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Asian Games में भारतीय Archery टीम ने जीते 9 Medals, 5 Gold किए अपने नाम

भारतीय तीरंदाजी के लिए एची-नागोया एशियाई खेल बेहद खास रहे हैं। भारत ने इन खेलों में अब तक का अपना सबसे शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 9 पदक जीते, जिनमें 5 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि भारत अब एशिया में तीरंदाजी की बड़ी ताकत बनकर उभर चुका है। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत के शानदार प्रदर्शन में कंपाउंड वर्ग के खिलाड़ियों का दबदबा रहा। भारतीय टीम ने लगातार दूसरी बार पुरुष, महिला और मिश्रित टीम के तीनों कंपाउंड स्वर्ण पदक अपने नाम किए। महिला कंपाउंड टीम ने फाइनल में विश्व रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। मिश्रित कंपाउंड जोड़ी की सफलता भी भारत के लिए बेहद अहम रही। इस जोड़ी ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भारत का कोटा हासिल किया है। खास बात यह है कि कंपाउंड तीरंदाजी को 2028 ओलंपिक में पहली बार शामिल किया जाना है। ऐसे में एची-नागोया की सफलता भारत के लिए आगे की बड़ी उम्मीद भी लेकर आई है। हालांकि, भारतीय तीरंदाजी की सबसे बड़ी उपलब्धि रिकर्व वर्ग में देखने को मिली। इस वर्ग में दक्षिण कोरिया लंबे समय से एशियाई खेलों में अपना दबदबा बनाए हुए था। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने कोरिया की लगातार 7 एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने की लय तोड़ते हुए पहली बार इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक भारत की झोली में डाला। इसके अलावा मिश्रित रिकर्व जोड़ी ने इस स्पर्धा में भारत को पहली बार पदक दिलाया। पुरुष रिकर्व टीम ने भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए लगातार दूसरी बार रजत पदक जीता। व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में 17 साल के एक भारतीय तीरंदाज ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। उसके दबाव में शानदार प्रदर्शन ने भारत के लिए एक और ओलंपिक कोटा भी हासिल किया। भारतीय तीरंदाजी संघ के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि नागोया की सफलता अचानक नहीं मिली है। उनके मुताबिक, यह करीब 15 साल से चल रहे लगातार प्रयासों का नतीजा है। बेहतर खेल ढांचा, अच्छे उपकरण, विदेशी प्रशिक्षकों की मदद, खेल विज्ञान और नियमित अंतरराष्ट्रीय अनुभव ने खिलाड़ियों को मजबूत बनाया है। गौरतलब है कि नागोया में भारतीय खिलाड़ियों के सामने मौसम और यात्रा से जुड़ी कई मुश्किलें भी थीं। लंबे सफर, तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच खिलाड़ियों ने अपना संतुलन बनाए रखा। सचदेवा ने इसे टीम के मजबूत मानसिक रवैये का प्रमाण बताया। इस अभियान में भारतीय महिला खिलाड़ियों की भूमिका भी बेहद अहम रही। कंपाउंड से लेकर रिकर्व तक महिला तीरंदाजों ने निर्णायक मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया। सचदेवा का कहना है कि इन खिलाड़ियों की सफलता देश की लाखों लड़कियों को तीरंदाजी जैसे खेल को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती है। उन्होंने प्रशिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों और खिलाड़ियों के परिवारों को भी इस सफलता का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार, कई मौकों पर पदक करीब नजर आया, लेकिन लगातार समर्थन और भरोसे ने खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की ताकत दी। सचदेवा ने बताया कि एशियाई खेलों के दौरान केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारतीय दल की तैयारी और खिलाड़ियों की कुशलता जानने के लिए उन्हें 2 बार फोन किया था। अब 2028 ओलंपिक में कंपाउंड की शुरुआत और रिकर्व में हासिल ओलंपिक कोटे के साथ भारत की नजरें अगले बड़े मंच पर हैं। नागोया के 9 पदक इस बात का संकेत हैं कि भारतीय तीरंदाज दुनिया की शीर्ष टीमों से मुकाबले के लिए तैयार हैं और आने वाले समय में उनकी चुनौती और बड़ी होने वाली हैं।

प्रभासाक्षी 7 Oct 2026 10:19 pm

Asian Para Games: Pramod Bhagat और Bhavina Patel होंगे उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर पैरालंपिक चैंपियन प्रमोद भगत और भाविना पटेल 18 से 24 अक्टूबर तक जापान के नागोया में होने वाले एशियाई पैरा खेलों के उद्घाटन समारोह में भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। भारत के सबसे सफल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल भगत ने 2014 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में छह पदक जीते हैं जिनमें दो स्वर्ण और चार कांस्य पदक शामिल हैं। शीर्ष पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना ने 2018 से 2023 के बीच एशियाई पैरा खेलों में एक रजत और एक कांस्य पदक जीता है। भाविना ने विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत का ध्वजवाहक चुना जाना मेरे लिए बेहद गर्व का क्षण है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब आप तिरंगा थामते हैं तो आपको एहसास होता है कि आप अपने से कहीं बड़ी चीज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मैं प्रमोद के साथ उद्घाटन समारोह में भारतीय दल का नेतृत्व करने को लेकर उत्साहित हूं। मुझे उम्मीद है कि हमारे सभी खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे, इस पल का आनंद लेंगे और भारत के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) आठ अक्टूबर को विशेष विदाई समारोह में भारतीय दल को औपचारिक रूप से रवाना करेगी। समारोह में खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि होंगे जबकि युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी। पीसीआई अध्यक्ष देवेंद्र झाझडिया ने कहा, ‘‘उद्घाटन समारोह में प्रमोद भगत और भाविना पटेल का भारतीय दल का नेतृत्व करना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है।’’उन्होंने कहा, ‘‘दोनों असाधारण चैंपियन हैं और उन्होंने भारतीय पैरा खेलों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका सफर, उपलब्धियां और जुझारूपन उन्हें भारतीय दल का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है। मुझे विश्वास है कि वे इस महत्वपूर्ण अभियान पर आगे बढ़ रहे हमारे खिलाड़ियों को प्रेरित करेंगे।

प्रभासाक्षी 7 Oct 2026 4:53 pm

एशियाई खेलों के बाद ओलंपिक का सपना होगा पूरा, चंबा की सीमा से मिलेंगी नीता अंबानी; कड़े संघर्ष से पहुंची मुकाम पर

एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली चंबा की सीमा से भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष नीता अंबानी मुलाकात करेंगी, जिससे उनके ओलंपिक सपने को साकार होने की उम्मीद है।

जागरण 7 Oct 2026 3:10 pm

एशिया में बदला इकॉनमी का गेम! भारत से भी तेज दौड़ रहीं इन 3 पड़ोसी/एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाएं

एशिया में बदला इकॉनमी का गेम! भारत से भी तेज दौड़ रहीं इन 3 पड़ोसी/एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाएं

समाचार नामा 7 Oct 2026 3:10 pm

Asian Market Today: एशिया बाजार पर हल्का दबाव, क्रूड और मजबूत बॉन्ड यील्ड के बावजूद अमेरिकी बाजारों में दिखी तेजी

Asian Market Today: एशिया में भी हल्की कमजोरी देखने को मिल रही है। इधर ऊंचे कच्चे तेल और मजबूत बॉन्ड यील्ड के बावजूद अमेरिकी बाजारों में तेजी दिखी। NASDAQ और S&P रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। जापान के बाजार में इंट्राडे गिरावट ने दक्षिण कोरिया में हुई बढ़त के असर को कम कर दिया, और यह क्षेत्र वॉल स्ट्रीट पर हुई रिकॉर्ड-तोड़ तेज़ी का अनुसरण करने में विफल रहा।शुरुआती कारोबार में MSCI के एशिया-पैसिफिक शेयरों के इंडेक्स में 0.1% की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) लगभग 0.33% बढ़ा, जबकि जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 0.31% गिरा और टॉपिक्स (Topix) में 0.043% की गिरावट आई। हैंग सेंग (Hang Seng) फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।भारत में (GIFT निफ्टी - जो यह बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के लिए कैसे खुलेगा) ने गिरावट के साथ (लाल निशान में) शुरुआत का संकेत दिया।करेंसी की बात करें तो, जापानी येन 0.2% कमजोर होकर 158.42 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ऑफशोर युआन 6.7032 पर स्थिर रहा।वॉल स्ट्रीट ने रात भर में माहौल तय किया, क्योंकि S&P 500 और नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) दोनों ही ऑल-टाइम हाई (अब तक के उच्चतम स्तर) पर बंद हुए। यह सब अमेरिकी अर्निंग्स सीज़न (कंपनियों के नतीजों का दौर) के बीच हुआ, जो अगले हफ़्ते शुरू होने वाला है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बढ़त ने इस तेज़ी को आगे बढ़ाया, और Nvidia की मार्केट वैल्यू $6 ट्रिलियन के करीब पहुंच गई।इसके अलावा, जुलाई और सितंबर के बीच ताइवान के Taiex इंडेक्स ने कोस्पी (Kospi) को 23 प्रतिशत अंकों से पीछे छोड़ दिया, जो सदी की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा अंतर था। मार्च 2025 के बाद पहली बार ताइवानी कंपनियों ने कोरियाई प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में अपने अर्निंग्स अनुमानों (कमाई के अनुमानों) को तेज़ी से अपग्रेड किया है।इस बीच, टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी नज़र बनी हुई है, क्योंकि फाइनेंशियल टाइम्स ने रिपोर्ट किया है कि SpaceX, Nvidia चिप्स खरीदने के लिए $40 बिलियन जुटाना चाहती है।ग्लोबल शेयर भी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब बने हुए थे, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनियाँ ऊंची ब्याज दरों और ऊर्जा लागत का सामना कर पाएंगी।ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि कुछ ही आर्थिक डेटा जारी होने वाले थे, इसलिए ट्रेडर्स की नज़र अर्निंग्स सीज़न पर थी। वे इस बात के सबूत तलाश रहे थे कि AI पर टेक दिग्गज जो अरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, उससे बेहतर मुनाफ़ा हो रहा है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्रो ट्रेडर्स तेल की ऊंची कीमतों, बॉन्ड यील्ड में कई सालों की सबसे ज़्यादा बढ़त और करेंसी मार्केट में उतार-चढ़ाव पर भी नज़र रखे हुए थे।एशियाई बाज़ार में शुरुआती कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। ब्रेंट क्रूड 0.8% बढ़कर $101 प्रति बैरल के पार पहुँच गया, क्योंकि ट्रेडर्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की ज़्यादा सप्लाई और जहाज़ों पर ईरानी हमलों में बढ़ोतरी के बीच तुलना की। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.7% बढ़कर $90.07 प्रति बैरल हो गया।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 7 Oct 2026 7:23 am

