एशियाई खेलों में Elavenil Valarivan ने जीता व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में 10m एयर राइफल रजत
(अजय मसंद)नागोया (जापान), 20 सितंबर इलावेनिल वलारिवन की मुस्कान कभी उनके गले में पड़े पदक के रंग पर निर्भर नहीं करती। रविवार को भी जब उनके हाथ से लगभग पक्का लग रहा स्वर्ण पदक फिसल गया तब यह 27 वर्षीय भारतीय एयर राइफल निशानेबाज एशियाई खेलों की रेंज से उसी सहज मुस्कान के साथ बाहर निकलीं- शांत, संयमित और आश्चर्यजनक रूप से संतुष्ट। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल फाइनल के अधिकांश हिस्से में इलावेनिल पूरी तरह नियंत्रण में नजर आईं। उन्होंने करीब 1.5 अंक की बढ़त बनाई और लंबे समय तक इसे बरकरार रखा। लेकिन अंत में उनके तीन ढीले शॉट ने मुकाबले का रुख बदल दिया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनके चेहरे पर ना निराशा थी और ना ही जो हुआ उसे छिपाने की कोई कोशिश। इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई थी। मुझे लगता है कि मुझे फाइनल पर थोड़ा और काम करने की जरूरत है।’’उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि मैं शीर्ष तीन में हूं। हालांकि मैं अपना ध्यान फिर से प्रक्रिया और अपनी तकनीक पर लगाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैं थोड़ी रिलैक्स हो गई।’’उन्होंने कहा, “जैसे ही पदक पक्का हुआ तो दबाव कम हो गया। इसके बाद मैंने अपनी प्रक्रिया को लेकर थोड़ी ढील बरती।”शायद यही स्वीकारोक्ति बताती है कि वह ऐसे नतीजे के साथ भी सहज क्यों थीं जिसे कई खिलाड़ियों के लिए स्वीकार करना मुश्किल होता। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मुझे लगता है कि यह पूरी प्रक्रिया सीखने की है।’’रविवार का रजत पदक प्रमुख एशियाई प्रतियोगिताओं में उनका लगातार तीसरा व्यक्तिगत रजत था। इससे पहले वह शिमकेंट और दिल्ली में एशियाई चैंपियनशिप में भी पोडियम पर पहुंची थीं। हालांकि एक बार फिर मामूली अंतर से स्वर्ण से चूकने पर ध्यान देने के बजाय इलावेनिल पहले ही एक बेहद साधारण चीज के बारे में सोच रही हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा, ‘‘अब शायद आराम और उबरने की प्रक्रिया होगी। मुझे अपने बिस्तर की बहुत याद आ रही है। मैं बस वापस जाकर अपने कोच और टीम साथियों के साथ इसका जश्न मनाना चाहती हूं।’’इस साल के अंत में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारियां अब कुछ दिन इंतजार कर सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘उबरने और खुद को तरोताजा करने के बाद मैं उस लक्ष्य पर काम शुरू करूंगी।’’यह पदक भारत के लिए दोहरी खुशी का हिस्सा भी रहा। इलावेनिल, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा विनोद ने इससे पहले टीम स्पर्धा में भी भारत को रजत पदक दिलाया। इलावेनिल के लिए यह उपलब्धि व्यक्तिगत सफलता से ज्यादा इन तीनों निशानेबाजों के बीच विकसित हुए रिश्ते और टीम भावना के बारे में थी। उन्होंने कहा, ‘‘यह टीम के सामूहिक प्रयास के बारे में अधिक है। हमारे में से हर एक ने ट्रेनिंग सत्र के दौरान एक-दूसरे की मदद की और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।’’टीम की सबसे अनुभवी सदस्य होने के नाते इलावेनिल यह भी समझती थीं कि इन दो पदकों का भारत के बाकी निशानेबाजों पर क्या असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इससे पूरी टीम का मनोबल बढ़ेगा। पहले ही दिन हमने दो पदक जीते हैं इसलिए यहां से आगे मुझे लगता है कि अब बस आगे बढ़ते जाना है।’’लेकिन इस पदक का व्यक्तिगत महत्व इससे कहीं अधिक था। इलावेनिल को एशियाई खेलों में पदक जीतने में आठ साल लग गए। उन्होंने 2018 में जकार्ता में अपने पहले एशियाई खेलों में हिस्सा लिया था। इस बार वह एक अनुभवी ओलंपियन के तौर पर यहां पहुंची थीं लेकिन उनके पदकों के संग्रह में एक बड़ी कमी थी- एशियाई खेलों का पदक। इलावेनिल चाहतीं थी कि उनकी कोच नेहा चव्हाण इस पल को व्यक्तिगत रूप से देख पातीं लेकिन वह नागोया में मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने मेरे से कहा, ‘तुमने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है। इस दिन तुम इससे अधिक कुछ नहीं कर सकतीं। मैं बस यही चाहूंगी कि तुम तकनीक का पालन करो, खुद पर भरोसा रखो और हमेशा की तरह साहस के साथ खेलो’।’’इलावेनिल ने कहा, ‘‘मैं बहुत आभारी हूं कि वह हर समय मेरे साथ हैं, भले ही वह यहां मौजूद ना हों।’’नेहा की गैरमौजूदगी इस मौके पर और अधिक महसूस हुई क्योंकि यह इलावेनिल का एशियाई खेलों का पहला पदक था। उन्होंने कहा, ‘‘इस समय मुझे उनकी बहुत याद आ रही है क्योंकि यह मेरा एशियाई खेल का पहला पदक है। वह इसे देखने के लिए यहां व्यक्तिगत रूप से मौजूद नहीं हैं। अगर वह यहां होतीं तो मुझे बहुत, बहुत अच्छा लगता।
Asian Games: सिल्वर को गोल्ड में बदलने उतरेगी हरमनप्रीत की सेना, उधर बदला लेने को बेताब श्रीलंका
IND vs SL: हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय टीम लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स के महिला टी20 फाइनल में पहुंच गई है। भारत ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में अपनी जगह बनाई है। अब गोल्ड मेडल के लिए भारत का मुकाबला 22 सितंबर को श्रीलंका से होगा। जो भी टीम ये मुकाबला हारेगी उससे सिल्वर मेडल दिया जाएगा। इससे पहले 13 सितंबर को एशिया कप 2026 के फाइनल में दोनों टीमों का आमना-सामना हुआ था। इस मैच में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से मात दी थी। अब श्रीलंका की टीम भारत से इस हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी।वहीं दूसरी ओर सेमीफाइनल में पाकिस्तान और बांग्लादेश को हार का सामना करना पड़ा है। अब इन दोनों टीमों के बीच ब्रॉन्ज मेडल के लिए मुकाबला खेला जाएगा। आइए जानते हैं कब और कितने बजे से शुरू होगा मुकाबलाकब-कब होंगे मुकाबलेएशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल के दोनों मुकाबले एक ही दिन खेले जाएंगे। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के मेडल मुकाबले 22 सितंबर को खेले जाएंगे। ब्रॉन्ज मेडल के मैच में पाकिस्तान और बांग्लादेश की टीमें सुबह 5:30 बजे आमने-सामने होंगी। इसके बाद गोल्ड मेडल के लिए भारत और श्रीलंका के बीच मुकाबला सुबह 10:30 बजे से खेला जाएगा। भारतीय टीम की नजर अब गोल्ड मेडल जीतने पर होगी।कैसा था भारत-बांग्लादेश का मुकाबलाशैफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 49 गेंदों में नाबाद 100 रन बनाए और अपना पहला टी20 इंटरनेशनल शतक पूरा किया। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट पर 195 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और लगातार अंतराल पर उसके विकेट गिरते रहे। पूरी टीम 15.4 ओवर में सिर्फ 81 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने बांग्लादेश को 114 रन से हराया, जो रनों के हिसाब से बांग्लादेश के खिलाफ भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। वहीं, श्रीलंका ने रविवार को पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई।Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर
Asian Games में Elavenil Valarivan का कमाल, भारत को निशानेबाजी में मिले 2 रजत पदक
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर एलावेनिल वलारिवन के महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने एशियाई खेलों की निशानेबाजी प्रतियोगिता के पहले दिन दो रजत पदक जीतकर अपने अभियान की बेहतरीन शुरुआत की। भारत की सबसे कुशल राइफल निशानेबाजों में से एक एलावेनिल ने टीम स्पर्धा में देश को रजत पदक दिलाने में मदद की और फिर व्यक्तिगत स्पर्धा में भी रजत पदक जीता। तमिलनाडु में जन्मी यह निशानेबाज फाइनल के अधिकतर समय तक स्वर्ण पदक जीतने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन अंतिम क्षणों में जापान की हिनाता ताइची ने उन्हें पीछे छोड़कर सोने का तमगा हासिल किया। विश्व चैंपियनशिप 2025 की कांस्य पदक विजेता एलावेनिल ने 252.4 अंक हासिल किए, जो ताइची से सिर्फ 0.6 अंक कम थे। ताइची ने 253.0 अंक हासिल करके एशियाई खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। मौजूदा विश्व चैंपियन और पेरिस ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता दक्षिण कोरिया की बान ह्योजिन ने 230.4 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। एलावेनिल का यह एशियाई खेलों में पहला व्यक्तिगत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोऊ खेलों में भाग लिया था लेकिन पोडियम पर जगह बनाने में असफल रही थीं। फाइनल के अधिकांश समय तक स्वर्ण पदक उनकी मुट्ठी में लग रहा था। वह 17वें शॉट के बाद बान से 1.4 अंकों से आगे थीं, जबकि ताइची तीसरे स्थान पर थीं। एलावेनिल 21वें शॉट के बाद भी जापानी निशानेबाज से 0.2 अंकों से आगे थीं। लेकिन इसके बाद ताइची आगे हो गई। एलावेनिल अंतिम दो शॉट्स से पहले ताइची से केवल 0.3 अंक पीछे थीं। उन्होंने 10.4 अंक बनाए, लेकिन जापानी निशानेबाज ने 10.6 अंक बनाकर अपनी बढ़त 0.5 अंक कर दी। भारतीय खिलाड़ी को पदक का रंग बदलने के लिए अंतिम शॉट में अच्छे प्रदर्शन की जरूरत थी लेकिन उन्होंने 10.1 का स्कोर बनाया। ताइची ने संयम बनाए रखते हुए 10.2 का स्कोर करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया और एशियाई खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। यह रजत पदक एलावेनिल का दिन का दूसरा पदक था। इससे पहले उन्होंने सोनम मस्कर और विदरसा विनोद के साथ मिलकर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था। सोनम ने भी फाइनल में जगह बनाई थी जहां वह 167 अंकों के साथ छठे स्थान पर रही। एलावेनिल ने बाद में कहा, ‘‘मैं जानती थी कि मैं शीर्ष तीन में शामिल हूं। मैं अपनी प्रक्रिया और तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, फिर भी मैं थोड़ी लापरवाह हो गई। मुझे अपने फाइनल पर और काम करने की ज़रूरत है। बस इतना ही। मुझे लगा कि मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और मुझे खुशी है कि मैंने रजत पदक जीता।’’इससे पहले एलावेनिल, सोनम और विदरसा की भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर थ्री पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
Asian Games Hockey: भारतीय पुरुष टीम ने Indonesia को 13-1 से रौंदा, Dilpreet Singh ने दागे 4 गोल
स्ट्राइकर दिलप्रीत सिंह ने चार गोल करके अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई, जिससे मौजूदा चैंपियन भारत ने रविवार को यहां एशियाई खेलों की पुरुष हॉकी प्रतियोगिता के पूल ए के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया को 13-1 से हरा दिया। दिलप्रीत (18वें, 19वें, 37वें और 49वें मिनट) ने चार फील्ड गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा (6वें और 35वें मिनट) और सुखजीत सिंह (38वें और 48वें मिनट) ने दो-दो गोल दागे। गोल करने वाले अन्य भारतीय खिलाड़ियों में अभिषेक (12वें मिनट), राजिंदर सिंह (19वें मिनट), मनदीप सिंह (21वें मिनट), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (28वें मिनट) और जुगराज सिंह (47वें मिनट) शामिल थे। इंडोनेशिया की तरफ से एकमात्र गोल औलिया अल अर्द्ध ने 33वें मिनट में किया। भारत मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ अपना अगला मैच खेलेगा। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा था कि भारतीय टीमें एशियाई खेलों में अपनी पारंपरिक नीली पोशाक पहनेंगी, लेकिन पुरुष और महिला दोनों टीमों ने केसरिया रंग की पोशाक ही पहनी, जिसे उन्होंने हाल ही में नीदरलैंड और बेल्जियम में हुए विश्व कप के दौरान पहली बार पहना था। भारत ने आक्रामक शुरुआत की। खेल के छठे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक को इंडोनेशिया के गोलकीपर आलम फजर ने बचा दिया लेकिन लाकड़ा ने रिबाउंड पर गोल कर दिया। भारत ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा और खेल के अधिकांश हिस्से में दबदबा कायम रखा। अभिषेक ने 12वें मिनट में शुरुआती शॉट को इंडोनेशियाई गोलकीपर द्वारा बचाए जाने के बाद रिबाउंड पर गोल करके बढ़त को दोगुना कर दिया। दिलप्रीत ने 18वें मिनट में अभिषेक की मदद से गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। इसके एक मिनट बाद दिलप्रीत ने सुखजीत सिंह के दूर वाले पोस्ट से दिए गए पास को गोल में बदला। कुछ ही सेकंड बाद राजिंदर ने सुखजीत की मदद से गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके महज दो मिनट बाद मनदीप ने एक और फील्ड गोल दाग दिया। भारत ने इंडोनेशियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा और 27वें मिनट में पेनल्टी हासिल की जब रिबाउंड पर स्कोर करने की कोशिश करते समय मनप्रीत सिंह को ‘डी’ के अंदर फाउल किया गया। लेकिन हरमनप्रीत का प्रयास इंडोनेशियाई गोलकीपर फजर ने नाकाम कर दिया। लेकिन हरमनप्रीत ने अगले ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को हाफ-टाइम तक 7-0 की बढ़त दिला दी। दूसरे हाफ के शुरू में इंडोनेशिया ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया जिसे अल अर्द्ध ने गोल में बदला। लेकिन भारत ने अपना दबदबा बरकरार रखा और राजिंदर से मिले सटीक पास पर शिलानंद ने अपना दूसरा गोल दागा। दिलप्रीत एक बार फिर सही समय पर सही जगह पर मौजूद थे। इंडोनेशिया के गोलकीपर के शुरुआती शॉट को रोके जाने के बाद उन्होंने गेंद को गोल में धकेलकर अपने नाम हैट्रिक दर्ज की। कुछ ही सेकंड बाद सुखजीत ने भी फील्ड गोल कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में जुगराज ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला और एक मिनट बाद ही सुखजीत ने अपना दूसरा फील्ड गोल किया। दिलप्रीत ने एक मिनट बाद अपना चौथा गोल दागकर भारत की बड़ी जीत सुनिश्चित की।
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। मेडल जीतने के बाद सोनम म्हास्कर ने अपनी खुशी जाहिर की और अपनी सफलता का श्रेय परिवार के साथ उन सभी लोगों को दिया, जिन्होंने उनके सफर में उनका साथ दिया। मेरे लिए और भारत के लिए गर्व का पल सोनम म्हास्कर ने कहा, सबसे पहले तो यह बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे, मेरे परिवार और भारत के लिए गर्व का पल है। उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य लोगों का भी धन्यवाद किया। सोनम ने कहा, मैं अपने सभी प्रायोजकों, महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और उन सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहती हूं, जिन्होंने यह पदक जीतने में मेरा साथ दिया। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Sonam Mhaskar says, First of all, it feels great. It is a proud moment for me, my family, and India. I want to thank everyone—my sponsors, the federation, SAI, and all those who supported me in… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/VcSzRxrIWT — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: 8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर 2019 में कॉलेज से शुरू हुआ सफर सोनम ने बताया कि उन्होंने 2019 में कॉलेज के दौरान खेल की शुरुआत की थी। उस समय उनके कॉलेज में केवल चार खेलों का विकल्प था, राइफल शूटिंग, तीरंदाजी, मुक्केबाजी और जूडो। उन्होंने बताया कि वह मुक्केबाजी या जूडो में नहीं जाना चाहती थीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन बाद में राइफल शूटिंग में उनकी रुचि बढ़ गई। सोनम ने कहा, मैंने कुछ दिनों तक तीरंदाजी आजमाई, लेकिन फिर मेरी रुचि राइफल शूटिंग में हो गई। मैंने इसमें जिला स्कूल खेल स्तर पर एक पदक भी जीता। इस सफलता के बाद उनका भरोसा बढ़ा और उन्हें लगा कि वह इस खेल में आगे कुछ हासिल कर सकती हैं। उन्होंने कहा, उस पदक से मेरी रुचि और बढ़ी और मुझे लगा कि मैं इस खेल में सच में कुछ हासिल कर सकती हूं। यहीं से मेरा सफर शुरू हुआ। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal माता-पिता को समर्पित किया पदक सोनम ने एशियन गेम्स का सिल्वर मेडल अपने माता-पिता को समर्पित किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता ने मुश्किल हालात के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया। उन्होंने कहा, मैं यह पदक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहती हूं, क्योंकि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने मेरा बहुत साथ दिया। अगर उन्होंने मेरा साथ नहीं दिया होता, तो मुझे नहीं लगता कि मैं आज यहां होती।
8 साल, कई हार, लेकिन फिर भी नहीं मानी हार... Asian Games 2026 में Vidarsa ने भारत के लिए जीता सिल्वर
जापान के नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया है। एलावेनिल वलारिवन, सोनम म्हास्कर और विनोद विदर्सा की भारतीय टीम ने महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। इस पदक के साथ भारतीय टीम ने एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया है। 8 साल की मेहनत के बाद मिला पदक सिल्वर मेडल जीतने के बाद भारतीय निशानेबाज विदर्सा के. विनोद ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, सबसे पहले मैं बहुत खुश और आभारी हूं कि हमें यह पदक मिला। हमने यह पदक भारत और अपने देश के लिए जीता है, इसलिए मुझे बहुत गर्व है। विनोद ने बताया कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए उन्हें करीब 8 साल का लंबा इंतजार और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। उन्होंने कहा, यहां तक पहुंचने और इस स्तर पर मुकाबला करने में लगभग 8 साल लग गए। सफर बहुत मुश्किल था। मुझे बहुत सारे त्याग करने पड़े और कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। #WATCH | Aichi-Nagoya Asian Games 2026: On winning the Silver medal, Indian shooter Vidarsa K Vinod says, First of all, I am so happy and so grateful that we have this medal. We got this medal for India, for our country, so I am so proud. It took almost 8 years to come here, to… https://t.co/Hylvg015qE pic.twitter.com/Aq2YygGbDK — ANI (@ANI) September 20, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games: Vidarsa Vinod ने 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में जीता Silver Medal हार के बाद भी नहीं मानी हार विनोद ने अपनी सफलता का श्रेय लगातार मेहनत और हार न मानने के जज्बे को दिया। उन्होंने कहा कि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने कभी पीछे हटने का फैसला नहीं किया। उन्होंने कहा, सफर मेरे लिए बहुत कठिन था, लेकिन मैं हार मानने के लिए तैयार नहीं थी और इसी वजह से आज यहां हूं। इसे भी पढ़ें: Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया कोच और परिवार को दिया पदक का श्रेय विनोद ने अपने पदक को सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि उनकी सफलता के पीछे कोच की सबसे बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा, मैं अपना पदक सबसे पहले अपने कोच मनोज कुमार को समर्पित कर रही हूं। मेरी सफलता के पीछे सबसे अहम व्यक्ति वही हैं। इसके बाद उन्होंने अपने माता-पिता, परिवार, पति और भाई को भी अपनी सफलता का श्रेय दिया।
Asian Games Table Tennis: भारतीय पुरुष और महिला टीम ने Indonesia को 3-0 से हराया
भारत की पुरुष और महिला टीम ने रविवार को यहां आइची-नागोया एशियाई खेलों की टेबल टेनिस प्रतियोगिता में अपने अभियान की शुरुआत अपने-अपने ग्रुप एफ मुकाबलों में इंडोनेशिया पर 3-0 की समान जीत के साथ की। महिला टीम के लिए श्रीजा अकुला, दीया चितले और यशस्विनी घोरपड़े ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। श्रीजा ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए। दीया चितले ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी घोरपड़े ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। पुरुष टीम ने भी 3-0 की शानदार जीत दर्ज की। हालांकि दूसरे मुकाबले में उसे कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। जी साथियान ने मुहम्मद नेगारा को 11-8, 11-7, 11-9 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके बाद मानव ठक्कर ने मुहम्मद जुनिंद्रा के खिलाफ पांच गेम तक चले मुकाबले में 3-2 से जीत दर्ज की। मानव ने पहला गेम 11-7 से जीता लेकिन दूसरा गेम 8-11 से गंवा दिया। उन्होंने तीसरा गेम 11-6 से जीतकर फिर बढ़त हासिल की। जुनिंद्रा ने चौथा गेम 11-6 से जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया लेकिन मानव ने धैर्य बनाए रखते हुए पांचवां गेम 11-9 से जीत लिया। मानुष शाह ने इसके बाद अफान प्रतामा को 11-9, 11-9, 12-10 से हराकर पुरुष टीम को जीत दिलाई। महिला ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर हैं। पुरुष टीम को ईरान, पाकिस्तान और इंडोनेशिया के साथ ग्रुप एफ में रखा गया है।
एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट इवेंट में महिला एशिया कप 2026 की पुनरावृत्ति हो गई है। महिला एशिया कप 2026 की तरह ही एशियन गेम्स 2026 महिला क्रिकेट का फाइनल मुकाबला भारतीय टीम और श्रीलंका के बीच होगा। रविवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने बांग्लादेश को 114 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था। टीम इंडिया ने सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा के विस्फोटक शतक की बदौलत 4 विकेट पर 195 रन बनाए थे। शेफाली ने मात्र 49 गेंदों पर शतक लगाया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय टी20 करियर का पहला शतक था। शेफाली ने 49 गेंदों पर 9 छक्कों और 3 चौकों की मदद से नाबाद 100 रन की पारी खेली। इस शतक के साथ ही शेफाली ने मंधाना के सबसे तेज टी20 शतक के भारतीय महिला क्रिकेटर के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। मंधाना ने 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंदों में ही शतक लगाया था। शेफाली के अलावा, स्मृति मंधाना ने 19 गेंदों पर 2 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 37 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों पर 6 चौकों की मदद से 40 रन की पारी खेली। बांग्लादेश के लिए मारूफा अख्तर, संजीदा अख्तर, राबिया खान और नाहिदा अख्तर ने 1-1 विकेट लिए। 196 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी बांग्लादेश की पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। सर्वाधिक 24 रन ओपनर दिलारा अख्तर ने बनाए। भारतीय टीम की तरफ से नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने 3-3 विकेट लिए। श्री चरणी को 2 विकेट मिला। क्रांति गौड़ और श्रेयांका पाटिल ने 1-1 विकेट लिए। 196 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी बांग्लादेश की पूरी टीम 15.4 ओवर में 81 रन पर सिमट गई। सर्वाधिक 24 रन ओपनर दिलारा अख्तर ने बनाए। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट में कांस्य पदक के लिए पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच मुकाबला होगा। ये मुकाबला भी मंगलवार को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से खेला जाएगा। Article Source: IANS
शेफाली वर्मा के नाबाद शतक के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बांग्लादेश को हराकर एशियाई खेलों के फाइनल में प्रवेश किया, जहां मुकाबला श्रीलंका से होगा।
Suchika Tariyal ने Asian Games MMA के सेमीफाइनल में बनाई जगह, पदक किया पक्का
सुचिका तारियाल जब 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उनको व्यथित कर दिया और उन्होंने उसी समय प्रण लिया कि उन्हें लड़ना सीखना होगा। इस घटना के 24 साल बाद इस 36 वर्षीय खिलाड़ी ने हरियाणा के जूडो मैट से एशियाई खेलों के पोडियम तक सफर तय किया। उन्होंने रविवार को यहां मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर महिलाओं के पारंपरिक मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) के 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में प्रवेश करके भारत के लिए पदक पक्का किया। नागोया सिटी इनाए स्पोर्ट्स सेंटर में सोमवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में सुचिका स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेगी। इस प्रतियोगिता में अंतिम चार में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है। सुचिका ने कहा, ‘‘देश के लिए एक पदक पक्का करना बहुत बड़ी बात है। अब मैं स्वर्ण पदक हासिल करने के लिए किसी तरह की कसर नहीं छोडूंगी।’’महिला पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग में स्ट्राइकिंग, टेकडाउन, ग्रैपलिंग और ग्राउंड फाइटिंग का संयोजन होता है, जिसमें अंडर-60 किलोग्राम वर्ग के खिलाड़ी प्रतिस्पर्धा करते हैं। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका जूडो, जिउ-जित्सु और एमएमए जैसे खेलों की अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं ऐसा खेल सीखूं जिसमें लड़ना पड़े, इसलिए मैंने जूडो को चुना। उसी सफर ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। यह अगले स्तर पर जाने के लिए आधार को मजबूत करने जैसा है, और जूडो ने इसमें मेरी बहुत मदद की है।’’उनका यह सफर हरियाणा के रोहतक से शुरू हुआ जहां वह एक साधारण और रूढ़िवादी परिवार में पली-बढ़ीं। जब वह 12 साल की थी तब छेड़छाड़ की एक घटना ने उन्हें झकझोर दिया और उन्होंने आत्मरक्षा के लिए जूडो सीखना शुरू किया। उन्होंने सबसे पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में और बाद में पालम के दादा देव मंदिर केंद्र में प्रशिक्षण लिया जिसके बाद उन्होंने भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) भोपाल में अपने कौशल को निखारा। सुचिका ने इसके बाद जूडो में प्रभावशाली करियर बनाया। उन्होंने 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया और आठ बार राष्ट्रीय चैंपियन बनी। उन्होंने 2019 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप और 2019 दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता। सुचिका ने इसके अलावा 2018 राष्ट्रमंडल जूडो चैंपियनशिप में रजत पदक भी जीता। सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाए और इस खेल में भी अपनी विशेष छाप छोड़ी। उन्होंने 2024 जेजेआईएफ जिउ-जित्सु विश्व चैंपियनशिप में महिलाओं के 63 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। एमएमए में उनका सफर काफी पहले 2017 में शुरू हो गया था, लेकिन उसके बाद उन्होंने सात साल का ब्रेक लिया और इस दौरान जूडो और जिउ-जित्सु में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखा। उन्होंने 2024 में पेशेवर एमएमए में वापसी की और महिला स्ट्रॉवेट डिवीजन में ब्रेव कॉम्बैट फेडरेशन के साथ कई मुकाबलों का अनुबंध किया। उन्होंने दिसंबर 2024 में बहरीन में ब्रेव सीएफ 92 में जीत हासिल की। एमएमए में कदम रखना उनके लिए एक चुनौती भरा सफर रहा है। उन्होंने पहले और दूसरे एमएमए-एसएफआई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और उसके बाद जनवरी और मई 2026 में तीसरे और चौथे एशियाई मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किए। एशियाई खेलों की तैयारी के लिए उन्होंने मुंबई में कोच निखिल और सुशोभन के मार्गदर्शन में छह सप्ताह के शिविर में भाग लिया। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं मुंबई के ट्रैफिक में फंस जाती थी तो मेरे कोच मेरा इंतज़ार करते थे ताकि मैं आकर अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकूं। वे मुझ पर पूरा ध्यान देते थे और मेरी तकनीक को निखारने में लगे रहते थे।’’सुचिका ने कहा, ‘‘यहां तक पहुंचने में मुझे बहुत समय लगा। इसमें बहुत मेहनत लगी। पहले जूडो, फिर अन्य खेल और अब एमएमए। यह एक नया खेल है, बिल्कुल नया मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स।
