Asian Games: Teqball फाइनल की दौड़ से बाहर हुईं Quimcy D'Souza, अब Bronze Medal पर नजर
भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। क्विम्सी ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12-7, 9-12, 7-12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। क्विम्सी अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। क्विम्सी ने अपनी लंबे कद का पूरा फायदा उठाते हुए बार-बार सटीक स्मैश लगाए। घुमावदार टेबल से उनकी नीची और स्लाइडिंग सर्व ने सुमाया को दबाव में रखा। उन्होंने पहला गेम 12-7 से आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे गेम में कहानी एकदम से बदल गई। यह खेल सेपक टकरा (पांव से वॉलीबॉल खेलने जैसा) से मिलता है और सुमाया सेपक टकरा की खिलाड़ी रही है जिसका उन्हें फायदा मिला। सुमाया ने तेजी दिखाई और क्विम्सी को हर अंक के लिए कड़ी टक्कर दी। उन्होंने भारतीय खिलाड़ी को रैलियों में उलझाया। एक समय स्कोर 9-9 से बराबरी पर था। इंडोनेशियाई खिलाड़ी के दो शानदार ड्रॉप शॉट्स ने क्विम्सी को दबाव में डाल दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने एक स्मैश शॉट बाहर मार दिया और सुमाया ने मैच को बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक गेम में शानदार ड्रॉप शॉट्स और दमदार स्मैश के दम पर 3-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद वह 5-2 और फिर 6-3 से आगे थी लेकिन इंडोनेशिया की खिलाड़ी ने लगातार नौ अंक बनाकर जीत हासिल कर ली। क्विम्सी मैच समाप्त होने के बाद अपने आंसू नहीं रोक पाई क्योंकि वह जीत के बेहद करीब थी। उन्होंने कहा, ‘‘उसे सेपक टकरा की पृष्ठभूमि के कारण फायदा मिला, लेकिन यह एक अच्छा मैच था जिसमें बेहतर खिलाड़ी की जीत हुई।’’ टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games से पहले Team India की किट और Hotel पर बवाल, BCCI को खुद संभालनी पड़ी व्यवस्था
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रविवार तड़के एशियाई खेलों के लिए रवाना होने से पहले सही साइज़ की किट का इंतज़ार कर रहे हैं। खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर BCCI और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की किट सप्लायर कंपनी JSW इंस्पायर के बीच काफी बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टीम रविवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होगी। 28 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए आधिकारिक जर्सी पहनने से पहले, भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र T20I मैच में अपनी रेगुलर किट पहनेंगे। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने बताया कि क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा। BCCI ने होटल को लेकर भी लिया अपना फैसला इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया कि महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर सुविधाओं पर सवाल एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
Asian Games Hockey में भारतीय टीमों का लक्ष्य Gold Medal और सीधा Olympic कोटा
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में विश्व कप में मिली निराशा को भुलाकर एशियाई खेलों में रविवार से शुरू होने वाली हॉकी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल करने में किसी तरह की कसर नहीं छोड़ेगी जबकि महिला टीम भी स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेगी। एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने पर दोनों भारतीय टीमों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक खेलों के लिए सीधा टिकट मिल जाएगा, इसलिए दोनों टीमों के लिए बहुत कुछ दांव पर लगा है। भारतीय पुरुष टीम को नीदरलैंड और बेल्जियम में हाल ही में समाप्त हुए एफआईएच विश्व कप में आठवें स्थान पर रहने के बाद अपना मनोबल बढ़ाना होगा। पिछले दो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता भारत को मेजबान जापान, कोरिया, बांग्लादेश, श्रीलंका और इंडोनेशिया के साथ पूल ए में रखा गया है, जबकि पूल बी में पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, ओमान, उज्बेकिस्तान और थाईलैंड शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ करेगा। वह इस मैच में बड़ी जीत हासिल करने की कोशिश करेगा। भारत विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर है लेकिन यहां वह शीर्ष रैंकिंग वाली टीम है और इसलिए वह स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार है, लेकिन इसे हासिल करने के लिए उसे उन कमियों को दूर करना होगा जिन्होंने विश्व कप जीतने की उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया था। भारत 2016 से लेकर अब तक किसी भी प्रतियोगिता में पाकिस्तान से नहीं हारा है। पिछले 16 मुकाबलों में से 14 में भारत ने जीत हासिल की है, जिसमें हांगझोऊ एशियाई खेलों में 10-2 से और इस साल के विश्व कप में 5-3 से जीत शामिल है। जापान (97 मुकाबलों में 86 जीत) और मलेशिया (127 मुकाबलों में 89 जीत) के खिलाफ भी भारत का रिकॉर्ड शानदार है। लेकिन टीम की असली परीक्षा पूल चरण में जापान और कोरिया के खिलाफ होगी। अनुभवी मनप्रीत सिंह, कप्तान हरमनप्रीत सिंह, डिफेंडर अमित रोहिदास और स्ट्राइकर मनदीप सिंह जैसे कुछ भारतीय खिलाड़ियों का यह संभवतः आखिरी एशियाई खेल होगा और वे स्वर्ण पदक के साथ इसका समापन करने के लिए बेताब होंगे। इंडोनेशिया के बाद भारतीय पुरुष टीम 22 सितंबर को श्रीलंका, 24 सितंबर को दक्षिण कोरिया, 26 सितंबर को जापान और 28 सितंबर को बांग्लादेश का सामना करेगी। जहां तक भारतीय महिला टीम का सवाल है तो उसने विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल करके 52 वर्षों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है, जिससे वे आत्मविश्वास से भरी होंगी। एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला टीम को पूल बी में उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, जापान और सिंगापुर के साथ रखा गया है। भारतीय टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी, जिसमें वह बड़ी जीत हासिल करना चाहेगी। लेकिन प्रतियोगिता में भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा चीन ही बना हुआ है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली और विश्व रैंकिंग में चौथे स्थान पर काबिज चीन इस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार है। लेकिन भारतीय महिला टीम विश्व कप में चीन के खिलाफ अपने प्रदर्शन से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगी, जहां उन्होंने चीन की टीम को 2-2 से बराबरी पर रोक दिया था। कप्तान सलीमा टेटे की अगुवाई में भारतीय महिला टीम हांगझोऊ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने से बेहतर प्रदर्शन करके एशियाई खेलों का अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीतने का लक्ष्य रखेगी। भारतीय महिला टीम ने 1982 में एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। उज्बेकिस्तान के बाद भारतीय महिला टीम 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर के खिलाफ खेलेगी।
एशियाई खेलों में Manu Bhakar की अगुवाई में उतरेगा 30 सदस्यीय भारतीय शूटिंग दल
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली मनु भाकर की अगुवाई में भारतीय निशानेबाज रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपने अभियान की शुरुआत करेंगे जिसमें उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है। निशानेबाजी में भारत का 30 सदस्यीय दल भाग ले रहा है और उनसे पिछले एशियाई खेलों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद जा रही है। हांगझोऊ एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने रिकॉर्ड 22 पदक (सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य) जीते थे। भारतीय टीम में कई ओलंपियन और विश्व स्तरीय खिलाड़ी शामिल हैं जिनमें से कुछ को बड़ी प्रतियोगिताओं में खेलने का अनुभव है। लेकिन सबकी निगाहें निश्चित रूप से मनु पर होंगी, जो पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक हासिल करने के बाद एशियाई खेलों में अपना पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगी। ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में कांस्य पदक जीता और फिर सरबजोत सिंह के साथ मिलकर मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और कांस्य पदक हासिल किया। मनु तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रही है। उन्होंने 2018 के जकार्ता में इन खेलों में पदार्पण किया था, जहां उनके साथ एयर पिस्टल निशानेबाज सौरभ चौधरी भी थे और उन्हें जूनियर राष्ट्रीय कोच जसपाल राणा का मार्गदर्शन मिल रहा था। तब से बहुत कुछ बदल चुका है। राणा का इसी साल निधन हो गया और उनकी कमी बहुत खलेगी। मनु के लिए एशियाई खेलों में वापसी का एक विशेष भावनात्मक महत्व है, क्योंकि वह उस प्रतियोगिता में वापसी करेंगी जिसमें उनका सफर राणा के सानिध्य में शुरू हुआ था। मनु और ईशा सिंह 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर पिस्टल दोनों स्पर्धाओं में भाग लेंगी। 10 मीटर एयर पिस्टल में मनु, ईशा और सुरुचि इंदर सिंह की तिकड़ी अपनी किस्मत आजमाएंगी। 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में मनु और ईशा के साथ बेहद अनुभवी राही सरनोबत भी शामिल होंगी, जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिस्टल स्पर्धा से पहले प्रतियोगिता की शुरुआत महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा से होगी, जहां एलावेनिल वलारिवन, सोनम उत्तम मस्कर और विदरसा के विनोद भारत की तरफ से चुनौती पेश करेंगी। ओलंपियन ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, पूर्व विश्व चैंपियन रुद्रांक्ष पाटिल, नीरज कुमार पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन स्पर्धा में हिस्सा लेंगे। अनीश भानवाला शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले साल काहिरा में विश्व चैंपियनशिप और विश्व कप फाइनल में रजत पदक जीते थे। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल टीम में अनुभव की कमी है। इसमें केदार्लिंग उचागनवे, कमलजीत और आकाश भारद्वाज भारत की चुनौती पेश करेंगे। कमलजीत जूनियर विश्व चैंपियन हैं, जबकि उचागनवे और भारद्वाज ने अभी तक कोई अंतरराष्ट्रीय पदक नहीं जीता है। विश्व चैंपियन सम्राट राणा और विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता वरुण तोमर की अनुपस्थिति ने नई तिकड़ी के लिए रास्ता खोल दिया है। शॉटगन स्पर्धा में नीरू ढांडा पर सबकी नजर रहेगी। इटली के लोनाटो में हाल ही में हुए विश्व कप में उनकी जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने इस प्रतियोगिता की ट्रैप स्पर्धा में व्यक्तिगत विश्व कप स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रचा था। पुरुषों और महिलाओं की स्कीट टीमों से भी काफी उम्मीद है। ओलंपियन मैराज अहमद खान के पास कई विश्व कप में खेलने का अनुभव है और उन्होंने व्यक्तिगत, टीम और मिश्रित स्पर्धाओं में तीन विश्व कप पदक जीते हैं। एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता अनंतजीत सिंह नारुका ने भी दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है।
Women's Asian Games 2026: महिला एशियन गेम्स 2026 का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भारत और बांग्लादेश के बीच रविवार, 20 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। ये मुकाबला भारतीय समय अनुसार सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। गौरतलब है कि इन दोनों टीमों के बीच आखिरी टी20 इंटरनेशनल हाल ही में एशिया कप 2026 में खेला गया था जो कि टूर्नामेंट का सेमीफाइनल मुकाबला भी था। ये दुबई के मैदान पर हुआ था जहां टीम इंडिया ने 149 रन डिफेंड करके बांग्लादेश को 40 रनों से मात दी थी। इस मुकाबले की स्टार प्लेयर शेफाली वर्मा थी, जिन्होंने 40 गेंदों पर 64 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी। IND-W vs BAN-W T20: मैच से जुड़ी जानकारी दिन - रविवार, 20 सितंबर 2026 समय - 10:30 AM IST वेन्यू - कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क, निसिन Korogi Sports Park, Nisshin Pitch Report कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क एक नया बना हुआ स्टेडियम है, जिसे फिलहाल इस टूर्नामेंट के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक यहां की पिच गेंदबाजों के पक्ष में रही है। पिच पर उछाल अच्छा है, जिसने हाल के मुकाबलों में बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। बताते चलें कि इस मैदान पर अब तक 9 टी20 इंटरनेशनल खेले गए हैं जिसमें से 5 रन डिफेंड करने वाली टीमों ने जीते हैं। यहां T20I में पहली इनिंग का औसत स्कोर 124 रन रहा है। IND-W vs BAN-W T20 Head To Head Record कुल - 25 भारत - 22 बांग्लादेश - 03 IND-W vs BAN-W T20 : Where to Watch? महिला एशियन गेम्स 2026 के सभी मुकाबले भारतीय क्रिकेट फैंस टीवी पर Sony Sports Network और OTT प्लेटफॉर्म SonyLiv App पर इन्जॉय कर सकते हैं। IND-W vs BAN-W T20: Player to Watch Out For भारतीय टीम से स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा स्टार प्लेयर्स हो सकते हैं जिन पर सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं बात करें अगर बांग्लादेश टीम की तो निगर सुल्ताना, मारूफा अख्तर और सुल्ताना खातून अपने प्रदर्शन से कमाल कर सकते हैं। India Women vs Bangladesh Women T20 Probable Playing XI India Women T20 Probable Playing XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, नंदनी शर्मा, क्रांति गौड़। Bangladesh Women T20 Probable Playing XI: दिलारा अख्तर, जुएरिया फरदौस, सोभना मोस्तारी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर/कप्तान), शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, फाहिमा खातून, नाहिदा अख्तर, राबेया खान, सुल्ताना खातून, मारूफा अख्तर। India Women vs Bangladesh Women Today's Match Prediction महिला एशियन गेम्स 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम जीत हासिल करने के लिए फेवरेट रहेगी। IND-W vs BAN-W T20 Match Prediction, Pitch Report, Today Match Prediction, IND-W vs BAN-W Predicted XIs, Playing XI, Cricket Tips, Injury Update, India Women vs Bangladesh Women Match Preview, Women's Asian Games 2026 Also Read: LIVE Cricket Score Disclaimer: यह आर्टिकल लेखक की समझ और विश्लेषण पर आधारित है।
Asian Games 2026 में भारत की ध्वजवाहक बनने पर भावुक हुईं Manu Bhaker, कहा- यह दिल छूने वाला एहसास है
भारत की दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वालीं मनु भाकर ने 2026 एशियन गेम्स के ओपनिंग सेरेमनी में भारत के लिए फ़्लैग-बेयरर (ध्वजवाहक) के तौर पर चुने जाने पर खुशी ज़ाहिर की है। शनिवार को होने वाले इस इवेंट से पहले बात करते हुए, उन्होंने इस अनुभव को दिल को छू लेने वालाबताया और खेल में अपने सफ़र को याद किया। ओपनिंग सेरेमनी के दौरान भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत मिलकर भारत का झंडा लेकर चलेंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती एक वीडियो मैसेज में भाकर ने कहा कि सच कहूँ तो, जब मुझे कल पता चला, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की यादें ताज़ा हो गईं। और, आप जानते हैं, जब मैंने शुरुआत की थी, तो मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने खेल में एक दिन यहाँ तक पहुँच पाऊँगी। इसलिए, यह वाकई दिल को छू लेने वाला एहसास है। अपने देश के लिए फ़्लैग-बेयरर चुने जाने पर मुझे बहुत गर्व, सम्मान और बहुत ज़्यादा खुशी महसूस हो रही है। मैं बस भगवान का और सभी का उनके प्यार और सपोर्ट के लिए शुक्रिया अदा करना चाहती हूँ। उन्होंने मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पिछले ओपनिंग सेरेमनी के अपने अनुभवों के बारे में भी बताया। भाकर ने बताया कि 2018 में अपने पहले एशियाई खेलों के दौरान, जब वह 16 साल की थीं, तो वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं क्योंकि वह जकार्ता में मुख्य विलेज से दूर पालेमबांग में थीं। उन्होंने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था, जिसके बाद उनके दिवंगत कोच और शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा ने उन्हें सलाह दी थी कि जब तक वह फ़्लैग-बेयरर न हों, तब तक ऐसी सेरेमनी में शामिल न हों, क्योंकि उनके कॉम्पिटिशन से पहले शारीरिक रूप से काफ़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि अपने पहले एशियाई खेलों के समय मैं 16 साल की थी, और यह मेरा तीसरा एशियाई खेल है। मेरा पहला एशियाई खेल जकार्ता में था, लेकिन हम पालेमबांग में थे, जो मुख्य विलेज से बहुत दूर था, इसलिए हम उसमें शामिल नहीं हो पाए। मैंने पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में हिस्सा लिया था। उसके बाद, मेरे कोच जसपाल सर ने मुझसे कहा, 'अगर तुम फ़्लैग-बेयरर हो, तभी मैं तुम्हें सेरेमनी में शामिल होने की इजाज़त दूंगा; वरना नहीं,' क्योंकि हमारे मैच आमतौर पर पहले या दूसरे दिन ही शुरू हो जाते हैं, इसलिए शूटिंग में हमारे लिए यह बहुत भागदौड़ वाला समय होता है।
Asian Games Badminton: भारतीय टीम के सामने Japan की कड़ी चुनौती
पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम रविवार को यहां अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश की खिलाफ करेगी जबकि महिला टीम कजाकिस्तान से भिड़ेगी। टीम प्रतियोगिता के बाद 25 सितंबर से व्यक्तिगत स्पर्धाएं होंगी। भारत को 2023 में हांगझोऊ में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल में स्वर्ण पदक दिलाया था। इसके अलावा भारत ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत और पुरुष एकल में एचएस प्रणय के शानदार प्रदर्शन से कांस्य पदक भी जीता था। भारतीय पुरुष टीम रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलने का लक्ष्य रखेगी, जबकि महिला टीम 2014 में इंचियोन में कांस्य पदक जीतने के बाद दूसरा टीम पदक हासिल करने की कोशिश करेगी। भारत को बांग्लादेश के खिलाफ जीत हासिल करने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उसका सामना जापान से हो सकता है। इस दौर में लक्ष्य सेन का सामना कोडाई नाराओका से हो सकता है, जिन्होंने पिछले महीने नयी दिल्ली में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में अपना दूसरा रजत पदक जीता था। विश्व के 20वें नंबर के खिलाड़ी आयुष शेट्टी का सामना स्विस ओपन विजेता और विश्व के 18वें नंबर के खिलाड़ी युशी तनाका से हो सकता है, जबकि सात्विक-चिराग का सामना ताकुरो होकी और युगो कोबायाशी से हो सकता है। भारत के लिए इस चुनौती से पार पाना आसान नहीं होगा। लक्ष्य अभी भी भारत के सर्वोच्च रैंकिंग वाले पुरुष एकल खिलाड़ी हैं, लेकिन मार्च में ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता रहने के बाद से उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। उन्हें विश्व चैंपियनशिप और चीन मास्टर्स के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा। भारत के ड्रॉ वाले हिस्से में चीन और कोरिया भी शामिल हैं, जिसका मतलब है कि सेमीफाइनल में उसका इनमें से किसी भी टीम से मुकाबला हो सकता है। दूसरे हिस्से में मलेशिया, इंडोनेशिया, थाईलैंड और चीनी ताइपे हैं। भारत की तरफ से तीसरे एकल की जिम्मेदारी किदाम्बी श्रीकांत पर आ सकती है। प्रणय भी हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाने के बावजूद भारत के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बने हुए हैं। महिलाओं के वर्ग में भारत का पहला मुकाबला कजाकिस्तान से होगा और क्वार्टरफाइनल में उसका सामना दूसरी वरीयता प्राप्त जापान से हो सकता है। उस मुकाबले में पीवी सिंधू का सामना तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची से जबकि उन्नति हुडा का सामना 20 वर्षीय टोमोका मियाजाकी से हो सकता है। पिछले महीने विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी का सामना जापान की युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो से हो सकता है। विश्व चैंपियनशिप में मिली शानदार सफलता के बाद यह भारतीय जोड़ी व्यक्तिगत स्पर्धा में भी पदक की प्रबल दावेदार बनकर उभरी है। सभी की निगाहें सिंधू के प्रदर्शन पर टिकी रहेगी। वह जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 में अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने की कोशिश करेंगी। अगर महिला टीम जापान को हराने में सफल रहती है, तो सेमीफाइनल में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
Asian Games से पहले भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को सही साइज की किट का इंतजार
(भरत शर्मा)नयी दिल्ली, 19 सितंबर भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य एशियाई खेलों के लिए अब भी सही साइज की किट का इंतजार कर रहे हैं जबकि उन्हें रविवार तड़के जापान रवाना होना है। पीटीआई को पता चला है कि खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के किट उपलब्ध कराने वाले जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होने वाली है। भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी मानक पोशाक पहनेंगे। इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे। आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा।’’इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है। भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है। एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी।’’एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।
एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में Bangladesh से भिड़ेगा भारत, आक्रामक शुरुआत पर नजर
मौजूदा चैंपियन भारत रविवार को यहां बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले एशियाई खेलों के सेमीफाइनल मैच में अपने आक्रामक तेवर बरकरार रखकर दबाव बनाने की कोशिश करेगा। भारतीय टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उसने क्वार्टर फाइनल में जापान को आठ विकेट से करारी शिकस्त दी और इस बीच 15 ओवर शेष रहते हुए ही मैच जीत लिया। दूसरी ओर बांग्लादेश ने चीन के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच गीले मैदान के कारण रद्द होने के बाद अपनी बेहतर आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ इस प्रारूप में अपना दबदबा बनाए रखा है और उसने पिछले नौ मुकाबलों में जीत हासिल की है, जिसमें पिछले सप्ताह एशिया कप में 40 रन की जीत भी शामिल है। बांग्लादेश के हाथों उसे टी20 में आखिरी बार तीन साल पहले हार का सामना करना पड़ा था। भारत ने जापान के खिलाफ टर्न और उछाल वाली पिच का भरपूर फायदा उठाया, जिसमें बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपना प्रभावशाली प्रदर्शन जारी रखा। उन्हें कामचलाऊ गेंदबाज शेफाली वर्मा, अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा और श्रेयांका पाटिल का भरपूर सहयोग मिला। श्रेयांका ने तीन महीने के बाद वापसी की है। जापान के खिलाफ सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर बल्लेबाजी करने नहीं आई थीं। शेफाली ने अकेले दम पर भारत को 58 रन के लक्ष्य तक पहुंचा दिया। उम्मीद है कि ये दोनों सीनियर बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर वापसी करेंगी। बांग्लादेश की टीम भारत पर दबाव बनाने के लिए अपने स्पिनरों पर निर्भर रहेगी। बांग्लादेश को अगर भारत के बल्लेबाजों पर दबाव बनाना है तो नाहिदा अख्तर और रबिया खान जैसी गेंदबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। वे पिच से मिलने वाली किसी भी मदद का फायदा उठाने और भारत के आक्रामक शीर्ष क्रम को नियंत्रण में रखने की कोशिश करेंगी। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्रेयांका पाटिल, भारती फुलमाली, श्री चरणी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी, राधा यादव, नंदनी शर्मा। बांग्लादेश: निगार सुल्ताना (कप्तान), नाहिदा अख्तर (उप-कप्तान), दिलारा अख्तर, फाहिमा खातून, फरिहा त्रिस्ना, जुएरिया फिरदौस, मारुफा अख्तर, सोभना मोस्टोरी, रबिया खान, रितु मोनी, संजीदा अख्तर मेघला, सरमिन सुल्ताना, शर्मिन अख्तर, शोर्ना अख्तर, सुल्ताना खातून। मैच भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
