नोएडा के ओखला पक्षी अभयारण्य में दुर्लभ सफेद सारस (White Stork) दिखाई देने से दिल्ली-एनसीआर के पक्षी प्रेमियों में उत्साह है। 1 नवंबर को पहली बार नजर आए इस प्रवासी पक्षी को लगातार तीन दिनों तक देखा गया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मध्य एशिया की दुर्लभ एशियाटिका उप-प्रजाति हो सकती है। The post ओखला पक्षी अभयारण्य में सफेद सारस (वाइट स्टॉर्क) की दुर्लभ मध्य एशियाई उप-प्रजाति नजर आई, एनसीआर के पक्षी प्रेमियों में उत्साह appeared first on Rashtriya Ujala .
रानी बाग चिड़ियाघर में जल्द दिखेंगे एशियाई शेर, BMC महापौर ने गुजरात CM से की मुलाकात
मुंबई महानगरपालिका रानी बाग चिड़ियाघर के लिए जूनागढ़ से एशियाई शेरों की जोड़ी लाने के प्रयास तेज कर रही है।
Kospi-Nikkei में आई 4% तक की गिरावट, अमेरिका में डेमोक्रेट की जीत से एशियाई बाजारों में कोहराम
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बढ़त ने आज 4 नवंबर को एशियाई शेयर बाजारों में कोहराम मचा दिया। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स का दबदबा बढ़ने से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंपनियों पर नियामकीय सख्ती बढ़ सकती है। इसका असर एशिया की उन टेक्नोलॉजी कंपनियों पर पड़ सकता है, जिनका बिजनेस अमेरिकी एआई निवेश और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़ा है।इस डर में एशियाई बाजारों में सबसे तेज जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) फिसला, जो करीब 4.5% कमजोर हुआ तो टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स करीब 2% नीचे आया। इसके अलावा दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी शुरुआती बढ़त गंवाते हुए करीब 4% तक तो ताइवान का शेयर बाजार लगभग 3% गिर गया। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में भी 2.3% तक की गिरावट आई। हालांकि चीन के सीएसआई 300 और हॉन्ग कॉन्ग के हैंग सेंग इंडेक्स में हल्की गिरावट आई।Chip Stock में सबसे अधिक बिकवालीजापान में एआई और चिप इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव दिखाष कियोक्सिया होल्डिंग्स (Kioxia Holdings) के शेयर 11% से अधिक और एडवांटेस्ट (Advantest) के शेयर करीब 8% टूट गए। टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) में भी लगभग 6% की गिरावट आई।दक्षिण कोरिया में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयर करीब 2% और एसके हीनिक्स (SK Hynix) के शेयर 3% से अधिक नीचे आ गए। ये दोनों कंपनियां वैश्विक मेमोरी चिप और AI इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन के लिए काफी अहम हैं।हॉन्ग कॉन्ग में हैंग सेंग टेक इंडेक्स 1% से कमजोर हुआ। अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग और शाओमी कॉर्प 2-2% से अधिक टूट गया।क्या है इस कोहराम की वजहनिवेशकों की चिंता ये है कि डेमोक्रेट्स को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में बढ़त मिलने पर एआई कंपनियों की निगरानी बढ़ सकती है। पहले से ही दिक्कतों से जूझ एशियाई बाजारों में अब यह चिंता भी बढ़ रही है कि एआई से जुड़ी कंपनियों में जो अरबों डॉलर लगाए जा रहे हैं, क्या उनसे पर्याप्त रिटर्न मिल पाएगा।पेपरस्टोन ग्रुप लिमिटेड के स्ट्रैटेजिस्ट डिलिन वू का कहना है कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण मजबूत होने की संभावना पर एशियाई बाजारों में अनिश्चितता बढ़ रही है। चुनाव के नतीजों का असर AI रेगुलेशन, चिप निर्यात पर प्रतिबंध और डेटा सेंटर की ऊर्जा नीतियों पर पड़ सकता है।iM सिक्योरिटीज की एनालिस्ट यांग ह्यून-क्यूंग ने डाउ जोन्स से कहा कि एशिया की एआई इंफ्रा कंपनियां काफी हद तक अमेरिका से आने वाले एआई निवेश पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि अगर कांग्रेस के दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण हो जाता है, तो एआई के कड़ी निगरानी की मांग बढ़ सकती है, जिससे डेटा सेंटर के विस्तार की टाइमलाइन को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन सकती है।लोम्बार्ड ओडियर के सीनियर मैक्रो स्ट्रैटेजिस्ट होमिन ली का कहना है कि अगर डेमोक्रेट्स बड़ी जीत हासिल करते हैं, तो ट्रम्प के कार्यकाल के बचे हुए समय में राजनीतिक गतिरोध बढ़ सकता है, जिससे निवेशकों को अपनी रणनीतियों में तेजी से बदलाव करना पड़ सकता है।