डिजिटल समाचार स्रोत

...

Asian Games: 5 टेनिस खिलाड़ी चयन मानदंड पूरे नहीं कर पाए, SAI सूत्र ने दी जानकारी

(इंट्रो और तीसरे पैरा में सुधार के साथ)नयी दिल्ली, 25 अगस्त भारत की एशियाई खेलों की टेनिस टीम से बाहर किए गए पांच खिलाड़ियों के नाम अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) द्वारा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को भेजी गई संक्षिप्त सूची में शामिल नहीं थे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानदंड पूरा नहीं करने के कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। मानस धामने (पुरुष एकल), वैष्णवी अडकर (महिला एकल), सहजा यमलापल्ली (महिला एकल), वैदेही चौधरी (महिला युगल) और प्रार्थना थोम्बारे (महिला युगल) सात सदस्यीय भारतीय टेनिस टीम में जगह नहीं बना सके क्योंकि वे महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष आठ में होने के मानदंड को पूरा नहीं करते थे। सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘खेल मंत्रालय को आईओए द्वारा साझा की गई अंतिम सूची में उनके नाम नहीं मिले थे। असल में एआईटीए द्वारा आईओए को भेजी गई संक्षिप्त सूची में भी उनके नाम नहीं थे।’’सूत्र के अनुसार इन खिलाड़ियों को बाहर किया जाना उचित है क्योंकि उनके हालिया प्रदर्शन से भी पदक जीतने की संभावना या प्रतियोगिता में प्रभावी भागीदारी की क्षमता नहीं झलकती। खेल मंत्रालय के चयन मानदंड के अनुसार एकल स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का एशिया में शीर्ष छह में और युगल में शीर्ष आठ में होना जरूरी था। इसके लिए 12 महीने की अवधि में प्रदर्शन का आकलन किया गया। खेल मंत्रालय ने यह मानदंड पिछले साल सितंबर में जारी किया था। इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने की दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रोहन बोपन्ना ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ‘एक ऐसी समिति ने कागज पर उनका भाग्य तय कर दिया जो कभी उस स्थिति में खड़ी नहीं रही जहां वे खड़े हैं और खेलने से पहले ही उनका फैसला कर दिया गया।’सहजा (विश्व रैंकिंग 344) फिलहाल महिला एकल में भारत की नंबर एक खिलाड़ी हैं जबकि वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 388) राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर हैं। प्रार्थना 2014 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता हैं जबकि वैदेही दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन हैं और 18 वर्षीय मानस चैलेंजर स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुके हैं। खेल मंत्रालय ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि कुछ वर्गों की ओर से दबाव बनाए जाने के बावजूद चयन मानदंड में ढील नहीं दी जाएगी। सूत्र ने कहा, ‘‘एशिया में 25वें से 40वें स्थान पर रहने वाले टेनिस खिलाड़ियों के लिए विवेकाधीन तरीके से पिछले दरवाजे से मंजूरी देना प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को खत्म कर देगा और अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की ओर से बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खोल देगा।’’प्रार्थना को युगल स्पर्धा में वैदेही के साथ जोड़ी बनानी थी लेकिन दोनों ने अब तक साथ में कोई टेनिस नहीं खेला है। सूत्र ने कहा, ’’इससे एशियाई खेलों से पहले उनकी तैयारी और प्रतिस्पर्धी जोड़ी बनाने के इरादे को लेकर उचित सवाल उठते हैं।’’बोपन्ना ने कहा था कि इन खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं देना खेल राष्ट्र बनाने के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा था, ‘‘आप बोर्डरूम में यह तय करके खेल राष्ट्र या खेल अर्थव्यवस्था नहीं बन सकते कि कौन प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है।’’हालांकि साइ के सूत्र ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘‘खेल अनुभव हासिल करने के लिए आईटीएफ और चैलेंजर सर्किट होते हैं, एशियाई खेल नहीं।’’एशियाई खेलों के लिए अंतिम टेनिस टीम में एकल में केवल सुमित नागल को जगह मिली है, जबकि रामकुमार रामनाथन, साकेत माइनेनी, युकी भांबरी, ऋतुजा भोसले और अंकिता रैना युगल टीम का हिस्सा हैं।

प्रभासाक्षी 25 Aug 2026 6:12 pm

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल

South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए। यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा? पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की? सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण। एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Trkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है: त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना। त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

