भारत ने जापान में एशियाई खेलों में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्वर्ण के बाद 85 पदकों पर अपना अभियान समाप्त किया asiangames,japanasiangames2026,bharat85medalभारत ने जापान में एशियाई खेलों में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्वर्ण के बाद 85 पदकों पर अपना अभियान समाप्त किया भारत ने आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में 85 पदकों […]
एशिया चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत...
Asian Games में 5 स्वर्ण जीतकर लौटे भारतीय तीरंदाज, कहा- अब दबाव पूरी तरह हट गया
(संस्कृति गौबा)नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वह राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। उसने तीरंदाजी में सबसे ताकतवर टीम दक्षिण कोरिया को भी हराया। भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने कहा कि पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदकों की इस उपलब्धि से आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए। रिकर्व तीरंदाजी टीम ने पांच और कंपाउंड तीरंदाजों ने चार पदक हासिल किए। कजिन्स ने भारतीय टीम के स्वदेश लौटने पर कहा, ‘‘आलोचक शुरू से ही हमसे यह अनुमान लगाने को कह रहे थे कि हम कितने पदक जीत सकते हैं। हम केवल इस पर ध्यान दे रहे थे कि हमारे खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रशिक्षण सही हो, तैयारी सही हो और वातावरण अनुकूल हो, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। इसलिए हम इससे बहुत खुश हैं। ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। यह हमारे लिए इस समय बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। साहिल ने पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी हिस्सा लिया, जिसमें टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चिकिता ने अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। जाधव ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा लग रहा है और इस भव्य स्वागत को देखकर हमें और भी अधिक खुशी मिली है। हमने विशेष रूप से ऐसी स्थितियों के लिए अभ्यास किया था। हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। अब दबाव हट गया है।’’चिकिता ने कहा, ‘‘यह सुखद अहसास है। इससे हमें प्रेरणा मिलेगी कि हमें और अधिक जीत हासिल करनी है और अधिक मेहनत करनी है।’’रिकर्व में कुमकुम मोहद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ-साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक हासिल करने में भारत की मदद की। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण पदक ने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया। कुमकुम ने कहा कि यह परिणाम महीनों की तैयारी और टीम वर्क का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा हमने सोचा था, वही हुआ। यह टीम की कड़ी मेहनत, पूरी टीम के उत्साह और भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग का नतीजा था।’’महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रही कीर्ति शर्मा ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया पर 5-3 से जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कीर्ति ने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक। हमने कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, इसलिए यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने यह इतिहास रचा।
Asian Games 2026 में भारत को मिले 85 Medals, 2022 के रिकॉर्ड 107 से क्यों रहा पीछे?
जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में कुल 85 मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने एथलेटिक्स, शूटिंग और हाल ही में शामिल किए गए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि भारत 2023 एशियाई खेलों में जीते गए अपने रिकॉर्ड 106 मेडल के आंकड़े तक नहीं पहुँच पाया, लेकिन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में 503 खिलाड़ियों (जिनमें 269 पुरुष और 234 महिलाएँ शामिल थीं) के दल ने 36 खेलों में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत कुल मिलाकर, 2026 के खेल भारत के लिए दूसरे सबसे सफल खेल रहे, जिसमें भारत ने कुल 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) जीते। यह 2022 में जीते गए अब तक के सबसे ज़्यादा 107 पदकों (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) की तुलना में कम है। 2023 के एशियाई खेलों में, भारतीय खिलाड़ियों ने 106 मेडल (28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज़) जीतकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। हालांकि यह संख्या हांगझोऊ में बने रिकॉर्ड से कम थी, फिर भी भारत ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और कई खेलों में बेहतरीन खेल दिखाया। अब यह देखने का समय है कि पिछले खेलों—2022 हांगझोऊ खेलों—की तुलना में भारत का प्रदर्शन कहां कैसा रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह एथलेटिक्स और शूटिंग थे, जिनसे पहले भारत को लगभग आधे पोडियम फ़िनिश (पदक) मिलते थे। एथलेटिक्स में पदकों की संख्या 29 से घटकर 24 रह गई; इसमें गोल्ड मेडल की संख्या छह से गिरकर एक हो गई, क्योंकि कई मौकों पर भारतीय एथलीट मामूली अंतर से पीछे रह गए, जबकि दूसरे देशों के एथलीटों ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन किए। शूटिंग में भी ऐसी ही गिरावट देखी गई, जहाँ पदकों की संख्या 2022 में 22 (सात गोल्ड) से घटकर 2026 में 15 (तीन गोल्ड) रह गई। रोइंग और बैडमिंटन के नतीजों में भी काफी गिरावट देखी गई, जबकि टेनिस, शतरंज और घुड़सवारी जैसे खेलों में खिलाड़ी पोडियम तक नहीं पहुँच पाए। रोइंग में बहुत निराशा हाथ लगी; खिलाड़ियों ने अपने इवेंट्स में आखिरी समय पर किए गए बदलावों की शिकायत की और यहाँ तक कि हड़ताल भी की। एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार, भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत पाया। इसके उलट, कॉम्बैट स्पोर्ट्स (लड़ाई वाले खेलों) में क्वालिटी के मामले में काफी सुधार दिखा। बॉक्सिंग और रेसलिंग में क्रमशः तीन और दो गोल्ड मेडल जीते गए, जबकि पिछले खेलों में इनमें कोई गोल्ड मेडल नहीं मिला था। आर्चरी ने नौ मेडल (जिनमें पाँच गोल्ड शामिल थे) जीतकर अपना अच्छा प्रदर्शन बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Kerala में BJYM ने रोकी खेल मंत्री O. J. Janeesh की गाड़ी, दिखाए काले झंडे क्रिकेट और कबड्डी जैसे खेलों में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखते हुए दोनों गोल्ड मेडल जीते, वहीं हॉकी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। भारत ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और कुराश जैसे खेलों में भी पहली बार पोडियम तक जगह बनाई। भारत ने उन इवेंट्स में भी तीन सिल्वर मेडल जीते जो 2022 गेम्स का हिस्सा थे लेकिन 2026 गेम्स में शामिल नहीं हैं — दो चेस में और एक ब्रिज में। इसी तरह, रोलर स्केटिंग में भारत को दो ब्रॉन्ज़ मेडल से हाथ धोना पड़ा क्योंकि यह खेल 2026 गेम्स का हिस्सा नहीं था।
एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत के कुल 85 पदकों में से 32 पदक (14 स्वर्ण, 9 रजत, 9 कांस्य) जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। खेल मंत्री गौरव गौतम ने इन धाकड़ खिलाड़ियों का स्वागत किया।
झांगझोऊ (चीन) एशियाई खेलों की तुलना में आइची- नागोया (जापान) एशियाई खेल यूपी के लिहाज से फीके साबित हुए।
Asian Market Today: एशिया बाजारों में आज यानी 5 अक्टूबर को तेजी देखने को मिली। अमेरिका में कमजोर पेरोल डेटा के बाद दरें बढ़ने की आशंका घटी है।।MSCI के एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स में 0.4% की बढ़त हुई, जबकि जापानी शेयरों में 2% से ज़्यादा की तेज़ी देखी गई। निक्केई 225 में 2.03% और व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 1.11% की बढ़त हुई। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.2% की गिरावट आई।दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार 'नेशनल फाउंडेशन डे' की छुट्टी के कारण बंद रहा।भारत में, GIFT निफ्टी - जो यह बताता है कि दिन के कारोबार के लिए देश का शेयर बाजार कैसे खुलेगा - ने मामूली बढ़त के साथ शुरुआत का संकेत दिया।जापानी येन 0.1% मज़बूत होकर 157.63 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। ऑफशोर युआन में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह 6.7068 प्रति डॉलर पर रहा।वॉल स्ट्रीट पर, नैस्डैक 100 के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.3% की मामूली बढ़त हुई। शुक्रवार को इसका मुख्य इंडेक्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ था और US सेमीकंडक्टर शेयरों में भी तेज़ी आई थी।शुक्रवार की US जॉब्स रिपोर्ट से पता चला कि सितंबर में नियोक्ताओं ने अर्थशास्त्रियों के अनुमान से कम लोगों को काम पर रखा और वेतन में बढ़ोतरी की रफ़्तार भी धीमी रही। बेरोज़गारी दर बढ़कर 4.2% हो गई, जिसका एक कारण वर्कफोर्स (कामकाजी आबादी) में बढ़ोतरी भी थी। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, मनी मार्केट अब अक्टूबर में Fed द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 25% से कम मान रहे हैं।हालांकि, बॉन्ड मार्केट पर दबाव बना हुआ है। पेरोल के कमज़ोर आंकड़ों के कारण शुक्रवार को US ट्रेज़रीज़ में केवल थोड़ी देर के लिए तेज़ी आई। बाज़ार अभी भी महीनों से जारी गिरावट के दौर में फंसा हुआ लग रहा है, जिसकी वजह लगातार महंगाई, सरकारी खर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास के लिए कंपनियों द्वारा भारी मात्रा में कर्ज लेना है।पिछले हफ़्ते बेंचमार्क US 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 2002 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।अब निवेशक इस हफ़्ते होने वाली 10- और 30-वर्षीय US ट्रेज़रीज़ की नीलामी पर नज़र बनाए हुए हैं, जिससे लंबी अवधि के डेट (कर्ज़) की मांग का पता चलेगा। फेड बुधवार, 7 अक्टूबर को अपनी सितंबर की बैठक का ब्योरा (मिनट्स) भी जारी करेगा। इससे पता चल सकता है कि नीति-निर्माता कीमतों के मौजूदा रुझानों और महंगाई को लेकर क्या उम्मीदें रखते हैं।इस बीच, तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। सोमवार की शुरुआत में दिसंबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड की कीमत $103 प्रति बैरल से ऊपर चली गई, लेकिन बाद में इसमें थोड़ी कमी आई और यह $102 के आसपास कारोबार करने लगा। पिछले हफ्ते इस कॉन्ट्रैक्ट में लगभग 5% की बढ़त हुई थी। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड की कीमत 0.6% गिरकर $90.60 प्रति बैरल हो गई।OPEC+ के प्रमुख उत्पादक देशों के अगले महीने तेल उत्पादन कोटा में कोई बदलाव न करने पर सहमत होने के बावजूद कीमतों में बढ़ोतरी हुई। यमन द्वारा हूथी-नियंत्रित इलाकों को फिर से अपने कब्जे में लेने की कोशिश के बाद भी ब्रेंट क्रूड को समर्थन मिला।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने दी बधाई
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को कहा कि 2026 के एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया और देश को अपने दल के हर सदस्य पर गर्व है, जिन्होंने समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “हमारे सभी पदक विजेताओं, विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन करने वाली हमारी महिला खिलाड़ियों को बधाई।”राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, कौशल और दृढ़ता ने देश को बहुत सम्मान दिलाया है।”आइची-नागोया एशियाई खेलों में भारत 85 पदकों (21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। यह चीन के हांगझोउ में हुए पिछले संस्करण की तुलना में 21 पदक कम है। आइची-नागोया एशियाई खेल 19 सितंबर को शुरू हुए थे। समापन रविवार को जापान के नागोया में हुआ। राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, “2026 के एशियाई खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देश को भारतीय दल के हर सदस्य पर गर्व है, जिन्होंने समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया।”राष्ट्रपति ने सभी खिलाड़ियों को उनके खेल जीवन में निरंतर सफलता और आगे भी कई उपलब्धियां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।
Varanasi News: पैरा एशियाई खेल में स्वर्ण पर निशाना साधने उतरेंगी सुमेधा
Sumedha to aim for gold at the Para Asian Games.
Bhiwani News: एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता इशिका का किया भव्य स्वागत
एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता इशिका का किया भव्य स्वागत
एशियाई खेलों में विदेशी मैदानों पर चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
एशियाई खेलों में विदेशी मैदानों पर चीन का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी का 2026 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद चंबा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनके परिवार द्वारा शिव नुआला का आयोजन किया जाएगा।
एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद भारतीय महिला Hockey Team का रांची में जोरदार स्वागत
रांची, चार अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने रविवार को कहा कि मजबूत चीन के खिलाफ खेलने के बावजूद उनकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का पूरा भरोसा था। भारत ने जापान में फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। टेटे ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम इस जीत के हकदार थे। इस बार हमें अपनी टीम और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा था कि हम निश्चित रूप से स्वर्ण जीतेंगे, हालांकि चीन की टीम बहुत अच्छी थी। उस एक गोल की बढ़त को बचाकर अपने देश के लिए स्वर्ण जीतना हमारे लिए गर्व का क्षण है।’’स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की चार खिलाड़ी झारखंड से हैं। टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा जिले से हैं जबकि निक्की प्रधान खूंटी की रहने वाली हैं। राज्य लौटने पर रांची हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। दीपिका ने कहा कि टीम स्वर्ण जीतने के साथ ओलंपिक में जगह पक्की करने से वह बेहद खुश है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की। इस शानदार जीत के लिए हम लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। चीन जैसी टीम के खिलाफ एक गोल की बढ़त बचाना आसान नहीं था लेकिन हमने ऐसा कर दिखाया।’’प्रधान ने कहा कि टीम को तोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन से आत्मविश्वास मिला और अब उसका ध्यान अगले ओलंपिक की तैयारी पर है। राज्य लौटने पर खिलाड़ियों का हवाई अड्डे पर समर्थकों ने स्वागत किया। कोच और युवा हॉकी खिलाड़ियों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर नृत्य कर टीम का स्वागत किया। प्रधान की मां जीतन देवी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि शुरुआत में परिवार हॉकी से परिचित नहीं था और उन्होंने अपनी बेटी को यह खेल खेलने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब उसने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब हम इस खेल के बारे में नहीं जानते थे। हम उसे खेलने से रोकते थे, लेकिन मास्टर दशरथ उसे लगातार इस खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। इसी का नतीजा है कि आज वह इस मुकाम तक पहुंची है। अब हमें उस पर बहुत गर्व है।’’सलीमा टेटे के पिता सुलक्षण टेटे ने कहा कि उनकी बेटी ने वर्षों के संघर्ष के बाद राज्य और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि वह अपने राज्य और देश का नाम रोशन कर रही है। उसने काफी संघर्ष के बाद स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला टीम की यह जीत पूरे देश, झारखंड और निश्चित रूप से हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है।
Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस शानदार जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका चौधरी का ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इशिका चौधरी ने कहा- ‘हमने इतिहास रचा’ ग्वालियर एयरपोर्ट पर इशिका चौधरी ने टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमने इतिहास रचा है, इसलिए हम सभी बहुत खुश हैं। इस खास टीम, सभी खिलाड़ियों, स्टाफ और पर्दे के पीछे काम करने वाले हर व्यक्ति ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि पूरे साल टीम की तैयारी अच्छी रही और टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। इशिका ने अपनी सफलता में परिवार और अन्य लोगों के योगदान को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पूरे साल हमारी तैयारी हुई, टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मेरे परिवार और कई अन्य लोगों ने मुझे यहां तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।” #WATCH | Madhya Pradesh | Indian field hockey player Ishika Chaudhary says, We have created history, so we are all very happy. The special team, everyone who worked hard, the staff, and all those working behind the scenes have contributed immensely... The way our preparation went throughout the year, the team performed extremely well... My family and many other people have contributed tremendously to bringing me this far... — ANI (@ANI) October 4, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। 1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।
Asian Games: हॉकी से लेकर क्रिकेट तक...भारत-पाकिस्तान मुकाबले का क्रेज, टूटे व्यूअरशिप के कई रिकॉर्ड
Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 के आइची-नागोया संस्करण को लेकर ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) ने बड़ी जानकारी साझा की है। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट फाइनल और हॉकी सेमीफाइनल को दर्शकों ने काफी पसंद किया। दोनों ही खेलों में भारत ने पाकिस्तान को मात दी थी। OCA ने बताया कि इस बार खिलाड़ियों को शानदार सुविधाओं और बेहतर माहौल के साथ खेलों में हिस्सा लेने का मौका मिला। OCA ने 212 एशियन गेम्स रिकॉर्ड टूटने का भी जिक्र किया और कहा कि आइची-नागोया गेम्स कई मायनों में खास रहे।भारत ने पाकिस्तान को दी मातफैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच मुकबला हमेशा से काफी पसंद रहा है। एशियन गेम्स में भारत ने हॉकी और क्रिकेट दोनों में पाकिस्तान को हराकर शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 4-3 से हराया और फाइनल में पहुंचा। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता। वहीं, पुरुष क्रिकेट के फाइनल में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस तरह भारत ने दोनों खेलों में जीत हासिल कर देश को दो गोल्ड मेडल दिलाए।मैच ने तोड़ा सभी रिकॉर्डOCA कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि, इस बार एशियन गेम्स की ब्रॉडकास्ट व्यूअरशिप ने अब तक के सभी रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हुए दो बड़े मुकाबलों ने दर्शकों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उनके मुताबिक, शनिवार को खेला गया भारत-पाकिस्तान क्रिकेट फाइनल सबसे ज्यादा देखा गया मैच रहा। वहीं इससे एक दिन पहले गुरुवार को हुआ भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबला एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हॉकी मैच बना।शेयर नहीं किया कोई आकड़ाउन्होंने व्यूअरशिप से जुड़ा कोई आंकड़ा साझा नहीं किया और न ही यह बताया कि भारत-पाकिस्तान क्रिकेट और हॉकी मैच में से किस मुकाबले को ज्यादा दर्शकों ने देखा। उन्होंने कहा कि पहली बार OCA ने इन एशियन गेम्स में सुरक्षा को लेकर एक नया तरीका अपनाया। उनके मुताबिक, पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा का खास ध्यान रखा गया और एथलीट्स, एशियन फेडरेशन और राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के लिए गेम्स को सुरक्षित बनाया गया। एशियन गेम्स के दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने की व्यवस्था को लेकर आयोजकों की काफी आलोचना हुई थी।
Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
(अजय मसंद)नागोया, चार अक्टूबर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एक कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा जहां पिछले हांगझोउ खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद एक और बड़ी छलांग की उम्मीद थी लेकिन अभियान पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत ने कुल पदक तालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा लेकिन इस बार उसके खाते में 85 पदक ही रह गए जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पिछले एशियाई खेलों में हासिल किए गए 106 पदकों से 21 कम और स्वर्ण पदकों के मामले में सात कम है। वर्ष 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखने वाले भारत को ये आंकड़े याद दिलाते हैं कि शानदार प्रदर्शन करना एक बात है लेकिन लगातार प्रगति बनाए रखना कहीं अधिक कठिन चुनौती है। शीर्ष पर चीन का दबदबा कायम रहा। उसने 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण और कुल 269 पदकों के साथ दूसरे तथा दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण और 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत का चौथे स्थान पर रहना अब भी उसे एशिया के प्रमुख खेल राष्ट्रों में बनाए रखता है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है लेकिन शीर्ष पर मौजूद देशों और भारत के बीच अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता। भारत के पदक अभियान में कमी का सबसे बड़ा कारण उसका दो पारंपरिक मजबूत खेलों निशानेबाजी और एथलेटिक्स का अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा। दोनों खेलों से काफी उम्मीदें थीं लेकिन हांगझोउ की तुलना में भारत को इस बार कम पदक मिले। इससे निरंतरता, दबाव से निपटने और तैयारी में मौजूद कमियां उजागर हुईं। निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर गिरा। पिछली बार सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित 22 पदक जीतने वाली 30 सदस्यीय भारतीय टीम इस बार जापान से तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित 15 पदक लेकर लौटी। अभियान की शुरुआत कई मौकों के हाथ से निकलने और दावेदारों के लड़खड़ाने से हुई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अभियान निराशाजनक रहा और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत पदक नहीं जीत सका। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत, आकाश भारद्वाज और केदारलिंग उचागांवने की टीम भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का निशानेबाजी में सोने के तमगे का खाता खोला। हालांकि टीम का माहौल बदलने वाली खिलाड़ी नीरू ढांडा रहीं। सत्ताइस वर्षीय नीरू ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और काइनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और स्वर्ण पदक जीता। लेकिन नीरू की शानदार उपलब्धियां भारतीय निशानेबाजी की व्यापक चिंताओं को पूरी तरह नहीं छिपा सकीं। एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ा झटका लगा। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण हट गए और भारत का एक बड़ा स्वर्ण पदक दावेदार बाहर हो गया। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी नहीं कर सके, जबकि लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे को रजत से संतोष करना पड़ा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारत मुकाबले में तो है, लेकिन पदक के रंग को स्वर्ण में बदलने में अभी अंतर बाकी है। चोटों ने भी परेशानी बढ़ाई। ज्योति याराजी ने अभ्यास के दौरान घुटने में दर्द और परेशानी महसूस होने के बाद महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की शुरुआती हीट से पहले नाम वापस ले लिया। घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे। किरण पाहल, एम पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण दिलाया। हालांकि हांगझोउ में छह स्वर्ण जीतने वाले इस खेल का प्रदर्शन इस बार काफी नीचे रहा। निराशाजनक प्रदर्शन को असमान तैयारियों ने और मुश्किल बना दिया। खिलाड़ियों के आवास से जुड़ी समस्याएं, समर्पित खेल गांव का अभाव और लगातार परिवहन संबंधी दिक्कतों ने उनकी दिनचर्या प्रभावित की। प्रतियोगिता स्थलों तक लंबी यात्राएं, बसों में देरी और उबरने के लिए कम समय ने खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ये समस्याएं हालांकि हम पदकों का बहाना नहीं हैं क्योंकि सुविधांए सभी के लिए समान थीं। इसके बावजूद आइची-नागोया खेलों ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू भी दिखाया और वह यह है कि देश का खेल आधार लगातार व्यापक हो रहा है। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वह व्यक्तिगत रिकर्व में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते जिससे उसका कुल पदक प्रदर्शन हांगझोउ के बराबर रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिकर्व तीरंदाजों ने सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल रहा। यह दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की भारत की गंभीर क्षमता का संकेत है। कुश्ती में भारत ने छह पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण शामिल रहे। सुजीत कलकल और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक की राह में ओलंपिक और विश्व चैंपियनों को हराया। ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे। इसके विपरीत गोल्फ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की महिला टीम ने रजत पदक जीता जिससे भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार महिला टीम गोल्फ पदक हासिल किया। मुक्केबाजी ने भी भविष्य के लिए उम्मीद जगाई। परवीन हुड्डा ने 22 महीने के निलंबन के बाद शानदार वापसी करते हुए महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। हांगझोउ में जीता उनका कांस्य पदक निलंबन के कारण उनसे छिन गया था। लवलीना बोरगोहेन ने हांगझोउ के रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदला जबकि अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में एक और स्वर्ण भारत की झोली में डाला। हॉकी में भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। उसने फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया जबकि गोलकीपर बिचु देवी ने शानदार प्रदर्शन किया और अनुभवी सविता पूनिया ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस स्वर्ण से भी बड़ी उपलब्धि थी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना रही। इससे क्वालीफिकेशन की अनिश्चितता खत्म हुई और भारतीय टीम को तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त मिली। पिछले 10 महीनों में नए कोचिंग ढांचे के तहत टीम में आया बदलाव यह दिखाता है कि लगातार और योजनाबद्ध तैयारी से क्या हासिल किया जा सकता है। पुरुष टीम ने भी एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिलिस का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया। क्रिकेट ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। भारत ने पुरुष फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। श्रेयस अय्यर की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में अपना धैर्य बनाए रखा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। आइची-नागोया खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, नए क्षेत्रों में सफलता और भारत के पदक आधार के विस्तार के कई संकेत मिले। लेकिन निशानेबाजी और एथलेटिक्स की नाकामी ने उन कमियों को भी उजागर किया जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
