Asian Games में भारत का Cricket सफर: 2 बार Boycott से 2 Gold तक की पूरी कहानी
Also Read: LIVE Cricket Score Asian Games में भारत का Cricket सफर : - एशियन गेम्स में सालों की कोशिश के बाद क्रिकेट को शामिल करा पाए थे और ये फैक्ट इस महाद्वीप में क्रिकेट के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक मौका था। ये स्टोरी मई 2009 में ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के एशियन गेम्स में क्रिकेट को शामिल करने की मंज़ूरी के साथ शुरू हुई। 2010 में ग्वांगझू में अगले एशियन गेम्स में ही क्रिकेट को शामिल कर लिया और पुरुष और महिला दोनों के लिए टी20 फॉर्मेट को चुना। ओसीए ने तब ही खास तौर पर कह दिया था कि भारत और पाकिस्तान इसमें हिस्सा जरूर लें चूंकि एशिया के इन दो बड़े क्रिकेट देश के शामिल होने से ही, मुकाबले को न सिर्फ विश्वसनीयता मिलेगी, उन देशों में क्रिकेट को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी जहां ये खेल अभी ज्यादा लोकप्रिय नहीं। तब भी भारत ने क्रिकेट टीम को वहां खेलने न भेजा। ग्वांगझू 2010 में क्रिकेट टीम न भेजने के पीछे बीसीसीआई का स्पष्टीकरण था कि एशियन गेम्स में क्रिकेट का प्रोग्राम बनने से पहले ही भारत अपनी पुरुष और महिला टीम का आगे का प्रोग्राम बना चुका था, इसलिए दोनों टीम उपलब्ध नहीं थीं। नवंबर 2010 में भारत की न्यूजीलैंड के साथ टेस्ट और वनडे सीरीज थी और इस नाते वे अपने टॉप क्रिकेटर एशियन गेम्स के लिए नहीं भेज सकते थे। ऐसे में रास्ता निकालने की कोशिश हुई और कहा कि भारत अपनी नंबर 2 टीम भेजे लेकिन तब इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने इसका विरोध कर दिया और आरोप लगाया कि नंबर 2 टीम भेज, एशियन गेम्स का महत्व कम करने की कोशिश कर रहे हैं। नतीजा ये रहा कि भारत ने वहां क्रिकेट मेडल के मैचों में हिस्सा न लिया और इस पर बड़ी निराशा थी। एशियन गेम्स में तो क्रिकेट को शामिल ही इस उम्मीद से किया था कि एशिया के बड़े क्रिकेट देश इस इवेंट को सपोर्ट करेंगे। ग्वांगझू में निराशा और भी ज्यादा थी, क्योंकि वहां गेम्स के लिए खास तौर पर 6532 सीट वाला एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाया था। इरादा था कि चीनी जनता को क्रिकेट का परिचय मिलेगा। भारतीय क्रिकेटरों के न आने से इवेंट में न सिर्फ कई स्टार न खेले, इवेंट का ग्लैमर भी कम हो गया। इसके साथ ही ये बहस भी शुरू हो गई कि क्या वास्तव में बीसीसीआई, मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में क्रिकेट को शामिल करने को सपोर्ट करता है? बीसीसीआई ने टीम न भेज इसे सही साबित करने का संकेत दिया था। ओसीए की एशियन गेम्स की बदौलत क्रिकेट को कुछ बड़े देशों से बाहर, इसे फैलाने की कोशिश अधूरी रह गई। मजे की बात ये कि 2014 में भारत ने इंचियोन एशियन गेम्स में भी यही कहानी दोहरा दी। इस बार कह दिया कि चैंपियंस लीग टी20 भारत में 13 सितंबर से 4 अक्टूबर तक खेलनी है और इसका 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स से सीधे टकराव है। चैंपियंस लीग कोई इंटरनेशनल टूर्नामेंट नहीं था पर उसमें 4 आईपीएल टीम खेल रही थीं जिसका मतलब था कि भारत के कई टॉप क्रिकेटर अपनी-अपनी फ्रेंचाइजी के लिए खेल रहे थे। फिर से बीसीसीआई ने कह दिया कि क्रिकेट कैलेंडर बहुत पहले न सिर्फ बन जाता है, इतना व्यस्त है कि उसमें किसी और टूर्नामेंट के लिए कोई जगह नहीं थी। इस बार तो बीसीसीआई के ऐसे फैसले पर और भी ज्यादा विवाद हुआ। इसकी वजह ये थी कि भारत ने अपनी महिला टीम भी नहीं भेजी हालांकि उस टीम का कोई ऐसा इंटरनेशनल प्रोग्राम नहीं था जिससे तारीखों का टकराव होता। इस तरह भारत फिर से अकेला ऐसा एशियाई टेस्ट देश था जिसने पुरुष या महिला, किसी भी इवेंट में हिस्सा नहीं लिया। इस बात पर तो ओसीए के चीफ शेख अहमद अल-फहद अल-सबाह बड़ी नाराजगी के साथ खुलकर बोले और भारत पर क्रिकेट के बढ़ाने के प्रोजेक्ट में साथ देने के बजाय क्रिकेट से पैसा कमाने को आगे रखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत के बार-बार हिस्सा न लेने से, क्रिकेट को बढ़ावा देने की कोशिश को नुकसान हो रहा है। मजे की बात ये कि एशिया के और दूसरे क्रिकेट बोर्ड भी अपने शेड्यूल की मुश्किल में फंसे थे, तब भी टीम भेजी। श्रीलंका और बांग्लादेश ने दोनों इवेंट में हिस्सा लिया, जबकि पाकिस्तान ने अपनी महिला टीम भेजी। आखिरकार 2022 के एशियन गेम्स में नजारा बदला। कोविड-19 महामारी की वजह से स्थगित होने के बाद इस बार गेम्स 2023 में हांगझोऊ में आयोजित हुए। पहली बार, भारत ने पुरुष और महिला दोनों क्रिकेट इवेंट में हिस्सा लिया। शेड्यूल वाला टकराव तो तब भी था क्योंकि सीनियर पुरुष टीम, लगभग उन्हीं दिनों में भारत में ही खेले जा रहे वर्ल्ड कप में व्यस्त थी। ऐसे में भारत ने ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में नंबर 2 टीम भेजी लेकिन उसमें भी कई चर्चित और बेहतर टैलेंट वाले खिलाड़ी थे। महिला टीम हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में गई। भले ही देर से भारत ने एशियन गेम्स में क्रिकेट में हिस्सा लिया पर शानदार डेब्यू किया। महिला टीम ने एशियन गेम्स क्रिकेट में भारत का पहला गोल्ड जीता और पुरुष टीम ने भी उसके बाद गोल्ड हासिल किया। इस तरह लगातार दो एशियन गेम्स क्रिकेट इवेंट में हिस्सा लेने से इनकार के बावजूद भारत के पास दो गोल्ड हैं और उनका रिकॉर्ड अन्य किसी भी टीम से बेहतर है। बीसीसीआई के नजरिए में आए बदलाव ने छवि को बदला। 2010 और 2014 में, साफ आरोप थे कि भारत का ध्यान क्रिकेट को बढ़ावा देने से ज्यादा क्रिकेट के कमर्शियल मुनाफे में है। 2023 तक वैसे भी भारत क्रिकेट में एक बड़ी पावर बन चुका था। वही सिलसिला अब जारी है और 2026 के आइची-नागोया एशियन गेम्स क्रिकेट की चर्चा में एक बार भी ये सवाल नहीं उठा कि क्या भारत टीम भेजने में इच्छुक नहीं? इस बार वे दोनों इवेंट में मौजूदा चैंपियन हैं और फिर से गोल्ड जीतने का इरादा है।
Asia Cup Record: पुरुष-महिला दोनों में भारत का जलवा, कुल 17 ट्रॉफियों के साथ सबसे आगे
Asia Cup Record: पुरुष-महिला दोनों में भारत का जलवा, कुल 17 ट्रॉफियों के साथ सबसे आगे
Asian Market Today: मंगलवार, 15 सितंबर को अमेरिकी सेमीकंडक्टर शेयरों में ज़बरदस्त बिकवाली के बाद एशियाई शेयरों में गिरावट आई। इस बिकवाली से यह डर पैदा हो गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास की रफ़्तार धीमी हो सकती है।MSCI का एशिया-पैसिफिक इक्विटी इंडेक्स 0.1% नीचे आया। जापान और दक्षिण कोरिया के बेंचमार्क इंडेक्स भी गिरे, जो सोमवार को वॉल स्ट्रीट में आई गिरावट के अनुरूप था, जब फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 5.9% गिर गया था - यह दो महीने से ज़्यादा समय में सबसे बड़ी गिरावट थी। Nvidia Corp और Intel Corp सबसे ज़्यादा नुकसान उठाने वाली कंपनियों में शामिल थीं।Kospi में 0.44% की गिरावट आई, जबकि जापान का Topix 0.40% गिरा। Nikkei 225 ने इस ट्रेंड के उलट 0.21% की बढ़त हासिल की। Hang Seng फ्यूचर्स में 0.6% की तेज़ी आई।इस बीच, लंबे वीकेंड के बाद दलाल स्ट्रीट (शेयर बाज़ार) के खुलने से पहले, GIFT Nifty कारोबार की सकारात्मक शुरुआत का संकेत दे रहा है।जापानी येन 154.45 प्रति डॉलर पर स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.7091 प्रति डॉलर पर लगभग अपरिवर्तित रहा।यह बिकवाली Anthropic के CEO डारियो अमोदेई के बयान के बाद हुई, जिन्होंने चेतावनी दी थी कि सिस्टम के इंसानी नियंत्रण से बाहर निकलने और भारी नुकसान पहुँचाने के जोखिम को टालने के लिए 'फ्रंटियर AI' (अत्याधुनिक AI) के विकास की गति धीमी की जानी चाहिए। OpenAI के सैम ऑल्टमैन और SpaceX/Tesla के एलन मस्क ने भी इस चेतावनी का समर्थन किया।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सावधानी बरतने की इस मांग का विरोध किया और आलोचकों पर AI डेटा सेंटरों के प्रति जनता के विरोध के पीछे एक बीमार साज़िश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने तर्क दिया कि विकास की गति धीमी होने से केवल चीन को ही फ़ायदा होगा। वहीं, चीनी अधिकारियों ने सुरक्षा चेतावनियों को महज़ डर फैलाने की कोशिश बताया और इस बात को खारिज कर दिया कि बीजिंग की AI प्रगति से कोई सुरक्षा जोखिम है।बॉन्ड मार्केट ने भी चिंता बढ़ाई। शुरुआती एशियाई कारोबार में 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5% के आसपास रही। सोमवार को यह यील्ड 2023 के बाद पहली बार इस स्तर से ऊपर गई थी।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, बढ़ते राजकोषीय घाटे, भारी मात्रा में बॉन्ड जारी होने और AI से जुड़ी बढ़ती फाइनेंसिंग ज़रूरतों के बीच निवेशकों ने लंबी अवधि के डेट (कर्ज़) को होल्ड करने के लिए ज़्यादा रिटर्न की मांग की। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से पूरी इकॉनमी में उधार लेने की लागत बढ़ जाती है और भविष्य की कॉर्पोरेट कमाई की मौजूदा वैल्यू कम हो जाती है, जिससे पहले से ही रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब चल रहे इक्विटी वैल्यूएशन पर दबाव पड़ता है।बुधवार को होने वाले पॉलिसी फ़ैसले से पहले बॉन्ड मार्केट में आई गिरावट ने US फ़ेडरल रिज़र्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं, क्योंकि मार्केट में ब्याज दरें बढ़ने की 95% संभावना जताई जा रही है।इस बीच, तेल की कीमतों में भी तेज़ी जारी रही। ब्रेंट क्रूड 0.7% बढ़कर $107 प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा है और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.7% बढ़कर $102.12 प्रति बैरल हो गया है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, ठीक उसी समय जब फ़ेडरल रिज़र्व कोई कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games 2026 से बाहर होने पर घुड़सवार Anush Agarwalla ने जताई निराशा
भारतीय ड्रेसेज घुड़सवार अनुष अगरवाला ने एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का मौका नहीं मिलने पर निराशा जताई और कहा कि महाद्वीपीय खेलों के इस बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने का मौका नहीं मिलने से वह आहत हैं। अगरवाला ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट में कहा कि आइची-नागोया एशियाई खेलों में हिस्सा लेने का उनका सपना अब आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। उन्होंने उस प्रक्रिया को लेकर भी नाराजगी जताई, जिसके कारण उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘‘एशियाई खेल 2026 का सपना आधिकारिक रूप से खत्म हो गया है। ’’उन्होंने लिखा, ‘‘मैं इस समय जो दर्द और खालीपन महसूस कर रहा हूं, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मैंने हमेशा बेहद गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व किया है और आगे भी करता रहूंगा। लेकिन इस बार मैं बहुत आहत हूं, इसलिए नहीं कि मैं हार गया, बल्कि इसलिए कि मुझे प्रतिस्पर्धा करने का मौका ही नहीं दिया गया। ’’अगरवाला हांग्झोउ एशियाई खेलों में भारत की स्वर्ण पदक जीतने वाली ड्रेसेज टीम का हिस्सा थे और उन्होंने व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य पदक भी जीता था। उन्हें शुरुआत में 2026 एशियाई खेलों के लिए रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना गया था।
