की पहलमुंबई, टाटा ट्रस्ट ने टाटा संस को एनबीएफसी और प्रमुख निवेश कंपनी (सीआईसी) के नियामकीय दायरे से बाहर लाने के लिए सोमवार को उसके पुनर्गठन का प्रस्ताव रखा। इसके तहत समूह की दो कंपनियों का टाटा संस में विलय किया जाएगा, जिससे टाटा संस को गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी के रूप में बनाए रखा जा सके। अर्थ40लीड शेयरसेंसेक्स 1,124 अंक का गोता लगाकर छह महीने के निचले स्तर पर, निफ्टी 360 अंक टूटामुंबई, कच्चे तेल के दाम में तेजी, वैश्विक अनिश्चितता और कमजोर वैश्विक रुख से स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट आई और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 1,124 अंक का गोता लगाकर छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई निफ्टी 22,800 अंक के नीचे रहा। नीचे रहा। खेल60खेल एशियाड दूसरी संपूर्ण लीड भारतएशियाई खेल : आज भी नहीं मिला पीला तमगा, ईशा, श्रीशंकर, यशवीर और गुलवीर ने जीते रजतनागोया, युवा निशानेबाज ईशा सिंह ,लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक में यशवीर सिंह ने एशियाई खेलों में सोमवार को भारत की झोली में रजत पदक डाले हालांकि स्वर्णिम सफलता के करीब पहुंचकर चूकने का सिलसिला जारी रहा। वि10द.अफ्रीका गोलीबारी मृतक संख्याद. अफ्रीका में सप्ताहांत हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में मृतक संख्या बढ़कर 28 हुई, एक और पीड़ित की मौतजोहानिसबर्ग, दक्षिण अफ्रीका में सप्ताहांत हुई गोलीबारी की दो घटनाओं में घायल एक पीड़ित ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया जिसके बाद इन घटनाओं मरने वालों की कुल संख्या सोमवार को बढ़कर 28 हो गई। वि20अमेरिका ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्री मोदीभारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए मोदी और मैं उत्सुक: अल्बनीजन्यूयॉर्क, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने कहा है कि भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाया और वह तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘‘इसे ठीक करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।
Asian Games में 29 सितंबर को भारतीय दल का पूरा शेड्यूल जारी, कई पदकों के लिए उतरेंगे खिलाड़ी
भारत का एशियाई खेलों में 29 सितंबर का कार्यक्रम इस प्रकार है। सभी समय भारतीय समयानुसार हैं। तीरंदाजी:पुरुषों की रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा, एलिमिनेशन राउंड: धीरज बोम्मादेवरा और नीरज चौहान, सुबह 5.30 बजे।महिला रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा: कीर्ति और कुमकुम मोहद सुबह 9.45 बजे। एथलेटिक्स:पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल: देव कुमार मीना और कुलदीप कुमार दोपहर 2.50 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ऊंची कूद का फाइनल: पूजा और सुप्रिया बसवराजू दोपहर 3.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला हैमर थ्रो फाइनल: अनुष्का यादव और तान्या चौधरी, दोपहर 4.05 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला की 800 मीटर फाइनल: गौतमी जयरामन और पूजा, दोपहर 4.20 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 800 मीटर फाइनल: मोहम्मद अफसाल, दोपहर 4.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 5000 मीटर फाइनल: गुलवीर सिंह और अविनाश साबले, शाम 4.45 बजे। (पदक स्पर्धा)।मिश्रित चार गुणा 100 मीटर रिले फाइनल: शाम 5.18 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला चार गुणा 400 मीटर रिले का फाइनल: शाम 5.35 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष चार गुणा 400 मीटर रिले का फाइनल: शाम 5.47 बजे। (पदक स्पर्धा)। मुक्केबाजी:महिला 65 किग्रा सेमीफाइनल: परवीन बनाम ली शू (चीन) सुबह 10.15 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 80 किग्रा सेमीफ़ाइनल: अंकुश पंघाल बनाम फ़ज़लिद्दीन एर्किनबोव (उज़्बेकिस्तान) सुबह 11 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष 90 किग्रा से अधिक सेमीफ़ाइनल: नरेंद्र बनाम आइबेक ओरलबे (कज़ाकिस्तान) सुबह 11.30 बजे। (पदक स्पर्धा)। कैनो स्लैलम:पुरुष कयाक सिंगल हीट: हितेश केवट और प्रद्युम्न सिंह राठौड़ सुबह 7 बजे से।महिला कैनो सिंगल हीट: पल्लवी जगताप और रीना सेन सुबह 7 बजे से।महिला कयाक सिंगल हीट: शिखा चौहान सुबह 7 बजे से। कुराश:पुरुषों का 66 किलोग्राम वर्ग, राउंड ऑफ़ 16: विपिन कुमार सुबह 6.24 बजे। सेलिंग:पुरुषों की डिंघी, क्वालीफाइंग सीरीज रेस 3: विष्णु सरवनन सुबह 10 बजे। निशानेबाजी:पुरुषों का ट्रैप व्यक्तिगत क्वालीफाइंग और टीम फ़ाइनल: शपथ भारद्वाज, कायनन चेनाई और अहवर रिज़वी सुबह 6.30 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ट्रैप व्यक्तिगत क्वालीफाइंग और टीम फाइनल: नीरू, मनीषा कीर और आशिमा अहलावत सुबह 6.30 बजे। (पदक स्पर्धा)।महिला ट्रैप व्यक्तिगत फाइनल (क्वालीफाई करने पर): नीरू, मनीषा कीर और आशीमा अहलावत सुबह 10:30 बजे। (पदक स्पर्धा)।पुरुष ट्रैप व्यक्तिगत फ़ाइनल (क्वालीफाई करने पर): शपथ भारद्वाज, कायनन चेनाई और अहवर रिज़वी दोपहर 12 बजे। (पदक स्पर्धा)। स्क्वाश:महिला टीम, ग्रुप मैच: भारत बनाम ईरान, सुबह 6.30 बजे। सर्फिंग:पुरुषों के शॉर्टबोर्ड क्वार्टरफाइनल: किशोर कुमार अंबरासु बनाम टोबी एस्पेजोन (फिलीपींस) सुबह 4.54 बजे। टेनिस:पुरुष एकल, दूसरा राउंड: दक्षिणेश्वर सुरेश बनाम गुनावान त्रिस्मुवंतारा (इंडोनेशिया), सुबह 10 बजे।पुरुष एकल, दूसरा राउंड: सुमित नागल बनाम हांग सियोंगचान (दक्षिण कोरिया), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।पुरुष युगल, दूसरा राउंड: युकी भांबरी/दक्षिणेश्वर सुरेश बनाम डेनिस येवसेयेव/बेबिट झुकायेव (कजाकिस्तान), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।पुरुष युगल दूसरा राउंड: अनिरुद्ध चंद्रशेखर/एन श्रीराम बालाजी बनाम अभिषेक बास्तोला/प्रदीप खड़का (नेपाल), दोपहर 12.30 बजे से पहले नहीं।.मिश्रित युगल, पहला राउंड: अंकिता रैना/एन श्रीराम बालाजी बनाम यूडिस चोंग/कैरन थॉम्पसन (हांगकांग), दोपहर 3.30 बजे से पहले नहीं। ट्रैक साइकिलिंग:महिला टीम स्प्रिंट, क्वालिफिकेशन, हीट्स और मेडल रेस: सेलेस्टिना, सरिता कुमारी, कीर्ति रंगास्वामी चिक्का और त्रियाशा पॉल सुबह 6.30 बजे से।पुरुष टीम स्प्रिंट, क्वालीफाइंग, हीट और मेडल रेस: रोजित सिंह, डेविड बेकहम, रोनाल्डो सिंह और जेमश सिंह सुबह 6.38 बजे से।महिला टीम परस्यूट: हर्षिता जाखड़, पूजा दानोले, मीनाक्षी और स्वोस्ती सिंह सुबह 7.12 बजे से। वॉलीबॉल:पुरुष पूल सी: भारत बनाम कतर, दोपहर 12.30 बजे।
Asian Games एथलेटिक्स में भारत की चमक, एक ही दिन में जीते 6 पदक
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में अपना दूसरा रजत पदक जीता जबकि लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह भी अपनी-अपनी स्पर्धाओं में दूसरे स्थान पर रहे जिससे भारत ने सोमवार को यहां एथलेटिक्स में छह पदक जीते। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता। यह इस स्पर्धा में पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक के बाद उनका लगातार दूसरा पदक है। उन्होंने इस दौरान महान धाविका पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी तोड़ा। रोहित यादव ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपना पहला बड़ा पदक हासिल किया और भारत को इस स्पर्धा में रजत-कांस्य की सफलता दिलाई। पारुल चौधरी महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं और मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। स्टेडियम में लगातार तीसरे दिन बारिश के कारण परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रहीं। भारत के लिए यह एथलेटिक्स में एक दिन में रिकॉर्ड पदक रहे लेकिन प्रतियोगिता में अब केवल एक दिन शेष रहने के बावजूद स्वर्ण पदक का इंतजार जारी है। श्रीशंकर के लिए हालांकि दिन निराशाजनक भी रहा। पिछले चरण में भी रजत पदक जीतने वाले श्रीशंकर को चौथे प्रयास में टखने में चोट लग गई जिसके कारण उन्होंने अपने अंतिम दो प्रयास नहीं किए। हालांकि उनका दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर का प्रदर्शन उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। मौजूदा एशियाई खेलों में 10 हजार मीटर में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर जापान के स्वर्ण पदक विजेता काजुतो ईजावा के बाद दूसरे स्थान पर रहे। काजुतो ने तीन मिनट 36.35 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके हमवतन नागिया मोरी ने तीन मिनट 37.92 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर ने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का बहुत महत्वपूर्ण पदक है। मुझे जितनी भी स्पर्धाओं में दौड़ना पड़े मुझे कोई परेशानी नहीं है और मैं उनमें पदक जीतना चाहता हूं। मैं अंत में अपनी गति बरकरार नहीं रख सका क्योंकि मैं आमतौर पर लंबी दूरी का धावक हूं और मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10000 मीटर में दौड़ता हूं।’’एक अन्य भारतीय यूनुस शाह तीन मिनट 43.88 सेकेंड के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे। पुरुष भाला फेंक में हरियाणा के 24 वर्षीय यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हमवतन रोहित को पीछे छोड़कर रजत पदक अपने नाम किया। उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय रोहित ने 84.35 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार खिलाड़ी रुमेश पथिरागे ने 88.33 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। यशवीर ने बाद में कहा, ‘‘परिस्थितियां काफी मुश्किल थी। दौड़ने का स्थान गीला था और लगातार बूंदाबांदी हो रही थी। मुझे सही पकड़ नहीं मिल पा रही थी और रन अप थोड़ा फिसलन भरा था। चोट लगने का डर रहता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहा इसलिए खुश हूं।’’यशवीर को स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने के बाद उनकी जगह टीम में शामिल किया गया था। मौजूदा एशियाई खेलों में भारतीय एथलीटों ने अब तक कुल 19 पदक जीते हैं। मौजूदा ओलंपिक चैंपियन पाकिस्तान के अरशद नदीम ने 80.29 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन वह चौथे स्थान पर रहे। इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। पारुल एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं। उत्तर प्रदेश की 31 वर्षीय पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15 मिनट 10.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15 मिनट 11.65 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल का मौजूदा एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। महिलाओं की 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा 15 मिनट सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे। विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं। विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता। यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी। आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं। समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी। मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था। तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।
गुजरात: एशियाई खेलों की पदक विजेता एलावेनिल वलारिवन को डिप्टी सीएम ने दिए 1.33 करोड़ रुपए
गांधीनगर, 28 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात सरकार ने जापान में आयोजित 2026 एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतने वाली राइफल निशानेबाज एलावेनिल वलारिवन को 'खेल प्रतिभा पुरस्कार योजना' के तहत 1.33 करोड़ रुपए का पुरस्कार दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार की ओर से उन्हें अब तक दी गई कुल प्रोत्साहन राशि 2.41 करोड़ रुपए हो गई है।
Asian Games 2026: Indian Hockey Team की लगातार 5वीं जीत, Bangladesh को 10-0 से रौंदा
28 सितंबर को ऐची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने लगातार पांचवीं जीत हासिल की। खराब मौसम और पिच की मुश्किल स्थितियों के बावजूद टीम ने बांग्लादेश को 10-0 से हराया और पूल A में टॉप पर रही। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने हैट्रिक लगाई, जबकि शिलानंद लाकरा ने दो गोल किए। इससे भारत ने अपने पूल मैच +45 के गोल अंतर के साथ खत्म किए। इस जीत के साथ 1 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ़ सेमीफ़ाइनल मुकाबला तय हो गया है, जबकि दूसरा सेमीफ़ाइनल मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच होगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में तेज़ बारिश की वजह से मैच में 30 मिनट की देरी हुई; इसी बारिश के कारण पाकिस्तान और ओमान का पिछला मैच भी रोकना पड़ा था। पिच गीली और पानी से भरी होने के बावजूद, ज़्यादा फ़िट भारतीय टीम ने हालात के हिसाब से बेहतर खेल दिखाया। भारत ने तीसरे मिनट में पहला गोल किया, जब संजय की मदद से अभिषेक ने रिवर्स हिट के ज़रिए गोल दागा। बांग्लादेश को 12वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन गोलकीपर सूरज करकेरा ने उसे रोक दिया। 15वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिलने की संभावना थी, लेकिन बांग्लादेश के वीडियो रेफरल के बाद उसे रद्द कर दिया गया। शुरुआती दबाव के बाद, भारत ने 22वें मिनट में अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। जुगराज सिंह ने ड्रैग-फ्लिक रोके जाने के बाद मिले पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदला। इसके बाद हाफ-टाइम से पहले हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर सफल फ्लिक से बढ़त को 3-0 कर दिया। दूसरे हाफ में, सुखजीत सिंह ने 32वें मिनट में गोल किया, जिसमें दिलप्रीत सिंह ने उनकी मदद की। हरमनप्रीत ने 40वें और 45वें मिनट में गोल करके अपना स्कोर बढ़ाया और 45वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से अपनी हैट्रिक पूरी की, जबकि शिलानंद लाकड़ा ने जल्दी-जल्दी दो गोल करके स्कोर 8-0 कर दिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 | Satwiksairaj Rankireddy और Chirag Shetty की चौंकाने वाली हार से बिगड़ा भारत का गणित, हाथ से निकले कई गोल्ड मेडल आखिरी क्वार्टर में हालात मुश्किल होने के बावजूद, भारत ने दो और गोल किए। संजय ने आखिरी से ठीक पहले वाले मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, और मंदीप ने 60वें मिनट में सुखजीत के रोके गए प्रयास के बाद रिबाउंड पर गोल करके 10-0 से जीत पक्की कर दी।
Asian Games में Javelin Throw में Yashvir Singh ने जीता Silver और Rohit Yadav ने Bronze
सोमवार को एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो फ़ाइनल में भारतीय जैवलिन एथलीट यशवीर सिंह और रोहित यादव ने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज़ मेडल जीते; यशवीर ने अपने आखिरी प्रयास में 85.72 मीटर का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 88.55 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता और अपने आखिरी प्रयास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया। पाकिस्तान के अरशद नदीम 80.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में यशवीर तीसरे स्थान पर रहते हुए फ़ाइनल राउंड में पहुंचे और फिर 85.72 मीटर का अपना अब तक का सबसे अच्छा थ्रो करके सिल्वर मेडल वाली पोज़िशन पर आ गए। भारतीय खिलाड़ी ने 83.56 मीटर के थ्रो के साथ प्रतियोगिता की शुरुआत की और पूरे इवेंट के दौरान टॉप तीन में बने रहे, साथ ही आखिरी प्रयास में अपने प्रदर्शन को और बेहतर किया। रोहित यादव ने 84.35 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। उन्होंने 77.25 मीटर के थ्रो से शुरुआत की, फिर दूसरे राउंड में इसे बेहतर करके 82.40 मीटर और तीसरे राउंड में 84.35 मीटर तक पहुँचाया। इसे भी पढ़ें: Asian Games India Win Gold Medal | महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम पंच, भारत ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में पछाड़कर जीता तीसरा गोल्ड मेडल रोहित का आखिरी प्रयास फाउल रहा, लेकिन उनका 84.35 मीटर का थ्रो उन्हें पोडियम पर जगह दिलाने के लिए काफी था। पाथिराज ने प्रतियोगिता की शुरुआत 73.53 मीटर के थ्रो से की थी, फिर चौथे राउंड में 88.33 मीटर के थ्रो के साथ बढ़त बना ली और अपने आखिरी प्रयास में इसे और बेहतर करते हुए 88.55 मीटर तक पहुँचा दिया। पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में दो खिलाड़ियों के पोडियम पर रहने से भारत के पदकों की कुल संख्या 45 हो गई है - जिसमें चार गोल्ड, 20 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। भारत पदक तालिका में 12वें स्थान पर बना हुआ है, और इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में एथलेटिक्स ने देश के कुल पदकों में 19 पदक का योगदान दिया है।
Najmul Hossain Shanto अचानक हुए Asian Games 2026 से बाहर, सामने आई वजह
बांग्लादेश के बल्लेबाज नजमुल हुसैन शांतो (Najmul Hossain Shanto) एशियन गेम्स 2026 से बाहर हो गए हैं, बांग्लादेश ओलंपिक एसोसिएशन (BOA) ने सोमवार (28 सितंबर) को इसकी जानकारी दी। 28 साल शांतो बुखार से पीड़ित हैं, 29 सितंबर को घर लौटेंगे। खबरों के अनुसार अफगानिस्तान के खिलाफ 9 अक्टूबर से होने वाले एकमात्र टेस्ट से पहले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड टेस्ट टीम के कप्तान शांतो को लेकर कोई खतरा नहीं उठाना चाहता। बीओए ने एक बयान में कहा, बांग्लादेश टीम के डॉक्टर, बीसी फिजियोथेरेपिस्ट और स्थानीय मेडिकल टीम की जांच के बाद, यह सलाह दी गई कि शांतो को खेलों से बाहर रखा जाए। बता दें कि 16 महीने के बाद शांतो की टी-20 इंटरनेशनल टीम में वापसी हुई थी। लेकिन सोमवार (28 सितंबर) की सुबह उनकी तबीयत ठीक नहीं थी और उन्हें तुरंत मेडिकल देखरेख में रखा गया। बाद में दिन में टीम के तय प्रैक्टिस सेशन में उन्होंने हिस्सा नहीं लिया। बीसीबी के फिजियो बायजेदुल इस्लाम खान ने एक बयान में कहा, नज्मुल हुसैन शांतो को फ्लाइट से लौटने के बाद से ही बुखार है। असल में, बुखार फ्लाइट के दौरान ही शुरू हो गया था। अभी बुखार कम-ज़्यादा हो रहा है - यह हल्का बुखार है। उनकी अब तक की हालत को देखते हुए, उनका शरीर काफी कमज़ोर हो गया है। आज चौथा दिन है, इसलिए हमने उनके ब्लड टेस्ट करवाए और टेस्ट के नतीजे आ गए हैं। उनके शरीर में कुछ इंफेक्शन फैलाने वाले तत्व मौजूद हैं। Also Read: LIVE Cricket Score बता दें कि बांग्लादेश की टीम को मंगलवार (29 सितंबर) को मलेशिया के खिलाफ एशियन गेम्स 2026 का क्वार्टऱफाइनल मुकाबला खेलना है।
एशियाई खेलों में Murali Sreeshankar और Gulveer Singh ने जीता रजत, भारत की झोली में दो कांस्य भी आए
मुरली श्रीशंकर ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुषों की लंबी कूद स्पर्धा में रजत पदक जीतकर एथलेटिक्स में भारत का पदक अभियान जारी रखा। पालक्कड के 27 वर्षीय श्रीशंकर ने हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों और इस साल ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने अपने दूसरे प्रयास में 8.07 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से पदक जीता। हालांकि चौथे प्रयास में टखने में चोट लगने के बाद वह अपने अंतिम दो प्रयास नहीं कर सके। वह चीन के यूहाओ शी के बाद दूसरे स्थान पर रहे। शी ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 8.17 मीटर का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उज्बेकिस्तान के अनवर अनवारोव ने 8.06 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इससे पहले पारुल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर फाइनल में कांस्य पदक जीता। उनसे पहले लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों के 1500 मीटर फाइनल में तीन मिनट 36.72 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता था। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। पारुल एशियाई खेलों में अपने स्वर्ण पदक का बचाव नहीं कर सकीं। उत्तर प्रदेश की 31 वर्षीय पारुल ने 15 मिनट 14.61 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने 15 मिनट 10.18 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जबकि जापान की नोजोमी तनाका ने 15 मिनट 11.65 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता। वर्ष 2023 में हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पारुल का मौजूदा एशियाई खेलों में यह दूसरा पदक है। उन्होंने रविवार को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता था। महिलाओं की 10 हजार मीटर में कांस्य पदक जीतने वाली सीमा 15 मिनट सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। मौजूदा एशियाई खेलों में 10 हजार मीटर में पहले ही रजत पदक जीत चुके गुलवीर जापान के स्वर्ण पदक विजेता काजुतो ईजावा के बाद दूसरे स्थान पर रहे। काजुतो ने तीन मिनट 36.35 सेकेंड का खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। उनके हमवतन नागिया मोरी ने तीन मिनट 37.92 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय धावक गुलवीर ने कहा, ‘‘यह मेरे करियर का बहुत महत्वपूर्ण पदक है। मुझे जितनी भी स्पर्धाओं में दौड़ना पड़े मुझे कोई परेशानी नहीं है और मैं उनमें पदक जीतना चाहता हूं। मैं अंत में अपनी गति बरकरार नहीं रख सका क्योंकि मैं आमतौर पर लंबी दूरी का धावक हूं और मुख्य रूप से 5000 मीटर और 10000 मीटर में दौड़ता हूं।’’एक अन्य भारतीय यूनुस शाह तीन मिनट 43.88 सेकेंड के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे। इससे पहले विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता लेकिन लंबी दूसरी के धावक अविनाश साबले पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहते हुए चौथे स्थान पर रहे। विथ्या ने 54.75 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता और महान धाविका पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। उनका मौजूदा खेलों में यह दूसरा पदक है। वह इससे पहले चार गुणा 400 मीटर मिश्रित रिले स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थीं। कोयंबटूर की 28 वर्षीय विथ्या संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम और कजाखस्तान की एडेलिना जेम्स के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। मरियम ने 54.31 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि एडेलिना ने 54.58 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक हासिल किया। विथ्या ने उषा के 1984 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए 55.42 सेकेंड के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। उषा वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष हैं और एशियाई खेलों के लिए यहां मौजूद हैं। विथ्या ने स्पर्धा के बाद कहा, ‘‘पदक हमारे हाथ में है लेकिन समय हमारे हाथ में नहीं होता। यह दौड़ ना तो कल होगी और ना ही बीते कल हुई थी। आज हमारा दिन था इसलिए मेरा ध्यान पदक पर नहीं बल्कि समय पर था।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे कोच ने कहा था कि हम 54 सेकेंड का समय निकालेंगे। मैंने ऐसा किया और मैं बहुत खुश हूं। समय इतना अच्छा रहा इसलिए मैं बेहद खुश हूं।’’विथ्या ने कहा, ‘‘हर कोई मेरे से इस बारे में पूछ रहा था क्योंकि मैं तीन साल से 55 सेकेंड से कम का समय नहीं निकाल पाई थी। मेरे कोच नेहपाल सिंह राठौड़ ने मुझे तेज शुरुआत करने और छठी बाधा तक अपनी गति बनाए रखने को कहा था। छठी बाधा से फिनिश लाइन तक मैंने पूरी ताकत लगा दी।’’इसी स्पर्धा में भारत की अनु राघवन पांचवें स्थान पर रहीं। उन्होंने 55.88 सेकेंड का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। चोटों से जूझने वाले साबले ने इसके बाद अपना सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने में नाकाम रहे। वह पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र के 32 साल के दो बार के ओलंपियन साबले ने आठ मिनट 21.67 सेकेंड का समय निकाला। वह स्वर्ण पदक विजेता जापान के रयूजी मियुरा से 4.31 सेकेंड पीछे रहे। मियुरा ने आठ मिनट 17.36 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मियुरा के हमवतन रयोमा आओकी ने आठ मिनट 17.60 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ रजत पदक जीता जबकि कतर के जकारिया अलहलामी ने आठ मिनट 18.13 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में संतोष कुमार तमिलारासन ने 49.95 सेकेंड का समय निकालकर आठ खिलाड़ियों के फाइनल में सातवां स्थान हासिल किया। इससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता सीमा कालीरमण ने महिलाओं के चक्का फेंक के फाइनल में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया लेकिन चौथे स्थान पर रहीं। सीमा ने अपने पांचवें प्रयास में 59.88 मीटर की दूरी तक चक्का फेंका लेकिन यह पदक के लिए पर्याप्त नहीं था। तीनों पदक विजेताओं के सर्वश्रेष्ठ प्रयास 60 मीटर से अधिक रहे।
Asian Games में Esha Singh, श्रीशंकर और गुलवीर ने जीते रजत पदक, भारत के कुल 43 मेडल
(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)नागोया, 28 सितंबर युवा निशानेबाज ईशा सिंह ,लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह और लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने एशियाई खेलों में सोमवार को भारत की झोली में रजत पदक डाले हालांकि स्वर्णिम सफलता के करीब पहुंचकर चूकने का सिलसिला जारी रहा। भारत के नाम पर अभी भी चार स्वर्ण पदक ही दर्ज हैं। इसके अलावा उसने 19 रजत और 20 कांस्य पदक सहित कुल 43 पदक हासिल कर लिए हैं और वह पदक तालिका में 12वें स्थान पर है। चीन 130 स्वर्ण, 53 रजत और 45 कांस्य सहित कुल 228 पदक जीतकर शीर्ष पर बना हुआ है। पहले ही 10000 मीटर में रजत पदक जीत चुके गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर प्रतियोगिता में 3:36.72 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ एक और रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले 21 वर्षीय निशानेबाज ईशा ने पांच शूट-ऑफ में से गुजरने के बाद रजत पदक जीता। श्रीशंकर ने लंबी कूद में हांगझोउ खेलों का अपना रजत पदक बरकरार रखा। उन्होंने दूसरे प्रयास में 8 . 07 मीटर की कूद लगाई लेकिन चौथे प्रयास में टखने में चोट लगने के कारण आखिरी दो प्रयास नहीं कर सके। चीन के युहाओ शि ने 8 . 17 मीटर के साथ स्वर्ण पदक जीता। उजबेकिस्ताकन के अनवर अनवारोव को कांस्य पदक मिला। पारूल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। कुराश खिलाड़ी पिकी बलहारा ने 78 किलोग्राम से कम के वर्ग में कांस्य पदक जीतकर सबको चौंका दिया। एशियाई खेलों में उनका यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 में रजत पदक जीता था। इस तरह से वह इन खेलों में सबसे सफल भारतीय कुराश खिलाड़ी बन गईं। महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने दिग्गज पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए कांस्य पदक जीता। रामराज ने 54.75 सेकंड का समय निकालकर उषा के 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए गए 55.42 सेकंड के रिकॉर्ड को तोड़ा। मुक्केबाजी में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) ने सेमीफाइनल में पहुंच कर पदक पक्का किया। भारत के तीन मुक्केबाज पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुके थे। तीरंदाजी में हालांकि भारत को झटका लगा क्योंकि महिला व्यक्तिगत कंपाउंड चैंपियन ज्योति सुरेखा वेम्मन क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई। अनुभवी ट्रैक एथलीट अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में अपना खिताब बरकरार रखने में नाकाम रहे। उन्होंने 8:21.67 सेकंड के सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बावजूद पांचवां स्थान हासिल किया। इसके अलावा मनु भाकर 25 मीटर महिला पिस्टल प्रतियोगिता में टीम या व्यक्तिगत वर्ग में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहने के बाद बिना पदक के ही टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। निशानेबाजी में काफी रोमांचक मुकाबले देखने को मिला जिसमें ईशा ने रजत पदक जीता। हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए उत्तर कोरिया की किम हियोन सुक के खिलाफ तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के साथ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कंधे के दर्द और करीबी एलिमिनेशन से उबरते हुए ईशा ने बेहद नाटकीय फाइनल में अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे। भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी। सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम बारिश के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच रद्द होने के बाद सेमीफाइनल में पहुंच गई। श्रेयस अय्यर की टीम विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर होने के कारण आगे बढ़ी, जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। स्क्वाश में दो व्यक्तिगत रजत पदक और मिश्रित युगल में एक कांस्य पदक जीतने के बाद भारत ने टीम प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखा। भारतीय पुरुष और महिला टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं, जहां महिला टीम ने जापान पर एक कठिन जीत हासिल की। तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय महिला टीम ने जापान को 2-1 से हराया, हालांकि शीर्ष खिलाड़ी अनाहत सिंह विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे से पांच गेम में हार गईं। अनाहत ने व्यक्तिगत सेमीफाइनल में विश्व की छठे नंबर की जापानी खिलाड़ी को हराया था और ऐतिहासिक रजत पदक जीता था। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम ने अपने पहले मैच में चीन को 3-0 से हराया था। चीन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की। भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने भी पूल सी के प्रारंभिक दौर के मैच में हांगकांग को हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले वियतनाम पर 3-0 की जीत के साथ शुरुआत की और अब वह मंगलवार को कतर से भिड़ेगा।
Asian Games 2026: भारत को अबतक 42 पदक, कल लगने वाली है मेडल्स की झड़ी!