Asian Paints Dividend: एशियन पेंट्स की डिविडेंड देने की तैयारी! 29 अक्टूबर की बोर्ड मीटिंग में होगा फैसला, रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Asian Paints Dividend: पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के शेयरधारकों को जल्द डिविडेंड का तोहफा मिल सकता है। कंपनी 29 अक्टूबर को होने वाली बोर्ड मीटिंग में अंतरिम डिविडेंड पर फैसला करेगी।अगर डिविडेंड का ऐलान होता है, तो इसके लिए 4 नवंबर को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यानी इस तारीख को कंपनी के रिकॉर्ड में जिन निवेशकों के नाम होंगे, वे डिविडेंड के लिए पात्र होंगे।29 अक्टूबर को आएंगे नतीजेडिविडेंड के साथ कंपनी के तिमाही नतीजों पर भी बोर्ड चर्चा करेगा। 30 सितंबर 2026 को खत्म हुई तिमाही और छमाही के वित्तीय नतीजे बैठक में रखे जाएंगे। कंपनी स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड दोनों नतीजों पर विचार करेगी।FY27 में 8-10% ग्रोथ की उम्मीदAsian Paints को FY27 में मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। कंपनी ने वॉल्यूम ग्रोथ 8-10% रहने का अनुमान दिया है। वहीं, मार्जिन 18-20% के बीच रहने की उम्मीद है। कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी को कारोबार में मजबूती की उम्मीद है।कंपनी के MD और CEO अमित सिंघल के मुताबिक, ग्रामीण मांग से कारोबार को सपोर्ट मिल रहा है। इंडस्ट्रियल कारोबार और सरकार की निर्माण गतिविधियों से भी मांग बढ़ रही है।पहली तिमाही में मुनाफा 40% बढ़ाAsian Paints का Q1 FY27 में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 39.6% बढ़कर 1,559 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी तिमाही में मुनाफा 1,117 करोड़ रुपये था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर 10,542 करोड़ रुपये रहा। EBITDA भी 33.5% बढ़कर 2,169 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA मार्जिन भी सुधरा है। यह 18.2% से बढ़कर 20.6% हो गया।6 अक्टूबर को Asian Paints का शेयर 1.94% बढ़कर 2,411.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 10.42% चढ़ा है।Titan Q2 Update: टाटा की कंपनी के ज्वेलरी, वॉच और आईकेयर बिजनेस में तगड़ी ग्रोथ, 78 नए स्टोर जोड़ेDisclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

ज़ी न्यूज़ 6 Oct 2026 10:28 pm

Archer Ganesh Mani Ratnam ने Asian Games में जीता Gold और Bronze, अब LA 2028 पर नजर

जापान में हुए 2026 एशियाई खेलों में दो मेडल जीतने के बाद, जब भारतीय तीरंदाज गणेश मणि रत्नम तिरुमुरु आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा लौटे, तो स्पोर्ट्स एसोसिएशन, परिवार के सदस्यों और समर्थकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। गणेश मणि रत्नम ने साहिल जाधव और कुशल दलाल के साथ मिलकर पुरुषों के कंपाउंड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता और पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत मुकाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल हासिल किया। इसे भी पढ़ें: 6 October, 2026 Stock Market Updates: BSE Sensex में 125 अंकों की बढ़त, शुरुआती कारोबार में 10% उछला Trent अपनी उपलब्धियों के बारे में बात करते हुए मणि रत्नम ने कहा कि मैंने तीरंदाजी में टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया है और मैंने एक व्यक्तिगत ब्रॉन्ज़ मेडल और एक टीम गोल्ड मेडल जीता है। मुझे बहुत गर्व है कि मैंने टीम इंडिया और अपने राज्य संघ के लिए दो मेडल जीते हैं। मेरे पहले एशियाई खेलों के लिए यह एक शानदार पल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि LA 2028 ओलंपिक में मिक्स्ड टीम इवेंट के लिए भारत के कोटा ने 2028 के खेलों को उनका अगला लक्ष्य बना दिया है। उन्होंने कहा कि चूंकि हमें ओलंपिक में मिक्स्ड टीम के लिए LA 2028 का कोटा मिल गया है, इसलिए मेरा अगला लक्ष्य LA 2028 होगा और मैं इस पर काम करूंगा। सरकार ने मुझे आर्थिक और नैतिक समर्थन दिया है। हर कोई हमें बहुत समर्थन दे रहा है, जिससे मुझे अपने पहले एशियाई खेलों में ये दो मेडल जीतने में मदद मिली। मणि रत्नम ने वियतनाम के कांग डुक डैंग को 149-144 से हराकर पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत इवेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इसे भी पढ़ें: Craig Fulton बोले, भारतीय टीम के लिए Paris Olympics का कांस्य पदक सबसे खास रहा इससे पहले, मणि रत्नम, कुशल दलाल और साहिल जाधव वाली भारतीय पुरुष कंपाउंड टीम ने चीन को 238-237 से हराकर गोल्ड मेडल जीता। साहिल जाधव का प्रदर्शन शानदार रहा, उन्होंने हर शॉट पर 10 अंक हासिल किए, जबकि कुशल दलाल और गणेश मणि रत्नम ने भी अहम 10 अंक दिलाए। हालांकि भारत फाइनल के ज़्यादातर समय पीछे चल रहा था, लेकिन उन्होंने दबाव बनाए रखा और आखिरी राउंड में चीन से आगे निकलकर जीत हासिल की।

प्रभासाक्षी 6 Oct 2026 4:35 pm

'PM मोदी को बताऊंगी चंबा के संघर्ष की कहानी', एशियाई खेलों की पदक विजेता सीमा कुमारी दिल्ली जाने को उत्साहित

हिमाचल प्रदेश के चंबा की धाविका सीमा कुमारी ने जापान में 2026 एशियन गेम्स की 10 हजार मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता है। वह अपनी सफलता का श्रेय केंद्र सरकार की नीतियों को देती हैं।

जागरण 6 Oct 2026 2:14 pm

Asian Market Today: एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार, टेक शेयरों के दम नैस्डैक ऑल-टाइम हाई पर

