एशियाई खेलों की मिक्स्ड रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह के गांव पत्तियाल पहुंचने पर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी उपलब्धि पर पंचायत, गुरुद्वारा कमेटी और ग्रामीणों ने समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। गांव पहुंचने पर गुरिंदरवीर सिंह का ढोल-नगाड़ों और उत्साह के बीच स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि को गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। सम्मान समारोह में सरपंच बलविंदर सिंह, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जागीर सिंह और हेड ग्रंथी बाबा हरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गुरिंदरवीर के माता-पिता ने भी बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उनके पिता कमलजीत सिंह सेवानिवृत्त थानेदार हैं, जबकि माता रुपिंदर कौर ने कहा कि बेटे की मेहनत और सफलता से परिवार के साथ पूरे गांव का मान बढ़ा है। मई में भी बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मई 2026 में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में उन्होंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए टांडा यूनाइटेड स्पोर्ट्स क्लब की ओर से भी जल्द सम्मानित किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि गुरिंदरवीर आने वाले मुकाबलों में भी देश और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।
Asian Games में भारत ने जीते छह स्वर्ण, पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम ने लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया जबकि मुक्केबाजों, तीरंदाजों और पहलवान सुजीत कलकल ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन करते हुउ एशियाई खेलों में शुक्रवार को छह स्वर्ण पदकों के साथ भारत को पदक तालिका में शीर्ष पांच में पहुंचा दिया। भारत अब 16 स्वर्ण , 25 रजत और 35 कांस्य समेत 76 पदक जीतकर शीर्ष पर है। भारत के पदक चौथे स्थान पर काबिज उजबेकिस्तान (65) से अधिक हैं लेकिन स्वर्ण की गिनती में पीछे है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैम्पियन चीन को 1.0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी कटाया। जीत का श्रेय भारतीय डिफेंस को जाता है जिसने चीन के लगातार हमलों के बावजूद संयम नहीं खोया और एक गोल की बढत अंत तक बनाये रखी। लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में ही भारत को बढत दिला दी और 24वें मिनट में भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक पर चीन को गोल करने से रोका। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था। वहीं तीरंदाजी में अंकिता भकत , कीर्ति शर्मा और 17 वर्ष की कुमकुम मोहोद ने फाइनल में दस बार की ओलंपिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 5 . 3 से हराकर स्वर्ण जीता। रिकर्व टीमों के इस शानदार प्रदर्शन से पहले भारतीय कंपाउंड तीरंदाज सभी टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदकों पर कब्जा कर चुके हैं। भारत ने तीरंदाजी में अब तक कुल सात पदक जीत लिए हैं, जिनमें चार स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल हैं। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की महिला रिकर्व टीम दिन का पहला पदक दिलाया। भारतीय तिकड़ी ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए गत चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 (54-54, 56-56, 55-51, 54-54) से हराकर यादगार जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। दिन का समापन पुरुष रिकर्व टीम के रजत पदक के साथ हुआ। धीरज, संजय भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी को फाइनल में दक्षिण कोरिया से 1-5 (56-56, 50-57, 54-56) से शिकस्त मिली। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई। मुक्केबाजी में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए देश का 12 साल का इंतजार खत्म किया। अंकुश ने 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर देश के लिए स्वर्ण पदक से अभियान समाप्त किया। भारत ने इस तरह मुक्केबाजी में एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते जिसमें तीन स्वर्ण शामिल रहे। देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा था जिसमें दल ने दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य से कुल नौ पदक जीते थे। भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर इन खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। कुश्ती में सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। सेलिंग में नेत्रा कुमानन महिलाओं की डिंगी में और सेपकटेकरा में पुरूषों की चौकड़ी कांस्य जीतने में कामयाब रही।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार, 2 अक्टूबर को खेले गए फाइनल में भारत ने चीन को 1-0 से हराकर खिताब जीता। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने महिला हॉकी में एशियन गेम्स के गोल्ड के लिए करीब चार दशक का इंतजार भी खत्म कर दिया। भारत ने इससे पहले 1982 में महिला हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। भारत ने 44 साल के पदक के सूखे को खत्म किया है। वहीं एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 76 हो गई है। इसमें 16 गोल्ड 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए है।फाइनल में भारत से हारकर पेरिस ओलंपिक्स की सिल्वर मेडलिस्ट चीन को सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा। वहीं, ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले में जापान ने दक्षिण कोरिया को शूटआउट में 4-2 से हराकर तीसरा स्थान हासिल किया।एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शनएशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक्स के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली है। एशियन गेम्स में महिला हॉकी के इतिहास में भारत का ये दूसरा गोल्ड है। इससे पहले टीम ने 1982 में खिताब जीता था। इसके बाद भारत 1998 और 2018 में फाइनल तक पहुंचा, लेकिन दोनों मौकों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। 1998 में साउथ कोरिया और 2018 में जापान ने भारत को हराकर गोल्ड जीता था।भारत की ओर से लालरेम्सियामी हमारजोटे ने पहले क्वार्टर में गोल करके टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद चीन ने बराबरी की कई कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस ने हर हमले को रोक दिया।देर से शुरू हुआ मुकाबलाभारत और चीन के बीच फाइनल मुकाबला तय समय से करीब एक घंटे देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में हुए एक हादसे के कारण लगे ट्रैफिक जाम में फंस गई थीं, हालांकि इस घटना का दोनों टीमों से कोई संबंध नहीं था। मैच शुरू होते ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और चीन के दबाव का भी डटकर सामना किया। भारत को पहली बड़ी सफलता तब मिली, जब साक्षी राणा ने सर्कल के अंदर शानदार पास दिया और गेंद लालरेमसियामी हमारजोटे तक पहुंची, जिन्होंने मौके का फायदा उठाते हुए गोल कर दिया।भारत ने चीन को दी मातलालरेमसियामी ने मिले मौके को पूरी तरह भुनाया और दौड़ते हुए शानदार रिवर्स-स्टिक शॉट लगाकर गेंद को सीधे गोल के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। चीनी गोलकीपर के पास इस तेज शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था। शुरुआती समय में चीन के पास गेंद कुछ ज्यादा रही, लेकिन भारतीय टीम ने अपनी डिफेंस लाइन को मजबूत रखा और चीनी खिलाड़ियों को आसानी से गोल करने का मौका नहीं दिया। दूसरे क्वार्टर में गोलकीपर सविता पुनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक बचाकर चीन को गोल करने से रोक दिया। मैच के बाकी समय में भी भारतीय खिलाड़ियों ने मजबूत डिफेंस दिखाया और अपनी बढ़त को कायम रखते हुए टीम को गोल्ड मेडल दिलाया।
Asian Games 2026:एशियाई क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी पहले से तय कामों की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले 'एशियन गेम्स 2026' के पुरुष क्रिकेट गोल्ड मेडल मैच में शामिल नहीं हो पाएंगे। एसीसी ने इस बड़े फाइनल से पहले नकवी के नहीं आने की पुष्टि की। यह मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में शनिवार (3 अक्टूबर) को खेला जाएगा। उन्होंने मेडल के लिए मुकाबला करने वाली टीमों को शुभकामनाएं भी दी हैं। गोल्ड मेडल मैच से पहले, इसी दिन बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होगा। एसीसी ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक बयान में कहा, एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पहले से तय कामों की वजह से एशियन गेम्स 2026 के फाइनल वाले दिन मौजूद नहीं रह पाएंगे, लेकिन गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मैचों से पहले सभी चार टीमों को अपनी शुभकामनाएं भेजते हैं। गुरुवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मैच जीतने के बाद भारत और पाकिस्तान एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल के लिए एक अहम मुकाबले में आमने-सामने होंगे। पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित 13 ओवर के मैच में बांग्लादेश को छह विकेट से हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने श्रीलंका को 124 रनों से करारी शिकस्त दी। हाल की घटनाओं को देखते हुए, मैच के बाद खिलाड़ियों के हाथ मिलाने की परंपरा निभाए जाने की संभावना कम दिखाई देती है। इसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव है। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए थे, जिससे हालात युद्ध जैसी स्थिति तक पहुंच गए थे। तब से भारत ने वैश्विक क्रिकेट इवेंट्स (चाहे पुरुष/महिला या किसी भी आयु वर्ग के हों) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने या पाकिस्तानी अधिकारियों से टूर्नामेंट का सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। 2025 में भारत के सफल पुरुष टी20 एशिया कप अभियान के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने फाइनल समेत तीन बार पाकिस्तान को हराया था, लेकिन किसी भी मैच में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाए थे और नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए थे, जिससे हालात युद्ध जैसी स्थिति तक पहुंच गए थे। तब से भारत ने वैश्विक क्रिकेट इवेंट्स (चाहे पुरुष/महिला या किसी भी आयु वर्ग के हों) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने या पाकिस्तानी अधिकारियों से टूर्नामेंट का सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
Asian Games 2026: 10वें मिनट का वो गोल, जिसने 44 साल बाद भारत को दिलाया Hockey में गोल्ड
भारत ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराया। भारत की ओर से एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। उन्होंने 10वें मिनट में शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है। भारत और चीन के बीच विमेंस हॉकी का फाइनल मुकाबला तय समय से 45 मिनट देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई थीं। 44 साल बाद मिला हॉकी में गोल्ड भारत ने एशियन गेम्स में आखिरी बार विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल 1982 में जीता था। इसके बाद टीम दो बार फाइनल में पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत ने 1998 और 2018 में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब 44 साल बाद टीम ने एक बार फिर गोल्ड अपने नाम कर लिया है। इसे भी पढ़ें: 2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड पहले क्वार्टर में लालरेमसियामी का गोल पहला क्वार्टर पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय टीम ने 55 प्रतिशत पजेशन के साथ खेलते हुए 1-0 की बढ़त बनाई। अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने भारत के लिए यह गोल किया। साक्षी के शानदार पास पर लालरेमसियामी ने जोरदार रिवर्स शॉट लगाया और गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। 10वें मिनट में आए इस गोल ने भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 13वें मिनट में भारत के पास बढ़त को दोगुना करने का मौका आया, लेकिन टीम पेनेल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया दूसरे क्वार्टर में सविता पूनिया बनीं दीवार दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में चीन ने पेनेल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सका। इसके बाद खेल के 23वें मिनट में चीन को पेनेल्टी स्ट्रोक मिला। हालांकि, भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपनी बाईं ओर शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। सविता के इस बचाव के साथ भारत की 1-0 की बढ़त बरकरार रही। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने तक स्कोर भारत के पक्ष में 1-0 रहा।
Sujit Kalakal ने रचा इतिहास, Asian Games कुश्ती में 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता स्वर्ण
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। कुदिएव ने पहले पीरियड में ‘आर्म लॉक‘ का इस्तेमाल करके सुजीत को हमला करने का मौका नहीं दिया। एक बार जब सुजीत ने अपने प्रतिद्वंद्वी की शैली को समझ लिया तो उन्होंने उसे कोई आक्रामक चाल चलने नहीं दी। जहां कुदिएव ने ताकत के मामले में भारतीय पहलवान की बराबरी की, वहीं सुजीत ने अपनी फुर्ती से अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ दिया और बार-बार ताजिकिस्तान के पहलवान के पीछे जाकर ‘टेक-डाउन’ मूव किए। एक के बाद एक सफल मूव ने अंतर 8-9 तक कम कर दिया और मुकाबले के खत्म होने में करीब 20 सेकेंड बाकी थे, तभी सुजीत ने निर्णायक ‘टेक-डाउन’ किया और अपनी एक अंक की बढ़त का बचाव करते हुए विजेता बने। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। यह एशियाई खेलों में सुजीत का पहला स्वर्ण है और 23 वर्षीय भारतीय ने पिछले 12 महीनों में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, जगरेब ओपन, तिराना खिताब जीते हैं। हालांकि उन्हें एकमात्र झटका जून में मंगोलियन ओपन में लगा था, जहां घुटने की चोट के कारण उन्हें हटना पड़ा। लेकिन इसके अलावा सुजीत अपराजित रहे। फाइनल तक के सफर में ओलंपिक चैंपियन को हराने के बाद हासिल की गई एशियाई खेलों की यह जीत उनके दावे को और मजबूत करती है कि वह केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे प्रभावशाली 65 किग्रा पहलवान है। पिछले एशियाई खेलों के चरण में भी वह एक योग्य दावेदार था लेकिन तदर्थ समिति ने उसे ट्रायल में बजरंग पूनिया को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी। समिति ने बजरंग को सीधे प्रवेश दिया था। सुजीत ने अदालत में तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती भी दी थी लेकिन उसे राहत नहीं मिल सकी। लेकिन सुजीत तब से और मजबूत हुए हैं और 2028 में ओलंपिक पदक का दावेदार बनने के योग्य होंगे। सुजीत ने अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाया। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। वहीं जजई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेशाज राउंड में 10-0 से हराया लेकिन कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाखस्तान की जेनिप बयानोवा से हार गईं। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किजी ने 1-6 से हराया। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत (57 किग्रा), दीपक पूनिया (97 किग्रा), अंतिम पंघाल (महिलाओं के 53 किग्रा) और मनीषा भानवाला (महिलाओं के 65 किग्रा) शनिवार को प्रतिस्पर्धा करेंगे।
Asian Games 2026: भारत को एक मिनट में मिले 2 गोल्ड; बॉक्सर अंकुश और रेसलर सुजीत बने चैंपियन
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एशियाई खेलों में भारत को स्वर्ण पदक मिलने पर राज्यपाल बागडे ने दी बधाई
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एशियाई खेलों में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में और महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग की मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने पर खिलाड़ियों को बधाई...
Asian Games फाइनल में Malaysia से भिड़ेगी भारतीय Hockey टीम
काकामिगाहारा, दो अक्टूबर भारतीय पुरूष हॉकी टीम को मलेशिया के खिलाफ एशियाई खेलों के फाइनल में शनिवार को अपना खिताब बरकरार रखने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट कटाने के लिये गलतियों से सबक लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम ने कभी लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उसके पास शनिवार को यह कामयाबी हासिल करके भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय लिखने का मौका है। सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद अब मलेशिया के खिलाफ उन गलतियों को दोहराने से बचना होगा। पाकिस्तान के खिलाफ 23वें मिनट तक तीन गोल की बढत बनाने के बाद भारत ने दूसरे हाफ में तीन गोल गंवा दिये और आखिरी सीटी बजने से 45 सेकंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर 4 . 3 से मिली जीत से फाइनल में जगह बनाई। पिछली बार की चैम्पियन भारतीय टीम को डिफेंस मजबूत रखना होगा। डिफेंस के चरमराने से ही पाकिस्तानी टीम का वापसी का मौका मिला था। सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक ही दिन का अंतर होने से रिकवरी भी अहम होगी। दूसरी ओर मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 2 . 1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले तीन बार में मलेशिया दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ‘‘ मलेशिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है और यह मुकाबला अच्छा रहेगा। हमने काफी समय से मलेशिया से खेला नहीं है। दोनों टीमें आक्रामक खेलती हैं और खिलाड़ियों के पास हुनर के साथ रफ्तार भी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हम सिर्फ अपनी रणनीति पर फोकस करना चाहते हैं।’’भारत की उम्मीदें कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर लगी होंगी जिन्होंने अब तक पेनल्टी कॉर्नर पर दस गोल किये हैं। पाकिस्तान के सूफियान खान के बाद इन खेलों में उनके नाम सर्वाधिक गोल हैं। स्ट्राइकर अभिषेक और दिलप्रीत सिंह भी नौ नौ गोल कर चुके हैं। मलेशिया के पास अनुभवी फैजल सारी और अबु कमाल अजराइ हैं जो नौ नौ गोल कर चुके हैं। भारत अगर स्वर्ण जीत जाता है तो हरमनप्रीत लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान होंगे। वहीं मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकौते भारतीय खिलाड़ी बन जायेंगे। वह 2014 और 2023 में स्वर्ण जीत चुके हैं।
Asian Games 2026: भारत ने एक मिनट में जीता दो गोल्ड, जानें अब तक कितने मेडल जीत चुका है भारत
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत के खाते में आज कुल 4 गोल्ड मेडल आए हैं। कुश्ती में सुजीत कलकल, बॉक्सिंग में अंकुश पंघाल और महिला बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। वहीं इसके साथ भारत के कुल गोल्ड मेडल की संख्या 15 हो गई है। वहीं पदक तालिका में भारत 75 मेडल के साथ 5वें स्थान पर है। इसमें 15 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 बॉन्ज मेडल शामिल है।सुजीत कलकल ने जीता गोल्डकुश्ती में सुजीत कलकल ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाया है। सुजीत कलकल ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में वर्ल्ड मेडलिस्ट अब्दुलमाजिद कुडियेव को 10-9 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। मुकाबले में सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे, लेकिन फिर उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए जीत हासिल की। खास बात ये रही कि इससे ठीक एक मिनट पहले अंकुश ने भी गोल्ड जीता था। इस तरह भारत ने महज एक मिनट के अंदर दो स्वर्ण पदक जीत लिए।बॉक्सिंग में जीता गोल्ड21 साल के अंकुश पंघल ने एशियन गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए बॉक्सिंग में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया। अंकुश पंघल ने 80 किग्रा वर्ग के फाइनल में दक्षिण कोरिया के मिंसियोंग किम को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने मुकाबले के तीनों राउंड में शानदार प्रदर्शन किया और पहले राउंड में 4-1, दूसरे में 5-0 और तीसरे राउंड में 4-1 से जीत दर्ज की। अंकुश का यह पहला एशियन गेम्स था। अंकुश पंघाल का ये गोल्ड मेडल एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक है।महिलाओं का कमालएशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग और परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड जीता था। लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स की महिला बॉक्सिंग में भारत का लंबा इंतजार खत्म किया। बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की जियाई बाओ को 5-0 से हराकर 75 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीत लिया। वहीं, परवीन हुड्डा ने 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में चीन की ताइपे की चेन निएन-चिन को कड़े मुकाबले में 3-2 से हराया। इन दोनों स्वर्ण पदकों के साथ भारतीय महिला बॉक्सिंग ने एशियन गेम्स में एक बार फिर शानदार प्रदर्शन दर्ज कराया।
Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना ने जीता गोल्ड, आर्चरी टीम ने भी रचा इतिहास; भारत के 70 मेडल
Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना ने जीता गोल्ड, आर्चरी टीम ने भी रचा इतिहास; भारत के 70 मेडल
Asian Games में Sujeet Kalakal ने 65 किग्रा कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर जीत हासिल की। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया।
एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने के बाद सीएम सरमा ने लवलीना से बात की, कहा-‘गोल्डन गर्ल’ पर गर्व है
गुवाहाटी, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन से फोन पर बात की और एशियाई खेलों में 75 किलोग्राम बॉक्सिंग कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य और देश के लिए बेहद गर्व का पल बताया।
Asian Games में भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता Silver, फाइनल में कोरिया से 1-5 से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में गत चैंपियन दक्षिण कोरिया से 1-5 से हार गयी , जिससे उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की शुरुआती चूक का फायदा उठाते हुए अच्छी शुरुआत की, लेकिन बढ़त कायम नहीं रख सकी। भारत को 56-56, 50-57, 54-56 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया दक्षिण कोरिया ने पहले सेट की शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसके बाद भारत के पास बढ़त लेने का मौका था। लेकिन दोनों टीमें 56-56 के स्कोर पर रहीं। इसके बाद ली वू-सियोक, किम जे-देओक और किम वू-जिन की कोरियाई टीम ने दूसरे सेट में अपने पहले तीन तीरों पर 10-10 अंक हासिल करते हुए दबाव बना दिया। भारतीय तीरंदाज इस सेट में लय से भटक गए और एक भी 10 अंक हासिल नहीं कर सके। नतीजतन कोरिया ने यह सेट 57-50 से अपने नाम कर लिया। अंतिम सेट में नीरज के चौथे तीर पर सात अंक भारत के लिए निराशाजनक साबित हुए और कोरिया ने 56-54 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले सुबह के सत्र में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मिश्रित रिकर्व टीम ने भी रजत पदक हासिल किया, जिससे एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया
भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’ लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’ लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
लॉ स्कूल में एशियाई छात्रों के साथ एडमिशन में हो रहा भेदभाव : कैलिफोर्निया
वॉशिंगटन, अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यूसीएलए स्कूल ऑफ लॉ ने एडमिशन की प्रक्रिया में नस्ल को आधार बनाकर एशियाई और श्वेत आवेदकों के साथ भेदभाव किया। हालांकि, कैलिफोर्निया के इस प्रमुख लॉ स्कूल ने इन आरोपों से असहमति जताई और कहा कि उसकी एडमिशन प्रक्रिया योग्यता पर आधारित है।
Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
(तस्वीरों के साथ)....फिलेम दीपक सिंह...निशियो, दो अक्टूबर लवलीना बोरगोहेन ने 2024 ओलंपिक के बाद मुक्केबाजी से संन्यास लेने की योजना बनाई थी, लेकिन पेरिस खेलों में पदक से चूकने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया जो उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि भारतीय स्टार ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने अपने जन्मदिन पर 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराकर एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में भारत के 12 साल से चले आ रहा स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। लवलीना ने अपने मुकाबले के बाद कहा, ‘‘मेरे लिए यह वर्ष काफी मुश्किल रहा। पहले मैं मुक्केबाजी छोड़ना चाहती थी। लेकिन मैंने जारी रखा। मैं एशियाई खेलों में अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। यह बहुत महत्वपूर्ण था। उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैंने खेलना जारी रखा।’’असम की रहने वाली इस मुक्केबाज ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था लेकिन पेरिस ओलंपिक से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एक साल के लिए ब्रेक लिया और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने से मैं खुश नहीं थी। लेकिन एक खिलाड़ी के जीवन में बहुत सी चीजें होती हैं, जैसे हार, चोट। आपको बहुत सी चीजों का सामना करना पड़ता है। यह स्वर्ण पदक मेरे लिए बहुत महत्व रखता है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि स्वर्ण पदक का जश्न कैसे मनाऊं। मुझे अपनी इस जीत को स्वीकार करने के लिए कुछ समय चाहिए। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।’’इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे मजबूत रहना होगा और जीतना होगा। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत भाग्यशाली है। मैं हमेशा जीतने के बारे में सोचती हूं।’’लवलीना से जब पूछा गया कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह सबसे पहले किसे फोन करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबसे पहले अपनी मां को फोन करूंगी। वह मेरे मैच नहीं देखतीं क्योंकि वह बहुत चिंतित रहती हैं।
जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर खुद को शानदार तोहफा दिया। उन्होंने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी। 29 साल की लवलीना ने आइची-नागोया में खेले गए महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराया। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता पिछले एशियाई खेलों के रजत के बाद जीता स्वर्ण लवलीना ने इससे पहले एशियाई खेलों के पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था। अब उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदक में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। इसे भी पढ़ें: Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह साथी खिलाड़ियों के साथ मनाया जन्मदिन एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लवलीना ने साथी खिलाड़ियों के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया। इस दौरान उन्होंने केक काटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह भी मौजूद रहे। #WATCH | Nagoya, Japan | Indian boxer Lovlina Borgohain, who won a gold medal in the women's 75kg category at the Asian Games 2026 today, celebrates her birthday with fellow athletes in the presence of Ajay Singh, President of the Boxing Federation of India pic.twitter.com/aCqIiYimET — ANI (@ANI) October 2, 2026
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को 170 रनों का लक्ष्य दिया। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर टूट पड़े।
कैलिफोर्निया के लॉ स्कूल में एशियाई छात्रों के साथ एडमिशन में हो रहा भेदभाव: अमेरिकी न्याय विभाग
वॉशिंगटन, 2 अक्टूबर . अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यूसीएलए स्कूल ऑफ लॉ ने एडमिशन की प्रक्रिया में नस्ल को आधार बनाकर एशियाई और श्वेत आवेदकों के साथ भेदभाव किया. हालांकि, कैलिफोर्निया के इस प्रमुख लॉ स्कूल ने इन आरोपों से असहमति जताई और कहा कि उसकी एडमिशन प्रक्रिया योग्यता पर आधारित है. ... Read more
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...निशियो, दो अक्टूबर भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया और पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह
नागोया, दो अक्टूबर भारत के सुजीत कलकल ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाकर पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक के दौर में प्रवेश किया, जबकि दीपांशी फोगाट ने महिलाओं के कांस्य पदक के प्लेऑफ में जगह बनाई। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। अब उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से होगा। ज़ज़ई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सुजीत अब स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाने के लिए जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका का सामना करेंगे। इससे पहले युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किलोग्राम प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेचेज राउंड में 10-0 से हराया और वह कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाकिस्तान की जेनिप बयानोवा से भिड़ेंगी। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किज़ी ने 1-6 से हराया।
BREAKING : Asian Games 2026 Live Update: लवलीना ने जीता करियर का पहला गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास
Asian Games Archery: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर जीता पहला स्वर्ण पदक
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के हाथों 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन कर रही कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। उन्होंने केवल एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक भी हासिल किए। वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल कर अपनी टीम की जीत पक्की की। महिला रिकर्व टीम की यह जीत उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का परिणाम है। भारतीय टीम ने मई में शंघाई में पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था। उस खिताबी सफर में भी भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में इस बार भी लगभग वही खिलाड़ी थीं। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति को टीम में शामिल किया गया। दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमश: 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए। इसके बाद तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य कांग चेयंग के साथ ओ येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही बना सके। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक जुटाए और सेट जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली। चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, लेकिन समीक्षा के बाद उनके तीर को नौ अंक दिया गया, जिससे भारत का स्कोर भी 54 हो गया। इस सेट में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के बावजूद भारत ने मैच अपने नाम किया और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम और धीरज ने इससे पहले मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत करते हुए पहला सेट 37-38 से गंवाया, लेकिन दूसरे सेट में बराबरी हासिल की। इसके बाद तीसरा सेट जीतकर भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। चौथे सेट में जापान की ओर से सात अंक का एक खराब निशाना भारतीय जोड़ी के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने 37-35 से सेट जीतकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की जगह पक्की की। महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।
BREAKING : Asian Games Live Update: भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता गोल्ड
Asian Games 2026 Day 14 Live Update: एशियन गेम्स के 14वें दिन भारत के कई खिलाड़ी पदक के लिए उतरेंगे मैदान में
भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 10 बार के चैंपियंस को हराकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games 2026 में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तीरंदाजी में स्वर्ण पदक के साथ इतिहास रच दिया। भारतीय टीम ने पहली बार इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता है। खास बात यह है कि 10 बार की ओलंपिक चैंपियन को भारत की महिलाओं ने हराया है।
Asian Games 2026: भारत ने जीता 11वां गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने दक्षिण कोरिया को हराकर रचा इतिहास
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Asian Games में भारतीय महिला Recurve टीम ने रचा इतिहास, South Korea को हराकर जीता Gold
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया की टीम को मात दी। तेज हवा के बीच खेले गए मुकाबले के पहले दो सेट बराबरी पर रहे। दोनों टीमों ने एक समान क्रमश: 54 और 56 अंक जुटाकर एक-एक अंक हासिल किया। विश्व चैंपियन कांग चेयंग, ओ येजिन और ली युनजी की कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही जुटा सके। भारतीय तीरंदाजों ने 55 अंक बनाकर यह सेट अपने नाम कर लिया। दक्षिण कोरिया ने चौथे सेट में 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसे बाद में निर्णायक रूप से नौ अंक में बदला गया। इससे भारत का कुल स्कोर 54 हो गया और सेट बराबरी पर छूटा। इस नतीजे के साथ भारतीय टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में जगह बनाई थी।
Asian Games 2026 भारत का आज का शेड्यूल, 2 अक्टूबर; हॉकी समेत कई गोल्ड मेडल दांव पर
Asian Games 2026 India schedule today: भारतीय महिला हॉकी टीम पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही और आइची-नागोया 2026 में इसकी भरपाई करने के लिए बेताब होगी।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। एशियन गेम्स में दो अक्तूबर का दिन भारत के लिए बेहद अहम है।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026 Live Updates: आर्चरी में महिला टीम ने रचा इतिहास, रिकर्व इवेंट में जीता गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला आर्चरी टीम ने रिकर्व इवेंट के गोल्ड मेडल मैच में साउथ कोरिया की टीम को मात देने के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। भारत के अब कुल 11 गोल्ड मेडल हो गए हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम गोल्ड मेडल मुकाबला खेलने उतरेगी तो वहीं बॉक्सिंग में भी आज पदकों की बरसात होने की उम्मीद है। भारत के खाते में अब तक कुल 64 मेडल जुड़ चुके हैं, जिसमें अभी और बढ़ोतरी होना तय है।
भारत-पाकिस्तान के बीच Asian Games 2026 Final से पहले जानिए T20I में किसका पलड़ा है भारी
भारत और पाकिस्तान के बीच एशियन गेम्स (Asian Games 2026) का गोल्ड मेडल मुकाबला शनिवार (3 अक्टूबर) को जापान के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाएगा। भारत ने सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। वहीं पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 6 विकेट से मात दी। अब दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला गोल्ड मेडल के लिए होगा। T20I में भारत-पाकिस्तान का हेड टू हेड रिकॉर्ड अगर दोनों टीमों के बीच T20 इंटरनेशनल क्रिकेट के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो भारत का पलड़ा भारी रहा है। भारत और पाकिस्तान अब तक 17 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में आमने-सामने आए हैं। इनमें भारत ने 14 मुकाबलों में जीत हासिल की है, जबकि पाकिस्तान को 3 मैचों में जीत मिली है। मौजूदा टीम में भारत का सबसे ज्यादा रन बनाने वाला बल्लेबाज एशियन गेम्स 2026 के लिए चुनी गई भारतीय टीम में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं। 26 वर्षीय अभिषेक ने भारत के लिए अब तक 61 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 32.15 की औसत से 1865 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 194.47 का रहा है। पाकिस्तान की टीम में सबसे ज्यादा रन पाकिस्तान की मौजूदा एशियन गेम्स टीम में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन सैम अयूब के नाम हैं। 24 वर्षीय सैम अयूब ने पाकिस्तान के लिए अब तक 68 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 21.27 की औसत से 1319 रन बनाए हैं। मौजूदा टीम में भारत का सबसे ज्यादा विकेट लेने वाला गेंदबाज भारतीय टीम में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज अर्शदीप सिंह हैं। 27 वर्षीय तेज गेंदबाज ने भारत के लिए अब तक 94 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 19.77 की औसत से 140 विकेट अपने नाम किए हैं। पाकिस्तान के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज पाकिस्तान की मौजूदा टीम में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट अबरार अहमद के नाम हैं। 28 वर्षीय लेग स्पिनर ने पाकिस्तान के लिए अब तक 39 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 17.92 की औसत से 52 विकेट चटकाए हैं। एशियन गेम्स 2026 के लिएभारतीय टीम: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, वैभव सूर्यवंशी, विप्रज निगम। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान टीम: साहिबजादा फरहान (कप्तान), सईम अयूब, उस्मान खान (विकेटकीपर), हसन नवाज, हैदर अली, अब्दुल समद, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफयान मोकिम, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अराफात मिन्हास, साद मसूद, माज सदाकत, अली रजा।
Squash Semifinal: Anahat Singh की शिकस्त के बाद Asian Games फाइनल की रेस से बाहर हुआ भारत
भारतीय स्क्वैश टीम के लिए एशियाई खेलों का दिन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। महिला टीम को हांगकांग के खिलाफ सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि पुरुष टीम को मलेशिया ने हराकर खिताबी मुकाबले से बाहर कर दिया है। दोनों टीमों को अब कांस्य पदक से संतोष करना होगा। महिला टीम के मुकाबले में सबसे ज्यादा नजरें अनाहत सिंह पर थीं। हाल के दिनों में शानदार प्रदर्शन करने वाली अनाहत ने मुकाबले की शुरुआत भी अच्छी की और पहले 2 गेम अपने नाम किए। हांगकांग की चान सिन युक ने दोनों गेम में कड़ी चुनौती दी, लेकिन अनाहत ने अपने बेहतरीन बैकहैंड ड्रॉप के दम पर बढ़त बनाए रखी। हालांकि तीसरे गेम से मुकाबले का रुख बदल गया। चान ने अपनी गति और खेल में बदलाव के साथ अनाहत पर दबाव बनाना शुरू किया। भारतीय खिलाड़ी से लगातार गलतियां हुईं और हांगकांग की खिलाड़ी ने तीसरा गेम जीतकर वापसी की। चौथे गेम में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अनाहत एक समय 10-7 से आगे थीं और जीत से केवल 1 अंक दूर थीं, लेकिन चान ने धैर्य बनाए रखा। इस दौरान अनाहत कुछ निर्णायक रेफरी फैसलों से भी परेशान नजर आईं। चान ने लगातार अंक जुटाते हुए गेम 13-11 से जीत लिया और मुकाबला निर्णायक पांचवें गेम तक पहुंच गया। आखिरी गेम में हांगकांग की खिलाड़ी ने कोर्ट के अगले हिस्से में अनाहत के फोरहैंड वाले हिस्से को लगातार निशाना बनाया। उन्होंने 12-10 से गेम जीतकर मुकाबला 9-11, 8-11, 11-6, 13-11, 12-10 से अपने नाम कर लिया है। बता दें कि यह वही चान हैं जिनके खिलाफ अनाहत को इससे पहले भी कड़ी चुनौती मिली थी। कुछ दिन पहले जापान की सातोमी वातानाबे के खिलाफ अनाहत ने एकल सेमीफाइनल में जीत हासिल की थी, लेकिन टीम स्पर्धा में वातानाबे ने उन्हें 5 गेम के मुकाबले में हराया था। ऐसे में पिछले कुछ दिनों में अनाहत को जीत और हार दोनों का अनुभव हुआ। हांगकांग के खिलाफ अगले मुकाबले में तन्वी खन्ना ने का यी ली को 4-11, 13-11, 11-9, 13-11 से हराकर भारत की वापसी की उम्मीद जगाई थी। लेकिन अनुभवी जोशना चिनप्पा के लिए दुनिया की 39वें नंबर की टोमाटो हो के खिलाफ मुकाबला मुश्किल साबित हुआ है। 40 वर्षीय जोशना ने तीसरे गेम में 4-10 से पिछड़ने के बाद 5 मैच अंक बचाए, लेकिन आखिर में टोमाटो हो ने जीत हासिल कर हांगकांग को फाइनल में पहुंचा दिया। पुरुष टीम को भी बड़ा झटका लगा है। भारत के वेलावन सेंथिलकुमार को मलेशिया के अमीशनराज चंदरन ने 10-12, 11-6, 11-8, 11-9 से हराया है। वेलावन विश्व रैंकिंग में 48वें और अमीशनराज 95वें स्थान पर हैं, लेकिन इस साल मलेशियाई खिलाड़ी ने भारतीय खिलाड़ी के खिलाफ लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। इससे पहले अभय सिंह को एनग ईन यो ने लगातार 3 गेम में 11-8, 11-8, 11-8 से हराया था। वहीं वीर चोत्रानी ने संजय जीवा को 11-4, 11-8, 11-5 से मात दी है। इन नतीजों के बाद वेलावन की हार ने भारत की खिताब बचाने की उम्मीद खत्म कर दी है। भारत अब फाइनल में पाकिस्तान से संभावित मुकाबले के बजाय कांस्य पदक के लिए उतरेगा।
Asian Games 2026: भारत के 3 फाइनल, मेडल की जंग कब-कब?
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने पुरुष हॉकी और क्रिकेट के फाइनल में जगह बना ली है. हॉकी में पाकिस्तान को 4-3 और क्रिकेट में श्रीलंका को 124 रन से हराया. अब महिला हॉकी में चीन, पुरुष हॉकी में मलेशिया और क्रिकेट में पाकिस्तान से गोल्ड की जंग होगी.
Asian Games Wrestling: Nitesh Siwach ने जीता ऐतिहासिक रजत पदक
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, एक अक्टूबर नितेश सिवाच के पास इतिहास रचने का शानदार मौका था लेकिन वह बृहस्पतिवार को यहां स्वर्ण पदक जीतने से चूक गए, हालांकि उन्होंने 1962 के बाद एशियाई खेलों में ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत को पहला रजत पदक दिलाया जबकि मानसी अहलावत महिलाओं के 62 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक के प्ले-ऑफ में हार गईं। नितेश के पास 1962 के बाद एशियाई खेलों में भारत के पहले ग्रीको-रोमन स्वर्ण पदक विजेता बनने का अवसर था, लेकिन वह पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जापान के खिलाड़ी यूरी नाकाजातो से 0-4 से हार गए। वहीं मानसी को मंगोलिया की अल्तजिन तोगतोख ने 5-2 से हरा दिया, जिनकी मजबूत रक्षात्मक शैली पदक मुकाबले में निर्णायक साबित हुई। नितेश का पदक 1962 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों के बाद ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत का पहला रजत पदक है। 1962 में मालवा सिंह (52 किग्रा) और गणपत अंडालकर (97 किग्रा से अधिक) ने स्वर्ण पदक जीता था, जबकि उदय चंद (70 किग्रा), सज्जन सोंघ (87 किग्रा) और मारुति माने (97 किग्रा) ने रजत पदक जीते थे। तब इन पहलवानों ने पुरुषों की फ्रीस्टाइल कुश्ती में भी भाग लिया था और दोनों शैलियों में पदक जीते थे। नितेश ने बाद में कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि मैं फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा। मैं और बेहतर कर सकता था, लेकिन अभी भी मुझमें कुछ कमियां हैं। अब मैं अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक क्वालीफायर पर ध्यान केंद्रित करूंगा।’’नितेश हरियाणा के पानीपत जिले के जगसी गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता दूध बेचते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं नहीं जानता कि मुकाबले में क्या हुआ लेकिन मैं बेहतर प्रदर्शन कर सकता था। मैं स्वर्ण पदक जीत सकता था, लेकिन मुझमें अभी भी कुछ कमियां हैं। मैं निश्चित रूप से सुधार करूंगा।’’नितेश ने 97 किलोग्राम भार वर्ग के इस मुकाबले में शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाने की कोशिश की लेकिन जापान के पहलवान ने उनकी एक नहीं चलने दी। नितेश आखिर में 0-4 से हार गए। जापान के पहलवान ने नितेश को आगे धकेलकर स्कोरिंग की शुरुआत की। नितेश को निष्क्रियता के कारण ‘ग्राउंड पोजीशन’ में आना पड़ा, लेकिन उन्होंने शानदार बचाव किया और नाकाज़ातो को अंक हासिल करने का मौका नहीं दिया। नाकाज़ातो ने पहले पीरियड के अंत तक 2-0 की बढ़त बना ली थी और अंत तक नितेश को ‘हेड लॉक’ पोजीशन में जकड़े रखा। स्थानीय खिलाड़ी ने इसके बाद नितेश का संतुलन बिगाड़ दिया और इस दांव को सफलतापूर्वक ‘टेक डाउन’ में बदलकर 4-0 की बढ़त हासिल कर ली। जब एक मिनट का समय बचा था तब भारतीय पहलवान को आक्रामक होने की जरूरत थी लेकिन जापान के पहलवान ने ऐसा नहीं होने दिया। नितेश ने सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने तुर्कमेनिस्तान के अमनबर्डी आगामम्मेदोव को 7-1 से हराने के बाद सेमीफाइनल के पहले तीन मिनट के भीतर तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर मंगोलिया के गंखुयांग गनबातर को 9-0 से करारी शिकस्त दी थी। वहीं मानसी अल्तजिन के खिलाफ शुरू में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए कांस्य पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गई थी। मंगोलिया की खिलाड़ी ने मानसी को दो बार पीछे धकेलकर 2-0 की बढ़त हासिल की और फिर भारतीय खिलाड़ी के दोहरे पैर के हमले का बचाव किया। मानसी को पैर से हमला करने का एक और मौका मिला, लेकिन अल्तजिन ने एक बार फिर उनके प्रयास को विफल कर दिया। इसके बाद निष्क्रियता के कारण अल्तजिन को समय सीमा में डाल दिया गया जिससे मानसी अंक बनाने में सफल रही। इससे उनकी पदक जीतने की संभावना बढ़ गई थी। भारतीय खिलाड़ी ने जोरदार हमला किया, लेकिन अल्तजिन ने अपनी पूरी ताकत लगाकर इस हमले को नाकाम कर दिया। मानसी ने पुश-आउट करके अंतर को कम करने की कोशिश की, लेकिन अल्तजिन ने टेक-डाउन करके कांस्य पदक जीत लिया। मानसी ने बाद में कहा, ‘‘मैं बिल्कुल भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई। मुकाबले के आखिर में मैं बचाव करने में नाकाम रही।’’इससे पहले मानसी ने किर्गिस्तान की इरिना कुज़नेत्सोवा को 6-1 से हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में जापान की एशियाई चैंपियन नोनोका ओज़ाकी से 0-6 से हार गईं। सुमित (60 किलोग्राम) और अमन बरोनिया (77 किलोग्राम) अपने-अपने क्वार्टर फाइनल हारने के बाद पदक की दौड़ से पहले ही बाहर हो चुके थे। अमन ने मंगोलिया के बोर्गिल तुवशिनबटार पर 8-6 से जीत के साथ शुरुआत की, लेकिन कतर के शाहीन बडाघिमोफ्राड से हार गए। सुमित को ईरान के सज्जाद अब्बासपोरगानी से 1-1 से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में शाहिन की हार ने अमन के लिए रेपेचेज का रास्ता भी बंद कर दिया।
Asian Games में Prince Noble और मनु फ्रांसिस ने सेलिंग में जीता ऐतिहासिक रजत
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, एक अक्टूबर एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता में पुरुष स्किफ का रजत पदक जीतने वाले प्रिंस कुरिसिंकल नोबल ने बाढ़ में अपने पिता को खो दिया था लेकिन पानी ने उन्हें कभी भयभीत नहीं किया। उन्होंने और उनके चचेरे भाई मनु फ्रांसिस ने बृहस्पतिवार को पुरुषों की स्किफ सेलिंग में भारत की पहली एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता टीम बनकर समुद्र से अपने ‘जुड़ाव’ की पुष्टि की। कोच्चि में उनके घर में यह जुड़ाव उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। नोबल के पिता मछुआरे थे और 2018 में केरल में आई विनाशकारी बाढ़ के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। लेकिन नोबल काफी कम उम्र में ही पानी और सेलिंग के खेल की ओर आकर्षित हो गए थे क्योंकि अरब सागर उनके घर के पास ही था। नोबल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मेरे पिता मछुआरे थे और समुद्र हमारे घर के बहुत करीब है। इसलिए, हमारा समुद्र से जुड़ाव है। यही वजह है कि हमारे लिए नौकायन की शुरुआत करना आसान था। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पिता अब नहीं रहे, 2018 में केरल में आई बाढ़ में हमने उन्हें खो दिया। आज रजत पदक जीतकर मैंने अपने पिता की इच्छा से अधिक कर दिखाया। पिता की मृत्यु के बाद मेरी मां ने मेरा मनोबल बढ़ाया। ’’तीस साल के नोबल ने कहा, ‘‘इसलिए मैं यह पदक अपने पिता, मां, कोच, अपने सभी शुभचिंतकों और देशवासियों को समर्पित करूंगा। ’’नोबल ने कहा कि उन्होंने 2009 में सेलिंग शुरु की थी जब वह 13 साल के थे और सातवीं कक्षा में पढ़ते थे। वह और फ्रांसिस पिछले 10 वर्षों से साथ में सेलिंग कर रहे हैं। उन्होंने मिलकर 2023 में एशियाई चैंपियनशिप का कांस्य पदक भी जीता था। फ्रांसिस का सेलिंग सफर 14 साल की उम्र में शुरू हुआ था। वह नोबल से एक साल बड़े हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम केरल से हैं और हमने सेलिंग की शुरूआत ‘बैकवाटर्स’ से की। हमारे कुछ चचरे भाई भी सेलिंग करने आते थे। उन्होंने हमें सेलिंग के बारे में बताया। हमें शुरू में इसके बारे में ज्यादा नहीं पता था लेकिन बाद में हम इसके प्रति जुनूनी बनते गए।
Asian Games Men Hockey: पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत
(अजय मसंद)काकामिगाहारा, एक अक्टूबर आखिरी सीटी बजने से 45 सेकंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर पाकिस्तान को 4 . 3 से हराकर भारतीय पुरूष हॉकी टीम एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंच गई हालांकि दूसरे हाफ में तीन गोल गंवाने वाली गत चैम्पियन टीम का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। तीन अक्टूबर को फाइनल में भारत का सामना मलेशिया या कोरिया से होगा। भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह (पांचवें और 13वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किये जबकि सुखजीत सिंह (23वें मिनट) और अभिषेक (60वें मिनट) ने फील्ड गोल दागे। पाकिस्तान के लिये कप्तान अबू बकर ने 30वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर पहला गोल किया जबकि शाहिद हन्नान (45वें) और राणा वाहिद (49वें) ने पांच मिनट के भीतर दो गोल दागे। भारत ने पहले हाफ में तीन गोल करके 3 . 0 से बढत बना ली थी लेकिन दूसरा हाफ पाकिस्तान के नाम रहा जिसने तीन गोल करके स्कोर 3 . 3 कर दिया। ऐसा लग रहा था कि मैच पेनल्टी शूटआउट तक जायेगा लेकिन आखिरी सीटी बजने से कुछ सेकंड पहले अभिषेक ने पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा और डिफेंडर सूफियान को चकमा देकर विजयी गोल दागा। पहले हाफ में भारत का दबदबा रहा लेकिन दूसरे हाफ में पाकिस्तान के युवा फॉरवर्ड पूरी तरह हावी नजर आये। इसके चलते भारत का डिफेंस कई बार चरमराया और तीन गोल की मजबूत बढत भारत ने गंवा दी। भारत को पहले क्वार्टर में कई पेनल्टी कॉर्नर मिले। चार नाकाम प्रयासों के बाद हरमनप्रीत ने पांचवें मिनट में दमदार ड्रैग फ्लिक पर पहला गोल किया। भारतीय कप्तान ने 13वें मिनट में बढत दुगुनी कर दी जब मनप्रीत सिंह ने भारत को सातवां पेनल्टी कॉर्नर दिलाया था। सुखजीत ने 23वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा से बायीं ओर से मिले पास को गोल में बदला। हाफटाइम से ठीक पहले पाकिस्तान के कप्तान बकर ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके टीम को मैच में लौटाया। बकर की ताकतवर फ्लिक सीधे भारतीय गोल के भीतर गई। ब्रेक के बाद भारत ने आक्रामक शुरूआत की और दिलप्रीत सिंह तथा हार्दिक सिंह ने कई हमले बोले। अभिषेक 40वें मिनट में गोल करने के करीब पहुंचे लेकिन उनकी फ्लिक पोस्ट से टकरा गई। पाकिस्तान के अम्माद बट को 37वें मिनट में पीला कार्ड मिला लेकिन इससे भी टीम की लय नहीं बिगड़ी। हन्नान ने 45वें मिनट में गजांफर अली के पास पर गोल करके स्कोर 2 . 3 कर दिया। इसके बाद से पाकिस्तानी टीम नये जोश के साथ खेलती नजर आई जबकि भारतीयों से गई गलतियां हुई। पाकिस्तान ने इसका फायदा उठाकर 49वें मिनट में बराबरी का गोल दाग दिया जिससे भारतीय खेमा और मैदान पर जमा चुनिंदा भारतीय प्रशंसक स्तब्ध रह गए। राणा वाहिद ने पूरे भारतीय डिफेंस को चकमा देकर यह गोल किया। आखिरी मिनटों में भी पाकिस्तान ने आक्रामक हॉकी खेली लेकिन भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा ने कई अहम बचाव किये। वहीं पाकिस्तानी गोलकीपर अली रजा ने दो बार भारत के हमले नाकाम किये। हूटर से दो मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर की भारत की अपील वीडियो रेफरल पर खारिज कर दी गई। आखिरी मिनट में अभिषेक ने गोल के सामने गेंद पर स्टिक लगाकर उसका रूख गोल की तरफ कर दिया और सूफियान तथा गोलकीपर समझ भी नहीं पाये कि गोल हो गया।