सोमवार को आइची-नागोया में हो रहे 2026 एशियाई खेलों के 10वें दिन, मेडल टैली में टॉप 10 में जगह बनाने की भारत की कोशिश जारी रहेगी। भारत 42 मेडल के साथ स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर बना हुआ है; इन मेडल्स में चार गोल्ड, 18 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। शूटर ईशा सिंह ने महिलाओं के 25 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए एक और मेडल हासिल किया, जबकि पिंकी बल्हारा ने कुराश में महिलाओं के 78 किलोग्राम कैटेगरी में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। पारुल चौधरी ने महिला 5000 मीटर स्पर्धा के फाइनल में कांस्य पदक जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेंगी। गुलवीर को 1500 मीटर में रजत मिला जबकि विथ्या ने महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य जीता। वहीं, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) , प्रिया घंघास (60 किलो) और कपिल पोखरिया (90 किलो) ने सोमवार को एशियाई खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के तीन पदक पक्के कर दिये। वहीं, क्रिकेट में अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल रद्द होने के बाद भारतीय पुरुष टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। कल के मुकाबले एशियन गेम्स 2026 में 29 सितंबर को भारत के शेड्यूल में शूटिंग, एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, आर्चरी, साइक्लिंग, कैनो स्लैलम, टेनिस, सेलिंग, स्क्वॉश, सर्फिंग और वॉलीबॉल जैसे खेलों में कई मेडल जीतने के मौके, क्वालिफिकेशन राउंड, नॉकआउट मुकाबले और ग्रुप-स्टेज मैच शामिल होंगे। 29 सितंबर को भारत के लिए कई मेडल इवेंट्स होंगे, जिनकी शुरुआत सुबह 6:30 बजे पुरुषों और महिलाओं के ट्रैप टीम फ़ाइनल से होगी। महिलाओं के लिए व्यक्तिगत ट्रैप फ़ाइनल दोपहर 2:00 बजे और पुरुषों के लिए दोपहर 3:30 बजे तय किए गए हैं। इसे भी पढ़ें: Billie Jean King Cup 2026: इटली बनाम यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल, जानें कब और कहाँ देखें फ्री लाइव स्ट्रीमिंग बॉक्सिंग में सेमीफ़ाइनल के ज़रिए मेडल जीतने के तीन पक्के मौके मिलेंगे। परवीन, अंकुश और नरेंद्र भिड़ेंगे। एथलेटिक्स में सबसे ज़्यादा मेडल इवेंट्स होंगे। देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार दोपहर 2:50 बजे पुरुषों के पोल वॉल्ट फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे। इसके बाद दोपहर 3:35 बजे महिलाओं की हाई जंप फ़ाइनल में पूजा और सुप्रिया सिंदिगेरे बसवराज हिस्सा लेंगी। महिलाओं का हैमर थ्रो फ़ाइनल, जिसमें तान्या चौधरी और अनुष्का यादव शामिल होंगी, शाम 4:05 बजे होगा। मोहम्मद अफ़सल पुलिक्कलकथ शाम 4:35 बजे पुरुषों की 800 मीटर फ़ाइनल में हिस्सा लेंगे, जबकि गुलवीर सिंह और अविनाश साबले शाम 4:45 बजे पुरुषों की 5000 मीटर फ़ाइनल में भाग लेंगे।
एशियाई खेलों में Shaili Singh की छलांग गलत नापने का आरोप, CAS जाएगा AFI
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 28 सितंबर भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने एशियाई खेलों में लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह की छलांग कम करके नापने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ खेल पंचाट (सीएएस) में अपील करेगा। रविवार को महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में शैली ने 6.42 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर चौथा स्थान हासिल किया, जबकि उनकी हमवतन एंसी सोजान ने 6.53 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। विवाद शैली के चौथे प्रयास को लेकर हुआ जिसे आधिकारिक तौर पर 6.41 मीटर नापा गया था। शैली की मेंटर (मार्गदर्शक) और अपने जमाने की दिग्गज एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज के अनुसार एक अधिकारी के कहने पर ऐसा किया गया जबकि वह ‘लैंडिंग पिट’ के पास मौजूद नहीं था। अंजू ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने देखा कि उसकी छलांग स्पष्ट रूप से स्वर्ण पदक जीतने के निशान से आगे थी। शुरुआत में लैंडिंग पिट के पास मौजूद अधिकारी ने नाप के लिए शैली के पैर के निशान की ओर इशारा किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इसके बाद काफी पीछे खड़े एक अन्य अधिकारी के कहने पर इसे बदल दिया गया। उस अधिकारी ने ऐसे निशान की तरफ इशारा किया जो काफी छोटा था।’’विश्व चैंपियनशिप 2003 की लंबी कूद में कांस्य पदक जीतने वाली अंजू ने कहा, ‘‘उन्होंने उस निशान को नाप लिया जिसकी तरफ काफी पीछे खड़े अधिकारी ने इशारा किया था। नाप उस निशान पर लिया जाना चाहिए था जो लैंडिंग पिट के सबसे नजदीक खड़े अधिकारी ने बताया था।’’शैली ने खुद विरोध दर्ज कराया था और उस समय छलांग लगाने के वीडियो भी दिखाए गए थे। अंजू ने कहा, ‘‘इसके बाद हमें बुलाया गया और अधिकारियों ने हमें सामने से लिया गया एक वीडियो दिखाया, जिसका कोई मतलब नहीं था। सामने से देखने पर आपको कैसे पता चलेगा कि शैली ने कहां पर छलांग लगाई थी। हमने बगल से लिया गया (साइड व्यू) वीडियो मांगा, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह उनके पास नहीं है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद हमने जूरी से अपील की। जूरी ने बाद में अपना फैसला बताया, जिसमें कहा गया कि उन्होंने साइड व्यू वीडियो भी देखे हैं और पहले का फैसला बरकरार रहेगा।’’एएफआई की वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंजू ने कहा, ‘‘यह शैली के साथ अन्याय है। अगर सही नाप लिया गया होता तो वह स्वर्ण पदक भी जीत सकती थी। इसलिए हम सीएएस में शिकायत दर्ज कराएंगे।
Asian Games 2026: एथलेटिक्स में भारत का शानदार प्रदर्शन, गुलवीर सिंह ने जीता सिल्वर; विथ्या रामराज ने तोड़ा पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड
Asian Games में Gulveer Singh का डबल कमाल, 10000m के बाद 1500m में जीता Silver
गुलवीर सिंह ने सोमवार (28 सितंबर) को एशियाई खेलों के मौजूदा संस्करण में अपना दूसरा मेडल जीता। उत्तर प्रदेश के 28 वर्षीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ के फ़ाइनल में दूसरा स्थान हासिल करके सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 3:36.72 मिनट के अपने अब तक के सबसे अच्छे समय के साथ यह इवेंट पूरा किया। जापान के काज़ुतो इज़िज़ावा ने 3:36.35 के नए गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में इससे पहले उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ के फ़ाइनल में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीता था। पुरुषों की 10,000 मीटर फ़ाइनल रेस में, गुलवीर ने 28:29.38 का समय लिया और बहरीन के बिरहानु बालेव के बाद दूसरे स्थान पर रहे, जिन्होंने 28:27.51 में गोल्ड मेडल जीता। गुलवीर ज़्यादातर रेस के दौरान आगे रहने वाले ग्रुप के साथ बने रहे और आखिर में अपनी चाल चलकर सिल्वर मेडल हासिल किया। इस मेडल के साथ उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में इसी इवेंट में जीते अपने ब्रॉन्ज़ मेडल में सुधार किया और पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में दो एशियाई खेल मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ स्पर्धा में कांस्य पदक जीता, लेकिन लंबी दूरी के धावक अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ फ़ाइनल में चौथे स्थान पर रहे और अपना स्वर्ण पदक नहीं बचा पाए। रामराज ने 54.75 सेकंड का अपना अब तक का सबसे अच्छा समय निकालकर, महान पी.टी. उषा का चार दशक से भी पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा और हर चार साल में होने वाले इस इवेंट में अपना दूसरा मेडल जीता। वह सिल्वर मेडल जीतने वाली 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम का हिस्सा थीं। इसे भी पढ़ें: Billie Jean King Cup 2026: इटली बनाम यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल, जानें कब और कहाँ देखें फ्री लाइव स्ट्रीमिंग कोयंबटूर की रहने वाली 28 साल की रामराज, UAE की मरियम करीम (जिन्होंने 54.31 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता) और कजाकिस्तान की एडेलिना ज़ेम्स (जिन्होंने 54.58 सेकंड के अपने बेस्ट समय के साथ सिल्वर जीता) के बाद तीसरे स्थान पर रहीं। रामराज ने उषा के 55.42 सेकंड के उस रिकॉर्ड को बेहतर किया जो उन्होंने 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बनाया था।
Asian Games Archery: Jyothi Surekha बाहर, Chikita और Ganesh क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
मौजूदा चैम्पियन ज्योति सुरेखा दक्षिण कोरिया की 14 वर्ष की कांग योनसियो से हारकर बाहर हो गई जबकि पदार्पण कर रही चिकिता तानीपर्थी और गणेश मणिरत्नम एशियाई खेलों की कंपाउंड महिला और पुरूष तीरंदाजी में अपने अपने मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंच गए। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में व्यक्तिगत , महिला टीम और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली ज्योति ने प्री क्वार्टर फाइनल में 146 स्कोर किया जबकि यांग ने परफेक्ट 150 स्कोर बनाया। इससे पहले ज्योति ने कजाखस्तान की एडेल जेशेनिबनोवा को 148 . 145 से हराया था। वहीं रैंकिंग सीरिज में शीर्ष रही चिकिता ने चेन यि सुआन के खिलाफ मुकाबला 148 . 148 से हराकर रहने के बाद शूटआट में इनर 10 निशाने अधिक लगाने के साथ जीत दर्ज की। तीन दौर के बाद स्कोर 89 . 89 था जिसके बाद चेन ने चौथे दौर के बाद 119 . 118 से बढत बना ली। चिकिता ने फोकस बनाये रखते हुए शूटआफ जीता।अब उनका सामना इंडोनेशिया की नूरीसा दियान अशरीफा से होगा। इससे पहले गणेश ने पुरुष कम्पाउंड तीरंदाजी के रोमांचक मुकाबले में हमवतन साहिल जाधव को 149-148 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों भारतीय तीरंदाजों ने अपने शुरुआती मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। जाधव ने मंगोलिया के जामियांगोम्बो पुरेवदोरज के खिलाफ सभी पांच सेट अपने नाम करते हुए 149-137 से जीत हासिल की। गणेश ने इंडोनेशिया के सोस्तार अंदारू रिनाल्डी को 144-142 से मात दी। शुरुआती दो सेट गंवाने के बाद इंडोनेशियाई तीरंदाज ने जोरदार वापसी की। अंतिम सेट 30-30 से बराबर रहा, लेकिन शुरुआती बढ़त के दम पर गणेश ने दो अंक से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में दोनों भारतीय आमने-सामने थे। जाधव ने पहला सेट जीतकर बढ़त बनाई लेकिन गणेश ने अगले ही सेट में बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद दोनों ने एक-एक सेट जीता और मुकाबला निर्णायक पांचवें सेट तक पहुंच गया। निर्णायक सेट में गणेश ने दो बार 10 अंक और एक एक्स निशाना साधकर बाजी मारी। जाधव ने एक एक्स और 10 अंक हासिल किए, लेकिन इसके बाद नौ अंक के निशाने ने उन्हें मुकाबले में पीछे कर दिया। क्वार्टर फाइनल में गणेश का सामना चीनी ताइपे के चिएह-लुन चेन से होगा।
Asian Games में अय्यर, बुमराह, अक्षर का क्या काम जब वनडे विश्वकप है सामने
भारतीय क्रिकेट टीम के चयन मापदंड एक बार फिर कटघरे में खड़े हो गए हैं। भारतीय टीम एक ओर वेस्टइंडीज के खिलाफ एकदिवसीय विश्वकप की तैयारी के लिए एकदिवसीय सीरीज खेल रही है वहीं एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल का बचाव करने के लिए जापान पहुंची हुई है।
एशियन गेम्स में भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला रद्द हो गया। मैद रद्द होने के बावजूद टीम इंडिया को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया।
Asian Games 2026 में Priya ने 60kg Boxing के सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया मेडल
प्रिया ने महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग में सेमीफाइनल में पहुंचकर 2026 एशियाई खेलों में भारत के लिए एक और बॉक्सिंग मेडल पक्का कर लिया है। उन्होंने सोमवार को आइची-नागोया में हुए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ताजिकिस्तान की मिजगोना समदोवा को सर्वसम्मत फैसले (5-0) से हराया। प्रिया ने पहला राउंड 3-2 से जीता, दूसरे राउंड में 5-0 से दबदबा बनाया और आखिरी राउंड में जीत पक्की की। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में भारतीय ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं की 75 किग्रा कैटेगरी में सेमीफाइनल में पहुंचकर मेडल पक्का कर लिया। उन्होंने दक्षिण कोरिया की 2010 एशियाई खेलों की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट सियोंग सुयोन को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। लवलीना ने जजों के स्कोरकार्ड पर पहला राउंड 10-9 से जीता और अगले दो राउंड 5-0 से जीतकर 30-27 से जीत हासिल की। रविवार को परवीन हुड्डा ने महिलाओं की 65 किग्रा प्रतियोगिता में क्वार्टरफाइनल जीतकर मेडल पक्का किया। इसे भी पढ़ें: Billie Jean King Cup 2026: इटली बनाम यूक्रेन सेमी-फ़ाइनल, जानें कब और कहाँ देखें फ्री लाइव स्ट्रीमिंग उन्होंने उज्बेकिस्तान की वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट नवबखोर खामिदोवा को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। परवीन ने अपने राउंड 4-1, 5-0 और 5-0 से जीते। डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण उनसे 2022 एशियाई खेलों का ब्रॉन्ज मेडल वापस ले लिया गया था, लेकिन अब वह गोल्ड जीतने की राह पर हैं। इसके अलावा, अंकुश पांघल पुरुषों की 80 किग्रा बॉक्सिंग में सेमीफाइनल में पहुंच गए। उन्होंने रविवार को क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेक्रुज़ सलीमोव को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। अंकुश ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार स्पीड और पंचिंग का प्रदर्शन किया।
Tanvi Khanna ने जीता निर्णायक मुकाबला, Asian Games Women Squash में Japan हारा
सोमवार को 2026 एशियाई खेलों में महिलाओं के स्क्वैश टीम इवेंट में भारत ने जापान पर 2-1 से जीत हासिल की। अनाहत सिंह के सतोमी वातानाबे से पांच गेम में हारने के बाद तन्वी खन्ना ने निर्णायक मैच जीतकर भारत को जीत दिलाई। जोशना चिनप्पा ने जापान की एरिसा सानो के खिलाफ 11-1, 11-8 से जीत के साथ मुकाबले की शुरुआत की और भारत को शुरुआती बढ़त दिलाई। दूसरे मैच में अनाहत सिंह का मुकाबला वातानाबे से हुआ, जिन्होंने पहला गेम 11-8 से जीता। अनाहत ने अगले दो गेम 11-8 और 11-7 से जीतकर 2-1 की बढ़त बना ली। इसके बाद वातानाबे ने चौथा गेम 11-8 और पांचवां गेम 11-9 से जीतकर मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचाया और 11-8, 8-11, 7-11, 11-8, 11-9 से वापसी करते हुए मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में फ़ैसले वाले मैच में, तन्वी खन्ना ने अकारी मिदोरीकावा को 12-10, 11-9, 4-11, 12-10 से हराकर जापान के ख़िलाफ़ भारत की जीत पक्की की। यह जीत महिलाओं के टीम इवेंट के शुरुआती मैच में चीन के ख़िलाफ़ भारत की 2-1 की जीत के बाद मिली। भारतीय शूटर ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत फ़ाइनल में कई शूट-ऑफ़ के बाद सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने 38 पॉइंट हासिल किए, जो चीन की शियाओ जियारुइक्सियन के बराबर थे; शियाओ ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने 34 पॉइंट के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। कुराश में, पिंकी बलहारा ने महिलाओं के -78 किग्रा सेमीफ़ाइनल में दक्षिण कोरिया की मो सुमिन से हारने के बाद ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा क्वार्टर फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयेन को हराकर मेडल पक्का किया। आर्चरी में, चिकिता तनिपार्थी ने राउंड ऑफ़ 16 में चीनी ताइपे की चेन यी-ह्सुआन को हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई। इससे पहले उन्होंने राउंड ऑफ़ 32 में भूटान की दोरजी डोलमा को हराया था। ज्योति सुरेखा वेन्नम ने कज़ाकिस्तान की अडेल ज़ेक्सेनबिनोवा को हराने के बाद राउंड ऑफ़ 16 में दक्षिण कोरिया की कांग येओनसेओ से हार का सामना किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games India Win Gold Medal | महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम पंच, भारत ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में पछाड़कर जीता तीसरा गोल्ड मेडल टेनिस में, अंकिता रैना और रुतुजा भोसले महिला डबल्स के पहले राउंड में कज़ाकिस्तान की अन्ना डैनिलिना और यूलिया पुतिनत्सेवा से हारकर बाहर हो गईं। भारतीय पुरुष स्क्वैश टीम ने अपने पूल मैच में चीन पर 3-0 से जीत दर्ज की, जबकि महिला टीम ने भी चीन को 3-0 से हराया। अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ़ भारत का पुरुष क्रिकेट क्वार्टर फ़ाइनल बारिश के कारण रद्द हो गया, और भारत अपनी बेहतर सीडिंग के आधार पर सेमीफ़ाइनल में पहुँच गया।
एशियाई खेल : आधे सफर तक चीन ने पार किया 100 से अधिक स्वर्ण पदक का आंकड़ा
बीजिंग, 28 सितंबर . आइची-नागोया एशियाई खेलों आधा सफर पूरा हो चुका है. 26 सितंबर को चीनी प्रतिनिधिमंडल ने 9 और स्वर्ण पदक जीतकर कुल पदकों की संख्या 100 से अधिक कर ली. पुरुष फुटबॉल टीम ने थाईलैंड को 3-0 से हराकर 28 वर्षों में पहली बार एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में जगह बनाई. वांग ... Read more
Asian Games में Esha Singh ने जीता रजत, Supreme Court पहुंचा सोहराबुद्दीन मामला
नयी दिल्ली, 28 सितंबर की विभिन्न फाइल से सोमवार अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है : खेल25 : खेल एशियाड निशानेबाजी दूसरी लीड भारतईशा ने 25 मीटर पिस्टल में जीता रजत, मनु का अभियान पदक के बिना समाप्तनागोया, भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में एक गलत निशाने से स्वर्ण पदक गंवाया लेकिन लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद रजत पदक पक्का करने में सफल रही। खेल24 : खेल एशियाड क्रिकेट लीड भारतअफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल रद्द, बेहतर रैंकिंग के बूते भारतीय पुरुष टीम के सेमीफाइनल मेंनागोया, भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम सोमवार को यहां खराब मौसम के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों का क्वार्टर फाइनल रद्द होने के बाद मैदान पर उतरे बिना ही सेमीफाइनल में पहुंच गई। दि34 : न्यायालय सोहराबुद्दीन मुठभेड़सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामला: 22 आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ याचिका पर विचार करेगा न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसीराम प्रजापति से जुड़े 2005 के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में 21 पुलिसकर्मियों समेत 22 आरोपियों को बरी किए जाने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर विचार करने को लेकर सोमवार को सहमति जताई। दि33 : न्यायालय तृणमूल अयोग्यताविस अध्यक्ष बागी तृणमूल विधायकों की अयोग्यता पर फैसले की समयसीमा से अवगत हैं: न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसके पास यह मानने के पर्याप्त कारण हैं कि पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष इस अदालत के उस आदेश से ‘‘पूरी तरह अवगत’’ हैं, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के 10 बागी विधायकों के खिलाफ दायर अयोग्यता याचिका पर फैसला करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। अर्थ18 : कृषि अल नीनो रबीअल नीनो से रबी फसलों पर खतरा, खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका: कृषि सचिवनयी दिल्ली, कृषि सचिव अतीश चंद्रा ने सोमवार को कहा कि अल नीनो के कारण वर्षा आधारित क्षेत्रों के लिए आगामी रबी फसल सत्र चुनौतीपूर्ण हो सकता है और उससे खाद्यान्न उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। प्रादे39 : जम्मू कश्मीर विस हंगामाजम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा, भाजपा सदस्यों ने समानांतर कार्यवाही चलायी, कागज फाड़ेश्रीनगर, जम्मू कश्मीर विधानसभा में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हुआ, जब राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने की मांग वाले प्रस्ताव का विरोध कर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आ गए, उन्होंने कार्यसूची से जुड़े कागज फाड़ दिए और सदन की समानांतर कार्यवाही चलाने लगे। दि29 : कांग्रेस निर्वाचन आयोगसीईसी का इस्तीफा लोकतंत्र बहाली की दिशा में पहला कदम: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने सोमवार को निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच सोमवार को कहा कि देश में लोकतंत्र की बहाली की राह में पहला कदम मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। अर्थ16 : न्यायालय यूपीआई शुल्कयूपीआई भुगतान पर एमडीआर के खिलाफ याचिका; न्यायालय का केंद्र, अन्य को नोटिसनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित यूपीआई व्यक्ति-से-व्यापारी लेनदेन पर ‘मर्चेंट डिस्काउंट रेट’ (एमडीआर) लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और अन्य से सोमवार को जवाब मांगा। प्रादे11 : पंजाब एलपीयू लीड छात्रएलपीयू प्रदर्शन के कारण बाधित हुए एनएच-44 पर यातायात बहाल, स्थिति नियंत्रण में : पुलिसफगवाड़ा (पंजाब), पंजाब के फगवाड़ा में ‘लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी’ (एलपीयू) के छात्रों द्वारा 15 घंटे से अधिक समय तक अवरुद्ध किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर यातायात बहाल कर दिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रादे30 : मप्र उज्जैन मस्जिद विवादउज्जैन: मस्जिद के हिस्से को गिराने को लेकर विवाद, पथराव के बाद पुलिस ने छोडे़ आंसू गैस के गोलेउज्जैन (मध्यप्रदेश), मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में साल 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ के मद्देनजर जारी सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत एक मस्जिद का हिस्सा गिराए जाने के दौरान सोमवार को विवाद खड़ा हो गया जब कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। प्रादे18 : हरियाणा इमारत ढही मृतकअंबाला में इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर छह हुईअंबाला (हरियाणा), हरियाणा के अंबाला शहर के निकट धूलकोट गांव में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत ढहने से दो और लोगों की मौत हो गई, जिससे हादसे में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर छह हो गई है। वि5 : नेपाल हिमस्खलननेपाल : हिमलुंग हिमाल में हिमस्खलन के बाद लापता 12 लोगों की तलाश में जुटी 14 सदस्यीय टीमकाठमांडू, नेपाल के मनांग जिले में हिमलुंग हिमाल पर हिमस्खलन के बाद लापता हुए 12 नेपाली कामगारों और गाइडों की तलाश के लिए 14 सदस्यीय बचाव दल को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। वि7 : थाईलैंड बाढ़बैंकॉक में बारिश थमी, लेकिन लगातार बाढ़ के कारण हजारों लोगों को घर छोड़ना पड़ाबैंकॉक, थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रविवार को बारिश थम गई, लेकिन निचले इलाकों में कई जगहों पर बाढ़ का पानी जमा रहने के कारण हजारों लोगों को अस्थायी आश्रय स्थलों में जाने के लिए मजबूर होना पड़ा। देशभर में पिछले 10 दिनों में कम से कम आठ लोगों की मौत की खबर है।
Asian Games Volleyball: भारत ने Hong Kong को 3-0 से हराया, दर्ज की लगातार दूसरी जीत
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने सोमवार को एशियाई खेलों के पूल-सी के मुकाबले में हांगकांग को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत ने मुकाबले में 3-0 (25-22, 25-19, 25-21) से जीत हासिल की। भारत ने सभी सेट अपने नाम किए, लेकिन हांगकांग ने हर सेट में उसे कड़ी चुनौती दी। हांगकांग ने लंबे समय तक भारत की बढ़त को एक-दो अंकों से अधिक नहीं होने दिया। निर्णायक मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपना स्तर ऊंचा उठाया और मैच अपने पक्ष में कर लिया। हांगकांग ने लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय टीम को पूरे मुकाबले में अपनी लय बरकरार रखने तथा अंतिम चरण में सटीक खेल दिखाने के लिए मजबूर किया। खासकर दाएं छोर से उसके आक्रमण प्रभावी रहे, जिससे भारतीय रक्षापंक्ति को परेशानी हुई और वह मुकाबले में बना रहा। भारत ने इससे पहले वियतनाम को भी 3-0 से हराकर अभियान की शुरुआत की थी। भारतीय टीम अब मंगलवार को कतर का सामना करेगी। भारत के मुख्य कोच ड्रैगन मिहाइलोविच ने कहा कि टीम ‘‘अब भी अच्छे प्रदर्शन की तलाश में है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमसे कई छोटी-छोटी गलतियां हुईं। समस्या थोड़ी मानसिक है। हांगकांग के खिलाड़ी कुछ आसान गलतियां कर रहे थे, लेकिन एक गंभीर टीम के रूप में हम यह उम्मीद नहीं कर सकते कि कोई हमारे लिए गलतियां करेगा और हम मैच जीत जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हमें अपने खेल पर ध्यान देने की जरूरत है। भले ही विपक्षी टीम अपने अच्छे दिन में न हो, हमें अपना काम करना होगा और मैच को जल्द से जल्द खत्म करना होगा।’’ कोच ने कहा कि टीम 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों के प्रदर्शन से बेहतर करना चाहती है, जहां भारत छठे स्थान पर रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘लक्ष्य पिछली बार चीन में किए प्रदर्शन से बेहतर करना है। टीम छठे स्थान पर रही थी और हमारे पास क्वार्टर फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करके सेमीफाइनल में पहुंचने का बहुत अच्छा मौका है। उम्मीद है कि हम शीर्ष चार में जगह बनाएंगे।
Asian Games Squash: भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने China को हराकर की दमदार शुरुआत
भारतीय पुरुष स्क्वॉश टीम ने सोमवार को एशियाई खेलों के अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पूल ए में चीन को 3-0 से हराया, जबकि महिला टीम ने शुरुआती झटके से उबरते हुए पूल सी के मुकाबले में चीन को 2-1 से मात दी। पुरुष टीम को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। सूरज चंद, वीर चोटरानी और वेलावन सेंथिलकुमार ने अपने-अपने मुकाबले आसानी से जीतकर भारत को लगातार तीन मैचों में जीत दिलाई। सूरज ने 30 मिनट में डू शाओचियान को 11-4, 11-3, 12-10 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। शुरुआती दो गेम आसानी से जीतने के बाद तीसरे गेम में उन्हें कड़ी चुनौती मिली। डू ने गेम प्वाइंट हासिल किया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने धैर्य बनाए रखते हुए 12-10 से गेम और मैच अपने नाम किया। इसके बाद चोटरानी ने यू हाइजेन को 11-5, 11-5, 11-3 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। उन्होंने 20 मिनट से भी कम समय में मुकाबला अपने नाम किया। सेंथिलकुमार ने झोउ पेंगलिन को 11-3, 11-2, 11-4 से हराकर भारत की 3-0 से जीत पूरी की। महिला टीम को हालांकि शुरुआती झटके के बाद वापसी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी। समीना रियाज ने जियुआन यिन के खिलाफ दो गेम की बढ़त गंवा दी और उन्हें पांच गेम के कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। भारत के पूर्व एशियाई खेल हॉकी स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपियन मोहम्मद रियाज की बेटी समीना ने शुरुआती दो गेम जीते, लेकिन मुकाबला अपने पक्ष में नहीं कर सकीं। वह 41 मिनट चले रोमांचक मुकाबले में 11-8, 11-6, 9-11, 9-11, 12-14 से हार गईं। इसके बाद तन्वी खन्ना ने झांग युनिंग को 11-3, 11-5, 11-5 से हराकर भारत की वापसी कराई। उन्होंने सिर्फ 17 मिनट में मुकाबला अपने नाम किया। अनुभवी जोशना चिनप्पा ने इसके बाद लियू जियी को 22 मिनट में 12-10, 11-4, 11-6 से हराकर भारत को 2-1 से जीत दिला दी।
श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत और अफगानिस्तान के बीच सोमवार को होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। बेहतर टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग होने के कारण टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। भारतीय टीम एक अक्टूबर को दूसरा सेमीफाइनल मैच खेलने मैदान पर उतरेगी। हालांकि, टीम इंडिया का सामना किस टीम से होगा इसका पता मंगलवार को होने वाले तीसरे और चौथे क्वार्टर फाइनल मैच के बाद पता लगेगा। क्रिकेट को एशियन गेम्स में चौथी बार शामिल किया गया है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने महज दूसरी बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए भारतीय टीम भेजी है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। भारत और अफगानिस्तान के बीच सोमवार को होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। बेहतर टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग होने के कारण टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। Also Read: LIVE Cricket Score टीम इंडिया ने बांग्लादेश से मिले 97 रनों के लक्ष्य को सिर्फ 9.2 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत की ओर से बल्लेबाजी में तिलक वर्मा ने शानदार बैटिंग करते हुए महज 26 गेंदों में 55 रनों की दमदार पारी खेली थी। वहीं, ऋतुराज गायकवाड़ 26 गेंदों में 40 रन बनाकर नाबाद रहे थे। तिलक और ऋतुराज ने दूसरे विकेट के लिए 52 गेंदों में 97 रनों की अटूट साझेदारी निभाते हुए भारतीय टीम को आसानी से फाइनल का टिकट दिलाया था। फाइनल में भारत की भिड़ंत अफगानिस्तान से हुई थी, जहां बारिश के खलल के कारण बेहतर रैंकिंग होने की वजह से टीम इंडिया गोल्ड मेडल जीतने में सफल रही थी। Article Source: IANS
Asian Games 2026: मेरठ निवासी ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी एशियाई खेलों की 42 किमी मैराथन रेस वाॅक में चार रेड कार्ड मिलने के कारण नौ किलोमीटर पर ही अयोग्य घोषित हो गईं।
Pincky Balhara ने एशियाई खेलों में कुराश स्पर्धा में कांस्य पदक जीता
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 28 सितंबर भारत की पिंकी बलहारा ने सोमवार को यहां महिला 78 किग्रा से कम भार वर्ग की कुराश स्पर्धा के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से 0-5 से हारकर कांस्य पदक अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान पिंकी को ‘डक्की’ (पेनल्टी) मिली, जबकि मो ने ‘योनबोश’ अंक हासिल किया। यह एशियाई खेलों में पिंकी का दूसरा पदक है। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं के 52 किग्रा से कम भार वर्ग में रजत पदक जीता था। उस खेल में कुराश को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था। इससे पहले पिंकी ने दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया, जबकि लिम पूरे मुकाबले में एक भी अंक नहीं जुटा सकीं। ‘चाला’ तब दिया जाता है, जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराता है, लेकिन इस दांव में पूरा नियंत्रण नहीं होता। पिंकी को प्री-क्वार्टर फाइनल में बाय मिला था। उन्होंने कहा कि क्वार्टर फाइनल में प्रतिद्वंद्वी के प्रहार से उनके घुटने में तेज दर्द हो गया था। दिल्ली के नेब सराय की रहने वाली पिंकी ने भावुक हो कर कहा, ‘‘क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मुझे चोट लग गई थी। मेरे घुटने पर चोट लगी। क्वार्टर फाइनल में मेरी प्रतिद्वंद्वी भी कोरियाई थी। इसलिए सेमीफाइनल में मेरी प्रतिद्वंद्वी को पता था कि मेरे दाएं घुटने में चोट लगी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं आक्रमण कर रही थी, लेकिन वह बार-बार मेरे घुटने पर प्रहार कर रही थी। इसलिए मैं पेनल्टी के कारण हार गई।’’उन्होंने कहा, ‘‘78 किग्रा वर्ग में यह मेरा सिर्फ दूसरा मुकाबला था। इससे पहले मैंने मई में उज्बेकिस्तान में एशियाई चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। 78 किग्रा वर्ग में वह मेरा पहला मुकाबला था।’’पिंकी दिल्ली के मुनिरका स्थित बाबा गंगा नाथ जूडो एवं कुराश अकादमी में प्रशिक्षण लेती हैं। इस अकादमी का संचालन उनके मामा और जाने-माने जूडो एवं कुराश कोच समुदंर टोकस करते हैं। उन्होंने नौ साल की उम्र में जूडो से शुरुआत की थी। कुराश मध्य एशिया, खासकर उज्बेकिस्तान में प्राचीन समय से चली आ रही पारंपरिक मार्शल आर्ट है। इसमें दो खिलाड़ी मुकाबला करते हैं, जिनमें एक हरे और दूसरा नीले रंग की जैकेट पहनता है। इसका उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर पटकना होता है। प्रतिद्वंद्वी को अगर पीठ के बल गिराया जाता है तो जीत घोषित कर दी जाती है जबकि पेट या बगल के बल गिराने पर अंक दिए जाते हैं। सबसे अधिक अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी विजेता होता है। इस खेल में जमीन पर दांव-पेंच, गला दबाने और जोड़ पर पकड़ बनाने जैसी तकनीकें प्रतिबंधित हैं। मुकाबले का फैसला केवल खड़े होकर किए जाने वाले थ्रो के आधार पर होता है।
एशियाई खेलों में बारिश से क्वार्टर फाइनल रद्द, ICC T20I रैंकिंग के दम पर भारत सेमीफाइनल में
(तस्वीरों के साथ)नागोया, 28 सितंबर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम सोमवार को यहां खराब मौसम के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ एशियाई खेलों का क्वार्टर फाइनल रद्द होने के बाद मैदान पर उतरे बिना ही सेमीफाइनल में पहुंच गई। गत चैंपियन भारत ने आईसीसी टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर होने के कारण अंतिम चार में जगह बनाई, जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। भारत का सामना मंगलवार को यहां नेपाल और श्रीलंका के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। अगर यह मुकाबला भी रद्द होता है तो बेहतर रैंकिंग के आधार पर श्रीलंका सेमीफाइनल में भारत से भिड़ेगा। नागोया में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है और सोमवार को मैच के कुछ ओवर कम किए जाने की संभावना भी बेहद कम थी। भारतीय लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने मैच रद्द होने की घोषणा के बाद कहा, ‘‘उम्मीद है कि आगामी मुकाबलों में हमें अच्छा क्रिकेट खेलने और जापान के लोगों के सामने अपना खेल दिखाने का मौका मिलेगा।’’पाकिस्तान और हांगकांग के बीच पहला क्वार्टर फाइनल भी बारिश की भेंट चढ़ गया था। बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर पाकिस्तान ने अगले दौर में जगह बनाई। भारत की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे हैं, जबकि नियमित मुख्य कोच गौतम गंभीर के वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे श्रृंखला में व्यस्त होने के कारण वीवीएस लक्ष्मण को एशियाई खेलों की टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और 15 वर्षीय स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी सहित कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। बिश्नोई ने कहा कि खिलाड़ी यहां रहते हुए अन्य खेलों को देखने और उनका अनुभव लेने के मौके का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल निश्चित रूप से अन्य शृंखला और विश्व कप से अलग अनुभव हैं। यहां आपको अलग-अलग खेल देखने और उनका अनुभव लेने का मौका मिलता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से हम अब तक ऐसा नहीं कर सके हैं क्योंकि हम यहां से थोड़ी दूर ठहरे हुए हैं। लेकिन आज हम कोशिश करेंगे। कल भी हमारा मैच नहीं है इसलिए हम कुछ अन्य खेलों को भी देखने और उनका अनुभव लेने की कोशिश करेंगे।
मंडी: हिमाचल के सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, मैराथन में 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत; जयराम ठाकुर ने दी बधाई
Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए 2026 एशियाई खेलों में क्रिकेट का सफ़र शुरू होने वाला था। 'मेन इन ब्लू' को 28 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में क्वार्टर फ़ाइनल में अफ़गानिस्तान का सामना करना था। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम को उम्मीद थी कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सेमीफ़ाइनल में जगह बनाएंगे। हालाँकि, मौसम की वजह से रुकावट आने के कारण, एक भी गेंद फेंके बिना ही मैच रद्द कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Virat Kohli और Gill के शतक, पहले ODI में भारत ने West Indies को 8 विकेट से दी मात दिलचस्प बात यह है कि जापान में क्रिकेट के लिए मौसम काफी खराब रहा है और कई मैचों में रुकावटें आई हैं; भारत और अफ़गानिस्तान के बीच का मैच तो टॉस से पहले ही बारिश की वजह से रद्द हो गया। नतीजतन, बेहतर T20I रैंकिंग के कारण भारतीय टीम सेमीफ़ाइनल में पहुँच गई है और अफ़गानिस्तान बाहर हो गया है। सेमीफ़ाइनल में जगह पक्की करने के बाद, भारतीय टीम का मुक़ाबला श्रीलंका और नेपाल के बीच होने वाले चौथे क्वार्टर-फ़ाइनल के विजेता से होगा। गौरतलब है कि सेमीफ़ाइनल भी 1 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। मुकाबले से पहले, भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने एशियन गेम्स में भारतीय टीम की उम्मीदों के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि विरोधी टीम को कम आंकना ठीक नहीं है। मैच से पहले हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अय्यर ने कहा कि देखिए, जब आप भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो हमेशा यह उम्मीद की जाती है कि आप टॉप पर रहें। और यह एक अच्छा दबाव है। जब उम्मीदें होती हैं, तो आप अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं। लेकिन साथ ही, मुझे लगता है कि हमें नतीजे के बारे में ज़्यादा नहीं सोचना चाहिए। हमने एक टीम के तौर पर एक स्टैंडर्ड तय किया है। हम हर मैच में उस स्टैंडर्ड से बेहतर करने की कोशिश करते हैं। इसे भी पढ़ें: '2027 वनडे वर्ल्ड कप मेरा आखिरी होगा, ट्रॉफी जीतने के लिए सब कुछ न्योछावर कर दूंगा', विराट कोहली का बड़ा ऐलान यह ध्यान देने वाली बात है कि खराब मौसम के कारण पाकिस्तान और हांगकांग के बीच होने वाला एशियाई खेलों का पहला क्वार्टर-फ़ाइनल भी रद्द कर दिया गया है। भारतीय टीम की तरह ही, पाकिस्तान ने भी अपने प्रतिद्वंद्वी की तुलना में बेहतर T20I रैंकिंग के कारण सेमी-फ़ाइनल के लिए सीधे क्वालिफ़ाई कर लिया है। सेमी-फ़ाइनल मुक़ाबले में उनकी टीम का सामना बांग्लादेश या मलेशिया से होगा।
Asian Games में Esha Singh ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर, मनु भाकर पदक से चूकीं
भारतीय निशानेबाज ईशा सिंह ने सोमवार को यहां एशियाई खेलों की महिला 25 मीटर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा में एक निशाने से स्वर्ण पदक गंवाया लेकिन लगातार पांच शूट-ऑफ के रोमांचक दौर के बाद रजत पदक पक्का करने में सफल रही। हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के साथ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा। निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। उत्तर कोरिया की किम ह्योन सुक ने ईशा के खिलाफ शूट-ऑफ में हारने के बाद 34 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर इस स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद एशियाई खेलों से पदक के बिना लौटेंगी। ईशा ने क्वालीफिकेशन में आठवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचकर भारत की पदक उम्मीदें कायम रखीं। मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे। मनु के लिए यह एशियाई खेलों का निराशाजनक अभियान रहा। इससे पहले वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में भी पदक जीतने में नाकाम रही थीं। भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी। सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।
... सुमन रे ...नयी दिल्ली, 28 सितंबर भारत के एशियाई खेलों के कबड्डी चैंपियनों के स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जश्न के रंग में रंग गया, जहां स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके कुछ ही देर बाद स्वर्ण पदक विजेता सुरूचि सिंह और कमलजीत सिंह की अगुवाई में निशानेबाजों के पहुंचने से जश्न का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए परिवार के सदस्य, पड़ोसी और साथी खिलाड़ी निर्धारित समय से काफी पहले ही बड़ी संख्या में हवाई अड्डे पहुंच गए थे। खिलाड़ियों की एक झलक मिलते ही इंतजार का माहौल जश्न में बदल गया। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान सुनील कुमार ने ढोल की थाप के बीच ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘आत्मविश्वास ने हमें स्वर्ण पदक दिलाया। इस तरह का स्वागत देखकर मैं बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि एक दिन कबड्डी ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक बार फिर दिखाया है कि हम दुनिया में कबड्डी खेलने वाले सबसे अच्छे देश हैं। खिताब बरकरार रखना बेहद सुखद है। मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। हमारी टीम ने स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपना पूरा दमखम और जज्बा दिखाया।’’महिला टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीम ने ईरान के खिलाफ फाइनल में कड़ी चुनौती के बावजूद निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने भी कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक में शामिल किए जाने की वकालत की। पुष्पा ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमारी प्रतिद्वंद्वी ईरान ने वास्तव में अच्छी चुनौती दी, लेकिन प्रतिभा और अनुभव दोनों के मामले में हम बेहतर टीम थे। भारत इस खेल में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए हुए है, लेकिन कबड्डी दुनियाभर में लोकप्रिय हो रही है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया जाए और उम्मीद है कि एक दिन यह ओलंपिक का भी हिस्सा बनेगी।’’महिला कबड्डी खिलाड़ी मनीषा कुमारी का स्वागत बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के बैंड ने किया। उन्होंने अपनी सफलता में सुरक्षा बल के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीएसएफ की लगातार मदद और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहूंगी। हम पर कोई दबाव नहीं था। हम स्वर्ण पदक जीतने के दृढ़ संकल्प के साथ उतरे थे और हमने इसे हासिल किया।’’कबड्डी खिलाड़ियों के अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होने के साथ जब जश्न का माहौल कुछ शांत होने लगा, तभी निशानेबाजों के पहुंचने से हवाई अड्डे पर एक बार फिर जोरदार स्वागत और तालियों की गूंज सुनाई दी। सभी की नजरें कमलजीत और सुरूचि की जोड़ी पर थीं, जिन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। कमलजीत ने कहा, ‘‘10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतना आसान नहीं था। मुकाबला काफी कठिन था और हमने अपना धैर्य बनाए रखा। मुझे सुरूचि के लिए बहुत खुशी है, जिन्होंने शानदार जज्बा और बेहतरीन फॉर्म दिखाया और हमने मिलकर शीर्ष स्थान हासिल किया।’’एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली सुरूचि ने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि का अभी धीरे-धीरे अहसास हो रहा है। मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतकर मैं बेहद खुश हूं। यह मुझे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। भारत इस स्पर्धा में काफी मजबूत है और हमें उम्मीद है कि ओलंपिक में भी इस वर्ग में एक और पदक जीतेंगे।