भारत ने रविवार (13 सितंबर) को दुबई में खेले गए महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम किया। हालांकि, टीम की इस शानदार जीत के बाद भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ (Kranti Gaud) पर आईसीसी ने कार्रवाई की है। क्रांति गौड़ पर उनकी मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और साथ ही उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। आईसीसी ने उन्हें लेवल-1 के अपराध का दोषी पाया है। यह घटना श्रीलंका की 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पारी के शुरुआती ओवर में हुई थी। दरअसल, श्रीलंका की पारी के पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ ने इमेशा दुलानी को आउट कर दिया था। विकेट लेने के बाद भारतीय गेंदबाज ने बल्लेबाज को पवेलियन की तरफ जाने का इशारा दिया था। आईसीसी ने इस इशारे को ऐसा व्यवहार माना, जो बल्लेबाज को उकसाने या उसके खिलाफ अपमानजनक संकेत देने की श्रेणी में आता है। क्रांति गौड़ का यह व्यवहार आईसीसी आचार संहिता(ICC Code of Conduct) के आर्टिकल 2.5 के तहत आता है। यह नियम किसी बल्लेबाज के आउट होने के बाद ऐसे शब्दों, हरकतों या इशारों से जुड़ा है, जो उसके प्रति अपमानजनक हों या उसे आक्रामक प्रतिक्रिया के लिए उकसा सकते हों। क्रांति गौड़ ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास की ओर से प्रस्तावित सजा को भी मान लिया। इसलिए इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। Also Read: LIVE Cricket Score भारतीय गेंदबाज के लिए राहत की बात यह है कि पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला अपराध है। ऐसे में उन्हें किसी बड़ी सजा का सामना नहीं करना पड़ा और सिर्फ 10 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना तथा एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया है। आपको बता दें कि आईसीसी के नियमों के मुताबिक लेवल-1 के अपराध सबसे कम गंभीर श्रेणी में आते हैं। इन मामलों में खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी से लेकर मैच फीस के 50 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अपराध की प्रकृति के आधार पर खिलाड़ी के खाते में एक या दो डिमेरिट पॉइंट भी जोड़े जा सकते हैं।
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026: भारत दौरे पर आएगी पाकिस्तान टीम, पंजाब के मोहाली और जालंधर में भिड़ंत
एशियाई खेल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय हॉकी के मैदान से एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक खेल सुर्खी सामने आई है, जिसने सीमा पार खेल प्रेमियों के बीच जबरदस्त उत्सुकता पैदा कर दी है। बहुप्रतीक्षित पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 के लिए पाकिस्तान हॉकी टीम का आधिकारिक तौर पर भारत दौरा तय हो गया है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को हॉकी इंडिया और पंजाब सरकार ने एक संयुक्त उच्चस्तरीय संवाददाता सम्मेलन में टूर्नामेंट के पूर्ण कार्यक्रम और तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया। यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट 27 अक्टूबर से लेकर 5 नवंबर 2026 तक पंजाब की ऐतिहासिक खेल धरती पर भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी पंजाब के दो प्रमुख खेल केंद्रों—जालंधर और मोहाली—को सौंपी गई है, जहां एशियाई महाद्वीप की छह दिग्गज टीमें प्रतिष्ठित एशियाई खिताब को अपने नाम करने के लिए आमने-सामने होंगी।पंजाब में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ: सीएम भगवंत मान ने किया तारीखों का ऐलानपंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली स्थित अत्याधुनिक खेल परिसर में हॉकी इंडिया के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति में एएचएफ (AHF) पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 की आधिकारिक तारीखों और आयोजन योजना पर औपचारिक मुहर लगाई। इस ऐतिहासिक घोषणा के समय मंच पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह, महानिदेशक कमांडर आर के श्रीवास्तव, कार्यकारी बोर्ड के सदस्य व पूर्व दिग्गज हॉकी खिलाड़ी आर पी सिंह तथा हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली विशेष रूप से मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब हमेशा से भारतीय हॉकी की नर्सरी और जीवनरेखा रहा है, जिसने देश को दर्जनों ओलंपियन और कप्तान दिए हैं। ऐसे में राज्य सरकार इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट को अब तक का सबसे भव्य, सुरक्षित और तकनीकी रूप से उन्नत खेल आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है ताकि पंजाब की समृद्ध खेल संस्कृति का परचम वैश्विक पटल पर एक बार फिर गर्व से लहरा सके।मोहाली और जालंधर में बंटे मुकाबले: ओपनिंग जालंधर में, सेमीफाइनल-फाइनल मोहाली मेंटूर्नामेंट के मैच वेन्यू और संचालन ढांचे की विस्तृत जानकारी देते हुए हॉकी इंडिया ने स्पष्ट किया कि एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का भव्य उद्घाटन समारोह (ओपनिंग सेरेमनी) और शुरुआती लीग स्टेज के सभी रोमांचक मैच जालंधर के विश्वप्रसिद्ध ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। वहीं टूर्नामेंट के निर्णायक नॉकआउट दौर यानी रोमांचक सेमीफाइनल और खिताबी फाइनल मुकाबले मोहाली के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में फ्लडलाइट्स के नीचे आयोजित किए जाएंगे। इस टूर्नामेंट में मेजबान भारत और चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की राष्ट्रीय टीमें मैदान पर अपना जौहर दिखाएंगी। एशियाई हॉकी महासंघ (AHF) ने किसी भी आपात स्थिति, लॉजिस्टिकल अड़चन या अंतिम समय में किसी टीम के हटने की संभावना को देखते हुए ओमान और बांग्लादेश की राष्ट्रीय हॉकी टीमों को आधिकारिक रूप से स्टैंडबाय और रिजर्व टीमों की सूची में रखा है।पाकिस्तान के आगमन पर सीएम भगवंत मान का बड़ा बयान: 'मल्टी-नेशन इवेंट में अड़चन नहीं'टूर्नामेंट में पाकिस्तान हॉकी टीम के भारत आगमन और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर पूछे गए तीखे सवालों का सीधा जवाब देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट और संतुलित रुख अपनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों द्वारा स्वीकृत बहु-पक्षीय (मल्टी-नेशन) टूर्नामेंटों में विदेशी टीमों की भागीदारी से किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय खेल संहिताओं और ओलंपिक चार्टर के नियमों से बंधा होता है। उन्होंने साफ शब्दों में स्पष्ट किया कि यह कोई द्विपक्षीय सीरीज (Bilateral Series) नहीं है, बल्कि एक बहु-देशीय एशियाई चैंपियनशिप है। मुख्यमंत्री के इस रुख से यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट या हॉकी सीरीज पर लगी पाबंदियों के बावजूद बहु-देशीय प्रतियोगिताओं में खेल भावना को प्राथमिकता देते हुए टीमें निष्पक्ष रूप से एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं।द्विपक्षीय सीरीज पर भारत की अटूट केंद्रीय खेल नीति: आतंकवाद और खेल साथ नहींपाकिस्तान के साथ सीधी द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं के संबंध में भारत सरकार की आधिकारिक केंद्रीय खेल नीति आज भी बेहद स्पष्ट, अपरिवर्तित और अडिग है। केंद्र सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि सीमा पार आतंकवाद और द्विपक्षीय खेल रिश्ते कभी एक साथ आगे नहीं बढ़ सकते। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने आतंकी ठिकानों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक संक्षिप्त सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के द्विपक्षीय राजनीतिक अथवा खेल संपर्कों पर पूर्ण प्रतिबंध जारी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC), अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) और एशियाई खेल निकायों के कड़े नियमों के तहत भारत किसी भी वैश्विक या एशियाई बहु-राष्ट्रीय टूर्नामेंट में किसी विदेशी टीम के प्रवेश पर मनमाना वीटो नहीं लगा सकता, जिसके चलते पाकिस्तानी हॉकी दल को इस बहु-देशीय टूर्नामेंट के लिए भारतीय वीजा और सुरक्षा क्लीयरेंस प्रदान किया जा रहा है।
Asia Cup: 'मोहसिन नकवी से नहीं लेंगे ट्रॉफी' एशिया कप फाइनल से पहले ही BCCI ने दी थी चेतावनी!
Asia Cup 2026: विमेंस एशिया कप के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर 8वीं बार एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। वहीं एशिया कप जीतने के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। भारत के मैच जीतने के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी होने में काफी समय लगा। प्रजेंटेशन सेरेमनी करीब 40 मिनट बाद शुरू हुआ। वहीं इसके बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी में सबसे पहले मैच अधिकारियों को सम्मानित किया गया।श्रीलंकाई टीम की कप्तान ने मोहसिन नकवी से उपविजेता ट्रॉफी और चेक लिया। इस दौरान भारतीय टीम स्टेज पर नहीं आई। अथापट्टू के इंटरव्यू खत्म होने के बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी खत्म कर दी गई। वहीं अब भारतीय टीम के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने पर बीसीसीआई ने अपना रिएक्शन दिया है।बीसीसीआई ने क्या कहाद इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) को पहले ही साफ कर दिया था कि अगर भारतीय टीम विमेंस एशिया कप जीतती है, तो वह पाकिस्तान के गृह मंत्री और एसीसी अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी नहीं लेगी। ऐसे में भारतीय टीम का जीत के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में शामिल न होना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, क्योंकि एसीसी को इसकी जानकारी पहले से ही थी।हेड कोच ने क्या कहाभारत के हेड कोच अमोल मजूमदार ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, बीसीसीआई ने यह स्टैंड लिया है और हम इस पर कायम हैं। हमारे लिए, यह टूर्नामेंट खत्म हो गया है। हम चैंपियन हैं। यह काफी है। बड़े बोर्ड पर भारत को एशिया कप 2026 का चैंपियन बताया गया है। जब मजूमदार से पूछा गया कि भारत को ट्रॉफी कब मिलेगी, तो उन्होंने कहा, अभी तक कोई खबर नहीं है। इसलिए, मैं इसका जवाब नहीं दे सकता।पिछले साल भी नहीं लिया था ट्रॉफीइस पूरे मामले ने पिछले साल सितंबर में हुए पुरुषों के एशिया कप फाइनल की घटना को फिर से याद दिला दिया। बता दें पिछले साल सितंबर में हुए पुरुष एशिया कप में भी भारत ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इसके चलते मैच खत्म होने के तुरंत बाद प्रजेंटेशन सेरेमनी नहीं हो सका और प्रेजेंटेशन शुरू होने में एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया था। अब महिला एशिया कप के फाइनल में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जिससे दोनों घटनाओं के बीच समानता की चर्चा होने लगी।भारत ने क्यों नहीं लिया ट्रॉफीमोहसिन नकवी इस समय एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन और पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को लेकर दिए गए उनके बयानों के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने उनसे ट्रॉफी नहीं लेने का फैसला किया था।Women’s Asia Cup 2026: महिला एशिया कप में ट्रॉफी पर विवाद, नकवी के हाथों से कप लेने नहीं पहुंची टीम इंडिया
Asian Champions Trophy Hockey: भारत में खेलेगी पाकिस्तान की टीम, CM Bhagwant Mann ने दी जानकारी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान उन छह देशों में शामिल है जो अगले महीने यहां होने वाली पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी प्रतियोगिता में भाग लेंगी। उन्होंने केंद्र सरकार की उस नीति का हवाला दिया जिसके तहत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में इन दोनों कट्टर प्रतिद्वंद्वी देशों को भारतीय धरती पर खेलने की अनुमति दी जाती है। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी 27 अक्टूबर से पांच नवंबर तक जालंधर और मोहाली में खेली जाएगी। इसमें भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया भाग लेंगे। अगर कोई टीम टूर्नामेंट से हटती है तो उसकी जगह ओमान या बांग्लादेश को दी जाएगी। इस टूर्नामेंट का आयोजन एशियाई हॉकी महासंघ के तत्वावधान में हर वर्ष किया जाता है लेकिन पिछले साल इसका आयोजन नहीं हुआ था। भारत 2023 (चेन्नई) और 2024 (हुलुनबुइर, चीन) में खिताब जीतकर मौजूदा चैंपियन के रूप में प्रतियोगिता में प्रवेश करेगा। पाकिस्तान की भागीदारी और इसके लिए आवश्यक मंजूरी मिल जाने के बारे में पूछे जाने पर मान ने कहा, ‘‘बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में कोई समस्या नहीं है। हो सकता है कि द्विपक्षीय श्रृंखलाएं (भारत और पाकिस्तान के बीच) न हो सकें।’’केंद्र सरकार की खेल नीति के अनुसार भारत पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलेगा। भारत ने पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ संक्षिप्त सैन्य अभियान चलाया था। पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। खेल मंत्रालय ने हालांकि ओलंपिक चार्टर का पालन करते हुए कहा है कि दोनों देश बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक दूसरे का सामना कर सकते हैं और भारत इस तरह की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों को अपने देश में खेलने से नहीं रोकेगा। इसके बावजूद पाकिस्तान ने पिछले साल तमिलनाडु में खेले गए जूनियर हॉकी विश्व कप से अपना नाम वापस ले लिया था। उसने इसका कारण ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ना बताया था। मान ने कहा कि एसीटी के लीग चरण के मैच जालंधर में, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली स्टेडियम में खेले जाएंगे। इस अवसर पर हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के हॉकी संघों के बीच ‘अच्छे संबंध’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सबके सामने यह बात कहना चाहता हूं कि भारत और पाकिस्तान के हॉकी संघों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। आपने गौर किया होगा कि जब भी मैं जाता हूं और अगर भारतीय टीम पाकिस्तान को हरा देती है, तो मैं सबसे पहले पाकिस्तानी टीम से मिलता हूं। वहां के लड़के (खिलाड़ी) भी बहुत सम्मान देते हैं।
