Asian Para Games: फाइनल से पहले पदक कयास पर Pramod Bhagat ने की पूर्व कोच पर कार्रवाई की मांग
(अमित कुमार दास)नयी दिल्ली, 29 अक्टूबर तोक्यो पैरालम्पिक चैम्पियन बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों से पूर्व मुख्य कोच गौरव खन्ना के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया जिन्होंने हाल ही में जापान में संपन्न एशियाई पैरा खेलों के फाइनल से पहले ही भारत की पदक संख्या का कयास लगाया था। खन्ना ने अब डिलीट कर दी गई सोशल मीडिया पोस्ट में कयास लगाया था कि भारत को 2022 की तुलना में कम पदक मिलेंगे। फाइनल से एक दिन पहले उन्होंने लिखा था कि भारत को दो स्वर्ण, छह रजत और आठ कांस्य समेत 16 पदक मिलेंगे। बाद में उन्होंने पोस्ट हटा दी। भारत ने 16 पदक जीते जिनमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य थे। भारत ने 2022 एशियाई पैरा खेलों में पैरा बैडमिंटन में चार स्वर्ण, चार रजत और 13 कांस्य समेत 21 पदक जीते थे। भगत ने पीटीआई से कहा ,‘‘ यह बेहद गैर पेशेवर और नैतिक रूप से गलत है कि एशियाई पैरा खेलों जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के खत्म होने से एक दिन पहले नाम सहित पदकों को लेकर कयास लगाये जाये और वह भी उस व्यक्ति की ओर से जो खुद को इसका मुख्य कोच बताता हो। इस तरह की कार्रवाई से पेशेवर जिम्मेदारी और निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं।’’उन्होंने कहा ,‘‘ बैडमिंटन संघ आम तौर पर टूर्नामेंट खत्म होने के बाद पदकों की कुल संख्या की घोषणा करता है ताकि सभी खिलाड़ी नतीजे को लेकर पहले से बनी हुई धारणा के बिना खुलकर खेल सकें। यह शर्मनाक स्थिति है कि दूसरे देशों के खिलाड़ी भी इस गैर पेशेवर और अनैतिक आचरण का जिक्र कर रहे हैं।’’खन्ना लखनऊ में बैडमिंटन अकादमी चलाते हैं और उनके कई शिष्य शीर्ष स्तर पर खेले हैं। भगत ने बीएआई, भारतीय खेल प्राधिकरण और अन्य संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच करने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिये स्पष्ट दिशा निर्देश देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं उम्मीद करता हूं कि बीएआई, साइ और अन्य संबंधित अधिकारी इस मसले को गंभीरता से लेकर जांच करेंगे। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला खिलाड़ी होने के नाते हम अच्छे और सहयोगात्मक माहौल में प्रतिस्पर्धा करने के हकदार हैं। इस तरह की घटनाओं को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिये और भविष्य में इससे बचने के लिये स्पष्ट दिशा निर्देश होने चाहिये।’’
Asian Paints Q2 Results: मुनाफा अनुमान से कम, रेवेन्यू 17% बढ़ा; ₹5.75 डिविडेंड का ऐलान
Asian Paints Q2 Results: देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी Asian Paints ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। मुनाफा और EBITDA बाजार के अनुमान से कम रहे। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू उम्मीद से ज्यादा बढ़ा।कंपनी के डेकोरेटिव पेंट बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ 6.8% रही। यह बाजार के 6% से 7% के अनुमान के करीब है।नेट प्रॉफिट 7.6% बढ़ाAsian Paints का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 7.6% बढ़कर ₹1,068 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹993 करोड़ का मुनाफा कमाया था। हालांकि, बाजार को ₹1,120 करोड़ के प्रॉफिट की उम्मीद थी। इस लिहाज से कंपनी का मुनाफा अनुमान से कम रहा।रेवेन्यू 17% बढ़ाकंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 17% बढ़कर ₹9,976.5 करोड़ हो गया। पिछले साल सितंबर तिमाही में यह ₹8,531 करोड़ था। इस बार कंपनी का रेवेन्यू बाजार के ₹9,728 करोड़ के अनुमान से ज्यादा रहा।EBITDA मार्जिन में गिरावटAsian Paints का EBITDA 3.6% बढ़कर ₹1,557 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,503 करोड़ था। हालांकि, यह बाजार के ₹1,640 करोड़ के अनुमान से कम रहा।कंपनी का EBITDA मार्जिन भी घटा है। यह पिछले साल के 18% से गिरकर 15.6% रह गया। यानी इसमें 2.4 प्रतिशत अंक की गिरावट आई। बाजार को 16.9% मार्जिन की उम्मीद थी।हर शेयर पर ₹5.75 का डिविडेंडAsian Paints ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹1 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹5.75 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने इसके लिए 4 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान 13 नवंबर को या उसके बाद किया जाएगा।रिजल्ट के बाद एशियन पेंट्स के शेयरों में 1% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली। दोपहर 2.33 बजे तक एशियन पेंट्स का शेयर 1.21% की गिरावट के साथ 2258 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।LTCG टैक्स घटाने से लौटेंगे विदेशी निवेशक? Morgan Stanley का क्या है कैलकुलेशनDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Asian Market Today: गुरुवार, 29 अक्टूबर को एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। हालांकि, अल्फाबेट के शेयरों में आई गिरावट ने इस बात को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ा दी हैं कि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कितना भारी-भरकम खर्च कर रही हैं।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.3% की बढ़त रही, जिसमें जापान और दक्षिण कोरिया सबसे आगे रहे। निक्केई 225 में 0.80% और कोस्पी में 0.57% की तेजी आई, जबकि व्यापक टोपिक्स (Topix) इंडेक्स 0.21% गिर गया। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.1% की बढ़त दर्ज की गई।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत में शेयर बाजार कैसा रह सकता है) ने बाजार के सुस्त और गिरावट के साथ खुलने का इशारा किया। बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स ने शेयर बाजार में कदम रखा, जिससे रिलायंस ग्रुप देश की कॉरपोरेट मार्केट-कैपिटलाइजेशन रैंकिंग में सबसे ऊपर पहुंच गया।