श्रीलंका ने विमेंस एशिया कप 2026 के अपने अभियान का शानदार आगाज किया है। इस टीम ने शनिवार को दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए 'ग्रुप-बी' के मुकाबले में यूएई को 9 रन से धूल चटाई। 3 विकेट हासिल करने वालीं श्रीलंकाई खिलाड़ी चेतना 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुनी गईं, जबकि कप्तान चामरी अट्टापट्टू ने 9 बाउंड्री के साथ नाबाद 48 रन बनाए। टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी यूएई की टीम 19.5 ओवरों में सिर्फ 79 रन पर सिमट गई। इस टीम को चौथी गेंद पर ही तीर्था सतीश (0) के रूप में पहला झटका लगा। इसके बाद 9 रन तक टीम ने लावण्या केनी (3) का विकेट भी खो दिया। यहां से कप्तान ईशा ओझा ने हीना होचचंदानी (10) के साथ तीसरे विकेट के लिए 21 गेंदों में 19 रन की साझेदारी की। ईशा 24 गेंदों में 18 रन बनाकर आउट हुईं, उनकी इस पारी में 2 चौके शामिल रहे। हीना ने समायरा धरनिधारका (17) के साथ 10 रन जुटाए। इसके बाद रिनिथा रजित (15) ने समायरा के साथ पांचवें विकेट के लिए 18 रन, जबकि मेहुल कुलकर्णी (3) के साथ छठे विकेट के लिए 11 रन जुटाकर टीम को जैसे-तैसे अर्धशतक के पार पहुंचा दिया। श्रीलंकाई टीम से मिताली अयोध्या ने 3.5 ओवरों में 14 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, जबकि चेतना विमुक्ति ने 4 ओवरों में 16 रन देकर 3 विकेट निकाले। इनके अलावा, सुगंधिका कुमारी ने 2 विकेट हासिल किया। हीना ने समायरा धरनिधारका (17) के साथ 10 रन जुटाए। इसके बाद रिनिथा रजित (15) ने समायरा के साथ पांचवें विकेट के लिए 18 रन, जबकि मेहुल कुलकर्णी (3) के साथ छठे विकेट के लिए 11 रन जुटाकर टीम को जैसे-तैसे अर्धशतक के पार पहुंचा दिया। Also Read: LIVE Cricket Score कप्तान 25 गेंदों में 48 रन बनाकर नाबाद रहीं। उनकी इस पारी में 2 छक्के और 7 चौके शामिल रहे, जबकि संजना ने 4 गेंदों में नाबाद 5 रन बनाए। यूएई के लिए कोई भी गेंदबाज विकेट हासिल नहीं कर सकीं। Article Source: IANS
Womens Asia Cup 2026:विमेंस टी20 एशिया कप 2026 में टीम इंडिया अपने अभियान का आगाज रविवार को थाईलैंड के खिलाफ करेगी। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय टीम टूर्नामेंट का आगाज जीत के साथ करना चाहेगी। भारतीय टीम की निगाहें चौथी बार टी20 विमेंस एशिया कप का खिताब जीतने पर होगी। भारतीय टीम का बल्लेबाजी क्रम काफी मजबूत नजर आ रहा है। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना पारी का आगाज करती हुई नजर आएंगी। मंधाना और शेफाली के लिए यह साल खासतौर पर टी20 फॉर्मेट में बढ़िया रहा है। हालांकि, जेमिमा रोड्रिग्स की गैरमौजूदगी में नंबर तीन की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। जेमिमा के स्थान पर प्रतिका रावल को टीम में जगह दी गई है, लेकिन वह काफी लंबे समय से टी20 फॉर्मेट से दूर रही हैं। ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। वह बल्ले और गेंद दोनों से अहम योगदान दे सकती हैं। इसके साथ ही ऋचा घोष से भी टीम को धमाकेदार प्रदर्शन की आस होगी। ऋचा अपनी तूफानी बल्लेबाजी के लिए जानी जाती हैं और जेमिमा की गैरमौजूदगी में उन्हें बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भी प्रमोट किया जा सकता है। तेज गेंदबाजी की कमान क्रांति गौड़ और रेणुका ठाकुर संभालेंगी। वहीं, श्री चरणी और राधा यादव अपनी घूमती गेंदों से यूएई की धरती पर बल्लेबाजों की परीक्षा ले सकती हैं। भारतीय टीम इससे पहले तीन बार विमेंस टी20 एशिया कप के खिताब को अपने नाम कर चुकी है। दूसरी ओर, थाईलैंड की टीम काफी आत्मविश्वास के साथ इस टूर्नामेंट में उतरी है। उन्होंने जून में फाइनल में यूएई को हराकर विमेंस प्रीमियर कप जीता था और इस टूर्नामेंट की शुरुआत भी शानदार अंदाज में की है। बाएं हाथ की स्पिनर थिपचा पुत्थावोंग उनकी गेंदबाजी की मुख्य कड़ी हैं और विमेंस टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। उनके नाम 169 विकेट हैं। हांगकांग के खिलाफ 1-23 के आंकड़े के साथ उन्होंने भारत की दीप्ति को पीछे छोड़ा था। ऑफ-स्पिनर ओनिचा कामचोमफू भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने हांगकांग के खिलाफ शुरुआती मैच में 3-27 विकेट लिए और अपने 150 टी20 इंटरनेशनल विकेट पूरे किए। 25 साल की विकेटकीपर नन्नापत कोंचारोएन्काई एक उभरती हुई बल्लेबाज हैं। वह टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। भारत के खिलाफ फनिता माया और नत्थाकन चंथम के प्रदर्शन पर भी निगाहें रहेंगी। भारत और थाईलैंड के बीच यह मुकाबला दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैदान पर आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों को विकेट से अच्छी मदद मिलती है। ग्राउंड बढ़ा होने के कारण बाउंड्री लगाना भी आसान नहीं रहता है। गेंद बल्ले पर थोड़ा फंसकर आती है। एक्यूवेदर की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को मौसम पूरी तरह से साफ बना रहेगा और बारिश होने की आशंका बिल्कुल भी नहीं है। ऑफ-स्पिनर ओनिचा कामचोमफू भी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने हांगकांग के खिलाफ शुरुआती मैच में 3-27 विकेट लिए और अपने 150 टी20 इंटरनेशनल विकेट पूरे किए। 25 साल की विकेटकीपर नन्नापत कोंचारोएन्काई एक उभरती हुई बल्लेबाज हैं। वह टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज हैं। भारत के खिलाफ फनिता माया और नत्थाकन चंथम के प्रदर्शन पर भी निगाहें रहेंगी। Also Read: LIVE Cricket Score थाईलैंड: नारुएमोल चाइवाई (कप्तान), नन्नापत कोनचारोएनकाई, नत्थाकन चंथम, चानिदा सुथिरुआंग, सुलेपोर्न लाओमी, ओनिचा कामचोम्फु, थिपचा पुथावोंग, फन्निता माया, एफिसारा सुवानचोनराथी, सुनीदा चतुरोंग्रट्टाना, चयनिसा फेंगपैन, नन्नाफाट चाइहान, कोरानित सुवानचोनराथी, थानराडा सीसावन और नाओमी हैमिल्टन। Article Source: IANS
Neeraj Chopra Asian Games से बाहर, टखने के लिगामेंट में चोट के बाद लिया फैसला
भारत के एशियाई खेलों में एथलेटिक्स के अभियान को करारा झटका लगा है क्योंकि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के ‘लिगामेंट’ में चोट लगने के कारण वह 2026 के बाकी सत्र में नहीं खेल पाएंगे। चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने का ‘लिगामेंट’ फट गया। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा।’’भाला फेंक के 28 वर्षीय दिग्गज ने कहा कि यह निराशाजनक है क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वह ‘अपनी लय हासिल करने के करीब’ थे, लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि उनका तत्काल ध्यान पूरी तरह फिट होने पर होगा। चोपड़ा ने कहा, ‘‘अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।’’भले ही उनका ध्यान पूरी तरह से फिट होने पर है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चोट से पूरी तरह उबरने के बाद वह प्रतियोगिता में वापसी करने का इरादा रखते हैं। चोपड़ा ने कहा, ‘‘यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए आभार।’’चोपड़ा के इस सत्र से हटने का मतलब यह भी है कि वह पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भी नहीं खेल पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था। चोपड़ा का नाम वापस लेना एशियाई खेलों में भारत के लिए एक बड़ा झटका है, जहां उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही थी। तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता को सत्र के दूसरे भाग में चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरना पड़ा था, लेकिन लुसाने में उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि वह अपनी लय फिर से हासिल कर रहे हैं। चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2023 में बुडापेस्ट में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
Asian Games से बाहर हुए नीरज चोपड़ा, भारतीय एथलेटिक्स दल को बढ़ा झटका