PC: India tv hindi एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश की वजह से रद्द कर दिया गया है।यह मैच सोमवार को निशिन स्थित 'कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क' में आयोजित होना था। हालांकि, लगातार बारिश के कारण मैदान काफी गीला हो गया, जिसके चलते टॉस हुए बिना ही अंपायरों ने मैच को रद्द करने का फैसला लिया। मैच कैंसिल होने से टीम इंडिया को फायदा हुआ है। इंडिया अच्छी रैंकिंग के आधार पर सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गई है। अभी ICC T-20 रैंकिंग में इंडिया पहले नंबर पर है। जबकि अफगानिस्तान दसवें नंबर पर है। अब टीम इंडिया का सेमीफाइनल मैच 1 अक्टूबर को इसी जगह पर होगा। सेमीफाइनल में इंडिया का मुकाबला किससे होगा? भारत का सेमीफाइनल में मुकाबला श्रीलंका और नेपाल के बीच 29 सितंबर को होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। दूसरी ओर, पाकिस्तान और हांगकांग का क्वार्टर फाइनल भी बारिश की वजह से रद्द हो गया था, जिससे पाकिस्तान को बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिल गई। अब सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना बांग्लादेश और मलेशिया के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा। कौन सी टीम सीधे क्वार्टर-फ़ाइनल में जाएगी? एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट में, इंडिया, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश नाम की चार टीमों को क्वार्टर-फ़ाइनल में सीधे एंट्री दी गई थी। जबकि नेपाल, जापान, अफ़गानिस्तान, हांगकांग, मलेशिया और ओमान को पहले ग्रुप स्टेज के मैच खेलने थे। नेपाल और अफ़गानिस्तान ने ग्रुप-A से क्वार्टर-फ़ाइनल में एंट्री की। जबकि मलेशिया और हांगकांग ने ग्रुप-B से आखिरी आठ में जगह बनाई। क्रिकेट मैच शेड्यूल 28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हांगकांग, मैच कैंसिल 28 सितंबर- इंडिया बनाम अफगानिस्तान, मैच कैंसिल 29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे 29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10 बजे 1 अक्टूबर- पहला सेमीफाइनल, पाकिस्तान बनाम TBC, सुबह 5.30 बजे 1 अक्टूबर- दूसरा सेमीफाइनल, इंडिया बनाम TBC, सुबह 10 बजे 3 अक्टूबर- ब्रॉन्ज़ मेडल, सुबह 5.30 बजे 3 अक्टूबर- फाइनल (गोल्ड मेडल मैच) सुबह 10 बजे पाकिस्तान भी सेमीफाइनल में जापान के निशिन में कोरोई स्पोर्ट्स पार्क में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के पहले मेन्स क्रिकेट क्वार्टर-फाइनल मैच में पाकिस्तान टीम बिना मैदान में उतरे सेमीफाइनल में पहुंच गई है। सोमवार को पाकिस्तान और हांगकांग के बीच खेला जाने वाला मैच लगातार बारिश के कारण बिना टॉस के रद्द कर दिया गया। ICC रैंकिंग पाकिस्तान के लिए फायदेमंद मैच रद्द होने के बाद, पाकिस्तान को विजेता घोषित किया गया और ICC T20 इंटरनेशनल रैंकिंग के अनुसार सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया गया। पाकिस्तान, भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका अपनी ऊंची इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर क्वार्टर फाइनल के लिए अपने आप क्वालीफाई हो गए।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: भारत ने जीते दो और मेडल, ईशा सिंह का सिल्वर पर कब्जा
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को भारत ने अब तक दो मेडल हासिल किए हैं। भारत के कुल पदकों की संख्यों 40 के करीब पहुंच गई है।
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 28 सितंबर मैदान पर अपनी रफ्तार से पदक जीतने वाली फर्राटा धाविका हरिता भद्रा के पैरों में ही नहीं, हाथ में भी हुनर है जो उनके द्वारा बनाये गए गहनों की खूबसूरती में नजर आता है। अपने पदार्पण एशियाई खेलों में 200 मीटर का कांस्य पदक जीतने वाली हरिता अपने ब्रांड ‘दागिना’ के लिये जल्दी ही नये ईयरिंग डिजाइन करने वाली है जो इस पदक को समर्पित होगा। 23 वर्ष की इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ मैं जरूर ऐसा कुछ डिजाइन करूंगा तो इस पदक को समर्पित होगा। शायद एक ईयरिंग या कुछ ऐसा जिसकी प्रेरणा जापान से मिली हो।’’हरिता एशियाई खेलों के लिये शुरूआत में भारतीय एथलेटिक्स टीम का हिस्सा नहीं थी लेकिन भारतीय ओलंपिक संघ ने ऐन मौके पर स्थानीय आयोजकों से अनुरोध करके उन्हें शामिल किया। उन्हें और पांच अन्य खिलाड़ियों को खेल मंत्रालय से दो सितंबर को मंजूरी मिली। उन्होंने 200 मीटर फाइनल में 23 . 20 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। यह उनकी पहली अंतरराष्ट्रीय रेस थी। हरिता ने कहा ,‘‘ यह पदक मेरे लिये काफी मायने रखता है क्योंकि पहली बार भारत के लिये खेल रही थी और मुझे खुशी है कि पदक जीत सकी।’’उन्होंने कहा ,‘‘ रेस से पहले मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे अपने शरीर पर भरोसा रखना है और अंत तक हार नहीं मानना है। मैं रेस का मजा लेने उतरी थी और मुझ पर कोई दबाव नहीं था क्योंकि मैने मेहनत की थी।’’मुंबई की रहने वाली हरिता ब्रिटेन में लोबोरो यूनिवर्सिटी से खेल विज्ञान, कोचिंग और शारीरिक शिक्षा में बीएससी भी कर रही है।
चंबा की धाविका सीमा जापान में एशियाई खेलों की 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगी। इससे पहले उन्होंने 10 हजार मीटर में कांस्य जीता था।
IND vs AFG Asian Games: India vs Afghanistan: बारिश के कारण बिना गेंद खेले रद्द हुआ क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया
Tejaswin Shankar ने Asian Games में जीता कांस्य, रजत गंवाने पर जताई निराशा
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी तेजस्विन शंकर ने एशियाई खेलों की डेकाथलॉन स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर एक बार फिर खुद को साबित किया, लेकिन शीर्ष दो में जगह नहीं बना पाने की कसक उन्हें कचोट रही है। पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाले तेजस्विन ने रविवार को 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। जापान के युमा मुरुयामा ने 8,123 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन के चेन एक्स ने 8,012 अंक जुटाकर रजत पदक अपने नाम किया। मुरुयामा ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। तेजस्विन ने निराशा भरे अंदाज में कहा, ‘‘तीसरा स्थान वह नहीं था, जिसके लिए मैं लक्ष्य बना रहा था। मुझे इस कांस्य के सिलसिले को खत्म करना होगा। इस समय मैं काफी निराश हूं। मुझे नहीं लगता कि मैंने कांस्य जीता है, बल्कि मैंने रजत गंवाया है।’’दिल्ली के 27 वर्षीय एथलीट ने 10 स्पर्धाओं वाली डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा 1500 मीटर दौड़ 4:33.09 के समय के साथ जीती। उन्होंने मुरुयामा (4:33.92) को पीछे छोड़ा। हालांकि, 1500 मीटर के नतीजे का पदकों पर खास असर नहीं पड़ा, क्योंकि इससे पहले ही मुरुयामा स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त अंक हासिल कर चुके थे। तेजस्विन जानते थे कि स्वर्ण पदक उनकी पहुंच से बाहर है, लेकिन 1500 मीटर दौड़ के दौरान उनके दिमाग में फरवरी में चीन में हुई एशियाई इंडोर चैंपियनशिप की हेप्टाथलॉन स्पर्धा के दौरान मुरुयामा से 1000 मीटर दौड़ में मिली हार चल रही थी। इंडोर चैंपियनशिप में सात स्पर्धाएं होती है। तेजस्विन ने कहा, ‘‘उस समय बात पदक की नहीं थी, बल्कि इस बात की थी कि युमा ने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में आखिरी एक किलोमीटर में मुझे हरा दिया था। सोशल मीडिया पर उस दौड़ की रील काफी चलती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं वह रील देखता हूं, मुझे लगता है कि स्वर्ण जीतने के बावजूद मैं उस एक किलोमीटर में उसे नहीं हरा सका। इसलिए 1500 मीटर की पूरी दौड़ के दौरान जब वह मुझसे आगे था, मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि मुझे उसे पकड़ना है। आखिर में मैं उसे वही जवाब दूंगा, जो उसने उस दिन मुझे दिया था।’’तेजस्विन ने 1500 मीटर दौड़ जीतने पर संतोष जताया। उन्होंने लंबी कूद और ऊंची कूद में भी जीत हासिल की। उन्होंने कहा, ‘‘वह पूरी दौड़ में आगे था। उसने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में भी ऐसा ही किया था। मुझे पता था कि कब बढ़त लेनी है और मैंने बिल्कुल वही किया। 1500 मीटर में अपने प्रदर्शन से मैं काफी संतुष्ट था।’’एशियाई खेलों से पहले तेजस्विन ने तीन डेकाथलॉन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया था। इनमें ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेल भी शामिल थे, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने एशियाई इंडोर चैंपियनशिप में हेप्टाथलॉन में भी हिस्सा लिया था। उनका मानना है कि इस साल एक प्रतियोगिता ज्यादा हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘मुरुयामा ने अप्रैल में एक डेकाथलॉन में हिस्सा लिया और फिर मई में एक और प्रतियोगिता में उतरे, हालांकि वह उसे पूरा नहीं कर सके। यह उनका दूसरा डेकाथलॉन था। ये चीजें मायने रखती हैं। मैं 30 जनवरी से लगातार प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहा हूं। मैं किसी को दोष नहीं दे रहा।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस साल मैंने चार प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। मैं खुश हूं कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मुझे राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप से हटने की अनुमति दी।’’मई में फेडरेशन कप के दौरान 8,057 अंक का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले तेजस्विन इस बार उस आंकड़े के करीब नहीं पहुंच सके, लेकिन पूरे सत्र में उनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल मेरी हर डेकाथलॉन में 7,900 से अधिक अंक रहे हैं। यह अपने आप में मेरे सुधार को दर्शाता है। एक बड़े प्रदर्शन से ज्यादा महत्वपूर्ण निरंतरता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अब मुझे 8,300 अंक तक पहुंचने के लिए 300 और अंक जुटाने होंगे और अगले साल विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करना होगा। यही मेरी अगली चुनौती है।’’प्रतियोगिता खत्म होने के बाद तेजस्विन अब अमेरिका लौटकर अपनी पढ़ाई और शिक्षण संबंधी जिम्मेदारियां संभालेंगे। वह अमेरिका की कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के काइन्सियोलॉजी विभाग में स्नातक शिक्षण सहायक हैं। साल के बाकी महीनों में कुछ आराम करने के बाद वह अपनी यह जिम्मेदारी निभाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मंगलवार को अमेरिका वापस जा रहा हूं। मेरी विश्वविद्यालय की जिम्मेदारियां हैं। मैं ‘टीचिंग असिस्टेंट’ हूं और मुझे विद्यार्थियों के ‘असाइनमेंट’ जांचने हैं। मैं एक सप्ताह से अपने छात्रों से नहीं मिला हूं, इसलिए मुझे वापस जाकर काम शुरू करना होगा।’’जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कंसास के अपने छात्रों के लिए आदर्श बन सकते हैं, तो तेजस्विन ने कहा, ‘‘बिल्कुल नहीं। मुझे किसी के लिए आदर्श बनने की परवाह नहीं है। अगर कोई मेरी प्रशंसा करना चाहता है तो यह ठीक है।
एशियाई खेलों में Pinaky Balhara ने कुराश के सेमीफाइनल में बनाई जगह, पदक पक्का
पिंकी बलहारा ने सोमवार को एशियाई खेलों में महिला 78 किग्रा कुराश वर्ग के क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर दिया। बलहारा ने एकतरफा मुकाबले में लिम को कोई अंक हासिल नहीं करने दिया और आसानी से सेमीफाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ उनकी नजरें 2018 एशियाई खेलों के अपने रजत पदक से बेहतर प्रदर्शन करने पर भी हैं। इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया। ‘चाला’ तब दिया जाता है जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को गिराने में सफल रहता है, लेकिन उसके दांव में पूरी तरह नियंत्रण नहीं होता। पिंकी ने 2018 में जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं की 52 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। तब कुराश ने पहली बार एशियाई खेलों में जगह बनाई थी। बलहारा अब सेमीफाइनल में सोमवार को ही दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से भिड़ेंगी।
एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष Volleyball टीम का दबदबा, हांगकांग को 3-0 से हराया
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने सोमवार को एशियाई खेलों के पूल-सी के मुकाबले में हांगकांग को 3-0 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। भारत ने रोमांचक मुकाबले में 25-22, 25-19, 25-21 से जीत हासिल की। भारतीय टीम ने इस मुकाबले को सीधे सेट में जीता लेकिन हांगकांग ने हर सेट में टीम को कड़ी चुनौती दी। हांगकांग ने लंबे समय तक भारत के बढ़त के अंतर को एक-दो अंकों से अधिक नहीं होने दिया। निर्णायक मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों ने अपना स्तर उठाया और मैच को अपने पक्ष में खत्म किया। हांगकांग ने लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय टीम को पूरे मुकाबले में अपनी लय बरकरार रखने तथा अंतिम चरण में सटीक खेल दिखाने के लिए मजबूर किया। खासकर दाएं छोर से उसके आक्रमण प्रभावी रहे, जिससे भारतीय रक्षापंक्ति को परेशानी हुई और वह मुकाबले में बना रहा। भारत ने इससे पहले वियतनाम को भी 3-0 से हराकर अभियान की शुरुआत की थी। भारतीय टीम अब मंगलवार को कतर का सामना करेगी।
Asian Games 2026: पाकिस्तान को मिला सेमीफाइनल का टिकट, बारिश की भेंट चढ़ा क्वार्टर फाइनल-1
पाकिस्तान क्रिकेट टीम बिना मैदान पर उतरे ही एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में पहुंच गई है। सोमवार को पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के बीच होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। लगातार होती झमाझम बारिश के चलते पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के बीच होने वाले मैच में टॉस का सिक्का भी नहीं उछाला जा सका और अंपायर्स को अंत में मैच को रद्द करने का फैसला लिया। आईसीसी टी20 रैंकिंग में हांगकांग, चीन से ऊपर होने के चलते पाकिस्तान को सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। आईसीसी रैंकिंग में पाकिस्तान छठे नंबर पर काबिज है, जबकि हांगकांग, चीन 24वें नंबर पर है। पाकिस्तान अब 1 अक्टूबर को अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगा। सोमवार को दूसरे क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारत की भिंड़त अफगानिस्तान से इसी मैदान पर होनी है। हालांकि, मौसम का पूर्वानुमान बारिश की आशंका जता रहा है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय समयानुसार सुबह 8 बजे बारिश की 69 प्रतिशत संभावना है, जो सुबह 9 बजे (जब पहला क्वार्टर फाइनल शुरू होना है) बढ़कर 70 प्रतिशत हो जाएगी। बारिश की आशंका सुबह 10 बजे (स्थानीय समय) 49 प्रतिशत, सुबह 11 बजे 75 प्रतिशत और दोपहर 12 बजे 71 प्रतिशत बनी हुई है। लगातार होती झमाझम बारिश के चलते पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के बीच होने वाले मैच में टॉस का सिक्का भी नहीं उछाला जा सका और अंपायर्स को अंत में मैच को रद्द करने का फैसला लिया। आईसीसी टी20 रैंकिंग में हांगकांग, चीन से ऊपर होने के चलते पाकिस्तान को सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। आईसीसी रैंकिंग में पाकिस्तान छठे नंबर पर काबिज है, जबकि हांगकांग, चीन 24वें नंबर पर है। पाकिस्तान अब 1 अक्टूबर को अपना सेमीफाइनल मुकाबला खेलेगा। Also Read: LIVE Cricket Score अगर बारिश की वजह से मैच रद्द हो जाता है, तो भारत को अफगानिस्तान के खिलाफ विजेता घोषित कर दिया जाएगा, क्योंकि टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में भारत अपने प्रतिद्वंद्वी अफगानिस्तान से बहुत बेहतर स्थिति में है। भारत आईसीसी टी20 रैंकिंग में पहले नंबर पर है, जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है। Article Source: IANS
एशियाई खेलों के आठवें दिन भारत को सात पदक
जापान में चल रहे एशियाई खेलों के आठवें दिन रविवार को भारतीय खिलाड़ियों ने सात पदक जीते, जिसमें चार रजत पदक हैं।
Asian Games Live 2026: एशियन गेम्स में आज एथलेटिक्स और शूटिंग में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय जांबाज
एशियन गेम्स 2026 के 9वें दिन भारत का शेड्यूल काफी बिजी रहने वाला है। भारत फिलहाल 12 खेलों में 4 गोल्ड मेडल समेत 37 पदक जीत चुका है, जिनमें से 11 पदक अकेले शूटिंग से आए हैं।
Asian Games Live 2026: एशियन गेम्स में आज एथलेटिक्स और शूटिंग में इतिहास रचने उतरेंगे भारतीय जाबांज
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Asian Games 2026 Live: 28 सितंबर को तीरंदाजों पर नजर, 25 मीटर एयर पिस्टल में मनु भाकर से उम्मीदें
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।भारत 37 पदकों के साथ 12वें स्थान पर है। 28 सितंबर को तीरंदाजी और शूटिंग समेत कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी चुनौती पेश करेंगे।
Asian Games में पदक जीतने वाले भारतीय एथलीटों को PM Narendra Modi ने सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जापान के नागोया में एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को बधाई दी। इनमें रजत पदक विजेता एंसी सोजन, अनाहत सिंह और अभय सिंह शामिल हैं। एंसी ने महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीता जबकि हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया। अनाहत और अभय ने क्रमश: महिला और पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीते। सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की ऊंची कूद में रजत जबकि तेजस्विन शंकर ने पुरुषों की डेकाथलन में कांस्य पदक जीता। एंसी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मोदी ने कहा कि उनके ‘मजबूत और जुझारू प्रदर्शन’ से देश को बेहद खुशी हुई है। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की लंबी कूद में रजत पदक जीतने पर एंसी सोजन को बधाई! उनका मजबूत और जुझारू प्रदर्शन देश के लिए बेहद खुशी लेकर आया है। वह आने वाले समय में भी इसी तरह बड़ी सफलताएं हासिल करती रहें।’’प्रधानमंत्री ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने पर भद्रा को भी बधाई दी और कहा कि उनकी उपलब्धि पर भारत को गर्व है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 200 मीटर में हरिता भद्रा का शानदार कांस्य! अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लेते हुए उन्होंने आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ दौड़ लगाई और पोडियम पर स्थान हासिल किया। इस शानदार उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई। भारत को उन पर गर्व है।’’प्रधानमंत्री ने अनाहत और अभय की भी सराहना की। मोदी ने अभय को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश में रजत पदक जीतने पर अभय सिंह को बधाई! उनके कौशल और दृढ़ संकल्प ने भारत को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि वर्षों से की गई उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है। आगे के सफर के लिए उन्हें शुभकामनाएं।’’युवा खिलाड़ी अनाहत के बारे में प्रधानमंत्री ने पोस्ट किया, ‘‘अनाहत का शानदार रजत! एशियाई खेलों में महिला एकल स्क्वाश में उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने जबरदस्त कौशल का प्रदर्शन किया, खासकर कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले में। वह नई ऊंचाइयां हासिल करती रहें और भारत के लिए कई और गौरव हासिल करें।’’प्रधानमंत्री मोदी ने कुशारे और महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल चौधरी की भी सराहना की। मोदी ने कुशारे के बारे में कहा, ‘‘एशियाई खेलों में पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे का ऐतिहासिक रजत! शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने इस स्पर्धा में भारत के पांच दशक लंबे पदक के इंतजार को खत्म किया है। यह दृढ़ता और संकल्प से हासिल की गई बेहद यादगार उपलब्धि है।’’पारुल चौधरी के लिए उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीतने के लिए पारुल चौधरी का शानदार प्रदर्शन! उन्होंने अपनी उपलब्धि को और खास बनाते हुए पोडियम तक पहुंचने के दौरान अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उनके समर्पण और दृढ़ता ने भारत को गौरवान्वित किया है। उनके आगे के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।
Asian Games एथलेटिक्स में Sarvesh Kushare और Ancy Sojan को रजत, भारत ने 5 पदक जीते
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में स्वर्ण पदक की उम्मीद जगाईं लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जिससे देश ने एथलेटिक्स में पांच पदक अपनी झोली में डाले। डेकाथलीट तेजस्विन शंकर, पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में और 200 मीटर की धाविका हरिता भद्रा ने कांस्य पदक जीता जिससे मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत के एथलेटिक्स में कुल पदकों की संख्या 13 (छह रजत, सात कांस्य) हो गई। लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। प्रतियोगिता खत्म होने में दो दिन बचे हैं लेकिन भारत की 75 सदस्यीय मजबूत एथलेटिक्स टीम को अब भी स्वर्ण की तलाश में है। ट्रैक एवं फील्ड में रविवार को पांच पदक के साथ भारत के कुल 37 पदक हो गए हैं जिसमें चार स्वर्ण, 16 रजत और 17 कांस्य पदक शामिल हैं। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। निराश एंसी ने कहा, ‘‘ दो सेंटीमीटर से चूकने का थोड़ा दुख है। आखिरी क्षण तक मैं स्वर्ण पदक जीतने की दौड़ में थी। लेकिन किस्मत कुछ और थी। आज मेरा दिन नहीं था। एंसी के नाम 6.88 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक बात के लिए मैं खुश हूं। यह मेरे दूसरे एशियाई खेल हैं और दोनों में मैं पदक विजेता हूं। यह मेरे लिए अंत नहीं है। मैं और मजबूत होकर वापसी करूंगी। ’’हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि ऐसे खेल चार साल बाद आते हैं। आप कभी नहीं जानते कि चार साल में क्या होगा। ’’कुशारे चीन में हुए पिछले चरण में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक जीता था, इसलिए मैं स्वर्ण जीतना चाहता था लेकिन ऐसा नहीं कर सका। लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि पदक आया है। इससे आगे बढ़ने में मेरा आत्मविश्वास बढ़ेगा। ’’डेकाथलीट शंकर ने पिछले चरण में जीते रजत पदक में एक कांस्य पदक और जोड़ दिया। उन्होंने दो दिनों तक चली इस कठिन 10 खेलों की स्पर्धा में 7934 अंक जुटाए। जापान के मारुयामा ने 8123 अंकों के साथ स्वर्ण जीता जबकि चीन के चेन एक्स ने 8012 अंक जुटाकर रजत पदक जीता। शंकर ने कहा, ‘‘यह कांस्य जीतने से ज्यादा रजत हारने जैसा था। ’’उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 8057 अंकों का है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस साल डेकाथलॉन की चार प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। मैं 30 जनवरी से लगातार यही कर रहा हूं लेकिन किसी को दोष नहीं दे रहा। मुझे यह करना ही था और मुझे वह प्रदर्शन हासिल करना था। ’’पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। अन्य स्पर्धाओं में लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। श्रीशंकर ने 7.84 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर क्वालीफिकेशन में दूसरा स्थान हासिल किया जबकि सोलोमन की 7.62 मीटर की छलांग ने उन्हें सातवें स्थान पर रखा और दोनों ने पुरुषों की लंबी कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष ने 49.61 सेकंड के समय के साथ शुरुआती हीट में दूसरा स्थान हासिल कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालांकि दूसरी हीट में प्रतिस्पर्धा कर रहे यशस पलाक्षा ने पहली बाधा पार करने से पहले ही दौड़ रोक दी और दौड़ पूरी नहीं कर सके। दोनों भारतीय महिलाएं अपनी-अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ में स्वतः आगे बढ़ गईं। विथ्या ने 55.73 सेकेंड का समय दर्ज किया जबकि अनु ने 55.84 सेकेंड का समय लिया।
Asian Games में Tejaswin Shankar ने जीता Decathlon Bronze, 1500m दौड़ में पहला स्थान
अयाची-नागोया एशियाई खेलों में भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन कई उतार-चढ़ाव वाला रहा। तेजस्विन शंकर ने दो दिनों तक चले कठिन डेकाथलॉन मुकाबले का अंत 1500 मीटर दौड़ जीतकर किया और कुल 7,934 अंक के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। 1500 मीटर में उन्होंने 4:33.09 का समय निकाला और जापान के युमा मारुयामा को पीछे छोड़ा। हालांकि, अंतिम दौड़ जीतने के बावजूद तेजस्विन स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। जापान के युमा मारुयामा ने पहले के मुकाबलों में हासिल बढ़त के दम पर कुल 8,123 अंक जुटाकर स्वर्ण पदक जीता। चीन के शिंगहुआ चेन ने अंतिम दौड़ में तीसरा स्थान हासिल किया और कुल अंकों के आधार पर रजत पदक अपने नाम किया। बता दें कि डेकाथलॉन में 10 अलग-अलग स्पर्धाएं होती हैं और खिलाड़ी के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाते हैं। तेजस्विन ने इनमें से 3 स्पर्धाओं में पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने लंबी कूद, ऊंची कूद और 1500 मीटर में जीत दर्ज की। दो दिन तक चले इस मुकाबले में लगातार अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रदर्शन करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। तेजस्विन का कांस्य भारत के लिए इन एशियाई खेलों का 35वां पदक रहा। इसके साथ भारत की पदक संख्या 4 स्वर्ण, 15 रजत और 16 कांस्य तक पहुंच गई। एथलेटिक्स में यह भारत का 11वां पदक है। हालांकि, ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में भारत अभी भी अपने पहले स्वर्ण पदक का इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि रविवार को एथलेटिक्स में भारत के लिए अंसी सोजन ने भी शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन वह स्वर्ण पदक से सिर्फ 2 सेंटीमीटर दूर रह गईं। महिलाओं की लंबी कूद में अंसी ने 5वें प्रयास में 6.53 मीटर की छलांग लगाकर बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन चीन की यिंगयिंग हुआंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर उनसे स्वर्ण छीन लिया। अंसी की आखिरी छलांग 6.49 मीटर रही और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारत की शाइली सिंह भी पदक की दौड़ में थीं, लेकिन अंतिम प्रयास में चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग लगाकर उन्हें पीछे कर दिया। शाइली का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6.42 मीटर रहा और वह चौथे स्थान पर रहीं। इससे पहले महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। उन्होंने जापान की अबिगेइरुफुका इदो को सिर्फ 0.01 सेकंड के अंतर से पीछे छोड़ा। इंडोनेशिया की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि चीन की युजी चेन ने 22.93 सेकंड में दौड़ पूरी कर रजत पदक हासिल किया। भारत की उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.46 सेकंड के समय के साथ 6वें स्थान पर रहीं। इस तरह एथलेटिक्स में एक ही दिन भारत को कई अहम पदक मिले, लेकिन स्वर्ण पदक की तलाश जारी रही। वहीं तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन की आखिरी स्पर्धा में जीत के साथ अपना अभियान पदक के साथ खत्म किया है।
Asian Games 2026 : अपने ही नेशनल रिकार्ड को तोड़ पारूल ने दिखाया दमखम, एशियन गेम्स में जीता कांस्य
मेरठ की पारूल चौधरी ने जापान के नागोया में एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9 मिनट 8 सेकेंड 67 माइक्रो सेकेंड के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
Asian Games में गोल्ड से बस एक छलांग दूर थीं Ancy Sojan, चीन की खिलाड़ी ने आखिरी दांव से मारी बाजी
एशियन गेम्स में भारत की एंसी सोजन रविवार को महिलाओं की लंबी कूद में स्वर्ण पदक के बेहद करीब पहुंचीं, लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने अपने आखिरी शानदार प्रयास से उनसे सोना छीन लिया। सोजन को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, शाइली सिंह चौथे स्थान पर रहीं। आखिरी प्रयास में बदला पूरा नतीजा एंसी सोजन ने फाइनल में लंबे समय तक बढ़त बनाए रखी। अपने पांचवें प्रयास में उन्होंने 6.53 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई। यह प्रदर्शन उन्हें स्वर्ण पदक दिलाने के लिए काफी मजबूत नजर आ रहा था। लेकिन चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की छलांग लगाकर सोजन को पीछे छोड़ दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस तरह सोजन की 6.53 मीटर की छलांग उन्हें रजत पदक दिलाने के लिए पर्याप्त रही। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: एक दिन, दो फाइनल और दो सिल्वर! अभय-अनाहत ने रचा इतिहास शाइली सिंह पदक से चूकीं भारत की शाइली सिंह भी लंबी कूद के फाइनल में उतरीं, लेकिन वह पदक जीतने से मामूली अंतर से चूक गईं। उन्होंने 6.42 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाई और चौथे स्थान पर रहीं। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक जीता। 200 मीटर में हरिता भद्रा ने जीता कांस्य महिलाओं की 200 मीटर दौड़ में भी भारत को पदक मिला। हरिता भद्रा ने 23.20 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। हरिता ने जापान की इडो अबिगेइरुफुका को सिर्फ 0.01 सेकंड से पीछे छोड़ा। जापान की खिलाड़ी ने 23.21 सेकंड में दौड़ पूरी की। सिंगापुर की शांति परेरा ने 22.78 सेकंड के सत्र के सर्वश्रेष्ठ समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। भारत की दूसरी फाइनलिस्ट उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज दो स्पर्धाओं में भारत के खाते में दो पदक महिलाओं की लंबी कूद और 200 मीटर की इन दो स्पर्धाओं से भारत को एक रजत और एक कांस्य पदक मिला। लंबी कूद में एंसी सोजन ने रजत पदक जीता, जबकि हरिता भद्रा ने 200 मीटर में कांस्य अपने नाम किया।
तमिलनाडु: सीएम विजय का एशियाई खेलों के सिल्वर मेडलिस्ट अभय सिंह को तोहफा, 50 लाख के इनाम की घोषणा
चेन्नई, 27 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह के लिए 50 लाख रुपए के इनाम की घोषणा की। अभय सिंह ने जापान में हुए 20वें एशियाई खेलों में पुरुषों के सिंगल्स इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
Asian Games में भारत की झोली में आए दो सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल
भारत के सर्वेश कुशारे और एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों में क्रमश: पुरुष ऊंची कूद और महिला लंबी कूद फाइनल में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा जबकि पारुल चौधरी ने महिला 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। सर्वेश स्पर्धा में काफी समय तक शीर्ष पर रहे लेकिन 2.25 मीटर की ऊंचाई को पहली कोशिश में पार नहीं कर पाने के बाद दूसरे स्थान पर खिसक गए। चीनी ताइपे के चाओ शुआन फू ने यह ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली। हालांकि कुशारे ने दूसरी कोशिश में 2.25 मीटर की ऊंचाई पार कर ली। महिला लंबी कूद फाइनल में एंसी ने 6.53 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया और दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिला 200 मीटर में 23.20 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। भद्रा तीसरे स्थान पर रहीं। वह जापान की इडो अबिगेइरुफुका से मामूली अंतर से आगे रहीं जिन्होंने 23.21 सेकेंड का समय निकाला। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह के लिए महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने 6.55 मीटर की कूद के साथ अंतिम प्रयास में उन्हें पीछे छोड़ दिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र का सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं। पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली पारुल ने नौ मिनट 8.67 सेकेंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ लगातार दूसरी बार कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की विनफ्रेड यावी ने नौ मिनट 4.36 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान की नोराह जेरुतो तनुई ने नौ मिनट 06.82 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक अपने नाम किया। स्पर्धा में हिस्सा लेने वाली एक अन्य भारतीय एथलीट अंकिता नौ मिनट 19.24 सेकेंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
Asian Games में Ancy Sojan ने 6.53 मीटर कूद के साथ जीता सिल्वर, हरिता को 200m में ब्रॉन्ज
भारत की एंसी सोजन ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की महिला लंबी कूद स्पर्धा में अधिकांश समय बढ़त बनाए रखी लेकिन अंत में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। एंसी 6.53 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से दूसरे स्थान पर रहीं। चीन की हुआंग यिंगयिंग ने आखिरी प्रयास में 6.55 मीटर की कूद लगाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारत की हरिता भद्रा ने महिलाओं की 200 मीटर दौड़ के फाइनल में 23.20 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता। भद्रा जापान की इडो अबिगेइरुफुका से ठीक आगे तीसरे स्थान पर रहीं। इडो ने 23.21 सेकेंड का समय लिया। हालांकि एंसी की हमवतन शैली सिंह को महिला लंबी कूद फाइनल में निराशा हाथ लगी। चीन की मेंगयी तान ने 6.46 मीटर की कूद लगाकर भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ दिया जिससे शैली कांस्य पदक से चूक गईं। एंसी ने अपने पांचवें प्रयास में 6.53 मीटर की कूद लगाई थी लेकिन यिंगयिंग ने अंतिम प्रयास में 6.55 मीटर की कूद के साथ भारतीय खिलाड़ी को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। शैली का दिन का सर्वश्रेष्ठ प्रयास 6.42 मीटर रहा। महिला 200 मीटर फाइनल में सिंगापुर की शांति परेरा ने सत्र के सर्वश्रेष्ठ 22.78 सेकेंड के समय से स्वर्ण पदक जीता जबकि चीन की चेन युजी ने 22.93 सेकेंड के समय से रजत पदक जीता। फाइनल में शामिल दूसरी भारतीय उन्नति अयप्पा बोलैंड 23.48 सेकेंड के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।
Asian Games Squash: Anahat Singh और अभय सिंह फाइनल में हारे, भारत को मिला रजत
(अजय मसंद)नागोया, 27 सितंबर भारत का स्क्वाश में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक का इंतजार जारी रहा जब अनाहत सिंह और अभय सिंह को रविवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में अपने-अपने मलेशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अभय पुरुष एकल फाइनल में ईन यो एनजी के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने में नाकाम रहे और सीधे गेम में 44 मिनट में 9-11, 5-11, 5-11 से हार गए। अट्ठारह वर्षीय अनाहत को भी महिला एकल फाइनल में मलेशिया की शिवासांगरी सुब्रमण्यम ने आसानी से हराया। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी को पांचवीं रैंकिंग वाली शिवासांगरी के खिलाफ 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त मिली। इस नतीजे का मतलब है कि अनाहत और अभय दोनों 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने से चूक गए जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अब भारतीय खिलाड़ियों को क्वालीफाई करने के लिए दूसरे रास्ते तलाशने होंगे। स्क्वाश में किसी भी भारतीय ने अब तक व्यक्तिगत वर्ग में एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक नहीं जीता है। सौरव घोषाल भी दो बार इसके करीब पहुंचे थे लेकिन उन्हें भी 2014 के इंचियोन और 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। यो और शिवासांगरी दोनों ने ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले शुरुआती दो खिलाड़ी बनकर इतिहास रचा। दोनों ने अपने एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक का भी सफलतापूर्वक बचाव किया। विश्व जूनियर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सातोमी वातानाबे के खिलाफ सेमीफाइनल में की गई वापसी को दोहरा नहीं सकीं। अनाहत-सातोमी सेमीफाइनल को करीब से देखने वाली शिवासांगरी स्पष्ट रणनीति के साथ उतरीं और उसे पूरी तरह से अमल में भी लाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और लगातार आक्रमण के जरिए उन पर दबाव बनाए रखा। हालांकि अनाहत के लिए यह अभियान यादगार रहा। उन्होंने एशियाई खेलों के इतिहास में महिला एकल फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले 26वीं रैंकिंग वाले अभय भी दुनिया के 18वें नंबर के यो को कड़ी चुनौती नहीं दे सके। यो ने प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। यह अभय की मलेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठवीं हार है। अभय ने कहा, ‘‘आज के प्रदर्शन से निराश हूं लेकिन अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करता हूं। आज वह मेरे से बेहतर था और जीत का हकदार था। उसने खेल के हर पहलू में अच्छा प्रदर्शन किया। उसका अनुभव काम आया। वह इससे पहले एशियाई खेलों के फाइनल में खेल चुका है इसलिए मुझे लगता है कि इससे थोड़ा फर्क पड़ा।’’अभय के लिए यह हार बड़े मुकाबलों में दबाव संभालने का सबक भी रही। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े मुकाबलों में उसका संयम सीखने लायक है। हर जीत या हार एक सबक होती है जिसे घर वापस ले जाना होता है और मैं भी यही करूंगा।’’अभय के पास इस निराशा पर ज्यादा समय तक विचार करने का वक्त नहीं है क्योंकि उनकी नजरें लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय ज्यादा कुछ कहना थोड़ा मुश्किल है लेकिन उस स्थान के लिए अभी एक और मौका है। उम्मीद है कि चीजें सही दिशा में जाएंगी और मैं उसे हासिल कर पाऊंगा।’’भारत को टीम स्पर्धाओं में भी पदक जीतने की उम्मीद है। पुरुष टीम मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में उतरेगी।
Asian Games में बाधा दौड़ धावक Yashas Palaksha चोट के कारण हीट से बाहर
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे भारत के ट्रैक एवं फील्ड के चोटिल खिलाड़ियों की सूची रविवार को उस समय और लंबी हो गई जब 400 मीटर बाधा दौड़ के खिलाड़ी यशस पलाक्षा अपनी हीट (शुरुआती दौर) के बीच में ही हट गए। इससे इन खिलाड़ियों के चयन की प्रक्रिया और इसके लिए जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यशस ने 10 सितंबर को नयी दिल्ली में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा नहीं लिया था जिसमें एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी खिलाड़ियों ने भाग लिया था। उस समय अटकलें थीं कि यशस चोट से जूझ रहे हैं। महिला 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और त्रिकूद खिलाड़ी प्रवीण चित्रावेल ने भी नयी दिल्ली में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था। दोनों ने शनिवार को चोट के कारण एशियाई खेलों से हटने का फैसला किया। याराजी घुटने की समस्या से जूझ रही थीं जबकि चित्रावेल पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से परेशान थे। हालांकि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने उनके कोचों द्वारा फिटनेस का आश्वासन दिए जाने और चिकित्सा प्रमाणपत्र दिखाए जाने के बाद दोनों को खेलने की मंजूरी दे दी थी। रविवार को यशस 400 मीटर बाधा दौड़ की हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही पैर की मांसपेशियों में संभावित चोट के कारण दौड़ से हट गए जिसके कारण उनका परिणाम डीएनएफ (दौड़ पूरी नहीं की) रहा। भारतीय टीम के एक कोच ने पीटीआई से कहा, ‘‘टीम के डॉक्टरों ने उनकी चोट का आकलन किया है।’’शनिवार को याराजी 100 मीटर बाधा दौड़ की हीट से पहले वार्म अप के दौरान ‘दर्द महसूस होने’ के बाद हट गई थीं। चित्रावेल त्रिकूद में अपने पहले प्रयास के लिए तैयार हुए लेकिन इसे पूरा नहीं कर पाए और पिंडली पकड़कर बाहर आ गए। बाद में उन्हें व्हीलचेयर पर बाहर ले जाया गया और उनके नाम पर एनएम (कोई वैध दूरी नहीं) दर्ज हुआ। एएफआई ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज (शनिवार) महिला 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए वार्म अप के दौरान उन्हें असहजता महसूस हुई और कोचिंग टीम ने एहतियात के तौर पर उन्हें दौड़ से हटाने का फैसला किया। उनकी दीर्घकालिक फिटनेस हमारी पहली प्राथमिकता है।’’चित्रावेल के बारे में एएफआई ने कहा, ‘‘प्रवीण चित्रावेल ने पुरुष तिहरी कूद फाइनल में पहले दौर के बाद अपना नाम वापस ले लिया और कोई वैध दूरी दर्ज नहीं की गई।’’एएफआई ने कहा, ‘‘उन्होंने टीम के साथ अपना प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया था और प्रतियोगिता से पहले या उसके दौरान टीम प्रबंधन को किसी चोट या चिकित्सकीय समस्या की जानकारी नहीं दी थी। हटने का फैसला खिलाड़ी ने खुद लिया।’’एएफआई के एक शीर्ष अधिकारी ने पीटीआई को बताया था कि महासंघ उन निजी संस्थाओं से स्पष्टीकरण मांगेगा जिनके साथ याराजी और चित्रावेल प्रशिक्षण ले रहे थे।
Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ। चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े। उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे। यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है? यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं। क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे। क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा सेमीफाइनल में पहुंचे, दो पदक किए पक्के
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने रविवार को यहां जारी एशियाई खेलों में अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश के लिए दो पदक पक्के किए। पिछले महीने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों का स्वर्ण जीतने वाले अंकुश ने पुरुषों के 80 किग्रा क्वार्टरफाइनल में ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव के खिलाफ 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से जीत दर्ज कर शुरुआत की। इसके बाद परवीन ने उज्बेकिस्तान की विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता नवबखोर खामिदोवा को इसी अंतर से हराकर महिलाओं के 65 किग्रा सेमीफाइनल में जगह बनाई। पिछले चरण में परवीन का कांस्य पदक उनसे छीन लिया गया था क्योंकि डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने ठिकाने की जानकारी देने में विफल रहने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया था। हरियाणा की मुक्केबाज का यह पहला मुकाबला था क्योंकि पिछले दौर में उन्हें वॉकओवर मिला था। लेकिन परवीन ने खामिदोवा पर मुक्कों की झड़ी लगाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। अंकुश ने सलीमोव को पूरी तरह पछाड़ते हुए दबदबे वाला प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे अंकुश इस तरह अंतिम चार में पहुंच गए और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
Asian Games में गोल्ड जीतना हमारा लक्ष्य: श्रेयस अय्यर
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम को सोमवार को अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलना है। मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। रविवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि हम किसी भी टीम को कम नहीं आंक रहे। हमारा लक्ष्य गोल्ड जीतना है। अय्यर ने कहा, जापान में आकर हमें बहुत अच्छा लगा। यहां के लोगों में अनुशासन है। यहाँ लोग निर्देशों का सही तरीके से पालन करते हैं। हम जापान की टीम के साथ खेलने के लिए टोक्यो में थे, इसलिए हमें अभ्यास का ज्यादा मौका नहीं मिला। हमें एक्सप्लोर करने का ज्यादा अवसर नहीं मिला है। नागोया भी अच्छी सिटी है। एशियन गेम्स को देखते हुए जिस तरह की तैयारी यहाँ की गई, वो बेहतरीन है। भारतीय कप्तान ने कहा, हमें अभ्यास का मौका कम मिला है, लेकिन हम सभी पेशेवर क्रिकेटर हैं। हमने नागोया आने के बाद थोड़ा वॉर्म अप किया है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य अब अच्छी क्रिकेट खेलना है, चाहे किसी भी तरह की स्थिति हो। हम किसी भी टीम को हल्के में नहीं ले सकते। आपने देखा होगा कि जापान ने हमें कड़ी चुनौती दी थी। यहाँ के विकेटों के साथ थोड़ा संतुलन बनाना मुश्किल है। लेकिन ये स्थिति हर टीम के साथ है और हम सामने वाली किसी भी टीम के खिलाफ मजबूती से उतरेंगे। अय्यर ने कहा, भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आप पर शीर्ष पर रहने का हमेशा दबाव होता है। लेकिन ये अच्छा दबाव है। हम ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। हमने एक टीम के तौर पर एक मानक निर्धारित किया है और हमेशा उसे छूने की कोशिश करते रहते हैं। एशियन गेम्स की अहमियत पर श्रेयस ने कहा, सारे मैच हमारे लिए अहम होते हैं। हर मैच से हमें अभ्यास मिलता है और नई टीमों के साथ खेलने का अवसर मिलता है। क्रिकेट का विकास हो रहा है, जो हमारे लिए अच्छा है। हमें खेलने के मौके मिल रहे हैं। अभी एशियन गेम्स हैं, आगे और भी मौके मिलेंगे। हमें अच्छी फिटनेस और मनोदशा बनाकर रखनी होगी। अय्यर ने कहा, भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए आप पर शीर्ष पर रहने का हमेशा दबाव होता है। लेकिन ये अच्छा दबाव है। हम ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। हमने एक टीम के तौर पर एक मानक निर्धारित किया है और हमेशा उसे छूने की कोशिश करते रहते हैं। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने कहा, मल्टीनेशनल टूर्नामेंट में खेलना और देश की कप्तानी करना सम्मान की बात है। हमारे साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का समूह है। हमारी कोशिश गोल्ड जीतने की है। Article Source: IANS
Asian Games में बारिश से अफगानिस्तान बनाम भारत मैच धुला तो क्या होगा नतीजा?