इसके शेयर ₹1,358 पर लिस्ट हुए, जो ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21% अधिक (प्रीमियम) था। इससे कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन ₹12.5 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गया।जियो प्लेटफॉर्म्स अब अपनी पैरेंट कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद दूसरे स्थान पर है। इस तरह, भारत की दो सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनियां इसी ग्रुप की हैं। इसकी लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट वैल्यूएशन ₹30.5 लाख करोड़ से अधिक है, जो रिलायंस को लंबे समय से इस मामले में सबसे आगे रहे टाटा ग्रुप से भी आगे ले जाता है।इस क्षेत्र के करेंसी बाजारों में, जापानी येन 0.1% कमजोर होकर 158.01 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ऑफशोर युआन 6.6601 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।दूसरी ओर, वॉल स्ट्रीट का आउटलुक कमजोर नजर आया। अल्फाबेट के शेयरों में एक्सटेंडेड ट्रेडिंग के दौरान 10% की गिरावट आई, जिसके बाद नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.9% और S&P 500 कॉन्ट्रैक्ट्स 0.4% गिर गए। गूगल की पैरेंट कंपनी की बिक्री उम्मीद से कम रही, जिसके चलते निवेशकों ने तेजी से इसके शेयर बेचे।हालांकि, अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियों ने कुछ राहत दी। माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग के दौरान 2.8% की तेजी आई, क्योंकि कंपनी की क्लाउड सेल्स काफी मजबूत रही। ओरेकल के शेयरों में 11% की उछाल आई, क्योंकि कंपनी ने फ्री कैश फ्लो के लिए एक दीर्घकालिक आउटलुक पेश किया। साथ ही, इसके क्रेडिट रिस्क के पैमाने में भी पिछले नौ महीनों में सबसे बड़ा सुधार देखने को मिला।अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसलों ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। फेडरल ओपन मार्केट कमिटी ने 10-2 के बहुमत से बेंचमार्क ब्याज दरों को 3.75% से 4% के स्तर पर ही बनाए रखने का फैसला किया। नीति-निर्माताओं ने कहा कि आने वाले हफ्तों में मिलने वाले आंकड़े उनके अगले फैसले के लिए दिशा-निर्देश का काम करेंगे।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय बैंक जरूरत पड़ने पर कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है और हमने अपनी यह इच्छाशक्ति भी दिखाई है। उन्होंने आगे बताया कि अधिकारी एक संशोधित कार्यक्रम लागू करेंगे, जिसके तहत अगले साल होने वाली आठ बैठकों में से सात में ब्याज दरों को तय करने के लिए मतदान होगा।ट्रेडर्स द्वारा ब्याज दरों की दिशा को लेकर अपने अनुमानों पर फिर से विचार करने के कारण, अल्पकालिक अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड (yield) में गिरावट आई। निवेशक अब यह जानना चाहते हैं कि क्या टेक कंपनियों की कमाई AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़ी तेजी को बनाए रख पाएगी, और क्या अमेरिकी आंकड़े फेड को साल के अंत तक ब्याज दरों में कोई बदलाव न करने (hold) के लिए प्रेरित करेंगे। ईरान के साथ फिर से बढ़ते तनाव के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई के मोर्चे पर स्थिति और जटिल हो सकती है।क्रूड में मामूली नरमीइस बीच, तेल की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि ट्रेडर्स ने पश्चिम एशिया में चल रहे नए राजनयिक प्रयासों पर गौर किया। इन प्रयासों का मकसद ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के फिर से शुरू होने की संभावना को रोकना है।पिछले सत्र में 1% से अधिक की बढ़त के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमत गिरकर 114 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई और शुरुआती एशियाई कारोबार में यह 114.71 डॉलर पर ट्रेड कर रही थी। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 0.8% गिरकर 101.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई।
एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता Neeraj Yadav ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी
एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। बताया जा रहा है कि डोपिंग के लिए निलंबित किए जाने के कारण आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों में भाग नहीं ले पाने और एक महिला के साथ उनकी दोस्ती टूटने के बाद वह भावनात्मक तनाव में थे। बुधवार को उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। उनके आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस सत्यनारायण ने कहा कि 2023 के हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के बाद डोपिंग मामला सामने आने के बाद से वह यादव के संपर्क में थे। सत्यनारायण ने पीटीआई से कहा, ‘‘नीरज ने आत्महत्या कर ली है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मेरे उनसे घनिष्ठ संबंध थे। डोपिंग मामले में उनका नाम आने के बाद से मैं लगातार उनके संपर्क में था।’’जाफराबाद पुलिस स्टेशन इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत जांच कर रहा है। यादव को अस्पताल ले जाने वाली महिला ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी यादव के साथ ‘दोस्ती’ थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला मंगलवार को यादव से मिलने के लिए हरियाणा के सोनीपत गई थी और उसने यादव से कहा था कि वह ‘अब उसके संपर्क में नहीं रह सकती है।’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद यादव ने महिला को अपनी स्कॉर्पियो में बिठाकर दिल्ली के मौजपुर में छोड़ दिया। रात करीब नौ बजे महिला को शक हुआ और वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास पहुंची, जहां उसने यादव को अपनी कार की बगल में सड़क पर पड़ा पाया। वह उन्हें अस्पताल ले गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।’’