चंडीगढ़ और देश के खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली एशियाई रिले चैंपियनशिप की मेजबानी चंडीगढ़ को मिली है। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के करीब 20 देशों के 250 से अधिक धावक हिस्सा लेने पहुंचेंगे। पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने इस प्रतिष्ठित आयोजन को लेकर तैयारियों का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ को इस प्रतियोगिता का आधिकारिक ध्वज सौंप दिया गया है और इसके साथ ही तैयारियों का दौर शुरू हो चुका है। यह प्रतियोगिता मई 2027 में आयोजित की जाएगी। 37 साल बाद फिर मिलेगा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन का मौका चंडीगढ़ को करीब 37 साल बाद किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजन की मेजबानी मिली है। इससे पहले वर्ष 1989 में शहर में इस स्तर की बड़ी प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। प्रशासक कटारिया ने कहा कि यह केवल चंडीगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। इस आयोजन से खेल जगत में चंडीगढ़ की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी। 20 देशों के खिलाड़ी दिखाएंगे दम एशियाई रिले चैंपियनशिप में एशिया और अन्य देशों के करीब 20 देशों के 250 से ज्यादा एथलीट भाग लेंगे। इससे स्थानीय खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने और उनसे सीखने का अवसर मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि यह आयोजन भारत के भविष्य के बड़े खेल आयोजनों और ओलंपिक तैयारियों के लिए भी अहम साबित होगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ मिलकर करेंगे तैयारियां प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भले ही आयोजन चंडीगढ़ में हो रहा है, लेकिन यह पूरे देश का आयोजन है। इस संबंध में प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। जल्द ही पंजाब और हरियाणा के अधिकारियों के साथ भी बैठक कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल सफल आयोजन करना नहीं है, बल्कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के खिलाड़ियों को भी इस मंच पर बेहतर प्रदर्शन के लिए तैयार करना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनेगा स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर इस प्रतियोगिता को देखते हुए चंडीगढ़ के खेल ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियमों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि भविष्य में भी शहर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी कर सके। स्टेडियम में करीब 3,500 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और मेहमानों के ठहरने, सुरक्षा, परिवहन और खानपान के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाएंगे। दुनिया के सामने दिखेगी चंडीगढ़ की मेहमाननवाजी प्रशासक कटारिया ने इस अवसर को चंडीगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह आयोजन शहर को वैश्विक खेल मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने खेल संघों और अधिकारियों का धन्यवाद करते हुए शहरवासियों से भी इस आयोजन को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
एशियन मार्केट अपडेट (26 जून): वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के बीच आज एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। वॉल स्ट्रीट पर कल रात आए उतार-चढ़ाव का सीधा असर आज सुबह एशियाई देशों के सूचकांकों पर साफ नजर आ रहा है। दिग्गज टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर शेयरों में आई अचानक गिरावट ने निवेशकों के सेंटिमेंट को कमजोर कर दिया है, जिसके चलते बाजार में चौतरफा मुनाफावसूली हावी है।टेक शेयरों की कमजोरी से सहमा एशियाई बाजार, निक्केई और कोस्पी औंधे मुंह गिरेशुक्रवार सुबह के कारोबारी सत्र में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई (Nikkei) करीब 4.18 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 69,341.00 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इसके साथ ही दक्षिण कोरिया के कोस्पी (KOSPI) में 7.38 फीसदी की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।अन्य एशियाई बाजारों का हाल भी कुछ ऐसा ही है:ताइवान का बाजार: 2.28% टूटकर 45,200.59 के स्तर पर आ गया।हैंगसेंग (हांगकांग): 2.32% की कमजोरी के साथ 22,541.00 पर ट्रेंड कर रहा है।स्ट्रेट टाइम्स (सिंगापुर): यहां भी 0.89% की सुस्ती देखी जा रही है।हालांकि, इन सबके उलट चीन का शंघाई कम्पोजिट विपरीत दिशा में चलते हुए 2.57 फीसदी की बढ़त के साथ 4,014.45 के स्तर पर टिका हुआ है। सेमीकंडक्टर कंपनियों की ओर से बेहतर भविष्य के अनुमान (गाइडेंस) आने के बावजूद निवेशक इस समय जोखिम लेने से बच रहे हैं।आज भारतीय शेयर बाजार बंद, BSE और NSE में नहीं होगी कोई हलचलअगर आप आज घरेलू शेयर बाजार में ट्रेडिंग की योजना बना रहे हैं, तो रुक जाइए। भारतीय शेयर बाजार (BSE और National Stock Exchange) आज, 26 जून को मुहर्रम के अवसर पर पूरी तरह बंद हैं। आज इक्विटी, डेरिवेटिव और करेंसी सेगमेंट में कोई कामकाज नहीं होगा। अब बाजार में सोमवार को नियमित रूप से ट्रेडिंग शुरू होगी।