पश्चिम एशिया में तनाव के बीच Asian Cup 2027 टला, अब 23 दिसंबर से Saudi Arabia में होगा
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बीच एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने टूर्नामेंट को टालने का फैसला किया है। पहले यह प्रतियोगिता 7 जनवरी से 5 फरवरी 2027 तक सऊदी अरब में आयोजित होनी थी, लेकिन अब इसका आयोजन 23 दिसंबर 2027 से 21 जनवरी 2028 तक किया जाएगा। इस फैसले के पीछे क्षेत्र में बिगड़ते हालात, यात्रा में आ रही परेशानियां और आयोजन से जुड़ी कई व्यावहारिक चुनौतियां बताई गई हैं। एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन से जुड़ी समिति ने मौजूदा असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए तारीखों में बदलाव को मंजूरी दी है। परिसंघ के मुताबिक, क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम के कारण सुरक्षा के साथ-साथ यात्रा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चुनौतियां पैदा हुई हैं। ऐसे में सभी भाग लेने वाली टीमों, खिलाड़ियों, अधिकारियों, दर्शकों और आयोजन से जुड़े दूसरे लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। टूर्नामेंट की नई तारीखों को अंतिम मंजूरी के लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ यानी फीफा के सामने रखा जाएगा। गौरतलब है कि पिछले महीने एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान ने कहा था कि टूर्नामेंट की तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। उस समय पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के बावजूद आयोजन को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया था। हालांकि, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन और यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ने के बाद हालात लगातार गंभीर होते चले गए। मौजूद जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के कई ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 11 दिनों के दौरान कम से कम 20 हमले होने की खबर सामने आई थी। इन हमलों में 17 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। ऐसे हालात में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की सुरक्षा और यात्रा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। इस बीच, 2015 की एशियाई कप विजेता ऑस्ट्रेलिया ने पिछले सप्ताह साफ किया था कि वह क्षेत्र में होने वाले अपने मैत्री मुकाबलों में हिस्सा लेने के लिए तैयार है। ऑस्ट्रेलिया को 11 नवंबर को दोहा में कतर और इसके 6 दिन बाद अम्मान में जॉर्डन के खिलाफ खेलना है। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई टीम ने यह भी कहा था कि वह पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में तनाव का असर क्लब फुटबॉल पर भी देखने को मिला है। सोमवार को सऊदी अरब के बड़े क्लब अल नासर ने उज्बेकिस्तान के पाक्ताकोर को 6-2 से हराया, लेकिन इस मुकाबले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो नहीं खेले। क्लब की ओर से बताया गया कि उन्हें आराम दिया गया था। इससे एक सप्ताह पहले अल नासर का अल वस्ल के खिलाफ एशियाई चैंपियंस लीग का मुकाबला भी टालना पड़ा था, क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात की टीम ने सुरक्षा कारणों से रियाद जाने से इनकार कर दिया था। बता दें कि सऊदी अरब पहली बार एशियाई कप की मेजबानी कर रहा है। रियाद में होने वाले 51 मुकाबलों में से 30 मैच खेले जाने हैं। प्रतियोगिता के 8 मैदानों में से 5 रियाद में हैं और फाइनल किंग फहद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में होना तय है। सऊदी अरब को 2034 के फीफा विश्व कप की मेजबानी भी करनी है। ऐसे में एशियाई कप का सफल आयोजन उसके लिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में अपनी तैयारियों और आयोजन क्षमता दिखाने का बड़ा अवसर माना जा रहा है। अब नई तारीखों के साथ टूर्नामेंट की तैयारियों को दोबारा व्यवस्थित करना होगा।
AFC Asian Cup 2027: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच बड़ा फैसला, एक साल के लिए टला एशियन कप, जानें नई तारीखें
Asian Champions Trophy: दक्षिण कोरिया से सेमीफाइनल भिड़ंत, Abhishek की फिटनेस बनी भारत की चिंता