Asian Games Opening Ceremony में Pawan Sehrawat बने भारत के ध्वजवाहक, Tajinderpal Toor की जगह ली
हांगझोऊ एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाले कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत, शनिवार, 19 सितंबर को होने वाली ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारत के दूसरे ध्वजवाहक के तौर पर तेजिंदरपाल सिंह तूर की जगह लेंगे। तूर अभी अपने बेस पर ट्रेनिंग कर रहे हैं और अभी तक नागोया नहीं पहुंचे हैं। खास बात यह है कि तेजिंदरपाल को अभी तक अपनी किट नहीं मिली है, इसलिए वह ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। इसे भी पढ़ें: Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी तूर, पेरिस ओलंपिक में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली शूटर मनु भाकर के साथ ओपनिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक बनने के लिए पूरी तरह तैयार थे। लेकिन शेफ़ डी मिशन सहदेव यादव ने PTI से बात करते हुए बताया कि अब सेहरावत, जो पिछले एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य थे, सेरेमनी में तूर की जगह लेंगे। तूर ने कहा कि मुझे बताया गया है कि मेरी किट दोपहर 3 बजे (नागोया) एयरपोर्ट पर पहुंचेगी। एयरपोर्ट से समय पर अपनी किट लेकर ओपनिंग सेरेमनी वाली जगह तक पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। तूर ने आगे कहा कि तो, मैंने IOA को बता दिया है कि मैं ओपनिंग सेरेमनी में नहीं आ रहा हूँ। मेरी किट भारत में ही पड़ी है। एथलेटिक्स टीम में किसी को भी अभी तक अपनी किट नहीं मिली है। एथलेटिक्स टीम, माहौल के हिसाब से ढलने के लिए कैंप के तहत रविवार, 13 सितंबर से टोक्यो के पास सुकुबा यूनिवर्सिटी में ट्रेनिंग कर रही है। टीम को सोमवार को नागोया पहुँचना है, जो एथलेटिक्स इवेंट्स शुरू होने से दो दिन पहले का समय है। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics टूर ने कहा कि अगर उन्हें शुक्रवार से पहले ओपनिंग सेरेमनी में अपनी भूमिका के बारे में बताया गया होता, तो वे समय पर किट पाने का इंतज़ाम कर सकते थे। तूर ने आगे कहा कि IOA ने मुझे कल ही बताया कि मैं फ़्लैग-बेयरर (झंडा उठाने वाला) बनूँगा। वरना, मेरे कोच, जो कल यहाँ पहुँचे थे, मेरे लिए उसे (किट को) ले आ सकते थे। एशियन गेम्स में देरी एक आम बात हो गई है। नागोया में भारत और दूसरी टीमों के साथ होने वाली पारंपरिक झंडा फहराने की सेरेमनी में शुक्रवार को देरी हुई और फिर उसमें रुकावट भी आई। आयोजकों द्वारा किसी अज्ञात 'समस्या' को सुलझाने के बाद यह सेरेमनी हो पाई, जिससे गेम्स से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अव्यवस्था को लेकर आलोचना और बढ़ गई।
Asian Games 2026: टेबल टेनिस में भारत की चुनौती आज से, मानुष-मानव की जोड़ी पर निगाहें; पहली बार गोल्ड की उम्मीद
Asian Games 2026: आईओए अध्यक्ष पीटी उषा ने ओसीए प्रमुख और सदस्यों से मुलाकात की
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा ने आइची-नागोया में एशियन गेम्स के आधिकारिक स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और एशियन स्पोर्टिंग फ्रेटरनिटी के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की। पीटी उषा मुलाकात की तस्वीर को एक्स पर साझा करते हुए लिखा, ओसीए अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी और ओसीए के सदस्यों से आधिकारिक स्वागत समारोह में मिलना शानदार था हम सब मिलकर पूरे एशिया में खेल के विकास का रास्ता बना रहे हैं। यह समारोह एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी से पहले रखा गया था। ओपनिंग सेरेमनी शनिवार को पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होनी है। आइची-नागोया एशियन गेम्स में पूरे कॉन्टिनेंट के एथलीट एक साथ आएंगे। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के अध्यक्ष शेख जोआन बिन हमद अल थानी ने एशियन गेम्स से पहले जापान के नागोया में 110वीं ओसीए एग्जीक्यूटिव बोर्ड मीटिंग का भी नेतृत्व किया। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। शनिवार की ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही एशियाड में भारत का कैंपेन शुरू हो गया, जिसमें टेकबॉल और क्रिकेट में पहले से ही एक्शन चल रहा है। टेकबॉल के महिला एकल सेमीफाइनल में क्विम्सी जोआकिम डिसूजा को हार का सामना करना पड़ा है। वह कांस्य पदक के लिए मुकाबला करेंगी। वहीं, भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने भी क्वार्टर फाइनल में मेजबान जापान पर बड़ी जीत हासिल कर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला बांंग्लादेश से होना है। मीटिंग में आने वाले ओसीए कार्यक्रमों की तैयारियों पर बात हुई, जिसमें एशियन इंडोर और मार्शल आर्ट्स गेम्स रियाद 2026, एशियन बीच गेम्स इन सेबू 2028, और एशियन विंटर गेम्स इन अल्माटी 2029 शामिल हैं। Also Read: LIVE Cricket Score --आईएएनएस Article Source: IANS
बेसबॉल ग्राउंड से बना जापान का नया क्रिकेट वेन्यू, Asian Games से बदलेगी तस्वीर
आईची-नागोया (Aichi-Nagoya) में एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को एक नया वेन्यू मिल रहा है और इस वेन्यू की स्टोरी उतनी ही दिलचस्प है जितना वहां होने वाला क्रिकेट। Also Read: LIVE Cricket Score नागोया के ईस्ट में है निशिन शहर (Nisshin City) जहां के कोरोगी एथलेटिक पार्क (Korogi Athletic Park) में अभी कुछ साल पहले तक, बेसबॉल खेलते थे। इसे क्रिकेट के लिए नए सिरे से तैयार किया और नतीजा: जापान को इंटरनेशनल स्तर का एक नया क्रिकेट ग्राउंड मिल गया। जिस देश में बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेल है, वहां क्रिकेट के लिए अलग से एक ग्राउंड, बहुत बड़ी बात है। आइची-नागोया गेम्स की ऑफिशियल वेबसाइट के अनुसार, ये जापान का दूसरा ऐसा क्रिकेट ग्राउंड है जहां इंटरनेशनल टूर्नामेंट की जरूरतों को पूरा करने वाली प्राकृतिक ग्रास पिच है। ये बदलाव जरूरत का नतीजा है। जब ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया और मेजबान आइची-नागोया ने एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने को मंजूरी दी तो सामने सबसे बड़ी अड़चन थी, वहां आस-पास भी कोई सही क्रिकेट ग्राउंड न होना। टोक्यो के नार्थ में तोचिगी के सानो में एक इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड है (जहां भारत-जापान टी20 इंटरनेशनल है) लेकिन ये नागोया से बहुत दूर है। तो समाधान था नया क्रिकेट स्टेडियम बनाएं या किसी मौजूदा स्पोर्ट्स फैसिलिटी को क्रिकेट ग्राउंड में बदल दें। खर्चा बचाने के लिए दूसरा रास्ता चुना जिसने कोरोगी को एशियन गेम्स में इस्तेमाल हो रहे एक और ग्राउंड से, क्रिकेट ग्राउंड में बदल दिया। ये प्रयोग सस्ते में इंटरनेशनल क्रिकेट को लाने के लिए, उन देश के लिए एक सबक की तरह से है जहां क्रिकेट स्टेडियम का कोई स्थापित नेटवर्क नहीं। कोरोगी एथलेटिक पार्क, सेंट्रल नागोया से लगभग 20 किमी दूर है और यहां तीन बेसबॉल फील्ड हैं। क्रिकेट ग्राउंड का काम मार्च 2026 के आखिर में पूरा हुआ और आख़िरी सबसे बड़ा बदलाव था हाइब्रिड पिच स्क्वायर को बनाना। ग्राउंड का टेस्ट हुआ जब यहां आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप ईस्ट एशिया-पैसिफिक क्वालिफायर के 6 मैच खेले। ये 2028 टी20 वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफायर टूर्नामेंट है। क्वालिफायर के दौरान ग्राउंड में लगभग 1000 दर्शक मौजूद थे और एशियन गेम्स के लिए ग्राउंड की क्षमता बढ़ाकर लगभग 2000 करने के लिए अस्थायी स्टैंड लगा दिए हैं। पिच बनाने के लिए प्राकृतिक घास के साथ पॉलीइथिलीन फाइबर का इस्तेमाल किया है। इसी टेक्नोलॉजी का वानुअतु के पोर्ट विला में हाइब्रिड सतह बनाने के लिए इस्तेमाल हुआ है। क्वालिफायर के दौरान, पापुआ न्यू गिनी और कुक आइलैंड्स के बीच मैच में तो 359 रन भी बने और हर मैच में पिच से बाउंस और टर्न दोनों मिले। कोरोगी एथलेटिक पार्क में ही अब एशियन गेम्स में सभी टी20 क्रिकेट मैच खेलेंगे (मैच 17 सितंबर से शुरू हैं)। कोई भी बड़ा स्पोर्ट्स इवेंट कुछ दिन के लिए तो हर चर्चा में रहता है लेकिन असली इम्तिहान होता है इवेंट खत्म होने के बाद। जापान क्रिकेट एसोसिएशन के लिए एशियन गेम्स में क्रिकेट, महज एक शुरुआत नहीं है। वे अब चाहते हैं कि सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड के साथ-साथ कोरोगी एथलेटिक पार्क भी जापान के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर का स्थाई हिस्सा बने। ये सोच गलत नहीं पर आसान भी नहीं। अभी जो एग्रीमेंट हुआ है उसके अनुसार एसोसिएशन को साल में सिर्फ 20 दिन के लिए ये ग्राउंड क्रिकेट पिच के रखरखाव और इस्तेमाल के लिए मिलेगा। इसलिए साथ-साथ एक और सिंथेटिक-पिच फैसिलिटी बनाने का काम शुरू कर दिया रही है। इससे सितंबर के बाद भी ये वेन्यू चर्चा में रहेगा। जापान, इंटरनेशनल टूर्नामेंट के लिए किसी उधार की फैसिलिटी के इस्तेमाल के बजाय क्रिकेट को अपने स्पोर्ट्स कल्चर का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रहा है। मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट की एंट्री अब लगातार बढ़ रही है। 128 साल के बाद लॉस एंजिल्स 2028 में क्रिकेट, ओलंपिक प्रोग्राम में भी वापसी कर रहा है। जो सस्ता लेकिन बेहतर इंतजाम जापान ने किया, वह इस कड़ी में बड़ा मदगार साबित होगा। जापान के लिए, कोरोगी एथलेटिक पार्क, क्रिकेट को उन लोगों तक पहुंचाने का जरिया है जो शायद क्रिकेट के बारे में बहुत कम जानते हों। निसिन प्रोजेक्ट वहां क्रिकेट के विकास के प्रोजेक्ट का एक खास हिस्सा है। मेजबान होने के नाते, जापान की पुरुष और महिला टीम ने अपने-आप क्वालीफाई कर लिया जिससे स्थानीय दर्शकों को अपने देश की टीमों से जुड़ने का मौका मिल रहा है तो साथ ही वे एशिया की बेहतरीन टीमों और खिलाड़ियों को करीब से देख रहे हैं। इसलिए, इस वेन्यू के दो काम हैं: एक हाई-लेवल इंटरनेशनल टूर्नामेंट की मेजबानी करना और क्रिकेट के लिए नए दर्शक तैयार करने के प्रोजेक्ट में मदद। अमेरिका ने भी 2024 टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ऐसी ही मुश्किल का सामना किया था पर वहां, बड़े भारी खर्चे पर, उस अस्थाई स्टेडियम इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रॉप-इन पिचों का इस्तेमाल किया था, जो पारंपरिक तौर पर क्रिकेट से जुड़े नहीं थे। बाद में सब तोड़ दिए गए और सारा इनवेस्टमेंट बेकार गया। जापान ने एक अलग रास्ता अपनाया- एक नया क्रिकेट स्टेडियम बनाने के बजाय मौजूदा बेसबॉल फ़ैसिलिटी को ही क्रिकेट की जरूरत पूरा करने में बदल दिया। अगर कोरोगी एक नियमित क्रिकेट वेन्यू बना रहा तो ये एशियन गेम्स, मेडल और यादों से कहीं ज़्यादा कीमती चीज जापान के लिए पीछे छोड़ जाएंगे: वह क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर जो वहां क्रिकेट को बढ़ावा देगा। यही बात कोरोगी एथलेटिक पार्क की चर्चा में सबसे ख़ास है।
Asian Games 2026: दक्षिण कोरिया के मैच में बजा उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान, खिलाड़ियों में दिखी हैरानी
Asian Games में Manush Shah और Manav Thakkar की जोड़ी से पदक की आस
(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, 19 सितंबर मानुष शाह और मानव ठक्कर की विश्व में तीसरे नंबर की पुरुष युगल जोड़ी के नेतृत्व में आत्मविश्वास से भरी भारतीय टेबल टेनिस टीम रविवार को यहां एशियाई खेलों में अपना अभियान शुरू करेगी और उसका लक्ष्य कम से कम एक पदक जीतना है। भारतीय पुरुष टीम ग्रुप एफ के अपने पहले मैच में इंडोनेशिया का सामना करेगी और रविवार को अपने दूसरे मैच में ईरान के खिलाफ खेलेगी। महिला टीम को भी ग्रुप एफ में रखा गया है और वह इंडोनेशिया के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। दिन के दूसरे मैच में उसका सामना सिंगापुर से होगा। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने महिला युगल जोड़ी सुतीर्थ मुखर्जी और आयिका मुखर्जी के दम पर कांस्य पदक जीता था। मानुष-मानव की जोड़ी वर्तमान में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर है और दोनों ही बेहतरीन फॉर्म में हैं। इसलिए भारत को उनसे पदक की उम्मीद है। मानुष और दीया चिताले की मिश्रित युगल जोड़ी भी शानदार फॉर्म में है। सिंड्रेला दास ने लगातार अच्छा प्रदर्शन करके एशियाई खेलों के लिए सीनियर टीम में जगह बनाई है। वर्तमान में आईटीटीएफ महिला एकल रैंकिंग में 99वें स्थान पर काबिज 17 वर्षीय सिंड्रेला ने घरेलू सर्किट में शानदार प्रदर्शन किया। भारत की 10 सदस्यीय टीम (पांच पुरुष और पांच महिला) के अन्य सदस्यों में जी साथियान, श्रीजा अकुला, वाई डी घोरपड़े, सुतीर्थ, पायस जैन और हरमीत देसाई शामिल हैं। सथियान टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं, और उन्होंने 2018 एशियाई खेलों के पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक और राष्ट्रमंडल खेलों में कई पदक जीते हैं। टेबल टेनिस टीम 16 सितंबर को यहां पहुंची और खिलाड़ी यहां की परिस्थितियों, विशेष रूप से एशियाई खेलों में इस्तेमाल होने वाली टेबल और गेंदों के अभ्यस्त हो गए हैं। मानव ने कहा, ‘‘मैं तीसरी बार एशियाई खेलों में भाग ले रहा हूं और तैयारियां बहुत अच्छी चल रही हैं। पूरी टीम पिछले एक महीने से बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही है। उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और पदक जीतने में सफल रहेंगे।
एशियाई खेलों का महाकुंभ आज से, इंदौर के युवाओं पर टिकीं देश की उम्मीदें
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का चयन एथलेटिक्स, क्रिकेट, कैनो स्लालम, कैनो स्प्रिंट, हाकी, जूडो, रोइंग, सेलिंग, शूटिंग और साफ्ट टेनिस सहित 10 खेल विधाओं में हुआ है।
एशियाई खेलों में Quimcy Dsouza टेकबॉल सेमीफाइनल हारीं, अब खेलेंगी Bronze Medal मैच
(अजय मसंद)नागोया, 19 सितंबर भारत की क्विम्सी डिसूजा एशियाई खेलों की टेकबॉल महिला एकल सेमीफाइनल स्पर्धा में इंडोनेशिया की सुमाया के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन करने के बावजूद हार गई और अब कांस्य पदक के लिये खेलेंगी। डिसूजा ने शुरूआती बढत बनाई लेकिन लय कायम नहीं रख पाई और 12 . 7, 9 . 12, 7 . 12 से हार गई। इससे पहले प्रदेश स्तर पर फुटबॉल और 1500 मीटर दौड़ में भाग लेने वाली मुंबई की इस खिलाड़ी ने ब्राजील के महान फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो को इंस्टाग्राम पर अपना कौशल दिखाते हुए देखने के बाद टेकबॉल खेलना शुरू किया। पहले गेम में पूरी तरह नियंत्रण में दिखी डिसूजा ने 12 . 7 से बढत बना ली थी। लेकिन दूसरे गेम में सुमाया ने वापसी की और मुकाबले को निर्णायक गेम तक ले गई। इसमें लगातार नौ अंक बनाकर उन्होंने डिसूजा को मुकाबले से बाहर कर दिया। डिसूजा अब रविवार को कांस्य पदक का प्लेआफ खेलेगी। टेकबॉल को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। टेकबॉल फुटबॉल और टेबल टेनिस का मिश्रण है। इस खेल का आविष्कार 2014 में हंगरी में फुटबॉल के शौकीन गैबोर बोरसानी, ग्योरगी गैटियन और विक्टर हुस्ज़ार ने किया था। पहली आधिकारिक टेकबॉल विश्व चैंपियनशिप 2017 में बुडापेस्ट में आयोजित की गई थी। टेकबॉल में खिलाड़ी हाथों और बाजुओं को छोड़कर अपने शरीर के लगभग हर हिस्से का उपयोग करते हुए एक मानक आकार की फुटबॉल को एक पारदर्शी प्लेक्सीग्लास से विभाजित घुमावदार टेबल पर उछालते हैं।
Asian Games में भारत के ध्वजवाहक बने Pawan Sehrawat, किट न मिलने से हटे तूर
अनुभवी कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह भारत के ध्वजवाहक होंगे। शॉट पुट के एथलीट तूर के पास इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए औपचारिक किट नहीं है जिसके कारण उनकी जगह सहरावत को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। इस समारोह के दौरान राष्ट्रीय दल का नेतृत्व करने में तूर को निशानेबाज मनु भाकर का साथ देना था। भारत के दल प्रमुख सहदेव यादव ने पीटीआई को बताया कि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के सदस्य रहे 30 वर्षीय सहरावत अब तूर की जगह लेंगे। तूर ने पीटीआई को बताया, ‘‘मुझे बताया गया है कि मेरी औपचारिक किट दोपहर तीन बजे (नागोया) हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। हवाई अड्डे से अपनी किट लेने के बाद समय पर उद्घाटन समारोह स्थल पर पहुंचना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, मैंने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को बता दिया है कि मैं उद्घाटन समारोह में नहीं आ रहा हूं।
जापान के आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित 20वें एशियन गेम्स 2026 के औपचारिक आगाज के साथ ही खिलाड़ियों के ठहरने (Accommodation) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। पारंपरिक एशियन गेम्स या ओलंपिक की तरह इस बार आयोजकों ने कोई केंद्रीकृत 'एथलीट्स विलेज' (Central Athletes' Village) नहीं बनाया है। इसके बजाय लगभग 4,000 से 5,000 एथलीट्स और अधिकारियों को नागोया बंदरगाह पर खड़े एक विशाल क्रूज शिप (Costa Serena), अस्थायी कंटेनर-स्टाइल कमरों और शहर भर में बिखरे छोटे होटलों में ठहराया जा रहा है।शुरुआती दौर में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आयोजकों द्वारा तय किए गए होटलों के कमरों के बेहद छोटे आकार और किटबैग रखने तक की जगह न होने पर आपत्ति जताई थी। अब जैसे ही श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय पुरुष टीम जापान दौरे के लिए तैयार हुई, बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की सुविधा, रिकवरी और बड़े दल को एकजुट रखने के लिए खुद आगे आकर बड़ा रणनीतिक कदम उठा लिया है।बीसीसीआई का अहम फैसला: पूरी पुरुष टीम के लिए अलग प्राइवेट होटलबीसीसीआई सचिव देवाजीत सैकिया के अनुसार, भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने पुरुष क्रिकेट दल के लिए आयोजकों की मानक व्यवस्था से इतर अपना खुद का अलग होटल बुक करने का फैसला किया है।बोर्ड के इस फैसले के पीछे 3 मुख्य कारण रहे:सपोर्ट स्टाफ और दल का बड़ा आकार: एशियन गेम्स आयोजकों द्वारा प्रति खेल दल के लिए कमरे और अधिकारियों की संख्या की एक सख्त सीमा तय की गई थी। भारतीय पुरुष टीम के साथ मुख्य कोच, बॉलिंग-फील्डिंग कोच, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर्स, फिजियो और वीडियो एनालिस्ट समेत बड़ा सपोर्ट स्टाफ जा रहा है।टुकड़ों में बंटने से बचाना: आयोजकों के नियमों के तहत कुछ सपोर्ट स्टाफ को खिलाड़ियों से मीलों दूर किसी दूसरे होटल या क्रूज शिप पर रुकना पड़ता। बीसीसीआई किसी भी हाल में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को अलग-अलग (Segregate) नहीं करना चाहता था।कमरों का स्पेस और प्राइवेसी: क्रिकेटरों के भारी-भरकम किटबैग, मेडिकल और रिहैब उपकरणों को रखने के लिए पर्याप्त जगह और टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की निजता व सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।महिला टीम का क्या होगा? वे कहां ठहरेंगी?बीसीसीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष व्यवस्था केवल पुरुष क्रिकेट दल के लिए की गई है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम आयोजकों द्वारा आवंटित आधिकारिक खेल सुविधाओं में ही ठहरी हुई है।महिला दल में खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ की कुल संख्या केवल 20 सदस्यों की है, जो एशियन गेम्स आयोजकों के आधिकारिक कोटा और कमरे के आवंटन के बिल्कुल भीतर आती है। महिला टीम ने 18 सितंबर को जापान के खिलाफ अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में 8 विकेट से एकतरफा जीत दर्ज कर अपने अभियान का शानदार आगाज भी कर दिया है।एशियन गेम्स में टीम इंडिया का शेड्यूल और पहला मैचभारतीय पुरुष टीम 20 सितंबर को भारत से रवाना होकर 21 सितंबर को जापान पहुंचेगी:22 सितंबर (स्पेशल T20I मैच): एशियन गेम्स के मुख्य मुकाबलों से पहले भारत और जापान के बीच कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर एक दोस्ताना टी20 मैच खेला जाएगा।28 सितंबर (क्वार्टर फाइनल): भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल चरण से अपने एशियन गेम्स अभियान की शुरुआत करेगी। यह मुकाबला निशिन स्थित आइची प्रीफेक्चुरल कोरोकी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेला जाएगा।भारतीय टीम 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में जीते अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने के इरादे से मैदान में उतरेगी।बोर्ड का कड़ा संदेश: खिलाड़ियों की फिटनेस और कम्फर्ट से समझौता नहींदुनिया के सबसे धनी और प्रभावशाली क्रिकेट बोर्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब बात खिलाड़ियों की सुविधा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन की आती है, तो बजट उसके आड़े नहीं आता। कई अन्य देशों के एथलीट जहां दूरदराज के ठिकानों और क्रूज शिप पर ठहरने के कारण यात्रा और थकान से जूझ रहे हैं, वहीं भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम को मैच वेन्यू के नजदीक एक ही छत के नीचे रखकर बीसीसीआई ने टीम के मनोबल और तैयारियों को शीर्ष स्तर पर बनाए रखने का पुख्ता इंतजाम कर दिया है।
एशियाई खेल: कबड्डी खिलाड़ी पवन सेहरावत भारतीय ध्वजवाहक होंगे, उद्घाटन समारोह में तजिंदरपाल तूर की जगह चुना गया
Asian Games: नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के आवास संकट पर मदद को आगे आए प्रवासी
(अजय मसंद)नागोया, 18 सितंबर एशियाई खेलों में आवास संकट से चिंतित खेल मंत्रालय ने यहां रहने वाले प्रवासी भारतीय लोगों से अपील की है कि अगर शनिवार से शुरू होने वाले महाद्वीपीय खेलों के दौरान कमरों की कमी का समाधान नहीं होता है तो वे खिलाड़ियों के ‘‘आवास प्रदान करने में मदद करें।’’भारत सहित कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने आवास की व्यवस्था में देरी की शिकायत की है। लागत कम करने के लिए इस बार खेल गांव जैसी व्यवस्था नहीं है तथा खिलाड़ियों को कंटेनर की तरह की झोपड़ियों, पानी के एक जहाज और होटलों में ठहराया जा रहा है। भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार को खुलासा किया कि आयोजकों द्वारा निर्धारित आवास न मिलने के कारण लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित करना पड़ा। प्रतियोगिता कार्यक्रम के अनुसार और भी खिलाड़ियों के आने की उम्मीद है, जिससे स्थिति और भी बिगड़ सकती है। खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने यहां बताया, ‘‘खेल मंत्रालय ने प्रवासी भारतीयों से संपर्क किया है और उनसे एशियाई खेलों के दौरान कमरों की कमी होने पर खिलाड़ियों के आवास की व्यवस्था में मदद करने के लिए तैयार रहने को कहा है।’’खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर पीटीआई को बताया कि नागोया में लगभग 2000 परिवारों से संपर्क करने में भारतीय दूतावास ने बड़ी भूमिका निभाई है और आवास की कमी होने पर उनमें से कई परिवार आगे आए हैं। अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली प्राथमिकता खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराना होगी, लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है।’’खेल मंत्री मनसुख मांडविया भी यहां पहुंच चुके हैं और शुक्रवार को ध्वजारोहण समारोह में थोड़ी देर के लिए उपस्थित रहे, जो एशियाई ओलंपिक परिषद और स्थानीय आयोजन समिति के बीच ‘‘गलतफहमी’’ के कारण एक घंटे से अधिक देरी से शुरू हुआ था। मंत्रालय को भरोसा है कि प्रवासी भारतीयों के सहयोग से स्थिति को संभाला जा सकता है। आवास मिलने में देरी के बाद बैडमिंटन खिलाड़ियों को होटलों में स्थानांतरित कर दिया गया है और वे फिलहाल वहीं ठहरेंगे। अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रवासी भारतीय समुदाय बहुत सहयोगी रहा है और वे हर संभव तरीके से मदद कर रहे हैं, जिसमें हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना भी शामिल है।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा शेफ डे मिशन के दो सदस्य हवाई अड्डे पर खिलाड़ियों का स्वागत करने के लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। खिलाड़ियों को हवाई अड्डे पर भारतीय जर्सी पहने अधिकारियों को देखकर सहज महसूस होगा।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘मंत्रालय भारतीय खिलाड़ियों के साथ में ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देना चाहता जैसा कि अन्य देशों के खिलाड़ियों के साथ हो रहा है, जिन्हें आवास के लिए नौ से दस घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसीलिए मंत्रालय ये सभी कदम उठा रहा है ताकि भारतीय खिलाड़ियों को दूसरों की तरह परेशानी नहीं उठानी पड़े।
