Dilip Gavit Asian Games में विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे, 100 और 400 मीटर पर नजर
... सुमन रे ...नयी दिल्ली, पांच अगस्त राष्ट्रमंडल खेलों में पदार्पण करते हुए 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतने के साथ रिकॉर्ड बनाने वाले पैरा एथलीट दिलीप गावित का लक्ष्य अगले महीने जापान में होने वाले पैरा एशियाई खेलों में 100 मीटर और 400 मीटर दोनों स्पर्धाओं में विश्व रिकॉर्ड कामय करने का है। टी47 वर्ग में हिस्सा लेने वाले गावित ने पैरा खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के दौरान कहा, ‘‘मैं एशियाई खेलों में 100 मीटर और 400 मीटर में विश्व रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं। 2022 में हांगझोउ एशियाई खेलों में मैंने 400 मीटर में स्वर्ण पदक जीता था। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में मैंने पहली बार 100 मीटर में हिस्सा लिया और इन खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।’’गावित ने कहा कि उनका लक्ष्य 100 मीटर में 10.28 सेकंड का समय निकालना है, जो भारत के पुरुष वर्ग के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के करीब है। उन्होंने बताया कि पहले वह सामान्य वर्ग की प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लेते थे और राष्ट्रीय स्तर तथा खेलो इंडिया खेलों में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उस समय उनका मुख्य ध्यान 400 मीटर दौड़ पर था। टी47 वर्ग उन खिलाड़ियों के लिए होता है, जिनके हाथों में किसी प्रकार की परेशानी होती है, जैसे एक हाथ का कट जाना या उसकी कार्यक्षमता कम होना। इसका असर संतुलन, तालमेल और दौड़ने की तकनीक पर पड़ सकता है। गावित का मानना है कि एशियाई खेलों में चुनौती काफी कठिन होगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं 400 मीटर और 100 मीटर दोनों में हिस्सा लूंगा। वहां प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा होगा। मेरे कोच उसी के अनुसार मेरी तैयारी कराएंगे।’’दो अलग-अलग स्पर्धाओं में उतरने की चुनौती के बारे में गावित ने कहा कि उन्हें दोनों में दौड़ना पसंद है और उन्होंने किसी दबाव के बिना प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा, मैं आमतौर पर 400 मीटर में दौड़ता हूं, इसलिए 100 मीटर में उतरना मुश्किल नहीं था। इसमें सिर्फ तेज दौड़ना होता है। मैं किसी दबाव में नहीं था क्योंकि मुझे 100 मीटर दौड़ना पसंद है। मैंने बस अपनी पूरी ताकत से दौड़ लगाई और इसका आनंद लिया।’’गावित ने अपना स्वर्ण पदक अपने निजी कोच वैजनाथ काले को समर्पित किया। उन्होंने कहा, ग्लास्गो में जिस दिन मैंने 100 मीटर दौड़ लगाई, उस दिन गुरु पूर्णिमा थी। मेरे कोच काले सर हमेशा कहते हैं कि चाहे कुछ भी हो जाए, लक्ष्य केवल भारत को गौरवान्वित करना होना चाहिए। उनकी यह बात मेरे मन में थी। मैंने तय किया था कि अगर उस दिन स्वर्ण पदक जीतूंगा तो इसे अपने गुरु को समर्पित करूंगा।’’गावित ने कहा कि एशियाई खेलों से पहले उन्हें आराम की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘इस दौरान मुझे पर्याप्त आराम मिल चुका है। मैं आराम नहीं करना चाहता। आगे कई प्रतियोगिताएं हैं और मुझे उनके लिए तैयार रहना है। इसलिए प्रशिक्षण बहुत जरूरी है।
West Asia: कब खत्म होगा ईरान-US टकराव, होर्मुज में शुल्क; शांति बहाली के समझौते पर कतर और अमेरिका क्या बोले?