Asian Games Hockey: भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, आखिरी मिनट के गोल से फाइनल में बनाई जगह
Asian Games Hockey: भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया, आखिरी मिनट के गोल से फाइनल में बनाई जगह
Asian Games Hockey सेमीफाइनल में India ने Pakistan को 4-3 से हराकर फाइनल में बनाई जगह
एशियाई खेलों में चल रहे पुरुषों के हॉकी इवेंट के सेमीफ़ाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम ने दूसरे क्वार्टर में 3-0 की बढ़त बना ली थी; कप्तान ने दो गोल किए और सुखजीत सिंह ने एक गोल किया। हालांकि, दूसरे क्वार्टर के आखिर में उन्होंने एक गोल खा लिया और उसके बाद पाकिस्तान ने ज़बरदस्त वापसी की। 'मेन इन ग्रीन' ने तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनटों में फिर से गोल किया, जिससे खिलाड़ियों का हौसला बढ़ा। उस समय भारत का एक खिलाड़ी कम था क्योंकि दिलप्रीत को ग्रीन कार्ड दिखाया गया था। पाकिस्तान ने इसका फ़ायदा उठाया और गोल का अंतर कम किया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के फाइनल में China से भिड़ेगी भारतीय महिला Hockey टीम मैच के 49वें मिनट में पाकिस्तान ने वहीद राणा के ज़रिए एक और गोल किया। भारत का डिफेंस बिखर गया; वे दाईं ओर से अंदर आए और बॉक्स के अंदर वहीद को बेहतरीन पास दिया, जिसे उन्होंने आसानी से गोल में बदल दिया। इसके बाद भारत पर और दबाव बढ़ गया और पेनल्टी मिलने की स्थिति बन गई। हालांकि, खेल खत्म होने में जब 49 सेकंड बचे थे, तब अभिषेक ने शानदार खेल दिखाते हुए भारत को 4-3 से जीत दिलाई और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की की। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल Archery में गणेश मणि रत्नम ने वियतनामी प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीता कांस्य यह मुकाबला उम्मीदों पर खरा उतरा। भारत और पाकिस्तान के बीच एक रोमांचक मैच हुआ, जिसमें आखिरी पलों में अभिषेक के गोल ने भारत को बढ़त दिलाई और पुरुषों की हॉकी फ़ाइनल में जगह पक्की कर दी। एक समय भारत 3-0 से आगे था, लेकिन पाकिस्तान ने स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। हालांकि, 60वें मिनट में अभिषेक ने गोल करके भारत को 4-3 की जीत वाली बढ़त दिलाई। भारत की पुरुष और महिला, दोनों टीमें हॉकी फ़ाइनल में पहुंच गई हैं।
Who is T.T.V. Namboori, S.Vishwanadh, and, WS. Mani Sundar:भारतीय क्रिकेट टीम ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को निशिन को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 124 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया, जहां मुकाबला पाकिस्तान से होगा। इस मुकाबले में भारतीय प्लेइंग इलेवन में डब्ल्यू.एस. मणि सुंदर (W.S. Mani Sundar), एस. विश्वनाथ (S. Vishwanadh), और टी.टी.वी. नंबूरी (T.T.V. Namboori) को शामिल किया गया। अब आप सोच रहेंगे की ये खिलाड़ी कौन हैं। वॉशिंगटन सुंदर (Washington Sundar Real Name) का पूरा आधिकारिक नाम डब्ल्यू.एस. मणि सुंदर, संजू सैमसन (Sanju Samson Real Name) का एस. विश्वनाथ और तिलक वर्मा (Tilak Varma Real Name) का टी.टी.वी. नंबूरी है। बता दें कि एशियन गेम्स (Asian Games) के क्रिकेट मैच के दौरान ब्रॉडकास्टर्स और स्कोरकार्ड पर खिलाड़ियों के जर्सी के नाम के बजाय उनके पासपोर्ट वाले आधिकारिक पूरे नाम दिखाए जा रहे हैं। इस वजह से सेमीफाइनल मुकाबले में स्कोरकार्ड पर खिलाड़ियों के ये नाम दिखाई दे रहे हैं। यह नाम सोशल मीडिया पर क्रिकेट फैंस के बीच काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि सुंदर के अलावा इस मैच में बाकी दोनों खिलाड़ी फ्लॉप रहे। सैमसन 9 गेंदों में 7 रन और तिलक ने 4 गेंदों में 2 रन ही बनाए। पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद भारत ने 7 विकेट के नुकसान पर 169 रन बनाए। जिसमें ईशान किशन ने 46 गेंदों में नाबाद 80 रन और वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 38 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 9.5 ओवर में 45 रन पर ऑलआउट हो गई है। टीम के 5 बल्लेबाज 0 पर आउट हुए। भारत के लिए गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने 2-2 विकेट, सुंदर ने 1 विकेट हासिल किया। Also Read: LIVE Cricket Score बता दें कि यह टी-20 इंटनरेशनल में किसी पूर्ण सदस्य देश द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया सबसे कम स्कोर है।
बांग्लादेश क्रिकेट टीम को एशियन गेम्स 2026 के पुरुष सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के कप्तान लिटन दास हार से निराश नजर आए। दास ने हार की वजह एशियाई खेलों में तैयारी और गेम टाइम की कमी को बताया। हार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए लिटन ने कहा, हालात बिल्कुल भी अच्छे नहीं थे। हम कई दिनों से अपने कमरों में बैठे थे, फिर टॉस भी हार गए, इसलिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर सकते थे। पिच को समझना भी मुश्किल था। अगर हम अच्छा खेलते तो बेहतर होता, लेकिन इतने लंबे समय तक खाली बैठे रहने के बाद अचानक मैदान पर आकर शानदार पारी खेलना आसान नहीं होता। हमें उस स्थिति से उबारने का श्रेय हृदोय को जाता है। मोसादेक और हृदोय के बीच हुई साझेदारी भी बहुत अच्छी थी। लिटन ने कहा, यह स्वाभाविक है कि जब आप इतने लंबे समय तक घर के अंदर रहते हैं और फिर आखिरकार पिच पर खेलने का मौका मिलता है, तो हालात को समझने के लिए कुछ समय चाहिए होता है। हमारे पास कोई आधार नहीं था क्योंकि हमने पिछले कुछ दिनों में कोई मैच नहीं खेला था और न ही पिच पर अभ्यास करने का मौका मिला था। हमने शुरुआती कुछ ओवर यह जाने बिना खेले कि क्या उम्मीद की जाए। धीरे-धीरे बल्लेबाजों को हालात की बेहतर समझ हो गई। उन्होंने कहा, जब हम देश से निकले थे, तो हमने कहा था कि हम फाइनल खेलना चाहते हैं। हम वहां तक नहीं पहुंच पाए। हम गोल्ड जीतना चाहते थे और उसी को हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। हम कोशिश करते रहेंगे। भविष्य में बांग्लादेश की दूसरी टीम आएगी और वह भी कोशिश करेगी। गोल्ड मेडल न जीत पाना मेरे लिए निराशाजनक है। बांग्लादेश के लिए मुस्तफिजुर रहमान के 2 ओवर महंगे पड़े। रहमान ने 2 ओवर में 41 रन लुटाए और सईम अयूब का एकमात्र विकेट लिया। रहमान के बारे में लिटन दास ने कहा, मुस्तफिजुर के अलावा हमारे पास कई विकल्प थे। अगर उन्होंने 3 विकेट लिए होते, तो स्थिति दूसरी होती। वह लंबे समय से हमारे लिए ऐसा करते आ रहे हैं। मुझे लगा कि वह उस समय सबसे अच्छे विकल्प थे, इसलिए मैंने उन्हें चुना। मुझे लगता है कि अगर हमने मिडिल ओवरों में थोड़ी बेहतर बॉलिंग की होती और कम छक्के दिए होते, तो हमारे पास बेहतर मौका होता। बारिश की वजह से गीले मैदान के कारण पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच खेला गया सेमीफाइनल मुकाबला 20 ओवर की जगह 13 ओवर का खेला गया। टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 7 विकेट पर 111 रन बनाए। पाकिस्तान ने 11.3 ओवर में 4 विकेट पर 112 रन बनाकर मैच जीता और फाइनल में जगह बनाई। रहमान के बारे में लिटन दास ने कहा, मुस्तफिजुर के अलावा हमारे पास कई विकल्प थे। अगर उन्होंने 3 विकेट लिए होते, तो स्थिति दूसरी होती। वह लंबे समय से हमारे लिए ऐसा करते आ रहे हैं। मुझे लगा कि वह उस समय सबसे अच्छे विकल्प थे, इसलिए मैंने उन्हें चुना। मुझे लगता है कि अगर हमने मिडिल ओवरों में थोड़ी बेहतर बॉलिंग की होती और कम छक्के दिए होते, तो हमारे पास बेहतर मौका होता। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
एशियाई खेलों के फाइनल में China से भिड़ेगी भारतीय महिला Hockey टीम
काकामिगाहारा, एक अक्टूबर शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय टीम एशियाई खेलों के महिला हॉकी फाइनल में गत चैम्पियन चीन के खिलाफ शुक्रवार को उतरेगी तो नजरें 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये क्वालीफाई करके पुराने कई मलाल मिटाने पर लगी होंगी। तोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक चौथे स्थान पर रहने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 के लिये क्वालीफाई नहीं कर सकी भारतीय टीम के लिये सबसे बड़ी प्रेरणा लॉस एंजिलिस में दो साल बाद होने वाले खेलों का सीधे टिकट कटाना है। मौजूदा फॉर्म और विश्व कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को देखते हुए यह संभव भी लग रहा है , बस अपेक्षाओं के दबाव से पार पाना होगा। भारत ने एशियाई खेलों में एकमात्र स्वर्ण 1982 में दिल्ली में जीता था जब महिला हॉकी को पहली बार इन खेलों में शामिल किया गया था। उसके बाद से भारत 1998 और 2018 में फाइनल में पहुंचा लेकिन क्रमश: दक्षिण कोरिया और जापान से हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा। लेकिन युवा खिलाड़ियों से सजी कोच शोर्ड मारिन की यह टीम लंबे इंतजार को खत्म करने और दमदार प्रतिद्वंद्वी को शिकस्त देने का माद्दा रखती है। पिछले साल खराब फॉर्म से जूझती दिखी भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये 2026 यादगार रहा है जिसमें एफआईएच नेशंस कप जीतकर प्रो लीग में वापसी की और पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया जो 1974 के बाद उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। विश्व कप में भारत ने ग्रुप चरण में दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2 . 2 से ड्रॉ पर रोका था जबकि भारतीय टीम में 11 खिलाड़ियों का यह पहला विश्व कप था। पूरे टूर्नामेंट में भारत एकमात्र मैच सह मेजबान नीदरलैंड से 0 . 2 से हारा था। इधर चीन को दूसरे सेमीफाइनल में मेजबान जापान ने निर्धारित 60 मिनट तक गोलरहित बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट में 4 . 2 से जीत दर्ज करके चीन फाइनल में पहुंच सका। भारत को भी दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिली और 12 पेनल्टी कॉर्नर में से सिर्फ एक पर गोल हो सका। भारत के लिये सेमीफाइनल के 44वें मिनट में इशिका और चार मिनट बाद कप्तान सलीमा टेटे ने गोल किया। कोच मारिन ने जीत के बाद कहा था ,‘‘ हमारे लिये संयम बनाये रखना जरूरी था और हमने वही किया। चीन बहुत अच्छी टीम है और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर है। हमने विश्व कप में उनसे बेहतर प्रदर्शन किया लेकिन उनके पास काफी अनुभव है।’’भारत के लिये गोलकीपर सविता और बिछू देवी ने विश्व कप का शानदार फॉर्म जारी रखा है। भारत ने पेनल्टी कॉर्नर और ओपन प्ले में गोल किये हैं हालांकि कोरिया के खिलाफ पेनल्टी कॉर्नर उतना अच्छा नहीं रहा। दीपिका छह मैचों में 21 गोल कर चुकी है जिनमें से 19 पेनल्टी कॉर्नर पर आये। नवनीत ने दस गोल दागे हैं जिनमें से सात फील्ड गोल हैं। चीन के लिये झोंग जियाकी ने नौ जबकि चेन यि और झांग यिंग ने सात सात गोल किये हैं। चीन एशियाई खेलों की सबसे कामयाब टीम रही है और 2023 में हांगझोउ खेलों समेत उसने छह खिताब जीते हैं। भारत और चीन के बीच अब तक 28 मुकाबले हुए हैं जिनमें से 12 चीन ने और 11 भारत ने जीते जबकि पांच मैच ड्रॉ रहे।
Asian Games सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से रौंदकर फाइनल में पहुंचा भारत
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एक बेमेल मुकाबले में भारतीय टीम ने 124 रनों से श्रीलंका को हराकर सेमीफाइनल जीता और शान से एशियाड फाइनल के मुकाबले में प्रवेश किया।
एशियन गेम्स 2026 में पुरुष हॉकी इवेंट के सेमीफाइनल में भारतीय टीम का सामना पाकिस्तान से हो रहा है, जिसमें दोनों टीमों की नजरें गोल्ड मेडल मुकाबले में अपनी जगह पक्की करने पर रहने वाली हैं।
IND vs SL Semi Final: श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की कैप्टेंसी वाली भारतीय टी20 टीम ने बुधवार, 01 अक्टूबर को एशिया गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल (Asian Games 2026) में श्रीलंका को 124 रनों से मात देकर फाइनल की टिकट हासिल की। अब गोल्ड जीतने के लिए भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत होगी। ये मुकाबला शनिवार, 03 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही खेला जाएगा। बिहार के लाल ने किया कमाल: सेमीफाइनल मुकाबले में बिहार के दो बेटे ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी ने टीम इंडिया की लाज बचाई। एक तरफ ईशान ने 46 गेंदों पर 4 चौके 5 छक्के लगाकर नाबाद 80 रन ठोके, वहीं दूसरी तरफ 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों पर 6 चौके 2 छक्के लगाकर 38 रनों की पारी खेली। इनके अलावा भारत के लिए सिर्फ कप्तान श्रेयस अय्यर ही 10 प्लस (13 गेंदों पर 13 रन) रन बना पाए। ईशान-वैभव की पारी के दम पर टीम इंडिया ने श्रीलंका के सामने 170 रनों का लक्ष्य रखा। बात करें श्रीलंकाई गेंदबाज़ों की तो थरिंदु रत्नायके और कप्तान सहन अराजिगे 2-2 विकेट झटके। वहीं वनुजा सहन, लसिथ क्रूसपुल्ले और नुवानिदु फर्नांडो ने एक-एक विकेट लिया। 45 रनों पर ऑल आउट हुई श्रीलंका: कोरोगी की पिच बल्लेबाज़ों के लिए एक बुरे सपने की तरह थी और इसका अंदाजा आप इससे लगा सकते हो कि श्रीलंकन टीम 9.5 ओवर ही मैदान पर टिक पाई और 45 रनों पर ऑलाउट हो गई। उनके विकेट सूखे पत्तों की तरह गिरे और छह खिलाड़ी बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। to finish things off #TeamIndia strike thrice is as many deliveries to secure a massive win and reach the Gold Medal contest Scorecard https://t.co/DjHV9q6htT #AsianGames pic.twitter.com/P4kb2TXIRE — BCCI (@BCCI) October 1, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score नुवानिदु फर्नांडो श्रीलंका के एकलौते बल्लेबाज़ रहे जिन्होंने 10 प्लस रनों की पारी खेली। उन्होंने 11 गेंदों पर 15 रन बनाए। बात करें भारतीय गेंदबाज़ों की तो जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने 2-2 विकेट झटके। उनके अलावा वाशिंगटन सुंदर ने भी एक विकेट लिया। इसी बीच श्रीलंका के तीन खिलाड़ी तो रन आउट होकर ही पवेलियन लौट गए। तो ऐसे टीम इंडिया ने दूसरा सेमीफाइनल 124 रनों से जीता और फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
Asian Games cricket में Ishan Kishan की आतिशी पारी से भारत ने बनाए 169 रन
निशिन, एक अक्टूबर ईशान किशन के 46 गेंद में नाबाद 80 रन और वैभव सूर्यवंशी के 21 गेंद में 38 रन की मदद से भारत ने एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को पुरूष क्रिकेट सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ सात विकेट पर 169 रन बनाये। स्पिनरों की मददगार पिच पर भारत ने सूर्यवंशी को अंतिम एकादश में शामिल करने का फैसला किया। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन भी टीम में हैं लेकिन बायें हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को बाहर रखा गया। तेज गेंदबाजी का जिम्मा सिर्फ जसप्रीत बुमराह पर रहेगा। श्रीलंका ने भी भारतीय बल्लेबाजों के लिये फिरकी का जाल बुना और कुछ हद तक कामयाब भी रहे। सूर्यवंशी और ईशान की पारियों के बिना भारत का स्कोर काफी कम रहता। धूप खिलने के कारण आज दोनों टीमें इन खेलों में पहली बार मैदान पर उतरी। पावरप्ले में गेंद काफी टर्न ले रही थी जिससे साबित हो गया कि स्पिनरों का दबदबा रहेगा। श्रीलंका ने तेज गेंदबाजों से दो ही ओवर डलवाये। अभिषेक (तीन गेंद में सात रन) ने श्रीलंका के कप्तान साहन अराछिगे को छक्का लगाया लेकिन उसके बाद ऊंचा शॉट खेलने के प्रयास में शॉर्ट थर्डमैन पर कैच दे बैठे। सैमसन ने नौ गेंद में सात रन बनाये और स्पिनर थारिंडु रत्नायके की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे। तीन ओवर स्पिनरों से कराने के बाद बायें हाथ के तेज गेंदबाज बिनुरा फर्नांडो को चौथे ओवर में गेंद सौंपी गई। सूर्यवंशी ने उन्हें लगातार चौके जड़कर दबाव में ला दिया। थारिंडु के तीसरे ओवर में सूर्यवंशी ने उन्हें लांग आन पर छक्का लगाया। पावरप्ले के बाद भारत का स्कोर दो विकेट पर 58 रन था। 15 वर्ष के सूर्यवंशी को अराछिगे ने शॉर्ट थर्डमैन पर लपकवाकर पवेलियन भेजा। कप्तान श्रेयस अय्यर और अक्षर पटेल बीच के ओवरों में आउट हो गए जिससे रनगति धीमी पड़ी। ईशान ने हालांकि चार चौकों और चार छक्कों की अपनी पारी के दम पर भारत को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया।
एशियाई खेल Archery में गणेश मणि रत्नम ने वियतनामी प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीता कांस्य
नागोया, एक अक्टूबर भारतीय कंपाउंड तीरंदाज गणेश मणि रत्नम थिरुमुरु ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष व्यक्तिगत स्पर्धा का कांस्य पदक जीता। बुधवार को स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा रहे गणेश ने स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर होने के बाद कांस्य पदक के मुकाबले में वियतनाम के कोंग डुक डांग को 149-144 से हराया। भारत के 20 वर्षीय तीरंदाज ने कांस्य पदक के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 में से 14 तीर 10 अंक पर लगाए। गणेश को सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया के किम जोंगहो के खिलाफ 144-148 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारतीय तीरंदाज मुमकाबले में पिछड़ता रहा और अंततः 29-30, 29-30, 29-28, 29-30, 28-30 से हार गया। गणेश ने क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के चीह लुन चेन को 148-138 से हराया था। गणेश ने सभी पांच सीरीज में जीत दर्ज की। उनका स्कोर 29-28, 29-28, 30-29, 30-26, 30-27 रहा। उन्होंने शुरुआती दो सीरीज में केवल दो बार नौ अंक का निशाना लगाया जिसके बाद लगातार 10 अंक के निशाने साधे। चिकिता तनीपार्थी हालांकि कंपाउंड वर्ग में पदक की हैट्रिक बनाने से चूक गईं। उन्होंने बुधवार को महिला टीम और मिश्रित टीम कंपाउंड स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते थे। हालांकि अंतिम आठ के मुकाबले में उन्हें इंडोनेशिया की नुरिसा दियान अशरीफाह के हाथों 143-144 (29-30, 29-30, 29-29, 29-26, 27-27) से हार का सामना करना पड़ा। चिकिता क्वार्टर फाइनल में लय हासिल नहीं कर सकीं और पांच चरण में से केवल एक चरण ही जीत पाईं। पांचवें चरण के पहले शॉट में आठ अंक हासिल करने का चिकिता को खामियाजा भुगतना पड़ा और अंततः उन्होंने एक अंक के अंतर से मुकाबला गंवा दिया।
पुरुष वॉलीबॉल क्वार्टर फाइनल में भारत को पाकिस्तान से मिली हार: एशियाई खेल
ओकाजाकी, भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम को गुरुवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा।
Asian Games 2026: जानें स्वर्ण पदक में कितने ग्राम सोना है?
एशियाई खेल 2026 में भारत ने आठ स्वर्ण पदक जीते हैं। इस लेख में जानें कि स्वर्ण पदक में कितने ग्राम सोना है और चांदी तथा कांस्य पदकों का वजन क्या है। यह जानकारी आपको खेलों के पीछे की सच्चाई को समझने में मदद करेगी।
Asian Games: भारतीय निशानेबाज Anish Bhanwala ने 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में बनाई जगह
नागोया, एक अक्टूबर भारत के अनीश भानवाला ने बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता में पुरुषों की 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। अनीष 576 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में नौवें स्थान पर रहे लेकिन फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रतियोगिता के नियम के अनुसार एक देश के अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं और इस नियम के तहत एक कोरियाई निशानेबाज को बाहर होना पड़ा। दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाजों ने क्वालीफाई किया था। अनीश को जगह तब मिली जब क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे सबसे निचली रैंकिंग वाले कोरियाई निशानेबाज सोंग जोंग हो (580) को हटना पड़ा। कोरिया के ली गनह्योक (588) और यून सियोयोंग (581) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। चीन के सु लियानबोफान ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड 592 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने एशियाई खेलों में निशानेबाजी में अब तक 15 पदक जीते हैं जिनमें तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। पुरुषों की 25 मीटर रेपिड फायर पिस्टल का व्यक्तिगत फाइनल बृहस्पतिवार को ही होगा। यह एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता की अंतिम स्पर्धा है।
Asian Games Cricket Live Update: वैभव सूर्यवंशी 38 रन पर आउट, श्रीलंका के खिलाफ भारत ने गंवाए 3 विकेट
एशियाई खेल: पुरुष वॉलीबॉल क्वार्टर फाइनल में भारत को पाकिस्तान से मिली हार
ओकाजाकी, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम को गुरुवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ सीधे सेटों में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही एशियन गेम्स में पदक जीतने का भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम का 1986 से चला आ रहा इंतजार बरकरार है।
Asian Games: सेमीफाइनल में हांगकांग से 1-2 से हारी भारतीय महिला Squash टीम, कांस्य पदक जीता
नागोया, एक अक्टूबर तन्वी खन्ना ने शानदार वापसी करते हुए भारत की उम्मीदें जीवित रखीं लेकिन अनाहत सिंह की शुरुआती मुकाबले में हार निर्णायक साबित हुई और भारतीय महिला स्क्वाश टीम को बृहस्पतिवार को यहां एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में हांगकांग के खिलाफ 1-2 की शिकस्त के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। भारत का पदक पहले ही को पक्का हो चुका था और 18 वर्षीय अनाहत पर काफी जिम्मेदारी थी। भारत की नजरें पिछले हांगझोउ एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार पर थी। हालांकि विश्व रैंकिंग में 17वें स्थान पर काबिज अनाहत ने चार मैच प्वाइंट गंवाए और दुनिया की 25वें नंबर की खिलाड़ी सिन युक चान के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में 2-3 (11-9, 11-8, 6-11, 11-13, 10-12) से हार गईं। इसके बाद दुनिया की 73वें नंबर की खिलाड़ी तन्वी ने शानदार वापसी करते हुए दुनिया की 40वें नंबर की खिलाड़ी का यी ली को 3-1 (4-11, 13-11, 11-9, 13-11) से हराकर तीन मैच के मुकाबले में भारत को बराबरी दिलाई। हालांकि अनुभवी जोशना चिनप्पा को दुनिया की 39वें नंबर की खिलाड़ी हो जे लोक के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा जिससे भारत ने मुकाबला गंवा दिया। सिन युक चान के खिलाफ अनाहत ने शानदार शुरुआत की और पहले दो गेम जीत लिए। चौथे गेम में वह 10-6 से आगे थीं लेकिन चार मैच प्वाइंट गंवा बैठीं जिससे सिन को जोरदार वापसी का मौका मिल गया। पांचवें गेम में अनाहत 7-9 से पिछड़ गईं लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया। इसके बाद सिन ने पहला मैच प्वाइंट हासिल किया। अनाहत ने बैकहैंड ड्रॉप के जरिए इसे बचाया लेकिन संयम बनाए रखने वाली सिन ने एक और मैच प्वाइंट हासिल किया और फिर मुकाबला अपने नाम कर लिया। दूसरे मैच में तन्वी को का यी ली के खिलाफ शुरुआत में काफी संघर्ष करना पड़ा और वह पहला गेम जल्दी हार गईं। दूसरे गेम में उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करते हुए रैलियों को लंबा खींचा और 10-9 पर गेम प्वाइंट हासिल किया। बैकहैंड ड्रॉप के जरिए ली ने स्कोर बराबर कर दिया। तन्वी ने एक और गेम प्वाइंट गंवाया लेकिन तीसरे प्रयास में सफलता हासिल कर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। तीसरे गेम में भारतीय खिलाड़ी 3-7 से पिछड़ गई थीं लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 9-9 कर दिया। इसके बाद गेम प्वाइंट हासिल कर तन्वी ने ली की एक और गलती का फायदा उठाते हुए गेम अपने नाम कर लिया। चौथे गेम में तन्वी ने 4-1 की बढ़त बना ली। ली ने 9-7 से बढ़त हासिल कर ली लेकिन तन्वी ने लगातार दो अंक लेकर वापसी की। ली ने गेम प्वाइंट हासिल किया जिसे तन्वी ने बचा लिया और फिर खुद मैच प्वाइंट हासिल कर लिया। पहला मैच प्वाइंट गंवाने के बाद उन्होंने दूसरे मौके को भुनाया और भारत की उम्मीदें बरकरार रखीं। निर्णायक एकल मुकाबले में जोशना का सामना हो से हुआ। भारतीय खिलाड़ी अपनी प्रतिद्वंद्वी की शारीरिक गति का सामना नहीं कर सकीं और पहले दो गेम गंवाने के बाद तीसरे गेम में छह मैच प्वाइंट से पिछड़ गईं। हालांकि जोशना ने अंतिम क्षणों में वापसी करते हुए पांच मैच प्वाइंट बचाए लेकिन अंततः गेम गंवा दिया। वह केवल 21 मिनट चले मुकाबले में 4-11, 7-11, 9-11 से हार गईं।