यूजीन इन्वेस्टमेंट एंड सिक्योरिटीज के एनालिस्ट Huh Jae-Hwan का कहना है कि ओहियो और टेक्सास के चुनाव नतीजे काफी अहम हैं, क्योंकि एआई डेटा सेंटर निवेश के केंद्र के रूप में इन राज्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अगर टेक्सास में नए नियम लागू होते हैं, तो सबसे पहले एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर असर पड़ेगा, जिसकी आंच शेयर मार्केट में महसूस हुई।US Midterm Elections : डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत, औंधे मुंह गिरे एलन मस्क के टेस्ला और स्पेसएक्स के शेयरडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Women's Asian Champions Trophy: भोपाल में 19 नवंबर को मलेशिया से भिड़ेगी भारतीय टीम
नयी दिल्ली, चार नवंबर भारतीय महिला हॉकी टीम एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) में लगातार तीसरा और कुल मिलाकर चौथा खिताब जीतने की कवायद में 19 नवंबर से भोपाल में शुरू होने वाले छह देशों के टूर्नामेंट में मलेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। यह टूर्नामेंट भोपाल के नाथू बरखेड़ा स्थित अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर में बने नए हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। इसमें भारत, जापान, चीन, मलेशिया, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया की टीमें भाग लेंगी। पिछले महीने जापान में एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का यह पहला टूर्नामेंट होगा। भारतीय टीम ने 2016, 2023 और 2024 में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था। टूर्नामेंट राउंड-रॉबिन प्रारूप में खेला जाएगा, जिसमें प्रत्येक टीम अन्य पांच टीमों से एक बार भिड़ेंगी। लीग चरण के अंत में शीर्ष पर रहने वाली चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। एशिया की शीर्ष रैंकिंग वाली टीम चीन 19 नवंबर को थाईलैंड के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। भारत इसी दिन मलेशिया का सामना करेगा। भारतीय टीम इसके बाद 21 नवंबर को दक्षिण कोरिया, 22 नवंबर को थाईलैंड, 24 नवंबर को चीन और 25 नवंबर को जापान का सामना करेगी। पांचवें और छठे स्थान के लिए होने वाला क्वालिफिकेशन मैच तथा दोनों सेमीफाइनल मैच 27 नवंबर को होंगे। फाइनल और तीसरे स्थान का मैच 28 नवंबर को खेले जाएंगे। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि भोपाल एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। मुझे उम्मीद है कि भारतीय टीम एशियाई खेलों की अपनी सफलता काे आगे बढ़ाते हुए अपने खिताब का बचाव करने में सफल रहेगी।’’
अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से एशियाई बाजारों में गिरावट आई है, खासकर टेक्नोलॉजी शेयरों में। एमके रिसर्च ने तीन परिदृश्यों में भारतीय इक्विटी बाजार पर इसके संभावित प्रभावों का विश्लेषण किया है।
Share Market Today: एशियाई बाजारों में गिरावट के बावजूद सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी, बैंकिंग और FMCG शेयरों में खरीदारी
एशियाई रैंकिंग में फिसला डीयू: 95वें स्थान से खिसककर 106वें पायदान पर पहुंचा, कैंपस में मायूसी
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में दिल्ली विश्वविद्यालय शीर्ष 100 से बाहर होकर 106वें स्थान पर आ गया है। अकादमिक प्रतिष्ठा, रोजगार देने वाली कंपनियों के बीच पहचान और अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव में गिरावट इसकी मुख्य वजहें हैं।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच Asian Cup 2027 टला, अब 23 दिसंबर से Saudi Arabia में होगा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने टूर्नामेंट को टालने का फैसला किया है। पहले यह प्रतियोगिता 7 जनवरी से 5 फरवरी 2027 तक सऊदी अरब में आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसका आयोजन 23 दिसंबर 2027 से 21 जनवरी 2028 तक किया जाएगा। इस फैसले के पीछे क्षेत्र में बिगड़ते हालात, यात्रा में आ रही परेशानियां और आयोजन से जुड़ी कई व्यावहारिक चुनौतियां बताई गई हैं। एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन से जुड़ी समिति ने मौजूदा असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए तारीखों में बदलाव को मंजूरी दी है। परिसंघ के मुताबिक, क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम के कारण सुरक्षा के साथ-साथ यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं। ऐसे में सभी भाग लेने वाली टीमों, खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और आयोजन से जुड़े दूसरे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। टूर्नामेंट की नई तारीखों को अंतिम मंजूरी के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ यानी फीफा के सामने रखा जाएगा। गौरतलब है कि पिछले महीने एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान ने कहा था कि टूर्नामेंट की तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। उस समय पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद आयोजन को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद हालात लगातार गंभीर होते चले गए। मौजूद जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 11 दिनों के दौरान कम से कम 20 हमले होने की खबर सामने आई थी। इन हमलों में 17 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। ऐसे हालात में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। इस बीच, 2015 की एशियाई कप विजेता ऑस्ट्रेलिया ने पिछले सप्ताह साफ किया था कि वह क्षेत्र में होने वाले अपने मैत्री मुकाबलों में हिस्सा लेने के लिए तैयार है। ऑस्ट्रेलिया को 11 नवंबर को दोहा में कतर और इसके 6 दिन बाद अम्मान में जॉर्डन के खिलाफ खेलना है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने यह भी कहा था कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में तनाव का असर क्लब फुटबॉल पर भी देखने को मिला है। सोमवार को सऊदी अरब के बड़े क्लब अल नासर ने उज्बेकिस्तान के पाक्ताकोर को 6-2 से हराया, लेकिन इस मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं खेले। क्लब की ओर से बताया गया कि उन्हें आराम दिया गया था। इससे एक सप्ताह पहले अल नासर का अल वस्ल के खिलाफ एशियाई चैंपियंस लीग का मुकाबला भी टालना पड़ा था, क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात की टीम ने सुरक्षा कारणों से रियाद जाने से इनकार कर दिया था। बता दें कि सऊदी अरब पहली बार एशियाई कप की मेजबानी कर रहा है। रियाद में होने वाले 51 मुकाबलों में से 30 मैच खेले जाने हैं। प्रतियोगिता के 8 मैदानों में से 5 रियाद में हैं और फाइनल किंग फहद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में होना तय है। सऊदी अरब को 2034 के फीफा विश्व कप की मेजबानी भी करनी है। ऐसे में एशियाई कप का सफल आयोजन उसके लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी तैयारियों और आयोजन क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। अब नई तारीखों के साथ टूर्नामेंट की तैयारियों को दोबारा व्यवस्थित करना होगा।
AFC Asian Cup 2027: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच बड़ा फैसला, एक साल के लिए टला एशियन कप, जानें नई तारीखें
Asian Champions Trophy: दक्षिण कोरिया से सेमीफाइनल भिड़ंत, Abhishek की फिटनेस बनी भारत की चिंता
(सौमोज्योति एस चौधरी)मोहाली, तीन नवंबर अभी तक बेहतरीन प्रदर्शन करके अजेय रही पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम शानदार फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर अभिषेक की चोट के बावजूद दक्षिण कोरिया के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। एशियाई खेलों के चैंपियन भारत ने सोमवार को जालंधर में खेले गए छह टीमों के टूर्नामेंट के अपने आखिरी राउंड-रॉबिन मैच में दक्षिण कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त दी थी और वह इसे दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होगा। भारत ने राउंड-रॉबिन चरण में बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2, जापान को 4-1 और दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था। लेकिन जापान के खिलाफ मैच से ठीक पहले अभिषेक के टखने में चोट लग गई जिससे भारतीय टीम प्रबंधन चिंतित होगा क्योंकि उन्होंने न केवल गोल किए हैं बल्कि अच्छे मौके भी बनाए हैं। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने भी स्वीकार किया कि अभिषेक ने अभी तक शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी पक्का पता नहीं है कि अभिषेक खेल पाएंगे या नहीं। वह चोटिल हैं और वह वापसी करेंगे या नहीं इसके लिए हमें इंतजार करना होगा लेकिन समय बहुत कम है।’’अभिषेक की अनुपस्थिति में अनुभवी स्ट्राइकर मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा को अग्रिम पंक्ति में अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी। मनदीप सिंह ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले मैच में हैट्रिक लगाकर शानदार शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद वह अपनी इस लय को बरकरार नहीं रख पाए।यदि अभिषेक नहीं खेल पाते हैं, तो आदित्य अर्जुन लालागे और अंगद बीर सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी संभालनी होगी। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह को हालांकि उम्मीद है कि अभिषेक इस मैच में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वह अच्छी स्थिति में है। हमने उसे दो मैचों के लिए आराम दिया था। मुझे उम्मीद है कि वह सेमीफाइनल में खेलने के लिए पूरी तरह से फिट होगा।’’उपकप्तान हार्दिक सिंह ने विवेक सागर प्रसाद और नीलकांत शर्मा के साथ मिलकर मध्य पंक्ति में अच्छी भूमिका निभाई है। नीलकांत का यह भारत की तरफ से अंतिम टूर्नामेंट है। हरमनप्रीत भी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अभी तक नौ गोल किए हैं। इनमें से उन्होंने आठ गोल पेनल्टी कॉर्नर से और एक पेनल्टी स्ट्रोक से किया है। हरमनप्रीत ने जुगराज सिंह और अमित रोहिदास के साथ मिलकर भारतीय रक्षापंक्ति में भी अच्छी भूमिका निभाई है। युवा फॉरवर्ड विष्णुकांत सिंह को भी टूर्नामेंट में जितने मौके मिले हैं उनमें वह खरे उतरे हैं। वह जरूरत पड़ने पर टीम के लिए मध्य पंक्ति में खेलने के लिए तैयार हैं। विष्णुकांत ने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से मौके का इंतजार कर रहा था। मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और जापान के खिलाफ गोल करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं मध्य पंक्ति में खेलने के लिए भी तैयार हूं।’’भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा और कृष्ण बहादुर पाठक को टूर्नामेंट में अभी तक खास चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर विरोधी टीम आक्रामक रवैया अपनाती है तो वह उससे कैसे निपटते हैं। पहला सेमीफाइनल जापान और एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय टीम:गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक। डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, नीलकांत शर्मा, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, अंगद बीर सिंह। फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, विष्णुकांत सिंह। मैच का समय:पहला सेमीफ़ाइनल: जापान बनाम मलेशिया, शाम 4:30 बजेदूसरा सेमीफाइनल: भारत बनाम दक्षिण कोरिया, शाम 7:00 बजे।
Asian Market Today: चिप और AI शेयरों में फिर तेज बिकवाली से ऊपरी स्तरों से अमेरिकी बाजार फिसले। नैस्डैक एक परसेंट से ज्यादा नीचे फिसला। S&P में भी दबाव दिखा। हालांकि डाओ जोंस बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहा। उधर एशियाई बाजारों की शुरुआत कमजोर रही। कॉस्पी भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे फिसला।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.5% नीचे आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 3.34% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ताइवान के TAIEX में 1.21% की गिरावट आई। 'कल्चर डे' के कारण जापानी बाजार बंद रहे, लेकिन हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.7% ऊपर रहा।भारत में, साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी से पहले GIFT निफ्टी ने बेंचमार्क सूचकांक के लिए सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह दोहराकर बाजार को एक और सहारा दिया कि वह आगामी बजट में इक्विटी टैक्सेशन (शेयरों पर लगने वाले कर) से जुड़े सभी विचारों पर गौर करेंगी।ट्रेडर्स इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या बाजार फिर से ऊपर चढ़ने की कोशिश करने से पहले, सोमवार के 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' में हासिल की गई लगभग 100 अंकों की बढ़त को गंवा देता है या नहीं। निफ्टी के लिए अब 23,500 के स्तर पर एक अहम रेजिस्टेंस (बाधा) है, जबकि 23,250 से 23,200 के बीच सपोर्ट मौजूद है।