वेब दुनिया 25 Aug 2026 5:23 pm

Women's T20 Asia Cup 2026: श्रीलंका टीम में चोटिल विहंगा की जगह मीपेज शामिल

श्रीलंका को विमेंस टी20 एशिया कप 2026 से पहले एक झटका लगा है। टीम की ऑल-राउंडर देवमी विहंगा अभ्यास सत्र के दौरान दाहिने घुटने में चोट लगने के की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक विहंगा इंजरी की वजह से टीम के साथ यूएई नहीं गई हैं। श्रीलंका ने 15 सदस्यों वाली टीम में उनकी जगह बाएं हाथ की स्पिनर निमाशा मीपेज को शामिल किया है। बता दें कि विहंगा को सीनियर टीम के साथ डेब्यू का इंतजार था। चमारी अथापट्टू 15 सदस्यों वाली श्रीलंका टीम की कप्तान हैं। हर्षिता समरविक्रमा को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को ग्रुप बी में बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक यूएई में होना है। सभी मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे। सभी 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में हांगकांग, भारत, पाकिस्तान और थाइलैंड है। ग्रुप बी में श्रीलंका के अलावा बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा बनी इंडोनेशिया है। हर ग्रुप से टॉप दो टीमें 10 और 11 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, और फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को होगा। श्रीलंका 29 अगस्त को यूएई, 2 सितंबर को इंडोनेशिया और 6 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए श्रीलंका की अपडेटेड टीम: चमारी अथापट्टू (कप्तान), इमेशा दुलानी, संजना कविंदी, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा (उप-कप्तान), कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, हसिनी परेरा, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), निमाशा मीपेज, सुगंधिका दसनायका, चामुडी प्रबोदा, चेतना विमुक्ति, काव्या कविंदी और मिताली अयोध्या। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 25 Aug 2026 2:00 pm

'MS Dhoni मेरी टीम में नहीं रहेंगे', पूर्व भारतीय क्रिकेटर ने इमरान खान को चुना अपनी एशियाई XI का कप्‍तान

भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर ने अपनी पसंदीदा एशिया टेस्‍ट एकादश का चयन किया, जिसमें इमरान खान को कप्‍तान चुना जबकि सचिन तेंदुलकर को उप-कप्‍तान बनाया।

जागरण 25 Aug 2026 8:59 am

West Asia Crisis: हेगसेथ बोले- जरूरत पड़ी तो ईरान पर मिसाइल से हमला; सख्ती पर इस्राइली PM नेतन्याहू क्या बोले

West Asia Crisis: हेगसेथ बोले- जरूरत पड़ी तो ईरान पर मिसाइल से हमला; सख्ती पर इस्राइली PM नेतन्याहू क्या बोले?- US encirclement on Iran intensifies Hegseth says funds will be blocked and missiles fired if necessary

अमर उजाला 25 Aug 2026 8:27 am

Asian Market Today: टेक शेयरों में बिकवाली बढ़ने से एशिया में गिरावट, Nvidia के नतीजों से पहले KOSPI 3% से ज़्यादा लुढ़का

Asian Market Today: आज एशिया मार्केट में गिरावट देखने को मिल रही है। निवेशकों ने टेक शेयरों में अपनी हिस्सेदारी कम की, क्योंकि आने वाली कमाई की रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) रैली को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.4% गिर गया। शुरुआती एशियाई कारोबार में जापान और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। Kospi 3.37% और Nikkei 225 0.93% गिरे, जबकि Topix में मामूली 0.015% की बढ़त हुई। इसके उलट, Hang Seng फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त हुई।यह क्षेत्रीय गिरावट चिप बनाने वाली कंपनियों में भारी बिकवाली के बाद आई, जिससे सोमवार को Nasdaq 100 लगभग 1% गिर गया था। Nvidia Corp के शेयरों में लगातार सातवें सेशन में गिरावट आई, जो 2022 के बाद से इस स्टॉक की सबसे लंबी गिरावट का दौर है।चिप बनाने वाली कंपनी के शेयरों में और 2.9% की गिरावट आई, जब उसने ग्राहकों को बताया कि वह अगले साल की शुरुआत में शिप होने वाले AI सिस्टम की कीमतें बढ़ाएगी। शुरुआती एशियाई कारोबार में US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में भी मामूली गिरावट देखी गई।निवेशकों का कहना है कि यह बिकवाली इस बढ़ती चिंता को दिखाती है कि क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च से उतना ही मुनाफ़ा होगा। बुधवार को आने वाली Nvidia की कमाई की रिपोर्ट को इस भरोसे के लिए एक अहम परीक्षा माना जा रहा है। ट्रेडर्स इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि क्या चिप शेयरों में हालिया गिरावट जारी रहेगी।मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ और यह $92 प्रति बैरल के आसपास बना रहा। US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश के खिलाफ़ आर्थिक दंड की चेतावनी दी थी।सोमवार को बेंचमार्क में 2% से ज़्यादा की गिरावट आई थी, जिससे छह दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर $85.23 प्रति बैरल हो गया।ऊर्जा की कीमतों में गिरावट से सोमवार को US ट्रेजरी बॉन्ड को सहारा मिला और 10-साल की यील्ड चार बेसिस पॉइंट गिरकर 4.70% हो गई।ट्रेडर्स ने बढ़ते जियोपॉलिटिकल रिस्क और इस हफ़्ते आने वाले ढेर सारे इकोनॉमिक डेटा और कॉर्पोरेट नतीजों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की। व्यापक मार्केट सेंटीमेंट के लिए टेक्नोलॉजी सेक्टर की चाल को अहम माना जा रहा है। लगातार महंगाई और फिस्कल डेफिसिट (राजकोषीय घाटे) की चिंताओं के कारण यील्ड ऊंचे बने रहे, और बाजार फेड चेयर केविन वॉर्श से इस साल के बाकी समय के लिए फेडरल रिजर्व की संभावित राह के बारे में स्पष्ट गाइडेंस का इंतजार कर रहे थे।CNBC की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी को भी सपोर्ट मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि US ट्रेजरी डिपार्टमेंट उधार लेने की लागत को कम करने में मदद के लिए पुराने, अधिक यील्ड वाले सिक्योरिटीज़ को वापस खरीदने (बायबैक) के लिए अपने कैश रिजर्व का इस्तेमाल कर सकता है।हालांकि, ब्लूमबर्ग के अनुसार, बेसेंट ने सोमवार को एक भाषण के दौरान कर्ज प्रबंधन रणनीति में किसी भी बदलाव की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। बायबैक बढ़ाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि विभाग ने अभी तक एक भी बॉन्ड नहीं खरीदा है।दूसरी ओर, जापानी येन 159.11 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.7201 प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित रहा।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 25 Aug 2026 7:30 am