गत चैंपियन भारत 28 सितंबर को एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में अफगानिस्तान से भिड़ेगा, बारिश के कारण आइची-नागोया में नॉकआउट चरण बाधित होने का खतरा है।हालांकि अगर मुकाबला बारिश से धुल गया तो बेहतर डीएलएस स्कोर या बेहतर ...
Asian Games: Murali Sreeshankar और विथ्या रामराज समेत कई भारतीय एथलेटिक्स फाइनल में पहुंचे
लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर और डेविड पुत्तुराज सोलोमन, 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष तमिलरसन, विथ्या रामराज और अनु राघवन ने एशियाई खेलों में अपनी अपनी स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश कर लिया। श्रीशंकर ने क्वालीफिकेशन में 7 . 84 मीटर की कूद लगाई और दूसरे स्थान पर रहे जबकि पुत्तुराज 7 . 62 मीटर के प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे। दोनों ने पुरूषों की लंबी कूद के फाइनल में जगह बना ली। पुरूषों की 400 मीटर बाधा दौड़ में संतोष पहली हीट में 49 . 61 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे और फाइनल में पहुंचे। यशास पालाक्षा दूसरी हीट में पहली बाधा पार करने से पहले ही रूक गए और रेस पूरी नहीं कर सके। भारतीय महिलायें अपनी अपनी हीट में दूसरे स्थान पर रहने के बाद 400 मीटर बाधा दौड़ फाइनल में पहुंच गई। विथ्या ने 55 . 73 सेकंड का समय निकाला जबकि अनु ने 55 . 84 सेकंड में दूरी तय की। पुरूषों के डेकाथलन में तेजस्विन शंकर 6571 अंक के साथ तीसरे स्थान पर हैं जबकि दो स्पर्धायें बाकी हैं। महिलाओं की 200 किलोमीटर पैदल चाल फाइनल में मंजू रानी एक घंटा 40 मिनट 17 सेकंड का समय निकालकर छठे स्थान पर रही जबकि प्रियंका अयोग्य करार दी गई।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और उन्नति क्वार्टर फाइनल में हारीं, भारत की चुनौती खत्म
पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। हार के बाद सिंधू ने कहा ,‘‘ मुझे दूसरे गेम में ही जीत जाना चाहिये था लेकिन ऐसा नहीं कर सकी। यह आसान गेम नहीं था और आसानी से अंक नहीं मिल रहे थे।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ यह दुखद है लेकिन इससे उबरना होगा। सेमीफाइनल में पहुंचना अच्छा रहता लेकिन यह सब होता रहता है। मजबूती से वापसी करना अहम है।’’ उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’ सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games Archery: भारतीय पुरुष और महिला कंपाउंड टीमें सेमीफाइनल में पहुंचीं
भारत ने एशियाई खेलों की तीरंदाजी स्पर्धा में मजबूत शुरूआत की और पुरूष तथा महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीमें रविवार को सेमीफाइनल में पहुंच गई जबकि रिकर्व और मिश्रित टीमों ने भी जीत दर्ज की। पुरूष टीम में कुशल दलाल, साहिल जाधव और गणेश मणिरत्नम ने यूएई को अंतिम 16 में 235 . 215 से हराया और क्वार्टर फाइनल में भूटान को 235 . 232 से मात दी। महिला टीम में ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप ने मंगोलिया को अंतिम 16 में 238 . 223 से हराने के बाद क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान को 233 . 230 से मात दी। दोनों टीमें 30 सितंबर को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया से खेलेंगी। पुरूष रिकर्व में धीरज बोम्मदेवरा और संजय भोगे ने फिलीपींस को 5 . 1 से हराया और एक और जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। महिला रिकर्व टीम की कीर्ति और कुमकुम ने मंगोलिया और चीनी ताइपै को 6 . 0 से मात देकर अंतिम चार में प्रवेश किया। बाद में धीरज और कुमकुम की रिकर्व मिश्रित टीम ने यूएई और वियतनाम को 6 . 0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। साहिल जाधव और चितिका की कंपाउंड मिश्रित टीम ने मंगोलिया को 160 . 146 और कजाखस्तान को 159 . 154 से हराया। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में भारत ने कंपाउंड तीरंदाजी में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले के साथ करेगी जिसमें उसका सामना अफगानिस्तान की टीम से होगा।
एशियन गेम्स में मेरठ की धाविका पारुल चौधरी ने 1500 मीटर दौड़ में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 4:09.46 दर्ज करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया, हालांकि वह पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। अब वह 27 सितंबर को 3000 मीटर स्टीपलचेज और 28 सितंबर को 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगी, जहाँ उनका लक्ष्य अपने पिछले स्वर्ण पदक का बचाव करना है।
एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले सावन बरवाल ने अपनी कड़ी मेहनत और कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की है।
Asian Games में दो सिल्वर मेडल जीतकर लौटीं Elavenil Valarivan, अहमदाबाद में जोरदार स्वागत
एशियाई खेलों में दो बार सिल्वर मेडल जीतने वाली भारतीय शूटर एलावेनिल वलारिवन का गुजरात के अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। उनकी कामयाबी पर परिवार ने खुशी जताई और उनकी मेहनत के साथ सरकार और खेल संस्थाओं के सहयोग का भी जिक्र किया। #WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Double Asian Games silver medallist Elavenil Valarivan receives a warm welcome upon her arrival at the Sardar Vallabhbhai Patel International Airport. pic.twitter.com/FU21UVO4tS — ANI (@ANI) September 27, 2026 इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास पिता बोले- सबसे पहली प्राथमिकता भारत है एलावेनिल वलारिवन की कामयाबी पर उनके पिता डॉ. आर. वलारिवन ने कहा, “सबसे पहली प्राथमिकता भारत है। भारत बहुत खुश है। उसने एशियाई खेलों के पहले ही दिन भारत के लिए मेडल का खाता खोला।” उन्होंने कहा कि अब भारत के लिए और भी कई मेडल आ रहे हैं। डॉ. वलारिवन ने कहा, “हमारे प्रधानमंत्री का सपना सच हो रहा है। अब इसके नतीजे मिल रहे हैं।” उन्होंने बताया कि बच्चों और खिलाड़ियों को बचपन से ही चुना जा रहा है और उन्हें प्रशिक्षण के साथ आर्थिक मदद भी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को पढ़ाई में भी मदद मिल रही है। वलारिवन ने कहा, “अगले ओलंपिक और कॉमनवेल्थ में हमारे मेडलों की संख्या बहुत ज्यादा होगी।” इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म मां ने बेटी की मेहनत को दिया कामयाबी का श्रेय एलावेनिल की मां डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “यह उसकी कड़ी मेहनत है, हमारे देश के लिए यह अच्छी खबर है।” उन्होंने कहा कि सरकार उनकी बेटी का साथ दे रही है। डॉ. सरोजा वलारिवन ने कहा, “पीएम मोदी उसका साथ दे रहे हैं। एकेडमी ने उसका साथ दिया है और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात ने भी।” एलावेनिल वलारिवन की एशियाई खेलों में कामयाबी के बाद उनके अहमदाबाद लौटने पर एयरपोर्ट पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
Asian Games Badminton: पीवी सिंधू और Unnati Hooda क्वार्टर फाइनल में हारीं, पदक की उम्मीदें खत्म
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 27 सितंबर पी वी सिंधू और उन्नति हुड्डा साहसिक प्रदर्शन के बावजूद एशियाई खेल महिला एकल क्वार्टर फाइनल में हार गई जिससे इन खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत की झोली खाली रही। भारत ने हांगझोउ में पिछली बार खेलों में तीन पदक जीते थे जिसमें पुरूष टीम ने रजत, सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरूष युगल में स्वर्ण और एच एस प्रणय ने पुरूष एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीन साल बाद भारतीय पुरूष टीम ने कांस्य पदक जीता लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी विभिन्न वर्गों में सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सका। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू को 24 घंटे से भी कम समय में तीसरा मैच खेलना पड़ा जो तोक्यो ओलंपिक चैम्पियन चेन यू फेइ से 21 . 11, 18 . 21, 10 . 21 से हार गई। उन्नीस वर्ष की हुड्डा को तीन बार की विश्व चैम्पियन जापान की अकाने यामागुची ने 21 . 16, 14 . 21, 21 . 17 से हराया। इससे पहले त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी महिला युगल क्वार्टर फाइनल में दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। तनीषा ने मैच के बाद कहा ,‘‘यह निराशाजनक है कि हम पदक नहीं जीत सके लेकिन हमें अपने प्रयास पर गर्व है। हमने अंत तक जुझारूपन दिखाया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों से बहुत कुछ सीखा। हमने अच्छा बैडमिंटन खेला और चीन के खिलाफ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। हमने अपने खेल में काफी सुधार किया है। जीत की भूख काफी है और आत्मविश्वास बढा है।’’ध्रुव ने कहा ,‘‘ हमने दूसरे गेम में उन पर काफी दबाव बनाया। तीसरे गेम में अंतर काफी था लेकिन हम करीब पहुंचे हालांकि बेहतर कर सकते थे। हम अब ब्रेक लेकर आगे के बारे में सोचेंगे।’’सिंधू का चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ इस मैच से पहले 7 . 9 का रिकॉर्ड था। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 खिताब जीतने के सफर में उसे हराया था। सिंधू 24 घंटे के भीतर तीसरा मैच खेल रही थी लेकिन शुरूआत में ही दबाव बना लिया। उन्होंने पहले गेम में 7 . 2 के बाद 11 . 8 की बढत बनाई। इसके बाद 21 . 11 से पहला गेम जीता। चेन ने हालांकि दमदार वापसी करते हुए 9 . 5 की बढत बनाई लेकिन सिंधू ने स्कोर 9 . 9 कर दिया। एक समय स्कोर 16 . 18 था लेकिन चेन ने दो गेम प्वाइंट और यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक खींचा। तीसरे गेम में शुरू ही में चेन ने बढत बना ली और सिंधू वापसी नहीं कर सकी। दूसरे मुकाबले में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी यामागुची के स्ट्रोक्स में विविधता थी और उन्होंने काफी आक्रामक खेल दिखाया। ब्रेक के समय उनके पास 11 . 4 की बढत थी। उन्नति ने आक्रामक स्ट्रोक्स और स्मैश से वापसी की कोशिश की लेकिन 14 . 8 से आगे चल रही यामागुची ने लंबी रेली के बाद ड्रॉप शाट लगाया और चार गेम प्वाइंट बनाकर पहले को भुनाते हुए शुरूआती गेम जीत लिया। दूसरे गेम में उन्नति ने वापसी की और अच्छी रेलियां लगाते हुए जीत दर्ज करके मुकाबले को तीसरे गेम में पहुंचा दिया जिसमें यामागुची विजयी रही। वहीं त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games क्रिकेट: Shreyas Iyer की कप्तानी में Team India का सामना आज Afghanistan से
श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरूष क्रिकेट टीम का सामना एशियाई खेलों के पहले मैच में सोमवार को अफगानिस्तान से होगा और जापान के हालात में जल्दी ढलने की चुनौती टीमों के सामने रहेगी। कोरोगी स्पोटर्स पार्क पर ही महिला वर्ग की स्पर्धा हुई थी जिसमें भारत ने स्वर्ण पदक जीता। महिलाओं के मुकाबलों में बड़े स्कोर बने लेकिन अभी तक पुरूष टीम के मैचों में बड़े स्कोर नहीं देखे गए हैं। जापान के खिलाफ मंगलवार को सानो में हुए मुकाबले में टर्निंग पिच पर भारतीय टीम को कड़ी चुनौती मिली थी। भारतीय क्रिकेटर तोक्यो से नागोया बुलेट ट्रेन से पहुंचे हैं और सफर का पूरा मजा लिया। क्रिकेट नहीं खेलने वाले देश में पहली बार खेलना अधिकांश क्रिकेटरों के लिये नया अनुभव होगा। अय्यर ने नागोया के सफर के दौरान बीसीसीआई की वेबसाइट पर कहा ,‘‘ यह खूबसूरत है।’’भारत यहां पूरी मजबूत टीम लेकर आया है जिसमें अय्यर के अलावा जसप्रीत बुमराह, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल हैं। इस प्रारूप में भारतीय क्रिकेट की गहराई को देखते हुए इस फैसले पर सवाल भी उठे थे क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि फोकस 2027 वनडे विश्व कप पर होना चाहिये। भारतीय टीम के लिये स्वर्ण से इतर कोई भी पदक निराशाजनक होगा। हाल ही में दिल्ली में भारत के हाथों श्रृंखला में बुरी तरह पराजित हुई अफगानिस्तान टीम दारविश रसूली की कप्तानी में नये खिलाड़ियों को लेकर आई है। टीम में छह खिलाड़ी ऐसे हैं जो पहली बार खेलेंगे। भारत अभियान की शुरूआत क्वार्टर फाइनल से करेगा जबकि अफगानिस्तान नेपाल के खिलाफ एक मैच खेल चुका है जिसमें उसे पराजय मिली। पहले मैच में उसने जापान को हराया था। अन्य खिलाड़ियों की तरह क्रिकेटरों को होटल की दिक्कत नहीं हुई क्योंकि बीसीसीआई ने सारा बंदोबस्त खुद किया है। खिलाड़ी नागोया में पांच सितारा होटल में रूके हैं। सभी की नजरें 15 बरस के वैभव सूर्यवंशी पर लगी है लेकिन अभिषेक और संजू सैमसन के फॉर्म को देखते हुए उन्हें मौका मिलने की उम्मीद कम ही है। भारत को स्वर्ण जीतने के लिये सिर्फ तीन जीत की जरूरत है। टीमें :भारत : श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतिश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, ईशान किशन, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वैभव सूर्यवंशी , विपराज निगम, यश ठाकुरअफगानिस्तान : दारविश रसूली (कप्तान), मोहम्मद इशाक, इमरान मीर, नजीबुल्लाह जदरान, इस्मत आलम, करीम जनत, नांगेयालिया खरोटी, अब्दुल्लाह अहमदजइ, खालिद तानीवाल, मोहम्मद अकरम, फरीदून दाउदजइ, फरमानुल्लाह सफी, हसन इसाखिल, फैसल शिनोजादा, अरब गुल मोमांद। मैच का समय : सुबह 10 बजे से।
Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक
भारत के अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का करते हुए पुरूषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5 . 0 से हराया। ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरूआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा। सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था। पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा। दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया। आखिरी दौर में भी सालिमोव पर दबाव बना रहा। ताजिकिस्तान के मुक्केबाज ने गति बढाकर कुछ पंच लगाये लेकिन अंकुश पहले ही अपनी स्थिति काफी मजबूत कर चुके थे। उन्होंने 5 . 0 से जीतकर इन खेलों में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया।
Ishan Kishan Record: एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) का दूसरा क्वार्टर-फाइनल सोमवार, 28 सितंबर को भारत और अफगानिस्तान (IND vs AFG) के बीच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क खेला जाएगा। गौरतलब है कि इस मुकाबले में टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर ईशान किशन (Ishan Kishan) एक ऐसा रिकॉर्ड बना सकते हैं, जो कि T20I में विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) तक नहीं बना पाए। ये रिकॉर्ड India केसिर्फ एक ही क्रिकेटर नेबनाया है। SKY के रिकॉर्ड की बराबरी करने का मौका: ईशान किशन निशिन के मैदान पर अपनी बैटिंग से तूफान उठाकर 95 रन बनाते हैं, तो वो साल 2026 के कैलेंडर ईयर में अपने 1000 टी20 इंटरनेशनल रन पूरे कर लेंगे। खास बात ये है कि इसी के साथ वो मिस्टर 360 यानी सूर्यकुमार यादव की बराबरी कर लेंगे और भारत के लिए एक कैलेंडर में हजार या उससे ज्यादा टी20 इंटरनेशनल रन बनाने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे। SKY ने साल 2022 में ये कारनामा किया था। उन्होंने 31 मैचों में 1164 रन बनाए थे। वो मोहम्मद रिज़वान के बाद एक कैलेंडर ईयर में दूसरे सर्वाधिक T20I रन बनाने वाले बल्लेबाज़ भी हैं। बात करें ईशान किशन की तो ICT फैंस के तौर पर आपको जानकार खुशी होगी कि ईशान 2026 में सर्वाधिक T20I रन बनाने वाले क्रिकेटर हैं। उन्होंने 27 मैचों में 34.80 की औसत और 171.07 की स्ट्राइक रेट से 905 रन बनाए हैं। भारत के लिए एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक टी20 इंटरनेशनल रन सूर्यकुमार यादव - 31 मैचों में 1164 रन (साल 2022) ईशान किशन -27 मैचों में 905 रन* (साल 2026) अभिषेक शर्मा - 21 मैचों में 859 रन (साल 2025) विराट कोहली - 20 मैचों में 781 रन (साल 2020) अभिषेक शर्मा- 27 मैचों में 743 रन (साल 2026) छक्कों का अर्धशतक: ईशान किशन 2026 में अपनी T20I छक्कों की हाफ सेंचुरी पूरी करने के भी बेहद करीब हैं। वो 44 छक्के लगा चुके हैं और अफगानिस्तान के खिलाफ 6 छक्के लगाकर ये मुकाम हासिल कर सकते हैं। अगर ईशान ऐसा कर लेते हैं तो वो 2026 में ये कारनामा करने वाले दुनिया के सिर्फ तीसरे क्रिकेटर होंगे। अब तक सिर्फ ऑस्ट्रिया के करणवीर सिंह (24 मैचों में 78 छक्के) और भारत के अभिषेक शर्मा (27 मैचों में 53 छक्के) ने ये खास हाफ सेंचुरी बनाई है। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, विपराज निगम, वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई।
Sawan Barwal Silver Medal Asian Games 2026 Jogindernagar Himachal Story: मंडी के जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में मैराथन का रजत पदक जीतकर हिमाचल का मान बढ़ाया। सड़क और रेलवे ट्रैक पर अभ्यास से शुरू हुआ सफर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा।
एशियाई खेल में भारतीय सैनिक मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है।
Asian Games 2026: एशियन गेम्स-2026 में पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण जीता। हिमाचल की चार बेटियों ने जीत में अहम भूमिका निभाई।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: मुक्केबाजी में भारत का एक और पदक पक्का, अब तक जीते 30 मेडल
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत लिए हैं। आज 27 सितंबर को मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल ने एक मेडल पक्का कर लिया है।
India Probable XI Vs AFG 2nd Quarter-Final Asian Games 2026: श्रेयस अय्यर की कैप्टेंसी वाली भारतीय टी20 टीम सोमवार, 28 सितंबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में अफगानिस्तान के साथ एशियन गेम्स 2026 का दूसरा क्वार्टर-फाइनल खेलेगी। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं कि इस रोमांचक मुकाबले के लिए भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन कैसी हो सकती है। यश ठाकुर की जगह जसप्रीत बुमराह: इंडिया की एशियन गेम्स स्क्वाड में 27 वर्षीय तेज गेंदबाज़ यश ठाकुर को चुना गया है, जिन्हें हाल ही में जापान के खिलाफ ऐतिहासिक टी20 मुकाबला खेलने का मौका मिला। उन्होंने IPL और दूसरे घरेलू टूर्नामेंट में अपनी गेंदबाज़ी से प्रभावित करके भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है। हालांकि उन्हें एशियन गेम्स के क्वार्टर-फाइनल में खेलने का मौका मिलेगा, इसके आसार बेहद कम हैं। यश ठाकुर को जसप्रीत बुमराह के लिए जगह बनानी पड़ सकती है, जो कि टीम इंडिया के सबसे बड़े गेंदबाज़ और मैच विनर्स में से एक हैं। उन्हें भारत-जापान टी20 में आराम दिया गया था। वो 98 टी20 इंटरनेशनल में 124 विकेट ले चुके हैं। बात करें यश ठाकुर की तो उन्होंने 4 टी20 इंटरनेशनल खेलकर 5 विकेट चटकाए हैं। स्पिनरों की तिकड़ी: निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क की पिच स्लो है जहां पर स्पिन गेंदबाज़ काफी कहर बरपाते हैं। ऐसे में टीम इंडिया भी अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और रवि बिश्नोई की स्पिन तिकड़ी के साथ मैदान पर उतर सकती है। भारत-जापान टी20 में भी इन तीनों ने ही मिलकर 5 ओवर में 32 रन बचाए थे और टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। बताते चलें टी20 इंटरनेशनल में अक्षर पटेल 105 विकेट, रवि बिश्नोई 71 विकेट और वाशिंगटन सुंदर 53 विकेट ले चुके हैं। भारतीय टीम की संभावित प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, अभिषेक शर्मा, यश ठाकुर, अर्शदीप सिंह, विपराज निगम, वैभव सूर्यवंशी, रवि बिश्नोई।
Top Cricket News: भारत-वेस्टइंडीज ODI, Asian Games क्वार्टर फाइनल, SA vs AUS, Josh Inglis की चोट और ENG vs SL ODI से जुड़ी आज की 5 बड़ी क्रिकेट खबरें पढ़ें। भारत-वेस्टइंडीज के बीच आज खेला जाएगा पहला ODI, तिरुवनंतपुरम में होगी दोनों टीमों की टक्कर Asian Games के क्वार्टर फाइनल मुकाबले की टीमें हुई तय, अफगानिस्तान से भिड़ेगी टीम इंडिया साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरा वनडे आज, जोहान्सबर्ग में होगी घमासान जंग ऑस्ट्रेलिया को लगा झटका, Injured होकर साउथ अफ्रीका ODI सीरीज से बाहर हुए Josh Inglis इंग्लैंड-श्रीलंका के बीच आज लंदन में खेला जाएगा निर्णायक वनडे मुकाबला, सीरीज जीतने के इरादे से मैदान पर उतरेंगी दोनों टीमें। Also Read: LIVE Cricket Score
Asian Games में त्रिसा-गायत्री और ध्रुव-तनीषा की जोड़ी क्वार्टर फाइनल में हारी
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी एशियाई खेलों के महिला युगल क्वार्टर फाइनल में रविवार को दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई जोड़ी पीयरली तान और तिनाह मुरलीधरन से सीधे गेम में हारकर बाहर हो गई। पिछले महीने दिल्ली में विश्व चैम्पियनशिप में पहली बार कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय जोड़ी को विश्व चैम्पियनशिप 2025 की रजत पदक विजेता जोड़ी से 18 . 21, 9 . 21 से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो को दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन की फेंग यान झि और हुआंग डोंगपिंग ने 21 . 14, 18 . 21, 21 . 18 से हराया। महिला एकल क्वार्टर फाइनल में दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पी वी सिंधू का सामना चीन की चेन यू फेइ से और उन्नति हुड्डा की टक्कर जापान की अकाने यामागुची से होगी। त्रिसा और गायत्री अच्छे फॉर्म के साथ इन खेलों में आई थी और दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मत्सुमोतो को हराया था। मलेशिया की आक्रामक जोड़ी के खिलाफ अब तक आठ में से वह छह मुकाबले हार चुके थे। शुरूआत में ही भारतीय जोड़ी 3 . 8 से पिछड़ गई लेकिन वापसी करते हुए स्कोर 10 . 10 किया। त्रिसा और गायत्री ने भी आक्रामक खेल दिखाते हुए हर शॉट का बराबरी से जवाब दिया और स्कोर 14.14 कर लिया। कुछ गलतियों के कारण हालांकि वे 14 . 17 से पीछे हो गए। मलेशियाई जोड़ी का एक शॉट बाहर जाने से भारतीय जोड़ी वापसी करती हुई दिखी लेकिन फिर पीयरली और तिनाह ने 19 . 16 से बढत बना ली। त्रिसा की शटल नेट में जाने से उन्हें चार गेम प्वाइंट मिले। भारतीय जोड़ी ने दो बचा लिये लेकिन एक स्मैश के साथ मलेशियाई जोड़ी ने गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी 3 . 0 से आगे थे लेकिन उनकी गलतियों का फायदा उठाते हुए मलेशियाई जोड़ी ने 7 . 3 से बढत बनाई। इसके बाद भारतीय जोड़ी 4 . 11 से पीछे हो गई। भारतीयों की गलतियों का सिलसिला जारी रहा और मलेशियाई खिलाड़ियों ने 12 मैच प्वाइंट बना लिये। इसके बाद त्रिसा और गायत्री के लिये वापसी असंभव हो गई।
Asian Games 2026 Live: मनु भाकर एक्शन में; बैडमिंटन में तनीषा-ध्रुव ने विश्व नंबर-1 जोड़ी को चौंकाया
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।एशियन गेम्स 2026 में 27 सितंबर को भारत के लिए कई अहम मुकाबले होंगे।
Asian Games 2026 Live Updates: अनाहत सिंह से गोल्ड की उम्मीद, एथलेटिक्स के इवेंट पर भी रहेंगी नजरें
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए 27 सितंबर का दिन काफी अहम रहने वाला है, जिसमें स्क्वैश के महिला और पुरुष दोनों ही गोल्ड मेडल मुकाबले पर नजरें रहेंगी, क्योंकि यदि भारतीय खिलाड़ी जीत हासिल करने में कामयाब होते हैं तो वह ओलंपिक 2028 के लिए क्वालीफाई कर जाएंगे।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 27 सितंबर; कितने मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में भारत अभी तक 4 गोल्ड समेत 30 मेडल जीत चुका है। आज इन मेडल्स की संख्या को बढ़ाने का भारतीय एथलीट्स के पास शानदार मौका है। एक नजर शेड्यूल पर
Bhiwani News: एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। भारत के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष मैराथन में सिल्वर मेडल जीता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में पुरुषों की मैराथन में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतने पर सावन बरवाल को बधाई दी।
Asian Games के लिए बुलेट ट्रेन से नागोया पहुंची टीम इंडिया! GOLD पर नजर
भारतीय टीम एशियन गेम्स में अपने सफर की शुरुआत 28 सितंबर से करने वाली है. भारतीय टीम की पहली टक्कर अफगानिस्तान से होगी. इस मुकाबले में अपना दमखम दिखाने के लिए भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह तैयार हैं.
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में 44 साल बाद जीता रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर ऐतिहासिक रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा में भारत का 44 साल बाद पहला पदक है, वहीं अनुभवी गोला फेंक एथलीट तजिंदरपाल सिंह तूर भी दूसरे स्थान पर रहे जिससे देश के ट्रैक एवं फील्ड खिलाड़ियों के लिए दिन मिला-जुला रहा। वहीं प्राची चौधरी ने 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर भारत के एथलेटिक्स पदकों की संख्या आठ कर दी। प्रतियोगिताओं के चौथे दिन मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पूरे दिन लगातार हल्की बारिश होती रही जिससे मैदान गीला रहा। प्रतियोगिता के तीन दिन अभी बाकी हैं, लेकिन भारतीय एथलेटिक्स टीम को अब भी अपने पहले स्वर्ण पदक की तलाश है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को कम से कम 25 पदक जीतने की उम्मीद है। इस दिन दो मजबूत पदक दावेदार और पिछले चरण के पदक विजेता धाविका ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़) और त्रिकूद एथलीट प्रवीण चित्रावेल चोटिल होने के कारण अपनी-अपनी स्पर्धाओं से हट गए। एएफआई के एक अधिकारी के अनुसार याराजी ने ‘वार्म-अप’ के दौरान दर्द महसूस होने के बाद स्पर्धा से नाम वापस ले लिया। वहीं चित्रावेल ने अपना पहला प्रयास पूरा नहीं कर पाने के बाद पैर में दर्द होने पर प्रतियोगिता से हटने का फैसला किया। दिन की शुरूआत शानदार रही। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किमी तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किमी में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किमी में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे। तूर स्वर्णिम हैट्रिक से चूके :तूर की लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे। प्राची को कांस्य :उत्तर प्रदेश की प्राची ने महिला 400 मीटर दौड़ के फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक अपने नाम किया। बहरीन की सलवा नासेर ने 49.20 सेकंड के इन खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। ईरान की जहरा जारेई मनौजान ने 52.38 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। फाइनल में शामिल एक अन्य भारतीय धाविका किरण पहल 53.41 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। प्राची ने अब अपना ध्यान चार गुणा 400 मीटर रिले पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि शनिवार को व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता साबित कर दी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बेहद खास है क्योंकि लोग लगातार मुझसे कहते रहे हैं कि मैं केवल रिले स्पर्धाओं में ही पदक जीत सकती हूं। आज मैंने साबित कर दिया है कि मैं व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में भी पदक जीत सकती हूं, और वह भी एशियाई खेलों में। ’’पुरुषों की 400 मीटर फाइनल स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी विशाल टीके 45.48 सेकंड के समय के साथ पांचवें स्थान पर रहे। महिलाओं की 1500 मीटर फाइनल स्पर्धा में पारुल चौधरी और पूजा क्रमशः चौथे और छठे स्थान पर रहीं। पारुल ने चार मिनट 9.46 सेकंड जबकि पूजा ने 4:16.78 सेकंड का समय दर्ज किया। इस बीच राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी अनीमेश कुजूर ने सेमीफाइनल की तीसरी हीट में 20.81 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल कर पुरुषों की 200 मीटर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नंदिनी कोंगन ने भी महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने अपनी हीट में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथा स्थान हासिल किया।
Asian Games में छाए भारतीय जांबाज, झोली में आए इतने मेडल
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का जलवा इन दिनों सातवें आसमान पर है. शनिवार को भारत की झोली में 7 मेडल आए. जिससे मेडलों की संख्या बढ़कर अब 30 हो गई है. आज का दिन पूरी तरह से कबड्डी के नाम रहा, जहां हमारी पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड पर कब्जा जमाया.