निवेशकों का ध्यान अब चीनी शेयरों की ओर भी जा रहा है। चीन के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह वित्तीय संस्थानों से 'स्टॉक-सपोर्ट टूल्स' (बाजार को सहारा देने वाले साधनों) का अधिक इस्तेमाल करने और उनकी शर्तों को बेहतर बनाने के लिए कहेगा, ताकि बाजार में स्थिरता लाई जा सके।जापानी येन 157.92 प्रति डॉलर के आसपास रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6468 के करीब बना रहा।यूएस मार्केट का हालटेक्नोलॉजी शेयरों ने बाजार का रुख तय किया। अमेरिकी चिप कंपनियों के शेयरों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई, जिससे कुल गिरावट 12% तक पहुंच गई। वहीं, नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) अपने उच्चतम स्तर से 10% गिर गया, जो इसे 'टेक्निकल करेक्शन' (तकनीकी सुधार) के दायरे में ले आया है।अमेरिकी बाजार में कारोबार के अंतिम घंटों के दौरान एप्पल (Apple) के शेयरों में गिरावट आई। कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जॉन टर्नस के नेतृत्व में अपनी पहली तिमाही रिपोर्ट जारी की, जिसमें मिला-जुला आउटलुक देखने को मिला। बिक्री के अच्छे अनुमानों पर, कम प्रॉफिट मार्जिन (मुनाफे का मार्जिन) का असर भारी पड़ गया।इस बीच, एंथ्रोपिक (Anthropic) ने बताया कि उसके तिमाही राजस्व में 12 गुना की उछाल आई है। कंपनी ने कहा कि वह आने वाले वर्षों में 895 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।अमेरिका में होने वाले 'मिडटर्म चुनाव' (मध्य-अवधि चुनाव) भी बाजार में एक अतिरिक्त सावधानी का माहौल पैदा कर रहे हैं। नेड डेविस रिसर्च की एक स्टडी में पाया गया है कि 1930 के बाद से, मिडटर्म चुनावों के बाद वाले साल में S&P 500 में औसतन 14% की बढ़त देखी गई है। लेकिन, अगर राष्ट्रपति की पार्टी 'हाउस' (संसद का निचला सदन) में हार जाती है, तो यह बढ़त केवल 8.8% रही है।मार्केट रिबेलियन के CEO और चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट, मार्क लोप्रेस्टी ने न्यूज़नेशन को बताया कि मिडटर्म चुनावों के बाद आमतौर पर बाज़ार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, क्योंकि निवेशकों को अनिश्चितता पसंद नहीं होती।इन अहम इवेंट्स पर बाजार की नजर टिकींइसके अलावा, ट्रेडर्स मंगलवार को US जॉब ओपनिंग के डेटा, गुरुवार को जॉबलेस क्लेम्स (बेरोजगारी भत्ते के दावे) और शुक्रवार को पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग द्वारा उद्धृत अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अक्टूबर में जॉब ग्रोथ दोगुनी से ज़्यादा होकर 65,000 तक पहुंच सकती है, जबकि बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने की उम्मीद है।क्रूड में दबावईरान में युद्ध खत्म करने की दिशा में राजनयिक प्रगति की उम्मीदों के बीच, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 7% से ज़्यादा की गिरावट आई। यह पिछले तीन महीनों की सबसे बड़ी गिरावट है, जिससे बाज़ार को काफी राहत मिली है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सर्वोच्च नेता ने उनकी सरकार को शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा अधिकार दिए हैं।US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, वे एक समझौता करना चाहते हैं, और ऐसा हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कीमतों में गिरावट इसलिए आई है क्योंकि ऐसा लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है।
Asian Champions Trophy के सेमीफाइनल में किससे भिड़ेगी भारत की टीम? शेड्यूल हो गया कन्फर्म
Asian Champions Trophy 2026 के सेमीफाइनल में भारतीय हॉकी टीम की टक्कर किससे होगी? इस बात की पुष्टि हो गई है। 4 नवंबर को भारत के सामने कोरिया की चुनौती सेमीफाइनल में होगी।