यादव सोनीपत में अंशनीर स्पोर्ट्स अकादमी के नाम से एक ऑनलाइन खेल अकादमी चला रहे थे। वह विवाहित थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी हैं। नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के लिए दोषी पाए जाने के बाद चार साल का निलंबन झेल रहे थे। यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। बाद में 2023 में जीते गए उनके दोनों स्वर्ण पदक छीन लिए गए थे। इस कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा था। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘डोपिंग मामले के बाद वह काफी तनाव में थे। उन्हें चार साल के लिए निलंबित किया गया था। कुछ महीने पहले उन्होंने मुझसे पूछा था कि क्या वह आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों के चयन ट्रायल्स में भाग ले सकते हैं। मैंने उनसे कहा कि यह संभव नहीं है क्योंकि उनके निलंबन की अवधि अभी पूरी नहीं हुई है।’’कोच ने कहा कि डोपिंग मामले ने यादव के करियर को करारा झटका लगा और इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों में दो स्वर्ण पदक जीते तो उन्हें उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी मिलने वाली थी, जिससे उनका जीवन बेहतर हो सकता था। उन्हें तीन करोड़ रुपये से अधिक की पुरस्कार राशि भी मिलने वाली थी। उनके सभी साथियों को नौकरी मिल चुकी है।’’सत्यनारायण ने बताया कि निलंबन की प्रक्रिया राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) से शुरू हुई। इसके बाद रिपोर्ट को विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) को भेजा गया और फिर एशियाई पैरालंपिक समिति ने उनके पदक छीन लिए। सत्यनारायण ने यादव की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उनके आत्महत्या करने के सटीक कारणों की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सटीक कारण नहीं बता सकता, लेकिन वह कई कारणों से अवसाद में थे। वह दो स्वर्ण पदक खोने से सदमे में थे। पुरस्कार राशि और नौकरी नहीं मिलना दो अन्य कारण थे।’’सत्यनारायण ने कहा, ‘‘उन्होंने निश्चित रूप से जहर खाया है, लेकिन उन्होंने कौन सा पदार्थ लिया है, यह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। लेकिन यह पक्का है कि उन्होंने जहर खाया। उनके शरीर का रंग भी कुछ बदल गया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने यह कड़ा कदम क्यों उठाया, जबकि पैरा-एथलीटों के लिए आजीविका कमाने के इतने सारे विकल्प हैं। वह कोच बन सकते थे। 40 साल पहले की तुलना में अब पैरा खिलाड़ियों के लिए हालात काफी बदल गए हैं। उन्हें 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लिए अच्छी खासी पुरस्कार राशि भी मिली थी।’’एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं।
पंजाब ने मंगलवार को इतिहास रचते हुए पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का गौरव हासिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 का शानदार आगाज किया। इस आयोजन के साथ ही पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का अपनी धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का वर्षों पुराना सपना आखिरकार साकार हो गया है। टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने बांग्लादेश, चीन, जापान, कोरिया और मलेशिया से पहुंची छह देशों की टीमों का गर्मजोशी से स्वागत किया और सभी टीमों के कप्तानों को सम्मानित किया। इस दौरान ओलंपियन, पूर्व खिलाड़ी, हॉकी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के प्रतिनिधि व खेल प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पंजाब और हॉकी का अटूट रिश्ता- सीएम मान खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब विश्व हॉकी के मंच पर अपना पुराना गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी में पंजाब का योगदान केवल खिलाड़ियों के रूप में भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी विरासत है जिसका निर्माण जुनून, त्याग और अनुशासन से हुआ है। पंजाबी खिलाड़ियों के अमूल्य योगदान के बिना भारतीय हॉकी के इतिहास की कल्पना करना भी असंभव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब ने 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक देश को 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जिनमें से राज्य के 48 खिलाड़ियों ने देश के लिए ओलंपिक पदक जीते हैं। इसके अलावा 10 अवसरों पर पंजाब के खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की है। इस दौरान उन्होंने बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथिपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह जैसे महान खिलाड़ियों के योगदान को विशेष तौर पर याद किया। उन्होंने कहा कि पेरिस और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम में भी पंजाब के खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी रही है, और वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित टीम में 8 खिलाड़ी पंजाब से हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी पहल सरकार की खेल नीतियों का जिक्र करते हुए सीएम मान ने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले कार्यकाल में हॉकी के 6 नए एस्ट्रो-टर्फ मैदान तैयार किए गए हैं, जबकि 2 अन्य पर काम चल रहा है। इसके अलावा 18 छह-ए-साइड एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान भी बनाए गए हैं। 2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी का लक्ष्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों को आयोजित करने का विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब वर्ष 2030 में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खेल पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्र और स्थानीय कारोबार को भी नई रफ्तार मिलेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक बलकार सिंह व ईशान चब्बेवाल, खेल विभाग के प्रमुख सचिव वरुण रूजम, खेल निदेशक अभिजीत कपलिश, जालंधर के मेयर विनीत धीर, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ और पर्यटन सलाहकार दीपक बाली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Asian Para Games स्वर्ण पदक विजेता Neeraj Yadav ने की खुदकुशी
एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। दिल्ली के एक अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा है। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस सत्यनारायण ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उन्हें इस दुखद घटना के बारे में पता चला है और यादव का शव अभी भी अस्पताल में है। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘नीरज ने आत्महत्या कर ली है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’’पता चला है कि इस एथलीट ने जहर खाया था। एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव डोपिंग प्रतिबंध के कारण इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में भाग न ले पाने के कारण कथित तौर पर तनाव में थे। उनके आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘उन्होंने आत्महत्या क्यों की मैं इसका स्पष्ट कारण नहीं बता सकता, लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो मैं कहूंगा कि एक खिलाड़ी को उतार-चढ़ाव का सामना धैर्य से करना चाहिए। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने इतना कड़ा कदम उठाया।’’भारत के प्रतिभाशाली पैरा-एथलीटों में से एक यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोउ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था। राष्ट्रीय डोपिंगरोधी एजेंसी (नाडा) की रिपोर्ट विश्व डोपिंगरोधी एजेंसी (वाडा) के पास पहुंचने के बाद नीरज के 2023 में खेले गए एशियाई पैरा खेलों में जीते गए दोनों स्वर्ण पदक एशियाई पैरालंपिक समिति ने वापस ले लिए थे। उनके नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने के कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि भी नहीं मिली। नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था। उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। एफ55 वर्ग में शॉट पुट, चक्का फेंक और भाला फेंक सहित बैठकर की जाने वाली खेल स्पर्धाएं शामिल हैं।
Asian Champions Trophy: Harmanpreet Singh की अगुवाई में China से भिड़ेगी भारतीय हॉकी टीम
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 28 अक्टूबर खिताब का बचाव करने के अपने अभियान का शानदार शुरुआत करने वाली पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम बृहस्पतिवार को यहां एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) ने अपने दूसरे राउंड-रॉबिन मैच में चीन के खिलाफ अपनी जीत का सिलसिला जारी रखने की कोशिश करेगी। एशियाई खेलों में लगातार दूसरा स्वर्ण पदक जीतने और लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 से बड़ी जीत हासिल की और वह आत्मविश्वास से भरी हुई है। पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत आने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसकी जगह बांग्लादेश को शामिल किया गया। यह एकतरफा मैच था जिसमें अधिकतर समय गेंद बांग्लादेश के पाले में ही घूमती रही। बांग्लादेश भले ही मजबूत टीम नहीं हो लेकिन भारत के लिए उत्साहजनक पहलू रहा कि हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम ने मैदानी और पेनल्टी कॉर्नर दोनों से गोल किए। मंगलवार को खेले गए मैच में भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ आठ मैदानी गोल और पेनल्टी कॉर्नर पर पांच गोल दागे। अनुभवी स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने फॉर्म में वापसी की और हैट्रिक बनाकर आगे भी टीम में बने रहने के लिए अपना मजबूत दावा पेश किया क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार उन्हें तथा जरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास और नीलाकांता शर्मा को इस टूर्नामेंट के बाद टीम से बाहर किया जाएगा। जहां नीलाकांता ने मंगलवार को घोषणा की कि यह उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा, वहीं मनदीप और जरमनप्रीत खेलना जारी रखना चाहते हैं। मनदीप के अलावा कप्तान हरमनप्रीत, दिलप्रीत सिंह और उप कप्तान हार्दिक सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि शिलानंद लाकड़ा, नीलाकांता और जुगराज सिंह ने भी एक-एक गोल दागा। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन मनदीप के प्रदर्शन से खुश थे। उन्होंने कहा, ‘‘उसने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। उसने अच्छी दौड़ लगाई तथा वह फुर्तीला और चुस्त था जो महत्वपूर्ण था।’’फुल्टन के लिए हालांकि छोर बदलने के बाद तीसरे क्वार्टर में टीम का प्रदर्शन चिंता का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘हम तेज शुरुआत चाहते थे, जो हमें पहले क्वार्टर में मिली। लेकिन तीसरा क्वार्टर उतना अच्छा नहीं रहा। यह अभी भी एक समस्या है। लेकिन मुझे खुशी है कि हमने अंत में अच्छा प्रदर्शन किया।’’