Asian Market Today: क्रूड में नरमी से एशियाई मार्केट में तेजी, निक्केई और KOSPI 3% से ज्यादा चढ़े
Asian Market Today: क्रूड में नरमी से ग्लोबल बाजारों का जोश HIGH है। अमेरिकी बाजारों में लगातार चौथे दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। रिकॉर्ड ऊंचाई पर डाओ और S&Pपहुंचा। चिप शेयरों में जोरदार खरीदारी से नैस्डैक ढाई परसेंट से ज्यादा उछला। इधर US बॉन्ड यील्ड भी गिरकर 4.6% पर आई। एशियाई मार्केट में भी रौनक दिखाई दे रही है। निक्केई और KOSPI 3% से ज्यादा चढ़े।एशियाई बाजारबुधवार को एशियाई बाज़ार बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। इसमें दक्षिण कोरिया सबसे आगे रहा, जहां बाजार खुलने पर कोस्पी (Kospi) में 4% से ज़्यादा की तेजी आई, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक (Kosdaq) में 1.6% की बढ़त हुई। जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 1.83% और टोपिक्स (Topix) 0.9% ऊपर चढ़ा। वहीं, ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.46% बढ़ा।वॉल स्ट्रीट (Wall Street)मंगलवार शाम को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। इससे पहले वॉल स्ट्रीट में लगातार दूसरे सेशन में ज़बरदस्त तेज़ी देखी गई थी और बेंचमार्क S&P 500 इंडेक्स नए रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ था।डाऊ जोन्स फ्यूचर्स में 90 अंक या 0.2% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली बढ़त देखी गई। वहीं, नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 0.2% की गिरावट आई।मंगलवार के सेशन में अमेरिकी इंडेक्स में ज़बरदस्त बढ़त देखी गई। इसकी वजह कंपनियों के अच्छे नतीजे और अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का बयान था, जिसमें संकेत दिया गया कि अमेरिका और ईरान 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए किसी समझौते के करीब पहुंच सकते हैं।S&P 500 इंडेक्स 1.8% चढ़कर पहली बार 7,700 के स्तर के ऊपर बंद हुआ, जबकि डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 900 अंकों से ज़्यादा की तेज़ी आई और यह एक और रिकॉर्ड क्लोजिंग पर पहुँचा।कच्चे तेल की कीमतेंस्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के समझौते की उम्मीद बढ़ने से तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, जिससे फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई। ब्रेंट क्रूड की कीमत $79 प्रति बैरल से नीचे आ गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) गिरकर $75 के करीब पहुंच गया।इससे पहले पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में इसमें 10% से ज़्यादा की गिरावट आई थी।अमेरिका-ईरान युद्धकतर ने मंगलवार को कहा कि एक अंतरिम प्रस्ताव तैयार किया गया है। साथ ही, वाशिंगटन और तेहरान दोनों ने अहम शिपिंग रूट को फिर से खोलने के लिए बातचीत में प्रगति के संकेत दिए हैं। भले ही जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) से कमर्शियल शिपिंग फिर से शुरू करने के लिए कोई अस्थायी समझौता हो जाए, लेकिन हो सकता है कि यह संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने या ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंताओं को दूर करने के लिए काफी न हो।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देश की सरकार ने बताया कि ट्रंप ने मंगलवार को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमाद अल थानी से बात की और अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों पर चर्चा की।आज सोने का भावस्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए एक अंतरिम समझौते की संभावना से महंगाई की चिंताएं कम हुईं, जिससे ट्रेडर्स ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदें कम कर दीं और सोने की कीमतें बढ़ गईं।बुलियन का कारोबार $4,080 प्रति औंस के आसपास हुआ, जिसमें न्यूयॉर्क में शाम 4:28 बजे तक स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर $4,076.47 प्रति औंस हो गया। चांदी में भी बढ़त हुई और यह 2.3% बढ़कर $59.51 प्रति औंस हो गई। हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने की कीमत में 20% से ज़्यादा की गिरावट आई है।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
महिला एशिया कप की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसका आयोजन यूएई में होगा। ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, आठ टीमों के बीच टी20 प्रारूप में होने वाला यह टूर्नामेंट 28 अगस्त से 13 सितंबर के बीच खेला जाएगा।