जालंधर, दो नवंबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने सोमवार को कहा कि फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर अभिषेक का बुधवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में खेलना संदिग्ध है। अभिषेक मलेशिया के खिलाफ रविवार को हुए मुकाबले से पहले अभ्यास के दौरान टखने में लगी चोट से अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपना विजय अभियान जारी रखा। भारतीय टीम अब बुधवार को मोहाली में सेमीफाइनल में एक बार फिर कोरिया का सामना करेगी। दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया और जापान की टीमें आमने-सामने होंगी। फुल्टोन ने कहा, ‘‘अभी हम कुछ निश्चित तौर पर नहीं कह सकते। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अभिषेक चोटिल हैं और हम देख रहे हैं कि क्या वह वापसी कर सकते हैं। हमें इंतजार करना होगा क्योंकि समय बहुत कम है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम उन्हें खिलाते हैं तो उनकी चोट और बढ़ सकती है। इसलिए अभी कुछ तय नहीं है। हम स्थिति पर नजर रखेंगे।’’दक्षिण अफ्रीका के इस कोच ने हालांकि सोमवार को अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हां, यह अच्छा प्रदर्शन था। हमने बेहतरीन हॉकी खेली और मुझे टीम का खेल देखकर अच्छा लगा। हमने अपनी शैली के मुताबिक हॉकी खेली और गेंद पर हमारा नियंत्रण अच्छा रहा।’’फुल्टोन ने कहा, ‘‘जब हम गेंद को तेजी से आगे बढ़ाते हैं और बेहतर तालमेल के साथ पास देते हैं तो विपक्षी टीम के लिए हमें रोकना मुश्किल हो जाता है। सात-आठ गोल करना बड़ी बात है और मैं इससे खुश हूं।’’उन्होंने सेमीफाइनल की चुनौती को लेकर कहा, ‘‘अब हमें नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। दबाव अलग होगा और परिस्थितियां भी अलग होंगी। दबाव विपक्षी टीम पर होना चाहिए। हमें अच्छी शुरुआत करनी होगी और यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।’’भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह हालांकि अभिषेक की सेमीफाइनल में वापसी को लेकर आशावान नजर आए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि वह वापसी कर लेंगे।’’हरमनप्रीत ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम के प्रदर्शन पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। जब आपको सही समय पर मौके मिलते हैं और आप उन्हें गोल में बदलते हैं तो यह निश्चित रूप से बड़ा फायदा होता है। हम हर मैच में मौके बना रहे हैं लेकिन कभी उन्हें गोल में बदल पाते हैं और कभी नहीं।’’
Asian Champions Trophy: भारत ने South Korea को 8-0 से हराया, सेमीफाइनल में फिर होगी भिड़ंत
... सौमोज्योति एस चौधरी ...जालंधर, दो नवंबर पांच बार की चैंपियन भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने सोमवार को एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में जीत का अभियान जारी रखते हुए राउंड रॉबिन चरण के अपने आखिरी और पांचवें मुकाबले में दक्षिण कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त दी। एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम ने पांच मैचों में पांच जीत के साथ पूरे 15 अंक हासिल कर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर कब्जा जमाया। जापान दूसरे, एशियाई खेलों का रजत पदक विजेता मलेशिया तीसरे और दक्षिण कोरिया चौथे स्थान पर रहा। भारत ने इससे पहले बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2, जापान को 4-1 और मलेशिया को 4-2 से हराया था। टूर्नामेंट का अंतिम चरण अब मोहाली में खेला जाएगा। बुधवार को होने वाले सेमीफाइनल में भारत का सामना एक बार फिर दक्षिण कोरिया से होगा, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया और जापान की टीमें आमने-सामने होंगी। कोरिया के खिलाफ भारत की ओर से दिलप्रीत सिंह ने आठवें और 40वें मिनट में गोल कर दोहरी सफलता हासिल की। उनके अलावा जुगराज सिंह (11वें मिनट), कप्तान हरमनप्रीत सिंह (15वें मिनट), शिलानंद लकड़ा (33वें मिनट), सुखजीत सिंह (34वें मिनट), संजय (36वें मिनट) और अंगद बीर सिंह (60वें मिनट) ने गोल दागे। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। चौथे मिनट में ही भारत को गोल करने का मौका मिला, लेकिन कप्तान हरमनप्रीत के पास पर सुखजीत सिंह का सर्किल के ऊपरी छोर से लगाया गया रिवर्स हिट दक्षिण कोरियाई गोलकीपर जेह्योन किम ने शानदार तरीके से रोक दिया। दिलप्रीत ने आठवें मिनट में जरमनप्रीत सिंह से मिले बेहतरीन पास पर शानदार रिवर्स हिट लगाकर भारत का खाता खोला। दक्षिण कोरिया लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर का फायदा उठाने में नाकाम रहा। इसके बाद 11वें मिनट में जुगराज सिंह ने रिबाउंड पर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत ने तीसरा गोल दाग दिया। टीम को मिले तीसरे पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत ने जोरदार लो फ्लिक लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। तीन गोल से पिछड़ने के बाद दक्षिण कोरिया ने कुछ आक्रामकता दिखाई और 18वें मिनट में लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहा। 