Asian Games में स्वर्ण जीतने वाली Indian Hockey टीम को ओडिशा सरकार देगी नकद इनाम
भुवनेश्वर, चार अक्टूबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को साढ़े पांच लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। भारत ने शनिवार को मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियाई खेलों में दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला टीम ने फाइनल में गत चैंपियन और ऊंची रैंकिंग वाली चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता था और ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया था। यह पहली बार है जब एशियाई खेलों के एक ही चरण में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों को 11-11 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ को साढ़े पांच-पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। ’’मुख्यमंत्री ने टीम के प्रत्येक सदस्य को बधाई दी और इस यादगार उपलब्धि में उनके योगदान की सराहना की। कार्यालय ने कहा, ‘‘भारतीय हॉकी से ओडिशा का गहरा जुड़ाव रहा है। राज्य को अपने चैंपियनों पर गर्व है। राज्य खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लगातार समर्थन देता रहेगा। ’’माझी ने राज्य के भारतीय पुरुष हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों अमित रोहिदास और शिलानंद लकड़ा से भी बात की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। ओडिशा सरकार 2036 तक भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों की आधिकारिक प्रायोजक है। वर्ष 2018 में ओडिशा राष्ट्रीय हॉकी टीमों को प्रायोजित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।
Harmanpreet Singh के दो गोल से भारत ने जीता एशियाई खेलों का स्वर्ण
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा (जापान), चार अक्टूबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उनकी टीम को भरोसा था कि वे विश्व कप की निराशा को पीछे छोड़कर एशियाई खेलों का खिताब जीतने के साथ 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर सकते है। हरमनप्रीत ने शनिवार को फाइनल में दो गोल किए जिससे भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘फाइनल हर खिलाड़ी के लिए बड़ा मौका था। कुछ खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे जबकि कुछ चौथी, तीसरी या दूसरी बार खेल रहे थे।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें पता था कि हम यहां स्वर्ण पदक जीतने और ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने आए हैं। लक्ष्य स्पष्ट था।’’एशियाई खेलों से पहले भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। टीम ने अगस्त में बेल्जियम और नीदरलैंड में हुए विश्व कप में निराशाजनक नौवां स्थान हासिल किया था। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘पूरा साल हमारे लिए बहुत कठिन रहा क्योंकि हमने कई टूर्नामेंट खेले। विश्व कप हमारे लिए अच्छा नहीं रहा लेकिन हमें पता है कि हम एशिया में हमेशा दबदबा रखते हैं। हम यहां अपने खिताब का बचाव करने आए थे।’’हरमनप्रीत ने 11वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को बढ़त दिलाई और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर टीम की ओर से पांचवां गोल किया। हरमनप्रीत लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में भारतीय टीम को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। हॉकी खेलने की शुरुआत के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘यह कोई योजना नहीं थी। जब मैं स्कूल में था तो चुनने के लिए कई खेल थे। मैं हॉकी नहीं खेलना चाहता था, लेकिन हॉकी ने मुझे चुन लिया। और वहीं से मेरी यात्रा शुरू हुई।’’गोलकीपर मोहित शशिकुमार ने कहा कि टीम 2028 ओलंपिक की तैयारी पूरी ताकत के साथ करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में खेलना होता है। अब तैयारी शुरू होगी और हम पूरी ताकत के साथ तैयारी करेंगे। हमें उम्मीद है कि लॉस एंजिलिस में हम पदक जीतेंगे।’’मोहित ने कहा, ‘‘टूर्नामेंट में उतार-चढ़ाव आए। हमारा ध्यान स्वर्ण पदक जीतने पर था। उतार-चढ़ाव के बावजूद हमने हर मैच में अपना 100 प्रतिशत दिया।’’चौबीस वर्षीय मोहित ने बताया कि उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक जीतते हुए टेलीविजन पर देखा था और इससे उन्हें सीनियर टीम में जगह बनाने की प्रेरणा मिली।
AI Boom in Stock Market: हॉन्ग कॉन्ग में एआई से जुड़ी कंपनियों ने इस बार रिकॉर्डतोड़ पैसे जुटाए। यह तेजी ऐसे समय में आई, जब हॉन्ग कॉन्ग के शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनियों ने आईपीओ, प्लेसमेंट्स और ब्लॉक ट्रेड्स के जरिए जुलाई-सितंबर में $47.5 अरब जुटाए, जोकि ब्लूमबर्ग के मुताबिक किसी साल की तीसरी तिमाही में अब तक की सबसे बड़ी रकम है।इसके साथ ही इस साल अब तक हॉन्ग कॉन्ग में कुल $92 अरब से अधिक फंड जुटाए गए जोकि साल 2021 में $112.5 अरब के रिकॉर्ड के काफी करीब है। यह ऐसे समय में हुआ, जब बॉन्ड यील्ड में तेजी और कई नए शेयरों के खराब परफॉरमेंस के कारण निवेशक और कंपनियां अब पहले की तुलना में अधिक सतर्कता बरत रही हैं।AI ने भरा जोशहॉन्ग कॉन्ग में रौनक के पीछे एआई रही है लेकिन इस गर्मी तो इसने तगड़ा जोश दिखा दिया। चीन की कंपनियों ने तेजी से बढ़ रही एआई इंडस्ट्री में विस्तार के लिए ताबड़तोड़ पैसे जुटाए और पहले की तुलना में मार्केट में बहुत जल्द दोबारा एंट्री की। सबसे तगड़ा सौदा तो अलीबाबा ग्रुप की $10.2 अरब का फॉलो-ऑन ऑफर रहा तो Zhongji Innolight ने करीब $8 अरब जुटाए जोकि लगभग सात वर्षों में हॉन्ग कॉन्ग की सबसे बड़ी लिस्टिंग रही। अन्य कंपनियों ने भी बार-बार निवेशकों से पैसे जुटाए। एआई मॉडल बनाने वाली Z.AI ने इस साल IPO, प्लेसमेंट और कन्वर्टिबल बॉन्ड के जरिए कुल $9.6 अरब जुटाए।गोल्डमैन में एशिया (एक्स-जापान) इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख जेम्स वांग का कहना है कि पहले कंपनियां एक बार पैसे जुटाने के बाद फिर एक-दो साल बाद ही दोबारा ऐसी कोशिश करती थी लेकिन अब लॉकअप पीरियड समाप्त होते ही पूंजी जुटाने लगी हैं। उनका कहना है कि AI की वजह से यह सिलसिला अगले कुछ वर्षों तक जारी रहेगा और इसकी रफ्तार जल्द धीमे होने के कोई संकेत नहीं हैं।Z.AI के अलावा एक और एआई मॉडल कंपनी मिनीमैक्स ग्रुप, चिप बनाने वाली कंपनी शंघाई एलुवेटर कोरएक्स सेमीकंडक्टर और शंघाई बिरेन टेक्नोलॉजी भी अपने IPO लॉकअप की अवधि खत्म होने के तुरंत बाद जुलाई में दोबारा बाजार में लौट आईं।यह तेजी सिर्फ चीन या हॉन्ग कॉन्ग तक ही नहीं रही, पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में देखने को मिली। तीसरी तिमाही में इस क्षेत्र में शेयर बिक्री के जरिए रिकॉर्ड $120 अरब से अधिक जुटाए गए, जो छह वर्षों में इस अवधि के लिए सबसे अधिक है। चीन में भी इस दौरान मेमोरी चिप बनाने वाली Corp का 66.6 अरब युआन (लगभग $9.9 अरब) का IPO आया, जो चीन में अब तक का दूसरा सबसे बड़ा IPO रहा।भारत में भी दिखी रौनकसाल की शुरुआत में अमेरिका-ईरान युद्ध, शेयर बाजार में हाहाकार और विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली के दबाव में रहने के बाद भारतीय बाजार ने भी जोरदार वापसी की। जुलाई से अब तक यहां शेयरों की बिक्री के जरिए कंपनियों ने रिकॉर्ड $26 अरब जुटाए, जिसके साथ भारतीय मार्केट के लिए यह अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हुई।इस दौरान सबसे बड़े डील्स की बात करें तो एलआईसी में $3.2 अरब की सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री शामिल थी तो एनएसई ने $2.4 अरब का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ पेश किया। यह ऐसे समय में हुआ जब निफ्टी 50 अगस्त की शुरुआत के अपने हाई लेवल से लगभग 9.5% नीचे आ गया था। घरेलू बाजार में पर्याप्त लिक्विडिटी ने नए शेयर ऑफरिंग की मांग को मजबूत बनाए रखा।आगे भी आईपीओ का पाइपलाइन काफी मजबूत है। मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स नवंबर में संभावित लिस्टिंग से पहले निवेशकों से मुलाकात कर रही है। ब्लूमबर्ग न्यूज के अनुसार यह भारत के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है। सिटीग्रुप में इक्विटी कैपिटल मार्केट्स के प्रमुख हरीश रमन का कहना है कि इस साल अभी और आईपीओ आ सकते हैं और वैश्विक निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है।आगे कैसा है रुझानएआई पर होने वाले भारी खर्च भविष्य में पर्याप्त रिटर्न दे पाएगा या नहीं, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं लेकिन इसके बावजूद एआई से जुड़ी कंपनियां ताबड़तोड़ पैसा जुटा रही हैं और निवेशकों की दिलचस्पी भी बनी हुई है। हालांकि HSBC के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी कैपिटल मार्केट्स मार्टिन जोल (Martin Zoll) का कहना है कि कई कंपनियों के शेयर आईपीओ प्राइस से नीचे आ गए हैं, जिसके चलते निवेशक सावधानी भी बरतने लगे हैं। बता दें कि जुलाई की शुरुआत से हांगकांग में हुए 10 सबसे बड़े सौदों में से केवल दो ही अपने ऑफर प्राइस से ऊपर हैं। फास्ट-फैशन रिटेलर शेन ग्लोबल होल्डिंग्स (Shein Global Holdings) और चिपमेकर लॉन्गसिस इलेक्ट्रॉनिक्स (chipmaker Longsys Electronics) के शेयर तो पहले ही दिन इश्यू प्राइस के नीचे आ गए।आगे की बात करें तो आईपीओ और अन्य सौदों की पाइपलाइन काफी बड़ी है। फिलीपींस के सबसे लोकप्रिय मोबाइल पेमेंट ऐप GCash की पैरेंट कंपनी Mynt Inc ने आईपीओ का भाव फिक्स कर दिया है और यह फिलीपींस का सबसे बड़ा आईपीओ बनने वाला है। ऑस्ट्रेलिया भी एआई से जुड़ी इस तेजी का एक हिस्सा बनने वाला है। वहां डेटा सेंटर ऑपरेटर Firmus Grid $5 अरब का IPO देश में अब तक के सबसे बड़े लिस्टिंग में से एक होगा।Corona वाले साल भी Nifty ग्रीन, लेकिन अब 10 साल बाद लाल की कगार पर, इस साल टूटा 14%, अब चार्ट पर ये लेवल करें मार्कVijay Kedia's SMILE Theroy: विजय केडिया की स्माइल थ्योरी, खिलखिला उठेगी पोर्टफोलियोडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games 2026 में कौन रहा सबसे बड़ा Match-Winner? जानिए Top-3 MVP क्रिकेटरों की पूरी लिस्ट
एशियन गेम्स 2026 का मेंस क्रिकेट कॉम्पिटिशन (Asian Games Men's Cricket Competition 2026) खत्म हो चुका है। ये टूर्नामेंट श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की कैप्टेंसी में भारत ने जीता और फाइनल में पाकिस्तान को रौंदकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं उन तीन खिलाड़ियों के नाम जो कि एशियन गेम्स के टॉप-3 MVP क्रिकेटर (Most Valuable Players of the Series) रहे। 3. अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma): इस लिस्ट में तीसरी पॉजिशन पर भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी अभिषेक शर्मा हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी बैटिंग से धमाका किया और पाकिस्तानी गेंदबाज़ों की धुलाई करके 28 गेंदों पर 61 रन ठोके। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके 7 छक्के लगाए। इसके अलावा उन्होंने टूर्नामेंट में 2 विकेट भी चटकाए। यही वज़ह है वो एशियन गेम्स 2026 क्रिकेट कॉम्पिटिशन के तीसरे MVP क्रिकेटर रहे। ये भी पढ़ें: Vaibhav Sooryavanshi ने रचा इतिहास, India के लिए 15 साल 190 दिन की उम्र में जीता Gold Medal 2. ईशान किशन (Ishan Kishan): एशियन गेम्स 2026 के दूसरे बेस्ट क्रिकेटर ईशान किशन हैं। उन्होंने श्रीलंका के सामने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार बैटिंग की और एक स्लो पिच पर 46 गेंदों पर 4 चौके 5 छक्के लगाकर नाबाद 80 रन बनाए। उन्होंने टूर्नामेंट के दोमैचों में 147.7 की स्ट्राइक रेट से पूरे 100 रन जोड़े और 2 कैच पकड़े। यही वज़ह है वो इस लिस्ट में दूसरी पॉजिशन पर हैं। ये भी पढ़ें: शेर की तरह दहाड़े Yuvraj Singh, शारजाह में Australia Champions को मारे 6 छक्के; देखें VIDEO 1. थरिंदु रत्नायके (Tharindu Ratnayake): एशियन गेम्स 2026 के MVP एक श्रीलंकाई ऑलराउंडर हैं, जिनका नाम थरिंदु रत्नायके हैं। वो टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं खेल पाए, क्योंकि श्रीलंका की टीम सेमीफाइनल में भारत को हराने में असफल रही। हालांकि इसके बावजूद थरिंदु ने MVP टाइटल जीता। उन्होंने दो मैचों में 70 रन बनाए और 4 विकेट झटके। सबसे जरूरी बात थरिंदु रत्नायके केदम पर ही श्रीलंका ने बांग्लादेश कोBronze Medal गेम में 63 रनों से हराया। इस मुकाबले में उन्होंने 32 गेंदों पर 65 रन बनाए और 3 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट झटके। उनके नाम एशियन गेम्स के क्रिकेट कॉम्पिटिशन में224.2 इमपैक्ट पॉइंट हैं। वो टूर्नामेंट में 200+ इमपैक्ट पॉइंट हासिल करने वाले एकलौते क्रिकेटर रहे।
Anahat Singh ने एशियाई खेलों के रजत पदक के बाद 2028 Olympics पर साधी नजरें
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अनाहत सिंह जानती थीं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना ‘बहुत यथार्थवादी’ लक्ष्य नहीं था लेकिन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाना इस भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के लिए निराशा के साथ-साथ प्रेरणा का भी कारण बना और अब उनकी नजरें 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। अनाहत एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्क्वाश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि उन्हें दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई खिलाड़ी सिवसांगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अगर अनाहत फाइनल जीत जातीं तो उन्हें 2028 ओलंपिक में सीधे जगह मिल जाती लेकिन यह 18 वर्षीय खिलाड़ी अब पीएसए रैंकिंग में ऊपर चढ़कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। स्वदेश लौटने के बाद अनाहत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से काफी निराश थी। दोबारा खुश होने या थोड़ा बेहतर महसूस करने में मुझे कुछ दिन लगे। फाइनल में हारना अच्छा नहीं लगता, विशेषकर तब जब आप किसी बड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद खिताब के इतने करीब पहुंच जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं को देखने की कोशिश करूंगी और इसे इस रूप में देखूंगी कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अगर मैं शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकती हूं तो इसमें मेरे लिए कई अच्छी बातें भी हैं।’’अनाहत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं लेकिन उन्हें पता था कि मजबूत खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए यह आसान लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना था। मुझे पता था कि यह बहुत यथार्थवादी लक्ष्य नहीं था लेकिन निश्चित रूप से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास वैकल्पिक योजना भी होनी है जिसका मतलब रैंकिंग के जरिए क्वालीफाई करना है। अब मैं यही करने की कोशिश करूंगी। अगले 18 महीने में मैं अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलने और उनमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी, जिससे कि रैंकिंग में ऊपर जा सकूं और ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर सकूं।’’सीधे क्वालीफिकेशन का मौका हाथ से निकलने के बाद अनाहत ने अब अपना पूरा ध्यान पीएसए रैंकिंग पर लगा दिया है। अनाहत और अभय सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीते, जबकि भारतीय महिला और पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किए। भारतीय महिला स्क्वाश टीम की कोच सुरभि मिश्रा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश थीं लेकिन उनका मानना था कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते थे। सुरभि ने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। अनाहत और अभय ने बहुत अच्छा किया। टीम स्पर्धा में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम शायद थोड़ा बेहतर कर सकते थे। हम जीत से बस कुछ अंक दूर थे।’’कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तन्वी खन्ना ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय स्क्वाश में हो रही प्रगति को दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शानदार रहा। हमारे पास फाइनल में पहुंचने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद टीम के रूप में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दिखाया कि हम शीर्ष स्तर पर हैं। उम्मीद है कि अगली बार हम स्वर्ण पदक के साथ लौटेंगे।
एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी Abhay Singh स्वर्ण न मिलने से नाखुश
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की। पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण पदक जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है कि हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे और इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’अभय (28 वर्ष) एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश का पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उम्मीद है कि अगली बार इसमें बदलाव आएगा।’’भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर होगा जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अभय ने कहा, ‘‘अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। फिलहाल मैं रैंकिंग में शीर्ष पर हूं और योजना इस स्थान पर बने रहने तथा लगातार सुधार करने की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं पर हमें ध्यान देना चाहिए।
Asian Games पदक विजेता भारतीय मुक्केबाजों का दिल्ली हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ
(हिमांक नेगी)नयी दिल्ली, चार अक्टूबर रात के करीब तीन बजे थे लेकिन हवाई अड्डे पर रौनक बनी हुई थी और एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्साहित परिजनों की मौजूदगी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बैंड, फूल-माला, मिठाइयों से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ। भारतीय मुक्केबाजी दल के नागोया में यादगार अभियान के बाद स्वदेश वापसी पर उसका सफलता के अनुरूप स्वागत किया गया। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने खिलाड़ियों की अगवानी की। स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मेरे परिवार के सदस्य यहां आए हैं और अब हम और जश्न मनाएंगे। मेरे गांव में भी एक कार्यक्रम होगा जहां हम जश्न मनाएंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ नया सीखकर लौटा हूं और यह आगे ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में काफी उपयोगी होगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’परवीन हुड्डा के लिए यह जश्न खास तौर पर भावुक करने वाला था। उन्होंने पिछली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन निलंबन के बाद वह पदक उनसे छीन लिया गया था। इस बार उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। परवीन ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने कांस्य पदक जीता था लेकिन वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा क्योंकि रहने के स्थान की जानकारी (व्हेयरअबाउट नियम) से जुड़े नियम के कारण मेरा पदक छीन लिया गया था। लेकिन यही मेरी प्रेरणा थी कि मैं अलग रंग का पदक जीतकर वापसी करूं।’’भारतीय मुक्केबाज नागोया से अभूतपूर्व तीन स्वर्ण पदक के अलावा तीन कांस्य पदक लेकर लौटे। महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा इस प्रदर्शन से बेहद खुश थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मुश्किल था और हमें हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देना था। आप एक पल के लिए भी ढिलाई नहीं बरत सकते। इसलिए यह उपलब्धि इतनी खास महसूस हो रही है। हमारे तीन मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे और तीनों के मुकाबले बेहद कठिन थे। तीनों में जीत हासिल करना शानदार था।’’नीवा के लिए अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की टीम में मौजूदगी भी जीत की संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण रही है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना नागोया से चैंपियन बनकर लौटीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था लेकिन उससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी, इसलिए इस बार मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। मैं मानसिक रूप से भी काफी मजबूत और परिपक्व हुई हूं।’’लवलीना ने कहा, ‘‘पहले मैं बहुत भावुक थी और कई चीजों को दिल पर ले लेती थी, लेकिन अब मैं चीजों को बेहतर तरीके से समझती हूं। तकनीकी और मानसिक रूप से भी खेल के प्रति मेरा नजरिया बदला है।’’अगस्त में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने पहले एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली प्रिया घंघास भी इस अनुभव का इस्तेमाल अपनी कमियों में सुधार के लिए करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चीन के खिलाफ मुकाबले में मेरे अंदर कुछ कमियां थीं। मुक्के मारते समय मैं हमेशा अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाती और फुटवर्क में भी कुछ चीजों में सुधार की जरूरत है। मैं इन चीजों पर काम करूंगी और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी।’’कांस्य पदक विजेता कपिल पोखरिया भी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतकर स्वदेश लौटने से खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सका था।’’बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने भी भारत के प्रदर्शन पर खुशी जताई और कहा कि एशियाई खेलों की सफलता मजबूत प्रदर्शन की श्रृंखला में एक और उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बेहद गर्व है। उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और चीन जैसे प्रमुख मुक्केबाजी देशों को पीछे छोड़कर एशिया में नंबर एक बनना शानदार उपलब्धि है।’’अजय ने कहा, ‘‘यह लगातार अच्छे प्रदर्शनों के बाद आया है। टीम बहुत अच्छा कर रही है और हमारे मुक्केबाजों में काफी आत्मविश्वास है। अब हमें सिर्फ ओलंपिक की तैयारी करनी है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज के साथ कुल 85 मेडल जीते हैं और मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। गोल्ड के मामले में भारत उज्बेकिस्तान के बराबर रहा, लेकिन सिल्वर मेडल ज्यादा होने की वजह से भारत उससे ऊपर रहा। चौथा स्थान देखने में भले ही […] यह लेख Asian Games 2026: 85 मेडल के पीछे 3 बड़ी गिरावट और 3 बड़ी कामयाबी, क्या भारत 2022 से कमजोर हुआ? सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Maharajganj News: एशियाई खेलों में तीरंदाजी प्रदर्शन अन्य खेलों के लिए बनेगी नजीर
Archery performance at the Asian Games will set a precedent for other sports.