क्या पाकिस्तान में एशियाई टूर्नामेंट खेलने जाएंगे भारतीय खिलाड़ी? सामने आई बड़ी रिपोर्ट

भारतीय खिलाड़ी अगले साल पाकिस्तान में एक एशियाई इवेंट में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। भारत ने साउथ एशियन गेम्स का समर्थन किया है। हालांकि, अभी आधिकारित तौर पर भारत सरकार ने इस पर कुछ नहीं कहा है।

लाइव हिन्दुस्तान 24 Aug 2026 3:05 pm

Top-5 खिलाड़ी जिन्होंने Women's T20 Asia Cup में चटकाए सर्वाधिक विकेट! Deepti Sharma भी हैं लिस्ट में शामिल

Top-5 Players With Most Wickets In Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक विकेट लेने का कारनामा किया। 5. सना मीर (Sana Mir): पाकिस्तान की पूर्व क्रिकेटर सना मीर महिला टी20 एशिया कप में पांचवीं सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 16 मैचों में 21 विकेट लेकर ये पायदान हासिल किया है। 4. दीप्ति शर्मा (Deepti Sharma): इस खास रिकॉर्ड लिस्ट में भारत की सिर्फ एक ही खिलाड़ी मौजूद हैं, जो कि दीप्ति शर्मा हैं। उन्होंने अब तक महिला टी20 एशिया कप में 19 मैच खेलकर 26 विकेट चटकाए हैं। इस टूर्नामेंट में उनका बेस्ट स्पेल 3/7 है। 3. इनोका राणावीरा (Inoka Ranaweera): श्रीलंका की अनुभवी स्पिन गेंदबाज़ इनोका राणावीरा महिला टी20 एशिया कप में तीसरी सर्वाधिक विकेट लेने वाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने 19 मैचों में27 विकेट लेकर ये पॉजिशन हासिल की है। बता दें कि 40 वर्षीय इनोका ने श्रीलंका के लिए 95 वनडे और 91 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं। 2. रुमाना अहमद (Rumana Ahmed): बांग्लादेशी महिला टीम की हरफनमौला खिलाड़ी रुमाना अहमद जो कि एक लेग ब्रेक गेंदबाज़ हैं, वो इस लिस्ट में दूसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने टी20 महिला एशिया कप में 23 मैचों में 29 विकेट चटकाए हैं। उनके नाम 50 वनडे में 50 विकेट और 87 टी20 इंटरनेशनल में 75 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने साल 2024 में बांग्लादेश के लिए आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला खेला था। Also Read: LIVE Cricket Score 1. निदा डार (Nida Dar): महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक विकेट लेने का महॉरिकॉर्ड पाकिस्तान की पूर्व कप्तान और दिग्गज ऑलराउंडर निदा डार के नाम दर्ज है। उन्होंने 26 मैचों की 23 पारियों में 33 विकेट लेकर ये रिकॉर्ड बनाया है। वो इस टूर्नामेंट में 5 विकेट हॉल लेने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में से भी एक हैं।