(सौमोज्योति एस चौधरी)मोहाली, तीन नवंबर अभी तक बेहतरीन प्रदर्शन करके अजेय रही पांच बार की चैंपियन भारतीय टीम शानदार फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर अभिषेक की चोट के बावजूद दक्षिण कोरिया के खिलाफ बुधवार को यहां होने वाले एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। एशियाई खेलों के चैंपियन भारत ने सोमवार को जालंधर में खेले गए छह टीमों के टूर्नामेंट के अपने आखिरी राउंड-रॉबिन मैच में दक्षिण कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त दी थी और वह इसे दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होगा। भारत ने राउंड-रॉबिन चरण में बांग्लादेश को 13-0, चीन को 5-2, जापान को 4-1 और दक्षिण कोरिया को 8-0 से हराया था। लेकिन जापान के खिलाफ मैच से ठीक पहले अभिषेक के टखने में चोट लग गई जिससे भारतीय टीम प्रबंधन चिंतित होगा क्योंकि उन्होंने न केवल गोल किए हैं बल्कि अच्छे मौके भी बनाए हैं। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने भी स्वीकार किया कि अभिषेक ने अभी तक शानदार भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी पक्का पता नहीं है कि अभिषेक खेल पाएंगे या नहीं। वह चोटिल हैं और वह वापसी करेंगे या नहीं इसके लिए हमें इंतजार करना होगा लेकिन समय बहुत कम है।’’अभिषेक की अनुपस्थिति में अनुभवी स्ट्राइकर मनदीप सिंह, सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा को अग्रिम पंक्ति में अधिक जिम्मेदारी निभानी होगी। मनदीप सिंह ने बांग्लादेश के खिलाफ पहले मैच में हैट्रिक लगाकर शानदार शुरुआत की थी लेकिन इसके बाद वह अपनी इस लय को बरकरार नहीं रख पाए।यदि अभिषेक नहीं खेल पाते हैं, तो आदित्य अर्जुन लालागे और अंगद बीर सिंह जैसे खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी संभालनी होगी। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह को हालांकि उम्मीद है कि अभिषेक इस मैच में खेलने के लिए उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘वह अच्छी स्थिति में है। हमने उसे दो मैचों के लिए आराम दिया था। मुझे उम्मीद है कि वह सेमीफाइनल में खेलने के लिए पूरी तरह से फिट होगा।’’उपकप्तान हार्दिक सिंह ने विवेक सागर प्रसाद और नीलकांत शर्मा के साथ मिलकर मध्य पंक्ति में अच्छी भूमिका निभाई है। नीलकांत का यह भारत की तरफ से अंतिम टूर्नामेंट है। हरमनप्रीत भी शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अभी तक नौ गोल किए हैं। इनमें से उन्होंने आठ गोल पेनल्टी कॉर्नर से और एक पेनल्टी स्ट्रोक से किया है। हरमनप्रीत ने जुगराज सिंह और अमित रोहिदास के साथ मिलकर भारतीय रक्षापंक्ति में भी अच्छी भूमिका निभाई है। युवा फॉरवर्ड विष्णुकांत सिंह को भी टूर्नामेंट में जितने मौके मिले हैं उनमें वह खरे उतरे हैं। वह जरूरत पड़ने पर टीम के लिए मध्य पंक्ति में खेलने के लिए तैयार हैं। विष्णुकांत ने कहा, ‘‘मैं लंबे समय से मौके का इंतजार कर रहा था। मैंने इसके लिए कड़ी मेहनत की और जापान के खिलाफ गोल करने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है। मैं मध्य पंक्ति में खेलने के लिए भी तैयार हूं।’’भारतीय गोलकीपर सूरज करकेरा और कृष्ण बहादुर पाठक को टूर्नामेंट में अभी तक खास चुनौती का सामना नहीं करना पड़ा है और यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर विरोधी टीम आक्रामक रवैया अपनाती है तो वह उससे कैसे निपटते हैं। पहला सेमीफाइनल जापान और एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता मलेशिया के बीच खेला जाएगा। भारतीय टीम:गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक। डिफेंडर: संजय, हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, अमनदीप लाकड़ा। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालागे, नीलकांत शर्मा, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, अंगद बीर सिंह। फॉरवर्ड: शिलानंद लाकड़ा, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, मंदीप सिंह, विष्णुकांत सिंह। मैच का समय:पहला सेमीफ़ाइनल: जापान बनाम मलेशिया, शाम 4:30 बजेदूसरा सेमीफाइनल: भारत बनाम दक्षिण कोरिया, शाम 7:00 बजे।
Asian Market Today: चिप और AI शेयरों में फिर तेज बिकवाली से ऊपरी स्तरों से अमेरिकी बाजार फिसले। नैस्डैक एक परसेंट से ज्यादा नीचे फिसला। S&P में भी दबाव दिखा। हालांकि डाओ जोंस बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहा। उधर एशियाई बाजारों की शुरुआत कमजोर रही। कॉस्पी भी 2 फीसदी से ज्यादा नीचे फिसला।MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 0.5% नीचे आ गया, जबकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 3.34% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। ताइवान के TAIEX में 1.21% की गिरावट आई। 'कल्चर डे' के कारण जापानी बाजार बंद रहे, लेकिन हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.7% ऊपर रहा।भारत में, साप्ताहिक ऑप्शंस एक्सपायरी से पहले GIFT निफ्टी ने बेंचमार्क सूचकांक के लिए सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह दोहराकर बाजार को एक और सहारा दिया कि वह आगामी बजट में इक्विटी टैक्सेशन (शेयरों पर लगने वाले कर) से जुड़े सभी विचारों पर गौर करेंगी।ट्रेडर्स इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या बाजार फिर से ऊपर चढ़ने की कोशिश करने से पहले, सोमवार के 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' में हासिल की गई लगभग 100 अंकों की बढ़त को गंवा देता है या नहीं। निफ्टी के लिए अब 23,500 के स्तर पर एक अहम रेजिस्टेंस (बाधा) है, जबकि 23,250 से 23,200 के बीच सपोर्ट मौजूद है।