Jhansi News: एशियाई खेलों में भारत की जीत पर झांसी में जश्न
झांसी। एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत की इस जीत से झांसी के क्रिकेट खिलाड़ियों में खुशी की लहर है।
Bareilly News: आईटीबीपी की परवीन ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर बढ़ाया बरेली का मान
बरेली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की तृतीय वाहिनी में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 65 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर बरेली का मान बढ़ाया है।
भारत ने हॉकी में रचा इतिहास, एशियाई खेलों में पहली बार पुरुष-महिला टीम ने जीता गोल्ड
गिफू (जापान)। भारतीय हॉकी के लिए एशियाई खेल 2026 ऐतिहासिक बन गए हैं। पुरुष टीम ने शनिवार को फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत ने इन खेलों में पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों के स्वर्ण पदक जीतने का ऐतिहासिक ‘गोल्डन डबल’ […] The post भारत ने हॉकी में रचा इतिहास, एशियाई खेलों में पहली बार पुरुष-महिला टीम ने जीता गोल्ड appeared first on Sabguru News .
एशियाई खेलों में गोल्ड के बाद नारंगी जर्सी पर उठे सवालों का जवाब: भोला नाथ
नई दिल्ली, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह का मानना है कि भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर नई नारंगी जर्सी को लेकर उठी आलोचनाओं का मैदान पर करारा जवाब दिया है।
Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा
नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों की सराहना करते हुए कहा कि इन टीमों समेत अन्य पदक विजेताओं ने शानदार प्रदर्शन के साथ देशवासियों को गर्व और खुशी का अवसर दिया। भारत ने क्रिकेट में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराया जबकि हॉकी के स्वर्ण पदक मुकाबले में मलेशिया को 5-1 से मात देकर खिताब पर कब्जा जमाया। प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘स्वर्ण पदक एक बार फिर भारत के नाम। एशियाई खेलों में अपना खिताब बरकरार रखने पर हमारी पुरुष क्रिकेट टीम को बधाई। यह निस्संदेह देश के लिए हर्ष और उल्लास का अवसर है। टीम के सभी सदस्यों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।’’भारतीय पुरुष हॉकी और क्रिकेट टीमों ने शानदार प्रदर्शन के दम पर अपने स्वर्ण पदक का बचाव किया। खास बात यह रही कि इससे पहले उनकी महिला टीमों ने भी शीर्ष स्थान हासिल कर भारत के लिए दोहरे स्वर्ण पदक की राह तैयार कर दी थी। मोदी ने कहा, ‘‘एशियाई खेलों में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतना और कुल पांचवां स्वर्ण हासिल करना, हमारे खिलाड़ियों का यह अभियान शानदार रहा है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि पहली बार एक ही एशियाई खेलों में हमारी पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। यह साफ है कि भारतीय हॉकी एशियाई मंच पर मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए है।’’मोदी ने 17 वर्षीय तीरंदाज कुमकुम मोहोद और अन्य पदक विजेताओं की तारीफ की। उन्होंने एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम को बधाई देते हुए कहा कि निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘‘एक ऐसा स्वर्ण पदक, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। 2026 एशियाई खेलों में रिकर्व व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने पर कुमकुम अनिल मोहोद को बधाई। निर्णायक शूट-ऑफ में उनका धैर्य और संयम विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वह इसी तरह और ऊंचे लक्ष्य हासिल करती रहें! उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।’’प्रधानमंत्री ने गोल्फर प्रणवी उर्स को भी व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने पर बधाई दी। मोदी ने लिखा, ‘‘इतिहास के पन्नों में दर्ज होने वाली उपलब्धि। एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत गोल्फ में भारत का अब तक का पहला स्वर्ण पदक जीतने पर प्रणवी शरत उर्स को बधाई। उनके शानदार प्रदर्शन ने देश के खेल जगत को अभूतपूर्व ऐतिहासिक क्षण दिए हैं। यह जीत अधिक से अधिक युवा भारतीयों को इस खेल की ओर आकर्षित करे और उन्हें शिखर तक पहुंचने का लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करे। खेल में शानदार प्रदर्शन और प्रणवी को शुभकामनाएं।’’कुश्ती में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहलवान अमन सहरावत की भी प्रधानमंत्री ने जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने उनकी उपलब्धि को शानदार बताते हुए कहा, ‘‘अमन ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती में एशियाई खेलों का भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक से इस बार पोडियम के शीर्ष स्थान तक पहुंचना अमन की शानदार जुझारू क्षमता को दर्शाता है। उन्हें बहुत-बहुत बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’’पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में दीपक पूनिया को भले ही कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा, लेकिन प्रधानमंत्री ने उनके प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे भविष्य की सफलता की दिशा में एक अहम कदम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘छह दशक बाद भारत ने इन खेलों के पुरुषों के 97 किग्रा फ्रीस्टाइल कुश्ती वर्ग में एक बार फिर पोडियम पर जगह बनाई है। दीपक पूनिया ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक जीतकर देश की कुश्ती यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ा है। उन्हें बधाई। कामना है कि आने वाले समय में वे लगातार नई सफलताएं हासिल करते रहें।
Asian Games 2026: कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने शनिवार (3 अक्टूबर) को मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5.1 से हराकर एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी का गोल्ड मेडल अपने पास बरकरार रखा। इसी के साथ भारतीय हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1.0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में गोल्ड जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था।यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे । मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया।हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे। इसके साथ ही वह लगातार दो एशियाई खेलों मेंगोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए हैं। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह 2014 और 2022 खेलों मेंगोल्ड मेडलिस्ट विजेता टीम का भी हिस्सा थे।भारत को अधिक मिलेपेनल्टी कॉर्नरभारत को मैच में 14 जबकि मलेशिया को दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इस जीत के साथ लगातार दो एशियाई खेलों मेंगोल्ड जीतने वाला पाकिस्तान के बाद भारत दूसरा देश बन गया है। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में खिताब जीता था। पहले हाफ में मलेशियाई खिलाड़ियों ने अपनी चपलता से भारतीयों को काफी परेशान किया। लेकिन दूसरे हाफ में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा।पहले क्वार्टर में भारतीयों में तालमेल की कमी दिखीट। ट्रैपिंग भी खराब थी। सर्कल के भीतर भी अच्छे पास नहीं दे पा रहे थे। भारत को छठे मिनट में गोल करने का मौका मिला। लेकिन विवेक सागर प्रसाद की रिवर्स हिट गोल के ऊपर से चली गई। दो मिनट बाद हार्दिक सिंह को सर्कल के भीतर नीलाकांता शर्मा ने पास दिया। लेकिन शॉट इतना कमजोर था कि मलेशिया ने आसानी से बचा लिया।हरमनप्रीत ने दागा गोलभारत को 11वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। दूसरे पर हरमनप्रीत ने गोल दागा। गोल गंवाने के बाद मलेशिया ने जवाबी हमले बोले और फैजल सारी भारतीय सर्कल में कई बार घुसे। मलेशिया के लिये बराबरी का गोल शेलो ने 14वें मिनट में दागा। हवा में आई गेंद को कब्जे में लेकर उन्होंने दमदार शॉट सीधे गोल के भीतर निशाना करके साधा जिसे गोलकीपर सूरज करकेरा रोक नहीं सके।दूसरे हाफ में भारत का शानदार प्रदर्शनदूसरे क्वार्टर में मलेशिया को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका। वीडियो रेफरल पर मलेशिया को फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और फिर वे नाकाम रहे। भारत ने 23वें मिनट में चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर बढत बना ली। हरमनप्रीत मैदान के बाहर थे और जुगराज ने यह गोल दागा। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया।ये भी पढ़ें- Asian Games 2026: खत्म हुआ 44 साल का इंतजार! हॉकी में चीन को हरा भारत की बेटियों ने जीता गोल्ड, ओलंपिक टिकट भी पक्का42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बनाया जब पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद मलेशियाई रशर के शरीर से टकराई। हार्दिक ने इसे गोल में बदला। चौथा गोल अभिषेक के पास पर शिलानंद ने दागा। हरमनप्रीत ने हूटर से तीन मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत की 5.1 से जीत तय कर दी।
Asian Games में भारत ने 5 गोल्ड समेत 9 मेडल जीतकर रचा इतिहास!
एशियन गेम्स में मेंस क्रिकेट की टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए शनिवार को गोल्ड मेडल जीतने में कामयाबी हासिल की. क्रिकेट के अलावा हॉकी, गोल्फ और तीरंदाजी में भी भारत गोल्ड जीतने में सफलता हासिल की.
(फिलेम दीपक सिंह)काकामिगाहारा, तीन अक्टूबर कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारत ने शनिवार को मलेशिया को एकतरफा फाइनल में 5 . 1 से हराकर एशियाई खेलों की पुरूष हॉकी स्पर्धा का स्वर्ण बरकरार रखा और 2028 ओलंपिक के लिये भी क्वालीफाई कर लिया। इससे एक दिन पहले महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता और ओलंपिक का टिकट कटाया था। यह पहली बार हुआ है कि एक ही एशियाई खेलों में भारत की महिला और पुरूष दोनों टीमों ने स्वर्ण जीता है। पिछले महीने नीदरलैंड और बेल्जियम में विश्व कप में निराशाजनक आठवें स्थान पर रहने के बाद हरमनप्रीत सिंह की टीम ने शानदार वापसी की। कप्तान हरमनप्रीत (11वें और 57वें मिनट), जुगराज सिंह (23वें मिनट), हार्दिक सिंह (42वें मिनट) और शिलानंद लाकड़ा (54वें मिनट) ने भारत के लिये गोल दागे। मलेशिया के लिये एकमात्र गोल 14वें मिनट में शेलो सिल्वेरियस ने किया। हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट में सर्वाधिक 12 गोल दागे। इसके साथ ही वह लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। भारत के सबसे अनुभवी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में खिताब जीतने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी बन गए। वह 2014 और 2022 खेलों में स्वर्ण पदक विजेता टीम का भी हिस्सा थे। भारत को मैच में 14 जबकि मलेशिया को दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिले। इस जीत के साथ लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाला पाकिस्तान के बाद भारत दूसरा देश बन गया। भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2022 में खिताब जीता था। पहले हाफ में मलेशियाई खिलाड़ियों ने अपनी चपलता से भारतीयों को काफी परेशान किया लेकिन दूसरे हाफ में भारत का प्रदर्शन बेहतर रहा। पहले क्वार्टर में भारतीयों में तालमेल की कमी दिखी और ट्रैपिंग भी खराब थी। सर्कल के भीतर भी अच्छे पास नहीं दे पा रहे थे। भारत को छठे मिनट में गोल करने का मौका मिला लेकिन विवेक सागर प्रसाद की रिवर्स हिट गोल के ऊपर से चली गई। दो मिनट बाद हार्दिक सिंह को सर्कल के भीतर नीलाकांता शर्मा ने पास दिया लेकिन शॉट इतना कमजोर था कि मलेशिया ने आसानी से बचा लिया। भारत को 11वें मिनट में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले और दूसरे पर हरमनप्रीत ने गोल दागा। गोल गंवाने के बाद मलेशिया ने जवाबी हमले बोले और फैजल सारी भारतीय सर्कल में कई बार घुसे। मलेशिया के लिये बराबरी का गोल शेलो ने 14वें मिनट में दागा। हवा में आई गेंद को कब्जे में लेकर उन्होंने दमदार शॉट सीधे गोल के भीतर निशाना करके साधा जिसे गोलकीपर सूरज करकेरा रोक नहीं सके। दूसरे क्वार्टर में मलेशिया को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गोल नहीं हो सका। वीडियो रेफरल पर मलेशिया को फिर पेनल्टी कॉर्नर दिया गया और फिर वे नाकाम रहे। भारत ने 23वें मिनट में चौथे पेनल्टी कॉर्नर पर बढत बना ली। हरमनप्रीत मैदान के बाहर थे और जुगराज ने यह गोल दागा। दूसरे हाफ में भारत ने बेहतर प्रदर्शन किया और 42वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक बनाया जब पेनल्टी कॉर्नर पर गेंद मलेशियाई रशर के शरीर से टकराई। हार्दिक ने इसे गोल में बदला। चौथा गोल अभिषेक के पास पर शिलानंद ने दागा। हरमनप्रीत ने हूटर से तीन मिनट पहले पेनल्टी कॉर्नर तब्दील करके भारत की 5 . 1 से जीत तय कर दी।
Asian Games: भारतीय पुरुषों का हॉकी में सोने पर कब्जा! मलेशिया को 5-1 से हरा रचा इतिहास, भारत ने लगाई मेडल की हैट्रिक
Asian Games 2026 में भारत ने जीते 85 Medals, 21 Gold के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा
एक रोमांचक 15वें दिन का समापन हुआ और इसी के साथ एशियाई खेल 2026 में भारत का अभियान भी समाप्त हो गया। भारत के खाते में पांच स्वर्ण पदक और जुड़े। पुरुष हॉकी टीम ने फ़ाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराया। यह भारत का 21वां गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर 85वां मेडल था, जिससे भारत ने हर चार साल में होने वाले इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में एक बार फिर टॉप-5 में जगह बनाई। पिछले संस्करण की तुलना में भारत के कुल मेडल की संख्या 21 कम रही। 2022 के हांगझोऊ खेलों के मुकाबले गोल्ड मेडल की संख्या में सात की कमी आई। भारत ने हांगझोऊ में 106 मेडल जीते थे और पहली बार 100 मेडल का आंकड़ा पार किया था। आइची-नागोया का सफ़र मिला-जुला रहा; कुछ उम्मीद के मुताबिक नतीजे मिले तो कुछ निराशाजनक भी रहे, लेकिन आखिर में शानदार प्रदर्शन ने पूरे सफ़र की तस्वीर बदल दी। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ दबाव हावी न होने की दी थी सलाह, जीत के बाद बोले Shreyas Iyer हालांकि, भारत के आखिरी समय में मिले मेडल्स की झड़ी का श्रेय भी बनता है। हाल ही में गुरुवार तक, भारत सिर्फ़ 10 गोल्ड मेडल के साथ मेडल टेबल में टॉप 10 से बाहर था। लेकिन आखिरी दो दिनों में हॉकी और क्रिकेट टीमों ने गोल्ड जीते, साथ ही तीरंदाज़ी, बॉक्सिंग और रेसलिंग में भी भारत को शानदार नतीजे मिले। इस तेज़ी से 11 और गोल्ड मेडल मिले और भारत टॉप पांच में पहुँच गया, जिससे गेम्स के खत्म होने से पहले ही इस अभियान को बहुत ज़रूरी बढ़ावा मिला। भारत ने एशियाई खेल 2026 में 85 मेडल जीते हैं, जिनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। भारत पदकों के मामले में चौथे नंबर पर रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म कुमकुम मोहोद और प्रणवी उर्स ने क्रमशः तीरंदाजी और गोल्फ में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीते, जबकि पहलवान अमन सहरावत ने वर्ल्ड चैंपियन को हराकर पुरुषों के 57 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट और हॉकी टीमों ने अपना गोल्ड मेडल बरकरार रखा, जबकि महिला टीम गोल्फ में ऐतिहासिक सिल्वर मेडल मिला। पहलवान अंतिम पंघाल ने महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता, जबकि दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारत 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज मेडल के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत के लिए यह एक यादगार अभियान रहा, जिसमें कई रिकॉर्ड बने और टूटे, भले ही चीन में हुए पिछले संस्करण की तुलना में मेडल की संख्या कम थी।
Asian Games Hockey: भारतीय पुरुषों की हॉकी टीम ने लहराया तिरंगा! 5वीं बार गोल्ड मेडल जीतकर रचा नया इतिहास
Asian Games: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शनिवार को गिफू प्रीफेक्चरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए फाइनल मैच में मलेशिया के खिलाफ 5-1 से जीत दर्ज करते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ भारत ने एलए 2028 ओलंपिक का टिकट भी अपने नाम कर लिया। मैच की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने दबदबा बनाए रखा। 11वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए गोल करते हुए भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, 14वें मिनट में मलेशिया के शैली सिल्वरियस ने फील्ड गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया, लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने एक बेहतरीन पेनाल्टी कॉर्नर के जरिए बढ़त को 2-1 कर दिया। हाफ टाइम के बाद 42वें मिनट में हार्दिक सिंह ने पेनाल्टी स्ट्रोक को शानदार तरीके से गोल में तब्दील किया। इसके बाद 54वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने एक फील्ड गोल दागा और अंततः 57वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने अपना दूसरा गोल पेनाल्टी कॉर्नर से करते हुए मलेशिया की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारतीय टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया। इससे पहले हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2022 का गोल्ड भी अपने नाम किया था। यह एशियन गेम्स के अलग-अलग संस्करणों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का कुल 5वां गोल्ड मेडल है। देश ने साल 1966, 1998, 2014, 2022 और 2026 में यह खिताब जीता है। एशियन गेम्स में पहली बार पुरुष और महिला दोनों टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है। भारतीय महिला हॉकी टीम इंडिया ने शुक्रवार को खेले गए फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय महिला हॉकी टीम ने 2028 ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। साल 1982 के बाद पहली बार भारतीय महिला हॉकी टीम एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीती। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है। भारतीय टीम ने एशियन गेम्स के इतिहास में पहली बार अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया। इससे पहले हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2022 का गोल्ड भी अपने नाम किया था। यह एशियन गेम्स के अलग-अलग संस्करणों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का कुल 5वां गोल्ड मेडल है। देश ने साल 1966, 1998, 2014, 2022 और 2026 में यह खिताब जीता है। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
Asian Games: Deepak Punia ने 97kg Wrestling में जीता Bronze Medal, 60 साल का सूखा खत्म
3 अक्टूबर को एशियाई खेलों में दीपक पूनिया ने पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कुश्ती कैटेगरी में मंगोलिया के गनखुयाग गनबातार को 2-1 से हराकर भारत के लिए ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। यह मेडल पुरुषों की 97-किलो फ्रीस्टाइल कैटेगरी में 60 साल बाद भारत का पहला मेडल है; इससे पहले 1966 के खेलों में भीम सिंह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इस कामयाबी के साथ ही खेलों में भारत के कुल मेडलों की संख्या 83 हो गई, जिसमें 20 गोल्ड, 26 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Pakistan के खिलाफ Team India की रणनीतिक जीत, Shreyas Iyer ने बताया कैसे बदला मैच का Momentum पुरुषों के फ्रीस्टाइल 74-kg ब्रॉन्ज़ मेडल मैच में, सागर जगलान को कज़ाकिस्तान के नूरकोझा काइपानोव ने 30 सेकंड से भी कम समय में हरा दिया। काइपानोव तीन बार के वर्ल्ड मेडलिस्ट हैं। वहीं, अमन सहरावत ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 57-kg कैटेगरी में नॉर्थ कोरिया के चोंग सोंग हान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। अमन ने शुरुआत में डिफेंस पर ध्यान दिया, अपने बाएं पैर पर हुए कई हमलों को सफलतापूर्वक रोका और शुरुआती दौर में स्कोर को शून्य बनाए रखा। पैसिविटी की चेतावनी मिलने और एक पॉइंट गंवाने के बाद, अमन ने 'टेकडाउन' के साथ वापसी की और ब्रेक से पहले एक और टेकडाउन करके 4-1 की बढ़त बना ली। दूसरे पीरियड की शुरुआत में एक और टेकडाउन के साथ उन्होंने अपनी बढ़त को 6-1 कर लिया, लेकिन घुटने की चोट के बावजूद हान ने वापसी की। उन्होंने टेकडाउन और रोल के ज़रिए छह पॉइंट हासिल किए और स्कोर को 7-6 से अपने पक्ष में कर लिया। इसे भी पढ़ें: IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold इसके बाद अमन ने चार पॉइंट वाला मूव किया; उन्होंने टेकडाउन के लिए दो पॉइंट और रोल के लिए दो पॉइंट हासिल किए, जिससे वे 10-7 से आगे हो गए। हान की ओर से की गई एक असफल चुनौती के बाद अमन को एक और पॉइंट मिला और उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखते हुए गोल्ड मेडल जीता। यह जीत इन खेलों में भारत का दूसरा रेसलिंग गोल्ड मेडल था; इससे पहले सुजीत कलकल ने भी गोल्ड मेडल जीता था। अमन ने शानदार डिफेंस और अटैकिंग तकनीक का प्रदर्शन किया और दूसरे पीरियड में थोड़ी देर के लिए हुई चूक के बावजूद एक शानदार जीत हासिल की।
Asian Games में भारत का जलवा! PAK को हराकर जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारत ने 211 रन बनाए, जबकि पाकिस्तान 192 रन ही बना सका. मुकाबले में सैम अयूब के दो कैच छोड़ने के बाद भारतीय फैंस ने उन्हें जमकर चिढ़ाया. स्टेडियम में बिरयानी और गार्डन वाले तंज सुनाई दिए, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं.