Asian Market Today: एशियन मार्केट में आज मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशकों ने वॉल स्ट्रीट में टेक्नोलॉजी सेक्टर की तेज़ी से संकेत लिए, जिससे S&P 500 अपने रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच गया। जापान के निक्केई 225 में 0.28% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक टॉपिक्स (Topix) में 0.47% की तेज़ी आई। हांगकांग में हैंग सेंग फ्यूचर्स 1% चढ़े। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.041% गिरा, क्योंकि बाज़ार की छुट्टी के बाद देश का शेयर बाज़ार इस हफ़्ते के कारोबार के लिए खुला था। MSCI का एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.1% बढ़ा, क्योंकि ट्रेडर्स ने बॉन्ड यील्ड में कई दशकों की सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी को नज़रअंदाज़ करने का फ़ैसला किया।भारत में, GIFT निफ्टी - जो बताता है कि देश का शेयर बाज़ार दिन के कारोबार के लिए कैसे खुलेगा - ने सकारात्मक रुख के साथ धीमी शुरुआत का संकेत दिया।जापानी येन 157.94 प्रति डॉलर पर लगभग बिना किसी बदलाव के ट्रेड हुआ, जबकि ऑफ़शोर युआन 6.7047 पर स्थिर रहा।अमेरिका में, रात भर शेयरों में तेज़ी आई क्योंकि Nvidia और Microsoft में उछाल ने S&P 500 को उसके अब तक के सबसे ऊंचे स्तर के ठीक नीचे पहुंचा दिया।इस बीच, तेल की कीमतें स्थिर रहीं। ब्रेंट क्रूड पिछले सत्र के नुकसान को बनाए रखते हुए $100.30 प्रति बैरल के आसपास ट्रेड हुआ। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट 0.2% गिरकर $89.25 प्रति बैरल पर आ गया।निवेशकों ने अब तक ऊंची ब्याज दरों, महंगी ऊर्जा और महंगाई की नई चिंताओं को नज़रअंदाज़ किया है, जिनकी वजह से ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बजाय उन्होंने मज़बूत कॉर्पोरेट कमाई, मजबूत कंज्यूमर स्पेंडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में निवेश की तेज़ी पर भरोसा जताया है।हालांकि, बॉन्ड मार्केट मुख्य चिंता का विषय बना हुआ है। सोमवार को अमेरिकी ट्रेज़री पर नया दबाव पड़ा, जिससे कई महीनों से जारी गिरावट और बढ़ गई। 10-साल के बॉन्ड का यील्ड कम से कम 7 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.34% हो गया, और 30-साल के बॉन्ड का यील्ड भी उतना ही बढ़कर 5.7% हो गया।न्यूयॉर्क सेशन के दौरान दोनों ही 2002 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए। कम समय वाले ट्रेजरी बॉन्ड में भी गिरावट आई और उनके यील्ड 2 से 4 बेसिस पॉइंट बढ़ गए।अगस्त के बीच में शुरू हुई इस बढ़ोतरी के खत्म होने के बारे में कोई भी राय बनाने में निवेशक अभी भी सावधानी बरत रहे हैं। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च की वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है, और महंगाई के बने रहने के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है।सोमवार को आई एक रिपोर्ट से पता चला कि पिछले महीने अमेरिकी सर्विस कंपनियों को चार साल से ज़्यादा समय में लागत के दबाव में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी का सामना करना पड़ा।एक नई स्टडी में यह भी चेतावनी दी गई है कि AI सेक्टर में संभावित गिरावट (AI bust) का एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर ज़्यादातर देशों के मुकाबले ज़्यादा असर पड़ सकता है, जिससे एक्सपोर्ट पर बुरा असर पड़ सकता है और मार्केट में हलचल मच सकती है। आसियान+3 मैक्रोइकॉनॉमिक रिसर्च ऑफिस, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ-साथ चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को कवर करता है, ने सोमवार की रिपोर्ट में कहा कि यह क्षेत्र खास तौर पर जोखिम में है।इसने ग्लोबल सप्लाई चेन में एशिया की अहम भूमिका और AI से जुड़े फाइनेंशियल मार्केट के साथ इसके बढ़ते जुड़ाव की ओर इशारा किया। ऑफिस ने कहा, इसलिए, एक अव्यवस्थित सुधार (disorderly correction) कई माध्यमों से फैल सकता है, जिसमें ट्रेड से लेकर कैपिटल फ्लो और फाइनेंसिंग की लागत तक शामिल है।

ज़ी न्यूज़ 6 Oct 2026 8:15 am

भारत ने जापान में एशियाई खेलों में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्‍वर्ण के बाद 85 पदकों पर अपना अभियान समाप्‍त किया

भारत ने जापान में एशियाई खेलों में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्‍वर्ण के बाद 85 पदकों पर अपना अभियान समाप्‍त किया asiangames,japanasiangames2026,bharat85medalभारत ने जापान में एशियाई खेलों में क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी में स्‍वर्ण के बाद 85 पदकों पर अपना अभियान समाप्‍त किया भारत ने आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में 85 पदकों […]

टुडे इंडिया 5 Oct 2026 5:32 pm

एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन, 32 पदकों के साथ बढ़ाया प्रदेश का गौरव : गौरव गौतम

एशिया चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर लौटे हरियाणा के खिलाड़ियों का सोमवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने जोरदार स्वागत...

खास खबर 5 Oct 2026 3:21 pm

Asian Games में 5 स्वर्ण जीतकर लौटे भारतीय तीरंदाज, कहा- अब दबाव पूरी तरह हट गया

(संस्कृति गौबा)नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन करके इतिहास रचने वाले भारतीय कंपाउंड और रिकर्व तीरंदाजों ने कहा कि उन पर से बहुत बड़ा दबाव हट गया है और वह राहत महसूस कर रहे हैं। भारतीय तीरंदाजों ने एशियाई खेलों में पांच स्वर्ण पदक जीते और दो ओलंपिक कोटा भी हासिल किए। उसने तीरंदाजी में सबसे ताकतवर टीम दक्षिण कोरिया को भी हराया। भारत के कंपाउंड तीरंदाजी कोच डेव कजिन्स ने कहा कि पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदकों की इस उपलब्धि से आलोचकों का मुंह हमेशा के लिए बंद हो जाना चाहिए। रिकर्व तीरंदाजी टीम ने पांच और कंपाउंड तीरंदाजों ने चार पदक हासिल किए। कजिन्स ने भारतीय टीम के स्वदेश लौटने पर कहा, ‘‘आलोचक शुरू से ही हमसे यह अनुमान लगाने को कह रहे थे कि हम कितने पदक जीत सकते हैं। हम केवल इस पर ध्यान दे रहे थे कि हमारे खिलाड़ी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें।’’उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रशिक्षण सही हो, तैयारी सही हो और वातावरण अनुकूल हो, तो ऐसे परिणाम मिलते हैं। इसलिए हम इससे बहुत खुश हैं। ओलंपिक खेलों के लिए कंपाउंड तीरंदाजी में पहला कोटा हासिल करना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। यह हमारे लिए इस समय बहुत बड़ी उपलब्धि है।’’साहिल जाधव और चिकिता तनिपार्थू ने मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक कोटा हासिल किया। साहिल ने पुरुषों की कंपाउंड टीम स्पर्धा में भी हिस्सा लिया, जिसमें टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि चिकिता ने अनुभवी ज्योति सुरेखा वेन्नम और प्रथिका प्रदीप के साथ मिलकर महिलाओं की कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। जाधव ने कहा, ‘‘बहुत अच्छा लग रहा है और इस भव्य स्वागत को देखकर हमें और भी अधिक खुशी मिली है। हमने विशेष रूप से ऐसी स्थितियों के लिए अभ्यास किया था। हमने अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल किया। अब दबाव हट गया है।’’चिकिता ने कहा, ‘‘यह सुखद अहसास है। इससे हमें प्रेरणा मिलेगी कि हमें और अधिक जीत हासिल करनी है और अधिक मेहनत करनी है।’’रिकर्व में कुमकुम मोहद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता और महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक के साथ-साथ मिश्रित वर्ग में रजत पदक हासिल करने में भारत की मदद की। उनके व्यक्तिगत स्वर्ण पदक ने भारत के लिए ओलंपिक कोटा भी सुनिश्चित किया। कुमकुम ने कहा कि यह परिणाम महीनों की तैयारी और टीम वर्क का नतीजा है। उन्होंने कहा, ‘‘जैसा हमने सोचा था, वही हुआ। यह टीम की कड़ी मेहनत, पूरी टीम के उत्साह और भारतीय तीरंदाजी संघ और भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग का नतीजा था।’’महिला रिकर्व टीम का हिस्सा रही कीर्ति शर्मा ने फाइनल में 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया पर 5-3 से जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। कीर्ति ने कहा, ‘‘इस स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक। हमने कोरिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता, इसलिए यह हमारे लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। मुझे बहुत खुशी है कि मैं उस टीम का हिस्सा था जिसने यह इतिहास रचा।

प्रभासाक्षी 5 Oct 2026 2:33 pm

Asian Games 2026 में भारत को मिले 85 Medals, 2022 के रिकॉर्ड 107 से क्यों रहा पीछे?