क्रिकेट न मोर 24 Aug 2026 3:05 pm

रवींद्र जडेजा ने रचा इतिहास, WTC में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय और एशियाई क्रिकेटर बने

रवींद्र जडेजा ने कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में मैदान पर उतरते ही इतिहास रच दिया। वे WTC में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय और एशियाई क्रिकेटर बन गए। 50 मैचों में जडेजा ने 2675 रन और 160 विकेट लिए हैं। मोहम्मद सिराज 47 मैचों के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

तहलका 24 Aug 2026 1:07 pm

चोटिल नजीहा अल्वी महिला Asia Cup 2026 से बाहर, सदफ शमास को मिली पाकिस्तान टीम में जगह

पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज नजीहा अल्वी घुटने की चोट के कारण आगामी एसीसी महिला टी20 एशिया कप 2026 से बाहर हो गई हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। नजीहा ने अपने बाएं घुटने के पिछले हिस्से में दर्द बताया, जबकि बाद में स्कैन में मोच आने का पता चला। पीसीबी की मेडिकल टीम के जांच के बाद नजीहा तुरंत अपना रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम शुरू करेंगी, जिसके चार हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। नेशनल विमेंस सिलेक्शन कमिटी ने सदफ को एशिया कप टीम में शामिल किया है। जनवरी 2023 में डेब्यू करने के बाद से वह अब तक 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए पाकिस्तान टीम: फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, इमान नसीर, इमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा सुंधू, सादिया इकबाल, सायरा जबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, और वहीदा अख्तर। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 24 Aug 2026 12:48 pm

Asian Market Today: AI पर फोकस के बीच एशियाई शेयरों में गिरावट, हैंगसेंग, कोस्पी 2% टूटा, क्रूड में नरमी

Asian Market Today: सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में थोड़ी गिरावट देखी गई। हफ़्ते की शुरुआत में निवेशकों का ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों पर था। इस दौरान Nvidia की कमाई और US फ़ेडरल रिजर्व के सालाना सिम्पोज़ियम जैसी अहम घटनाओं पर सबकी नजर थी।MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफ़िक इंडेक्स 0.1% गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) इंडेक्स, जिसे अक्सर AI-संबंधित निवेश का पैमाना माना जाता है, 1.66% नीचे आया। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.49% गिरा, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) इंडेक्स में 0.16% की बढ़त हुई। वहीं, हैंग सेंग फ़्यूचर्स 0.5% नीचे थे।वॉल स्ट्रीटरविवार रात स्टॉक फ़्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि निवेशक एक कमज़ोर हफ़्ते के बाद वापसी की कोशिश कर रहे थे। यह कमज़ोरी मुख्य रूप से ट्रेज़री यील्ड में तेज़ी से हुई बढ़ोतरी के कारण आई थी।डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ़्यूचर्स 44 अंक या 0.1% गिरे, जबकि S&P 500 फ़्यूचर्स में 0.1% की गिरावट आई। नैस्डैक-100 फ़्यूचर्स 0.2% नीचे आए। पिछले हफ़्ते, डाऊ में 0.8% की गिरावट आई, जिससे लगातार दूसरे हफ़्ते इसमें गिरावट का सिलसिला जारी रहा। वहीं, S&P 500 और नैस्डैक में क्रमशः 1.4% और 2% की गिरावट आई, जिससे उनकी तीन हफ़्ते की बढ़त का सिलसिला थम गया।US-ईरान युद्धट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट सोमवार को ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंधों की घोषणा करने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं। उन्होंने इसे इतिहास में समन्वित आर्थिक अलगाव (coordinated economic isolation) के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा बताया है।यह घोषणा US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले हफ़्ते दिए गए उस बयान के बाद हो रही है जिसमें उन्होंने कहा था कि वॉशिंगटन ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी देश के ख़िलाफ़ अब तक की सबसे ज़बरदस्त आर्थिक कार्रवाई करेगा।कच्चे तेल की कीमतेंसोमवार को तेल की कीमतों में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई क्योंकि निवेशकों ने ईरान पर और प्रतिबंधों के बारे में वॉशिंगटन की संभावित घोषणा से पहले मुनाफ़ा वसूली की। इन प्रतिबंधों से मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आ सकती है।गोल्ड में उछालसोमवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और यह तीन महीने से ज़्यादा समय के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। निवेशक अमेरिका में महंगाई के आँकड़ों और इस हफ़्ते के आखिर में फेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के भाषण का इंतज़ार कर रहे थे।स्पॉट गोल्ड 0.7% बढ़कर $4,636.34 प्रति औंस हो गया, जो 15 मई के बाद का इसका सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, US गोल्ड फ़्यूचर्स 0.3% बढ़कर $4,694.80 पर पहुंच गया।पिछले हफ़्ते US ट्रेज़री के बायबैक सपोर्ट प्लान से डॉलर पर दबाव पड़ने के बाद सोने की कीमतों में 5% से ज़्यादा की उछाल आई थी।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 24 Aug 2026 8:19 am