Asian Games 2026: पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई
पाकिस्तान ने बांग्लादेश को सेमीफाइनल में 6 विकेट से हराकर एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट इवेंट के फाइनल में जगह बना ली है। बारिश की वजह से गीले आउटफील्ड के कारण कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में 20 ओवर की जगह 13 ओवर का मैच खेला गया। पाकिस्तान को जीत के लिए 112 रन का लक्ष्य मिला था। पाकिस्तान की शुरुआत खराब रही। टीम के कप्तान और सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। माज सदाकत 7 गेंदों पर 15 और उस्मान खान 9 गेंदों पर 14 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद सईम अयूब ने 12 गेंदों पर 2 छक्कों और 1 चौके की मदद से 21 रन बनाकर लक्ष्य हासिल करने की गति बरकरार रखी। 6.1 ओवर में 53 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी पाकिस्तान की टीम को हसन नवाज और अब्दुल समद ने संभाला। दोनों ने 32 गेंदों पर नाबाद 59 रन की साझेदारी कर टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। पाकिस्तान ने 11.3 ओवर में 4 विकेट पर 112 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया और एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली। इससे पहले टॉस गंवाकर बांग्लादेश ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 111 रन बनाए थे। बांग्लादेश की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने 45 के स्कोर पर अपने शीर्ष 4 बल्लेबाज गंवा दिए। यहां से तौहिद हृदोय और मोसद्दक हुसैन ने पारी को संभाला और पांचवें विकेट के लिए 30 गेंदों पर 53 रन की अहम साझेदारी की। तौहिद 25 गेंदों पर 4 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 42 रन बनाकर आउट हुए। मोसद्दक ने 16 गेंदों पर 11 रन बनाए। आखिरी ओवरों में मेहदी हसन ने 4 गेंदों पर नाबाद 8 रन बनाकर टीम का स्कोर 7 विकेट पर 111 रन तक पहुंचाया। ओपनर सैफ हसन ने 17 गेंदों पर 2 छक्कों और 1 चौके की मदद से 19 रन बनाए थे। 6.1 ओवर में 53 रन पर 4 विकेट गंवा चुकी पाकिस्तान की टीम को हसन नवाज और अब्दुल समद ने संभाला। दोनों ने 32 गेंदों पर नाबाद 59 रन की साझेदारी कर टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया। पाकिस्तान ने 11.3 ओवर में 4 विकेट पर 112 रन बनाकर मैच 6 विकेट से जीत लिया और एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में जगह बना ली। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
एशियन गेम्स 2026 में भारत और श्रीलंका की क्रिकेट टीम के बीच में सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाएगा, जिसमें टीम इंडिया की नजरें गोल्ड मेडल मुकाबले को लेकर अपनी जगह पक्की करने पर रहने वाली हैं।
Asian Games Volleyball: क्वार्टर फाइनल में Pakistan से 0-3 से हारा भारत
नागोया, एक अक्टूबर भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम का एशियाई खेलों में 40 साल बाद पदक जीतने का सपना बृहस्पतिवार को उस समय टूट गया जब उसे क्वार्टर फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी और ऊंची रैंकिंग वाले पाकिस्तान के हाथों 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी पूरी तरह लय से बाहर नजर आए और विश्व रैंकिंग में 38वें स्थान पर काबिज पाकिस्तान के खिलाफ एक घंटे 22 मिनट तक चले पहले क्वार्टर फाइनल में 19-25, 23-25, 18-25 से हार गए। इस हार के साथ विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर मौजूद भारत की 1986 में दक्षिण कोरिया में कांस्य पदक जीतने के बाद पहली बार पोडियम पर जगह बनाने की उम्मीद भी खत्म हो गई। पुरुष वॉलीबॉल में भारत ने एशियाई खेलों में दो अन्य पदक भी जीते हैं जो 1958 में कांस्य और 1962 में रजत पदक हैं। भारत की ओर से अश्वल राय ने सर्वाधिक नौ अंक जुटाए जबकि जेरोम विनीत, जोएल बेंजामिन जेबराज और चिराग यादव ने आठ-आठ अंक बनाए। पाकिस्तान की ओर से मुराद खान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 19 अंक जुटाए जबकि उस्मान फरयाद अली ने 13 अंक बनाए। भारत ने ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी मुकाबले जीते थे। उसने वियतनाम, हांगकांग चीन और ऊंची रैंकिंग वाले कतर को हराकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया था।
India Asian Games Medals Tally Today- एशियन गेम्स 2026 के 12वें दिन भारत की नजरें मेडल संख्या बढ़ाने पर होगी। भारत अभी तक 10 गोल्ड समेत 60 मेडल जीत चुका है।
Asian Market Today: मजबूत बॉन्ड यील्ड से US बाजारों के भी सेंटिमेंट खराब हुए। US बाजार ऊपरी स्तरों से फिसले। डाओ हाई से करीब 600 प्वाइंट नीचे आया। डाओ फ्यूचर्स ऊपर ट्रेड करते दिखे। वहीं एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार हो रहा है। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.7% की गिरावट आई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.62% गिर गया। जापान के बेंचमार्क इंडेक्स में मिली-जुली स्थिति रही। निक्केई 225 में 1.28% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक टोपिक्स 0.56% गिर गया। करेंसी में कोई खास हलचल नहीं दिखी। जापानी येन 157.39 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा और ऑफशोर युआन 6.7086 पर रहा।एशिया में यह हिचकिचाहट बुधवार, 30 सितंबर को न्यूयॉर्क में आए बदलाव को दर्शाती है। महंगाई के आंकड़े जारी होने के बाद तीनों प्रमुख इंडेक्स चढ़े, लेकिन फिर उन्होंने अपनी ज़्यादातर बढ़त गंवा दी। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 450 अंक गिर गया। यह ऊपर खुला था और अपने उच्चतम स्तर पर बंद होने के स्तर से लगभग 600 अंक ऊपर तक चढ़ गया था।S&P 500 अपने इंट्राडे हाई से 70 अंक गिरकर 0.25% नीचे बंद हुआ, जो जून के बाद से इसका सबसे खराब महीना रहा। नैस्डैक का प्रदर्शन बेहतर रहा और यह 0.2% ऊपर बंद हुआ, हालांकि यह भी अपने उच्चतम स्तर से 250 अंक गिर गया था।शुरुआती कारोबार में US स्टॉक फ्यूचर्स में थोड़ी बढ़त हुई। माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा मजबूत आउटलुक देने और साथ ही मुनाफ़े के मार्जिन में कमी की चेतावनी देने के बाद नैस्डैक 100 कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.2% की बढ़त हुई।US फेडरल रिज़र्व का पसंदीदा पैमाना, पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) इंडेक्स, अगस्त में महीने-दर-महीने 0.3% बढ़ा, जो अनुमान के मुताबिक था। हालांकि, सालाना PCE महंगाई 3.4% रही, जो अर्थशास्त्रियों के 3.7% के अनुमान से काफी कम थी। कोर PCE - जिसमें ऊर्जा और भोजन की लागत शामिल नहीं होती - सालाना आधार पर 3% बढ़ा, जबकि उम्मीद 3.3% की थी। इन आंकड़ों ने फेड की अक्टूबर की बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना को कम कर दिया है, और मनी मार्केट अब बढ़ोतरी की संभावना 40% से कम मान रहे हैं। कम अवधि वाले ट्रेजरी यील्ड में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, जबकि 30-साल के यील्ड 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब बने रहे।जापान में, गुरुवार को बैंक ऑफ जापान की 17-18 सितंबर की बैठक में बनी राय का सारांश जारी किया गया। इससे पता चला कि नीति निर्माता अब महंगाई को 2% के लक्ष्य से ऊपर जाने से रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। गवर्नर काज़ुओ उएदा के बोर्ड ने पॉलिसी रेट को 1.25% तक बढ़ाने के लिए 7-2 से वोट किया था, जो 1995 के बाद का उच्चतम स्तर है। यह कदम जून में हुई बढ़ोतरी के ठीक तीन महीने बाद उठाया गया, जो 1990 के बाद से बढ़ोतरी के बीच का सबसे कम अंतराल था।एक सदस्य ने कहा कि धीरे-धीरे कीमतों में बढ़ोतरी की कोशिशों के 13 साल बाद बैंक एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। दूसरों ने सुझाव दिया कि न्यूट्रल रेट अनुमान से अधिक हो सकता है और दरों को जल्दी बढ़ाना उचित होगा।क्रूड में दबावबुधवार को इंट्राडे में $104 प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद ब्रेंट क्रूड $98 प्रति बैरल के आसपास बंद हुआ। नवंबर डिलीवरी के लिए वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.4% गिरकर $90.07 पर आ गया, जबकि एक दिन पहले इसमें 1.2% की बढ़ोतरी हुई थी।वॉल स्ट्रीट के विश्लेषकों और व्यापारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया से कच्चे तेल का प्रवाह युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच रहा है, हालांकि ईंधन की आपूर्ति पीछे रह गई है। जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी के विश्लेषकों ने 29 सितंबर के एक नोट में कहा कि क्षेत्र से तेल का निर्यात फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने युद्धग्रस्त क्षेत्र के लिए इस वापसी को उल्लेखनीय बताया, लेकिन यह भी कहा कि यह असमान रही है।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा सुस्त शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी क्या बदलेगा बाजार की चाल(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
एशियन गेम्स में एक अक्टूबर को भारत के कई अहम मुकाबले होंगे। पुरुष वॉलीबॉल क्वार्टर फाइनल में पाकिस्तान से भिड़ेगा, जबकि हॉकी टीम सेमीफाइनल में पाकिस्तान के सामने होगी।
Asian Games 2026 Live Updates: हॉकी में भारत बनाम पाकिस्तान, शूटिंग में पदक की उम्मीद
एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में अब तक कुल 60 मेडल जुड़ चुके हैं, जिसमें अभी और बढ़ोतरी होना तय है। वहीं आज सभी की नजरें भारत और पाकिस्तान के बीच में हॉकी में होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले पर रहने वाली हैं।
Asian Games 2026 में आज फिर मेडल्स की बौछार होने की उम्मीद है। भारत पहले ही 60 पदक जीत चुका है। क्रिकेट टीम आज मैदान में होगी। ऐसे में जान लीजिए कि 1 अक्टूबर का शेड्यूल क्या है?
Moradabad News: लोग कहते थे लड़की है, बॉक्सर नहीं बन पाएगी... एशियाई खेल में पदक ले लाई प्रिया
लोग कहते थे लड़की है, बॉक्सर नहीं बन पाएगी... एशियाई खेल में पदक ले लाई प्रिया
Karnal News: एशियाई निशानेबाजी में अनीश ने किया अगले दौर में प्रवेश
एशियाई निशानेबाजी में अनीश ने किया अगले दौर में प्रवेश
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने पर तीरंदाज चिकिता को बधाई दी
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को एशियाई खेलों में एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन करने वाली तेलंगाना की तीरंदाज चिकिता तनिपार्थी को...
मोदी-ट्रंप की फोन पर बातचीत, व्यापार से लेकर West Asia तक कई मुद्दों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ-साथ भारत-अमेरिका के बीच द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। यह बातचीत ऐसे समय हुई है ...
एशियाई खेलों में Neeru Dhanda ने दो स्वर्ण पदक जीतकर पूरा किया हथेली पर लिखा संकल्प
(अजय मसंद)नागोया, 30 सितंबर भारतीय निशानेबाज नीरू धांडा की हथेली पर लिखे शब्द ‘अबकी बार गांठ बांध रखी है...102 फीसदी (स्वर्ण)’ खुद से किया गया वादा था जिसका मोटे तौर पर मतलब है ‘इस बार मैं पूरी तरह दृढ़ हूं’। और 27 साल की इस निशानेबाज ने इसे शानदार अंदाज में पूरा किया। उन्होंने एशियाई खेलों में लगातार दो स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता में भारत की प्रमुख प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई। जब भी थकान, बीमारी और प्रतिकूल मौसम उनके अभियान को पटरी से उतारने का भय पैदा करते, हथेली पर लिखे हुए ये शब्द उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने और प्रक्रिया पर भरोसा रखने की याद दिलाते रहे। मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में ऐतिहासिक जीत के बाद नीरू ने बुधवार को कायनन चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ महिलाओं की टीम स्पर्धा का रजत भी जीता था। लगातार होने वाली इन स्पर्धाओं ने शारीरिक रूप से असर डाला। एक दिन पहले व्यक्तिगत स्पर्धा के दौरान ठंड और लगातार बारिश में करीब तीन घंटे निशाना साधने के बाद नीरू जब मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन के लिए रेंज पर लौटीं, तब भी थकान का असर दिख रहा था। लेकिन उन्होंने थकान को खुद पर हावी नहीं होने दिया। नीरू ने कहा, ‘‘हम लगातार पांच या छह दिन निशानेबाजी करते हैं, इसलिए बार-बार उसी प्रक्रिया को दोहराने से शरीर और दिमाग धीरे-धीरे बेहतर होते जाते हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘आज भी वही चुनौती थी। मैं थकी हुई थी, लेकिन मुझे खुद को आगे बढ़ाना था और मैं लगातार आगे बढ़ती रही। अहम यही था कि संयम रखा जाए और निशानों में चूक से उनकी लय नहीं बिगड़े। उन्होंने कहा, ‘‘निशाने लग भी रहे थे और चूक भी रहे थे। लेकिन मैं खुद को उससे प्रभावित नहीं होने दे रही थी। मुझे खुद को मजबूत रखना था और प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना था। मौसम शरीर को प्रभावित करता है। शरीर थक जाता है, और ऐसा हर किसी के साथ होता है। कल बहुत ठंड थी, और मेरा शरीर अकड़ गया था। ’’नीरू ने कहा, ‘‘मैं लगातार दो से तीन घंटे तक गीले कपड़े पहने हुए थी। सुबह मुझे अच्छा महसूस नहीं हो रहा था। मेरे फिजियो अश्विनी ने हर राउंड से पहले मुझे उबरने में मदद की। मेरे साथियों में खासकर कायनन भैया ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मैं थोड़ी कमजोर थी, लेकिन मैं उबरने में कामयाब रही।
Asian Games में Neeru Dhanda और Kynan Chenai ने ट्रैप मिक्स्ड टीम में जीता Gold Medal
(अजय मसंद)नागोया, 30 सितंबर व्यक्तिगत वर्ग में खिताब जीतने वाली नीरू धांडा ने काइनन चेनाई के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता जिससे बुधवार को उनका ऐतिहासिक अभियान पूरा हुआ और वह यहां चल रहे एशियाई खेलों में सबसे सफल भारतीय एथलीट बन गईं। छब्बीस वर्षीय निशानेबाज ने एक दिन पहले एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था। इस तरह उन्होंने तीन पदकों की शानदार उपलब्धि पूरी की जिसमें महिलाओं की टीम ट्रैप स्पर्धा का रजत भी शामिल है। यह जीत और भी उल्लेखनीय रही क्योंकि नीरू को खेलों से 10 दिन पहले बीमार होने के कारण एच1एन1 की आंशका के चलते भारत में अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था और वह थकान और बीमारी के बाद की कमजोरी से जूझ रही थीं। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में 40 में से 34 निशानों के एशियाई और खेल रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने कतर (32) को हराकर भारतीय शॉटगन निशानेबाजी के लिए एक और ऐतिहासिक क्षण रचा। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और दो बार के ओलंपिक चैंपियन माइकल डायमंड द्वारा प्रशिक्षित कतर को तीन शॉट रहते हरा दिया। नीरू हालांकि अपने अंतिम दो निशानों में चूक गईं लेकिन तब तक वह भारत की जीत सुनिश्चित कर चुकीं थीं। इसके बाद हुआ जश्न उपलब्धि जितना ही जोरदार था। नीरू ने मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ टीम रजत जीता था। नीरू एक दिन पहले व्यक्तिगत स्वर्ण पदक के दौरान लगभग तीन घंटे बारिश से जूझने के बाद थकी हुई दिखीं और बुधवार को मिश्रित टीम क्वालीफिकेशन में 75 में से केवल 63 निशाने लगा सकीं। हालांकि काइनन ने मौके का पूरा फायदा उठाया। पुरुषों की ट्रैप प्रतियोगिता में निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद इस अनुभवी निशानेबाज ने 75 में से शानदार 73 निशाने लगाकर भारत का संयुक्त स्कोर 136 तक पहुंचाया और फाइनल में जगह पक्की की। चीन ने 142 के खेल रिकॉर्ड के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया, उसके बाद कतर 139 और ईरान 138 पर रहे जबकि भारत चौथे स्थान पर रहते हुए किसी तरह फाइनल में पहुंचा। कुछ समय के लिए भारतीयों के लिए फाइनल में जगह भी अनिश्चित लग रही थी। हालांकि क्वालीफिकेशन और फाइनल के बीच दो घंटे के अंतराल ने नीरू को कुछ जरूरी समय संभलने के लिए दिया। भारत के लिए फाइनल की शुरुआत चिंताजनक रही। काइनन अपने शुरुआती शॉट से चूक गए जबकि नीरू अपने पहले पांच में से तीन निशानों से चूक गईं जिससे शुरुआती 10 प्रयासों में उनके खाते में केवल छह निशाने रह गए। पहली सीरीज में चार चूक के साथ भारतीय जोड़ी बाहर होती लग रही थी। लेकिन काइनन ने कमान संभाली, अपनी लय हासिल की। उन्होंने अपने अगले 19 शॉट लगातार निशाने पर लगाए जिससे नीरू को मुकाबले में स्थिर होने के लिए जरूरी स्थिरता और आत्मविश्वास मिला। नीरू ने अपनी शुरुआती तीन चूक के बाद लगातार 13 निशाने लगाए जिससे भारत को केवल दो शॉट बाकी रहते कतर पर तीन शॉट की निर्णायक बढ़त बनाने में मदद मिली। हालांकि नीरू अपने अंतिम दो प्रयासों में लड़खड़ा गईं लेकिन तब तक पदक सुरक्षित हो चुका था। भारत ने ऐसी बढ़त बना ली थी जिसे पलटना संभव नहीं था और कतर अब उनकी स्थिति को चुनौती नहीं दे सकता था। इस जोड़ी ने डगमगाती शुरुआत को दबदबे वाले अंत में बदल दिया और ऐसा स्वर्ण दिलाया जिसने शॉटगन शूटिंग में भारत की ताकत को और रेखांकित किया। नीरू ने कहा, ‘‘हां, कल तीन घंटे बारिश में पूरी तरह भीगने के बाद मैं थक गई थी। मेरे कपड़े गीले और ठंडे थे। अस्पताल में कई दिन बिताने के बाद मैं अब भी अपनी बीमारी से उबर रही हूं। लगातार दिनों में प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल था। ’’काइनन के लिए यह उनका तीसरा एशियाई खेल पदक था जिसमें हांग्झोउ चरण में जीते पुरुषों की टीम ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण और व्यक्तिगत कांस्य भी शामिल हैं। बुधवार का उनका प्रदर्शन निराशाजनक व्यक्तिगत अभियान के बाद खास तौर पर संतोषजनक रहा और उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता की बंदूक की बैरल को दिया। सैंतीस साल के काइनन उस बैरल से निशाना लगा रहे थे जो उनके पिता डेरियस का था, जो दो बार के राष्ट्रीय ट्रैप चैंपियन हैं और अब भी सीनियर वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हैं। उनके पिता ने यह बैरल लगभग तीन दशक पहले खरीदा था और यह उनके लिए भाग्यशाली आकर्षण बन गया था। काइनने ने कहा, ‘‘आज मैंने जिस बैरल से निशाना लगाया, वह मेरे पिता का है। मैं खुश हूं कि यह मेरे लिए इतना भाग्यशाली साबित हुआ। उम्मीद है कि वह मुझसे इसे वापस मांगेंगे नहीं। ’’दो स्वर्ण सहित तीन पदकों के साथ नीरू भारतीय दल की प्रमुख प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों में से एक बन गई हैं और उन्होंने देश के शॉटगन निशानेबाज इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें समापन समारोह में ध्वजवाहक की भूमिका के लिए चुने जाने की उम्मीद है तो नीरू ने कहा कि वह इस सम्मान को खुशी से स्वीकार करेंगी।
Asian Games 2026: Top 10 में India की Entry, कल Cricket और Hockey पर सबकी नजरें
भारत के लिए एशियाई खेल 2026 का अब तक का सबसे सफल दिन रहा, जिसमें उसने चार गोल्ड मेडल जीते। एशियाई खेलों के 12वें दिन भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बुधवार को पुरुषों, महिलाओं और मिक्स्ड कंपाउंड तीरंदाजी टीम इवेंट में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाई। भारत के मुक्केबाजों ने भी तीन ब्रॉन्ज़ मेडल जीते; प्रिया घांघस, नरेंद्र बेरवाल और कपिल पोखरिया ने पोडियम पर जगह बनाई। लवलीना बोरगोहेन ने महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की। सुनील कुमार ने इस इवेंट में भारत के लिए कुश्ती में पहला मेडल (ब्रॉन्ज़) जीता। भारतीय महिला हॉकी टीम 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीतने के करीब पहुंच गई जिसने दक्षिण कोरिया को 2 . 0 से हराकर आठ साल बाद फाइनल में जगह बनाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games: पहलवान Sunil Kumar ने जीता Bronze Medal, कुश्ती में भारत का खाता खुला भारत ने अब तक 60 मेडल जीते हैं, जिनमें 10 गोल्ड मेडल शामिल हैं, और वे टॉप 10 में जगह बनाने में कामयाब रहा। इसमें 21 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज़ शामिल है। अस्मिता डे महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के ब्रॉन्ज़ मेडल मुकाबले में हार गईं और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने से चूक गईं। इस तरह उनका एशियाई खेलों का सफ़र बिना किसी मेडल के खत्म हुआ। भारत की पुरुष और महिला स्क्वाश टीम ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया। भारतीय टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल एशियाई खेलों में पुरुषों के सिंगल्स क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँच गए। गुरुवार को 13वें दिन भारत का अभियान रहेगा जिसमें खिलाड़ी 17 खेलों में हिस्सा लेंगे। भारतीय खिलाड़ी तीरंदाज़ी, शूटिंग और बॉक्सिंग समेत कई मेडल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। भारत बृहस्पतिवार को पुरुष हॉकी सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के साथ अंतरराष्ट्रीय हॉकी की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक को फिर जीवंत करेगा तो टीम की नजरें 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफिकेशन हासिल करने पर भी टिकी होंगी। इसे भी पढ़ें: Asian Games Shooting: Neeru Dhanda और Kynan Chenai ने Trap Mixed Team में जीता Gold Medal भारत की मजबूत टीम और श्रीलंका की दूसरी श्रेणी की टीम के बीच एशियाई खेलों में बृहस्पतिवार को होने वाले पुरुष क्रिकेट सेमीफाइनल से पहले खराब मौसम चर्चा का विषय बना हुआ है जिसके कारण दोनों टीम क्वार्टर फाइनल का अपने-अपने मैच नहीं खेल पाई और उन्हें अभ्यास करने का भी मौका नहीं मिला। नागोया पहुंचने के बाद से भारी बारिश के कारण भारतीय टीम को ज्यादा अभ्यास करने का मौका नहीं मिला है। सेमीफाइनल से ठीक पहले आसमान साफ हुआ है। बृहस्पतिवार और शुक्रवार को भी मौसम साफ रहने की भविष्यवाणी है लेकिन फाइनल के दिन यानि शनिवार को बारिश आ सकती है। बारिश के कारण चारों क्वार्टर फाइनल मैच रद्द करने पड़े थे।
Asian Games: पहलवान Sunil Kumar ने जीता Bronze Medal, कुश्ती में भारत का खाता खुला
बुधवार को एशियाई खेलों में भारतीय पहलवान सुनील कुमार ने पुरुषों के ग्रीको-रोमन 87 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह इस कॉन्टिनेंटल इवेंट में भारत का कुश्ती में पहला मेडल था। सुनील ने फिलीपींस के कैलम जॉनस्टन रॉबर्ट्स के खिलाफ़ शानदार प्रदर्शन करते हुए 'टेक्निकल सुपीरियरिटी' के आधार पर 9-0 से जीत हासिल की। उन्होंने पूरे मुकाबले के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा, रॉबर्ट्स को कोई भी पॉइंट नहीं बनाने दिया और लगातार अपनी बढ़त बढ़ाते हुए आसानी से जीत दर्ज की। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में भारत को Shooting और Archery में मिले Gold, PM Modi ने दी बधाई इस कामयाबी के साथ सुनील कुमार एशियाई खेलों में दो ग्रीको-रोमन रेसलिंग मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बन गए। बुधवार को हुए दूसरे इवेंट्स में, भारतीय शूटिंग जोड़ी नीरू ढांडा और कायन चेनाई ने मिक्स्ड ट्रैप टीम शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। यह ट्रैप मिक्स्ड टीम कॉम्पिटिशन में भारत का पहला गोल्ड मेडल है। आर्चरी में, ज्योति वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। उनका स्कोर 2014 में बने दक्षिण कोरिया के 238 के वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर रहा। इसे भी पढ़ें: Indian Archery Team ने Asian Games में China को हराकर जीता Gold Medal, पूरी की हैट्रिक नीरू ढांडा, जिन्होंने पहले महिलाओं के ट्रैप इंडिविजुअल इवेंट में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था, ने कायन चेनाई के साथ मिलकर 34 का स्कोर किया। उन्होंने इस साल की शुरुआत में कतर द्वारा बनाए गए 30 के एशियाई खेलों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कतर ने 32 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता, जबकि चीन ने 23 के स्कोर के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया।