निवेशकों का ध्यान अब चीनी शेयरों की ओर भी जा रहा है। चीन के केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वह वित्तीय संस्थानों से 'स्टॉक-सपोर्ट टूल्स' (बाजार को सहारा देने वाले साधनों) का अधिक इस्तेमाल करने और उनकी शर्तों को बेहतर बनाने के लिए कहेगा, ताकि बाजार में स्थिरता लाई जा सके।जापानी येन 157.92 प्रति डॉलर के आसपास रहा, जबकि ऑफशोर युआन 6.6468 के करीब बना रहा।यूएस मार्केट का हालटेक्नोलॉजी शेयरों ने बाजार का रुख तय किया। अमेरिकी चिप कंपनियों के शेयरों में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई, जिससे कुल गिरावट 12% तक पहुंच गई। वहीं, नैस्डैक 100 (Nasdaq 100) अपने उच्चतम स्तर से 10% गिर गया, जो इसे 'टेक्निकल करेक्शन' (तकनीकी सुधार) के दायरे में ले आया है।अमेरिकी बाजार में कारोबार के अंतिम घंटों के दौरान एप्पल (Apple) के शेयरों में गिरावट आई। कंपनी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जॉन टर्नस के नेतृत्व में अपनी पहली तिमाही रिपोर्ट जारी की, जिसमें मिला-जुला आउटलुक देखने को मिला। बिक्री के अच्छे अनुमानों पर, कम प्रॉफिट मार्जिन (मुनाफे का मार्जिन) का असर भारी पड़ गया।इस बीच, एंथ्रोपिक (Anthropic) ने बताया कि उसके तिमाही राजस्व में 12 गुना की उछाल आई है। कंपनी ने कहा कि वह आने वाले वर्षों में 895 अरब डॉलर से अधिक खर्च करने की योजना बना रही है।अमेरिका में होने वाले 'मिडटर्म चुनाव' (मध्य-अवधि चुनाव) भी बाजार में एक अतिरिक्त सावधानी का माहौल पैदा कर रहे हैं। नेड डेविस रिसर्च की एक स्टडी में पाया गया है कि 1930 के बाद से, मिडटर्म चुनावों के बाद वाले साल में S&P 500 में औसतन 14% की बढ़त देखी गई है। लेकिन, अगर राष्ट्रपति की पार्टी 'हाउस' (संसद का निचला सदन) में हार जाती है, तो यह बढ़त केवल 8.8% रही है।मार्केट रिबेलियन के CEO और चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट, मार्क लोप्रेस्टी ने न्यूज़नेशन को बताया कि मिडटर्म चुनावों के बाद आमतौर पर बाज़ार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, क्योंकि निवेशकों को अनिश्चितता पसंद नहीं होती।इन अहम इवेंट्स पर बाजार की नजर टिकींइसके अलावा, ट्रेडर्स मंगलवार को US जॉब ओपनिंग के डेटा, गुरुवार को जॉबलेस क्लेम्स (बेरोजगारी भत्ते के दावे) और शुक्रवार को पेरोल रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं। ब्लूमबर्ग द्वारा उद्धृत अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अक्टूबर में जॉब ग्रोथ दोगुनी से ज़्यादा होकर 65,000 तक पहुंच सकती है, जबकि बेरोजगारी दर 4.2% पर स्थिर रहने की उम्मीद है।क्रूड में दबावईरान में युद्ध खत्म करने की दिशा में राजनयिक प्रगति की उम्मीदों के बीच, कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में 7% से ज़्यादा की गिरावट आई। यह पिछले तीन महीनों की सबसे बड़ी गिरावट है, जिससे बाज़ार को काफी राहत मिली है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि सर्वोच्च नेता ने उनकी सरकार को शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए ज़्यादा अधिकार दिए हैं।US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, वे एक समझौता करना चाहते हैं, और ऐसा हो सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कीमतों में गिरावट इसलिए आई है क्योंकि ऐसा लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छे से आगे बढ़ रहा है।
Asian Champions Trophy के सेमीफाइनल में किससे भिड़ेगी भारत की टीम? शेड्यूल हो गया कन्फर्म
Asian Champions Trophy 2026 के सेमीफाइनल में भारतीय हॉकी टीम की टक्कर किससे होगी? इस बात की पुष्टि हो गई है। 4 नवंबर को भारत के सामने कोरिया की चुनौती सेमीफाइनल में होगी।
जालंधर, दो नवंबर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने सोमवार को कहा कि फॉर्म में चल रहे स्ट्राइकर अभिषेक का बुधवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ होने वाले सेमीफाइनल में खेलना संदिग्ध है। अभिषेक मलेशिया के खिलाफ रविवार को हुए मुकाबले से पहले अभ्यास के दौरान टखने में लगी चोट से अब तक पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं। भारत ने दक्षिण कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपना विजय अभियान जारी रखा। भारतीय टीम अब बुधवार को मोहाली में सेमीफाइनल में एक बार फिर कोरिया का सामना करेगी। दूसरे सेमीफाइनल में मलेशिया और जापान की टीमें आमने-सामने होंगी। फुल्टोन ने कहा, ‘‘अभी हम कुछ निश्चित तौर पर नहीं कह सकते। हम स्थिति का आकलन कर रहे हैं। अभिषेक चोटिल हैं और हम देख रहे हैं कि क्या वह वापसी कर सकते हैं। हमें इंतजार करना होगा क्योंकि समय बहुत कम है।’’उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम उन्हें खिलाते हैं तो उनकी चोट और बढ़ सकती है। इसलिए अभी कुछ तय नहीं है। हम स्थिति पर नजर रखेंगे।’’