जापान के आइची-नागोया में हुए 2026 एशियाई खेलों में भारत के खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में कुल 85 मेडल जीतकर अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने एथलेटिक्स, शूटिंग और हाल ही में शामिल किए गए मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स इवेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि भारत 2023 एशियाई खेलों में जीते गए अपने रिकॉर्ड 106 मेडल के आंकड़े तक नहीं पहुँच पाया, लेकिन 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चले इन खेलों में 503 खिलाड़ियों (जिनमें 269 पुरुष और 234 महिलाएँ शामिल थीं) के दल ने 36 खेलों में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया। इसे भी पढ़ें: Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत कुल मिलाकर, 2026 के खेल भारत के लिए दूसरे सबसे सफल खेल रहे, जिसमें भारत ने कुल 85 पदक (21 स्वर्ण, 27 रजत, 37 कांस्य) जीते। यह 2022 में जीते गए अब तक के सबसे ज़्यादा 107 पदकों (28 स्वर्ण, 38 रजत, 41 कांस्य) की तुलना में कम है। 2023 के एशियाई खेलों में, भारतीय खिलाड़ियों ने 106 मेडल (28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज़) जीतकर एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। हालांकि यह संख्या हांगझोऊ में बने रिकॉर्ड से कम थी, फिर भी भारत ने महाद्वीपीय स्तर पर अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा और कई खेलों में बेहतरीन खेल दिखाया। अब यह देखने का समय है कि पिछले खेलों—2022 हांगझोऊ खेलों—की तुलना में भारत का प्रदर्शन कहां कैसा रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह एथलेटिक्स और शूटिंग थे, जिनसे पहले भारत को लगभग आधे पोडियम फ़िनिश (पदक) मिलते थे। एथलेटिक्स में पदकों की संख्या 29 से घटकर 24 रह गई; इसमें गोल्ड मेडल की संख्या छह से गिरकर एक हो गई, क्योंकि कई मौकों पर भारतीय एथलीट मामूली अंतर से पीछे रह गए, जबकि दूसरे देशों के एथलीटों ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन किए। शूटिंग में भी ऐसी ही गिरावट देखी गई, जहाँ पदकों की संख्या 2022 में 22 (सात गोल्ड) से घटकर 2026 में 15 (तीन गोल्ड) रह गई। रोइंग और बैडमिंटन के नतीजों में भी काफी गिरावट देखी गई, जबकि टेनिस, शतरंज और घुड़सवारी जैसे खेलों में खिलाड़ी पोडियम तक नहीं पहुँच पाए। रोइंग में बहुत निराशा हाथ लगी; खिलाड़ियों ने अपने इवेंट्स में आखिरी समय पर किए गए बदलावों की शिकायत की और यहाँ तक कि हड़ताल भी की। एशियाई खेलों के इतिहास में पहली बार, भारत टेनिस में कोई मेडल नहीं जीत पाया। इसके उलट, कॉम्बैट स्पोर्ट्स (लड़ाई वाले खेलों) में क्वालिटी के मामले में काफी सुधार दिखा। बॉक्सिंग और रेसलिंग में क्रमशः तीन और दो गोल्ड मेडल जीते गए, जबकि पिछले खेलों में इनमें कोई गोल्ड मेडल नहीं मिला था। आर्चरी ने नौ मेडल (जिनमें पाँच गोल्ड शामिल थे) जीतकर अपना अच्छा प्रदर्शन बनाए रखा। इसे भी पढ़ें: Kerala में BJYM ने रोकी खेल मंत्री O. J. Janeesh की गाड़ी, दिखाए काले झंडे क्रिकेट और कबड्डी जैसे खेलों में भारत ने अपना दबदबा बनाए रखते हुए दोनों गोल्ड मेडल जीते, वहीं हॉकी में भी बेहतर प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल हासिल किए। भारत ने मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स और कुराश जैसे खेलों में भी पहली बार पोडियम तक जगह बनाई। भारत ने उन इवेंट्स में भी तीन सिल्वर मेडल जीते जो 2022 गेम्स का हिस्सा थे लेकिन 2026 गेम्स में शामिल नहीं हैं — दो चेस में और एक ब्रिज में। इसी तरह, रोलर स्केटिंग में भारत को दो ब्रॉन्ज़ मेडल से हाथ धोना पड़ा क्योंकि यह खेल 2026 गेम्स का हिस्सा नहीं था।

प्रभासाक्षी 5 Oct 2026 12:39 pm

एशियाई खेलों में बजा हरियाणा का डंका: 85 में से 32 पदकों पर कब्जा, खेल मंत्री ने धाकड़ खिलाड़ियों का किया स्वागत

एशियाई खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों ने भारत के कुल 85 पदकों में से 32 पदक (14 स्वर्ण, 9 रजत, 9 कांस्य) जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया। खेल मंत्री गौरव गौतम ने इन धाकड़ खिलाड़ियों का स्वागत किया।

जागरण 5 Oct 2026 10:42 am

Bhiwani News: एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता इशिका का किया भव्य स्वागत

एशियाई खेलों की स्वर्ण विजेता इशिका का किया भव्य स्वागत

अमर उजाला 5 Oct 2026 1:43 am

एशियाई खेलों में मेडल जीतकर आई सीमा को चंबा के लोगों ने बिठाया पलकों पर, घर पर परिवार करेगा शिव नुआला

अंतरराष्ट्रीय धाविका सीमा कुमारी का 2026 एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने के बाद चंबा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। उनके परिवार द्वारा शिव नुआला का आयोजन किया जाएगा।

जागरण 4 Oct 2026 5:37 pm

एशियाई खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण के बाद भारतीय महिला Hockey Team का रांची में जोरदार स्वागत

रांची, चार अक्टूबर भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे ने रविवार को कहा कि मजबूत चीन के खिलाफ खेलने के बावजूद उनकी टीम को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने का पूरा भरोसा था। भारत ने जापान में फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियाई खेलों में महिला हॉकी का स्वर्ण पदक जीता। इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। टेटे ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘हम इस जीत के हकदार थे। इस बार हमें अपनी टीम और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा था कि हम निश्चित रूप से स्वर्ण जीतेंगे, हालांकि चीन की टीम बहुत अच्छी थी। उस एक गोल की बढ़त को बचाकर अपने देश के लिए स्वर्ण जीतना हमारे लिए गर्व का क्षण है।’’स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम की चार खिलाड़ी झारखंड से हैं। टेटे, ब्यूटी डुंगडुंग और दीपिका सोरेंग सिमडेगा जिले से हैं जबकि निक्की प्रधान खूंटी की रहने वाली हैं। राज्य लौटने पर रांची हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया। दीपिका ने कहा कि टीम स्वर्ण जीतने के साथ ओलंपिक में जगह पक्की करने से वह बेहद खुश है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की। इस शानदार जीत के लिए हम लंबे समय से तैयारी कर रहे थे। हमें बहुत गर्व महसूस हो रहा है। चीन जैसी टीम के खिलाफ एक गोल की बढ़त बचाना आसान नहीं था लेकिन हमने ऐसा कर दिखाया।’’प्रधान ने कहा कि टीम को तोक्यो ओलंपिक में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन से आत्मविश्वास मिला और अब उसका ध्यान अगले ओलंपिक की तैयारी पर है। राज्य लौटने पर खिलाड़ियों का हवाई अड्डे पर समर्थकों ने स्वागत किया। कोच और युवा हॉकी खिलाड़ियों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर नृत्य कर टीम का स्वागत किया। प्रधान की मां जीतन देवी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए बताया कि शुरुआत में परिवार हॉकी से परिचित नहीं था और उन्होंने अपनी बेटी को यह खेल खेलने से रोकने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, ‘‘जब उसने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब हम इस खेल के बारे में नहीं जानते थे। हम उसे खेलने से रोकते थे, लेकिन मास्टर दशरथ उसे लगातार इस खेल के लिए प्रोत्साहित करते रहे। इसी का नतीजा है कि आज वह इस मुकाम तक पहुंची है। अब हमें उस पर बहुत गर्व है।’’सलीमा टेटे के पिता सुलक्षण टेटे ने कहा कि उनकी बेटी ने वर्षों के संघर्ष के बाद राज्य और देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं क्योंकि वह अपने राज्य और देश का नाम रोशन कर रही है। उसने काफी संघर्ष के बाद स्वर्ण पदक जीता है। भारतीय महिला टीम की यह जीत पूरे देश, झारखंड और निश्चित रूप से हमारे परिवार के लिए गर्व की बात है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 5:32 pm

Asian Games 2026 में गोल्ड जीतकर लौटीं Ishika Chaudhary, ग्वालियर में हुआ जोरदार स्वागत

भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। टीम की इस शानदार जीत के बाद भारतीय हॉकी खिलाड़ी इशिका चौधरी का ग्वालियर एयरपोर्ट पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इशिका चौधरी ने कहा- ‘हमने इतिहास रचा’ ग्वालियर एयरपोर्ट पर इशिका चौधरी ने टीम की जीत पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, “हमने इतिहास रचा है, इसलिए हम सभी बहुत खुश हैं। इस खास टीम, सभी खिलाड़ियों, स्टाफ और पर्दे के पीछे काम करने वाले हर व्यक्ति ने इसमें बहुत बड़ा योगदान दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि पूरे साल टीम की तैयारी अच्छी रही और टीम ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन किया। इशिका ने अपनी सफलता में परिवार और अन्य लोगों के योगदान को भी अहम बताया। उन्होंने कहा, “जिस तरह पूरे साल हमारी तैयारी हुई, टीम ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मेरे परिवार और कई अन्य लोगों ने मुझे यहां तक पहुंचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है।” #WATCH | Madhya Pradesh | Indian field hockey player Ishika Chaudhary says, We have created history, so we are all very happy. The special team, everyone who worked hard, the staff, and all those working behind the scenes have contributed immensely... The way our preparation went throughout the year, the team performed extremely well... My family and many other people have contributed tremendously to bringing me this far... — ANI (@ANI) October 4, 2026 इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी टीम ने जीता गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने फाइनल में गत चैंपियन चीन को हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता। भारत की ओर से लालरेम्सियामी ने 10वें मिनट में गोल किया। मैच में गोलकीपर सविता पूनिया ने पेनल्टी स्ट्रोक पर शानदार बचाव किया। उनके इस बचाव ने भारत की बढ़त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Asian Games में भारत के दोहरे स्वर्ण पर PM Modi ने दी बधाई, खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा जीत के साथ लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का टिकट एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। इससे पहले भारतीय टीम पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई थी। 1982 के बाद दूसरी बार एशियन गेम्स में गोल्ड भारतीय महिला हॉकी टीम ने इससे पहले 1982 में दिल्ली में हुए एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। उस समय पहली बार महिला हॉकी को एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। अब 44 साल बाद भारतीय टीम ने एक बार फिर एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 5:14 pm