Asian Games 2026 में भारत को Shooting और Archery में मिले Gold, PM Modi ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेल 2026 में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की शूटिंग जोड़ी नीरू ढांडा और कायन चेनाई, और कंपाउंड तीरंदाजी की तिकड़ी ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी की तारीफ़ की। बुधवार को आइची-नागोया में चल रहे एशियाई खेलों में, भारत की शूटिंग जोड़ी नीरू ढांडा और कायन चेनाई ने मिक्स्ड ट्रैप टीम शूटिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और साथ ही खेलों का नया रिकॉर्ड भी बनाया। ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है। इसे भी पढ़ें: Kerala में BJYM ने रोकी खेल मंत्री O. J. Janeesh की गाड़ी, दिखाए काले झंडे तीरंदाजी में, ज्योति वेन्नम, चिकिता तनिपार्थी और पृथिका प्रदीप वाली भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने चीन को 238-234 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। गोल्ड मेडल जीतने के लिए उन्होंने 2014 में दक्षिण कोरिया द्वारा बनाए गए 238 के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से PMO इंडिया ने X पर महिला तीरंदाजों के लिए लिखा कि भारत के लिए गोल्ड! एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के कंपाउंड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर ज्योति सुरेखा वेन्नम, पृथिका प्रदीप और चिकिता तनिपार्थी को बधाई। यह इसलिए भी खास है क्योंकि उनके प्रदर्शन ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी भी की। यह हमारी तीरंदाजों के लिए एक शानदार उपलब्धि है। पूरी टीम को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं। नीरू और काइनन के लिए पोस्ट करते हुए, पीएम मोदी ने इसे भारतीय शूटिंग के लिए एक यादगार उपलब्धि बताया। PMOIndia के आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया गया कि 2026 एशियाई खेलों में ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर नीरू और काइनन चेनाई को बधाई। इस भारतीय जोड़ी ने फ़ाइनल में एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए इस इवेंट में भारत के लिए पहला एशियाई खेल गोल्ड मेडल जीता। यह भारतीय शूटिंग के लिए एक यादगार उपलब्धि है। दोनों एथलीटों को बहुत-बहुत बधाई! आने वाले समय में वे हमेशा ऐसे ही चमकते रहें। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Esha Singh ने 25 मीटर पिस्टल में जीता सिल्वर, मनु भाकर पदक से चूकीं नीरू, जिन्होंने पहले महिलाओं के ट्रैप व्यक्तिगत इवेंट में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था, ने कायनन के साथ मिलकर 34 का स्कोर बनाया। यह स्कोर एशियन गेम्स के 30 के रिकॉर्ड (जिसे इस साल की शुरुआत में कतर ने बनाया था) से बेहतर था। सिल्वर मेडल कतर (32) को मिला और चीन (23) ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। ट्रैप मिक्स्ड टीम इवेंट में यह भारत का पहला गोल्ड मेडल है। नीरू ने मंगलवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। नीरू की ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीत भारतीय शूटिंग के लिए एक अहम पल था, क्योंकि वह ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीतने वाली देश की पहली महिला बनीं। उन्होंने अपने पहले एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड में एशियन रिकॉर्ड भी बनाया; उन्होंने 30 में से सिर्फ़ दो शॉट मिस किए और 28 का स्कोर किया।
Lovlina Borgohain पहुंचीं Asian Games Final में, Priya Ghanghas को मिला Bronze
ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जगह पक्की की, लेकिन प्रिया घंघास को सेमीफाइनल में हारने के कारण कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। लवलीना ने 75 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की मुक्केबाज नतालिया बोगदानोवा पर 3-2 के विभाजित फैसले से जीत हासिल की। बोगदानोवा 70 किलोग्राम में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। इससे वह लगातार दो बार एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। प्रिया हालांकि महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हार गई और इस तरह से उन्हें कांस्य पदक मिला। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही 20 वर्षीय प्रिया को अपने कहीं अधिक अनुभवी चीनी प्रतिद्वंद्वी से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों में एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे लेकिन इस बार उसने छह पदक पक्के कर रखे हैं। परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं और शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे। सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल ने मंगलवार को कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। कपिल पोखरिया (90 किग्रा) दिन में बाद में अपने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगे।
Asian Games Shooting: Neeru Dhanda और Kynan Chenai ने Trap Mixed Team में जीता Gold Medal
व्यक्तिगत वर्ग में खिताब जीतने वाली नीरू ढांडा ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए काइनन चेनाई के साथ मिलकर बुधवार को यहां एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता की ट्रैप मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने इस दौरान नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। भारतीय जोड़ी ने चौथे स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। उन्होंने फाइनल में 34 का स्कोर बनाया। कतर के मोहम्मद अल रुमैही और रे बासिल ने 32 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। इससे पहले कतर के नाम पर 30 अंक का एशियाई रिकॉर्ड दर्ज था, जो उन्होंने इसी साल जनवरी में बनाया था। चीन की क्यूई यिंग और सन युनोंग को 23 अंक के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। नीरू ने इस तरह से एशियाई खेलों में अपने अभियान का शानदार अंत किया। वह मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली निशानेबाज बनीं थीं और इस दौरान उन्होंने नया एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया था। इससे पहले उन्होंने महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक दिलाया था। इस तरह से उन्होंने तीन पदक अपनी झोली में डाले। इस स्पर्धा में भाग लेने वाली 12 टीमों में से कुल चार टीम ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। क्वालीफाइंग में भारत ने 136 का स्कोर बनाया था। चीन 150 में से 142 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में शीर्ष पर रहा। उसके बाद कतर (139) और ईरान (138) का स्थान रहा। क्वालीफाइंग राउंड में दोनों भारतीयों में काइनन ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कुल 73 अंक हासिल किए, जबकि नीरू ने 63 अंक बनाए। काइनन ने फाइनल में भी लगातार अच्छे शॉट लगाकर अपनी शानदार फॉर्म को बरकरार रखा, वहीं नीरू ने भी लड़खड़ाती शुरुआत के बाद जोरदार वापसी की। काइनन के पिता डेरियस भी राष्ट्रीय स्तर के शॉटगन निशानेबाज थे। काइनन ने अपनी और नीरू की जोड़ी को भाग्यशाली करार दिया। इससे पहले यह दोनों इस साल विश्व कप में कांस्य पदक जीत चुके थे। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि हम मिश्रित टीम के रूप में जोड़ी बनाकर रखेंगे, लेकिन यह सब महासंघ पर भी निर्भर करता है।’’ नीरू ने कहा कि क्वालीफाइंग राउंड में उनका स्कोर उतना अच्छा नहीं रहा। उन्होंने कहा, ‘‘कल की प्रतियोगिता के कारण शरीर में अकड़न आ गई थी तथा बारिश व ठंड का शरीर पर बुरा असर पड़ा।
एशियाई खेल 2026: भारत की चार बेटियों ने रचा इतिहास, 4x400 मीटर रिले में जीता स्वर्ण पदक|
जापान के नागोया में एशियाई खेल 2026 की महिलाओं की 4x400 मीटर रिले रेस में भारत की चार जुझारू एथलीटों ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
Indian Archery Team ने Asian Games में China को हराकर जीता Gold Medal, पूरी की हैट्रिक
भारतीय पुरुष टीम ने फ़ाइनल में चीन को हराकर शानदार वापसी की। इससे पहले मिक्स्ड टीम और महिला टीम के भी टॉप पर रहने के बाद, देश के कंपाउंड तीरंदाज़ों ने एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी कर ली। कुशल दलाल, साहिल राजेश जाधव और गणेश मणिरत्नम थिरुमुरु वाली भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने तीरंदाजी इवेंट में चीन को 238-237 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। तीरंदाजी में भारत का यह तीसरा गोल्ड मेडल है। इसे भी पढ़ें: BSE में BNP Paribas और Goldman Sachs ने बेची 2186 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी चीनी टीम में जियाहाओ लियाओ, जिनी लियू और जिंग्यु शी शामिल थे। सेमीफाइनल में, भारत ने चोई यून ग्यु, चोई योंगही और किम जोंगहो वाली कोरियाई टीम को 236-229 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इससे पहले, चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव की भारतीय कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने कोरिया को एक रोमांचक शूट-ऑफ में हराकर गोल्ड मेडल जीता और 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया, जबकि महिला टीम भी शीर्ष पर रही। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत का कमाल, कंपाउंड तीरंदाजी में मिक्स्ड और महिला टीम ने जीते Gold इस प्रकार भारत ने हांगझोऊ में हुए पिछले एशियाई खेलों में जीते तीनों खिताबों को बरकरार रखा। फाइनल में, तीसरे और पांचवें शॉट में दो 9 अंक आने के बाद भारत पहले एंड में 58-60 से पीछे हो गया। हालांकि, अगले एंड में उन्होंने लगातार छह 10 अंक हासिल किए और दूसरे एंड तक 118-120 की बढ़त बना ली। तीसरे एंड तक भारत ने अंतर को घटाकर 178-179 कर दिया। इसके बाद चीन के जियाहाओ लियाओ ने 8 अंक हासिल किए, जबकि भारत ने अंतिम छह शॉट्स में त्रुटिहीन प्रदर्शन करते हुए सनसनीखेज जीत दर्ज की।
उधार की बंदूक से एशियाई खेलों के स्वर्ण तक पहुंचीं नीरू ढांडा, रचा ऐतिहासिक रिकॉर्ड
नीरू को 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में लक्ष्य श्योराण की रजत पदक जीतने की उपलब्धि ने निशानेबाजी की ओर आकर्षित किया। उस समय उन्हें इस खेल के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं थी। लेकिन लक्ष्य की सफलता ने उन्हें खुद निशानेबाजी आजमाने के लिए प्रेरित किया।
Asian Games: मिक्स्ड Trap Shooting में भारत ने जीता Gold Medal, बना नया रिकॉर्ड
भारत ने मिक्स्ड टीम ट्रैप शूटिंग फ़ाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। नीरू ढांडा और कायन चेनाई ने मिलकर बेहतरीन खेल दिखाया और 34 पॉइंट्स के साथ टॉप पर रहते हुए गोल्ड मेडल जीता। भारतीय जोड़ी ने फ़ाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए कतर को पीछे छोड़ा, जिसने 32 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया। चीन ने 23 पॉइंट्स के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, जबकि ईरान 12 पॉइंट्स के साथ चौथे स्थान पर रहा। 30 सितंबर तक, भारत 57 मेडल्स (नौ गोल्ड, 21 सिल्वर और 27 ब्रॉन्ज़) के साथ मेडल टेबल में आठवें स्थान पर है। इसे भी पढ़ें: Asian Games: स्पीड क्लाइंबिंग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे Deepu Mallesh भारतीय जोड़ी ने निर्णायक फ़ाइनल में अपना संयम बनाए रखा और 34 अंकों के साथ जीत हासिल की, जो कतर से दो अंक ज़्यादा थे। यह जीत नीरू ढांडा और कायन चेनाई की थी, जिनकी मिली-जुली कोशिशों ने भारत को पोडियम पर सबसे ऊपर पहुँचाया। उनके प्रदर्शन से इस इवेंट में एक नया रिकॉर्ड भी बना, जिससे एशियाई खेलों में भारत के शूटिंग अभियान में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई। इससे पहले चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया जबकि भारतीय महिला टीम ने भी इसी स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किया था। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 | स्वर्णिम निशाना! भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए चीन को रौंदकर जीता गोल्ड इस तरह भारत की दोनों टीम ने हांगझोउ एशियाई खेल 2023 में जीते अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। चीन की फांगयाओ एफ वेई और जिनयी लियू ने कांस्य पदक जीता। भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था।
Asian Games: स्पीड क्लाइंबिंग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे Deepu Mallesh
भारत के दीपु मल्लेश ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष स्पीड क्लाइंबिंग स्पर्धा के क्वालीफिकेशन दौर में 11वां स्थान हासिल करके क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। भारत के 28 वर्षीय मल्लेश पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने 5.09 सेकेंड का अपना सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया। वह चार लेन वाली 15 मीटर ऊंची दीवार की बी लेन पर चढ़ाई कर रहे थे। क्वालीफिकेशन के बाद शीर्ष 16 स्पीड क्लाइंबर चार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाते हैं जिनमें प्रत्येक में चार लेन में चार खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस चरण के बाद शीर्ष आठ खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेंगे जिसके बाद चार खिलाड़ी फाइनल में पदकों के लिए चुनौती पेश करेंगे। इससे पहले 19 वर्षीय जोगा पुर्ती ने भी क्वालीफिकेशन दौर में नौवां स्थान हासिल कर महिला स्पीड क्लाइंबिंग के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। स्पोर्ट क्लाइंबिंग को 2018 से ही एशियाई खेलों में शामिल किया गया है और तोक्यो 2020 में यह ओलंपिक स्पर्धा बनी। भारत ने अब तक एशियाई खेलों में स्पोर्ट क्लाइंबिंग में कोई पदक नहीं जीता है।
Asian Games: भारतीय मुक्केबाज Priya Ghanghas सेमीफाइनल में हारीं, मुक्केबाजी में जीता कांस्य पदक
भारतीय मुक्केबाज प्रिया घंघास बुधवार को यहां एशियाई खेलों की मुक्केबाजी प्रतियोगिता के महिलाओं के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की पूर्व विश्व चैंपियन यांग चेंग्यू से हार गई और इस तरह से उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही 20 वर्षीय प्रिया अपने कहीं अधिक अनुभवी चीनी प्रतिद्वंद्वी से 1-4 से हार गईं। भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों में एक रजत और तीन कांस्य पदक जीते थे लेकिन इस बार उसने छह पदक पक्के कर रखे हैं। परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) और अंकुश पंघाल (80 किलोग्राम) पहले ही फाइनल में जगह बना चुके हैं और शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में उतरेंगे। सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंदर बेरवाल ने मंगलवार को कांस्य पदक के साथ अपने अभियान का समापन किया। ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) दिन में बाद में अपने अपने सेमीफाइनल मुकाबले में उतरेंगे।
Asian Games में भारत का कमाल, कंपाउंड तीरंदाजी में मिक्स्ड और महिला टीम ने जीते Gold
चिकिता तनीपार्थी और साहिल जाधव की भारत की कंपाउंड मिश्रित तीरंदाजी जोड़ी ने बुधवार को यहां एशियाई खेलों में रोमांचक शूट ऑफ में दक्षिण कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया जबकि भारतीय महिला टीम ने भी इसी स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किया था। चिकिता और साहिल ने शानदार संयम का परिचय देते हुए रोमांचक फाइनल में दक्षिण कोरिया की जंगयून पार्क और चोई यून ग्यू को शूट ऑफ के बाद 158-157 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय मिश्रित टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 156-155 से हराकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में प्रवेश किया था। इससे पहले भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने चीन को 238-234 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करने वाले स्कोर के साथ एशियाई खेलों का अपना स्वर्ण पदक बरकरार रखा। ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता और पृथिका प्रदीप की भारतीय टीम ने फाइनल में दबदबा कायम रखते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। दक्षिण कोरिया ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में यह स्कोर बनाया था। चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं जिन्होंने रजत पदक जीता। भारत ने यहां ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर कांस्य पदक जीता। फाइनल में भारतीय तिकड़ी ने शानदार शुरुआत की और लगातार परफेक्ट 10 के निशाने लगाते हुए पहला चरण 60-58 से अपने नाम किया। गत चैंपियन भारतीय टीम ने दबदबा जारी रखते हुए दूसरा चरण भी 60-58 से जीता और अपनी बढ़त बढ़ाई। इसके बाद अंतिम चरण से पहले भारत कुल 178-176 से आगे था। दबाव में चीन की टीम ने दो बार नौ अंक हासिल किए जबकि भारत ने छह परफेक्ट 10 के साथ एक और शानदार चरण पूरा किया। इस तरह भारतीय टीम ने ना केवल अपना खिताब बरकरार रखा बल्कि विश्व रिकॉर्ड की भी बराबरी की। भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने 2023 में हांगझोउ एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। पिछले सत्र में भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण पदक जीते थे।
Asian Games में Greco-Roman पहलवान Sunil Kumar सेमीफाइनल हारे, Bronze Medal मैच में पहुंचे
भारत के ग्रीकोरोमन पहलवान सुनील कुमार को बुधवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों के 87 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में जापान के ताइजो योशिदा के खिलाफ तकनीकी दक्षता से हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद अब वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। वहीं निशा दहिया को एक बार फिर उत्तर कोरिया की सोल गुम पाक के हाथों शिकस्त झेलनी पड़ी। हांगझोउ एशियाई खेल 2023 के कांस्य पदक विजेता सुनील ने ताजिकिस्तान के मुहम्मद सुल्तानजोडा के खिलाफ तकनीकी दक्षता से जीत के साथ शुरुआत की थी लेकिन विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता जापानी पहलवान के सामने वह टिक नहीं सके। सुल्तानजोडा के खिलाफ रक्षात्मक रवैये के कारण प्रतिद्वंद्वी को ‘पार तेरे’ स्थिति में भेजे जाने के बाद सुनील ने लगातार अंक जुटाकर मुकाबला जल्द खत्म कर दिया। हालांकि, सेमीफाइनल में योशिदा ने पहले पीरियड के बाद 6-0 की बढ़त बना ली और दूसरे पीरियड में पांच और अंक जुटाकर स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई। उन्होंने सुनील को एक भी अंक बनाने का मौका नहीं दिया। सुनील अब कांस्य पदक के प्लेऑफ में फिलिपींस के रॉबर्ट्स कैलम जॉनस्टन से भिड़ेंगे। हालांकि महिलाओं के 68 किग्रा वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में निशा को उत्तर कोरिया की पाक के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। निशा ने मुकाबले में 2-0 की बढ़त बनाई थी लेकिन पाक ने चार अंक का दांव लगाकर पहले पीरियड के अंत तक 4-2 की बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में निशा ने दो अंक लेकर स्कोर 4-4 से बराबर कर दिया। इसके बाद कोई भी पहलवान अंक नहीं बना सकी और बड़े दांव के आधार पर पाक को विजेता घोषित किया गया। अगर पाक फाइनल में पहुंचती हैं तो निशा के लिए रेपेचेज के जरिए पदक की दौड़ में वापसी का रास्ता खुल जाएगा। निशा को पेरिस ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल में भी पाक के हाथों हार मिली थी। उस मुकाबले में निशा 8-2 से आगे थीं लेकिन कोहनी में चोट लगने के कारण मुकाबला 8-10 से गंवा बैठी थीं।
Asian Games 2026 India Medals Tally LIVE: आज एशियन गेम्स 2026 में भारत के हाथ एक मेडल लग चुका है। भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने कमाल किया। भारत के कुल पदकों की संख्या 50 के पार है।
एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत की महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने न केवल स्वर्ण पदक अपने नाम किया, बल्कि विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में खेले गए इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारतीय तिकड़ी- ज्योति सुरेखा वेन्नम, चिकिता तनीपार्थी और पृथिका प्रदीप- ने बेहतरीन तालमेल और सटीक निशानों के दम पर चीन को 238-234 के अंतर से हराकर अपना एशियाई खेलों का खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। भारतीय टीम ने इस उपलब्धि के दौरान दक्षिण कोरिया के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। चीन की टीम में वुनियर, यूए वांग और फांगयाओ वेई शामिल थीं जिन्होंने रजत पदक जीता। भारत ने यहां ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क में सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 234-233 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। दक्षिण कोरिया की पार्क जंगयून, पार्क येरीन और कांग योनसेओ की टीम ने चीनी ताइपे को हराकर कांस्य पदक जीता। एशियाई खेलों में दबदबा बरकरार भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी टीम की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि टीम ने एशियाई खेलों में अपना वर्चस्व कायम रखा है। इससे पहले 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। इस लगातार दूसरे स्वर्ण पदक ने साबित कर दिया है कि एशियाई और वैश्विक तीरंदाजी मंच पर भारतीय महिला तीरंदाज अब एक अपराजेय शक्ति बन चुकी हैं। For the latest scores, match updates, and in-depth coverage, explore Live Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
Asian Games 2026 Live Update : भारत की महिला कंपाउंड टीम ने जीता गोल्ड, चीन को हराकर बनाया विश्व रिकॉर्ड
30 सितंबर को एशियन गेम्स में भारत का एक्शन कई खेलों में जारी रहेगा। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन और प्रिया सेमीफाइनल में उतरेंगी। तीरंदाजी में कई मेडल मुकाबले होंगे, जबकि शूटिंग में ट्रैप मिक्स्ड टीम का फाइनल क्वालिफिकेशन पर निर्भर करेगा।
जमशेदपुर की एथलीट जोगा पूर्ति ने जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में महिला स्पीड क्लाइंबिंग स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 15 मीटर की दीवार 7.28 सेकंड में फतह कर नौवां स्थान हासिल किया।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के खाते में अब तक कुल 52 पदक जुड़ चुके हैं, जिसके बाद अब आज आर्चरी में पदकों की उम्मीद की जा सकती है। वहीं भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ कोरिया का सामना करने उतरेगी।
Asian Games 2026 में आज फिर बरसेंगे मेडल, नोट कर लीजिए भारतीय खिलाड़ियों का आज का शेड्यूल
Asian Games 2026 India Schedule Today: जापान में जारी एशियाई खेलों में आज भारत के खिलाड़ियों और भारत की टीमों का शेड्यूल कैसा है? ये जान लीजिए कि कौन कब मैदान पर उतरने वाला है।
Saharanpur News: एशियाई खेलों में सोना जीतकर प्राची ने निभाया मां से किया वादा
Prachi fulfilled the promise made to her mother by winning gold at the Asian Games.
Gulveer Singh ने Asian Games में रचा इतिहास, 3 स्पर्धाओं में मेडल जीतने वाले चौथे भारतीय बने
गुलवीर सिंह के लिए 2026 एशियाई खेल लगातार यादगार बनते जा रहे हैं। भारतीय लंबी दूरी के धावक ने मंगलवार को पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर इन खेलों में अपना तीसरा पदक हासिल कर लिया है। इससे पहले गुलवीर 1500 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। गुलवीर ने 5000 मीटर दौड़ पूरी करने में 13:32.75 का समय लिया और तीसरे स्थान पर रहे। बहरीन के बिरहानु बालेव ने 13:30.79 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता, जबकि जापान के तोमोनोरी यामागुची ने 13:31.43 के समय के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया। गौरतलब है कि एक ही एशियाई खेलों में एथलेटिक्स की 3 अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना आसान उपलब्धि नहीं है। गुलवीर अब भारत के दूसरे पुरुष एथलीट बन गए हैं, जिन्होंने एक ही संस्करण में ट्रैक और फील्ड की 3 स्पर्धाओं में मेडल जीते हैं। वह भारत के कुल चौथे एथलीट हैं, जिन्होंने एक ही एशियाई खेलों में एथलेटिक्स की 3 या उससे अधिक स्पर्धाओं में पदक हासिल किए हैं। गुलवीर से पहले लवी पिंटो ने 1951 में नई दिल्ली एशियाई खेलों में 3 पदक जीते थे। पीटी उषा ने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में 4 पदक अपने नाम किए थे। वहीं केएम बीनामोल ने 2002 के बुसान एशियाई खेलों में 3 पदक जीते थे। मौजूदा एशियाई खेलों में गुलवीर का प्रदर्शन लगातार चर्चा में रहा है। पहले 1500 मीटर में रजत और फिर 10,000 मीटर में सिल्वर मेडल हासिल करने के बाद उन्होंने 5000 मीटर में भी पोडियम पर जगह बनाई है। बता दें कि 3 अलग-अलग दौड़ में पदक जीतकर उन्होंने इस प्रतियोगिता में भारत की पदक संख्या बढ़ाने में भी अहम योगदान दिया है। मौजूद जानकारी के अनुसार, गुलवीर की यह उपलब्धि भारतीय लंबी दूरी की दौड़ के लिए भी खास मानी जा रही है। 2026 एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन ने यह दिखाया है कि एक ही प्रतियोगिता में अलग-अलग लंबी दूरी की स्पर्धाओं में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया जा सकता है। अब गुलवीर के खाते में इन खेलों के 3 पदक हो चुके हैं और उनका अभियान शानदार उपलब्धि के साथ आगे बढ़ रहा है।
Asian Games में भारत का छठा GOLD, एथलेटिक्स में मेडल की बरसात, किसने क्या जीता?
Asian Games 2026 Day 10 Highlights: मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए शानदार रहा. खासतौर पर निशानेबाजी और एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल मिलने मेडल टैली में भारत अब 10वें स्थान पर पहुंच गया है. आने वाले दिनों में भारतीय खिलाड़ियों से अलग-अलग इवेंट्स में और भी मेडलों की उम्मीद होगी.
एशियाई शेरों के बरदा लौटने पर गुजरात सरकार ने पोरबंदर वन विभाग में फेरबदल किया
गांधीनगर, 29 सितंबर . वन और पर्यावरण विभाग ने Tuesday को बताया कि Gujarat Government ने पोरबंदर वन डिवीजन का पुनर्गठन किया है, जिसमें इसकी रेंज और बीट संरचना भी शामिल है. यह कदम फील्ड-स्तर के प्रशासन को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, क्योंकि एशियाई शेर बरदा जंगल में बस रहे हैं. Chief ... Read more
एशियाई खेलः चीनी पुरुष और महिला टीमों ने सौ मीटर दौड़ रिले में खिताब जीते
बीजिंग, 29 सितंबर . जापान एशियाई खेलों में चीनी पुरुष और महिला टीमों ने 28 सितंबर की रात ट्रैक एंड फील्ड मैदान पर सौ मीटर रिले में खिताब जीते. स्प्रिंट इवेंटों में टीम के सहयोग और खिलाड़ियों के औसत स्तर की चोटी स्तरीय मुकाबले में चीनी टीमों का प्रदर्शन चकमदार रहा. पुरुष 4 गुना 100 ... Read more
राज्यपाल बागडे ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली नीरू ढांडा को दी बधाई
एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाली नीरू ढांडा को राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने बधाई दी। उन्होंने नीरू के प्रदर्शन को देश के लिए गौरव का विषय बताया।
Asian Games 2026: भारत ने पूरा किया पदकों का अर्धशतक, कल भी लगेगी Medals की झड़ी!