पिंडली की मांसपेशियों में चोट के कारण बाहर हुए मनप्रीत सिंह की अनुपस्थिति में हार्दिक, विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांता ने मध्य पंक्ति में अच्छा प्रदर्शन किया और अग्रिम पंक्ति के यो खिलाड़ियों के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठाया। मनदीप ने अग्रिम पंक्ति में शानदार खेल दिखाए जबकि अभिषेक, दिलप्रीत, शिलानंद और सुखजीत सिंह ने उनका बखूबी साथ दिया। रक्षापंक्ति में हरमनप्रीत, अमित रोहिदास, जुगराज और संजय पर पहले की तरह दारोमदार होगा, जबकि सूरज करकेरा और कृष्ण बहादुर पाठक गोलकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। जहां तक चीन की खिलाड़ियों का सवाल है तो उन्होंने एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन आखिर में वह 4-5 से हार गए। चीन ने इस टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह से नई टीम उतारी है और उसके युवा खिलाड़ियों ने मलेशिया के खिलाफ अपनी काबिलियत का अच्छा नमूना पेश किया। फुल्टन ने चीन के खिलाफ होने वाले मैच के बारे में कहा, ‘‘हम चीन की इस टीम के बारे में नहीं जानते क्योंकि वह पूरी तरह से नई टीम के साथ यहां आए हैं। उसकी वह टीम नहीं है जो एशियाई खेलों में खेली थी। हम उनके बारे में ज्यादा नहीं जानते और हमने उन्हें खेलते हुए नहीं देखा है। उनके बारे में सही जानकारी हासिल करने के लिए हमें उनके मैच के वीडियो फुटेज का विश्लेषण करना होगा।’’बृहस्पतिवार को होने वाले अन्य मैचों में मलेशिया का दक्षिण कोरिया से जबकि बांग्लादेश का सामना जापान से होगा। भारतीय टीम:गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठकडिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे, नीलाकांता शर्मा, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद। फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मनदीप सिंह। मैचों का कार्यक्रम:मलेशिया बनाम दक्षिण कोरिया (दोपहर 2.30 बजे)जापान बनाम बांग्लादेश (शाम 4.45 बजे)भारत बनाम चीन (शाम सात बजे)।
Asian Para Games में तीन स्वर्ण जीतने वाले भारतीय Para Athlete Neeraj Yadav ने की आत्महत्या
भारतीय पैरा-एथलीट नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली है। बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया जा रहा था, जबकि उनकी मौत के कारणों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। नीरज यादव तीन बार एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके थे। भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने इस खबर की पुष्टि की और एथलीट की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस घटना के बारे में पता चला है, लेकिन यादव का शव अभी भी अस्पताल में ही है। इसे भी पढ़ें: Cricket Australia को एशेज और भारत श्रृंखला से रिकॉर्ड 601.1 मिलियन डॉलर की कमाई सत्यनारायण ने कहा कि नीरज ने आत्महत्या कर ली है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हुआ है। F55 कैटेगरी में हिस्सा लेने वाले 42 वर्षीय एथलीट, डोपिंग के कारण सस्पेंड होने की वजह से इस महीने की शुरुआत में आइची-नागोया में हुए एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाए थे। बताया जा रहा है कि इसके बाद से वे काफी मानसिक परेशानी से गुजर रहे थे। हालांकि, उनकी मौत के असल कारणों और परिस्थितियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सत्यनारायण ने कहा कि वे इस दुखद घटना के सटीक कारणों के बारे में कोई कयास नहीं लगाना चाहते। उन्होंने कहा कि एथलीटों को सफलता और असफलता, दोनों को संभालना सीखना चाहिए। उन्होंने यादव की मौत को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। यादव भारत के बेहतरीन पैरा-एथलीटों में से एक थे, जिन्होंने एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीते थे। उन्होंने जकार्ता में 2018 के गेम्स में जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) का खिताब जीता था, और फिर 2023 में हांगझोऊ में हुए गेम्स में जैवलिन और डिस्कस थ्रो (चक्र फेंक) दोनों इवेंट्स में गोल्ड मेडल हासिल किए थे। इसे भी पढ़ें: खिलाड़ियों को Doping सामग्री देने पर 5 साल की जेल, Mansukh Mandaviya लाएंगे कड़ा बिल सात साल की उम्र में 'पोस्ट-पोलियो रेसिडुअल पैरालिसिस' (पोलियो के बाद होने वाला लकवा) का शिकार होने वाले यादव ने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला, और बाद में पैरा-एथलेटिक्स की ओर रुख किया। इसके बाद, उन्होंने 'सीटेड फील्ड इवेंट्स' (बैठकर किए जाने वाले फील्ड इवेंट्स) में अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। यादव F55 कैटेगरी में हिस्सा लेते थे, जिसमें बैठकर किए जाने वाले थ्रोइंग इवेंट्स—जैसे शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो—शामिल होते हैं। उनकी उपलब्धियों ने भारतीय पैरा-एथलेटिक्स को नई पहचान दिलाई थी, इसलिए उनकी मौत की खबर खेल जगत के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है।
पंजाब में पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप का आगाज, भगवंत मान ने किया उद्घाटन
पंजाब जालंधर में 2026 एशिया चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा, जिसमें सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में होंगे, जबकि 2030 हॉकी
तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव का फ्लैट में मिला शव, पीएम मोदी भी कर चुके थे तारीफ
तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स स्वर्ण पदक विजेता पैरा एथलीट नीरज यादव का शव एक फ्लैट में संदिग्ध हालत में मिला। आशंका है कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया था, जिनकी पीएम मोदी ने भी तारीफ की थी।
चैंपियनशिप में भारत समेत छह देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। बांग्लादेश, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का हॉकी से गहरा नाता है।
Asian Market Today: एशिया बाजारों में रौनक, चिप शेयरों में तेजी से कोस्पी 4% उछला