टीम इंडिया Women's Asian Games 2026 Final में पहुंची, गोल्ड मेडल के लिए श्रीलंका से होगी टक्कर
India Women vs Bangladesh Women, 2nd Semi Final Women's Asian Games 2026: शेफाली वर्मा (Shafali Verma) के तूफानी शतक और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार (20 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए महिला एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में बांग्लादेश को 114 रनों के विशाल अंतर से हराकर फाइनल में एंट्री कर ली है। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम का मेडल पक्का हो गया है और गोल्ड के लिए फाइनल में उसकी भिड़त श्रीलंका से होगी 22 सितंबर को होगी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 195 रन का विशाल स्कोर बनाया। ओपनिंग बैटर ने 49 गेंदों में नाबाद 100 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 9 छक्के जड़े। जिसके चलते वह एशियन गेम्स में शतक लगानी वाली पहली क्रिकेटर बनीं। उनके अलावा कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 33 गेंदों में 40 रन और स्मृति मंधाना ने 19 गेंदों में 37 रन बनाए। इस दौरान मंधाना ने महिला टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। बांग्लादेश के लिए मारूफ़ा अख्तर, शांजिदा एक्टर मेघला, राबेया खान, नाहिदा अख्तर ने 1-1 विकेट हासिल किया। A dominant -run victory for #TeamIndia They are all set to face Sri Lanka next in the Gold Medal match Scorecard https://t.co/zMJKYRAVhE #AsianGames pic.twitter.com/ZIi2hTFv3A — BCCI Women (@BCCIWomen) September 20, 2026 जवाब में बांग्लादेश की टीम 15.4 ओवरों में 81 रनों पर ढेर हो गई। ओपनिंग बैटर दिलारा अख्तर ने 23 गेंदों में 27 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई और बैटर क्रीज पर नहीं टिकी। टीम की 9 खिलाड़ी दहाईं के आंकड़े तक नहीं पहुंच सकीं। Also Read: LIVE Cricket Score भारत के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए दीप्ति शर्मा और नंदनी शर्मा ने 3-3 विकेट, श्री चरणी ने 2 विकेट, क्रांति गौड़ और श्रेयंका पाटिल ने 1-1 विकेट अपने खाते में डाला।
Shafali Verma Record: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार सलामी बल्लेबाज़ शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने रविवार, 20 सितंबर को विमेंस एशियन गेम्स (Women's Asian Games 2026) के सेमीफाइनल में बांग्लादेश (IND-W vs BAN-W) के खिलाफ शतकीय पारी खेलकर इतिहास रचा। 22 साल की शेफाली ने 49 गेंदों पर 3 चौके 9 छक्के लगाकर नाबाद 100 रन बनाए और एक साथ तीन खास रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। उन्होंने स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) और हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) जैसी दिग्गजों के रिकॉर्ड की भी बराबरी की है। शेफाली वर्मा ने निस्सिन के कोरोना स्पोर्ट्स पार्क स्टेडियम में बांग्लादेशी गेंदबाज़ों की जमकर कुटाई की और 49 गेंदों पर शतक ठोक दिया। खास बात ये है कि शेफाली का ये शतक भारतीय महिला टीम के लिए टी20 फॉर्मेट में सबसे तेज शतक है। उन्होंने हरमनप्रीत कौर की बराबरी की है। हरमन ने साल 2018 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंदों पर शतक लगाने का कारनामा किया था। T20I में IND-W के लिए सबसे तेज शतक 49 रन* – शेफाली वर्मा (IND-W) बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 49 रन – हरमनप्रीत कौर (IND-W) बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 बताते चलें कि शेफाली वर्मा भारतीय महिला टीम के लिए टी20 इंटरनेशनल में सेंचुरी बनाने वाली सिर्फ तीसरी खिलाड़ी भी बन गईं हैं। उनसे पहले कैप्टन हरमनप्रीत कौर और स्मृति मंधाना ही ये कारनामा कर पाईं थीं। T20I में IND-W के लिए शतक 124 रन – स्मृति मंधाना बनाम हांगकांग महिला टीम, दुबई, 2026 112 रन – स्मृति मंधाना बनाम इंग्लैंड महिला टीम, ट्रेंट ब्रिज, 2025 103 रन – हरमनप्रीत कौर बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 100 रन* – शेफाली वर्मा बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 इतना ही नहीं, ये भी जान लीजिए कि शेफाली वर्मा विमेंस टी20 इंटरनेशनल में एक फुल मेंबर टीम की खिलाड़ी के तौर पर हरमनप्रीत कौर की बराबरी करकेसंयुक्त रूप से सबसे तेज शतक लगाने की रिकॉर्ड लिस्ट में चौथे पायदान पर काबिज हो गई हैं। इस लिस्ट में नंबर-1 की पॉजिशन पर वेस्टइंडीज की डिएंड्रा डॉटिन हैं, जिन्होंने साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 38 गेंदों पर शतक लगाया था। महिला T20I में सबसे तेज शतक (गेंदों के हिसाब से) 38 गेंद – डियांड्रा डॉटिन (WI-W) बनाम साउथ अफ्रीका महिला टीम, सेंट किट्स, 2010 46 गेंद – एलिसा हीली (AUS-W) बनाम श्रीलंका महिला टीम, नॉर्थ सिडनी, 2019 47 गेंद – टैमी ब्यूमोंट (ENG-W) बनाम साउथ अफ्रीका महिला टीम, टॉन्टन, 2018 47 गेंद – लौरा वोलवार्ड (SA-W) बनाम भारत महिला टीम, जोहान्सबर्ग, 2026 47 गेंद – आयशा जफर (PAK-W) बनाम जिम्बाब्वे महिला टीम, कराची, 2026 49 गेंद – शेफाली वर्मा (IND-W) बनाम बांग्लादेश महिला टीम, निस्शिन, 2026 49 गेंद – हरमनप्रीत कौर (IND-W) बनाम न्यूजीलैंड महिला टीम, प्रोविडेंस, 2018 Also Read: LIVE Cricket Score गौरतलब है कि शेफाली वर्मा विमेंस इंडियन टी20 टीम के लिए एक कलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाली खिलाड़ियों की लिस्ट में भी टॉप पर पहुंच गईं हैं। उन्होंने साल 2026 में आठवीं बार ये कारनामा किया और स्मृति मंधाना की बराबरी की। स्मृति ने साल 2024 में IND-W के लिए टी20 में 8 पचास प्लस स्कोर बनाए थे।
Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत को दूसरा मेडल, शूटिंग क्वीन इलावेनिल वलारिवन ने जीता सिल्वर
Asian Games 2026: एशियाई खेलों में भारत के खाते में दूसरा मेडल आ गया है। 2019 वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की इलावेनिल वलारिवन (252.4) ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीत लिया है। इससे पहले दिन में उन्होंने टीम इवेंट में भी सिल्वर मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत का यह दूसरा मेडल है। इलावेनिल वलारिवन ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफलइवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली एलावेनिल ने फाइनल में 252.4 पॉइंट हासिल किए।जापान की हिनाता ने जीता गोल्डजापान की हिनाता ताइची (253.0) ने गोल्ड मेडल हासिल किया। जबकि दक्षिण कोरिया की ह्योजिन बान (230.4) ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, सोनम उत्तम मस्कर (167.0) फाइनल में छठे स्थान पर रहीं।इससे पहले, भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में पहला सिल्वर मेडलजीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की।भारतीय तिकड़ीका शानदार प्रदर्शनभारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया।भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ। लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है।क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया।विदरसा गोल्ड से चुकींविदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशनइवेंट में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है। सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी।चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शनइस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग जिफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: सुचिका तरियाल ने वर्ल्ड चैंपियन को दी मात, एशियन गेम्स में भारत का पहला MMA मेडल किया पक्काचीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे। लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। Aichi-Nagoya Asian Games 2026 | Elavenil Valarivan clinches Silver in the Women’s 10m Air Rifle Individual Final at the Asian Games.This is the second medal for India in the Asian Games. pic.twitter.com/7NT1o2O8Ag— ANI (@ANI) September 20, 2026 एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
नागोया, 20 सितंबर . एशियाई खेलों में India की महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम के सिल्वर मेडल जीतने के बाद शूटिंग हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने से बातचीत करते हुए प्रतिक्रिया दी है. से बातचीत करते हुए भारतीय शूटिंग के हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित ने कहा, “यह परफॉर्मेंस संतोषजनक है, मुझे लगता ... Read more
Asian Games Shooting: सोनम, एलावेनिल और विदरसा की तिकड़ी ने 10m एयर राइफल में जीता सिल्वर मेडल
(अजय मसंद)नागोया, 20 सितंबर भारत की सोनम उत्तम मस्कर, एलावेनिल वलारिवन और विदरसा विनोद ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर निशानेबाजी में देश के अभियान की शानदार शुरुआत की। भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 1898.0 के कुल स्कोर के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। चीन की टीम ने 1904.2 अंकों के साथ क्वालीफाइंग में नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। चीन ने पिछले साल अगस्त में शिमकेंट में एशियाई चैंपियनशिप में बनाए गए अपने ही 1902.0 के पिछले रिकॉर्ड को बेहतर किया। भारत और जापान के बीच रजत पदक के लिए कड़ा मुकाबला हुआ लेकिन आखिर में भारतीय खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो भारत से केवल 0.9 अंक कम रहा। टीम पदक तीनों निशानेबाजों के क्वालीफाइंग स्कोर के आधार पर तय किए जाते हैं और कुल स्कोर अंतिम रैंकिंग निर्धारित करता है। क्वालीफाइंग राउंड में तीसरे स्थान पर रहीं सोनम ने 634.1 के प्रभावशाली स्कोर के साथ भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। अपने तीसरे एशियाई खेलों में भाग ले रही ओलंपियन एलावेनिल ने 633.5 का स्कोर बनाकर सातवां, जबकि एशियाई खेलों में पदार्पण कर रही विदरसा ने 630.4 का स्कोर बनाकर 12वां स्थान हासिल किया। विदरसा व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं, लेकिन भारत को रजत पदक दिलाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण साबित हुआ। विदरसा ने कहा, ‘‘यह एक बड़ी उपलब्धि है। यह निराशाजनक है कि मैं फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी, लेकिन टीम स्पर्धा के रजत पदक ने हमें अच्छी शुरुआत दी है।’’विदरसा का प्रदर्शन इसलिए भी अधिक सराहनीय है क्योंकि उन्होंने केवल दो महीने पहले ही 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भाग लेना शुरू किया था। उनकी मुख्य स्पर्धा 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन स्पर्धा है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि मैं 50 मीटर 3-पोजिशन स्पर्धा में मैं बेहतर प्रदर्शन करूंगी। यह मेरी मुख्य स्पर्धा है।‘‘सोनम और एलावेनिल ने व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। इस बीच चीन ने इस खेल में अपनी मजबूती का परिचय दिया। जूनियर विश्व चैंपियन वांग ज़िफेई ने शानदार 638.8 अंकों के साथ क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करके नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। हान जियान ने भी 633.8 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहकर फाइनल में जगह बनाई। चीन के तीन निशानेबाज फाइनल के लिए क्वालीफाई करने की स्थिति में थे, लेकिन प्रत्येक देश से केवल दो खिलाड़ी ही व्यक्तिगत पदक दौर में जगह बना सकते हैं। भारतीय महिला तिकड़ी का रजत पदक 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। भारत के निशानेबाजों ने हांगझोउ एशियाई खेलों में रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
Asian Games 2026: भारत की सुचिका तारियाल ने रविवार (20 सितंबर) को नागोया में जारी 2026 एशियन गेम्स में महिलाओं के पारंपरिक 60 किग्रा मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में मंगोलिया की अल्तांचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसी के साथ उन्होंने आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत का पहला मेडल पक्का कर लिया है। यह 36 वर्षीय खिलाड़ी अब सोमवार 21 सितंबर को सेमीफाइनल में उतरेगी। इस प्रतियोगिता में सेमीफाइनल में पहुंचने पर पदक पक्का हो जाता है, क्योंकि अंतिम चार में हारने वाली दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक मिलता है।सुचिका बेहद अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने जूडो, कुराश, जिउ-जित्सु और अब एमएमए सहित कई खेलोंं में अपना करियर बनाया है। एमएमए को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। सुचिका के शानदार करियर में यह नई उपलब्धि है। वह 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो और 2023 एशियाई खेलों में कुराश में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। वह 2024 में जिउ-जित्सु में विश्व चैंपियन भी रह चुकी हैं।घुटने की चोट और कुछ अन्य कारणों से कुछ समय तक खेलों से बाहर रहने के बाद उन्होंने एमएमए में हाथ आजमाए और सफलता हासिल करने में सफल रही। सुचिका ने यूरेशिया क्षेत्र में 92वें स्थान पर काबिज बैगलमा के खिलाफ मुकाबले पर पूरा नियंत्रण रखते हुए 2-0 से जीत हासिल करते हुए अंतिम चार में जगह पक्की की।भारत का खोला खातासुचिका की जीत ने Asian Games 2026 में भारत का पहला मेडल पक्का कर दिया है। यह Asian Games में MMA में भारत का पहला मेडल भी होगा। भारत ने रविवार को एशियाई खेलों की महिला टीम टेबल टेनिस स्पर्धा के ग्रुप एफ के अपने शुरुआती मैच में इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। श्रीजा अकुला ने पहले मैच में नी महारानी को 3-1 से हराकर भारत को बढ़त दिलाई। श्रीजा ने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम 8-11 से गंवाया। लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए अगले दोनों गेम 11-4, 11-4 से जीत लिए।दीया चितले ने इसके बाद अल्माइरा नेबुचदनेज्जर को 3-0 से हराकर भारत की बढ़त दोगुनी कर दी। दीया ने 11-9, 11-8, 11-5 से जीत दर्ज की और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया। यशस्विनी घोरपड़े ने तीसरे मैच में चित्रा रस्मी को 3-0 से हराकर भारत की जीत सुनिश्चित की। यशस्विनी ने 12-10, 11-4, 11-4 से जीत दर्ज की। ग्रुप एफ में भारत के साथ इंडोनेशिया, पाकिस्तान और सिंगापुर शामिल हैं।दीपिका ने दागे आठ गोलइस बीच, दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे, जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को एशियाई खेलों के पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी। यह एकतरफा मुकाबला होने की उम्मीद थी। ठीक वैसा ही हुआ क्योंकि उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति भारत के लगातार हमलों का कोई जवाब नहीं दे पाई।दोनों टीमों के बीच का अंतर मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था क्योंकि शुरुआत से ही भारत ने गोल वर्षा शुरू कर दी थी। भारत के लिए दीपिका (8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें, 54वें मिनट) ने गोल की झड़ी लगा दी। जबकि लालरेम्सियामी (7वें), इशिका (11वें, 42वें, 54वें), बलजीत कौर (12वें), नेहा (18वें), नवनीत कौर (23वें, 45वें), लथंतलुआंगी (43वें, 51वें) और साक्षी राणा (43वें) ने भी गोल किए।इंडोनेशिया से भिड़ेगा भारतभारत सोमवार को अपने अगले मैच में इंडोनेशिया से भिड़ेगा। प्रतियोगिता में दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए पहले हाफ में ही आठ गोल दाग दिए।यह मैच पूरी तरह से एकतरफा मुकाबला था और दोनों टीमों के बीच कौशल का स्तर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।इसकी शुरुआत तब हुई जब लालरेम्सियामी ने करीब से एक फील्ड गोल किया। दीपिका ने इसके एक मिनट बाद ही बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो के पास पर इशिका ने सर्कल के बाईं ओर से शानदार गोल दाग दिया। WATCH SUCHIKA CREATE HISTORYCREDIT @Navinsports pic.twitter.com/KlX0fc06dv https://t.co/AsqjLCH5PQ— IndiaSportsHub (@IndiaSportsHub) September 20, 2026 एक मिनट बाद बलजीत ने स्कोर 4-0 कर दिया, जिसके बाद नेहा ने एक और फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से मिले मौके पर जोरदार ड्रैगफ्लिक शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 6-0 कर दिया।ये भी पढ़ें- Mumbai Accident: मुंबई में दर्दनाक सड़क हादसा! तेज रफ्तार BMW ने पैदल चलने वालों को मारी टक्कर, 3 की मौत, 1 की हालत गंभीरनवनीत ने भी फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया, जिसके बाद दीपिका ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को पहले हाफ में 8-0 की बढ़त दिला दी। उज्बेकिस्तान के लिए स्थिति बद से बदतर हो गई क्योंकि भारतीय टीम ने आखिरी दो क्वार्टर में 11 गोल दाग दिए।
एशियाई खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम का दबदबा, Deepika के 8 गोल से उज्बेकिस्तान को 19-0 से हराया
दीपिका ने शानदार खेल का नमूना पेश करते हुए आठ गोल दागे, जिससे भारतीय महिला हॉकी टीम ने रविवार को यहां एशियाई खेलों के पूल बी में अपने पहले मैच में कमजोर उज्बेकिस्तान को 19-0 से करारी शिकस्त दी। यह एकतरफा मुकाबला होने की उम्मीद थी और ठीक वैसा ही हुआ क्योंकि उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति भारत के लगातार हमलों का कोई जवाब नहीं दे पाई। दोनों टीमों के बीच का अंतर मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था क्योंकि शुरुआत से ही भारत ने गोल वर्षा शुरू कर दी थी। भारत के लिए दीपिका (8वें, 22वें, 25वें, 33वें, 36वें, 38वें, 41वें, 54वें मिनट) ने गोल की झड़ी लगा दी, जबकि लालरेम्सियामी (7वें), इशिका (11वें, 42वें, 54वें), बलजीत कौर (12वें), नेहा (18वें), नवनीत कौर (23वें, 45वें), लथंतलुआंगी (43वें, 51वें) और साक्षी राणा (43वें) ने भी गोल किए। भारत सोमवार को अपने अगले मैच में इंडोनेशिया से भिड़ेगा। प्रतियोगिता में दूसरी सबसे ऊंची रैंकिंग वाली टीम भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाते हुए पहले हाफ में ही आठ गोल दाग दिए। यह मैच पूरी तरह से एकतरफा मुकाबला था और दोनों टीमों के बीच कौशल का स्तर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। इसकी शुरुआत तब हुई जब लालरेम्सियामी ने करीब से एक फील्ड गोल किया। दीपिका ने इसके एक मिनट बाद ही बढ़त को दोगुना कर दिया। इसके बाद सुनेलिता टोप्पो के पास पर इशिका ने सर्कल के बाईं ओर से शानदार गोल दाग दिया। एक मिनट बाद बलजीत ने स्कोर 4-0 कर दिया, जिसके बाद नेहा ने एक और फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया। इसके बाद दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर से मिले मौके पर जोरदार ड्रैगफ्लिक शॉट लगाकर अपना दूसरा गोल किया और स्कोर 6-0 कर दिया। नवनीत ने भी फील्ड गोल करके स्कोरशीट में अपना नाम दर्ज कराया, जिसके बाद दीपिका ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को पहले हाफ में 8-0 की बढ़त दिला दी। उज्बेकिस्तान के लिए स्थिति बद से बदतर हो गई क्योंकि भारतीय टीम ने आखिरी दो क्वार्टर में 11 गोल दाग दिए। अनुभवी भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपना 320वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला और वह वंदना कटारिया के साथ संयुक्त रूप से सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गईं। सविता को हालांकि खेल में दखल देने की खास जरूरत नहीं पड़ी क्योंकि उज़्बेकिस्तान की टीम गेंद पर कब्जा रखने के लिए संघर्ष कर रही थी।
Asian Games 2026: 10m Air Rifle टीम स्पर्धा में भारत ने जीता रजत पदक
भारत ने रविवार को यहां महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर आइची-नागोया एशियाई खेलों में अपने निशानेबाजी अभियान की शानदार शुरुआत की। एलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदरसा विनोद की भारतीय तिकड़ी ने संयुक्त रूप से 1898.0 अंक हासिल किए और चीन के बाद दूसरे स्थान पर रही। चीन की टीम ने 1904.2 के विश्व-रिकॉर्ड स्कोर के साथ तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया। मेजबान जापान 1897.1 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। यह आइची-नागोया में 20वें एशियाई खेलों में भारत का पहला पुष्ट पदक है। एमएमए फाइटर सुचिका तारियाल महिलाओं के पारंपरिक एमएमए 60 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी थी। सोनम 634.1 अंकों के साथ भारत की शीर्ष स्कोरर रहीं। उनके बाद एलावेनिल 633.5 अंकों के साथ और विदरसा 630.4 अंकों के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। एलावेनिल और सोनम ने व्यक्तिगत फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। वह दिन में बाद में होने वाले आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में दोहरी सफलता हासिल करने की कोशिश करेंगी। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारत के निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे और अब यह रजत पदक भारत के निशानेबाजी अभियान के लिए एक उत्साहजनक शुरुआत है।
कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली। श्रीलंकी कप्तान चमारी अथापट्टू जीत की हीरो रहीं। श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 177 रन बनाए थे। पाकिस्तान के लिए सलामी बल्लेबाज शावाल जुल्फिकार ने 50 गेंदों पर 2 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 54 रन की पारी खेली। चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरी आयशा जफर ने तूफानी अर्धशतक लगाया। आयशा 40 गेंदों पर 2 छक्कों और 9 चौकों की मदद से 71 रन बनाकर रन आउट हुईं। आयशा के रन आउट होने से पाकिस्तान का निश्चित रूप से कुछ रन पीछे रह गया। कप्तान फातिमा सना ने 12 गेंदों पर नाबाद 20 और सायरा जबीन ने 14 गेंदों पर 17 रन बनाए थे। श्रीलंका के लिए सुगंदिका कुमारी, कप्तान अथापट्टू और काव्या काविंदी ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंका ने 178 रन का लक्ष्य 17.5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया और 8 विकेट से जीत दर्ज करते हुए फाइनल में जगह बनाई। श्रीलंका को इमेशा दुलानी और कप्तान चमारी अथापट्टू ने मजबूत शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 36 रन जोड़े। दुलानी 21 गेंदों पर 27 रन बनाकर आउट हुईं। चमारी ने दूसरे विकेट के लिए हसीनी परेरा के साथ 95 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने ही पाकिस्तान की जीत की मंसूबों पर पारी फेर दी। 131 के स्कोर पर परेरा 42 रन बनाकर आउट हुईं। 26 गेंदों की पारी में परेरा ने 3 चौके और 3 छक्के लगाए। कप्तान चमारी ने एक छोड़ संभाले रखा और 50 गेंदों पर 6 छक्कों और 7 चौकों की मदद से नाबाद 83 रन बनाकर टीम को जीत दिला दी। उनके साथ हर्षिता 17 रन बनाकर नाबाद रहीं। श्रीलंका के लिए सुगंदिका कुमारी, कप्तान अथापट्टू और काव्या काविंदी ने 1-1 विकेट लिए। Also Read: LIVE Cricket Score श्रीलंका का फाइनल मुकाबला भारत या बांग्लादेश के बीच होने वाले फाइनल के विजेता से होगा। Article Source: IANS
Asian games 2026 Live Updates: एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट 20 सितंबर को कई अलग-अलग इवेंट्स में एक्शन में हैं, जिसमें महिला हॉकी टीम ने काफी अच्छी शुरुआत की है।
Asian Games Teqball में चूकीं Quimcy Dsouza, एकल और मिश्रित युगल दोनों में कांस्य गंवाया
भारत की क्विम्सी डिसूजा को रविवार को यहां एशियाई खेलों की टेकबॉल प्रतियोगिता में दोहरा झटका लगा जब वह महिला एकल में कांस्य पदक से चूक गईं और कुछ ही मिनटों बाद मोहम्मद अनस बेग के साथ मिश्रित युगल में तीसरे स्थान के मुकाबले में भी हार गईं। क्विम्सी ने महिला एकल के कांस्य पदक के मैच में कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह स्थानीय खिलाड़ी युइना सकामोटो से 0-2 (11-12 11-12) से हार गईं। इसके बाद मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया न्गिह ट्रिन्ह से 0-2 (9-12 6-12) से हार का सामना करना पड़ा। जापान की विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी सकामोटो ने दर्शकों के अपार समर्थन के बीच भले ही सीधे गेम में जीत हासिल की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किया। यह मैच तीन गेम के प्रारूप में खेला जाता है और पहले दो गेम जीतने वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। मुंबई की रहने वाली क्विम्सी के पास पहले गेम में गेम प्वाइंट था लेकिन वह इसका फायदा नहीं उठा पाई। दूसरे गेम में भी वह एक समय 10-8 से आगे थी लेकिन फाउल करके मैच गंवा बैठी। एकल मुकाबले में हार के तुरंत बाद ही क्विम्सी को संभलने का मुश्किल से ही समय मिला, क्योंकि वियतनामी जोड़ी के खिलाफ मिश्रित युगल में कांस्य पदक के मुकाबले के लिए उन्हें अनस के साथ कोर्ट पर वापसी करनी पड़ी। लगातार दो मैच खेलने का असर उन पर साफ दिख रहा था। दूसरे गेम में 5-9 से पिछड़ने के बाद पीठ के निचले हिस्से में दर्द के कारण उन्होंने 10 मिनट का मेडिकल ब्रेक लिया। वह कमर पर पट्टी बांधकर लौटी लेकिन गति को बरकरार नहीं रख सकी, जिसके चलते भारतीय जोड़ी को आखिर में हार का सामना करना पड़ा। क्विम्सी हालांकि अपने शानदार प्रदर्शन से भारत का इस खेल से परिचय कराने में सफल रही। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट हिस्सा लेने के लिए जापान पहुंच गए हैं, जिसमें 19 सितंबर को ओपनिंग सेरेमनी होने के बाद अब 20 सितंबर से टूर्नामेंट का आधिकारिक आगाज हो गया है। इसमें आज के दिन भारतीय एथलीट कई अलग-अलग खेलों के इवेंट में एक्शन में दिखाई देंगे।
Jammu News: एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर के दो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
एशियाई खेलों में जम्मू-कश्मीर केदो फेंसिंग सितारे दिखाएंगे हुनर
Asian Senior Wushu Championship: भारत करेगा 2028 में मेजबानी, 42 देशों के 500 खिलाड़ी होंगे शामिल
भारत 2028 में पहली बार एशियाई सीनियर वुशु चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा जिसमें पूरे महाद्वीप के 42 देशों के करीब 500 खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। आइची-नागोया में आयोजित एशियाई वुशु महासंघ कांग्रेस में इस फैसले को आधिकारिक मंजूरी दी गई। बैठक में भारत की ओर से भारतीय वुशु संघ के प्रतिनिधि के तौर पर सुहेल अहमद ने हिस्सा लिया। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारतीय वुशु संघ के भूपेंद्र सिंह बाजवा को कांग्रेस के दौरान एशियाई वुशु महासंघ की कार्यकारी समिति का सदस्य नामित किया गया। चैंपियनशिप के 11वें चरण में खिलाड़ियों के अलावा विभिन्न देशों के कोच, निर्णायक, तकनीकी अधिकारी और खेल प्रशासकों के भी शामिल होने की उम्मीद है। बाजवा ने भारत को चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भारतीय वुशु के लिए गर्व की बात है, लेकिन अब ध्यान एक उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर होना चाहिए।
