एशियाई खेलों में पदक जीतने का सपना साकार करना चाहती हैं मीराबाई चानू
तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक जीतना इस साल उनका सबसे बड़ा लक्ष्य है।पिछले एक दशक से अधिक समय से मीराबाई चानू भारतीय भारोत्तोलन का चेहरा रही हैं। उनके शानदार करियर में एशियाई खेलों का पदक ही एकमात्र ऐसी उपलब्धि है, जो अभी तक उनके खाते में नहीं जुड़ पाई है। उनके पास तोक्यो ओलंपिक का रजत, विश्व चैंपियनशिप के तीन पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में भी तीन पदक हैं। चानू ने यहां खेलो इंडिया जनजातीय खेलों (KITG) के उद्घाटन समारोह के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, “एशियाई खेल मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहां मेरा काम पूरा नहीं हुआ है। एशियाई खेलों में प्रतिस्पर्धा का स्तर बहुत ऊंचा होता है, जिससे यह और चुनौतीपूर्ण और रोमांचक बन जाता है।” एशियाई खेलों में चानू का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने 2014 एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए नौवां स्थान हासिल किया था, जबकि पीठ की चोट के कारण उन्हें 2018 संस्करण से बाहर रहना पड़ा। मीराबाई चानू ने कहा सिर्फ सफलता के वक्त ही अमूमन मिलता है समर्थन https://t.co/52ohzO1FUg #MeerabaiChanu #SportsUpdate #SportsNews #HindiNews #NewsUpdate pic.twitter.com/Z4yoW7VO5E — Webdunia Hindi (@WebduniaHindi) November 24, 2025 वह 2022 एशियाई खेलों में पदक के सबसे करीब पहुंची थीं, लेकिन कूल्हे की चोट के कारण अहम समय पर उनका अभियान प्रभावित हुआ और वह पदक से मामूली अंतर से चूक गईं। अब 31 वर्षीय चानू महाद्वीपीय प्रतियोगिता में संभवतः अपने अंतिम प्रयास की तैयारी कर रही हैं और उनका लक्ष्य अपने शानदार करियर में इस एकमात्र कमी को पूरा करना है।इस साल जुलाई-अगस्त में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के बीच वजन संतुलन बनाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगा। वह राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेंगी, जबकि एशियाई खेलों के लिए फिर से 49 किग्रा वर्ग में वापसी करेंगी।उन्होंने कहा, “मैं राष्ट्रमंडल खेलों तक अपना वजन 48 किग्रा के भीतर रखूंगी, लेकिन इसके दो महीने बाद ही एशियाई खेल हैं जो 49 किग्रा वर्ग में हैं, इसलिए मुझे फिर से बदलाव करना होगा।”
चंडीगढ़ खेल विभाग को दो एशियाई चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। यह दोनों चैंपियनशिप 2027 में आयोजित की जाएंगी। इसमें एशियाई एथलीट रिले चैंपियनशिप मई 2027 और एशियाई स्केटिंग चैंपियनशिप सितंबर 2027 के लिए प्रस्तावित हैं। चंडीगढ़ प्रशासन ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। मैदानों को भी अपडेट किया जा रहा है। खिलाड़ियों को जल्द मिलेगा हॉस्टल चंडीगढ़ प्रशासन खिलाड़ियों के लिए 300 बेड का हॉस्टल तैयार कर रहा है, जो कि खिलाड़ियों के लिए जल्द ही उपलब्ध होगा। इसमें इस तरह की बड़ी चैंपियनशिप में आने वाले खिलाड़ियों के लिए रहने की सुविधा उपलब्ध होगी। खुद चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने इसकी घोषणा की है। खिलाड़ियों को मिली 2.56 करोड़ की छात्रवृत्ति प्रशासक ने चंडीगढ़ के 647 खिलाड़ियों को 2.56 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी है। चंडीगढ़ की नई खेल नीति के तहत छात्रवृत्ति की राशि ₹5000 से बढ़कर ₹48,000 रुपये कर दी गई है। क्रिकेट स्टेडियम में रात को भी हो सकेंगे मैच चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम में अब रात के समय भी मैच हो सकेंगे। इसके लिए खेल विभाग की तरफ से स्टेडियम के अंदर फ्लडलाइट लगवाई जा रही है। वहीं स्टेडियम के अंदर नई पिच भी तैयार की गई है।
एशियाई देशों के बीच सद्भाव सुनिश्चित करने में मददगार हो सकते हैं रूसी राष्ट्रपति
The Russian president believes that Asian countries can be helpful in ensuring harmony.,एशियाई देशों, सद्भाव, सुनिश्चित करने में, मददगार हो सकते हैं, रूसी राष्ट्रपति
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