वॉल स्ट्रीट पर फीकी पड़ी रफ्तार, Apple की इस घोषणा से मची हलचलअमेरिकी बाजार (Wall Street) में गुरुवार का सत्र काफी मिला-जुला और उतार-चढ़ाव से भरा रहा। टेक-हैवी इंडेक्स नैस्डैक (Nasdaq) बड़े तकनीकी शेयरों में गिरावट के चलते नुकसान के साथ बंद हुआ। दिग्गज टेक कंपनी Apple के शेयरों में 6.1% की भारी गिरावट आई, जिसने पूरे बाजार का मूड बिगाड़ दिया। दरअसल, कंपनी द्वारा Mac, iPad और होम डिवाइसेज की कीमतें बढ़ाने के फैसले से निवेशकों का सेंटिमेंट प्रभावित हुआ। इसका असर 'मैग्निफिसेंट सेवन' (दिग्गज टेक समूह) के अन्य शेयरों पर भी पड़ा।अमेरिकी बाजारों का क्लोजिंग स्टेटस:Dow Jones: 71.72 अंक (0.14%) बढ़कर 51,920.62 पर बंद।S&P 500: 0.73 अंक (0.01%) की मामूली गिरावट के साथ 7,357.49 पर बंद।Nasdaq: 118.03 अंक (0.46%) फिसलकर 25,358.60 के स्तर पर बंद हुआ।माइक्रोन टेक्नोलॉजी की शानदार कमाई और मजबूत आउटलुक के बावजूद अमेरिकी बाजार शुरुआती बढ़त को बरकरार रखने में नाकाम रहे।होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव से कच्चे तेल में सुस्ती, बॉन्ड यील्ड घटीवैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऑयल ट्रेड रूट 'होर्मुज स्ट्रेट' में एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल (प्रोजेक्टाइल) हमले की खबर के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इस भू-राजनीतिक तनाव के बीच वैश्विक तेल सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।दूसरी ओर, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के पसंदीदा महंगाई आंकड़ों में उम्मीद से कम बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस वजह से बॉन्ड मार्केट को उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के फैसले को टाल सकता है।AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और चिप स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव, निवेशक सतर्कमौजूदा समय में दुनिया भर के बाजारों में इस बात को लेकर बहस और चिंता छिड़ी हुई है कि टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में किए जा रहे अरबों डॉलर के निवेश से वास्तविक रिटर्न कब और कितना मिलेगा। यही वजह है कि टेक और चिप मैन्युफैक्चरिंग स्टॉक्स में भारी अस्थिरता है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स और S&P 500 इस तिमाही में अपनी पहली मासिक गिरावट दर्ज करने की कगार पर हैं।भले ही क्वालकॉम ने साल 2029 तक सालाना AI डेटा-सेंटर कंपोनेंट की बिक्री 15 अरब डॉलर से पार ले जाने का भरोसा जताया हो, लेकिन आज एशियाई बाजार में चिप कंपनियों (SK हाइनिक्स, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और कियॉक्सिया होल्डिंग्स) के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखी जा रही है।OpenAI का IPO अब 2027 तक टलने की खबरटेक जगत से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाने वाली कंपनी OpenAI अपनी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है। आंतरिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कंपनी अब अपने IPO को साल 2027 तक टालने की योजना बना रही है, जिससे टेक निवेशकों की उम्मीदों को थोड़ा झटका लगा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कूनो राष्ट्रीय उद्यान आगमन से पहले श्योपुर में एशियाई शेरों की बसावट का मुद्दा फिर गरमा गया है। रविवार को कूनो संघर्ष समिति ने गांधी पार्क में धरना सत्याग्रह किया और राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। समिति ने कूनो में गुजरात के गिर अभयारण्य से एशियाई शेरों को बसाने की मांग दोहराई। समिति के संयोजक और कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अतुल चौहान के नेतृत्व में हुए इस सत्याग्रह में वक्ताओं ने बताया कि कूनो को एशियाई शेरों के दूसरे घर के रूप में विकसित करने की योजना दशकों पुरानी है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के सर्वेक्षण के बाद वर्ष 1993-94 में कूनो को शेरों के लिए सबसे उपयुक्त और सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था। इसी उद्देश्य से कूनो के आसपास के 25 गांवों के लगभग 4545 परिवारों का विस्थापन किया गया था, ताकि जंगल क्षेत्र को मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखा जा सके। यह कदम विशेष रूप से शेरों की बसावट के लिए उठाया गया था। ज्ञापन में कहा गया है कि गिर अभयारण्य में शेरों की बढ़ती संख्या और विभिन्न कारणों से हो रही मौतों को देखते हुए एशियाई शेरों के लिए दूसरा सुरक्षित आवास विकसित करना राष्ट्रीय आवश्यकता है। समिति ने वर्ष 2013 के सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्णय का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि एशियाई शेर पूरे देश की धरोहर हैं, किसी एक राज्य की नहीं, और उन्हें कूनो में बसाने के निर्देश दिए गए थे। धरना प्रदर्शन के दौरान समिति पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान चीता परियोजना और एशियाई शेरों की बसावट एक-दूसरे के विरोध में नहीं हैं। उनका तर्क है कि दोनों वन्यजीव एक ही परिक्षेत्र में सफलतापूर्वक रह सकते हैं, जिससे कूनो राष्ट्रीय उद्यान की वैश्विक पहचान और अधिक मजबूत होगी। संघर्ष समिति ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि श्योपुर प्रदेश के पिछड़े जिलों में शामिल है और कूनो में शेरों की बसावट से पर्यटन, रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मनोरंजन जगत से सामने आई बेहद दुखद खबर! Asia की सबसे बड़ी फिल्म सिटीके संस्थापकRamoji Rao का हुआ निधन
Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