भारत के भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा प्रशिक्षण के दौरान चोट लगने के कारण आगामी एशियाई खेलों से बाहर हो गए हैं। चोपड़ा ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पोस्ट में यह जानकारी देते हुए कहा कि लुसाने में 88.05 मीटर का सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के तुरंत बाद उनके टखने में लिगामेंट फट गया। चोपड़ा ने कहा, “कड़ी मेहनत के एक दौर के बाद, मुझे आखिरकार लगा कि मैं वह गति हासिल कर रहा हूं जिसकी मुझे तलाश थी, और यह गति मुझे लुसाने में सीजन के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ मिली।दुर्भाग्यवश, कुछ ही समय बाद, प्रशिक्षण के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने चिकित्सा और टीम से सलाह मशवरा करने के बाद, हमने फैसला किया है कि मैं इस सीजन के बाकी बचे मैचों में नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं। pic.twitter.com/LwounijYk7 — Neeraj Chopra (@Neeraj_chopra1) August 29, 2026 ”उन्होंने आगे कहा, “अब मेरा ध्यान पूरी तरह से ठीक होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।” चोपड़ा के सीजन से हटने का मतलब यह भी है कि वह डायमंड लीग फाइनल और पहले विश्व एथलेटिक्स अल्टीमेट चैंपियनशिप में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था। उन्होंने जून और अगस्त में दोहा और लुसाने में आयोजित डायमंड लीग स्पर्धाओं में दूसरा स्थान हासिल किया था और ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक जीता था। बाद में उन्होंने लुसाने डायमंड लीग में अपने प्रदर्शन को सुधारते हुए 88.05 मीटर का थ्रो किया। टोक्यो ओलंपिक चैंपियन को हाल ही में चोटों से काफी परेशानी हुई है, पिछले साल सितंबर से उन्हें पीठ के निचले हिस्से में एक और चोट सता रही है, जिसके कारण पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने का उनका प्रयास विफल रहा। 73 भारतीय एथलीटों की अगुवाई करने वाले थे नीरज चोपड़ा दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करने वाले थे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के गत चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेने वाले थे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था।
Neeraj Chopra Asian Games से बाहर, अभ्यास के दौरान टखने में लगी चोट
भारत के दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के लिगामेंट में चोट लग गई है, जिसके कारण वह आगामी एशियाई खेलों में नहीं खेल पाएंगे। चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। चोपड़ा ने कहा, ‘‘कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।’’उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं।’’चोपड़ा ने कहा, ‘‘अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।’’चोपड़ा के इस सत्र से हटने का मतलब यह भी है कि वह डायमंड लीग फाइनल में भी नहीं खेल पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था।
Neeraj Chopra को बड़ा झटका! टखने में चोट से Asian Games और Diamond League से बाहर
ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट फटने की वजह से नीरज चोपड़ा 2026 सीज़न के बाकी हिस्से से बाहर हो गए हैं। इस चोट के कारण दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इससे उनका सीज़न समय से पहले ही खत्म हो गया, जबकि ऐसा लग रहा था कि वे अपनी लय में लौट रहे हैं। चोपड़ा ने लॉज़ेन डायमंड लीग में अच्छे संकेत दिखाए थे और साल की अपनी तीसरी कॉम्पिटिटिव प्रतियोगिता में सीज़न का अपना सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। इसे भी पढ़ें: Women's T20 Asia Cup में India vs Thailand मुकाबला, क्या Harmanpreet Kaur की कप्तानी में लौटेगी पुरानी लय? 29 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में, चोपड़ा ने कन्फर्म किया कि चोट की वजह से उन्हें और उनकी टीम को अपना सीज़न यहीं खत्म करना पड़ा। उन्होंने लिखा कि दुर्भाग्यवश, कुछ ही समय बाद, प्रशिक्षण के दौरान मेरे टखने के लिगामेंट में चोट लग गई। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशवरा करने के बाद, हमने फैसला किया है कि मैं इस सीज़न के बाकी बचे मैचों में नहीं खेलूंगा। 28 साल के इस खिलाड़ी ने चोट के कारण लंबे समय तक बाहर रहने के बाद जून में दोहा डायमंड लीग में वापसी की और 85.69 मीटर के थ्रो के साथ चौथा स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने ग्लासगो में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता और फिर लॉज़ेन में अपना 'सीज़न का सर्वश्रेष्ठ' प्रदर्शन किया। चोपड़ा के वापसी वाले सीजन में मिले-जुले नतीजे देखने को मिले। ग्लासगो में उन्होंने पोडियम पर जगह तो बनाई, लेकिन श्रीलंका के रुमेश पथिरागे ने 89.75 मीटर का ज़बरदस्त थ्रो करके उनसे गोल्ड मेडल छीन लिया। उम्मीद थी कि लॉज़ेन का इवेंट एशियाई खेलों की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा, जहाँ चोपड़ा भारत की ओर से मेडल जीतने की मुख्य उम्मीद थे। लेकिन अब यह 2026 में उनका आखिरी कॉम्पिटिटिव इवेंट होगा। इसे भी पढ़ें: Asian Games 2026 की मेजबानी पर उठे सवाल, Japan की Cricket सुविधाओं पर उठे बड़े सवाल! इस चोट की वजह से डायमंड लीग फाइनल में हिस्सा लेने की उनकी उम्मीदें भी खत्म हो गईं। चोपड़ा स्टैंडिंग में सातवें स्थान पर पहुँच गए थे और क्वालिफ़िकेशन की दौड़ में बने हुए थे, लेकिन तभी उनका सीज़न अचानक रुक गया। चोपड़ा ने माना कि यह झटका ऐसे समय में लगा है जब उन्हें लग रहा था कि उनकी फ़ॉर्म बेहतर हो रही है, इसलिए यह और भी निराशाजनक है। यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय हासिल करने के करीब हूँ। लेकिन जैसा कि कहा जाता है, उतार-चढ़ाव सफ़र का ही एक हिस्सा होते हैं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
Ashi Chouksey को Asian Games में निशानेबाजों से बड़ी उम्मीद, बोलीं- बेसिक्स पर रहे ध्यान
एशियाई खेलों में कई पदक जीत चुकी राइफल निशानेबाज आशी चौकसे को भरोसा है कि अगर भारतीय टीम ‘बेसिक्स’ (बुनियादी बातें) पर अच्छी तरह से ध्यान दें तो उसे अगले महीने जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में रोकना आसान नहीं होगा। एशियाई खेल 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक खेले जाएंगे जिसमें भारत को निशानेबाजों से बड़ी उम्मीद है। उन्होंने 2018 में जकार्ता और 2023 में हांगझोऊ एशियाई खेलों में शानदार प्रदर्शन किया था। पिछले एशियाई खेलों में दो रजत और एक कांस्य पदक जीतने वाली 24 वर्षीय चौकसे ने कहा, ‘‘छोटी-छोटी बातें बहुत मायने रखती हैं। हमें पता है कि क्या करना है। हम जानते हैं कि कैसे निशाना साधना है। लेकिन कुछ छोटी-छोटी बातें हैं जिन पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर हम ‘बेसिक्स’ पर अच्छी तरह से ध्यान दें तो मुझे लगता है कि हमें कोई रोक नहीं पाएगा।’’चौकसे जानती हैं कि आइची-नागोया में उन्हें चीन से कड़ी चुनौती मिलने की उम्मीद है जो महाद्वीपीय स्तर पर भारत का सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं चीन के निशानेबाजों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए वास्तव में उत्साहित हूं क्योंकि उसकी टीम बहुत मजबूत है।’’चौकसे ने कहा, ‘‘पिछले एशियाई खेलों में महिलाओं की 50 मीटर 3 पोजीशन में हमने स्वर्ण (सिफत कौर समारा) और कांस्य (आशी चौकसे) पदक जीते थे, जबकि चीन ने रजत पदक जीता था। हो सकता है कि वह इसका बदला लेने की कोशिश करें।’’चौकसे ने 2023 के एशियाई खेलों में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन की टीम स्पर्धा में रजत और महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा, ‘‘एशियाई खेल ओलंपिक के बाद सबसे बड़ी प्रतियोगिता है। मैं पहले भी एशियाई खेलों में खेल चुकी हूं और मैंने अच्छा प्रदर्शन किया था। इसलिए मैं जानती हूं कि वहां बेहतर प्रदर्शन करने के लिए क्या करना होता है।
Asia Cup 2026: क्या आप पाकिस्तान से हाथ मिलाएँगी? हरमनप्रीत कौर ने दिया ये जवाब..
