बाली : (इंडोनेशिया ) 22वीं एशियाई सीनियर कराटे चैंपियनशिप
एशियाई कराटे चैंपियनशिप में ईरान दमदार, इंडोनेशिया के बाली में आयोजित एशियाई कराटे महासंघ (AKF) सीनियर चैंपियनशिप में ईरान के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। ईरान की महिला कुमिते टीम ने जापान को हराकर स्वर्ण पदक जीता और देश का गौरव बढ़ाया। वहीं पुरुष टीम कुमिते के फाइनल में […]
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कूनो राष्ट्रीय उद्यान आगमन से पहले श्योपुर में एशियाई शेरों की बसावट का मुद्दा फिर गरमा गया है। रविवार को कूनो संघर्ष समिति ने गांधी पार्क में धरना सत्याग्रह किया और राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। समिति ने कूनो में गुजरात के गिर अभयारण्य से एशियाई शेरों को बसाने की मांग दोहराई। समिति के संयोजक और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अतुल चौहान के नेतृत्व में हुए इस सत्याग्रह में वक्ताओं ने बताया कि कूनो को एशियाई शेरों के दूसरे घर के रूप में विकसित करने की योजना दशकों पुरानी है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के सर्वेक्षण के बाद वर्ष 1993-94 में कूनो को शेरों के लिए सबसे उपयुक्त और सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। इसी उद्देश्य से कूनो के आसपास के 25 गांवों के लगभग 4545 परिवारों का विस्थापन किया गया था, ताकि जंगल क्षेत्र को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखा जा सके। यह कदम विशेष रूप से शेरों की बसावट के लिए उठाया गया था। ज्ञापन में कहा गया है कि गिर अभयारण्य में शेरों की बढ़ती संख्या और विभिन्न कारणों से हो रही मौतों को देखते हुए एशियाई शेरों के लिए दूसरा सुरक्षित आवास विकसित करना राष्ट्रीय आवश्यकता है। समिति ने वर्ष 2013 के सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि एशियाई शेर पूरे देश की धरोहर हैं, किसी एक राज्य की नहीं, और उन्हें कूनो में बसाने के निर्देश दिए गए थे। धरना प्रदर्शन के दौरान समिति पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान चीता परियोजना और एशियाई शेरों की बसावट एक-दूसरे के विरोध में नहीं हैं। उनका तर्क है कि दोनों वन्यजीव एक ही परिक्षेत्र में सफलतापूर्वक रह सकते हैं, जिससे कूनो राष्ट्रीय उद्यान की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत होगी। संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्योपुर प्रदेश के पिछड़े जिलों में शामिल है और कूनो में शेरों की बसावट से पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