24वें मिनट में भी उसे एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसका वह फायदा नहीं उठा सका। इसके तुरंत बाद भारत ने अपने चौथे पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर गोल किया, लेकिन बैक-स्टिक के उल्लंघन के कारण इसे अमान्य करार दे दिया गया। मध्यांतर के बाद भारतीय टीम ने आक्रामक तेवर दिखाए और तीन मिनट के भीतर लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। जुगराज सिंह के फ्लिक को कोरियाई गोलकीपर ने रोक दिया, लेकिन रिबाउंड पर शिलानंद लकड़ा ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत की बढ़त 4-0 कर दी। इसके ठीक एक मिनट बाद हरमनप्रीत और संजय के शानदार तालमेल से सुखजीत सिंह को गोल करने का मौका मिला, जिसे उन्होंने मैदानी गोल में बदल दिया। कुछ ही मिनट बाद संजय ने बेहतरीन मौका बनाकर मैदानी गोल दागा और भारत की बढ़त 6-0 कर दी। मैच के 40वें मिनट में हरमनप्रीत ने हवाई पास दिया, जिसे दिलप्रीत ने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया। इसके बाद सर्किल के भीतर से संजय के शॉट पर हल्का डिफ्लेक्शन लगाते हुए उन्होंने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। भारतीय टीम का आक्रामक खेल अंतिम क्वार्टर में भी जारी रहा। मैच के 60वें मिनट में स्ट्राइकर अंगद बीर सिंह ने शानदार रिवर्स हिट से मैदानी गोल दागकर भारत की जीत का अंतर 8-0 कर दिया। मैच की अंतिम सीटी बजने से ठीक पहले दक्षिण कोरिया को लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह दोनों मौकों को गोल में बदलने में नाकाम रहा।
BCCI ने Rising Stars Asia Cup के लिए India A टीम का किया ऐलान, Tilak Varma बने कप्तान
BCCI की पुरुष चयन समिति ने आगामी 'एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप' के लिए 15 सदस्यीय 'इंडिया A' टीम की घोषणा की है। यह टूर्नामेंट 19 से 29 नवंबर तक कतर के दोहा में आयोजित किया जाएगा। बल्लेबाज तिलक वर्मा टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि रजत पाटीदार को उप-कप्तान बनाया गया है। टीम में कई प्रमुख युवा भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: New Zealand में T20 सीरीज 3-2 से जीतने पर बोले Gautam Gambhir, पूरे दौरे की लय तय हुई विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह और कुमार कुशाग्र को भी टीम में शामिल किया गया है, साथ ही ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे, शाहबाज अहमद, विपराज निगम, हर्ष दुबे और तनुष कोटियन को भी जगह दी गई है। पेस अटैक में हर्षित राणा, प्रिंस यादव और अरशद खान होंगे। इंडिया A को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नेपाल और पाकिस्तान A के साथ ग्रुप B में रखा गया है। ग्रुप A में बांग्लादेश A, श्रीलंका A, अफ़ग़ानिस्तान A और हांगकांग, चीन शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: अगले दो साल में सफेद गेंद क्रिकेट पर राज करेगी भारतीय Women Cricket Team: अमोल मजूमदार हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी, जो 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का फ़ाइनल 29 नवंबर को होगा। BCCI ने एक बयान में कहा कि पुरुष चयन समिति ने दोहा, कतर में 19 से 29 नवंबर, 2026 तक होने वाले आगामी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए इंडिया A की टीम चुनी है। बयान में आगे कहा गया कि इंडिया A को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नेपाल और पाकिस्तान A के साथ ग्रुप B में रखा गया है। ग्रुप A में बांग्लादेश A, श्रीलंका A, अफ़ग़ानिस्तान A और हांगकांग, चीन शामिल हैं। हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंचेंगी, जो 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे। फ़ाइनल रविवार, 29 नवंबर को होगा।