pc: navarashtra विमेंस T20 एशिया कप 2026 टूर्नामेंट आज से दुबई में शुरू हो गया है। इस टूर्नामेंट में कुल 8 विमेंस क्रिकेट टीमें मैदान पर उतरेंगी। इंडियन विमेंस टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर होंगी। कल पहला मैच थाईलैंड और हांगकांग के बीच खेला गया। इस बीच, पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले इंडियन टीम की कैप्टन हरमनप्रीत कौर का रिएक्शन सामने आया है। विमेंस एशिया कप 2026 टूर्नामेंट में इंडिया और पाकिस्तान के मैच का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इंडिया और पाकिस्तान दोनों टीमें 5 सितंबर को भिड़ेंगी। कुल 8 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरी हैं और इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम की कमान हरमनप्रीत कौर को सौंपी गई है। इंडियन टीम को इस टूर्नामेंट में खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। एशिया कप टूर्नामेंट शुरू होने से पहले आज सभी कैप्टन्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। इस साल इंडियन टीम को जीत का दावेदार माना जा रहा है। इस बीच, आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कैप्टन हरमनप्रीत कौर से पाकिस्तान मैच को लेकर सवाल पूछा गया। उनसे पूछा गया कि क्या भारतीय टीम पाकिस्तानी टीम से हाथ मिलाएगी या नहीं। हाथ मिलाने की बात पर क्या हुआ? प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधा सवाल पूछा गया कि क्या भारतीय खिलाड़ी मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाएंगे। हालांकि, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कोई सीधा जवाब दिए बिना इस विवाद या सवाल का जवाब देने से परहेज किया। यह बात सामने आ रही है कि उन्होंने जवाब दिया कि भारतीय टीम सिर्फ खेल पर फोकस करेगी। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने साफ किया कि, “हम किसी खास टीम या मैच पर फोकस नहीं कर रहे हैं। पिछले 2-3 सालों में सभी एशियाई टीमों ने काफी सुधार किया है। हमारा मुख्य लक्ष्य मैदान पर बेहतरीन क्रिकेट खेलना है,” भारतीय टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा। भारतीय टीम को पिछले महिला एशिया कप के फाइनल में श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था। इसलिए, इस साल हरमनप्रीत की लीडरशिप में भारतीय टीम एक बार फिर एशिया कप ट्रॉफी जीतने और पुरानी हार का बदला लेने के लिए मैदान पर पूरी ताकत से खेलती नजर आएगी।
Women T20 Asia Cup में Thailand से भिड़ेगी भारतीय टीम, लय हासिल करने का लक्ष्य
ऐसे समय में जबकि टीम की फॉर्म और निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं तब हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम रविवार को यहां महिला टी20 एशिया कप ग्रुप ए के अपने पहले मैच में थाईलैंड के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करके अपने अभियान की शानदार शुरुआत करना चाहेगी। पिछले एक दशक में महिला टी20 एशिया कप में भारत सबसे दबदबा बनाने वाली टीम रही है। उसने 2016-17 से इस टूर्नामेंट के टी20 प्रारूप के पांच संस्करणों में तीन बार खिताब जीता है लेकिन हाल में उसका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। भारत ने इस साल खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में से नौ मैच हारे हैं। उसको आखिरी हार हाल में महिला टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया से मिली थी। भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के ग्रुप चरण से बाहर हो गई थी। ऐसे समय में जबकि कप्तान हरमनप्रीत के खुद की फॉर्म और सबसे छोटे प्रारूप में उनके भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं तब भारत एशिया के दो प्रमुख टूर्नामेंट में खेलने की तैयारी कर रहा है। एशिया कप के तुरंत बाद जापान में एशियाई खेल होंगे। इन दोनों प्रतियोगिताओं में भारत खिताब के मजबूत दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा। भारत को आठ टीमों वाली महिला टी20 एशिया कप में थाईलैंड, हांगकांग और पाकिस्तान के साथ ग्रुप ए में रखा गया है। हरमनप्रीत ने महिला टी20 विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन में हालांकि निरंतरता का अभाव है जो टीम के लिए चिंता का विषय है। एशिया कप और एशियाई खेलों के लिए भरोसेमंद बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स के बाहर होने के बाद भारत ने अपनी टीम में प्रतिका रावल को शामिल किया है, लेकिन टीम को मध्य क्रम में जेमिमा की कमी खलेगी। भारत के पास स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के रूप में मजबूत सलामी जोड़ी है लेकिन तीसरे नंबर और उसके बाद के बल्लेबाजों के लिए सबसे बड़ी चुनौती लय को बनाए रखना और स्कोरबोर्ड को गति प्रदान करना होगा। पिछली बार जब भारत इस प्रारूप में खेला था तब खराब फील्डिंग बड़ी चिंता का विषय था। भारतीय खिलाड़ियों ने कई कैच छोड़े जो उसकी हार का प्रमुख कारण भी रहा। भारत को अगर एशिया कप और एशियाई खेलों में अपना दबदबा बरकरार रखना है तो उसे अपनी फील्डिंग में जल्द से जल्द सुधार करना होगा। गेंदबाजी में भारत की तरफ से स्पिन आक्रमण की अगुवाई अनुभवी ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा करेगी। इस विभाग में भारत के पास टी20 विश्व कप में सबसे अधिक विकेट लेने वाली श्री चरणी, राधा यादव और प्रेमा रावत शामिल हैं। भारत का तेज गेंदबाजी आक्रमण भी मजबूत नजर आ रहा है, जिसमें अनुभवी रेणुका सिंह ठाकुर के साथ क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी और नंदनी शर्मा जैसी गेंदबाज शामिल हैं। जहां तक थाईलैंड का सवाल है तो वह हांगकांग के खिलाफ पहले मैच में मिली जीत से उत्साहित होगा। थाईलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए नौ विकेट पर 120 रन बनाए और फिर हांगकांग को सात विकेट पर 114 रन पर रोक दिया। थाईलैंड की कप्तान नारुएमोल चाईवाई (43) ने बल्लेबाजी में अहम योगदान दिया जबकि ओन्निचा कामचोम्फू ने तीन और फनिता माया ने दो विकेट लेकर गेंदबाजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम इस प्रकार हैं:भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), गुनालन कमलिनी (विकेटकीपर), प्रतिका रावल, शेफाली वर्मा, दीप्ति शर्मा, क्रांति गौड़, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह ठाकुर, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, राधा यादव। थाईलैंड: नारुएमोल चाइवाई (कप्तान), नन्नाफट चाइहान, नत्थाकन चंथम, नाओमी हिल्टन, नन्नापत कोंचरोएनकाई (विकेटकीपर), ओन्निचा कामचोमफू, फन्निता माया, चानिदा सुथिरुआंग, एफिसारा सुवानचोराथी, सुनीदा चतुरोंग्रट्टाना, चायनिसा फेंगपैन, सुलेपोर्न लाओमी, थिपचा पुथावोंग, थानराडा सीसावन, कोरानिट सुवानचोनराथी। मैच भारतीय समयानुसार रात 8:00 बजे शुरू होगा।
Women's T20 Asia Cup 2026: जाने किस दिन आमने सामने होगी भारत पाकिस्तान टीम
इंटरनेट डेस्क। महिला टी20 एशिया कप 2026 का आगाज हो चुका है। इस बार टूर्नामेंट में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा इंडोनेशिया, हांगकांग चीन, थाईलैंड और मेजबान यूएई भी खिताब के लिए मैदान में है। टूर्नामेंट का फाइनल 13 सितंबर को खेला जाएगा। भारत को प्रतियोगिता का प्रबल दावेदार माना जा रहा है, जबकि मौजूदा चैंपियन श्रीलंका की टीम भी शानदार फॉर्म के साथ टूर्नामेंट में पहुंची है। महिला टी20 एशिया कप में कुल 15 मुकाबले खेले जाएंगे। इनमें 12 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल शामिल है। ग्रुप चरण के मुकाबले कले से शुरू हो चुके हैं जोे आठ सितंबर तक होंगे और इस दौरान हर दिन एक मैच खेला जाएगा। पांच सितंबर को भारत-पाकिस्तान महामुकाबला टूर्नामेंट के सबसे बहुप्रतीक्षित मुकाबलों में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत शामिल है। दोनों टीमें पांच सितंबर को आमने-सामने होंगी। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का पाकिस्तान पर दबदबा रहा है। दोनों के बीच खेले गए 17 मुकाबलों में भारत ने 14 में जीत दर्ज की है। हालांकि, टी20 क्रिकेट में एक खराब दिन भी समीकरण बदल सकता है। pc- firstpost.com
प्रधानमंत्री उज्बेकिस्तान में द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन में बहुपक्षीय व द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे।
एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम में चुने गए लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को कथित डोपिंग उल्लंघन के मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस जारी किया है।
US Diplomats और उनके परिवार West Asia स्थित अमेरिकी दूतावासों में लौटने लगे
ईरान के साथ युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया स्थित अमेरिकी दूतावासों से हटाए गए राजनयिक और उनके कुछ परिजन अब धीरे-धीरे वापस जाना शुरू हो गए हैं। हालांकि, अधिकांश दूतावासों में अभी पूरी क्षमता के साथ कामकाज शुरू नहीं होगा लेकिन इस सप्ताह से अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कर्मचारियों की संख्या और अन्य प्रतिबंधों में ढील देना शुरू कर दिया है। यह बदलाव ईरान के प्रति ट्रंप प्रशासन की नीति में किसी बदलाव का संकेत नहीं है। अमेरिका की नीति अब सैन्य कार्रवाई के बजाय मुख्य रूप से आर्थिक मोर्चे पर केंद्रित है। यह बदलाव मुख्यतः मानव संसाधन से जुड़े नियमों की कानूनी बाध्यताओं के कारण किए गए हैं। नियमों के तहत राजनयिकों को वेतन और पारिवारिक भत्तों के साथ एक निश्चित अवधि से अधिक समय तक उनके पद से बाहर नहीं रखा जा सकता। ईरान के साथ युद्ध के छह महीने पूरे होने के बीच शुक्रवार को कतर, कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी दूतावासों ने राजनयिकों के परिजनों को वापस लौटने की अनुमति देने की घोषणा की। हालांकि, कुवैत और बहरीन में यह अनुमति केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को दी गई है। इससे पहले इसी सप्ताह इजराइल में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों के सभी परिजनों को वापस लौटने की अनुमति दी गई थी। लेबनान में कार्यरत अमेरिकी कर्मचारियों के 21 वर्ष से अधिक आयु के परिजनों को भी लौटने की अनुमति मिल गई है। युद्ध के शुरुआती दिनों में पश्चिम एशिया के पांच अन्य देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों से भी राजनयिकों और उनके परिवारों को हटने के आदेश दिए गए थे। इनमें से कुछ दूतावासों की स्थिति में भी जल्द बदलाव होने की संभावना है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने कहा, “हम इस पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध हैं। फैसले लिए जाने के साथ ही हम उचित माध्यमों से इसकी जानकारी साझा करते रहेंगे।
धावक Abhishek Pal को NADA का नोटिस, Asian Games से पहले डोपिंग का मामला