Asian Market Today: एशियन मार्केट में 28 अक्टूबर को जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है । वॉल स्ट्रीट में आई तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों को लेकर बढ़े उत्साह ने बाजार का मूड बेहतर कर दिया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब बड़ी टेक कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं और US फेडरल रिजर्व ब्याज दरों पर अपना फैसला लेने वाला है।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 0.6% की बढ़त दर्ज की गई, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान और दक्षिण कोरिया के प्रमुख सूचकांक ऊपर चढ़े। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सबसे आगे रहा, जिसमें 3.99% की उछाल आई। चिप बनाने वाली कंपनी SK Hynix के मजबूत ऑपरेटिंग प्रॉफिट की घोषणा के बाद इसके शेयरों में तेजी आई। कंपनी ने 2026 तक शेयरधारकों को कुल 100 ट्रिलियन वॉन (75.4 अरब डॉलर) का रिटर्न देने की योजना भी बनाई है।टोक्यो में, निक्केई 225 (Nikkei 225) में 1.31% और टॉपिक्स (Topix) में 0.50% की बढ़त रही। हांगकांग के हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.3% की तेजी के संकेत मिले।भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह बताता है कि दिन के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कैसी होगी) ने गिरावट के साथ खुलने के संकेत दिए।इसके अलावा, बुधवार को जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) ने बाजार में कदम रखा। इससे पहले कंपनी ने 3.1 अरब डॉलर का रिकॉर्ड इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पेश किया था, जिसे हर तरह के निवेशकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला।अन्य बाजारों की बात करें तो, न्यूयॉर्क में US ट्रेजरी में कोई खास बदलाव नहीं दिखा, जबकि डॉलर में थोड़ी मजबूती आई। जापानी येन 157.94 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6651 पर बना रहा।यूएस मार्केट में उछालएशियाई बाजारों में यह तेजी मंगलवार को US में आए अच्छे नतीजों के बाद देखने को मिली। वहां, अमेरिकी चिप निर्माताओं के प्रदर्शन को दर्शाने वाला एक प्रमुख सूचकांक 3.6% उछल गया, जिससे वॉल स्ट्रीट के मुख्य सूचकांकों को ऊपर जाने में मदद मिली।निवेशकों ने मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) के 25 अरब डॉलर के शेयर सेल का भी स्वागत किया, जिसमें पेश किए गए शेयरों की तुलना में पांच गुना ज्यादा मांग देखी गई। वहीं, ओरेकल (Oracle) ने OpenAI के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया है।कई बड़े सौदों और फंड जुटाने की घटनाओं ने AI सेक्टर में निवेशकों का भरोसा फिर से जगा दिया है। मेटा द्वारा 98 अरब डॉलर की पूंजी जुटाने, स्पेसएक्स द्वारा 40 अरब डॉलर की इक्विपमेंट फाइनेंस लीज लेने और एंथ्रोपिक की S-1 फाइलिंग ने उन चिंताओं को कम कर दिया है, जिनकी वजह से इस महीने की शुरुआत में चिप शेयरों में भारी बिकवाली हुई थी।इन अहम इवेंट्स पर बाजार की नजरअब सबकी नजरें कंपनियों की कमाई (अर्निंग्स) पर टिकी हैं; बुधवार को अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी, और गुरुवार को अमेज़न.कॉम की रिपोर्ट आएगी।इसके अलावा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का फैसला भी एक अहम घटना है। उम्मीद है कि बुधवार को नीति-निर्माता ब्याज दरों को स्थिर रखेंगे, जिससे उन्हें दरों में संभावित बढ़ोतरी से पहले कुछ और समय मिल जाएगा। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने भविष्य के आउटलुक के बारे में कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, जिससे दरों में बढ़ोतरी को लेकर बाजार की उम्मीदें अभी भी बनी हुई हैं।इस हफ्ते के आखिर में, यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान भी ब्याज दरों को लेकर अपने फैसलों की घोषणा करेंगे।क्रूड में तेजी बरकरारकमोडिटी मार्केट में, ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमतें पिछले सत्र के नुकसान के स्तर के आसपास ही बनी रहीं। एशियाई कारोबार की शुरुआत में यह लगभग 114.36 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, क्योंकि ट्रेडर्स अरब खाड़ी में तनाव कम करने की कोशिशों का आकलन कर रहे थे। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.3% बढ़कर 100.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Bareilly News: भगवान बंसल ने तोड़े चार एशियाई रिकॉर्ड, आठ स्वर्ण पदक झटके
कजाकिस्तान में 17-18 अक्तूबर को हुई एशियाई पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भगवान बंसल ने आठ स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।
Karnal News: एशियाई खेलों में दम दिखाने वाले खिलाड़ी होंगे सम्मानित
एशियाई खेलों में दम दिखाने वाले खिलाड़ी होंगे सम्मानित
US Elections: ट्रंप को चुनने वाले 25% दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब Democrats के साथ, सर्वे में खुलासा
(सागर कुलकर्णी)वाशिंगटन, 27 अक्टूबर अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को वोट देने वाले कम से कम 25 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी मतदाता तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन करने की योजना बना रहे हैं। एक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। लोगों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ द्वारा कराए गए इस सर्वेक्षण में जीवनयापन की लागत (65 प्रतिशत), स्वास्थ्य सेवा (53 प्रतिशत), रोजगार और वेतन (33 प्रतिशत) तथा शिक्षा (28 प्रतिशत) को मध्यावधि चुनावों के प्रमुख मुद्दों के रूप में पहचाना गया है। सर्वेक्षण में शामिल 800 पंजीकृत दक्षिण एशियाई मतदाताओं में से 87 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी हैं जबकि शेष 13 प्रतिशत पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मालदीव, अफगानिस्तान और म्यांमा के अलावा कंबोडिया के खमेर समुदाय से संबंधित हैं। वर्ष 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में कमला हैरिस को वोट देने वालों में से 96 प्रतिशत आगामी चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के पक्ष में अपना वोट डालने की योजना बना रहे हैं। सर्वेक्षण में पाया गया कि ट्रंप को वोट देने वाले 67 