Asian Games में चौथी बार उतरेंगी Pranati Nayak, पहले पदक पर टिकी निगाहें
एशियाई खेलों में चौथी बार उतरने जा रहीं भारत की जिम्नास्ट प्रणति नायक इस बार अपने प्रदर्शन को लेकर ज्यादा संभलकर आगे बढ़ रही हैं। 31 साल की प्रणति के लिए यह मुकाबला इसलिए भी खास है, क्योंकि एशियाई खेलों में अब तक उनके खाते में पदक नहीं आया है। चोट और उससे उबरने की लंबी प्रक्रिया के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी है और अब जापान के आइची-नागोया में अपने पहले एशियाई खेल पदक के लिए चुनौती पेश करने को तैयार हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रणति बुधवार रात जापान के लिए रवाना हुई। इस बार वह भारतीय दल की एकमात्र जिम्नास्ट हैं। एशियाई खेलों की शुरुआत 19 सितंबर से हो रही है। प्रतियोगिता से पहले प्रणति को पैर के तलवे में होने वाली सूजन की परेशानी से गुजरना पड़ा था। इसी वजह से वह राष्ट्रमंडल खेलों में महिलाओं की वॉल्ट फाइनल में भी हिस्सा नहीं ले सकी थीं। प्रणति का कहना है कि अब वह पूरी तरह फिट हैं और चोट जिम्नास्ट के जीवन का हिस्सा है। उनके मुताबिक, जिम्नास्टिक में लगातार शरीर पर काफी दबाव पड़ता है और छोटी-बड़ी चोटों से निपटना इस खेल का हिस्सा है। राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी परेशानी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय दौड़ के दौरान उनसे गलती हुई थी और वह गलती चोट की वजह से नहीं हुई थी। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद प्रणति ने तुरंत कठिन अभ्यास शुरू करने के बजाय खुद को पूरी तरह आराम दिया। उनके प्रशिक्षक अशोक मिश्रा ने बताया कि पैर में हल्की चोट को देखते हुए उन्हें करीब तीन सप्ताह का पूरा आराम दिया गया। इस दौरान वह घर जाकर परिवार के साथ भी रहीं। इसके बाद उन्हें सीधे वॉल्ट का अभ्यास कराने के बजाय बुनियादी और तैयारी वाले अभ्यासों पर ध्यान दिया गया। जब पैर ठीक होने लगा और प्रणति शरीर के घूमने तथा मोड़ लेने वाले अभ्यासों के साथ सहज होने लगीं, तब धीरे-धीरे वॉल्ट का अभ्यास दोबारा शुरू कराया गया। यह तरीका इसलिए भी जरूरी था, क्योंकि प्रणति पहले 2025 में टखने के दूसरे स्तर के लिगामेंट में चोट का सामना कर चुकी थीं। इसके बावजूद उन्होंने वापसी करते हुए इस साल मई में ताशकंद में अंतरराष्ट्रीय जिम्नास्टिक महासंघ की विश्व चुनौती कप प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था। चोट से वापसी केवल शारीरिक नहीं होती। प्रणति के लिए अपने शरीर की गतिविधियों पर दोबारा पूरा भरोसा हासिल करना भी बड़ी चुनौती रहा है। उन्होंने बताया कि चोट के बाद वापसी का दौर काफी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। इस दौरान उन्होंने मन को मजबूत रखने के लिए मनोवैज्ञानिकों से भी सलाह ली है। प्रणति के मुताबिक, उन्हें यह समझने में मदद मिली कि प्रतियोगिता के दबाव के बारे में सोचने के बजाय उस समय किए जा रहे अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए। अगर शारीरिक अभ्यास किसी दिन कम भी हो पाए तो वह मन में उसी अभ्यास को दोहराने की कोशिश करती हैं। उनका मानना है कि इस तरह मानसिक तैयारी भी प्रदर्शन का हिस्सा बनती है। आइची-नागोया में हालांकि प्रणति के सामने आसान चुनौती नहीं होगी। उनके मुताबिक, एशियाई खेलों में एशिया की शीर्ष जिम्नास्ट हिस्सा लेने वाली हैं और इनमें कई ओलंपिक पदक विजेता भी शामिल होंगी। ऐसे मजबूत खिलाड़ियों के बीच एक छोटी गलती भी परिणाम पर असर डाल सकती है। प्रणति के पास ऊंची कठिनाई वाला त्सुकाहारा 720 वॉल्ट भी है, लेकिन कोच अशोक मिश्रा इसे शुरुआत से ही आजमाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका पहला टारगेट प्रणति को क्वालीफिकेशन के जरिए फाइनल तक पहुंचाना है। इसके लिए साफ और सही उतरने वाले वॉल्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि प्रणति नायक एशियाई कलात्मक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में तीन पदक जीतने वाली पहली भारतीय जिम्नास्ट हैं। उन्होंने 2019 में उलानबटोर, 2022 में दोहा और 2025 में दक्षिण कोरिया के जेचॉन में पदक जीते हैं। इसके अलावा वह 2024 में काहिरा और 2025 में अंताल्या में विश्व कप की कांस्य पदक विजेता भी रह चुकी हैं। हालांकि, एशियाई खेलों का पदक अभी उनकी उपलब्धियों में शामिल नहीं है। प्रणति इस बार किसी दूसरी खिलाड़ी से तुलना करने के बजाय खुद के प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्रतियोगिता में उतरने के बाद वह अपने उतरने, छलांग और शरीर के संतुलन को देखकर तय करेंगी कि किस स्तर का वॉल्ट करना सही रहेगा। ओलंपिक भी प्रणति के लिए खास महत्व रखता है। 2020 के ओलंपिक में हिस्सा लेना उनके करियर का भावनात्मक पड़ाव रहा है। उन्होंने ओलंपिक के छल्लों का निशान अपने दाहिने हाथ पर गुदवाया हुआ है। 31 साल की उम्र में वह जानती हैं कि जिम्नास्टिक में शीर्ष स्तर पर करियर का समय सीमित होता है, लेकिन उनका लक्ष्य अभी खत्म नहीं हुआ है। प्रणति लॉस एंजिल्स ओलंपिक में एक और बार भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं और उनका कहना है कि जब तक वह फिट रहेंगी, तब तक कोशिश छोड़ने वाली नहीं हैं।
Asian Games 2026 के लिए Lakshya Sen और Kidambi Srikanth तैयार, मेडल जीतने पर फोकस
2026 एशियाई खेलों से पहले, भारतीय बैडमिंटन स्टार लक्ष्य सेन और किदांबी श्रीकांत ने अपनी तैयारियों पर भरोसा जताया है, साथ ही उन्होंने जापान के आइची-नागोया में जिन प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना है, उनकी मज़बूती को भी स्वीकार किया है। भारत ने 2026 एशियाई खेलों के लिए 20 सदस्यीय बैडमिंटन टीम की घोषणा की है। जापान जाने वाली इस टीम में लक्ष्य सेन, एचएस प्रणय और पूर्व वर्ल्ड नंबर 1 किदांबी श्रीकांत शामिल हैं, जो हांगझोऊ 2023 में सिल्वर मेडल जीतने वाली पुरुष टीम का हिस्सा थे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics पुरुष टीम में आयुष शेट्टी, थारुन मन्नेपल्ली, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन, एमआर अर्जुन और ध्रुव कपिला भी शामिल हैं। इंडिविजुअल इवेंट्स में लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी पुरुष सिंगल्स में हिस्सा लेंगे, जबकि सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी, हरिहरन अम्साकरुनन और एमआर अर्जुन के साथ पुरुष डबल्स में खेलेंगे। भारत की पुरुष टीम में ज़्यादातर वही खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने इस साल की शुरुआत में थॉमस कप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। एशियाई खेलों में भारत के बैडमिंटन अभियान से पहले ANI से बात करते हुए, लक्ष्य सेन ने कहा कि वह एशियाई खेलों को लेकर उत्साहित और पूरी तरह तैयार हैं; वह इसे एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक मानते हैं। उन्होंने टीम के पिछले प्रदर्शन को देखते हुए भारत पर मौजूद दबाव और उम्मीदों को स्वीकार किया, लेकिन इस बात पर ज़ोर दिया कि उनका ध्यान हर मैच जीतने, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और देश के लिए मेडल जीतने पर है। उन्होंने आगे कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से बहुत प्रेरित हैं और अपना अभियान शुरू करने के लिए उत्सुक हैं। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा उन्होंने कहा कि मैं इस टूर्नामेंट को लेकर बहुत उत्साहित हूँ, और यह एशिया के सबसे बड़े टूर्नामेंटों में से एक है। मैं अब मैचों का बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हूँ, और तैयारी भी अच्छी रही है। मैं अपने मैच खेलने के लिए बहुत उत्सुक हूँ। हमने अतीत में अच्छा प्रदर्शन किया है। उच्चतम स्तर पर प्रदर्शन करने का बहुत दबाव होता है, और हाँ, भारत को ऐसे टूर्नामेंटों से उम्मीदें होती हैं, और एक टीम के तौर पर हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने और देश के लिए मेडल जीतने पर केंद्रित हैं। लेकिन हाँ, साथ ही, जब भी हम खेलते हैं, तो हमारा ध्यान सिर्फ़ मैच जीतने और देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर होता है; और जहाँ तक मेरी बात है, मैं सच में बहुत प्रेरित हूँ और मैच खेलने तथा भारत के लिए मेडल जीतने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।
Quincy Dsouza ने रचा इतिहास, Asian Games 2026 के Teqball में दो मेडल की बढ़ी उम्मीद
आइची-नागोया एशियाई खेलों में टेकबॉल में भारत की ओर से एक चौंकाने वाला मेडल दावेदार सामने आ सकता है; क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स, दोनों इवेंट्स में मेडल की दौड़ में बनी हुई हैं। एशियाई खेलों में अपना डेब्यू कर रहीं 24 साल की डिसूज़ा ग्रुप A में टॉप करने के बाद महिला सिंगल्स के सेमीफ़ाइनल में पहुँच गईं। वहीं, क्वार्टरफ़ाइनल में हारने के बाद उन्होंने और मोहम्मद अनस इमरान बेग ने रेपेशाज मुक़ाबला जीतकर मिक्स्ड डबल्स में मेडल की दौड़ में अपनी उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इसे भी पढ़ें: एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात सिंगल्स मुक़ाबलों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत डिसूज़ा अब भारत के लिए एक ऐतिहासिक मेडल जीतने से बस एक जीत दूर हैं। यह खेल पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया है। शनिवार को होने वाले सेमीफ़ाइनल में उनका मुक़ाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। जीत मिलने पर कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा, जबकि हारने पर भी उनके पास रविवार को ब्रॉन्ज़ मेडल के लिए खेलने का मौका होगा। भारतीय खिलाड़ी ने अपने अभियान की शुरुआत एक बड़े उलटफेर के साथ की। उन्होंने नागोया सिटी हिगाशी स्पोर्ट्स सेंटर में ग्रुप A के 43 मिनट चले मुक़ाबले में जापान की टॉप सीड खिलाड़ी युइना साकामोटो को 2-1 (10-12, 12-11, 13-11) से हराया। इसके बाद उन्होंने कंबोडिया की कोएमियन डीवाई को 24 मिनट में 2-0 (12-9, 12-7) से आसानी से हराकर ग्रुप में टॉप किया। इससे उन्हें सीधे सेमीफाइनल में जगह मिल गई, जबकि डिसूजा को क्वार्टर फाइनल में 'बाय' मिला। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर डीसूज़ा और बेग के लिए मिक्स्ड डबल्स का सफ़र थोड़ा मुश्किल रहा है, लेकिन भारतीय जोड़ी अभी भी पोडियम फ़िनिश की दौड़ में बनी हुई है। क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने के बाद, यह जोड़ी वियतनाम के होआंग मिन्ह टैन गुयेन और जिया नघी ट्रिन्ह से 0-2 (7-12, 10-12) से हार गई। हालाँकि, उन्होंने रेपचेज में वापसी की और फ़िलीपींस की जोआना अबुलेंसिया और प्रिंस ऑगस्टिन को 2-0 (12-3, 12-6) से हराकर अपनी मेडल की उम्मीदें ज़िंदा रखीं। इससे पहले भारतीयों ने ग्रुप स्टेज में इसी फ़िलिपिनो जोड़ी को 2-0 (12-10, 12-3) से हराया था। ग्रुप स्टेज के दौरान कंबोडिया और थाईलैंड से हारने के बावजूद, उन्होंने क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की करने के लिए कुवैत के सलमान एलेब्राहिम और हेसाह अलफ़ैलाकावी पर भी 2-0 (12-1, 12-6) से जीत हासिल की। मिक्स्ड डबल्स के मेडल राउंड रविवार को होंगे।
एशियाई खेल Teqball मिक्स्ड डबल्स में भारत हारा, वियतनाम ने डिसूज़ा और बेग को दी मात
18 सितंबर को जापान के नागोया में हो रहे 2026 एशियाई खेलों के मिक्स्ड डबल्स क्वार्टर-फ़ाइनल में, भारत के क्विंसी जोआकिम डिसूज़ा और मोहम्मद अनस इमरान बेग को वियतनाम के जियान न्घी ट्रिन्ह और होआंग मिन्ह टैन गुयेन ने हरा दिया। भारतीय जोड़ी सीधे सेटों में 7-12 और 10-12 से हार गई। उन्हें पहले सेट में अपनी लय पाने में संघर्ष करना पड़ा और दूसरे सेट में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद, वे निर्णायक गेम तक नहीं पहुँच पाए। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती इस हार के साथ ही मेन चैंपियनशिप ब्रैकेट में उनका सफ़र खत्म हो गया और वे गोल्ड और सिल्वर मेडल की दौड़ से बाहर हो गईं। हालांकि, डिसूज़ा और बेग रेपेशाज राउंड में पहुंच गईं, जहां उनका मुकाबला क्वार्टर-फ़ाइनल में हारने वाली एक और जोड़ी से होगा। रेपेशाज में जीत उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने का मौका दिला सकती है। इसके अलावा, डिसूज़ा महिला सिंगल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी; उन्होंने जापान और कंबोडिया की खिलाड़ियों को हराकर ग्रुप A में टॉप किया था। 19 सितंबर को सेमी-फ़ाइनल में उनका मुकाबला इंडोनेशिया की सुमाया से होगा। डिसूज़ा और बेग एक मुश्किल शुरुआती राउंड-रॉबिन स्टेज के बाद क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुंचीं; उन्होंने चार ग्रुप मैचों में दो जीत और दो हार हासिल कीं। ग्रुप के अपने आखिरी मैच में कुवैत पर शानदार जीत के साथ नॉकआउट स्टेज में उनकी जगह पक्की हो गई। भारतीय जोड़ी ने फिलीपींस की अबुएंशिया जोआना और अगस्टिन प्रिंस के खिलाफ़ 2-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की। उनका अगला मुक़ाबला कंबोडिया के बुन थुओनविरेक और योर्न सोफोर्नराक्समी के साथ हुआ, जिसमें तीन सेट के कड़े मुक़ाबले के बाद उन्हें 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर अपने तीसरे ग्रुप मैच में भी उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा और वे थाईलैंड के देजारोएन फाकपोंग और वोंगखामचन सुफावाड़ी से 0-2 से हार गए। ग्रुप के आखिरी मुक़ाबले में, जहाँ क्वालिफिकेशन दांव पर था, डिसूज़ा और बेग ने कुवैत के अलेब्राहिम सलमान और अलफाइलाकावी हेसाह पर दबदबा बनाया और 12-1 व 12-6 से जीत हासिल करते हुए मैच 2-0 से अपने नाम किया। इस जीत के साथ उनका ग्रुप रिकॉर्ड 2-2 हो गया और उन्होंने क्वार्टर-फ़ाइनल नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की कर ली, जहाँ बाद में उन्हें वियतनाम से हार का सामना करना पड़ा।
India Women vs Japan Women: भारतीय महिला टीम की गेंदबाज श्री चरणी (Shree Charani) ने शुक्रवार (18 सितंबर) को निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए एशियन गेम्स 2026 (Women's Asian Games 2026) के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में जापान महिला टीम के खिलाफ अपनी शानदार गेंदबाजी से इतिहास रच दिया। चरणी अपने कोटे के चार ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। महिला टी-20 इंटरनेशनल (पूर्ण सदस्य देश) में लगातार दो पारियों में चार या उससे ज्यादा विकेट लेने के मामले में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर आ गई है। उन्होंने इस फॉर्मेट में लगातार दूसरी पारी में चार विकेट लेकर अनिसा मोहम्मद, निदा डार, पूनम यादव, मेगन शट, जेस जॉनसन और एनाबेल सदरलैंड ने यह कारनामा किया था। इसके अलावा महिला टी-20 इंटरनेशनल में एक साल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाजों में चरणी संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ गई है। इस साल डेब्यू करने वाली चरणी ने अभी तक 43 विकेट हासिल किए हैं। उन्होंने मैरी बिमेन्यिमाना की बराबरी की, जिन्होंने 2024 में 43 विकेट लिए थे। महिला T20I में एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज़्यादा विकेट 56 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2025 में 50 - हेनरीट इशिमवे (RWA-W) 2024 में 43 - श्री चरणी (IND-W) 2026 में 43 - मैरी बिमेन्यिमाना (RWA-W) 2024 में 42 - थिपचा पुट्टावोंग (THA-W) 2026 में साल 2026 में चरणी ने शानदार प्रदर्शन किया है और 21 टी-20 इंटरनेशनल में 10.93 की औसत और 5.92 की इकॉनमी रेट से 43 विकेट लिए हैं। जिसमें उन्होंने तीन बार पारी में चार विकेट अपने खाते में डाले हैं। गौरतलब है कि इस मुकाबले में भारत ने जापान को 8 विकेट से हरा दिया। धमाकेदार जीत के साथ भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है, जहां मुकाबला रविवार को बांग्लादेश से होगा। Also Read: LIVE Cricket Score पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद जापान 19.5 ओवर में 57 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिसके जवाब में भारतीय टीम ने सिर्फ 5 ओवर में 2 विकेट गवाकर ही जीत हासिल कर ली।
Asian Games 2026 में Soft Tennis Team Event से बाहर हुआ India, अब Singles में चुनौती
शुक्रवार को क्वार्टर फ़ाइनल में इंडोनेशिया से 0-2 से हारने के बाद 2026 एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम का सफ़र खत्म हो गया। भारत को शुरुआती डबल्स मैच में हार का सामना करना पड़ा, जिसमें जय मीना और योगेश चौधरी को इंडोनेशिया के टियो हुटौरुक और फर्नांडो सेंगर से 2-5 से हार मिली। इसके बाद हुए सिंगल्स मैच में आर्यन ठाकुर ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बागुस प्रादेवा से 3-4 से हार गए, जिससे इंडोनेशिया ने 2-0 से क्वार्टरफ़ाइनल मुकाबला जीत लिया। इसे भी पढ़ें: Nagoya Asian Games: 501 भारतीय खिलाड़ियों की नजर Hangzhou का रिकॉर्ड तोड़ने पर टीम के बाहर होने के बावजूद, सॉफ्ट टेनिस में भारत का अभियान जारी है; जय मीना और आर्यन ठाकुर 22 सितंबर को मेन्स सिंगल्स में हिस्सा लेंगे। मीना 21 सितंबर को मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भी हिस्सा लेंगी। इससे पहले, शुक्रवार को एशियाई खेल 2026 में पुरुषों की टीम सॉफ्ट टेनिस प्रतियोगिता के ग्रुप C में तीन में से दो मैच जीतकर भारत क्वार्टर-फ़ाइनल में पहुँच गया। इसे भी पढ़ें: Japan को 8 विकेट से रौंदकर Asian Games के Semifinal में पहुंचा भारत, Bangladesh से होगी भिड़ंत जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव की भारतीय टीम ने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में ज़बरदस्त वापसी करते हुए मंगोलिया को 3-0 से हराया और नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में शीर्ष पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
जापान में आयोजित एशियन गेम्स से कई टीमों द्वारा व्यवस्था में कमी की खबरें सोशल मीडिया के माध्यम से आई हैं। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने कहा कि हमें जापान में रहने की कोई दिक्कत नहीं हुई। भारत ने शुक्रवार को जापान को हराकर एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। जापान के खिलाफ मैच में जीत के बाद ऋचा घोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमें अभी तक किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। यह एक नया अनुभव है क्योंकि आप दूसरे खिलाड़ियों से भी मिल सकते हैं। मैच भी होते हैं। हमें एशियन गेम्स पसंद हैं क्योंकि सभी मैच एक साथ होते हैं। इसलिए हम दूसरे खेलों के प्रतिभागियों से मिल सकते हैं और उनके अनुभव साझा कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ने जापान में टीम के लिए चीयर कर रहे भारतीय फैंस का भी शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, वे हमें सपोर्ट करने के लिए हर जगह आते हैं। इसलिए मैं उन्हें सलाम करती हूं। उनका सपोर्ट करना और यहां आकर चीयर करना, सच में बहुत अच्छा लगता है। जापान के खिलाफ मैच में जीत के बाद ऋचा घोष ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हमें अभी तक किसी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ा। यह एक नया अनुभव है क्योंकि आप दूसरे खिलाड़ियों से भी मिल सकते हैं। मैच भी होते हैं। हमें एशियन गेम्स पसंद हैं क्योंकि सभी मैच एक साथ होते हैं। इसलिए हम दूसरे खेलों के प्रतिभागियों से मिल सकते हैं और उनके अनुभव साझा कर सकते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक अच्छी बात है। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय टीम सेमीफाइनल में बांग्लादेश से भिड़ेगी। इस अहम मैच के लिए टीम की तैयारी के बारे में ऋचा ने कहा, हम पहले एशिया कप में भी खेले हैं, इसलिए हमारे लिए ये सामान्य है। हम अपनी ताकत जानते हैं। हम उसी पर भरोसा करेंगे। हम यह नहीं सोच रहे हैं कि अगला मैच किससे होगा। हम बस खुद को इस बात के लिए तैयार कर रहे हैं कि मैच के दिन हम सबसे अच्छा क्या कर सकते हैं। Article Source: IANS
Asian Games: जापान को हरा भारत सेमीफाइनल में, 5 ओवर में जीता भारत ने मैच
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स में भारत ने सेमीफाइनल का टिकट कटा लिया है। निस्शिन में शुक्रवार को भारतीय स्पिनरों ने ऐसा जाल बुना कि मेजबान जापान की बल्लेबाजों को रन बनाने का रास्ता ही नहीं मिला। नतीजा- पूरी टीम सिर्फ 57 रनों पर ढेर और भारत ने महज 5 ओवरों में 59 रन बनाकर 8 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। अब सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला बांग्लादेश से 20 सितंबर को होगा। भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी और शुरुआत से ही जापान पर शिकंजा कस दिया। जापानी बल्लेबाजों के पास भारतीय गेंदबाजी का जवाब नहीं था। पावरप्ले के छह ओवर में ही तस्वीर साफ हो गई थी। जापान के खाते में सिर्फ 24 रन आए और इस दौरान सिर्फ दो चौके लगे। इनमें भी एक चौका बल्ले के बीच से नहीं, बल्कि स्लिप के पास से निकले किनारे की वजह से आया। भारत की अनुभवी स्पिन गेंदबाजी के सामने जापान की बल्लेबाजी पूरी तरह जकड़ी नजर आई, सबसे बड़ा वार किया बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने, उन्होंने सातवें ओवर में लगातार दो गेंदों पर ओपनर हारुना इवासाकी और कप्तान माई यानागिदा को पवेलियन भेजकर जापान की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया। pc- aaj tak
Asian Games में भारत की पुरुष Soft Tennis टीम Mongolia को 3-0 से हराकर Quarter Final में पहुंची
18 सितंबर को एशियाई खेलों में भारत की पुरुष सॉफ्ट टेनिस टीम ने ग्रुप C में तीन मैचों में से दो जीत के साथ दूसरा स्थान हासिल करके क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई। भारतीय टीम में जय मीना, योगेश चौधरी, आर्यन ठाकुर, अनिकेत पटेल और ओम यादव शामिल थे। उन्होंने लाओस पर 3-0 की शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद उन्हें चीनी ताइपे से 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भारत ने अपने आखिरी ग्रुप मैच में मंगोलिया को 3-0 से हराकर नॉकआउट स्टेज में अपनी जगह पक्की की। चीनी ताइपे ग्रुप में टॉप पर रहा, जबकि भारत चार अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा। लाओस के खिलाफ, मीना और चौधरी ने शुरुआती डबल्स मैच 5-0 से जीता। इसके बाद आर्यन ठाकुर ने सिंगल्स मैच में सीधे 4-0 से जीत हासिल की, और पटेल व यादव ने एक और डबल्स मैच 5-0 से जीतकर 3-0 से क्लीन स्वीप पूरा किया। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले में भारत को संघर्ष करना पड़ा; मीना और चौधरी पहला डबल्स मैच 0-5 से हार गए। सिंगल्स में ठाकुर 1-4 से हारे और पटेल व यादव दूसरा डबल्स मैच 1-5 से हार गए, जिससे चीनी ताइपे को 3-0 से जीत मिली। मंगोलिया के खिलाफ बाहर होने के खतरे का सामना करते हुए, भारत ने शानदार वापसी की और 3-0 से जीत दर्ज करके ग्रुप में दूसरा स्थान हासिल किया। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों और पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों का मिश्रण है; ठाकुर, यादव और चौधरी इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपना डेब्यू कर रहे हैं।
Asian Games में भारतीय गेंदबाजों का कहर, Japan की टीम 57 रन पर ढेर