Asian Games में तजिंदरपाल सिंह तूर ने जीता रजत, ईरान के Mohammadreza ने तोड़ा रिकॉर्ड
भारत के तजिंदरपाल सिंह तूर की एशियाई खेलों की गोला फेंक स्पर्धा में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश शनिवार को यहां रजत पदक के साथ खत्म हुई। बारिश के कारण मुश्किल परिस्थितियों से जूझते हुए तूर ने 20.64 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहते हुए लगातार तीसरा एशियाई खेल पदक हासिल किया। ईरान के मोहम्मदरेजा तैयबीसे ने एशियाई खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा और 20.81 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस तरह उन्होंने 2018 में तूर द्वारा बनाए गए 20.75 मीटर के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। सऊदी अरब के मोहम्मद टोलू ने 20.48 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। तूर ने 2018 में जकार्ता और 2022 में हांग्झोउ में स्वर्ण पदक जीते थे। लेकिन इसके साथ उनका खेल रिकॉर्ड भी टूट गया क्योंकि तैयबिसे ने आठ साल पहले उनके द्वारा बनाए 20.75 मीटर के थ्रो को बेहतर कर दिया। पंजाब के एथलीट तूर ने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदकों की हैट्रिक का लक्ष्य लेकर चल रहा था। मेरा शरीर अच्छा महसूस कर रहा था, मैं अच्छी लय में था। मुझे विश्वास था कि मैं छठे प्रयास तक अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर सकता हूं और 21 मीटर हासिल कर सकता हूं। इसलिए मैं थोड़ा निराश हूं और अपने प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हूं। ’’उन्होंने कहा कि भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को स्वर्ण पदक जीतने का भरोसा था, लेकिन फिर भी वह पदक के साथ लौटकर खुश हैं। तूर ने कहा, ‘‘एएफआई ने मुझ पर भरोसा जताया और कहा कि मेरे पास स्वर्ण जीतने की क्षमता है। मैं ऐसा नहीं कर सका लेकिन मैंने भारत के लिए रजत जीता और पदक तो पदक होता है। ’’वर्ष 2023 में 21.77 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ निशान बनाने वाले 31 वर्षीय तूर ने यह भी खुलासा किया कि खेलों से पहले की तैयारी के दौरान वह मामूली चोटों से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन महीनों से मैं मामूली चोटों की समस्याओं का सामना कर रहा था। बारिश के कारण सही पकड़ बनाना भी मुश्किल था और टर्न लेते समय फिसलने का डर रहता है।’’यह पूछे जाने पर कि उन्हें कौन प्रेरित करता है, तूर ने कहा, ‘‘कोई आपको प्रेरित नहीं कर सकता। आपको खुद को प्रेरित करना होगा और खुद को संभालना होगा। ’’इस स्पर्धा में भारत के एक अन्य एथलीट करणवीर सिंह 10वें स्थान पर रहे।
देश-विदेश की बड़ी खबरें: Asian Games कबड्डी में भारत को दोहरा स्वर्ण, निर्वाचन आयोग पर घमासान
नयी दिल्ली, 26 सितंबर की विभिन्न फाइल से शनिवार शाम छह बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है: दि2 कांग्रेस निर्वाचन आयोगउच्चतम न्यायालय को तत्काल संज्ञान लेकर ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराना चाहिए: कांग्रेसनयी दिल्ली, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद के बीच शनिवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराना चाहिए। प्रादे87 केरलम शाह महिलासहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण मोदी सरकार का प्रमुख उद्देश्य: अमित शाहकोल्लम (केरलम), केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिला सशक्तीकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। खेल49 खेल एशियाड कबड्डी संपूर्ण लीड भारतएशियाड कबड्डी में भारत का दबदबा कायम, पुरुष और महिला दोनों टीमों ने जीता स्वर्णनागोया, एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। प्रादे66 बंगाल ममतापार्टी नेताओं को ‘नजरबंद’ किया गया : ममता बनर्जीकोलकाता, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि उनके नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस के गुट के नेताओं को “नजरबंद” रखा गया है और श्रीरामपुर में एक रैली में शामिल होने से रोका गया है। प्रादे80 बिहार सीजेआई छात्रन्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध : प्रधान न्यायाधीशपटना, प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि न्यायपालिका छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और जब इस अधिकार का उल्लंघन होगा तो अदालतें इससे नजर नहीं फेरेंगी। प्रादे95 महाराष्ट्र दूसरीलीड सूखामहाराष्ट्र सरकार ने 358 तालुकों में 265 को सूखा प्रभावित घोषित कियामुंबई, महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को राज्य के 358 तालुकों में से 265 को सूखा प्रभावित घोषित करते हुए राहत उपायों की घोषणा की, जिनमें फसल ऋण नियमों को आसान बनाने, भू-राजस्व में छूट और बिजली बिल में सब्सिडी शामिल है। प्रादे90 उत्तराखंड बारिशभारी बारिश के बीच चारधाम यात्रा दो दिन के लिए स्थगित, पांच जिलों में स्कूल बंददेहरादून, उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच मौसम विभाग के ‘रेड’ और ‘ऑरेंज अलर्ट’ को देखते हुए शनिवार को चारधाम यात्रा 27 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई जबकि एहतियातन पांच जिलों में स्कूल भी बंद कर दिये गये। प्रादे88 बंगाल नमो सेवा नाटक कॉलेजकोलकाता: कॉलेज छात्रों ने ‘नमो सेवा’ नाटक में भाग लेने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगायाकोलकाता, पश्चिम बंगाल की राजधानी स्थित स्कॉटिश चर्च कॉलेज के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि ‘नमो सेवा-अनटोल्ड स्टोरीज’ नामक नाटक में भाग लेने से इनकार करने पर उन्हें प्रतिकूल परिणाम भुगतने की धमकी दी गई, लेकिन संस्थान की प्राचार्य ने इस आरोप से इनकार किया है। प्रादे65 उप्र लीड दीवार मौतदीवार ढहने की अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौतलखीमपुर खीरी/अमेठी/बाराबंकी(उप्र), उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी, अमेठी और बाराबंकी जिलों में दीवार ढह जाने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी तथा पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गयी। पुलिस ने इसकी जानकारी दी। वि6 संरा भारत पाकिस्तानभारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के ‘झूठ’ और ‘छल’ पर साधा निशानासंयुक्त राष्ट्र, भारत ने पाकिस्तान को एक ‘‘कठपुतली शासन’’ करार देते हुए संयुक्त राष्ट्र में उसके ‘‘झूठ’’ और ‘‘छल’’ पर तीखा प्रहार किया तथा चेतावनी दी कि इस्लामाबाद की ओर से लगातार जारी आतंकवाद के गंभीर परिणाम होंगे। अर्थ8 विनिर्माण सीतारमणसरकार निर्भरता खत्म करने के लिए विनिर्माण क्षेत्र को जरूरी समर्थन दे रही: सीतारमणपुडुचेरी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश में विनिर्माण को बढ़ावा देने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के लिए उद्योगों को जरूरी समर्थन देने के मकसद से आम बजट में कई घोषणाएं की हैं। ‘द कन्वरसेशन’ से अनुबंध के तहत जारी खबरें : वि13 जेन जी कार्यस्थल संवादकार्यस्थल पर ‘जेन जी’ के संवाद करने का तरीका अलग होने के बावजूद वरिष्ठ सहकर्मी उन्हें समझ सकते हैंबोस्टन, कार्यस्थल पर पीढ़ियों के बीच अंतर को लेकर भले ही काफी चर्चा होती हो, लेकिन इनमें से कुछ सबसे बड़े अंतर बेहद सामान्य और रोजमर्रा के पलों में नजर आते हैं।
Asian Games Kabaddi में भारत का जलवा, पुरुष और महिला टीमों ने Iran को हराकर जीता Gold
... अजय मसंद ...नागोया, 26 सितंबर एशियाई खेलों की कबड्डी प्रतियोगिता में भारत का दबदबा बरकरार रहा जहां पुरुष और महिला दोनों टीमों ने शनिवार को खिताबी मुकाबलों में चिर-परिचित प्रतिद्वंद्वी ईरान को हराकर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। पुरुष टीम ने 40-34 से जबकि महिला टीम ने रोमांचक मुकाबले में 37-34 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम का यह एशियाई खेलों में नौवां और महिला टीम का चौथा स्वर्ण पदक है। पुरुष टीम की जीत की खास बात यह रही कि उसके सबसे अनुभवी खिलाड़ी पवन सहरावत को मैट पर उतरने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मुकाबले के बीच में जब गत चैंपियन टीम नियंत्रण के लिए संघर्ष कर रही थी, तब रेडर अर्जुन देशवाल और देवांक ने निर्णायक क्षणों में संयम दिखाते हुए मुकाबले का रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया। ईरान ने हर अंक के लिए पूरी ताकत झोंकी और शारीरिक खेल में भारत को कड़ी चुनौती दी। उसने आखिरी के कुछ मिनटों को छोड़कर भारतीय टीम को लय में आने का मौका नहीं दिया। मध्यांतर तक ईरान 18-17 से आगे था और भारत पर दबाव साफ दिखाई दे रहा था। भारतीय खिलाड़ियों ने हालांकि धैर्य नहीं खोया। उन्होंने खेल की गति बदली, अपने रेडरों पर भरोसा जताया और अनुभव का इस्तेमाल किया। अर्जुन और देवांक बार-बार ईरान के पाले में ज्यादा अंदर तक जाने में सफल रहे और सही मौके चुने और अहम अंक लेकर लौटे। इससे धीरे-धीरे ईरान दबाव में आने लगा। सहरावत ने मैच के बाद कहा, ‘‘मध्यांतर में ईरान 18-17 से आगे था। हमने रणनीति बनाई कि केवल उन्हीं रेडरों को भेजा जाएगा जो विपक्षी खिलाड़ियों पर दबदबा बना सकें। देशवाल और देवांक ने यह काम बखूबी किया और उनकी रेड ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।’’रणनीति में बदलाव सिर्फ रेडरों तक सीमित नहीं रहा। शुरुआती दौर में जरूरत से ज्यादा आगे जाकर फंसने वाले असलम मुस्तफा को डिफेंस में भेजा गया, जहां उन्होंने अधिक प्रभावी भूमिका निभाई। भारत ने अपनी रक्षापंक्ति भी मजबूत की, जिससे ईरान के रेडरों के लिए आसान अंक हासिल करना मुश्किल हो गया। मुकाबले का निर्णायक मोड़ तब आया जब भारत ने ऑलआउट कर अपनी बढ़त 29-24 कर ली। स्वर्ण पदक करीब दिखने लगा तो भारतीयों ने जल्दबाजी के बजाय खेल की गति धीमी कर दी। रेडर मिडलाइन के आसपास रहे, मौके का इंतजार किया और बिना जोखिम उठाए सुरक्षित लौटते रहे। ईरान के पास अंक जुटाने के लिए जोखिम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उसके रेडर भारतीय पाले में ज्यादा गहराई तक आने लगे, लेकिन मजबूत होती भारतीय रक्षापंक्ति ने उन्हें अंक जुटाने के कम मौके दिये। हर नाकाम रेड के साथ ईरान पर दबाव बढ़ता गया और भारत अपनी बढ़त के सहारे धैर्य से खेलता रहा। महिला टीम ने भी दबाव भरे मुकाबले में संयम बनाए रखते हुए रिकॉर्ड चौथा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा 2010 में ग्वांग्झू खेलों में महिला कबड्डी के पदार्पण के बाद से हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। ईरान इस खेल में भारत का कठिनतम प्रतिद्वंद्वी रहा है लेकिन मुकाबले में अनुभवहीनता उसके लिये नुकसानदेह साबित हुई। भारत ने ग्रुप चरण में ईरान को हराया था और उसकी कमजोरियों का एक बार फिर फायदा उठाया। ईरान के खिलाड़ियों के पास ऊंचा कद और तकनीक थी लेकिन अनुभव नहीं था। भारत ने हाफ टाइम तक 22-16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26-27 कर दिया। भारत एक समय 27-22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27-26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34-28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। ईरान ने आखिर में पूरा जोर लगाकर अंतर 37-34 का किया लेकिन भारत को जीत से नहीं रोक सके। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। महाराष्ट्र की दिग्गज कबड्डी खिलाड़ी सोनाली शिंगेत ने कहा ,‘‘ ईरान काफी कठिन प्रतिद्वंद्वी है और हमें पता था कि ग्रुप चरण का मुकाबला जीतने के बावजूद हमें कड़ी चुनौती मिलेगी। हमने उनके कमजोर बायें फ्लैंक का फायदा उठाया।
आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में भारतीय कबड्डी ने एक बार फिर पूरी दुनिया में अपना लोहा मनवाया है। शनिवार का दिन भारतीय खेल इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया जब भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 'गोल्डन डबल' हासिल किया। महिला टीम द्वारा ईरान को रोमांचक मुकाबले में हराने के बाद, पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से हराकर एशियाई खेलों का अपना खिताब बरकरार रखा और देश की झोली में नौवां गोल्ड मेडल डाला। पुरुष टीम की जीत का आधार तनावपूर्ण पहले हाफ के बाद दिखाया गया संयम था। ब्रेक के समय 17-18 से पीछे रहने के बाद, सुनील कुमार की टीम ने खेल दोबारा शुरू होने पर अपनी तीव्रता बढ़ाई। उन्होंने डिफेंस को मजबूत किया और अटैक में बेहतर लय हासिल करते हुए ईरान की मजबूत टीम पर बढ़त बना ली। भारत बनाम ईरान, एशियाई खेल कबड्डी हाइलाइट्स ईरान ने भारत को हर पॉइंट के लिए कड़ी टक्कर दी और फ़ाइनल को एशियाई दिग्गजों के बीच एक और यादगार मुकाबले में बदलने की कोशिश की। लेकिन तीन साल पहले हांगझोऊ में हुए गोल्ड मेडल के हंगामेदार मुकाबले के उलट, भारत ने सबसे अहम मौकों पर अपना संयम बनाए रखा। छह पॉइंट के अंतर से मिली यह जीत एशियाई खेलों के पिछले तीन संस्करणों में ईरान के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी जीत थी। हांगझोऊ में, भारत 33-29 से जीता था, लेकिन उस फ़ाइनल पर रेफरी से जुड़े लंबे विवाद का साया पड़ा था। स्कोर 28-28 से बराबर था और खेल खत्म होने में एक मिनट से भी कम समय बचा था, तभी एक विवादित रेड को लेकर दोनों टीमों ने विरोध किया और खेल लगभग एक घंटे तक रुका रहा, जिसके बाद मुकाबला फिर से शुरू हुआ। आइची-नागोया में ऐसा कोई ड्रामा नहीं हुआ इसके बजाय, भारत ने दूसरे हाफ में धीरे-धीरे खेल पर पकड़ बनाई और यह सुनिश्चित किया कि ईरान हांगझोऊ की तरह आखिरी समय में वापसी न कर सके। खेल के आखिरी पलों में खिताब लगभग पक्का हो जाने के बाद, कप्तान सुनील ने आखिरी रेड के दौरान ईरानी खिलाड़ियों की ओर इशारा करते हुए संकेत दिया कि भारत का काम पूरा हो गया है। इस जीत ने एशियाई खेलों में पुरुषों की कबड्डी में भारत के शानदार दबदबे को और बढ़ाया। यह इस इवेंट में उनका नौवां गोल्ड मेडल है; एकमात्र हार 2018 में जकार्ता में मिली थी, जब ईरान ने सेमीफाइनल में भारत को हराकर उनका लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। भारत ने हांगझोऊ में खिताब वापस हासिल किया और अब आइची-नागोया में सफलतापूर्वक इसका बचाव किया है। इससे पहले दिन में, महिला टीम ने ईरान को एक और रोमांचक फ़ाइनल में 37-34 से हराकर 'गोल्डन डबल' का पहला हिस्सा पूरा किया था। महिलाओं का प्रदर्शन काफ़ी शानदार रहा। पिछली बार की चैंपियन टीम ग्रुप स्टेज में बिना कोई मैच हारे आगे बढ़ी, जिसमें ईरान पर 37-23 की जीत भी शामिल थी। इसके बाद उन्होंने जापान को 50-25 से बुरी तरह हराया और फिर सेमीफ़ाइनल में नेपाल को 48-24 से मात दी। लेकिन फ़ाइनल का मुक़ाबला बिल्कुल भी आसान नहीं था। ईरान की टीम पूरे समय भारत को कड़ी टक्कर देती रही, जिससे भारत को मैच के आखिरी पलों में अपने अनुभव और मज़बूत डिफ़ेंस पर निर्भर रहना पड़ा। 37-34 की इस जीत के साथ भारत ने एशियाई खेलों में महिला कबड्डी का चौथा गोल्ड मेडल जीता और भारतीय कबड्डी के लिए एक यादगार दिन पूरा किया। दो फ़ाइनल, ईरान पर दो जीत और दो गोल्ड मेडल - भारत की कबड्डी टीमों ने एक बार फिर एशियाई मंच पर अपना दबदबा साबित कर दिया।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 26 सितंबर, शनिवार को भारत को कबड्डी में दूसरा गोल्ड मिला है। पवन सेहरावत की कप्तानी में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। फाइनल में भारत ने ईरान को 40-34 से हराया। वहीं इससे पहले विमेंस कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।फाइनल में भारत और ईरान के बीच मुकाबला काफी कड़ा रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने आखिर तक बढ़त बनाए रखी और जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स के पुरुष कबड्डी इतिहास में अपना नौवां स्वर्ण पदक हासिल किया।भारत ने अबतक जीते 4 गोल्ड मेडलभारत ने एशियन गेम्स 2026 में अब तक चार गोल्ड मेडल जीत लिए हैं। एशियन गेम्स में भारत के लिए पहला गोल्ड महिला क्रिकेट टीम ने जीता था। वहीं इसके बाद शूटिंग मिक्स्ड टीम और कबड्डी की महिला व पुरुष टीमों ने गोल्ड जीता। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 28 हो गई है, जिसमें 4 गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। पदक तालिका में भारत फिलहाल संयुक्त रूप से 10वें स्थान पर है। वहीं चीन सबसे ऊपर है, जबकि जापान दूसरे और दक्षिण कोरिया तीसरे स्थान पर है।एशियन गेंम्स में भारत का प्रदर्शनएशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया। ग्रुप ए के पहले मुकाबले में भारत ने 21 सितंबर को जापान को 49-24 से हराया। इसके बाद टीम ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ 63-31 से बड़ी जीत दर्ज की। भारत का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहा और उसने बांग्लादेश को 48-25 तथा चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर ग्रुप चरण में अपना दबदबा बनाए रखा। एशियन गेम्स 2026 के पुरुष कबड्डी में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल का टिकट पक्का किया। शुक्रवार को खेले गए सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से हराया। वहीं, दूसरे सेमीफाइनल में ईरान ने चीनी ताइपे को 59-21 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।कबड्डी में भारत का इतिहासएशियन गेम्स में पुरुष कबड्डी की शुरुआत 1990 में हुई थी और तब से भारत का इस खेल में दबदबा रहा है। भारत ने 2018 को छोड़कर हर बार पुरुष कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। 2018 के एशियन गेम्स में भारतीय टीम फाइनल तक नहीं पहुंच सकी थी और उसे चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। इसके बाद टीम ने फिर से मजबूत वापसी की और अब 2026 में एक बार फिर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।महिला कबड्डी टीम ने ईरान को दी मातइससे पहले भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर खिताब जीत लिया। मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिरी समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस जीत के साथ भारत ने महिला कबड्डी में अपना चौथा एशियन गेम्स गोल्ड मेडल हासिल किया।
Asian Games 2026: भारत ने जीते 2 गोल्ड, मेंस कबड्डी ने ईरान को हराकर फिर रचा इतिहास
एशियन गेम्स के सातवें दिन भारत को अब तक 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज समेत कुल पांच पदक मिलने की जानकारी है। कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पोडियम पर जगह बनाई।
BREAKING : Asian Games Kabaddi: भारत ने ईरान को हराकर जीते 2 गोल्ड मेडल! महिला और पुरुष दोनों टीमें बनीं चैंपियन!
Asian Games Men Hockey: भारत ने जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
गत चैंपियन भारत ने शनिवार को यहां पूल ए के कड़े मुकाबले में मेजबान जापान को 2-0 से हराकर एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश किया। भारत ने इससे पहले अपने शुरुआती तीन पूल मुकाबलों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से करारी शिकस्त दी थी। यह भारत की लगातार चौथी जीत थी जिससे उनका अजेय अभियान जारी रहा। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ अपना अंतिम पूल मैच खेलेगा, जिसमें उसके शानदार जीत दर्ज करने की उम्मीद है। जापान के खिलाफ अभिषेक (15वें मिनट) ने मैदानी प्रयास से गोल किया जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 40वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला। पहले दो क्वार्टर बेहद रोमांचक रहे जिसमें जापान ने अपने आक्रामक खेल से भारत को कड़ी टक्कर दीलेकिन गत चैंपियन ने ब्रेक तक एक गोल की मामूली बढ़त बनाई हुई थी। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन नॉकआउट से पहले काफी चिंतित रहेंगे विशेषकर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में क्योंकि भारत ने शनिवार को 10 ‘सेट पीस’ हासिल किए लेकिन केवल एक को गोल में बदला। पहले क्वार्टर में जापान ने 60 प्रतिशत गेंद पर कब्जा बनाए रखा। भारत ने छठे मिनट में जल्दी ही एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन कप्तान हरमनप्रीत इसका ज्यादा फायदा नहीं उठा सके। 10वें मिनट में जापान को पेनल्टी कॉर्नर मिला और उसने इस पर गोल किया लेकिन गोल को अमान्य कर दिया गया क्योंकि अंपायरों ने माना कि गेंद पहले एक भारतीय खिलाड़ी के पैर से लगी थी। जापान को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उससे भी कुछ हासिल नहीं हुआ। भारत ने आखिरकार अभिषेक के मैदानी गोल से बढ़त हासिल की। जापान ने 17वें मिनट में अपना दूसरा पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया लेकिन भारत ने इसका अच्छी तरह बचाव किया। भारत ने अपने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर से बढ़त बढ़ाई और कप्तान हरमनप्रीत ने जापानी गोलकीपर की दाईं ओर जोरदार नीची फ्लिक से गोल किया। चौथे क्वार्टर में भारतीयों का गेंद पर कब्जा रहा और उन्होंने तेजी से चार पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन जापान की मजबूत रक्षात्मक पंक्ति के खिलाफ वे उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रहे।
भारतीय स्क्वॉश की 18 वर्षीय उभरती सितारा अनाहत सिंह ने अपनी अद्भुत खेल भावना और जुझारूपन का परिचय देते हुए इतिहास रच दिया है। नागोया में आयोजित एशियन गेम्स के महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल में अनाहत ने दो गेम से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए दुनिया की छठवें नंबर की जापानी खिलाड़ी सातोमी वातानाबे को हरा दिया। इस ऐतिहासिक जीत के साथ अनाहत सिंह एशियाई खेलों के महिला सिंगल्स फ़ाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। अब वे लॉस एंजिल्स (LA) ओलंपिक्स 2028 का टिकट हासिल करने से महज़ एक जीत दूर हैं। 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से पिछड़ने के बाद मिली इस जीत के साथ, वह एशियन गेम्स के फ़ाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला सिंगल्स खिलाड़ी बन गईं। वहीं, 28 साल के अभय सिंह ने पाकिस्तान के मुहम्मद इरफ़ान को हराकर पुरुष सिंगल्स फ़ाइनल में जगह बनाई। किसी भी भारतीय पुरुष ने एशियन गेम्स में पुरुष सिंगल्स स्क्वॉश में गोल्ड मेडल नहीं जीता है, और अभय के पास रविवार को इतिहास रचने का मौका है। गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स का टिकट भी मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर अनाहत ने बचाए मैच पॉइंट अनाहत, जो इस साल की शुरुआत में एक और पांच-गेम वाले मुकाबले में वातानाबे से हार गई थीं, एक बार फिर हार की ओर बढ़ती दिख रही थीं जब घरेलू खिलाड़ी ने शुरुआती दो गेम जीत लिए। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने हार नहीं मानी और तीसरे गेम में दो मैच पॉइंट बचाए। उन्होंने तनावपूर्ण तीसरा गेम 12-10 से जीतकर मुकाबले में वापसी की और फिर चौथा गेम 11-6 से जीतकर बराबरी कर ली। निर्णायक गेम तक, मोमेंटम पूरी तरह से बदल चुका था। अनाहत ने रैलियों पर नियंत्रण बना लिया और 11-3 से जीत हासिल की, जिससे उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एशियन गेम्स के फ़ाइनल में जगह बनाई। वातानाबे के साथ एक टक्कर के बाद यह वापसी और भी प्रभावशाली थी। अनाहत का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया था, जिससे खेल कुछ देर के लिए रोकना पड़ा और उन्हें मेडिकल मदद लेनी पड़ी। खेल फिर से शुरू होने पर उन्हें कोई खास परेशानी नहीं हुई। इसके बजाय, इस टीनएजर ने वह संयम दिखाया जो उनके शानदार साल के दौरान लगातार साफ़ तौर पर देखा गया है। अनाहत भारत की सबसे होनहार युवा स्क्वैश खिलाड़ी के तौर पर नागोया पहुंची थीं, लेकिन जुलाई में कनाडा में जीते वर्ल्ड जूनियर खिताब ने उनके करियर को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया था। उन्होंने फ़ाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 3-0 से हराकर प्रतिष्ठित जूनियर वर्ल्ड टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। इस जीत ने इस इवेंट पर मिस्र के लंबे दबदबे को भी खत्म कर दिया, क्योंकि 2010 के बाद से कोई भी गैर-मिस्र की महिला खिलाड़ी सिंगल्स चैंपियन नहीं बनी थी। इसे भी पढ़ें: Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह इस खिताब का एक निजी महत्व भी था। अनाहत वर्ल्ड जूनियर्स में बार-बार चूक रही थीं, और पिछले टूर्नामेंट्स में क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल से बाहर हो गई थीं। उनकी यह जीत जूनियर सर्किट में उनके आखिरी साल में मिली और आखिरकार उस चीज़ का अंत हुआ जिसे उन्होंने शाप कहा था। अब, वह एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने से बस एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों की महिला सिंगल्स चैंपियन लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफ़िकेशन जगह हासिल करती है, जहां स्क्वैश पहली बार शामिल होगा। अनाहत का मुकाबला मलेशिया की वर्ल्ड नंबर 5 सुब्रमण्यम शिवसंगरी और हांगकांग की चान सिन युक के बीच होने वाले दूसरे महिला सिंगल्स सेमी-फ़ाइनल के विजेता से होगा। चिनप्पा-वेलावन ने जीता ब्रॉन्ज़ इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के जहां अनाहत फ़ाइनल में पहुंचीं, वहीं भारत ने मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार के ज़रिए स्क्वैश में एक ब्रॉन्ज़ मेडल भी जीता। एक कड़े मुकाबले वाले सेमी-फ़ाइनल में भारतीय जोड़ी को हांगकांग के तांग मिंग होंग और ली का यी से 2-1 से हार का सामना करना पड़ा। पहला गेम 11-10 से हारने के बाद, जोशना और वेलावन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 11-2 से जीता। लेकिन हांगकांग की जोड़ी ने एक और कड़े तीसरे गेम में अपना संयम बनाए रखा और 11-10 से जीतकर फ़ाइनल में जगह बनाई। इसके बावजूद, यह मेडल जोशना के शानदार एशियाई खेलों के करियर में एक और उपलब्धि है। 40 वर्षीय खिलाड़ी ने अब इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में छह मेडल जीत लिए हैं, जिसमें उनके दो सिल्वर और तीन ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। हालांकि, अनाहत का फ़ोकस अब फ़ाइनल पर होगा - और एक और जीत उन्हें एक युवा टैलेंट से ओलंपिक में डेब्यू करने वाली खिलाड़ी बना सकती है।
Asian Games: कबड्डी में आ गया एक और गोल्ड, फाइनल में ईरान को पटका
मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिली. ईरान के खिलाड़ियों ने भारतीय डिफेंस पर शुरुआत में दबाव बनाया और पहला हाफ खत्म होने तक ईरान 18-17 से मामूली बढ़त पर था.