जापान के खिलाफ T20I मैच में Asian Games किट नहीं, BCCI की आधिकारिक जर्सी पहनेगी Team India: सूत्र
New Delhi: टीम इंडिया मंगलवार को जापान के साथ होने वाले एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मैच में अपनी राष्ट्रीय जर्सी पहनकर खेलेगी। यह मैच जापान के साथ राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में खेला जा रहा है। सूत्रों ने 'आईएएनएस' को बताया कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस एकमात्र मैच के लिए एशियन गेम्स वाली किट की बजाय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आधिकारिक जर्सी पहनेगी। यह मैच आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने से दो दिन पहले खेला जाएगा, जिसमें भारत, जापान और आठ अन्य टीमें हिस्सा लेंगी। एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट के लिए किट अलग होगी, जैसा कि भारतीय महिला टीम के मामले में देखा गया था। यह एकमात्र मैच दोनों टीमों के बीच पहला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच है और यह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के जश्न की शुरुआत करने वाला एक खास आयोजन है। यह मैच 'स्पोर्ट 75' की शुरुआत करने वाला मुख्य कार्यक्रम है। यह एक व्यापक द्विपक्षीय पहल है जो जापानी प्रधानमंत्री सनाए तकाइची और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शिखर सम्मेलन में हुए समझौते से शुरू हुई थी, जिसका मकसद खेल के क्षेत्र में आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देना है। सूत्रों ने 'आईएएनएस' को बताया कि श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस एकमात्र मैच के लिए एशियन गेम्स वाली किट की बजाय भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आधिकारिक जर्सी पहनेगी। यह मैच आइची-नागोया एशियन गेम्स में पुरुषों की क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू होने से दो दिन पहले खेला जाएगा, जिसमें भारत, जापान और आठ अन्य टीमें हिस्सा लेंगी। एशियन गेम्स के क्रिकेट इवेंट के लिए किट अलग होगी, जैसा कि भारतीय महिला टीम के मामले में देखा गया था। Also Read: LIVE Cricket Score उन्होंने आगे कहा, भारत और जापान के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे संबंध और दोस्ती है। हमें खुशी है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के 75 साल पूरे होने के जश्न में क्रिकेट भी शामिल होगा। हम इस मैच को संभव बनाने के लिए जापान क्रिकेट एसोसिएशन (जेसीए) के प्रयासों के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। Article Source: IANS
Asian Games 2026 में 503 भारतीय एथलीट्स को PM Modi ने दी बधाई, कहा- देश को आप पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा ले रहे भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं और कहा कि खिलाड़ियों ने ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'X' पर प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि आइची-नागोया में एशियन गेम्स की शुरुआत के साथ ही, भारतीय दल को मेरी शुभकामनाएं। हर खिलाड़ी ने बहुत मेहनत की है और ज़बरदस्त लगन और संकल्प दिखाया है। भारत को उन पर गर्व है। वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें, अच्छा खेलें और शानदार सफलता हासिल करें! इसे भी पढ़ें: Muscle Gain के लिए रोज कितनी चाहिए डाइट, समझें Calorie Surplus का सही नियम शनिवार को आइची-नागोया में 2026 एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुए समारोह के साथ 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई। इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व 36 खेलों में 503 खिलाड़ियों का दल कर रहा है। पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत को अब भाकर के साथ उद्घाटन समारोह में तिरंगा थामने का सम्मान मिला है। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भाकर इन खेलों में भारत के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेरिस 2024 ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतने वाली भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेंगी। उन्होंने पेरिस में इतिहास रचते हुए स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया, जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। समारोह से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) चुना गया है, तो उन्हें बहुत अच्छा महसूस हुआ। उन्हें खेल में अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो आईं और उन्होंने सोचा कि वह अब कितनी आगे आ गई हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी उन्होंने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें आ गईं। और, आपको पता है, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह सच में बहुत अच्छा एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 के संस्करण से बेहतर प्रदर्शन करना होगा, जिसमें उन्होंने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
Asian Games 2026 Opening Ceremony: आइची-नागोया में आज सजेगा एशिया का सबसे बड़ा खेल मंच
एशियाई महाद्वीप के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित खेल महोत्सव यानी 20वें एशियन गेम्स 2026 का आज आधिकारिक और भव्य आगाज होने जा रहा है। जापान के खूबसूरत प्रांत आइची और उसके प्रमुख शहर नागोया के मुख्य स्टेडियम में आयोजित होने वाली शानदार ओपनिंग सेरेमनी के साथ ही अगले पखवाड़े तक चलने वाले इस महाकुंभ की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी। इस उद्घाटन समारोह में एशिया के सभी 45 देशों और क्षेत्रों के शीर्ष एथलीट पारंपरिक परिधानों में मार्च पास्ट करेंगे, जिसमें जापानी संस्कृति, अत्याधुनिक तकनीक, लेजर शो और पारंपरिक संगीत का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। उद्घाटन समारोह के साथ ही एशिया के दिग्गजों के बीच पदकों की ऐतिहासिक जंग शुरू हो जाएगी, जिस पर पूरी दुनिया के खेल प्रेमियों की निगाहें टिकी हुई हैं।भारतीय दल की ताकत: 35 खेलों में 500 से अधिक खिलाड़ी तिरंगा लहराने को तैयारइस बार के एशियाई खेलों में भारत अपना अब तक का सबसे मजबूत और संतुलित दल मैदान में उतार रहा है। भारत के लगभग 500 एथलीट 35 अलग-अलग खेल विधाओं में देश की चुनौती पेश करेंगे। भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें इस बार पदकों के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ने पर टिकी हुई हैं। एथलेटिक्स, शूटिंग, बॉक्सिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और तीरंदाजी जैसे पारंपरिक मजबूत खेलों में भारत के पास विश्वस्तरीय खिलाड़ियों की फौज मौजूद है। इसके अलावा पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमें पेरिस ओलंपिक के शानदार अनुभव के बाद यहां सीधे स्वर्ण पदक जीतकर 2028 ओलंपिक का सीधा टिकट हासिल करने के इरादे से मैदान में उतर रही हैं।क्रिकेट में गोल्ड मेडल बचाने उतरेगी टीम इंडिया: पुरुष और महिला टीमों पर सबकी नजरेंएशियन गेम्स 2026 में भारतीय प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण क्रिकेट का टी20 प्रारूप रहने वाला है। वर्ष 2023 के पिछले एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष और महिला दोनों टीमों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। इस बार भी भारतीय क्रिकेट टीमें खिताब की प्रबल दावेदार के रूप में नागोया पहुंची हैं। महिला क्रिकेट टीम जहां अपनी स्टार खिलाड़ियों के दम पर स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेगी, वहीं भारतीय पुरुष टीम भी युवाओं और अनुभवी टी20 विशेषज्ञों के संयोजन के साथ फिर से एशियाई क्रिकेट में अपना दबदबा साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह टूर्नामेंट किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय कप से कम रोमांचक नहीं होने वाला है।टीवी पर कहां और कैसे देखें ओपनिंग सेरेमनी का सीधा प्रसारणभारत में मौजूद करोड़ों खेल प्रेमियों के लिए एशियाई खेलों का सीधा प्रसारण देखना बेहद सुलभ बनाया गया है। यदि आप अपने घर पर टेलीविजन स्क्रीन पर ओपनिंग सेरेमनी और भारतीय मुकाबलों का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसका आधिकारिक प्रसारण अधिकार सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क (Sony Sports Network) के पास है। दर्शक सोनी स्पोर्ट्स टेन 1, सोनी स्पोर्ट्स टेन 2, सोनी स्पोर्ट्स टेन 3 (हिंदी) और सोनी स्पोर्ट्स टेन 5 जैसे चैनलों पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में कमेंट्री के साथ इस भव्य उद्घाटन समारोह का लाइव टेलीकास्ट देख सकेंगे। उच्च गुणवत्ता वाले एचडी प्रसारण के जरिए दर्शक स्टेडियम जैसा रोमांच घर बैठे महसूस कर सकते हैं।मोबाइल और स्मार्ट टीवी पर लाइव स्ट्रीमिंग: सोनी लिव (Sony LIV) पर हर पल का एक्शनडिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल फोन पर खेलों का लुत्फ उठाने वाले दर्शकों के लिए एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी और सभी खेल स्पर्धाओं की लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव (Sony LIV) ऐप और उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। यूजर्स अपने स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप या कनेक्टेड स्मार्ट टीवी पर सोनी लिव ऐप डाउनलोड करके लॉगिन कर सकते हैं। इसके अलावा विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के विशेष डेटा प्लान और ओटीटी बंडल्स के जरिए भी दर्शक बिना किसी रुकावट के लाइव स्ट्रीमिंग का आनंद उठा सकते हैं, ताकि मैदान पर होने वाले किसी भी भारतीय मुकाबले का एक भी रोमांचक पल छूट न पाए।प्रमुख सवालों के सीधे जवाब: तारीख, समय और वेन्यू का पूरा विवरणखेल प्रशंसकों की सुविधा के लिए ओपनिंग सेरेमनी से जुड़े सभी मुख्य तथ्य बिल्कुल स्पष्ट हैं। 20वें एशियन गेम्स की आधिकारिक ओपनिंग सेरेमनी शनिवार, 19 सितंबर 2026 को आयोजित हो रही है। इस समारोह की मेजबानी जापान का आइची-नागोया शहर कर रहा है। भारतीय समयानुसार दोपहर बाद शुरू होने वाले इस कार्यक्रम को भारत में टीवी पर सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के सभी प्रमुख चैनलों पर लाइव दिखाया जाएगा, जबकि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग के लिए सोनी लिव ऐप प्रमुख मंच रहेगा, जहां सेरेमनी के हर सांस्कृतिक प्रदर्शन और भारतीय दल के मार्च पास्ट को लाइव देखा जा सकता है।
डेविस कप में दुनिया के नंबर 2 अलेक्जेंडर ज्वेरेव का क्रोएशियाई खिलाड़ी से मुकाबला
डेविस कप में दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव का सामना क्रोएशिया के खिलाड़ी से हो रहा है। ज्वेरेव अपनी टीम को जीत दिलाने के इरादे से मैदान में उतरे हैं। फैंस को इस मैच में एक रोमांचक और कड़ा मुकाबला मिलने की उम्मीद है।
एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद
ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने शनिवार को कहा कि एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के दौरान उन्हें अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा की बहुत याद आई। कबड्डी स्टार पवन सहरावत के साथ भारतीय ध्वज थामकर समारोह में हिस्सा लेना मनु के लिए यह मौका और भावुक बन गया। मनु ने यहां उद्घाटन समारोह के बाद कहा, ‘‘आज जसपाल सर की बहुत याद आई। उनके साथ नहीं होने से यह दिन वाकई भावुक कर देने वाला था। ’’प्रसिद्ध निशानेबाज और कोच राणा का 11 जून को 49 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था। उन्होंने मनु के करियर में अहम भूमिका निभाई थी और 2024 पेरिस ओलंपिक में उन्हें दो कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया था। चौबीस वर्षीय निशानेबाज इससे पहले भी बता चुकी हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के उद्घाटन समारोहों को लेकर राणा की सलाह ने उनकी सोच को किस तरह प्रभावित किया था। राणा ने एक बार मनु से कहा था कि वह ऐसे समारोहों में तभी शामिल हो सकती हैं, जब वह ध्वजवाहक हों, वर्ना उन्हें समारोह टीवी पर देखना चाहिए क्योंकि आमतौर पर उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद उनकी स्पर्धाएं शुरू हो जाती थीं। मनु अपने तीसरे एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने 2018 के अपने पहले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य खिलाड़ियों के गांव से दूर पालेमबांग में थीं। बाद में उन्होंने 2018 राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया और राणा की उस सलाह को याद किया जिसमें उन्होंने प्रतियोगिता को प्राथमिकता देने की बात कही थी। राणा की वही सलाह शनिवार को मनु को और भावुक बना गई, जब वह खुद मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में भारत की ध्वजवाहकों में से एक बनकर मैदान में उतरीं। स्वतंत्र भारत की ओर से ओलंपिक के एक ही चरण में दो पदक जीतने वाली एकमात्र खिलाड़ी मनु अब निशानेबाजी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगी। वह महिला 10 मीटर एयर पिस्टल, महिला 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हिस्सा लेंगी।
Asian Games 2026 में चोट के कारण बाहर Neeraj Chopra ने Team India का बढ़ाया हौसला
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 2026 एशियाई खेलों में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही भारतीय टीम को शुभकामनाएं दी हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर चोपड़ा ने लिखा कि 2026 एशियाई खेलों में Team India को मेरी ढेर सारी शुभकामनाएं! मुझे यकीन है कि वे सभी हमें गौरवान्वित करेंगे। एशियाई खेल जापान के नागोया और आइची में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले हैं। भारत कई खेलों में हिस्सा लेने की योजना बना रहा है और खिलाड़ी इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के पिछले संस्करणों में देश के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने का लक्ष्य रखेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में भारतीय ध्वज थामकर भावुक हुईं Manu Bhaker, दिवंगत कोच Jaspal Rana को किया याद टोक्यो 2020 ओलंपिक में पुरुषों की जैवलिन थ्रो में गोल्ड और पेरिस 2024 ओलंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले चोपड़ा, ट्रेनिंग के दौरान टखने के लिगामेंट में चोट लगने के कारण एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इस चोट की वजह से वह इस सीज़न के बाकी मैचों से भी बाहर हो गए हैं। 19 सितंबर को आइची-नागोया में ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय दल की अगुवाई कबड्डी स्टार पवन सहरावत और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर ने की। पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम में हुई इस सेरेमनी के साथ ही 20वें एशियाई खेलों की औपचारिक शुरुआत हुई, जिसमें भारत के 503 एथलीटों का दल 36 खेलों में हिस्सा ले रहा है। पिछले एशियाई खेलों में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य सहरावत और दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट भाकर ने ओपनिंग सेरेमनी में भारतीय झंडा उठाया। भाकर ने पेरिस 2024 में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीते और वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लेंगी। वह आज़ाद भारत की पहली ऐसी एथलीट हैं जिन्होंने एक ही ओलंपिक में दो मेडल जीते हैं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत सेरेमनी से पहले एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल इसके बारे में पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन इस मुकाम तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग बियरर (ध्वजवाहक) चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझे इतना प्यार और सपोर्ट दिया है। भारत का लक्ष्य 2022 एशियाई खेलों के अपने प्रदर्शन से बेहतर करना होगा, जहाँ देश ने रिकॉर्ड 107 मेडल जीते थे - जिसमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
Nagoya में 20वें Asian Games का आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत ने की भारतीय दल की अगुवाई
(फोटो के साथ)नागोया, 19 सितंबर बीसवें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में रंगारंग और ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। जापान के सम्राट नारुहितो ने महारानी मासाको, शाही परिवार के सदस्यों, एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री की मौजूदगी में खेलों के शुरू होने की घोषणा की। दो घंटे के उद्घाटन समारोह की शुरुआत जापान के राष्ट्रगान से हुई जिसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। जापान के आत्मरक्षा बल के नौ सदस्यों ने ध्वज को मंच तक पहुंचाया जिसके बाद उसे फहराया गया। इसके बाद स्टेडियम की रोशनी बुझा दी गई और एक ‘स्पॉटलाइट’ से राष्ट्रीय ध्वज को रोशन किया गया। उद्घाटन समारोह में आमतौर पर दिखने वाली भव्यता नजर नहीं आई और स्टेडियम में कई सीटें खाली दिखीं। इसके बाद खिलाड़ियों की परेड हुई जिसमें 45 देशों और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम ने हिस्सा लिया। इस तरह कुल 46 दलों ने परेड में भाग लिया। खिलाड़ियों की परेड की शुरुआत अफगानिस्तान के दल से हुई जबकि महाद्वीप की खेल महाशक्ति माने जाने वाले चीन ने 800 से अधिक खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ सबका ध्यान खींचा। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत परेड में भारतीय दल की अगुवाई की। दोनों ने पारंपरिक गहरे नीले (नेवी ब्लू) रंग की पोशाक पहनी हुई थी। गोला फेंक खिलाड़ी तजिंदरपाल सिंह तूर को समय पर समारोह की किट नहीं मिलने के कारण सहरावत को ध्वजवाहक बनाया गया। भारत के 501 सदस्यीय दल की नजरें 2023 के हांग्झोउ एशियाई खेलों में किए गए अपने अब तक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराने पर हैं जिसमें देश ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ स्पर्धाएं शुरू हो गई थीं। महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने शुक्रवार को मेजबान जापान को आठ विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत टेगबॉल में भी पदक की दौड़ में है जो पहली बार एशियाई खेलों का हिस्सा बना है। क्विम्सी डिसूजा शनिवार को महिला एकल के सेमीफाइनल में हार गईं और अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। नागोया शहर का मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम उद्घाटन और समापन समारोहों की मेजबानी करेगा। इस बार एशियाई खेलों में 45 देशों के करीब 11,000 खिलाड़ी और ओलंपिक परिषद एशिया की शरणार्थी टीम हिस्सा ले रही है। खिलाड़ी 43 स्पर्धाओं में 469 स्वर्ण पदकों के लिए मुकाबला करेंगे।
Asian Games में मोहसिन नकवी के हाथ से मेडल लेगी टीम इंडिया? BCCI ने तोड़ी चुप्पी, जानें क्या है नियम
एशिया कप से शुरू हुआ ट्रॉफी विवाद एशियन गेम्स तक पहुंचने वाला है। ऐसी खबरें है कि एशियन गेम्स में भी मोहसिन नकवी की मौजूदगी देखने को मिल सकती है। पिछले साल एशिया कप में भारतीय मेंस क्रिकेट टीम ने मोहसिन नकवी के हाथ से ट्रॉफी नहीं लिया था। वहीं अभी हाल ही में हुए महिला एशिया कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बता दें मोहसिन नकवी इस समय पाकिस्तान के गृहमंत्री हैं और साथ ही पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रमुख भी हैं।मेडल सेरेमनी में शामिल हो सकते हैं नकवीरिपोर्ट के मुताबिक, ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया मोहसीन नकवी को मेडल सेरेमनी के लिए आमंत्रित कर सकता है। अगर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी को जापान के आइची-नागोया में होने वाले 2026 एशियन गेम्स में मेडल देने की जिम्मेदारी मिलती है, तो भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमें उनसे मेडल लेना होगा। आइए जानते हैं क्या है ओसीए के नियमभारतीय टीम ले सकती है मेडलTOI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, OCA के नियमों और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के शीर्ष सूत्रों के अनुसार, अगर कतर के OCA प्रेसिडेंट शेख जोआन बिन हमद अल थानी आधिकारिक तौर पर नकवी को यह जिम्मेदारी देते हैं, तो भारतीय खिलाड़ियों से अपने मेडल लेने की उम्मीद की जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, ऐसा करने से इनकार करना एशियन गेम्स, ओसीए और उसके अधिकृत प्रतिनिधि का अपमान माना जा सकता है और खिलाड़ियों पर डिसिप्लिनरी एक्शन भी हो सकती है।क्या है OCA के नियमओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के संविधान और नियमों के आर्टिकल 66 में मेडल सेरेमनी को लेकर नियम दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि विजेताओं को मेडल ओसीए के अध्यक्ष देते हैं। वहीं, अध्यक्ष यह जिम्मेदारी ओसीए के किसी दूसरे सदस्य को भी सौंप सकते हैं। इसी नियम में यह भी कहा गया है कि गेम्स की मेडल सेरेमनी के दौरान किसी तरह का प्रदर्शन या व्यावसायिक, राजनीतिक, धार्मिक या नस्लीय प्रचार करने की अनुमति नहीं है।बीसीसीआई ने क्या कहाइस मामले पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के रुख के बारे में पूछे जाने पर बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, हम अभी सिर्फ मैचों पर ध्यान दे रहे हैं। सबसे पहले टीमों को पोडियम तक पहुंचना है। उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उन्हें ध्यान में रखते हुए फैसला लिया जाएगा। जब समय आएगा, तब इस बारे में फैसला करेंगे। बोर्ड और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान सिर्फ मैच जीतने पर है। जो चीज अभी हुई ही नहीं है, उस पर हम कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।Ajit Agarkar: अजीत अगरकर की विदाई तय? जानें क्यों छोड़ रहे चीफ सिलेक्टर का पद
नागोया में एशियाई खेलों का हुआ आगाज, मनु भाकर और पवन सहरावत बने ध्वजवाहक
एशियाई खेल 2026 आधिकारिक तौर पर शनिवार को मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हो गया है।
Asian Games 2026 का आगाज, Women Cricket T20 और Hockey में कल से उतरेगा भारत
20वें एशियाई खेलों का शनिवार को यहां मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में ‘हाई-टेक’ उद्घाटन समारोह के साथ आधिकारिक आगाज हुआ जिससे अव्यवस्थित तैयारियों के बाद इस बड़ी खेल प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई। दो घंटे तक चले उद्घाटन समारोह में जापान के सम्राट नारुहितो, महारानी मासाको, एशियाई खेलों के अध्यक्ष युवराज अकिशिनो और राजकुमारी किको के साथ एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी उपस्थित थे। पेरिस ओलंपिक 2024 की दो पदक विजेता भारतीय निशानेबाज मनु भाकर और कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत खिलाड़ियों की परेड में 501 सदस्यीय भारतीय दल की अगुवाई की। भारत ने 2023 में हांग्झोउ एशियाई खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। भारतीय दल ने 28 स्वर्ण सहित कुल 106 पदक जीते थे और पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। इसे भी पढ़ें: Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था कल के मुकाबले 20वें एशियाई खेल आइची-नागोया 2026 में भारत का अभियान रविवार, 20 सितंबर को तेकबॉल, शूटिंग, क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और टेबल टेनिस जैसे कई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के साथ ज़ोर पकड़ेगा। रविवार को भारत का ध्यान कई मेडल इवेंट्स पर होगा, जिसमें क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा टेकबॉल में दो ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने की होड़ में होंगे। भारत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल प्रतियोगिता में भी हिस्सा लेगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम सुबह 10:30 बजे महिला T20 प्रतियोगिता के दूसरे सेमीफ़ाइनल में बांग्लादेश का सामना करेगी। भारत फ़ाइनल में जगह बनाने और 2022 एशियाई खेलों में जीते गए गोल्ड मेडल को बचाने की अपनी कोशिश जारी रखने की कोशिश करेगा। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा भारत की पुरुष और महिला हॉकी टीमें भी रविवार को एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। टेबल टेनिस में, भारत की महिला और पुरुष टीमें ग्रुप-स्टेज के मैचों में हिस्सा लेंगी। महिला टीम का मुकाबला इंडोनेशिया और सिंगापुर से होगा, जबकि पुरुष टीम इंडोनेशिया और ईरान के खिलाफ खेलेगी। वुशु में, अपर्णा महिलाओं के 52 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में हिस्सा लेंगी, जबकि विक्रांत बालियान पुरुषों के 75 किग्रा वर्ग के 'राउंड ऑफ़ 16' में मुकाबला करेंगे।
Team India का मिशन Aichi-Nagoya: Asian Games 2026 में इन 10 स्टार खिलाड़ियों पर टिकी निगाहें