दक्षिण अफ्रीका के इस कोच ने हालांकि सोमवार को अपनी टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हां, यह अच्छा प्रदर्शन था। हमने बेहतरीन हॉकी खेली और मुझे टीम का खेल देखकर अच्छा लगा। हमने अपनी शैली के मुताबिक हॉकी खेली और गेंद पर हमारा नियंत्रण अच्छा रहा।’’फुल्टोन ने कहा, ‘‘जब हम गेंद को तेजी से आगे बढ़ाते हैं और बेहतर तालमेल के साथ पास देते हैं तो विपक्षी टीम के लिए हमें रोकना मुश्किल हो जाता है। सात-आठ गोल करना बड़ी बात है और मैं इससे खुश हूं।’’उन्होंने सेमीफाइनल की चुनौती को लेकर कहा, ‘‘अब हमें नए सिरे से शुरुआत करनी होगी। दबाव अलग होगा और परिस्थितियां भी अलग होंगी। दबाव विपक्षी टीम पर होना चाहिए। हमें अच्छी शुरुआत करनी होगी और यही हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।’’भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह हालांकि अभिषेक की सेमीफाइनल में वापसी को लेकर आशावान नजर आए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है लेकिन मुझे लगता है कि वह वापसी कर लेंगे।’’हरमनप्रीत ने दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम के प्रदर्शन पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं। जब आपको सही समय पर मौके मिलते हैं और आप उन्हें गोल में बदलते हैं तो यह निश्चित रूप से बड़ा फायदा होता है। हम हर मैच में मौके बना रहे हैं लेकिन कभी उन्हें गोल में बदल पाते हैं और कभी नहीं।’’
Asian Cup पर सुरक्षा चिंताओं के बीच Al Nassr मैच से बाहर हुए Cristiano Ronaldo
फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो सोमवार को एएफसी चैंपियंस लीग के मुकाबले में मैदान पर नजर नहीं आएंगे। सऊदी अरब के क्लब अल नास्र ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में पख्ताकोर के खिलाफ होने वाले मैच के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया है। कोच आंगे पोस्टेकोग्लू ने व्यस्त कार्यक्रम और लगातार यात्रा के कारण रोनाल्डो समेत 3 प्रमुख खिलाड़ियों को आराम देने का फैसला किया है। फ्रांस के किंग्सले कोमान और डिफेंडर मोहम्मद सिमाकन को भी इस मुकाबले से बाहर रखा गया है। रोनाल्डो पिछले सप्ताह शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने सऊदी प्रो लीग के एक मुकाबले में हैट्रिक लगाई थी। इस प्रदर्शन के साथ उनके करियर में कुल गोल की संख्या 985 हो गई है। हालांकि, महाद्वीपीय प्रतियोगिता के इस अहम मुकाबले में वह टीम का हिस्सा नहीं होंगे। उज्बेकिस्तान में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पोस्टेकोग्लू ने कहा कि मैचों के दबाव और खिलाड़ियों को करनी पड़ रही लंबी यात्राओं को देखते हुए रोनाल्डो, कोमान और सिमाकन को आराम दिया गया है। अल नास्र की नजरें पहली बार एशियाई चैंपियन बनने पर हैं, लेकिन इस सीजन में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। 32 टीमों वाली प्रतियोगिता के पश्चिमी क्षेत्र की अंक तालिका में क्लब फिलहाल 9वें स्थान पर है। इस क्षेत्र में खेलने वाले 5 सऊदी क्लबों में अल नास्र की स्थिति सबसे नीचे है। टूर्नामेंट में पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्र की अलग-अलग अंक तालिकाएं बनाई गई हैं। दोनों क्षेत्रों की शीर्ष 8 टीमें नॉकआउट दौर में जगह बनाएंगी। खराब शुरुआत के बावजूद पोस्टेकोग्लू का मानना है कि टीम अब बेहतर स्थिति में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि सीजन की शुरुआत में तैयारी और खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कुछ मुश्किलें थीं, लेकिन अब टीम अच्छी लय में है। रोनाल्डो पिछले सप्ताह अल नास्र के एक और एशियाई मुकाबले में भी नहीं खेल पाए थे। संयुक्त अरब अमीरात के क्लब अल वस्ल ने रियाद जाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने मुकाबला स्थगित कर दिया। सुरक्षा को लेकर चिंता के कारण अल नास्र के घरेलू मैचों पर भी असर पड़ा है। 12 अक्टूबर को प्रतियोगिता में उसका पिछला घरेलू मुकाबला मिसाइल हमलों की खबरों के बाद करीब एक घंटे की देरी से शुरू हुआ था। इन हमलों के पीछे यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नाम सामने आया था। इस हालात ने अगले साल सऊदी अरब में होने वाले एशियाई कप को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यह टूर्नामेंट 7 जनवरी से शुरू होना है। जापान फुटबॉल संघ के अध्यक्ष त्सुनेयासु मियामोतो ने सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा है कि मौजूदा हालात में वहां प्रतियोगिता कराना आसान नहीं दिखता। वहीं, एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने कहा है कि संगठन नवंबर के अंत तक हालात पर नजर रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर टूर्नामेंट को एक साल आगे बढ़ाकर 2028 में कराया जा सकता है। हालांकि, सऊदी आयोजकों का कहना है कि तैयारियां तय कार्यक्रम के अनुसार जारी हैं। पिछले सप्ताह सभी मुकाबलों के समय और आयोजन स्थलों को भी अंतिम रूप दिया गया है। इस बीच एशिया के दूसरे