Aichi-Nagoya Asian Games का समापन, भारत ने 85 पदक जीतकर तालिका में हासिल किया चौथा स्थान

नागोया, चार अक्टूबर दो सप्ताह से अधिक समय तक चली रोमांचक खेल प्रतिस्पर्धाओं के बाद आइची-नागोया एशियाई खेल रविवार को यहां भव्य समापन समारोह के साथ खत्म हुए। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) के अध्यक्ष शेख जुआन बिन हमद अल थानी ने 19 सितंबर को शुरू हुए इन खेलों के समापन की औपचारिक घोषणा की। वर्ष 2030 में होने वाले एशियाई खेलों की मेजबानी दोहा करेगा। समापन समारोह के दौरान खेलों की मशाल कतर के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई। समापन समारोह में हजारों खिलाड़ी, अधिकारी और दर्शक शामिल हुए। ‘वन एशिया’ थीम पर आधारित समारोह में भारत की ओर से दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाली निशानेबाज नीरू धांडा ने भारतीय दल की ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। भारत ने आइची-नागोया एशियाई खेलों का अभियान 85 पदकों के साथ समाप्त किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर रहा जबकि चीन, जापान और कोरिया उससे आगे रहे।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 4:43 pm

Aichi-Nagoya Asian Games: 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

(अजय मसंद)नागोया, चार अक्टूबर भारत की खेल महत्वाकांक्षाओं को आइची-नागोया एशियाई खेलों में एक कड़वी वास्तविकता का सामना करना पड़ा जहां पिछले हांगझोउ खेलों में रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद एक और बड़ी छलांग की उम्मीद थी लेकिन अभियान पदकों की संख्या में बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। भारत ने कुल पदक तालिका में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा लेकिन इस बार उसके खाते में 85 पदक ही रह गए जिसमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। यह पिछले एशियाई खेलों में हासिल किए गए 106 पदकों से 21 कम और स्वर्ण पदकों के मामले में सात कम है। वर्ष 2036 तक शीर्ष 10 और 2047 तक शीर्ष पांच खेल राष्ट्र बनने का लक्ष्य रखने वाले भारत को ये आंकड़े याद दिलाते हैं कि शानदार प्रदर्शन करना एक बात है लेकिन लगातार प्रगति बनाए रखना कहीं अधिक कठिन चुनौती है। शीर्ष पर चीन का दबदबा कायम रहा। उसने 169 स्वर्ण सहित कुल 341 पदक जीते। जापान 83 स्वर्ण और कुल 269 पदकों के साथ दूसरे तथा दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण और 150 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारत का चौथे स्थान पर रहना अब भी उसे एशिया के प्रमुख खेल राष्ट्रों में बनाए रखता है। यह उपलब्धि महत्वपूर्ण है लेकिन शीर्ष पर मौजूद देशों और भारत के बीच अंतर अब भी बहुत बड़ा है। अगर अंतिम दो दिनों में भारत ने 11 स्वर्ण पदकों की शानदार झड़ी नहीं लगाई होती तो शीर्ष पांच में जगह बनाना भी मुश्किल होता। भारत के पदक अभियान में कमी का सबसे बड़ा कारण उसका दो पारंपरिक मजबूत खेलों निशानेबाजी और एथलेटिक्स का अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाना रहा। दोनों खेलों से काफी उम्मीदें थीं लेकिन हांगझोउ की तुलना में भारत को इस बार कम पदक मिले। इससे निरंतरता, दबाव से निपटने और तैयारी में मौजूद कमियां उजागर हुईं। निशानेबाजी में भारत का प्रदर्शन खास तौर पर गिरा। पिछली बार सात स्वर्ण, नौ रजत और छह कांस्य सहित 22 पदक जीतने वाली 30 सदस्यीय भारतीय टीम इस बार जापान से तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित 15 पदक लेकर लौटी। अभियान की शुरुआत कई मौकों के हाथ से निकलने और दावेदारों के लड़खड़ाने से हुई। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर का अभियान निराशाजनक रहा और महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत पदक नहीं जीत सका। पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में कमलजीत, आकाश भारद्वाज और केदारलिंग उचागांवने की टीम भी प्रभाव छोड़ने में नाकाम रही। सुरूचि सिंह और कमलजीत ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत का निशानेबाजी में सोने के तमगे का खाता खोला। हालांकि टीम का माहौल बदलने वाली खिलाड़ी नीरू ढांडा रहीं। सत्ताइस वर्षीय नीरू ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत एशियाई खेल स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में रजत और काइनान चेनाई के साथ मिश्रित टीम स्पर्धा में एक और स्वर्ण पदक जीता। लेकिन नीरू की शानदार उपलब्धियां भारतीय निशानेबाजी की व्यापक चिंताओं को पूरी तरह नहीं छिपा सकीं। एथलेटिक्स में भी भारत को बड़ा झटका लगा। प्रतियोगिता शुरू होने से पहले ही भाला फेंक के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट के कारण हट गए और भारत का एक बड़ा स्वर्ण पदक दावेदार बाहर हो गया। मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हुईं। तेजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों की हैट्रिक पूरी नहीं कर सके, जबकि लंबी कूद के मुरली श्रीशंकर और ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे को रजत से संतोष करना पड़ा। इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिखाता है कि भारत मुकाबले में तो है, लेकिन पदक के रंग को स्वर्ण में बदलने में अभी अंतर बाकी है। चोटों ने भी परेशानी बढ़ाई। ज्योति याराजी ने अभ्यास के दौरान घुटने में दर्द और परेशानी महसूस होने के बाद महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ की शुरुआती हीट से पहले नाम वापस ले लिया। घुटने की गंभीर चोट से वापसी कर रहे अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में चौथे स्थान पर रहे। किरण पाहल, एम पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की महिला चार गुणा 400 मीटर रिले टीम ने एथलेटिक्स का एकमात्र स्वर्ण दिलाया। हालांकि हांगझोउ में छह स्वर्ण जीतने वाले इस खेल का प्रदर्शन इस बार काफी नीचे रहा। निराशाजनक प्रदर्शन को असमान तैयारियों ने और मुश्किल बना दिया। खिलाड़ियों के आवास से जुड़ी समस्याएं, समर्पित खेल गांव का अभाव और लगातार परिवहन संबंधी दिक्कतों ने उनकी दिनचर्या प्रभावित की। प्रतियोगिता स्थलों तक लंबी यात्राएं, बसों में देरी और उबरने के लिए कम समय ने खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव डाला। ये समस्याएं हालांकि हम पदकों का बहाना नहीं हैं क्योंकि सुविधांए सभी के लिए समान थीं। इसके बावजूद आइची-नागोया खेलों ने भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू भी दिखाया और वह यह है कि देश का खेल आधार लगातार व्यापक हो रहा है। तीरंदाजी में कुमकुम मोहोद ने व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया। वह व्यक्तिगत रिकर्व में एशियाई खेलों का स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। भारत ने तीरंदाजी में पांच स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक जीते जिससे उसका कुल पदक प्रदर्शन हांगझोउ के बराबर रहा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि रिकर्व तीरंदाजों ने सभी पांच स्पर्धाओं में पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य शामिल रहा। यह दक्षिण कोरिया के लंबे समय से चले आ रहे दबदबे को चुनौती देने की भारत की गंभीर क्षमता का संकेत है। कुश्ती में भारत ने छह पदक जीते जिसमें दो स्वर्ण शामिल रहे। सुजीत कलकल और अमन सहरावत ने स्वर्ण पदक की राह में ओलंपिक और विश्व चैंपियनों को हराया। ग्रीको रोमन वर्ग में नितेश सिवाच और सुनील कुमार ने भी शानदार प्रदर्शन किया जिससे कुश्ती का कुल प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। टेनिस में भारत को बड़ा झटका लगा और भारतीय खिलाड़ी 40 साल में पहली बार बिना किसी पदक के लौटे। इसके विपरीत गोल्फ ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। प्रणवी उर्स एशियाई खेलों में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी, अदिति अशोक और दीक्षा डागर की महिला टीम ने रजत पदक जीता जिससे भारत ने एशियाई खेलों में पहली बार महिला टीम गोल्फ पदक हासिल किया। मुक्केबाजी ने भी भविष्य के लिए उम्मीद जगाई। परवीन हुड्डा ने 22 महीने के निलंबन के बाद शानदार वापसी करते हुए महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीता। हांगझोउ में जीता उनका कांस्य पदक निलंबन के कारण उनसे छिन गया था। लवलीना बोरगोहेन ने हांगझोउ के रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदला जबकि अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में एक और स्वर्ण भारत की झोली में डाला। हॉकी में भारतीय महिला टीम ने 44 साल का इंतजार खत्म करते हुए एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता। उसने फाइनल में गत चैंपियन चीन को 1-0 से हराया। लालरेमसियामी ने निर्णायक गोल किया जबकि गोलकीपर बिचु देवी ने शानदार प्रदर्शन किया और अनुभवी सविता पूनिया ने पूरे अभियान में अहम भूमिका निभाई। लेकिन इस स्वर्ण से भी बड़ी उपलब्धि थी 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करना रही। इससे क्वालीफिकेशन की अनिश्चितता खत्म हुई और भारतीय टीम को तैयारी के लिए महत्वपूर्ण बढ़त मिली। पिछले 10 महीनों में नए कोचिंग ढांचे के तहत टीम में आया बदलाव यह दिखाता है कि लगातार और योजनाबद्ध तैयारी से क्या हासिल किया जा सकता है। पुरुष टीम ने भी एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा और लॉस एंजिलिस का टिकट हासिल किया। पाकिस्तान के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के बाद भारतीय पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया। क्रिकेट ने भारत के अभियान को शानदार अंदाज में समाप्त किया। भारत ने पुरुष फाइनल में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 19 रन से हराकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। श्रेयस अय्यर की टीम ने दबाव भरे मुकाबले में अपना धैर्य बनाए रखा। इससे पहले भारतीय महिला टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता था। इस तरह भारत ने दोनों क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। आइची-नागोया खेलों में ऐतिहासिक स्वर्ण पदक, नए क्षेत्रों में सफलता और भारत के पदक आधार के विस्तार के कई संकेत मिले। लेकिन निशानेबाजी और एथलेटिक्स की नाकामी ने उन कमियों को भी उजागर किया जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 3:23 pm