Asian Games 2026: कुश्ती में अमन सहरावत का जलवा, दुनिया के नंबर-1 रेसलर को मात देकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games 2026: कुश्ती में अमन सहरावत का जलवा, दुनिया के नंबर-1 रेसलर को मात देकर जीता गोल्ड मेडल
Asian Games Final में Pakistan को हराकर India ने जीता Gold Medal, बिना विवाद खत्म हुआ मैच
(तस्वीरों के साथ)...अजय मसंद...नागोया, तीन अक्टूबर भारत और पाकिस्तान के बीच एशियाई खेलों के क्रिकेट फाइनल को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन शनिवार को यहां हुआ मुकाबला बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। इस दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक बार फिर हाथ नहीं मिलाए। फाइनल देखने के लिए तोक्यो, नागोया और जापान के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचे भारतीय समुदाय के लोगों के लिए यह दिन क्रिकेट के नाम रहा। पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत पर दबाव जरूर बनाया, लेकिन भारत का विशाल स्कोर निर्णायक साबित हुआ और उसने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीत लिया। मैच से पहले टॉस मैदान के एक कोने में कराया गया, जबकि टेलीविजन कैमरा दल पिच के पास मौजूद था। मैच के बाद का घटनाक्रम भी कुछ ऐसा ही रहा। जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी जब अपने ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़े तो उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पास जाने की कोशिश नहीं की। पाकिस्तान की टीम अपने ड्रेसिंग रूम से बाहर आई, अंपायरों से हाथ मिलाया और भारतीय खिलाड़ियों से बिना किसी बातचीत के वापस लौट गई। हाथ मिलाने को छोड़ दे तो मैच खेल भावना के साथ खेला गया। खिलाड़ियों के बीच कोई तीखी बहस या बड़ा विवाद नहीं हुआ और उन्होंने अपना ध्यान मुकाबले पर बनाए रखा तथा क्रिकेट को केंद्र में रहने दिया। पदक समारोह भी बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुआ और आयोजकों ने पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाए रखा। आइची-नागोया एशियाई खेल आयोजन समिति (एआईएनएजीओसी) के एक सीनियर अधिकारी ने पाकिस्तान की टीम को रजत पदक प्रदान किए, जबकि आईसीसी के अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व सचिव जय शाह ने कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली भारतीय टीम को स्वर्ण पदक प्रदान किए। तीनों पदक विजेता टीमों के सामूहिक फोटो के दौरान ही एकमात्र असहज स्थिति बनी। भारत को बीच में खड़ा होना था जबकि पाकिस्तान को उसकी बाईं ओर और कांस्य पदक विजेता श्रीलंका को दाईं ओर खड़ा होना था। पाकिस्तानी खिलाड़ी इस बात को लेकर असमंजस में दिखे कि उन्हें कहां खड़ा होना है और पदक समारोह के बाद पोडियम से नीचे उतर गए। श्रीलंका के खिलाड़ी भी उनके पीछे उतर गए। इसके बाद दोनों टीमें भारतीय खिलाड़ियों के साथ फोटो के लिए एकत्र हुईं। एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी की अनुपस्थिति से भी संभवतः एक असहज स्थिति टल गई। नकवी ने पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं का हवाला देते हुए फाइनल में शामिल नहीं होने की बात कही थी। नकवी पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और वह एशिया कप की पुरुष और महिला दोनों प्रतियोगिताओं की ट्रॉफी सौंपने को लेकर बीसीसीआई के साथ जारी गतिरोध के केंद्र में रहे हैं। भारतीय टीमों ने पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय रक्षा बलों के साथ एकजुटता जताने के लिए नकवी से अपनी-अपनी ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। बीसीसीआई का कहना रहा है कि उसकी टीमें नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेंगी, जबकि पाकिस्तानी मंत्री ने जोर देकर कहा है कि भारत को ट्रॉफी व्यक्तिगत रूप से उनसे ही लेनी होगी। यह गतिरोध 2025 के पुरुष एशिया कप और इस साल के महिला सत्र के दौरान भी जारी रहा। दोनों भारतीय टीमों ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। बीसीसीआई ने एसीसी से अपने उपाध्यक्ष को पुरस्कार समारोह आयोजित करने की अनुमति देने का अनुरोध किया था, लेकिन प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया गया, जिसके कारण ट्रॉफियां बिना किसी के लिए रह गईं। इस पृष्ठभूमि में एशियाई खेलों का फाइनल एक और विवाद का केंद्र बन सकता था, क्योंकि दोनों चिर प्रतिद्वंद्वी एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब के लिए आमने-सामने थे। नकवी की अनुपस्थिति और आयोजकों द्वारा पदक समारोह के प्रबंधन से यह अवसर एशिया कप विवाद की पुनरावृत्ति के बिना संपन्न हो गया। मैदान पर खिलाड़ियों ने एक बार फिर हाथ मिलने से परहेज किया लेकिन भारत ने शुरुआत से मैच पर अपनी पकड़ बनाये रखते हुए जीत दर्ज की। पाकिस्तान को रजत और श्रीलंका को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा तथा प्रतिद्वंद्विता से जुड़े राजनीतिक पहलुओं के बजाय ध्यान पदकों पर रहा।
Aman Sehrawat ने Asian Games में जीता गोल्ड, फाइनल में विश्व चैंपियन को हराया
नागोया, तीन अक्टूबर अमन सहरावत ने एशियाई खेलों में शनिवार को यहां पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के कड़े मुकाबले वाले फाइनल में उत्तर कोरिया के विश्व चैंपियन चोंग सोंग हान को 11-7 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। तेईस वर्षीय भारतीय पहलवान ने हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने इस बार शानदार रणनीति का प्रदर्शन करते हुए हान को मात दी और अपने पदक का रंग बदलते हुए पोडियम के शीर्ष स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। अमन ने इससे पहले सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोलियुब्स्की को 14-8 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जगाई थी। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के ओलंपिक पदक विजेता बने सहरावत फाइनल में लगातार नियंत्रण में रहे। हान ने भारतीय पहलवान को हराने के लिए हर संभव दांव आजमाया और एक समय 7-6 की बढ़त भी हासिल कर ली थी लेकिन अमन ने फिर अच्छी वापसी की। अमन के स्वर्ण पदक से कुश्ती में भारत के शानदार प्रदर्शन को और मजबूती मिली है। सुजीत कलकल ने शुक्रवार को पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
Asian Games 2026 में Aman Sehrawat ने जीता Gold Medal, नॉर्थ कोरियाई पहलवान को हराया
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के लिए गोल्ड मेडल जीतने का सिलसिला जारी है। स्टार रेसलर अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल रेसलिंग फ़ाइनल में नॉर्थ कोरिया के हान को हराकर गोल्ड मेडल जीता। इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए सहरावत ने भारत के लिए गेम्स का 20वां गोल्ड मेडल और कुल मिलाकर 82वां मेडल जीता। दिलचस्प बात यह है कि हान ने खेल की शुरुआत बहुत आक्रामक तरीके से और लगातार हमले करके की थी। हालांकि, सहरावत के मज़बूत डिफ़ेंस की वजह से आख़िरकार उन्होंने जीत हासिल की। इसे भी पढ़ें: IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold 6-1 से आगे रहने के बाद अमन कुछ समय के लिए पिछड़ गए क्योंकि हान का आक्रामक खेल काम आया और वे 6-7 के स्कोर से आगे हो गए। हालांकि, भारतीय रेसलर ने चार पॉइंट वाला शानदार दांव खेलकर एक बार फिर बढ़त बना ली और भारत के लिए गोल्ड मेडल जीत लिया। उन्होंने इस बार शानदार रणनीति का प्रदर्शन करते हुए हान को मात दी और अपने पदक का रंग बदलते हुए पोडियम के शीर्ष स्थान पर पहुंचने में सफल रहे। अमन ने इससे पहले सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोलियुब्स्की को 14-8 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद जगाई थी। इसे भी पढ़ें: Asian Games Hockey Final में चीन को हराने के लिए Coach Marijne ने दिया था शेर का मंत्र पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर भारत के सबसे कम उम्र के ओलंपिक पदक विजेता बने सहरावत फाइनल में लगातार नियंत्रण में रहे। हान ने भारतीय पहलवान को हराने के लिए हर संभव दांव आजमाया और एक समय 7-6 की बढ़त भी हासिल कर ली थी लेकिन अमन ने फिर अच्छी वापसी की। अमन के स्वर्ण पदक से कुश्ती में भारत के शानदार प्रदर्शन को और मजबूती मिली है। सुजीत कलकल ने शुक्रवार को पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में झज्जर की बेटी और अंतरराष्ट्रीय गोल्फर दीक्षा डागर ने देश का मान बढ़ाया है। दीक्षा डागर ने प्रणवी शरथ उरस और अदिति अशोक के साथ मिलकर महिला गोल्फ टीम इवेंट में भारत के लिए रजत पदक जीता। भारतीय टीम ने कुल 14-अंडर-पार यानी 546 का स्कोर किया और दूसरे स्थान पर रही। चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दीक्षा, प्रणवी और अदिति की तिकड़ी का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्स के महिला टीम गोल्फ में भारत का यह पहला पदक है। इस उपलब्धि ने भारतीय महिला गोल्फ के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। टीम की ओर से प्रणवी उरस ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी इतिहास रचा और एशियन गेम्स में व्यक्तिगत गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनीं। अंतिम दौर में प्रणवी ने 70 का स्कोर बनाकर कुल 15-अंडर 265 के साथ व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता। अदिति अशोक ने अंतिम दौर में 67 और दीक्षा डागर ने 77 का स्कोर बनाया। टीम के दो सर्वश्रेष्ठ स्कोरों को जोड़कर भारत का कुल स्कोर 546 रहा। झज्जर की बेटी का सफर रहा संघर्ष और उपलब्धियों से भरा दीक्षा डागर का सफर बचपन से ही संघर्ष और उपलब्धियों से जुड़ा रहा है। वह छह-सात वर्ष की उम्र से गोल्फ खेल रही हैं। सुनने में अक्षम होने के बावजूद उन्होंने इस कमी को कभी अपनी राह में बाधा नहीं बनने दिया। उनके पिता कर्नल नरेंद्र डागर भी गोल्फ खेलते रहे हैं। शुरुआती दौर में उन्होंने बेटी को प्रशिक्षण दिया। दीक्षा ने कम उम्र में ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। वर्ष 2017 के डेफलिम्पिक्स में उन्होंने रजत पदक जीता था। इसके बाद 2018 में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व एशियन गेम्स में किया। 18 साल की उम्र में रचा था बड़ा इतिहास वर्ष 2019 में दीक्षा ने प्रोफेशनल गोल्फ में कदम रखा और उसी साल साउथ अफ्रीकन महिला ओपन जीतकर इतिहास रच दिया। वह उस समय सिर्फ 18 वर्ष की थीं और लेडीज यूरोपियन टूर पर खिताब जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला गोल्फर बनीं। इससे पहले यह उपलब्धि अदिति अशोक के नाम थी। इसके बाद दीक्षा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी पहचान मजबूत की। उन्होंने 2021 में लेडीज यूरोपियन टूर पर टीम इवेंट भी जीता और 2023 में टिप्सपोर्ट चेक लेडीज ओपन का खिताब अपने नाम किया। ओलिंपिक से लेकर डेफलिम्पिक्स तक भारत का प्रतिनिधित्व दीक्षा की उपलब्धियों में ओलिंपिक भी शामिल है। उन्हें टोक्यो ओलिंपिक में अंतिम समय पर प्रवेश मिला और वह ओलिंपिक तथा डेफलिम्पिक्स दोनों में हिस्सा लेने वाली पहली गोल्फर बनीं। उन्होंने टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। डेफलिम्पिक्स में भी दीक्षा ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2022 में ब्राजील के कैक्सियास डो सुल में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2025 टोक्यो डेफलिम्पिक्स में भी उन्होंने महिला व्यक्तिगत गोल्फ में गोल्ड जीतकर अपना खिताब बरकरार रखा। अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित हो चुकी दीक्षा डागर को वर्ष 2023 का अर्जुन अवॉर्ड भी दिया गया। जनवरी 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया था। खेल मंत्रालय ने इससे पहले उन्हें टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम यानी TOPS में भी शामिल किया था। अब एशियन गेम्स का रजत भी उपलब्धियों की सूची में जुड़ा एशियन गेम्स 2026 का रजत पदक दीक्षा के शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है। झज्जर की इस बेटी ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा, मेहनत और मजबूत इच्छाशक्ति के दम पर चुनौतियों को पीछे छोड़कर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी दीक्षा डागर समेत भारतीय महिला गोल्फ टीम को एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने पर बधाई दी और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। दीक्षा की यह उपलब्धि झज्जर के साथ-साथ पूरे हरियाणा के लिए गर्व का विषय है।
IOA चीफ PT Usha ने की Cricket Teams की तारीफ, Asian Games में India को मिला 19वां Gold
3 अक्टूबर को हुए फ़ाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से हराकर भारत ने एशियाई खेलों में पुरुषों का क्रिकेट गोल्ड मेडल सफलतापूर्वक बरकरार रखा। इस जीत के बाद भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने खुशी ज़ाहिर की। जीत के बाद उषा ने भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों की तारीफ़ की और बताया कि इन खेलों में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या 19 हो गई है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। महिला क्रिकेट और पुरुष क्रिकेट, दोनों में ही। और मुझे बहुत खुशी हुई कि यह हमारे देश के लिए 19वां गोल्ड मेडल है। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में Ishan Kishan ने पूरा किया 1000 T20I रन का आंकड़ा, बनाया खास रिकॉर्ड उषा ने भारत के कुल मेडल टैली पर भी बात की, जो 81 था - इसमें 19 गोल्ड, 26 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे। उन्होंने खेल में होने वाले उतार-चढ़ाव को माना और कहा कि खिलाड़ियों के मुकाबले जारी रहने के दौरान धैर्य रखना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि खेल में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं। हमें धैर्य के साथ देखना और इंतज़ार करना होगा। अब खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने लगे हैं। यह अच्छी बात है, और 19वां मेडल भी मिला है। अभी भारतीय टीमों का खेल देखने के लिए अलग-अलग वेन्यू पर जा रहीं उषा ने आने वाले हॉकी इवेंट्स को लेकर अपनी उम्मीद ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि और अब हम अगले वेन्यू पर जा रहे हैं। अब तक एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू तक जाने में दिक्कत हो रही है, लेकिन मैं भागते हुए दूसरे वेन्यू - हॉकी - के लिए जा रही हूँ। मैं वहाँ गोल्ड मेडल जीतते हुए देखना चाहती हूँ। पाकिस्तान के खिलाफ़ हुए रोमांचक क्रिकेट फ़ाइनल के अपने अनुभव को याद करते हुए, उषा ने कहा कि वह मैच पर बारीकी से नज़र रखे हुए थीं और भारत द्वारा तीन विकेट लेने के बाद एक और विकेट की उम्मीद कर रही थीं। इसे भी पढ़ें: Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच उन्होंने कहा कि मैंने पूरा मज़ा लिया। जब 3 विकेट गिर चुके थे, तो मैं एक और विकेट चाहती थी, जबकि जय शाह कह रहे थे कि अगर विकेट नहीं भी गिरते हैं तो कोई बात नहीं, इसलिए चिंता न करें। लेकिन मैं बस एक और विकेट चाहती थी।
Asian Games Hockey Final में चीन को हराने के लिए Coach Marijne ने दिया था शेर का मंत्र
भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने चीन के खिलाफ एशियाई खेल फाइनल से पहले टीम को स्पष्ट संदेश दिया था कि एक शेर के गुणों को आत्मसात करके मैदान पर उतरना है और नतीजा खुद ब खुद मिलेगा। भारतीय महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर एशियाई खेलों में 44 साल में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। मारिन ने ऐतिहासिक जीत के बाद को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मैने भारतीय शेरों का उदाहरण दिया। शेर की आंख, प्रतीक और वह पत्थर जो मैने लड़कियों को दिया था। मैने उनसे कहा कि जैसे शेर शिकार करता है, एकाग्र होकर शिकार को देखता है और कैसे झटके से उबरकर फिर वापसी करता है। भारत में शेर सबसे बड़ा प्रतीक है। मैने मैच से पहले उनसे यही सब कहा।’’ एशियाई खेलों में वह पदक जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के इरादे से ही आये थे और उन्हें यकीन था कि टीम ऐसा कर सकेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले महीने विश्व कप के दौरान पूरे समय मुझे यह भरोसा था। हमने चीन को पहले मैच में ड्रॉ पर रोका और पहली बार बड़े टूर्नामेंट में हम ऊंची रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ खेल रहे थे। वहां टीम का प्रदर्शन देखकर मुझे विश्वास जगा था कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’ मारिन ने कहा ,‘‘ हमने एफआईएच नेशंस कप में अच्छा प्रदर्शन किया था और विश्व कप क्वालीफायर में भी लेकिन वह अलग था। विश्व कप में बेहतर टीमें थी और वही मुझे लगा कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ और सबसे अहम बात यह है कि मुझे ही ऐसा नहीं लगा, बल्कि टीम को भी यह महसूस हुआ।’’ इस स्वर्ण पदक से पूरे भारत में जश्न का माहौल है और एक बार फिर महिला हॉकी ने सभी का ध्यान खींचा है। कोच ने कहा ,‘‘ मैं अतीत के बारे में नहीं सोच रहा था और यह भी नहीं कि इस जीत के मेरे लिये क्या मायने हैं। मुझे यह अच्छा लग रहा है कि इस जीत ने भारत के लोगों को कितनी खुशी दी है। वे कितने उत्साहित और भावुक हैं और कितने बच्चों को इससे प्रेरणा मिलेगी।’’ तोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक ले जाने वाले कोच ने कहा ,‘‘हम सभी टीम को खुलकर खेलने का मौका देते हैं , दबाव नहीं डालते और साथ में मनोरंजन भी करते हैं। बहुत सारी चीजों को मिलाकर यह उपलब्धि हासिल हुई है। सिर्फ एक चीज नहीं है।’’ हॉकी पिच से इतर भी मारिन का भारत से जुड़ाव ऐसा हो गया है कि वह इस देश को अपना दूसरा घर मानते हैं। बेंगलुरू में बाइक राइड से लेकर फिल्टर कॉफी तक और हिन्दी के कुछ शब्द सीखने तक। उन्होंने कहा ,‘मैं भारत से करीब से जुड़ गया हूं। लोग हमारी कितनी हौसलाअफजाई करते हैं। सोशल मीडिया पर अच्छे कमेंट आते हैं और कितना सम्मान मिलता है। मैं इससे अभिभूत हूं।’’ तोक्यो ओलंपिक, विश्व कप और एशियाई खेलों में से अपना पसंदीदा पल चुनना मारिन के लिये मुश्किल है लेकिन उन्होंने कहा ,‘‘ ओलंपिक खास था , कोविड की वजह से। मैं डेढ साल तक घर नहीं जा सका लेकिन इस साल विश्व कप और एशियाई खेल भी मेरे शीर्ष तीन अनुभव में से हैं।
Asian Games फाइनल में Pakistan को 19 रन से हराकर भारत ने जीता Gold Medal