Agra News: चयन प्रक्रिया बदली, एशियाई खेलों में जाने से चूके बॉक्सर आदित्य

राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे मुक्केबाज आदित्य प्रताप सिंह को निराशा हाथ लगी है।

अमर उजाला 24 Aug 2026 2:45 am

पानीपत के अंकित जागलान का भारतीय कबड्डी टीम में चयन:एशियाई खेलों में दिखाएंगे दम, पटना पाइरेट्स की कप्तानी भी कर चुके

पानीपत जिले के नौल्था गांव के रहने वाले कबड्डी खिलाड़ी अंकित जागलान का जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अंकित जागलान ने अपनी कड़ी मेहनत और शानदार खेल के दम पर गांव और जिले का नाम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनके नाम पहले भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिसमें प्रो कबड्डी में पटना पाइरेट्स का प्रतिनिधित्व करना शामिल है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा अंकित के पिता सुल्तान सिंह जागलान ने बताया कि अंकित ने 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा था। परिवार ने उनकी खेल के प्रति रुचि को देखते हुए हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। सुल्तान सिंह ने यह भी बताया कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने अंकित को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। पटना पाइरेट्स के कप्तान बने अंकित पहली बार प्रो कबड्डी में गांव के 7 अन्य खिलाड़ियों के साथ चुने गए थे। इसके बाद, उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अगले साल प्रो कबड्डी की पटना पाइरेट्स टीम का कप्तान बनाया गया, जिस पद पर वह लगातार 2 साल तक रहे। इस साल हैदराबाद में एशियाई टीम के चयन के लिए 25 खिलाड़ियों का एक समूह गया था, जिसमें से 12 खिलाड़ियों का चयन हुआ और अंकित भी उनमें शामिल हैं। गांव में जश्न का माहौल अंकित की सफलता की खबर सुनकर पूरे गांव में जश्न का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि अंकित ने केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है। सभी को उम्मीद है कि अंकित एशियाई खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।

दैनिक भास्कर 23 Aug 2026 3:57 pm

Top-5 खिलाड़ी जिन्होंने Women's T20 Asia Cup में बनाए सर्वाधिक रन! Team India के 3 खिलाड़ी हैं लिस्ट में शामिल

Top-5 Players With Most Runs In Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरूहोने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा किया है। 5. बिस्माह मारूफ (Bismah Maroof): इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर पाकिस्तान की पूर्व कप्तान बिस्माह मारूफ हैं। उन्होंने साल 2012 से लेकर 2022 तक कुल 23 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और 423 रन बनाए। इस टूर्नामेंट में उनका औसत 24.88 रहा और उन्होंने 2 अर्धशतक जड़े। 4. मिताली राज (Mithali Raj): भारत की महान बल्लेबाज़ और पूर्व कप्तान मिताली राज इस लिस्ट में ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता। मिताली ने महज़ 12 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और 61.42 की औसत से 430 रन बनाए। इस टूर्नामेंट में उनके बैट से 3 अर्धशतक देखने को मिले। 3. स्मृति मंधाना (Smriti Mandana): टीम इंडिया की दिग्गज सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना जो कि क्लास से शॉट खेलकर रन बनाती हैं, वो इस लिस्ट में तीसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने अब तक कुल 24 महिला टी20 एशिया कप मुकाबले खेले और कुल 479 रन ठोके। इस दौरान उनकी औसत 28.17 और स्ट्राइक रेट 114.86 रहा। 2. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Athapaththu): श्रीलंका की लीजेंड ऑलराउंडर और कप्तान चमारी अट्टाट्टू महिला एशिया कप टूर्नामेंट में दूसरीसबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज़ हैं। उन्होंने अब तक 21 मुकाबलों में 31.38 की औसत और 118.20 की स्ट्राइक रेट से 565 रन बनाकर ये पायदान हासिल किया है। गौरतलब है कि वो विमेंस एशिया कप की एकलौती ऐसी खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टूर्नामेंट में सेंचुरी ठोकने का रिकॉर्ड बनाया है। Also Read: LIVE Cricket Score 1. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur): महिला एशिया कप के इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड किसी और के नहीं, बल्कि भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर के नाम ही दर्ज है। उन्होंने एशिया के सबसे बडे़ टूर्नामेंट में अब तक 25 मैचों की 22 पारियों में 38.06 की औसत और 106.92 की स्ट्राइक रेट से 571 रन ठोके हैं। बताते चलें कि वो इस टूर्नामेंट में 3 तूफानी अर्धशतक भी लगा चुकी हैं।

क्रिकेट न मोर 23 Aug 2026 2:51 pm

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गौर की जम्मू-कश्मीर यात्रा ने चीनी-पाकिस्तानी चालों को किया दुरुस्त!