Asian Games में स्वर्ण जीतने वाली Indian Hockey टीम को ओडिशा सरकार देगी नकद इनाम

भुवनेश्वर, चार अक्टूबर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को 11 लाख रुपये और प्रत्येक सहयोगी स्टाफ सदस्य को साढ़े पांच लाख रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। भारत ने शनिवार को मलेशिया को 5-1 से हराकर एशियाई खेलों में दूसरी बार पुरुष हॉकी का स्वर्ण पदक जीता और 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया। इससे एक दिन पहले भारतीय महिला टीम ने फाइनल में गत चैंपियन और ऊंची रैंकिंग वाली चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद स्वर्ण पदक जीता था और ओलंपिक का टिकट भी हासिल किया था। यह पहली बार है जब एशियाई खेलों के एक ही चरण में भारतीय पुरुष और महिला दोनों हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक जीता है। ओडिशा मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एशियाई खेल 2026 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम के खिलाड़ियों को 11-11 लाख रुपये और सहयोगी स्टाफ को साढ़े पांच-पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। ’’मुख्यमंत्री ने टीम के प्रत्येक सदस्य को बधाई दी और इस यादगार उपलब्धि में उनके योगदान की सराहना की। कार्यालय ने कहा, ‘‘भारतीय हॉकी से ओडिशा का गहरा जुड़ाव रहा है। राज्य को अपने चैंपियनों पर गर्व है। राज्य खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए लगातार समर्थन देता रहेगा। ’’माझी ने राज्य के भारतीय पुरुष हॉकी टीम के दो खिलाड़ियों अमित रोहिदास और शिलानंद लकड़ा से भी बात की और उनके प्रदर्शन की सराहना की। ओडिशा सरकार 2036 तक भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों की आधिकारिक प्रायोजक है। वर्ष 2018 में ओडिशा राष्ट्रीय हॉकी टीमों को प्रायोजित करने वाला देश का पहला राज्य बना था।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 3:12 pm

Asian Games 2026 में कौन रहा सबसे बड़ा Match-Winner? जानिए Top-3 MVP क्रिकेटरों की पूरी लिस्ट

एशियन गेम्स 2026 का मेंस क्रिकेट कॉम्पिटिशन (Asian Games Men's Cricket Competition 2026) खत्म हो चुका है। ये टूर्नामेंट श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की कैप्टेंसी में भारत ने जीता और फाइनल में पाकिस्तान को रौंदकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। तो आइए आज इस खास आर्टिकल के जरिए हम आपको बताते हैं उन तीन खिलाड़ियों के नाम जो कि एशियन गेम्स के टॉप-3 MVP क्रिकेटर (Most Valuable Players of the Series) रहे। 3. अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma): इस लिस्ट में तीसरी पॉजिशन पर भारतीय हरफनमौला खिलाड़ी अभिषेक शर्मा हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के फाइनल में अपनी बैटिंग से धमाका किया और पाकिस्तानी गेंदबाज़ों की धुलाई करके 28 गेंदों पर 61 रन ठोके। उन्होंने अपनी पारी में 3 चौके 7 छक्के लगाए। इसके अलावा उन्होंने टूर्नामेंट में 2 विकेट भी चटकाए। यही वज़ह है वो एशियन गेम्स 2026 क्रिकेट कॉम्पिटिशन के तीसरे MVP क्रिकेटर रहे। ये भी पढ़ें: Vaibhav Sooryavanshi ने रचा इतिहास, India के लिए 15 साल 190 दिन की उम्र में जीता Gold Medal 2. ईशान किशन (Ishan Kishan): एशियन गेम्स 2026 के दूसरे बेस्ट क्रिकेटर ईशान किशन हैं। उन्होंने श्रीलंका के सामने सेमीफाइनल मुकाबले में शानदार बैटिंग की और एक स्लो पिच पर 46 गेंदों पर 4 चौके 5 छक्के लगाकर नाबाद 80 रन बनाए। उन्होंने टूर्नामेंट के दोमैचों में 147.7 की स्ट्राइक रेट से पूरे 100 रन जोड़े और 2 कैच पकड़े। यही वज़ह है वो इस लिस्ट में दूसरी पॉजिशन पर हैं। ये भी पढ़ें: शेर की तरह दहाड़े Yuvraj Singh, शारजाह में Australia Champions को मारे 6 छक्के; देखें VIDEO 1. थरिंदु रत्नायके (Tharindu Ratnayake): एशियन गेम्स 2026 के MVP एक श्रीलंकाई ऑलराउंडर हैं, जिनका नाम थरिंदु रत्नायके हैं। वो टूर्नामेंट के फाइनल में नहीं खेल पाए, क्योंकि श्रीलंका की टीम सेमीफाइनल में भारत को हराने में असफल रही। हालांकि इसके बावजूद थरिंदु ने MVP टाइटल जीता। उन्होंने दो मैचों में 70 रन बनाए और 4 विकेट झटके। सबसे जरूरी बात थरिंदु रत्नायके केदम पर ही श्रीलंका ने बांग्लादेश कोBronze Medal गेम में 63 रनों से हराया। इस मुकाबले में उन्होंने 32 गेंदों पर 65 रन बनाए और 3 ओवर में 18 रन देकर 2 विकेट झटके। उनके नाम एशियन गेम्स के क्रिकेट कॉम्पिटिशन में224.2 इमपैक्ट पॉइंट हैं। वो टूर्नामेंट में 200+ इमपैक्ट पॉइंट हासिल करने वाले एकलौते क्रिकेटर रहे।