BCCI ने Asia Cup ट्रॉफी विवाद को बताया संस्थागत फैसला
(कुशान सरकार)नयी दिल्ली, 14 सितंबर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को कहा कि महिला क्रिकेट टीम का एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के पाकिस्तानी प्रमुख मोहसिन नकवी से एशिया कप ट्रॉफी नहीं लेना बोर्ड का मौजूदा परिस्थितियों और भावनाओं को ध्यान में रखकर लिया गया ‘सोचा समझा संस्थागत’ फैसला है। भारतीय महिला टीम ने रविवार को दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया, लेकिन उन्होंने नक़वी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। इससे पहले 2025 में भारतीय पुरुष टीम ने भी एशिया कप जीतने पर पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। उस आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे। सैकिया ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमने सभी मौजूदा पहलुओं पर विचार करते हुए सोच समझ कर यह फैसला लिया था। हमने पहले ही एसीसी को अपनी स्थिति से अवगत करा दिया था कि इन परिस्थितियों में भारतीय टीम पुरस्कार वितरण समारोह में भाग नहीं लेगी।’’उन्होंने कहा, ‘‘देश में व्याप्त परिस्थितियों और भावनाओं पर गौर करते हुए बीसीसीआई को लगा कि टीम के लिए प्रस्तावित तरीके से ट्रॉफी लेना उचित नहीं होगा।’’सैकिया ने कहा, ‘‘यह एक दृढ़ संस्थागत निर्णय था, जो हमारे रुख को दर्शाता है। इसका मकसद खिलाड़ियों, टूर्नामेंट या खेल पर सवाल उठाना नहीं था।’’पिछले साल अप्रैल में हुए आतंकी हमले के बाद मई में दोनों देशों के बीच संक्षिप्त सैन्य टकराव भी हुआ था। इस बात पर बहस चल रही है कि क्या भारत को पाकिस्तान के खिलाफ सभी मैचों का बहिष्कार करना चाहिए। इस संदर्भ में सैकिया ने दोहराया कि सभी खेल प्रतिबद्धताओं को हमेशा पूरा किया जाएगा क्योंकि भारत सरकार ने उन्हें बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पड़ोसी देश के साथ खेलने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया कप में हमारी भागीदारी एसीसी के सदस्य के रूप में हमारी खेल प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और मौजूदा नीति का पालन करने के लिए थी। खेल भावना या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से समझौता करने का कोई सवाल ही नहीं था। हालांकि बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेना और ट्रॉफी हासिल करने का तरीका दो अलग-अलग मामले हैं।’’किसी भी खिलाड़ी की इच्छा होती है कि वह ट्रॉफी उठाए लेकिन बीसीसीआई सचिव इस बात से खुश हैं कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम ने अपना काम बखूबी अंजाम दिया। उन्होंनेकहा, ‘‘भारतीय महिला टीम ने वह कर दिखाया है जो सबसे ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशिया कप जीता है। हमें और पूरे देश को टीम पर बहुत गर्व है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों और भारतीय क्रिकेट की है।’’महिला टीम अब जापान के लिए रवाना होगी जहां वह एशियाई खेलों में अपने खिताब का बचाव करने के लिए उतरेगी। सैकिया ने कहा, ‘‘अभी हमारा पूरा ध्यान एशियाई खेलों पर है और हम इस समय उनकी तैयारियों से ध्यान भटकाने वाली किसी भी चीज को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
Asia Cup में कब तक चलेगा ट्रॉफी को लेकर विवाद? मोहसिन नकवी अब नहीं बन पाएंगे भारत की राह में रोड़ा
महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफतौर पर इनकार कर दिया। इससे पहले, भारतीय पुरुष टीम ने भी साल 2025 में खिताब जीतने के बाद मोहसिन के हाथों से ट्रॉफी नहीं ली थी। हालांकि, सवाल यह है कि मोहसिन के कारण ट्रॉफी को लेकर चला आ रहा यह विवाद कब तक चलेगा? दरअसल, मोहसिन नकवी 3 अप्रैल, 2025 को एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के अध्यक्ष बने थे। एसीसी के अध्यक्ष का कार्यकाल 2 साल का होता है, जिसे सर्वसम्मति से ही आगे बढ़ाया जा सकता है। नियमों के अनुसार, मोहसिन 3 अप्रैल, 2027 तक इस पद पर बने रहेंगे। एशिया कप का आयोजन 2 साल में एक बार होता है। अगला पुरुष एशिया कप जून 2027 में खेला जाना है। इसका मतलब यह है कि 2027 में होने वाले एशिया कप के दौरान मोहसिन एसीसी के अध्यक्ष पद पर नहीं रहेंगे। ऐसे में अगले एशिया कप में ट्रॉफी को लेकर विवाद खड़ा नहीं होगा। महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से साफतौर पर इनकार कर दिया। इससे पहले, भारतीय पुरुष टीम ने भी साल 2025 में खिताब जीतने के बाद मोहसिन के हाथों से ट्रॉफी नहीं ली थी। हालांकि, सवाल यह है कि मोहसिन के कारण ट्रॉफी को लेकर चला आ रहा यह विवाद कब तक चलेगा? Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय टीम समापन समारोह में शामिल नहीं हुई। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भारत के चैंपियन बनने के बाद खिलाड़ियों से मिलते दिखाई दिए थे। देवजीत सैकिया ने 'आईएएनएस' को बताया कि अप्रैल पहलगाम में हुई घटना के बाद से भारत के रिश्ते और ज्यादा बिगड़ गए हैं और टीम ऐसे इंसान से ट्रॉफी नहीं ले सकती, जो भारत के खिलाफ काम कर रहा हो। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की ओर से ट्रॉफी विवाद को सुलझाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन यह प्रयास पूरी तरह से नाकाम रहा। Article Source: IANS
Team India और Asian Games: होटल विवाद से लेकर Gold Medal तक, जानें पूरा मामला
आईची-नागोया में 2026 एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीमों के रहने के इंतजाम को लेकर पिछले दिनों एक अजीब विवाद सा बना रहा। वजह साफ है कि क्रिकेट स्टार इंटरनेशनल टूर पर शानदार फाइव-स्टार होटलों में रहने के आदी जबकि इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने साफ कर दिया कि क्रिकेटर होने का मतलब ये नहीं कि उन्हें एशियन गेम्स के दौरान रहने के लिए अलग से कोई खास सुविधा मिलेगी। संदेश बड़ा साफ था: अगर बीसीसीआई को ये मंजूर नहीं और उन्हें अपने खिलाड़ियों को गेम्स के लिए तय जगह के बाहर ठहराना है, तो ऐसा कर लें लेकिन तब होटल, खाना, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और खिलाड़ियों को समय पर वेन्यू तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी बीसीसीआई की ही होगी। चलो अब यह मामला सुलझ गया है। बीसीसीआई राजी है कि भारत की पुरुष और महिला टीम नागोया में वहीं रहेंगे जहां आयोजकों ने उनके लिए इंतजाम किया है। वैसे आपको बता दें कि 2026 एशियन गेम्स अपने आप में अनोखे हैं और इस तरह के और गेम्स के उलट, यहां कोई एक पारंपरिक 'एथलीट्स विलेज' नहीं बनाया है। खर्चा बचाने के लिए इस बार सभी एथलीट को होटलों, अस्थायी कंटेनर-जैसे घरों और 'कोस्टा सेरेना' क्रूज शिप (जो एक तरह से तैरता हुआ गेम्स विलेज ही है) का इस्तेमाल कर रहे हैं। गेम्स के लिए 17000 से ज्यादा एथलीट और अधिकारी के आने से नागोया और उसके आस-पास रहने के इंतजाम में दिक्कत तो आएगी ही। इस समय की रिपोर्ट ये है कि पुरुष टीम 'एपीए होटल नागोया एकिमाए' में रुकेगी, जबकि महिला टीम को 'मेइतेत्सु ग्रैंड होटल' में ठहरेगी। वैसे चिंता तो ये होने चाहिए थी कि क्या क्रिकेट ग्राउंड, पिच, ड्रेसिंग रूम और मैच से जुड़े और इंतजाम सही हैं या नहीं? ये मुद्दा भी उछला और इसलिए नए सिरे से इंस्पेक्शन हुए और उनके बाद, एशियन क्रिकेट काउंसिल इन इंतजाम को हरी झंडी दिखा दी। ग्वांगझू 2010 (Guangzhou 2010) ऐसे पहले एशियन गेम्स थे जिसमें क्रिकेट भी खेले। तब तो सभी क्रिकेट टीम ऑफिशियल एशियन गेम्स विलेज में ही ठहरी थीं। ये एक पूरा रिहायशी कॉम्प्लेक्स जैसा था जिसमें एथलीट और अधिकारी अलग-अलग बनी रेजिडेंशियल बिल्डिंग में ठहरे और उन्हें कॉमन डाइनिंग, ट्रांसपोर्ट, सिक्योरिटी और गेम्स से जुड़ी दूसरी सुविधाएं मिलीं। पॉलिसी साफ थी: अलग-अलग खेलों के एथलीट एक ही गेम्स माहौल में रहे, साथ-साथ कॉमन डाइनिंग सुविधा में खाना खाया और ऑफिशियल ट्रांसपोर्ट सिस्टम से ही कॉम्पिटिशन वेन्यू तक जाते थे। इस तरह क्रिकेट, एशियन गेम्स में कोई अलग खेल नहीं, बड़े मल्टी-स्पोर्ट विलेज सिस्टम के हिस्से के तौर पर शामिल हुआ था। बीसीसीआई ने चूंकि अपनी कोई टीम न भेजी तो यहां क्रिकेटरों के लिए हुए इंतजाम की कोई खास चर्चा भी न हुई। Also Read: LIVE Cricket Score इंचियोन 2014 (Incheon 2014) में भी लगभग इसी मॉडल पर इंतजाम किया था। तब मुख्य एथलीट्स विलेज, गुवोल-डोंग में बनाया और वहां अलग-अलग साइज के अपार्टमेंट वाली 22 बिल्डिंग थीं। विलेज में 24 घंटे कैफेटेरिया, फिटनेस सुविधाएं, एक पॉलीक्लिनिक, प्रेयर रूम और अन्य दूसरी जरूरी सेवाएं उपलब्ध थीं। अलग-अलग खेलों के एथलीट एक ही माहौल में रहे और गेम्स के लिए उपलब्ध एक जैसी बुनियादी सुविधाओं को इस्तेमाल किया। बीसीसीआई ने चूंकि अपनी कोई टीम न भेजी तो यहां क्रिकेटरों के लिए हुए इंतजाम की कोई खास चर्चा भी न हुई। जब 2023 में एशियन गेम्स हांगझोऊ (Hangzhou) में हुए तो रहने के इंतजाम का मॉडल बदल गया था। वहां तब एक बहुत बड़ा एथलीट्स विलेज बनाया था, जिसमें रहने, खाने, आराम करने और कल्चरल एक्टिविटी का सब इंतजाम था। इस बार बीसीसीआई ने अपनी दोनों टीम भेजीं। तब भी आयोजकों ने अपने आप भारत की क्रिकेट टीम को विलेज में नहीं, हांगझोऊ के एक होटल में ठहराया था। बहरहाल क्रिकेटर विलेज आते-जाते रहे। वहां अलग-अलग खेलों के एथलीट को एक ही राष्ट्रीय झंडे के नीचे रहते और मुकाबला करते देखा। भारत के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ ने इस अनुभव के बारे में बाद में बताया कि ऐसे विजिट से खिलाड़ियों को ये एहसास हुआ कि एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मतलब क्या होता है? दूसरे खेलों के एथलीट से मिले, बातचीत की, दूसरी भारतीय टीमों को मुकाबला करते देखा और उन खेलों में हो रही मेहनत और त्याग को समझा। आम तौर पर क्रिकेट वाले इस तरफ कहां ध्यान देते हैं? इस अनुभव ने क्रिकेटरों को एशियन गेम्स के एक बड़े खास पहलू का परिचय दिया; क्रिकेट भले ही भारत के सबसे बड़े खेलों में से एक हो, लेकिन गेम्स के दौरान यह एक बहुत बड़े खेल परिवार का सिर्फ एक हिस्सा है। इसलिए ही गोल्ड जीतने के बाद, भारत की दोनों क्रिकेट टीम अपने होटल लौटने से पहले, गेम्स विलेज गई थीं और उनका वहां बाकी खिलाड़ियों ने वैसे ही स्वागत किया था जैसे वे अपने देश के और गोल्ड जीतने वालों का कर रहे थे। टकराव में असली सवाल ये है कि क्या क्रिकेट को, अपनी जबरदस्त कमर्शियल ताकत और सुपर स्टार खिलाड़ियों के साथ मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में अलग इंतजाम मिले? चलो अच्छा हुआ कि इस बार ये मुद्दा, इससे पहले कि कोई बड़ा टकराव बनता, सुलझ गया। दोनों तरफ की बात रह गई: होटल में खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरे और जरूरी सुविधाएं मिलेंगी जबकि आयोजक सभी खेलों को बराबरी का दर्जा देने के अपने उसूल पर कायम रहे। असल में इस सब फाइव-स्टार सुविधा के चक्कर सबसे बड़ी चुनौती की चर्चा तो छूट ही गई। एशियन गेम्स कोई आम क्रिकेट टूर या सीरीज नहीं हैं। ये खेलों का एक बड़ा जश्न है। भारतीय क्रिकेट के लिए, इसके अपने माहौल में रहना और खेलना, एशियन गेम्स के अनुभव का उतना ही खास हिस्सा है जितना कि गोल्ड मेडल जीतना। रहने और खेलने के इंतजाम के मुद्दे के सुलझने के बाद अब क्रिकेट में भारत का पूरा फोकस अपने दो टाइटल बचाने पर होना चाहिए।