जरा गौर कीजिए, जब चीन अरुणाचल प्रदेश में भारत को आंखें दिखा रहा हो, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर/लद्दाख पहुंचना और जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना भारतीय कूटनीति की कितनी बड़ी सफलता है, क्योंकि यह परोक्ष रूप से चीन को संदेश है कि भारत का साथ मिलते ही अमेरिका अन्य एशियाई 'बदमाशों' को रौंद डालेगा। उधर, पाकिस्तान को संदेश है कि इस्लामिक नाटो उसकी सुरक्षा की गारंटी नहीं बनेगा, यदि अमेरिका खुलकर भारत के साथ खड़ा रहेगा। जी हां, अमेरिकी राजदूत की 19–20 अगस्त 2026 की जम्मू-कश्मीर और लद्दाख यात्रा को केवल एक राजनयिक दौरा मानना पर्याप्त नहीं होगा। इसे भी पढ़ें: Sergio Gor के बयान से तिलमिलाये Pakistan ने Trump Administration पर उतारी भड़ास, US Diplomat Natalie Baker को तलब कर थमाया Strong Demarche खासकर श्रीनगर में उनका यह कहना कि जम्मू-कश्मीर “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” है और अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत देना, वाशिंगटन के पुराने कश्मीर-संबंधी सार्वजनिक रुख की तुलना में महत्वपूर्ण राजनीतिक-सामरिक संकेत देता है। इससे कई सवाल उपजते हैं, जिनके निहितार्थ को समझना भी जरूरी है:- पहला सवाल है कि क्या वास्तव में अमेरिकी स्टैंड बदल गया है? तो जवाब होगा कि अपेक्षित सावधानी जरूरी है। अभी इसे अमेरिका की औपचारिक कश्मीर-नीति में पूर्ण परिवर्तन कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन राजनयिक भाषा और व्यवहार में बदलाव का संकेत स्पष्ट है। पहले अमेरिकी नीति का सार्वजनिक ढांचा मुख्यतः यह रहा कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान के बीच विवादित विषय है और दोनों देशों को बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। 2019 के बाद भी अमेरिकी अधिकारियों ने इस मूल स्थिति को बनाए रखा था। इसके विपरीत, गोर ने भारतीय प्रशासित जम्मू-कश्मीर में जाकर उसे “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा। पाकिस्तान ने इसे अमेरिकी पारंपरिक रुख से विचलन मानते हुए अमेरिकी प्रभारी राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। इसलिए फिलहाल इसे “नीति परिवर्तन” से अधिक “नीति-संकेत में परिवर्तन” कहना उचित होगा। दूसरा सवाल है कि इस यात्रा का सबसे बड़ा संदेश क्या है? क्या कश्मीर को जमीन पर देखकर आकलन हुआ है? तो जवाब होगा कि गोर का दौरा छह साल से अधिक अंतराल के बाद किसी अमेरिकी राजदूत की कश्मीर यात्रा है। उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की और सुरक्षा व्यवस्था तथा बदलते माहौल का प्रत्यक्ष आकलन किया। यह महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि अमेरिका की कश्मीर संबंधी धारणा अब केवल इस्लामाबाद, नई दिल्ली या अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर निर्भर नहीं रह सकती। राजदूत का स्वयं श्रीनगर जाना और फिर सुरक्षा स्थिति पर सकारात्मक टिप्पणी करना वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं को एक अलग जमीनी इनपुट देता है। तीसरा सवाल यह है कि Travel Advisory में बदलाव—छोटा दिखने वाला बड़ा संकेत है? तो जवाब होगा कि गोर ने जम्मू-कश्मीर के लिए अमेरिकी यात्रा-परामर्श की समीक्षा के संकेत दिए हैं। अगर आगे अमेरिका अपने मौजूदा “Do Not Travel” स्तर को नीचे करता है, तो इसका असर केवल अमेरिकी पर्यटकों पर नहीं पड़ेगा। यह संदेश जाएगा कि सुरक्षा परिस्थितियों में सुधार हुआ है। सामान्य आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। पर्यटन के लिए क्षेत्र अधिक खुल रहा है। अंतरराष्ट्रीय जोखिम-धारणा बदल रही है। यानी कश्मीर के लिए यह सुरक्षा से पर्यटन और पर्यटन से निवेश की दिशा में सकारात्मक कूटनीतिक संकेत बन सकता है। चौथा सवाल यह है कि क्या यह परिदृश्य पाकिस्तान के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका है? तो कहना न होगा कि इस बयान की सबसे तीखी प्रतिक्रिया पाकिस्तान से आई है। इस्लामाबाद ने इसे