Asian Market: ईरान डील की उम्मीद में अमेरिकी बाजारों में कल अच्छी तेजी देखने को मिली। डाओ रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। टेक शेयरों के दम पर नैस्डैक भी 2 परसेंट ऊपर चढ़ा। 10 साल की बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट रही। हलांकि एशियाई बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है। जापान, कोरिया के बाजार नीचे है।मंगलवार को एशिया बाजारों में गिरावट देखने को मिली। जापान, कोरिया के बाजार नीचे है। निक्केई करीब 0.66 फीसदी की गिरावट के साथ 63,340.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.36 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.39 फीसदी गिरकर 43,218.17 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.49 फीसदी की गिरावट के साथ 25,871.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी 0.49 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। शंघाई कम्पोजिट फ्लैट नजर आ रहा है ।वॉल स्ट्रीटसोमवार रात अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में मामूली बढ़त देखी गई। इससे पहले वॉल स्ट्रीट में रेगुलर सेशन के दौरान अच्छी तेज़ी आई थी, जिसे तेल की कीमतों में कमी और प्रमुख टेक्नोलॉजी शेयरों में उछाल का समर्थन मिला था।डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में लगभग 83 अंक या 0.2% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.2% ऊपर चढ़े। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में भी 0.2% की तेज़ी आई।सोमवार के सेशन में प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स में ज़बरदस्त तेज़ी रही और डाऊ जोन्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इस तेज़ी में टेक शेयरों का अहम योगदान रहा; अमेज़न का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पहली बार $3 ट्रिलियन के स्तर को पार कर गया। ट्रेडिंग सेशन के दौरान एनवीडिया (Nvidia), मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms), अल्फाबेट (Alphabet) और माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।कच्चे तेल की कीमतेंमंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में मामूली बढ़त हुई। इससे पहले के सेशन में कीमतों में भारी गिरावट आई थी। अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव के कारण मध्य पूर्व से सप्लाई में रुकावट की आशंका बनी हुई है। कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कम होने के कारण निवेशक सतर्क बने हुए हैं।अगले महीने के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.7% या $0.62 बढ़कर $84.39 प्रति बैरल हो गया। सोमवार को इसमें 7% की गिरावट आई थी और यह तीन हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गया था, जिसके बाद इसमें थोड़ी रिकवरी हुई है।वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 0.7% या $0.61 बढ़कर $80.95 प्रति बैरल हो गया। पिछले सेशन में इसमें 5% से ज़्यादा की गिरावट आई थी और यह लगभग एक हफ़्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया था।अमेरिका-ईरान युद्धअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि वे फिलहाल ईरान पर नए हमले नहीं करेंगे, क्योंकि संघर्ष को खत्म करने और रणनीतिक 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' पर नियंत्रण से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत जारी है। यह अहम जलमार्ग खाड़ी देशों से वैश्विक बाजारों में तेल निर्यात का मुख्य रास्ता है।संघर्ष से पहले दुनिया का लगभग 20% दैनिक तेल उपभोग इसी रास्ते से होता था।हालांकि, सोमवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है और न ही कोई बैठक तय की गई है।आज सोने की कीमतमंगलवार को सोने की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ। निवेशक अमेरिका-ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर मिले-जुले संकेतों पर विचार कर रहे थे और साथ ही अमेरिका की रोजगार रिपोर्टों का इंतजार कर रहे थे, जिनसे फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के नजरिए के बारे में नए संकेत मिल सकते हैं।स्पॉट गोल्ड की कीमत $4,055.39 प्रति औंस पर स्थिर रही, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.6% बढ़कर $4,055.10 प्रति औंस हो गए।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
West Asia: ईरान में अब तक 50 जासूसी के आरोपियों को फांसी; ट्रंप बोले- तेहरान के पास अंतिम अवसर, कब थमेगी जंग?