Harmanpreet Kaur Record: हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की कैप्टेंसी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम (India Women's Cricket Team) ने बीते रविवार, 13 सितंबर को दुबई के मैदान पर विमेंस एशिया कप 2026 (Women's Asia Cup 2026) के फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से रौंदकर चैंपियन का खिताब जीता। गौरतलब है कि इसी के साथ उन्होंने इतिहास रचकर महान मिताली राज (Mithali Raj) का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। विमेंस एशिया कप की नंबर-1 कप्तान: 37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर की कैप्टेंसी में टीम इंडिया ने चौथी बार विमेंस एशिया कप का टाइटल जीता है। खास बात ये है कि अब हरमनप्रीत कौर इस टूर्नामेंट के इतिहास की नंबर-1 कप्तान बन गईं हैं। उन्होंने भारत की ही पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज़ मिताली राज का रिकॉर्ड तोड़कर ये कारनामा किया है। मिताली की कैप्टेंसी में भारत ने तीन बार एशिया कप का टाइटल जीता था। बताते चलें कि हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारत ने साल 2012, 2016, 2022 और अब 2026 में एशिया कप की ट्रॉफी जीती। वहीं मिताली राज की कैप्टेंसी में टीम इंडिया ने साल 2005, 2006 और 2008 में ये टाइटल जीता। इनके अलावा ममता माबेन की कप्तानी में भी भारत ने साल 2004 में विमेंस एशिया कप जीता था। मैच का हाल: विमेंस एशिया कप 2026 का फाइनल दुबई के मैदान पर खेला गया था जहां टीम इंडिया की कैप्टन हरमनप्रीत कौर ने ही टॉस जीता और पहले बल्लेबाज़ी करने का फैसला किया। कैप्टन कौर के फैसले को भारतीय सलामी बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने सही साबित किया और पहले विकेट के लिए 12.5 ओवर में 129 रन ठोके दिए। India Women have conquered the Asia Cup once again, defeating Sri Lanka Women to lift the trophy for the 8th time! #INDWvSLW #AsiaCup2026 pic.twitter.com/YqHvxxwS9q — CRICKETNMORE (@cricketnmore) September 13, 2026 Also Read: LIVE Cricket Score स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों पर 59 रन बनाए, वहीं शेफाली वर्मा ने 39 गेंदों पर 68 रनों की पारी खेली। इस शानदार शुरुआत के दम पर टीम इंडिया ने अपनी पारी के 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन जोड़े। गौरतलब है कि इसके जवाब में श्रीलंका की टीम 20 ओवर में ऑलआउट होकर 111 रन बना पाई और ऐसे टीम इंडिया ने 72 रनों से फाइनल जीता। टीम इंडिया ने रिकॉर्ड आठवी बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया है।
Women Asia Cup 2026: खिताब जीतने के बाद ट्रॉफी लेने मंच पर नहीं पहुंची भारतीय टीम, मोहसिन नकवी को लेकर मचा विवाद
Women's Asia Cup 2026: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 8वीं बार जीता एशिया कप, श्रीलकां को हराया
इंटरनेट डेस्क। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर से एशिया कप जीत लिया है। इस मैच में शैफाली वर्मा (68 रन) और स्मृति मंधाना (59 रन) की शानदार अर्धशतकीय पारियों के बाद गेंदबाजों की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर भारतीय महिला टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से हराकर 8वीं बार एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा किया। भारतीय टीम ने मैच में 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 183 रन बनाए थे। जवाब में श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 111 रन पर ही ढेर हो गई। हालांकि मैच जीतने के बाद भारतीय महिला टीम ने एशिया कप की ट्रॉफी को पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड के एशियन क्रिकेट काउंसिल के चीफ मोहसिन नकवी के हाथों से लेने से इनकार कर दिया। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने चौथी बार एशिया कप का खिताब जीता है। इसके साथ ही वह अब सबसे ज्यादा बार एशिया कप ट्रॉफी जीतने वाली कप्तान बन गई हैं। इस मामल में उन्होंने मिताली राज को पीछे छोड़ दिया है। मिताली राज की कप्तानी में भारतीय टीम ने 3 बार एशिया कप जीता था। pc- cricinfo.com
दुबई में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद एक बार फिर क्रिकेट और भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव की तस्वीर मैदान पर दिखाई दी। श्रीलंका को 72 रन से हराकर भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीता, लेकिन टीम ने ट्रॉफी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान […] यह लेख Women Asia Cup : मोहसिन नकवी को फिर ‘NO’! Operation Sindoor जारी ! सर्वप्रथम tfipost.in पर प्रकाशित हुआ है
Women Asia Cup: एशिया कप जीतने पर PM Modi ने भारतीय महिला टीम को दी बधाई, जमकर की तारीफ
Women Asia Cup: एशिया कप जीतने पर PM Modi ने भारतीय महिला टीम को दी बधाई, जमकर की तारीफ
Asian Market Today: तेल की कीमतों में नई तेजी, सख़्त मॉनेटरी पॉलिसी की बढ़ती उम्मीदों और AI कंपनियों के ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं ने निवेशकों के मूड पर असर डाला जिसके चलते सोमवार को एशियाई शेयर बाजार में दबाव देखने को मिला।सेमीकंडक्टर और AI से जुड़े शेयरों में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। दक्षिण कोरिया की SK Hynix में 5% से ज़्यादा और जापान की Kioxia में 9% से ज़्यादा की गिरावट आई। Samsung Electronics में लगभग 4% और Advantest में 4.7% की गिरावट आई, जो AI इन्वेस्टमेंट साइकल से जुड़ी कंपनियों के प्रति सावधानी को दर्शाता है।चिप शेयरों में यह बिकवाली तब हुई जब AI क्षेत्र के बड़े अधिकारियों ने ज़्यादा शक्तिशाली सिस्टम से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मॉडल डेवलपमेंट की रफ़्तार को धीमा करने की बात कही। Anthropic के CEO डारियो अमोदेई ने इंडस्ट्री से डेवलपमेंट धीमा करने और मज़बूत सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा, जबकि OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और xAI के CEO एलन मस्क ने भी इस पहल का समर्थन किया।निवेशक अब यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या AI से जुड़े बिज़नेस से होने वाली कमाई, ज़्यादा एडवांस्ड मॉडल बनाने और चलाने के लिए ज़रूरी भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को सही ठहरा पाएगी। इससे ज़्यादा वैल्यूएशन वाले टेक्नोलॉजी शेयर, खर्च, रिटर्न या AI को अपनाने की रफ़्तार को लेकर चिंताएं बढ़ने पर तेज़ी से उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।साथ ही, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी एशियाई बाज़ारों पर दबाव बढ़ाया। सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 2% से ज़्यादा की बढ़त हुई और यह $107 प्रति बैरल के आसपास रहा, जबकि पिछले हफ़्ते इसमें लगभग 9% की बढ़त हुई थी।सऊदी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर और खाड़ी में शिपिंग पर नए हमलों ने ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावट की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जबकि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर ओमान में होने वाली बैठक टाल दी गई।लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने की संभावना से महंगाई और ब्याज दरों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। उम्मीद से ज़्यादा अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद, बाज़ार अब बुधवार को फेडरल रिज़र्व द्वारा ब्याज दरों में 25-बेसिस-पॉइंट की बढ़ोतरी की ज़्यादा संभावना मानकर चल रहे हैं।निवेशक इस हफ़्ते के आखिर में बैंक ऑफ़ जापान द्वारा ब्याज दरों में क्वार्टर-पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी की भी ज़्यादा संभावना देख रहे हैं।जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.7% गिरा, जबकि दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क इंडेक्स 3.3% नीचे आया। जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.8% गिरा। US इक्विटी फ्यूचर्स भी बाज़ार के कमज़ोर शुरुआत की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसमें Nasdaq 100 फ्यूचर्स में लगभग 1% की गिरावट है।बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इक्विटी वैल्यूएशन पर और दबाव बढ़ रहा है, खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स पर, जहां भविष्य की कमाई की उम्मीदें पहले से ही ज़्यादा हैं। 10-साल की US ट्रेजरी यील्ड 5% के करीब बनी हुई है, जबकि पिछले हफ़्ते 2-साल की यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई।फिर भी, कुछ निवेशकों का मानना है कि AI डेवलपमेंट और खर्च में कमी आने से आखिरकार इस सेक्टर को फ़ायदा हो सकता है, क्योंकि कंपनियों को पहले से लगाए जा रहे कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से रिटर्न पाने के लिए ज़्यादा समय मिल जाएगा।हालांकि, बाज़ार के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या AI इन्वेस्टमेंट की मौजूदा रफ़्तार से इतनी ज़्यादा कमाई हो पाएगी जो ऊँचे वैल्यूएशन को बनाए रख सके।Crude Oil Price: सऊदी अरब के इस कदम से बढ़ी सप्लाई में रुकावट की आशंका, ब्रेंट क्रूड $108 के करीब
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला एशिया कप 2026 के खिताबी मुकाबले में श्रीलंका को मात देकर एक बार फिर महाद्वीप पर अपना दबदबा कायम किया है। हालांकि, पुरस्कार समारोह में भारतीय महिला टीम ने ACC अध्यक्ष और PCB प्रमुख मोहसिन ...
एशियाई हॉकी चैंपियन ट्रॉफी: सीएम भगवंत मान आज जारी करेंगे कार्यक्रम, पहली बार मेजबानी कर रहा पंजाब
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज एशियाई हॉकी चैंपियन ट्रॉफी 2026 का कार्यक्रम जारी करेंगे।
Women’s Asia Cup 2026:भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में महिला एशिया कप के फाइनल के बाद होने वाली ट्रॉफी प्रेजेंटेशन में शामिल नहीं हुई। माना जा रहा है कि टीम ने एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 2025 के पुरुष एशिया कप फाइनल की याद दिलाता है। तब भी भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी नहीं ली थी और वह ट्रॉफी लेकर दुबई स्थित ACC के ऑफिस चले गए थे, जहां वह अब भी रखी हुई है।बता दें कि हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रन से हराया। जीत के बाद टीम ने हमेशा की तरह जश्न मनाया और ब्रॉडकास्टर को इंटरव्यू भी दिए। आमतौर पर इसके 15-20 मिनट बाद ट्रॉफी प्रेजेंटेशन शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार इसमें एक घंटे से ज्यादा का समय लग गया।इस दौरान BCCI सेक्रेटरी देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने मैदान के पास भारतीय टीम के खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने टीम के साथ ड्रेसिंग रूम में हुई निजी मेडल सेरेमनी में भी हिस्सा लिया।पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, नकवी ट्रॉफी देने के इरादे से मैदान पर पहुंचे थे; ACC चीफ के तौर पर यह उनका फैसला था। उन्होंने सेरेमनी में भी हिस्सा लिया और रनर-अप रहने पर श्रीलंकाई कप्तान चमारी अथापथु को चेक सौंपा।लेकिन भारतीय टीम, कोच और अधिकारी मंच के आस-पास कहीं नजर नहीं आए। पाकिस्तानी मीडिया का यह भी दावा है कि वह शायद महिला एशिया कप की ट्रॉफी एक बार फिर ACC ऑफिस ले जाएंगे।मोहसिन नकवी के लिए फिर वही कहानीआपको बता दें कि नकवी पिछले साल भारत-पाकिस्तान के पुरुषों के फाइनल मैच के दौरान भी उसी जगह मौजूद थे, जहां इसी तरह का विवाद हुआ था। टूर्नामेंट जीतने के बाद, भारतीय टीम ने नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था और टीम ने कहा था कि ट्रॉफी किसी दूसरे ICC या ACC अधिकारी के हाथों दिलाई जाए।ऐसा इसलिए क्योंकि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के कारण टूर्नामेंट के दौरान भारत ने जो रुख अपनाया था, यह उसी का हिस्सा था। टीम ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ मैचों से पहले और बाद में पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से पहले ही इनकार कर दिया था, और फिर भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ टूर्नामेंट में मिली तीन जीतों में से पहली जीत भारतीय सेना को समर्पित की थी।कहा जाता है कि BCCI के नकवी से ट्रॉफी नहीं लेने के फैसले को उनके उन पुराने बयानों से भी जोड़कर देखा गया, जो उन्होंने देश के केंद्रीय गृह मंत्री के तौर पर भारत को लेकर दिए थे। हालांकि, नकवी ने ट्रॉफी किसी दूसरे अधिकारी के हाथों देने से इनकार कर दिया। इसके चलते मैदान में काफी देर तक स्थिति साफ नहीं हो सकी। हालाँकि, नकवी ने किसी और अधिकारी को ट्रॉफ़ी सौंपने से इनकार कर दिया, जिससे वहाँ गतिरोध पैदा हो गया। आखिरकार, वे ट्रॉफी लेकर मैदान से चले गए और उसे एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के ऑफ़िस ले गए।इसके बाद शुक्ला समेत भारतीय अधिकारियों ने ICC की बैठकों में यह मुद्दा उठाया, लेकिन नकवी अपनी बात पर अड़े रहे। उनका कहना था कि भारत को ट्रॉफी उनके ऑफ़िस से ही लेनी होगी, न कि किसी दूसरे अधिकारी को उसे सौंपने दिया जाएगा।यह भी पढ़ें:Vaibhav Sooryavanshi: आज भारत में होगा वैभव सूर्यवंशी का T20 डेब्यू? टूटेंगे कई रिकॉर्ड