बड़े क्लब भी अपने मुकाबलों की तैयारी कर रहे हैं। पिछले 2 बार के एशियाई चैंपियन अल अहली की टीम पश्चिमी क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है और उसे कतर के अल साद के खिलाफ उसके घरेलू मैदान पर खेलना है। शुक्रवार को अल अहली को अपने घरेलू मुकाबले में 1-6 से हार मिली थी। हालांकि, अगले मैच में इंग्लैंड के स्ट्राइकर इवान टोनी की वापसी की उम्मीद है। टोनी इस सीजन में लीग के 13 गोल कर चुके हैं। पिछले सप्ताह वह लंदन में एक मामले की सुनवाई के लिए गए थे, जहां उन्होंने मारपीट के आरोप से इनकार किया। दूसरी ओर, अल हिलाल ने सऊदी प्रो लीग में लगातार पांचवीं जीत दर्ज कर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया है। इंग्लैंड के फॉरवर्ड ओली वॉटकिंस ने भी इस जीत में गोल किया। 4 बार की एशियाई चैंपियन अल हिलाल का अगला महाद्वीपीय मुकाबला संयुक्त अरब अमीरात के क्लब शबाब अल अहली से होगा। यह मैच तय कार्यक्रम के अनुसार होने की उम्मीद है, लेकिन क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति और एशियाई कप पर इसके असर को लेकर चिंता बनी हुई है।
BCCI ने Rising Stars Asia Cup के लिए India A टीम का किया ऐलान, Tilak Varma बने कप्तान
BCCI की पुरुष चयन समिति ने आगामी 'एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप' के लिए 15 सदस्यीय 'इंडिया A' टीम की घोषणा की है। यह टूर्नामेंट 19 से 29 नवंबर तक कतर के दोहा में आयोजित किया जाएगा। बल्लेबाज तिलक वर्मा टीम की कप्तानी करेंगे, जबकि रजत पाटीदार को उप-कप्तान बनाया गया है। टीम में कई प्रमुख युवा भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: New Zealand में T20 सीरीज 3-2 से जीतने पर बोले Gautam Gambhir, पूरे दौरे की लय तय हुई विकेटकीपर-बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह और कुमार कुशाग्र को भी टीम में शामिल किया गया है, साथ ही ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे, शाहबाज अहमद, विपराज निगम, हर्ष दुबे और तनुष कोटियन को भी जगह दी गई है। पेस अटैक में हर्षित राणा, प्रिंस यादव और अरशद खान होंगे। इंडिया A को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नेपाल और पाकिस्तान A के साथ ग्रुप B में रखा गया है। ग्रुप A में बांग्लादेश A, श्रीलंका A, अफ़ग़ानिस्तान A और हांगकांग, चीन शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: अगले दो साल में सफेद गेंद क्रिकेट पर राज करेगी भारतीय Women Cricket Team: अमोल मजूमदार हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी, जो 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे। टूर्नामेंट का फ़ाइनल 29 नवंबर को होगा। BCCI ने एक बयान में कहा कि पुरुष चयन समिति ने दोहा, कतर में 19 से 29 नवंबर, 2026 तक होने वाले आगामी एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) मेन्स राइजिंग स्टार्स एशिया कप के लिए इंडिया A की टीम चुनी है। बयान में आगे कहा गया कि इंडिया A को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नेपाल और पाकिस्तान A के साथ ग्रुप B में रखा गया है। ग्रुप A में बांग्लादेश A, श्रीलंका A, अफ़ग़ानिस्तान A और हांगकांग, चीन शामिल हैं। हर ग्रुप की टॉप दो टीमें सेमीफ़ाइनल में पहुंचेंगी, जो 26 और 27 नवंबर को खेले जाएंगे। फ़ाइनल रविवार, 29 नवंबर को होगा।
Rising Stars Asia Cup 2026 के लिए इंडिया A टीम की घोषणा, अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी भी टीम में
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार (2 नवंबर) को ACC राइजिंग स्टार्स एशिया कप टूर्नामेंट (ACC Rising Stars Asia Cup 2026) के लिए इंडियाटीम का ऐलान कर गिया गया है। तिलक वर्मा (Tilak Varma)को 19 नवंबर से दोहा में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए टीम की कप्तानी सौंपी गई है। दुनिया के नंबर 1 टी-20 इंटरनेशनल बल्लेबाज अभिषेक शर्मा, युवा वैभव सूर्यवंशी और आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रभसिमरन सिंह टॉप ऑर्डर का हिस्सा हैं। कुमार कुशाग्र, जिन्हें हाल ही में कुछ समय के लिए भारतीय टी-20 टीम में शामिल किया गया था, इस टीम में रिज़र्व विकेटकीपर हैं। टूर्नामेंट के लिए रजत पाटीदार उप-कप्तान बनाया गया है, जबकि रिंकू सिंह मिडल ऑर्डर में भूमिका निभाएंगे। पिछले साल यह टूर्नामेंट दोहा में टी-20 फॉर्मेट में टूर्नामेंट खेला गया था, जिसमें पाकिस्तान ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया था। 