एशियाई खेलों में Dhiraj Bommadevara का नया रिकॉर्ड, भारत तीरंदाजी में शीर्ष पर
धीरज बोम्मादेवरा ने पुरुष रिकर्व और चीकिता तनिपर्थी ने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल करने की बदौलत भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की तीरंदाजी प्रतियोगिता में कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में भी शीर्ष स्थान हासिल किया। हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पुरुष रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक जुटाकर नया एशियाई खेल क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने पहले 36 प्रयास में में 348 और अगले 36 तीरों में 350 अंक हासिल किए। इससे पहले यह रिकॉर्ड दक्षिण कोरिया के ली वू सियोग के नाम था , जिन्होंने 690 अंक बनाए थे। सियोग इस बार 690 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य दक्षिण कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपे के चिन हुन तांग 692 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ के पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरुष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है। तरुणदीप राय ने 2010 में रजत पदक हासिल किया था। दक्षिण कोरिया के दो बार के चैंपियन किम वूजिन भी व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश : 18 वें और 25 वें स्थान पर रहे। पुरुष रिकर्व टीम क्वालीफिकेशन में भारत दक्षिण कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। टीम को प्री - क्वार्टर फाइनल में बाय मिला है , जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारतीय टीम को पदक पक्का करने के लिए तीन जीत दर्ज करनी होंगी। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में इस स्पर्धा का रजत पदक जीता था। धीरज और कुमकुम मोहोड ने मिलकर 1364 अंक जुटाए , जिससे भारत को रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में दक्षिण कोरिया के बाद दूसरी वरीयता मिली। भारतीय जोड़ी को सीधे प्री - क्वार्टर फाइनल में प्रवेश दिया गया है। महिला रिकर्व व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में किशोर तीरंदाज कुमकुम मोहोड और कीर्ति शर्मा ने नॉकआउट दौर में जगह बनाई। कुमकुम 666 अंक के साथ नौवें और कीर्ति 653 अंक के साथ 16 वें स्थान पर रहीं। अनुभवी अंकिता भकत भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। महिला रिकर्व टीम छठी वरीयता के साथ नॉकआउट दौर में पहुंची है और अपने अभियान की शुरुआत मंगोलिया के खिलाफ करेगी। चीकिता तनिपर्थी ने अधिकतम 720 में से 705 अंक हासिल कर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। ईरान की बीता अशेघजादेह ओस्कोई 704 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं , जबकि दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून और कांग योनसेओ क्रमश : तीसरे और चौथे स्थान पर रहीं। तीन बार की एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता ज्योति सुरेखा वेन्नम 13 वें स्थान पर रहते हुए दूसरी सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहीं और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई। इस साल मैड्रिड में अपना पहला विश्व कप कांस्य पदक जीतने वाली किशोर तीरंदाज पृथिका प्रदीप ने 695 अंक हासिल किए , लेकिन भारतीयों में तीसरे स्थान पर रहने के कारण वह व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह नहीं बना सकीं। प्रत्येक देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालिफाई करते हैं। इक्कीस वर्षीय चीकिता के प्रदर्शन से भारत महिला कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारतीय टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। हांगझोउ 2023 एशियाई खेलों में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने पांचों स्वर्ण पदक जीतकर क्लीन स्वीप किया था। भारत ने इन खेलों में कंपाउंड वर्ग में पांच स्वर्ण के अलावा एक रजत और एक कांस्य पदक भी जीता था। पुरुष कंपाउंड टीम क्वालीफिकेशन में भारत चीन और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरे स्थान पर रहा। साहिल जाधव 709 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए सर्वश्रेष्ठ भारतीय रहे। गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु 14 वें स्थान पर रहे और व्यक्तिगत नॉकआउट दौर में जगह बनाई , जबकि दलाल व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में कट हासिल नहीं कर सके। भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम 16 टीमों के ड्रॉ के पहले दौर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का सामना करेगी। खिताब के बचाव के अभियान में भारत ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया है। शीर्ष वरीय भारतीय जोड़ी शुरुआती दौर में मंगोलिया से भिड़ेगी। तीरंदाजी के नॉकआउट मुकाबले रविवार से शुरू होंगे।
Asian Games 2026: तय हो गया क्वार्टरफाइनल का पूरा शेड्यूल, जानें किस टीम से भिड़ेगी टीम इंडिया
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल मुकाबले से करेगी। वहीं नॉकआउट मैच में टीम इंडिया किस टीम से खेलेगी ये भी साफ हो गया है। एशियन गेम्स में नेपाल और जापान के बीच मुकाबला भी बारिश में रद्द होने के बाद टीम की पुष्टि हुई है। मैच रद्द होने के बाद एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट के क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की तस्वीर साफ हो गई। वहीं टीम इंडिया 28 सितंबर को अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबला अफगानिस्तान से खेलेगी। आइए जानते हैं कितने बजे से शुरू होगा मुकाबलाकब होगा भारत-अफगानिस्तान का मुकाबलाग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान ने अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। ग्रुप बी से मलेशिया और हांगकांग, चीन ने भी क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बना ली है। अब क्वार्टरफाइनल मुकाबलों में अफगानिस्तान का सामना मौजूदा चैंपियन भारत से सोमवार सुबह 10 बजे IST पर होगा। वहीं, नेपाल की टीम मंगलवार सुबह 5:30 बजे IST पर श्रीलंका के खिलाफ मैदान में उतरेगी। दोनों टीमें की नजरें सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की करने पर होगी।हांगकांग से भिड़ेगी पाकिस्तानग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद क्वार्टरफाइनल की तस्वीर साफ हो गई है। पहले क्वार्टरफाइनल में हांगकांग, चीन का मुकाबला पाकिस्तान से सोमवार सुबह 5:30 बजे IST पर होगा। वहीं, चौथे क्वार्टरफाइनल में मलेशिया और बांग्लादेश आमने-सामने होंगे। यह मैच मंगलवार सुबह 10 बजे IST से खेला जाएगा। दोनों मुकाबलों की विजेता टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।बारिश की वजह से रद्द हुए मुकाबलेएशियन गेम्स 2026 में शनिवार को बारिश के कारण पुरुष क्रिकेट के दो मैच पूरे नहीं हो सके। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मलेशिया और ओमान का मैच बारिश के चलते बिना टॉस के ही रद्द करना पड़ा। इससे पहले नेपाल और जापान के बीच मुकाबला भी बारिश की वजह से रोक दिया गया था और दोबारा शुरू नहीं हो सका। उस समय नेपाल ने 15 ओवर में 4 विकेट खोकर 149 रन बना लिए थे। मैच रद्द होने के साथ ही क्वार्टरफाइनल में पहुंचने वाली टीमों की स्थिति भी साफ हो गई।कब होगा फाइनल मुकाबलाएशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट में क्वार्टरफाइनल के बाद सेमीफाइनल की टीमें तय होंगी। पाकिस्तान और हांगकांग, चीन के मैच की विजेता टीम बांग्लादेश और मलेशिया के मुकाबले की विजेता से खेलेगी। वहीं, भारत और अफगानिस्तान के मैच की विजेता टीम श्रीलंका और नेपाल के मुकाबले की विजेता से भिड़ेगी। दोनों सेमीफाइनल 1 अक्टूबर को होंगे। इसके बाद 3 अक्टूबर को फाइनल और कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला जाएगा।Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह
चंडीगढ़ बापूधाम कॉलोनी से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचना और एशियाई खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना नंदिनी शर्मा के लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और परिवार के त्याग की कहानी है। शनिवार को सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से नंदिनी को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सारांश टंडन, पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन और चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर स्पोर्ट्स सौरव अरोड़ा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सौरव अरोड़ा ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन की 2023 की नई खेल नीति के तहत नंदिनी शर्मा को 3 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान नंदिनी ने अपनी क्रिकेट यात्रा, परिवार की आर्थिक मुश्किलों, बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर और भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात की। कई साल तक की मेहनत नंदिनी ने कहा कि एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद सम्मान मिलना उनके लिए बहुत भावुक पल है। जब वह पीछे मुड़कर देखती हैं तो लगता है कि इस एक मेडल के पीछे कई साल की मेहनत है। परिवार, कोच और चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन ने लगातार उनका साथ दिया। चंडीगढ़ में सम्मान मिलने के बाद उन्हें लगा कि उनकी मेहनत सफल हुई है। बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर को नंदिनी ने मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि वह सामान्य परिवार से आती हैं। कई बार आर्थिक परिस्थितियां बड़ी चुनौती बनीं। परिवार को उनके क्रिकेट के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। कई बार पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए परिवार को लोन तक लेना पड़ा। नंदिनी के मुताबिक, उनके पिता और भाइयों ने कभी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि उन्हें क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। उन्होंने हमेशा कहा कि वह खेलें, मेहनत करें और आगे बढ़ें। मुश्किल आई क्रिकेट छोड़ने का नहीं सोचा नंदिनी ने कहा कि आर्थिक परेशानियां जरूर आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार मानने के बारे में नहीं सोचा। उनके लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं था। वह सुबह से शाम तक मेहनत करती थीं। मुश्किल समय में वह यही सोचती थीं कि एक दिन इसी मेहनत का परिणाम जरूर मिलेगा। नंदिनी ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ में करीब 10-12 साल पहले क्रिकेट शुरू किया था। सेक्टर-26 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के क्रिकेट ग्राउंड पर उन्होंने काफी अभ्यास किया। चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अलग-अलग आयु वर्गों में खेलते हुए उन्हें लगातार आगे बढ़ने का मौका मिला। फास्ट बॉलर के रूप में गति और लाइन-लेंथ पर फोकस नंदिनी ने बताया कि फास्ट बॉलर के तौर पर उनकी कोशिश अपनी गति और लाइन-लेंथ पर लगातार काम करने की रहती है। क्रिकेट में हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है। फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर महिला क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने के लिए फिटनेस पर काफी ध्यान देना जरूरी है। नंदिनी ने चंडीगढ़ की लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में उनके लिए अच्छे अवसर हैं। सिर्फ अवसर मिलना काफी नहीं है। लगातार मेहनत करनी होगी और प्रदर्शन को बेहतर बनाना होगा। फिटनेस को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चंडीगढ़ के लिए गोल्ड जीतना गर्व की बात चंडीगढ़ के लिए एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने को लेकर नंदिनी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। वह खुश हैं कि चंडीगढ़ के लिए यह उपलब्धि हासिल कर पाईं। इससे उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। वह चाहती हैं कि उनके बाद चंडीगढ़ की और भी लड़कियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और शहर का नाम रोशन करें। भविष्य के लक्ष्य के बारे में नंदिनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा फोकस अपने खेल पर है। वह भारतीय महिला वनडे क्रिकेट टीम में खुद को मजबूती से स्थापित करना चाहती हैं। ओलंपिक के बारे में अभी ज्यादा नहीं सोच रही हैं। उनका काम है कि जिस भी मैच में खेलने का मौका मिले, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। क्रिकेट के अलावा पसंद के बारे में नंदिनी ने बताया कि उन्हें घर का बना कढ़ी-चावल बहुत पसंद है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि बाहर कितना भी अच्छा खाना मिल जाए, घर की कढ़ी-चावल की बात अलग है। उन्हें परफ्यूम की कलेक्शन करने का भी शौक है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 20वें एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों ने अहम भूमिका निभाई।
Anahat Singh और Abhay Singh एशियाई खेलों के फाइनल में, Olympic 2028 कोटा से एक कदम दूर
भारत ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता में अपना दबदबा बनाया जब युवा स्टार अनाहत सिंह ने महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया वहीं अभय सिंह भी पुरुष एकल के खिताबी मुकाबले में पहुंचने में सफल रहे। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी अनाहत ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इसके बाद अभय ने पाकिस्तान के मोहम्मद इरफान को 3-0 (11-3 12-10 11-6) से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश किया। अनाहत और अभय दोनों अब लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करने से एक जीत दूर हैं। एशियाई खेलों में महिला और पुरूष एकल चैम्पियन को 2028 ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा। अभय ने सेमीफाइनल में शानदार शुरुआत करते हुए पहले ही गेम में 6-2 की बढ़त बना ली और 35 मिनट तक चले मैच में अपनी इस लय को बरकरार रखा। भारतीय खिलाड़ी खिलाड़ी ने शुरू से ही मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। पाकिस्तान के खिलाड़ी ने दूसरे गेम में उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और वह 2-0 की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहे। अभय ने तीसरे गेम में भी लय बनाए रखी और फाइनल में अपनी जगह सुरक्षित की। अब उनका सामना मलेशिया के एंग ऐन योउ से होगा जिन्होंने पाकिस्तान के जमान नूर को हराया। अभय ने बाद में कहा ,‘‘ यह आसान नहीं था। मैने अच्छा खेलकर इसे आसान बनाया। एशियाई खेलों में कोई मैच आसान नहीं होता।’’उन्होंने कहा ,‘‘ लोगों को भारत पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता के बारे में सुनना अच्छा लगता है लेकिन हमारे लिये यह एक मैच ही है। बहुत लोगों ने आप पर मेहनत की होती है और अपेक्षाओं पर खरे उतरना जरूरी है।’इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। जीत के बाद उन्होंने कहा ,‘‘ पिछली बार जब वह जीती थी तो मैं 2 . 0 से आगे रहने के बाद हार गई थी। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया। अभी एक मैच और बाकी है और अगर मेरा सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी से होता है तो उसके खिलाफ मैं पहले भी कई बार खेल चुकी हूं। मैं फाइनल में कोर्ट पर उतरने को लेकर बेताब हूं।’’मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Badminton: PV Sindhu और Ayush Shetty प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू और युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने सीधे गेम में जीत दर्ज करके शनिवार को यहां एशियाई खेलों की बैडमिंटन प्रतियोगिता में क्रमशः महिला एवं पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, लेकिन लक्ष्य सेन दूसरे दौर में ही बाहर हो गए। विश्व में 11वें नंबर की खिलाड़ी और इस साल की जापान ओपन की विजेता सिंधू ने महिला एकल के दूसरे दौर में चीनी ताइपे की विश्व की 17वें नंबर की खिलाड़ी चियू पिन चियान को 21-19 21-14 से हराया। पहले दौर में बाय हासिल करने वाली सिंधू का अगला मुकाबला जापान की टोमोका मियाजाकी से होगा। पुरुष एकल में आयुष ने दूसरे दौर में कजाकिस्तान के मखसुत ताजिबुल्लायेव को 21-7 21-7 से हराया। उनका मुकाबला अब चीनी ताइपे के तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी चाउ तिएन चेन से होगा। महिला एकल में तीन बीडब्ल्यूएफ सुपर 100 खिताब जीतने वाली उन्नति हुडा ने मलेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया। अब उनका मुकाबला इंडोनेशिया की छठी वरीयता प्राप्त पुत्री कुसुमा वरदानी से होगा। इससे पहले लक्ष्य को सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू से तीन गेम में हार का सामना करना पड़ा। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 के विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक समय तक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। सिंधू को लय हासिल करने में समय लगा क्योंकि चियु ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और 6-2 से आगे बढ़ते हुए इंटरवल तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने लय हासिल करने बाद 19-16 की बढ़त बना ली। चियु के बैकहैंड शॉट में गलती के कारण सिंधू को तीन गेम प्वाइंट मिले। चियु ने दो प्वाइंट बचाए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने एक जोरदार क्रॉस कोर्ट पुश शॉट से पहला गेम अपने नाम कर दिया। दूसरे गेम में सिंधू का दबदबा कायम रहा। उन्होंने शुरुआत में ही 8-4 की बढ़त बना ली और इंटरवल तक 11-8 से आगे रहीं। भारतीय खिलाड़ी ने इसके बाद छह मैच प्वाइंट हासिल किए और आसानी से अगले दौर में प्रवेश किया। इससे पहले सेन ने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games 2026: चारो क्वार्टर फाइनल की टीमें तय, भारत का अफगानिस्तान से होगा मुकाबला
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट के लीग मुकाबले समाप्त हो गए हैं। मलेशिया और ओमान के बीच ग्रुप बी का मुकाबला बारिश की वजह से धुल जाने के साथ ही लीग मुकाबले खत्म हो गए। लीग मुकाबलों के बाद अगला राउंड क्वार्टर फाइनल का है। चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले होने हैं। क्वार्टर फाइनल का शेड्यूल सामने आ चुका है। लीग स्टेज में हुए मुकाबलों में 6 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया था। ग्रुप ए में नेपाल, अफगानिस्तान और जापान शामिल थे, जबकि ग्रुप बी में मलेशिया, हांगकांग और ओमान शामिल थे। ग्रुप ए से नेपाल और अफगानिस्तान तथा ग्रुप बी से मलेशिया और हांगकांग ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। भारत, श्रीलंका, पाकिस्तान और अफगानिस्तान पहले से ही क्वार्टर फाइनल में हैं। क्वार्टर फाइनल के शेड्यूल पर गौर करें तो पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला पाकिस्तान और हांगकांग, चाइना के बीच 28 सितंबर को सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। दूसरा क्वार्टर फाइनल मुकाबला भारत और अफगानिस्तान के बीच 28 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। तीसरा क्वार्टर फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को सुबह 5:30 बजे से श्रीलंका और नेपाल के बीच खेला जाएगा। चौथा क्वार्टर फाइनल मुकाबला 29 सितंबर को सुबह 10:30 बजे से बांग्लादेश और मलेशिया के बीच खेला जाएगा। 1 अक्टूबर को पहला सेमीफाइनल सुबह 5:30 बजे से और दूसरा सेमीफाइनल सुबह 10:30 बजे से होगा। 3 अक्टूबर को तीसरे स्थान के लिए सुबह 5:30 बजे से मैच खेला जाएगा। फाइनल मुकाबला 3 अक्टूबर को ही सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। 3 अक्टूबर को तीसरे स्थान के लिए सुबह 5:30 बजे से मैच खेला जाएगा। Also Read: LIVE Cricket Score सभी मैच निशिन, कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाएंगे। सभी मैचों का समय भारतीय समयानुसार दिया गया है। Article Source: IANS
Asian Games 2026: भारत ने जीते 27 मेडल, पाकिस्तान के खाते में सिर्फ 2 ब्रॉन्ज, जानिए दोनों की मेडल टैली
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमाचल की भावना के अभेद्य डिफेंस ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Sanju Samson Record: एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) का दूसरा क्वार्टर-फाइनल सोमवार, 28 सितंबर को भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan, 2nd Quarter-Final) के बीचनिशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारतीय टीम के अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज़ संजू सैमसन (Sanju Samson) एक बेहद ही खास सेंचुरी पूरी करके इतिहास रच सकते हैं। जी हां, ऐसा ही हो सकता है। दरअसल, 31 वर्षीय संजू सैमसन टी20 इंटरनेशनल में अपनी छक्कों की सेंचुरी पूरी करने के बेहद करीब हैं। वो एशियन गेम्स के क्वार्टर-फाइनल में अफगानी गेंदबाजों को छह छक्के लगाकर ये मुकाम हासिल कर सकते हैं। खास बात तो ये है कि T20I में अब तक किसी भी भारतीय विकेटकीपर ने ये कारनामा नहीं किया है। मौजूदा समय में एक भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज़ के तौर पर सबसे ज्यादा T20I छक्के मारने वाले खिलाड़ी केएल राहुल हैं, जिन्होंने 72 मैचों में 99 छक्के लगाए हैं। इस लिस्ट में संजू सैमसन 70 मैचों में 94 छक्कों के साथ दूसरी पॉजिशन पर हैं। टी20 में भारत के लिए सर्वाधिक छक्के मारने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज़ केएल राहुल - 72 मैचों में 99 छक्के संजू सैमसन - 70 मैचों में 94 छक्के ईशान किशन - 59 मैचों में 80 छक्के महेंद्र सिंह धोनी - 98 मैचों में 52 छक्के ऋषभ पंत - 76 मैचों में 44 छक्के संजू सैमसन के टी20 आंकड़ें: संजू भारतीय टी20 टीम के एक अहम सदस्य हैं। वो 2026 वर्ल्ड कप के हीरो भी थे। उन्होंने टूर्नामेंट में 5 मैचों में 80.25 की औसत से 321 रन बनाए थे। उनके टी20 इंटरनेशनल रिकॉर्ड भी अच्छे हैं। संजू ने अब तक 70 मैचों की 62 पारियों में लगभग 28 की औसत और 158 की स्ट्राइक रेट से 1558 रन जोड़े हैं। वो इस फॉर्मेट में 3 सेंचुरी और 8 हाफ सेंचुरी लगा चुके हैं। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम का पूरा स्क्वाड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर।
Anahat Singh ने Satomi Watanabe को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में बनाई जगह
भारत की युवा सनसनी अनाहत सिंह ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों की स्क्वाश प्रतियोगिता के महिला एकल में जापान की विश्व में छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे को 3-2 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की 18 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल में 0-2 से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करके अपने करियर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। अनाहत ने यह मैच 9-11, 11-13, 12-10, 11-6, 11-3 से जीता और इस तरह से इसी साल के शुरू में जापानी खिलाड़ी से मिली हार का बदला चुकता कर दिया। इससे पहले जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। युवा सुपरस्टार अनाहत सेमीफाइनल मुकाबले में वातानाबे के खिलाफ 0-2 से पीछे चल रही थीं लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। इस बीच गेंद लेने की कोशिश में भारतीय खिलाड़ी का सिर जापानी खिलाड़ी के कंधे से टकरा गया। इस टक्कर के बाद अनाहत को चिकित्सा सहायता प्रदान किए जाने के कारण मैच को थोड़ी देर के लिए रोक दिया गया था। अनाहत ने पहले दो गेम हारने के बाद किसी तरह का दबाव नहीं लिया तथा तीसरा और चौथा गेम जीत कर मैच को निर्णायक गेंद तक पहुंचा दिया। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ी ने अपनी प्रतिद्वंदी को हावी नहीं होने दिया। मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जोशना और सेंथिलकुमार की भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games Kabaddi: भारत ने Iran को 37-34 से हराकर जीता Gold
गत चैम्पियन भारत ने एशियाई खेलों की कबड्डी स्पर्धा में अपना दबदबा कायम रखते हुए ईरान को शनिवार को फाइनल में 37 . 34 से हराकर महिला वर्ग में चौथी बार स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत की महिला कबड्डी टीम ने जकार्ता में 2018 में हुए खेलों के अलावा हर एशियाई खेल में स्वर्ण पदक जीता है। जकार्ता में उसे फाइनल में ईरान ने हराया था। भारत ने हाफ टाइम तक 22 . 16 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरे हाफ में ईरान ने वापसी करके स्कोर अंतर सिर्फ एक अंक का करके स्कोर 26 . 27 कर दिया। भारत एक समय 27 . 22 से आगे था लेकिन ईरान की एटेना मदादी ने चार अंक की रेड करके स्कोर 27 . 26 कर दिया। भारतीय डिफेंस ने इसके बाद संभलकर ईरान को मौके नहीं दिये। भारत की बढत एक बार फिर तीन अंक की ही रह गई जब पिंकी रेडर को पकड़ने में नाकाम रही लेकिन संजू ने रेड पर दो ईरानी खिलाड़ियों को पकड़कर दो अंक बनाये। पुष्पा राणा ने ईरान के अगले हमले पर जबर्दस्त टैकल के जरिये भारत को 34 . 28 से आगे कर दिया जिस समय चार मिनट का खेल बाकी था। इस जीत के बाद भारतीय टीम ने मैदान का चक्कर लगाते हुए ‘वंदे मातरम’ गीत गाया। पुरूष टीम फाइनल में ईरान से ही खेलेगी। पुरूष और महिला की कबड्डी टीमों ने एक बार को छोड़कर हमेशा स्वर्ण पदक जीता है। पुरूष टीम भी जकार्ता में 2018 में फाइनल में ईरान से हारी थी लेकिन हांगझोउ में 2023 में खिताब फिर जीता।
Asian Games में भारत Canoeing में खाली हाथ, पदक स्पर्धाएं हटने और फाइनल में हार से झटका
भारत को एशियाई खेलों की कैनोइंग स्पर्धा से खाली हाथ लौटना पड़ेगा जबकि हांगझोउ खेलों में भारत को एक कांस्य पदक मिला था। भारत ने हांगझोउ एशियाई खेलों में पुरूष कैनो युगल 1000 मीटर में कांस्य पदक जीता था जब अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। वह स्पर्धा इन एशियाई खेलों का हिस्सा नहीं है जिससे भारत की पदक उम्मीदों को झटका लगा। पुरूषों के कयाक एकल 500 मीटर में भारत के हर्षवर्धन सिंह शक्तावत अपने सेमीफाइनल में एक मिनट 50 . 543 सेकंड का समय निकालकर चौथे स्थान पर रहे। फाइनल बी में तीन प्रतियोगियों में वह शीर्ष रहे। मिश्रित कैनो युगल 500 मीटर में राजू रावत और नेहा देवी फाइनल ए में नौ जोड़ियों में आठवें स्थान पर रहे। उन्होंने दो मिनट 891 सेकंड का समय निकाला। मिश्रित कयाक युगल 500 मीटर में भारत की पार्वती गीता और प्रसन्ना कुमार फाइनल ए में नौवे और आखिरी स्थान पर रहे। इससे पहले वे सेमीफाइनल में चार जोड़ियों में दूसरे स्थान पर थे।
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मध्य प्रदेश की बेटी और स्टार शूटर आशी चौकसे ने एशियाई खेलों (Asian Games) में देश का नाम रोशन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) अपने नाम कर लिया है।
Asian Games में Sawan Barwal ने मैराथन में जीता रजत पदक, बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल के लिए इस साल की शुरुआत में मैराथन में जाने का फैसला महत्वपूर्ण साबित हुआ क्योंकि उन्होंने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में रजत पदक जीता और इसके बाद कहा कि अगर वह यह उपलब्धि हासिल नहीं करते तो यह ‘‘समय की बर्बादी’’ होती। बरवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैराथन में भारत को अप्रत्याशित रजत पदक दिलाया और इस दौरान अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की दूरी दो घंटे, 11 मिनट और 37 सेकंड में पूरी की। यह मैराथन में उनका लगातार दूसरा राष्ट्रीय रिकॉर्ड था। इसी साल अप्रैल में रॉटरडैम में उन्होंने अपने करियर की पहली मैराथन दौड़ में ही 2:11:58 के समय के साथ शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ दिया था। सेना में कार्यरत इस 28 वर्षीय एथलीट ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है। मैं 15-16 साल से अभ्यास और प्रतिस्पर्धा कर रहा हूं। अगर मुझे यह पदक नहीं मिलता तो यह सब व्यर्थ जाता और समय की बर्बादी होती। यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंदर नगर के रहने वाले बरवाल के पिता कुलदीप नयी दिल्ली में ड्राइवर के रूप में काम करते थे, जबकि उनकी मां सुभद्रा देवी गृहिणी हैं। बरवाल पिछले एक दशक से भी अधिक समय से लंबी दूरी की दौड़ में भाग ले रहे हैं। उन्हें अपने भाई से प्रेरणा मिली जो स्कूल की एथलेटिक्स टीम में शामिल थे। एक दिन वह अपने भाई के साथ गए और ट्रैक के किनारे दौड़ने लगे। इसके बाद उन्हें 14 साल की उम्र में 1500 मीटर की दौड़ के लिए स्कूल की टीम में शामिल कर लिया गया। राष्ट्रीय स्तर पर वह पहली बार 2015 में अंडर-18 वर्ग में 3000 मीटर की दौड़ में शामिल हुए। उनका पहला सीनियर स्तर का मुकाबला 2021 में फेडरेशन कप में 5000 मीटर की दौड़ थी। उन्होंने देहरादून में 2025 के राष्ट्रीय खेलों में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीता। वह 2019 में खेल कोटा के तहत अपने बड़े भाई के साथ सेना में भर्ती हो गए थे। पुणे के सैन्य खेल संस्थान में यूनिस खान और रिलायंस फाउंडेशन में अजीत मार्कोस जैसे अपने कोच की सलाह पर उन्होंने मैराथन की ओर रुख किया। उनका वीओ2 मैक्स (अधिकतम ऑक्सीजन ग्रहण क्षमता) उच्च पाया गया था, जो उन्हें 42.195 किमी की दूरी के लिए बहुत अच्छा धावक बनाता है। बरवाल ने कहा, ‘‘मुझे मैराथन में अच्छा प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा था। इसलिए यह सही फैसला था।’’बरवाल से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता था कि वह अपनी पहली दो मैराथन दौड़ में ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाएंगे, उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लक्ष्य के साथ ही मैराथन में भाग लिया था। मैराथन में भारतीय एथलीट दो घंटे 12 मिनट से कम समय नहीं निकाल पा रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। मैंने स्वयं से कहा कि अगर मैं दो घंटे 12 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी नहीं कर पाता, तो मैराथन दौड़ने का कोई मतलब नहीं है।’’एशियाई खेलों में हालांकि उनका पूरा ध्यान पदक जीतने पर था। उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं दौड़ा। मेरा लक्ष्य पदक जीतना था। जब मैंने अच्छी गति से दौड़ना शुरू किया तब मुझे लगा कि मैं राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ सकता हूं।
Asian Games 2026: भारत की महिला कबड्डी टीम ने जीता गोल्ड, फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया
Asian Games 2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह एशियन गेम्स में भारत का महिला कबड्डी में चौथा स्वर्ण है।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास और रोमांच से भरा रहा। एक तरफ जहाँ महिला कबड्डी टीम ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं दूसरी ओर स्क्वैश के मिक्स्ड डबल्स इवेंट से भी भारत की झोली में एक कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक आया। भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया और यह कड़ा मुक़ाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय दल के पदकों की संख्या में और इजाफ़ा हुआ। मैच के दौरान कई मौकों पर ऐसा लगा कि ईरान भारत को हरा देगा। हालाँकि, दबाव के बावजूद टीम ने शानदार खेल दिखाया और एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि मैच के आखिरी पलों में ईरान ने कई गलतियाँ कीं; एक समय तो उनकी टीम के दो रेडर्स ने 'डबल एंट्री' भी कर दी। छोटी-मोटी गलतियों के अलावा, भारतीय टीम की मानसिक मज़बूती ने उन्हें मैच जीतने और अंततः पहले स्थान पर रहने में मदद की। संजू देवी एक बार फिर भारत के लिए स्टार साबित हुईं, जैसा कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान रही थीं। स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा जहाँ एक तरफ़ देश महिला कबड्डी फ़ाइनल में भारत की गोल्ड मेडल जीत से बेहद खुश है, वहीं दूसरी तरफ़ थोड़ी निराशा भी हुई क्योंकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स मुक़ाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल ही जीत सकी। उन्होंने 26 सितंबर को सेमीफ़ाइनल में हांगकांग के ली का यी और तांग मिंग होंग का सामना किया। इस जोड़ी को सेमीफ़ाइनल में तीन गेम के मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। कड़े मुक़ाबले में भारतीय जोड़ी 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हुई तीन गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वे अभी भी स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर हैं और आने वाले इवेंट्स में और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि पुरुषों की कबड्डी टीम भी जल्द ही गोल्ड मेडल मैच में मुख्य आकर्षण होगी, और इस मुकाबले में भारत से एक और शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद की जा सकती है। आगे की राह: पुरुषों की कबड्डी टीम पर होंगी नज़रें महिला टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद अब पूरे देश की निगाहें पुरुषों की कबड्डी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम भी जल्द ही अपने गोल्ड मेडल मैच में उतरने जा रही है। टीम के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत को कबड्डी स्पर्धा से एक और गोल्ड मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा आगामी एथलेटिक्स और अन्य प्रमुख स्पर्धाओं से भी भारत के खाते में कई और पदक आने की संभावना है।
Asian Games 2026: 44 साल बाद आया मेडल...सावन बारवाल ने रचा इतिहास! जानिए कौन हैं ये
Asian Games 2026 Sawan Barwal Silver Medal: एशियन गेम्स 2026 में भारतीय धावक सावन बारवाल ने इतिहास रच दिया है। सावन ने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत का एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में मेडल का 44 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया है।सावन ने ना सिर्फ सिल्वर मेडल जीता, बल्कि 2:11:37 का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी कायम किया। रेस का स्वर्ण पदक जापान के यामाशिता ने जीता।रेस में सावन बारवाल का शानदार प्रदर्शन (स्टेप-बाय-स्टेप)शुरुआती बढ़त (10 किमी से 21 किमी): सावन शुरुआती 10 किलोमीटर के बाद से ही रेस के फ्रंट रनर्स में बने रहे। 21 किलोमीटर का हाफ-मैराथन मार्क पूरा करते ही (1:05:54 का समय) वह रेस में पहले स्थान पर आ गए।टॉप-3 में मुकाबला (30 किमी से 35 किमी): रेस जैसे-जैसे आगे बढ़ी, जापान के यामाशिता, चीन के हान और भारत के सावन बारवाल के बीच मुख्य मुकाबला देखने को मिला।36 किमी पर निर्णायक मोड़: 36 किलोमीटर के मार्क पर जापान के यामाशिता ने 20 से 30 मीटर की बढ़त बना ली। हालांकि, सावन ने धैर्य बनाए रखा और मजबूती से दूसरे स्थान पर टिके रहे।फिनिश लाइन: सावन ने अपनी गति बरकरार रखी और दूसरा स्थान हासिल करते हुए भारत के लिए ऐतिहासिक सिल्वर मेडल पक्का किया।इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय धावक कार्तिक करकरा शुरुआती चरण में आगे रहने के बाद पिछड़ गए और 19 धावकों के बीच 17वें स्थान पर रहे।कौन है सावन बारवाल?हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के रहने वाले सावन बारवाल भारतीय सेना के एथलीट हैं। एशियन गेम्स 2026 में 2:11:37 का समय निकालकर रजत पदक जीतने वाले सावन ने इससे पहले इसी साल अप्रैल में रोटरडैम की प्रतिष्ठित NN मैराथन में 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर सनसनी मचा दी थी। साल 2023 में आयोजित 'एशियन क्रॉस कंट्री चैंपियनशिप' में भारत को कांस्य पदक दिलाने वाले सावन अब लंबी दूरी की दौड़ में देश के सबसे भरोसेमंद एथलीट बनकर उभरे हैं।एशियन गेम्स 2026 में आज ये है भारत के बड़े मुकाबलेकबड्डी में गोल्ड मेडल का मुकाबला: भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें गोल्ड मेडल मैच में ईरान से भिड़ेंगी। भारतीय पुरुष टीम अपने 9वें गोल्ड और महिला टीम चौथे खिताब की तलाश में मैदान में उतरेगी।बैडमिंटन में पीवी सिंधु की शुरुआत: दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन महिला सिंगल्स में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, जहां उनसे भारत की अगुवाई करने और मेडल दिलाने की बड़ी उम्मीदें हैं।Asian Games 2026: भारतीय महिला शूटर्स का शानदार प्रदर्शन, 50m राइफल में सिल्वर पर कब्जा, तिलोत्तमा और विदर्सा ने फाइनल में बनाई जगह
धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में बनाया रिकॉर्ड, रिकर्व क्वालीफिकेशन में 698 अंक लेकर शीर्ष पर
हाल ही में विश्व कप फाइनल जीतने वाले धीरज बोम्मदेवरा ने एशियाई खेलों में अपने अभियान की शानदार शुरूआत करते हुए पुरूष रिकर्व क्वालीफिकेशन दौर में रिकॉर्ड 698 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज धीरज ने पहले 36 तीरों पर 348 स्कोर किया और आखिरी 36 में 350 स्कोर के साथ 720 में से 698 अंक बनाये। पिछला एशियाई क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड कोरिया के ली वू सियोग के नाम था जिन्होंने 690 अंक बनाये थे। सियोक चौथे स्थान पर रहे। पेरिस ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम के सदस्य रहे कोरिया के किम जे दियोग 693 अंक के साथ दूसरे और चीनी ताइपै के चिन हुन तांग तीसरे स्थान पर रहे। धीरज को अब 64 तीरंदाजों के व्यक्तिगत एलिमिनेशन ड्रॉ में पहले दौर में बाय मिला है। भारत ने एशियाई खेलों में पुरूष रिकर्व व्यक्तिगत वर्ग में कभी स्वर्ण नहीं जीता है। तरूणदीप राय ने 2010 में रजत पदक जीता था। कोरियाई टीम से दो बार के चैम्पियन किम वूजिन व्यक्तिगत एलिमिनेशन दौर में जगह बनाने में नाकाम रहे। भारत के नीरज चौहान और यशदीप भोगे क्रमश: 18वें और 25वें स्थान पर रहे। टीम क्वालीफिकेशन में भारत कोरिया के बाद दूसरे स्थान पर रहा। भारत को प्री क्वार्टर फाइनल तक बाय मिला है जहां उसका सामना फिलीपींस से होगा। भारत को पदक पक्का करने के लिये तीन जीत दर्ज करनी होगी। भारतीय पुरूष टीम ने हांगझोउ में रजत पदक जीता था। महिला कंपाउंड वर्ग में 21 वर्ष की चितिका तानीपर्थी ने 720 में से 705 अंक लेकर व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। हांगझोउ में भारतीय कंपाउंड टीम ने पांचों स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य जीता था। ज्योति सुरेखा वेन्नम क्वालीफिकेशन में 13वें स्थान पर रही लेकिन प्रिथिका प्रदीप व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी। वह भारतीय तीरंदाजों में तीसरे स्थान पर रही और हर देश से शीर्ष दो तीरंदाज ही फाइनल खेलेंगे। टीम वर्ग में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा और वह मंगोलिया के खिलाफ शुरूआत करेगा।
एशियन गेम्स में भारतीय महिला निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में एक और मेडल डाल दिया। 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन के टीम इवेंट में तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसे की तिकड़ी ने सिल्वर मेडल जीता। भारतीय टीम ने कड़े मुकाबले के बीच कुल 1763 अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 1773 अंकों के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि कजाकिस्तान को ब्रॉन्ज मिला।खास बात यह रही कि टीम मेडल के अलावा भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी छाप छोड़ी। तिलोत्तमा और आशी ने मजबूत प्रदर्शन किया, वहीं विदर्सा ने शानदार वापसी करते हुए फाइनल में जगह बनाई।चीन से बेहद करीबी मुकाबलाभारतीय टीम को गोल्ड के लिए चीन से कड़ी टक्कर मिली। चीन ने 1773 अंकों के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए पहला स्थान हासिल किया। वहीं कजाकिस्तान की टीम 1754 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर रही। इस तरह भारत और चीन के बीच मुकाबला काफी रोमांचक रहा और आखिर में भारतीय टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।तिलोत्तमा और आशी ने व्यक्तिगत मुकाबले में भी दिखाया दमटीम इवेंट के साथ-साथ भारतीय निशानेबाजों ने व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। तिलोत्तमा सेन और आशी चौकसे ने शानदार निशाना लगाते हुए शुरुआती दौर में टॉप तीन में जगह बनाई। आशी ने 395-25x का स्कोर हासिल किया, जबकि तिलोत्तमा ने 395-23x के साथ क्वालिफिकेशन में मजबूत शुरुआत की । दोनों ने स्टैंडिंग स्टेज से पहले खुद को मजबूत स्थिति में रखा।विदर्सा ने शानदार वापसी से बनाई जगहविदर्सा विनोद की शुरुआत भले ही बाकी दोनों खिलाड़ियों जैसी मजबूत नहीं रही, लेकिन उन्होंने मुकाबले के दौरान शानदार वापसी की। उन्होंने तीनों स्टेज में कुल 588 अंक जुटाए और क्वालिफिकेशन में छठे स्थान पर रहीं।इस प्रदर्शन के साथ विदर्सा ने भी व्यक्तिगत मुकाबले के अगले चरण में अपनी जगह पक्की की और भारत की चुनौती को मजबूत बनाए रखा।तिलोत्तमा फाइनल में तीसरे स्थान परतीन पोजिशन यानी नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग के क्वालिफिकेशन र ाउंड के बाद तिलोत्तमा सेन ने कुल 590 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने आठ निशानेबाजों वाले व्यक्तिगत फाइनल में तीसरे स्थान के साथ प्रवेश किया । दुनिया में 107वें नंबर की तिलोत्तमा के लिए यह प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने दबाव के बीच लगातार सटीक निशाने लगाए और खुद को पदक की दौड़ में बनाए रखा।आशी की शुरुआत शानदार, अंत में स्कोर थोड़ा गिरादुनिया की 18वें नंबर की निशानेबाज आशी चौकसे ने भी मुकाबले में अच्छी शुरुआत की। एक समय वह मजबूत स्थिति में नजर आ रही थीं, लेकिन क्वालिफिकेशन के अंत तक उनका कुल स्कोर 585 अंक रहा। इसके बावजूद टीम इवेंट में आशी, तिलोत्तमा और विदर्सा की संयुक्त मेहनत भारत को सिल्वर मेडल दिलाने में सफल रही। अब भारतीय निशानेबाजों की नजर व्यक्तिगत फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन पर होगी।IND vs WI: शुभमन गिल हुए चोटिल, सिराज की खतरनाक गेंद पर घायल हुए भारतीय कप्तान
Asian Games: Manush Shah और Yashaswini Ghorpade प्री-क्वार्टर फाइनल में हारे
भारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ी मानुष शाह और यशस्विनी घोरपड़े को एशियाई खेलों में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुष और महिला एकल के प्री-क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से भारत ने इस प्रतियोगिता में एक पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। मानुष को पुरुष एकल में चीन के विश्व में आठवें नंबर के खिलाड़ी लिन शिदोंग से 0-4 (4-11, 4-11, 9-11, 10-12) से हार का सामना करना पड़ा। घोरपड़े महिला एकल के तीसरे दौर में जापान की मिवा हारिमोतो से 1-4 (5-11, 11-4, 4-11, 5-11) से हार गईं। इस तरह से भारत का टेबल टेनिस में अभियान भी समाप्त हो गया। उसने इस प्रतियोगिता में एक पदक जीता। मानुष और दीया चिताले ने शुक्रवार को मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता था। एशियाई खेलों के इतिहास में यह भारत का मिश्रित युगल में दूसरा पदक था। इससे पहले अचंता शरत कमल और मनिका बत्रा ने जकार्ता एशियाई खेल 2018 में कांस्य पदक जीता था। भारत का एशियाई खेलों में यह टेबल टेनिस में कुल मिलाकर चौथा पदक था।
Asian Games 2026 Live Update: भारत की झोली में एक ही दिन 3 मेडल, मैराथन में 44 साल बाद सिल्वर समेत शूटिंग और स्क्वॉश में भी पदक
Asian Games Squash: Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार को मिक्स्ड डबल्स में मिला कांस्य पदक
भारत की जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को एशियाई खेलों में शनिवार को स्क्वाश प्रतियोगिता के मिश्रित युगल सेमीफाइनल में हांगकांग के तांग मिंग हांग और ली का यी से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी नागोया किंजो फुटो एरिना में खेले गए तीन गेम के रोमांचक मुकाबले में (1-2) 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई। भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में ली का यी और तांग मिंग हांग के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन उन्हें मामूली अंतर से हार झेलनी पड़ी। इसके बाद जोशना और सेंथिलकुमार ने शानदार वापसी करते हुए दूसरा गेम जीत लिया। तीसरे गेम में भी कड़ी टक्कर देखने को मिली लेकिन आखिर में हांगकांग के खिलाड़ियों ने अपना संयम बनाए रखा और विजेता बनकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने शुक्रवार को फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो पर जीत हासिल करके सेमीफाइनल में पहुंचकर अपने नाम पर पदक पक्का कर दिया था। 40 वर्षीय जोशना का यह एशियाई खेलों में छठा पदक है। इससे पहले वह एशियाई खेलों में दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी थी।
Asian Games: ग्रुप-ए से नेपाल और अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल में, जापान बाहर
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट ग्रुप ए का आखिरी लीग मुकाबला बारिश की वजह से प्रभावित रहा। नेपाल और जापान के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से ड्रॉ रहा और दोनों टीमों के बीच 1-1 अंक बाँट दिए गए। इसके साथ ही जापान एशियन गेम्स से बाहर हो गया। जापान और नेपाल के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित रहा था और इसी वजह से शुरुआत में मैच को 20-20 की जगह 15-15 ओवर का निर्धारित किया गया था, हालांकि इसके बावजूद मैच पूरा नहीं हो सका। मुकाबले की बात करें तो जापान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था। नेपाल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 149 रन बनाए। संदीप जोरा के 32 गेंदों पर 3 छक्के और 5 चौकों की मदद से नाबाद 57 रन और लोकेश बाम के 22 गेंदों पर 6 छक्कों और 1 चौके की मदद से बनाए गए 52 रन तथा दोनों के बीच 30 गेंदों पर हुई नाबाद 65 रन की साझेदारी का नेपाल को 149 तक पहुँचाने में अहम योगदान रहा। विकेटकीपर-बल्लेबाज आसिफ शेख ने 15 गेंदों पर 1 छक्का और 1 चौका लगाते हुए 21 रन बनाए थे। जापान और नेपाल के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश की वजह से बुरी तरह प्रभावित रहा था और इसी वजह से शुरुआत में मैच को 20-20 की जगह 15-15 ओवर का निर्धारित किया गया था, हालांकि इसके बावजूद मैच पूरा नहीं हो सका। Also Read: LIVE Cricket Score ग्रुप ए से शीर्ष पर रहते हुए नेपाल और दूसरे स्थान पर रहते हुए अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। Article Source: IANS
Asian Games 2026 Day 8 Live Update: कबड्डी फाइनल में भारत-ईरान आमने-सामने, गोल्ड के लिए शुरू हुई जंग
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Asian Games 2026: 8वें दिन भारत की धमाकेदार शुरुआत, मैराथन और शूटिंग में मिले सिल्वर मेडल
Asian Games 2026: 8वें दिन भारत की धमाकेदार शुरुआत, मैराथन और शूटिंग में मिले सिल्वर मेडल
Asian Games में ओमान टीम के अनोखे स्क्वॉड ने रचा इतिहास!