प्रतिशत दक्षिण एशियाई अमेरिकी अब भी रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन करते हैं, लेकिन 25 प्रतिशत ने कहा कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे। सर्वेक्षण के ये नतीजे ऐसे समय में आए हैं जब टेक्सास सहित कई राज्यों में समय से पहले मतदान शुरू हो चुका है, जहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको का मुकाबला ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है और दोनों के बीच कड़ी टक्कर है। रिपब्लिकन नेता सीनेटर टेड क्रूज के 2024 के चुनाव प्रचार अभियान में प्रशिक्षु के रूप में काम कर चुके 21 वर्षीय भारतीय-अमेरिकी वसंत भट्ट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने टालारिको को वोट दिया है। भट्ट ने लिखा, ‘‘मैंने अभी जेम्स टालारिको के लिए अपना वोट डाला है। दूसरी पीढ़ी का भारतीय-अमेरिकी होने के नाते, मैं विदेशी मूल के लोगों के प्रति नफरत, नस्ली द्वेष और अपनी पहचान पर लगातार बढ़ते खुले हमलों से बेहद दुखी हूं।’’सर्वेक्षण में भेदभाव को लेकर चिंताएं भी सामने आईं। इसमें 90 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने भेदभाव का सामना किया है या वे किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जिसे भेदभाव का सामना करना पड़ा है। इनमें 48 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने खुद भेदभाव का सामना किया है। ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट’ के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने एक बयान में कहा, ‘‘इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि हमारे समुदाय के जिन लोगों ने 2024 में ट्रंप को वोट दिया था, उनमें से एक-चौथाई अब डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने की योजना बना रहे हैं। यह समुदाय चुनाव में हार-जीत का अंतर तय कर सकता है और हम ऐसे हर मतदाता तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।’’
Asian Market Today: अमेरिका और एशिया में रौनक देखने को मिली। एंथ्रोपिक के IPO की अर्जी देने से AI और चिप शेयरों में जोश देखने को मिला। नैस्डैक करीब एक परसेंट चढ़ा। इधर कोरिया का बाजार कॉस्पी 4% से ज्यादा चढ़ा है जबकि निक्केई भी 2% ऊपर है।ट्रेडर्स बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के नतीजों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले अपनी स्थिति तैयार करते दिखे। जापान और दक्षिण कोरिया के बाजारों में सबसे ज्यादा तेजी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 3.82% उछला, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.94% और टॉपिक्स (Topix) 0.58% ऊपर चढ़ा। MSCI का एशिया पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.6% बढ़ा, जबकि हैंग सेंग फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं दिखा।भारत में, GIFT निफ्टी - जो यह संकेत देता है कि घरेलू बाजार की शुरुआत कैसी हो सकती है - ने बाजार के लाल निशान (गिरावट) के साथ खुलने का इशारा किया।जापानी येन 157.53 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6676 प्रति डॉलर पर बना रहा।शुरुआती कारोबार में अमेरिकी इक्विटी इंडेक्स के फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। वॉल स्ट्रीट पर, S&P 500 इंडेक्स 0.7% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) 1.1% ऊपर चढ़ा। फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 2.8% उछला, जो 21 सितंबर के बाद से इसकी सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त है।गुरुवार को नैस्डैक 100 में 2.9% की गिरावट आई थी। यह गिरावट मेटा (Meta) द्वारा अपने कैपिटल-स्पेंडिंग (पूंजीगत खर्च) गाइडेंस को ऑपरेटिंग कैश फ्लो से ऊपर बताए जाने के एक दिन बाद हुई थी।कई बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों ने फंडिंग योजनाओं की घोषणा की, जिससे बाजार का उत्साह बढ़ा। मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) ने कहा कि वह कॉमन और प्रेफर्ड शेयर बेचकर 95 अरब डॉलर तक जुटाना चाहती है। यह अब तक की सबसे बड़ी इक्विटी पेशकशों में से एक हो सकती है। कंपनी ने यह घोषणा एंथ्रोपिक की फाइलिंग से दो घंटे पहले की।ब्रॉडकॉम (Broadcom) ने एंथ्रोपिक के लिए चिप्स खरीदने के वास्ते बैंक ऑफ अमेरिका, ब्लैकस्टोन, सिटीग्रुप और मॉर्गन स्टेनली के साथ 63 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग डील की। इसके अलावा, स्पेसएक्स (SpaceX) ने भी अपने AI प्लान के लिए जरूरी चिप्स खरीदने के वास्ते अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के साथ लगभग 40 अरब डॉलर की इक्विपमेंट-फाइनेंस लीज (उपकरण-वित्त पट्टा) पर हस्ताक्षर किए। अल्फाबेट और माइक्रोसॉफ्ट बुधवार को अपनी कमाई की रिपोर्ट जारी करेंगे, जिसके बाद गुरुवार को अमेज़न डॉट कॉम और इंटेल अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे। निवेशकों का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि क्या खर्च से पर्याप्त रिटर्न मिल रहा है।बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक भी होने वाली है। माना जा रहा है कि सितंबर में दरों में बढ़ोतरी के बाद, नीति-निर्माता इस बार दरों को स्थिर ही रखेंगे। चेयरमैन केविन वॉर्श को महंगाई पर काबू पाने के लिए बैंक की प्रतिबद्धता को फिर से दोहराना होगा और यह स्पष्ट करना होगा कि अधिकारियों ने दरों को दोबारा न बढ़ाने का फैसला क्यों लिया।कमोडिटी मार्केट में, सोमवार को 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब बंद होने के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में और गिरावट आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिश में, कई देशों के वरिष्ठ अधिकारी तेहरान पहुंचे हैं।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Ghaziabad News: एशियाई पैरा खेलों में लोहा मनवाने वालीं सिमरन और स्वाति का अभिनंदन