2025 की टीम से केवल सूर्यवंशी, सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को ही बरकरार रखा गया है। इस साल का टूर्नामेंट 50 ओवर के फॉर्मेट में खेला जाएगा। इंडिया ए के लिए अरशद खान और प्रिंस यादव अन्य प्रमुख तेज गेंदबाजी विकल्प हैं, जबकि सिलेक्टर्स ने स्पिन विभाग को संख्या के लिहाज से मजबूत करने का फैसला किया है। दुबे के अलावा, सिलेक्टर्स ने शाहबाज अहमद, विपराज निगम और तनुष कोटियन को भी चुना है। News India A squad for upcoming ACC Rising Stars Asia Cup announced More details https://t.co/JRdPQ31UPA #RisingStarsAsiaCup https://t.co/4k2vJAE4kh — BCCI (@BCCI) November 2, 2026 इंडिया ए, पाकिस्तान ए, नेपाल और यूएई के साथ ग्रुप बी में है। भारतीय टीम अपना पहला मैच 20 नवंबर को नेपाल के खिलाफ खेलेगी, जिसके बाद 22 और 24 नवंबर को क्रमशः पाकिस्तान ए और यूएई के खिलाफ मुकाबले होंगे। ग्रुप में टॉप-2 में रहने पर वे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। ACC राइजिंग स्टार्स एशिया कप टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम Also Read: LIVE Cricket Score अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (कप्तान), रजत पाटीदार (उप-कप्तान), रिंकू सिंह, कुमार कुशाग्र (विकेटकीपर), सूर्यांश शेडगे, शाहबाज अहमद, विप्रज निगम, हर्ष दुबे, तनुष कोटियन, हर्षित राणा, प्रिंस यादव, अरशद खान।
नई दिल्ली।राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2026 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। 15 सदस्यीय इंडिया-ए टीम की कमान युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा को सौंपी गई है, जबकि आईपीएल में अपनी कप्तानी का दम दिखा चुके रजत पाटीदार को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम में कई ऐसे युवा खिलाड़ियों को […] The post Rising Stars Asia Cup 2026: तिलक वर्मा बने इंडिया-ए के कप्तान, रजत पाटीदार को मिली उपकप्तानी, वैभव सूर्यवंशी और अभिषेक शर्मा भी टीम में शामिल first appeared on Sanjeevni Today .
Hockey Asian Champions Trophy: हरमनप्रीत सिंह की हैट्रिक से भारत की लगातार चौथी जीत, मलेशिया को 4-2 से हराकर सेमीफाइनल में बनाई जगह
Stock Market LIVE Updates : GIFT निफ्टी के संकेतों को देखते हुए लगता है कि 2 नवंबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों में गैप-अप शुरुआत हो सकती है। शुरुआती कारोबार में GIFT निफ्टी 217 अंक ऊपर 23,303 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, पिछले कारोबार सेशन की बात करें तो 30 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्सों ने पिछले सत्र की तेजी को जारी रखा। IT, फार्मा और कुछ चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी के चलते निफ्टी ने फिर से 23,000 का स्तर हासिल कर लिया। बंद होने पर, सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,459.53 पर और निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ था।
Mohali News: मोहाली में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ, पदक के लिए भिड़ेंगी दिग्गज टीमें
मोहाली में सजेगा एशियाई हॉकी का महाकुंभ, पदक के लिए भिड़ेंगी दिग्गज टीमें
Asian Champions Trophy: सेमीफाइनल में पहुंच चुकी भारतीय हॉकी टीम रविवार को मलेशिया से भिड़ेगी
(सौमोज्योति एस चौधरी)जालंधर, 31 अक्टूबर लगातार तीन जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुकी भारतीय टीम को एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी के चौथे राउंड रॉबिन मैच में रविवार को मलेशिया की चुनौती का सामना करना है। भारत ने जापान के आइची नागोया में एशियाई खेलों में मलेशिया को 5 . 1 से हराया था लेकिन मलेशियाई टीम से भारत को हमेशा कड़ी चुनौती मिली है। भारत ने पहले मैच में बांग्लादेश को 13 . 0 से , चीन को 5 . 2 से और फिर जापान को 4 . 1 से हराकर चार नवंबर को मोहाली में होने वाले सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने कहा ,‘‘हमने एशियाई खेलों में मलेशिया को 5 . 1 से हराया लेकिन यह हमेशा से कठिन प्रतिद्वंद्वी रहा है। हमारे पास अच्छी टीम है और मलेशिया से हमें चुनौती मिलेगी लेकिन हमारा फोकस अपने खेल पर है।’’बांग्लादेश और चीन के खिलाफ एकदम एकतरफा मुकाबलों के बाद भारत को शुक्रवार को जापान से अच्छी चुनौती मिली। भारत ने लगातार हमले बोले लेकिन जापान का डिफेंस मजबूत था। पहले तीन क्वार्टर में भारत को एक भी पेनल्टी कॉर्नर नहीं मिला जो चिंता का विषय है। भारत को मैच में एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर 47वें मिनट में मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दागा। चौथे और आखिरी क्वार्टर में तीन गोल करके भारत ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत के लिये 150वां मैच खेल रहे फॉरवर्ड अभिषेक ने दो शानदार फील्ड गोल दागे। उपकप्तान हार्दिक सिंह ने मिडफील्ड में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन विवेक सागर प्रसाद और नीलाकांता शर्मा से उन्हें और सहयोग की जरूरत है। भारत ने स्ट्राइकर मनदीप सिंह को आराम दिया था जिन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ तीन गोल किये थे। वह रविवार को वापसी कर सकते हैं। दूसरी ओर मलेशिया भी अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है लेकिन गोल औसत के आधार पर भारत के बाद दूसरे स्थान पर है। अन्य मैचों में दक्षिण कोरिया का सामना बांग्लादेश से और जापान की टक्कर चीन से होगी। भारत का मैच शाम सात बजे शुरू होगा।
एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के आयोजन के बीच मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भारतीय हॉकी खिलाड़ियों से मिलकर भावुक नजर आए।
पंजाब ने मंगलवार को इतिहास रचते हुए पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का गौरव हासिल किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 का शानदार आगाज किया। इस आयोजन के साथ ही पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का अपनी धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का वर्षों पुराना सपना आखिरकार साकार हो गया है। टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री मान ने बांग्लादेश, चीन, जापान, कोरिया और मलेशिया से पहुंची छह देशों की टीमों का गर्मजोशी से स्वागत किया और सभी टीमों के कप्तानों को सम्मानित किया। इस दौरान ओलंपियन, पूर्व खिलाड़ी, हॉकी इंडिया और अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के प्रतिनिधि व खेल प्रेमी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। पंजाब और हॉकी का अटूट रिश्ता- सीएम मान खिलाड़ियों और दर्शकों को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब विश्व हॉकी के मंच पर अपना पुराना गौरव पुनः प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी में पंजाब का योगदान केवल खिलाड़ियों के रूप में भागीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी विरासत है जिसका निर्माण जुनून, त्याग और अनुशासन से हुआ है। पंजाबी खिलाड़ियों के अमूल्य योगदान के बिना भारतीय हॉकी के इतिहास की कल्पना करना भी असंभव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब ने 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक देश को 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जिनमें से राज्य के 48 खिलाड़ियों ने देश के लिए ओलंपिक पदक जीते हैं। इसके अलावा 10 अवसरों पर पंजाब के खिलाड़ियों ने ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी भी की है। इस दौरान उन्होंने बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथिपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह जैसे महान खिलाड़ियों के योगदान को विशेष तौर पर याद किया। उन्होंने कहा कि पेरिस और टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष हॉकी टीम में भी पंजाब के खिलाड़ियों की मजबूत भागीदारी रही है, और वर्तमान कप्तान हरमनप्रीत सिंह सहित टीम में 8 खिलाड़ी पंजाब से हैं। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार की बड़ी पहल सरकार की खेल नीतियों का जिक्र करते हुए सीएम मान ने कहा कि राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए पुख्ता कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले कार्यकाल में हॉकी के 6 नए एस्ट्रो-टर्फ मैदान तैयार किए गए हैं, जबकि 2 अन्य पर काम चल रहा है। इसके अलावा 18 छह-ए-साइड एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान भी बनाए गए हैं। 2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी का लक्ष्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों को आयोजित करने का विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि पंजाब वर्ष 2030 में होने वाले हॉकी विश्व कप की मेजबानी करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि खेल पर्यटन, आतिथ्य क्षेत्र और स्थानीय कारोबार को भी नई रफ्तार मिलेगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक बलकार सिंह व ईशान चब्बेवाल, खेल विभाग के प्रमुख सचिव वरुण रूजम, खेल निदेशक अभिजीत कपलिश, जालंधर के मेयर विनीत धीर, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ और पर्यटन सलाहकार दीपक बाली सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स चैंपियन नीरज यादव का फ्लैट में मिला शव, पीएम मोदी भी कर चुके थे तारीफ
तीन बार के एशियाई पैरा गेम्स स्वर्ण पदक विजेता पैरा एथलीट नीरज यादव का शव एक फ्लैट में संदिग्ध हालत में मिला। आशंका है कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया था, जिनकी पीएम मोदी ने भी तारीफ की थी।
चैंपियनशिप में भारत समेत छह देशों की टीमें हिस्सा ले रही हैं। बांग्लादेश, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का हॉकी से गहरा नाता है।
Asian Para Games: एथलेटिक्स में भारत का गोल्डन धमाका, सिमरन का डबल गोल्ड
एशियन पैरा गेम्स में भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में पांच गोल्ड समेत 18 मेडल जीते. सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर में गोल्ड डबल पूरा किया, जबकि प्रवीण कुमार और सचिन खिलारी ने गेम्स रिकॉर्ड बनाए. भारत अब तक 14 गोल्ड समेत 62 मेडल जीतकर पांचवें स्थान पर है.