West Asia Crisis: होर्मुज के पास टैंकर के नजदीक धमाका, UKMTO ने जारी किया अलर्ट; जहाज और चालक दल सुरक्षित explosion-heard-near-oil-tanker-at-strait-of-hormuz-ukmto-issues-maritime-alert
Asian Markets: एशिया बाजारों में दबाव, कोस्पी 3% टूटा, निक्केई 1.5% नीचे, क्रूड ऑयल में नरमी
Asian Markets: सोमवार को एशिया बाजारों में दबाव देखने को मिल रहा है। कोस्पी 4 फीसदी तो निक्केई 3 फीसदी नीचे है। निक्केई करीब 1.42 फीसदी की गिरावट के साथ 63,545.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.03फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.02 फीसदी चढ़कर 43,558.34 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.09 फीसदी की बढ़त के साथ 25,909.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी 3.25 फीसदी टूटा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.61 फीसदी की बढ़त के साथ 3,807.37 के स्तर पर दिख रहा है।वॉल स्ट्रीटरविवार शाम को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में बढ़त देखी गई क्योंकि निवेशक जुलाई की रोज़गार रिपोर्ट और अगस्त के पहले हफ़्ते में आने वाले कई कंपनियों के नतीजों (अर्निंग्स कैलेंडर) पर नज़र बनाए हुए थे। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स में लगभग 200 अंक या 0.4% की बढ़त हुई, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स 0.5% ऊपर चढ़े। नैस्डैक-100 फ्यूचर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और 0.8% की बढ़त हासिल की।वॉल स्ट्रीट ने शुक्रवार का सत्र सकारात्मक रुख के साथ समाप्त किया; डॉव जोन्स 276.97 अंक या 0.53% बढ़कर 52,485.03 पर बंद हुआ। S&P 500 में 0.7% की बढ़त के साथ यह 7,489.72 पर पहुंचा, जबकि नैस्डैक कम्पोजिट 1% चढ़कर 25,373.85 पर बंद हुआ।शुक्रवार को प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स के रिकॉर्ड स्तर के करीब बंद होने के बाद, अब निवेशक यह देख रहे हैं कि क्या हालिया तेज़ी को बढ़ावा देने वाले कारक बाज़ार में आगे भी बढ़त बनाए रखने में मदद करेंगे।कच्चे तेल की कीमतेंअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ़ नियोजित सैन्य हमले को रद्द करने और सोमवार से ईरान के साथ नई बातचीत शुरू करने की घोषणा के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई।अक्टूबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड शुरुआती एशियाई कारोबार में 7.3% तक गिर गया, जबकि जुलाई में इसमें लगभग 25% की तेजी आई थी , जो मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। इस बीच, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आ गया।अमेरिका-ईरान युद्धअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एयर फ़ोर्स वन में कहा कि उन्होंने ईरान पर बड़े पैमाने पर होने वाले सैन्य हमले को रद्द कर दिया है। ऐसा उन्होंने सऊदी अरब समेत मध्य-पूर्व के प्रमुख सहयोगियों के कहने पर किया, जिन्होंने अमेरिका से कूटनीतिक समाधान खोजने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन इस शर्त पर रद्द किया गया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौता करने की कोशिशें जारी रहेंगी, साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से बातचीत में तेज़ी लाने को भी कहा।आज सोने की कीमतअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद कि सोमवार को ईरान के साथ फिर से बातचीत शुरू होगी, सोने की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। इससे उम्मीद जगी कि लंबे समय से चल रहे इस टकराव में कोई समाधान निकलने से ऊर्जा-जनित महंगाई को कम करने में मदद मिल सकती है।जुलाई में 1% की बढ़त के बाद सोने का कारोबार $4,070 प्रति औंस के आसपास हुआ; फरवरी के बाद यह सोने में पहली मासिक बढ़त थी।हालिया बढ़ोतरी के बावजूद, पांच महीने से ज़्यादा समय पहले शुरू हुए अमेरिका-ईरान टकराव के बाद से सोने की कीमत में 20% से ज़्यादा की गिरावट आई है। ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं,जो सोने जैसी बिना रिटर्न वाली संपत्तियों के लिए एक नकारात्मक बात है।Stock Market Live Update: बाजार लगाएगा आज तेजी की छलांग, गिफ्ट निफ्टी दे रहा गैप-अप ओपनिंग के संकेत