एशियाई खेलों में भारत ने पदक के मामले में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया है। भारत ने अबतक 6 गोल्ड, 21 सिल्वर और 25 ब्रॉन्ज़ के साथ 52 मेडल जीते है। भारत ने आखिरकार एशियाई खेलों में एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल न जीत पाने का सिलसिला शानदार अंदाज़ में तोड़ा, जब महिला 4x400 मीटर रिले टीम ने जीत हासिल की। मंगलवार को महिलाओं की 4x400 मीटर रिले रेस के मुख्य आकर्षण बनने से पहले ही भारत के एथलेटिक्स अभियान में पदक आ चुके थे। पूजा ने महिलाओं की ऊंची कूद (हाई जंप) में कांस्य पदक जीता, जबकि गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में 13:32.75 के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। भारत ने पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में एक और ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर शानदार अंदाज़ में समापन किया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में India Women 4x400m Relay टीम ने जीता Gold Medal, बहरीन को पछाड़ा नीरू ढांडा ने मंगलवार को एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में इतिहास रचते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के दौरान फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीत सकी थी। भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को यहां एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक के मुकाबलों में प्रवेश किया। एशियन गेम्स 2026 में 30 सितंबर को भारत के शेड्यूल में तीरंदाजी, बॉक्सिंग, कुश्ती, जूडो, साइकिलिंग, कैनो स्लैलम, गोल्फ़, हॉकी, टेनिस, सेलिंग, सेपक टकरा और स्पोर्ट क्लाइंबिंग जैसे खेलों में मेडल इवेंट, नॉकआउट मुकाबले, क्वालिफ़िकेशन राउंड और टीम मुक़ाबले शामिल होंगे। भारत के लिए मेडल जीतने के पहले मौके कंपाउंड आर्चरी में मिलेंगे, जिसमें महिला टीम का सेमीफ़ाइनल होगा, और उसके बाद ब्रॉन्ज़ और गोल्ड मेडल के मैच होंगे। सुबह के समय मिक्स्ड टीम और पुरुष टीम इवेंट्स के भी मेडल मैच होंगे। भारत की महिला और पुरुष कंपाउंड टीमें पहले ही सेमीफ़ाइनल में पहुँच चुकी हैं। इसे भी पढ़ें: Neeru Dhanda ने Asian Games में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास साइकिलिंग में भी मेडल जीतने के और मौके मिलेंगे, जिसमें सुबह 11:58 बजे महिला टीम परस्यूट मेडल रेस और दोपहर 12:32 बजे महिला कीरिन फ़ाइनल होगा (बशर्ते वे क्वालिफ़ाई कर लें)। दोपहर में जूडो में महिलाओं के अंडर-48kg कैटेगरी में मेडल के लिए मुकाबले होंगे। इस कैटेगरी में भारत की ओर से अस्मिता डे हिस्सा ले रही हैं और शुरुआती राउंड के बाद फाइनल राउंड होंगे। रेसलिंग में क्वालिफिकेशन मुकाबलों वाले दिन ही मेडल राउंड भी शुरू हो जाएंगे। सुनील कुमार की ग्रीको-रोमन 87kg कैटेगरी और निशा की महिलाओं की 68kg कैटेगरी के मुकाबले 30 सितंबर को होने हैं। भारतीय मुक्केबाजों के छह सेमीफाइनल मुकाबलों से बॉक्सिंग में भी मेडल जीतने के मौके मिलेंगे। जादुमानी सिंह, सुमित कुंडू, कपिल पोखरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घांघस और लवलीना बोरगोहेन मुकाबले में हिस्सा लेंगे। जीतने वाले खिलाड़ी 2 अक्टूबर को होने वाले फाइनल में पहुंचेंगे, जबकि सेमीफाइनल में हारने वालों को ब्रॉन्ज़ मेडल मिलेगा।
एशियाई खेलों में कबड्डी का गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी अंकित जागलान का पानीपत जिले में स्थित उनके गांव नौल्था में जोरदार स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने ढोल, डीजे और फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया। अंकित के गांव पहुंचने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण डाहर टोल प्लाजा पर उनका स्वागत करने पहुंचे। अंकित जागलान पानीपत जिले के नौल्था गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में भारतीय सेना में हवलदार के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वह भारतीय पुरुष कबड्डी टीम में ऑलराउंडर की भूमिका में शामिल रहे। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दी बधाई स्वागत समारोह में पंचायत विकास एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद थे। उन्होंने अंकित की उपलब्धि पर ग्रामीणों को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि अंकित ने गोल्ड मेडल जीतकर अपने गांव, पानीपत और पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। यह उनकी मेहनत और समर्पण का नतीजा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों का भी जिक्र किया। 'मेरा सपना था कि मैं देश का नाम रोशन करूं' गांव पहुंचने के बाद अंकित जागलान ने कहा कि मैं देश के लिए खेला हूं। मैं 10 साल की उम्र में कबड्डी के लिए अपना कदम बढ़ाया था। मेरा सपना था कि मैं देश का नाम रोशन कर सकूं। खेलों की वजह से मैं मिलिट्री में हवलदार के पद पर रहते हुए अपना कबड्डी का खेल नहीं छोड़ा और आज मैंने एशियाई खेलों में पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया। 10 साल की उम्र में शुरू किया था कबड्डी खेलना अंकित ने करीब 10 वर्ष की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सेंटर में प्रशिक्षण लिया। मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और प्रो कबड्डी लीग में पटना पाइरेट्स की ओर से भी खेल चुके हैं। खेल के साथ उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवाएं जारी रखीं। इस मौके पर सरपंच बलराज जागलान, नीरज कौशिक, धर्मपाल जागलान, सुल्तान सिंह जागलान, धर्मवीर मालिक, डॉ. सतीश दलाल, कुलदीप बिलाल, राज सिंह आर्य, संगीता कौशिक और गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
एशियाई खेल में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने पर राज्यपाल बागडे ने नीरू ढांडा को बधाई दी
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने एशियाई खेल 2026 में महिलाओं की ट्रैप शूटिंग स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने पर नीरू ढांडा को बधाई एवं शुभकामनायें दी है...
Asian Games में India Women 4x400m Relay टीम ने जीता Gold Medal, बहरीन को पछाड़ा
भारत ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में शानदार फ़िनिश के साथ गोल्ड मेडल जीता। टीम ने 3:29.69 का समय लिया और बहरीन तथा चीन को पीछे छोड़ दिया। किरण मचेत्तिरा ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई, लेकिन तीसरे स्थान पर बैटन सौंपी। इसके बाद अनुभवी एम.आर. पूवम्मा ने दूसरे चरण में ज़बरदस्त दौड़ लगाई और भारत को बढ़त दिलाई, जिसे प्राची रामराज ने तीसरे चरण में भी बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से सभी क्वार्टर फाइनल रद्द, Semi Final में Sri Lanka से भिड़ेगा India इसके बाद भारत को जीत दिलाने की ज़िम्मेदारी विथ्या रामराज पर थी, और भारतीय एंकर ने इसे बखूबी निभाया। बैटन मिलने के बाद वह तेज़ी से आगे बढ़ीं और बहरीन की सलवा ईद नासर की कड़ी चुनौती का सामना किया; नासर को बैटन सबसे आखिर में मिली थी, लेकिन उन्होंने दौड़ के आखिरी हिस्से में ज़बरदस्त रफ़्तार पकड़ी थी। नसर ने बाकी दावेदारों को तो पीछे छोड़ दिया, लेकिन वह विथ्या से आगे नहीं निकल पाईं। विथ्या ने संयम बनाए रखा और भारत को सबसे पहले फिनिश लाइन तक पहुँचाया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Neeru Dhanda का भावुक बयान, बोलीं- मां के गले में पहनाना चाहती हूं Gold Medal खास बात यह है कि भारत ने 3:29.69 का समय लिया और बहरीन से 0.52 सेकंड आगे रहा, जिसने 3:30.21 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। चीन ने 3:31.02 के समय के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। इस जीत के साथ विथ्या के शानदार गेम्स अभियान में एक और मेडल जुड़ गया। उन्होंने बस एक दिन पहले ही 400 मीटर हर्डल्स में पीटी उषा का लंबे समय से चला आ रहा भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा था और अब रिले में गोल्ड मेडल भी अपने नाम कर लिया।
सहस्रधारा के व्हाइट वाटर की धार से एशियाई खेलों के सेमीफाइनल तक पहुंचे महेश्वर के पांच खिलाड़ी
जापान के आइची-नागोया में चल रहे 20वें एशियन गेम्स में महेश्वर के प्राकृतिक अंतरराष्ट्रीय कैनो स्लालम ट्रैक पर प्रशिक्षण लेने वाले मध्यप्रदेश के पांचों खिलाड़ियों ने कैनो स्लालम की अपनी-अपनी स्पर्धाओं में सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है।
Asian Games में Neeru Dhanda का भावुक बयान, बोलीं- मां के गले में पहनाना चाहती हूं Gold Medal
भारतीय शूटर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया। 26 साल की नीरू ने यह उपलब्धि 29 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में हासिल की और इन खेलों में भारत के लिए पांचवां गोल्ड मेडल जीता। ढांडा ने अपनी जीत अपनी मां को समर्पित की, जो उनकी कोच भी हैं। इवेंट के बाद उन्होंने कहा कि मैं यह मेडल अपनी मां, अपनी कोच और पूरे भारत देश को समर्पित करती हूं। मैं यह मेडल अपनी मां और अपनी कोच के गले में पहनाना चाहती हूं। मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं। अपनी जीत के बाद राष्ट्रगान सुनने को उन्होंने बेहद गर्व का पल बताया। इसे भी पढ़ें: श्री चरणी ने T20I Bowling Rankings में रचा इतिहास, 817 पॉइंट्स के साथ बनाया नया रिकॉर्ड फाइनल में, बारिश के बावजूद धांडा ने शांत रहकर अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली सीरीज़ में पाँच सफल शॉट्स के साथ मज़बूत शुरुआत की। हालाँकि दूसरी सीरीज़ में उनका एक निशाना चूक गया, लेकिन उन्होंने जल्द ही वापसी की और गोल्ड मेडल जीतने के लिए अपना ध्यान बनाए रखा। क्वालिफिकेशन राउंड में, अपने पहले ही गेम्स में 30 में से 28 निशाने लगाकर उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हालात के बारे में बात करते हुए धांडा ने कहा कि हम अपनी रेगुलर ट्रेनिंग के दौरान इसके लिए तैयारी करते हैं। हम खराब मौसम में भी ट्रेनिंग करते हैं, इसलिए उस लिहाज़ से यह सामान्य था। लेकिन हर देश में हालात अलग-अलग होते हैं, इसलिए यहाँ कुछ मुश्किलें आईं। फिर भी, मैंने खुद को शांत रखा, अपने खेल पर ध्यान दिया और गोल्ड जीता। उन्होंने अपनी इस कामयाबी पर खुशी ज़ाहिर करते हुए इसे बहुत ऊँचे स्तर की उपलब्धि बताया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Neeru Dhanda का ऐतिहासिक स्वर्ण, देश-विदेश की प्रमुख खबरें धांडा ने अपने परिवार, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ से मिले सहयोग को माना। उन्होंने अपनी माँ, पिता, बुआ अज़ादो देवी (जो खुद एक पूर्व कबड्डी खिलाड़ी रही हैं) और कोच मनशेर सिंह के योगदान पर ज़ोर दिया, जिन्होंने छह साल तक ज़मीनी स्तर से उनके साथ काम किया है। उन्होंने अपनी पूरी टीम से मिले सहयोग का भी ज़िक्र किया, जिसमें विक्रम, ओलंपिक चैंपियन कोच पीटर विल्सन, फिजियोथेरेपिस्ट अश्वनी, साइकोलॉजिस्ट टीजे और उनके साथी खिलाड़ी शामिल थे।
Barda जंगल में Asiatic Lions के पुनर्वास को मिली मजबूती, Gujarat सरकार ने किया बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
राज्य सरकार के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गुजरात सरकार ने बरडा जंगल में एशियाई शेरों के पुनर्वास को मज़बूत करने के लिए पोरबंदर वन विभाग का पुनर्गठन किया। 143 साल बाद एशियाई शेर प्राकृतिक रूप से बरडा लौट आए, जिसके बाद राज्य सरकार ने उनके पुनर्वास में मदद के लिए पोरबंदर वन विभाग का पुनर्गठन करने का फ़ैसला किया। वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और राज्य मंत्री प्रवीण माली की देखरेख में लिए गए इस फ़ैसले का मकसद पोरबंदर ज़िले (जिसमें बरडा भी शामिल है) में वन संरक्षण और वन्यजीव प्रबंधन की ज़िम्मेदारियों को स्पष्ट करना है। साथ ही, इसमें रेंज, बीट, अधिकारियों, कर्मचारियों, वाहनों, हथियारों, वायरलेस उपकरणों और अन्य संसाधनों के प्रशासनिक नियंत्रण में भी बदलाव किए जाएंगे। वन और पर्यावरण विभाग के आधिकारिक प्रस्ताव के अनुसार, इस पुनर्गठन से वन प्रबंधन मजबूत होगा, वन विभाग की योजनाओं को लागू करने में आसानी होगी और वन व पर्यावरण से जुड़े मुद्दों का तेजी से समाधान हो सकेगा। नया ढांचा रेंज, बीट और अधिकारी स्तर पर जिम्मेदारियां तय करता है ताकि पूरे जिले में फील्ड-स्तर के कामकाज को और व्यवस्थित ढंग से किया जा सके। पुनर्गठन के तहत, पोरबंदर रेंज को नए सिरे से तैयार किया गया है, जिसमें 80 गांवों में फैला 6,840.84 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इसे पोरबंदर शहर, गोसाबारा, मोकर, विसावाड़ा, कांटेला, माधवपुर और सतिया जैसी बीटों में बांटा गया है। रानावव रेंज में अब 13,051.25 हेक्टेयर क्षेत्र और 27 गांव शामिल हैं, जिन्हें गोदाना, बिलेश्वर, सावदीवादार और रानावव जैसी बीटों में व्यवस्थित किया गया है। एक और बदलाव के तहत, जामनगर वन डिवीजन के अंतर्गत आने वाली RFW भाटिया रेंज का 305.94 हेक्टेयर क्षेत्र पोरबंदर वन डिवीजन की भानवद रेंज में शामिल किया गया है। इसे भी पढ़ें: Gujarat CID ने चुनावी चंदे में 314 करोड़ की कर चोरी पर तीन दलों पर दर्ज की FIR यह क्षेत्र देवभूमि द्वारका जिले के भानवद तालुका के चार गांवों - कंदरडा जोगना, सजदियाला, जूना और जाम्बुसर - में फैला है, जो अब पोरबंदर वन डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण में आएंगे। कुटियाना रेंज के साथ-साथ पोरबंदर सोशल फॉरेस्ट्री रेंज और रानावव सोशल फॉरेस्ट्री रेंज को भी पोरबंदर वन डिवीजन के तहत लाया गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की भूमिकाओं में बदलाव और वाहनों, हथियारों, वॉकी-टॉकी, वायरलेस उपकरणों, रिकॉर्ड, कंप्यूटर और फर्नीचर का हस्तांतरण भी किया गया है। पुनर्गठन के बाद, डिवीजन के लिए दो असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फॉरेस्ट (ACF) का प्रावधान किया गया है। असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट-1 पोरबंदर रेंज, पोरबंदर सोशल फ़ॉरेस्टी रेंज और रानावव सोशल फ़ॉरेस्टी रेंज की देखरेख करेंगे, जबकि असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट-2 रानावव रेंज, भानवद रेंज, कुटियाना रेंज और मोबाइल स्क्वाड (T.A.) रेंज की ज़िम्मेदारी संभालेंगे। कुटियाना, पोरबंदर सोशल फ़ॉरेस्टी और रानावव सोशल फ़ॉरेस्टी रेंज के जुड़ने से, पोरबंदर फ़ॉरेस्ट डिवीज़न में अब कुल सात रेंज हो जाएंगी। इस बढ़े हुए ढांचे को सहारा देने के लिए, केवड़िया के स्वीकृत दो पदों में से असिस्टेंट कंज़र्वेटर ऑफ़ फ़ॉरेस्ट का एक खाली पद पोरबंदर फ़ॉरेस्ट डिवीज़न में ट्रांसफ़र कर दिया गया है।
Neeru Dhanda ने Asian Games में महिला ट्रैप स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास
(अजय मसंद)नागोया, 29 सितंबर उधार की बंदूक, भोपाल का एक तालाब और रिश्ते के भाई का लगातार प्रोत्साहन - ऐसे ही नीरू ढांडा का सफर शुरू हुआ था। सात साल बाद 26 वर्षीय नीरू ने एशियाई खेलों के दौरान भारतीय निशानेबाजी में नया इतिहास रच दिया। नीरू मंगलवार को यहां महिला ट्रैप स्पर्धा में रिकॉर्ड प्रदर्शन के साथ स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों में व्यक्तिगत शॉटगन स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। रिश्ते के भाई लक्ष्य श्योराण के पिता की भारतीय निर्मित बंदूक से कामचलाऊ निशानों पर निशाना साधने से लेकर एशियाई मंच पर दबदबा कायम करने तक नीरू का सफर बेहद असाधारण रहा है। हरियाणा के जींद जिले के एक किसान की बेटी नीरू के पास 2019 में भोपाल जाने के समय निशानेबाजी का महज छह महीने का अनुभव था। मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी की ओर से उपलब्ध कराई गई मुफ्त बंदूक और कारतूस ने उन्हें इस खेल को आगे बढ़ाने का अवसर दिया जो अन्यथा उनके लिए पहुंच से बाहर हो सकता था। इस सफर की शुरुआत लक्ष्य से मिली प्रेरणा से हुई जिन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। अपने भाई की उपलब्धि से प्रेरित होकर नीरू ने निशानेबाजी में हाथ आजमाने का फैसला किया। नीरू ने ऐतिहासिक जीत के बाद कहा, ‘‘उससे पहले मुझे निशानेबाजी के बारे में कुछ भी पता नहीं था। मेरे रिश्ते के भाई लक्ष्य ने जकार्ता में रजत पदक जीता था। मैं उस पदक से प्रेरित हुई।’’भाई के पिता की बंदूक लेकर उन्होंने भोपाल के एक तालाब के पास अभ्यास किया। वहां टिन के डिब्बे को अस्थायी निशाना बनाकर उन्होंने खुद ही प्रयास और गलतियों के जरिए निशाना साधना सीखा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं निशाना काफी दूर रखती थी और उस पर निशाना लगाने की कोशिश करती थी।’’लक्ष्य के माता-पिता ही उन्हें मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी लेकर आए जहां मुफ्त बंदूक, कारतूस और संस्थागत सहयोग ने उनके शुरुआती प्रयास को अंतरराष्ट्रीय करियर में बदलने में अहम भूमिका निभाई। नीरू के लिए यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण था। उनके पिता किसान और मां गृहिणी है। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं होने के कारण निशानेबाजी जैसे महंगे खेल का खर्च उठाना आसान नहीं था। अब यह सहयोग एक ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल चुका है। इस साल इटली के लोनाटो में विश्व कप पदक जीतने के बाद नीरू का एशियाई खेलों का स्वर्ण भारत के लिए महिला शॉटगन में व्यक्तिगत खिताब के लंबे इंतजार को समाप्त करता है। हालांकि यह स्वर्ण पदक नीरू ने बेहद मुश्किल परिस्थितियों के बीच जीता। प्रतियोगिता से केवल 10 दिन पहले गंभीर रूप से बीमार पड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। वह पूरे प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा नहीं ले सकीं और पांच दिन तक कुछ नहीं खाया। तैयारी प्रभावित होने के बावजूद उनके कोच मनशेर सिंह ने उनका ध्यान लक्ष्य पर बनाए रखने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी हालत बहुत खराब थी। मैंने पूरे शिविर में अभ्यास नहीं किया। पांच दिन तक कुछ नहीं खाया। सिर्फ पानी पीती थी। मैं रोज अपने कोच से बात करती थी।’’नीरू ने कहा, ‘‘यहां आने के बाद भी मैं उनसे रोज बात करती थी। उन्होंने मेरे से कहा कि अगर मैं चार-पांच दिन अभ्यास नहीं कर पाई तो भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आपके दिल में पूरा समर्पण हो तो बाधाएं मायने नहीं रखतीं। मुझे अपने परिवार, देश, भारतीय सेना और मध्य प्रदेश राज्य निशानेबाजी अकादमी के लिए जीतना था। मेरे पीछे इतने सारे लोग हैं। जब वे मेरे लिए इतनी मेहनत कर रहे हैं तो जीतना छोटी बात है।’’बीमारी ने जहां उनकी तैयारियों को प्रभावित किया तो वहीं नागोया में लगातार बारिश और गिरते तापमान ने उनकी तकनीक और मानसिक मजबूती की परीक्षा ली। बारिश से उनकी पकड़ प्रभावित हुई और बंदूक संभालने का परिचित अहसास बदल गया जिससे उन्हें अपना ध्यान भटकने से बचाना पड़ा। नीरू के प्रशिक्षण ने उन्हें ऐसी परिस्थितियों के लिए पहले से तैयार किया था। उनके कोच जानबूझकर अभ्यास के दौरान ध्यान भटकाने वाली परिस्थितियां पैदा करते हैं। वह कभी उनकी जैकेट खींचते हैं तो कभी निशाना साधने की तैयारी के दौरान सामने कुर्सी रख देते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम अभ्यास में ऐसी परिस्थितियां बनाते हैं जहां हमें ध्यान भटकाने वाली चीजों से लड़ना होता है। हम तेज संगीत और अन्य व्यवधानों के बीच भी अभ्यास करते हैं।’’नीरू के लिए यह स्वर्ण पदक व्यक्तिगत उपलब्धि से कहीं अधिक है। उन्हें उम्मीद है कि इससे भारतीय शॉटगन निशानेबाजों की अगली पीढ़ी को प्रेरणा मिलेगी। सेना की निशानेबाज नीरू ने अपना पदक देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे सैनिकों को समर्पित किया और कहा कि सेना का प्रतिनिधित्व करने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा बनी रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पदोन्नति के अवसर होते हैं लेकिन पदोन्नति मिले या ना मिले, हमें सेना के लिए खेलना है। सैनिक सीमाओं पर तैनात हैं। वे देश के लिए लड़ते हैं और अपने प्राणों की आहुति देते हैं। यह पदक उन्हें समर्पित है।’’उन्होंने यह स्वर्ण 1978 के एशियाई खेलों के चैंपियन राजा रणजीत सिंह को भी समर्पित किया जिनका इस साल निधन हो गया।
Asian Games 2026: भारत का श्रीलंका और पाक का बांग्लादेश से सेमीफाइनल, जानिए कब और कैसे हो सकता है IND vs PAK का मैच
Asian Games महिला हॉकी सेमीफाइनल में आज South Korea से भिड़ेगी अजेय भारतीय टीम
एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के 44 साल के इंतजार को खत्म करने की कवायद में लगी भारतीय महिला हॉकी टीम को बुधवार को यहां होने वाले सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की कड़ी चुनौती से पार पाना होगा। भारतीय महिला टीम ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है और वह अजेय है। भारतीय टीम अब अपनी इस लय को बरकरार रखकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी। वह एशियाई खेलों में दूसरा स्वर्ण पदक हासिल करने से सिर्फ दो जीत दूर है। इससे पहले उसने एकमात्र स्वर्ण पदक 1982 में जीता था। भारतीय टीम लगातार पांच मैच जीतने और बेहतर विश्व रैंकिंग के साथ कोरियाई टीम के खिलाफ प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें जबकि कोरिया 15वें स्थान पर है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों में केवल मौजूदा ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन ही भारत से ऊपर चौथे स्थान पर है। भारतीय टीम पूल बी में पांचों मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी हुई है, लेकिन उसे दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम से मिलने वाली चुनौती के प्रति भी सचेत रहना होगा। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूल बी में शीर्ष स्थान हासिल किया। उसने अपने अभियान की शुरुआत उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत से की। इसके बाद इंडोनेशिया को 17-1 से हराया और फिर थाईलैंड पर 20-1 से जीत दर्ज की। मेजबान जापान के खिलाफ कड़े मुकाबले में 3-1 की जीत से भारत ने अपनी लय को बरकरार रखा और अंत में सिंगापुर पर 7-0 की शानदार जीत के साथ पूल चरण का समापन किया। दक्षिण कोरिया ने पूल ए में चीन के बाद दूसरा स्थान हासिल किया। उसने पांच मैचों में चार जीत दर्ज कीं। उसकी एकमात्र हार चीन के खिलाफ 0-3 से हुई। दक्षिण कोरिया की सबसे बड़ी जीत बांग्लादेश के खिलाफ 8-0 की थी। भारत के आक्रमण के आंकड़े विशेष रूप से प्रभावशाली रहे हैं, जिसमें ड्रैग-फ्लिक विशेषज्ञ दीपिका पांच मैचों में 21 गोल के साथ टूर्नामेंट में सबसे अधिक गोल करने वाली खिलाड़ी हैं। अनुभवी फॉरवर्ड नवनीत कौर 10 गोल के साथ सूची में दूसरे स्थान पर हैं। रुतुजा दादासो पिसल ने सात गोल किए हैं, जबकि लालरेम्सियामी और इशिका ने क्रमशः छह और पांच गोल दागे हैं, जिससे भारत के मजबूत आक्रमण का पता चलता है। भारत को गोलकीपिंग के विकल्पों से भी काफी फायदा हुआ है, जिसमें अनुभवी गोलकीपर सविता और बिचु देवी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। दक्षिण कोरिया के खिलाफ इन दोनों का प्रदर्शन काफी मायने रखेगा। भारतीय टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने कहा, ‘‘सभी को यह पता है कि हमसे क्या उम्मीद की जा रही है। जापान को छोड़कर हमें किसी भी अन्य टीम से कड़ी चुनौती नहीं मिली। अब एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में यह एक बड़ी चुनौती है और हम दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेलने के लिए तैयार हैं।’’दक्षिण कोरिया आक्रमण में तेजी लाने के लिए मिडफील्डर सियुंगए पार्क पर निर्भर रहेगा। वह टूर्नामेंट में अब तक आठ गोल कर चुकी हैं और भारत की रक्षापंक्ति के लिए उन्हें काबू में रखना चुनौती होगी। पिछले दो-तीन दिनों से यहां आसमान बादलों से घिरा हुआ है। यहा तक कि सोमवार को पाकिस्तान और ओमान के बीच पुरुषों का मैच भारी बारिश के कारण 15-20 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। हालांकि बुधवार को धूप निकलने का अनुमान है।
एशियाई खेलों में Neeru Dhanda का ऐतिहासिक स्वर्ण, देश-विदेश की प्रमुख खबरें