शीतल देवी ने वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, एशियाई रिकॉर्ड तोड़ा
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत की स्टार तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं की कंपाउंड क्वालिफिकेशन स्पर्धा में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया.
अगर आपका भी अकेले घूमने का मन है, लेकिन पहली सोलो इंटरनेशनल ट्रिप के लिए किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर ज्यादा पैसे न खर्च करने पड़े। तो आप एशिया के कुछ खूबसूरत देश आपकी लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। सोलो ट्रिप का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको किसी दूसरे के हिसाब से अपना प्लान नहीं बनाना पड़ता है। सोलो ट्रिप में जब मन करे, जहां मन करे वहां जाएं, रुकें और अपनी पसंद का खाना खाएं। वहीं अगर आपको बजट को ध्यान में रखना है, तो आप वियतनाम और थाईलैंड जैसे ऑप्शन देख सकती हैं। इन जगहों पर आप खूबसूरत बीच, स्वादिष्ट लोकल फूड्स, शानदार मार्केट और एक अलग ही कल्चर देखने को मिलेगा। वहीं अगर आप भी इस बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 3 ऐसे खूबसूरत देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर आप सोलो ट्रिप के लिए जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन मलेशिया सोलो ट्रिप के लिए मलेशिया भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। खासकर अगर आप शहर, फूड, शॉपिंग और घूमने के साथ-साथ थोड़ा नेचर भी देखना चाहती हैं, तो आपको Kuala Lumpur जैसे शहर से लेकर कई दूसरी खूबसूरत जगहों को एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। वहीं अच्छी बात यह है कि मलेशिया में बस और ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करके अपना अपने खर्च को थोड़ा मैनेज कर सकती हैं। आप मलेशिया में Kuala Lumpur में घूमने के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकती हैं। यहां के लोकल फूड को एंजॉय कर सकती हैं। थाईलैंड वहीं फॉरेन ट्रिप के लिए आप थाईलैंड भी जा सकती हैं। अगर आपको शॉपिंग, स्ट्रीट फूड और घूमने-फिरने के साथ बीच का मजा चाहिए, तो आपको थाईलैंड जा सकती हैं। यहां पर आप सोलो ट्रिप कर सकती हैं। थाईलैंड का बैंकॉक शहर सबसे फेमस है। आप यहां पर लोकल मार्केट्स में घूमने के साथ-साथ स्ट्रीट फूड ट्राई कर सकती हैं। अगर आपका बजट कम है, तो आप महंगे होटल्स की जगह हॉस्टल्स या अफॉर्डेबल स्टे देख सकती हैं। आप बैंकॉक के अलावा फुकेट या पटाया भी घूमने के लिए जा सकती हैं। आप थाईलैंड में बीचेस और आइलैंड का मजा ले सकती हैं और लोकल मार्केट्स को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा स्ट्रीट फूड ट्राई करना न भूलें। वियतनाम आप कम बजट में वियतनाम भी जा सकती हैं। यहां पर आपको बीच के साथ, लोकल मार्केट्स, पहाड़ और अलग-अलग कल्चरल एक्सपीरियंस कर सकेंगी। वियतनाम में आपको एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए ट्रेन, बस और फ्लाइट आदि के ऑप्शंस मिल जाएंगे। आप हनोई, दा नांग और होई आन जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इसके अलावा आप यहां पर खूबसूरत बीच पर समय बिता सकती हैं। पहाड़ों और नेचर की खूबसूरती को निहारने के साथ लोकल फूड का स्वाद ले सकती हैं और यहां आपको लोकल लाइफ देखने का मौका मिलेगा। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी पहली बार अकेले विदेश घूमने का प्लान कर रही हैं, तो इस दौरान आपको कुछ बातों का ध्यान रख सकती हैं। 2-3 महीने पहले से प्लानिंग कर लें। होटल और फ्लाइट की कीमत पहले से देखें। पहले से ही पूरे ट्रिप का बजट प्लान कर लें। हॉस्टल या होटल की लोकेशन आदि पहले से पता रखें। लोकल ट्रांसपोर्ट के ऑप्शन को पहले से समझ लें। अपने साथ जरूरी डॉक्यूमेंट्स रख लें। ट्रिप से पहले उस देश के लेटेस्ट एंट्री रूल्स को जरूर चेक करें।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