एशियाई खेलों के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम में चुने गए लंबी दूरी के धावक अभिषेक पाल को डोपिंग उल्लंघन के कथित मामले में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस जारी किया है। नाडा ने हालांकि अभी तक उनके खिलाफ अस्थायी निलंबन नहीं लगाया है। सूत्रों के अनुसार, पाल के डोप नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ की बेहद कम मात्रा पाई गई है। घटनाक्रम से जुड़े एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि नाडा ने इसी आधार पर पाल को नोटिस भेजा है। यह भी माना जा रहा है कि पाया गया पदार्थ महिलाओं में प्रजनन क्षमता से जुड़ी किसी दवा का हो सकता है। सूत्र ने कहा कि प्रतिबंधित पदार्थ का पाया जाना अपने आप में चौंकाने वाला है और उम्मीद है कि पाल इस मामले की जांच की मांग के लिए नाडा का रुख करेंगे। जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 72 सदस्यीय भारतीय एथलेटिक्स टीम में पाल को 5000 मीटर और 10,000 मीटर दौड़ के लिए जगह मिली है। उनके लिए डोपिंग मामले के चलते एशियाई खेलों में हिस्सा लेना मुश्किल हो सकता है। पाल मामले का जल्द समाधान कराने के लिए नाडा से संपर्क कर सकते हैं। अमेरिका में भी प्रशिक्षण ले चुके पाल ने जून में राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 10,000 मीटर में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। इससे पहले वह 2023 एशियाई चैंपियनशिप में 10,000 मीटर दौड़ का कांस्य पदक भी अपने नाम कर चुके हैं।
एशियाई खेलों की शुरुआत होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। बीसीसीआई जापान में क्रिकेट सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि बोर्ड इन खेलों के लिए भारत की 'बी' टीम भेजने पर भी विचार कर रहा है।
Asian Games में इस तारीख से शुरु होंगे भारतीय पुरुष और महिला टीम के मुकाबले
एशियन गेम्स में अपने खिताब की रक्षा के लिए भारत की तैयारियां क्रिकेट अभियान शुरू होने से काफी पहले ही शुरू हो जाएंगी। पुरुष और महिला दोनों टीमों के सितंबर के मध्य में जापान जाने की उम्मीद है, ताकि वे वहां के माहौल में ढल सकें और अपनी तैयारियों को बेहतर बना सकें। भारतीय टीमों के 14 या 15 सितंबर के आसपास नागोया के लिए रवाना होने की संभावना है, जिससे उन्हें प्रतियोगिता शुरू होने से पहले वहां सेटल होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। महिला टूर्नामेंट 17 सितंबर से शुरू होगा, जबकि पुरुषों का अभियान 28 सितंबर से शुरू होगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली महिला टीम को अपना अभियान जल्दी शुरू करने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा और उनका पहला मुकाबला 18 सितंबर को मेजबान जापान से होगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष टीम प्रतियोगिता में उतरने से पहले अपनी तैयारियों के तहत दो क्लब टीमों और जापान के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेल सकती है। कई रिपोर्टों के अनुसार, एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल भी जापान का दौरा कर सकता है ताकि भाग लेने वाले टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा सके। दोनों भारतीय टीमें डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर प्रतियोगिता में उतरेंगी और उन्हें क्वार्टर फाइनल में सीधे एंट्री मिली है। भारत ने चीन में हुए पिछले संस्करण में पुरुष और महिला दोनों इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। शुरुआती चरण पूरे होने के बाद, पुरुष टीम का मुकाबला ग्रुप ए की दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा, जिसमें अफगानिस्तान, जापान और नेपाल शामिल हैं। पुरुषों की प्रतियोगिता में भारत, बंगलादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका चार सीडेड टीमें हैं। महिला इवेंट में, भारत के लिए क्वार्टर फाइनल का प्रतिद्वंद्वी पहले ही तय हो चुका है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन सहित आठ टीमें सीडेड हैं। महिला फाइनल 22 सितंबर को होना है, जबकि पुरुषों का गोल्ड-मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर को नागोया के पास कोरोगी एथलेटिक पार्क में होनी है।
एशियाई खेलों की तैयारी में जुटीं भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन नाइजीरियाई दिग्गज बॉक्सर पैट्रीशिया म्बाता के साथ तैयारी नहीं कर पाएंगी। इसके लिए साई से मंजूरी मिलने में देरी कारण है।
Asian Market Today: अच्छे नतीजों के बाद Nvidia में 9% के उछाल ने अमेरिकी बाजारों का सेटीमेंट सुधरा है। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट दौड़ा है। S&P में भी रौनक है। बाजार की अब आज शाम को जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के बयानों पर नजर रखे हुए है। शुक्रवार, 28 अगस्त को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय बाजार रहा, जिसमें 1.04% की गिरावट आई, जबकि MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफिक इंडेक्स भी थोड़ा नीचे आया। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.5% की गिरावट आई, जिससे हांगकांग के बाजारों में कमजोर शुरुआत का संकेत मिला।हालांकि, जापानी शेयरों ने व्यापक क्षेत्रीय रुझान के विपरीत प्रदर्शन किया। निक्केई 225 में 0.66% और टॉपिक्स (Topix) में 1.04% की बढ़त हुई, जबकि जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 159.33 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।वॉल स्ट्रीटगुरुवार रात S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि निवेशक कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर रखे हुए थे और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के ताजा बयानों का इंतजार कर रहे थे।बेंचमार्क इंडेक्स से जुड़े फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली गिरावट आई, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.2% नीचे आए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 28 अंक गिरे, जिससे कुल मिलाकर बहुत कम हलचल का संकेत मिला।गुरुवार को वॉल स्ट्रीट शेयरों में बढ़त हुई, जिसकी मुख्य वजह एनवीडिया (Nvidia) के शेयरों में नतीजों के बाद लगभग 9% की तेजी थी। टेक्नोलॉजी सेक्टर के साथ-साथ S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट ने 4 अगस्त के बाद से अपना सबसे मजबूत एक-दिवसीय प्रदर्शन दर्ज किया।जैक्सन होल में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषणट्रेडर्स जैक्सन होल, व्योमिंग में सेंट्रल बैंक के सालाना सम्मेलन में वॉर्श के आगामी भाषण का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि यह कार्यक्रम किसी औपचारिक नीति बैठक से जुड़ा नहीं है, लेकिन निवेशक ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के बारे में संकेत पाने के लिए उनके बयानों पर बारीकी से नजर रखेंगे।CME के फेडवॉच टूल के अनुसार, फेड फंड्स फ्यूचर्स वर्तमान में लगभग 64% संभावना का संकेत दे रहे हैं कि सेंट्रल बैंक अगले महीने होने वाली बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा।अमेरिका-ईरान युद्धवॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों को बार-बार बताया है कि उसे जून में हुए समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) को फिर से शुरू करने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जिससे कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।इससे पहले गुरुवार को वाशिंगटन ने कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत में शामिल नहीं है, जबकि कई देशों ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिशें की थीं।इस बीच, सोमवार को अमेरिका ने ईरान पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जिन्हें उसने इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध बताया। तेहरान ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे अमानवीय और शत्रुतापूर्ण कृत्य करार दिया और दावा किया कि ये प्रतिबंध बेअसर हो गए हैं।कच्चे तेल की कीमतेंशुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई और वे तीन हफ्तों में पहली बार साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ रही थीं। इससे पहले के सत्र में कीमतों में बढ़त हुई थी, जब एक रिपोर्ट में संकेत मिला था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते की पुरानी शर्तों पर लौटने को तैयार नहीं हैं।ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% गिरकर $89.45 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 22 सेंट या 0.3% गिरकर $83.31 प्रति बैरल पर आ गया।दोनों बेंचमार्क में साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई; इस सप्ताह ब्रेंट में 5.3% और WTI में 4.3% की गिरावट आई।आज सोने की कीमतशुक्रवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में सोने की कीमतें स्थिर रहीं क्योंकि निवेशक जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बहुप्रतीक्षित बयानों का इंतजार कर रहे थे।0041 GMT तक स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर $4,589.85 प्रति औंस पर आ गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.5% गिरकर $4,642.60 पर आ गया।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत खुल सकते है भारतीय बाजार(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