Rising Stars Asia Cup 2026 के लिए इंडिया A टीम की घोषणा, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी भी टीम में
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार (2 नवंबर) को ACC राइजिंग स्टार्स एशिया कप टूर्नामेंट (ACC Rising Stars Asia Cup 2026) के लिए इंडियाटीम का ऐलान कर गिया गया है। तिलक वर्मा (Tilak Varma)को 19 नवंबर से दोहा में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए टीम की कप्तानी सौंपी गई है। दुनिया के नंबर 1 टी-20 इंटरनेशनल बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, युवा वैभव सूर्यवंशी और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रभसिमरन सिंह टॉप ऑर्डर का हिस्सा हैं। कुमार कुशाग्र, जिन्हें हाल ही में कुछ समय के लिए भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया था, इस टीम में रिज़र्व विकेटकीपर हैं। टूर्नामेंट के लिए रजत पाटीदार उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि रिंकू सिंह मिडल ऑर्डर में भूमिका निभाएंगे। पिछले साल यह टूर्नामेंट दोहा में टी-20 फॉर्मेट में टूर्नामेंट खेला गया था, जिसमें पाकिस्तान ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया था। 2025 की टीम से केवल सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को ही बरकरार रखा गया है। इस साल का टूर्नामेंट 50 ओवर के फॉर्मेट में खेला जाएगा। इंडिया ए के लिए अरशद खान और प्रिंस यादव अन्य प्रमुख तेज गेंदबाजी विकल्प हैं, जबकि सिलेक्टर्स ने स्पिन विभाग को संख्या के लिहाज से मजबूत करने का फैसला किया है। दुबे के अलावा, सिलेक्टर्स ने शाहबाज अहमद, विपराज निगम और तनुष कोटियन को भी चुना है। News India A squad for upcoming ACC Rising Stars Asia Cup announced More details https://t.co/JRdPQ31UPA #RisingStarsAsiaCup https://t.co/4k2vJAE4kh — BCCI (@BCCI) November 2, 2026 इंडिया ए, पाकिस्तान ए, नेपाल और यूएई के साथ ग्रुप बी में है। भारतीय टीम अपना पहला मैच 20 नवंबर को नेपाल के खिलाफ खेलेगी, जिसके बाद 22 और 24 नवंबर को क्रमशः पाकिस्तान ए और यूएई के खिलाफ मुकाबले होंगे। ग्रुप में टॉप-2 में रहने पर वे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ACC राइजिंग स्टार्स एशिया कप टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम Also Read: LIVE Cricket Score अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (कप्तान), रजत पाटीदार (उप-कप्तान), रिंकू सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शेडगे, शाहबाज अहमद, विप्रज निगम, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अरशद खान।
नई दिल्ली।राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। 15 सदस्यीय इंडिया-ए टीम की कमान युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को सौंपी गई है, जबकि आईपीएल में अपनी कप्तानी का दम दिखा चुके रजत पाटीदार को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम में कई ऐसे युवा खिलाड़ियों को […] The post Rising Stars Asia Cup 2026: तिलक वर्मा बने इंडिया-ए के कप्तान, रजत पाटीदार को मिली उपकप्तानी, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा भी टीम में शामिल first appeared on Sanjeevni Today .
Mohali News: मोहाली में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ, पदक के लिए भिड़ेंगी दिग्गज टीमें
मोहाली में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ, पदक के लिए भिड़ेंगी दिग्गज टीमें
एशियाई खेलों में लोहा मनवाने वाले हरियाणा 132 खिलाड़ियों पर हुई 189 करोड़ 38 लाख की धन वर्षा
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भारतीय हॉकी खिलाड़ियों से मिलकर भावुक नजर आए।
Asian Para Games: एथलेटिक्स में भारत का गोल्डन धमाका, सिमरन का डबल गोल्ड
एशियन पैरा गेम्स में भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में पांच गोल्ड समेत 18 मेडल जीते. सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड डबल पूरा किया, जबकि प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने गेम्स रिकॉर्ड बनाए. भारत अब तक 14 गोल्ड समेत 62 मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर है.
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