नयी दिल्ली, 29 सितंबर की विभिन्न फाइल से मंगलवारको अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार है : खेल29 : खेल एशियाड निशानेबाजी संपूर्ण लीड भारतनीरू एशियाई खेलों में महिला ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, टीम को दिलाया रजतनागोया, नीरू ढांडा ने मंगलवार को एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में इतिहास रचते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने के दौरान फाइनल में 30 में से 28 निशाने साधकर नया एशियाई रिकॉर्ड कायम किया। दि24 : राहुल महिला सुरक्षामहिलाओं की पीड़ा को लेकर सरकार बहरी, सिर्फ दबाव में सुनेगी : राहुल गांधीनयी दिल्ली, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और युवाओं, खासकर ‘जेन जी’ महिलाओं से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की। दि22 : कांग्रेस सीडब्ल्यूसी खरगेप्रधानमंत्री ने सीईसी पर दबाव डाला, नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें: खरगेनयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘‘सत्तापक्ष को फायदा पहुंचाने’’ का आरोप लगाया और कहा कि उन पर यह सब करने हेतु दबाव डालने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। दि28 : न्यायालय लीड निर्वाचन आयोगज्ञानेश कुमार को निलंबित करने के अनुरोध वाली याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालयनयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को उस जनहित याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई करने पर सहमति जताई, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने का अनुरोध किया गया है और उनके नेतृत्व वाले निर्वाचन आयोग द्वारा कथित तौर पर दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी के बिना फैसला लेने के तरीके को चुनौती दी गई है। प्रादे32 : महाराष्ट्र आयोग राज उद्धवमनसे, शिवसेना (उबाठा) मुंबई में चार अक्टूबर को निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा निकालेंगे: राज ठाकरेमुंबई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) चार अक्टूबर को मुंबई में निर्वाचन आयोग के खिलाफ एक मोर्चा निकालेगी। अर्थ13 : इस्पात नीतिनयी राष्ट्रीय इस्पात नीति पर काम जारी, हितधारकों से मांगी जाएगी राय: इस्पात सचिव पौंड्रिकनयी दिल्ली, इस्पात सचिव संदीप पौंड्रिक ने मंगलवार को कहा कि सरकार उद्योग की प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ाने और आयात संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए नयी राष्ट्रीय इस्पात नीति पर काम कर रही है। इस नीति का मसौदा करीब एक सप्ताह में सार्वजनिक किया जाएगा और हितधारकों से इस पर सुझाव मांगे जाएंगे। खेल6 : खेल कोहलीआंकड़े नहीं बल्कि जीत की चाह ने इतने लंबे समय तक मुझे आगे बढ़ाए रखा: कोहलीतिरूवनंतपुरम, एकदिवसीय क्रिकेट में हाल ही में 15,000 रन पूरे करने वाले दिग्गज विराट कोहली ने कहा कि इस प्रारूप में उनकी लंबे समय तक कायम सफलता का आधार व्यक्तिगत रिकॉर्ड हासिल करने की बजाय भारत को जीत दिलाने की कोशिश रही है। प्रादे6 : मप्र मस्जिद समिति सदस्यउज्जैन में शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी रहेगा: समिति सदस्यउज्जैन (मप्र), उज्जैन में मस्जिद समिति के एक सदस्य ने कहा कि मुस्लिम समुदाय 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का सम्मान करता है और ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने का काम मंगलवार को भी जारी रहेगा। अर्थ12 : अमेरिका ट्रंप लीड एस्सारट्रंप ने एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के 18 अरब डॉलर के अमेरिकी इस्पात निवेश की घोषणा कीवॉशिंगटन, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एस्सार समर्थित मेसाबी मेटालिक्स के लिए 18 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। इसके तहत पूरी तरह एकीकृत अमेरिकी इस्पात कंपनी तैयार की जाएगी। इसमें आयोवा में इस्पात संयंत्र भी शामिल है जिसे ट्रंप ने ‘‘अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र’’ बताया है। वि10 : अमेरिका एफबीआई लीड गोल्डी बराड़एफबीआई की 10 शीर्ष वांछित अपराधियों की सूची में गोल्डी बराड़, 10 लाख डॉलर का इनाम घोषितवाशिंगटन, अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) ने सोमवार को कुख्यात अपराधी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को 10 शीर्ष वांछित भगोड़े अपराधियों की सूची में शामिल किया और उसकी गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की। वि15 : संरा जयशंकर चीनकुछ वर्ष पहले की तुलना में आज भारत-चीन संबंध ‘बेहतर’: विदेश मंत्री जयशंकरन्यूयॉर्क, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन के संबंध कुछ वर्ष पहले की तुलना में आज ‘‘बेहतर’’ हैं और जैसे-जैसे सीमा संबंधी मुद्दों का समाधान हो रहा है, दोनों देशों के संबंध सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं।
Asian Games Boxing: Parveen Hooda और Ankush Panghal फाइनल में, Narender को Bronze
अंकुश पंघाल ने एशियाई खेलों में पुरुष मुक्केबाजी के फाइनल में पहुंचकर भारत का आठ साल का इंतजार खत्म किया, वहीं परवीन हुड्डा ने शानदार जीत के साथ महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग में खिताबी मुकाबले में जगह बनाई लेकिन नरेंद्र बेरवाल को 90 किलोग्राम से अधिक वर्ग के सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन के ली शू को 5-0 से हराया। इसके बाद अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलुद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया। एरकिनबोएव 75 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। अनुभवी मुक्केबाज बेरवाल को सेमीफाइनल में कजाखस्तान के मौजूदा सुपर हैवीवेट विश्व चैंपियन आइबेक ओरलबाय के खिलाफ 0-5 से हार का सामना करना पड़ा। बेरवाल ने इसके साथ ही एशियाई खेलों में एक और कांस्य पदक अपने नाम किया। वह 2023 में चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में भी सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। अंकुश आठ साल में एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं। अमित पंघाल ने 2018 में 49 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर आखिरी बार यह उपलब्धि हासिल की थी। राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदक विजेता अंकुश ने एरकिनबोएव के खिलाफ जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। उन्होंने धीमी शुरुआत से उबरते हुए अंतिम दौर में दबदबा बनाया और यादगार जीत हासिल की। अंकुश ने बाद में ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘मैं एशियाई जूनियर चैंपियनशिप के दौरान भी इस प्रतिद्वंदी के खिलाफ खेल चुका था और मैं वह मुकाबला हार गया था। हमने उसके मुकाबलों के वीडियो देखे और अपनी रणनीति बनाई। मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना है।’’ अंकुश को अपनी लय पाने में समय लगा क्योंकि एरकिनबोएव ने शुरू से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय मुक्केबाज ने कुछ जवाबी हमले किए, लेकिन उज्बेक मुक्केबाज यह राउंड 4-1 से जीत गया। अंकुश ने दूसरे राउंड में अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने अधिक आक्रामक रवैया अपनाया और 3-2 से जीत हासिल की। अंकुश ने अंतिम राउंड में जोरदार शुरुआत की और मुकाबले का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और पूरी तरह से नियंत्रण हासिल करते हुए 4-1 से जीत दर्ज की। परवीन दिग्गज एमसी मैरी कॉम (जिन्होंने 2014 में खिताब जीता था) और लवलीना बोरगोहेन (जिन्होंने पिछले खेलों में रजत पदक जीता था) के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। परवीन का पिछले एशियाई खेलों में जीता गया कांस्य पदक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) द्वारा 22 महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (व्हेयरअबाउट्स) से जुड़ी विफलता के कारण हुई थी। अब उन्होंने हांगझोउ में अपने प्रदर्शन से आगे निकलते हुए एशियाई खेलों में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है। रोहतक की रहने वाली इस मुक्केबाज ने ली के खिलाफ संयमित शुरुआत की लेकिन जल्द ही मुकाबला रोमांचक हो गया क्योंकि दोनों मुक्केबाज करीब से एक-दूसरे पर हमला करने लगे, और परवीन ने तीखे जवाबी मुक्कों के दम पर पांच में से तीन जजों का फैसला अपने पक्ष में किया। इसके बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। जब ली ने आक्रमण शुरू करने की कोशिश की, तो परवीन ने सही समय पर पलटवार किया और दूसरा राउंड सर्वसम्मति से अपने नाम किया। ली ने तीसरे राउंड में दबदबा बनाने की कोशिश की, वहीं परवीन ने मौकों का फायदा उठाया और यह राउंड 4-1 से जीतकर फाइनल में प्रवेश किया जहां उनका मुकाबला शुक्रवार को चीनी ताइपे की पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चेन निएन चिन से होगा। भारत के अग्रणी सुपर हेवीवेट मुक्केबाज नरेंद्र को ओरलबाय के खिलाफ शुरू से ही संघर्ष करना पड़ा। भारत के 31 वर्षीय खिलाड़ी ने जवाबी हमलों पर भरोसा किया लेकिन इससे उन्हें खास फायदा नहीं मिला। तीसरे राउंड में नरेंद्र को भी स्टैंडिंग काउंट का सामना भी करना पड़ा। नरेंद्र ने कहा, ‘‘मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रहा था। हमने उसके पिछले मुकाबलों का विश्लेषण किया और कोच ने बताया कि क्या करना है। कोच ने मुझे अपने प्रतिद्वंदी पर अधिक बॉडी पंच मारने के लिए कहा, लेकिन मैं ऐसा नहीं कर पाया। वह विश्व का नंबर एक खिलाड़ी है। यह मेरा एशियाई खेलों में दूसरा पदक है, इसलिए मैं इसे स्वीकार करूंगा।’’ भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन कर लिया है। पिछली बार उसने चार पदक जीते थे लेकिन यहां छह मुक्केबाजों ने पदक राउंड में प्रवेश किया है।
Asian Games Tennis: Sumit Nagal और दक्षिणेश्वर सुरेश पुरुष एकल के प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे
भारत के दक्षिणेश्वर सुरेश और सुमित नागल ने एशियाई खेलों की टेनिस प्रतियोगिता के पुरुष एकल में अलग-अलग अंदाज जीत से शुरुआत करते हुए मंगलवार को यहां अंतिम 16 में जगह बनाई। पहले दौर में बाई हासिल करने वाले दक्षिणेश्वर ने इंडोनेशिया के गुनावन त्रिस्मुवंतारा को रोमांचक मुकाबले में 7-5 7-6 (2) से हराया। नागल ने बारिश के कारण बाधित मुकाबले में दक्षिण कोरिया के सियोंगचान हांग को एकतरफा अंदाज में 6-4, 6-0 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। दक्षिणेश्वर ने कड़े मुकाबले में अपना संयम बनाए रखा और एक घंटे 25 मिनट तक चले मैच में सीधे सेटों में जीत हासिल करके प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। दोनों खिलाड़ियों की रैंकिंग में बड़ा अंतर होने के कारण यह मुकाबला उम्मीद से कहीं अधिक करीबी साबित हुआ। भारतीय खिलाड़ी की रैंकिंग 364, जबकि त्रिस्मुवंतारा की रैंकिंग 2000 से भी नीचे हैं। हाल ही में डेविस कप में कोरिया के खिलाड़ियों के खिलाफ दोनों मुकाबलों में हार का सामना करने वाले नागल ने आखिरकार ने किसी कोरियाई खिलाड़ी को हराने में सफलता हासिल की। बारिश के कारण उनका मुकाबला दो दिन तक खिंचा और कुल तीन घंटे चार मिनट तक चला। प्री-क्वार्टर फाइनल में नागल का सामना उज्बेकिस्तान के सर्गेई फोमिन से होगा। भारत के कोच आशुतोष सिंह ने पीटीआई से कहा, ‘‘मौसम खराब होने के कारण मैच बार-बार रुका और आउटडोर कोर्ट से इंडोर कोर्ट में खेल होने से यह दोनों खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। मैच कल शुरू हुआ और आज समाप्त हुआ।’’उन्होंने कहा, ‘‘चार कोर्ट पर एक साथ मैच चल रहे थे और प्रतियोगिता स्थल पर काफी कुछ गहमागहमी चल रही थी, इसलिए माहौल अच्छा नहीं है, भले ही आयोजक अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं।’’आशुतोष ने कहा, ‘‘सुमित को लय हासिल करने में थोड़ा समय लगा, लेकिन लय में आने के बाद उन्होंने मैच पर नियंत्रण बना दिया। पेशेवर खिलाड़ियों को परिस्थितियों के अनुसार ढलना पड़ता है।
Asian Games में Jyothi Yarraji के DNS होने का विश्लेषण, क्या Fitness Clearance में हुई जल्दबाजी?
शनिवार को एशियाई खेलों में महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में मेडल जीतने की भारत की उम्मीदों को झटका लगा, क्योंकि पिछले संस्करण की सिल्वर मेडलिस्ट ज्योति याराजी ने वार्म-अप के दौरान दर्द महसूस होने के बाद अपने पहले राउंड की हीट में हिस्सा नहीं लिया। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि याराजी ने अपना वार्म-अप पूरा करने के बाद नाम वापस ले लिया। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Neeru Dhanda ने रचा इतिहास, महिला ट्रैप में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया नया एशियाई रिकॉर्ड इस बाधा धाविका के घुटने में हल्की स्ट्रेस इंजरी थी और उन्हें आखिरी समय में फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ही भारत की 75 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। अधिकारी ने कहा कि पूरा वार्म-अप करने के बाद उन्हें दर्द महसूस हुआ। याराजी ने जुलाई 2025 में अपने दाहिने घुटने के एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट (ACL) टियर की सर्जरी के बाद इस साल कॉम्पिटिशन में वापसी की थी। वापसी के बाद शनिवार की हीट से उनके हटने और घुटने की समस्या ने भारत के बाकी एथलेटिक्स कैंपेन से पहले चिंता बढ़ा दी है। पिछले एडिशन में 100 मीटर हर्डल्स में सिल्वर मेडल जीतने वाली याराजी इस इवेंट में भारत की अहम मेडल उम्मीदों में से एक थीं। उनके DNS (शुरुआत नहीं की) का मतलब था कि वह शुरुआती राउंड में हिस्सा नहीं ले पाईं। नंदिनी कोंगन ने महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ के फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करके भारत की उम्मीदें बनाए रखीं। वह हीट 2 में 13.48 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं और क्वालिफ़ाइंग राउंड से आगे बढ़ीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया जापान की माको फुकुबे ने 12.85 सेकंड में यह हीट जीती, जबकि चीन की यान्नी वू 13.18 सेकंड और इंडोनेशिया की दीना औलिया 13.39 सेकंड के साथ उनके पीछे रहीं। पुरुषों की 200 मीटर दौड़ में भारत के लिए अच्छी खबर रही, क्योंकि अनिमेष कुजूर तीसरे सेमीफ़ाइनल हीट में दूसरे स्थान पर रहकर फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर गए। कुजूर ने 20.81 सेकंड का समय लेकर सीधे क्वालिफ़िकेशन हासिल किया। थाईलैंड के पुरीपोल बूनसन ने 20.10 सेकंड में सेमीफ़ाइनल जीतकर गेम्स रिकॉर्ड बनाया।
(तस्वीरों के साथ)... अजय मसंद...नागोया, 29 सितंबर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों की महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में मंगलवार को इतिहास रचते हुए भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 28 अंक के साथ नया एशियाई रिकॉर्ड भी कायम किया। इससे पहले कोई भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट निशानेबाज एशियाई खेलों में व्यक्तिगत पदक नहीं जीत सकी थी। हरियाणा की 26 वर्षीय नीरू ने इससे पहले महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह जुलाई में इटली में हुए शॉटगन विश्व कप में ट्रैप स्पर्धा का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। नीरू ने फाइनल में 28 अंक जुटाए, जो पिछले 24 अंक के एशियाई रिकॉर्ड से बेहतर है। चीन की सुन युनोंग ने 26 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि कुवैत की अब्दुलमलिक हाजर ने 21 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। नीरू ने कहा, ‘‘मैं यह पदक भारतीय सेना के उन जवानों को समर्पित करती हूं, जो देश की रक्षा के लिए इससे भी बड़ा काम करते हैं। साथ ही इसे दिवंगत राजा रणधीर सिंह को समर्पित करती हूं, जिन्होंने 1978 में एशियाई खेलों में भारत के लिए पहला ट्रैप स्वर्ण पदक जीता था।’’अपने अब तक के सफर के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘2018 जकार्ता एशियाई खेलों में ट्रैप स्पर्धा का रजत पदक जीतने वाले मेरे चचेरे भाई लक्ष्य श्योराण ने मुझे ट्रैप निशानेबाजी अपनाने के लिए प्रेरित किया। मैं बाद में भोपाल स्थित मध्य प्रदेश निशानेबाजी अकादमी चली गई, क्योंकि वहां मुझे निशानेबाजी अभ्यास के लिए बंदूक और कारतूस मुफ्त में मिल रहे थे।’’इससे पहले किसी भी भारतीय महिला ट्रैप निशानेबाज ने एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। भारत के लिए पुरुष ट्रैप की व्यक्तिगत स्पर्धा में 1978 में रणधीर सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2010 एशियाई खेलों में रोंजन सोढ़ी ने पुरुष डबल ट्रैप का व्यक्तिगत स्वर्ण हासिल किया था। नीरू ने 118 अंक के साथ कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर रहते हुए आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई थी। 118 अंक क्वालीफिकेशन में खेलों का रिकॉर्ड भी रहा। महिला ट्रैप टीम स्पर्धा में नीरू (118), आशीमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन की लियू शानशान, युनोंग और झू जिंग्यू की टीम ने 346 अंक के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हाजर और अलहवाल सारा की टीम ने 325 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में आशीमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। पुरुष ट्रैप टीम स्पर्धा में भारत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। 10 टीमों के बीच भारत छठे स्थान पर रहा। शपथ भारद्वाज ने हालांकि आठवें स्थान पर रहकर व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय टीम ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण, कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। यह मौजूदा एशियाई खेलों में निशानेबाजी में भारत का दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया था। इन खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या अब पांच हो गई है।
Asian Games 2026: नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स 2026 में आज भारत के लिए बड़ा दिन है। जी हां आज नीरू ढांडा ने जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। वह इस इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहली भारतीय महिला बन गई हैं। 26 साल की नीरू ने 30 में से 28 निशाने टारगेट पर लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके साथ ही चीन की सन युनोंग (26 अंक) रजत और हाजर अब्दुलमलिक (21 अंक) ने कांस्य पदक हासिल किया। भारत का एशियन गेम्स 2026 में ये 5वां गोल्ड और व्यक्तिगत स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक है। भारत अब तक 5 गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज अपने नाम कर चुका है। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने 328 अंक लेकर ट्रैप इवेंट में सिल्वर अपने नाम किया था। pc- khabargaon.com
Asian Games: Ankush Panghal ने Boxing Final में बनाई जगह, सेमीफाइनल में Erkinboev को हराया
मंगलवार को एशियाई खेलों 2026 में पुरुषों के 80 किग्रा गोल्ड-मेडल मुकाबले में अंकुश पंघाल ने उज़्बेकिस्तान के फ़ज़लिद्दीन एर्किनबोएव को एक रोमांचक सेमीफ़ाइनल में हराकर अपनी जगह बनाई। ESPN के अनुसार, ब्लू कॉर्नर से लड़ते हुए अंकुश ने उज़्बेक साउथपॉ बॉक्सर के खिलाफ़ ज़बरदस्त शुरुआत की; उन्होंने तेज़ी से पंच मारे और अपने दाहिने हाथ व बॉडी शॉट्स से सफलता हासिल की। ज़्यादा पंच मारने के बावजूद, हैरानी की बात यह रही कि भारतीय बॉक्सर को पहला राउंड 1-4 से हारा हुआ घोषित कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: Mirabai Chanu ने 49kg Weightlifting में जीता Silver Medal, अपने मेडल कलेक्शन में जोड़ा नया पदक अंकुश ने दूसरे राउंड में ज़बरदस्त वापसी की; उन्होंने एर्किनबोएव की रफ़्तार और काउंटर-पंचिंग की क्षमता का मुक़ाबला करते हुए 3-2 से राउंड अपने नाम किया और मुक़ाबले में बराबरी हासिल की। इसके बाद भारतीय मुक्केबाज़ ने निर्णायक तीसरे राउंड में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुकाबले पर हावी रहते हुए 5-0 से जीत हासिल की, जिससे कुल मिलाकर 4-1 से जीत पक्की हो गई। अब अंकुश गोल्ड मेडल के लिए दक्षिण कोरिया के किम मिन-सियोंग से मुकाबला करेंगे। किम ने दूसरे सेमीफाइनल में जॉर्डन के हुसैन इशाईश को हराया। इस जीत के साथ ही भारत ने बॉक्सिंग के एक और फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इसी दिन परवीन हुड्डा ने भी महिलाओं के 65kg गोल्ड-मेडल मुक़ाबले के लिए क्वालिफ़ाई किया। इससे पहले, परवीन ने अपने सेमीफ़ाइनल में चीन की ली शू को सर्वसम्मति से 5-0 से हराया। भारतीय बॉक्सर ने संयमित प्रदर्शन किया; उन्होंने सही मौक़े का इंतज़ार किया, साफ़ पंच मारे और पूरे मुक़ाबले के दौरान अपना दबदबा बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: India Win Trap Shooting Gold In Asian Games | 48 साल का सूखा खत्म! Neeru Dhanda ने एशियन गेम्स में ट्रैप शूटिंग का गोल्ड जीतकर रचा नया इतिहास फ़ाइनल में परवीन का मुक़ाबला चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन से होगा। मंगलवार को भारत का एक और पुरुष बॉक्सिंग सेमीफ़ाइनल होना है, जिसमें +90kg कैटेगरी में नरेंद्र का मुक़ाबला कज़ाकिस्तान के आइबेक ओरलबे से होगा। एशियाई खेलों के 10वें दिन भारत के लिए अंकुश की जीत अहम रही; साथ ही शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले नीरू ने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिलाओं के ट्रैप टीम इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
Asian Games 2026: Neeru Dhanda ने जीता पहला व्यक्तिगत Gold, Trap Shooting में रचा इतिहास
नीरू ढांडा ने एशियाई खेल 2026 में भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने क्वालीफाइंग चरण और फाइनल दोनों में बढ़त बनाए रखते हुए महिला ट्रैप स्पर्धा में चीन की सुन युनोंग और कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक को हराकर पहला स्थान हासिल किया। गौरतलब है कि लगातार बारिश के कारण परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, लेकिन ढांडा ने आठ निशानेबाजों के फाइनल में 26 अंक बनाकर खिताब अपने नाम किया। चीन की सुन और कुवैत की हाजर दोनों ने 21 अंक बनाए, जबकि कतर के रे बासिल 16 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहे। इसे भी पढ़ें: Asian Games में बारिश से मैच रद्द, बेहतर T20I Ranking के दम पर भारत सेमीफाइनल में ढांडा ने आत्मविश्वास से भरी शुरुआत की और शुरुआती सीरीज में सभी पांच निशाने भेद दिए। दूसरे राउंड में उनका एक निशाना चूक गया, लेकिन उन्होंने तुरंत अपनी लय वापस पा ली। तीसरी सीरीज में सभी निशाने भेदने के बाद वह फिर से शीर्ष पर पहुंच गईं और अगले चरण में भी अपनी स्थिति बनाए रखी। चार सीरीज़ के बाद, धंधा ने 20 शॉट्स में 19 हिट्स किए थे। 25 शॉट्स के बाद वह सन से 23-21 से आगे थीं, जबकि हज़र भी एलिमिनेट होने से पहले 21 पर थीं। इसके बाद धंधा ने फ़ाइनल स्टेज को सफलतापूर्वक पार करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इस जीत ने भारतीय शूटर के लिए पहले से ही सफल रहे साल में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ दी है। ढांडा ने जुलाई में इटली के लोनाटो में महिलाओं की ट्रैप प्रतियोगिता में अपना पहला ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स में आने से पहले उन्होंने एशियन चैंपियनशिप का खिताब भी जीता था। इंडियन आर्मी मार्कसमैनशिप यूनिट की सदस्य और नायब सूबेदार ढांडा ने मंगलवार को महिलाओं की ट्रैप टीम इवेंट में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतने में भी योगदान दिया था। उन्होंने, आशीमा अहलावत और मनीषा कीर ने कुल 328 अंक हासिल किए; वे 346 अंकों के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाले चीन से पीछे और 325 अंकों के साथ ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाले कुवैत से आगे रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games India Win Gold Medal | महिला कबड्डी टीम का स्वर्णिम पंच, भारत ने ईरान को रोमांचक मुकाबले में पछाड़कर जीता तीसरा गोल्ड मेडल टीम प्रतियोगिता में ढांडा ने भारत का सबसे ज़्यादा व्यक्तिगत स्कोर बनाया और 125 में से 118 टारगेट पर निशाना साधा। उनकी इस व्यक्तिगत सफलता से भारत के कुल मेडल की संख्या 47 हो गई, जिसमें पांच गोल्ड, 21 सिल्वर और 21 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इस नतीजे से भारतीय शॉटगन शूटिंग में भी एक बड़ी कामयाबी जुड़ी है; इस खेल में भारत के राइफल और पिस्टल खिलाड़ियों की तुलना में बड़े इवेंट्स में ऐतिहासिक रूप से कम मेडल जीते गए हैं।
Asian Games 2026 : जेवलिन थ्रो में भारत का 'डबल धमाका', यशवीर ने सिल्वर और रोहित ने ब्रॉन्ज़ जीता
PC: navarashtra सोमवार को एशियन गेम्स 2026 में पुरुषों के जेवलिन थ्रो फाइनल में भारत ने दो मेडल जीते। यशवीर सिंह ने सिल्वर और रोहित यादव ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इस इवेंट का गोल्ड मेडल श्रीलंका के रुमेश थरंगा के नाम रहा। भारत के यशवीर सिंह नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 85.72 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। यशवीर ने अपने छठे प्रयास में 85.72 मीटर की दूरी तय की। उनका पिछला बेस्ट 85.14 था। यशवीर ने अपने पहले प्रयास में 83.56 मीटर, दूसरे प्रयास में 82.99 मीटर, तीसरे प्रयास में 82.42 मीटर और चौथे प्रयास में 84.31 मीटर थ्रो किया। उनका पांचवां प्रयास 85.14 मीटर था। रोहित ने तीसरे प्रयास में जीत हासिल की दूसरी ओर, रोहित यादव ने 84.35 मीटर के अपने बेस्ट प्रदर्शन के साथ अपने देश के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। रोहित ने यह सफलता अपने तीसरे प्रयास में हासिल की। उन्होंने पहली कोशिश में 77.25 मीटर, दूसरी में 82.40 मीटर, तीसरी में 84.35 मीटर, चौथी में 82.16 मीटर और पांचवीं कोशिश में 82.15 मीटर भाला फेंका। उनकी छठी कोशिश फाउल रही। श्रीलंका का शानदार प्रदर्शन श्रीलंका के रमेश थरंगा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। रमेश अपनी चौथी कोशिश में 88 मीटर की दूरी तक पहुंचे, जबकि छठी और आखिरी कोशिश में उन्होंने 88.55 मीटर लंबा भाला फेंककर अपना बेस्ट प्रदर्शन किया। थरंगा अपनी पहली कोशिश में 73.53 मीटर तक पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी अगली कोशिश में 83.34 मीटर लंबा भाला फेंका। उनकी तीसरी कोशिश को खारिज कर दिया गया, जिसके बाद उन्हें 88.33 मीटर की लंबाई दी गई, जिससे वह स्टैंडिंग में टॉप पर पहुंच गए। थरंगा की पांचवीं कोशिश भी फाउल थी, लेकिन उन्होंने 88.55 मीटर की आखिरी और छठी कोशिश के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
Asian Games 2026: भारत को एशियन गेम्स में 5वां गोल्ड, नीरू ने ट्रैप शूटिंग में दिलाया