अपनी दशकों पुरानी कश्मीर कूटनीति के प्रतिकूल माना और अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तान के लिए समस्या सिर्फ गोर का बयान नहीं है, बल्कि समस्या यह है कि यदि अमेरिका जैसा प्रभावशाली देश धीरे-धीरे कश्मीर को “भारत-पाकिस्तान के विवाद” की भाषा से हटाकर “भारत के महत्वपूर्ण हिस्से” की भाषा में संबोधित करने लगे, तो पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक रणनीति कमजोर हो सकती है। पांचवां सवाल यह है कि क्या चीन का कोण भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता? तो जवाब होगा कि गोर का कार्यक्रम केवल श्रीनगर तक सीमित नहीं रहा; वह लद्दाख भी गए। यह समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि लद्दाख भारत-चीन सीमा-सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है। इसलिए यात्रा का एक व्यापक संदेश यह भी हो सकता है कि अमेरिका भारत के पश्चिमी और उत्तरी दोनों रणनीतिक मोर्चों को अपने Indo-Pacific और South/Central Asia दृष्टिकोण से देख रहा है। छठा सवाल यह है कि क्या भारत-अमेरिका संबंधों में कश्मीर की भूमिका बदल सकती है? तो कहना न होगा कि यह घटनाक्रम भारत-अमेरिका संबंधों के उस व्यापक पुनर्संतुलन का हिस्सा हो सकता है जिसमेंआतंकवाद के विरुद्ध सहयोग, चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला, हिंद-प्रशांत रणनीति, रक्षा एवं तकनीकी साझेदारी, ऊर्जा एवं व्यापार, और दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती रणनीतिक भूमिका एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। गोर स्वयं भारत में अमेरिकी राजदूत होने के साथ South and Central Asian Affairs के Special Envoy भी हैं। इसलिए उनकी टिप्पणी का महत्व सामान्य राजदूत की टिप्पणी से अधिक माना जा सकता है। सातवां सवाल यह है कि क्या भारत को अति-उत्साहित होने से भी बचना होगा? तो जवाब होगा कि यहां एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सावधानी बरतनी जरूरी है क्योंकि एक राजदूत का बयान अमेरिकी सरकार की पूरी औपचारिक विदेश नीति का विकल्प नहीं होता। जब तक अमेरिकी विदेश विभाग या व्हाइट हाउस अपनी आधिकारिक नीति में स्पष्ट बदलाव घोषित नहीं करता, तब तक यह कहना कि “अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान को छोड़कर भारत का पक्ष ले लिया है” अतिशयोक्ति होगी। लेकिन यह जरूर कहा जा सकता है कि अमेरिकी सार्वजनिक कूटनीतिक भाषा में एक उल्लेखनीय बदलाव दिखाई दे रहा है। आठवां सवाल यह है कि सबसे बड़ा रणनीतिक निहितार्थ क्या है? तो जवाब होगा कि मेरे आकलन में इस यात्रा का वास्तविक महत्व चार शब्दों में है: “Narrative → Ground Reality → Policy.” यदि अमेरिका को जमीनी स्तर पर कश्मीर में सुरक्षा, राजनीतिक प्रक्रिया, पर्यटन और आर्थिक सामान्यीकरण दिखाई देता है और उसके आधार पर उसकी यात्रा चेतावनी कम होती है, तो धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय नैरेटिव भी बदल सकता है। यही भारत के लिए सबसे बड़ा कूटनीतिक लाभ होगा। निष्कर्षतः, सर्जियो गोर की कश्मीर यात्रा को भारत की कूटनीतिक उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन इसे अभी अमेरिकी कश्मीर नीति का अंतिम परिवर्तन घोषित करना जल्दबाजी होगी। असली परीक्षा अगले चरण में होगी—क्या Washington अपनी आधिकारिक भाषा बदलेगा, क्या travel advisory घटेगी और क्या भविष्य में अमेरिकी अधिकारी कश्मीर को भारत के आंतरिक प्रशासनिक-सुरक्षा संदर्भ में अधिक स्पष्टता से देखेंगे? अगर इन तीनों प्रश्नों का उत्तर “हाँ” होता है, तो गोर की यह यात्रा दक्षिण एशिया की कूटनीति में एक महत्वपूर्ण turning point सिद्ध हो सकती है। # क्या ईरान में पिटी अमेरिकी भद्द और पाकिस्तान के दोगले रवैये से अचंभित अमेरिका ने ऐसा किया हाँ—इसे एक संभावित कारण के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन निर्णायक कारण कहना अभी जल्दबाजी होगी। उपलब्ध घटनाक्रम को जोड़ें तो अमेरिकी सोच में पाकिस्तान को लेकर विश्वसनीयता का प्रश्न