एशियन गेम्स 2026 में ओमान की क्रिकेट टीम हॉन्ग कॉन्ग के खिलाफ 41 रन से हार गई, लेकिन मुकाबले में एक अनोखी बात ने सबका ध्यान खींचा. ओमान की प्लेइंग इलेवन में एक ही सरनेम वाले सात खिलाड़ी शामिल थे. इतना ही नहीं, पूरे स्क्वॉड में इस सरनेम के नौ खिलाड़ी मौजूद रहे. अल बलूशी नाम वाले खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में टीम के लिए योगदान दिया.
इंटरनेट डेस्क। जापान के नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इससे मैराथन में भारत का 44 साल का पदक का सूखा खत्म हो गया है। सावन ने आज तड़के 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक पर कब्जा किया। देश को 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स मैराथन में पोडियम फिनिश मिली। इस इवेंट में 1982 के दिल्ली एशियन गेम्स में भारत को कांस्य पदक मिला था। वहीं शूटिंग में भारत को 11वां मेडल मिला है। महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन कैटेगरी में भारतीय टीम ने दूसरे स्थान पर रहकर रजत पदक जीता। इस टीम में आशी चौकसे, तिलोत्तमा सेन और विदार्शा विनोद के नाम शामिल रहे। शूटिंग में भारत को अब तक एक गोल्ड, छह सिल्वर और चार ब्रॉन्ज मिल चुके हैं। इससे भारत अब पदक तालिका में 12वें स्थान पर आ गया है। भारत के कुल 25 पदक हो चुके हैं। इसमें 2 गोल्ड, 11 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं। कबड्डी से आज मिल सकते हैं दो स्वर्ण पदक आज भारत के खाते में कबड्डी से दो स्वर्ण पदक आ सकते हैं। आज महिला और पुरुष वर्ग के कबड्डी फाइनल खेले जाएंगे। भारत की महिला और पुरुष टीम का फाइनल मुकाबला ईरान से होगा। महिला टीम का मैच सुबह 9:30 बजे, जबकि पुरुष टीम का मुकाबला दोपहर 2:30 बजे से शुरु होगा। भारतीय टीमें कबड्डी में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार हैं। वहीं कई अन्य एथलीटों से भी पदक की उम्मीद है। PC:indiatv अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games में Tilottama Sen और भारतीय तिकड़ी ने 50m राइफल 3P में जीता सिल्वर
भारत की तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसी की तिकड़ी ने एशियाई खेलों में शनिवार को महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में रजत पदक जीता और तिलोत्तमा तथा विदर्सा ने व्यक्तिगत फाइनल में भी जगह बना ली। भारतीय टीम ने 1763 अंक बनाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 1773 अंक लेकर खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि कजाखस्तान को कांस्य पदक मिला। व्यक्तिगत वर्ग में आशी और तिलोत्तमा शीर्ष तीन में रहे जिन्होंने 395 . 25 एक्स और 395 . 23 एक्स स्कोर किया। विदर्सा ने 588 स्कोर करके क्वालीफिकेशन में छठा स्थान हासिल किया। विश्व में 107वीं रैंकिंग पर काबिज तिलोत्तमा नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग में कुल 590 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रही। वहीं आशी ने 585 अंक बनाये। आशी और तिलोत्तमा ने नीलिंग और प्रोन चरण में 395 स्कोर किया जिसमें आशी ने इनर 10 में 25 और तिलोत्तमा ने 23 निशाने लगाये। तिलोत्तमा ने स्टैंडिंग में बेहतर प्रदर्शन करके 590 स्कोर किया और शीर्ष तीन में पहुंच गई। विदर्सा ने भी फाइनल में जगह बनाई। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस में निशानेबाज नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग पोजिशन में निशाने लगाते हैं।
Asian Games: Loh Kean Yew से तीन गेम में हारे Lakshya Sen, दूसरे दौर से बाहर
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन एशियाई खेलों में दूसरे दौर से बाहर हो गए जिन्हें पुरूष एकल वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन सिंगापुर के लोह कीन यू ने तीन गेम में हराया। दुनिया के 14वें नंबर के खिलाड़ी सेन को 13वीं रैंकिंग वाले 2021 विश्व चैम्पियन ने 21 . 12, 15 . 21, 21 . 14 से मात दी। इचिनोमोया सिटी म्युनिसिपल जिम्नेशियम में खेला गया यह मुकाबला एक घंटे से अधिक चला। इससे एक दिन पहले दुनिया की पूर्व नंबर एक जोड़ी सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी पुरूष युगल के पहले दौर में ही हार गए थे। सेन ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता था और पेरिस ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहे लेकिन एशियाई खेलों में एक बार फिर व्यक्तिगत पदक नहीं जीत पाये। उन्होंने हांगझोउ में टीम स्पर्धा का रजत और यहां कांस्य पदक जीता। उन्होंने मजबूत शुरूआत करके पहले गेम में 5 . 1 की बढत बना ली लेकिन लोह ने लगातार दस अंक बनाकर उन्हें दबाव में ला दिया। दूसरे गेम में सेन ने अच्छी वापसी की और आक्रामक खेल से यह गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक खिंचा। तीसरे गेम में हालांकि लोह ने 11 . 6 की बढत बना ली। सेन ने वापसी करते हुए अंतर 13 . 14 कर दिया लेकिन सिंगापुर के दिग्गज खिलाड़ी ने 16 . 14 से बढत बनाई और तीन अंक लेकर स्कोर 19 . 14 कर दिया। इसके बाद दो अंक बनाकर मैच जीता और प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
Asian Games मैराथन में Sawan Barwal ने 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 26 सितंबर सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में शनिवार को पुरूषों की मैराथन फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर अप्रत्याशित रजत पदक जीता जो इस स्पर्धा 44 साल बाद भारत का पहला पदक है। भारत ने पिछली बार मैराथन में पदक 1982 के एशियाई खेलों में जीता था। सेना के 28 वर्ष के खिलाड़ी बरवाल ने दो घंटे 11 मिनट 37 सेकंड में 42 . 195 किलोमीटर की मैराथन पूरी की। वह स्वर्ण पदक जीतने वाले जापान के इचिताका यामाशिता से 48 सेकंड पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 10 मिनट 49 सेकंड का समय निकाला। चीन के पेइयू फेंग दो घंटे 12 मिनट 13 सेकंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे। एशियाई खेलों में मैराथन में इससे पहले 1982 में दिल्ली में होसुर कुक्काप्पा सीतारन ने भारत को कांस्य पदक दिलाया था। बरवाल एशियाई खेलों में मैराथन में पदक जीतने वाले चौथे भारतीय भी बन गए। दिल्ली में 1951 में पहले एशियाई खेलों में छोटा सिंह ने स्वर्ण और सूरत सिंह माथुर ने कांस्य पदक जीता था। बरवाल ने 5000 मीटर, 10000 मीटर और हाफ मैराथन दौड़ने के बाद इसी साल मैराथन में पदार्पण किया। अप्रैल में बरवाल ने रॉटरडम में एनएन मैराथन में शिवनाथ सिंह का 48 साल पुराना दो घंटे 11 मिनट 58 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। उन्होंने रेस के बाद कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य पदक जीतना था, अपना रिकॉर्ड बेहतर करना नहीं। लेकिन यह भी राष्ट्रीय रिकॉर्ड है। मुझे खुशी है कि इतने लंबे समय बाद देश के लिये पदक जीत सका।’’बरवाल आधी रेस पूरी होने तक दूसरे स्थान पर चले गए थे। उन्होंने कहा ,‘‘ मेरा लक्ष्य 39 . 40 किलोमीटर तक पहले ग्रुप में रहना था। मैं पहले ग्रुप में रहा और आखिरी एक दो किलोमीटर में फिनिश करने का फैसला किया। आखिर में 38 . 37 किलोमीटर में तीन ही रनर थे। मैने एक सी रफ्तार बनाये रखने की कोशिश की।’’हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के बरवाल के पिता दिल्ली में ड्राइवर का काम करते थे और मां सुभद्रा देवी गृहिणी है। घर के पास एक ट्रैक को देखने के बाद बरवाल की दौड़ में रूचि जगी। उनके बड़े भाई भी स्कूल की ट्रैक टीम में थे। बरवाल ने 14 वर्ष की उम्र में 1500 मीटर की तैयारी शुरू की। उन्होंने अंडर 18 आयुवर्ग में 2015 में 3000 मीटर रेस में भाग लिया। सीनियर स्तर पर उनकी पहली रेस 2021 में 5000 मीटर की थी। उन्होंने देहरादून में 2025 राष्ट्रीय खेलों में 5000 और 10000 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। वह 2019 में खेल कोटे से अपने भाई के साथ सेना में शामिल हुए। भारत के कार्तिक करकेरा दो घंटे 22 मिनट 41 सेकंड के समय के साथ 19 धावकों में 17वें स्थान पर रहे।
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के जोगिंद्रनगर से ताल्लुक रखने वाले धावक सावन बरवाल ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया है।
एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता रजत, ओलंपिक चैम्पियन को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास
राइफल निशानेबाज इलावेनिल वालारिवन ने कहा कि मौजूदा ओलंपिक और विश्व चैम्पियन दक्षिण कोरिया की बान योजिन को हराकर एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा का रजत पदक जीतने से उन्हें महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में आखिरी समय तक शीर्ष पर रहने के बाद स्वर्ण चूकने की निराशा दूर करने में मदद मिली। इलावेनिल समेत आठ भारतीय निशानेबाजों का शुक्रवार की देर रात जापान से भारत लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। इलावेनिल ने कहा ,‘‘ मैं खुशकिस्मत हूं कि देश का प्रतिनिधित्व करने और पदक जीतने का मौका मिला। स्वर्ण नहीं जीत पाने की निराशा है लेकिन अभी यह शुरूआत है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ मैंने विश्व चैम्पियन और ओलंपिक चैम्पियन को हराया जो तीसरे स्थान पर रही। मेरे पास शानदार टीम है और हमारी ट्रेनिंग सही थी। इस पदक से आत्मविश्वास बढा है और मुझे पता है कि मेरी तैयारी सही रास्ते पर है।’’भारतीय निशानेबाजी दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्ष के मैराज अहमद खान ने कहा ,‘‘ पिछले 25 साल से मैं काम कर रहा हूं। मैने 2006 एशियाई खेलों में पहला पदक जीता था और दो दशक बाद देश के लिये पदक जीता है।’’दो रजत पदक जीतने वाले अनंतजीत सिंह नरूका ने कहा ,‘‘ यह काफी मायने रखता है। मैने चीन में भी दो पदक जीते थे और इस बार भी। हम सभी के लिये यह गर्व का पल है। हमने इसके लिये काफी मेहनत की थी। पदक का रंग बेहतर होता तो और अच्छा लगता लेकिन खुशी है कि दो पदक जीते।
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India Asian Games Medal tally: एशियन गेम्स 2026 में भारत अभी तक 2 गोल्ड, 10 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज समेत कुल 24 मेडल जीत चुका है। आज का पहला मेडल सावन बरवाल ने मैराथन में इतिहास रचकर जिताया।
Asian Games 2026 में भारत का आज का शेड्यूल, 26 सितंबर; कई गोल्ड मेडल दांव पर
India Asian Games 2026 schedule today: एशियन गेम्स में आज कबड्डी समेत कई इवेंट में भारत के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका होगा। भारत अभी तक 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज समेत 23 मेडल जीत चुका है।
नाओरेम रोशिबिना देवी ने एशियाई खेलों में लगातार तीसरी बार पदक जीतकर इतिहास रचा, चीन की खिलाड़ी से हारकर रजत पदक जीता। किसान परिवार से आने वाली रोशिबिना ने मुश्किल हालातों में तकिये से अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया।
Gorakhpur News: 92.5 किलो वजन उठाकर सेजल ने एशियाई बेंच प्रेस में जीता रजत
Sejal wins silver at Asian Bench Press by lifting 92.5 kg.
Asian Games में Baranica Elangovan ने पोल वॉल्ट में कांस्य जीत रचा इतिहास
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 25 सितंबर बारानिका इलांगोवान एशियाई खेलों में पोल वॉल्ट का पदक जीतने वाली पहली भारतीय बन गई जिन्होंने कांस्य अपने नाम किया जबकि गुलवीर सिंह 10000 मीटर रेस में दो बाद पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट बन गए। शॉटपुट खिलाड़ी मनप्रीत कौर के कांस्य के साथ एथलेटिक्स में तीसरे दिन भारत ने तीन पदक जीते। उनतीस वर्षीय बारानिका ने कजाखस्तान की पोलिना इवानोवा के साथ संयुक्त कांस्य पदक जीता क्योंकि दोनों 4.15 मीटर के सर्वश्रेष्ठ ‘क्लियरेंस’ और 4.25 मीटर पर समान संख्या में असफल प्रयासों के साथ बराबरी पर रहीं। बारानिका का प्रयास उनके 4.23 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कम था, लेकिन पोडियम स्थान हासिल करने के लिए काफी था। बारानिका ने कहा ,‘‘ यह शानदार है। मुझे खुशी है कि मैं देश के लिये पदक जीत सकी। मेरा सपना इतिहास रचने का था जो मैने आज पूरा किया।’वहीं गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर ने इस साल की शुरुआत में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। गुलवीर ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़ा होना संतोषजनक है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’गुलवीर ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में 10000 मीटर में रजत और 5000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। मनप्रीत कौर ने महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने कहा ,‘‘ आखिरकार मैने पदक जीता। मैने काफी संघर्ष किया है। अगला लक्ष्य एशियाई चैम्पियनशिप और विश्व चैम्पियनशिप है। ओलंपिक भी है तो कदम दर कदम आगे बढना है।’’पुरूषों की 100 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी गुरिंदर वीर सिंह और अनिमेष कुजूर फाइनल के लिये क्वालीफाई नहीं कर पाये। गुरिंदरवीर 10 . 32 सेकंड का समय निकालकर सेमीफाइनल हीट 2 में पांचवें और कुल 11वें स्थान पर रहे। कुजूर ने 10 . 38 सेकंड का समय लिया और सेमीफाइनल हीट 3 में सातवें और कुल 18वें स्थान पर रहे।
Asian Games में MMA पदक विजेता Suchika Tariyal ने सेमीफाइनल के फैसले पर उठाए सवाल
अइची-नागोया एशियाई खेलों में पहली बार मिक्स मार्शल आर्ट्स को शामिल किया गया है। भारत के लिए सुचिका तारियाल ने इस नई स्पर्धा में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता है। 36 वर्षीय सुचिका को सेमीफाइनल में सिंगापुर की टिया हुई हूं के खिलाफ मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह कांस्य पदक लेकर लौटी हैं और एशियाई खेलों में इस खेल में भारत की पहली पदक विजेता बनी हैं। सुचिका के मुताबिक, सेमीफाइनल का मुकाबला बराबरी पर घोषित किया गया था, लेकिन इसके बाद सामान्य तरीके से एक और दौर कराने के बजाय वजन से जुड़े नियम के आधार पर विजेता तय किया गया। उन्होंने इस फैसले को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें एक और दौर खेलने का मौका मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अगर एक और दौर कराया जाता और उसमें वह हार जातीं, तो वह उस नतीजे को स्वीकार कर लेतीं। लेकिन मुकाबला बराबरी पर घोषित करने के बाद वजन के नियम से फैसला किए जाने को वह स्वीकार नहीं कर सकीं। सुचिका ने इसे बेहद खराब नियम बताया है। सुचिका ने कहा कि मुकाबले के दौरान उन्हें भरोसा था कि वह जीत की ओर बढ़ रही थीं। उनके अनुसार, यहां तक कि अतिरिक्त 1 मिनट के दौर में भी वह अपनी विरोधी पर दबाव बनाए हुए थीं। उन्होंने दावा किया कि टिया हुई हूं पीछे की ओर जा रही थीं, जबकि वह लगातार उन पर दबाव बनाए हुए थीं। मौजूद जानकारी के अनुसार, सुचिका ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि अधिकारियों ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उन्होंने इसे सीधे तौर पर धोखाधड़ी नहीं बताया, लेकिन सवाल जरूर उठाया कि जब मुकाबला बराबरी का था तो जीत उन्हें भी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया कि उनकी कमी क्या रही, जिसके आधार पर जीत उनकी विरोधी को दी गई। सुचिका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिंगापुर से जुड़े मिक्स मार्शल आर्ट्स संगठन का जिक्र करते हुए यह भी आशंका जताई कि शायद उसकी वजह से उनकी विरोधी को फायदा मिला हो। उन्होंने कहा कि संभव है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले से कोई प्रतिबद्धता रही हो और बाद में उससे पीछे हटना मुश्किल रहा हो। हालांकि, सुचिका ने साफ किया कि वह इसे धोखाधड़ी नहीं कह रही हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले को खराब किस्मत भी माना जा सकता है। सुचिका ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इस मुद्दे को महासंघ के सामने उठाया तो उन्हें बताया गया कि दोनों खिलाड़ी बराबरी पर थीं, लेकिन जीत टिया हुई हूं को दे दी गई। उनका कहना था कि ऐसी स्थिति में उन्हें भी विजेता घोषित किया जा सकता था। गौरतलब है कि 36 साल की सुचिका के लिए यह पदक बेहद खास है। उन्होंने कहा कि वह कांस्य पदक जीतकर भी बेहद खुश हैं और यह पदक उनके लिए जिंदगी से भी ज्यादा कीमती है। इसके पीछे उनकी लंबे समय की मेहनत रही है। बता दें कि मिक्स मार्शल आर्ट्स का एशियाई खेलों में पहली बार आयोजन होने के कारण सुचिका का कांस्य पदक भारतीय खेल इतिहास में खास जगह रखता है। सेमीफाइनल में मिली निराशा के बावजूद उन्होंने भारत को इस खेल में पहला एशियाई खेल पदक दिलाया है और नई स्पर्धा में देश की शुरुआत पदक के साथ हुई है।
Asian Games 10000m Race में Gulveer Singh ने जीता Silver Medal
भारत के लंबी दूसरी के धावक गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत पदक में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकेंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। बहरीन के अलबर्ट किप्टो को कांस्य पदक मिला जिन्होंने 28 मिनट 34 . 18 सेकंड का समय निकाला। गुलवीर ने इस साल की शुरुआत में ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता था। गुलवीर ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में भारत के लिए रजत पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। इस तरह की चैंपियनशिप में पोडियम पर खड़ा होना संतोषजनक है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘हमने समय पर ध्यान देने के बजाय चैंपियनशिप रेस के लिए तैयारी की थी और मैं अपनी योजना पर कायम रहने में सक्षम रहा। यह पदक उत्साह बढ़ाने वाला है, लेकिन मैं जानता हूं कि अभी लंबा रास्ता तय करना है और आगे कई और रेस हैं। ’’उन्होंने इस स्तर की रेस के लिए तैयारी करने में अपनी सहयोगी टीम की भूमिका को अहम बताते हुए कहा, ‘‘इस स्तर पर अक्सर छोटी-छोटी चीजें ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती हैं। कोच से लेकर फिजियो, विशेषज्ञों और अन्य स्टाफ तक, सही लोगों का आपके आसपास होना आपको पूरी तरह अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान केंद्रित करने देता है। जब उन बारीकियों का लगातार ध्यान रखा जाता है, तो यह रेस के दिन बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। ’’भारतीय सेना के इस 28 वर्षीय नायब सूबेदार ने दक्षिण कोरिया के गुमी में 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों में स्वर्ण पदक जीते। वह पिछले दो वर्षों से शानदार फॉर्म में हैं। उनके नाम 5,000 मीटर, 10,000 मीटर, एक मील और हाफ मैराथन में भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं। वह 2025 में चार मिनट से कम समय में एक मील दौड़ने वाले पहले भारतीय बने जिसमें उन्होंने 3:55.63 सेकेंड का समय दर्ज किया। वह 60 मिनट से कम समय में हाफ मैराथन पूरी करने वाले पहले भारतीय भी बने जिसमें उनका समय 59:42 मिनट रहा। वह इंडोर 5,000 मीटर में 13 मिनट का समय निकालने वाले पहले एशियाई एथलीट भी बने। उन्होंने 12:59.77 का समय दर्ज किया। गुलवीर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स में ट्रेनिंग ले रहे थे।
Asian Games Archery: Dhiraj Bommadevara की अगुवाई में भारतीय दल करेगा अभियान का आगाज
अनुभव और युवा जोश से भरी भारतीय तीरंदाजी टीम एशियाई खेलों में अपने अभियान का शनिवार को आगाज करेगी तो नजरें हांगझोउ में नौ पदक के रिकॉर्ड को बेहतर करने पर लगी होंगी। भारतीय दल की अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा करेंगे जो पिछले सप्ताह साल्टिलो में विश्व कप फाइनल जीतकर जापान पहुंचे हैं। वह सत्र का आखिरी यह खिताब जीतने वाले भारत के पहले पुरूष रिकर्व तीरंदाज हैं। एशियाई खेलों के जरिये लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के छह कोटा स्थान भी तय होंगे। पुरूष और महिला व्यक्तिगत रिकर्व में दो दो स्थान तय होंगे जबकि रिकर्व मिश्रित टीम और कंपाउंड मिश्रित टीम चैम्पियन को भी कोटा मिलेगा। कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा एशियाई खेलों में पदार्पण करने जा रही है। भारत के लिये धीरज पदक की सबसे बड़ी उम्मीद हैं जिन्होंने 2023 विश्व कप फाइनल में कोरिया के किम वूजिन को हराया था। वूजिन यहां कोरियाई चुनौती की अगुवाई करेंगे। पेरिस ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता किम जे दियोक और ली वू सियोग भी कोरियाई टीम में हैं। धीरज के साथ यशदीप भोगे और नीरज चौहान हैं। भारत ने हांगझोउ खेलों में पुरूष रिकर्व टीम में रजत पदक जीता था। महिला रिकर्व टीम भी पदक की दावेदार है जिसमें अंकिता भकत के साथ कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा हैं जिन्होंने शंघाई विश्व कप में कोरिया और चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। अनुभवी दीपिका कुमारी की कमी टीम को खल सकती है जो चयन ट्रायल में चौथे स्थान पर रहने के बाद टीम में जगह नहीं बना सकी। कंपाउंड वर्ग में भारत ने हांगझोउ में पांचों स्वर्ण पदक जीते थे और चुनौती की अगुवाई ओजस देवताले तथा ज्योति सुरेखा वेन्नम ने की थी। देवताले, अदिति स्वामी और अभिषेक वर्मा इस बार टीम में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह ज्योति के साथ चितिका तानीपर्थी और प्रिथिका प्रदीप होंगे। पुरूष कंपाउंड टीम में साहिल जाधव, कुशल दलाल और गणेश तिरू मुरू हैं।
Asian Games Table Tennis: मानुष शाह और दीया चिताले ने जीता कांस्य पदक
भारत के मानुष शाह और दीया चिताले ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता के मिश्रित युगल स्पर्धा के सेमीफाइनल में चीन के वांग चुकिन और सुन यिंगशा से मिली हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय जोड़ी को 8 . 11, 5 . 11, 8 . 11, 2 . 11 से पराजय मिली। सेमीफाइनल हारने के बावजूद उन्होंने इन खेलों में भारत को टेबल टेनिस में पहला पदक दिलाया। इससे पहले उन्होंने क्वार्टर फाइनल में हांगकांग की विश्व की चौथे नंबर की जोड़ी डू होई केम और वोंग चुन टिंग को हराकर पदक पक्का किया था। दीया और मानुष ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को 3-1 (11-6, 13-15, 11-9, 11-5) से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। एशियाई खेलों में मिश्रित युगल में यह भारत का दूसरा पदक है। इससे पहले शरत कमल और मनिका बत्रा ने आठ साल पहले जकार्ता एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। शाह ने ईरान के बेन्यामिन फराजी को 4-0 से हराकर पुरुष एकल में भी अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि यशस्विनी घोरपड़े ने सीरिया की हेंड ज़ाज़ा को 4-1 (11-5 11-5 11-8 8-11 11-4) से हराकर महिला एकल के राउंड ऑफ़ 16 में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत के अन्य खिलाड़ियों का प्रदर्शन हालांकि निराशाजनक रहा। मानव ठक्कर राउंड ऑफ़ 32 में उत्तर कोरिया के यू ताए रयोंग से 2-4 (11-4 2-11 7-11 7-11 11-4 3-11) से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गए, जबकि श्रीजा अकुला भी इसी चरण में प्योन सोंग ग्योंग से 1-4 (7-11 8-11 13-11 7-11 7-11) से हारकर बाहर हो गईं। भारतीय पुरुष युगल की दोनों जोड़ियां भी टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। हरमीत देसाई और जी साथियान ने राउंड ऑफ़ 32 के संघर्षपूर्ण मुकाबले में इंडोनेशिया के मुहम्मद नेगारा और अफ्फान प्रतामा को 3-2 (11-4 11-7 7-11 8-11 11-6) से हराया लेकिन अगले दौर में उन्हें जापान के सोरा मात्सुशिमा और शुनसुके तोगामी से 0-3 (5-11, 9-11, 9-11) से हार का सामना करना पड़ा। शाह और ठक्कर राउंड ऑफ 32 में जापान के टोमोकाज़ु हारिमोटो और हिरोटो शिनोज़ुका से 1-3 (7-11 9-11 11-7 6-11) से हार गए। श्रीजा और सिंड्रेला दास महिला युगल के प्री-क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई। उन्हें चीन की कुआई मान और वांग मान्यु से 0-3 (6-11 7-11 7-11) से हार का सामना करना पड़ा। यशस्विनी और चिताले भी इसी चरण में चीन की फैन शुहान और चेन यी से 0-3 (7-11 5-11 8-11) से हार गई। यशस्विनी का मिश्रित युगल अभियान भी क्वार्टर फाइनल से पहले ही समाप्त हो गया, जहां उनकी और हरमीत की जोड़ी चीन की लिन शिदोंग और कुआई मान से 0-3 (5-11 10-12 9-11) से हार गईं।
Asian Games टेबल टेनिस: Diya Chitale और Manush Shah ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया पदक
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 24 सितंबर विश्व रैंकिंग में आठवें नंबर पर काबिज जोड़ी दीया चिताले और मानुष शाह को हाल के खराब प्रदर्शन के कारण एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में पदक का दावेदार नहीं माना जा रहा था लेकिन उन्होंने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक पक्का करके अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया। यही नहीं एशियाई खेलों से पहले उन्हें भावनात्मक चोट भी पहुंची क्योंकि दीया की निजी कोच पीटर एंगेल का जर्मनी में असमय निधन हो गया। तब यह खिलाड़ी एशियाई खेलों के लिए नागोया पहुंची थीं। पूर्व भारतीय कोच रह चुकीं एंगेल ने 2015 में दीया को अपने संरक्षण में लिया और जर्मनी में कोचिंग देते हुए उनके खेल में काफी सुधार किया। दीया के पिता पराग चिताले का कहना है कि भारतीय मिश्रित युगल जोड़ी का यह प्रतिष्ठित पदक एंगेल को सच्ची श्रद्धांजलि है जो टेबल टेनिस की दुनिया में काफी लोकप्रिय थी। पेशे से शिक्षक पराग ने कहा, ‘‘ हम उसे पीटर की मौत के बारे में नहीं बता सके, यह घटना 10 दिन पहले हुई थी। जापान पहुंचने के बाद ही उसे टीम से पता चला। वह पीटर के बहुत करीब थी। पीटर के निधन और उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए मुझे बहुत गर्व है कि उसने और मानुष ने पदक पक्का कर लिया।’’जहां मानुष और दीया ने साल के शुरू में दो डब्ल्यूटीटी खिताब जीते, वहीं जून के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ऐसे में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया की मौजूदगी के बावजूद पदक हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। जापान में पदक की सबसे बड़ी उम्मीद विश्व की नंबर तीन पुरुष युगल जोड़ी मानुष और मानव ठक्कर से थी, लेकिन कठिन ड्रॉ के कारण वे केवल दूसरे दौर तक ही पहुंच सके। मानुष और दीया की जोड़ी बाएं हाथ से दाएं हाथ से खेलने में माहिर है। बाएं हाथ से खेलने वाले मानुष दोनों तरफ से अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हैं और दीया का मुख्य काम अपने साथी के लिए विजयी शॉट बनाने में मदद करना है। मानुष ने क्रिकेट के जरिए खेल जगत में कदम रखा, लेकिन नौ साल की उम्र में लगी चोट ने उन्हें रैकेट वाले खेल की ओर मोड़ दिया। उनके पिता उत्पल शाह स्वयं टेबल टेनिस खेलते थे, इसलिए इस खेल में में उनका प्रवेश काफी सहज रहा। उत्पल शाह ने कहा, ‘‘शुरुआत में वह क्रिकेट खेलता था, लेकिन चोट के बाद मुझे टेबल टेनिस खेलते देखकर उसने टेबल टेनिस खेलना शुरू कर दिया। हमें बेहद गर्व है कि मानुष और दीया ने देश के लिए पदक जीता है।
गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों में 10000 मीटर का रजत पदक जीता, भारत को मिला 9वां सिल्वर
भारत के गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ रजत पदक जीता। वह बहरीन के बिरहानु बालेव और अल्बर्ट किप्टू के बीच रहे।
एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत
सुरूचि सिंह और कमलजीत ने निशानेबाजी में स्वर्ण का लंबा इंतजार खत्म किया जबकि लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में रजत पदक जीता लेकिन सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के बैडमिंटन पुरूष युगल स्पर्धा के पहले दौर से ही बाहर होने से एशियाई खेलों में शुक्रवार को भारत को झटका लगा। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को पहला निशानेबाजी स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब 10 मीटर एयर राइफल में पीला तमगा हाथ नहीं लगा और 10 मीटर एयर पिस्टल में व्यक्तिगत, पुरूष और महिला टीम वर्ग में झोली खाली रही। वहीं राइफल स्पर्धा में भारतीय तिकड़ी प्रतियोगिता में काफी समय चीन से आगे चल रही थी, लेकिन अंततः दूसरे स्थान पर रही। भारत ने कुल 1762 अंक बनाये जबकि चीन ने 1766 अंक हासिल किये। ट्रैक और फील्ड में गुलवीर सिंह ने एशियाई खेलों के अपने कांस्य को रजत में बदला और पुरूषों की 10000 मीटर दौड़ में 28 मिनट 29.38 सेकंड का समय निकालकर दूसरे स्थान पर रहे। हांगझोउ में पिछले एशियाई खेलों में कांस्य जीतने वाले गुलवीर बहरीन के बिरहानु बालेयू से पीछे रहे जिन्होंने 28 मिनट 27 . 51 सेकंड में स्वर्ण पदक जीता। शॉटपुट में मनप्रीत कौर और मिश्रित टेबल टेनिस टीम स्पर्धा में दीया चितले और मानुष शाह के कांस्य के साथ भारत के कुल 22 पदक हो गए हैं। मनप्रीत ने 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य जीता जो 2023 के बाद उनका पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है। महिला हॉकी टीम ने जापान को 3 . 1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह लगभग पक्की कर ली। बैडमिंटन कोर्ट पर गत चैंपियन सात्विक और चिराग की जोड़ी की पहले दौर में हार चौंकाने वाली रही। मिश्रित युगल में तनिशा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने लगातार दो जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। पूर्व विश्व नंबर एक सात्विक और चिराग ने पहला गेम 21-12 से जीतकर अच्छी शुरुआत की, लेकिन थाईलैंड के पक्कापोन तीरारत्साकुल और पीराचाई सुकफुन ने वापसी करते हुए दूसरा गेम 21-19 से जीत लिया। थाईलैंड की जोड़ी ने निर्णायक गेम 21-14 से जीतकर एक घंटे आठ मिनट में भारतीय जोड़ी को बाहर कर दिया। महिला युगल में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हांगकांग की हियू यान सांग और लोक लोक लुई को तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-16 16-21 21-16 से हराने में मशक्कत करनी पड़ी। तनिशा और ध्रुव ने पहले दौर में मालदीव की निबाल अहमद और अमिनाथ नबीहा अब्दुल रज्जाक को 21-8, 21-7 से हराया। इसके बाद उन्होंने मलेशिया की शेवन जेनी लाई और सून हुआट गोह की जोड़ी को एक घंटे चले कड़े मुकाबले में 22-20, 24-22 से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की यान झे फेंग और डोंगपिंग हुआंग की जोड़ी से होगा। इससे पहले महिला एकल में उन्नति हुड्डा ने भी दूसरे दौर में प्रवेश किया। उन्होंने उत्तर कोरिया की मी सोंग यू को 30 मिनट में 21-9, 21-10 से हराया। भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाकर अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीम शनिवार को होने वाले फाइनल में ईरान से भिड़ेंगी। मौजूदा चैंपियन भारतीय महिला टीम ने नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल की। वहीं मौजूदा चैम्पियन पुरूष टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ 66-28 से जीत दर्ज करके नौवां स्वर्ण पदक जीतने की अपनी उम्मीदें प्रबल कर ली। तैराकी में निराशाजनक प्रदर्शन जारी रहा जब अनुभवी साजन प्रकाश पुरुषों की 200 मीटर बटरफ्लाई फाइनल में निराशाजनक सातवें स्थान पर रहे जबकि ऋषभ दास और उत्कर्ष पाटिल ने पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धाओं में क्रमशः छठा और सातवां स्थान हासिल किया जिससे भारत को तरणताल से कोई पदक नहीं मिला। मुक्केबाजी में भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। लेकिन पिछले सत्र की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार का सफर खत्म हो गया। तलवारबाजी में पुरुषों की फॉइल और महिलाओं की ईपी दोनों टीमें राउंड ऑफ 16 में ही बाहर हो गईं। पुरुषों की फॉइल टीम को हांगकांग से 27-45 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि महिलाओं की ईपी टीम उज्बेकिस्तान से 29-45 से हार गई।
Asian Games में Seema ने 10,000 मीटर में जीता Bronze Medal, मां को बताए बिना पहुंची थीं जापान
इतिहास रचने वाली लंबी दूरी की धाविका सीमा नहीं चाहती थीं कि जब वह एशियाई खेलों के लिए जापान जाएं तो उनकी उम्रदराज मां उनकी चिंता करें कि वह कहां हैं, इसलिए उन्होंने एक सरल समाधान निकाला और वह उन्हें बिना बताए ही नागोया पहुंच गईं। सीमा ने अपने करियर के सबसे बड़े टूर्नामेंट के बारे में अपनी मां को नहीं बताया लेकिन महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में 32:50.05 सेकेंड के समय से अप्रत्याशित कांस्य पदक जीतने वाली इस एथलीट का कहना है कि उनकी मां बहुत चिंता करती हैं और जब भी वह यात्रा करती हैं तो बहुत चिंतित हो जाती हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से सीमा लंबे ट्रेनिंग सत्रों के लिए बेंगलुरु में रहती हैं तो उनकी मां को यही पता था कि वह वहीं हैं और सीमा ने नागोया जाते समय उन्हें यही मानने दिया। सीमा ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मेरे पिता नहीं हैं। मेरी मां काफी बुजुर्ग हैं, लगभग 78 साल की। मेरा जन्म बहुत देर से हुआ था, जब वह 45 साल की थीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत जब भी मैं बाहर जाती हूं तो वह बहुत तनाव में आ जाती हैं। इसलिए, मैंने उन्हें नहीं बताया कि मैं एशियाई खेलों के लिए जापान जा रही हूं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन जब भी उन्हें पता चलेगा, वह एक दिन तक सो नहीं पाएंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत ने 4x400M Mixed Relay में रजत और 10,000M में सीमा ने कांस्य जीता उन्हें उच्च रक्तचाप की समस्या है इसलिए जब भी मैं ट्रेनिंग शिविर या प्रतियोगिताओं के लिए जाती हूं, मैं उन्हें ज्यादा नहीं बताती। मैं केवल अपनी बहन को बताती हूं। ’’ सीमा ने अपनी बड़ी बहन को जानकारी दी थी और अब पदक जीतने के बाद उन्होंने शायद यह खबर फैला दी होगी। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के रेटा गांव की रहने वाली 25 वर्षीय सीमा बृहस्पतिवार को महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाली केवल तीसरी भारतीय बनीं। इससे पहले प्रीजा श्रीधरन और कविता राउत ने 2010 के एशियाई खेलों में क्रमशः स्वर्ण और रजत जीता था। यह पूछे जाने पर कि क्या उनकी मां अब जानती हैं कि वह कहां हैं तो सीमा ने कहा, ‘‘उन्हें (मां को) अब तक मेरी बहन से पता चल गया होगा, वह मुझे टेलीविजन पर देख रही होंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal ’’ उन्होंने कहा, ‘‘नहीं तो वह (मां) यही सोच रही होंगी कि मैं इस समय बेंगलुरु (साइ सेंटर) में हूं। ’’ सीमा ने कहा, ‘‘मेरी एक बड़ी बहन है। वह लगभग 45 साल की हैं। हम परिवार में छह (सदस्य) हैं। मैं सबसे छोटी हूं। ’’ सीमा जब 12 साल की थी, उनके पिता का निधन हो गया था और उन्होंने अपना सारा बचपन नंगे पैर मवेशी चराते हुए बिताया। उसकी मां ने एथलेटिक्स अपनाने में उसका साथ दिया, भले ही गांव वाले इसे नापसंद करते थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे पहले एशियाई खेल हैं। मुझे गर्व है कि मैंने कांस्य पदक जीता और मैंने अपना सपना साकार कर लिया है।