एशियाई पैरा खेलों में लोहा मनवाने वालीं सिमरन और स्वाति का अभिनंदन
चीनी टीम ने एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक जीते
बीजिंग, 26 अक्टूबर . वर्ष 2026 की एशियाई टेबल टेनिस चैंपियनशिप उज्बेकिस्तान के ताशकंद में संपन्न हुई. इस चैंपियनशिप में चीनी टीम ने चार स्वर्ण और चार रजत…
एशियाई पैरा खेलों में चमकने के बाद Sheetal Devi बोलीं, खेल पर ध्यान रखने को सोशल मीडिया से बनाई दूरी
भारत की स्टार पैरा तीरंदाज शीतल देवी सोशल मीडिया की चर्चाओं से दूर रहकर अपना पूरा ध्यान खेल पर केंद्रित करना चाहती हैं क्योंकि लगातार पदक जीतने से उनसे उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। शीतल जापान में आयोजित एशियाई पैरा खेलों में शानदार प्रदर्शन के बाद रविवार को अपने साथी भारतीय तीरंदाजों के साथ स्वदेश लौटीं, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने कंपाउंड व्यक्तिगत, मिश्रित टीम और महिला टीम स्पर्धाओं में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। शीतल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं अपने खेल पर ध्यान देती हूं। सोशल मीडिया ज्यादा नहीं देखती। लेकिन जब मैं पदक जीतती हूं और लोग मुझसे मिलने आते हैं, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यहां तक कि बहुत छोटे बच्चे भी मुझे देखते हैं, इसलिए यह बहुत अच्छा लगता है। ’’जम्मू की 19 वर्षीय शीतल ने अपने तीन पदकों में व्यक्तिगत स्पर्धा के स्वर्ण को सबसे खास बताया। उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत स्पर्धा मेरे लिए सबसे खास थी। बाकी पदक भी विशेष हैं, लेकिन चैंपियन बनकर लौटने के लिए मेरा ध्यान व्यक्तिगत स्पर्धा पर अधिक था जिसमें मैंने जीत हासिल की। ’’पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हरविंदर सिंह ने कहा कि भारत की रिकर्व टीम ने बढ़ी हुई उम्मीदों के दबाव को अच्छी तरह संभाला और महाद्वीपीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। हरविंदर ने कहा, ‘‘अधिक उम्मीदों के कारण दबाव निश्चित रूप से बढ़ता है, लेकिन मुझे खुशी है कि हमने उस दबाव को अच्छी तरह संभाला। हमारा अभ्यास शानदार था, महासंघ का समर्थन बेहतरीन रहा और वहां हमें एक सप्ताह तक प्रशिक्षण लेने का मौका मिला। इन सभी चीजों से तीरंदाजी में हमें फायदा हुआ। ’’एशियाई पैरा खेलों में भारत का तीरंदाजी अभियान अब तक का सर्वश्रेष्ठ रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने तीन स्वर्ण और इतने ही रजत पदक जीते। हरविंदर ने कहा, ‘‘जब पूरी टीम पदक जीतती है, तो बहुत अच्छा लगता है। 2018 में केवल मैंने व्यक्तिगत पदक जीता था, लेकिन इस बार मुझे खुशी है कि कई और पदक आए हैं। जो कुछ खिलाड़ी पदक नहीं जीत सके, हमें उम्मीद है कि अगली बार हमारी पूरी टीम पदक लेकर लौटेगी। ’’वहीं पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियाई पैरा खेलों में अपने अभियान को सपने के सच होने जैसा बताया। उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीतने के साथ पांच रिकॉर्ड बनाए, जिनमें एक विश्व रिकॉर्ड भी शामिल है। नागोया में आयोजित समापन समारोह के लिए भारत की ध्वजवाहक चुनी गईं मोना भारत के 114 पदकों के अभियान की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरीं। स्वदेश लौटने पर उन्होंने कहा, ‘‘मैं कहना चाहूंगी कि बहुत कम समय में मैं जापान से ढेर सारी खुशियां लेकर लौटी हूं। मुझे पदक जीतने की उम्मीद थी, लेकिन जब एक साथ पांच रिकॉर्ड बने और मुझे ध्वजवाहक बनने का अवसर मिला, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘पदक जीतना, रिकॉर्ड बनाना और ध्वजवाहक बनना, ये सभी एक-दूसरे से जुड़े हैं। इन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यह किसी सपने जैसा लगता है। जब मैं जापान के लिए रवाना हुई थी, तब मैंने सोचा था कि दो पदक लेकर लौटूंगी। लेकिन मैंने यह नहीं सोचा था कि दो स्वर्ण पदक, पांच रिकॉर्ड और ध्वजवाहक बनने की उपलब्धि के साथ वापस आऊंगी। ’’भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने फाइनल में हमवतन और अनुभवी खिलाड़ी प्रमोद भगत को हराया। पेरिस पैरालंपिक के स्वर्ण पदक विजेता नितेश ने कहा, ‘‘प्रमोद को दो गेम में हराना निश्चित रूप से बहुत खास है। उनके खिलाफ फाइनल जीतना बहुत बड़ी बात है। फाइनल मुकाबला काफी दिलचस्प रहा। ’’नितेश ने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों में अपने खिताब का बचाव करना है। उन्होंने कहा, ‘‘हम उसी लक्ष्य (पैरालंपिक स्वर्ण) को हासिल करने की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन दो साल का सफर लंबा होता है। सबसे पहले हमें क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया से गुजरना होगा। लॉस एंजिलिस में अपने खिताब का बचाव करना ही हमारा लक्ष्य रहेगा।
सऊदी अरब में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके पात्र परिवार के सदस्यों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
Asian Champions Trophy: दक्षिण कोरियाई हॉकी टीम पहुंची मोहाली, एयरपोर्ट पर ढोल-भंगड़े से स्वागत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी-2026 में हिस्सा लेने दक्षिण कोरिया की पुरुष हॉकी टीम मोहाली पहुंची, जहां शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उनका पंजाबी अंदाज में ढोल-भंगड़े से भव्य स्वागत किया गया।
जापान में आयोजित पैरा एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 31 पदक जीते, जिसमें 9 स्वर्ण शामिल हैं। रोहतक के हनी ने भाला फेंकने और हिसार के संदीप कुमार ने एथलेटिक्स में विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचा।
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेशिया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। वियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