श्री चरणी की अगुवाई में भारत के अनुभवी स्पिनरों ने जापानी बल्लेबाजों की अनुभवहीनता का पूरा फायदा उठाते हुए एशियाई खेलों की महिला क्रिकेट स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार को मेजबान टीम को 57 रन पर आउट कर दिया। पहले गेंदबाजी का फैसला करने वाली भारतीय टीम ने जापान के बल्लेबाजों को हाथ खोलने ही नहीं दिये और पूरी पारी में सिर्फ तीन चौके लगे। जापान के बल्लेबाजों को शीर्ष टीमों से खेलने या नियमित अभ्यास का मौका नहीं मिलता है और उनके लिये टर्न और उछाल लेती पिच पर भारत के गेंदबाजों का सामना कर पाना काफी मुश्किल था। पावरप्ले में 24 रन ही बने जिसमें दो चौके लगे। भारत के लिये बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 10 रन देकर चार विकेट लिये जो टी20 क्रिकेट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।उन्होंने सलामी बल्लेबाज हारूना इवासाकी (10) और कप्तान माइ यानागिडा को लगातार दो गेंदों पर पवेलियन भेजा। शेफाली वर्मा ने 13 रन देकर दो विकेट चटकाये। उन्होंने 15वें ओवर में अयाका कातो और 17वें ओवर में शिमाको कातो के विकेट लिये। कुछ बल्लेबाज रन आउट भी हुए जिससे जापान की मुश्किलें और बढ गई।
Japan Women vs India Women, 4th Quarter Final: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शुक्रवार को खेलेगए महिला एशियन गेम्स 2026 के पहलेक्वार्टर फाइनल मुकाबले में जापान को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारतीय टीम ने उम्मीद के मुताबिक जापान पर एकतरफा जीत हासिल की। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। टीम के गेंदबाजों ने कप्तान हरमनप्रीत कौर के फैसले को सही साबित किया और जापान को 19.5 ओवर में मात्र 57 रन पर समेट दिया। जापान की तरफ से सलामी बल्लेबाजों हारुना इवासाकी और अयाका काटो स्टेफॉर्ड को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के सामने खड़ी नहीं हो सकी। इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 और अयाका ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी बल्लेबाज दो अंकों में प्रवेश नहीं कर सकीं। भारत की तरफ से श्री चरणी ने एक बार फिर बेहतरीन गेंदबाजी की और 4 ओवर में मात्र 10 रन देकर 4 विकेट हासिल किया। शेफाली वर्मा ने 2 विकेट लिए। श्रेयांका पाटिल और दीप्ति शर्मा को 1-1 विकेट मिला। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। भारत ने 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर मैच 8 विकेट से जीता। 58 रन का स्कोर भारतीय टीम ने मात्र 5 ओवर में 2 विकेट के नुकसान पर 59 रन बनाकर हासिल कर लिया। ओपनर शेफाली वर्मा मात्र 15 गेंदों पर 2 छक्के और 6 चौकों की मदद से 40 रन बनाकर रहीं। उनके साथ ऋचा घोष 6 गेंदों पर 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। जी कामालिनी शून्य और भारती फूलमाली 6 रन बनाकर आउट हुईं। Also Read: LIVE Cricket Score भारत और बांग्लादेश की टीम हाल ही में एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में दुबई में आमने-सामने थीं। भारतीय टीम ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी और फाइनल में श्रीलंका को हराकर खिताब जीता था। टीमें: जापान महिला (प्लेइंग इलेवन): हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (डब्ल्यू), माई यानागिडा (सी), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, अयुमी फुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन, नोनोहा यासुमोतो भारत महिला (प्लेइंग इलेवन): स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, गुनालन कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (डब्ल्यू), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, नंदनी शर्मा Article Source: IANS
Sahdev Yadav ने की पुष्टि, Manu Bhaker और Tajinderpal Singh Asian Games में संभालेंगे तिरंगा
शुक्रवार को, दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर और शॉट पुट के मौजूदा चैंपियन तेजिंदरपाल सिंह तूर को एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह के लिए भारत का ध्वजवाहक चुना गया। यह समारोह शनिवार को यहाँ आयोजित होने वाला है। भारत के शेफ-डी-मिशन सहदेव यादव ने कहा कि मनु भाकर ध्वजवाहकों में से एक होंगी। बाद में, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने पुष्टि की कि तूर दूसरे ध्वजवाहक होंगे। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics भाकर ने 2024 पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा; वह स्वतंत्र भारत की पहली ऐसी एथलीट बनीं जिन्होंने ओलंपिक खेलों के एक ही संस्करण में दो पदक जीते। तूर ने एशियाई खेलों के पिछले दो संस्करणों में स्वर्ण पदक जीते हैं। एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा कि विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे। समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी।
Nagoya Asian Games में अव्यवस्था, India समेत कई देशों का ध्वजारोहण समारोह रुका
एशियाई खेलों में अव्यवस्था के कारण हो रही आलोचना के बीच पारंपरिक ध्वजारोहण समारोह शुक्रवार को पहले तो देर से शुरू हुआ और फिर अज्ञात कारणों से उसमें बाधा आ गई जिससे भारत समेत कई देशों को आयोजकों से स्पष्ट जानकारी का इंतजार करना पड़ा। भारत के चार अभियान उप प्रमुख अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत गार्डन पियर पर समारोह के लिये मौजूद थे। यह स्थान खिलाड़ियों के लिये बने कंटेनरनुमा आवास के करीब है। स्थानीय आयोजकों ने एक बयान में कहा ,‘‘ विलंब के लिये हम क्षमाप्रार्थी हैं। एक टीम के साथ कुछ दिक्कत है। हम 15 मिनट बाद फिर बहाल करने की कोशिश करेंगे।’’समारोह में यमन, उत्तर कोरिया , फलस्तीन, भारत और तिमोर लेस्टे को भाग लेना था। पहले यह 20 मिनट विलंब से शुरू हुआ और फिर अचानक रोक दिया गया जिसका कोई स्पष्टीकरण भी नहीं दिया गया। शरत और अंजलि समारोह मंच की ओर बढ रहे थे लेकिन फिर आयोजकों की ओर से विलंब की घोषणा के बाद उन्हें वापिस आना पड़ा। ध्वजारोहण समारोह बहु खेल आयोजनों में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है और खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले आयोजित किया जाता है। इससे पहले खिलाड़ियों ने यहां कमरे मिलने में देरी और उनका आकार काफी छोटा होने को लेकर शिकायत की थी। आयोजकों ने कंटेनर की तरह ‘हट्स’ में, क्रूज जहाज में और होटलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया है। लागत में कटौती के लिये कोई खेलगांव नहीं बनाया गया है।
एशियाई खेलों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और एक दिन बाद इन खेलों की शुरुआत हो जाएगी। भारत ने इस बार बड़ा दल भेजा है और सभी को इन खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है।
Asian Market Today: क्रूड में गिरावट और US बॉन्ड यील्ड में नरमी से चढ़े एशिया बाजार, कोस्पी 2% ऊपर
Asian Market Today: ग्लोबल मार्केट्स से अच्छे संकेत मिल रहे है। कच्चे तेल में गिरावट और US बॉन्ड यील्ड में नरमी से अमेरिकी बाजारों में शानदार रिकवरी आई। चिप शेयरों ने तेजी को लीड किया। 10 साल की यील्ड 5 परसेंट के नीचे फिसली। एशिया में भी मजबूती देखने को मिली।शुरुआती एशियाई कारोबार में कोस्पी ने बढ़त बनाने वाले क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे आगे रहते हुए 2.32% की छलांग लगाई, जबकि निक्केई में 0.75% की बढ़त हुई। इसके उलट, टॉपिक्स में 0.32% की गिरावट आई। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.4% की बढ़त के संकेत मिले।शेयर सूचकांकों में यह बढ़त गुरुवार को S&P 500 में आई 1.1% की उछाल के बाद हुई है, जो अगस्त की शुरुआत के बाद से एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त थी। नैस्डैक 100 ने 1.7% की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में 3.1% की तेज़ी आई। अमेरिकी बाज़ारों ने फेडरल रिज़र्व द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाने से हुए नुकसान की भरपाई कर ली।इस बीच भारत में, GIFT निफ्टी ने शेयर बाज़ार के लिए 23,300 अंकों से ऊपर हरे निशान में धीमी शुरुआत का संकेत दिया।इस तेज़ी की वजह तेल की कीमतें थीं।ब्रेंट क्रूड $105 प्रति बैरल से नीचे लगभग $104 प्रति बैरल पर बंद हुआ और अमेरिकी क्रूड में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई, जिससे यह $101.15 प्रति बैरल पर आ गया।ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुईं और बाज़ारों का ध्यान उन कूटनीतिक कोशिशों पर गया जो अमेरिका-ईरान संघर्ष की दिशा तय कर सकती हैं।सऊदी अरब ने बाज़ारों को भरोसा दिलाने के लिए कदम उठाए; ड्रोन हमले के कारण बंद हुई अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की लगभग आधी क्षमता को कुछ ही दिनों में बहाल करने का काम शुरू किया। अलग से, चीन ने ईरान से यमन के हूथी विद्रोहियों को रोकने में मदद करने का आग्रह किया। यह कदम बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (जो वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है) के आसपास शिपिंग में आ रही रुकावटों को कम कर सकता है।तेल की कीमतों में गिरावट का असर बॉन्ड पर भी पड़ा और अमेरिकी ट्रेज़री में तेज़ी आई। 10-वर्षीय यील्ड नौ बेसिस पॉइंट गिरकर 4.93% पर आ गई, जो फेड के कदम के बाद बुधवार को 5.02% के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। ब्लूमबर्ग के अनुसार, ऊर्जा की कीमतों में नरमी से कंज्यूमर कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, जिससे सेंट्रल बैंकों को सख्त पॉलिसी के असर को समझने के लिए ज़्यादा गुंजाइश मिलेगी।अब सबकी नज़रें येन पर हैं, जो 155.95 प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है। ट्रेडर्स बैंक ऑफ़ जापान के रेट से जुड़े फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे हैं, इसलिए करेंसी में स्थिरता बनी हुई है।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पॉलिसी बनाने वालों के बेंचमार्क रेट को 1% से बढ़ाकर 1.25% करने की उम्मीद है।US-ईरान टकराव और उससे जुड़े घटनाक्रमों को लेकर जारी अनिश्चितता के कारण, इन्वेस्टर्स इस बात को लेकर भी सतर्क हैं कि क्या तेल की कीमतों में आई गिरावट बनी रहेगी।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
साढ़े तीन घंटे के स्टॉपओवर को छोड़कर, 10 घंटे से ज़्यादा की थका देने वाली फ़्लाइट के बाद, जब भारतीय खिलाड़ी बुधवार सुबह जापान के नागोया पहुँचे, तो वे आराम करना चाहते थे। लेकिन इसके बजाय, उन्हें 14 घंटे से ज़्यादा समय तक बिना खाने और बहुत कम सुविधाओं के साथ फँसे रहना पड़ा। शहर में खड़े क्रूज़ शिप पर कमरे मिलने का इंतज़ार हर घंटे बढ़ता गया, क्योंकि स्थानीय अधिकारियों से भी कोई खास मदद नहीं मिली। जिन लोगों को आखिरकार रहने की जगह मिली भी, उन्हें भी आपस में सुविधाएँ शेयर करनी पड़ रही हैं, क्योंकि आयोजन समिति ने दूसरे देशों की टीमों को भी कमरे दे दिए हैं। ऐसा लगता है कि वहाँ पहुँचने वाले खिलाड़ियों की संख्या का हिसाब लगाने में बड़ी गलती हुई है। रहने की जगह का बंटवारा एक बड़ी समस्या रही है। 16 सितंबर को नागोया पहुँचे कई भारतीय एथलीटों को 'कोस्टा सेरेना' क्रूज़ शिप पर पहुँचने के बाद भी कमरे नहीं मिल पाए; इस शिप का इस्तेमाल प्रतिभागियों के रहने की सुविधा के तौर पर किया जा रहा है। खबरों के मुताबिक, कुछ भारतीय एथलीटों को रहने की जगह मिलने का इंतज़ार करते हुए 12 घंटे से ज़्यादा का समय बीत गया। एथलीटों को पानी तो दिया गया, लेकिन कुछ एथलीटों को अपने साथ लाए खाने पर ही निर्भर रहना पड़ा।
भारत के दिग्गज मुक्केबाज और 2008 बीजिंग ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने आगामी एशियाई खेलों में देश के बॉक्सिंग दल की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। नई दिल्ली में खेल परिदृश्य का बारीक विश्लेषण करते हुए विजेंदर ने स्पष्ट किया कि हालिया कॉमनवेल्थ गेम्स की उपलब्धियों के दम पर एशियाई खेलों को आसान समझना बहुत बड़ी रणनीतिक भूल साबित हो सकती है। एशियाई स्तर पर मुकाबला सिर्फ शारीरिक ताकत का नहीं, बल्कि गति, तकनीक और सामरिक रणनीति का कड़ा इम्तिहान होता है।विजेंदर के अनुसार, एशियाई मंच की प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल खेलों से कहीं अधिक क्रूर और तकनीकी रूप से उन्नत होती है। एशिया में भारत का सीधा टकराव उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान, चीन और मेजबान जापान जैसे मुक्केबाजी के वैश्विक महारथियों से होगा। ये वे देश हैं जिनकी बॉक्सिंग नर्सरी दुनिया भर में शीर्ष मानी जाती है और जिनके खिलाड़ी ओलिंपिक और विश्व चैंपियनशिप की पोडियम पर अपना दबदबा बनाए रखते हैं। उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ और एथलीटों की हालिया प्रगति की सराहना की, मगर यह चेतावनी भी जोड़ी कि रिंग में उतरते ही पिछले रिकॉर्ड शून्य हो जाते हैं।महिला मुक्केबाजों पर बड़ा दांव और लवलीना का ओलिंपिक अनुभवभारतीय दल की ताकत का आकलन करते हुए विजेंदर सिंह ने माना कि इस बार महिला बॉक्सिंग दल अत्यधिक संतुलित और पदक का सबसे मजबूत दावेदार दिख रहा है। साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और प्रिया गंगा जैसी युवा और आक्रामक मुक्केबाजों में विश्व स्तरीय तकनीक और रिंग में हावी होने की आक्रामकता साफ झलकती है। इन मुक्केबाजों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपने खेल में सुधार किया है, जिससे पोडियम फिनिश की संभावनाएं बहुत मजबूत हो गई हैं।महिला वर्ग में टीम की सबसे बड़ी मार्गदर्शक शक्ति ओलिंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहाइ हैं। विजेंदर ने रेखांकित किया कि बड़े टूर्नामेंटों के दबाव भरे मुकाबलों में केवल तकनीकी दांव-पेंच काम नहीं आते, बल्कि मानसिक दृढ़ता और बड़े मंच का अनुभव जीत तय करता है। लवलीना के पास वह अनुभव है जो नॉकआउट चरणों के अंतिम क्षणों में मुकाबले को अपनी झोली में खींचने की क्षमता रखता है। उनका यह अंतरराष्ट्रीय अनुभव न केवल उनके निजी प्रदर्शन को निखारेगा, बल्कि युवा महिला खिलाड़ियों के भीतर आत्मविश्वास भरने का काम भी करेगा।पुरुष वर्ग में पदक की उम्मीदें और एक पंच से खेल पलटने की अनिश्चिततापुरुष वर्ग की संभावनाओं पर बात करते हुए पूर्व विश्व नंबर एक मुक्केबाज ने सचिन, दीपक भोरिया और अनमोल बेनिवाल को भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार के रूप में चुना। उन्होंने कहा कि इन मुक्केबाजों का फुटवर्क और काउंटर-अटैक करने की गति एशियाई दिग्गजों को चौंकाने के लिए पर्याप्त है। हालांकि, बॉक्सिंग की अनिश्चितता को उजागर करते हुए उन्होंने याद दिलाया कि रिंग के भीतर कभी भी किसी पदक को तय नहीं माना जा सकता, क्योंकि ग्लव्स के एक सटीक प्रहार से पूरे मैच का गणित सेकेंडों में पलट जाता है।विजेंदर का अनुमान है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भारतीय मुक्केबाज एशियाई खेलों में पांच से छह पदक अपने नाम कर सकते हैं। इसके लिए भारतीय मुक्केबाजों को शुरुआती राउंड से ही जजों के स्कोरकार्ड पर अपनी बढ़त साफ रखनी होगी, ताकि अंतिम निर्णय में किसी भी प्रकार के संशय की गुंजाइश न बचे। उज्बेक और कजाख मुक्केबाजों के खिलाफ मुकाबले में गति और दूरी का नियंत्रण ही पदक का रंग तय करेगा।2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स का किस्सा: टूटे अंगूठे के बावजूद जीता था गोल्डअपनी रणनीति को विस्तार से समझाते हुए विजेंदर सिंह ने 2010 ग्वांगझू एशियन गेम्स के ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मुकाबले की अनदेखी कहानी साझा की। उस फाइनल में उनका मुकाबला तत्कालीन विश्व चैंपियन अब्बास सत्तार से था, जिसे विजेंदर ने एकतरफा अंदाज में 7-0 से शिकस्त दी थी। विजेंदर ने खुलासा किया कि मुकाबले के पहले ही राउंड में उनका अंगूठा बुरी तरह चोटिल हो गया था, जिससे मुक्का मारते समय असहनीय दर्द हो रहा था।ऐसी गंभीर स्थिति में उन्होंने कोच की रणनीति पर अटूट भरोसा दिखाया। अपनी लंबी कद-काठी का रणनीतिक फायदा उठाते हुए उन्होंने ईरानी प्रतिद्वंद्वी को खुद के करीब आने ही नहीं दिया। रिंग में लगातार चक्राकार घूमते हुए दूरी बनाई और सटीक समय पर अपने ट्रेडमार्क दाहिने मुक्के (राइट स्ट्रेट) का प्रहार कर अंक बटोरते रहे। उन्होंने कहा कि रिंग में चोट या प्रतिकूल परिस्थिति कभी बहाना नहीं बन सकती, बल्कि वहां त्वरित बुद्धिमत्ता और रणनीतिक अनुशासन ही खिलाड़ी को चैंपियन बनाता है।फोन और इंटरनेट मीडिया से दूरी: विजेंदर का जीत का 'सीक्रेट मंत्र'आज के आधुनिक एथलीटों के लिए विजेंदर सिंह ने सबसे अहम और कड़वी सलाह स्मार्टफोन व इंटरनेट मीडिया के अत्यधिक उपयोग को लेकर दी। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि आज के खिलाड़ियों के पास विश्व स्तरीय जिम, वैज्ञानिक खान-पान, फिजियो और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो उनके दौर में दुर्लभ थीं। इसके बावजूद, मोबाइल स्क्रीन और सोशल मीडिया पर तुरंत लोकप्रियता पाने का नशा खिलाड़ियों का ध्यान उनके मुख्य लक्ष्य से भटका रहा है।विजेंदर ने मुक्केबाजों को टूर्नामेंट के दौरान सभी डिजिटल प्लेटफार्मों से पूरी तरह किनारा करने और अपनी ऊर्जा केवल प्रतिद्वंद्वी के वीडियो विश्लेषण, मानसिक एकाग्रता और रणनीति पर केंद्रित करने का मंत्र दिया। रिंग में एक माइक्रोसेकंड की एकाग्रता की कमी का मतलब नॉकआउट होता है। इसलिए आभासी दुनिया की तालियों के पीछे भागने के बजाय वास्तविक रिंग में पसीना बहाना ही पदक पक्का करने का एकमात्र रास्ता है।घरेलू स्तर पर मजबूत प्रतिस्पर्धा और विदेशी ट्रेनिंग कैंप की दरकारभारतीय पुरुष मुक्केबाजी के भविष्य को और पुख्ता करने के लिए विजेंदर ने घरेलू ढांचे में बुनियादी बदलाव की वकालत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बनाना होगा, ताकि कोई भी मुक्केबाज आसान जीत के साथ अंतरराष्ट्रीय दल में न पहुंच सके। जब तक घरेलू रिंग में कड़ा मुकाबला नहीं होगा, तब तक अंतरराष्ट्रीय दबाव झेलने की क्षमता विकसित नहीं हो सकती।इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ को उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान की राष्ट्रीय टीमों के साथ संयुक्त प्रशिक्षण शिविर (जॉइंट ट्रेनिंग कैंप) आयोजित करने का सुझाव दिया। इन देशों के मुक्केबाजों के साथ नियमित स्पैरिंग करने से भारतीय मुक्केबाज मध्य एशियाई शैली की तेज और रक्षात्मक तकनीक को सहजता से समझ सकेंगे। विजेंदर ने निष्कर्ष निकाला कि एशियाई खेलों की चुनौती निस्संदेह कठिन है, मगर सही मानसिक दृष्टिकोण, डिजिटल संयम और रिंग की चतुराई से भारतीय मुक्केबाज इतिहास दोहराने में पूरी तरह सक्षम हैं।
Asian Games 2026: जापान के नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खिलाड़ियों को ठहरने की व्यवस्था को लेकर भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। 'The New Indian Express' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई भारतीय एथलीट वैध एक्रिडिटेशन होने के बावजूद 12 से 14 घंटे से अधिक समय तक अपने कमरोंके लिएइंतजार करते रहे। इस दौरान उन्हें पर्याप्त भोजन और जरूरी सुविधाएं भी नहीं मिल सकीं। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय खिलाड़ी जिस क्रूज शिप में ठहरने वाले थे, वहां पहुंचने के बाद उन्हें लंबे समय तक कमरों का इंतजार करना पड़ा।स्थानीय अधिकारियों की ओर से भी उन्हें अपेक्षित मदद नहीं मिल सकी। कई खिलाड़ी घंटों तक बिना भोजन और सीमित सुविधाओं के इंतजार करते रहे। सात एथलीटों और दो कोचों वाली भारतीय वुशू टीम बुधवार दोपहर नागोया पहुंची। खबर है कि रजिस्ट्रेशन के समय अलॉट किए गए कमरों की लिस्ट में एक एथलीट और दो कोच के नाम नहीं थे।वेन्यू पर पहुंचने के लगभग दो घंटे बाद टीम के एक सदस्य ने PTI को बताया, छह वुशू एथलीटों को नागोया पोर्ट पर खड़े क्रूज शिप में कमरे मिले। हालांकि, एक एथलीट और दो कोच के नाम लिस्ट में नहीं थे। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के एक अधिकारी ने बताया कि अब सभी एथलीटों को इटैलियन क्रूज़ शिप में कमरे मिल गए हैं। गेम्स के दौरान क्रूज़ शिप में रहने वाले भारतीय एथलीटों में वुशू और टेबल टेनिस खिलाड़ी शामिल हैं।खिलाड़ियों को शेयर करने पड़े कमरे!बताया जा रहा है कि जिन खिलाड़ियों को कमरे मिल भी गए, उनमें से कुछ को दूसरे एथलीटों के साथ कमरा शेयर करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आयोजन समिति ने उपलब्ध कमरों का कुछ हिस्सा दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दिया। माना जा रहा है कि खिलाड़ियों की संख्या का अनुमान लगाने में गंभीर चूक के कारण यह स्थिति पैदा हुई। एमएमए एथलीट वरुण सान्याल ने भी इस स्थिति की पुष्टि की। अर्थशास्त्री संजीव सान्याल के बेटे वरुण ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर लिखा, मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह सच है। मैं अभी 7 घंटे से इंतजार कर रहा हूं और गिनती जारी है।दिल्ली से दो बैच में रवाना हुए थे भारतीय रोवरभारतीय रोइंग टीम के खिलाड़ी मंगलवार को दिल्ली एयरपोर्ट से दो बैच में जापान के लिए रवाना हुए थे। दोनों बैच कुछ घंटों के अंतर से रवाना हुए। बैंकॉक में रुकने के बाद पहला दल बुधवार सुबह करीब 8 बजे जापान के स्थानीय समय के अनुसार नागोया पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक, खिलाड़ी करीब एक घंटे बाद क्रूज शिप पर पहुंचे। लेकिन वहां उन्हें वादा किए गए आवास के लिए इंतजार करना पड़ा।एक भारतीय रोवर ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया, हम सुबह 9 बजे JST के आसपास यहां पहुंचे थे। अब रात के 8:30 बज चुके हैं। लेकिन हममें से केवल कुछ लोगों को ही कमरे मिले हैं। जिन्हें कमरे मिले हैं, उनसे भी दूसरे खिलाड़ियों को साथ रखने के लिए कहा गया।संख्या के मुताबिक कम मिले कमरेऐसी खबरें भीहैं कि क्रूज शिप पर भारतीय एथलीटों के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या मूल रूप से अलॉट किए गए कमरों से कम थी। हालांकि, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। होटल के कमरों की कमी के कारण फिलीपींस के कुछ अधिकारियों को Airbnb आवास में भेजा गया है। भारतीय टीम के डिप्टी शेफ डी मिशन अचंता शरथ कमल ने कहा, भारतीय एथलीटों ने चेक-इन करना शुरू कर दिया है। अभी कोई बड़ी समस्या नहीं है। शनिवार (19 सितंबर) से शुरू होने वाले आइची-नागोया गेम्स में भारत के कुल 501 एथलीट और 265 अधिकारी भाग लेंगे।ये भी पढ़ें- कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारीभारतीय टीम के लिए रहने की व्यवस्था में कंटेनर-स्टाइल के कमरे, पोर्ट पर खड़ा क्रूज शिप और होटल शामिल हैं। लगभग 17,000 अन्य प्रतिभागियों के लिए भी रहने की ऐसी ही व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई टीम ने कंटेनर-स्टाइल के कमरों के छोटे आकार पर आपत्ति जताई है। एशियन क्रिकेट काउंसिल के कुछ सदस्यों ने भी उपलब्ध कराए जा रहे आवास की क्वालिटी पर चिंता व्यक्त की है।शूटरों समेत अन्य टीमों को भी परेशानीआवास की समस्या का सामना केवल भारतीय रोवरों को ही नहीं करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय निशानेबाजों और दो अन्य टीमों के भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। जिस जगह निशानेबाजों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी, वह दूसरे देशों की टीमों को आवंटित कर दी गई। इसके बाद उन्हें एक अलग होटल में चेक-इन करना पड़ा। Athletes including Indian players left stranded in Nagoya, Japan without accommodation for more than 12 hours on Wednesday. They could not get cabins on cruise ship for hours. @Xpress_Sports @indraneel0 pic.twitter.com/lF5IhczTrn— firoz mirza (@scribefiroz237) September 16, 2026 भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के कुछ सदस्यों को भी पास के एक होटल में शिफ्ट किया गया। एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से पहले सामने आई यह अव्यवस्था भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। आपको बता दें कि जापान में 20वें एशियाई खेल (Asian Games 2026) 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होंगे।