Women's Asia Cup फाइनल में Sri Lanka को 72 रन से हराकर भारत ने जीता आठवां खिताब
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने रविवार को कहा कि श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब जीतना टीम के लिए तय किए गए ऊंचे मानकों पर लगातार खरा उतरने का नतीजा है। शेफाली वर्मा (68) और स्मृति मंधाना (59) के शानदार अर्धशतकों के बाद श्री चरणी (20 रन पर चार विकेट) की अगुआई में गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया। इस जीत के साथ भारत ने पिछले सत्र के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला लेते हुए आसानी से खिताब वापस हासिल किया। हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हमने अपने लिए कुछ बहुत ऊंचे मानक तय किए थे और हमें हर दिन उन पर खरा उतरना था। जिस तरह से हम सभी ने मिलकर प्रदर्शन किया, उससे मैं काफी खुश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि हमारे अंदर कितनी क्षमता है और हमारे पास एक शानदार टीम है। हमने अपने तय मानकों के अनुरूप खेला, क्योंकि यहां आने से पहले हमने इसी बारे में चर्चा की थी। हमारे कुछ मानक हैं और हमें हर दिन उन पर खरा उतरना है।’’कप्तान ने कहा, ‘‘हम सभी के प्रदर्शन से बहुत खुश हैं। लड़कियों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में 184 रन का स्कोर खड़ा करना बड़ी बात है।’’सलामी बल्लेबाजों शेफाली और मंधाना की तारीफ करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘हम सभी जानते थे कि वापसी करना आसान नहीं होगा, लेकिन हमारी सलामी बल्लेबाजों ने हमारे लिए शानदार काम किया। स्मृति और शेफाली ने जिस तरह बल्लेबाजी की, वह बेहतरीन था।’’उन्होंने कहा, ‘‘शेफाली का टूर्नामेंट बहुत अच्छा रहा। उन्हें जिम्मेदारी लेते हुए बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए योगदान करते देखना अच्छा लगा। ’’मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी टीम के मजबूत बल्लेबाजी प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने शेफाली की आक्रामकता, मंधाना की शैली और टीम के तीन प्रमुख स्पिनरों के योगदान को जीत में अहम बताया। मजूमदार ने मैच के बाद कहा, ‘‘सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ पर बेहद गर्व है। आज पिच शानदार था और हमने उसका अच्छा फायदा उठाया। हमारी बल्लेबाजी बहुत मजबूत रही और हमने बहुत अच्छी शुरुआत की।’’उन्होंने कहा, ‘‘पूरे टूर्नामेंट के दौरान पिच थोड़ी धीमी रही और गेंद काफी टर्न हुई। इसलिए बड़ा स्कोर बनाकर उसका बचाव करना हमारी रणनीति थी। हमारे पास तीन शानदार स्पिनर थे और यही हमारी रणनीति थी।’’शेफाली और मंधाना की सलामी जोड़ी के बारे में मजूमदार ने कहा कि दोनों की अलग-अलग शैली एक-दूसरे की पूरक है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बाएं औश्र दाएं हाथ के बल्लेबाजों का संयोजन है। शेफाली की अपनी शैली है। उनकी ताकत और आक्रामकता विपक्षी टीम को दबाव में डाल देती है। स्मृति में शानदार सहजता है और दोनों एक-दूसरे की शैली की पूरक हैं।’’भारत को 183 रन तक पहुंचाने में पांच गेंद में चौका और छक्का लगाकर नाबाद 15 रन बनाने वाली 18 वर्षीय जी कमालिनी ने कहा कि उनके लिए यह जीत खास है। कमालिनी ने कहा, ‘‘यह बिल्कुल अलग एहसास है। मैं 18 साल की हूं और टीम में कई सीनियर खिलाड़ी हैं। मैंने उनसे मानसिक रूप से बहुत कुछ सीखा है। सीनियर खिलाड़ियों का रवैया यह है कि वे 100 रन पर आउट हों या शून्य पर, उनका मानसिक संतुलन एक जैसा रहता है। मैंने उनसे यही सीखा है।’’भारत के लिए अपना पहला बड़ा टूर्नामेंट खेल रहीं मध्यम गति की गेंदबाज नंदनी शर्मा ने कहा कि टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है और उन्होंने क्रांति गौड़ के साथ अपनी गेंदबाजी साझेदारी की योजना के लिए टीम के साथियों और सहयोगी स्टाफ को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए यह मेरा पहला बड़ा टूर्नामेंट है, इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है। इसका श्रेय मेरी टीम की साथियों और सहयोगी स्टाफ को जाता है। उन्होंने स्पष्ट योजनाएं बनाई थीं। सभी का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है। अब हमारा ध्यान अभ्यास पर रहेगा और उम्मीद है कि हम एशियाई खेलों में भी जीत हासिल करेंगे।’’विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने प्रशंसकों को शानदार माहौल बनाने का श्रेय दिया और कहा कि कुछ विकेट हासिल करने के बाद टीम को भरोसा था कि वह अपने स्कोर का बचाव कर लेगी। ऋचा ने कहा, ‘‘प्रशंसकों ने जिस तरह हमारा समर्थन किया और उत्साह बढ़ाया, उससे माहौल शानदार रहा। शुरुआत में गेंद अच्छी तरह बल्ले पर आ रही थी लेकिन बाद में पिच धीमी होने लगी। हमारे बल्लेबाजों ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और हमें पता था कि अगर हम दो विकेट हासिल कर लें तो उन्हें रोकने में सफल रहेंगे।
एशिया कप ट्रॉफी को लेकर गतिरोध लगातार दूसरे साल भी जारी रहा जब खिताब जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली भारतीय टीम ने यहां श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार एशिया कप का खिताब जीता। खिताबी जीत के बाद हालांकि पुरस्कार वितरण समारोह के लिए भारतीय खिलाड़ी मैदान पर नहीं आईं। पिछले साल भारतीय पुरुष टीम ने भी नकवी से एशिया कप की ट्रॉफी और पदक लेने से इनकार कर दिया था। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष भी हैं। भारतीय टीम को अभी तक वह एशिया कप ट्रॉफी नहीं मिली है, जिसे बाद में एसीसी के कार्यालय में रखा गया था। सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम ने पिछले साल ट्रॉफी के बिना ही मंच पर जश्न मनाया था। इस बार बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया द्वारा नंदनी शर्मा को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक का पदक दिए जाने के बाद भी भारतीय महिला टीम की खिलाड़ी पुरस्कार वितरण समारोह के लिए मैदान पर नहीं लौटीं। श्रीलंकाई टीम ने नकवी से उपविजेता का चेक स्वीकार किया। इससे पहले श्रीलंका क्रिकेट के अंतरिम प्रमुख एरान विक्रमरत्ने ने टीम के खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को पदक प्रदान किए। नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चामरी अटापट्टू को पुरस्कार प्रदान करने के बाद तुरंत स्टेडियम छोड़ दिया। पिछले साल के विपरीत इस बार वह हालांकि ट्रॉफी अपने साथ लेकर नहीं गए।
भारत ने 8वीं बार जीती Women's Asia Cup की ट्रॉफी, फाइनल में श्रीलंका को दी 72 रन से बड़ी हार
Women's Asia Cup 2026 Final, IND-W vs SL-W: महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 183 रन बनाए, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम 111 रन पर सिमट गई। भारत ने 8वीं बार ट्रॉफी जीती। महिला एशिया कप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और श्रीलंका के बीच रविवार (13 सितंबर) को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया। इस खिताबी मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी कर निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 183 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने इस स्कोर की नींब रखते हुए पहले विकेट के लिए 77 गेंदों में 129 रन की साझेदारी की। स्मृति ने 39 गेंदों में 59 रन बनाए, जबकि शेफाली वर्मा ने 39 गेंदों में 68 रन ठोके। इन दोनों के अलावा ऋचा घोष ने 17 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 14 रन बनाए। श्रीलंका के लिए गेंदबाजी में कप्तान चमारी अट्टापट्टू, मिताली अयोध्या, चामुडी प्रबोदा ने 1-1 विकेट हासिल किया। 184 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका के लिए कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाईं। सलामी बल्लेबाज औ कप्तान चमारी अटापट्टू ने कुछ संघर्ष बनाते हुए 32 गेंदों में 36 रन बनाए, लेकिन बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही। इसके अलावा विश्मी गुणरत्ने ने 20 और निलाक्षिका सिल्वा ने 22 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी यह दोनों भी नहीं खेल पाईं। वहीं अन्य 8 बल्लेबाज तो दहाई का आंकड़ा भी नहीं पारी कर पाई और श्रीलंका 20 ओवर में 111 रन बनाकर सिमट गई। Also Read: LIVE Cricket Score भारत के लिए गेंदबाजी में श्री चरणी ने 4 विकेट लिए। दीप्ति शर्मा को 3 विकेट मिले, जबकि प्रेमा रावत, क्रांति गौड़ और शेफाली वर्मा को 1-1 वकेट मिला।
Junior Asia Cup Hockey: फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर भारत रिकॉर्ड छठी बार बना चैंपियन
भारत ने रविवार को यहां फाइनल में कोरिया पर 4-1 से जीत से अपना पुरुष जूनियर एशिया कप खिताब बरकरार रखते हुए विश्व कप में जगह पक्की की। भारत ने रिकॉर्ड छठी बार यह महाद्वीपीय खिताब जीता। भारत ने इससे पहले 2004, 2008, 2015, 2023 और 2024 में खिताब जीते थे। इस छठी जीत ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीम के तौर पर अपने स्थान को और मजबूत किया है। अजीत यादव ने नौवें मिनट में डिफ्लेक्शन के जरिए गोल करके भारत को बढ़त दिलाई। कप्तान अनमोल एक्का ने 13वें मिनट में मिले मौके को गोल में बदलकर भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। कोरिया को पहले क्वार्टर के आखिर में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन भारतीय डिफेंस ने कोरियाई हमले को नाकाम कर दिया। फिर भारत ने 21वें मिनट में अपना तीसरा गोल किया जिसमें प्रभदीप सिंह ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को नेट में पहुंचाया। कोरिया ने मैच में वापसी करने की कोशिश की, लेकिन भारत का डिफेंस मजबूत और अनुशासित रहा। भारत पहले हाफ के ब्रेक में 3-0 की मजबूत बढ़त बनाए था। भारत ने आखिरी क्वार्टर की शुरुआत भी इसी आक्रामक इरादे के साथ की और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। कोरिया ने शुरू में गोल करने की कई कोशिशों को रोका, लेकिन रेफरल के बाद भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। कोरिया का रेफरल असफल रहा जिससे भारत को पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रखने का मौका मिला। भारत ने इस मौके का फायदा उठाया और आशु मौर्य ने 50वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त को 4-0 कर दिया। फाउल के बाद कोरिया को पेनल्टी स्ट्रोक मिला और कप्तान ली मिनह्योक ने 54वें मिनट में गोल करके अपनी टीम के लिए एकमात्र गोल किया। टीम की शानदार उपलब्धि को देखते हुए हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी के लिए तीन-तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के हर सदस्य के लिए डेड़-डेड़ लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की।
माधवन के बेटे Asian Games 2026 में छाने को तैयार, स्पॉटलाइट से हैं दूर
एक्टर आर माधवन के बेटे और स्विमर वेदांत माधवन एशियाई खेल 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदों और स्टार किड के दबाव के बावजूद वेदांत का पूरा ध्यान सिर्फ अपने लक्ष्य पर दे रहे हैं.