West Asia Tension LIVE: होर्मुज पर फिर बढ़ा तनाव, ट्रंप के दावे पर ईरान का पलटवार; ओमान से समझौता करीब?---West Asia Tension LIVE Updates Iran US War Trump Israel reports on US military action centcom IRGC Hormuz news
Jammu News: जम्मू के रुद्राक्ष एशियाई एरोबिक जिमनास्टिक चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
जम्मू के रुद्राक्ष एशियाई एरोबिक जिमनास्टिक चैंपियनशिप में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
Mirabai Chanu: एशियाई खेलों में पदक जीतना मेरा अगला लक्ष्य, मीराबाई चानू ने कही यह बात
(सुमन रे)ग्लास्गो, दो अगस्त ओलंपिक रजत पदक विजेता और लगातार तीन बार राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता मीराबाई चानू ने स्वीकार किया कि अपेक्षाओं का दबाव हमेशा रहता है, लेकिन अब उनका अगला लक्ष्य एशियाई खेलों में पदक जीतना है। चानू ने 2014 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक के साथ अपनी सफलता की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 2018 के गोल्ड कोस्ट, 2022 के बर्मिंघम और 2026 के ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अपने भार वर्ग में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने 2017 विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण, 2022 और 2025 में रजत पदक भी जीते हैं। इसके अलावा एशियाई और राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भी वह पदक अपने नाम कर चुकी हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में सफल अभियान के बाद रविवार को ‘पीटीआई’ से बातचीत में चानू ने कहा, ‘‘पदक जीतकर बहुत खुशी मिलती है, लेकिन उसे जीतना आसान नहीं होता। इसके बाद जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं और आगामी प्रतियोगिताओं में आपको अपना सर्वश्रेष्ठ देने का दबाव होता है। काफी दबाव रहता है। मेरे लिए एशियाई खेलों का पदक बहुत महत्वपूर्ण है। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं पूरी कोशिश करूंगी क्योंकि मुझे वहां पदक जीतना है, जहां मैं अब तक नहीं जीत सकी हूं। इसलिए एशियाई खेल मेरे लिए बहुत अहम हैं। मेरा अगला लक्ष्य वहीं पदक जीतना है जिससे दबाव भी है। ’’चानू ने कहा कि उनके लिए हर पदक आगे बेहतर प्रदर्शन की प्रेरणा बनता है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ खिलाड़ी पदक जीतकर बहुत खुश हो जाते हैं, लेकिन मेरे लिए हर पदक नई ताकत देता है। मुझे लगता है कि अगला पदक जीतने के लिए और भी अधिक मेहनत करनी होगी। ’’अपने करियर के अच्छे और दुखद पलों को याद करते हुए चानू ने कहा कि दोनों अलग-अलग ओलंपिक से जुड़े हैं और पेरिस ओलंपिक में मामूली अंतर से पदक चूकने के बाद दोबारा खुद को संभालना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘हर प्रतियोगिता में पदक जीतने का दबाव रहता है। हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में भाग लेना होता है। वहां पदक जीतना मेरा भी सपना था, लेकिन पेरिस ओलंपिक में बहुत मामूली अंतर से पदक चूकने का मुझे बेहद दुख हुआ। ’’उन्होंने कहा, ‘‘उसके बाद खुद को दोबारा तैयार करना और सर्वोच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना बहुत कठिन था। मुझे आगे की योजना बनानी पड़ी और कड़ी मेहनत करनी पड़ी। ’’चानू ने अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा अपने ऊपर रखी गई जिम्मेदारियों और लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, ‘‘2014 में ग्लास्गो में भारत के लिए रजत पदक जीतकर मुझे बहुत खुशी हुई। उसके बाद भारतीय भारोत्तोलन को लेकर मेरी जिम्मेदारियां बढ़ गईं। मुझे तय करना था कि मैं क्या करना चाहती हूं और कितनी दूर तक जाना चाहती