मुंबई में मंगलवार का दिन भारतीय शतरंज के लिए बेहद खास रहा। एक ही आयोजन में देश के दो युवा खिलाड़ियों ने एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के शास्त्रीय वर्ग का खिताब अपने नाम किया। असम के 17 वर्षीय मयंक चक्रवर्ती ने लड़कों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 13 साल की प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों के वर्ग में बाजी मार ली। खास बात यह रही कि मयंक पिछले कुछ महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण भी दे रहे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, मयंक चक्रवर्ती पिछले मार्च में भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने थे। वह पूर्वोत्तर भारत से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। इतनी कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने के बावजूद मयंक से बातचीत करने पर उनके जवाबों में उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता नजर आती है। एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में मयंक पहले से ही शीर्ष वरीय खिलाड़ी के तौर पर उतरे थे। इससे पहले वह इस प्रतियोगिता के तीव्र शतरंज वर्ग का खिताब भी जीत चुके हैं। हालांकि, उनके लिए शास्त्रीय वर्ग का खिताब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मयंक के मुताबिक, शास्त्रीय शतरंज वही प्रारूप है जिसमें विश्व चैंपियन बनने की राह तय होती है और इसमें जीत हासिल करना दूसरे खिलाड़ियों पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने जैसा है। उन्होंने बताया कि तीव्र शतरंज प्रतियोगिता एक दिन में समाप्त हो जाती है, जबकि शास्त्रीय मुकाबले छह से सात दिन तक चल सकते हैं। इस वजह से इसमें ज्यादा मेहनत, मानसिक तैयारी और शुरुआती चालों की गहरी तैयारी की जरूरत होती है। उनके अनुसार, तीव्र शतरंज में मुख्य रूप से तेजी से खेलना होता है, जबकि शास्त्रीय शतरंज में तैयारी और धैर्य दोनों की बड़ी भूमिका होती है। इसी प्रतियोगिता में 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। बेंगलुरु में रहने वाली प्रतीति के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसी साल इटली के मोंटे सिल्वानो में आयोजित विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में वह भारत की एकमात्र पदक विजेता रही थीं। गौरतलब है कि मयंक पिछले तीन से चार महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों की तैयारी इटली में आयोजित विश्व युवा चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई थी। हालांकि, मुंबई में चल रही प्रतियोगिता के दौरान मयंक खुद भी मुकाबले खेल रहे थे, इसलिए वह प्रतीति की ज्यादा मदद नहीं कर सके। प्रतीति ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले मयंक ने खास तौर पर शुरुआती चालों की तैयारी में उनकी मदद की थी। प्रतीति इस प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग की शीर्ष वरीय खिलाड़ी थीं। ऐसे में उन पर उम्मीदों का दबाव भी था। उनकी मां प्रांती दत्ता बोरदोलोई ने कहा कि शीर्ष वरीय होने पर दबाव से बचना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, जब किसी खिलाड़ी को सबसे आगे रखा जाता है तो उससे हर हाल में जीत की उम्मीद जुड़ जाती है। प्रतीति की जीत के साथ उन्हें महिला ग्रैंडमास्टर की उपाधि के लिए जरूरी मानकों में से एक मानदंड भी हासिल हुआ है। मयंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए और खास रही क्योंकि उनके अपने खिताब के साथ उनकी शिष्या भी उसी दिन चैंपियन बनीं। उन्होंने कहा कि खुद चैंपियन बनने की खुशी तो है ही, लेकिन अपने विद्यार्थी को चैंपियन बनते देख खुशी और बढ़ गई है। बता दें कि ग्रैंडमास्टर बनने के बाद भी मयंक की दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उनका कहना है कि संघर्ष अब भी जारी है और जिंदगी पहले जैसी ही है। वह समय का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए तय दिनचर्या का पालन करते हैं। सोशल मीडिया और दूसरी गैरजरूरी चीजों से दूरी बनाकर वह पढ़ाई, शतरंज और प्रशिक्षण पर ध्यान देते हैं। मयंक की अगली चुनौती भी ज्यादा दूर नहीं है। अगले पांच दिनों में उन्हें तुर्किये और उसके बाद मलेशिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं के लिए रवाना होना है। वहीं प्रतीति और उनका परिवार इस जीत और महिला ग्रैंडमास्टर मानदंड से संतुष्ट है। उनकी मां का कहना है कि भारत में रहकर तैयारी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना विदेशों की तुलना में काफी कम खर्चीला है। विदेश में इसी तरह की गतिविधियों पर करीब दस गुना अधिक खर्च हो सकता है। इस तरह मयंक और प्रतीति की यह साझी सफलता भारतीय शतरंज के लिए नई पीढ़ी की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है।
Harmanpreet Kaur बोलीं, Asia Cup में भारत किसी एक टीम के बजाय अच्छे खेल पर केंद्रित
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम महिला टी20 एशिया कप में किसी विशेष प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर रखकर नहीं चल रही है और इसके बजाय वह अच्छा क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करेगी। एशिया कप में भारत, पाकिस्तान, मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, मेजबान यूएई, थाईलैंड, हांगकांग, चीन और इंडोनेशिया की टीम भाग ले रही हैं। वनडे विश्व चैंपियन भारत महिला टी20 एशिया कप में प्रबल दावेदारों में से एक है, लेकिन हरमनप्रीत ने पांच सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर बने माहौल को खास तवज्जो नहीं दी। हरमनप्रीत ने शुक्रवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम किसी एक विशेष टीम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सभी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने पर है। हम किसी भी टीम को हल्के से नहीं ले रहे हैं। हमारा ध्यान केवल अच्छी क्रिकेट खेलने पर है। हम खेल से इतर की बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’’हरमनप्रीत ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएगी या नहीं। भारतीय कप्तान ने कहा कि वे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट को दबाव में खुद को परखने और अपने हाल के अनुभवों से मिले सबक पर आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया कप एक ऐसा मंच है जहां आप वास्तव में खुद को परख सकते हैं और खुद पर काफी दबाव डाल सकते हैं ताकि आप उस स्तर पर प्रदर्शन कर सकें जिसकी आप अपनी टीम से बहुत उम्मीद करते हैं।’’हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट में एक टीम के रूप में हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमने पिछले दो-तीन वर्षों में सभी टीम में जबरदस्त सुधार देखा है। जब भी हम उनके खिलाफ खेलते हैं तो वह कड़ी चुनौती पेश करते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारा अनुभव काम आएगा।’’भारत का टी20 विश्व कप का अभियान निराशाजनक रहा, लेकिन हरमनप्रीत का मानना है कि पिछले मैचों से मिले अनुभव टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैचों से हमें जो भी अनुभव मिला है, वह हमारी मदद करेगा और उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और यहां खेल का पूरा आनंद लेंगे।’’दुबई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के लिए भारत की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम अपने शुरुआती मैच से पहले अभ्यास सत्रों में यहां की परिस्थितियों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम कल (बुधवार) ही पहुंचे हैं और हमने अभी तक मैदान नहीं देखा है। लेकिन कल (शुक्रवार) हम अभ्यास करेंगे। अच्छी बात यह है कि हमसे पहले दो टीमें खेल रही हैं। इसलिए हमें उनका खेल देखने को मिलेगा और फिर हम समझ पाएंगे कि परिस्थितियां कैसी होंगी। फिर उसी के अनुसार हम अपनी रणनीति बनाएंगे।’’पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने कहा कि उनका इरादा ‘बेखौफ क्रिकेट’ खेलने का है। बर्मिंघम फीनिक्स के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलने वाली पहली पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी सना ने कहा, ‘‘हम भारत के खिलाफ पांच सितंबर को होने वाले मैच का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। टी20 क्रिकेट ऐसा खेल है कि जो भी उस दिन बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है, वही जीतता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम दुबई की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज हैं। उम्मीद है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’यूएई की कप्तान ईशा ओजा ने कहा, ‘‘यह किसी को कुछ साबित करने से नहीं बल्कि अपने खेल का आनंद लेने से जुड़ा है। हमने कड़ी मेहनत की है और अब उसको अंजाम तक पहुंचाना है।
AFC U-17 Asian Cup क्वालीफायर के ग्रुप ई में शामिल हुआ भारत, मलेशिया से मुकाबला
भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया। मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे। भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा। क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा। भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा। सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: AFC U17 Asian Cup Qualifiers: भारत ग्रुप ई में शामिल, मलेशिया और सिंगापुर से होगी भिड़ंत एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ: ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडिया ग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपे ग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊ ग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंका ग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआम ग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूह ग्रुप जी: ओमान (मेजबान), कुवैत, बहरीन, लेबनान, ब्रुनेई दारुस्सलाम।
AFC U17 Asian Cup Qualifiers: भारत ग्रुप ई में शामिल, मलेशिया और सिंगापुर से होगी भिड़ंत
भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया।मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे।भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा।क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा।भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा।सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ:ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडियाग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपेग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंकाग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआमग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूहग्रुप जी: ओमान (मेजबान), कुवैत, बहरीन, लेबनान, ब्रुनेई दारुस्सलाम।
एशियाई खेलों के शुरू होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। इससे पहले ही भारतीय घुड़सवार आहान मुश्किल में फंस गए हैं। एशियाई खेलों के दल में शामिल घुड़सवार आहान कुमार का घोड़ा इटली में अनिवार्य बीमारी के टेस्ट में फेल हो गया है।
बिहार की दो महिला रग्बी खिलाड़ी आरती कुमारी और गुड़िया कुमारी का चयन 2026 में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला रग्बी सेवन्स टीम में हो गया है। नवादा जिले की आरती और बिहार की गुड़िया जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के खेल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से भारतीय महिला रग्बी टीम के चयन को अंतिम रूप दिया गया है। ये दोनों खिलाड़ी इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी गति, फिटनेस, ताकत और तकनीकी क्षमता के दम पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। KIIT विश्वविद्यालय परिसर में होगा आयोजित एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए भारतीय महिला रग्बी टीम का विशेष राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर भुवनेश्वर के केआईआईटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 26 जुलाई से 1 सितंबर तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ियों को शारीरिक फिटनेस, तकनीक, रणनीति और मुकाबले के अभ्यास का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम चयन का प्रमुख आधार खिलाड़ियों का प्रदर्शन और फिटनेस रहा। इसी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरती और गुड़िया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की।