Tanvi Patri ने Shaina Manimuthu को हराकर Badminton Asia U-17 का खिताब जीता
पंद्रह साल की भारतीय खिलाड़ी तन्वी पत्री ने रविवार को फाइनल में हमवतन शाइना मणिमुथु को कड़े मुकाबले में हराकर बैडमिंटन एशिया अंडर-17 एवं अंडर-15 जूनियर चैंपियनशिप में लड़कियों के अंडर-17 एकल का खिताब जीत लिया। ओडिशा की तन्वी ने मणिमुथु को 11-15, 15-10, 15-12 से शिकस्त दी। तन्वी ने इस साल पोंटियानक अंतरराष्ट्रीय चैलेंज में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता था और इसके बाद बेंगलुरु में अखिल भारतीय जूनियर अंडर-19 बैडमिंटन रैंकिंग टूर्नामेंट भी अपने नाम किया। इस तरह तन्वी ने 2024 में जीते अपने अंडर-15 एशियाई खिताब के साथ महाद्वीपीय अंडर-17 खिताब भी जोड़ लिया है। दूसरी वरीयता प्राप्त तन्वी ने फाइनल तक पहुंचने के दौरान कई मुश्किल मुकाबले खेले। पहले दौर में बाई मिलने के बाद उन्होंने चीन की झोउ जिंग ली को 18-16, 12-15, 15-13 से हराकर अभियान की शुरुआत की। इसके बाद जापान की शिजुकु काशियो को 15-9, 15-12 से हराया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने चीन की लिन हेंग मेन के खिलाफ 15-8, 15-8 की शानदार जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में तन्वी ने दबाव के बावजूद अपना संयम बनाए रखा और चीन की यू यिंग गुई को 15-9, 11-15, 15-11 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। ड्रॉ के दूसरे हिस्से में छठी वरीयता प्राप्त शाइना मणिमुथु ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई और बेंगलुरु फाइनल की तरह तन्वी से भिड़ंत तय की। मणिमुथु ने क्वार्टर फाइनल में जापान की यूई इताबाशी को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में उन्होंने एक अन्य जापानी खिलाड़ी अनोन ओकिमोटो को 15-13, 15-12 से हराया। तन्वी की जीत के साथ अंडर-17 लड़कियों के एकल का खिताब लगातार दूसरे साल भारत के पास बरकरार रहा। 2025 में दीक्षा सुधाकर ने यह ऐतिहासिक खिताब जीता था। पिछले साल अंडर-15 एशियाई खिताब जीतने वाली मणिमुथु को इस बार रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अंडर-15 वर्ग में भी भारत के खाते में एक और पदक जुड़ा। लड़कों की युगल जोड़ी आदित्य सिंह नेगी और तन्मय वर्मा ने कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी शनिवार को सेमीफाइनल में चीनी ताइपे की बो लिन हो और जुई एन होउ की जोड़ी से 5-15, 10-15 से हार गई। इसके साथ ही भारतीय दल का इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में सफल अभियान समाप्त हुआ।
Junior Asia Cup में भारतीय महिला हॉकी टीम चैंपियन, चीन को 1-0 से हराया
मोकी (चीन) 13 सितंबर सानिका चंद्रकांत माने के गोल की बदौलत भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार एएचएफ जूनियर एशिया कप का खिताब अपने नाम करते हुए जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। गत चैंपियन भारत के लिए सानिका ने 17वें मिनट में निर्णायक गोल किया। खिताबी मुकाबले की शुरुआत में दोनों टीमें गेंद पर पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करते दिखी। चीन ने अधिक समय तक गेंद अपने कब्जे में रखते हुए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य बनाए रखा और शुरुआती दबाव को अच्छी तरह झेला। पहले क्वार्टर के आगे बढ़ने के साथ भारत की रक्षापंक्ति और मजबूत होती गई। मेजबान टीम भारतीय सर्किल में कोई स्पष्ट मौका बनाने में नाकाम रही। दूसरे क्वार्टर के शुरू होने के दो मिनट बाद भारत ने अपने पहले बड़े मौके को गोल में बदल दिया। सानिका ने शानदार सूझबूझ दिखाते हुए चीन की डिफेंडर के पीछे जगह बनाई और गोल से करीब पांच मीटर की दूरी पर पहुंच गईं। उन्होंने चीन की सर्किल में आए लंबे स्लैप-पुश पर अपनी स्टिक लगाकर खूबसूरत डिफ्लेक्शन किया, जिससे गेंद गोलकीपर शू मेंगजियाओ को छकाते हुए नेट में चली गई। चीन के पास बराबरी करने का एकमात्र मौका पेनल्टी कॉर्नर से मिला।चीन का सीधा शॉट निर्धारित ऊंचाई से ऊपर गोल में पहुंचा और नियमों के तहत उसे अमान्य करार दिया गया। इससे भारतीय खेमे ने राहत की सांस ली, जबकि घरेलू दर्शकों को निराशा हाथ लगी। हाफ टाइम से दो मिनट पहले भारत बढ़त को दोगुना करने का मौका गंवा दिया। कप्तान खैदेम शिलेमैमा चानू ने गोल पर शानदार शॉट लगाया, लेकिन चीन की गोलकीपर ने तेजी से गेंद को बाहर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में चीन ने अधिक आक्रामक रुख अपनाया और सात मिनट बाद बराबरी के करीब पहुंच गया। बेसलाइन से चीन के खिलाड़ी ने बेहतरीन मूव बनाते हुए गोल के सामने खतरनाक कट-बैक दिया, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने खतरे को भांपते हुए समय रहते गेंद को नियंत्रित कर लिया। अंतिम क्वार्टर पूरी तरह भारतीय रक्षा के धैर्य और दृढ़ता की परीक्षा बन गया। गत चैंपियन टीम ने अपने सर्किल के आसपास अनुशासित और मजबूत रक्षात्मक ढांचा बनाए रखा और चीन को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया। चीन ने आखिरी मिनटों में बराबरी के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी संरचना नहीं टूटने दी और संयम के साथ 1-0 की बढ़त बचाकर यादगार जीत दर्ज की। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया। एलीट पूल में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ शीर्ष पर रहने के बाद भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से करारी शिकस्त दी और फिर फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर लगातार तीसरी बार खिताब बरकरार रखा। इस शानदार उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने प्रत्येक खिलाड़ी को तीन लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ के प्रत्येक सदस्य को 1.5 लाख रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
New Delhi, 13 सितंबर . जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक एशियन गेम्स 2026 का आयोजन होना है. यह एशियन गेम्स का 20वां संस्करण है. इवेंट में भाग लेने वाली टीमें अपनी तैयारी के अंतिम चरण में हैं और ज्यादा से ज्यादा से पदक जीत अपने देश का नाम प्रतिष्ठित ... Read more
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि सच्चा ज्ञान कभी किसी विचारधारा का बंधक नहीं होता और उन्होंने एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ मुंबई के पास मौजूद ज्ञान के विशाल भंडार और संग्रह का इस्तेमाल देश और दुनिया की भलाई के लिए करने का आह्वान किया। एशियाटिक सोसाइटी ऑफ़ मुंबई में 'गणेश ज्ञानार्थी' प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ज्ञान को विचारधारा की सीमाओं से मुक्त रहना चाहिए और उसे बिना किसी रोक-टोक के विकसित होने देना चाहिए। शाह ने कहा, सच्चा ज्ञान कभी किसी विचारधारा का बंधक नहीं होता। ज्ञान अपने आप में एक विचारधारा है। अगर आप इसे किसी भी तरह से बांधते हैं, तो आप ज्ञान का मूल अर्थ ही बदल देते हैं। ज्ञान मुक्त और बेरोकटोक होना चाहिए, और उसका प्रसार भी मुक्त और बेरोकटोक होना चाहिए। इसे भी पढ़ें: NIA ने Saharanpur PNB करेंसी चेस्ट से जुड़े 17.29 करोड़ के जाली नोट मामले में बैंककर्मी को पकड़ा केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अब इस संस्थान में मौजूद ज्ञान, संपत्ति और संग्रह का इस्तेमाल करके एक महान भारत बनाने में योगदान देने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, इस बात पर चर्चा करने के बजाय कि एशियाटिक सोसाइटी क्यों बनी, किसने बनाई और किस मकसद से बनाई, हमें इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए कि यहाँ जमा संपत्ति, ज्ञान और संग्रह का इस्तेमाल एक महान भारत (महान भारत) बनाने में कैसे किया जा सकता है। शाह ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा इसे खत्म करने की बार-बार की गई कोशिशों के बावजूद बची रही; उन्होंने नालंदा का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, कोई नालंदा की लाइब्रेरी को जला सकता है, जहाँ महीनों तक ज़ोरदार धुआँ उठता रहा, लेकिन लोगों के दिमाग में याद और परंपरा (स्मृति और श्रुति) के तौर पर बसा ज्ञान—उस ज्ञान को कोई खत्म नहीं कर सकता। इसे भी पढ़ें: 'Mind Games' या Delimitation की चाल? Congress का PM Modi सरकार पर गंभीर आरोप उन्होंने कहा कि जो देश अपने इतिहास, यादों, मूल्यों, भाषाओं, रिकॉर्ड और परंपराओं को बचाकर रखते हैं, उन्हें आसानी से गुलाम नहीं बनाया जा सकता। शाह ने कहा, जो देश अपनी यादों, इतिहास, मूल्यों, भाषा, रिकॉर्ड और परंपराओं की रक्षा नहीं कर सकता - चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो - उसका अंत होने में ज़्यादा समय नहीं लगता। उन्होंने 'इंडोलॉजी' के नज़रिए से भारतीय ज्ञान की औपनिवेशिक व्याख्या की भी आलोचना की और कहा कि भारत की बौद्धिक परंपराओं का अध्ययन शुरू में औपनिवेशिक नज़रिए से किया गया था। उन्होंने कहा, भारत का ज्ञान भारत की आवाज़ में नहीं लिखा जा रहा था। भारत का ज्ञान औपनिवेशिक नज़रिए वाली भाषा में लिखा जा रहा था।
Joe Root का महारिकॉर्ड, Women's Asia Cup का फाइनल और IND vs AFG सीरीज; ये हैं आज की Top Cricket News
Top Cricket News: Joe Root ने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा, इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 3-0 से हराया, वहीं Team India आज Women’s Asia Cup Final खेलेगी। ENG vs PAK Test: इंग्लैंड ने 8 विकेट से जीता एजबेस्टन टेस्ट, पाकिस्तान को 3-0 से किया क्लीन स्वीप Joe Root ने तोड़ा सचिन तेंदुलकर का महारिकॉर्ड, टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक अर्धशतक मारने वाले बल्लेबाज़ बने Team India की नजर Women's Asia Cup में रिकॉर्ड आठवें खिताब पर, आज फाइनल में श्रीलंका से होगी भिड़ंत नेपाल ने UAE को हराकर जीता प्रीमियर लीग कप, एशिया कप 2027 के लिए किया क्वालीफाई भारत और अफगानिस्तान के बीच आज से शुरू होगी टी20 सीरीज, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाएगा पहला मुकाबला। Also Read: LIVE Cricket Score
भारतीय दल अगले कुछ दिनों में जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में चुनौती पेश करने उतरेगा। भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिन्होंने इन खेलों के हर संस्करण में हिस्सा लिया है।
Asia Cup Final में भारतीय और श्रीलंकाई स्पिनर्स के बीच रोमांचक मुकाबले की उम्मीद
INDvsSL अगर स्पिन गेंदबाज़ी महिला टी 20 एशिया कप के फ़ाइनल का फ़ैसला करती है, तो भारत और श्रीलंका दोनों के पास इसके लिए पर्याप्त विकल्प हैं। दीप्ति शर्मा की अगुवाई वाले भारत के स्पिन आक्रमण ने टूर्नामेंट में 26 विकेट लिए हैं, जो किसी भी टीम से सबसे ...