हूं। ’’उन्होंने कहा, ‘‘धीरे-धीरे मैं अंतरराष्ट्रीय भारोत्तोलन को समझने लगी और यह भी पता चला कि इसके लिए कितनी मेहनत करनी पड़ती है। मैंने भारतीय भारोत्तोलन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की। समय के साथ सभी का सहयोग मिला और मुझे खुशी है कि अपने कोच विजय शर्मा की मदद से मैं यह सब हासिल कर सकी। ’’एशियाई खेलों की तैयारियों पर चानू ने कहा कि वह किसी विशेष ट्रेनिंग की योजना नहीं बना रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण बात यह होगी कि खेलों तक मैं चोट से दूर रहूं। किसी विशेष ट्रेनिंग की जरूरत नहीं है, सामान्य अभ्यास ही जारी रहेगा। ’’उन्होंने यह भी कहा कि खेल रत्न पुरस्कार मिलने के बावजूद अगर उन्हें अर्जुन पुरस्कार मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी क्योंकि यह उनके बचपन का सपना है।
स्टार भारोत्तोलक सेखोम मीराबाई चानू और लवप्रीत सिंह सहित राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों के पहले दल का रविवार को यहां स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सैकड़ों प्रशंसकों ने जोरदार स्वागत किया। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में राष्ट्रमंडल खेलों का लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता।मीराबाई ने हवाई अड्डे पर पीटीआई से कहा, ‘‘मणिपुर से होने के नाते मुझे इस बात पर बहुत गर्व है कि मैं अपने देश के लिए कुछ अच्छा कर सकी।’’पुरुषों के 109 किग्रा से अधिक वर्ग में एक किग्रा के मामूली अंतर से स्वर्ण पदक से चूककर रजत पदक जीतने वाले लवप्रीत सिंह ने कहा कि उनका अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल हैं। पंजाब के 28 वर्षीय लवप्रीत ने कहा, ‘‘मैं भारतीय नौसेना, अपने कप्तान विजय कुमार और यहां स्वागत के लिए आए सभी लोगों का धन्यवाद करना चाहता हूं।’’उन्होंने कुल 388 किग्रा वजन उठाया जिसमें ‘स्नैच’ में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड 176 किग्रा वजन भी शामिल है।लवप्रीत ने कहा, ‘‘ऐसा हो जाता है (स्वर्ण से चूकना) लेकिन मैंने कड़ी मेहनत की और उसका परिणाम मिला। जब दो खिलाड़ी मुकाबला करते हैं तो एक को हारना पड़ता है। अब मैं एशियाई खेलों की अच्छी तैयारी करूंगा।’’भारतीय भारोत्तोलकों ने अपने अभियान का समापन एक स्वर्ण, छह रजत और एक कांस्य सहित कुल आठ पदक के साथ किया। महिलाओं के 58 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतने वाली बिंदयारानी देवी सोरोखेबम ने कहा, ‘‘जिस तरह सभी ने हमारा स्वागत किया है, उससे बहुत अच्छा लग रहा है। सभी का धन्यवाद, आपने घर जैसा अहसास कराया।’’उन्होंने कहा, ‘‘आने वाली प्रतियोगिताओं के लिए मैं पहले से भी अधिक कड़ी मेहनत करूंगी।’’पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले ऋषिकांत सिंह ने कहा कि अगली बार वह स्वर्ण पदक जीतने का प्रयास करेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘भारत के लिए पदक जीतकर अच्छा लग रहा है। मैं अपने प्रदर्शन के बारे में पहले ही बात कर चुका हूं, लेकिन अगली बार और मजबूत वापसी करूंगा तथा बेहतर प्रदर्शन करूंगा।’’ इम्फाल में जन्मे भारतीय सेना के भारोत्तोलक ऋषिकांत ने अपने गृह राज्य मणिपुर में शांति की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य से और अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ी निकलेंगे।उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए नौसेना और मैतेई दोनों समान हैं। मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि मणिपुर में शांति होनी चाहिए ताकि वहां से मुझसे भी बेहतर खिलाड़ी निकल सकें।’’भारतीय भारोत्तोलन टीम के मुख्य राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने कहा, ‘‘यहां जिस तरह हमारा स्वागत किया गया, उससे हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। सभी लोग बहुत खुश हैं। मैं अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां हम पीछे रह गए और हमें उन पर काम करने की जरूरत है ताकि अपने रजत पदक का रंग स्वर्ण में बदला जा सके। लेकिन खेलों में ऐसा होता है। कुल मिलाकर परिणाम अच्छे रहे हैं और हम खुश हैं।’’