निशिन, तीन अक्टूबर अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा के तूफानी अर्धशतकों की मदद से भारत ने हसन नवाज की आक्रामक पारी के बावजूद रोमांचक फाइनल में अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर शनिवार को यहां एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। अभिषेक ने 28 गेंद पर 61 रन बनाए जिसमें तीन चौके और सात छक्के शामिल हैं। तिलक वर्मा ने आखिरी ओवरों में 22 गेंद पर नाबाद 51 रन की पारी खेली जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल हैं। उन्हें शिवम दुबे का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 15 गेंद पर 27 रन बनाए। इससे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी भारतीय टीम ने छह विकेट पर 211 रन का बड़ा स्कोर बनाया। पाकिस्तान की तरफ से अहमद दानियाल और अराफात मिन्हास ने दो-दो विकेट लिए। पाकिस्तान खराब शुरुआत के बावजूद हसन नवाज की 51 गेंदों पर 96 रन की पारी से मुकाबले में बना रहा लेकिन आखिर में वह छह विकेट पर 192 रन तक ही पहुंच पाया। नवाज जब चार रन पर थे तब वैभव सूर्यवंशी ने उनका कैच छोड़ दिया था। नवाज ने अपनी पारी में पांच चौके और सात छक्के लगाए। भारत की तरफ से अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट लिए। भारत की महिला क्रिकेट टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था और इस तरह से वह इस खेल में दोहरी सफलता हासिल करने में सफल रहा। भारतीय टीम ने पिछले साल एशिया कप के फाइनल में भी पाकिस्तान को हराया था। बड़े लक्ष्य का पीछा कर रहे पाकिस्तान ने आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन इस दौरान उसने विकेट भी गंवाए। स्पिनर अक्षर और वाशिंगटन ने उसके बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। वाशिंगटन ने कप्तान साहिबजादा फरहान (10) को डीप मिडविकेट पर कैच कराकर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। अक्षर ने इसके बाद नए बल्लेबाज उस्मान खान (03) को तुरंत ही पवेलियन की राह दिखा दी। उन्होंने माज सदाकत (23) के तीखे तेवरों पर भी विराम लगाया, जिससे पाकिस्तान का स्कोर तीन विकेट पर 39 रन हो गया। लेकिन नवाज और साइम अयूब (22 गेंद पर 29 रन) ने भारत की पेशानी पर बल ला दिए। इन दोनों ने विशेषकर लेग स्पिनर रवि बिश्नोई को निशाना बनाया जिन्होंने तीन ओवर में 44 रन लुटाए। पिच से स्पिनरों को मिल रही मदद तो देखते हुए कप्तान अय्यर ने अभिषेक को भी गेंद सौंपी जिन्होंने दो ओवर में 23 रन दिए। ऐसे मौके पर दुबे फिर से ‘गोल्डन आर्म’ साबित हुए। उन्होंने अपनी पहली गेंद पर ही साइम को आउट कर दिया जिसमें वाशिंगटन ने दौड़ लगाकर कैच लेकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। वाशिंगटन ने इसके बाद अब्दुल समद (09) को आउट किया। पाकिस्तान को आखिरी दो ओवर में 44 रन चाहिए थे। जसप्रीत बुमराह ने 19वें ओवर में 11 रन दिए जबकि दुबे ने अंतिम ओवर में 33 रन का बचाव किया। उन्होंने आखिरी गेंद पर नवाज को आउट करके उन्हें शतक पूरा नहीं करने दिया। इससे पहले पिछले साल पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शानदार बल्लेबाजी की और 20 गेंद में अर्धशतक बनाकर विपक्षी टीम के स्पिन आक्रमण को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। अभिषेक ने धीमी गेंदबाजी का भरपूर फायदा उठाते हुए विकेट के दोनों तरफ बेफिक्र होकर से छक्के जड़े। अराफात ने अपनी गति में बदलाव करके अभिषेक को स्टंप आउट कराया। ईशान किशन (18 गेंदों में 20 रन) ने कप्तान श्रेयस अय्यर (24 गेंदों में 21 रन) के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 35 रन जोड़कर स्थिति संभाली। तिलक और दुबे ने आखिरी में शानदार बल्लेबाजी करते हुए स्पिनरों की जमकर धुलाई की। इन दोनों खिलाड़ियों ने छठे विकेट के लिए केवल पांच ओवरों में 62 रन जोड़े जबकि रन बनाना आसान नहीं था। बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर सुफयान मोकिम के पारी के 18वें ओवर में 18 रन बने और फिर ऑफ स्पिनर साइम अयूब ने 19वें ओवर में 23 रन दिए। तेज गेंदबाज दानियाल ने आखिरी ओवर किया जिसमें 16 और रन बने। भारत ने स्पिनरों की मददगार पिच पर कुल 15 छक्के लगाए। भारत ने पावरप्ले में दो विकेट खोकर 81 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी (नौ गेंदों में 15 रन) ने लेग स्पिनर साद मसूद की गेंदों पर दो छक्के लगाए। सूर्यवंशी ऑफ स्पिनर अयूब की गेंद पर रिवर्स शॉट खेलने की कोशिश में आउट हो गए। उन्होंने इस 15 वर्षीय खिलाड़ी को आउट करने के बाद ‘रॉकिंग द बेबी’ शैली में जश्न मनाया। कप्तान अय्यर और किशन दोनों ही 11 से 15 ओवरों के बीच बड़े शॉट नहीं लगा पाए। किशन के तेज, सीधी और थोड़ी ज्यादा उछाल वाली गेंद पर बोल्ड होने के बाद लेग स्पिनर अबरार ने अय्यर की संघर्षपूर्ण पारी समाप्त की। इस तरह से दो विकेट पर 93 रन से भारत का स्कोर अचानक ही पांच विकेट पर 133 रन हो गया। जब ऐसा लग रहा था कि भारत 200 रन तक भी नहीं पहुंच पाएगा, तब तिलक और दुबे की जोड़ी ने आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया।
(मोना पार्थसारथी)(तस्वीर के साथ)नयी दिल्ली, तीन अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच शोर्ड मारिन ने चीन के खिलाफ एशियाई खेल फाइनल से पहले टीम को स्पष्ट संदेश दिया था कि एक शेर के गुणों को आत्मसात करके मैदान पर उतरना है और नतीजा खुद ब खुद मिलेगा। भारतीय महिला टीम ने गत चैम्पियन और ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 1 . 0 से हराकर एशियाई खेलों में 44 साल में पहली बार स्वर्ण पदक जीता। मारिन ने ऐतिहासिक जीत के बाद को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मैने भारतीय शेरों का उदाहरण दिया। शेर की आंख, प्रतीक और वह पत्थर जो मैने लड़कियों को दिया था। मैने उनसे कहा कि जैसे शेर शिकार करता है, एकाग्र होकर शिकार को देखता है और कैसे झटके से उबरकर फिर वापसी करता है। भारत में शेर सबसे बड़ा प्रतीक है। मैने मैच से पहले उनसे यही सब कहा।’’एशियाई खेलों में वह पदक जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने के इरादे से ही आये थे और उन्हें यकीन था कि टीम ऐसा कर सकेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले महीने विश्व कप के दौरान पूरे समय मुझे यह भरोसा था। हमने चीन को पहले मैच में ड्रॉ पर रोका और पहली बार बड़े टूर्नामेंट में हम ऊंची रैंकिंग वाली टीम के खिलाफ खेल रहे थे। वहां टीम का प्रदर्शन देखकर मुझे विश्वास जगा था कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’मारिन ने कहा ,‘‘ हमने एफआईएच नेशंस कप में अच्छा प्रदर्शन किया था और विश्व कप क्वालीफायर में भी लेकिन वह अलग था। विश्व कप में बेहतर टीमें थी और वही मुझे लगा कि हम एशियाई खेलों में स्वर्ण जीत सकते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ और सबसे अहम बात यह है कि मुझे ही ऐसा नहीं लगा, बल्कि टीम को भी यह महसूस हुआ।’’इस स्वर्ण पदक से पूरे भारत में जश्न का माहौल है और एक बार फिर महिला हॉकी ने सभी का ध्यान खींचा है। कोच ने कहा ,‘‘ मैं अतीत के बारे में नहीं सोच रहा था और यह भी नहीं कि इस जीत के मेरे लिये क्या मायने हैं। मुझे यह अच्छा लग रहा है कि इस जीत ने भारत के लोगों को कितनी खुशी दी है। वे कितने उत्साहित और भावुक हैं और कितने बच्चों को इससे प्रेरणा मिलेगी।’’तोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक ले जाने वाले कोच ने कहा ,‘‘हम सभी टीम को खुलकर खेलने का मौका देते हैं , दबाव नहीं डालते और साथ में मनोरंजन भी करते हैं। बहुत सारी चीजों को मिलाकर यह उपलब्धि हासिल हुई है। सिर्फ एक चीज नहीं है।’’हॉकी पिच से इतर भी मारिन का भारत से जुड़ाव ऐसा हो गया है कि वह इस देश को अपना दूसरा घर मानते हैं। बेंगलुरू में बाइक राइड से लेकर फिल्टर कॉफी तक और हिन्दी के कुछ शब्द सीखने तक। उन्होंने कहा ,‘मैं भारत से करीब से जुड़ गया हूं। लोग हमारी कितनी हौसलाअफजाई करते हैं। सोशल मीडिया पर अच्छे कमेंट आते हैं और कितना सम्मान मिलता है। मैं इससे अभिभूत हूं।’’तोक्यो ओलंपिक, विश्व कप और एशियाई खेलों में से अपना पसंदीदा पल चुनना मारिन के लिये मुश्किल है लेकिन उन्होंने कहा ,‘‘ ओलंपिक खास था , कोविड की वजह से। मैं डेढ साल तक घर नहीं जा सका लेकिन इस साल विश्व कप और एशियाई खेल भी मेरे शीर्ष तीन अनुभव में से हैं।
Asian Games 2026: भारत ने एशियम गेम्स में पाकिस्तान को हरा जीता गोल्ड मेडल
इंटरनेट डेस्क। भारतीय पुरूष टीम ने एशियम गेम्स के फाइनल में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। मैच में अभिषेक शर्मा (61 रन) और तिलक वर्मा (नाबाद 51 रन) की अर्धशतकीय पारियों के दम पर भारत ने एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल मैच में पाकिस्तान को 19 रन से शिकस्त दी। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर्स में 211 रनों का स्कोर बनाया है। इसके जवाब में पाकिस्तान टीम हसन नवाज (96) की तूफानी पारी के दम पर निर्धारित ओवरों 6 विकेट गंवाकर 192 रन ही बना सकी। भारत ने लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता है। इससे भारत के एशियन गेम्स 2026 अब 19 स्वर्ण पदक हो गए हैं। भारत की ओर से इससे पहले प्रणवी उर्स ने गोल्फ के विमेंस इंडिविजुअल स्ट्रोक प्ले में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं 17 साल की तीरंदाज कुमकुम मोहोद रिकर्व महिला इंडिविजुअल कैटेगरी में स्वर्ण पर कब्जा किया। भारत ने आज कुल चार मेडल अपने नाम किए। इसमें तीन स्वर्ण और एक कांस्य पदक है। pc- cricinfo.com
Asian Games Final में Team India का दबदबा, चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को धोकर जीता Gold Medal
एशियन गेम्स 2026 में भारत के गोल्ड मेडल की संख्या एक बार फिर बढ़ गई। पुरुष क्रिकेट टीम ने इवेंट के फाइनल मुकाबले में अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत हासिल की। दोनों टीमें 3 अक्टूबर को निशिन के कोरोगी पार्क में आमने-सामने हुईं और भारत ने पहले बल्लेबाजी की। अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पारी की शुरुआत की। दो छक्के लगाने के बाद सूर्यवंशी 15 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन 'मेन इन ब्लू' के लिए अभिषेक शर्मा की पारी सबसे खास रही। अभिषेक ने सिर्फ़ 28 गेंदों में 61 रन बनाए और शुरुआत में ही पाकिस्तान पर दबाव बना दिया। इसे भी पढ़ें: Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच इसके अलावा, संजू सैमसन दो रन बनाकर आउट हो गए, जबकि श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने क्रमशः 21 और 20 रन बनाए। साथ ही, तिलक वर्मा ने भी शानदार प्रदर्शन किया और 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए; शिवम दुबे ने 27 रन जोड़े, जिससे भारत ने पहली पारी में कुल 211 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से अहमद दानियाल और अराफात मिन्हास ने दो-दो विकेट लिए, जबकि सैम अयूब और अबरार अहमद ने भी एक-एक विकेट हासिल किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए, पाकिस्तान की पारी की शुरुआत साहिबज़ादा फरहान और माज़ सदाकत ने की। पाकिस्तान के कप्तान फरहान से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे दबाव नहीं झेल पाए और 10 रन बनाकर आउट हो गए। इसके अलावा, सदाकत भी 18 गेंदों में 23 रन बनाकर आउट हो गए। पाकिस्तान के लिए स्थिति और खराब हो गई जब उस्मान खान भी तीन रन बनाकर आउट हो गए। तीन विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि पाकिस्तान की हार तय है, लेकिन सैम अयूब और हसन नवाज़ की साझेदारी ने पारी को संभाला। इसे भी पढ़ें: First Class Cricket से संन्यास के बाद भी Yuzvendra Chahal को सीमित ओवरों में वापसी की उम्मीद अयूब 29 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन नवाज़ ने शानदार खेल दिखाया और 51 गेंदों में 96 रन बनाए। हालांकि, यह भी काफी नहीं था क्योंकि पाकिस्तान सिर्फ़ 192 रन ही बना सका और भारत ने 19 रन से मैच जीतकर एशियन गेम्स 2026 में एक और गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
Asian Games Final Live: भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से रौंदा, लगातार दूसरी बार जीता एशियाड क्रिकेट गोल्ड
Asian Games Final Live: पाकिस्तान को 5वां झटका, वाशिंगटन सुंदर को मिली दूसरी सफलता
Asian Games Final Live:पाकिस्तान को 5वां झटका, वाशिंगटन सुंदर को मिली दूसरी सफलता
Asian Games: Neeraj Chauhan ने साथी Dhiraj को हराकर व्यक्तिगत रिकर्व में कांस्य जीता
नागोया, तीन अक्टूबर भारतीय तीरंदाज नीरज चौहान ने शनिवार को यहां एशियाई खेलों में पुरुषों की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में अपने हमवतन शीर्ष वरीयता प्राप्त धीरज बोम्मादेवरा को 6-4 से हराकर कांस्य पदक जीता। नीरज ने कांस्य पदक के प्लेऑफ मैच में धीरज को 29-26, 27-28, 28-29, 30-28, 29-28 से हराया। इस तरह से वह तरुणदीप राय के बाद एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रिकर्व पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष तीरंदाज बन गए। इससे पहले शीर्ष वरीयता प्राप्त धीरज सेमीफाइनल में पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ली वू सेओक से 3-7 से हार गए, जबकि नीरज को अंतिम चार के मैच में जापान के तीरंदाज जुन्या नाकानिशी से 1-7 से हार का सामना करना पड़ा। धीरज ने क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान के अमीरखोन सादिकोव को 6-2 (29-27, 29-27, 28-28, 28-28) से, जबकि नीरज ने भूटान के लाम दोरजी को 7-1 (26-20, 27-24, 26-26, 28-27) से पराजित किया था। इसके साथ ही भारत ने तीरंदाजी में अपने अभियान का समापन पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य के साथ किया। पुरूष टीम वर्ग में धीरज और नीरज कल रजत पदक जीते थे।
Aman Sehrawat और Antim Panghal एशियाई कुश्ती के फाइनल में पहुंचे
नागोया, तीन अक्टूबर ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत और अंतिम पंघाल ने एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में शनिवार को यहां क्रमशः पुरुषों के 57 किलोग्राम और महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में प्रवेश किया। पिछले एशियाई खेलों के कांस्य पदक विजेता अमन ने पुरुषों के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के ऐयाल बेलोल्यूब्स्की को 14-8 से हराया और स्वर्ण पदक के मुकाबले में उनका सामना अब उत्तर कोरिया के चोंग सोंग हान से होगा। हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली अंतिम ने भी महिलाओं के 53 किलोग्राम वर्ग में फाइनल में जगह बनाई। उन्होंने सेमीफाइनल में चीन की जिन झांग को 6-1 से हराया। फाइनल में उनका मुकाबला 2024 की विश्व चैंपियन मो कियोका से होगा। इससे पहले दोनों भारतीय पहलवान ने अपने शुरुआती मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन किया। अमन ने जापान के यामातो ओगावा पर 20-9 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की और फिर क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के नुरदानत ऐतानोव को हराया। अंतिम ने कजाकिस्तान की शुगिला ओमिरबेक पर 9-0 की शानदार जीत के साथ शुरुआत की और फिर क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की साकिबजमाल एस्बोसीनोवा को हराया। भारत के अन्य खिलाड़ियों में दीपक पूनिया ने पुरुषों के 97 किलोग्राम वर्ग में चीन के जुनपेंग झोउ पर 12-2 की तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्हें हांगकांग के विंसेंट फंग वुई ली से वॉकओवर मिला जिससे वह सेमीफाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। लेकिन अंतिम चार में उज्बेकिस्तान के शेरजोद पोयोनोव से 8-9 से हारने के बाद वह फाइनल में जगह बनाने से चूक गए और अब कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। सागर जगलान ने पुरुषों के 74 किलोग्राम वर्ग में मंगोलिया के तुलगा तुमुर ओचिर पर 8-1 से जीत हासिल करके के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया, लेकिन अंतिम आठ में ईरान के योनेस इमामिचोगेई से हार गए। जगलान ने बाद में अपना रेपेचेज राउंड उज्बेकिस्तान के रज़ामबेक जामालोव के खिलाफ 7-3 से जीता और अब वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगे। मनीषा भानवाला महिला 65 किलोग्राम वर्ग के पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। उन्होंने कोरिया की यंगजिन क्वोन को पिनफॉल से हराया लेकिन क्वार्टर फाइनल में जापान की ओलंपिक चैंपियन अकारी फुजिनामी से 0-3 से हार गईं। फुजिनामी फाइनल में नहीं पहुंच सकी, जिससे मनीषा की पदक की उम्मीद भी समाप्त हो गई।
Asian Games Final Live: भारत ने 5 रन में गंवाए 2 विकेट, 14.2 ओवर में स्कोर 133/5
Asian Games Final Live: भारत ने 5 रन में गंवाए 2 विकेट, 14.2 ओवर में स्कोर 133/5
Asian Games Final Live Score: अभिषेक की तूफानी पारी के बाद भारत 12 ओवर में 124/3, श्रेयस-ईशान संभाल रहे मोर्चा
Asian Games Final Live Score:भारत का स्कोर 82/2, 6.1 ओवर में रोमांचक मुकाबला, अभिषेक शर्मा ने संभाली भारत की पारी, अर्धशतक के करीब
Pranavi Urs ने Asian Games में रचा इतिहास, महिला गोल्फ में जीता पहला व्यक्तिगत गोल्ड
नागोया, तीन अक्टूबर प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बन गई जिन्होंने आखिरी दौर में एक स्ट्रोक की बढत बरकरार रखकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की और टीम को भी रजत दिलाया। मैसूर की 23 वर्ष की प्रणवी ने तीसरे होल में ट्रिपल बोगी करने के बाद तीन बर्डी लगाये। आखिरी दौर में उन्होंने इवन पार 70 स्कोर किया और चार दिन में कुल स्कोर 15 अंडर 265 रहा। चीन की यिन रूओनिंग ने रजत पदक जीता जबकि सिंगापुर की शैनोन टैन को कांस्य पदक मिला। प्रणवी ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मुझे कुछ उपलब्धि हासिल करने वाली पहली खिलाड़ी बनना पसंद है। लोग आगे भी जीतेंगे लेकिन पहली बार जीतने वाला पहला ही होता है।’’प्रणवी, ओलंपियन अदिति अशोक (आखिरी दौर में 67) और दीक्षा डागर (आखिरी दौर में 77) की टीम ने रजत पदक जीता। भारत ने 14 अंडर 546 स्कोर किया। चीन ने 22 अंडर 538 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। अदिति एक डबल बोगी और एक बोगी के बाद लगातार पांच बर्डी लगाकर संयुक्त 14वें स्थान पर रही जबकि दीक्षा संयुक्त 23वें स्थान पर रही। भारत के लिये शिव कपूर ने 2002 बुसान खेलों में पुरूष गोल्फ का स्वर्ण पदक जीता था। यह 1982 दिल्ली एशियाई खेलों के बाद गोल्फ में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उस समय गोल्फ में लक्ष्मण सिंह ने व्यक्तिगत पुरूष स्वर्ण जीता था जबकि अमित लूथरा और राजीव मोहता के साथ टीम वर्ग में भी पीला तमगा हासिल किया था।
IND vs PAK Asian Games Final Live Score:वैभव सूर्यवंशी 15 रन पर आउट, पाकिस्तानी गेंदबाज के सेलिब्रेशन ने खींचा ध्यान