1951 में शुरू होने के बाद से, एशियाई खेल दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स में से एक रहे हैं। यहाँ खेल की दुनिया के कई महान खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और कई उभरते हुए टैलेंट ने इस मंच का इस्तेमाल कुछ बहुत बड़े और शानदार मुकाम तक पहुँचने के लिए किया है। भारत के बदलते स्पोर्ट्स माहौल में मेडल जीतने की चाहत और भूख पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है। ऐसे में, जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेल 2026, लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 और भारतीयों के लिए 2030 में घरेलू कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले बहुत अहम इवेंट हैं। इस बड़े टूर्नामेंट से पहले, आइए भारत के कुछ ऐसे खिलाड़ियों पर नज़र डालते हैं जिनसे मेडल जीतने की सबसे ज़्यादा उम्मीदें हैं। -ईशा सिंह (शूटिंग) यह बेहतरीन शूटर ज़बरदस्त फ़ॉर्म के साथ एशियाई खेलों में हिस्सा ले रही हैं। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल शूटिंग में नंबर वन और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल शूटिंग में दुनिया की नंबर दो खिलाड़ी हैं। उन्होंने इस साल म्यूनिख और हांग्जो में हुए ISSF वर्ल्ड कप में महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीते। म्यूनिख में, उन्होंने फ़ाइनल में 43/50 का वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर बनाया, जो यह साबित करता है कि वह बड़े मैचों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करती हैं। इस साल राजधानी में हुई एशियाई चैंपियनशिप में, ईशा ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड और 25 मीटर पिस्टल सिंगल्स मुक़ाबले में सिल्वर मेडल जीता। साथ ही, उन्होंने मनु भाकर और रिदम सांगवान के साथ मिलकर 25 मीटर पिस्टल टीम इवेंट में भी गोल्ड मेडल जीता। 10 मीटर एयर पिस्टल टीम इवेंट में भी उन्होंने मनु और सुरुचि फोगाट के साथ मिलकर गोल्ड मेडल हासिल किया। मिक्स्ड टीम इवेंट में वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडलिस्ट (2023) और वर्ल्ड मीट में दो बार सिल्वर मेडलिस्ट रह चुकीं ईशा, निस्संदेह शूटिंग में मेडल जीतने की सबसे बड़ी दावेदारों में से एक हैं। -मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग) कॉमनवेल्थ गेम्स में कई गोल्ड मेडल, टोक्यो में 2021 ओलंपिक में सिल्वर मेडल और कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2017 में 48kg कैटेगरी में गोल्ड भी शामिल है) जीतने के बाद, भारत की अनुभवी वेटलिफ्टर अब एशियन गेम्स में अपना पहला मेडल—खासकर गोल्ड—जीतकर अपना मेडल कलेक्शन पूरा करने की कोशिश करेंगी। ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 48 kg कैटेगरी में गोल्ड पक्का करने के बाद, मीराबाई का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। -सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (बैडमिंटन) भारत की यह मशहूर बैडमिंटन जोड़ी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है; उन्होंने इस साल सिंगापुर ओपन और चाइना मास्टर्स के टाइटल जीते हैं और थाईलैंड में रनर-अप रहे हैं। फ़ाइनल में दक्षिण कोरिया के चोई सोल-ग्यू और किम वॉन-हो को हराकर, चिराग-सात्विकसाईराज ने इतिहास रच दिया और एशियन गेम्स में भारत के लिए बैडमिंटन का पहला गोल्ड मेडल जीता। कई मुश्किलों और चोटों के बाद धीरे-धीरे अपनी बेहतरीन फ़ॉर्म में लौट रही इस जोड़ी का नाम, इस साल के एशियन गेम्स में संभावित मेडल विजेताओं की बात करते ही सबसे पहले ज़हन में आएगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर -भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम अभी ज़बरदस्त फ़ॉर्म में है। इस साल घरेलू मैदान पर T20 वर्ल्ड कप का सफल बचाव करने के बाद, 2024 में अपनी जीत का सूखा खत्म करने के बाद से टीम इंडिया T20I में लगभग अजेय रही है। वैभव सूर्यवंशी (15 साल के प्रतिभाशाली खिलाड़ी), रिकॉर्ड तोड़ने वाले शतकवीर अभिषेक शर्मा, ज़बरदस्त फ़ॉर्म में चल रहे ईशान किशन और तेज़ गेंदबाज़ी के दिग्गज जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों के साथ, भारत निश्चित रूप से गोल्ड मेडल का सबसे बड़ा दावेदार है। -भारतीय पुरुष हॉकी टीम भले ही टीम इंडिया FIH पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप में आठवें स्थान पर रही हो, लेकिन एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रदर्शन बिल्कुल अलग रहा है; वे अब तक सिर्फ़ एक बार ही पोडियम (मेडल जीतने वालों की सूची) से बाहर रहे हैं। भारतीय पुरुष हॉकी टीम इतिहास रच सकती है क्योंकि उनके पास पहली बार अपना गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बचाने का मौका है, और इससे उन्हें लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफ़िकेशन का रास्ता मिल जाएगा। -लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग) 28 साल की इस बॉक्सिंग स्टार ने हर जगह मेडल जीते हैं - चाहे वह ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ हो, एशियन गेम्स में सिल्वर हो, ग्लासगो में इस साल हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर हो या कई वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल (जिसमें 2023 का गोल्ड भी शामिल है)। हालांकि खेल में कुछ भी निश्चित नहीं होता, लेकिन बड़े मैचों में अच्छा प्रदर्शन करने की लवलीना की क्षमता और उनका शानदार रिकॉर्ड उन्हें मेडल का पक्का दावेदार बनाता है। -तजिंदरपाल सिंह तूर (शॉट पुट) 2018 और 2022 के संस्करणों में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, तजिंदरपाल सिंह तूर 2026 के संस्करण में गोल्ड मेडल की हैट्रिक लगाकर अपने लिए एक बड़ी विरासत बना सकते हैं। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर ने एशियन स्तर पर खुद को साबित कर दिया है, और एक मेडल उन्हें लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 से पहले ज़रूरी बूस्ट दे सकता है। -गुरिंदरवीर सिंह (एथलेटिक्स) पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में मौजूदा नेशनल रिकॉर्ड (10.09 सेकंड) होल्डर की तुलना अपने करियर की शुरुआत में ही 'फ्लाइंग सिख' और एथलेटिक्स के दिग्गज, स्वर्गीय मिल्खा सिंह से होने लगी है। कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में चोट से जूझने के बावजूद 10.39 सेकंड का समय निकालने के बाद भी मेडल राउंड में जगह न बना पाने जैसी मुश्किलों के बावजूद, पंजाब के इस उभरते हुए स्प्रिंटिंग स्टार को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल होगा। खासकर यह देखते हुए कि इतिहास में कई बेहतरीन स्पोर्ट्स कमबैक के पीछे ऐसी ही मुश्किलें प्रेरणा का काम करती रही हैं। अपने साथी एथलीट अनिमेष कुजूर के साथ कड़े मुकाबले की उम्मीद की जा सकती है, जिनके साथ उन्होंने काफी समय ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन में बिताया है और नेशनल रिकॉर्ड्स की अदला-बदली भी की है! -सुजीत कलकल (रेसलिंग) हरियाणा में न सिर्फ़ भारत, बल्कि दुनिया के कुछ बेहतरीन रेसलर तैयार करने की परंपरा रही है। प्रोटीन पाउडर और फैंसी डाइट के दौर में भी 'देसी घी और चूरमा' ने कई बार ग्लोबल स्टेज पर तिरंगा लहराया है। उम्मीद की जा सकती है कि 23 साल के सुजीत इस परंपरा को आगे बढ़ाएंगे। इस साल बिश्केक में एशियन चैंपियनशिप में 65 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने और पिछले साल अंडर-23 गोल्ड व 2022 में अंडर-20 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ एज-ग्रुप रेसलिंग में सफलता हासिल करने के बाद, सुजीत निश्चित रूप से बड़ी उपलब्धियों के लिए बने हैं। अगर एशियन गेम्स 2026 उनके करियर को एक नए मुकाम पर ले जाता है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी। -अनाहत सिंह (स्क्वैश) यह टीनएज स्क्वैश स्टार सभी खेलों में सबसे रोमांचक भारतीय टैलेंट में से एक के तौर पर उभर रही हैं। 2022 एशियन गेम्स में दो बार ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली अनाहत शानदार फ़ॉर्म में चल रही हैं।
Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर
भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। क्विम्सी ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। क्विम्सी अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। क्विम्सी ने अपनी लंबे कद का पूरा फायदा उठाते हुए बार-बार सटीक स्मैश लगाए। घुमावदार टेबल से उनकी नीची और स्लाइडिंग सर्व ने सुमाया को दबाव में रखा। उन्होंने पहला गेम 12-7 से आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे गेम में कहानी एकदम से बदल गई। यह खेल सेपक टकरा (पांव से वॉलीबॉल खेलने जैसा) से मिलता है और सुमाया सेपक टकरा की खिलाड़ी रही है जिसका उन्हें फायदा मिला। सुमाया ने तेजी दिखाई और क्विम्सी को हर अंक के लिए कड़ी टक्कर दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को रैलियों में उलझाया। एक समय स्कोर 9-9 से बराबरी पर था। इंडोनेशियाई खिलाड़ी के दो शानदार ड्रॉप शॉट्स ने क्विम्सी को दबाव में डाल दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक स्मैश शॉट बाहर मार दिया और सुमाया ने मैच को बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार ड्रॉप शॉट्स और दमदार स्मैश के दम पर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 5-2 और फिर 6-3 से आगे थी लेकिन इंडोनेशिया की खिलाड़ी ने लगातार नौ अंक बनाकर जीत हासिल कर ली। क्विम्सी मैच समाप्त होने के बाद अपने आंसू नहीं रोक पाई क्योंकि वह जीत के बेहद करीब थी। उन्होंने कहा, ‘‘उसे सेपक टकरा की पृष्ठभूमि के कारण फायदा मिला, लेकिन यह एक अच्छा मैच था जिसमें बेहतर खिलाड़ी की जीत हुई।’’ टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रविवार तड़के एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले सही साइज़ की किट का इंतज़ार कर रहे हैं। खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर BCCI और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की किट सप्लायर कंपनी JSW इंस्पायर के बीच काफी बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होगी। 28 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए आधिकारिक जर्सी पहनने से पहले, भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र T20I मैच में अपनी रेगुलर किट पहनेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने बताया कि क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा। BCCI ने होटल को लेकर भी लिया अपना फैसला इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया कि महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर सुविधाओं पर सवाल एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा। पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है। जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे। इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है। लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
Women's Asian Games 2026: महिला एशियन गेम्स 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार, 20 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। गौरतलब है कि इन दोनों टीमों के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल हाल ही में एशिया कप 2026 में खेला गया था जो कि टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मुकाबला भी था। ये दुबई के मैदान पर हुआ था जहां टीम इंडिया ने 149 रन डिफेंड करके बांग्लादेश को 40 रनों से मात दी थी। इस मुकाबले की स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा थी, जिन्होंने 40 गेंदों पर 64 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी। IND-W vs BAN-W T20: मैच से जुड़ी जानकारी दिन - रविवार, 20 सितंबर 2026 समय - 10:30 AM IST वेन्यू - कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन Korogi Sports Park, Nisshin Pitch Report कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क एक नया बना हुआ स्टेडियम है, जिसे फिलहाल इस टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक यहां की पिच गेंदबाजों के पक्ष में रही है। पिच पर उछाल अच्छा है, जिसने हाल के मुकाबलों में बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। बताते चलें कि इस मैदान पर अब तक 9 टी20 इंटरनेशनल खेले गए हैं जिसमें से 5 रन डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते हैं। यहां T20I में पहली इनिंग का औसत स्कोर 124 रन रहा है। IND-W vs BAN-W T20 Head To Head Record कुल - 25 भारत - 22 बांग्लादेश - 03 IND-W vs BAN-W T20 : Where to Watch? महिला एशियन गेम्स 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर Sony Sports Network और OTT प्लेटफॉर्म SonyLiv App पर इन्जॉय कर सकते हैं। IND-W vs BAN-W T20: Player to Watch Out For भारतीय टीम से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर बांग्लादेश टीम की तो निगर सुल्ताना, मारूफा अख्तर और सुल्ताना खातून अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। India Women vs Bangladesh Women T20 Probable Playing XI India Women T20 Probable Playing XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़। Bangladesh Women T20 Probable Playing XI: दिलारा अख्तर, जुएरिया फरदौस, सोभना मोस्तारी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, नाहिदा अख्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारूफा अख्तर। India Women vs Bangladesh Women Today's Match Prediction महिला एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी। IND-W vs BAN-W T20 Match Prediction, Pitch Report, Today Match Prediction, IND-W vs BAN-W Predicted XIs, Playing XI, Cricket Tips, Injury Update, India Women vs Bangladesh Women Match Preview, Women's Asian Games 2026 Also Read: LIVE Cricket Score Disclaimer: यह आर्टिकल लेखक की समझ और विश्लेषण पर आधारित है।
Asian Games 2026 में भारत की ध्वजवाहक बनने पर भावुक हुईं Manu Bhaker, कहा- यह दिल छूने वाला एहसास है
भारत की दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं मनु भाकर ने 2026 एशियन गेम्स के ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग-बेयरर (ध्वजवाहक) के तौर पर चुने जाने पर खुशी ज़ाहिर की है। शनिवार को होने वाले इस इवेंट से पहले बात करते हुए, उन्होंने इस अनुभव को दिल को छू लेने वालाबताया और खेल में अपने सफ़र को याद किया। ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत मिलकर भारत का झंडा लेकर चलेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान का और सभी का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ। उन्होंने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पिछले ओपनिंग सेरेमनी के अपने अनुभवों के बारे में भी बताया। भाकर ने बताया कि 2018 में अपने पहले एशियाई खेलों के दौरान, जब वह 16 साल की थीं, तो वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य विलेज से दूर पालेमबांग में थीं। उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके दिवंगत कोच और शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा ने उन्हें सलाह दी थी कि जब तक वह फ़्लैग-बेयरर न हों, तब तक ऐसी सेरेमनी में शामिल न हों, क्योंकि उनके कॉम्पिटिशन से पहले शारीरिक रूप से काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि अपने पहले एशियाई खेलों के समय मैं 16 साल की थी, और यह मेरा तीसरा एशियाई खेल है। मेरा पहला एशियाई खेल जकार्ता में था, लेकिन हम पालेमबांग में थे, जो मुख्य विलेज से बहुत दूर था, इसलिए हम उसमें शामिल नहीं हो पाए। मैंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था। उसके बाद, मेरे कोच जसपाल सर ने मुझसे कहा, 'अगर तुम फ़्लैग-बेयरर हो, तभी मैं तुम्हें सेरेमनी में शामिल होने की इजाज़त दूंगा; वरना नहीं,' क्योंकि हमारे मैच आमतौर पर पहले या दूसरे दिन ही शुरू हो जाते हैं, इसलिए शूटिंग में हमारे लिए यह बहुत भागदौड़ वाला समय होता है।
वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के मानस नगर एक्सटेंशन निवासी सुमेधा ने इसी सप्ताह कोरिया में आयोजित 10 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया है।
Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती
पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है। प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधू के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
Asian Games से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सही साइज की किट का इंतजार
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 19 सितंबर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य एशियाई खेलों के लिए अब भी सही साइज की किट का इंतजार कर रहे हैं जबकि उन्हें रविवार तड़के जापान रवाना होना है। पीटीआई को पता चला है कि खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के किट उपलब्ध कराने वाले जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होने वाली है। भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी मानक पोशाक पहनेंगे। इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा।’’इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी।’’एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर
मौजूदा चैंपियन भारत रविवार को यहां बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले एशियाई खेलों के सेमीफाइनल मैच में अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उसने क्वार्टर फाइनल में जापान को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी और इस बीच 15 ओवर शेष रहते हुए ही मैच जीत लिया। दूसरी ओर बांग्लादेश ने चीन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द होने के बाद अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखा है और उसने पिछले नौ मुकाबलों में जीत हासिल की है, जिसमें पिछले सप्ताह एशिया कप में 40 रन की जीत भी शामिल है। बांग्लादेश के हाथों उसे टी20 में आखिरी बार तीन साल पहले हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाया, जिसमें बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। उन्हें कामचलाऊ गेंदबाज शेफाली वर्मा, अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और श्रेयांका पाटिल का भरपूर सहयोग मिला। श्रेयांका ने तीन महीने के बाद वापसी की है। जापान के खिलाफ सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी करने नहीं आई थीं। शेफाली ने अकेले दम पर भारत को 58 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उम्मीद है कि ये दोनों सीनियर बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर वापसी करेंगी। बांग्लादेश की टीम भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर रहेगी। बांग्लादेश को अगर भारत के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है तो नाहिदा अख्तर और रबिया खान जैसी गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वे पिच से मिलने वाली किसी भी मदद का फायदा उठाने और भारत के आक्रामक शीर्ष क्रम को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेंगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उप-कप्तान), दिलारा अख्तर, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
Asian Games Opening Ceremony में Pawan Sehrawat बने भारत के ध्वजवाहक, Tajinderpal Toor की जगह ली
हांगझोऊ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत, शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत के दूसरे ध्वजवाहक के तौर पर तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह लेंगे। तूर अभी अपने बेस पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी तक नागोया नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि तेजिंदरपाल को अभी तक अपनी किट नहीं मिली है, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी तूर, पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर के साथ ओपनिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन शेफ़ डी मिशन सहदेव यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि अब सेहरावत, जो पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य थे, सेरेमनी में तूर की जगह लेंगे। तूर ने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेरी किट दोपहर 3 बजे (नागोया) एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। एयरपोर्ट से समय पर अपनी किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी वाली जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। तूर ने आगे कहा कि तो, मैंने IOA को बता दिया है कि मैं ओपनिंग सेरेमनी में नहीं आ रहा हूँ। मेरी किट भारत में ही पड़ी है। एथलेटिक्स टीम में किसी को भी अभी तक अपनी किट नहीं मिली है। एथलेटिक्स टीम, माहौल के हिसाब से ढलने के लिए कैंप के तहत रविवार, 13 सितंबर से टोक्यो के पास सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को सोमवार को नागोया पहुँचना है, जो एथलेटिक्स इवेंट्स शुरू होने से दो दिन पहले का समय है। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics टूर ने कहा कि अगर उन्हें शुक्रवार से पहले ओपनिंग सेरेमनी में अपनी भूमिका के बारे में बताया गया होता, तो वे समय पर किट पाने का इंतज़ाम कर सकते थे। तूर ने आगे कहा कि IOA ने मुझे कल ही बताया कि मैं फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) बनूँगा। वरना, मेरे कोच, जो कल यहाँ पहुँचे थे, मेरे लिए उसे (किट को) ले आ सकते थे। एशियन गेम्स में देरी एक आम बात हो गई है। नागोया में भारत और दूसरी टीमों के साथ होने वाली पारंपरिक झंडा फहराने की सेरेमनी में शुक्रवार को देरी हुई और फिर उसमें रुकावट भी आई। आयोजकों द्वारा किसी अज्ञात 'समस्या' को सुलझाने के बाद यह सेरेमनी हो पाई, जिससे गेम्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अव्यवस्था को लेकर आलोचना और बढ़ गई।
Asian Games 2026: टेबल टेनिस में भारत की चुनौती आज से, मानुष-मानव की जोड़ी पर निगाहें; पहली बार गोल्ड की उम्मीद
बेसबॉल ग्राउंड से बना जापान का नया क्रिकेट वेन्यू, Asian Games से बदलेगी तस्वीर
आईची-नागोया (Aichi-Nagoya) में एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को एक नया वेन्यू मिल रहा है और इस वेन्यू की स्टोरी उतनी ही दिलचस्प है जितना वहां होने वाला क्रिकेट। Also Read: LIVE Cricket Score नागोया के ईस्ट में है निशिन शहर (Nisshin City) जहां के कोरोगी एथलेटिक पार्क (Korogi Athletic Park) में अभी कुछ साल पहले तक, बेसबॉल खेलते थे। इसे क्रिकेट के लिए नए सिरे से तैयार किया और नतीजा: जापान को इंटरनेशनल स्तर का एक नया क्रिकेट ग्राउंड मिल गया। जिस देश में बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है, वहां क्रिकेट के लिए अलग से एक ग्राउंड, बहुत बड़ी बात है। आइची-नागोया गेम्स की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ये जापान का दूसरा ऐसा क्रिकेट ग्राउंड है जहां इंटरनेशनल टूर्नामेंट की जरूरतों को पूरा करने वाली प्राकृतिक ग्रास पिच है। ये बदलाव जरूरत का नतीजा है। जब ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और मेजबान आइची-नागोया ने एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने को मंजूरी दी तो सामने सबसे बड़ी अड़चन थी, वहां आस-पास भी कोई सही क्रिकेट ग्राउंड न होना। टोक्यो के नार्थ में तोचिगी के सानो में एक इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड है (जहां भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल है) लेकिन ये नागोया से बहुत दूर है। तो समाधान था नया क्रिकेट स्टेडियम बनाएं या किसी मौजूदा स्पोर्ट्स फैसिलिटी को क्रिकेट ग्राउंड में बदल दें। खर्चा बचाने के लिए दूसरा रास्ता चुना जिसने कोरोगी को एशियन गेम्स में इस्तेमाल हो रहे एक और ग्राउंड से, क्रिकेट ग्राउंड में बदल दिया। ये प्रयोग सस्ते में इंटरनेशनल क्रिकेट को लाने के लिए, उन देश के लिए एक सबक की तरह से है जहां क्रिकेट स्टेडियम का कोई स्थापित नेटवर्क नहीं। कोरोगी एथलेटिक पार्क, सेंट्रल नागोया से लगभग 20 किमी दूर है और यहां तीन बेसबॉल फील्ड हैं। क्रिकेट ग्राउंड का काम मार्च 2026 के आखिर में पूरा हुआ और आख़िरी सबसे बड़ा बदलाव था हाइब्रिड पिच स्क्वायर को बनाना। ग्राउंड का टेस्ट हुआ जब यहां आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर के 6 मैच खेले। ये 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट है। क्वालिफायर के दौरान ग्राउंड में लगभग 1000 दर्शक मौजूद थे और एशियन गेम्स के लिए ग्राउंड की क्षमता बढ़ाकर लगभग 2000 करने के लिए अस्थायी स्टैंड लगा दिए हैं। पिच बनाने के लिए प्राकृतिक घास के साथ पॉलीइथिलीन फाइबर का इस्तेमाल किया है। इसी टेक्नोलॉजी का वानुअतु के पोर्ट विला में हाइब्रिड सतह बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ है। क्वालिफायर के दौरान, पापुआ न्यू गिनी और कुक आइलैंड्स के बीच मैच में तो 359 रन भी बने और हर मैच में पिच से बाउंस और टर्न दोनों मिले। कोरोगी एथलेटिक पार्क में ही अब एशियन गेम्स में सभी टी20 क्रिकेट मैच खेलेंगे (मैच 17 सितंबर से शुरू हैं)। कोई भी बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट कुछ दिन के लिए तो हर चर्चा में रहता है लेकिन असली इम्तिहान होता है इवेंट खत्म होने के बाद। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के लिए एशियन गेम्स में क्रिकेट, महज एक शुरुआत नहीं है। वे अब चाहते हैं कि सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड के साथ-साथ कोरोगी एथलेटिक पार्क भी जापान के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का स्थाई हिस्सा बने। ये सोच गलत नहीं पर आसान भी नहीं। अभी जो एग्रीमेंट हुआ है उसके अनुसार एसोसिएशन को साल में सिर्फ 20 दिन के लिए ये ग्राउंड क्रिकेट पिच के रखरखाव और इस्तेमाल के लिए मिलेगा। इसलिए साथ-साथ एक और सिंथेटिक-पिच फैसिलिटी बनाने का काम शुरू कर दिया रही है। इससे सितंबर के बाद भी ये वेन्यू चर्चा में रहेगा। जापान, इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए किसी उधार की फैसिलिटी के इस्तेमाल के बजाय क्रिकेट को अपने स्पोर्ट्स कल्चर का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है। मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट की एंट्री अब लगातार बढ़ रही है। 128 साल के बाद लॉस एंजिल्स 2028 में क्रिकेट, ओलंपिक प्रोग्राम में भी वापसी कर रहा है। जो सस्ता लेकिन बेहतर इंतजाम जापान ने किया, वह इस कड़ी में बड़ा मदगार साबित होगा। जापान के लिए, कोरोगी एथलेटिक पार्क, क्रिकेट को उन लोगों तक पहुंचाने का जरिया है जो शायद क्रिकेट के बारे में बहुत कम जानते हों। निसिन प्रोजेक्ट वहां क्रिकेट के विकास के प्रोजेक्ट का एक खास हिस्सा है। मेजबान होने के नाते, जापान की पुरुष और महिला टीम ने अपने-आप क्वालीफाई कर लिया जिससे स्थानीय दर्शकों को अपने देश की टीमों से जुड़ने का मौका मिल रहा है तो साथ ही वे एशिया की बेहतरीन टीमों और खिलाड़ियों को करीब से देख रहे हैं। इसलिए, इस वेन्यू के दो काम हैं: एक हाई-लेवल इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी करना और क्रिकेट के लिए नए दर्शक तैयार करने के प्रोजेक्ट में मदद। अमेरिका ने भी 2024 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ऐसी ही मुश्किल का सामना किया था पर वहां, बड़े भारी खर्चे पर, उस अस्थाई स्टेडियम इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रॉप-इन पिचों का इस्तेमाल किया था, जो पारंपरिक तौर पर क्रिकेट से जुड़े नहीं थे। बाद में सब तोड़ दिए गए और सारा इनवेस्टमेंट बेकार गया। जापान ने एक अलग रास्ता अपनाया- एक नया क्रिकेट स्टेडियम बनाने के बजाय मौजूदा बेसबॉल फ़ैसिलिटी को ही क्रिकेट की जरूरत पूरा करने में बदल दिया। अगर कोरोगी एक नियमित क्रिकेट वेन्यू बना रहा तो ये एशियन गेम्स, मेडल और यादों से कहीं ज़्यादा कीमती चीज जापान के लिए पीछे छोड़ जाएंगे: वह क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर जो वहां क्रिकेट को बढ़ावा देगा। यही बात कोरोगी एथलेटिक पार्क की चर्चा में सबसे ख़ास है।
Asian Games 2026: दक्षिण कोरिया के मैच में बजा उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान, खिलाड़ियों में दिखी हैरानी
Asian Games 2026: शैफाली वर्मा के नाम दर्ज हुआ ये बड़ा रिकॉर्ड, कर दिया ये बड़ा कारनामा
इंटरनेट डेस्क। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को आठ विकेट से शिकस्त दी। मैच में शैफाली वर्मा ने (दो विकेट और नाबाद 40 रन) ने ऑलराउंड प्रदर्शन किया। इस पारी में उन्होंने छह चौके और दो छक्के लगाए। इस पारी के दौरान उन्होंने एक भारतीय रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। शैफाली अब अन्तरराष्ट्रीय महिला टी20 क्रिकेट में एक कैलेंडर ईयर में दूसरी सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। भारतीय बल्लेबाजों की इस लिस्ट में वह शीर्ष पर पहुंच गई हैं। उन्होंने इस मामले में भारत की कप्तान हरमनप्रीत कौर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हरमनप्रीत ने साल 2018 में 25 छक्के लगाए थे, जबकि शैफाली इस साल अभी तक 26 छक्के लगा चुकी हैं। दुनिया में उनसे आगे केवल श्रीलंका की चमारी अट्टापट्टू हैं जिन्होंने 2024 में 32 छक्के लगाए थे। pc- aaj tak