एशियाई खेलों में भारत के क्रिकेट मैच जल्दी शुरू होंगे, नोट कर लीजिए नई टाइमिंग
एशियाई खेलों में पुरुष क्रिकेट के कुछ मैचों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। भारतीय पुरुष टीम के मैच भारतीयसमयानुसार सुबह 10 बजे शुरू होंगे।
दक्षिण एशियाई देशों ने अवैध वन्यजीव व्यापार से निपटने में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया
बीजिंग, 12 सितंबर . दक्षिण एशियाई वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क के आठ सदस्य देशों ने 11 सितंबर को काठमांडू घोषणापत्र को अपनाया, जिसमें समन्वित कानून प्रवर्तन, वित्तीय जांच और आपराधिक न्याय सहयोग के माध्यम से अवैध वन्यजीव व्यापार से निपटने के लिए क्षेत्रीय प्रयासों को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. दक्षिण एशियाई वन्यजीव प्रवर्तन नेटवर्क ... Read more
Asian Games टीम से बाहर होने पर वुशु खिलाड़ी Divyanshi Choudhary ने महासंघ पर लगाए गंभीर आरोप
चिकित्सकीय आधार पर एशियाई खेलों की टीम से बाहर की गई वुशु खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने शनिवार को राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि जापान में प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उनकी जगह दूसरी खिलाड़ी को शामिल कर लिया गया। खेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी सूची में दिव्यांशी को आइची-नागोया एशियाई खेलों के लिए सात सदस्यीय वुशु टीम में शामिल किया गया था। लेकिन शुक्रवार को महिलाओं के 60 किग्रा सांडा वर्ग में उनकी जगह दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल कर लिया गया। इसका कारण बताया गया कि दिव्यांशी के (एसीएल टीयर) चोट लगी है। भारतीय वुशु संघ (डब्ल्यूएआई) ने दावा किया कि खिलाड़ी के एमआरआई में ‘एसीएल’ में चोट और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा होने की बात सामने आई थी, इसी वजह से उन्हें टीम से हटाया गया। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में दिव्यांशी ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में बहुत परेशान हो चुकी हूं। जून, जुलाई से लेकर अब सितंबर तक मुझे मानसिक रूप से बहुत परेशान किया गया है। मुझे इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि वह (रोशिबिना) एशियाई खेलों में जाना चाहती थीं। ’’कोटा की रहने वाली दिव्यांशी फिलहाल एनआईएस पटियाला में प्रशिक्षण ले रही हैं। रोते हुए दिव्यांशी ने कहा, ‘‘वह किसी और को क्यों नहीं जाने दे रही है? मैंने उसे (चयन ट्रायल में) हराया है। मुझे एशियाई खेलों में जाने का अधिकार है। ’’इसी दौरान एक बार उन्होंने आत्महत्या करने की धमकी भी दी। वह जिस इमारत की छत पर खड़ी थीं, उसके किनारे की ओर बढ़ गईं और नीचे जमीन की ओर इशारा किया। हालांकि संघ ने कहा कि दिव्यांशी को टीम से केवल चोट के कारण बाहर किया गया है। एक बयान में डब्ल्यूएआई ने दावा किया कि दिव्यांशी ने खुद संघ को बताया था कि उन्हें 24 से 29 जून तक चीन के हुबेई में आयोजित 2026 वुशु सांडा चैंपियनशिप के दौरान चोट लगी थी। एक महीने घर पर रहने के बाद दिव्यांशी 10 अगस्त को एनआईएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में वापस शामिल हुई थीं। इस बयान के अनुसार, ‘‘14 अगस्त 2026 को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने दर्द की शिकायत की और बताया कि यह ‘हैमस्ट्रिंग’ का मुद्दा है। उन्होंने 14 और 15 अगस्त को प्रशिक्षण नहीं लिया। 17 अगस्त को प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने फिर पैर की मांसपेशियों में में दर्द की शिकायत की और इसके बाद अगले दो-तीन दिनों तक हल्का प्रशिक्षण किया। ’’संघ ने कहा कि बार-बार चोट की शिकायत होने के कारण कोच ने खिलाड़ी से पूछा और उन्होंने बताया कि चीन में प्रतियोगिता के दौरान उन्हें चोट लगी थी तथा लौटने के बाद उन्होंने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी थी। उन्होंने एक महीने घर पर बिताया और फिर पटियाला के प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं। खेल मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा कि वुशु टीम में बदलाव ‘स्थापित नियम’ के तहत किया गया क्योंकि राष्ट्रीय संघ ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को सूचित किया था कि दिव्यांशी को चोट लगने के कारण टीम से हटाना पड़ेगा। खेल मंत्रालय के सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘वुशु संघ ने नौ सितंबर को आईओए को सूचित किया कि उन्हें चोट लगी है और उन्हें टीम से हटाना पड़ेगा। इसके अनुसार अंतिम टीम में बदलाव किए गए। चोट के कारण खिलाड़ी को बदलने के लिए मंत्रालय ने पहले से तय नियम के तहत इन बदलावों को मंजूरी दी। ’’संघ ने कहा कि माता-पिता की सहमति लेने के बाद 23 अगस्त को पटियाला के मणिपाल अस्पताल में दो फिजियोथेरेपिस्ट की निगरानी में एमआरआई कराया गया। संघ ने कहा, ‘‘24 अगस्त को एमआरआई रिपोर्ट साइ के खेल चिकित्सा विभाग को दिखाई गई और उन्होंने आगे की जांच के लिए खिलाड़ी को मणिपाल अस्पताल के ऑर्थोपेडिक डॉक्टर के पास भेजा। ऑर्थोपेडिक डॉक्टर और एक मेडिकल अधिकारी द्वारा आगे की चिकित्सकीय जांच और एमआरआई की समीक्षा के बाद पाया गया कि एसीएल में चोट है और काफी मात्रा में तरल पदार्थ जमा है। ’’संघ ने कहा कि खिलाड़ी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और लंबे समय के खेल करियर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, उपलब्ध चिकित्सकीय रिपोर्ट और चिकित्सा सलाह के आधार पर उसने आईओए, खेल मंत्रालय और साइ को ईमेल के जरिए सूचित किया कि खिलाड़ी चोटिल है और उसे स्वस्थ होने तक प्रतिस्पर्धात्मक गतिविधियों तथा पूर्ण प्रशिक्षण सत्रों से दूर रहने की चिकित्सकीय सलाह दी गई है। वहीं परेशान दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि अतीत में भी कुछ लोगों ने उन्हें शारीरिक रूप से परेशान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘जब श्रीनगर में हमारा 10 दिन का शिविर लगा था। उन्होंने जबरदस्ती मेरे कंधे को चोट पहुंचाई। इसकी वजह से मैंने चार-पांच दिन अभ्यास नहीं किया। फिर मैं फिट होकर चीन में प्रतियोगिता खेलने गई। मैंने यह सब सहन किया। देहरादून के पहले ट्रायल में उन्होंने जबरदस्ती मुझे हरा दिया। मेरे यूट्यूब चैनल पर इसका वीडियो है। ’’उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने उनसे कहा था कि चोट के बावजूद वह खेल सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे चोट लगी थी। मैंने इसे डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने कहा कि ‘टेपिंग करके आप आसानी से खेल सकती हैं’। मैं खेलना चाहती थी। लेकिन यहां मेरे कोच और महासंघ के पास जो मेरी एमआरआई रिपोर्ट थी, वो किसी और से साझा की जा रही है, क्यों? मेरी रिपोर्ट किसी और को क्यों भेजी जा रही हैं? ’’उन्होंने कहा, ‘‘डॉक्टर खुद पर्चे पर लिख रहे हैं कि यह खिलाड़ी खेल सकती है। तो इसे स्वीकार क्यों नहीं किया जा रहा? और जब आप इतना बड़ा फैसला ले रहे हैं तो कम से कम खिलाड़ी को इसकी जानकारी तो दें। अगर आप मेरा नाम हटा रहे हैं तो क्या मुझे इन सभी चीजों की जानकारी एक बार भी नहीं होनी चाहिए थी? ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपनी बात रखने का मौका भी मिलना चाहिए था। यह न्यायसंगत नहीं है। एशियाई खेलों में जाना और वहां भारत के लिए जीतना मेरा बहुत बड़ा सपना है।
Asian Games में महिला टीम को Gold दिलाना चाहती हैं Pranavi Urs
... अमित कुमार दास ...नयी दिल्ली, 12 सितंबर भारतीय गोल्फर प्रणवी उर्स का मानना है कि भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की मजबूत दावेदार है और इसके लिए जापान में निरंतर प्रदर्शन तथा अधिक से अधिक बर्डी के मौके बनाना अहम होगा। भारत एशियाई खेलों में छह सदस्यीय गोल्फ दल उतारेगा। महिला टीम में अदिति अशोक, दीक्षा डागर और प्रणवी उर्स शामिल हैं जबकि पुरुष वर्ग में युवराज संधू, वीर अहलावत और सप्तक तलवार देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। मैसूर की 23 वर्षीय प्रणवी ने ‘पीटीआई’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैं नतीजे के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहती। मैं अपनी प्रक्रिया पर कायम रहकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी।’’उन्होंने कहा कि गोल्फ आमतौर पर व्यक्तिगत खेल है इसलिए देश और टीम के लिए खेलने का अनुभव उनके लिए खास होगा। प्रणवी ने कहा, ‘‘गोल्फर के तौर पर हम ज्यादा टीम स्पर्धाएं नहीं खेलते। यह मुख्य रूप से व्यक्तिगत खेल है। इसलिए देश और टीम के लिए मैदान पर उतरना ऐसी चीज है, जिसका मैं इस साल बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। अदिति और दीक्षा के टीम में होने से यह सप्ताह और भी अच्छा रहेगा।’’भारत ने एशियाई खेलों में पिछली बार पुरुष वर्ग में 2002 में शिव कपूर के जरिए स्वर्ण पदक जीता था। प्रणवी ने कहा, “हमें ज्यादा से ज्यादा मौके बनाने, बर्डी के अवसर हासिल करने और गेंद को अच्छी तरह ड्राइव करने पर ध्यान देना होगा। पूरी टीम के खेल का एक साथ सही दिशा में आना जरूरी है, इसके लिए बहुत कम स्कोर करना जरूरी नहीं है। अगर हम हर दिन लगातार तीन-चार अंडर का स्कोर करते हैं, तो इससे हम अपने आप पदक की दौड़ में शामिल हो जाएंगे।’’लेडीज यूरोपीय टूर (एलईटी) पर लगातार खेल रही 23 वर्षीय प्रणवी ने कहा कि एशियाई खेलों का मैदान अंतरराष्ट्रीय सर्किट से बहुत अलग नहीं होगा क्योंकि सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों की कई शीर्ष खिलाड़ी एलईटी में खेलती है। अगस्त में आयरिश ओपन में संयुक्त 17वें स्थान पर रहने वाली प्रणवी ने कहा, ‘‘मैं इसे किसी अलग प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देख रही हूं। मैं मैदान पर उतरकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी और उम्मीद है कि पदक जीतने में सफल रहूंगी।’’कोच स्टीवन जूलियानो के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहीं प्रणवी का फिलहाल पूरा ध्यान अपने ‘अप्रोच शॉट’ को बेहतर करने और स्कोर बनाने के लिए खुद को बेहतर स्थिति में रखने पर है। उनका दीर्घकालिक लक्ष्य हालांकि एशियाई खेलों से कहीं आगे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘लेडीज यूरोपियन टूर पर खिताब जीतना मेरा सपना है, जिसके लिए मैं पिछले तीन साल से प्रयास कर रही हूं और उम्मीद है कि मुझे एलपीजीए में भी खेलने का मौका मिलेगा।
Supriya की हैट्रिक से भारत जीता, Junior Asia Cup फाइनल में बनाई जगह
पहले सेमीफ़ाइनल में दक्षिण कोरिया पर 5-1 की शानदार जीत के साथ भारत हॉकी जूनियर एशिया कप के फ़ाइनल में पहुँच गया। ड्रैग-फ़्लिक स्पेशलिस्ट सुप्रिया ने अहम मौक़े पर शानदार खेल दिखाया और पेनल्टी कॉर्नर से तीन गोल करके भारत को बढ़त दिलाने में मदद की। वहीं, मौजूदा चैंपियन ने संभलकर शुरुआत करने के बाद नॉकआउट मुक़ाबले में अपनी पकड़ मज़बूत की और हाफ़-टाइम से पहले ही मैच पर नियंत्रण बना लिया। 13वें मिनट में मधु सिदार ने गोल करके भारत को ज़रूरी बढ़त दिलाई; उन्होंने एक अटैकिंग मूव को गोल में बदलकर यह कामयाबी हासिल की। इसे भी पढ़ें: AHF Junior Asia Cup: भारत ने मलेशिया को 3-1 से हराकर फ़ाइनल में जगह बनाई इसके चार मिनट बाद सुप्रिया ने भारत की बढ़त को दोगुना कर दिया। 17वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और ड्रैग-फ़्लिक स्पेशलिस्ट ने सटीक शॉट लगाकर कोरियाई डिफ़ेंस को हैरान कर दिया। 2-0 की बढ़त बनाने के बाद भी 'ब्लू जर्सी' वाली भारतीय टीम ने बॉल पर कब्ज़ा और मैदान पर अपना दबदबा बनाए रखा, और उनके दबाव का नतीजा 21वें मिनट में एक और गोल के रूप में सामने आया। कोरियाई टीम के 23-मीटर एरिया में हवा में आई एक बॉल से सर्कल के अंदर एक क्रॉस बना, जिस पर सुखवीर कौर ने गोल करके टीम को 3-0 की बढ़त दिलाई। साउथ कोरिया ने ब्रेक से पहले वापसी की कोशिश की और कई मौके बनाए, लेकिन भारत का डिफेंस मज़बूत बना रहा और पहला हाफ 3-0 के स्कोर पर खत्म हुआ। भारत ने उसी आक्रामक इरादे के साथ खेल जारी रखा और जल्द ही बढ़त को और बढ़ा दिया। 33वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर सुप्रिया ने अपना दूसरा गोल करके स्कोर 4-0 कर दिया। हालांकि, 41वें मिनट में दक्षिण कोरिया को सफलता मिली, जब यूरी जियोंग ने सेट-पीस से गोल किया। इस गोल से अंतर कम होकर 4-1 हो गया और कोरियाई टीम को मोमेंटम वापस पाने का एक छोटा सा मौका मिला। इसे भी पढ़ें: भारत ने Hockey में Pakistan को 19-0 से रौंदा, Junior Asia Cup Semi-Final में धमाकेदार एंट्री इसके बावजूद, भारत ने अपना डिफेंस का अनुशासन बनाए रखा और दक्षिण कोरिया को वापसी करने का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मौजूदा चैंपियन टीम ने दूसरी तरफ भी मौके तलाशना जारी रखा और 56वें मिनट में एक और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। आखिरकार सुप्रिया ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी हैट्रिक पूरी की। भारत ने अंततः 5-1 से शानदार जीत दर्ज की। इस नतीजे से मौजूदा चैंपियन टीम एक और जूनियर एशिया कप खिताब जीतने की राह पर बनी हुई है। फाइनल में भारत का मुकाबला या तो मेजबान चीन से होगा या जापान से; दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम ही उनके प्रतिद्वंद्वी का फैसला करेगी।
Women's Asia Cup Final: श्रीलंका से भिड़ेगी भारतीय टीम, नजरें 8वें खिताब पर