Asian Games Men Hockey: सेमीफाइनल में प्रवेश पक्का करने जापान से भिड़ेगी भारतीय टीम
शानदार फॉर्म में चल रही मौजूदा चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को एशियाई खेलों के पूल ए में मेजबान जापान के खिलाफ जीत दर्ज करके अपना अजेय अभियान जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। हाल ही में एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम ने सही समय पर अपनी लय हासिल कर ली है और तीन मैचों में तीन जीत दर्ज कर नौ अंकों के साथ बेहतर गोल अंतर के कारण जापान से आगे अपने ग्रुप में शीर्ष पर है। भारत ने अपने शुरुआती तीन मैचों में इंडोनेशिया को 13-1, श्रीलंका को 16-1 और दक्षिण कोरिया को 8-2 से हराया था। भारत 28 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ पूल चरण का अपना अंतिम मैच खेलेगा जिसमें उसकी जीत तय मानी जा रही है। जापान भी तीन मैचों में तीन जीत के साथ अजेय है, लेकिन उसका गोल अंतर खराब है जिससे शनिवार का मुकाबला पूल में शीर्ष स्थान के लिए निर्णायक साबित होगा। दिलप्रीत सिंह शानदार फॉर्म में हैं और उन्होंने अब तक सर्वाधिक नौ गोल किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: भारत ने Mixed 4x400m Relay में जीता Silver Medal उनके साथी फॉरवर्ड अभिषेक ने भी छह गोल करके अपने कौशल का अच्छा नमूना पेश किया है। ड्रैगफ्लिकर जुगराज सिंह ने पांच गोल किए हैं। उन्होंने तीन गोल पेनल्टी कॉर्नर से और दो पेनल्टी स्ट्रोक पर किए हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026: Team India ने शुरू की तैयारी, BCCI ने शेयर किया इनडोर नेट्स सेशन भारतीय फॉरवर्ड लाइन बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रही है, जिसमें सुखजीत (चार गोल), शिलाानंद लाकड़ा (तीन), राजिंदर सिंह (दो) और अनुभवी मनदीप सिंह (दो) भी अपनी तरफ से भरपूर योगदान दे रहे हैं। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी तीन मैचों में चार पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इस विभाग में काफी सुधार की जरूरत है क्योंकि उन्होंने शुरुआती तीन मैचों में कई मौके गंवाए। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन के लिए पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है और प्रतियोगिता के अंतिम चरण में किसी भी तरह की चूक भारी पड़ सकती है। फुल्टन ने कहा, ‘‘हम एक समय में एक ही मैच पर ध्यान दे रहे हैं। हमारी अपनी एक प्रक्रिया है जिसे हमें समझना होगा। मुझे लगता है कि हमारी टीम सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। हमारा पूरा ध्यान इस पर है कि हमें क्या करना है, हमें सुधार करना है और जितना संभव हो उतने गोल करने की कोशिश करनी है।
Asian Games में निशानेबाजों के शानदार प्रदर्शन पर President Droupadi Murmu ने दी बधाई
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जापान में चल रहे एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत पदक जीतने वाले भारतीय निशानेबाजों को बधाई दी। भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कमलजीत और सुरूची इंदर सिंह के लिए स्वर्णिम समापन। इस जोड़ी ने एशियाई खेल 2026 में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। ’’ कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक बनाए। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘सटीकता और साझेदारी का शानदार प्रदर्शन। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर आप दोनों को हार्दिक बधाई। ’’ एक अन्य पोस्ट में उन्होंने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी को पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशंस स्पर्धा में रजत पदक जीतने पर बधाई दी। उन्होंने पोस्ट में कहा, ‘‘आपके सराहनीय प्रदर्शन और उत्कृष्ट टीमवर्क ने शूटिंग रेंज में भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया है। आप सभी को निरंतर सफलता के लिए मेरी शुभकामनाएं।
Asian Games Shot Put: भारत की Manpreet Kaur ने 17.17 मीटर थ्रो से जीता कांस्य पदक
भारत की मनप्रीत कौर ने एशियाई खेलों में महिलाओं की शॉटपुट स्पर्धा में 17 . 17 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। स्वर्ण पदक चीन की सोंग जियायुआन (19.40 मीटर) और रजत झांग लिनरू (18.14मीटर) ने जीता। 36 वर्ष की मनप्रीत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 एशियाई चैम्पियनशिप में कांस्य था। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 18 . 06 मीटर है जो उन्होंने 2022 में किया था। वह हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में पांचवें स्थान पर रही थी और ग्लास्गो में पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में 17 . 49 मीटर के प्रयास के साथ चौथे स्थान पर थी। उन्होंने इस साल राष्ट्रीय अंतर प्रांत चैम्पियनशिप जीतकर एशियाई खेलों के लिये क्वालीफाई किया था।
Asian Games: Kamaljeet और Suruchi की जोड़ी ने शूटिंग में जीता Gold, कोरिया को दी मात
भारतीय निशानेबाजी टीम में समय सीमा से 48 घंटे पहले हुआ बदलाव ‘मास्टर स्ट्रोक’ साबित हुआ जब केदारलिंग उचागांवे के खराब फॉर्म के कारण 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतारे गए कमलजीत ने सुरूचि इंदर सिंह के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों की निशानेबाजी रेंज पर पीले तमगे के लिये इंतजार खत्म किया। इस जोड़ी ने 484 . 6 अंक लेकर कोरिया को हराया और इन एशियाई खेलों में भारत को निशानेबाजी का पहला स्वर्ण दिलाया। भारतीय टीम में बदलाव की समय सीमा समाप्त होने से ठीक पहले यह फैसला किया गया था कि केदारलिंग की जगह सुरूचि के साथ कमलजीत उतरेंगे। सेना निशानेबाजी इकाई के केदारलिंग ने घरेलू ट्रायल और राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय टीम में जगह बनाई थी लेकिन चयन के बाद उनका फॉर्म खराब होने से चयनकर्ताओं को पुनर्विचार करना पड़ा। एक सीनियर कोच ने पीटीआई को बताया कि केदारलिंग के खराब फॉर्म के कारण बदलाव का फैसला एनआरएआई चयन समिति, अध्यक्ष , महासचिव और भारतीय खेल प्राधिकरण से सहमति के बाद लिया गया। यह स्वर्ण ऐसे समय में मिला जब दो ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और ऐशा सिंह समेत भारतीय निशानेबाज अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल: निशानेबाजी में भारत को मिला पहला Gold, गुलवीर सिंह ने 10000 मीटर में जीता रजत केदारलिंग पुरूषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 35वें स्थान पर रहे।
जापान के आईची-नागोया में खेले जा रहे एशियाई खेल 2026 में भारतीय प्रशंसकों को उस वक्त गहरा झटका लगा जब बैडमिंटन में भारत की सबसे बड़ी उम्मीद सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी शुरुआती दौर में ही बाहर हो गई। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर-5 पुरुष डबल्स जोड़ी का इस तरह बाहर होना भारत के लिए एक बड़ा झटका है। इस करारी हार ने हांगझोऊ एशियाई खेलों (2022/23) में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 28 गोल्ड मेडल के आंकड़े को दोहराने या उससे आगे निकलने की उम्मीदों को करारा झटका दिया है। डिफेंडिंग चैंपियन और दुनिया की नंबर 5 पुरुष डबल्स जोड़ी को शुक्रवार को शुरुआती दौर में ही बड़ा झटका लगा। वे थाईलैंड की दुनिया की नंबर 36 जोड़ी - पक्कापोन टीरारातसाकुल और पीराचाई सुखफुन - से एक घंटे से कुछ ज़्यादा समय में 21-12, 19-21, 14-21 से हार गए। यह हार इसलिए भी ज़्यादा चौंकाने वाली थी क्योंकि इससे पहले उनका प्रदर्शन शानदार रहा था। सात्विक और चिराग ने पुरुष टीम इवेंट में बेहतरीन खेल दिखाया था और इस हफ़्ते की शुरुआत में चीन के खिलाफ़ भारत के सेमीफ़ाइनल मैच में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन लियांग वेई केंग और वांग चांग को 21-11, 22-20 से हराया था। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर-फ़ाइनल से बाहर होने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए चाइना मास्टर्स भी जीता था। इस साल की शुरुआत में कंधे की चोट के कारण कुछ महीनों तक बाहर रहने के बाद उनके प्रदर्शन पर सबकी नज़रें टिकी थीं। एशियाई खेल 2026: मेडल टेबल इसे भी पढ़ें: Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं इसके उलट, हांगझोऊ में भारत के लिए एशियाई खेलों का पहला पुरुष डबल्स बैडमिंटन गोल्ड मेडल जीतने वाली यह जोड़ी अब बिना किसी मेडल के बाहर हो गई है। थाई जोड़ी ने तेज़ गति और नेट पर बेहतरीन कंट्रोल के साथ खेला। उन्होंने रैलियों को फ़्लैट रखा और भारतीय खिलाड़ियों को वह लंबाई (लेंथ) नहीं दी जिसकी उन्हें अपने ट्रेडमार्क स्मैश लगाने के लिए ज़रूरत थी। सात्विक और चिराग गलतियाँ करने पर मजबूर हो गए और निर्णायक गेम में लय खोने के बाद उनके पास कोई जवाब नहीं था। थाई जोड़ी के साथ तीन मुकाबलों में यह उनकी पहली हार थी, और तीनों ही मुकाबले निर्णायक गेम तक गए थे। यह चौंकाने वाली हार भारत के लिए हांगझोऊ में जीते गए कुछ गोल्ड मेडल को बचाने में आ रही मुश्किलों का ताज़ा और शायद सबसे बड़ा उदाहरण है। पिछले खेलों में भारत कुल 107 मेडल (जिनमें 28 गोल्ड मेडल शामिल थे) के साथ चौथे स्थान पर रहा था। आइची-नागोया में, भारत कई ऐसे खिताब गंवा चुका है जिन्हें उसने पहले जीता था; इनमें से कुछ हार उन इवेंट्स में मिलीं जिनमें भारत जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। अन्य गोल्ड मेडल जो हाथ से निकल गए घुड़सवारी, ड्रेसेज टीम: हांगझोऊ में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम आइची-नागोया में चौथे स्थान पर रही। 2022 में गोल्ड जीतने वाली चार सदस्यीय टीम में से केवल हृदय छेदा ही इस बार टीम का हिस्सा थे; श्रुति वोरा, गौरव पुंडीर और जय सूद ने नई टीम को पूरा किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत स्पर्धा: हांगझोऊ में पलक गुलिया और ईशा सिंह ने भारत के लिए गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते थे। आइची-नागोया में कोई मेडल नहीं मिला और मनु भाकर पांचवें स्थान पर रहीं। शूटिंग, महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: पिछली बार की चैंपियन टीम चौथे स्थान पर रही; वियतनाम के साथ 1719 अंकों पर बराबरी हुई, लेकिन 'इनर-10' (सटीक निशाने) के आधार पर ब्रॉन्ज मेडल हाथ से निकल गया। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम: भारत गोल्ड से चौथे स्थान पर खिसक गया; कमलजीत, केदारलिंग बालकृष्ण उचागनवे और आकाश भारद्वाज फाइनल के लिए भी क्वालीफाई नहीं कर पाए। शूटिंग, पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम: भारत ने अपना खिताब गंवा दिया लेकिन पोडियम पर जगह बनाए रखी; हांगझोऊ में गोल्ड जीतने के बाद इस बार चीन के पीछे रहते हुए सिल्वर मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे एथलेटिक्स, महिलाओं की जैवलिन थ्रो: हांगझोऊ चैंपियन अन्नू रानी क्वालीफाइंग मानक पूरा न कर पाने के कारण टीम में जगह नहीं बना सकीं और आइची-नागोया में हिस्सा नहीं ले रही हैं। इस इवेंट में कोई भी भारतीय खिलाड़ी शामिल नहीं है। एथलेटिक्स, पुरुषों की जैवलिन थ्रो: मौजूदा चैंपियन नीरज चोपड़ा भी इस बार नहीं खेल रहे हैं क्योंकि टखने की लिगामेंट चोट के कारण उनका 2026 का सीजन खत्म हो गया है। इस इवेंट में भारत की ओर से रोहित यादव और यशवीर सिंह हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन गोल्ड मेडल भारत के हाथ से निकल सकता है। आइची-नागोया में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या अभी केवल दो है; महिला क्रिकेट टीम और सुरुचि सिंह-कमलजीत की मिक्स्ड-टीम शूटिंग जोड़ी ने अब तक ये खिताब दिलाए हैं। कई बड़े टाइटल बचाने की चुनौतियां अभी भी बाकी हैं, जिनमें पुरुषों का क्रिकेट और पुरुषों व महिलाओं की कबड्डी शामिल हैं, इसलिए फाइनल टैली अभी तय नहीं हुई है। कई ट्रैक और फील्ड एथलीट हैं जो अच्छी फॉर्म के साथ एशियाई खेलों में उतरे हैं और चौंकाने वाले नतीजे दे सकते हैं। लेकिन शुरुआती संकेत ऐसे हैं जिन्हें नज़रअंदाज़ करना मुश्किल है। भारत जापान में हांगझू में जीते गए 28 गोल्ड मेडल की कामयाबी को आगे बढ़ाने के इरादे से पहुंचा था। कुछ जाने-माने चैंपियन पहले ही हार चुके हैं, और सात्विक व चिराग की सबसे चौंकाने वाली हार के बाद, उतने ही गोल्ड मेडल जीतने का रास्ता काफी मुश्किल हो गया है।
Asian Games Canoeing में भारत पदक से चूका, Kayak Teams फाइनल में पिछड़ीं
भारत का एशियाई खेलों में कैनोइंग प्रतियोगिता में शुक्रवार को प्रदर्शन निराशाजनक रहा तथा उसके खिलाड़ी पिछले खेलों का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाए और पदक से चूक गए। पुरुषों की कयाक फोर टीम फाइनल ए के लिए क्वालीफाई तो कर गई लेकिन सातवें स्थान पर रही। पुरुषों की कयाक डबल टीम फाइनल बी में तीसरे स्थान पर रही। महिलाओं की कैनोइंग डबल टीम फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। भारत शनिवार को कैनोइंग प्रतियोगिता में दो और स्पर्धाओं भाग लेगा, लेकिन दोनों में ही पदक जीतने की संभावना कम है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत ने पुरुषों की 1000 मीटर डोंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था, जिसमें अर्जुन सिंह और सुनील सिंह तीसरे स्थान पर रहे थे। एशियाई खेलों के मौजूदा कार्यक्रम से इस स्पर्धा को हटा दिया गया है, जो भारत के लिए बड़ा झटका था। पुरुषों की कयाक डबल 500 मीटर में पुरोहित बरोई और प्रसन्ना कुमार चेम्पाडियिल सत्यप्रकाश की जोड़ी ने सेमीफाइनल एक में 1:40.308 के समय के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद उन्होंने फाइनल बी में 1:40.411 के समय में चार जोड़ियों में तीसरा स्थान हासिल किया। महिलाओं की 500 मीटर कैनोइंग डबल स्पर्धा में मेघा प्रदीप और नेहा देवी लीचोनबम ने सेमीफाइनल एक में पांच जोड़ियों में चौथा स्थान हासिल किया। उन्होंने 2:08.306 का समय निकाला और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाईं। धनमंजुरी देवी ख्वैराकपम, पूजा, सोनिया देवी फैरेम्बम और पार्वती गीता की महिला कयाक टीम ने फाइनल ए में 1:45.670 का समय निकालकर आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया। भारत को पुरुषों की कयाक चार 500 मीटर में लैटोनजम नाओचा सिंह, वरिंदर सिंह, ओइनम अरुण सिंह और हर्षवर्द्धन सिंह शक्तावत से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी लेकिन नौ टीम के फाइनल ए में उन्होंने 1:28.982 के समय के साथ सातवां स्थान हासिल किया।
Asian Games 2026: नेपाल ने अफगानिस्तान को 16 गेंद पहले 5 विकेट से हराया
एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार को कोरोगी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए ग्रुप ए के मुकाबले में नेपाल क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान को 5 विकेट से हरा दिया है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम की शुरुआत खराब रही और टॉप-3 बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। पारी की शुरुआत करने आए मोहम्मद अकरम 2 रन और हसन ईसाखिल बिना खाता खोले आउट हो गए। करीम जन्नत 9 रन बनाकर आउट हो गए। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए फैसल शिलोजादा और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए नजबुल्ला जादरान ने टीम को संभाला। दोनों ने 30-30 रन की पारी खेली और टीम को 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 102 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आठवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए नांगेयालिया खरोटी ने भी नाबाद 17 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। 103 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी नेपाल की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। टीम ने 12 के स्कोर पर 2 और 31 के स्कोर पर 3 विकेट गंवा दिए थे। लेकिन संदीप जोरा के 35 गेंदों पर बनाए 34 रन और पूर्व कप्तान रोहित पौडेल के 32 गेंदों पर बनाए नाबाद 33 रनों की बदौलत टीम ने 17.2 ओवर में 5 विकेट पर 103 रन बनाकर मैच 5 विकेट से जीत लिया। कप्तान दीपेंद्र सिंह ऐरी ने भी 15 रन बनाए। नेपाल की तरफ से ललित राजवंशी ने 3 और कुशाल भुर्टेल ने 4 विकेट लिए। Also Read: LIVE Cricket Score नेपाल और अफगानिस्तान के बीच यह पांचवां टी20 मैच था। पांच मैचों में नेपाल की यह दूसरी जीत थी। नेपाल ने अफगानिस्तान को पहली बार 2014 में चटगांव में हराया था। Article Source: IANS
Asian Games Squash: जोशना, अनाहत और अभय सेमीफाइनल में पहुंचे, भारत के 3 मेडल पक्के
भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ियों ने शुक्रवार को एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन पदक पक्के कर लिए। जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल के सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि अनाहत सिंह और अभय सिंह ने एकल स्पर्धाओं के अंतिम चार में प्रवेश किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो की जोड़ी को 11-3, 11-5 से हराया। महिला एकल में जूनियर विश्व चैंपियन अनाहत सिंह ने क्वार्टर फाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को 11-2, 11-5, 11-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। अनाहत की नजर अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक में जगह बनाने पर भी है। पुरुष एकल में अभय सिंह ने स्थानीय खिलाड़ी रयोनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराया। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के इरफान मुहम्मद से होगा। इरफान ने भारत के वीर चोटरानी को 41 मिनट में 6-11, 11-8, 11-3, 11-3 से हराया। एशियाई खेलों में पुरुष और महिला एकल के स्वर्ण पदक विजेता 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगे, जहां स्क्वॉश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा होगा। जोशना और सेंथिलकुमार की जोड़ी ने आधे घंटे से भी कम समय में जीत दर्ज की। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए इसे 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’ एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’ अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’ सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
Asian Games Boxing: सचिन सिवाच 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारत के सचिन सिवाच ने जॉर्डन के मोहम्मद अदनान अबू जाजेह पर कड़े मुकाबले में जीत हासिल करके एशियाई खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सचिन को पहले दौर में बाई मिली थी। जाजेह के खिलाफ उन्होंने आक्रामक शुरुआत करते हुए कई पंच मारे। इसके बाद मुकाबला जल्द ही रणनीतिक हो गया, क्योंकि दोनों मुक्केबाज जवाबी हमले करना चाहते थे। भारतीय मुक्केबाज ने तीन अंक से पहला राउंड जीता। दूसरे राउंड में भी कमोबेश यही स्थिति बनी रही जिसमें दोनों मुक्केबाज मुक्के जड़ने के लिए इंतजार करते रहे। जाजेह ने पिछड़ने के बाद आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन सचिन ने भी पलटवार करने में किसी तरह की कोताही नहीं बरती। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सचिन ने दूसरा राउंड 4-1 से जीता। जाजेह अंतिम राउंड में अधिक आक्रामक हो गए और ताबड़तोड़ मुक्के बरसाने लगे, लेकिन सचिन डटे रहे और मुक्कों का जवाब देते रहे। सचिन पर आखिर थकान हावी होती दिख रही थी। जाजेह ने इसका फायदा उठाने की पूरी कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने उनके प्रयासों को सफल नहीं होने दिया। सचिन अब पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। वह क्वार्टरफाइनल में जापान के विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता शुनसुके कितामोतो से भिड़ेंगे। दिन में बाद में पिछले एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में अपना अभियान शुरू करेंगी।
Asian Games: नेपाल को 48-24 से हराकर भारतीय महिला कबड्डी टीम फाइनल में
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां नेपाल पर 48-24 से जीत हासिल करके एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचकर लगातार चौथी बार स्वर्ण पदक जीतने की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। मौजूदा चैंपियन भारत ने इस तरह से प्रतियोगिता में अपना अजय अभियान जारी रखा है। भारत ने पहले हाफ में 31-17 की बड़ी बढ़त बना ली, जिसमें चार ऑल-आउट और चार बोनस अंक शामिल थे। नेपाल भारत को पर्याप्त चुनौती नहीं दे सका और दूसरे हाफ में केवल सात अंक ही जुटा सका। इससे पहले महिला टीम ने ग्रुप चरण में ईरान, बांग्लादेश और जापान को हराया था। महिला कबड्डी को 2010 में पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था और तब से भारत ने इसमें अपना दबदबा बनाए रखा है। पुरुषों के वर्ग में भी भारत मौजूदा चैंपियन है। सेमीफाइनल में उसका सामना थाईलैंड से होगा। पुरुषों की कबड्डी 1990 से एशियाई खेलों का हिस्सा रही है और भारत ने अब तक आठ स्वर्ण पदक जीते हैं। इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा स्वर्ण पदक जीतने वाला एकमात्र अन्य देश ईरान है, जो 2018 में चैंपियन बना था। भारतीय टीम को तब कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था।
Asian Games 2026: भारत को दूसरा गोल्ड, 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत-सुरुचि ने खत्म किया सूखा
10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन राउंड से ही अपना दबदबा कायम रखा। भारतीय जोड़ी ने 587 अंक हासिल करते हुए फाइनल में जगह बनाई।
एशियाई खेलों में Indian Women Hockey Team का दबदबा, Japan को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में अपना विजय अभियान जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां मेजबान जापान को 3-1 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की और इस तरह से सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। भारत की तरफ से लालरेम्सियामी (5वें मिनट), इशिका चौधरी (30वें मिनट) और नवनीत कौर (36वें मिनट) ने गोल किए। जापान की तरफ से एकमात्र गोल शिहो कोबायाकावा ने 46वें मिनट में किया। भारत रविवार को सिंगापुर के खिलाफ पूल बी में अपना आखिरी मैच खेलेगा। भारतीय टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने उज्बेकिस्तान पर 19-0 की जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। इसके बाद उसने इंडोनेशिया को 17-1 से और फिर थाईलैंड को 20-1 से हराया। जापान के खिलाफ भारतीय टीम ने लालरेम्सियामी के फील्ड गोल की बदौलत पांचवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हमले किए लेकिन जापान की रक्षापंक्ति ने भी अच्छा खेल दिखाया। जापान को भी मौके मिले थे लेकिन वह भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहा। हालांकि, भारत पेनल्टी कॉर्नर को लेकर थोड़ा लापरवाह रहा। उसने पहले हाफ में मिले पांच पेनल्टी कॉर्नर में से केवल एक का ही फायदा उठाया। उस पर भी उसने रिबाउंड से गोल किया। पहले हाफ के आखिरी दो मिनट में भारत ने तेजी से तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जिनमें से आखिरी पेनल्टी कॉर्नर पर नवनीत कौर के शुरुआती शॉट को जापानी गोलकीपर ने बचा दिया लेकिन रिबाउंड पर इशिका ने गोल कर दिया। दूसरे हाफ में भी भारतीय टीम ने अपनी लय को बरकरार रखा और तीसरे क्वार्टर के छठे मिनट में नवनीत के गोल से अपनी बढ़त को मजबूत कर दिया। नवनीत ने शानदार स्टिकवर्क का इस्तेमाल करते हुए बेहतरीन शॉट लगाकर गोल किया। जापानी टीम को भारतीय हाफ में प्रवेश करने में काफी संघर्ष करना पड़ा और जब वे ऐसा करने में कामयाब भी हुए, तो भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहे। जापान ने हालांकि चौथे क्वार्टर में अच्छा प्रदर्शन किया। इस क्वार्टर के शुरू होने के तुरंत बाद ही कोबायाकावा ने सर्कल के शीर्ष से एक शानदार शॉट लगाकर गोल किया, जिसे अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता रोकने में नाकाम रहीं। भारत को 50वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन उसने इस मौके को गंवा दिया। जापान को भी अंतिम हूटर बजने से चार मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारत उसे बचाने में सफल रहा।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने 10m Air Pistol में जीता Gold
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
Joshna Chinappa और सेंथिलकुमार की जोड़ी Asian Games के सेमीफाइनल में, पदक किया पक्का
... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 25 सितंबर अनुभवी जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्क्वॉश स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के डेविड पेलिनो और जेमिका अरिबाडो को हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश कर भारत का पदक पक्का किया। रिकॉर्ड सातवें एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहीं 40 वर्षीय जोशना और अपने पहली बार इन खेलों में भाग ले रहे सेंथिलकुमार ने फिलीपींस की जोड़ी को 30 मिनट से भी कम समय में 11-3, 11-5 से हराया। भारतीय जोड़ी के सामने अब शनिवार को सेमीफाइनल में हांगकांग की यो का ली और मिंग हांग टैंग की चुनौती होगी। यह जोशना का एशियाई खेलों में छठा पदक होगा। वह इससे पहले दो रजत और तीन कांस्य पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एकल में कांस्य, 2014 और 2018 में टीम स्पर्धा में रजत तथा 2010 और 2022 में टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। जोशना ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों से लगातार सातवीं बार इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर भारतीय स्क्वॉश खिलाड़ी सौरव घोषाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। घोषाल ने पिछले साल संन्यास लेने से पहले छह एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। नागोया के किंजो फुतो परिसर में खेले गए क्वार्टर फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरू से ही दबदबा बनाए रखा। जोशना और 28 वर्षीय सेंथिलकुमार दोनों तमिलनाडु से हैं और दोनों ने एक-दूसरे का बेहतरीन साथ दिया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम महज नौ मिनट में 11-3 से जीत लिया। दूसरे गेम में फिलीपींस की जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन जोशना और सेंथिलकुमार ने अपना स्तर बढ़ाते हुए दूसरा गेम 11-5 से जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। मैच के बाद जोशना ने पीटीआई से कहा, ‘‘अपने देश के लिए पदक जीतना हमेशा बहुत खास होता है और यही मेरे पूरे करियर में मेरी प्रेरणा रही है।’’एशियाई खेलों की तैयारियों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘मैं काफी हद तक विदेश में प्रशिक्षण लेती हूं। एशियाई खेलों से पहले भी मैं अमेरिका में थी। मैं जब भी संभव होता है, विदेश में प्रशिक्षण लेने की कोशिश करती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं चेन्नई स्थित भारतीय स्क्वॉश अकादमी में भी प्रशिक्षण लेती हूं और वहां सभी कोचों के साथ काम करती हूं। एशियाई खेलों से पहले मैंने अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी डेविड पामर के साथ भी प्रशिक्षण लिया।’’अपने पहले एशियाई खेल में हिस्सा ले रहे सेंथिलकुमार ने कहा कि उन्होंने और जोशना ने मैच से पहले बनाई गई रणनीति को पूरी तरह अमल में उतारा। उन्होंने कहा, ‘‘यह बहुत अच्छा मुकाबला था। हमने शुरुआत से अंत तक आक्रामक खेल दिखाया। हमने अपनी रणनीति को पूरी तरह लागू किया और हम दोनों ने वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया।’’सेंथिलकुमार ने कहा, ‘‘हमने अपने प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ पहले नहीं खेला था, इसलिए हमने उनके पिछले मुकाबलों के वीडियो देखे और उसी के आधार पर अपनी रणनीति तैयार की।
एशियाई खेलों में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने जीता 10m Air Pistol Mixed Team स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई। इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे। यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था। फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
एशियाई खेल 2026 में भारतीय निशानेबाजों का दबदबा कायम है। भारत की होनहार निशानेबाज़ जोड़ी कमलजीत और सुरुचि ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही इस जोड़ी ने न केवल एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि एशियाई खेल 2026 में भारत की झोली में दूसरा गोल्ड मेडल भी डाल दिया। एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता स्वर्ण पदक फ़ाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने शुरू से ही अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 पॉइंट का सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया, जो एक नया एशियाई रिकॉर्ड है। यह प्रदर्शन कितना असाधारण था, इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका स्कोर विश्व रिकॉर्ड से महज 3.8 पॉइंट ही कम रहा। मुकाबले के दौरान कोरियाई टीम ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन कमलजीत और सुरुचि ने संयम और सटीक निशानेबाज़ी का परिचय देते हुए 6.6 पॉइंट के बड़े अंतर से कोरिया को पछाड़कर गोल्ड मेडल पर कब्ज़ा जमाया। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग की, SIR विवाद के बीच कहा कि उन्हें 'सरकारी गवाह बनना चाहिए' फ़ाइनल मुकाबले का स्कोरबोर्ड: स्वर्ण पदक (Gold): भारत (कमलजीत और सुरुचि) — 484.6 पॉइंट (नया एशियाई रिकॉर्ड) रजत पदक (Silver): कोरिया — 478.0 पॉइंट कांस्य पदक (Bronze): ईरान — 415.8 पॉइंट क्वालिफ़िकेशन राउंड से ही दिखा भारतीय जोड़ी का जलवा फ़ाइनल में पहुँचने से पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफ़िकेशन राउंड में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा था। शुरुआती सीरीज़: भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन शुरुआत करते हुए पहली सीरीज़ में 196 पॉइंट बनाए। दूसरी सीरीज़: दूसरी सीरीज़ में अपने प्रदर्शन में और सुधार करते हुए उन्होंने कुल स्कोर को 391 पॉइंट तक पहुँचा दिया और तालिका में शीर्ष स्थान (Top Position) हासिल करते हुए फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की। मजबूत पकड़: प्रतियोगिता में जब 20 शॉट बाकी थे, तभी से यह स्पष्ट हो गया था कि भारतीय जोड़ी फ़ाइनल की दौड़ में सबसे आगे है और उन्होंने अंत तक अपने इस निरंतर प्रदर्शन को गोल्ड मेडल में बदल दिया। भारतीय निशानेबाज़ों के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से पूरे देश में खुशी की लहर है और एशियाई खेलों में भारत के पदक तालिका में सुधार की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
Asian Games 2026: हांगकांग ने ओमान को हराकर क्वार्टर फाइनल की उम्मीद बरकरार रखी
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट के ग्रुप बी का मुकाबला कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में हांगकांग और ओमान के बीच खेला गया। हांगकांग ने 41 रन से मुकाबला जीता। हांगकांग ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट पर 121 रन बनाए थे। हफीज खान ने 37 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 33 रन की पारी खेली। इसके अलावा बाबर हयात ने 25 गेंदों पर 23, कप्तान यसिम मुर्तजा ने 14 गेंदों पर 18 और एहसान खान ने 10 गेंदों पर 16 रन बनाए। शिव माथुर ने 12 रन की पारी खेली। ओमान के लिए मोहम्मद अल बलुशी ने 3, सुफयान मेहमूद, सुहेब अल बलुशी, नावेद अल बलुशी और समीर ओथमैन ने 1-1 विकेट लिए। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। पारी की शुरुआत करने आए शुएब अल बलुशी ने 26 गेंदों पर 1 छक्का और 2 चौकों की मदद से 20 रन बनाए और छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए कप्तान सुफयान मेहमूद ने 35 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। अब्दुल जलील ने नाबाद 15 रन बनाए। इन तीन बल्लेबाजों के अलावा कोई भी बल्लेबाज हांगकांग के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया। पूरी टीम 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 80 रन बना सकी और 41 रन से मैच हार गई। 122 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी ओमान की बल्लेबाजी बेहद निराशाजनक रही। शीर्ष क्रम का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर लक्ष्य का पीछा करने की हिम्मत नहीं कर सका। Also Read: LIVE Cricket Score मलेशिया से मिली हार के बाद हांगकांग के लिए यह जीत बेहद अहम थी। हांगकांग का ग्रुप मैच समाप्त हो गया। ओमान अपना अगला मैच मलेशिया के साथ शनिवार को खेलेगा। हांगकांग क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने के लिए मलेशिया पर निर्भर है। अगर मलेशिया ओमान को हरा देती है, तो हांगकांग और मलेशिया ग्रुप बी से क्वार्टर फाइनल में चले जाएंगे। Article Source: IANS
Salman Khan Wins Bronze Medal:सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ सलमान खानकारोइंग का सफर अब उन्हें एशियाई खेलों का पदक विजेता बना चुका है।
चंबा के रेटा गांव की धाविका सीमा आज जापान में एशियाई खेलों की 10,000 मीटर दौड़ के फाइनल में भारत के लिए स्वर्ण पदक की उम्मीद के साथ ट्रैक पर उतरेंगी।
एशियाई खेलों में रोइंग के डबल स्कल्स मुकाबले में कांस्य पदक जीतने वाले पंजाब के खिलाड़ी सतनाम सिंह को राज्य सरकार 50 लाख रुपये की नकद राशि से सम्मानित करेगी।
यूपी: इज्जतनगर मंडल की प्रियंका गोस्वामी एशियाई खेलों में दिखाएंगी दम, रेलवे और बरेली का बढ़ा मान
एशियाई खेलों में रेलवे के इज्जतनगर मंडल की खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी देश का कर रहीं प्रतिनिधित्व
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