Aichi-Nagoya में Asian Games के लिए भारतीय दल तैयार, हांग्झोऊ से बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य
हांग्झू 2023 एशियाई खेलों में रिकॉर्ड मेडल जीतने के बाद, भारत अब जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले इस महाद्वीपीय मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेगा। 4 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में 45 देशों के खिलाड़ी 43 खेलों और 469 मेडल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। Olympics.com के अनुसार, जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेज़बानी कर रहा है; इससे पहले उसने 1958 में टोक्यो और 1994 में हिरोशिमा में इन खेलों का आयोजन किया था। इसे भी पढ़ें: Indian Surfing Team Coach Samai Reboul Eyes 2028 Los Angeles Olympics हांग्जो मेडल टेबल में भारत चौथे स्थान पर रहा और उसने कुल 107 मेडल जीते: 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़। आइची-नागोया जाने वाले भारतीय दल में ओलंपिक मेडल जीतने वाले पांच खिलाड़ी शामिल हैं, हालांकि मौजूदा जैवलिन चैंपियन नीरज चोपड़ा टखने की चोट के कारण हट गए हैं। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में बैडमिंटन टीम की अगुवाई कर रहीं पीवी सिंधु, वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू, शूटिंग में मनु भाकर, बॉक्सिंग में लवलीना बोरगोहेन और रेसलिंग में अमन सहरावत शामिल हैं। भारतीय बॉक्सर कॉमनवेल्थ गेम्स में ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद यहां पहुंचे हैं, जहां उन्होंने सात गोल्ड समेत 10 मेडल जीते थे। एथलेटिक्स टीम से अहम योगदान की उम्मीद है, जिसमें 70 से ज़्यादा ट्रैक और फील्ड एथलीट हिस्सा ले रहे हैं। प्रमुख खिलाड़ियों में गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, ओलंपियन सर्वेश कुशारे और तेजिंदरपाल सिंह तूर शामिल हैं, जो पिछले दो एशियाई खेलों में जीत के बाद अपना शॉट पुट खिताब बचाने की कोशिश करेंगे। भारत क्रिकेट और कबड्डी में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में अपने खिताब बचाने की कोशिश करेगा, साथ ही पुरुष हॉकी का ताज भी बचाने की कोशिश करेगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष क्रिकेट टीम T20 इवेंट में खेलेगी, जिसमें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी शामिल होंगे। T20 कप्तान हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली महिला टीम भी अपनी चैंपियनशिप बरकरार रखने की कोशिश करेगी। पुरुष और महिला हॉकी टूर्नामेंट और भी अहम हैं क्योंकि ये 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालीफायर का काम करेंगे, और जीतने वाली टीमें सीधे ओलंपिक के लिए जगह बनाएंगी। तीरंदाजी, सेलिंग, स्क्वैश, सर्फिंग और टेनिस में भी ओलंपिक कोटा हासिल करने के मौके हैं। युवा स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह, हांगझोऊ में महिला टीम और मिक्स्ड डबल्स इवेंट में भारत के ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने में योगदान देने के बाद लौट रही हैं। इन गेम्स में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, पैडल, सर्फिंग, वर्चुअल ताइक्वांडो, टेकबॉल के साथ-साथ ई-स्पोर्ट्स और ब्रेकिंग जैसे नए खेल भी शामिल होंगे, जिन्हें हांगझोऊ 2023 में मेडल इवेंट के तौर पर पहली बार शामिल किया गया था। यह प्रतियोगिता आइची प्रान्त और टोक्यो व ओसाका जैसे अन्य जापानी शहरों में आयोजित की जाएगी, जिसमें नागोया शहर का मिज़ुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम मुख्य स्थल होगा। 1982 से एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे आगे रहने वाला चीन, हांग्झू में रिकॉर्ड 201 स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी अपना दबदबा बनाए रखने की कोशिश करेगा। मेज़बान देश जापान और दक्षिण कोरिया पिछले संस्करण में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे थे, जिन्होंने 52 और 42 स्वर्ण पदक जीते थे। हालांकि आधिकारिक उद्घाटन समारोह 19 सितंबर को है, लेकिन पुरुषों के बास्केटबॉल सहित कुछ इवेंट्स पहले ही शुरू हो चुके हैं। इसे भी पढ़ें: Japan में Asian Games 2026 का बिगुल: Team India के Key Events और तारीखों का पूरा विश्लेषण भारतीय टीम कई खेलों में हिस्सा ले रही है, जिनमें तीरंदाजी, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कैनोइंग, क्रिकेट, साइकिलिंग, घुड़सवारी, ई-स्पोर्ट्स, फेंसिंग, गोल्फ़, हॉकी, जूडो, कबड्डी, कराटे, कुराश, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, रोइंग, रग्बी सेवन्स, सेलिंग, सेपक टकरा, शूटिंग, स्पोर्ट क्लाइंबिंग, स्क्वैश, सर्फिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, टेनिस, सॉफ्ट टेनिस, टेकबॉल, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, कुश्ती और वुशु शामिल हैं। हर खेल का विस्तृत शेड्यूल इवेंट की तारीखें बताता है, जिसमें पदक के राउंड और फ़ाइनल पूरे खेलों के दौरान आयोजित किए जाएंगे।
Asian Games से LA 2028 Olympics की तैयारी, Amol Muzumdar ने बताया अहम अनुभव
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बृहस्पतिवार को आइची-नागोया एशियाई खेलों को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारियों की दिशा में अहम बताया जिसमें महिला क्रिकेट पहली बार शामिल होगा। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि टीम एशियाई खेलों की तरह ही ओलंपिक में भी जीतने की मानसिकता के साथ उतरेगी। मौजूदा चैंपियन भारत शुक्रवार को यहां मेजबान जापान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। महिला स्पर्धा में सभी आठ टीम सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए खेलेंगी। महिला टी20 एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम का मनोबल बढ़ा हुआ है और दुबई से नागोया पहुंची भारतीय टीम अपनी लय बरकरार रखते हुए एशियाई खेलों में दूसरे स्वर्ण पदक पर नजरें लगाए हुए है। मजूमदार ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह एशियाई खेल भारतीय महिला टीम के ओलंपिक अभियान की दिशा में एक शानदार झलक हैं। हम यहां कुछ चीजों के आदी हो रहे हैं। क्रिकेट की दुनिया के अलग हिस्से जैसे जापान का दौरा करना हमारे लिए नया अनुभव है क्योंकि हम इससे पहले इस देश में नहीं आए हैं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘लॉस एंजिल्स में भी शायद हममें से ज्यादातर के लिए ऐसा ही अनुभव होगा। खिलाड़ियों को एक अलग तरह का अनुभव मिलेगा। एशियाई खेल हम सभी के लिए सीखने का शानदार मौका हैं और मैं इन खेलों का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। ’’हरमनप्रीत ने कहा कि टीम एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने और यहां से मिलने वाली सीख को ओलंपिक में ले जाने के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि जिस तरह हमने पिछली बार चीन में 2022 हांग्झोउ एशियाई खेलों का आनंद लिया था, उसी तरह हम यहां नागोया में भी खेल का लुत्फ उठाएंगे। बतौर टीम हम ओलंपिक के लिए उत्सुक हैं और उम्मीद है कि हम उसी मानसिकता और उसी दृष्टिकोण के साथ वहां जाएंगे। ’’उन्होंने कहा, ‘‘एक क्रिकेटर के तौर पर हम इन दोनों टूर्नामेंट एशियाड और ओलंपिक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। ’’उन्होंने कहा कि जापान और लॉस एंजिल्स जैसी जगहों पर खेलना टीम के लिए एक दिलचस्प और सीखने का अनुभव होगा जो पारंपरिक क्रिकेट केंद्र नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जापान और लॉस एंजिल्स जैसे देशों और जगहों पर हमने ज्यादा क्रिकेट नहीं देखा है लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर हम कुछ बिल्कुल अलग अनुभव करने जा रहे हैं। हम इन परिस्थितियों के आदी नहीं हैं और ना ही इन मैदानों के। यह पूरी तरह से अलग अहसास है।
Japan में Asian Games 2026 का बिगुल: Team India के Key Events और तारीखों का पूरा विश्लेषण
एशियाई खेल 2026 जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर को खत्म होंगे। एशिया के इस सबसे बड़े खेल आयोजन में 17,000 से ज़्यादा एथलीट और अधिकारी हिस्सा लेंगे; यह आयोजन नागोया और आइची इलाके में होगा। हांगझोऊ में हुए पिछले खेलों (जो 2022 में होने थे लेकिन बाद में 2023 में हुए) में भारत ने अलग-अलग खेलों में कुल 106 मेडल जीतकर इतिहास रचा था। अब होने वाले खेलों के लिए भारतीय टीम उस सफलता को और आगे ले जाने और अपने पिछले मेडल के रिकॉर्ड को तोड़ने की कोशिश में है। इसे भी पढ़ें: SAI भोपाल ने दो जूडो कोच को काउंसलिंग सत्र में शामिल होने का दिया निर्देश भारत के इवेंट्स की लाइव स्ट्रीमिंग कहाँ देखें? जो भारतीय खेल प्रेमी 2026 एशियन गेम्स में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को फॉलो करना चाहते हैं, वे उन्हें टीवी चैनलों और ऑनलाइन देख सकते हैं। ऑफिशियल नेटवर्क क्षेत्रीय दर्शकों के लिए कई भाषाओं में ऑडियो ट्रैक उपलब्ध कराता है। - डिजिटल स्ट्रीमिंग ऐप: SonyLIV ऐप और ऑफिशियल वेबसाइट। - इंग्लिश टीवी फ़ीड: Sony Sports Ten 1 और Sony Sports Ten 5 (SD और HD)। - क्षेत्रीय टीवी फ़ीड: Sony Sports Ten 3 (हिंदी) और Sony Sports Ten 4 (तमिल, तेलुगु, कन्नड़)। - फ़्री-टू-एयर प्रसारण: DD Sports (टीम इंडिया के मैचों के लिए टेरेस्ट्रियल कवरेज)। एशियाई खेलों के लिए वेन्यू और स्टेडियम जापान तीसरी बार एशियाई खेलों की मेज़बानी कर रहा है। इससे पहले उसने टोक्यो (1958) और हिरोशिमा (1994) में एशियाई खेलों का आयोजन किया था। इस साल मुख्य इवेंट्स आइची प्रान्त और नागोया शहर में होंगे। लेकिन आयोजक निर्माण लागत कम करने के लिए टोक्यो, शिज़ुओका, गिफू और ओसाका में पहले से मौजूद स्टेडियमों और सुविधाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। - पालोमा मिज़ुहो स्टेडियम (नागोया): मुख्य स्टेडियम जहाँ ओपनिंग/क्लोजिंग सेरेमनी और ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स होंगे। - टोक्यो एक्वाटिक्स सेंटर (टोक्यो): स्विमिंग और डाइविंग प्रतियोगिताएं। - आइची इंटरनेशनल एरिना (नागोया): बास्केटबॉल और जूडो इवेंट्स। - निशियो सिटी जनरल जिम्नेजियम (निशियो): बॉक्सिंग मैच। 18 सितंबर क्रिकेट: भारत बनाम जापान, महिला क्वार्टर-फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुष टीम, शुरुआती राउंड; पुरुष टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। टेकबॉल: महिला सिंगल्स क्वालिफ़िकेशन, रेपचेज; मिक्स्ड डबल्स क्वालिफ़िकेशन, रेपचेज। 19 सितंबर टेकबॉल: महिला सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स, पुरुष डबल्स - सेमी-फ़ाइनल। 20 सितंबर बैडमिंटन: पुरुष टीम, शुरुआती राउंड; महिला टीम, शुरुआती राउंड। क्रिकेट: महिला सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। हॉकी: भारत बनाम इंडोनेशिया, पुरुष पूल A; भारत बनाम उज़्बेकिस्तान, महिला पूल B। MMA: पुरुष ट्रेडिशनल MMA -77kg; महिला ट्रेडिशनल MMA -60kg। शूटिंग: महिला 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; महिला 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुष टीम, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। तैराकी: पुरुष 100m फ़्रीस्टाइल हीट्स, फ़ाइनल; पुरुष 100m बैकस्ट्रोक हीट्स, फ़ाइनल। टेबल टेनिस: पुरुष टीम, ग्रुप स्टेज; महिला टीम, ग्रुप स्टेज। टेकबॉल: पुरुष डबल्स फ़ाइनल; महिला सिंगल्स फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स फ़ाइनल। वुशु: पुरुष चांगक्वान, फ़ाइनल; पुरुष सांडा 56kg, शुरुआती राउंड; पुरुष सांडा 75kg, शुरुआती राउंड; महिला सांडा 52kg, शुरुआती राउंड; महिला सांडा 60kg, शुरुआती राउंड। 21 सितंबर बैडमिंटन: पुरुषों की टीम का राउंड ऑफ़ 16। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70kg, राउंड ऑफ़ 32। हॉकी: भारत बनाम इंडोनेशिया, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: जापान बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; बांग्लादेश बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg; महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg। रोइंग: पुरुषों का क्वाड्रपल स्कल्स, हीट्स; लाइटवेट पुरुषों का डबल स्कल्स, हीट्स। शूटिंग: पुरुषों का 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफिकेशन; पुरुषों का 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फ़ाइनल; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफिकेशन। सॉफ्ट टेनिस: मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल और मेडल राउंड। तैराकी: पुरुषों का 50m फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 50m बैकस्ट्रोक; पुरुषों का 100m ब्रेस्टस्ट्रोक; पुरुषों का 4x200m फ़्रीस्टाइल रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड; महिलाओं की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड; महिलाओं का डबल्स, ओपनिंग राउंड। वुशु: महिलाओं का चांगक्वान, फ़ाइनल; पुरुषों और महिलाओं का सांडा, एलिमिनेशन राउंड। 22 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड क्वालिफिकेशन। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, क्वार्टर-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: महिलाओं का 51kg, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54kg, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 55kg, शुरुआती राउंड। घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, क्रॉस-कंट्री। फ़ेंसिंग: पुरुषों का फ़ॉइल व्यक्तिगत; महिलाओं का एपि (Epee) व्यक्तिगत। हॉकी: भारत बनाम श्रीलंका, पुरुषों का पूल A। कबड्डी: रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A। कराटे: महिलाओं का कुमिते -55kg, एलिमिनेशन और मेडल मुक़ाबले; पुरुषों का कुमिते -84kg, एलिमिनेशन और मेडल मुक़ाबले। MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg मेडल राउंड; महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg मेडल राउंड। रोइंग: भारतीय रोइंग इवेंट्स, हीट्स। शूटिंग: 10m एयर राइफ़ल मिक्स्ड टीम, क्वालिफिकेशन और मेडल राउंड; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफिकेशन। तैराकी: पुरुषों का 1500m फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 4x100m मेडले रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, राउंड ऑफ़ 16 और क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, राउंड ऑफ़ 16 और क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। वुशु: महिलाओं का नानक्वान और नंदाओ, फ़ाइनल; पुरुषों और महिलाओं का सांडा, क्वार्टर-फ़ाइनल। 23 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, सेमी-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60kg, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 80kg, शुरुआती राउंड। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल 500m; पुरुषों का कयाक डबल 500m; पुरुषों का कयाक फोर 500m; पुरुषों का कैनो डबल 500m; महिलाओं का कैनो सिंगल 200m; महिलाओं का कैनो डबल 500m; महिलाओं का कयाक डबल 500m; महिलाओं का कयाक फोर 500m; मिक्स्ड कयाक डबल 500m; मिक्स्ड कैनो डबल 500m। क्रिकेट: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, जंपिंग और मेडल मुक़ाबले। ई-स्पोर्ट्स: ई-फ़ुटबॉल। फेंसिंग: महिलाओं का फ़ॉइल व्यक्तिगत; पुरुषों का सेबर व्यक्तिगत। हॉकी: थाईलैंड बनाम भारत, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: बांग्लादेश बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; ईरान बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। रोइंग: पुरुषों का सिंगल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का डबल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का पेयर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का फोर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का फोर, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। शूटिंग: महिलाओं का 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत, फ़ाइनल; पुरुषों का स्कीट, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल; महिलाओं का स्कीट, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। तैराकी: पुरुषों का 100m बटरफ़्लाई; पुरुषों की 200 मीटर फ़्रीस्टाइल। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। वेटलिफ़्टिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, ऋषिकंत सिंह; महिलाओं का 49 किग्रा, मीराबाई चानू; महिलाओं का 53 किग्रा, ज्ञानेश्वरी यादव; महिलाओं का 61 किग्रा, सेरम निरुपमा देवी; महिलाओं का 69 किग्रा, हरजिंदर कौर। वुशु: पुरुषों का सांडा 56 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का सांडा 75 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 52 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 60 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। 24 सितंबर आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का वॉल्ट, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। एथलेटिक्स: महिलाओं का हेप्टाथलॉन, 100 मीटर हर्डल्स; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, हाई जंप; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, शॉट पुट; महिलाओं का हेप्टाथलॉन, 200 मीटर; पुरुषों की ट्रिपल जंप, क्वालिफ़ाइंग राउंड; पुरुषों की हाई जंप, क्वालिफ़ाइंग राउंड; पुरुषों की 100 मीटर दौड़, राउंड 1; मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले, हीट्स; महिलाओं की ट्रिपल जंप, फ़ाइनल; मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल; महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 51 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 65 किग्रा, शुरुआती राउंड। फ़ेंसिंग: महिलाओं का सेबर इंडिविजुअल। हॉकी: कोरिया बनाम भारत, पुरुषों का पूल A। कबड्डी: चीनी ताइपे बनाम भारत, पुरुषों का ग्रुप A; जापान बनाम भारत, महिलाओं का ग्रुप A। रोइंग: पुरुषों का क्वाड्रपल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); लाइटवेट पुरुषों का डबल स्कल्स, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। शूटिंग: पुरुषों का 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल और टीम, क्वालिफ़िकेशन; पुरुषों का 10 मीटर एयर पिस्टल इंडिविजुअल, फ़ाइनल; पुरुषों का 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन, एलिमिनेशन; स्कीट मिक्स्ड टीम, क्वालिफ़िकेशन और मेडल राउंड। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। तैराकी: पुरुषों का 50 मीटर बटरफ़्लाई; पुरुषों का 800 मीटर फ़्रीस्टाइल; पुरुषों का 4x100 मीटर फ़्रीस्टाइल रिले। टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल; पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वुशु: पुरुषों का सांडा 56 किग्रा, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); पुरुषों का सांडा 75 किग्रा, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर); महिलाओं का सांडा 52 किग्रा, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर; महिलाओं का सांडा 60 किग्रा, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। 25 सितंबर एथलेटिक्स: महिलाओं की हेप्टाथलॉन, लंबी कूद; महिलाओं की हेप्टाथलॉन, भाला फेंक; महिलाओं की हेप्टाथलॉन, 800 मीटर; महिलाओं की 400 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों की 100 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की शॉट पुट, फ़ाइनल; महिलाओं की पोल वॉल्ट, फ़ाइनल; पुरुषों की 100 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 10,000 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की हैमर थ्रो, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का +90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54 किग्रा, शुरुआती राउंड। फ़ेंसिंग: पुरुषों की फ़ॉइल टीम; महिलाओं की एपी (pe) टीम। हॉकी: जापान बनाम भारत, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर; महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। सेपकटकराव: पुरुषों की टीम रेगु, शुरुआती और मेडल राउंड। शूटिंग: 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम, क्वालिफ़िकेशन और मेडल राउंड; पुरुषों की 50 मीटर राइफ़ल 3 पोज़िशन व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफ़िकेशन; पुरुषों की 50 मीटर राइफ़ल 3 पोज़िशन व्यक्तिगत, फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। सर्फ़िंग: महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 1; पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 1; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 2। तैराकी: पुरुषों की 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक; पुरुषों की 200 मीटर बैकस्ट्रोक; पुरुषों की 400 मीटर फ़्रीस्टाइल; पुरुषों की 200 मीटर बटरफ़्लाई। टेबल टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुष डबल्स, शुरुआती राउंड; महिला डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल और सेमी-फ़ाइनल। 26 सितंबर तीरंदाजी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: पुरुषों की मैराथन, फ़ाइनल; पुरुषों की डेकाथलॉन, 100 मीटर; पुरुषों की डेकाथलॉन, लंबी कूद; पुरुषों की डेकाथलॉन, शॉट पुट; पुरुषों की डेकाथलॉन, ऊंची कूद; पुरुषों की डेकाथलॉन, 400 मीटर; पुरुषों की जैवलिन थ्रो, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 200 मीटर, राउंड 1; महिलाओं की 200 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों की 200 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की 200 मीटर, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं की लंबी कूद, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की 1500 मीटर, राउंड 1; पुरुषों की शॉट पुट, फ़ाइनल; पुरुषों की ट्रिपल जंप, फ़ाइनल; महिलाओं की 400 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 400 मीटर, फ़ाइनल; महिलाओं की 1500 मीटर, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड; मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल 500 मीटर; पुरुषों का कयाक डबल 500 मीटर; पुरुषों का कयाक फोर 500 मीटर; पुरुषों का कैनो डबल 500 मीटर; महिलाओं का कैनो सिंगल 200 मीटर; महिलाओं का कैनो डबल 500 मीटर; महिलाओं का कयाक डबल 500 मीटर; महिलाओं का कयाक फोर 500 मीटर; मिक्स्ड कयाक डबल 500 मीटर; मिक्स्ड कैनो डबल 500 मीटर। घुड़सवारी: ड्रेसेज व्यक्तिगत, क्वालिफिकेशन। फेंसिंग: महिलाओं की फ़ॉइल टीम; पुरुषों की सेबर टीम। हॉकी: जापान बनाम भारत, पुरुषों का पूल A। शूटिंग: महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन (व्यक्तिगत और टीम), क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोज़िशन (व्यक्तिगत), फ़ाइनल। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 2; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, राउंड 3। टेबल टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल। 