सात बार की चैम्पियन भारतीय टीम की नजरें श्रीलंका के खिलाफ रविवार को महिला टी20 एशिया कप फाइनल में श्रीलंका को हराकर आठवीं बार खिताब जीतने पर लगी होंगी ओर इसके लिये शेफाली वर्मा के साथ दीप्ति शर्मा पर काफी दारोमदार रहेगा। दो अर्धशतक समेत 168 रन बना चुकी शेफाली भारत की सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज साबित हुई हैं और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन उन्होंने बनाये हैं। धीमी और स्पिनरों की मददगार दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की पिच पर भी उन्होंने सहज बल्लेबाजी की है। स्मृति मंधाना (154) ने एक शानदार शतक लगाया लेकिन दो मैचों में दोहरे अंक तक नहीं पहुंच सकी। शेफाली के प्रदर्शन में निरंतरता रही है। शेफाली को अपने चिर परिचित स्ट्रोक्स खेलने में भी परेशानी नहीं आई जबकि दूसरे बल्लेबाज जूझते नजर आये हैं। श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू के साथ सर्वाधिक 11 विकेट ले चुकी दीप्ति ने गेंदबाजी के अलावा बल्ले के जौहर भी दिखाये हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में छह गेंद में 13 रन बनाकर उन्होंने भारत को 150 रन के पास पहुंचाया। दीप्ति के साथ श्री चरणी और प्रेमा रावत ने भी उम्दा स्पिन गेंदबाजी की है और इन तीनों ने टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाये रखा है। दोनों टीमें फाइनल तक के सफर में अपराजेय रही हैं और पिछली बार 2024 में भारत को श्रीलंका ने ही फाइनल में आठ विकेट से हराया था। अटापट्टू की टीम ने भी पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और पाकिस्तान के खिलाफ जुझारूपन दिखाते हुए सेमीफाइनल में जीत दर्ज की। पहले दो ओवर में पांच रन पर दो विकेट और सातवें ओवर में 33 रन पर चार विकेट निकल जाने के बावजूद श्रीलंका ने 131 रन का लक्ष्य हासिल किया। हर्षिता समरविक्रमा ने सर्वाधिक 36 रन बनाये जबकि कविशा दिलहारी ने 33 रन का योगदान दिया। नीलाक्षिका सिल्वा और कौशिनी नुतियांगना ने फिनिशर की भूमिका बखूबी निभाई। दो साल पहले दाम्बुला में हर्षिता और अटापट्टू ने मिलकर भारत को फाइनल में जीत दर्ज करने से रोका था। दोनों ने अर्धशतकीय पारियां खेलकर लक्ष्य हासिल किया था। उस टीम के अधिकांश खिलाड़ी एक बार फिर फाइनल में होंगे और हरमनप्रीत कौर की टीम उन गलतियों को दोहराने से बचना चाहेगी। भारतीय बल्लेबाजी को मध्यक्रम की नाकामी और लचर क्षेत्ररक्षण की कमजोरियों से उबरना होगा। शेफाली के फॉर्म और मंधाना के शतक को छोड़ दिया जाये तो भारत के सभी बल्लेबाज अच्छी शुरूआत को बड़ी पारियों में बदलने में नाकाम रहे हैं। बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भारत ने चार कैच छोड़े और दो प्रतिका रावल के हाथ से छूटे। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ भी प्रतिका ने दो कैच टपकाये थे। थाईलैंड के खिलाफ पहले मैच में भी भारत ने दो कैच छोड़े थे यानी अब तक चार मैचों में नौ कैच छूट चुके हैं। टीमें :भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव। श्रीलंका : चामारी अटापट्टू (कप्तान), हर्षिता समरविक्रमा (उपकप्तान), इमेशा दुलानी, विष्मी गुणरत्ने, कौशिनी एन (विकेटकीपर), संजना कविंदी, हसिनी परेरा, निलाक्षिका सिल्वा, कविशा दिलहारी, मिताली अयोध्या, काव्या काविंदी, सुगंधिका कुमारी, निमाशा मीपागे, चामुदी प्रबोधा, चेतना विमुक्ति। मैच का समय : रात आठ बजे से।
एशियाई खेल: ऋषिकांत सिंह समेत 4 खिलाड़ी भारतीय दल से बाहर
घुटने की चोट और फिटनेस मानकों पर खरे न उतरने के कारण भारोत्तोलन और एथलेटिक्स टीम में बदलाव किया गया है।
इंटरनेट डेस्क। वुमेंस एशिया कप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच खेला गया। इस मैच में श्रीलंका ने पाकिस्तान को 4 विकेट से रौंदते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की की। भारत पहले ही बांग्लादेश को हराकर फाइनल में अपनी जगह बना चुका है और अब खिताबी जंग में उनका सामना श्रीलंका से होगा। भारत और श्रीलंका के बीच ये फाइनल मैच 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 130/5 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका ने इस टारगेट को 6 विकेट के नुकसान पर 18.4 ओवर में हासिल कर लिया। इस हार के साथ ही पाकिस्तान की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है। मुकाबले की बात करें तो पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 130 रन बनाए। टीम की शुरुआत कुछ खास नहीं रही और 17 ओवर तक पाकिस्तान की 5 विकेट पर सिर्फ 96 रन ही बन पाई थी। इसके बाद कप्तान फातिमा सना ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 36 गेंदों में 4 चौके और 2 छक्कों की मदद से 47 रनों की शानदार पारी खेली। pc- cricinfo.com
PM Narendra Modi ने ईरानी राष्ट्रपति Pezeshkian से की वार्ता, West Asia तनाव पर बातचीत पर जोर
(फोटो के साथ)नयी दिल्ली, 11 सितंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुरक्षित नौवहन और नाविकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए शुक्रवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए। दोनों नेताओं ने बैठक के दौरान भारत-ईरान संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की। दो सप्ताह से भी कम समय में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात थी। ईरान के राष्ट्रपति के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के कुछ घंटे बाद यह वार्ता हुई। राष्ट्रपति के रूप में पेजेश्कियान की यह पहली भारत यात्रा है। पेजेश्कियान का यह दौरा इसलिए अहम है क्योंकि यह ऐसे समय में हो रहा है जब ईरान के खिलाफ अमेरिका द्वारा नए दंडात्मक आर्थिक उपाय लागू किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव फिर से बढ़ गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम पर विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने एक बार फिर भारत के इस रुख को दोहराया कि सभी मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए।’’मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘‘क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता, नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने तथा नाविकों की सुरक्षा और कल्याण’’ पर भी जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोदी और पेजेश्कियान ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और प्रधानमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद ब्रिक्स से संबंधित बैठकों में नियमित रूप से उच्चस्तरीय भागीदारी के लिए ईरान का आभार जताया। मंत्रालय के अनुसार, ‘‘उन्होंने कहा कि ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के बीच लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास को बढ़ावा देने में ब्रिक्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।’’‘ग्लोबल साउथ’ से आशय दुनिया के कम संपन्न देशों से है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मोदी ने ब्रिक्स समेत बहुपक्षीय संगठनों में आपसी हित के मुद्दों पर दोनों देशों के बीच जारी सहयोग की सराहना की। मोदी ने 31 अगस्त को बिश्केक में ईरानी नेता से मुलाकात की थी और कहा था कि भारत संघर्ष को खत्म करने की दिशा में सभी प्रयासों का समर्थन करता है। पेजेश्कियान ने मोदी से आग्रह किया था कि भारत विभिन्न पक्षों के साथ अपने व्यापक संपर्कों का इस्तेमाल कर उन्हें युद्ध और खून-खराबे का रास्ता छोड़कर बातचीत और समझौते की राह पर लौटने के लिए प्रेरित करे। भारतीय पक्ष ने शुक्रवार शाम हुई बातचीत में एक बार फिर जहाजों के निर्बाध आवागमन के महत्व पर जोर दिया। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। इसे दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है और वैश्विक पेट्रोलियम का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है।
भारत को बड़ा झटका: एशियाई खेलों से बाहर हुए राष्ट्रमंडल खेल विजेता भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह, क्या है कारण?
हम किसी टीम को हरा सकते हैं, श्रीलंकाई कप्तान अथापट्टू का Asia Cup Final से पहले बड़ा बयान
महिला एशिया कप 2026 का फाइनल 13 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में होना है। खिताबी मुकाबले में एक बार फिर भारतीय टीम और श्रीलंका आमने-सामने है। फाइनल से पहले श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापट्टू ने कहा है कि उनकी टीम किसी भी टीम को हराने में सक्षम है। सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ दबाव की स्थिति से निकलते हुए जीत दर्ज करने के बाद चमारी अथापट्टू ने कहा कि उनकी टीम में इतनी गहराई और धैर्य है कि वे विमेंस एशिया कप फाइनल में किसी भी विरोधी टीम को हरा सकती है। कप्तान विशेष तौर पर अपनी टीम के युवा खिलाड़ियों से प्रभावित नजर आईं। श्रीलंकाई कप्तान ने कहा, टीम की ताकत उन खिलाड़ियों की संख्या में है जो हालात के मुताबिक जिम्मेदारी लेने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा, हमारे पास हर्षिता, नीलाक्षिका, कविशा जैसे अच्छे फिनिशर हैं। ज्यादातर खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल रहे हैं, गेंदबाजी यूनिट भी अच्छा कर रही है। अगर हम फाइनल में अपनी योजना को लागू कर पाते हैं, तो मुझे लगता है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं। अथापट्टू ने कहा, हमने बल्लेबाजी, गेंदबाजी अच्छी की। युवाओं का प्रदर्शन शानदार रहा। फील्डिंग के दौरान हमने कुछ कैच छूटे। हमें क्षेत्ररक्षण में काम करने की जरूरत है। शुक्रवार को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 130 रन बनाए थे। सर्वाधिक 47 रन कप्तान फातिमा सना ने बनाए। 131 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी श्रीलंका ने 5 पर 2 और 33 पर 4 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद हर्षिता (36) और कविशा (33) ने पांचवें विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी कर टीम की मैच में वापसी कराई और स्कोर 100 तक पहुंचा दिया। इसके बाज निलाक्षी डे सिल्वा ने नाबाद 18 और कुशानी ने नाबाद 10 रन बनाकर श्रीलंका का स्कोर 18.4 ओवर में स्कोर 6 विकेट पर 134 तक पहुंचा दिया और 4 विकेट जीत दिलाते हुए फाइनल का टिकट दिला दिया। शुक्रवार को पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 130 रन बनाए थे। सर्वाधिक 47 रन कप्तान फातिमा सना ने बनाए। Also Read: LIVE Cricket Score --आईएएनएस Article Source: IANS
BRICS 2026 Opportunity for India to reassert its global leadership South Asia analyst Michael Kugelman- ब्रिक्स: वैश्विक मंच पर भारत की साख बढ़ाने का अवसर, पर राह में ये बड़ी चुनौतियां; जानें विशेषज्ञ ने क्या कहा
Women's Asia Cup 2026 Semi Final 2: श्रीलंका ने जीता टॉस, पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी का न्यौता
Women's Asia Cup 2026 Semi Final 2:विमेंस एशिया कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका की भिड़ंत पाकिस्तान के साथ हो रही है। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने टॉस जीतकर पाकिस्तान को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता दिया है। श्रीलंका का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। ग्रुप स्टेज में श्रीलंका ने खेले सभी मुकाबलों को जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया है। टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू अच्छी लय में दिखाई दी हैं। बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा है। इंडोनेशिया के खिलाफ श्रीलंकाई कप्तान ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 5 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे। वहीं, हर्षिता समरविक्रमा ने बांग्लादेश के खिलाफ 48 रनों की नाबाद पारी खेली थी। चमुदी प्रबोधा ने भी बांग्लादेश के खिलाफ बढ़िया गेंदबाजी करते हुए 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। वहीं, सुगंधिका कुमारी ने भी 2 विकेट निकाले थे। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने ग्रुप स्टेज के आखिरी मुकाबले में हांगकांग, चीन के खिलाफ 72 रनों की बड़ी जीत दर्ज की थी। शवाल जुल्फिकार ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 47 रनों की दमदार पारी खेली थी। वहीं, गेंदबाजी में नशरा संधू ने शानदार गेंदबाजी करते हुए महज 7 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए थे। कप्तान फातिमा सना भी अच्छी लय में दिखाई दी हैं। फातिमा ने भारत के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट चटकाए थे। हांगकांग के खिलाफ उन्होंने बल्ले से भी अहम योगदान दिया था। थाईलैंड के खिलाफ मुनीबा अली ने अर्धशतकीय पारी खेली थी। श्रीलंका का प्रदर्शन टूर्नामेंट में अब तक शानदार रहा है। ग्रुप स्टेज में श्रीलंका ने खेले सभी मुकाबलों को जीतकर सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया है। टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू अच्छी लय में दिखाई दी हैं। बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी उनका प्रदर्शन कमाल का रहा है। इंडोनेशिया के खिलाफ श्रीलंकाई कप्तान ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सिर्फ 5 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे। वहीं, हर्षिता समरविक्रमा ने बांग्लादेश के खिलाफ 48 रनों की नाबाद पारी खेली थी। चमुदी प्रबोधा ने भी बांग्लादेश के खिलाफ बढ़िया गेंदबाजी करते हुए 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए थे। वहीं, सुगंधिका कुमारी ने भी 2 विकेट निकाले थे। Also Read: LIVE Cricket Score पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन:मुनीबा अली (विकेटकीपर), शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा, आयशा जफर, सदफ शमास, फातिमा सना (कप्तान), एमान फातिमा, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, नशरा संधू और सादिया इकबाल। Article Source: IANS
Women Asia Cup Final: बांग्लादेश को 40 रन से हराकर फाइनल में पहुंचा भारत, पाकिस्तान या श्रीलंका से होगी टक्कर
Women's Asia Cup 2026: भारत ने बांग्लादेश को हरा कटाया फाइनल का टिकट, नहीं टूटने दिया ये रिकॉर्ड
इंरनेट डेस्क। विमेंस एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल नंबर-1 में भारत और बांग्लादेश के बीच हुई टक्कर में भारतीय टीम ने 40 रनों से जीत हासिल की। मुकाबले में बांग्लादेश को जीत के लिए 150 रनों का टारगेट मिला था, लेकिन वो 7 विकेट पर 109 रन ही बना सकी। इस जीत के साथ भारतीय टीम फाइनल में पहुंच गई है। विमेंस एशिया कप का ये दसवां संस्करण है और इन सभी में भारतीय टीम ने फाइनल का सफर तय किया। इस बार फाइनल में भारत का सामना 13 सितंबर को श्रीलंका या पाकिस्तान से होगा। श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच दूसरा सेमीफाइनल 11 सितंबर को होना है। रनचेज में बांग्लादेशी टीम लय में नहीं दिखी, शोर्ना अख्तर ने सबसे ज्यादा नाबाद 22 रन बनाए, वहीं दिलारा आख्तर (21 रन), निगार सुल्ताना (19 रन), सोभना मोस्तारी (18 रन), जुएरिया फिरदौस (14 रन) और फाहिमा खातून (14 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहीं। pc- cricinfo.com
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
Asia: एशिया में बदल रहा शक्ति संतुलन, क्या अमेरिका के भरोसे से आगे बढ़कर अपनी सुरक्षा संभालेंगे भारत जैसे देश?
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