जरूर उभरता है। सवाल है कि क्या ईरान प्रकरण ने अमेरिका को पाकिस्तान को नए नजरिये से देखने पर मजबूर किया? जवाब होगा कि ईरान-अमेरिका संकट में पाकिस्तान ने एक तरफ अमेरिका के साथ संवाद और मध्यस्थता की भूमिका निभाई, जबकि दूसरी तरफ ईरान के प्रति अपनी निकटता और क्षेत्रीय हितों को भी साधता रहा। विशेषज्ञों ने भी पाकिस्तान की निष्पक्ष मध्यस्थ के रूप में विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं—विशेषकर ईरान, अफगानिस्तान और सऊदी अरब से उसके एक साथ जुड़े हितों को देखते हुए। यानी Washington के लिए संदेश यह हो सकता है कि पाकिस्तान को एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार की बजाय आवश्यकता पड़ने पर उपयोगी लेकिन स्वार्थ-आधारित साझेदार के रूप में देखना अधिक व्यावहारिक है। लेकिन कश्मीर पर गोर का बयान सिर्फ पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए? मेरे आकलन में नहीं। क्योंकि सर्जियो गोर ने श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर को “भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा” कहा और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए अमेरिकी Travel Advisory की समीक्षा की बात कही। इसके बाद पाकिस्तान ने अमेरिकी राजनयिक को बुलाकर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और कहा कि यह अमेरिकी पारंपरिक कश्मीर-रुख के विपरीत है। इसलिए इसके पीछे कई परतें हो सकती हैं: 1. ईरान: पाकिस्तान की मध्यस्थता और दोहरे हितों से अमेरिकी रणनीतिक संदेह बढ़ा हो। 2. आतंकवाद: अमेरिका के लिए पाकिस्तान की उपयोगिता और विश्वसनीयता का मूल्यांकन फिर से हो रहा हो। 3. भारत: चीन के मुकाबले भारत का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। 4. कश्मीर: जमीनी सुरक्षा परिस्थितियों को देखकर अमेरिकी धारणा में बदलाव की शुरुआत हुई हो। 5. पाकिस्तान: Washington अब Islamabad को South Asia का अनिवार्य रणनीतिक केंद्र मानने की बजाय भारत को अधिक महत्व दे रहा हो। सबसे दिलचस्प बात तो यह है कि यह बदलाव ईरान संकट के बाद पाकिस्तान की भूमिका बढ़ने के ठीक उसी दौर में दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाकर अपनी कूटनीतिक उपयोगिता बढ़ाने की कोशिश की थी। लेकिन यदि उसी समय अमेरिका का शीर्ष राजनयिक भारत में जाकर कहता है कि J&K भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, तो यह पाकिस्तान के लिए निश्चित रूप से बड़ा कूटनीतिक झटका है। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि अमेरिका का संदेश है: “Pakistan may be useful, but India is strategically indispensable.” हालांकि अभी इसे अमेरिकी नीति का औपचारिक परिवर्तन नहीं कहा जा सकता। अगली निर्णायक परीक्षा यह होगी कि Washington अपनी आधिकारिक Kashmir language और Travel Advisory में वास्तव में क्या बदलाव करता है। और एक बड़ा प्रश्न इससे निकलता है—क्या ईरान संकट, पाकिस्तान की कथित दोहरी कूटनीति और चीन की बढ़ती चुनौती ने अमेरिका को अंततः यह समझा दिया है कि दक्षिण एशिया में पाकिस्तान से अधिक भरोसेमंद और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार भारत है? यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे महत्वपूर्ण यक्ष प्रश्न है। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

प्रभासाक्षी 20 Aug 2026 6:20 pm

गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी

आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।

देशबन्धु 18 Aug 2026 2:39 am

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?

अमर उजाला 11 Aug 2026 7:59 am

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के संस्थापक Ramoji Rao का हुआ निधन

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

समाचार नामा 8 Jun 2024 8:15 am

Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन

Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

वेब दुनिया 26 May 2024 2:39 pm