रायगढ़ जिले में 100 से अधिक हाथियों की मौजूदगी है। हाल ही में लगातार हाथी शावकों की मौत भी दर्ज की गई है। इसी बीच एशियाई हाथियों की मौत के कारणों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है, जिसमें दूसरे राज्यों से आए विशेषज्ञ वन्यजीव संरक्षण और वैज्ञानिक जांच पद्धतियों की जानकारी देंगे। भारतीय वन्यजीव संस्थान (वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया), भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली और छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एशियाई हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच और विश्लेषण विषय पर यह कार्यशाला 5 और 6 जून को रायगढ़ में आयोजित की जाएगी। इस कार्यशाला में देहरादून, IVRI (इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट) बरेली के विशेषज्ञ, सीनियर डॉक्टर जबलपुर के साथ प्रदेश के विभागीय डॉक्टर शामिल होंगे, जो विभिन्न विषयों पर जानकारी देंगे।कार्यशाला का विषय ‘लर्निंग फ्रॉम डेड: एसेन्शियल्स ऑफ मॉर्टेलिटी इन्वेस्टिगेशन ऑफ एशियन एलिफेंट्स’ रखा गया है। यह कार्यक्रम शहर के कोतरा रोड क्षेत्र स्थित एक निजी होटल में होगा। इसमें वन विभाग के अधिकारी, वन्यजीव विशेषज्ञ, फील्ड स्टाफ और हाथी संरक्षण से जुड़े कई क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे। आधुनिक जांच पद्धतियों की जानकारी देंगे विशेषज्ञ कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एशियाई हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन, पोस्टमार्टम प्रक्रिया, रोगों और दुर्घटनाओं से संबंधित तथ्यों का विश्लेषण और वन्यजीव संरक्षण के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षताओं का विकास करना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ हाथियों की मृत्यु से संबंधित विभिन्न मामलों का अध्ययन प्रस्तुत करेंगे और आधुनिक जांच पद्धतियों की जानकारी देंगे। कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित होगी रायगढ़ वनमंडलाधिकारी और धरमजयगढ़ वनमंडलाधिकारी ने बताया कि राज्य में मानव-हाथी सहअस्तित्व और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत बनाने की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे वन अमले की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी और हाथियों की मृत्यु से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक और प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सकेगी। कार्यशाला में प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने का अवसर भी मिलेगा।
गिर क्षेत्र में संक्रमण से मौत के बाद 500 एशियाई शेरों को दी गई कृमिनाशक दवा: अर्जुन मोढवाडिया
गुजरात के वन विभाग ने गिर क्षेत्र में एशियाई शेरों की मौत के बाद रोग नियंत्रण उपाय तेज कर दिए हैं
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