27 सितंबर तीरंदाजी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट। एथलेटिक्स: महिलाओं की मैराथन रेस वॉक, फ़ाइनल; पुरुषों की डेकाथलॉन, 110 मीटर बाधा दौड़; पुरुषों की डेकाथलॉन, डिस्कस थ्रो; पुरुषों की डेकाथलॉन, पोल वॉल्ट; पुरुषों की डेकाथलॉन, जैवलिन थ्रो; पुरुषों की डेकाथलॉन, 1500 मीटर; महिलाओं की ऊंची कूद, क्वालिफाइंग राउंड; महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़, राउंड 1; पुरुषों की लंबी कूद, क्वालिफाइंग राउंड; पुरुषों की 800 मीटर, राउंड 1; महिलाओं की 4x100 मीटर रिले, हीट्स; पुरुषों की ऊंची कूद, फ़ाइनल; महिलाओं की लंबी कूद, फ़ाइनल; महिलाओं की 200 मीटर, फ़ाइनल; पुरुषों की 200 मीटर, फ़ाइनल; महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; महिलाओं की जैवलिन थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज़, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 80 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 54 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का +90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 65 किग्रा, शुरुआती राउंड। घुड़सवारी: ड्रेसेज व्यक्तिगत, फ़ाइनल। फेंसिंग: महिलाओं की सेबर टीम। हॉकी: भारत बनाम सिंगापुर, महिलाओं का पूल B। कबड्डी: महिलाओं का फ़ाइनल, क्वालिफिकेशन पर निर्भर; पुरुषों का फ़ाइनल, क्वालिफिकेशन पर निर्भर। कुराश: पुरुषों का -66 किग्रा; पुरुषों का +90 किग्रा; महिलाओं का -57 किग्रा; महिलाओं का -78 किग्रा। सेपकटकराव: महिलाओं का डबल्स, शुरुआती और मेडल राउंड। शूटिंग: महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल, प्रिसिजन स्टेज; पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफिकेशन; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड। स्क्वैश: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल; पुरुषों की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड; महिलाओं की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, राउंड 3; पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, क्वार्टर-फ़ाइनल। टेबल टेनिस: पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 28 सितंबर आर्चरी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: महिलाओं की 800 मीटर दौड़, राउंड 1; मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले, हीट्स; पुरुषों की 4x400 मीटर रिले, हीट्स; महिलाओं का डिस्कस थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 400 मीटर बाधा दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़, फ़ाइनल; पुरुषों की लंबी कूद, फ़ाइनल; पुरुषों की 1500 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों का जैवलिन थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 5000 मीटर दौड़, फ़ाइनल; महिलाओं की 4x100 मीटर रिले, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 70 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 51 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 75 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 55 किग्रा, शुरुआती राउंड; पुरुषों का 90 किग्रा, शुरुआती राउंड; महिलाओं का 60 किग्रा, शुरुआती राउंड। क्रिकेट: भारत बनाम ग्रुप A की रनर-अप टीम, पुरुषों का क्वार्टर-फ़ाइनल। हॉकी: भारत बनाम बांग्लादेश, पुरुषों का पूल A। शूटिंग: महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल, रैपिड स्टेज और फ़ाइनल; पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन। स्क्वैश: पुरुषों की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड; महिलाओं की टीम, शुरुआती और क्वार्टर-फ़ाइनल राउंड। सर्फ़िंग: पुरुषों का शॉर्टबोर्ड, सेमी-फ़ाइनल और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का शॉर्टबोर्ड, सेमी-फ़ाइनल और मेडल मुक़ाबले। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 29 सितंबर आर्चरी: रिकर्व और कंपाउंड इवेंट्स। एथलेटिक्स: पुरुषों का पोल वॉल्ट, फ़ाइनल; महिलाओं की हाई जंप, फ़ाइनल; महिलाओं का हैमर थ्रो, फ़ाइनल; महिलाओं की 800 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 800 मीटर दौड़, फ़ाइनल; पुरुषों की 5000 मीटर दौड़, फ़ाइनल; मिक्स्ड 4x100 मीटर रिले, फ़ाइनल; महिलाओं की 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल; पुरुषों की 4x400 मीटर रिले, फ़ाइनल। बैडमिंटन: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का सिंगल्स, फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, फ़ाइनल; मिक्स्ड डबल्स, फ़ाइनल। बॉक्सिंग: पुरुषों का 60 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 80 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का +90 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 54 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 65 किग्रा, सेमी-फ़ाइनल। शूटिंग: पुरुषों का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल; महिलाओं का ट्रैप, क्वालिफ़िकेशन और फ़ाइनल। सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का सिंगल्स, शुरुआती राउंड। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। ट्रैक साइक्लिंग: पुरुषों का स्प्रिंट; पुरुषों का टीम स्प्रिंट; पुरुषों का कीरिन; पुरुषों का ओमनीयम; पुरुषों का मैडिसन; महिलाओं का स्प्रिंट; महिलाओं का टीम स्प्रिंट; महिलाओं का कीरिन; महिलाओं का टीम परस्यूट; महिलाओं का ओमनीयम; महिलाओं का मैडिसन। वॉलीबॉल: पुरुषों का पूल C, शुरुआती राउंड। 30 सितंबर आर्चरी: कंपाउंड इवेंट्स, मेडल राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55kg, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 70kg, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का 90kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 51kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 60kg, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का 75kg, सेमी-फ़ाइनल। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल स्लैलम; महिलाओं का कैनो सिंगल स्लैलम; पुरुषों का कयाक क्रॉस; महिलाओं का कयाक क्रॉस। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 1; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 1। हॉकी: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। जूडो: महिलाओं का -48kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। स्पोर्ट क्लाइंबिंग: पुरुषों का स्पीड 4, क्वालिफ़िकेशन; महिलाओं का स्पीड 4, फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, शुरुआती राउंड; पुरुषों का डबल्स, शुरुआती राउंड; महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड। ट्रैक साइक्लिंग: पुरुषों का स्प्रिंट; पुरुषों का टीम स्प्रिंट; पुरुषों का कीरिन; पुरुषों का ओमनीयम; पुरुषों का मैडिसन; महिलाओं का स्प्रिंट; महिलाओं का टीम स्प्रिंट; महिलाओं का कीरिन; महिलाओं का टीम परस्यूट; महिलाओं का ओमनीयम; महिलाओं का मैडिसन। रेसलिंग: पुरुषों का ग्रीको-रोमन 67kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 87kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 68kg, शुरुआती और मेडल राउंड। 1 अक्टूबर बॉक्सिंग: कोई इवेंट लिस्टेड नहीं है। क्रिकेट: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 2; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 2। हॉकी: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। जूडो: महिलाओं का -57kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का -70kg, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का शुरुआती राउंड। शूटिंग: पुरुषों का 25m रैपिड फ़ायर पिस्टल, क्वालिफ़िकेशन स्टेज 2 और फ़ाइनल। स्पोर्ट क्लाइंबिंग: पुरुषों का स्पीड 4, फ़ाइनल, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, क्वार्टर-फ़ाइनल। ताइक्वांडो: महिलाओं का व्यक्तिगत पूमसे, सेमी-फ़ाइनल और फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का क्वार्टर-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रेसलिंग: पुरुषों का ग्रीको-रोमन 60kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 77kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का ग्रीको-रोमन 97kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 62kg, शुरुआती और मेडल राउंड। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश 2 अक्टूबर आर्चरी: रिकर्व इवेंट्स, मेडल राउंड। बॉक्सिंग: पुरुषों का 55kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 60kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 70kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 80kg, फ़ाइनल; पुरुषों का 90kg, फ़ाइनल; पुरुषों का +90kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 51kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 54kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 60kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 65kg, फ़ाइनल; महिलाओं का 75kg, फ़ाइनल। कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल स्लैलम; महिलाओं का कैनो सिंगल स्लैलम; पुरुषों का कयाक क्रॉस; महिलाओं का कयाक क्रॉस। ई-स्पोर्ट्स: लीग ऑफ़ लेजेंड्स। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 3; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम, राउंड 3। हॉकी: महिलाओं का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का शुरुआती राउंड। स्क्वैश: पुरुषों की टीम, फ़ाइनल; महिलाओं की टीम, फ़ाइनल। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, सेमी-फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, सेमी-फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का सेमी-फ़ाइनल/क्लासिफ़िकेशन मैच, क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर। रेसलिंग: पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 65kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 125kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 50kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 76kg, शुरुआती और मेडल राउंड। 3 अक्टूबर तीरंदाज़ी: रिकर्व इवेंट्स, मेडल राउंड। क्रिकेट: पुरुषों का ब्रॉन्ज़ मेडल मैच/फ़ाइनल (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। गोल्फ़: पुरुषों का व्यक्तिगत और टीम इवेंट, फ़ाइनल राउंड; महिलाओं का व्यक्तिगत और टीम इवेंट, फ़ाइनल राउंड। हॉकी: पुरुषों का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। रग्बी सेवन्स: महिलाओं का सेमी-फ़ाइनल, क्लासिफ़िकेशन और मेडल मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। ताइक्वांडो: महिलाओं का 57kg क्योरुगी, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले; महिलाओं का +67kg क्योरुगी, शुरुआती राउंड और मेडल मुक़ाबले। टेनिस: पुरुषों का सिंगल्स, फ़ाइनल; पुरुषों का डबल्स, फ़ाइनल; महिलाओं का डबल्स, फ़ाइनल। वॉलीबॉल: पुरुषों का मेडल/क्लासिफ़िकेशन मैच (क्वालिफ़िकेशन पर निर्भर)। रेसलिंग: पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 57kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 74kg, शुरुआती और मेडल राउंड; पुरुषों का फ़्रीस्टाइल 97kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 53kg, शुरुआती और मेडल राउंड; महिलाओं का 57kg, शुरुआती और मेडल राउंड।
Asian Games 2026: फातिमा सना की कप्तानी पारी, थाईलैंड को हराकर पाकिस्तान ने कटाया सेमीफाइनल का टिकट
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने थाईलैंड को 3 विकेट से हराया। झमाझम बारिश के चलते गीली आउटफील्ड के कारण इस मैच को 11-11 ओवर का किया गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने 11 ओवर में 4 विकेट खोकर 91 रन स्कोरोबोर्ड पर लगाए। टीम की तरफ से नानापत कोंचारोएनकाई ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 49 रनों की दमदार पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके लगाए। वहीं, फन्निता माया ने 16 गेंदों में 15 रन बनाए, जबकि कप्तान नारुएमोल चाईवाई ने 3 गेंदों में 10 रन बनाए। पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में कप्तान फातिमा सना का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 3 ओवर के स्पेल में 22 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि नशरा संधू ने एक विकेट अपने नाम किया। झमाझम बारिश के चलते गीली आउटफील्ड के कारण इस मैच को 11-11 ओवर का किया गया। पहले बल्लेबाजी करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजों का प्रदर्शन दमदार रहा। उन्होंने 11 ओवर में 4 विकेट खोकर 91 रन स्कोरोबोर्ड पर लगाए। टीम की तरफ से नानापत कोंचारोएनकाई ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 38 गेंदों में 49 रनों की दमदार पारी खेली। उन्होंने अपनी इस पारी में 7 चौके लगाए। Also Read: LIVE Cricket Score हालांकि, इसके बाद गेंद कप्तान फातिमा सना ने मोर्चा संभाला और उन्होंने 13 गेंदों में 21 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलते हुए पाकिस्तान को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। फातिमा ने अपनी इस पारी में 3 चौके और एक छक्का लगाया। उन्होंने इमान फातिमा के साथ मिलकर 13 गेंदों में 26 रन जोड़े। थाईलैंड की ओर से गेंदबाजी में ओननिचा कमचोमफु ने सर्वाधिक 3 विकेट चटकाए, जबकि सुनीदा चतुरोंगरत्तना ने 2 विकेट निकाले। Article Source: IANS
Teqball में लगातार दो मैच हारकर Asian Games 2026 क्वार्टर फाइनल से बाहर हुआ भारत
एशियन गेम्स 2026 में टेकबॉल में भारत का सफ़र खराब रहा; डेक्लान गोंसाल्विस और मोहम्मद बेग की जोड़ी पुरुषों के डबल्स मुक़ाबले के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई और क्वार्टर फ़ाइनल में पहुँचने का मौका गंवा बैठी। टेकबॉल एक बॉल स्पोर्ट है जिसमें फ़ुटबॉल और टेबल टेनिस दोनों के गुण शामिल हैं। इसे एक घुमावदार टेबल पर खेला जाता है और खिलाड़ी अपने हाथ-बाज़ू को छोड़कर शरीर के किसी भी हिस्से से गेंद को मार सकते हैं। इसे सिंगल्स और डबल्स मुक़ाबले में खेला जा सकता है। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा ESPN के अनुसार, अपने पहले मैच में डेक्लान-मोहम्मद की जोड़ी को दक्षिण कोरियाई जोड़ी जंसुक ली और ताएबीन ली ने पहले गेम में 4-12 और दूसरे गेम में 7-12 से हरा दिया। वे अपने प्रतिद्वंद्वियों से 0-2 से हार गए और ग्रुप B में सबसे नीचे रहे। इससे पहले, वियतनाम की जोड़ी ट्रुओंग जियांग बा और अन्ह खोआ ले के खिलाफ़ हुए मैच में उन्हें 10-12, 8-12 से हार का सामना करना पड़ा; हालांकि, पहले गेम में वे वियतनाम की जोड़ी के साथ 10-10 की बराबरी पर थे। डेक्लान का एशियाई खेलों का सफ़र यहीं खत्म होता है, लेकिन मोहम्मद मिक्स्ड डबल्स टेकबॉल इवेंट में हिस्सा लेंगे, जिसकी शुरुआत गुरुवार को सुबह 9 बजे (IST) क्वालिफिकेशन राउंड के साथ होगी। गोंसाल्वेस और बेग वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाले खिलाड़ी हैं; उन्होंने वियतनाम में हुए 2024 टूर्नामेंट में मेन्स डबल्स में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर टेकबॉल में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। भारत का लक्ष्य हांगझोऊ 2023 एशियन गेम्स के अपने प्रदर्शन से बेहतर करना होगा, जहाँ उन्होंने 107 मेडल जीते थे - जिनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश *एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टेकबॉल टीम -मोहम्मद अनस इमरान बेग (मेन्स डबल्स, मिक्स्ड डबल्स) -डेक्लान मार्शल गोंसाल्वेस (मेन्स डबल्स) -क्विंसी डिसूज़ा (विमेंस सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स)
Asian Games: बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम सेमीफाइनल में, बारिश की वजह से रद्द हुआ था क्वार्टर फाइनल
बांग्लादेश ने एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। गुरुवार को बांग्लादेश का चीन के साथ कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में क्वार्टर फाइनल मुकाबला होना था, जो बारिश की वजह से बिना कोई गेंद फेंके रद्द हो गया। इसके बाद आईसीसी में बेहतर रैंक के आधार पर बांग्लादेश को सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया। बांग्लादेश और चीन के बीच होने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला गीले आउटफील्ड के कारण बिना एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया। मैच के लिए टॉस भी नहीं हो सका था। बारिश जल्दी रुकने के बावजूद, कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क के आउटफील्ड पर लगातार नमी के कारण कोई खेल नहीं हो सका। अधिकारियों ने आउटफील्ड को जांच के दौरान मैच के लिए तैयार नहीं माना। कोई नतीजा नहीं निकलने पर, बांग्लादेश टूर्नामेंट के नियमों में अपनी ऊंची रैंक की वजह से अंतिम चार में पहुंच गया। बांग्लादेश की टीम आईसीसी टी20 महिला रैंकिंग में 10वें स्थान पर है, जबकि चीन 36वें स्थान पर है। बांग्लादेश अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में गत चैंपियन भारत और मेजबान जापान के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। भारत, जिसने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में विमेंस क्रिकेट का स्वर्ण पदक जीता था, बांग्लादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ सीधे नॉकआउट स्टेज में पहुंच गया है। मेजबान जापान को भी क्वार्टर फाइनल में सीझे एंट्री मिली है। मलेशिया, थाईलैंड और चीन ने क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के जरिए आखिरी आठ में अपनी जगह पक्की की। बांग्लादेश अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में गत चैंपियन भारत और मेजबान जापान के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से भिड़ेगा। Also Read: LIVE Cricket Score क्रिकेट चौथी बार एशियन गेम्स का हिस्सा है। इससे पहले यह ग्वांगझू 2010, इंचियोन 2014 और हांगझोऊ 2023 में क्रिकेट शामिल था। भारत ने हांगझोऊ में पुरुष और महिला दोनों वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था। Article Source: IANS
Bhavani Devi की अगुवाई में 20 सदस्यीय Fencing टीम Asian Games के लिए रवाना
ओलंपियन सी ए भवानी देवी की अगुवाई में भारत का 20 सदस्यीय तलवारबाजी दल एशियाई खेलों के लिये जापान रवाना हो गया जिसमें चोटिल प्राची लोहान की जगह एपी स्पर्धा में अनुप्रिया को मंजूरी मिलने पर उतारा जायेगा। भारतीय दल में 20 खिलाड़ी, पांच कोच और एक फिजियो है जो बुधवार को रवाना हुए। भारतीय साबरे टीम में भवानी देवी, श्रेया गुप्ता, जेफरलिन जेएस और श्रुति जोशी हैं जबकि महिला एपी टीम में तनिष्का खत्री, मितवा चौधरी, यशकीरत कौर और अनुप्रिया के नाम हैं। महिला फॉइल में जॉयस अशिता, एन मीना देवी, कनुप्रिया चावला और सोनिया देवी वाइकोम उतरेंगी। पुरूषों के वर्ग में करण सिंह, के पी गिशोनिधि, लक्ष्य बाडसर और विशाल थापर साबरे टीम में हैं। वहीं सचिन, सनासन हेमाश सिंह, आदित्य और तेजस पाटिल फॉइल टीम में शामिल हैं। अनुप्रिया को भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय से मंजूरी मिलने पर एपी तलवारबाज प्राची लोहान की जगह खेलने का मौका मिलेगा। कोचिंग स्टाफ में विजय कुमार, ज्ञानेंद्र कुमार, मोहित अश्विनी , सागर लागू और तुकाराम मेहत्रा हैं जबकि निकिता पांडे फिजियो होंगी। भरतजी ठाकोर टीम लीडर हें जबकि देवेंद्र कुमार साहू और ओके विनीश प्रतिनिधि दल में हैं।
ग्वालियर की एक नई पहचान अंचल की उपजाऊ मिट्टी में पैदा होने वाला सुगंधित बासमती चावल बन चुका है।
Asian Games: बांग्लादेश और चीन महिला क्रिकेट टीम के बीच होने वाला मैच रद्द
एशियन गेम्स 2026 के तहत महिला क्रिकेट में बांग्लादेश और चाइना के बीच होने वाला मुकाबला रद्द कर दिया गया है। दोनों ही टीमों को 1-1 अंक दिए गए हैं। बांग्लादेश और चाइना महिला क्रिकेट टीम के बीच गुरुवार को भारतीय समयानुसार सुबह 5:30 से कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में मुकाबला होना था। इस क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर एशिया के क्रिकेट फैंस की नजर थी। बारिश के कारण आउआउट गिला होने की वजह से मैच के लिए टॉस भी नहीं हो सका और इसे रद्द कर दिया गया। अंपायरों ने आउटफिल्ड ठीक होने का इंतजार किया। लंबे समय तक इंतजार के बाद भी जब मैच के लिए परिस्थितियां अनुकूल नहीं हुईं, तो मैच रद्द कर दिया गया और दोनों ही टीमों के बीच 1-1 अंक बांट दिया गया। मैच रद्द होने का नुकसान कहीं न कहीं बांग्लादेश को हुआ है। बांग्लादेश की टीम तुलनात्मक रूप से चीन की टीम से मजबूत है। मैच होने की स्थिति में बांग्लादेश की जीत की संभावना ज्यादा थी। ऐसे में मैच का न होना और चाइना की टीम के साथ 1 अंक साझा करना बांग्लादेश के लिए नुकसानदायक है। बांग्लादेश महिला टीम: दिलारा अख्तर, जुएरिया फिरदौस, सोभाना मोस्टरी, निगार सुल्ताना (विकेटकीपर), शोरना अख्तर, शर्मिन अख्तर, फहीमा खातून, राबेया खान, नाहिदा अख्तर, सुल्ताना खातून, मारूफा अख्तर, सरमिन सुल्ताना, संजीदा अख्तर मेघला, फरिहा त्रिसना। मैच रद्द होने का नुकसान कहीं न कहीं बांग्लादेश को हुआ है। बांग्लादेश की टीम तुलनात्मक रूप से चीन की टीम से मजबूत है। मैच होने की स्थिति में बांग्लादेश की जीत की संभावना ज्यादा थी। ऐसे में मैच का न होना और चाइना की टीम के साथ 1 अंक साझा करना बांग्लादेश के लिए नुकसानदायक है। Also Read: LIVE Cricket Score एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट का दूसरा क्वार्टर फाइनल पाकिस्तान और थाइलैंड के बीच होना है। यह मुकाबला भी कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही होना है। इसलिए इस मुकाबला पर भी संशय है। मुकाबला होने की स्थिति में पाकिस्तान के पास जीत का अवसर है। Article Source: IANS
Asian Market Today: गुरुवार, 17 सितंबर को एशियाई शेयर बाज़ार में मिला-जुला रुख देखने को मिला, क्योंकि निवेशक US फ़ेडरल रिजर्व के हालिया पॉलिसी फैसले का दोबारा आकलन कर रहे थे। हांगकांग के हैंग सेंग फ़्यूचर्स में 1.2% की गिरावट दिखी, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 0.36% की बढ़त हुई। जापान के निक्केई 225 में 0.24% की तेज़ी आई और व्यापक टॉपिक्स इंडेक्स 0.76% ऊपर चढ़ा।वहीं भारत में, GIFT निफ़्टी ने शेयर बाज़ार के लिए सुस्त शुरुआत का संकेत दिया, क्योंकि इसके लाल निशान (गिरावट) के साथ खुलने की संभावना थी। इसके अलावा, गुरुवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के इनिशियल पब्लिक ऑफ़रिंग (IPO) के लिए सब्सक्रिप्शन की शुरुआत भी हुई, जिससे देश के शेयरों में हलचल हो सकती है।US इक्विटी-इंडेक्स फ़्यूचर्स ने आगे एक मज़बूत सेशन का संकेत दिया, जिसमें S&P 500 और नैस्डैक 100 दोनों के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.5% से ज़्यादा की बढ़त हुई। यह वॉल स्ट्रीट पर बुधवार के भारी गिरावट वाले सेशन के बाद हुआ, जब शेयर जुलाई के बाद के अपने सबसे निचले स्तर पर आ गए थे, क्योंकि ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि फ़ेड महंगाई को काबू में करने के लिए पॉलिसी को और सख्त करेगा।पिछले दिन की बिकवाली के बाद ट्रेज़रीज़ में भी कुछ सुधार हुआ। दो साल के नोट की यील्ड दो बेसिस पॉइंट घटकर 4.72% हो गई, जबकि पिछले सेशन में यह 2024 के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। 10-वर्षीय और 30-वर्षीय यील्ड, दोनों में तीन बेसिस पॉइंट की गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में गिरावट के बाद एशियाई बॉन्ड भी ट्रेज़रीज़ के साथ ऊपर चढ़े।यह हलचल फ़ेडरल ओपन मार्केट कमिटी द्वारा सर्वसम्मति से बेंचमार्क रेट को एक चौथाई पॉइंट बढ़ाकर 3.75%–4% की रेंज में करने के एक दिन बाद हुई; यह 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी थी। पॉलिसी बनाने वालों के तथाकथित 'डॉट प्लॉट' ने साल खत्म होने से पहले और बढ़ोतरी का संकेत दिया।फ़ेड चेयर केविन वॉर्श ने महंगाई को कम करने के अपने संकल्प के बारे में बाज़ारों को भरोसा दिलाने की कोशिश की। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कई तरह के सामान और सेवाओं की कीमतों में अभी भी छह और 12 महीने की अवधि में 3% से ज़्यादा की सालाना बढ़ोतरी देखी जा रही है।घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर लिखते हुए US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तर्क दिया कि US में ब्याज दरें 1% या उससे कम होनी चाहिए, हालाँकि उन्होंने वॉर्श पर सीधे हमले से परहेज किया। रिपोर्ट के अनुसार, बाज़ार को उम्मीद है कि बुधवार को हुई बढ़ोतरी एक बड़े टाइटनिंग साइकल (कठोर मौद्रिक नीति के दौर) की शुरुआत होगी, क्योंकि ट्रेडर्स और अधिकारी दोनों ही इस साल कम से कम एक और बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। अब ध्यान इस बात पर है कि फेड अगला कदम कितनी जल्दी उठाएगा, साथ ही गुरुवार को बैंक ऑफ़ इंग्लैंड और शुक्रवार को बैंक ऑफ़ जापान के फैसलों पर भी नज़र रहेगी।इस बीच, तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। बुधवार के कारोबार में ब्रेंट क्रूड 1% से ज़्यादा गिरकर लगभग $104.30 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 1.2% गिरकर $101.19 पर आ गया।यह गिरावट उस खबर के बाद आई जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन की लगभग आधी क्षमता को कुछ ही दिनों में बहाल करने पर काम कर रहा है; पिछले हफ़्ते ड्रोन हमलों के कारण इसे बंद करना पड़ा था। ज़बरदस्त तेज़ी के बाद ट्रेडर्स अपनी पोजीशन भी कम कर रहे थे, जबकि ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान से जुड़ा युद्ध बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने भारत में होने वाली एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर कराने की मांग की है। फेडरेशन ने सुरक्षा और भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनाव का हवाला दिया। हॉकी इंडिया ने इस मांग को खारिज कर दिया है। महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को टूर्नामेंट खेलना है तो भारत आना होगा। अगर पाकिस्तान नहीं आता है, तो उसकी जगह बांग्लादेश या ओमान में से किसी एक टीम को शामिल किया जा सकता है। मोहाली और जालंधर में होना है टूर्नामेंट एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में होगी। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, चीन, जापान और साउथ कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। जालंधर में लीग स्टेज के मुकाबले होंगे। सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में खेले जाएंगे। PHF ने सुरक्षा का हवाला दिया, खेल को राजनीति से अलग रखने की बात कही पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन के अंतरिम अध्यक्ष मोहिउद्दीन अहमद वानी ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए खिलाड़ियों और अधिकारियों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने AHF से टूर्नामेंट को दूसरे देश में कराने या पाकिस्तान के मैच न्यूट्रल वेन्यू पर शिफ्ट करने का अनुरोध किया। वानी ने कहा कि पाकिस्तान एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेगा और भारत समेत सभी FIH सदस्य देशों के खिलाफ खेलने को तैयार है। उन्होंने खेल को राजनीति से अलग रखने की बात कहते हुए AHF से अपने प्रस्ताव पर सकारात्मक विचार करने की उम्मीद जताई। पहले भी टूर्नामेंट से हट चुका है पाकिस्तान पाकिस्तान ने इससे पहले 2025 में चेन्नई और मदुरै में हुए FIH पुरुष जूनियर विश्व कप से नाम वापस लिया था। उस समय भी सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया गया था। उसकी जगह ओमान को टूर्नामेंट में शामिल किया गया था।