एशियाई खेलों में भारतीय गोल्फ़ के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक और अविस्मरणीय साबित हुआ। मैसूर की होनहार गोल्फ़र प्रणवी उर्स ने एशियाई खेलों में गोल्फ़ स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया है। वह एशियाई खेलों के इतिहास में महिला गोल्फ़ में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गई हैं। उनके इस शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय महिला गोल्फ़ टीम ने रजत पदक (Silver Medal) भी अपने नाम किया। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला इसे भी पढ़ें: Asian Games | 17 वर्षीय कुमकुम मोहाद ने रचा इतिहास, महिला रिकर्व तीरंदाजी में जीता भारत का पहला स्वर्ण पदक प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला गोल्फर बनकर इतिहास रच दिया। उन्होंने टूर्नामेंट के आखिर में कड़ी चुनौती का सामना करते हुए एक स्ट्रोक की बढ़त के साथ जीत हासिल की और भारत को टीम सिल्वर मेडल दिलाने में मदद की। उन्होंने शानदार 15-अंडर-पार 265 के स्कोर के साथ देश को टीम सिल्वर मेडल भी दिलाया। वह एशियाई खेलों में गोल्फ़ में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने फ़ाइनल राउंड में अपना संयम बनाए रखा और महिला गोल्फ़ में एशियाई खेलों की चैंपियन बनीं, जिससे भारत को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल मिला! भारतीय महिला टीम ने भी गोल्फ़ टीम इवेंट में 14-अंडर 546 के स्कोर के साथ सिल्वर मेडल जीता। भारतीय तिकड़ी - प्रणवी उर्स, अदिति अशोक और दीक्षा डागर - सिल्वर मेडल के साथ घर लौटेंगी। इसे भी पढ़ें: Kurash खिलाड़ी Yash Kumar Chauhan प्रतिबंधित दवाओं के सेवन में दोषी, अस्थायी रूप से निलंबित मैसूर की इस गोल्फर ने तीसरे होल पर ट्रिपल बोगी के कारण अपनी तीन-स्ट्रोक की बढ़त गंवाने के बाद तेज़ी से वापसी की। हालांकि, उन्होंने तीन बर्डीज़ के साथ अपने राउंड को संभाला और टॉप स्थान की दौड़ में बनी रहीं। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में महिला हॉकी टीम ने जीता स्वर्ण, CM Yogi Adityanath ने दी बधाई इसके अलावा, उर्स ने फ़ाइनल राउंड में इवन-पार 70 का स्कोर किया और चार दिनों के बाद 15-अंडर 265 के स्कोर के साथ टूर्नामेंट खत्म किया, जो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से एक स्ट्रोक बेहतर था। भारत के टीम सिल्वर मेडल जीतने में प्रणवी उर्स के स्कोर ने भी अहम भूमिका निभाई, जिसमें अदिति अशोक ने 67 और दीक्षा डागर ने फ़ाइनल राउंड में 77 का स्कोर किया। टीम स्टैंडिंग के लिए दो सर्वश्रेष्ठ स्कोर गिने जाते हैं, जिससे भारत का स्कोर 14-अंडर 546 रहा, जबकि चीन ने 22-अंडर 538 के स्कोर के साथ गोल्ड मेडल जीता। एशियाई खेलों में उर्स की जीत 2002 में शिव कपूर के पुरुष व्यक्तिगत खिताब जीतने के बाद से भारत का पहला एशियाई खेलों का गोल्फ़ गोल्ड मेडल था।
Asian Games 2026: टीम इंडिया ने पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच में चुनी बल्लेबाज,देखें प्लेइंग XI
Pakistan vs India, Gold Medal Match, Asian Games 2026: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने शनिवार (3 अक्टूबर) को पाकिस्तान के खिलाफ निशिन को कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 के गोल्ड मेडल मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। भारतीय टीम लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने के इरादे से उतर रही है, वहीं पाकिस्तान तीन मौकों में पहली बार फाइनल खेल रही है। भारत ने इस मुकाबले के लिए प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है। टीमें Also Read: LIVE Cricket Score भारत (प्लेइंग इलेवन): अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई और जसप्रीत बुमराह। पाकिस्तान (प्लेइंग इलेवन): साहिबजादा फरहान (कप्तान), माज़ सदाकत, उस्मान खान (विकेटकीपर), सईम अयूब, हसन नवाज, अब्दुल समद, अराफात मिन्हास, अहमद दानियाल, साद मसूद, अबरार अहमद, सुफयान मोकिम।
श्रीलंका ने जीता Asian Games 2026 में ब्रॉन्ज मेडल, रत्नायके के दम पर बांग्लादेश को रौंदा
Bangladesh vs Sri Lanka, Bronze Medal Match, Asian Games 2026: थरिंदु रत्नायके (Tharindu Ratnayake) के बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर श्रीलंका क्रिकेट टीम ने शनिवार (3 अक्टूबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए एशियन गेम्स 2026 के मुकाबले में बांग्लादेश को 63 रनों से रौंदकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम कर लिया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका कने 9 विकेट के नुकसान पर 165 रन का अच्छा स्कोर बनाया। टीम की शुरूआत अच्छी नहीं रही और 54 रन के कुल स्कोर तक 5 विकेट गिर गए। इसके बाद थरिंदु और कप्तान सहान अराच्चिगे ने मिलकर पारी को संभाला औऱ छठे विकेट के लिए 44 गेंदों में 93 रनों की अहम साझेदारी की। जीत के हीरो रहे थरिंदु ने 32 गेंदों में 65 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 5 छक्के जड़े। वहीं कप्तान सहान ने 37 गंदों में 33 रन की संयम भरी पारी खेली। बांग्लादेश के लिए महेदी हसन. सैफ हसन और मुस्तफिजुर रहमान ने 2-2 विकेट, अलीस अली इस्लाम और रिशान हुसैन ने 1-1 विकेट लिया। Sri Lanka ticked all the boxes this morning to secure the bronze medal. A performance this young group can be mighty proud of and so too can the fans back home #AsianGames2026 #BANvSL #ACC pic.twitter.com/CPgZBwGYF1 — AsianCricketCouncil (@ACCMedia1) October 3, 2026 जवाब में बांग्लादेश 17.3 ओवर में 102 रनों पर ढेर हो गई। नसुम अहमद 26 रन, यासिर अली 21 रन और परवेज हुसैन इमोन 20 रन के अलावा कोई खिलाड़ी ज्यादा देकर क्रीज पर नहीं टिक सका। टीम के छह बल्लेबाज खिलाड़ी तो दहाईं के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। Also Read: LIVE Cricket Score श्रीलंका के लिए गेंदबाजी मे थरिंदु, नुवान तुषारा, वुनजा सहन, विजयकांत व्याकांत ने 2-2 विकेट, कप्तान सहान और दुश्न हेमंथा ने 1-1 विकेट अपने खाते में डाला।
BREAKING : Asian Games 2026 Live Update: 17 साल की कुमकुम ने रचा इतिहास, रिकर्व इंडिविजुअल में भारत को दिलाया गोल्ड
भारतीय तीरंदाजी के इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। महज 17 वर्ष की तीरंदाज कुमकुम मोहाद ने एशियाई खेलों की महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में असाधारण धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही वह एशियाई खेलों की व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में पदक (और स्वर्ण) जीतने वाली पहली भारतीय महिला तीरंदाज बन गई हैं। रोमांचक शूटआउट में कोरियाई दिग्गज को दी मात फाइनल मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांच से भरा रहा। दक्षिण कोरिया की ओ येजिन के खिलाफ नियमित सेट के बाद स्कोर 5-5 से बराबरी पर था। इसके बाद मुकाबला ‘शूटआउट’ में गया, जहां दबाव के क्षणों में कुमकुम ने गजब का संयम दिखाया। कुमकुम ने शूटआउट में परफेक्ट 10 का स्कोर किया, जबकि येजिन केवल 8 का स्कोर ही बना सकीं। इस शानदार निशाने के साथ कुमकुम ने स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। पेरिस और ओलंपिक कोटा पर कब्जा फाइनल में पहुंचने से पहले ही कुमकुम ने देश के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की थी। सेमीफाइनल में चीन की जिंगयी झू को हराकर फाइनल में प्रवेश करने के साथ ही कुमकुम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भारत का कोटा स्थान भी सुरक्षित कर लिया। नियम के अनुसार, यह कोटा स्थान देश को मिलता है। इससे पहले चीन की जिंगयी झू को हराकर फाइनल में पहुंचने के साथ कुमकुम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के दो कोटा स्थानों में से एक हासिल कर लिया। यह कोटा देश को मिलता है। कुमकुम ने झू को 28-27, 30-30, 29-29, 29-28 से हराया और महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक पक्का करने वाली पहली भारतीय रिकर्व तीरंदाज बन गई। कुमकुम ने पहला सेट 9, 10 और 9 के स्कोर से जीता। दूसरे सेट में दोनों तीरंदाजों ने तीनों निशाने इनर 10 में लगाये। तीसरा सेट भी बराबरी पर रहा। आखिरी सेट में कुमकुम ने 29 . 28 से जीत दर्ज की। इससे पहले उन्होंने विश्व चैम्पियन कांग चाएयंग को क्वार्टर फाइनल में 6 . 4 से हराया था। कुमकुम ने महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण भी अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ जीता था। इसके बाद धीरज बोम्मदेवरा के साथ मिश्रित जोड़ी का रजत जीता। A HISTORIC FIRST FOR INDIAN ARCHERY! Congratulations to Kumkum Anil Mohod on winning India's first-ever GOLD in the Recurve Women’s Individual event at #AsianGames2026 ! This phenomenal triumph also secures a direct ticket to the LA 2028 Olympics. #Cheer4Bharat pic.twitter.com/TVzt8TKeOU — Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) October 3, 2026
खेल डेस्क। एशियन गेम्स 2026 के 14वें दिन आज 17 साल की तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। कुमकुम महिलाओं की रिकर्व इंडिविजुअल्स कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनी हैं। कुमकुम ने गोल्ड के मुकाबले में साउथ कोरिया की ओह ये जिन को शूटआउट में शिकस्त दी। तीरंदाजी में ये भारत का पांचवां गोल्ड है। भारत अब तक एशियन गेम्स के इस संस्करण में कुल 77 मेडल अपने नाम कर चुका है। इनमें 17 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज शामिल हैं। शूट-ऑफ में ओह ये जिन ने 8 का निशाना लगाया, जबकि कुमकुम ने 10 अंक हासिल कर गोल्ड जीता। महिला रिकर्व फाइनल के पांचवें सेट में भारत की कुमकुम मोहोड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीनों तीरों पर 10-10 अंक अपने नाम किए। वहीं साउथ कोरिया की ओह ये जिन 9-9-9 ही हासिल कर सकी। कुमकुम ने सेट 30-27 से जीता। पांच सेट के बाद स्कोर 5-5 से बराबर रहने से गोल्ड के लिए शूट-ऑफ का सहारा लिया गया। आज पुरुष क्रिकेटर और हॉकी में है गोल्ड की उम्मीद इसमे भारतीय तीरंदाज ने बाजी मारी। भारत को आज भी कई गोल्ड मिलने की उम्मीद है। क्रिकेट में भारतीय टीम का सामना गोल्ड के मुकाबले में पाकिस्तान से होगा। इस मैच में भारतीय टीम को गोल्ड का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वहीं पुरुष हॉकी टीम से भी आज गोल्ड की उम्मीद है। पुरुष हॉकी के फाइनल में भारत की टक्कर मलेशिया से होगी। ये मैच दोपहर साढे़ तीन बजे से शुरू होगा। PC:Twitter अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
Asian Games 2026 India Medal Tally LIVE: कुमकुम महोद ने भारत के लिए 17वां गोल्ड मेडल जीता
Asian Games 2026 India Medal Tally LIVE: कुमकुम महोद ने भारत के लिए 17वां गोल्ड मेडल जीता। भारत के खाते में अब कुल 77 मेडल हो गए हैं, जिसमें 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज भी शामिल हैं।
एशियन गेम्स के आखिरी दौर में भारत के लिए 3 अक्टूबर का दिन बेहद अहम है। क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मैच, हॉकी में मलेशिया से मुकाबला और कुश्ती, तीरंदाजी, ताइक्वांडो व गोल्फ में पदक की उम्मीदें रहेंगी।
Asian Games 2026 Live Updates: अब पुरुष हॉकी टीम से गोल्ड की उम्मीद, आर्चरी में भी पदकों पर नजरें
एशियन गेम्स 2026 में महिला हॉकी टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब आज पुरुष हॉकी टीम से भी ऐसे ही कारनामे की उम्मीद की जा रही है। वहीं इसके अलावा आर्चरी में व्यक्तिगत रिकर्व इवेंट में भी पदक आने की उम्मीद की जा रही है।
Pilibhit News: एशियाई खेलों में पदकों की चमक से बढ़ा महिला खिलाड़ियों का हौसला
पीलीभीत। एशियाई खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जिले की महिला खिलाड़ियों के लिए इन दिनों प्रेरणा बन रहा है।
भारत के लिए निर्णायक गोल अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने दागा। इससे पहले भारत ने 1982 में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीता था।
IND vs PAK Asian Games 2026 Final: एशियन गेम्स 2026 के मेन्स क्रिकेट इवेंट का महामुकाबला यानी भारत और पाकिस्तान के बीच का फाइनल मैच शनिवार (3 अक्टूबर) को जापान के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाना है। गोल्ड मेडल के लिए होने वाले इस हाई-वोल्टेज मैच पर सभी की निगाहें टिकी हैं, लेकिन मौसम ने फैंस और दोनों टीमों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रनों से करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई है, वहीं पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित मैच में बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर खिताबी मुकाबले का टिकट कटाया है। हालांकि, निशिन में शनिवार को होने वाले मैच के दौरान मौसम एक बड़ा खलनायक बन सकता है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के मुताबिक, सुबह के समय बारिश की 62% संभावना जताई गई है, जो दोपहर तक घटकर 25% हो सकती है। इस मुकाबले में बारिश का खतरा इसलिए ज्यादा अहम हो जाता है क्योंकि इस बार एशियन गेम्स के नियम पिछली बार से काफी अलग हैं। 2023 के हांगझाऊ एशियन गेम्स में जब भारत और अफगानिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला बारिश में बह गया था, तब बेहतर T20I रैंकिंग के आधार पर भारत को गोल्ड मेडल दे दिया गया था। लेकिन इस बार यह पुराना नियम लागू नहीं होगा। अगर मैच रद्द हुआ तो क्या होगा? 2026 एशियन गेम्स के मौजूदा नियमों के अनुसार, अगर भारत-पाकिस्तान के बीच का फाइनल मैच बारिश की वजह से बिना किसी नतीजे के रद्द हो जाता है, तो दोनों टीमों के बीच गोल्ड मेडल बांट दिया जाएगा। यानी कोई एक टीम विजेता बनने के बजाय भारत और पाकिस्तान दोनों को ही संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा। भारतीय टीम एशियन गेम्स के इतिहास में केवल दूसरी बार हिस्सा ले रही है और उसकी कोशिश हांगझाऊ में जीते अपने गोल्ड मेडल को सफलतापूर्वक डिफेंड करने की होगी। अब देखना यह होगा कि शनिवार को मैदान पर भारत-पाकिस्तान का खेल जमेगा या फिर बारिश खेल का मजा किरकिरा करेगी। एशियन गेम्स 2026 के लिएभारतीय टीम: संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर, वैभव सूर्यवंशी, विप्रज निगम। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान टीम: साहिबजादा फरहान (कप्तान), सईम अयूब, उस्मान खान (विकेटकीपर), हसन नवाज, हैदर अली, अब्दुल समद, मोहम्मद वसीम जूनियर, अबरार अहमद, सुफयान मोकिम, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अराफात मिन्हास, साद मसूद, माज सदाकत, अली रजा।
एशियाई खेलों की मिक्स्ड रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह के गांव पत्तियाल पहुंचने पर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी उपलब्धि पर पंचायत, गुरुद्वारा कमेटी और ग्रामीणों ने समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। गांव पहुंचने पर गुरिंदरवीर सिंह का ढोल-नगाड़ों और उत्साह के बीच स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि को गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। सम्मान समारोह में सरपंच बलविंदर सिंह, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जागीर सिंह और हेड ग्रंथी बाबा हरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गुरिंदरवीर के माता-पिता ने भी बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उनके पिता कमलजीत सिंह सेवानिवृत्त थानेदार हैं, जबकि माता रुपिंदर कौर ने कहा कि बेटे की मेहनत और सफलता से परिवार के साथ पूरे गांव का मान बढ़ा है। मई में भी बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मई 2026 में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में उन्होंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए टांडा यूनाइटेड स्पोर्ट्स क्लब की ओर से भी जल्द सम्मानित किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि गुरिंदरवीर आने वाले मुकाबलों में भी देश और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।
Asian Games में भारत ने जीते छह स्वर्ण, पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंचा
(अजय मसंद और फिलेम दीपक सिंह)नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम ने लंबे इंतजार के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर ओलंपिक के लिये क्वालीफाई किया जबकि मुक्केबाजों, तीरंदाजों और पहलवान सुजीत कलकल ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन करते हुउ एशियाई खेलों में शुक्रवार को छह स्वर्ण पदकों के साथ भारत को पदक तालिका में शीर्ष पांच में पहुंचा दिया। भारत अब 16 स्वर्ण , 25 रजत और 35 कांस्य समेत 76 पदक जीतकर शीर्ष पर है। भारत के पदक चौथे स्थान पर काबिज उजबेकिस्तान (65) से अधिक हैं लेकिन स्वर्ण की गिनती में पीछे है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने गत चैम्पियन चीन को 1.0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी कटाया। जीत का श्रेय भारतीय डिफेंस को जाता है जिसने चीन के लगातार हमलों के बावजूद संयम नहीं खोया और एक गोल की बढत अंत तक बनाये रखी। लालरेम्सियामी ने दसवें मिनट में ही भारत को बढत दिला दी और 24वें मिनट में भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ी सविता ने पेनल्टी स्ट्रोक पर चीन को गोल करने से रोका। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने 1982 में दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण जीता था जब पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था। वहीं तीरंदाजी में अंकिता भकत , कीर्ति शर्मा और 17 वर्ष की कुमकुम मोहोद ने फाइनल में दस बार की ओलंपिक चैम्पियन दक्षिण कोरिया को 5 . 3 से हराकर स्वर्ण जीता। रिकर्व टीमों के इस शानदार प्रदर्शन से पहले भारतीय कंपाउंड तीरंदाज सभी टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदकों पर कब्जा कर चुके हैं। भारत ने तीरंदाजी में अब तक कुल सात पदक जीत लिए हैं, जिनमें चार स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल हैं। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की महिला रिकर्व टीम दिन का पहला पदक दिलाया। भारतीय तिकड़ी ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए गत चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 (54-54, 56-56, 55-51, 54-54) से हराकर यादगार जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीन के खिलाफ 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। दिन का समापन पुरुष रिकर्व टीम के रजत पदक के साथ हुआ। धीरज, संजय भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी को फाइनल में दक्षिण कोरिया से 1-5 (56-56, 50-57, 54-56) से शिकस्त मिली। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए स्वर्ण पदकों की हैट्रिक लगाई। मुक्केबाजी में भारत का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। लवलीना और परवीन ने अपने-अपने फाइनल में जीत दर्ज करते हुए महिला मुक्केबाजी के स्वर्ण के लिए देश का 12 साल का इंतजार खत्म किया। अंकुश ने 80 किग्रा फाइनल में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर देश के लिए स्वर्ण पदक से अभियान समाप्त किया। भारत ने इस तरह मुक्केबाजी में एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह पदक जीते जिसमें तीन स्वर्ण शामिल रहे। देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ग्वांग्झू 2010 चरण में रहा था जिसमें दल ने दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य से कुल नौ पदक जीते थे। भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल ओलंपिक पदक विजेता लवलीना ने अपने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। परवीन ने इसके बाद पेरिस ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता चीनी ताइपै की नियेन चिन चेन को कड़े मुकाबले में 3-2 के विभाजित फैसले से हराकर इन खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। कुश्ती में सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। सेलिंग में नेत्रा कुमानन महिलाओं की डिंगी में और सेपकटेकरा में पुरूषों की चौकड़ी कांस्य जीतने में कामयाब रही।