Asian Games में Manush Shah और Manav Thakkar की जोड़ी से पदक की आस
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 सितंबर मानुष शाह और मानव ठक्कर की विश्व में तीसरे नंबर की पुरुष युगल जोड़ी के नेतृत्व में आत्मविश्वास से भरी भारतीय टेबल टेनिस टीम रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपना अभियान शुरू करेगी और उसका लक्ष्य कम से कम एक पदक जीतना है। भारतीय पुरुष टीम ग्रुप एफ के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया का सामना करेगी और रविवार को अपने दूसरे मैच में ईरान के खिलाफ खेलेगी। महिला टीम को भी ग्रुप एफ में रखा गया है और वह इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। दिन के दूसरे मैच में उसका सामना सिंगापुर से होगा। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने महिला युगल जोड़ी सुतीर्थ मुखर्जी और आयिका मुखर्जी के दम पर कांस्य पदक जीता था। मानुष-मानव की जोड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है और दोनों ही बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसलिए भारत को उनसे पदक की उम्मीद है। मानुष और दीया चिताले की मिश्रित युगल जोड़ी भी शानदार फॉर्म में है। सिंड्रेला दास ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में जगह बनाई है। वर्तमान में आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज 17 वर्षीय सिंड्रेला ने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की 10 सदस्यीय टीम (पांच पुरुष और पांच महिला) के अन्य सदस्यों में जी साथियान, श्रीजा अकुला, वाई डी घोरपड़े, सुतीर्थ, पायस जैन और हरमीत देसाई शामिल हैं। सथियान टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, और उन्होंने 2018 एशियाई खेलों के पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीते हैं। टेबल टेनिस टीम 16 सितंबर को यहां पहुंची और खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों, विशेष रूप से एशियाई खेलों में इस्तेमाल होने वाली टेबल और गेंदों के अभ्यस्त हो गए हैं। मानव ने कहा, ‘‘मैं तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रहा हूं और तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। पूरी टीम पिछले एक महीने से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतने में सफल रहेंगे।
एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, इंदौर के युवाओं पर टिकीं देश की उम्मीदें
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन एथलेटिक्स, क्रिकेट, कैनो स्लालम, कैनो स्प्रिंट, हाकी, जूडो, रोइंग, सेलिंग, शूटिंग और साफ्ट टेनिस सहित 10 खेल विधाओं में हुआ है।
एशियाई खेलों में Quimcy Dsouza टेकबॉल सेमीफाइनल हारीं, अब खेलेंगी Bronze Medal मैच
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। डिसूजा ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12 . 7, 9 . 12, 7 . 12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12 . 7 से बढत बना ली थी। लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई। इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games में भारत के ध्वजवाहक बने Pawan Sehrawat, किट न मिलने से हटे तूर
अनुभवी कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह भारत के ध्वजवाहक होंगे। शॉट पुट के एथलीट तूर के पास इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए औपचारिक किट नहीं है जिसके कारण उनकी जगह सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इस समारोह के दौरान राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करने में तूर को निशानेबाज मनु भाकर का साथ देना था। भारत के दल प्रमुख सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य रहे 30 वर्षीय सहरावत अब तूर की जगह लेंगे। तूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘मुझे बताया गया है कि मेरी औपचारिक किट दोपहर तीन बजे (नागोया) हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। हवाई अड्डे से अपनी किट लेने के बाद समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पर पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को बता दिया है कि मैं उद्घाटन समारोह में नहीं आ रहा हूं।
जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 के औपचारिक आगाज के साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने (Accommodation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। पारंपरिक एशियन गेम्स या ओलंपिक की तरह इस बार आयोजकों ने कोई केंद्रीकृत 'एथलीट्स विलेज' (Central Athletes' Village) नहीं बनाया है। इसके बजाय लगभग 4,000 से 5,000 एथलीट्स और अधिकारियों को नागोया बंदरगाह पर खड़े एक विशाल क्रूज शिप (Costa Serena), अस्थायी कंटेनर-स्टाइल कमरों और शहर भर में बिखरे छोटे होटलों में ठहराया जा रहा है।शुरुआती दौर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयोजकों द्वारा तय किए गए होटलों के कमरों के बेहद छोटे आकार और किटबैग रखने तक की जगह न होने पर आपत्ति जताई थी। अब जैसे ही श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम जापान दौरे के लिए तैयार हुई, बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की सुविधा, रिकवरी और बड़े दल को एकजुट रखने के लिए खुद आगे आकर बड़ा रणनीतिक कदम उठा लिया है।बीसीसीआई का अहम फैसला: पूरी पुरुष टीम के लिए अलग प्राइवेट होटलबीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पुरुष क्रिकेट दल के लिए आयोजकों की मानक व्यवस्था से इतर अपना खुद का अलग होटल बुक करने का फैसला किया है।बोर्ड के इस फैसले के पीछे 3 मुख्य कारण रहे:सपोर्ट स्टाफ और दल का बड़ा आकार: एशियन गेम्स आयोजकों द्वारा प्रति खेल दल के लिए कमरे और अधिकारियों की संख्या की एक सख्त सीमा तय की गई थी। भारतीय पुरुष टीम के साथ मुख्य कोच, बॉलिंग-फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर्स, फिजियो और वीडियो एनालिस्ट समेत बड़ा सपोर्ट स्टाफ जा रहा है।टुकड़ों में बंटने से बचाना: आयोजकों के नियमों के तहत कुछ सपोर्ट स्टाफ को खिलाड़ियों से मीलों दूर किसी दूसरे होटल या क्रूज शिप पर रुकना पड़ता। बीसीसीआई किसी भी हाल में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अलग-अलग (Segregate) नहीं करना चाहता था।कमरों का स्पेस और प्राइवेसी: क्रिकेटरों के भारी-भरकम किटबैग, मेडिकल और रिहैब उपकरणों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की निजता व सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।महिला टीम का क्या होगा? वे कहां ठहरेंगी?बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष व्यवस्था केवल पुरुष क्रिकेट दल के लिए की गई है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम आयोजकों द्वारा आवंटित आधिकारिक खेल सुविधाओं में ही ठहरी हुई है।महिला दल में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की कुल संख्या केवल 20 सदस्यों की है, जो एशियन गेम्स आयोजकों के आधिकारिक कोटा और कमरे के आवंटन के बिल्कुल भीतर आती है। महिला टीम ने 18 सितंबर को जापान के खिलाफ अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज कर अपने अभियान का शानदार आगाज भी कर दिया है।एशियन गेम्स में टीम इंडिया का शेड्यूल और पहला मैचभारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को भारत से रवाना होकर 21 सितंबर को जापान पहुंचेगी:22 सितंबर (स्पेशल T20I मैच): एशियन गेम्स के मुख्य मुकाबलों से पहले भारत और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर एक दोस्ताना टी20 मैच खेला जाएगा।28 सितंबर (क्वार्टर फाइनल): भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत करेगी। यह मुकाबला निशिन स्थित आइची प्रीफेक्चुरल कोरोकी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेला जाएगा।भारतीय टीम 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।बोर्ड का कड़ा संदेश: खिलाड़ियों की फिटनेस और कम्फर्ट से समझौता नहींदुनिया के सबसे धनी और प्रभावशाली क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात खिलाड़ियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की आती है, तो बजट उसके आड़े नहीं आता। कई अन्य देशों के एथलीट जहां दूरदराज के ठिकानों और क्रूज शिप पर ठहरने के कारण यात्रा और थकान से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को मैच वेन्यू के नजदीक एक ही छत के नीचे रखकर बीसीसीआई ने टीम के मनोबल और तैयारियों को शीर्ष स्तर पर बनाए रखने का पुख्ता इंतजाम कर दिया है।
Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी
(अजय मसंद)नागोया, 18 सितंबर एशियाई खेलों में आवास संकट से चिंतित खेल मंत्रालय ने यहां रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों से अपील की है कि अगर शनिवार से शुरू होने वाले महाद्वीपीय खेलों के दौरान कमरों की कमी का समाधान नहीं होता है तो वे खिलाड़ियों के ‘‘आवास प्रदान करने में मदद करें।’’भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने आवास की व्यवस्था में देरी की शिकायत की है। लागत कम करने के लिए इस बार खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है तथा खिलाड़ियों को कंटेनर की तरह की झोपड़ियों, पानी के एक जहाज और होटलों में ठहराया जा रहा है। भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को खुलासा किया कि आयोजकों द्वारा निर्धारित आवास न मिलने के कारण लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित करना पड़ा। प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार और भी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘खेल मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से संपर्क किया है और उनसे एशियाई खेलों के दौरान कमरों की कमी होने पर खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था में मदद करने के लिए तैयार रहने को कहा है।’’खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि नागोया में लगभग 2000 परिवारों से संपर्क करने में भारतीय दूतावास ने बड़ी भूमिका निभाई है और आवास की कमी होने पर उनमें से कई परिवार आगे आए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराना होगी, लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है।’’खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी यहां पहुंच चुके हैं और शुक्रवार को ध्वजारोहण समारोह में थोड़ी देर के लिए उपस्थित रहे, जो एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच ‘‘गलतफहमी’’ के कारण एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ था। मंत्रालय को भरोसा है कि प्रवासी भारतीयों के सहयोग से स्थिति को संभाला जा सकता है। आवास मिलने में देरी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया है और वे फिलहाल वहीं ठहरेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय समुदाय बहुत सहयोगी रहा है और वे हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा शेफ डे मिशन के दो सदस्य हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर भारतीय जर्सी पहने अधिकारियों को देखकर सहज महसूस होगा।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय भारतीय खिलाड़ियों के साथ में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता जैसा कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जिन्हें आवास के लिए नौ से दस घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसीलिए मंत्रालय ये सभी कदम उठा रहा है ताकि भारतीय खिलाड़ियों को दूसरों की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़े।
Asian Games में चौथी बार उतरेंगी Pranati Nayak, पहले पदक पर टिकी निगाहें
एशियाई खेलों में चौथी बार उतरने जा रहीं भारत की जिम्नास्ट प्रणति नायक इस बार अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा संभलकर आगे बढ़ रही हैं। 31 साल की प्रणति के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में अब तक उनके खाते में पदक नहीं आया है। चोट और उससे उबरने की लंबी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी है और अब जापान के आइची-नागोया में अपने पहले एशियाई खेल पदक के लिए चुनौती पेश करने को तैयार हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रणति बुधवार रात जापान के लिए रवाना हुई। इस बार वह भारतीय दल की एकमात्र जिम्नास्ट हैं। एशियाई खेलों की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है। प्रतियोगिता से पहले प्रणति को पैर के तलवे में होने वाली सूजन की परेशानी से गुजरना पड़ा था। इसी वजह से वह राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की वॉल्ट फाइनल में भी हिस्सा नहीं ले सकी थीं। प्रणति का कहना है कि अब वह पूरी तरह फिट हैं और चोट जिम्नास्ट के जीवन का हिस्सा है। उनके मुताबिक, जिम्नास्टिक में लगातार शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और छोटी-बड़ी चोटों से निपटना इस खेल का हिस्सा है। राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी परेशानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय दौड़ के दौरान उनसे गलती हुई थी और वह गलती चोट की वजह से नहीं हुई थी। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रणति ने तुरंत कठिन अभ्यास शुरू करने के बजाय खुद को पूरी तरह आराम दिया। उनके प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने बताया कि पैर में हल्की चोट को देखते हुए उन्हें करीब तीन सप्ताह का पूरा आराम दिया गया। इस दौरान वह घर जाकर परिवार के साथ भी रहीं। इसके बाद उन्हें सीधे वॉल्ट का अभ्यास कराने के बजाय बुनियादी और तैयारी वाले अभ्यासों पर ध्यान दिया गया। जब पैर ठीक होने लगा और प्रणति शरीर के घूमने तथा मोड़ लेने वाले अभ्यासों के साथ सहज होने लगीं, तब धीरे-धीरे वॉल्ट का अभ्यास दोबारा शुरू कराया गया। यह तरीका इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि प्रणति पहले 2025 में टखने के दूसरे स्तर के लिगामेंट में चोट का सामना कर चुकी थीं। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए इस साल मई में ताशकंद में अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ की विश्व चुनौती कप प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। चोट से वापसी केवल शारीरिक नहीं होती। प्रणति के लिए अपने शरीर की गतिविधियों पर दोबारा पूरा भरोसा हासिल करना भी बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने बताया कि चोट के बाद वापसी का दौर काफी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस दौरान उन्होंने मन को मजबूत रखने के लिए मनोवैज्ञानिकों से भी सलाह ली है। प्रणति के मुताबिक, उन्हें यह समझने में मदद मिली कि प्रतियोगिता के दबाव के बारे में सोचने के बजाय उस समय किए जा रहे अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। अगर शारीरिक अभ्यास किसी दिन कम भी हो पाए तो वह मन में उसी अभ्यास को दोहराने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि इस तरह मानसिक तैयारी भी प्रदर्शन का हिस्सा बनती है। आइची-नागोया में हालांकि प्रणति के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। उनके मुताबिक, एशियाई खेलों में एशिया की शीर्ष जिम्नास्ट हिस्सा लेने वाली हैं और इनमें कई ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल होंगी। ऐसे मजबूत खिलाड़ियों के बीच एक छोटी गलती भी परिणाम पर असर डाल सकती है। प्रणति के पास ऊंची कठिनाई वाला त्सुकाहारा 720 वॉल्ट भी है, लेकिन कोच अशोक मिश्रा इसे शुरुआत से ही आजमाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका पहला टारगेट प्रणति को क्वालीफिकेशन के जरिए फाइनल तक पहुंचाना है। इसके लिए साफ और सही उतरने वाले वॉल्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि प्रणति नायक एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट हैं। उन्होंने 2019 में उलानबटोर, 2022 में दोहा और 2025 में दक्षिण कोरिया के जेचॉन में पदक जीते हैं। इसके अलावा वह 2024 में काहिरा और 2025 में अंताल्या में विश्व कप की कांस्य पदक विजेता भी रह चुकी हैं। हालांकि, एशियाई खेलों का पदक अभी उनकी उपलब्धियों में शामिल नहीं है। प्रणति इस बार किसी दूसरी खिलाड़ी से तुलना करने के बजाय खुद के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में उतरने के बाद वह अपने उतरने, छलांग और शरीर के संतुलन को देखकर तय करेंगी कि किस स्तर का वॉल्ट करना सही रहेगा। ओलंपिक भी प्रणति के लिए खास महत्व रखता है। 2020 के ओलंपिक में हिस्सा लेना उनके करियर का भावनात्मक पड़ाव रहा है। उन्होंने ओलंपिक के छल्लों का निशान अपने दाहिने हाथ पर गुदवाया हुआ है। 31 साल की उम्र में वह जानती हैं कि जिम्नास्टिक में शीर्ष स्तर पर करियर का समय सीमित होता है, लेकिन उनका लक्ष्य अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रणति लॉस एंजिल्स ओलंपिक में एक और बार भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं और उनका कहना है कि जब तक वह फिट रहेंगी, तब तक कोशिश छोड़ने वाली नहीं हैं।
MMA Fighter Varun Sanyal और भारतीय निशानेबाजों को Asian Games में आवास के लिए परेशानी हुई
एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में अब सिर्फ दो दिन बाकी हैं, लेकिन जापान के आइची-नागोया पहुंचा भारतीय दल शुरुआत से ही व्यवस्थाओं से जुड़ी परेशानी का सामना कर रहा है। मौजूद जानकारी के अनुसार, कई भारतीय खिलाड़ियों को उनके लिए तय कमरों के आवंटन के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। निशानेबाजी दल को भी इस समस्या के कारण परेशानी हुई है। भारतीय निशानेबाजों का अभियान 20 सितंबर से शुरू होना है और ऐसे समय में खिलाड़ियों को आराम और अभ्यास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाना चिंता की वजह बना हुआ है। बता दें कि बाद में कमरों से जुड़ी समस्या को सुलझा लिया गया, लेकिन इस पूरी व्यवस्था से सभी खिलाड़ी संतुष्ट नजर नहीं आए। भारतीय दल के एक खिलाड़ी वरुण सन्याल ने अपनी परेशानी का जिक्र सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में किया था। हालांकि, उनका लंबा वीडियो और बाद की एक पोस्ट अब हटा दी गई है। वरुण सन्याल जनवरी 2026 में चीन में हुई एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। वह मिक्स मार्शल आर्ट्स के भारतीय खिलाड़ी हैं। इस बार आइची-नागोया एशियाई खेलों में मिक्स मार्शल आर्ट्स पहली बार पदक खेल के तौर पर शामिल हो रहा है। ऐसे में इस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी पर भी खास नजर है। वरुण ने अपने वीडियो में बताया था कि उन्होंने लंदन से मुंबई और सिंगापुर होते हुए नागोया तक का सफर किया। नागोया पहुंचने के बाद हवाई अड्डे से खिलाड़ियों को बस के जरिए आयोजन से जुड़ी जगह पर ले जाया गया। उनके मुताबिक, वहां पहुंचने के बाद कमरा आवंटित कराने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास वैध पहचान पत्र और मान्यता कार्ड होने के बावजूद अधिकारियों को व्यवस्था में उनका नाम नहीं मिल रहा था। वरुण के अनुसार, अधिकारी करीब दो घंटे तक उनका नाम तलाशते रहे। उनका कहना था कि इस वजह से उन्हें वहां करीब तीन घंटे तक रुकना पड़ा और उस समय तक उनकी समस्या का समाधान भी नहीं हुआ था। वरुण ने वीडियो में आयोजन स्थल की स्थिति को लेकर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि खिलाड़ियों के कमरों के आवंटन को लेकर काफी अव्यवस्था दिखाई दे रही थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ऐसी स्थिति भारत में हुई होती तो इसे लेकर काफी ज्यादा चर्चा होती और मीडिया में भी इसे प्रमुखता से उठाया जाता। गौरतलब है कि खिलाड़ियों के लिए किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले रहने की व्यवस्था बेहद अहम होती है। लंबे सफर के बाद खिलाड़ियों को आराम करने, अपनी दिनचर्या सामान्य करने और प्रतियोगिता के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का समय चाहिए होता है। खासकर निशानेबाजी जैसे खेलों में प्रतियोगिता से पहले एकाग्रता और नियमित तैयारी काफी मायने रखती है। वरुण की परेशानी केवल पहचान और कमरे के आवंटन तक सीमित नहीं रही। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर एक और घटना का जिक्र किया था। उनके अनुसार, कमरे में दो भारतीय खिलाड़ी अचानक पहुंच गए। कुछ देर बाद पता चला कि तीनों खिलाड़ियों को एक ही कमरा आवंटित कर दिया गया था। वरुण ने अपनी पोस्ट में बताया था कि दो दिन तक जागने और करीब 10 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें आखिरकार एक कमरा मिला। लेकिन वह केवल करीब 30 मिनट ही सो पाए थे। इसके बाद दो भारतीय खिलाड़ी कमरे में पहुंचे और उन्हें देखकर हैरान रह गए। बाद में पता चला कि उन दोनों को भी उसी कमरे में रहने के लिए भेजा गया था। उनकी यह पोस्ट भी बाद में हटा दी गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कमरे और आवंटन से जुड़ी शुरुआती दिक्कतों को बाद में दूर कर लिया गया है। फिर भी इस घटना ने बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों के रहने और पहुंचने से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल जरूर खड़े किए हैं। आइची-नागोया एशियाई खेलों का उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को होना है। भारत बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के साथ इन खेलों में हिस्सा ले रहा है और कई खेलों में उससे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। निशानेबाजी भारतीय दल के महत्वपूर्ण खेलों में शामिल है, जहां खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद रहती है। ऐसे में प्रतियोगिताएं शुरू होने से ठीक पहले आवास और कमरा आवंटन जैसी समस्याएं खिलाड़ियों की तैयारी के लिए परेशानी खड़ी कर सकती हैं। फिलहाल शुरुआती दिक्कतें दूर हो चुकी हैं, लेकिन वरुण सन्याल के अनुभव ने एशियाई खेलों की शुरुआत से पहले भारतीय दल के सामने आई व्यवस्थागत चुनौतियों को सामने ला दिया है। भारतीय खिलाड़ियों का ध्यान अब इन शुरुआती परेशानियों से आगे बढ़कर प्रतियोगिताओं में अपने प्रदर्शन पर लगाने की कोशिश में है।
Asian Games 2026 के लिए Lakshya Sen और Kidambi Srikanth तैयार, मेडल जीतने पर फोकस
2026 एशियाई खेलों से पहले, भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत ने अपनी तैयारियों पर भरोसा जताया है, साथ ही उन्होंने जापान के आइची-नागोया में जिन प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना है, उनकी मज़बूती को भी स्वीकार किया है। भारत ने 2026 एशियाई खेलों के लिए 20 सदस्यीय बैडमिंटन टीम की घोषणा की है। जापान जाने वाली इस टीम में लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत शामिल हैं, जो हांगझोऊ 2023 में सिल्वर मेडल जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics पुरुष टीम में आयुष शेट्टी, थारुन मन्नेपल्ली, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन, एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला भी शामिल हैं। इंडिविजुअल इवेंट्स में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पुरुष सिंगल्स में हिस्सा लेंगे, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन और एमआर अर्जुन के साथ पुरुष डबल्स में खेलेंगे। भारत की पुरुष टीम में ज़्यादातर वही खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में थॉमस कप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत के बैडमिंटन अभियान से पहले ANI से बात करते हुए, लक्ष्य सेन ने कहा कि वह एशियाई खेलों को लेकर उत्साहित और पूरी तरह तैयार हैं; वह इसे एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक मानते हैं। उन्होंने टीम के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए भारत पर मौजूद दबाव और उम्मीदों को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका ध्यान हर मैच जीतने, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश के लिए मेडल जीतने पर है। उन्होंने आगे कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रेरित हैं और अपना अभियान शुरू करने के लिए उत्सुक हैं। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा उन्होंने कहा कि मैं इस टूर्नामेंट को लेकर बहुत उत्साहित हूँ, और यह एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक है। मैं अब मैचों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, और तैयारी भी अच्छी रही है। मैं अपने मैच खेलने के लिए बहुत उत्सुक हूँ। हमने अतीत में अच्छा प्रदर्शन किया है। उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने का बहुत दबाव होता है, और हाँ, भारत को ऐसे टूर्नामेंटों से उम्मीदें होती हैं, और एक टीम के तौर पर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने और देश के लिए मेडल जीतने पर केंद्रित हैं। लेकिन हाँ, साथ ही, जब भी हम खेलते हैं, तो हमारा ध्यान सिर्फ़ मैच जीतने और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर होता है; और जहाँ तक मेरी बात है, मैं सच में बहुत प्रेरित हूँ और मैच खेलने तथा भारत के लिए मेडल जीतने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।
Quincy Dsouza ने रचा इतिहास, Asian Games 2026 के Teqball में दो मेडल की बढ़ी उम्मीद
आइची-नागोया एशियाई खेलों में टेकबॉल में भारत की ओर से एक चौंकाने वाला मेडल दावेदार सामने आ सकता है; क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स, दोनों इवेंट्स में मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। एशियाई खेलों में अपना डेब्यू कर रहीं 24 साल की डिसूज़ा ग्रुप A में टॉप करने के बाद महिला सिंगल्स के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गईं। वहीं, क्वार्टरफ़ाइनल में हारने के बाद उन्होंने और मोहम्मद अनस इमरान बेग ने रेपेशाज मुक़ाबला जीतकर मिक्स्ड डबल्स में मेडल की दौड़ में अपनी उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात सिंगल्स मुक़ाबलों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत डिसूज़ा अब भारत के लिए एक ऐतिहासिक मेडल जीतने से बस एक जीत दूर हैं। यह खेल पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। शनिवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल में उनका मुक़ाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। जीत मिलने पर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा, जबकि हारने पर भी उनके पास रविवार को ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए खेलने का मौका होगा। भारतीय खिलाड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत एक बड़े उलटफेर के साथ की। उन्होंने नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में ग्रुप A के 43 मिनट चले मुक़ाबले में जापान की टॉप सीड खिलाड़ी युइना साकामोटो को 2-1 (10-12, 12-11, 13-11) से हराया। इसके बाद उन्होंने कंबोडिया की कोएमियन डीवाई को 24 मिनट में 2-0 (12-9, 12-7) से आसानी से हराकर ग्रुप में टॉप किया। इससे उन्हें सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई, जबकि डिसूजा को क्वार्टर फाइनल में 'बाय' मिला। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर डीसूज़ा और बेग के लिए मिक्स्ड डबल्स का सफ़र थोड़ा मुश्किल रहा है, लेकिन भारतीय जोड़ी अभी भी पोडियम फ़िनिश की दौड़ में बनी हुई है। क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने के बाद, यह जोड़ी वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया नघी ट्रिन्ह से 0-2 (7-12, 10-12) से हार गई। हालाँकि, उन्होंने रेपचेज में वापसी की और फ़िलीपींस की जोआना अबुलेंसिया और प्रिंस ऑगस्टिन को 2-0 (12-3, 12-6) से हराकर अपनी मेडल की उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इससे पहले भारतीयों ने ग्रुप स्टेज में इसी फ़िलिपिनो जोड़ी को 2-0 (12-10, 12-3) से हराया था। ग्रुप स्टेज के दौरान कंबोडिया और थाईलैंड से हारने के बावजूद, उन्होंने क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए कुवैत के सलमान एलेब्राहिम और हेसाह अलफ़ैलाकावी पर भी 2-0 (12-1, 12-6) से जीत हासिल की। मिक्स्ड डबल्स के मेडल राउंड रविवार को होंगे।
एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात
18 सितंबर को जापान के नागोया में हो रहे 2026 एशियाई खेलों के मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में, भारत के क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा और मोहम्मद अनस इमरान बेग को वियतनाम के जियान न्घी ट्रिन्ह और होआंग मिन्ह टैन गुयेन ने हरा दिया। भारतीय जोड़ी सीधे सेटों में 7-12 और 10-12 से हार गई। उन्हें पहले सेट में अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा और दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद, वे निर्णायक गेम तक नहीं पहुँच पाए। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती इस हार के साथ ही मेन चैंपियनशिप ब्रैकेट में उनका सफ़र खत्म हो गया और वे गोल्ड और सिल्वर मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं। हालांकि, डिसूज़ा और बेग रेपेशाज राउंड में पहुंच गईं, जहां उनका मुकाबला क्वार्टर-फ़ाइनल में हारने वाली एक और जोड़ी से होगा। रेपेशाज में जीत उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने का मौका दिला सकती है। इसके अलावा, डिसूज़ा महिला सिंगल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी; उन्होंने जापान और कंबोडिया की खिलाड़ियों को हराकर ग्रुप A में टॉप किया था। 19 सितंबर को सेमी-फ़ाइनल में उनका मुकाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। डिसूज़ा और बेग एक मुश्किल शुरुआती राउंड-रॉबिन स्टेज के बाद क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचीं; उन्होंने चार ग्रुप मैचों में दो जीत और दो हार हासिल कीं। ग्रुप के अपने आखिरी मैच में कुवैत पर शानदार जीत के साथ नॉकआउट स्टेज में उनकी जगह पक्की हो गई। भारतीय जोड़ी ने फिलीपींस की अबुएंशिया जोआना और अगस्टिन प्रिंस के खिलाफ़ 2-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। उनका अगला मुक़ाबला कंबोडिया के बुन थुओनविरेक और योर्न सोफोर्नराक्समी के साथ हुआ, जिसमें तीन सेट के कड़े मुक़ाबले के बाद उन्हें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर अपने तीसरे ग्रुप मैच में भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वे थाईलैंड के देजारोएन फाकपोंग और वोंगखामचन सुफावाड़ी से 0-2 से हार गए। ग्रुप के आखिरी मुक़ाबले में, जहाँ क्वालिफिकेशन दांव पर था, डिसूज़ा और बेग ने कुवैत के अलेब्राहिम सलमान और अलफाइलाकावी हेसाह पर दबदबा बनाया और 12-1 व 12-6 से जीत हासिल करते हुए मैच 2-0 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ उनका ग्रुप रिकॉर्ड 2-2 हो गया और उन्होंने क्वार्टर-फ़ाइनल नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली, जहाँ बाद में उन्हें वियतनाम से हार का सामना करना पड़ा।
India Women vs Japan Women: भारतीय महिला टीम की गेंदबाज श्री चरणी (Shree Charani) ने शुक्रवार (18 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 (Women's Asian Games 2026) के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जापान महिला टीम के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। चरणी अपने कोटे के चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। महिला टी-20 इंटरनेशनल (पूर्ण सदस्य देश) में लगातार दो पारियों में चार या उससे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर आ गई है। उन्होंने इस फॉर्मेट में लगातार दूसरी पारी में चार विकेट लेकर अनिसा मोहम्मद, निदा डार, पूनम यादव, मेगन शट, जेस जॉनसन और एनाबेल सदरलैंड ने यह कारनामा किया था। इसके अलावा महिला टी-20 इंटरनेशनल में एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में चरणी संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ गई है। इस साल डेब्यू करने वाली चरणी ने अभी तक 43 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने मैरी बिमेन्यिमाना की बराबरी की, जिन्होंने 2024 में 43 विकेट लिए थे। महिला T20I में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज़्यादा विकेट 56 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2025 में 50 - हेनरीट इशिमवे (RWA-W) 2024 में 43 - श्री चरणी (IND-W) 2026 में 43 - मैरी बिमेन्यिमाना (RWA-W) 2024 में 42 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2026 में साल 2026 में चरणी ने शानदार प्रदर्शन किया है और 21 टी-20 इंटरनेशनल में 10.93 की औसत और 5.92 की इकॉनमी रेट से 43 विकेट लिए हैं। जिसमें उन्होंने तीन बार पारी में चार विकेट अपने खाते में डाले हैं। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारत ने जापान को 8 विकेट से हरा दिया। धमाकेदार जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां मुकाबला रविवार को बांग्लादेश से होगा। Also Read: LIVE Cricket Score पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद जापान 19.5 ओवर में 57 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिसके जवाब में भारतीय टीम ने सिर्फ 5 ओवर में 2 विकेट गवाकर ही जीत हासिल कर ली।
Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती
शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल में इंडोनेशिया से 0-2 से हारने के बाद 2026 एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम का सफ़र खत्म हो गया। भारत को शुरुआती डबल्स मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसमें जय मीना और योगेश चौधरी को इंडोनेशिया के टियो हुटौरुक और फर्नांडो सेंगर से 2-5 से हार मिली। इसके बाद हुए सिंगल्स मैच में आर्यन ठाकुर ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बागुस प्रादेवा से 3-4 से हार गए, जिससे इंडोनेशिया ने 2-0 से क्वार्टरफ़ाइनल मुकाबला जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर टीम के बाहर होने के बावजूद, सॉफ्ट टेनिस में भारत का अभियान जारी है; जय मीना और आर्यन ठाकुर 22 सितंबर को मेन्स सिंगल्स में हिस्सा लेंगे। मीना 21 सितंबर को मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी। इससे पहले, शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की टीम सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता के ग्रुप C में तीन में से दो मैच जीतकर भारत क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुँच गया। इसे भी पढ़ें: Japan को 8 विकेट से रौंदकर Asian Games के Semifinal में पहुंचा भारत, Bangladesh से होगी भिड़ंत जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव की भारतीय टीम ने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में ज़बरदस्त वापसी करते हुए मंगोलिया को 3-0 से हराया और नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
Asian Games: जापान को हरा भारत सेमीफाइनल में, 5 ओवर में जीता भारत ने मैच
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। निस्शिन में शुक्रवार को भारतीय स्पिनरों ने ऐसा जाल बुना कि मेजबान जापान की बल्लेबाजों को रन बनाने का रास्ता ही नहीं मिला। नतीजा- पूरी टीम सिर्फ 57 रनों पर ढेर और भारत ने महज 5 ओवरों में 59 रन बनाकर 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से 20 सितंबर को होगा। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और शुरुआत से ही जापान पर शिकंजा कस दिया। जापानी बल्लेबाजों के पास भारतीय गेंदबाजी का जवाब नहीं था। पावरप्ले के छह ओवर में ही तस्वीर साफ हो गई थी। जापान के खाते में सिर्फ 24 रन आए और इस दौरान सिर्फ दो चौके लगे। इनमें भी एक चौका बल्ले के बीच से नहीं, बल्कि स्लिप के पास से निकले किनारे की वजह से आया। भारत की अनुभवी स्पिन गेंदबाजी के सामने जापान की बल्लेबाजी पूरी तरह जकड़ी नजर आई, सबसे बड़ा वार किया बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने, उन्होंने सातवें ओवर में लगातार दो गेंदों पर ओपनर हारुना इवासाकी और कप्तान माई यानागिदा को पवेलियन भेजकर जापान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। pc- aaj tak
Asian Games में भारत की पुरुष Soft Tennis टीम Mongolia को 3-0 से हराकर Quarter Final में पहुंची
18 सितंबर को एशियाई खेलों में भारत की पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम ने ग्रुप C में तीन मैचों में से दो जीत के साथ दूसरा स्थान हासिल करके क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम में जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव शामिल थे। उन्होंने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में मंगोलिया को 3-0 से हराकर नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में टॉप पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लाओस के खिलाफ, मीना और चौधरी ने शुरुआती डबल्स मैच 5-0 से जीता। इसके बाद आर्यन ठाकुर ने सिंगल्स मैच में सीधे 4-0 से जीत हासिल की, और पटेल व यादव ने एक और डबल्स मैच 5-0 से जीतकर 3-0 से क्लीन स्वीप पूरा किया। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले में भारत को संघर्ष करना पड़ा; मीना और चौधरी पहला डबल्स मैच 0-5 से हार गए। सिंगल्स में ठाकुर 1-4 से हारे और पटेल व यादव दूसरा डबल्स मैच 1-5 से हार गए, जिससे चीनी ताइपे को 3-0 से जीत मिली। मंगोलिया के खिलाफ बाहर होने के खतरे का सामना करते हुए, भारत ने शानदार वापसी की और 3-0 से जीत दर्ज करके ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का मिश्रण है; ठाकुर, यादव और चौधरी इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपना डेब्यू कर रहे हैं।
Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर
खेलों में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे भारत के लिये यहां शनिवार से शुरू हो रहे 20वें एशियाई खेलों में कामयाबी की एक नयी कहानी लिखने की चुनौती होगी और अगले एक दशक में देश को शीर्ष दस देशों में लाने की भारत की आकांक्षा के लिये नींव का पत्थर रखने का दारोमदार खिलाड़ियों पर रहेगा। एशियाई खेलों में 43 खेलों में 11000 के करीब खिलाड़ी भाग लेंगे और 45 देश कम होने के बावजूद यहां प्रतिस्पर्धा का स्तर ओलंपिक से बड़ा होने वाला है। भारत ने 501 खिलाड़ियों का दल भेजा है जो यहां कदम रखने के बाद से रहने और आवागमन की लचर व्यवस्था से जूझ रहे हैं। कइयों को कमरों के लिये घंटो इंतजार करना पड़ा और कमरे भी काफी छोटे हैं जिनमें एक खिलाड़ी की जरूरत के सामान भी नहीं हैं। नागोया जापान के निर्माण क्षेत्र का औद्योगिक केंद्र है और इसे अपनी इस पहचान पर गर्व है। शहर के आसमान में दिखती चिमनियां इसकी औद्योगिक ताकत की बानगी पेश करती हैं लेकिन इसके बावजूद सड़कें और आस-पास के इलाके बहुत साफ-सुथरे और व्यवस्थित हैं। यहां का माहौल उस अफरातफरी से बिल्कुल अलग है जिसमें लंबी उड़ानों के बाद शहर में कदम रखने वाले खिलाड़ियों को आराम करने के लिये कमरों का घंटों तक इंतजार करना पड़ा। जापान उम्मीद कर रहा होगा कि शनिवार को उद्घाटन समारोह के बाद चीजें व्यवस्थित हो जायेंगी। भारतीय टीम हांगझोउ में 2022 में हुए खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन (106 पदक) को बेहतर करने के इरादे से यहां पहुंची है। पिछली बार भारत ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करके यह दिखा दिया था कि वह पारंपरिक रूप से पदक उम्मीद माने जाने वाले खेलों पर ही निर्भर नहीं है बल्कि उसके पास काफी गहराई है। भारत की आकांक्षा 2036 तक शीर्ष दस खेल देशों और 2047 तक शीर्ष पांच में शामिल होने की है। ये सभी दीर्धकालिन लक्ष्य है लेकिन बहु खेल आयोजनों से इसकी झलक मिल जाती है कि देश उस आकांक्षा को यथार्थ में बदलने की दिशा में किस गति से आगे बढ रहा है। इसलिये ये खेल सिर्फ पदक जीतने के बारे में नहीं है बल्कि भारतीय खेलों की गहराई की भी इसमें परख होगी। उदीयमान प्रतिभाओं की क्षमता और संभावना को दबाव के पलों में प्रदर्शन में बदलने की काबिलियत भी कसौटी पर होगी। इसमें भारत के अभियान की अगुवाई ट्रैक और फील्ड एथलीट और निशानेबाज करेंगे। निशानेबाजी दल में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है जिनकी अगुवाई दो ओलंपिक पदक विजेता पिस्टल निशानेबाज मनु भाकर करेंगी। भारतीय दल में 30 निशानेबाज हैं जिनमें राइफल, पिस्टल और शॉटगन के धुरंधर शामिल हैं। एथलेटिक्स में दो बार के एशियाई खेल चैम्पियन और भारतीय एथलेटिक्स के सबसे बड़े सितारे नीरज चोपड़ा नहीं हैं। चोट के कारण वह इन खेलों में भाग नहीं ले पायेंगे लेकिन भारत के 74 सदस्यीय दल में पदक के कई दावेदार हैं। उद्घाटन समारोह में मनु भाकर के साथ भारत के ध्वजवाहक शॉटपुट खिलाड़ी तेजिंदर पाल सिंह तूर की नजरें लगातार तीसरे स्वर्ण पद होंगी। लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर, लंबी दूरी की दौड़ में गुलवीर सिंह, भालाफेंक में रोहित यादव, डेकाथलन में तेजस्विन शंकर और महिलाओं की लंबी कूद में एंसी सोजन पर नजरें रहेंगी। ऊंची कूद में सर्वेश कुशारे, बाधा दौड़ में ज्योति याराजी और त्रिकूद में प्रवीण चित्रावेल से भी उम्मीदें रहेंगी जो चोटों के बाद वापसी कर रहे हैं। भारत ने हांगझोउ में एथलेटिक्स में 29 पदक जीते थे जिनमें छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य शामिल हैं। क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम खिताब बरकरार रखने उतरेंगी। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट के पदार्पण के कारण एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतना काफी अहम होगा। पुरूष टीम ने हांगझोउ में स्वर्ण पदक जीता था लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ फाइनल बारिश की वजह से नहीं हो सका था और ऊंची रैंकिंग के कारण भारत को खिताब मिला। अब भारतीय टीम मैदान पर जीतकर लगातार दूसरा खिताब अपने नाम करना चाहेगी। बैडमिंटन में सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी सबसे प्रबल दावेदार है जिन्होंने पिछली बार स्वर्ण जीता था। पी वी सिंधू के पास अनुभव है जबकि उन्नति हुड्डा और आयुष शेट्टी भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहेंगे। हॉकी में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली पुरूष टीम विश्व कप और प्रो लीग की निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण जीतना चाहेगी। वहीं महिला टीम पिछली बार जापान से हारकर कांस्य पदक के साथ लौटी थी लेकिन विश्व कप में पांचवें स्थान पर रहने के बाद टीम आत्मविश्वास से भरी है और पदक का रंग बेहतर करना चाहेगी। तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कबड्डी में भी पदक की प्रबल संभावनायें हैं। महिला मुक्केबाजों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन किया है। कबड्डी में एशिया में भारत का दबदबा हमेशा से रहा है। हांगझोउ ने भारतीय खेलों के लिये नये मानक तय किये। अब नागोया अगली चुनौती है। 2036 तक का सफर लंबा है लेकिन नागोया में भारत उसकी दिशा में एक और कदम रखने जा रहा है।
Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर
श्री चरणी की अगुवाई में भारत के अनुभवी स्पिनरों ने जापानी बल्लेबाजों की अनुभवहीनता का पूरा फायदा उठाते हुए एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को मेजबान टीम को 57 रन पर आउट कर दिया। पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम ने जापान के बल्लेबाजों को हाथ खोलने ही नहीं दिये और पूरी पारी में सिर्फ तीन चौके लगे। जापान के बल्लेबाजों को शीर्ष टीमों से खेलने या नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलता है और उनके लिये टर्न और उछाल लेती पिच पर भारत के गेंदबाजों का सामना कर पाना काफी मुश्किल था। पावरप्ले में 24 रन ही बने जिसमें दो चौके लगे। भारत के लिये बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 10 रन देकर चार विकेट लिये जो टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।उन्होंने सलामी बल्लेबाज हारूना इवासाकी (10) और कप्तान माइ यानागिडा को लगातार दो गेंदों पर पवेलियन भेजा। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाये। उन्होंने 15वें ओवर में अयाका कातो और 17वें ओवर में शिमाको कातो के विकेट लिये। कुछ बल्लेबाज रन आउट भी हुए जिससे जापान की मुश्किलें और बढ गई।
Japan Women vs India Women, 4th Quarter Final: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को खेलेगए महिला एशियन गेम्स 2026 के पहलेक्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारतीय टीम ने उम्मीद के मुताबिक जापान पर एकतरफा जीत हासिल की। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। टीम के गेंदबाजों ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के फैसले को सही साबित किया और जापान को 19.5 ओवर में मात्र 57 रन पर समेट दिया। जापान की तरफ से सलामी बल्लेबाजों हारुना इवासाकी और अयाका काटो स्टेफॉर्ड को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने खड़ी नहीं हो सकी। इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 और अयाका ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज दो अंकों में प्रवेश नहीं कर सकीं। भारत की तरफ से श्री चरणी ने एक बार फिर बेहतरीन गेंदबाजी की और 4 ओवर में मात्र 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किया। शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए। श्रेयांका पाटिल और दीप्ति शर्मा को 1-1 विकेट मिला। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। भारत ने 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर मैच 8 विकेट से जीता। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। Also Read: LIVE Cricket Score भारत और बांग्लादेश की टीम हाल ही में एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में दुबई में आमने-सामने थीं। भारतीय टीम ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी और फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था। टीमें: जापान महिला (प्लेइंग इलेवन): हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (डब्ल्यू), माई यानागिडा (सी), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, अयुमी फुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन, नोनोहा यासुमोतो भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (डब्ल्यू), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा Article Source: IANS
Sahdev Yadav ने की पुष्टि, Manu Bhaker और Tajinderpal Singh Asian Games में संभालेंगे तिरंगा
शुक्रवार को, दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और शॉट पुट के मौजूदा चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर को एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया। यह समारोह शनिवार को यहाँ आयोजित होने वाला है। भारत के शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने कहा कि मनु भाकर ध्वजवाहकों में से एक होंगी। बाद में, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने पुष्टि की कि तूर दूसरे ध्वजवाहक होंगे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा; वह स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी एथलीट बनीं जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। तूर ने एशियाई खेलों के पिछले दो संस्करणों में स्वर्ण पदक जीते हैं। एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा कि विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे। समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी।
Nagoya Asian Games में अव्यवस्था, India समेत कई देशों का ध्वजारोहण समारोह रुका
एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा ,‘‘ विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे।’’समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी। आयोजकों ने कंटेनर की तरह ‘हट्स’ में, क्रूज जहाज में और होटलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया है। लागत में कटौती के लिये कोई खेलगांव नहीं बनाया गया है।
एशियाई खेलों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और एक दिन बाद इन खेलों की शुरुआत हो जाएगी। भारत ने इस बार बड़ा दल भेजा है और सभी को इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
साढ़े तीन घंटे के स्टॉपओवर को छोड़कर, 10 घंटे से ज़्यादा की थका देने वाली फ़्लाइट के बाद, जब भारतीय खिलाड़ी बुधवार सुबह जापान के नागोया पहुँचे, तो वे आराम करना चाहते थे। लेकिन इसके बजाय, उन्हें 14 घंटे से ज़्यादा समय तक बिना खाने और बहुत कम सुविधाओं के साथ फँसे रहना पड़ा। शहर में खड़े क्रूज़ शिप पर कमरे मिलने का इंतज़ार हर घंटे बढ़ता गया, क्योंकि स्थानीय अधिकारियों से भी कोई खास मदद नहीं मिली। जिन लोगों को आखिरकार रहने की जगह मिली भी, उन्हें भी आपस में सुविधाएँ शेयर करनी पड़ रही हैं, क्योंकि आयोजन समिति ने दूसरे देशों की टीमों को भी कमरे दे दिए हैं। ऐसा लगता है कि वहाँ पहुँचने वाले खिलाड़ियों की संख्या का हिसाब लगाने में बड़ी गलती हुई है। रहने की जगह का बंटवारा एक बड़ी समस्या रही है। 16 सितंबर को नागोया पहुँचे कई भारतीय एथलीटों को 'कोस्टा सेरेना' क्रूज़ शिप पर पहुँचने के बाद भी कमरे नहीं मिल पाए; इस शिप का इस्तेमाल प्रतिभागियों के रहने की सुविधा के तौर पर किया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, कुछ भारतीय एथलीटों को रहने की जगह मिलने का इंतज़ार करते हुए 12 घंटे से ज़्यादा का समय बीत गया। एथलीटों को पानी तो दिया गया, लेकिन कुछ एथलीटों को अपने साथ लाए खाने पर ही निर्भर रहना पड़ा।
भारत के दिग्गज मुक्केबाज और 2008 बीजिंग ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने आगामी एशियाई खेलों में देश के बॉक्सिंग दल की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में खेल परिदृश्य का बारीक विश्लेषण करते हुए विजेंदर ने स्पष्ट किया कि हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स की उपलब्धियों के दम पर एशियाई खेलों को आसान समझना बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकती है। एशियाई स्तर पर मुकाबला सिर्फ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि गति, तकनीक और सामरिक रणनीति का कड़ा इम्तिहान होता है।विजेंदर के अनुसार, एशियाई मंच की प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं अधिक क्रूर और तकनीकी रूप से उन्नत होती है। एशिया में भारत का सीधा टकराव उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, चीन और मेजबान जापान जैसे मुक्केबाजी के वैश्विक महारथियों से होगा। ये वे देश हैं जिनकी बॉक्सिंग नर्सरी दुनिया भर में शीर्ष मानी जाती है और जिनके खिलाड़ी ओलिंपिक और विश्व चैंपियनशिप की पोडियम पर अपना दबदबा बनाए रखते हैं। उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और एथलीटों की हालिया प्रगति की सराहना की, मगर यह चेतावनी भी जोड़ी कि रिंग में उतरते ही पिछले रिकॉर्ड शून्य हो जाते हैं।महिला मुक्केबाजों पर बड़ा दांव और लवलीना का ओलिंपिक अनुभवभारतीय दल की ताकत का आकलन करते हुए विजेंदर सिंह ने माना कि इस बार महिला बॉक्सिंग दल अत्यधिक संतुलित और पदक का सबसे मजबूत दावेदार दिख रहा है। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और प्रिया गंगा जैसी युवा और आक्रामक मुक्केबाजों में विश्व स्तरीय तकनीक और रिंग में हावी होने की आक्रामकता साफ झलकती है। इन मुक्केबाजों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपने खेल में सुधार किया है, जिससे पोडियम फिनिश की संभावनाएं बहुत मजबूत हो गई हैं।महिला वर्ग में टीम की सबसे बड़ी मार्गदर्शक शक्ति ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाइ हैं। विजेंदर ने रेखांकित किया कि बड़े टूर्नामेंटों के दबाव भरे मुकाबलों में केवल तकनीकी दांव-पेंच काम नहीं आते, बल्कि मानसिक दृढ़ता और बड़े मंच का अनुभव जीत तय करता है। लवलीना के पास वह अनुभव है जो नॉकआउट चरणों के अंतिम क्षणों में मुकाबले को अपनी झोली में खींचने की क्षमता रखता है। उनका यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव न केवल उनके निजी प्रदर्शन को निखारेगा, बल्कि युवा महिला खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास भरने का काम भी करेगा।पुरुष वर्ग में पदक की उम्मीदें और एक पंच से खेल पलटने की अनिश्चिततापुरुष वर्ग की संभावनाओं पर बात करते हुए पूर्व विश्व नंबर एक मुक्केबाज ने सचिन, दीपक भोरिया और अनमोल बेनिवाल को भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार के रूप में चुना। उन्होंने कहा कि इन मुक्केबाजों का फुटवर्क और काउंटर-अटैक करने की गति एशियाई दिग्गजों को चौंकाने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, बॉक्सिंग की अनिश्चितता को उजागर करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि रिंग के भीतर कभी भी किसी पदक को तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि ग्लव्स के एक सटीक प्रहार से पूरे मैच का गणित सेकेंडों में पलट जाता है।विजेंदर का अनुमान है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों में पांच से छह पदक अपने नाम कर सकते हैं। इसके लिए भारतीय मुक्केबाजों को शुरुआती राउंड से ही जजों के स्कोरकार्ड पर अपनी बढ़त साफ रखनी होगी, ताकि अंतिम निर्णय में किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश न बचे। उज्बेक और कजाख मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले में गति और दूरी का नियंत्रण ही पदक का रंग तय करेगा।2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स का किस्सा: टूटे अंगूठे के बावजूद जीता था गोल्डअपनी रणनीति को विस्तार से समझाते हुए विजेंदर सिंह ने 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मुकाबले की अनदेखी कहानी साझा की। उस फाइनल में उनका मुकाबला तत्कालीन विश्व चैंपियन अब्बास सत्तार से था, जिसे विजेंदर ने एकतरफा अंदाज में 7-0 से शिकस्त दी थी। विजेंदर ने खुलासा किया कि मुकाबले के पहले ही राउंड में उनका अंगूठा बुरी तरह चोटिल हो गया था, जिससे मुक्का मारते समय असहनीय दर्द हो रहा था।ऐसी गंभीर स्थिति में उन्होंने कोच की रणनीति पर अटूट भरोसा दिखाया। अपनी लंबी कद-काठी का रणनीतिक फायदा उठाते हुए उन्होंने ईरानी प्रतिद्वंद्वी को खुद के करीब आने ही नहीं दिया। रिंग में लगातार चक्राकार घूमते हुए दूरी बनाई और सटीक समय पर अपने ट्रेडमार्क दाहिने मुक्के (राइट स्ट्रेट) का प्रहार कर अंक बटोरते रहे। उन्होंने कहा कि रिंग में चोट या प्रतिकूल परिस्थिति कभी बहाना नहीं बन सकती, बल्कि वहां त्वरित बुद्धिमत्ता और रणनीतिक अनुशासन ही खिलाड़ी को चैंपियन बनाता है।फोन और इंटरनेट मीडिया से दूरी: विजेंदर का जीत का 'सीक्रेट मंत्र'आज के आधुनिक एथलीटों के लिए विजेंदर सिंह ने सबसे अहम और कड़वी सलाह स्मार्टफोन व इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर दी। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि आज के खिलाड़ियों के पास विश्व स्तरीय जिम, वैज्ञानिक खान-पान, फिजियो और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो उनके दौर में दुर्लभ थीं। इसके बावजूद, मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर तुरंत लोकप्रियता पाने का नशा खिलाड़ियों का ध्यान उनके मुख्य लक्ष्य से भटका रहा है।विजेंदर ने मुक्केबाजों को टूर्नामेंट के दौरान सभी डिजिटल प्लेटफार्मों से पूरी तरह किनारा करने और अपनी ऊर्जा केवल प्रतिद्वंद्वी के वीडियो विश्लेषण, मानसिक एकाग्रता और रणनीति पर केंद्रित करने का मंत्र दिया। रिंग में एक माइक्रोसेकंड की एकाग्रता की कमी का मतलब नॉकआउट होता है। इसलिए आभासी दुनिया की तालियों के पीछे भागने के बजाय वास्तविक रिंग में पसीना बहाना ही पदक पक्का करने का एकमात्र रास्ता है।घरेलू स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा और विदेशी ट्रेनिंग कैंप की दरकारभारतीय पुरुष मुक्केबाजी के भविष्य को और पुख्ता करने के लिए विजेंदर ने घरेलू ढांचे में बुनियादी बदलाव की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बनाना होगा, ताकि कोई भी मुक्केबाज आसान जीत के साथ अंतरराष्ट्रीय दल में न पहुंच सके। जब तक घरेलू रिंग में कड़ा मुकाबला नहीं होगा, तब तक अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलने की क्षमता विकसित नहीं हो सकती।इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान की राष्ट्रीय टीमों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शिविर (जॉइंट ट्रेनिंग कैंप) आयोजित करने का सुझाव दिया। इन देशों के मुक्केबाजों के साथ नियमित स्पैरिंग करने से भारतीय मुक्केबाज मध्य एशियाई शैली की तेज और रक्षात्मक तकनीक को सहजता से समझ सकेंगे। विजेंदर ने निष्कर्ष निकाला कि एशियाई खेलों की चुनौती निस्संदेह कठिन है, मगर सही मानसिक दृष्टिकोण, डिजिटल संयम और रिंग की चतुराई से भारतीय मुक्केबाज इतिहास दोहराने में पूरी तरह सक्षम हैं।