एशियाई खेलों में राजस्थान के सितारे, पदकों की उम्मीदें परवान पर
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों में राजस्थान के कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। निशानेबाजी, एथलेटिक्स, रोइंग और क्रिकेट में प्रदेश के खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं। इनमें जयपुर के आकाश भारद्वाज, जोधपुर के रवि बिश्नोई, यशवीर सिंह, अनंतजीत सिंह नरूका, माहेश्वरी चौहान, बाबूलाल यादव, जाकर खान और हैमर थ्रोअर प्रवीण कुमार प्रमुख हैं। भाला फेंक में यशवीर सिंह को बड़ा मौका मिला है। चोटिल नीरज चोपड़ा के बाहर होने के बाद यशवीर को भारतीय एथलेटिक्स दल में शामिल किया गया। ग्लासगो में उन्होंने 85.41 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब एशियाई खेलों में उनका लक्ष्य इस प्रदर्शन को पदक में बदलना होगा। शूटिंग में अनंतजीत सिंह नरूका और माहेश्वरी चौहान पर नजर रहेगी। नरूका एशियाई चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और एशियाई खेलों में रजत व कांस्य पदक भी उनके नाम हैं। वहीं माहेश्वरी पेरिस ओलंपिक में पदक से मामूली अंतर से चूकने के बाद अब अपने अनुभव को एशियाई खेलों में इस्तेमाल करना चाहती हैं। जयपुर के आकाश भारद्वाज की कहानी भी खास है। 21 वर्ष की उम्र में पिस्टल थामने वाले आकाश ने आर्थिक चुनौतियों, लंबी यात्राओं और स्व-अभ्यास के बावजूद भारतीय टीम में जगह बनाई।
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Asian Games 2026 से बाहर हुए Varun Chakaravarthy और Nitish Kumar Reddy, Vipraj Nigam करेंगे रिप्लेस
एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती चोट के चलते इस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वरुण जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में भी टीम का हिस्सा नहीं होंगे। बीसीसीआई ने बताया है कि वरुण की जगह पर विपराज निगम को एशियन गेम्स की टीम में शामिल किया गया है। नीतीश कुमार रेड्डी ने भी एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है। बुधवार को बीसीसीआई ने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे और टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया। बोर्ड ने बताया कि नीतीश वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ वनडे सीरीज में टीम का हिस्सा होंगे। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में नमन धीर को पहली बार मौका दिया गया है। इसके साथ ही ऋतुराज गायकवाड़ की भी एकदिवसीय टीम में वापसी हुई है। आकिब नबी को टी20 के बाद वनडे टीम में भी जगह दी गई है। यशस्वी जायसवाल भी वनडे में सिलेक्टर्स का भरोसा जीतने में सफल रहे हैं। 50 ओवर के फॉर्मेट में टीम की कमान शुभमन गिल के हाथों में होगी, जबकि उपकप्तान की जिम्मेदारी केएल राहुल को सौंपी गई है। हार्दिक पांड्या किसी भी टीम का हिस्सा नहीं हैं। वहीं, जसप्रीत बुमराह को भी वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम में नहीं रखा गया है। वनडे में तेज गेंदबाजी की अगुवाई मोहम्मद सिराज करेंगे और उनका साथ प्रसिद्ध कृष्णा, आकिब नबी और गुरनूर बरार देंगे। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा के हाथों में होगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। टी20 टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव को अर्शदीप सिंह के साथ रखा गया है। वॉशिंगटन सुंदर को भी टीम में शामिल किया गया है। टी20 में तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। जापान और एशियन गेम्स 2026 के लिए भारत का अपडेटेड स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उपकप्तान), अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर और विपराज निगम। वनडे में तेज गेंदबाजी की अगुवाई मोहम्मद सिराज करेंगे और उनका साथ प्रसिद्ध कृष्णा, आकिब नबी और गुरनूर बरार देंगे। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा के हाथों में होगी। पांच मैचों की टी20 सीरीज में टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। टी20 टीम में मयंक यादव और प्रिंस यादव को अर्शदीप सिंह के साथ रखा गया है। वॉशिंगटन सुंदर को भी टीम में शामिल किया गया है। टी20 में तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाया गया है। Also Read: LIVE Cricket Score वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव। Article Source: IANS
Asian Champions Trophy 2026: Pakistan ने भारत में खेलने से किया इनकार, मांगा Neutral Venue
भारत और पाकिस्तान के बीच खेल मुकाबलों को लेकर एक बार फिर नया मोड़ सामने आया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने एशियाई हॉकी महासंघ से 2026 पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी को भारत से बाहर कराने या पाकिस्तान के सभी मुकाबले किसी न्यूट्रल जगह पर आयोजित करने की मांग की है। पाकिस्तान की ओर से यह कदम दोनों देशों के मौजूदा संवेदनशील संबंधों और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए उठाया गया है। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष मोहयुद्दीन अहमद वानी ने बुधवार को इस बारे में आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि महासंघ ने एशियाई हॉकी महासंघ के सामने दो विकल्प रखे हैं। पहला, पूरे टूर्नामेंट को भारत से किसी दूसरे देश में स्थानांतरित किया जाए और दूसरा, अगर आयोजन भारत में ही रहता है तो पाकिस्तान के सभी मुकाबले न्यूट्रल मैदान पर कराए जाएं। मौजूद जानकारी के अनुसार पुरुष एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब में होना तय है। टूर्नामेंट के लीग चरण के मुकाबले जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में होंगे। हॉकी इंडिया के मुताबिक जालंधर में 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के मुकाबले होंगे और इसके बाद 4 नवंबर को सेमीफाइनल तथा 5 नवंबर को फाइनल मोहाली में खेला जाएगा। पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने अपने बयान में कहा है कि मौजूदा भारत-पाकिस्तान संबंधों और सुरक्षा हालात को देखते हुए यह फैसला खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए सुरक्षित और उचित माहौल सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। हालांकि, महासंघ ने यह भी कहा है कि पाकिस्तान एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लेने के लिए पूरी तरह तैयार है और भारत समेत अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ से जुड़े सभी देशों के खिलाफ खेलने को तैयार है। गौरतलब है कि पाकिस्तान की यह मांग ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पाकिस्तान की टीम के भारत आने और टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले हो सकते हैं, जबकि दोनों देशों के बीच अलग से होने वाली द्विपक्षीय खेल श्रृंखलाओं की स्थिति अलग है। हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से पहले ही यह कहा गया था कि टीम की भारत यात्रा सरकारी मंजूरी पर निर्भर करेगी। पाकिस्तान हॉकी महासंघ के अध्यक्ष मोहयुद्दीन अहमद वानी ने 14 सितंबर को कहा था कि भारत जाने को लेकर अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के आधार पर होगा। इसके बाद अब महासंघ की ओर से तटस्थ मैदान की मांग सामने आई है। भारत की मौजूदा खेल नीति के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय खेल मुकाबले नहीं होते हैं, लेकिन दोनों देशों के खिलाड़ी बहुराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में आमने-सामने आ सकते हैं। इसी आधार पर इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की भागीदारी की बात सामने आई थी। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया की टीमें शामिल हैं। ओमान और बांग्लादेश को वैकल्पिक टीमों के तौर पर रखा गया है। हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने दोनों देशों के हॉकी संघों के संबंधों पर भी बात की है। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के हॉकी संघों के बीच अच्छे संबंध हैं और दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान देखने को मिलता है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब भी भारतीय टीम पाकिस्तान को हराती है, वह सबसे पहले पाकिस्तानी टीम से मिलने जाते हैं। बता दें कि भारत और पाकिस्तान की हॉकी टीमें हाल में विश्व कप के मुकाबले में भी आमने-सामने हुई थीं। उस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया था। हालांकि, अब एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में दोनों टीमों के मुकाबले को लेकर पाकिस्तान की ताजा मांग के बाद आयोजन को लेकर स्थिति फिर चर्चा में आ गई है। पाकिस्तान के लिए यह भारत में किसी प्रतियोगिता से जुड़ा लगातार तीसरा ऐसा मामला भी बन सकता है जिसमें भागीदारी को लेकर बदलाव हुआ है। इससे पहले उसने 2025 में बिहार के राजगीर में हुए हॉकी एशिया कप में हिस्सा नहीं लिया था। इसके बाद तमिलनाडु में हुए जूनियर पुरुष हॉकी विश्व कप से भी पाकिस्तान की टीम बाहर रही थी। उन मौकों पर ओमान और बांग्लादेश को वैकल्पिक टीमों के तौर पर इस्तेमाल किया गया था। अब एशियाई हॉकी महासंघ को पाकिस्तान की मांग पर फैसला करना है। फिलहाल टूर्नामेंट का घोषित कार्यक्रम पंजाब के जालंधर और मोहाली में ही है, जबकि पाकिस्तान ने अपनी भागीदारी जारी रखने के लिए तटस्थ मैदान का विकल्प सामने रखा है।
Asian Games 2026 पदक विजेताओं को World Boxing Championships 2027 में सीधी एंट्री देगी BFI
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) के अनुसार, 2026 एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को कज़ाकिस्तान में होने वाली 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सीधे एंट्री मिलेगी। यह चैंपियनशिप 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए पहला क्वालिफाइंग इवेंट है। BFI ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा भारतीय मुक्केबाजों को क्वालिफ़ाई कराने के मकसद से एक व्यापक चयन नीति की घोषणा की है। इस नीति में क्वालिफ़िकेशन के चार चरणों का तरीका बताया गया है, जो वर्ल्ड बॉक्सिंग द्वारा विकसित और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) द्वारा मंज़ूर किए गए सिस्टम पर आधारित है। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा क्वालिफ़िकेशन प्रोसेस की शुरुआत 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप से होगी, इसके बाद चीन में एशियन क्वालिफ़ायर होगा और फिर 2028 में दो वर्ल्ड क्वालिफ़ाइंग टूर्नामेंट होंगे। 8 दिसंबर, 2025 के क्राइटेरिया को आगे बढ़ाते हुए जारी किए गए 2027-28 के लिए BFI के सिलेक्शन क्राइटेरिया का मकसद पूरी सिलेक्शन प्रोसेस में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। BFI के सर्कुलर के अनुसार कि एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट को उनकी संबंधित वेट कैटेगरी में मुख्य एंट्री के तौर पर चुना जाएगा। 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट उस वेट कैटेगरी में रिज़र्व एंट्री के तौर पर रहेंगे। जिन वेट कैटेगरी में भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कोई मेडल नहीं जीता, और साथ ही लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक की उन वेट कैटेगरी के लिए जो उस इवेंट में शामिल नहीं थीं, 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य एंट्री के तौर पर चुना जाएगा। जो बॉक्सर कोटा बाउट राउंड तक तो पहुँचेंगे लेकिन वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोटा हासिल नहीं कर पाएँगे, उन्हें एशियन क्वालिफायर में सीधे एंट्री दी जाएगी। बाकी बची जगहों के लिए एलीट नेशनल कैंपर्स के बीच एक रैंकिंग सिलेक्शन ट्रायल होगा; ये कैंपर्स खास तरीकों से नेशनल कोचिंग कैंप में शामिल हुए होंगे। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश ऐसा ही सिस्टम 2028 में इटली और हंगरी में होने वाले दो वर्ल्ड क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के लिए भी लागू होगा। BFI के प्रेसिडेंट अजय सिंह ने कहा कि यह पॉलिसी हमारे बॉक्सर्स को लॉस एंजिल्स 2028 तक पहुँचने का एक साफ़ और व्यवस्थित रास्ता देने के लिए बनाई गई है। यह रास्ता नेशनल कोचिंग कैंप और वर्ल्ड बॉक्सिंग के क्वालिफिकेशन इवेंट्स में लगातार अच्छे प्रदर्शन पर आधारित है। नेशनल कोचिंग कैंप की शुरुआत 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के मेडलिस्ट, एशियन गेम्स के मेडलिस्ट और पॉलिसी के नियमों के अनुसार BFI सिलेक्शन कमेटी द्वारा चुने गए किसी भी वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ होगी।
Asian Games में भारतीय क्रिकेट टीम के मैचों में हुआ बदलाव, 30 मिनिट पहले होंगे शुरु
एशियाई खेलों में पुरुषों के कुछ नॉकआउट क्रिकेट मैचों के शुरू होने के समय को 30 मिनट पहले कर दिया गया है। नए शेड्यूल के अनुसार, दोपहर में होने वाले पुरुषों के मैच पहले घोषित 2 बजे के बजाय दोपहर 1.30 बजे शुरू होंगे। हालांकि, महिलाओं के मैचों के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। भारतीय पुरुष टीम को आइची-नागोया गेम्स 2026 के क्वार्टर-फ़ाइनल में सीधे एंट्री मिली है, और उनका पहला मैच स्थानीय समयानुसार दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा। जापान का समय भारत से 3 घंटे 30 मिनट आगे है, इसलिए मैच भारतीय मानक समय के अनुसार सुबह 10 बजे शुरू होगा। सुबह के मैचों के शुरू होने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वे स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे या आईएसटी के अनुसार सुबह 5.30 बजे शुरू होंगे। यही बात दूसरे सेमीफ़ाइनल और गोल्ड-मेडल मैच पर भी लागू होती है; दोनों मैच जापान के समय के अनुसार दोपहर 1.30 बजे शुरू होंगे। समय में हुए बदलाव की जानकारी अभी तक इसमें शामिल सभी लोगों को नहीं दी गई है। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस बदलाव के बारे में पता नहीं है, हालांकि आधिकारिक वेबसाइट पर समय अपडेट कर दिया गया है। खास तौर पर, ये बदलाव 28 सितंबर को होने वाले दूसरे क्वार्टर-फ़ाइनल (जिसमें भारत खेलेगा), 1 अक्टूबर को होने वाले दूसरे सेमीफ़ाइनल (जिसमें भारत के खेलने की संभावना है) और 3 अक्टूबर को होने वाले गोल्ड-मेडल मैच पर लागू होंगे। पाकिस्तान वाला पहला क्वार्टर-फ़ाइनल, पहला सेमीफ़ाइनल और ब्रॉन्ज़-मेडल प्लेऑफ़ स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे शुरू होंगे। अफ़गानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग (चीन), मलेशिया और ओमान के बीच होने वाले शुरुआती दौर के मैचों के समय में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। महिलाओं के मैचों के समय में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है, और ये सीधे क्वार्टर-फ़ाइनल से शुरू होंगे। ये सभी मैच स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे और दोपहर 2 बजे शुरू होंगे। सूत्रों का कहना है कि यह बदलाव इसलिए करना पड़ा क्योंकि जापान में जल्दी अंधेरा हो जाता है। वेन्यू पर लाइट की व्यवस्था न होने के कारण, मैचों को जल्दी शुरू करना सही समझा गया, खासकर इसलिए क्योंकि पुरुषों के मैच ज़्यादा देर तक चलने की संभावना है। जापान के ख़िलाफ़ भारत का टी 20 मैच, जो गेम्स के शेड्यूल का हिस्सा नहीं है, 22 सितंबर को सानो इंटरनेशनल स्टेडियम में दोपहर 1 बजे (सुबह 9.30 बजे आईएसटी) पर शुरू होगा। एशियाई गेम्स 19 सितंबर को शुरू होंगे और 4 अक्टूबर को समाप्त होंगे।
Asian Games 2026 में Gold Medal बचाने उतरेगी Kabaddi Team, कप्तान Pushpa Rana ने किया दावा
जैसे-जैसे भारतीय महिला कबड्डी टीम 2026 के आइची-नागोया एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही है, कप्तान पुष्पा राणा और पूजा काजला का मानना है कि भारत के गोल्ड मेडल को बचाने की ज़िम्मेदारी के साथ आत्मविश्वास और प्रेरणा भी आती है, और टीम का पूरा ध्यान शीर्ष स्थान हासिल करने पर है। एक विज्ञप्ति के अनुसार, 12 सदस्यों वाली टीम की कमान संभालने वाले राणा ने कहा कि टीम विरोधियों का विश्लेषण करके और कोचिंग स्टाफ़ द्वारा बताई गई सुधार की ज़रूरतों पर काम करके ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा राणा ने कहा कि सबसे पहले तो हम हालात के हिसाब से प्रैक्टिस करते हैं। हम आने वाले मैचों के वीडियो का भी एनालिसिस करते हैं। हमारे कोच हमें पिछली कमियों और किन चीज़ों में सुधार की ज़रूरत है, इसके बारे में भी बताते हैं। और अब हम उसी पर काम कर रहे हैं। मुझे लगता है कि हमारी टीम अच्छी तरह तैयार है। एशियाई खेलों में कबड्डी से हमेशा बहुत ज़्यादा उम्मीदें रही हैं; भारत ने इस खेल में 11 गोल्ड मेडल जीते हैं, जिनमें से तीन महिलाओं के इवेंट में जीते गए हैं। भारतीय महिला टीम हांगझोऊ में जीते गए गोल्ड मेडल को बचाने की कोशिश करेगी, जहाँ उन्होंने फ़ाइनल में चीनी ताइपे को 26-25 से हराया था। भारतीय महिला टीम ने पिछले साल नवंबर में वर्ल्ड कप में भी गोल्ड मेडल जीता था, और राणा का मानना है कि दोबारा जीतने की उम्मीद दबाव के बजाय आत्मविश्वास का ज़रिया है। उन्होंने कहा कि हाँ, मैं वह मोटिवेशन महसूस करती हूँ। जब हमारे सीनियर्स ने पहले ही अच्छा काम किया है और अपना इतिहास बनाया है, तो उस मोमेंटम को बनाए रखना हमारी ज़िम्मेदारी है। इसलिए, हम इसे मोटिवेशन के तौर पर देखते हैं, दबाव के तौर पर नहीं। हम उस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत भी कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश राणा ने अपनी पहली कप्तानी की ज़िम्मेदारी संभालते हुए टीम में अनुभव के महत्व पर भी ज़ोर दिया। पहले उप-कप्तान रह चुकीं राणा ने कहा कि टीम की एकजुटता को मज़बूत करने के लिए वह रितु नेगी और सोनाली शिंगटे जैसी सीनियर खिलाड़ियों की सलाह पर भरोसा करती हैं। राणा ने कहा कि मैं सीनियर खिलाड़ियों पर बहुत भरोसा करती हूँ क्योंकि रितु नेगी और सोनाली शिंगटे पहले भी कप्तान रह चुकी हैं। इसलिए, उनकी सलाह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में हुए कड़े मुकाबले वाले 26-25 के फ़ाइनल को याद करते हुए चीनी ताइपे को भी एक ऐसी टीम बताया जिस पर नज़र रखने की ज़रूरत है।
Asian Games में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने को तैयार हैं शूटर Anish Bhanwala
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय शूटर अनीश भनवाला ने जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियन गेम्स में अपने प्रदर्शन को लेकर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि इस प्रतिष्ठित कॉन्टिनेंटल मल्टी-स्पोर्ट इवेंट के पिछले दो संस्करणों में मिले अनुभव के बाद, वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक हैं। अनीश, जिन्होंने 2022 के हांगझोऊ गेम्स में टीम इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था, उस शानदार भारतीय टीम का हिस्सा होंगे जिसने ओलंपिक्स से लेकर ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप तक अपनी छाप छोड़ी है। इसे भी पढ़ें: T20 World Cup से Bangladesh टीम के हटने के लिए Asif Nazrul जिम्मेदार, जांच में खुलासा मंगलवार को नई दिल्ली में दिवंगत भारतीय शूटिंग लीजेंड जसपाल राणा पर लिखी एक किताब के लॉन्च के मौके पर ANI से बात करते हुए अनीश ने कहा क यह मेरे लगातार तीसरे एशियाई खेल होंगे, और उन सभी अनुभवों के साथ, मैं इस बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा। अनीश ने कहा कि हालांकि वह अभी सिर्फ़ 24 साल के हैं, लेकिन उनके सामने अभी कई खेल बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हमारे दोनों ट्रेनिंग कैंप पूरे हो चुके हैं और सब कुछ तैयार है। मैं कल जापान के लिए रवाना हो रहा हूँ। शूटिंग के दिग्गज और कई बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले जसपाल पर लिखी किताब के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज जसपाल की किताब 'मैवरिक जसपाल' का लॉन्च एक बहुत ही भावुक पल था। यह किताब निश्चित रूप से उनके सफर और उनकी विरासत को सामने लाती है। मुझे यकीन है कि इससे देश के युवा लीडर्स और आने वाले सभी एथलीट्स को बहुत प्रेरणा मिलेगी। इसे भी पढ़ें: Pakistan Court ने KP सीएम सोहेल अफरीदी और 24 PTI सांसदों के पासपोर्ट ब्लॉक करने का दिया आदेश जसपाल का निधन इस साल जून में नई दिल्ली में हुआ था; वे स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे। अस्पताल के अधिकारियों ने पुष्टि की कि उन्हें दक्षिण दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने आखिरी सांस ली। खबरों के अनुसार, उस महीने म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप से लौटते समय राणा बीमार पड़ गए थे और बाद में दिल्ली में उनका मेडिकल प्रोसीजर हुआ था।
Asian Games से भी बाहर हुए वरुण चक्रवर्ती, फिर हुआ था साइड स्ट्रेन
बेंगलुरु में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस (COE) में दो महीने तक रिकवरी और रिहैबिलिटेशन के बाद वापसी करने वाले वरुण चक्रवर्ती फिर से चोटिल हो गए हैं। वह अफ़गानिस्तान के खिलाफ़ चल रही टी 20 इंटरनेशनल सीरीज़ से तो बाहर हुए ही थे अब यह खबर आ रही है कि जापान में ...