Asian Games 2026:एशियाई क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी पहले से तय कामों की वजह से भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले 'एशियन गेम्स 2026' के पुरुष क्रिकेट गोल्ड मेडल मैच में शामिल नहीं हो पाएंगे। एसीसी ने इस बड़े फाइनल से पहले नकवी के नहीं आने की पुष्टि की। यह मैच निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में शनिवार (3 अक्टूबर) को खेला जाएगा। उन्होंने मेडल के लिए मुकाबला करने वाली टीमों को शुभकामनाएं भी दी हैं। गोल्ड मेडल मैच से पहले, इसी दिन बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होगा। एसीसी ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक बयान में कहा, एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी पहले से तय कामों की वजह से एशियन गेम्स 2026 के फाइनल वाले दिन मौजूद नहीं रह पाएंगे, लेकिन गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मैचों से पहले सभी चार टीमों को अपनी शुभकामनाएं भेजते हैं। गुरुवार को अपने-अपने सेमीफाइनल मैच जीतने के बाद भारत और पाकिस्तान एशियन गेम्स के गोल्ड मेडल के लिए एक अहम मुकाबले में आमने-सामने होंगे। पाकिस्तान ने बारिश से प्रभावित 13 ओवर के मैच में बांग्लादेश को छह विकेट से हराया, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में भारत ने श्रीलंका को 124 रनों से करारी शिकस्त दी। हाल की घटनाओं को देखते हुए, मैच के बाद खिलाड़ियों के हाथ मिलाने की परंपरा निभाए जाने की संभावना कम दिखाई देती है। इसकी वजह भारत और पाकिस्तान के बीच जारी कूटनीतिक तनाव है। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए थे, जिससे हालात युद्ध जैसी स्थिति तक पहुंच गए थे। तब से भारत ने वैश्विक क्रिकेट इवेंट्स (चाहे पुरुष/महिला या किसी भी आयु वर्ग के हों) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने या पाकिस्तानी अधिकारियों से टूर्नामेंट का सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। 2025 में भारत के सफल पुरुष टी20 एशिया कप अभियान के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव और उनकी टीम ने फाइनल समेत तीन बार पाकिस्तान को हराया था, लेकिन किसी भी मैच में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाए थे और नकवी से ट्रॉफी लेने से भी इनकार कर दिया था। 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और बिगड़ गए थे, जिससे हालात युद्ध जैसी स्थिति तक पहुंच गए थे। तब से भारत ने वैश्विक क्रिकेट इवेंट्स (चाहे पुरुष/महिला या किसी भी आयु वर्ग के हों) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने या पाकिस्तानी अधिकारियों से टूर्नामेंट का सम्मान लेने से इनकार कर दिया है। Also Read: LIVE Cricket Score Article Source: IANS
Asian Games 2026: 10वें मिनट का वो गोल, जिसने 44 साल बाद भारत को दिलाया Hockey में गोल्ड
भारत ने 44 साल के लंबे इंतजार के बाद एशियन गेम्स में विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल जीत लिया है। फाइनल में भारतीय टीम ने चीन को 1-0 से हराया। भारत की ओर से एकमात्र गोल लालरेमसियामी ने किया। उन्होंने 10वें मिनट में शानदार रिवर्स शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया। इस जीत के साथ भारत ने 2028 ओलंपिक के लिए भी अपना टिकट पक्का कर लिया है। भारत और चीन के बीच विमेंस हॉकी का फाइनल मुकाबला तय समय से 45 मिनट देर से शुरू हुआ। दोनों टीमों की बसें रास्ते में ट्रैफिक में फंस गई थीं। 44 साल बाद मिला हॉकी में गोल्ड भारत ने एशियन गेम्स में आखिरी बार विमेंस हॉकी का गोल्ड मेडल 1982 में जीता था। इसके बाद टीम दो बार फाइनल में पहुंची, लेकिन दोनों बार उसे सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। भारत ने 1998 और 2018 में फाइनल तक का सफर तय किया था। अब 44 साल बाद टीम ने एक बार फिर गोल्ड अपने नाम कर लिया है। इसे भी पढ़ें: 2-9 से 10-9! Sujeet Kalkal ने आखिरी 11 सेकेंड में पलट दिया पूरा मुकाबला, जीता गोल्ड पहले क्वार्टर में लालरेमसियामी का गोल पहला क्वार्टर पूरी तरह भारत के नाम रहा। भारतीय टीम ने 55 प्रतिशत पजेशन के साथ खेलते हुए 1-0 की बढ़त बनाई। अपना 200वां मैच खेल रही लालरेमसियामी ने भारत के लिए यह गोल किया। साक्षी के शानदार पास पर लालरेमसियामी ने जोरदार रिवर्स शॉट लगाया और गेंद को नेट के ऊपरी हिस्से में पहुंचा दिया। 10वें मिनट में आए इस गोल ने भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद 13वें मिनट में भारत के पास बढ़त को दोगुना करने का मौका आया, लेकिन टीम पेनेल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल सकी। इसे भी पढ़ें: Parveen Hooda ने एशियन गेम्स में जीता गोल्ड, 65 किग्रा बॉक्सिंग में Olympic Medalist को हराया दूसरे क्वार्टर में सविता पूनिया बनीं दीवार दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में चीन ने पेनेल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सका। इसके बाद खेल के 23वें मिनट में चीन को पेनेल्टी स्ट्रोक मिला। हालांकि, भारतीय गोलकीपर सविता पूनिया ने अपनी बाईं ओर शानदार बचाव करते हुए चीन को बराबरी करने से रोक दिया। सविता के इस बचाव के साथ भारत की 1-0 की बढ़त बरकरार रही। दूसरे क्वार्टर के खत्म होने तक स्कोर भारत के पक्ष में 1-0 रहा।
Sujit Kalakal ने रचा इतिहास, Asian Games कुश्ती में 2-9 से पिछड़ने के बाद जीता स्वर्ण
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में 2-9 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर 10-9 से जीत हासिल की। कुदिएव ने पहले पीरियड में ‘आर्म लॉक‘ का इस्तेमाल करके सुजीत को हमला करने का मौका नहीं दिया। एक बार जब सुजीत ने अपने प्रतिद्वंद्वी की शैली को समझ लिया तो उन्होंने उसे कोई आक्रामक चाल चलने नहीं दी। जहां कुदिएव ने ताकत के मामले में भारतीय पहलवान की बराबरी की, वहीं सुजीत ने अपनी फुर्ती से अपने प्रतिद्वंद्वी को पछाड़ दिया और बार-बार ताजिकिस्तान के पहलवान के पीछे जाकर ‘टेक-डाउन’ मूव किए। एक के बाद एक सफल मूव ने अंतर 8-9 तक कम कर दिया और मुकाबले के खत्म होने में करीब 20 सेकेंड बाकी थे, तभी सुजीत ने निर्णायक ‘टेक-डाउन’ किया और अपनी एक अंक की बढ़त का बचाव करते हुए विजेता बने। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर जजई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। यह एशियाई खेलों में सुजीत का पहला स्वर्ण है और 23 वर्षीय भारतीय ने पिछले 12 महीनों में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप, जगरेब ओपन, तिराना खिताब जीते हैं। हालांकि उन्हें एकमात्र झटका जून में मंगोलियन ओपन में लगा था, जहां घुटने की चोट के कारण उन्हें हटना पड़ा। लेकिन इसके अलावा सुजीत अपराजित रहे। फाइनल तक के सफर में ओलंपिक चैंपियन को हराने के बाद हासिल की गई एशियाई खेलों की यह जीत उनके दावे को और मजबूत करती है कि वह केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे प्रभावशाली 65 किग्रा पहलवान है। पिछले एशियाई खेलों के चरण में भी वह एक योग्य दावेदार था लेकिन तदर्थ समिति ने उसे ट्रायल में बजरंग पूनिया को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी। समिति ने बजरंग को सीधे प्रवेश दिया था। सुजीत ने अदालत में तदर्थ समिति के फैसले को चुनौती भी दी थी लेकिन उसे राहत नहीं मिल सकी। लेकिन सुजीत तब से और मजबूत हुए हैं और 2028 में ओलंपिक पदक का दावेदार बनने के योग्य होंगे। सुजीत ने अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाया। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। वहीं जजई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किग्रा प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेशाज राउंड में 10-0 से हराया लेकिन कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाखस्तान की जेनिप बयानोवा से हार गईं। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाखस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किजी ने 1-6 से हराया। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत (57 किग्रा), दीपक पूनिया (97 किग्रा), अंतिम पंघाल (महिलाओं के 53 किग्रा) और मनीषा भानवाला (महिलाओं के 65 किग्रा) शनिवार को प्रतिस्पर्धा करेंगे।
Asian Games 2026: भारत को एक मिनट में मिले 2 गोल्ड; बॉक्सर अंकुश और रेसलर सुजीत बने चैंपियन
Asian Games 2026: भारत को एक मिनट में मिले 2 गोल्ड; बॉक्सर अंकुश और रेसलर सुजीत बने चैंपियन
Asian Games फाइनल में Malaysia से भिड़ेगी भारतीय Hockey टीम
काकामिगाहारा, दो अक्टूबर भारतीय पुरूष हॉकी टीम को मलेशिया के खिलाफ एशियाई खेलों के फाइनल में शनिवार को अपना खिताब बरकरार रखने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट कटाने के लिये गलतियों से सबक लेकर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम ने कभी लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उसके पास शनिवार को यह कामयाबी हासिल करके भारतीय हॉकी का सुनहरा अध्याय लिखने का मौका है। सेमीफाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लचर प्रदर्शन के बाद अब मलेशिया के खिलाफ उन गलतियों को दोहराने से बचना होगा। पाकिस्तान के खिलाफ 23वें मिनट तक तीन गोल की बढत बनाने के बाद भारत ने दूसरे हाफ में तीन गोल गंवा दिये और आखिरी सीटी बजने से 45 सेकंड पहले अभिषेक के गोल के दम पर 4 . 3 से मिली जीत से फाइनल में जगह बनाई। पिछली बार की चैम्पियन भारतीय टीम को डिफेंस मजबूत रखना होगा। डिफेंस के चरमराने से ही पाकिस्तानी टीम का वापसी का मौका मिला था। सेमीफाइनल और फाइनल के बीच एक ही दिन का अंतर होने से रिकवरी भी अहम होगी। दूसरी ओर मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 2 . 1 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। पिछले तीन बार में मलेशिया दूसरी बार फाइनल में पहुंचा है। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ‘‘ मलेशिया ने अच्छा प्रदर्शन किया है और यह मुकाबला अच्छा रहेगा। हमने काफी समय से मलेशिया से खेला नहीं है। दोनों टीमें आक्रामक खेलती हैं और खिलाड़ियों के पास हुनर के साथ रफ्तार भी है।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हम सिर्फ अपनी रणनीति पर फोकस करना चाहते हैं।’’भारत की उम्मीदें कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर लगी होंगी जिन्होंने अब तक पेनल्टी कॉर्नर पर दस गोल किये हैं। पाकिस्तान के सूफियान खान के बाद इन खेलों में उनके नाम सर्वाधिक गोल हैं। स्ट्राइकर अभिषेक और दिलप्रीत सिंह भी नौ नौ गोल कर चुके हैं। मलेशिया के पास अनुभवी फैजल सारी और अबु कमाल अजराइ हैं जो नौ नौ गोल कर चुके हैं। भारत अगर स्वर्ण जीत जाता है तो हरमनप्रीत लगातार दो एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान होंगे। वहीं मनप्रीत सिंह तीन एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले इकौते भारतीय खिलाड़ी बन जायेंगे। वह 2014 और 2023 में स्वर्ण जीत चुके हैं।
Asian Games में Sujeet Kalakal ने 65 किग्रा कुश्ती में जीता गोल्ड मेडल
नागोया, दो अक्टूबर सुजीत कलकल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता और इस दौरान ओलंपिक चैंपियन को भी हराया। सुजीत ने फाइनल की राह में ईरान और जापान के मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को हराया। इससे यह लगने लग गया था कि 23 वर्षीय सुजीत एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेंगे, लेकिन ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव ने भारतीय खिलाड़ी के लिए चुनौती खड़ी कर दी। सुजीत एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे लेकिन इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए लगातार आठ अंक बनाकर जीत हासिल की। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जापान के ओलंपिक चैंपियन कोतारो कियोका को 3-3 से हराया। स्कोर बराबर रहने के बाद सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया।
Asian Games में भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने जीता Silver, फाइनल में कोरिया से 1-5 से मिली हार
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजी टीम शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों के फाइनल में गत चैंपियन दक्षिण कोरिया से 1-5 से हार गयी , जिससे उसे रजत पदक से संतोष करना पड़ा। धीरज बोम्मादेवरा, यशदीप भोगे और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी ने दक्षिण कोरिया की शुरुआती चूक का फायदा उठाते हुए अच्छी शुरुआत की, लेकिन बढ़त कायम नहीं रख सकी। भारत को 56-56, 50-57, 54-56 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया दक्षिण कोरिया ने पहले सेट की शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, जिसके बाद भारत के पास बढ़त लेने का मौका था। लेकिन दोनों टीमें 56-56 के स्कोर पर रहीं। इसके बाद ली वू-सियोक, किम जे-देओक और किम वू-जिन की कोरियाई टीम ने दूसरे सेट में अपने पहले तीन तीरों पर 10-10 अंक हासिल करते हुए दबाव बना दिया। भारतीय तीरंदाज इस सेट में लय से भटक गए और एक भी 10 अंक हासिल नहीं कर सके। नतीजतन कोरिया ने यह सेट 57-50 से अपने नाम कर लिया। अंतिम सेट में नीरज के चौथे तीर पर सात अंक भारत के लिए निराशाजनक साबित हुए और कोरिया ने 56-54 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल भारत ने इससे पहले सेमीफाइनल में ईरान को 6-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। इससे पहले सुबह के सत्र में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को हराकर एशियाई खेलों का अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। मिश्रित रिकर्व टीम ने भी रजत पदक हासिल किया, जिससे एशियाई खेलों में भारतीय तीरंदाजों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा।
Asian Games में Nethra Kumanan ने जीता महिला डिंगी सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल
भारत की नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को एशियाई खेलों की महिला डिंगी सेलिंग स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपने चौथे एशियाई खेल अभियान में पहला पदक हासिल किया। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। दो बार की इस ओलंपियन ने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। नेत्रा ने अपने प्रदर्शन के बारे में कहा, ‘‘मेरी भावनाएं मिली-जुली हैं। यह मेरे चौथे एशियाई खेल हैं और आखिरकार यहां से कोई पदक लेकर लौटना अच्छा लग रहा है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता मैंने हालांकि कई गलतियां कीं और काफी अंक गंवाए।’’ सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। वह 2014, 2018 और 2022 के एशियाई खेलों में हिस्सा ले चुकी हैं, लेकिन इनमें से दो आयोजनों में वह बेहद करीबी अंतर से चौथे स्थान पर रही थीं। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस के बारे में कहा, ‘‘हवा तेज और लगातार बदल रही थी। पहली रेस की शुरुआत में मैंने बहुत बड़ी गलती की। इसे भी पढ़ें: एशियन गेम्स में भारतीय सेलिंग टीम को कामयाबी, मनु फ्रांसिस और प्रिंस नोबल ने जीता रजत पदक बिना दबाव और बिना हवा के मैंने ‘टैक’ किया और तुरंत मुकाबले से बाहर हो गई।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता था कि आखिरी रेस मुझे हर हाल में जीतनी होगी, वरना मेरे लिए सब खत्म हो जाता। मैंने वही किया। मुझे वापसी करनी थी।’’ सेलिंग को मानसिक मजबूती का खेल बताते हुए नेत्रा ने कहा कि इसमें कम से कम गलतियां करना सबसे अहम है। उन्होंने कहा, ‘‘यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन कम गलतियां करता है और दबाव को सबसे अच्छी तरह कौन संभालता है। मैंने काफी गलतियां कीं, लेकिन आखिरी रेस में मैं कुछ हद तक इसकी भरपाई करने में सफल रही।’’ पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Sri Lanka को 124 रन से रौंदकर Final में पहुंचा India, Pakistan से होगा मुकाबला ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके इस 27 वर्षीय इस खिलाड़ी ने पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण पदक, फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया
भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने 29वें जन्मदिन को खास बनाते हुए बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। उन्होंने इसके साथ ही पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। इसे भी पढ़ें: Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’ लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’ लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। इसे भी पढ़ें: जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इसे भी पढ़ें: Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
लॉ स्कूल में एशियाई छात्रों के साथ एडमिशन में हो रहा भेदभाव : कैलिफोर्निया
वॉशिंगटन, अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा है कि यूसीएलए स्कूल ऑफ लॉ ने एडमिशन की प्रक्रिया में नस्ल को आधार बनाकर एशियाई और श्वेत आवेदकों के साथ भेदभाव किया। हालांकि, कैलिफोर्निया के इस प्रमुख लॉ स्कूल ने इन आरोपों से असहमति जताई और कहा कि उसकी एडमिशन प्रक्रिया योग्यता पर आधारित है।
Asian Games में Lovlina Borgohain ने 75 किग्रा वर्ग में जीता ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
(तस्वीरों के साथ)....फिलेम दीपक सिंह...निशियो, दो अक्टूबर लवलीना बोरगोहेन ने 2024 ओलंपिक के बाद मुक्केबाजी से संन्यास लेने की योजना बनाई थी, लेकिन पेरिस खेलों में पदक से चूकने के कारण उन्होंने अपना इरादा बदल दिया जो उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ क्योंकि भारतीय स्टार ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता ने अपने जन्मदिन पर 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराकर एशियाई खेलों की महिला मुक्केबाजी में भारत के 12 साल से चले आ रहा स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। लवलीना ने अपने मुकाबले के बाद कहा, ‘‘मेरे लिए यह वर्ष काफी मुश्किल रहा। पहले मैं मुक्केबाजी छोड़ना चाहती थी। लेकिन मैंने जारी रखा। मैं एशियाई खेलों में अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। यह बहुत महत्वपूर्ण था। उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैंने खेलना जारी रखा।’’असम की रहने वाली इस मुक्केबाज ने तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था लेकिन पेरिस ओलंपिक से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने एक साल के लिए ब्रेक लिया और फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की। वह राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने से चूक गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने से मैं खुश नहीं थी। लेकिन एक खिलाड़ी के जीवन में बहुत सी चीजें होती हैं, जैसे हार, चोट। आपको बहुत सी चीजों का सामना करना पड़ता है। यह स्वर्ण पदक मेरे लिए बहुत महत्व रखता है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मैं अच्छा महसूस कर रही हूं। मुझे नहीं पता कि स्वर्ण पदक का जश्न कैसे मनाऊं। मुझे अपनी इस जीत को स्वीकार करने के लिए कुछ समय चाहिए। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं।’’इस 29 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘मुझे मजबूत रहना होगा और जीतना होगा। मैं हर चीज को लेकर बहुत सकारात्मक थी। जापान मेरे लिए बहुत भाग्यशाली है। मैं हमेशा जीतने के बारे में सोचती हूं।’’लवलीना से जब पूछा गया कि स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह सबसे पहले किसे फोन करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबसे पहले अपनी मां को फोन करूंगी। वह मेरे मैच नहीं देखतीं क्योंकि वह बहुत चिंतित रहती हैं।