क्रिकेट न मोर 4 Oct 2026 1:49 pm

Anahat Singh ने एशियाई खेलों के रजत पदक के बाद 2028 Olympics पर साधी नजरें

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अनाहत सिंह जानती थीं कि एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतना ‘बहुत यथार्थवादी’ लक्ष्य नहीं था लेकिन खिताब से सिर्फ एक जीत दूर रह जाना इस भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी के लिए निराशा के साथ-साथ प्रेरणा का भी कारण बना और अब उनकी नजरें 2028 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर है। अनाहत एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्क्वाश स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं। हालांकि उन्हें दुनिया की पांचवें नंबर की मलेशियाई खिलाड़ी सिवसांगरी सुब्रमण्यम के खिलाफ हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। अगर अनाहत फाइनल जीत जातीं तो उन्हें 2028 ओलंपिक में सीधे जगह मिल जाती लेकिन यह 18 वर्षीय खिलाड़ी अब पीएसए रैंकिंग में ऊपर चढ़कर लॉस एंजिलिस ओलंपिक में अपनी जगह पक्की करने की कोशिश करेगी। स्वदेश लौटने के बाद अनाहत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से काफी निराश थी। दोबारा खुश होने या थोड़ा बेहतर महसूस करने में मुझे कुछ दिन लगे। फाइनल में हारना अच्छा नहीं लगता, विशेषकर तब जब आप किसी बड़े मुकाबले में जीत हासिल करने के बाद खिताब के इतने करीब पहुंच जाते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं सकारात्मक पहलुओं को देखने की कोशिश करूंगी और इसे इस रूप में देखूंगी कि मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है। अगर मैं शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन कर सकती हूं तो इसमें मेरे लिए कई अच्छी बातें भी हैं।’’अनाहत एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरी थीं लेकिन उन्हें पता था कि मजबूत खिलाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए यह आसान लक्ष्य नहीं था। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा पहला लक्ष्य एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीतना था। मुझे पता था कि यह बहुत यथार्थवादी लक्ष्य नहीं था लेकिन निश्चित रूप से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहती थी।’’उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास वैकल्पिक योजना भी होनी है जिसका मतलब रैंकिंग के जरिए क्वालीफाई करना है। अब मैं यही करने की कोशिश करूंगी। अगले 18 महीने में मैं अधिक से अधिक टूर्नामेंट खेलने और उनमें अच्छा प्रदर्शन करने पर ध्यान दूंगी, जिससे कि रैंकिंग में ऊपर जा सकूं और ओलंपिक में अपनी जगह पक्की कर सकूं।’’सीधे क्वालीफिकेशन का मौका हाथ से निकलने के बाद अनाहत ने अब अपना पूरा ध्यान पीएसए रैंकिंग पर लगा दिया है। अनाहत और अभय सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में रजत पदक जीते, जबकि भारतीय महिला और पुरुष टीम ने कांस्य पदक हासिल किए। भारतीय महिला स्क्वाश टीम की कोच सुरभि मिश्रा खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश थीं लेकिन उनका मानना था कि टीम स्पर्धाओं में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते थे। सुरभि ने कहा, ‘‘मैं खिलाड़ियों के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। अनाहत और अभय ने बहुत अच्छा किया। टीम स्पर्धा में थोड़ी निराशा है क्योंकि हम शायद थोड़ा बेहतर कर सकते थे। हम जीत से बस कुछ अंक दूर थे।’’कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम का हिस्सा रहीं तन्वी खन्ना ने कहा कि इस अभियान ने भारतीय स्क्वाश में हो रही प्रगति को दिखाया। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रदर्शन शानदार रहा। हमारे पास फाइनल में पहुंचने का मौका था, लेकिन इसके बावजूद टीम के रूप में हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया और दिखाया कि हम शीर्ष स्तर पर हैं। उम्मीद है कि अगली बार हम स्वर्ण पदक के साथ लौटेंगे।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 1:42 pm

Asian Games में भारत-पाकिस्तान Cricket और हॉकी मैचों ने बनाया नया रिकॉर्ड, मिले सर्वाधिक दर्शक

(फिलेम दीपक सिंह)नागोया, चार अक्टूबर एशियाई खेलों के इतिहास में भारत-पाकिस्तान पुरुष क्रिकेट फाइनल और पुरुष हॉकी सेमीफाइनल सबसे अधिक देखे जाने वाले मुकाबले रहे। एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने रविवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि आइची-नागोया खेलों में खिलाड़ियों को ‘सर्वश्रेष्ठ माहौल’ उपलब्ध कराया गया जिसका प्रमाण 212 रिकॉर्ड हैं। भारत ने काकामिगाहारा के गिफू प्रांतीय ग्रीन स्टेडियम में पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराया। इसके बाद भारत ने फाइनल में मलेशिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने पुरुष क्रिकेट के फाइनल में पाकिस्तान को 19 रन से हराया। ओसीए समन्वय समिति के अध्यक्ष तैयब इकराम ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘प्रसारण को खेलों के इतिहास में सबसे अधिक दर्शक मिले। इसके पीछे दो बड़े मुकाबले रहे। कल पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच खेलों का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला रहा और उससे एक दिन पहले (बृहस्पतिवार को) पाकिस्तान-भारत हॉकी मैच खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मुकाबला था।’’पारंपरिक खेल गांव को खत्म करके लागत घटाने के फैसले, सीमित जगह वाले आवास और परिवहन संबंधी परेशानियों के कारण इन खेलों की व्यवस्थाओं की आलोचना हुई। आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव की जगह करीब 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज जहाज का इस्तेमाल किया। हालांकि इकराम ने कहा कि इतने बड़े बहु-खेल आयोजनों में संचालन संबंधी चुनौतियां हमेशा रहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते हैं कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दे सामने आए। निश्चित रूप से कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने जिस तरह उन चुनौतियों का सामना किया, उसे अधिक महत्वपूर्ण तरीके से रेखांकित किया जाना चाहिए।’’इकराम ने कहा, ‘‘हमने अपने खिलाड़ियों को बेहतर परिस्थितियां, लॉजिस्टिक्स और संचार व्यवस्था देने की कोशिश की। हमने ओलंपिक खेलों, एशियाई खेलों और अन्य महाद्वीपीय खेलों जैसे कई बड़े आयोजन देखे हैं और संचालन में हमेशा कुछ चुनौतियां होती हैं।’’खिलाड़ियों के आवास के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘खिलाड़ियों ने इसे काफी अच्छी तरह स्वीकार किया। यह अनुकूलन का विषय था। बड़े खेल गांव का बाद में कोई उपयोग नहीं होता, यह अलग मॉडल था। हां, भविष्य में इस पर विचार किया जा सकता है।’’ओसीए के महानिदेशक हुसैन अल-मुसल्लम ने कहा कि आइची-नागोया खेलों के दौरान 54 विश्व रिकॉर्ड, 11 जूनियर विश्व रिकॉर्ड, 89 एशियाई रिकॉर्ड और 212 एशियाई खेल रिकॉर्ड टूटे। उन्होंने कहा, ‘‘यह उपलब्धि आयोजन समिति द्वारा खिलाड़ियों के लिए बनाए गए सर्वश्रेष्ठ माहौल के बिना संभव नहीं थी।’’हुसैन ने कहा, ‘‘अगर खिलाड़ी अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उनके लिए अच्छी परिवहन व्यवस्था नहीं होती तो वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ नहीं पड़ा और नागोया या कहीं भी कोई ऐसी बड़ी स्थायी परियोजना नहीं बची जिसका बाद में उपयोग नहीं हो।’’खेलों से ओसीए को हुए आर्थिक लाभ के बारे में अल-मुसल्लम ने कहा, ‘‘इन खेलों में ओसीए की मार्केटिंग और प्रायोजन से होने वाली आय 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक रही।’’खेलों को विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाने के बारे में इकराम ने कहा, ‘‘ये खेल एक अलग मॉडल था। इनकी खासियत यह थी कि इन्हें अलग-अलग प्रांत में आयोजित किया गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘ब्रिस्बेन 2032 ओलंपिक खेल भी इसी तरह के मॉडल पर विचार कर रहा है, जिसमें गोल्ड कोस्ट समेत दो या तीन मुख्य केंद्रों में खेल आयोजित किए जाएंगे।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 1:23 pm

एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बाद भी Abhay Singh स्वर्ण न मिलने से नाखुश

नयी दिल्ली, चार अक्टूबर अभय सिंह एशियाई खेलों में दो पदक जीतने के बावजूद अधिक संतुष्ट नहीं हैं। यह भारतीय स्क्वाश खिलाड़ी पुरुष टीम के कांस्य पदक से निराश है क्योंकि उनका मानना है कि भारत के पास पिछले एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक का बचाव करने का पूरा मौका था। हवाई अड्डे से अभय ने बिना किसी माला, बैंड और शोर-शराबे के चुपचाप बाहर निकलते हुए स्वदेश वापसी की। पुरुष एकल में रजत पदक जीतने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा साफ नजर आ रही थी। अभय ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे लगता है कि व्यक्तिगत स्पर्धा का परिणाम विपक्षी खिलाड़ी की क्षमता को देखते हुए समझ में आता है। लेकिन मैं टीम स्पर्धा के नतीजे से काफी निराश हूं।’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे सच में लगता है कि हमारे पास स्वर्ण पदक जीतने की गहराई और गुणवत्ता थी, लेकिन खेल इसी तरह नहीं चलता। उम्मीद है कि हम अगली बार और मजबूत वापसी करेंगे और इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे।’’अभय (28 वर्ष) एशियाई खेलों में पुरुष एकल स्क्वाश का पदक जीतने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। उनसे पहले सौरव घोषाल ने यह उपलब्धि हासिल की थी। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि को हासिल करने वाला केवल दूसरा भारतीय होना अभी मेरे लिए ज्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि यह अब भी रजत पदक है। जब तक मैं स्वर्ण नहीं जीतता तब तक काम अधूरा है। भारत ने इस स्पर्धा में अब तक स्वर्ण पदक नहीं जीता है और उम्मीद है कि अगली बार इसमें बदलाव आएगा।’’भारतीय स्क्वाश खिलाड़ियों का ध्यान अब 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने पर होगा जहां स्क्वाश पहली बार ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगा। अभय ने कहा, ‘‘अब टीम अलग-अलग हो जाएगी और हम ओलंपिक क्वालीफिकेशन स्थानों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। फिलहाल मैं रैंकिंग में शीर्ष पर हूं और योजना इस स्थान पर बने रहने तथा लगातार सुधार करने की है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी टीम के साथ बैठकर तय करूंगा कि आगे किन टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं पर हमें ध्यान देना चाहिए।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:52 am