Asian Games 2026: क्रिकेट मुकाबलों का शेड्यूल हुआ जारी, भारतीय पुरुष टीम 28 सितंबर से करेगी आगाज
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स का आयोजन जापान में होने जा रहा हैं और इस बार भारतीय क्रिकेट टीम भी शामिल हो रही है। एशियन गेम्स के लिए क्रिकेट मुकाबलों का शेड्यूल आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। सभी मैच कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में भारतीय मेंस और विमेंस दोनों टीमें मेडल जीतने के मजबूत इरादे से मैदान में उतरेंगी। महिला क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत 17 सितंबर से होगी। भारतीय महिला टीम को श्रीलंका, मलेशिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन और थाईलैंड जैसी टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। भारत का पहला मुकाबला 18 सितंबर को जापान के खिलाफ खेला जाएगा। 18 सितंबर (शुक्रवार)- भारत बनाम जापान 20 सितंबर (रविवार)- सेमीफाइनल मुकाबले 22 सितंबर (मंगलवार)- ब्रॉन्ज मेडल मैच और फाइनल मुकाबला भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में ठोकेगी ताल मेंस क्रिकेट स्पर्धा में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को सीधे सीडेड टीमों के रूप में क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। जबकि ग्रुप-ए (अफगानिस्तान, जापान, नेपाल) और ग्रुप-बी (हांगकांग, मलेशिया, ओमान) की टीमें पहले ग्रुप स्टेज के मैच खेलेंगी। भारतीय मेंस टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबलाब को ग्रुप-ए की दूसरे नंबर की टीम के खिलाफ खेलेगी। 28 सितंबर (सोमवार)- क्वार्टर-फाइनल 2 - भारत बनाम ग्रुप-ए की उपविजेता 1 अक्टूबर (गुरुवार)- सेमीफाइनल 2 3 अक्टूबर (शनिवार)- ब्रॉन्ज मेडल मैच और फाइनल मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट का पूरा शेड्यूल महिला वर्ग 17 सितंबर: बांग्लादेश बनाम चीन | पाकिस्तान बनाम थाईलैंड 18 सितंबर: श्रीलंका बनाम मलेशिया | भारत बनाम जापान 20 सितंबर: सेमीफाइनल 1 | सेमीफाइनल 2 22 सितंबर: ब्रॉन्ज मेडल मैच | फाइनल मैच पुरुष वर्ग 24 से 26 सितंबर (ग्रुप स्टेज): अफगानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग, मलेशिया और ओमान के मुकाबले 28 सितंबर: QF1: पाकिस्तान बनाम ग्रुप-बी की उपविजेता | QF2: भारत बनाम ग्रुप-ए की उपविजेता 29 सितंबर: QF3: श्रीलंका बनाम ग्रुप-ए की विजेता | QF4: बांग्लादेश बनाम ग्रुप-बी की विजेता 1 अक्टूबर: सेमीफाइनल 1 | सेमीफाइनल 2 3 अक्टूबर: ब्रॉन्ज मेडल मैच | फाइनल मैच pc- cricinfo.com
रोहतास जिले के युवा एथलीट पियूष राज श्रीवास्तव ने 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने 4x400 मीटर रिले रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता पर बुधवार को रोहतास प्रखंड में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया और अभिनंदन बाइक रैली निकाली गई। बंजारी निवासी पियूष ने गुरुवार को 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार और अपने पंचायत का नाम रोशन किया। बताया गया है कि वह एशियाई स्तर पर इस स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले बिहार के पहले खिलाड़ी हैं। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण माना जा रहा है। मुखिया अली हसन के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और स्थानीय लोगों ने तुंबा से रोहतास तक अभिनंदन बाइक रैली निकाली। इस दौरान पियूष राज श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया गया। रैली में जगह-जगह लोगों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनकी उपलब्धि से बिहार को गर्व महसूस हुआ है स्थानीय लोगों ने कहा कि पियूष की सफलता ने क्षेत्र के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित किया है। उनकी उपलब्धि से पूरे जिले और बिहार को गर्व महसूस हुआ है। सम्मान समारोह में विशाल कमार, पसवंती देवी, मीना देवी, मुखिया अनीता टोपे, अजय कुमार, राजू कुमार सोनी, बलजीत सोनी जैसे कई जनप्रतिनिधि, युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने पियूष राज श्रीवास्तव को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए देश के लिए आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
एशियाई खेलों का आयोजन होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। इससे पहले, सभी देशों को अपने दल में कटौती करनी पड़ सकती है।
Pakistan में अगले साल आयोजित होंगे South Asian Games, 3 से 11 अप्रैल तक होगा मुकाबला
पाकिस्तान छह साल के विलंब के बाद अगले साल तीन से 11 अप्रैल तक 14वें दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा। इन खेलों का आयोजन इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में किया जाएगा। दक्षिण एशिया ओलंपिक परिषद (एसएओसी) ने इस्लामाबाद में हाल में हुई बैठक में इस बहु खेल प्रतियोगिता की तारीखों और आयोजन स्थलों को मंजूरी दी। दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन मूल रूप से 2021 में होना था लेकिन कोविड-19 महामारी समेत विभिन्न कारणों से इसे कई बार स्थगित किया गया। अगले साल मार्च में होने वाले खेलों की तारीखों को भी एक महीने आगे बढ़ाकर अप्रैल कर दिया गया। पाकिस्तान 2004 में इस्लामाबाद में क्षेत्रीय खेलों की मेजबानी करने के 23 साल बाद फिर इन खेलों की मेजबानी करेगा। एसएओसी ने रविवार को इस्लामाबाद में अपनी कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला किया। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान ओलंपिक संघ (पीओए) के अध्यक्ष और दक्षिण एशियाई संस्था के प्रमुख आरिफ सईद ने की। बैठक में खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर को आयोजन स्थलों के रूप में मंजूरी दी गई। बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने बैठक में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बाद में इस्लामाबाद में प्रस्तावित खेल स्थलों का निरीक्षण भी किया। पीओए के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत के प्रतिनिधि ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक संबंधों को देखते हुए अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि भारत इन खेलों के लिए अपना दल भेजेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिनिधि का बैठक में शामिल होना और खेलों की तारीखों का समर्थन करना इस बात का सकारात्मक संकेत है कि भारत प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का इच्छुक है। हालांकि बैठक में शामिल एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधि ने किसी भी स्तर पर भारत की भागीदारी का संकेत नहीं दिया और ना ही पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने हाल में इस्लामाबाद में हुए एक वॉलीबॉल टूर्नामेंट में भी अपनी टीम नहीं भेजी थी। नयी दिल्ली में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) इस मामले में भारत सरकार की नीति का पालन करेगा। दक्षिण एशियाई खेलों में 28 खेलों की 346 पदक स्पर्धाएं होंगी और इनमें 3,200 से अधिक खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खेलों के बजट को पहले ही मंजूरी दे चुके हैं और इसे अगले सप्ताह जारी किया जाएगा।
Mirabai Chanu एशियाई खेलों की चुनौती के लिए तैयार, पदक जीतने के बाद ही मणिपुर जाएंगी
भारतीय भारोत्तोलक और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में ओलंपिक जैसी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जहां उन्हें चीन, उत्तर कोरिया और थाईलैंड के शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करना होगा। भारत की इस 32 वर्ष की खिलाड़ी ने विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक पदक जीता है जिसमें 2021 में ओलंपिक खेलों में जीता गया रजत पदक भी शामिल है। लेकिन वह अभी तक एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं। मीराबाई ने हाल में ही राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा एशियाई खेल बिल्कुल अलग तरह की प्रतियोगिता है, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। मीराबाई ने 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में मेरे लिए प्रतिस्पर्धा कठिन नहीं थी। ग्लास्गो में मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। असली परीक्षा तो अब होनी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह देखना चाहती हूं कि जापान में मैं कितने आगे तक बढ़ सकती हूं। एशियाई खेल मेरे लिए सबसे कठिन रहे हैं। इस बार एशियाई खेलों में आपको शायद ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिले क्योंकि मेरे भार वर्ग में सबसे मजबूत भारोत्तोलक एशिया से हैं।’’मीराबाई का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में हांगझोऊ में रहा, जहां उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया था। वह चोटिल होने के कारण 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी। मीराबाई जानती हैं कि एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती हैं। यही वजह है कि वह कोच विजय शर्मा और अमेरिका के ‘स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग’ कोच डॉ. आरोन हॉर्शिंग द्वारा निर्धारित दिनचर्या का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रत्येक बृहस्पतिवार को उनके साथ वीडियो कॉल करते हैं और प्रशिक्षण, रिकवरी और भविष्य के कार्यक्रम को लेकर चर्चा करते हैं। हर चीज की बारीकी से समीक्षा की जाती है। डॉ. हॉर्शिंग खुद एक भारोत्तोलक रह चुके हैं, इसलिए उन्हें शरीर की हर मांसपेशी की जानकारी है। इससे मैं फिटनेस बनाए रखने में सफल रही हूं।’’मीराबाई एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए इतनी बेताब है कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद विश्राम नहीं किया और सीधे मोदीनगर स्थित अपने अभ्यास केंद्र के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभ्यास करने के लिए सीधे मोदीनगर वापस आ गई। दरअसल, मैं घर (मणिपुर) नहीं गई और मैं एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद ही घर जाऊंगी।
भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने आगामी महिला एशिया कप के लिए भारतीय टी20 टीम में सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को शामिल करने के फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस निर्णय के पीछे की वजह समझ नहीं आ रही है। प्रतिका को आगामी एशिया कप (जो 28 अगस्त को दुबई में शुरू हो रहा है) के लिए भारत की टीम में जेमिमा रोड्रिग्स की जगह शामिल किया गया है। जेमिमा 'द हंड्रेड' में सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए दाहिने हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट (हाई-ग्रेड टियर) का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण वह टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। प्रतिका को पहली बार टी20 टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने नवंबर 2024 में चैलेंजर ट्रॉफी के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जहां उन्होंने 111.81 के स्ट्राइक रेट से 142 रन बनाए थे। एशिया कप के लिए प्रतिका को अनुष्का शर्मा और हरलीन देओल से आगे चुना गया, जो पहले टी20 टीम का हिस्सा रही थीं। प्रतिका वनडे विश्व कप 2025 के दौरान टखने की चोट के कारण यूपी वॉरियर्स के लिए महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 नहीं खेल पाई थीं। अंजुम ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, यह विश्वास करना मुश्किल है कि भारतीय टीम के पास चुनने के लिए कोई और खिलाड़ी नहीं थी। जब मैं ऐसा कहती हूं, तो मेरा मतलब यह नहीं है कि प्रतिका टी20 नहीं खेल सकतीं, लेकिन आप किसी ऐसे खिलाड़ी को क्यों चुनेंगे जिसने लंबे समय से टी20 नहीं खेला है? जहां तक मुझे याद है, घरेलू क्रिकेट में भी शायद ही कोई टी20 मैच हुआ हो जिसमें वह खेली हों। वह डब्ल्यूपीएल का हिस्सा नहीं थीं। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह असल में चोट से वापसी कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, वह इंग्लैंड में वार्विकशायर के लिए खेलने वाली थीं, जो वन-डे फॉर्मेट था। वहां से वह अब भारतीय टी20 इंटरनेशनल टीम में खेलेंगी। अब इसके सवालिया निशान लगने की कुछ वजहें हैं। पहली बात, उन्होंने बहुत कम प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला है। दूसरी बात, मुझे पूरा यकीन है कि भारतीय टीम उनसे भारत के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद नहीं कर रही है। अंजुम ने प्रतिका के बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, अगर वह नंबर तीन पर बल्लेबाजी नहीं कर रही हैं, तो क्या वह निचले क्रम में बल्लेबाजी करेंगी? अगर ऐसा है, तो वह इस टीम में क्यों हैं? प्रतिका के टीम में आने से पहले अनुष्का शर्मा को आजमाया गया था। राघवी बिष्ट हैं जो चर्चा में रही हैं और वृंदा दिनेश हैं, जिन्होंने इंडिया 'ए' के लिए खेला है, और कई अन्य खिलाड़ी भी रही हैं। अगर आप किसी को मौका देना चाहते हैं, तो आप ऐसे खिलाड़ी को चुन सकते हैं जो डब्ल्यूपीएल का हिस्सा हो और जिसने उभरती हुई इंडिया 'ए' टीम के साथ यात्रा की हो। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, मुझे समझ नहीं आता कि प्रतिका रावल को इस टी20 टीम में क्यों चुना गया है, जबकि वनडे वर्ल्ड कप 2025 के बाद से उन्हें प्रतिस्पर्धी मैचों की प्रैक्टिस नहीं मिली है। वह वनडे और टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं और चोटिल होने से पहले इंडिया 'ए' के लिए 50 ओवर के मैच खेले थे। यह चयन काफी हैरान करने वाला है। अंजुम के लिए एक बड़ी चिंता यह भी है कि क्या प्रतिका जैसी खिलाड़ी, जिसे परखा नहीं गया है और जो चोट से वापसी कर रही है, उसे सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना चाहिए। इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ इंडिया 'ए' के 50 ओवर के मैच में फील्डिंग करते समय प्रतिका को चोट लग गई थी और वह जुलाई में लॉर्ड्स में ऐतिहासिक इकलौते टेस्ट नहीं खेल पाई थीं। यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि टी20 खिलाड़ी कौन हैं। इससे पहले भी एक चयन समिति रही है, और उनसे पहले भी दूसरी समितियां रही हैं। मैं यह नहीं कह रही कि आप किसी खिलाड़ी को इसलिए नहीं चुन सकते क्योंकि आप उनमें भरोसा करते हैं - यह ठीक है। उन्होंने कहा, प्रतिका रावल भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन टी20 क्रिकेटर साबित हो सकती हैं। यह बात समय ही बताएगा, लेकिन यह सही समय नहीं है। वह चोट से वापसी कर रही हैं, उन्होंने ज्यादा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है, और आप उम्मीद करते हैं कि वह सीधे नंबर तीन पर आ जाएं - एक ऐसी जगह जहां जेमिमा ने शायद अभी तक अपनी जगह पक्की नहीं की है। “आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि कोई युवा क्रिकेटर इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालेगी? अगर मौका देना ही है, तो ऋचा घोष को तीसरे नंबर पर बैटिंग करने का मौका दें। और भी कई विकल्प हैं। अगर किसी को तैयार करना है, तो वे किसी और को भी ले सकते हैं। मैं यह नहीं कहूंगी कि सिर्फ सिलेक्टर ही जिम्मेदार हैं - हो सकता है उन्हें कुछ ऐसी बातें पता हों जो हमें नहीं पता, लेकिन यह बात सबके सामने नहीं है। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, यह सोचना हैरान करने वाला है कि पिछले 24 महीनों में इतने सारे खिलाड़ियों को रोटेट करने के बाद भी, उनमें से कोई भी खिलाड़ी आज मुख्य भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाया है, यहां तक कि बेंच पर भी नहीं। आप प्रोसेस पर सवाल उठाने लगते हैं। टीम के 50-ओवर का वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद, यह बहुत हैरानी की बात है कि भविष्य की योजना या लंबे समय की सोच को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। जेमिमा के न होने पर, तीसरे नंबर के लिए अंजुम का वैकल्पिक प्लान किसी एक नाम पर निर्भर नहीं है - बल्कि, यह उन विकल्पों की एक सूची है जिन्हें उन्हें लगता है कि किसी ऐसे खिलाड़ी के लिए नजरअंदाज कर दिया जाएगा जिसे अभी परखा नहीं गया है। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है, तो मुझे सच में हैरानी होगी, क्योंकि यह उन दूसरे बल्लेबाजों के साथ बहुत नाइंसाफी होगी जिन्हें मौके नहीं मिले हैं। अगर आपको तीसरे नंबर पर किसी की जरूरत है, तो दीप्ति शर्मा को प्रमोट क्यों नहीं करते? स्मृति के बाएं हाथ से और शेफाली के दाएं हाथ से ओपनिंग करने के साथ, तीसरे नंबर पर दीप्ति के होने से बैटिंग ऑर्डर में संतुलन बना रहता है। अगर दीप्ति नहीं, तो ऋचा घोष को मौका दें। अगर वह भी विकल्प नहीं है, तो बेंच पर बैठीं उन बल्लेबाजों को मौका दें जिन्होंने अभी तक नहीं खेला है। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। इसके अलावा, कमलिनि को यास्तिका भाटिया की जगह टीम में शामिल किया गया था, जिनका इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। हालांकि, उन्होंने लॉर्ड्स में एक ऐतिहासिक टेस्ट शतक जरूर लगाया था। यास्तिका का उदाहरण देते हुए, अंजुम ने एशियन गेम्स के लिए टीम के ऐलान से पड़ने वाले मानसिक असर पर सवाल उठाए। यह ऐलान भारत के टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन के खत्म होने के ठीक दो दिन बाद किया गया था। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। Also Read: LIVE Cricket Score अंजुम ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, हालांकि, सोचिए एक खिलाड़ी जो चोट से ठीक होकर लौटी है, टीम में चुनी जाती है, और फिर उसे बताया जाता है कि वह एशिया कप और एशियन गेम्स के लिए टीम के साथ नहीं जाएगी। ऐसे में कोई खिलाड़ी मानसिक रूप से कैसे ठीक रह सकता है जब कोई टूर चल रहा हो? यह मेरे लिए एक बड़ा सवाल था। अगर कोई विकल्प होता तो इस ऐलान को टाला जा सकता था । हाल ही में मैंने देखा कि पाकिस्तान ने एशियन गेम्स के लिए अपनी टीम का चयन काफी देर से किया। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड गई टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले और अगले दो टूर्नामेंटों में भी उन्हें अधिक मौके नहीं मिलेंगे। ऐसे फैसले टीम के लिए फायदेमंद नहीं होते, और इससे ऐसा माहौल बनता है जहां हर कोई बेचैन रहता है, यह जाने बिना कि आगे क्या होने वाला है। Article Source: IANS
एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से जापान की धरती पर होना है। टूर्नामेंट में इस बार क्रिकेट को भी शामिल किया गया है। टूर्नामेंट में महिलाओं के मुकाबले 17 सितंबर से शुरू हो जाएंगे, जबकि पुरुष टीम के मैचों की शुरुआत 24 सितंबर से होगी। भारतीय टीम टूर्नामेंट में सीधा क्वार्टर फाइनल राउंड में उतरेगी। दरअसल, एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट में कुल 10 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें से 4 टीमों को बेहतर आईसीसी रैंकिंग के कारण डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल का टिकट दिया गया है। इस लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका का नाम शामिल है। वहीं, अफगानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग, मलेशिया और ओमान ग्रुप स्टेज में खेलेंगी। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान का आगाज 28 सितंबर को ग्रुप ए के उपविजेता के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम 1 अक्टूबर को दूसरे सेमीफाइनल मैच खेलने मैदान पर उतरेगी। सेमीफाइनल जीतने पर भारतीय टीम 3 अक्टूबर को फाइनल मैच खेलेगी। इसी तारीख को तीसरे स्थान के लिए ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को जापान के खिलाफ करेगी, जबकि 20 सितंबर को टीम अपना सेमीफाइनल मैच खेलने उतरेगी। 22 सितंबर को ब्रॉन्ज और फाइनल मुकाबला खेला जाना है। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 24 सितंबर - जापान बनाम अफगानिस्तान 24 सितंबर - मलेशिया बनाम हांग कांग 25 सितंबर - नेपाल बनाम अफगानिस्तान 25 सितंबर - ओमान बनाम हांग कांग 26 सितंबर - नेपाल बनाम जापान 26 सितंबर - ओमान बनाम मलेशिया 28 सितंबर - पहला क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की उपविजेता टीम बनाम भारत 28 सितंबर - दूसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की उपविजेता टीम बनाम पाकिस्तान 29 सितंबर - तीसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की विजेता टीम बनाम बांग्लादेश 29 सितंबर - चौथा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की विजेता टीम बनाम श्रीलंका 1 अक्टूबर - पहला सेमीफाइनल 1 अक्टूबर - दूसरा सेमीफाइनल 3 अक्टूबर - ब्रॉन्ज मेडल मैच 3 अक्टूबर - गोल्ड मेडल मैच। एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 17 सितंबर - जापान बनाम भारत - पहला क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर - चीन बनाम बांग्लादेश - दूसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - श्रीलंका बनाम मलेशिया - तीसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - थाईलैंड बनाम पाकिस्तान - चौथा क्वार्टरफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल 20 सितंबर - दूसरा सेमीफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल Also Read: LIVE Cricket Score 22 सितंबर - गोल्ड मेडल मैच Article Source: IANS