शर्मा ने मीराबाई चानू की लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतने के लिए जमकर प्रशंसा की।उन्होंने कहा, ‘‘मीराबाई एक असाधारण खिलाड़ी हैं। अपने अनुशासन के कारण वह इस तरह के परिणाम हासिल कर पाती हैं। हम एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे हैं और मुझे लगता है कि वहां भी हम पदक जीतेंगे।’’ महिलाओं के 69 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली हरजिंदर कौर ने कहा कि उनका लक्ष्य अगले राष्ट्रमंडल खेलों में अपने रजत पदक को स्वर्ण में बदलना है।उन्होंने कहा, ‘‘मेरा लक्ष्य अहमदाबाद में होने वाले अगले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक को स्वर्ण पदक में बदलना है।’’पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले राजा मुथुपांडी ने कहा कि पोडियम पर जगह बनाना कई सर्जरी और लंबे संघर्ष के बाद वर्षों की मेहनत का परिणाम है। मुथुपांडी ने कहा, ‘‘मैं 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में भी उतरा था लेकिन तब पदक नहीं जीत पाया। उस समय मुझे बहुत बुरा लगा था। इसके बाद मैंने इस पदक के लिए काफी मेहनत की।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश कर रहा था लेकिन उस दिन मेरा प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा। फिर भी मुझे खुशी है कि मैंने पहली बार भारत के लिए पदक जीता।’’उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी के तौर पर मेरी दो-तीन सर्जरी हुई हैं। हर सर्जरी के बाद मैंने और मेरे कोच ने वापसी की योजना बनाई और चरणबद्ध तरीके से काम किया। इतने संघर्ष के बाद वापसी करके पदक जीतने का अहसास बेहद खास होता है।’’मुथुपांडी ने कहा कि अब उनका पूरा ध्यान एशियाई खेलों और 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर है। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल आने वाले हैं और उसके बाद ओलंपिक है। ओलंपिक क्वालीफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी। हम अपने कोच विजय शर्मा सर के साथ बैठकर पूरी योजना बनाएंगे और सभी क्वालीफिकेशन प्रतियोगिताओं तथा चरणों की तैयारी करेंगे।’’एक अन्य रजत पदक विजेता वल्लुरी अजय बाबू ने कहा कि कड़े मुकाबले के दबाव से निपटने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उनका लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है।उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है। यह मेरे पहले राष्ट्रमंडल खेल थे और मेरे लिए शानदार अनुभव रहा। मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा। मैं स्वर्ण पदक से चूक गया, लेकिन कोई बात नहीं। मैं अच्छी तैयारी करूंगा और कड़ी मेहनत करूंगा।’’ अजय बाबू ने कहा, ‘‘मुकाबला केवल एक किग्रा के अंतर से तय हुआ, इसलिए दबाव था। लेकिन मैंने उस दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे अच्छा लगा। मैं यह पदक अपने कोच और अपने पिता को समर्पित करना चाहता हूं। मैं 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाई करने का प्रयास करूंगा।’’ महिलाओं के 86 किग्रा से अधिक वर्ग में पांचवें स्थान पर रहीं मार्टिना देवी ने अपने पहले राष्ट्रमंडल खेल अभियान को सीखने वाला अनुभव बताया।उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेल मेरे लिए सीखने का अच्छा अवसर रहे। मैं भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगी। हवाई अड्डे पर जिस गर्मजोशी से हमारा स्वागत किया जा रहा है, उसे देखकर बहुत अच्छा लग रहा है।’’भारत फिलहाल पदक तालिका में 13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक के साथ चौथे स्थान पर है।
ईरान युद्ध खत्म!: ट्रंप का दावा- पश्चिम एशियाई देशों के बीच लड़ाई खत्म करने पर बनी सहमति, नए हमले भी रोके
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