पाकिस्तान को लगा तगड़ा झटका, Asian Games 2026 में इस वजह से हिस्सा नहीं ले पाएंगी Muneeba Ali
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज मुनीबा अली स्वदेश वापस लौट गई हैं और वह एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। मुनीबा थाईलैंड के खिलाफ खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं रही थीं। 'क्रिकइंफो' की खबर के अनुसार, मुनीबा की मां बीमार हैं और इसी कारण उन्हें टीम का साथ छोड़कर पाकिस्तान वापस लौटना पड़ा है। हालांकि, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनकी जगह पर किसी भी खिलाड़ी के नाम का ऐलान नहीं किया है। मुनीबा की गैरमौजूदगी में गुल फिरोजा विकेटकीपर की भूमिका निभाती हुई नजर आएंगी। थाईलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में फिरोजा बतौर विकेटकीपर मैदान पर उतरी थीं। इसके साथ ही उन्होंने शेवार जुल्फिकार के साथ पारी का आगाज भी किया था। मुनीबा का बाहर होना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मुनीबा पाकिस्तान टीम की सीनियर खिलाड़ियों में से एक हैं और एशिया कप में टीम की ओर से अर्धशतक लगाने वाली एकमात्र बल्लेबाज थीं। जुलाई में श्रीलंका के खिलाफ हुई बाइलेटरल टी20 इंटरनेशनल सीरीज में भी उन्होंने टीम की कप्तानी की थी, क्योंकि उस समय नियमित कप्तान फातिमा सना 'द विमेंस हंड्रेड' में बर्मिंघम फीनिक्स का प्रतिनिधित्व करने के लिए यूके गई हुई थीं। मुनीबा का बाहर होना पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मुनीबा पाकिस्तान टीम की सीनियर खिलाड़ियों में से एक हैं और एशिया कप में टीम की ओर से अर्धशतक लगाने वाली एकमात्र बल्लेबाज थीं। Also Read: LIVE Cricket Score थाईलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बारिश के चलते 11 ओवर के मुकाबले में 4 विकेट खोकर 91 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की टीम एक समय पर 47 के स्कोर पर 4 विकेट खोकर मुश्किल में दिख रही थी। हालांकि, कप्तान फातिमा सना की 13 गेंदों में खेली गई 21 रनों की दमदार पारी के चलते पाकिस्तान की टीम 10.4 ओवर में 7 विकेट गंवाकर लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। Article Source: IANS
Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। 'The New Indian Express' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरोंके लिएइंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवरभारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।एक भारतीय रोवर ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।संख्या के मुताबिक कम मिले कमरेऐसी खबरें भीहैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है। शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।ये भी पढ़ें- कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारीभारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानीआवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा। Athletes including Indian players left stranded in Nagoya, Japan without accommodation for more than 12 hours on Wednesday. They could not get cabins on cruise ship for hours. @Xpress_Sports @indraneel0 pic.twitter.com/lF5IhczTrn— firoz mirza (@scribefiroz237) September 16, 2026 भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।
Aichi-Nagoya में Asian Games के लिए भारतीय दल तैयार, हांग्झोऊ से बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य
हांग्झू 2023 एशियाई खेलों में रिकॉर्ड मेडल जीतने के बाद, भारत अब जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगा। 4 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों और 469 मेडल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। Olympics.com के अनुसार, जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेज़बानी कर रहा है; इससे पहले उसने 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में इन खेलों का आयोजन किया था। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics हांग्जो मेडल टेबल में भारत चौथे स्थान पर रहा और उसने कुल 107 मेडल जीते: 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़। आइची-नागोया जाने वाले भारतीय दल में ओलंपिक मेडल जीतने वाले पांच खिलाड़ी शामिल हैं, हालांकि मौजूदा जैवलिन चैंपियन नीरज चोपड़ा टखने की चोट के कारण हट गए हैं। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में बैडमिंटन टीम की अगुवाई कर रहीं पीवी सिंधु, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू, शूटिंग में मनु भाकर, बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और रेसलिंग में अमन सहरावत शामिल हैं। भारतीय बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद यहां पहुंचे हैं, जहां उन्होंने सात गोल्ड समेत 10 मेडल जीते थे। एथलेटिक्स टीम से अहम योगदान की उम्मीद है, जिसमें 70 से ज़्यादा ट्रैक और फील्ड एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। प्रमुख खिलाड़ियों में गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, ओलंपियन सर्वेश कुशारे और तेजिंदरपाल सिंह तूर शामिल हैं, जो पिछले दो एशियाई खेलों में जीत के बाद अपना शॉट पुट खिताब बचाने की कोशिश करेंगे। भारत क्रिकेट और कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अपने खिताब बचाने की कोशिश करेगा, साथ ही पुरुष हॉकी का ताज भी बचाने की कोशिश करेगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम T20 इवेंट में खेलेगी, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी शामिल होंगे। T20 कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली महिला टीम भी अपनी चैंपियनशिप बरकरार रखने की कोशिश करेगी। पुरुष और महिला हॉकी टूर्नामेंट और भी अहम हैं क्योंकि ये 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफायर का काम करेंगे, और जीतने वाली टीमें सीधे ओलंपिक के लिए जगह बनाएंगी। तीरंदाजी, सेलिंग, स्क्वैश, सर्फिंग और टेनिस में भी ओलंपिक कोटा हासिल करने के मौके हैं। युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह, हांगझोऊ में महिला टीम और मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत के ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने में योगदान देने के बाद लौट रही हैं। इन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, सर्फिंग, वर्चुअल ताइक्वांडो, टेकबॉल के साथ-साथ ई-स्पोर्ट्स और ब्रेकिंग जैसे नए खेल भी शामिल होंगे, जिन्हें हांगझोऊ 2023 में मेडल इवेंट के तौर पर पहली बार शामिल किया गया था। यह प्रतियोगिता आइची प्रान्त और टोक्यो व ओसाका जैसे अन्य जापानी शहरों में आयोजित की जाएगी, जिसमें नागोया शहर का मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम मुख्य स्थल होगा। 1982 से एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे आगे रहने वाला चीन, हांग्झू में रिकॉर्ड 201 स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगा। मेज़बान देश जापान और दक्षिण कोरिया पिछले संस्करण में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे, जिन्होंने 52 और 42 स्वर्ण पदक जीते थे। हालांकि आधिकारिक उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को है, लेकिन पुरुषों के बास्केटबॉल सहित कुछ इवेंट्स पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसे भी पढ़ें: Japan में Asian Games 2026 का बिगुल: Team India के Key Events और तारीखों का पूरा विश्लेषण भारतीय टीम कई खेलों में हिस्सा ले रही है, जिनमें तीरंदाजी, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कैनोइंग, क्रिकेट, साइकिलिंग, घुड़सवारी, ई-स्पोर्ट्स, फेंसिंग, गोल्फ़, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कराटे, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग, रग्बी सेवन्स, सेलिंग, सेपक टकरा, शूटिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग, स्क्वैश, सर्फिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, टेनिस, सॉफ्ट टेनिस, टेकबॉल, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती और वुशु शामिल हैं। हर खेल का विस्तृत शेड्यूल इवेंट की तारीखें बताता है, जिसमें पदक के राउंड और फ़ाइनल पूरे खेलों के दौरान आयोजित किए जाएंगे।
Asian Games से LA 2028 Olympics की तैयारी, Amol Muzumdar ने बताया अहम अनुभव
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बृहस्पतिवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम बताया जिसमें महिला क्रिकेट पहली बार शामिल होगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि टीम एशियाई खेलों की तरह ही ओलंपिक में भी जीतने की मानसिकता के साथ उतरेगी। मौजूदा चैंपियन भारत शुक्रवार को यहां मेजबान जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। महिला स्पर्धा में सभी आठ टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए खेलेंगी। महिला टी20 एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है और दुबई से नागोया पहुंची भारतीय टीम अपनी लय बरकरार रखते हुए एशियाई खेलों में दूसरे स्वर्ण पदक पर नजरें लगाए हुए है। मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एशियाई खेल भारतीय महिला टीम के ओलंपिक अभियान की दिशा में एक शानदार झलक हैं। हम यहां कुछ चीजों के आदी हो रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया के अलग हिस्से जैसे जापान का दौरा करना हमारे लिए नया अनुभव है क्योंकि हम इससे पहले इस देश में नहीं आए हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘लॉस एंजिल्स में भी शायद हममें से ज्यादातर के लिए ऐसा ही अनुभव होगा। खिलाड़ियों को एक अलग तरह का अनुभव मिलेगा। एशियाई खेल हम सभी के लिए सीखने का शानदार मौका हैं और मैं इन खेलों का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। ’’हरमनप्रीत ने कहा कि टीम एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने और यहां से मिलने वाली सीख को ओलंपिक में ले जाने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि जिस तरह हमने पिछली बार चीन में 2022 हांग्झोउ एशियाई खेलों का आनंद लिया था, उसी तरह हम यहां नागोया में भी खेल का लुत्फ उठाएंगे। बतौर टीम हम ओलंपिक के लिए उत्सुक हैं और उम्मीद है कि हम उसी मानसिकता और उसी दृष्टिकोण के साथ वहां जाएंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘एक क्रिकेटर के तौर पर हम इन दोनों टूर्नामेंट एशियाड और ओलंपिक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ’’उन्होंने कहा कि जापान और लॉस एंजिल्स जैसी जगहों पर खेलना टीम के लिए एक दिलचस्प और सीखने का अनुभव होगा जो पारंपरिक क्रिकेट केंद्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जापान और लॉस एंजिल्स जैसे देशों और जगहों पर हमने ज्यादा क्रिकेट नहीं देखा है लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर हम कुछ बिल्कुल अलग अनुभव करने जा रहे हैं। हम इन परिस्थितियों के आदी नहीं हैं और ना ही इन मैदानों के। यह पूरी तरह से अलग अहसास है।
Japan में Asian Games 2026 का बिगुल: Team India के Key Events और तारीखों का पूरा विश्लेषण
एशियाई खेल 2026 जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर को खत्म होंगे। एशिया के इस सबसे बड़े खेल आयोजन में 17,000 से ज़्यादा एथलीट और अधिकारी हिस्सा लेंगे; यह आयोजन नागोया और आइची इलाके में होगा। हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों (जो 2022 में होने थे लेकिन बाद में 2023 में हुए) में भारत ने अलग-अलग खेलों में कुल 106 मेडल जीतकर इतिहास रचा था। अब होने वाले खेलों के लिए भारतीय टीम उस सफलता को और आगे ले जाने और अपने पिछले मेडल के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश में है। इसे भी पढ़ें: SAI भोपाल ने दो जूडो कोच को काउंसलिंग सत्र में शामिल होने का दिया निर्देश भारत के इवेंट्स की लाइव स्ट्रीमिंग कहाँ देखें? जो भारतीय खेल प्रेमी 2026 एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को फॉलो करना चाहते हैं, वे उन्हें टीवी चैनलों और ऑनलाइन देख सकते हैं। ऑफिशियल नेटवर्क क्षेत्रीय दर्शकों के लिए कई भाषाओं में ऑडियो ट्रैक उपलब्ध कराता है। - डिजिटल स्ट्रीमिंग ऐप: SonyLIV ऐप और ऑफिशियल वेबसाइट। - इंग्लिश टीवी फ़ीड: Sony Sports Ten 1 और Sony Sports Ten 5 (SD और HD)। - क्षेत्रीय टीवी फ़ीड: Sony Sports Ten 3 (हिंदी) और Sony Sports Ten 4 (तमिल, तेलुगु, कन्नड़)। - फ़्री-टू-एयर प्रसारण: DD Sports (टीम इंडिया के मैचों के लिए टेरेस्ट्रियल कवरेज)। एशियाई खेलों के लिए वेन्यू और स्टेडियम जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेज़बानी कर रहा है। इससे पहले उसने टोक्यो (1958) और हिरोशिमा (1994) में एशियाई खेलों का आयोजन किया था। इस साल मुख्य इवेंट्स आइची प्रान्त और नागोया शहर में होंगे। लेकिन आयोजक निर्माण लागत कम करने के लिए टोक्यो, शिज़ुओका, गिफू और ओसाका में पहले से मौजूद स्टेडियमों और सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। - पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम (नागोया): मुख्य स्टेडियम जहाँ ओपनिंग/क्लोजिंग सेरेमनी और ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स होंगे। - टोक्यो एक्वाटिक्स सेंटर (टोक्यो): स्विमिंग और डाइविंग प्रतियोगिताएं। - आइची इंटरनेशनल एरिना (नागोया): बास्केटबॉल और जूडो इवेंट्स। - निशियो सिटी जनरल जिम्नेजियम (निशियो): बॉक्सिंग मैच। 18 सितंबर क्रिकेट: भारत बनाम जापान, महिला क्वार्टर-फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुष टीम, शुरुआती राउंड; पुरुष टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। टेकबॉल: महिला सिंगल्स क्वालिफ़िकेशन, रेपचेज; मिक्स्ड डबल्स क्वालिफ़िकेशन, रेपचेज। 19 सितंबर टेकबॉल: महिला सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स, पुरुष डबल्स - सेमी-फ़ाइनल। 20 सितंबर बैडमिंटन: पुरुष टीम, शुरुआती राउंड; महिला टीम, शुरुआती राउंड। क्रिकेट: महिला सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। हॉकी: भारत बनाम इंडोनेशिया, पुरुष पूल A; भारत बनाम उज़्बेकिस्तान, महिला पूल B। MMA: पुरुष ट्रेडिशनल MMA -77kg; महिला ट्रेडिशनल MMA -60kg। शूटिंग: महिला 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; महिला 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुष टीम, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। तैराकी: पुरुष 100m फ़्रीस्टाइल हीट्स, फ़ाइनल; पुरुष 100m बैकस्ट्रोक हीट्स, फ़ाइनल। टेबल टेनिस: पुरुष टीम, ग्रुप स्टेज; महिला टीम, ग्रुप स्टेज। टेकबॉल: पुरुष डबल्स फ़ाइनल; महिला सिंगल्स फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स फ़ाइनल। वुशु: पुरुष चांगक्वान, फ़ाइनल; पुरुष सांडा 56kg, शुरुआती राउंड; पुरुष सांडा 75kg, शुरुआती राउंड; महिला सांडा 52kg, शुरुआती राउंड; महिला सांडा 60kg, शुरुआती राउंड। 21 सितंबर बैडमिंटन: पुरुषों की टीम का राउंड ऑफ़ 16। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70kg, राउंड ऑफ़ 32। हॉकी: भारत बनाम इंडोनेशिया, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: जापान बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; बांग्लादेश बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg; महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg। रोइंग: पुरुषों का क्वाड्रपल स्कल्स, हीट्स; लाइटवेट पुरुषों का डबल स्कल्स, हीट्स। शूटिंग: पुरुषों का 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफिकेशन; पुरुषों का 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फ़ाइनल; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफिकेशन। सॉफ्ट टेनिस: मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल और मेडल राउंड। तैराकी: पुरुषों का 50m फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 50m बैकस्ट्रोक; पुरुषों का 100m ब्रेस्टस्ट्रोक; पुरुषों का 4x200m फ़्रीस्टाइल रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड; महिलाओं की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड; महिलाओं का डबल्स, ओपनिंग राउंड। वुशु: महिलाओं का चांगक्वान, फ़ाइनल; पुरुषों और महिलाओं का सांडा, एलिमिनेशन राउंड। 22 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड क्वालिफिकेशन। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: महिलाओं का 51kg, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54kg, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 55kg, शुरुआती राउंड। घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, क्रॉस-कंट्री। फ़ेंसिंग: पुरुषों का फ़ॉइल व्यक्तिगत; महिलाओं का एपि (Epee) व्यक्तिगत। हॉकी: भारत बनाम श्रीलंका, पुरुषों का पूल A। कबड्डी: रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A। कराटे: महिलाओं का कुमिते -55kg, एलिमिनेशन और मेडल मुक़ाबले; पुरुषों का कुमिते -84kg, एलिमिनेशन और मेडल मुक़ाबले। MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg मेडल राउंड; महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg मेडल राउंड। रोइंग: भारतीय रोइंग इवेंट्स, हीट्स। शूटिंग: 10m एयर राइफ़ल मिक्स्ड टीम, क्वालिफिकेशन और मेडल राउंड; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफिकेशन। तैराकी: पुरुषों का 1500m फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 4x100m मेडले रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, राउंड ऑफ़ 16 और क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, राउंड ऑफ़ 16 और क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। वुशु: महिलाओं का नानक्वान और नंदाओ, फ़ाइनल; पुरुषों और महिलाओं का सांडा, क्वार्टर-फ़ाइनल। 23 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, सेमी-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60kg, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 80kg, शुरुआती राउंड। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल 500m; पुरुषों का कयाक डबल 500m; पुरुषों का कयाक फोर 500m; पुरुषों का कैनो डबल 500m; महिलाओं का कैनो सिंगल 200m; महिलाओं का कैनो डबल 500m; महिलाओं का कयाक डबल 500m; महिलाओं का कयाक फोर 500m; मिक्स्ड कयाक डबल 500m; मिक्स्ड कैनो डबल 500m। क्रिकेट: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, जंपिंग और मेडल मुक़ाबले। ई-स्पोर्ट्स: ई-फ़ुटबॉल। फेंसिंग: महिलाओं का फ़ॉइल व्यक्तिगत; पुरुषों का सेबर व्यक्तिगत। हॉकी: थाईलैंड बनाम भारत, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: बांग्लादेश बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; ईरान बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। रोइंग: पुरुषों का सिंगल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का डबल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का पेयर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का फोर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का फोर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। शूटिंग: महिलाओं का 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत, फ़ाइनल; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। तैराकी: पुरुषों का 100m बटरफ़्लाई; पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। वेटलिफ़्टिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, ऋषिकंत सिंह; महिलाओं का 49 किग्रा, मीराबाई चानू; महिलाओं का 53 किग्रा, ज्ञानेश्वरी यादव; महिलाओं का 61 किग्रा, सेरम निरुपमा देवी; महिलाओं का 69 किग्रा, हरजिंदर कौर। वुशु: पुरुषों का सांडा 56 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का सांडा 75 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 52 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 60 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। 24 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का वॉल्ट, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। एथलेटिक्स: महिलाओं का हेप्टाथलॉन, 100 मीटर हर्डल्स; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, हाई जंप; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, शॉट पुट; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, 200 मीटर; पुरुषों की ट्रिपल जंप, क्वालिफ़ाइंग राउंड; पुरुषों की हाई जंप, क्वालिफ़ाइंग राउंड; पुरुषों की 100 मीटर दौड़, राउंड 1; मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले, हीट्स; महिलाओं की ट्रिपल जंप, फ़ाइनल; मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल; महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 51 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 65 किग्रा, शुरुआती राउंड। फ़ेंसिंग: महिलाओं का सेबर इंडिविजुअल। हॉकी: कोरिया बनाम भारत, पुरुषों का पूल A। कबड्डी: चीनी ताइपे बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; जापान बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। रोइंग: पुरुषों का क्वाड्रपल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); लाइटवेट पुरुषों का डबल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। शूटिंग: पुरुषों का 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल और टीम, क्वालिफ़िकेशन; पुरुषों का 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल, फ़ाइनल; पुरुषों का 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन, एलिमिनेशन; स्कीट मिक्स्ड टीम, क्वालिफ़िकेशन और मेडल राउंड। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। तैराकी: पुरुषों का 50 मीटर बटरफ़्लाई; पुरुषों का 800 मीटर फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 4x100 मीटर फ़्रीस्टाइल रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल; पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वुशु: पुरुषों का सांडा 56 किग्रा, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का सांडा 75 किग्रा, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 52 किग्रा, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर; महिलाओं का सांडा 60 किग्रा, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। 25 सितंबर एथलेटिक्स: महिलाओं की हेप्टाथलॉन, लंबी कूद; महिलाओं की हेप्टाथलॉन, भाला फेंक; महिलाओं की हेप्टाथलॉन, 800 मीटर; महिलाओं की 400 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों की 100 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की शॉट पुट, फ़ाइनल; महिलाओं की पोल वॉल्ट, फ़ाइनल; पुरुषों की 100 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 10,000 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की हैमर थ्रो, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का +90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54 किग्रा, शुरुआती राउंड। फ़ेंसिंग: पुरुषों की फ़ॉइल टीम; महिलाओं की एपी (pe) टीम। हॉकी: जापान बनाम भारत, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर; महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। सेपकटकराव: पुरुषों की टीम रेगु, शुरुआती और मेडल राउंड। शूटिंग: 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम, क्वालिफ़िकेशन और मेडल राउंड; पुरुषों की 50 मीटर राइफ़ल 3 पोज़िशन व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; पुरुषों की 50 मीटर राइफ़ल 3 पोज़िशन व्यक्तिगत, फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। सर्फ़िंग: महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 1; पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 1; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 2। तैराकी: पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक; पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक; पुरुषों की 400 मीटर फ़्रीस्टाइल; पुरुषों की 200 मीटर बटरफ़्लाई। टेबल टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुष डबल्स, शुरुआती राउंड; महिला डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल। 