Asian Games में जगह की कमी, OCA ने भारत समेत अन्य देशों को दल सीमित रखने को कहा
(पूनम मेहरा)नयी दिल्ली, 26 अगस्त जापान द्वारा आगामी एशियाई खेलों में 15 हजार से अधिक प्रतिभागियों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारत समेत सभी राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (एनओसी) को सलाह दी है कि वे देर से खिलाड़ियों के नाम जोड़ने का अनुरोध नहीं करें और अपने दल की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर रखें। भारत ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 492 खिलाड़ियों को मंजूरी दी है। सहयोगी स्टाफ के दल की घोषणा अभी नहीं की गई है क्योंकि इसकी संख्या तय करने के लिए विचार-विमर्श जारी है। ओसीए ने कहा कि पिछले महीने खिलाड़ियों के नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद उसे कई सदस्य देशों से खिलाड़ियों के दल में देर से नाम जोड़ने के रोजाना कई आग्रह मिले हैं और उसने उनमें से कई अनुरोधों को स्वीकार भी किया है। हालांकि स्थानीय आयोजकों द्वारा 15 हजार की सीमा से अधिक लोगों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद अब ऐसे किसी और अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा। केवल चुने हुए खिलाड़ियों के स्थान पर दूसरे खिलाड़ियों को शामिल करने की अनुमति होगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की सूची पर अभी काम चल रहा है क्योंकि कुछ महासंघों ने अपनी सिफारिशों में खेल विज्ञान विशेषज्ञों के नाम नहीं दिए हैं। सूची भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को वापस भेजी गई है और इसमें कुछ और दिन लगेंगे। लेकिन हां, एक परामर्श भी आया है जिसमें दल का आकार निर्धारित सीमा से अधिक नहीं रखने को कहा गया है।’’सूत्र ने कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की निर्धारित सीमा से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया जा सकता। महासंघ छोटे दल के साथ भी कई लोगों को भेजना चाहते हैं लेकिन उन्हें संख्या कम करने और खिलाड़ियों की सहायता के लिए पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ सुनिश्चित करने को कहा गया है।’’नियमों के अनुसार सहयोगी स्टाफ की संख्या कुल दल के 33 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। मौजूदा 492 खिलाड़ियों के आधार पर भारत सहयोगी स्टाफ के अधिकतम 162 सदस्यों को भेज सकता है जब तक कि ओसीए इस सीमा में ढील नहीं देता। हालांकि ओसीए के परामर्श से स्पष्ट है कि आइची-नागोया में ठहरने की सीमित व्यवस्था को देखते हुए इसमें ढील मिलने की संभावना नहीं है। ओसीए द्वारा खिलाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदा संख्या 15 हजार के आंकड़े से ‘काफी अधिक’ होने की बात स्वीकार किए जाने के बाद स्थानीय आयोजकों ने भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को संभालने में असमर्थता जताई है। ‘इनसाइड द गेम्स’ ने आइची प्रांत के गवर्नर हिदेआकी ओमुरा के हवाले से कहा, ‘‘हम इतने लोगों को ठहरा नहीं सकते। हमने मेजबान शहर समझौते में तय 15,000 लोगों की क्षमता के आधार पर व्यवस्था और बजट तैयार किया है। हमारे पास इससे अधिक लोगों को ठहराने के लिए जगह नहीं है इसलिए मुझे नहीं पता कि वे क्या करेंगे।’’आइची प्रांत की राजधानी नागोया है जो जापान का चौथा सबसे बड़ा शहर है। इस क्षेत्र में क्रिकेट, तैराकी, हॉकी, कुश्ती और तीरंदाजी समेत 43 खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। भारत 35 खेलों में हिस्सा लेगा और उसके दल में सबसे अधिक 73 खिलाड़ी एथलेटिक्स के होंगे। खेलों को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव बनाने के बजाय कंटेनरनुमा झोपड़ियों और नागोया बंदरगाह पर खड़े किए जाने वाले एक क्रूज जहाज में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की है। जहाज में करीब पांच हजार खिलाड़ियों को ठहराए जाने की उम्मीद है जबकि 2,400 अन्य खिलाड़ियों को कंटेनरनुमा आवास में ठहराया जाएगा। आयोजकों की योजना इन सुविधाओं का खेलों के बाद आपदा के समय आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की है।
Top-5 Players With Most Run's In A Series Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप के एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा किया। 5. हर्षिता समरविक्रमा (Harshitha Samarawickrama): महिला एशिया कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-5 खिलाड़ियों की लिस्ट में नंबर-5 पर श्रीलंका की अनुभवी बल्लेबाज़ हर्षिता समरविक्रमा हैं। उन्होंने साल 2022/23 के महिला टी20 एशिया कप में 8 मैचों में 202 ठोककर ये पॉजिशन हासिल की। 4. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur): भारतीय कप्तान और आक्रमक बल्लेबाज़ हरमनप्रीत कौर इस खास रिकॉर्ड लिस्ट में चौथी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2018 के एशिया कप में 6 मैचों में 53.75 की औसत और 111.39 की स्ट्राइक रेट से 215 रन ठोके थे। 3. जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues): टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज़ जेमिमा रोड्रिग्स ने भी इस शानदार लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने साल 2022/23 के एशिया कप में अपनी बैटिंग से तूफान उठाया था। उन्होंने सीजन के 8 मैचों की 6 पारियों में 54.25 की औसत से 217 रन ठोके थे। 2. मिताजी राज (Mithali Raj): भारतीय महान बल्लेबाज़ मिताली राज जिन्हें क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर जैसा सम्मान मिलता है, वो भी रिकॉर्ड लिस्ट में मौजूद हैं। वो दूसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2016/17 के सीजन में 5 मैचों की 4 पारियों में 110 की औसत से 220 रन ठोके थे। उन्होंने T20I में 89 मैचों की 84 पारियों में 2,364 रन बनाए हैं। Also Read: LIVE Cricket Score 1. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Athapaththu): महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड श्रीलंका की लीजेंड चमारी अट्टापट्टू के नाम दर्ज है। उन्होंने साल 2024 के सीजन में 5 मुकाबले खेलकर 101.33 की औसत और 146.85 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाए थे। इसी सीजन चमारी अट्टापट्टू ने महिला टी20 एशिया कप के इतिहास की पहली सेंचुरी भी ठोकी थी।
Women's Asia Cup: पहली बार खेल रही इंडोनेशिया ने किया टीम का ऐलान
महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होना है। इंडोनेशिया की महिला टीम ने पहली बार टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक 2 दिन पहले इंडोनेशिया ने अपनी टीम का भी ऐलान कर दिया है। टूर्नामेंट के लिए टीम का ऐलान करने वाली इंडोनेशिया आखिरी टीम है। टीम युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। अनुभवी कप्तान नंदा सकारिनी टीम का नेतृत्व करेंगी, जबकि वेलिक के साथ मिलकर बेहतरीन बॉलिंग ग्रुप में शामिल होंगी। टीम में आईसीसी अंडर-19 महिला टी20 वर्ल्ड कप 2023 की स्टार खिलाड़ी वेसिका रत्ना देवी, पुत्री सुवानदेवी और सांग मेयरपिरानी शामिल हैं। देसी वुलंडारी, ली कियाओ और नी काडेक एरियानी भी टीम का हिस्सा हैं। इंडोनेशियाई टीम का क्वालीफिकेशन कैंपेन बहुत अच्छा रहा, वे थाईलैंड से हारने से पहले सेमीफाइनल तक पहुंचीं, और तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में हांगकांग, चीन से हार गईं। टीम ने जून में एसीसी विमेंस प्रीमियर कप के जरिए क्वालीफाई किया था। पूरे इवेंट में टीम के लिए सिर्फ 11 सदस्य खेले थे। सकारिनी क्वालीफाइंग में टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। इंडोनेशिया एशिया कप में ग्रुप बी का हिस्सा है। इस ग्रुप की अन्य तीन टीमें बांग्लादेश, श्रीलंका और यूएई हैं। एशिया कप कैंपेन में इंडोनेशिया का पहला मैच 31 अगस्त को बांग्लादेश के खिलाफ है, इसके बाद वे 2 सितंबर को श्रीलंका और 4 सितंबर को यूएई का सामना करेंगे। इंडोनेशियाई टीम का क्वालीफिकेशन कैंपेन बहुत अच्छा रहा, वे थाईलैंड से हारने से पहले सेमीफाइनल तक पहुंचीं, और तीसरे स्थान के प्ले-ऑफ में हांगकांग, चीन से हार गईं। टीम ने जून में एसीसी विमेंस प्रीमियर कप के जरिए क्वालीफाई किया था। पूरे इवेंट में टीम के लिए सिर्फ 11 सदस्य खेले थे। सकारिनी क्वालीफाइंग में टीम की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी थीं। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए इंडोनेशिया की टीम: नंदा सकारिनी (कप्तान), काडेक विंडा प्रास्तिनी, रहमावती पंगेस्टुटी, वेसिका रत्ना देवी, राडा रानी, देसी वुलंडारी, पुत्री सुवांडेवी, किसी सलीसा कासे, सांग मेप्रियानी, नी काडेक एरियानी, डेर्नी बांगी, दारा अगुंग लक्ष्मी, ली कियाओ, मारिया कोराजोन वोम्बाकी, सोफिया वेलिक। Article Source: IANS
Agra News: चयन प्रक्रिया बदली, एशियाई खेलों में जाने से चूके बॉक्सर आदित्य
राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे मुक्केबाज आदित्य प्रताप सिंह को निराशा हाथ लगी है।
पानीपत जिले के नौल्था गांव के रहने वाले कबड्डी खिलाड़ी अंकित जागलान का जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अंकित जागलान ने अपनी कड़ी मेहनत और शानदार खेल के दम पर गांव और जिले का नाम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनके नाम पहले भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिसमें प्रो कबड्डी में पटना पाइरेट्स का प्रतिनिधित्व करना शामिल है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा अंकित के पिता सुल्तान सिंह जागलान ने बताया कि अंकित ने 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा था। परिवार ने उनकी खेल के प्रति रुचि को देखते हुए हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। सुल्तान सिंह ने यह भी बताया कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने अंकित को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। पटना पाइरेट्स के कप्तान बने अंकित पहली बार प्रो कबड्डी में गांव के 7 अन्य खिलाड़ियों के साथ चुने गए थे। इसके बाद, उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अगले साल प्रो कबड्डी की पटना पाइरेट्स टीम का कप्तान बनाया गया, जिस पद पर वह लगातार 2 साल तक रहे। इस साल हैदराबाद में एशियाई टीम के चयन के लिए 25 खिलाड़ियों का एक समूह गया था, जिसमें से 12 खिलाड़ियों का चयन हुआ और अंकित भी उनमें शामिल हैं। गांव में जश्न का माहौल अंकित की सफलता की खबर सुनकर पूरे गांव में जश्न का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि अंकित ने केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है। सभी को उम्मीद है कि अंकित एशियाई खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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