जन्मदिन पर Lovlina Borgohain ने रचा इतिहास, एशियाई खेलों में जीता Gold Medal
भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर खुद को शानदार तोहफा दिया। उन्होंने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक जीत लिया। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि दिग्गज एमसी मैरी कॉम ने हासिल की थी। 29 साल की लवलीना ने आइची-नागोया में खेले गए महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में चीन की ज़ियी बाओ को 5-0 से हराया। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन लवलीना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत अपने नाम की। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता पिछले एशियाई खेलों के रजत के बाद जीता स्वर्ण लवलीना ने इससे पहले एशियाई खेलों के पिछले संस्करण में रजत पदक जीता था। अब उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर अपने पदक में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है। इसे भी पढ़ें: Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह साथी खिलाड़ियों के साथ मनाया जन्मदिन एशियाई खेल 2026 में महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने के बाद लवलीना ने साथी खिलाड़ियों के साथ अपना जन्मदिन भी मनाया। इस दौरान उन्होंने केक काटकर जश्न मनाया। कार्यक्रम में भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह भी मौजूद रहे। #WATCH | Nagoya, Japan | Indian boxer Lovlina Borgohain, who won a gold medal in the women's 75kg category at the Asian Games 2026 today, celebrates her birthday with fellow athletes in the presence of Ajay Singh, President of the Boxing Federation of India pic.twitter.com/aCqIiYimET — ANI (@ANI) October 2, 2026
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका को 170 रनों का लक्ष्य दिया। युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी एक बार फिर श्रीलंकाई गेंदबाजों पर टूट पड़े।
Lovlina Borgohain ने Asian Games में जीता स्वर्ण, फाइनल में चीन की बाओ को 5-0 से हराया
(तस्वीरों के साथ)... फिलेम दीपक सिंह ...निशियो, दो अक्टूबर भारत की सबसे सफल मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने जन्मदिन पर शानदार तोहफा देते हुए चीन की बाओ जियी को 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हराकर एशियाई खेलों में देश के लिए 12 साल बाद महिला मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीता। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया और पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक का रंग बदल दिया। इस जीत के साथ लवलीना एशियाई खेलों में मुक्केबाजी का स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गईं। उनसे पहले महान मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किग्रा फ्लाइवेट वर्ग का स्वर्ण पदक जीता था। लवलीना ने जीत के बाद कहा, ‘‘आज मेरा जन्मदिन है। यह मेरे लिए बेहद खास जन्मदिन है और मैं बहुत अच्छा महसूस कर रही हूं। मैंने सोचा था कि जन्मदिन पर खुद को स्वर्ण पदक का तोहफा दूंगी। पहली बार मैंने खुद को कोई तोहफा दिया है। मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया। एक पल के लिए भी नहीं सोचा कि मैं हार सकती हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुकाबला बहुत कठिन था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था कि मुझे जीतना है। आखिरी राउंड बहुत मुश्किल था। पहले और दूसरे राउंड में मैं 2-1 से आगे थी, इसलिए मैंने सोचा कि अब मुझे सिर्फ तीसरा राउंड जीतना है।’’लवलीना ने कहा, ‘‘मेरी प्रतिद्वंद्वी बहुत मजबूत थी और मैं पहली बार उसके खिलाफ खेल रही थी। इसलिए मुझे पता नहीं था कि वह किस तरह से मुकाबला करेगी। मैं खुद को लगातार प्रेरित कर रही थी कि मुझे जीतना है, मैं हारना नहीं चाहती।’’लवलीना ने अपनी लंबाई का भरपूर फायदा उठाया, जबकि बाओ लगातार दूरी कम करने और भारतीय मुक्केबाज को मुक्के चलाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं देने की कोशिश करती रहीं। इसके चलते मुकाबला कई बार उलझा हुआ नजर आया और बाओ ने बार-बार क्लिंच का सहारा लिया। आमतौर पर अपने रक्षात्मक अंदाज अपनाने वाली लवलीना ने इस मुकाबले में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती दौर में ही कुछ सटीक मुक्के जड़े। बाओ ने भी पलटवार में कोई कमी नहीं छोड़ी। चीन की खब्बू मुक्केबाज ने कुछ अच्छे जवाबी हमले किये, लेकिन लवलीना ने राउंड के आखिरी हिस्से में जोरदार वापसी करते हुए कुछ सटीक और दमदार पंच लगाए और 3-2 से पहला राउंड अपने नाम किया। दूसरे राउंड में पिछड़ने के बाद बाओ ने आक्रामक रुख अपनाते हुए दूरी कम करने की कोशिश की। लवलीना ने उन्हें दूर रखते हुए अपने मुक्कों के लिए जगह बनाने की रणनीति अपनाई। राउंड के आखिरी हिस्से में भारतीय मुक्केबाज ने सही दूरी तलाश ली और लगातार सटीक प्रहार करते हुए जजों के स्कोरकार्ड पर 4-1 से बढ़त बना ली। अंतिम राउंड में भी यही सिलसिला जारी रहा। बाओ ने बड़ी संख्या में मुक्के चलाए, लेकिन उन्हें साफ तरीके से निशाने पर लगाने में परेशानी हुई। लवलीना ने मजबूत डिफेंस के साथ अपने मौके का इंतजार किया और सही समय पर पलटवार किया। बढ़त मजबूत करने के बाद लवलीना ने मुकाबले के अंतिम क्षणों में रफ्तार धीमी कर दी और अनावश्यक रूप से भिड़ने से बचते हुए बाओ को दूरी पर रखा तथा मुकाबला अपने नाम कर लिया। पिछले एशियाई खेलों में लवलीना को चीन की एक अन्य मुक्केबाज ली कियान के खिलाफ फाइनल में हारकर रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। इस बार उन्होंने उस नतीजे को दोहराने का कोई मौका नहीं दिया। आइची-नागोया में भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों के प्रदर्शन में सुधार करते हुए अब तक छह पदक पक्के कर लिए हैं। प्रिया घंघास (60 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) ने कांस्य पदक जीते हैं। परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में स्वर्ण पदक के लिए रिंग में उतरेंगे। एशियाई खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाजी प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझोउ खेलों में रहा था, जहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे। इनमें दो स्वर्ण, तीन रजत और चार कांस्य पदक शामिल थे। महाद्वीपीय प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों का यह शानदार प्रदर्शन पिछले महीने ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रिकॉर्डतोड़ अभियान के बाद आया है।
Sujit Kalkal ने एशियाई खेलों में ओलंपिक चैंपियन को हराकर 65 किग्रा कुश्ती के फाइनल में बनाई जगह
नागोया, दो अक्टूबर भारत के सुजीत कलकल ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की कुश्ती प्रतियोगिता में अपने दांवपेंच का शानदार नमूना पेश करते हुए ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को उलटफेर का शिकार बनाकर पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक के दौर में प्रवेश किया, जबकि दीपांशी फोगाट ने महिलाओं के कांस्य पदक के प्लेऑफ में जगह बनाई। सुजीत पहले पीरियड के अंत में 0-2 से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने इस कड़े मुकाबले के दूसरे पीरियड में तीन अंक बनाए, जबकि जापानी खिलाड़ी ने एक और अंक जोड़ा। आखिर में दोनों पहलवानों का स्कोर 3-3 से बराबर था, लेकिन सुजीत को अधिक अंक हासिल करने वाला दांव लगाने के कारण विजेता घोषित किया गया। इससे पहले सुजीत ने अफगानिस्तान के सैयद उमर ज़ज़ई को 13-3 हराया और क्वार्टर फाइनल में ईरान के अब्बास इब्राहिमजादेहसवादकुही के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए बिना कोई अंक गंवाए तकनीकी श्रेष्ठता से जीत हासिल की। अब उनका सामना ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव से होगा। ज़ज़ई ने शुरुआत में ही सुजीत को कड़ी टक्कर दी और तुरंत दो अंक हासिल करते हुए भारतीय खिलाड़ी को पीछे धकेलकर 3-0 की बढ़त बना ली। सुजीत ने हालांकि जल्द ही पुश-आउट और शोल्डर थ्रो से मुकाबले का रुख पलट दिया और 5-3 से आगे हो गए। सुजीत ने इसके बाद एक और थ्रो और एक रोल के साथ चार और अंक जोड़कर जीत हासिल की और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। सुजीत ने अब्बास के खिलाफ शुरुआती 20 सेकंड के भीतर ही अपने इरादे स्पष्ट कर दिए और खड़े-खड़े ही शोल्डर थ्रो का इस्तेमाल किया। शुरुआत में उन्हें चार अंक दिए गए, लेकिन अब्बास के खतरनाक स्थिति में न गिरने के कारण इस मूव को दो अंक में बदल दिया गया। सुजीत जल्द ही पिनफॉल हासिल करने के करीब पहुंच गए, लेकिन अब्बास किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे और भारतीय खिलाड़ी ने दो और अंक जोड़ लिए। जब ईरानी खिलाड़ी ने पैर से हमला करने की कोशिश की, तो सुजीत ने पलटवार करते हुए स्कोर 6-0 कर दिया। अब्बास लगातार हमला करने के लिए संघर्ष करते रहे क्योंकि भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार हेड लॉक लगाकर उनके प्रयासों को विफल कर दिया। सुजीत ने अपने दाहिने पैर से किए गए एक और हमले को अंक में तब्दील करते हुए पहले पीरियड के अंत में 8-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। दूसरे पीरियड में भारतीय खिलाड़ी को ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने एक और टेकडाउन करते हुए 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल की और सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। सुजीत अब स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाने के लिए जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका का सामना करेंगे। इससे पहले युवा भारतीय पहलवान दीपांशी फोगाट को महिलाओं के 50 किलोग्राम प्री-क्वार्टर फाइनल में जापानी पहलवान युई सुसाकी के हाथों 0-10 की तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। सुसाकी ने उम्मीद के मुताबिक फाइनल में जगह बना ली जिससे दीपांशी पदक की दौड़ में शामिल हो गई। उन्होंने कंबोडिया की समनांग डित को रेपेचेज राउंड में 10-0 से हराया और वह कांस्य पदक के प्लेऑफ में कजाकिस्तान की जेनिप बयानोवा से भिड़ेंगी। रजत रुहुल भी पुरुषों के 125 किलोग्राम वर्ग की प्रतियोगिता से बाहर हो गए। उन्हें प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के येदिगे कासिमबेकिन से 3-8 से हार का सामना करना पड़ा। प्रिया मलिक को महिला 76 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐपेरी मेडेट किज़ी ने 1-6 से हराया।
एशियाई खेलों में Nethra Kumanan ने जीता कांस्य, सेलिंग में भारत को मिली सफलता
गामागोरी सिटी (जापान) दो अक्टूबर ओलंपियन नेत्रा कुमानन ने शुक्रवार को यहां एशियाई खेलों की सेलिंग प्रतियोगिता की महिला डिंगी स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। चेन्नई की 29 वर्षीय नेत्रा ने कुल 14 अंक हासिल किए। उन्होंने फाइनल रेस में सात और क्वालीफिकेशन रेस में भी सात अंक जुटाए और तीसरे स्थान पर रहीं। थाईलैंड की सोफिया मॉन्टगोमरी ने पांच अंक के साथ स्वर्ण, जबकि सिंगापुर की जेनिया आंग ने 13 अंक के साथ रजत पदक जीता। सेलिंग में प्रत्येक रेस में हासिल किए गए स्थान के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहला स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को एक अंक मिलता है और सबसे कम कुल अंक वाला खिलाड़ी विजेता बनता है। नेत्रा ने अपनी अंतिम दो रेस में से एक में जीत हासिल की, जबकि दूसरी रेस में वह छठे स्थान पर रहीं। पुरुष वर्ग में भारत के विष्णु सरवनन चौथे स्थान पर रहे। उन्होंने अपनी दोनों अंतिम रेस में दूसरा स्थान हासिल किया, लेकिन क्वालीफिकेशन में मिले 17 अंकों के कारण उनका कुल स्कोर 21 रहा। इस स्पर्धा का स्वर्ण कोरिया के जीमिन हा ने नौ अंकों के साथ जीता। हांगकांग के निकोलस हॉलिडे ने 11 अंकों के साथ रजत, जबकि मलेशिया के मोहद खैरुलनिजाम ने 14 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। इससे पहले बृहस्पतिवार को भारत के मनु फ्रांसिस और कुरिसिंकल नोबल ने पुरुष स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीता था, जबकि महिलाओं की स्पर्धा में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा की जोड़ी ने कांस्य पदक अपने नाम किया था।
BREAKING : Asian Games 2026 Live Update: लवलीना ने जीता करियर का पहला गोल्ड, महिला रिकर्व टीम ने भी रचा इतिहास
Asian Games Archery: भारतीय महिला टीम ने दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर जीता पहला स्वर्ण पदक
नागोया, दो अक्टूबर भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद कुमकुम ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिलकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी ऐतिहासिक रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के हाथों 3-5 (34-38, 35-37, 37-36, 37-37) से हार का सामना करना पड़ा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन कर रही कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखीं। उन्होंने केवल एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक भी हासिल किए। वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल कर अपनी टीम की जीत पक्की की। महिला रिकर्व टीम की यह जीत उसके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन का परिणाम है। भारतीय टीम ने मई में शंघाई में पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था। उस खिताबी सफर में भी भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को हराया था। शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय टीम में इस बार भी लगभग वही खिलाड़ी थीं। पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति को टीम में शामिल किया गया। दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं। दक्षिण कोरिया के खिलाफ फाइनल में शुरुआती दो सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमश: 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए। इसके बाद तोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य कांग चेयंग के साथ ओ येजिन और ली युनजी वाली कोरियाई टीम तीसरे सेट में लड़खड़ा गई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और कुल 52 अंक ही बना सके। भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक जुटाए और सेट जीतकर 4-2 की बढ़त बना ली। चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति ने शुरुआत में आठ अंक हासिल किए, लेकिन समीक्षा के बाद उनके तीर को नौ अंक दिया गया, जिससे भारत का स्कोर भी 54 हो गया। इस सेट में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहने के बावजूद भारत ने मैच अपने नाम किया और मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों के महिला रिकर्व फाइनल में जगह बनाई थी। कुमकुम और धीरज ने इससे पहले मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत करते हुए पहला सेट 37-38 से गंवाया, लेकिन दूसरे सेट में बराबरी हासिल की। इसके बाद तीसरा सेट जीतकर भारत ने स्कोर 3-3 कर दिया। चौथे सेट में जापान की ओर से सात अंक का एक खराब निशाना भारतीय जोड़ी के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने 37-35 से सेट जीतकर रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा में पहली बार एशियाई खेलों के फाइनल में भारत की जगह पक्की की। महिला रिकर्व टीम का स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीमों ने भी स्वर्ण पदक जीते थे। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
Moradabad News: लोग कहते थे लड़की है, बॉक्सर नहीं बन पाएगी... एशियाई खेल में पदक ले लाई प्रिया
लोग कहते थे लड़की है, बॉक्सर नहीं बन पाएगी... एशियाई खेल में पदक ले लाई प्रिया
Karnal News: एशियाई निशानेबाजी में अनीश ने किया अगले दौर में प्रवेश
एशियाई निशानेबाजी में अनीश ने किया अगले दौर में प्रवेश
जमशेदपुर की एथलीट जोगा पूर्ति ने जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियन गेम्स में महिला स्पीड क्लाइंबिंग स्पर्धा में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने 15 मीटर की दीवार 7.28 सेकंड में फतह कर नौवां स्थान हासिल किया।
Saharanpur News: एशियाई खेलों में सोना जीतकर प्राची ने निभाया मां से किया वादा
Prachi fulfilled the promise made to her mother by winning gold at the Asian Games.
एशियाई खेलों में कबड्डी का गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी अंकित जागलान का पानीपत जिले में स्थित उनके गांव नौल्था में जोरदार स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने ढोल, डीजे और फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया। अंकित के गांव पहुंचने पर पूरे गांव में खुशी का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण डाहर टोल प्लाजा पर उनका स्वागत करने पहुंचे। अंकित जागलान पानीपत जिले के नौल्था गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में भारतीय सेना में हवलदार के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। वह भारतीय पुरुष कबड्डी टीम में ऑलराउंडर की भूमिका में शामिल रहे। मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दी बधाई स्वागत समारोह में पंचायत विकास एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद थे। उन्होंने अंकित की उपलब्धि पर ग्रामीणों को बधाई दी। मंत्री ने कहा कि अंकित ने गोल्ड मेडल जीतकर अपने गांव, पानीपत और पूरे हरियाणा का नाम रोशन किया है। यह उनकी मेहनत और समर्पण का नतीजा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों का भी जिक्र किया। 'मेरा सपना था कि मैं देश का नाम रोशन करूं' गांव पहुंचने के बाद अंकित जागलान ने कहा कि मैं देश के लिए खेला हूं। मैं 10 साल की उम्र में कबड्डी के लिए अपना कदम बढ़ाया था। मेरा सपना था कि मैं देश का नाम रोशन कर सकूं। खेलों की वजह से मैं मिलिट्री में हवलदार के पद पर रहते हुए अपना कबड्डी का खेल नहीं छोड़ा और आज मैंने एशियाई खेलों में पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया। 10 साल की उम्र में शुरू किया था कबड्डी खेलना अंकित ने करीब 10 वर्ष की उम्र में कबड्डी खेलना शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने सोनीपत स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सेंटर में प्रशिक्षण लिया। मेहनत और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और प्रो कबड्डी लीग में पटना पाइरेट्स की ओर से भी खेल चुके हैं। खेल के साथ उन्होंने भारतीय सेना में भी सेवाएं जारी रखीं। इस मौके पर सरपंच बलराज जागलान, नीरज कौशिक, धर्मपाल जागलान, सुल्तान सिंह जागलान, धर्मवीर मालिक, डॉ. सतीश दलाल, कुलदीप बिलाल, राज सिंह आर्य, संगीता कौशिक और गन्नौर विधायक देवेंद्र कादयान समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