Asian Games में Gold बरकरार रखने Japan पहुंची Indian Women Cricket Team
भारतीय महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि उनकी खिलाड़ी एशियाई खेलों के अनूठे माहौल का बेसब्री से इंतजार कर रही हैं। एशियाई खेलों की मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम हाल की अपनी सफलताओं को जारी रखने की प्रतिबद्धता के साथ जापान पहुंची है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम ने हाल ही में दुबई में टी20 एशिया कप का खिताब जीता था। अब उसका पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर केंद्रित है जहां वह फिर से स्वर्ण पदक जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। भारतीय टीम ने 2023 में हांगझोऊ में सोने का तमगा हासिल किया था। मजूमदार ने अपने सहयोगी स्टाफ और टीम की कुछ सदस्यों के साथ यहां पहुंचने के बाद कहा, ‘‘टीम एशियाई खेलों में भाग लेने को लेकर उत्साहित है। वह इस बहु खेल प्रतियोगिता का पूरा आनंद लेना चाहती है।’’टीम के जो सदस्य कोचिंग स्टाफ के साथ यहां पहुंचे हैं उनमें तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ और स्पिनर श्री चरणी भी शामिल हैं। टीम के बाकी सदस्यों के दोपहर बाद यहां पहुंचने की संभावना है। मजूमदार ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके खिलाड़ी विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के साथ रहने, खेल गांव के माहौल और कई खेलों वाली प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करने का पूरा आनंद लें। उन्होंने कहा, ‘‘टीम को एशियाई खेलों के माहौल का अनुभव हासिल करने का बेसब्री से इंतजार है। हम चाहते हैं कि खिलाड़ी इसका भरपूर आनंद लें।’’उन्होंने यह भी कहा कि टीम को आवास को लेकर कोई समस्या नहीं है। भारतीय टीम का हाल में प्रदर्शन शानदार रहा है। उसने टी20 एशिया कप जीता है और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भी शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान 22 वर्षीय श्री चरणी का प्रदर्शन शानदार रहा। बाएं हाथ की स्पिनर ने एशिया कप में 12 विकेट लिए जिनमें श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में लिए गए चार विकेट भी शामिल हैं। अपनी लगातार अच्छी गेंदबाजी के चलते उन्होंने केवल 30 मैचों में ही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 50 विकेट का आंकड़ा पार कर लिया है। महिला क्रिकेट में केवल आठ टीम भाग ले रही हैं और भारत अपने अभियान की शुरुआत क्वार्टर फाइनल से करेगा।
जापान के आइची नागोया में अगले कुछ दिनों में एशियाई खेलों की शुरुआत होगी। इसके लिए भारत ने भी अपनी तैयारियां कर ली हैं। भारत ने पिछले संस्करण में अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था और एक बार फिर उनसे ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
Agra News: राष्ट्रीय तैराकी में आगरा के सितारे चमके, दो पदक और पांच को एशियाई टिकट
ताजनगरी के तैराकों ने राष्ट्रीय पूल में अपनी रफ्तार का दम दिखाते हुए दो पदकों के साथ एशियाई मंच का टिकट भी हासिल कर लिया।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी ऊषा को अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया है। चंडीगढ़ निवासी ताइक्वांडो खिलाड़ी ने एशियाई खेलों में नाम भेजने का विश्वास दिलाकर पलटने का आरोप लगाया है।
Asian Games 68kg वर्ग में मैट पर उतरेंगी Nisha Dahiya, चोटों से उबरकर बदला नजरिया
वर्षों से निशा दहिया को हर चोट के बाद यही सवाल परेशान करता था कि मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है। जब सब कुछ ठीक होता दिख रहा था, तभी शरीर ने क्यों साथ नहीं दिया। जिस टूर्नामेंट में उन्हें अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी उसमें निराशा क्यों मिली। निशा ने अब असफलताओं को सहजता से स्वीकार करना सीख लिया है और अपने करियर में बार-बार बाधा डालने वाली चोटों के बारे में शिकायत करना बंद कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने यह सीख लिया है कि वह अपने काम पर नियंत्रण बना सकती हैं परिणाम पर नहीं। मानसिकता में इस बदलाव के साथ जब निशा एशियाई खेलों में महिलाओं के 68 किलोग्राम वर्ग में मैट पर उतरेगी तो बस अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ही ध्यान देगी। निशा ने पीटीआई से कहा, ‘‘पहले मुझे लगता था कि भगवान मेरे साथ अन्याय कर रहे हैं। मैं सोचती थी, मेरे साथ बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है। लेकिन अब मैं ऐसा नहीं सोचती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब मैं समझ गई हूं कि मुझे वही मिलेगा जो मेरे भाग्य में लिखा है। मैं केवल अपने काम पर ध्यान दूंगी, कड़ी मेहनत करूंगी और अच्छी कुश्ती लडूंगी। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी।’’ निशा का करियर अक्सर उम्मीदों से भरा रहा है, लेकिन परिणाम उनके अनुरूप नहीं रहे हैं। विश्व चैंपियनशिप 2022 में लिंडा मोराइस के खिलाफ 4-0 की बढ़त बनाने के बावजूद कांस्य पदक के मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद चोटिल होने के कारण वह कई महीनों तक खेल से दूर रहीं। पेरिस ओलंपिक 2024 में निशा के पदक जीतने की पूरी संभावना दिख रही थी। क्वार्टरफाइनल में वह उत्तर कोरिया की पाक सोल गम से 8-1 से आगे थीं लेकिन उनकी उंगली में मोच आ गई और कंधे में चोट लगी जिससे वह आखिर में 8-10 से हार गई। निशा ने कहा, ‘‘परिणाम हमारे हाथ में नहीं होता है। हर कोई जीत हासिल करना चाहता है। कभी-कभी मुकाबला अनुकूल होता है तो कभी-कभी आप दबाव में आ जाते हैं। पेरिस में मैं अच्छा प्रदर्शन कर रही थी लेकिन फिर चोट लग गई। चोट किसी के नियंत्रण में नहीं होती।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप अच्छी तरह से अभ्यास कर रहे होते हैं, तो सब कुछ सुचारू रूप से चलता है। फिर चोट सब कुछ बिगाड़ देती है और आप अगले छह महीनों तक ठीक से अभ्यास नहीं कर पाते। आप मानसिक रूप से काफी हद तक टूट जाते हैं। मैं तब भगवान से कहती कि वह मेरे साथ ही ऐसा क्यों कर रहे हैं।’’ लेकिन अब उन्होंने शिकायत करना और अतीत में जीना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप अतीत में ही खोए रहेंगे तो आप आगे नहीं बढ़ पाएंगे। आपको और आगे बढ़ना होगा। मुझे लॉस एंजिलिस ओलंपिक में खेलना है, मुझे पदक जीतना है। अगर मुझे वहां तक पहुंचना है, तो छोटी-छोटी चीजों को पीछे छोड़ना होगा।’’ निशा का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका आक्रामक खेल और उनका आत्मविश्वास है। लेकिन डब्ल्यूएफआई द्वारा नियुक्त दो बार के ओलंपिक पदक विजेता जापानी कोच कोसेई अकाइशी के साथ काम करने से उनके कौशल में एक और आयाम जुड़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘उनकी कुश्ती भारतीय कुश्ती से थोड़ी अलग है। उनके पास तेज गति और सटीक तकनीकें हैं। उनके सोचने का तरीका अलग है। उनके पास कुछ ऐसी तकनीकें हैं जो हमारे लिए नई हैं और इससे हमें बहुत मदद मिली है। निश्चित रूप से इससे मुझे बेहतर पहलवान बनने में मदद मिल रही है।
3 Players Who Can Replace Varun Chakaravarthy in India's Asian Games Squad: एशियन गेम्स 2026 (Asia Games 2026) का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट गुरुवार, 24 सितंबर से शुरू होगा जिसमें टीम इंडिया अपना पहला मुकाबला सोमवार, 28 सितंबर को खेलेगी। गौरतलब है कि इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले भारतीय टीम को एक झटका लगा है। उनके अनुभवी स्पिनर वरुण चक्रवर्ती (Varun Chakaravarthy) चोटिल होने के कारणअफगानिस्तान टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं और एशियन गेम्स भी मिस कर सकते हैं। तो आइए आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं, उन तीन खिलाड़ियों के नाम जो कि एशियन गेम्स में वरुण चक्रवर्ती केरिप्लेसमेंट के तौर पर भारतीय टीम का हिस्सा बन सकते हैं। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav): हमारी लिस्ट में पहला नाम बाएं हाथ के अनुभवी स्पिनर कुलदीप यादव का है। 31 वर्षीय कुलदीप 54 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं, जिसकी 52 पारियों में उन्होंने 95 विकेट चटकाए हैं। इसके अलावा कुलदीप ने देश के लिए 19 टेस्ट में 80 विकेट और 121 वनडे में 194 विकेट लेने का कारनामा किया है। बताते चलें कि कुलदीप के पास कुल 201 टी20 मैचों का अनुभव है और वो इस फॉर्मेट में 251 विकेट ले चुके हैं। क्रुणाल पांड्या (Krunal Pandya): भारतीय चयनकर्ता वरुण चक्रवर्ती की जगह एक हरफनमौला खिलाड़ी को टीम में जोड़ना चाहते हैं, तो ऐसे में 35 वर्षीय क्रुणाल पांड्या पहली पसंद बन सकते हैं। क्रुणाल एक बेहद ही काबिल खिलाड़ी हैं, जो कि अपनी बैटिंग और बॉलिंग दोनों से योगदान करते हैं। उन्होंने भारत के लिए 19 T20I में 124 रन और 15 विकेट चटकाए हैं। गौरतलब है कि वो 244 टी20 मैचों का अनुभव रखते हैं, जिसमें उन्होंने 3243 रन और 179 विकेट लेने का कारनामा किया है। प्रिंस यादव (Prince Yadav): हमारी लिस्ट में शामिल तीसरे और आखिरी खिलाड़ी कोई स्पिनर नहीं, बल्कि अपनी रफ्तार से डराने वाले तेज गति के गेंदबाज़ हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं प्रिंस यादव की। 24 साल के प्रिंस ने IPL 2026 में अपनी शानदार गेंदबाज़ी से प्रभावित किया जिसके बाद उन्हें टीम इंडिया के लिए वनडे और टी20 दोनों में ही डेब्यू करने का मौका मिला। वो अब तक 3 वनडे में 4 विकेट और 6 टी20 इंटरनेशनल में 9 विकेट ले चुके हैं। प्रिंस अपनी घातक रफ्तार, सटीक यॉर्कर और डैडली बाउंसर से बल्लेबाज़ों को डराते हैं। यही वज़ह है, हमने उन्हें अपनी लिस्ट में जगह दी है। Also Read: LIVE Cricket Score 2026 एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन (विकेटकीपर), शिवम दुबे, तिलक वर्मा (उप-कप्तान), नितीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, वरुण चक्रवर्ती, रवि बिश्नोई, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वैभव सूर्यवंशी और यश ठाकुर।
एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने और टॉप 50 रैंकिंग पर Syndrela Das की नजर
(देवार्चित वर्मा)मुंबई, 15 सितंबर भारतीय टेबल टेनिस में तेजी से उभरती 17 वर्षीय खिलाड़ी सिंड्रेला दास का लक्ष्य एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना और जल्द से जल्द विश्व रैंकिंग में शीर्ष 50 में जगह बनाना है। सिंड्रेला अभी आईटीटीएफ (अंतरराष्ट्रीय टेबल टेनिस महासंघ) की महिला एकल रैंकिंग में 99वें जबकि युवा वर्ग में 27वें स्थान पर काबिज हैं। उन्हें विश्वास है कि वह जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में अपनी अच्छी फॉर्म बरकरार रखने में सफल रहेंगी। पिछले महीने राष्ट्रीय रैंकिंग टेबल टेनिस चैंपियनशिप में महिला एकल और अंडर-19 लड़कियों के एकल में खिताब जीतने से कोलकाता की सिंड्रेला पर सबकी निगाहें टिक गईं। उनकी उपलब्धियों में अल्टीमेट टेबल टेनिस के महिला एकल मैच में स्टार खिलाड़ी मनिका बत्रा को हराना भी शामिल है। सिंड्रेला ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं एशियाई खेलों को लेकर बेहद उत्साहित हूं। हम निश्चित रूप से स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करेंगे। मेरा लक्ष्य जल्द से जल्द विश्व रैंकिंग में शीर्ष 50 में जगह बनाना भी है।’’सिंड्रेला ने कहा कि यह सत्र उनके लिए सबसे अच्छा रहा है और वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने में भी सफल रही लेकिन अब भी बहुत कुछ सीखना बाकी है। उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्र मेरे लिए बहुत अच्छा रहा है क्योंकि मेरा चयन एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप और युवा ओलंपिक के लिए हो चुका है। मैं अब सीनियर टीम में हूं। बेशक मैंने कई मैच हारे हैं, कई जीते हैं। अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।’’सिंड्रेला ने कहा कि जब वह खेल नहीं रही होती हैं तो मानसिक रूप से मजबूत बनने और अपनी गलतियों का विश्लेषण करने पर ध्यान देती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जब मैच नहीं चल रहे होते हैं तो मैं अपनी फिटनेस और मानसिक रूप से मजबूत बनने पर ध्यान केंद्रित करती हूं। मैं सुबह करीब 3-4 घंटे और शाम को 2-3 घंटे अभ्यास करती हूं और अपनी फिटनेस को भी बराबर समय देती हूं।’’सिंड्रेला ने कहा, ‘‘प्रत्येक प्रतियोगिता के बाद मैं अपने कोच के साथ मिलकर अपने खेल का विश्लेषण करती हूं और उसी के अनुसार सुधार करती हूं। मैं मैच में जो गलतियां करती हूं उन्हें अभ्यास के दौरान सुधारने की कोशिश करती हूं।’’उन्होंने कहा कि पहले वह दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाती थी लेकिन अब उन्होंने इससे निपटना सीख लिया है। सिंड्रेला ने कहा, ‘‘पहले मुझे लगता था कि दबाव ही वो चीज है जो मुझे हमेशा आगे बढ़ने से रोकती है। जब मैंने अपनी मानसिक कोच से बात की तो उन्होंने कहा कि दबाव तो सौभाग्य की बात है। उसके बाद मुझे नहीं लगता कि मैं दबाव की परवाह करती हूं क्योंकि हर कोई इस दबाव का अनुभव नहीं कर सकता।
Asian Games में भारत का Cricket सफर: 2 बार Boycott से 2 Gold तक की पूरी कहानी
Also Read: LIVE Cricket Score Asian Games में भारत का Cricket सफर : - एशियन गेम्स में सालों की कोशिश के बाद क्रिकेट को शामिल करा पाए थे और ये फैक्ट इस महाद्वीप में क्रिकेट के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक मौका था। ये स्टोरी मई 2009 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने की मंज़ूरी के साथ शुरू हुई। 2010 में ग्वांगझू में अगले एशियन गेम्स में ही क्रिकेट को शामिल कर लिया और पुरुष और महिला दोनों के लिए टी20 फॉर्मेट को चुना। ओसीए ने तब ही खास तौर पर कह दिया था कि भारत और पाकिस्तान इसमें हिस्सा जरूर लें चूंकि एशिया के इन दो बड़े क्रिकेट देश के शामिल होने से ही, मुकाबले को न सिर्फ विश्वसनीयता मिलेगी, उन देशों में क्रिकेट को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी जहां ये खेल अभी ज्यादा लोकप्रिय नहीं। तब भी भारत ने क्रिकेट टीम को वहां खेलने न भेजा। ग्वांगझू 2010 में क्रिकेट टीम न भेजने के पीछे बीसीसीआई का स्पष्टीकरण था कि एशियन गेम्स में क्रिकेट का प्रोग्राम बनने से पहले ही भारत अपनी पुरुष और महिला टीम का आगे का प्रोग्राम बना चुका था, इसलिए दोनों टीम उपलब्ध नहीं थीं। नवंबर 2010 में भारत की न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट और वनडे सीरीज थी और इस नाते वे अपने टॉप क्रिकेटर एशियन गेम्स के लिए नहीं भेज सकते थे। ऐसे में रास्ता निकालने की कोशिश हुई और कहा कि भारत अपनी नंबर 2 टीम भेजे लेकिन तब इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने इसका विरोध कर दिया और आरोप लगाया कि नंबर 2 टीम भेज, एशियन गेम्स का महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं। नतीजा ये रहा कि भारत ने वहां क्रिकेट मेडल के मैचों में हिस्सा न लिया और इस पर बड़ी निराशा थी। एशियन गेम्स में तो क्रिकेट को शामिल ही इस उम्मीद से किया था कि एशिया के बड़े क्रिकेट देश इस इवेंट को सपोर्ट करेंगे। ग्वांगझू में निराशा और भी ज्यादा थी, क्योंकि वहां गेम्स के लिए खास तौर पर 6532 सीट वाला एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाया था। इरादा था कि चीनी जनता को क्रिकेट का परिचय मिलेगा। भारतीय क्रिकेटरों के न आने से इवेंट में न सिर्फ कई स्टार न खेले, इवेंट का ग्लैमर भी कम हो गया। इसके साथ ही ये बहस भी शुरू हो गई कि क्या वास्तव में बीसीसीआई, मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट को शामिल करने को सपोर्ट करता है? बीसीसीआई ने टीम न भेज इसे सही साबित करने का संकेत दिया था। ओसीए की एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को कुछ बड़े देशों से बाहर, इसे फैलाने की कोशिश अधूरी रह गई। मजे की बात ये कि 2014 में भारत ने इंचियोन एशियन गेम्स में भी यही कहानी दोहरा दी। इस बार कह दिया कि चैंपियंस लीग टी20 भारत में 13 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेलनी है और इसका 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स से सीधे टकराव है। चैंपियंस लीग कोई इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं था पर उसमें 4 आईपीएल टीम खेल रही थीं जिसका मतलब था कि भारत के कई टॉप क्रिकेटर अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के लिए खेल रहे थे। फिर से बीसीसीआई ने कह दिया कि क्रिकेट कैलेंडर बहुत पहले न सिर्फ बन जाता है, इतना व्यस्त है कि उसमें किसी और टूर्नामेंट के लिए कोई जगह नहीं थी। इस बार तो बीसीसीआई के ऐसे फैसले पर और भी ज्यादा विवाद हुआ। इसकी वजह ये थी कि भारत ने अपनी महिला टीम भी नहीं भेजी हालांकि उस टीम का कोई ऐसा इंटरनेशनल प्रोग्राम नहीं था जिससे तारीखों का टकराव होता। इस तरह भारत फिर से अकेला ऐसा एशियाई टेस्ट देश था जिसने पुरुष या महिला, किसी भी इवेंट में हिस्सा नहीं लिया। इस बात पर तो ओसीए के चीफ शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह बड़ी नाराजगी के साथ खुलकर बोले और भारत पर क्रिकेट के बढ़ाने के प्रोजेक्ट में साथ देने के बजाय क्रिकेट से पैसा कमाने को आगे रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत के बार-बार हिस्सा न लेने से, क्रिकेट को बढ़ावा देने की कोशिश को नुकसान हो रहा है। मजे की बात ये कि एशिया के और दूसरे क्रिकेट बोर्ड भी अपने शेड्यूल की मुश्किल में फंसे थे, तब भी टीम भेजी। श्रीलंका और बांग्लादेश ने दोनों इवेंट में हिस्सा लिया, जबकि पाकिस्तान ने अपनी महिला टीम भेजी। आखिरकार 2022 के एशियन गेम्स में नजारा बदला। कोविड-19 महामारी की वजह से स्थगित होने के बाद इस बार गेम्स 2023 में हांगझोऊ में आयोजित हुए। पहली बार, भारत ने पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट इवेंट में हिस्सा लिया। शेड्यूल वाला टकराव तो तब भी था क्योंकि सीनियर पुरुष टीम, लगभग उन्हीं दिनों में भारत में ही खेले जा रहे वर्ल्ड कप में व्यस्त थी। ऐसे में भारत ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में नंबर 2 टीम भेजी लेकिन उसमें भी कई चर्चित और बेहतर टैलेंट वाले खिलाड़ी थे। महिला टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में गई। भले ही देर से भारत ने एशियन गेम्स में क्रिकेट में हिस्सा लिया पर शानदार डेब्यू किया। महिला टीम ने एशियन गेम्स क्रिकेट में भारत का पहला गोल्ड जीता और पुरुष टीम ने भी उसके बाद गोल्ड हासिल किया। इस तरह लगातार दो एशियन गेम्स क्रिकेट इवेंट में हिस्सा लेने से इनकार के बावजूद भारत के पास दो गोल्ड हैं और उनका रिकॉर्ड अन्य किसी भी टीम से बेहतर है। बीसीसीआई के नजरिए में आए बदलाव ने छवि को बदला। 2010 और 2014 में, साफ आरोप थे कि भारत का ध्यान क्रिकेट को बढ़ावा देने से ज्यादा क्रिकेट के कमर्शियल मुनाफे में है। 2023 तक वैसे भी भारत क्रिकेट में एक बड़ी पावर बन चुका था। वही सिलसिला अब जारी है और 2026 के आइची-नागोया एशियन गेम्स क्रिकेट की चर्चा में एक बार भी ये सवाल नहीं उठा कि क्या भारत टीम भेजने में इच्छुक नहीं? इस बार वे दोनों इवेंट में मौजूदा चैंपियन हैं और फिर से गोल्ड जीतने का इरादा है।
एशियाई हॉकी चैंपियन ट्रॉफी: सीएम भगवंत मान आज जारी करेंगे कार्यक्रम, पहली बार मेजबानी कर रहा पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज एशियाई हॉकी चैंपियन ट्रॉफी 2026 का कार्यक्रम जारी करेंगे।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