26 सितंबर तीरंदाजी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: पुरुषों की मैराथन, फ़ाइनल; पुरुषों की डेकाथलॉन, 100 मीटर; पुरुषों की डेकाथलॉन, लंबी कूद; पुरुषों की डेकाथलॉन, शॉट पुट; पुरुषों की डेकाथलॉन, ऊंची कूद; पुरुषों की डेकाथलॉन, 400 मीटर; पुरुषों की जैवलिन थ्रो, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 200 मीटर, राउंड 1; महिलाओं की 200 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों की 200 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 200 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की लंबी कूद, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की 1500 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की शॉट पुट, फ़ाइनल; पुरुषों की ट्रिपल जंप, फ़ाइनल; महिलाओं की 400 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 400 मीटर, फ़ाइनल; महिलाओं की 1500 मीटर, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल 500 मीटर; पुरुषों का कयाक डबल 500 मीटर; पुरुषों का कयाक फोर 500 मीटर; पुरुषों का कैनो डबल 500 मीटर; महिलाओं का कैनो सिंगल 200 मीटर; महिलाओं का कैनो डबल 500 मीटर; महिलाओं का कयाक डबल 500 मीटर; महिलाओं का कयाक फोर 500 मीटर; मिक्स्ड कयाक डबल 500 मीटर; मिक्स्ड कैनो डबल 500 मीटर। घुड़सवारी: ड्रेसेज व्यक्तिगत, क्वालिफिकेशन। फेंसिंग: महिलाओं की फ़ॉइल टीम; पुरुषों की सेबर टीम। हॉकी: जापान बनाम भारत, पुरुषों का पूल A। शूटिंग: महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन (व्यक्तिगत और टीम), क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन (व्यक्तिगत), फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 2; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 3। टेबल टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल। 27 सितंबर तीरंदाजी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट। एथलेटिक्स: महिलाओं की मैराथन रेस वॉक, फ़ाइनल; पुरुषों की डेकाथलॉन, 110 मीटर बाधा दौड़; पुरुषों की डेकाथलॉन, डिस्कस थ्रो; पुरुषों की डेकाथलॉन, पोल वॉल्ट; पुरुषों की डेकाथलॉन, जैवलिन थ्रो; पुरुषों की डेकाथलॉन, 1500 मीटर; महिलाओं की ऊंची कूद, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की लंबी कूद, क्वालिफाइंग राउंड; पुरुषों की 800 मीटर, राउंड 1; महिलाओं की 4x100 मीटर रिले, हीट्स; पुरुषों की ऊंची कूद, फ़ाइनल; महिलाओं की लंबी कूद, फ़ाइनल; महिलाओं की 200 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 200 मीटर, फ़ाइनल; महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; महिलाओं की जैवलिन थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 80 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का +90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 65 किग्रा, शुरुआती राउंड। घुड़सवारी: ड्रेसेज व्यक्तिगत, फ़ाइनल। फेंसिंग: महिलाओं की सेबर टीम। हॉकी: भारत बनाम सिंगापुर, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: महिलाओं का फ़ाइनल, क्वालिफिकेशन पर निर्भर; पुरुषों का फ़ाइनल, क्वालिफिकेशन पर निर्भर। कुराश: पुरुषों का -66 किग्रा; पुरुषों का +90 किग्रा; महिलाओं का -57 किग्रा; महिलाओं का -78 किग्रा। सेपकटकराव: महिलाओं का डबल्स, शुरुआती और मेडल राउंड। शूटिंग: महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल, प्रिसिजन स्टेज; पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल; पुरुषों की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड; महिलाओं की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 3; पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, क्वार्टर-फ़ाइनल। टेबल टेनिस: पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 28 सितंबर आर्चरी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: महिलाओं की 800 मीटर दौड़, राउंड 1; मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले, हीट्स; पुरुषों की 4x400 मीटर रिले, हीट्स; महिलाओं का डिस्कस थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़, फ़ाइनल; पुरुषों की लंबी कूद, फ़ाइनल; पुरुषों की 1500 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों का जैवलिन थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 5000 मीटर दौड़, फ़ाइनल; महिलाओं की 4x100 मीटर रिले, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 51 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 75 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 55 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड। क्रिकेट: भारत बनाम ग्रुप A की रनर-अप टीम, पुरुषों का क्वार्टर-फ़ाइनल। हॉकी: भारत बनाम बांग्लादेश, पुरुषों का पूल A। शूटिंग: महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल, रैपिड स्टेज और फ़ाइनल; पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन। स्क्वैश: पुरुषों की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड; महिलाओं की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, सेमी-फ़ाइनल और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, सेमी-फ़ाइनल और मेडल मुक़ाबले। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 29 सितंबर आर्चरी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: पुरुषों का पोल वॉल्ट, फ़ाइनल; महिलाओं की हाई जंप, फ़ाइनल; महिलाओं का हैमर थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 800 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 800 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 5000 मीटर दौड़, फ़ाइनल; मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले, फ़ाइनल; महिलाओं की 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल; पुरुषों की 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 80 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का +90 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 54 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 65 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल। शूटिंग: पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। ट्रैक साइक्लिंग: पुरुषों का स्प्रिंट; पुरुषों का टीम स्प्रिंट; पुरुषों का कीरिन; पुरुषों का ओमनीयम; पुरुषों का मैडिसन; महिलाओं का स्प्रिंट; महिलाओं का टीम स्प्रिंट; महिलाओं का कीरिन; महिलाओं का टीम परस्यूट; महिलाओं का ओमनीयम; महिलाओं का मैडिसन। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 30 सितंबर आर्चरी: कंपाउंड इवेंट्स, मेडल राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55kg, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 70kg, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 90kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 51kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 60kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 75kg, सेमी-फ़ाइनल। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल स्लैलम; महिलाओं का कैनो सिंगल स्लैलम; पुरुषों का कयाक क्रॉस; महिलाओं का कयाक क्रॉस। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 1; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 1। हॉकी: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। जूडो: महिलाओं का -48kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। स्पोर्ट क्लाइंबिंग: पुरुषों का स्पीड 4, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का स्पीड 4, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। ट्रैक साइक्लिंग: पुरुषों का स्प्रिंट; पुरुषों का टीम स्प्रिंट; पुरुषों का कीरिन; पुरुषों का ओमनीयम; पुरुषों का मैडिसन; महिलाओं का स्प्रिंट; महिलाओं का टीम स्प्रिंट; महिलाओं का कीरिन; महिलाओं का टीम परस्यूट; महिलाओं का ओमनीयम; महिलाओं का मैडिसन। रेसलिंग: पुरुषों का ग्रीको-रोमन 67kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 87kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 68kg, शुरुआती और मेडल राउंड। 1 अक्टूबर बॉक्सिंग: कोई इवेंट लिस्टेड नहीं है। क्रिकेट: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 2; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 2। हॉकी: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। जूडो: महिलाओं का -57kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का -70kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का शुरुआती राउंड। शूटिंग: पुरुषों का 25m रैपिड फ़ायर पिस्टल, क्वालिफ़िकेशन स्टेज 2 और फ़ाइनल। स्पोर्ट क्लाइंबिंग: पुरुषों का स्पीड 4, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। ताइक्वांडो: महिलाओं का व्यक्तिगत पूमसे, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का क्वार्टर-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रेसलिंग: पुरुषों का ग्रीको-रोमन 60kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 77kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 97kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 62kg, शुरुआती और मेडल राउंड। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश 2 अक्टूबर आर्चरी: रिकर्व इवेंट्स, मेडल राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 60kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 70kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 80kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 90kg, फ़ाइनल; पुरुषों का +90kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 51kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 54kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 60kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 65kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 75kg, फ़ाइनल। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल स्लैलम; महिलाओं का कैनो सिंगल स्लैलम; पुरुषों का कयाक क्रॉस; महिलाओं का कयाक क्रॉस। ई-स्पोर्ट्स: लीग ऑफ़ लेजेंड्स। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 3; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 3। हॉकी: महिलाओं का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का शुरुआती राउंड। स्क्वैश: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रेसलिंग: पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 65kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 125kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 50kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 76kg, शुरुआती और मेडल राउंड। 3 अक्टूबर तीरंदाज़ी: रिकर्व इवेंट्स, मेडल राउंड। क्रिकेट: पुरुषों का ब्रॉन्ज़ मेडल मैच/फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम इवेंट, फ़ाइनल राउंड; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम इवेंट, फ़ाइनल राउंड। हॉकी: पुरुषों का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल, क्लासिफ़िकेशन और मेडल मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। ताइक्वांडो: महिलाओं का 57kg क्योरुगी, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का +67kg क्योरुगी, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। रेसलिंग: पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 57kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 74kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 97kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 53kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 57kg, शुरुआती और मेडल राउंड।
Asian Games 2026: फातिमा सना की कप्तानी पारी, थाईलैंड को हराकर पाकिस्तान ने कटाया सेमीफाइनल का टिकट
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने थाईलैंड को 3 विकेट से हराया। झमाझम बारिश के चलते गीली आउटफील्ड के कारण इस मैच को 11-11 ओवर का किया गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने 11 ओवर में 4 विकेट खोकर 91 रन स्कोरोबोर्ड पर लगाए। टीम की तरफ से नानापत कोंचारोएनकाई ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 49 रनों की दमदार पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके लगाए। वहीं, फन्निता माया ने 16 गेंदों में 15 रन बनाए, जबकि कप्तान नारुएमोल चाईवाई ने 3 गेंदों में 10 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान फातिमा सना का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 3 ओवर के स्पेल में 22 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि नशरा संधू ने एक विकेट अपने नाम किया। झमाझम बारिश के चलते गीली आउटफील्ड के कारण इस मैच को 11-11 ओवर का किया गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने 11 ओवर में 4 विकेट खोकर 91 रन स्कोरोबोर्ड पर लगाए। टीम की तरफ से नानापत कोंचारोएनकाई ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 49 रनों की दमदार पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके लगाए। Also Read: LIVE Cricket Score हालांकि, इसके बाद गेंद कप्तान फातिमा सना ने मोर्चा संभाला और उन्होंने 13 गेंदों में 21 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए पाकिस्तान को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। फातिमा ने अपनी इस पारी में 3 चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने इमान फातिमा के साथ मिलकर 13 गेंदों में 26 रन जोड़े। थाईलैंड की ओर से गेंदबाजी में ओननिचा कमचोमफु ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए, जबकि सुनीदा चतुरोंगरत्तना ने 2 विकेट निकाले। Article Source: IANS
Asian Games: बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में, बारिश की वजह से रद्द हुआ था क्वार्टर फाइनल
बांग्लादेश ने एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। गुरुवार को बांग्लादेश का चीन के साथ कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में क्वार्टर फाइनल मुकाबला होना था, जो बारिश की वजह से बिना कोई गेंद फेंके रद्द हो गया। इसके बाद आईसीसी में बेहतर रैंक के आधार पर बांग्लादेश को सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया। बांग्लादेश और चीन के बीच होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला गीले आउटफील्ड के कारण बिना एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया। मैच के लिए टॉस भी नहीं हो सका था। बारिश जल्दी रुकने के बावजूद, कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क के आउटफील्ड पर लगातार नमी के कारण कोई खेल नहीं हो सका। अधिकारियों ने आउटफील्ड को जांच के दौरान मैच के लिए तैयार नहीं माना। कोई नतीजा नहीं निकलने पर, बांग्लादेश टूर्नामेंट के नियमों में अपनी ऊंची रैंक की वजह से अंतिम चार में पहुंच गया। बांग्लादेश की टीम आईसीसी टी20 महिला रैंकिंग में 10वें स्थान पर है, जबकि चीन 36वें स्थान पर है। बांग्लादेश अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में गत चैंपियन भारत और मेजबान जापान के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। भारत, जिसने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में विमेंस क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ सीधे नॉकआउट स्टेज में पहुंच गया है। मेजबान जापान को भी क्वार्टर फाइनल में सीझे एंट्री मिली है। मलेशिया, थाईलैंड और चीन ने क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिए आखिरी आठ में अपनी जगह पक्की की। बांग्लादेश अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में गत चैंपियन भारत और मेजबान जापान के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। Also Read: LIVE Cricket Score क्रिकेट चौथी बार एशियन गेम्स का हिस्सा है। इससे पहले यह ग्वांगझू 2010, इंचियोन 2014 और हांगझोऊ 2023 में क्रिकेट शामिल था। भारत ने हांगझोऊ में पुरुष और महिला दोनों वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। Article Source: IANS
Bhavani Devi की अगुवाई में 20 सदस्यीय Fencing टीम Asian Games के लिए रवाना
ओलंपियन सी ए भवानी देवी की अगुवाई में भारत का 20 सदस्यीय तलवारबाजी दल एशियाई खेलों के लिये जापान रवाना हो गया जिसमें चोटिल प्राची लोहान की जगह एपी स्पर्धा में अनुप्रिया को मंजूरी मिलने पर उतारा जायेगा। भारतीय दल में 20 खिलाड़ी, पांच कोच और एक फिजियो है जो बुधवार को रवाना हुए। भारतीय साबरे टीम में भवानी देवी, श्रेया गुप्ता, जेफरलिन जेएस और श्रुति जोशी हैं जबकि महिला एपी टीम में तनिष्का खत्री, मितवा चौधरी, यशकीरत कौर और अनुप्रिया के नाम हैं। महिला फॉइल में जॉयस अशिता, एन मीना देवी, कनुप्रिया चावला और सोनिया देवी वाइकोम उतरेंगी। पुरूषों के वर्ग में करण सिंह, के पी गिशोनिधि, लक्ष्य बाडसर और विशाल थापर साबरे टीम में हैं। वहीं सचिन, सनासन हेमाश सिंह, आदित्य और तेजस पाटिल फॉइल टीम में शामिल हैं। अनुप्रिया को भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर एपी तलवारबाज प्राची लोहान की जगह खेलने का मौका मिलेगा। कोचिंग स्टाफ में विजय कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, मोहित अश्विनी , सागर लागू और तुकाराम मेहत्रा हैं जबकि निकिता पांडे फिजियो होंगी। भरतजी ठाकोर टीम लीडर हें जबकि देवेंद्र कुमार साहू और ओके विनीश प्रतिनिधि दल में हैं।
Harbinder Singh ने ताजा की 1966 Asian Games हॉकी स्वर्ण पदक की ऐतिहासिक यादें
(मोना पार्थसारथी)नयी दिल्ली, 17 सितंबर एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीम को पहला स्वर्ण पदक जीते छह दशक बीत गए लेकिन टीम के धुरंधर सेंटर फॉरवर्ड हरबिंदर सिंह के जेहन में आज भी उसकी यादें ताजा है और वह गाना आज तक नहीं भूले जो टीम बस में हमेशा बजता था। भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने बैंकॉक में 1966 एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक जीता था। इसके 32 साल बाद 1998 में बैंकॉक में ही धनराज पिल्लै की कप्तानी में भारत ने दूसरी बार स्वर्ण जीता। इंचियोन में 2014 के बाद हांगझोउ एशियाई खेलों में 2022 में भारतीय टीम ने स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया। तोक्यो ओलंपिक 1964 चैम्पियन भारतीय टीम के लिये पांच गोल करने वाले हरबिंदर ने को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ हमने दो साल पहले ही तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीता था और लिहाजा जोश काफी हाई था क्योंकि तोक्यो ओलंपिक के ही अधिकांश खिलाड़ी इस टीम में थे। हमने ठान लिया था कि एशियाई खेलों में भी पहला स्वर्ण जीतकर मानेंगे।’’तीन बार के ओलंपिक पदक विजेता 83 बरस के इस दिग्गज ने कहा ,‘‘शंकर लक्ष्मण की कप्तानी वाली हमारी टीम फाइनल में पहुंची थी और मुकाबला दो बार की चैम्पियन पाकिस्तान से था। मैच की शुरूआत रफ हुई थी और पहले पांच मिनट में ही पाकिस्तानी खिलाड़ी की स्टिक लगने से हमारे राइट विंग रेलवे के बलबीर सिंह चोटिल हो गए और उन्हें स्ट्रेचर पर बाहर जाना पड़ा।’’उन्होंने कहा ,‘‘ उस समय सब्स्टीट्यूशन का नियम नहीं था और लगभग पूरा मैच हमें दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। पाकिस्तान की टीम काफी मजबूत थी और पूरे 70 मिनट गोलरहित रहा। अतिरिक्त समय में साढे सात मिनट के पहले हाफ में गोल नहीं हुआ।’’पद्मश्री से नवाजे जा चुके हरबिंदर ने कहा ,‘‘दूसरा हाफ खत्म होने में पांच मिनट बचे थे और चोटिल बलबीर घुटने में पट्टी बांधकर साइडलाइन में खड़े थे। बाकी खिलाड़ी उनसे कहने लगे कि एक पैर से खेल ले , बाहर क्यो खड़ा है। अंपायर से पूछकर वह मैदान में आये और किस्मत देखिये कि मैच में एकमात्र गोल हुआ जो उसने ही किया।’’उस समय टीम में रेलवे के बलबीर के अलावा दो और बलबीर सिंह पंजाब और सेना से थे। पुरानी यादें ताजा करते हुए इस वयोवृद्ध खिलाड़ी ने कहा ,‘‘ जब भी हम मैच खेलने जाते थे तो शंकर लक्ष्मण टीम बस में ‘वतन की राह में वतन के नौजवान शहीद हो’ बजवाते थे और सभी खिलाड़ी साथ में गाते थे। इससे अपने आप जोश आ जाता था। आज भी मैं यह गाना सुनता हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं।’’उन्होंने बताया कि हॉकी अमेच्योर खेल होने के कारण स्वर्ण पदक जीतने पर कोई ईनाम ले नहीं सकते थे लेकिन दिल्ली, अमृतसर और जालंधर में विजय जुलूस निकला। उन्होंने कहा ,‘‘उस समय हॉकी का ही जलवा था , क्रिकेट उतना नहीं था।’’उन्होंने बताया कि पहले आज की तरह टीम के स्थायी शिविर नहीं लगते थे बल्कि टूर्नामेंट से पहले ही शिविर लगाया जाता था और काफी कठिन परिस्थितियां रहती थी। जूनियर और सीनियर एथलेटिक्स सौ और 200 मीटर दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीत चुके रफ्तार के जादूगर रहे हरबिंदर ने कहा ,‘‘ उस समय जालंधर में शिविर लगता था। फेडरेशन शिविर का खर्च उठाती थी , उस समय सरकार से पैसा नहीं मिलता था। जून , जुलाई , अगस्त की गर्मी में शिविर होता था , एसी कूलर नहीं होते थे और मच्छरों की भरमार थी। काफी कठिन रहता था लेकिन डाइट शानदार होती थी , एकदम देसी पंजाबी खाना।’’उनका मानना है कि हॉकी में आये बदलावों ने खेल की कलात्मकता खत्म कर दी है जबकि एक समय पर दर्शक खेल देखने के लिये सीट पर खड़े हो जाते थे। उन्होंने कहा ,‘‘ उस समय आफसाइड , स्टिक , आब्स्ट्रक्शन के नियम थे तो काफी संभलकर खेलना पड़ता था। अंपायरों पर गेम काफी निर्भर करता था क्योंकि तकनीक नहीं थी। आज की हॉकी देखने में वह मजा नहीं है क्योंकि वह कलात्मकता नहीं रह गई और कई बार तीन टच में गोल हो जाते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ पहले पास, रिटर्न पास, ड्रिबलिंग देखने दर्शक सीट पर खड़े हो जाते थे। कई बार मैने खुद पाकिस्तान, इंग्लैंड, हालैंड, जर्मनी जैसी दिग्गज टीमों के खिलाफ सेंटर लाइन से गेंद लेकर पूरी डिफेंस को चकमा देकर गोल किये हैं।’’हैदराबाद में राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में खाली पड़े स्टेडियमों को देखकर दुखी हरबिंदर ने कहा कि हॉकी के मैदान पर दर्शको को लौटाने के लिये अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को घरेलू हॉकी खेलनी चाहिये। उन्होंने कहा ,‘‘हम सभी अपने विभाग से हॉकी खेलते थे चाहे गोल्ड कप हो, बेटन कप या ओबेदुल्लाह कप। भारतीय खिलाड़ियों को देखने खूब दर्शक आते थे लेकिन आजकल अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी घरेलू हॉकी खेलते ही नहीं है अगर स्टार खिलाड़ी नहीं खेलेंगे तो खेल की लोकप्रियता कैसे बढेगी।’’हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम को जापान में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण का प्रबल दावेदार बताते हुए उन्होंने कहा ,‘‘एशियाई खेलों में भी अब प्रतिस्पर्धा नहीं रह गई है। भारतीय टीम को फिर स्वर्ण पदक जीतना ही चाहिये क्योंकि जापान, मलेशिया, पाकिस्तान की हॉकी का वह स्तर नहीं रह गया है।’’उन्होंने हालांकि कहा,‘‘ लेकिन जापान एक बार अप्रत्याशित रूप से स्वर्ण जीत चुका है (2018, जकार्ता) और भारत को किसी टीम को हलके में नहीं लेना चाहिये। विश्व कप की नाकामी को भुलाकर नयी शुरूआत करनी होगी।
ग्वालियर की एक नई पहचान अंचल की उपजाऊ मिट्टी में पैदा होने वाला सुगंधित बासमती चावल बन चुका है।
Asian Games: बांग्लादेश और चीन महिला क्रिकेट टीम के बीच होने वाला मैच रद्द
एशियन गेम्स 2026 के तहत महिला क्रिकेट में बांग्लादेश और चाइना के बीच होने वाला मुकाबला रद्द कर दिया गया है। दोनों ही टीमों को 1-1 अंक दिए गए हैं। बांग्लादेश और चाइना महिला क्रिकेट टीम के बीच गुरुवार को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मुकाबला होना था। इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर एशिया के क्रिकेट फैंस की नजर थी। बारिश के कारण आउआउट गिला होने की वजह से मैच के लिए टॉस भी नहीं हो सका और इसे रद्द कर दिया गया। अंपायरों ने आउटफिल्ड ठीक होने का इंतजार किया। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी जब मैच के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हुईं, तो मैच रद्द कर दिया गया और दोनों ही टीमों के बीच 1-1 अंक बांट दिया गया। मैच रद्द होने का नुकसान कहीं न कहीं बांग्लादेश को हुआ है। बांग्लादेश की टीम तुलनात्मक रूप से चीन की टीम से मजबूत है। मैच होने की स्थिति में बांग्लादेश की जीत की संभावना ज्यादा थी। ऐसे में मैच का न होना और चाइना की टीम के साथ 1 अंक साझा करना बांग्लादेश के लिए नुकसानदायक है। बांग्लादेश महिला टीम: दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, सोभाना मोस्टरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर), शोरना अख्तर, शर्मिन अख्तर, फहीमा खातून, राबेया खान, नाहिदा अख्तर, सुल्ताना खातून, मारूफा अख्तर, सरमिन सुल्ताना, संजीदा अख्तर मेघला, फरिहा त्रिसना। मैच रद्द होने का नुकसान कहीं न कहीं बांग्लादेश को हुआ है। बांग्लादेश की टीम तुलनात्मक रूप से चीन की टीम से मजबूत है। मैच होने की स्थिति में बांग्लादेश की जीत की संभावना ज्यादा थी। ऐसे में मैच का न होना और चाइना की टीम के साथ 1 अंक साझा करना बांग्लादेश के लिए नुकसानदायक है। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का दूसरा क्वार्टर फाइनल पाकिस्तान और थाइलैंड के बीच होना है। यह मुकाबला भी कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही होना है। इसलिए इस मुकाबला पर भी संशय है। मुकाबला होने की स्थिति में पाकिस्तान के पास जीत का अवसर है। Article Source: IANS
एशियाई खेलों में राजस्थान के सितारे, पदकों की उम्मीदें परवान पर
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में राजस्थान के कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। निशानेबाजी, एथलेटिक्स, रोइंग और क्रिकेट में प्रदेश के खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं। इनमें जयपुर के आकाश भारद्वाज, जोधपुर के रवि बिश्नोई, यशवीर सिंह, अनंतजीत सिंह नरूका, माहेश्वरी चौहान, बाबूलाल यादव, जाकर खान और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार प्रमुख हैं। भाला फेंक में यशवीर सिंह को बड़ा मौका मिला है। चोटिल नीरज चोपड़ा के बाहर होने के बाद यशवीर को भारतीय एथलेटिक्स दल में शामिल किया गया। ग्लासगो में उन्होंने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब एशियाई खेलों में उनका लक्ष्य इस प्रदर्शन को पदक में बदलना होगा। शूटिंग में अनंतजीत सिंह नरूका और माहेश्वरी चौहान पर नजर रहेगी। नरूका एशियाई चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एशियाई खेलों में रजत व कांस्य पदक भी उनके नाम हैं। वहीं माहेश्वरी पेरिस ओलंपिक में पदक से मामूली अंतर से चूकने के बाद अब अपने अनुभव को एशियाई खेलों में इस्तेमाल करना चाहती हैं। जयपुर के आकाश भारद्वाज की कहानी भी खास है। 21 वर्ष की उम्र में पिस्टल थामने वाले आकाश ने आर्थिक चुनौतियों, लंबी यात्राओं और स्व-अभ्यास के बावजूद भारतीय टीम में जगह बनाई।
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Agra News: राष्ट्रीय तैराकी में आगरा के सितारे चमके, दो पदक और पांच को एशियाई टिकट
ताजनगरी के तैराकों ने राष्ट्रीय पूल में अपनी रफ्तार का दम दिखाते हुए दो पदकों के साथ एशियाई मंच का टिकट भी हासिल कर लिया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया है। चंडीगढ़ निवासी ताइक्वांडो खिलाड़ी ने एशियाई खेलों में नाम भेजने का विश्वास दिलाकर पलटने का आरोप लगाया है।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