Asian Games पदक विजेता भारतीय मुक्केबाजों का दिल्ली हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत हुआ

(हिमांक नेगी)नयी दिल्ली, चार अक्टूबर रात के करीब तीन बजे थे लेकिन हवाई अड्डे पर रौनक बनी हुई थी और एशियाई खेलों में पदक जीतकर लौटे भारतीय मुक्केबाजों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उत्साहित परिजनों की मौजूदगी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के बैंड, फूल-माला, मिठाइयों से खिलाड़ियों का स्वागत हुआ। भारतीय मुक्केबाजी दल के नागोया में यादगार अभियान के बाद स्वदेश वापसी पर उसका सफलता के अनुरूप स्वागत किया गया। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने खिलाड़ियों की अगवानी की। स्वर्ण पदक विजेता अंकुश पंघाल ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। मेरे परिवार के सदस्य यहां आए हैं और अब हम और जश्न मनाएंगे। मेरे गांव में भी एक कार्यक्रम होगा जहां हम जश्न मनाएंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं कुछ नया सीखकर लौटा हूं और यह आगे ओलंपिक क्वालीफिकेशन प्रक्रिया में काफी उपयोगी होगा। इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’’परवीन हुड्डा के लिए यह जश्न खास तौर पर भावुक करने वाला था। उन्होंने पिछली बार एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था लेकिन निलंबन के बाद वह पदक उनसे छीन लिया गया था। इस बार उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया। परवीन ने कहा, ‘‘पिछली बार मैंने कांस्य पदक जीता था लेकिन वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा क्योंकि रहने के स्थान की जानकारी (व्हेयरअबाउट नियम) से जुड़े नियम के कारण मेरा पदक छीन लिया गया था। लेकिन यही मेरी प्रेरणा थी कि मैं अलग रंग का पदक जीतकर वापसी करूं।’’भारतीय मुक्केबाज नागोया से अभूतपूर्व तीन स्वर्ण पदक के अलावा तीन कांस्य पदक लेकर लौटे। महिला टीम के मुख्य कोच सैंटियागो नीवा इस प्रदर्शन से बेहद खुश थे। उन्होंने कहा, ‘‘यह मुश्किल था और हमें हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देना था। आप एक पल के लिए भी ढिलाई नहीं बरत सकते। इसलिए यह उपलब्धि इतनी खास महसूस हो रही है। हमारे तीन मुक्केबाज फाइनल में पहुंचे और तीनों के मुकाबले बेहद कठिन थे। तीनों में जीत हासिल करना शानदार था।’’नीवा के लिए अनुभवी मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की टीम में मौजूदगी भी जीत की संस्कृति बनाने में महत्वपूर्ण रही है। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना नागोया से चैंपियन बनकर लौटीं। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था लेकिन उससे पूरी तरह संतुष्ट नहीं थी, इसलिए इस बार मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती थी। मैं मानसिक रूप से भी काफी मजबूत और परिपक्व हुई हूं।’’लवलीना ने कहा, ‘‘पहले मैं बहुत भावुक थी और कई चीजों को दिल पर ले लेती थी, लेकिन अब मैं चीजों को बेहतर तरीके से समझती हूं। तकनीकी और मानसिक रूप से भी खेल के प्रति मेरा नजरिया बदला है।’’अगस्त में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अपने पहले एशियाई खेलों में कांस्य पदक हासिल करने वाली प्रिया घंघास भी इस अनुभव का इस्तेमाल अपनी कमियों में सुधार के लिए करना चाहती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘चीन के खिलाफ मुकाबले में मेरे अंदर कुछ कमियां थीं। मुक्के मारते समय मैं हमेशा अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रख पाती और फुटवर्क में भी कुछ चीजों में सुधार की जरूरत है। मैं इन चीजों पर काम करूंगी और विश्व चैंपियनशिप की तैयारी करूंगी।’’कांस्य पदक विजेता कपिल पोखरिया भी राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों में पदक जीतकर स्वदेश लौटने से खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। मैंने राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लिया था लेकिन पदक नहीं जीत सका था।’’बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह ने भी भारत के प्रदर्शन पर खुशी जताई और कहा कि एशियाई खेलों की सफलता मजबूत प्रदर्शन की श्रृंखला में एक और उपलब्धि है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बेहद गर्व है। उज्बेकिस्तान, कजाखस्तान और चीन जैसे प्रमुख मुक्केबाजी देशों को पीछे छोड़कर एशिया में नंबर एक बनना शानदार उपलब्धि है।’’अजय ने कहा, ‘‘यह लगातार अच्छे प्रदर्शनों के बाद आया है। टीम बहुत अच्छा कर रही है और हमारे मुक्केबाजों में काफी आत्मविश्वास है। अब हमें सिर्फ ओलंपिक की तैयारी करनी है।

प्रभासाक्षी 4 Oct 2026 11:42 am

Jhansi News: एशियाई खेलों में भारत की जीत पर झांसी में जश्न

झांसी। एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। भारत की इस जीत से झांसी के क्रिकेट खिलाड़ियों में खुशी की लहर है।

अमर उजाला 4 Oct 2026 1:44 am

Bareilly News: आईटीबीपी की परवीन ने एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर बढ़ाया बरेली का मान

बरेली। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की तृतीय वाहिनी में तैनात असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) परवीन हुड्डा ने एशियाई खेलों में महिलाओं की 65 किलोग्राम बॉक्सिंग स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर बरेली का मान बढ़ाया है।

अमर उजाला 4 Oct 2026 1:43 am

ससुराल वालों से नेहा ने मांगा था दो साल का समय, एशिया में जीता सोना करनाल जिले के बहु ने एशियाई खेल में हॉकी प्रतियोगिता दिखाई दम

ससुराल वालों से नेहा ने मांगा था दो साल का समय, एशिया में जीता सोना करनाल जिले के बहु ने एशियाई खेल में हॉकी प्रतियोगिता दिखाई दम

अमर उजाला 3 Oct 2026 1:44 am

Pilibhit News: एशियाई खेलों में पदकों की चमक से बढ़ा महिला खिलाड़ियों का हौसला

पीलीभीत। एशियाई खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जिले की महिला खिलाड़ियों के लिए इन दिनों प्रेरणा बन रहा है।

अमर उजाला 3 Oct 2026 1:29 am

एशियाई खेलों का कांस्य लेकर गांव पहुंचे गुरिंदरवीर सिंह:होशियारपुर के गांव में ग्रामीणों-खेल प्रेमियों ने किया सम्मानित; ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत

एशियाई खेलों की मिक्स्ड रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले एथलीट गुरिंदरवीर सिंह के गांव पत्तियाल पहुंचने पर ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उनकी उपलब्धि पर पंचायत, गुरुद्वारा कमेटी और ग्रामीणों ने समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। गांव पहुंचने पर गुरिंदरवीर सिंह का ढोल-नगाड़ों और उत्साह के बीच स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने उनकी उपलब्धि को गांव और क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया। सम्मान समारोह में सरपंच बलविंदर सिंह, गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान जागीर सिंह और हेड ग्रंथी बाबा हरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। गुरिंदरवीर के माता-पिता ने भी बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताई। उनके पिता कमलजीत सिंह सेवानिवृत्त थानेदार हैं, जबकि माता रुपिंदर कौर ने कहा कि बेटे की मेहनत और सफलता से परिवार के साथ पूरे गांव का मान बढ़ा है। मई में भी बनाया था राष्ट्रीय रिकॉर्ड गुरिंदरवीर सिंह ने एशियाई खेलों में पदक जीतने से पहले भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। मई 2026 में रांची में आयोजित फेडरेशन कप में उन्होंने 100 मीटर दौड़ में 10.09 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए टांडा यूनाइटेड स्पोर्ट्स क्लब की ओर से भी जल्द सम्मानित किया जाएगा। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि गुरिंदरवीर आने वाले मुकाबलों में भी देश और पंजाब का नाम रोशन करेंगे।

दैनिक भास्कर 2 Oct 2026 9:05 pm

बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम

बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi

अमर उजाला 2 Oct 2026 6:40 am

Asian Games 2026: एश‍ियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल

Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एश‍ियन गेम्स का आज 12वां द‍िन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें.

आज तक 1 Oct 2026 7:07 am

सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026: पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए एलओसी प्रक्रिया शुरू, कैसे भरें फॉर्म? जानें

पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।

अमर उजाला 22 Sep 2026 11:47 am

Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?

Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 5:21 pm

गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी

आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।

देशबन्धु 18 Aug 2026 2:39 am

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटी के संस्थापक Ramoji Rao का हुआ निधन

मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन

समाचार नामा 8 Jun 2024 8:15 am

Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन

Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

वेब दुनिया 26 May 2024 2:39 pm