26 वर्षीय नीरू ने फाइनल की शुरुआत से ही सटीक निशाने लगाए। अंतिम परिणाम में उनके 28 सफल शॉट रहे, जो उन्हें गोल्ड दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुए। सुन यूनोंग ने 26 और हाजर अब्दुलमलिक ने 21 अंक हासिल किए।
Asian Games 2026: भारत को मिला एक और गोल्ड मेडल, एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने बनाया इतिहास
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत की नीरू ढांडा ने कमाल का प्रदर्शन किया है। नीरू ढांडा ने ट्रैप शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ वह मौजूदा एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए गोल्ड जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं। उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने ट्रैप इवेंट में भारत के 36 साल के लंबे पदक इंतजार को खत्म किया और भारत के लिए पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। एशियन गेम्स 2026 में भारत का ये 5वां गोल्ड है।
भारतीय निशानेबाजी के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। स्टार शूटर नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में पहला स्थान हासिल किया और एशियन गेम्स 2026 में भारत की झोली में पांचवां गोल्ड मेडल (स्वर्ण पदक) डाल दिया। नीरू एशियन गेम्स के इतिहास में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला शूटर बन गई हैं। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से कुछ ही घंटे पहले उन्होंने टीम इवेंट में मनीषा कीर और आशीमा अहलावत के साथ मिलकर भारत के लिए सिल्वर मेडल (रजत पदक) भी जीता था। 48 साल बाद ट्रैप शूटिंग में आया व्यक्तिगत गोल्ड एशियन गेम्स के इतिहास में ट्रैप शूटिंग के व्यक्तिगत वर्ग में भारत को 48 साल बाद यह स्वर्णिम सफलता मिली है। इससे पहले 1978 के बैंकॉक एशियन गेम्स में रणधीर सिंह ने पुरुषों के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता था। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के पूर्व अध्यक्ष रणधीर सिंह का इस साल के शुरू में निधन हो गया था। इसके अलावा, रोंजन सोढ़ी ने 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में पुरुषों के डबल ट्रैप व्यक्तिगत वर्ग में गोल्ड हासिल किया था। हालांकि, एशियन गेम्स के इतिहास में आज तक किसी भी भारतीय महिला ट्रैप या स्कीट शूटर ने व्यक्तिगत मेडल नहीं जीता था, जिसे नीरू ढांडा ने अपने निशाने से बदलकर एक नया इतिहास रच दिया। क्वालिफिकेशन में एशियन गेम्स का रिकॉर्ड हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली नीरू ढांडा ने फाइनल से पहले क्वालिफिकेशन राउंड में भी अपने दबदबे का परिचय दिया। उन्होंने कतर की रे बासिल के साथ 118 अंकों का स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया और संयुक्त लीडर के रूप में फाइनल में प्रवेश किया। 118 अंकों का यह स्कोर एशियन गेम्स के क्वालिफिकेशन राउंड का नया रिकॉर्ड भी बन गया। फाइनल मुकाबले में भी नीरू ने अपनी एकाग्रता और सटीक निशानेबाजी को बरकरार रखते हुए विरोधियों को पछाड़कर पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल किया। 2026 में नीरू ढांडा का स्वर्णिम सफर हरियाणा की यह होनहार शूटर इस पूरे साल जबरदस्त फॉर्म में रही हैं। एशियन गेम्स से पहले, जुलाई में नीरू ने इटली में आयोजित शॉटगन वर्ल्ड कप के ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। उस समय भी वे वर्ल्ड कप के इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं। एशियन गेम्स 2026 में एक ही दिन में स्वर्ण और रजत पदक जीतकर उन्होंने भारतीय खेल जगत में अपनी एक खास पहचान बना ली है।
Asian Games 2026: भारतीय क्रिकेट टीम पहुंची सेमीफाइनल में, श्रीलंका के साथ होगा मुकाबला
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स 2026 में बारिश का खलल पड़ा है। इस बारिश ने मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता में क्वार्टर फाइनल मुकाबलों का रोमांच फीका कर दिया। निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जाने वाले चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबले एक भी गेंद फेंके बिना रद्द करने पड़े, इसका सीधा फायदा बेहतर रैंकिंग वाली टीमों को मिला। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीम्स ने सेमीफाइनल में जगह बना ली। भारत का क्वार्टर फाइनल 28 सितंबर (सोमवार) को अफगानिस्तान के खिलाफ था, लेकिन बारिश के कारण मुकाबला शुरू ही नहीं हो सका। ऐसे में भारतीय टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। अब भारत का सामना श्रीलंका से होगा। भारत और श्रीलंका के बीच सेमीफाइनल मुकाबला 1 अक्टूबर (गुरुवार) को खेला जाएगा। श्रीलंका भी मंगलवार (29 सितंबर) अपने क्वार्टर फाइनल में नेपाल के खिलाफ मैदान पर नहीं उतर सका। लगातार बारिश के चलते मुकाबला रद्द हुआ और श्रीलंकाई टीम अंतिम चार में पहुंच गई। pc-hindustan
Asian Games: नीरू ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड, महिलाओं के इवेंट में रचा नया इतिहास
Asian Games: नीरू ने ट्रैप शूटिंग में जीता गोल्ड, महिलाओं के इवेंट में रचा नया इतिहास
Asian Games में महिला Trap Team ने जीता रजत पदक, नीरू ने बनाया रिकॉर्ड
भारतीय महिला निशानेबाजों ने मंगलवार को यहां एशियाई खेलों की ट्रैप टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि पुरुष टीम को निराशाजनक छठे स्थान से संतोष करना पड़ा। नीरू धांडा (118), आशिमा अहलावत (106) और मनीषा कीर (104) की भारतीय टीम ने कुल 328 अंक जुटाकर दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम 346 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष पर रही। चीन की टीम में लियू शानशान, सुन युनोंग और झू जिंग्यू शामिल थीं। कुवैत की अलहवाल शाहद, अब्दुलमलिक हजर और अलहवाल सारा की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। नीरू ने व्यक्तिगत स्पर्धा के आठ निशानेबाजों वाले फाइनल में भी जगह बनाई। उन्होंने कतर की रे बेसिल के साथ संयुक्त रूप से 118 अंक हासिल किए, जो एशियाई खेलों में क्वालीफिकेशन का नया रिकॉर्ड है। व्यक्तिगत स्पर्धा में आशिमा अहलावत 16वें और मनीषा कीर 23वें स्थान पर रहीं। भारतीय पुरुष ट्रैप टीम 10 टीमों के बीच निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए छठे स्थान पर रही। शपथ भारद्वाज हालांकि आठवें स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहे। मेरठ के 24 वर्षीय शपथ ने अंतिम दो क्वालीफाइंग स्थानों के लिए हुए शूट-ऑफ में मोहम्मद अल-रुमैही को पछाड़कर आठवां और आखिरी स्थान हासिल किया। शपथ भारद्वाज, कायनान चेनाई और अहवर रिजवी की भारतीय तिकड़ी ने कुल 339 अंक जुटाए। कुवैत ने 355 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कतर ने 349 अंक के साथ रजत और कजाखस्तान ने 348 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। चेनाई, जोरावर सिंह संधू और पृथ्वीराज तोंडाइमन की भारतीय पुरुष ट्रैप टीम ने चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था।
एशियाई खेलों में Bronze Medal जीतने के बाद बोले Rohit Yadav, अब दबाव मुक्त होकर खेलूंगा
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...नागोया, 29 सितंबर एशियाई खेलों में भाला फेंक का कांस्य पदक जीतकर रोहित यादव ने वर्षों से झेल रहे दबाव से राहत महसूस करते हुए कहा कि वह अब बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकेंगे। पच्चीस वर्षीय रोहित ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार रुमेश पाथिरागे ने 88.55 मीटर के प्रयास से स्वर्ण, जबकि भारत के ही यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। रोहित ने पदक जीतने के बाद कहा, ‘‘मैंने इससे पहले किसी बड़ी चैंपियनशिप में पदक नहीं जीता था। किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह मेरा पहला पदक है। मैं बहुत खुश हूं। आखिरकार मेरा खाता खुल गया।’’रोहित ने कहा, ‘‘मैं ऐसे परिवार से आता हूं, जहां खेलों का माहौल नहीं है। इसलिए घर में लोग कहते थे, ‘तुम इतने साल से इतनी मेहनत कर रहे हो, लेकिन कोई पदक नहीं जीत पाए। आखिर तुम्हारे पास है क्या।’’उन्होंने कहा, ‘‘परिवार और दोस्तों की ओर से मुझ पर जो दबाव था, वह इस पदक के बाद अब खत्म हो गया है। मैं कई वर्षों से बहुत दबाव में था। मुझे नहीं पता कि बड़े पदक जीतने से मैं बार-बार क्यों चूक जाता था। लेकिन एशियाई खेलों के इस पदक के बाद अब मैं बिना किसी दबाव के खेलूंगा। मैं खुलकर प्रतिस्पर्धा करूंगा।’’रोहित का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 87.68 मीटर है। जून में भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 87.05 मीटर के शानदार प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी लगातार बड़े प्रयास नहीं कर पाने पर उन्होंने निराशा जताई थी। यही कमी उन्हें बड़ी प्रतियोगिताओं में पदक से दूर करती रही थी। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में वह 81.56 मीटर के साधारण प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने वापसी करते हुए विश्व एथलेटिक्स ‘सिल्वर लेवल कॉन्टिनेंटल टूर’ प्रतियोगिता में 87.68 मीटर के प्रयास से खिताब जीता। रोहित ने कहा, ‘‘‘यह विश्वस्तरीय खिलाड़ियों वाला मुकाबला था। लेकिन भारत में अपनी पिछली प्रतियोगिता में मैंने 87.68 मीटर भाला फेंका था, जो विश्वस्तरीय प्रयास था। मैं ठीक हूं और पदक जीतने से खुश हूं, लेकिन बहुत संतुष्ट नहीं हूं, क्योंकि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर सका। मेरा प्रयास उस स्तर का नहीं था, जिसकी मुझे उम्मीद थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगले साल मेरा लक्ष्य 88, 89 और 90 मीटर से अधिक की दूरी हासिल करना है। मैं अगले साल डायमंड लीग, एशियाई चैंपियनशिप और चीन में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा। इस साल का प्रदर्शन ठीक रहा। मैंने दो बार 87 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंका।’’रोहित ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि भविष्य में मैं पदक का रंग बदल पाऊंगा।’’बारिश के कारण मैदान पर फिसलन के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘ परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थी और इसी वजह से भाले को सही तरीके से रिलीज नहीं कर पा रहा था। लेकिन परिस्थितियां सभी खिलाड़ियों के लिए समान थीं, इसलिए मैं इसे बहाना नहीं बनाऊंगा।’’रोहित ने इस पदक को अपने पिता को समर्पित करते हुए कहा, ‘‘‘मैं यह पदक अपने पिता को समर्पित करता हूं। मेरे पिता ने बहुत संघर्ष देखा है। यहां आने के बाद मैंने उन्हें फोन किया था। उन्होंने कहा था कि जिस तरह खेलना पसंद है, उसी तरह खेलो। मैंने उनसे कहा था कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करूंगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं बड़ा प्रयास नहीं कर सका, लेकिन अब मैं उन्हें बताऊंगा कि मैंने पदक जीत लिया है। वह बहुत खुश होंगे।
Asian Games में Rumesh Pathirage ने जीता स्वर्ण, Neeraj Chopra की गैरमौजूदगी पर जताया दुख
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 29 सितंबर श्रीलंका के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी रुमेश थरंगा पाथिरागे ने दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के चोट के कारण एशियाई खेलों से बाहर होने को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए कहा कि उन्हें इस महाद्वीपीय खेल महाकुंभ में उनकी कमी खली। चीन में हुए पिछले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा पिछले महीने अभ्यास के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण इस बार मैदान पर नहीं उतर सके। इस सत्र में तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंक चुके पाथिरागे ने सोमवार को बारिश से प्रभावित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 88.55 मीटर के प्रयास के साथ पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने यह दूरी अपने छठे और अंतिम प्रयास में हासिल की। चोटिल चोपड़ा की जगह भारतीय एथलेटिक्स टीम में शामिल यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। भारत के ही रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रयास के साथ कांस्य पदक हासिल किया। पाथिरागे ने सोमवार को स्पर्धा के बाद पीटीआई से बातचीत में चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘‘हां, लुसाने डायमंड लीग के बाद उनके टखने में थोड़ी चोट लगी थी। यह उनका दुर्भाग्य है।’’इस 23 साल के खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मैं कभी-कभी उनसे (चोपड़ा से) बात करता हूं।’’पिछले साल जुलाई में बेंगलुरु में आयोजित पहली एनसी (नीरज चोपड़ा) क्लासिक भाला फेंक प्रतियोगिता के लिए चोपड़ा ने पाथिरागे को आमंत्रित किया था। इस प्रतियोगिता के मेजबान चोपड़ा ने 86.18 मीटर के प्रयास के साथ पहला स्थान हासिल किया था, जबकि पाथिरागे 84.34 मीटर के प्रयास के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। इस साल हालांकि तस्वीर बदल गई। पाथिरागे ने उन तीनों प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की, जिनमें चोपड़ा ने हिस्सा लिया था। उन्होंने जून में दोहा डायमंड लीग जीती, जिसमें चोपड़ा चौथे स्थान पर रहे थे। इसके बाद पाथिरागे ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीता, जबकि चोपड़ा ने रजत पदक हासिल किया। अगस्त में लुसाने डायमंड लीग में भी पाथिरागे ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि चोपड़ा एक बार फिर दूसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों में तीनों पदक दक्षिण एशियाई खिलाड़ियों के नाम रहे। पाथिरागे ने यशवीर और रोहित की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘यशवीर और रोहित बहुत अच्छे खिलाड़ी हैं। उनका औसत प्रदर्शन 85 मीटर के आसपास रहा है। मुझे लगता है कि अगले साल यशवीर और रोहित भारत के लिए बड़े प्रयास कर सकते हैं।’’पाथिरागे ने इस साल जिन 14 प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, उनमें से 13 में शीर्ष स्थान हासिल किया है। एक प्रतियोगिता में वह दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने चार डायमंड लीग मुकाबलों के अलावा डायमंड लीग फाइनल, विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों के खिताब भी जीते हैं। इस साल तीन बार 90 मीटर से अधिक दूरी तक भाला फेंकने और लगातार खिताब जीतने के पीछे के रहस्य के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘‘कोई रहस्य नहीं है, हर साल की तरह सामान्य प्रशिक्षण ही करता हूं।’’एशियाई खेलों की भाला फेंक स्पर्धा के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘बारिश के कारण परिस्थितियां अच्छी नहीं थीं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाले पर सही पकड़ नहीं बना पा रहा था। मैं खेलों का रिकॉर्ड और एशियाई रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था, लेकिन 90 मीटर जैसे बड़े प्रयास नहीं कर सका।’’उन्होंने कहा, ‘‘ मैं हालांकि एशियाई खेलों में भाला फेंक में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला श्रीलंकाई खिलाड़ी बनकर खुश हूं।’’भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर पाथिरागे ने कहा, ‘‘मेरा अगला लक्ष्य अगले साल होने वाली विश्व चैंपियनशिप और फिर 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक है।
एशियन गेम्स 2026 के सभी चार क्वार्टर फाइनल मुकाबले बारिश की वजह से धुल गए। इस वजह से भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान ने बेहतर रैंक के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में दो क्वार्टर फाइनल होने थे। पहला क्वार्टर फाइनल पाकिस्तान और हांगकांग के बीच होना था और दूसरा क्वार्टर फाइनल भारत और अफगानिस्तान के बीच होना था। दोनों ही मैच बारिश की भेंट चढ़ गए और बिना टॉस के ही रद्द कर दिए गए। पहले क्वार्टर फाइनल से पाकिस्तान और दूसरे क्वार्टर फाइनल से भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। मंगलवार को इवेंट के तीसरे और चौथे क्वार्टर फाइनल कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही खेले जाने थे। तीसरा क्वार्टर फाइनल श्रीलंका और नेपाल के बीच होना था, जबकि चौथा क्वार्टर फाइनल बांग्लादेश और मलेशिया के बीच होना था। ये दोनों ही क्वार्टर फाइनल भी बारिश की वजह से बिना टॉस के रद्द कर दिए गए। तीसरे क्वार्टर फाइनल से श्रीलंका और चौथे क्वार्टर फाइनल से बांग्लादेश को सेमीफाइनल में भेजा गया है। क्वार्टर फाइनल फेज की समाप्ति के बाद सेमीफाइनल की तस्वीर स्पष्ट हो गई है। पहला सेमीफाइनल गुरुवार (1 अक्टूबर) को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। इसी दिन दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और भारत के बीच सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में होने हैं। क्वार्टर फाइनल फेज के पूरी तरह बारिश से धुल जाने के बाद सेमीफाइनल को लेकर टीमों, आयोजकों और क्रिकेट फैंस के मन में चिंता बनी हुई है। क्वार्टर फाइनल की तरह अगर सेमीफाइनल भी बारिश की वजह से धुला तो बेहद चिंताजनक होगा। पहला सेमीफाइनल गुरुवार (1 अक्टूबर) को बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 बजे से खेला जाएगा। इसी दिन दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और भारत के बीच सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
एशियाई खेल : जौनपुर के रोहित यादव ने जेवलिन में जीता कांस्य, गांव में मना जश्न
Asian Games: Rohit Yadav from Jaunpur won bronze in javelin, celebration in the village
Bhiwani News: मुक्केबाज प्रिया घणघस एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचीं
मुक्केबाज प्रिया घणघस एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंचीं
Asian Games 2026: मेरठ निवासी ओलंपियन प्रियंका गोस्वामी एशियाई खेलों की 42 किमी मैराथन रेस वाॅक में चार रेड कार्ड मिलने के कारण नौ किलोमीटर पर ही अयोग्य घोषित हो गईं।
मंडी: हिमाचल के सावन बरवाल ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, मैराथन में 44 साल बाद भारत को दिलाया रजत; जयराम ठाकुर ने दी बधाई
चंबा की धाविका सीमा जापान में एशियाई खेलों की 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल के लिए उतरेंगी। इससे पहले उन्होंने 10 हजार मीटर में कांस्य जीता था।
Asian Games 2026 : अपने ही नेशनल रिकार्ड को तोड़ पारूल ने दिखाया दमखम, एशियन गेम्स में जीता कांस्य
मेरठ की पारूल चौधरी ने जापान के नागोया में एशियन गेम्स 2026 में 3000 मीटर स्टीपलचेज में कांस्य पदक जीता। उन्होंने 9 मिनट 8 सेकेंड 67 माइक्रो सेकेंड के साथ अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
एशियन गेम्स में मेरठ की धाविका पारुल चौधरी ने 1500 मीटर दौड़ में अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 4:09.46 दर्ज करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया, हालांकि वह पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। अब वह 27 सितंबर को 3000 मीटर स्टीपलचेज और 28 सितंबर को 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगी, जहाँ उनका लक्ष्य अपने पिछले स्वर्ण पदक का बचाव करना है।
एशियन गेम्स में पुरुष मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले सावन बरवाल ने अपनी कड़ी मेहनत और कोच गोपाल ठाकुर के मार्गदर्शन से यह उपलब्धि हासिल की है।
Sawan Barwal Silver Medal Asian Games 2026 Jogindernagar Himachal Story: मंडी के जोगिंद्रनगर के सावन बरवाल ने एशियन गेम्स में मैराथन का रजत पदक जीतकर हिमाचल का मान बढ़ाया। सड़क और रेलवे ट्रैक पर अभ्यास से शुरू हुआ सफर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा।
एशियाई खेल में भारतीय सैनिक मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने भारत के लिए पदक पक्का कर लिया है।
Asian Games 2026: एशियन गेम्स-2026 में पुष्पा राणा की कप्तानी में भारतीय महिला कबड्डी टीम ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण जीता। हिमाचल की चार बेटियों ने जीत में अहम भूमिका निभाई।
Bhiwani News: एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
एशियाई खेलों में प्रिया घणघस की शानदार जीत, क्वार्टर फाइनल में पहुंचीं
चंडीगढ़ बापूधाम कॉलोनी से निकलकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम तक पहुंचना और एशियाई खेलों में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना नंदिनी शर्मा के लिए सिर्फ एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और परिवार के त्याग की कहानी है। शनिवार को सेक्टर-16 क्रिकेट ग्राउंड में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से नंदिनी को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सारांश टंडन, पूर्व अध्यक्ष संजय टंडन और चंडीगढ़ प्रशासन के डायरेक्टर स्पोर्ट्स सौरव अरोड़ा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सौरव अरोड़ा ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन की 2023 की नई खेल नीति के तहत नंदिनी शर्मा को 3 करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सम्मान समारोह के दौरान नंदिनी ने अपनी क्रिकेट यात्रा, परिवार की आर्थिक मुश्किलों, बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर और भविष्य के लक्ष्य के बारे में बात की। कई साल तक की मेहनत नंदिनी ने कहा कि एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद सम्मान मिलना उनके लिए बहुत भावुक पल है। जब वह पीछे मुड़कर देखती हैं तो लगता है कि इस एक मेडल के पीछे कई साल की मेहनत है। परिवार, कोच और चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन ने लगातार उनका साथ दिया। चंडीगढ़ में सम्मान मिलने के बाद उन्हें लगा कि उनकी मेहनत सफल हुई है। बापूधाम कॉलोनी से भारतीय टीम तक के सफर को नंदिनी ने मुश्किल बताया। उन्होंने कहा कि वह सामान्य परिवार से आती हैं। कई बार आर्थिक परिस्थितियां बड़ी चुनौती बनीं। परिवार को उनके क्रिकेट के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। कई बार पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए परिवार को लोन तक लेना पड़ा। नंदिनी के मुताबिक, उनके पिता और भाइयों ने कभी उन्हें यह महसूस नहीं होने दिया कि उन्हें क्रिकेट छोड़ देना चाहिए। उन्होंने हमेशा कहा कि वह खेलें, मेहनत करें और आगे बढ़ें। मुश्किल आई क्रिकेट छोड़ने का नहीं सोचा नंदिनी ने कहा कि आर्थिक परेशानियां जरूर आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार मानने के बारे में नहीं सोचा। उनके लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं था। वह सुबह से शाम तक मेहनत करती थीं। मुश्किल समय में वह यही सोचती थीं कि एक दिन इसी मेहनत का परिणाम जरूर मिलेगा। नंदिनी ने बताया कि उन्होंने चंडीगढ़ में करीब 10-12 साल पहले क्रिकेट शुरू किया था। सेक्टर-26 स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के क्रिकेट ग्राउंड पर उन्होंने काफी अभ्यास किया। चंडीगढ़ क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से अलग-अलग आयु वर्गों में खेलते हुए उन्हें लगातार आगे बढ़ने का मौका मिला। फास्ट बॉलर के रूप में गति और लाइन-लेंथ पर फोकस नंदिनी ने बताया कि फास्ट बॉलर के तौर पर उनकी कोशिश अपनी गति और लाइन-लेंथ पर लगातार काम करने की रहती है। क्रिकेट में हर दिन कुछ नया सीखना पड़ता है। फिटनेस भी बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर महिला क्रिकेट में लंबे समय तक खेलने के लिए फिटनेस पर काफी ध्यान देना जरूरी है। नंदिनी ने चंडीगढ़ की लड़कियों को संदेश देते हुए कहा कि आने वाले समय में खेल के क्षेत्र में उनके लिए अच्छे अवसर हैं। सिर्फ अवसर मिलना काफी नहीं है। लगातार मेहनत करनी होगी और प्रदर्शन को बेहतर बनाना होगा। फिटनेस को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। चंडीगढ़ के लिए गोल्ड जीतना गर्व की बात चंडीगढ़ के लिए एशियाई खेलों में गोल्ड जीतने को लेकर नंदिनी ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है। वह खुश हैं कि चंडीगढ़ के लिए यह उपलब्धि हासिल कर पाईं। इससे उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी। वह चाहती हैं कि उनके बाद चंडीगढ़ की और भी लड़कियां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और शहर का नाम रोशन करें। भविष्य के लक्ष्य के बारे में नंदिनी ने कहा कि फिलहाल उनका पूरा फोकस अपने खेल पर है। वह भारतीय महिला वनडे क्रिकेट टीम में खुद को मजबूती से स्थापित करना चाहती हैं। ओलंपिक के बारे में अभी ज्यादा नहीं सोच रही हैं। उनका काम है कि जिस भी मैच में खेलने का मौका मिले, उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें। क्रिकेट के अलावा पसंद के बारे में नंदिनी ने बताया कि उन्हें घर का बना कढ़ी-चावल बहुत पसंद है। उन्होंने हंसते हुए कहा कि बाहर कितना भी अच्छा खाना मिल जाए, घर की कढ़ी-चावल की बात अलग है। उन्हें परफ्यूम की कलेक्शन करने का भी शौक है।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने 20वें एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश की चार बेटियों ने अहम भूमिका निभाई।
भारतीय महिला कबड्डी टीम ने जापान में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में ईरान को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हिमाचल की भावना के अभेद्य डिफेंस ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

